महाराष्ट्र अपडेट: पश्चिम रेलवे के टिकट जांच कर्मचारी अब पहनेंगे खास जैकेट, ड्यूटी के दौरान उपकरण रखना होगा आसान
बिजनेस अपडेट: टाटा संस मामला, लिस्टिंग रोकने में जुटा नोएल गुट
बिजनेस अपडेट: टाटा संस मामला, लिस्टिंग रोकने में जुटा नोएल गुट
सड़क पर मूवमेंट करता दिखा टाइगर, लोगों ने रोके वाहन, अलवर-जयपुर मार्ग बंद
सरिस्का टाइगर रिजर्व से निकलकर एक टाइगर थानागाजी कस्बे तक पहुंच गया. सड़क पार करते टाइगर को देखकर वाहन चालकों के बीच अचानक हलचल मच गई. इसके बाद मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने अलवर-जयपुर सड़क मार्ग को बंद कर दिया.
वृंदावन में हुआ दर्दनाक हादसा, टैंक साफ करने उतरे गुरुकुलम के 4 छात्रों की मौत
वृंदावन में हुआ दर्दनाक हादसा, टैंक साफ करने उतरे गुरुकुलम के 4 छात्रों की मौत
आशा कार्यकर्ताओं का भत्ता दोगुना, दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान
दिल्ली की 6,690 आशा कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन भत्ते को दोगुना कर दिया गया है. अब उन्हें हर महीने 6 हजार रुपये मिलेंगे. वहीं, नवजात शिशुओं के लिए ‘मिशन अनमोल’ के विस्तार की भी शुरुआत की गई. इस योजना के तहत जन्म के 24 से 72 घंटे के भीतर नवजात शिशुओं की 63 जन्मजात बीमारियों की मुफ्त स्क्रीनिंग की जाएगी.
Pisces Tarot Card Rashifal: क फैसला ला सकता है बड़ा बदलाव, आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे
Pisces Tarot Card Horoscope 07 October: The Star की ऊर्जा जीवन में समय-समय पर बदलाव लाने का प्रयास, अपने आसपास के वातावरण को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता और कार्य क्षेत्र में जरूरत से ज्यादा मित्रता से दूरी की बात लेकर आ सकती है.आइए जानते हैं,मीन राशि वाले जातकों के जीवन,रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Aquarius Tarot Card Rashifal: पुरानी परेशानी से राहत, अनजान लोगों पर जल्दी भरोसा करने से बचें
Aquarius Tarot Card Horoscope 07 October: Temperance की सकारात्मक ऊर्जा स्वास्थ्य को लेकर चिंता मुक्त कार्य क्षेत्र में राजनीति के चलते अच्छे अवसर हाथ से निकलने की संभावना और जीवनसाथी के शक करने की आदत को दूर करने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, कुंभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Capricorn Tarot Card Rashifal: समय का असर काम पर पड़ सकता है, फैसले पर मजबूती से टिके रहें
Capricorn Tarot Card Horoscope 07 October: Five of swords की तीव्र ऊर्जा कथनी और करनी में ज्यादा अंतर न रखने पर विचार, क्षमता से अधिक किसी से वादा न करने की कोशिश और अपनी कमियों या गलतियों को दूसरों के लिए मुनाफे का मौका न बनने देने की बात लेकर आ सकती है.आइए जानते हैं, मकर राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Sagittarius Tarot Card Horoscope 07 October: Justice की ऊर्जा अपने ऊपर लगे गलत कार्य का सुबूतों सहित खंडन करने का प्रयास पारिवारिक जीवन में अपनी जिम्मेदारियां का अच्छे से निर्वाह, प्रिय के साथ विवाह की अनुमति मिलने की संभावना की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते है., धनु राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Scorpio Tarot Card Rashifal: सरकारी मंजूरी के लिए भागदौड़, कामकाज में पैसों को लेकर सावधानी
Scorpio Tarot Card Horoscope 07 October: Five of pentacles की ऊर्जा जीवन में आर्थिक स्थिति के असंतुलित होने से परेशानी, सरकारी कार्यों को पूरा करने के लिए प्रभावशाली व्यक्ति की सहायता लेने पर विचार और अपनी योग्यता और क्षमता पर विश्वास करते हुए पारिवारिक जीवन में अच्छे परिणाम लाने की बात लेकर आ सकती है.आइए जानते हैं, वृश्चिक राशि वाले जातकों को जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Libra Tarot Card Rashifal: निजी और कामकाज के बीच बनाएं सही तालमेल, व्यवहार में रखें नरमी
Libra Tarot Card Horoscope 07 October: Knight of cups की ऊर्जा सोच समझकर रिश्तो में सही व्यवहार करने से मधुरता, कार्य क्षेत्र में कार्यभार बढ़ने की संभावना और व्यवसाय में सही समय पर व्यवहारिता के आधार पर सही निर्णय लेने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं ,तुला राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Virgo Tarot Card Rashifal: नई नौकरी की रहेगी तलाश, भविष्य की योजनाओं की करें आवश्यक तैयारियाँ
Virgo Tarot Card Horoscope 07 October: Two of wands की ऊर्जा नई नौकरी की तलाश के लिए अच्छे साक्षात्कार अच्छे से परिणाम प्राप्त होने की संभावना,विवाह के लिए उचित प्रस्ताव को लेकर दुविधा और अपने विचारों और प्रयासों में सकारात्मकता बनाए रखने की बात को लेकर आ सकती है.आइए जानते हैं,कन्या राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Leo Tarot Card Rashifal: नए प्रेम संबंध की हो सकती है शुरुआत, साझेदारी के कार्य में होगा मुनाफा
Leo Tarot Card Horoscope 07 October: Two of cups की ऊर्जा नए प्रेम संबंध की शुरुआत से रिश्तों में मधुरता, आपकी योग्यता और काबिलियत के प्रदर्शन पर उच्च अधिकारियों की निगाह और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत के साथ प्रतिस्पर्धियों की गतिविधियों पर ध्यान बनाए रखने की आवश्यकता की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, सिंह राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
विपक्ष के दबाव में बैकफुट पर चुनाव आयोग?: छूटे वोटरों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका, जानें प्रक्रिया
दिल्ली जाएंगे CM डीके शिवकुमार, GST काउंसिल मीटिंग में होंगे शामिल
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार नई दिल्ली में 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में शामिल होंगे. बैठक का मुख्य एजेंडा टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं में सुधार करना, जीएसटी रिफंड का प्रोसेस तेज करना और आईटीसी के नियमों को बेहतर बनाना है.
Gemini Tarot Card Horoscope 07 October: Nine of cups की ऊर्जा मनचाही इच्छा के पूरे होने से जीवन में उत्साह,रुचि के कार्यों को लेकर जीवनसाथी की व्यवसाय करने की योजना और नौकरी में अच्छे विकल्प सामने आने पर सही विकल्प के चयन की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं ,मिथुन राशि वालों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Taurus Tarot Card Rashifal:- बातचीत करते समय शब्दों का रखें ख्याल, रिश्तो में अच्छा रहेगा तालमेल
Taurus Tarot Card Horoscope 07 October: Ace of Cups की ऊर्जा बड़े बुजुर्गों की यादें और प्रेम को उचित सम्मान देने पर विचार, रूपए पैसे के मामले में विवाद न होने देने से दूरी और भरोसे में कही गई निजी बातों को किसी अन्य के साथ साझा न करने की बात लेकर आ सकती है आईए जानते हैं,वृषभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वभाव के बारे में.
मोबाइल कांग्रेस आज से, पीएम मोदी बोले- 'समाज के हर वर्ग की प्रगति के लिए तकनीक की पहुंच जरूरी'
पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा कि समाज के हर वर्ग की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी को जनसुलभ बनाना आवश्यक है। प्रौद्योगिकी समावेशी और टिकाऊ विकास का माध्यम बननी चाहिए।
तेलंगाना में पुलिस स्टेशन के परिसर में आत्मदाह करने के एक दिन बाद मंगलवार को एक चाय दुकानदार की मौत हो गई।आरोप है कि दो स्थानीय पत्रकारों की धमकियों से परेशान होकर उसने खुद को आग लगाई।
जयपुर: कार पर '12 लाख का गधा' लिखकर धरने पर बैठा परिवार, कंपनी ने वापस ली गाड़ी
राजस्थान के दीपक शर्मा ने अपनी कार पर लिखा, 'टाटा की कार खरीदने से बढ़िया है गधा खरीद लेना, वजन तौलने के तो काम आएगा। टाटा क्लासिक मोटर्स से मैंने यह गधा 12 लाख रुपये में खरीदा था।'
बिटचैट एप पर प्रतिबंध का मामला, सरकार ने कहा- 'कानून-व्यवस्था के लिए जरूरी था यह कदम'
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय मंत्रालय के निर्देश के बाद भारत के एप स्टोर से जैक डोर्सी के बिटचैट को हटाए जाने पर सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि ब्लूटूथ आधारित यह मैसेजिंग एप कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय था, इसलिए इसे हटाना जरूरी था।
टाटा ट्रस्ट्स की अंदरूनी लड़ाई आई सामने, नोएल गुट ने वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह पर लगाए गंभीर आरोप
सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट्स (एसडीटीटी) के वरिष्ठ ट्रस्टियों ने अपने साथियों वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह पर बोर्ड के प्रस्तावों को कमजोर करने का आरोप लगाया है।
बेंगलुरु के जयनगर विधानसभा क्षेत्र में 5,698 वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फर्जी फार्म-7 जमा करने के आरोप में दो बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) और अन्य आरोपितों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
नागपुर में नाबालिग लड़की से यौन उत्पीड़न का आरोप, भीड़ ने एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला
नागपुर शहर में एक 35 साल के व्यक्ति की लोगों के एक बड़े समूह ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। उस पर आरोप था कि वह नौ साल की बच्ची को अपने घर ले गया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।
न्यूज अपडेट्स: बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता को दूसरी बार मिला सेवा विस्तार, केंद्र सरकार ने कार्यकाल छह महीने बढ़ाया
महाराष्ट्र: नागपुर में नौ साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, गुस्साई भीड़ ने आरोपी की पीट-पीटकर हत्या की
महाराष्ट्र: नागपुर में नौ साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, गुस्साई भीड़ ने आरोपी की पीट-पीटकर हत्या की
नंदीग्राम से नगांव तक... उपचुनाव में कहां-कितनी वोटिंग, 9 को रिजल्ट
देश की पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर बाय-इलेक्शन खत्म हो गया है. अब इसके नतीजे 9 अक्टूबर को सामने आएंगे. पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव में छिटपुट हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और मतदान में गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए हैं.
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: भीतरघात से जूझ रहे महायुति और महाविकास अघाड़ी, निर्दलीय बिगाड़ेंगे खेल
पढ़ें 7 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज
Latest and Breaking News - Read today's latest and breaking news in hindi on Amarujala. यहां पढ़ें देश, दुनिया, खेल, मनोरंजन, धर्म, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और आर्थिक जगत की खबरों का लाइव अपडेशन
रिश्ते फिर हुए तार-तार: लगातार यौन उत्पीड़न से परेशान थी नाबालिग, क्रिकेट बैट से पीट-पीटकर पिता की हत्या
महाराष्ट्र MLC चुनाव में गठबंधन के अंदर ही घमासान, दोनों खेमों में बगावत; होगा खेला?
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में सत्ताधारी महायुति और विपक्षी एमवीए दोनों गठबंधनों में बगावत सामने आ गई है। नामांकन की आखिरी तारीख खत्म होते ही असंतुष्ट नेताओं ने अपने ही दल के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ नामांकन दाखिल कर दिए।
आज से IMC 2026 का आगाज: PM मोदी करेंगे उद्घाटन, 6G- AI और सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर फोकस
एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) का 10वां संस्करण आज से यशोभूमि, नई दिल्ली में शुरू होगा।
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 के अराइवल लेवल पर 80 कमरों वाला 'स्वर्ल ट्रांजिट होटल' शुरू किया है। यहाँ चार घंटे या रात भर रुकने की सुविधा है, साथ ही शॉवर, 24x7 डाइनिंग, वाई-फाई और वर्कस्टेशन जैसी सुविधाएँ भी मिलती हैं। गुवाहाटी एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 के सिक्योर ज़ोन में 21 कमरों वाली एक और 'स्वर्ल' प्रॉपर्टी बनाने की योजना है।
टिकट न मिलने के बाद पूर्व बीजेपी सांसद का पोस्ट, लिखा- टाटा, बाय-बाय
राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची के बाद आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है. उनकी इस पोस्ट के बाद यूपी की राजनीति में उनके अगले कदम को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
दस्तक: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल-प्रियंका के धरने की पूरी टाइमलाइन
आज दस्तक, में बात ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल के रण की. आज सुबह INDIA गठबंधन के 19 दलों के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकाला. दिल्ली पुलिस ने विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग तक तो नहीं पहुंचने दिया, लेकिन, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आकाशवाणी भवन के परिसर में धरना दे दिया. और साढ़े 7 घंटे बाद, कड़ी मशक्कत के बाद, दिल्ली पुलिस ने राहुल और प्रियंका को वहां से हटाया. और हिरासत में ले लिया. देखें...
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने गुजरात में दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया, जिसमें हाईवे निर्माण की गुणवत्ता, सड़क दुर्घटनाओं और भूमि अधिग्रहण विवादों जैसी चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
कूचबिहार में DRI ने पकड़ा 12.37 करोड़ रुपये का तस्करी का सोना, 4 गिरफ्तार
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक अभियान के दौरान करीब 8.3 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया है, जिसकी कीमत 12.37 करोड़ रुपये आंकी गई है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तस्करी की गतिविधियों के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक महत्वपूर्ण अभियान के तहत डीआरआई अधिकारियों ने कूचबिहार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास निगरानी बढ़ाई। इस दौरान पांच अक्टूबर को अधिकारियों ने भारत-बांग्लादेश सीमा के चौधरीहाट से कूचबिहार जाने वाले मार्ग पर दो मोटरसाइकिल से यात्रा कर रहे चार लोगों को रोका। संदिग्धों की तलाशी लेने पर सोने के बिस्कुट बरामद हुए, जिन्हें उनमें से दो लोगों द्वारा पहनी गई विशेष रूप से तैयार कपड़े में छिपाकर रखा गया था। इन चारों लोगों के पास से कुल 72 सोने के बिस्कुट बरामद किए गए, जिनमें से प्रत्येक का वजन 116 ग्राम था। करीब 8.3 किलोग्राम वजन और लगभग 12.37 करोड़ रुपये मूल्य का विदेशी सोना जब्त कर लिया गया तथा इसमें शामिल चारों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मेले में सपना चौधरी का प्रोग्राम रद्द, पुलिस को भीड़ बेकाबू होने का डर
Hathras Mela News: हाथरस के दाऊजी महाराज मेले के अंतिम दिन सपना चौधरी का शो रद्द होने की कगार पर. पुलिस ने सुरक्षा कारणों से नहीं दी अनुमति. आयोजकों ने दिए थे 8 लाख एडवांस. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
फ्लाईदुबई घटना ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया। फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हुई घटना ने विमानन उद्योग के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है, जब खतरा कॉकपिट के अंदर ही हो, तो क्या होगा?
CEC पर राहुल गांधी का मेगा प्रोटेस्ट, मार्च से हिरासत और रिहाई तक क्या-क्या हुआ?
INDI गठबंधन के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 'वोट चोरी' के खिलाफ संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला।
राहुल गांधी और प्रियंका से गृह मंत्रालय ने नहीं किया संपर्क, PIB ने दावा बताया फर्जी
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने उन इंटरनेट मीडिया पोस्ट का खंडन किया है जिनमें दावा था कि गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से निर्वाचन सदन के बाहर गतिरोध खत्म करने के लिए संपर्क किया था।
Kiren Rijiju ने विपक्ष के विरोध मार्च को बताया नाटक, Rahul Gandhi को दी निस्वार्थ सेवा की सलाह
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों के विरोध मार्च को नाटक बताया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से कहा कि जनता का समर्थन पाने के लिए उन्हें आयोग पर निशाना साधने के बजाय निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करनी चाहिए। मंगलवार को गांधी ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने सैकड़ों समर्थकों और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ पास में स्थित आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके कारण संसद मार्ग को बंद करना पड़ा। विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर रीजीजू ने कहा, कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और उनके साथी दिन-रात नाटक करते हैं। वे लगातार निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्ययाालय पर हमला करते हैं। वे 2014 से ऐसा करते आ रहे हैं। अब इसे रोकने का समय आ गया है। यह कब तक चलता रहेगा? उन्होंने कहा, मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि वह मोदी जी और भाजपा के कार्यकर्ताओं से सीखें, जो लगातार निस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं। वे अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए सेवा करते हैं।
देश के पहले वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन पर गोबर करती दिखीं भैंसें, VIDEO
MP News: भोपाल के वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर दो भैंसें घूमती दिखीं. वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे.
सुप्रीम कोर्ट ने अवैध रेत खनन पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे नदी तंत्र पर विनाशकारी प्रभाव बताया है। कोर्ट ने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और राज्यों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
Gurugram में डेटिंग ऐप पर दोस्ती कर 90 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाली युवती गिरफ्तार
गुरुग्राम, छह अक्टूबर हरियाणा के गुरुग्राम में डेटिंग ऐप के जरिए मिले एक व्यक्ति को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे करीब 90 लाख रुपये ऐंठने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि उसने जाल बिछाकर रविवार को महिला को 50 हजार रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, पश्चिम बंगाल की रहने वाली और वर्तमान में गुरुग्राम के सुशांत लोक में रह रही 24 वर्षीय सूर्यदिता दास को एक कॉफी स्थल से गिरफ्तार किया गया, जहां पुलिस ने पीड़ित के साथ उसकी मुलाकात तय की थी। पुलिस को रविवार को कथित ब्लैकमेलिंग के संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी करीब तीन साल पहले एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए दास से मुलाकात हुई थी। गुरुग्राम के सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) नवीन शर्मा ने कहा, ‘‘जांच में पता चला कि आरोपी महिला ने शिकायतकर्ता के साथ संबंध बनाए और बाद में उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया तथा लगातार पैसे की मांग करने लगी। उसने ब्लैकमेल करके शिकायतकर्ता से करीब 90 लाख रुपये ले लिये थे और अब भी उससे लाखों रुपये मांग रही थी।’’महिला पर पीड़ित को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का आरोप है। इस संबंध में सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की एक टीम गठित की गई। टीम ने शिकायतकर्ता को जरूरी निर्देश दिए और जब वह महिला को पैसे दे तो उस पर नजर रखने की योजना बनाई। पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला ने रविवार को शिकायतकर्ता को सोहना रोड स्थित सेक्टर-47 के कॉफी हाउस में बुलाया था। पुलिस टीम सादे कपड़ों में वहां पहुंची और पूरी कार्रवाई पर नजर रखी। पुलिस के अनुसार, जब महिला ने कॉफी स्थल पर शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये नकद लिए, तभी पुलिस टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए पैसे भी बरामद कर लिए। पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए कुछ नोटों पर पुलिस टीम के सदस्यों के हस्ताक्षर और आद्याक्षर भी थे। एसीपी शर्मा ने कहा, ‘‘दो दिन की पुलिस हिरासत के दौरान हमने आरोपी महिला के बैंक खाते में मौजूद करीब 95 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कराया है। मामले में आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है।
एफडीए ने महाराष्ट्र में एक फार्मा कंपनी पर बड़ी कार्रवाई की है। एफडीए ने कैडिला फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के पुणे, नागपुर और ठाणे स्थित तीन सीएफए वेयरहाउस के बिक्री और वितरण लाइसेंस रद कर दिए हैं।
मंगलवार, 6 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च किया। वे वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया, जिसके बाद वे आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए और निर्वाचन सदन के पास धरने पर बैठ गए।
बचपन में सीखी गई आदतें इंसान के जीवन भर के व्यवहार की नींव तय करती हैं, और यह बात पैसों के प्रबंधन पर भी शत-प्रतिशत लागू होती है। आज के उपभोक्तावादी दौर में, जहां ऑनलाइन डिलीवरी, गेमिंग इन-ऐप परचेज और डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ा है, बच्चों को पैसे की असली कद्र सिखाना माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को महीने या हफ्ते की पॉकेट मनी तो देते हैं, लेकिन अक्सर इसे महज एक 'खर्चा' मानकर छोड़ देते हैं। वित्तीय मनोवैज्ञानिकों और पैरेंटिंग विशेषज्ञों का मानना है कि पॉकेट मनी केवल बच्चों की फरमाइशें पूरी करने का साधन नहीं है, बल्कि यह उन्हें कम उम्र से ही बजटिंग, निर्णय लेने की क्षमता और बचत (Savings) का व्यावहारिक पाठ पढ़ाने का सबसे प्रभावी टूल है। यदि बच्चे को सही उम्र में पैसे का संतुलन संभालना न सिखाया जाए, तो बड़े होकर क्रेडिट कार्ड के कर्ज और फिजूलखर्ची में फंसने का जोखिम काफी बढ़ जाता है।नियम 1: पॉकेट मनी की राशि और तारीख पूरी तरह तय रखेंबच्चों को पॉकेट मनी देते समय सबसे पहली और बुनियादी शर्त निरंतरता (Consistency) की होती है। कभी भी बच्चे के मांगने पर अचानक जेब से पैसे निकालकर न दें, और न ही मूड के हिसाब से रकम बदलें।निश्चित दिन: महीने की पहली तारीख या हर रविवार की सुबह—एक तय दिन निर्धारित करें जिस दिन उन्हें जेब खर्च मिलेगा। इससे बच्चे के भीतर यह अहसास जागेगा कि पैसा एक तय अंतराल पर ही आता है।उम्र के अनुसार राशि: प्राथमिक स्कूल (7 से 10 वर्ष) के बच्चों के लिए हफ्ते के ₹100 से ₹200 और टीनेजर्स (12 से 16 वर्ष) के लिए महीने के ₹1,000 से ₹2,000 की राशि पर्याप्त मानी जाती है।अग्रिम (Advance) देने से बचें: यदि बच्चे ने महीने की 20 तारीख तक ही अपने पूरे पैसे खत्म कर दिए, तो उसे तुरंत अतिरिक्त पैसे देने की गलती कभी न करें। जब वह अपनी गलती से 10 दिन बिना पैसों के बिताएगा, तभी उसे वित्तीय सीमा और अनुशासन का वास्तविक महत्व समझ आएगा।नियम 2: जरूरत (Needs) और चाहत (Wants) में स्पष्ट अंतर समझाएंबच्चों के हाथ में पैसा आते ही खिलौने, फैंसी स्टेशनरी या बाहर का जंक फूड खरीदने की इच्छा होना स्वाभाविक है। यहीं पर माता-पिता की भूमिका शुरू होती है। बच्चों को शांत मन से समझाएं कि उनकी बुनियादी जरूरतें (जैसे स्कूल की किताबें, टिफिन, वर्दी, जूते) परिवार द्वारा पूरी की जाती हैं। पॉकेट मनी उनकी 'इच्छाओं' (Wants) के लिए है। यदि वे कोई महंगा वीडियो गेम, ब्रांडेड स्नीकर्स या नया खिलौना चाहते हैं, तो उन्हें बताएं कि यह तुरंत नहीं खरीदा जाएगा। इसके लिए उन्हें अपनी पॉकेट मनी में से महीनों तक बचत करनी होगी। जब बच्चा किसी वस्तु के लिए महीनों इंतजार करके अपनी जमा पूंजी से उसे खरीदता है, तो वह उस वस्तु की वास्तविक कद्र करता है और उसमें धैर्य रखने की आदत विकसित होती है।नियम 3: 'तीन गुल्लक' (Three Jars) का फॉर्मूला सिखाएंबच्चों को अमूर्त बैंकिंग टर्म्स सिखाने के बजाय उन्हें घर पर तीन अलग-अलग पारदर्शी गुल्लक या जार (Transparent Jars) देकर बचत का 50-30-20 फॉर्मूला सिखाएं। पारदर्शी जार इसलिए ताकि बच्चे को अपनी आंखों के सामने सिक्के और नोट बढ़ते हुए दिखें:पहला जार - खर्च (Spending - 50%): रोजमर्रा के छोटे-मोटे खर्चों, जैसे स्कूल कैंटीन में पसंदीदा स्नैक या छोटी स्टेशनरी के लिए।दूसरा जार - बचत (Savings - 30%): किसी बड़े खिलौने, साइकिल एक्सेसरी या जन्मदिन की पार्टी के लिए लंबी अवधि की बचत।तीसरा जार - दान व दूसरों की मदद (Giving/Sharing - 20%): किसी जरूरतमंद सहपाठी की मदद करने, त्योहार पर किसी को उपहार देने या स्ट्रीट डॉग्स के खाने के लिए। यह जार बच्चों में परोपकार और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाता है।नियम 4: काम के बदले पैसा नहीं, जिम्मेदारी और रिवॉर्ड का संतुलनकई माता-पिता यह गलती करते हैं कि बच्चे को अपना कमरा साफ करने, बिस्तर सही करने या होमवर्क पूरा करने पर पैसे देने लगते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, घर के बुनियादी कामकाज परिवार का हिस्सा होने के नाते उसकी स्वाभाविक जिम्मेदारी हैं; इनके लिए कभी पैसा नहीं देना चाहिए, अन्यथा बच्चा बिना पैसे के कोई घरेलू जिम्मेदारी नहीं निभाएगा। यदि आप बच्चे को अतिरिक्त कमाई का महत्व सिखाना चाहते हैं, तो उसे असाधारण या बड़े टास्क दे सकते हैं—जैसे पारिवारिक कार की गहन सफाई करना, घर के बगीचे की निराई-गुड़ाई करना या पुराने कबाड़ को छांटकर रिसाइकिल कराने में मदद करना। इससे बच्चे को यह संदेश मिलता है कि अतिरिक्त पैसा केवल अतिरिक्त मेहनत और कौशल से ही कमाया जा सकता है।नियम 5: गलती करने की छूट दें और हिसाब-किताब की डायरी बनवाएंपॉकेट मनी का सबसे बड़ा मकसद वित्तीय गलतियां करने का एक सुरक्षित माहौल देना है। 10 साल की उम्र में ₹200 की गलत खरीदारी करके पछताना, 25 साल की उम्र में ₹2 लाख का गलत वित्तीय फैसला लेने से कहीं बेहतर है। यदि बच्चे ने कोई बेकार खिलौना खरीद लिया जो अगले ही दिन टूट गया, तो उस पर गुस्सा करने या डांटने के बजाय उससे प्यार से पूछें—क्या तुम्हें लगता है कि यह सही फैसला था? अगली बार तुम इन पैसों का क्या करते? इसके साथ ही बच्चे को एक छोटी नोटबुक या डायरी दें, जिसमें वह हर आने-जाने वाले पैसे का ब्योरा लिखे (जैसे: तारीख, कहां खर्च हुआ, कितना बचा)। यह साधारण सी आदत भविष्य में उसके लिए बजट ट्रैकिंग और फाइनेंशियल ऑडिट का मजबूत आधार तैयार करती है।विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए पॉकेट मनी और 50-30-20 सेविंग का आदर्श मॉडलआयु वर्ग (Age Group)अनुशंसित पॉकेट मनीखर्च जार (50%)बचत जार (30%)शेयरिंग जार (20%)प्राथमिक सीख7 से 10 वर्ष (हफ्ते के आधार पर)₹200 / सप्ताह₹100 (दैनिक स्नैक्स)₹60 (खिलौने का लक्ष्य)₹40 (परोपकार/दान)सिक्कों व नोटों की पहचान, धैर्य रखना11 से 14 वर्ष (मासिक आधार पर)₹1,000 / माह₹500 (आउटिंग व शौक)₹300 (साइकिल/गैजेट फंड)₹200 (दोस्त को गिफ्ट)बजट डायरी बनाना, आवेगपूर्ण खरीदारी रोकना15 से 18 वर्ष (मासिक आधार पर)₹2,500 / माह₹1,250 (कैफे, रिचार्ज)₹750 (बैंक RD / डिजिटल फंड)₹500 (सोशल कॉज)डिजिटल पेमेंट की समझ, पहला बैंक खाता
हर महीने जब खाते में सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आता है, तो खर्चों की लंबी फेहरिस्त के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि भविष्य के लिए कितना पैसा बचाना और निवेश करना चाहिए। आज के दौर में म्यूचुअल फंड सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) आम नौकरीपेशा वर्ग के लिए महंगाई को मात देकर एक बड़ा फंड तैयार करने का सबसे लोकप्रिय साधन बन चुका है। लखनऊ, नोएडा, बेंगलुरु, मुंबई से लेकर देश भर के युवा प्रोफेशनल्स छोटी उम्र से ही वित्तीय सुरक्षा और रिटायरमेंट फंड की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, कई लोग या तो अपनी क्षमता से बहुत कम निवेश करते हैं या फिर अत्यधिक आक्रामक होकर महीने के अंत में नकदी संकट में फंस जाते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, एसआईपी की सही रकम तय करने का एक वैज्ञानिक और व्यावहारिक पैमाना होता है, जो आपकी मासिक आय, अनिवार्य खर्चों और वित्तीय लक्ष्यों के संतुलन पर निर्भर करता है।50-30-20 का गोल्डन रूल: सैलरी का कितना हिस्सा जाना चाहिए निवेश मेंपर्सनल फाइनेंस की दुनिया में बजट प्रबंधन और निवेश का सबसे सटीक फॉर्मूला 50:30:20 का नियम माना जाता है। अपनी इन-हैंड (नेट) मासिक सैलरी को इन तीन हिस्सों में बांटना चाहिए:50% जरूरतें (Needs): आपकी कुल आय का 50% हिस्सा घर के किराए/ईएमआई, राशन, बिजली-पानी के बिल, बच्चों की स्कूल फीस और बुनियादी चिकित्सा खर्चों के लिए होना चाहिए।30% इच्छाएं (Wants): आय का 30% हिस्सा लाइफस्टाइल खर्चों जैसे बाहर डाइनिंग, मूवी, शॉपिंग, गैजेट्स और वीकेंड ट्रिप्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।20% अनिवार्य बचत व निवेश (Savings & Investments): कम से कम 20% हिस्सा भविष्य के लिए बचाना और निवेश करना अनिवार्य है। वित्तीय सलाहकारों का सुझाव है कि इस 20% का सबसे बड़ा हिस्सा (करीब 15% से 20%) सीधे इक्विटी या हाइब्रिड म्यूचुअल फंड की एसआईपी में जाना चाहिए। यदि आपके सिर पर कोई बड़ा लोन नहीं है, तो आप अपने 'Wants' में से कटौती कर इस निवेश हिस्से को 25% से 35% तक भी बढ़ा सकते हैं।विभिन्न सैलरी स्लैब के अनुसार मासिक एसआईपी का आदर्श गणितआपकी आय के अनुसार हर महीने कितनी एसआईपी का लक्ष्य रखना चाहिए, इसे एक आसान गणना से समझा जा सकता है:₹30,000 मासिक सैलरी: न्यूनतम 20% यानी ₹6,000 प्रति माह की एसआईपी शुरू करें। इसे लार्ज-कैप इंडेक्स फंड या फ्लेक्सी-कैप फंड में बांट सकते हैं।₹50,000 मासिक सैलरी: न्यूनतम 20% से 25% यानी ₹10,000 से ₹12,500 प्रति माह का निवेश करें। इसे फ्लेक्सी-कैप (₹5,000), लार्ज एंड मिड-कैप (₹4,000) और स्मॉल-कैप (₹2,000) में विभाजित किया जा सकता है।₹1,00,000 मासिक सैलरी: कम से कम 30% यानी ₹30,000 प्रति माह की एसआईपी का लक्ष्य रखें। इसमें डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स के साथ कुछ हिस्सा डेट या ईएलएसएस (टैक्स सेविंग) में भी आवंटित किया जा सकता है।लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन का '15-15-15' जादुई नियमएसआईपी में अनुशासन और समय का महत्व समझाने के लिए 15-15-15 का नियम मील का पत्थर माना जाता है। इस नियम के अनुसार:यदि आप ₹15,000 प्रति माह की एसआईपी करते हैं,लगातार 15 वर्षों तक निवेश जारी रखते हैं,और इस पर औसतन 15% का अनुमानित वार्षिक रिटर्न प्राप्त होता है, तो 15 साल बाद आपके पास कुल ₹1,00,27,601 (पूरे 1 करोड़ रुपये से अधिक) का भारी फंड तैयार हो जाता है। इसमें आपकी कुल जमा पूंजी केवल ₹27 लाख होगी, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज (कंपाउंडिंग) से मिलने वाला वेल्थ गेन लगभग ₹73 लाख से अधिक होगा।स्टेप-अप एसआईपी (Step-Up SIP): सैलरी बढ़ने के साथ बढ़ाएं निवेशएसआईपी की एक तय रकम पर वर्षों तक टिके रहने के बजाय सबसे स्मार्ट रणनीति है स्टेप-अप एसआईपी। हर साल जब आपकी कंपनी में अप्रेजल या इंक्रीमेंट हो, तो अपनी एसआईपी की राशि में कम से कम 10% की वार्षिक बढ़ोतरी का निर्देश दें। उदाहरण के लिए, यदि आपकी शुरुआत ₹10,000 से हुई है, तो अगले साल इसे ₹11,000 और उसके अगले साल ₹12,100 कर दें। यह छोटा सा 10% का वार्षिक इजाफा 20 वर्षों में आपके अंतिम मैच्योरिटी कॉर्पस को सामान्य एसआईपी की तुलना में लगभग दोगुना कर देता है।एसआईपी शुरू करने से पहले इन 2 बातों का रखें ध्यानम्यूचुअल फंड में पहला रुपया लगाने से पहले दो वित्तीय सुरक्षा कवच तैयार करना अनिवार्य है:आपातकालीन फंड (Emergency Fund): कम से कम 6 महीने के अनिवार्य खर्चों (राशन, रेंट, ईएमआई) के बराबर रकम सेविंग्स अकाउंट या लिक्विड फंड में अलग से रखें, ताकि नौकरी या मेडिकल इमरजेंसी में एसआईपी बीच में तोड़ने की नौबत न आए।टर्म और हेल्थ इंश्योरेंस: परिवार के वित्तीय संरक्षण के लिए अपनी वार्षिक आय का कम से कम 15 से 20 गुना टर्म इंश्योरेंस और पर्याप्त हेल्थ कवर जरूर लें, ताकि निवेश की गई पूंजी किसी अप्रिय घटना में सुरक्षित बनी रहे।विभिन्न समय अवधियों में ₹10,000 मासिक एसआईपी का ग्रोथ प्रोजेक्शन (12% वार्षिक अनुमानित रिटर्न पर)समय सीमा (वर्ष)कुल जमा पूंजीअनुमानित वेल्थ गेनकुल अनुमानित फंड5 वर्ष₹6,00,000₹2,24,864₹8,24,86410 वर्ष₹12,00,000₹11,23,391₹23,23,39115 वर्ष₹18,00,000₹32,45,760₹50,45,76020 वर्ष₹24,00,000₹75,91,480₹99,91,480
बाजार की मिठाई छोड़ें, 1 कप बेसन से घर पर बनाएं टेस्टी मैसूर पाक
Mysore Pak: अगर आप भी हमेशा मिठाई बाजार से खरीदते हैं तो रुक जाएं. यहां हम आपको घर पर रखे बेसन से टेस्टी मैसूर पाक बनाने का तरीका सिखा रहे हैं.
मोबाइल से रिकॉर्ड कर रहा था कोर्ट की कार्रवाई, सरकारी बाबू पर लगा जुर्माना
कोर्टरूम में मोबाइल से रिकॉर्डिंग करते एक सरकारी कर्मचारी को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. मामला सामने आने के बाद कोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया, जिसकी चर्चा हो रही है.
अपना आशियाना खरीदने के लिए जब कोई मध्यमवर्गीय परिवार बैंक से होम लोन लेता है, तो अमूमन घर की रजिस्ट्री और लोन दस्तावेज में पति और पत्नी दोनों के नाम शामिल किए जाते हैं। लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में नौकरीपेशा दंपतियों के बीच यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है कि यदि पति अपने बैंक खाते से होम लोन की पूरी मासिक ईएमआई भर रहा है, तो क्या पत्नी भी अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में उस होम लोन पर टैक्स बेनिफिट क्लेम कर सकती है। इस प्रश्न का सीधा, स्पष्ट और कानूनी उत्तर यह है कि आयकर नियमों के अनुसार यदि पत्नी का ईएमआई भुगतान में शून्य वित्तीय योगदान है, तो वह होम लोन पर किसी भी प्रकार की टैक्स छूट का दावा नहीं कर सकती। आयकर कानून के तहत टैक्स छूट केवल रिश्ते के आधार पर या केवल कागजों पर नाम होने से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए वित्तीय रूप से ईएमआई का वास्तविक भुगतान साबित करना अनिवार्य होता है। कई बार करदाता टैक्स बचाने की जल्दबाजी में दोनों फाइलों में डिडक्शन दिखा देते हैं, जो भविष्य में आयकर विभाग के स्क्रूटनी नोटिस और भारी जुर्माने का कारण बन सकता है।होम लोन पर टैक्स डिडक्शन क्लेम करने की 3 अनिवार्य शर्तेंआयकर विभाग के स्थापित प्रावधानों के अनुसार होम लोन पर धारा 24(b) और धारा 80C के तहत कर छूट हासिल करने के लिए तीन बुनियादी कसौटियों पर खरा उतरना कानूनी रूप से आवश्यक है। यदि इनमें से एक भी शर्त अधूरी रह जाती है, तो टैक्स छूट का दावा अमान्य घोषित हो जाता है।1. संपत्ति का कानूनी सह-मालिक (Co-owner): मकान या फ्लैट की सेल डीड और रजिस्ट्री में पत्नी का नाम बतौर सह-मालिक दर्ज होना अनिवार्य है। यदि संपत्ति केवल पति के नाम पर पंजीकृत है, तो पत्नी किसी भी सूरत में टैक्स छूट की पात्र नहीं हो सकती, भले ही लोन जॉइंट हो।2. लोन में सह-उधारकर्ता (Co-borrower): बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के लोन एग्रीमेंट में पत्नी का नाम को-एप्लीकेंट या को-बॉरोअर के रूप में दर्ज होना चाहिए।3. ईएमआई का वास्तविक भुगतान (Actual Financial Contribution): सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक शर्त यह है कि लोन की मासिक किस्त का भुगतान वास्तव में किसके खाते से हो रहा है। यदि पति अपने सैलरी अकाउंट से 100% ईएमआई चुका रहे हैं और पत्नी के खाते से कोई पैसा नहीं कट रहा है, तो 100% टैक्स डिडक्शन केवल पति को ही मिलेगा, पत्नी को इसका 1% भी लाभ नहीं दिया जा सकता।केवल को-ओनर या को-बॉरोअर होना टैक्स छूट के लिए पर्याप्त क्यों नहींअक्सर लोग यह मान बैठते हैं कि अगर बैंक ने लोन पात्रता (Eligibility) बढ़ाने के लिए पत्नी को को-बॉरोअर बना लिया है और रजिस्ट्री में भी उनका नाम शामिल है, तो वे स्वतः टैक्स लाभ की हकदार हो गई हैं। वित्तीय विशेषज्ञों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) का कहना है कि सह-मालिक और सह-उधारकर्ता होना टैक्स लाभ पाने की पहली सीढ़ी जरूर है, लेकिन यह अंतिम पैमाना नहीं है। आयकर अधिनियम की धारा 24(b) स्पष्ट रूप से यह कहती है कि ब्याज पर छूट उसी व्यक्ति को दी जाएगी जिसने उस ब्याज का वास्तविक भार वहन किया है। यदि पत्नी कामकाजी हैं, टैक्स स्लैब में आती हैं, लेकिन ईएमआई का एक भी रुपया अपने बैंक खाते से ट्रांसफर नहीं करती हैं, तो आयकर विभाग की नजर में उनका वित्तीय योगदान शून्य माना जाएगा। यदि वे अपने आईटीआर में इस कटौती को दिखाती हैं, तो असेसिंग ऑफिसर बैंक स्टेटमेंट मांगकर इस दावे को खारिज कर सकता है और इसे फर्जी कटौती मानकर ब्याज व पेनल्टी ठोक सकता है।संयुक्त होम लोन से दोनों कैसे उठा सकते हैं ₹7 लाख तक की टैक्स छूटयदि पति और पत्नी दोनों कामकाजी हैं और दोनों टैक्स बचाना चाहते हैं, तो एक सुनियोजित वित्तीय रणनीति अपनाकर वे परिवार के स्तर पर हर साल ₹7 लाख तक की कुल कर योग्य आय पर छूट हासिल कर सकते हैं। इसके लिए कुछ व्यावहारिक कदम उठाने होंगे:ईएमआई का अनुपात तय करें: पति और पत्नी दोनों को अपने-अपने बैंक खातों से ईएमआई का एक निश्चित अनुपात तय करके भुगतान करना चाहिए। उदाहरण के तौर पर 50:50, 60:40 या 70:30 का अनुपात रखा जा सकता है।जॉइंट अकाउंट का सही इस्तेमाल: यदि ईएमआई किसी संयुक्त बैंक खाते से कट रही है, तो दोनों पति-पत्नी अपने व्यक्तिगत वेतन खातों से उस जॉइंट खाते में तय अनुपात में पैसे ट्रांसफर करें, ताकि बैंक स्टेटमेंट में दोनों का योगदान साफ नजर आए।स्वामित्व और डिडक्शन का गणित (पुरानी कर व्यवस्था में): जब दोनों ईएमआई भरते हैं, तो धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर पति ₹2 लाख तक और पत्नी भी अलग से ₹2 लाख तक (कुल ₹4 लाख) की छूट क्लेम कर सकती हैं। वहीं धारा 80C के तहत मूलधन (Principal Repayment) पर पति ₹1.50 लाख और पत्नी भी ₹1.50 लाख (कुल ₹3 लाख) का डिडक्शन ले सकती हैं। इस तरह दोनों मिलकर ₹7 लाख तक की कटौती का दोहरा फायदा ले सकते हैं।न्यू टैक्स रिजीम बनाम ओल्ड टैक्स रिजीम: होम लोन टैक्स छूट का सचहोम लोन पर टैक्स प्लानिंग करते समय यह ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आप आयकर की कौन सी कर व्यवस्था (Tax Regime) का चयन कर रहे हैं। वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) डिफ़ॉल्ट व्यवस्था है। नई टैक्स व्यवस्था के तहत सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी (जिस मकान में आप खुद रह रहे हैं) के होम लोन पर मिलने वाले ब्याज (धारा 24b) और मूलधन (धारा 80C) दोनों की टैक्स कटौतियों को समाप्त कर दिया गया है। होम लोन पर ब्याज और मूलधन की यह दोहरी टैक्स छूट केवल और केवल पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनने वाले करदाताओं को ही उपलब्ध होती है। इसलिए आईटीआर फाइल करने से पहले पति-पत्नी दोनों को अपने टैक्स स्लैब और कटौतियों का तुलनात्मक अध्ययन जरूर कर लेना चाहिए। यदि पत्नी नॉन-वर्किंग हैं या उनकी आय बेसिक छूट सीमा से कम है, तो पति को ही अपने नाम से पूरी ईएमआई भरनी चाहिए और पुरानी कर व्यवस्था के तहत अधिकतम ₹3.5 लाख (₹2 लाख ब्याज + ₹1.5 लाख मूलधन) की कटौती का पूरा लाभ अपनी फाइल में अकेले उठाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों ने ली शपथ, न्यायाधीशों की संख्या 37 हुई
सुप्रीम कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों ने शपथ ली, जिससे जजों की कुल संख्या 37 हो गई है। इनमें जस्टिस सुनीता अग्रवाल भी शामिल हैं, जिनके पदभार संभालने के बाद सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
राहुल-प्रियंका गांधी धरने से हटाए गए, दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, देखें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने दिल्ली की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया. संसद भवन से शुरू हुआ यह मार्च निर्वाचन सदन की ओर बढ़ रहा था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने भारी सुरक्षा और बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अपने साथी सांसदों के साथ आकाशवाणी भवन के बाहर धरने पर बैठ गए. लगभग आठ से नौ घंटे तक चले इस लंबे धरने के बाद, दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बस के जरिए किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन भेज दिया.
झारखंड में फिर गरमाया JPSC विवाद, रघुवर दास ने खड़े किए सवाल
रघुवर दास ने जेपीएससी मामलों की जांच को लेकर झारखंड सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है. उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट और परीक्षा सुधार समिति के गठन में कार्रवाई न होने का भी मुद्दा उठाया. दास ने पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की.
चुनाव आयोग से कैसे मिल सकती हैं राजनीतिक पार्टियां? EC ने बताया पूरा प्रोसीजर
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक के नियमों को स्पष्ट किया है, जिसमें कहा गया है कि INDIA गठबंधन के नेताओं ने शाम 4 बजे तक औपचारिक अपॉइंटमेंट नहीं मांगा था।
देर रात दिल्ली-NCR में कांपी धरती, पूरे उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के झटके
देर रात अचानक दिल्ली-NCR में धरती हिलने लगी और कुछ सेकंड के झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी.
शेख हसीना से सुलह करेंगे PM तारिक रहमान? BNP नेता बोले- आइडिया बुरा नहीं
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना सलाहकार जाहिद उर रहमान ने अवामी लीग के साथ सुलह को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अवामी लीग के साथ सुलह कोई बुरा आइडिया नहीं है. लेकिन इसके लिए पार्टी को खुद पहल करनी होगी और अपने किए की जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी.
अलीबाग में ED का बड़ा एक्शन, ₹336 करोड़ की जमीन अटैच
ED ने जय कॉर्प लिमिटेड और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में अलीबाग की 88.47 एकड़ जमीन अटैच की है, जिसकी मौजूदा कीमत ₹336 करोड़ बताई गई है. पढ़ें पूरी कहानी.
मछली खरीदने से पहले देख लें ये Video, ताजा दिखाने के लिए चढ़ाया जा रहा रंग
कटिहार के मिर्चाईबाड़ी मछली पट्टी का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में एक महिला मछली पर लाल और हल्दी जैसे सिंथेटिक रंग का लेप करती दिख रही है. दुकानदार ने भी रंग लगाने की बात कही है. कटिहार DM ने इसे खाद्य पदार्थ में मिलावट बताते हुए खाद्य निरीक्षक को जांच के निर्देश दिए हैं और कार्रवाई की चेतावनी दी है.
CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए राहुल-प्रियंका
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और विपक्षी नेताओं का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में यह धरना लगभग सात घंटे से अधिक समय तक जारी रहा. कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने का समय नहीं मिलता, तब तक वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे. हालांकि, इस बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया.
आसमान में तैनात हुई भारत की 'तीसरी आंख', दुश्मन की हर चाल पर होगी पैनी नजर
डीआरडीओ ने स्वदेशी 'हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफार्म सिस्टम' (एचएपीएस) का सफल उड़ान परीक्षण कर स्ट्रैटोस्फेरिक उड़ान क्षमता का प्रदर्शन किया।
देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने फास्टैग (FASTag) को हर चार पहिया व भारी वाहन के लिए अनिवार्य कर रखा है। वाहन चालकों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि यदि उनके घर में दो कारें हैं, तो क्या वे एक ही फास्टैग को दोनों कारों में अदल-बदल कर इस्तेमाल कर सकते हैं? इसका सीधा और स्पष्ट जवाब है—बिल्कुल नहीं। मोटर वाहन नियमों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, एक फास्टैग को केवल और केवल एक ही पंजीकृत वाहन के लिए जारी किया जाता है। एक वाहन का फास्टैग निकालकर दूसरी गाड़ी की विंडस्क्रीन पर चिपकाना या हाथ में लेकर टोल पार करना पूरी तरह गैरकानूनी है।एनएचएआई का 'One Vehicle, One FASTag' नियम क्या कहता है?टोल प्लाजा पर होने वाली वित्तीय विसंगतियों, टैक्स चोरी और सुरक्षा जोखिमों को समाप्त करने के लिए एनएचएआई ने आधिकारिक तौर पर 'One Vehicle, One FASTag' (एक वाहन, एक फास्टैग) नियम लागू किया हुआ है। इस नीति के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:वाहन पंजीकरण से सीधा जुड़ाव: हर फास्टैग आरएफआईडी (RFID) चिप तकनीक पर काम करता है। जब बैंक या अधिकृत एजेंसी फास्टैग जारी करती है, तो वह टैग आईडी को वाहन के चेसिस नंबर, इंजन नंबर, व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) और वाहन की विशिष्ट श्रेणी (जैसे कार, जीप, बस या ट्रक) से डिजिटल रूप से मैप कर देती है।कई गाड़ियों में एक टैग अमान्य: एक ही फास्टैग को दो या उससे अधिक वाहनों से कभी भी लिंक नहीं किया जा सकता।एक गाड़ी पर कई टैग की मनाही: इसी नियम के तहत एक ही वाहन पर बैंक बदलने के चक्कर में एक से अधिक सक्रिय फास्टैग रखना भी प्रतिबंधित है। पुरानी आरएफआईडी चिप को डीएक्टिवेट कराकर ही नया टैग लगाया जा सकता है।यदि एक टैग को दूसरी कार में लगाया तो टोल प्लाजा पर क्या होगा?यदि कोई वाहन चालक चालाकी दिखाने की कोशिश करते हुए एक कार का फास्टैग निकालकर दूसरी कार में लगाता है, तो टोल प्लाजा के आधुनिक ऑटोमैटिक सिस्टम से वह बच नहीं सकता। ऐसा करने पर निम्नलिखित गंभीर परिणाम भुगतने होंगे:कैमरा और एएनपीआर (ANPR) से तुरंत पकड़: देश भर के टोल प्लाजा पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे और बूम बैरियर लगे होते हैं। जैसे ही फास्टैग रीडर टैग को स्कैन करता है, कैमरा कार की नंबर प्लेट को रीड कर लेता है। यदि टैग में दर्ज गाड़ी का नंबर और कैमरे द्वारा पकड़ी गई नंबर प्लेट आपस में मेल नहीं खाते, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है।फास्टैग तुरंत होगा ब्लैकलिस्ट (Blacklist): नंबर प्लेट मिसमैच होते ही बैंक और एनपीसीआई का सर्वर उस फास्टैग को 'फ्रॉड' या 'डिफॉल्ट' श्रेणी में डालकर तुरंत ब्लैकलिस्ट कर देगा। एक बार ब्लैकलिस्ट होने के बाद वह टैग पहली गाड़ी के लिए भी बेकार हो जाएगा।दोगुना टोल टैक्स (Double Toll Penalty): राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रहण) नियमों के अनुसार, यदि किसी वाहन में अवैध, अमान्य या मिसमैच फास्टैग पाया जाता है, तो चालक को संबंधित टोल प्लाजा पर लागू दर का दोगुना नकद या यूपीआई जुर्माना (Double Cash Penalty) भरना पड़ेगा।वाहन जब्ती व कानूनी धाराएं: यदि कोई भारी वाहन (जैसे कॉमर्शियल ट्रक) पर कार का फास्टैग लगाकर कम टोल देने की धोखाधड़ी करता है, तो टोल प्रबंधन स्थानीय पुलिस को सूचना देकर वाहन को जब्त करा सकता है और जालसाजी की धाराओं में चालान कट सकता है।क्या विंडस्क्रीन से फास्टैग निकालकर दूसरी कार में चिपकाना तकनीकी रूप से संभव है?तकनीकी दृष्टि से भी फास्टैग को एक कार से उखाड़कर दूसरी कार में सुरक्षित लगाना असंभव बनाया गया है। फास्टैग का निर्माण 'टैम्पर-एविडेंट' (Tamper-Evident) तकनीक से किया जाता है। इसका मतलब यह है कि जब आप फास्टैग को कार की विंडस्क्रीन के अंदरूनी हिस्से पर चिपकाते हैं, तो उसकी आरएफआईडी एंटीना कॉइल शीशे की सतह से चिपक जाती है। यदि आप इसे खुरचकर या खींचकर हटाने की कोशिश करेंगे, तो चिप का आंतरिक सर्किट और एंटीना टूटकर नष्ट हो जाएगा। नतीजतन, वह टैग पूरी तरह 'Dead' यानी निष्क्रिय हो जाएगा और किसी भी टोल स्कैनर द्वारा रीड नहीं किया जा सकेगा।यदि घर में दो गाड़ियां हैं तो क्या करें?यदि आपके पास दो कारें हैं, तो कानून सम्मत और सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि आप दोनों गाड़ियों के लिए अलग-अलग फास्टैग जारी करवाएं। दोनों टैग अलग होने के बावजूद आप चाहें तो उन दोनों को अपने एक ही बैंक खाते, पेटीएम वॉलेट या यूपीआई आईडी से लिंक कर सकते हैं। इससे आपका वॉलेट बैलेंस साझा (Common Balance) रहेगा और दोनों गाड़ियों का टोल उसी एक वॉलेट से कटता रहेगा। नया फास्टैग बनवाना बेहद आसान है—आप मात्र ₹100 से ₹200 के मामूली शुल्क में अपनी दूसरी गाड़ी की आरसी (RC), आधार कार्ड और पैन कार्ड देकर किसी भी बैंक (SBI, HDFC, ICICI आदि), अमेजन, गूगल पे या टोल प्लाजा के पीओएस काउंटर से नया फास्टैग ले सकते हैं। कुछ रुपयों की बचत के चक्कर में एक फास्टैग को दो गाड़ियों में इस्तेमाल करने का जोखिम न उठाएं, क्योंकि यह आपको दोगुने जुर्माने और ब्लैकलिस्टिंग के झंझट में डाल सकता है।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का हंगामेदार प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका को पुलिस ने धरने से उठाया
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी इंडिया गठबंधन ने मंगलवार को दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। संसद भवन से निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक निकाले गए ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च को पुलिस ने आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके […] The post चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का हंगामेदार प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका को पुलिस ने धरने से उठाया appeared first on Sabguru News .
कार में लॉक हुआ मासूम! चाबी अंदर रह गई, गेट नहीं खुला तो मची अफरा-तफरी
जैसे-जैसे समय बीत रहा था, परिजनों और आसपास मौजूद लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही थी. बच्चे को किसी तरह शांत रखने की कोशिश की गई. लोग लगातार उसे हिम्मत देते रहे और कार का लॉक खोलने का रास्ता तलाशते रहे.
प्रेमानंद महाराज के शिष्य की खुदकुशी का सच क्या? देखें विशेष
मथुरा के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े एक हॉस्टल में हुई साधु की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जबलपुर के रहने वाले दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी ने 25 सितंबर को एक बहुमंजिला इमारत की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. इस घटना से जुड़े अब तक चार सीसीटीवी फुटेज सामने आ चुके हैं, जिससे यह साफ है कि उन्होंने खुदकुशी की है. लेकिन असली रहस्य उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, सुसाइड करने से पहले दीपक लोधी का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था, जिसके कारण काफी खून बह चुका था.
उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की राह देख रहे हजारों डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी (ERA), उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की ओर से अंतिम और बड़ा अवसर दिया गया है। सत्र 2026 में प्रवेश के लिए पूर्व में आयोजित पहले और दूसरे चरण की काउंसलिंग के बाद भी निजी व डायट संस्थानों में रिक्त रह गई सीटों को भरने के लिए संशोधित समय-सारणी जारी कर दी गई है। कार्यालय को अभ्यर्थियों और शिक्षक संघों से लगातार मिल रहे अनुरोधों के मद्देनजर शासन के निर्देश पर यह विशेष फेज-3 काउंसलिंग विंडो खोली गई है। इसके तहत स्टेट रैंक 01 से लेकर 1,52,202 तक के उन सभी अभ्यर्थियों को कॉलेज विकल्प भरने की अनुमति दी गई है, जिन्हें पहले और दूसरे चरण में कोई संस्थान आवंटित नहीं हो सका था या जिन्होंने पूर्व में संस्था का चयन नहीं किया था। आधिकारिक पोर्टल updeled.gov.in पर संस्था विकल्प भरने की लिंक सक्रिय है और अभ्यर्थियों के पास प्रक्रिया पूरी करने के लिए 7 अक्टूबर तक का सीमित समय उपलब्ध है।संशोधित शेड्यूल: चॉइस फिलिंग, सीट अलॉटमेंट और रिपोर्टिंग की महत्वपूर्ण तारीखेंअभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने चरणबद्ध तिथियों का स्पष्ट ब्योरा जारी किया है:संस्थान का विकल्प (Choice Filling) भरने की समय-सीमा: 05 अक्टूबर से 07 अक्टूबर (सायं 06:00 बजे तक)।संस्था आवंटन परिणाम (Seat Allotment Result) की घोषणा: 08 अक्टूबर।आवंटित संस्थान में दस्तावेज सत्यापन (DV) एवं प्रवेश की प्रक्रिया: 09 अक्टूबर से 14 अक्टूबर (सायं 05:00 बजे तक)।प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रवेशित छात्रों का डेटा ऑनलाइन लॉक करने की अंतिम तारीख: 15 अक्टूबर।प्राधिकरण ने साफ किया है कि 7 अक्टूबर की शाम के बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा, जिसके बाद इस सत्र के लिए किसी भी नए चरण की काउंसलिंग आयोजित नहीं की जाएगी।रिक्त सीटों के लिए नियमों में बदलाव: अनारक्षित सीटों में बदली गईं खाली सीटेंइस अंतिम चरण की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि शासन के नियमों के तहत आरक्षित श्रेणी (ओबीसी, एससी, एसटी और विशेष आरक्षण वर्ग) की जो सीटें पूर्व चरणों में खाली रह गई थीं, उन्हें नियमानुसार अनारक्षित (General/Unreserved) सीटों में परिवर्तित कर दिया गया है। इससे सामान्य वर्ग के साथ-साथ सभी श्रेणियों के मेरिटधारी अभ्यर्थियों के लिए पसंदीदा कॉलेज पाने की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं। लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ, वाराणसी और गोरखपुर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) सहित प्रदेश के सभी स्ववित्तपोषित निजी कॉलेजों में बची हुई सीटों का पूरा विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर 'Vacant Seats' लिंक के जरिए उपलब्ध करा दिया गया है, ताकि छात्र सीटों की उपलब्धता देखकर अपने विकल्पों की वरीयता तय कर सकें।ऑनलाइन चॉइस फिलिंग और कॉलेज लॉक करने की चरणबद्ध प्रक्रियाअभ्यर्थी घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से इन आसान चरणों में अपने पसंदीदा संस्थानों का चयन कर सकते हैं:सबसे पहले यूपी डीएलएड की आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाएं।होमपेज पर उपलब्ध 'D.El.Ed Admission' टैब के अंतर्गत 'Choice Filling' विकल्प पर क्लिक करें।निर्धारित बॉक्स में अपना कोर्स, रजिस्ट्रेशन नंबर, वन-टाइम पिन (OTP) और कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें।यदि पूर्व में ₹5,000 का अनिवार्य अग्रिम अलॉटमेंट शुल्क जमा नहीं किया है, तो ऑनलाइन माध्यम से इसका भुगतान पूरा करें।स्क्रीन पर दिख रही संस्थानों की सूची में से अधिक से अधिक कॉलेजों को अपनी प्राथमिकता के क्रम में जोड़ें।विकल्पों को भली-भांति जांचने के बाद 'Lock Choices' पर क्लिक करें और भरे गए फॉर्म का प्रिंट आउट भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें। यदि अभ्यर्थी समय सीमा तक विकल्प लॉक नहीं करते हैं, तो सिस्टम अंतिम सेव किए गए विकल्पों को स्वतः लॉक कर देगा।अभ्यर्थियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अलर्टसीट आवंटन के बाद छात्रों को दाखिला सुनिश्चित कराने के लिए कई सख्त सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। 8 अक्टूबर को अलॉटमेंट रिजल्ट आने के बाद चयनित छात्र तुरंत अपना अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करें। इसके बाद 09 से 14 अक्टूबर के बीच संबंधित कॉलेज में जाकर हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन की मूल अंकतालिकाएं, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, विशेष आरक्षण सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट का भौतिक सत्यापन करवाएं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संबंधित संस्थान द्वारा 15 अक्टूबर तक छात्र का प्रवेश राज्य स्तरीय पोर्टल पर ऑनलाइन लॉक किया जाना अनिवार्य है। यदि कॉलेज प्रशासन तय तिथि तक आपका एडमिशन पोर्टल पर ऑनलाइन लॉक नहीं करता है, तो आपका दाखिला अमान्य घोषित हो जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी छात्र और संस्थान की होगी।
North India Earthquake: उत्तर भारत के कई राज्यों में आज रात भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में धरती हिलने से लोगों में हड़कंप मच गया।
'फ्रांस पर कब्जे की कोशिश...', ट्रंप ने पेरिस प्रोटेस्ट को इस्लाम से जोड़ा!
फ्रांस में हाई स्कूल में सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हुआ और ये देखते ही देखते व्यापक हो गया. इस दौरान हिंसा और आगजनी भी हुई है. इस मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि यह एक महान देश पर कब्जा करने की कोशिश है.
मध्य प्रदेश के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MSPSTET 2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने का आधिकारिक निर्णय लिया है। पूर्व में तय शेड्यूल के अनुसार आवेदन फॉर्म जमा करने की समय सीमा 5 अक्टूबर निर्धारित की गई थी। हालांकि, बड़ी संख्या में पात्र शिक्षकों और उम्मीदवारों द्वारा तकनीकी दिक्कतों व अन्य कारणों से फॉर्म न भर पाने के चलते बोर्ड ने पंजीकरण विंडो को विस्तार देने का फैसला किया है। अब सभी पात्र अभ्यर्थी 11 अक्टूबर तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन पूरा कर सकते हैं।नई समय-सारणी: आवेदन और फॉर्म संशोधन की महत्वपूर्ण तारीखेंकर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी अद्यतन दिशा-निर्देशों के मुताबिक उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त दिनों की मोहलत दी गई है। आवेदन और उसमें सुधार से जुड़ी प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:ऑनलाइन आवेदन की संशोधित अंतिम तिथि: 11 अक्टूबरआवेदन पत्र में सुधार/संशोधन (Application Correction) की अंतिम तिथि: 12 अक्टूबरआधिकारिक वेबसाइट: esb.mp.gov.in अथवा esb.mponline.gov.in बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 11 अक्टूबर को रात 11:59 बजे आवेदन विंडो पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी, इसलिए अभ्यर्थी अंतिम समय के सर्वर लोड या तकनीकी अड़चनों का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें।कार्यरत शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा क्यों बनी चर्चा का विषयमध्य प्रदेश में यह विशेष पात्रता परीक्षा प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के उन सेवारत शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम और अदालती दिशा-निर्देशों के तहत पात्रता मानक हासिल करने के दायरे में आते हैं। राज्य भर में लगभग 1.5 लाख इन-सर्विस शिक्षक इस व्यवस्था से जुड़े हैं। हालांकि, शिक्षक संगठनों और अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा शुल्क, पदों के वर्गीकरण और सेवा शर्तों को लेकर कुछ संशय की स्थिति भी देखी गई है, जिसके चलते शुरुआती चरण में आवेदनों की गति धीमी रही। बोर्ड और स्कूल शिक्षा विभाग का प्रयास है कि तारीख बढ़ाकर सभी पात्र शिक्षकों को पंजीकरण का समुचित अवसर उपलब्ध कराया जाए ताकि उनकी सेवा निरंतरता पर कोई प्रशासनिक बाधा न आए।ऑनलाइन आवेदन करने की आसान और चरणबद्ध प्रक्रियाउम्मीदवार घर बैठे या नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से इन आसान चरणों का पालन कर अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं:सबसे पहले मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के आधिकारिक पोर्टल esb.mp.gov.in या एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर जाएं।होमपेज पर उपलब्ध 'Primary and Secondary Teacher Eligibility Test (MSPSTET) 2026' लिंक पर क्लिक करें।यदि प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन पहले से नहीं है, तो अपना नया कैंडिडेट प्रोफाइल बनाएं और आधार या समग्र आईडी के माध्यम से ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करें।लॉगिन क्रेडेंशियल्स दर्ज करके मुख्य आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत, संपर्क और शैक्षणिक योग्यता संबंधी जानकारी भरें।निर्धारित प्रारूप में अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक प्रमाण-पत्र अपलोड करें।अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित परीक्षा शुल्क और पोर्टल चार्ज का ऑनलाइन भुगतान (नेट बैंकिंग, यूपीआई या डेबिट कार्ड से) करें।फॉर्म की सभी प्रविष्टियों को भली-भांति जांचकर फाइनल सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए कन्फर्मेशन पेज का प्रिंट आउट सुरक्षित रख लें।आवेदन के दौरान इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यानअभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन पत्र भरते समय अपना नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, श्रेणी और शैक्षणिक विवरण हाईस्कूल व योग्यता प्रमाण पत्रों के अनुसार ही दर्ज करें। फॉर्म भरते समय एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर बायोमेट्रिक या ओटीपी आधारित ई-केवाईसी का सक्रिय होना अनिवार्य है। यदि सबमिशन के बाद फॉर्म में कोई वर्तनी या श्रेणी संबंधी त्रुटि रह जाती है, तो उम्मीदवार 12 अक्टूबर तक निर्धारित संशोधन शुल्क का भुगतान करके अपने आवेदन में आवश्यक सुधार कर सकते हैं। परीक्षा के एडमिट कार्ड और परीक्षा शिफ्ट से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा तय समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से जारी किए जाएंगे।
दिल्ली के इन 4 इलाकों में बारिश के पानी से मिलेगी राहत, योजना को मिली मंजूरी
दिल्ली के चार इलाकों में बारिश के पानी की निकासी को लेकर बड़ी तैयारी की गई है. नई योजना के तहत एक ऐसा ड्रेन बनाया जाएगा, जो बारिश के समय अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करेगा.
पूर्वी यूरोप और पश्चिमी एशिया के चौराहे पर स्थित जॉर्जिया आज भारतीय छात्रों के बीच उच्च शिक्षा, विशेष रूप से मेडिकल (MBBS), इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गंतव्य के रूप में उभरा है। यूक्रेन-रूस संकट के बाद से भारतीय मेडिकल अभ्यर्थियों ने सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विकल्प के तौर पर जॉर्जियाई विश्वविद्यालयों का रुख किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारत के राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) से मान्यता प्राप्त संस्थान, किफायती ट्यूशन फीस और पूरी तरह से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षण व्यवस्था इसे भारतीय छात्रों के लिए बेहद आकर्षक बनाती है। हालांकि, वहां पढ़ाई शुरू करने के लिए छात्रों को जॉर्जिया के प्रवेश नियमों और लॉन्ग-टर्म स्टूडेंट वीजा (D3 श्रेणी) की सख्त कानूनी प्रक्रियाओं को समझना अनिवार्य है।जॉर्जिया स्टूडेंट वीजा (D3 Visa) के नियम और शर्तेंजॉर्जिया में 90 दिनों से अधिक समय के पूर्णकालिक शैक्षणिक पाठ्यक्रम (जैसे 5-6 वर्षीय MBBS या 3-4 वर्षीय बैचलर डिग्री) के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों को इमिग्रेशन वीजा (D3 Category Student Visa) प्राप्त करना आवश्यक होता है। यह वीजा विदेश मंत्रालय (MFA) जॉर्जिया के ई-वीजा पोर्टल या अधिकृत वाणिज्य दूतावास/वीजा सुविधा केंद्र (VFS Global) के माध्यम से संसाधित होता है।वीजा की वैधता: प्रारंभिक चरण में जारी होने वाला D3 वीजा आमतौर पर 90 दिनों की वैधता (मल्टीपल एंट्री) के साथ आता है।अस्थाई निवास परमिट (TRP): जॉर्जिया पहुंचने के 45 दिनों के भीतर छात्र को वहां के 'पब्लिक सर्विस हॉल' (Ministry of Justice/LEPL) में जाकर एक वर्षीय स्टूडेंट टेम्परेरी रेजिडेंस परमिट (TRP) के लिए अनिवार्य रूप से आवेदन करना होता है। यह रेजिडेंस कार्ड हर साल कोर्स की अवधि के दौरान रिन्यू कराया जाता है।बैंक बैलेंस व वित्तीय क्षमता: छात्र या उनके स्पॉन्सर (माता-पिता) के बैंक खाते में पहले साल की ट्यूशन फीस और कम से कम 6 महीने से 1 साल का रहने-खाने का खर्च (लगभग 4 से 6 लाख रुपये का स्थिर बैंक बैलेंस) प्रमाणित होना चाहिए।जॉर्जियाई विश्वविद्यालयों में एडमिशन पाने की चरणबद्ध प्रक्रियाजॉर्जिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन प्रणाली पर आधारित है। इसके मुख्य चरण इस प्रकार हैं:चरण 1: यूनिवर्सिटी और कोर्स का चयन: सबसे पहले छात्र को अपनी रुचि का पाठ्यक्रम और जॉर्जिया के राष्ट्रीय प्रत्यायन केंद्र (National Center for Educational Quality Enhancement) द्वारा अधिकृत विश्वविद्यालय चुनना होता है।चरण 2: दस्तावेजों का मूल्यांकन और साक्षात्कार: छात्र के 10वीं व 12वीं के शैक्षणिक दस्तावेज, पासपोर्ट कॉपी और नीट (NEET) स्कोरकार्ड विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति को भेजे जाते हैं। अधिकांश विश्वविद्यालय छात्र की बुनियादी अंग्रेजी दक्षता जांचने के लिए एक संक्षिप्त ऑनलाइन वीडियो इंटरव्यू (Skype/Zoom) आयोजित करते हैं।चरण 3: ऑफर लेटर और शिक्षा मंत्रालय से मान्यता: साक्षात्कार उत्तीर्ण करने पर विश्वविद्यालय 'प्रोविजनल ऑफर लेटर' जारी करता है। इसके बाद जॉर्जिया के शिक्षा एवं विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Education and Science) द्वारा दस्तावेजों का आधिकारिक सत्यापन (Recognition/Order) कराया जाता है, जिसमें 2 से 4 सप्ताह का समय लगता है।चरण 4: फीस भुगतान और आधिकारिक इनविटेशन: मंत्रालय से अप्रूवल मिलने के बाद छात्र को यूनिवर्सिटी के आधिकारिक बैंक खाते में प्रथम वर्ष या सेमेस्टर की फीस ट्रांसफर करनी होती है, जिसके बाद संस्थान ओरिजिनल 'Ministry Invitation Letter' जारी करता है।एडमिशन और वीजा के लिए जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्टजॉर्जियाई दूतावास और आव्रजन विभाग दस्तावेजों की प्रामाणिकता को लेकर अत्यंत सख्त हैं। भारतीय छात्रों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने होते हैं:कम से कम 1 से 1.5 साल की वैधता वाला मूल पासपोर्ट।कक्षा 10वीं और 12वीं की मूल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट (अपोस्टिल/विदेश मंत्रालय भारत द्वारा सत्यापित)।मेडिकल (MBBS) के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी वैध NEET स्कोरकार्ड।जॉर्जियाई विश्वविद्यालय का आधिकारिक स्वीकृति/आमंत्रण पत्र (Admission/Invitation Letter)।बैंक स्टेटमेंट (अंतिम 6 महीने का, बैंक सील व हस्ताक्षर सहित) और एफिडेविट ऑफ सपोर्ट।पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), जो पासपोर्ट कार्यालय से जारी किया गया हो।स्वास्थ्य और अंतरराष्ट्रीय यात्रा बीमा (Medical & Travel Insurance)।जॉर्जिया में वैध आवास प्रमाण पत्र (हॉस्टल रसीद या रेंट एग्रीमेंट)।जॉर्जिया में पढ़ाई के फायदे और छात्रों के लिए जरूरी सावधानियांजॉर्जिया में शिक्षा यूरोपीय क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम (ECTS) पर आधारित है, जिससे वहां की डिग्री यूरोप, ब्रिटेन और अमेरिका में भी उच्च अध्ययन के लिए मान्य होती है। भारतीय छात्रों के लिए सबसे बड़ा लाभ यह है कि अधिकांश विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए IELTS या TOEFL जैसी महंगी अंग्रेजी परीक्षाओं की अनिवार्यता नहीं होती। अपराध दर कम होने के कारण देश छात्रों के लिए बेहद सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, विदेश जाने वाले छात्रों को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनधिकृत एजेंट या बिचौलिए के झांसे में न आएं और केवल उन्हीं कॉलेजों का चयन करें जो NMC के फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट रेगुलेशंस (FMGL) के सभी नियमों—जैसे न्यूनतम 54 महीने की पढ़ाई, 12 महीने की इंटर्नशिप और अंग्रेजी माध्यम—को पूरी तरह पूरा करते हों। सभी दस्तावेजों को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) से अपोस्टिल (Apostille) कराना अनिवार्य है ताकि वीजा रिजेक्शन से बचा जा सके।
बीआरएस नेता की गिरफ्तारी पर भड़के KT Rama Rao, Rahul Gandhi पर साधा निशाना
हैदराबाद, छह अक्टूबर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव ने मंगलवार को अपनी पार्टी के एक नेता की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला और उन्हें “कायर व अलोकतांत्रिक व्यक्ति बताया। रामा राव ने यह बयान ऐसे समय में दिया जब राहुल गांधी एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर विपक्ष के विरोध मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। रामा राव बिना अनुमति के एक बैनर लगाने पर बीआरएस के एक नेता की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। बैनर पर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और उनके परिवार के खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए थे। केटीआर के नाम से भी मशहूर रामा राव ने आरोप लगाया कि गांधी संविधान की बात करते हैं, लेकिन अपने “कठपुतली रेवंत रेड्डी” के जरिए तेलंगाना में “अराजकता” फैला रहे हैं और दलबदल को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “श्री राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, लेकिन एक कायर, दादागिरी दिखाने वाले और अलोकतांत्रिक व्यक्ति की तरह व्यवहार करते हैं।”केटीआर के इस बयान पर मुख्यमंत्री या सत्तारूढ़ कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को विपक्षी दलों के इंडिया (INDIA) ब्लॉक और दिल्ली पुलिस के बीच अभूतपूर्व गतिरोध और भारी टकराव देखने को मिला। मतदाता सूची और कथित 'वोट चोरी' के गंभीर आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला। पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तिरंगा हाथ में लेकर चढ़ गए। इसके बाद जब मार्च को रोका गया, तो राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा आकाशवाणी भवन परिसर के भीतर दाखिल हो गए और वहीं गेट नंबर-3 और 4 के पास जमीन पर बैठकर करीब आठ घंटे तक अनवरत धरने पर डटे रहे। इस दौरान विपक्ष के दर्जनों सांसद और सैकड़ों कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में वहीं जमे रहे।आठ घंटे के टकराव के बाद पुलिस कार्रवाई: 10 सांसदों सहित 260 लोग हिरासत मेंदिन ढलने के बाद करीब आठ घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए रात करीब साढ़े सात से आठ बजे के बीच दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर निष्कासन अभियान शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, चरणजीत सिंह चन्नी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और पवन खेड़ा समेत शीर्ष नेताओं को चारों तरफ से घेर लिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प व धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को आकाशवाणी भवन के पिछले गेट से बाहर निकाला और हिरासत में ले लिया। पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 सांसदों सहित कुल 260 प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाकर पुलिस वाहनों और बसों के जरिए उत्तर दिल्ली के किंग्सवे कैंप व विभिन्न थानों में ले जाया गया।राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर सीधा वार: 'हम सिर्फ सच कहने आए थे'धरने के दौरान मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल दागे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का कार्यालय महज 50 से 300 मीटर की दूरी पर है, फिर भी जन प्रतिनिधियों को चुनाव आयुक्तों से मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। राहुल गांधी ने दो-टूक कहा, यदि देश के 300 सांसद चुनाव आयोग से नहीं मिल सकते, तो लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाता है? हम आयोग के सामने जाकर सीधे यह कहने आए हैं कि आपने वोट चोरी की है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना था कि आयोग को किसी भी राजनीतिक दल की ओर से उस दिन मुलाकात के लिए कोई औपचारिक लिखित अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो किया जारी: 'सब याद रखा जाएगा'नेताओं को जबरन हटाए जाने और राहुल गांधी को पुलिसकर्मियों द्वारा खींचकर बस में बैठाए जाने के विजुअल्स सामने आते ही कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा पलटवार किया। कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का वीडियो साझा करते हुए कैप्शन लिखा गया—सब याद रखा जाएगा। एक अन्य पोस्ट में पार्टी ने आजादी की लड़ाई का हवाला देते हुए लिखा कि जिस प्रकार देश ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़कर विजय हासिल की थी, उसी प्रकार 'वोट चोरों' के खिलाफ भी यह लोकतांत्रिक संघर्ष आखिरी दम तक लड़ा जाएगा। पार्टी ने यह भी चेतावनी दी कि ये मत समझना भूल जाएंगे, वक्त बदलेगा और पूरा हिसाब होगा।शीतकालीन सत्र तक आंदोलन की रणनीति, महाभियोग का विकल्प खुलाविपक्षी गठबंधन ने इस मुद्दे को लेकर अपनी लड़ाई को केवल दिल्ली की सड़कों तक सीमित न रखकर देशव्यापी स्तर पर ले जाने का पूरा खाका तैयार कर लिया है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, 10 से 20 अक्टूबर तक देश भर के ब्लॉक स्तर पर साइकिल व मोटरसाइकिल रैलियां निकाली जाएंगी और पर्चे बांटे जाएंगे। इसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन होगा, जबकि 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर 'चलो दिल्ली' मार्च निकाला जाएगा। संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment Motion) लाने के विकल्प पर भी विपक्षी दल गंभीरता से मंथन कर रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और उग्र होने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।
75 साल के बुजुर्ग ने किया बच्ची का रेप, आरोपी पर पहले भी लग चुका पॉक्सो
Bijnor Crime News: बिजनौर के मंडावली में 75 वर्षीय बुजुर्ग हिफजुर्रहमान ने मासूम बच्ची से किया दुष्कर्म. BNS और POCSO Act में केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
Delhi NCR Earthquake : दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड में भूकंप के झटके
मंगलवार देर रात दिल्ली और एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तराखंड में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। फिलहाल किसी नुकसान की खबर नहीं है। उत्तराखंड में भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन तेज, राहुल-प्रियंका गांधी हिरासत में लिए गए
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों का प्रदर्शन तेज हो गया है. राहुल गांधी और कांग्रेस के कई सांसदों को दिल्ली में पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई यहां रुकने वाली नहीं है और सभी सांसदों को दिल्ली में डटे रहने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल गांधी चुनाव आयोग के दफ्तर की तरफ मार्च कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें हिरासत में लेकर बस में बैठा दिया.
IAF के नए चीफ होंगे आशुतोष दीक्षित, ऑपरेशन सफेद सागर और ऑपरेशन रक्षक का रह चुके हैं हिस्सा
सरकार ने वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 31 अक्टूबर 2026 से भारतीय वायुसेना का 29वां चीफ ऑफ एयर स्टाफ नियुक्त किया है।
उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई से ठीक पहले मौसम एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाने के लिए तैयार है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए राज्य के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम के तेजी से बिगड़ने की गंभीर चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के संयुक्त प्रभाव से पूरे प्रदेश में घने बादलों की आवाजाही तेज हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 7 और 8 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का खतरा बना हुआ है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।लखनऊ, कानपुर और अवध क्षेत्र में कैसा रहेगा मौसम का हालराजधानी लखनऊ और इसके आसपास के जनपदों—सीतापुर, बाराबंकी, उन्नाव, हरदोई और कानपुर में मंगलवार देर रात से ही बादलों का डेरा जमना शुरू हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, लखनऊ में 7 और 8 अक्टूबर को आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और कई दौर की तेज गरज-चमक वाली बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान है, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होगी और उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, तेज आंधी और बारिश के कारण लखनऊ के निचले इलाकों में जलभराव, पेड़ों के टूटने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई गई है। कानपुर नगर और कानपुर देहात के औद्योगिक क्षेत्रों में भी भारी बारिश के चलते यातायात प्रभावित होने की संभावना है।पूर्वी यूपी के जिलों में सबसे ज्यादा खतरा, आकाशीय बिजली और ओले गिरने का अलर्टमौसम विभाग के क्षेत्रीय आंकड़ों के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का सबसे तीखा असर पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में देखने को मिलेगा। आजमगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, बहराइच, गोंडा और देवरिया में मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में स्थानीय स्तर पर भारी बादलों के टकराने से तेज आवाज के साथ बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। आजमगढ़ से लेकर सुल्तानपुर तक पहले भी तेज बारिश ने फसलों को प्रभावित किया है, और अब 8 अक्टूबर तक इस क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। नदियों के तटीय इलाकों और तराई वाले क्षेत्रों में जिलाधिकारियों को जलस्तर की 24 घंटे निगरानी रखने और बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड में तेज हवाओं के साथ बौछारेंपश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड के जिलों में भी मौसम की स्थिति शांत नहीं रहने वाली है। मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, अलीगढ़, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत में 6 अक्टूबर की रात से लेकर 9 अक्टूबर तक छिटपुट से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश का दौर बना रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इस क्षेत्र में धूल भरी आंधी और 45 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। तेज हवाओं के चलते खुले मैदानों, हाइवे और एक्सप्रेसवे (यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे) पर चलने वाले वाहन चालकों को गति सीमित रखने और विजिबिलिटी कम होने पर फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। मुरादाबाद और बरेली के निचले शहरी इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए नगर निगमों को अलर्ट पर रखा गया है।किसानों की बढ़ी चिंता, धान और दलहन की फसलों पर संकटमौसम का यह अचानक बदला मिजाज उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए भारी चिंता का सबब बन गया है। इस समय प्रदेश भर के खेतों में धान की पछेती फसल पकने की कगार पर है, जबकि कई स्थानों पर कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। इसके साथ ही तिल, उड़द, मूंग और गन्ने की फसलों को तेज आंधी और जलभराव से भारी नुकसान की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी न रुकने दें और जल निकासी का उचित प्रबंध करें। कटी हुई फसल को खुले आसमान के नीचे छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों या तिरपाल से ढक कर रखें। तेज हवाओं के चलने से खड़ी फसल के गिरने (लॉजिंग) का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, जिससे दाना काला पड़ने और पैदावार घटने का जोखिम पैदा हो जाता है।आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली से बचने के लिए जरूरी सुरक्षा एडवाइजरीराज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और मौसम विभाग ने आम नागरिकों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है:पेड़ों और खंभों से दूर रहें: तेज आंधी और बारिश के समय कभी भी किसी बड़े व पुराने पेड़, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर या कमजोर होर्डिंग्स के नीचे खड़े न हों।बिजली चमकने पर सुरक्षित शरण लें: खुले मैदान, खेत, तालाब या नदी के किनारे तुरंत छोड़ दें और किसी पक्के मकान या छत के नीचे शरण लें। यदि वाहन में हैं, तो खिड़कियां बंद कर वाहन के भीतर ही रहें।इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बंद करें: घर के भीतर रहने पर बिजली के संवेदनशील उपकरणों (टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर) के प्लग निकाल दें और लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल करने से बचें।हेल्पलाइन नंबर: किसी भी अप्रिय घटना, जलभराव या बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग के 1912 और जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के आपातकालीन नंबरों पर तत्काल संपर्क करें। मौसम विभाग के अनुसार 9 अक्टूबर के बाद से उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा और आसमान साफ हो जाएगा।
₹157 करोड़ के म्यूल अकाउंट नेटवर्क का खुलासा, ED ने कसा शिकंजा
ED ने ‘चैलेंजर किंग’ मेहमूद भगाड़ के खिलाफ ₹157 करोड़ के म्यूल अकाउंट नेटवर्क मामले में तीसरी सप्लीमेंट्री शिकायत दाखिल की है. मामला साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग-बेटिंग और USDT लेनदेन से जुड़ा है. जानें क्या है ये पूरा मामला.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में संभावित 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी की चर्चाओं ने देश भर के कर्जदारों की चिंता बढ़ा दी है। जब भी केंद्रीय बैंक रेपो रेट बढ़ाता है, तो वाणिज्यिक बैंकों के लिए रिजर्व बैंक से फंड उधार लेना महंगा हो जाता है। नतीजतन, बैंक इस बढ़ी हुई लागत का भार तुरंत अपने रिटेल कर्जदारों पर डाल देते हैं। आज देश में अधिकांश बैंक फ्लोटिंग-रेट होम लोन को एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR/RLLR) से जोड़कर रखते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि रेपो रेट में 0.25% की वृद्धि होते ही होम लोन की ब्याज दरें भी 24 से 48 घंटे के भीतर 0.25% बढ़ जाती हैं। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे शहरों में मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट में होम लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई सबसे बड़ा खर्च होती है, और इस बढ़ोतरी से मासिक किस्त के साथ-साथ कुल ब्याज का बोझ भी लाखों रुपये बढ़ जाता है।होम लोन पर असर: ₹30 लाख और ₹50 लाख के लोन पर समझें EMI का पूरा गणितहोम लोन लंबी अवधि (15 से 25 साल) का कर्ज होता है, इसलिए ब्याज दर में महज 0.25% (25 bps) का मामूली बदलाव भी कुल भुगतान पर बहुत बड़ा प्रभाव डालता है। आइए 20 और 25 साल के दो लोकप्रिय लोन विकल्पों के जरिए इसका सटीक हिसाब समझें:केस 1: ₹30 लाख का होम लोन (20 वर्ष की अवधि)मौजूदा स्थिति (8.50% ब्याज दर पर): मासिक EMI = ₹26,035 | कुल ब्याज = ₹32,48,32825 bps बढ़ोतरी के बाद (8.75% ब्याज दर पर): मासिक EMI = ₹26,511 | कुल ब्याज = ₹33,62,711असर: आपकी मासिक किस्त में हर महीने ₹476 की बढ़ोतरी होगी। 20 वर्षों की पूरी अवधि में आपको कुल ₹1,14,383 का अतिरिक्त ब्याज चुकाना होगा।केस 2: ₹50 लाख का होम लोन (25 वर्ष की अवधि)मौजूदा स्थिति (7.50% ब्याज दर पर): मासिक EMI = ₹36,950 | कुल ब्याज = ₹60,85,00025 bps बढ़ोतरी के बाद (7.75% ब्याज दर पर): मासिक EMI = ₹37,767 | कुल ब्याज = ₹63,30,000असर: मासिक किस्त में हर महीने ₹817 की सीधी बढ़ोतरी होगी। 25 साल के दौरान बैंक को चुकाया जाने वाला अतिरिक्त ब्याज भार लगभग ₹2.45 लाख बढ़ जाएगा।EMI बढ़ेगी या लोन की अवधि (Tenure)? बैंकों का खेल समझेंअधिकांश बैंक ब्याज दर बढ़ने पर ग्राहकों की मासिक ईएमआई तुरंत बढ़ाने के बजाय लोन का कार्यकाल (Tenure) चुपचाप 1 से 2 साल आगे बढ़ा देते हैं। कई बार कर्जदारों को इसका अहसास भी नहीं होता कि उनका 20 साल का लोन 22 साल का हो चुका है। उदाहरण के लिए, ₹50 लाख के लोन पर यदि आप अपनी मासिक ईएमआई नहीं बढ़ाते हैं, तो 0.25% की दर बढ़ने पर आपकी लोन अवधि में लगभग 12 से 18 महीने की अतिरिक्त किस्तों का इजाफा हो सकता है, जिससे आपका ब्याज खर्च अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाता है। हालांकि, रिजर्व बैंक के हालिया नियमों के अनुसार अब बैंकों को रीसेट के समय ग्राहक को यह विकल्प देना अनिवार्य है कि वे अपनी मासिक ईएमआई बढ़ाना चाहते हैं या अवधि का विस्तार करना चाहते हैं।पर्सनल लोन पर कितना पड़ेगा असर: फिक्स्ड बनाम फ्लोटिंग रेट का अंतरपर्सनल लोन आमतौर पर 3 से 5 साल की छोटी अवधि और बिना किसी गारंटी (Unsecured Loan) के दिए जाते हैं। पर्सनल लोन पर रेपो रेट का असर इस बात पर निर्भर करता है कि आपका लोन फिक्स्ड रेट पर है या फ्लोटिंग रेट पर:फिक्स्ड रेट पर्सनल लोन: देश में 80% से अधिक पर्सनल लोन फिक्स्ड ब्याज दर पर स्वीकृत होते हैं। यदि आपका पर्सनल लोन पहले से फिक्स्ड रेट पर चल रहा है, तो रेपो रेट में बढ़ोतरी का आपकी मौजूदा ईएमआई या ब्याज दर पर शून्य (0%) असर पड़ेगा।फ्लोटिंग रेट पर्सनल लोन: यदि आपका लोन फ्लोटिंग दर पर है, तो बैंक इसका ब्याज 0.25% तक बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, ₹5 लाख के पर्सनल लोन पर 3 साल की अवधि के लिए 12.0% की जगह 12.25% ब्याज होने पर मासिक किस्त में लगभग ₹58 से ₹60 प्रति माह का अंतर आता है, यानी 3 वर्षों में कुल अतिरिक्त बोझ लगभग ₹2,100 से ₹2,200 के आसपास रहता है। हालांकि, नए ग्राहकों के लिए नए पर्सनल लोन की ब्याज दरें महंगी हो सकती हैं।बढ़े हुए ब्याज से खुद को बचाने के 3 असरदार उपाययदि रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद आपकी ईएमआई बढ़ जाती है, तो आप इन व्यावहारिक वित्तीय रणनीतियों को अपनाकर अतिरिक्त ब्याज के बोझ को पूरी तरह समाप्त कर सकते हैं:सालाना आंशिक प्री-पेमेंट (Partial Prepayment): हर साल मिलने वाले बोनस या बचत से लोन मूलधन का मात्र 5% अतिरिक्त चुकाएं। इससे लोन का मूलधन घटता है और ब्याज में लाखों की बचत होती है।हर साल 5% ईएमआई खुद बढ़ाएं: यदि आपकी आमदनी में वार्षिक वेतन वृद्धि होती है, तो बैंक से संपर्क कर अपनी ईएमआई में 5% से 10% का स्वैच्छिक इजाफा कराएं। इससे 20 साल का लोन 13-14 साल में ही चुकता हो जाएगा।होम लोन बैलेंस ट्रांसफर (Refinancing): यदि आपका वर्तमान बैंक अत्यधिक ब्याज दर (जैसे 9.25%+) वसूल रहा है, जबकि अन्य सरकारी या निजी बैंक कम स्प्रेड पर लोन दे रहे हैं, तो अपने लोन को कम ब्याज दर वाले बैंक में ट्रांसफर कराने पर विचार करें।
तकनीकी खराबी के बाद ट्रेनिंग विमान की खेत में लैंडिंग, हादसा टला
कालाबुरगी में तकनीकी खराबी के बाद एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट की उड़द की फसल वाले खेत में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. विमान में सवार दोनों ट्रेनी पायलट सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं है. घटना मदबूल पुलिस स्टेशन की सीमा में हुई.
देश भर के मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली नीट पीजी परीक्षा के क्वालिफाइंग कट-ऑफ को घटाए जाने के फैसले पर कानूनी विवाद गहरा गया है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) को कड़ा निर्देश देते हुए दो सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि कट-ऑफ को असामान्य रूप से निम्न स्तर तक घटाने के निर्णय के पीछे के तर्कों और आधार को स्पष्ट करना अनिवार्य है। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को कोई तत्काल अंतरिम राहत देने या चल रही प्रवेश प्रक्रिया व काउंसलिंग पर स्टे लगाने से फिलहाल साफ इनकार कर दिया है। अदालत के इस रुख के बाद अब सभी की निगाहें एनबीईएमएस द्वारा दाखिल की जाने वाली आगामी रिपोर्ट और अगली सुनवाई पर टिक गई हैं।याचिकार्ताओं की दलील: चिकित्सा मानकों और मेरिट से समझौतासुप्रीम कोर्ट में दायर विभिन्न याचिकाओं में एनबीईएमएस और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा क्वालिफाइंग कट-ऑफ पर्सेंटाइल को अत्यधिक कम किए जाने के फैसले को असंवैधानिक और मनमाना करार दिया गया है। याचिकाकर्ताओं का मुख्य तर्क है कि मेडिकल पीजी स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों का चयन होता है, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों का इलाज और सर्जरी करते हैं। ऐसे में केवल खाली सीटों को भरने के नाम पर कट-ऑफ अंकों को घटाकर न्यूनतम स्तर या नकारात्मक अंकों तक ले जाना स्वास्थ्य क्षेत्र की गुणवत्ता और जनहित के साथ खिलवाड़ है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वास्थ्य का अधिकार) का हवाला देते हुए मांग की गई थी कि न्यूनतम योग्यता मानकों को बरकरार रखा जाए और प्रक्रिया के बीच में नियमों में बदलाव न किया जाए।काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया पर अंतरिम राहत देने से इनकारसुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से यह मांग भी उठाई गई कि जब तक शीर्ष अदालत इस विवाद का अंतिम निपटारा नहीं कर देती, तब तक संशोधित कट-ऑफ के आधार पर हो रही काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई जाए। इस पर पीठ ने हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि प्रक्रिया के इस चरण में अंतरिम रोक लगाने से लाखों छात्रों के शैक्षणिक सत्र में देरी होगी और व्यापक प्रशासनिक भ्रम की स्थिति पैदा हो जाएगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह पहले एनबीईएमएस की आधिकारिक रिपोर्ट का परीक्षण करेगी और देखेगी कि किन परिस्थितियों और डेटा के आधार पर कट-ऑफ में यह बदलाव किया गया।एनबीईएमएस और सरकार का पक्ष: सीटें खाली रहने से बचाना जरूरीदूसरी ओर, केंद्र सरकार और एनबीईएमएस का यह रुख रहा है कि मेडिकल पीजी की सुपर स्पेशियलिटी और क्लिनिकल व नॉन-क्लिनिकल सीटों का खाली रह जाना देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा नुकसान है। उनका तर्क है कि पर्सेंटाइल को नीचे लाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि मेडिकल कॉलेजों में महंगी और आवश्यक सीटें बेकार न जाएं। साथ ही, सरकार का यह भी कहना है कि कट-ऑफ घटाने के बावजूद अंतिम सीट आवंटन पूरी तरह उम्मीदवारों की मेरिट, रैंक और उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर ही किया जाता है। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2 सप्ताह की समयसीमा तय किए जाने के बाद अब एनबीईएमएस को यह साबित करना होगा कि यह फैसला मेडिकल शिक्षा की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को प्रभावित किए बिना लिया गया है या नहीं।देश भर के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की टिकी निगाहेंउत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार और दक्षिण भारत के तमाम मेडिकल कॉलेजों और रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठनों (FORDA, FAIMA आदि) के बीच इस फैसले को लेकर तीखी बहस जारी है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक बड़े वर्ग का मानना है कि यदि कट-ऑफ का स्तर बहुत नीचे गिराया जाता है, तो इससे मेडिकल प्रोफेशन की साख को बट्टा लगता है। वहीं निजी मेडिकल कॉलेजों और सीट आवंटन की प्रतीक्षा कर रहे कई अभ्यर्थियों का मानना है कि अतिरिक्त मौकों से छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। सुप्रीम कोर्ट में दो हफ्ते बाद होने वाली सुनवाई इस मामले में न केवल मौजूदा सत्र के छात्रों का भविष्य तय करेगी, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए मेडिकल पीजी प्रवेश के न्यूनतम योग्यता मानकों पर एक नजीर भी स्थापित करेगी।
दोस्ती, नजदीकी, मोबाइल में 40 से ज्यादा महिलाओं के वीडियो, पुलिस हैरान
ग्वालियर में महिलाओं से दोस्ती कर शारीरिक संबंध बनाने और कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करने का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी योगेश गुप्ता के मोबाइल की जांच में 40 से ज्यादा महिलाओं के वीडियो मिले हैं. झांसी की एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है. पुलिस अन्य महिलाओं से भी संपर्क कर रही है.
रात में हिली दिल्ली-NCR... महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर तीव्रता...
दिल्ली और आसपास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। 4.9 तीव्रता के इस भूकंप का केंद्र उत्तराखंड में खदून लगा गवाली से करीब 22 किलोमीटर दूर था।
वैदिक पंचांग के अनुसार 7 अक्टूबर 2026, दिन बुधवार को अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी-द्वादशी तिथि के संधिकाल में चंद्रमा और सूर्य के गोचर से अत्यंत शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। बुधवार का दिन भगवान श्री गणेश और विघ्नहर्ता रिद्धि-सिद्धि के दाता को समर्पित है, साथ ही इस दिन बुद्धि और व्यापार के कारक ग्रह बुध का विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, कल ग्रहों की चाल से रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शक्तिशाली संयोग बन रहे हैं, जो विशेष रूप से 4 भाग्यशाली राशियों—मेष, सिंह, तुला और धनु—के जीवन में लंबे समय से अटके हुए कार्यों को गति प्रदान करेंगे। चाहे लखनऊ, दिल्ली, बनारस जैसे महानगर हों या छोटे शहर, व्यापारिक और पेशेवर वर्ग के लिए कल का दिन नए अनुबंध और भारी आर्थिक लाभ के संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए करियर, व्यापार, धन और पारिवारिक दृष्टि से कल का दिन कैसा रहने वाला है।मेष, वृषभ और मिथुन राशि का विस्तृत भविष्यफलमेष राशि (Aries): मेष राशि के जातकों के लिए बुधवार का दिन अप्रत्याशित आर्थिक खुशियां लेकर आ रहा है। आपके कर्म भाव और लाभ भाव के स्वामी की अनुकूल स्थिति के चलते आकस्मिक धन लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं। किसी पुराने शेयर, पैतृक संपत्ति या काफी समय से फंसे हुए धन की वापसी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों की प्रशंसा मिलेगी। रियल एस्टेट और शेयर मार्केट से जुड़े लोगों को भारी मुनाफा होगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।वृषभ राशि (Taurus): वृषभ राशि के जातकों को कल कार्यक्षेत्र में थोड़ी सावधानी और संयम बरतने की आवश्यकता होगी। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ किसी मुद्दे पर वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन फिजूलखर्ची से बचना होगा। शाम के समय परिवार के साथ धार्मिक आयोजन में शामिल होने से मानसिक शांति मिलेगी।मिथुन राशि (Gemini): बुध के प्रभाव वाली इस राशि के जातकों के लिए कल का दिन बौद्धिक क्षमता और नेटवर्किंग के दम पर आगे बढ़ने का है। मीडिया, राइटिंग, मार्केटिंग और सॉफ्टवेयर से जुड़े युवाओं को नए प्रोजेक्ट्स हाथ लग सकते हैं। विदेश व्यापार से जुड़े लोगों को कोई बड़ा ऑर्डर मिल सकता है। स्वास्थ्य के लिहाज से मौसम में बदलाव के प्रति सतर्क रहें।कर्क, सिंह और कन्या राशि के सितारे क्या कहते हैंकर्क राशि (Cancer): कर्क राशि वालों के लिए कल का दिन भावनात्मक रूप से बेहद सुखद रहेगा। घर-परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम या शुभ समाचार की रूपरेखा बन सकती है। माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार आएगा। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों को कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है। जमीन-मकान की खरीदारी के लिए दिन अनुकूल है।सिंह राशि (Leo): सिंह राशि के जातकों के लिए कल का दिन मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में चार चांद लगाने वाला रहेगा। आपकी नेतृत्व क्षमता खुलकर सामने आएगी। व्यापारिक वर्ग को प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त मिलेगी और नए ग्राहकों से जुड़ाव होगा। पिता या उच्च अधिकारियों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा होगा।कन्या राशि (Virgo): कन्या राशि के जातकों को कल के दिन लेन-देन और कागजी कार्यवाही में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। किसी अजनबी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। हालांकि, कला, संगीत और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े जातकों को अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतरीन मंच प्राप्त होंगे। जीवनसाथी का भावनात्मक संबल आपको ऊर्जावान बनाए रखेगा।तुला, वृश्चिक और धनु राशि: भाग्य का मिलेगा भरपूर साथतुला राशि (Libra): तुला राशि के जातकों के लिए बुधवार का दिन सौभाग्य में वृद्धि करने वाला साबित होगा। व्यावसायिक साझेदारी में चल रहे विवाद सुलझेंगे और नए कारोबारी समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। बैंक बैलेंस में इजाफा होगा। यदि आप किसी नए स्टार्टअप की योजना बना रहे हैं, तो कल का दिन निवेश की शुरुआत के लिए बेहद फलदायी रहेगा।वृश्चिक राशि (Scorpio): वृश्चिक राशि के जातकों को कल भागदौड़ अधिक करनी पड़ सकती है। कार्यक्षेत्र में अचानक कोई नई जिम्मेदारी मिलने से दिन व्यस्त रहेगा। हालांकि, आपकी मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी और शाम तक सुखद नतीजे सामने आएंगे। यात्रा के योग बन रहे हैं जो भविष्य के लिए लाभकारी साबित होंगी। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें।धनु राशि (Sagittarius): धनु राशि के नौकरीपेशा जातकों के लिए कल का दिन किसी वरदान से कम नहीं रहेगा। मल्टीनेशनल कंपनियों या कॉरपोरेट सेक्टर में कार्यरत प्रोफेशनल्स को मनचाहा पैकेज, बड़ा इनक्रीमेंट और पदोन्नति का ऑफर लेटर मिल सकता है। बेरोजगार युवाओं को बहुप्रतीक्षित जॉब कॉल आएगी। उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत छात्रों के रास्ते की बाधाएं दूर होंगी। घर में उत्सव जैसा माहौल रहेगा।मकर, कुंभ और मीन राशि का दैनिक राशिफल और उपायमकर राशि (Capricorn): मकर राशि वालों को कल आलस्य छोड़कर अपने जरूरी कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। कार्यस्थल पर काम टालने की आदत से बचें। तकनीकी और इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय बेहतर रहेगा। वैवाहिक जीवन में किसी पुरानी गलतफहमी का समाधान होगा। शाम के समय बच्चों की प्रगति देखकर मन हर्षित होगा।कुंभ राशि (Aquarius): कुंभ राशि के जातकों के लिए कल का दिन नए सामाजिक संपर्क बनाने और वित्तीय योजनाएं तैयार करने के लिए अनुकूल है। सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों को सम्मान प्राप्त होगा। धन का प्रवाह अच्छा रहेगा, लेकिन किसी को उधार देने से बचें। सेहत में सिरदर्द या थकान की समस्या हो सकती है, इसलिए पर्याप्त आराम करें।मीन राशि (Pisces): मीन राशि के जातकों को कल भाग्य से अधिक अपने कर्म पर भरोसा करना होगा। आयात-निर्यात या शिक्षा जगत से जुड़े जातकों को अप्रत्याशित सफलता हाथ लगेगी। घर के वरिष्ठ सदस्यों का आशीर्वाद आपके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देगा। शाम के समय किसी पुराने घनिष्ठ मित्र से मुलाकात मन को प्रफुल्लित करेगी।बुधवार का अचूक ज्योतिषीय उपाय: बुधवार के पावन दिन सभी 12 राशियों के जातक विघ्नहर्ता भगवान गणेश को 21 दूर्वा दल अर्पित करें और बेसन के मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। इसके साथ ही 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का 108 बार जप करें और जरूरतमंदों को हरी मूंग की दाल या हरी सब्जियां दान करें; इससे कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत होगी और रुके हुए कार्य बिना बाधा पूरे होंगे।
पराली जलाने में मध्य प्रदेश ने फिर चौंकाया, अब तक सबसे अधिक 94 मामले आए सामने
मध्य प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में चौंकाने वाली वृद्धि दर्ज की गई है, जहाँ इस सीजन में अब तक 94 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल की तुलना में सात गुना अधिक हैं।
मेरठ की फेमस नानखटाई घर पर बनाएं, कुकर में होगी तैयार; आसान है तरीका
Nankhatai In Pressure Cooker: मेरठ की मशहूर खस्ता और मुंह में घुल जाने वाली नानखटाई आप घर पर बना सकते हैं, वो भी कुकर में. आज हम आपको नानथटाई बनाने का आसान तरीका बताने वाले हैं, जिसका स्वाद बिल्कुल मेरठ वाला आएगा.
दिल्ली-NCR में हिली धरती, पूरे उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के झटके
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार रात भूकंप से धरती हिली. उत्तराखंड के सभी जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए.
दो फर्ज एक साथ! CM ड्यूटी में बच्चे को गोद में लिए दिखी 'सिपाही मां'
Rohtas News: बिहार के सासाराम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सुरक्षा ड्यूटी के दौरान गोद में मासूम बच्चे को संभाले नजर आईं महिला सिपाही. खाकी का फर्ज और मां की जिम्मेदारी साथ निभाने का वीडियो वायरल. पढ़ें पूरी खबर...

26 C
