तुला से मीन तक खुलेंगे तरक्की के रास्ते, वापस मिलेगा अटका पैसा! पढ़ें अपनी राशि का सटीक हाल
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजकुमार माने जाने वाले बुध 7 जुलाई 2026 को अपनी चाल बदलते हुए कर्क से मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस गोचर की सबसे अहम बात यह है कि 24 जुलाई तक बुध अपनी स्वराशि मिथुन में वक्री (उल्टी चाल) अवस्था में रहेंगे और इसके बाद मार्गी होकर 5 अगस्त को पुनः कर्क राशि में चले जाएंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, बुध का यह गोचर नए कामों की शुरुआत करने के बजाय पुराने पेंडिंग कामों को निपटाने, फंसा हुआ पैसा निकालने और कागजी कार्रवाई पूरी करने का सुनहरा अवसर है। आइए जानते हैं तुला से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए यह अवधि कैसी रहने वाली है।तुला राशि: शिक्षा और भाग्य में होगी वृद्धितुला राशि वालों के लिए बुध नवम भाव (भाग्य व धर्म) में गोचर कर रहा है। यह समय उन छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनकी पढ़ाई किसी कारणवश बीच में ही छूट गई थी। लंबी यात्राओं और कानूनी मसलों की समीक्षा करने का यह उत्तम समय है।रामबाण उपाय: कोई भी बड़ा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति से मार्गदर्शन अवश्य लें।वृश्चिक राशि: गुप्त धन और निवेश पर रखें पैनी नजरआपके अष्टम भाव में बुध की सक्रियता कर्ज, टैक्स और बीमा से जुड़े मामलों पर आपका ध्यान केंद्रित करेगी। इस दौरान किसी भी नए निवेश की गहराई से जांच करें। रिसर्च और जांच-पड़ताल से कोई ऐसी छिपी हुई जानकारी सामने आ सकती है, जो आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।रामबाण उपाय: किसी भी तरह के जोखिम वाले निवेश से बचें और दस्तावेजों को अच्छी तरह पढ़कर ही हस्ताक्षर करें।धनु राशि: रिश्तों और पुरानी साझेदारी में होगा सुधारसप्तम भाव (विवाह व साझेदारी) में गोचर के चलते व्यापार से जुड़े पुराने सहयोगी या पुराने रिश्तेदार दोबारा आपके संपर्क में आ सकते हैं। अपने स्पष्ट और मधुर संवाद कौशल से आप लंबे समय से चली आ रही गलतफहमियों को आसानी से दूर कर पाएंगे।रामबाण उपाय: सामने वाले की बात को धैर्य से सुनें और पूरी बात समझने के बाद ही अपनी प्रतिक्रिया दें।मकर राशि: कार्यस्थल पर पुरानी गलतियों से मिलेगी सीखआपके छठे भाव में बुध का वक्री होना आपके पुराने और रुके हुए कार्यों को अचानक गति दे सकता है। इस दौरान नए प्रोजेक्ट्स हाथ में लेने के बजाय अगर आप अपने पुराने कामों की खामियां दूर करेंगे, तो कार्यस्थल पर आपका प्रदर्शन बेहतरीन होगा और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।रामबाण उपाय: अपने कामकाज के तरीके को व्यवस्थित रखें और अपनी दैनिक दिनचर्या में अनुशासन लाएं।कुंभ राशि: शिक्षा और रचनात्मकता का है स्वर्णिम समयपंचम भाव में बुध का प्रभाव विद्यार्थियों, लेखकों, शिक्षकों और कला जगत से जुड़े लोगों को शानदार परिणाम देने वाला है। अपने पुराने विचारों और आइडियाज पर दोबारा काम करें, आपको सफलता निश्चित मिलेगी। लव लाइफ में भी खुलकर संवाद करने से रिश्तों में मिठास बढ़ेगी।रामबाण उपाय: अपने उन रचनात्मक प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता के साथ पूरा करें, जिन्हें आपने अधूरा छोड़ दिया था।मीन राशि: पारिवारिक सुख और संपत्ति के मामलों में लाभचतुर्थ भाव (घरेलू सुख) में गोचर के प्रभाव से आपको पारिवारिक मुद्दों पर दोबारा विचार करने का अवसर मिलेगा। घर के रेनोवेशन या पैतृक संपत्ति से जुड़े पुराने फैसलों की समीक्षा करने से भविष्य में बड़े लाभ की नींव रखी जा सकेगी।रामबाण उपाय: परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर पुराने घरेलू फैसलों पर शांति से विचार-विमर्श करें।
सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना (राज्य योजना) की कार्ययोजना एवं वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दे दी गई। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के किसानों, पशुपालकों और डेयरी संचालकों ...
वैदिक ज्योतिष में 'जन्म पाया' एक बेहद प्राचीन और प्रामाणिक अवधारणा है। सरल शब्दों में कहें तो 'पाया' का अर्थ होता है आधार या नींव। जब किसी शिशु का जन्म होता है, तो उस समय आकाश मंडल में चंद्रदेव की स्थिति और जन्म नक्षत्र के आधार पर जातक का पाया निर्धारित किया जाता है। चूंकि चंद्रमा हमारे मन, भावनाओं और दैनिक जीवन के अनुभवों के कारक हैं, इसलिए पाया की गणना में उनकी स्थिति सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह जातक के जीवन के शुरुआती सफर, स्वास्थ्य और मिलने वाली सामान्य समृद्धि का एक मोटा ओवरव्यू देता है।ज्योतिष में पाए के चार मुख्य प्रकार और उनके संकेतपारंपरिक ज्योतिष शास्त्र में पाए को मुख्य रूप से चार भागों में विभाजित किया गया है, जो जीवन में आने वाली चुनौतियों और सफलताओं के अलग-अलग स्तरों को दर्शाते हैं:स्वर्ण पाया (Gold Paya): इसे ज्योतिष में सबसे उत्तम और मंगलकारी माना जाता है। इस पाए में जन्मे जातकों को जीवन में बेहतरीन अवसर, आर्थिक स्थिरता, मजबूत आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।रजत पाया (Silver Paya): रजत यानी चांदी का पाया भी अत्यंत शुभ और अनुकूल होता है। ऐसे लोग अपने धैर्य और निरंतर परिश्रम से धीरे-धीरे सफलता के शिखर पर पहुंचते हैं। इनका पारिवारिक जीवन सुखी और संतुलित रहता है।ताम्र पाया (Copper Paya): ताम्र पाया जातक को मिले-जुले परिणाम देता है। इन्हें जीवन के शुरुआती दौर में कड़ा संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन अपनी मेहनत के बल पर ये अंततः बेहतरीन प्रगति और धन लाभ हासिल करते हैं।लोह पाया (Iron Paya): इसे चारों में सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है। लोह पाए का मतलब कष्ट नहीं, बल्कि यह है कि जातक को हर काम में देरी और बाधाओं का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, लगातार डटे रहने से इन्हें बड़ी सफलता भी मिलती है।नक्षत्रों से संबंध और संपूर्ण कुंडली का महत्वपाया तय करने में जन्म नक्षत्र की भूमिका सबसे मुख्य होती है। हर नक्षत्र के अपने विशेष गुण और ऊर्जा होती है, जो पाए के साथ मिलकर जातक के स्वभाव को आकार देती है। लेकिन यहाँ यह समझना जरूरी है कि क्या अकेला पाया ही आपका भाग्य लिखता है? ज्योतिषविदों के अनुसार इसका जवाब है—नहीं।पाया कुंडली विश्लेषण का केवल एक हिस्सा है। यदि किसी का जन्म लोह पाए में हुआ है, लेकिन कुंडली में मजबूत राजयोग, धनयोग या शुभ ग्रहों की महादशा चल रही है, तो वह व्यक्ति फर्श से अर्श तक पहुंच सकता है। इसके विपरीत, स्वर्ण पाए में जन्म लेने के बाद भी यदि मुख्य ग्रह कमजोर या पीड़ित हों, तो जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है। आज भी बच्चे के जन्म, नामकरण और वर्षफल के समय इसकी महत्ता बनी हुई है, लेकिन इसे अंतिम फल न मानकर केवल एक मार्गदर्शिका के रूप में देखा जाना चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की छुट्टी
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम और ऐतिहासिक बैठक में सोमवार को एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला लिया गया। राम मंदिर में दान चोरी को लेकर पिछले कुछ समय से मचे भारी बवाल के बीच, ट्रस्ट ...
भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वालों और बैंकिंग सेक्टर्स के निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय शुरू होने वाला है। जून तिमाही (Q1 FY27) के कॉरपोरेट नतीजों का सीजन दस्तक दे चुका है। इस बार बैंकों के तिमाही प्रदर्शन की तस्वीर पिछले कुछ क्वार्टर्स से काफी अलग और दिलचस्प नजर आ रही है। एक तरफ जहां देश में लोन (उधार) की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ बैंकों के पास जमा (Deposit) उस रफ्तार से नहीं बढ़ा है। क्रेडिट और डिपॉजिट के इसी अंतर के कारण कई दिग्गज बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव देखने को मिल सकता है, हालांकि खराब लोन के लिए पहले से किए गए मजबूत प्रावधानों (Provisions) के चलते ओवरऑल मुनाफा दमदार रहने की उम्मीद है।15 जुलाई से शुरू होगा नतीजों का महाकुंभ, ये हैं मुख्य तारीखेंबैंकिंग सेक्टर में पहली तिमाही के नतीजों की शुरुआत 15 जुलाई को जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank) के साथ होगी। इसके बाद 18 जुलाई को बाजार के चार सबसे बड़े दिग्गज— एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) एक साथ अपने वित्तीय नतीजे घोषित करेंगे। इसके बाद 20 जुलाई को करूर वैश्य बैंक, 22 जुलाई को सीएसबी बैंक, 23 जुलाई को उज्जिवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और 25 जुलाई को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के परिणाम सामने आएंगे। दिग्गज ब्रोकरेज हाउस सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, इस तिमाही में पूरे बैंकिंग सेक्टर का शुद्ध मुनाफा 13.7 फीसदी की दर से बढ़ सकता है।ये बड़े बैंक मचाएंगे धमाल, इस सरकारी बैंक से मिल सकता है बड़ा सरप्राइजब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तिमाही में कुछ चुनिंदा बैंक निवेशकों की चांदी करा सकते हैं। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) मजबूत एसेट क्वालिटी और लोन ग्रोथ के दम पर सबसे टॉप पर बना हुआ है। वहीं, देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) कॉपोरेट लोन और सरकारी योजनाओं के दम पर शानदार मुनाफा कमा सकता है। एचडीएफसी बैंक से 15.5% की लोन ग्रोथ और स्थिर मार्जिन के साथ मजबूत नतीजों की उम्मीद है। एक्सिस बैंक का मुनाफा कम प्रोविजनिंग के चलते 28 फीसदी तक उछल सकता है। सबसे बड़ा सरप्राइज इंडियन बैंक (Indian Bank) और बैंक ऑफ इंडिया से मिल सकता है, जहां मजबूत रेटिंग अपग्रेड देखा गया है।इन बैंकों के शेयर कर सकते हैं निराश, मुनाफे पर दबाव की आशंकाजहां एक तरफ कई बैंकों में रौनक है, वहीं कुछ बड़े बैंकों को लेकर निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस लिस्ट में बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) का नाम सबसे आगे है, जहां यूएई (UAE) से जुड़े वन-टाइम सेटलमेंट और कमजोर लोन ग्रोथ के कारण मुनाफे में गिरावट की आशंका है। फेडरल बैंक (Federal Bank) की फीस इनकम कमजोर रहने से तिमाही आधार पर मुनाफा घट सकता है। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के माइक्रोफाइनेंस (MFI) कारोबार में सुधार के बावजूद मार्जिन पर दबाव के चलते कोई बहुत बड़ी ग्रोथ देखने को नहीं मिलेगी।क्या है बैंकिंग सेक्टर के सामने सबसे बड़ी चुनौती और कासा (CASA) का रोलइस तिमाही में बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके डिपॉजिट्स और कासा रेश्यो (Current Account & Savings Account) में आ रही सुस्ती है। रिटेल, हाउसिंग, व्हीकल और कॉर्पोरेट सेक्टर में लोन की मांग तो बंपर है, लेकिन बैंकों को लोन बांटने के लिए महंगे ब्याज पर फंड जुटाना पड़ रहा है। अगर आने वाले समय में भी डिपॉजिट ग्रोथ धीमी रहती है, तो बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव और ज्यादा गहरा सकता है, जिससे लोन ग्रोथ अच्छी होने के बाद भी बैंकों की शुद्ध कमाई प्रभावित हो सकती है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, केनरा बैंक, धनलक्ष्मी बैंक और आरबीएल बैंक जैसी संस्थाओं की लोन ग्रोथ पर इस बार विशेष नजर रहेगी।
भारत के प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में Keeway ने अपना नया Hypevolt-R लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.99 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है। इसे 5,000 रुपए के टोकन अमाउंट के साथ कराया जा सकता है। यह स्कूटर ...
Who is Bajrang Lal Bagda : राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव बने बजरंग लाल बागड़ा, जानिए कौन हैं
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। सोमवार, 6 जुलाई को आयोजित ट्रस्ट की अहम बैठक में महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ...
अगर आप अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय सशस्त्र बल (Indian Armed Forces) अग्निपथ भर्ती योजना की समीक्षा कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, शहजाद भट्टी नेटवर्क के दो मॉड्यूल का पर्दाफाश; छह आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शहजाद भट्टी नेटवर्क के दो मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में अवैध हथियार, पिस्तौल और पेट्रोल बम बरामद, नेटवर्क के अन्य लिंक की जांच जारी।
प्रशांत किशोर की पार्टी के खिलाफ कौन होगा बीजेपी का 'ट्रम्प कार्ड'? रेस में ये तीन बड़े नाम सबसे आगे
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस सीट पर चुनावी बिसात इसलिए भी दिलचस्प हो गई है क्योंकि चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर की 'जन सुराज पार्टी' इस उपचुनाव में पूरे दमखम के साथ उतर रही है। प्रशांत किशोर की इस नई और मजबूत चुनौती का सामना करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने सबसे जिताऊ उम्मीदवार की तलाश में जुट गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के इस मजबूत गढ़ को बचाने के लिए बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व में मंथन का दौर जारी है और टिकट की रेस में तीन कद्दावर नेताओं के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' ने बढ़ाई पारंपरिक दलों की धड़कनबांकीपुर सीट पारंपरिक रूप से बीजेपी और एनडीए का मजबूत किला मानी जाती रही है, लेकिन इस बार परिस्थितियां बदली हुई हैं। प्रशांत किशोर जमीनी स्तर पर जाकर लगातार युवाओं, महिलाओं और स्थानीय मुद्दों को उठाकर जनता के बीच पैठ बना रहे हैं। जन सुराज की इस आक्रामक चुनावी रणनीति ने बीजेपी के शीर्ष रणनीतिकारों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। बीजेपी अब किसी ऐसे चेहरे पर दांव लगाना चाहती है जिसकी स्थानीय जनता के बीच गहरी पकड़ हो और जो जातिगत समीकरणों के साथ-साथ विकास के मुद्दे पर भी फिट बैठता हो।टिकट की रेस में शामिल ये तीन बड़े नाम, किसका पलड़ा भारी?बीजेपी के आंतरिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बांकीपुर उपचुनाव के लिए पार्टी के प्रदेश मुख्यालय से लेकर दिल्ली दरबार तक जिन तीन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वे स्थानीय समीकरणों में बेहद फिट बैठते हैं। पहले दावेदार के रूप में क्षेत्र के एक अनुभवी और पुराने सांगठनिक नेता का नाम सामने आ रहा है, जिनकी कार्यकर्ताओं पर मजबूत पकड़ है। दूसरे नंबर पर एक युवा और सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय चेहरे को आगे किया जा रहा है, जो प्रशांत किशोर के युवा कार्ड की काट बन सके। वहीं, तीसरे नाम के रूप में एक ऐसे कद्दावर चेहरे की चर्चा है जो व्यापारिक और शहरी मतदाताओं के बीच बेहद लोकप्रिय है।बांकीपुर का भौगोलिक और लोकल सियासी गणितपटना जिले के अंतर्गत आने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट एक पूरी तरह से शहरी और जागरूक मतदाताओं वाली सीट है। यहां की बड़ी आबादी शिक्षित और व्यापार जगत से जुड़ी हुई है, जिसके कारण यहां राष्ट्रवाद, स्थानीय विकास, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दे हमेशा हावी रहते हैं। बीजेपी इस सीट को किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहती क्योंकि इसका सीधा असर सूबे की आगामी राजनीतिक दिशा पर पड़ेगा। अब देखना यह होगा कि केंद्रीय चुनाव समिति इन तीनों नामों में से किस पर अपनी अंतिम मुहर लगाती है और बांकीपुर के इस महामुकाबले में कौन बाजी मारता है।
राम मंदिर ट्रस्ट में बहुत बड़ा फेरबदल, चंपत राय का इस्तीफा मंजूर; बजरंग बांगड़ा बने नए महासचिव
अयोध्या से इस वक्त की सबसे बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हाई-लेवल बैठक में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया है। ट्रस्ट के कद्दावर नेता और लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से लेकर निर्माण कार्य तक की मुख्य कमान संभाल रहे महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है। उनकी जगह अब बजरंग बांगड़ा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया महासचिव नियुक्त किया गया है। भव्य राम मंदिर के निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद ट्रस्ट के भीतर प्रशासनिक स्तर पर इसे अब तक का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।चंपत राय का इस्तीफा क्यों हुआ मंजूर, क्या रहे मुख्य कारण?राम मंदिर आंदोलन की शुरुआत से लेकर मंदिर निर्माण के हर एक फैसले में चंपत राय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों और बढ़ती उम्र के कारण उन्होंने खुद ही संगठन के इस भारी-भरकम पद की जिम्मेदारी से मुक्त होने की इच्छा जताई थी। ट्रस्ट की विशेष बैठक में उनके इस आग्रह और समर्पण का सम्मान करते हुए उनके इस्तीफे को सहर्ष स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, वे ट्रस्ट के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं और मार्गदर्शन आगे भी देते रहेंगे।कौन हैं बजरंग बांगड़ा जिन्हें मिली राम मंदिर ट्रस्ट की इतनी बड़ी जिम्मेदारी?चंपत राय की जगह नए महासचिव चुने गए बजरंग बांगड़ा सनातन समाज और सामाजिक संगठनों में एक जाना-माना और बेहद सम्मानित नाम हैं। कुशल प्रशासनिक क्षमता और सांगठनिक कार्यों में महारत रखने वाले बजरंग बांगड़ा को यह जिम्मेदारी मिलना बेहद अहम माना जा रहा है। राम मंदिर के पूर्ण निर्माण, परिसर के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था और देश-विदेश से अयोध्या आ रहे लाखों श्रद्धालुओं के सुचारू प्रबंधन को देखते हुए ट्रस्ट को एक ऐसे चेहरे की तलाश थी जो पूरी ऊर्जा के साथ इन वैश्विक कार्यों को संभाल सके। बैठक में सभी सदस्यों ने उनके नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगाई।अयोध्या में राम मंदिर के नए दौर की शुरुआतराजनीतिक और धार्मिक विश्लेषकों का मानना है कि बजरंग बांगड़ा की महासचिव पद पर नियुक्ति के साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन में एक नए युग की शुरुआत हो रही है। अब ट्रस्ट का मुख्य फोकस मंदिर के बचे हुए निर्माण कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और अयोध्या आने वाले भक्तों के लिए सुविधाओं को और अधिक आधुनिक व सुलभ बनाने पर होगा। इस बड़े बदलाव के बाद अब जल्द ही नई कमेटी की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं का आधिकारिक खाका भी देश के सामने रखा जा सकता है।
अयोध्या में भव्य और दिव्य राम मंदिर के निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब मंदिर के दीर्घकालिक प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी मांग उठने लगी है। देश के वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों और विचारकों का मानना है कि अयोध्या राम मंदिर की व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में ठीक वैसा ही कदम उठाया जाना चाहिए, जैसा उत्तर प्रदेश सरकार ने आज से करीब 44 साल पहले वाराणसी के ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए उठाया था। दरअसल, साल 1983 में काशी विश्वनाथ मंदिर में हुई एक सनसनीखेज चोरी ने तत्कालीन सरकार को एक ऐसा कड़ा फैसला लेने पर मजबूर कर दिया था, जिसने हमेशा के लिए वहां का पूरा सिस्टम बदल दिया।क्या था 44 साल पुराना वाकया जिसने हिला दी थी सरकार?यह बात साल 1983 की है, जब वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से भगवान शिव का बेहद कीमती और ऐतिहासिक छत्र चोरी हो गया था। इस घटना के बाद पूरे देश के शिव भक्तों में भारी आक्रोश फैल गया और तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह हिल गई थी। उस समय तक मंदिर का प्रबंधन स्थानीय मठाधीशों और पुजारियों के एक निजी ट्रस्ट के हाथों में था। इस बड़ी सुरक्षा चूक और अव्यवस्था को देखते हुए यूपी सरकार ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने का फैसला किया।जब यूपी सरकार ने कानून बनाकर अपने हाथ में लिया था काशी का नियंत्रणचोरी की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 'काशी विश्वनाथ मंदिर अधिनियम, 1983' (Kashi Vishwanath Temple Act) लागू किया। इस कानून के तहत सरकार ने मंदिर का पूरा प्रबंधन, सुरक्षा और वित्तीय व्यवस्था अपने नियंत्रण में ले ली। इसके लिए एक आधिकारिक बोर्ड का गठन किया गया, जिसकी कमान कमिश्नर और जिलाधिकारी जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई। सरकार के इस फैसले का उस समय काफी विरोध भी हुआ, लेकिन बाद में देश की सर्वोच्च अदालत ने भी सरकार के इस कानून को पूरी तरह सही ठहराया। इसी सरकारी नियंत्रण का नतीजा है कि आज काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुकी है।अयोध्या राम मंदिर में 'काशी फॉर्मूला' लागू करने की क्यों हो रही है मांग?वर्तमान में अयोध्या राम मंदिर का संचालन 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, राम मंदिर में हर दिन उमड़ रही लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़, वैश्विक स्तर पर इसकी संवेदनशीलता और सुरक्षा खतरों को देखते हुए विशेषज्ञों का तर्क है कि इसे भी काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर एक विशेष राज्य अधिनियम (State Act) के दायरे में लाया जाना चाहिए। जानकारों का कहना है कि एक पूर्ण वैधानिक बोर्ड (Statutory Board) बनने से मंदिर की सुरक्षा, चढ़ावे का पारदर्शी ऑडिट और वीआईपी मैनेजमेंट सीधे सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में आ जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की चूक या विवाद की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
क्या 2027 में सीएम योगी लगाएंगे हैट्रिक या अखिलेश यादव का खत्म होगा वनवास
उत्तर प्रदेश की सियासत में जब भी चुनावों की सुगबुगाहट तेज होती है, तो राजनीतिक समीकरणों को भांपने वाले दिग्गजों के बयान सुर्खियां बन जाते हैं। यूपी की राजनीति में 'मौसम वैज्ञानिक' के नाम से मशहूर और हवा का रुख पहले ही पहचान लेने वाले एक बड़े राजनेता ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर एक बेहद सनसनीखेज भविष्यवाणी कर दी है। इस सटीक अनुमान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। हर कोई अब यह जानने को बेताब है कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार तीसरी बार रिकॉर्ड बनाकर हैट्रिक लगाएंगे या फिर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव का सत्ता से चला आ रहा लंबा वनवास इस बार खत्म होने जा रहा है।जमीनी समीकरणों को भांपकर मौसम वैज्ञानिक ने किया बड़ा इशाराराजनीति के इस मंझे हुए खिलाड़ी ने सूबे के मौजूदा हालात, हालिया उपचुनावों के नतीजों और जनता के मूड का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद यह दावा किया है। उनके मुताबिक, इस बार का मुकाबला बेहद कांटे का होने वाला है और उत्तर प्रदेश की जनता किसी भी दल को एकतरफा बहुमत देने के मूड में नहीं दिख रही है। मौसम वैज्ञानिक का मानना है कि जहां एक तरफ बीजेपी का मजबूत संगठन और ब्रांड योगी मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव का 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और सॉफ्ट हिंदुत्व का नया प्रयोग जमीन पर काफी असर दिखा रहा है।क्या सीएम योगी आदित्यनाथ रचेंगे इतिहास और लगाएंगे हैट्रिक?बीजेपी खेमे की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी लगातार यूपी को अपना सबसे मजबूत किला मानकर चल रही है। अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2027 के इस महामुकाबले को जीतने में कामयाब रहते हैं, तो यह न सिर्फ उनकी लगातार तीसरी जीत होगी बल्कि भारतीय राजनीति में उनका कद बेहद मजबूत हो जाएगा। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, बीजेपी सरकार की कानून-व्यवस्था की नीति और डबल इंजन सरकार के विकास कार्य उनके सबसे बड़े हथियार हैं, लेकिन एंटी-इंकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) को संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।क्या अखिलेश यादव का खत्म होगा सत्ता का लंबा वनवास?दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पिछले कुछ समय से लगातार जमीन पर पसीना बहा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक ने अपनी भविष्यवाणी में इस बात का भी संकेत दिया है कि अगर विपक्ष पूरी तरह एकजुट रहा और टिकट बंटवारे में कोई गलती नहीं हुई, तो अखिलेश यादव सत्ता के बेहद करीब पहुंच सकते हैं। युवाओं में रोजगार का मुद्दा और किसानों की नाराजगी सपा के पक्ष में हवा बना सकती है। अब देखना यह होगा कि यूपी के इस 'मौसम वैज्ञानिक' की भविष्यवाणी कितनी सटीक बैठती है और 2027 का ताज किसके सिर सजता है।
उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। राज्य की सत्ता पर दोबारा काबिज होने की कोशिश में जुटे समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव इस बार बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उन्हीं की पिच पर घेरने की बड़ी रणनीति बना रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अखिलेश यादव इस बार 'डायमंड कट्स डायमंड' (लोहा लोहे को काटता है) फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं। इसके तहत बीजेपी के कट्टर हिंदुत्व के मुकाबले सपा अब बड़े-बड़े सनातन धर्मगुरुओं, संतों और कथावाचकों को अपने पाले में लाने या उनके सहारे अपनी नई छवि गढ़ने की तैयारी में है।पीडीए फॉर्मूले के साथ अब 'सॉफ्ट हिंदुत्व' का तड़कापिछले लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव का 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला बेहद कामयाब रहा था, जिसने यूपी में बीजेपी के विजय रथ को रोक दिया था। लेकिन सपा रणनीतिकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे और उनके हिंदुत्व के एजेंडे को बेअसर करने के लिए सिर्फ जातिगत समीकरण काफी नहीं होंगे। यही वजह है कि सपा अब अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के ठप्पे को पूरी तरह धोकर 'सॉफ्ट हिंदुत्व' और सर्वसमाज को जोड़ने की राह पर चल पड़ी है।संत समाज और कथावाचकों को साधने की अनूठी मुहिमअखिलेश यादव की इस नई रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश, विशेषकर अयोध्या, वाराणसी (काशी), और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के संतों, मठाधीशों और लोकप्रिय कथावाचकों से संपर्क साधा जा रहा है। सपा का प्रयास है कि जनता के बीच यह संदेश जाए कि सनातन धर्म और साधु-संतों का सम्मान सिर्फ एक पार्टी तक सीमित नहीं है। जानकारों की मानें तो अखिलेश यादव जल्द ही कुछ बड़े धार्मिक आयोजनों में संतों के साथ मंच साझा करते हुए नजर आ सकते हैं, ताकि योगी आदित्यनाथ के गढ़ में सेंध लगाई जा सके।क्या काम करेगा अखिलेश यादव का यह नया दांव?राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बीजेपी के कोर वोटर बैंक यानी बहुसंख्यक समाज में पैठ बनाने के लिए अखिलेश यादव का यह कदम बेहद चौंकाने वाला और प्रभावी साबित हो सकता है। इसे 'डायमंड कट्स डायमंड' इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि भगवा वस्त्रधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभाव को कम करने के लिए सपा भी अब भगवा और संतों की शरण ले रही है। हालांकि, बीजेपी इस रणनीति को सपा का चुनावी ढोंग बता रही है। अब देखना यह होगा कि 2027 के महामुकाबले में यूपी की जनता अखिलेश यादव के इस नए अवतार को कितना स्वीकार करती है।
घर ला रहे हैं पंचमुखी गणेश की मूर्ति? स्थापना से पहले नोट कर लें ये बेहद जरूरी बातें, वरना
वास्तु शास्त्र और सनातन परंपरा में भगवान गणेश की पूजा हर शुभ कार्य से पहले की जाती है। माना जाता है कि बप्पा की कृपा से घर के सारे संकट दूर हो जाते हैं। इन दिनों घरों में पंचमुखी गणेश यानी पांच मुख वाले गणपति की प्रतिमा रखने का चलन काफी बढ़ा है। यह मूर्ति अत्यंत चमत्कारी और शक्तिशाली मानी जाती है, लेकिन इसे घर में स्थापित करने और इसकी पूजा करने के कुछ बेहद कड़े नियम हैं। अगर आप भी अपने घर में सुख-समृद्धि के लिए पंचमुखी गणेश की मूर्ति लाने की सोच रहे हैं, तो इसके वास्तु नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।पांच मुखों का क्या है रहस्य और आध्यात्मिक महत्वपंचमुखी गणेश जी के पांच मुख केवल एक स्वरूप नहीं हैं, बल्कि ये सृष्टि के पांच तत्वों—पृथ्वी, आकाश, जल, वायु और अग्नि का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा इन्हें पंचकोश (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय) से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि पंचमुखी रूप में भगवान गणेश अपने भक्तों की पांचों दिशाओं से रक्षा करते हैं और घर में किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा, तंत्र-मंत्र या बुरी नजर को टिकने नहीं देते।किस दिशा में करें स्थापित और क्या हैं इसके वास्तु नियमवास्तु शास्त्र के अनुसार पंचमुखी गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा में स्थापित करना सबसे उत्तम माना जाता है। मूर्ति स्थापित करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान गणेश का मुख घर के मुख्य द्वार की तरफ हो, जिससे बाहर से आने वाली कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश न कर पाए। दक्षिण दिशा में इस मंगलकारी मूर्ति को रखने से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि इस दिशा को वास्तु में शुभ नहीं माना गया है।नियम और शुचिता का पालन है सबसे जरूरीचूंकि पंचमुखी गणेश जी को बेहद जाग्रत और उग्र स्वरूप माना जाता है, इसलिए इनकी स्थापना के बाद घर में साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। रोज सुबह-शाम नियम से बप्पा की आरती, कपूर का दीया और मोदक या दुर्वा का भोग लगाना अनिवार्य है। यदि आप घर में कड़े नियमों का पालन नहीं कर सकते या घर में अक्सर कलह-कलेश रहता है, तो पंचमुखी गणेश के स्थान पर सामान्य एक मुख वाले गणपति की बैठी हुई प्रतिमा रखना अधिक श्रेयस्कर होता है।
ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा ने इस्तीफ़ा दिया
भुवनेश्वर। ओडिशा में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2013 बैच के अधिकारी जगमोहन मीणा ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। मीणा ने हाल ही में भुवनेश्वर में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के तौर पर काम किया था।श्री मीणा ने अपने फ़ैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके इस्तीफ़े […] The post ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा ने इस्तीफ़ा दिया appeared first on Sabguru News .
सनातन धर्म में मंदिर में प्रवेश करते ही सबसे पहले घंटी या घंटा बजाने का नियम है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा को हम सब श्रद्धा से निभाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर मंदिर के प्रवेश द्वार पर घंटी क्यों टंगी होती है? इसके पीछे सिर्फ देवी-देवताओं को जाग्रत करने की धार्मिक मान्यता नहीं है, बल्कि आधुनिक विज्ञान और ध्वनि तरंगों का एक ऐसा गहरा रहस्य छिपा है, जो सीधे हमारे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा है।देवताओं की उपस्थिति और नकारात्मक ऊर्जा का नाशधार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंदिर में प्रवेश करते समय घंटी बजाने से वहां मौजूद देवी-देवताओं की चेतना जाग्रत होती है। माना जाता है कि घंटी की आवाज से मंदिर परिसर के आसपास की सभी नकारात्मक शक्तियां और बुरी ऊर्जाएं दूर भाग जाती हैं। इस पवित्र ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और भक्तों के मन में सकारात्मक भावों का संचार होता है, जिससे वे पूरे ध्यान से भगवान की आराधना कर पाते हैं।गूंज का विज्ञान: दिमाग को तुरंत शांत करती है यह ध्वनिजब मंदिर की बड़ी पीतल की घंटी को बजाया जाता है, तो उससे निकलने वाली आवाज एक खास तरह की फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) पैदा करती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस घंटी की तेज और तीखी आवाज से जो कंपन उत्पन्न होता है, वह वातावरण में काफी दूर तक जाता है। खास बात यह है कि घंटी बजाने के बाद उसकी गूंज कम से कम 7 सेकंड तक हवा में बनी रहती है। यह 7 सेकंड की गूंज सीधे हमारे शरीर के सात हीलिंग चक्रों (ऊर्जा केंद्रों) को स्पर्श करती है।एकाग्रता बढ़ाने और तनाव दूर करने में मददगारचिकित्सा विज्ञान और ध्वनि थेरेपी (Sound Therapy) के नजरिए से देखें तो घंटी की आवाज सुनते ही हमारा इंसानी दिमाग तुरंत शांत और एकाग्र हो जाता है। यह ध्वनि मस्तिष्क के दाएं और बाएं दोनों हिस्सों (Left and Right Brain) के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाती है। जैसे ही यह आवाज हमारे कानों में पड़ती है, मन में चल रहे फालतू के विचार और तनाव पूरी तरह रुक जाते हैं और हम पूरी तरह वर्तमान क्षण में आ जाते हैं। यही वजह है कि प्राचीन काल के ऋषियों ने मंदिर की वास्तुकला में घंटी को एक अनिवार्य हिस्सा बनाया था।
अन्वय द्रविड़ ने श्रीलंका में मचाया धमाल, पिता राहुल द्रविड़ के अंदाज में खेली 'दि वॉल' जैसी पारी
भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज और पूर्व कोच राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने नाम का डंका बजाना शुरू कर दिया है। श्रीलंका के खिलाफ चल रहे अंडर-19 मुकाबले में अन्वय ने बिल्कुल अपने पिता के अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभाला और फिर शानदार शॉट्स का तड़का लगाकर विरोधी टीम के पसीने छुड़ा दिए।'दि वॉल' की यादें हुईं ताजा, क्रीज पर जमकर की बल्लेबाजीमैच के दौरान जब भारतीय अंडर-19 टीम को एक मजबूत और संभली हुई पारी की जरूरत थी, तब अन्वय द्रविड़ क्रीज पर दीवार बनकर खड़े हो गए। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी शैली से दर्शकों को राहुल द्रविड़ के सुनहरे दिनों की याद दिला दी। गेंद की मेरिट के हिसाब से डिफेंस करना और विकेट न गंवाने का जो हुनर उनके पिता में था, वही धैर्य अन्वय की इस पारी में भी साफ नजर आया।डिफेंस के बाद दिखाया आक्रामक रूप, लगाए चौके-छक्केपारी को एक बार पूरी तरह संभाल लेने और पिच का मिजाज समझने के बाद अन्वय ने गियर बदला। उन्होंने सिर्फ डिफेंस ही नहीं किया, बल्कि श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के चारों तरफ शानदार कड़क शॉट्स भी खेले। उनकी इस सूझबूझ भरी और विस्फोटक पारी की बदौलत भारतीय टीम ने मुकाबले में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं अन्वयराहुल द्रविड़ को दुनिया भर में उनकी मजबूत रक्षात्मक तकनीक के लिए जाना जाता था, और अब अन्वय भी उसी राह पर चलते दिख रहे हैं। श्रीलंका की धरती पर खेला गया यह मुकाबला उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। सोशल मीडिया पर भी फैंस अन्वय की इस पारी की तुलना उनके पिता राहुल द्रविड़ से कर रहे हैं और उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बता रहे हैं।
घर के बाहर मौत बनकर पहुंचा शेर! चरवाहे को जमीन पर दबोचा, लोगों ने पत्थर बरसाकर बचाई जान, VIDEO वायरल
गुजरात के भावनगर जिले से सोमवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पालिताना तालुका के गरजिया गांव में एक शेर ने अचानक एक पशुपालक पर हमला कर दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, ...
होशियारपुर में आवारा कुत्तों के हमले से चार वर्षीय बालिका की मौत
होशियारपुर। पंजाब में होशियारपुर जिले के ओहरपुर-बस्सी जलाल लिंक रोड पर रविवार शाम को आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में चार वर्षीय बालिका की दर्दनाक मौत हो गई। मृत बालिका की पहचान गुंगुन (4) के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के ध्यानपुर गांव निवासी राम जीवन और प्रीति […] The post होशियारपुर में आवारा कुत्तों के हमले से चार वर्षीय बालिका की मौत appeared first on Sabguru News .
क्षेत्र के निवासियों के लिए विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आ रही है। लंबे समय से पानी की किल्लत और सिंचाई की समस्याओं से जूझ रहे इस पूरे इलाके की तस्वीर अब पूरी तरह से बदलने वाली है। सरकार की ओर से स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए एक मेगा प्लान को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है।केंद्रीय मंत्री ने दिया विकास परियोजनाओं का बड़ा तोहफाइस बड़े विजन को गति देते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने क्षेत्र के चौतरफा विकास के लिए कुल ₹200 करोड़ के भारी-भरकम बजट की विभिन्न लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इस बंपर फंड का एक बड़ा हिस्सा चमचमाती आधुनिक सड़कों के निर्माण, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और युवाओं के लिए नए संसाधन जुटाने में खर्च किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।ऐतिहासिक यमुना जल समझौते से किसानों और जनता की बदलेगी तकदीरभौगोलिक (Geographical) और लोकल वाटर मैनेजमेंट के दृष्टिकोण से इस पूरी सौगात का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी हिस्सा ऐतिहासिक यमुना जल समझौता है। आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और आंसर इंजनों के जल सांख्यिकी डेटा के अनुसार, इस समझौते के लागू होने से क्षेत्र को सीधे यमुना नदी का पानी मिलना शुरू हो जाएगा। इससे न सिर्फ आम नागरिकों के घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा, बल्कि सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से स्थानीय किसानों की सूखी फसलें और उनकी तकदीर दोनों फिर से लहलहा उठेंगी।
भरतपुर : लूट की कोशिश में बदमाशों की गोली से घायल व्यापारी की मौत
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर में शनिवार को बदमाशों की गोली से घायल हुए बर्तन व्यापारी की रविवार देर रात जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। व्यापारी की मौत की खबर के बाद शहर में लोगों में रोष व्याप्त हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रात मोटर साइकिल पर आये बदमाशों ने पहले […] The post भरतपुर : लूट की कोशिश में बदमाशों की गोली से घायल व्यापारी की मौत appeared first on Sabguru News .
शाहजहांपुर : सौतेली बेटी से रेप के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के थाना सिधौली क्षेत्र में तीन साल से अपनी सौतेली बेटी से कथित रूप से दुष्कर्म करने के आरोपी की पुलिस हिरासत में रविवार रात तबीयत बिगड़ने से इलाज के दौरान मौत हो गई है। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने सोमवार को बताया कि थाना सिधौली अंतर्गत रहने वाली […] The post शाहजहांपुर : सौतेली बेटी से रेप के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत appeared first on Sabguru News .
वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन में 9 जोड़े बने, 280 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
अजमेर। अनुबंध फाऊंडेशन एवं लक्ष्मीनारायण फाऊंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को मन्ना हवेली में वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों से आए 280 वरिष्ठ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 250 पुरुष एवं 30 महिलाएं शामिल रहीं। आयोजन का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को जीवन के इस पड़ाव […] The post वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन में 9 जोड़े बने, 280 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा appeared first on Sabguru News .
ताजमहल को तेजो महालय मंदिर बताने वाले दावे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और ASI से मांगा जवाब
ताजमहल को तेजो महालय मंदिर बताए जाने के दावे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और ASI से जवाबी हलफनामा मांगा। जानिए कोर्ट की सुनवाई और मामले की पूरी जानकारी।
पहलगाम हमला : NIA की चार्जशीट में हाफिज सईद का नाम, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश का आरोप
राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को अपनी पूरक चार्जशीट में आरोपी बनाया है। एनआईए ने उस पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने जैसे ...
भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले टीम इंडिया के कॉम्बिनेशन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले मैच में नो-बॉल फेंकने के बाद चर्चा में आए स्टार लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को लेकर क्रिकेट गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें खराब अनुशासन के कारण बाहर किया जा सकता है, लेकिन सच कुछ और ही है। रिपोर्टर सूत्रों के अनुसार, बिश्नोई को किसी गलती की सजा नहीं दी जा रही है, बल्कि इंग्लैंड के खिलाफ एक विशेष रणनीतिक मास्टरप्लान के तहत उन्हें प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप किया जा सकता है।नो-बॉल का ड्रामा नहीं, रणनीतिक बदलाव है असली वजहपिछले मैच में भले ही बिश्नोई की कुछ गेंदें लाइन से बाहर गईं हों, लेकिन टीम मैनेजमेंट उन्हें इस वजह से बाहर नहीं कर रहा है। दरअसल, इंग्लैंड की टीम में कई धाकड़ दाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद हैं, जिन्हें देखते हुए कप्तान और कोच एक अलग गेंदबाजी कॉम्बिनेशन आजमाना चाहते हैं। पिच की स्थिति और विपक्षी टीम की कमजोरी को टारगेट करने के लिए टीम इंडिया किसी ऑफ-स्पिनर या अतिरिक्त तेज गेंदबाज को प्लेइंग XI में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।प्लेइंग इलेवन में दिखेंगे कुछ और चौंकाने वाले बड़े बदलावकेवल रवि बिश्नोई ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड के खिलाफ इस महत्वपूर्ण मैच के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में कुछ और बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। मिडिल ऑर्डर की मजबूती और टीम के बैलेंस को बेहतर करने के लिए बैटिंग लाइन-अप में भी बदलाव के संकेत मिले हैं। कप्तान पिच की नमी और उछाल को देखते हुए टॉस के वक्त अपनी अंतिम रणनीति का खुलासा करेंगे, जिससे फैंस को एक बिल्कुल नया टीम कॉम्बिनेशन देखने को मिल सकता है।इंग्लैंड के खिलाफ जीत के लिए भारत की नजरें संतुलित टीम परइंग्लैंड जैसी आक्रामक टीम को उनके घरेलू मैदान या न्यूट्रल वेन्यू पर मात देने के लिए भारतीय टीम मैनेजमेंट कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहता। रवि बिश्नोई की जगह जिस भी खिलाड़ी को मौका मिलेगा, उस पर टीम को शुरुआती सफलता दिलाने का बड़ा दारोमदार होगा। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यह मुकाबला पूरी तरह से रणनीतिक सूझबूझ का होने वाला है, जहां सही प्लेइंग इलेवन का चयन ही मैच का रुख तय करेगा।
लाइव मैच के दौरान श्रीलंकाई बल्लेबाज को आया हार्ट अटैक, अंपायर से बहस के तुरंत बाद हुई मौत
क्रिकेट के मैदान से एक बेहद झकझोर देने वाली और दुखद खबर सामने आ रही है, जिसने खेल जगत को सदमे में डाल दिया है। श्रीलंका में चल रहे एक स्थानीय क्रिकेट मैच के दौरान एक खिलाड़ी की लाइव पिच पर ही दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से अचानक मौत हो गई। खेल के दौरान हुआ यह दर्दनाक हादसा सोशल मीडिया और खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसने खिलाड़ियों की फिटनेस और ऑन-फील्ड तनाव को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।अंपायर के फैसले पर विवाद और अचानक बिगड़ी तबीयतचश्मदीदों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैच के दौरान एक फैसले को लेकर मैदान पर स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण हो गई थी। बल्लेबाजी कर रहे श्रीलंकाई क्रिकेटर, फील्डिंग टीम के खिलाड़ियों और अंपायर के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस (विवाद) शुरू हो गई। इस गहमागहमी के बीच अचानक उक्त बल्लेबाज असहज महसूस करने लगा और देखते ही देखते वह पिच पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा।मैदान पर ही थम गईं सांसेंखिलाड़ी के अचानक जमीन पर गिरते ही मैदान पर मौजूद अंपायर्स, साथी खिलाड़ी और मेडिकल स्टाफ तुरंत उसकी तरफ दौड़े। उसे प्राथमिक उपचार देने और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक खिलाड़ी को बेहद गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था, जिसके कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस अचानक हुई मौत से पूरी खेल अकादमी और मृतक खिलाड़ी के परिवार में कोहराम मच गया है।खेल के मैदान पर बढ़ता तनाव और दिल के दौरे के मामलेहाल के दिनों में खेल के मैदानों पर खिलाड़ियों को हार्ट अटैक आने की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। खेल विशेषज्ञ इस घटना के पीछे मैच के दौरान होने वाले अत्यधिक मानसिक तनाव, अचानक बढ़े ब्लड प्रेशर और अत्यधिक शारीरिक श्रम को मुख्य वजह मान रहे हैं। इस दुखद हादसे के बाद मैच को तुरंत रद्द कर दिया गया और पूरे देश में इस खिलाड़ी की असामयिक मृत्यु पर शोक व्यक्त किया जा रहा है।
क्या आपने देखा है दुनिया का पहला 'आइस होटल'? इसकी जादुई खूबसूरती सोशल मीडिया पर मचा रही है तहलका
सर्दियों के मौसम में दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी खूबसूरती से लोगों को आकर्षित करती हैं, लेकिन क्या आपने कभी पूरी तरह बर्फ से बने होटल के बारे में सुना है? जी हां, स्वीडन के जुकासजर्वी (Jukkasjrvi) में स्थित 'आइसहोटल' (Icehotel) दुनिया का पहला और सबसे अनोखा आइस होटल है। इस होटल की मंत्रमुग्ध कर देने वाली तस्वीरें और कलाकृति इन दिनों इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रही हैं, जिसे देखकर हर कोई हैरान है।हर साल नदी की बर्फ से होता है नया निर्माणइस होटल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे हर साल सर्दियों की शुरुआत में टॉर्न नदी (Torne River) से निकाली गई प्राकृतिक बर्फ और जमी हुई बर्फ की परतों से नए सिरे से बनाया जाता है। दुनिया भर के मशहूर कलाकार और मूर्तिकार यहां आकर दीवारों पर खूबसूरत नक्काशी करते हैं। जैसे ही वसंत ऋतु आती है, यह पूरा होटल पिघलकर वापस नदी में मिल जाता है, जिससे यह पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल रहता है।जमी हुई बर्फ पर सोने का अनोखा अहसासआइसहोटल के अंदर का तापमान हमेशा माइनस 5 से माइनस 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। यहां मेहमानों के रुकने के लिए बने रूम, बैठने के लिए सोफे, आर्ट गैलरी और शानदार बार (Icebar) भी पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट बर्फ से तैयार किए जाते हैं। यहां तक कि बेड भी बर्फ के ब्लॉक से बने होते हैं, जिन पर सोने के लिए खास तौर पर थर्मल स्लीपिंग बैग और रेनडियर की खाल दी जाती है ताकि मेहमानों को ठंड न लगे।दुनिया भर के पर्यटकों के लिए ड्रीम डेस्टिनेशनइस होटल की अनोखी बनावट और शानदार लाइटिंग इसे किसी जादुई महल जैसा लुक देती है। यहां ठहरने वाले लोग न सिर्फ इस ठंडी दुनिया का मजा लेते हैं, बल्कि आसमान में चमकने वाली उत्तरी रोशनी (Northern Lights) का दीदार करने भी आते हैं। अगर आप भी कुछ अलग और एडवेंचरस एक्सपीरियंस करना चाहते हैं, तो यह जगह आपके ट्रेवल बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।
यदि आप इस वीकेंड हिल स्टेशन माउंट आबू घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो वहां की खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने के साथ-साथ शॉपिंग करना बिल्कुल न भूलें। माउंट आबू सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपने जीवंत और पारंपरिक बाजारों के लिए भी बेहद मशहूर है। यहां हम आपको माउंट आबू के 4 ऐसे बेस्ट शॉपिंग डेस्टिनेशन्स के बारे में बता रहे हैं, जहां से आप बेहद यूनिक राजस्थानी सामान खरीद सकते हैं।1. नक्की लेक मार्केट: ट्रेडिशनल राजस्थानी चार्मनक्की झील के पास स्थित यह बाजार पर्यटकों का पसंदीदा है। अगर आप बेहतरीन राजस्थानी हस्तशिल्प, बांधनी साड़ियां, जयपुरी रजाइयां और खूबसूरत चमड़े का सामान (मोजरी) खरीदना चाहते हैं, तो नक्की लेक मार्केट सबसे बेस्ट विकल्प है। यहां रंग-बिरंगी चूड़ियों और लोकल आर्टवर्क की भारी वैरायटी मिलती है।2. गवर्नमेंट एम्पोरियम (राजस्थली): शुद्धता की गारंटीयदि आप बिना मोलभाव किए ऑथेंटिक और सरकारी प्रामाणिकता वाला सामान खरीदना चाहते हैं, तो राजस्थली जरूर जाएं। यहां आपको बेहतरीन राजस्थानी ब्लू पॉटरी, संगमरमर की मूर्तियां, पारंपरिक आभूषण और हाथ से बुने हुए कपड़े आसानी से मिल जाएंगे, जो आपके घर की शोभा बढ़ाएंगे।3. सदर बाजार: बजट-फ्रेंडली लोकल शॉपिंगमाउंट आबू का सदर बाजार अपने किफायती दामों और वैरायटी के लिए जाना जाता है। यहां से आप राजस्थानी कलाकृतियां, मेटल क्राफ्ट, जयपुरी कुर्तियां और खूबसूरत राजस्थानी पेंटिंग्स खरीद सकते हैं। इस मार्केट में पैर रखने से पहले अपनी बारगेनिंग स्किल्स यानी मोलभाव करने की कला को थोड़ा मजबूत जरूर कर लें।4. कश्मीरी कॉटेज एम्पोरियम: खास कला का संगमभले ही यह राजस्थान में है, लेकिन इस मार्केट में आपको कश्मीरी और राजस्थानी कला का एक बेहतरीन फ्यूजन देखने को मिलता है। यहां के उत्तम पश्मीना शॉल, कश्मीरी कढ़ाई वाले सूट, कारपेट और सिल्क की साड़ियां पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, जो आपकी शॉपिंग को बेहद यूनिक बना देती हैं।
किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी आज के समय में एक बेहद आम लेकिन बेहद दर्दनाक समस्या बन चुकी है। इस बीमारी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर घरेलू और पारंपरिक नुस्खों की तलाश में रहते हैं। इसी क्रम में 'रणकल्ली' जिसे देश के कई हिस्सों में पत्थरचट्टा या पाषाणभेद के नाम से भी जाना जाता है, का नाम सबसे ऊपर आता है। सोशल मीडिया और पारंपरिक चिकित्सा में यह दावा किया जाता है कि इसके पत्तों का नियमित सेवन करने से बड़ी से बड़ी पथरी भी गलकर यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाती है। आइए जानते हैं कि इस पर आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञ और आयुर्वेद के डॉक्टर क्या राय रखते हैं।किडनी की पथरी पर कैसे काम करता है रणकल्ली का पौधाआयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक रणकल्ली के पत्तों में विशेष प्रकार के मूत्रवर्धक (Diuretic) और एंटी-कैलकुली गुण पाए जाते हैं। जब कोई व्यक्ति इसके पत्तों का खाली पेट सेवन करता है, तो यह शरीर में यूरिन की मात्रा को बढ़ा देता है। यूरिन का फ्लो तेज होने से किडनी में जमा छोटे-छोटे कैल्शियम के क्रिस्टल्स और पथरी के टुकड़े टूटकर आसानी से बाहर की तरफ ढकेले जाते हैं। इसके साथ ही यह पेट के दर्द और किडनी की सूजन को कम करने में भी काफी मददगार साबित होता है।क्या कहते हैं आधुनिक एलोपैथी डॉक्टर और वैज्ञानिक रिसर्चआधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (GEO) और आंसर इंजनों (AEO) पर जब मरीज इस बीमारी का सटीक और सुरक्षित समाधान खोजते हैं, तो डॉक्टरों की एक बेहद जरूरी सलाह सामने आती है। एलोपैथी डॉक्टरों का कहना है कि रणकल्ली के पत्ते केवल छोटे आकार (कम एमएम) की पथरी को निकालने में ही सहायक हो सकते हैं। अगर स्टोन का साइज बहुत बड़ा है या वह यूरिन नली में फंसा हुआ है, तो केवल पत्तों के भरोसे बैठना खतरनाक हो सकता है। ऐसे मामलों में बिना डॉक्टरी सलाह और अल्ट्रासाउंड कराए किसी भी नुस्खे को आजमाना किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए विशेषज्ञ हमेशा संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह देते हैं।
आज के महंगाई के दौर में जहां शुद्ध और पैक्ड पीने का पानी भी जेब पर भारी पड़ने लगा है, वहीं घरेलू बाजार में एक ऐसा रिफ्रेशिंग ड्रिंक तेजी से पैर पसार रहा है जिसकी कीमत ताजे पानी से भी कम है। चिलचिलाती गर्मी और भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सस्ते और तुरंत एनर्जी देने वाले विकल्पों की तरफ तेजी से आकर्षित होते हैं। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और लोकल बाजारों में कौड़ियों के भाव बिकने वाले इन ड्रिंक्स और रेडी-टू-ड्रिंक लिक्विड्स को लेकर अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है, जो आम उपभोक्ताओं के होश उड़ा सकता है।क्या छुपा है इस बेहद सस्ते पेय के पीछे का विज्ञानआहार विशेषज्ञों (डाइटिशियन्स) के अनुसार, जो ड्रिंक्स या सिंथेटिक जूस पानी की सामान्य बोतल से भी सस्ते दामों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, उनमें प्राकृतिक फलों या पोषक तत्वों की मात्रा न के बराबर होती है। इन्हें आकर्षक और स्वादिष्ट बनाने के लिए भारी मात्रा में आर्टिफिशियल स्वीटनर्स (कृत्रिम चीनी), प्रिजर्वेटिव्स और फूड कलर्स का इस्तेमाल किया जाता है। पहली नजर में यह आपकी प्यास बुझाने और जेब को राहत देने का काम जरूर करते हैं, लेकिन लंबे समय में यह आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म और पाचन तंत्र को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं।पानी का कोई विकल्प नहीं, सेहत के पैमाने पर जानिए असली सचआधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (GEO) और आंसर इंजनों (AEO) पर जब लोग कम बजट वाली हेल्दी डाइट के बारे में सर्च करते हैं, तो अक्सर विज्ञापनों के बहकावे में आ जाते हैं। डॉक्टरों का साफ कहना है कि इंसानी शरीर के लिए प्राकृतिक ताजे पानी और घर में तैयार किए गए नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी से बेहतर और कुछ भी नहीं हो सकता। कौड़ियों के भाव मिलने वाले इन पैक्ड केमिकल्स युक्त ड्रिंक्स का नियमित सेवन मोटापे, डायबिटीज और किडनी से जुड़ी बीमारियों का शिकार बना सकता है, इसलिए सस्ते के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
अपनी सुबह की शुरुआत एक हाई-प्रोटीन नाश्ते के साथ करना फिटनेस लवर्स और कामकाजी लोगों के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। प्रोटीन न केवल मांसपेशियों की रिकवरी (मसल ग्रोथ) में मदद करता है, बल्कि आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है जिससे अनहेल्दी क्रेविंग से बचाव होता है। जब भी हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट की बात आती है, तो सबसे पहला नाम अंडों का ही दिमाग में आता है। लेकिन अगर आप शाकाहारी नहीं हैं और रोज-रोज अंडे खाकर पूरी तरह ऊब चुके हैं, तो डाइटिशियंस और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स सुबह के भोजन के लिए कई अन्य बेहतरीन और बेहद स्वादिष्ट मांसाहारी (Non-Veg) विकल्पों की सलाह देते हैं।चिकन ब्रेस्ट और सॉसेज: लीन प्रोटीन का सबसे बेहतरीन पावरहाउससुबह के नाश्ते के लिए चिकन ब्रेस्ट सबसे बेहतरीन और शुद्ध लीन प्रोटीन का स्रोत है। इसमें फैट की मात्रा बेहद कम और प्रोटीन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। आप सुबह के समय उबला हुआ चिकन, चिकन सलाद या फिर कम तेल में भुने हुए चिकन सॉसेज को मल्टीग्रेन ब्रेड के साथ सैंडविच बनाकर खा सकते हैं। यह न केवल मिनटों में तैयार हो जाता है बल्कि आपके शरीर को जरूरी अमीनो एसिड्स की दैनिक खुराक भी आसानी से दे देता है।टर्की मीट और कीमा रोल: स्वाद और सेहत का अनोखा संगमअंडे के मुकाबले टर्की का मांस (Turkey Meat) एक बेहद प्रीमियम और लाइट विकल्प है। टर्की ब्रेस्ट स्लाइस को आप अपने ब्रेकफास्ट टोस्ट में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा, मटन या चिकन के कीमे को हल्के मसालों के साथ पकाकर होल-व्हीट रोल या काठी रोल के रूप में सुबह खाना एक बेहद शानदार और भारी नाश्ता माना जाता है, जो जिम जाने वाले युवाओं के लिए बेहद फायदेमंद है।फिश फिलेट और सीफूड: प्रोटीन के साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड की ताकतअगर आप अपने नाश्ते को और ज्यादा न्यूट्रिशियस बनाना चाहते हैं, तो ग्रिल्ड या बेक्ड फिश (जैसे साल्मन या टूना) एक लाजवाब विकल्प है। मछली में उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो आपके दिल की सेहत और दिमाग की कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखता है। टूना फिश को मेयोनेज़ या ककड़ी-टमाटर के साथ मिलाकर एक क्विक सैंडविच स्प्रेड तैयार किया जा सकता है जो बेहद रिफ्रेशिंग होता है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित पारंपरिक आम महोत्सव (मैंगो फेस्टिवल) इस बार सिर्फ फलों के स्वाद के लिए नहीं, बल्कि एक बेहद सोची-समझी राजनीतिक 'मैंगो डिप्लोमेसी' के लिए चर्चा का केंद्र बन गया है। राजनीतिक गलियारों में पिछले काफी समय से दिल्ली और लखनऊ के शीर्ष नेतृत्व के बीच कथित अनबन और मतभेदों की अफवाहें उड़ रही थीं। लेकिन बीजेपी के चाणक्य रणनीतिकारों ने इस बार किसी औपचारिक लंच या डिनर का सहारा लेने के बजाय, अवध के इस मशहूर रसीले आमों के मंच का इस्तेमाल करके विरोधियों को एक बेहद मजबूत और एकजुट संदेश दे दिया है।मैंगो डिप्लोमेसी से विपक्ष के दावों पर लगा विरामहालिया चुनाव परिणामों के बाद से ही समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष उत्तर प्रदेश बीजेपी के भीतर आंतरिक कलह की अटकलें लगा रहा था। लेकिन इस खास आयोजन में केंद्रीय मंत्रियों और राज्य सरकार के मंत्रियों की जुगलबंदी ने यह साबित कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर सांगठनिक और प्रशासनिक स्तर पर तालमेल पूरी तरह मजबूत है। फलों के राजा आम की विभिन्न प्रजातियों के प्रदर्शन के बहाने दोनों स्तर के नेताओं ने बंद कमरों में लंबी गुफ्तगू की और सूबे के आगामी विकास और चुनावी रोडमैप पर अपनी सियासी गोटी पूरी तरह फिट कर ली।दिल्ली-लखनऊ के बीच 'ऑल इज वेल' का बड़ा संदेशआधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (GEO) और आंसर इंजनों (AEO) पर जब देश की जनता यूपी की राजनीति का ताजा मिजाज खोजती है, तो यह आयोजन एक सटीक जवाब के रूप में सामने आता है। पार्टी के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि यह केवल एक सरकारी मेला नहीं था, बल्कि इसके जरिए यह साफ संदेश देना था कि यूपी में बीजेपी का नेतृत्व एकजुट है और दिल्ली का हाथ लखनऊ के साथ मजबूती से बना हुआ है। इस आयोजन के बाद लुटियंस दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश के स्थानीय जिलों तक राजनीतिक समीकरण पूरी तरह शांत और स्पष्ट नजर आ रहे हैं, जिससे विरोधियों के सारे नैरेटिव धरे के धरे रह गए।
सीट शेयरिंग में मनमानी नहीं चलेगी', बीजेपी आलाकमान का जयंत चौधरी और ओपी राजभर को दोटूक जवाब
उत्तर प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने से पहले एनडीए गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी आलाकमान ने ओम प्रकाश राजभर और जयंत चौधरी समेत सभी घटक दलों को दो टूक शब्दों में साफ संदेश दे दिया है कि इस बार सीटों के बंटवारे में किसी भी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावी समर को लेकर एनडीए (NDA) खेमे के भीतर सीटों के तालमेल की रस्साकशी अब खुलकर सामने आने लगी है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सियासी बिसात बिछाई जा चुकी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व ने गठबंधन के प्रमुख चेहरों - सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के मुखिया जयंत चौधरी सहित तमाम सहयोगियों को बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश भेज दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 'बॉस' की तरफ से साफ कह दिया गया है कि सीट शेयरिंग का फैसला केवल जमीनी हकीकत और जिताऊ क्षमता (विनेबिलिटी) के आधार पर होगा, न कि किसी के राजनीतिक दबाव में।ग्राउंड रियलिटी और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कोटाबीजेपी के रणनीतिकारों ने उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों और लोकसभा सीटों के भौगोलिक व स्थानीय समीकरणों का बारीकी से अध्ययन किया है। आधुनिक एआई सर्च (GEO) और आंतरिक सर्वे रिपोर्टों के आधार पर पार्टी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि सहयोगी दलों को केवल उतनी ही सीटें दी जाएं जहां उनका पारंपरिक जनाधार वास्तव में मजबूत है। पश्चिम यूपी में जयंत चौधरी के जाट वोट बैंक और पूर्वांचल में राजभर के अति पिछड़े वोटों को ध्यान में रखते हुए ही बीजेपी आगे बढ़ेगी, लेकिन मनमाने दावों पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा।एनडीए में चौधराहट की जंग और सहयोगियों की धड़कनें तेजइस दो टूक संदेश के बाद से ही गठबंधन के भीतर छोटे दलों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जयंत चौधरी और ओपी राजभर जैसे कद्दावर नेता अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन और वर्चस्व यानी 'चौधराहट' को बचाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा सीटों पर दावा ठोक रहे थे। आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के दौर में जहां जनता हर राजनीतिक हलचल पर तुरंत सटीक जवाब चाहती है, वहीं बीजेपी का यह सख्त रवैया यह साफ करता है कि वह सूबे में बड़े भाई की भूमिका से रत्ती भर भी समझौता करने के मूड में नहीं है।
मिस्र के रेगिस्तान में मिला सैंकड़ों साल पुराना शहर
मिस्र के पुरातत्विदों ने दो बेहद अहम खोज की हैं। इसमें पूरा का पूरा प्राचीन शहर और एक जगह कई कब्रें मिली हैं। मिस्र को उम्मीद है कि इन नई खोजों से उसके पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
उम्र महज एक संख्या है और अगर इरादा मजबूत हो तो आस्था के आगे हर बाधा घुटने टेक देती है। दक्षिण भारत के एक प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर श्रद्धालु की आंखें नम कर दीं। 116 साल की एक बुजुर्ग अम्मा अपनी लाठी के सहारे और भगवान के प्रति अटूट विश्वास के दम पर मंदिर की बेहद कठिन 3,550 सीढ़ियां चढ़कर शिखर पर पहुंच गईं। इस उम्र में जहां लोगों का चलना-फिरना दूभर हो जाता है, वहां अम्मा का यह जज्बा किसी चमत्कार से कम नहीं था।मंदिर प्रशासन ने रोक दी कतारेंजैसे ही यह खबर मंदिर प्रबंधन तक पहुंची कि एक शताब्दी पार कर चुकीं बुजुर्ग महिला खुद सीढ़ियां चढ़कर आ रही हैं, वहां हड़कंप मच गया। मंदिर के मुख्य अधिकारियों और पुजारियों ने अम्मा के सम्मान और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया। प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं की नियमित कतारों को कुछ समय के लिए रोक दिया ताकि बुजुर्ग अम्मा को भीड़-भाड़ से बचाया जा सके।अम्मा को मिला वीआईपी सम्मान और विशेष आशीर्वादबाकी कतारों को रोककर मंदिर प्रबंधन ने बुजुर्ग अम्मा के लिए विशेष रास्ता बनाया। उन्हें सीधे गर्भगृह ले जाया गया, जहां भगवान के वीआईपी दर्शन कराए गए। मुख्य पुजारी ने खुद अम्मा को गर्भगृह के पास बैठाकर विशेष पूजा-अर्चना की, उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया और चरणों में शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में मौजूद अन्य भक्त भी इस ऐतिहासिक और भावुक पल के गवाह बने और पूरी घाटी 'जयकारे' से गूंज उठी।
भारत की विकास गाथा से प्रेरणा ले रहा इंडोनेशिया, PM के दौरे से संबंधों को मिलेगी नई गति
वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती आर्थिक और तकनीकी ताकत का लोहा अब पड़ोसी देश भी मान रहे हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रमुख देश इंडोनेशिया, भारत की हालिया विकास गाथा और विशेषकर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) से गहराई से प्रेरित है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का आगामी इंडोनेशिया दौरा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जिससे न सिर्फ व्यापार बल्कि रणनीतिक साझेदारी को भी नई गति मिलेगी।डिजिटल क्रांति और यूपीआई मॉडल पर नजरइंडोनेशिया विशेष रूप से भारत के वित्तीय समावेशन और डिजिटल भुगतान प्रणाली (UPI) का मुरीद हो चुका है। वह अपने देश में भी इसी तरह के डिजिटल बदलावों को लागू करने की योजना बना रहा है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच डिजिटल इकोनॉमी, फिनटेक और साइबर सुरक्षा जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की पूरी संभावना है, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं को एक-दूसरे के और करीब लाएंगे।हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारीआर्थिक सहयोग के अलावा, यह दौरा रणनीतिक और भौगोलिक दृष्टि से भी बेहद अहम है। हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत और इंडोनेशिया का एक साथ आना वक्त की मांग है। दोनों देश मिलकर रक्षा सहयोग और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा बढ़ाने पर ठोस रणनीति तैयार कर रहे हैं, जो चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में मददगार होगी।
Nitin Naveen Road Show: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान हुए एक रोड शो ने देश में एक बड़े राजनीतिक और धार्मिक विवाद को जन्म दे दिया है। लखनऊ में रोड शो के दौरान नितिन नबीन के वाहन के आगे भगवान हनुमान के स्वरूप में ...
दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा की अग्निपरीक्षा, क्या बदली हुई छवि दिला पाएगी वापसी?
दतिया विधानसभा उपचुनाव का ऐलान होते ही सबसे ज्यादा निगाहें भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर टिक गई हैं। दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का बीजेपी उम्मीदवार बनाना लगभग तय है और नरोत्तम मिश्रा ने उम्मीदवारी का आधिकारिक एलान ...
साहित्य, संगीत और अध्यात्म की नगरी देवास क्या बन रहा है आतंकियों की पनाहगाह?
आध्यात्मिक आभा और समृद्ध साहित्यिक विरासत समेटे मध्य प्रदेश का 'देवास' जिला हमेशा से अपनी शांति और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता रहा है। कई लेखक, साहित्यकार और पेंटर्स ने अपनी उपलब्धियों से देवास के कद को ऊंचाई तक ले जाने का काम किया है। लेकिन ...
Weather Update: मुंबई और कोंकण में बारिश का रेडअलर्ट, पहाड़ों पर आफत, दिल्ली NCR में गर्मी से राहत
heavy rainfall alert in Mumbai: देश भर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास बने एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र (डिप्रेशन) के कारण मध्य और पश्चिम भारत में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। ...
चढ़ावा चोरी पर महंत नृत्य गोपालदास ने लिखा पत्र, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं श्री मणिरामदास छावनी के महंत नृत्य गोपालदास ने राम मंदिर में कथित दान-चोरी की घटना पर गहरा दुख और नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया। ...
ITR 2026: एफडी ब्याज छुपाना पड़ेगा भारी, जानिए कितना देना होगा जुर्माना और टैक्स
अगर आपने पिछले आईटीआर में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के ब्याज को अपनी आय में नहीं दिखाया है, तो सावधान हो जाएं। आयकर विभाग अब सख्ती से ऐसे खातों की निगरानी कर रहा है। पकड़े जाने पर आपको बकाया टैक्स के साथ-साथ ब्याज और जुर्माने का भारी बोझ उठाना पड़ सकता है।कैसे भरें सही जानकारी?गलती सुधारने के लिए आप अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) फाइल कर सकते हैं। अपनी सभी बैंक स्टेटमेंट चेक करें और ब्याज आय का सही विवरण देकर पेनल्टी से बचें। समय रहते इसे सही करना ही आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है।
मिडकैप फंड्स में बंपर कमाई का मौका: इंफ्रा और सेमीकंडक्टर बनेंगे नया ग्रोथ इंजन
भारतीय शेयर बाजार में मिडकैप फंड्स फिर से निवेशकों की पहली पसंद बन रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सरकारी निवेश की तेज रफ्तार ने इन फंड्स के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आ रहे बदलाव से मिडकैप कंपनियों की आय में बड़ी उछाल दिखेगी।क्या हो निवेश की सही स्ट्रैटेजी?मौजूदा बाजार में निवेशकों को 'बाय ऑन डिप्स' यानी गिरावट पर खरीदारी की नीति अपनानी चाहिए। लंबी अवधि के विजन के साथ डायवर्सिफाइड मिडकैप फंड्स में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाना इस समय सबसे सुरक्षित और फायदेमंद कदम साबित हो सकता है।
डिफेंस सेक्टर में बंपर निवेश: ₹52,000 करोड़ की डिफेंस डील से इन 6 शेयरों में आएगी तूफानी तेजी
भारत सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में ₹52,000 करोड़ के बड़े निवेश की मंजूरी से डिफेंस कंपनियों के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत हो गई है। ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, यह सरकारी फैसला आत्मनिर्भर भारत के तहत घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट देगा, जिससे HAL, BEL, मझगांव डॉक, कोचीन शिपयार्ड, सोलर इंडस्ट्रीज और बीईएमएल (BEML) जैसे शेयरों में भारी उछाल संभव है।इन शेयरों पर रखें नजरएक्सपर्ट्स का मानना है कि इन कंपनियों के ऑर्डर बुक में रिकॉर्ड वृद्धि होने से निवेशकों को शानदार रिटर्न मिल सकता है। ब्रोकरेज ने इन स्टॉक्स को पोर्टफोलियो में शामिल करने की सलाह दी है और इनके लिए नए ऊंचे टारगेट प्राइस सेट किए हैं। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
गुजरात इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (GERC) के बिजली लोकपाल ने स्मार्ट मीटर विवाद को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस फैसले के अनुसार, अब बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए ग्राहकों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने या पुराने मीटर बदलने ...
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। सीएम डॉ. यादव ने भोपाल में लालघाटी पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा ...
झारखंड सरकार ने जारी किया टेक्सटाइल और फुटवियर नीति-2026 का ड्राफ्ट, जनता से मांगे सुझाव
झारखंड सरकार ने वस्त्र, परिधान एवं फुटवियर नीति 2026 के ड्राफ्ट जारी कर दिया है और इस संबंध में आम लोगों से राय मांगी गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 8 और 9 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में राज्य का डिजिटल ...
Vastu Shastra: वास्तु के ये 10 नियम बदल सकते हैं घर का माहौल, बनी रहेगी सुख-समृद्धि
House Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं होता, बल्कि ऊर्जा का एक ऐसा केंद्र होता है जिसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। अगर घर में वास्तु के नियमों का पालन किया जाए, तो ...
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए योगी सरकार ने दी 210 करोड़ की सब्सिडी, 43 हजार से अधिक लोगों को मिला लाभ
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार के विजन के तहत परिवहन ...
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
अयोध्या में आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की अहम बैठक होने जा रही है। मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में ट्रस्ट से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक में सभी 14 ट्रस्टियों को बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित ...
LIVE: मुंबई में हाईटाइड की चेतावनी, मुंबई पुणे के बीच यातायात ठप
Latest News Today Live Updates in Hindi : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भारी बारिश का दौर जारी है। मुंबई के मानखुर्द में 6 लोगों की मौत हो गई। पल पल की जानकारी...
अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की तैयारी। तीनों सेनाओं ने चार साल बाद स्थायी नियुक्ति का कोटा 25% से बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। नौसेना ने 75% और सेना-वायुसेना ने 50% तक परमानेंट करने की मांग की है।
ग्लोबल सिटिजन सॉल्यूशंस द्वारा जारी 'ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026' में भारतीय पासपोर्ट पिछले साल के मुकाबले एक स्थान नीचे गिरकर 125वें नंबर पर पहुंच गया है. कुल 197 देशों की इस वैश्विक सूची में भारत से एक पायदान ऊपर नामीबिया (124वें) और ठीक नीचे अजरबैजान (126वें) मौजूद है. हालांकि रैंकिंग में मामूली गिरावट आई है, लेकिन भारत का कुल स्कोर उछलकर 45.1 पर पहुंच गया है, जो पिछले पांच वर्षों में भारतीय पासपोर्ट का सबसे शानदार प्रदर्शन है.सिर्फ वीजा-फ्री सफर नहीं, इन 3 बड़े पैमानों पर तय होती है पासपोर्ट की असली ताकतआमतौर पर कई पासपोर्ट इंडेक्स सिर्फ इस आधार पर रैंकिंग तय करते हैं कि आप कितने देशों में बिना वीजा के घूम सकते हैं. लेकिन 'ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स' विश्व बैंक और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) समेत दुनिया की बड़ी संस्थाओं के 14 अलग-अलग मानकों को खंगालकर रिपोर्ट तैयार करता है. यह मुख्य रूप से तीन बड़े स्तंभों पर आधारित होता है:यात्रा की सुगमता (Mobility Index): दुनिया भर में आसानी से आने-जाने की आजादी.निवेश के अवसर (Investment Index): दूसरे देशों में बिजनेस और निवेश की अनुकूल नीतियां.जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life Index): रहने के लिहाज से सुख-सुविधाएं और स्वतंत्रता.टॉप 10 में यूरोपीय देशों का एकछत्र राज, स्वीडन बना दुनिया का नंबर-1 पासपोर्टसाल 2026 की इस नई रिपोर्ट में यूरोपीय देशों का दबदबा पूरी तरह साफ नजर आ रहा है. दुनिया के टॉप 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट में से 9 पर सिर्फ यूरोप का कब्जा है. इस लिस्ट में स्वीडन पहले पायदान पर काबिज होकर दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट बन गया है. इसके बाद क्रमश: स्विट्जरलैंड, फिनलैंड और जर्मनी का नंबर आता है. पांचवें स्थान पर नीदरलैंड और डेनमार्क संयुक्त रूप से मौजूद हैं. इसके बाद आयरलैंड, यूनाइटेड किंगडम (UK) और नॉर्वे का स्थान है.सिंगापुर बना एकमात्र गैर-यूरोपीय महाशक्ति, भारतीयों को अभी भी करना होगा लंबा इंतजारहैरानी की बात यह है कि इस महासूची के टॉप 10 देशों में सिंगापुर इकलौता ऐसा देश है जो यूरोप से बाहर का है. रिपोर्ट के अनुसार, जिन नागरिकों के पास इन शीर्ष देशों का पासपोर्ट है, उन्हें किसी भी देश में व्यापार करने, नौकरी के बेहतरीन अवसर तलाशने और जरूरत पड़ने पर वहां आसानी से बसने में कोई कानूनी अड़चन नहीं आती. दूसरी तरफ, 125वें स्थान पर होने के कारण भारतीय पासपोर्ट धारकों को आज भी अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे विकसित देशों की यात्रा के लिए कठिन कागजी कार्रवाई, भारी खर्च और लंबी वीजा प्रक्रियाओं के लंबे इंतजार से गुजरना पड़ता है.
दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 1 जुलाई 2026 से नई 'दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026' को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है. यह महत्वाकांक्षी नीति 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी. नई पॉलिसी के तहत सरकार का पूरा जोर दिल्ली में चार्जिंग स्टेशन्स और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क का जाल बिछाने पर है. इस बार सरकार ने नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वालों को भारी-भरकम सब्सिडी, रोड टैक्स में 100% छूट और पुरानी गाड़ियां कबाड़ (स्क्रैप) करने पर बड़ा कैश इंसेंटिव देने का ऐलान किया है.पुरानी गाड़ी कबाड़ में देने पर बंपर फायदा, कार पर ₹1 लाख का स्क्रैपेज इंसेंटिवअगर आपके पास कोई BS-IV या उससे पुरानी कार है और आप उसे स्क्रैप करके नई इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो सरकार आपको सीधे 1 लाख रुपये तक का स्क्रैपेज इंसेंटिव देगी. इसी तरह, पुराना दोपहिया वाहन स्क्रैप कर नया इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर 10,000 रुपये और पुराना थ्री-व्हीलर स्क्रैप करने पर 25,000 रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा. यह कदम दिल्ली की सड़कों से पुरानी और धुआं उगलने वाली गाड़ियों को हटाने के लिए उठाया गया है.दोपहिया, तिपहिया और कारों पर सब्सिडी का नया गणितसरकार ने अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए चरणबद्ध तरीके से सब्सिडी तय की है:इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: गाड़ी खरीदने पर पहले साल 30,000 रुपये, दूसरे साल 20,000 रुपये और तीसरे साल 10,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी.इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ई-ऑटो): पहले साल 50,000 रुपये, दूसरे साल 40,000 रुपये और तीसरे साल 30,000 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा.इलेक्ट्रिक ट्रक (N1 कैटेगरी): मालवाहक कमर्शियल वाहनों की खरीद पर 1 लाख रुपये तक की भारी छूट दी जाएगी.इलेक्ट्रिक कारें: 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ रहेगी. ध्यान रहे, यह छूट सिर्फ दिल्ली में रजिस्टर्ड होने वाली गाड़ियों पर ही मान्य होगी.3 जनवरी से शुरू हुआ नया सब्सिडी पोर्टल, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदनदिल्ली सरकार ने 3 जुलाई को आधिकारिक 'Delhi EV Subsidy Portal' लाइव कर दिया है. सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए खरीदारों को गाड़ी खरीदने और उसकी आरसी (RC) मिलने के 30 दिनों के भीतर इस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के समय पहचान पत्र, वोटर आईडी और आरसी जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) से वेरिफिकेशन पूरा होगा. आवेदन मंजूर होने के महज 60 दिनों के भीतर सब्सिडी की पूरी रकम सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.पेट्रोल-CNG गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर पूर्ण प्रतिबंध की तारीख तय!पॉलिसी में दिल्ली के ऑटोमोबाइल मार्केट को पूरी तरह बदलने के लिए कड़े टाइमलाइन तय किए गए हैं:1 जनवरी 2027 से: दिल्ली में सिर्फ और सिर्फ ई-ऑटो (इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर) का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, यानी पेट्रोल-सीएनजी ऑटो के नए परमिट बंद हो जाएंगे.1 अप्रैल 2028 से: दिल्ली में नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों (बाइक्स और स्कूटर्स) का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह और धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा. इसके बाद राजधानी में सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का ही पंजीकरण हो सकेगा.सब्सिडी लेकर दूसरे राज्यों में गाड़ी बेची तो खैर नहीं, लगा 3 साल का लॉक-इनसरकार ने धांधली रोकने के लिए इस पॉलिसी में 3 साल का कड़ा लॉक-इन पीरियड लागू किया है. इसके तहत, यदि आपने दिल्ली सरकार से सब्सिडी प्राप्त करके कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा है, तो आप अगले 3 सालों तक उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर नहीं करवा सकते हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस पूरी नीति को सुचारू रूप से चलाने के लिए परिवहन विभाग के तहत एक विशेष 'EV Cell' और योग्य मॉडल्स की जांच के लिए 'Model Approval Committee' का गठन किया गया है, जो तकनीकी मानकों के आधार पर ही कंपनियों को सब्सिडी के दायरे में शामिल करेगी.
भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) और उनकी मंगेतर, एक्ट्रेस-इन्फ्लुएंसर आकृति अग्रवाल (Aakriti Agarwal) के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. हाल ही में आकृति ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम (Instagram) हैंडल पर एक ऐसी विवादित स्टोरी शेयर की, जिसने दोनों के ब्रेकअप की खबरों को हवा दे दी है. इस पोस्ट में आकृति ने बिना किसी का नाम लिए खुद को मिले धोखे का दर्द बयां किया है. हालांकि, विवाद बढ़ता देख उन्होंने कुछ ही समय बाद इस स्टोरी को डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक इसका स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर आग की तरह फैल चुका था.'सगाई के बाद भी ऐसा हो सकता है...' आकृति के डिलीटेड पोस्ट से सनसनीआकृति अग्रवाल ने अपनी डिलीट की गई इंस्टाग्राम स्टोरी में बेहद भावुक और हैरान करने वाली बातें लिखी थीं. उन्होंने लिखा, मेरे साथ कई बार धोखा हुआ, फिर भी मैंने कभी कुछ नहीं कहा. मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि सगाई जैसा बड़ा कदम उठाने के बाद भी ऐसा हो सकता है. जो भी बातें सामने आ रही हैं, वे सच हैं. सोशल मीडिया पर उनके बारे में जो कुछ भी दिख रहा है, वह पूरी तरह सच है. भले ही आकृति ने अपनी इस पोस्ट में सीधे तौर पर पृथ्वी शॉ का नाम नहीं लिया, लेकिन सगाई और धोखे के इस जिक्र को फैंस सीधे क्रिकेटर से जोड़कर देख रहे हैं.इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को किया अनफॉलो, दोनों के आधिकारिक बयान का इंतजारइस पूरे विवाद के बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह बड़ा दावा भी किया गया है कि पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को 'अनफॉलो' (Unfollow) कर दिया है. इस कदम के बाद उनके अलग होने की अटकलें और ज्यादा तेज हो गई हैं. आपको बता दें कि कुछ समय तक एक-दूसरे को गुपचुप डेट करने के बाद इस कपल ने इसी साल 8 मार्च 2026 को सगाई की थी. दोनों को पहली बार साल 2025 में गणेश चतुर्थी के पावन मौके पर एक साथ देखा गया था. फिलहाल, ब्रेकअप की इन खबरों पर ना तो पृथ्वी और ना ही आकृति की तरफ से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट आया है.मुंबई छोड़ महाराष्ट्र की टीम से जुड़े पृथ्वी शॉ, करियर में लगातार उतार-चढ़ावएक तरफ जहां पृथ्वी शॉ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं, वहीं उनका क्रिकेटिंग करियर भी इन दिनों काफी कठिन दौर से गुजर रहा है. साल 2018 में अपनी कप्तानी में भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने और वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में शानदार शतक जड़ने वाले पृथ्वी पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म, फिटनेस और अनुशासन के मुद्दों से जूझ रहे हैं. अपने करियर को नए सिरे से संवारने के लिए उन्होंने साल 2025-26 के घरेलू सीजन में मुंबई की टीम छोड़कर महाराष्ट्र का रुख किया था. वहीं आईपीएल 2026 (IPL 2026) में वह दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) की टीम का हिस्सा तो रहे, लेकिन पूरे सीजन उन्हें प्लेइंग इलेवन में खेलने के पर्याप्त मौके नहीं मिल सके.
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे देश को अपनी आगोश में ले लिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. अगले तीन दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान के बचे हुए इलाकों में भी मानसून पूरी तरह छा जाएगा. इस बेहद मजबूत मानसूनी सिस्टम के चलते आज यानी 6 जुलाई 2026 को देश के 24 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और खतरनाक आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है.छत्तीसगढ़ और कोंकण-गोवा समेत इन 4 क्षेत्रों में 'अत्यंत भारी बारिश' की चेतावनीमौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बादलों की भयंकर गर्जना के साथ प्रलयंकारी बारिश होने की आशंका है, जिसके लिए सबसे कड़ा अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में शामिल हैं:छत्तीसगढ़मध्य प्रदेश से सटा गुजरात का इलाकाकोंकण और गोवामध्य महाराष्ट्रMP, राजस्थान और उत्तराखंड में 'ऑरेंज अलर्ट', यूपी-दिल्ली में झमाझम बौछारेंआईएमडी ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है. इनमें मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश से सटा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, सौराष्ट्र-कच्छ, केरल, माहे और कर्नाटक शामिल हैं. इसके अलावा, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों समेत एक बड़े हिस्से के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जिसके तहत आज दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश (विशेषकर पूर्वी यूपी), बिहार, झारखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम बंगाल में जोरदार मानसूनी बौछारें पड़ेंगी. पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल) में भी भारी बारिश होगी, हालांकि असम-मेघालय में बारिश के बीच उमस वाली चिपचिपी गर्मी भी परेशान करेगी.4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से बवंडर का खतरा, कड़केगी बिजलीमौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय व उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्कॉल (बवंडर) चल सकता है. इसके साथ ही बिहार, झारखंड, राजस्थान और गुजरात में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज धूलभरी हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है. पूरे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में सिर्फ आकाशीय बिजली का विशेष अलर्ट जारी किया गया है, इसलिए लोगों को गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.समंदर में उठेंगी डरावनी लहरें, मछुआरों के लिए रेड वॉर्निंग जारीचक्रवाती परिसंचरण और तीव्र मानसूनी हवाओं के कारण भारत के दोनों समुद्री तटों पर भारी उथल-पुथल मची रहेगी. गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा और केरल के तटों से सटे अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जो 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. वहीं, बंगाल की खाड़ी, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से बेहद खतरनाक हवाएं चलने का अनुमान है. समुद्र की भयावह स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले आदेश तक गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है.
जब भी गोवा (Goa) का नाम आता है, तो लोगों के जेहन में सिर्फ लेट-नाइट पार्टियां, चमचमाते पब्स और खचाखच भरे मशहूर बीच ही आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि असली और सुकून देने वाला गोवा इसके घने जंगलों, अनछुए द्वीपों और शांत समुद्री किनारों के बीच छिपा हुआ है? अगर आप इस बार छुट्टियों में भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की गोद में शांति से वक्त बिताना चाहते हैं, तो हम आपको गोवा के उन 12 सबसे बेहतरीन 'हिडन स्पॉट्स' (Hidden Spots) के सफर पर ले जा रहे हैं, जिन्हें आम सैलानी अब तक नहीं खोज पाए हैं.1. बटरफ्लाई बीच (Butterfly Beach)तितली के आकार का यह बेहद छोटा और जादुई बीच है. यहां तक पहुंचने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं है; आपको या तो घने जंगलों के बीच से ट्रेकिंग करनी होगी या नाव का सहारा लेना होगा. कम लोगों के आने की वजह से यहां का माहौल एकदम प्राइवेट और बेहद शांत रहता है.2. काकोलेम बीच या टाइगर बीच (Kakolem Beach)यह गोवा के सबसे रहस्यमयी और सुनसान तटों में से एक है. इस बीच की सबसे अनोखी बात यह है कि एक छोटा सा प्राकृतिक वॉटरफॉल (झरना) सीधे पहाड़ियों से बहकर समुद्र के खारे पानी में गिरता है, जो प्रकृति प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देता है.3. अरंबोल स्वीट वॉटर लेक (Arambol Sweet Water Lake)एक तरफ विशाल समंदर की लहरें और ठीक उसके बगल में मीठे पानी की यह शांत झील प्रकृति का एक अद्भुत चमत्कार है. सुबह के समय यहां का वातावरण बेहद सकारात्मक होता है, जहां लोग योग, ध्यान और मेडिटेशन करने आते हैं.4. दिवर आइलैंड (Divar Island)यदि आप गोवा के पारंपरिक ग्रामीण जीवन, पुर्तगाली शैली के पुराने विला और हरे-भरे लहलहाते खेतों को देखना चाहते हैं, तो दिवर आइलैंड जरूर जाएं. यहां साइकिल या स्कूटर से घूमना एक लाइफटाइम एक्सपीरियंस देता है.5. चोराओ आइलैंड - सलीम अली बर्ड सैंक्चुअरी (Chorao Island)पक्षी प्रेमियों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स के लिए यह जगह किसी स्वर्ग जैसी है. मांडोवी नदी के मैंग्रोव जंगलों के बीच स्थित इस सैंक्चुअरी में बोटिंग करते हुए कई दुर्लभ और विदेशी प्रवासी पक्षियों को करीब से देखा जा सकता है.6. नेत्रावली वॉटरफॉल (Netravali Waterfall)यह मनमोहक झरना वन्यजीव अभयारण्य के घने जंगलों के भीतर छिपा हुआ है. खासकर मानसून के मौसम में इस झरने का रूप अत्यंत विकराल और सुंदर हो जाता है. यहां तक पहुंचने का जंगली ट्रेक एडवेंचर के शौकीनों के लिए एकदम परफेक्ट है.7. ताम्बडी सुरला वॉटरफॉल (Tambdi Surla Waterfall)गोवा के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक 12वीं सदी के महादेव मंदिर के नजदीक स्थित यह वॉटरफॉल अपने ठंडे और क्रिस्टल क्लियर (कांच जैसे साफ) पानी के लिए जाना जाता है. चारों तरफ ऊंचे पेड़ों से घिरा यह इलाका मन को सुकून देता है.8. काबो डी रामा फोर्ट (Cabo de Rama Fort)समुद्र के ठीक मुहाने पर बना यह विशाल ऐतिहासिक किला इतिहास और प्रकृति का एक बेजोड़ मेल है. इस किले की प्राचीर से अरब सागर का 360-डिग्री व्यू दिखाई देता है, और यहां का सूर्यास्त (Sunset) देखना सैलानियों के लिए बेहद यादगार होता है.9. राचोल सेमिनरी एरिया (Rachol Seminary)यह दक्षिण गोवा का एक अत्यंत शांत और आध्यात्मिक कोना है, जहां पुरानी पुर्तगाली वास्तुकला (Architecture) के दर्शन होते हैं. यहां की खामोश गलियां और सादगी आपको आधुनिक दुनिया के शोर से पूरी तरह दूर ले जाती हैं.10. अश्वेम बीच का शांत हिस्सा (Ashwem Beach)अश्वेम बीच का उत्तरी छोर व्यावसायिक गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त है. सफेद मखमली रेत और साफ नीले पानी वाला यह शांत कोना नवविवाहित जोड़ों (Couples) और सोलो ट्रैवलर्स के लिए रिलैक्स करने की सबसे बेहतरीन जगह है.11. वेल्साओ बीच (Velsao Beach)यह एक बेहद साफ-सुथरा और लंबा समुद्री किनारा है, जहां टूरिस्ट्स की व्यावसायिक भीड़ न के बराबर होती है. अगर आप सिर्फ लहरों की आवाज सुनना चाहते हैं और समुद्र तट पर किताब पढ़ना चाहते हैं, तो यह बेस्ट चॉइस है.12. गल्गीबागा बीच या टर्टल बीच (Galgibaga Beach)यह बीच दुनिया भर में लुप्तप्राय ओलिव रिडले कछुओं (Olive Ridley Turtles) के संरक्षण और उनके अंडों के घोंसलों के लिए प्रसिद्ध है. पूरी तरह से प्राकृतिक और अनछुआ होने के कारण यहां किसी भी तरह के लाउड म्यूजिक या शोर-शराबे की सख्त मनाही है.
भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी सोने-चांदी की तेजी पर आखिरकार ब्रेक लग गया है. आज 6 जुलाई 2026 की सुबह देश के अधिकांश बड़े शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, इस गिरावट से पहले बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड करीब 2,780 रुपये और 22 कैरेट गोल्ड 2,550 रुपये प्रति 10 ग्राम तक मजबूत हुआ था, लेकिन आज बाजार खुलते ही ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना (Spot Gold) फिलहाल 4,175.02 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रहा है.दिल्ली में 1.46 लाख के करीब आया 24 कैरेट सोना, जानें महानगरों का हालदेश की राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर 1,46,870 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट का भाव 1,34,640 रुपये पर आ गया है. चेन्नई में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,49,450 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,34,540 रुपये प्रति 10 ग्राम बना हुआ है. वहीं, देश के दो अन्य बड़े महानगरों मुंबई और कोलकाता में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,46,720 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,34,490 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है.देश के 10 प्रमुख शहरों में सोने का आज का सटीक भाव (तालिका)शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹/10 ग्राम)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹/10 ग्राम)दिल्ली1,34,6401,46,870मुंबई1,34,4901,46,720कोलकाता1,34,4901,46,720बेंगलुरु / पुणे1,34,4901,46,720हैदराबाद1,34,4901,46,720अहमदाबाद1,34,8101,46,770भोपाल1,34,5401,46,770चेन्नई1,34,5401,49,450जयपुर / लखनऊ1,34,6401,46,870चंडीगढ़1,34,6401,46,870जेपी मॉर्गन की बड़ी भविष्यवाणी, इस साल सीमित रहेगी सोने की तेजीदिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JPMorgan) ने सोने के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी की है. जेपी मॉर्गन का मानना है कि इस साल सोने की कीमतों में बढ़ोतरी तो निश्चित रूप से होगी, लेकिन यह एक सीमित दायरे में रहेगी. इसका मुख्य कारण यह है कि वैश्विक स्तर पर प्रमुख सेक्टरों से सोने की फिजिकल डिमांड (मांग) उतनी मजबूत नहीं दिख रही है, जितनी पहले उम्मीद की गई थी. हालांकि, ब्रोकरेज ने अनुमान लगाया है कि तीसरी तिमाही में सोने का भाव 4,300 डॉलर प्रति औंस और चौथी तिमाही में यह 4,500 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक जा सकता है.चांदी की चमक भी हुई फीकी, एक हफ्ते में 10 हजार बढ़ने के बाद आई गिरावटसोने की तर्ज पर आज चांदी की कीमतों में भी तगड़ा सुधार देखने को मिला है. 6 जुलाई की सुबह भारतीय बाजारों में चांदी का भाव गिरकर 2,49,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है. आपको बता दें कि बीते एक हफ्ते में चांदी की कीमतों में 10,000 रुपये की भारी तेजी देखी गई थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस समय हाजिर चांदी (Spot Silver) 62.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि घरेलू कारकों के अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और भू-राजनीतिक तनाव जैसे ग्लोबल फैक्टर्स भी भारतीय सर्राफा बाजार के दामों को प्रभावित कर रहे हैं.
हर दिन की तरह आज सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर तय होने वाले ये दाम सीधे आपकी जेब पर असर डालते हैं. आज 6 जुलाई 2026 को जारी नए रेट्स के मुताबिक देश के महानगरों और प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला है, जिससे कहीं जनता को राहत है तो कहीं महंगाई का झटका लगा है.मुंबई-हैदराबाद में पेट्रोल का शतक पार, दिल्ली और लखनऊ में सबसे सस्ता ईंधनआज देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि हैदराबाद में पेट्रोल सबसे महंगा 115.69 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है. इसके विपरीत देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर है. उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें तो लखनऊ में पेट्रोल 102.05 रुपये व डीजल 95.75 रुपये और नोएडा में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर की दर पर स्थिर बना हुआ है.देश के अन्य प्रमुख शहरों में आज का ताजा भावसरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी लिस्ट के मुताबिक आज अन्य बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटरचेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटरबेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटरजयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटरगुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटरअहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटरपुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटरआखिर क्यों बदलते हैं रोज दाम और कैसे तय होती है कीमत?भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल दूसरे देशों से आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में होता है. इसलिए जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होता है या डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो भारत में तेल की लागत बढ़ जाती है. इसके अलावा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकारों का वैट (VAT), रिफाइनिंग की लागत और मांग-आपूर्ति का संतुलन मिलकर पेट्रोल-डीजल की अंतिम खुदरा कीमत तय करते हैं. यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में टैक्स दरों के कारण कीमतें भिन्न होती हैं.घर बैठे सिर्फ एक SMS से जानें अपने शहर का सटीक रेटअपने मोबाइल फोन से तुरंत ताजा कीमतें जानने के लिए आप इन आसान नंबरों पर मैसेज भेज सकते हैं:Indian Oil: अपने शहर का कोड RSP के साथ लिखकर 9224992249 पर भेजें.BPCL: RSP टाइप करें और 9223112222 पर सेंड करें.HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें.
महाराष्ट्र में मानसून ने अपनी एंट्री के साथ ही रौद्र रूप धारण कर लिया है, जिससे राज्य के कई बड़े शहरों में हालात बेकाबू हो गए हैं. मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर समेत कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के तटीय जिलों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसके मुताबिक इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. प्रशासन ने लोगों को बेवजह बाहर न निकलने की सलाह दी है.भोर घाट में खौफनाक लैंडस्लाइड, मुंबई-पुणे रेल रूट पूरी तरह ठपलगातार जारी मूसलाधार बरसात के कारण मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले बेहद संवेदनशील रेल मार्ग के कर्जत-लोनावला भोर घाट (खंडाला घाट) सेक्शन में सोमवार तड़के कई जगहों पर भीषण भूस्खलन हुआ है. सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला के अनुसार, तड़के करीब 3:05 बजे ठाकुरवाड़ी के पास और खंडाला-मंकी हिल के बीच मिडिल लाइन पर भारी मलबा आकर गिर गया. इस घाट सेक्शन की तीनों प्रमुख लाइनें (अप, डाउन और मिडिल) मलबे की चपेट में आ गई हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है. रेलवे प्रशासन युद्ध स्तर पर ट्रैक को साफ करने में जुटा है.ये प्रमुख ट्रेनें हुई कैंसिल, मुसीबत में काम आएंगे ये आपातकालीन नंबरइस अचानक आई आफत के चलते मध्य रेलवे को मुंबई-पुणे रूट पर चलने वाली कई प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों को पूरी तरह रद्द या उनके रूट में बदलाव करना पड़ा है. आज कैंसिल रहने वाली प्रमुख ट्रेनों में सीएसएमटी-पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, डेक्कन एक्सप्रेस, डेक्कन क्वीन, प्रगति एक्सप्रेस, धुले एक्सप्रेस और पुणे-सीएसएमटी सिंहगढ़ एक्सप्रेस शामिल हैं. यात्रियों की भारी परेशानी को देखते हुए रेलवे ने पल-पल की लाइव अपडेट के लिए प्रमुख स्टेशनों के हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिन पर संपर्क करके ही लोग अपने सफर की योजना बनाएं:CSMT रेलवे स्टेशन: 022-22694040ठाणे रेलवे स्टेशन: 9321336747दादर रेलवे स्टेशन: 9136452387लोनावला रेलवे स्टेशन: 8356854238पुणे में रेड अलर्ट और इन बड़े शहरों में बंद रहेंगे सभी स्कूल-कॉलेजमौसम विभाग द्वारा पुणे जिले के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किए जाने के बाद वहां का जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में तत्काल प्रभाव से छुट्टी घोषित कर दी है. इसके साथ ही मुंबई (BMC क्षेत्र), ठाणे और नवी मुंबई में भी भारी बारिश के 'ऑरेंज अलर्ट' को देखते हुए सभी सरकारी, प्राइवेट और नगर निगम के स्कूल-कॉलेजों को आज बंद रखने का फैसला किया गया है. हालांकि, बीएमसी ने साफ किया है कि सभी सरकारी और निजी दफ्तर सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे. नवी मुंबई की मेयर सुजाता पाटिल और कमिश्नर कैलास शिंदे ने लोगों से जलजमाव वाले इलाकों और नदियों से दूर रहने की अपील की है.
प्रशांत महासागर से उठे बेहद विनाशकारी और खूंखार सुपर टाइफून 'बावी' (Super Typhoon Bavi) ने अमेरिका के प्रशांत द्वीपों पर भीषण तबाही मचानी शुरू कर दी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तूफान की मारक क्षमता कैटेगरी-5 के सबसे खतरनाक हरिकेन के बराबर है, जिसके प्रभाव से 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल रही हैं. तूफान के विकराल रूप को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप पर सबसे बड़ा खतरा, घरों में कैद हुए लोगएएफपी (AFP) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महातूफान का सबसे ज्यादा रौद्र रूप गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप समूह पर देखने को मिल रहा है, जहां की कुल आबादी करीब 2 लाख 10 हजार है. रविवार देर रात से ही इन द्वीपों पर मूसलाधार बारिश और थपेड़े मारने वाली हवाएं शुरू हो चुकी हैं. नेशनल वेदर सर्विस (NWS) द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें, जिसके चलते दोनों द्वीपों की सड़कें पूरी तरह सुनसान हो गई हैं.इमारतों के ढहने और हफ्तों तक बिजली गुल रहने की बड़ी चेतावनीजॉइंट टाइफून वार्निंग सेंटर के मुताबिक, सोमवार सुबह यह सुपर टाइफून पश्चिम दिशा की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा. अधिकारियों ने रोटा द्वीप के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है. प्रशासन का कहना है कि यदि यह तूफान रोटा द्वीप के केंद्र से टकराया, तो बड़े पैमाने पर पक्के मकान और इमारतें ध्वस्त हो सकती हैं, जो कई हफ्तों तक रहने लायक नहीं बचेंगी. इसके अलावा, बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने से पूरा क्षेत्र कई दिनों तक पूरी तरह से अंधेरे में डूब सकता है.रोटा द्वीप के मेयर ने की एकजुट रहने की अपील, उड़ानों पर लगा ब्रेकखतरे की गंभीरता को देखते हुए रोटा द्वीप के मेयर ऑब्री होकोग ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा है कि इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सभी को एकजुट होकर अपने परिवारों और पड़ोसियों की रक्षा करनी होगी. इस बीच, सुपर टाइफून 'बावी' के चलते गुआम की सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (Flights) पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, जिससे वहां आए सैकड़ों पर्यटक होटलों में फंस गए हैं. वहीं, स्थानीय निवासियों में इस बात का डर बैठ गया है कि कई दिनों तक घरों में कैद रहने के कारण उनकी आजीविका पूरी तरह ठप हो जाएगी.
मुंबई में बारिश का कहर: चॉल ढही, पेड़ और ग्रिल गिरने से 8 की मौत, IMD का रेड अलर्ट जारी
मुंबई में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। मानखुर्द में चॉल गिरने, पेड़ और ग्रिल गिरने की घटनाओं में 8 लोगों की मौत हुई। IMD ने अगले 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
भारत के सफल सार्वजनिक नीति मॉडल अपनाने की राह पर इंडोनेशिया, नॉलेज पार्टनरशिप को मिलेगी नई गति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6 से 8 जुलाई की इंडोनेशिया यात्रा बढ़ते सहयोग और 'नॉलेज पार्टनरशिप' को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है
Top News 6 July: राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज, मुंबई पानी-पानी, मानखुर्द में इमारत गिरी
Top News 6 July : चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज होगी। मुंबई के मानखुर्द में इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। इजराइल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल के भारत समेत कई देशों से संबंध मजबूत हैं। फीफा विश्व ...
जेडी वेंस के दावे पर नेतन्याहू का पलटवार: बोले- 'भारत है इजरायल का सच्चा दोस्त, अमेरिका अकेला नहीं'
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस दावे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने इजरायल का 'एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी' अमेरिका को बताया था। अब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बयान का खंडन करते हुए भारत को इजरायल का प्रमुख मित्र बताया है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजरायल को भारत के 1.4 अरब लोगों का जबरदस्त समर्थन प्राप्त है और दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक संबंध हैं।इजरायल को है दुनिया भर से समर्थननेतन्याहू ने 'फॉक्स न्यूज संडे ब्रीफिंग' में कहा कि वेंस का यह सोचना गलत है कि इजरायल दुनिया में अकेला है। इजरायली पीएम ने कहा कि फेसबुक समेत कई मंचों पर उन्हें भारत से भारी समर्थन मिलता है। उन्होंने बताया कि कई देश इजरायल की उन्नत साइबर सुरक्षा, सैन्य तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि बाहर से जो दिखाई देता है, असल में उनके अंतरराष्ट्रीय संबंध उससे कहीं अधिक व्यापक और मजबूत हैं।ट्रंप के साथ बैठक की तैयारीजेडी वेंस के दावे को सिरे से खारिज करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि कई वैश्विक नेता उनसे संपर्क में रहते हैं और इजरायल के साथ सहयोग के करार करने के इच्छुक हैं। इस कूटनीतिक हलचल के बीच, बेंजामिन नेतन्याहू 13 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं। इस उच्च-स्तरीय बैठक में ईरान, क्षेत्रीय सुरक्षा और सऊदी अरब के साथ इजरायल के बढ़ते संबंधों पर गहन चर्चा की जाएगी।
चुनाव आयोग ने जारी की ओडिशा की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 20 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने ओडिशा के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी। 30 मई से 28 जून के बीच घर-घर जाकर किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के बाद वोटर लिस्ट से 20 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं।
देश को मजबूत बनाने के लिए सभी धर्मों के लोगों को एकजुट होना चाहिए: अब्दुल बारी सिद्दीकी
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने रविवार को पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, अयोध्या राम मंदिर प्रकरण और देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए सभी समुदायों को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया: सीएम सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना का निरीक्षण किया और संस्थान के विस्तार के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया
Ayodhya Ram Mandir donation dispute : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को अयोध्या में होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम ...
जयपुर में एनर्जी ड्रिंक की 32 हजार से अधिक बोतलें सीज
जयपुर। राजस्थान में संचालित शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत आयुक्तालय की निरीक्षण टीम ने रविवार को जयपुर के निर्माण नगर क्षेत्र में स्टिंग एनर्जी नामक एनर्जी ड्रिंक के गोदाम पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 हजार 292 बोतलें सीज की। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के बताया कि […] The post जयपुर में एनर्जी ड्रिंक की 32 हजार से अधिक बोतलें सीज appeared first on Sabguru News .
दक्षिण 24 परगना में बच्ची के साथ कथित गैंगरेप के बाद हत्या, बड़े पैमाने पर भड़की हिंसा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारूईपुर में रविवार को एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। आक्रोशित भीड़ ने इस अपराध में शामिल होने के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और कई घंटों […] The post दक्षिण 24 परगना में बच्ची के साथ कथित गैंगरेप के बाद हत्या, बड़े पैमाने पर भड़की हिंसा appeared first on Sabguru News .
बारां में बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत, ट्रांसफार्मर भी फुंका
बारां। राजस्थान के बारां जिले में रविवार को हुई बारिश के दौरान बिजली गिरने से तीन किसानों की मौत हो गई जबकि एक ट्रांसफार्मर जल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश के दौरान केलवाड़ा थाना क्षेत्र के हथवारी गांव के समीप शनिवार देर शाम खेत पर कार्य कर रहे सौरभ सहरिया (26) बारिश तेज होने […] The post बारां में बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत, ट्रांसफार्मर भी फुंका appeared first on Sabguru News .
बानसूर में चार वर्षीय बालक का शव कब्र से निकलवाया
अलवर। राजस्थान में कोटपुतली बहरोड़ जिले के बानसूर में इन्द्राडा गांव में एक दिन पहले दफनाए गए चार वर्षीय बालक का शव रविवार को पुलिस ने श्मशान भूमि से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। प्राप्त […] The post बानसूर में चार वर्षीय बालक का शव कब्र से निकलवाया appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश के गोंडा से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है. कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चंदा चोरी और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर से बेहद तीखा बयान दिया है. उन्होंने अयोध्या और राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि राम मंदिर की सुरक्षा देश के राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और संसद भवन की तर्ज पर की जानी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण मामले में 3 अगस्त को आने वाले अदालत के फैसले पर भी अपनी बात रखी है.'सुरक्षा के बहाने आम जनता को अयोध्या से काटा गया'पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या में लगाए गए सुरक्षा बैरियरों की आलोचना करते हुए कहा, इतने बैरियर क्यों लगाए गए और इससे क्या लाभ मिला? अयोध्या की सुरक्षा को एकदम पीएम हाउस या राष्ट्रपति भवन की तर्ज पर अपग्रेड करना चाहिए था, लेकिन सुरक्षा के नाम पर जो तरीके अपनाए गए, उसका खामियाजा यह हुआ कि आज राम मंदिर से आम जनमानस और गरीब जनता कट गई है. कथित भ्रष्टाचार पर बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने तब आवाज उठाई थी जब किसी ने मुंह नहीं खोला था.'जांच पूरी होने पर फिर खोलूंगा पोल'अयोध्या के रंग महल मंदिर के पास लगे बैरियरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सब किसी के इशारे पर हो रहा था. फिलहाल पूरे मामले की जांच चल रही है और लोग अपना काम कर रहे हैं. बृजभूषण सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, अभी जांच चल रही है इसलिए मेरा बोलना नहीं बनता, लेकिन जैसे ही जांच पूरी हो जाएगी, मैं एक बार फिर सामने आऊंगा और बताऊंगा कि जांच सही हुई है या गलत.यौन शोषण मामले पर बोले- 'दोषी मिला तो फांसी पर लटक जाऊंगा'वहीं, कोर्ट में चल रहे यौन शोषण के संवेदनशील मामले में 3 अगस्त को आने वाले कोर्ट के फैसले पर पूर्व सांसद ने अपनी पुरानी बात दोहराई. उन्होंने कहा, 3 अगस्त के लिए फैसला सुरक्षित (Reserve) रख लिया गया है, जो कि एक कानूनी प्रक्रिया है. मैंने पहले भी कहा था और आज भी कायम हूं कि अगर यह आरोप सच साबित हुआ, तो मैं फांसी पर लटकने को तैयार हूं. शिकायत करने वाले लोग न तो सही समय बता पा रहे हैं, न साल और न ही घटना की जगह. मेरे वकील ने कोर्ट में पूरी बात मजबूती से रखी है.रिटायर्ड IAS ने चंपत राय पर लगाए गंभीर आरोपइस बीच, राम मंदिर को सोने से जड़ित 'श्रीरामचरितमानस' भेंट करने वाले एक रिटायर्ड आईएएस (IAS) और पूर्व गृह सचिव ने भी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के व्यवहार पर नाराजगी जताई है. पूर्व अधिकारी ने भावुक होते हुए कहा, मैंने अपनी माता जी के गहनों और अपनी जमा-पूंजी से सोने की श्रीरामचरितमानस बनवाई थी. कुछ दिनों तक तो उसका अपडेट मिला, लेकिन अब बताया जा रहा है कि वह गार्ड रूम में धूल खा रही है. चंपत राय का व्यवहार बेहद खराब था और मैं चढ़ावा चोरी की खबरों से बहुत आहत हूं. पूर्व आईएएस अधिकारी अब भगवान श्रीराम की स्वर्ण जड़ित तस्वीर के चरणों में बैठकर सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं.
भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क को और अधिक सुरक्षित, आधुनिक और हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है. रेल मंत्रालय ने ईस्टर्न रेलवे (Eastern Railway) के आसनसोल मंडल में सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरी तरह से कायाकल्प करने के लिए 432 करोड़ रुपये की भारी-भरकम इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग परियोजना को हरी झंडी दे दी है. इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक पर ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा दोनों में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा.27 स्टेशनों पर पुरानी तकनीक की होगी छुट्टीमंजूर की गई इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना के तहत हाई डेंसिटी नेटवर्क (HDN) और हाईली यूटिलाइज्ड नेटवर्क (HUN) पर स्थित कुल 27 स्टेशनों और केबिनों को कवर किया जाएगा. इसके साथ ही एक इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (IBS) लोकेशन को भी अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा. इस तरह कुल 28 पुराने रिले-आधारित (Relay-Based) इंटरलॉकिंग सिस्टम की जगह पूरी तरह कंप्यूटर-आधारित आधुनिक तकनीक लेगी.क्या है इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग तकनीक और इसके फायदे?इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक पूरी तरह से कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर आधारित आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम है. पारंपरिक रिले-बेस्ड सिस्टम के मुकाबले इसे बेहद सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता है.फास्ट फॉल्ट डिटेक्शन: यह सिस्टम सिग्नलिंग में आने वाली किसी भी खराबी या तकनीकी चूक का रियल-टाइम में तेजी से पता लगा लेता है.आसान मेंटेनेंस: कंप्यूटर आधारित होने के कारण इसका रखरखाव और रिपेयरिंग का काम बेहद आसान और कम समय लेने वाला होता है.बेहतर ट्रेन ऑपरेशन: यह व्यस्त रेल रूटों पर ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में अधिक लचीलापन (Flexibility) प्रदान करता है, जिससे मानवीय चूक की गुंजाइश खत्म हो जाती है.रेलवे के मिशन आधुनिकीकरण और 'कवच' का हिस्सायह परियोजना भारतीय रेलवे के उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत देश के सभी व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर (HDN/HUN Routes) को सुरक्षित बनाया जा रहा है. इन रूट्स पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के साथ-साथ भारत की स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' (Kavach), ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल जैसी तकनीकों को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस कदम से व्यस्त रेल सेक्शन्स में लाइन कैपेसिटी (ट्रेनों को संभालने की क्षमता) बढ़ेगी और यात्रियों का सफर पहले से ज्यादा तेज, सुरक्षित और सुचारु हो जाएगा.
अगर आप भी किसी नए शहर में रास्ता खोजने के लिए गूगल मैप्स (Google Maps) का इस्तेमाल करते हैं, तो अब यह ऐप आपके लिए कुछ ऐसा करने जा रहा है जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी. स्मार्टफोन पर घंटों फूड डिलीवरी ऐप्स खंगालने, रेस्टोरेंट ढूंढने और डिस्काउंट कूपन तलाशने का काम अब हमेशा के लिए खत्म होने वाला है. गूगल मैप्स एक ऐसा क्रांतिकारी अपडेट ला रहा है, जिसके बाद यह ऐप आपके लिए खुद खाना ऑर्डर कर सकेगा.एंड्रॉयड कोड में मिले बड़े हिंट्स, जल्द होगा ऐलानगूगल मैप्स का यह नया फीचर आने वाले समय में गेम चेंजर साबित हो सकता है. 'एंड्रॉयड अथॉरिटी' की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल मैप्स के नए एंड्रॉयड बीटा वर्जन (26.27.00.941319029) के बैकएंड कोड में कुछ बेहद खास संकेत मिले हैं. ऐप के सोर्स कोड में 'ask maps food ordering promo' जैसी लाइनें देखी गई हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि गूगल इस एआई-बेस्ड फीचर पर तेजी से काम कर रहा है और जल्द ही इसका ऑफिशियल एलान कर यूजर्स को प्रमोशनल ऑफर्स भी दे सकता है.एआई (AI) आपके लिए कैसे करेगा खाना ऑर्डर?हालांकि गूगल ने अभी तक इस फीचर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, इसलिए इसके काम करने का सटीक तरीका पूरी तरह सामने नहीं आया है. टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फीचर गूगल के एडवांस एआई 'जेमिनी' (Gemini AI) से लैस होगा. यूजर सीधे गूगल मैप्स से ही अपने सेव किए गए या पसंदीदा रेस्टोरेंट को वॉयस कमांड या टेक्स्ट के जरिए खाना ऑर्डर करने के लिए कह सकेंगे और एआई बैकएंड में डिलीवरी पार्टनर के जरिए ऑर्डर प्लेस कर देगा.क्लाउड एआई या ऑन-डिवाइस? उठ रहे हैं कई सवालभले ही यह फीचर सुनने में बेहद शानदार और सुविधाजनक लग रहा है, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली को लेकर टेक जगत में कई सवाल भी उठ रहे हैं:प्रोसेसिंग मोड: अभी यह साफ नहीं है कि फूड ऑर्डर करने का यह काम क्लाउड पर मौजूद जेमिनी एआई करेगा या फिर इसके लिए स्मार्टफोन के ऑन-डिवाइस हार्डवेयर का इस्तेमाल होगा.पेमेंट सिक्योरिटी: राहत की बात यह है कि पैसों के लेन-देन में गूगल कोई रिस्क नहीं लेगा. एआई खुद से आपके खाते से पैसे नहीं काट सकेगा, फाइनल पेमेंट अप्रूवल यूजर को खुद अपने फोन से ही करना होगा.प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर एक्सपर्ट्स की चिंताएंइस नए अपडेट के साथ ही कुछ तकनीकी एक्सपर्ट्स ने प्राइवेसी को लेकर चिंताएं भी जाहिर की हैं:डेटा ट्रैकिंग: इस फीचर के एक्टिव होने के बाद गूगल के पास आपकी ईटिंग हैबिट्स (खाने-पीने की आदतें), पसंदीदा फूड और बजट का पूरा डेटा चला जाएगा.स्पॉन्सर्ड रेस्टोरेंट का खेल: कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि जेमिनी एआई आपको आपके पसंदीदा आउटलेट के बजाय उन रेस्टोरेंट के विकल्प ज्यादा दिखा सकता है जो गूगल को विज्ञापन (Sponsorship) देते हैं.अकाउंट हैकिंग का डर: यदि किसी वजह से आपका गूगल अकाउंट हैक होता है, तो हैकर्स आपके एड्रेस और मैप्ड क्रेडेंशियल्स का गलत इस्तेमाल कर फर्जी ऑर्डर भी प्लेस कर सकते हैं.
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा घोटाले का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस मुद्दे को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है. शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस कथित घोटाले के विरोध में मुंबई के दादर में एक विशाल 'राम रक्षा आंदोलन' का आयोजन किया. आंदोलन के दौरान उद्धव ठाकरे ने केंद्र और महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार पर तीखे हमले किए. उन्होंने मंदिर के दान में हेराफेरी करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि भगवान के घर में चोरी करने वालों को हिंदू समाज कभी माफ नहीं करेगा.'हम पक्के हिंदू हैं, मूर्ख नहीं'मुंबई में जुटे जनसैलाब को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने हिंदुत्व पर रुख साफ किया. उन्होंने कहा, हम पक्के हिंदू हैं और दिल के भोले हैं, लेकिन मूर्ख बिल्कुल नहीं हैं. उन्होंने बीजेपी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदुत्व का मुखौटा पहनकर मंदिर को लूट रहे हैं. उद्धव ने याद दिलाया कि जब देश में राम मंदिर आंदोलन के दौरान शिला पूजन, रथ यात्रा और कार सेवा हो रही थी, तब शिवसैनिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. कई कार सेवकों ने अपना खून बहाया और जान गंवाई. उन्होंने कहा कि मुंबई दंगों और बम धमाकों के मुश्किल वक्त में सिर्फ बालासाहेब ठाकरे ही हिंदुओं की रक्षा के लिए ढाल बनकर खड़े हुए थे.पीएम मोदी पर तीखा हमलाउद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की. उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसैनिकों और हिंदुओं की मेहनत की बदौलत जो लोग आज सत्ता के शीर्ष पर बैठे हैं, वही अब हिंदुत्व को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने 'अयोध्या तो झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है' के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि न जाने ये लोग आगे क्या करेंगे. उद्धव ने कहा कि आज अवांछित लोग सत्ता का सुख भोग रहे हैं और आम हिंदू खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है.SIT जांच को बताया दिखावाराम मंदिर चढ़ावा विवाद की चल रही एसआईटी (SIT) जांच पर भी उद्धव ठाकरे ने गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर तंज कसते हुए कहा कि यह ऐसा है जैसे चोर से ही चोरी की जांच करने को कह दिया जाए. उन्होंने दावा किया कि इस जांच का नतीजा सिर्फ आरोपियों को क्लीन चिट देना होगा. उद्धव ने दोटूक कहा कि राम मंदिर में हेराफेरी करने वालों को 'राम' का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने देश के सभी हिंदुओं से एकजुट होकर राम रक्षा आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया.
देश की सबसे तेजी से उभरती विमानन कंपनी अकासा एयर (Akasa Air) अब आम जनता को सस्ते में हवाई सफर कराने की तैयारी कर रही है. कंपनी केंद्र सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना 'उड़े देश का आम नागरिक' (UDAN) का हिस्सा बनने जा रही है. अकासा एयर के संस्थापक और सीईओ (CEO) विनय दुबे ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि कंपनी इस योजना के तहत नए रूटों पर उड़ानें शुरू करने की संभावनाओं का गहराई से अध्ययन कर रही है. हर रूट का अलग-अलग आकलन करने के बाद जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.2032 तक बेड़े में शामिल होंगे 226 दमदार विमानअकासा एयर के सीईओ विनय दुबे ने कंपनी के विस्तार प्लान को लेकर कई बड़ी बातें साझा कीं. उन्होंने बताया कि कंपनी के बेड़े में नए विमानों की एंट्री तय शेड्यूल के मुताबिक हो रही है. साल 2026 में अब तक अकासा एयर को बोइंग 737 मैक्स के 9 नए विमान मिल चुके हैं. कंपनी ने कुल 226 विमानों का बड़ा ऑर्डर दिया है, जिनमें से बचे हुए 186 विमान साल 2032 के अंत तक कंपनी के बेड़े में शामिल हो जाएंगे.हर साल 40% तक क्षमता बढ़ाने का मेगा प्लानकंपनी चालू वित्त वर्ष में अपनी क्षमता को करीब 30 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. वहीं, अगले 4 से 5 सालों में हर साल 30 से 40 प्रतिशत क्षमता विस्तार करने की योजना है. गौरतलब है कि सरकार ने 4 जुलाई को ही संशोधित UDAN योजना की शुरुआत की है, जिसका मकसद देश के दूरदराज और बिना हवाई सेवा वाले इलाकों को सस्ते किराए में एयर कनेक्टिविटी से जोड़ना है. अक्टूबर 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 669 रूट चालू हो चुके हैं और 95 हवाई अड्डों को जोड़ा जा चुका है.28 घरेलू और 7 इंटरनेशनल शहरों में नेटवर्कमौजूदा समय में अकासा एयर देश के 28 घरेलू और 7 अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए अपनी सफल उड़ान सेवाएं दे रही है. विनय दुबे ने बताया कि कंपनी एटीएफ प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड और इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) में शामिल होने पर भी विचार कर रही है, जिसकी शर्तों का फिलहाल अध्ययन किया जा रहा है.5000 कर्मचारियों और सिंगल क्लास मॉडल पर भरोसाअकासा एयर अपनी पुरानी रणनीति पर कायम रहते हुए फिलहाल सिंगल एयरक्राफ्ट टाइप और सिंगल क्लास मॉडल (बिना बिजनेस क्लास) पर ही काम करती रहेगी, हालांकि बाजार की जरूरतों के हिसाब से इसकी समीक्षा होती रहेगी. वैश्विक स्तर पर विमान इंजन की किल्लत के बीच भी बोइंग कंपनी अकासा को समय पर डिलीवरी दे रही है. मंदी के दौर में भी कर्मचारियों को न निकालने का फायदा कंपनी को मिल रहा है. आज अकासा एयर के पास 5,000 से अधिक कर्मचारी हैं, जिनमें 850 से ज्यादा कर्मठ पायलट शामिल हैं.
उत्तराखंड : रामनगर के लग्जरी रिसॉर्ट में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 51 अरेस्ट
रामनगर। उत्तराखंड की नैनीताल पुलिस ने रामनगर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में चल रहे कथित हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का रविवार को भंडाफोड़ करते हुए 51 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग सहित 10 महिलाओं को मुक्त कराया गया, जबकि एक किशोर को संरक्षण में लिया गया। रिसॉर्ट को सील कर दिया […] The post उत्तराखंड : रामनगर के लग्जरी रिसॉर्ट में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 51 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान से जुड़ेगा राजस्थान का पूर्व छात्र परिवार
जयपुर। विद्या भारती राजस्थान द्वारा संचालित पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान (1 जुलाई से 15 अगस्त 2026) के अंतर्गत आज सेवाधाम परिसर, जयपुर में पूर्व छात्र परिषद, जयपुर महानगर के कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य तथा कार्यपद्धति पर विस्तार […] The post पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान से जुड़ेगा राजस्थान का पूर्व छात्र परिवार appeared first on Sabguru News .
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Scam) के आरोपों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरी महाराज ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है. ज़ी न्यूज़ द्वारा उनकी जवाबदेही पर सवाल उठाए जाने के बाद उन्होंने एक हस्ताक्षरित पत्र जारी कर अपनी सफाई पेश की. गोविंद गिरी ने इस पूरे विवाद में अपनी भूमिका और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि वे कथाओं के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं और महीने-डेढ़ महीने में ही अयोध्या आते हैं, इसलिए ज्यादातर जिम्मेदारियां उनकी नहीं थीं. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सत्य सामने आएगा और संदेह के बादल छंटेंगे.अयोध्या के साधु-संतों में भारी आक्रोश, उठाए गंभीर सवालकोषाध्यक्ष गोविंद गिरी के इस स्पष्टीकरण के बाद अयोध्या के संतों और आम जनमानस में नाराजगी और बढ़ गई है. हनुमान गढ़ी के महंतों और पुजारियों समेत अयोध्या के प्रमुख संतों डॉ. दिवेशाचार्य, शशिकांत दास, गुंजन दास, सीताराम दास और डॉ. चंद्रांशु महाराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गोविंद गिरी को कटघरे में खड़ा किया. संतों का कहना है कि जब वे ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं, तो दान की सुरक्षा और हिसाब-किताब की पूरी जवाबदेही उन्हीं की बनती है. संतों ने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि वे दशकों से रामलला की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं, जबकि असली जिम्मेदार व्यक्ति सामने आने से बच रहा है.आलंदी आश्रम में मौजूद हैं महाराज, पुणे में है करोड़ों का बंगलाज़ी न्यूज़ की टीम ने जब कोषाध्यक्ष की लोकेशन का पता लगाया, तो सामने आया कि वे इस समय महाराष्ट्र के आलंदी स्थित वेदश्री तपोवन आश्रम में हैं, जहां धार्मिक अनुष्ठान और ट्रस्टियों के साथ उनकी बैठकें चल रही हैं. सुरक्षा कारणों से आम लोगों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई और उनके दिल्ली रवाना होने की चर्चा है. इसके अलावा पुणे की प्राइम लोकेशन मॉडर्न कॉलोनी में उनका एक विशाल और आलीशान बंगला भी है, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है.
भारत-इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते: प्रम्बानान मंदिर की अनकही कहानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से अपने छह दिवसीय विदेश दौरे की शुरुआत कर रहे हैं, जिसके पहले चरण में वे इंडोनेशिया पहुंचेंगे. साल 2018 में भारत और इंडोनेशिया के बीच रिश्तों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) का दर्जा दिए जाने के बाद यह पीएम मोदी की पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा है. जकार्ता में इंडोनेशिया के नए राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बातचीत और भारतीय समुदाय को संबोधित करने के अलावा, इस पूरे दौरे का सबसे खास आकर्षण योग्याकार्ता (Yogyakarta) में स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानान मंदिर परिसर (Prambanan Temple Complex) है.आइए जानते हैं नौवीं शताब्दी के इस भव्य मंदिर के इतिहास, इसकी अनूठी वास्तुकला और दोनों देशों के रिश्तों में इसके सांस्कृतिक महत्व के बारे में.1. प्रम्बानान मंदिर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्वप्रम्बानान मंदिर केवल पत्थरों की एक इमारत नहीं है, बल्कि यह भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का एक जीता-जागता प्रमाण है. नौवीं शताब्दी में बना यह परिसर पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया में भगवान शिव को समर्पित सबसे बड़ा और भव्य हिंदू मंदिर है. इसकी ऐतिहासिक महत्ता और बेजोड़ बनावट को देखते हुए यूनेस्को (UNESCO) ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है. पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत समर्थित जीर्णोद्धार (Restoration) कार्यों का उद्घाटन भी दोनों देशों के साझा इतिहास को एक नई मजबूती देगा.2. त्रिमूर्ति को समर्पित वास्तुकला का बेजोड़ नमूनाइस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी त्रिकोणीय धार्मिक मान्यता और वास्तुकला है. मुख्य परिसर के केंद्र में तीन सबसे विशाल मंदिर हैं, जो हिंदू धर्म के त्रिमूर्ति—भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित हैं.शिव मंदिर की भव्यता: इनमें सबसे ऊंचा और विशाल केंद्र बिंदु भगवान शिव का मंदिर है, जिसकी ऊंचाई लगभग 47 मीटर है. इसके गर्भगृह में महादेव की एक बेहद भव्य मूर्ति स्थापित है.वाहनों के मंदिर: त्रिमूर्ति के ठीक सामने उनके वाहनों यानी नंदी (शिव), गरुड़ (विष्णु) और हंस (ब्रह्मा) के लिए भी तीन अलग-अलग मंदिर बनाए गए हैं. इस पूरे परिसर की गगनचुंबी मीनारें दूर से ही अपनी ओर आकर्षित करती हैं.3. मंदिर की दीवारों पर उकेरी गई रामायण की गाथाप्रम्बानान की दीवारों पर की गई नक्काशी प्राचीन कारीगरी का एक अद्भुत उदाहरण है. मंदिर की बाहरी और भीतरी दीवारों पर पत्थरों को तराश कर पूरी रामायण और भागवत पुराण की कहानियों को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है. यहाँ की रामायण गैलरी को देखकर यह साफ समझ आता है कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर होने के बाद भी इंडोनेशिया की संस्कृति में सनातन मूल्य कितने गहरे रचे-बसे हैं. इसके अलावा, यहाँ हर शाम होने वाला पारंपरिक 'रामायण बैले नृत्य' (Ramayan Ballet) पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है.4. कूटनीति और संस्कृति का अनूठा संगमयह यात्रा दर्शाती है कि भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ केवल व्यापार, रक्षा या समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) के रिश्ते ही नहीं बना रहा, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी सींच रहा है. इंडोनेशिया एक मुस्लिम बहुल देश है, लेकिन उसने अपनी इस प्राचीन हिंदू धरोहर को बेहद सम्मान और गर्व के साथ सहेज कर रखा है. पीएम मोदी का यहाँ जाना दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव (People-to-People ties) को और गहरा करेगा.
आत्म मंथन ही ईश्वर की वास्तविक भक्ति : निरंकारी संत कान्ता सोलंकी
अजमेर। सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संत निरंकारी मण्डल (संयोजक एवं प्रचारक) मारवाड कान्ता सोलंकी ने मधुरम गार्डन में शनिवार को आयोजित संयोजक स्तरीय निरंकारी संत समागम के दौरान सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के संदेश को अपने भाव उदगार करते हुए बताया कि ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति के उपरांत हृदय […] The post आत्म मंथन ही ईश्वर की वास्तविक भक्ति : निरंकारी संत कान्ता सोलंकी appeared first on Sabguru News .
PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज। वायरल वीडियो में आंदोलनकारी नेताओं ने भारत से मदद की अपील की। राशन संकट, गिरफ्तारियां और LoC पर दिए गए बयानों से बढ़ी चर्चा।
पेट्रोल में E20 का कमाल: भारत ने बचाए 1.90 लाख करोड़ रुपये, जानें कैसे बदल रही है ऊर्जा की तस्वीर
भारत का एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2014-15 से मई 2026 तक पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से देश ने 1.90 लाख करोड़ रुपये की बहुमूल्य विदेशी मुद्रा बचाई है। इस दौरान 310 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात को स्वदेशी एथेनॉल से प्रतिस्थापित किया गया है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत है।किसानों की आय और पर्यावरण को लाभ इस पहल का सीधा फायदा अन्नदाताओं को मिल रहा है। गन्ना, मक्का और चावल से एथेनॉल उत्पादन के जरिए किसानों की जेब में 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचे हैं। साथ ही, इससे 930 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है, जिससे भारत के 'क्लीन एनर्जी' मिशन को नई गति मिली है। वर्तमान में भारत अपनी 88.5% तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, जिसे कम करने में एथेनॉल ब्लेंडिंग सबसे बड़ा समाधान बनकर उभरा है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014-15 से लेकर मई 2026 तक, पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के इस अभियान से देश को 1.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। इस दौरान भारत ने 310 लाख मीट्रिक टन विदेशी कच्चे तेल की जगह स्वदेशी एथेनॉल का इस्तेमाल किया।रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 88.5 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और संकटों से बचने के लिए एथेनॉल ब्लेंडिंग सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक बन चुकी है।समझिए पर्यावरण को फायदा कैसे मिला?इसके अलावा इस कार्यक्रम का सीधा फायदा भारत के किसानों को मिला है। गन्ने, मक्के और टूटे हुए चावल (धान) से बनने वाले एथेनॉल के कारण किसानों को 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त कमाई हुई है।इसके साथ ही, पर्यावरण के लिहाज से भी यह एक बड़ी कामयाबी है। पेट्रोल में एथेनॉल मिक्स करने से देश में 930 लाख मीट्रिक टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन (प्रदूषण) कम हुआ है, जो भारत के क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) के संकल्प को मजबूत करता है।
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन भले ही उम्मीद के मुताबिक न रहा हो, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर अभिषेक नायर ने उनका बचाव किया है। नायर के अनुसार, इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच का दबाव बड़ा होता है, लेकिन वैभव की प्रतिभा पर कोई संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि 15 साल की उम्र में बिना किसी बोझ के खेलने की आजादी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।मानसिकता है असली परीक्षानायर ने स्पष्ट किया कि वैभव का करियर अभी शुरू हुआ है और असली चुनौती उनकी मानसिकता की है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि युवा स्टार को खुलकर खेलने की आजादी मिले, तो वह भविष्य में टीम इंडिया के लिए बड़ा मैच विनर साबित हो सकते हैं। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम में आए वैभव अब 7 जुलाई को नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ खुद को साबित करने के लिए तैयार होंगे।
बिहार विधानमंडल का आगामी मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना रविवार को जारी कर दी गई। पांच दिनों तक चलने वाला यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले 21 वर्षों में पहली बार ऐसा होगा जब विधानसभा की कार्यवाही में नीतीश कुमार मौजूद नहीं रहेंगे।

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