राहुल गांधी विपक्षी गठबंध के साथियों, सिविल सोसायटी के सदस्यों और छात्र संगठनों के साथ चाय पर वार्ता करेंगे तो वहीं पश्चिम बंगाल के कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) आज मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।
जंतर-मंतर की जगह अब कहां होंगे प्रदर्शन: रामलीला मैदान से बुराड़ी तक कितनी लगेगी फीस; क्या आसान होगी बुकिंग?
आज राहुल गांधी के आवास पर जुटेंगे विपक्षी नेता: इंडिया ब्लॉक करेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस; क्या होगी आगे की रणनीति?
Kolkata में TMC का शक्ति प्रदर्शन, केंद्र और Election Commission के खिलाफ मार्च
तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट ने सोमवार को नयी दिल्ली में प्रदर्शन करने के एक दिन बाद मंगलवार को केंद्र और निर्वाचन आयोग के खिलाफ कोलकाता में प्रदर्शन रैली आयोजित करने का आह्वान किया है। पार्टी ने महानगर में राजाबाजार से पार्क सर्कस तक मार्च आयोजित करने की योजना बनाई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस प्रदर्शन में शामिल होंगी या नहीं। प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति मिलने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी ने अपराह्न दो बजे शुरू होने वाली इस रैली को राष्ट्रीय राजधानी में हाल के घटनाक्रमों के खिलाफ ‘‘विशाल प्रदर्शन मार्च’’ बताया है। इनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित कार्रवाई शामिल है। पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, ‘‘इस मार्च का आयोजन हमारी पार्टी के छात्र और युवा संगठनों ने किया है। मैं प्रदर्शन मार्च में शामिल होऊंगा, हालांकि मुझे इस बात की अधिक जानकारी नहीं है कि दीदी (बनर्जी) इसमें शामिल हो पाएंगी या नहीं, क्योंकि वह फिलहाल दिल्ली में व्यस्त हैं।
विरोध-प्रदर्शनों के लिए तयशुदा जगहों की सूची में से जंतर-मंतर को हटाना अब तक का सबसे साफ-सुथरा क्रैकडाउन है. शोर-शराबे से परे, एक बोरियत भरी मौत. पता चलता है कि किसी विरोध-प्रदर्शन में सिर्फ वही लोग मायने रखते हैं जिनके पास कोई पद या ओहदा होता है, और वे अब प्रदर्शनकारियों की आवाज की पहुंच से बाहर जा चुके हैं.
Indian Army ने सैनिकों के लिए शुरू किया Bharat Rice, NAFED करेगा सप्लाई
(तस्वीरों के साथ)नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर भारतीय सेना ने सोमवार को राशन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक पहल के तहत रक्षा बलों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले चावल भारत चावल की शुरुआत की है। आपूर्ति एवं परिवहन महानिदेशालय के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल जवानों से लगातार मिली प्रतिक्रिया पर आधारित है। इस चावल को निर्धारित रक्षा मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा और वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नैफेड) के माध्यम से इसकी आपूर्ति की जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चावल की आवश्यक गुणवत्ता जांच की जाएगी और इसमें बाहरी पदार्थ एवं अशुद्धियां नहीं होंगी। इसमें टूटे, क्षतिग्रस्त और बदरंग दानों की मात्रा भी न्यूनतम होगी। इस अवसर पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी भी मौजूद थे। मंत्रालय ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के बीच परिचालन संबंधी आपात परिस्थितियों में एफसीआई के बुनियादी ढांचे के इस्तेमाल के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए गए। उच्च गुणवत्ता वाला यह चावल सीधे सेना के आपूर्ति डिपो तक पहुंचाया जाएगा, जिसमें लद्दाख और उत्तर पूर्व के दूरस्थ क्षेत्रों के डिपो भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट: चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा- आतिशबाजी पर धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाएगी अदालत
CJI Surya Kant से इस्तीफे की मांग पर भड़की BJP, कांग्रेस पर लगाया संस्थाओं को ध्वस्त करने का आरोप
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी अब हर संवैधानिक संस्था को ‘‘ध्वस्त’’ करके भारत में अराजकता पैदा करने की कोशिश में जुट गई है जो बेहद ‘‘शर्मनाक’’ है। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का ‘‘खुलेआम अपमान’’ करना निंदनीय है। भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी इस मुद्दे पर विपक्षी दल पर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘‘मुस्लिम लीग की माओवादी कांग्रेस में पूरी तरह बदल चुकी और चरम ‘दिमागी नक्सल’ मानसिकता अपना चुकी कांग्रेस अब हर संवैधानिक संस्था को ध्वस्त करके भारत में अराजकता पैदा करने की कोशिश में जुट गई है, जो शर्मनाक है।’’इससे पहले, पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ जारी प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों के मद्देनजर स्थिति के बारे में पूछे जाने पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा था, ‘‘ये कानून-व्यवस्था का मुद्दा है। ये मेरा विषय नहीं है।’’प्रधान न्यायाधीश ने यहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की स्थापना की 33वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ‘‘उच्चतम न्यायालय के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं’’, चाहे वह आम नागरिक हो या कानून बनाने वाला कोई व्यक्ति। उनसे पूछा गया था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने से इनकार किए जाने के बाद विपक्षी नेता अपनी शिकायतें उनके सामने कैसे रख सकते हैं। प्रधान न्यायाधीश की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की केरल इकाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपका विषय नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम आपका स्थान लेने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ लेंगे जो इसे संभाल सके।’’ हालांकि, बाद में इस पोस्ट को हटा दिया गया। इस पर पलटवार करते हुए रीजीजू ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मैंने पहले ही कहा था कि कांग्रेस पार्टी का अगला निशाना न्यायपालिका है।’’उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत की सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत विरोधी सभी गुट एकजुट हो रहे हैं। सभी देशभक्त भारतीय भी एक साथ आएंगे।’’रीजीजू ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि कांग्रेस अब ‘‘दिशाहीन’’ हो गई है। भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी मानसिकता ‘‘पूरी तरह अराजकतावादी’’ हो गई है। यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अब कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल से प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग की जा रही है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने और साथ ही संविधान की दुहाई देने से बड़ी राजनीतिक पाखंड की मिसाल क्या हो सकती है?’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर चुनाव हारते हैं, तो निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हैं। अगर फैसला उनके खिलाफ आता है, तो न्यायपालिका को निशाना बनाते हैं।’’भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी केरल कांग्रेस की ओर से प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला। दुबे ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने के बाद ‘महाराजा’ राहुल गांधी ने अब उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की भी मांग कर दी है।’’भाजपा सांसद ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘सूत्रों के अनुसार, इन इस्तीफों के बाद राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे, शरजील इमाम राष्ट्रपति बनेंगे, अभिजीत दीपके उपराष्ट्रपति बनेंगे, प्रियंका गांधी उच्चतम न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश बनेंगी और खालिस्तानी पन्नून को मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया जाएगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस बीच, (जॉर्ज) सोरोस भारत के अमेरिका में राजदूत होंगे।’’भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश द्वारा गांधी और विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार किए जाने से यह महत्वपूर्ण संदेश गया है कि न्यायपालिका को रोजमर्रा की राजनीतिक लड़ाइयों से ऊपर रहना चाहिए। भाटिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘शक्तियों के पृथक्करण से लेकर सत्ता के लिए बेचैनी तक, राहुल गांधी ने संवैधानिक कानून को राजनीतिक नाटकबाजी के साथ गड्डमड्ड कर दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक नाटकबाजी में नहीं घसीटा जा सकता।
सुर्खियां: छह राज्यों में नए राज्यपाल; कर्नाटक में आरक्षण पर बड़ा फैसला; राहुल गांधी की याचिका में खामियां
Weather Forecast 13 October 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today
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कॉकरोच हो या विपक्ष, छिन गया जंतर-मंतर; नए प्रदर्शन स्थलों पर भीड़ जुटाना होगा बेहद मुश्किल
राजधानी दिल्ली के लुटियंस इलाके में हाल के महीनों में कई बड़े प्रदर्शन हुए। नीट पेपर लीक आंदोलन के बाद अब CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खुल गया था। हालांकि अब जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन नहीं हो पाएगा।
कन्हैया कुमार कहां हैं, कैमरों से बनाई दूरी; कांग्रेस में बदल गई भूमिका
कांग्रेस की अगुवाई में राजधानी दिल्ली में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन कन्हैया कुमार कैमरों की नजर से दूर बने हुए हैं। हालांकि, खबरें हैं कि वह सोमवार को हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। खास बात है कि AISA चीफ नेहा बोरा प्रदर्शनों का प्रमुख चेहरा बनी हुईं हैं।
Delhi Plans Industrial and Warehouse Development: दिल्ली के दो जिलों के 9 गांवों की तकदीर बदले वाली है. इन गांवों में जमीन की पैमाइश का काम जल्द ही शुरू होगा. इसके लिए टेंडर जारी हो गया है. इन गांवों में क्या-क्या काम होंगे, उसकी डिटेल आप यहां जान सकते हैं.
यूपी कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के पदभार ग्रहण से पहले लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में हंगामा, धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल चलने की घटना के बाद पार्टी ने बृजलाल खाबरी की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है.
विशेष रोडमैप तैयार: तुर्किये-पाकिस्तान गठजोड़ को मिलेगा भारत का कड़ा जवाब, क्या है पूरा मामला?
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CJP के प्रवक्ता समेत 2 नेता गायब? दिल्ली पुलिस पर आरोप; अभिजीत दीपके घर पर
कॉकरोच जनता पार्टी राजस्थान में छात्रों और समाजसेवकों को कथित तौर पर नजरबंद करने, हिरासत में लेने और मारपीट किए जाने के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर बड़े आंदोलन की घोषणा की है। वहीं, पार्टी ने जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के फैसले की भी आलोचना की है।
बर्फ के पानी में चेहरा कब डुबोना चाहिए? बर्फ के पानी में चेहरा डालने से क्या होता है
बर्फ के पानी में चेहरा डुबाना अच्छा माना जाता है. इसे इंस्टेंट ग्लो लाने, चेहरे की पफीनेस कम करने और स्किन पोर्स को टाइट करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. यहां जानिए बर्फ के पानी में चेहरा कब डुबोना चाहिए, बर्फ के पानी में चेहरा डालने से क्या होता है?
उत्तर प्रदेश में 2 लाख Motor Accident दावे लंबित, बीमा अफसरों को दी जा रही Mediation ट्रेनिंग
लखनऊ, 12 अक्टूबर उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने बीमा विवादों के त्वरित निस्तारण और अदालतों में मुकदमों का बोझ कम करने के लिए ‘मीडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान के तहत बीमा कंपनियों के नामित अधिकारियों को मध्यस्थता का प्रशिक्षण देना शुरू किया है। गोमतीनगर स्थित जेटीआरआई में सोमवार से शुरू हुआ 40 घंटे का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 अक्टूबर तक चलेगा। रजिस्ट्रार मीडिएशन भगीरथ वर्मा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ के संरक्षण, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली के मार्गदर्शन और लखनऊ खंडपीठ के वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजन रॉय के निर्देश पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें उच्चतम न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरणों में दो लाख से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें अपील और विशेष अनुमति याचिकाएं शामिल नहीं हैं। इन मामलों में बीमा कंपनियां पक्षकार होती हैं, इसलिए विवादों के समाधान में उनकी भूमिका अहम है। बीमा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में भी लंबे मुकदमों से दावेदारों को बचाने पर जोर दिया गया। खासकर नाबालिग दावेदारों के मामलों में निष्पक्ष और कानून सम्मत समझौते के जरिये दावों का जल्द निस्तारण करने की जरूरत बताई गई। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को संवाद, बातचीत, समझौते के विकल्प तलाशने और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान तक पहुंचाने की तकनीक सिखाई जा रही है। इसका उद्देश्य मुकदमा दायर होने से पहले और अदालतों में मामले लंबित रहने के दौरान उपयुक्त विवादों को मध्यस्थता के जरिये सुलझाकर दावेदारों को समय पर राहत दिलाना और न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम करना है।
20 हजार हेक्टेयर में बसेगा New Noida, 6 लाख नौकरियों का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश के नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ‘न्यू नोएडा’ विकसित करने की तैयारी की है। इस परियोजना के तहत वर्ष 2030 तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पांच से छह लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि मौजूदा नोएडा क्षेत्र में औद्योगिक मांग बढ़ने और भूमि की उपलब्धता सीमित होने के कारण नए शहर के विकास की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जल्द चरणबद्ध तरीके से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार मौजूदा नोएडा क्षेत्र में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नीतिगत विकल्पों पर भी काम कर रही है। न्यू नोएडा के विकास से औद्योगिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होगी और निवेशकों को आधुनिक बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। करुणेश ने कहा कि वर्ष 1976 में दिल्ली के निकट औद्योगिक नगरी के रूप में स्थापित नोएडा आज उत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, बेहतर बुनियादी ढांचे और मजबूत संपर्क सुविधाओं के कारण यहां विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्यिक गतिविधियों में निवेश बढ़ा है। उन्होंने बताया कि आगामी पांचवे आधारशिला समारोह में नोएडा से जुड़ी करीब 35 हजार करोड़ रुपये की 120 परियोजनाओं का काम शुरू होने की उम्मीद है। इनमें डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। न्यू नोएडा के साथ संपर्क सुविधाओं के विस्तार की भी योजना है। शहर को सार्वजनिक परिवहन से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए तीन प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पर काम किया जा रहा है। इनके जरिए नोएडा को बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटनिकल गार्डन और चार मूर्ति के रास्ते गौर सिटी से जोड़ने का प्रस्ताव है। नोएडा पहले से ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर से आवागमन और औद्योगिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण के अनुसार, करीब 20 हजार हेक्टेयर में फैला मौजूदा नोएडा 168 सेक्टर में विभाजित है और इसका लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र विकसित हो चुका है। पिछले तीन दशकों में यहां करीब 9,500 औद्योगिक, 5,000 वाणिज्यिक और 250 से अधिक संस्थागत आवंटन किए गए हैं। इन गतिविधियों के परिणामस्वरूप पिछले 30 से 35 वर्षों में 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। प्राधिकरण अब न्यू नोएडा के विस्तार के जरिए निवेश और रोजगार के अवसरों को और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
President Murmu ने 6 राज्यों में बदले Governor, राजेंद्र आर्लेकर तमिलनाडु और माथुर केरलम पहुंचे
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को छह राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति करते हुए केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया। आर्लेकर ने पिछले साल दो जनवरी को केरलम के राज्यपाल के तौर पर शपथ ली थी। वह इस साल 12 मार्च से तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर केरलम के नए राज्यपाल होंगे। वह आर्लेकर की जगह लेंगे। माथुर को 27 जुलाई, 2024 को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इसके अलावा, राष्ट्रपति ने चार अन्य राज्यपालों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा के पूर्व सदस्य दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। झारखंड के वरिष्ठ भाजपा नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। झारखंड के पलामू निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के पूर्व सदस्य राम (68), हरि बाबू कंभमपति की जगह लेंगे। दिसंबर 2024 में ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किए जाने से पहले कंभमपति मिजोरम के राज्यपाल थे। विज्ञप्ति के अनुसार, सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल और ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल और ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। यादव भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य हैं। सुषमा स्वराज के बाद इस पद को संभालने वाली वह दूसरी महिला हैं। हरियाणा के महेंद्रगढ़ से लोकसभा की पूर्व सदस्य रहीं यादव, थावरचंद गहलोत की जगह लेंगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री गहलोत 11 जुलाई, 2021 से कर्नाटक के राज्यपाल रहे। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता बिसेन, राज्य के बालाघाट निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व सांसद हैं। वह 2003 से 2005 तक मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे थे। बिसेन, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की जगह लेंगे। सिंह ने 15 सितंबर, 2021 को पदभार संभाला था। बयान में कहा गया है कि ये नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के अपने-अपने पदों का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी। चारों नए राज्यपाल -- गौतम, यादव, बिसेन और राम -- अनुभवी ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) और एससी (अनुसूचित जाति) नेता हैं जिन्हें देश के प्रमुख राज्यों में जमीनी स्तर, चुनावी और विधायी कार्यों का दशकों का अनुभव है।
बेंगलुरु के केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक फूड एंड बेवरेज कंपनी के एचआर मैनेजर पर महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
INDI गठबंधन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) चुनाव में कथित गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अलग-अलग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
न्यूज डायरी: तैयब मेहता की 69+ करोड़ की पेंटिंग नया विश्व रिकॉर्ड;ईवी कार में आग, आंध्र प्रदेश में चार की मौत
पटाखे फोड़ने का धर्म से क्या लेना-देना, दीये और फुलझड़ी जलाओ; दिवाली से पहले बोला सुप्रीम कोर्ट
पटाखों को धार्मिक रीति-रिवाजों से जोड़ने वाली दलीलों का जवाब देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिंह ने कहा ‘अगर भगवान को पता चले कि उनके नाम पर बच्चे परेशान हो रहे हैं और बीमार पड़ रहे हैं, तो वे बहुत दुखी होंगे।’ सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
यूपी में 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा का टाइम टेबल जारी, यहां जानें पूरा शेड्यूल
यूपी में 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा का टाइम टेबल जारी, यहां जानें पूरा शेड्यूल
न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में दुर्गा पूजा की धूम, बड़ी संख्या में जुटे प्रवासी
न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वायर में खराब मौसम के बावजूद दूसरा दुर्गा उत्सव धूमधाम से मनाया गया. इसमें पूजा, महालया अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए. भारतीय महावाणिज्य दूत बिनया प्रधान की उपस्थिति के बीच अमेरिका में बंगाली परंपरा को सहेजने वाली 50 साल पुरानी 6 संस्थाओं को सम्मानित किया गया.
केरलम, तमिलनाडु समेत 6 राज्यों को मिले नए राज्यपाल,राष्ट्रपति मुर्मू ने की घोषणा!
केरलम, तमिलनाडु समेत 6 राज्यों को मिले नए राज्यपाल,राष्ट्रपति मुर्मू ने की घोषणा!
36.6 करोड़ डॉलर का चुनावी चंदा! अमेरिका में सवालों के घेरे में एलन मस्क
टेक्नोलॉजी दिग्गज एलन मस्क अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा 'स्टारलिंक' को भारत के बाजार में उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं अमेरिका में, सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने रिपब्लिकन पार्टी को जिताने के लिए मस्क द्वारा 36.6 करोड़ डॉलर खर्च किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है.
रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर हूती हमले में हैदराबाद के मुहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई। उमरा के लिए जा रहे उनके परिवार के तीन सदस्य भी इस हमले में घायल हुए हैं।
नाइटक्लब में बियर छलकने पर मर्डर, बाउंसरों ने शख्स को पीट-पीटकर मार डाला
दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके के एक नाइटक्लब में महिला पर बीयर गिरने के बाद विवाद हुआ. आरोप है कि बाउंसरों और वेटरों ने 29 वर्षीय ड्राइवर दलजीत और उसके दोस्तों को पीटा. गंभीर चोटों से दलजीत की मौत हो गई.
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार का नया प्लान, अब हर महीने कृषि योजनाओं की समीक्षा करेंगे कलेक्टर
केंद्र सरकार प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत 100 पिछड़े जिलों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर निगरानी मजबूत करेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस, जलपान और नई रणनीति... आज राहुल गांधी के घर INDIA ब्लॉक का जुटान
विपक्षी 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' और सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर करने के बाद, राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने आवास पर ‘जलपान’ रखा है. इसमें INDIA ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसाइटी और छात्र संगठनों को आमंत्रित किया है.
अर्थ ग्रुप की 140 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी ने की कुर्क, धाखाधड़ी के मामले में एक्शन
ईडी ने अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर और उसके प्रमोटरों की 140 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। यह कार्रवाई 19,425 घर खरीदारों से 2,004 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में की गई है।
'हमें डरा, धमका और हरा नहीं सकते', सुप्रीम कोर्ट तक INDI गठबंधन के मार्च के बाद बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट तक INDI गठबंधन के मार्च के बाद केंद्र सरकार और RSS पर निशाना साधा, समर्थकों का धन्यवाद किया।
पश्चिम बंगाल: 'भारत पर अमेरिका का भरोसा, हर क्षेत्र में बढ़ा रहे सहयोग'; राजदूत सर्जियो गोर ने क्या-क्या कहा?
कर्नाटक में आरक्षण पर बड़ा फैसला:हाईकोर्ट ने कहा-एससी-एसटी का कोटाबढ़ाना असांविधानिक, चीफ जस्टिस क्या बोले?
इंडिया गठबंधन के मार्च में दिखा बैटमैन का क्रेज,राहुल ने खरगे को पहनाया मास्क!
इंडिया गठबंधन के मार्च में दिखा बैटमैन का क्रेज,राहुल ने खरगे को पहनाया मास्क!
तीन बार में पी शराब...120 की रफ्तार और 3 मौतें, कोच्चि मिनी कूपर हादसे में बड़ा खुलासा
कोच्चि में मिनी कूपर कार से स्कूटर को टक्कर मारने के हादसे में तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने सोमवार को नशे में गाड़ी चलाने वाले 19 साल के ड्राइवर सुहैल साजिव के दो और दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
308 पहिए, 200 टन वजन और 100 फीट लंबाई... 'बाहुबली ट्रक' देखने उमड़ा हुजूम
308 पहियों और करीब 200 टन वजन वाला बाहुबली ट्रक उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले पहुंच गया है. बेल्जियम से लाया गया विशाल वैक्यूम वेसल बलरामपुर चीनी मिल के संयंत्र तक पहुंचाया जा रहा है. धीमी रफ्तार से चल रहे इस काफिले को देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ जुट रही है.
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तेजस्वी यादव का जुदा अंदाज: लालू के बेटे ने दिल्ली में की ऑटोरिक्शा की सवारी, सामने वाली सीट पर कौन बैठा दिखा?
केरलम विधानसभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है। इसमें मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल करने मांग की गई है।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान के सिक्योरिटी चीफ से अजील डोभाल की बातचीच, क्या है वजह?
ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से फोन पर बात की। दोनों ने पश्चिम एशिया में बढ़ती तनाव के बीच क्षेत्रीय घटनाओं और दोनों देशों के आपसी हितों पर चर्चा की। यह बातचीत भारतीय नाविकों और नागरिकों पर हमलों के तुरंत बाद हुई है।
गन्ना किसानों के लिए बड़ा कदम, शिकायतों के समाधान के लिए एक सप्ताह में बनेगी उच्चस्तरीय समिति
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के गन्ना किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए एक सप्ताह के भीतर उच्चस्तरीय संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
स्पाइसजेट के करीब 40 क्यू400 पायलटों ने बकाया वेतन का भुगतान न होने तक उड़ान भरने से इनकार कर दिया है, जिसका समर्थन पायलटों के संगठन एएलपीए इंडिया ने भी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध के मामले में धार्मिक भावनाओं और जन स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाने की बात कही है।
सऊदी अरब में बड़े खतरे का अलर्ट! 3 जोरदार धमाकों से दहली राजधानी रियाद
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में संभावित खतरे को लेकर शुरुआती चेतावनी जारी की गई. इसके बाद स्थानीय लोगों ने तीन धमाकों की आवाजें सुनने की सूचना दी. धमाकों की वजह, नुकसान और किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है.
CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने समेत SIR रोकने जैसी कई मांग, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई संभव
विपक्ष ने 'वोट चोरी-एसआईआर' के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक 'लोकतंत्र मार्च' निकाला।
योगी सरकार की इस योजना से झांसी की महिलाओं की बदली जिंदगी, प्लांट लगाकर बनीं आत्मनिर्भर
झांसी की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों और सरकार की मदद से प्लांट लगाकर आंगनवाड़ी का राशन तैयार करने का काम शुरू किया है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रही हैं.
बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक आज, भारत करेगा मेजबानी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि भारत 13 अक्टूबर को पहली बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा।
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का हो गया ट्रांसफर? तुकाराम मुंढे ने बताई असली सच्चाई
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने सोमवार को साफ कर दिया कि उन्हें FDA से कहीं ट्रांसफर नहीं किया गया है।
IIT Indore अध्ययन: विरोध स्थलों की दूरी और पहुंच तय करती है लोकतांत्रिक प्रदर्शनों का असर
(श्रुति भारद्वाज)नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर दिल्ली में राजपथ (अब कर्तव्य पथ) के किनारे के लॉन कभी ‘‘तंबुओं के गांव’’ जैसे नजर आते थे, जहां देशभर से लोग अपनी समस्याओं को उठाने और सत्ता तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यहां जुटते थे। वर्ष 1993 में विरोध-प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल को जंतर-मंतर स्थानांतरित किए जाने के बाद यह स्थिति बदल गई। पिछले तीन दशक के ज़्यादातर समय में, राष्ट्रीय राजधानी के बीचों-बीच स्थित जंतर-मंतर देश में विरोध-प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र रहा है। इसमें इस साल की शुरुआत में हुए नीट-विरोधी प्रदर्शन भी शामिल हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों तथा कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आह्वान पर हो रहे प्रदर्शनों के बीच, धरना प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल को एक बार फिर बदला जा रहा है। अब प्रदर्शनों के लिए पहले से अधिक दूर स्थित स्थान तय किए गए हैं। धरना स्थलों के संबंध में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर के एक अध्ययन में दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के स्थलों में आए बदलावों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में प्रदर्शनों की दृश्यता पर जोर देते हुए कहा गया है कि असहमति जताने और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों के लिए महत्वपूर्ण है। ‘विरोध-प्रदर्शन स्थलों (सार्वजनिक स्थानों) की ऐतिहासिक परंपरा की पड़ताल’ शीर्षक वाले इस अध्ययन में दिल्ली के इतिहास में हुए इन बदलावों को मुगल और ब्रिटिश शासन से लेकर आज़ादी के दौर और उसके बाद के समय के संदर्भ में देखा गया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह की सूची से हटा दिया है और रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को विरोध-प्रदर्शन के लिए नयी जगहों के तौर पर तय किया है। आईआईटी इंदौर के अध्ययन के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन के लिए किसी स्थल का निर्धारित होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी स्थिति, वहां पहुंचने की सुविधा और उसकी दृश्यता भी मायने रखती है। समावेशी सार्वजनिक स्थलों की वकालत करते हुए शोधकर्ताओं ने कहा कि लोगों को जहां जुटने की अनुमति दी जाती है, उससे उनकी मांगें उठाने और सत्ता के केंद्रों से संवाद करने की क्षमता प्रभावित होती है। अध्ययन में इस बात की पड़ताल की गई कि सत्ता ने सार्वजनिक स्थानों तक लोगों की पहुंच को किस तरह प्रभावित किया है और लोगों के एकत्र होने के लिए उपलब्ध स्थानों ने असहमति जताने की उनकी क्षमता को कैसे आकार दिया है। इसमें यह सवाल भी उठाया गया कि जब लोगों को उन संस्थानों के नजदीक विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलती, जिनके सामने वे अपनी मांगें रखना चाहते हैं, तो इसका क्या असर होता है। वर्ष 1993 में बोट क्लब पर सामूहिक प्रदर्शनों को लेकर पाबंदियां लगाए जाने के बाद जंतर-मंतर को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के लिए आधिकारिक स्थल घोषित किया गया था। अध्ययन में कहा गया है कि प्रदर्शनों को राजपथ से दूर ले जाने के कारण उनकी दृश्यता कम हुई और सत्ता के केंद्रों से दूरी बढ़ गई। अध्ययन के मुताबिक, वर्ष 2017 में रामलीला मैदान में हुए विरोध-प्रदर्शन, 2019-20 में शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ आंदोलन और 2021-22 में सिंघू, टिकरी तथा गाजीपुर में किसानों के प्रदर्शन इस बात के उदाहरण हैं कि पहले से निर्धारित स्थलों तक पहुंच सीमित किए जाने के कारण विरोध-प्रदर्शन दूसरी जगहों पर स्थानांतरित हुए।
'अमेरिका से सशर्त होगी परमाणु वार्ता', ईरान बोला- पुरानी स्थिति में नहीं लौटेंगे
ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता के दरवाजे खुले रखे हैं, लेकिन साफ किया है कि बातचीत पुरानी परिस्थितियों में नहीं होगी और वह बीते अनुभवों को ध्यान में रखेगा।
मतदाता सूची से छूटे मतदाताओं की तलाश के लिए राज्यों ने तेज किए अभियान, लगाए कैंप
मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए राज्यों ने अभियान तेज कर दिए हैं।
Jayant Chaudhary ने Delhi में जारी प्रदर्शनों पर उठाया सवाल, पुलिस सुरक्षा का किया बचाव
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने सोमवार को दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रख दी हैं, तो विरोध जारी रखने का क्या औचित्य है? उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और जनता की सुरक्षा के लिए अधिकारियों द्वारा उठाए गए सुरक्षा कदमों का बचाव किया। हाथरस में पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने कर्तव्य निभाने के लिए पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय राजधानी में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती देख रहे हैं। दिल्ली में युवाओं के नेतृत्व में जारी प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में विरोध करने का एक तरीका होता है। जब विपक्षी दल पहले ही राष्ट्रपति से मिलकर अपनी समस्या बता चुके हैं, तो सड़कों पर डटे रहना कितना सही है?’’इससे पहले, आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र में रालोद की ‘स्वाभिमान रैली’ को संबोधित करते हुए चौधरी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने मुझ पर हमले किए, लेकिन कई तीर मुझ तक नहीं पहुंचे। वे मेरी कीमत आंकने की कोशिश कर रहे थे। जो लोग मुझे एक ‘चवन्नी’ के बराबर भी नहीं समझते, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि मैं तो ब्रज की धूल के बराबर भी नहीं हूं।
11:46 बजे की थी होटल में एंट्री, शाम को दसवीं मंजिल से नीचे गिरी युवती
Lucknow Omaxe News: लखनऊ के ओमेक्स न्यू हजरतगंज में दसवीं मंजिल से गिरने से युवती की मौत. सुशांत गोल्फ सिटी थाने की पुलिस मौके पर. डीसीपी साउथ ने दी पूरी जानकारी. पढ़ें पूरी खबर...
यूक्रेन के 6 ठिकानों पर रूसी हमले, जेलेंस्की बोले- नहीं माना ट्रंप का प्रस्ताव
रविवार को ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर की घोषणा की थी, लेकिन सोमवार को जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने यूक्रेन में कम से कम छह ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया. उन्होंने कहा कि रूस एनर्जी सीजफायर में दिलचस्पी नहीं रखता.
राजस्थान में कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ कॉजपा 10 दिन में करेगी बड़ा आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने राजस्थान में छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर नजरबंद करने, हिरासत में लेने और पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर बड़े आंदोलन की घोषणा की है। ‘कॉजपा’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक बालियान ने सोमवार को जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राजस्थान में पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कार्रवाई की और उनके परिवारों को भी परेशान किया। बालियान ने आरोप लगाया कि अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र में उन्हें चार दिन तक घर में नजरबंद रखा गया और उनके घर पर चार थानों की पुलिस तैनात की गई। पार्टी सदस्य गीगराज जोरली ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते समय पुलिस ने उन्हें वाहन में ही हिरासत में ले लिया। उन्होंने अपने साथी सुरेंद्र को भी कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के अधिकार पर सवाल उठाते हुए पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की। ‘कॉजपा’ सदस्य शशिकांत ने आरोप लगाया कि आठ अक्टूबर को उन्हें और उनके साथी सूरज मीणा को जयपुर के गांधी नगर थाने में हिरासत में लेकर पीटा गया। उन्होंने पुलिस पर मोबाइल फोन छीनने और कानूनी सहायता लेने से रोकने का भी आरोप लगाया। संवाददाता सम्मेलन में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के प्रतिनिधियों रितांश और अन्वी ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए। ‘कॉजपा’ ने छात्रों, महिलाओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादतियों के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर राजस्थान में बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की। संगठन ने नागरिक संगठनों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों से इसमें शामिल होने की अपील की।
SIR पर रोक लगाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, याचिका में मिलीं 14 खामियां
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का ...
राहुल गांधी की याचिका में 14 गलतियां, फीस में ₹220 की कमी; सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई?
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कई विपक्षी नेताओं की संयुक्त याचिका में कुल 14 कमियां बताई हैं। इनमें कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी भी शामिल है। याचिका चुनावी गड़बड़ियों और वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ दायर की गई है।
FCRA विधेयक पर जेपीसी के सामने चर्च प्रतिनिधियों ने रखी आपत्ति, सरकार ने आरोपों को नकारा
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष चर्च और चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रतिनिधियों ने विचार रखे।
'सुप्रीम कोर्ट को राजनीति में न घसीटें', CJI सूर्यकांत ने क्यों कही ये बात?
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक मामलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं को शांति से काम करने देना चाहिए।
अफगानिस्तान के आगे गिड़गिड़ाया PAK! हमले रुकवाने की अपील
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से आतंकवादियों को अपनी धरती से हमले करने से रोकने की अपील की है. विदेश मंत्री इशाक डार ने अफगान अधिकारियों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर वो सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे तो ये उनकी सरकार के लिए भी खतरा बन सकते हैं.
पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को स्कूलों से जोड़ने ‘NIOS मित्र’ की होगी तैनाती
शिक्षा मंत्रालय की पहल पर NIOS देश भर में 'NIOS मित्र' अभियान चलाएगा, जिसका उद्देश्य स्कूली शिक्षा से वंचित और 10वीं-12वीं फेल छात्रों को फिर से शिक्षा से जोड़ना है।
SC में दायर राहुल की याचिका में 14 खामियां, फीस में कम पड़े 220 रुपये
राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. याचिका में 14 खामियां पाई गईं.
आंध्र प्रदेश में डिवाइडर से टकराने के बाद EV में लगी आग, 4 लोगों की मौत
आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले में विजयवाड़ा वेस्ट बाइपास पर एक इलेक्ट्रिक वाहन डिवाइडर से टकराकर आग की चपेट में आ गया, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
सुबह नहाने में लगती है ठंड? अपनाएं ये ट्रिक, टंकी से निकलेगा गुनगुना पानी
How to Keep Water Tank Warm: सर्दियों की शुरुआत हो रही है और अब सुबह-सुबह टंकी के पानी में नहाने में ठंड का एहसास भी होने लगा है. ऐसे में यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जो आपकी टंडी के पानी को कड़ाके की ठंड में भी गुनगुना रख सकते हैं.
राहुल गांधी की याचिका में 14 गलतियां और 220 रुपये की शॉर्टफॉल, सुप्रीम कोर्ट ने निकाली कमियां
राहुल गांधी और INDI गठबंधन द्वारा दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने 14 तकनीकी खामियां पाई हैं, जिसमें 220 रुपये की फीस की कमी भी शामिल है। याचिकाकर्ताओं के दस्तावेजों और मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र में भी त्रुटियां मिली हैं।
राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करते हुए पहुंचे और चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर सरकार व चुनाव आयोग को घेरा.
आप नेता निष्पक्ष चुनाव के लिए ईसीआई प्रमुख के इस्तीफे और बैलेट पेपर पर वापसी की मांग कर रहे हैं, रामलीला मैदान में व
देश की लोकतांत्रिक आवाज और जन-आंदोलनों का ऐतिहासिक केंद्र रहे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने बेहद सख्त दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। राजधानी के सबसे संवेदनशील लुटियंस जोन (Lutyens' Delhi) में स्थित जंतर-मंतर पर बार-बार लगने वाले लंबे जाम, अति-विशिष्ट (VVIP) मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था, ध्वनि प्रदूषण और स्थानीय निवासियों की परेशानियों को देखते हुए बड़े जमावड़ों, अनिश्चितकालीन धरनों और रैलियों पर प्रभावी रूप से रोक लगाने का फैसला किया गया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अब बड़ी संख्या में जुटने वाले प्रदर्शनकारियों, राजनीतिक दलों, किसान यूनियनों और सामाजिक संगठनों को अपनी बात रखने के लिए मध्य दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) का रुख करना होगा। इस कदम के बाद दिल्ली के सियासी और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।जंतर-मंतर पर क्यों लगाई गई रोक: सुरक्षा, ट्रैफिक और अदालती नजीरजंतर-मंतर संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय, राष्ट्रपति भवन और कनॉट प्लेस जैसे व्यस्ततम व्यापारिक व प्रशासनिक केंद्रों के बिल्कुल करीब स्थित है। इस जगह पर प्रदर्शनों को सीमित करने के पीछे कई ठोस प्रशासनिक और सुरक्षा कारण बताए गए हैं:भीषण ट्रैफिक जाम और जनजीवन प्रभावित: संसद सत्र के दौरान या बड़े राजनीतिक आयोजनों पर जब हजारों लोग जंतर-मंतर पहुंचते हैं, तो संसद मार्ग, अशोक रोड, जनपथ, बाराखंभा रोड और टॉल्स्टॉय मार्ग पूरी तरह ठप हो जाते हैं। इससे आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और आम यात्रियों को घंटों जूझना पड़ता है।ध्वनि प्रदूषण और स्थानीय निवासियों की शिकायतें: जंतर-मंतर के आसपास कई रिहायशी कॉलोनियां, सरकारी आवास और व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। दिन-रात लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से उच्चतम न्यायालय और एनजीटी (NGT) के ध्वनि प्रदूषण मानकों का खुला उल्लंघन होता रहा है।संसद भवन व केंद्रीय कार्यालयों की सुरक्षा: नई संसद भवन और आसपास के क्षेत्रों की त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने सिफारिश की थी कि संसद के 1 से 2 किलोमीटर के दायरे में किसी भी अनियंत्रित भीड़ को लंबे समय तक बैठने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।अनुमति की शर्तों का उल्लंघन: कई संगठन केवल 100 से 200 लोगों की सांकेतिक अनुमति लेकर आते थे, लेकिन मौके पर हजारों की भीड़ जुटाकर बैरिकेड तोड़ने और संसद कूच करने की कोशिश करते थे, जिससे कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति पैदा हो जाती थी।धरना देने के लिए तय हुई नई जगह: अब रामलीला मैदान होगा प्रमुख केंद्रप्रशासन द्वारा तय की गई नई व्यवस्था के अनुसार, दिल्ली में धरना-प्रदर्शनों का ढांचा इस प्रकार निर्धारित किया गया है:रामलीला मैदान (मुख्य प्रदर्शन स्थल): किसी भी बड़े आंदोलन, रैली, विशाल सभा या एक हजार से अधिक लोगों के जमावड़े के लिए केवल रामलीला मैदान को ही अधिकृत स्थल बनाया गया है। यहां पर्याप्त जगह, सुरक्षित बैरिकेडिंग, पार्किंग और बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था है।जंतर-मंतर पर केवल सीमित व सांकेतिक अनुमति: जंतर-मंतर को पूरी तरह बंद करने के बजाय वहां केवल छोटे प्रतिनिधिमंडलों (अधिकतम 50 से 100 लोग) को दिन के समय (सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक) सांकेतिक धरने की बहुत सख्त शर्तों के साथ ही अनुमति मिल सकेगी।रात में रुकने पर पूर्ण प्रतिबंध: जंतर-मंतर पर रात भर तंबू गाड़कर रुकने, खाना बनाने या अनिश्चितकालीन डेरा डालने की अनुमति अब किसी भी सूरत में नहीं दी जाएगी। शाम 5 बजे के बाद स्थल को पूरी तरह खाली कराना अनिवार्य होगा।अब क्या करेंगे प्रदर्शनकारी: अनुमति की नई प्रक्रिया और कानूनी विकल्पप्रशासन के इस कड़े रुख के बाद अब अपनी मांगों को लेकर दिल्ली आने वाले संगठनों को एक नई और सख्त प्रक्रिया से गुजरना होगा:ऑनलाइन पोर्टल और एडवांस परमिशन: अब प्रदर्शनकारियों को कम से कम 10 दिन पहले दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग विभाग को लिखित या ऑनलाइन आवेदन देना होगा, जिसमें प्रदर्शनकारियों की संभावित संख्या, नेताओं के नाम और समयसीमा का स्पष्ट शपथ-पत्र देना होगा।सुरक्षा अनापत्ति और शर्तों का पालन: आयोजकों को यह हलफनामा देना होगा कि यदि सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचता है, तो उसकी वित्तीय भरपाई आयोजकों से की जाएगी।विपक्ष और नागरिक संगठनों की प्रतिक्रिया: कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने इस फैसले को लोकतांत्रिक असहमति के अधिकार को दबाने का प्रयास बताया है। उनका तर्क है कि रामलीला मैदान जैसे बंद मैदान में जाने से सत्ता के गलियारों तक सीधे जनता की आवाज नहीं पहुंच पाती। कुछ संगठनों ने इस प्रशासनिक आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी भी शुरू कर दी है।उच्चतम न्यायालय ने अपने पूर्ववर्ती 'मजदूर किसान शक्ति संगठन' बनाम भारत संघ मामले में यह स्पष्ट किया था कि नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध का मौलिक अधिकार है, लेकिन यह अधिकार अन्य नागरिकों के निर्बाध आवागमन और सार्वजनिक व्यवस्था के अधिकार के साथ संतुलित होना चाहिए। दिल्ली पुलिस के इस नए कदम का उद्देश्य सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच इसी संतुलन को साधना है, हालांकि आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बड़े आंदोलन इस नई व्यवस्था के तहत किस तरह आगे बढ़ते हैं।
ब्रेकिंग न्यूज़: कारगिल शहीद की पत्नी और हरियाणा भाजपा की नेता सुधा यादव बनीं कर्नाटक की राज्यपाल
हरियाणा भाजपा की वरिष्ठ नेता सुधा यादव को कर्नाटक का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्तियों की घोषणा की। सुधा यादव कारगिल युद्ध में शहीद हुए बीएसएफ के पूर्व डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की पत्नी हैं। वह भाजपा के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय […]
त्योहारी सीजन में मकान बनाना होगा महंगा: सीमेंट की प्रति बोरी ₹15 तक बढ़ाने की तैयारी में कंपनियां
अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे आम लोगों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए त्योहारी सीजन के बीच जेब पर भारी पड़ने वाली खबर सामने आ रही है। प्रमुख ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म्स (विशेषकर Emkay Research और उद्योग विश्लेषकों) की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश की प्रमुख सीमेंट विनिर्माण कंपनियां मध्य अक्टूबर (15 अक्टूबर के आसपास) से सीमेंट की कीमतों में ₹10 से ₹15 प्रति बोरी (50 किलोग्राम बैग) तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। यदि यह मूल्य वृद्धि पूरे देश में लागू होती है, तो खुदरा बाजार में सीमेंट का औसत भाव ₹360 से बढ़कर ₹375 से ₹390 प्रति बोरी के दायरे में पहुंच सकता है, जिससे मकान निर्माण और मरम्मत का कुल बजट सीधे तौर पर प्रभावित होगा।क्यों बढ़ रहे हैं दाम: लागत का दबाव और ईंधनों की महंगाईसीमेंट उद्योग के जानकारों के अनुसार, यह संभावित बढ़ोतरी कंपनियों के मुनाफे को बचाने के लिए की जा रही है, क्योंकि पिछले 6 से 7 महीनों से इनपुट लागत (Input Costs) लगातार बढ़ रही है:पेटकोक और आयातित कोयले की कीमतों में उछाल: सीमेंट उत्पादन में बिजली और ईंधन (Power & Fuel) का खर्च कुल उत्पादन लागत का लगभग 30 से 35 प्रतिशत होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम कोक (Petcoke) और आयातित कोयले की दरों में आई तेजी ने उत्पादन लागत ₹300 से ₹400 प्रति टन तक बढ़ा दी है।कच्चे तेल में तेजी और लॉजिस्टिक्स खर्च: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की मजबूत कीमतों के कारण माल ढुलाई (Freight/Logistics Cost) में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। सीमेंट भारी और बल्क सामग्री होने के कारण कारखाने से डीलर तक पहुंचाने का डीजल खर्च सीधे मार्जिन पर दबाव डालता है।तिमाही नतीजों में मार्जिन में गिरावट: वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2) में कंपनियों की प्रति टन कमाई में ₹200 से ₹250 तक की क्रमिक गिरावट का अनुमान जताया गया है, जिसे संतुलित करने के लिए कंपनियां फेस्टिव सीजन में निर्माण गतिविधियों की मांग का सहारा ले रही हैं।घर बनाने के कुल बजट पर कितना पड़ेगा असर?एक सामान्य 1,000 वर्ग फीट के मकान (Ground Floor) के निर्माण में औसतन 350 से 450 बोरी सीमेंट की खपत नींव से लेकर स्लैब ढलाई तक होती है:सीधा अतिरिक्त खर्च: यदि प्रति बोरी ₹15 की वृद्धि होती है, तो 400 बोरियों पर केवल सीमेंट के मद में लगभग ₹6,000 का सीधा अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।बहुमंजिला और बड़े प्रोजेक्ट्स पर असर: बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स में जहां हजारों बोरियों की खपत होती है, वहां कुल प्रोजेक्ट लागत लाखों रुपये बढ़ जाएगी, जिसका अंतिम असर प्रति वर्ग फीट फ्लैट की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।कब से लागू होंगी नई दरें और किन क्षेत्रों में दिखेगा असर?डीलर सूत्रों के मुताबिक, कंपनियां 15 अक्टूबर के बाद से विभिन्न क्षेत्रों (नॉर्थ, सेंट्रल, वेस्ट और साउथ जोन) में चरणबद्ध तरीके से नए इनवॉयस रेट लागू कर सकती हैं। हालांकि, मानसून समाप्त होने के बाद बुनियादी ढांचा और हाईवे परियोजनाओं में निर्माण कार्यों ने रफ्तार पकड़ी है, जिससे मांग मजबूत बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां बढ़ी हुई कीमतों को बाजार में कितना टिका पाती हैं, यह आने वाले हफ्तों में मांग की मजबूती पर निर्भर करेगा। घर का निर्माण करा रहे लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी जरूरत का सीमेंट दाम बढ़ने से पहले ही स्थानीय अधिकृत डीलरों से बुक कराने पर विचार कर सकते हैं।
वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने तेजस से भरी आखिरी उड़ान
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस से अपनी आखिरी फाइटर उड़ान भरी, जो बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के दौरान हुई.
घर के बाहर, ऑफिस की पार्किंग या बाजार से गाड़ी चोरी हो जाना किसी भी वाहन मालिक के लिए एक बड़ा मानसिक और वित्तीय झटका होता है। ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में पीड़ित व्यक्ति की सबसे बड़ी उम्मीद उसकी मोटर बीमा पॉलिसी (Motor Insurance Policy) पर टिकी होती है। लेकिन अधिकांश वाहन मालिकों के मन में यह बड़ा सवाल रहता है कि चोरी होने के बाद इंश्योरेंस कंपनी वास्तव में कितना पैसा चुकाती है—क्या नई गाड़ी की पूरी खरीद कीमत मिलती है, या कोई कटौती की जाती है? इसके साथ ही क्लेम हासिल करने के लिए पुलिस, आरटीओ और बीमा कंपनी के बीच किन कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, इसकी सही जानकारी न होने पर क्लेम महीनों तक अटका रह सकता है या खारिज भी हो सकता है।बीमा कंपनी कितना पैसा देती है: समझिए आईडीवी (IDV) और 'रिटर्न टू इनवॉयस' का गणितगाड़ी चोरी होने की स्थिति को बीमा की भाषा में 'टोटल लॉस' (Total Loss) माना जाता है। क्लेम के तहत आपको मिलने वाली राशि आपकी पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करती है:आईडीवी (Insured Declared Value): यदि आपके पास एक स्टैंडर्ड कॉम्प्रिहेंसिव (Comprehensive) मोटर पॉलिसी है, तो कंपनी आपको वही रकम चुकाएगी जो आपकी पॉलिसी डॉक्यूमेंट पर 'आईडीवी' (IDV) के रूप में दर्ज है। आईडीवी वह अधिकतम कानूनी बाजार मूल्य (Market Value) है जो पॉलिसी लेते समय तय किया जाता है। गाड़ी की उम्र बढ़ने के साथ डेप्रिसिएशन (घिसावट) कटने के कारण हर साल आईडीवी घटती जाती है। इसलिए चोरी होने पर आपको गाड़ी का मौजूदा आईडीवी ही क्लेम के रूप में मिलता है।रिटर्न टू इनवॉयस (Return to Invoice - RTI) एड-ऑन: यदि आपने अपनी पॉलिसी में 'रिटर्न टू इनवॉयस' का अतिरिक्त कवर ले रखा है, तो स्थिति पूरी तरह बदल जाती है। इस एड-ऑन के तहत कंपनी आपको गाड़ी की मूल खरीद इनवॉयस कीमत (On-road/Ex-showroom Price), रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्ज तक का पूरा रिफंड देती है। यानी आपको नई गाड़ी की खरीद के बराबर पूरी राशि वापस मिल जाती है।थर्ड पार्टी पॉलिसी में शून्य क्लेम: यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यदि आपके पास केवल अनिवार्य 'थर्ड पार्टी' (Third-Party Only) बीमा है, तो चोरी होने पर बीमा कंपनी से एक रुपये का भी क्लेम नहीं मिलता। इसके लिए 'ओन डैमेज' (Own Damage) या कॉम्प्रिहेंसिव कवर का होना अनिवार्य है।गाड़ी चोरी होने पर तुरंत क्या करें: स्टेप-बाय-स्टेप क्लेम प्रोसेसवाहन चोरी होने के बाद बीमा राशि सुरक्षित करने के लिए समयबद्ध और सटीक कानूनी प्रक्रिया अपनानी होती है:स्टेप 1: नजदीकी थाने में तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कराएंगाड़ी चोरी होने की जानकारी मिलते ही बिना एक पल गंवाए घटना स्थल के अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस थाने में जाएं और एफआईआर दर्ज कराएं। एफआईआर में गाड़ी का नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर और घटना का सटीक समय स्पष्ट दर्ज कराएं। एफआईआर की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) तुरंत प्राप्त करें।स्टेप 2: बीमा कंपनी को समय रहते सूचित करेंएफआईआर दर्ज कराने के तुरंत बाद (आमतौर पर 24 से 48 घंटे के भीतर) अपनी बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर, मोबाइल ऐप या नजदीकी शाखा में चोरी की औपचारिक सूचना दें। देर से सूचना देने पर क्लेम में अड़चन आ सकती है। बीमा कंपनी आपको एक क्लेम इंटिमेशन नंबर (Claim Number) आवंटित करेगी और एक अधिकृत जांचकर्ता (Investigator) नियुक्त करेगी।स्टेप 3: संबंधित आरटीओ (RTO) को लिखित सूचनाजिस आरटीओ (परिवहन कार्यालय) में आपकी गाड़ी पंजीकृत है, वहां एक लिखित आवेदन देकर गाड़ी चोरी होने की सूचना दें। आरटीओ वाहन के रिकॉर्ड को अपने डेटाबेस में 'चोरी' (Stolen) के रूप में चिह्नित करेगा और आपको एक पावती (Acknowledgment) देगा। यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि चोरी गई गाड़ी का किसी अवैध गतिविधि में दुरुपयोग होने पर आपकी कानूनी जिम्मेदारी न बने।स्टेप 4: पुलिस से 'अनट्रेस्ड रिपोर्ट' (Untraced Report) हासिल करनापुलिस वाहन की तलाश के लिए जांच शुरू करती है। यदि सामान्यतः 30 से 90 दिनों के भीतर पुलिस गाड़ी को बरामद करने में असमर्थ रहती है, तो जांच अधिकारी (IO) अदालत में एक 'अनट्रेस्ड रिपोर्ट' (Untraced/Final Report) दाखिल करता है। मजिस्ट्रेट द्वारा इस रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के बाद इसकी प्रमाणित प्रति बीमा कंपनी को सौंपनी होती है। बिना इस रिपोर्ट के कोई भी कंपनी अंतिम क्लेम राशि जारी नहीं करती।क्लेम सेटलमेंट के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे?जांच पूरी होने के बाद बीमा कंपनी आपसे निम्नलिखित मूल कागजात मांगेगी:पूरी तरह भरा और हस्ताक्षरित क्लेम फॉर्म।एफआईआर की प्रमाणित प्रति और पुलिस की अंतिम अनट्रेस्ड रिपोर्ट।गाड़ी की मूल आरसी (Registration Certificate)।गाड़ी की दोनों ओरिजिनल चाबियां (Original Keys)। यदि एक चाबी गायब है, तो उसका संतोषजनक कारण और हलफनामा देना होगा।आरटीओ फॉर्म 28, 29 और 30 (वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण के दस्तावेज) पर हस्ताक्षर।बीमा कंपनी के पक्ष में निष्पादित सब्रोगेशन लेटर (Letter of Subrogation) और क्षतिपूर्ति बांड (Indemnity Bond)।यदि गाड़ी पर बैंक लोन (Hypothecation) चल रहा है, तो संबंधित बैंक से फॉर्म 35 और एनओसी (NOC)।बैंक खाता विवरण (कैंसिल चेक) और पैन/आधार कार्ड।क्लेम सेटलमेंट और भुगतान का अंतिम चरणसभी दस्तावेज और चाबियां जमा होने के बाद बीमा कंपनी का लीगल विभाग कागजातों का सत्यापन करता है। यदि गाड़ी पर लोन बकाया है, तो बीमा कंपनी पहले बैंक का बकाया लोन चुकता करती है और शेष बची राशि वाहन मालिक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देती है। यदि गाड़ी पूरी तरह कर्जमुक्त है, तो पॉलिसी की पूरी आईडीवी राशि सीधे ग्राहक के खाते में एनईएफटी/आरटीजीएस के जरिए भेज दी जाती है। पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 60 से 120 दिन का समय लगता है, लेकिन सही समय पर सही दस्तावेज जमा करने से क्लेम बिना किसी अड़चन के शत-प्रतिशत पास हो जाता है।
डिजिटल दौर में भी आपातकालीन जरूरतों के लिए एटीएम (ATM) से नकद निकासी जीवन का अहम हिस्सा है। कई बार ऐसा होता है कि आप एटीएम मशीन में कार्ड स्वाइप करते हैं, पिन दर्ज करते हैं, मशीन से नोट गिनने की आवाज आती है, लेकिन स्क्रीन पर 'ट्रांजैक्शन फेल्ड' (Transaction Failed) या 'टाइम आउट' का मैसेज आ जाता है। कुछ ही सेकंडों में मोबाइल पर एसएमएस आ जाता है कि आपके खाते से पैसे कट गए हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी ग्राहक का घबरा जाना स्वाभाविक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के वित्तीय अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद कड़े दिशानिर्देश तय कर रखे हैं? यदि तय समय सीमा के भीतर बैंक आपके कटे हुए पैसे वापस नहीं लौटाता है, तो बैंक को अपनी जेब से प्रतिदिन ₹100 का जुर्माना (Compensation) ग्राहक को देना पड़ता है।क्या है RBI का 'T+5 दिन' का अनिवार्य ऑटो-रिवर्सल नियम?रिजर्व बैंक के सर्कुलर के अनुसार, एटीएम में लेन-देन विफल होने पर स्वतः समाधान (Harmonisation of Turn Around Time - TAT) की स्पष्ट समयसीमा तय है:T+5 कार्यदिवस का नियम: यहां 'T' का अर्थ ट्रांजैक्शन की तारीख (Date of Transaction) है। जिस दिन आपका लेनदेन फेल हुआ, उस दिन से अगले 5 बैंकिंग कार्यदिवसों (Business Days) के भीतर बैंक को विफल लेनदेन की राशि ग्राहक के खाते में स्वतः रिवर्स (Credit) करनी होती है।₹100 प्रतिदिन का मुआवजा: यदि बैंक निर्धारित T+5 कार्यदिवसों के भीतर पैसा वापस करने में विफल रहता है, तो 6वें दिन से जब तक पैसा खाते में क्रेडिट नहीं होता, तब तक बैंक को बिना किसी अनुरोध के स्वतः ₹100 प्रति कैलेंडर दिन के हिसाब से मुआवजा ग्राहक के खाते में जमा कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है।चाहे किसी भी बैंक का हो एटीएम: यह नियम सभी प्रकार के एटीएम पर समान रूप से लागू होता है—चाहे आपने अपने मूल बैंक (Home Bank) के एटीएम का इस्तेमाल किया हो या किसी अन्य बैंक (White Label/Third Party ATM) के एटीएम से निकासी की कोशिश की हो। मुआवजे का भुगतान करने की प्राथमिक जिम्मेदारी आपके खाताधारक बैंक (Issuer Bank) की होती है।एटीएम पर ट्रांजैक्शन फेल होते ही तुरंत क्या करें: 4 जरूरी कदमयदि आपके साथ ऐसा हादसा होता है, तो घबराने या मशीन पर दोबारा बार-बार पिन डालने के बजाय निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:ट्रांजैक्शन स्लिप सुरक्षित रखें: यदि मशीन से पर्ची निकली है, तो उसे फेंकें नहीं। उस पर ट्रांजैक्शन आईडी (Txn ID), एटीएम आईडी, तारीख और समय का सटीक ब्योरा होता है। यदि पर्ची नहीं निकली, तो मोबाइल पर आए बैंक एसएमएस का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।कुछ मिनट मशीन के पास रुकें: कभी-कभी नेटवर्क धीमा होने के कारण 1-2 मिनट बाद मशीन नकदी उगल देती है। सुनिश्चित करें कि स्क्रीन पर 'वेलकम' या 'ट्रांजैक्शन कैंसिल्ड' आ जाए।कस्टमर केयर पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं: अपने बैंक के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें और घटना का ब्योरा देकर शिकायत दर्ज कराएं। कॉल पर मिलने वाला 'शिकायत निवारण नंबर' (Ticket/Complaint Reference Number) डायरी में नोट कर लें।नेट बैंकिंग या बैंक ऐप से ऑनलाइन शिकायत: बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग पोर्टल में 'Dispute Transaction' या 'Report Failed ATM Withdrawal' विकल्प चुनकर सीधे क्लेम दर्ज करें।5 दिन बीतने के बाद भी रिफंड न मिले तो कहां करें शिकायत?यदि 5 कार्यदिवस बीतने के बाद भी आपके पैसे वापस नहीं आते हैं और बैंक मुआवजा देने में आनाकानी करता है, तो आप चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई कर सकते हैं:बैंक के प्रिंसिपल नोडल अधिकारी को लिखें: सबसे पहले अपनी शिकायत को अपने बैंक के जोनल या मुख्य नोडल अधिकारी (Principal Nodal Officer) के पास ऑनलाइन एस्केलेट करें।आरबीआई के एकीकृत लोकपाल (Banking Ombudsman) से संपर्क: यदि शिकायत दर्ज करने के 30 दिनों के भीतर बैंक आपकी समस्या का समाधान नहीं करता है या संतोषजनक उत्तर नहीं देता है, तो आप भारतीय रिजर्व बैंक के सीएमएस पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आरबीआई लोकपाल के हस्तक्षेप के बाद बैंक को मूल राशि के साथ-साथ देरी के प्रत्येक दिन का ₹100 हर्जाना भी ब्याज सहित चुकाना पड़ता है।आरबीआई के इस पारदर्शी नियम के चलते अब बैंकों के लिए तकनीकी खामियों की आड़ में ग्राहकों का पैसा अटकाए रखना नामुमकिन हो गया है। सजग रहें, अपने अधिकारों को जानें और ऐसी स्थिति आने पर पैनिक होने के बजाय निर्धारित बैंकिंग नियमों के तहत अपना पूरा रिफंड और मुआवजा हासिल करें।
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से लुढ़का पारा, अक्टूबर में टूटा 4 साल का रिकॉर्ड
दिल्ली में सोमवार तड़के हुई तेज बारिश ने अक्टूबर में चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. सफदरजंग में 41.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे रहा और दिल्ली का औसत AQI 83 दर्ज किया गया.
आधार कार्ड को कैसे करें डीएक्टिवेट? किसी की मौत के बाद क्यों लॉक करवाना जरूरी
मृत व्यक्ति का आधार कार्ड सक्रिय रहने पर साइबर ठग या असामाजिक तत्व उसका दुरुपयोग कर सकते हैं. इसके जरिए फर्जी सिम कार्ड जारी कराना, बैंक खाते से अवैध निकासी करना या लोन लेना जैसे फ्रॉड किए जा सकते हैं.
भारतीय रेल के प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में रेलवे बोर्ड ने एक और बड़ा सुधारात्मक कदम उठाया है। रेल मंत्रालय के अंतर्गत रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नवीनतम आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, भारतीय रेल के सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों (Production Units), कार्यशालाओं, अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (RDSO) तथा केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों में पदस्थापित राजभाषा (हिंदी) संवर्ग के अधिकारियों की वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट (Annual Performance Appraisal Report - APAR) अब पूरी तरह डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी।कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा विकसित 'स्मार्ट परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट रिकॉर्डिंग ऑनलाइन विंडो' यानी स्पैरो (SPARROW - Smart Performance Appraisal Report Recording Online Window) पोर्टल के माध्यम से ही अब राजभाषा संवर्ग के अधिकारियों का स्व-मूल्यांकन (Self-Appraisal), रिपोर्टिंग (Reporting) और रिव्यूइंग (Reviewing) की प्रक्रिया संपन्न होगी। इसके साथ ही दशकों से चली आ रही पारंपरिक भौतिक फाइलों (Physical Paper APAR) के जरिए होने वाले मूल्यांकन को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।रेलवे बोर्ड के आदेश की 4 मुख्य बातें और नए दिशा-निर्देशरेलवे बोर्ड द्वारा सभी जोनल महाप्रबंधकों (General Managers) और कार्मिक व राजभाषा विभागाध्यक्षों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तय की गई है:भौतिक प्रतियां अब पूरी तरह अमान्य: निर्धारित मूल्यांकन वर्ष से किसी भी राजभाषा अधिकारी—जिनमें सहायक निदेशक (राजभाषा), उप निदेशक (राजभाषा), वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी और मुख्य राजभाषा अधिकारी शामिल हैं—की कोई भी गोपनीय रिपोर्ट कागजी प्रारूप में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई रिपोर्ट ऑफलाइन भेजी जाती है, तो उसे विनियामक रूप से अमान्य माना जाएगा।टाइम-बाउंड वर्कफ्लो (समयसीमा की सख्त पाबंदी): स्पैरो पोर्टल पर स्वतः सृजित होने वाली समयसीमा (Time-Bound Generation) लागू रहेगी। निर्धारित अंतिम तिथि समाप्त होते ही स्व-मूल्यांकन की विंडो स्वतः बंद हो जाएगी और यदि रिपोर्टिंग या रिव्यूइंग अधिकारी ने तय समय में अंकन नहीं किया, तो सिस्टम स्वतः 'नो रिमार्क्स' के साथ फाइल को अगले स्तर पर प्रेषित कर देगा।डिजिटल हस्ताक्षर (DSC/e-Sign) अनिवार्य: मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनधिकृत प्रविष्टि या हेरफेर को रोकने के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) या आधार-आधारित ई-साइन (Aadhaar e-Sign) के माध्यम से ही अनुमोदन मान्य होगा।पारदर्शिता और त्वरित अपील अधिकार: जैसे ही रिव्यूइंग अधिकारी द्वारा मूल्यांकन पूरा कर रिपोर्ट स्वीकृत की जाएगी, अधिकारी के व्यक्तिगत स्पैरो लॉगिन डैशबोर्ड पर उसकी पूरी रिपोर्ट और अंतिम ग्रेडिंग तुरंत प्रदर्शित हो जाएगी। किसी भी प्रतिकूल टिप्पणी (Adverse Remarks) या कम ग्रेडिंग की स्थिति में अधिकारी तय 15 दिनों के भीतर डिजिटल पोर्टल पर ही अपना अभ्यावेदन (Representation) दर्ज करा सकेंगे।राजभाषा अधिकारियों को अलग से स्पैरो में शामिल करने की क्यों पड़ी जरूरत?भारतीय रेलवे में भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS), भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (IRPS), भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) और विभिन्न इंजीनियरिंग संवर्गों के ग्रुप-ए अधिकारियों के लिए स्पैरो प्रणाली पहले से सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही थी। हालांकि, राजभाषा संवर्ग के कई अधिकारी जोनल स्तर पर और अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों में संलग्न होने के कारण अक्सर कागजी मूल्यांकन प्रणाली पर ही निर्भर थे।पदोन्नति में देरी पर लगाम: मैनुअल व्यवस्था में सबसे बड़ी खामी यह थी कि अधिकारियों की पदोन्नति (Promotion), वरिष्ठ वेतनमान (Senior Scale), चयन ग्रेड (Selection Grade) या विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकों के समय पुरानी वर्षों की एसीआर/अपार फाइलें गुम हो जाने या अपूर्ण रहने के कारण अधिकारियों के करियर प्रमोशन महीनों और सालों तक लटके रहते थे।सटीक रिकॉर्ड कीपिंग: केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस तैयार होने से रेल मंत्रालय के पास सभी राजभाषा अधिकारियों की समग्र कार्यक्षमता, हिंदी के प्रगामी प्रयोग के वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति और उनकी शैक्षणिक व प्रशासनिक योग्यताओं का पारदर्शी और सुरक्षित रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध रहेगा।राजभाषा के प्रगामी प्रयोग और कामकाज पर क्या होगा सकारात्मक असर?केंद्र सरकार के राजभाषा विभाग (गृह मंत्रालय) के वार्षिक कार्यक्रम के अनुसार सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक मंत्रालय और विभाग को अनिवार्य लक्ष्य दिए जाते हैं। रेलवे बोर्ड के इस डिजिटल सुधार से न केवल राजभाषा अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार होगा:निष्पक्ष मूल्यांकन: ऑनलाइन व्यवस्था होने से मूल्यांकन में व्यक्तिपरक पूर्वाग्रहों की संभावना कम होगी और अधिकारियों द्वारा वर्ष भर किए गए वास्तविक कार्यों—जैसे हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन, कोड व मैनुअल का अनुवाद, राजभाषा कार्यान्वयन समिति (OLIC) की नियमित बैठकें और कम्प्यूटरीकरण में हिंदी का उपयोग—का सही और समयबद्ध आकलन हो सकेगा।कागजरहित और पर्यावरण-अनुकूल कार्यशैली: रेलवे के 'डिजिटल इंडिया' और 'ग्रीन रेलवे' मिशन के अनुरूप हजारों पृष्ठों के कागजी रिकॉर्ड, फाइलों की ढुलाई और उनके भौतिक संरक्षण पर होने वाला खर्च शून्य हो जाएगा।रेलवे बोर्ड ने सभी संबंधित क्षेत्रीय रेलों के मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों (प्रशासन) और आईटी सेल को निर्देश दिया है कि वे तत्काल प्रभाव से शेष बचे सभी राजभाषा अधिकारियों के प्रोफाइल स्पैरो प्रणाली पर मैप करें और उन्हें यूजर आईडी व डिजिटल क्रेडेंशियल्स आवंटित कर आगामी मूल्यांकन चक्र को शत-प्रतिशत त्रुटिरहित और ऑनलाइन संचालित करना सुनिश्चित करें।
Election Commission के खिलाफ विपक्ष का Delhi में मार्च, Supreme Court में याचिका दायर
अलग-अलग रंगों के झंडे, हाथों में पोस्टर और ‘‘वोट चोर-गद्दी छोड़’’ के नारों के बीच सोमवार को उस समय निर्वाचन आयोग के मामले में विपक्ष के अभियान को नई ताकत मिलती दिखाई दी, जब कई राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ ही युवा, नागरिक समाज के सदस्य और बहुत सारे आम लोग लोकतंत्र के लिए मार्च का हिस्सा बने। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच बाराखंबा रोड से उच्चतम न्यायालय तक निकले इस मार्च में प्रदर्शनकारियों ने कई जगह अवरोधक पार किए और आखिरकार उन्हें भगवानदास रोड पर रोक लिया हुआ। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने एसआईआर तथा कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ याचिका दायर की। कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी झंडे और पोस्टर लेकर बाराखंबा रोड की ओर बढ़े। मार्च जैसे-जैसे आगे बढ़ा, समर्थकों की संख्या बढ़ती गई और सड़क पर अलग-अलग दलों के झंडों के साथ ‘‘वोट चोरी बंद करो’’ और वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे सुनाई देने लगे। भगवान दास रोड पर पुलिस ने मार्च को रोकने की कोशिश की। इस दौरान राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेता एक वाहन पर चढ़ गए। समर्थकों ने पुलिस अवरोधकों को पार किया और मार्च आगे बढ़ गया। मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के डी. राजा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एम. ए. बेबी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। विपक्षी नेताओं ने ‘‘वोट चोरी’’ रोकने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रोकने और कागज के मतपत्र से चुनाव कराने की मांग की। विपक्ष की संयुक्त याचिका में मतदाता सूचियों से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और एसआईआर में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। यह याचिका प्रधान न्यायाधीश द्वारा दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष के साथ इस मुद्दे पर मुलाकात से इनकार किए जाने के एक दिन बाद दायर की गई। प्रधान न्यायाधीश ने कहा था कि मामला विचाराधीन है। मार्च में राजनीतिक नारों के बीच ‘बैटमैन’ के मुखौटे पहने युवाओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा। राहुल गांधी जिस बस में सवार थे, उसमें एक ‘बैटमैन’ का मुखौटा पहुंचाया गया, जिसे उन्होंने हाथ में उठाकर भीड़ को दिखाया। समर्थकों ने जोरदार नारे लगाकर इसका स्वागत किया। बाद में राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को भी वह मुखौटा पहना दिया। ‘बैटमैन’ का यह प्रसंग राहुल गांधी के अगस्त में किए गए सोशल मीडिया मजाक से जुड़ा है। इंस्टाग्राम पर छात्रों और ‘जेन जी’ के साथ संवाद के दौरान जब उनसे पूछा गया था कि क्या वह ‘बैटमैन’ हैं, तो उन्होंने कहा था कि उन्हें और बैटमैन को कभी एक ही कमरे में किसी ने नहीं देखा। इसके बाद कांग्रेस के इंदिरा भवन मुख्यालय और मध्य दिल्ली के अन्य स्थानों पर राहुल को ‘‘द रियल लाइफ बैटमैन’’ बताते हुए पोस्टर लगाए गए थे। सोमवार को उसी मजाक की झलक सड़क पर दिखी, जब कई युवा ‘‘बैटमैन’’ के मुखौटे और पोशाक पहनकर मार्च में शामिल हुए। ‘‘बैटमैन’’ डीसी कॉमिक्स का एक लोकप्रिय काल्पनिक सुपरहीरो है। उसका असली नाम ब्रूस वेन है। वह गोथम सिटी में अपराधियों से लड़ता है। उसके पास कोई अलौकिक शक्ति नहीं है। वह अपनी बुद्धि, शारीरिक प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करता है। वह काले रंग की पोशाक और मुखौटा पहनता है। विपक्षी नेता दोपहर करीब सवा दो बजे कंस्टिट्यूशन क्लब से पांच बसों में रवाना हुए थे। कांग्रेस, सपा और वाम संगठनों के कार्यकर्ता उनके साथ पैदल चल रहे थे। बाराखंबा रोड पर कई कार्यालयों से लोग बाहर निकलकर मार्च की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए।
AIADMK में सबकुछ ठीक नहीं: बागी विधायक अलग रास्ता चुनने की तैयारी में, बनेगा असेंबली ग्रुप?
Tamil Nadu Politics: उपचुनावों में ताजा हार के बाद AIADMK का अंदरूनी संकट फिर से उभर आया है। सोमवार को चेन्नई में असंतुष्ट नेताओं की बैठक हुई, जिसमें उन्होंने हार की समीक्षा के साथ-साथ विधानसभा में अलग समूह बनाकर काम करने और आगे के राजनीतिक विकल्पों पर चर्चा की।
'CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने तक जारी रहेगा आंदोलन', राहुल गांधी का बड़ा दावा
राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
खबरदार: क्यों राहुल गांधी ने CEC को लेकर विपक्ष के अभियान को शिव की बारात से जोड़ा?
विपक्ष के नेताओं ने बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला. ये पहली बार है जब विपक्षी नेताओं ने किसी मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला हो. करीब एक किमी लंबे मार्च में विपक्ष के नेता बस में, पैदल और वाहन में सवार हुए साढ़े छह बजे के आसपास सुप्रीम कोर्ट में याचिका देने के लिए दाखिल हुए. विपक्षी एकता इस मुद्दे पर आज दिखी. देखें...
'आज रात ही लड़ने को तैयार', NATO के सुप्रीम कमांडर ने रूस को चेताया, बताया विक्ट्री प्लान
नाटो कमांडर एलेक्सस ग्रिनकेविच ने कहा कि उनका फोकस दुश्मनों को पैर जमाने से रोकना और उनकी युद्ध लड़ने की क्षमताओं को खत्म करना है. उन्होंने वारसॉ सुरक्षा फोरम में कहा कि नाटो किसी भी हमले को रोकने, कुंद करने और तोड़ने के लिए तैयार है.
लाल कपड़े का इशारा और थम गई ट्रेन... सिलीगुड़ी में 70 से ज्यादा हाथियों की ऐसे बची जान
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में नक्सलबाड़ी और बागडोगरा के बीच रेलवे ट्रैक पार कर रहे 70 से अधिक हाथियों का झुंड एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गया. सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के करीब पहुंचने पर वनकर्मियों ने लाल कपड़ा लहराकर ट्रेन को समय रहते रुकवा दिया.
'न्यायपालिका पर पूरा भरोसा', कांग्रेस ने CJI सूर्यकांत पर केरलम यूनिट की पोस्ट से किया किनारा
कांग्रेस ने अपनी केरल इकाई द्वारा CJI सूर्यकांत को लेकर की गई सोशल मीडिया पोस्ट से असहमति जताई है। पार्टी ने कहा कि उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और पोस्ट करने वाले व्यक्ति को पद से हटा दिया गया है।
UP Assembly Election: Asaduddin Owaisi ने CM Yogi और अखिलेश को दी नई सीटों से लड़ने की चुनौती
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संभल से और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को गोरखपुर से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए। ओवैसी ने सोमवार को लखनऊ में पत्रकारों से कहा, ‘‘आज अयोध्या में सबसे बड़ा मुद्दा राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए दान में हेराफेरी का है, जो हजारों करोड़ रुपये का है। जो आरोपी अभी जेल में हैं, वे जमानत पाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जिन्होंने असल में चोरी की है, वे आजाद घूम रहे हैं।’’उन्होंने अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि वहां ‘नूरा कुश्ती’ जारी है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ओवैसी ने कहा, ‘‘मैंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ना चाहिए। उन्हें संभल जाकर कहना चाहिए कि ‘हमने आपकी मस्जिद गिराई थी, इसलिए मुझे वोट दें’। और, ‘इंशा अल्लाह’ वहां की जनता उन्हें हरा देगी।’’एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, ‘‘वहीं, अखिलेश यादव को गोरखपुर जाकर चुनाव लड़ना चाहिए और घोषणा करनी चाहिए कि ‘मैंने’ उस व्यक्ति को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है, जिसके पिता ने झारखंड में विधायकों को तोड़कर ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार को हराया था’।’’उनका इशारा हाल में सपा की ओर से राज्यसभा सदस्य बने धनराज परिमल नाथवानी की ओर था, जिनके पिता परिमल नाथवानी इस साल जून में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के समर्थन से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार झारखंड से राज्यसभा सदस्य बने थे। सितंबर में कांग्रेस में शामिल होने से पहले उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम के प्रमुख नेता रहे आसिम वकार ने भी इस पर अपनी बात रखी। उन्होंने पूछा कि ओवैसी खुद लखनऊ से चुनाव लड़ने के बजाय कांग्रेस और सपा नेताओं के लिए चुनाव क्षेत्रों का सुझाव क्यों दे रहे हैं। वकार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इससे मुकाबला दिलचस्प हो जाएगा, है ना?’’ लखनऊ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व रक्षा मंत्री और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता राजनाथ सिंह करते हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जवाब देते हुए कहा कि पार्टी के उम्मीदवार पवन पांडेय ही भाजपा सरकार का अहंकार तोड़ने के लिए काफी हैं। सपा प्रमुख की यह टिप्पणी आदित्यनाथ द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या से नामांकन दाखिल करने की यादव की चुनौती को स्वीकार करने के एक दिन बाद आई है। योगी आदित्यनाथ वर्तमान में उप्र विधानसभा में गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
अब मजदूरों के बच्चे बनेंगे IAS, IPS और डॉक्टर, जानें कैसे पूरा होगा उनका सपना
मुरादाबाद के अटल आवासीय विद्यालय में श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 718 बच्चे मुफ्त शिक्षा, हॉस्टल, भोजन और दूसरी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं. गांव के स्कूलों से यहां पहुंचे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है. कोई IAS, कोई IPS, कोई जज तो कोई आर्मी डॉक्टर बनना चाहता है. विद्यालय का लक्ष्य क्षमता बढ़ाकर 1,000 बच्चों तक पहुंचना है.
अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय खगोलभौतिकविदों (Indian Astrophysicists) ने एक ऐतिहासिक वैज्ञानिक सफलता हासिल की है। भारतीय वैज्ञानिकों के एक संयुक्त शोध दल ने सूरज के सुदूर और अब तक रहस्यमय माने जाने वाले ध्रुवीय क्षेत्रों (Solar Poles) के आंतरिक चुंबकीय गतिविज्ञान (Internal Magnetic Dynamics) पर एक युगांतरकारी शोध सार्वजनिक किया है। दशकों से वैश्विक सौर भौतिकी में यह पहेली बनी हुई थी कि सूरज के ध्रुवों पर चुंबकीय क्षेत्र कैसे निर्मित होते हैं, कैसे कमजोर पड़ते हैं और प्रत्येक 11 वर्ष के सौर चक्र (Solar Cycle) में कैसे अपनी दिशा उलट (Polarity Reversal) लेते हैं। भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित परिष्कृत सैद्धांतिक मॉडल और उपग्रह डेटा विश्लेषण ने यह साबित कर दिया है कि सूरज के दोनों ध्रुवों में होने वाली सूक्ष्म प्लाज्मा हलचल ही पूरे सौरमंडल में उठने वाले भीषण सौर तूफानों (Solar Storms) की वास्तविक जननी है। यह खोज इसलिए भी अत्यधिक संवेदनशील है क्योंकि मौजूदा समय में सूर्य अपने 25वें सौर चक्र के चरम यानी 'सोलर मैक्सिमम' (Solar Maximum) के दौर से गुजर रहा है।ध्रुवों में ऐसा क्या छिपा है: चुंबकीय ध्रुव पलटने का जटिल चक्रसूरज एक ठोस पिंड न होकर अत्यधिक गर्म, आवेशित गैस यानी प्लाज्मा का एक विशाल धधकता हुआ गोला है।डिफरेंशियल रोटेशन और मेरिडियनल फ्लो: सूर्य की भूमध्य रेखा (Equator) ध्रुवों की तुलना में अधिक तेजी से घूमती है। इसके साथ ही, सूरज की सतह के नीचे प्लाज्मा की विशालकाय नदियां भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर बहती हैं, जिसे 'मेरिडियनल सर्कुलेशन' कहा जाता है।ध्रुवों पर चुंबकीय ऊर्जा का संचय: भारतीय शोधकर्ताओं ने पाया कि ध्रुवों के पास प्लाज्मा का यह बहाव एक विशाल चुंबकीय सिंक (Magnetic Sink) की तरह काम करता है, जहां अरबों टन चुंबकीय ऊर्जा दशकों तक दबी रहती है।ध्रुवों का उलटफेर: जब यह संचित ऊर्जा अपनी चरम सीमा पर पहुंचती है, तो सूर्य के उत्तरी और दक्षिणी चुंबकीय ध्रुव आपस में अपनी स्थिति बदल लेते हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान सूर्य के वायुमंडल में विकराल चुंबकीय विस्फोट होते हैं, जो सौर ज्वालाओं (Solar Flares) और कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के रूप में अंतरिक्ष में अरबों किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फैलते हैं।मोबाइल नेटवर्क, जीपीएस और बिजली ग्रिड पर क्यों मंडरा रहा है बड़ा खतरा?सूरज के ध्रुवों में होने वाली इस उथल-पुथल का सीधा और गंभीर प्रभाव पृथ्वी की आधुनिक तकनीकी जीवनरेखा पर पड़ता है:मोबाइल टावर्स और सेलुलर कनेक्टिविटी में व्यवधान: जब सूर्य के ध्रुवों से उत्पन्न तीव्र सौर तूफान पृथ्वी की ओर रुख करते हैं, तो वे पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल (Ionosphere) को अत्यधिक आयनित और अशांत कर देते हैं। आयनमंडल के असंतुलित होने से हाई-फ्रीक्वेंसी (HF) रेडियो तरंगें बिखर जाती हैं, जिससे सेलुलर बैकहॉल लिंक, उपग्रह-आधारित मोबाइल कनेक्टिविटी और ग्राउंड कम्युनिकेशन में रुकावट या कॉल ड्रॉप की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम का भटकना: विमानन (Aviation), समुद्री जहाजों और आम नागरिकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जीपीएस प्रणाली उपग्रहों से आने वाले सूक्ष्म सिग्नलों पर निर्भर करती है। सौर प्लाज्मा के प्रभाव से जीपीएस सिग्नलों में सेकंड्स के हजारवें हिस्से की देरी आ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप नेविगेशन मैप्स पर लोकेशन में कई मीटर से लेकर किलोमीटर तक की गलत रीडिंग आ सकती है।अंतरिक्ष में तैरते सैटेलाइट्स का नष्ट होना: ध्रुवीय विस्फोटों से निकलने वाले आवेशित कण लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में चक्कर लगा रहे संचार और मौसम उपग्रहों के संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को जला सकते हैं। साथ ही, वायुमंडलीय खिंचाव (Atmospheric Drag) बढ़ने से उपग्रह समय से पहले अपनी कक्षा से भटककर नष्ट हो सकते हैं।पावर ग्रिड में ब्लैकआउट का जोखिम: भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storms) पृथ्वी की सतह पर शक्तिशाली 'जियोमैग्नेटिकली इंड्यूस्ड करेंट्स' (GIC) उत्पन्न करते हैं। यह अतिरिक्त करंट बिजली कंपनियों के बड़े पावर ट्रांसफार्मरों को ओवरहीट करके जला सकता है, जिससे कई शहरों में घंटों या दिनों तक बिजली गुल होने का खतरा रहता है।भारत के आदित्य-एल1 और ग्राउंड ऑब्जर्वेटरीज की भूमिकाइस शोध में भारत के पहले सूर्य मिशन 'आदित्य-एल1' (Aditya-L1) से प्राप्त डेटा, कोडाइकनाल सोलर ऑब्जर्वेटरी के 100 साल से अधिक पुराने ऐतिहासिक डेटाबेस और अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटिंग सिमुलेशन का अत्यंत प्रभावी उपयोग किया गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अग्रणी खगोलभौतिकी संस्थानों के वैज्ञानिकों ने यह स्पष्ट किया है कि सौर ध्रुवों के सटीक व्यवहार को समझकर अब वैज्ञानिक सौर तूफानों के पृथ्वी से टकराने की पूर्व चेतावनी (Space Weather Warning) 24 से 48 घंटे पहले जारी करने में सक्षम हो सकेंगे।आधुनिक दुनिया पूरी तरह से डिजिटल नेटवर्क, डिजिटल बैंकिंग, सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और बिजली पर टिकी है। ऐसे समय में भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा सूरज के ध्रुवों के रहस्यों को उजागर करना केवल एक खगोलीय उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि यह भविष्य में वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और दूरसंचार नेटवर्क को किसी भी अंतरिक्षीय तबाही से सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करने जैसा है।

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