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HSSC Group C Recruitment 2026: हरियाणा जेल विभाग में 1238 पदों पर बंपर भर्ती, CET पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका

हरियाणा में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा और शानदार मौका सामने आया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने जेल विभाग के अंतर्गत ग्रुप सी (Group C) के 1238 पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत जेल वार्डर और असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट के पदों को भरा जाएगा। योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आज से ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।किस्म-किस्म के पदों के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता और उम्र सीमा की पूरी जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है, जिसे आवेदन करने से पहले ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है।HSSC जेल वार्डर भर्ती 2026: एक नजर में समझें पूरा शेड्यूलइस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को तय समय सीमा के भीतर ही अपना फॉर्म सबमिट करना होगा। मुख्य तारीखें और जरूरी बातें इस प्रकार हैं:भर्ती बोर्ड का नाम: हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC)पद का नाम: जेल असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट और जेल वार्डरकुल वैकेंसी: 1238 पदआवेदन का माध्यम: पूरी तरह ऑनलाइनआवेदन करने की तारीख: 24 जून से 30 जून 2026 (रात 11:59 बजे तक)फॉर्म में सुधार (Correction Window): 1 जुलाई से 2 जुलाई 2026 (रात 11:59 बजे तक)चयन का तरीका: लिखित परीक्षा (Written Exam) और दस्तावेज सत्यापन (DV)आधिकारिक वेबसाइट: hssc.gov.inपदों का पूरा ब्यौरा: पुरुष और महिला उम्मीदवारों के लिए कितनी हैं सीटें?हरियाणा सरकार की मौजूदा आरक्षण नीति के आधार पर इन 1238 खाली पदों को अलग-अलग कैटेगरी और विभागों में बांटा गया है, जिसकी पूरी लिस्ट आप यहां देख सकते हैं:कैटेगरी नंबरपद का नामविभागकुल पद1असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट (पुरुष)जेल विभाग302असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट (महिला)जेल विभाग033वार्डर (महिला)जेल विभाग1124वार्डर (पुरुष)जेल विभाग1093कुल पदों की संख्या1238योग्यता और उम्र सीमा: कौन-कौन कर सकता है अप्लाई?इस भर्ती में केवल वही उम्मीदवार भाग ले सकते हैं जिन्होंने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) ग्रुप सी 2025 की परीक्षा पास की है। इसके अलावा पदों के हिसाब से अन्य जरूरी योग्यताएं नीचे दी गई हैं:असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट के लिए: उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन (Graduation) की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही, 10वीं (मैट्रिक) में हिंदी या संस्कृत में से कोई एक विषय पढ़ा होना अनिवार्य है। इस पद के लिए उम्र सीमा 21 से 27 साल तय की गई है।जेल वार्डर के लिए: इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (सीनियर सेकेंडरी) पास होना जरूरी है। इसके साथ ही 10वीं स्तर पर हिंदी या संस्कृत विषय का होना आवश्यक है। इस पद के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 25 साल होनी चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 10:02 am

Petrol Diesel Price Today: सुबह होते ही बदले तेल के दाम, जेब पर कितना पड़ेगा असर? जानिए अपने शहर का हाल

हर सुबह की शुरुआत सिर्फ सूरज की नई किरणों से नहीं, बल्कि रसोई के बजट और गाड़ियों के ईंधन की नई कीमतों से भी होती है। आज यानी 25 जून 2026 को देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की ताजा दरें जारी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर रोज सुबह 6 बजे ये दाम तय किए जाते हैं। आइए जानते हैं कि आज आपके शहर में ईंधन किस भाव पर मिल रहा है।दिल्ली, मुंबई से लखनऊ तक: प्रमुख शहरों में आज का ताजा भावदेश के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय टैक्स (VAT) और माल ढुलाई की वजह से कीमतें अलग-अलग होती हैं। आज महानगरों और प्रमुख शहरों में तेल के दाम कुछ इस तरह हैं:नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹83.09 प्रति लीटरमुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹86.00 प्रति लीटरकोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 और डीजल ₹93.50 प्रति लीटरचेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹91.50 प्रति लीटरलखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.75 प्रति लीटरनोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹91.70 प्रति लीटरगुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 और डीजल ₹91.70 प्रति लीटरबेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 और डीजल ₹90.00 प्रति लीटरहैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹97.00 प्रति लीटरजयपुर: पेट्रोल ₹112.66 और डीजल ₹90.91 प्रति लीटरपटना: पेट्रोल ₹113.35 प्रति लीटरभुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 प्रति लीटरचंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 प्रति लीटरतिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 प्रति लीटरअहमदाबाद: डीजल ₹82.25 प्रति लीटरपुणे: डीजल ₹92.50 प्रति लीटरपिछले दो साल से बाजार में क्यों बनी हुई है स्थिरताअगर हम पिछले कुछ समय के ट्रेंड को देखें, तो मई 2022 में केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों द्वारा टैक्स में की गई कटौती के बाद से खुदरा कीमतों में एक बड़ी स्थिरता देखने को मिली है। हालांकि, इस बीच ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में कई बार बड़े उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन घरेलू बाजार में उपभोक्ताओं को इसका सीधा झटका नहीं लगा है।इन 5 बड़े कारणों से तय होती है आपके शहर में तेल की कीमतपेट्रोल पंप पर आप जो कीमत चुकाते हैं, उसके पीछे मुख्य रूप से पांच कारक काम करते हैं:इंटरनेशनल क्रूड ऑयल रेट: भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाली हर हलचल का असर यहां दिखता है।डॉलर बनाम रुपया: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल का लेन-देन अमेरिकी डॉलर में होता है। अगर डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो तेल का आयात महंगा हो जाता है।केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी और राज्य का वैट (VAT): ईंधन की कीमतों का एक बड़ा हिस्सा सरकारी टैक्स होता है। चूंकि हर राज्य का वैट अलग होता है, इसलिए लखनऊ और दिल्ली या मुंबई में तेल की कीमतें अलग-अलग हो जाती हैं।रिफाइनिंग कॉस्ट: कच्चे तेल को साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाने में आने वाली लागत भी अंतिम कीमत में जोड़ी जाती है।सप्लाई और डिमांड: त्योहारों या बदलते मौसम के दौरान जब अचानक गाड़ियां ज्यादा चलती हैं और मांग बढ़ती है, तो बाजार के समीकरण बदलते हैं।घर बैठे सिर्फ एक SMS से ऐसे जानें अपने शहर का ताजा रेटअगर आप बिना भाग-दौड़ किए अपने मोबाइल पर ही रोज का भाव जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियों ने इसके लिए बेहद आसान तरीका दिया है:Indian Oil (IOCL): अपने फोन के मैसेज बॉक्स में RSP [अपने शहर का कोड] टाइप करें और उसे 9224992249 पर भेज दें।BPCL: अपने शहर के कोड के साथ RSP लिखकर 9223112222 पर SMS करें।HPCL: अपने मोबाइल से HP Price लिखकर 9222201122 पर सेंड करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 10:01 am

RBI NBFC Norms: रिजर्व बैंक ने कड़े किए अपर लेयर NBFC के नियम; टाटा संस के लिए अब लिस्टिंग से बचना होगा नामुमकिन!

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र (NBFC Sector) में पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने अब 1 लाख करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति (Asset Size) वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) को 'अपर लेयर' (NBFC-UL) कैटेगरी में रखने के नियमों को बेहद आसान और ठोस बना दिया है।आरबीआई के इस नए फैसले के बाद अब सबसे बड़ा असर देश के दिग्गज कॉर्पोरेट घराने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) पर पड़ने जा रहा है। नए और कड़े रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के कारण टाटा संस के लिए अब शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्ट होने से बचने के सभी रास्ते लगभग बंद हो गए हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि रिजर्व बैंक का यह नया नियम क्या है और इससे टाटा संस की मुश्किलें क्यों बढ़ गई हैं।अब क्या है अपर लेयर NBFC की पहचान का नया पैमाना?पहले के नियमों (फ्रेमवर्क) के तहत, अपर लेयर NBFC की पहचान करने के लिए कंपनियों के आकार (Size), इंटरकनेक्टेडनेस (आपसी जुड़ाव) और उनकी जटिलता पर आधारित एक पेचीदा स्कोरिंग पद्धति (Scoring Method) का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अब केंद्रीय बैंक ने इस जटिल तरीके को हटाकर एक साफ और सीधा मानदंड अपना लिया है।नए संशोधन निर्देश, 2026 के अनुसार:1 लाख करोड़ का नियम: अब वे सभी NBFC अपर लेयर का हिस्सा होंगी, जिनका कुल एसेट साइज (संपत्ति का आकार) चालू वित्त वर्ष की लेटेस्ट ऑडिटेड बैलेंस शीट के अनुसार 1,00,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक है।हर 3 साल में समीक्षा: इस 1 लाख करोड़ रुपये की एसेट साइज सीमा की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और हर 3 साल में इस लिमिट को दोबारा परखा जाएगा।ग्रुप एंटिटी के लिए नियम: यदि कोई NBFC किसी कमर्शियल बैंक की ग्रुप एंटिटी है और दोनों एक जैसा बिजनेस या गतिविधि कर रहे हैं, तो उस NBFC को सभी कड़े नियमों का पालन करना ही होगा, चाहे वह किसी भी लेयर में आती हो।स्केल बेस्ड रेगुलेशन (SBR) के तहत NBFC की 4 कैटेगरीरिजर्व बैंक वित्तीय जोखिम (Risk Profile) और देश की अर्थव्यवस्था के लिए उनके महत्व के आधार पर एनबीएफसी को रेगुलेट करता है। इसके तहत पूरे सेक्टर को चार स्तरों (Layers) में बांटा गया है:लेयर का नामकौन सी कंपनियां आती हैं इसमें?1. NBFC-बेस लेयर (NBFC-BL)सबसे निचले स्तर की कंपनियां, जिन पर कम नियम लागू होते हैं।2. NBFC-मिडिल लेयर (NBFC-ML)मध्यम आकार की एनबीएफसी।3. NBFC-अपर लेयर (NBFC-UL)1 लाख करोड़ रुपये से अधिक एसेट वाली शीर्ष कंपनियां, जिन पर कड़े नियम लागू होते हैं।4. NBFC-टॉप लेयर (NBFC-TL)यदि अपर लेयर की किसी कंपनी से सिस्टम को बहुत बड़ा जोखिम दिखता है, तो उसे इस टॉप लेयर में डाला जाता है।टाटा संस के लिए प्राइवेट बने रहने का रास्ता कैसे हुआ बंद?अपर लेयर एनबीएफसी को लेकर आए इस स्पष्टीकरण के बाद अब पूरा वित्तीय बाजार टाटा ग्रुप की पैरेंट कंपनी टाटा संस पर नजरें गड़ाए हुए है। टाटा संस वर्तमान में एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में रिजर्व बैंक के पास रजिस्टर्ड है।विवाद और पृष्ठभूमि:आरबीआई ने साल 2022 में ही टाटा संस को 'अपर-लेयर एनबीएफसी' की सूची में डाल दिया था। नियमों के मुताबिक, इस श्रेणी में आने वाली किसी भी कंपनी को तीन साल के भीतर यानी सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य था। लेकिन टाटा संस स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की कड़ी बाध्यताओं से बचना चाहती थी, जिसके लिए उसने अपना सीआईसी (CIC) लाइसेंस रद्द करने और एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी आरबीआई को दी थी।क्यों बढ़ीं मुश्किलें?इकोनॉमिक टाइम्स इंटेलिजेंस ग्रुप (ETIG) के ताजा वित्तीय विश्लेषण के मुताबिक, केवल स्टैंडअलोन बेसिस (Standalone Basis) पर ही टाटा संस की कुल संपत्ति लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये की है। यह आरबीआई द्वारा तय की गई 1 लाख करोड़ रुपये की नई सीमा से बहुत ज्यादा है। वहीं कंपनी का कंसोलिडेटेड मार्केट कैप 300 अरब डॉलर से भी ऊपर जा चुका है।आरबीआई ने साफ कर दिया है कि वह नियमों में किसी भी कंपनी को कोई विशेष छूट नहीं देगा। ऐसे में टाटा संस का एसेट साइज बहुत बड़ा होने के कारण वह स्वतः ही अपर लेयर के दायरे में बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्पष्ट रुख के बाद टाटा संस के एक 'प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी बने रहने की बची-खुची संभावनाएं भी खत्म हो गई हैं और आने वाले समय में उसे भारतीय शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाना ही पड़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:58 am

Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट', जानें कब होगी मानसून की एंट्री

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों (Delhi-NCR) में रहने वाले लोगों को उमस भरी गर्मी के बीच आज राहत मिलने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार 25 जून को दिल्ली में दिनभर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इसके साथ ही दोपहर और शाम के समय तेज आंधी-तूफान (Thunderstorm) के साथ छिटपुट बारिश होने की प्रबल संभावना है।बता दें कि यह अनुमान बुधवार शाम को दिल्ली के कई हिस्सों में आई तेज धूल भरी आंधी और हवाओं के बाद आया है। मौसम में अचानक हुए इस बदलाव को देखते हुए आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर के लिए ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है और अगले कुछ घंटों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी दी है।दिल्ली में इस बार 18% कम बरसे बादल; मानसून का इंतजार बरकरारभले ही पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और उसके सैटेलाइट शहरों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में रुक-रुक कर प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, लेकिन राजधानी को अभी भी दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) की मुख्य बौछारों का बेसब्री से इंतजार है। इस साल मानसून अपने तय समय से देरी से चल रहा है।आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने में अब तक दिल्ली में केवल 39.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक 48.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इसका मतलब है कि इस बार अब तक सामान्य से लगभग 18 फीसदी कम बारिश हुई है।आखिर क्यों अटक गया मानसून? जानिए मौसम वैज्ञानिकों का तर्कमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की लेटलतीफी के पीछे मुख्य भौगोलिक कारण बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के ऊपर किसी मजबूत और अनुकूल कम दबाव वाले क्षेत्र (Low-Pressure System) का न बनना है। आमतौर पर यही वेदर सिस्टम नमी से भरी मानसूनी हवाओं को आगे धकेलते हुए उत्तर-पश्चिम भारत की ओर लाता है।हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया प्रभावी वेदर सिस्टम विकसित हो रहा है। इसके सक्रिय होने से मानसून की रफ्तार बढ़ेगी और जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून के दिल्ली पहुंचने की पूरी संभावना है।तापमान रहेगा सामान्य, लेकिन 'फील लाइक' टेम्परेचर 45C के पारमौसम विभाग के अनुसार, आज गुरुवार को गरज-चमक वाले बादल बनने की वजह से दिल्ली का अधिकतम तापमान 38C से 40C के बीच और न्यूनतम तापमान 23C से 25C के बीच रहने की उम्मीद है। सुबह के समय ठंडी हवाओं के कारण मौसम काफी सुहावना बना हुआ है।हीट इंडेक्स की मार: इससे पहले बुधवार को दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लेकिन हवा में भारी नमी (Humidity) होने के कारण हीट इंडेक्स (Heat Index) यानी महसूस होने वाला असली तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था, जिसने लोगों को चिपचिपी गर्मी से बेहाल कर दिया। आज दिनभर हवाओं की रफ्तार सामान्य रूप से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।दिल्ली की हवा में सुधार, 'मध्यम' श्रेणी में पहुंचा AQIगर्मी और आंधी के बीच दिल्ली वालों के लिए पर्यावरण के मोर्चे पर एक अच्छी खबर है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी एयर क्वालिटी बुलेटिन के अनुसार, बुधवार शाम को दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (Satisfactory) श्रेणी में दर्ज की गई। तेज हवाओं के चलने से प्रदूषण के कण साफ हुए हैं, जिसके चलते राजधानी का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 127 दर्ज किया गया, जो सांस लेने के लिहाज से काफी हद तक संतोषजनक है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:51 am

पश्चिम बंगाल मिड-डे मील विवाद: स्कूली भोजन से अंडे हटाने की सुगबुगाहट पर सियासी रार, जानें इस्कॉन और टीएमसी का स्टैंड

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब स्कूलों के भीतर बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन को लेकर एक नया और बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के सरकारी स्कूलों में 'पीएम पोषण' यानी मिड-डे मील योजना के मेनू से अंडों को हटाए जाने की सुगबुगाहट ने सियासी पारे को गरमा दिया है।इस पूरे मामले को वैश्विक धार्मिक व सामाजिक संस्था इस्कॉन (ISKCON) और राज्य की नवगठित भाजपा सरकार के नीतिगत फैसलों से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रमुख विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। टीएमसी का आरोप है कि बंगाल की संस्कृति के विपरीत बच्चों पर जबरन शाकाहार थोपने की कोशिश की जा रही है, जिससे उनके दैनिक पोषण और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर इस पूरे विवाद की जड़ क्या है और इस पर अलग-अलग पक्षों के क्या तर्क हैं।विवाद की असली वजह: राज्य सरकार के बजट में इस्कॉन को शामिल करने का प्रस्तावइस पूरे विवाद की शुरुआत पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पेश किए गए नए बजट के बाद हुई। विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने एक बड़ी घोषणा की थी। उन्होंने बताया था कि राज्य सरकार कोलकाता नगर निगम क्षेत्र और अन्य जिलों के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना के तहत भोजन तैयार करने, उसकी गुणवत्ता सुधारने और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए इस्कॉन (ISKCON) की सहायता लेने की उम्मीद कर रही है।इस घोषणा के तुरंत बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह दावा तेजी से वायरल होने लगा कि चूंकि इस्कॉन एक विशुद्ध शाकाहारी संस्था है, इसलिए अब स्कूलों के मेनू से अंडों को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही यह चर्चा भी शुरू हो गई कि इस्कॉन द्वारा तैयार किए जाने वाले नए मेनू में बच्चों को प्रोटीन देने के लिए अंडे की जगह पूरी तरह पौधों से मिलने वाले शाकाहारी विकल्पों जैसे पनीर और सोयाबीन को शामिल किया जाएगा।टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने उठाए सवाल, कहा- बच्चे अंडे पसंद करते हैंसरकार के इन शुरुआती संकेतों पर तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत के दौरान सरकार से अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।कुणाल घोष ने कहा, इस्कॉन दुनिया भर में एक बेहद सम्मानित और पवित्र धार्मिक संस्था है, इसमें कोई दोराय नहीं है। लेकिन व्यावहारिक समस्या यह है कि सरकारी स्कूलों में गरीब बच्चों को नियमित रूप से स्कूल बुलाना और उन्हें पौष्टिक खाना खिलाना एक बड़ी चुनौती है। अंडा एक ऐसी चीज है जिसे स्कूली बच्चे बहुत चाव से खाते हैं और यह उन्हें स्कूल आने के लिए आकर्षित भी करता है। यह उनके बेहतर शारीरिक विकास के लिए भी जरूरी है। चूंकि इस्कॉन के अपने धार्मिक नियम हैं, इसलिए वे प्याज-लहसुन और अंडे से पूरी तरह दूर रहेंगे। ऐसे में बच्चों का मेनू मांसाहार/अंडे से बदलकर पूरी तरह शाकाहारी हो जाएगा। हम चाहते हैं कि सरकार बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए इस पर दोबारा सोचे।डेरेक ओ'ब्रायन का तीखा हमला: बंगाल पर शाकाहार थोप रही है भाजपातृणमूल कांग्रेस के संयुक्त सचिव और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने इस मुद्दे को लेकर सीधे भारतीय जनता पार्टी की विचार प्रक्रिया पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों को उनके जरूरी पोषण अधिकारों से वंचित कर रही है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने तीखे पोस्ट में ओ'ब्रायन ने इस विवाद को चुनाव प्रचार के दौरान खान-पान पर हुई बहसों से जोड़ते हुए लिखा, चुनाव अभियान के दौरान 'मछली खाने' के ढोंग और राजनीतिक तमाशे के बाद, आखिरकार गुजरात जिमखाना का असली रूप सबके सामने आ गया है। बंगाल में नई भाजपा सरकार आते ही अपने एजेंडे पर काम करने लगी है। राजनीतिक विरोधियों पर आप चाहे जितने अंडे फेंकें, लेकिन मिड-डे मील के मेनू से अंडे हटाकर मासूम बच्चों को उचित पोषण से वंचित मत कीजिए। बंगाल में जबरन शाकाहार थोपा जा रहा है और बंगाल की जनता इस तानाशाही को पूरी तरह खारिज करती है।सोशल मीडिया के दावों पर इस्कॉन कोलकाता का बड़ा स्पष्टीकरणइस बढ़ते राजनीतिक तनाव और इंटरनेट पर वायरल हो रहे कथित भोजन चार्ट के बीच इस्कॉन कोलकाता (ISKCON Kolkata) के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर घूम रहे कथित मेनू को पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक करार दिया है।राधारमण दास ने 'X' पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा, मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ शरारती और राजनीतिक तत्व कोलकाता के स्कूलों में मिड-डे मील के लिए एक प्रस्तावित मेनू कार्ड साझा कर रहे हैं। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह साफ करना चाहता हूं कि अभी तक भोजन की ऐसी कोई भी सूची फाइनल नहीं की गई है और न ही यह कथित सूची हमारी ओर से जारी की गई है। सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद जब भी आधिकारिक मेनू तय होगा, हम खुद उसकी घोषणा करेंगे। कृपया बिना पुष्टि के इस तरह की गलत और भ्रामक जानकारियां साझा करने से बचें।क्या हैं केंद्र सरकार की 'PM POSHAN' (मिड-डे मील) योजना के नियम?केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली 'प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण' (PM POSHAN) योजना के तहत देश भर के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बालवाटिका से लेकर कक्षा 1 से 8 तक के करोड़ों बच्चों को दोपहर का गर्म और पका हुआ भोजन दिया जाता है। इस योजना के मुख्य कानूनी और प्रशासनिक नियम निम्नलिखित हैं:स्थानीय मेनू तय करने की पूरी छूट: केंद्र सरकार के मार्गदर्शक सिद्धांतों के तहत, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह वैधानिक स्वायत्तता दी गई है कि वे निर्धारित कैलोरी और पोषण मानकों (Nutrition Standards) को पूरा करते हुए अपनी स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों, खान-पान की संस्कृति और प्राथमिकताओं के अनुरूप अपना दैनिक मेनू खुद तय कर सकते हैं। यही कारण है कि कुछ राज्यों में मिड-डे मील में अंडे और फल दिए जाते हैं, तो कुछ राज्यों में पूरी तरह शाकाहारी भोजन मिलता है।गुणवत्ता और स्वच्छता के कड़े मानक: केंद्र सरकार ने भोजन की सुरक्षा को लेकर कड़े गाइडलान्स बनाए हैं। इसके तहत केवल एगमार्क या एफएसएसएआई (FSSAI) प्रमाणित खाद्य सामग्री का उपयोग, रसोइयों का समय-समय पर प्रशिक्षण और बच्चों को परोसे जाने से कम से कम आधे घंटे पहले स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्यों व शिक्षकों द्वारा भोजन को अनिवार्य रूप से चखना और उसका रिकॉर्ड रखना शामिल है।क्रियान्वयन की मुख्य जिम्मेदारी: इस राष्ट्रीय योजना को जमीनी स्तर पर सुचारू रूप से लागू करने, बजट का सही आवंटन करने और बच्चों को स्वच्छ व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की अंतिम और पूरी जवाबदेही संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों की ही होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:47 am

Income Tax Refund Status: केवल 7 दिनों में बैंक खाते में आ रहा है टैक्स रिफंड; लेकिन इन 4 गलतियों के कारण फंस सकता है आपका पैसा, तुरंत करें चेक

अगर आपने इस चालू असेसमेंट ईयर के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया है, तो आपके लिए एक बेहद अच्छी और बड़ी खुशखबरी है। इस साल टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) की ओर से टैक्स रिफंड जारी करने की रफ्तार में अभूतपूर्व तेजी देखी जा रही है। जो रिफंड पहले महीनों के लंबे और थकाऊ इंतजार के बाद बैंक खाते में क्रेडिट होता था, वह अब कई जागरूक करदाताओं को केवल 7 से 10 वर्किंग डेज (कार्य दिवसों) के भीतर सीधे उनके बैंक अकाउंट में मिल रहा है।हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सुपर-फास्ट सर्विस सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनका टैक्स डेटा पूरी तरह से साफ-सुथरा है। जिन मामलों में आंकड़ों का मिलान सही नहीं है, या टैक्स कैलकुलेशन थोड़ी पेचीदा व संदिग्ध है, वहां रिफंड आने में अभी भी 4 से 5 हफ्ते या एक महीने तक का समय लग सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस बार रिफंड इतनी जल्दी क्यों आ रहा है और वे कौन सी 4 बड़ी गलतियां हैं जिनकी वजह से आपका रिफंड बीच में ही फंस सकता है।आखिर क्यों इस बार रॉकेट की रफ्तार से आ रहा है रिफंड?इनकम टैक्स विभाग का बैकएंड प्रोसेसिंग सिस्टम पिछले कुछ सालों में पूरी तरह से अपग्रेड और हाई-टेक हो चुका है। रिफंड की इस चमत्कारी रफ्तार के पीछे पूरा खेल अत्याधुनिक एआई (AI) और आधुनिक टेक्नोलॉजी का है:डेटा का ऑटोमेटेड मिलान (Automated Verification): अब विभाग का सेंट्रलाइज्ड सिस्टम आपके द्वारा फाइल किए गए रिटर्न का मिलान आपके एआईएस (AIS) और टीडीएस (TDS) के लाइव डेटा से पलक झपकते ही कर लेता है।रीयल-टाइम इंटीग्रेशन: टैक्स विभाग का केंद्रीय सर्वर देश के सभी प्रमुख बैंकों, कॉर्पोरेट कंपनियों, स्टॉक ब्रोकर्स और अन्य वित्तीय रिपोर्टिंग संस्थाओं से सीधे रीयल-टाइम डेटा लेता है। अगर आपके द्वारा दाखिल किए गए आंकड़े और सरकारी रिकॉर्ड बिल्कुल मैच कर रहे हैं, तो एआई सिस्टम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के तुरंत रिफंड को हरी झंडी दे देता है।महत्वपूर्ण नोट: रिफंड प्रोसेसिंग की यह डिजिटल प्रक्रिया केवल तभी शुरू होती है, जब टैक्सपेयर अपने भरे हुए रिटर्न को ई-वेरिफाई (e-Verify) कर देता है। बिना ई-वेरिफिकेशन के आईटीआर अमान्य माना जाता है, इसलिए रिटर्न दाखिल करने के तुरंत बाद इसे पूरा करें।इन 4 गंभीर गलतियों के कारण बीच में ही अटक सकता है आपका रिफंडटैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, विभाग का नया ऑटोमेटेड सिस्टम जितना ज्यादा तेज हुआ है, वह डेटा की शुद्धता को लेकर उतना ही संवेदनशील भी हो गया है। आपकी एक छोटी सी भी मानवीय भूल रिफंड को महीनों के लिए रोक सकती है। रिफंड अटकने की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:1. AIS और TDS का आपस में मिसमैच होनाअगर आपके द्वारा रिटर्न में बताए गए आय के आंकड़ों और विभाग के पास मौजूद एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) या Form 26AS के आधिकारिक रिकॉर्ड में जरा सा भी अंतर (Mismatch) मिलता है, तो सिस्टम आपके रिटर्न को होल्ड पर डाल देता है और रिफंड रुक जाता है।2. बैंक अकाउंट डिटेल्स में गड़बड़ी या वैलिडेशन न होनायदि आपने आईटीआर फॉर्म भरते समय अपने बैंक खाते का नंबर या आईएफएससी (IFSC) कोड गलत दर्ज कर दिया है, तो रिफंड की राशि ट्रांसफर नहीं हो पाएगी। इसके अलावा, अगर आपका बैंक खाता आपके पैन (PAN) से लिंक नहीं है या ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्री-वैलिडेट (Pre-Validated) नहीं है, तो रिफंड रिक्वेस्ट फेल हो जाएगी।3. कैपिटल गेन्स और विदेशी आय का खुलासा न करनाअगर आपने शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या किसी प्रॉपर्टी की बिक्री से हुई कमाई (Capital Gains) की गलत रिपोर्टिंग की है, या अपनी किसी विदेशी आय (Foreign Income) व संपत्ति का खुलासा रिटर्न में नहीं किया है, तो आपका रिफंड तुरंत रोक दिया जाएगा।4. रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क (AI Filter) में फंसनाअगर आपके रिटर्न में कोई अस्वाभाविक या संदिग्ध टैक्स डिडक्शन क्लेम (जैसे फर्जी एचआरए या डोनेशन) दिखाई देता है, तो विभाग का ऑटोमेटेड रिस्क फिल्टर उसे अतिरिक्त स्क्रूटनी या गहन जांच के लिए अलग रख देता है।अगर अभी तक रिफंड खाते में नहीं आया, तो तुरंत करें ये 3 कामअगर आपको अपना रिटर्न ई-वेरिफाई किए हुए काफी समय बीत चुका है और रिफंड अभी तक बैंक खाते में नहीं पहुंचा है, तो बिना पैनिक हुए इन आसान स्टेप्स को तुरंत फॉलो करें:ई-फाइलिंग पोर्टल पर स्टेटस चेक करें: इनकम टैक्स विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर अपनी यूजर आईडी (पैन नंबर) और पासवर्ड की मदद से लॉग-इन करें। इसके बाद 'View Filed Returns' में जाकर अपने Refund Status की जांच करें कि आपका रिटर्न प्रोसेस हुआ है या नहीं।ईमेल और इंटिमेशन नोटिस देखें: अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी के इनबॉक्स और स्पैम फोल्डर को नियमित चेक करें। यदि डेटा मिसमैच या किसी अन्य गड़बड़ी के कारण रिफंड रोका गया होगा, तो विभाग की तरफ से धारा 143(1) के तहत Intimation Notice या रिफंड फेलियर का मेल जरूर आया होगा।रिफंड री-इश्यू रिक्वेस्ट (Refund Re-issue) डालें: अगर बैंक खाता अमान्य या प्री-वैलिडेट न होने की वजह से आपका रिफंड फेल हुआ है, तो सबसे पहले पोर्टल पर जाकर सही बैंक अकाउंट को वैलिडेट करें। इसके बाद सर्विस टैब में जाकर 'Refund Re-issue' की रिक्वेस्ट सबमिट कर दें। इस सुधार के बाद अगले 7 से 10 दिनों में पैसा सुरक्षित आपके खाते में आ जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:44 am

IMD Weather Forecast 25 June 2026: उत्तर भारत में आज फिर बढ़ेगा पारा; दिल्ली-NCR में आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट, जानें मानसून की ताजा स्थिति

पिछले कुछ दिनों में हुई धूल भरी आंधी और छिटपुट हल्की बारिश ने उत्तर भारत के लोगों को भीषण और झुलसाने वाली गर्मी से कुछ राहत जरूर दी थी, लेकिन आज मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, आज 25 जून 2026 को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में फिर से मामूली वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी।दूसरी तरफ, देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) का तांडव लगातार जारी है, जहां मूसलाधार बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति बनने लगी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज देश के अलग-अलग राज्यों और आपके शहर में मौसम कैसा रहने वाला है।उत्तर भारत में 'पश्चिमी विक्षोभ' एक्टिव; आंधी के साथ होगी बौछारेंमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में इस समय एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है। इसके प्रभाव की वजह से आज राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में दिनभर तेज गर्मी और उमस बनी रहेगी, लेकिन दोपहर बाद या शाम के समय कई इलाकों में अचानक मौसम करवट ले सकता है। धूल भरी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ इन राज्यों के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है।इस बीच, देश में मानसून के आगे बढ़ने की रफ्तार काफी अच्छी बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज 25 जून को मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के मध्य व पूर्वी हिस्सों में तेजी से आगे की तरफ कदम बढ़ाएगा।दिल्ली-NCR में कब होगी मानसून की एंट्री? मौसम विभाग का नया अपडेटदिल्ली-NCR के निवासियों के लिए राहत की बात यह है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से को कवर कर लेगा, जिसके बाद दिल्ली में भी मानसून की आधिकारिक एंट्री की घोषणा जल्द ही संभव है।वर्तमान वेदर सिस्टम को देखते हुए आईएमडी ने आज दिल्ली के विभिन्न जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, दिन में तेज धूप और उमस के कारण गर्मी बनी रहेगी, लेकिन दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ तेज आंधी और बिजली गिरने (Lightning) की आशंका जताई गई है। इस दौरान राजधानी में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जिससे सड़कों पर दृश्यता (Visibility) कम होने और यातायात प्रभावित होने का खतरा है। यही स्थिति दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बनी रहेगी।दिल्ली-NCR में आज का तापमान और लू का मिजाजमौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-NCR में आज 'लू' (Heatwave) चलने की संभावना तो नहीं है, लेकिन हवा में नमी (Humidity) का स्तर काफी ज्यादा होने के कारण लोगों को चिपचिपी और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।अधिकतम तापमान: आज दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम पारा 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।न्यूनतम तापमान: रात और सुबह के समय न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।कोंकण, गोवा और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्टएक तरफ जहां उत्तर भारत मानसून की मुख्य फुहारों का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं।पश्चिमी तट: महाराष्ट्र (विशेषकर मुंबई और उपनगर), गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में अगले 24 घंटों तक भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मुंबई के कई निचले इलाकों में पिछले दिनों हुई भारी बरसात के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जहां स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है।पूर्वोत्तर और उप-हिमालयी क्षेत्र: पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और हिमालय से सटे पश्चिम बंगाल (सिक्किम और डार्क फ्लीट रीजन्स) में आज मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इन पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) और नदियों का जलस्तर बढ़ने की वजह से लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:38 am

Samantha Ruth Prabhu Confirms Pregnancy: साउथ सुपरस्टार सामंथा रुथ प्रभु ने खुद किया बड़ा खुलासा, 'मैटरनिटी लीव' पर जाने का किया ऐलान

साउथ और पैन-इंडिया सिनेमा की सुपरस्टार सामंथा रुथ प्रभु (Samantha Ruth Prabhu) के फैंस के लिए एक बेहद खूबसूरत और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में एक्ट्रेस की प्रेग्नेंसी को लेकर जो अटकलें और कयास लगाए जा रहे थे, उन पर अब खुद सामंथा ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। एक्ट्रेस ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह जल्द ही मां बनने वाली हैं।मीडिया इवेंट में सामंथा ने खुद किया बड़ा ऐलान; लेंगी काम से ब्रेकयह अहम घोषणा उस वक्त हुई जब सामंथा अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मा इति बंगारम' (Maa Inti Bangaram) के एक मीडिया इवेंट में शामिल होने पहुंची थीं। वहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी लाइफ के इस खूबसूरत फेज को लेकर सब कुछ साफ कर दिया।सामंथा ने अपने आगामी प्रोजेक्ट्स और काम से दूरी बनाने के सवाल पर खुलकर बात करते हुए कहा, फिल्म 'मा इति बंगारम' के पूरा होने और रिलीज के बाद मुझे काम से थोड़ा लंबा ब्रेक लेना पड़ेगा, क्योंकि मेरी मौजूदा स्थिति (प्रेग्नेंसी) ऐसी ही मांग करती है। मुझे अब मैटरनिटी लीव (Maternity Leave) पर जाना होगा। हालांकि, मेरे फैंस को निराश होने की जरूरत नहीं है; इस ब्रेक के बाद मैं एक बिल्कुल नई फिल्म और दमदार कहानी के साथ पर्दे पर शानदार वापसी करूंगी।सक्सेस पार्टी के वीडियोज में दिखा था 'बेबी बंप', तभी से शुरू हुई थीं चर्चाएंएक्ट्रेस के इस लाइव और स्पष्ट बयान के बाद इंटरनेट पर चल रही तमाम अफवाहों पर पूरी तरह से मुहर लग गई है। दरअसल, कुछ समय पहले फिल्म की एक बड़ी सक्सेस पार्टी आयोजित की गई थी, जिसमें सामने आए कुछ वीडियो और क्लोज-अप तस्वीरों को देखकर फैंस ने दावा किया था कि सामंथा का बेबी बंप (Baby Bump) नजर आ रहा है। इसके बाद से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके मां बनने की चर्चाएं तेजी से वायरल होने लगी थीं, जिसे अब एक्ट्रेस ने खुद स्वीकार कर लिया है।दिसंबर 2026 में हो सकती है डिलीवरी; पहले ट्राइमेस्टर में हैं एक्ट्रेसफिल्म की प्रोडक्शन टीम और सामंथा के करीबी सूत्रों ने मनोरंजन जगत की प्रतिष्ठित पत्रिका 'स्क्रीन' से बातचीत में इस खबर से जुड़े कुछ और दिलचस्प पहलू साझा किए हैं। सूत्रों के अनुसार, फिल्म की बॉक्स ऑफिस सफलता के साथ-साथ यह व्यक्तिगत खुशखबरी भी बिल्कुल सही समय पर आई है।अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि सामंथा की डिलीवरी इस साल दिसंबर 2026 में होने की संभावना है, हालांकि खुद एक्ट्रेस या उनके परिवार ने अभी तक इस सटीक महीने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों ने आगे बताया, सामंथा इस समय अपनी प्रेग्नेंसी के पहले ट्राइमेस्टर (First Trimester) में हैं। पूरा परिवार और कपल इस नई शुरुआत को लेकर बेहद उत्साहित और खुश है। खासकर सामंथा, जो हमेशा से अपने जीवन में मां बनने के सुखद अनुभव को जीना चाहती थीं।मैटरनिटी ब्रेक के बाद बड़े पर्दे पर होगी धमाकेदार वापसीसामंथा रुथ प्रभु के इस फैसले से साफ है कि वह अगले कुछ महीनों तक चकाचौंध और शूटिंग सेट से पूरी तरह दूर रहकर अपनी सेहत और आने वाले बच्चे पर फोकस करेंगी। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में यह भी पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि यह ब्रेक केवल अस्थायी है। मां बनने की इस खूबसूरत जिम्मेदारी को निभाने के बाद वह एक बार फिर सिनेमाई पर्दे पर अपने अभिनय का जादू बिखेरने के लिए पूरी तैयारी के साथ लौटेंगी। इस खबर के सामने आने के बाद से ही दुनिया भर में मौजूद उनके करोड़ों फैंस, सह-कलाकार और सेलिब्रिटीज उन्हें सोशल मीडिया पर बधाइयां और शुभकामनाएं भेज रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:36 am

FIFA World Cup 2026: हैती को 4-2 से हराकर मोरक्को नॉकआउट में; अब 'राउंड ऑफ 32' में नीदरलैंड्स से होगी महाभिड़ंत

फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के मंच पर फुटबॉल का असली रोमांच और ड्रामा देखने को मिल रहा है। बुधवार को खेले गए ग्रुप-सी के एक बेहद उतार-चढ़ाव भरे और सांसें रोक देने वाले मुकाबले में मोरक्को (Morocco) ने जुझारू खेल दिखा रही हैती (Haiti) की टीम को 4-2 से शिकस्त दे दी है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही मोरक्को ने 'राउंड ऑफ 32' (नॉकआउट स्टेज) का टिकट शान से कटा लिया है।हालांकि, इस बड़ी जीत के बावजूद मोरक्को की टीम ग्रुप-सी में शीर्ष स्थान हासिल करने से चूक गई। मोरक्को ने ग्रुप स्टेज का अंत दिग्गज ब्राजील के बराबर कुल 7 अंकों के साथ किया। ब्राजील ने अपने अंतिम ग्रुप मैच में स्कॉटलैंड को 3-0 से मात दी थी, जिसके कारण बेहतर गोल अंतर (Goal Difference) के आधार पर ब्राजील पहले स्थान पर रहा और मोरक्को को दूसरे पायदान से संतोष करना पड़ा। अब नॉकआउट स्टेज में मोरक्को का सामना ग्रुप-एफ की नंबर वन टीम से होगा, जहां फिलहाल नीदरलैंड्स (Netherlands) मजबूती से टॉप पर काबिज है।पहले हाफ में हैती का धमाका; स्टार गोलकीपर यासीन बोनो भी हुए हैरानटूर्नामेंट की रेस से पहले ही बाहर हो चुकी हैती की टीम ने इस मुकाबले में अपनी प्रतिष्ठा के लिए खेलते हुए इतिहास का सबसे यादगार प्रदर्शन किया। मैच की शुरुआत में हैती के आक्रामक और निडर खेल ने मोरक्को के डिफेंस को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। खेल के 10वें मिनट में ही हैती ने मैच का पहला गोल दागकर सबको चौंका दिया। जोसुए कैसिमिर ने बेहतरीन मूव बनाते हुए गेंद को संभाला और जीन-केविन डुवर्न की तरफ पास बढ़ाया। डुवर्न ने बिना गलती किए गेंद को पेनल्टी एरिया के भीतर क्रॉस किया, जहां मुस्तैद खड़े लेनी जोसेफ ने एक जादुई 'बैकहील शॉट' मारा। गेंद मोरक्को के स्टार गोलकीपर यासीन बोनो (Yassine Bounou) के शरीर से दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से टकराती हुई सीधे नेट में चली गई और हैती ने 1-0 की बढ़त बना ली।कप्तान अशरफ हकीमी ने संभाली कमान; पहले हाफ में चार गोल का रोमांचशुरुआती झटके के बाद मोरक्को ने मैच पर अपना नियंत्रण बढ़ाया और लगातार आक्रमण किए, लेकिन हैती के अनुभवी गोलकीपर जॉनी प्लासिड दीवार बनकर खड़े रहे और कई शानदार बचाव किए। आखिरकार, हाफ-टाइम से ठीक 6 मिनट पहले मोरक्को का दबाव रंग लाया। बिलाल अल खानूस ने डी-एरिया के भीतर एक खतरनाक क्रॉस डाला, जिसे हैती के गोलकीपर प्लासिड केवल दूर ही धकेल सके। वहां खड़े मोरक्को के कप्तान अशरफ हकीमी (Achraf Hakimi) ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए रिबाउंड गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।हैती ने भी तुरंत पलटवार किया। पहले हाफ के अंतिम पलों में जीन-केविन डुवर्न ने एक बार फिर असिस्ट करते हुए विल्सन इसिडोर को पास दिया, जिन्होंने बॉक्स के बाहर से एक बेहद शक्तिशाली और सनसनीखेज शॉट दागकर अपनी टीम को 2-0 से आगे कर दिया, जिससे मोरक्को के फैंस सन्न रह गए।ब्रेक से ठीक पहले मोरक्को की वापसी और दूसरे हाफ का पलटवारहैती के दूसरे गोल का जश्न अभी थमा भी नहीं था कि मोरक्को ने ब्रेक (हाफ-टाइम) से ठीक पहले मैच में दोबारा वापसी कर ली। सोफियान अमराबत ने राइट विंग पर दौड़ रहे कप्तान हकीमी को थ्रू-पास दिया। हकीमी के सटीक कट-बैक को इस्माइल सैबारी ने बेहद शांति के साथ गोल पोस्ट के कोने में धकेल दिया। सैबारी का इस वर्ल्ड कप के इतने ही मैचों में यह तीसरा गोल है, जो उनकी शानदार फॉर्म को दर्शाता है।पहले हाफ के अंत तक स्कोर 2-2 की बराबरी पर था। लेकिन जैसे ही दूसरा हाफ शुरू हुआ, मोरक्को के लगातार और तीखे हमलों के सामने हैती का डिफेंस धीरे-धीरे बिखरने लगा। मैच के 78वें मिनट में मोरक्को को आखिरकार वह बढ़त मिल गई जिसका उसे इंतजार था। एक कॉर्नर किक को हैती के डिफेंडर ठीक से क्लियर नहीं कर पाए और गेंद सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सौफियान राहिमी के पैरों पर जा गिरी, जिन्होंने बिना कोई गलती किए करीब से गोल दागकर स्कोर 3-2 कर दिया।स्टॉपेज टाइम का हाई-वोल्टेज ड्रामा और वीएआर (VAR) का अंतिम फैसलामैच के इंजरी/स्टॉपेज टाइम में मोरक्को ने अपनी जीत पर अंतिम मुहर लगा दी, हालांकि यह गोल थोड़े विवाद और ड्रामे से भरपूर रहा। हैती के डिफेंडर यह सोचकर मैदान पर पूरी तरह रुक गए थे कि गेंद बाईलाइन (Byline) को पार करके बाहर जा चुकी है, लेकिन मोरक्को के राहिमी ने खेल जारी रखा और गेंद को गोल पोस्ट के सामने पास कर दिया, जहां खड़े 20 साल के युवा गेसिम यासीन ने खाली नेट में गेंद डालकर स्कोर 4-2 कर दिया।हैती के खिलाड़ियों ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद रेफरी ने लंबे समय तक वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की मदद ली। गहन रिव्यू के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि गेंद पूरी तरह से खेल के दायरे के भीतर ही थी और उसे लाइन से बाहर नहीं माना जा सकता, जिसके चलते गोल को वैध घोषित कर दिया गया।52 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी करने वाली हैती का सम्मानजनक सफरइस हार के साथ ही पूरे 52 साल (पांच दशक) बाद फीफा वर्ल्ड कप के मुख्य ड्रा में जगह बनाने वाली हैती की टीम बिना कोई अंक हासिल किए ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई है। भले ही हैती टूर्नामेंट में कोई मैच नहीं जीत सकी, लेकिन अफ्रीका की सबसे मजबूत और गत सेमीफाइनलिस्ट टीम मोरक्को को जिस तरह उन्होंने लोहे के चने चबाने पर मजबूर किया, उसकी दुनिया भर के फुटबॉल पंडित जमकर तारीफ कर रहे हैं। दूसरी ओर, मोरक्को अब पूरी लय और आत्मविश्वास के साथ नॉकआउट स्टेज (Round of 32) में प्रवेश कर चुका है, जहां दुनिया भर के फैंस को अब मोरक्को और नीदरलैंड्स के बीच एक ऐतिहासिक और कड़े मुकाबले की उम्मीद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:33 am

वेनेजुएला में 'महाप्रलय': 7.1 और 7.5 की तीव्रता वाले डबल भूकंप ने मचाई तबाही; साइंस से समझें आखिर क्यों कांपती है धरती?

कुदरत का कहर जब भी टूटता है, तो इंसान के बनाए बड़े-बड़े कंक्रीट के ढांचे और गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखर जाती हैं। कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर इस समय दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में देखने को मिल रहा है, जो अपने इतिहास की सबसे भीषण और विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है।वेनेजुएला में एक ही मिनट के भीतर दो के बाद एक बैक-टू-बैक शक्तिशाली भूकंप के झटके आए, जिसने हंसते-खेलते शहरों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। राजधानी काराकास से लेकर देश के अलग-अलग प्रांतों से सामने आ रहे वीडियो और तस्वीरें रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। सैकड़ों से भी ज्यादा इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं और देश का मुख्य इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी ढह गया है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की प्रारंभिक सैटेलाइट गणना के अनुसार, इस महाप्रलय में मरने वालों का आंकड़ा 10 हजार से भी पार जा सकता है। हालात को देखते हुए पूरे देश में आपातकाल (State of Emergency) लागू कर दिया गया है और समंदर में सुनामी का रेड अलर्ट जारी है।वेनेजुएला को दहलाने वाले 'डबल अटैक' का गणितमौसम और भूगर्भीय वैज्ञानिकों के मुताबिक, वेनेजुएला में आए इस भूकंप की तीव्रता और गहराई दोनों ही बेहद खतरनाक थीं:पहला झटका: रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई, जिसका केंद्र राजधानी काराकास से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में और ज़मीन से महज 13 किलोमीटर की गहराई में था।दूसरा झटका: पहले झटके के कुछ ही सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र मोरोन शहर से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में ज़मीन से केवल 10 किलोमीटर नीचे था।आखिर क्यों आते हैं इतने भयंकर भूकंप? जानिए इसके पीछे का विज्ञानवेनेजुएला हादसे के बाद हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर धरती के भीतर ऐसा क्या होता है जिससे इतने विनाशकारी भूकंप आते हैं? विज्ञान के नजरिए से समझें तो इन भयंकर झटकों के पीछे पृथ्वी की गहरी परतों में होने वाली निम्नलिखित 4 बड़ी हलचलें जिम्मेदार होती हैं:1. टेक्टोनिक प्लेटों का आपस में टकराना (Tectonic Plates)हमारी धरती ऊपर से भले ही एक ठोस गेंद जैसी दिखाई देती हो, लेकिन इसके अंदर की बनावट बिल्कुल अलग है। पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत (Crust) एक अखंड टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी प्लेटों से मिलकर बनी है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये प्लेटें धरती के अंदर मौजूद पिघले हुए लावे (मैग्मा) पर बेहद धीमी गति से लगातार तैर रही हैं। जब ये प्लेटें तैरते हुए आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के नीचे धंसती हैं, या एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं, तो सतह पर कंपन पैदा होता है जिसे हम भूकंप कहते हैं।2. फॉल्ट लाइन पर भारी दबाव बनना (Fault Lines)जहां दो टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाएं या किनारे आपस में मिलते हैं, उस कमजोर जोड़ को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। अक्सर गति करते समय ये प्लेटें आपस में बुरी तरह फंस जाती हैं और आगे नहीं बढ़ पातीं। लेकिन पृथ्वी के आंतरिक खिंचाव के कारण पीछे से लग रहा दबाव कम नहीं होता। इस वजह से उस फंसे हुए स्थान (फॉल्ट लाइन) पर सालों तक भारी मात्रा में इलास्टिक एनर्जी यानी तनाव ऊर्जा जमा होने लगती है।3. अचानक एनर्जी का बाहर निकलनाजब यह दबाव चट्टानों की सहने की क्षमता (सीमा) से बाहर हो जाता है, तो फॉल्ट लाइन की चट्टानें अचानक टूट जाती हैं या एक-झटके में फिसल जाती हैं। ऐसा होते ही सालों से रुकी हुई वह प्रचंड ऊर्जा एक सेकंड के भीतर 'भूकंपीय तरंगों' (Seismic Waves) के रूप में बाहर निकलती है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी स्प्रिंग को हाथों से बहुत ज्यादा दबाने के बाद अचानक छोड़ दिया जाए। यही तरंगें जब धरती की सतह तक पहुंचती हैं, तो महाविनाश लेकर आती हैं।इन 3 बातों पर तय होती है भूकंप की भयावहताकोई भी भूकंप कितना खतरनाक या विनाशकारी होगा, यह मुख्य रूप से तीन तकनीकी पैमानों पर निर्भर करता है:पैमानाक्या होता है इसका मतलब?प्रभावमैग्नीट्यूड (Magnitude)फॉल्ट लाइन टूटने से कितनी ऊर्जा बाहर निकली।7 से अधिक की तीव्रता वाले भूकंप हमेशा विनाशकारी होते हैं।फोकस की गहराई (Depth of Focus)धरती के अंदर जिस सटीक बिंदु पर भूकंप की शुरुआत होती है, उसे फोकस या हाइपोसेंटर कहते हैं।फोकस जितना सतह के करीब (जैसे 10-20 किमी अंदर) होगा, तबाही उतनी ही विकराल होगी।एपिसेंटर (Epicenter)फोकस के ठीक ऊपर धरती की सतह (Surface) पर स्थित बिंदु।इस केंद्र पर भूकंप के झटके सबसे तेज और नुकसान सबसे ज्यादा होता है।वेनेजुएला में ही क्यों आया इतना बड़ा भूकंप?भौगोलिक और भूगर्भीय बनावट के अनुसार वेनेजुएला दुनिया के सबसे संवेदनशील सीस्मिक जोन (Seismic Zone) में आता है। यह देश मुख्य रूप से कैरेबियन प्लेट (Caribbean Plate) और साउथ अमेरिकन प्लेट (South American Plate) के बिल्कुल मिलन बिंदु पर बसा हुआ है।वैज्ञानिकों का मानना है कि ये दोनों विशाल टेक्टोनिक प्लेटें लगातार एक-दूसरे के विपरीत दिशा में भीषण दबाव बना रही हैं। सालों से जमा हो रहा यही दबाव मोरोन शहर के पास फॉल्ट लाइन टूटने से अचानक बाहर आ गया, जिसके कारण वेनेजुएला में यह 'महाप्रलय' आई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:30 am

Box Office पर इम्तियाज अली का 'चमत्कार': धीमी शुरुआत के बाद हाउसफुल चल रही 'मैं वापस आऊंगा', 12 दिनों में कमाए इतने करोड़

बॉलीवुड के दिग्गज और लीक से हटकर फिल्में बनाने वाले मशहूर निर्देशक इम्तियाज अली इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' (Main Vaapas Aaunga) की बॉक्स ऑफिस सफलता का जश्न मना रहे हैं। इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। फिल्म में शरवरी वाघ, वेदांग रैना, दिलजीत दोसांझ और नसीरुद्दीन शाह जैसे बेहतरीन कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। बॉक्स ऑफिस पर मिल रहे इस शानदार और अप्रत्याशित रिस्पॉन्स पर अब खुद इम्तियाज अली का एक बड़ा और बेहद भावुक रिएक्शन सामने आया है।धीमी शुरुआत के बाद सिनेमाघरों में 'हाउसफुल' का बोर्डइम्तियाज अली की फिल्मों की यह खासियत रही है कि वे समय के साथ दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाती हैं, और ऐसा ही कुछ 'मैं वापस आऊंगा' के साथ भी देखने को मिल रहा है। भारत-पाकिस्तान बंटवारे (Partition Era) के दौर की एक दर्दभरी और रूहानी प्रेम कहानी पर आधारित इस फिल्म की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर बेहद धीमी रही थी। लेकिन मजबूत 'वर्ड ऑफ माउथ' (दर्शकों की तारीफ) के दम पर फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और अब देश भर के कई बड़े सिनेमाघरों में फिल्म के शो हाउसफुल चल रहे हैं।इम्तियाज अली की बेटी इदा अली ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में एक हाउसफुल स्क्रीनिंग के बाद इम्तियाज अली खुद थिएटर के अंदर दर्शकों से सीधे बातचीत करते और हाथ जोड़कर उनका आभार जताते हुए दिखाई दे रहे हैं।अगर लोग महाभारत समझ सकते हैं, तो मेरी फिल्में क्यों नहीं?थिएटर में मौजूद दर्शकों को संबोधित करते हुए इम्तियाज अली ने कहा, सिनेमा और लोगों की शक्ति में मेरी उम्मीद को फिर से जगाने के लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद। मुझे इंडस्ट्री में लगातार यह समझाया जाता है कि आम लोग इस तरह के गहरे सिनेमा को नहीं समझेंगे। मुझसे कहा जाता है कि अगर आप दर्शकों को खुश करना चाहते हैं और बॉक्स ऑफिस पर सफल होना चाहते हैं, तो सिर्फ एक खास फॉर्मूले वाली (मसाला) फिल्में बनाएं। लेकिन आपने इसे गलत साबित कर दिया।इम्तियाज ने आगे बेहद दिलचस्प बात कहते हुए कहा, मैंने अपने इंटरव्यूज में लाखों बार यह बात दोहराई है कि अगर इस देश के आम लोग जटिल 'महाभारत' की गाथा को इतनी गहराई से समझ सकते हैं, तो वे मेरी सीधी-सादी फिल्में क्यों नहीं समझ पाएंगे? अगर वे नहीं समझ पा रहे थे, तो यकीनन मुझमें ही कुछ कमी रही होगी और मैं खुद में सुधार करने की लगातार कोशिश कर रहा हूं। लेकिन इस फिल्म को सफल बनाकर आपने न केवल मेरा, बल्कि इस देश की सभी भाषाओं के उन 100 फिल्म निर्देशकों का आत्मविश्वास फिर से जगा दिया है जो कुछ अलग बनाना चाहते हैं।'किंग' डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने भी की फिल्म की जमकर तारीफइम्तियाज अली की इस फिल्म के मुरीद आम दर्शकों के साथ-साथ बॉलीवुड के बड़े फिल्ममेकर्स भी हो रहे हैं। ब्लॉकबस्टर एक्शन फिल्में देने वाले 'किंग' डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने भी व्यस्त शेड्यूल के बीच 'मैं वापस आऊंगा' देखने के लिए समय निकाला।फिल्म देखने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर फिल्म की तारीफ करते हुए लिखा, कितनी खूबसूरत और कमाल की फिल्म है! मिड-वीक (बुधवार) होने के बावजूद सिनेमाघर की पहली लाइन तक पूरी तरह हाउसफुल थी। 'मैं वापस आऊंगा' (MVA) की पूरी टीम को मेरा सलाम। दर्शक तुरंत सिनेमाघरों में जाएं और इस बेहतरीन सिनेमा का अनुभव लें।'मैं वापस आऊंगा' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (Box Office Collection)बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों की बाजीगरी पर नजर रखने वाली वेबसाइट 'सैकनिल्क' (Sacnilk) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' ने सिनेमाघरों में अपने पहले 12 दिनों के भीतर शानदार कमाई दर्ज की है:इंडिया ग्रॉस कलेक्शन: 35.54 करोड़ रुपयेइंडिया नेट कलेक्शन: 29.85 करोड़ रुपयेवर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन: 48.14 करोड़ रुपयेबंटवारे के बैकड्रॉप पर बनी इस कल्ट लव स्टोरी ने वर्ल्डवाइड मार्केट में 50 करोड़ रुपये के आंकड़े के बेहद करीब पहुंचकर यह साबित कर दिया है कि भारतीय सिनेमा में आज भी अच्छी और संजीदा कहानियों को देखने वाले दर्शकों की कोई कमी नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:29 am

RBI NBFC Rules: टाटा संस को रिजर्व बैंक से बड़ा झटका! अपर-लेयर एसेट लिमिट बढ़ाने की मांग खारिज; अब IPO लाना मजबूरी?

देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट घराने 'टाटा ग्रुप' की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से एक बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय बैंक ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन (NBFC) के नियमों को सख्त बनाए रखने का फैसला किया है, जिससे टाटा संस को रेगुलेटरी मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है।आरबीआई ने एनबीएफसी की 'अपर-लेयर' (Upper-Layer) में शामिल होने के लिए एसेट (संपत्ति) की सीमा को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये करने की कॉर्पोरेट जगत की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आसान भाषा में समझें तो आरबीआई के इस कड़े रुख का मतलब यह हुआ कि टाटा संस अभी भी रिजर्व बैंक के कड़े निगरानी दायरे (CIC-Core Investment Company) में बनी रहेगी और नियमों के तहत उसे भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य होगा।क्यों एसेट लिमिट में बदलाव चाहती थी टाटा संस?एनबीएफसी सेक्टर और टाटा ग्रुप की तरफ से लंबे समय से यह दलील दी जा रही थी कि किसी भी कंपनी के दर्जे को तय करने के लिए केवल संपत्ति का आकार ही नहीं, बल्कि उसके मुनाफे, वित्तीय स्थिरता और एसेट क्वालिटी को भी पैमाना बनाया जाना चाहिए। यदि आरबीआई इंडस्ट्री की मांग को मानते हुए एसेट लिमिट को बढ़ाकर ढाई लाख करोड़ रुपये कर देता, तो टाटा संस इस कड़े नियम के दायरे से पूरी तरह बाहर हो जाती।वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के आंकड़ों के अनुसार, टाटा संस की कुल standalone संपत्ति 1.75 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई है। यह संपत्ति आरबीआई की मौजूदा 1 लाख करोड़ रुपये की सीमा से तो अधिक है, लेकिन प्रस्तावित ढाई लाख करोड़ रुपये की सीमा से कम थी। हालांकि, रिजर्व बैंक अपने इस वित्तीय स्थिरता के फैसले से टस से मस नहीं हुआ।डूबी कंपनी तो पूरे फाइनेंशियल सिस्टम को खतरा: आरबीआईएक लाख करोड़ रुपये की इस सीमा को बरकरार रखने के पीछे रिजर्व बैंक ने बेहद मजबूत तर्क दिया है। आरबीआई का कहना है कि यह लिमिट मौजूदा एनबीएफसी सेक्टर की जमीनी हकीकत और इस दायरे में आने वाली कंपनियों के वित्तीय प्रोफाइल का गहन विश्लेषण करने के बाद ही तय की गई है।केंद्रीय बैंक ने साफ किया कि 'टू बिग टू फेल' (Too Big to Fail) के सिद्धांत के तहत इस स्तर की किसी भी बड़ी वित्तीय कंपनी के डूबने या संकट में आने से पूरे देश के फाइनेंशियल सिस्टम की स्थिरता और बैंकिंग नेटवर्क को बड़ा खतरा हो सकता है। आपको बता दें कि आरबीआई ने सबसे पहले सितंबर 2022 में ही टाटा संस को 'अपर-लेयर एनबीएफसी' की श्रेणी में डाला था, जिसके बाद से ही उसके लिए शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाना कानूनी रूप से जरूरी हो गया था।कर्ज चुकाकर रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की चाल; बोर्ड में खुलकर आया मतभेदशेयर बाजार में लिस्टिंग और आईपीओ की कड़े वैधानिक नियमों व बाध्यताओं से बचने के लिए टाटा संस ने पिछले दिनों एक रणनीतिक कदम उठाया था। कंपनी ने अपने ऊपर बकाया सभी तरह के कर्जों को पूरी तरह चुका दिया (Debt-Free) और खुद को कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के दायरे से बाहर बताते हुए आरबीआई के पास अपना एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर (रद्द) करने के लिए आवेदन कर दिया। टाटा संस का यह आवेदन अभी भी आरबीआई के पास लंबित (Pending) है।इस बीच, टाटा संस के बोर्ड रूम के भीतर लिस्टिंग को लेकर दो बड़े दिग्गजों के बीच वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं:नोएल टाटा (Noel Tata): टाटा ट्रस्ट्स द्वारा नामांकित डायरेक्टर नोएल टाटा कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग और आईपीओ लाने के सख्त खिलाफ हैं। उनका मानना है कि होल्डिंग कंपनी की गोपनीयता बनी रहनी चाहिए।वेणु श्रीनिवासन (Venu Srinivasan): ट्रस्ट के ही दूसरे नामांकित डायरेक्टर वेणु श्रीनिवासन लिस्टिंग के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि पब्लिक लिस्टिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी।आपको बता दें कि टाटा ट्रस्ट्स ही टाटा संस में सबसे बड़ी और मुख्य शेयरधारक (Shareholder) है, इसलिए बोर्ड के इस आंतरिक विवाद पर पूरे बाजार की नजरें टिकी हैं।standalone बैलेंस शीट से होगी जांच; बढ़ेंगी टाटा संस की मुश्किलेंआरबीआई ने अपने नए आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी एनबीएफसी कंपनी का मूल्यांकन उसके पूरे ग्रुप के एकीकृत खातों (Consolidated Accounts) के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी व्यक्तिगत standalone ऑडिटेड बैलेंस शीट के आधार पर ही किया जाएगा। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक अब हर 5 साल के बजाय हर 3 साल में इस एसेट लिमिट की समीक्षा करेगा ताकि तेजी से बदलते वित्तीय माहौल पर कड़ी नजर रखी जा सके।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरबीआई ने साफ तौर पर कहा है कि वह किसी भी विशिष्ट कंपनी को इस नियम में कोई 'विशेष छूट' या रियायत नहीं देगा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई की यह टिप्पणी भले ही सीधे तौर पर कुछ सरकारी एनबीएफसी के संदर्भ में आई हो, लेकिन इसका सीधा और गहरा असर टाटा संस के रजिस्ट्रेशन रद्द करने वाले आवेदन पर पड़ेगा, जिससे टाटा संस के लिए अब आईपीओ के रास्ते पर आगे बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:28 am

Mandir Me Diya Jalane Ke Niyam: पूजा घर में दीपक जलाते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां? जानें दीया जलाने का सही समय, दिशा और मंत्र

हिंदू सनातन धर्म में जब भी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है, तो उससे जुड़े शास्त्रों के नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। मान्यता है कि नियमों के अनुसार की गई पूजा ही पूर्ण रूप से सफल होती है और उसका शुभ फल प्राप्त होता है। पूजा-पाठ की इसी प्रक्रिया में दीपक (दीया) जलाने का एक बहुत बड़ा और आध्यात्मिक महत्व है।धार्मिक विधान के अनुसार, पूजा में गाय के शुद्ध घी से लेकर सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाने की परंपरा है। जब किसी घर में पूरी विधि-विधान के साथ दीपक प्रज्वलित किया जाता है, तो वहां से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और सुख, समृद्धि, अटूट धन व सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। हालांकि, पूजा के समय दीया जलाने को लेकर शास्त्रों में कुछ बेहद कड़े और जरूरी नियम बताए गए हैं। आइए जानते हैं दीपक जलाने का सही समय, सही विधि, दिशा और चमत्कारी मंत्र के बारे में विस्तार से।दीया जलाने का सही समय क्या है? (Right Time to Light Diya)शास्त्रों के अनुसार, घर के मंदिर में दिनभर में मुख्य रूप से दो बार दीपक जलाने का विधान बताया गया है। पहला दीपक सूर्योदय के समय यानी सुबह की पूजा में और दूसरा दीपक प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद संध्या आरती के समय जलाना चाहिए।सुबह का समय: प्रातः काल की पूजा के लिए सुबह 05:00 बजे से लेकर 07:00 बजे के बीच का समय दीपक जलाने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।शाम का समय: संध्या काल की पूजा के लिए शाम 05:30 बजे से लेकर 07:30 बजे के बीच दीपक प्रज्वलित कर देना चाहिए। (मौसम यानी सर्दी और गर्मी के अनुसार इस समय में थोड़ा-बहुत बदलाव किया जा सकता है)।विशेष लाभ: रोज शाम को घर के मुख्य द्वार (Main Gate) पर चौमुखी या एक मुखी दीया जलाने से राहु-केतु के दोष शांत होते हैं और माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में प्रवेश करती हैं।मंदिर में दीया जलाने की सही विधि क्या है? (Correct Method)यदि आप चाहते हैं कि आपकी पूजा का पूरा पुण्य मिले, तो दीपक जलाते समय इन चरणों और सावधानियों का पालन जरूर करें:धातु का चुनाव: पूजा के लिए आप मिट्टी का दीया या फिर धातु (जैसे पीतल, तांबा या चांदी) का दीपक चुन सकते हैं।दीपक की सफाई: दीया जलाने से पहले उसे अच्छी तरह साफ करें। यदि आप मिट्टी के दीए का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे पहले कुछ देर पानी में भिगोकर रखें और फिर सुखाकर ही उपयोग करें।तेल या घी: सुबह-शाम की ज्योत के लिए हमेशा गाय का शुद्ध घी, सरसों का तेल या फिर तिल के तेल का ही इस्तेमाल करना चाहिए। बाती को तेल या घी में अच्छी तरह भिगोकर ही दीपक में लगाएं।खंडित दीपक वर्जित: दीपक जलाने से पहले यह अच्छी तरह देख लें कि वह कहीं से टूटा-फूटा, चटका हुआ या गंदा तो नहीं है। शास्त्रों के अनुसार, खंडित या अशुद्ध दीया जलाने से घर में दरिद्रता और मानसिक तनाव बढ़ता है।दीपक का आसन: दीए को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें, उसे हमेशा एक छोटी प्लेट, कलावा या अक्षत (चावल) के आसन पर रखें।एक दीए से दूसरा दीया न जलाएं: कभी भी एक जलते हुए दीपक की लौ से दूसरे दीपक को नहीं जलाना चाहिए। ऐसा करने से जातक को दोष लगता है और पुण्य फल नष्ट हो जाते हैं।पर्याप्त ईंधन: इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पूजा के बीच में दीया बुझना नहीं चाहिए। इसके लिए दीपक में पर्याप्त मात्रा में घी या तेल डालें और जरूरत पड़ने पर समय-समय पर डालते रहें।दीया जलाते समय किस महामंत्र का जाप करें? (Powerful Diya Mantra)सनातन धर्म के अनुसार, जब आप मंदिर में दीपक की लौ प्रज्वलित कर रहे हों, तो शांत मन से नीचे दिए गए बेहद शक्तिशाली और पवित्र मंत्र का जाप करें। इस मंत्र के उच्चारण से दीपक की सकारात्मक ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है:शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा।शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते।।मंत्र का अर्थ: हे दीपक की पवित्र ज्योति! आप हमारा शुभ करें, कल्याण करें, हमें आरोग्य (अच्छा स्वास्थ्य) प्रदान करें और धन-संपत्ति की वृद्धि करें। हमारे भीतर और बाहर की अज्ञानता व शत्रु बुद्धि का विनाश करने वाली इस दीपज्योति को मेरा बारंबार नमस्कार है।दीपक रखने की सही दिशा और स्थान (Correct Direction for Diya)वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, दीपक को सही दिशा में रखना आपके भाग्य को बदल सकता है। इसके लिए इन नियमों को गांठ बांध लें:घी और तेल के दीपक का स्थान: यदि आप तेल का दीपक जला रहे हैं, तो उसे हमेशा भगवान की प्रतिमा या तस्वीर के बाईं ओर (Left Side) रखें। इसके विपरीत, यदि आप गाय के घी का दीपक जला रहे हैं, तो उसे भगवान के दाईं ओर (Right Side) स्थापित करें।लौ की दिशा: दीपक की लौ हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होनी चाहिए।पूर्व दिशा: पूर्व दिशा की ओर मुख करके जलाया गया दीपक मनुष्य की आयु और आरोग्यता को बढ़ाता है।उत्तर दिशा: उत्तर दिशा की ओर रखी गई दीपक की लौ घर में धन, कुबेर की कृपा और सुख-संपत्ति में निरंतर वृद्धि का कारक बनती है।दक्षिण दिशा का नियम: दक्षिण दिशा मुख्य रूप से पितरों (पूर्वजों) और मृत्यु के देवता यमराज की मानी जाती है। इसलिए रोज़ाना मंदिर का दीपक इस दिशा में भूलकर भी न रखें। इस दिशा में दीया केवल विशेष मौकों (जैसे यम दीपदान, दिवाली या पितृपक्ष) पर ही दक्षिण की ओर मुख करके जलाया जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:26 am

वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप से मची भारी तबाही: 7.1 और 7.5 की तीव्रता वाले दो बैक-टू-बैक झटकों से दहली धरती, 10 हजार मौतों की आशंका; आपातकाल घोषित

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद दर्दनाक खबर सामने आ रही है। वेनेजुएला की राजधानी काराकास (Caracas) समेत देश के एक बड़े हिस्से में प्रकृति का ऐसा भयानक तांडव देखने को मिला है, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। एक के बाद एक आए दो शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप के झटकों ने पूरे देश को मलबे के ढेर में तब्दील करना शुरू कर दिया है।इस भीषण प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों बहुमंजिला इमारतें और रिहायशी घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस महा-भूकंप की भयावहता को देखते हुए बड़े पैमाने पर तबाही हुई है और मलबे के नीचे दबने से लगभग 10,000 से अधिक लोगों के मारे जाने की एक डरावनी आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला सरकार ने पूरे देश में तत्काल प्रभाव से आपातकाल (State of Emergency) लागू कर दिया है।एक मिनट के भीतर आए दो विनाशकारी भूकंप के झटकेमौसम और भूगर्भीय वैज्ञानिकों के मुताबिक, वेनेजुएला में आए इस भूकंप की क्रोनोलॉजी बेहद डरावनी रही। पहला भूकंप रिक्टर स्केल पर 7.1 की तीव्रता का दर्ज किया गया, जिसका केंद्र राजधानी काराकास से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में ज़मीन से महज 13 किलोमीटर की गहराई में था। इस झटके से लोग संभल पाते, उससे ठीक एक मिनट बाद ही 7.5 तीव्रता का दूसरा और पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली मुख्य झटका (Mainshock) दर्ज किया गया। दूसरे भूकंप का केंद्र मोरोन (Morn) शहर से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में ज़मीन से केवल 10 किलोमीटर की गहराई में था। इतनी कम गहराई (Shallow Depth) होने के कारण भूकंप के झटके बेहद विनाशकारी साबित हुए।इंटरनेशनल एयरपोर्ट ढहा, विमान सेवाएं पूरी तरह ठपइस भीषण भूकंप ने वेनेजुएला के मुख्य बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। राजधानी काराकास का मुख्य 'सिमोन बोलिवार इंटरनेशनल एयरपोर्ट' (Simn Bolvar International Airport) इस भूकंप की चपेट में आकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। एयरपोर्ट की मुख्य इमारत और छत के बड़े हिस्से ताश के पत्तों की तरह ढह गए, जिसके बाद पूरे रनवे और आस-पास के आसमान में धूल के घने और काले बादल छा गए। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हवाई अड्डे को तुरंत अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है और देश में आने वाली तथा यहां से उड़ान भरने वाली सभी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवाओं को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है।कई राज्यों में मची भीषण तबाही; गृहमंत्री ने जारी किया बयानवेनेजुएला के गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो (Diosdado Cabello) ने सरकारी टेलीविजन पर लाइव आकर स्थिति की भयावहता की पुष्टि की है। उन्होंने भारी मन से देश को संबोधित करते हुए कहा, राजधानी काराकास में कई गगनचुंबी इमारतें और सैकड़ों घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए हैं। इस भूकंप का असर केवल राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि ट्रूजिलो, याराकुय, काराबोबो, मिरांडा, अरागुआ और ला गुएरा जैसे प्रमुख राज्य भी इसकी चपेट में आकर पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़कों को खाली रखें ताकि एम्बुलेंस और बचाव दल के वाहन बिना किसी रुकावट के प्रभावित इलाकों तक पहुंच सकें।आजादी के जश्न का पब्लिक हॉलिडे मातम में बदलादिल दहला देने वाली बात यह है कि जब शाम के समय यह भूकंप आया, तब अधिकांश वेनेजुएला वासी अपने घरों में मौजूद थे। देश में उस समय स्पेन से मिली आजादी की याद में मनाए जाने वाले '1821 की मिलिट्री जीत' का राष्ट्रीय अवकाश (Public Holiday) मनाया जा रहा था। लोग जश्न के माहौल में थे कि अचानक धरती कांप उठी।पूर्वी काराकास के रहने वाले 56 वर्षीय कोरो मार्टिनेज ने अपना खौफनाक अनुभव साझा करते हुए बताया, अचानक एक बहुत जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई, जैसे कोई बम फटा हो। घर के भीतर रखी सभी चीजें, अलमारी और फ्रिज के अंदर रखे भारी जग पलक झपकते ही नीचे गिर गए। दीवारें दरकने लगीं और हम जान बचाकर नंगे पैर सड़क की तरफ भागे। मैंने अपने पूरे जीवन में ऐसा खौफनाक मंजर कभी महसूस नहीं किया था।समंदर में सुनामी का बड़ा खतरा; अमेरिकी एजेंसी का रेड अलर्टभूकंप के तुरंत बाद अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली (US Tsunami Warning System) ने कैरिबियन सागर के तटीय इलाकों के लिए एक बड़ा और हाई-लेवल अलर्ट जारी कर दिया है। एजेंसी के अनुसार, इस शक्तिशाली भूकंप के कारण समंदर में खतरनाक और विशालकाय लहरें उठ सकती हैं।सुनामी की इस चेतावनी के दायरे में निम्नलिखित क्षेत्रों को रखा गया है:प्यूर्टो रिको (Puerto Rico) और यूएस व ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स।वेनेजुएला के मुख्य तट से दूर स्थित आइलैंड्स।अरूबा (Aruba), कुराकाओ (Curaao) और बोनेयर (Bonaire) के तटीय इलाके।प्रशासन ने इन सभी द्वीप क्षेत्रों और तटीय इलाकों में रहने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने का सख्त निर्देश दिया है।मलबे में जिंदगी की तलाश; बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरूयूएसजीएस (USGS) के 'पेजर सिस्टम' की शुरुआती सैटेलाइट गणना के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों का आंकड़ा आसानी से 10,000 को पार कर सकता है, क्योंकि काराकास के अल्तामीरा जैसे घने इलाकों में कई बहुमंजिला रिहायशी सोसायटियां जमींदोज हुई हैं। हालांकि, मलबे और धूल के कारण जमीनी स्तर पर अभी तक सटीक मौतों का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया जा सका है। वेनेजुएला की रेड क्रॉस, सेना और आपदा प्रबंधन की टीमें मलबे में फंसे जिंदा लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर जुट गई हैं। बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप होने के कारण राहत कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 9:25 am

पूर्वोत्तर से दक्षिण तक भारी बारिश का दौर , पूर्वी यूपी-बिहार में लू का असर, जानिए मानसून की ताजा स्थिति

देश के पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर जारी है, जबकि पूर्वी यूपी और बिहार में लू का असर बना हुआ है। जानिए मानसून की ताजा स्थिति, मुंबई में बारिश से हालात और मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान।

देशबन्धु 25 Jun 2026 8:43 am

Top News 25 June: वेनेजुएला में भूकंप से भारी तबाही, जापान में भी धरती डोली

Top News 25 June : वेनेजुएला में भूकंप के 2 तेज झटकों से भारी तबाही, जापान में भी 6.9 की तीव्रता का भूकंप आया। यूरोप में भीषण गर्मी का प्रकोप। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हार्मुज में टोल मंजूर नहीं। ब्राजील फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट दौर में ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 8:25 am

किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों पर डोटासरा का जवाब, बोले- मामला पहले ही निपट चुका है, जांच करा लें

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने बुधवार को राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया

देशबन्धु 25 Jun 2026 6:50 am

बेअदबी मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग, अकाली दल ने भगवंत मान पर लगाए आरोप

शिरोमणि अकाली दल ने बुधवार को मांग की कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित धार्मिक बेअदबी मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए।

देशबन्धु 25 Jun 2026 6:00 am

जम्मू-कश्मीर : 'वीबी-जी राम जी' योजना अधिसूचित, एक जुलाई से सभी ग्रामीण क्षेत्रों में होगी लागू

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 'विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) योजना, 2026' को अधिसूचित कर दिया है

देशबन्धु 25 Jun 2026 5:50 am

संजय राउत खुद पाला बदलेंगे और शिंदे के साथ जुड़ जाएंगे : मनन मिश्रा

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से एनडीए नेताओं के निशाने पर हैं। राउत ने एक्स पोस्ट में एक फोटो शेयर कर लिखा कि हिम्मत नहीं हारी है, महाराष्ट्र के गद्दारों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।

देशबन्धु 25 Jun 2026 5:00 am

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान झूठे और शराबी हैं : बिक्रम सिंह मजीठिया

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से कथित तौर पर जुड़े वायरल वीडियो को लेकर मचे विवाद के बीच शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने बुधवार को उन्हें 'झूठा' और 'शराबी' कहा और साथ ही उनकी 'घिनौनी हरकतों' पर सवाल उठाए।

देशबन्धु 25 Jun 2026 3:50 am

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के सीएम धामी ने शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा को श्रद्धांजलि दी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के मझौन में देश के मशहूर शूटर और पद्म श्री से सम्मानित जसपाल राणा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

देशबन्धु 25 Jun 2026 3:43 am

बुलंदशहर में दुष्कर्म के दोषी को 40 साल का कठोर कारावास

बुलंदशहर। बुलंदशहर जिले की एक अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म की घटना में दोषी पाए गए आरोपी को 40 वर्ष के कठोर कारावास तथा 50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। लोक अभियोजक भारत सिंह शर्मा ने बुधवार को बताया कि अभियुक्त कल्लू पुत्र हरचंदी, निवासी ग्राम बागपुर, थाना चांद, जनपद पलवल (हरियाणा) […] The post बुलंदशहर में दुष्कर्म के दोषी को 40 साल का कठोर कारावास appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 10:29 pm

इंदौर से लापता पेट्रोकेमिकल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर का शव नर्मदा नदी में मिला

खरगोन। मध्यप्रदेश के इंदौर से लापता एक एरिया सेल्स मैनेजर का शव आज बुधवार को खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र में नर्मदा नदी से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान इंदौर के राजेंद्र नगर निवासी 50 वर्षीय निशांत जोशी के रूप में हुई है। वह एक पेट्रोकेमिकल कंपनी में एरिया सेल्स […] The post इंदौर से लापता पेट्रोकेमिकल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर का शव नर्मदा नदी में मिला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 10:24 pm

गौतमबुद्ध नगर में दर्जनों कोचिंग सेंटरों का हुआ निरीक्षण, दो सील

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन, फायर विभाग और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले भर में संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। खामियां मिलने पर दो कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया।

देशबन्धु 24 Jun 2026 9:47 pm

दानवीर भामाशाह की स्मृति में उत्तर प्रदेश में मनाया जाएगा 'व्यापारी कल्याण दिवस'

Uttar Pradesh News : व्यापार, उद्यमिता और जनसेवा की प्रेरणादायी परंपरा को सम्मान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 29 जून को दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ मनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 9:10 pm

नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर बनेगा UP का नया ग्रोथ इंजन, एऑन ने 1000 नए रोजगार सृजित करने की जताई तैयारी

देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और निवेश संभावनाओं की गूंज सुनाई दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), टेक्नोलॉजी, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 8:20 pm

रेनो इंडिया ने पेश किए काइगर के चार नए संस्करण

नई दिल्ली। रेनो ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रेनो इंडिया ने बुधवार को रेनो काइगर के चार नये संस्करण बाजार में उतारने की घोषणा की। कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि रेनो ने नया इवॉल्यूशन प्लस पेश किया है, जो नैचुरली एस्पिरेटेड (एमटी और एएमटी) तथा टर्बो (एमटी) दोनों इंजनों के […] The post रेनो इंडिया ने पेश किए काइगर के चार नए संस्करण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 8:09 pm

मोदी शीघ्र करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ : भजनलाल शर्मा

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी का शीघ्र शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर पचपदरा रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक के बाद कहा कि प्रधानमंत्री शीघ्र ही रिफाइनरी का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी […] The post मोदी शीघ्र करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 7:58 pm

‘ऐल्फा’ एक एटीट्यूड का जश्न है : आलिया भट्ट

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ने कहा है कि यशराज फिल्म्स की आगामी एक्शन फिल्म ऐल्फा की शूटिंग उनके करियर के सबसे यादगार और आनंददायक अनुभवों में से एक रही है। आलिया भट्ट ने का मानना है कि यह फिल्म लिंग की सीमाओं से परे जाकर ‘ऐल्फा’ सोच और आत्मविश्वासपूर्ण एटीट्यूड का जश्न मनाती है। […] The post ‘ऐल्फा’ एक एटीट्यूड का जश्न है : आलिया भट्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 7:50 pm

अहमदाबाद में बढ़ेगी ट्रैफिक की परेशानी, 5 महीने की तैयारी के बाद अब पूरा सुभाष ब्रिज होगा ध्वस्त

अहमदाबाद का करीब 53 साल पुराना ऐतिहासिक सुभाष ब्रिज अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगा। अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) द्वारा इस ब्रिज की केवल मरम्मत करने के बजाय अब इसे पूरी तरह से तोड़कर नया बनाने की आधिकारिक घोषणा की गई है। ब्रिज की मरम्मत का ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 7:42 pm

EV Scooter खरीदने से पहले जान लें, कौन-सी बैटरी है सबसे बेहतर? रेंज, चार्जिंग और लाइफ में कितना फर्क और कैसे करें चेक

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन जब लोग नया EV खरीदने जाते हैं तो अक्सर उनकी नजर सिर्फ रेंज और कीमत पर होती है, जबकि सबसे अहम हिस्सा उसकी बैटरी होती है। बैटरी ही तय करती है कि स्कूटर कितनी दूर चलेगा, कितनी जल्दी चार्ज ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 7:13 pm

सिया गोयल का वो खौफनाक कबूलनामा और बेकरी-ड्राई फ्रूट्स वाले इश्क की इनसाइड स्टोरी!

Siya Goyal Confession: एक रसूखदार बिजनेसमैन का बेगुनाह बेटा और प्यार के नाम पर रचा गया मौत का एक ऐसा चक्रव्यूह जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में महज एक हादसा समझने की भूल हर किसी ने की थी, लेकिन अब मंगेतर सिया ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 7:03 pm

साहस की मूर्ति को सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया नमन, कहा- अद्वितीय पराक्रम-साहस की मिसाल थीं वीरांगना रानी दुर्गावती

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 जून को वीरांगना रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का आयोजन वीरांगना रानी दुर्गावती के समाधि स्थल नर्रई नाला पर आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 6:23 pm

जमीन के मामले पर बीजेपी का कांग्रेस पर काउंटर अटैक, खडगे परिवार पर लगाए जमीन घोटाला का आरोप

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पर जमीन खरीदी के कथित आरोपों के बीच भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके परिवार पर जमीन आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 5:44 pm

सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताईं एमपी की विशेषताएं, कहा- जो एक बार यहां आता है, यहीं का होकर रह जाता है

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 जून को निजी होटल में विकसित मध्यप्रदेश विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समय तभी बदलता है, जब संकल्प बड़ा होता है। सभी भारतीयों के लिए यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 5:21 pm

World Drug Free Day 2026: विश्व नशा मुक्ति दिवस क्यों मनाना है जरूरी, जानें खास तथ्य

International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking: नशा आज दुनिया के सामने एक गंभीर सामाजिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती बन चुका है। युवाओं से लेकर वयस्कों तक, लाखों लोग किसी न किसी प्रकार की नशीली पदार्थों की लत से प्रभावित हैं। इसी ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 5:12 pm

Mumbai Rain : मुंबई में मानसून का तांडव, 24 घंटे में 340 मिमी बारिश, सड़कें डूबीं, ट्रेनें प्रभावित, IMD ने जारी की चेतावनी

मुंबई में मानसून के आगमन के एक दिन बाद हुई भारी बारिश ने बुधवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि सड़क और रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित रहा। कई क्षेत्रों में 24 घंटे के ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 4:43 pm

पंजाब में झुलसाने वाली गर्मी के बीच आई सबसे बड़ी राहत की खबर! मौसम विभाग ने बताई प्री-मानसून की सटीक तारीख

पंजाब के आसमान से बरस रही आग और भीषण चिलचिलाती गर्मी से त्रस्त आम जनता, किसानों और पशु-पक्षियों के लिए मौसम विभाग की ओर से इस वक्त की सबसे बड़ी और सकून देने वाली ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आ रही है। पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड तोड़ तापमान और लू (Heatwave) के थपेड़ों का सामना कर रहे पंजाब में मौसम का मिजाज जल्द ही पूरी तरह से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चंडीगढ़ केंद्र ने राज्य में प्री-मानसून (Pre-Monsoon in Punjab) की एंट्री को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और आधिकारिक अपडेट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, भीषण तपिश के बीच अब वो तारीख बेहद करीब आ गई है जब ठंडी मानसूनी हवाएं पंजाब की धरती को सराबोर करेंगी और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को जानलेवा उमस और गर्मी से पूरी तरह निजात मिल सकेगी।मौसम विभाग ने तय की प्री-मानसून की तारीख, आंधी और गरज-चमक के साथ होगी बौछारें चंडीगढ़ मौसम केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवाएं तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं। पंजाब के विभिन्न जिलों में आगामी कुछ ही दिनों के भीतर प्री-मानसून की गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगी। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि जून के आखिरी हफ्ते के इन विशेष दिनों में तेज धूल भरी आंधियों (Dust Storm), बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। इस प्री-मानसून शावर के चलते सूबे के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आने की प्रबल संभावना है, जो धान की बुवाई में जुटे किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा।मुख्य मानसून के लिए पंजाब वासियों को अभी करना होगा थोड़ा और इंतजार आईएमडी के मौसम वैज्ञानिकों ने जहां एक तरफ प्री-मानसून की तारीख बताकर लोगों को खुश कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ यह भी साफ किया है कि पंजाब में नियमित और मुख्य मानसून (Monsoon Arrival in Punjab) की पूरी तरह एंट्री के लिए अभी कुछ और दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। प्री-मानसून की शुरुआती फुहारों के बाद मानसूनी सिस्टम को पूरे राज्य में फैलने और पूरी तरह से सक्रिय होने में थोड़ा समय लगेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई के शुरुआती हफ्ते में ही मुख्य मानसून पंजाब के सभी कोनों को पूरी तरह से कवर कर पाएगा। तब तक के लिए प्री-मानसून की यह बारिश ही सूबे के लोगों को भीषण गर्मी से अस्थाई राहत देने का काम करेगी।अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला सहित पूरे पंजाब में अलर्ट जारी इस मौसम परिवर्तन की सुगबुगाहट के साथ ही अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, बठिंडा, फिरोजपुर और मोहाली सहित पंजाब के विभिन्न प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical District Zones) में प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से माझा, मालवा और दोआबा के इलाकों में तेज हवाओं और आंधी को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया है। स्थानीय बिजली बोर्ड और नगर निगमों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभों और ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था को दुरुस्त रखें ताकि बारिश के दौरान जलभराव (Waterlogging) की समस्या से निपटा जा सके।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना 'पंजाब वेदर अपडेट' आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल मीडिया के युग में, मौसम के पल-पल बदलते मिजाज की रीयल-टाइम जानकारी पाने के लिए लोग लगातार इंटरनेट पर एक्टिव रहते हैं। जैसे ही चंडीगढ़ मौसम विभाग की प्री-मानसून गाइडलाइंस और तारीख की रिपोर्ट सामने आई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'पंजाब में मानसून कब आएगा 2026', 'चंडीगढ़ मौसम विभाग आज का अलर्ट', और 'पंजाब प्री मानसून बारिश की तारीख' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह वेदर बुलेटिन इस समय उत्तर भारत की सबसे बड़ी और सबसे हॉट ट्रेंडिंग स्टोरी बनकर टॉप पर चल रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 4:32 pm

गलती से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसा एयर इंडिया का विमान

अमृतसर/नई दिल्ली। टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया का एक विमान सोमवार रात गलती से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया, हालांकि इसका एहसास होते ही वह तुरंत वापस भारतीय सीमा में लौट आया। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर बताया कि 22 जून को उड़ान संख्या […] The post गलती से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसा एयर इंडिया का विमान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 4:31 pm

कोलकाता में निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम ढहा, कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम अचानक ढह गया। हादसे के समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे, जिसके चलते दर्जनों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और बचाव एजेंसियां ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 4:30 pm

झाड़ू वाले हीरो' के मुरीद हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी! चंडीगढ़ को चमकाने वाले इंदरजीत सिद्धू को मिला पद्मश्री

देश की प्रशासनिक राजधानी और 'द सिटी ब्यूटीफुल' के नाम से मशहूर चंडीगढ़ के लिए आज का दिन बेहद गौरवमयी और ऐतिहासिक साबित हुआ है। जमीन से जुड़कर बिना किसी प्रचार के समाज को नई दिशा देने वाले और स्थानीय स्तर पर 'झाड़ू वाले हीरो' (Jhadoo Wale Hero) के नाम से विख्यात इंदरजीत सिद्धू को भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक 'पदमश्री पुरस्कार' (Padma Shri Award) से सम्मानित किया है। इस बड़ी घोषणा के बाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी इस सच्चे कर्मयोगी के मुरीद हो गए। प्रधानमंत्री ने इंदरजीत सिद्धू के असाधारण योगदान की सराहना करते हुए बेहद भावुक शब्दों में कहा कि इंदरजीत सिद्धू जैसे निस्वार्थ नायकों की बदौलत ही आज चंडीगढ़ देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर शहरों में शीर्ष पर है, इन्होंने सचमुच पूरे चंडीगढ़ को साफ कर दिया है।चंडीगढ़ की गलियों से पद्मश्री तक का सफर, जानिए कौन हैं इंदरजीत सिद्धू इंदरजीत सिद्धू का यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, लेकिन इसमें ग्लैमर की जगह कड़ी मेहनत और समाज सेवा का अटूट जज्बा शामिल है। पिछले कई दशकों से चंडीगढ़ की सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों को बिना किसी सरकारी वेतन या लालच के खुद अपने हाथों में झाड़ू लेकर साफ करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा है। शुरुआती दिनों में जब लोग उन्हें सड़कों पर कचरा उठाते देखते थे, तो कई तरह के सवाल उठाते थे, लेकिन सिद्धू ने कभी किसी की परवाह नहीं की। उन्होंने अकेले ही स्वच्छता का जो कारवां शुरू किया था, उसने देखते ही देखते एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया। आज पूरा चंडीगढ़ उन्हें अपना 'स्वच्छता दूत' मानता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' और मंच से जताई इंदरजीत सिद्धू के प्रति कृतज्ञता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा से देश के उन गुमनाम नायकों (Unsung Heroes) को आगे लाने का काम किया है जो जमीनी स्तर पर देश के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। इंदरजीत सिद्धू को पद्मश्री से सम्मानित करने के बाद प्रधानमंत्री ने एक विशेष संबोधन में कहा कि स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) केवल सरकारी नीतियों से सफल नहीं हुआ है, बल्कि इसे सफल बनाने में सिद्धू जैसे जमीन से जुड़े नायकों का सबसे बड़ा योगदान है। पीएम ने कहा कि जब देश का हर नागरिक इंदरजीत सिद्धू की तरह अपने शहर और जिम्मेदारी को समझेगा, तब भारत को वैश्विक स्तर पर नंबर वन बनने से कोई नहीं रोक सकता।चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला सहित पूरे ट्रिसिटी में जश्न का माहौल इस बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि की खबर आते ही चंडीगढ़ के सेक्टरों के साथ-साथ पड़ोसी शहरों मोहाली, पंचकुला, मनीमाजरा और आसपास के तमाम भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Tricity Areas) में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासी, रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और प्रशासनिक अधिकारी इंदरजीत सिद्धू के घर पहुंचकर उन्हें बधाई दे रहे हैं। चंडीगढ़ नगर निगम ने भी उनके इस सम्मान को पूरे शहर का सम्मान बताया है। स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों में युवाओं के बीच सिद्धू इस समय सबसे बड़े रोल मॉडल बनकर उभरे हैं, जिससे आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति एक नई प्रेरणा मिल रही है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बने 'झाड़ू वाले हीरो इंदरजीत सिद्धू' आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल मीडिया के युग में, देश के वास्तविक हीरोज और पद्म पुरस्कारों से जुड़ी प्रेरक कहानियां इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च की जा रही हैं। जैसे ही पीएम मोदी का यह बयान और इंदरजीत सिद्धू के पद्मश्री की खबर सामने आई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'इंदरजीत सिद्धू चंडीगढ़ पद्मश्री विजेता', 'झाड़ू वाले हीरो की बायोग्राफी', और 'चंडीगढ़ स्वच्छता अभियान ताजा समाचार' जैसी जानकारियां रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह पॉजिटिव और इंस्पायरिंग नेशनल स्टोरी इस समय पूरे देश में टॉप पर ट्रेंड कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 4:29 pm

रवनीत सिंह बिट्टू की बढ़ीं मुश्किलें? धूरी पुलिस विवाद और जातिसूचक टिप्पणी मामले में राष्ट्रीय एससी आयोग के सामने हुए पेश

पंजाब की सियासत और देश के प्रशासनिक हलकों से इस वक्त की सबसे बड़ी और हाई-प्रोफाइल खबर सामने आ रही है। धूरी में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणी करने के गंभीर विवाद में घिरे केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (National Commission for Scheduled Castes) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश हुए हैं। इस बेहद संवेदनशील मामले को लेकर आयोग ने उन्हें समन जारी कर जवाब तलब किया था, जिसके बाद बिट्टू ने दिल्ली स्थित आयोग के मुख्यालय पहुंचकर इस पूरे घटनाक्रम पर अपना आधिकारिक पक्ष और सफाई पेश की है। केंद्रीय मंत्री की इस पेशी के बाद से पंजाब से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट का दौर बेहद तेज हो गया है, क्योंकि इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।क्या है धूरी का वह पूरा विवाद जिसने केंद्रीय मंत्री को विवादों में ला दिया यह पूरा मामला पंजाब के संगरूर जिले के अंतर्गत आने वाले धूरी (Dhuri) क्षेत्र का है, जहां एक राजनीतिक और प्रशासनिक गतिरोध के दौरान रवनीत सिंह बिट्टू की वहां तैनात स्थानीय पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस हो गई थी। आरोप है कि इस गहमा-गहमी के बीच केंद्रीय मंत्री के मुंह से कुछ ऐसे शब्द निकले जिन्हें ऑन-ड्यूटी दलित और अनुसूचित जाति के पुलिसकर्मियों के खिलाफ जातिसूचक और अपमानजनक माना गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभिन्न अनुसूचित जाति संगठनों और राजनीतिक दलों ने बिट्टू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय एससी आयोग ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया था।आयोग के सामने रवनीत सिंह बिट्टू ने दी सफाई, कहा- किसी की भावना को ठेस पहुंचाना मकसद नहीं था राष्ट्रीय एससी आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के सामने पेश होकर रवनीत सिंह बिट्टू ने इस पूरे मामले पर अपनी विस्तृत सफाई और दलीलें पेश कीं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए साफ किया कि उनका इरादा किसी भी जाति, समाज या ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या उनका अपमान करना कतई नहीं था। उन्होंने कहा कि उस समय जो भी बातचीत या बहस हुई, उसे राजनीतिक द्वेष के चलते गलत तरीके से पेश किया गया है। बिट्टू ने आयोग को आश्वस्त किया कि वे कानून और संवैधानिक संस्थाओं का पूरा सम्मान करते हैं और जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। आयोग ने उनके बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली रूपरेखा तय करने की बात कही है।धूरी, संगरूर और लुधियाना सहित पूरे पंजाब की राजनीति में आया भयंकर भूचाल इस हाई-प्रोफाइल पेशी और तीखे विवाद के बाद धूरी, संगरूर, लुधियाना, जालंधर और चंडीगढ़ सहित पंजाब के विभिन्न प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Political Hubs) में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पंजाब के स्थानीय दलित संगठनों और वाल्मीकि समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। दूसरी तरफ, स्थानीय बीजेपी नेता अपने केंद्रीय मंत्री के बचाव में उतर आए हैं और इसे विरोधियों की एक सोची-समझी सियासी साजिश करार दे रहे हैं। इस क्षेत्रीय तनाव ने पंजाब पुलिस के भीतर भी आंतरिक विमर्श को तेज कर दिया है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना 'रवनीत बिट्टू एससी आयोग विवाद' आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल युग में, जब भी किसी बड़े केंद्रीय नेता या वीआईपी से जुड़ा कोई कानूनी विवाद सामने आता है, तो लोग उसकी रीयल-टाइम अपडेट्स के लिए इंटरनेट पर एक्टिव हो जाते हैं। जैसे ही रवनीत बिट्टू के आयोग के सामने पेश होने की खबर आई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'रवनीत बिट्टू राष्ट्रीय एससी आयोग पेशी ताजा खबर', 'धूरी पुलिस विवाद जातिसूचक टिप्पणी मामला', और 'Ravneet Bittu NCSC hearing updates' जैसे विषयों पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह पॉलिटिकल-लीगल स्टोरी इस समय देश की सबसे बड़ी हॉट ट्रेंडिंग न्यूज़ बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 4:27 pm

राजस्थान सचिवालय में आम लोगों के लिए नो-एंट्री! अब बिना पास नहीं मिलेगी एंट्री, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी लगा कड़ा प्रतिबंध

राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित शासन सचिवालय (Rajasthan Secretariat) के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। सचिवालय प्रशासन ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत करने और अंदरूनी कार्यप्रणाली में गोपनीयता बनाए रखने के लिए एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। नए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अब सचिवालय परिसर के भीतर बिना किसी वैध पास या आधिकारिक अनुमति के किसी भी बाहरी व्यक्ति (आम जनता और अनधिकृत लोगों) के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस परिसर के अंदर स्मार्टफोन से फोटोग्राफी करने, वीडियो बनाने और सोशल मीडिया रील्स (Social Media Reels) रिकॉर्ड करने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस नए और कड़े फरमान के लागू होते ही सचिवालय के सभी मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा का पहरा पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिया गया है।सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सचिवालय प्रशासन ने क्यों लिया इतना बड़ा फैसला? सचिवालय के सुरक्षा विंग और उच्चाधिकारियों से मिली इनसाइड जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से सचिवालय परिसर में बाहरी लोगों की बेतहाशा और अनियंत्रित भीड़ देखी जा रही थी। कई बार लोग बिना किसी ठोस काम के भी संवेदनशील विभागों और मंत्रियों के दफ्तरों के बाहर जमा हो जाते थे, जिससे न केवल सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा था बल्कि सुरक्षा में सेंध लगने का खतरा भी बना हुआ था। इसके अलावा, कई बाहरी और स्थानीय लोगों द्वारा सचिवालय परिसर के अंदर अनधिकृत रूप से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले भी सामने आए थे। सरकारी दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने और परिसर के वीआईपी मूवमेंट को सुरक्षित करने के उद्देश्य से ही यह कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।अब कैसे मिलेगी सचिवालय में एंट्री? पास बनवाने के लिए फॉलो करना होगा यह नया नियम इस नए नियम के लागू होने के बाद यदि किसी आम नागरिक को अपने किसी जरूरी काम, शिकायत या जनसुनवाई के लिए सचिवालय जाना है, तो उन्हें पहले से कहीं ज्यादा कड़े सुरक्षा दौर से गुजरना होगा। अब प्रवेश द्वार पर ही आगंतुकों को अपने पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी) के साथ आने का ठोस कारण बताना होगा, जिसके बाद ही उनका अस्थाई गेट पास (Visitor Gate Pass) जारी किया जाएगा। बिना पास के किसी भी व्यक्ति को मुख्य द्वार के अंदर कदम रखने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी। सुरक्षा अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि प्रवेश द्वारों पर चेकिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सख्त रखा जाए, ताकि कोई भी संदिग्ध या अनधिकृत व्यक्ति परिसर के भीतर दाखिल न हो सके।जयपुर के राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनता के बीच नए आदेश पर भारी सुगबुगाहट सचिवालय प्रशासन के इस अचानक आए सख्त आदेश के बाद जयपुर के सी-स्कीम, टोंक रोड, ज्योति नगर और विधानसभा क्षेत्र सहित विभिन्न प्रमुख भौगोलिक व प्रशासनिक क्षेत्रों (Geographical Administrative Hubs) में भारी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण इलाकों से अपने काम के सिलसिले में जयपुर आने वाले आम लोगों के बीच इस बात को लेकर थोड़ी चिंता जरूर है कि अब उन्हें प्रवेश के लिए लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। वहीं दूसरी तरफ, सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि उनका मानना है कि अनावश्यक भीड़ कम होने से वे शांतिपूर्ण माहौल में अपना काम समय पर निपटा सकेंगे और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी दूर होंगी।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना 'राजस्थान सचिवालय नया नियम' आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जब भी शासन व्यवस्था या किसी बड़े सरकारी कार्यालय से जुड़ा कोई नया नियम सामने आता है, तो लोग उसकी प्रामाणिकता और नियमों की लिस्ट जांचने के लिए तुरंत इंटरनेट का सहारा लेते हैं। जैसे ही राजस्थान सचिवालय में बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटोग्राफी पर रोक की आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'राजस्थान सचिवालय एंट्री पास नया नियम', 'जयपुर सचिवालय फोटोग्राफी वीडियोग्राफी बैन न्यूज़', और 'राजस्थान शासन सचिवालय गाइडलाइंस 2026' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह प्रशासनिक ब्रेकिंग न्यूज़ इस समय राज्य की सबसे बड़ी हॉट स्टोरी बनकर लगातार टॉप पर ट्रेंड कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 4:25 pm

धौलपुर नगर परिषद के आयुक्त गुमान सिंह सैनी निलम्बित

धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त एवं अधिशासी अभियंता गुमान सिंह सैनी को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को कथित रिश्वतखोरी के मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने यह कार्रवाई की है। परिषद […] The post धौलपुर नगर परिषद के आयुक्त गुमान सिंह सैनी निलम्बित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 4:24 pm

जयपुर वासियों की चमकी किस्मत! सांगानेर को आज मिलने जा रही है 631 करोड़ की महा-सौगात, फ्लाईओवर

राजस्थान की राजधानी और पिंक सिटी जयपुर के विकास पथ पर आज एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित होने जा रहा है। जयपुर के सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र सांगानेर की जनता के लिए आज खुशियों का महा-धमाका होने वाला है। राज्य सरकार आज सांगानेर विधानसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों के लिए कुल 631 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाली विभिन्न मेगा विकास परियोजनाओं (Mega Development Projects) का शिलान्यास और लोकार्पण करने जा रही है। इस विशाल बजट के जरिए सांगानेर के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सुविधाओं और यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी है। इस खबर के सामने आते ही स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, क्योंकि ये परियोजनाएं लंबे समय से लंबित स्थानीय मांगों को पूरा करने वाली हैं।भयंकर ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, सांगानेर में दौड़ेगी विकास की गाड़ी सांगानेर और उससे सटे इलाकों में रहने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। इस 631 करोड़ रुपये के बजट का एक बड़ा हिस्सा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए अत्याधुनिक फ्लाईओवर (Flyover Project) और सड़कों के चौड़ीकरण पर खर्च किया जा रहा है। पीक आवर्स के दौरान सांगानेर बाजार, टोंक रोड और एयरपोर्ट रूट से जुड़ने वाले चौराहों पर लगने वाले भयंकर ट्रैफिक जाम से अब जनता को हमेशा-हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। यह नया फ्लाईओवर न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण को कम करने और ईंधन बचाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूर, सांगानेर को मिलेगा अपना ट्रामा सेंटर और सेटेलाइट अस्पताल यातायात सुविधाओं के साथ-साथ आज सांगानेर के स्वास्थ्य क्षेत्र में भी एक बहुत बड़ी क्रांति होने जा रही है। सरकार आज सांगानेर में एक अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर (Trauma Center) और सर्वसुविधायुक्त सेटेलाइट अस्पताल (Satellite Hospital) की नींव रखने जा रही है। अब तक किसी भी बड़ी दुर्घटना या आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में स्थानीय लोगों को सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) या शहर के दूसरे कोनों में भागना पड़ता था, जिससे कई बार इलाज में देरी हो जाती थी। लेकिन अब सांगानेर में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं और इमरजेंसी केयर यूनिट उपलब्ध होने से लाखों लोगों को समय पर और मुफ्त इलाज मिल सकेगा, जिससे कई कीमती जानें बचाई जा सकेंगी।प्रताप नगर, जगतपुरा और सांगानेर सहित पूरे जयपुर के रियल एस्टेट में भारी उछाल की उम्मीद इस विशालकाय सरकारी निवेश और बुनियादी ढांचे के कायाकल्प की खबर से सांगानेर, प्रताप नगर, जगतपुरा, मालवीय नगर और टोंक रोड जैसे प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Urban Hubs) में भारी हलचल मच गई है। स्थानीय रियल एस्टेट मार्केट के विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीन बड़े प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतरते ही सांगानेर और उसके आसपास की जमीनों तथा आवासीय संपत्तियों के दामों में भारी उछाल आना तय है। स्थानीय व्यापार मंडलों और ग्राम पंचायतों ने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया है और इसे जयपुर के इतिहास का सबसे बड़ा क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन करार दिया है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना 'सांगानेर विकास प्रोजेक्ट' आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जब भी किसी बड़े शहर को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिलती है, तो लोग उसकी पूरी जानकारी के लिए इंटरनेट पर सक्रिय हो जाते हैं। जैसे ही जयपुर सांगानेर के लिए 631 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की आधिकारिक घोषणा हुई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'जयपुर सांगानेर विकास योजना ताजा खबर', 'सांगानेर नया फ्लाईओवर रूट मैप', और 'जयपुर सेटेलाइट अस्पताल और ट्रामा सेंटर बजट' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह विकास गाथा इस समय राजस्थान की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली हॉट ट्रेंडिंग स्टोरी बन गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 4:24 pm

पुलिस जनता की रक्षक है भक्षक नहीं', भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में रौशन आनंद ने खोला मोर्चा

बिहार में कानून व्यवस्था और कथित पुलिस मुठभेड़ों को लेकर जारी भारी विवाद के बीच एक और बेहद सनसनीखेज और बड़ा बयान सामने आया है। भोजपुर जिले के चर्चित भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले (Bharat Bhushan Tiwari Encounter Case) की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब इस पर चौतरफा राजनीतिक और सामाजिक घेराबंदी शुरू हो गई है। प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता रौशन आनंद ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। रौशन आनंद ने साफ तौर पर कहा कि 'पुलिस जनता की रक्षक है, भक्षक नहीं।' उनके इस आक्रामक बयान ने बिहार पुलिस की कार्यशैली और इस एनकाउंटर की विश्वसनीयता पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है, जिससे पटना से लेकर भोजपुर तक के प्रशासनिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है।रौशन आनंद ने पुलिसिया इकबाल को घेरा, उठाए एनकाउंटर की थ्योरी पर गंभीर सवाल इस बहुचर्चित मामले पर बोलते हुए रौशन आनंद ने किसी का नाम लिए बिना विभाग के उच्च अधिकारियों और जांच टीम को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि खाकी का काम समाज में सुरक्षा की भावना पैदा करना है, न कि खौफ का माहौल बनाना। भारत तिवारी एनकाउंटर की निष्पक्षता पर उंगली उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि इस मामले की परतों के पीछे कई ऐसे रहस्य छिपे हैं जो आम जनता के सामने आने बेहद जरूरी हैं। रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि कानून के दायरे से बाहर जाकर की गई कोई भी कार्रवाई न्यायसंगत नहीं ठहराई जा सकती और इस पूरे एनकाउंटर की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।पीडित परिवार के समर्थन में उतरे सामाजिक संगठन, निष्पक्ष जांच की मांग तेज इस बड़े बयान के बाद एक तरफ जहां स्थानीय स्तर पर पुलिस के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है, वहीं दूसरी तरफ विभिन्न सामाजिक और युवा संगठनों ने एकजुट होकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का संकल्प लिया है। रौशन आनंद ने कहा कि वे इस लड़ाई को सड़क से लेकर मानवाधिकार आयोग तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की बारीकी से जांच की जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो। इस बयान के बाद से स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड पर आ गया है।भोजपुर, आरा और पटना तक के राजनीतिक गलियारों में छिड़ी नई बहस इस कड़े और तीखे बयान की गूंज राजधानी पटना के सियासी गलियारों से लेकर भोजपुर जिले के आरा, जगदीशपुर, पीरो और शाहपुर जैसे प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Regional Hotspots) में पूरी तरह सुनाई दे रही है। इन स्थानीय जिलों की चौपालों, चाय की दुकानों और नागरिक मंचों पर अब केवल इसी बात की चर्चा है कि क्या वाकई इस एनकाउंटर के पीछे की कहानी कुछ और है। स्थानीय नागरिक संगठनों के बीच इस बयान को लेकर भारी सुगबुगाहट देखी जा रही है। इस क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन ने जमीनी स्तर पर कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों के मुद्दे को एक बार फिर सबसे बड़ा स्थानीय विमर्श बना दिया है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना रौशन आनंद का यह बयान आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जब भी किसी बड़े एनकाउंटर पर कोई प्रभावशाली सामाजिक या राजनीतिक बयान सामने आता है, तो लोग उसकी सत्यता जांचने के लिए तुरंत इंटरनेट का सहारा लेते हैं। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर रौशन आनंद का बयान', 'बिहार पुलिस एनकाउंटर जांच ताजा खबर', और 'आरा भोजपुर पुलिस एनकाउंटर केस अपडेट्स' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह प्रशासनिक और सामाजिक विवाद इस समय राज्य की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली हॉट स्टोरी बनकर लगातार टॉप पर ट्रेंड कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 4:21 pm

बिहार में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर गरमाई सियासत! अब हुई बाबा बागेश्वर की एंट्री, आरा आकर पूछा सबसे तीखा सवाल

बिहार की धरती पर एक बार फिर से बड़ा सियासी और सामाजिक उबाल देखने को मिल रहा है। सूबे के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले (Bharat Bhushan Tiwari Encounter Case) ने अब एक बिल्कुल नया और बेहद संवेदनशील मोड़ ले लिया है। इस पूरे घटनाक्रम में देश के सबसे चर्चित आध्यात्मिक गुरु और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यानी 'बाबा बागेश्वर' की सीधी एंट्री हो गई है। अपने आगामी बिहार दौरे के तहत भोजपुर जिले के आरा (Ara) पहुंचने से ठीक पहले बाबा बागेश्वर ने इस कथित पुलिस मुठभेड़ को लेकर सीधे तौर पर सूबे की कानून व्यवस्था पर एक बड़ा और बेहद गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा है कि किसी भी मामले में सजा देने का अधिकार देश की न्यायपालिका (कोर्ट) को है या फिर पुलिस खुद ही मौके पर इंसाफ का फैसला करेगी? बाबा के इस बयान ने बिहार के प्रशासनिक अमले से लेकर राजनीतिक हलकों तक में भारी सुगबुगाहट पैदा कर दी है।भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर बाबा बागेश्वर का यह बयान बना बड़ा मुद्दा भोजपुर संभाग के आरा में होने वाले अपने बड़े आध्यात्मिक कार्यक्रम से पहले मीडिया और भक्तों के बीच बाबा बागेश्वर का यह रुख बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने साफ तौर पर कहा कि वे देश के संविधान, न्याय व्यवस्था और कानून का पूरा सम्मान करते हैं। लेकिन जब किसी एनकाउंटर या त्वरित कार्रवाई पर जनता के बीच से सवाल उठते हैं, तो उसकी पारदर्शिता सामने आनी चाहिए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अपराधियों को सजा निश्चित रूप से मिलनी चाहिए और वे किसी भी अपराधी का समर्थन नहीं करते, लेकिन न्याय का एक तय रास्ता होना चाहिए। बाबा बागेश्वर के इस बयान को सीधे तौर पर बिहार पुलिस की हालिया कार्रवाई के खिलाफ एक बड़े नैतिक और सामाजिक विरोध के रूप में देखा जा रहा है।बाबा बागेश्वर के आरा आगमन को लेकर प्रशासन हुआ अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम इस बड़े बयान के बाद एक तरफ जहां इस एनकाउंटर को लेकर पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों को एक बड़ा समर्थन मिला है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। बाबा बागेश्वर के आरा दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। खुफिया इनपुट्स को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल और पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। स्थानीय आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि बाबा के इस बयान के बाद उनके मंच से होने वाले आगामी संबोधनों पर पूरे देश की मीडिया और बिहार के बड़े राजनीतिक दलों की नजरें टिकी रहने वाली हैं।भोजपुर, आरा और पटना तक की चौपालों और राजनीतिक दफ्तरों में छिड़ी नई बहस इस हाई-प्रोफाइल एंट्री की गूंज राजधानी पटना से लेकर भोजपुर जिले के आरा, बक्सर, सासाराम और जगदीशपुर जैसे प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Regional Hotspots) में पूरी तरह सुनाई दे रही है। इन स्थानीय जिलों की चौपालों, बाजारों और राजनीतिक दफ्तरों में अब केवल इसी बात की चर्चा है कि क्या बाबा बागेश्वर का यह बयान बिहार की मौजूदा सरकार और पुलिसिया इकबाल के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्थानीय राजपूत समाज और विभिन्न नागरिक संगठनों के बीच इस एनकाउंटर की जांच को लेकर बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है। इस क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन ने स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था के मुद्दे को एक बार फिर सबसे बड़ा चुनावी और सामाजिक विमर्श बना दिया है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना बिहार का यह सियासी घटनाक्रम आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जैसे ही किसी बड़े आध्यात्मिक चेहरे का कोई राजनीतिक या प्रशासनिक बयान सामने आता है, वह इंटरनेट पर तुरंत वायरल हो जाता है। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर ताजा खबर', 'बाबा बागेश्वर का बिहार दौरा आरा', और 'धीरेंद्र शास्त्री का बिहार पुलिस पर बयान' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल खबर इस समय बिहार और उत्तर भारत की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली हॉट स्टोरी बन गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 4:20 pm

भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो विवाद में नया खुलासा, होटल में तैयार कराई गई फोरेंसिक रिपोर्ट

चंडीगढ़/गुरुग्राम। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है और आरोप है कि राज्य के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुग्राम स्थित एक फाइव स्टार होटल में बैठक कर वीडियो को डीपफेक साबित करने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई थी। इस मामले से […] The post भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो विवाद में नया खुलासा, होटल में तैयार कराई गई फोरेंसिक रिपोर्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 4:19 pm

Bihar : सम्राट सरकार ने की बड़ी कार्रवाई, जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश शर्मा को हटाकर पंकज मिश्रा को दी जिम्मेदारी

बिहार में प्रशासनिक सुधार और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के इरादे से सूबे की सम्राट सरकार ने एक बहुत बड़ी और कड़क कार्रवाई की है। सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए भोजपुर जिले के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण अनुमंडल जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) राजेश शर्मा को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी इस औचक फैसले ने पुलिस बेड़े में हड़कंप मचा दिया है। राजेश शर्मा को हटाए जाने के साथ ही सरकार ने बिना कोई वक्त गंवाए तेजतर्रार और कड़क छवि के पुलिस अधिकारी पंकज मिश्रा को जगदीशपुर एसडीपीओ (Jagdishpur SDPO New Update) के पद पर तैनात कर दिया है। सरकार की इस बड़ी और त्वरित कार्रवाई को राज्य में अपराध नियंत्रण और स्थानीय पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के एक बड़े प्रशासनिक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है।जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश शर्मा पर अचानक क्यों गिरी गाज? जानिए इसके पीछे की वजह प्रशासनिक सूत्रों से मिल रही इनसाइड जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर अनुमंडल में पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। सम्राट सरकार के उच्च अधिकारियों द्वारा किए गए आंतरिक मूल्यांकन और रीयल-टाइम परफॉर्मेंस ऑडिट में पाया गया कि क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और जन-शिकायतों के निपटारे की रफ्तार संतोषजनक नहीं थी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया और राजेश शर्मा को पद से मुक्त करने का फैसला किया। इस कड़े कदम के जरिए सरकार ने राज्य के अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को भी एक बेहद साफ और कड़ा संदेश दे दिया है कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पंकज मिश्रा को सौंपी गई जगदीशपुर की कमान, अपराधियों पर नकेल कसना होगी मुख्य चुनौती जगदीशपुर के नए एसडीपीओ के रूप में कमान संभालने जा रहे पंकज मिश्रा को पुलिसिंग का एक लंबा और बेहतरीन अनुभव रहा है। उनकी गिनती राज्य के उन अधिकारियों में होती है जो अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त और जीरो-टॉलरेंस की नीति के लिए जाने जाते हैं। पदभार संभालते ही पंकज मिश्रा के सामने जगदीशपुर अनुमंडल में स्थानीय गैंग्स, अवैध बालू खनन और जमीन विवादों से जुड़े अपराधों पर पूरी तरह से नकेल कसने की एक बहुत बड़ी और गंभीर चुनौती होगी। इसके साथ ही आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और ज्यादा मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहने वाला है।भोजपुर, आरा और जगदीशपुर के स्थानीय इलाकों में बढ़ी भारी प्रशासनिक सुगबुगाहट इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की खबर सार्वजनिक होते ही भोजपुर जिले के मुख्यालय आरा के साथ-साथ जगदीशपुर, पीरो, शाहपुर और आसपास के तमाम प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Local Areas) में भारी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। स्थानीय बाजारों, चौपालों और राजनीतिक दफ्तरों में अब नए एसडीपीओ पंकज मिश्रा की कार्यशैली और आगामी रणनीतियों को लेकर चर्चाओं का दौर बेहद गर्म है। स्थानीय नागरिक और व्यापारी वर्ग इस नई तैनाती का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि एक कड़क अधिकारी के आने से क्षेत्र में अमन-चैन का माहौल और ज्यादा बेहतर होगा। इस स्थानीय ऑप्टिमाइजेशन ने जिले के समूचे पुलिस तंत्र को भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर ला दिया है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना बिहार का यह पुलिस फेरबदल आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल युग में, बिहार की राजनीति और प्रशासनिक बदलावों से जुड़ी खबरें इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल और सर्च की जाती हैं। जैसे ही सम्राट सरकार के इस बड़े फैसले की आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'बिहार पुलिस ट्रांसफर लिस्ट ताजा समाचार', 'जगदीशपुर नए एसडीपीओ पंकज मिश्रा', और 'सम्राट सरकार प्रशासनिक कार्रवाई बिहार' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह प्रशासनिक ब्रेकिंग न्यूज़ इस समय बिहार और उत्तर भारत की सबसे बड़ी ट्रेंडिंग स्टोरीज में शामिल होकर लगातार टॉप पर बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 4:18 pm

गांवों से शहरों तक दौड़ी खुशियों की गाड़ी! छत्तीसगढ़ में 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना' ने बदल दी लाखों ग्रामीणों की जिंदगी

छत्तीसगढ़ के सुदूर और ग्रामीण अंचलों के विकास को गति देने और बुनियादी ढांचों को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल अब धरातल पर चमत्कार कर रही है। राज्य में शुरू की गई 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना' (Mukhyamantri Gramin Bus Yojna) ने छत्तीसगढ़ के सुदूर गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। कभी परिवहन के साधनों के अभाव में शहरों से कटे रहने वाले ग्रामीण अब बिना किसी परेशानी के सुगम सफर का आनंद ले रहे हैं। इस योजना ने न केवल ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाया है, बल्कि सुदूर इलाकों में रहने वाले युवाओं की शिक्षा, महिलाओं के रोजगार और किसानों की आजीविका के सुनहरे सपनों को भी रफ्तार दे दी है। परिवहन के इस आधुनिक और सुलभ नेटवर्क ने विकास की मुख्यधारा से कटे हुए अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सुविधाओं और तरक्की का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है।बेटियों की शिक्षा और युवाओं के उच्च शिक्षा के सपनों को मिली नई उड़ान मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का सबसे क्रांतिकारी और सकारात्मक असर ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, विशेषकर बेटियों की पढ़ाई पर देखने को मिल रहा है। पहले गांवों में कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थान न होने और शहरों तक जाने के लिए सुरक्षित बस सेवा न मिलने के कारण कई छात्राओं को बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी। लेकिन अब नियमित और सुरक्षित ग्रामीण बस सेवा शुरू होने से सुदूर वनांचल और ग्रामीण इलाकों की बेटियां भी बिना किसी डर और रुकावट के रोजाना शहरों के बड़े कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना ने ग्रामीण प्रतिभाओं को ड्रॉपआउट होने से बचाने में एक सुरक्षा कवच की तरह काम किया है।गांवों से सीधे बाजारों तक पहुंचे किसान, आजीविका और व्यापार को मिला भारी बढ़ावा इस योजना ने छत्तीसगढ़ के कृषि और ग्रामीण व्यापारिक समीकरणों को भी पूरी तरह से बूस्ट कर दिया है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों के लघु सीमांत किसान और वनोपज संग्राहक पहले परिवहन के साधन न होने के कारण अपनी फसलों और ताजी सब्जियों को स्थानीय स्तर पर औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर थे। अब मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की मदद से किसान सुबह तड़के ही अपनी उपज लेकर सीधे बड़े शहरों की थोक मंडियों तक पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें अपनी मेहनत का सही और पूरा दाम मिल रहा है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों की स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी अपने हस्तशिल्प और घरेलू उत्पादों को शहरी बाजारों और प्रदर्शनियों तक आसानी से पहुंचाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।बस्तर, सरगुजा से लेकर मैदानी जिलों तक सुगम परिवहन का बढ़ा नेटवर्क इस योजना का सबसे शानदार भौगोलिक क्रियान्वयन बस्तर संभाग के जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और सरगुजा संभाग के जशपुर, अंबिकापुर व बलरामपुर जैसे दुर्गम पहाड़ी और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों (Geographical Remote Areas) में देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई के मैदानी इलाकों से जुड़े ग्रामीण रूटों पर भी बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों के बीच इस बस सेवा को लेकर बेहद सकारात्मक माहौल है। लोग इसे केवल एक सरकारी बस नहीं, बल्कि अपने गांवों को तरक्की और स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने वाली एक जीवनदायिनी सेवा मान रहे हैं, जिसने आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में भी शहरों तक पहुंचने का समय आधा कर दिया है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बनी ग्रामीण बस योजना आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल मीडिया के युग में, सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके जमीनी प्रभावों से जुड़ी कहानियां इंटरनेट पर सबसे ज्यादा पढ़ी और सर्च की जाती हैं। जैसे ही मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत नए रूटों और सफल कहानियों के आंकड़े सामने आए, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना रूट लिस्ट', 'सीजी ग्रामीण बस सेवा टाइम टेबल क्या है', और 'छत्तीसगढ़ सरकारी परिवहन योजनाएं 2026' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह सक्सेस स्टोरी इस समय राज्य की सबसे बड़ी और सबसे प्रेरणादायक ट्रेंडिंग स्टोरीज में शुमार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 4:16 pm

हनुमानगढ़ में एआई से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर युवक से लाखों रुपए ऐंठे

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के फेफाना थाना क्षेत्र में एक युवक को उसकी कृत्रिम बुद्धमत्ता (एआई) से बनाई गई आपत्तिजनक वीडियो और फोटो डिलीट करवाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग करके लाखों रुपए ऐंठने का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि पीड़ित युवक ने मंगलवार देर शाम मामला दर्ज कराते […] The post हनुमानगढ़ में एआई से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर युवक से लाखों रुपए ऐंठे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 4:10 pm

PM मोदी को ईरान से बड़ा न्योता, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का मिला निमंत्रण

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार और दफन समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने राजनयिक सूत्रों ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 4:09 pm

हनुमान जी को पान चढ़ाने से टल जाते हैं सारे संकट! जानें मंगलवार को बजरंगबली को बीड़ा अर्पित करने का असली नियम और धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में संकटमोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। माना जाता है कि कलयुग में हनुमान जी ही एक ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तों की थोड़ी सी भक्ति से प्रसन्न होकर उनके जीवन के सभी दुखों और संकटों को तुरंत दूर कर देते हैं। बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई तरह के उपाय और प्रसाद अर्पित करते हैं, जिनमें से एक बेहद लोकप्रिय और चमत्कारी उपाय है—हनुमान जी को पान का बीड़ा चढ़ाना। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई भक्त हनुमान जी को विशेष रूप से तैयार किया गया पान अर्पित करता है, तो उसके जीवन की सभी बड़ी से बड़ी परेशानियां और बिगड़े काम तुरंत बनने लगते हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे का गहरा धार्मिक रहस्य और पूजा के कड़े नियम।हनुमान जी को पान अर्पित करने का पावन धार्मिक महत्व धार्मिक कथाओं और शास्त्रों के अनुसार, पान चढ़ाने का संबंध भक्त द्वारा भगवान को अपनी जिम्मेदारियां सौंपने से है। जब आप हनुमान जी को 'पान का बीड़ा' उठाते या चढ़ाते हैं, तो इसका आध्यात्मिक अर्थ होता है कि अब आपने अपने जीवन का 'बीड़ा' यानी अपने सभी संकटों और दायित्वों का भार पवनपुत्र के चरणों में सौंप दिया है। इसके अलावा, त्रेतायुग की एक कथा के अनुसार, जब हनुमान जी माता सीता की खोज करके लंका से वापस लौटे और उन्हें प्रभु श्री राम का संदेश दिया, तो माता सीता ने अत्यंत प्रसन्न होकर हनुमान जी को सम्मान और आशीर्वाद स्वरूप अपने पास से पान की माला पहनाई थी। तभी से बजरंगबली को पान चढ़ाना बेहद शुभ और फलदायी माना जाने लगा।पूजा के दौरान कैसा होना चाहिए हनुमान जी का विशेष पान? बजरंगबली को साधारण पान नहीं चढ़ाया जाता है, बल्कि पूजा के लिए विशेष रूप से 'कौतुकी पान' या मीठा पान तैयार किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी को चढ़ाए जाने वाले पान में केवल कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरा (नारियल का बूरा) और इलायची जैसी सात्विक और मीठी चीजें ही शामिल होनी चाहिए। इस बात का विशेष और कड़ा ध्यान रखें कि इस पान में भूलकर भी चूना, तंबाकू या सुपारी का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, क्योंकि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं और उनकी पूजा में तामसिक या नशीली चीजों का निषेध है। पान हमेशा ताजा और बिल्कुल साफ-सुथरा होना चाहिए, जिसका पत्ता कहीं से भी कटा-फटा न हो।सफलता और सुख-समृद्धि पाने के लिए क्या है सही नियम? हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करने के लिए मंगलवार या शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन सुबह या शाम के समय हनुमान जी के मंदिर जाएं या घर के मंदिर में ही चमेली के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें और फिर पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के चरणों में या उनके मुख के सम्मुख पान का बीड़ा अर्पित करें। प्रार्थना करते समय मन में कहें, 'हे हनुमान जी, मैंने अपना यह काम और जीवन का बीड़ा आपको सौंपा है, अब आप ही मेरी रक्षा करें।' ऐसा करने से नौकरी, व्यापार और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में आ रही रुकावटें तुरंत दूर हो जाती हैं।देश के प्रमुख हनुमान मंदिरों और स्थानीय क्षेत्रों में उमड़ी भक्तों की भीड़ इस पावन नियम और पूजा विधि को लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी के संकट मोचन मंदिर, अयोध्या के हनुमानगढ़ी, राजस्थान के सालासर बालाजी और मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों सहित विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Spiritual Hubs) में भक्तों का भारी हुजूम देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों में लोग मंगलवार को बजरंगबली के मंदिरों में विशेष रूप से मीठे पान के बीड़े का भोग लगा रहे हैं। स्थानीय पंडितों और आचार्यों का कहना है कि यह सरल और प्राचीन उपाय स्थानीय समुदायों और परिवारों में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में बेहद मददगार साबित हो रहा है।आधुनिक डिजिटल मीडिया और एआई सर्च इंजन पर हनुमान पूजा की धूम आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, युवा पीढ़ी और सनातनी भक्त अपनी धार्मिक जिज्ञासाओं के समाधान के लिए इंटरनेट का सहारा ले रहे हैं। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार हनुमान जी को पान चढ़ाने के फायदे, मंगलवार पूजा का शुभ मुहूर्त और घर पर पूजा की सही विधि को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह धार्मिक और आध्यात्मिक गाइड इस समय सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग टॉपिक्स में बनी हुई है, जो दर्शाती है कि आधुनिक युग में भी बजरंगबली के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:34 pm

सिनेमाघरों में मचेगा भयंकर कोहराम! कार्थी की ‘सरदार 2’ की रिलीज डेट का हुआ एलान

साउथ फिल्म इंडस्ट्री और बॉक्स ऑफिस के गलियारों से इस वक्त का सबसे बड़ा और धमाकेदार अपडेट सामने आ रहा है। तमिल सिनेमा के दिग्गज और वर्सटाइल सुपरस्टार कार्थी (Karthi) की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सरदार' के सीक्वल यानी ‘सरदार 2’ (Sardar 2) का इंतजार कर रहे करोड़ों फैंस के लिए मेकर्स ने एक बड़ा सरप्राइज दे दिया है। फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट का एलान कर दिया गया है, जिसने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया है। लेकिन इसके साथ ही सिनेमाघरों में एक बहुत बड़ा महामुकाबला भी तय हो गया है, क्योंकि कार्थी की यह मच अवेटेड स्पाई-थ्रिलर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सीधे थलपति विजय और नेशनल क्रश रश्मिका मंदाना की एक और महा-बजट फिल्म से टकराने के लिए पूरी तरह तैयार है।एक्शन और सस्पेंस का डबल डोज लेकर लौट रहे हैं कार्थी पी.एस. मित्रन के निर्देशन में बन रही ‘सरदार 2’ को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही भारी हाइप बनी हुई है। फिल्म के पहले पार्ट ने बॉक्स ऑफिस पर छप्परफाड़ कमाई की थी, जिसमें कार्थी के डबल रोल और उनके बूढ़े जासूस वाले किरदार को दर्शकों ने खूब सराहा था। सूत्रों के मुताबिक, सीक्वल में एक्शन कोरियोग्राफी, इंटरनेशनल लोकेशन्स और सस्पेंस के लेवल को दोगुना कर दिया गया है। मेकर्स इस बार फिल्म को केवल तमिल ही नहीं, बल्कि तेलुगु, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी बड़े पैमाने पर एक साथ रिलीज करने की पूरी प्लानिंग कर चुके हैं।बॉक्स ऑफिस पर थलपति विजय और रश्मिका की फिल्म से महाटक्कर साउथ के ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, ‘सरदार 2’ की रिलीज डेट के सामने आते ही सिनेमाघरों में स्क्रीन काउंट को लेकर बड़ी जंग छिड़ गई है। बॉक्स ऑफिस पर इसकी टक्कर थलपति विजय और रश्मिका मंदाना की आने वाली महा-अपेक्षित फिल्म से होने जा रही है। विजय और रश्मिका की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और उनकी फिल्मों का क्रेज न केवल तमिलनाडु, बल्कि पूरे भारत में सिर चढ़कर बोलता है। दो बड़े सुपरस्टार्स की फिल्मों का एक ही समय पर थिएटर्स में आना सिनेमा प्रेमियों के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है, लेकिन इसका सीधा असर ओपनिंग डे के कलेक्शन पर पड़ना तय माना जा रहा है।चेन्नई से लेकर हैदराबाद और पूरे देश के सिनेमाघरों में अभी से हलचल इस महा-क्लैश की घोषणा के बाद दक्षिण भारत के प्रमुख सिनेमा हब्स जैसे चेन्नई (Tamil Nadu) और हैदराबाद (Telangana/Andhra Pradesh) के थिएटर मालिकों और लोकल डिस्ट्रीब्यूटर्स के बीच एडवांस बुकिंग और स्क्रीन्स के बंटवारे को लेकर रणनीतियां बननी शुरू हो गई हैं। क्षेत्रीय और स्थानीय स्तर पर (Geographical Mass Markets) दोनों ही स्टार्स की तगड़ी फैन फॉलोइंग है, जिसके चलते टियर-2 और टियर-3 शहरों के सिंगल स्क्रीन थिएटर्स से लेकर बड़े शहरों के मल्टीप्लेक्स तक में इस क्लैश को लेकर भारी सुगबुगाहट देखी जा रही है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर ट्रेंड हुई रिलीज डेट आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, साउथ फिल्मों के क्लैश को लेकर इंटरनेट पर हमेशा से ही भारी दीवानगी देखी जाती है। जैसे ही 'सरदार 2' की रिलीज डेट का पोस्टर सोशल मीडिया पर स्ट्रीम हुआ, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार दोनों फिल्मों का बजट, स्टार कास्ट और ट्रेलर रिलीज की तारीखों को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह क्लैश इस समय पूरे भारत के मनोरंजन जगत का सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बना हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:25 pm

21 साल की हुईं अर्जुन रामपाल की लाडली मायरा! पापा ने पुरानी तस्वीरें शेयर कर लिखा ऐसा इमोशनल नोट

बॉलीवुड के मशहूर और हैंडसम अभिनेता अर्जुन रामपाल के घर में इस समय जश्न का माहौल है। मौका है उनकी छोटी बेटी मायरा रामपाल (Myra Rampal) के जन्मदिन का, जो आज आधिकारिक तौर पर 21 साल की हो गई हैं। अपनी लाडली के इस खास और बड़े पड़ाव पर पापा अर्जुन रामपाल खुद को बेहद भावुक होने से नहीं रोक पाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर मायरा के बचपन से लेकर अब तक की कई अनदेखी और बेहद खूबसूरत तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों के साथ एक्टर ने अपनी बेटी के लिए एक ऐसा दिल छू लेने वाला संदेश लिखा है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी को इमोशनल कर दिया है।हमेशा मेरी नन्ही सी गुड़िया रहोगी- अर्जुन रामपाल का इमोशनल मैसेज अर्जुन रामपाल ने अपनी पोस्ट के जरिए बेटी मायरा के प्रति अपने असीम प्यार को बयां किया है। एक्टर ने लिखा कि समय कितनी तेजी से बीत जाता है, पता ही नहीं चला; कल तक जो गोद में खेलती थी, वह आज 21 साल की एक खूबसूरत और समझदार युवती बन गई है। उन्होंने आगे लिखा कि दुनिया के लिए तुम भले ही कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाओ, लेकिन मेरे लिए तुम हमेशा मेरी वही नन्ही सी गुड़िया रहोगी, जिसकी मुस्कान मेरा पूरा दिन बना देती है। अर्जुन रामपाल का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि एक पिता के लिए उसकी बेटी हमेशा उसकी छोटी बच्ची ही रहती है।बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर स्टार किड को मिल रही बंपर बधाइयां जैसे ही अर्जुन रामपाल ने यह पोस्ट इंटरनेट पर साझा की, वैसे ही मायानगरी मुंबई (Mumbai Film Industry) से लेकर देश-विदेश के प्रशंसकों ने मायरा को बधाई देना शुरू कर दिया। बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स, मॉडल और अर्जुन रामपाल के करीबी दोस्तों ने इस पोस्ट पर कमेंट कर मायरा को उनके 21वें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया है। फैन्स भी मायरा की बचपन की तस्वीरों को देखकर अर्जुन रामपाल के साथ उनकी बॉन्डिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं। फैशन और ग्लैमर जगत में भी मायरा की इस उम्र को उनके नए करियर ओरिएंटेशन से जोड़कर देखा जा रहा है।आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और एआई सर्च इंजन पर तस्वीरें हुई वायरल आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, स्टार किड्स के लाइफस्टाइल और बर्थडे सेलिब्रेशन को लेकर इंटरनेट पर तगड़ा क्रेज रहता है। जैसे ही अर्जुन रामपाल का यह भावुक नोट इंस्टाग्राम पर आया, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार मायरा रामपाल की वर्तमान तस्वीरें, उनकी पढ़ाई और क्या वह जल्द ही बॉलीवुड में कदम रखने वाली हैं, इसे लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर इस समय मनोरंजन जगत के सबसे बड़े पारिवारिक और खुशनुमा ट्रेंड्स में लगातार टॉप पर बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:23 pm

बागेश्वर बाबा के दरबार में अचानक पहुंचीं टाइगर श्रॉफ की खूबसूरत ऑनस्क्रीन 'भाभी'! पति का हाथ थामे लिया धीरेंद्र शास्त्री का आशीर्वाद

सनातन धर्म और आस्था के सबसे बड़े केंद्र के रूप में उभरे मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आ रही है। अपने चमत्कारी और दिव्य दरबार के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध बागेश्वर बाबा यानी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दरबार में आम भक्तों के साथ-साथ अब बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के दिग्गजों की हाजिरी लगाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की ऑनस्क्रीन 'भाभी' का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी खास पहचान बनाने वाली बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री अपने पति का हाथ थामकर अचानक बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में पहुंच गईं। बाबा के दर्शन करने और उनका विशेष आशीर्वाद लेने की यह तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही तेजी से वायरल हो रही हैं।दिव्य दरबार में लगाई अर्जी और बाबा के सामने टेका माथा धाम से जुड़े सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अभिनेत्री और उनके पति ने आम श्रद्धालुओं की तरह ही बेहद सादगी के साथ बागेश्वर बालाजी के मंदिर में दर्शन किए और उसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुख्य दरबार में पहुंचे। वहां उन्होंने बाबा धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात की और उनके सामने पूरी श्रद्धा के साथ माथा टेका। इस दौरान बागेश्वर बाबा ने भी हंसते हुए इस सेलिब्रिटी कपल का स्वागत किया, उन्हें भभूति का प्रसाद दिया और उनके सुखी वैवाहिक जीवन और उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष आशीर्वाद प्रदान किया। दरबार में मौजूद लाखों श्रद्धालु फिल्मी दुनिया के इस बड़े चेहरे को अपने बीच पाकर बेहद उत्साहित नजर आए।बुंदेलखंड और छतरपुर के स्थानीय लोगों में बढ़ा भारी उत्साह बागेश्वर धाम के चलते मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र और छतरपुर जिले जैसे भौगोलिक इलाकों (Geographical Hubs) में धार्मिक पर्यटन को एक अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। स्थानीय स्तर पर जैसे ही यह खबर फैली कि टाइगर श्रॉफ की ऑनस्क्रीन 'भाभी' अपने पति के साथ छतरपुर पहुंची हैं, वहां के स्थानीय निवासियों और धाम के आसपास के दुकानदारों में भारी हलचल मच गई। इस तरह के बड़े सेलिब्रिटी इनपुट्स और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के चलते बागेश्वर धाम का यह पूरा क्षेत्र वैश्विक स्तर पर लगातार सुर्खियों में बना रहता है, जिससे स्थानीय रोजगार और धार्मिक आस्था का यह केंद्र और अधिक मजबूत हो रहा है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजन पर तस्वीरें हुई ट्रेंड आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, सेलिब्रिटीज के धार्मिक दौरों को लेकर इंटरनेट पर जबरदस्त दीवानगी देखी जाती है। जैसे ही इस स्टार कपल की बागेश्वर धाम से तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स इंटरनेट पर पोस्ट की गईं, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार अभिनेत्री का असली नाम, उनके पति का बैकग्राउंड और टाइगर श्रॉफ की किस फिल्म में उन्होंने भाभी का रोल किया था, इसे लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर इस समय आस्था और मनोरंजन जगत का सबसे बड़ा महासंगम बनकर टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:22 pm

100 करोड़ की मालकिन तमन्ना भाटिया का बड़ा धमाका! बोलीं- एक लिमिट के बाद इतने सारे पैसे का कोई अकेले आखिर क्या करेगा

भारतीय सिनेमा जगत यानी बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री की बेहद खूबसूरत और दिग्गज अभिनेत्री तमन्ना भाटिया इस समय अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने एक बेहद दार्शनिक और बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। अपनी कड़ी मेहनत और बेहतरीन अभिनय के दम पर आज करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति (Net Worth) की मालकिन बन चुकीं तमन्ना भाटिया ने पैसे, अमीरी और जीवन की खुशियों को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक हालिया इंटरव्यू में जब एक्ट्रेस से उनकी शानदार लाइफस्टाइल और भारी-भरकम नेटवर्थ को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही संजीदगी से जवाब देते हुए कहा कि एक निश्चित सीमा या लिमिट के बाद इतने सारे पैसों का कोई भी इंसान अकेले आखिर क्या ही करेगा?अकूत धन-दौलत और पैसे की सीमा पर तमन्ना का बेबाक नज़रिया चकाचौंध भरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में जहां अक्सर स्टार्स अपनी महंगी गाड़ियों और लग्जरी लाइफ का दिखावा करते हैं, वहीं तमन्ना भाटिया का यह नज़रिया बिल्कुल अलग और जमीन से जुड़ा हुआ है। एक्ट्रेस ने खुलकर बात करते हुए कहा कि पैसा जीवन जीने के लिए और बुनियादी जरूरतों को शानदार तरीके से पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन जब आपके पास एक सीमा से अधिक धन आ जाता है, तो वह केवल बैंक बैलेंस बनकर रह जाता है। तमन्ना के मुताबिक, इंसान एक वक्त में एक ही गाड़ी में बैठ सकता है, एक ही घर में रह सकता है और सीमित खाना ही खा सकता है। इसलिए एक लिमिट के बाद अकेले इतने पैसे का कोई मतलब नहीं रह जाता, जब तक कि आप उसका उपयोग दूसरों की भलाई या अपनों की खुशियों के लिए न करें।मुंबई और हैदराबाद सहित देश भर के फैंस ने जताया सम्मान तमन्ना भाटिया की इस सादगी और गहरी सोच की तारीफ इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में की जा रही है। मुख्य रूप से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री (Bollywood Hub) और हैदराबाद (Tollywood Hub) जैसे बड़े भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Markets) में उनके फैंस और सह-कलाकार इस बयान को एक मिसाल के तौर पर देख रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया ग्रुप्स और सिनेमा प्रेमियों के बीच इस बात को लेकर बड़ी चर्चा छिड़ गई है कि तमन्ना ने अपनी सफलता के चरम पर होने के बावजूद जीवन के सबसे बड़े सच को बेहद सरलता से स्वीकार किया है। उनके इस स्थानीय और क्षेत्रीय प्रभाव के चलते लोग उनकी फिल्मों के साथ-साथ उनकी पर्सनैलिटी के भी दीवाने हो रहे हैं।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर तमन्ना का बयान हुआ वायरल आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, जैसे ही तमन्ना भाटिया का यह बयान इंटरनेट पर आया, यह आग की तरह फैल गया। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार तमन्ना भाटिया की कुल संपत्ति, उनकी आगामी फिल्मों और उनके इस पूरे इंटरव्यू की वीडियो क्लिप्स को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर इस समय मनोरंजन जगत के सबसे बड़े ट्रेंड्स में शुमार है। हर कोई इस 100 करोड़ की मालकिन के इस डाउन-टू-अर्थ बयान को पढ़ने और शेयर करने में दिलचस्पी दिखा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:19 pm

नीट में नहीं मिली एमबीबीएस की सीट तो रोने के बजाय बदला रास्ता, महज 20 साल की उम्र में लगा डाला 72.3 लाख का तगड़ा पैकेज

देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) में हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर बैठते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण सभी को सफलता नहीं मिल पाती। ऐसे में कई छात्र निराश हो जाते हैं, लेकिन एक 20 साल के युवा ने इस असफलता को अपने आड़े नहीं आने दिया। नीट परीक्षा में एमबीबीएस (MBBS) की सरकारी सीट न मिल पाने के बाद भी इस जांबाज छात्र ने हार नहीं मानी। उसने समय रहते पारंपरिक लीक से हटकर एक नई और आधुनिक राह चुनी। आज नतीजा यह है कि महज 20 साल की छोटी सी उम्र में इस युवा ने तकनीकी क्षेत्र में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए 72.3 लाख रुपये का सालाना ड्रीम पैकेज हासिल कर लिया है।नीट की असफलता को बनाया कामयाबी की सीढ़ी इस प्रेरणादायक कहानी की शुरुआत तब हुई जब नीट परीक्षा के नतीजों के बाद एमबीबीएस की रेस से बाहर होने पर इस छात्र ने डिप्रेशन में जाने के बजाय अपने अन्य विकल्पों पर विचार किया। डॉक्टर बनने का सपना जरूर टूटा था, लेकिन कुछ बड़ा करने का जज्बा कायम था। उसने बदलते दौर की मांग को समझा और कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग की दुनिया में कदम रख दिया। दिन-रात की कड़ी मेहनत, सेल्फ-लर्निंग और कोडिंग स्किल्स को निखारने के बाद इस छात्र ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और टेक सेक्टर में वो महारत हासिल कर ली, जो आमतौर पर बड़े-बड़े आईआईटी (IIT) के छात्रों को मिलती है।वैश्विक टेक दिग्गज कंपनी ने दिया 72.3 लाख का सालाना पैकेज छात्र की इस असाधारण कोडिंग क्षमता और एआई मॉडल्स पर काम करने की समझ को देखते हुए एक इंटरनेशनल टेक क्रेडेंशियल फर्म ने उसे अपनी कंपनी का हिस्सा बनाने के लिए रिकॉर्ड तोड़ ऑफर दे डाला। 20 साल की उम्र में, जहां ज्यादातर युवा अपनी कॉलेज लाइफ के शुरुआती सालों में होते हैं, इस छात्र को 72.3 लाख रुपये का भारी-भरकम पैकेज ऑफर किया गया है। कॉर्पोरेट जगत के विशेषज्ञ इस कामयाबी को नई पीढ़ी के युवाओं के लिए एक बड़े सबक के रूप में देख रहे हैं, जो यह साबित करता है कि करियर की राह में कोई एक परीक्षा आखिरी रास्ता नहीं होती।देश के प्रमुख कोचिंग और एजुकेशन हब्स में चर्चा का विषय इस खबर के सामने आने के बाद राजस्थान के कोटा, दिल्ली के कालू सराय, बिहार के पटना और उत्तर प्रदेश के कानपुर जैसे प्रमुख भौगोलिक और शैक्षणिक क्षेत्रों (Geographical Educational Hubs) में इस छात्र की सफलता की जमकर चर्चा हो रही है। इन स्थानीय कोचिंग सेंटर्स में दिन-रात नीट और जेईई की तैयारी करने वाले लाखों छात्र जो भारी मानसिक दबाव से गुजरते हैं, उनके लिए यह कहानी एक जबरदस्त बूस्टर डोज साबित हो रही है। स्थानीय शिक्षाविदों और करियर काउंसलर्स का कहना है कि यह मामला दिखाता है कि स्किल्स और आधुनिक तकनीक के दम पर किसी भी क्षेत्र में सर्वोच्च मुकाम हासिल किया जा सकता है।आधुनिक डिजिटल एआई सर्च और गूगल डिस्कवर पर खबर हुई वायरल आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के युग में, जहां युवा लगातार वैकल्पिक करियर ऑप्शंस और हाई-पेइंग जॉब्स के बारे में सर्च कर रहे हैं, यह खबर इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई है। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग इस 20 साल के युवा की पहचान, उसकी कोडिंग स्ट्रेटजी और बिना डिग्री के इतना बड़ा पैकेज पाने के तरीकों को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित डिस्कवर फीड्स पर यह मोटिवेशनल स्टोरी इस समय टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:15 pm

मोबाइल छाप आशिक के लिए करोड़पति मंगेतर का कत्‍ल, कितनी शातिर है 20 साल की सिया गोयल?

पुणे में अग्रवाल परिवार के बेटे केतन अग्रवाल के मर्डर की खौफनाक कहानियां सामने आ रही हैं। गोयल परिवार की बेटी सिया से केतन की सगाई हुई थी, अग्रवाल परिवार करोड़पति है, 17 करोड़ में तो सिर्फ उन्‍होंने शादी के लिए राजस्‍थान में महल ही बुक करवाया था, ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 3:15 pm

यूपी में बंपर भर्ती! UPPSC PCS 2026 में 750 वैकेंसी के साथ इसी हफ्ते आएगा नोटिफिकेशन, एलटी ग्रेड पर भी आया बहुत बड़ा अपडेट

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की राह देख रहे लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने नए साल के अपने सबसे बड़े भर्ती अभियान की तैयारियां पूरी कर ली हैं। विश्वसनीय सूत्रों और आयोग के अंदरूनी गलियारों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, यूपी पीसीएस 2026 (UPPSC PCS 2026) का बहुप्रतीक्षित आधिकारिक नोटिफिकेशन इसी हफ्ते जारी होने जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इस बार आयोग को विभिन्न प्रशासनिक विभागों से करीब 750 पदों का अधियाचन (वैकेंसी) मिल चुका है, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में एक बेहद बड़ा और शानदार आंकड़ा माना जा रहा है।प्रशासनिक पदों की बंपर संख्या से अभ्यर्थियों में भारी उत्साह यूपी पीसीएस 2026 के तहत आने वाले इन 750 पदों में डिप्टी कलेक्टर (SDM), पुलिस उपाधीक्षक (DYSP), खंड विकास अधिकारी (BDO), सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) जैसे कई बेहद प्रतिष्ठित और मलाईदार पद शामिल हैं। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आने तक पदों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है। इतनी बड़ी संख्या में वैकेंसी आने की खबर से प्रयागराज, लखनऊ और दिल्ली में रहकर तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के बीच जबरदस्त उत्साह और नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती को लेकर भी आयोग ने किया बड़ा रुख साफ पीसीएस परीक्षा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के राजकीय इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड (LT Grade) शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए भी आयोग से एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट आया है। लंबे समय से योग्यता और समकक्ष अर्हता (Eligibility Dispute) के विवाद में फंसी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। शासन स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद आयोग ने इसकी फाइल पर काम तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि पीसीएस नोटिफिकेशन के तुरंत बाद ही एलटी ग्रेड के हजारों पदों पर भर्ती के लिए भी अलग से विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।प्रयागराज और लखनऊ सहित पूरे प्रदेश के कोचिंग हब्स हुए एक्टिव इस बड़ी घोषणा का सबसे सीधा असर उत्तर प्रदेश के प्रमुख एजुकेशनल और प्रतियोगी परीक्षा हब्स पर देखने को मिल रहा है। संगम नगरी प्रयागराज के कटरा, कर्नलगंज और अल्लापुर से लेकर राजधानी लखनऊ के कपूरथला और अलीगंज जैसे प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) में छात्रों ने अपनी पढ़ाई की रफ्तार दोगुनी कर दी है। स्थानीय कोचिंग सेंटर्स और लाइब्रेरी इस बंपर भर्ती को ध्यान में रखकर स्पेशल टेस्ट सीरीज और क्रैश कोर्स के नए बैच लॉन्च करने की प्लानिंग में जुट गए हैं। यह स्थानीय ऑप्टिमाइजेशन पूरे राज्य के युवाओं को एक बार फिर प्रशासनिक सेवा में जाने का स्वर्णिम अवसर दे रहा है।डिजिटल और आधुनिक एआई सर्च इंजन पर नोटिफिकेशन की धूम आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जैसे ही आयोग की तरफ से इस हफ्ते नोटिफिकेशन जारी करने के संकेत मिले, इंटरनेट पर यूपीपीएससी से जुड़े कीवर्ड्स की बाढ़ आ गई है। छात्र लगातार गूगल और बिंग पर यूपी पीसीएस 2026 की योग्यता, आयु सीमा, परीक्षा का नया पैटर्न और सिलेबस डाउनलोड करने के तरीके सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च इंजन और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर लगातार टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है, जो इस बात का सबूत है कि यूपी की इस सबसे बड़ी प्रशासनिक परीक्षा को लेकर युवाओं में कितना भारी क्रेज है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:13 pm

सीए इंटर रिजल्ट में बड़ा उलटफेर! 91 फीसदी से ज्यादा छात्र हुए फेल, सिर्फ 8.47% ही बन पाए सिकंदर

चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की तैयारी कर रहे देश के लाखों छात्रों के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ओर से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। आईसीएआई ने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के नतीजों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस साल का ओवरऑल पास प्रतिशत और रिजल्ट का ट्रेंड देखकर हर कोई हैरान है, क्योंकि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार इस एग्जाम में इस बार सफलता का ग्राफ बेहद नीचे गिर गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस परीक्षा में शामिल होने वाले 91 फीसदी से भी ज्यादा उम्मीदवार फेल हो गए हैं, जबकि केवल 8.47 प्रतिशत छात्र ही इस बेहद मुश्किल पड़ाव को पार करने में कामयाब रहे हैं।कड़े मूल्यांकन और बदले पैटर्न से लगा छात्रों को झटका सीए इंटरमीडिएट के इस बार के नतीजों ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल आईसीएआई द्वारा मार्किंग स्कीम और प्रश्नपत्रों के स्तर में किए गए आधुनिक बदलावों के कारण पास प्रतिशत में इतनी भारी गिरावट देखने को मिली है। सीए की परीक्षा में दोनों ग्रुप को एक साथ क्लियर करना हमेशा से ही छात्रों के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है, और इस बार का कड़ा मूल्यांकन उन छात्रों पर भारी पड़ गया जो आंशिक तैयारी के भरोसे परीक्षा हॉल में पहुंचे थे। जो छात्र सफल हुए हैं, उनके घरों में जहां जश्न का माहौल है, वहीं असफल रहने वाले लाखों उम्मीदवार अब अपनी कॉपियों की री-वेरिफिकेशन और अगले अटेंप्ट की रणनीतियों में जुट गए हैं।देश के प्रमुख शहरों और लोकल कोचिंग हब्स में सन्नाटा इस रिजल्ट का सबसे सीधा और बड़ा असर भारत के प्रमुख एजुकेशनल और सीए कोचिंग हब्स पर देखने को मिल रहा है। दिल्ली के लक्ष्मी नगर, राजस्थान के कोटा, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) में, जहां हजारों की संख्या में छात्र दिन-रात सीए की तैयारी करते हैं, वहां इस कम पास प्रतिशत के बाद हड़कंप मच गया है। स्थानीय कोचिंग सेंटर्स और शिक्षाविदों ने इस रिजल्ट पर मंथन शुरू कर दिया है ताकि आने वाले टर्म में छात्रों की कमजोरियों को दूर किया जा सके और स्थानीय स्तर पर सफलता के इस आंकड़े को दोबारा सुधारा जा सके।डिजिटल ट्रेंड्स और एआई सर्च इंजन पर रिजल्ट की भारी गूंज आज के आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के इस दौर में, जैसे ही आईसीएआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लिंक एक्टिवेट किया, वैसे ही इंटरनेट पर ट्रैफिक का सैलाब आ गया। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर छात्र लगातार टॉपर्स की लिस्ट, पासिंग क्राइटेरिया, मिनिमम कट-ऑफ और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के तरीकों को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-पावर्ड न्यूज फीड्स और गूगल डिस्कवर पर यह खबर इस समय टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि देश के युवाओं और प्रोफेशनल सेक्टर के बीच सीए के नतीजों को लेकर कितना बड़ा क्रेज रहता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:12 pm

कर्णप्रयाग-नगरासू घटनाओं पर CM धामी हुए सख्‍त, बोले- दोषी के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई...

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं को लेकर सरकार की ओर से सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासन और पुलिस पूरी ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 2:09 pm

काश बाली ट्रिप के पीछे छिपा सिया का खूनी खेल समझ जाता केतन! हनीमून प्लानिंग की आड़ में रची गई मौत की खौफनाक साजिश

क्राइम और सस्पेंस की दुनिया से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को पूरी तरह से शर्मसार कर दिया है। केतन नाम के एक बेगुनाह युवक की मौत की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने जो सनसनीखेज खुलासा किया है, उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, केतन की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि उसकी अपनी ही पत्नी सिया द्वारा रची गई एक बेहद ठंडे दिमाग की सोची-समझी मर्डर प्लानिंग थी। पुलिस का कहना है कि काश केतन समय रहते बाली ट्रिप (Bali Trip) के पीछे छिपी सिया की उस खतरनाक चाल और खौफनाक इरादों को समझ जाता, तो आज वह हमारे बीच जिंदा होता।बाली ट्रिप की आड़ में तैयार हुआ मौत का ब्लूप्रिंट पुलिस की गिरफ्त में आई आरोपी पत्नी सिया से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो इस मर्डर मिस्ट्री की एक-एक परतें हैरान करने वाले तरीके से खुलने लगीं। सिया ने कबूल किया कि उसने केतन को रास्ते से हटाने के लिए काफी पहले ही स्क्रिप्ट तैयार कर ली थी। उसने केतन के सामने एक बेहद रोमांटिक और लग्जरी बाली वेकेशन का आइडिया रखा, जिसे सुनकर केतन बेहद खुश हो गया था। केतन जिसे अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हनीमून या वेकेशन समझकर पूरी शिद्दत से होटल और फ्लाइट्स की बुकिंग और प्लानिंग कर रहा था, वह असल में उसकी पत्नी द्वारा उसकी ही कब्र खोदने का एक जरिया मात्र था।लोकल इनपुट्स और पुलिस की पैनी नजर से पकड़ा गया झूठ वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सिया ने पुलिस और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए इसे एक सामान्य दुर्घटना या सुसाइड का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन देश के विभिन्न स्थानीय और क्षेत्रीय खुफिया नेटवर्क (Geographical Intelligence) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने जब घटनास्थल से सबूत जुटाए, तो सिया की थ्योरी पूरी तरह से फेल हो गई। पुलिस ने जब केतन और सिया के स्थानीय ठिकानों, मोबाइल लोकेशन्स और बैंक ट्रांजैक्शन्स को खंगाला, तो पता चला कि ट्रिप की प्लानिंग के दौरान ही सिया किसी अन्य संदिग्ध व्यक्ति के साथ लगातार संपर्क में थी।आधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक और एआई जांच से खुली पोल आज के इस आधुनिक दौर में जहां क्रिमिनल खुद को बचाने के लिए नए पैंतरे अपनाते हैं, वहीं हमारी जांच एजेंसियां भी जनरेटिव एआई (AI Tools) और एडवांस डिजिटल फॉरेंसिक का इस्तेमाल कर रही हैं। पुलिस ने सिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स, डिलीट किए गए चैट्स और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री को री-स्टोर किया, जिससे यह साफ हो गया कि वह पिछले कई महीनों से 'परफेक्ट मर्डर' और 'हादसे में मौत दिखाने के तरीके' गूगल पर सर्च कर रही थी। इस डिजिटल और मॉडर्न इनपुट ने पुलिस को पुख्ता सबूत दिए, जिसके बाद सिया का खेल पूरी तरह ओवर हो गया और वह सलाखों के पीछे पहुंच गई।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:55 pm

बबीता से खदीजा बनने का खौफनाक सच! फेसबुक वाला प्यार, धर्म परिवर्तन और अब जांच एजेंसियों के सामने खुला बड़ा राज

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जाल में फंसाने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बबीता नाम की एक युवती का फेसबुक से शुरू हुआ सफर अब देश की बड़ी केंद्रीय जांच एजेंसियों के दफ्तर तक पहुंच चुका है। प्यार के झूठे वादों, भावनाओं के खेल और फिर बबीता से 'खदीजा' बनने की यह पूरी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन इसका सच बेहद डरावना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने इस पर अपनी पैनी नजर डाली और तफ्तीश शुरू की, तो इसके पीछे किसी बड़े और सुनियोजित नेटवर्क का हाथ होने के संकेत मिले हैं, जिसकी परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं।फेसबुक की डिजिटल दोस्ती और प्यार का वो जाल इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत बेहद सामान्य तरीके से फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट के साथ हुई थी। बबीता नाम की इस लड़की से फेसबुक के जरिए एक युवक ने संपर्क साधा और धीरे-धीरे बातों का सिलसिला गहरी दोस्ती में तब्दील हो गया। आरोपी ने बबीता का भरोसा जीतने के लिए खुद को बेहद शरीफ और मददगार साबित करने की कोशिश की। प्यार के बड़े-बड़े वादे किए गए और भविष्य के हसीन सपने दिखाए गए। बबीता इस बात से बिल्कुल अनजान थी कि डिजिटल स्क्रीन के पीछे बैठा शख्स कोई प्रेमी नहीं, बल्कि एक बेहद शातिर ऑपरेटर है जो उसे एक सोची-समझी साजिश के तहत अपने जाल में फंसा रहा था।दबाव का खेल और बबीता का खदीजा में रूपांतरण जैसे ही बबीता पूरी तरह से प्यार के झांसे में आ गई, वैसे ही असली खेल शुरू हो गया। भावनात्मक ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव का सहारा लेकर धीरे-धीरे बबीता पर धर्म बदलने का दबाव बनाया जाने लगा। सूत्रों के मुताबिक, बबीता को उसके परिवार और पुराने समाज से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया, जिससे वह पूरी तरह सामने वाले पर निर्भर हो गई। आखिरकार, शादी और सुरक्षा का झांसा देकर बबीता का धर्म परिवर्तन करा दिया गया और उसका नाम बदलकर खदीजा रख दिया गया। इसके बाद लड़की को किसी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल करने की भी कोशिश की जा रही थी, जिसकी भनक सुरक्षा एजेंसियों को लग गई।स्थानीय इनपुट और जांच एजेंसियों की ताबड़तोड़ कार्रवाई इस मामले का खुलासा तब हुआ जब देश के अलग-अलग राज्यों और स्थानीय खुफिया तंत्र (Geographical Security Network) को इस संदिग्ध नेटवर्क के बारे में इनपुट मिले। जांच एजेंसियों ने स्थानीय स्तर पर छापेमारी कर जब कड़ियां जोड़ीं, तो पता चला कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में इस तरह के सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए लड़कियों को टारगेट किया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि इस धर्म परिवर्तन के खेल के पीछे कोई विदेशी फंडिंग या टेरर लिंक तो नहीं है।डिजिटल सुरक्षा और आधुनिक एआई सर्च पर बड़ी चेतावनी आज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई और सोशल मीडिया एल्गोरिदम लोगों के बिहेवियर को ट्रैक कर रहे हैं, ऐसे में यह मामला डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलार्म है। इंटरनेट पर इस तरह की खबरों को लेकर इस वक्त जबरदस्त सर्च की जा रही है। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि एआई बेस्ड मॉनिटरिंग के जरिए अब सोशल मीडिया के ऐसे संदिग्ध और फर्जी प्रोफाइल्स पर नकेल कसना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि बबीता जैसी अन्य मासूम लड़कियों को शिकार बनने से बचाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:54 pm

टाटा ग्रुप में भारी खलबली! बोर्ड बैठक में घाटे पर मचे बवाल के बाद बड़े दिग्गज की विदाई, अब अमेजन से आएगा नया बॉस

कॉर्पोरेट जगत और भारतीय बिजनेस सेक्टर से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। देश के सबसे प्रतिष्ठित और भरोसेमंद कारोबारी समूह टाटा ग्रुप (Tata Group) की एक बड़ी कंपनी में शीर्ष स्तर पर बहुत बड़ा उलटफेर हो गया है। कंपनी के प्रदर्शन और लगातार हो रहे वित्तीय नुकसान को लेकर हुई एक हाई-लेवल बोर्ड बैठक के बाद कंपनी के एक बेहद सीनियर और दिग्गज अधिकारी की विदाई हो गई है। बोर्ड के इस कड़े और औचक फैसले ने पूरे भारतीय टेक और रिटेल बाजार को चौंका दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी को इस घाटे के दलदल से बाहर निकालने और नए जमाने के हिसाब से री-स्ट्रक्चर करने के लिए वैश्विक ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन (Amazon) से एक शीर्ष अधिकारी को लाने का फैसला किया गया है।बोर्ड मीटिंग में घाटे पर हुआ था भारी हंगामा इस बड़े इस्तीफे और विदाई की पटकथा पिछले दिनों हुई कंपनी की एक महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक में ही लिख दी गई थी। बैठक के दौरान कंपनी की पिछली कुछ तिमाहियों के वित्तीय नतीजों और बढ़ते घाटे को लेकर बोर्ड मेंबर्स ने गंभीर चिंता जताई थी। रणनीतिक बदलावों और भारी निवेश के बावजूद कंपनी का परफॉर्मेंस उम्मीद के मुताबिक नहीं रह पा रहा था, जिसके चलते निवेशकों और बोर्ड का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। इसी वित्तीय घाटे और ऑपरेशनल विफलता का मुद्दा गरमाने के बाद आखिरकार शीर्ष स्तर पर इस विदाई का रास्ता साफ हो गया, जिसे टाटा ग्रुप के अब तक के सबसे कड़े फैसलों में से एक माना जा रहा है।अमेजन के दिग्गज अधिकारी को कमान सौंपने की बड़ी तैयारी घाटे के इस चक्रव्यूह को तोड़ने और डिजिटल मार्केट में अपनी बादशाहत दोबारा कायम करने के लिए टाटा ग्रुप ने अब एक वैश्विक रणनीति अपनाई है। कंपनी के नए मुखिया के तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और टेक कंपनियों में से एक, अमेजन (Amazon) के एक बेहद अनुभवी और कद्दावर अधिकारी को नियुक्त करने का मन बना लिया गया है। अमेजन से आने वाले इन नए अधिकारी के पास ग्लोबल सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, एआई-बेस्ड ऑपरेशन्स और बड़े पैमाने पर बिजनेस को मुनाफे में लाने का एक शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है। टाटा को उम्मीद है कि यह नया नेतृत्व कंपनी के पूरे वर्क कल्चर और बिजनेस मॉडल को बदलकर रख देगा।लोकल और डिजिटल मार्केट पर टाटा का नया फोकस टाटा की यह बड़ी कंपनी भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Markets) और स्थानीय शहरों में फैले अपने बड़े उपभोक्ता आधार को मजबूत करने के लिए नए सिरे से काम करेगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में ई-कॉमर्स और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती स्थानीय मांग को ध्यान में रखकर अब नई रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। मॉडर्न जनरेटिव एआई (AI Search) और डेटा-संचालित ऑपरेशन्स का सहारा लेकर कंपनी अपने डिलीवरी नेटवर्क और इन्वेंट्री मैनेजमेंट को बेहद स्मार्ट बनाएगी ताकि स्थानीय ग्राहकों को अमेज़न जैसा ही विश्वस्तरीय और तेज अनुभव टाटा के भरोसे के साथ मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:38 pm

संसद में गूंजा पीएम मोदी का बड़ा बयान! बोले- देश की जनता तो ठीक, अब तो कांग्रेस वालों को भी मुझसे ही उम्मीदें

देश के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां संसद के सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में विपक्ष और मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी पर तीखा तंज कसा है। सदन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्षी खेमे की कार्यशैली पर चुटकी लेते हुए कहा कि अब देश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने कहा कि आम जनता की बात तो छोड़ ही दीजिए, अब तो खुद कांग्रेस पार्टी के भीतर के लोगों और उनके नेताओं को भी अपनी उम्मीदें पूरी होने के लिए हमारी ही सरकार से आस लगानी पड़ रही है। पीएम मोदी के इस चुटीले बयान के बाद सदन में जहां थपथपाहट गूंज उठी, वहीं विपक्षी खेमे में पूरी तरह सन्नाटा पसर गया।पीएम मोदी ने विपक्ष के दावों की हवा निकाली सदन में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष द्वारा लगातार उठाए जा रहे मुद्दों और घेराबंदी के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछले कई सालों से सिर्फ नकारात्मक राजनीति और विरोध की राह पर चल रहा है, जिसके कारण देश की जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया है। पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए आगे कहा कि कांग्रेस के पास अब न तो कोई ठोस नीति बची है और न ही कोई मजबूत नेतृत्व, यही वजह है कि जब भी उनके खुद के क्षेत्रों के विकास की बात आती है, तो उनके सांसद और नेता भी दबी जुबान में बीजेपी सरकार के मंत्रियों के पास ही चक्कर लगाते दिखते हैं और अपनी उम्मीदें जताते हैं।स्थानीय विकास और क्षेत्रीय राजनीति पर साधा सीधा निशाना प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रीय भौगोलिक स्तरों (Geographical Hubs) पर हो रहे विकास कार्यों का हवाला देते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बिना किसी भेदभाव के देश के हर राज्य, हर जिले और हर गांव तक विकास योजनाओं को पहुंचा रही है। चाहे उत्तर भारत के राज्य हों या दक्षिण और पूर्वोत्तर के इलाके, हर जगह विकास की एक नई बयार बह रही है। पीएम मोदी ने साफ किया कि यही वजह है कि कांग्रेस शासित या विपक्ष के प्रभाव वाले स्थानीय क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि भी जानते हैं कि विकास का काम सिर्फ और सिर्फ मोदी सरकार ही कर सकती है, इसलिए उनकी उम्मीदें भी अब हमसे ही बंधी हुई हैं।डिजिटल और एआई युग में पीएम मोदी के बयान की भारी गूंज आज के आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आग की तरह फैल गया है। देश के कोने-कोने में लोग इस तीखे राजनीतिक पलटवार को लेकर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई बेस्ड न्यूज फीड्स और गूगल डिस्कवर पर यह खबर सबसे ऊपर ट्रेंड कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी ने इस एक बयान से न सिर्फ संसद के भीतर विपक्ष के मनोबल को तोड़ा है, बल्कि देश की जनता के बीच यह संदेश भी बेहद मजबूती से पहुंचा दिया है कि देश के विकास का विकल्प सिर्फ और सिर्फ मौजूदा सरकार के पास ही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:36 pm

शहबाज शरीफ का गेम ओवर! पूर्व मंत्री के इस बड़े खुलासे से पाकिस्तान में मचा हड़कंप, कहा- आसिम मुनीर के आगे टिकना नामुमकिन

पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में इस समय एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। देश के एक पूर्व कैबिनेट मंत्री ने वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर एक ऐसा विस्फोटक बयान दिया है जिसने पूरी हुकूमत को हिला कर रख दिया है। पूर्व मंत्री ने सीधे तौर पर दावा किया है कि पाकिस्तान के वज़ीर-ए-आज़म शहबाज शरीफ का अब 'गेम ओवर' हो चुका है। उन्होंने सरकार की पोल खोलते हुए कहा कि शक्तिशाली सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के आगे मौजूदा नागरिक सरकार की कोई औकात या हैसियत नहीं है। इस बड़े खुलासे के बाद से ही इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी तक कूटनीतिक और राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है।सेना प्रमुख के सामने पूरी तरह बेबस हुई नागरिक सरकार इस सनसनीखेज खुलासे में यह साफ तौर पर कहा गया है कि पाकिस्तान में हमेशा की तरह इस बार भी पर्दे के पीछे से असली कमान सेना के हाथों में ही है। पूर्व मंत्री के मुताबिक, शहबाज शरीफ सिर्फ नाम के प्रधानमंत्री हैं, जबकि देश के तमाम बड़े और रणनीतिक फैसले सीधे तौर पर जनरल आसिम मुनीर के इशारे पर लिए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नागरिक सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच अंदरूनी खींचतान अब उस मुकाम पर पहुंच चुकी है, जहां शहबाज शरीफ के लिए अपनी कुर्सी बचाए रखना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। सरकार के भीतर का यह असंतोष कभी भी देश में एक नए राजनीतिक तख्तापलट या बड़े बदलाव का रूप ले सकता है।गंभीर आर्थिक संकट और क्षेत्रीय मोर्चे पर घिरी सरकार पाकिस्तान इस समय अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। देश के विभिन्न प्रांतों जैसे पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में स्थानीय स्तर पर महंगाई और बेरोजगारी को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। इस भौगोलिक और क्षेत्रीय संकट (Geographical Crisis) को संभाल पाने में शहबाज सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। आंतरिक सुरक्षा और स्थानीय विद्रोह की स्थिति से निपटने के लिए भी सरकार को पूरी तरह से सेना प्रमुख आसिम मुनीर की रणनीतियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे में जनता के बीच यह संदेश जा चुका है कि संकट की इस घड़ी में मौजूदा सरकार के पास कोई ठोस विजन नहीं है।एआई और डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग आज के आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (AI) के दौर में पाकिस्तान की इस राजनीतिक उठापटक की गूंज पूरी दुनिया के सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रही है। आधुनिक सर्च इंजनों और जेनरेटिव एआई ट्रेंड्स के मुताबिक, पाकिस्तान की जनता और वैश्विक पर्यवेक्षक इस समय वहां के सैन्य और नागरिक संतुलन को लेकर लगातार सर्च कर रहे हैं। पूर्व मंत्री का यह ताजा बयान एआई जनरेटेड न्यूज फीड्स और गूगल डिस्कवर पर सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिरता पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:33 pm

अमेरिका-ईरान समझौते पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बयान से मच गई हलचल, भारत के लिए आई बेहद बड़ी खुशखबरी

वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए चल रही समझौता वार्ता पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने एक बेहद बड़ा और दूरगामी बयान दिया है। डोभाल ने इस संभावित अंतरराष्ट्रीय समझौते का विश्लेषण करते हुए संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियां और पाबंदियों में ढील भारत के लिए हर मोर्चे पर गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि भारत इस क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक और आर्थिक हिस्सेदार है।क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और एनर्जी सिक्योरिटी को मिलेगी मजबूती भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर रहता है। अजीत डोभाल के इस बयान के बाद आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अंतिम रूप लेता है, तो वैश्विक बाजार में ईरानी तेल की वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा। बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। यह स्थिति भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था, महंगाई पर नियंत्रण और देश की समग्र ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को एक बहुत बड़ी और सीधी राहत प्रदान करेगी।चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट और लोकल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार इस समझौते का सबसे बड़ा और सकारात्मक असर क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और भारत के महत्वाकांक्षी चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट (Chabahar Port Project) पर पड़ने वाला है। भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों से सीधे ईरान के चाबहार तक होने वाले व्यापारिक रूट को इस डील के बाद एक नया बूस्ट मिलेगा। भौगोलिक और क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन (Geographical Optimization) के लिहाज से यह भारत को पाकिस्तान को बाईपास करते हुए सीधे मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ने का सबसे सुगम रास्ता देगा। डोभाल के इस रुख से साफ है कि पाबंदियां हटने के बाद भारत चाबहार में अपने निवेश और स्थानीय कनेक्टिविटी नेटवर्क को रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ाएगा।एआई युग और बदलते जियोपॉलिटिकल समीकरणों में भारत की रणनीतिक बढ़त आज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई और डिजिटल इंटेलिजेंस के जरिए देश अपनी रणनीतिक नीतियां तैयार कर रहे हैं, भारत का यह रुख बेहद सधा हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच संतुलन बनाने की भारत की यह कूटनीति आने वाले समय में वैश्विक सप्लाई चेन और डिजिटल ट्रेड रूट्स को भी सुरक्षित करेगी। सुरक्षा और विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि अजीत डोभाल का यह बयान भारत की उस मजबूत और स्वतंत्र विदेश नीति का प्रतीक है, जो बिना किसी वैश्विक दबाव के देश के आर्थिक हितों और तकनीकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:30 pm

अमेरिका को लगा भयंकर झटका! चीन के 'लाइनशाइन' ने रचा इतिहास, बना दुनिया का सबसे खतरनाक और तेज सुपरकंप्यूटर

ग्लोबल टेक्नोलॉजी और सुपरकंप्यूटिंग की महाजंग में चीन ने सुपरपावर अमेरिका को एक बहुत बड़ा और करारा झटका दिया है। टेक जगत से आ रही इस समय की सबसे बड़ी खबर के मुताबिक, चीन द्वारा विकसित किया गया नया सुपरकंप्यूटर 'लाइनशाइन' (LineShine) आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे तेज और सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर घोषित कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही चीन ने अमेरिका के सबसे एडवांस सुपरकंप्यूटर्स को प्रोसेसिंग स्पीड और परफॉर्मेंस के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है। वैश्विक स्तर पर तकनीक के इस बड़े उलटफेर ने दोनों देशों के बीच जारी टेक-वॉर (Tech War) को एक बिल्कुल नए और बेहद आक्रामक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।अभूतपूर्व स्पीड और गणना क्षमता से दुनिया दंग चीन का यह नया सुपरकंप्यूटर 'लाइनशाइन' आधुनिक विज्ञान और इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना है। इसकी कम्प्यूटेशनल क्षमता और डेटा प्रोसेसिंग स्पीड इतनी अविश्वसनीय है कि यह महज कुछ ही सेकेंड्स में उन बेहद जटिल गणितीय गणनाओं और वैज्ञानिक रिसर्च से जुड़े डेटा को प्रोसेस कर सकता है, जिन्हें करने में सामान्य कंप्यूटरों को हजारों साल लग जाएंगे। वैज्ञानिकों का कहना है कि 'लाइनशाइन' की इस तूफानी रफ्तार की बदौलत मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाने, अंतरिक्ष विज्ञान की खोजों, गहरे समुद्र के रहस्यों को सुलझाने और बेहद जटिल बायो-मेडिकल रिसर्च के काम में क्रांतिकारी तेजी देखने को मिलेगी।जेनरेटिव एआई और आधुनिक टेक के नए युग की शुरुआत इस सुपरकंप्यूटर को पूरी तरह से भविष्य की आधुनिक जरूरतों जैसे कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Generative AI), डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। 'लाइनशाइन' की मदद से चीन अब और अधिक एडवांस एआई मॉडल्स, स्वायत्त प्रणालियों (Autonomous Systems) और अगली पीढ़ी की अत्याधुनिक मिलिट्री टेक्नोलॉजी को तेजी से विकसित कर सकेगा। जानकारों का मानना है कि यह सुपरकंप्यूटर वैश्विक एआई रेस (AI Race) और एआई सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में चीन को बाकी सभी देशों की तुलना में एक बेहद मजबूत और रणनीतिक बढ़त दिलाने में गेम-चेंजर साबित होने वाला है।वैश्विक टेक समीकरणों और क्षेत्रीय धाक पर बड़ा असर चीन की इस तकनीकी छलांग का सीधा असर एशिया-प्रशांत क्षेत्र (Asia-Pacific Region) सहित पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक और तकनीकी समीकरणों पर पड़ने वाला है। इस लोकल और ग्लोबल ऑप्टिमाइजेशन के जरिए चीन ने यह साबित कर दिया है कि वह हार्डवेयर और चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने की दिशा में बढ़ चुका है। अमेरिका लंबे समय से सुपरकंप्यूटिंग की टॉप लिस्ट में पहले पायदान पर काबिज था, लेकिन चीन के 'लाइनशाइन' के इस जोरदार धमाके ने अमेरिकी टेक कंपनियों और वाशिंगटन के नीति निर्माताओं को अपनी तकनीकी रणनीतियों पर दोबारा गहराई से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:27 pm

24 जुलाई से पहले महाडील! भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर लगी मुहर, होने वाला है बड़ा धमाका

ग्लोबल इकॉनमी और वैश्विक कूटनीति के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (ट्रेड डील) अब अपने बिल्कुल आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। दोनों देशों के शीर्ष नीति निर्माताओं और अधिकारियों के बीच कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकों के बाद ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है। नई दिल्ली और वाशिंगटन के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 24 जुलाई से पहले इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। यह महाडील न केवल दोनों महाशक्तियों के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरणों को भी पूरी तरह से री-शेप करने की क्षमता रखती है।प्रमुख भारतीय सेक्टर्स और निर्यात को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट इस व्यापक व्यापार समझौते के लागू होने से भारतीय निर्यातकों और घरेलू उद्योगों को अमेरिकी बाजार में बहुत बड़ी और आसान पहुंच मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से भारत के कपड़ा (टेक्सटाइल), फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और कृषि उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों को इस डील से सीधा और सबसे बड़ा फायदा पहुंचेगा। अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों पर लगने वाली कुछ प्रमुख ड्यूटियों और टैरिफ में कटौती की संभावना है, जिससे भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत अभियान को वैश्विक मंच पर एक नई रफ्तार देने वाला साबित होगा।लोकल मैन्युफैक्चरिंग हब्स और क्षेत्रीय रोजगार में आएगी भारी तेजी इस मेगा ट्रेड डील का सबसे सकारात्मक असर भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) और स्थानीय विनिर्माण केंद्रों पर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, और उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर्स में अमेरिकी डिमांड को पूरा करने के लिए उत्पादन गतिविधियों में भारी तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से जुड़े युवाओं के लिए लाखों की संख्या में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह भौगोलिक ऑप्टिमाइजेशन भारत के हर राज्य को सीधे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड रूट से जोड़ने का काम करेगा।एआई और डिजिटल ट्रेड के नए दौर में दोनों देश बढ़ाएंगे कदम आधुनिक दौर की तकनीकी जरूरतों और जेनरेटिव एआई (AI) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस समझौते में डिजिटल ट्रेड, डेटा सिक्योरिटी और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को लेकर भी बेहद खास प्रावधान किए गए हैं। भारत और अमेरिका तकनीकी ट्रांसफर और रिसर्च के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नए स्तर पर ले जाने के लिए सहमत हुए हैं। दोनों देशों का यह आधुनिक कदम भविष्य की जनरेटिव इंजन प्रौद्योगिकियों और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिससे दोनों देश मिलकर चीन जैसी वैश्विक आर्थिक शक्तियों के एकाधिकार को चुनौती दे सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:26 pm

शेयर बाजार में तगड़ा ब्लास्ट! सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 23,950 के पार निकलते ही IT शेयर्स चमके

दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही बुल्स का पूरा कब्जा देखने को मिल रहा है। हफ्ते के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार ने एक बार फिर शानदार वापसी की है। चौतरफा खरीदारी के दम पर बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स करीब 600 अंकों की छलांग लगाकर मजबूत स्थिति में कारोबार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स भी तेजी का नया रिकॉर्ड बनाते हुए 23,950 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आई इस अचानक तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है और पिछले कुछ दिनों से जारी सुस्ती पूरी तरह गायब हो चुकी है।ग्लोबल मार्केट के मजबूत संकेतों ने भरा बाजार में दम इस बड़ी तेजी के पीछे सबसे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने वाले सकारात्मक संकेत हैं। अमेरिकी बाजारों में आई मजबूती और एशियाई बाजारों में लौटी हरियाली ने भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट को बूस्ट करने का काम किया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली का दबाव कम होने और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की लगातार खरीदारी ने बाजार के निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट दिया है। क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में आई स्थिरता भी भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू इक्विटी मार्केट के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट साबित हुई है।आईटी सेक्टर के शेयरों में लौटी भारी रौनक आज के इस तेजी के चक्रव्यूह में सबसे आगे देश का आईटी (Information Technology) इंडेक्स दौड़ रहा है। पिछले कुछ सत्रों से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में आज जबरदस्त शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी देखी जा रही है। टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys), टेक महिंद्रा, विप्रो और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी स्टॉक्स में भारी वॉल्यूम के साथ बढ़त दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्च में सुधार की उम्मीदों और बड़े डील्स की घोषणाओं के चलते निवेशकों ने एक बार फिर आईटी सेक्टर पर अपना भरोसा जताया है, जिससे पूरा इंडेक्स चमक उठा है।लोकल और क्षेत्रीय बाजारों में बढ़ा रिटेल निवेशकों का भरोसा डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और एआई (AI) आधारित मॉडर्न इन्वेस्टमेंट टूल्स के आ जाने से भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के लोकल निवेशक भी इस रैली का पूरा फायदा उठा रहे हैं। देश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Regions) से रिटेल निवेशकों की भागीदारी शेयर बाजार में लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। यह स्थानीय निवेश भारतीय शेयर बाजार को एक नया और मजबूत आधार प्रदान कर रहा है, जिससे वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजार लगातार रिकवरी मोड में बने हुए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:24 pm

बैंकों में मची होड़! ब्याज दरें गिरते ही जून में जुटा डाले ₹1 लाख करोड़, जानिए क्या है नया गणित

भारतीय बैंकिंग सेक्टर में इस समय फंड जुटाने की जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। बाजार में ब्याज दरों में आई हालिया गिरावट का फायदा उठाने के लिए देश के वाणिज्यिक बैंकों ने शॉर्ट-टर्म रिसोर्सेज यानी अल्पकालिक फंड जुटाने की रफ्तार को काफी तेज कर दिया है। इसके लिए बैंक बड़े पैमाने पर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) जारी कर रहे हैं। बैंकिंग सूत्रों और ताजा वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के जून महीने में ही बैंकों ने सीडी (CD) के जरिए बाजार से करीब 1 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जुटा ली है। बाजार के जानकारों का कहना है कि लिक्विडिटी की स्थिति को बेहतर बनाए रखने और क्रेडिट ग्रोथ यानी लोन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बैंकों ने यह आक्रामक रुख अपनाया है।ब्याज दरों में कटौती का बैंकों ने उठाया पूरा फायदा पिछले कुछ समय से बाजार में ब्याज दरों का रुख नीचे की ओर बना हुआ है। दरों में आई इस नरमी ने बैंकों के लिए फंड जुटाने की लागत को काफी कम कर दिया है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो बैंकों को फंड जुटाने के लिए ज्यादा ब्याज देना पड़ता है, जिससे उनका कॉस्ट ऑफ फंड बढ़ जाता है। लेकिन जैसे ही ब्याज दरों में गिरावट का दौर शुरू हुआ, बैंकों ने बिना वक्त गंवाए कम लागत पर मोटी रकम जुटाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया। यही वजह है कि जून के महीने में सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट जारी करने की गतिविधि में अचानक एक बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।लोन की बढ़ती मांग को पूरा करने की बड़ी तैयारी इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों और स्थानीय बाजारों में रिटेल से लेकर कॉर्पोरेट लोन की मांग में लगातार तेजी देखी जा रही है। विशेष रूप से महानगरीय और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी लोन की आवश्यकता बढ़ी है। इस स्थानीय और क्षेत्रीय ऋण मांग (Geographical Credit Demand) को समय पर पूरा करने के लिए बैंकों को अपने पास पर्याप्त नकदी बनाए रखनी होगी। जून में जुटाए गए इस 1 लाख करोड़ रुपये के फंड का एक बड़ा हिस्सा इसी लोन ग्रोथ को सपोर्ट करने और देश के विभिन्न क्षेत्रों में क्रेडिट फ्लो को सुचारू बनाए रखने में इस्तेमाल किया जाएगा।आधुनिक बैंकिंग और लिक्विडिटी मैनेजमेंट का नया दौर आज के दौर में जब एआई और आधुनिक जनरेटिव तकनीक वित्तीय बाजारों की चाल को तेजी से प्रभावित कर रही हैं, बैंक भी अपने लिक्विडिटी मैनेजमेंट को बेहद स्मार्ट और डायनेमिक बना रहे हैं। बैंक अब पारंपरिक तरीकों के बजाय रीयल-टाइम डेटा और एल्गोरिदम का उपयोग करके यह तय कर रहे हैं कि उन्हें कब और किस दर पर बाजार से पैसा उठाना है। जून महीने में रिकॉर्ड मात्रा में सीडी जारी करना इसी आधुनिक वित्तीय रणनीति का हिस्सा है, जिससे बैंकों को कम समय में और कम लागत पर अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में बड़ी सफलता मिली है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:22 pm

2030 के भारत पर अदाणी की नज़र! नया मास्टरप्लान देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर में लाएगा बड़ा तूफान

अदाणी ग्रुप ने आने वाले दशक यानी साल 2030 के भारत की बढ़ती और आधुनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी मास्टरप्लान तैयार किया है। देश की आर्थिक रफ्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को देखते हुए ग्रुप ने अपनी रणनीतियों में बड़े और बुनियादी बदलाव किए हैं। यह नया रोडमैप न केवल अदाणी ग्रुप के भविष्य के विस्तार को नई दिशा देगा, बल्कि भारत के लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और पोर्ट्स सेक्टर की पूरी तस्वीर को भी बदलकर रख देगा। इस रणनीतिक बदलाव के जरिए ग्रुप खुद को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूत स्थिति में स्थापित करने की तैयारी कर रहा है।ग्रीन एनर्जी और रिन्यूएबल सेक्टर पर सबसे बड़ा दांव इस नए मास्टरप्लान के केंद्र में भारत का बदलता हुआ एनर्जी लैंडस्केप है। अदाणी ग्रुप ने 2030 तक देश की क्लीन एनर्जी की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने निवेश का एक बड़ा हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की तरफ मोड़ दिया है। ग्रुप का लक्ष्य न केवल दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी उत्पादक बनना है, बल्कि भारत के कार्बन उत्सर्जन को कम करने के राष्ट्रीय संकल्प में भी अग्रणी भूमिका निभाना है। इसके लिए सौर और पवन ऊर्जा के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से बढ़ा दिया गया है, जो आने वाले समय में देश के औद्योगिक विकास की रीढ़ बनेंगे।लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक लॉजिस्टिक्स का कायाकल्प भौगोलिक और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए अदाणी ग्रुप ने देश के कोने-कोने में अपने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूत करने की योजना बनाई है। भारत के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों को मुख्य आर्थिक केंद्रों से जोड़ने के लिए नए मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और अत्याधुनिक पोर्ट्स का विकास किया जा रहा है। लोकल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाले इस कदम से न केवल व्यापार सुगम होगा, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। ग्रुप का यह घरेलू ऑप्टिमाइजेशन भारत के हर हिस्से को वैश्विक व्यापार मार्ग से जोड़ने का काम करेगा।तकनीक और एआई आधारित ऑपरेशन्स पर फोकस 2030 के डिजिटल और आधुनिक भारत की रेस में आगे रहने के लिए अदाणी ग्रुप अपने मौजूदा कोर ऑपरेशन्स में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और अगली पीढ़ी की तकनीकों का समावेश कर रहा है। डेटा सेंटर्स के निर्माण से लेकर पोर्ट्स और एयरपोर्ट्स के डिजिटल मैनेजमेंट तक, हर स्तर पर स्मार्ट और ऑटोमेटेड सिस्टम लागू किए जा रहे हैं। इससे ऑपरेशन्स की कार्यकुशलता में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। ग्रुप का यह तकनीकी बदलाव भविष्य की चुनौतियों से निपटने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उद्योगों को सबसे आगे रखने की दूरगामी सोच का नतीजा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:20 pm

झारखंड के CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, 765 सरकारी स्कूल बनेंगे Plus Two

Jharkhand News : झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्‍यमंत्री सोरेन ने 765 सरकारी स्कूलों को Plus Two (12वीं तक) अपग्रेड करने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। इस कदम से खासकर ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 1:01 pm

हत्या के पहले किसने गायब किया केतन का पासपोर्ट, 17 करोड़ में बुक किया था महल, पिता बोले सिया से क्यों मारा बेटे को?

पुणे में केतन अग्रवाल की उन्हीं की मंगेतर सिया गोयल ने हत्या कर दी। हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल अब तक की जांच में सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया है। यह खबर फैलते ही एक बार फिर से पूरे देश में सनसनी ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 12:24 pm

अल-नीनो और कमजोर मानसून से देश के 315 जिलों में सूखे की आहट, कम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

अल नीनो और देश के बड़े हिस्से में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून जो इस बार 4 दिन की देरी से केरल पहुंचा था, उसकी रफ्तार काफी धीमी है। मध्यप्रदेश जहां सामान्य तौर पर मानसून 15-16 जून को दस्तक दे देता है वहां पर 10 दिन के ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 12:20 pm

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी 15 पन्नों की रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जैसे जैसे जांच आगे बढ रही है, यह मामला और ज्यादा दिलचस्प होता जा रहा है। पूरे देश की नजर इस मामले पर है। बता दें कि इस मामले में एसआईटी ने 15 पन्नों की रिपोर्ट पीएमओ को सौंप दी है। इसमें चंपत राय की ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 12:03 pm

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक, 90% लोगों ने किया समर्थन

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) का अहम विधेयक लाने जा रही है। समान नागरिक संहिता पर अब तक 9 लाख से अधिक सुझाव दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें लगभग 90 प्रतिशत सुझावों में यूसीसी के प्रति समर्थन ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 11:50 am

'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा', कौन हैं ये कहने वाली IPS अनु बेनीवाल?

हाल ही में मप्र की एक आईपीएस अफसर यह कहकर चर्चा में आई थी कि 'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा', उनका यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जानते हैं कौन हैं ये आईपीएस अफसर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गाड़ियों की रूटीन चेकिंग के ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 11:12 am

बालोतरा जिले में भू-अभिलेख निरीक्षक 20500 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

बालोतरा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बालाेतरा जिले की गुड़ामालानी तहसील में सर्किल नगर भू-अभिलेख निरीक्षक (आरआई) नारायण लाल को 20 हजार 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी बाड़मेर को शिकायत मिली कि परिवादी के पिता […] The post बालोतरा जिले में भू-अभिलेख निरीक्षक 20500 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 10:19 am

Commodore Callback 8020: डूमस्क्रोलिंग से दिलाएगा आजादी! आ गया 'सोशल मीडिया ब्लॉक' करने वाला अनोखा फ्लिप फोन

सुबह आंख खुलने से लेकर रात को सोने तक, क्या आप भी बिना किसी वजह के फोन की स्क्रीन पर रील्स और मीम्स स्क्रोल करते रहते हैं? अगर हां, तो परेशान मत होइए, आप अकेले नहीं हैं। आज की युवा पीढ़ी 'डूमस्क्रोलिंग' (Doomscrolling) यानी सोशल मीडिया की इस खतरनाक लत से बुरी तरह जूझ रही है। डिजिटल स्क्रीन की इस दुनिया में लोग अपना सुकून और कीमती समय खो रहे हैं।लेकिन जरा सोचिए, क्या कोई ऐसा फोन हो सकता है जो चाहकर भी आपको सोशल मीडिया की लत के जाल में न फंसने दे? 80 और 90 के दशक में कंप्यूटर की दुनिया पर एकछत्र राज करने वाला दिग्गज ब्रांड कमोडोर (Commodore) अब ठीक ऐसा ही एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। कंपनी एक अनोखा फ्लिप फोन पेश कर रही है, जो आपको रील्स और नोटिफिकेशन के डिस्ट्रैक्शन से जबरदस्ती आजाद करा देगा। आइए जानते हैं टेक वर्ल्ड में खलबली मचाने वाले इस अनूठे गैजेट के बारे में।Commodore 64 की विरासत अब स्मार्टफोन के रूप में80 और 90 के दशक में अपने आइकॉनिक 'Commodore 64' कंप्यूटर से दुनिया को दीवाना बनाने वाली कंपनी कमोडोर अब स्मार्टफोन मार्केट में एक नए विज़न के साथ वापसी कर रही है। कंपनी जो नया फ्लिप फोन ला रही है, उसका नाम Commodore Callback 8020 है। यह फोन विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो अपनी भागदौड़ भरी डिजिटल लाइफ को सिंपल (Minimalsit) बनाना चाहते हैं और बिना किसी फालतू डिस्ट्रेक्शन के शांति से जीना चाहते हैं। आजकल युवाओं के बीच 'डम्ब फोन्स' (Dumb Phones) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है और यह डिवाइस इसी जरूरत को पूरा करेगी।चाहकर भी नहीं देख पाएंगे रील्स, सिस्टम लेवल पर ब्लॉक होंगे ऐप्सCommodore Callback 8020 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आपके चाहने पर भी आपको सोशल मीडिया नहीं चलाने देगा। कंपनी ने इसमें सुरक्षा और ब्लॉकिंग के कई कड़े इंतजाम किए हैं:सिस्टम लेवल ब्लॉकिंग: इस फोन में यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे तमाम सोशल मीडिया ऐप्स और ओपन वेब ब्राउजर्स को सिस्टम के स्तर पर पूरी तरह ब्लॉक किया गया है।सॉलिड सिक्योरिटी पेटेंट: कंपनी का दावा है कि उन्होंने एक विशेष पेटेंट टेक्नोलॉजी विकसित की है, जिसके कारण कोई भी यूजर चाहकर भी बाहर से (थर्ड पार्टी एपीके के जरिए) इन प्रतिबंधित ऐप्स को इंस्टॉल नहीं कर पाएगा।DNS लेवल ब्लॉकिंग: अगर कोई बहुत बड़ा टेक एक्सपर्ट किसी चालाकी से सोशल मीडिया ऐप इंस्टॉल कर भी लेता है, तो फोन का एडवांस 'डीएनएस ब्लॉकिंग' सिस्टम ऐप के सर्वर को काम ही नहीं करने देगा। यानी रील देखना पूरी तरह नामुमकिन होगा।डोम LED नोटिफिकेशन: फोन में एक अनोखा डोम एलईडी लाइट नोटिफिकेशन सिस्टम दिया गया है, जो बिना स्क्रीन ऑन किए आपको जरूरी अलर्ट्स देगा। यह फोन दुनिया भर के सभी सिम कार्ड्स को सपोर्ट करता है।लिनक्स पर आधारित ओएस, चलेंगे वॉट्सऐप और गूगल मैप्सयह कोई आम पुराना कीपैड फोन नहीं है, बल्कि इसमें आज के जमाने की जरूरत के सभी जरूरी और काम के फीचर्स दिए गए हैं।काम के ऐप्स रहेंगे चालू: इस फ्लिप फोन में 'Sailfish OS' दिया गया है, जो लिनक्स (Linux) पर काम करने वाला एक सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम है। कंपनी के मुताबिक, इस पर 99% जरूरी एंड्रॉयड ऐप्स जैसे कि वॉट्सऐप (WhatsApp), सिग्नल (Signal), स्पॉटिफाई (Spotify) और गूगल मैप्स (Google Maps) पूरी तरह स्मूथ चलेंगे, ताकि आपकी कनेक्टिविटी प्रभावित न हो।90s के गेम्स और प्रीमियम ऑडियो: गेमिंग लवर्स के लिए इसमें कमोडोर 64 के जमाने के विंटेज और रेट्रो गेम्स पहले से प्री-इंस्टॉल्ड मिलेंगे। म्यूजिक के शौकीनों के लिए इसमें 8-बिट SID म्यूजिक प्लेयर, एफएम रेडियो, 3.5mm का हेडफोन जैक और एक प्रीमियम डीएसी (DAC) दिया गया है, जो बेहतरीन साउंड क्वालिटी देगा। खास बात यह है कि बॉक्स के साथ प्रीमियम ईयरफोन भी मिलेंगे।कैल्कुलेटर जैसी रेट्रो स्क्रीन और दमदार स्पेसिफिकेशन्सलुक के मामले में यह फोन पुराने और नए जमाने का एक बेहतरीन फ्यूजन है।रेट्रो लुक डिस्प्ले: फोन के बाहरी हिस्से पर एक छोटी सेकेंडरी स्क्रीन दी गई है, जो 1970 के दशक के मशहूर कमोडोर कैल्कुलेटर की याद दिलाती है। इसके लुक्स को बदलने के लिए चेंजेबल कवर्स का ऑप्शन भी मिलेगा।डिस्प्ले और स्टोरेज: इस डिवाइस में अंदर की तरफ 3.25 इंच का मेन डिस्प्ले (480 x 640 पिक्सल) और बाहर की तरफ 1.77 इंच का एक्सटर्नल डिस्प्ले दिया गया है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें 4GB रैम और 64GB की इंटरनल स्टोरेज मिलेगी, जिसे माइक्रो एसडी कार्ड की मदद से और बढ़ाया जा सकता है।कीमत और कब होगा लॉन्च?साल 2025 में कमोडोर ब्रांड का अधिग्रहण करने वाले क्रिश्चियन पेरी फ्रैक्टिक सिम्पसन (Christian Perry Phraktic Simpson) के अनुसार, कमोडोर का यह अनोखा फ्लिप फोन इस साल 2026 की चौथी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर के बीच) में मार्केट में मिलना शुरू हो जाएगा। कीमत की बात करें तो इसके अलग-अलग वेरिएंट्स के आधार पर इसकी कीमत 500 डॉलर से 640 डॉलर के बीच होगी, जो भारतीय मुद्रा के अनुसार लगभग 47,460 रुपये के आसपास बैठती है। डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox) चाहने वालों के लिए यह एक बेहतरीन प्रीमियम विकल्प हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 10:04 am

मुजफ्फरनगर में बड़ा एनकाउंटर: 25 हज़ारी इनामी और सीरियल रेपिस्ट सतपाल उर्फ सत्तू ढेर, अपहृत नाबालिग लड़की सकुशल मुक्त

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से कानून-व्यवस्था को लेकर एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' निर्देश के तहत यूपी पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुजफ्फरनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई एक भीषण और सीधी मुठभेड़ में 25,000 रुपये का इनामी कुख्यात अपराधी, सीरियल रेपिस्ट और छोटा राजन गैंग का बेहद सक्रिय सदस्य सतपाल उर्फ सत्तू ढेर हो गया है।इस जवाबी कार्रवाई और एनकाउंटर के दौरान आरोपी की तरफ से की गई अंधाधुंध फायरिंग में दो जांबाज पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।रणजी प्लेयर से छोटा राजन गैंग का शॉर्प शूटर बनने की खौफनाक कहानीमुठभेड़ में मारे गए बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू का इतिहास बेहद चौंकाने वाला और आपराधिक रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, सतपाल कभी क्रिकेट की पिच पर हाथ आजमाता था और वह एक रणजी प्लेयर (Ranji Trophy Player) भी रह चुका था। लेकिन खेल के मैदान से निकलकर उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और देखते ही देखते वह मुंबई के अंडरवर्ल्ड और अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन गैंग का एक कुख्यात व सरगना बदमाश बन गया। उसके ऊपर कई राज्यों में हत्या, लूट, रंगदारी और जबरन वसूली जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे।चार दिन पहले प्रकाश चौक से किया था नाबालिग का अपहरणसतपाल उर्फ सत्तू केवल अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में एक खूंखार सीरियल रेपिस्ट (Serial Rapist) के रूप में भी एक्टिव था, जिससे इलाके की महिलाएं और बेटियां खौफजदा थीं।इस एनकाउंटर के पीछे की मुख्य वजह चार दिन पहले हुई एक दुस्साहसिक वारदात थी। आरोपी सतपाल ने मुजफ्फरनगर के व्यस्ततम इलाके 'प्रकाश चौक' से दिनदहाड़े एक नाबालिग लड़की का गनपॉइंट पर अपहरण कर लिया था। इस घटना के बाद से ही स्थानीय पुलिस, सर्विलांस और एसओजी की कई टीमें आरोपी की तलाश में लगातार कॉम्बिंग और छापेमारी कर रही थीं।SOG और पुलिस टीम पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हुआ ढेरपुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि अपहरणकर्ता सतपाल नाबालिग लड़की को लेकर मुजफ्फरनगर के एक सुनसान इलाके से भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही एसओजी और स्थानीय पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को चारों तरफ से घिरा देख शातिर अपराधी सतपाल ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे तौर पर अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।बदमाश की तरफ से हुई इस अचानक गोलीबारी में दो पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं और वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पुलिस टीम ने तुरंत अपनी आत्मरक्षार्थ और अपहृत लड़की की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से हुई कई राउंड की गोलीबारी में आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू को गंभीर गोलियां लगीं, जिसके बाद वह मौके पर ही ढेर हो गया।सकुशल छुड़ाई गई नाबालिग बेटी, इलाके के लोगों ने ली राहत की सांसइस पूरे एनकाउंटर ऑपरेशन की सबसे बड़ी और राहत भरी सफलता यह रही कि पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए मुठभेड़ के तुरंत बाद झाड़ियों और बदमाश के कब्जे से अपहृत नाबालिग लड़की को पूरी तरह से सकुशल (Safe and Sound) छुड़ा लिया। बच्ची को सही-सलामत पाकर उसके परिवार और स्थानीय जनता ने यूपी पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े एक्शन की जमकर सराहना की है। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में इस कुख्यात सीरियल रेपिस्ट के खात्मे के बाद से व्यापारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 10:03 am

मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस में ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली में 5 ठिकानों पर छापेमारी; नाइट क्लब निवेश की जांच तेज

मुंद्रा पोर्ट पर 2,988 किलो हेरोइन बरामदगी मामले में ED ने दिल्ली के 5 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में ड्रग्स से कमाए गए धन को नाइट क्लबों में निवेश किए जाने के संकेत मिले हैं।

देशबन्धु 24 Jun 2026 10:01 am

कौन है सिया का प्रेमी चेतन चौधरी, 6 महीनों में 2004 कॉल, 238 घंटे बातचीत और मर्डर के 3 प्लान

महाराष्ट्र के पुणे जिले में रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की सुनियोजित तरीके से खाई में धक्का देकर हत्या की गई और फिर उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस ने मंगलवार को यह सनसनीखेज खुलासा किया। हालांकि केतन की मौत पर उसकी ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 10:00 am

अलीगंज अग्निकांड के बाद एक्शन मोड में योगी सरकार: यूपी में 'खान सर' और 'फिजिक्स वाला' समेत 84 कोचिंग सेंटर सील; 'आकाश' पर अभी भी मेहरबानी?

राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक कोचिंग सेंटर अग्निकांड (जिसमें बंद दरवाजों और खराब वेंटिलेशन के कारण 15 मासूम जिंदगियां खत्म हो गईं) के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरी तरह हिल गया है। इस भयावह हादसे को बेहद गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अवैध और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी के कड़े रुख के बाद हरकत में आए आला अधिकारियों और जिला प्रशासनों ने पूरे प्रदेश में एक बड़ा सर्च और सील अभियान (Crackdown) शुरू कर दिया है।इस औचक छापेमारी और जांच अभियान के तहत अब तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कुल 84 कोचिंग सेंटरों को नियमों का उल्लंघन करने और फायर सेफ्टी मानक न पूरे करने के आरोप में सील कर दिया गया है।सीएम योगी के निर्देश पर सड़कों पर उतरे अफसर, मंचा हड़कंपअलीगंज की घटना के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे कि छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत राज्य के तमाम बड़े शैक्षणिक हब वाले शहरों में जिलाधिकारियों (DM), पुलिस कप्तानों और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीमें सड़कों पर उतर आईं। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से कोचिंग संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान जिन भी सेंटरों में आपातकालीन निकास (Emergency Exit), वेंटिलेशन और अग्निशमन उपकरणों की कमी पाई गई, उन्हें बिना कोई मोहलत दिए तुरंत बंद करने की कार्रवाई की जा रही है।'फिजिक्स वाला' और 'खान सर' जैसी बड़ी कोचिंग्स पर चला प्रशासन का डंडाइस देशव्यापी अभियान के तहत प्रशासन ने किसी भी रसूखदार या बड़े नाम की परवाह न करते हुए सीधी कार्रवाई की है। सील किए गए 84 संस्थानों में देश के कई प्रतिष्ठित और नामी कोचिंग ब्रांड्स भी शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार:एलेन कोचिंग (Allen Career Institute): मानकों की अनदेखी पाए जाने पर इसके सेंटरों पर ताला जड़ दिया गया है।फिजिक्स वाला (Physics Wallah): इस बड़े एडटेक प्लेटफॉर्म के विद्यापीठ सेंटरों में सुरक्षा कमियां मिलने पर इन्हें सील किया गया है।खान सर कोचिंग (Khan Sir Coaching): युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय खान सर के कोचिंग सेंटरों पर भी नियमों के उल्लंघन के चलते बड़ी कार्रवाई हुई है।कानपुर के काकादेव और वाराणसी के दुर्गाकुंड जैसे घने कोचिंग इलाकों में यह कार्रवाई सबसे ज्यादा देखने को मिली है, जहां संकरी गलियों में बिना बेसमेंट क्लीयरेंस और फायर एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से कोचिंग्स चलाई जा रही थीं।'आकाश इंस्टीट्यूट' जैसे कुछ बड़े नाम अभी भी कार्रवाई के दायरे से बाहर?उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की इस ताबड़तोड़ और निष्पक्ष दिखने वाली कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवालिया निशान भी खड़ा हो गया है। जमीनी रिपोर्ट और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जहां एक तरफ 'एलेन' और 'फिजिक्स वाला' जैसे बड़े दिग्गजों पर ताला लटका दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ 'आकाश इंस्टीट्यूट' (Aakash Institute) और आकाश कोचिंग जैसे कई अन्य बेहद बड़े और रसूखदार नाम अभी भी इस सीलिंग अभियान के दायरे से पूरी तरह बाहर बने हुए हैं।चर्चाएं गर्म हैं कि क्या इन सेंटरों के पास वाकई सभी मानक पूरे हैं या फिर रसूख के चलते इनके खिलाफ जांच की आंच धीमी पड़ गई है। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि अगर सुरक्षा का अभियान चलाना है, तो इसमें किसी भी संस्थान को छोटा या बड़ा मानकर रियायत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि बच्चों की जान की कीमत सबके लिए बराबर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:59 am

शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का निधन: सदमे में 'रावलपिंडी एक्सप्रेस', खेल जगत में शोक की लहर

क्रिकेट जगत और पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज और 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का निधन हो गया है। शोएब अख्तर ने खुद 23 जून को देर शाम सोशल मीडिया के जरिए इस अपूरणीय क्षति की जानकारी अपने फैंस और पूरी दुनिया के साथ साझा की। भाई के अचानक चले जाने से दिग्गज क्रिकेटर का पूरा परिवार गहरे सदमे और शोक में डूबा हुआ है।शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा भावुक संदेशशोएब अख्तर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक बेहद भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मेरे प्यारे बड़े भाई शाहिद अख्तर अल्लाह के पास चले गए हैं। इस दुखद घड़ी में शोएब अख्तर ने अपने दिवंगत भाई की आत्मा की शांति और उन्हें जन्नत में आला मुकाम मिलने के लिए अल्लाह से दुआ मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया भर में फैले अपने करोड़ों फैंस और चाहने वालों से अपील की है कि वे उनके भाई और परिवार को अपनी खास दुआओं में जरूर याद रखें।खेल जगत में शोक की लहर, आज इस्लामाबाद में होगा अंतिम संस्कारशोएब अख्तर के बड़े भाई के इंतकाल की खबर मिलते ही खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। शोएब के फैंस, दुनिया भर के पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों के साथ-साथ पाकिस्तान के खेल जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और दिवंगत शाहिद अख्तर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मरहूम शाहिद अख्तर की अंतिम नमाज-ए-जनाजा आज बुधवार, 24 जून 2026 को असर की नमाज के बाद अदा की जाएगी। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एच-8 (H-8) कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक (अंतिम संस्कार) किया जाएगा।क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज हैं शोएब अख्तरअपनी तूफानी गेंदबाजी से बल्लेबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले शोएब अख्तर को क्रिकेट इतिहास का सबसे खतरनाक और तेज गेंदबाज माना जाता है। उन्होंने साल 2003 के आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।उस ऐतिहासिक मैच में शोएब अख्तर की गेंद की रफ्तार 161.3 किलोमीटर प्रति घंटा (KMPH) मापी गई थी। यह एक ऐसा अटूट महा-रिकॉर्ड है, जिसे क्रिकेट इतिहास का कोई भी गेंदबाज आज तक (साल 2026 तक) तोड़ने में कामयाब नहीं हो पाया है। शोएब अख्तर ने अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान कई बार 150 KMPH से अधिक की रफ्तार का आंकड़ा पार किया, जो उनके अविश्वसनीय शारीरिक सामर्थ्य को दर्शाता है।'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के शानदार करियर और रिकॉर्ड्स पर एक नज़रशोएब अख्तर की सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड जितना महान है, उतने ही शानदार उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आंकड़े भी हैं। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम की तरफ से तीनों फॉर्मेट में अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया है:टेस्ट क्रिकेट: शोएब अख्तर ने पाकिस्तान के लिए 46 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 25.7 के बेहतरीन गेंदबाजी औसत से कुल 178 विकेट अपने नाम किए।वनडे इंटरनेशनल (ODI): 163 वनडे मैचों में प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 24.98 के शानदार औसत के साथ 247 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया।टी20 इंटरनेशनल: फटाफट क्रिकेट के इस दौर में उन्होंने पाकिस्तान के लिए 15 टी20 मैच खेले और 22.74 के औसत से 19 विकेट हासिल किए।खेल के मैदान पर बड़ी से बड़ी टीम के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने वाले शोएब अख्तर आज अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं, और पूरा खेल जगत इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:49 am

IRFC OFS: रेलवे की इस दिग्गज कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, बाजार भाव से सस्ते दाम पर शेयर खरीदने का बड़ा मौका

शेयर बाजार के निवेशकों और रेलवे स्टॉक में रुचि रखने वालों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। भारतीय रेलवे की वित्तीय रीढ़ मानी जाने वाली सरकारी कंपनी 'इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन' (IRFC) को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार इस नवरत्न कंपनी में 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के जरिए अपनी 2 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी बेचने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इस विनिवेश (Disinvestment) के जरिए सरकार का लक्ष्य बाजार से एक भारी-भरकम फंड जुटाना है। यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं या कमाई का कोई बेहतरीन मौका ढूंढ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।क्या है सरकार का पूरा प्लान और 'ग्रीनशू ऑप्शन'?केंद्र सरकार की तरफ से इस हिस्सेदारी बिक्री को लेकर विस्तृत योजना साझा की गई है। तय रणनीति के मुताबिक, सरकार शुरुआत में आईआरएफसी (IRFC) की 1 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी बाजार में बिक्री के लिए उतारेगी। यदि इस हिस्सेदारी को निवेशकों की तरफ से शानदार रिस्पॉन्स मिलता है और मांग ज्यादा रहती है, तो सरकार 'ग्रीनशू ऑप्शन' (Greenshoe Option) का इस्तेमाल करेगी। इस ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 1 फीसदी हिस्सेदारी और बेची जाएगी। यानी कुल मिलाकर 2 फीसदी शेयर बाजार में निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे।'DIPAM' ने दी जानकारी, जानिए कब खुलेगा आपके लिए यह मौकानिवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) बुधवार से निवेशकों के लिए लाइव हो रहा है।इसकी समयसारणी को दो हिस्सों में बांटा गया है:बुधवार (पहला दिन): इस दिन केवल गैर-रिटेल (Non-Retail) यानी संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) ही शेयरों के लिए अपनी बोली लगा सकेंगे।गुरुवार (दूसरा दिन): आम जनता यानी छोटे और हमारे-आपके जैसे रिटेल (Retail) निवेशकों के लिए यह विंडो गुरुवार को खुलेगी, जहां वे सस्ते दाम पर शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे।बाजार भाव से भारी डिस्काउंट: 91 रुपये तय हुआ फ्लोर प्राइसइस ऑफर फॉर सेल की सबसे आकर्षक बात इसकी कीमत है। सरकार ने इस बिक्री के लिए 'फ्लोर प्राइस' (न्यूनतम कीमत) 91 रुपये प्रति शेयर तय की है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कारोबारी सत्र यानी मंगलवार को बाजार बंद होने पर IRFC का शेयर 98.37 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार आम निवेशकों को मौजूदा बाजार भाव (Market Price) से करीब 7.5% के आकर्षक डिस्काउंट यानी सस्ते दाम पर शेयर ऑफर कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत कुल 26.13 करोड़ शेयर बेचे जाने की उम्मीद है, जिससे सरकारी खजाने में 2,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आएगी।क्यों जरूरी है सरकार के लिए यह कदम?'ऑफर फॉर सेल' (OFS) एक ऐसा आसान जरिया है जिसके तहत किसी भी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर (इस मामले में भारत सरकार) स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से सीधे अपनी हिस्सेदारी आम और संस्थागत निवेशकों को बेच सकते हैं। इससे पहले भी सरकार ने आईआरएफसी में अपनी 4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश की थी, लेकिन उस दौरान बाजार की परिस्थितियों के चलते केवल 1.71 फीसदी शेयर ही बिक पाए थे।वर्तमान में इस कंपनी के भीतर सरकार की कुल हिस्सेदारी 84.65 फीसदी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने इस चालू वित्तीय वर्ष (FY27) के बजट में विनिवेश (Disinvestment Target) के जरिए कुल 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। आईआरएफसी में हिस्सेदारी बेचने का यह हालिया कदम इसी बड़े टारगेट को पूरा करने की कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:47 am

Nirjala Ekadashi 2026: जून में इस तारीख को है निर्जला एकादशी, जानें भीमसेन से जुड़ी यह अनोखी कथा

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है, लेकिन ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली निर्जला एकादशी की बात ही कुछ अलग है। इस व्रत को साल की सभी 24 एकादशियों में सबसे कठिन और पवित्र माना गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि जब उत्तर भारत सहित पूरे देश में भीषण गर्मी पड़ती है, उस दौरान श्रद्धालु पूरे 24 घंटों के लिए अन्न के साथ-साथ पानी की एक बूंद का भी त्याग कर देते हैं। भगवान विष्णु के भक्त पूरी श्रद्धा के साथ इस कठिन नियम का पालन करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में इसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी पुकारा जाता है।जानिए साल 2026 में कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रतअगर आप इस साल निर्जला एकादशी के व्रत की सही तारीख को लेकर उलझन में हैं, तो पंचांग की गणना को समझना जरूरी है। इस साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जून, बुधवार की शाम को 6 बजकर 13 मिनट पर हो रही है। यह तिथि अगले दिन यानी 25 जून, गुरुवार को शाम 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। सनातन धर्म में उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय मौजूद तिथि को ही व्रत के लिए मुख्य माना जाता है। इसलिए उदया तिथि के नियम के अनुसार, इस साल निर्जला एकादशी का मुख्य व्रत 25 जून को ही रखा जाएगा। इसके बाद अगले दिन द्वादशी तिथि में व्रत का पारण किया जाएगा।आखिर क्यों इस व्रत को माना जाता है सभी एकादशियों में श्रेष्ठपद्म पुराण में इस विशेष व्रत की महिमा का बहुत ही सुंदर वर्णन मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रद्धा पूर्वक विष्णु जी की पूजा करने और जल का नियम निभाने वाले इंसान के बड़े से बड़े पाप भी कट जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन किए गए पवित्र नदी के स्नान, दान-पुण्य और मंत्रों के जाप का फल कभी खत्म नहीं होता। मान्यता है कि अगर कोई इंसान पूरे साल की बाकी एकादशियों का व्रत किसी कारणवश नहीं रख पाता है, तो वह केवल इस एक एकादशी का उपवास रखकर साल भर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल हासिल कर सकता है।जब भीमसेन की भूख के कारण शुरू हुआ यह महाव्रतइस एकादशी को भीमसेनी एकादशी कहे जाने के पीछे एक बेहद दिलचस्प पौराणिक कथा है। पद्म पुराण के मुताबिक, एक बार पांचों पांडवों में से भीमसेन ने महर्षि वेद व्यासजी के सामने अपनी एक बड़ी व्यावहारिक समस्या रखी। भीमसेन ने कहा कि उनके उदर यानी पेट में 'वृक' नाम की एक ऐसी अग्नि हमेशा जलती रहती है, जिसकी वजह से उन्हें हर समय तेज भूख लगती है। वह भूखे नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने आज तक जीवन में कोई व्रत नहीं किया है। उन्होंने व्यासजी से गुहार लगाई कि मुझे कोई ऐसा एक व्रत बताइए, जिसे साल में सिर्फ एक बार करने से ही मेरा उद्धार हो जाए और मुझे स्वर्ग लोक मिल सके।तब महर्षि वेद व्यासजी ने भीमसेन की परेशानी को समझते हुए उन्हें ज्येष्ठ मास की इस शुक्ल पक्ष एकादशी को बिना पानी पिए यानी निर्जल रहकर व्रत करने की सलाह दी। व्यासजी ने समझाया कि यह साल का सबसे गर्म महीना होता है और इसमें बिना पानी के रहना बहुत मुश्किल है, लेकिन अगर तुम यह कठिन तपस्या कर लेते हो, तो तुम्हें साल भर की सभी एकादशियों के व्रत का पुण्य एक बार में ही मिल जाएगा। व्यासजी के कहने पर भीम ने यह व्रत पूरी निष्ठा से किया, जिसके बाद से इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाने लगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:35 am

Gold and Silver Rates Today: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, दिल्ली-मुंबई समेत १० बड़े शहरों में गोल्ड के ताजा रेट जारी

वैश्विक कमोडिटी बाजार (Global Commodity Market) में मचे उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय सराफा बाजार पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की रिकॉर्ड मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते कीमती धातुओं पर मंदी का दबाव गहरा गया है। आज, २४ जून २०२६ बुधवार की सुबह देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।इससे ठीक एक दिन पहले दिल्ली के हाजिर सराफा बाजार में ९९.९ प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में ३,००० रुपये या लगभग २ प्रतिशत का जोरदार क्रैश देखा गया था, जिसके बाद आज भी बाजार लाल निशान के साथ खुला है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना और चांदी का हालविदेशी बाजारों में बिकवाली के हावी होने के कारण कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे आ चुके हैं:स्पॉट गोल्ड (Spot Gold): अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना फिसलकर ४,१२१.१० डॉलर प्रति औंस (१ औंस = २८.३५ ग्राम) के स्तर पर कारोबार कर रहा है।स्पॉट सिल्वर (Spot Silver): वैश्विक बाजार में हाजिर चांदी की कीमत भी टूटकर ६२.२७ डॉलर प्रति औंस पर टिकी हुई है, जिससे डोमेस्टिक मार्केट में भी चांदी की चमक फीकी पड़ गई है।आपके शहर में आज का गोल्ड रेट: दिल्ली, मुंबई और लखनऊ के लेटेस्ट भावटैक्स और स्थानीय सराफा एसोसिएशन के नियमों के कारण देश के अलग-अलग राज्यों में सोने के रेट में मामूली अंतर होता है। आज २४ जून २०२६ को भारत के १० प्रमुख शहरों में २२ कैरेट और २४ कैरेट सोने की कीमतें (प्रति १० ग्राम) इस प्रकार हैं:शहर का नाम२२ कैरेट सोने का भाव (₹/१० ग्राम)२४ कैरेट सोने का भाव (₹/१० ग्राम)दिल्ली (Delhi)१,३२,६९०१,४४,७४०जयपुर (Jaipur)१,३२,६९०१,४४,७४०लखनऊ (Lucknow)१,३२,६९०१,४४,७४०चंडीगढ़ (Chandigarh)१,३२,६९०१,४४,७४०चेन्नई (Chennai)१,३५,५९०१,४७,९२०अहमदाबाद (Ahmedabad)१,३२,५९०१,४४,६४०भोपाल (Bhopal)१,३२,५९०१,४४,६४०मुंबई (Mumbai)१,३२,५४०१,४४,५९०कोलकाता (Kolkata)१,३२,५४०१,४४,५९०हैदराबाद (Hyderabad)१,३२,५४०१,४४,५९०चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट: जानें नया रेटसोने के नक्शेकदम पर चलते हुए औद्योगिक और चमकीली धातु चांदी की कीमतों में भी मंदी का दौर जारी है। देश के प्रमुख शहरों के सराफा बाजारों में आज चांदी की कीमत घटकर २,४४,९०० रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स $१०० के ऊपर बना रहेगा और औद्योगिक मांग में कूटनीतिक सुधार नहीं होगा, तब तक चांदी पर यह दबाव देखा जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:31 am