नवजात शिशु के जन्म के बाद अक्सर घरों में प्यार और दुलार के नाम पर उसे मीठी चीजें, शहद, शर्करा युक्त डिब्बाबंद सेरेलक या बिस्कुट चटाने की परंपरा देखने को मिलती है। लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और न्यूट्रिशन रिसर्च ने माता-पिता के लिए एक गंभीर और आंखें खोल देने वाली चेतावनी जारी की है। प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित एक युगांतरकारी अध्ययन के अनुसार, गर्भधारण से लेकर बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक—यानी जीवन के शुरुआती 1,000 दिनों (First 1,000 Days) के दौरान यदि बच्चे को अतिरिक्त चीनी (Added Sugar) से पूरी तरह दूर रखा जाए, तो आगे चलकर वयस्कता और बुढ़ापे में उसे टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, डिमेंशिया और यहां तक कि कई प्रकार के कैंसर का खतरा नगण्य हो जाता है। यह अध्ययन साबित करता है कि बचपन में खाई गई चीनी का असर किसी व्यक्ति के शरीर पर अगले 70 वर्षों तक बना रहता है।ऐतिहासिक 'शुगर राशनिंग' पर आधारित रिसर्च: 64,000 लोगों के डेटा से खुला राजआमतौर पर मेडिकल साइंस में ऐसा शोध करना असंभव होता है जिसमें बच्चों के एक समूह को जानबूझकर दशकों तक चीनी खिलाई जाए और दूसरे को रोकी जाए। लेकिन वैज्ञानिकों ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान और उसके बाद ब्रिटेन में लागू 'राष्ट्रीय चीनी राशनिंग' (UK Sugar Rationing) को एक प्राकृतिक प्रयोग (Natural Experiment) के रूप में इस्तेमाल किया।ब्रिटेन का ऐतिहासिक डेटा: ब्रिटेन में 1953 तक चीनी की सख्त राशनिंग लागू थी, जिसमें प्रति व्यक्ति दैनिक चीनी की खपत लगभग 40 ग्राम तक सीमित थी। सितंबर 1953 में यह पाबंदी हटते ही लोगों में मीठे का सेवन अचानक दोगुना हो गया।शोध का दायरा: शोधकर्ताओं ने यूके बायोबैंक (UK Biobank) के 64,000 से अधिक ऐसे लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स का 70 वर्षों तक विश्लेषण किया, जिनका जन्म 1951 से 1956 के बीच हुआ था। इनमें से आधे लोगों ने अपने जीवन के शुरुआती 1,000 दिन चीनी प्रतिबंध के साए में बिताए थे, जबकि बाकी लोगों ने राशनिंग हटने के बाद खुली चीनी का उपभोग किया था।डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर में 35% तक की भारी कमीरिसर्च के नतीजे मेडिकल जगत को चकित करने वाले थे। जिन वयस्कों ने अपने भ्रूण काल और 2 वर्ष की आयु तक कम चीनी वाला वातावरण देखा था:टाइप-2 डायबिटीज: उनमें बाद के जीवन में टाइप-2 डायबिटीज होने का जोखिम 35 प्रतिशत तक कम पाया गया। जिन लोगों को बीमारी हुई भी, उनमें डायबिटीज की शुरुआत अनियंत्रित चीनी खाने वालों की तुलना में औसतन 4 से 6 साल देरी से हुई।हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension): शुरुआती वर्षों में चीनी से परहेज करने वाले व्यक्तियों में उच्च रक्तचाप का खतरा 20 प्रतिशत कम दर्ज किया गया।हृदय रोग और स्ट्रोक: बीएमजे (The BMJ) में छपे संबंधित विश्लेषण के अनुसार, शुरुआती 1,000 दिनों में चीनी न लेने से दिल का दौरा (Heart Attack), हार्ट फेलियर और स्ट्रोक के मामलों में 25 से 30 प्रतिशत की सीधी गिरावट देखी गई।अल्जाइमर, डिमेंशिया और कैंसर से सुरक्षा: 2.2 साल धीमी उम्र बढ़ने की रफ्तारअध्ययन में यह भी पाया गया कि शुरुआती दिनों में कम चीनी का प्रभाव केवल मेटाबॉलिज्म तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दिमाग और कोशिकाओं के डीएनए पर भी गहरा असर डालता है:मस्तिष्क स्वास्थ्य: न्यूरोलॉजी जर्नल में छपे निष्कर्षों के अनुसार, शुरुआती 1000 दिनों में चीनी से दूर रहे वयस्कों में उम्र बढ़ने पर अल्जाइमर रोग का जोखिम 46% और डिमेंशिया का जोखिम 27% कम देखा गया। एमआरआई स्कैन में पाया गया कि उनके दिमाग के स्मृति केंद्र (Hippocampus) अधिक मजबूत और युवा थे।कैंसर की दरों में गिरावट: कम चीनी वाले समूह में लिवर कैंसर (69% कम), रेक्टल कैंसर, प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर की घटनाओं में 36 से 60 प्रतिशत तक की महत्वपूर्ण कमी पाई गई।बायोलॉजिकल एजिंग (कोशिकीय आयु): वैज्ञानिकों ने पाया कि बचपन में चीनी न खाने वालों के क्रोमोसोम के सिरे पर मौजूद 'टेलोमियर्स' (Telomeres) काफी लंबे थे। सेलुलर स्तर पर उनकी जैविक उम्र औसतन 2.2 साल धीमी गति से बढ़ रही थी।ऐसा क्यों होता है? समझिए वैज्ञानिक कारण (Biological Mechanism)वैज्ञानिकों के अनुसार, जीवन के शुरुआती 1,000 दिन मानव शरीर के विकास की सबसे नाजुक खिड़की होते हैं। इस दौरान शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंग, अग्न्याशय (Pancreas), लिवर, इम्युन सिस्टम और जीन एक्सप्रेशन (Epigenetics) आकार ले रहे होते हैं।स्वाद की प्रोग्रामिंग (Taste Programming): 2 साल से पहले बच्चे की जीभ पर जो स्वाद बैठ जाता है, वह जीवनभर का खानपान तय करता है। जिन बच्चों को कम उम्र में मीठा दिया जाता है, उनका दिमाग अधिक चीनी की मांग (Sugar Addiction) का आदी हो जाता है।इंसुलिन प्रतिरोध की रोकथाम: शुरुआती अवस्था में अतिरिक्त चीनी देने से बच्चे का कोमल पैंक्रियाज लगातार भारी इंसुलिन बनाने के दबाव में आ जाता है, जिससे भविष्य में इंसुलिन रेजिस्टेंस और फैटी लिवर की नींव पड़ जाती है।WHO और बाल रोग विशेषज्ञों (IAP) की कड़े दिशा-निर्देशविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) पहले से ही इस बात पर जोर देते रहे हैं कि:शुरुआती 6 महीने: केवल और केवल मां का दूध (Exclusive Breastfeeding) दिया जाना चाहिए।6 महीने से 2 साल तक: जब बच्चा पूरक आहार (Solids) लेना शुरू करे, तो उसके भोजन में ऊपर से एक चुटकी भी रिफाइंड चीनी, गुड़ या शहद न मिलाएं। प्राकृतिक रूप से फलों और दूध में मौजूद मिठास ही पर्याप्त है।पैकेज्ड बेबी फूड्स से बचें: बाजार में बिकने वाले अधिकांश कमर्शियल बेबी सीरियल्स, बिस्कुट, फ्लेवर्ड योगर्ट और पैकेटबंद प्यूरी में 20 से 30 प्रतिशत तक छिपी हुई चीनी (Hidden Added Sugar) होती है, जो बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।माता-पिता क्या करें? बच्चे को कैसे रखें सुरक्षितबच्चे को मीठे के बजाय दाल का पानी, मसली हुई उबली सब्जियां (गाजर, लौकी, कद्दू), दलिया, रागी की राब, खिचड़ी और सादे फलों (केला, पपीता, सेब की प्यूरी) का प्राकृतिक स्वाद चखने दें।बच्चे के रोने पर उसे शांत कराने के लिए मीठी टॉफी, चॉकलेट, केक या आइसक्रीम देने की आदत कभी न डालें।यदि बच्चा किसी सादे भोजन को तुरंत न खाए, तो घबराएं नहीं। नए स्वाद को स्वीकार करने में बच्चों को 10 से 15 बार का समय लग सकता है। घर का प्राकृतिक भोजन ही आगे चलकर उसके पूरे जीवन का सुरक्षा कवच बनेगा।
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Ankit Balyan Murder Case: Shamli Police ने दो फरार आरोपियों पर इनाम बढ़ाकर किया 1 लाख रुपये
मुजफ्फरनगर (उप्र), चार सितंबर शामली पुलिस ने हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के मामले में अब भी फरार दो कथित शूटरों की तलाश तेज कर दी है, साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने पर इनाम दोगुना कर एक लाख रुपये कर दिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि दो वांछित आरोपियों, जिनकी पहचान हरियाणा के सत्यम और आर्यन के रूप में हुई है, पर पहले 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था जिसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। सिंह ने कहा, ‘‘पुलिस दलों ने शेष दो आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और विभिन्न स्थानों पर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।’’बालियान (32) की 26 अगस्त को शामली में एक जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने पहले कहा था कि जब वह अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे तो दो मोटरसाइकिल पर सवार चार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने कहा था कि 31 अगस्त को शामली में पुलिस के साथ मुठभेड़ में इस घटना के दो संदिग्ध शूटर मोहित (22) और सुमित (24) मारे गए थे। उनके पास से तीन पिस्तौल और 26 कारतूस बरामद किए गए थे। इस हत्या को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने ‘‘पूर्व नियोजित साजिश’’ के रूप में वर्णित किया था। वहीं, जांचकर्ता गोगी गिरोह से जुड़े एक नेटवर्क की संदिग्ध संलिप्तता की जांच कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि पुलिस शेष आरोपियों का पता लगाने के लिए उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही है और हत्या से पहले और बाद में उनकी गतिविधियों की भी जांच कर रही है। गायक के परिवार ने मुठभेड़ में दो संदिग्धों के मारे जाने का स्वागत किया था, लेकिन मांग की थी कि शेष आरोपियों को भी ‘खत्म’ कर दिया जाए। केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने मुठभेड़ के बाद बालियान के परिवार से मुलाकात की थी और कानूनी और पुलिस व्यवस्था में विश्वास रखने का आग्रह किया था। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी शोक संतप्त परिवार से बात की थी और अपनी पार्टी की ओर से समर्थन जताया था। पुलिस ने कहा कि हत्या और व्यापक साजिश की जांच जारी है।
भारत में भोजन को कभी केवल पेट भरने का माध्यम नहीं, बल्कि पोषण, औषधि और संतुलन का आधार माना जाता था। ताजी बनी गेहूं या बाजरे की रोटी, तुअर या मूंग की दाल, मौसमी हरी सब्जियां, ताजा दही और घर का बना अचार—यह पारंपरिक भारतीय थाली कार्बोहाइड्रेट, लीन प्रोटीन, आहारीय फाइबर, प्रोबायोटिक्स और आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों का एक आदर्श संगम हुआ करती थी।लेकिन पिछले दो से तीन दशकों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, भागदौड़ भरी जीवनशैली, न्यूक्लियर फैमिली कल्चर, ई-कॉमर्स और 10 मिनट की क्विक-कॉमर्स ग्रॉसरी डिलीवरी ने भारतीयों की रसोई का नक्शा पूरी तरह बदल दिया है। आज सामान्य घरों में ताजे पारंपरिक भोजन की जगह रेडी-टू-कुक नूडल्स, पैकेटबंद नमकीन, फ्रोजन फ्राइज, प्रिजर्वेटिव-युक्त स्नैक्स, प्रोसेस्ड मीट्स और शुगर-लोडेड ड्रिंक्स ने ले ली है। न्यूट्रिशनिस्ट्स और वरिष्ठ फिजिशियन्स इसे भारतीय जनस्वास्थ्य के लिए एक धीमा लेकिन बेहद गंभीर खतरा मान रहे हैं।आंकड़ों की जुबानी: पारंपरिक भोजन से पैकेज्ड फूड की ओर पलायनअखिल भारतीय स्तर पर हुए विभिन्न आहार सर्वेक्षणों और स्वास्थ्य संगठनों के डेटा के अनुसार, भारतीयों के दैनिक कैलोरी सेवन में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स (Ultra-Processed Foods - UPF) की हिस्सेदारी पिछले पंद्रह वर्षों में लगभग तीन गुना बढ़ चुकी है।पहले जहां एक सामान्य भारतीय परिवार के किराने के बजट का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा साबुत अनाज, दालों, ताजे फलों और सब्जियों पर खर्च होता था, वहीं अब शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बजट का 25 से 35 प्रतिशत हिस्सा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड स्नैक्स, पैकेज्ड ब्रेवेजेस और रेडी-टू-ईट फूड्स पर खर्च हो रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी छोटे पैकेट्स (सैशे और 5-10 रुपये वाले चिप्स-बिस्कुट) की गहरी पैठ ने पारंपरिक मोटे अनाजों (ज्वार, बाजरा, रागी) और सत्तू जैसे पारंपरिक पौष्टिक आहारों को हाशिए पर धकेल दिया है।डॉक्टर से जानिए: क्यों खतरनाक है पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड?वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार, पैकेज्ड फूड दिखने में जितना सुविधाजनक और स्वादिष्ट लगता है, शरीर के आंतरिक तंत्र के लिए वह उतना ही नुकसानदेह साबित होता है।पैकेज्ड फूड्स में मुख्य रूप से तीन छिपे हुए तत्व होते हैं जिन्हें डॉक्टर 'धीमा जहर' मानते हैं:अत्यधिक सोडियम (Excess Salt): पैकेटबंद चिप्स, इंस्टेंट सूप, नमकीन और फ्रोजन फूड्स को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और स्वाद बढ़ाने के लिए भारी मात्रा में सोडियम मिलाया जाता है। यह रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालकर समय से पहले उच्च रक्तचाप (Hypertension) का कारण बनता है।हाइड्रोजनेटेड पाम ऑयल और ट्रांस फैट्स (Trans Fats): अधिकांश पैकेज्ड फूड्स को सस्ता बनाने के लिए बार-बार गर्म किए गए पाम ऑयल का उपयोग किया जाता है। यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स को बढ़ाता है, जिससे धमनियों में ब्लॉकेज और कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और एडेड शुगर (Hidden Sugars): कथित 'हेल्दी' कहे जाने वाले सीरियल्स, जूस और बिस्कुट में माल्टोडेक्सट्रिन, कॉर्न सिरप और रिफाइंड शुगर छिपी होती है। यह खून में जाते ही ब्लड शुगर स्पाइक करती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा करती है।केमिकल प्रिजर्वेटिव्स और इमल्सीफायर्स: आंतों के स्वास्थ्य (Gut Health) के लिए यह सबसे घातक हैं। ये पेट के अच्छे बैक्टीरिया (माइक्रोबायोम) को नष्ट कर देते हैं, जिससे क्रोनिक इनडाइजेशन, एसिडिटी और कोलाइटिस की समस्याएं आम हो जाती हैं।लाइफस्टाइल बीमारियों की राजधानी बनता भारत: खानपान के बदलाव का परिणामपारंपरिक दाल-रोटी से पैकेज्ड फूड पर शिफ्ट होने का सीधा खामियाजा भारत की युवा आबादी भुगत रही है। डॉक्टर रेखांकित करते हैं कि क्लिनिक में आने वाले 25 से 35 वर्ष के युवाओं में फैटी लिवर (NAFLD), टाइप-2 डायबिटीज, पीसीओडी (PCOD) और डिस्लिपिडेमिया (कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।मेटाबॉलिक सिंड्रोम: अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन में फाइबर की मात्रा शून्य के बराबर होती है। फाइबर न होने के कारण भोजन तेजी से पचता है और शरीर में लगातार फैट जमने लगता है, जिससे पेट के आसपास विसरल फैट (Visceral Fat) जमा होता है।कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट: रक्त वाहिकाओं में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन (सूजन) और ट्रांस फैट्स के जमाव के कारण युवा प्रोफेशनल्स दिल की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।इम्यूनिटी और पोषण की कमी: पैकेज्ड फूड पेट तो भर देता है लेकिन शरीर को 'माइक्रोन्यूट्रिएंट डेफिसिएंसी' (जैसे जिंक, आयरन, विटामिन बी12 और विटामिन डी) का शिकार बना देता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'हिडन हंगर' (Hidden Hunger) कहा जाता है।दाल-रोटी की थाली में क्या था खास, जो पैकेट में कभी नहीं मिल सकता?पारंपरिक भारतीय भोजन प्रकृति के नियमों के अनुकूल तैयार किया जाता था:दाल और चावल/रोटी का संयोजन: दाल में लाइसिन (Lysine) नामक अमीनो एसिड होता है लेकिन मिथियोनिन (Methionine) कम होता है, जबकि अनाज में मिथियोनिन प्रचुर होता है। दोनों को साथ खाने से शरीर को पूर्ण प्रोटीन मिलता है।तड़के का विज्ञान: दाल और सब्जी में जीरा, हींग, हल्दी, राई और लहसुन का तड़का केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने और एंटीऑक्सीडेंट लाभ देने के लिए लगाया जाता था।कच्चा सलाद और फर्मेंटेड फूड: भोजन के साथ खीरा, प्याज, नींबू और घर का ताजा दही प्रोबायोटिक्स का प्राकृतिक स्रोत थे, जो आंतों को सदा स्वस्थ रखते थे।आधुनिक जीवन में कैसे लौटें संतुलित आहार की ओर? डॉक्टरों की 5 जरूरी सलाहभागदौड़ भरी जिंदगी में पूरी तरह 100 साल पुरानी जीवनशैली पर लौटना भले ही व्यावहारिक न लगे, लेकिन कुछ बुनियादी बदलाव करके अपनी थाली को दोबारा पौष्टिक बनाया जा सकता है:'80-20' का नियम अपनाएं: अपने कुल आहार का 80 प्रतिशत हिस्सा ताजा बना, घर का पारंपरिक भोजन रखें। केवल 20 प्रतिशत या उससे कम समय ही बाहर का या पैकेज्ड खाना खाएं।फूड लेबल पढ़ना सीखें: बाजार से कोई भी पैकेट खरीदते समय सामने लिखे 'शुगर-फ्री' या 'हाई-फाइबर' के विज्ञापनों पर न जाएं। पैकेट के पीछे इंग्रीडिएंट्स लिस्ट पढ़ें। यदि उसमें पाम ऑयल, माल्टोडेक्सट्रिन, आर्टिफिशियल फ्लेवर्स या अपरिचित केमिकल कोड्स की भरमार है, तो उसे खरीदने से बचें।मोटे अनाजों की वापसी: अपनी रोटी में केवल बारीक पिसा गेहूं इस्तेमाल करने के बजाय ज्वार, बाजरा, चना या रागी का आटा मिलाएं। इससे फाइबर बढ़ेगा और ग्लाइसेमिक लोड कम होगा।इंस्टेंट डिलीवरी के जाल से सतर्क रहें: भूख लगने पर 10 मिनट में जंक फूड या चिप्स ऑर्डर करने के बजाय घर पर भुने चने, मखाने, मौसमी फल, बादाम या छाछ को स्नैक के रूप में रखें।थाली का सही अनुपात: अपनी प्लेट को चार हिस्सों में बांटें—आधा हिस्सा ताजी मौसमी सब्जियों और सलाद का, एक चौथाई हिस्सा प्रोटीन (दाल, पनीर, अंडा या दही) का और केवल एक चौथाई हिस्सा अनाज (रोटी या चावल) का होना चाहिए।
कॉकरोच जनता पार्टी: टूट गई सीजेपी, अभिजीत दीपके को झटका देने वाले मनीष हैं कौन?
मनीष ब्रह्मभट्ट इन दिनों ' कॉकरोच जनता पार्टी ' के भीतर उठे विवाद को लेकर चर्चा में हैं। ब्रह्मभट्ट ने गुरुवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक' ( CJP-D ) लॉन्च करके अभिजीत दिपके को चुनौती दी है। तो कौन हैं मनीष
सुबह आंख खुलते ही तकिए के नीचे से फोन निकालना, रात को सोने से पहले बिस्तर पर घंटों अंगूठे से स्क्रीन को नीचे खिसकाते रहना और लगातार युद्ध, दुर्घटनाएं, अपराध, आर्थिक मंदी या महामारियों की खौफनाक खबरें पढ़ते चले जाना—अगर यह आपकी भी दैनिक दिनचर्या बन चुका है, तो आप अकेले नहीं हैं। आधुनिक डिजिटल युग में करोड़ों लोग अनजाने में एक गंभीर मनोवैज्ञानिक चक्रव्यूह में फंस चुके हैं, जिसे मेडिकल और साइकोलॉजिकल भाषा में 'डूमस्क्रॉलिंग' (Doomscrolling) या 'डूमसर्फिंग' कहा जाता है।'डूम' (तबाही या दुर्भाग्य) और 'स्क्रॉलिंग' (स्क्रीन को ऊपर-नीचे सरकाना) से मिलकर बना यह शब्द उस अनियंत्रित आदत को दर्शाता है, जिसमें व्यक्ति यह जानते हुए भी कि खबरें उसे परेशान, भयभीत और दुखी कर रही हैं, लगातार नकारात्मक और निराशाजनक सूचनाओं को कंज्यूम करता चला जाता है।दिमाग में कैसे काम करता है यह चक्र? समझिए न्यूरोसाइंसमनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इंसान का दिमाग विकासवादी नजरिए से (Evolutionary Biology) हमेशा खतरों को पहले भांपने के लिए तैयार रहता है, जिसे 'नेगेटिविटी बायस' (Negativity Bias) कहा जाता है। आदिम काल में जीवित रहने के लिए संभावित खतरों (जंगली जानवर, प्राकृतिक आपदा) से सतर्क रहना जरूरी था।आज जब कोई व्यक्ति सोशल मीडिया (एक्स, इंस्टाग्राम, फेसबुक या न्यूज एग्रीगेटर ऐप्स) पर कोई बुरी या सनसनीखेज खबर देखता है, तो दिमाग का सतर्कता केंद्र—'एमीग्डाला' (Amygdala) सक्रिय हो जाता है। यह मस्तिष्क को संकेत भेजता है कि खतरा आसपास है और अधिक जानकारी जुटाना सुरक्षा के लिए जरूरी है। इसी खोज में जब यूजर एक के बाद एक दर्दनाक वीडियो या पोस्ट देखता है, तो सोशल मीडिया के एआई एल्गोरिदम उसे उसी तरह का और अधिक सनसनीखेज कंटेंट परोसने लगते हैं। इस प्रक्रिया में दिमाग में तनाव बढ़ाने वाले हॉर्मोन कोर्टिसोल (Cortisol) और एड्रेनालाईन का भारी स्राव होने लगता है, जो धीरे-धीरे नर्वस सिस्टम को 'फाइट या फ्लाइट' (Fight-or-Flight) मोड में लॉक कर देता है।एंग्जायटी, अनिद्रा और डिप्रेशन: शरीर पर डूमस्क्रॉलिंग का असरमनोरोग विशेषज्ञों और न्यूरोलॉजिस्ट्स के अनुसार, लगातार कई हफ्तों या महीनों तक डूमस्क्रॉलिंग करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं:सामान्यीकृत चिंता विकार (Generalized Anxiety): व्यक्ति हर समय किसी अनहोनी की आशंका से ग्रस्त रहने लगता है। छोटी-छोटी बातों पर दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट और पैनिक अटैक (Panic Attacks) का खतरा बढ़ जाता है।क्रोनिक अनिद्रा (Insomnia): रात में स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) नींद के हॉर्मोन 'मेलाटोनिन' को दबा देती है। इसके साथ जब दिमाग में भयावह खबरों के विचार घूमते रहते हैं, तो गहरी नींद (REM Sleep) नहीं आ पाती और व्यक्ति सुबह थका हुआ उठता है।निराशा और संवेदनहीनता (Compassion Fatigue): लगातार त्रासदी देखने से व्यक्ति या तो अत्यधिक संवेदनशील होकर डिप्रेशन में चला जाता है, या फिर उसकी संवेदनाएं इतनी कुंद हो जाती हैं कि उसे वास्तविक जीवन के दुखों से भी कोई फर्क पड़ना बंद हो जाता है।फिजिकल सिम्पटम्स: गर्दन और कंधों में अकड़न (Text Neck), सिरदर्द, आंखों में सूखापन, और पाचन तंत्र की गड़बड़ी (IBS - इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) का सीधा संबंध इसी लंबे समय तक बने रहने वाले तनाव से है।क्या आप डूमस्क्रॉलिंग के आदी हैं? पहचानिए ये लक्षणयदि आपके व्यवहार में निम्नलिखित लक्षण दिखने लगे हैं, तो यह समझ लेना चाहिए कि स्क्रीन का यह नशा आपकी मानसिक शांति छीन रहा है:किसी नकारात्मक घटना (जैसे युद्ध, विमान हादसा या अपराध) के बारे में सब कुछ जान लेने के बाद भी उसी विषय पर लगातार नए कमेंट्स और थ्रेड्स पढ़ना।फोन हाथ से छूटते ही बेचैनी या 'फोमो' (FOMO - Fear of Missing Out) महसूस होना।सोशल मीडिया बंद करने के बाद मन में भारीपन, उदासी या दुनिया के खत्म होने जैसा भय महसूस होना।काम या पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में लगातार कठिनाई होना और बार-बार फोन चेक करने का मन करना।डूमस्क्रॉलिंग की लत कैसे तोड़ें? एक्सपर्ट्स के 6 असरदार टिप्ससाइकोलॉजिस्ट्स और डिजिटल वेलबीइंग एक्सपर्ट्स इस लत से बाहर निकलने के लिए कुछ व्यावहारिक और सरल रणनीतियों को अपनाने की सलाह देते हैं:'नो-स्क्रीन' बेडरूम नियम: सोने से कम से कम 60 मिनट पहले और सुबह उठने के पहले 45 मिनट तक फोन को खुद से दूर रखें। बेडरूम में फोन चार्ज करने के बजाय अलार्म के लिए पारंपरिक घड़ी का इस्तेमाल करें।ऐप टाइमर और स्क्रीन लिमिट: अपने स्मार्टफोन में मौजूद 'डिजिटल वेलबीइंग' (Android) या 'स्क्रीन टाइम' (iOS) फीचर का उपयोग करके सोशल मीडिया और न्यूज ऐप्स पर रोजाना का अधिकतम 30 मिनट का सख्त टाइमर सेट करें।ग्रेस्केल मोड (Grayscale) ऑन करें: अपने फोन की स्क्रीन को रंगीन के बजाय 'ब्लैक एंड व्हाइट' (Grayscale) मोड में डाल दें। रंग गायब होते ही स्क्रीन से दिमाग को मिलने वाला डोपामाइन स्टिम्युलेशन कम हो जाता है और फोन इस्तेमाल करने का आकर्षण अपने आप घट जाता है।नोटिफिकेशन्स बंद करें: ब्रेकिंग न्यूज और सोशल मीडिया के सभी नॉन-एसेंशियल पुश नोटिफिकेशन्स को म्यूट कर दें। दिन में केवल एक या दो निश्चित समय तय करें जब आप खुद जाकर दिनभर की महत्वपूर्ण खबरें पढ़ें।सचेत ठहराव (Mindful Pause): जब भी आपको लगे कि आप 10 मिनट से लगातार स्क्रॉल कर रहे हैं, तो रुकें और खुद से पूछें—क्या यह जानकारी इस वक्त मेरे किसी काम की है? क्या इसे पढ़कर मुझे अच्छा लग रहा है? यह छोटा सा सवाल दिमाग को ऑटो-पायलट मोड से बाहर खींच लाता है।वास्तविक दुनिया से जुड़ाव: शाम का समय प्रकृति के बीच वॉक करने, परिवार से बात करने, किताबें पढ़ने या किसी हॉबी में बिताएं ताकि दिमाग को वर्चुअल दुनिया के संकटों से मुक्ति मिल सके।यदि तमाम कोशिशों के बावजूद एंग्जायटी, पैनिक या नींद न आने की समस्या नियंत्रित नहीं हो रही है, तो बिना किसी संकोच के किसी योग्य क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट या काउंसलर से संपर्क करें और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) की मदद लें।
भारत के तेजी से बढ़ते यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और डिजिटल भुगतान बाजार में एक बड़ा रणनीतिक मोड़ आ गया है। अब तक केवल दोस्तों और परिजनों को पैसे ट्रांसफर करने (P2P Payments) तक सीमित रहा मेटा का मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप अब फिनटेक दिग्गजों Google Pay, PhonePe और Paytm के सबसे बड़े आधार यानी 'यूटिलिटी बिल पेमेंट्स' (Utility Bill Payments) के मैदान में उतर चुका है। व्हाट्सएप ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अनुषंगी इकाई भारत बिलपे (Bharat BillPay - BBPS) के साथ व्यापक एकीकरण पूरा कर लिया है। इस नए कदम के तहत देश के 50 करोड़ से अधिक व्हाट्सएप यूजर्स को अब अलग से किसी अन्य वित्तीय ऐप को खोले बिना सीधे अपनी सामान्य चैट विंडो के भीतर से बिजली, पानी, रसोई गैस, लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड, क्रेडिट कार्ड बिल और फास्टैग रिचार्ज करने की सुविधा मिल गई है।भारत में फोनपे और गूगल पे का एकाधिकार: क्या व्हाट्सएप बिगाड़ेगा समीकरण?वर्तमान में भारत के यूपीआई बाजार की बात करें तो फोनपे (लगभग 47-48% बाजार हिस्सेदारी) और गूगल पे (करीब 36-37% बाजार हिस्सेदारी) का दबदबा है। दोनों मिलकर देश के 80 फीसदी से अधिक यूपीआई ट्रांजेक्शन वॉल्यूम को नियंत्रित करते हैं। इन दोनों ऐप्स की सबसे बड़ी ताकत इनका दैनिक यूटिलिटी बिल पेमेंट इकोसिस्टम रहा है, जिसके चलते करोड़ों उपभोक्ता हर महीने बिजली का बिल, डीटीएच रिचार्ज या फास्टैग टॉप-अप करने के लिए इन्हें खोलते हैं।व्हाट्सएप का यूजर बेस भारत में किसी भी अन्य ऐप की तुलना में कहीं अधिक विशाल और सक्रिय है। लोग दिन में दर्जनों बार व्हाट्सएप चैट खोलते हैं। ऐसे में यदि यूजर्स को उसी ऐप में बिना किसी अतिरिक्त झंझट के अपने सभी उपयोगिता बिल चुकाने और रिमाइंडर पाने का विकल्प मिल जाता है, तो यह फोनपे और गूगल पे के ट्रांजेक्शन वॉल्यूम के लिए एक सीधी और गंभीर चुनौती बन सकता है।किन-किन सेवाओं के बिल अब व्हाट्सएप पर भरे जा सकेंगे?भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) के साथ जुड़ने के बाद व्हाट्सएप पेमेंट पर 20,000 से अधिक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय बिलर्स (Billers) उपलब्ध हो गए हैं। यूजर्स निम्नलिखित प्रमुख सेवाओं का भुगतान आसानी से कर सकेंगे:बिजली बिल (Electricity Bills): देश भर के सभी प्रमुख राज्य बिजली बोर्ड (जैसे UPPCL, BSES, Tata Power, BESCOM, MSEDCL आदि)।एलपीजी गैस सिलेंडर और पाइप्ड गैस (PNG): भारत गैस, इंडेन, एचपी गैस की बुकिंग और अडानी गैस, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) आदि के मासिक बिल।फास्टैग रिचार्ज (FASTag Recharge): एसबीआई, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एयरटेल पेमेंट्स बैंक समेत सभी प्रमुख बैंकों के फास्टैग को गाड़ी नंबर डालकर तुरंत रिचार्ज करने की सुविधा।क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान: विभिन्न बैंकों के क्रेडिट कार्ड के बकाये का त्वरित भुगतान।मोबाइल, ब्रॉडबैंड और डीटीएच: जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया के पोस्टपेड बिल व रिचार्ज, टाटा प्ले, डिश टीवी और फाइबर ब्रॉडबैंड के बिल।पानी और नगर निगम टैक्स (Water & Property Tax): दिल्ली जल बोर्ड, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) समेत अन्य स्थानीय निकायों के पानी के बिल और संपत्ति कर।व्हाट्सएप से बिल भुगतान कैसे करें: स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेसव्हाट्सएप से अपने उपयोगिता बिलों का भुगतान करने की प्रक्रिया को बेहद सहज और चैट-फ्रेंडली बनाया गया है:सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में व्हाट्सएप खोलें और टॉप राइट कॉर्नर में मौजूद थ्री-डॉट्स (या सेटिंग्स) पर क्लिक करके 'Payments' विकल्प में जाएं।पेमेंट्स डैशबोर्ड में आपको नया 'Pay Bills' या 'Bill Payments' का सेक्शन दिखाई देगा।वहां आपको श्रेणियों की सूची मिलेगी (जैसे Electricity, FASTag, Gas, Water आदि)। अपनी जरूरत की श्रेणी चुनें।इसके बाद अपने राज्य और सर्विस प्रोवाइडर/बिलर (उदा. BSES Rajdhani या UPPCL) का चयन करें।अपना उपभोक्ता नंबर (Consumer ID / Account Number / Vehicle Number) दर्ज करें और 'Fetch Bill' पर क्लिक करें।स्क्रीन पर उपभोक्ता का नाम, बिल की कुल राशि और देय तिथि (Due Date) अपने आप आ जाएगी।विवरण जांचने के बाद 'Proceed to Pay' पर टैप करें, अपना यूपीआई लिंक्ड बैंक खाता चुनें और 4 या 6 अंकों का गुप्त UPI PIN दर्ज करें।भुगतान सफल होते ही आपको चैट में तुरंत डिजिटल रसीद (Payment Receipt) प्राप्त हो जाएगी, जिसे आप डाउनलोड या शेयर कर सकते हैं।ऑटो-रिमाइंडर और इन-चैट बिलिंग की सुविधाव्हाट्सएप के इस नए बिल पेमेंट फीचर का सबसे आकर्षक पहलू इसका इन-चैट नोटिफिकेशन मैकेनिज्म है। यदि कोई यूजर किसी बिजली बोर्ड या गैस प्रदाता का बिल एक बार व्हाट्सएप पर फेच कर लेता है, तो अगले महीने बिल जेनरेट होते ही संबंधित बिलर या सिस्टम की ओर से व्हाट्सएप चैट में ऑटोमैटिक 'बिल रिमाइंडर' का मैसेज आ जाएगा। यूजर को केवल उस मैसेज के नीचे दिए गए 'Pay Now' बटन पर क्लिक करना होगा और एक सिंगल स्टेप में यूपीआई पिन डालकर बिल का निपटारा हो जाएगा। यह सुविधा उपभोक्ताओं को लेट फीस और पेनल्टी से बचाने में काफी मददगार साबित होगी।सुरक्षा और प्राइवेसी: कितना सुरक्षित है व्हाट्सएप पर बिल पेमेंट?वित्तीय सुरक्षा को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और एनपीसीआई के कड़े दिशा-निर्देशों का व्हाट्सएप पे पूरी तरह पालन करता है:व्हाट्सएप पर सभी भुगतान टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (UPI PIN) द्वारा सुरक्षित हैं, यानी आपके पिन दर्ज किए बिना कोई भी लेन-देन संभव नहीं है।कार्ड या बैंक खाते का संवेदनशील डेटा व्हाट्सएप के सर्वर पर स्टोर नहीं होता; यह सीधा नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सुरक्षित वित्तीय नेटवर्क से प्रोसेस होता है।व्हाट्सएप चैट की तरह ही पेमेंट्स का संचार भी एन्क्रिप्टेड प्रोटोकॉल के तहत संचालित होता है, जिससे साइबर फ्रॉड का जोखिम नगण्य रहता है।कैशबैक और ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को लुभाने की तैयारीबाजार के जानकारों का मानना है कि भारतीय उपभोक्ताओं को किसी नए प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने के लिए ऑफर्स और रिवॉर्ड्स हमेशा से एक बड़ा उत्प्रेरक रहे हैं। गूगल पे के स्क्रैच कार्ड्स और फोनपे के वाउचर्स की काट के लिए व्हाट्सएप पे भी बिजली बिल भुगतान और फास्टैग रिचार्ज पर चुनिंदा कैशबैक, डिस्काउंट कूपन और मर्चेंट डील्स की पेशकश करने की तैयारी में है। भारत में डिजिटल भुगतान का यह नया चरण उपभोक्ताओं के लिए न केवल अधिक सहूलियत लाएगा, बल्कि फिनटेक कंपनियों के बीच बेहतर सेवा और कम चार्ज को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देगा।
जन्माष्टमी का क्या है पूजा विधान और शुभ मुहूर्त? कैसा रहेगा आपका दिन, देखें भाग्य चक्र
आज के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय बात करेंगे जन्माष्टमी पर्व के महत्व के बारे में, इसके इसके पूजा विधान की और जन्माष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त. आपके सवाल का जवाब भी देंगे. पहर और सक्सेस मंत्र के साथ ही बताएंगे मेष से लेकर मीन तक 12 राशियों के दैनिक राशिफल के बारे में. देखें वीडियो.
'बेगम बनकर हिंदू धर्म भूल गईं' शर्मिला टैगोर पर भड़के मुकेश खन्ना
मुकेश खन्ना ने शर्मिला टैगोर के वंदे मातरम बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने शर्मिला के बयान को उनकी समझ का हिस्सा बताया और उनके मुस्लिम धर्म से जुड़ाव पर सवाल उठाए.
'केजीएफ' (KGF) और 'सालार' (Salaar) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के मास्टरमाइंड निर्देशक प्रशांत नील की आगामी पैन-इंडिया एक्शन फिल्म 'ड्रैगन' (NTRNeel) को लेकर फिल्म गलियारों में जबरदस्त हलचल मची हुई है। 'आरआरआर' और 'देवरा' की ऐतिहासिक सफलताओं के बाद जूनियर एनटीआर (Jr NTR) के साथ प्रशांत नील का यह पहला प्रोजेक्ट पहले से ही देश की सबसे चर्चित फिल्मों की फेहरिस्त में शीर्ष पर है। अब इस मेगा-बजट एक्शन सागा को लेकर एक बहुत बड़ा कास्टिंग अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में आलिया भट्ट के अहम किरदार से जुड़ने की खबरों के बाद अब बॉलीवुड के पावरहाउस अभिनेता शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) की भी आधिकारिक एंट्री होने की चर्चा तेज हो गई है।टॉविनो थॉमस के बाहर होने के बाद शाहिद की एंट्री: क्या निभाएंगे मुख्य खलनायक की भूमिका?फिल्म इंडस्ट्री के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, प्रशांत नील अपनी इस फिल्म में जूनियर एनटीआर के बिल्कुल बराबर का एक क्रूर और प्रभावशाली प्रतिद्वंद्वी (Antagonist) चाहते थे।टॉविनो थॉमस का बाहर होना: शुरुआत में इस अहम किरदार के लिए मलयालम सिनेमा के जाने-माने अभिनेता टॉविनो थॉमस को साइन किए जाने की चर्चा थी, लेकिन अपनी अन्य मलयालम फिल्मों की डेट्स क्लैश होने के कारण वे इस प्रोजेक्ट से आगे नहीं बढ़ सके।शाहिद कपूर से बातचीत: इसके बाद मेकर्स ने बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर से संपर्क साधा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहिद को फिल्म की स्क्रिप्ट और उनके कैरेक्टर आर्क ने काफी प्रभावित किया है। यदि यह डील आधिकारिक रूप से लॉक होती है, तो यह पहली बार होगा जब शाहिद कपूर और जूनियर एनटीआर किसी बड़े पर्दे के प्रोजेक्ट में आमने-सामने एक-दूसरे से दो-दो हाथ करते नजर आएंगे।डार्क और इंटेंस शेड: प्रशांत नील अपने किरदारों को ग्रे और डार्क शेड्स में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। चर्चा है कि शाहिद का किरदार केवल एक साधारण विलेन नहीं, बल्कि कहानी का एक समानांतर और खतरनाक सिंडिकेट लीडर होगा।'आरआरआर' के बाद आलिया भट्ट संग जूनियर एनटीआर का रीयूनियन?शाहिद कपूर के अलावा इस फिल्म में बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा आलिया भट्ट के भी जुड़ने की खबरें हैं। एसएस राजामौली की ग्लोबल ब्लॉकबस्टर फिल्म 'आरआरआर' (RRR) के बाद यह दूसरा मौका होगा जब जूनियर एनटीआर और आलिया भट्ट किसी फिल्म का हिस्सा बनेंगे। यद्यपि फिल्म में मुख्य फीमेल लीड के तौर पर 'कंतारा: चैप्टर 1' फेम रुक्मिणी वसंत का नाम पहले से तय माना जा रहा है, वहीं आलिया का किरदार कहानी में एक शक्तिशाली टर्निंग पॉइंट लेकर आएगा।1960 के दशक का अफीम व्यापार और दो भागों में रिलीज की योजनाप्रशांत नील की यह फिल्म ब्रिटिश हुकूमत के बाद यानी 1960 के दशक में फैले अंतरराष्ट्रीय अफीम व्यापार (Opium Trade) और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म में जूनियर एनटीआर अब तक के अपने सबसे क्रूर और गहरे शेड वाले लुक में नजर आने वाले हैं।विशाल कैनवास और जटिल कहानी को देखते हुए मेकर्स इसे 'सालार' और 'केजीएफ' की तर्ज पर दो भागों (Part 1 and Part 2) में रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। फिल्म में पहले से ही दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर भी एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही साउथ के दिग्गज कलाकार बीजू मेनन, आशुतोष राणा और खुशबू सुंदर भी इस विशाल स्टारकास्ट का हिस्सा हैं।निर्माण और रिलीज डेट: जून 2027 में सिनेमाघरों में मचेगा तहलका'ड्रैगन' का निर्माण माइथ्री मूवी मेकर्स (Mythri Movie Makers) और एनटीआर आर्ट्स (NTR Arts) द्वारा मिलकर किया जा रहा है, जबकि टी-सीरीज (T-Series) भी इस प्रोजेक्ट के साथ प्रस्तुतिकर्ता के रूप में जुड़ी है। फिल्म का संगीत केजीएफ और सालार फेम संगीतकार रवि बसरूर (Ravi Basrur) तैयार कर रहे हैं, जबकि भुवन गौड़ा (Bhuvan Gowda) सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं।मेकर्स ने इस एक्शन महाकाव्य को 11 जून 2027 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज करने का ऐलान किया है। हालांकि शाहिद कपूर और आलिया भट्ट के नामों पर निर्माण कंपनी की तरफ से अंतिम आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है, लेकिन इस संभावित कास्टिंग ने दर्शकों और ट्रेड पंडितों की उत्सुकता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
भारत में प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर केवल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और अध्यात्म के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे देश की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था के भी विशाल स्तंभ हैं। हाल ही में ओडिशा के पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) द्वारा मंदिर की कुल बैंक जमा राशि, रत्न भंडार और जमीन का आधिकारिक ब्योरा सार्वजनिक किए जाने के बाद यह विषय एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में आ गया है।भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले सोने, चांदी, बहुमूल्य हीरों, नकद दान और पीढ़ियों से दान की गई जमीनों के दम पर इन मंदिरों का खजाना कई बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों से भी अधिक समृद्ध है। आइए जानते हैं पुरी के जगन्नाथ मंदिर से लेकर आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी, अयोध्या के भव्य राम मंदिर और केरल के गुरुवायूर मंदिर के पास कुल कितना बैंक बैलेंस, सोना और जमीन मौजूद है।1. श्री जगन्नाथ मंदिर (पुरी, ओडिशा): 1,912 करोड़ की बैंक जमा और 60,821 एकड़ जमीनओडिशा के पुरी स्थित महाप्रभु जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने हाल ही में अपनी वित्तीय स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। इसके अनुसार 31 अगस्त 2026 तक मंदिर के पास कुल संपत्ति का विवरण इस प्रकार है:बैंक में जमा नकदी: मंदिर के विभिन्न बैंक खातों में कुल 1,911.80 करोड़ रुपये (लगभग 1,912 करोड़ रुपये) जमा हैं।फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): इस कुल राशि में से 1,811.10 करोड़ रुपये विभिन्न सरकारी व राष्ट्रीयकृत बैंकों में तीन अलग-अलग योजनाओं के तहत एफडी के रूप में सुरक्षित हैं। इसमें 500 करोड़ रुपये ओडिशा सरकार द्वारा दी गई स्थायी अक्षय निधि (Corpus Fund) है। शेष लगभग 100.71 करोड़ रुपये बचत और चालू खातों में हैं।जमीन का दायरा: मंदिर के नाम पर देश भर में कुल 60,821 एकड़ जमीन दर्ज है। इसमें से 60,426 एकड़ जमीन अकेले ओडिशा के 24 जिलों में फैली है, जबकि करीब 395 एकड़ जमीन पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार समेत 6 अन्य राज्यों में स्थित है।सोना और रत्न भंडार: मंदिर के ऐतिहासिक 'रत्न भंडार' (Ratna Bhandar) में सदियों पुराने सोने के मुकुट, हार, हीरे, माणिक और आभूषण सुरक्षित हैं। 48 साल के लंबे अंतराल के बाद रत्न भंडार को खोलकर अब इसकी विस्तृत डिजिटल और भौतिक इन्वेंट्री तैयार की जा रही है।2. तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD, आंध्र प्रदेश): 2.5 लाख करोड़ से अधिक की कुल संपत्तिआंध्र प्रदेश की शेषाचलम पहाड़ियों पर स्थित भगवान वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) का मंदिर देश का सबसे धनी और सर्वाधिक आय अर्जित करने वाला धर्मस्थल माना जाता है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) द्वारा जारी आधिकारिक व्हाइट पेपर और वित्तीय रिपोर्टों के अनुसार:कुल अनुमानित संपत्ति: टीटीडी की कुल घोषित संपत्तियों का मूल्य 2.5 लाख करोड़ रुपये (Rs 2.5 Lakh Crore) से भी अधिक आंका गया है।बैंकों में एफडी और नकदी: टीटीडी के पास विभिन्न राष्ट्रीयकृत और शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट और नकदी जमा है।सोने का विशाल भंडार: तिरुपति मंदिर के पास बैंकों की गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (GMS) के तहत 11.3 टन (लगभग 11,329 किलोग्राम) से अधिक शुद्ध सोना जमा है, जिस पर मंदिर को हर साल करोड़ों रुपये का ब्याज मिलता है। इसके अलावा भगवान के विग्रह पर सजने वाले प्राचीन और बेशकीमती हीरों-जवाहरात का कोई आधिकारिक बाजार मूल्य तय नहीं किया गया है।जमीन और अचल संपत्ति: टीटीडी के पास देश भर में 960 से अधिक अचल संपत्तियां और 7,123 एकड़ से ज्यादा जमीन दर्ज है। संस्थान का सालाना परिचालन बजट ही 5,456 करोड़ रुपये से अधिक का रहता है।3. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (अयोध्या, उत्तर प्रदेश): 1,882 करोड़ की उपलब्ध राशि22 जनवरी 2024 को भव्य प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में रामलला के दरबार में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा जारी वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑडिट ब्योरे के अनुसार:उपलब्ध कुल बैंक बैलेंस: 31 मार्च 2026 की स्थिति के अनुसार ट्रस्ट के पास कुल 1,882 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट्स में उपलब्ध थी।वार्षिक आय और खर्च: वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट को दान, कूपन और हुंडी के जरिए लगभग 237 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई, जबकि नियमित प्रशासनिक कार्यों पर 91 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके अतिरिक्त मुख्य मंदिर परिसर, परकोटा और यात्री सुविधाओं के निर्माण पर 425 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) किया गया।सोना और चांदी का चढ़ावा: राम मंदिर ट्रस्ट को देश भर के श्रद्धालुओं से अब तक सैकड़ों किलोग्राम सोना और चांदी (ईंटें, सिक्के, बर्तन और छत्र के रूप में) दान में मिल चुके हैं, जिन्हें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से सुरक्षित पिघलाकर और रिफाइन कराकर रिजर्व के रूप में रखा गया है।जमीन का दायरा: अयोध्या में राम मंदिर परिसर और उसके आसपास श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए ट्रस्ट के पास लगभग 70 एकड़ से अधिक का अधिगृहीत परिसर है, जिसके आसपास की अतिरिक्त भूमि पर नए तीर्थ क्षेत्र केंद्र और होटल विकसित किए जा रहे हैं।4. गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर (केरल): 1,737 करोड़ की बैंक जमा और 271 एकड़ जमीनदक्षिण भारत में 'भूलोक वैकुंठ' के नाम से विख्यात केरल के त्रिशूर जिले में स्थित प्रसिद्ध गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर (Guruvayur Temple) की संपत्ति का ब्योरा एक आरटीआई (RTI) आवेदन के जरिए आधिकारिक रूप से सामने आया था:बैंक में जमा राशि: गुरुवायूर देवस्वोम बोर्ड के विभिन्न बैंक खातों और एफडी में कुल 1,737.04 करोड़ रुपये जमा हैं।जमीन की मिल्कियत: मंदिर के पास केरल और आसपास के इलाकों में लगभग 271.05 एकड़ बेशकीमती जमीन दर्ज है।सोना और चांदी: सुरक्षा कारणों से गुरुवायूर देवस्वोम बोर्ड ने मंदिर के तहखानों में रखे प्राचीन सोने, चांदी और मूल्यवान नवरत्नों के कुल वजन और बाजार मूल्य का खुलासा सार्वजनिक रूप से नहीं किया है, लेकिन जानकारों का अनुमान है कि यह भंडार कई टन सोने और चांदी के बराबर है।कहां खर्च होता है मंदिरों का यह भारी-भरकम पैसा?अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि इन बड़े मंदिरों के पास जमा अरबों-खरबों रुपयों का इस्तेमाल कैसे किया जाता है। मंदिर प्रशासनों के नियमों के अनुसार यह धनराशि केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहती:मुफ्त अन्नदान और महाप्रसाद: पुरी में हर रोज लाखों भक्तों के लिए विश्व की सबसे बड़ी रसोई चलती है, जबकि तिरुपति में रोजाना एक लाख से अधिक तीर्थयात्रियों को मुफ्त भोजन कराया जाता है।शिक्षा और विश्वविद्यालय: टीटीडी जैसे ट्रस्ट कई डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग संस्थान, संस्कृत विश्वविद्यालय और वैदिक पाठशालाएं संचालित करते हैं।मुफ्त अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं: तिरुपति में पद्मावती चिल्ड्रंस हार्ट हॉस्पिटल, बर्ड (BIRRD) ऑर्थोपेडिक अस्पताल और कैंसर रिसर्च सेंटर जैसे अत्याधुनिक संस्थान चलाए जाते हैं, जहां गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज होता है।इन्फ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याण: रेलवे स्टेशनों, धर्मशालाओं, विश्रामालयों का निर्माण और प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत कोष में दान देने का काम भी इन्हीं मंदिर निधियों से पूरा किया जाता है।
बाढ़ की चपेट में आए 12 स्कूल, नेपाल में 600 मासूमों की तलाश जारी
नेपाल की बाढ़ ने बस्तियों के साथ स्कूलों को भी प्रभावित किया है. रसुवा और नुवाकोट में करीब 600 बच्चे अब तक लापता हैं. वहीं संचार व्यवस्था ठप होने से बच्चों की तलाश और आंकड़ों की पुष्टि होना भी मुश्किल हो रहा है.
जयपुर में जन्माष्टमी पर बदला ट्रैफिक सिस्टम, QR से मिलेगी पार्किंग, डायवर्जन की जानकारी
जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर में जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं को केवल जलेब चौक से प्रवेश और जय निवास बाग से निकास मिलेगा. जयपुर पुलिस ने लाइव पार्किंग व ट्रैफिक अपडेट के लिए विशेष QR कोड जारी किया है.
Banana and Egg Breakfast: क्या सुबह नाश्ते में केला और अंडा खाने से सचमुच घटता है वजन?
वजन घटाने (Weight Loss) और पेट की जिद्दी चर्बी से छुटकारा पाने की प्रक्रिया में सबसे अहम भूमिका दिन के पहले भोजन यानी नाश्ते (Breakfast) की होती है। फिटनेस और डाइट की दुनिया में अक्सर यह बहस छिड़ती है कि सुबह क्या खाया जाए जो पोषण से भरपूर हो, शरीर को तुरंत ऊर्जा दे और बिना वजन बढ़ाए पेट को लंबे समय तक भरा रखे। हाल के समय में फिटनेस न्यूट्रिशनिस्ट्स के बीच सुबह के वक्त केला और अंडा (Banana and Eggs) का संयुक्त सेवन एक पसंदीदा ब्रेकफास्ट कॉम्बिनेशन बनकर उभरा है। हालांकि, कई लोगों के मन में यह भ्रम रहता है कि केला मीठा होने के कारण वजन बढ़ा सकता है और अंडे का पीला भाग कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है। लेकिन पोषण विज्ञान (Nutritional Science) के अनुसार, जब इन दोनों को सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाता है, तो यह वजन घटाने के सफर को काफी आसान और तेज बना देता है।प्रोटीन और फाइबर का आदर्श संतुलन: भूख और क्रेविंग्स पर लगामकेला और अंडा एक-दूसरे के पोषण संबंधी कमियों को पूरा करने वाले 'परफेक्ट पार्टनर्स' माने जाते हैं। अंडे को प्रकृति का सबसे संपूर्ण प्रोटीन स्रोत माना जाता है, जिसमें शरीर के लिए जरूरी सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड्स (Essential Amino Acids) मौजूद होते हैं। दो उबले अंडों से शरीर को लगभग 12 से 13 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स मिलते हैं। दूसरी ओर, केला आहार फाइबर (Dietary Fiber) और प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट का बेहतरीन स्रोत है।जब आप प्रोटीन और फाइबर को एक साथ नाश्ते में शामिल करते हैं, तो पाचन क्रिया धीमी और स्थिर हो जाती है। यह प्रक्रिया पेट में भूख बढ़ाने वाले हार्मोन 'घ्रेलिन' (Ghrelin) के स्तर को तुरंत गिरा देती है और तृप्ति देने वाले हार्मोन 'पेप्टाइड YY' को बढ़ाती है। नतीजतन, सुबह 8 बजे यह नाश्ता करने के बाद दोपहर के लंच तक किसी भी तरह के जंक फूड, समोसे, बिस्कुट या मीठे स्नैक्स खाने की तलब (Cravings) पूरी तरह खत्म हो जाती है।'रेजिस्टेंट स्टार्च' का जादू: फैट बर्निंग को कैसे तेज करता है केला?वजन घटाने के लिहाज से केले का चयन करते समय उसकी परिपक्वता (Ripeness) बेहद मायने रखती है। यदि आप पूरी तरह पका हुआ और अत्यधिक मीठा केला खाते हैं, तो उसमें सिंपल शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। इसके विपरीत, यदि आप हल्का कच्चा या पीला-हरा केला (Slightly Greenish/Firm Banana) चुनते हैं, तो उसमें प्रचुर मात्रा में 'रेजिस्टेंट स्टार्च' (Resistant Starch) पाया जाता है।रेजिस्टेंट स्टार्च एक विशेष प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है जो छोटी आंत में पचता नहीं है, बल्कि सीधे बड़ी आंत में पहुंचकर 'प्रीबायोटिक' का काम करता है। वहां यह पेट के अच्छे बैक्टीरिया (Gut Microbiota) का भोजन बनता है, जिससे शॉर्ट-चेन फैटी एसिड्स (विशेष रूप से ब्यूटायरेट) का उत्पादन होता है। ब्यूटायरेट शरीर में फैट ऑक्सीडेशन को बढ़ाता है और नई वसा जमने की प्रक्रिया को रोकता है।मेटाबॉलिज्म बूस्ट: कैलोरी बर्न करने में अंडे का थर्मोजेनिक प्रभावअंडे का सेवन शरीर के थर्मिक इफेक्ट ऑफ फूड (TEF) को बढ़ा देता है। प्रोटीन को पचाने, अवशोषित करने और मेटाबोलाइज करने के लिए शरीर को कार्बोहाइड्रेट या फैट की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत अधिक कैलोरी जलानी पड़ती है।इसके अतिरिक्त, अंडे की जर्दी में 'कोलीन' (Choline) नामक एक अत्यंत आवश्यक पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाया जाता है। कोलीन लिवर के भीतर फैट मेटाबॉलिज्म को सुचारू रखने और शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को ऊर्जा में बदलने के लिए जिम्मेदार होता है। सुबह के समय अंडे से मिलने वाला कोलीन और केले से मिलने वाला विटामिन बी6 (Vitamin B6) मिलकर शरीर के मेटाबॉलिज्म को पूरे दिन के लिए एक्टिव मोड में डाल देते हैं।वर्कआउट और ऊर्जा: कमजोरी और सुस्ती से बचाववजन घटाने की डाइट के दौरान अक्सर लोग अत्यधिक कम कैलोरी खाकर कमजोरी, चक्कर आना और मांसपेशियों के क्षय (Muscle Loss) का शिकार हो जाते हैं। केला और अंडा इस समस्या का अचूक समाधान है।केले में मौजूद पोटैशियम (Potassium) शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है और वर्कआउट के दौरान मांसपेशियों में होने वाले दर्द व ऐंठन (Muscle Cramps) से बचाता है। साथ ही, केले से मिलने वाली प्राकृतिक शर्करा (ग्लूकोज और फ्रुक्टोज) सुबह के समय शरीर को तत्काल ऊर्जा देती है, जबकि अंडे का प्रोटीन मांसपेशियों की रिकवरी और लीन मसल मास को सुरक्षित रखता है। जितनी अधिक लीन मसल्स आपके शरीर में होंगी, आपका शरीर आराम की स्थिति में भी उतनी ही ज्यादा कैलोरी बर्न करेगा।वजन घटाने के लिए कैसे और कितना खाएं? सही नियम और तरीकाकेला और अंडा नाश्ते में शामिल करते समय इन बुनियादी बातों का पालन करना आवश्यक है ताकि इसका उल्टा असर न पड़े:आदर्श मात्रा: सुबह के नाश्ते में 2 उबले अंडे (Boiled Eggs) और 1 मध्यम आकार का हल्का कच्चा/ठोस केला पर्याप्त है।बनाने का तरीका: अंडों को तेल, मक्खन या चीज में तलने (Fried/Omelet) के बजाय सादा उबालकर (Hard or Soft Boiled) खाएं। ऊपर से केवल एक चुटकी काली मिर्च और हल्का सेंधा नमक छिड़कें। काली मिर्च में मौजूद 'पिपेरिन' पोषक तत्वों के अवशोषण को और तेज करता है।केले का स्मूदी बनाने से बचें: केले को दूध, चीनी या पीनट बटर के साथ मिक्सी में पीसकर स्मूदी बनाने से बचें। ऐसा करने से फाइबर टूट जाता है और लिक्विड कैलोरी तेजी से खून में शुगर स्पाइक करती है। केले को साबुत चबाकर खाएं ताकि पेट को तृप्ति का पूरा संकेत मिले।समय: सुबह सोकर उठने और फ्रेश होने के बाद, सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे के बीच इस नाश्ते को कर लेना सबसे मुफीद माना जाता है।किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी?यद्यपि केला और अंडा अधिकांश लोगों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और पौष्टिक है, लेकिन कुछ विशेष स्वास्थ्य परिस्थितियों में डॉक्टरी सलाह जरूरी है:किडनी के मरीज: क्रोनिक किडनी रोग (CKD) से पीड़ित लोगों को केले में मौजूद उच्च पोटैशियम और अंडे के अतिरिक्त प्रोटीन से बचना चाहिए।गंभीर एग एलर्जी वाले लोग: जिन लोगों को अंडे से एलर्जी या पित्ती (Hives) की समस्या होती है, वे अंडे के स्थान पर उबले चने या पनीर का विकल्प चुन सकते हैं।अनियंत्रित डायबिटीज: मधुमेह के मरीज बहुत अधिक पका हुआ या काला धब्बेदार केला न खाएं, क्योंकि उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ऊंचा होता है।
महानगरों से छोटे शहरों तक पहुंचा होम लोन बाजार, 81% तक बढ़ी मांग
रिपोर्ट के मुताबिक, टियर-2 और टियर-3 शहर अब हाउसिंग फाइनेंस की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रहे हैं, जबकि डिजिटल प्रोसेसिंग ने होम लोन की पूरी तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है.
ऑनलाइन मंगाए अंडे में निकला जिंदा कीड़ा, शिकायत के बाद एक्शन
मंगलुरु में ऑनलाइन खरीदे गए अंडे के अंदर कीड़ा मिलने की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने रिटेल सुविधा केंद्र का निरीक्षण किया. वहां टूटे अंडों के पैकेट मिले, जिन्हें हटाने के निर्देश दिए गए. स्टोरेज रूम को सफाई के लिए सील कर दिया गया और प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया जाएगा.
क्या आप भी घंटों कुर्सी पर बैठे रहते हैं? अगर हां, तो ये स्थिति आपके शरीर के लिए घातक हो सकती है. क्योंकि लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने से पैरों की नसों में ब्लड क्लॉट हो सकता है. यहां जानते हैं इस बारे में-
मोटापे और बढ़ते वजन से परेशान लोगों के बीच आजकल 'ब्लैक कॉफी' (Black Coffee) का सेवन एक लोकप्रिय हेल्थ ट्रेंड बन चुका है। फिटनेस फ्रीक्स, जिम जाने वाले युवा और डाइट एक्सपर्ट्स अक्सर सुबह खाली पेट या वर्कआउट से पहले बिना दूध और चीनी वाली काली कॉफी पीने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या केवल एक कप काली कॉफी पीने से जिद्दी चर्बी गायब हो सकती है, या यह सिर्फ एक मिथक है? चिकित्सा शोध और न्यूट्रिशन साइंस के अनुसार, काली कॉफी सीधे तौर पर कोई 'जादुई फैट कटर' नहीं है, बल्कि यह शरीर के आंतरिक मेटाबॉलिज्म और फैट ऑक्सीडेशन को इस तरह उत्तेजित करती है कि वजन घटाने की पूरी प्रक्रिया काफी तेज हो जाती है।मेटाबॉलिज्म बूस्ट और कैलोरी बर्न: कैसे काम करती है काली कॉफी?बिना दूध, चीनी या क्रीम के तैयार की गई एक सामान्य कप (करीब 240 मिली) ब्लैक कॉफी में नाममात्र की कैलोरी (लगभग 2 से 5 कैलोरी) होती है। इसका मुख्य सक्रिय घटक 'कैफीन' (Caffeine) एक प्राकृतिक सेंट्रल नर्वस सिस्टम स्टिमुलेंट है।कैफीन रक्तप्रवाह में पहुंचकर शरीर के मेटाबॉलिक रेट (BMR) को 3 से 11 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। इसके अलावा, यह एड्रेनालाईन (Adrenaline) हार्मोन के स्राव को तेज करता है, जो फैट टिश्यूज (Adipose Tissues) को संकेत भेजता है कि वे जमा फैटी एसिड्स को तोड़कर ऊर्जा के रूप में उपयोग के लिए खून में छोड़ें। जब आप वर्कआउट या फिजिकल एक्टिविटी से ठीक 30 मिनट पहले ब्लैक कॉफी पीते हैं, तो शरीर कार्बोहाइड्रेट के बजाय स्टोर्ड फैट को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने लगता है, जिससे तेजी से फैट बर्न होता है। साथ ही, इसमें मौजूद 'क्लोरोजेनिक एसिड' (Chlorogenic Acid) खाने के बाद शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा कर देता है, जिससे नई चर्बी जमने की रफ्तार घट जाती है।भूख को दबाने में असरदार: ओवरईटिंग पर लगामवजन बढ़ने का सबसे बड़ा कारण अनियंत्रित भूख और बार-बार स्नैक्स खाने की आदत होती है। अध्ययनों में पाया गया है कि काली कॉफी पीने से पेट में तृप्ति देने वाले हार्मोन 'पेप्टाइड YY' (PYY) का स्तर बढ़ता है और भूख बढ़ाने वाले हार्मोन 'घ्रेलिन' (Ghrelin) का असर कुछ समय के लिए दब जाता है। दोपहर के भोजन से पहले या शाम को एक कप काली कॉफी पीने से अनावश्यक क्रेविंग्स रुक जाती हैं, जिससे दैनिक कैलोरी इंटेक अपने आप कम हो जाता है।ब्लड शुगर पर असर: क्या डायबिटीज के मरीजों के लिए यह सुरक्षित है?काली कॉफी का टाइप-2 डायबिटीज और इंसुलिन संवेदनशीलता (Insulin Sensitivity) पर प्रभाव काफी गहरा और सकारात्मक माना गया है। अंतरराष्ट्रीय शोधों के अनुसार, नियमित रूप से बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी का संतुलित मात्रा में सेवन करने से टाइप-2 डायबिटीज विकसित होने का जोखिम 25 से 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है।इसमें पाए जाने वाले शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स (जैसे पॉलीफेनोल्स) और मैग्नीशियम कोशिकाओं की इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया को बेहतर बनाते हैं। हालांकि, जिन लोगों को पहले से अनियंत्रित डायबिटीज है, उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि कैफीन की बहुत अधिक मात्रा कभी-कभी अल्पकालिक रूप से (Short-term) इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ा सकती है। इसलिए डायबिटीज रोगियों के लिए बिना किसी स्वीटनर के दिन में 1 से 2 कप सादी ब्लैक कॉफी पीना ही सबसे सुरक्षित और लाभदायक रहता है।लिवर के लिए सुरक्षा कवच: फैटी लिवर और सिरोसिस में संजीवनीलिवर विशेषज्ञों (Hepatologists) के अनुसार, काली कॉफी मानव शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग—लिवर के लिए सबसे बेहतरीन प्राकृतिक पेयों में से एक है।फैटी लिवर में कमी: गैर-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) से पीड़ित लोगों में ब्लैक कॉफी लिवर सेल्स के भीतर फैट के जमाव को रोकती है और सूजन को कम करती है।सिरोसिस और फाइब्रोसिस से बचाव: जब शरीर कैफीन को पचाता है, तो यह 'पैराक्सैंथिन' (Paraxanthine) नामक एक केमिकल बनाता है, जो लिवर के ऊतकों को सख्त करने वाले स्कार टिश्यूज (Fibrosis) के विकास को धीमा करता है।लिवर कैंसर का कम जोखिम: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और कई मेडिकल जर्नल्स की समीक्षाओं में पुष्टि हुई है कि ब्लैक कॉफी का सेवन लिवर कैंसर (Hepatocellular Carcinoma) और लिवर एंजाइम्स (SGOT/SGPT) के असंतुलन को नियंत्रित रखने में बेहद मददगार है।काली कॉफी पीने का सही समय और तरीका क्या है?काली कॉफी के अधिकतम स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए समय और विधि का सही होना जरूरी है:सर्वोत्तम समय: सुबह उठने के तुरंत बाद खाली पेट पीने के बजाय सुबह 9:30 से 11:30 बजे के बीच पिएं, जब शरीर में नेचुरल स्ट्रेस हार्मोन 'कोर्टिसोल' का स्तर स्वाभाविक रूप से नीचे आ रहा हो।प्री-वर्कआउट: व्यायाम या जिम जाने से 30 से 45 मिनट पहले एक कप पीना सबसे बेहतर परिणाम देता है।शाम के बाद परहेज: रात को सोने से कम से कम 6 घंटे पहले कैफीन का सेवन बंद कर दें, अन्यथा यह नींद के चक्र (REM Sleep) को बाधित कर अनिद्रा और तनाव पैदा कर सकता है।क्या न मिलाएं: इसमें चीनी, गुड़, मिल्क पाउडर या आर्टिफिशियल फ्लेवर बिल्कुल न डालें; आवश्यकता पड़ने पर केवल एक चुटकी दालचीनी पाउडर (Cinnamon) मिला सकते हैं, जो फैट बर्निंग को और तेज करता है।अधिक सेवन के नुकसान: एक दिन में कितनी कॉफी है सुरक्षित?स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क के लिए प्रतिदिन 300 से 400 मिलीग्राम कैफीन सुरक्षित माना जाता है, जो लगभग 2 से 3 छोटे कप ब्लैक कॉफी के बराबर है। इससे अधिक मात्रा में सेवन करने से कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं:पेट में अत्यधिक एसिड बनना, गैस, सीने में जलन (Acid Reflux) और अल्सर का खतरा।दिल की धड़कन तेज होना (Palpitations) और घबराहट या एंग्जायटी का बढ़ना।शरीर से पेशाब के जरिए कैल्शियम और पानी का अधिक बाहर निकलना (Dehydration)।गर्भवती महिलाओं और उच्च रक्तचाप (High BP) के मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही सीमित मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए।
FASTag में सीधे मिलेंगे 1000 रुपये, बस करना होगा ये छोटा-सा काम, NHAI देगा ईनाम
लंबे सफर में गंदे पब्लिक टॉयलेट से हैं परेशान? NHAI की इस स्कीम के तहत 'Rajmargyatra' ऐप पर शिकायत दर्ज करें और पाएं 1,000 का FASTag इनाम.
SCO में पानी के लिए गिड़गिड़ाए PAK PM शहबाज, BJP बोली- याद है ना?
सिंधु जल संधि पर भारत के सख्त रुख के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एससीओ के मंच से पानी का मुद्दा उठाया. उनके बयान पर बीजेपी ने इंस्टाग्राम रील के जरिए मजाकिया अंदाज में पलटवार किया.
भारत में आ रहा एक और देसी मोबाइल ब्रांड, लॉन्च होगा सबसे सस्ता फोन
Mivi One 5G भारत में लॉन्चिंग को तैयार किया है और कंपनी ने बताया है कि यह स्मार्टफोन 24 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा. कंपनी ने बताया है कि इस प्राइस सेगमेंट में आने वाला यह इकलौता फोन होगा, जिसमें स्नैपड्रैगन प्रोसेसर दिया जाएगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
पुरुषों में अक्सर यह देखा जाता है कि टॉयलेट जाकर पेशाब करने और पूरी तरह संतुष्ट होकर बाहर निकलने के तुरंत बाद, या कपड़े ठीक करते वक्त मूत्रमार्ग से अनचाहे रूप से कुछ बूंदें रिस जाती हैं। इस अचानक हुए रिसाव से अंडरवियर गीला हो जाता है, दाग लग जाते हैं और कई बार दुर्गंध व स्वच्छता (Hygiene) को लेकर भारी असहजता और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। बहुत से लोग झिझक या डर के कारण इस बारे में किसी से बात नहीं करते और इसे कोई गंभीर गुप्त रोग या प्रोस्टेट का गंभीर विकार मानकर तनाव में आ जाते हैं।चिकित्सा विज्ञान (Urology) की भाषा में इस स्थिति को 'पोस्ट-मिक्चुरिशन ड्रिबल' (Post-Micturition Dribble - PMD) या बोलचाल में 'आफ्टर-ड्रिबल' (After-Dribble) कहा जाता है। यह पेशाब के अनियंत्रित रिसाव (Urinary Incontinence) का एक विशिष्ट रूप है, जो दुनिया भर में लाखों पुरुषों में बेहद आम है।यह समस्या क्यों होती है? समझिए शरीर की आंतरिक बनावटपुरुषों के मूत्र तंत्र में मूत्राशय (Bladder) से पेशाब को बाहर निकालने वाली नली को यूरेथ्रा (Urethra) कहा जाता है। यूरेथ्रा का एक हिस्सा मूत्राशय के आधार पर एक 'यू' (U) आकार का मोड़ बनाता है, जिसे बल्बार यूरेथ्रा (Bulbar Urethra) कहते हैं।सामान्य प्रक्रिया में, जब कोई व्यक्ति पेशाब करता है, तो मूत्राशय खाली होने के बाद पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां (विशेष रूप से बल्बोस्पोंजियोसस मांसपेशी - Bulbospongiosus Muscle) सिकुड़ती हैं। यह संकुचन मूत्रमार्ग के घुमावदार हिस्से में बची हुई आखिरी बूंदों को बाहर धकेल देता है।लेकिन जब पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां उम्र, गतिहीन जीवनशैली, लगातार तनाव या वजन बढ़ने के कारण कमजोर या ढीली पड़ जाती हैं, तो वे पूरी ताकत से संकुचित नहीं हो पातीं। नतीजतन, पेशाब खत्म होने के बाद भी कुछ बूंदें यूरेथ्रा के मोड़ में फंसी रह जाती हैं। जैसे ही व्यक्ति टॉयलेट से आगे बढ़ता है, झुकता है, बैठता है या चलता है, शरीर की हलचल से वह फंसा हुआ पेशाब बाहर निकलकर अंडरवियर को गीला कर देता है।क्या यह प्रोस्टेट ग्रंथि की बीमारी का संकेत है?कई पुरुषों के मन में यह आशंका होती है कि कहीं यह बढ़े हुए प्रोस्टेट (BPH - Benign Prostatic Hyperplasia) या प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण तो नहीं है।यूरोलॉजिस्ट्स के अनुसार, अधिकांश युवा और मध्यम आयु वर्ग के पुरुषों में पीएमडी का कारण केवल मांसपेशियों की कमजोरी और यांत्रिक (Mechanical) रुकावट होता है, न कि प्रोस्टेट रोग। हालांकि, 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में यदि पेशाब टपकने के साथ-साथ निम्नलिखित लक्षण भी दिखाई दें, तो प्रोस्टेट की जांच कराना आवश्यक होता है:पेशाब की धार का बेहद कमजोर होना या रुक-रुक कर आना।पेशाब शुरू करने में जोर लगाना या काफी समय लगना (Hesitancy)।रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना (Nocturia)।पेशाब करने के बाद भी मूत्राशय भरा हुआ महसूस होना।इसके अलावा, मूत्रमार्ग में पुराना संक्रमण, स्ट्रिक्चर (Urethral Stricture - नली का सिकुड़ना), या तंत्रिका तंत्र (Nerve) से जुड़ी दिक्कतें भी इस स्थिति को बढ़ावा दे सकती हैं।'यूरेथ्रल मिल्किंग' (Urethral Milking): 5 सेकंड की जादुई तकनीकइस समस्या से तत्काल छुटकारा पाने के लिए यूरोलॉजिस्ट एक बेहद आसान और प्रभावी तकनीक की सलाह देते हैं, जिसे 'यूरेथ्रल मिल्किंग' या 'बल्बार मसाज' कहा जाता है। यह दवाइयों के बिना ही स्थिति को तुरंत ठीक करने में कारगर साबित होती है:पेशाब समाप्त करने के बाद हड़बड़ी में पैंट न चढ़ाएं। कुछ सेकंड शांत खड़े रहें।अंडकोष (Scrotum) के ठीक पीछे और गुदा (Anus) के बीच वाले हिस्से (Perineum) पर अपने एक हाथ की बीच की तीन उंगलियों को रखें।वहां हल्का लेकिन दृढ़ दबाव बनाएं और उंगलियों को आगे की ओर (लिंग के आधार की दिशा में) लाएं।इसके बाद उंगलियों को लिंग के निचले हिस्से से आगे की ओर लाते हुए सिरे तक ले जाएं।इस हल्की मालिश से मूत्रमार्ग के मोड़ में अटका हुआ पूरा बचा हुआ पेशाब बाहर निकल जाता है। इसे दो बार दोहराएं और फिर कपड़े पहनें।कीगल एक्सरसाइज (Kegel Exercises): पेल्विक मांसपेशियों को बनाएं मजबूतचूंकि पीएमडी की जड़ पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों की कमजोरी है, इसलिए इन्हें मजबूत करने के लिए कीगल एक्सरसाइज सबसे प्रभावी और स्थायी उपाय है:मांसपेशियों की पहचान करें: पेशाब करते समय बीच में धार को रोकने की कोशिश करें। ऐसा करते समय जो मांसपेशियां अंदर की ओर खिंचती हैं, वही आपकी पेल्विक फ्लोर मसल्स हैं (ध्यान रहे, यह केवल पहचान के लिए एक बार करना है, बार-बार पेशाब रोककर व्यायाम न करें)।व्यायाम का तरीका: आराम से बैठें या लेटें। इन मांसपेशियों को 5 सेकंड के लिए अंदर की ओर कसकर सिकोड़ें, फिर 5 सेकंड के लिए पूरी तरह ढीला छोड़ दें।नियमितता: इस क्रिया को 10-10 बार के सेट में दिन में 3 बार दोहराएं। 4 से 6 सप्ताह के नियमित अभ्यास से मांसपेशियां मजबूत हो जाती हैं और पेशाब का अनचाहा रिसाव स्वतः बंद हो जाता है।जीवनशैली में बदलाव और कब मिलें डॉक्टर से?दैनिक दिनचर्या में कुछ सरल आदतों को शामिल करने से इस समस्या से आसानी से राहत पाई जा सकती है:टॉयलेट में कभी भी अत्यधिक जल्दबाजी न दिखाएं; मूत्राशय को स्वाभाविक रूप से पूरी तरह खाली होने दें।यदि खड़े होकर पेशाब करने पर रिसाव की समस्या ज्यादा होती है, तो बैठकर पेशाब करने की आदत डालें। बैठकर पेशाब करने से पेल्विक मांसपेशियां बेहतर तरीके से रिलैक्स होती हैं और मूत्राशय अधिक प्रभावी ढंग से खाली होता है।अधिक कैफीन (कॉफी, चाय) और शराब के सेवन से बचें, क्योंकि ये मूत्राशय में जलन पैदा करते हैं।यदि पेशाब में जलन, दर्द, खून आना, कमर के निचले हिस्से में दर्द या पेशाब रुक जाने जैसी स्थिति पैदा हो, तो बिना देर किए किसी योग्य यूरोलॉजिस्ट (Urologist) से संपर्क कर यूरिन रूटीन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या यूरोफ्लोमेट्री की जांच करवाएं।
आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'स्वदेश' में शाहरुख खान लीड रोल में थे. लेकिन वह फिल्म की पहली पसंद नहीं थे, उनसे पहले इस रोल के लिए आर. माधवन और ऋतिक रोशन के नामों पर भी विचार किया गया था.
हाई कोर्ट ने FDA से पूछा सवाल, तो IAS तुकाराम मुंडे बोले-'मैं भगवान नहीं, पब्लिक सर्वेंट हूं'
IAS Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने अपने विभाग की सख्ती का बचाव किया है. कोर्ट के निर्देशों के बाद उन्होंने कहा कि 'मैं भगवान नहीं, पब्लिक सर्वेंट हूं'.
स्टॉक मार्केट में शानदार तेजी... सेंसेक्स 600 अंक चढ़ा, रिलायंस में बड़ी उछाल
शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली है. 4 दिनों के बाद सेंसेक्स 600 अंक चढ़ा है, जबकि निफ्टी में भी 70 अंकों से ज्यादा की तेजी देखी जा रही है. रिलायंस के शेयरों में कमाल प्रदर्शन किया है.
Nepal Tunnel Rescue:
पुलिस ने खोली पंचर की दुकान, कत्ल के आरोपी को तरकीब से पकड़ा
एक साल से पुलिस को चकमा दे रहा कत्ल का आरोपी महाराष्ट्र में छिपा था. MP पुलिस को खबर मिली तो टीम महाराष्ट्र पहुंची, लेकिन इस बार वर्दी पहनकर नहीं. पुलिसवाले पंचर की दुकान पर कर्मचारी बनकर बैठ गए. नजरें आरोपी पर थीं और इंतजार सही मौके का. फिर एक दिन आरोपी पंचर की दुकान पर पहुंचा और पकड़ लिया गया.
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर इन 4 राशियों पर बरसेगी श्रीकृष्ण की कृपा? आज चमक सकती है किस्मत
Janmashtami Zodiac Predictions: जन्माष्टमी पर ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार वृषभ, कर्क, सिंह और तुला राशि को भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय माना जाता है. आचार्य मदन मोहन ने इनके बारे में बताया है. इन राशियों पर कान्हा की कृपा बनी रहे तो जीवन में तरक्की के रास्ते खुल जाते है.
नेपाल में आई भीषण जलप्रलय के बाद वैज्ञानिकों ने हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते जोखिम को लेकर चेतावनी दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने, ऊंचाई वाले इलाकों में बढ़ती बारिश और जलवायु परिवर्तन से उत्तराखंड समेत कई हिमालयी राज्य अधिक संवेदनशील हो गए हैं.
अमेरिका के दबाव के बावजूद रूस भारत के कच्चे तेल का सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है. भारत अपनी जरूरत को देख रहा है और डिप्लोमेसी, बातचीत के जरिए जंग को खत्म करने की बात कर रहा है.
नेपाल आपदा में 9 दिन बाद चमत्कार, बाढ़ के मलबे में दफन सुरंग से जिंदा निकाले गए 2 मजदूर
नेपाल सरकार की तरफ से बताया गया है कि शुक्रवार को दो हाइड्रोपावर कर्मचारियों को उन सुरंगों से बाहर निकाला गया, जो 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ में मलबे के नीचे दब गई थीं.
अफेयर, शराब और बीमारी... फिर खुलेंगे ‘पाकीजा’ के दफ्न पन्ने!
कैसी थी ‘पाकीजा’ बनने की वो कहानी, जो 17 साल तक अधूरी पड़ी रही? मीना कुमारी की बीमारी, धर्मेंद्र से अफेयर और कमाल अमरोही से रिश्तों की तल्खी ने फिल्म को कई मुश्किलों में डाल दिया था. 54 साल बाद 4K रेस्टोरेशन के साथ फिल्म फिर दुनिया के सामने आने वाली है.
Nepal Flood में लापता लोगों की पहचान के लिए भारत देगा DNA Profiling लैब की सुविधा
नयी दिल्ली, चार सितंबर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के शवों की पहचान आसान बनाने के लिए, केंद्र सरकार भारत में उनके करीबी जैविक रिश्तेदारों की ‘डीएनए प्रोफाइलिंग’ के लिए केंद्रीय और राज्य-स्तरीय फोरेंसिक प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध कराएगी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत में रहने वाले प्रथम श्रेणी के जैविक रिश्तेदार-पिता, माता, बेटा, बेटी या भाई-बहन के जैविक नमूने एकत्र कर केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (सीएफएसएल), राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (एसएफएसएल), राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) की प्रयोगशालाओं और डीएनए जांच की सुविधा वाले एनएबीएल से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में ‘डीएनए प्रोफाइल’ तैयार कराए जा सकते हैं। ‘डीएनए प्रोफाइलिंग’ किसी व्यक्ति की आनुवंशिक पहचान तय करने की एक वैज्ञानिक तकनीक है। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह आई अचानक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 1,259 हो गई है। बचावकर्मियों ने प्रभावित इलाकों से और शव बरामद किए हैं। आपातकालीन दलों ने 12,000 से अधिक लोगों को बचाया है, जबकि लगभग 5,000 लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश एवं बचाव अभियान जारी है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार को काठमांडू में भारतीय दूतावास ने एक प्रेस बयान में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ के पीड़ितों के शवों की पहचान की प्रक्रियाओं के बारे में उपलब्ध जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि इसी पृष्ठभूमि में और पहचान की जारी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत में सीएफएसएल, एसएफएसएल और एनएफएसयू की प्रयोगशालाओं की सेवाएं उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इनका इस्तेमाल ‘नेपाल में अचानक बाढ़ के बाद लापता लोगों के प्रथम श्रेणी के जैविक परिजनों की डीएनए प्रोफाइल तैयार करने’ के लिए किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने डीएनए जांच की सुविधा वाली सरकारी फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं की सूची भी साझा की है। मंत्रालय ने कहा कि नेपाल पुलिस की सलाह के अनुसार पहचान के लिए ऑटोसोमल एसटीआर डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा सकती है। इसके लिए नेपाली अधिकारियों द्वारा बताई गई तकनीकी आवश्यकताओं का पालन करना होगा। बयान में कहा गया कि ‘डीएनए प्रोफाइल’ तैयार होने के बाद उसे नेपाली अधिकारियों द्वारा मांगी गई प्रारंभिक जानकारी के साथ ईमेल करना होगा। इन प्रोफाइल का मिलान अज्ञात शवों से प्राप्त ‘डीएनए प्रोफाइल’ से किया जायेगा।
एकतरफा प्यार में सिरफिरे ने खेला खूनी खेल! दारोगा की बहन पर बरसाईं गोलियां
फिरोजाबाद के टूंडला में एकतरफा प्यार में सिरफिरे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने घर में घुसकर युवती पर देसी पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. मोबाइल नंबर ब्लॉक करने से नाराज आरोपी ने तीन फायर किए, जिनमें से एक गोली युवती के कंधे को चीरकर निकल गई.
निर्मला यादव को व्हाट्सऐप पर मिला राम मंदिर का ट्रस्टी बनने का ऑफर, कहा- मैं तो सन्न रह गई
डॉ. निर्मला यादव का ससुराल पक्ष शिकोहाबाद के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखता है। पूर्वजों ने 1916 में वहां एक कॉलेज की स्थापना की थी, जहां कभी समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने भी पढ़ाई की थी।
जल शक्ति योजनाओं की PM मोदी ने की समीक्षा, बोले- कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखे बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा शासित राज्यों के जल शक्ति मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में जल शक्ति मंत्रालय से जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और उनके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल योजनाएं और नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है। सरकार की योजनाओं का वास्तविक असर आम जनता के जीवन में दिखाई देना चाहिए।
महंगे तेल छोड़िए, घुटनों के दर्द के लिए किचन की इन चीजों से आयुर्वेदिक तेल, सूजन से भी मिलेगा आराम
घुटनों के दर्द से अगर आप परशान हैं, तो मार्केट के तेल के बजाय घर पर तैयार तेल से मालिश करें. इससे आपको काफी हद तक आराम मिल सकता है. यहां जानते हैं इस तेल की रेसिपी-
Raipur-Visakhapatnam Economic Corridor: रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी अब महज 5 घंटे में पूरी हो जाएगी. जबकि छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे बड़े राज्यों से और मजबूत हो जाएगी.
इसरो: जीएसएलवी-एफ17 के सफल प्रक्षेपण को पीएम मोदी ने बताया गौरव का पल, चीन-पाकिस्तान पर नजर रखना होगा आसान
50 हजार का टूथब्रश! ब्रश करते हुए फोन पर देखें मुंह के अंदर का नजारा, Dyson ने किया लॉन्च
47,000 का टूथब्रश क्या आप खरीदेंगे? Dyson ने कैमरे और AI वाला CameraJet लॉन्च किया है.जानें इस अनोखे गैजेट के फीचर्स और बाकी डिटेल्स.
महिला मित्र के साथ टीम बना ली, अभिजीत दीपके से नाराज साथी; कौन हैं मनीष ब्रह्मभट्ट
कॉकरोच जनता पार्टी में बगावत हो गई है। मनीष ब्रह्मभट्ट नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अब सीजेपी डी बनाने का ऐलान कर दिया है और सदस्यता भी शुरू कर दी है। उन्होंने सीजेपी पर राजनीति करने के आरोप लगाए हैं।
जन्माष्टमी पर नेताओं की शुभकामनाएं: पीएम मोदी-अमित शाह ने दी बधाई, देशभर के मंदिरों में उमड़ा भक्ति का सैलाब
Janmashtami 2026 LIVE: हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है. इस साल आज यानी 4 सितंबर को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. इस खास पर्व को लेकर देशभर के कृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी की तैयारियां की गई हैं.
एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हैनो पेवकुर ने एक बड़े हथियार सौदे को लेकर उपजे विवाद के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह विवाद लगभग 770 करोड़ (लगभग 70 मिलियन यूरो) के एक रक्षा समझौते से जुड़ा है, जिसके तहत यूक्रेन के लिए गोला-बारूद खरीदे जाने थे। ...
4 September History: 73 साल बाद सामने आई थी डूबे हुए Titanic की पहली तस्वीर
नयी दिल्ली, चार सितंबर दुनिया का सबसे बड़ा, वाष्प इंजन चालित यात्री जहाज टाइटैनिक, इंग्लैंड के साउथहैंप्टन से अपनी प्रथम यात्रा पर, 10 अप्रैल 1912 को रवाना हुआ लेकिन कभी अपनी मंजिल पर नहीं पहुंचा। समुद्र में डूबे इस जहाज की पहली तस्वीरें इसके डूबने के 73 वर्ष बाद चार सितंबर 1985 को पहली बार सामने आईं। दुनिया का सबसे सुरक्षित और कभी न डूबने वाला बताया गया यह जहाज चार दिन की यात्रा के बाद, 14 अप्रैल 1912 को एक हिमशिला से टकरा कर डूब गया था। इतिहास की शांतिकाल की सबसे बड़ी समुद्री आपदाओं में से एक इस घटना में 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। देश-दुनिया के इतिहास में चार सितंबर की तारीख पर दर्ज महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-1665 : मुगलों और छत्रपति शिवाजी महाराज के बीच पुरंधर की संधि पर हस्ताक्षर। 1825 : प्रमुख राजनीतिज्ञ दादा भाई नौरोजी का जन्म। 1888 : महात्मा गांधी ने इंग्लैंड के लिए समुद्री यात्रा शुरु की। 1944 : द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैनिकों ने बेल्जियम के एंटवर्प शहर में प्रवेश किया। 1946 : भारत में अंतरिम सरकार का गठन। 1967 : महाराष्ट्र का कोयना बांध भूकंप की चपेट में आकर ध्वस्त, 200 से ज्यादा लोगों की मौत। 1985 : 73 वर्ष पहले समुद्र में डूबे जहाज टाइटैनिक की तस्वीरें सामने आईं। 1999 : ईस्ट तिमोर में सम्पन्न जनमत संग्रह में 78.5 प्रतिशत जनता ने इंडोनेशिया से स्वतंत्रता के पक्ष में अपना मत प्रकट किया। 2000 : श्रीलंका के जाफना की बाहरी सीमाओं पर श्रीलंका सेना तथा मुक्ति चीतों के बीच संघर्ष में 316 लोग मारे गये। 2009 : गुजरात उच्च न्यायालय ने जसवंत सिंह की मोहम्मद अली जिन्ना पर लिखी किताब पर गुजरात में लगा प्रतिबंध हटाया। 2020 : नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के तीन सदस्यों ने भारत-चीन सीमा पर नेलांग घाटी में छह दिनों के अंतराल में ‘इनरलाइन’ क्षेत्र में तीन चोटियों का आरोहण कर एक उपलब्धि हासिल की। 2022 : टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की महाराष्ट्र के पालघर में एक कार दुर्घटना में मौत। 2024 : जॉर्जिया के हाई स्कूल में गोलीबारी में चार लोगों की मौत, कई घायल। 2025 : फैशन डिजाइनर जियोर्जियो अरमानी का 91 वर्ष की आयु में निधन। 2025 : भारत के अनुभवी लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया।
मोदी कैबिनेट में शामिल होंगे देवेंद्र फडणवीस? भाजपा की मंत्री बोलीं- अभी जहां हैं, वहीं ठीक
देवेंद्र फडणवीस के नरेंद्र मोदी कैबिनेट में शामिल होने की अटकलों के बीच पंकजा मुंडे ने कहा कि वह अभी महाराष्ट्र में जहां हैं, वहीं जरूरी हैं। उन्होंने फडणवीस को प्रभावशाली और मजबूत नेता बताया।
4 लोगों को कभी न दें सलाह, पढ़ सकते हैं मुसीबत में!
Quote of The Day: चाणक्य नीति के अनुसार जानें किन 4 लोगों को सलाह देने से बचना चाहिए. सही समय पर चुप रहना क्यों समझदारी है, जानें आचार्य चाणक्य की ये खास बातें.
हवा में ही बिगड़ गई पायलट की हालत, दूसरे देश में लैंड कराना पड़ा इंडिगो का विमान
दोहा से बेंगलुरु आने वाले इंडिगो के एक विमान का ओमान में लैंड कराना पड़ गया। दरअसल हवा में पायलट की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद विमान को डाइवर्ट कर दिया गया।
नाम में 'मोहन' का स्वाद, 1 कटोरी बेसन से बनाएं टेस्टी मोहन पेड़ा
Mohan Peda: अगर आप भी आज जन्माष्टमी पर बाजार की मिठाई खरीदने की सोच रहे हैं तो रुक जाइए. यहां हम आपको घर पर ही 1 कप बेसन से टेस्टी मोहन पेड़ा बनाने की रेसिपी बता रहे हैं. ये आसानी से बन जाता है और बहुत टेस्टी लगता है. कृष्ण जन्माष्टमी पर आपको बाल गोपाल को इस मिठाई का भोग जरूर लगाना चाहिए.
इंटरनेट डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को आज एक बड़ी सफलता मिली है। इसरो ने देर रात रात 2:55 बजे देश के पहले ईएसओ-05 इमेजिंग सैटेलाइट का सफल लॉन्च कर दिया है। इसे श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ 17 रॉकेट से स्पेस में भेजा गया। इसरो के इस कदम से पाकिस्तान-चीन की बॉर्डर सहित कई इलाकों पर नजर रखना आसान होगा। उड़ान भरने के करीब 18 मिनट बाद सैटेलाट को ऑर्बिट में स्थापित किया गया। इसे जीआईएसएटी-1 की विफलता के करीब पांच साल बाद लॉन्च किया गया गया है। खबरों के अनुसार, इस सैटेलाइट का वजन करीब 2,367 किलोग्राम है। ये 36 हजार किमी ऊपर रहकर देश के बड़े हिस्से की फोटो लेगा। इससे भारत को पाकिस्तान-चीन की बॉर्डर समेत कई इलाकों पर नजर रखने में आसानी होगी। साथ ही ये आपदा में भी मदद करेगा। इसरो प्रमुख वी नारायणन ने इस सैटेलाइट को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस साल छह और मिशन लॉन्च करने का लक्ष्य है। इसरो ने करीब आठ महीने बाद कोई मिशन लॉन्च किया। इससे पहले जनवरी 2026 और मार्च 2025 में इसरो के दो लॉन्च नाकाम रहे थे। सैटेलाइट की ये है विशेष बात आपको बता दें कि इस सैटेलाइट से चक्रवात, बाढ़, बादल फटने और जंगलों में आग जैसी घटनाओं पर देश को नजर रखने में मदद मिलेगी। इससे बड़े इलाके की तस्वीरें मिलेंगी, जिससे जमीन पर हो रहे बदलावों का पता लग जाएगा। वहीं सीमा के पास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। इसकी विशेष बात ये है येएक ही इलाके को बार-बार देख सकेगा। PC:aajtak अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
असीम रियाज का विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. जहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और बिग बॉस 13 के फर्स्ट रनरअप रहे असीम रियाज पिछले काफी दिनों से टेलीविजन इंडस्ट्री के कलाकार और बिग बॉस एक्स कंटेस्टेंट को निशाना बना रहे थे.
IIM Ahmedabad के छात्र से TANSIM चेयरपर्सन तक, पढ़ें Singai Ramachandran की Success Story
सिंगई जी रामचंद्रन (Singai G Ramachandran) नेIIM अहमदाबाद सेमास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा कोयंबटूर के PSG कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से भी डिग्री हासिल की है.
डबल डेकर एलिवेटेड रोड दो चरणों में बनाए जाने को अथॉरिटी ने मंजूरी दी है. इसे बनाने में कुल 1280 करोड़ रुपये की लागत आएगी. पहले चरण में एक मूर्ति गोल चक्कर से शाहबेरी नाले के पास तक 3-लेन का डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा.
MBBS-BDS की 11 हजार से ज्यादा सीटें खाली, NEET UG राउंड-2 काउंसलिंग शुरू
NEET UG Round 2 Vacant Seats MBBS BDS: नीट यूजी देने वाले जिन छात्रों को पहले राउंट में सीट नहीं मिल पाई, उनके लिए अब काउंसलिंग के दूसरे राउंड में सीट पाने का अच्छा मौका है. 8 सितंबर तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है.
देश की राजधानी दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार में निजी डेवलपर्स के प्रोजेक्ट्स के आसमान छूते दामों के बीच दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने घर खरीदारों के लिए एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। डीडीए ने अपनी विशेष 'कर्मयोगी आवास योजना' (DDA Karmayogi Awaas Yojana - FCFS) के तहत सेवारत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए शानदार हाउसिंग स्कीम जारी रखी है। इस योजना की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि प्राधिकरण इसमें फ्लैट्स पर सीधे 25 फीसदी तक की भारी छूट (Flat 25% Discount) दे रहा है। हाल ही में डीडीए ने आधिकारिक सर्कुलर जारी कर इस स्कीम के तहत बुकिंग की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दिया है, जिससे इच्छुक खरीदारों को अपने फाइनेंस और कागजी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।नरेला के प्राइम पॉकेट्स में फ्लैट्स: शांत वातावरण और बेहतरीन लेआउटडीडीए की कर्मयोगी आवास योजना के अधिकांश फ्लैट्स उत्तर-पश्चिम दिल्ली के तेजी से विकसित हो रहे सब-सिटी नरेला (Narela) में स्थित हैं। ये आवासीय इकाइयां नरेला के सेक्टर A1 से A4 के अंतर्गत पॉकेट 9, पॉकेट 6, पॉकेट 13 और हाल ही में जोड़े गए पॉकेट 3 व पॉकेट 4 में मौजूद हैं। डीडीए ने इन सभी हाउसिंग कॉम्पलेक्स को आधुनिक आवासीय कॉलोनियों की तर्ज पर डिजाइन किया है, जिसमें चौड़ी सड़कें, हरे-भरे पार्क, अंडरग्राउंड ड्रेनेज, कम्युनिटी हॉल, समर्पित पार्किंग स्पेस और 24 घंटे सुरक्षा निगरानी की व्यवस्था की गई है। नरेला क्षेत्र को आगामी मेट्रो विस्तार (रिठाला-नरेला-कुंडली कॉरिडोर), यूईआर-2 (अर्बन एक्सटेंशन रोड) और एजुकेशन हब से सीधी कनेक्टिविटी मिलने जा रही है, जिससे भविष्य में इस क्षेत्र में प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना है।फ्लैट्स के प्रकार और प्लिंथ एरिया (Size & Carpet Details)इस योजना में अलग-अलग परिवार की जरूरतों और बजट के हिसाब से तीन श्रेणियों में फ्लैट्स उपलब्ध कराए गए हैं:1-BHK फ्लैट्स (LIG श्रेणी): इन फ्लैट्स का कुल प्लिंथ एरिया (बालकनी और कॉमन एरिया सहित) लगभग 61.17 से 61.65 वर्ग मीटर (करीब 658 से 663 वर्ग फीट) के बीच है। यह छोटे परिवारों, एकल प्रोफेशनल्स या नए दंपतियों के लिए बेहद मुफीद है। इसके साथ 5.76 वर्ग मीटर का पार्किंग स्पेस जुड़ा है।2-BHK फ्लैट्स (MIG श्रेणी): मध्यम आकार के परिवारों के लिए बने इन फ्लैट्स का प्लिंथ एरिया लगभग 126.53 से 140.56 वर्ग मीटर (लगभग 1,362 से 1,513 वर्ग फीट) है। इसमें दो बड़े बेडरूम, दो टॉयलेट, ड्राइंग-डाइनिंग और स्पेशियस बालकनी दी गई हैं। इसके साथ 11.52 वर्ग मीटर का पार्किंग क्षेत्र आवंटित है।3-BHK फ्लैट्स (HIG श्रेणी): बड़े परिवारों के लिए बनाए गए इन लक्जरी फ्लैट्स का प्लिंथ एरिया लगभग 163.76 से 183.36 वर्ग मीटर (लगभग 1,762 से 1,973 वर्ग फीट) तक विस्तृत है। इसमें तीन बड़े बेडरूम, अटैच्ड वॉशरुम, बड़ा हॉल और 23.04 वर्ग मीटर का डबल पार्किंग स्पेस उपलब्ध है।25% छूट के बाद क्या हैं फ्लैट्स के ताजा दाम (Price Details)?डीडीए ने कर्मयोगी योजना में 25% की फ्लैट छूट लागू करके कीमतों को बेहद प्रतिस्पर्धी बना दिया है:1-BHK फ्लैट्स: 25% की छूट के बाद इन फ्लैट्स की संशोधित कीमत लगभग ₹34.03 लाख से ₹34.28 लाख के बीच तय की गई है।2-BHK फ्लैट्स: छूट के उपरांत ये फ्लैट्स लगभग ₹79.81 लाख से ₹88.16 लाख के मूल्य दायरे में मिल रहे हैं।3-BHK फ्लैट्स: 25% डिस्काउंट के बाद इन प्रीमियम 3-बीएचके फ्लैट्स की कीमत ₹1.14 करोड़ से ₹1.27 करोड़ (लगभग ₹114.57 लाख से ₹127.11 लाख) रखी गई है।(नोट: इन कीमतों में स्टांप ड्यूटी, संपत्ति रजिस्ट्रेशन शुल्क, बिजली-पानी के मीटर कनेक्शन चार्ज और एक साल का मेंटेनेंस/कॉर्पस फंड शामिल नहीं है, जिसका भुगतान खरीदार को अलॉटमेंट के समय अलग से करना होगा)।पात्रता मानदंड: किन्हें मिलेगा इस योजना का लाभ?डीडीए कर्मयोगी आवास योजना को विशेष रूप से सरकारी तंत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया है:नागरिकता और उम्र: आवेदक का भारतीय नागरिक होना और आवेदन की तिथि पर न्यूनतम 18 वर्ष की आयु पूरी होना अनिवार्य है।कर्मचारी वर्ग: केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs), स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies), सरकारी विश्वविद्यालयों और स्थानीय निकायों (जैसे MCD, NDMC) के वर्तमान सेवारत (Serving) अथवा सेवानिवृत्त (Retired) कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र हैं।प्रॉपर्टी रखने की पाबंदी खत्म: डीडीए ने अपने पुराने कड़े नियमों में बड़ी ढील दी है। अब यदि आपके या आपके परिवार के नाम पर दिल्ली या देश के किसी भी हिस्से में पहले से कोई मकान या प्लॉट है, तब भी आप इस योजना में फ्लैट खरीद सकते हैं। इसके अलावा, एक ही पात्र व्यक्ति चाहे तो एक से अधिक फ्लैट भी खरीद सकता है।'पहले आओ-पहले पाओ' बुकिंग अमाउंट और 15 मिनट का पेमेंट विंडोयह योजना पूरी तरह 'पहले आओ, पहले पाओ' (First Come, First Served - FCFS) के डिजिटल सिद्धांत पर संचालित हो रही है। इसका मतलब है कि कोई ड्रॉ नहीं होगा; जो व्यक्ति पहले पोर्टल पर जाकर अपनी पसंद का फ्लैट चुनेगा, फ्लैट उसी का होगा।फ्लैट लॉक करने के लिए निर्धारित श्रेणीवार टोकन/बुकिंग राशि इस प्रकार है:1-BHK के लिए: ₹50,000/-2-BHK के लिए: ₹4,00,000/-3-BHK के लिए: ₹10,00,000/-पोर्टल पर अपनी पसंद का ब्लॉक, फ्लोर और फ्लैट नंबर सेलेक्ट करते ही आवेदक को ऑनलाइन पेमेंट (नेट बैंकिंग या डेबिट/क्रेडिट कार्ड) के लिए 15 मिनट का विंडो मिलता है। इन 15 मिनटों के दौरान वह विशेष फ्लैट किसी अन्य यूजर के लिए उपलब्ध नहीं रहता। सफल भुगतान के बाद फ्लैट आपके नाम पर अनंतिम रूप से आरक्षित हो जाता है।घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई और फ्लैट बुक करने का तरीकाडीडीए के आधिकारिक पोर्टल से फ्लैट बुक करने के लिए इन आसान चरणों का पालन करें:सबसे पहले डीडीए के आधिकारिक आवास पोर्टल eservices.dda.org.in पर जाएं।'DDA Karmayogi Awaas Yojana (FCFS)' लिंक पर क्लिक करके पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से लॉगिन क्रेडेंशियल बनाएं।पोर्टल पर पहली बार आने वाले यूजर्स को ₹2,500/- (जीएसटी सहित) का नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा (जो पहले से रजिस्टर्ड हैं, उन्हें यह दोबारा नहीं देना है)।इसके बाद लॉगिन करें और 'Live Flat Selection' विंडो में जाएं।नरेला के सेक्टर और पॉकेट का चयन करें, जहां आपको उपलब्ध फ्लैट्स की पूरी सूची (फ्लोर, यूनिट नंबर और दिशा) हरी बत्ती के साथ दिखाई देगी।अपनी पसंद के फ्लैट पर क्लिक करें और 15 मिनट के भीतर अपनी श्रेणी के अनुसार बुकिंग अमाउंट का भुगतान करें।भुगतान सफल होते ही एक पावती रसीद और अनंतिम आवंटन पत्र (Provisional Allotment Letter) जेनरेट हो जाएगा।इसके बाद डिमांड-कम-अलॉटमेंट लेटर (DAL) में दी गई तय समयसीमा के भीतर बाकी 75% राशि जमा करके और दस्तावेज सत्यापित कराकर आप फ्लैट का कब्जा (Possession) हासिल कर सकते हैं।खरीदारों के लिए जरूरी सलाह: बुकिंग से पहले साइट विजिट जरूर करेंयद्यपि डीडीए ने बुकिंग की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि सबसे अच्छे फ्लोर और लोकेशन वाले फ्लैट अंतिम दिन तक बचे रहेंगे। इसलिए ऑनलाइन बुकिंग बटन दबाने से पहले खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे नरेला जाकर साइट का भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) करें। अपने कार्यस्थल से दूरी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, आसपास के स्कूलों, बाजारों और अस्पतालों की उपलब्धता को परखें। साथ ही अपनी होम लोन पात्रता और मासिक ईएमआई का वित्तीय आकलन करने के बाद ही अपनी पसंद का आशियाना फाइनल करें।
नाम- अल्ट्रावोल्ट, 1800 Cr निवेश, अब इस सेक्टर में उतरा आदित्य बिड़ला ग्रुप
आदित्य बिड़ला ग्रुप ने ₹1,800 करोड़ के निवेश के साथ वायर और केबल कारोबार में एंट्री की है. कंपनी ने अल्ट्रावोल्ट (Ultravolt) नाम से नया ब्रांड लॉन्च किया है और अगले 5 साल में देश की टॉप-2 वायर-केबल कंपनियों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है.
CCTV फुटेज पर हाईकोर्ट का फैसला, RTI आवेदकों को झटका
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि RTI के जरिए CCTV फुटेज सीधे आवेदक को नहीं दी जा सकती. हालांकि, उचित कोर्ट या सक्षम आयोग शिकायत की जांच के लिए फुटेज सुरक्षित रखने और उसे तलब करने का आदेश दे सकता है. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अभी किसी सक्षम फोरम में शिकायत दाखिल नहीं की थी और सिर्फ RTI के जरिए फुटेज मांगी थी. इसलिए मौजूदा स्थिति में रिकॉर्डिंग सीधे देने का आदेश नहीं दिया जा सकता.
12 छक्के, 39 बॉल पर शतक... इस क्रिकेटर ने मचाई तबाही, VIDEO
दासुन शनाका ने कैरेबियन प्रीमियर लीग में सिर्फ 39 गेंदों में शतक जड़कर रिकॉर्ड बनाया. उन्होंने 43 गेंदों पर नाबाद 121 रनों की विस्फोटक पारी खेली. श्रीलंका के पूर्व कप्तान शनाका ने इस दौरान मैदान के चारों ओर तूफानी शॉट्स लगाए.
शहरी जीवन में फ्लैट संस्कृति और बालकनी में जगह की कमी के बीच गार्डनिंग का शौक पूरा करना अक्सर एक बड़ी चुनौती बन जाता है। भारी बोरियों में मिट्टी लाना, गमलों में पानी का जमाव होना, फ्लैट की बालकनी पर अत्यधिक वजन बढ़ना और सीपेज या कीचड़ जैसी समस्याएं लोगों को गार्डनिंग से पीछे खींच लेती हैं। लेकिन आधुनिक हॉर्टिकल्चर और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों ने बागवानी की परिभाषा पूरी तरह बदल दी है। अब आप बिना एक मुट्ठी मिट्टी और बिना किसी गंदे पानी के ठहराव के अपने घर के एक साधारण टब में घना, हरा-भरा और बेहद खूबसूरत 'लक्जरी मिनी जंगल गार्डन' तैयार कर सकते हैं। यह पूरा कॉन्सेप्ट 'जीरो-वेस्ट गार्डनिंग' और जर्मन बागवानी पद्धति 'हुगलकल्चर' (Hgelkultur) के मिनी इनडोर मॉडल पर आधारित है, जो कचरे को पोषक तत्वों के खजाने में तब्दील कर देता है।क्या है हुगलकल्चर तकनीक? कचरा कैसे बनता है लक्जरी खादहुगलकल्चर एक पारंपरिक यूरोपीय तकनीक है, जिसमें लकड़ी के टुकड़ों, सूखी टहनियों, पत्तों और ऑर्गेनिक कचरे को परतों (Layers) में दबाया जाता है। समय के साथ यह कचरा सड़कर कार्बन-रिच स्पंज की तरह काम करने लगता है। यह स्पंज नमी को सोख लेता है और पौधों की जड़ों को लगातार जरूरी नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम और सूक्ष्म पोषक तत्व पहुंचाता रहता है। जब आप इसे किसी प्लास्टिक, फाइबर या सेरेमिक टब में छोटे स्तर पर अपनाते हैं, तो टब का वजन पारंपरिक मिट्टी वाले गमलों की तुलना में 80% तक हल्का रहता है। इससे पौधों की जड़ों में फंगस नहीं लगती और पौधों को वह प्राकृतिक वन वातावरण (Forest Canopy Effect) मिलता है जो घने जंगलों की जमीन पर पाया जाता है।टब गार्डन बनाने के लिए जरूरी सामग्री: घर की रद्दी से होगा कमालइस मिनी जंगल को तैयार करने के लिए आपको बाजार से कोई महंगी मिट्टी या रसायन खरीदने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए आपको घर के आसपास मिलने वाले इन बुनियादी सामानों की जरूरत होगी:बेस कंटेनर: एक चौड़ा और मध्यम गहराई वाला पुराना टब, फाइबर बाथटब या खूबसूरत उथला प्लास्टिक कंटेनर (जिसके तले में कम से कम 2 से 3 ड्रेनेज होल किए गए हों)।सूखी लकड़ियां व टहनियां: पार्क या बगीचे से एकत्रित छोटी-मोटी सूखी टहनियां और लकड़ी के छाल।भूरा कचरा (Brown Waste / Carbon): ई-कॉमर्स पैकेजिंग के सादे भूरे कार्डबोर्ड के टुकड़े, अंडों की ट्रे (Egg Crates), सूखे पत्ते, नारियल के रेशे (कोको-क्वायर) और मूंगफली के छिलके।हरा कचरा (Green Waste / Nitrogen): चाय की इस्तेमाल की गई पत्तियां (धोकर सुखाए हुए), सब्जियों व फलों के छिलके, इस्तेमाल की हुई कॉफी ग्राउंड्स।स्पंज और मल्चिंग लेयर: थोड़ी सी सूखी काई (Sphagnum Moss), नारियल के छिलके या कटी हुई सूखी घास।स्टेप-बाय-स्टेप लेयरिंग: टब में कैसे बनाएं जादुई बेसटब में मिनी जंगल स्थापित करने के लिए परतों का सही क्रम सबसे महत्वपूर्ण है ताकि बदबू न आए और पौधों को संतुलन मिले।पहली परत (ड्रेनेज और वायु संचार): टब के सबसे निचले हिस्से में सूखी टहनियों, लकड़ी के छोटे टुकड़ों और कार्डबोर्ड के कटे हुए टुकड़ों को 2 से 3 इंच की मोटाई में फैला दें। यह परत हवा के प्रवाह (Aeration) को बनाए रखेगी ताकि अतिरिक्त पानी रुककर सड़न न पैदा करे।दूसरी परत (मॉइस्चर स्पंज): इसके ऊपर अंडों की ट्रे के टुकड़े, नारियल के रेशे और सूखे पत्तों की 2 इंच मोटी परत बिछाएं। यह लेयर पानी को स्पंज की तरह बांधकर रखेगी, जिससे बार-बार टब में पानी डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।तीसरी परत (प्राकृतिक न्यूट्रिएंट्स): बीच की परत में चायपत्ती, सूखे केले के छिलकों का पाउडर और किचन का सूखा ऑर्गेनिक बायो-वेस्ट डालें। यह पौधों के लिए प्राकृतिक धीमी गति से घुलने वाली खाद (Slow-release Organic Fertilizer) का काम करेगा।शीर्ष परत (ग्रोथ मीडियम): सबसे ऊपर कोकोपीट, सूखी मॉस या वर्मीकंपोस्ट की एक हल्की परत बिछाएं, जिसमें पौधों की जड़ें आसानी से अपनी पकड़ बना सकें।कौन से पौधे इस मिनी जंगल टब के लिए हैं सबसे मुफीद?चूंकि यह एक 'मिनी जंगल' का रूप लेता है, इसलिए आपको ऐसे हार्डी और कम देखभाल वाले पौधों का चयन करना चाहिए जो पत्तियों के टेक्सचर से घना और लक्जरी लुक दें:फर्न्स (Ferns): बोस्टन फर्न या बर्ड्स नेस्ट फर्न जंगल जैसा शानदार अहसास देते हैं और नम वातावरण में तेजी से फलते-फूलते हैं।फिलोडेंड्रोन और पोथोस (Money Plant): इनकी लटकती हुई और चौड़ी पत्तियां टब के किनारों को ढंक लेती हैं, जिससे कंटेनर छिप जाता है और प्राकृतिक जंगल का अहसास होता है।एग्लोनिमा और सिंजोनियम: इन पौधों की रंग-बिरंगी और बनावट वाली पत्तियां हरे रंग के बीच एक रॉयल और लक्जरी कॉन्ट्रास्ट पैदा करती हैं।स्पाइडर प्लांट और स्नेक प्लांट के बौने रूप (Dwarf Varieties): यह हवा को शुद्ध करते हैं और कम रोशनी वाले इनडोर कमरों में भी बिना मिट्टी के शानदार बढ़ते हैं।मॉस कारपेट (Moss): टब की खाली जगहों पर थोड़ी सी लाइव मॉस बिछा देने से टब का लुक किसी गहरे उष्णकटिबंधीय वर्षावन (Rainforest) जैसा दिखता है।रखरखाव और देखभाल: हफ्ते में केवल एक बार करें मिस्टिंगकचरे से बने इस लक्जरी टब गार्डन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें हर रोज मग भरकर पानी देने की कोई आवश्यकता नहीं होती। नीचे मौजूद कार्डबोर्ड और नारियल के रेशे नमी को कई दिनों तक लॉक रखते हैं। हफ्ते में केवल दो या तीन बार स्प्रे बोतल की मदद से पत्तियों और मॉस लेयर पर हल्की मिस्टिंग (Spray Mist) कर देना ही पर्याप्त होता है। इस टब को कभी भी तेज और सीधी धूप में न रखें; इसे ऐसी जगह रखें जहां छनकर आने वाली प्राकृतिक रोशनी (Filtered Sunlight) या अच्छी इनडोर एलईडी लाइट मिलती रहे।न बदबू का डर, न कीड़े: बस इन दो बातों का रखें ध्यानकई लोगों को चिंता होती है कि कचरे के उपयोग से बदबू या कीड़े आ सकते हैं। इससे बचने का नियम बेहद सरल है: टब में कभी भी पके हुए भोजन, तेल, घी, प्याज-लहसुन के ताजे अवशेष या डेयरी उत्पादों का उपयोग न करें। केवल पूरी तरह सूखा कार्बन वेस्ट (कार्डबोर्ड, सूखे पत्ते) और नियंत्रित बायो-वेस्ट ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा, महीने में एक बार पानी में थोड़ा सा नीम का तेल या लकड़ी की राख छिड़क देने से किसी भी प्रकार के फंगस या कीड़े का खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाता है। यह मिनी लक्जरी टब न केवल आपके लिविंग रूम और बालकनी की शोभा बढ़ाएगा, बल्कि आपके घर के कचरे को एक खूबसूरत हरित कलाकृति में बदल देगा।
Ganesh Chaturthi: गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणपति स्थापना की परंपरा महाभारत से जुड़ी मानी जाती है. पंडित कौशल पाण्डेय ने बताया कि इन दस दिनों में पूजा और भोग अर्पित करने की परंपरा है.
बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और अनुभवी पेशेवरों के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आया है। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में शामिल बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India - BOI) ने विभिन्न स्पेशलिस्ट स्ट्रीम्स में स्केल-I से लेकर स्केल-IV तक के कुल 205 ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना (Project No. 2026-27/02) जारी कर दी है। इस भर्ती अभियान के तहत मुख्य रूप से इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), डिजिटल बैंकिंग, इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी, डाटा इंजीनियरिंग, लॉ ऑफिसर, फायर ऑफिसर और सिविल इंजीनियर जैसे तकनीकी व विशेषज्ञ पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।महत्वपूर्ण तिथियां: 10 सितंबर से शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रियाबैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी भर्ती कार्यक्रम के अनुसार, इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया 10 सितंबर 2026 से शुरू की जाएगी। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी बैंक के आधिकारिक पोर्टल bankofindia.bank.in पर जाकर 25 सितंबर 2026 तक अपना ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: 10 सितंबर 2026आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 25 सितंबर 2026आयु और शैक्षणिक योग्यता निर्धारण की कट-ऑफ तिथि: 1 अगस्त 2026ऑनलाइन परीक्षा तिथि: बैंक द्वारा बाद में अलग से अधिसूचित की जाएगीपदों का विवरण: स्केल-I से स्केल-IV तक 205 रिक्तियांअधिसूचना के मुताबिक, कुल 205 रिक्तियों को चार अलग-अलग ग्रेड और पे-स्केल में विभाजित किया गया है:चीफ मैनेजर (Scale IV): कुल 10 पद (फुल स्टैक इंजीनियरिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, आईटी प्रोक्योरमेंट, सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी और इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी आदि)।सीनियर मैनेजर (Scale III): कुल 49 पद (डाटा इंजीनियरिंग, फिनाकल सपोर्ट, डेवसेकऑप्स, सॉल्यूशन आर्किटेक्चर और आईटी प्रोक्योरमेंट आदि)।मैनेजर (Scale II): कुल 118 पद (मैनेजर आईटी, फुल स्टैक, ऑटोमेशन टेस्टिंग, यूआई/यूएक्स, लॉ ऑफिसर, फायर ऑफिसर और सिक्योरिटी ऑफिसर आदि)।ऑफिसर (Scale I): कुल 28 पद (फुल स्टैक इंजीनियरिंग, डाटा एनालिटिक्स, क्यूए एंड टेस्टिंग, इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी और सिविल इंजीनियर)।पात्रता मानदंड: शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमाचूंकि यह स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) कैडर की भर्ती है, इसलिए पद और स्केल के अनुसार पात्रता शर्तें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।शैक्षणिक योग्यता: आईटी और तकनीकी पदों के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस/आईटी/ईसीई में बी.ई./बी.टेक, एम.ई./एम.टेक अथवा एमसीए/एम.एससी डिग्री होना आवश्यक है। कुछ वरिष्ठ पदों के लिए CISA, CISM या CISSP जैसी प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन को प्राथमिकता दी गई है। वहीं, लॉ ऑफिसर के लिए मान्यता प्राप्त विधि (Law) डिग्री, फायर ऑफिसर के लिए फायर इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियर पदों के लिए सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री अनिवार्य है।कार्य अनुभव: अधिकांश विशेषज्ञ पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में निर्धारित न्यूनतम कार्यानुभव (Post-qualification Experience) अनिवार्य किया गया है।आयु सीमा (1 अगस्त 2026 के अनुसार):स्केल-I (ऑफिसर): न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 30 वर्ष।स्केल-II (मैनेजर): न्यूनतम 25 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष।स्केल-III (सीनियर मैनेजर): न्यूनतम 28 वर्ष और अधिकतम 37 से 40 वर्ष।स्केल-IV (चीफ मैनेजर): न्यूनतम 28 वर्ष और अधिकतम 40 से 42 वर्ष।(आरक्षित श्रेणियों—एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग वर्ग—को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी)।चयन प्रक्रिया और वेतनमानबैंक ऑफ इंडिया की इस भर्ती में चयन मुख्य रूप से तीन चरणों पर आधारित होगा: आवेदनों की शॉर्टलिस्टिंग, ऑनलाइन लिखित परीक्षा (यदि आयोजित की जाती है) और व्यक्तिगत साक्षात्कार (Personal Interview)। जहां ऑनलाइन परीक्षा और साक्षात्कार दोनों आयोजित किए जाएंगे, वहां अंतिम मेरिट सूची में 60:40 का वेटेज अनुपात लागू होगा।चयनित उम्मीदवारों को पदानुसार बेहतरीन वेतनमान और भत्ते प्राप्त होंगे। स्केल-I के लिए बेसिक पे 48,480 रुपये से शुरू होकर 85,920 रुपये तक, स्केल-II के लिए 64,820 से 93,960 रुपये, स्केल-III के लिए 85,920 से 1,05,280 रुपये और स्केल-IV (चीफ मैनेजर) के लिए 1,02,300 रुपये से 1,20,940 रुपये तक का आकर्षक वेतनमान निर्धारित है। इसके अलावा डीए, एचआरए और अन्य बैंकिंग सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।आवेदन शुल्क का विवरणउम्मीदवारों को आवेदन फॉर्म जमा करते समय ऑनलाइन माध्यम (नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई) से परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा:सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग: कुल ₹1,180/- (आवेदन शुल्क + इंटिमेशन चार्ज, जीएसटी सहित)।एससी, एसटी और दिव्यांग (PwBD) वर्ग: केवल ₹175/- (इंटिमेशन चार्ज, जीएसटी सहित)।ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अभ्यर्थी नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट bankofindia.bank.in पर जाएं।होमपेज पर सबसे ऊपर दिए गए 'Career' सेक्शन पर क्लिक करें।Recruitment of Officers in various streams upto Scale IV – Project No. 2026-27/02 लिंक का चयन करें।'Apply Online' विकल्प पर क्लिक करके नए रजिस्ट्रेशन के लिए अपना नाम, वैध मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें।प्राप्त प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करें।अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव का पूरा विवरण सावधानीपूर्वक भरें।अपनी हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें।अपनी श्रेणी के अनुसार लागू आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए कंफर्मेशन पेज का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
अल-नीनो का कहर... 2027 में टूटेगा गर्मी का रिकॉर्ड, UN की चेतावनी
अल-नीनो की बढ़ती ताकत ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. प्रशांत महासागर का तापमान लगातार ऊपर जा रहा है और अब 2027 में रिकॉर्ड गर्मी के साथ कई तरह के एक्सट्रीम मौसम का खतरा मंडरा रहा है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने आज 4 सितंबर 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। आम जनता, वाहन चालकों और माल ढुलाई से जुड़े कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की बुनियादी कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और दाम काफी हद तक स्थिर बने हुए हैं।देश में हर रोज सुबह 6:00 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट संशोधित किए जाते हैं। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों तथा डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर को आधार बनाकर यह दैनिक मूल्य निर्धारण (Dynamic Fuel Pricing) तय किया जाता है।प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल और डीजल के भावदेश के चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।मुंबई: आर्थिक राजधानी में राज्य के उच्च वैट (VAT) के कारण पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है।कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी में पेट्रोल का भाव 113.50 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।चेन्नई: दक्षिण भारत के महानगर चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है।यूपी, बिहार और अन्य प्रमुख शहरों में फ्यूल के ताजा रेटस्थानीय वैट और डीलर कमीशन के अंतर के कारण विभिन्न राज्यों और शहरों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग होती हैं:लखनऊ (उत्तर प्रदेश): नवाबों के शहर लखनऊ में आज पेट्रोल लगभग 101.86 से 101.89 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है।नोएडा / ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में पेट्रोल 94.83 से 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.96 से 95.20 रुपये प्रति लीटर के दायरे में है।बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी में पेट्रोल 111.68 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।हैदराबाद: तेलंगाना के हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 रुपये प्रति लीटर और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है।अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में पेट्रोल 101.81 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.92 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।अलग-अलग राज्यों में क्यों अलग होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?बहुत से उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठता है कि जब केंद्र सरकार एक है और तेल कंपनियां भी वही हैं, तो हर शहर में पेट्रोल और डीजल के रेट अलग क्यों होते हैं? इसका मुख्य कारण केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा वसूले जाने वाले अलग-अलग टैक्स हैं।पेट्रोल और डीजल की अंतिम खुदरा कीमत (Retail Selling Price) में कई घटक शामिल होते हैं:कच्चे तेल की बेस कॉस्ट (अंतरराष्ट्रीय खरीद मूल्य)।केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty)।संबंधित राज्य सरकार द्वारा वसूला जाने वाला मूल्य वर्धित कर (State VAT), जो हर राज्य में अलग-अलग प्रतिशत में होता है।रिफाइनरी से पेट्रोल पंप तक तेल पहुंचाने का भाड़ा और लॉजिस्टिक्स खर्च।पेट्रोल पंप संचालकों को मिलने वाला डीलर कमीशन।जिन राज्यों में वैट की दरें अधिक होती हैं (जैसे तेलंगाना, पश्चिम बंगाल या महाराष्ट्र), वहां तेल की कीमतें अधिक होती हैं, जबकि कम टैक्स वाले राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ईंधन सस्ता मिलता है।अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल का बाजार और भविष्य के संकेतवैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर ओपेक प्लस (OPEC+) देशों के उत्पादन कटौती फैसलों, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और चीन व अमेरिका में औद्योगिक मांग का सीधा असर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने पर घरेलू तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार होता है, जिससे आने वाले महीनों में खुदरा कीमतों में कटौती की गुंजाइश बन सकती है। फिलहाल भारतीय तेल कंपनियां पिछले घाटे की भरपाई और वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं को देखते हुए खुदरा दरों को स्थिर बनाए हुए हैं।घर बैठे सिर्फ एक SMS से कैसे जानें अपने शहर का ताजा रेट?पेट्रोल पंप जाने से पहले आप अपने मोबाइल फोन से केवल एक मैसेज भेजकर अपने नजदीकी शहर या पंप का सटीक रेट जान सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक: अपने फोन के मैसेज बॉक्स में जाएं और RSP डीलर कोड टाइप करके 9224992249 पर भेजें।भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: RSP डीलर कोड लिखकर 9223112222 पर सेंड करें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक: HPPRICE डीलर कोड लिखकर 9222201122 पर भेजें।मैसेज भेजते ही कुछ ही पलों में संबंधित कंपनी की ओर से आपके फोन पर उस विशेष पेट्रोल पंप पर लागू पेट्रोल और डीजल के नवीनतम रेट की पूरी जानकारी एसएमएस द्वारा आ जाएगी।
उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों की रणनीतिक तैयारियों के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों—अवध, कानपुर-बुंदेलखंड, ब्रज, पश्चिम, काशी और गोरक्ष—के लिए नई क्षेत्रीय कार्यसमितियों का ऐलान कर दिया है। यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की सहमति के बाद इन नई कमेटियों को अंतिम रूप दिया गया। यह लिस्ट उत्तर प्रदेश की अहम जातियों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की पार्टी की एक सोची-समझी कोशिश है और इसमें ब्राह्मणों, ठाकुरों, दलितों और अन्य पिछड़ा वर्गों (OBC) को प्रतिनिधित्व दिया गया है। नई जारी लिस्ट में महिलाओं और युवाओं को भी अच्छा-खासा प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Iran के साथ जारी सैन्य टकराव को JD Vance ने ‘युद्ध’ मानने से किया इनकार उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए गठित भारतीय जनता पार्टी की पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नई क्षेत्रीय टीम के नवनिर्युक्त पदाधिकारियों और सदस्यों का ब्योरा: आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मजबूती देने के लिए यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी की मंजूरी के बाद घोषित की गई पश्चिमी क्षेत्र की नई कार्यसमिति में 37 नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस टीम में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी विनोद त्यागी, मानसिंह गोस्वामी, हरेंद्र जाटव, प्रवीण मित्तल, बिजेंद्र कश्यप, अंकुर राणा, राजीव सिसौदिया, प्रदीप सैनी, विनोद चौधरी और सुभाष वाल्मीकि को दी गई है। वहीं, संगठन के कामकाज को गति देने के लिए अशोक मोंगा, हरीश सिंह, संजीव सिक्का और रूपेंद्र सैनी को क्षेत्रीय महासचिव (महामंत्री) नियुक्त किया गया है। क्षेत्रीय सचिव (मंत्री) के रूप में अजय भारद्वाज मचजा (भराला), कुमुदिनी चौधरी, हरजिंदर कौर, सुखविंदर सोम, नितिन मलिक, महेश बाली, दीपक ऋषि गांव (गौड़), वरुण गोयल, सौरव पाल लोधी और आयुष पंवार को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य के रूप में मनोज शर्मा, गीता शर्मा, नितिन शर्मा, राजे कसाना, रवीना सिंह, कृष्ण चंद्र सैनी, रोहित वाल्मीकि, हरमीत बख्शी, हेमंत लोधी, ललित गर्ग मोदी, संजय राणा, सतेंद्र चौधरी और राजीव लोचन प्रजापति को शामिल किया गया है। इस नई टीम में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों का संतुलन बनाकर क्षेत्रीय संगठन को मजबूती देने का प्रयास किया गया है। 2027 में BJP की जीत को लेकर आश्वस्त हैं आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2027 के विधानसभा चुनावों में BJP की जीत को लेकर आश्वस्त हैं और उनका मानना है कि नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) राज्य में भारी बहुमत के साथ वापसी करेगा। आदित्यनाथ का मानना है कि युवा, महिलाएं, किसान और दलित बड़ी संख्या में BJP के पक्ष में वोट करेंगे। लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहे आदित्यनाथ ने मथुरा में 'आज तक पंचायत' में बोलते हुए ये बातें कहीं। न्यूज़ एजेंसी PTI के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा, हमारे कार्यक्रमों का फ़ायदा उठाने वाले लोग - चाहे वे युवा हों, महिलाएँ हों, किसान हों या दलित - अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में हमें वोट देंगे। अकेले पिछले साल ब्रज क्षेत्र में 11 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक आए थे। और अगर मैं उत्तर प्रदेश की बात करूँ, तो 2025 में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ श्रद्धालु आए। इसे भी पढ़ें: FBI ने Manjit Singh Bedi को मोस्ट वांटेड लिस्ट में डाला, $150,000 इनाम घोषित ने अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी (SP) पर भी निशाना साधा और कहा कि यह पार्टी उत्तर प्रदेश के लोगों की भावनाओं को समझने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2012 से 2017 तक सत्ता में रहने के दौरान SP ने कांवड़ यात्रा रोक दी थी और पुलिस थानों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगा दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकारें भ्रष्टाचार और पेपर लीक मामलों में शामिल थीं, लेकिन अब हालात बदल गए हैं और राज्य तेज़ी से विकास कर रहा है। आदित्यनाथ ने कहा, उत्तर प्रदेश अब इन सब से बाहर निकल चुका है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
स्वतंत्र भारद्वाज ने क्या किया कि उबल पड़े 'कॉकरोच', आज पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर धरना देगी CJP
CJP Protest: सौरव दास ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने अपनी पार्टी के समर्थकों से संजय कुमार के लिए न्याय मांगने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचने की अपील की है।
Gold Price Today: जन्माष्टमी पर सोना-चांदी हुए महंगे, 24 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड में आई जोरदार तेजी; जानें अपने शहर के नए रेटमेटा डिस्क्रिप्शन (Meta Description): श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दामों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। 24 कैरेट सोना, 22 कैरेट जेवराती सोना और चांदी के भाव नई ऊंचाई पर पहुंचे। जानिए दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, जयपुर सहित प्रमुख शहरों में आज के ताजा भाव और खरीदारी के अहम नियम।जन्माष्टमी पर सर्राफा बाजार में उछाल: सोना और चांदी दोनों हुए महंगेश्रीकृष्ण जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी के पावन पर्व पर भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। त्योहारी सीजन की शुरुआत और वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के चलते सोने और चांदी दोनों की मांग में अचानक बड़ा इजाफा हुआ है। जहां निवेशकों और खुदरा खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ी है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों और ब्याज दरों को लेकर आए बयानों ने बुलियन मार्केट को जबरदस्त सहारा दिया है। इसके असर से घरेलू बाजार में 24 कैरेट (शुद्ध सोना) और 22 कैरेट (जेवराती सोना) के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है।24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के ताजा भाव: प्रति 10 ग्राम में जबरदस्त तेजीआज के ताजा कारोबारी सत्र के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव बढ़कर लगभग 1,55,360 रुपये से 1,55,725 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, आभूषण निर्माण के लिए सर्वाधिक उपयोग में लाए जाने वाले 22 कैरेट सोने का भाव 1,42,410 रुपये से 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके अतिरिक्त, 18 कैरेट सोने के दाम भी उछलकर लगभग 1,16,520 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए हैं। बीते सत्र की तुलना में सोने की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की सीधी बढ़त देखी गई है, जिससे त्योहारी खरीदारी करने वाले ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ा है।चांदी की कीमतों को भी लगे पंख: इंडस्ट्रियल डिमांड से बाजार गर्मसोने की चमक के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी का रुख बना हुआ है। औद्योगिक इकाइयों, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर और सोलर पैनल निर्माताओं की तरफ से लगातार बढ़ रही वैश्विक मांग के चलते चांदी के भाव नए स्तरों को छू रहे हैं। घरेलू वायदा बाजार और हाजिर सर्राफा में चांदी की दरें लगभग 2,32,000 रुपये से 2,44,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर मजबूत बनी हुई हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों और घरों में भगवान लड्डू गोपाल के झूले, आभूषण, बांसुरी और चांदी के बर्तनों की विशेष मांग निकलने के कारण खुदरा बाजार में चांदी के सिक्कों और मूर्तियों के प्रीमियम में भी इजाफा देखा गया है।दिल्ली, मुंबई, लखनऊ से चेन्नई तक: महानगरों में आज के गोल्ड रेटस्थानीय वैट, चुंगी और परिवहन लागत के कारण देश के अलग-अलग शहरों में सोने की खुदरा कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,55,510 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,42,560 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,55,360 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,42,410 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ और कानपुर में 24 कैरेट सोना 1,55,510 रुपये तथा 22 कैरेट सोना 1,42,560 रुपये के स्तर पर बना हुआ है। राजस्थान के जयपुर में 24 कैरेट का भाव 1,55,510 रुपये, गुजरात के अहमदाबाद में 1,55,410 रुपये और दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव 1,55,360 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर है।क्यों आई सोने-चांदी में अचानक तेजी? जानिए प्रमुख कारणकमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार, आज की इस तेजी के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारक जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड का मजबूत होना है, जहां अंतरराष्ट्रीय हाजिर सोना डॉलर इंडेक्स के दबाव और यूएस ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण ऊंचे स्तरों पर बना हुआ है। इसके अलावा, मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण केंद्रीय बैंक और संस्थागत निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) मानकर लगातार सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। घरेलू मोर्चे पर, जन्माष्टमी के बाद शुरू होने वाले गणेशोत्सव, नवरात्रि, करवा चौथ और दिवाली-धनतेरस के चलते ज्वैलर्स ने अग्रिम स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है, जिससे थोक मांग में भारी उछाल आया है।सोना खरीदते समय हॉलमार्किंग और HUID का रखें विशेष ध्यानत्योहारी सीजन में खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को सोने की शुद्धता को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय के नियमों के अनुसार, देश भर में 6 अंकों वाले अल्फ़ान्यूमेरिक 'HUID' (Hallmark Unique Identification) कोड के बिना सोने के आभूषणों की बिक्री पूरी तरह गैर-कानूनी है।सोना खरीदते समय हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का तिकोना लोगो, कैरेट शुद्धता (जैसे 24K के लिए 999, 22K के लिए 916 और 18K के लिए 750) और 6 अंकों का HUID कोड अवश्य जांचें। उपभोक्ता 'BIS Care App' के माध्यम से हॉलमार्क कोड को सीधे स्कैन करके आभूषण के निर्माता, हॉलमार्किंग केंद्र और शुद्धता की प्रामाणिकता की तत्काल पुष्टि कर सकते हैं। इसके अलावा, हमेशा ज्वैलर से पक्का जीएसटी बिल लें, जिसमें सोने का वजन, उस दिन का तय रेट और मेकिंग चार्ज अलग से स्पष्ट लिखा हो।
सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका: GSRTC में 2510 हेल्पर पदों पर ऑनलाइन भर्ती शुरू
GSRTC द्वारा हेल्पर की बड़ी भर्ती की घोषणा गुजरात राज्य मार्ग परिवहन निगम (GSRTC) द्वारा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। निगम द्वारा 'हेल्पर' के कुल 2510 पदों के लिए नई भर्ती की घोषणा की गई है। ...
सनातन धर्म में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का अत्यधिक आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व है। इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत दुर्लभ और शुभ ग्रह-नक्षत्रों की युति के बीच मनाया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में उच्च के चंद्रमा के संचरण के समय हुआ था। इस बार भी जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का अद्भुत समागम हो रहा है। इसके साथ ही आकाश मंडल में हर्षण योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और त्रिग्रही प्रभाव का निर्माण हो रहा है, जो कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव, सुख-समृद्धि और अटके हुए कार्यों को गति देने वाला सिद्ध होगा।ग्रह-गोचर की स्थिति: वृषभ में उच्च का चंद्रमा और शुभ योगों का प्रभावज्योतिषीय गणना के अनुसार, चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजमान होकर मन की स्थिरता और भौतिक सुख-साधनों में वृद्धि के संकेत दे रहे हैं। रोहिणी नक्षत्र के स्वामी स्वयं चंद्र देव हैं, जो आकर्षण, पोषण, उर्वरता और कलात्मक प्रतिभा के कारक माने जाते हैं। जब रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि एक साथ सक्रिय होते हैं, तो इसे 'जयंती योग' और आध्यात्मिक जागरण की दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, हर्षण योग जीवन में हर्ष, उल्लास और मान-सम्मान बढ़ाने वाला होता है, जबकि सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए संकल्प और शुरू किए गए कार्य निर्विघ्न पूरे होते हैं। इन ग्रह स्थितियों के कारण 5 चुनिंदा राशियों पर कान्हा जी की विशेष अनुकंपा बरसने जा रही है।1. वृषभ राशि (Taurus): व्यक्तित्व में निखार और आर्थिक स्थिति होगी मजबूतवृषभ राशि के जातकों के लिए यह जन्माष्टमी अत्यंत शुभ परिणाम लेकर आई है। चंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं और भगवान कृष्ण का जन्म भी रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, जो वृषभ राशि के अंतर्गत आता है। यदि लंबे समय से आपका कोई वित्तीय मामला या निवेश रुका हुआ था, तो उसमें अचानक गति देखने को मिलेगी। कार्यक्षेत्र में आपके निर्णयों की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। मानसिक तनाव और चिंताओं से मुक्ति मिलेगी तथा परिवार में शांतिपूर्ण वातावरण बनेगा। व्यापार से जुड़े लोगों को कोई नया और बड़ा अनुबंध मिल सकता है, जिससे आय के नए स्रोत स्थापित होंगे।2. कर्क राशि (Cancer): करियर में बड़ी छलांग और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धिकर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं। चंद्रमा का शुभ नक्षत्र और बली स्थिति में होना कर्क राशि के जातकों के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाएगा। नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति (Promotion) या वेतन वृद्धि के शुभ समाचार मिल सकते हैं। यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा या सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे हैं, तो यह समय आपके अनुकूल रहने वाला है। सामाजिक क्षेत्र में आपके मान-सम्मान और संपर्कों का दायरा बढ़ेगा। पुराने संपर्कों या मित्रों के जरिए कोई महत्वपूर्ण व्यावसायिक लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में किसी मांगलिक आयोजन की रूपरेखा बनेगी।3. सिंह राशि (Leo): पद-प्रतिष्ठा, नेतृत्व क्षमता और अटके धन की होगी वापसीसिंह राशि के जातकों के लिए जन्माष्टमी पर बन रहे शुभ योग भाग्य में नया मोड़ लाने वाले साबित होंगे। आपके कर्म भाव और प्रतिष्ठा क्षेत्र में ग्रहों की अनुकूलता से नेतृत्व क्षमता खुलकर सामने आएगी। यदि आप व्यापार का विस्तार करने या किसी नए प्रोजेक्ट पर पूंजी लगाने की योजना बना रहे हैं, तो यह अवधि लाभदायक रहेगी। लंबे समय से फंसा हुआ धन वापस मिलने के प्रबल योग हैं। कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली से विरोधी भी प्रभावित होंगे। वरिष्ठ लोगों और गुरुजनों का मार्गदर्शन आपको सही दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा।4. कन्या राशि (Virgo): भाग्य का पूरा साथ, उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा के योगकन्या राशि के जातकों के लिए नवम (भाग्य) भाव में चंद्रमा और रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव अत्यंत कल्याणकारी रहेगा। उच्च शिक्षा, शोध, विदेश यात्रा या लंबी दूरी की यात्राओं से जुड़े प्रयास सफल होंगे। यदि कानूनी विवादों या कागजी प्रक्रियाओं में रुकावट आ रही थी, तो चीजें आपके पक्ष में सुलझती दिखाई देंगी। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रुचि बढ़ेगी, जिससे आंतरिक शांति का अनुभव होगा। अनुभवी मार्गदर्शकों और वरिष्ठ सहयोगियों की सलाह आपके करियर को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में सहायक बनेगी।5. धनु राशि (Sagittarius): कोर्ट-कचहरी में राहत, भूमि-भवन का सुख और बौद्धिक प्रगतिधनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं और भगवान श्रीकृष्ण स्वयं विष्णु के पूर्ण अवतार हैं, इसलिए धनु राशि पर बांके बिहारी की विशेष कृपा बनी रहती है। जन्माष्टमी के इन शुभ संयोगों से विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को उत्कृष्ट परिणाम मिलने के संकेत हैं। यदि आप पैतृक संपत्ति, भूमि, नया मकान या वाहन खरीदने का विचार कर रहे थे, तो इस दिशा में ठोस प्रगति होगी। कानूनी अड़चनों और अदालती मामलों में फैसला आपके हक में आ सकता है। संतान पक्ष से जुड़ा कोई शुभ समाचार मन को प्रसन्नता प्रदान करेगा।जन्माष्टमी पर जरूर करें ये सरल ज्योतिषीय उपाय: बरसेगी लड्डू गोपाल की कृपाइस पावन अवसर पर शुभ योगों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जातकों को कुछ आसान और अचूक उपाय करने की सलाह दी जाती है। मध्यरात्रि में निशिता काल पूजा के दौरान बाल गोपाल को केसर मिश्रित गाय के कच्चे दूध और पंचामृत से स्नान कराएं। कान्हा जी को उनकी प्रिय तुलसी दल, माखन और मिश्री का भोग अवश्य अर्पित करें। पूजा के समय मोरपंख, बांसुरी और पीले पुष्प अर्पित करते हुए 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'हरे कृष्ण हरे राम' महामंत्र की कम से कम एक माला (108 बार) जप करें। ऐसा करने से कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है।
देश में ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर हर घर के मासिक बजट पर पड़ता है। तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies - OMCs) जैसे इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) द्वारा प्रत्येक माह की शुरुआत में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की कीमतों की समीक्षा की जाती है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उतार-चढ़ाव के बीच आम उपभोक्ताओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 4 सितंबर को घरेलू रसोई गैस के दाम बढ़ाए गए हैं या राहत बरकरार है।ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (Domestic LPG Cylinder) की कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे देश के करोड़ों परिवारों ने बड़ी राहत की सांस ली है। हालांकि, व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (Commercial LPG Cylinder) की दरों में प्रति सिलेंडर 9.50 रुपये से लेकर 11.50 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और खान-पान के कारोबारियों पर पड़ रहा है।प्रमुख महानगरों में घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) के आज के ताजा भावभारतीय परिवारों के किचन में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले नॉन-सब्सिडी घरेलू गैस सिलेंडर के दाम देश के प्रमुख महानगरों में पूरी तरह स्थिर बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर का भाव 942.00 रुपये प्रति सिलेंडर पर स्थिर है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में उपभोक्ताओं को एक घरेलू सिलेंडर के लिए 941.50 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता में घरेलू रसोई गैस का दाम 968.00 रुपये दर्ज किया गया है, जबकि दक्षिण भारत के महानगर चेन्नई में यह 957.50 रुपये प्रति सिलेंडर मिल रहा है। तेल कंपनियों द्वारा घरेलू गैस की कीमतों को स्थिर रखने का मुख्य उद्देश्य खुदरा महंगाई को नियंत्रित रखना और त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता के बजट पर अतिरिक्त दबाव न डालना है।कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किग्रा) हुआ महंगा: दिल्ली से चेन्नई तक नई दरेंरेस्टोरेंट, मिष्ठान्न भंडार, चाय की दुकानों और औद्योगिक इकाइयों में बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाने वाले 19 किलोग्राम के नीले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हुआ है। नई दिल्ली में 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल सिलेंडर 9.50 रुपये महंगा होकर अब 2,747.50 रुपये का हो गया है, जो पहले 2,738 रुपये में मिल रहा था। मुंबई में इसकी संशोधित कीमत 2,701.00 रुपये प्रति सिलेंडर तय की गई है।कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में सबसे अधिक 11.50 रुपये की वृद्धि हुई है, जिसके बाद यहां नया भाव 2,884.00 रुपये हो गया है। चेन्नई में कमर्शियल गैस का दाम बढ़कर 2,916.50 रुपये पर पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त, छोटे कारोबारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले 5 किलोग्राम के एफटीएल (Free Trade LPG) गैर-घरेलू सिलेंडर के दाम में भी 2 रुपये की मामूली बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसका भाव 762 रुपये से बढ़कर 764 रुपये हो गया है।उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के प्रमुख शहरों में गैस सिलेंडर के रेटभारत के अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय वैट (VAT), राज्य करों और लॉजिस्टिक्स व परिवहन लागत (Transportation Cost) के चलते एलपीजी सिलेंडर के दाम अलग-अलग होते हैं।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर 979.50 रुपये और 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर 2,870.00 रुपये में उपलब्ध है। बिहार की राजधानी पटना में घरेलू सिलेंडर 1,031.50 रुपये का है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 3,029.00 रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है।मध्य प्रदेश के भोपाल में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 970.00 रुपये और कमर्शियल 2,755.50 रुपये का मिल रहा है। राजस्थान के जयपुर में घरेलू सिलेंडर की कीमत 947.00 रुपये और हरियाणा के गुरुग्राम में 950.50 रुपये है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में भौगोलिक दुर्गमता और अत्यधिक परिवहन लागत के कारण घरेलू सिलेंडर का भाव सबसे अधिक 1,179 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर का दाम 3,385.50 रुपये दर्ज किया गया है।अंतरराष्ट्रीय तनाव और कच्चे तेल का दबाव: क्यों बढ़े कमर्शियल सिलेंडर के दाम?कमर्शियल एलपीजी और विमानन ईंधन (ATF) के दाम बढ़ने के पीछे वैश्विक ऊर्जा बाजार के समीकरण मुख्य कारण हैं। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 88 फीसदी से अधिक और एलपीजी आवश्यकताओं का लगभग 50 से 60 फीसदी हिस्सा विदेशों से आयात करता है। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास समुद्री व्यापार मार्गों पर बने दबाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों और माल ढुलाई भाड़े में इजाफा हुआ है।इस आपूर्ति व्यवधान के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने अमेरिका और अन्य वैकल्पिक स्रोतों से एलपीजी का आयात बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण तेल कंपनियों ने व्यावसायिक सिलेंडर के दामों में मामूली समायोजन किया है, हालांकि जनहित को देखते हुए घरेलू गैस पर इसका बोझ नहीं डाला गया है।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 300 रुपये की सब्सिडी जारीकेंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PM Ujjwala Yojana) के लाभार्थियों को एलपीजी पर मिलने वाली राहत बदस्तूर जारी है। योजना के तहत पंजीकृत 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को प्रति 14.2 किग्रा सिलेंडर पर 300 रुपये की सीधी बैंक सब्सिडी (Targeted Subsidy via DBT) दी जा रही है।यह सब्सिडी एक वित्त वर्ष में अधिकतम 12 रिफिल सिलेंडरों के लिए मान्य है। इसका सीधा अर्थ यह है कि जहां दिल्ली में सामान्य उपभोक्ता को घरेलू गैस के लिए 942 रुपये देने होते हैं, वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थी के लिए यह प्रभावी रूप से मात्र 642 रुपये का पड़ता है, क्योंकि 300 रुपये सीधे उनके आधार-लिंक बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाते हैं।घर बैठे अपने शहर का एलपीजी रेट कैसे चेक करें?उपभोक्ता बिना किसी परेशानी के अपने मोबाइल फोन से अपने शहर या जिले में आज के गैस सिलेंडर का सटीक रेट आसानी से जान सकते हैं। इसके लिए कुछ बेहद आसान तरीके उपलब्ध हैं:इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट द्वारा: इंडियन ऑयल के आधिकारिक पोर्टल (iocl.com/products/indane-lpg) पर जाकर 'LPG Price' सेक्शन में अपने राज्य और शहर का चयन कर 14.2 किग्रा और 19 किग्रा दोनों श्रेणियों के भाव देख सकते हैं।मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए: इंडेन के ग्राहक 'IndianOil ONE' ऐप, भारत गैस के उपभोक्ता 'Hello BPCL' ऐप और एचपी गैस के उपभोक्ता 'HP Pay' ऐप पर लॉग इन करके अपने गैस रीफिल का बिल अमाउंट और सब्सिडी स्टेटस तुरंत देख सकते हैं।व्हाट्सएप और एसएमएस द्वारा: पंजीकृत मोबाइल नंबर से संबंधित तेल कंपनी के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर (जैसे इंडेन के लिए 7588888824) पर 'REFILL' या 'STATUS' लिखकर भेजने से गैस की ताजा कीमत और बुकिंग की पूरी जानकारी मिल जाती है।गैस बुकिंग और डिलीवरी से पहले इन बातों का रखें ध्यानरसोई गैस सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय ग्राहकों को कुछ सुरक्षा और सतर्कता नियमों का पालन करना चाहिए। डिलीवरी बॉय से सिलेंडर लेते समय हमेशा वजन कांटे पर उसका वजन चेक करवाएं। 14.2 किग्रा गैस वाले घरेलू सिलेंडर का कुल सकल वजन (Gross Weight - खाली सिलेंडर प्लस गैस) लगभग 29.5 किलोग्राम से 30 किलोग्राम के बीच होना चाहिए, जो सिलेंडर के हैंडल पर साफ लिखा होता है। इसके साथ ही सिलेंडर पर लगी सुरक्षा सील और रबर ओ-रिंग (O-Ring) की जांच जरूर करें ताकि गैस रिसाव का कोई खतरा न रहे।
यदि आपका आज शुक्रवार 4 सितंबर को बैंक शाखा जाकर कैश जमा करने, चेक क्लीयर कराने, ड्राफ्ट बनवाने या पासबुक अपडेट कराने जैसा कोई जरूरी काम है, तो घर से निकलने से पहले यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आधिकारिक बैंक अवकाश कैलेंडर के अनुसार, आज देश भर के कई प्रमुख राज्यों और शहरों में सार्वजनिक, निजी, विदेशी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की शाखाओं में अवकाश घोषित किया गया है। आज बैंकों में यह छुट्टी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (वैष्णव) / कृष्ण जयंती के उपलक्ष्य में दी गई है।हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह छुट्टी पूरे देश में एक साथ (Nationwide) लागू नहीं है। आरबीआई राज्यों और सर्किलों के हिसाब से छुट्टियां तय करता है, जिसके चलते कुछ राज्यों में आज बैंक पूरी तरह बंद हैं, जबकि कुछ अन्य शहरों में सामान्य दिनों की तरह कामकाज चल रहा है।इन प्रमुख शहरों और राज्यों में आज नहीं खुलेंगे बैंकआरबीआई की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, आज 4 सितंबर को निम्नलिखित प्रमुख सर्किलों और शहरों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी:उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर और राज्य के अधिकांश जिले।गुजरात: अहमदाबाद और वडोदरा सर्किल।मध्य प्रदेश: भोपाल और जबलपुर सर्किल।राजस्थान: जयपुर सर्किल।बिहार व झारखंड: पटना और रांची।पश्चिम बंगाल: कोलकाता सर्किल।तेलंगाना व तमिलनाडु: हैदराबाद और चेन्नई सर्किल।उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश: देहरादून और शिमला सर्किल।छत्तीसगढ़ व ओडिशा: रायपुर और भुवनेश्वर।पूर्वोत्तर व अन्य राज्य: शिलांग (मेघालय), आइजोल (मिजोरम), गंगटोक (सिक्किम), चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर।इन सभी जगहों पर बैंकों के फिजिकल काउंटर बंद रहेंगे और शाखाओं में आम जनता के लिए लेन-देन नहीं होगा।दिल्ली और मुंबई में आज क्या खुला है?कई ग्राहकों में यह असमंजस रहता है कि क्या राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में भी आज बैंक बंद हैं। आरबीआई के रोस्टर के अनुसार, दिल्ली सर्किल में आज बैंक सामान्य रूप से खुले हैं और वहां नियमित कामकाज चल रहा है। इसी तरह, मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में आज मुख्य जन्माष्टमी का स्थानीय बैंक अवकाश नहीं है; वहां गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में 14 सितंबर को मुख्य बैंक अवकाश रहेगा। इसलिए दिल्ली और मुंबई के ग्राहक अपनी बैंक शाखाओं में सामान्य दिनों की तरह जा सकते हैं।आरबीआई का नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट नियम: कैसे तय होती है छुट्टी?भारतीय रिजर्व बैंक 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881' की धारा 25 के तहत बैंक छुट्टियों की सूची जारी करता है। केंद्रीय बैंक की छुट्टियां तीन मुख्य श्रेणियों में बंटी होती हैं:हॉलिडे अंडर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (त्योहार व जयंती)रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) हॉलिडेबैंक अकाउंट्स क्लोजिंग (वार्षिक लेखाबंदी)चूंकि भारत में क्षेत्रीय और सांस्कृतिक विविधता है, इसलिए हर राज्य में सभी त्योहारों पर एक समान अवकाश नहीं होता। उदाहरण के लिए, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों या पूर्वोत्तर में जहां जन्माष्टमी पर व्यापक अवकाश नहीं होता, वहां ओणम, दुर्गा पूजा या अन्य क्षेत्रीय पर्वों पर छुट्टियां दी जाती हैं।शाखाएं बंद रहने पर भी 24 घंटे चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएंबैंक शाखाओं में ताला लटकने के बावजूद आम नागरिकों के वित्तीय कामकाज प्रभावित नहीं होंगे। आज के डिजिटल युग में अधिकांश बैंकिंग सेवाएं चौबीसों घंटे सक्रिय रहती हैं:एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीनें (ATM & CDM): नकद निकासी और नकदी जमा करने के लिए सभी बैंकों के एटीएम और रीसाइक्लर कियोस्क सामान्य दिनों की तरह 24 घंटे काम करते रहेंगे।यूपीआई (UPI) पेमेंट्स: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और भीम यूपीआई जैसे प्लेटफॉर्म पर रोजमर्रा की पेमेंट और फंड ट्रांसफर की सुविधा पूरी तरह सुचारू है।नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप: आप अपने बैंक के आधिकारिक ऐप या इंटरनेट बैंकिंग से अकाउंट बैलेंस चेक करना, बिल पेमेंट और एफडी/आरडी बुक करने जैसे काम घर बैठे कर सकते हैं।आईएमपीएस और एनईएफटी (IMPS / NEFT): ऑनलाइन माध्यम से होने वाले एनईएफटी और आईएमपीएस ट्रांसफर बिना किसी रुकावट के 24x7 उपलब्ध हैं।हालांकि, जिन कार्यों के लिए बैंक शाखा में व्यक्तिगत रूप से जाना पड़ता है—जैसे चेक क्लीयरेंस, लॉकर एक्सेस, लोन दस्तावेज जमा करना या केवाईसी वेरिफिकेशन—वे सभी काम अब अगले कार्य दिवस पर ही हो सकेंगे।सितंबर 2026 में आगे कब-कब बंद रहेंगे बैंक?सितंबर का महीना त्योहारों से भरा हुआ है, इसलिए आगे भी कई दिन बैंक बंद रहेंगे:6 सितंबर (रविवार): देश भर में साप्ताहिक अवकाश।11 सितंबर (शुक्रवार): जयपुर नगर निगम चुनाव के चलते जयपुर सर्किल में बैंक बंद।12 सितंबर (शनिवार): महीने का दूसरा शनिवार (देशव्यापी अवकाश) व गुवाहाटी में श्रीमंत शंकरदेव तिरोभाव तिथि।13 सितंबर (रविवार): देश भर में साप्ताहिक अवकाश।14 सितंबर (सोमवार): गणेश चतुर्थी / विनायक चतुर्थी (महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, गोवा, आंध्र प्रदेश में बैंक बंद)।15 सितंबर (मंगलवार): संवत्सरी / नुआखाई / गणेश चतुर्थी दूसरा दिन (गुजरात, ओडिशा, गोवा)।20 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक अवकाश।21 सितंबर (सोमवार): श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव / श्री नारायण गुरु समाधि (असम और केरल)।22 सितंबर (मंगलवार): कर्म पूजा (रांची सर्किल में बैंक बंद)।23 सितंबर (बुधवार): महाराजा हरि सिंह जी की जयंती (जम्मू-कश्मीर)।25 सितंबर (शुक्रवार): इंद्रजात्रा (सिक्किम सर्किल में अवकाश)।26 सितंबर (शनिवार): महीने का चौथा शनिवार (देशव्यापी अवकाश)।27 सितंबर (रविवार): देश भर में साप्ताहिक अवकाश।
राशिफल : जन्माष्टमी पर जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दिन कैसा रहेगा
पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। किसी महत्वपूर्ण मामले....
ISRO ने GSLV से उन्नत अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-05 का सफल प्रक्षेपण किया
(आर. सत्यनारायण)श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), चार सितंबर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए भू-तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित होने वाले देश के पहले ‘इमेजिंग’ उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया। भू-तुल्यकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) के जरिए 2,300 किलोग्राम से अधिक वजनी उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित किया गया। इसरो ने बताया कि उपग्रह ईओएस-05 प्रक्षेपण के करीब 18 मिनट बाद निर्धारित उप-भूतुल्यकालिक अंतरण कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंच गया। जहां कई पृथ्वी अवलोकन उपग्रह पृथ्वी की निचली कक्षा (एलईओ) में संचालित होते हैं, वहीं ईओएस-05 करीब 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई पर भू-तूल्यकालिक कक्षा में स्थापित होगा। इस कक्षा में उपग्रह पृथ्वी की घूर्णन गति के साथ तालमेल बैठाएगा। जीएसएलवी द्वारा ले जाया गया 2,300 किलोग्राम से अधिक वजन वाला यह उपग्रह अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। इसरो के वैज्ञानिकों के अनुसार, उपग्रह को बेहद सटीक तरीके से उसकी निर्धारित दिशा में आगे बढ़ाया गया। मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने उपग्रह को ‘‘आसमान से नजर रखने वाली आंख’’ करार दिया और कहा कि यह उपग्रह वास्तविक समय में तस्वीरें उपलब्ध कराएगा और कृषि एवं आपदा प्रबंधन समेत कई क्षेत्रों में देश की मदद करेगा। इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने सफल प्रक्षेपण की घोषणा करते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जीएसएलवी एफ-17 यान ने उन्नत ईओएस-05 भू-इमेजिंग उपग्रह को सफलतापूर्वक और सटीक तरीके से निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है।”उन्होंने कहा, “यह श्रीहरिकोटा से 107वां प्रक्षेपण और जीएसएलवी का 19वां मिशन है।” अंतरिक्ष विभाग के सचिव ने मिशन से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिकों के साथ प्रक्षेपण के तुरंत बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीएसएलवी का पहला प्रक्षेपण (डी1) 1,536 किलोग्राम वजन वाले उपग्रह के साथ किया गया था और इसके बाद इसरो ने संरचनात्मक भार को अनुकूलित करने और प्रणोदन प्रणालियों में सुधार के जरिये जीएसएलवी के प्रदर्शन को धीरे-धीरे बेहतर किया। उन्होंने कहा, “आज हमने इस प्रक्षेपण यान के जरिये 2,367 किलोग्राम वजनी सबसे भारी उपग्रह को कक्षा में स्थापित किया है।”उन्होंने कहा कि ईओएस-05 को कक्षा में सक्रिय कर दिए जाने के बाद यह भू-तुल्यकालिक कक्षा से देश के लिए “अहम आंकड़े” उपलब्ध कराने वाला भारत का पहला निर्दिष्ट ‘इमेजिंग’ उपग्रह बन जाएगा। उन्होंने उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों का हवाला देते हुए पुष्टि की कि सभी प्रणालियां पूरी तरह ठीक काम कर रही हैं और सौर पैनल सफलतापूर्वक खोल दिया गया है। उन्होंने कहा, “उपग्रह बिल्कुल ठीक है।”उन्होंने कहा, “यह हमारे देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह पहला ईओएस है जिसे राष्ट्रीय गतिविधियों के लिए भू-तुल्यकालिक कक्षा पर स्थापित किया जाएगा।”मिशन निदेशक थॉमस कुरियन ने कहा कि इस मिशन में विशेष रूप से तैयार किया गया ईओएस उपग्रह भेजा गया है, जो लगभग वास्तविक समय में तस्वीरें लेने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि यह जीएसएलवी द्वारा भू-तुल्यकालिक अंतरण कक्षा (जीटीओ) या उप जीटीओ कक्षा में भेजा गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। परियोजना निदेशक (उपग्रह) इम्तियाज अहमद ने ईओएस-05 को अपनी तरह का अनूठा उपग्रह बताया, जिसमें कई बैंड में काम करने की क्षमता है। उन्होंने कहा, “संरचना, सामग्री और क्षमता के लिहाज से यह एक जटिल उपग्रह है।”इससे पहले बुधवार रात 11 बजकर 30 मिनट पर शुरू हुई 27 घंटे की उलटी गिनती सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद रॉकेट ने शुक्रवार तड़के दो बजकर 55 मिनट पर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे प्रक्षेपण स्थल से निर्धारित समय पर उड़ान भरी। सुबह का समय और बारिश भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। बड़ी संख्या में लोग छाते लेकर प्रक्षेपण देखने पहुंचे और वैज्ञानिकों का उत्साह बढ़ाया।
नेपाल और पहाड़ों पर भारी बारिश से पीलीभीत में बाढ़ का कहर
नेपाल और पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बनबसा और डियूनी बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद पीलीभीत की नदियां उफान पर हैं. जिले के 35 से अधिक गांवों और शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.
जन्माष्टमी पर खाटूश्यामजी में उमड़ा आस्था का सैलाब, 17 KM का मार्ग 'नो व्हीकल जोन', VIP दर्शन बंद
जन्माष्टमी पर खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रींगस से खाटू तक 17 किमी मार्ग को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है. मंदिर प्रशासन ने आज VIP दर्शन पूरी तरह बंद कर दिए हैं.
हवाई यात्रा का रोमांच उस वक्त तनाव में तब्दील हो जाता है जब एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच (Security Check) के दौरान लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। अक्सर सुरक्षा कर्मियों द्वारा बैग को दोबारा खुलवाने, सामान को बाहर निकलवाने और फिर से पैक करवाने में न केवल यात्री का कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि फ्लाइट छूटने का डर भी सताने लगता है। अधिकांश मामलों में यह देरी कड़े सुरक्षा नियमों की वजह से नहीं, बल्कि यात्रियों द्वारा की गई अव्यवस्थित पैकिंग की वजह से होती है। यदि बैग पैक करते समय अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन मानकों और आसान तकनीकों का ध्यान रखा जाए, तो सुरक्षा जांच को बेहद कम समय में और बिना किसी परेशानी के पार किया जा सकता है।स्मार्ट लेयरिंग तकनीक: एक्स-रे स्कैनर को दें बिल्कुल साफ दृश्यहवाई अड्डों पर लगे एक्स-रे स्कैनर बैग के भीतर रखी चीजों के घनत्व (Density) के आधार पर रंगों में तस्वीरें दिखाते हैं। जब आप बैग में कपड़े, जूते, धातु की वस्तुएं और बिजली के तारों को बिना किसी क्रम के ठूंस देते हैं, तो स्कैनर स्क्रीन पर एक गहरा और अस्पष्ट पैच बन जाता है। इसे देखकर सुरक्षा अधिकारियों को संदेह होता है और वे बैग को शारीरिक जांच (Physical Inspection) के लिए रोक लेते हैं। इससे बचने के लिए लेयरिंग तकनीक का प्रयोग करें। बैग के सबसे निचले तल पर मुड़े हुए कपड़े रखें, बीच में जूते और भारी सामान व्यवस्थित करें, और सबसे ऊपरी सतह पर उन चीजों को जगह दें जिन्हें जांच के दौरान बाहर निकालने की आवश्यकता पड़ सकती है।इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और पावर बैंक को रखें सबसे ऊपर या अलग कंपार्टमेंट मेंसुरक्षा जांच काउंटर पर सबसे अधिक समय लैपटॉप, टैबलेट, ई-रीडर और कैमरों को निकालने में लगता है। नियमों के मुताबिक, इन बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बैग से बाहर निकालकर अलग ट्रे में रखना अनिवार्य होता है। यदि लैपटॉप बैग के बीच या नीचे दबा होगा, तो उसे निकालते समय पूरा सामान बिखर जाएगा। हमेशा ऐसे हैंडबैग या बैकपैक का इस्तेमाल करें जिसमें बाहर की तरफ आसानी से खुलने वाली क्विक-एक्सेस लैपटॉप पॉकेट हो। इसके अलावा, एक बात हमेशा याद रखें कि पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम-आयन बैटरियां कभी भी चेक-इन बैगेज (बड़े सूटकेस) में नहीं डाली जाती हैं; इन्हें अनिवार्य रूप से केबिन बैग में ही रखना होता है।3-1-1 लिक्विड नियम को समझें: पारदर्शी पाउच का करें इस्तेमालतरल पदार्थों (Liquids, Aerosols, and Gels) को लेकर विमानन सुरक्षा एजेंसियां सबसे ज्यादा सख्त रहती हैं। केबिन बैगेज में किसी भी तरह का लिक्विड, परफ्यूम, तेल, लोशन, शैम्पू, टूथपेस्ट या सैनिटाइजर 100 मिलीलीटर (100ml) से बड़े कंटेनर में ले जाने की इजाजत नहीं होती है। भले ही 250ml की बोतल में केवल 30ml तरल बचा हो, सुरक्षा कर्मी कंटेनर के आकार को देखकर उसे तुरंत जब्त कर लेते हैं। इसलिए हमेशा 100ml या उससे छोटे ट्रैवल-साइज कंटेनर का इस्तेमाल करें और इन सभी को एक पारदर्शी, सील होने वाले ज़िपलॉक पाउच में रखें। ट्रे में यह पाउच एक बार में बाहर रखा जा सकता है, जिससे बैग को खोलने की नौबत ही नहीं आती।तारों और चार्जर्स के लिए 'केबल ऑर्गनाइजर' का करें इस्तेमालबैग के अंदर उलझे हुए मोबाइल चार्जर, लैपटॉप अडैप्टर, डेटा केबल और ईयरफोन एक्स-रे मशीन में संदिग्ध तारों जैसे नजर आते हैं, जिससे स्कैनर ऑपरेटर को अतिरिक्त जांच करनी पड़ती है। इस समस्या से बचने के लिए एक छोटा केबल ऑर्गनाइजर पाउच साथ रखें। अपने सभी गैजेट्स के तारों और एडॉप्टरों को करीने से लपेटकर उसी पाउच में रखें। इस तरह अलग से रखा गया पाउच स्कैनर में बिल्कुल साफ दिखाई देता है और सुरक्षा अधिकारी बिना समय गंवाए बैग को आगे बढ़ा देते हैं।एयरपोर्ट ड्रेस कोड: मेटल के सामान और जटिल जूतों से बचेंडोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) से गुजरते समय बीप की आवाज बजना जांच प्रक्रिया में देरी का एक बड़ा कारण बनता है। यात्रा के दिन कपड़े और जूते चुनते समय व्यावहारिक बनें। बड़े मेटल बकल वाले बेल्ट, भारी धातु वाले बटन, कड़े, धातु के आभूषण और घड़ियों को सुरक्षा लाइन में लगने से पहले ही उतारकर अपने हैंडबैग की जिप वाली जेब में सुरक्षित रख लें। इसके अलावा, ऐसे जूते पहनने से बचें जिनमें बहुत सारे फीते (Laces) या धातु के बकल हों। आसान स्लिप-ऑन जूते या सामान्य स्नीकर्स हवाई यात्रा के लिए सबसे मुफीद होते हैं, क्योंकि कई एयरपोर्ट्स पर जूते उतारकर स्कैन कराने का नियम भी होता है।दस्तावेज और बोर्डिंग पास के लिए डेडिकेटेड पॉकेट बनाएंटर्मिनल के प्रवेश द्वार, सीआईएसएफ चेकपॉइंट और बोर्डिंग गेट पर बार-बार पहचान पत्र (आधार कार्ड या पासपोर्ट) और बोर्डिंग पास दिखाना होता है। अक्सर यात्री लाइन में खड़े होकर अपनी जेबों या बड़े बैग में टिकट और आईडी ढूंढने में उलझ जाते हैं, जिससे पीछे खड़े यात्रियों की कतार भी रुक जाती है। इसके लिए एक छोटा ट्रैवल पाउच, स्लिंग बैग या अपनी जैकेट की सुरक्षित जिप वाली जेब का उपयोग करें, जहां से जरूरी दस्तावेज एक सेकंड में निकाले जा सकें। यदि आप 'डिजी यात्रा' (DigiYatra) की सुविधा का उपयोग करते हैं, तो फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक के जरिए प्रवेश और सुरक्षा द्वारों पर लगने वाला समय काफी हद तक घट जाता है।केबिन बैग के वजन और साइज लिमिट का रखें पूरा ध्यानएयरलाइंस के हैंड बैगेज नियमों (सामान्यतः 7 किलोग्राम तक) का उल्लंघन करने पर कई बार सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद भी एयरलाइन कर्मचारी आपको वापस चेक-इन काउंटर पर भेज देते हैं, जिससे फ्लाइट छूटने का सीधा जोखिम पैदा हो जाता है। घर से निकलने से पहले पोर्टेबल वेइंग स्केल से अपने केबिन बैग का वजन अवश्य जांच लें। बैग को उसकी क्षमता से अधिक न भरें, क्योंकि यदि किसी कारणवश सुरक्षा अधिकारी को बैग खोलना पड़ा, तो अत्यधिक भरे हुए बैग को दोबारा बंद करने में काफी समय और मशक्कत लग जाती है।
भागलपुर के चर्चित समाजसेवी और देशभर में ‘धरती पकड़’ के नाम से मशहूर नागरमल बाजोरिया का 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया. 281 चुनाव लड़ने के बावजूद वे कभी चुनाव नहीं जीत सके, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी लगातार भागीदारी ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई.
'क्या हम मुस्लिम हैं' जावेद अख्तर से 8 साल की उम्र में फरहान अख्तर ने पूछा था ऐसा सवाल
गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर नास्तिक हैं और उन्होंने हमेशा धर्म के बारे में अपने विचारों को खुलकर रखा है. हाल ही में एक इंटरव्यू में इस मशहूर फिल्ममेकर ने उस समय के बारे में बात की.
'सीएम से बात कराओ, तब उतरूंगा'... टावर पर चढ़ा 24 साल का युवक
धनबाद के टुंडी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 24 साल का एक युवक अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ गया. नीचे पुलिस और ग्रामीण उसे उतरने के लिए समझाते रहे, लेकिन युवक का कहना था कि वह भ्रष्ट सिस्टम और अपनी परेशानियों से इतना आहत है कि अब सीधे मुख्यमंत्री या डुमरी विधायक जयराम महतो से बात करना चाहता है. फिर जब विधायक से बात कराई गई, युवक तभी नीचे उतरा.
WhatsApp के जरिए अब बिजली-गैस बिल से लेकर सारे यूटिलिटी बिल का होगा पेमेंट, जानें प्रोसेस
इंस्टेंट मैसेजिंग साइट WhatsApp ने भारत में बिल पेमेंट की सर्विस को शुरू किया है. यह सर्विस भारत में ग्राहकों के पास धीरे-धीरे पहुंचाई जा रही है.
Mirzapur The Movie Review In Hindi: प्राइम वीडियो की पॉपुलर सीरीज मिर्जापुर पर बनी फिल्म मिर्जापुर द मूवी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. 4 सितंबर 2026 को बड़े पर्दे पर आई एक्सेल एंटरटेनमेंट और अमेजन MGM स्टूडियोज की ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है
सुपर अल नीनो की दस्तक से भारत में मचेगा हाहाकार! कब से दिखना शुरू होगा असर?
अल नीनो अल नीनो प्रशांत महासागर में होने वाली एक प्राकृतिक घटना है। इस दौरान प्रशांत महासागर की सतह का पानी असामान्य रूप से गर्म होने लगता है। इसकी वजह से मॉनसून प्रभावित होता है और सूखे जैसे हालात बन सकते हैं।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में नहीं खेलेंगे वैभव? गंभीर के फैसले पर टिकी नजर
दलीप ट्रॉफी फाइनल में साउथ जोन के लिए केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल और मोहम्मद सिराज को खेलने के लिए कहा गया है. वहीं वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और कप्तान तिलक वर्मा के खेलने का फैसला गौतम गंभीर करेंगे. भारतीय टीम के 9 या 10 सितंबर को दिल्ली में जुटने के कारण इन तीनों की उपलब्धता पर सस्पेंस बना हुआ है.
पंचामृत हो जाता है खट्टा? पहली बार बनाने वाले नोट कर लें ये ट्रिक
Perfect Panchamrit: अगर आप भी जन्माष्टमी के लिए पहली बार पंचामृत बनाने जा रहे हैं और आपको दूध, दही के सही माप की जानकारी नहीं है तो यहां हम आपको आसान और सटीक रेसिपी बता रहे हैं. इस रेसिपी से आप पहली बार में ही टेस्टी और परफेक्ट चरणामृत बना लेंगे.
अफगानिस्तान का 'गोल्ड रश'... सोना पाने की होड़ में छलनी हुआ पहाड़
पहाड़ों में सोना चमक रहा है, लेकिन उसके साथ गांवों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं. अफगानिस्तान के बदख्शां में हजारों लोग खनन से रोजगार पा रहे हैं, वहीं गंदा पानी, धूल और बर्बाद होती खेती इस 'गोल्ड रश' की दूसरी तस्वीर दिखा रहे हैं.
UP स्पेशल TET में कौन से टीचर हो सकते हैं शामिल? जानें नौकरी बचाने के लिए चाहिए होंगे कितने मार्क्स
UP स्पेशल TET का आयोजन उन हजारों कार्यरत टीचर के लिए हो रहा है, जिनकी नौकरी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खतरा मंडरा रहा है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया है.
समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के हालिया एपिसोड में अर्चना पूरन सिंह एक पैनलिस्ट के तौर पर शामिल हुईं. समय और अर्चना के बीच हुई बातचीत के दौरान कॉमेडियन ने उनकी हंसी का मजाक उड़ाया और उनके परिवार पर भी तंज कसे.
'मित्र आप अकेले नहीं हैं, 10% लोगों का...', राघव चड्ढा पर चिदंबरम का तंज
SIR के तहत पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम हटाए जाने पर उन्होंने पंजाब सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप लगाया है. वहीं, पी. चिदंबरम ने X पर पोस्ट कर उनकी चुटकी ली. चड्ढा के नाम के आगे 'Permanently Shifted' दर्ज है और उन्हें ASDD सूची में शामिल किया गया है.
अखिलेश से आशुतोष रांका की मुलाकात, क्या सपा-सीजेपी में पक रही नई खिचड़ी
लखनऊ में अखिलेश यादव और सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच हुई डेढ़ घंटे की मैराथन बैठक ने यूपी की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है. माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा और सीजेपी युवाओं व छात्रों से जुड़े मुद्दों पर एक साथ आकर नया सियासी दांव खेलने की तैयारी में हैं?
nivin pauly bethlehem kudumba unit ott: बॉक्स ऑफिस पर हनुमान अंश का शोर है, जिसने 2 करोड़ के बजट में 85 करोड़ इंडिया ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है. वहीं वर्ल्डवाइड 11 सितंबर को रिलीज होने के लिए तैयार है.

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