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अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और अदम्य साहस की अमर गाथा है – केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास, 7-कालिदास मार्ग पर महान क्रांतिकारी, अद्वितीय पराक्रम, अदम्य साहस और अटूट राष्ट्रभक्ति के प्रतीक अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद जी की जयंती के अवसर पर उनके स्मृति-चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा विनम्र नमन किया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद का त्याग, शौर्य और मातृभूमि की स्वतंत्रता के प्रति उनका अटूट समर्पण भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका संपूर्ण जीवन देश के लिए समर्पित रहा और उन्होंने अपने अद्वितीय साहस, अदम्य आत्मबल तथा राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा से स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा प्रदान की। उनका प्रेरणादायी जीवन प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान और संघर्ष के कारण ही भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की। आज का भारत उनके सपनों के अनुरूप एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। देश का प्रत्येक नागरिक उनके आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 10:29 pm

प्रधानमंत्री जी ने दी फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट गठन की स्वीकृति, अपराधियों पर होगी कड़ी कार्यवाही, श्री मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य जी ने राज्यसभा में सदन के नेता एवं केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा जी के संदर्भ में कहा कि वे केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में से एक हैं। जब सरकार किसी मंत्री को सदन में अपनी बात रखने के लिए अधिकृत करती है, तो वह सरकार का अधिकृत पक्ष प्रस्तुत करता है। यदि किसी विषय पर व्यक्तिगत अथवा सामूहिक निर्णय की आवश्यकता होती है, तो वह मंत्रिपरिषद एवं संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए उन्हें भली-भांति ज्ञात होना चाहिए कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मुख्यमंत्री अथवा सरकार का कोई भी निर्णय मंत्रिपरिषद की सामूहिक सलाह एवं संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार लिया जाता है, न कि किसी एक व्यक्ति द्वारा।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने पुनः दोहराया कि केंद्र और प्रदेश सरकार युवाओं के हितों की रक्षा, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था तथा प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई होगी तथा ईमानदार एवं मेहनती छात्रों के अधिकारों की हर स्तर पर रक्षा की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 10:19 pm

सवाईमाधोपुर में बालक ने सिक्का निगला, चिकित्सकों ने समय रहते बचाया

सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर में परिवार के लोगों की लापरवाही से एक मासूम बच्चे के प्राण संकट में पड़ गए, लेकिन समय रहते चिकित्सकों ने अनहोनी को टाल दिया। चिकित्सा सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि सवाई माधोपुर शहर निवासी जनिद के बेटे अहद (छह) ने खेलते समय गलती से पांच रुपए का सिक्का निगल […] The post सवाईमाधोपुर में बालक ने सिक्का निगला, चिकित्सकों ने समय रहते बचाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 10:19 pm

सरकार ने सीजेपी को बातचीत के लिए बुलाया; प्रदर्शनकारियों ने अडंगा लगाया

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी को स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत के लिए केंद्र सरकार का निमंत्रण दोहराया लेकिन जंतर-मंतर पर मौजूद सीजेपी नेतृत्व ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि कोई भी बैठक तटस्थ स्थान पर होनी […] The post सरकार ने सीजेपी को बातचीत के लिए बुलाया; प्रदर्शनकारियों ने अडंगा लगाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 10:04 pm

दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को 20 जुलाई को भगदड़ में घायल हुई 21 वर्षीय युवती की सेहत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उसकी हालत स्थिर है और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उस युवती की मेडिकल हालत के बारे में जानकारी देते […] The post दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 9:39 pm

पुनीत जैन होंगे सिरोही नगर कांग्रेस मंडल के नए अध्यक्ष

सिरोही। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठन विस्तार के तहत सिरोही निवासी पुनीत कुमार जैन को नगर कांग्रेस कमेटी, सिरोही का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति की घोषणा के बाद नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। पुनीत कुमार जैन कांग्रेस की मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। वे पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय […] The post पुनीत जैन होंगे सिरोही नगर कांग्रेस मंडल के नए अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 9:21 pm

पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर बढ़ाया दबाव, राहुल के साथ विपक्षी नेता पहुंचे गांधी स्मृति

नई दिल्ली। पेपर लीक मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए पार्टी के नेताओं और सदस्यों का एक बड़ा हुजूम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में गुरुवार शाम राजधानी में गांधी समृति पर पहुंच गया। बिना किसी पूर्व […] The post पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर बढ़ाया दबाव, राहुल के साथ विपक्षी नेता पहुंचे गांधी स्मृति appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 9:08 pm

UTU Paper Leak Case : सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद कार्रवाई, प्रश्नपत्र आउट करने के आरोप में सहायक प्रोफेसर

उत्तराखंड में भर्ती एवं शैक्षणिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए चल रहे अभियान के तहत दून पुलिस ने नकल माफियाओं के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 9:04 pm

नीट पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा से नहीं माने अरविंद केजरीवाल, बोले- बच्चों ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था

नीट पेपर लीक मामलों में केंद्र सरकार द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की घोषणा के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला छात्रों की मूल मांग से पूरी तरह अलग है और इसे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की कोशिश बताया।

देशबन्धु 23 Jul 2026 9:03 pm

मारुति सुज़ुकी की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी इंडिया की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत एनसीएपी) के तहत वयस्क यात्री सुरक्षा और बाल यात्री सुरक्षा दोनों में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग प्राप्त हुई है। कंपनी ने गुरुवार को बताया कि 24 जुलाई को पेश होने वाली नई ब्रेजा […] The post मारुति सुज़ुकी की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 9:01 pm

जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना और विरोध-प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे तक के लिए बंद हैं। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा ग्राहकों को फोन पर भेजे जा रहे संदेश में लिखा है कि […] The post जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 8:45 pm

इंटरनेट या दुकानें बंद कराने से बात नहीं बनेगी, प्रधान को हटाना पड़ेगा : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए इंटरनेट बाधित करने और कनॉट प्लेस की दुकानों और कार्यालयों पर पाबंदी लगाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इन उपायों से समस्या नहीं सुलझेगी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही पड़ेगा। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री […] The post इंटरनेट या दुकानें बंद कराने से बात नहीं बनेगी, प्रधान को हटाना पड़ेगा : कांग्रेस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 8:32 pm

हर सनातनी की सांस में बसते हैं प्रभु श्रीराम : CM योगी

Yogi Adityanath Ram Katha: मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे हर कोई अपने नजदीक पाता है। जीवन में भक्ति के बिना अंधकार, अराजकता व अज्ञानता ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 8:29 pm

कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली

कोलकाता। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के बाद कोलकाता में रैली करने की योजना बनाई है। संगठन ने शुक्रवार को शहर में रैली करने की अनुमति के लिए कोलकाता पुलिस को पत्र लिखा है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि 19 और 21 जुलाई […] The post कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 8:18 pm

इंफोसिस के मुनाफे में 12% की धमाकेदार तेजी, कंपनी ने किया नए CEO का बड़ा ऐलान; आशीष कुमार दास संभालेंगे कमान

देश की दिग्गज और प्रमुख आईटी (IT) कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं, जो निवेशकों के लिए काफी उत्साहजनक रहे हैं। जून तिमाही के दौरान कंपनी के मुनाफे में जोरदार उछाल देखने को मिला है और इसके साथ ही कंपनी के शीर्ष नेतृत्व (Management) में भी एक बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। आईटी सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी ने अपने नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के नाम का ऐलान कर दिया है, जिससे शेयर बाजार से लेकर कॉरपोरेट जगत तक हलचल तेज हो गई है।जून तिमाही में चमका इंफोसिस का प्रदर्शन, मुनाफा 12.2% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये पर पहुंचाइंफोसिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) 12.2 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी के साथ 7,769 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा, कंपनी की कुल आमदनी (Revenue) में भी 14 प्रतिशत का तगड़ा उछाल दर्ज किया गया और यह बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, बाजार की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने राजस्व वृद्धि (Revenue Growth) के अनुमान को थोड़ा संशोधित करते हुए 1.5 से 3 प्रतिशत के दायरे में कर दिया है। विभिन्न सेगमेंट की बात करें तो फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी का सबसे बड़ा वर्टिकल बना रहा, जिसका कुल रेवेन्यू में 27.9 प्रतिशत का योगदान रहा।आशीष कुमार दास होंगे इंफोसिस के नए CEO, 1 अप्रैल 2027 से संभालेंगे कार्यभारतिमाही नतीजों के ऐलान के साथ ही इंफोसिस के बोर्ड ने मैनेजमेंट में बड़े बदलाव की घोषणा की है। कंपनी के वर्तमान सीईओ सलील पारेख का कार्यकाल अगले साल समाप्त होने वाला है, जिसके बाद अब आशीष कुमार दास (Ashish Kumar Das) को कंपनी का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नामित किया गया है। वह आगामी 1 अप्रैल 2027 से कंपनी की पूरी कमान संभालेंगे और अगले 5 वर्षों तक इस पद पर बने रहेंगे। वर्तमान में आशीष कुमार दास कंपनी के एनर्जी वर्टिकल के हेड हैं और तीन दशकों से अधिक समय से इंफोसिस के साथ जुड़े हुए हैं। कंपनी का मानना है कि उनकी स्ट्रिजिक और कमर्शियल समझ इंफोसिस को भविष्य की ऊंचाइयों पर ले जाने में बेहद मददगार साबित होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 8:10 pm

ब्लूस्टोन ज्वेलरी का Q1 में तूफानी धमाका! तीन दिनों में 36% उछला शेयर, निवेशकों के लिए कमाई का शानदार मौका

शेयर बाजार में इन दिनों ज्वेलरी सेक्टर की एक दिग्गज कंपनी ने तहलका मचा रखा है। ब्लूस्टोन ज्वेलरी (BlueStone Jewellery) के शेयरों ने अपनी बेहतरीन वित्तीय रिपोर्ट और तिमाही नतीजों के दम पर निवेशकों को मालामाल कर दिया है। मजबूत फंडामेंटल्स और शानदार बिजनेस ग्रोथ के चलते कंपनी के शेयरों में लगातार भारी खरीदारी देखने को मिल रही है। महज तीन कारोबारी सत्रों के भीतर ही इस शेयर में 36 फीसदी तक की जबरदस्त तेजी दर्ज की जा चुकी है, जिससे शेयर बाजार के जानकारों की निगाहें भी इस पर टिक गई हैं।घाटे से उबरकर मुनाफे में लौटी कंपनी, रेवेन्यू में भी 48.8% की ऐतिहासिक छलांगब्लूस्टोन ज्वेलरी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) के जो आंकड़े पेश किए हैं, उन्होंने बाजार की उम्मीदों को पार कर दिया है। कंपनी ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान 14 करोड़ रुपये का शानदार शुद्ध मुनाफा (Net Profit) दर्ज किया है, जबकि ठीक इसके पिछले साल इसी समान अवधि में कंपनी को 21 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इसके साथ ही कंपनी की स्टैंडअलोन आय (Revenue) में 48.8 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह बढ़कर 733 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कस्टम ड्यूटी में बदलाव के बावजूद कंपनी का यह प्रदर्शन निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ा रहा है।देश भर में तेजी से हो रहा स्टोर विस्तार, ब्रोकरेज हाउस ने दिया 'Buy' का सुझावकंपनी का कारोबार सिर्फ ऑनलाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऑफलाइन मार्केट में भी तेजी से पैर पसार रही है। जून तिमाही के दौरान ब्लूस्टोन ने देश भर में 12 नए स्टोर खोले, जिससे अब कुल आउटलेट्स की संख्या बढ़कर 352 हो गई है, जो देश के 139 शहरों में फैले हुए हैं। ब्रोकरेज फर्म Systematix ने इस शेयर पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए 832 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में कंपनी हर साल लगभग 75 नए स्टोर जोड़ेगी, जिससे इसकी पहुंच और मुनाफा दोनों में और अधिक इजाफा देखने को मिलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 8:09 pm

ड्राइवर के बेटे ने 154 km/h की रफ्तार से बिखेरी सनसनी, संघर्ष की कहानी तय कर अब टीम इंडिया के लिए किया धमाकेदार डेब्यू

भारतीय क्रिकेट टीम में फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानियां हमेशा से देशवासियों को प्रेरित करती रही हैं। गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे के मैदान पर खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में एक बार फिर ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी ने जन्म लिया है। राजस्थान के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले युवा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने आज भारत के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू कर लिया है। 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी तूफानी गेंदों से बड़े-बड़े बल्लेबाजों में खौफ पैदा करने वाले अशोक शर्मा का यह मुकाम तक पहुंचना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जिसके पीछे उनके पिता की मेहनत और बड़े भाई का एक बड़ा त्याग छिपा हुआ है।जयपुर के रामपुरा गांव से हरारे तक का संघर्ष भरा सफरमूल रूप से राजस्थान के जयपुर के पास स्थित रामपुरा गांव के रहने वाले अशोक शर्मा के लिए टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनना आसान नहीं था। उनके पिता एक स्थानीय समाचार एजेंसी के लिए ड्राइवर का काम करते थे और रात के वक्त पेपर बांटकर अपने परिवार का गुजर-बसर चलाते थे। घर की आर्थिक तंगी इतनी थी कि दोनों भाइयों के लिए एक साथ क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाना मुमकिन नहीं था। ऐसे में उनके बड़े भाई अक्षय ने अपने सपनों का गला घोटकर अपने छोटे भाई अशोक को आगे बढ़ने का पूरा मौका दिया। महज 12 साल की उम्र से क्रिकेट की बारीकियां सीखने वाले अशोक ने अपनी मेहनत के दम पर घरेलू क्रिकेट में तहलका मचाया। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के 10 मैचों में 22 विकेट चटकाकर और विजय हजारे ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था।154 की रफ्तार से गेंद फेंककर आईपीएल में बटोरी थीं सुर्खियांघरेलू क्रिकेट में अपने घातक प्रदर्शन के दम पर आईपीएल तक का सफर तय करने वाले अशोक शर्मा ने तब सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी थीं जब उन्होंने गुजरात टाइटन्स की ओर से खेलते हुए अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम (मोटेरा) में 154.2 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सनसनीखेज गेंद फेंकी थी। उनकी इस रफ्तार ने देश भर के क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया था। इसके बाद उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए 'इंडिया ए' टीम में भी शामिल किया गया था, जहां उन्होंने अपनी गेंदबाजी से खुद को साबित किया। जिम्बाब्वे के खिलाफ इस पहले टी-20 मैच में जब उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया, तो उन्होंने मैदान पर उतरकर अपने परिवार और देश का सपना पूरा कर दिखाया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 8:07 pm

डूंगरपुर जिले में ग्राम विकास अधिकारी 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

डूंगरपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को डूंगरपुर जिले की सागवाडा तहसील की फलातेड ग्राम पंचायत के विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार डामोर को तीन हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी डूंगरपुर को परिवादी ने शिकायत की […] The post डूंगरपुर जिले में ग्राम विकास अधिकारी 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 8:05 pm

मात्र 15 साल की उम्र में रच दिया इतिहास! वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी पारी खेलकर T20I क्रिकेट में बनाया सबसे बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट में एक नए और धमाकेदार सितारे का उदय हो चुका है। जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में खेले जा रहे पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने बल्ले से कोहराम मचाते हुए पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर वैभव ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जिसे तोड़ना आने वाले समय में किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बेहद मुश्किल होगा। महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह कारनामा कर उन्होंने साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद सुरक्षित और मजबूत हाथों में है।टी-20I क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने वैभवगुरुवार को हरारे के मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारतीय ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक को पूरी तरह पलट दिया। मात्र 15 वर्ष और 118 दिन की उम्र में टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अर्धशतक जड़ने वाले वह दुनिया के इकलौते और सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ उन्होंने जिब्राल्टर के खिलाड़ी लुई ब्रूस का पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है, जिन्होंने साल 2021 में 16 साल 56 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था। इस विशेष सूची में अब वैभव सूर्यवंशी दुनिया में पहले पायदान पर पहुंच गए हैं, जिससे पूरे देश में जश्न का माहौल है और क्रिकेट जगत के दिग्गज उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।महज 19 गेंदों में कूट डाले 50 रन, चार चौकों और चार छक्कों से मचाया गदरमैच की बात करें तो वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर उतरते ही श्रीलंकाई और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने अपनी इस रिकॉर्डतोड़ पारी के दौरान महज 19 गेंदों का सामना करते हुए तूफानी अंदाज में 50 रन ठोक डाले। इस दौरान उनके बल्ले से 4 बेहतरीन चौके और 4 गगनचुंबी छक्के देखने को मिले। मैदान के चारों तरफ शॉट लगाने की उनकी कला ने फैंस का दिल जीत लिया और उनका स्ट्राइक रेट 263.16 का रहा। इस शानदार पारी के बाद दुनिया भर के खेल विशेषज्ञ उनकी तुलना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दिग्गजों से कर रहे हैं, और यह पारी उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में दर्ज हो गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 8:03 pm

योगी सरकार का बड़ा कदम, 24,617 दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलेंगे सहायक उपकरण, 9.85 करोड़ रुपए की योजना तैयार

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार समावेशी शिक्षा को और मजबूत बनाने के लिए में प्रदेश के 24,617 दिव्यांग विद्यार्थियों तक उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण पहुंचाएगी। इसके लिए समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में लगभग 9.85 करोड़ रुपये की ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 8:03 pm

कांग्रेस ने तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार की राजनीति के अलावा देश को कुछ नहीं दिया : भजनलाल शर्मा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति के अलावा देश को कुछ नहीं दिया। शर्मा ने गुरुवार को यहां भारतीय जनता पार्टी की ओर से संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के […] The post कांग्रेस ने तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार की राजनीति के अलावा देश को कुछ नहीं दिया : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 7:59 pm

E-20 पेट्रोल सुरक्षित, इंजन पर प्रतिकूल असर का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं : सरकार

नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि वैज्ञानिक परीक्षणों, क्षेत्रीय अध्ययन और देश भर के उपयोग के अनुभव के आधार पर ई20 (20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित) पेट्रोल सुरक्षित है तथा इससे इंजन के प्रदर्शन, टिकाऊपन या वाहन के जीवनकाल पर किसी व्यापक प्रतिकूल प्रभाव का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस […] The post E-20 पेट्रोल सुरक्षित, इंजन पर प्रतिकूल असर का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं : सरकार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 7:49 pm

चेक बाउंस मामले में तमिल अभिनेता विमल को एक साल की जेल

चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई की एक अदालत ने गुरूवार को प्रसिद्ध तमिल फिल्म अभिनेता विमल को 4.5 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में एक साल की जेल की सजा सुनाई। अभिनेता विमल ने अपनी फिल्म मन्नार वगैयारा के निर्माण के वास्ते फिल्म फाइनेंसर गोपी से 4.5 करोड़ रुपए उधार लिए थे। फिल्म रिलीज […] The post चेक बाउंस मामले में तमिल अभिनेता विमल को एक साल की जेल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 7:27 pm

श्रीलंका की फिर नापाक हरकत: श्रीलंकाई नौसेना ने 9 भारतीय मछुआरों को किया गिरफ्तार, ट्रॉलर भी जब्त!

श्रीलंकाई नौसेना ने नौ भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है और उनके मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर को जब्त कर लिया। मछुआरों पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर इंटरनेशनल मैरीटाइम बाउंड्री लाइन (आईएमबीएल) पार की और श्रीलंकाई पानी में गैरकानूनी तरीके से मछली पकड़ी। इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच मछली पकड़ने के अधिकार को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में एक और मामला जुड़ गया है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 7:04 pm

CJP Protest : हिंसा करने वालों पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, रद्द हो सकते हैं पासपोर्ट, CCTV से हो रही पहचान, सीजेपी का कल देशभर में आंदोलन का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चल रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा में सीधे तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार हिंसा में शामिल पाए जाने वाले लोगों के पासपोर्ट रद्द किए जा सकते हैं। पुलिस ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 7:02 pm

रोहित यादव के पंजे और गेंदबाजों के कहर से श्रीलंका में गरजी यंग इंडिया, वनडे हार का बदला लेकर टेस्ट सीरीज पर किया कब्जा

श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने आखिरकार अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर हिसाब बराबर कर लिया है। मेजबान टीम के खिलाफ खेली गई अनौपचारिक वनडे सीरीज में 2-1 से हार का सामना करने वाली युवा भारतीय टीम ने टेस्ट सीरीज में जोरदार वापसी करते हुए श्रीलंका का सफाया कर दिया है। कोलंबो में खेले गए दूसरे और अंतिम युवा टेस्ट मुकाबले के चौथे और अंतिम दिन भारत ने श्रीलंका अंडर-19 टीम को 211 रनों के विशाल अंतर से रौंद दिया। पहला टेस्ट मैच बारिश या अन्य कारणों से ड्रॉ रहने के बाद, टीम इंडिया ने इस मुकाबले में धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला को 1-0 से अपने नाम कर लिया।रोहित यादव और सी वेंकट की गेंदबाजी का जादू, श्रीलंका की पारी धराशायीमैच के आखिरी दिन जीत के लिए बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही श्रीलंकाई अंडर-19 टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे पूरी तरह लाचार नजर आई। भारत द्वारा दिए गए 472 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य के जवाब में मेजबान टीम लंच के बाद 76.5 ओवरों में महज 260 रनों पर ही सिमट गई। भारत के लेग स्पिनर रोहित यादव और तेज गेंदबाज सी वेंकट ने अपनी घातक गेंदबाजी से श्रीलंकाई बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी। रोहित यादव ने इस मैच में कुल 49 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके, जबकि सी वेंकट ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर 3 खिलाड़ियों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। कप्तान विमथ दिनसारा (64 रन) और सेथमिका सेनेविरत्ने (42 रन) ने कुछ देर संघर्ष जरूर किया, लेकिन वे हार के अंतर को ही टाल सके और पूरी टीम पवेलियन लौट गई।वनडे सीरीज की कड़वी यादों को पीछे छोड़ टेस्ट में लिखी जीत की इबारतभारतीय अंडर-19 टीम का यह श्रीलंका दौरा मिला-जुला रहा, लेकिन अंत में टीम ने अपनी क्षमता का लोहा मनवा दिया। जुलाई की शुरुआत से शुरू हुए इस दौरे पर भारत ने पहले तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली थी, जिसमें पहले मुकाबले में 4 विकेट से जीत मिलने के बाद टीम ने लगातार दो मैच (8 विकेट और 1 विकेट से) गंवाकर सीरीज 1-2 से खो दी थी। हालांकि, युवा खिलाड़ियों ने इस हार से सीख लेते हुए टेस्ट फॉर्मेट में गजब का मानसिक संतुलन दिखाया। पहला टेस्ट ड्रॉ रहने के बाद, कोलंबो के मैदान पर खेले गए निर्णायक टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने सामूहिक प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की और श्रीलंका को उसी की धरती पर धूल चटा दी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:36 pm

स्कूल के फंक्शन से लेकर हर दिल तक छाया काजोल का यह आइकॉनिक देशभक्ति गाना, रिलीज के 20 साल बाद भी आज है सबका ऑल-टाइम फेवरेट

भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी देशभक्ति से ओत-प्रोत गानों की बात होती है, तो कई ऐसी धुनों के नाम सामने आते हैं जो कानों में पड़ते ही सीना गर्व से चौड़ा कर देती हैं। लता मंगेशकर की आवाज में 'ऐ मेरे वतन के लोगों' से लेकर आज के आधुनिक दौर के तमाम गानों ने देशप्रेम की भावना को जीवित रखा है। हालांकि, जैसे ही अगस्त का महीना और स्वतंत्रता दिवस नजदीक आता है, हिंदी सिनेमा का एक ऐसा पॉपुलर गाना हर स्कूल, कॉलेज, गली-मोहल्ले और सोशल मीडिया रील्स पर छा जाता है, जिस पर हर पीढ़ी के बच्चे ने कभी न कभी अपनी कमर जरूर लचकाई होगी। आज हम बात कर रहे हैं साल 2006 में आई आमिर खान और काजोल की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'फना' (Fanaa) के सदाबहार गाने 'देश रंगीला रंगीला' (Desh Rangeela Rangeela) की, जो आज रिलीज के दो दशक बाद भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है।स्कूल के एनुअल फंक्शन्स से लेकर सोशल मीडिया रील्स तक का राजा है यह गानाआमतौर पर देशप्रेम के गानों को काफी गंभीर, भावुक या संघर्ष की कहानियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन साल 2006 में आए इस गाने ने देशभक्ति को जश्न, उत्सव और भारत की सांस्कृतिक विविधता के रंगों के साथ जोड़कर एक नया आयाम दिया। प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी के शानदार बोल, जतिन-ललित की धमाकेदार और कैची धुन के साथ-साथ पार्श्व गायिका महालक्ष्मी अय्यर की जादुई आवाज ने इस गाने को अमर बना दिया। पर्दे पर काजोल की ऊर्जावान और मनमोहक अदाकारी ने इसमें चार चांद लगा दिए थे। यदि आप नब्बे के दशक के या उसके बाद के बच्चे हैं, तो आपके स्कूल के 15 अगस्त (Independence Day) या 26 जनवरी (Republic Day) के एनुअल फंक्शन में इस गाने पर डांस करना आपकी भी सुनहरी यादों का हिस्सा जरूर रहा होगा।भारत की विविधता और संस्कृति का जश्न मनाता है 'देश रंगीला'इस गाने की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज बीट्स और ज्यूश एनर्जी है, जो सुनते ही दिमाग में पूरी तरह फिट हो जाती है। यही वजह है कि आज भी जब स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस का मौका आता है, तो स्कूल के छोटे बच्चों से लेकर कॉलेज के यूथ तक ग्रुप डांस या सोलो परफॉर्मेंस के लिए सबसे पहले इसी गाने को चुनते हैं। यह गाना केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह भारत के अलग-अलग राज्यों, उसकी प्राकृतिक सुंदरता, त्योहारों और सांस्कृतिक भव्यता को एक मंच पर पिरोता है। आज भी हर साल अगस्त का महीना शुरू होते ही इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स पर इस गाने का ट्रेंड तेजी से लौटने लगता है, जो साबित करता है कि काजोल और आमिर खान की इस फिल्म का यह जादू वक्त के साथ कभी फीका नहीं पड़ने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:34 pm

'नीट न्यूजपेपर' वाले वायरल मीम पर आखिरकार भड़के रवि किशन? बोले- 'करोड़ो लोग भेज रहे हैं, मैं खुद देखकर पागल हो जाता हूं'

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और बीजेपी सांसद रवि किशन इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी किसी फिल्म या राजनीतिक बयान की वजह से नहीं, बल्कि अपने एक छोटे से जुबान फिसलने वाले वीडियो को लेकर इंटरनेट सेंसेशन बने हुए हैं। हाल ही में नीट पेपर लीक विवाद पर बात करते हुए उनके मुंह से 'नीट पेपर' की जगह 'नीट न्यूजपेपर' (अखबार) निकल गया था, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। इससे पहले 'होम फ्रॉम वर्क' बोलने पर भी वह बुरी तरह ट्रोल हुए थे। अब हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान रवि किशन ने इन वायरल मीम्स और लोगों की प्रतिक्रियाओं पर खुलकर अपनी चुप्पी तोड़ी है और बताया है कि जब ये मीम्स उनके सामने आते हैं, तो उनका क्या हाल होता है।'मीम्स इतने वायरल हैं कि अंधा इंसान भी देख ले' - रवि किशनमीडिया संस्थान से बातचीत के दौरान जब रवि किशन से उनके वायरल मीम्स और ट्रोलिंग के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़े ही बेबाक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इन मीम्स को नजरअंदाज करना नामुमकिन है क्योंकि उनके दोस्त, परिवार वाले और शुभचिंतक लगातार उन्हें ये वीडियोज भेजते रहते हैं। अभिनेता ने हंसते हुए कहा कि ये मीम्स करोड़ों की संख्या में इतने ज्यादा वायरल हो चुके हैं कि इन्हें देश-विदेश में हर कोई देख रहा है, यहां तक कि एक अंधा इंसान भी इन्हें महसूस कर सकता है। रवि ने आगे बताया कि जब वह बाहर कहीं जाते हैं, तो लोग उनसे कहते हैं कि वह इस वक्त भारत के सबसे वायरल इंसान बन चुके हैं और इन सब चीजों को देखकर वह खुद हैरान और पागल हो जाते हैं कि आखिर यह सब क्या हो रहा है।'मैं बिल्कुल नेचुरल हूं, लोग चाहे जो कहें' और अपकमिंग प्रोजेक्ट्सअपनी गलतियों और बेबाक अंदाज पर बात करते हुए रवि किशन ने साफ किया कि वह बनावटी नहीं हैं बल्कि जैसे हैं, वैसे ही कैमरे के सामने और असल जिंदगी में रहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं पूरी तरह से नेचुरल हूं और यही मेरी असली पहचान है। लोग पता नहीं मेरे बारे में क्या-क्या सोचते हैं, लेकिन मैं ऐसा ही हूं। अगर लोगों को बोलना है, तो बोलने दीजिए, मैं अपनी सादगी से दोबारा वायरल हो जाऊंगा।' इससे पहले भी 'जल्दी द लेट' और 'होम फ्रॉम वर्क' जैसी स्लिप ऑफ टंग वाली गलतियों पर ट्रोल होने पर उन्होंने कहा था कि वह भी एक आम इंसान हैं और उनसे भी गलती हो सकती है। वर्कफ्रंट की बात करें तो रवि किशन हाल ही में अजय देवगन के साथ फिल्म 'धमाल 4' में नजर आए थे और जल्द ही वह बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मिर्जापुर द मूवी' में भी एक धमाकेदार भूमिका में दिखाई देने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:32 pm

कभी रेखा के इश्क में पागल होकर आधी रात को सड़क पर बैठ गए थे ये दिग्गज अभिनेता, अब अक्षय कुमार की फिल्म से मिला नया जीवन

हिंदी सिनेमा का इतिहास ऐसे कई दिलचस्प और हैरान करने वाले किस्सों से भरा पड़ा है, जहां ऑन-स्क्रीन चमकने वाले सितारों की रियल लाइफ कहानियां किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं होतीं। नब्बे के दशक के मशहूर और दिग्गज अभिनेता किरण कुमार (Kiran Kumar) का नाम भी उन्हीं कलाकारों में शुमार है, जिन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ, रेखा (Rekha) के साथ अफेयर की चर्चाओं और तमाम अजीबो-गरीब हरकतों से खूब सुर्खियां बटोरीं। लीड एक्टर से लेकर धमाकेदार विलेन और शानदार सपोर्टिंग रोल्स तक का सफर तय करने वाले किरण कुमार एक बार नशे की हालत में आधी रात को सड़क पर ही बैठ गए थे और सलमान खान के परिवार के लिए अपना प्यार जाहिर करने लगे थे। अब एक लंबे अंतराल के बाद इस दिग्गज अभिनेता ने अक्षय कुमार की फिल्म से शानदार वापसी कर अपने करियर को नई उड़ान दी है।जब नशे में धुत होकर रात के ढाई बजे बीच सड़क पर बैठ गए थे किरण कुमारअपने जमाने में 'तेजाब', 'खुदा गवाह', 'अग्नि' और 'हिना' जैसी सुपरहिट फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाने वाले किरण कुमार से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा काफी चर्चा में रहा है। अभिनेत्री कुनिका सदानंद के साथ एक इंटरव्यू के दौरान किरण कुमार ने खुद इस बात का खुलासा किया था कि एक पार्टी से लौटते वक्त जब उन्होंने रास्ते में सलमान खान के ब्रांड 'बीइंग ह्यूमन' का आउटलेट और वहां लगी सलमान की होर्डिंग देखी, तो वह खुद को रोक नहीं पाए। रात के करीब ढाई बज रहे थे और किरण कुमार ने अच्छी-खासी शराब पी रखी थी। वह अपनी गाड़ी से बाहर निकले और सीधे सड़क पर ही बैठ गए। नशे की हालत में उन्होंने बीच सड़क पर बैठकर ही खान परिवार और सलमान खान के प्रति अपना आभार जताया और उनकी जमकर तारीफ की थी।रेखा के साथ अफेयर और 'मम्माज ब्वॉय' वाला चर्चित किस्साकिरण कुमार अपनी प्रोफेशनल लाइफ के अलावा अपनी पर्सनल लव लाइफ को लेकर भी लंबे समय तक लाइमलाइट में रहे हैं। हिंदी सिनेमा के गलियारों में यह चर्चा आम रही है कि अमिताभ बच्चन के जीवन में आने से पहले रेखा का नाम किरण कुमार के साथ भी जुड़ा था। कहा जाता है कि दोनों ने कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट किया था, लेकिन बाद में उनका रिश्ता टूट गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रेकअप के बाद साल 1975 में दिए एक इंटरव्यू में रेखा ने किरण कुमार को 'मम्माज ब्वॉय' (मां का लाडला) कहकर संबोधित किया था, जो उन दिनों मीडिया में काफी चर्चा का विषय बन गया था। इसके अलावा फिल्म इंडस्ट्री में खान परिवार के साथ उनके दोस्ताना रिश्ते हमेशा से जगजाहिर रहे हैं।अक्षय कुमार की फिल्म से मिला नया जीवन और धमाकेदार कमबैकसमय के साथ फिल्मों की दुनिया से कुछ दूरी बनाने वाले किरण कुमार ने हाल ही में बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी की है। नब्बे और दो हजार के दशक के अपने दौर को पीछे छोड़ते हुए वह अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' (Welcome to the Jungle) में अहम भूमिका निभाते नजर आए। फिल्म को मिली जबरदस्त सफलता और बॉक्स ऑफिस पर धूम के बाद अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट ने उनके जैसे कई सीनियर एक्टर्स के करियर को एक नया जीवन और रीफ्रेशिंग शुरुआत दी है। फिल्म में उनके शानदार अभिनय को दर्शकों और क्रिटिक्स द्वारा काफी सराहा जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:30 pm

'बॉर्डर 2' के बाद अहान शेट्टी को लगा बड़ा जैकपॉट, अब विक्रम भट्ट की इस खौफनाक हॉरर फ्रेंचाइजी में मचाएंगे धमाल

बॉलीवुड अभिनेता अहान शेट्टी इन दिनों अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहे हैं। अपनी पिछली फिल्मों और हालिया प्रोजेक्ट्स की सफलता के बाद अब अहान के हाथ एक बहुत बड़ा जैकपॉट लगा है। अपनी पहली रोमांटिक-एक्शन फिल्म 'तड़प' से बॉलीवुड में कदम रखने वाले अहान अब लीक से हटकर एक बिल्कुल नए जॉनर में दर्शकों को डराने और एंटरटेन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह जल्द ही मशहूर फिल्ममेकर विक्रम भट्ट की लोकप्रिय और सफल हॉरर फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनने जा रहे हैं, जिसे लेकर उनके फैंस के बीच गजब का उत्साह देखा जा रहा है।विक्रम भट्ट की पॉपुलर हॉरर फ्रेंचाइजी '1920' की छठी किस्त में आएंगे नजरबॉलीवुड गलियारों से आ रही ताजा खबरों के अनुसार, अहान शेट्टी जल्द ही विक्रम भट्ट की सुपरनैचुरल हॉरर फ्रेंचाइजी '1920' की छठी फिल्म में मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे। इस फिल्म का संभावित नाम '1920: कोल्ड विंटर' बताया जा रहा है। हालांकि, यह प्रोजेक्ट फिलहाल अपनी शुरुआती राइटिंग और स्क्रिप्टिंग स्टेज पर है, जहां निर्देशक विक्रम भट्ट और मशहूर निर्माता आनंद पंडित फिल्म के स्क्रीनप्ले को और अधिक धार देने में जुटे हैं। अहान के करियर का यह पहला मौका होगा जब वह किसी सुपरनैचुरल या हॉरर जॉनर की फिल्म में अपनी एक्टिंग का हुनर दिखाते नजर आएंगे, जो उनके अभिनय करियर के लिहाज से एक बहुत बड़ा और रोमांचक बदलाव माना जा रहा है।कब शुरू होगी फिल्म की शूटिंग और कौन होगी लीड एक्ट्रेस?फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मेकर्स इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद सावधानी बरत रहे हैं और फिल्म में अहान शेट्टी के अपोजिट कास्ट करने के लिए किसी स्थापित और जानी-मानी अभिनेत्री की तलाश कर रहे हैं, ताकि फिल्म की स्टार वैल्यू और मजबूत हो सके। अगर सब कुछ मेकर्स की योजना के मुताबिक तय समय पर चला, तो इस बहुप्रतीक्षित हॉरर फिल्म की शूटिंग इसी साल नवंबर के महीने से शुरू कर दी जाएगी। फिल्म की लोकेशंस को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है, जिसके तहत इसके कुछ डरावने और रोमांचक सीन्स की शूटिंग स्कॉटलैंड की वादियों और खूबसूरत पहाड़ी शहर शिमला में की जाएगी। हॉरर जॉनर में कदम रखने से पहले अहान निर्देशक टीनू देसाई की फिल्म 'सनकी' में भी अपनी दमदार अदाकारी का जलवा बिखेरते नजर आएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:29 pm

आसमान से बरसती हैं हजारों जिंदा मछलियां! क्या है यूटा की पहाड़ी झीलों का यह हैरान करने वाला और अनोखा रहस्य

आसमान से पानी या बर्फ की बूंदों की बारिश होना तो आम बात है, लेकिन अगर कभी आपको आसमान से अचानक जिंदा मछलियां बरसती हुई दिखाई दें, तो आपका चौंकना लाजिमी है। अमेरिका के यूटा (Utah) राज्य की पहाड़ी झीलों में इन दिनों कुछ ऐसा ही अनोखा और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिल रहा है, जहां वैज्ञानिक और वन्यजीव विभाग के अधिकारी हवाई जहाजों के जरिए आसमान से झीलों में मछलियां गिरा रहे हैं। सुनने में यह किसी चमत्कार या साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लग सकता है, लेकिन वास्तव में यह दशकों से चली आ रही एक सोची-समझी वैज्ञानिक रणनीति है, जिसका उद्देश्य दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों में जलीय जीवों का संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है।यूटा की पहाड़ी झीलों में क्यों पड़ती है 'मछलियों की बारिश' की जरूरत?अमेरिका के यूटा की ये पहाड़ी झीलें हाइकर्स, प्रकृति प्रेमियों और फिशिंग (मछली पकड़ने) के शौकीनों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, खासकर गर्मियों के मौसम में जब यहां के रास्ते सुगम होते हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश झीलें बेहद ऊबड़-खाबड़ और दुर्गम पहाड़ों के बीच स्थित हैं, जहां सड़क मार्ग से गाड़ियों या अन्य साधनों के जरिए पहुंचना नामुमकिन है। इतिहास में इन पहाड़ी झीलों में प्राकृतिक रूप से मछलियों का अस्तित्व नहीं था या फिर उनकी संख्या बेहद नगण्य थी। जब इन इलाकों में मछली पकड़ने के शौकीनों की गतिविधियां बढ़ने लगीं, तो झीलों में प्राकृतिक रूप से मौजूद मछलियों की आबादी तेजी से घटने लगी। ऐसे में मनोरंजन और संरक्षण के संतुलन को बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक वर्षों से इस अनूठे एरियल मेथड (हवाई तरीके) का इस्तेमाल करते आ रहे हैं।क्या है हवाई जहाज से मछलियां गिराने की पूरी प्रक्रिया?यह पूरी प्रक्रिया किसी फिल्मी स्टंट का हिस्सा नहीं, बल्कि यूटा के 'डिविजन ऑफ वाइल्डलाइफ रिसोर्सेज' (DWR) द्वारा चलाई जाने वाली एक पेशेवर संरक्षण योजना है। हर साल गर्मियों के सीजन में, DWR के अधिकारी विशेष रूप से डिजाइन किए गए हल्के विमानों में बड़े-बड़े वाटर टैंक स्थापित करते हैं। इन टैंकों में छोटी ट्राउट (Trout) और अन्य उपयुक्त प्रजाति की मछलियों को भरा जाता है। इसके बाद विमानों को ऊंचाई पर स्थित उन दूर-दराज की झीलों के ऊपर उड़ान भरवाई जाती है, जहां जमीनी रास्तों से जाना संभव नहीं है। विमान से इन मछलियों को पानी के साथ हवा में सुरक्षित तरीके से छोड़ दिया जाता है, जो सीधे नीचे मौजूद झील के पानी में गिरकर जिंदा बच जाती हैं और इस तरह झीलों में मछलियों की संख्या लगातार बरकरार रहती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:25 pm

सऊदी अरब के समर्थन में उतरा पाकिस्तान, हूतियों को दी सीधी चेतावनी; क्या ईरान से टकराने की तैयारी में है शहबाज-मुनीर की जोड़ी

मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक समीकरणों में एक बड़ा मोड़ आता दिख रहा है, जहां पाकिस्तान ने सऊदी अरब के पक्ष में खड़े होते हुए यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों को खुली चेतावनी दे दी है। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय (FO) ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों और सऊदी अरब के खिलाफ हूतियों द्वारा दी गई नाकाबंदी की धमकियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस कड़े रुख के बाद कूटनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि क्या अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मध्यस्थता की बात करने वाला पाकिस्तान अब सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते के चलते सीधे ईरान समर्थित ताकतों से दो-दो हाथ करने की तैयारी कर रहा है।हूतियों की नाकाबंदी की धमकी पर पाकिस्तान का सख्त रुख और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवालापाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के बंदरगाहों की आपूर्ति और लाल सागर में नौवहन को बाधित करने की कोई भी कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। इस्लामाबाद ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों या देश के समुद्री हितों को नुकसान पहुंचाने वाली हर कार्रवाई को उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा खतरा माना जाएगा। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहते हुए अपनी संपत्तियों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आत्मरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखा है। जानकारों का मानना है कि सितंबर 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए पारस्परिक रक्षा समझौते, जिसमें एक पर हमला दोनों पर हमला माना जाता है, के तहत यह तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।ईरान से टकराव के आसार और लाल सागर में बढ़ता समुद्री संकटएक तरफ जहां पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का दावा करता रहा है, वहीं सऊदी अरब के साथ उसकी गहरी सामरिक साझेदारी अब उसे एक बड़ी दुविधा में डाल रही है। यमन के हूती विद्रोहियों को ईरान का खुला समर्थन प्राप्त है, ऐसे में यदि पाकिस्तान हूतियों के खिलाफ किसी भी सैन्य या प्रत्यक्ष कार्रवाई में शामिल होता है, तो इसे सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ कदम माना जा सकता है। इस स्थिति में ईरान और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक या सामरिक मोर्चे पर टकराव के आसार बढ़ सकते हैं। दूसरी ओर, हूतियों की धमकियों के चलते लाल सागर में तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके कारण सऊदी क्रूड तेल ले जाने वाले जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ा है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पर सख्त नाराजगी जताई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:24 pm

अमेरिका पर मंडराया 9/11 जैसे भीषण हमले का खतरा! स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी पर ईरान की खुली धमकी

अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद किए जाने और समुद्री जहाजों पर हमलों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर बेहद सख्त नजर आ रहे हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिका को खुली धमकी दे डाली है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसके बुनियादी ढांचे और ठिकानों पर हमले बंद नहीं किए, तो अमेरिका में साल 2001 के 9/11 जैसी तबाही और राष्ट्रीय शोक की स्थिति पैदा हो जाएगी। इस तीखी बयानबाजी के बाद पश्चिम एशिया (Middle East) में एक बड़े और विनाशकारी युद्ध की आशंकाएं और अधिक गहरी हो गई हैं।डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी और होर्मुज स्ट्रेट का विवादअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। ट्रंप ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी व्यावसायिक या अन्य जहाज पर मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन से हमला किया, तो अमेरिकी सेना ईरान के सभी प्रमुख पुलों, पावर प्लांट्स और तेहरान के आसपास के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को बमबारी कर मलबे में बदल देगी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में ईरान समर्थित गतिविधियों के तहत 30 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिसके कारण जून में हुआ युद्धविराम समझौता भी खतरे में पड़ गया है। अमेरिका की साफ शर्त है कि जब तक ईरान जहाजों पर हमले रोककर होर्मुज में नौवहन सामान्य नहीं करता, तब तक सैन्य दबाव बना रहेगा।IRGC की परमाणु और बुनियादी ढांचे के हमलों पर खौफनाक प्रतिक्रियाडोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान के परमाणु ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की लगातार मिल रही धमकियों के बाद IRGC ने बेहद आक्रामक तेवर दिखाए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के पुलों और अंडरग्राउंड परमाणु ठिकानों जैसे अति-सुरक्षित 'पिकैक्स माउंटेन' पर बमबारी करने का दुस्साहस किया, तो ईरान इसका ऐसा करारा जवाब देगा जिससे अमेरिका को भारी पछतावा होगा और वहां राष्ट्रीय शोक का माहौल बन जाएगा। पिछले 12 दिनों से अमेरिकी सेना द्वारा दक्षिणी ईरान के विभिन्न हिस्सों में लगातार की जा रही बमबारी के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की सारी उम्मीदें धुंधली होती नजर आ रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:22 pm

पाक नहीं तो PoK ही सही, मुझे वहां का प्रधानमंत्री बनाओ भाई! शहबाज शरीफ के सामने नवाज शरीफ ने रख दी अजीबोगरीब मांग

पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बयानों का दौर तेज हो गया है और इस बार देश के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक बेहद हैरान करने वाली इच्छा जताई है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के प्रमुख और मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बड़े भाई नवाज शरीफ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK का प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश जाहिर की है। मुजफ्फराबाद में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि PoK उनके लिए उनके अपने प्रांत पंजाब जितना ही महत्वपूर्ण है और उनके पूर्वज भी कश्मीर से ही ताल्लुक रखते थे, इसलिए वे इस क्षेत्र को अपना 'दूसरा घर' मानते हैं।शहबाज शरीफ से करेंगे गुहार, विकास की देखरेख खुद करना चाहते हैं नवाजचुनावी मंच से भाषण देते हुए नवाज शरीफ ने कहा कि यदि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में जीत दर्ज करती है, तो वे अपने भाई और देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अनुरोध करेंगे कि उन्हें PoK का प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाए। उन्होंने दलील दी कि उनकी इस मांग के पीछे कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि इस इलाके के विकास की देखरेख खुद करने की मंशा है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान के भीतर मचे सियासी घमासान और आर्थिक बदहाली के बीच नवाज शरीफ का यह बयान केवल राजनीतिक जमीन तलाशने की एक कोशिश मात्र है।अशांति के दौर से गुजर रहा PoK और आगामी चुनावों की चुनौतियांपाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 27 जुलाई से 10 अगस्त के बीच चुनाव होने वाले हैं, लेकिन मौजूदा हालात बेहद अशांत बने हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन चुनावों में नवाज शरीफ की पार्टी PML-N का मुकाबला पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से है, जो केंद्र की सरकार में उनकी सहयोगी पार्टी भी है। दूसरी ओर, यह पूरा इलाका इन दिनों भारी विरोध प्रदर्शनों और जन-आंदोलन की चपेट में है। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के नेतृत्व में महंगाई, आसमान छूती बिजली दरों और शासकों के विशेषाधिकारों के खिलाफ लगातार धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें अब तक 30 से अधिक लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों का 'लॉन्ग मार्च' और विरोध प्रदर्शन जारी रहने की चेतावनी ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।भारत का रुख पूरी तरह साफ: PoK हमारा अभिन्न अंगएक तरफ जहां पाकिस्तान के नेता PoK में चुनावी रैलियां कर रहे हैं और अजीबोगरीब मांगें रख रहे हैं, वहीं भारत सरकार का रुख इस मामले में बेहद स्पष्ट और कड़ा रहा है। नई दिल्ली का हमेशा से यह स्टैंड रहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है तथा पाकिस्तान ने इसके एक बड़े हिस्से पर अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है। भारत ने PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले तथाकथित चुनावों और प्रशासनिक बैठकों पर हमेशा कड़ा विरोध दर्ज कराया है और स्पष्ट किया है कि भारत इन अवैध कब्जों वाले क्षेत्रों की किसी भी राजनीतिक गतिविधि या तथाकथित विधानसभा को कोई मान्यता नहीं देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:21 pm

EV Home Charging Safety Tips: घर पर Electric Scooter चार्ज करने से पहले जरूर रखें इन बातों का ध्यान, वरना हो सकता है बड़ा हादसा

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इसके साथ ही घर पर EV चार्जिंग की सुरक्षा को लेकर लोगों में अभी भी कई सवाल और भ्रम बने हुए हैं। हाल ही में नोएडा में चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक वाहन में आग ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 6:11 pm

कविता- तू ना हो तो...

तू ना हो तो ये दिन थम सा जाता है,बिना तेरे हमसे रहा नहीं जाता है....

वेब दुनिया 23 Jul 2026 5:19 pm

CJP आंदोलन के बीच CBI का बड़ा खुलासा, NEET-UG पेपर लीक केस में संजीव मुखिया के खिलाफ नहीं मिला कोई सबूत

एक ओर देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आंदोलन कर रही है और केंद्र सरकार पर कार्रवाई का दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG 2024 पेपर लीक ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 5:13 pm

अगर मेट्रो स्टेशन बंद रहने का मामला नहीं सुलझा, तो कोर्ट दखल देगा: सीजेआई

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष विकास सिंह ने गुरुवार को शीर्ष अदालत का ध्यान जंतर मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के बंद होने की ओर दिलाया। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि वकीलों, मुकदमों से जुड़े लोगों, रजिस्ट्री कर्मचारियों और उच्चतम न्यायालय में प्रवेश के लिए […] The post अगर मेट्रो स्टेशन बंद रहने का मामला नहीं सुलझा, तो कोर्ट दखल देगा: सीजेआई appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 4:57 pm

UP-बिहार से पंजाब का सफर होगा आसान: 10,389 KM का एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार, जानें हाई-स्पीड कॉरिडोर से किन राज्यों की बदलेगी किस्मत

देश में लॉजिस्टिक्स लागत को घटाने, माल ढुलाई की रफ्तार बढ़ाने और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को नया आयाम देने के लिए केंद्र सरकार का नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान अब तक के सबसे बड़े स्वरूप में सामने आ रहा है। उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और झारखंड—को आपस में जोड़ने के लिए 10,389 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे और एक्सेस-नियंत्रित हाई-स्पीड कॉरिडोर नेटवर्क (High-Speed Corridor Network) तेजी से आकार ले रहा है। इस विशाल नेटवर्क के पूरी तरह तैयार होने के बाद न केवल उत्तर प्रदेश और बिहार से पंजाब-हरियाणा के औद्योगिक शहरों का सफर आधा रह जाएगा, बल्कि इससे पूर्वी और उत्तरी भारत के बीच व्यापार की एक नई क्रांति देखने को मिलेगी। आइए एक इंफ्रास्ट्रक्चर और पॉलिसी रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि यह प्रोजेक्ट क्या है और इससे आम लोगों व व्यापारियों को क्या लाभ होंगे।10,389 किमी कॉरिडोर नेटवर्क: उत्तर भारत को जोड़ने वाली मुख्य कड़ियांभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के विजन के तहत विकसित किया जा रहा यह विशाल सड़क नेटवर्क कई प्रमुख आर्थिक गलियारों (Economic Corridors) को आपस में जोड़ेगा:अमृतसर-जामनगर और लुधियाना-अजमेर कॉरिडोर का विस्तार: यह कॉरिडोर पंजाब के कृषि व औद्योगिक क्षेत्रों को पश्चिमी तटों और मध्य भारत के औद्योगिक हब से जोड़ता है।पूर्वांचल और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से कनेक्शन: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को इस नेटवर्क के जरिए सीधे पंजाब और हरियाणा से जोड़ा जा रहा है।बिहार और झारखंड की सीधी पहुंच: बिहार के पटना-बक्सर एक्सप्रेसवे और वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वी राज्यों के किसान, व्यापारी और छात्र चंद घंटों में यूपी और पंजाब तक पहुंच सकेंगे।इस मेगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क के 4 सबसे बड़े फायदेसफर के समय और ईंधन में भारी बचत: एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार 100 से 120 किमी/घंटा रहेगी, जिससे यूपी और बिहार से पंजाब या दिल्ली जाने वाले भारी वाहनों का सफर समय लगभग 40% तक घट जाएगा।लॉजिस्टिक्स और कृषि उत्पादों की त्वरित डिलीवरी: पंजाब और हरियाणा से अनाज, कपड़ा और मशीनरी तथा बिहार-यूपी से कच्चा माल व कृषि उत्पाद एक से दूसरे राज्य तक बिना किसी रुकावट के पहुंच सकेंगे, जिससे सामान का नुकसान कम होगा।औद्योगिक गलियारों और रोजगार का सृजन: इन हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के दोनों तरफ मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP), फूड प्रोसेसिंग जोन और औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।कनेक्टिविटी से बदलेगी राज्यों की आर्थिक किस्मत: यूपी और बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्यों के छोटे शहरों को सीधे राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने से स्थानीय रियल एस्टेट और व्यापार को अभूतपूर्व उछाल मिलेगा।अत्याधुनिक सुरक्षा और एआई-पावर्ड टोल सिस्टमइस 10,389 किमी लंबे एक्सप्रेसवे नेटवर्क को 'स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर' के मानकों पर तैयार किया जा रहा है:एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS): पूरे हाईवे पर एआई कैमरे और सेंसर तैनात रहेंगे जो ओवरस्पीडिंग, दुर्घटना या सड़क पर किसी भी रुकावट की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को देंगे।जीपीएस-बेस्ड बैरियरलेस टोलिंग: टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सैटेलाइट (GNSS) आधारित टोल संग्रह प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे गाड़ी बिना रुके टोल पार कर सकेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 4:45 pm

बैंकिंग सेक्टर पर मंडराया AI साइबर अटैक का खतरा: 25 बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर बैंकों ने तैयार किया सुरक्षा चक्र

डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के बढ़ते प्रसार के साथ-साथ साइबर अपराधियों के तरीके भी पहले से कहीं अधिक आधुनिक और खतरनाक हो चुके हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जनरेटिव एआई और डीपफेक (Deepfake) तकनीक का इस्तेमाल कर साइबर ठग अब सीधे बैंकों के डेटा सर्वर, यूजर क्रेडेंशियल्स और ऑथेंटिकेशन सिस्टम को निशाना बना रहे हैं। एआई आधारित इन जटिल साइबर हमलों (AI Cyber Attacks) के गंभीर खतरे को देखते हुए देश के प्रमुख सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बैंकों ने एकजुट होकर सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। बैंकों ने दुनिया की 25 प्रमुख टेक और साइबर सिक्योरिटी कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। आइए एक टेक और साइबर सिक्योरिटी रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि यह सुरक्षा चक्र कैसे काम करेगा और इससे आम ग्राहकों को क्या फायदा होगा।25 टेक दिग्गजों के साथ हाथ मिलाकर 'एआई डिफेन्स नेटवर्क' तैयारबैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करने के लिए देश के अग्रणी बैंकों (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB आदि) ने माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, पालो आल्टो नेटवर्क, सिस्को जैसी 25 प्रमुख वैश्विक टेक और साइबर सुरक्षा प्रदाताओं के साथ हाथ मिलाया है।रियल-टाइम थ्रेट डिटेक्टिव सिस्टम: इस साझेदारी के तहत बैंक ऐसा AI-पावर्ड डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं जो साइबर अटैक होने से पहले ही सिस्टम में किसी भी तरह की असामान्य गतिविधि (Anomaly Detection) को भांप लेगा।24/7 ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग: यह सिस्टम चौबीसों घंटे चालू रहेगा और लाखों फर्जी लेनदेन, संदिग्ध आईपी एड्रेस या मैलवेयर अटैक की पहचान कर उन्हें सेकंडों में ब्लॉक कर देगा।बैंकिंग सेक्टर के सामने 3 सबसे बड़े AI खतरेडीपफेक और वॉयस क्लोनिंग फ्रॉड: अपराधी एआई की मदद से ग्राहकों या बैंक के शीर्ष अधिकारियों की आवाज व चेहरे की क्लोनिंग करके फर्जी ऑथेंटिकेशन और भारी भरकम ट्रांजैक्शन करवाने की कोशिश कर रहे हैं।एडवांस्ड फ़िशिंग अटैक्स (AI Phishing): एआई द्वारा तैयार किए गए बेहद असली दिखने वाले ईमेल और मैसेज के जरिए बैंक ग्राहकों के पासवर्ड और ओटीपी (OTP) चुराए जा रहे हैं।सिस्टम लूपहोल हैकिंग: हैकर्स एआई एल्गोरिदम का इस्तेमाल कर बैंकों की मुख्य बैंकिंग प्रणालियों (Core Banking Software) में छिपी सुरक्षा कमियों को तेजी से तलाश रहे हैं।ग्राहकों की सुरक्षा और आरबीआई (RBI) के नए दिशा-निर्देशभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भी सभी वित्तीय संस्थानों को एआई बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन मैकेनिज्म अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।25 दिग्गज कंपनियों के साथ हुए इस गठजोड़ का मुख्य लक्ष्य 'मल्टी-फैक्टर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन' और 'बिहेवियरल एनालिसिस' को लागू करना है। इसका मतलब यह है कि यदि कोई साइबर ठग आपका पासवर्ड या ओटीपी हासिल भी कर लेता है, तो एआई सिस्टम ग्राहक के सामान्य व्यवहार और लोकेशन से भिन्न गतिविधि देखते ही ट्रांजैक्शन रोक देगा। इससे आम ग्राहकों की मेहनत की कमाई डिजिटल फ्रॉड से पूरी तरह सुरक्षित रह सकेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 4:43 pm

24 घंटे में चार बार बातचीत का प्रस्ताव, सरकार बोली- नड्डा के घर या दफ्तर में भी हो सकती है चर्चा

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने 24 घंटे में CJP को चार बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बैठक की पेशकश की गई, जबकि CJP ने जंतर-मंतर या तटस्थ स्थान पर चर्चा की मांग रखी।

देशबन्धु 23 Jul 2026 4:40 pm

Kia Syros EV भारत में ₹13.49 लाख में लॉन्च: 526 KM की धमाकेदार रेंज, मात्र 39 मिनट में होगी चार्ज

भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार में हलचल तेज करते हुए किआ इंडिया (Kia India) ने अपनी बहुप्रतीक्षित कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक एसयूवी Kia Syros EV को भारतीय बाजार में आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। 13.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की आकर्षक शुरुआती कीमत पर आई यह कार कंपनी के पोर्टफोलियो में Carens Clavis EV के बाद दूसरी मास-मार्केट इलेक्ट्रिक गाड़ी है। अपने सेगमेंट में 500 किमी से अधिक प्रमाणित रेंज देने वाली यह पहली कार बन गई है, जो सीधे तौर पर Tata Nexon EV और Mahindra XUV 3XO EV जैसी स्थापित कारों को कड़ी टक्कर देगी। आइए एक ऑटोमोबाइल रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं इसके स्पेसिफिकेशंस, फीचर्स और वेरिएंट्स की पूरी रिपोर्ट।कीमत और वेरिएंट्स (Variants & Pricing)कंपनी ने ग्राहकों की सुविधा और बजट को ध्यान में रखते हुए Syros EV को दो अलग-अलग बैटरी पैक और 7 वेरिएंट्स में पेश किया है:42 kWh स्टैंडर्ड रेंज (443 km रेंज):HTK: ₹13.49 लाखHTK+: ₹14.99 लाखHTX: ₹15.99 लाख51.4 kWh एक्सटेंडेड रेंज (526 km रेंज):HTK+ ER: ₹16.99 लाख से शुरू होकर X-Line ER (टॉप मॉडल) के लिए ₹19.99 लाख (एक्स-शोरूम) तक जाती है।(कंपनी 30 जुलाई से इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की डिलीवरी शुरू कर देगी।)दमदार परफॉर्मेंस, बैटरी और फास्ट चार्जिंगदो बैटरी विकल्प: 42 kWh बैटरी पैक 443 किमी (ARPA-सर्टिफाइड) की रेंज देता है, जबकि बड़ा 51.4 kWh पैक 526 किमी की शानदार रेंज प्रदान करता है।पावर और स्पीड: इसमें लगा 171 PS पावर वाला इलेक्ट्रिक मोटर कार को महज 8.1 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटे की रफ्तार पकड़ने की ताकत देता है।फास्ट चार्जिंग: 100 kW DC फास्ट चार्जर की मदद से इस कार की बैटरी को सिर्फ 39 मिनट में 10% से 80% तक चार्ज किया जा सकता है।प्रीमियम इंटीरियर और हाई-टेक फीचर्सकिआ ने सिरोस ईवी को टेक्नोलॉजी और कम्फर्ट के मामले में बेहद एडवांस बनाया है:30-इंच ट्रिनिटी डिस्प्ले: डैशबोर्ड पर दो 12.3-इंच की टचस्क्रीन और 5-इंच का क्लाइमेट कंट्रोल पैनल दिया गया है।कम्फर्ट फीचर्स: वेंटिलेटेड फ्रंट व रियर सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ, 8-स्पीकर वाला हरमन कार्डन ऑडियो सिस्टम और वायरलेस फोन चार्जर।सेफ्टी पैकेज: 6 एयरबैग्स, 360-डिग्री कैमरा और 16 एडवांस सेफ्टी फीचर्स के साथ Level-2 ADAS की सुरक्षा। इसके साथ ही इसमें व्हीकल-टू-लोड (V2L) तकनीक भी दी गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 4:39 pm

सैन डिएगो कॉमिक-कॉन (SDCC) में लॉन्च हुआ रणबीर कपूर की 'रामायण' का ट्रेलर: नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा के इस भव्य प्रोजेक्ट की जानिए 5 बड़ी बातें

भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित पौराणिक फिल्मों में से एक—नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 'रामायण' (Ramayana) ने वैश्विक मंच पर अपना पहला जोरदार धमाका कर दिया है। अमेरिका में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े पॉप-कल्चर सम्मेलन सैन डिएगो कॉमिक-कॉन (San Diego Comic-Con - SDCC 2026) के प्रतिष्ठित बॉलरूम 20 (Ballroom 20) में फिल्म के मुख्य सितारे रणबीर कपूर (भगवान राम), यश (रावण), निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा (प्राइम फोकस स्टूडियोज) की मौजूदगी में 'रामायण' का भव्य ऑफिशियल ट्रेलर और एक्सक्लूसिव फुटेज लॉन्च किया गया। आइए एक एंटरटेनमेंट रिपोर्टर की नजर से देखते हैं कॉमिक-कॉन में हुए इस ऐतिहासिक इवेंट की 5 मुख्य हाईलाइट्स।1. अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहली भारतीय पौराणिक महागाथा का परचमसैन डिएगो कॉमिक-कॉन (SDCC) के लगभग 4,800 दर्शक क्षमता वाले हॉल में पहली बार किसी भारतीय फिल्म का इतने बड़े पैमाने पर प्रेजेंटेशन किया गया।निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी ने वैश्विक दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के सबसे पवित्र और प्राचीन महाकाव्य को अत्याधुनिक तकनीक, वैश्विक वीएफएक्स (VFX) और अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ दुनिया के सामने पेश किया जा रहा है। कॉमिक-कॉन में दिखाए गए फुटेज ने हॉल में मौजूद अंतरराष्ट्रीय और भारतीय दर्शकों को अचंभित कर दिया।2. रणबीर कपूर और केजीएफ स्टार यश का दमदार अंदाजट्रेलर में रणबीर कपूर (भगवान राम के किरदार में) का शांत, सौम्य और दिव्य स्वरूप दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देने वाला है। वहीं, साउथ सुपरस्टार यश (लंकापति रावण के किरदार में) का एग्रेसिव और शक्तिशाली अवतार स्क्रीन पर एक अलग ही ऊर्जा बिखेरता है। दोनों सितारों का स्क्रीन प्रेजेंस और उनके बीच का द्वंद्व फिल्म का मुख्य आकर्षण होने वाला है।3. वीएफएक्स (VFX) और एआई टेक्नोलॉजी में बड़ा सुधारइससे पहले जारी किए गए ग्लिम्स (Glimpse) में वीएफएक्स को लेकर दर्शकों की तरफ से मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बाद मेकर्स ने विजुअल इफेक्ट्स पर काफी बारीकी से काम किया है।प्राइम फोकस का मैजिक: ऑस्कर विजेता वीएफएक्स कंपनी 'प्राइम फोकस' ने अयोध्या नगरी, पुष्पक विमान और लंका के महलों के दृश्यों को बेहद जीवंत और भव्य बनाया है।एआई लिप-सिंक (AI Lip-Sync): अंतरराष्ट्रीय रिलीज के लिए अंग्रेजी में डब किए गए फुटेज में एआई-असिस्टेड लिप-सिंक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है ताकि विदेशी दर्शकों को यह फिल्म स्वाभाविक लगे।4. दो भागों में रिलीज होगी फिल्म: दिवाली 2026 में पहला पार्टमेकर्स ने कॉमिक-कॉन के मंच से आधिकारिक पुष्टि की है कि 'रामायण' को दो भागों (Two-Part Epic) में रिलीज किया जाएगा:रामायण पार्ट-1: दिवाली 2026 (नवंबर 2026) के मौके पर दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।रामायण पार्ट-2: दिवाली 2027 में बड़े पर्दे पर दस्तक देगी।5. देश के 400 से ज्यादा स्कूलों में 'हमारा सत्य' अभियानफिल्म केवल बड़े पर्दे तक सीमित नहीं रहेगी। निर्माताओं ने बच्चों और युवाओं को रामायण के मूल्यों, धर्म और इतिहास से जोड़ने के लिए भारत के 18 शहरों के 400 से अधिक स्कूलों में 'हमारा सत्य, हमारा इतिहास' नाम से एक राष्ट्रव्यापी स्कूली अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत 5 लाख से अधिक छात्रों को क्विज़ और प्रतियोगिताओं के जरिए इस गाथा से जोड़ा जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 4:37 pm

बार-बार लगती है तेज भूख? इसे केवल खान-पान की आदत न समझें, इन गंभीर बीमारियों का हो सकता है शुरुआती संकेत

पर्याप्त मात्रा में भोजन करने के कुछ ही देर बाद क्या आपको फिर से तेज भूख महसूस होने लगती है? अक्सर लोग इसे केवल अच्छी पाचन शक्ति, स्वाद का चटोरापन या अधिक शारीरिक मेहनत का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, यदि यह समस्या आपके साथ रोज हो रही है, तो इसे चिकित्सा की भाषा में 'पॉलीफेजिया' (Polyphagia) कहा जाता है।अत्यधिक और लगातार भूख लगना केवल पेट का खेल नहीं है, बल्कि यह शरीर के भीतर पनप रही कई हार्मोनल और मेटाबॉलिक बीमारियों का शुरुआती चेतावनी संकेत हो सकता है। आइए एक हेल्थ रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि हर समय भूख महसूस होना किन-किन मुख्य बीमारियों का इशारा हो सकता है और डॉक्टरों की इस पर क्या राय है।1. टाइप-2 डायबिटीज (Diabetes): कोशिकाओं तक ग्लूकोज न पहुंचनाबार-बार भूख लगने की सबसे बड़ी और आम वजह डायबिटीज (शुगर) हो सकती है।कारण: जब आप खाना खाते हैं, तो शरीर उसे ग्लूकोज में बदल देता है। लेकिन इंसुलिन रेजिस्टेंस या इंसुलिन की कमी के कारण खून में मौजूद यह ग्लूकोज शरीर की कोशिकाओं (Cells) तक नहीं पहुंच पाता।परिणाम: पर्याप्त खाना खाने के बावजूद आपकी कोशिकाएं ऊर्जा (Energy) के लिए तरसती रहती हैं और दिमाग को लगातार 'भूख लगी है' का सिग्नल भेजती रहती हैं।2. हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism): ओवरएक्टिव थायराइड ग्रंथियांजब हमारी गर्दन में मौजूद थायराइड ग्रंथि अत्यधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन (T3 और T4) का निर्माण करने लगती है, तो इसे हाइपरथायरायडिज्म कहा जाता है।कारण: थायराइड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म (उपापचय दर) को नियंत्रित करता है। हार्मोन का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ने से मेटाबॉलिज्म बेहद तेज हो जाता है।परिणाम: शरीर में कैलोरी बहुत तेजी से बर्न होती है, जिससे व्यक्ति को थोड़ी-थोड़ी देर में तेज भूख लगती है और ज्यादा खाने के बावजूद उसका वजन घटने लगता है।3. क्रोनिक स्ट्रेस (तनाव) और 'कोर्टिसोल' हार्मोनलगातार मानसिक तनाव, चिंता या अवसाद (Depression) में रहने से भी भूख का संतुलन बिगड़ जाता है।कारण: तनाव की स्थिति में हमारा शरीर 'कोर्टिसोल' (Cortisol) नाम का स्ट्रेस हार्मोन रिलीज करता है।परिणाम: कोर्टिसोल हार्मोन सीधे तौर पर भूख को बढ़ाता है और शरीर को हाई-कैलोरी, मीठे या जंक फूड (Comfort Foods) खाने के लिए उकसाता है, जिसे हम भाषा में 'इमोशनल ईटिंग' भी कहते हैं।4. नींद की कमी (Sleep Deprivation) और प्रोग्रेसिव हार्मोन असंतुलनरोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद न लेना हमारी भूख को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।कारण: अधूरी नींद के कारण शरीर में भूख बढ़ाने वाला 'घ्रेलिन' (Ghrelin) हार्मोन बढ़ जाता है और पेट भरने का अहसास कराने वाला 'लेप्टिन' (Leptin) हार्मोन घट जाता है।परिणाम: नींद पूरी न होने पर दिमाग ऊर्जा की कमी को पूरा करने के लिए बार-बार कार्बोहाइड्रेट्स और भोजन की मांग करता है।कब दिखाएं डॉक्टर को और क्या करें बचाव?यदि बार-बार भूख लगने के साथ-साथ आपको बहुत ज्यादा प्यास लग रही हो, बार-बार पेशाब आ रहा हो, बिना वजह वजन घट रहा हो या अत्यधिक थकान महसूस हो रही हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श लें।शुरुआती बचाव के उपाय:अपने दैनिक आहार में प्रोटीन, फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स की मात्रा बढ़ाएं, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहे।पर्याप्त मात्रा में (3 से 4 लीटर) पानी पिएं, क्योंकि कई बार शरीर 'डिहाइड्रेशन' (प्यास) को गलती से भूख समझ लेता है।नियमित रूप से खाली पेट ब्लड शुगर (Fasting Sugar) और थायराइड प्रोफाइल टेस्ट (Thyroid Profile) कराएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 4:36 pm

थलापति विजय की 'जन नायगन' से पहले जानिए डायरेक्टर एच विनोथ का रिपोर्ट कार्ड: कितनी हिट, कितनी फ्लॉप

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय (Thalapathy Vijay) की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायगन' (Jana Nayagan / थलापति 69) को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। पूर्णकालिक राजनीति में उतरने से पहले विजय की यह आखिरी फिल्म मानी जा रही है। इस पॉलिटिकल एक्शन-थ्रिलर का निर्देशन तमिल सिनेमा के बेहतरीन और प्रयोगधर्मी निर्देशकों में शुमार एच. विनोथ (H. Vinoth) कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि थलापति विजय पर बड़ा दांव लगाने वाले डायरेक्टर एच. विनोथ का अब तक का बॉक्स ऑफिस ट्रैक रिकॉर्ड (Hit & Flop Report Card) कैसा रहा है? आइए एक एंटरटेनमेंट रिपोर्टर की नजर से देखते हैं एच. विनोथ के करियर और उनकी फिल्मों का पूरा लेखा-जोखा।1. चतुरंगा वेट्टै (Sathuranga Vettai, 2014) – ब्लॉकबस्टर शुरुआतएच. विनोथ ने साल 2014 में लो-बजट क्राइम-थ्रिलर फिल्म 'चतुरंगा वेट्टै' से अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की थी।नटराज (नट्टी) अभिनीत इस फिल्म में मनी स्कैम और धोखाधड़ी के तरीकों को जिस यथार्थवादी अंदाज में दिखाया गया, उसने दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का दिल जीत लिया। महज कुछ करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर (Blockbuster) साबित हुई और विनोथ को रातों-रात तमिल सिनेमा में पहचान दिला दी।2. थीरन अधिगारम ओन्द्रु (Theeran Adhigaaram Ondru, 2017) – ऑल-टाइम सुपरहितअभिनेता कार्थी (Karthi) के साथ बनी यह एक्शन-पुलिस थ्रिलर फिल्म एच. विनोथ के करियर की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक मानी जाती है।सच्ची घटनाओं (बावरिया गैंग केस) पर आधारित इस रियलिस्टिक कॉप ड्रामा की कहानी, स्क्रीनप्ले और थ्रिल ने सिनेमाघरों में धमाल मचा दिया। फिल्म न केवल बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट (Superhit) रही, बल्कि इसे भारतीय सिनेमा की बेहतरीन पुलिस-ड्रामा फिल्मों में गिना जाने लगा।3. नेरकोंडा पारवई (Nerkonda Paarvai, 2019) – हिट (हिंदी फिल्म 'पिंक' का रीमेक)सुपरस्टार अजित कुमार (Ajith Kumar) के साथ एच. विनोथ का पहला कोलाबोरेशन अमिताभ बच्चन की चर्चित हिंदी फिल्म 'पिंक' के ऑफिशियल रीमेक के रूप में आया।अजित कुमार जैसे बड़े मास स्टार को एक गंभीर वकील के किरदार में पेश करना एक बड़ा जोखिम था, लेकिन विनोथ की कसी हुई पटकथा ने कमाल कर दिखाया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और इसे हिट (Hit) का टैग मिला।4. वलिमाई (Valimai, 2022) – एवरेज / मिला-जुला रिस्पॉन्सअजित कुमार के साथ विनोथ की दूसरी बड़ी फिल्म 'वलिमई' एक हाई-ऑक्टेन एक्शन और बाइक स्टंट थ्रिलर थी।फिल्म को लेकर जबरदस्त हाइप थी और इसने शुरुआती दिनों में बंपर ओपनिंग भी दर्ज की। हालांकि, कमज़ोर इमोशनल कनेक्ट और लंबे रनटाइम के कारण क्रिटिक्स की तरफ से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। भारी-भरकम बजट और भारी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के बावजूद ट्रेड एनालिस्ट्स ने इसे एवरेज (Average) की श्रेणी में रखा।5. तुनिवु (Thunivu, 2023) – कमर्शियल हिटअजित कुमार के साथ उनकी तीसरी फिल्म 'तुनिवु' बैंक डकैती और कॉर्पोरेट वित्तीय घोटालों पर आधारित एक मास-एक्शन थ्रिलर थी।पोंगल के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तगड़ी कमाई की और दुनिया भर में 200 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया। कमर्शियल लिहाज से यह फिल्म विनोथ के लिए एक हिट (Hit) साबित हुई।'जन नायगन' से क्या हैं उम्मीदें?एच. विनोथ का अब तक का रिकॉर्ड (5 फिल्मों में से 4 हिट/सुपरहिट और 1 एवरेज) यह साबित करता है कि उनके पास सोशल मैसेज के साथ मास-एक्शन को जोड़ने की जबरदस्त कला है। 'जन नायगन' में थलापति विजय, पूजा हेगड़े और बॉबी देओल जैसे सितारों की मौजूदगी और विनोथ की धारदार कहानी का संयोजन इसे 2026 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों की रेस में सबसे आगे खड़ा करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 4:35 pm

पेपर लीक कानून में भारी खामियां: राहुल गांधी का बड़ा दावा—एक भी बड़े मास्टरमाइंड को नहीं मिली सजा

देश भर में नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। संसद से लेकर सड़कों तक विपक्ष केंद्र सरकार को घेरने में जुटा है। इसी कड़ी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एंटी-पेपर लीक कानून (Public Examinations Act) पर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए इस कड़े कानून में कई ऐसी बड़ी खामियां (Loopholes) हैं, जिनकी वजह से पेपर लीक सिंडिकेट चलाने वाले बड़े सरगना और मास्टरमाइंड्स आसानी से बच निकलते हैं। आइए एक पॉलिटिकल और ग्राउंड रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि राहुल गांधी ने कानून पर क्या-क्या सवाल उठाए हैं।10 सालों में 152 पेपर लीक, पर एक भी बड़े मास्टरमाइंड को सजा नहींराहुल गांधी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश भर में 152 से ज्यादा सरकारी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।कानून में खामियां: राहुल गांधी के अनुसार, मौजूदा कानून का इस्तेमाल केवल छोटे-मोटे दलालों या जमीनी स्तर के मोहरों को पकड़ने के लिए होता है।सजा का अभाव: उन्होंने दावा किया कि आज तक एक भी ऐसे बड़े संस्थान, प्रिंटिंग प्रेस मालिक या कोचिंग माफिया के बड़े सरगना को सख्त सजा नहीं मिली है जो इन घोटालों के असली सूत्रधार होते हैं।एंटी-पेपर लीक कानून में राहुल गांधी ने बताईं 3 बड़ी कमियांजवाबदेही का अभाव: कानून में परीक्षा आयोजित कराने वाली प्रमुख एजेंसियों (जैसे NTA) के शीर्ष अधिकारियों और जवाबदेह मंत्रालयों पर सीधी आपराधिक जिम्मेदारी तय करने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।जांच प्रक्रिया में देरी: मामले की जांच में सालों लग जाते हैं, जिससे समय के साथ सबूत कमजोर हो जाते हैं और कानूनी दांव-पेच का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं।वित्तीय रिकवरी और मुआवजा नहीं: पेपर रद्द होने से प्रभावित हुए छात्रों को आर्थिक और मानसिक नुकसान का कोई मुआवजा नहीं मिलता, जबकि परीक्षा शुल्क के नाम पर युवाओं से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं।संसद में निष्पक्ष चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांगराहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस कानून की कमियों को दूर नहीं करती और परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव नहीं लाती, तब तक छात्रों को न्याय मिलना मुमकिन नहीं है। उन्होंने संसद के सत्र के दौरान इस पर व्यापक और निष्पक्ष चर्चा की मांग की है।साथ ही, विपक्ष ने निष्पक्ष जांच का हवाला देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को दोहराया है। फिलहाल, पीएम मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए 'फास्ट ट्रैक कोर्ट' के ऐलान के बाद राहुल गांधी का यह हमला सरकार के लिए एक नई राजनीतिक चुनौती बन गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 4:34 pm

सऊदी पर हूती हमले के बाद क्यों कांप उठा पाकिस्तान? समझें अमेरिका-ईरान जंग के बीच शहबाज सरकार की सबसे बड़ी मजबूरी

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा तनाव अब एक भयानक जंग का रूप लेता जा रहा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) द्वारा सऊदी अरब की तेल रिफाइनरियों और महत्वपूर्ण ठिकानों पर हालिया मिसाइल व ड्रोन हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में खलबली मच गई है। लेकिन इस क्षेत्रीय जंग की तपिश सबसे ज्यादा पाकिस्तान को झुलसा रही है। इस हमले के बाद शहबाज शरीफ सरकार बेहद घबराई हुई है और उसकी नींद उड़ गई है। आइए एक फॉरेन अफेयर्स और जियोपॉलिटिकल रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि आखिर सऊदी पर हुए इस हमले से पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका क्यों लगा है।1. घोर आर्थिक तंगी और तेल संकट का मंडराता भूतपाकिस्तान इस समय इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ से दबकर आईसीयू में है।तेल पर निर्भरता: पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों और कच्चे तेल (Crude Oil) के लिए लगभग पूरी तरह से खाड़ी देशों—खासकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)—पर निर्भर है।रिफाइनरी पर हमले का असर: हूती हमलों के चलते सऊदी के तेल उत्पादन में रुकावट आती है या लाल सागर (Red Sea) का समुद्री व्यापार मार्ग पूरी तरह बाधित होता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच सकते हैं।कंगाल होने का डर: पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) इतना भी नहीं है कि वह महंगे दामों पर तेल खरीद सके। यदि तेल महंगा हुआ, तो पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और अभूतपूर्व महंगाई वहां की जनता को सड़कों पर ला देगी।2. सऊदी से मिलने वाली 'खैरात' और वित्तीय मदद का रुकनापाकिस्तान का अस्तित्व फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कर्ज और सऊदी अरब द्वारा दी जाने वाली अरबों डॉलर की 'फाइनेंशियल बेलआउट' (आर्थिक मदद) पर टिका है।सऊदी अरब ने पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक में अरबों डॉलर डिपॉजिट करवा रखे हैं और वह शहबाज सरकार को उधार (Deferred Payment) पर तेल मुहैया कराता है। लेकिन अगर सऊदी अरब खुद युद्ध और सुरक्षा संकट में उलझ जाता है, तो वह पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय मदद पर रोक लगा सकता है। पाकिस्तान के लिए रियाध से मिलने वाली इस खैरात का बंद होना किसी बड़े आर्थिक झटके से कम नहीं होगा।3. अमेरिका और ईरान के बीच धर्मसंकट और 'सैंडविच' बना पाकिस्तानपाकिस्तान की सबसे बड़ी कूटनीतिक (Diplomatic) मजबूरी यह है कि उसकी सीमा एक तरफ ईरान से लगती है और दूसरी तरफ वह अमेरिका व सऊदी अरब का पिछलग्गू बना रहता है।ईरान से सीधी सीमा: पाकिस्तान की ईरान के साथ 900 किलोमीटर लंबी सीमा (सिस्तान-बलूचिस्तान बॉर्डर) साझा होती है। यदि अमेरिका ईरान पर पूर्ण युद्ध थोपता है, तो ईरान में होने वाली अस्थिरता का सीधा असर पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जारी अलगाववादी हिंसा पर पड़ेगा।दोनों तरफ कुआं, एक तरफ खाई: अमेरिका पाकिस्तान पर दबाव बनाएगा कि वह उसके सैन्य गठजोड़ का साथ दे या अपने हवाई अड्डों/एयरस्पेस का इस्तेमाल करने दे। लेकिन अगर पाकिस्तान अमेरिका का साथ देता है, तो ईरान उस पर हमला करने से परहेज नहीं करेगा। वहीं अगर वह न्यूट्रल (तटस्थ) रहता है, तो अमेरिका और सऊदी अरब उसकी आर्थिक डोर काट देंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 4:31 pm

नीट पेपर लीक मामले में 'फास्ट-ट्रैकिंग' न्याय, चार राज्यों में स्थापित की जाएंगी अदालतें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द न्याय दिलाने और कड़ी सजा देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 4:25 pm

दिल्ली छात्र आंदोलन के समर्थन में अन्ना हजारे का दो घंटे का मौन प्रदर्शन, भावुक होकर सरकार से संवाद की अपील

दिल्ली छात्र आंदोलन के समर्थन में अन्ना हजारे ने अहिल्यानगर के वाडिया पार्क में दो घंटे का मौन प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।

देशबन्धु 23 Jul 2026 4:19 pm

Samsung Galaxy Z Fold8, Fold8 Ultra और Flip8 लॉन्च: दमदार AI फीचर्स, नया डिजाइन और शानदार कैमरा के साथ आए नए फोल्डेबल स्मार्टफोन

सैमसंग ने अपनी नई Galaxy Z Fold8 सीरीज के साथ Galaxy Z Fold8 Ultra और Galaxy Z Flip8 को पेश किया है। कंपनी का कहना है कि नई फोल्डेबल सीरीज को अधिक प्रोडक्टिविटी, बेहतर AI अनुभव, शानदार कैमरा और पतले-हल्के डिजाइन के साथ तैयार किया गया है। नई Galaxy Z ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 4:13 pm

दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की

IMD ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। जानिए कहां-कहां रहेगा मानसून का सबसे ज्यादा असर।

देशबन्धु 23 Jul 2026 4:02 pm

NEET पेपर लीक: इंदौर में डटे 5 हजार छात्र, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, मिला LGBT और आम जनता का साथ

इंदौर। NEET पेपर लीक मामले को लेकर मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर का भंवरकुआं चौराहा बड़े आंदोलन का केंद्र बन चुका है। फ्लाई-ओवर के नीचे दिन-रात डटे 5,000 से अधिक छात्र-छात्राओं, परिजनों, वकीलों, कुछ संगठनों और आम नागरिकों का यह प्रदर्शन ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 3:51 pm

यूपी में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना मंजूर: मेधावी छात्राओं को मिलेंगी फ्री स्कूटी, जानें किसे मिलेगा लाभ

उत्तर प्रदेश की मेधावी छात्राओं के लिए योगी सरकार ने एक बहुत बड़ा और तोहफा देने वाला कदम उठाया है। राज्य सरकार ने बहुप्रतीक्षित 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' (Rani Laxmibai Scooty Scheme) के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही कॉलेज और यूनिवर्सिटी की छात्राओं को परिवहन सुविधा प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। आइए एक एजुकेशन रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि इस योजना का लाभ किसे और कैसे मिलेगा।किन छात्राओं को मिलेगा फ्री स्कूटी योजना का लाभ?सरकार द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस योजना का लाभ उठाने के लिए छात्राओं को कुछेक पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:शैक्षणिक योग्यता: यह योजना मुख्य रूप से कॉलेज, विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थानों में ग्रेजुएशन (स्नातक) या पोस्ट-ग्र ग्रेजुएशन (स्नातकोत्तर) की पढ़ाई कर रही मेधावी छात्राओं के लिए है।मेधा और अंक: पिछली परीक्षाओं में प्राप्त अंकों (Academic Merit) के आधार पर छात्राओं का चयन किया जाएगा, जिससे पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्राथमिकता मिल सके।उत्तर प्रदेश की मूल निवासी: इस योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश की मूल निवासी छात्राओं को ही मिलेगा, जो राज्य के सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्थानों में अध्ययनरत हैं।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Documents Required)यदि आप इस योजना के तहत आवेदन करना चाहती हैं, तो निम्नलिखित दस्तावेजों का तैयार होना अनिवार्य है:आधार कार्ड (Aadhaar Card)उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)कॉलेज या यूनिवर्सिटी का करंट ईयर का आईडी कार्ड / फीस रसीदपिछले शैक्षणिक वर्षों की मार्कशीट (मेरिट निर्धारण के लिए)पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और मोबाइल नंबरयोजना से छात्राओं को क्या होंगे बड़े फायदे?अक्सर ग्रामीण या दूर-दराज के इलाकों से कॉलेज आने वाली छात्राओं को परिवहन साधनों की कमी या सुरक्षा कारणों से पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता था। सरकार की इस फ्री स्कूटी योजना से न केवल छात्राओं की आवाजाही आसान होगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होगी। आने वाले दिनों में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और पोर्टल की विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 3:31 pm

मोटापा घटाने की नई दवा GLP-1 क्या है? जानें कैसे कम करती है वजन और इसके चमत्कारिक फायदे व साइड इफेक्ट्स

मोटापे (Obesity) और टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में आया GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) ड्रग्स का ट्रेंड इस समय दुनिया भर में तेजी से चर्चा बटोर रहा है। अंतरराष्ट्रीय हस्तियों से लेकर आम लोगों तक, तेजी से वजन घटाने के लिए इस दवा (जैसे Ozempic, Wegovy और Mounjaro में इस्तेमाल होने वाले सॉल्ट) का सहारा ले रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि GLP-1 आखिर क्या है, यह हमारे शरीर में काम कैसे करती है और क्या बिना डॉक्टर की सलाह के इसे लेना सुरक्षित है? आइए एक हेल्थ रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि यह दवा कैसे काम करती है, इसके फायदे क्या हैं और इसके संभावित साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं।GLP-1 दवा क्या है और यह शरीर में कैसे काम करती है?GLP-1 दरअसल हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने वाले एक हार्मोन (Glucagon-like peptide-1) का सिंथेटिक या कृत्रिम रूप है, जिसे GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट कहा जाता है।जब हम खाना खाते हैं, तो हमारी आंतें (Intestines) यह हार्मोन रिलीज करती हैं। GLP-1 आधारित दवाएं मुख्य रूप से तीन तरीकों से काम करती हैं:मस्तिष्क को तृप्ति का अहसास कराना: यह दवा दिमाग के उस हिस्से को सिग्नल भेजती है जो भूख को नियंत्रित करता है, जिससे व्यक्ति को पेट भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार खाने (Cravings) की इच्छा खत्म हो जाती है।पाचन की गति धीमी करना: यह पेट से भोजन के खाली होने की प्रक्रिया (Gastric Emptying) को धीमा कर देती है, जिससे व्यक्ति लंबे समय तक खुद को फुल महसूस करता है।इंसुलिन रिलीज को बढ़ाना: यह अग्न्याशय (Pancreas) को पर्याप्त इंसुलिन बनाने के लिए उत्तेजित करती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।GLP-1 दवाओं के मुख्य स्वास्थ्य लाभतेजी से वजन में कमी: क्लीनिकल ट्रायल्स और अध्ययनों के अनुसार, सही खुराक और डॉक्टरी देखरेख में इस दवा के इस्तेमाल से कुछ ही महीनों में शरीर का 10% से 15% तक वजन आसानी से कम हो सकता है।टाइप-2 डायबिटीज पर नियंत्रण: यह दवा मुख्य रूप से ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई थी, इसलिए यह शुगर के मरीजों मेंHbA1c लेवल को तेजी से सुधारती है।हृदय रोगों (Heart Diseases) का खतरा कम होना: वजन घटने और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित होने से दिल का दौरा (Heart Attack) और स्ट्रोक आने का जोखिम काफी हद तक घट जाता है।साइड इफेक्ट्स और खतरे: जिन्हें जानना बेहद जरूरी हैभले ही GLP-1 दवा वजन घटाने में चमत्कारिक लगे, लेकिन बिना डॉक्टरी परामर्श और लापरवाही से इसका सेवन करने पर कई गंभीर दुष्प्रभाव (Side Effects) हो सकते हैं:पाचन संबंधी समस्याएं: शुरुआती दिनों में उल्टी, जी मिचलाना (Nausea), दस्त (Diarrhea), कब्ज और पेट में तेज ऐंठन होना बहुत आम है।मसल लॉस (मांसपेशियों का घटना): तेजी से वजन घटने के दौरान फैट के साथ-साथ शरीर की मांसपेशियां (Muscle Mass) भी तेजी से कम होने लगती हैं, जिससे कमजोरी आ सकती है।गंभीर साइड इफेक्ट्स: दुर्लभ मामलों में अग्न्याशय में सूजन (Pancreatitis), गॉलब्लाडर (पित्ताशय) की पथरी और किडनी पर बुरा असर देखने को मिल सकता है।डॉक्टरों की सलाह: शॉर्टकट नहीं, जीवनशैली में बदलाव जरूरीहेल्थ एक्सपर्ट्स और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स का स्पष्ट मानना है कि GLP-1 दवाएं कोई 'जादुई गोली' नहीं हैं। दवा बंद करते ही यदि खान-पान पर नियंत्रण न रखा जाए, तो घटा हुआ वजन फिर से तेजी से वापस आ जाता है। इसलिए, इसका सेवन केवल गंभीर मोटापे और डायबिटीज के मरीजों द्वारा डॉक्टर की कड़ी निगरानी में ही किया जाना चाहिए। संतुलित आहार और नियमित कसरत ही वजन को स्थायी रूप से नियंत्रित रखने का सबसे सुरक्षित तरीका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 3:29 pm

पीरियड्स के दौरान ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानिए इसके पीछे का सच और डॉक्टरों की राय

मासिक धर्म यानी पीरियड्स (Periods) के दौरान अक्सर हमारी माताओं, दादियों या घर के बुजुर्गों द्वारा सलाह दी जाती है कि इस समय 'ठंडा पानी' या 'ठंडी तासीर' वाली चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। आमतौर पर माना जाता है कि ठंडा पानी पीने से यूट्रस (गर्भाशय) में एंठन बढ़ती है, ब्लीडिंग रुक जाती है या दर्द काफी ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन क्या इस पुरानी मिथक (Myth) में कोई वैज्ञानिक सच्चाई है, या फिर यह महज एक सुनी-सुनाई धारणा है? आइए एक हेल्थ रिपोर्टर के नजरिए से गायनेकोलॉजिस्ट्स (महिला रोग विशेषज्ञों) की राय और इसके पीछे के वैज्ञानिक सच को गहराई से समझते हैं।क्या पीरियड्स में ठंडा पानी पीने से ब्लीडिंग रुकती है? जानें वैज्ञानिक सचडॉक्टरों और मेडिकल साइंस के अनुसार, यह बात पूरी तरह से एक मिथक (Myth) है कि ठंडा पानी पीने से ब्लीडिंग रुक जाती है या खून के थक्के (Blood Clots) बनने लगते हैं।हमारी पाचन प्रणाली (Digestive System) और प्रजनन प्रणाली (Reproductive System) पूरी तरह से अलग-अलग अंगों द्वारा संचालित होती हैं। जब आप ठंडा पानी पीते हैं, तो वह आपके पेट (Stomach) में जाता है और शरीर के अंदर पहुंचते ही बॉडी टेम्परेचर (37C) के अनुसार तुरंत सामान्य हो जाता है। इसका यूट्रस की ब्लीडिंग या मेंस्ट्रुअल ब्लड फ्लो पर कोई सीधा नकारात्मक असर नहीं पड़ता है।फिर क्यों महसूस होता है दर्द या ऐंठन (Cramps)?हालांकि ठंडा पानी ब्लीडिंग को नहीं रोकता, लेकिन संवेदनशील शरीर वाली महिलाओं में पीरियड्स के समय ठंडा पानी पीने से कुछ हल्की समस्याएं जरूर महसूस हो सकती हैं:मांसपेशियों का खिंचाव: बहुत ज्यादा ठंडा या बर्फ का पानी पीने से कुछ महिलाओं की आंतों और पेट की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव (Gastrointestinal Spasm) महसूस हो सकता है, जिसे लोग गलती से पीरियड्स का दर्द मान लेते हैं।प्रोस्टाग्लैंडिन्स हार्मोन: पीरियड्स के दौरान गर्भाशय की परत को बाहर निकालने के लिए शरीर में 'प्रोस्टाग्लैंडिन्स' नाम का हार्मोन बनता है, जिससे प्राकृतिक रूप से ऐंठन (Cramps) होती है। इसका पानी के तापमान से कोई लेना-देना नहीं होता।पीरियड्स में गुनगुना पानी क्यों माना जाता है ज्यादा फायदेमंद?भले ही ठंडा पानी पीना हानिकारक न हो, लेकिन डॉक्टर पीरियड्स के दिनों में गुनगुना या हल्का गर्म पानी (Warm Water) पीने की सलाह देते हैं। इसके पीछे कई स्वास्थ्य लाभ छिपे हैं:ब्लड सर्कुलेशन में सुधार: गुनगुना पानी पीने से पेल्विक एरिया (पेड़ू के हिस्से) में रक्त प्रवाह तेज होता है और गर्भाशय की मांसपेशियां रिलैक्स (शिथिल) होती हैं, जिससे ऐंठन और दर्द में तुरंत राहत मिलती है।ब्लॉटिंग (पेट फूलना) से राहत: पीरियड्स के दौरान वॉटर रिटेंशन और गैस/अपच की समस्या आम होती है। गर्म पानी पाचन को दुरुस्त रखता है और ब्लॉटिंग को कम करता है।एनर्जी बनी रहती है: अजवाइन, अदरक या सौंफ का उबला हुआ गुनगुना पानी पीने से शरीर की थकान दूर होती है और मूड स्विंग्स में सुधार होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 3:27 pm

गुरुवार को केले के पौधे की पूजा क्यों है इतनी फलदायी? जानें सही पूजन विधि, नियम और चमत्कारी लाभ

सनातन धर्म में गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की साधना-आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार के दिन केले के पौधे (Banana Tree) की पूजा करने का विशेष विधान है, क्योंकि इसमें भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का साक्षात वास माना जाता है। मान्यता है कि जो साधक गुरुवार के दिन विधि-विधान से केले के वृक्ष की पूजा करते हैं, उनके जीवन से आर्थिक तंगी, विवाह में आ रही रुकावटें और दुर्भाग्य हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं। आइए एक रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि गुरुवार को केले के पौधे की पूजा कैसे करें, इसके नियम क्या हैं और इससे क्या-क्या आध्यात्मिक व ज्योतिषीय लाभ मिलते हैं।गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा की प्रामाणिक और सरल विधिगुरुवार के दिन केले के पौधे की पूजा करते समय शुद्धता और सही नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है:स्नान और संकल्प: गुरुवार को प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र धारण करें।जल अर्पित करना: एक तांबे या पीतल के लोटे में शुद्ध जल लें। उसमें थोड़ा सा गुड़, चने की दाल, हल्दी और मुनक्का मिलाएं।पूजा प्रक्रिया: केले के पौधे की जड़ में यह हल्दी-मिश्रित जल अर्पित करें। इसके बाद पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और धूप-दीप से आरती करें।हल्दी और चंदन का तिलक: केले के तने पर हल्दी या पीले चंदन का तिलक लगाएं और पीले फूल अर्पित करें।कथा व मंत्र जप: पूजा के समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें और गुरुवार की व्रत कथा सुनें या पढ़ें।केले की पूजा से मिलने वाले 4 चमत्कारी लाभविवाह योग्य जातकों के लिए वरदान: जिन युवाओं के विवाह में बार-बार बाधाएं आ रही हों या शादी तय होने में देरी हो रही हो, उन्हें लगातार 16 गुरुवार केले के पौधे की पूजा और जल अर्पित करना चाहिए। इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।आर्थिक तंगी और कर्ज से मुक्ति: घर में धन की कमी को दूर करने और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए केले के पौधे की जड़ में चने की दाल और गुड़ चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है।बृहस्पति ग्रह की मजबूती: कुंडली में बृहस्पति (Guru) ग्रह कमजोर होने पर ज्ञान, शिक्षा और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। केले के वृक्ष की सेवा करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है।दांपत्य जीवन में मधुरता: जिन पति-पत्नी के बीच अक्सर मतभेद रहते हों, उन्हें गुरुवार का व्रत रखकर केले के पौधे की साथ में पूजा करनी चाहिए।पूजा करते समय रखें इन सावधानियों का ध्यानफल का सेवन न करें: जिस घर में गुरुवार का व्रत रखा जाता है और केले के पौधे की पूजा की जाती है, उस दिन व्रती को केला (Banana Fruit) खाने से परहेज करना चाहिए। फल को केवल प्रसाद स्वरूप भगवान को अर्पित करें या दान करें।घर के मुख्य द्वार पर स्थान: वास्तु शास्त्र के अनुसार, केले का पौधा घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूर्व दिशा में ही लगाना चाहिए। इसे कभी भी घर के दक्षिण या पश्चिम कोण में न रखें।पत्तियों को न तोड़े: गुरुवार के दिन केले के पौधे की पत्तियों या तने को नुकसान न पहुंचाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 3:26 pm

भगवान श्रीकृष्ण मुकुट में क्यों धारण करते हैं मोरपंख? जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथाएं और गहरा आध्यात्मिक रहस्य

भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप अत्यंत मनमोहक है—हाथ में बांसुरी, चेहरे पर मंद मुस्कान और सिर पर सुशोभित मोरपंख (Peacock Feather)। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अनगिनत सुंदर पक्षियों और आभूषणों के बीच कान्हा केवल मोरपंख को ही अपने मुकुट में क्यों धारण करते हैं? सनातन परंपरा और ग्रंथों में इसके पीछे केवल एक कारण नहीं, बल्कि कई बेहद भावुक पौराणिक कथाएं और गहरे आध्यात्मिक व वास्तु रहस्य छिपे हैं। आइए एक रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि मोरपंख और बांके बिहारी का यह संबंध इतना पवित्र क्यों माना जाता है।1. मोर के अखंड ब्रह्मचर्य और पवित्रता का सम्मानपौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मोर को संसार के सबसे पवित्र पक्षियों में से एक माना गया है। ऐसा माना जाता है कि मोर अपने जीवनकाल में अखंड ब्रह्मचर्य का पालन करता है। मोर और मोरनी के मिलन के समय मोरनी मोर के आंसुओं को पीकर गर्भधारण करती है। भगवान श्रीकृष्ण ने मोर के इसी परम पवित्र और निष्काम भाव का आदर करने के लिए उसके पंख को अपने मुकुट पर सर्वोच्च स्थान दिया।2. माता राधा का निश्छल प्रेम और नृत्य की कथामोरपंख धारण करने के पीछे एक बेहद सुंदर कथा माता राधा रानी से जुड़ी है। कहा जाता है कि जब कान्हा वृंदावन के जंगलों में बांसुरी बजाते थे, तो उसकी मधुर धुन सुनकर मोर मुग्ध होकर नृत्य करने लगते थे।एक दिन श्रीकृष्ण के बंसी वादन पर प्रसन्न होकर मोरों के राजा ने अपने पंख श्रीकृष्ण के चरणों में न्योछावर कर दिए। प्रभु ने उन पंखों को सहर्ष स्वीकार कर अपने मस्तक पर सजा लिया। इसके अलावा, एक मान्यता यह भी है कि जब माता राधा रानी नृत्य करती थीं, तो मोर उनके साथ नाचते थे और उनके झड़ चुके पंखों को श्रीकृष्ण प्रेम के प्रतीक रूप में अपने सिर पर धारण कर लेते थे।3. शत्रुओं को मित्र बनाने और ग्रहों के संतुलन का संदेशशत्रु मित्र का भाव: मोर और सर्प (सांप) परस्पर घोर शत्रु माने जाते हैं, जबकि श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम शेषनाग का अवतार हैं। मोरपंख धारण कर श्रीकृष्ण यह संदेश देते हैं कि वे शत्रु और मित्र सभी को समान रूप से स्वीकार करते हैं और वैमनस्य को मिटाते हैं।सभी रंगों और ग्रहों का समावेश: मोरपंख में प्रकृति के सात रंग मौजूद होते हैं। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, मोरपंख में सभी 9 ग्रहों और नवग्रहों का प्रभाव समाहित होता है। इसे धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 3:22 pm

नया फ्लैट खरीदने से पहले चेक कर लें ये जरूरी दिशाएं: वास्तु दोष से बचने के लिए जानें एंट्री गेट से लेकर किचन तक के नियम

सपनों का आशियाना यानी नया फ्लैट खरीदना हर व्यक्ति के जीवन का एक बहुत बड़ा फैसला होता है। लोग लोकेशन, बजट, बिल्डर की साख और एमिनिटीज तो ध्यान से जांचते हैं, लेकिन अक्सर 'वास्तु शास्त्र' (Vastu Shastra) के मूलभूत नियमों की अनदेखी कर देते हैं। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, गलत दिशा या वास्तु दोष वाले फ्लैट में रहने से परिवार में आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और बीमारियां पैर पसारने लगती हैं। वहीं, सही दिशा में बना फ्लैट घर में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। आइए एक रिपोर्टर की नजर से समझते हैं कि नया फ्लैट या अपार्टमेंट फाइनल करने से पहले आपको किन-किन मुख्य दिशाओं और वास्तु नियमों की जांच जरूर कर लेनी चाहिए।1. मुख्य द्वार (Main Entrance): सुख-समृद्धि का प्रवेश द्वारफ्लैट के मुख्य द्वार की दिशा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि वहीं से सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) घर में प्रवेश करती है।सबसे शुभ दिशाएं: उत्तर (North), पूर्व (East) या उत्तर-पूर्व (Ishaan Kon) दिशा में मुख्य द्वार होना सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है।बचने योग्य दिशाएं: दक्षिण-पश्चिम (South-West) या केवल दक्षिण दिशा की तरफ खुलने वाले मुख्य द्वार वाले फ्लैट को लेने से बचना चाहिए, क्योंकि यह मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।2. रसोई घर (Kitchen) और बाथरूम का स्थानरसोई घर में अग्नि तत्व का वास होता है, इसलिए इसकी सही दिशा सेहत और समृद्धि से सीधी जुड़ी है।किचन की सही दिशा: रसोई घर हमेशा दक्षिण-पूर्व कोण यानी आग्नेय कोण (South-East) में होना चाहिए। यदि यह संभव न हो तो उत्तर-पश्चिम (North-West) दूसरा बेहतर विकल्प है।बाथरूम और शौचालय: टॉयलेट या बाथरूम कभी भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में नहीं होना चाहिए। यह दिशा ईश्वर का स्थान मानी जाती है और यहां शौचालय होने से भारी वास्तु दोष लगता है।3. मास्टर बेडरूम, बालकनी और ब्रह्मस्थान का गणितमास्टर बेडरूम (Master Bedroom): घर के मुखिया का बेडरूम हमेशा दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा में होना चाहिए। इससे निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और गृहस्थ जीवन में स्थिरता आती है।बालकनी और खिड़कियां: फ्लैट में बालकनी या खुली खिड़कियां उत्तर या पूर्व दिशा में होनी चाहिए ताकि सुबह की प्राकृतिक धूप और ताजी हवा घर में आ सके।सेंट्रल स्पेस (ब्रह्मस्थान): फ्लैट के बीचों-बीच का हिस्सा (Center Space) भारी निर्माण, पिलर या सीढ़ियों से मुक्त होना चाहिए। बीच का हिस्सा जितना खुला और हल्का रहेगा, घर में उतनी ही सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 3:20 pm

करौली में ट्रक की चपेट में आने से दो किशोरों, एक युवक की मौत

करौली। राजस्थान में करौली के कोतवाली थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग -23 पर बुधवार को एक मोटर साइकिल के ट्रक से टकराने से दो किशोर और एक युवक की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि मृतकों की पहचान करौली के गुलाब बाग निवासी आशीष (16), हर्ष (16) और धौलपुर के पुरानी छावनी […] The post करौली में ट्रक की चपेट में आने से दो किशोरों, एक युवक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 3:16 pm

25 जुलाई से शुरू हो रहा चातुर्मास 2026: जानिए देवशयनी एकादशी का महत्व, नियम और क्यों थम जाएंगे शुभ कार्य

सनातन परंपरा में चातुर्मास (Chaturmas) को आत्मिक शुद्धि, जप, तप और स्वास्थ्य साधना का सबसे पवित्र काल माना गया है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी (25 जुलाई 2026, शनिवार) से इस बार 120 दिनों का चातुर्मास शुरू होने जा रहा है, जो 20-21 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ समाप्त होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन चार महीनों के दौरान भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और सृष्टि का संचालन भगवान शिव और अन्य देवशक्तियों के हाथों में होता है। आइए एक रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि चातुर्मास क्यों इतना महत्वपूर्ण है और इस दौरान किन-किन नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।4 महीने क्यों बंद रहेंगे शादी, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य?शास्त्रों में विधान है कि जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं, तब किसी भी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्य (जैसे विवाह, मुंडन संस्कार, जनेऊ, गृह प्रवेश या नया व्यवसाय शुरू करना) आयोजित नहीं किए जाते।मान्यता है कि शुभ कार्यों के साक्षी और फलदाता भगवान श्री हरि होते हैं, इसलिए उनके शयन काल के दौरान मांगलिक कार्यों में देव-आशीर्वाद का अभाव रहता है। हालांकि, यह समय केवल ईश्वर भक्ति, भागवत कथा, गुरु सेवा, दान-पुण्य और आत्मचिंतन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।खान-पान और दैनिक जीवन के कड़े नियम: महीने-दर-महीने समझें तालिकाआयुर्वेद और धर्मशास्त्र दोनों ही चातुर्मास के दौरान खान-पान को लेकर बेहद सख्त संयम बरतने की सलाह देते हैं, क्योंकि वर्षा ऋतु में पाचन अग्नि (Digestive Fire) मंद हो जाती है और संक्रमण का खतरा रहता है।महीनावर्जित चीजें (क्या न खाएं)धार्मिक व स्वास्थ्य संबंधी कारणसावन (Sawan)हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी आदि)वात दोष बढ़ता है और कीड़े-मकोड़ों का खतरा रहता है।भाद्रपद (Bhadrapada)दही और छाछकफ और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।आश्विन (Ashwin)दूध और दूध से बनी चीजेंपित्त दोष में असंतुलन आ सकता है।कार्तिक (Kartik)लहसुन, प्याज, बैंगन और बैंगन-दालेंतामसिक प्रभाव बढ़ता है, सात्विकता बनी रहे।इसके अतिरिक्त, चातुर्मास में बैंगन, मूली, कद्दू, तेल-मसालेदार भोजन और बैंगन का त्याग करने का विधान है। श्रद्धालु पूरे चार महीने भूमि पर शयन करने और एक समय सात्विक भोजन करने का संकल्प लेते हैं।वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से चातुर्मास का महत्ववैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से चातुर्मास का समय मौसम परिवर्तन का काल होता है। वर्षा ऋतु और उसके बाद की आर्द्रता (Humidity) में बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन तेजी से फैलते हैं।इस दौरान कम खाना खाने (उपवास रखने) और खान-पान में सात्विकता बरतने से शरीर को डिटॉक्सिफाई (Detoxify) होने का मौका मिलता है और इम्युनिटी (Immunity) मजबूत होती है। वहीं, आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह समय अपनी इंद्रियों को वश में करने और मानसिक शांति हासिल करने का सबसे उत्तम अवसर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 3:13 pm

क्या रिचार्ज खत्म होते ही बंद हो जाएगी इनकमिंग कॉल? सरकार ने संसद में दिया जवाब, जानें नियम

मोबाइल डेटा और प्लान की वैलिडिटी खत्म होते ही क्या टेलीकॉम कंपनियां (Airtel, Jio, Vi) आपकी इनकमिंग कॉल (Incoming Calls) सेवाएं बंद कर सकती हैं? इस सवाल को लेकर देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं के मन में लंबे समय से असमंजस बना हुआ है। हाल ही में संसद के सत्र के दौरान जब यह मुद्दा उठा और सांसदों ने सरकार से पूछा कि क्या रिचार्ज खत्म होने के बाद भी एक तय समय तक बिना किसी अतिरिक्त प्लान के इनकमिंग कॉल चालू रखने का कोई कानूनी नियम है, तो संचार मंत्रालय (Ministry of Communications) ने संसद में लिखित जवाब देकर पूरी स्थिति साफ कर दी। आइए एक टेक और पॉलिसी रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि सरकार और ट्राई (TRAI) का इस पर क्या रुख है।संसद में सरकार का जवाब: क्या है आधिकारिक नियम?संसद में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत टेलीकॉम कंपनियों को अपने टैरिफ प्लान, वैलिडिटी पीरियड और ग्रेस पीरियड तय करने की व्यावसायिक आजादी है।सरकार ने बताया कि वर्तमान में ऐसा कोई बाध्यकारी नियम या अनिवार्य न्यूनतम समय-सीमा नहीं है जो टेलीकॉम कंपनियों को रिचार्ज प्लान खत्म होने के बाद भी अनिश्चित काल के लिए मुफ्त में इनकमिंग कॉल सुविधा जारी रखने के लिए बाध्य करे। कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल और नेटवर्क मैनेजमेंट के हिसाब से वैलिडिटी समाप्त होने के बाद इनकमिंग सेवाएं रोक सकती हैं।वैलिडिटी खत्म होने पर कैसे काम करती हैं कंपनियां?वर्तमान में देश की प्रमुख निजी टेलीकॉम कंपनियां (Airtel, Jio, Vodafone Idea) ग्राहक द्वारा न्यूनतम रिचार्ज न कराने पर एक निर्धारित व्यवस्था के तहत काम करती हैं:ग्रेस पीरियड (Grace Period): प्लान खत्म होने के बाद कंपनियां आमतौर पर 7 से 15 दिनों का 'ग्रेस पीरियड' देती हैं, जिसके दौरान केवल आउटगोइंग कॉल बंद होती हैं लेकिन इनकमिंग कॉल आती रहती हैं।सेवा का निलंबन (Suspension): ग्रेस पीरियड खत्म होने के बाद यदि कोई नया रिचार्ज नहीं कराया जाता है, तो इनकमिंग सेवाएं भी पूरी तरह से निलंबित (Suspend) कर दी जाती हैं।नंबर डिएक्टिवेशन (Number Deactivation): ट्राई के नियमानुसार यदि किसी सिम कार्ड में लगातार 90 दिनों तक कोई रिचार्ज या कमर्शियल एक्टिविटी (कॉल/मैसेज) नहीं होती है, तो उस नंबर को डिएक्टिवेट करके किसी नए यूजर को अलॉट किया जा सकता है।उपभोक्ताओं की मांग और ट्राई का रुखआम उपभोक्ताओं और जनप्रतिनिधियों की मांग रही है कि केवल नंबर चालू रखने के लिए बार-बार महंगे प्लान्स का रिचार्ज कराना गरीब और ग्रामीण वर्ग के लोगों के लिए आर्थिक बोझ बनता है। इसलिए बैंक ओटीपी (OTP) और जरूरी कॉल्स के लिए कम से कम इनकमिंग सुविधा मुफ्त रहनी चाहिए।हालांकि, टेलीकॉम कंपनियों का तर्क है कि नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेक्ट्रम को मेंटेन करने के लिए प्रति यूजर औसतन आय (ARPU) बनाए रखना जरूरी है। फिलहाल सरकार या ट्राई की तरफ से मुफ्त में हमेशा के लिए या लंबे समय तक इनकमिंग जारी रखने का कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है, यानी सिम एक्टिव रखने के लिए न्यूनतम वैलिडिटी रिचार्ज कराना अनिवार्य रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 3:11 pm

EPS-95 न्यूनतम पेंशन ₹7500 होगी या नहीं? सरकार ने संसद में स्थिति की साफ, जानें क्या दिया जवाब

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS-95) के 78 लाख से अधिक पेंशनभोगियों और करीब 6 करोड़ अंशदाताओं की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि क्या सरकार न्यूनतम मासिक पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने जा रही है। लगातार बढ़ती महंगाई और पेंशनर्स यूनियनों (NAC) के देशव्यापी आंदोलनों के बीच संसद के सत्र के दौरान इस मुद्दे पर तीखे सवाल पूछे गए। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने संसद में लिखित जवाब देकर न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी, महंगाई भत्ता (DA) जोड़ने और फंड की बजटीय स्थिति पर सरकार का रुख पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। आइए एक बिजनेस और पॉलिसी रिपोर्टर की नजर से समझते हैं कि सरकार ने इस पर क्या कहा है।संसद में सरकार का जवाब: क्या न्यूनतम पेंशन ₹7,500 होगी?संसद में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए श्रम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में ईपीएस-95 योजना के तहत न्यूनतम पेंशन को सीधे ₹7,500 करने का कोई अंतिम प्रस्ताव या मंजूरी स्वीकृत नहीं है।정부 (सरकार) ने साफ किया कि 2014 में केंद्र सरकार ने अपने बजटीय सहायता के माध्यम से ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह तय की थी, जिसके लिए सरकार हर साल अलग से बजटीय सहायता प्रदान करती है। पेंशन कोष में अतिरिक्त वित्तीय भार और actuarial (बीमांकिक) घाटे को ध्यान में रखते हुए बिना अतिरिक्त बजटीय आवंटन के पेंशन को ₹7,500 तक बढ़ाना और उस पर महंगाई भत्ता (DA) देना पेंशन फंड के अस्तित्व के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।पेंशनर्स यूनियनों की मांग और सरकार का तर्कराष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) और विभिन्न कर्मचारी संघ लंबे समय से सरकार के सामने 4 मुख्य मांगें रख रहे हैं:न्यूनतम पेंशन: न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह किया जाए।महंगाई भत्ता (DA): पेंशन राशि को महंगाई सूचकांक से जोड़ते हुए डीए लागू किया जाए।मेडिकल सुविधा: पेंशनभोगियों और उनके जीवनसाथी को फ्री मेडिकल सुविधा (जैसे आयुष्मान भारत) का लाभ मिले।हायर पेंशन (Higher Pension): सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार वास्तविक वेतन पर हायर पेंशन के दावों का त्वरित निपटारा हो।सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि पेंशन फंड एक 'पूल फंड' (Pooled Fund) है, जो सदस्यों और नियोक्ताओं (Employers) के 8.33% अंशदान से चलता है। किसी भी बदलाव से पहले फंड की वित्तीय स्थिरता और दीर्घकालिक प्रभाव का मूल्यांकन करना अनिवार्य है।पेंशनरों पर क्या पड़ेगा असर और आगे क्या है रास्ता?सरकार के इस लिखित जवाब से उन लाखों पेंशनर्स की उम्मीदों को झटका लगा है जो इस सत्र में ₹7,500 पेंशन और डीए की घोषणा का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ की सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठकों में पेंशन ढांचे की समीक्षा पर लगातार चर्चाएं जारी रहती हैं। फिलहाल, पेंशनर्स संगठन अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने और कानूनी रास्ते तलाशने की रणनीति बना रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 3:10 pm

सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका, जब्त हुई जमानत, 3 माह में करना होगा सरेंडर

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मेघालय के बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस की आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है। शीर्ष अदालत ने सोनम को बड़ा झटका देते हुए उसे 3 हफ्ते में सरेंडर करने को कहा है।

वेब दुनिया 23 Jul 2026 2:53 pm

जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज के खिलाफ भड़का युवाओं का गुस्सा: छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग को बताया लोकतंत्र की हत्या

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में छात्रों और युवाओं पर हुए पुलिस बल प्रयोग और लाठीचार्ज की आंच अब पड़ोसी राज्यों तक फैल चुकी है। अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा की गई सख्ती के विरोध में हरियाणा के युवाओं और छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में युवा सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी युवाओं का साफ कहना है कि लोकतांत्रिक देश में अपनी आवाज उठाना कोई गुनाह नहीं है, लेकिन पुलिस द्वारा जिस तरह से छात्रों पर लाठियां भांजी गईं और उन्हें खदेड़ा गया, वह सीधे तौर पर लोकतंत्र का गला घोटने जैसा है। इस बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता का आरोपयुवाओं और छात्र नेताओं का आरोप है कि वे पूरी शांति के साथ अपनी जायज मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर अपनी बात रख रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उनकी सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना उचित समझा। इस अमानवीय कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे पूरे देश के छात्र वर्ग में रोष व्याप्त हो गया है। हरियाणा में हुए इस विरोध मार्च के दौरान युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि युवाओं की आवाज को इस तरह लाठी और डंडों के जोर पर दबाया नहीं जा सकता, और यह कार्रवाई देश के संविधान द्वारा दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का खुला उल्लंघन है।सरकार विरोधी नारों के साथ देशव्यापी आंदोलन की चेतावनीप्रदर्शन कर रहे छात्रों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित छात्रों के पक्ष में उचित कदम नहीं उठाए गए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक उग्र किया जाएगा। युवाओं का यह बढ़ता जनसैलाब आने वाले दिनों में सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि रोजगार और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर अब छात्र संगठन पूरी तरह से एकजुट नजर आ रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 2:37 pm

DU में हॉस्टल पाना नहीं होगा आसान: जानें क्या हैं आवंटन के नए कड़े नियम और मेरिट का गणित

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में दाखिला मिलने के बाद बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है—एक सुरक्षित और किफायती हॉस्टल हासिल करना! देश-विदेश से आने वाले लाखों स्टूडेंट्स के बीच हॉस्टल की सीमित सीटों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है। ऐसे में सिर्फ अच्छे अंक होना ही काफी नहीं है, बल्कि यूनिवर्सिटी के कड़े नियमों और प्राथमिकताओं को समझना भी बेहद जरूरी है। आइए एक रिपोर्टर के नजरिए से पूरी प्रक्रिया और नियमों को आसान भाषा में समझते हैं।मेरिट और घर की दूरी: हॉस्टल मिलने के दो सबसे बड़े आधारदिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटी हॉस्टलों में कमरों का आवंटन मुख्य रूप से दो प्रमुख पैमानों पर निर्भर करता है—आपकी अकादमिक मेरिट (Academic Merit) और घर की दूरी (Distance from Delhi)।यूनिवर्सिटी के नियमानुसार, जिन छात्रों के नाम प्रवेश परीक्षा या कट-ऑफ (CUET/Merit) की लिस्ट में टॉप पर होते हैं, उन्हें पहली प्राथमिकता दी जाती है। इसके साथ ही, दिल्ली-एनसीआर (NCT) के निवासी छात्रों को हॉस्टल अलॉट नहीं किया जाता। अभ्यर्थी का घर दिल्ली से जितना अधिक दूर होगा, उसके हॉस्टल मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।कैसे होती है आवेदन प्रक्रिया और चयन की स्टेज?कॉलेज में एडमिशन कंफर्म होने के बाद छात्रों को संबंधित कॉलेज या यूनिवर्सिटी हॉस्टल की आधिकारिक वेबसाइट/कार्यालय से हॉस्टल फॉर्म भरना होता है।शॉर्टलिस्टिंग (Shortlisting): आपके अंकों और श्रेणी (UR, OBC, SC, ST, PwD, EWS) के आधार पर पहली ड्राफ्ट मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।इंटरव्यू और वेरिफिकेशन (Interview & Verification): शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को हॉस्टल एडमिशन कमेटी (प्रॉवोस्ट/वार्डन) के सामने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।लोकल गार्जियन का होना अनिवार्य: दिल्ली में रहने वाले एक अधिकृत 'लोकल गार्जियन' (Local Guardian) की जानकारी देना फॉर्म में अनिवार्य है, जो किसी भी आपात स्थिति में जवाबदेह हों।सीमित सीटें और बैकअप प्लान का ध्यान रखना क्यों जरूरी?डीयू के पास छात्रों की कुल संख्या की तुलना में हॉस्टल सीटें काफी सीमित हैं। उदाहरण के लिए, किसी एक कोर्स या कैटेगरी के हिस्से में महज 2 से 5 सीटें ही आती हैं। ऐसे में अगर किसी कारणवश मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आता है, तो छात्रों को पहले से ही कैंपस के आसपास (जैसे नॉर्थ या साउथ कैंपस) पेइंग गेस्ट (PG) या शेयरिंग फ्लैट्स का विकल्प तलाश कर रखना चाहिए। इसलिए, समय रहते सही दस्तावेजों के साथ आवेदन करना ही हॉस्टल पाने की संभावनाओं को मजबूत बनाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 2:35 pm

पेपर लीक पर PM मोदी का बड़ा फैसला: अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, जानिए युवाओं को कैसे मिलेगा न्याय

अब परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक मामलों के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए अब 'फास्ट ट्रैक कोर्ट' (Fast Track Court) का गठन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक फैसले से लाखों छात्रों में उम्मीद की नई किरण जगी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फास्ट ट्रैक कोर्ट आखिर काम कैसे करती है और इससे न्याय कितनी जल्दी मिलेगा? आइए एक रिपोर्टर के नजरिए से इसकी पूरी प्रक्रिया को गहराई से समझते हैं।फास्ट ट्रैक कोर्ट क्या है और भारत में कब हुई शुरुआत?देश में जब भी कोई गंभीर या जघन्य अपराध होता है, तो त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाता है। आसान भाषा में कहें तो फास्ट ट्रैक कोर्ट वो अदालत है, जहां मुकदमों की सुनवाई तय समय-सीमा के भीतर दिन-प्रतिदिन के आधार पर की जाती है। भारत में सबसे पहले साल 2000 में 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर इन अदालतों की शुरुआत हुई थी ताकि जिला और निचली अदालतों में सालों से अटके मुकदमों का तुरंत निपटारा किया जा सके। 2012 के निर्भया कांड के बाद भी दिल्ली समेत देश भर में महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के लिए ऐसी विशेष अदालतें बनाई गई थीं।पेपर लीक मामलों में क्यों पड़ी फास्ट ट्रैक अदालतों की जरूरत?सामान्य अदालतों में किसी भी केस की सुनवाई और फैसला आने में सालों लग जाते हैं, जिसका फायदा अक्सर अपराधी उठा लेते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सामान्य कोर्ट में मुकदमों के निपटारे की दर जहां औसतन 3.26 केस प्रति माह होती है, वहीं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में यह दर लगभग 9.51 केस प्रति माह है। यानी फास्ट ट्रैक कोर्ट में सामान्य अदालतों से लगभग तीन गुना ज्यादा तेजी से फैसले आते हैं। पीएम मोदी के इस कदम का मकसद यही है कि पेपर लीक के मास्टरमाइंड कानूनी दांव-पेच का फायदा न उठा पाएं और उन पर तुरंत नकेल कसी जा सके।देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट का नेटवर्क और स्थानीय आंकड़ेकेंद्र सरकार ने 2019 में 'फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना' (FTSC) के तहत 1,023 विशेष अदालतें बनाने की मंजूरी दी थी, जिसके लिए 1,952.23 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 725 फास्ट ट्रैक कोर्ट काम कर रही हैं, जिनमें 3.34 लाख से भी ज्यादा मामलों का निपटारा किया जा चुका है।अगर राज्यों के हिसाब से देखें, तो सबसे ज्यादा 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट अकेले उत्तर प्रदेश (UP) में कार्यरत हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में 67 और केरल में 55 अदालतें काम कर रही हैं। अब इन अदालतों के दायरे में पेपर लीक जैसे मामलों को लाने से देश के करोड़ों नौजवानों का न्याय प्रणाली पर भरोसा और भी अटूट होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 2:34 pm

'मुझे बिना पूछे Kiss किया और फिर थप्पड़ मारा': सान्वी तलवार ने करण कुंद्रा पर लगाया गंभीर आरोप

टीवी इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेताओं में शामिल करण कुंद्रा एक बार फिर अपनी पुरानी कंट्रोवर्सी को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। टीवी सीरियल 'ये कहां आ गए हम' में उनकी सह-कलाकार रहीं एक्ट्रेस सान्वी तलवार ने एक इंटरव्यू में सालों पुराना दर्द बयां किया है। सान्वी ने खुलासा किया कि शो की शूटिंग के दौरान करण कुंद्रा ने उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया था और बिना सहमति के किस करने की कोशिश की थी।बिना 'क्यू' दिए Kiss और थप्पड़ का विवादसान्वी तलवार के मुताबिक, एक सीन की शूटिंग के दौरान निर्देशक के एक्शन या 'क्यू' बोलने से पहले ही करण कुंद्रा ने उन्हें जबरन किस कर दिया। इस अचानक हुई हरकत से आहत होकर जब सान्वी ने विरोध स्वरूप करण को थप्पड़ जड़ दिया, तो माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। सान्वी ने आरोप लगाया कि इसके 10-15 मिनट बाद करण वापस आए और उन्होंने पूरी यूनिट के सामने सान्वी को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि वह जमीन पर गिर गईं।एकता कपूर की मध्यस्थता: सान्वी का दावा है कि इस घटना के बाद करण ने उन्हें और उनके माता-पिता को गालियां भी दीं। जब वह सेट छोड़कर जाने लगीं, तब शो की प्रोड्यूसर एकता कपूर ने करण की तरफ से माफी मांगी और उन्हें काम जारी रखने के लिए मनाया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 2:32 pm

शेख हसीना के वापसी के ऐलान से ढाका में हड़कंप, राष्ट्रपति शहाबुद्दीन को हटाने की तैयारी में तारिक रहमान सरकार

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साल के अंत तक बांग्लादेश लौटने के अचानक किए गए ऐलान ने ढाका के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। 79 वर्षीय हसीना के इस फैसले से तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी (BNP) सरकार में भारी बेचैनी देखी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने आनन-फानन में रणनीतिक कदम उठाते हुए राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को पद से हटाने का मन बना लिया है। राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सरकार ने उनसे अगस्त तक इस्तीफा देने को कहा है, हालांकि 2028 तक कार्यकाल होने के कारण राष्ट्रपति ने अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है।राष्ट्रपति शहाबुद्दीन को पद से क्यों हटाना चाहती है बीएनपी सरकार?मोहम्मद शहाबुद्दीन को शेख हसीना का बेहद करीबी माना जाता है, जिन्हें 2023 में आवामी लीग की सरकार के दौरान इस पद पर बैठाया गया था। रहमान सरकार को आशंका है कि यदि शेख हसीना बांग्लादेश लौटती हैं, तो राष्ट्रपति अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर कानूनी व राजनीतिक रूप से कोई बड़ा दांव चल सकते हैं। इसके अलावा, बीएनपी सरकार चाहती है कि हाल ही में लंदन में दिल का ऑपरेशन करा चुके राष्ट्रपति अपनी खराब सेहत का हवाला देकर खुद ही पद छोड़ दें, ताकि किसी कानूनी विवाद से बचा जा सके।600 मुकदमों और फांसी की सजा के बावजूद हसीना के कड़े तेवरअगस्त 2024 के भारी तख्तापलट के बाद से भारत में रह रहीं शेख हसीना पर बांग्लादेश में 600 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और दर्जनों मामलों में मौत की सजा भी सुनाई जा चुकी है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका राजनीतिक संघर्ष थमा नहीं है और वे ढाका लौटकर अपनी पार्टी आवामी लीग की जमीन मजबूत करेंगी। इसी वापसी के खौफ ने मौजूदा सरकार की रातों की नींद उड़ा दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 2:28 pm

हनीमून मर्डर केस: सोनम रघुवंशी की जमानत सुप्रीम कोर्ट से रद्द, 3 हफ्ते में सरेंडर का हुक्म

मेघालय में हनीमून के दौरान पति की हत्या के चर्चित मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को सर्वोच्च अदालत से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा दी गई उसकी जमानत को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोनम को तीन हफ्ते के भीतर अदालत में सरेंडर करने का कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस मोड़ पर आरोपी को जेल से बाहर रखने से मामले की निष्पक्ष सुनवाई और जारी जांच में रुकावट आ सकती है।हत्या के बाद गायब होना और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर अदालत की टिप्पणीशीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि वारदात के बाद से ही आरोपी सोनम गायब थी और उसके पास अपनी अनुपस्थिति की कोई ठोस वजह नहीं थी। बेंच ने साफ किया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के समय आरोपी को हिरासत के कारणों की पर्याप्त जानकारी दी गई थी, इसलिए प्रक्रियात्मक खामी का हवाला देकर मेरिट पर जमानत नहीं दी जा सकती। हालांकि, अदालत ने यह राहत जरूर दी कि यदि अगले 6 महीनों के भीतर केस का ट्रायल आगे नहीं बढ़ता या पूरा नहीं होता है, तो आरोपी दोबारा जमानत के लिए आवेदन करने के लिए स्वतंत्र होगी।सुनवाई के दौरान रिश्तों और न्यूक्लियर फैमिली पर सुप्रीम कोर्ट की अहम चर्चामामले की सुनवाई के दौरान अदालत और सॉलिसिटर जनरल के बीच आधुनिक दौर के पारिवारिक रिश्तों पर भी गंभीर चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी जानकारी के मामले में तो आगे है, लेकिन मानसिक दबाव और तनाव झेलने के मामले में काफी कमजोर साबित हो रही है। अदालत ने माना कि पहले की संयुक्त परिवार प्रणाली (Joint Family System) में लोग त्याग और परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना सीखते थे, जबकि एकल परिवारों (Nuclear Families) के बढ़ते चलन और गैजेट्स की निर्भरता के कारण लोगों में धैर्य की कमी आ रही है, जिसका असर व्यक्तिगत रिश्तों पर पड़ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 2:27 pm

NEET Paper Leak Case: संजीव मुखिया को CBI से बड़ी राहत, जानिए जांच एजेंसी ने क्लीन चिट पर क्या कहा?

NEET-UG 2024 परीक्षा विवाद में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले के प्रमुख संदिग्ध माने जा रहे संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी है। जांच एजेंसी का स्पष्ट कहना है कि महीनों चली गहन पड़ताल के बाद भी संजीव मुखिया के खिलाफ पेपर चोरी या उसे बांटने की साजिश में शामिल होने का एक भी ठोस सबूत नहीं मिला है। CBI ने सोशल मीडिया पर चल रही उन तमाम अफवाहों को भी खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि आरोपी को जानबूझकर बचाया जा रहा है।शुरुआती FIR में क्यों जुड़ा था संजीव मुखिया का नाम?मामले की शुरुआत में बिहार पुलिस ने प्रश्नपत्र चोरी की प्राथमिक दर्ज की थी। संजीव मुखिया का अतीत में कुछ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में नाम आ चुका था, इसी संदेह के आधार पर पुलिस ने NEET-UG की शुरुआती FIR में उसका नाम भी शामिल कर लिया था। बाद में जब जांच CBI को सौंपी गई, तो एजेंसी ने पूरे रैकेट, प्रश्नपत्र चोरी करने वालों और इससे फायदा उठाने वाले गिरोह की गहराई से तफ्तीश की।जांच की मुख्य बात: CBI अब तक इस पूरे मामले में पटना की विशेष अदालत में 45 आरोपियों के खिलाफ कई चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, लेकिन इनमें संजीव मुखिया का नाम शामिल नहीं है।रिमांड पर पूछताछ और सीबीआई का आधिकारिक रुखफरारी के दौरान बिहार पुलिस द्वारा अन्य मामलों में गिरफ्तार किए जाने के बाद CBI ने संजीव मुखिया को पुलिस रिमांड पर लिया था। घंटों की पूछताछ, कॉल डिटेल्स की जांच और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालने के बाद भी एजेंसी को उसके खिलाफ कोई आपराधिक लिंक नहीं मिला। CBI के अनुसार, NEET मामले में जमानत मिलने के बाद भी वह बिहार पुलिस के अन्य मुकदमों के कारण न्यायिक हिरासत में ही रहा। एजेंसी ने साफ किया कि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो चुका है और मुख्य अपराधियों पर कार्रवाई की जा चुकी है, इसलिए संजीव मुखिया को बचाने का दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 2:25 pm

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में गरमाया स्वास्थ्य कर्मियों का पारा: ठेका प्रथा पूरी तरह खत्म करने की उठी जोरदार मांग

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दूरदराज के जिले बीजापुर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा है। संविदा और ठेका प्रथा के खिलाफ लामबंद हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी बेहद संवेदनशील सेवा में भी ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग सिस्टम लागू होना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर इन कर्मचारियों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक सख्त ज्ञापन सौंपा है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।स्वास्थ्य सेवाओं में ठेका प्रथा से कर्मचारियों का हो रहा शोषणप्रदर्शन कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों और विभिन्न संघों के प्रतिनिधियों का आरोप है कि ठेका प्रथा के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को न तो समय पर उचित मानदेय मिल पाता है और न ही उन्हें किसी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा लाभ या बीमा की सुविधा मिलती है। कम वेतन में भारी काम करवाने और जॉब सिक्योरिटी न होने के कारण इन कर्मचारियों का मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है। कोरोना काल समेत हर आपदा के वक्त अपनी जान हथेली पर रखकर जनता की सेवा करने वाले ये कर्मचारी अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक इस अन्यायपूर्ण ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर उन्हें नियमित नहीं किया जाता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन, बड़े आंदोलन की चेतावनीबीजापुर में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि राज्य सरकार तुरंत इस मामले में संज्ञान ले और स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग या ठेके पर कर्मचारियों की भर्ती बंद करे। कर्मचारियों ने सरकार को दो टूक अल्टीमेटम दिया है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे प्रदेश स्तर पर काम बंद हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं भी चरमरा सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 2:16 pm

छत्तीसगढ़ में सियासी संग्राम उग्र: बीजेपी-कांग्रेस के टकराव के बीच 12 से ज्यादा कांग्रेस नेताओं पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में राजनीतिक पारा इन दिनों सातवें आसमान पर है। सत्ताधारी पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच चल रहा टकराव अब सड़कों पर हिंसक झड़प का रूप ले चुका है। हाल ही में एक बड़े राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। इस दौरान उग्र भीड़ द्वारा पुलिस बल पर पथराव करने और कांच की बोतलें फेंकने की गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें कुछ सुरक्षाकर्मियों के चोटिल होने की भी खबर है। इस भारी उपद्रव और कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कांग्रेस के 12 प्रमुख नेताओं समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है और दोनों दल एक-दूसरे पर हमलावर हैं।कैसे भड़का विवाद और क्यों उग्र हुआ प्रदर्शन?प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसी स्थानीय या जनहित के बड़े मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से एक बड़ा विरोध मार्च निकाला गया था। प्रदर्शन का यह सिलसिला देखते ही देखते उस वक्त हिंसक हो गया जब कार्यकर्ताओं ने तयशुदा बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो माहौल गर्मा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों की भीड़ में से कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों के साथ-साथ कांच की बोतलें और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।12 नामजद कांग्रेस नेताओं और अन्य पर गंभीर धाराओं में केस दर्जघटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करनी शुरू कर दी है। पुलिस ने कानून अपने हाथ में लेने और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में कांग्रेस के 12 नामजद दिग्गज नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और वर्दीधारी कर्मचारियों पर इस तरह का जानलेवा हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस कानूनी कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और विपक्षी नेता इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई बता रहे हैं।राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज, प्रशासन अलर्ट परइस हिंसक घटना के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति पूरी तरह गरम हो गई है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस के नेता कानून और संविधान का सम्मान करना भूल चुके हैं और वे अपनी राजनीतिक जमीन खिसकने से बौखलाकर उपद्रव पर उतर आए हैं। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस प्रशासन पर सत्ता के दबाव में काम करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। सूबे में बढ़ते इस राजनीतिक तनाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 2:15 pm

स्पेस में भारत का Axiom-4 मिशन क्यों है खास, एलन मस्क के स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल से होगी वापसी

भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान कार्यक्रम (Gaganyaan Programme) और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) के निर्माण की दिशा में Axiom-4 (Ax-4) मिशन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध हुआ है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भारत के गगनयात्री (भारतीय अंतरिक्ष ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 2:00 pm

नदबई में बस के पहिये निकलने से 10 से अधिक लोग घायल

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के नदबई के हलैना मार्ग पर गुरुवार को एक बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से 10 से अधिक लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार नदबई में रिंकू सैनी निजी विवाह स्थल में बुधवार रात अपनी पुत्री की शादी करने के बाद उसे विदा करके परिजनों एवं रिश्तेदारों के साथ अपने […] The post नदबई में बस के पहिये निकलने से 10 से अधिक लोग घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 1:54 pm

कोई मंत्री इस्तीफा देता है, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी : अन्ना हजारे

अहिल्यानगर/मुंबई। वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा है अगर जवाबदेही तय की जाती है और मंत्री इस्तीफा देते हैं, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 25 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान […] The post कोई मंत्री इस्तीफा देता है, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी : अन्ना हजारे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 1:49 pm

समय और तारीख तय करे विपक्ष, पेपर लीक पर चर्चा के लिए सरकार तैयार : किरेन रिजिजू

मानसून सत्र के चौथे दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नीट पेपर लीक मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गए। गुरुवार को लोकसभा में शून्यकाल शुरू होने पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने फिर से अपील की कि विपक्ष समय और तारीख तय करे, सरकार पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

देशबन्धु 23 Jul 2026 1:37 pm

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन, किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे: अभिजीत दिपके

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच सीजेपी अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने गुरुवार को कहा कि यह प्रदर्शन किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा और उनकी सभी मांगें पहले की तरह कायम हैं। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन ऐसे ही चलेगा। उन्होंने कहा कि साथ ही उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को देखते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील भी की।

देशबन्धु 23 Jul 2026 1:22 pm

थर्ड डिवीजन पास टॉपर: सीएम योगी आदित्यनाथ ने खोल दी अखिलेश यादव के कार्यकाल की पुरानी कुंडली

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से जातिगत आरक्षण, भाई-भतीजेवाद और पुरानी नियुक्तियों को लेकर घमासान छिड़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उनके कार्यकाल के दौरान हुई नियुक्तियों की पोल खोल दी है। सीएम योगी ने एक सार्वजनिक मंच से चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए दावा किया कि पिछली सरकारों के दौरान किस तरह से चयन आयोगों में धांधली की जाती थी और भाई-भतीजावाद हावी रहता था। मुख्यमंत्री के इन बयानों और पुरानी फाइलों से पर्दा उठाने के बाद से सूबे की सियासत में भूचाल आ गया है और दोनों दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।चयन आयोगों में धांधली और एक ही जाति के अधिकारियों का बोलबालामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों के कामकाज की शैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने विशेष तौर पर एक पुरानी चयन सूची का जिक्र करते हुए कहा कि एक विशेष भर्ती प्रक्रिया के दौरान चुने गए कुल 86 एसडीएम में से अकेले 56 अधिकारी एक ही जाति या परिवार विशेष से ताल्लुक रखते थे। सीएम ने आरोप लगाया कि किस प्रकार पूरी चयन प्रणाली को हाईजैक कर लिया गया था और योग्यता को दरकिनार करके चुनिंदा लोगों को बड़े प्रशासनिक पदों पर बैठाया गया था। इस खुलासे के बाद से प्रशासनिक हलकों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि कैसे एक ही वर्ग के लोगों को मलाईदार पद बांटे गए।थर्ड डिवीजन पास छात्र के टॉपर बनने पर भी उठाए सवालभ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं की पारदर्शिता पर भी सवालिया निशान लगाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उस दौर में ऐसे अजीबोगरीब वाकये सामने आते थे जहां अकादमिक रिकॉर्ड में थर्ड डिवीजन से पास होने वाला छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सीधे टॉप कर जाता था। सीएम योगी ने कहा कि बिना किसी योग्यता और मेरिट के बंदरबांट करने वाली ऐसी व्यवस्थाओं ने प्रदेश के मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आने के बाद लोक सेवा आयोग और अन्य चयन बोर्डों में पूरी पारदर्शिता लाई गई है ताकि केवल योग्य युवाओं को ही उनका हक मिल सके।राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप, सपा और बीजेपी आमने-सामनेइन सनसनीखेज खुलासों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति का पारा हाई हो गया है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे के जरिए विपक्ष पर जातिवाद और परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही है, वहीं समाजवादी पार्टी इन दावों को राजनीतिक स्टंट करार दे रही है। आगामी चुनावों के मद्देनजर पुराने इतिहास को कुरेदकर जनता के बीच रखना दोनों दलों की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन चुका है। बहरहाल, 86 में से 56 एसडीएम और टॉपर के चयन से जुड़ा यह मामला एक बार फिर से बहस के केंद्र में आ गया है और हर कोई इसके सियासी नफा-नुकसान का आकलन करने में जुटा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:57 pm

रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का बदलेगा नाम? योगी सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक की चर्चा तेज

उत्तर प्रदेश की राजनीति के गलियारों में इन दिनों एक बड़े और संभावित फैसले को लेकर चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है। रामपुर की शान कही जाने वाली और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से जुड़ी बहुचर्चित 'मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी' (Mohammad Ali Jauhar University) के नाम को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द ही एक बड़ा और निर्णायक कदम उठा सकती है। सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए और छात्रों तथा स्थानीय युवाओं की नाराजगी से बचने के लिए राज्य सरकार इस संस्थान के नाम परिवर्तन या इसके संचालन को लेकर कोई बड़ा कानूनी और प्रशासनिक फैसला ले सकती है। इस संभावित कदम को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो चुकी है, जिससे यह मुद्दा एक बार फिर से सुर्खियों के केंद्र में आ गया है।जौहर यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की चर्चा क्यों तेज हुई?रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी अपनी स्थापना के समय से ही किसी न किसी वजह से विवादों और चर्चा में रही है। पिछले कुछ वर्षों में इस विश्वविद्यालय से जुड़े कई मामलों पर प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी पेंच फंसे रहे हैं। अब राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी सरगर्मियों के बीच सरकार इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है कि किस प्रकार इस संस्थान के जरिए युवाओं और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखते हुए राजनीतिक समीकरणों को साधा जाए। यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की इन चर्चाओं ने एक बार फिर से रामपुर के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है और हर कोई यह जानना चाहता है कि इसके पीछे सरकार की अगली बड़ी रणनीति क्या होगी।यूपी चुनाव और छात्रों के मुद्दों पर टिकी सबकी निगाहेंकिसी भी चुनाव में युवा वर्ग और छात्र समुदाय की नाराजगी किसी भी सत्ताधारी दल के लिए भारी पड़ सकती है। जौहर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले हजारों छात्र और स्थानीय युवा इस बात को लेकर लंबे समय से चिंतित रहे हैं कि इन राजनीतिक और प्रशासनिक विवादों के बीच उनके करियर और डिग्री की वैधता पर कोई संकट न आए। यही वजह है कि योगी सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है ताकि एक तरफ जहां नियमों का कड़ाई से पालन हो सके, वहीं दूसरी तरफ छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोई ऐसा संतुलित निर्णय लिया जाए जिससे किसी भी प्रकार के असंतोष से बचा जा सके।राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आगे की राहइस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी दलों की पैनी नजर बनी हुई है। समाजवादी पार्टी और अन्य विरोधी दल इस संभावित फैसले को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष का यह तर्क है कि कानून और व्यवस्था तथा नियमों के दायरे में रहकर ही सभी संस्थानों का संचालन किया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ले सकता है, क्योंकि रामपुर और आसपास के जिलों में इस यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले का सीधा असर चुनावी नफा-नुकसान पर पड़ना तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:55 pm

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलम बदी का 90 वर्ष की आयु में निधन: पांच बार रहे विधायक

उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे आलम बदी आज इस दुनिया में नहीं रहे। करीब 90 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है और उनके समर्थकों में भारी मायूसी छा गई है। अपनी पूरी जिंदगी में राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानने वाले आलम बदी अपनी बेदाग छवि और सादगी भरी जीवनशैली के लिए जाने जाते थे। उनके निधन को उत्तर प्रदेश की राजनीति और खासकर समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है, क्योंकि वे जनता के बीच बेहद लोकप्रिय और जमीन से जुड़े हुए नेता थे।राजनीति में लंबी पारी: पांच बार संभाली विधायक की जिम्मेदारीआलम बदी का राजनीतिक सफर संघर्ष और जनसेवा की एक बेहतरीन मिसाल रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में जनता के अधिकारों के लिए लगातार लड़ाई लड़ी और अपनी मजबूत पकड़ के दम पर कुल पांच बार विधानसभा पहुंचे। वे जब भी चुनाव मैदान में उतरे, जनता ने उन पर भरपूर भरोसा जताया। विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर उन्होंने हमेशा आम जनता, गरीबों और पिछड़ों के मुद्दों को पूरी मुखरता के साथ उठाया। उनकी कार्यशैली और जनता के प्रति समर्पण भाव ने उन्हें क्षेत्र का एक ऐसा राजनेता बना दिया था, जिससे हर दल के लोग सम्मान से देखते थे।सादगी ही थी उनकी सबसे बड़ी पहचान और ताकतआज के दौर में जहां राजनीति और रहन-सहन में चकाचौंध आम बात हो चुकी है, वहीं आलम बदी इसके ठीक विपरीत अपनी सादगी के लिए मिसाल पेश करते थे। वे एक साधारण जीवन जीते थे और हमेशा आम आदमी की पहुंच में रहते थे। बिना किसी बड़े तामझाम या दिखावे के जनता के बीच रहना और उनकी समस्याओं का समाधान करना उनकी फितरत में शुमार था। उनकी इसी सादगी और इमानदार छवि के कारण विरोधी भी उनका आदर करते थे। उनके जाने से एक ऐसा राजनीतिक अध्याय समाप्त हो गया है जो सिद्धांतों और जनसेवा की नींव पर टिका हुआ था।राजनीतिक जगत में शोक की लहर, नेताओं ने दी श्रद्धांजलिआलम बदी के निधन की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत तमाम दिग्गजों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पार्टी कार्यालयों में उनके सम्मान में शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं, जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। उनके पैतृक आवास और क्षेत्र में उनके अंतिम दर्शन के लिए समर्थकों का तांता लगा हुआ है। भले ही वे आज हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके द्वारा किए गए जनहित के काम और उनकी सादगी की यादें हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:54 pm

चेहरे के दाग-धब्बों और पिंपल्स ने छीन लिया है ग्लो? डर्मेटोलॉजिस्ट के इन असरदार नुस्खों से लौट आएगा नेचुरल निखार

आज के भागदौड़ भरे लाइफस्टाइल, बढ़ते प्रदूषण और खानपान की गड़बड़ियों के कारण चेहरे पर पिंपल्स, एक्ने और डार्क स्पॉट्स होना एक आम समस्या बन चुका है। युवावस्था से लेकर हर उम्र के लोग चेहरे के काले धब्बों और जिद्दी कील-मुहासों से परेशान रहते हैं। बाजार में मिलने वाले महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स और विज्ञापनों पर हजारों रुपये खर्च करने के बावजूद जब चेहरे पर मनचाहा ग्लो और चमक नहीं दिखती, तो निराशा हाथ लगती है। यदि आप भी चेहरे की इन तमाम समस्याओं से तंग आ चुके हैं, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। जाने-माने स्किन एक्सपर्ट्स और डर्मेटोलॉजिस्ट्स का मानना है कि सही स्किन केयर रूटीन और कुछ प्राकृतिक उपायों को अपनाकर आप घर बैठे ही बेदाग, साफ और खूबसूरत त्वचा पा सकते हैं। आइए जानते हैं पिंपल्स और काले धब्बों से छुटकारा पाने के कुछ बेहद असरदार और वैज्ञानिक तरीके।चेहरे पर पिंपल्स और काले धब्बे उभरने के मुख्य कारणत्वचा पर पिंपल्स और डार्क स्पॉट्स अचानक पैदा नहीं होते, बल्कि इसके पीछे हमारी दैनिक जीवन से जुड़ी कई वजहें जिम्मेदार होती हैं:त्वचा की सही से सफाई न करना: चेहरे पर धूल-मिट्टी, पसीना और प्रदूषण जमा होने से रोमछिद्र (Pores) बंद हो जाते हैं, जो आगे चलकर पिंपल्स का रूप ले लेते हैं।हार्मोनल असंतुलन: शरीर में हॉर्मोन्स के बदलाव के कारण भी तैलीय त्वचा वाले लोगों में एक्ने की समस्या बहुत तेजी से बढ़ती है।गलत स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल: अपनी स्किन टाइप को जाने बिना रासायनिक उत्पादों का प्रयोग करने से त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचता है।अस्वास्थ्यकर खानपान: ज्यादा तली-भुनी चीजें, जंक फूड और पानी कम पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते, जिसका असर सीधे चेहरे पर दिखाई देता है।डर्मेटोलॉजिस्ट के बताए गए असरदार घरेलू और मेडिकल उपायत्वचा को अंदर से स्वस्थ और साफ बनाने के लिए एक्सपर्ट्स कुछ खास आदतों को अपनाने की सलाह देते हैं:जेंटल क्लींजर का करें इस्तेमाल: दिन में कम से कम दो बार किसी माइल्ड या सैलिसिलिक एसिड युक्त फेस वॉश से चेहरा धोएं, ताकि अतिरिक्त तेल और गंदगी साफ हो सके।हाइड्रेशन का रखें पूरा ख्याल: रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पिएं। पानी शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर त्वचा में नेचुरल चमक बनाए रखता है।धूप से बचाव (Sunscreen): घर से बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी का सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि सूरज की हानिकारक यूवी किरणें काले धब्बों और पिगमेंटेशन को और ज्यादा गहरा कर देती हैं।प्राकृतिक फेस पैक का प्रयोग: हफ्ते में एक या दो बार मुल्तानी मिट्टी, नीम पाउडर या एलोवेरा जेल से बने नेचुरल फेस पैक का इस्तेमाल करें, जो त्वचा की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।इन आदतों को बदलकर पा सकते हैं लंबे समय तक बेदाग त्वचात्वचा की देखभाल केवल बाहरी क्रीम लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए लाइफस्टाइल में भी थोड़े बदलाव करने जरूरी हैं। अपने खान-पान में ताजे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां और विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। इसके अलावा पूरी नींद लें, क्योंकि तनाव और कम सोने से भी चेहरे की रौनक फीकी पड़ने लगती है। यदि पिंपल्स की समस्या बहुत ज्यादा गंभीर है और दाग गहरे हो चुके हैं, तो किसी सर्टिफाइड डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेकर केमिकल पील या सही मेडिकल ट्रीटमेंट जरूर करवाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:52 pm

जापानी डॉक्टर का यह जादुई 'तौलिया मेथड' मिनटों में दूर कर देगा सारी थकान और अकड़न

आज के समय में डेस्क जॉब, वर्क फ्रॉम होम और लगातार घंटों तक एक ही जगह पर कुर्सी पर बैठकर काम करने की आदत लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। इस भागदौड़ भरी जीवनशैली में कमर दर्द (Back Pain) और रीढ़ की हड्डी की अकड़न एक आम समस्या बन चुकी है, जिससे हर दूसरा व्यक्ति परेशान रहता है। दवाइयों और दर्दनिवारक मलहमों का सहारा लेने के बावजूद यदि आपको आराम नहीं मिल रहा है, तो जापान से आई एक बेहद अनोखी और कारगर तकनीक आपकी इस परेशानी को जड़ से खत्म कर सकती है। जापानी हेल्थ एक्सपर्ट्स द्वारा इजाद किया गया यह 'तौलिया मेथड' (Japanese Towel Method) इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर चिकित्सा जगत तक चर्चा का विषय बना हुआ है। इस आसान सी तकनीक में आपको किसी जिम या महंगे उपकरणों की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि घर में रखे केवल एक साधारण तौलिये की मदद से आप अपनी रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा और दर्दमुक्त बना सकते हैं। आइए जानते हैं क्या है यह जापानी तरीका और कैसे यह मिनटों में राहत देता है।क्या है जापानी टॉवल मेथड और किसने की इसकी खोज?इस लोकप्रिय और असरदार तकनीक को जापान के जाने-माने रिफ्लेक्सोलॉजिस्ट और स्पेशलिस्ट डॉ. तोसियो फुकुत्सुदज़ी (Dr. Toshio Fukutsudzi) ने विकसित किया है। उन्होंने वर्षों की रिसर्च के बाद यह पाया कि गलत तरीके से उठने-बैठने और लगातार झुककर काम करने के कारण हमारी रीढ़ की हड्डी (Spine) का नेचुरल कर्व अपनी जगह से थोड़ा विस्थापित हो जाता है, जिससे पेल्विक एरिया और कमर की मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव पड़ने लगता है। इस जापानी विधि का मुख्य उद्देश्य शरीर के पोश्चर को फिर से ठीक करना और रीढ़ की हड्डी को उसकी असली स्थिति में वापस लाना है, जिससे बिना किसी साइड इफेक्ट के कमर दर्द से प्राकृतिक रूप से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है।जानिए घर पर कैसे करें यह आसान जापानी तौलिया अभ्यास?इस तकनीक को करना बेहद आसान है और इसके लिए आपको दिनभर में केवल 5 मिनट निकालने की जरूरत होती है:तौलिये को रोल करें: घर का कोई भी सामान्य नहाने वाला तौलिया लें और उसे मजबूती से मोड़कर एक टाइट सिलिंड्रिकल रोल (बेलनाकार आकृति) बना लें। इस रोल की मोटाई लगभग 3 से 4 इंच होनी चाहिए और इसे बांध भी सकते हैं ताकि यह खुले नहीं।सही मुद्रा में लेट जाएं: अब जमीन पर कोई योग मैट बिछाकर बिल्कुल सीधे लेट जाएं।तौलिया कहां रखें: अपने पीठ के ठीक नीचे यानी नाभि (Navel) के ठीक पीछे रीढ़ की हड्डी के नीचे इस तौलिए के रोल को टिकाकर रखें।हाथ और पैरों की स्थिति: अपने दोनों पैरों को सीधा फैलाएं और पैरों के अंगूठों को आपस में मिला लें ताकि एड़ियां थोड़ी दूरी पर रहें। इसके बाद अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर जमीन पर सीधा फैला दें और दोनों हाथों की छोटी उंगलियों को आपस में टच करके रखें।5 मिनट तक रहें स्थिर: इस मुद्रा में बिल्कुल शांत होकर लेट जाएं और गहरी सांस लें। शुरुआती दिनों में आपको थोड़ा खिंचाव महसूस हो सकता है, इसलिए इसे केवल 2 से 3 मिनट से शुरू करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाकर 5 मिनट कर दें।कमर दर्द से राहत पाने के साथ मिलते हैं गजब के अन्य फायदेडॉक्टरों के अनुसार, इस जापानी तौलिया पद्धति को नियमित रूप से अपनाने से न केवल पीठ और कमर के निचले हिस्से के दर्द से राहत मिलती है, बल्कि इसके कई अन्य शानदार स्वास्थ्य लाभ भी हैं। लगातार एक ही जगह बैठने से पेट के आसपास जो चर्बी या फैट जमा हो जाता है, यह एक्सरसाइज उस पोश्चर को सुधारकर पेट को अंदर करने और बॉडी शेप को सही करने में भी मदद करती है। इसके अलावा, रीढ़ की हड्डी सीधी होने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और पूरे दिन शरीर में एक नई ऊर्जा बनी रहती है। हालांकि, यदि आपको गंभीर स्पाइन इंजरी या कोई बड़ी मेडिकल समस्या है, तो इस एक्सरसाइज को करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:51 pm

ऑफिस में घंटों बैठना और गलत तकिया बन सकता है मुसीबत: गर्दन के दर्द को न करें नजरअंदाज

आज के भागदौड़ भरे लाइफस्टाइल में डेस्क जॉब या कंप्यूटर के सामने लगातार घंटों बैठे रहने की आदत लोगों के लिए एक आम बात बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी सी आदत आपकी सेहत पर कितना भारी पड़ सकती है? आजकल कम उम्र के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में सर्वाइकल पेन (Cervical Pain) यानी गर्दन और कंधे के दर्द की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। ऑफिस में गलत पोश्चर में लंबे समय तक काम करना और रात को सोते समय बहुत ऊंचा तकिया लगाना इस समस्या को और ज्यादा गंभीर बना देता है। अगर समय रहते गर्दन के इस दर्द के कारणों को न समझा जाए और जीवनशैली में सुधार न किया जाए, तो यह परेशानी भविष्य में भयंकर रूप ले सकती है। आइए जानते हैं सर्वाइकल पेन बढ़ने के पीछे की 5 मुख्य वजहें और इससे राहत पाने के कुछ आसान घरेलू उपाय।सर्वाइकल पेन बढ़ने की 5 प्रमुख और चौंकाने वाली वजहेंगर्दन और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी यह समस्या अचानक पैदा नहीं होती, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कुछ बुरी आदतें इसके लिए जिम्मेदार होती हैं:लंबे समय तक गलत पोश्चर में बैठना: ऑफिस या घर में कंप्यूटर और लैपटॉप पर काम करते समय झुककर बैठना या गर्दन को लगातार एक ही एंगल में झुकाए रखना सर्वाइकल का सबसे बड़ा कारण है।बहुत ऊंचा या सख्त तकिया इस्तेमाल करना: सोते समय गलत मोटाई या बहुत ज्यादा ऊंचा तकिया लगाने से गर्दन की मांसपेशियां रात भर खिंची रहती हैं, जिससे सुबह उठने पर भयंकर जकड़न और दर्द होता है।मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल (Text Neck): आज के समय में लोग घंटों सिर झुकाकर मोबाइल फोन की स्क्रीन पर लगे रहते हैं, जिससे गर्दन के पीछे की नसों और हड्डियों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।शारीरिक गतिविधि और एक्सरसाइज की कमी: बिल्कुल भी कसरत न करने से गर्दन और कंधे की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे वे वजन और तनाव सहन नहीं कर पाती हैं।तनाव और मानसिक चिंता: अत्यधिक मानसिक तनाव या एंग्जाइटी के कारण शरीर की मांसपेशियां विशेषकर कंधे और गर्दन के हिस्से में सिकुड़ने लगती हैं, जिससे दर्द उभर आता है।सर्वाइकल पेन से राहत पाने के आसान और असरदार घरेलू उपाययदि आपको भी अक्सर गर्दन में खिंचाव या दर्द महसूस होता है, तो इन घरेलू नुस्खों से पा सकते हैं तुरंत आराम:सिकाई (Hot and Cold Compress): दर्द वाले हिस्से पर दिन में दो से तीन बार गर्म पानी की थैली या आइस पैक से सिकाई करें। इससे मांसपेशियों की जकड़न दूर होती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।हल्की स्ट्रेचिंग और योग: काम के बीच में थोड़ा ब्रेक लें और गर्दन को धीरे-धीरे आगे-पीछे और दाएं-बाएं घुमाएं। इसके अलावा भुजंगासन जैसे योगासन करने से गर्दन को मजबूती मिलती है।सही पोश्चर और आर्थोपेडिक तकिए का इस्तेमाल: सोते समय हमेशा गर्दन को सपोर्ट देने वाले सर्जिकल या आर्थोपेडिक तकिए का ही प्रयोग करें और बैठते समय अपनी पीठ को हमेशा सीधा रखें।तेल से मालिश: गुनगुने सरसों या महानारायण तेल से हल्के हाथों से गर्दन और कंधों की मालिश करने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है और दर्द में बहुत राहत मिलती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:50 pm

त्रेता युग में क्या भोजन करते थे भगवान श्री राम? वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में छिपे हैं उनके खान-पान से जुड़े बड़े राज

सनातन धर्म के आराध्य और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके पराक्रम के बारे में तो हर कोई जानता है, लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम और माता सीता अपनी दिनचर्या में क्या खाते थे? आज के आधुनिक दौर में जहां लोग चटपटे, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड के शौकीन हैं, वहीं हमारे पौराणिक ग्रंथों में भगवान श्री राम के सात्विक और प्राकृतिक खान-पान का बहुत ही सुंदर और प्रेरणादायक वर्णन मिलता है। महर्षि वाल्मीकि की रामायण और गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस के पन्नों को पलटने पर पता चलता है कि प्रभु श्रीराम का भोजन बेहद साधारण, शुद्ध और प्रकृति के करीब था, जो उनके संयमित जीवन और उच्च विचारों का प्रतीक था। आइए जानते हैं कि त्रेता युग में भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता अपने भोजन में किन चीजों का सेवन करते थे।महर्षि वाल्मीकि की रामायण में मिलता है भोजन का प्रामाणिक विवरणवाल्मीकि रामायण के अयोध्या कांड और अरण्य कांड में भगवान राम के वनवास के दिनों का बहुत ही सूक्ष्मता से वर्णन किया गया है। जब प्रभु राम ने पिता के वचनों का पालन करते हुए चौदह वर्षों के लिए महलों के सुख-सुविधाओं का त्याग किया और वनों की ओर प्रस्थान किया, तो उनका शाही खान-पान पूरी तरह बदल गया। महलों में जहां छप्पन भोग और राजसी पकवान उपलब्ध होते थे, वहीं जंगलों में उनका जीवन पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर हो गया। वे और उनके भाई लक्ष्मण जंगलों से मिलने वाले कंदमूल और फलों को ही अपना मुख्य आहार बनाते थे।कंदमूल, फल और सात्विक आहार ही था मुख्य भोजनग्रंथों के अनुसार, भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जंगलों में घूमकर बेर, जामुन, आम, कटहल, पपीता और विभिन्न प्रकार के जंगली कंदमूल (जमीन के अंदर उगने वाले फल-मूल) एकत्रित करते थे। उस दौर में खान-पान पूरी तरह मौसमी और शुद्ध रूप से ऑर्गेनिक होता था। वे किसी भी जीव को कष्ट दिए बिना केवल प्राकृतिक रूप से मिलने वाले वनफलों पर ही निर्भर रहते थे। भोजन पकाने के लिए वे जंगलों में लकड़ियां इकट्ठा कर ऋषि-मुनियों की तरह सात्विक तरीके से भोजन तैयार करते थे या कई बार कच्चे फल-मूल खाकर ही अपनी क्षुधा शांत कर लेते थे।राजमहलों में कैसा था श्रीराम का खान-पान?जब भगवान राम अयोध्या के राजकुमार थे, तब भी उनका भोजन बहुत अधिक विलासितापूर्ण नहीं, बल्कि राजर्षि परंपरा के अनुसार अत्यंत सात्विक और ऊर्जावान होता था। महलों में उन्हें गाय के शुद्ध दूध, दही, घी, शहद, और विभिन्न प्रकार के धान्य (अनाज) से बने पकवान परोसे जाते थे। भगवान राम हमेशा संतुलित और कम आहार ग्रहण करते थे, जो उनके शारीरिक और मानसिक संतुलन का मुख्य आधार था। उनका यह खान-पान यह सिखाता है कि जीवन में संयम और सादगी अपनाकर ही दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:48 pm

सावन में इस दिन है नाग देवता की पूजा का महासंयोग, नोट कर लें काल सर्प दोष निवारण का सिर्फ ढाई घंटे का खास मुहूर्त

सावन के पवित्र महीने में आने वाले पर्व-त्योहारों का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना गया है। शिव आराधना के इस पावन काल में आने वाली 'नाग पंचमी' (Nag Panchami 2026) का पर्व प्रकृति, जीव-जंतुओं और भगवान शिव के प्रति आस्था का एक अनूठा संगम है। हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता और भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। खासकर जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु की महादशा चल रही है, उनके लिए यह दिन सभी कष्टों से मुक्ति पाने का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। इस साल नाग पंचमी की सही तारीख और पूजा के लिए केवल ढाई घंटे का सबसे दुर्लभ और शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, आइए जानते हैं इसकी पूरी विस्तृत जानकारी।कब है नाग पंचमी 2026? नोट करें सही तिथिवैदिक पंचांग के मुताबिक, सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का आरंभ और समापन इस प्रकार निर्धारित किया गया है कि भक्त विधि-विधान से नाग देवताओं का पूजन कर सकें। नाग पंचमी के दिन देश भर के प्रसिद्ध नाग मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और लोग नाग देवता को दूध, दूर्वा, अक्षत और फूल अर्पित कर आशीर्वाद मांगते हैं। इस पावन अवसर पर विशेष रूप से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट भी खुलते हैं, जिसके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।पूजा के लिए सिर्फ ढाई घंटे का विशेष मुहूर्तज्योतिष आचार्यों के अनुसार, नाग पंचमी के दिन पूजा-पाठ और कालसर्प दोष की शांति के लिए ग्रहों की स्थिति बेहद अनुकूल रहने वाली है। इस दिन पूजा के लिए केवल करीब ढाई घंटे का अत्यंत ही शुभ और फलदायी मुहूर्त प्राप्त हो रहा है। इस निश्चित समयावधि के दौरान विधि-विधान से शिव जी और नाग देवता की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। जानकारों का कहना है कि जो जातक इस विशेष मुहूर्त में रुद्राभिषेक या नाग देवता की पूजा करते हैं, उन्हें अकाल मृत्यु का भय नहीं सताता और जीवन में आ रही समस्त बाधाएं दूर हो जाती हैं।काल सर्प दोष मुक्ति और पूजा के विशेष उपायजिन लोगों की कुंडली में काल सर्प दोष या पितृ दोष होता है, उनके लिए नाग पंचमी का दिन किसी वरदान से कम नहीं है। इस दिन सुबह जल्दी स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें और तांबे या चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा मंदिर में अर्पित करें। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र या 'ॐ कुरुभ्यः नमः' का जाप करना बेहद लाभकारी माना जाता है। इस दिन किसी भी नाग या सांप को नुकसान न पहुंचाने का संकल्प लें और प्रकृति की रक्षा का संदेश अपनाएं, जिससे भोलेनाथ अति शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वरदान देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:47 pm

सावन के पवित्र महीने में घर ले आएं ये 3 चमत्कारी पौधे: भोलेनाथ की असीम कृपा से बरसेगी बरकत और आएगी सुख-समृद्धि

पवित्र सावन का महीना चल रहा है और इस पूरे महीने में देवों के देव महादेव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदू धर्म में सावन के इस पावन काल को साधना, आराधना और प्रकृति से जुड़ने का सबसे उत्तम समय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि इस दौरान घर के आंगन या बालकनी में कुछ खास और शुभ पौधे लगाए जाएं, तो न केवल भगवान शिव प्रसन्न होते हैं बल्कि घर की नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में ऐसे 3 विशेष पौधों का जिक्र किया गया है जिन्हें सावन के महीने में लगाना बेहद फलदायी माना जाता है। इन पौधों को घर में लाने मात्र से भोलेनाथ की विशेष कृपा बरसती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि व खुशहाली का वास होता है। आइए जानते हैं कौन से हैं वे 3 चमत्कारी पौधे।1. बेलपत्र का पौधा: भगवान शिव को सबसे प्रियहिन्दू धर्म और सावन मास में बेलपत्र का पौधा (Bel Patra Plant) सबसे ज्यादा पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान शिव की पूजा बिना बेलपत्र के अधूरी मानी जाती है। ऐसी मान्यता है कि जिस घर में बेलपत्र का पौधा लगा होता है, वहां पर माता लक्ष्मी और भगवान शिव का वास हमेशा बना रहता है। सावन के महीने में घर में बेलपत्र का पौधा लगाना या उसकी नियमित रूप से सेवा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और घर के सदस्यों पर भोलेनाथ की असीम अनुकंपा बनी रहती है। इसे हमेशा घर के उत्तर-पश्चिम कोने में लगाना सबसे शुभ माना गया है।2. शमी का पौधा: शनि दोष से मुक्ति और ऐश्वर्य का प्रतीकशमी के पौधे (Shami Plant) का संबंध भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव से भी जोड़ा गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भोलेनाथ को शमी के पत्ते अर्पित करने से वे अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं। सावन के महीने में शमी का पौधा घर के मुख्य द्वार के बाईं ओर लगाना बहुत ही शुभ फल देता है। यह पौधा न केवल घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है, बल्कि घर में कलह-क्लेश को समाप्त कर आपसी प्रेम और सुख-शांति को बढ़ावा देता है। सावन में शमी का पौधा लगाने से बिजनेस और नौकरी में तरक्की के रास्ते भी खुलते हैं।3. श्वेतार्क (सफेद आक) का पौधा: साक्षात भगवान गणेश और शिव का वासश्वेतार्क या सफेद मदार (White Arka Plant) का पौधा भगवान शिव को बेहद प्रिय है और इसे बहुत ही चमत्कारी माना जाता है। ऐसी पौराणिक मान्यता है कि श्वेतार्क के पौधे की जड़ में स्वयं भगवान गणेश और शिव जी का वास होता है। सावन के महीने में इस पौधे को घर के पास या गमले में लगाने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। यह पौधा घर की रक्षा कवच की तरह काम करता है और बुरी नजर या तांत्रिक बाधाओं से परिवार की रक्षा करता है। हालांकि, इसे लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि इसमें से निकलने वाला दूधिया रस आंखों में न जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:46 pm

पूर्व अग्निवीरों के लिए बंपर खुशखबरी: BSF, CRPF और CISF की भर्तियों में मिलेगा सीधा 50% आरक्षण

देश की सेवा के बाद भविष्य को लेकर चिंता करने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद राहत भरा कदम उठाया है। सशस्त्र बलों से अपनी सेवा पूरी कर बाहर आने वाले अग्निवीरों को अब देश के प्रमुख अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) में रोजगार के सुनहरे अवसर मिलने जा रहे हैं। सरकार की नीति के तहत अब सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) समेत अन्य प्रमुख सुरक्षा बलों की कॉन्स्टेबल और अन्य पदों पर होने वाली भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए भारी-भरकम 50 प्रतिशत (50%) आरक्षण का प्रावधान लागू कर दिया गया है। इस बड़े फैसले से उन युवाओं को सीधा फायदा मिलेगा जो 'अग्निवीर' योजना के तहत अपनी तय सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं और अर्धसैनिक बलों में शामिल होकर देश सेवा जारी रखना चाहते हैं।अर्धसैनिक बलों में अग्निवीरों के लिए नई राह और नियमकेंद्र सरकार के इस नए फैसले के तहत BSF, CRPF, CISF और ITBP जैसे केंद्रीय बलों में भविष्य की नियुक्तियों के दौरान पूर्व अग्निवीरों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इस आरक्षण नीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो युवा सेना में कड़े प्रशिक्षण और अनुशासन के बीच अपनी सेवाएं दे चुके हैं, उनके बेहतरीन अनुभव और हुनर का देश की आंतरिक सुरक्षा और अन्य रक्षात्मक मोर्चों पर पूरा इस्तेमाल किया जा सके। इसके साथ ही, सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए ऊपरी आयु सीमा में भी विशेष छूट देने का प्रावधान किया है, ताकि वे आसानी से इन नौकरियों के लिए योग्य साबित हो सकें और उन्हें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।देश के युवाओं और पूर्व अग्निवीरों के लिए क्यों है यह बड़ा कदम?जब से 'अग्निवीर' योजना की शुरुआत हुई थी, तब से इसके भविष्य और सेवा समाप्ति के बाद युवाओं के रोजगार को लेकर कई तरह की चर्चाएं और राजनीतिक सवाल उठ रहे थे। सरकार का यह कदम उन तमाम चिंताओं का एक ठोस और दूरदर्शी जवाब माना जा रहा है। इस व्यवस्था से न केवल पूर्व अग्निवीरों का करियर सुरक्षित होगा, बल्कि अर्धसैनिक बलों को भी अनुशासित, प्रशिक्षित और शारीरिक रूप से बेहद फिट सैनिक तुरंत मिल सकेंगे, जिन्हें बेसिक ट्रेनिंग पर ज्यादा वक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। देश के युवाओं के बीच इस फैसले को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है और इसे रक्षा मंत्रालय व गृह मंत्रालय का एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।आगे की प्रक्रिया और भर्ती से जुड़ी जरूरी बातेंअर्धसैनिक बलों में इस 50% आरक्षण का लाभ उठाने के लिए पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित शारीरिक, चिकित्सीय और लिखित परीक्षाओं के मानकों को पूरा करना होगा, हालांकि उनके पिछले सैन्य अनुभव को देखते हुए कई चरणों में उन्हें विशेष छूट या प्राथमिकता दी जाएगी। जो युवा अपनी चार साल की सेवा पूरी कर चुके हैं या करने वाले हैं, वे इन आगामी भर्तियों के लिए आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं और अपनी तैयारी को धार दे सकते हैं। सरकार के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि देश की रक्षा करने वाले वीरों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित और उज्ज्वल हाथों में है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:37 pm

डीयू में नए सेशन से पहले रैगिंग के खिलाफ कड़ा पहरा: प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ठीक पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परिसरों में रैगिंग जैसी असामाजिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए कमर कस ली है। हर साल नए सत्र में देश भर से आने वाले हजारों नए छात्रों को किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक परेशानी से बचाने के लिए डीयू प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। रैगिंग मुक्त कैंपस सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय ने विशेष एंटी-रैगिंग सेल को सक्रिय कर दिया है और इसके साथ ही एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि कोई भी छात्र जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मांग सके। प्रशासन के इस कड़े रुख से सीनियर्स में भी स्पष्ट संदेश चला गया है कि कैंपस में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी कार्रवाई की जाएगी।क्या हैं डीयू प्रशासन के नए निर्देश और एंटी-रैगिंग उपाय?दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों और विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने परिसरों में एंटी-रैगिंग कमेटियों का गठन करें और उनकी सक्रियता बनाए रखें। नए छात्रों के स्वागत और उनकी सुरक्षा के लिए हर कॉलेज के मुख्य द्वार और हॉस्टल्स के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, छात्रों को जागरूक करने के लिए कैंपस की दीवारों और नोटिस बोर्ड्स पर एंटी-रैगिंग नियमों से जुड़े पोस्टर लगाए जा रहे हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए छात्रों का कॉलेज का पहला दिन बिना किसी डर या संकोच के एक खुशनुमा माहौल में बीते।किसी भी आपात स्थिति के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरछात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए डीयू ने 24 घंटे काम करने वाले हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी किए हैं। यदि किसी भी छात्र के साथ रैगिंग, बदसलूकी या अनावश्यक दबाव बनाने जैसी कोई भी घटना होती है, तो वह बिना डरे तुरंत इन नंबरों पर संपर्क कर सकता है। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि शिकायत करने वाले छात्र की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दोषी पाए जाने वाले सीनियर छात्रों या परिसरों के भीतर अनुशासनहीनता करने वालों पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।नए छात्रों के लिए जरूरी सलाह और आत्मविश्वास का संदेशविश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने नए सत्र में प्रवेश लेने वाले सभी फ्रेशर्स से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के दबाव में न आएं और पूरी बेझिझक अपने कॉलेज जीवन की शुरुआत करें। प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। डीयू की यह पहल न केवल अभिभावकों के मन से अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता दूर करती है, बल्कि एक स्वस्थ, सुरक्षित और अकादमिक रूप से समृद्ध शैक्षणिक माहौल को भी बढ़ावा देती है, जिससे छात्र बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:35 pm

कम स्कोर पर भी मिलेगा मनपसंद कॉलेज में एडमिशन! अपनाएं ये स्मार्ट तरीके और बदलें अपनी किस्मत

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG 2026) के परिणाम आने के बाद कई छात्रों के मन में यह चिंता सताने लगती है कि यदि उनका स्कोर कम आया है, तो क्या उन्हें देश के शीर्ष और प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों या कॉलेजों में दाखिला मिल पाएगा या नहीं। परीक्षा के इस कड़े मुकाबले में कम अंक पाना किसी भी छात्र के लिए निराशाजनक हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके हायर एजुकेशन का सपना अधूरा रह जाएगा। यदि आप सही स्ट्रैटेजी, सूझबूझ और काउंसलिंग के वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, तो कम स्कोर के बावजूद आसानी से एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन पा सकते हैं। आइए जानते हैं वे कौन से स्मार्ट और असरदार तरीके हैं जो आपके करियर को नई दिशा दे सकते हैं।कम स्कोर आने पर न हों निराश, काउंसलिंग प्रोसेस को समझेंसबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कम स्कोर आने पर घबराने या पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है। कई बार छात्र रिजल्ट देखकर तुरंत हिम्मत हार बैठते हैं और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं लेते, जो उनकी सबसे बड़ी भूल साबित होती है। विश्वविद्यालय अपने एडमिशन के लिए कई चरणों (Rounds) में काउंसलिंग और स्पॉट राउंड आयोजित करते हैं। शुरुआती कटऑफ लिस्ट में भले ही सीटें भर जाती हैं, लेकिन बाद के राउंड्स में कई सीटें खाली रह जाती हैं जिन पर कम स्कोर वाले छात्रों को भी मौका मिल जाता है। इसलिए हर यूनिवर्सिटी के पोर्टल पर नजर रखें और काउंसलिंग के हर चरण में एक्टिव रहें।वैकल्पिक और उभरते हुए विश्वविद्यालयों का करें चयनअगर आपका स्कोर देश के चुनिंदा टॉप टियर-1 कॉलेजों जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) या जेएनयू (JNU) के कटऑफ से थोड़ा कम रह गया है, तो आपको अपनी पसंद का दायरा थोड़ा बढ़ाना चाहिए। देश में ऐसे कई बेहतरीन सेंट्रल यूनिवर्सिटीज, स्टेट यूनिवर्सिटीज और प्राइवेट संस्थान हैं जो CUET स्कोर के आधार पर एडमिशन देते हैं और जिनकी पढ़ाई का स्तर बेहद ऊंचा है। इन संस्थानों में कटऑफ थोड़ी कम जाती है और प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी शानदार होता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला लेकर भी आप अपने भविष्य को मजबूत बना सकते हैं।कोर्स कॉम्बिनेशन और ऑफबीट कोर्सेस पर दें ध्यानअक्सर छात्र पारंपरिक कोर्सेस जैसे ऑनर्स डिग्री या चुनिंदा प्रोग्राम्स के पीछे भागते हैं, जिससे वहां कंपटीशन बहुत ज्यादा हो जाता है। अगर आपका स्कोर कम है, तो आप वोकेशनल कोर्सेस, इंटीग्रेटेड प्रोग्राम्स या लैंग्वेज कोर्सेस का विकल्प चुन सकते हैं। कई यूनिवर्सिटीज में ऐसे कई नए और आधुनिक कोर्स चलाए जा रहे हैं जिनमें छात्रों का रुझान कम होता है लेकिन भविष्य में उनकी मांग बहुत ज्यादा होती है। इन कोर्सेस में कम स्कोर पर भी आसानी से एडमिशन मिल जाता है और आप अपनी पसंद के कॉलेज में पढ़ाई शुरू कर सकते हैं।स्पॉट राउंड और मॉप-अप राउंड का उठाएं पूरा फायदानियमित काउंसलिंग प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अधिकांश विश्वविद्यालय खाली बची सीटों को भरने के लिए 'स्पॉट एडमिशन' या 'मॉप-अप राउंड' निकालते हैं। इन राउंड्स की सबसे खास बात यह होती है कि इसमें कई बार प्रवेश के नियम थोड़े लचीले होते हैं और कम मार्क्स पाने वाले छात्रों को भी सीधे तौर पर खाली सीटों पर प्रवेश दे दिया जाता है। इसके लिए आपको संबंधित विश्वविद्यालयों की ऑफिशियल वेबसाइट पर लगातार विजिट करते रहना होगा ताकि किसी भी महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन की जानकारी आपसे न छूट जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:34 pm

न्याय प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, ज्योति सिंह मथारू ने की निष्पक्ष जांच की मांग; सीएम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

झारखंड के चर्चित फुसबंगला तेजाब कांड (Phusbangla Acid Attack Case) ने एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है और इस जघन्य मामले में न्याय की मांग को लेकर आवाजें तेज हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले की तह तक जाने के लिए सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में जानी-मानी शख्सियत ज्योति सिंह मथारू ने इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई और न्याय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले की सच्चाई से पर्दा उठाने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य के मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी, जिससे पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।क्या है फुसबंगला तेजाब कांड और क्यों गरमाया है मामला?फुसबंगला इलाके में हुई तेजाब हमले की इस खौफनाक घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया था। इस अमानवीय कृत्य में पीड़िता को शारीरिक और मानसिक रूप से जो प्रताड़ना झेलनी पड़ी, उसने पूरे समाज को हैरान कर दिया था। घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शुरुआत में मामले की रफ्तार और पुलिस की तफ्तीश पर पीड़ितों के परिजनों ने असंतोष जताया था। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कड़े कदम उठाए जाते और आरोपियों पर सख्त शिकंजा कसा जाता, तो आज पीड़ित परिवार को इस तरह दर-दर की ठोकरें न खानी पड़तीं।ज्योति सिंह मथारू ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांगइस संवेदनशील मामले में खुलकर सामने आते हुए ज्योति सिंह मथारू ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि तेजाब जैसे गंभीर मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। राजनीतिक या अन्य दबावों से ऊपर उठकर इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि असली गुनाहगार कानून की गिरफ्त से बचने न पाए। उनका यह भी कहना है कि जब तक इस मामले में पूरी पारदर्शिता नहीं बरती जाती, तब तक समाज में सुरक्षा का संदेश नहीं जा सकता।मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट, आगे क्या होगा?इस पूरे प्रकरण को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए अब एक ठोस कदम उठाया जा रहा है। फुसबंगला तेजाब कांड से जुड़े तमाम तथ्यों, पुलिस जांच की कमियों और पीड़िता की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट को जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ताकि सरकार के स्तर पर इस मामले का संज्ञान लिया जा सके और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए एसआईटी (SIT) या किसी अन्य उच्चाधिकार प्राप्त एजेंसी से जांच कराई जा सके। इस हाई-प्रोफाइल हस्तक्षेप के बाद अब प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है कि वह जल्द से जल्द इस मामले में कड़ी कार्रवाई करे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:33 pm