बिजनौर में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
बिजनौर के नहटौर क्षेत्र के सदरुद्दीननगर गांव में पिछले कई दिनों से गुलदार की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत थी। वन विभाग ने पिंजरा लगाकर करीब पांच दिन बाद गुलदार को पकड़ लिया। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए। वन विभाग की टीम ने सुरक्षा के बीच उसका रेस्क्यू किया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
लग्जरी सफर और शराब की खेप... लड़की के साथ फर्स्ट AC में था हरियाणा का युवक, क्या है कनेक्शन?
नई दिल्ली से जयनगर जा रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास में एक युवती और हरियाणा का युवक सफर कर रहे थे. समस्तीपुर स्टेशन पर आरपीएफ को मिली खबर के बाद कोच में छापा पड़ गया. इस दौरान दो सूटकेसों से 75 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद हुई. दोनों को अरेस्ट कर लिया गया. आखिर युवती और उसके साथ सफर कर रहे युवक का कनेक्शन क्या था?
साल के अंत में राहु करेंगे गोचर, 4 राशियां हो जाएंगी मालामाल
Rahu Gochar 2026: 5 दिसंबर को होने वाला राहु का मकर राशि में गोचर कई जातकों की किस्मत रातों-रात बदलने वाला है. 18 महीने बाद राशि बदल रहे मायावी राहु कुछ राशियों के जीवन में बदलाव लाएगा. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
जापानी रात में ही क्यों नहाते हैं? वजह जानकर आप भी बदल लेंगे नहाने का समय!
जापान में रात के समय नहाने की आदत काफी आम है. वहां नहाना सिर्फ शरीर की सफाई नहीं बल्कि दिनभर की थकान दूर करने और आराम करने का तरीका भी माना जाता है. जापानी कल्चर में पहले शरीर को अच्छी तरह साफ किया जाता है और फिर गर्म पानी से भरे टब में बैठकर आराम किया जाता है.
'शिक्षा-रोजगार मांगने पर गोली मार दी?', घायल छात्रों से मिले राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार के सीवान में प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की. छात्रों ने पुलिस पर बिना उकसावे गोलीबारी और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने X पोस्ट में छात्रों की चोटों और टूटे सपनों को लेकर सवाल उठाए.
स्वतंत्र भारद्वाज की FIR में जुड़ी पोक्सो एक्ट की धारा, फिर भी मिली जमानत, जानिए डिटेल्स
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ नाबालिग से जुड़ी शिकायत पर POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई है. केस में पीछा करने, धमकी देने समेत BNS की धाराएं भी लगाई गई हैं.
चाहे जितना विरोध करे, चलेंगे तो शरिया के मुताबिक ही: ग्रैंड मुफ्ती
इस्लामिक स्कॉलर ग्रैंड मुफ्ती अबूबकर मुसुलियार मुस्लिम महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद घिर गए हैं. इस बीच उन्होंने कहा है कि चाहे कोई कितना भी विरोध करे, वो शरिया कानून का प्रचार करते रहेंगे और उसी हिसाब से चलेंगे. इस दौरान कांतापुरम ने केरल के हर जिले में शरिया सम्मेलन आयोजित करने की ख्वाहिश भी जाहिर की.
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ पर सियासी घमासान, कांग्रेस का BJP के खिलाफ प्लान
उत्तराखंड के हल्द्वानी में शुद्धिकरण के मुद्दे पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी को चौतरफा घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है. इसी सिलसिले में कांग्रेस के दलित सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. सोमवार को कांग्रेस देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास तक एक बड़ा विरोध मार्च निकालने वाली है. दरअसल, 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह मुद्दा पूरी तरह गरमा चुका है. कांग्रेस का आरोप है कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद वहां शुद्धिकरण किया गया, जो कि पूरे दलित समाज का अपमान है.
फिल्मी स्टाइल में पंजाब रोडवेज की बस चोरी, बोलेरो से आए चोर और उड़ा ले गए
लुधियाना में चोरों ने पंजाब रोडवेज (PRTC) की हाईटेक बस को फिल्मी अंदाज में चोरी कर लिया. 28 अगस्त की रात 7-8 आरोपी बोलेरो से पहुंचे और करीब दो घंटे रेकी के बाद बस को पार्किंग से निकाल ले गए. जगराओं पुल के पास ऑटो और स्कूटी से बस को एस्कॉर्ट किया गया. करीब 21 किलोमीटर दूर बस के टायर और बैटरियां निकालकर उसे ईंटों पर खड़ा कर दिया गया.
नीरजा भनोट: 23 साल की उम्र में आतंकियों के सामने बनीं ढाल, बचाईं सैकड़ों जिंदगियां
विमान की सीनियर फ्लाइट पर्सर नीरजा भनोट ने संकट की गंभीरता को तुरंत समझ लिया। उन्होंने सूझबूझ और हिम्मत से काम लेते हुए यात्रियों को संभालने की कोशिश की। उनकी सक्रियता के कारण विमान के अमेरिकी पायलट बाहर निकलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी नीरजा और केबिन क्रू के सामने थी।
'मिर्जापुर द मूवी': थिएटर में भिड़े फैंस, लात-घूसों-चप्पलों से की मारपीट
'मिर्जापुर द मूवी' को फैंस का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म अच्छी कमाई कर रही है. फिल्म के भौकाल के बीच थिएटर से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है.
घर में कभी ना लाएं ये 4 पौधे? हो जाएंगे कंगाल!
Vastu For Plant: अगर आपके घर में भी पौधे लगे हैं, तो एक बार उनकी स्थिति जरूर देख लें . कहीं ऐसा तो नहीं कि खूबसूरती बढ़ाने के चक्कर में आप ऐसे पौधे घर में रख रहे हैं, जिन्हें वास्तु की दृष्टि से अच्छा नहीं माना जाता .
बंगाल में खुलेंगे एक हजार संघ के स्कूल विद्या भारती, सीएम सुवेंदु ने फिक्स कर दिया टारगेट
पश्चिम बंगाल में एक साल के अंदर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शिक्षा विंग, 'विद्या भारती' से जुड़े कम से कम 1,000 स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा गया है. राज्य में इस समय विद्या भारती के कुल 313 स्कूल चल रहे है.
पंजाब में किसान आंदोलन तेज, SSP ऑफिस तक पहुंचे प्रदर्शनकारी
पंजाब में किसानों का आंदोलन एक बार फिर से तेज होता जा रहा है और विभिन्न हिस्सों से विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं. संगरूर और मोगा में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया है. संगरूर में किसान आंदोलन के सातवें दिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए और एसएसपी कार्यालय का घेराव करने मुख्य गेट तक पहुंच गए. इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई. किसान नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका यह आंदोलन और संघर्ष जारी रहेगा.
सागर में जहरीली शराब से मौतों के मामले सीएम डॉ. मोहन यादव सख्त, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों की घटना को अत्यंत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध ...
ग्वालियर में पिटबुल, पाकिस्तानी बुली, रॉटविलर और जर्मन शेफर्ड जैसी आक्रामक नस्ल के कुत्तों को लेकर नगर निगम ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. ऐसे कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया है. बिना अनुमति या नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के साथ कुत्तों को जब्त कर शेल्टर होम भेजा जा सकता है.
चमगादड़ को भगाने के लिए क्या करना चाहिए? चमगादड़ किस गंध से नफरत करते हैं
चमगादड़ किस गंध से नफरत करते हैं? जो पेड़ या घर पर डाल दें तो वह कभी भी नहीं आएंगे. आइए जानते हैं क्या है वह चीज.
वैभव से भिड़े तिलक, बात 'पंच' तक पहुंची, अंपायर ने किया बीच-बचाव
ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच दलीप ट्रॉफी फाइनल में मैदान पर माहौल गरमा गया. वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा के बीच स्लेजिंग से शुरू हुआ मामला उस वक्त गंभीर हो गया, जब तिलक ने मुक्का मारने का इशारा किया. विवाद बढ़ता देख अंपायरों को बीच में आकर दोनों खिलाड़ियों को शांत कराना पड़ा.
ISRO के निजीकरण को लेकर कर्मचारियों में चिंता, 9 संघों ने सरकार से मांगा जवाब
भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को लेकर इसरो के कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मैन्युफैक्चरिंग और लॉन्च से जुड़े कामों को निजी कंपनियों को दिए जाने की चर्चाओं के बीच संगठन के हजारों कर्मचारियों में अपने भविष्य को लेकर असमंजस पैदा हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से करीब छह साल पहले अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोले जाने के बाद अब इसरो के नौ कर्मचारी संघ एक साथ सामने आए हैं। इन संगठनों ने इसरो अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव वी. नारायणन को पत्र लिखकर सरकार की नीति और कर्मचारियों के भविष्य को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा है। इसरो कर्मचारियों ने 4 सितंबर को भेजा पत्र नौ कर्मचारी संघों ने 4 सितंबर 2026 को वी. नारायणन को संयुक्त पत्र भेजा। इसमें उन्होंने पूछा है कि अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका के बीच इसरो की आगे क्या जिम्मेदारी होगी और मौजूदा कर्मचारियों के भविष्य पर इसका क्या असर पड़ेगा। कर्मचारी संगठनों ने आने वाली भर्तियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर इसरो के मौजूदा काम धीरे-धीरे निजी कंपनियों को दिए गए तो संगठन में नई भर्तियों और कर्मचारियों के प्रमोशन के अवसरों पर भी असर पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: आसमान में भारत की 'आंख' तैनात! GSLV-F17 मिशन हुआ सफल, ISRO चीफ बोले- इस साल 6 और धाकड़ मिशन होंगे लॉन्च! IN-SPACe अध्यक्ष के बयान से क्यों बढ़ी चिंता? कर्मचारी संघों की चिंता की बड़ी वजह IN-SPACe के अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका का हालिया बयान बताया जा रहा है। गोयनका ने कहा था कि भविष्य में इसरो खुद लॉन्च व्हीकल यानी रॉकेट का निर्माण नहीं करेगा। यह काम निजी कंपनियों या सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) के जरिए किया जाएगा। इसके बाद कर्मचारी संघों ने सवाल उठाया है कि क्या इसरो धीरे-धीरे रॉकेट निर्माण और लॉन्च ऑपरेशन से बाहर होने जा रहा है। SSLV के बाद PSLV और LVM3 को लेकर सवाल संघों का कहना है कि SSLV (Small Satellite Launch Vehicle) के मामले में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। अब उन्हें आशंका है कि PSLV और LVM3 जैसे महत्वपूर्ण रॉकेटों के निर्माण और संचालन में भी निजी कंपनियों की भूमिका बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा कुलशेखरपट्टनम में बन रहे नए स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स समेत दूसरी अंतरिक्ष सुविधाओं को निजी ऑपरेटरों के लिए खोले जाने और इसरो की करीब 120 तकनीकों को निजी क्षेत्र में ट्रांसफर किए जाने की खबरों ने भी कर्मचारियों की चिंता बढ़ाई है। कर्मचारी संघों ने मांगी लिखित नीति कर्मचारी संगठनों का कहना है कि निजी भागीदारी को लेकर कई बयान सामने आए हैं, लेकिन अंतरिक्ष विभाग की ओर से कर्मचारियों को कोई स्पष्ट लिखित नीति नहीं बताई गई है। संघों ने सीधे सवाल किया है कि क्या पवन गोयनका का बयान केंद्र सरकार, अंतरिक्ष आयोग या अंतरिक्ष विभाग की आधिकारिक मंजूरी वाली नीति है? इसरो की असली भूमिका क्या रहेगी? कर्मचारी संघों ने यह भी पूछा है कि भविष्य में PSLV, LVM3, SSLV और दूसरे रॉकेटों का डिजाइन, विकास, निर्माण, टेस्टिंग और लॉन्च इसरो के काम का हिस्सा रहेगा या नहीं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि देश के टैक्सपेयर्स के पैसे और इसरो के वैज्ञानिकों की कई दशकों की मेहनत से तैयार की गई तकनीक, टेस्टिंग सुविधाओं और लॉन्च पैड को निजी कंपनियों को देने की प्रक्रिया किस नियम और व्यवस्था के तहत होगी। इसके साथ ही संघों ने NewSpace India Ltd (NSIL) और IN-SPACe की भूमिका को लेकर भी स्पष्ट जानकारी मांगी है। इसे भी पढ़ें: ISRO का धमाका, स्पेस में तैनात होगी भारत की तीसरी आंख EOS-05, कांपे चीन-पाकिस्तान कर्मचारियों को नौकरी और प्रमोशन की चिंता कर्मचारी संघों का कहना है कि रॉकेट की डिजाइनिंग, इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और लॉन्चिंग सिर्फ कोई सामान्य मैन्युफैक्चरिंग कॉन्ट्रैक्ट नहीं है। ये इसरो की मुख्य विशेषज्ञता और कई दशकों से विकसित अनुभव का हिस्सा हैं। उनका डर है कि अगर इसरो रॉकेट और सैटेलाइट निर्माण से पीछे हटता है तो संगठन के अंदर काम कम हो सकता है। इससे स्वीकृत पदों पर भर्तियां रुक सकती हैं और तकनीकी, वैज्ञानिक, प्रशासनिक, खरीद, स्टोर और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों के प्रमोशन के अवसर भी कम हो सकते हैं। क्या इसरो में भर्तियां भी कम होंगी? कर्मचारी संगठनों ने आशंका जताई है कि अगर मौजूदा काम निजी कंपनियों को सौंपे गए तो इसरो में कुछ कर्मचारी सरप्लस हो सकते हैं या उनके पास पहले की तुलना में कम काम रह सकता है। इसके अलावा ग्रुप A, B और C पदों पर नियमित भर्तियां कम होने की स्थिति में देश के युवाओं के लिए इसरो में सरकारी नौकरी के अवसर भी घट सकते हैं। निजी कंपनियों के खिलाफ नहीं हैं कर्मचारी कर्मचारी संघों ने साफ किया है कि वे प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी के खिलाफ नहीं हैं। उनका कहना है कि NSIL के जरिए सीमित दायरे में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर उन्हें आपत्ति नहीं है। उनकी मुख्य मांग सिर्फ इतनी है कि सरकार एक स्पष्ट और आधिकारिक नीति दस्तावेज जारी करे। इसमें यह साफ होना चाहिए कि अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भूमिका कितनी होगी और इसरो की अपनी तकनीकी एवं निर्माण क्षमता को किस हद तक बरकरार रखा जाएगा। इसरो और देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रति निष्ठा कर्मचारी संघों ने कहा है कि उन्होंने यह पत्र विरोध के बजाय रचनात्मक और लोकतांत्रिक भावना से लिखा है। उन्होंने इसरो को GSLV-F17/EOS-05 मिशन की सफलता के लिए बधाई भी दी। संघों का कहना है कि उनकी निष्ठा इसरो और देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रति पूरी तरह बनी हुई है। हालांकि, उनका मानना है कि मौजूदा अनिश्चितता आगे चलकर स्थायी नीति का रूप ले, उससे पहले सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
पालघर के अस्पताल में बिल को लेकर बवाल, शिवसेना पदाधिकारियों का हंगामा, डॉक्टर-कर्मचारियों से मारपीट
अस्पताल कर्मचारी की शिकायत के आधार पर पालघर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और मेडिकल सर्विसेज प्रोटेक्शन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
डेटिंग ऐप, रात का वक्त और बेंगलुरु में पार्टी... वायरल कपल की कहानी
बेंगलुरु के इंदिरानगर इलाके में डेटिंग ऐप के जरिए मिले एक युवक और युवती के बीच कथित विवाद का वीडियो वायरल हो रहा है. कैब ड्राइवर का कहना है कि दोनों पार्टी के लिए बेंगलुरु आए थे और इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन के पास से कैब बुक की थी. कैब में बैठने के बाद दोनों के बीच बहस शुरू हुई, जो मारपीट तक पहुंच गई. स्थिति बिगड़ने पर ड्राइवर ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल किया.
बिग बॉस 20 मेकर्स ने फैंस ने सीजन के शानदार सेट-अप की एक झलक दिखाई है. उन्होंने घर को पहले से कहीं ज्यादा खूबसूरत और दिलचस्प बनाने के लिए कई नई चीजें ऐड की हैं.
दही हांडी सेलिब्रेशन में गोविंदा का छलका दर्द, कहा- मैं माई से प्रार्थना करता हूं
गोविंदा इन दिनों अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं. हालांकि वह अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को पूरा करते हुए नजर आ रहे हैं. इसी बीच उनकी मुंबई से जन्माष्टमी के अवसर पर एक दही हांडी से एक वीडियो वायरल हो रहा है
बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और सुरक्षित भविष्य को लेकर योगी सरकार की संवेदनशीलता का असर बाल हेल्पलाइन के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से सामने आया है। 7 महीने में बाल हेल्पलाइन (1098) पर बच्चों के गुम होने से संबंधित करीब 20,500 मामले सामने आए, जिनमें ...
सागर में जहरीली शराब सप्लाई में सक्रिय था यूपी का रैकेट, ललितपुर से होती थी नकली शराब सप्लाई
मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पूरे मामले की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि सागर जिले के उत्तरप्रदेश के ललितपुर जिले से सटे गांवों में यूपी के शराब माफियाओं का रैकेट ...
दिल्ली-NCR में छाए काले बादल, मूसलाधार बारिश का अलर्ट, नोएडा, गुरुग्राम में जमकर बरसेंगे बदरा
Delhi-NCR Rain Alert Today: दिल्ली-एनसीआर में रविवार को मौसम सुहाना हो गया है. दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद में झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया है. बारिश की वजह से तापमान में गिरावट होने से यहां मौसम ठंडा हो गया है.
अब एक वर्ष में मिलेगी ग्रेच्युटी, जानिए नए लेबर कोड का वह पेंच, जो अटका सकता है फंड
नए लेबर कोड (New Labor Code) लागू होने के बाद कर्मचारियों को ग्रेच्युटी के लिए अब 5 साल का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि 1 साल की सेवा पर भी ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा.
मां के पास से मासूम को जबड़े में दबाकर ले गया था तेंदुआ, वन विभाग के पिंजरे में हुआ कैद
सवाई माधोपुर में 3 साल के बच्चे को मां के सामने से उठाकर मार डालने वाले तेंदुए को वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया है. घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश और आगजनी हुई थी.
गैस, अपच और ब्लोटिंग से राहत दिला सकता है अजवाइन-काला नमक वाला पानी, जानें कैसे
क्या आपको भी खाना खाने के बाद पेट में भारीपन लगता है, तो किचन में मौजूद अजवाइन और काले नमक का इस तरह से करें सेवन.
निशु आजाद के घर रात में पथराव, स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी सुरक्षा की चिंता
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर निशु आजाद ने घर पर पथराव और धमकी का आरोप लगाया है। उन्होंने परिवार की सुरक्षा की मांग की।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने प्रशासन की कार्रवाई पर तीखा हमला बोलते हुए इसे संविधान और कानून के खिलाफ बताया है। सांसद ने कहा कि इस मामले को ...
Jharkhand में मंत्री Sudivya Kumar के निधन पर 2 दिन का राजकीय शोक घोषित
रांची, छह सितंबर झारखंड सरकार ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और मंत्री सुदिव्य कुमार के सम्मान में दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। कुमार का रविवार तड़के निधन हो गया। अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि के दौरान राज्य सरकार के सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सात सितंबर को झारखंड सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे। अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘राज्य सरकार ने मंत्री सुदिव्य कुमार के आज सुबह निधन के बाद छह और सात सितंबर को दो दिन का राजकीय शोक मनाने का फैसला किया है।’’बयान में कहा गया कि झारखंड में जिन सरकारी भवनों पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, वहां राजकीय शोक के दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार का रविवार तड़के हृदयाघात से निधन हो गया। उन्होंने बताया कि 56 वर्षीय कुमार को देर रात करीब ढाई बजे उनके गृह नगर गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने सुबह करीब चार बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी सहयोगी रहे कुमार ने झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार के सामने आए कई राजनीतिक संकटों से निपटने में अहम भूमिका निभाई थी। इनमें पिछले महीने रांची में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मामला भी शामिल था।
पारंदूर के बाद चेन्नई एयरपोर्ट के लिए 2 नए ठिकाने, विजय सरकार ने क्यों चुनीं ये साइट?
राज्य सरकार ने मनेल्लूर और चेय्यूर को नए एयरपोर्ट के संभावित ठिकानों के रूप में चिन्हित किया है। इन दोनों जगहों की सिफारिश एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को स्टडी और सर्वे के लिए भेज दी गई है।
'बाप पर मत जाना...' बिग बॉस 20 में बेटी रीति को साथ लेकर पहुंचे मनोज तिवारी, सलमान खान ने दी नसीहत
सलमान खान का 'बिग बॉस' का सीजन 20 एक बार फिर दर्शकों के बीच हलचल मचाने को तैयार है. शो के नए सीजन यानी 'बिग बॉस 20' को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट लगातार बढ़ रही है.
साल में 57 लाख रुपये! US में मेहंदी आर्टिस्ट कितना कमा लेते हैं?
अमेरिका में रहने वाली भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और मेहंदी आर्टिस्ट प्रियंका जैन ने बताया है कि अमेरिका में हेन्ना आर्टिस्ट के तौर पर कितनी कमाई हो सकती है. इंस्टा पर शेयर किए वीडियो में उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर बताया
PM जनधन योजना के हर चौथे खाते पर लगा ताला! UP में सबसे ज्यादा जीरो बैलेंस वाले
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत हर चौथा खाता इनऑपरेटिव है, जबकि करीब 5.72 करोड़ खातों में कोई बैलेंस नहीं है. RTI के जवाब के मुताबिक 12 अगस्त 2026 तक देश में 59.03 करोड़ से ज्यादा PMJDY खाते थे, जिनमें 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक जमा थे. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 95.92 लाख जीरो-बैलेंस और 3.23 करोड़ निष्क्रिय खाते पाए गए.
अब 10 साल के बाद भी चलेंगे डीजल वाहन? IIT दिल्ली की बनाई मशीन को हरी झंडी; कितनी होगी कीमत
पुरानी डीजल गाड़ियों को लेकर पब्लिक को बड़ी राहत मिल सकती है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित मशीन को हरी झंडी दे दी है। यह डीजल गाड़ियों का प्रदूषण 90 फीसदी तक कम कर सकती है।
ओजी, फ्लेक्स… PM मोदी की स्पीच में जेन-जी वाली भाषा सुनकर क्या बोले SRCC के स्टूडेंट?
SRCC में पीएम मोदी के भाषण पर सर्वेश्वर नाम के स्टूडेंट ने कहा कि युवाओं से कनेक्ट करने के लिए पीएम ने उनकी बोलचाल की भाषा का इस्तेमाल किया, यह देख कर अच्छा लगा.
अभी तो खुला भी नहीं... GMP 200 के पार, ये IPO कराएगा कमाई!
IPO Alert: 8 सितंबर को खुलने वाला इलेक्ट्रिकल कंपनी का आईपीओ ओपनिंग से पहले ही निवेशकों को जोरदार कमाई कराने का सिग्नल दे रहा है. ग्रे-मार्केट में इसका GMP अभी से 200 रुपये के पार निकल चुका है.
गुड़ से बनाएं हलवाई जैसी कुरकुरी और रसीली जलेबी, नोट करें रेसिपी
Gud Jalebi Recipe: अगर आपको मीठा खाने का शौक है और इस बार कुछ देसी स्वाद ट्राई करना चाहते हैं तो घर पर गुड़ की जलेबी बना सकते हैं. बाहर से कुरकुरी और अंदर से गुड़ की मिठास से भरी यह जलेबी स्वाद में बेहद लाजवाब होती है और इसे आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है.
मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब का कहर: 9 लोगों की मौत, 35 गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 35 अन्य लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
एसआरसीसी में 'दिमागी नक्सल' पर घमासान: CJP बोली- युवाओं को उम्मीद दें, ऐसे लेबल नहीं; पीएम मोदी पर साधा निशाना---PM Modi Dimagi Naxal Remark at SRCC Sparks Controversy, CJP Criticises Statement
Bank Holidays 2026: 7 से 13 सितंबर के बीच कब और कहां बंद रहेंगे बैंक? ये रही छुट्टियों की पूरी लिस्ट
Upcoming Bank Holidays this Month: कल से शुरू हो रहे नए हफ्ते में बैंक जाने की सोच रहे हैं? घर से निकलने से पहले जान लें 7 से 13 सितंबर के बीच आपके शहर में बैंक खुले हैं या बंद. वरना लटक सकते हैं चेक और पैसों से जुड़े जरूरी काम.
Nashik में सड़कों पर क्यों उतरे आदिवासी छात्र? Rahul Gandhi के समर्थन से गरमाया मामला
महाराष्ट्र के नासिक में आदिवासी छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। सरकारी सहायता प्राप्त आश्रम स्कूलों की खराब स्थिति, छात्रों की सुरक्षा और मौतों के मुद्दे को लेकर 100 से ज्यादा छात्र नासिक के ईदगाह मैदान में आंदोलन कर रहे हैं। इनमें कई छात्र अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। छात्रों का आरोप है कि आदिवासी आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी ठीक नहीं है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जरूरी कदम उठाए। राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में क्या कहा? कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हजारों छात्र शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह मामला सिर्फ किसी एक परीक्षा या भर्ती से जुड़ा नहीं है, बल्कि छात्रों का व्यवस्था पर भरोसा टूटने से जुड़ा है। उन्होंने पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियों, महंगी शिक्षा, छात्रावासों की खराब स्थिति और अन्य समस्याओं का जिक्र करते हुए सरकार से छात्रों की आवाज सुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने बेहतर और उज्ज्वल भविष्य के लिए छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि अगर छात्रों की बात नहीं सुनी गई तो उनका आंदोलन और तेज हो सकता है। महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं - इसकी वजह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, पूरे सिस्टम से टूट चुका भरोसा है। चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल… — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 6, 2026 इसे भी पढ़ें: Congress-TVK Meeting: Manickam Tagore का बड़ा बयान, 2029 में Rahul Gandhi होंगे PM पद के उम्मीदवार नासिक में क्यों आंदोलन कर रहे हैं आदिवासी छात्र? नासिक में चल रहे इस प्रदर्शन में आदिवासी रेजीडेंट यानी आश्रम स्कूलों के छात्र शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि सरकारी सहायता प्राप्त आश्रम स्कूलों में लंबे समय से कई तरह की समस्याएं हैं। प्रदर्शनकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था और छात्रों की मौत के मामलों में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को सिर्फ आश्वासन देने के बजाय जमीन पर व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इसे भी पढ़ें: '2029 में राहुल गांधी ही बनेंगे PM', TVK के 'विजय फॉर PM' के दावे पर बोली तमिलनाडु कांग्रेस, गठबंधन टूटने के आसार आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन छात्रों के इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अलावा शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे और कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। फिलहाल प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर सरकार की ओर से तत्काल कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। आंदोलन के चलते महाराष्ट्र सरकार पर छात्रों की समस्याओं को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है।
मेट्रो में सफर: पीएम मोदी के कान में बच्चे ने क्या कहा? जो प्रधानमंत्री मुस्कुराए और मिलाया हाथ, देखें वीडियो
सबसे शर्मनाक... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सली' तंज पर फिर भड़की कॉकरोच जनता पार्टी
पीएम मोदी द्वारा दिल्ली के SRCC में एक बाद फिर से दिमागी नक्सल शब्द का प्रयोग किए जाने पर कॉकरोच जनता पार्टी ने उनकी आलोचना की है। सीजेपी की तरफ से कहा गया कि पीएम को ऐसे मौके का प्रयोग छात्रों के हितों की बात को करने के लिए करना चाहिए था।
'राजनीतिक दलों ने हाइजैक किया Gen-Z आंदोलन', युवाओं के प्रदर्शन पर बोलीं मायावती
मायावती ने CJP के Gen-Z आंदोलन को लेकर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक दल युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों से जुड़े आंदोलनों को हाइजैक कर रहे हैं. उन्होंने BSP कार्यकर्ताओं से प्रदर्शनों से दूर रहने और चुनावों के लिए ऊर्जा बचाने को कहा. जंतर-मंतर मारपीट मामले में सख्त कार्रवाई की मांग भी की.
30 सेकंड का विस्फोट, 50 हजार फीट तक राख... इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने से 50 हजार फीट ऊंचा राख का गुबार उठा. हवा में राख फैलने से जकार्ता एयरपोर्ट पर उड़ानें थमीं और 22,800 मुसाफिर फंस गए.
दुनिया देख पाएगा 'हनुमान अंश' सिंगर! MP सीएम कराएंगे इलाज
नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश ने 2 करोड़ की लागत में 111 करोड़ रुपये की कमाई की है. बुंदेली गायक सुनील लोधी के गाए भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे' ने दर्शकों का दिल जीता है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सुनील से मुलाकात कर उनकी आंखों के इलाज का वादा किया.
Delhi-NCR में फिर बरसे बादल, कई इलाकों में भारी बारिश का रेड अलर्ट
दिल्ली, नोएडा और आसपास के एनसीआर इलाकों में रविवार को भी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने दिल्ली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, कुछ इलाकों में मध्यम बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, कई जगहों पर सड़कों पर पानी भरने और बारिश के चलते वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। रविवार की छुट्टी होने के कारण नौकरीपेशा लोगों को सामान्य दिनों की तरह ट्रैफिक जाम का ज्यादा सामना नहीं करना पड़ा। इन इलाकों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, शाहदरा, सेंट्रल दिल्ली, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली और नॉर्थ दिल्ली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसे भी पढ़ें: PM Modi का SRCC शताब्दी समारोह में संबोधन: आपके छात्र OGs हैं, हर क्षेत्र में मचाई धूम! शनिवार को भी हुई थी तेज बारिश इससे पहले शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश हुई थी। लगातार हुई बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की समस्या देखने को मिली थी। कुछ जगहों पर सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। दिल्ली एयरपोर्ट पर 200 से ज्यादा उड़ानें लेट शनिवार को खराब मौसम का असर दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। बारिश और खराब मौसम के कारण 200 से ज्यादा उड़ानें अपने निर्धारित समय से देरी से चलीं। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर आने वाली उड़ानों में औसतन करीब 70 मिनट की देरी हुई, जबकि यहां से रवाना होने वाली उड़ानों में करीब 130 मिनट तक की देरी दर्ज की गई। इसे भी पढ़ें: आम आदमी की तरह PM Modi का Delhi Metro में सफर, लोगों से की बातचीत । Video दिल्ली-एनसीआर के लिए आज कैसा रहेगा मौसम? फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी है और कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं तो मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं और जलभराव वाले रास्तों से बचने की कोशिश करें।
गलत नंबर पर हो गया रिचार्ज? ऐसे मिलेगा पूरा रिफंड
गलत मोबाइल नंबर पर रिचार्ज होने के बाद अगर आपको लगता है कि पैसे वापस नहीं मिलेंगे, तो ऐसा जरूरी नहीं है. कुछ मामलों में रिचार्ज कैंसिल कर पैसे वापस लिए जा सकते हैं. जानिए रिफंड पाने का आसान तरीका और किन बातों का रखना है ध्यान.
वैभव ने सिराज को बनाया निशाना, 1 ओवर में कूटे इतने रन, VIDEO
15 साल के वैभव सूर्यवंशी पहले ही दलीप ट्रॉफी में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित कर चुके हैं. सेमीफाइनल में उन्होंने 92 और 40 रनों की पारियां खेलकर ईस्ट जोन को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. अब फाइनल में सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज को उन्होंने नहीं बख्शा.
बिच्छू और सांप के काटने में क्या है फर्क? बरसात में क्यों बढ़ जाते हैं स्नैकबाइट के केस
बरसात के सीजन में सांप और बिच्छू के काटने के मामले काफी ज्यादा बढ़ने लगते हैं. क्या आप इसके पीछे की वजह जानते हैं? अगर नहीं, तो यहां आइए समझते हैं विस्तार से-
Madhya Pradesh: सागर के बंडा में रात का जाम बना मौत का कारण? 6 की गई जान, 5 अस्पताल में
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में शनिवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां संदिग्ध जहरीली शराब पीने के बाद करीब दर्जनभर लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से छह लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर मरीजों को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हालांकि, अभी यह साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता कि सभी मौतें जहरीली शराब पीने की वजह से हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। रात में बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात अचानक कई लोगों की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें बंडा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान छह लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम बंडा अस्पताल में कराया जा रहा है। वहीं, पांच मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए बीएमसी सागर भेजा गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। इसे भी पढ़ें: Madhya Pradesh में 30 करोड़ के विवाह सहायता घोटाले में पूर्व CEO Shobhit Tripathi गिरफ्तार मौके पर पहुंचा प्रशासन घटना की जानकारी मिलते ही सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल और पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया समेत प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी बंडा पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल जाकर पूरे मामले की जानकारी ली और घटना की जांच शुरू कराई। बंडा में किसी तरह की अप्रिय स्थिति न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। इन लोगों की हुई मौत पुलिस के मुताबिक, मृतकों में गोलू उर्फ चमन लोधी (45), दिग्विजय लोधी (28), करतार सिंह लोधी (30), उजियार सिंह लोधी (56), रोशन लोधी (30) और राजेंद्र लोधी (32) शामिल हैं। ये सभी सागर जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार, गोलू उर्फ चमन को पहले से कैंसर की शिकायत होने की जानकारी भी सामने आई है। पांच मरीजों की हालत गंभीर गंभीर हालत में बीएमसी सागर भेजे गए मरीजों में हरनाम राय (42), उत्तम नत्थू नायक (42), मंगल रजक (40), परम आदिवासी और धनसिंह आदिवासी (30) शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: MP के PWD Engineer के तीन ठिकानों पर EOW की रेड, 11 करोड़ की संपत्ति मिली जहरीली शराब एंगल से भी जांच प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। फिलहाल जहरीली शराब पीने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि छह लोगों की मौत की असली वजह क्या थी।
पश्चिमी ईरान में भीषण सड़क हादसा: हमदान-सानंदाज हाईवे पर तेल टैंकर में जोरदार धमाका, 11 लोगों की मौत
पश्चिमी ईरान के कुर्दिस्तान प्रांत में शनिवार को एक अत्यंत दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां हाईवे पर दौड़ रहे एक विशाल ईंधन (तेल) टैंकर में भीषण टक्कर के बाद जबर्दस्त विस्फोट हो गया। सरकारी समाचार एजेंसी IRIB और स्थानीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस भयावह दुर्घटना में कम से कम 11 लोगों की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह दुर्घटना कुर्दिस्तान प्रांत की राजधानी सानंदाज को हमदान प्रांत से जोड़ने वाले व्यस्त हमदान-सानंदाज अंतरराज्यीय राजमार्ग पर घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट की आवाज इतनी प्रचंड थी कि उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार और आग की लपटें सैकड़ों फीट ऊपर तक उठती देखी गईं। तेल टैंकर से रिसते ज्वलनशील ईंधन ने राजमार्ग पर बहकर आग का ऐसा विकराल दरिया बना दिया कि आसपास चल रहे अन्य वाहन चालकों को संभलने या भागने का कोई मौका तक नहीं मिल सका।आग के गोले में तब्दील हुआ तेल टैंकर: ब्रेक फेल होने से बेकाबू हुआ वाहन, कई गाड़ियां चपेट में आईंसानंदाज के प्रांतीय गवर्नर और स्थानीय परिवहन पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक तकनीकी जांच में हादसे के मुख्य कारण का खुलासा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, तेल टैंकर हमदान से मारीवान शहर की ओर भारी मात्रा में पेट्रोलियम ईंधन लेकर जा रहा था। हाईवे के एक तीव्र ढलान और मोड़ पर अचानक टैंकर के ब्रेकिंग सिस्टम (Braking System) में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण भारी-भरकम वाहन से चालक का नियंत्रण पूरी तरह छूट गया। बेकाबू होकर तेज रफ्तार से भागता हुआ टैंकर आगे चल रहे वाहनों से टकराते हुए सड़क पर पलट गया। पलटते ही टैंकर का विशाल कंपार्टमेंट फट गया और उसमें भरे हजारों लीटर पेट्रोल/डीजल ने घर्षण से निकली चिंगारी के संपर्क में आते ही भयानक रूप से आग पकड़ ली।कुर्दिस्तान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के आपातकालीन चिकित्सा सेवा (EMS) प्रमुख बाबेक होदाई ने बताया कि टैंकर के फटने से निकली आग की लपटों ने हाईवे पर आसपास से गुजर रही कई निजी कारों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। कई वाहनों में सवार मुसाफिरों को दरवाजे खोलने का समय भी नहीं मिल पाया और वे वाहन के भीतर ही जिंदा फंस गए। देखते ही देखते कई चारपहिया वाहन पूरी तरह जलकर लोहे के कंकाल में तब्दील हो गए।राहत और बचाव अभियान: रेड क्रीसेंट और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मलबे से निकाले शवदुर्घटना की सूचना मिलते ही ईरानी रेड क्रीसेंट सोसाइटी (Red Crescent), अग्निशमन विभाग और सानंदाज मेडिकल कॉलेज की दर्जनों आपातकालीन रेस्क्यू टीमें एंबुलेंस और फायर टेंडर्स के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। आग की तीव्रता और रसायन के जलने से उठती जहरीली गैसों के चलते बचाव कर्मियों को शुरुआत में मलबे के करीब पहुंचने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। अग्निशामक दलों ने फोम और भारी पानी की बौछारों के जरिए कई घंटों के कड़े संघर्ष के बाद विकराल लपटों पर पूरी तरह काबू पाया।बचाव कर्मियों ने आग बुझने के बाद जली हुई गाड़ियों की कटी हुई धातु के बीच से 11 शवों को बाहर निकाला। अधिकांश शव बुरी तरह जल चुके थे, जिसके कारण उनकी शिनाख्त के लिए फॉरेंसिक डीएनए जांच का सहारा लिया जा रहा है। गंभीर रूप से झुलसे सभी 7 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत सानंदाज के मुख्य ट्रॉमा एवं बर्न स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां 3 घायलों की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। बचाव अभियान और मलबे को हटाने के चलते हमदान-सानंदाज हाईवे पर घंटों तक वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं, जिसे बाद में क्रेन की मदद से रास्ता साफ कर सुचारु कराया गया।सानंदाज-हमदान रूट पर पुराना खूनी इतिहास: 2018 के बस हादसे की ताजा हुईं खौफनाक यादेंइस ताजा हृदयविदारक हादसे ने स्थानीय नागरिकों और ईरान के लोगों के जेहन में वर्ष 2018 के उस खौफनाक मंजर की यादें फिर से ताजा कर दी हैं, जब इसी मार्ग पर एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था। वर्ष 2018 में सानंदाज के इसी हाईवे पर एक अनियंत्रित फ्यूल टैंकर ने यात्रियों से भरी एक बस को जोरदार टक्कर मार दी थी, जिसके बाद हुए धमाके और आगजनी में कम से कम 13 निर्दोष यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी।कुर्दिस्तान प्रांत का यह पहाड़ी और घुमावदार राजमार्ग भारी पेट्रोलियम और वाणिज्यिक ट्रकों की आवाजाही के लिए एक प्रमुख कॉरिडोर माना जाता है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने बार-बार इस रूट पर खतरनाक मोड़, भारी ढलान और भारी वाहनों के लिए विशेष सुरक्षा लेन के अभाव का मुद्दा उठाया है। इस ताजा हादसे के बाद स्थानीय जनता में राजमार्ग के बुनियादी ढांचे और भारी वाहनों की नियमित फिटनेस जांच में बरती जाने वाली प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों पर सवाल: नेशनल ऑयल कंपनी ने गठित की जांच समितिहादसे की गंभीरता को देखते हुए 'ईरान की नेशनल ऑयल प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी' (NIOPDC) ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए एक बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा कि यद्यपि प्रारंभिक रिपोर्ट में ब्रेक फेल होने को दुर्घटना की वजह बताया जा रहा है, लेकिन इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। टैंकर के स्वामित्व, उसके रखरखाव के रिकॉर्ड, परिवहन परमिट और हादसे के समय चालक की गति सीमा की गहन पड़ताल के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ तकनीकी समिति गठित कर दी गई है।ईरान में सड़क हादसों की दर अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में काफी ऊंची रही है, जिसके पीछे पुराने वाहन बेड़े, पहाड़ों पर घटिया सड़क डिजाइन और तकनीकी खामियों को मुख्य कारण माना जाता है। इस हादसे के बाद पश्चिमी प्रांतों के यातायात पुलिस मुख्यालय ने सभी भारी पेट्रोलियम और गैस टैंकरों के लिए सख्त गति सीमा, अनिवार्य ब्रेक इंस्पेक्शन और रात के समय खतरनाक घाटियों में विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश लागू करने की घोषणा की है।
बेगूसराय में बाढ़ का विकराल रूप: वार्ड 18 के 500 से अधिक घरों में घुसा पानी, 10 हजार आबादी पर संकट
बिहार के मध्य और पूर्वी हिस्से में गंगा नदी के रौद्र रूप का कहर अब बेगूसराय जिले के शहरी और उप-शहरी इलाकों में भीषण तबाही मचाने लगा है। जिले के नगर निगम क्षेत्र से सटे निचले हिस्सों और विशेष रूप से वार्ड नंबर 18 में बाढ़ की स्थिति अत्यंत भयावह हो चुकी है। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और बैकवाटर के तेज दबाव के कारण सुरक्षा नालों व कल्वर्ट्स के जरिए सैलाब का पानी सीधे रिहायशी बस्तियों में दाखिल हो गया है। देखते ही देखते वार्ड 18 के 500 से अधिक पक्के और कच्चे मकान पानी के आगोश में समा गए हैं। स्थानीय आकलन के अनुसार, इस अप्रत्याशित जल-प्रलय से लगभग 10,000 की घनी आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। सड़कें, संपर्क गलियां, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्र 4 से 6 फीट गहरे पानी में डूब चुके हैं। पूरा इलाका किसी बड़ी झील में तब्दील हो चुका है, जिससे मुख्य बाजार और शहर से वार्ड का संपर्क पूरी तरह कट गया है। लोग अपने ही घरों में बंधक बनकर रह गए हैं और सुरक्षित स्थानों तक निकलने के लिए छटपटा रहे हैं।कमरों में 4-5 फीट पानी, छतों पर तनी तिरपाल: गृहस्थी का सामान बर्बाद, बेबस हुए परिवारवार्ड 18 में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि रात के अंधेरे में जब लोग सो रहे थे, तभी पानी अचानक घरों के भीतर घुसने लगा। देखते ही देखते कमरों, दालानों और रसोइयों में 4 से 5 फीट तक मटमैला पानी भर गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को अपनी गृहस्थी का जरूरी सामान समेटने का मौका तक नहीं मिला। अनाज की बोरियां, गेहूं, चावल, कपड़े, बिस्तर, गैस सिलेंडर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पानी में तैरने लगे। कई कच्चे मकान और मिट्टी की दीवारें पानी के तेज दबाव को नहीं झेल सकीं और भरभराकर गिर गईं।अपनी जान बचाने के लिए सैकड़ों परिवार अपने छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर पक्के मकानों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। तपती धूप और उमस के बीच खुले आसमान के नीचे पॉलीथिन और तिरपाल तानकर परिवार दिन-रात काट रहे हैं। जिनके पास छत नहीं थी, वे पड़ोसियों के पक्के मकानों पर किसी तरह पनाह लिए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पिछले कई वर्षों में पानी का ऐसा भयानक फैलाव नहीं देखा था, जिसने कुछ ही घंटों में पूरे मोहल्ले को जलमग्न कर दिया।दूषित पानी और अंधेरे की दोहरी मार: चापाकल डूबे, बिजली ठप और जहरीले जीवों का खौफबाढ़ के इस तांडव के बीच वार्ड 18 के निवासियों के सामने सबसे गंभीर संकट शुद्ध पेयजल और रोशनी का खड़ा हो गया है। वार्ड के सार्वजनिक और निजी स्तर पर लगे लगभग सभी चापाकल (हैंडपंप) पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। नलों से गंदा और बदबूदार पानी निकल रहा है, जिसके कारण लोग एक-एक घूंट पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। कई परिवार बारिश के पानी को बर्तनों में जमा करके या बाढ़ के मटमैले पानी को उबालकर पीने पर मजबूर हैं, जिससे डायरिया, उल्टी, पेट दर्द और त्वचा संक्रमण जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है।इसके साथ ही, घरों के बिजली मीटर और ट्रांसफार्मरों तक पानी पहुंच जाने के बाद विद्युत विभाग ने जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी है। पिछले 48 घंटों से पूरा वार्ड घने अंधेरे में डूबा हुआ है। मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो चुके हैं, जिससे लोग आपातकालीन मदद के लिए प्रशासन या अपने रिश्तेदारों से संपर्क तक नहीं साध पा रहे हैं। अंधेरा होते ही पानी के साथ घरों और छतों पर रेंगते हुए जहरीले सांपों, बिच्छुओं और जहरीले कीड़ों के आने से लोगों में दहशत का माहौल है। रातभर लोग लाठी-डंडे हाथ में लेकर जागते हुए पहरा देने को विवश हैं।मवेशियों के चारे का हाहाकार और रोजी-रोटी का संकट: किसानों और मजदूरों की कमर टूटीवार्ड 18 में रहने वाले अधिकांश लोग मध्यमवर्गीय, दैनिक वेतनभोगी मजदूर, छोटे किसान और पशुपालक हैं। इस जल-प्रलय ने उनकी आजीविका की रीढ़ को तोड़ कर रख दिया है। बाढ़ के पानी में मोहल्ले के दर्जनों गोठान डूब चुके हैं। मवेशियों के लिए रखा गया सूखा भूसा, कुट्टी और पशु आहार पानी में सड़कर बर्बाद हो चुका है। सूखी जमीन का एक टुकड़ा न बचने के कारण लोग अपनी दुधारू गायों और भैंसों को पानी के बीच खूंटे से बांधने या छतों की सीढ़ियों पर चढ़ाने को मजबूर हैं। भूखे-प्यासे मवेशियों की लगातार रंभाने की आवाजें माहौल को और अधिक मार्मिक बना रही हैं।इसके अतिरिक्त, जो मजदूर रोज कमाकर रोज खाते थे, उनका काम-धंधा पिछले तीन दिनों से पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। दुकानों और छोटे-मोटे प्रतिष्ठानों में पानी भर जाने से आर्थिक नुकसान लाखों में पहुंच चुका है। लोगों की जेब में पैसे खत्म हो रहे हैं और बाजार तक जाने के लिए कोई सूखा रास्ता नहीं बचा है।प्रशासनिक राहत के इंतजार में आक्रोशित लोग: कम्युनिटी किचन और नावों की उठी मांगवार्ड 18 के बाढ़ पीड़ितों में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा असंतोष और गुस्सा देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाढ़ का पानी घुसे दो दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस राहत कार्य शुरू नहीं किया गया है। 10 हजार की आबादी के लिए वार्ड में एक भी सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे बीमारों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थानों या अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके।मोहल्लेवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि:तत्काल प्रभाव से इलाके में एनडीआरएफ (NDRF) या एसडीआरएफ (SDRF) की मोटरबोट्स तैनात की जाएं ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।विस्थापित परिवारों के लिए ऊंचे बांध या सड़कों के किनारे तुरंत सरकारी 'सामुदायिक रसोई' (Community Kitchen) शुरू की जाए, जहां बच्चों और बड़ों को पका हुआ भोजन मिल सके।सूखा राशन (चूड़ा, मीठा/गुड़, सत्तू, बिस्कुट, माचिस) और वाटरप्रूफ पॉलीथिन शीट्स का घर-घर वितरण सुनिश्चित कराया जाए।स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल टीम नावों के माध्यम से ओआरएस के पैकेट, जरूरी दवाइयां, ब्लीचिंग पाउडर और एंटी-वेनम इंजेक्शन लेकर वार्ड में कैंप करे।टैंकरों या नावों के जरिए शुद्ध पेयजल के गैलन और पाउच वितरित किए जाएं ताकि किसी भी महामारी को फैलने से रोका जा सके।यदि अगले 24 से 48 घंटों में गंगा का जलस्तर कम नहीं हुआ और प्रशासनिक सहायता जमीन पर नहीं पहुंची, तो बेगूसराय के इस वार्ड में मानवीय संकट और अधिक गहरा सकता है।
Saharanpur Masjid Demolished:सहारनपुर में मलबे के नीचे मिला कुआं, 20 फीट गहराई देख चौंके लोग UP News
Saharanpur Masjid Demolished:सहारनपुर में मलबे के नीचे मिला कुआं, 20 फीट गहराई देख चौंके लोग UP News
वाराणसी के विद्या विहार इण्टर कॉलेज में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आज से 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे और दर्जनों जनपदों में ...
बिहार की राजधानी पटना से ठीक सामने और वैशाली जिले के प्रशासनिक दायरे में आने वाला ऐतिहासिक 'राघोपुर दियारा' इस समय गंगा नदी के भयानक उफान के चलते जल-समाधि ले चुका है। गंगा नदी के दोनों किनारों से घिरे इस विशाल द्वीप प्रखंड की सभी 20 पंचायतों के कुल 74 गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। जल संसाधन विभाग और केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से 1.5 से 2 मीटर ऊपर बह रहा है, जिसके चलते नदी की तेज धाराएं तटबंधों और सुरक्षा बांधों को लांघकर सीधे बस्तियों में प्रवेश कर गई हैं। राघोपुर पूर्वी, राघोपुर पश्चिमी, जहांगीरपुर, जुड़ावनपुर बरारी, जुड़ावनपुर करारी, फतेहपुर, चकसिंगार, रामपुर श्यामचंद, बिदुलिया, रुस्तमपुर, शिवनगर, पहाड़पुर, बहरामपुर और तेरसिया सहित सभी पंचायतों के रिहायशी इलाकों में 5 से 8 फीट तक पानी भर चुका है। इस समय पूरा राघोपुर किसी विशाल समुद्र जैसा नजर आ रहा है, जहां जहां तक नजर जाती है, केवल पानी की लहरें और घरों की डूबती छतें ही दिखाई दे रही हैं। जमीनी स्तर पर आवागमन के सभी रास्ते, संपर्क सड़कें, पुलिया और संपर्क मार्ग जलमग्न होकर पूरी तरह कट चुके हैं, जिससे लगभग 3 लाख से अधिक की आबादी मुख्य भूमि से अलग-थलग पड़कर अपने ही घरों में बंधक बन गई है।छतों, मचानों और ऊंचे स्थानों पर कट रही रातें: नावों की घोर किल्लत, जान जोखिम में डालकर पलायनराघोपुर में बाढ़ की विभीषिका इतनी भयानक है कि लोगों के घरों के पहले तल (ग्राउंड फ्लोर) पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। बक्से, अनाज की कोठियां, बिस्तर, गैस सिलेंडर और चूल्हे सब कुछ जलमग्न हो चुका है। जान बचाने के लिए ग्रामीण अपने छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर पक्के मकानों की छतों पर तिरपाल तानकर दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं। जिनके पास केवल कच्चे या झोपड़ीनुमा मकान थे, वे अपने घरों के भीतर बांस-बल्ली का ऊंचा मचान बनाकर उस पर बैठे हैं या फिर जान जोखिम में डालकर गांव के ऊंचे टीलों और मंदिरों के चबूतरों पर शरण लिए हुए हैं। क्षेत्र में सबसे बड़ा संकट सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने का है। लाखों की आबादी पर प्रशासन द्वारा चलाई जा रही चंद सरकारी नावें 'ऊंट के मुंह में जीरा' साबित हो रही हैं। निजी नाव चालक एक-एक व्यक्ति को पटना के गायघाट या हाजिरपुर के तटीय घाटों तक पहुंचाने के लिए मनमाना किराया वसूल रहे हैं। गरीब और लाचार ग्रामीण, जो पैसे देने में असमर्थ हैं, वे केले के थंब (डोंगा), थर्माकोल और लकड़ी के तख्तों का सहारा लेकर उफनती गंगा की लहरों के बीच से जान हथेली पर रखकर सुरक्षित ठिकानों की ओर निकलने का खतरनाक प्रयास कर रहे हैं।पशुओं के चारे और शुद्ध पेयजल का हाहाकार: नल-जल योजना ठप, हैंडपंप डूबे, संक्रामक रोगों का सायाबाढ़ के इस तांडव के बीच ग्रामीणों के सामने सबसे विकट चुनौती पेट की भूख और गले की प्यास बुझाने की खड़ी हो गई है। गांवों में लगे लगभग सभी सरकारी व निजी चापाकल (हैंडपंप) बाढ़ के गंदे पानी में डूब चुके हैं, जिसके कारण नलों से बदबूदार और दूषित पानी निकल रहा है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना (हर घर नल का जल) की पाइपलाइनें और मोटर पंप पानी में डूबकर बंद हो चुके हैं। मजबूरी में लोग उसी बाढ़ के मटमैले और दूषित पानी को फिटकरी या कपड़े से छानकर पीने को विवश हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में उल्टी, दस्त, पेचिश और पेट दर्द जैसी जलजनित बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैलने लगा है।इंसानों के साथ-साथ मूक पशुओं की स्थिति और भी ज्यादा हृदयविदारक हो चुकी है। राघोपुर के किसानों की आजीविका का मुख्य आधार दुधारू पशु हैं। सैकड़ों एकड़ में लगी हरी घास, चरी और भूसे के भंडार पानी में सड़ चुके हैं। मवेशियों को रखने के लिए सूखी जमीन का एक टुकड़ा तक नहीं बचा है। ग्रामीण अपनी गायों और भैंसों को छतों के सहारे या गले तक पानी में बांधकर रखने को मजबूर हैं। चारे और भोजन के अभाव में कई मवेशी भूखे-प्यासे दम तोड़ रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और महामारी फैलने का गंभीर अंदेशा पैदा हो गया है।स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त: पीएचसी में भरा पानी, अंधेरे में डूबा दियाराजल-प्रलय ने राघोपुर के संपूर्ण प्रशासनिक और सामाजिक ढांचे को पंगु बना दिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), अतिरिक्त स्वास्थ्य उप-केंद्र, पंचायत भवन और सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालय 4 से 6 फीट पानी में डूब चुके हैं। अस्पतालों में पानी भर जाने से दवाएं और चिकित्सा उपकरण खराब हो चुके हैं, जिससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का बैठना नामुमकिन हो गया है। यदि किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होती है या किसी बीमार बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ती है, तो उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए कोई स्ट्रेचर या एम्बुलेंस नाव उपलब्ध नहीं है।इसके साथ ही, बाढ़ का पानी बिजली के सब-स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों तक पहुंच जाने के कारण विद्युत आपूर्ति विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे राघोपुर प्रखंड की बिजली काट दी है। पिछले कई दिनों से पूरा दियारा क्षेत्र शाम ढलते ही घने अंधेरे के आगोश में समा जाता है। मोबाइल टावरों का बैकअप खत्म होने से नेटवर्क पूरी तरह गायब हो चुका है, जिससे छतों पर फंसे लोग अपने बाहर रहने वाले परिजनों को अपनी कुशलता तक नहीं बता पा रहे हैं। अंधेरे में बाढ़ के पानी के साथ घरों में घुस रहे जहरीले सांपों, बिच्छुओं और जहरीले कीड़ों के काटने (Snake Bites) की घटनाओं ने ग्रामीणों की दहशत को कई गुना बढ़ा दिया है।राहत सामग्री और कम्युनिटी किचन के इंतजार में ग्रामीण: प्रशासनिक दावों पर फूटा जनता का गुस्साराघोपुर के बाढ़ पीड़ितों में स्थानीय प्रशासन और सरकार के प्रति भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। कागजों पर भले ही आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा व्यापक राहत और बचाव के दावे किए जा रहे हों, लेकिन धरातल पर अधिकांश पंचायतों में अब तक सूखा राशन (चूड़ा, गुड़, सत्तू, माचिस, मोमबत्ती) या पॉलीथिन शीट्स का वितरण नहीं पहुंच सका है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ आने पर उन्हें इसी तरह उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। इस क्षेत्र से चुनकर आने वाले बड़े राजनीतिक चेहरों और जन प्रतिनिधियों की गैर-मौजूदगी को लेकर भी लोगों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वोट मांगना होता है तो नेता नावों पर बैठकर आते हैं, लेकिन जब पूरा इलाका डूब रहा है और बच्चे दाने-दाने के लिए रो रहे हैं, तो कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है। पीड़ितों ने मांग की है कि सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की बड़ी मोटरबोट्स को तुरंत सभी 20 पंचायतों में भेजा जाए, ऊंचे स्थानों पर सरकारी कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) शुरू किए जाएं और मेडिकल टीमों को नावों के जरिए घर-घर भेजकर ओआरएस, क्लोरीन की गोलियां और एंटी-वेनम इंजेक्शन वितरित किए जाएं।भारी कृषि नुकसान और विस्थापन: मुआवजे और स्थायी समाधान की गुहारइस तबाही ने राघोपुर के किसानों की आर्थिक रीढ़ को पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है। दियारा क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी, बड़े पैमाने पर होने वाली सब्जी की खेती, परवल, मक्का, केला और धान की फसलों के लिए जाना जाता है। हजारों एकड़ में लहलहाती फसलें अब पानी के नीचे सड़ चुकी हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत और लाखों रुपये का कर्ज पानी में बह गया है। खेतों के डूबने से कृषि मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट पैदा हो गया है।बाढ़ का पानी यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बना रहा, तो पानी उतरने के बाद सिल्ट (गाद) और कटाव के कारण जमीन के बंजर होने का खतरा भी मंडरा रहा है। राघोपुर की जनता अब केवल तात्कालिक राहत ही नहीं, बल्कि इस सालाना त्रासदी से मुक्ति के लिए स्थायी पक्के बांध, रिंग बांध की मरम्मत और गंगा नदी पर बन रहे पुल के निर्माण को जल्द पूरा करने की मांग कर रही है। जब तक गंगा का जलस्तर शांत नहीं होता और प्रशासनिक मदद जमीन पर नहीं उतरती, तब तक राघोपुर के 74 गांवों के लाखों बाशिंदों के लिए हर गुजरता पल जिंदगी और मौत के बीच की जंग बना हुआ है।
दिवाली से पहले 5 राशियों की पलटेगी किस्मत, ग्रहों का गोचर देगा फायदा!
Grah Gochar: दिवाली से पहले ग्रहों के बड़े गोचर से इन 5 राशियों की किस्मत चमक सकती है. जानें किन राशियों को नौकरी, कारोबार, धन और करियर में शुभ परिणाम मिलने के योग हैं.
बिहार में बाढ़ का विकराल रूप: गंगा-गंडक और पुनपुन के उफान से 10 लाख से अधिक आबादी प्रभावित
बिहार में मानसूनी बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के चलते राज्य के 18 से अधिक जिलों में बाढ़ का संकट अत्यधिक गंभीर रूप ले चुका है। गंगा, गंडक, बूढ़ी गंडक, कोसी, सोन और पुनपुन नदियां एक साथ उफान पर हैं और दर्जनों स्थानों पर लाल निशान (खतरे के निशान) से 1 से 2.5 मीटर ऊपर बह रही हैं। राजधानी पटना, वैशाली (हाजीपुर), समस्तीपुर, बेगूसराय, भोजपुर, बक्सर, सारण और भागलपुर के ग्रामीण तथा तटीय इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।आपदा प्रबंधन विभाग और केंद्रीय जल आयोग (CWC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस अभूतपूर्व जल-प्रलय से राज्य की 10 लाख से अधिक की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। सैकड़ों गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरकर टापू बन चुके हैं। खेत-खलिहान, सड़कें, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र पानी में समा गए हैं, जिसके चलते लाखों लोग अपने मवेशियों और जरूरी गृहस्थी के सामान के साथ राष्ट्रीय राजमार्गों (NH), ऊंचे बांधों और रेलवे पटरियों के किनारे तिरपाल तानकर खुले आसमान के नीचे शरण लेने को विवश हो गए हैं।पटना में 2016 की बाढ़ का टूटा रिकॉर्ड: गांधी घाट और दीघा में हाहाकार, पुनपुन ने बढ़ाई धड़कनेंराजधानी पटना और इसके ग्रामीण अनुमंडलों में बाढ़ की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर के पार पहुंच गया है, जिसने वर्ष 2016 की विनाशकारी बाढ़ के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। दीघा घाट, हाथीदह और मनेर में भी गंगा नदी लाल निशान से काफी ऊपर स्थिर बनी हुई है। दानापुर और मनेर के दियारा इलाकों की 50 से अधिक पंचायतों का जमीनी संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।गंगा के साथ-साथ पटना के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाली पुनपुन और दरधा नदियों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान (50.60 मीटर) से 2.56 मीटर ऊपर 53.16 मीटर के खतरनाक स्तर पर बह रही है। पुनपुन के बाएं तटबंध और रिंग बांध पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है। यदि यह तटबंध क्षतिग्रस्त होता है, तो बाढ़ का पानी सीधे पटना शहर के कंकड़बाग, बाईपास और संपतचक के रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर सकता है। लखना, चंदासी और फतेहपुर गांवों में पानी घुसने के बाद जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीमें 24 घंटे बालू की बोरियों (सैंडबैग्स) से रिंग बांध को बचाने में जुटी हुई हैं।हाजीपुर में गंडक और गंगा का दोहरा वार: कौनहारा घाट डूबा, तेरसिया दियारा में हजारों बेघरवैशाली जिले के हाजीपुर में गंगा और गंडक नदियों के संगम ने तबाही मचा रखी है। हाजीपुर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाला मोक्ष धाम 'कौनहारा घाट' पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और शवदाह गृह तक पानी भर गया है। बाढ़ का पानी कौनहारा बाईपास रोड और रामचौरा मंदिर जाने वाली मुख्य सड़क पर 2 से 3 फीट तक बह रहा है, जिससे शहरी आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। डीआरसीसी (DRCC) जाने वाली सड़क पर भी पानी चढ़ चुका है।गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सबसे खौफनाक असर राघोपुर और हाजीपुर के तेरसिया दियारा इलाके में देखा जा रहा है। तेरसिया में सैकड़ों पक्के और कच्चे मकान पहली मंजिल तक डूब चुके हैं, जिसके कारण हजारों लोग बेघर हो गए हैं। स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए गंगाब्रिज थाना के पास ऊंचे स्थानों और महात्मा गांधी सेतु के संपर्क मार्ग के किनारे डेरा डाले हुए हैं। दियारा क्षेत्र में नावों की भारी किल्लत के चलते ग्रामीण किसी तरह बांस-बल्ले के चाचरी पुल और केले के थंब की नाव बनाकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं।समस्तीपुर और बेगूसराय में त्राहिमाम: ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन डूबा, बांधों पर कट रही रातेंसमस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर, मोहनपुर, पटोरी और विद्यापतिनगर प्रखंडों में गंगा नदी का रौद्र रूप जारी है। जल संसाधन विभाग दलसिंहसराय के अनुसार, सरारी कैंप पर गंगा का जलस्तर 47.75 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (45.50 मीटर) से 2.25 मीटर ऊपर है। पानी का बहाव इतना तेज है कि निर्माणाधीन ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन के एक बड़े हिस्से पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है और संपर्क टूट गया है।प्रखंड के दक्षिणी डुमरी, बघरा, बरियारपुर, राजपुर जौनापुर, मटिऔर और विशनपुर बेरी पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने हाजीपुर-बछवाड़ा वाटरवेज बांध पर अपने पूरे परिवार और मवेशियों के साथ शरण ले रखी है।उधर, पड़ोसी जिले बेगूसराय के मटिहानी, बछवाड़ा, शाम्हो और तेघड़ा प्रखंडों के दियारा क्षेत्र में भी गंगा का पानी घरों में घुस चुका है। शाम्हो प्रखंड का जिला मुख्यालय से संपर्क लगभग कट चुका है। किसानों की सैकड़ों एकड़ में लगी मक्का, केला, धान और हरी सब्जियों की फसलें पूरी तरह गलकर नष्ट हो गई हैं, जिससे अन्नदाताओं के सामने सालभर के राशन और मवेशियों के चारे का विकट संकट खड़ा हो गया है।प्रशासन और राहत-बचाव दल अलर्ट पर: NDRF-SDRF की टीमें तैनात, कम्युनिटी किचन शुरूबाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आला अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की है और सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को राहत शिविर युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं।धरातल पर चल रहे राहत कार्यों का विवरण इस प्रकार है:रेस्क्यू ऑपरेशंस: बाढ़ प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 8 से अधिक टीमें और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टुकड़ियां मोटरबोट्स के साथ लगातार फंसे हुए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।सरकारी नावें: आवागमन को सुचारु रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 690 से अधिक सरकारी और निजी पंजीकृत नावों का परिचालन शुरू किया गया है।सामुदायिक रसोई (Community Kitchens): विस्थापित परिवारों के लिए राहत शिविरों और बांधों पर दर्जनों कम्युनिटी किचन शुरू किए गए हैं, जहां शुद्ध पेयजल और दो वक्त के गर्म भोजन की व्यवस्था की जा रही है।तटबंधों की 24 घंटे पहरेदारी: संवेदनशील तटबंधों की सुरक्षा के लिए हर 3 किलोमीटर पर जल संसाधन विभाग के सहायक व कनिष्ठ अभियंताओं को तैनात किया गया है। तटबंधों पर रात के समय हाई-मास्ट लाइटें लगाकर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है ताकि किसी भी रिसाव (सीपेज) को तुरंत रोका जा सके।राहत सामग्री: विस्थापितों के बीच अब तक हजारों पॉलीथिन शीट्स, सूखा राशन (चूड़ा, गुड़, सत्तू, माचिस) और क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया गया है।स्वास्थ्य संकट और संक्रामक बीमारियों की आशंका: स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें रवानाबाढ़ का पानी रुकने और सड़कों पर सड़न शुरू होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों (Water-borne diseases) का खतरा कई गुना बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित पंचायतों में मेडिकल मोबाइल वैन और डॉक्टरों की विशेष टीमें तैनात की हैं। पीड़ितों में डायरिया, हैजा, बुखार और त्वचा संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। इसके अलावा बाढ़ग्रस्त इलाकों में जहरीले सांपों और कीड़े-मकोड़ों के काटने (Snake Bites) की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-वेनम इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पीने के पानी को हमेशा उबालकर पिएं, बच्चों को उफनती नदियों और घाटों से दूर रखें और किसी भी प्रकार की आपातकालीन सहायता के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करें। मौसम विभाग के अगले दो दिनों के बारिश के पूर्वानुमान ने यह साफ कर दिया है कि बिहार की नदियों में जलस्तर अभी कुछ दिन और उफान पर रहेगा, जिससे संकट से उबरने में अभी समय लग सकता है।
कंगना रनौत ने अधिकारियों की जमकर लगाई क्लास, क्यों हुई नाराज?
हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद कंगना रनौत इन दिनों पूरे एक्शन में नजर आ रही हैं. हाल ही में मंडी में आयोजित दिशा कमेटी की बैठक में सांसद कंगना रनौत ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई. विकास कार्यों में देरी और विभागीय लापरवाही को लेकर कंगना अधिकारियों पर बेहद नाराज दिखीं. बैठक के दौरान कंगना ने सख्त लहजे में कहा कि विकास कार्यों को लेकर मुझे फालतू के बहाने या जुमले मत दीजिए. उन्होंने चेतावनी दी कि मंडी संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों पर पूरे देश की नजर है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पश्चिमी से पूर्वी यूपी तक मानसून का तांडव: 22 से अधिक जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के समूचे भूभाग पर मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ और उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी संयुक्त वेदर बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी यूपी के सहारनपुर और मेरठ से लेकर पूर्वांचल के बलिया और सोनभद्र तक बारिश का जोरदार सिलसिला शुरू हो चुका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के मध्य भाग से होकर गुजर रही सक्रिय मानसूनी ट्रफ लाइन के प्रभाव से वातावरण में नमी का भारी संचय हुआ है। इसके साथ ही अरब सागर से आ रही दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं और बंगाल की खाड़ी की पूर्वी पुरवैया हवाओं के टकराव के चलते प्रदेश के ऊपर सघन बादलों का एक विशाल घेरा बन गया है। इस मौसमी तंत्र के चलते मौसम विभाग ने राज्य के 22 से अधिक जनपदों में मूसलाधार वर्षा, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की गंभीर चेतावनी जारी करते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।पूर्वांचल और तराई में बादलों की भयंकर गर्जना: प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर समेत इन जिलों में वज्रपात का सायापूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा से सटे तराई इलाकों में मानसूनी बादल सबसे अधिक आक्रामक रुख दिखा रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने पूर्वांचल के कई जिलों में बादलों की तीव्र गर्जना के साथ भारी से अति-भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर और महराजगंज में लगातार रुक-रुक कर झमाझम वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) का सबसे अधिक खतरा बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों को अत्यधिक सतर्क रहने को कहा है।तराई के बहराइच, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में तेज वृद्धि की आशंका जताई गई है।बुंदेलखंड और मध्य यूपी में मूसलाधार बारिश: कानपुर, लखनऊ, बांदा और झांसी में बाढ़ जैसे हालातमध्य उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के जिलों में भी मानसूनी सिस्टम का गहरा असर दिखाई दे रहा है। बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। चित्रकूट और कर्वी क्षेत्र में पहले से ही जलभराव और पहाड़ी नालों के उफान के चलते राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।वहीं मध्य यूपी के प्रमुख जनपदों—राजधानी लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर, बाराबंकी और अयोध्या में गरज-चमक के साथ मूसलाधार फुहारों का अलर्ट है।लगातार हो रही वर्षा के कारण लखनऊ और कानपुर के कई शहरी इलाकों, प्रमुख चौराहों और कॉलोनियों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश का पहरा: आगरा, मेरठ, मुरादाबाद और बरेली में तेज हवाओं का अलर्टपश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के साथ-साथ उत्तर-पश्चिम से आ रही नम हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, इटावा और औरैया में तेज मेघगर्जन के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है।रुहेलखंड और पश्चिमी छोर के जनपदों—बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। मुरादाबाद, रामपुर और बिजनौर में पहले ही रिकॉर्ड बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे निचली बस्तियों में पानी भर गया है।राहत आयुक्त कार्यालय अलर्ट मोड पर: नदियां उफान पर, किसानों और आम जनता के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरीमौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी संबंधित 22 से अधिक जिलाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। गंगा, यमुना, सरयू (घाघरा), गोमती, बेतवा और केन नदियों के बढ़ते जलस्तर की निगरानी के लिए केंद्रीय जल आयोग (CWC) और सिंचाई विभाग की टीमों को तटबंधों पर तैनात किया गया है।आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम वैज्ञानिकों ने आम नागरिकों व किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:वज्रपात से बचाव: बादल गरजने या बिजली चमकने के दौरान पक्के मकान में ही शरण लें। किसी भी परिस्थिति में अकेले बड़े पेड़, बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर या धातु के ढांचे के नीचे न खड़े हों।दामिनी ऐप का उपयोग: ग्रामीण क्षेत्रों में आकाशीय बिजली की सटीक और पूर्व चेतावनी पाने के लिए भारत सरकार के 'दामिनी' मोबाइल ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है।किसानों के लिए कृषि परामर्श: कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेतों में जल निकासी (Drainage) के रास्तों को तुरंत खोलने की सलाह दी है। धान के खेतों में अत्यधिक जलभराव, गन्ने की जड़ों में सड़न और तिलहन/दलहन (अरहर, उड़द) की फसलों में उकठा रोग से बचाव के लिए आगामी 48 घंटों तक किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद या कीटनाशक का छिड़काव न करने की हिदायत दी गई है।यातायात सावधानी: भारी बारिश के दौरान सड़कों पर दृश्यता कम होने और जलभराव के चलते गड्ढों के न दिखने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और उफनते रपटों या पुलियों को पार न करने की अपील की गई है।
सहारनपुर में मस्जिद के मलबे के नीचे मिला कुआं... अब ASI करेगी जांच
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के एक दिन बाद मलबा हटा तो वहां करीब 20 फीट गहरा कुआं दिखाई दिया. इससे मौके पर हलचल मच गई. मलबा हटाते समय एक भारी-भरकम स्लैब दिखा था. इस स्लैब को पोकलेन मशीन भी नहीं तोड़ सकी. इसके बाद कटर से स्लैब काटा गया तो करीब डेढ़ मीटर व्यास का कुआं दिखाई दिया, जिसकी गहराई लगभग 20 फीट है.
भारत-चीन के रिश्तों पर टिका एशिया का भविष्य, बोले पूर्व CDS अनिल चौहान
भारत के पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा कि भारत-चीन संबंधों को केवल सीमा विवाद के नजरिए से नहीं देखना चाहिए और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहनी चाहिए।
प्रोफेसर की घिनौनी करतूत, छात्राओं ने दर्ज की यौन उत्पीड़न की शिकायत
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यूनिवर्सिटी की करीब 10 छात्राओं के एक समूह ने एक प्रोफेसर कर खिलाफ शिकायत की है. उन्होंने प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. इसके बाद से मामले की जांच चल रही है.
Surat Fit India Sunday on Cycle: सूरत शहर में रविवार को फिटनेस, स्वास्थ्य जागरूकता और नशामुक्त समाज का संदेश देने वाली भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ अभियान के 89वें संस्करण के तहत आयोजित इस रैली में केंद्रीय खेल ...
महाराष्ट्र में छात्रों का आंदोलन क्यों बढ़ा?: सड़कों पर उतरे हजारों युवा; राहुल गांधी ने सरकार को दी चेतावनी
पंजाब में बेटे को मरा हुआ मान दाह संस्कार कर चुका था परिवार, 15 दिन बाद फोन आया- वो जिंदा है
परिवार को यह चौंकाने वाली कॉल तब आई, जब वे अपने लापता बेटे रवि कुमार का शव समझकर उसका अंतिम संस्कार कर चुके थे. जिसके बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
सहारनपुर में ढहाई गई मस्जिद के नीचे से निकला 20 फीट गहरा कुआं, अब ASI की टीम करेगी जांच
एसडीएम ने बताया कि ये ईंटों से बना हुआ कुंआ है और उसी से बनी संरचना है. प्रथम दृष्टया ये कुंआ ही नजर आता है.
Walking vs Running : वेट लॉस के लिए दोनों में से कौन सा है बेहतर?
वजन कम करने के लेकर अक्सर लोग परेशान रहते हैं. उन्हें समझ नहीं आता रहता है कि आखिर वे अपना वजन कैसे कम करें. कई लोग वजन कम करने के लिए रनिंग और कुछ लोग वॉकिंग का सहारा लेते हैं. यहां जानते हैं दोनों में से कौन सा बेहतर है?
समस्तीपुर में ट्रेन से 75 लीटर शराब बरामद, लड़की गिरफ्तार
बिहार के समस्तीपुर में RPF और CIB ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास कोच से करीब 75 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद की। शराब तस्करी के आरोप में नेहा कुमारी और उसके साथ यात्रा कर रहे हरियाणा निवासी ईशान कुमार को गिरफ्तार किया गया।
पर्दे पर देवर भाभी की जोड़ी की बात आती है तो श्रीदेवी और अनिल कपूर का नाम सबसे पहले आता है, जिन्होंने कई फिल्मों में काम किया. लेकिन आज हम उनकी एक 39 साल पुरानी सुपरहिट फिल्म के बारे में बताने वाले हैं
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया. घटना के बीच 'बाम्बे व्हिस्की' नाम से कथित नकली शराब की शिकायत पर आबकारी विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में है. पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं.
झारखंड की सियासत में दुखद संयोग, साढ़े 3 साल में राज्य ने खोए 3 शिक्षा मंत्री
Jharkhand Minister Sudivya Sonu: झारखंड में पिछले साढ़े तीन सालों में 3 मंत्रियों के असमय निधन से राज्य के शिक्षा विभाग में एक दुखद संयोग बना है. क्योंकि यह तीनों मंत्री शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
कुछ लोग 'नाराज फूफा', SRCC से पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में छात्रों को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. लगभग उन्होंने लाल किले की प्राचीर से दिए गए अपने 'दिमागी नक्सल' वाले बयान का भी जिक्र किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे होम्योपैथी की छोटी सी गोली शुरू में बीमारी को थोड़ा उभारती है और फिर उसका जड़ से इलाज करती है, वैसे ही लाल किले से दी गई उनकी होम्योपैथी की गोली का असर दिख रहा है. इस बयान के बाद सारे दिमागी नक्सल एक-एक करके बाहर आ रहे हैं और जनता के सामने उनका असली चेहरा उजागर हो रहा है.
हिंदी सिनेमा में प्यार और मेहंदी का रिश्ता पुराना है. हाथों में मेहंदी रचने के साथ उसमें अपने प्रिय का नाम छिपाने की परंपरा और उससे जुड़ी शरारतों को हिंदी फिल्मों और गानों में भी कई बार खूबसूरती से पेश किया गया है.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीयूएसयू) के चुनाव 18 सितंबर को होंगे और मतों की गिनती अगले दिन होगी. डीयू प्रशासन ने चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, नॉर्थ और साउथ कैंपस और ढाका छात्रावास में करीब 600 नए सीसीटीवी लगाए गए हैं.
'टीम 55 पर ढेर हो गई...', शेफाली को सेंडऑफ देकर घिरीं फातिमा
भारतीय टीम पहले ही विमेंस एशिया कप के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी थी. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ लगातार पांचवां विमेंस टी20 इंटरनेशनल मुकाबला जीता है. दूसरी ओर, पाकिस्तानी टीम के लिए सेमीफाइनल की राह अब उसके आखिरी ग्रुप मैच पर निर्भर है.
मध्य प्रदेश के राजगढ़ के युवा पर्यावरण कार्यकर्ता बिट्टू तबाही की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. अजनार नदी की सफाई अभियान से चर्चा में आए बिट्टू को नीदरलैंड की प्रतिष्ठित संस्था The Ocean Cleanup ने जॉब ऑफर दिया. पूर्व इंग्लैंड क्रिकेटर केविन पीटरसन ने भी उनकी तारीफ करते हुए WELL DONE! Bhai लिखा.
पीडियाट्रिशियन बताती हैं, अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के मुताबिक, एक साल से छोटे बच्चे को सुलाते समय हमेशा पीठ के बल यानी बैक पर लिटाना चाहिए. आइए जानते हैं बच्चे को करवट लेकर सुलाना चाहिए या नहीं-
गद्दे के नीचे भूलकर भी न रखें 5 चीजें, घेर लेगी गरीबी!
Vastu Tips: गद्दे के नीचे कुछ चीजें रखना वास्तु के अनुसार शुभ नहीं माना जाता. जानें वे 5 चीजें कौन-सी हैं, जिन्हें बेड के नीचे रखने से बचना चाहिए.
Indore-Hyderabad Expressway: इंदौर से हैदराबाद का सफर अब 10 घंटे में पूरा हो जाएगा. क्योंकि मध्य प्रदेश की महाराष्ट्र और तेलंगाना तक अब सीधी मजबूत कनेक्टिविटी होने वाली है.
धधका और समंदर में डूबा टैंकर, US ने उड़ाया ईरान का मजाक-VIDEO
अमेरिकी हमले के बाद ओमान की खाड़ी में डूबे ईरानी तेल टैंकर का वीडियो CENTCOM ने जारी किया है. वहीं, ईरान ने इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है.
Kerala: Suprabhaatham ने की Kanthapuram की तरफदारी, VD Satheesan पर उठाए सवाल
तिरुवनंतपुरम, छह सितंबर समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के ईके सुन्नी गुट के मुखपत्र ‘सुप्रभातम’ ने एपी सुन्नी गुट के प्रमुख एवं इस्लामी विद्वान कंथापुरम ए. पी. अबूबकर मुसलियार के खिलाफ दिए गए मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के बयानों की कड़ी आलोचना की है। सुप्रभातम ने अपने संपादकीय में कहा कि सतीशन ने महिलाओं को लेकर कंथापुरम की विवादित टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया कुछ मुस्लिम लोगों द्वारा उन्हें सुनाई गई ‘‘अंधों और हाथी’’ वाली कहानी के अनुभव के आधार पर तैयार की थी। संपादकीय में कहा गया है, ‘‘वे पैगंबर को भी सही तरीके से समझने में विफल रहे, जो ऐसे दौर से मुक्ति दिलाने वाले के रूप में आए थे, जब महिलाओं के साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया जाता था और बच्चियों के जन्म लेते ही उन्हें जिंदा दफन कर दिया जाता था।’’उल्लेखनीय है कि सतीशन ने कंथापुरम की उस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से ‘‘बहुत बड़ा विनाश’’ होगा। हालांकि, ‘सुप्रभातम’ के संपादकीय में कहा गया कि कंथापुरम को अपने धार्मिक केंद्र में इस तरह के विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता है, ठीक उसी तरह जैसे सतीशन को उनकी आलोचना करने की स्वतंत्रता है। कंथापुरम के लिए समर्थन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह एपी सुन्नी गुट के प्रमुख हैं, जिसके समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के अध्यक्ष जिफरी मुथुकोया थंगल के नेतृत्व वाले ईके सुन्नी गुट से मतभेद हैं। संपादकीय में सतीशन पर व्यापक राजनीतिक हमला भी किया गया है और कई मुद्दों पर उनके रिकॉर्ड एवं रुख पर सवाल उठाए गए। इसमें सतीशन द्वारा शबरिमला में युवतियों के प्रवेश का विरोध किए जाने का उल्लेख किया गया और इसकी तुलना महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर उनके मौजूदा रुख से की गई। साथ ही मुनंबम वक्फ भूमि विवाद और पीएम श्री योजना को लेकर सतीशन के रुख की भी आलोचना की गई। संपादकीय में कहा गया है कि सतीशन करीब 25 वर्षों से विधायक रहे हैं, लेकिन इस दौरान कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सरकार के 10 वर्ष तक सत्ता में रहने के बावजूद वह कभी मंत्री नहीं बन पाए। संपादकीय में सतीशन और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के बीच तुलना भी दिखाई दी। इसमें कहा गया कि सतीशन रोजाना 75 पन्ने पढ़ते हैं, लेकिन उन्होंने कभी कोई उपन्यास नहीं लिखा। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री पद की राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले चेन्निथला ने ‘नियोगम’ (यानी नियति) नाम से एक उपन्यास लिखा है। संपादकीय में कहा गया है, ‘‘रमेश चेन्निथला ने यह नहीं बताया है कि वह रोज कितने पन्ने पढ़ते हैं लेकिन उन्होंने ‘नियोगम’ नाम का एक उपन्यास जरूर लिखा है।’’‘नियोगम’ उपन्यास का जिक्र केवल साहित्यिक संदर्भ नहीं था, बल्कि इसके जरिए संपादकीय ने संभवतः रमेश चेन्निथला की मुख्यमंत्री पद की राजनीतिक महत्वाकांक्षा की ओर भी इशारा किया।
जीप से बंधे एक शख्स की पुलिस ने ताबड़तोड़ पिटाई की. पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. मामला गुजरात के भावनगर का है. पुलिस ने ऐसी सजा क्यों दी, समझें पूरी कहानी.
बिहारी स्टाइल में बनाएं बैंगन बड़ी की चटपटी सब्जी, रेसिपी है आसान
Bihari Style Baingan Badi Sabji Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जी खाकर हो गए हैं बोर तो और कुछ अलग खाना चाहते हैं तो इस बार ट्राई करें बिहारी स्टाइल बैंगन बड़ी की चटपटी सब्जी. बैंगन और उड़द दाल की बड़ी से बनने वाली यह सब्जी सरसों के तेल और मसालों की वजह से स्वाद में बेहद खास लगती है.
यूपी में बारिश-बाढ़ का कहर, सिस्टम की लापरवाही ने बढ़ाई मुसीबत
बारिश... बाढ़... और बदइंतजामी! उत्तर प्रदेश में कुदरत के कहर के साथ सिस्टम की लापरवाही ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं पानी में डूबकर मासूमों की मौत हो रही है, कहीं बाढ़ घरों में घुस चुकी है... तो कहीं घाट तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है. देखिए यूपी में बारिश और बाढ़ की ये तस्वीरें.
मणिपुर में आपस में ही भिड़ गए दोनों डिप्टी सीएम, बीजेपी के ही नेताओं के बीच क्यों बढ़ी टेंशन?
राष्ट्रपति शासन हटने के बाद बनी नई सरकार में केंद्र ने तीनों प्रमुख समुदायों को संतुलित करने के लिए मैतेई नेता युमनाम खेमचंद सिंह को मुख्यमंत्री, जबकि कुकी समुदाय से नेमचा किपगेन और नागा समुदाय से लोसी दिखो को उप-मुख्यमंत्री बनाया था।
देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों को 24वीं किस्त की प्रतीक्षा: जानिए कब ट्रांसफर होंगे ₹2,000
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) देश के अन्नदाताओं को प्रत्यक्ष वित्तीय संबल प्रदान करने वाली केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और सफल जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता ₹2,000 की तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। योजना की 23वीं किस्त का सफल वितरण जून 2026 में किया गया था, जिसके तहत 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग ₹18,880 करोड़ की धनराशि भेजी गई थी। अब देश भर के करोड़ों लाभार्थी किसान अगस्त-नवंबर 2026 की चार-मासिक अवधि के लिए 24वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, आगामी त्योहारी सीजन (दशहरा और दिवाली) से पूर्व अक्टूबर माह के दौरान 24वीं किस्त की राशि किसानों के खातों में डीबीटी के जरिए ट्रांसफर किए जाने की पूरी संभावना है। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि यह राशि केवल उन्हीं किसानों को प्राप्त होगी जिनके दस्तावेजों का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है। यदि किसी किसान के खाते में आधार सीडिंग या ई-केवाईसी लंबित है, तो उसका नाम लाभार्थी सूची से बाहर किया जा सकता है।e-KYC क्यों है सबसे अनिवार्य? अधूरी प्रक्रिया वाले खातों में रोक दी जाएगी किस्तपीएम किसान योजना की शुरुआत के समय कई अपात्र और गैर-कृषक व्यक्तियों द्वारा गलत तरीके से लाभ उठाने के मामले सामने आए थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, बिचौलिया-मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) को कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया था। मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उनका भुगतान बैंक स्तर पर ही तकनीकी रूप से रोक (Hold) दिया जाएगा।किसान भाई अपनी सुविधानुसार निम्नलिखित तीन सरल माध्यमों से अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं:ओटीपी आधारित ऑनलाइन ई-केवाईसी (घर बैठे): सबसे पहले पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएं। होमपेज पर 'Farmers Corner' में जाकर 'e-KYC' विकल्प पर क्लिक करें। अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें और 'Search' पर क्लिक करें। आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे स्क्रीन पर दर्ज कर सबमिट करते ही आपकी ई-केवाईसी तुरंत पूर्ण हो जाएगी।बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (CSC केंद्र): यदि आपके आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है या अंगूठे का निशान काम नहीं कर रहा है, तो आप नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC / सहज जन सेवा केंद्र) पर जाकर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर के जरिए अपनी ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए संचालक को मात्र ₹15 का सरकारी शुल्क देय होता है।चेहरे से सत्यापन (Face Authentication via PM-KISAN App): जिन बुजुर्ग किसानों के फिंगरप्रिंट मिट चुके हैं या मोबाइल ओटीपी नहीं आ पा रहा है, उनके लिए सरकार ने आधिकारिक PM KISAN GoI मोबाइल ऐप पर 'फेस ऑथेंटिकेशन' की अत्याधुनिक सुविधा दी है। ऐप में लॉगिन कर किसान अपने स्मार्टफोन के कैमरे से अपना चेहरा स्कैन करके बिना किसी ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस के अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं।'नो' (NO) हुआ तो नहीं आएंगे पैसे: लैंड सीडिंग और NPCI बैंक आधार मैपिंग की अनिवार्य शर्तेंकेवल ई-केवाईसी कराने से ही किस्त की गारंटी नहीं मिलती। पीएम किसान पोर्टल पर तकनीकी कारणों से लाखों किसानों की किस्तें इसलिए अटक जाती हैं क्योंकि उनके प्रोफाइल स्टेटस में दो अन्य महत्वपूर्ण शर्तें पूरी नहीं होतीं। यदि आप चाहते हैं कि 24वीं किस्त बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आए, तो इन दो बिंदुओं की जांच तुरंत करें:भूलेख अंकन (Land Seeding): आपकी कृषि भूमि के स्वामित्व का रिकॉर्ड राज्य के राजस्व रिकॉर्ड और पीएम किसान डेटाबेस से लिंक होना अनिवार्य है। यदि आपके स्टेटस में 'Land Seeding: No' दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि राजस्व विभाग में आपकी खतौनी या जमीन का सत्यापन अटका हुआ है। इसके लिए आपको अपनी जमीन की अद्यतन खतौनी, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति अपने तहसील के लेखपाल (पटवारी) या उप-कृषि निदेशक कार्यालय में जमा कराकर पोर्टल पर 'Yes' अपडेट कराना होगा।बैंक खाता आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग: कई किसान यह समझते हैं कि उनके बैंक खाते में आधार कार्ड लगा है, तो काम पूरा हो गया। लेकिन सरकारी सब्सिडी और डीबीटी का पैसा केवल उन्हीं बैंक खातों में पहुंचता है जो नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सर्वर पर 'Aadhaar Payment Bridge System' (APBS) से मैप होते हैं। यदि आपका बैंक खाता एनपीसीआई से सक्रिय रूप से लिंक नहीं है, तो 'Payment Failed' का एरर आ जाएगा। इसके लिए अपनी बैंक शाखा में जाकर 'DBT Aadhaar Mandate Form' भरें या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) में नया डीबीटी सक्षम खाता खुलवाएं।मोबाइल से 2 मिनट में कैसे चेक करें अपना बेनिफिशियरी स्टेटस?पीएम किसान योजना के तहत अपनी पात्रता और पिछली किस्तों का पूरा रिकॉर्ड देखने के लिए आपको किसी दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही 2 मिनट के भीतर अपना लाइव स्टेटस चेक कर सकते हैं:सबसे पहले अपने ब्राउज़र में आधिकारिक पोर्टल https://pmkisan.gov.in खोलें।होमपेज पर दाईं ओर दिए गए 'Farmers Corner' सेक्शन में जाएं और 'Know Your Status' (अपना स्टेटस जानें) विकल्प पर क्लिक करें।अब निर्धारित बॉक्स में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें।यदि आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है, तो ऊपर दिए गए 'Know Your Registration Number' लिंक पर क्लिक करें। वहां अपना आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी सत्यापित करें, जिससे आपका रजिस्ट्रेशन नंबर स्क्रीन पर आ जाएगा।रजिस्ट्रेशन नंबर डालने के बाद 'Get Data' बटन पर क्लिक करें।आपकी स्क्रीन पर आपका संपूर्ण विवरण खुल जाएगा। यहां मुख्य रूप से 'Eligibility Status' टैब को खोलकर देखें:Land Seeding: YES होना चाहिएe-KYC Status: YES होना चाहिएAadhaar Bank Account Seeding Status: YES होना चाहिएयदि इन तीनों कॉलम के आगे हरे रंग का 'YES' लिखा हुआ है, तो आपको निश्चिंत रहने की जरूरत है; 24वीं किस्त जारी होते ही ₹2,000 सीधे आपके खाते में क्रेडिट हो जाएंगे।अपने गांव की नई 'लाभार्थी सूची' (Beneficiary List) में ऐसे देखें अपना नामकई बार तकनीकी जांच के दौरान अपात्र पाए जाने पर नाम सूची से हटा दिए जाते हैं। अपने ग्राम पंचायत के सभी वैध लाभार्थियों की सूची देखने की प्रक्रिया इस प्रकार है:पीएम किसान पोर्टल के 'Farmers Corner' में जाकर 'Beneficiary List' पर क्लिक करें।ड्रॉप-डाउन मेन्यू से अपने राज्य (State), जिला (District), उप-जिला / तहसील (Sub-District), ब्लॉक (Block) और गांव (Village) का चयन करें।इसके बाद 'Get Report' पर क्लिक करें।आपके गांव के सभी पात्र किसानों की वर्णमाला (Alphabetical) क्रम में पूरी सूची स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी। यदि इस सूची में आपका नाम मौजूद है, तो आपकी किस्त सुरक्षित है। यदि नाम गायब है, तो तुरंत अपने ब्लॉक कृषि अधिकारी से संपर्क कर त्रुटि सुधार के लिए आवेदन करें।किस्त अटकने पर घबराएं नहीं: समाधान, किसान ई-मित्र और हेल्पलाइन नंबर्सयदि पिछली कोई किस्त नहीं आई है या स्टेटस में कोई त्रुटि दिखाई दे रही है, तो किसान भाई केंद्र सरकार के आधिकारिक सहायता तंत्र का उपयोग कर सकते हैं:टोल-फ्री हेल्पलाइन: किसी भी तकनीकी या भुगतान संबंधी समस्या के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 155261 अथवा 1800-11-5526 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय हेल्पडेस्क का टेलीफोन नंबर 011-24300606 भी कार्यशील है।एआई चैटबॉट 'किसान ई-मित्र' (Kisan e-Mitra): पोर्टल पर उपलब्ध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट 'किसान ई-मित्र' से किसान अपनी स्थानीय भाषा (हिंदी, बांग्ला, तमिल, मराठी आदि) में बोलकर या लिखकर अपनी किस्त और आवेदन की ताजा स्थिति तुरंत जान सकते हैं।ऑनलाइन ग्रीवेंस (Grievance Redressal): पोर्टल पर 'Helpdesk' विकल्प के माध्यम से किसान अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं, जिसका निस्तारण जिला कृषि विभाग द्वारा निर्धारित समयसीमा में किया जाता है।

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