ब्लॉक में नई छंटनी, अमेरिकी कर्मचारियों को मिलेगी $5,000 की मदद
जैक डोर्सी की फिनटेक कंपनी ब्लॉक ने आंतरिक ईमेल के जरिए छंटनी के नए दौर की जानकारी दी है, जिसका मुख्य असर कैश ऐप समेत कई टीमों पर पड़ने की आशंका है. अमेरिका में प्रभावित कर्मचारियों को वेतन, सेवा समाप्ति भुगतान, $5,000 की एकमुश्त मदद और तीन महीने का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा.
दिवाली पर दर्दनाक हादसा, पेट में रॉकेट लगने से 10 साल के बच्चे की मौत
दिल्ली में दिवाली पर आतिशबाजी के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया, जहां रॉकेट लगने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई। बेटे की अचानक मौत से गमगीन पिता की भी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया.
सोने-चांदी के कारोबार से जगमगाती थी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी
दक्षिण भारत की धरती पर कभी एक ऐसा शक्तिशाली, वैभवशाली और समृद्ध साम्राज्य आबाद था जिसकी ख्याति सात समंदर पार तक फैली हुई थी। तुंगभद्रा नदी के तट पर बसा विजयनगर साम्राज्य अपनी असीम संपत्ति, बेहतरीन नगर नियोजन और कला प्रेम के लिए दुनिया भर के व्यापारियों और यात्रियों को आकर्षित करता था। इस साम्राज्य की राजधानी हम्पी (Hampi) उस दौर में केवल एक राजनीतिक केंद्र नहीं बल्कि व्यापार, संस्कृति और स्वर्ण युग का सबसे बड़ा जीवंत प्रतीक हुआ करती थी। इतिहास के पन्नों को पलटने पर पता चलता है कि यहाँ की समृद्धि इतनी अधिक थी कि विदेशी यात्री भी यहां के वैभव को देखकर हैरान रह जाते थे। लेकिन वक्त का पहिया हमेशा एक सा नहीं रहता; किस्मत ने ऐसा पलटा खाया कि एक ही युद्ध ने इस सोने की चिड़िया जैसी राजधानी को खंडहरों के ढेर में तब्दील कर दिया। आइए जानते हैं हम्पी के उत्कर्ष से लेकर उसके पतन तक की पूरी और रोमांचक दास्तान।सोने-चांदी और हीरों के खुले बाजार, जहां सड़कों पर बिकती थी बेशकीमती वस्तुएंविजयनगर साम्राज्य के स्वर्ण काल (14वीं से 16वीं शताब्दी) के दौरान हम्पी की गिनती दुनिया के सबसे अमीर और बड़े शहरों में की जाती थी। पुर्तगाली, फारसी और अरब देशों से आने वाले व्यापारी जहाजों के जरिए यहां पहुंचते थे और व्यापार करते थे। हम्पी के बाजारों की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वहां सोने, चांदी, हीरों और जवाहरातों का क्रय-विक्रय खुलेआम सड़कों और बाजारों में होता था, ठीक वैसे ही जैसे आज के समय में आम सब्जियां या रोजमर्रा का सामान बिकता है। साम्राज्य के शासकों ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई थी कि देश-विदेश के व्यापारियों को पूरी सुरक्षा और सुविधाएं मिल सकें। विजयनगर के राजाओं के पास एक विशाल और शक्तिशाली सेना थी, जिसके दम पर उन्होंने दक्षिण भारत के एक बड़े भूभाग पर अपना आधिपत्य स्थापित किया था और व्यापार के नए मार्गों को विकसित किया था।तालीकोट का वह काला दिन: जब एक विनाशकारी युद्ध ने सब कुछ तबाह कर दियाहर उत्कर्ष के बाद पतन का नियम प्रकृति का अटल सत्य है, और विजयनगर साम्राज्य भी इससे अछूता नहीं रहा। सोलहवीं सदी के उत्तरार्ध में दक्कन के पांच मुस्लिम सल्तनतों (बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर, बीदर और बरार) ने मिलकर एक शक्तिशाली गठबंधन बनाया और विजयनगर साम्राज्य के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया। वर्ष 1565 में लड़े गए 'तालीकोट के युद्ध' (Battle of Talikota) ने भारतीय इतिहास की दिशा ही बदल दी। विजयनगर की सेना संख्या और ताकत में बड़ी होने के बावजूद आपसी रणनीतिक चूक और संयुक्त मोर्चे के भारी हमलों के आगे टिक नहीं सकी। इस युद्ध में साम्राज्य के प्रतापी शासक रामाराव की हार हुई और इसके साथ ही विजयनगर के पतन की उल्टी गिनती शुरू हो गई, जिसने इस भव्य संस्कृति को हमेशा के लिए बदल दिया।विजेताओं की क्रूरता और हम्पी के महलों का खंडहर में तब्दील होनातालीकोट के युद्ध में विजय प्राप्त करने के बाद हमलावर सेनाएं विजयनगर की राजधानी हम्पी में दाखिल हुईं और अगले कई महीनों तक इस ऐतिहासिक शहर को पूरी तरह लूटने और तहस-नहस करने का काम किया। जिन महलों में कभी संगीत, नृत्य और उत्सव गूंजते थे, उन्हें जला दिया गया और सोने-चांदी के खजाने लूट लिए गए। भव्य मंदिरों की मूर्तियों को खंडित कर दिया गया और पत्थरों की बेजोड़ कलाकृतियों को हथौड़ों से तोड़ दिया गया। जिस नगरी को बसाने में सदियों का समय लगा था, उसे चंद हफ्तों में एक वीरान खंडहर में बदल दिया गया। इस भीषण तबाही के बाद बचे हुए लोग और शासक भागकर पेनुकोंडा और चंद्रगिरी चले गए, लेकिन हम्पी की वह रौनक कभी वापस नहीं लौट सकी और वह हमेशा के लिए समय के आगोश में छिप गई।आज के समय में हम्पी का महत्व और यूनेस्को की विश्व धरोहर का दर्जासदियों तक वीरान और गुमनामी के अंधेरे में रहने के बाद, आज हम्पी अपनी टूटी-फूटी दीवारों, भव्य मंदिरों और विशाल पत्थरों के जरिए अपने उसी स्वर्णिम इतिहास की दास्तान दुनिया को सुना रहा है। यूनेस्को (UNESCO) ने हम्पी की ऐतिहासिक महत्ता और वास्तुकला को देखते हुए इसे 'विश्व धरोहर स्थल' (World Heritage Site) घोषित किया है, जिसे देखने के लिए आज दुनिया भर से इतिहास प्रेमी, पुरातत्वविद और पर्यटक कर्नाटक के इस कोने में खिंचे चले आते हैं। विट्ठल मंदिर का प्रसिद्ध स्टोन चैरट (पत्थर का रथ), हजार राम मंदिर और विशालकाय नंदी की मूर्तियां आज भी उस दौर के शिल्पकारों की अद्भूत कला का जीता-जागता सुबूत हैं। हम्पी की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि भौतिक समृद्धि चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, इतिहास के पन्नों में केवल वही सभ्यताएं अमर रहती हैं जो कला, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को सहेजकर रखती हैं।
एक गोंड परिवार के घर में पलने वाले उन दो बाघों की कहानी
मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क के हरे-भरे जंगलों और प्राकृतिक वादियों के बीच वन्यजीवों से जुड़े कई ऐसे रहस्य और रोमांचक किस्से दबे पड़े हैं, जो आज भी लोगों को अचंभित कर देते हैं। इनमें से एक ऐसा ही मार्मिक और अद्भुत किस्सा है 'राम' और 'लक्ष्मण' नाम के दो बाघों का, जिनके जन्म और पालन-पोषण की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। आज से कुछ दशक पहले जब कान्हा के जंगलों में इंसानों और वन्यजीवों के बीच का रिश्ता आज की तरह तनावपूर्ण नहीं बल्कि आपसी विश्वास और सह-अस्तित्व पर आधारित था, तब एक स्थानीय गोंड परिवार ने इन दोनों अनाथ बाघ शावकों को अपने घर में बच्चों की तरह पाला था। यह कहानी सिर्फ दो जानवरों के बड़े होने की नहीं है, बल्कि यह उस अटूट प्रेम, भरोसे और प्राकृतिक जुड़ाव की दास्तान है जो इंसानों और प्रकृति के बीच सदियों से चला आ रहा है।जब अनाथ हो गए थे दो नन्हे शावक और गोंड परिवार ने बढ़ाया मदद का हाथयह उस दौर की बात है जब कान्हा के जंगलों में वन्यजीव संरक्षण के नए आयाम गढ़े जा रहे थे। वन विभाग को एक दिन गश्त के दौरान जंगल के भीतर दो बेहद छोटे और असहाय बाघ के बच्चे मिले, जिनकी मां का कहीं कोई पता नहीं चल रहा था। शुरुआती कुछ दिनों तक उनकी देखरेख करने के बाद यह सवाल खड़ा हो गया कि इन भूखे और लाचार शावकों को आखिर बचाया कैसे जाए, क्योंकि उस समय आधुनिक वाइल्डलाइफ रेस्क्यू सेंटर और बॉटल-फीडिंग की इतनी उन्नत व्यवस्थाएं नहीं हुआ करती थीं। ऐसे में कान्हा के एक स्थानीय गोंड परिवार ने आगे बढ़कर एक मिसाल पेश की और उन दोनों नन्हें शावकों को अपने घर ले जाकर पालने की जिम्मेदारी उठाई। परिवार के सदस्यों ने अपने ही बच्चों की तरह उनका पालन-पोषण किया, उन्हें दूध पिलाया और उनकी हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखा, जिसके बाद उन शावकों ने उस परिवार को ही अपना सब कुछ मान लिया।'राम' और 'लक्ष्मण' नाम से पहचाने जाने वाले वे दो अनोखे बाघ साथीजैसे-जैसे वे दोनों शावक बड़े होने लगे, उनकी फुर्ती और ताकत देखकर स्थानीय लोगों ने प्यार से उनका नाम 'राम' और 'लक्ष्मण' रख दिया। दोनों भाइयों के बीच गजब का तालमेल था और वे हमेशा एक-सा बर्ताव करते थे। गोंड परिवार के घर के आंगन में खेलते-कुदते और इंसानों के बीच रहते हुए भी उनकी जन्मजात प्राकृतिक प्रवृत्ति और आक्रामकता धीरे-धीरे विकसित हो रही थी, लेकिन इंसानों के प्रति उनके मन में कभी कोई दुर्भाव नहीं आया। गांव के बच्चे उनके साथ खेलते थे और परिवार के बड़े बुजुर्ग उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते थे। वह नजारा देखने लायक होता था जब एक विशालकाय बाघ इंसानों के बीच इस तरह घुल-मिलकर रहता था मानो वह कोई पालतू जानवर हो। लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों के सामने यह एक बड़ी चुनौती थी कि एक जंगली जानवर को हमेशा के लिए घरों में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि उसकी असली जगह तो खुला आसमान और घना जंगल ही है।जंगल की ओर वापसी और कान्हा के सच्चे रक्षक बनने का सफरसमय बीतता गया और जब राम और लक्ष्मण अपनी युवावस्था में पहुंचे, तो वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों ने उन्हें वापस उनके प्राकृतिक आवास यानी कान्हा के खुले जंगलों में छोड़ने का कठिन निर्णय लिया। शुरुआत में यह आशंका जताई जा रही थी कि इंसानों के बीच पले-बढ़े ये बाघ शायद जंगल के तौर-तरीके और शिकार करना न सीख पाएं, लेकिन प्रकृति के नियम सबसे ऊपर होते हैं। जंगल में कदम रखते ही उनकी जन्मजात सहज बुद्धि जागृत हो गई और उन्होंने कुछ ही समय में खुद शिकार करना सीख लिया। हैरानी की बात यह थी कि इंसानों के प्रति उनका पुराना प्यार और लगाव खत्म नहीं हुआ था; वे अक्सर कान्हा के गश्ती दलों और उन इलाकों के आसपास दिखाई दे जाते थे जहाँ इंसानी बस्तियां थीं। वे कभी भी किसी इंसान के लिए खतरा नहीं बने, बल्कि उन्होंने जंगल में अवैध शिकारियों और बाहरी खतरों से पर्यटकों व वन कर्मियों की रक्षा करने जैसा माहौल बना दिया, जिसके कारण उन्हें 'कान्हा के रक्षक' की उपाधि दी जाने लगी।आज भी कान्हा की लोककथाओं में जीवित है राम और लक्ष्मण की यह अनूठी गाथाआज भले ही राम और लक्ष्मण इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन कान्हा नेशनल पार्क के पुराने गाइड, वन अधिकारी और स्थानीय गोंड समुदाय के लोग आज भी नम आंखों और गर्व के साथ इन दोनों बाघों की कहानियां आने वाली पीढ़ियों को सुनाते हैं। यह कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि इंसान और वन्यजीवों के बीच का रिश्ता स्वार्थ के बजाय प्रेम, सम्मान और सह-अस्तित्व पर आधारित हो, तो प्रकृति हमें ऐसे अद्भुत रिश्ते तोहफे में देती है जो इतिहास के पन्नों में अमर हो जाते हैं। आज जब वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है, तब कान्हा के राम और लक्ष्मण की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि करुणा और संवेदनशीलता के जरिए कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी संतुलन स्थापित किया जा सकता है।
दिल्ली नहीं इस शहर में दीपावली पर AQI 1000 पार, जान लीजिए प्रदूषित शहरों की पूरी लिस्ट
रोशनी और उत्साह के पावन पर्व दीपावली के बाद पूरे देश में जहाँ एक ओर जश्न का माहौल रहा, वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण और सेहत के मोर्चे पर एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आई है। आमतौर पर यह माना जाता है कि राजधानी दिल्ली और एनसीआर का क्षेत्र ही प्रदूषण के मामले में सबसे आगे रहता है, लेकिन इस बार के आंकड़ों ने सबको चौंका कर रख दिया है। दिल्ली के अलावा देश के कई अन्य शहरों में आतिशबाजी, पराली जलाने की घटनाओं और प्रतिकूल मौसम के चलते हवा इतनी जहरीली हो गई कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। कुछ चुनिंदा इलाकों और शहरों में तो AQI का स्तर 1000 के आंकड़े को भी पार कर गया, जिससे लोगों का सांस लेना तक मुहाल हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए लोगों को घरों में रहने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।हवा में घुला जहर, क्यों खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है प्रदूषण का ग्राफदीपावली की रात हुई भारी आतिशबाजी और ठंडी हवाओं के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के करीब ही ठहर गए, जिससे एक मोटी और जहरीली परत ने पूरे आसमान को घेर लिया। पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों की मात्रा तय मानकों से कई गुना अधिक दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हवा की रफ्तार कम हो जाती है, जिससे कारखानों का धुआं, वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन और पराली का धुआं मिलकर वातावरण को पूरी तरह से अपवित्र कर देते हैं। इस दमघोटू माहौल के कारण बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में भी ऐसे मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल देखने को मिला है जो वायु प्रदूषण जनित बीमारियों से पीड़ित हैं।देश के टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहर और उनकी वायु गुणवत्ता की स्थितिप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस त्योहारी सीजन में देश के कई शहर गैस चैंबर में तब्दील हो चुके हैं। आइए नजर डालते हैं देश के उन टॉप 10 प्रदूषित शहरों की सूची पर जहां हवा सबसे ज्यादा जहरीली दर्ज की गई है:राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR के कुछ विशेष हिस्से / गाजियाबाद-नोएडा बेด): जहाँ कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर और व्यक्तिगत मॉनिटरिंग में आंकड़े 1000 के करीब या उसे पार दर्ज किए गए।दिल्ली: जहाँ समग्र औसत AQI 450 से 480 के गंभीर श्रेणी के बेहद करीब बना रहा।हरियाणा का फरीदाबाद और गुरुग्राम: औद्योगिक इकाइयों और वाहनों के दबाव के कारण यहाँ हवा बेहद खराब श्रेणी में रही।बिहार का पटना और मुजफ्फरपुर: राज्य के इन प्रमुख शहरों में धूल और स्थानीय कारकों के चलते वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हुई।उत्तर प्रदेश का मेरठ और बुलंदशहर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इन जिलों में पराली के अवशेष और आतिशबाजी के कारण हालात चिंताजनक बने रहे।राजस्थान का भिवाड़ी और बीकानेर: औद्योगिक बेल्ट होने के कारण यहाँ प्रदूषण का ग्राफ हमेशा उच्च स्तर पर रहता है।मध्य प्रदेश का ग्वालियर: भौगोलिक स्थिति और ठंड के असर से यहाँ हवा में प्रदूषण के कण जमे रहे।पंजाब का अमृतसर और लुधियाना: कटाई के बाद के अवशेषों और त्योहारी धुएं ने हवा को भारी बना दिया।झारखंड का धनबाद: कोयला खदानों और औद्योगिक गतिविधियों के प्रभाव से हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है।पश्चिम बंगाल का कोलकाता: काली पूजा और दीपावली की रात आतिशबाजी के बाद यहाँ भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया।प्रशासनिक कदम और नागरिकों के लिए जरूरी स्वास्थ्य परामर्शबढ़ते प्रदूषण के इस विकराल रूप को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने ग्रएपी (GRAP) के कड़े नियमों को लागू कर दिया है। निर्माण कार्यों पर रोक, पुरानी गाड़ियों के संचालन पर सख्ती और सड़कों पर पानी का छिड़काव जैसे कदम उठाए जा रहे हैं ताकि बढ़ते प्रदूषण पर कुछ लगाम लगाई जा सके। प्रशासन लगातार यह अपील कर रहा है कि नागरिक अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और मॉर्निंग वॉक या कसरत के दौरान विशेष सावधानी बरतें। यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में और भी कड़े प्रतिबंध देखने को मिल सकते हैं, ताकि आम जनता को इस जहरीली हवा के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।
DYCM Shinde to visit Jalna on Mon; interact with drought-hit farmers, observe Diwali with their kin - महाराष्ट्र: सूखे से प्रभावित किसानों के साथ दिवाली मनाएंगे डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, आज जालना का करेंगे दौरा
दीपक बुझाने से लेकर पैसों के लेन-देन तक, लक्ष्मी पूजन के बाद भूलकर भी न करें ये 5 काम
प्रकाश और उल्लास के सबसे बड़े महापर्व दीपावली का इंतजार हर किसी को सालभर रहता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है ताकि घर में सुख, शांति, वैभव और समृद्धि का वास हमेशा बना रहे। हम सभी बहुत श्रद्धा के साथ अपने घरों को सजाते हैं, माता को भोग लगाते हैं और रातभर दीये जलाकर रोशनी करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल लक्ष्मी पूजन करना ही काफी नहीं है, बल्कि पूजा संपन्न होने के बाद कुछ ऐसे विशेष नियम और सावधानियां भी हैं जिनका ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक होता है? यदि हम अनजाने में भी पूजा के तुरंत बाद कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिन्हें शास्त्रों में वर्जित माना गया है, तो माता लक्ष्मी रुष्ट होकर घर से जा सकती हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि हमें पता हो कि दीपावली की रात पूजा के बाद कौन से ऐसे पांच काम हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए।पहला नियम: पूजन के बाद तुरंत न बुझाएं घर में जल रहे दीपकदीपावली की रात माता लक्ष्मी के स्वागत के लिए पूरे घर को दीयों की रोशनी से जगमगाया जाता है। मुख्य पूजा स्थल पर भी अखंड दीप या घी-तेल के कई दीपक प्रज्वलित किए जाते हैं। बहुत से लोग यह गलती करते हैं कि पूजा समाप्त होने के तुरंत बाद या सोने जाने से पहले इन दीपकों को खुद बुझा देते हैं या फूंक मारकर शांत कर देते हैं, जिसे वास्तु और धार्मिक शास्त्रों में बहुत अशुभ माना गया है। दीपक का अपने आप जलते-जलते बुझना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन उसे जबरदस्ती या जानबूझकर बुझाना सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के आगमन में बाधा उत्पन्न करता है। कोशिश करनी चाहिए कि मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर रखे दीपक रातभर या कम से कम तब तक प्रज्वलित रहें जब तक वे स्वयं शांत न हो जाएं, ताकि घर में हमेशा प्रकाश और उजाला बना रहे।दूसरा नियम: रात के समय पैसों या किसी भी कीमती वस्तु का लेन-देन न करेंदीपावली की रात को आर्थिक समृद्धि और माता लक्ष्मी के पूजन की रात माना जाता है। इस दिन भूलकर भी किसी को उधार पैसे नहीं देने चाहिए और न ही किसी से धन या कोई कीमती सामान उधार लेना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि दीपावली की रात घर से धन बाहर भेजने का मतलब है कि आप माता लक्ष्मी को अपने घर से जाने का रास्ता दिखा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति इस रात किसी को नकद पैसे, सोना या उधार देता है, तो उसके घर की बरकत रुक सकती है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए वित्तीय लेन-देन के मामलों में इस विशेष रात को पूरी तरह से सावधानी बरतनी चाहिए और किसी को भी खाली हाथ या कर्ज के रूप में कुछ नहीं देना चाहिए।तीसरा नियम: घर के मुख्य द्वार पर अंधेरा रखना और साफ-सफाई की अनदेखी करनामाता लक्ष्मी का आगमन हमेशा उसी घर में होता है जो पूरी तरह साफ-सुथरा और रोशन होता है। दीपावली की रात पूजा हो जाने के बाद लोग अक्सर सो जाते हैं और घर के मुख्य दरवाजे की लाइट बंद कर देते हैं या वहां रखे दीये हटा लेते हैं। शास्त्रों के अनुसार, घर का मुख्य द्वार मां लक्ष्मी के प्रवेश का मार्ग होता है, इसलिए मुख्य द्वार पर रातभर रोशनी रहनी चाहिए और वहां कभी भी अंधेरा नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, घर के कोने-कोने में गंदगी छोड़ देना या रात के समय घर में अत्यधिक कूड़ा-कचरा इकट्ठा रखना भी अशुभ माना गया है। पूजा के बाद भी घर में शांति, पवित्रता और सकारात्मकता का माहौल बनाए रखना चाहिए ताकि माता लक्ष्मी पूरे वर्ष आपके घर में वास कर सकें।चौथा नियम: घर में कलह, वाद-विवाद या क्रोध करने से बचेंदीपावली का पावन पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और उल्लास का प्रतीक है। इस पवित्र रात को माता लक्ष्मी ऐसे घर में कभी वास नहीं करतीं जहां परिवार के सदस्यों के बीच आपसी कलह, गुस्सा, चिल्लाना या वाद-विवाद होता हो। पूजा संपन्न होने के बाद भी घर के सभी सदस्यों को संयम और शालीनता बनाए रखनी चाहिए। यदि घर में नकारात्मक ऊर्जा, तनाव या क्लेश का माहौल रहता है, तो कितनी भी पूजा-पाठ क्यों न कर ली जाए, उसका सकारात्मक फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए इस रात सभी को मिलजुलकर रहना चाहिए, बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए और अपने मन में किसी भी प्रकार के द्वेष या क्रोध को नहीं आने देना चाहिए, जिससे घर का माहौल हमेशा आनंदमय बना रहे।पांचवां नियम: तामसिक भोजन, मदिरा या अन्य नशीले पदार्थों का सेवनदीपावली की रात को बेहद पवित्र और सात्विक रात्रि माना जाता है। इस दिन देश भर के करोड़ों लोग पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं और शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। पूजा संपन्न होने के बाद भी घर में किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन, लहसुन-प्याज युक्त अनुचित आहार, मदिरा या अन्य किसी भी तरह के नशीले पदार्थों का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से न केवल धार्मिक नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि घर की पवित्रता भी भंग होती है, जिससे देवी-देवता नाराज हो सकते हैं। इन छोटे-छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण नियमों का पालन करके हम अपने जीवन में सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार, यूपी और हरियाणा तक फैक्ट्रियों, गोदामों और कबाड़ की दुकानों में आग लगने की खबरें सामने आईं है।
Delhi में आतिशबाजी के बाद Air Quality गंभीर, 20 निगरानी केंद्रों पर AQI खतरनाक स्तर पर
नयी दिल्ली, आठ नवंबर दिवाली की रात दिल्ली में धुएं और धुंध की मोटी परत छा गई। आतिशबाजी तेज होने के साथ ही सड़कों की लाइटें धुंधली पड़ गईं और कई इलाकों में धुआं फैल गया। शहर के 20 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। रात 10 बजे दिल्ली का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 371 दर्ज किया गया। शाम होने के साथ-साथ धुंध और घनी होती गई। पटाखों से निकलने वाला धुआं सड़कों और रिहायशी इलाकों में छाया रहा। हवा में जले हुए पटाखों की गंध बनी रही। राजधानी के कई इलाकों में दृश्यता कम हो गई और लोगों ने सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत की। प्रतिबंध के बावजूद रविवार शाम दिल्ली के कई इलाकों में पटाखे जलाए गए। पीतमपुरा, बुराड़ी, मयूर विहार और लुटियंस दिल्ली के कुछ हिस्सों से आतिशबाजी की खबरें आईं। दिवाली से पहले दिल्ली सरकार ने लोगों से हरित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करने की अपील की थी। पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी ने एक आदेश में केवल सात और आठ नवंबर को सुबह छह से सात बजे और रात आठ से 10 बजे तक हरित पटाखे जलाने की अनुमति दी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाहरी दिल्ली के पीतमपुरा और बुराड़ी में पटाखे जलाए जा रहे थे। बुराड़ी में इनकी आवाज और संख्या विशेष रूप से अधिक थी। मयूर विहार से भी ऐसी ही खबरें आईं। वहीं, बिशंभर दास मार्ग और लुटियंस दिल्ली के लोगों ने बताया कि वहां भी आतिशबाजी जारी रही, हालांकि इसकी तीव्रता कुछ कम हो गई थी। रात 10 बजे तक वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले 59 केंद्रों में से 20 पर एक्यूआई गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। छह केंद्रों पर यह खराब और बाकी 33 केंद्रों पर बेहद खराब श्रेणी में रहा। सोनिया विहार में सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई, जहां एक्यूआई 463 रहा। इसके बाद जहांगीरपुरी में 450 एक्यूआई दर्ज किया गया। बुराड़ी, अलीपुर और पंजाबी बाग सहित अन्य इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहा। सोनिया विहार, जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, बुराड़ी, ओखला और रोहिणी उन निगरानी केंद्रों में शामिल थे, जहां पूरे दिन वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी रही। शाम को ही शहर की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी के स्तर के करीब पहुंच गई थी। शाम सात बजे एक्यूआई 371 दर्ज किया गया था। दिन के समय राजधानी की ज्यादातर सड़कें अपेक्षाकृत खाली रहीं, लेकिन शाम करीब पांच से छह बजे के बीच पटाखे जलाने का सिलसिला तेज हो गया। रात होने के साथ दिवाली का जश्न और तेज हो गया। पटाखे जलाए जाने के कारण कई इलाकों में धुआं जमा हो गया, जिससे पहले से मौजूद प्रदूषण और बढ़ गया। सोशल मीडिया मंच एक्स पर कई लोगों ने बिगड़ते हालात की जानकारी दी। उन्होंने रातभर जारी जश्न के बीच धुएं की तेज गंध, दृश्यता कम होने और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। धुंध की परत छाने और दृश्यता कम होने के बीच दिल्ली का औसत एक्यूआई रविवार को 376 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। शनिवार को यह 369 दर्ज किया गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा , 51 से 100 को संतोषजनक , 101 से 200 को मध्यम , 201 से 300 को खराब , 301 से 400 को बेहद खराब और 401 से 500 के बीच के एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली (ईडब्ल्यूएस) ने अनुमान जताया है कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता नौ नवंबर से गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है और अगले कुछ दिनों तक इसी श्रेणी में बनी रह सकती है।
West Bengal में Kali Puja पर उमड़ी भारी भीड़, दक्षिणेश्वर और कालीघाट में लगीं कतारें
कोलकाता, आठ नवंबर पश्चिम बंगाल में रविवार को पूरे धमूधाम से और श्रद्धा से काली पूजा मनाई गई और इस अवसर पर मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, पूजा पंडालों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी तथा इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। दक्षिणेश्वर मंदिर, कालीघाट मंदिर और तारापीठ सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर देवी काली की पूजा-अर्चना के लिए हजारों श्रद्धालु कतारों में खड़े नजर आए। उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी स्थित बड़ी मां काली पूजा में राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कोलकाता में भी उत्सव का माहौल है। शहर की सड़कों और पूजा पंडालों को सजाया गया है और रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा शहर जगमगा रहा। उत्तर 24 परगना जिले के बारासात और मध्यमग्राम में काली पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आसनसोल, दुर्गापुर, कल्याणी और सिलीगुड़ी में भी ऐसा ही उत्साह देखने को मिला। अधिकारियों ने बताया कि राज्यभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डब्ल्यूबीपीसीबी) के कर्मियों ने पटाखे फोड़े जाने पर निगरानी रखी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘मां काली आपको जीवन की सभी चुनौतियों का सामना करने और बाधाओं को दूर करने की शक्ति एवं साहस प्रदान करें।’’भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कालीबाड़ी जाकर देवी काली की पूजा-अर्चना की। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और अपने घर में काली पूजा की तस्वीरें साझा कीं। दक्षिण कोलकाता के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित उनके आवास के सामने, देवी की एक झलक पाने और प्रार्थना करने के लिए लोगों की कतार लग गई। तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में बताया कि पार्टी अध्यक्ष ने अपने आवास पर मां काली की पूजा-अर्चना की। पार्टी ने कहा, ‘‘इस पावन अवसर पर, हम सभी की भलाई और खुशी के लिए प्रार्थना करते हैं।’’पोस्ट में पार्टी ने उम्मीद जताई कि देवी काली लोगों का मार्गदर्शन करेंगी, उनके संकल्प को मजबूत करेंगी और उन्हें अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का साहस देंगी।
Delhi में पाबंदियों की अनदेखी कर देर रात तक फूटे Firecrackers, AQI 376 तक पहुंचा
नयी दिल्ली, आठ नवंबर दिल्ली में दिवाली के मौके पर प्रतिबंधों के बावजूद रविवार देर शाम तक कई इलाकों में पटाखे जलाए जाते रहे। पीतमपुरा, बुराड़ी, मयूर विहार और लुटियंस दिल्ली समेत कई इलाकों से आतिशबाजी की खबरें आईं। दिवाली से पहले दिल्ली सरकार ने लोगों से हरित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करने की अपील की थी। पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी ने एक आदेश जारी कर सात और आठ नवंबर को सुबह छह से सात बजे और रात आठ से 10 बजे तक ही हरित पटाखे जलाने की अनुमति दी थी। बाहरी दिल्ली के पीतमपुरा और बुराड़ी में स्थानीय निवासियों ने बताया कि पटाखे जलाए गए। बुराड़ी में पटाखों की आवाज विशेष रूप से अधिक थी। मयूर विहार से भी ऐसी ही खबरें आईं। वहीं, बिशंभर दास मार्ग और लुटियंस दिल्ली के लोगों ने बताया कि वहां भी आतिशबाजी जारी रही, हालांकि दिन बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता कुछ कम हो गई। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि जंगपुरा इलाके में लगातार पटाखे जलाए जा रहे थे। रोहिणी के विभिन्न सेक्टर में तय समय सीमा खत्म होने के काफी देर बाद तक पटाखों की तेज आवाजें सुनाई देती रहीं। शहर की वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी रही। शाम सात बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 371 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी के स्तर के करीब था। वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले 59 केंद्रों में से 19 पर शाम सात बजे तक एक्यूआई गंभीर श्रेणी में, सात पर खराब श्रेणी में और बाकी 33 केंद्रों पर बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 460 एक्यूआई दर्ज किया गया। धुंध छाने और दृश्यता कम होने के बीच दिल्ली का औसत एक्यूआई रविवार को 376 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। शनिवार को यह 369 दर्ज किया गया था। अदालत ने अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शिक्षण संस्थानों और अन्य अधिसूचित शांत क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर रोक लगाई थी।
लालकृष्ण आडवाणी जीवन के 100वें वर्ष में हुए प्रवेश, प्रधानमंत्री मोदी ने आवास पर पहुंचकर दी बधाई
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी रविवार, 8 नवंबर को अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए देश के प्रति उनके लंबे राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री […] The post लालकृष्ण आडवाणी जीवन के 100वें वर्ष में हुए प्रवेश, प्रधानमंत्री मोदी ने आवास पर पहुंचकर दी बधाई appeared first on Sabguru News .
दिवाली खुशियों की ईद... खरगे के बयान पर भड़की बीजेपी, कांग्रेस को बताया सनातन विरोधी
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर तीखा हमला किया। बीजेपी ने खरगे को सनातन विरोधी कहा और कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
अजमेर में दीपावली पर रोशनी से जगमगाए बाजार, मंदिरों में सजी दीपों की छटा
अजमेर। दीपावली के पावन पर्व पर धार्मिक नगरी अजमेर रोशनी, उल्लास और उत्साह के रंग में रंगी नजर आई। शहर के प्रमुख बाजारों से लेकर आवासीय कॉलोनियों तक दीपावली की रौनक देखने को मिली। बाजारों में आकर्षक विद्युत सजावट, रंग-बिरंगी झालरों और रोशनी से सजी दुकानों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, त्योहार की […] The post अजमेर में दीपावली पर रोशनी से जगमगाए बाजार, मंदिरों में सजी दीपों की छटा appeared first on Sabguru News .
Goa Cabinet: नए मंत्री Sankalp Amonkar को मिला कृषि और नागरिक आपूर्ति मंत्रालय
पणजी, आठ नवंबर गोवा के नवनियुक्त मंत्री संकल्प आमोणकर को कृषि, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले तथा हस्तशिल्प एवं वस्त्र विभागों का प्रभार सौंपा गया है। रविवार को जारी एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई। आमोणकर ने शनिवार को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद के सदस्य के तौर पर शपथ ली थी। उन्हें पूर्व कृषि मंत्री रवि नाइक के निधन के बाद खाली हुआ विभाग सौंपा गया है। नाइक का 15 अक्टूबर 2025 को निधन हो गया था। नाइक (79) गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री थे। निधन के समय उनके पास कृषि और नागरिक आपूर्ति विभागों का प्रभार था। उनके निधन के बाद राज्य सरकार 12 के स्वीकृत मंत्रिमंडल में 11 मंत्रियों के साथ काम कर रही थी। दक्षिण गोवा की मोरमुगांव विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले आमोणकर को मंत्री बनाए जाने के साथ ही मंत्रिमंडल में रिक्त पद भर दिया गया है। यह नियुक्ति 2027 में होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव से पहले हुई है। आमोणकर ने 2022 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था और भाजपा के तीन बार के विधायक मिलिंद नाइक को 1,941 मतों से हराया था। वह सितंबर 2022 में कांग्रेस के सात अन्य विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में शामिल होने से पहले वह गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और पार्टी के युवा संगठन में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं।
देश के सामने चुनौती आने पर एकजुटता आडवाणी से सीखे विपक्ष: नितिन नवीन
नयी दिल्ली, आठ नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को कहा कि विपक्षी दलों को पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से सीखना चाहिए कि देश के सामने कोई चुनौती आने पर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। नवीन ने संसद में आडवाणी के भाषणों को याद करते हुए कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता का कहना था कि विपक्ष में होने के बावजूद राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनकी पार्टी सरकार के साथ खड़ी रहेगी। आडवाणी के 100वें जन्मदिन के अवसर पर पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में नवीन ने कहा, ‘‘नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि जब बात देश की हो, तो पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा रहेगा। आज भी लोगों को यह बात सीखने की जरूरत है।’’नवीन ने कहा कि आडवाणी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वभाव और व्यक्तित्व में काफी अंतर था, लेकिन एक साझा लक्ष्य के लिए एक दिशा में और एक आवाज के साथ मिलकर काम करने की उनकी क्षमता अद्वितीय थी। उन्होंने कहा कि भाजपा के हर कार्यकर्ता को उनसे यह सीखना चाहिए। उन्होंने आडवाणी को संगठन के प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने भाजपा की प्रगति और विस्तार को लेकर पार्टी के आलोचकों की धारणाओं को गलत साबित किया है। नवीन ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे भारत 21वीं सदी में आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे भारतीय जनता पार्टी भी अपने विस्तार और विकास के साथ आगे बढ़ रही है। भाजपा देश की विरासत और पार्टी की परंपरा, दोनों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।’’उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में राजनीति में जिस गरिमा को बनाए रखना चाहिए, जिस ईमानदारी और शुचिता का पालन करना चाहिए तथा जिस संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए, इन मूल्यों को यदि आज की पीढ़ी को किसी व्यक्तित्व से सीखना है, तो उसका सबसे अच्छा उदाहरण आडवाणी जी हैं। उनका व्यक्तित्व ईमानदारी और शुचिता का प्रतीक है।’’नवीन ने कहा कि उन्हें भले ही आडवाणी के साथ काम करने का अवसर नहीं मिला, लेकिन उनके साथ काम कर चुके लोगों से मिली जानकारी ने उन्हें यह समझने में मदद की कि उनका जीवन कितना प्रेरणादायक रहा है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘वह कठिन से कठिन फैसले भी बेहद सहजता से ले सकते थे।’’नवीन ने कहा कि विभाजन का दर्द झेलने के बावजूद आडवाणी ने राष्ट्र के प्रति अपार समर्पण दिखाया। उन्होंने भाजपा की विकास यात्रा की नींव रखने का श्रेय आडवाणी और वाजपेयी को देते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं ने महज दो लोकसभा सदस्यों वाली पार्टी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। नवीन ने कहा कि इन दोनों नेताओं के दृढ़ संकल्प ने पार्टी की स्थापना के बाद शुरुआती दौर में व्याप्त अनिश्चितता के माहौल से संगठन को उबरने में मदद की। नवीन ने कहा कि वह आडवाणी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि भाजपा के कार्यकर्ता उनकी दूरदृष्टि के अनुरूप पार्टी को आगे ले जाने के लिए काम करेंगे। राम जन्मभूमि आंदोलन और आडवाणी की रथयात्रा का जिक्र करते हुए नवीन ने ‘‘मंदिर वहीं बनाएंगे’’ नारे को याद किया। उन्होंने कहा कि यह नारा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ देश के करोड़ों लोगों ने लगाया था। उन्होंने याद किया कि बिहार के समस्तीपुर में यात्रा को रोक दिया गया था और उसे रोकने की भरपूर कोशिश की गई थी, लेकिन कारसेवकों ने आडवाणी की यात्रा को आगे बढ़ाया था। नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उस यात्रा को आगे बढ़ाया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘देश ने अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर को आकार लेते देखा है और यह हम सभी के लिए आडवाणी की यात्रा को याद करने का दिन है।’’इससे पहले, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के कोषाध्यक्ष पीयूष गोयल ने आडवाणी के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कभी किसी को यह महसूस नहीं होने दिया कि वह कितने वरिष्ठ या प्रभावशाली हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता उन्हें प्यार से ‘दादा’ कहकर बुलाते थे। गोयल ने कहा कि आडवाणी हमेशा उनके साथ परिवार के सदस्य जैसा व्यवहार करते थे और उन्हें ‘हैप्पी’ उपनाम से जानते थे। उन्होंने यह भी कहा कि आडवाणी जैसे नेताओं की कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के कारण भाजपा की लोकसभा सीटों की संख्या में वृद्धि हुई, जबकि कांग्रेस की सीटों में गिरावट आई।
सपा और Congress अयोध्या को बदनाम करने में जुटीं, योगी बोले- खत्म हो जाएगी सियासत
गोरखपुर (उप्र), आठ नवंबर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर अयोध्या की विरासत और विकास को लेकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर विरासत और विकास की यात्रा इसी तरह जारी रही तो इन दोनों दलों की राजनीति हमेशा के लिए दफन हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के जंगल तिकोनिया में वनटांगिया समुदाय के साथ दीपावली मनाने के दौरान आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और विकास की गति को रोकने में विफल रहने के बाद विपक्षी दल अब अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं और उनके सामने अपनी राजनीतिक पहचान का संकट खड़ा हो गया है। आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अयोध्या में जय श्री राम बोलने पर प्रतिबंध लगाया जाता था और राम मंदिर के विरोध में लोग खड़े होते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद सड़कों, बिजली, हवाई अड्डों और रेलवे के क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ तथा बिना भेदभाव लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि माफिया उन्मूलन के बाद अब प्रदेश सरकार का अगला प्रहार नशे के सौदागरों पर है। उन्होंने कहा, जो लोग दूसरों के जीवन को बर्बाद करते हैं, हम उनको आबाद नहीं रहने देंगे। आदित्यनाथ ने लोगों से नशे और जुए से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि ये दोनों बुराइयां परिवारों को बर्बाद कर देती हैं। वनटांगिया समुदाय की पूर्व स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के बाद कांग्रेस और सपा की सरकारों ने इस समुदाय को एक सदी से अधिक समय तक जंगलों में उपेक्षित रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 56 वनटांगिया गांवों में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, राशन कार्ड और पक्के मकान जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं और वर्ष 1947 में देश आजाद होने के बावजूद इन गांवों को सुविधाएं नहीं मिल पाई थीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा देकर सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। आज इन गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, पक्के मकान, स्कूल और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आदित्यनाथ ने इस अवसर पर जिले में 82.41 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया।
कोलकाता में पॉल्यूशन से निपटने को मंत्री लेकर आईं अनूठा प्लान, लेकिन विशेषज्ञों ने क्या कहा
पश्चिम बंगाल की नगरपालिका कार्य और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कोलकाता में पॉल्यूशन खत्म करने का अनूठा प्लान लेकर आई हैं। हालांकि विशेषज्ञ सहमत नहीं हैं।
कोटड़ा की बीके पाठशाला में आतिशबाजी के बीच मना दीपोत्सव, आध्यात्मिक उमंग के साथ बांटी खुशियां
अजमेर। दीपावली के पावन पर्व पर अजमेर के कोटड़ा स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बीके पाठशाला में उत्साह, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच दीपोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों और भाइयों ने एक साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। फुलझड़ियों और आतिशबाजी से पाठशाला परिसर रोशनी से जगमगा उठा। कार्यक्रम के […] The post कोटड़ा की बीके पाठशाला में आतिशबाजी के बीच मना दीपोत्सव, आध्यात्मिक उमंग के साथ बांटी खुशियां appeared first on Sabguru News .
केशव प्रसाद मौर्य ने प्रकाश पर्व दीपावली के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम की विधि-विधान एवं श्रद्धा-भाव से पूजा-अर्चना की तथा दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की। इस अवसर पर श्री मौर्य ने प्रभु श्रीराम के चरणों में शीश नवाकर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। उन्होंने कहा कि दीपावली भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम पर्व है। यह पर्व भगवान श्रीराम के चौदह वर्ष के वनवास के उपरांत अयोध्या आगमन और उनके राज्याभिषेक की पावन स्मृति से जुड़ा है। दीपावली हमें सत्य, धर्म, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन आदर्श शासन, सामाजिक समरसता, जनकल्याण और मर्यादित आचरण का सर्वोच्च उदाहरण है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार गरीबों, वंचितों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण तथा उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए संकल्पित है। श्री मौर्य ने कामना की कि दीपावली का यह पावन पर्व प्रत्येक परिवार के जीवन में नई ऊर्जा, उमंग, उत्साह और सकारात्मकता का संचार करे। समाज में प्रेम, सद्भाव, एकता और भाईचारे की भावना और मजबूत हो तथा देश-प्रदेश निरंतर प्रगति और समृद्धि के पथ पर अग्रसर रहे।रतन सिंह, सूचनाधिकारी, उपमुख्यमंत्री
PM Modi का बस्तर में बड़ा बयान, दिवाली और आडवाणी के 100वें साल तक की देश-दुनिया की अहम खबरें
नयी दिल्ली, आठ नवंबर रविवार को रात नौ बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं : प्रादे66: मोदी दिवाली दूसरी लीड बस्तरमोदी ने ‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर चेताया, कहा-हथियारबंद माओवादियों के खात्मे के बावजूद खतरा बरकरारजगदलपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भले ही हथियारबंद माओवादियों का सफाया हो गया है, लेकिन नक्सलवाद का खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘दिमागी नक्सली’ राजनीतिक दलों सहित कई संगठनों में घुसपैठ कर चुके हैं और लोगों को संविधान तथा लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं। दि39: लीड दिवालीदेशभर में धूमधाम से मनाई जा रही दिवाली; पटाखों की वजह से दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्जनयी दिल्ली: देशभर में दिवाली पूरे धूमधाम से मनाई जा रही है। लोगों ने त्योहार मनाने के लिए अपने घरों को रोशनी से सजाया है, दुकानदारों ने भी अपने प्रतिष्ठानों में दीये जलाए और बीच-बीच में पटाखों की आवाज भी सुनाई दे रही है। दि37: मोदी आडवाणी मुलाकातप्रधानमंत्री मोदी ने आडवाणी के आवास जाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दींनयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पूर्व उपप्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर जाकर उन्हें उनके जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश करने पर बधाई दी। दि26: कांग्रेस मोदी दिवालीप्रधानमंत्री मोदी हताश और परेशान, ‘झोला उठाने’ का समय करीब: कांग्रेसनयी दिल्ली: कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान को लेकर उन पर निशाना साधा और कहा कि वह स्पष्ट रूप से हताश और परेशान हैं तथा अब उनके ‘‘झोला उठाने का’’ का समय करीब आ रहा है। वि28 इजराइल लीड चुनाव सरकारइजराइल : राष्ट्रपति ने नयी सरकार बनाने के लिए आधिकारिक रूप से आइजनकोट को मौका दियातेल अवीव, इजराइल के राष्ट्रपति आइजक हर्जोग ने आधिकारिक तौर पर विपक्ष के नेता गादी आइजनकोट को अगली सरकार बनाने का पहला मौका दिया है। प्रादे124: असम आग लीड मृतक संख्याअसम में ऑयल इंडिया के संयंत्र में आग लगने से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हुईडिब्रूगढ़ (असम): असम के डिब्रूगढ़ जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के एक संयंत्र में आग लगने की घटना में घायल एक और कर्मचारी की रविवार को मौत हो जाने पर कुल मृतक संख्या बढ़कर चार हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दि28: सोनिया पुस्तक‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी अनुभवों पर आधारित पुस्तक है : सोनिया गांधीनयी दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि उनकी पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी अनुभवों पर आधारित है। प्रादे75: तमिलनाडु कुरियन समितितमिलनाडु ने केंद्र-राज्य संबंधों पर कुरियन समिति भंग कीचेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने केंद्र-राज्य संबंधों पर उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश कुरियन जोसेफ की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति को यह कहते हुए भंग कर दिया है कि उसके कार्यक्षेत्र का राज्य विधि आयोग के साथ दोहराव (ओवरलैप) हो रहा था। प्रादे92: बिहार बिजली दिवालीबिहार में एक दिसंबर से शुरू होगा बिजली सब्सिडी छोड़ने के लिए अभियानपटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों और आयकरदाताओं से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील दोहराते हुए रविवार को कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में एक दिसंबर से विशेष अभियान शुरू करेगी। वि24: ब्रिटेन स्कूल तिलक विवादब्रिटेन के स्कूल में बच्चे को तिलक लगाकर आने से रोकने पर विवाद, माता पिता पहुंचे अदालतलंदन: लंदन के एक प्राथमिक स्कूल में नौ साल के ब्रिटिश हिंदू बच्चे को माथे पर तिलक लगाकर आने से रोक दिया गया, जिसके बाद उसके माता-पिता ने उसे स्कूल से निकाल लिया और इस मामले में ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। अर्थ9: शेयर मुहूर्त लीड बंदविशेष मुहूर्त कारोबार में सेंसेक्स 28.62 अंक गिरा, दिवाली पर आठ साल से जारी तेजी का सिलसिला टूटामुंबई: मानक शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी रविवार को दिवाली के विशेष मुहूर्त कारोबार सत्र में मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। लगातार सात कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से बाजार नीचे आया और इसके साथ ही दिवाली के दिन पिछले आठ वर्षों से जारी बढ़त का सिलसिला भी टूट गया। खेल17: खेल एशिया अंडर-19 लीड भारतअंडर-19 एशिया कप पाकिस्तान ने भारत को तीन विकेट से हरायाअल अमेरात (ओमान): अर्जुन राजपूत (85 गेंद में 107 रन) के शानदार शतक पर हमजा जहूर का नाबाद सैकड़ा भारी पड़ा जिससे पाकिस्तान ने एसीसी अंडर-19 वनडे एशिया कप के ग्रुप-ए मुकाबले में रविवार क भारत को तीन विकेट से हराया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने माता जी का लिया आशीर्वाद
श्री मौर्य ने कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी और शक्ति है। भारतीय संस्कृति में माता का स्थान सर्वोपरि है। मां का स्नेह, त्याग, तपस्या और संस्कार ही व्यक्ति के जीवन की मजबूत नींव होते हैं। उनका आशीर्वाद जीवन के प्रत्येक संघर्ष में संबल और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मां के चरणों में ही उनके लिए सबसे बड़ा तीर्थ और उनका आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि मां का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें सदैव जनसेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा और शक्ति देता है।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने दीपावली के पावन अवसर पर आज अपने गृह जनपद कौशांबी के सिराथू स्थित निज निवास पहुंचकर अपनी पूज्य माता जी का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने माता जी के चरण स्पर्श कर उनका कुशलक्षेम जाना और परिवार के साथ दीपावली का पर्व मनाया।
AK-47 राइफल निकालकर पड़ोसियों को लगा धमकाने, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल
सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ी पोस्ट सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। इसके बाद निगीन पुलिस थाने में FIR नंबर 123/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
श्रृंगवेरपुर में होगा भव्य दीपोत्सव, लालकृष्ण आडवाणी के दीर्घायु होने की कामना की, केशव मौर्य
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज कौशांबी में प्रेस वार्ता के दौरान दीपावली के पावन पर्व पर देश एवं प्रदेशवासियों, प्रयागराज और कौशांबी के नागरिकों सहित विदेशों में रह रहे भारतीयों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्री गणेश और मां लक्ष्मी से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।श्री मौर्य ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं भारत रत्न श्रद्धेय श्री लालकृष्ण आडवाणी जी के जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि आडवाणी जी के त्याग, तपस्या और संगठन के प्रति समर्पण ने भारतीय जनता पार्टी को मजबूत आधार प्रदान किया है। उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद पार्टी कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। उनके आशीर्वाद से देश के अन्य राज्यों में भी भाजपा की सरकार बनेगी।उप मुख्यमंत्री ने प्रयागराज के महर्षि भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम में आयोजित भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इस बार तीन दिवसीय आयोजन ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और भगवान श्रीराम से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को भव्यता के साथ जनमानस के सामने प्रस्तुत किया है। भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद अयोध्या लौटने से पूर्व महर्षि भारद्वाज के आश्रम आए थे और इसके बाद अपने सखा निषादराज से मिलने श्रृंगवेरपुर पहुंचे थे। इन पवित्र स्थलों पर दीपोत्सव का आयोजन गौरवपूर्ण पहल है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि भविष्य में इससे भी अधिक भव्य और दिव्य आयोजन किया जाएगा।
Manipur के 58,863 विस्थापितों को Diwali और निंगोल चाकोउबा पर मिली 5.88 करोड़ की आर्थिक मदद
इंफाल, आठ नवंबर मणिपुर सरकार ने दिवाली और निंगोल चाकोउबा के अवसर पर 58,863 पात्र आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के लिए राज्य आपातकालीन कोष से विशेष सहायता के रूप में 5.88 करोड़ रुपये जारी किए हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, रविवार को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी को 1,000 रुपये की राशि वितरित की गई। यह धनराशि हाल ही में 10 जिलों - इंफाल पश्चिम, चुराचांदपुर, इंफाल पूर्व, थोउबल, उखरुल, काकचिंग, कांगपोकपी, तेंगनौपाल, जिरीबाम और बिष्णुपुर के उपायुक्तों के निर्दिष्ठ खातों में हस्तांतरित कर दी गई थी। बयान में कहा गया कि उपायुक्तों को उचित सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता राशि का वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विस्थापित समुदाय ने त्योहारों के मौसम में यह वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए वाई खेमचंद सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। सिंह ने भी दिवाली और निंगोल चाकोउबा के अवसर पर राज्य के लोगों को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दीं। निंगोल चाकोउबा मैतेई समुदाय का एक पारंपरिक त्योहार है, जो विवाहित महिलाओं और उनके मायके के बीच स्नेह व प्रेम के संबंध का उत्सव मनाता है।
दीपावली पर पीएम मोदी की राह पर CM शुभेंदु अधिकारी, घुसपैठियों को लेकर किया बड़ा ऐलान
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दीवाली के मौके सैनिकों के साथ त्योहार मनाया। उन्होंने बीएसएफ जवानों से ममता बनर्जी सरकार द्वारा किए गए व्यवहार के लिए माफी मांगी।
दिवाली पर दिल्ली से बिहार, कोलकाता और असम तक आगजनी... डिब्रूगढ़ में 4 की मौत
दिवाली पर असम OIL प्लांट में आग से 4 की मौत हो गई. दिल्ली, गाजियाबाद, कोलकाता, पटना से भी आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं. सूरत में 27 फायर स्टेशन हाई अलर्ट पर रखे गए हैं.
Meri Biwi Ka Jawab Nahi Trailer: काजल राघवानी की मेरी बीवी का जवाब नहीं का ट्रेलर रिलीज. ट्रेलर में परिवार के भीतर सास का दबदबा, बहुओं की परेशानी और नई बहू के आने के बाद पैदा होने वाली हलचल दिखाई गई है.
इजरायल के अगले प्रधानमंत्री होंगे गादी आईजेनकोट, राष्ट्रपति ने ईरान पर दी चेतावनी
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने यशार पार्टी के नेता गादी आईजेनकोट को अगली सरकार बनाने का औपचारिक न्योता दिया है. उन्हें 67 सांसदों का समर्थन मिला है. आईजेनकोट ने राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का ऐलान करते हुए नेतन्याहू के खेमे से भी साथ आने की अपील की है.
दिवाली के जश्न के बीच दिल्ली की हवा बनी जहरीली, 376 पहुंचा AQI; अगले कुछ दिन सांसों पर संकट
दिल्ली में दिवाली के बीच वायु प्रदूषण बढ़ गया है। रविवार को AQI 376 दर्ज हुआ, जबकि जहांगीरपुरी में यह 463 पहुंच गया। 9 नवंबर से हवा गंभीर श्रेणी में जाने का अनुमान है।
Ayodhya Deepotsav में विदेशी मंडलियों ने पेश की रामलीला, 151 साल पुरानी साहबगंज परंपरा को मिला मंच
लखनऊ, आठ नवंबर उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आयोजित भव्य दीपोत्सव पिछले 10 वर्षों में धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर भारतीय संस्कृति और रामायण की वैश्विक परंपराओं को साझा मंच देने वाले उत्सव के रूप में विकसित हुआ है। अयोध्या में सरयू तट पर शनिवार को आयोजित दसवें दीपोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के लोक कलाकारों, विदेशों की रामलीला मंडलियों और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं की भागीदारी ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। सरकार की ओर से रविवार को जारी एक बयान के मुताबिक, इस बार असम, जम्मू-कश्मीर, केरल, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के कलाकारों के साथ-साथ श्रीलंका, लाओस और दक्षिण अफ्रीका की रामलीला मंडलियों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक शैलियों में रामकथा प्रस्तुत की। इन प्रस्तुतियों के जरिये विभिन्न देशों और भारतीय राज्यों की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रदर्शित किया गया। बयान के अनुसार, इस वर्ष दीपोत्सव में अयोध्या की 151 वर्ष पुरानी साहबगंज रामलीला को पहली बार मंच मिला। अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार आशुतोष द्विवेदी ने इसे अयोध्या की सबसे पुरानी रामलीला बताया है। केंद्रीय रामलीला समिति के जिलाध्यक्ष मनोज जायसवाल के मुताबिक, इस रामलीला के मंचन का यह 151वां वर्ष है। स्थानीय रामलीलाओं की समीक्षा के बाद इसे दीपोत्सव में प्रस्तुति का अवसर दिया गया। बयान के मुताबिक, आयोजन में अर्जेंटीना और रूस के सेंट पीटर्सबर्ग के अलावा अमेरिका के शिकागो से आए पर्यटकों ने भी हिस्सा लिया। अधिकारियों के अनुसार, शिकागो से आए पॉल और शेल्बी ने राम की पैड़ी पर स्थानीय लोगों के साथ दीप जलाए और सरयू आरती में भाग लिया। विदेशी आगंतुकों की भागीदारी को अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रुचि के रूप में देखा जा रहा है। दीपोत्सव के विस्तार के साथ अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय परंपराओं को भी प्रमुखता दी गई है। बयान के अनुसार, सरयू तट पर दीप प्रज्ज्वलन, राम की पैड़ी पर सरयू आरती, रामकथा पार्क में प्रतीकात्मक रामराज्याभिषेक और रामायण के प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियां आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे। दीपोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम के स्वरूप का स्वागत किया और राम रथ खींचा। बयान के अनुसार उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की मौजूदगी में रामकथा पार्क में प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ प्रकाश व्यवस्था, प्रोजेक्शन और आधुनिक दृश्य तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया। बयान के मुताबिक, दीपोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने संतों को मिठाई और उपहार भेंट किए। संतों ने अयोध्या को देश-विदेश में पहचान दिलाने तथा धर्म और संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की। अधिकारियों के अनुसार, दसवें दीपोत्सव में स्थानीय रामलीलाओं, भारतीय लोक कलाओं और विदेशी रामायण परंपराओं की भागीदारी ने अयोध्या को सांस्कृतिक संवाद के केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया।
आज दिवाली पर 50 मिनट का निशीथ काल, लक्ष्मी पूजन का आखिरी मुहूर्त!
Diwali 2026 Shubh Muhurat: दिवाली 2026 पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए निशीथ काल का विशेष महत्व है. इस साल निशीथ काल सिर्फ 50 मिनट का रहेगा. जानें पूजा का आखिरी मुहूर्त क्या है और इस दौरान लक्ष्मी पूजा क्यों खास मानी जाती है.
LK Advani के 100वें वर्ष में प्रवेश पर PM Modi ने घर पहुंचकर दी जन्मदिन की बधाई
नयी दिल्ली, आठ नवंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पूर्व उपप्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर जाकर उन्हें उनके जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश करने पर बधाई दी। आडवाणी का जन्म आठ नवंबर 1927 को हुआ था। आडवाणी रविवार को 99 वर्ष के हो गए और अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने पहुंचे थे। इससे पहले, मोदी ने कहा था कि आठ नवंबर एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि आडवाणी अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस विशेष अवसर पर मेरी ओर से उन्हें शुभकामनाएं।’’प्रधानमंत्री ने एक समाचार पत्र में लेख भी लिखा है, जिसमें उन्होंने भारत के लिए आडवाणी के अविस्मरणीय योगदान को रेखांकित किया है। मोदी ने कहा, ‘‘मैं उनकी जीवन यात्रा को याद करता हूं, जिसमें विभाजन की भयावहता का अनुभव करने और शून्य से जीवन फिर शुरू करने, जनसंघ को मजबूत बनाने और भाजपा का गठन करने, आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के लिए खड़े होने, सोमनाथ से अयोध्या तक रथ यात्रा का नेतृत्व करने और सरकार में रहकर देश की सेवा करने जैसे पड़ाव शामिल हैं।’’
UP STF ने Lucknow में कारोबारियों से लूटपाट करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को दबोचा
लखनऊ, आठ नवंबर उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने लखनऊ में कृषि उत्पादों और मसालों के कारोबारियों के नकदी लेकर चलने वाले कर्मचारियों की रेकी कर दिनदहाड़े करोड़ों रुपये की लूट करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के सरगना समेत छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट के 48.45 लाख रुपये नकद, एक अवैध पिस्तौल, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई कार तथा मोटरसाइकिल बरामद की है। एसटीएफ की ओर से रविवार को जारी बयान के मुताबिक, गिरोह के सरगना दिनेश चंद्र यादव उर्फ छोटू समेत छह आरोपियों को सात और आठ नवंबर की दरमियानी रात करीब पौने दो बजे गोमतीनगर क्षेत्र में सहारा पुल के नीचे क्रिकेट अकादमी के गेट के पास से गिरफ्तार किया गया। बयान के मुताबिक, आरोपी बलेनो कार और मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे थे और लूट की रकम का बंटवारा कर रहे थे। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में सौरभ यादव, अमन उर्फ रमन यादव, सौरभ दीक्षित, मोहित कनौजिया और बिहार के बेगूसराय निवासी ज्ञान सिंह शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह गुजरात से जुड़े मसाला और कृषि उत्पादों के कारोबारियों के नकदी लेकर चलने वाले कर्मचारियों की गतिविधियों और उनके ठिकानों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद सुनसान स्थान पर कार से उनकी स्कूटी को टक्कर मारकर उन्हें गिरा देता था। फिर पिस्तौल का भय दिखाकर और लोहे की रॉड तथा डंडों से हमला कर नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो जाता था। बयान के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने इस साल दो मई को विराजखंड में 22 लाख रुपये, तीन जुलाई को विराटखंड में 45 लाख रुपये, तीन सितंबर को मेयो अस्पताल के पास 80 लाख रुपये और 24 अक्टूबर को आशियाना में 1.55 करोड़ रुपये की लूट की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। एसटीएफ के मुताबिक, अमृत लाल पाल नाम का व्यक्ति गिरोह को कारोबारियों और नकदी लेकर चलने वाले कर्मचारियों की गतिविधियों की जानकारी देता था और इसके बदले कमीशन लेता था। इसके अलावा मोहित कनौजिया रेकी करके अन्य सदस्यों को मोबाइल फोन के जरिए सूचना देता था। बयान के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन और पीड़ितों के पहचान संबंधी कुछ दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। बयान के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ गोमतीनगर थाने में पहले से दर्ज मुकदमे के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अत्यधिक दुबलेपन से खो रहा है आत्मविश्वास तो खान-पान में लाएं ये बुनियादी बदलाव, शरीर बनेगा सुडौल
आज के दौर में जहां एक बड़ा वर्ग अपने बढ़ते मोटापे और अतिरिक्त चर्बी को घटाने के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसे लोगों की भी एक बड़ी तादाद है जो अपने अत्यधिक दुबले-पतले शरीर और अंडरवेट होने की समस्या से जूझ रहे हैं। जब किसी व्यक्ति का शरीर इतना कमजोर हो जाता है कि पसलियां और हड्डियां बाहर से साफ दिखने लगती हैं, पसंदीदा साइज के कपड़े शरीर पर लटकते नजर आते हैं और जरा सी मेहनत करने पर थकान महसूस होने लगती है, तो यह स्थिति व्यक्ति के आत्मविश्वास को बुरी तरह प्रभावित करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर का असामान्य रूप से दुबला होना केवल सुंदरता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि शरीर को उसकी दैनिक आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पोषण, आवश्यक विटामिन्स, खनिज और ऊर्जा नहीं मिल पा रही है। पोषक तत्वों की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी भी कमजोर पड़ने लगती है, जिससे मौसमी बीमारियां और संक्रमण शरीर को जल्दी अपनी चपेट में ले लेते हैं।नोएडा स्थित डाइट मंत्रा क्लीनिक की जानी-मानी क्लिनिकल डायटीशियन कामिनी कुमारी इस स्थिति पर महत्वपूर्ण चिकित्सकीय सलाह देते हुए बताती हैं कि बहुत से लोग वजन बढ़ाने के चक्कर में बाजार में बिकने वाले केमिकल युक्त मास गेनर, हानिकारक स्टेरॉयड या अप्राकृतिक सप्लीमेंट्स का सहारा लेने लगते हैं, जो आगे चलकर लिवर और किडनी को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं कुछ लोग अंधाधुंध जंक फूड, तला-भुना और मीठा खाना शुरू कर देते हैं, जिससे वजन तो नहीं बढ़ता बल्कि पेट के आसपास अस्वस्थ चर्बी जमने लगती है और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है। डायटीशियन स्पष्ट करती हैं कि सही और स्थायी वजन बढ़ाने का अर्थ सिर्फ पेट भरना या अधिक मात्रा में भोजन करना नहीं है। इसके लिए एक वैज्ञानिक 'कैलोरी सरप्लस' (Calorie Surplus) दृष्टिकोण अपनाना पड़ता है, जिसमें शरीर जितनी ऊर्जा रोज खर्च करता है, उससे लगभग 300 से 500 कैलोरी अधिक, संतुलित प्रोटीन, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स और हेल्दी फैट्स के रूप में आहार के जरिए दी जाती है। यदि आप भी हड्डियों के ढांचे जैसा दिखने वाले शरीर से छुटकारा पाकर स्वस्थ तरीके से मसल्स मास बढ़ाना चाहते हैं, तो अपनी रोजमर्रा की थाली में इन पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को तुरंत शामिल करें।केला और फुल क्रीम दूध का क्लासिक कॉम्बिनेशन: ऊर्जा और मांसपेशियों के विकास का सबसे असरदार फॉर्मूलापारंपरिक भारतीय आहार और खेल पोषण में केला और दूध का संयोजन हमेशा से वजन बढ़ाने और शारीरिक बल संवर्धन का सबसे अचूक उपाय माना गया है। डायटीशियन कामिनी कुमारी के मुताबिक जब भी प्राकृतिक तरीके से शरीर का द्रव्यमान बढ़ाने की बात आती है, तो केले का स्थान सबसे ऊपर रहता है। केला एक ऐसा सुपाच्य फल है जो तुरंत पचने वाले प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट, फ्रुक्टोज और भारी मात्रा में कैलोरी का प्राकृतिक भंडार है। इसके साथ ही इसमें मौजूद पोटेशियम मांसपेशियों के संकुचन को नियंत्रित करता है और वर्कआउट के दौरान होने वाली ऐंठन से बचाव करता है। जब केले का सेवन फुल क्रीम यानी मलाईदार दूध के साथ किया जाता है, तो यह शरीर को उच्च जैविक मूल्य (High Biological Value) वाला प्रोटीन और स्वस्थ वसा प्रदान करता है।वजन तेजी से बढ़ाने के इच्छुक व्यक्तियों को सलाह दी जाती है कि वे रोजाना सुबह के नाश्ते में या शाम को हल्का व्यायाम करने के तुरंत बाद 2 से 3 पके हुए केलों को एक बड़े गिलास गुनगुने फुल क्रीम दूध के साथ लें। यदि आप इसे और अधिक पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो मिक्सर में 2 केले, एक गिलास गाढ़ा दूध, एक चम्मच शहद और थोड़ा सा इलायची पाउडर मिलाकर हाई-कैलोरी बनाना शेक तैयार कर सकते हैं। यह शेक शरीर के मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करता है, पाचन तंत्र पर भारी दबाव डाले बिना शरीर को तुरंत लगभग 400 से 500 अतिरिक्त कैलोरी पहुंचाता है और लगातार एक महीने तक इसका सेवन करने से शरीर में भरा हुआ सुडौलपन साफ नजर आने लगता है।ड्राई फ्रूट्स और नट्स को बनाएं दैनिक दिनचर्या का हिस्सा: सूक्ष्म पोषक तत्वों और हेल्दी फैट्स का खजानाकमजोर और दुबले शरीर को पोषण देने के लिए मेवे और सूखे मेवे (Nuts and Dry Fruits) सबसे सघन ऊर्जा स्रोत माने जाते हैं। बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश और अंजीर जैसे सूखे मेवे देखने में भले ही छोटे लगते हों, लेकिन इनमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स, पादप-आधारित प्रोटीन, डायटरी फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। अक्सर दुबले लोगों की भूख बहुत जल्दी मिट जाती है और वे एक बार में भारी भोजन नहीं खा पाते। ऐसे लोगों के लिए नट्स एक वरदान की तरह काम करते हैं, क्योंकि मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स खाकर भी शरीर को बिना पेट भारी किए सैकड़ों कैलोरी और ओमेगा-3 फैटी एसिड आसानी से मिल जाते हैं।डायटीशियन के अनुसार, वजन बढ़ाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए 5 से 6 बादाम, 2 सूखे अंजीर और 10 से 12 किशमिश को रात के समय साफ पानी में भिगोकर रख देना चाहिए। अगली सुबह उठकर खाली पेट इन भीगे हुए नट्स का सेवन करने से इनके पोषक तत्व शरीर में बहुत तेजी से अवशोषित होते हैं। अंजीर और किशमिश में मौजूद प्राकृतिक शर्करा और आयरन खून में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे भूख में प्राकृतिक रूप से सुधार होता है। इसके अलावा दिन के समय जब भी हल्की भूख महसूस हो, तब भुने हुए काजू और अखरोट की एक मुट्ठी स्नैक के रूप में खाने से शरीर को स्वस्थ वसा मिलती है, जो कमजोर अंगों को अंदर से पोषण देकर त्वचा की चमक और मांसपेशियों के घनत्व को बढ़ाती है।पीनट बटर और हाई-प्रोटीन फूड्स: कमजोर हड्डियों को मजबूती देकर मजबूत मसल्स बनाने का सटीक तरीकायदि आप चाहते हैं कि आपका वजन केवल चर्बी के रूप में न बढ़े बल्कि आपकी मांसपेशियां यानी लीन मसल्स मजबूत बनें, तो आपको अपने आहार में हाई-प्रोटीन तत्वों का अनुपात बढ़ाना होगा। इस दिशा में पीनट बटर यानी मूंगफली का मक्खन एक बेहद सस्ता, सुलभ और अत्यंत प्रभावी विकल्प है। पीनट बटर में उच्च मात्रा में प्रोटीन, स्वस्थ कैलोरी और दिल के लिए फायदेमंद असंतृप्त वसा पाई जाती है। प्रतिदिन दो चम्मच शुद्ध पीनट बटर को होल व्हीट ब्रेड, पारंपरिक गेहूं की रोटी या फलों की स्मूदी के साथ फैलाकर खाने से शरीर को लगभग 200 अतिरिक्त कैलोरी और 8 ग्राम शुद्ध प्रोटीन सरलता से मिल जाता है।इसके साथ ही मांसाहारी लोगों के लिए उबले हुए अंडे, चिकन और ताजी मछली प्रोटीन के सर्वोत्तम स्रोत हैं। अंडे की जर्दी (पीला भाग) में हेल्दी फैट और विटामिन्स होते हैं, जबकि सफेद हिस्से में शुद्ध एल्ब्यूमिन प्रोटीन होता है। शाकाहारी लोगों के लिए पनीर, टोफू, सोया चंक्स, अंकुरित मूंग, राजमा और गाढ़ी दालें मांसपेशियों के पुनर्निर्माण के लिए अनिवार्य मानी जाती हैं। डायटीशियन स्पष्ट करती हैं कि जब शरीर को भोजन से पर्याप्त प्रोटीन मिलता है, तो कमजोर पड़ चुकी मांसपेशियों के तंतु रिपेयर होने लगते हैं, जिससे हड्डियों का ढांचा ढक जाता है और शरीर भरा-भरा व सुगठित दिखने लगता है।फुल क्रीम दूध, शुद्ध घी और ताजा पनीर: भारतीय रसोई के पारंपरिक आहार से पाएं स्थायी शारीरिक सौष्ठवभारतीय पारंपरिक खान-पान में डेयरी उत्पादों का महत्व केवल धार्मिक या सांस्कृतिक नहीं, बल्कि संपूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। फुल क्रीम दूध, घर का बना ताजा पनीर और शुद्ध देसी गाय का घी वे तत्व हैं जो शरीर के सातों धातुओं (रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्र) को पुष्ट करते हैं। डेयरी उत्पादों में मौजूद कैसिइन और व्हे प्रोटीन शरीर में धीरे-धीरे पचकर मांसपेशियों को लगातार पोषण देते रहते हैं, जबकि इनमें मौजूद कैल्शियम और फास्फोरस कमजोर और पतली हड्डियों के घनत्व को बढ़ाकर उन्हें अंदर से मजबूती प्रदान करते हैं।वजन बढ़ाने की डाइट में रोजाना दोपहर और रात के भोजन में कम से कम 50 से 100 ग्राम कच्चे पनीर का सेवन करना बेहद लाभकारी सिद्ध होता है। इसके अलावा दोपहर के भोजन में दाल और गर्म रोटियों पर एक से दो चम्मच शुद्ध देसी घी लगाकर खाने से आंतों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और शरीर में वसा में घुलनशील विटामिन्स (जैसे विटामिन ए, डी, ई और के) का अवशोषण सुचारू रूप से होता है। रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने फुल क्रीम दूध में थोड़ी सी हल्दी और चुटकी भर अश्वगंधा पाउडर मिलाकर पीने से गहरी और आरामदायक नींद आती है, तनाव दूर होता है और मांसपेशियों की रिकवरी तेज होती है। सही पोषण के साथ-साथ रोजाना 30 मिनट का हल्का शक्ति प्रशिक्षण (स्ट्रेंथ ट्रेनिंग) और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से कुछ ही हफ्तों में वजन में स्वस्थ और सकारात्मक बदलाव दिखने लगते हैं
दीवाली की आतिशबाजी से दिल्ली की हवा हुई जहरीली, गंभीर श्रेणी में पहुंचा AQI - Jagran
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यूपी के सिद्धार्थनगर जिले में दिवाली के बीच दूषित गोलगप्पे खाने से 150 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. उल्टी-दस्त की शिकायत पर 18 बच्चों समेत 30 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमें कैंप लगाकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
नोटबंदी के 10 साल पूरे: याद है 8 नवंबर 2016 की वो शाम जब बंद हुए थे 86% नोट
भारतीय आर्थिक इतिहास में 8 नवंबर 2016 की तारीख हमेशा के लिए दर्ज हो चुकी है। आज उस ऐतिहासिक और साहसिक फैसले को पूरा एक दशक यानी 10 साल पूरे हो चुके हैं। ठीक 10 साल पहले इसी शाम करीब आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम एक विशेष टेलीविजन संबोधन में घोषणा की थी कि उस दिन आधी रात से देश में चल रहे 500 और 1000 रुपये के मौजूदा करेंसी नोट कानूनी रूप से अमान्य (Legal Tender नहीं) हो जाएंगे। इस एक घोषणा ने समूचे देश में आर्थिक भूचाल ला दिया था। देश के 130 करोड़ नागरिकों के लिए यह एक ऐसा निर्णय था जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। बाजार में लेन-देन अचानक ठप हो गया, शादी-ब्याह के घरों में अफरा-तफरी मच गई और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोग एटीएम और बैंकों की तरफ भागने लगे थे।प्रधानमंत्री ने अपने उस संबोधन में देशवासियों से अपील की थी कि जिनके पास भी 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट हैं, वे 10 नवंबर 2016 से लेकर 30 दिसंबर 2016 तक यानी करीब 50 दिनों के भीतर अपने नजदीकी बैंक शाखाओं अथवा डाकघरों में जाकर इन नोटों को अपने खातों में जमा करवा सकते हैं या सीमित मात्रा में बदलवा सकते हैं। इसके बाद शुरू हुआ था बैंकों और एटीएम मशीनों के बाहर लंबी-लंबी कतारों का वो दौर, जो कड़कड़ाती ठंड के बीच लगभग दो महीनों तक निरंतर चलता रहा। देश की अर्थव्यवस्था के आकार को देखते हुए उस समय चलन में मौजूद कुल मुद्रा का लगभग 86 प्रतिशत हिस्सा 500 और 1000 के नोटों के रूप में था। आंकड़ों के मुताबिक उस समय बाजार में कुल 15.44 लाख करोड़ रुपये मूल्य की मुद्रा संचालित थी, जिसमें से लगभग 13.27 लाख करोड़ रुपये के बड़े नोट रातोंरात रद्दी के कागजों में तब्दील हो गए थे।भारतीय रिजर्व बैंक के पास लौटे 99.3% नोट, बैंकिंग सिस्टम में आई पाई-पाई की पूरी सच्चाईनोटबंदी के फैसले का एक प्रमुख घोषित उद्देश्य काले धन, जाली नोटों के नेटवर्क और आतंकवाद की वित्तीय कमर तोड़ना था। हालांकि जब इस पूरी कवायद के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट जारी की, तो आंकड़े बेहद चौंकाने वाले और बहस को जन्म देने वाले रहे। रिजर्व बैंक के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, प्रतिबंधित किए गए कुल 15.44 लाख करोड़ रुपये के नोटों में से लगभग 99.3 प्रतिशत हिस्सा आधिकारिक बैंकिंग तंत्र में वापस जमा हो गया। यानी केवल 0.7 फीसदी नोट ही ऐसे थे जो बैंकों तक नहीं पहुंचे। आलोचकों ने इसे इस रूप में देखा कि काला धन रखने वालों ने भी अपने पैसों को किसी न किसी तरह बैंकिंग चैनलों के जरिए सफेद कर लिया।लेकिन अर्थशास्त्रियों और वित्तीय विशेषज्ञों का एक दूसरा दृष्टिकोण भी सामने आया। सरकार और केंद्रीय बैंक का तर्क था कि 99.3 प्रतिशत करेंसी का बैंकिंग व्यवस्था में वापस आना विमुद्रीकरण की सबसे बड़ी सफलता थी। इसका सीधा मतलब यह था कि जो पैसा अब तक घरों की तिजोरियों, गद्दों के नीचे या अनौपचारिक नकद अर्थव्यवस्था (Shadow Economy) में दबा हुआ था और जिस पर सरकार को कोई कर नहीं मिल रहा था, वह पूरा का पूरा पैसा औपचारिक बैंकिंग प्रणाली के रडार पर आ गया। हर एक जमाकर्ता की जानकारी, उसके पैन नंबर और बैंक खाते का डेटा इनकम टैक्स विभाग के पास दर्ज हो गया, जिसने भारत के पूरे वित्तीय ढांचे को हमेशा के लिए पारदर्शी बना दिया।टैक्सपेयर्स की संख्या में ऐतिहासिक दोगुना उछाल और रेवेन्यू बेस का अप्रत्याशित विस्तारनोटबंदी के इस 10 साल के सफर में भारतीय राजकोषीय व्यवस्था पर सबसे गहरा और स्थायी प्रभाव प्रत्यक्ष कर संग्रह पर देखा गया। विमुद्रीकरण के बाद के एक दशक में आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट करदाताओं की संख्या में दोगुने से भी अधिक की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई। जो व्यापारी और कारोबारी पहले केवल नकद लेन-देन के सहारे अपनी वास्तविक आय छिपाया करते थे, बैंकों में भारी मात्रा में नकद जमा कराने के बाद उन्हें टैक्स विभाग के नोटिसों और जांच का सामना करना पड़ा। इसके परिणामस्वरूप कर अनुपालन (Tax Compliance) की संस्कृति तेजी से विकसित हुई।बैंकिंग चैनलों में पैसे की इस भारी आमद ने केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स बेस को जबरदस्त मजबूती दी। एडवांस टैक्स, सेल्फ असेसमेंट टैक्स और बाद में 2017 में लागू हुए वस्तु एवं सेवा कर (GST) के साथ मिलकर इस व्यवस्था ने देश के राजस्व को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। इसी मजबूत टैक्स रेवेन्यू के दम पर देश भर में नेशनल हाईवे, नए एयरपोर्ट, एम्स, आईआईटी और रेलवे के आधुनिकीकरण जैसी विशाल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects) को बिना किसी बड़े बाहरी कर्ज के घरेलू स्तर पर वित्तपोषित करना संभव हो सका।कैश की तिजोरी से निकलकर म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और एसआईपी तक पहुंचा भारतीय निवेशकनोटबंदी ने भारतीय परिवारों की सदियों पुरानी बचत आदतों में एक गहरा मनोवैज्ञानिक बदलाव पैदा किया। 2016 से पहले आम भारतीय परिवारों की प्राथमिकता नकदी को अपने घरों में जमा रखने, अघोषित रियल एस्टेट सौदों में लगाने या भौतिक सोने-चांदी में छुपाने की हुआ करती थी। लेकिन रातोंरात करेंसी बंद होने के झटके ने लोगों को यह अहसास कराया कि घर में पड़ा कैश न केवल अनुत्पादक है बल्कि जोखिम भरा भी है। इसके बाद देश में वित्तीय परिसंपत्तियों (Financial Assets) की ओर एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक रुझान शुरू हुआ।विमुद्रीकरण के बाद के 10 सालों में भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP) और खुदरा डीमैट खातों की संख्या में रिकॉर्डतोड़ वृद्धि हुई। जो पैसा पहले बैंकों में साधारण बचत खातों में न्यूनतम ब्याज पर पड़ा रहता था, वह इक्विटी बाजारों, डेट फंड्स और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की ओर प्रवाहित होने लगा। आज देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों का एक आम युवा भी हर महीने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहा है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की इस ताकत ने भारतीय शेयर बाजारों को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली के झटकों से पूरी तरह सुरक्षित बना दिया है।कैश-इन-सर्कुलेशन में रिकॉर्ड वृद्धि के बीच डिजिटल लेन-देन और यूपीआई की वैश्विक क्रांतिनोटबंदी के 10 साल पूरे होने पर अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या देश में कैश का इस्तेमाल खत्म हो गया? आंकड़े बताते हैं कि आज 2026 में बाजार में मौजूद कुल नकदी यानी कैश-इन-सर्कुलेशन का मूल्य 2016 के मुकाबले काफी अधिक हो चुका है। हालांकि इसके पीछे का मुख्य कारण यह है कि पिछले एक दशक में भारत की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग दोगुना हो चुका है, देश की नॉमिनल जीडीपी बढ़ी है और मुद्रास्फीति के चलते मुद्रा की प्राकृतिक मांग में इजाफा हुआ है। लेकिन जो सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव आया है, वह है कुल लेन-देन में नकदी के प्रतिशत हिस्से का ऐतिहासिक रूप से कम हो जाना।नोटबंदी के ठीक बाद डिजिटल इंडिया अभियान और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई (UPI) का जो नया दौर शुरू हुआ, उसने भारत को पूरी दुनिया में डिजिटल भुगतान का सिरमौर बना दिया। आज सब्जी की रेहड़ी से लेकर बड़े-बड़े मॉल तक क्यूआर कोड के जरिए सेकंडों में बिना किसी नकद के अरबों रुपये के लेन-देन प्रतिदिन हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल भुगतानों में अकेले भारत की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। विमुद्रीकरण ने जिस डिजिटल व्यवस्था की नींव रखी थी, उसने देश को एक अत्यधिक दक्ष, पारदर्शी और आधुनिक अर्थव्यवस्था में परिवर्तित कर दिया है, जिसे आज पूरी दुनिया एक आर्थिक केस स्टडी के रूप में देख रही है।
Tamil Nadu में रुक-रुककर बारिश के बीच मनी Diwali, पटाखों से 269 लोग झुलसे
चेन्नई, आठ नवंबर तमिलनाडु में रविवार को पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ दीपावली मनाई गई। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में रुक-रुककर हुई बारिश के कारण त्योहार के जश्न में बाधा आई। चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में सुबह रुक-रुककर बारिश हुई। इसके कारण कई लोग घरों से बाहर निकलकर पटाखे नहीं जला पाए। कन्याकुमारी में दीपावली के खास सूर्योदय को देखने के लिए हजारों पर्यटक पहुंचे थे, लेकिन बारिश और बादलों के कारण सूर्योदय दिखाई नहीं दिया। इससे पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ा। वायु और ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए तमिलनाडु सरकार ने पटाखे जलाने के लिए समय तय किया है। इसके तहत सुबह छह से सात बजे और शाम सात से आठ बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति दी गई थी। मौसम और पाबंदियों के बावजूद लोगों में त्योहार का उत्साह बना रहा। पारंपरिक दीपावली भोज की तैयारी के लिए सुबह से ही मांस की दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचे। चेन्नई में जाने-माने अभिनेता रजनीकांत ने अपनी परंपरा को जारी रखते हुए घर के बाहर जमा प्रशंसकों का अभिवादन किया। उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में प्रशंसक त्योहार की शुभकामनाएं देने के लिए इंतजार कर रहे थे। राज्य के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। बारिश के बावजूद श्रद्धालु चेन्नई के वडापलानी मुरुगन मंदिर पहुंचे। कई लोगों के लिए बारिश फायदेमंद साबित हुई, क्योंकि इससे त्योहार के दौरान मंदिरों में लगने वाली भीड़ कम हो गई और उन्हें जल्दी दर्शन करने का मौका मिला। तूतीकोरिन में भी श्रद्धालुओं ने बारिश के बीच संकररामेश्वरर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मदुरै में अभिनेता शिवकार्तिकेयन अपनी पत्नी आरती के साथ मीनाक्षी अम्मन मंदिर पहुंचे। हालांकि, त्योहार के दौरान कुछ दुखद घटनाएं भी हुईं। पूरे तमिलनाडु में पटाखों से जलने के कारण 269 लोगों को इलाज के लिए लाया गया। इनमें एक बच्चे की झुलसने से मौत हो गई। आपातकालीन सेवाओं से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु की 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को सात नवंबर सुबह सात बजे से आठ नवंबर सुबह सात बजे तक कुल 16,079 कॉल आईं। इनमें से 2,475 कॉल दुर्घटनाओं, 396 मामूली चोटों और 98 कॉल विशेष रूप से झुलसने की घटनाओं से संबंधित थीं। इस दौरान आपातकालीन सेवाओं का संचालन करने के लिए 1,283 एंबुलेंस तैनात की गई थीं। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने लोगों से एकता और प्रेम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को गरीबों की मदद करनी चाहिए और अपने अहंकार के अंधकार को दूर करना चाहिए। आर्लेकर ने कहा कि दीपावली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। साथ ही, उन्होंने नागरिकों से ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित तमिलनाडु’ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। मनोरंजन के क्षेत्र में भी दीपावली के सप्ताहांत पर फिल्मों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कोलिवुड (तमिल) फिल्मों के प्रशंसक त्योहार पर रिलीज हुई प्रमुख फिल्मों को देखने के लिए सिनेमाघरों में पहुंचे। जीतू माधवन के निर्देशन में बनी सूर्या की एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘सीन’ बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रही। इस फिल्म का मुकाबला ‘मूकुथी अम्मन 2’ से हुआ। इस फिल्म में अभिनेत्री नयनतारा एक बार फिर मुख्य भूमिका में नजर आईं। इसके अलावा, अखिल भारतीय स्तर पर बनी फिल्म ‘रामायण’ का तमिल संस्करण भी सिनेमाघरों में रिलीज हुआ।
Priya Prakash Varrier Photos: प्रिया प्रकाश वारियर ने दिवाली फैन्स के लिए स्पेशल फोटोशूट शेयर किया है. 20 फोटो में एक्ट्रेस पारंपरिक अंदाज में नजर आ रही हैं. आंखों में काजल, माथे पर बिंदी और बगल में मटका इस शूट को और भी खास बना रहे हैं.
सऊदी के किंग खालिद एयरपोर्ट पर हूती अटैक, अरामको भी निशाने पर
यमन के हूतियों ने सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अरामको के तेल ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. इससे पहले रियाद में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए थे. इस बीच कतर ने हूतियों की कार्रवाई की निंदा की है.
बीकानेर में झगड़ा कर रहे दम्पती सहित 3 लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत
बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में पति-पत्नी सहित तीन लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। घटना जेएनवी थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि खेत में काम करने के दौरान पति-पत्नी के बीच किसी बात को […] The post बीकानेर में झगड़ा कर रहे दम्पती सहित 3 लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत appeared first on Sabguru News .
पंजाब में Crime Rate राष्ट्रीय औसत से कम, DGP Gaurav Yadav ने पेश किए NCRB आंकड़े
चंडीगढ़, आठ नवंबर पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था देश में सबसे अच्छी व्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में अपराध से जुड़े सरकारी आंकड़ों का हवाला दिया। राज्य में अपराध के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, अपराध से जुड़े कई मानकों पर पंजाब की स्थिति दूसरे कई राज्यों से बेहतर है। यादव ने फरार गैंगस्टर की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देने के दौरान पंजाब पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, “मैं कहना चाहूंगा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था भले ही देश में सबसे अच्छी न हो, लेकिन अच्छी व्यवस्थाओं में से एक है।”पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से 10 महीने तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश करने के बाद वांछित गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ आफरीदी को इथोपिया से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में यादव ने एनसीआरबी और अन्य सरकारी स्रोतों के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने ब्यूरो की 2024 की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि प्रति एक लाख आबादी पर अपराधों की संख्या के आधार पर पंजाब में अपराध दर 153.8 थी, जबकि राष्ट्रीय औसत 252.3 था। उन्होंने कहा कि हरियाणा और दिल्ली में यह आंकड़ा क्रमशः 368.5 और 1,258 था। डीजीपी ने 2025 के सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में हत्या के 652 मामले दर्ज किए गए, जबकि हरियाणा में यह संख्या 906 थी। उन्होंने कहा कि इसी तरह, पंजाब में दुष्कर्म के 428 मामले दर्ज किए गए, जबकि हरियाणा में 1,033 मामले सामने आए।
Diwali 2026: लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए मिलेगा सीमित समय
सनातन परंपरा में अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक महापर्व दीपावली आज 8 नवंबर 2026 को पूरे देश में अपार श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक मास की पावन अमावस्या तिथि पर धन, वैभव, ऐश्वर्य और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी मां महालक्ष्मी तथा रिद्धि-सिद्धि के दाता प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के पूजन का विधान है। इस वर्ष की दीपावली धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत फलदायी मानी जा रही है, क्योंकि ग्रहों और नक्षत्रों के दुर्लभ संचरण से 'आयुष्मान योग' समेत कई मंगलकारी योगों का निर्माण हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार, आयुष्मान योग में की गई साधना, पूजा-अर्चना और मंत्र जप लंबे समय तक स्थिर सुख, आरोग्य और अखंड समृद्धि प्रदान करते हैं।वैदिक पंचांग की सूक्ष्म गणनाओं के अनुसार, कार्तिक कृष्ण अमावस्या की तिथि का शुभारंभ 8 नवंबर को रात 11 बजकर 27 मिनट पर हो रहा है, जो अगले दिन 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक प्रभावी रहेगी। चूंकि धर्मग्रंथों में दीपोत्सव और महालक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष व्यापिनी और महानिशीथ काल की रात्रि को सर्वोत्तम मान्यता दी गई है, इसलिए उदया तिथि और प्रदोष काल के विशेष तालमेल के तहत मुख्य दीपावली का उत्सव आज 8 नवंबर को ही पूरे शास्त्रीय नियमों के साथ संपन्न किया जा रहा है। मान्यता है कि इस पावन निशा में मां लक्ष्मी स्वयं भूलोक पर भ्रमण करती हैं और जिस घर में स्वच्छता, पवित्रता और शुभ मुहूर्त में आराधना होती है, वहां वे सदा के लिए वास करती हैं।लक्ष्मी पूजन का सबसे सटीक समय: शाम 5:54 से 7:50 बजे तक रहेगा वृषभ काल, जानें सभी श्रेष्ठ चौघड़िया मुहूर्तदीपावली की पूजा में मुहूर्त का चयन सबसे संवेदनशील और निर्णायक माना जाता है। शास्त्रों का स्पष्ट मत है कि यदि पूजन शुभ लग्न और चौघड़िया में न किया जाए, तो उसका पूर्ण आध्यात्मिक व भौतिक फल प्राप्त नहीं हो पाता। आज शाम लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे श्रेष्ठ और सर्वमान्य समय शाम 05 बजकर 54 मिनट से लेकर रात 07 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस दौरान स्थिर लग्न 'वृषभ काल' का प्रभाव रहेगा, जिसकी कुल अवधि 1 घंटा 56 मिनट की होगी। स्थिर लग्न में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन करने से घर में धन और संपदा स्थिर रूप से टिकती है और व्यर्थ के अपव्यय पर विराम लगता है।इसके साथ ही शाम का प्रदोष काल 05 बजकर 31 मिनट से रात 08 बजकर 09 मिनट तक विस्तृत रहेगा। जो साधक प्रदोष काल के दौरान पूजा नहीं कर पा रहे हैं, वे दिन और रात्रि के अन्य विशिष्ट मुहूर्तों का लाभ उठा सकते हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 59 मिनट से 05 बजकर 50 मिनट तक रहा, जबकि दोपहर का विजय मुहूर्त 02 बजकर 06 मिनट से 02 बजकर 50 मिनट तक उपलब्ध था। शाम को गोधूलि वेला का समय 05 बजकर 48 मिनट से 06 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। तंत्र साधना, यंत्र सिद्धि और महालक्ष्मी के विशेष अनुष्ठानों के लिए निशिता मुहूर्त (महानिशीथ काल) रात्रि 11 बजकर 49 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा, वहीं अमृत काल रात 10 बजकर 02 मिनट से 11 बजकर 44 मिनट तक प्रभावी रहेगा।लकड़ी की चौकी से लेकर पंचामृत तक: पूजा की थाली सजाने के लिए आवश्यक संपूर्ण सामग्री सूचीदीपावली पूजन आरंभ करने से पूर्व सभी आवश्यक पूजन सामग्रियों को एकत्र कर लेना चाहिए ताकि अनुष्ठान के दौरान किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न हो। सामग्री सूची में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की नवीन मिट्टी अथवा धातु की मूर्तियां या चित्र, एक स्वच्छ लकड़ी की चौकी, बिछाने के लिए लाल या पीला नया वस्त्र, तांबे या पीतल का कलश और उस पर रखने के लिए जटा नारियल शामिल हैं। रोली, चंदन, कुमकुम, अक्षत (अखंडित चावल), मौली (कलावा), शुद्ध गंगाजल, पान के पत्ते और सुपारी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से कर लें।इसके अतिरिक्त ताजे सुगंधित पुष्प, कमल के फूल, गेंदे की माला, धूप बत्ती, अगरबत्ती, कपूर, मिट्टी के पारंपरिक दीये, देसी गाय का घी, तिल अथवा सरसों का तेल और शुद्ध रुई की लंबी व गोल बत्तियां पूजा का अभिन्न अंग हैं। नैवेद्य के रूप में नए धान की खील, बताशे, पंचमेवा, मौसमी फल, घर पर बनी शुद्ध मिठाइयां, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से निर्मित पंचामृत तथा पूजन में चढ़ाने हेतु चांदी अथवा तांबे का सिक्का व्यवस्थित रूप से पूजा स्थल पर सजा लें।चौकी स्थापना से लेकर 14 दीपकों के प्रज्वलन तक: जानिए संपूर्ण वैदिक लक्ष्मी-गणेश पूजन विधिदीपावली की शाम को शुभ मुहूर्त शुरू होने से पूर्व स्नान कर स्वच्छ और पारंपरिक वस्त्र धारण करें। घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूर्व दिशा में पूजा स्थल को गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। लकड़ी की चौकी स्थापित कर उस पर लाल रेशमी वस्त्र बिछाएं। चौकी के मध्य भाग में मां लक्ष्मी और उनके दाईं ओर भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। चौकी के पास एक तांबे के कलश में जल भरकर, उसमें आम या अशोक के पत्ते लगाएं और ऊपर लाल वस्त्र में लपेटा हुआ जटा नारियल स्थापित कर वरुण देव का आह्वान करें।सर्वप्रथम हाथ में जल लेकर तीन बार आचमन करें और स्वयं को तथा पूजन सामग्री को पवित्र करें। भगवान गणेश और माता लक्ष्मी पर गंगाजल के छींटे दें और उन्हें पंचामृत से प्रतीकात्मक स्नान कराएं। इसके उपरांत दोनों विग्रहों को रोली, चंदन, कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाएं। भगवान गणेश को दूर्वा तथा मां लक्ष्मी को लाल पुष्प व कमलगट्टा अर्पित करें। चौकी के सामने शुद्ध देसी घी का एक अखंड मुख्य दीपक प्रज्वलित करें। इसके साथ ही मिट्टी के दीयों में तेल या घी डालकर उन्हें सजाएं। भगवान को खील, बताशे, फल और मिठाइयों का भोग अर्पित करें। इसके बाद लक्ष्मी चालीसा, कनकधारा स्तोत्र और गणेश वंदना का पाठ करें। अंत में कर्पूर जलाकर परिवार सहित गणेश जी और लक्ष्मी जी की भावपूर्ण आरती करें, पूरे घर में दीये सजाएं और सभी में प्रसाद वितरित करें।मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के इन सिद्ध महामंत्रों का करें जप, घर में बनी रहेगी अटूट बरकतपूजा के दौरान मंत्रों का शुद्ध उच्चारण वातावरण में सकारात्मक तरंगों का संचार करता है और साधक की मनोकामनाओं को शीघ्र फलित करता है। पूजा करते समय इन प्रमुख मंत्रों का कम से कम 108 बार कमलगट्टे या स्फटिक की माला से जप करना चाहिए:श्री लक्ष्मी महामंत्र: ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहाश्री लक्ष्मी बीज मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:मां लक्ष्मी गायत्री मंत्र: ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐभगवान गणेश का बीज मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः॥विघ्नहर्ता ध्यान मंत्र: वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥शास्त्रों के अनुसार, केवल बाह्य आडंबर से नहीं बल्कि अंतःकरण की शुद्धता और परोपकार की भावना से ही मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसलिए इस दिन घर के मुख्य द्वार पर सुंदर रंगोली और मांगलिक तोरण सजाएं, देहरी पर दीप जलाएं, किसी भी जीव को कष्ट न पहुंचाएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों, निर्धनों और असहायों को अन्न, वस्त्र व धन का गुप्त दान अवश्य करें।हेडलाइन: Diwali 2026: लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए मिलेगा सीमित समय, नोट करें प्रदोष काल, वृषभ लग्न का शुभ मुहूर्त, संपूर्ण पूजन विधि और महामंत्रमेटा डिस्क्रिप्शन: Diwali 2026 Lakshmi Puja Shubh Muhurat: आज 8 नवंबर को देशभर में दीपावली का महापर्व आयुष्मान योग में मनाया जा रहा है। जानिए लक्ष्मी-गणेश पूजन का सबसे सटीक प्रदोष काल, वृषभ लग्न मुहूर्त, संपूर्ण पूजा विधि और फलदायी मंत्र।दीपावली पर बन रहा है दुर्लभ आयुष्मान योग का महासंयोग, आज 8 नवंबर को घर-घर पधारेंगी मां लक्ष्मीसनातन परंपरा में अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक महापर्व दीपावली आज 8 नवंबर 2026 को पूरे देश में अपार श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक मास की पावन अमावस्या तिथि पर धन, वैभव, ऐश्वर्य और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी मां महालक्ष्मी तथा रिद्धि-सिद्धि के दाता प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के पूजन का विधान है। इस वर्ष की दीपावली धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत फलदायी मानी जा रही है, क्योंकि ग्रहों और नक्षत्रों के दुर्लभ संचरण से 'आयुष्मान योग' समेत कई मंगलकारी योगों का निर्माण हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार, आयुष्मान योग में की गई साधना, पूजा-अर्चना और मंत्र जप लंबे समय तक स्थिर सुख, आरोग्य और अखंड समृद्धि प्रदान करते हैं।वैदिक पंचांग की सूक्ष्म गणनाओं के अनुसार, कार्तिक कृष्ण अमावस्या की तिथि का शुभारंभ 8 नवंबर को रात 11 बजकर 27 मिनट पर हो रहा है, जो अगले दिन 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक प्रभावी रहेगी। चूंकि धर्मग्रंथों में दीपोत्सव और महालक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष व्यापिनी और महानिशीथ काल की रात्रि को सर्वोत्तम मान्यता दी गई है, इसलिए उदया तिथि और प्रदोष काल के विशेष तालमेल के तहत मुख्य दीपावली का उत्सव आज 8 नवंबर को ही पूरे शास्त्रीय नियमों के साथ संपन्न किया जा रहा है। मान्यता है कि इस पावन निशा में मां लक्ष्मी स्वयं भूलोक पर भ्रमण करती हैं और जिस घर में स्वच्छता, पवित्रता और शुभ मुहूर्त में आराधना होती है, वहां वे सदा के लिए वास करती हैं।लक्ष्मी पूजन का सबसे सटीक समय: शाम 5:54 से 7:50 बजे तक रहेगा वृषभ काल, जानें सभी श्रेष्ठ चौघड़िया मुहूर्तदीपावली की पूजा में मुहूर्त का चयन सबसे संवेदनशील और निर्णायक माना जाता है। शास्त्रों का स्पष्ट मत है कि यदि पूजन शुभ लग्न और चौघड़िया में न किया जाए, तो उसका पूर्ण आध्यात्मिक व भौतिक फल प्राप्त नहीं हो पाता। आज शाम लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे श्रेष्ठ और सर्वमान्य समय शाम 05 बजकर 54 मिनट से लेकर रात 07 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस दौरान स्थिर लग्न 'वृषभ काल' का प्रभाव रहेगा, जिसकी कुल अवधि 1 घंटा 56 मिनट की होगी। स्थिर लग्न में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन करने से घर में धन और संपदा स्थिर रूप से टिकती है और व्यर्थ के अपव्यय पर विराम लगता है।इसके साथ ही शाम का प्रदोष काल 05 बजकर 31 मिनट से रात 08 बजकर 09 मिनट तक विस्तृत रहेगा। जो साधक प्रदोष काल के दौरान पूजा नहीं कर पा रहे हैं, वे दिन और रात्रि के अन्य विशिष्ट मुहूर्तों का लाभ उठा सकते हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 59 मिनट से 05 बजकर 50 मिनट तक रहा, जबकि दोपहर का विजय मुहूर्त 02 बजकर 06 मिनट से 02 बजकर 50 मिनट तक उपलब्ध था। शाम को गोधूलि वेला का समय 05 बजकर 48 मिनट से 06 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। तंत्र साधना, यंत्र सिद्धि और महालक्ष्मी के विशेष अनुष्ठानों के लिए निशिता मुहूर्त (महानिशीथ काल) रात्रि 11 बजकर 49 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा, वहीं अमृत काल रात 10 बजकर 02 मिनट से 11 बजकर 44 मिनट तक प्रभावी रहेगा।लकड़ी की चौकी से लेकर पंचामृत तक: पूजा की थाली सजाने के लिए आवश्यक संपूर्ण सामग्री सूचीदीपावली पूजन आरंभ करने से पूर्व सभी आवश्यक पूजन सामग्रियों को एकत्र कर लेना चाहिए ताकि अनुष्ठान के दौरान किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न हो। सामग्री सूची में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की नवीन मिट्टी अथवा धातु की मूर्तियां या चित्र, एक स्वच्छ लकड़ी की चौकी, बिछाने के लिए लाल या पीला नया वस्त्र, तांबे या पीतल का कलश और उस पर रखने के लिए जटा नारियल शामिल हैं। रोली, चंदन, कुमकुम, अक्षत (अखंडित चावल), मौली (कलावा), शुद्ध गंगाजल, पान के पत्ते और सुपारी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से कर लें।इसके अतिरिक्त ताजे सुगंधित पुष्प, कमल के फूल, गेंदे की माला, धूप बत्ती, अगरबत्ती, कपूर, मिट्टी के पारंपरिक दीये, देसी गाय का घी, तिल अथवा सरसों का तेल और शुद्ध रुई की लंबी व गोल बत्तियां पूजा का अभिन्न अंग हैं। नैवेद्य के रूप में नए धान की खील, बताशे, पंचमेवा, मौसमी फल, घर पर बनी शुद्ध मिठाइयां, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से निर्मित पंचामृत तथा पूजन में चढ़ाने हेतु चांदी अथवा तांबे का सिक्का व्यवस्थित रूप से पूजा स्थल पर सजा लें।चौकी स्थापना से लेकर 14 दीपकों के प्रज्वलन तक: जानिए संपूर्ण वैदिक लक्ष्मी-गणेश पूजन विधिदीपावली की शाम को शुभ मुहूर्त शुरू होने से पूर्व स्नान कर स्वच्छ और पारंपरिक वस्त्र धारण करें। घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूर्व दिशा में पूजा स्थल को गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। लकड़ी की चौकी स्थापित कर उस पर लाल रेशमी वस्त्र बिछाएं। चौकी के मध्य भाग में मां लक्ष्मी और उनके दाईं ओर भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। चौकी के पास एक तांबे के कलश में जल भरकर, उसमें आम या अशोक के पत्ते लगाएं और ऊपर लाल वस्त्र में लपेटा हुआ जटा नारियल स्थापित कर वरुण देव का आह्वान करें।सर्वप्रथम हाथ में जल लेकर तीन बार आचमन करें और स्वयं को तथा पूजन सामग्री को पवित्र करें। भगवान गणेश और माता लक्ष्मी पर गंगाजल के छींटे दें और उन्हें पंचामृत से प्रतीकात्मक स्नान कराएं। इसके उपरांत दोनों विग्रहों को रोली, चंदन, कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाएं। भगवान गणेश को दूर्वा तथा मां लक्ष्मी को लाल पुष्प व कमलगट्टा अर्पित करें। चौकी के सामने शुद्ध देसी घी का एक अखंड मुख्य दीपक प्रज्वलित करें। इसके साथ ही मिट्टी के दीयों में तेल या घी डालकर उन्हें सजाएं। भगवान को खील, बताशे, फल और मिठाइयों का भोग अर्पित करें। इसके बाद लक्ष्मी चालीसा, कनकधारा स्तोत्र और गणेश वंदना का पाठ करें। अंत में कर्पूर जलाकर परिवार सहित गणेश जी और लक्ष्मी जी की भावपूर्ण आरती करें, पूरे घर में दीये सजाएं और सभी में प्रसाद वितरित करें।मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के इन सिद्ध महामंत्रों का करें जप, घर में बनी रहेगी अटूट बरकतपूजा के दौरान मंत्रों का शुद्ध उच्चारण वातावरण में सकारात्मक तरंगों का संचार करता है और साधक की मनोकामनाओं को शीघ्र फलित करता है। पूजा करते समय इन प्रमुख मंत्रों का कम से कम 108 बार कमलगट्टे या स्फटिक की माला से जप करना चाहिए:श्री लक्ष्मी महामंत्र: ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहाश्री लक्ष्मी बीज मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:मां लक्ष्मी गायत्री मंत्र: ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐभगवान गणेश का बीज मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः॥विघ्नहर्ता ध्यान मंत्र: वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥शास्त्रों के अनुसार, केवल बाह्य आडंबर से नहीं बल्कि अंतःकरण की शुद्धता और परोपकार की भावना से ही मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसलिए इस दिन घर के मुख्य द्वार पर सुंदर रंगोली और मांगलिक तोरण सजाएं, देहरी पर दीप जलाएं, किसी भी जीव को कष्ट न पहुंचाएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों, निर्धनों और असहायों को अन्न, वस्त्र व धन का गुप्त दान अवश्य करें।
भारतीय खरीदारों के लिए क्यों बना 4% का अंतर? समझें पूरा समीकरण
वैश्विक जिंस बाजार यानी कमोडिटी मार्केट से एक अत्यंत चौंकाने वाला और बड़ा आर्थिक घटनाक्रम सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमतों में पिछले कुछ महीनों के दौरान अप्रत्याशित और भारी गिरावट दर्ज की गई है। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान स्पॉट गोल्ड (हाजिर सोना) की अंतरराष्ट्रीय कीमत 4,068.71 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आकर बंद हुई। यह कीमत इसी वर्ष 29 जनवरी 2026 को बने 5,379 डॉलर प्रति औंस के अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से लगभग 24 प्रतिशत नीचे आ चुकी है। वैश्विक वित्तीय सिद्धांतों के मुताबिक जब भी किसी कमोडिटी, धातु या परिसंपत्ति वर्ग के मूल्य में उसके सर्वकालिक उच्च स्तर से 20 प्रतिशत या उससे अधिक का सुधार अथवा गिरावट देखने को मिलती है, तो तकनीकी भाषा में उसे 'बेयर मार्केट' यानी भीषण मंदी के दौर में प्रवेश करना माना जाता है।हालांकि, इस वैश्विक मंदी का प्रभाव भारतीय घरेलू बाजार में उस अनुपात में देखने को नहीं मिला है जैसा अंतरराष्ट्रीय फलक पर देखा गया। देश के प्रमुख सर्राफा संगठन ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के थोक बाजार में धनतेरस और दीवाली के दौरान 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने का भाव 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर देखा गया। यदि इसकी तुलना 29 जनवरी 2026 के घरेलू रिकॉर्ड स्तर से की जाए, जब सोना 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंच गया था, तो भारतीय बाजार में कीमतों में कुल गिरावट लगभग 20 प्रतिशत ही दर्ज की गई है। इसका सीधा अर्थ यह है कि जहां पूरी दुनिया में सोना 24 फीसदी तक सस्ता हुआ, वहीं भारत में यह राहत केवल 20 फीसदी तक ही सीमित रही। इस तरह दोनों बाजारों के बीच 4 प्रतिशत का एक स्पष्ट फासला उभरकर सामने आया है, जिसने आम आभूषण खरीदारों से लेकर कमोडिटी विशेषज्ञों तक को यह सोचने पर विवश कर दिया है कि घरेलू बाजार में यह अंतर क्यों और कैसे बना हुआ है।इम्पोर्ट ड्यूटी में 9 फीसदी का बड़ा उछाल: सरकार की टैक्स नीति ने घरेलू बाजार में रोका गिरावट का असरवैश्विक और भारतीय सर्राफा बाजार के बीच उपजे इस 4 प्रतिशत के अंतर की सबसे प्रमुख और प्राथमिक वजह केंद्र सरकार की आयात शुल्क (Import Duty) से जुड़ी नीतिगत घोषणाएं हैं। भारत अपनी वार्षिक घरेलू मांग का लगभग 85 से 90 प्रतिशत सोना विदेशों से आयात करता है। यही कारण है कि स्थानीय स्तर पर बिकने वाले सोने का भाव केवल अंतरराष्ट्रीय स्पॉट रेट पर निर्भर नहीं करता, बल्कि उसमें सीमा शुल्क, उपकर और स्थानीय टैक्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब जनवरी 2026 के अंत में सोना अपने 1.83 लाख रुपये के उच्चतम शिखर पर था, उस समय देश में सोने के आयात पर कुल प्रभावी आयात शुल्क मात्र 6 प्रतिशत लागू था। उस कम टैक्स के कारण अंतरराष्ट्रीय कीमतों का सीधा असर घरेलू खुदरा दरों पर दिखाई दे रहा था।लेकिन सोने की आसमान छूती कीमतों और भारी आयात बिल के चलते भारत के व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा भंडार पर अप्रत्याशित दबाव बनने लगा था। इसके समाधान के लिए केंद्र सरकार ने 13 मई को एक बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए सोने और चांदी पर प्रभावी सीमा शुल्क को 6 प्रतिशत से सीधे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया। इस 15 प्रतिशत के टैक्स ढांचे में 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) और 5 प्रतिशत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) शामिल किया गया। इस तरह आयात शुल्क में सीधे 9 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि लागू हो गई। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने और चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने के लिए एक वर्ष तक सोने की अनावश्यक खरीद से बचने की अपील के कुछ ही दिनों बाद लिया गया था। सरकार के इस 9 प्रतिशत के टैक्स हाइक ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आई मंदी के प्रभाव को काफी हद तक सोख लिया, जिसके कारण वैश्विक स्तर पर 24 प्रतिशत की गिरावट होने के बावजूद भारत में कीमतें उस गति से नहीं गिर सकीं।डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी: करेंसी मार्केट ने बिगाड़ा भारतीय खुदरा कीमतों का संतुलनअंतरराष्ट्रीय और भारतीय बाजार के बीच 4 प्रतिशत के इस अंतर के पीछे का दूसरा सबसे बड़ा और निर्णायक कारक विदेशी मुद्रा बाजार (Currency Market) में भारतीय रुपये की विनिमय दर है। दुनिया भर में सोने का आधिकारिक व्यापार और स्पॉट बेंचमार्क अमेरिकी डॉलर (USD) में तय किए जाते हैं। जब भी भारत का कोई आयातक या बैंक विदेशों से सोना खरीदता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय वेंडरों को डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। इसका सीधा नियम यह है कि यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव स्थिर रहने या गिरने के बावजूद भारत में सोने का लैंडिंग कॉस्ट (आयात लागत) स्वतः बढ़ जाता है।मुद्रा बाजार के ऐतिहासिक आंकड़ों पर गौर करें तो 29 जनवरी 2026 को, जब सोने ने अपने पुराने रिकॉर्ड बनाए थे, उस समय भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो उस दौर का ऐतिहासिक निचला स्तर माना गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण आयातकों की तरफ से डॉलर की मांग लगातार मजबूत बनी रही। रुपये के कमजोर बने रहने से भारतीय ज्वेलर्स के लिए विदेशी बाजारों से सोना मंगाना लगातार महंगा बना रहा। इस मुद्रा अवमूल्यन (Currency Depreciation) ने घरेलू बाजार में सोने के भाव को कृत्रिम सहारा दिया। नतीजतन, विदेशी बाजारों में डॉलर के रूप में दर्ज हुई 24 प्रतिशत की भारी मंदी जब भारतीय रुपये के पैमाने पर परिवर्तित होकर घरेलू सर्राफा काउंटरों तक पहुंची, तो उसका वास्तविक असर घटकर मात्र 20 प्रतिशत ही रह गया।त्योहारी सीजन में स्थानीय मांग और भविष्य की कीमतें: निवेशकों के लिए क्या हैं आगे के संकेतकमोडिटी और सर्राफा बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि आयात शुल्क में हुई 9 प्रतिशत की वृद्धि और रुपये की विनिमय दर ने मिलकर घरेलू उपभोक्ताओं तक अंतरराष्ट्रीय मंदी का पूरा लाभ नहीं पहुंचने दिया। इसके अतिरिक्त, भारत में धनतेरस, दीवाली और आगामी शादियों के बड़े सीजन के कारण देश भर के खुदरा बाजारों में भौतिक सोने की स्थानीय मांग अत्यंत मजबूत बनी हुई है। आभूषण निर्माताओं ने त्योहारी सीजन की मांग को पूरा करने के लिए उच्च आयात शुल्क के बावजूद स्टॉक बनाए रखा, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर ज्वेलर्स ने प्रीमियम पर भी व्यापार किया।बाजार के जानकारों का कहना है कि 1,83,000 रुपये के उच्च स्तर से गिरकर 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आना निश्चित रूप से भारतीय खुदरा खरीदारों और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक राहत भरा संकेत है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंदी के रुख और 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम तकनीकी सपोर्ट को देखते हुए आने वाले हफ्तों में सोने की कीमतों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यदि भविष्य में वैश्विक व्यापारिक परिस्थितियां सुधरती हैं और सरकार आयात शुल्क की समीक्षा करती है, तभी भारतीय बाजार में अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुरूप पूर्ण तालमेल देखने को मिलेगा; अन्यथा टैक्स और करेंसी के इस दोहरे प्रभाव के कारण भारतीय और विदेशी बाजारों के बीच मूल्य का यह अंतर बना रहेगा।
टपूकड़ा में बाइक में पेट्रोल डालते समय भड़की आग, दुकानदार झुलसा
अलवर। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के टपूकड़ा थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल में पेट्रोल डालते समय अचानक आग लगने और विस्फोट जैसी स्थिति पैदा होने से एक दुकानदार झुलस गया। हादसे में घायल दुकानदार को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार रमेश कुमार टपूकड़ा […] The post टपूकड़ा में बाइक में पेट्रोल डालते समय भड़की आग, दुकानदार झुलसा appeared first on Sabguru News .
Mehbooba Mufti ने Jammu के शिव मार्केट के पीड़ित दुकानदारों के लिए मांगी तुरंत आर्थिक मदद
जम्मू, आठ नवंबर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जम्मू रेलवे स्टेशन के पास शिव मार्केट में आग से प्रभावित दुकानदारों को आर्थिक सहायता देने में हो रही देरी पर रविवार को सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि दुकानदारों को अपना कारोबार दोबारा शुरू करने के लिए जल्द से जल्द आर्थिक मदद दी जाए। शिव मार्केट में 25 अक्टूबर की रात भीषण आग लग गई थी। इसकी चपेट में कम से कम 40 दुकानें आ गईं थीं और इस घटना में करोड़ों रुपये का माल जलकर नष्ट हो गया था। पिछले महीने आग में कई दुकानों के जलकर नष्ट होने के बाद महबूबा मुफ्ती नुकसान का जायजा लेने शिव मार्केट पहुंचीं। उन्होंने कहा, ‘‘यहां काफी नुकसान हुआ है। ये छोटे दुकानदार हैं, कोई बड़े कारोबारी नहीं। इन्होंने कर्ज लेकर कारोबार शुरू किया है और पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे हैं। इनकी दुकानें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। मैं सरकार से तहे दिल से अपील करती हूं कि इन्हें अधिक से अधिक आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि ये अपनी दुकानें दोबारा बना सकें।’’महबूबा शनिवार को जम्मू पहुंची थीं। लगातार पांचवीं बार पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के बाद शीतकालीन राजधानी जम्मू का यह उनका पहला दौरा है। उनका सोमवार को श्रीनगर लौटने का कार्यक्रम है। शिव मार्केट के दौरे के दौरान महबूबा ने प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात की। उन्होंने उनके प्रति एकजुटता जताई और आग से हुए नुकसान पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुकानों में रखा सामान भी आग में जलकर नष्ट हो गया। दुकानदारों ने ज्यादातर सामान उधार पर खरीदा था। ऐसे में अब उन्हें पुराने कर्ज चुकाने की चिंता भी सता रही है। पीडीपी नेता ने कहा, ‘‘ प्रभावित दुकानदारों को अपनी दुकानें दोबारा बनाने, उनमें फिर से सामान रखने और अपना रोजगार शुरू करने के लिए तुरंत आर्थिक सहायता की जरूरत है, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।’’इसके बाद, महबूबा ने जम्मू के नरवाल इलाके में स्थित बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों के लिए बने एक चैरिटेबल होम बालग्राम का दौरा किया। यहां उन्होंने बच्चों के साथ दिवाली मनाई। वह करीब एक घंटे तक इस संस्थान में रहीं। इस दौरान उन्होंने दिवाली समारोह में हिस्सा लिया और बच्चों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। उन्होंने बच्चों और संस्थान के प्रबंधन से भी बातचीत की। प्रबंधन ने उन्हें संस्थान से जुड़े कई मुद्दों की जानकारी दी। इनमें संस्थान के पट्टे और बच्चों के कल्याण से जुड़े मामले शामिल थे।
PM मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात, दीं दिवाली की बधाई
प्रकाश और उमंग के पावन पर्व दीपावली के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 8 नवंबर 2026 को देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन जाकर औपचारिक व सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति को दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ, सुदीर्घ जीवन की मंगलकामना की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें तथा समस्त देशवासियों को सुख, समृद्धि और शांति के इस राष्ट्रीय पर्व की अग्रिम बधाइयां दीं। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर दोनों शीर्ष संवैधानिक पदों के प्रमुखों की तस्वीरें साझा की गईं, जिसमें दोनों नेता परस्पर मंगलकामनाएं संप्रेषित करते हुए देश में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक समृद्धि के विस्तार पर विचार विमर्श करते नजर आ रहे हैं। इस मुलाकात से ठीक पहले प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में अग्रिम मोर्चों पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपोत्सव मनाया था, जहां उन्होंने नक्सलवाद के खात्मे और सुरक्षित भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि को रेखांकित किया था।राष्ट्रपति भवन में संवैधानिक प्रमुखों का आत्मीय मिलन और दीपोत्सव की शुभकामनाएंदेश की राजधानी नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह बैठक अत्यंत सौहार्दपूर्ण और आत्मीय वातावरण में संपन्न हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पारंपरिक परिधान में राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पुष्पगुच्छ भेंट कर दीपोत्सव की बधाई दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने भी प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण के संकल्पों की सराहना करते हुए देश के निरंतर विकास और जन-कल्याण के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।संवैधानिक प्रमुखों के बीच होने वाली यह पारंपरिक दिवाली मुलाकात केवल एक शिष्टाचार भर नहीं है, बल्कि यह देश के शीर्ष संस्थानों के बीच गहरे समन्वय और लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़ता का जीवंत प्रतीक भी है। राष्ट्रपति भवन द्वारा साझा की गई तस्वीरों में दोनों नेताओं के चेहरे पर पर्व का उल्लास और देश के उज्ज्वल भविष्य के प्रति आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा था। इस अवसर पर देश के आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य, सीमांत क्षेत्रों में तैनात जवानों के समर्पण और राष्ट्रीय प्रगति के विभिन्न आयामों पर भी संक्षिप्त चर्चा हुई।उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से भी मिले थे प्रधानमंत्री, जताया था आभारराष्ट्रपति भवन जाने से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 7 नवंबर 2026 को देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से उनके आधिकारिक आवास पर जाकर मुलाकात की थी। उपराष्ट्रपति आवास पर पहुंचने पर सीपी राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री का भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को दीपावली पर्व की बधाई दी और देश की आध्यात्मिक परंपरा तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विचार साझा किए।मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के प्रति उनके स्नेहपूर्ण स्वागत और शुभकामनाओं के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया था। उपराष्ट्रपति के साथ हुई इस भेंट ने देश के विधायी और प्रशासनिक स्तंभों के बीच सौहार्दपूर्ण रिश्ते को उजागर किया, जिसने पूरे राष्ट्रीय नेतृत्व में दीपोत्सव की सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।बस्तर के जंगलों में जवानों संग दिवाली: 'सैनिक ही मेरा वास्तविक परिवार'हर वर्ष सरहद और सुदूर मोर्चों पर देश की रक्षा में मुस्तैद सुरक्षा बलों के बीच दिवाली मनाने की अपनी अटूट परंपरा को जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित रहे ऐतिहासिक क्षेत्र बस्तर पहुंचे। घने जंगलों और संवेदनशील सुरक्षा चौकियों के बीच सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और स्थानीय सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपोत्सव मनाते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें अपने हाथों से मिठाइयां खिलाईं और उनका हौसला बढ़ाया।जवानों को संबोधित करते हुए भावुक स्वर में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब पूरा देश और विश्व के विभिन्न कोनों में रहने वाले करोड़ों भारतीय रोशनी का यह त्योहार मना रहे हैं, लोग अपने पैतृक घरों में जाकर परिजनों के साथ खुशियां बांटते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा में तैनात वीर जवान ही उनका परिवार हैं, इसलिए वे प्रतिवर्ष अपने परिवार के साथ दीपोत्सव का उल्लास साझा करने इन दुर्गम मोर्चों पर खिंचे चले आते हैं। जवानों के अदम्य साहस को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के त्याग और सतर्कता की बदौलत ही देश का हर नागरिक अपने घर में निर्भय होकर दीपक जला पाता है।ऐतिहासिक उपलब्धि: 'यह पहली दिवाली है जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है'बस्तर की पावन और ऐतिहासिक धरती से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक उपलब्धि का उद्घोष किया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि वर्ष 2026 की दीपावली स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज हो रही है, क्योंकि यह देश की ऐसी पहली दीपावली है जब भारत का प्रत्येक जिला नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद के काले साये से पूरी तरह मुक्त हो चुका है।प्रधानमंत्री ने विस्तार से बताया कि दशकों तक देश के कई राज्य और जिले नक्सली आतंक और हिंसा के खौफ में जीने को मजबूर थे, जिसके कारण विकास की किरणें वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं। सुरक्षा बलों के निरंतर पराक्रम, सुनियोजित अभियानों और प्रशासनिक दृढ़ता के फलस्वरूप आज करोड़ों देशवासी नक्सलवाद के भय से हमेशा के लिए बाहर निकल चुके हैं। बस्तर, जो कभी हिंसा और बारूदी सुरंगों के लिए जाना जाता था, आज शांति, पर्यटन, स्थानीय कला और अधोसंरचना विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हमारे अमर शहीदों और सुरक्षा बलों के अदम्य पराक्रम का ही सुफल है।कारगिल से लेकर आईएनएस विक्रांत तक: जवानों संग हर दीपोत्सव बना अविस्मरणीयअपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते वर्षों में देश के अलग-अलग दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में जवानों संग बिताई गई दीवालियों की स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने रेखांकित किया कि हिमालय की शून्य से नीचे तापमान वाली बर्फीली चोटियों पर स्थित कारगिल और लेपचा से लेकर तपते रेगिस्तान और दलदली सर क्रीक तक, तथा खुले समंदर में भारत के स्वाभिमान का प्रतीक बनकर तैरते विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत तक, वीर जवानों के सान्निध्य में मनाई गई प्रत्येक दीपावली उनके जीवन की सबसे अनमोल धरोहर बन चुकी है।प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे सियाचिन के ग्लेशियर हों या बस्तर के बीहड़ वन, भारतीय सैनिकों का शौर्य और अनुशासन हर विपरीत परिस्थिति को परास्त कर देता है। बस्तर के वनांचल में जवानों संग बिताए गए पल यह संदेश देते हैं कि देश अब रक्षा और सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर और निर्णायक बन चुका है। जवानों के साथ बिताए इन प्रेरणादायी पलों के बाद ही प्रधानमंत्री सीधे दिल्ली लौटे, जहां उन्होंने राष्ट्र प्रमुख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट कर समूचे देश के लिए खुशहाली और निरंतर प्रगति की प्रार्थना की।
बीकानेर मिलिट्री स्टेशन में जवानों संग दिवाली मनाने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
देश भर में प्रकाश और उमंग का महापर्व दीपावली पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, और इस पावन अवसर पर सीमा प्रहरियों के त्याग को नमन करने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल राजस्थान के बीकानेर स्थित ऐतिहासिक मिलिट्री स्टेशन पहुंचे। बीकानेर छावनी के भीतर स्थित प्रतिष्ठित 'रणबांकुरा डिवीजन' में पहुंचकर उन्होंने भारतीय सेना के जांबाज अधिकारियों और जवानों के साथ दीप प्रज्वलित किए और त्योहार की खुशियां बांटीं। केंद्रीय मंत्री ने अपने हाथों से मोर्चे पर डटे सैनिकों को मिठाइयां खिलाईं और पूरे सैन्य परिवार को दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। देश के सुरक्षा प्रहरी जब अपने घरों और परिजनों से सैकड़ों मील दूर रहकर सीमाओं पर पहरा देते हैं, तब देश के शीर्ष नेतृत्व का उनके बीच पहुंचकर त्योहार मनाना जवानों के मनोबल को कई गुना बढ़ा देता है।रणबांकुरा डिवीजन के परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जवानों के साथ बेहद आत्मीय और सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश अपने घरों में सुरक्षित माहौल में दीपों का उत्सव केवल इसलिए मना पाता है क्योंकि रेगिस्तान की तपती धूप और कड़ाके की ठंड में हमारे जांबाज सैनिक सीमाओं की अटूट सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। मेघवाल ने सैनिकों के अदम्य साहस, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना की दिल खोलकर सराहना की। केंद्रीय मंत्री को अपने बीच पाकर जवानों के चेहरों पर भी मुस्कान और उत्साह साफ नजर आया। इस दौरान सैन्य अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री का पारंपरिक सैन्य गरिमा के साथ स्वागत किया और छावनी क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण माहौल में दीपोत्सव का दीप जलाया गया।अग्निवीर योजना में सेवा अवधि के विस्तार और स्थायी समायोजन पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयानसैनिकों के साथ संवाद के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रक्षा क्षेत्र के सबसे चर्चित विषय यानी 'अग्निवीर योजना' का विशेष रूप से उल्लेख किया। जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए नीतिगत सुधारों की चर्चा की और अग्निवीर योजना की सेवा अवधि को चार वर्ष से बढ़ाकर छह वर्ष किए जाने के निर्णय को एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया। मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और सेना के हितों को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया है कि अग्निवीरों को अब सेना में ही स्थायी रूप से शामिल होने का व्यापक और सुदृढ़ अवसर प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने इस कदम को सभी अग्निवीरों और रक्षा बलों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ा 'दिवाली गिफ्ट' करार दिया।केंद्रीय मंत्री ने योजना की पृष्ठभूमि को स्पष्ट करते हुए जवानों से कहा कि पहले के प्रावधानों में सेवा अवधि पूरी होने के बाद केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और अन्य क्षेत्रों में जाने के विकल्प मुख्य थे, लेकिन अब भारतीय सेना में ही उनकी स्थायी भूमिका को और अधिक विस्तार दिया गया है। अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री ने उपस्थित सैनिकों से सीधे संवाद करते हुए पूछा कि क्या यह फैसला अच्छा है या इसमें अभी भी किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता महसूस होती है। इस पर सभागार में मौजूद जवानों ने एक सुर और जोरदार आवाज में 'भारत माता की जय' के नारों के साथ इस निर्णय का पुरजोर स्वागत किया और इसे अत्यंत सकारात्मक बताया। मेघवाल ने कहा कि सरकार सैनिकों के कल्याण, सुरक्षा और भविष्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।बीकानेर में प्रस्तावित सगत सिंह म्यूजियम पर सैन्य अधिकारियों संग गहन मंथनइस दीपोत्सव मिलन समारोह के दौरान केवल उत्सव ही नहीं, बल्कि सैन्य इतिहास और स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के गंभीर विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बीकानेर मिलिट्री स्टेशन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ मिलकर क्षेत्र में प्रस्तावित 'लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह म्यूजियम' की विस्तृत परिकल्पना और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सैन्य अधिकारियों के साथ बैठकर इस परियोजना के विभिन्न तकनीकी और ऐतिहासिक पहलुओं का जायजा लिया। लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह भारतीय सेना के उन महानतम और साहसी कमांडरों में गिने जाते हैं, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में बांग्लादेश की मुक्ति और 1967 के नाथू ला टकराव में ऐतिहासिक और निर्णायक भूमिका निभाई थी।मेघवाल ने कहा कि बीकानेर की पावन धरा हमेशा से शूरवीरों और बलिदानियों की भूमि रही है, और यहां बनने वाला सगत सिंह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सेना की शौर्य गाथाओं से परिचित कराने का सबसे सशक्त माध्यम बनेगा। यह संग्रहालय बीकानेर और राजस्थान के समृद्ध सैन्य इतिहास, आधुनिक युद्ध रणनीतियों और सैनिकों के अदम्य बलिदान को सहेजने की दिशा में एक युगांतरकारी पहल साबित होगा। उन्होंने उपस्थित सैन्य अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि इस भव्य संग्रहालय के निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव प्रशासनिक और वित्तीय सहायता प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।हर साल सैनिकों के बीच दिवाली मनाने का संकल्प, बीकानेर पहुंचते ही पहला काम जवानों के नामअपने संबोधन के अंतिम चरण में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जवानों के साथ अपने व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई वर्ष पहले यह दृढ़ संकल्प लिया था कि प्रत्येक दीपावली पर उनका सबसे पहला सार्वजनिक और पारिवारिक कर्तव्य सीमा के प्रहरियों के साथ खड़ा होना होगा। इसी संकल्प को निभाते हुए वे जब भी दीपावली के अवसर पर अपने संसदीय क्षेत्र बीकानेर की धरती पर कदम रखते हैं, तो उनका सबसे पहला आधिकारिक और आत्मीय कार्यक्रम सेना के जवानों के बीच पहुंचना ही होता है।उन्होंने कहा कि राजनेताओं, अधिकारियों और देश के हर नागरिक का यह पावन धर्म बनता है कि वे अपने त्योहारों की शुरुआत उन जवानों के सम्मान से करें जो अपने परिवारों की खुशियों का त्याग कर देश की अखंडता की रक्षा में तैनात रहते हैं। दीप प्रज्वलन और मिठाई वितरण के बाद केंद्रीय मंत्री ने जवानों के साथ ग्रुप फोटोग्राफ खिंचवाए और उनके साथ बैठकर चाय पीते हुए उनके गृह क्षेत्रों और परिजनों का हालचाल भी जाना। बीकानेर मिलिट्री स्टेशन में केंद्रीय मंत्री की यह मौजूदगी न केवल सीमा पर तैनात सैन्य बलों के प्रति देश के आभार को दर्शाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि 140 करोड़ देशवासी अपने वीर जवानों के साथ एक अटूट परिवार की तरह खड़े हैं।
सोनिया और प्रियंका गांधी ने ताजा कीं राजीव गांधी संग दीवाली की यादें: चांदनी चौक के पटाखे
देश के सबसे प्रमुख राजनीतिक परिवारों में शुमार गांधी परिवार ने दीपावली के पावन पर्व के अवसर पर अपनी निजी और पारिवारिक स्मृतियों के पन्ने खोले हैं। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक बेहद आत्मीय और अनौपचारिक बातचीत के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के साथ बिताए गए दीवाली के सुनहरे पलों को साझा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर जारी किए गए इस विशेष संवाद में सोनिया और प्रियंका ने पुरानी दिल्ली की गलियों से लेकर अपने घर के आंगन तक में मनाए जाने वाले पारंपरिक उत्सव के रंगों को याद किया। यह बातचीत केवल एक त्योहार के उत्सव की औपचारिकता नहीं है, बल्कि उस दौर के सहज, सादगीपूर्ण और प्रेम से भरे पारिवारिक जीवन की एक दुर्लभ झलक प्रस्तुत करती है, जिसे राजनीति की चकाचौंध से दूर एक परिवार ने अपने आशियाने में संजोया था।दीवाली के पावन वातावरण में मां-बेटी के बीच हुई इस दिलकश बातचीत में उन दिनों की यादें जीवंत हो उठीं जब रोशनी का यह महापर्व बिना किसी आधुनिक दिखावे के मनाया जाता था। सोनिया गांधी ने बड़े भावुक अंदाज में बताया कि उन्हें दीवाली का त्योहार हमेशा से बेहद प्रिय रहा है। भारत आने के बाद जब उन्होंने पहली बार इस रोशनी के पर्व को करीब से देखा और महसूस किया, तो वे इसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्वरूप से मंत्रमुग्ध हो गई थीं। उन्होंने बताया कि उस जमाने में त्योहारों का मतलब केवल आतिशबाजी या शोरगुल नहीं होता था, बल्कि परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ बैठना, पारंपरिक नियमों का पालन करना और घर के हर कोने को अपनी आस्था व मेहनत से रोशन करना था।मुख्य द्वार पर प्रथम पूज्य गणेश जी की स्थापना और मिट्टी के दीयों से जगमगाता घर-आंगनपारंपरिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों का जिक्र करते हुए सोनिया गांधी ने बताया कि उनके घर में दीवाली पूजन का नियम बहुत स्पष्ट और अटूट था। त्योहार की शाम को सबसे पहले घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भगवान श्री गणेश की एक विशेष और मांगलिक मूर्ति श्रद्धापूर्वक स्थापित की जाती थी। पूरे उत्सव और पूजन का सबसे पहला मिट्टी का दीपक भगवान गणेश के चरणों में ही प्रज्वलित किया जाता था। सोनिया गांधी ने बेहद आत्मीयता से खुलासा किया कि वह ऐतिहासिक और पूजनीय मूर्ति केवल एक बार उपयोग के लिए नहीं थी, बल्कि उसे हर वर्ष संजोकर रखा जाता था और वह पावन विग्रह आज भी उनके पास पूरी तरह सुरक्षित है, जिसे वे हर दीवाली पर उसी आस्था के साथ स्थापित करती हैं।उस दौर की सादगी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आज की तरह तब घरों पर लटकने वाली रंग-बिरंगी बिजली की छोटी-छोटी लड़ियों या चाइनीज झालरों का चलन नहीं था। पूरा घर केवल और केवल पारंपरिक मिट्टी के दीयों की शुद्ध रोशनी से जगमगाता था। घर के सामने बने पानी के तालाब के चारों ओर, लंबी छतों पर, खुले बरामदों में और बगीचे के हर छोटे-बड़े रास्ते पर कतारबद्ध होकर सैकड़ों दीये रखे जाते थे। हवा के मंद झोंकों के बीच टिमटिमाती उन दीयों की प्राकृतिक लौ पूरी रात एक अद्भुत, शांत और अलौकिक दृश्य प्रस्तुत करती थी, जिसकी तुलना आज के किसी भी आधुनिक प्रकाश उपकरण से नहीं की जा सकती।चांदनी चौक की गलियों से पटाखे लाते थे राजीव गांधी, बगीचे में जुटता था पूरा परिवारप्रियंका गांधी ने बातचीत के दौरान अपने बचपन के उन खूबसूरत दिनों को याद किया जब उनके पिता स्वर्गीय राजीव गांधी खुद बच्चों के साथ त्योहार की खुशियों में पूरी तरह रम जाते थे। प्रियंका ने बताया कि दीवाली से कुछ दिन पहले उनके पिता उन्हें और राहुल गांधी को पटाखे और आतिशबाजी की खरीदारी कराने के लिए पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक और भीड़भाड़ वाले इलाके चांदनी चौक ले जाया करते थे। चांदनी चौक की तंग गलियों में सजी दीवाली की दुकानों की रौनक, वहां मिलने वाले तरह-तरह के पटाखे और उस माहौल में पिता की उंगली पकड़कर चलने का रोमांच आज भी उनके जेहन में एकदम ताजा है।प्रियंका गांधी ने यह भी साझा किया कि त्योहार के दिन केवल उनका अपना परिवार ही नहीं होता था, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से आए लोग, परिचित और सुरक्षाकर्मी उनके परिवार के बड़े बगीचे में एकत्र होते थे। पूरा माहौल एक विशाल उत्सव जैसा बन जाता था जहां हर कोई एक-दूसरे को गले मिलकर बधाई देता था। इस पर सोनिया गांधी ने मुस्कुराते हुए जोड़ा कि उन्हें कभी भी कान फोड़ देने वाले या तेज आवाज वाले बम-पटाखों में दिलचस्पी नहीं रही। उनकी सबसे पसंदीदा चीज हमेशा से सुंदर रोशनी बिखेरने वाली फुलझड़ियां थीं, जिन्हें वे बच्चों के साथ बड़े चाव से जलाया करती थीं। उन्होंने उस जमाने के साफ-सुथरे वातावरण, प्रदूषण रहित हवा और दीवाली के समय दिल्ली के आसमान के उस गहरे नीले रंग को भी याद किया जो अब आधुनिक महानगरों में दुर्लभ हो चुका है।कश्मीरी पकवानों और पारंपरिक मीठे चावल की महक, आज भी कायम है खान-पान की ऐतिहासिक रवायतत्योहारों में भोजन और पारंपरिक व्यंजनों का अपना एक विशेष महत्व होता है। गांधी परिवार की पाक-कला और खान-पान की रवायतों पर प्रकाश डालते हुए सोनिया गांधी ने बताया कि दीवाली की दावत उनके घर में हमेशा खास होती थी। चूंकि नेहरू-गांधी परिवार की जड़ें कश्मीर से जुड़ी रही हैं, इसलिए दीवाली के खास मौके पर घर के रसोईघर में विशुद्ध पारंपरिक कश्मीरी व्यंजन तैयार किए जाते थे। विशेष मसालों, केसर और सूखे मेवों से युक्त इन व्यंजनों की खुशबू पूरे घर में महकती थी।इसके अलावा दीवाली पूजन के उपरांत पारंपरिक रूप से मीठे चावल (केसरिया भात) बनाए जाते थे, जिसका भोग सबसे पहले भगवान को लगाया जाता था और फिर परिवार व आए हुए अतिथियों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता था। सोनिया गांधी ने गर्व के साथ बताया कि आधुनिकता के इस दौर में भी उनके परिवार ने अपनी उस पुरानी विरासत और खान-पान की रवायत को नहीं बदला है। आज भी हर दीवाली पर वही पारंपरिक कश्मीरी पकवान और सुगंधित मीठे चावल उसी विधि और प्यार से बनाए जाते हैं, जो परिवार की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूती से जोड़े रखने का काम करते हैं।10 नवंबर को रिलीज हो रही सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलोंगिंग: अ जर्नी ऑफ लव'सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के बीच यह आत्मीय और भावुक बातचीत एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर सामने आई है। सोनिया गांधी का बहुप्रतीक्षित संस्मरण और आत्मकथा 'बिलोंगिंग: अ जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) 10 नवंबर को औपचारिक रूप से प्रकाशित होने जा रही है। प्रतिष्ठित पब्लिशिंग हाउस हार्परकॉलिन्स इंडिया द्वारा लाई जा रही इस किताब को लेकर देश और दुनिया के राजनीतिक गलियारों में पहले से ही जबर्दस्त उत्सुकता बनी हुई है।इस किताब में सोनिया गांधी ने अपने निजी जीवन के उन अनछुए और संवेदनशील पलों को कलमबद्ध किया है, जो अब तक आम जनता और मीडिया की नजरों से ओझल रहे हैं। इटली के छोटे से कस्बे से निकलकर भारत की बहू बनने तक का सफर, इंदिरा गांधी का मातृत्व भरा सानिध्य, राजीव गांधी के साथ बिताए सुख-दुख के वर्ष, राष्ट्रीय त्रासदियों के बाद भारतीय राजनीति के केंद्र में उनका उभार और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर उनके दृष्टिकोण का इसमें विस्तृत उल्लेख है। किताब के विमोचन से ठीक पहले साझा किए गए इस दीवाली संस्मरण ने पाठकों और प्रशंसकों को सोनिया गांधी के उस भावनात्मक और घरेलू पक्ष से रूबरू कराया है जो आमतौर पर राजनीतिक बयानों के पीछे छिपा रहता है।
दिवाली के मौके पर जहरीली हुई दिल्ली की हवा, जानिए क्या है आपके शहर का AQI
दिवाली पर दिल्ली का औसत AQI 376 के साथ 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच चुका है. जहांगीरपुरी में 463 दर्ज किया गया. पटाखे, वाहन और पराली से प्रदूषण बढ़ता हुआ नजर आ रहा है.
सवाई माधोपुर में दीपावली पर गुर्जर समाज ने निभाई छांट भरने की परंपरा
सवाई माधोपुर/टोंक। दीपावली का पर्व केवल रोशनी, खुशियों और लक्ष्मी पूजन तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान के कई क्षेत्रों में यह अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का भी विशेष अवसर है। इसी सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन करते हुए रविवार को सवाई माधोपुर में गुर्जर समाज सहित कई समुदायों के लोगों […] The post सवाई माधोपुर में दीपावली पर गुर्जर समाज ने निभाई छांट भरने की परंपरा appeared first on Sabguru News .
Tamil Nadu में TNKET योजना से टीबी मृत्यु दर में 38 फीसदी की गिरावट: BMJ रिपोर्ट
(पायल बनर्जी)नयी दिल्ली, आठ नवंबर तमिलनाडु में स्वास्थ्य से जुड़ी पहल के कारण जुलाई, 2024 से दिसंबर, 2025 के बीच तपेदिक (टीबी) से होने वाली मृत्यु दर में 38 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इस पहल के तहत निदान के समय ही गंभीर रूप से बीमार मरीजों की पहचान कर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने को प्राथमिकता दी जाती है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (एनआईई) और तमिलनाडु राज्य टीबी प्रकोष्ठ द्वारा किए गए इस अध्ययन के अनुसार, यह सुधार तमिलनाडु कासनोई एराप्पिला थिट्टम (टीएनकेईटी) नामक कार्यक्रम के अंतर्गत देखा गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य को टीबी से होने वाली मौतों से मुक्त बनाना है। टीएनकेईटी के तहत अपनाए गए निगरानी और मूल्यांकन ढांचे से संबंधित रिपोर्ट शनिवार (सात नवंबर) को अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिका बीएमजे ग्लोबल हेल्थ में एक प्रैक्टिस पेपर के रूप में प्रकाशित हुई है। बीएमजे ग्लोबल हेल्थ के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रैक्टिस पेपर लेखकों को किसी समुदाय, राज्य या राष्ट्रीय स्तर के जमीनी अनुभवों के मूल्यांकन को साझा करने का अवसर देते हैं। यह शोध पत्र उच्च तपेदिक के अत्यधिक मामलों वाले भारतीय राज्यों और अन्य देशों को निदान यानी बीमारी की पहचान के समय ही मरीजों की गंभीरता के आधार पर उनका वर्गीकरण करने और प्राथमिकता से इलाज देने की व्यवस्था को लागू करने तथा उसकी निगरानी करने में मार्गदर्शन प्रदान करेगा, ताकि टीबी से होने वाली मौतों को कम किया जा सके। शोधकर्ताओं द्वारा भारत के पहले राज्यव्यापी विभेदित टीबी देखभाल कार्यक्रम के रूप में वर्णित इस पहल को अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक लागू किया गया था। इसमें राज्य में मानक दवाओं से ठीक होने वाले सामान्य टीबी से पीड़ित 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वयस्कों को शामिल किया गया। तमिलनाडु में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में हर साल लगभग 60,000 वयस्क इस प्रकार की टीबी से पीड़ित पाए जाते हैं। टीएनकेईटी योजना के तहत, बीमारी के निदान के समय ही पांच स्वास्थ्य मानकों के आधार पर मरीजों की स्थिति का आकलन किया जाता है। इनमें बॉडी मास इंडेक्स (वजन और लंबाई का अनुपात), पेडल एडिमा (पैरों तथा टखनों में सूजन), श्वसन दर (सांस लेने की गति), ऑक्सीजन सेचुरेशन (रक्त में ऑक्सीजन का स्तर) और बिना किसी सहारे के खड़े होने की क्षमता शामिल है। अत्यधिक कुपोषण, सांस लेने में गंभीर तकलीफ या शारीरिक रूप से बेहद कमजोर पाए जाने वाले गंभीर मरीजों को अस्पतालों में स्थानांतरित करने और अस्पताल में भर्ती रखकर इलाज के लिए प्राथमिकता दी जाती है। टीएनकेईटी की शुरुआत के समय राज्य में टीबी मृत्यु दर 6.3 प्रतिशत थी। इसके मुकाबले, अक्टूबर-दिसंबर 2024 के दौरान बीमार पाए गए लोगों में मृत्यु दर 38 प्रतिशत घटकर 3.9 प्रतिशत पर आ गई, जबकि जुलाई-सितंबर 2025 के दौरान मरीजों में यह कमी 56 प्रतिशत (घटकर 2.8 प्रतिशत) तक दर्ज की गई। हालांकि, अध्ययन में अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मरीजों की निगरानी प्रक्रिया (फॉलो-अप) में बड़ी कमी भी सामने आई है। निदान के समय गंभीर पाए गए मरीजों की दो महीने बाद दोबारा स्थिति जांचने का आंकड़ा किसी भी तिमाही में 35 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सका। यह दर्शाता है कि तमिलनाडु जैसे मजबूत स्वास्थ्य तंत्र वाले राज्य में भी अस्पताल से छुट्टी के बाद मरीजों की निरंतर देखभाल सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।
दिल्ली-गाजियाबाद से सिक्किम तक आगजनी की कई घटनाएं, पटना में पटाखे से भड़की आग
देश के अलग-अलग हिस्सों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं. दिल्ली के नजफगढ़, गाजियाबाद, पटना और सिक्किम में आग से भारी नुकसान हुआ. कहीं फैक्ट्री और गोदाम जल गए तो कहीं कबाड़ की दुकान आग की चपेट में आ गई. राहत की बात है कि सिक्किम की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ.
Rekha Gupta ने दिल्लीवासियों से सैनिकों और पुलिसकर्मियों के नाम एक दीया जलाने का किया आह्वान
नयी दिल्ली, आठ नवंबर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी दिल्लीवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए रविवार को कहा कि सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की बदौलत लोग अपने घरों में सुकून से त्योहार मना पाते हैं। उन्होंने लोगों से एक दीया देश के सैनिकों, जवानों और पुलिसकर्मियों के नाम जलाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से जारी एक बयान के मुताबिक, गुप्ता ने कहा, ‘‘हम सभी अपने परिवारों के साथ हंसी-खुशी और सुकून से त्योहार मना पाते हैं, क्योंकि देश के लाखों जवान दिन-रात हमारी सीमाओं की रक्षा में तैनात रहते हैं। उनका समर्पण और सतर्कता हमें सुरक्षित वातावरण में अपने त्योहार मनाने का अवसर देता है।’’उन्होंने दिल्लीवासियों से आग्रह किया कि अपने घरों में दीप जलाते समय एक दीया देश के सैनिकों, जवानों और पुलिसकर्मियों के नाम भी जलाएं। गुप्ता ने कहा कि यह दीप उन सभी के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और अपनत्व का प्रतीक होगा, जो त्योहारों के अवसर पर भी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिल्ली के सफाई कर्मियों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा, ‘‘दीपावली के अवसर पर जब पूरा शहर उत्सव की खुशियों में डूबा होता है, तब हमारे सफाईकर्मी दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा से काम करते हैं। उनकी मेहनत और समर्पण से ही राजधानी की स्वच्छता और सुंदरता कायम रहती है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में देश के अलग-अलग राज्यों और संस्कृतियों से जुड़े लोग मिलकर इस त्योहार को उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक उत्सव की भावना ही दीपावली के इस पावन अवसर को और मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री ने सभी दिल्लीवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पर्व हर घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मकता लेकर आए। उन्होंने कहा कि दीपावली का वास्तविक संदेश एक-दूसरे के प्रति सम्मान, प्रेम, सहयोग और कृतज्ञता की भावना को मजबूत करना है।
दिवाली मुहूर्त खत्म, नहीं कर पाए पूजा? अब इस आखिरी मुहूर्त को हाथ से न जाने दें
दिवाली के शुभ मुहर्त में बहुत से लोग लक्ष्मी पूजन नहीं कर पाए होंगे. ऐसे लोग निराश न हों. पंचांग के अनुसार, दिवाली पर आज शाम 5 बजकर 31 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 27 मिनट तक शुभ-अमृत-चर चौघड़िया मुहूर्त रहेगा. इस अबूझ घड़ी में भी लक्ष्मी पूजा करना उत्तम माना जाता है. इस मुहूर्त में विधिवत लक्ष्मी पूजन कीजिए और सुख-समृद्धि, उन्नति की प्रार्थना करिए.
Sapna Choudhary New Song: सपना चौधरी दिवाली का मौका कैसे सूना-सूना जाने दे सकती थीं. तभी तो हरियाणवी डांसिंग क्वीन का नया गाना 'बदमाशन' रिलीज हो गया है.
चुनाव आयोग में जमा रिपोर्ट से हुआ खुलासा, 2025-26 में मिले 130.69 करोड़ रुपए; पिछले वित्त वर्ष में पार्टी को मिले थे 517.39 करोड़ रुपए नई दिल्ली। देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस को मिलने वाले बड़े चंदे में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई है। चुनाव आयोग में जमा पार्टी […] The post कांग्रेस को मिलने वाले बड़े चंदे में 75 फीसदी की गिरावट, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट का योगदान भी 88 फीसदी घटा appeared first on Sabguru News .
छठ के दूसरे दिन यानि खरना के दिन गुड़ की खीर बनाई जाती है, जो बहुत ही स्वादिष्ट और क्रीमी होती है. यहां जानते हैं इसकी रेसिपी-
पुणे में आपसी विवाद पर व्यक्ति ने दोस्त पर फेंका Acid, बच्ची सहित 4 लोग झुलसे
पुणे, आठ नवंबर पुणे के येरवडा इलाके में विवाद के बाद अपने दोस्त पर कथित तौर पर तेजाब फेंकने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हमले में पीड़ित, उसकी मां और छह-वर्षीय बच्ची तथा दो अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना छह नवंबर को शाम करीब चार बजे रामनगर मस्जिद के पास हुई। लक्ष्मी नगर पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक युवराज नांदरे ने बताया, नलसाज नितिन सुंदर जाधव (52) का अपने दोस्त आशीष इंद्रपाल डिंग्या (40) से छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। ऐसे ही एक विवाद के बाद जाधव ने हार्डवेयर की दुकान से तेजाब खरीदा और डिंग्या के चेहरे पर फेंक दिया। उन्होंने बताया कि जब डिंग्या की 65-वर्षीय मां ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उनपर भी तेजाब फेंक दिया, जिससे उनके दोनों हाथ झुलस गए। अधिकारी ने कहा, ‘‘अपनी छह-वर्षीय बेटी के साथ दोपहिया वाहन से वहां से गुजर रहे विशाल शंकर जाधव (32) भी तेजाब की चपेट में आकर झुलस गए। उनके दाहिने हाथ और पैर प्रभावित हुए हैं, जबकि बच्ची के बायां पैर जख्मी हुआ है। डिंग्या का चेहरा, आंख और हाथ झुलस गए। विशाल जाधव ससून सामान्य अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य घायलों को उसी दिन प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत तेजाब का इस्तेमाल कर नुकसान पहुंचाने, मानव जीवन को खतरे में डालने और अन्य अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया है। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
फेस्टिव मेकअप के बाद चेहरे पर हो रही है खुजली और रैशेज? ऐसे पाएं स्किन एलर्जी से राहत
फेस्टिव सीजन में मेकअप के बाद अगर आपको चेहरे पर खुजली हो रही है, तो ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है. यहां जानते हैं डॉक्टर के बताए टिप्स-
नीच राशि में सूर्य-मंगल-शुक्र! दीपावली पर बिगाड़ सकते हैं पैसों का बजट
दिवाली पर सूर्य तुला, मंगल कर्क और शुक्र कन्या राशि में विराजमान होंगे. यानी ये तीनों ही ग्रह अपनी नीच की राशि में रहने वाले हैं. ग्रहों का ये संयोग आम व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव दिखाई दे सकता है. कुछ लोगों की आय प्रभावित हो सकती है तो कुछ अनियंत्रित खर्चों से परेशान हो सकते हैं.
नोटों से सजी थालियां देखकर भावुक हुए कर्मचारी कपड़ा व्यापारी की दरियादिली की हो रही सराहना सूरत। दीपावली पर जहां अधिकांश प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों को मिठाई, ड्राई फ्रूट या सामान्य बोनस देकर त्योहार की खुशियां बांटी जाती हैं, वहीं गुजरात के सूरत में एक कपड़ा कारोबारी ने अपने कर्मचारियों के लिए ऐसी मिसाल पेश की […] The post गरीबी के दिन नहीं भूले सूरत के कपड़ा व्यापारी, 20 कर्मचारियों को दिया एक-एक लाख से ज्यादा दिवाली बोनस appeared first on Sabguru News .
यह कोई राजनीतिक किताब नहीं, बल्कि...अपने मेमॉयर पर क्या बोलीं सोनिया गांधी
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि उनकी पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी अनुभवों पर आधारित है।
पाकिस्तान ने अलापा बातचीत का राग, आतंकवाद पर घिरा तो याद आई शांति; सिंधु जल संधि पर लगाई गुहार
पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने भारत से बातचीत की वकालत की है. उन्होंने कहा- युद्ध समाधान नहीं है. सिंधु जल संधि और आतंकवाद जैसे मुद्दे संवाद से सुलझाए जा सकते हैं.
कोलकाता के गारिया इलाके में काली पूजा की रात लिव-इन में रह रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर सार्थक सरकार की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की प्रेमिका संचालिका बसु और उसकी मां मौमिता बसु को गिरफ्तार कर लिया है.
26 दिन बाद हुआ परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार, अंतिम विदाई देने उमड़ा पूरा गांव
परविंदर सिंह झोटा का रविवार को उनके पैतृक स्थान मानसा में अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
Ethanol मिश्रण से इंजन खराब होने की शिकायत, Karnataka में 67 जगहों से Petrol के नमूने जांचे
बेंगलुरु, आठ नवंबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने रविवार को कहा कि पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण बढ़ाए जाने से वाहनों के इंजन के प्रदर्शन पर असर पड़ने की शिकायतों के बाद राज्य में 67 स्थानों से पेट्रोल के नमूने लेकर उनकी जांच की गई है। शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘पेट्रोल में 31.5 प्रतिशत एथनॉल मिलाए जाने से जुड़ी शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में संबंधित मंत्री को जरूरी निर्देश दिए गए हैं और केंद्र सरकार को भी जानकारी भेजी गई है।’’उन्होंने कहा कि हजारों वाहन चालकों ने कई तरह की समस्याओं की शिकायत की है जिनमें वाहनों का माइलेज कम होना और चलते समय इंजन बंद हो जाना शामिल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जांच केवल पेट्रोल पंपों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एथनॉल के मिश्रण और वितरण के विभिन्न चरणों में भी निरीक्षण किया गया तथा मिश्रण कहां और किस तरह किया जा रहा था, इससे संबंधित दस्तावेज भी जुटाए गए हैं। शिवकुमार ने कहा, ‘‘संबंधित मंत्री सोमवार को आधिकारिक रूप से प्रेस वार्ता करेंगे और जांच रिपोर्ट तथा आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी देंगे।’’इस मुद्दे के समाधान की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डालते हुए उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। वाहनों का माइलेज, ईंधन की गुणवत्ता और लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि हैं।’’शिवकुमार ने कहा, ‘‘केवल इसलिए मिश्रण का अनुपात बढ़ाना उचित नहीं है कि एथनॉल कम कीमत पर उपलब्ध है और इससे मुनाफा कमाया जा सकता है। इससे आम लोगों को परेशानी होना स्वीकार्य नहीं है।’’शिवकुमार ने कहा कि उनकी सरकार इन शिकायतों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा तथा जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया।
कल का मौसम, 9 नवंबर: सोमवार को 13 राज्यों में होगी बारिश, 50-60 की स्पीड से चलेगी हवा
उत्तर प्रदेश में 9 नवंबर को बारिश को लेकर आईएमडी की ओर से कोई खास चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग ने पश्चिमी और मध्य भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई है।
अक्षय ने की पूजा, दिवाली पर पतियों संग जश्न में डूबीं सोनम-सोनाक्षी
Bollywood Celebs Diwali Celebration: रोशनी का त्योहार दिवाली पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है. हर तरफ दीयों और रंग-बिरंगी लाइटों की जगमगाहट है. बॉलीवुड सितारे भी अपने परिवार और करीबियों संग जोरों-शोरों से दिवाली का जश्न मना रहे हैं. सोशल मीडिया पर सेलेब्स की सेलिब्रेशन तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. आइए जानते हैं कि इस बार किस स्टार ने कैसे मनाई अपनी दिवाली.
देश भर में Diwali की धूम, Green Crackers और रोशनी के साथ मनाया गया दीपोत्सव
पूरे देश में दीपावली धूमधाम से मनाई जा रही है। असम से लेकर गुजरात तक और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक त्योहारी उत्सव का माहौल है। हर तरफ घरों की सजावट है। लोग एक दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दे रहे हैं और जमकर खुशियां बांट रहे हैं। इसके साथ ही आतिशबाजी भी खूब देखने को मिल रही है। खुशियों के माहौल में शहर शहर जमकर आतिशबाजी हो रही है। हालांकि प्रदूषण की वजह से ग्रीन क्रैकर्स भी खूब बिके हैं। वआईपी हो या आम नागरिक हो सभी दीपावली उत्सव में झूम रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Diwali को खुशियों की Eid बताने पर भड़की BJP, Mallikarjun Kharge को कहा सनातन विरोधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने एक दूसरे को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। पोस्ट में लिखा है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। दोनों ने एक दूसरे को दिवाली की शुभकामनाएं दीं।” इससे पहले दिन में, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एक दूसरे को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। इसे भी पढ़ें: Priyanka Chopra और अनुष्का शर्मा समेत Bollywood सितारों ने दी Diwali की शुभकामनाएं बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा कर सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और माफी मांगते हुए कहा कि हाथ में तकलीफ होने के कारण वह प्रशंसकों से मिली शुभकामनाओं का समय पर जवाब नहीं दे पा रहे हैं। बच्चन ने रविवार को अपने निजी ब्लॉग पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि उन्हें प्रशंसकों से इतनी अधिक संख्या में उपहार मिले हैं कि अब उन्हें रखने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। उन्होंने लिखा, ‘‘सभी को दीपावली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं! इस अवसर पर मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं, स्नेह और प्रार्थनाएं भेजता हूं। ईश्वर की कृपा हम पर हमेशा बनी रहे और वे हमें अपने संरक्षण में रखें।’’
Diwali को खुशियों की Eid बताने पर भड़की BJP, Mallikarjun Kharge को कहा सनातन विरोधी
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की आलोचना की। खड़गे ने दिवाली को खुशियों की ईद बताया था, जिस पर बीजेपी ने उन्हें सनातन-विरोधी करार दिया। खड़गे ने दिवाली के मौके पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की थी। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। X पर एक पोस्ट में, भाजपा नेता ने 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की हालिया टिप्पणियों का भी जिक्र किया। इसे भी पढ़ें: बर्थडे की रात हो गया हाई-वोल्टेज ड्रामा! पुलिसवालों को जड़ा थप्पड़, अब Abhishek Banerjee पर भी दर्ज हुआ केस बीजेपी प्रवक्ता ने ट्वीट किया, कांग्रेस अध्यक्ष ने दिवाली को 'खुशियों की ईद' कहा! दिवाली पर भी कांग्रेस तुष्टीकरण और वोट बैंक के बारे में सोचती है! कल सोनिया गांधी बाबरी के लिए रोई थीं, आज खड़गे जी अपने दिवाली संदेश में तुष्टीकरण कर रहे हैं! कांग्रेस सनातन-विरोधी है! गांधी ने अपनी संस्मरण पुस्तक 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' के विमोचन से पहले 'द गार्डियन' अखबार को दिए एक साक्षात्कार में ये बातें कहीं। 6 दिसंबर 1992 की घटनाओं को याद करते हुए उन्होंने बताया कि टेलीविजन पर बाबरी मस्जिद को ढहाए जाते देखकर वे रो पड़ी थीं। इसे भी पढ़ें: Etawah में Akhilesh Yadav का बड़ा बयान, 2027 में Yogi Adityanath को देंगे विदाई उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से उन्हें एहसास हुआ कि भारत को अपनी धर्मनिरपेक्ष नींव को बचाए रखने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़नी होगी। गांधी ने आगे माना कि कांग्रेस कई मामलों में लापरवाह रही है, जिसकी वजह से भी भाजपा और उसकी हिंदुत्व की राजनीति को आगे बढ़ने का मौका मिला। उनकी टिप्पणियों से राजनीतिक बहस छिड़ गई; भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर बाबर के प्रति सहानुभूति रखने का आरोप लगाया और टेलीविजन पर विध्वंस देखने के गांधी के दावे पर सवाल उठाए। राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, इससे पता चलता है कि उस समय भी बाबर कांग्रेस पार्टी के दिल में था, और आज भी वह उनके दिल में बसा हुआ है।
असम के OIL संयंत्र हादसे में एक और कर्मचारी की मौत, मृतकों की संख्या 4 हुई
डिब्रूगढ़ (असम), आठ नवंबर असम के डिब्रूगढ़ जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के एक संयंत्र में आग लगने की घटना में रविवार को एक और कर्मचारी की मौत हो जाने पर कुल मृतक संख्या बढ़कर चार हो गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को आग लगने की घटना में घायल हुए तीन अन्य कर्मचारियों की हालत गंभीर है और उनका इलाज जारी है। हादसे के दिन एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि अगले दिन दो अन्य ने दम तोड़ दिया था। अधिकारी ने बताया कि यहां के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे मैकेनिकल हेल्पर शैलेन गोगोई की रविवार को मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। जान गंवाने वाले सभी लोग मुंबई की कंपनी स्पेक्ट्रॉन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी थे, जिसे ऑयल इंडिया ने काम पर लगाया था। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने एक बयान में बताया कि छह नवंबर को तेंगाखाट स्थित उसके इंटरमीडिएट टैंक फार्म में रखरखाव कार्य के दौरान विस्फोट के बाद आग लग गई थी। इंटरमीडिएट टैंक फार्म ऐसी सुविधा होती है, जहां पेट्रोलियम उत्पादों को आगे प्रसंस्करण या परिवहन के लिए भेजने से पहले अस्थायी रूप से टैंकों में रखा जाता है। कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। कंपनी ने शनिवार को बताया था कि केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं। डिब्रूगढ़ से लोकसभा सदस्य सोनोवाल ने ऑयल इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रंजीत रथ को फोन करके स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने प्रधान सचिव को ऑयल इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के संपर्क में रहने का निर्देश दिया है, ताकि घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा और मृतकों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा सुनिश्चित किया जा सके।
VIDEO : देशभर में दिवाली की धूम, कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर कोना जगमगाया!
रोशनी, उमंग और आस्था का पर्व दिवाली आज पूरे देश में बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है.
Gorakhpur: ईस्टर्नपुर में फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में मिला युवती का शव, हत्या का आरोप
गोरखपुर, आठ नवंबर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र की ईस्टर्नपुर कॉलोनी में एक वित्त कंपनी के कार्यालय में 20 वर्षीय एक युवती का शव फंदे से लटका मिला। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया और युवती की हत्या किए जाने का आरोप लगाया। मृतका की पहचान ईस्टर्नपुर निवासी निंकी के रूप में हुई है। उसका शव शनिवार रात टिनकोनिया नंबर एक स्थित वित्त कंपनी के कार्यालय में फंदे से लटका मिला था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के शवगृह भेज दिया। परिजनों के मुताबिक, शनिवार रात निंकी घर नहीं लौटी तो उसकी मां विमला ने उसकी तलाश शुरू की। रात नौ बजकर 42 मिनट पर विमला ईस्टर्नपुर स्थित वित्त कंपनी के कार्यालय पहुंचीं। वहां उन्हें बाहर बेटी की चप्पलें और स्कूटर खड़ा मिला। कार्यालय का शटर खुला हुआ था। अंदर देखने पर उन्होंने निंकी को फंदे से लटका पाया। परिजनों ने कार्यालय प्रबंधक सूरज यादव को निंकी की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। निंकी के पिता राजमन वेल्डिंग का काम करते हैं, जबकि उसकी मां एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में रसोइया हैं। वह चार बहनों में सबसे छोटी थी। उसका एक भाई वाहन सर्विसिंग केंद्र में काम करता है। रविवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने कार्यालय के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। युवती के माता-पिता और बहनों ने आरोप लगाया कि सूरज यादव ने उसकी हत्या की है। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। उन्होंने घटना के समय कार्यालय में मौजूद लोगों और निंकी के वहां पहुंचने की परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठाए। गोरखनाथ के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) रवि कुमार सिंह ने बताया कि युवती की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लालकृष्ण आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर सामने आई नई तस्वीर, मास्क लगाकर बैठे आए नजर
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी 99वें जन्मदिन के साथ 100वें वर्ष में प्रवेश कर गए. इस खास मौके पर बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने उनके निवास पहुंचकर बधाई दी और आशीर्वाद लिया.
Punjab Police ने Gangster Afridi को Ethiopia से कराया डिपोर्ट, दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया
चंडीगढ़, आठ नवंबर पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से वांछित गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ आफरीदी को 10 महीने तक चली अंतरराष्ट्रीय तलाश के बाद इथियोपिया से निर्वासित कराकर भारत लाने में सफलता हासिल की है। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने रविवार को कहा कि उसे सात-आठ नवंबर की दरमियानी रात दिल्ली हवाई अड्डे पर राज्य पुलिस ने हिरासत में लिया था और उसे पंजाब लाया जा रहा है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि यह राज्य पुलिस द्वारा किसी अफ्रीकी देश से भगोड़े को निर्वासित कराने का पहला मामला है। यादव ने कहा, ‘‘एक बड़ी सफलता के तहत, पंजाब की ‘एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स’ (एजीटीएफ) ने काउंटर इंटेलिजेंस, पंजाब की ‘ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल’ (ओएफटीईसी) के साथ मिलकर और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से डोनी बल-प्रभ दासूवाल गिरोह के प्रमुख सरगना गुरविंदर उर्फ आफरीदी को 10 महीने तक चले अंतरराष्ट्रीय तलाश अभियान के बाद इथियोपिया से निर्वासित कराने में सफलता हासिल की है।’’पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उस पर विदेश में बैठकर पंजाब में लक्षित हत्याओं, रंगदारी वसूली के लिए गोलीबारी कराने और संगठित आपराधिक नेटवर्क को निर्देशित करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, वह 30 से अधिक जघन्य आपराधिक मामलों में वांछित है, जिनमें हत्या के पांच मामलों के साथ-साथ हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली और शस्त्र अधिनियम के मामले शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि आफरीदी पंजाब में हत्या के पांच सनसनीखेज मामलों में वांछित है, जिसमें सरपंच राजविंदर उर्फ राज तलवंडी (अक्टूबर 2024), 12 वर्षीय लड़के गुरसेवक सिंह (मार्च 2025), विक्की चुघ (मार्च 2025), जसवंत सिंह (मई 2025) और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गुरमेल सिंह (सितंबर 2025) की हत्याएं शामिल हैं। विशेष पुलिस महानिदेशक (एजीटीएफ) प्रमोद बान और विशेष पुलिस महानिदेशक (काउंटर इंटेलिजेंस) अमित प्रसाद के साथ डीजीपी यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह किसी अफ्रीकी देश से पंजाब पुलिस द्वारा किसी भगोड़े को निर्वासित कराए जाने का पहला मामला है, जो संगठित अपराध के खिलाफ राज्य की निरंतर कार्रवाई में एक नए अध्याय की शुरुआत है।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह कार्रवाई 10 महीने तक चली मेहनत का सफल परिणाम है। इस अभियान के तहत कई देशों में लगातार निगरानी रखी गई, खुफिया जानकारी जुटाई गई और आरोपी की तलाश की गई। यह पूरी कार्रवाई एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों में संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की गई।’’डीजीपी यादव ने कहा कि आफरीदी फर्जी पासपोर्ट के जरिए 31 मार्च 2025 को मुंबई हवाई अड्डे से संयुक्त अरब अमीरात भाग गया था। यह फर्जी पासपोर्ट गोरखपुर निवासी नाम पर प्राप्त किया गया था और 12 फरवरी, 2025 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में जारी किया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी कई महाद्वीपों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों से लगातार बच रहा था।’’यादव ने कहा कि शुरुआत में संयुक्त अरब अमीरात में छिपे रहने के बाद, आरोपी गुरविंदर आफरीदी ने इस्तांबुल के रास्ते मेक्सिको भागने का प्रयास किया, लेकिन उसे वापस संयुक्त अरब अमीरात भेज दिया गया। इसके बाद, वह अप्रैल 2026 में केन्या चला गया, जून 2026 में अंगोला गया और नवंबर 2026 में इथियोपिया पहुंच गया। यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस ने गुरविंदर आफरीदी के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया, और केंद्रीय एजेंसियों के साथ उसकी फर्जी पहचान एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की तथा सात इंटरपोल संदर्भ जारी किए। अधिकारी ने कहा कि इसके बाद छह नवंबर को इथियोपिया में उसे हिरासत में लिया गया और उसके बाद उसे भारत निर्वासित कर दिया गया। यादव ने कहा कि उसे दिल्ली हवाई अड्डे पर पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया और कानून का सामना करने के लिए पंजाब लाया जा रहा है। पाकिस्तान से संबंधित एक सवाल के जवाब में, डीजीपी ने कहा कि पड़ोसी देश ‘‘हमेशा परेशानी पैदा करना चाहता है और छद्म युद्धों के माध्यम से, वह भारत को हजारों घावों से लहूलुहान करना चाहता है तथा इसके लिए आईएसआई का इस्तेमाल किया जाता है।’’
PM Modi का ‘दिमागी नक्सलियों’ पर हमला, Sensex गिरा और Sonia Gandhi की किताब चर्चा में
नयी दिल्ली, आठ नवंबर रविवार को शाम छह बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं :प्रादे66: मोदी दिवाली दूसरी लीड बस्तरमोदी ने ‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर चेताया, कहा-हथियारबंद माओवादियों के खात्मे के बावजूद खतरा बरकरारजगदलपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भले ही हथियारबंद माओवादियों का सफाया हो गया है, लेकिन नक्सलवाद का खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘दिमागी नक्सली’ राजनीतिक दलों सहित कई संगठनों में घुसपैठ कर चुके हैं और लोगों को संविधान तथा लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं। दि26: कांग्रेस मोदी दिवालीप्रधानमंत्री मोदी हताश और परेशान, ‘झोला उठाने’ का समय करीब: कांग्रेसनयी दिल्ली: कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान को लेकर उन पर निशाना साधा और कहा कि वह स्पष्ट रूप से हताश और परेशान हैं तथा अब उनके ‘‘झोला उठाने का’’ का समय करीब आ रहा है। अर्थ9: शेयर मुहूर्त लीड बंदविशेष मुहूर्त कारोबार में सेंसेक्स 28.62 अंक गिरा, दिवाली पर आठ साल से जारी तेजी का सिलसिला टूटामुंबई: मानक शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी रविवार को दिवाली के विशेष मुहूर्त कारोबार सत्र में मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। लगातार सात कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से बाजार नीचे आया और इसके साथ ही दिवाली के दिन पिछले आठ वर्षों से जारी बढ़त का सिलसिला भी टूट गया। दि28: सोनिया पुस्तक‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी अनुभवों पर आधारित पुस्तक है : सोनिया गांधीनयी दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि उनकी पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी अनुभवों पर आधारित है। प्रादे75: तमिलनाडु कुरियन समितितमिलनाडु ने केंद्र-राज्य संबंधों पर कुरियन समिति भंग कीचेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने केंद्र-राज्य संबंधों पर उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश कुरियन जोसेफ की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति को यह कहते हुए भंग कर दिया है कि उसके कार्यक्षेत्र का राज्य विधि आयोग के साथ दोहराव (ओवरलैप) हो रहा था। प्रादे92: बिहार बिजली दिवालीबिहार में एक दिसंबर से शुरू होगा बिजली सब्सिडी छोड़ने के लिए अभियानपटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों और आयकरदाताओं से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील दोहराते हुए रविवार को कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में एक दिसंबर से विशेष अभियान शुरू करेगी। खेल9: खेल सिंधिया तोहफेसिंधिया ने दिवाली पर क्रिकेटरों को इलेक्ट्रिक स्कूटर और व्हीलचेयर भेंट कीइंदौर: मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के अध्यक्ष और एमपीपीएल के संस्थापक महानआर्यमन सिंधिया ने दिवाली के अवसर पर ग्वालियर के आठ क्रिकेटरों को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया। खेल4: खेल भारत ए टीमबडोनी ने चोटिल पाटीदार की जगह ली, रिंकू सिंह एसीसी राइजिंग स्टार्स एशिया कप में उपकप्तान नियुक्तनयी दिल्ली: आयुष बडोनी ने एसीसी राइजिंग स्टार्स एशिया कप के लिए रविवार को भारत ए टीम में चोटिल मध्यक्रम के बल्लेबाज रजत पाटीदार की जगह ली जो चोटों से पूरी तरह उबरने में नाकाम रहे हैं। वि19: रूस यूक्रेन युद्धरूस ने दक्षिणी यूक्रेन में बचावकर्मियों पर हमला कियाजापोरिज्जिया (यूक्रेन): रूस ने रविवार को दक्षिणी यूक्रेन में बचाव अभियान में जुटे आपातकालीन कर्मियों पर ड्रोन से हमला किया। वि1: जापान भूकंपजापान में 5.7 तीव्रता का भूकंप, कम से कम 22 लोग घायलतोक्यो: जापान के मध्य हिस्से में रविवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए और इस दौरान कम से कम 22 लोग घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। ‘द कन्वरसेशन’ से अनुबंध के तहत जारी खबर :वि18: न्यूजीलैंड राजनीतिन्यूजीलैंड में कई सप्ताह तक कार्यवाहक सरकार रहेगी: इसका क्या मतलब है और यह कैसे काम करती है?ऑकलैंड: न्यूजीलैंड के चुनाव के प्रारंभिक नतीजों से काफी अनिश्चितता पैदा हुई है, जिससे कई मतदाता निराश महसूस कर सकते हैं।
अखिलेश की अयोध्या यात्रा पर ब्रजेश पाठक का तंज, केशव मौर्या बोले-आधिकारिक ऐलान होगा तब सवाल पूछूंगा
दीपावली पर डिप्टी CM ब्रजेश पाठक और केशव मौर्य ने अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा पर तंज कसा है. पाठक बोले- सपा कभी राम मंदिर पर चर्चा नहीं करती थी.
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या की विरासत और विकास के प्रवाह को रोक पाने में विफल सपा और कांग्रेस के लोग अब घबराकर अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं। अयोध्या के खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों को यह मालूम है कि ...
हालिया चुनावों के बाद इजरायल की राजनीति एक ऐतिहासिक मोड़ लेती हुई दिख रही है। चुनाव-नतीजों में किसी भी पार्टी को बह
करीना कपूर ने दिवाली के मौके पर अपने मम्मी पापा रणधीर कपूर और बबीता कपूर के साथ अपनी कुछ प्यारी तस्वीरें शेयर कीं. इन्हें देख सोशल मीडिया यूजर्स भी उनके अंदाज के फैन हो गए.
Lakhisarai में अवैध शराब के अड्डे पर Raid के दौरान हमला, 4 पुलिसकर्मी घायल
लखीसराय (बिहार), आठ नवंबर बिहार के लखीसराय जिले में अवैध शराब के कारोबार और जुए में शामिल एक परिसर पर रविवार को छापेमारी के दौरान लोगों के एक समूह ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसमें एक महिला कांस्टेबल सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। घटना टाउन थाना क्षेत्र के बालगुदर गांव में घटी। टाउन थाने के प्रभारी (एसएचओ) अशोक कुमार ने बताया कि अवैध शराब के कारोबार और जुए की गतिविधियों के बारे में सूचना मिलने पर टीम गांव गई थी, तभी कुछ लोगों ने कर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में टीम के चार सदस्य उपनिरीक्षक भगवान ठाकुर और कांस्टेबल अमित कुमार झा, जीतेंद्र पासवान और रुचि कुमारी घायल हो गये। कुमार ने कहा कि घटना के संबंध में 19 नामजद आरोपियों और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी संदिग्धों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है। राज्य सरकार ने 2016 में राज्य भर में शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण, परिवहन और खपत पर प्रतिबंध लगा दिया था।
दिवाली की आतिशबाजी से पहले दिल्ली की हवा 'बेहद खराब', AQI 370 के पार
दिवाली पर दिल्ली का AQI 376 रहा, बहुत खराब श्रेणी में है. जहांगीरपुरी में 463. सोमवार से गंभीर होने की आशंका. आतिशबाजी, वाहन और पराली इसके जिम्मेदार हैं. घना धुंध छाया, दृश्यता कम.
'Gen Z मोदी जी और BJP के साथ हैं', आजतक पर बोले सीएम योगी
'पंचायत आजतक उत्तर प्रदेश' के मंच पर खास तौर पर मौजूदगी थी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की. इस दौरान उन्होंने देश में जेन-ज़ी से जुड़े मुद्दे पर कहा 'जेन-ज़ी मोदी जी और BJP के साथ हैं और इसमें कोई शक नहीं है.' और क्या बोले मुख्यमंत्री, जानने के लिए देखें ये वीडियो.
PDA, SIR, चंदा चोरी... आजतक पर CM योगी ने खोले कई राज
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजतक को दिए इंटरव्यू में 2027 के विधानसभा चुनाव, अयोध्या, राम मंदिर के चढ़ावे, रोजगार, निवेश और बुलडोजर कार्रवाई पर खुलकर बात की. उन्होंने अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर तंज कसा, SIR को लेकर दावा किया और ओवैसी पर भी निशाना साधा. योगी ने 2027 में 350 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य दोहराया.
ऊं जय लक्ष्मी माता...' दिवाली पर जरूर गाएं मां लक्ष्मी की ये आरती
Laxmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi: दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा के बाद आरती का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यता है कि आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है.
Thane Court ने दही हांडी के दौरान पुलिस पर हमले के 21 आरोपियों को बरी किया
ठाणे, आठ नवंबर महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत ने वर्ष 2008 में दंगा और मारपीट करने के मामले में 21 लोगों को बरी कर दिया है। यह घटना उसी साल 25 अगस्त को ठाणे के टेंभी नाका और टावर नाका में दही हांडी उत्सव के दौरान हुई थी। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और उनके वाहनों को नुकसान पहुंचा था। जोगेश्वरी के जय जवान गोविंदा समूह और मझगांव गोविंदा समूह के बीच किसी बात को लेकर झड़प हो गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पत्थर और बोतलें फेंकी गईं। कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए निरीक्षक रामदास हरिलाल राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस दल मौके पर पहुंचा। हालांकि, दोनों समूहों ने पुलिस दल पर ही हमला कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इस मामले में ठाणे नगर पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की सार्वजनिक सेवक पर हमला, दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। वर्ष 2025 में आरोप तय किए गए थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पंकज ए पाटकी ने शनिवार को दिए आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने में क्या भूमिका निभाई थी। अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष के लिए यह साबित करना जरूरी था कि आरोपियों ने एक समान उद्देश्य से गैरकानूनी जमावड़ा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अभियोजन पक्ष ने चार गवाहों के बयान दर्ज कराए, लेकिन शिकायतकर्ता राठौड़ का पता नहीं चलने के कारण उसकी गवाही नहीं हो सकी, जबकि कई अन्य गवाहों की मौत हो चुकी थी। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि जांच अधिकारी ने स्वयं स्वीकार किया था कि घटनास्थल पर एक हजार से अधिक लोग जमा थे, ऐसे में आरोपियों की पहचान साबित करना बेहद जरूरी था। अदालत ने कहा कि घायल पुलिसकर्मियों ने आरोपियों की मौजूदगी या घटना में उनकी भूमिका के बारे में कुछ नहीं बताया। साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने सभी 21 आरोपियों को बरी कर दिया।
गाजियाबाद के विजय नगर में नोवा प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. एक दर्जन से ज्यादा दमकल गाड़ियां आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंचीं. वहीं, दिल्ली में कपड़ा फैक्ट्री में आग लग गई.

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