'ड्रग्स की समस्या को करेंगे खत्म': गृह मंत्री अमित शाह ने लिया नशा-मुक्त भारत का संकल्प, तारीख भी बता दी amit shah announces drug free india by 2029 police commemoration day
क्रिकेट के मैदान पर कई बार कुछ ऐसी पारियां खेली जाती हैं जो हमेशा-हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में अमर हो जाती हैं। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया (South Africa vs Australia Test Series) के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मुकाबले में अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा (Temba Bavuma) ने कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है। कंगारू गेंदबाजों की खूंखार गेंदबाजी के सामने अपनी टीम को संकट से निकालते हुए कप्तान बावुमा ने 179 रनों की ऐतिहासिक और यादगार शतकीय पारी खेली। इस मैराथन पारी के दम पर उन्होंने एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। खास तौर पर उन्होंने भारत के पूर्व दिग्गज कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के 28 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त करने के साथ-साथ 76 साल के एक लंबे इंतजार को भी पूरी तरह खत्म कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बावुमा ने इस पारी के जरिए कौन-कौन से ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़े हैं और क्रिकेट जगत में इसकी क्या चर्चा हो रही है।शुरुआत में लड़खड़ाई दक्षिण अफ्रीकी पारी, फिर बावुमा ने संभाली कमानशुरुआत के दो दिन बारिश और खराब मौसम की भेंट चढ़ जाने के बाद जब तीसरे दिन का खेल शुरू हुआ, तो दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम के शुरुआती विकेट जल्दी गिर जाने के बाद ऐसा लग रहा था कि अफ्रीकी टीम सस्ते में सिमट जाएगी। ऐसे समय में कप्तान टेंबा बावुमा क्रीज पर चट्टान की तरह डट गए। उन्होंने एक छोर को पूरी तरह से सुरक्षित रखते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के हर चक्रव्यूह को नाकाम कर दिया।बावुमा ने अपनी इस मैराथन पारी के दौरान रायन रिकल्टन, मार्को यॉन्सन और साइमन हार्मर जैसे खिलाड़ियों के साथ बेहद उपयोगी और मजबूत साझेदारियां निभाईं। कप्तान के इसी साहसिक नेतृत्व और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 425 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसके बाद पारी घोषित कर दी गई। बावुमा ने अपनी इस पारी में कुल 334 गेंदों का सामना किया और 18 चौके व 1 छक्का जड़कर कंगारू गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए।मोहम्मद अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना रिकॉर्ड हुआ ध्वस्तअपनी इस 179 रनों की शानदार पारी के साथ ही टेंबा बावुमा ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया, जो अब तक भारतीय क्रिकेट के महान कप्तान के नाम दर्ज था। बावुमा अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में बतौर कप्तान 150 या उससे अधिक रनों की पारी खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं।बावुमा ने यह ऐतिहासिक कारनामा 36 साल और 154 दिन की उम्र में किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के पूर्व दिग्गज कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammed Azharuddin) के नाम था, जिन्होंने साल 1998 में 35 साल और 38 दिन की उम्र में कोलकाता के मैदान पर 163 रनों की शानदार पारी खेली थी। इस प्रकार बावुमा ने अजहरुद्दीन के 28 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। इस एलीट लिस्ट में इंग्लैंड के वॉली हैमंड और माइक डेनेस जैसे दिग्गज भी शामिल हैं।76 साल का लंबा इंतजार खत्म, आर्थर लिंडसे हासेट की बराबरीइस रिकॉर्डतोड़ पारी का एक और सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि टेंबा बावुमा ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर टेस्ट क्रिकेट में 150 से अधिक रन बनाने वाले कप्तान के रूप में 76 साल के लंबे सूखे और इंतजार को पूरी तरह खत्म कर दिया है।इससे पहले दक्षिण अफ्रीका में आखिरी बार साल 1950 में ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान आर्थर लिंडसे हासेट ने गकेबेरहा के मैदान पर 167 रनों की कप्तानी पारी खेली थी। उस वक्त उनकी उम्र 36 साल और 187 दिन थी। अब ठीक 76 साल बाद, उसी ऐतिहासिक गकेबेरहा के मैदान पर दक्षिण अफ्रीकी कप्तान टेंबा बावुमा ने 179 रन बनाकर उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है और इस खास मुकाम को हासिल करने वाले चुनिंदा मेहमान व स्वदेशी कप्तानों की फेहरिस्त में अपना नाम दर्ज करा लिया है। इस सूची में वॉली हैमंड (1938), ब्रायन लारा (2003) और हर्बी कॉलिन्स (1921) जैसे महान खिलाड़ी भी शामिल हैं।अफ्रीकी टीम के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगी यह पारीटेस्ट सीरीज के लिहाज से दक्षिण अफ्रीका के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण था। शुरुआती झटकों से उबरते हुए कप्तान बावुमा ने जिस जिम्मेदारी और परिपक्वता का परिचय दिया है, उसने पूरी टीम में एक नया जोश भर दिया है। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट के गलियारों तक हर जगह केवल टेंबा बावुमा की इस साहसिक पारी की ही चर्चा हो रही है। इस शतकीय पारी ने यह साबित कर दिया है कि खराब फॉर्म या आलोचनाओं का जवाब मैदान पर अपने बल्ले से कैसे दिया जाता है। आने वाले दिनों में यह पारी दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट इतिहास के सबसे स्वर्णिम अध्यायों में गिनी जाएगी।
नई कार लेने गए थे... शोरूम से निकलते ही बाइक सवारों को रौंदा, Video
कर्नाटक के सागर में मारुति शोरूम के पास नई कार की डिलीवरी के दौरान हादसा हो गया. कार अचानक बेकाबू होकर बाइक से टकरा गई, जिससे बाइक सवार और पीछे बैठा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना CCTV कैमरे में कैद हुई है. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Punjab Police ने विदेशी नेटवर्क से जुड़े गिरोह के सात तस्कर पकड़े, हथगोला और हेरोइन बरामद
पंजाब में एक हथगोला, दो पिस्तौल और 3.491 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई और इस मामले में सात लोगों को पकड़ा गया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने मादक पदार्थों, अवैध हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए यह बरामदगी की। यादव ने कहा, ‘‘प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर विदेशों में बैठे ऐसे तस्करों के संपर्क में थे, जो अवैध हथियारों की आपूर्ति करते हैं। इन हथियारों को आगे आपराधिक तत्वों तक पहुंचाया जाता था।’’उन्होंने बताया कि इस संबंध में चाटीविंड और लोपोके थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इससे जुड़े अन्य लोगों एवं उनके संपर्कों की पहचान करने के लिए जांच जारी है। डीजीपी यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मादक पदार्थों, अवैध हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी में शामिल लोगों तथा संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट जगत (Women's Cricket) में इन दिनों भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेली गई टी20 सीरीज के परिणाम चारों तरफ चर्चा का विषय बने हुए हैं। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर जिम्बाब्वे को तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में 92 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय टीम ने तीन मैचों की इस टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप करते हुए ट्रॉफी पर पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है। हालांकि, भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत के बीच जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम के नाम एक ऐसा शर्मनाक और अनचाहा रिकॉर्ड जुड़ गया है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है। लगातार मिल रही हार के सिलसिले ने जिम्बाब्वे क्रिकेट की कमियों को उजागर कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि रायपुर में खेले गए इस आखिरी मुकाबले का हाल क्या रहा और जिम्बाब्वे के नाम कौन सा विश्वस्तरीय अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।रायपुर में हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा की तूफानी पारियों से गरजा भारतभारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच मंगलवार को रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में सीरीज का तीसरा और अंतिम टी20 मुकाबला खेला गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने मैदान के चारों तरफ चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए महज कुछ ही गेंदों में धमाकेदार 91 रनों की नाबाद पारी खेली।कप्तान का बेहतरीन साथ देते हुए युवा और विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने भी अपनी शानदार फॉर्म का मुजायरा पेश किया और 69 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक पारियों की बदौलत भारतीय महिला टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 216 रनों का विशाल पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाई और निर्धारित 20 ओवरों में महज 124 रन ही बना सकी। इससे पहले भारतीय टीम ने इस सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले भी अपने नाम किए थे, जिसमें पहला मैच 4 विकेट से और दूसरा मुकाबला 9 विकेट से जीता था।जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम के नाम जुड़ा सबसे शर्मनाक अनचाहा रिकॉर्डइस मुकाबले में मिली करारी हार के साथ ही जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीम के अनचाहे रिकॉर्ड्स की फेहरिस्त में एक और बदरंग अध्याय जुड़ गया है। अंतरराष्ट्रीय महिला टी20 क्रिकेट (Women's T20I) के इतिहास में फुल मेंबर (Full Member) देशों की सूची पर नजर डालें, तो जिम्बाब्वे की टीम लगातार हार के मामले में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है।भारतीय टीम के खिलाफ लगातार 3 मैच हारने के बाद जिम्बाब्वे का यह शर्मनाक सिलसिला बढ़कर लगातार 23 हार तक पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) के फुल मेंबर देशों में महिला टी20 फॉर्मेट में लगातार सबसे ज्यादा मैच हारने का यह सबसे खराब और अनचाहा रिकॉर्ड अब जिम्बाब्वे के नाम दर्ज हो गया है। इस सूची में उनके बाद दूसरे स्थान पर बांग्लादेश की टीम है, जिसे साल 2012 से 2014 के बीच लगातार 15 टी20 मैचों में हार का सामना करना पड़ा था।महिला टी20 क्रिकेट में लगातार सबसे ज्यादा मैच हारने वाली टॉप टीमेंअंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला टी20 क्रिकेट के इतिहास में सबसे खराब लय का सामना करने वाली फुल मेंबर टीमों की सूची इस प्रकार है:23 हार – जिम्बाब्वे (सिलसिला जारी)15 हार – बांग्लादेश (2012-2014 के दौरान)14 हार – आयरलैंड13 हार – दक्षिण अफ्रीका (2008-2010 के दौरान)13 हार – श्रीलंकाइस अनचाही फेहरिस्त में अन्य बड़ी टीमों के नाम भी शामिल हैं। यहां तक कि कभी-कभार भारतीय महिला टीम का नाम भी खराब दौर में आ चुका है। साल 2018 से 2019 के दौर में भारतीय महिला टीम को भी लगातार 7 टी20 मैचों में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वह जिम्बाब्वे के इस शर्मनाक आंकड़े से कोसों पीछे है।ऐतिहासिक भारत दौरे पर पहली बार आई थी जिम्बाब्वे की टीमआपको बता दें कि जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीम इतिहास में पहली बार द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए भारत दौरे पर आई थी। इस दौरे की शुरुआत में जब पहला मुकाबला खेला गया था, तब जिम्बाब्वे की टीम ने भारतीय टीम को कड़ी टक्कर दी थी और मैच को रोमांचक बना दिया था, हालांकि अनुभव की कमी के चलते वे उस मैच को 4 विकेट से हार गए थे।लेकिन जैसे-जैसे सीरीज आगे बढ़ी, भारतीय टीम के स्पिन और पेस आक्रमण के आगे जिम्बाब्वे के बल्लेबाज पूरी तरह से बेबस नजर आए। दूसरा मुकाबला टीम इंडिया ने 9 विकेट से अपने नाम किया, और तीसरे व अंतिम मैच में 92 रनों की करारी शिकस्त देकर सीरीज का अंत कर दिया। जिम्बाब्वे की टीम के लिए यह दौरा भले ही हार के लिहाज से निराशाजनक रहा हो, लेकिन भारतीय परिस्थितियों में खेलने का यह अनुभव उनकी युवा खिलाड़ियों के लिए भविष्य में बहुत काम आएगा।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत (International Cricket) में इन दिनों दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया (South Africa vs Australia Test Series) के बीच खेली जा रही रोमांचक टेस्ट सीरीज सुर्खियों में बनी हुई है। सीरीज के दूसरे टेस्ट मुकाबले में अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा (Temba Bavuma) ने कंगारू गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते हुए एक ऐसी ऐतिहासिक और मैराथन पारी खेली, जिसने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। शुरुआती दो दिन बारिश की वजह से धुल जाने के बाद जब दक्षिण अफ्रीका की टीम मुश्किलों में थी, तब कप्तान बावुमा ने अपनी टीम को संकट से निकालते हुए 179 रनों की यादगार शतकीय पारी खेली। इस धमाकेदार पारी के बाद जब दिन का खेल खत्म हुआ, तो बावुमा ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह अपनी इस शानदार बल्लेबाजी का श्रेय भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) की तकनीक और उनकी प्रेरणा को देते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि बावुमा ने अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान क्या कुछ कहा और उन्होंने कौन-कौन से बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।शुरुआती झटकों के बाद कप्तान बावुमा ने संभाली कमान, कंगारू गेंदबाजों को रुलायाऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे इस दूसरे टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही थी। मैच के पहले दो दिन बारिश और खराब मौसम की भेंट चढ़ गए थे, जिससे खेल ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया था। इसके बाद जब तीसरे दिन का खेल शुरू हुआ, तो अफ्रीकी टीम शुरुआती झटकों से जूझ रही थी। स्थिति यह थी कि पारी के महज 9वें ओवर में ही दक्षिण अफ्रीका के 12 के स्कोर पर 2 महत्वपूर्ण विकेट गिर चुके थे।ऐसी विकट परिस्थितियों में नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने आए कप्तान टेम्बा बावुमा ने एक छोर को मजबूती से थाम लिया और कंगारू गेंदबाजों के हर पैंतरे का डटकर मुकाबला किया। बावुमा ने एक छोर पर दीवार बनकर खड़े होते हुए 334 गेंदों का सामना किया और अपनी इस मैराथन पारी में 18 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का लगाया। उन्होंने पहले मार्को जानसेन के साथ मिलकर 132 रनों की और फिर साइमन हार्मर के साथ मिलकर 183 रनों की बेहद अहम और रिकॉर्ड साझेदारी कर मैच का नक्शा ही बदल दिया। जब दक्षिण अफ्रीका का नौवां विकेट गिरा, तो कप्तान बावुमा 179 रन बनाकर आउट हुए और टीम ने 425 रनों के विशाल स्कोर पर अपनी पहली पारी घोषित कर दी।'मैं सचिन तेंदुलकर की तकनीक से सीखने की कोशिश करता हूँ'दिन का खेल समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए दक्षिण अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने अपनी बल्लेबाजी शैली और तकनीकी पक्ष पर खुलकर बात की। उन्होंने खुलासा किया कि वह महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की बैटिंग स्टाइल और उनकी तकनीक (Batting Technique) से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं और उसी को अपने खेल में ढालने की कोशिश करते हैं।बावुमा ने अपनी कम लंबाई और कद-काठी के बारे में बात करते हुए कहा, मैं सचिन तेंदुलकर जैसी तकनीक से खेलने की पूरी कोशिश करता हूँ। मेरी कद-काठी लंबी-चौड़ी नहीं है और मुझे पता है कि इससे मुझे कोई प्राकृतिक शारीरिक बढ़त मिलने वाली नहीं है। इसलिए, मैं क्रीज पर जितना हो सकता है, अपनी मूवमेंट को बेहद सटीक और नियंत्रित रखने का प्रयास करता हूँ। सचिन जिस तरह से गेंद को अपने शरीर के बेहद करीब आने देते थे और फिर डिफेंस या शॉट खेलते थे, मैं भी वैसी ही तकनीक अपनाने की कोशिश करता हूँ। कभी-कभी इस स्टाइल की वजह से मुझे परेशानी भी होती है, लेकिन यह मेरे खेल के लिए सबसे कारगर तरीका है। बावुमा का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और भारतीय फैंस इसे मास्टर ब्लास्टर को एक बड़ा सम्मान मान रहे हैं।टेम्बा बावुमा की 179 रनों की पारी ने बनाए कई बड़े रिकॉर्डकंगारू गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने वाली इस 179 रनों की ऐतिहासिक पारी के दौरान टेम्बा बावुमा ने कई बड़े और शानदार रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं, जो इस प्रकार हैं:घर पर चौथा सबसे बड़ा स्कोर: 179 रनों की यह पारी अपने घरेलू मैदान (Home Ground) पर खेलते हुए किसी भी दक्षिण अफ्रीकी कप्तान का चौथा सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर बन गया है। उनसे पहले हाशिम आमला (208 और 201 रन) तथा ग्रीम स्मिथ (183 रन) ही यह कारनामा कर चुके हैं।गकेबरहा के मैदान पर दूसरा सर्वोच्च स्कोर: गकेबरहा के इस ऐतिहासिक मैदान पर किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया यह दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इस मैदान पर सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड पूर्व दिग्गज हर्शल गिब्स (196 रन) के नाम दर्ज है।कप्तान के रूप में एक और बड़ी उपलब्धि: टेम्बा बावुमा अब उन चुनिंदा दक्षिण अफ्रीकी कप्तानों की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक से अधिक बार (कम से कम दो बार) 150 या उससे अधिक रनों की पारी खेली है। बावुमा ने अपने करियर में दूसरी बार यह कमाल किया है।दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में बनाए 425 रन, मैच में रोमांचक वापसीकप्तान टेम्बा बावुमा की इस सूझबूझ भरी और रिकॉर्डतोड़ शतकीय पारी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने मैच में शानदार वापसी करते हुए अपनी पहली पारी में 425 रनों का मजबूत पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ इस तरह का कमबैक करना अफ्रीकी टीम के लिए मानसिक रूप से बेहद राहत देने वाला रहा है। अब देखने यह दिलचस्प होगा कि इस विशाल स्कोर के जवाब में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज किस तरह से मैदान पर उतरते हैं और दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज अपनी गेंदबाजी से इस बढ़त को कैसे भुना पाते हैं।
जम्मू-कश्मीर: उधमपुर में बड़ा हादसा, खाई में गिरी बस; 16 घायल
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में पेचउंड से रामनगर जा रही बस गुल्ली गाला इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे में 16 यात्री घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
भारतीय सनातन संस्कृति और विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं में ऐसे अनगिनत रीति-रिवाज और अनुष्ठान छिपे हैं, जिनका धार्मिक, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से बहुत बड़ा महत्व होता है। जब बात पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और वहां के सबसे बड़े महापर्व दुर्गा पूजा (Durga Puja 2026) की आती है, तो ढोल-ताशों की गड़गड़ाहट और शंखनाद के साथ-साथ एक और बेहद खास आवाज हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचती है। वह आवाज है बंगाली महिलाओं द्वारा निकाली जाने वाली 'उलू ध्वनि' (Ulu Dhwani)। बंगाल में दुर्गा पूजा हो, किसी की शादी हो, गृह प्रवेश हो या कोई भी अन्य मांगलिक अवसर, महिलाओं द्वारा मुंह से निकाली जाने वाली यह तेज और अनोखी ध्वनि इस बात का प्रतीक होती है कि वहां किसी शुभ कार्य का शुभारंभ हो रहा है। अधिकांश लोग इस ध्वनि को केवल एक परंपरा मान लेते हैं, लेकिन इसके पीछे के रहस्य और वैज्ञानिक-आध्यात्मिक महत्व से बहुत कम लोग वाकिफ हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि बंगाली महिलाएं हर शुभ अवसर पर उलू ध्वनि क्यों निकालती हैं और इसके पीछे का असली रहस्य क्या है।क्या होती है 'उलू ध्वनि' और कैसे निकाली जाती है यह अनोखी आवाज'उलू ध्वनि' एक प्रकार की मौखिक परंपरा (Oral Tradition) है, जिसे दुनिया भर की कई प्राचीन संस्कृतियों में 'उल्युलेशन' (Ulation) के नाम से भी जाना जाता है। बंगाल में जब भी कोई धार्मिक उत्सव, पूजा-पाठ या खुशी का मौका आता है, तो महिलाएं अपनी जीभ को बहुत तेजी से दाएं-बाएं घुमाते हुए मुंह से एक गूंजती हुई तेज आवाज निकालती हैं, जिसे उलू ध्वनि कहा जाता है।पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस ध्वनि को जीत, उल्लास, उत्सव और वातावरण से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने का माध्यम माना जाता है। बंगाली संस्कृति में यह माना जाता है कि इस ध्वनि के बिना कोई भी शुभ कार्य और धार्मिक अनुष्ठान अधूरा ही रहता है। जब पंडालों में मां दुर्गा की आराधना के दौरान शंख और घंटियों के साथ उलू ध्वनि गूंज उठती है, तो पूरा वातावरण भक्तिमय और ऊर्जा से भर जाता है।उलू ध्वनि: शुभकामनाओं और सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा प्रतीकबंगाल की लोक संस्कृति में ऐसा विश्वास किया जाता है कि जब महिलाएं उलू ध्वनि निकालती हैं, तो वे इसके माध्यम से ब्रह्मांड में सकारात्मकता और शुभकामनाओं का संचार करती हैं। यह ध्वनि केवल एक आवाज नहीं है, बल्कि यह घर-परिवार और समाज के लिए मंगलकामना करने का एक अनूठा तरीका है।जब किसी नए कार्य की शुरुआत होती है, तो सबसे पहले मंदिर या पूजा स्थल पर जाकर मां दुर्गा का आह्वान करते हुए इस ध्वनि को निकाला जाता है। इसके बाद उस स्थान पर भी यह ध्वनि गूंजती है जहां मुख्य अनुष्ठान हो रहा होता है। ऐसा माना जाता है कि इस ध्वनि के कंपन (Vibrations) से आस-पास का पूरा वातावरण शुद्ध हो जाता है और वहां मौजूद सभी लोगों के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार होता है।बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करती है उलू ध्वनिसनातन परंपरा में बुरी नजर (Evil Eye) और नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए कई उपाय किए जाते हैं। बंगाली समाज में उलू ध्वनि को एक बहुत ही शक्तिशाली सुरक्षा कवच माना गया है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, इस ध्वनि की जो विशेष आवृत्ति (Frequency) होती है, वह किसी भी प्रकार की बुरी नजर, बाधा या नकारात्मक ऊर्जा को घर और परिवार के सदस्यों के पास फटकने नहीं देती है।यही वजह है कि विवाह के समय जब दूल्हा-दुल्हन का प्रवेश होता है, या जब कोई नई बहू पहली बार गृह प्रवेश करती है, तो उस विशेष क्षण को बुरी नजर से बचाने के लिए उलू ध्वनि जरूर निकाली जाती है। यह ध्वनि यह सुनिश्चित करती है कि नए सफर की शुरुआत पूरी तरह सुरक्षित और मंगलमय हो।महिलाओं द्वारा शुरू की जाने वाली इस परंपरा का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्वउलू ध्वनि निकालने की भी एक निश्चित और अनुशासित परंपरा होती है। किसी भी शुभ अवसर पर इस ध्वनि की शुरुआत आमतौर पर परिवार या समाज की सबसे बुजुर्ग और सम्मानित महिला द्वारा की जाती है। जब वह अपनी आवाज से इसकी शुरुआत करती हैं, तो तुरंत उनके साथ मौजूद अन्य महिलाएं भी एक सुर में अपनी जीभ को थिरकाते हुए इस ध्वनि में शामिल हो जाती हैं।यह दृश्य किसी सामूहिक एकता और शक्ति के प्रदर्शन जैसा प्रतीत होता है। ऐसा लगता है मानो सभी महिलाएं मिलकर मां शक्ति से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना कर रही हों। दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में जब सिंदूर खेला या धुनुची नाच जैसी रस्में होती हैं, तब उलू ध्वनि का गूंजना इस पावन पर्व के उल्लास को कई गुना बढ़ा देता है। इसे शंखनाद के समान ही अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है।
नौकरी नहीं फिर क्यों कर रहे हैं ऑफिस जाने का नाटक? क्या है ये अजीब ट्रेंड?
चीन में एक ऐसा ट्रेंड वायरल हो रहा है जिसमें युवा ऑफिस जाने का नाटक करते हैं, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है. वे सुबह उठते हैं, तैयार होते हैं और फिर ऑफिस के लिए निकल जाते हैं लेकिन कम करने के लिए दिखावा करने के लिए.
भारतीय सनातन संस्कृति और लोक परंपराओं में सुहाग के प्रतीक पर्व करवा चौथ (Karwa Chauth 2026) का विशेष और ऐतिहासिक महत्व है। सनातन पंचांग के अनुसार, इस साल सुहागिन महिलाओं के सबसे बड़े पर्व करवा चौथ का यह पवित्र व्रत 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) के दिन श्रद्धा और उत्साह के साथ रखा जाएगा। पति-पत्नी के बीच अटूट प्रेम, समर्पण और विश्वास का यह पर्व सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक बिना अन्न और जल के (निर्जला) रखा जाता है। हालांकि करवा चौथ मूल रूप से उत्तर भारत के राज्यों का प्रमुख त्योहार माना जाता है, लेकिन समय के साथ अब यह देश के कोने-कोने में और यहां तक कि विदेशों में भी पूरी भव्यता के साथ मनाया जाने लगा है। पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में इस पर्व को मनाने के अपने-अपने अनूठे और सुंदर रीति-रिवाज हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि भारत के विभिन्न राज्यों में करवा चौथ का यह पावन पर्व किस प्रकार मनाया जाता है।पंजाब में करवा चौथ: उमंग, उल्लास और पारंपरिक व्यंजनों की मिठासपंजाब में करवा चौथ का त्योहार एक पारिवारिक उत्सव की तरह बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। यहां सुहागिन महिलाएं सूरज निकलने से पहले उठकर सरगी खाती हैं और पारंपरिक सोलह श्रृंगार कर तैयार होती हैं। शाम के समय मां द्वारा अपनी बेटी के लिए 'बायना' भेजा जाता है, जिसमें नए वस्त्र, नारियल, फल, मिठाइयां और सिंदूर जैसी पवित्र वस्तुएं शामिल होती हैं।चांद निकलने के वक्त पंजाब की महिलाएं चलनी और पूजा की थाली लेकर छत पर आती हैं। थाली में आटे का दीपक, मिठाइयां और जल से भरा गिलास होता है। चंद्रमा को निहारने के बाद उसे कच्ची लस्सी (दूध-पानी का मिश्रण) अर्पित की जाती है, जिसके बाद पति अपनी पत्नी को जल पिलाकर और मिठाई खिलाकर व्रत का पारण कराते हैं। पंजाब में करवा चौथ की रात के भोजन में पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजनों जैसे राजमा, हरी मूंग दाल, पूड़ी और चावल का विशेष महत्व होता है।उत्तर प्रदेश और बिहार में करवा चौथ की पारंपरिक रौनकउत्तर प्रदेश और बिहार में करवा चौथ की शुरुआत भोर के समय सरगी खाने से होती है, जिसमें खीर, सेवइयां, विभिन्न प्रकार की मिठाइयां, नमकीन, नारियल और सूखे मेवे शामिल होते हैं। संध्याकाल में सुहागिनें सोलह श्रृंगार करती हैं—हाथों में मेहंदी रचाती हैं, पैरों में आलता लगाती हैं और कांच की चूड़ियां पहनकर खुद को सजाती हैं।शाम होते ही महिलाएं अपने आस-पड़ोस की महिलाओं के साथ मिलकर सामूहिक पूजा में हिस्सा लेती हैं और पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई क्षेत्रों में इस दिन चावल के आटे से जमीन पर चंद्रमा की आकृति बनाई जाती है। इसके बाद सुहागिनें अपने करवे से चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और पारंपरिक कथा सुनकर अपने व्रत को पूरा करती हैं।राजस्थान का अनूठा अंदाज और मध्य प्रदेश का सांस्कृतिक उल्लासअपनी समृद्ध और गौरवशाली विरासत के लिए मशहूर राजस्थान में करवा चौथ का रंग काफी अलग और पारंपरिक होता है। यहां की महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी पोशाक, विशेष आभूषणों और पोषाक-ओढ़नी में सजती हैं। दिनभर पूजा-पाठ और व्रत के नियमों का पालन करने के बाद, वे रात को चांद के दीदार के साथ ही अपना उपवास तोड़ती हैं।दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में भी करवा चौथ का उत्सव बहुत उत्साह से मनाया जाता है। यहां भी सूर्योदय से चंद्रमा के उदय होने तक महिलाएं कठिन निर्जला उपवास रखती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।महानगरों और दक्षिण भारत तक फैला करवा चौथ का विस्तारमूल रूप से उत्तर भारत का यह त्योहार अब अपनी सांस्कृतिक मिठास के कारण महाराष्ट्र और गुजरात जैसे बड़े महानगरों में भी बहुत लोकप्रिय हो चुका है। इसके अलावा, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में रहने वाले उत्तर भारतीय परिवारों और स्थानीय समुदायों द्वारा भी अब करवा चौथ को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने लगा है। देश के किसी भी कोने में रीति-रिवाजों और खान-पान में भले ही थोड़ा बहुत क्षेत्रीय अंतर देखने को मिले, लेकिन सुहाग की लंबी उम्र और अटूट रिश्ते की कामना की यह भावना पूरे देश में एक जैसी ही रहती है।
VIDEO: देवरिया में दुर्गा पूजा मेले में स्कॉर्पियो से खतरनाक स्टंटबाजी
देवरिया जिले के सलेमपुर कस्बे में नवमी की रात एक मेले के दौरान स्कॉर्पियो चालक ने खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर खतरनाक स्टंट किए. इस लापरवाह ड्राइविंग के कारण मेले में आए कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है.
भारतीय सनातन परंपरा में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने, मांगलिक अनुष्ठान संपन्न करने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले ज्योतिषीय गणना और पंचांग (Panchang) देखने की प्राचीन और बेहद अहम परंपरा रही है। आज 21 अक्टूबर 2026 और दिन बुधवार है। ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से आज का दिन कई मायनों में बेहद खास रहने वाला है। आज पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, अद्भुत धनिष्ठा नक्षत्र और पावन अमृत काल का शुभ संयोग बन रहा है। यदि आप भी आज के दिन कोई नया बिजनेस शुरू करने, कोई बड़ा सौदा करने या किसी शुभ यात्रा पर निकलने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए आज के शुभ-अशुभ मुहूर्तों की पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है। आइए एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषीय आकलन के आधार पर जानते हैं आज 21 अक्टूबर के पंचांग का पूरा विवरण, सूर्य-चंद्रमा की स्थिति और राहुकाल का समय।आज की तिथि, योग और करण का पूरा विवरणहिंदू पंचांग के मुताबिक, आज 21 अक्टूबर को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 02 बजकर 11 मिनट तक बहुत प्रभावी रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज के योग की बात करें तो दिनभर 'गण्ड योग' बना रहेगा, जो अगले दिन यानी 22 अक्टूबर को तड़के 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, और इसके पश्चात 'वृद्धि योग' शुरू होगा।करण पक्ष की बात करें तो दोपहर 02 बजकर 11 मिनट तक 'गरज करण' रहेगा, जिसके बाद 'वणिज करण' अगले दिन तड़के 02 बजकर 35 मिनट तक प्रभावी रहेगा और अंत में विष्टि यानी भद्रा का साया शुरू होगा। इन सभी ज्योतिषीय योगों के बीच धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए आज का दिन काफी फलदायी माना जा रहा है।सूर्य और चंद्रमा की स्थिति तथा राशियों का गोचरआज के दिन सूर्योदय प्रातः 06 बजकर 25 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 05 बजकर 46 मिनट पर दर्ज किया जाएगा। वहीं, चंद्रोदय दोपहर 02 बजकर 55 मिनट पर होगा और चंद्रास्त अगले दिन तड़के 02 बजकर 19 मिनट पर होगा।ग्रहों की चाल और राशियों की स्थिति पर नजर डालें तो, सूर्य देव वर्तमान में तुला राशि में विराजमान हैं। दूसरी ओर, चंद्र देव सुबह 07:00 बजे तक मकर राशि में रहेंगे और उसके बाद कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति आज के जातकों के लिए मानसिक संतुलन और नए कामकाज की रूपरेखा तैयार करने में मदद करेगी।आज के शुभ मुहूर्त और अमृत काल का समययदि आप आज के दिन कोई नया और मांगलिक कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ समय का चयन करना बेहद आवश्यक होता है। आज के पंचांग के अनुसार दिन का सबसे महत्वपूर्ण और फलदायी अमृत काल प्रातः 08 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर प्रातः 10 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करना या महत्वपूर्ण कागजातों पर हस्ताक्षर करना बेहद शुभ माना जाता है। हालांकि, आज के दिन पारंपरिक 'अभिजीत मुहूर्त' उपलब्ध नहीं है, इसलिए विशेष कार्यों के लिए अमृत काल का समय सबसे उत्तम रहेगा।आज के अशुभ समय और राहुकाल से रहें सावधानकिसी भी नए और मांगलिक कार्य को शुरू करने से पहले अशुभ समय यानी राहुकाल और यमगण्ड से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान किए गए कार्यों में बाधा आने की संभावना रहती है। आज के अशुभ समय की सूची इस प्रकार है:राहुकाल (Rahu Kaal): दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक।गुलिकाल (Gulika Kaal): प्रातः 10 बजकर 40 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 05 मिनट तक।यमगण्ड (Yamaganda): प्रातः 07 बजकर 50 मिनट से लेकर प्रातः 09 बजकर 15 मिनट तक।विशेषज्ञों की सलाह है कि राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार के नए निवेश, यात्रा या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।धनिष्ठा नक्षत्र की विशेषता और उसका प्रभावआज चंद्रदेव पूरे दिन और रात धनिष्ठा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जो सायं 07 बजकर 47 मिनट तक प्रभावी रहेगा और उसके बाद शतभिषा नक्षत्र आरंभ हो जाएगा। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं, जबकि इसकी राशि के स्वामी शनि देव माने जाते हैं। इस नक्षत्र के देवता 'अष्ट वसु' हैं, जो भौतिक सुख-समृद्धि और वैभव के देवता कहे जाते हैं। धनिष्ठा नक्षत्र का प्रतीक 'ढोलक या बांसुरी' है।इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले या इस दिन कार्य करने वाले जातक आमतौर पर स्वतंत्र विचारक, उत्कृष्ट उपचारक या चिकित्सक, गंभीर स्वभाव के और अपने सिद्धांतों के बेहद पक्के होते हैं। कई बार इन्हें एकांत या अकेलापन पसंद आता है, लेकिन अपनी बुद्धिमत्ता से ये जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करते हैं। आज के पंचांग और इन नक्षत्रों के प्रभाव का लाभ उठाकर आप अपने दिन की बेहतर योजना बना सकते हैं।
मेरठ में 200 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित होगी क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ रिफाइनरी
Uttar Pradesh news : योगी सरकार में ठोस कानून व्यवस्था और उद्योग समर्थित नीतियों का असर प्रदेश के हर जिले में दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में मेरठ की डीप टेक स्टार्टअप सर्कुलॉजी क्लींटेक प्राइवेट लिमिटेड ने प्रदेश में करीब 200 करोड़ रुपए के निवेश की ...
पेरिस में दंगे, फिर भी कोई जॉगिंग तो कोई डेट में मशगूल... तस्वीरें वायरल
पेरिस में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के बीच कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने लोगों का ध्यान खींच लिया. कहीं एक महिला जॉगिंग करती नजर आई तो कहीं आगजनी के बीच एक कपल आराम से बैठा दिखाई दिया.
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस: पीएम और गृह मंत्री ने वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि, बोले- देश नहीं भूलेगा बलिदान national police commemoration day pm modi amit shah tribute
भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के इतिहास में इस दशक का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित रिलायंस जियो आईपीओ (Reliance Jio IPO) आखिरकार आज से निवेशकों के लिए खुल चुका है। देश के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की टेलीकॉम और डिजिटल आर्म 'रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड' का यह महा-आईपीओ ₹30,213 करोड़ की विशाल राशि के साथ बाजार में उतरा है, जिसने देश भर के रिटेल और संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह आईपीओ आज यानी 21 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने इसके लिए शेयर का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया है। आवेदन के लिए निवेशकों को एक लॉट यानी 12 शेयरों के हिसाब से कम से कम ₹13,428 की शुरुआती पूंजी लगानी होगी। इस मेगा इश्यू के खुलते ही हर निवेशक के मन में एक ही बड़ा सवाल गूंज रहा है— क्या इस आईपीओ में अभी पैसा लगाना सुरक्षित रहेगा या फिर शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग होने का इंतजार करना चाहिए? आइए विस्तार से जानते हैं कि बाजार के दिग्गज ब्रोकरेज हाउस और एक्सपर्ट्स इस पर क्या सलाह दे रहे हैं।रिलायंस जियो आईपीओ का पूरा शेड्यूल और महत्वपूर्ण तिथियांयदि आप रिलायंस जियो के इस मेगा आईपीओ में बोली लगाने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए इससे जुड़ी सभी जरूरी तारीखों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है:आईपीओ ओपनिंग डेट: 21 अक्टूबर 2026 (आज से शुरू)आईपीओ क्लोजिंग डेट: 23 अक्टूबर 2026 (शाम को बंद)बेसिस ऑफ शेयर अलॉटमेंट: 26 अक्टूबर 2026 को शेयरों का अलॉटमेंट तय किया जाएगा।रिफंड की प्रक्रिया: 27 अक्टूबर 2026 तक असफल निवेशकों के पैसे वापस कर दिए जाएंगे।डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट: 27 अक्टूबर 2026 को निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर पहुंच जाएंगे।स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयरों की धमाकेदार लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) क्या दे रहा है संकेतकिसी भी आईपीओ के आने से पहले उसके ग्रे मार्केट प्रीमियम (Jio IPO GMP Today) को लेकर निवेशकों में भारी उत्सुकता रहती है। लेटेस्ट ग्रे मार्केट संकेतों के मुताबिक, रिलायंस जियो का जीएमपी मजबूत बना हुआ है और यह अनौपचारिक बाजार में करीब ₹273 प्रति शेयर के प्रीमियम पर ट्रेड करता दिख रहा है।यदि इसे ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड के साथ जोड़ा जाए, तो संभावित लिस्टिंग कीमत ₹1,364 से ₹1,366 के आसपास आंकी जा रही है। यह आंकड़ा इश्यू प्राइस से लगभग 22% की शानदार संभावित बढ़त (Listing Gain) का स्पष्ट संकेत देता है। हालांकि, वित्तीय जानकारों का हमेशा से यह मानना रहा है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम पूरी तरह से एक अनौपचारिक और सट्टा बाजार का आंकड़ा होता है, और अंतिम लिस्टिंग के दिन बाजार की चाल के आधार पर इसमें बदलाव भी हो सकता है। इसलिए केवल जीएमपी के भरोसे अंधाधुंध पैसा लगाना जोखिम भरा साबित हो सकता है।ब्रोकरेज फर्म्स की क्या है निवेशकों के लिए खास सलाहदेश की जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल वेल्थ मैनेजमेंट (Motilal Oswal Wealth Management) और अन्य प्रमुख वित्तीय संस्थानों ने इस मेगा इश्यू का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद अपनी रिपोर्ट जारी की है। ब्रोकरेज का यह मानना है कि रिलायंस जियो के पास भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में सबसे बड़ा मार्केट शेयर है, और कंपनी आने वाले समय में 5G विस्तार, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपार संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रही है।इन तमाम बिजनेस वर्टिकल्स और मजबूत फंडामेंटल्स को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म्स ने इस आईपीओ में निवेश करने की सकारात्मक सलाह दी है। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने यह भी सुझाव दिया है कि निवेशकों को निवेश करने से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, भविष्य में टैरिफ बढ़ाने की क्षमता (Tariff Hike Capability) और डिजिटल सेवाओं से होने वाली कमाई की रफ्तार पर जरूर विचार करना चाहिए।लिस्टिंग गेन वाले निवेशकों और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स को क्या करना चाहिएयदि आप शेयर बाजार में केवल त्वरित लिस्टिंग गेन (Listing Gains) यानी पहले दिन मुनाफा कमाने के उद्देश्य से आए हैं, तो आपको बाजार के उतार-चढ़ाव और संभावित जोखिमों का पूरा ध्यान रखना चाहिए। दूसरी ओर, यदि आप एक लंबी अवधि (Long-term Investment) के निवेशक हैं, तो रिलायंस जियो का यह स्टॉक आपके पोर्टफोलियो के लिए एक बेहतरीन लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएटर साबित हो सकता है।विश्लेषकों का यह सुझाव है कि निवेशकों को अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम सहने की क्षमता (Risk Appetite) और पोर्टफोलियो के विविधीकरण (Diversification) को ध्यान में रखते हुए ही इस ₹30,213 करोड़ के मेगा इश्यू में अपने विवेक से बोली लगानी चाहिए।
हरियाणा में गहराएगा बिजली संकट, कर्मचारियों का 3 दिन के हड़ताल का ऐलान
हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. HERC ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का जिम्मा निजी कंपनी इलेवन पावर को 25 साल के समानांतर लाइसेंस पर सौंपा है. इसके विरोध में बिजली निगम कर्मचारियों ने 22 से 24 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है.
सऊदी अरब में बांग्लादेश के जिन दो लोगों को मौत की सजा दिए जाने की खबर आई है, उन्हें 2023 में हिरासत में लिया गया था. नजरूल इस्लाम और स्वीटी अख्तर के परिवार के पास सिर्फ सवाल हैं, कोई जवाब नहीं. उन्हें अब भी अपने बच्चों के शव का इंतजार है. बांग्लादेश की सरकार भी सवाल लिए सऊदी की ओर देख रही है.
14 हजार फीट की ऊंचाई पर तवांग में क्यों लग गया महाजाम? देखिए Video
अरुणाचल के तवांग में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने से 14 हजार फीट ऊंचे सेला दर्रे में पहली बार ट्रैफिक जाम देखा गया. इकोसिस्टम बचाने के लिए जिले में छोटी प्लास्टिक बोतलों पर बैन लगा दिया गया.
निजी वितरण लाइसेंस के विरोध में हरियाणा के बिजली कर्मचारी 22 अक्टूबर से तीन दिवसीय हड़ताल पर
हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने बिजली वितरण के प्रस्तावित निजीकरण तथा हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल का समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में 22 से 24 अक्टूबर तक राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। आयोग के […]
भारतीय सर्राफा बाजार और कमोडिटी मार्केट से निवेशकों और खरीदारों के लिए आज एक बहुत बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ दिनों से वैश्विक उथल-पुथल, मध्य पूर्व (Middle East) के देशों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमलों और अमेरिकी प्रशासन के बड़े आर्थिक फैसलों के कारण बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में आए बदलाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी ऊर्जा खरीदारों पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त शुल्कों (Tariffs) में राहत देने के बाद, आज कारोबारी सप्ताह के तीसरे दिन सोने और चांदी (Gold Silver Price Today) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार खुलते ही सोने और चांदी के दाम धड़ाम हो गए हैं, जिससे ग्राहकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या चांदी की कीमतें फिर से 2 लाख रुपये के नीचे आ गई हैं या नहीं। आइए विस्तार से जानते हैं कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोना और चांदी किस भाव पर बिक रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में सोने और चांदी के दामों में आई नरमीवैश्विक बाजार की बात करें तो कॉमाेक्स (Comex) पर आज कारोबारी सत्र के दौरान शुरुआती घंटों में ही सोने और चांदी दोनों की कीमतों में दबाव देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते यह लाल निशान के साथ कारोबार करता नजर आया। इसी तरह, औद्योगिक मांग और वैश्विक बिकवाली के दबाव के कारण चांदी के दामों में भी गिरावट रिकॉर्ड की गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती और भू-राजनीतिक मोर्चे पर आ रहे नए बयानों के कारण निवेशकों ने सोने-चांदी में मुनाफावसूली (Profit Booking) की है, जिसके कारण कीमतों में यह सुस्ती देखने को मिल रही है। हालांकि, निवेशकों के लिए यह समय बाजार के रुख को बेहद बारीकी से समझने का है।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर क्या है आज सोने का नया भावघरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना फिसलकर ट्रेड करता नजर आया। बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, एमसीएक्स पर सोना लगभग 270 रुपये की गिरावट के साथ ₹1,46,500 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।शादी-ब्याह के इस सीजन और त्योहारी डिमांड के बीच सोने की कीमतों में आई यह हल्की गिरावट उन ग्राहकों के लिए राहत भरी हो सकती है जो लंबे समय से खरीदारी करने का सही मौका तलाश रहे थे। हालांकि, जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार के रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में कीमतों में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।क्या ₹2 लाख के नीचे आई चांदी? जानिए एमसीएक्स पर चांदी का ताजा हालनिवेशकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि क्या रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रही चांदी की कीमतें घटकर 2 लाख रुपये के नीचे आ गई हैं? आपको बता दें कि एमसीएक्स पर आज चांदी के दाम में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। बाजार खुलते ही चांदी में बिकवाली हावी रही और यह करीब 1,144 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ ₹2,10,897 प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड करती हुई नजर आई।यानी मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, एमसीएक्स पर चांदी अभी भी 2 लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर ही बनी हुई है, लेकिन कीमतों में आई इस तेज सुस्ती ने खरीदारों को सतर्क कर दिया है। बुलियन मार्केट में भी चांदी का हाजिर भाव लगभग ₹210,800 प्रति किलोग्राम के आसपास ही ट्रेड करता हुआ देखा गया है।देश के सर्राफा बाजार में अलग-अलग कैरेट के सोने का भावयदि आप आज आभूषण (Jewellery) खरीदने का मन बना रहे हैं, तो देश के सर्राफा बाजार के ताजा और सटीक भाव आपको जरूर पता होने चाहिए। शुद्धता के आधार पर आज विभिन्न कैरेट के सोने के दाम इस प्रकार हैं:24 कैरेट सोना (Pure Gold): आज बाजार में 24 कैरेट सोना लगभग ₹146,560 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।22 कैरेट सोना (Jewellery Gold): आभूषण बनाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना लगभग ₹134,347 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है।18 कैरेट सोना: किफायती रेंज में आने वाला 18 कैरेट सोना लगभग ₹109,920 प्रति 10 ग्राम के करीब ट्रेड करता हुआ देखा गया है।खरीददारी करने से पहले यह सलाह दी जाती है कि आप अपने स्थानीय सर्राफा बाजार के अधिकृत दरों और उस पर लगने वाले जीएसटी (GST) व मेकिंग चार्ज की पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें, क्योंकि शहरों के हिसाब से कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में पुलिस सूत्रों का दावा है कि पहले निशाने पर सलमान खान थे. प्लान फेल होने के बाद अमिताभ बच्चन, आमिर खान और अक्षय कुमार के घरों की रेकी की गई और बाद में टाइगर को टारगेट किया गया.
किस सब्जी के लिए कौन सा चाकू सही है?
कई बार अच्छे से अच्छे चाकू का इस्तेमाल करने के बाद भी सब्ज़ियां सही से नहीं कटतीं. क्या आपके साथ भी ऐसा होता है? यहां जानें क्या हो सकती है इसकी वजह.
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले के बाद मुंबई में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. इसका असर अब सलमान खान की सुरक्षा पर भी दिख रहा है. बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कमांडो तैनात किए गए हैं.
टाइगर श्रॉफ फायरिंग: एक साल पहले ही लॉरेंस गैंग में शामिल हुआ था ऋतिक, पुलिस ने ऐसे दबोचा
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में ऋतिक महतो को लेकर कई खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, वह रैपिडो चलाता था और कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था। हमले में इस्तेमाल बाइक 24,500 रुपये में खरीदी गई थी।
पूर्वोत्तर भारत का सुंदरी राज्य मणिपुर एक बार फिर से अशांति, हिंसा और खूनी संघर्ष की आग में सुलग रहा है। पिछले लंबे समय से जातीय तनाव का सामना कर रहे मणिपुर में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। राज्य के कांगपोकपी (Kangpokpi) जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मंगलवार की सुबह अज्ञात उग्रवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर कुकी समुदाय के एक व्यक्ति पाओलेन खोंगसाई (Paolen Khongsai) की निर्मम हत्या कर दी। इस ताजा हत्या के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त है। एक तरफ जहां कुकी संगठनों ने इस घटना के विरोध में 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है, वहीं दूसरी तरफ मैतेयी समुदाय के लोगों की हत्या के विरोध में घाटी के पांच जिलों में पहले से ही 48 घंटे का शटडाउन जारी है। इस हिंसा के बीच आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मणिपुर में ताजा हिंसा की यह पूरी घटना क्या है और वर्तमान में वहां के हालात कैसे बने हुए हैं।जंगल में बांस की कोपलें तोड़ने गए कुकी व्यक्ति पर उग्रवादियों का घातक हमलापुलिस और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक पाओलेन खोंगसाई मंगलवार की सुबह अपने गांव के ही एक अन्य व्यक्ति के साथ कांगपोकपी जिले के जंगली इलाके में बांस की कोपलें (Bamboo Shoots) इकट्ठा करने के लिए गए थे। वे दोनों जंगल के भीतर ही थे कि तभी घात लगाए बैठे सशस्त्र उग्रवादियों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।इस अचानक हुए हमले में पाओलेन खोंगसाई को कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, उनके साथ गया दूसरा व्यक्ति किसी तरह जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहा और उसने गांववालों को इस घटना की जानकारी दी। इस जघन्य हत्या के विरोध में 'कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी' (COTU) ने कांगपोकपी जिले में आधी रात से ही 24 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान कर दिया है, जिसके कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।एक दिन पहले मैतेयी समुदाय के 3 लोगों की हुई थी हत्या, घाटी के 5 जिलों में शटडाउनमणिपुर में हिंसा का यह दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस घटना से ठीक एक दिन पहले यानी सोमवार को इसी कांगपोकपी जिले के सुनरोक क्षेत्र में एक अन्य खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया था। वहां उग्रवादियों ने जंगल से जलावन की लकड़ी बीन रहे मैतेयी समुदाय के 14 निवासियों पर घात लगाकर हमला कर दिया था। इस अंधाधुंध गोलीबारी में मैतेयी समुदाय के 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिससे दोनों समुदायों के बीच एक बार फिर प्रतिशोध की आग भड़क उठी है।मैतेयी समुदाय के इन तीन लोगों की हत्या के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा मंगलवार को 48 घंटे के बंद का ऐलान किया गया था, जिसके चलते घाटी के पांच प्रमुख जिलों में जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा। इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग जिलों में सभी बाजार, स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) के साधन पूरी तरह से ठप नजर आए, हालांकि इक्का-दुक्का निजी वाहन ही सड़कों पर चलते हुए दिखाई दिए। 'नेटिव पीपुल्स कमेटी मणिपुर' के सदस्यों ने भी इस बंद का समर्थन किया है, जिससे आम नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: दो उग्रवादी गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा बरामदइस बीच, मणिपुर पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए अपराधियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दोरजी लहातू ने मीडिया को जानकारी दी कि सुरक्षाबलों ने कांगपोकपी जिले में छापेमारी के दौरान तीन संदिग्ध उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है।जब पुलिस ने हिरासत में लिए गए इन आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उनमें से दो उग्रवादियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि वे उसी खूंखार उग्रवादी समूह का हिस्सा थे, जिसने सुनुरोक पहाड़ियों में मैतेयी समुदाय के लोगों पर घात लगाकर हमला किया था। इन उग्रवादियों की निशानदेही और दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। इसके अलावा, थौबल जिले में हाल ही में दो समुदायों के बीच भड़की झड़पों में एक युवक की मौत के मामले में संलिप्त पाए गए दो अन्य लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने विपक्षी नेताओं के साथ की उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठकराज्य में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था और हिंसक वारदतों को नियंत्रित करने के लिए राजनीतिक स्तर पर भी बैठकों का दौर तेज हो गया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह (Y. Khemchand Singh) ने मंगलवार को राजधानी इंफाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम उच्चस्तरीय बैठक की।इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह, कांग्रेस विधायक दल के नेता मेघचंद्र सिंह, लोकसभा सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम और विपक्षी गठबंधन में शामिल विभिन्न राजनीतिक दलों के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने राज्य के मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जताई और मणिपुर में शांति बहाली के लिए तुरंत एक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाए जाने की मांग की।बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में राज्य की समग्र सुरक्षा स्थिति की बेहद बारीकी से समीक्षा की गई है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं को आश्वासन दिया कि सर्वदलीय बैठक बुलाने की उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। साथ ही, सरकार राज्य के सभी समुदायों के बीच आपसी विश्वास बहाल करने और शांति स्थापित करने के लिए हरसंभव सामूहिक प्रयास कर रही है।
10 मैच का दर्द 41 गेंदों में निकला बाहर! रो पड़ीं हरमनप्रीत कौर, VIDEO
जिम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज से पहले हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट में भारतीय विमेंस टीम की कप्तानी छोड़ दी थी. ऐसे में उनकी 91 रनों की इनिंग्स व्यक्तिगत तौर पर अहम रही. लंबे समय से बड़ी इनिंग्स का इंतजार कर रहीं हरमनप्रीत ने इस बार अपने बल्ले से जवाब दिया और फिर भावुक होकर अपने संघर्ष की झलक भी दिखा दी.
शिवा शर्मा मर्डर केस: नागपुर कोर्ट में आज श्रद्धा दुबे की पेशी
लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी श्रद्धा दुबे को आज नागपुर की जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा. इसके बाद यूपी पुलिस श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश का ट्रांजिट रिमांड की मांग करेगी, ताकि तीनों को लखनऊ ले जाया जा सके. मंगलवार रात कागजी कार्रवाई में देरी के चलते पेशी नहीं हो पाई थी.
Italy में हिंसक प्रदर्शनों पर PM Meloni का बड़ा एक्शन!
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ रोकने के लिए नए सख्त कानून लागू किए हैं. नए प्रावधानों के तहत हिंसक समूहों में शामिल लोगों को पांच साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक जुर्माना हो सकता है. नाबालिगों के तोड़फोड़ या लूटपाट में शामिल होने पर उनके माता-पिता से नुकसान की भरपाई कराई जा सकती है. मिलान में सुरक्षा के लिए 500 सैनिक भी तैनात किए जाएंगे.
अभी वैभव की एंट्री मुश्किल...', अय्यर ने बताई वजह, ओपनर्स पर कही बड़ी बात
श्रेयस अय्यर ने कहा है कि वैभव सूर्यवंशी को अभी सीधे प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिल सकती, क्योंकि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन लगातार रन बना रहे हैं. उन्होंने वैभव को ड्रेसिंग रूम में खुश रखने और न्यूजीलैंड की परिस्थितियों का अनुभव दिलाने को महत्वपूर्ण बताया. अय्यर के मुताबिक, यह अनुभव वैभव को भविष्य के विदेशी दौरों के लिए बेहतर तैयार करेगा.
DDA के फ्लैट खरीदने के लिए टूट पड़े लोग, 2,500 फ्लैट लॉन्च होते ही बुक
दिल्ली में घर खरीदने का मौका तलाश रहे लोगों के बीच DDA की आवास निवेश योजना 2026 को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. नरेला में 2,516 एलआईजी फ्लैटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने के महज दो घंटे के भीतर 2,500 से ज्यादा फ्लैट बुक हो गए.
खाने के इतनी देर बाद टहलने से शुगर होगी कंट्रोल, AIIMS डॉक्टर ने बताया
नई दिल्ली के AIIMS के प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत के अनुसार, खाने के बाद टहलना डायबिटीज मरीजों के लिए लाभकारी है. यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है, हालांकि तेज वॉक या हैवी वर्कआउट से बचना चाहिए.
बाथरूम में साइलेंट किलर, कब जानलेवा बन जाता है गीजर
सर्दियों में अधिकतर घरों में पानी गर्म होता है. बहुत से लोग पानी गर्म करने के लिए गीजर का इस्तेमाल करते हैं. गीजर कई बार ब्लास्ट भी हो जाता है, जिसकी वजह से कई लोगों की जान तक जा चुकी है.
बाथरूम की स्टील बाल्टी कैसे साफ करें? खारे पानी के दाग हटाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है
खारे पानी के दाग कैसे हटाएं? बाथरूम की स्टील की बाल्टी पर खारे पानी के निशान है और बहुत रगड़ने के बाद भी नहीं जा रहे हैं, तो यह तरीका आजमाकर देखिएए. मिनटों में साफ हो जाएंगे सारे दाग और धब्बे.
CNG का माइलेज और डिग्गी में फुल स्पेस.. ये हैं बड़े बूट स्पेस वाली धाकड़ SUV, कीमत 9.99 लाख से शुरू
अगर आप बिना बूट स्पेस को खराब किए CNG कार लेना चाहते हैं तो आपके पास एक से बढ़कर एक ऑप्शन्स हैं. यहां पर आपको ज्यादा बूट स्पेस के साथ आने वाली CNG कारों के बारे में बता रहे हैं.
'पहले के समझौतों से अलग होगा', भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ट्रंप का बड़ा ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते के काफी करीब हैं. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी विदेश मंत्री भारत दौरे पर हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और आपसी संबंधों पर चर्चा हो रही है.
Delhi AQI 233 दर्ज, न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 18 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत से कम है। वहीं, वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बनी रही और सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 233 दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शहर के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम में न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री कम है। वहीं, लोधी रोड में न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक है। रिज में न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम है, जबकि आयानगर में यह 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से 1.1 डिग्री कम है। आईएमडी ने दिन में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली में बुधवार सुबह नौ बजे एक्यूआई 233 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।
घर में भूलकर भी न लगाएं ये 5 पौधे, बढ़ सकती हैं परेशानियां!
Vastu Tips: वास्तु टिप्स के अनुसार घर में कुछ पौधों को लगाना अशुभ माना जाता है. जानें कांटेदार पौधे, पीपल, मेहंदी और बोनसाई समेत उन 5 पौधों के बारे में, जिन्हें घर में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है.
देशभर से अलग है यहां का दशहरा, 75 दिन तक चलता है यह त्योहार
छत्तीसगढ़ के बस्तर में दशहरा करीब 75 दिनों तक मनाया जाता है. देश के दूसरे हिस्सों की तरह यहां रावण का पुतला नहीं जलाया जाता. इस त्योहार का मुख्य केंद्र मां दंतेश्वरी की पूजा, विशाल रथ यात्रा और आदिवासी समाज की सदियों पुरानी परंपराएं हैं. जानिए बस्तर दशहरे की शुरुआत कैसे हुई और यह बाकी जगहों से इतना अलग क्यों है.
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा क्यों की जाती है? पंडित से जानें समुद्र मंथन से जुड़ी कथा
Dhanteras Kyu Manaya Jata Hai: धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना से की जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर उनके प्रकट होने की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है. इस दिन यम दीपदान की भी परंपरा है.
जैक वीस पिछले दो सालों से काम की तलाश करते हुए अपने माता-पिता के घर में बने बेसमेंट में रह रहे हैं, लेकिन लेबर मार्केट में ठहराव की वजह से अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिल पाई है.
Ramayana Tax Free: इस राज्य के लोगों के लिए सस्ती होगी रामायणम् की टिकट, दिवाली से पहले मिला तोहफा
नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही रामायणम् की रिलीज से पहले इसे टैक्स फ्री करने की अनाउंसमेंट हो चुकी है. पढ़ें किस राज्य के लोगों के लिए सस्ती होगी टिकट.
Bhubaneswar में विसर्जन पर DJ बजाया तो दुर्गा पूजा समितियों पर दर्ज होगा आपराधिक केस
भुवनेश्वर में दुर्गा पूजा समितियों को चेतावनी दी गई है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सरवना विवेक एम ने कहा कि विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वाली किसी भी समिति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा, समितियों से अनुरोध है कि वे विसर्जन के दौरान केवल पारंपरिक वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल करें। प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के लिए विसर्जन यात्रा शुरू होने के स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। डीसीपी ने बताया कि दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर में अलग-अलग स्थानों पर छह अस्थायी तालाब बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विसर्जन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की 48 कंपनी तैनात की जाएंगी।
बागपत में 'चाट युद्ध' के बाद अब 'लेडीज लठ युद्ध': महिलाओं के बीच छिड़ी जंग
बागपत के सिंघावली अहीर क्षेत्र के बरसिया गांव में नाली के विवाद को लेकर महिलाओं के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में महिलाएं दूसरे पक्ष के घर में घुसकर मारपीट करती नजर आ रही हैं. इस हिंसक संघर्ष में 8 महिलाओं सहित 13 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है.
हमारी एंबेसी बस पार्टी ही कर रही है, भारत दौरे पर ऐसा क्यों बोले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो?
रुबियो ने भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और परमाणु सहयोग में प्रगति की सराहना की है। मुंबई में अमेरिकी दूतावास में एक कार्यक्रम के दौरान उनका एक बयान काफी वायरल हो रहा है। क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री?
₹104 करोड़, 40 लोकेशन! दिल्ली सरकार का प्रदूषण से निपटने का ये है प्लान
Delhi Air Pollution: दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार अब नई तकनीकों को आजमाने जा रही है. इसके लिए 104 करोड़ रुपये की पायलट परियोजना के तहत राजधानी के 40 स्थानों को चुना गया है. खान मार्केट, कनॉट प्लेस से लेकर बस टर्मिनलों और अस्पतालों तक प्रदूषण घटाने के उपाय किए जाएंगे.
करी पत्ते का पौधा करना है घना? बस डाल दें ये बेकार चीज
करी पत्ते का पौधा गमले में धीरे बढ़ रहा है या नई पत्तियां नहीं निकल रहीं? तो आपको बाजार से महंगा फर्टिलाइजर खरीदने की जरूरत नहीं है. कूड़े में फेंके जाने वाले केले के छिलके भी आपके खूब काम आ सकते हैं. केले के छिलके से आप लिक्विड खाद बना सकते हैं, जिसे बनाने बहुत आसान है. इसके साथ ही सही धूप, पानी और खाद की मदद से घर में लगे पौधे को हेल्दी और हरा-भरा रखने में मदद कर सकते हैं.
वैभव को प्लेइंग-11 के लिए क्यों करना होगा इंतजार?
आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन से चर्चा में आए 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है. पूर्व क्रिकेटर मुरली कार्तिक ने कहा कि सिर्फ नई प्रतिभा के सामने आने से स्थापित खिलाड़ियों को बाहर करना सही नहीं है. संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की मौजूदगी भारतीय टीम के चयन को मुश्किल बनाती है. वैभव के लिए धैर्य रखना और मौके पर प्रदर्शन करना अहम होगा.
टाइगर श्रॉफ के बाद सलमान खान के इस करीबी की जान को खतरा, मुंबई पुलिस कमिश्नर से मांगी सुरक्षा
टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद शिवसेना नेता राहुल कनाल ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है. बता दें कि राहुल कनाल सलमान खान के बेहद करीबी हैं. उनके बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्रिटीज के साथ अच्छे संबंध हैं.
अब भी सुलग रहा यूरोप! फ्रांस समेत 4 देशों में बवाल, जानें ताजा हालात
यूरोप के कई देशों में बढ़ती महंगाई, महंगे मकान और सरकारी सेवाओं की गिरती गुणवत्ता के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. फ्रांस, इटली, स्पेन, अल्बानिया और सर्बिया में छात्र, मजदूर और आम जनता सड़कों पर उतरकर अपनी मांगें रख रहे हैं.
महाराष्ट्र में बड़ा हादसा: मुंबई में एक कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग, दो लोगों की मौत; चार झुलसे
Maharashtra: Two persons killed in fire at scrap godown in Mumbai: Civic officials; News In hindi, Updates - महाराष्ट्र में बड़ा हादसा: मुंबई में एक कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग, दो लोगों की मौत; कई घायल
CM भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, इन बड़े मुद्दों पर होगा मंथन
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में गांधीनगर में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक होने जा रही है। बैठक में बिजली संकट, कम वर्षा वाले क्षेत्रों के हालात, पीएम मोदी के आगामी गुजरात दौरे और दिवाली की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
10 दिन पहले आ गया SMOG... दिल्ली में सारी तैयारियां 1 नवंबर से क्यों?
दिल्ली-NCR में दशहरा के बाद ही स्मॉग शुरू हो गया. तापमान इनवर्जन, कमजोर हवाएं, स्थानीय उत्सर्जन और शुरुआती पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ा. नवंबर से ग्रैप लागू होगा. लेकिन स्मॉग पहले ही आ गया.
1977 की फिल्म 'घरौंदा' का गाना 'एक अकेला इस शहर में; आज भी लाखों लोगों के संघर्ष, तन्हाई और अपने घर के सपने को बयां करता है. गुलजार के बोल, जयदेव का म्यूजिक और भूपिंदर सिंह की आवाज ने इस गीत को सदाबहार बनाया.
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भू-राजनीतिक गलियारों में इन दिनों सबसे बड़े केंद्र बिंदु बने रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को लेकर एक बहुत ही बड़ा और चौंकाने वाला कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। पिछले चार वर्षों से अधिक समय से दुनिया भर के देशों की नींद उड़ाने वाले इस खूनी संघर्ष को समाप्त कराने के लिए तमाम कोशिशें करने के बाद, अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस जंग को खत्म करने की पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर यूक्रेन के कंधों पर डाल दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बहुत ही बेबाक अंदाज में यह बयान दिया है कि रूस इस पूरे युद्ध में एक बेहद ताकतवर और भारी मशीन की तरह आगे बढ़ रहा है, ऐसे में अब यूक्रेन को खुद आगे आकर इस युद्ध को समाप्त करने की इच्छाशक्ति दिखानी होगी। ट्रंप के इस ताजा और तीखे रुख ने वैश्विक कूटनीति में खलबली मचा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान के पीछे की असली वजह क्या है और इसके अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर क्या गंभीर मायने हैं।ओवल ऑफिस में ट्रंप का बड़ा बयान: रूस एक बड़ी मशीन है, यूक्रेन को अब खुद संभालनी होगी स्थितिव्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मीडियाकर्मियों और पत्रकारों के साथ खुलकर बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में जमीनी हकीकत काफी बदल चुकी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस जंग में यूक्रेन अब रूस से सैन्य और रणनीतिक रूप से पीछे छूटता नजर आ रहा है। मास्को की सेना लगातार आगे बढ़ते हुए यूक्रेन के कई नए और महत्वपूर्ण इलाकों पर अपना कब्जा जमाती जा रही है, जबकि कीव (यूक्रेन) अपनी रक्षात्मक और भौगोलिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।ट्रंप ने कहा कि रूस एक बहुत बड़ी युद्ध मशीन की तरह है, जो लगातार आगे बढ़ती ही जा रही है और इसे रोकना अब बेहद कठिन होता जा रहा है। अमेरिका द्वारा पिछले कई सालों से यूक्रेन को दी जा रही अरबों डॉलर की भारी-भरकम आर्थिक मदद (Financial Aid) और आधुनिक सैन्य उपकरणों की आपूर्ति की ओर इशारा करते हुए ट्रंप ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि इस अंधी मदद के बदले में वाशिंगटन (अमेरिका) को आखिर क्या हासिल हुआ? उनके मुताबिक, अमेरिका को इसके बदले केवल भारी आर्थिक नुकसान, तबाही और दुनिया भर की अस्थिरता के अलावा कुछ भी नहीं मिला है।पुतिन और जेलेंस्की की व्यक्तिगत दुश्मनी बातचीत में बनी सबसे बड़ी बाधारूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते या संघर्ष विराम (Ceasefire) पर सहमति क्यों नहीं बन पा रही है, इस पर रोशनी डालते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच के आपसी तनाव को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने खुलासा किया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) के बीच गहरे स्तर की व्यक्तिगत दुश्मनी और नफरत है।उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच की यह कड़वाहट और नफरत ही इस समय किसी भी शांति वार्ता की मेज पर एक साथ आने और सार्थक बातचीत करने में सबसे बड़ी और अड़ियल बाधा बनी हुई है। दोनों नेता एक-दूसरे को देखना तक पसंद नहीं करते, जिसके कारण कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद कड़वी जमीन पर कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ पा रहा है। हालांकि, इस बीच अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच नॉर्वे के ओस्लो शहर में एक उच्चस्तरीय बैठक भी हो चुकी है, जिसमें वाशिंगटन की तरफ से लगातार यह कोशिश की जा रही है कि मॉस्को के ताजा हमलों को किसी तरह रोका जा सके।ट्रंप के रुख में अचानक आए इस नरमी और बदलाव के पीछे की राजनीतिक वजहेंविशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अचानक रूस के प्रति अपने रुख को नरम करने और यूक्रेन पर दबाव बढ़ाने के पीछे घरेलू राजनीति और आर्थिक मजबूरियां भी बड़ी वजह हैं। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव व क्षेत्रीय संघर्षों के कारण अमेरिकी बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है, जिससे वहां की आम जनता में महंगाई की मार को लेकर भारी आक्रोश है। इस घरेलू दबाव से निपटने के लिए अमेरिकी प्रशासन ने रूस से डीजल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की खरीद पर लगी कुछ पाबंदियों को व्यावहारिक रूप से रियायत दी है, ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर किया जा सके।इसके अलावा, अमेरिका में अगले महीने होने वाले मिड-टर्म चुनाव (Mid-term Elections) बेहद नजदीक हैं, और वर्तमान में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की राजनीतिक स्थिति बहुत ज्यादा मजबूत नहीं मानी जा रही है। घरेलू स्तर पर बढ़ती महंगाई और अर्थव्यवस्था की चिंताओं को दूर करने के लिए अमेरिका अब मॉस्को की आर्थिक स्थिति का अप्रत्यक्ष रूप से लाभ उठाने की फिराक में है। ट्रंप ने पिछले कई महीनों के दौरान इस युद्ध को महज एक साल के भीतर खत्म करने का बड़ा दावा किया था, लेकिन जब वह अपने उस वादे को पूरा करने में असफल रहे, तो उन्होंने आखिरकार इस कूटनीतिक दलदल से किनारा करते हुए युद्ध को समाप्त करने की पूरी नैतिक और व्यावहारिक जिम्मेदारी यूक्रेन के ऊपर ही मढ़ दी है। आने वाले दिनों में ट्रंप का यह रुख यूक्रेन के भविष्य और युद्ध की दिशा को किस ओर ले जाता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और भू-राजनीतिक गलियारों में इन दिनों पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया से एक बहुत ही बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। इस्लामिक दुनिया के तीन अहम देश—पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मिलकर एक ऐतिहासिक संयुक्त रक्षा समझौते (Joint Defense Agreement) पर अपनी मुहर लगा दी है। इस त्रिपक्षीय समझौते को लेकर दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों की नजरें टिकी हुई हैं। हाल ही में सामने आए इस समझौते के 16 अनुच्छेदों वाले पूर्ण मसौदे से कई ऐसे बड़े खुलासे हुए हैं, जो आने वाले समय में वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। इस समझौते के तहत जहां एक तरफ कम से कम 10 साल तक गठबंधन में जुड़े रहने की अनिवार्य शर्त रखी गई है, वहीं इससे बाहर निकलने के लिए तीन महीने पहले नोटिस देने का नियम बनाया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मक्का में हुए इस ऐतिहासिक रक्षा समझौते की शर्तें क्या हैं और इसके रणनीतिक मायने क्या हैं।क्या हैं पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के इस नए रक्षा समझौते की मुख्य शर्तेंसामने आए दस्तावेजों के अनुसार, इस त्रिपक्षीय समझौते को 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता' (Makkah Joint Defense Agreement) का नाम दिया गया है। इस समझौते की सबसे बड़ी और अहम शर्त इसके अनुच्छेद 16 में तय की गई है। इसके मुताबिक, इस रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले तीनों देशों को कम से कम 10 साल तक इस गठबंधन में अनिवार्य रूप से बने रहना होगा।यदि 10 साल की यह अवधि पूरी होने के बाद इनमें से कोई भी सदस्य देश इस समझौते से अलग होना चाहता है, तो उसे अपनी मंशा जाहिर करते हुए कम से कम तीन महीने पहले लिखित नोटिस देना अनिवार्य होगा। सबसे दिलचस्प बात यह है कि समझौते की यह 10 वर्ष की अवधि किसी कागजी हस्ताक्षर की तारीख से नहीं गिनी जाएगी, बल्कि यह उस दिन से प्रभावी होगी जब गठबंधन के आधिकारिक सचिवालय में अंतिम अनुमोदन दस्तावेज (Ratification Documents) पूरी तरह से जमा हो जाएंगे।किसी एक देश पर हमला होने पर क्या होगी बाकी देशों की भूमिकाइस नए और कड़े रक्षा समझौते का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील हिस्सा वह है, जो सैन्य सहायता और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। समझौते के अनुच्छेद 2 में यह बहुत ही स्पष्ट रूप से प्रावधान किया गया है कि यदि किसी भी एक सदस्य देश (चाहे वह पाकिस्तान हो, सऊदी अरब हो या तुर्किये) पर बाहर से कोई सशस्त्र हमला होता है, तो बाकी के दोनों देश उसकी रक्षा के लिए तुरंत आगे आएंगे और अपनी पूरी ताकत के साथ सहायता करने के लिए बाध्य होंगे।हालांकि, समझौते के जानकारों का यह भी कहना है कि इसमें हर हमले पर एक जैसी या आक्रामक सैन्य प्रतिक्रिया देने की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। सहायता का स्वरूप, पैमाना और तरीका इस बात पर निर्भर करेगा कि पीड़ित देश की वास्तविक रणनीतिक आवश्यकताएं क्या हैं और उस वक्त सहयोगी देशों के पास किस स्तर के सैन्य संसाधन उपलब्ध हैं। यह व्यावहारिक लचीलापन तीनों देशों की सरकारों को किसी भी बड़े संकट के समय अपनी परिस्थितियों के अनुसार बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय लेने की पूरी छूट देता है।तुर्किये ने दी कानूनी मंजूरी, संसद में पेश हुआ प्रस्तावइस त्रिपक्षीय गठबंधन को कानूनी रूप से मजबूत करने की दिशा में तुर्किये ने सबसे तेज कदम उठाया है। तुर्किये की सरकार ने इस रक्षा समझौते को आधिकारिक मंजूरी दिलाने के लिए अपनी संसद में पेश कर दिया है। अंकारा का यह कदम रियाद के साथ उसके पारस्परिक रक्षा संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाता है, खासकर ऐसे समय में जब सऊदी अरब को अपनी दक्षिणी सीमाओं पर यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) के लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ रहा है।आपको बता दें कि तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdogan), सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Mohammed bin Salman) और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने बीते 7 अगस्त को पवित्र शहर मक्का में इस ऐतिहासिक समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए थे। उसी समय इन तीनों शीर्ष नेताओं ने यह साझा सिद्धांत दुनिया के सामने रखा था कि किसी भी एक देश पर होने वाला सशस्त्र हमला, तीनों देशों पर हुआ हमला माना जाएगा। इसके अलावा, आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए संयुक्त सैन्य अभ्यास (Joint Military Exercises), खुफिया जानकारी साझा करने (Intelligence Sharing) और रक्षा उत्पादन में मिलकर काम करने का भी बड़ा ऐलान किया गया था।पाकिस्तान का पूर्ण समर्थन और तुर्किये का स्पष्ट रक्षात्मक रुखवर्तमान में सऊदी अरब पर लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण यह नया रक्षा समझौता अपनी शुरुआती और सबसे बड़ी परीक्षा के दौर से गुजर रहा है। हाल ही में रियाद में हुई एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक में इन तीनों देशों ने सऊदी अरब की धरती पर अपनी सैन्य टुकड़ियों और रक्षा क्षमताओं की त्वरित तैनाती सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है।पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि इस्लामाबाद, सऊदी अरब की संप्रभुता, उसकी क्षेत्रीय अखंडता और वहां स्थित पवित्र इस्लामिक स्थलों की रक्षा के लिए हर संभव मदद देने को तैयार है। पाकिस्तान ने इन पवित्र स्थलों की सुरक्षा को अपने लिए सर्वोपरि और किसी भी समझौते से परे बताया है।दूसरी तरफ, तुर्किये की भूमिका को लेकर भी स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है। तुर्किये मुख्य रूप से आधुनिक सैन्य उपकरण, एडवांस्ड हथियार प्रणालियों और खुफिया नेटवर्क के जरिए इस गठबंधन में सहयोग करेगा। हालांकि, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने यह साफ कर दिया है कि यह पूरी तरह से एक 'रक्षात्मक समझौता' (Defensive Pact) है, और तुर्किये किसी अन्य देश पर हमला करने या आक्रामक युद्ध लड़ने के लिए अपने सैनिकों को अपनी सीमाओं से बाहर नहीं भेजेगा। आने वाले दिनों में यह समझौता मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया की सुरक्षा समीकरणों को किस प्रकार प्रभावित करता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
मुंबई की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने चार साल की बच्ची से गंभीर यौन उत्पीड़न के मामले में 50 साल के व्यक्ति को पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है।
मैथिली ठाकुर का BJP में बढ़ा कद, भाजयुमो की राष्ट्रीय टीम में मिली जगह
बिहार की अलीनगर सीट से विधायक मैथिली ठाकुर को भाजयुमो की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिली है. राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी ने नई टीम की घोषणा की, जिसमें बिहार के छह युवा नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है.
त्योहारी सीजन के दौरान यदि आप आज बैंक शाखा (Bank Branch) जाकर चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट बनवाने, नकदी जमा करने या पासबुक अपडेट कराने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले यह जानना अनिवार्य है कि आज आपके शहर या राज्य में बैंक खुले हैं या बंद। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, आज यानी बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को देश के कई राज्यों में बैंकों का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। यद्यपि उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश) में 20 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) का मुख्य पर्व मनाया जा चुका है और वहां आज बैंक सामान्य रूप से खुले हैं, लेकिन पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत तथा कुछ दक्षिणी राज्यों में पंचांग गणना, सूर्योदय तिथि और दुर्गा पूजा विसर्जन (दशैं/बिजोया दशमी) की परंपरा के चलते आज बैंकों में ताले लटके रहेंगे।आरबीआई निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (Negotiable Instruments Act) के तहत हर महीने के अवकाशों की अग्रिम सूची जारी करता है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय त्योहारों और स्थानीय मान्यताओं के आधार पर राज्यवार छुट्टियां तय की जाती हैं। ऐसे में बैंक जाने से पहले प्रभावित शहरों और राज्यों की पूरी फेहरिस्त देख लेना समझदारी होगी।आज 21 अक्टूबर को किन-किन राज्यों में बंद रहेंगे बैंक?आरबीआई की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, विजयादशमी, दुर्गा पूजा (दशैन), महा दशमी और आयुध पूजा के दूसरे चरण के उपलक्ष्य में निम्नलिखित राज्यों और उनके प्रमुख बैंकिंग केंद्रों में आज बैंकों की सभी शाखाएं बंद रहेंगी:पश्चिम बंगाल (कोलकाता): बंगाल में दुर्गा पूजा का समापन 'बिजोया दशमी' और सिंदूर खेला के साथ प्रतिमा विसर्जन से होता है, जिसके चलते पूरे राज्य में आज बैंकों की छुट्टी है।त्रिपुरा (अगरतला): त्रिपुरा में दुर्गा पूजा के मुख्य विसर्जन उत्सव के कारण बैंक बंद रहेंगे।असम (गुवाहाटी): असम में महा दशमी और विजयादशमी उत्सव के कारण बैंक शाखाओं में अवकाश घोषित है।सिक्किम (गंगटोक): सिक्किम में नेपाली समुदाय के सबसे बड़े पर्व 'दशैन' (Durga Puja/Dasain) की शुरुआत हो चुकी है। यहां 21, 22 और 23 अक्टूबर तक लगातार बैंकों में अवकाश रहेगा।कर्नाटक (बेंगलुरु): कर्नाटक में मैसूरु दशहरा और विजयादशमी परंपराओं के तहत आज बैंकों में छुट्टी निर्धारित की गई है।केरल (कोच्चि व तिरुवनंतपुरम): केरल में विद्यारंभम और विजयादशमी के पावन अवसर पर आज बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे।मेघालय (शिल्लोंग): मेघालय में भी दुर्गा पूजा के समापन पर्व पर बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।यूपी, दिल्ली, बिहार और मुंबई में आज बैंक खुले हैं या बंद?उत्तर प्रदेश (लखनऊ, कानपुर, वाराणसी), दिल्ली-एनसीआर, बिहार (पटना), महाराष्ट्र (मुंबई), गुजरात, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों के ग्राहकों के लिए स्पष्ट है कि यहां आज बैंकों का कोई सार्वजनिक अवकाश नहीं है। इन राज्यों में कल यानी 20 अक्टूबर को दशहरा (विजयादशमी) का पर्व मनाया गया था और उसी दिन बैंक बंद थे। आज बुधवार को इन सभी क्षेत्रों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), एचडीएफसी (HDFC Bank), आईसीआईसीआई (ICICI Bank) सहित सभी सरकारी व निजी बैंकों की शाखाएं अपने सामान्य समय पर खुलेंगी और रोजमर्रा का कामकाज सुचारू रूप से चलेगा।RBI ने 21 अक्टूबर को छुट्टी क्यों दी है? समझें पंचांग और दशमी तिथि का गणितकई ग्राहकों के मन में यह सवाल उठता है कि जब देश के बड़े हिस्से में दशहरा कल बीत चुका है, तो कुछ राज्यों में आज बैंक क्यों बंद हैं।धार्मिक और पंचांग मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष आश्विन शुक्ल दशमी तिथि 20 अक्टूबर की दोपहर से शुरू होकर 21 अक्टूबर की दोपहर तक प्रभावी रही है। उत्तर भारत में दशहरा पूजा 'अपराह्न काल' (दोपहर बाद) में करने की परंपरा है, जो 20 अक्टूबर को पड़ा था। वहीं बंगाल, असम, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्यों में त्योहार 'उदया तिथि' (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) के अनुसार मनाया जाता है। चूंकि 21 अक्टूबर के सूर्योदय के समय दशमी तिथि सक्रिय है, इसलिए बंगाल और पूर्वोत्तर में बिजोया दशमी आज मनाई जा रही है। इसके अलावा दक्षिण भारत (कर्नाटक और केरल) में पारंपरिक मंदिर पंचांग के तहत विद्यारंभम और विजयादशमी की मुख्य पूजा आज 21 अक्टूबर को ही संपन्न हो रही है। इन्हीं स्थानीय आस्थाओं और राज्य सरकारों की मांग के आधार पर आरबीआई ने इन राज्यों में 21 अक्टूबर को बैंक अवकाश अधिसूचित किया है।बैंक शाखाएं बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएंजिन राज्यों में आज बैंक बंद हैं, वहां भी ग्राहकों को वित्तीय लेन-देन के लिए परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। बैंकों की भौतिक शाखाएं बंद रहने के बावजूद आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं 24x7 बिना किसी रुकावट के चालू रहेंगी:एटीएम सेवाएं (ATM Cash Withdrawal): सभी प्रमुख बैंकों के एटीएम और कैश रिसाइक्लर मशीनें पूरी तरह चालू रहेंगी, जहां से आप नकदी निकाल या जमा कर सकते हैं।यूपीआई और मोबाइल बैंकिंग (UPI & Mobile Apps): गूगल पे (Google Pay), फोनपे (PhonePe), पेटीएम (Paytm) और बैंक के अधिकृत ऐप्स (जैसे YONO SBI, PNB ONE) से पैसे ट्रांसफर करने या खरीदारी का बिल भरने की सुविधा सामान्य रूप से काम करती रहेगी।नेट बैंकिंग (Internet Banking): एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS) और आईएमपीएस (IMPS) के माध्यम से ऑनलाइन फंड ट्रांसफर 24 घंटे उपलब्ध रहेगा।किन कामों पर पड़ेगा असर: केवल वे काम प्रभावित होंगे जिनके लिए बैंक शाखा में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होता है—जैसे काउंटर पर जाकर चेक क्लियर कराना, सरकारी ड्राफ्ट बनवाना, लॉकर ऑपरेट करना या प्रत्यक्ष केवाईसी (KYC) सत्यापन कराना। ये सभी कार्य अगले सामान्य कार्यदिवस पर ही पूरे हो सकेंगे।
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह से विदाई के बाद अब भारत के दो अलग-अलग हिस्सों में मौसम का विरोधाभासी मिजाज देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर भारत में सुबह-शाम की गुलाबी ठंड और शुष्क मौसम ने पैर पसार लिए हैं, वहीं दक्षिण भारत में एक बार फिर मौसमी परिस्थितियां तेजी से बिगड़ने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर बन रहे चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तथा पूर्वोत्तर मानसून (North-East Monsoon) की आगामी गतिविधियों के प्रभाव से दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्से में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और कर्नाटक के कई जिलों में आगामी 25-26 अक्टूबर तक तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण और स्मॉग के बीच लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि राष्ट्रीय राजधानी में आसमान साफ करने वाली बारिश कब होगी।दक्षिण भारत में क्यों बिगड़ेगा मौसम? चक्रवाती दबाव और बादलों का जमावड़ामौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती दबाव के कारण समुद्र से भारी मात्रा में नमी तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रही है। इसके साथ ही अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में भी ट्रफ रेखा सक्रिय है। इन दोनों प्रणालियों के आपस में मिलने से बादलों की विशाल संरचना तैयार हो रही है, जिससे दक्षिण प्रायद्वीप में गरज-चमक (Thunderstorm) और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) की घटनाएं अचानक बढ़ गई हैं।आईएमडी का कहना है कि यह मौसमी बदलाव पूर्वोत्तर मानसून की सामान्य शुरुआत का अग्रदूत है। अगले 4 से 5 दिनों तक दक्षिणी राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है।तमिलनाडु और पुडुचेरी: चेन्नई समेत तटीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनीतमिलनाडु में अगले तीन से चार दिनों के दौरान सबसे ज्यादा मौसमी असर देखने को मिलेगा। राजधानी चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, विल्लुपुरम, कुड्डालोर और नागापट्टिनम सहित डेल्टा जिलों में बादलों का घना डेरा रहने और कई दौर की मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है।आईएमडी ने कुछ स्थानों पर 'भारी से बहुत भारी' बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया है। लगातार होने वाली बारिश के कारण चेन्नई और मदुरै जैसे निचले शहरी इलाकों में जलजमाव और ट्रैफिक की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। मछुआरों को तमिलनाडु, पुडुचेरी और मन्नार की खाड़ी के तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।केरल और कर्नाटक: पश्चिमी घाट के पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतराकेरल में भी मौसम पूरी तरह करवट ले चुका है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है। विशेष रूप से इडुक्की और वायनाड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के चलते मिट्टी धंसने (Landslides) का जोखिम बढ़ सकता है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल सक्रिय रखने को कहा गया है।वहीं, कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों (South Interior Karnataka), जिनमें बेंगलुरु, मैसूरु, हासन और चामराजनगर शामिल हैं, में भी रुक-रुक कर तेज बारिश के आसार हैं। तटीय कर्नाटक के मैंगलोर और उडुपी में भी समुद्री हवाओं के कारण मौसम नम और तूफानी बना रहेगा।दिल्ली-एनसीआर में कब होगी बारिश? जानिए मौसम विभाग का सटीक पूर्वानुमानदक्षिण के उलट, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान मुख्य रूप से साफ और मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। दिन के समय तेज धूप खिल रही है जबकि रात और तड़के न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हो रहा है।दिल्ली में बारिश की संभावना को लेकर मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में एक कमजोर 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) 23-24 अक्टूबर के आसपास सक्रिय हो सकता है। इसके असर से:24 और 25 अक्टूबर को आंशिक बदलाव: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में 24 और 25 अक्टूबर के दौरान बादलों की हल्की आवाजाही देखने को मिल सकती है और कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी (Isolated/Scattered Drizzle) दर्ज हो सकती है।भारी बारिश की संभावना नहीं: दिल्ली में किसी बड़े स्तर की भारी या तेज बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है। मौसम मुख्य रूप से शुष्क ही बना रहेगा।तापमान और ठंड पर असर: 25 अक्टूबर के बाद उत्तर-पश्चिमी हवाओं के तेज होने से दिल्ली में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आएगी, जिससे रात में ठंडक बढ़ेगी और सुबह के समय हल्की धुंध व स्मॉग का दायरा फैल सकता है।त्योहारों से पहले किसानों और यात्रियों के लिए सलाहदक्षिण भारत में जारी इस भारी बारिश के चलते धान और अन्य खरीफ फसलों की कटाई में जुटे किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई उपज को सुरक्षित गोदामों या तिरपाल से ढंककर रखें। वहीं, दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को सलाह दी गई है कि आने वाले दिनों में बारिश न होने और हवा की गति धीमी रहने के कारण प्रदूषण स्तर (AQI) 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में जा सकता है, इसलिए सांस और एलर्जी के मरीज सुबह के समय मास्क का प्रयोग करें। दक्षिण भारत की यात्रा करने वाले यात्रियों को उड़ानों और ट्रेनों के ताजा शेड्यूल की जांच करने के बाद ही निकलने की हिदायत दी गई है।
लिव-इन रिलेशनशिप, मैरिड बॉयफ्रेंड... जयपुर के फ्लैट में हो गया कांड
ये कहानी राजस्थान के जयपुर की है. यहां एक एक फ्लैट में 35 साल की महिला बॉयफ्रेंड के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी. उसका बॉयफ्रेंड शादीशुदा था. वह अपनी पत्नी से अलग रहने लगा था. अब महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फ्लैट के अंदर मिला है. पुलिस को आशंका है कि महिला की हत्या की गई है और वारदात के बाद से उसका लिव-इन पार्टनर फरार है.
दीपावली और छठ महापर्व की तैयारियों के बीच रसोई बजट को लेकर हर आम गृहस्थ की नजर एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर टिकी हुई है। त्योहारों के मौसम में जहां पकवानों, मिठाइयों और मेहमाननवाजी के चलते घरों से लेकर होटलों तक रसोई गैस की खपत कई गुना बढ़ जाती है, वहीं देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL और HPCL) ने आज यानी बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर के ताजा दाम जारी कर दिए हैं। आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और दरें पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, अक्टूबर महीने की शुरुआत में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में जो लगभग ₹62 से ₹71 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, वह होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट कारोबारियों के लिए लागत का दबाव बनाए हुए है। यदि आप भी आज नया गैस सिलेंडर बुक करने जा रहे हैं, तो अपने शहर के आधिकारिक और अद्यतन भाव जान लें।महानगरों में घरेलू गैस (14.2 kg) के ताजा भाव: कहां कितना है दाम?तेल कंपनियों के आधिकारिक मूल्य निर्धारण के अनुसार, देश के प्रमुख चारों महानगरों में 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी घरेलू गैस सिलेंडर के रेट्स इस प्रकार स्थिर हैं:महानगर / शहरघरेलू LPG सिलेंडर (14.2 kg)कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 kg)नई दिल्ली₹942.00₹2,810.00मुंबई₹941.50₹2,764.50कोलकाता₹968.00₹2,954.00चेन्नई₹957.50₹2,983.00मुंबई में घरेलू गैस सिलेंडर महानगरों में सबसे सस्ता यानी ₹941.50 पर मिल रहा है, जबकि कोलकाता में यह ₹968.00 प्रति सिलेंडर के स्तर पर है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आम उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर के लिए ₹942.00 चुकाने पड़ रहे हैं।लखनऊ, नोएडा और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में सिलेंडर के रेट्सउत्तर प्रदेश, बिहार और एनसीआर क्षेत्र के प्रमुख शहरों में स्थानीय वैट (VAT) और ट्रांसपोर्टेशन फ्रेट के अनुसार घरेलू सिलेंडर के भाव इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹979.50 पर स्थिर बनी हुई है, जबकि यहां 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर ₹2,932.50 का पड़ रहा है।नोएडा / गाजियाबाद: दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹939.50 के भाव पर बिक रहा है।गुरुग्राम (हरियाणा): साइबर सिटी गुरुग्राम में घरेलू गैस की कीमत ₹950.50 प्रति सिलेंडर है।पटना (बिहार): बिहार की राजधानी पटना में ढुलाई खर्च अधिक होने के कारण 14.2 किलो का सिलेंडर ₹1,031.50 पर उपलब्ध है।जयपुर (राजस्थान): गुलाबी नगरी जयपुर में घरेलू सिलेंडर का भाव ₹945.50 प्रति रिफिल बना हुआ है।बेंगलुरु: आईटी हब बेंगलुरु में आम उपभोक्ता को ₹944.50 प्रति सिलेंडर खर्च करने पड़ रहे हैं।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को ₹300 की सीधी छूटकेंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PM Ujjwala Yojana) के तहत आने वाले 10 करोड़ से अधिक गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को प्रति सिलेंडर ₹300 की लक्षित सब्सिडी (Targeted Subsidy) सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जा रही है।इस सरकारी सब्सिडी के चलते उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर प्रभावी रूप से महज ₹642 में पड़ता है। इसी प्रकार लखनऊ में उज्ज्वला उपभोक्ताओं के लिए प्रभावी लागत घटकर लगभग ₹679.50 रह जाती है। एक वित्तीय वर्ष में उज्ज्वला परिवारों को 12 रिफिल तक यह ₹300 की सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे ग्रामीण और वंचित परिवारों को त्योहारी खर्च में बड़ी राहत मिल रही है।कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से बाहर खाने-पीने पर असरजहां घरेलू गैस की दरें स्थिर हैं, वहीं 19 किलोग्राम वाले नीले कमर्शियल सिलेंडरों के बढ़े हुए दामों ने स्ट्रीट फूड वेंडर्स, हलवाइयों, मिठाई की दुकानों और कैटरर्स का गणित बिगाड़ दिया है। दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹2,810 और पटना व हैदराबाद जैसे शहरों में ₹3,000 के पार बिक रहा है। त्योहारी सीजन में खोया, छेना, नमकीन और मिठाइयों की थोक तैयारी में कमर्शियल गैस की भारी खपत होती है। ईंधन लागत बढ़ने के कारण कई शहरों में कैटरिंग और रेस्टोरेंट के मेन्यू में प्रति प्लेट 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है।घर बैठे व्हाट्सएप और मिस्ड कॉल से 1 मिनट में करें एलपीजी बुकिंगत्योहारी भीड़-भाड़ के दौरान गैस एजेंसी के चक्कर काटने से बचने के लिए ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से इन डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर आसानी से सिलेंडर बुक और ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं:इंडेन (Indane - IOCL): अपने रजिस्टर्ड फोन से 7718955555 पर कॉल करें या व्हाट्सएप पर 'REFILL' लिखकर 7588888824 पर मैसेज भेजें।भारत गैस (Bharat Gas - BPCL): व्हाट्सएप पर 'HI' या 'Book' लिखकर 1800224344 पर भेजें।एचपी गैस (HP Gas - HPCL): अपने मोबाइल से 9222201122 पर व्हाट्सएप करें अथवा एचपी-पे (HP Pay) मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें।डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC): गैस बुक होने के बाद आपके पंजीकृत मोबाइल पर 4 अंकों का डिलीवरी कोड भेजा जाएगा। जब हॉकर आपके घर गैस सिलेंडर पहुंचाने आए, तो वजन (सिलेंडर पर दर्ज ग्रॉस वेट) और सील की जांच करने के बाद ही यह कोड साझा करें।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी हलचल के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—जैसे इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने आज यानी बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की ताजा दरें जारी कर दी हैं। देश के अधिकांश महानगरों और प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर लगने वाले वैट (VAT) और माल ढुलाई शुल्क (Freight Charges) में मामूली बदलाव के चलते कुछ चुनिंदा शहरों में हल्की घट-बढ़ देखने को मिली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर बना हुआ है, जबकि आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर के स्तर पर बिक रहा है।देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा भावभारतीय तेल कंपनियों द्वारा सुबह 6 बजे जारी किए गए अपडेट के अनुसार, देश के चारों प्रमुख महानगरों में ईंधन की दरें इस प्रकार हैं:शहरपेट्रोल (रुपये/लीटर)डीजल (रुपये/लीटर)नई दिल्ली₹102.12₹95.20मुंबई₹111.21₹97.83कोलकाता₹113.51₹99.82चेन्नई₹107.76₹99.55चारों महानगरों में कोलकाता में पेट्रोल की कीमत मुंबई की तुलना में ₹2.30 प्रति लीटर अधिक दर्ज की गई है, जबकि चेन्नई में डीजल ₹99.55 प्रति लीटर के भाव पर स्थिर बना हुआ है।लखनऊ, नोएडा और अन्य प्रमुख शहरों में क्या हैं आज के रेट्स?उत्तर प्रदेश और देश के अन्य बड़े औद्योगिक व रिहायशी केंद्रों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।नोएडा / ग्रेटर नोएडा: स्थानीय वैट समायोजन के बाद नोएडा में पेट्रोल 16 पैसे बढ़कर ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल 12 पैसे चढ़कर ₹95.56 प्रति लीटर पर पहुंच गया है।गुरुग्राम: हरियाणा के साइबर हब गुरुग्राम में पेट्रोल ₹102.97 प्रति लीटर और डीजल ₹95.64 प्रति लीटर बिक रहा है।बेंगलुरु: आईटी सिटी बेंगलुरु में पेट्रोल ₹111.68 प्रति लीटर और डीजल ₹99.56 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।हैदराबाद: प्रमुख शहरों में सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल हैदराबाद में पेट्रोल ₹116.15 प्रति लीटर और डीजल ₹104.23 प्रति लीटर है।पटना: बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹113.37 प्रति लीटर और डीजल ₹99.36 प्रति लीटर पर टिका हुआ है।चंडीगढ़: केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹101.54 प्रति लीटर और डीजल ₹89.47 प्रति लीटर पर बना हुआ है, जो तुलनात्मक रूप से सबसे किफायती दरों में शामिल है।हर शहर में अलग-अलग क्यों होते हैं पेट्रोल और डीजल के दाम?भारत में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) लगाया जाता है, जबकि विभिन्न राज्य सरकारें अपने राजस्व के आधार पर अलग-अलग दर से वैट (Value Added Tax) और स्थानीय उपकर (Cess) वसूलती हैं। इसके अतिरिक्त, रिफाइनरी से पेट्रोल पंप तक तेल पहुंचाने की ढुलाई लागत (Freight Charges) और डीलर्स का कमीशन भी हर राज्य और शहर के हिसाब से अलग-अलग जुड़ता है। यही कारण है कि एक ही दिन अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के खुदरा बिक्री मूल्य (RSP) में अंतर दिखाई देता है।अपने मोबाइल से SMS भेजकर ऐसे चेक करें अपने शहर के ताजा रेट्सयदि आप घर से निकलने से पहले अपनी गाड़ी का फ्यूल टैंक फुल कराने की सोच रहे हैं, तो तेल विपणन कंपनियों की एसएमएस सेवा के जरिए कुछ ही सेकंडों में अपने नजदीकी पेट्रोल पंप के ताजा भाव जान सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक: अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर RSP डीलर कोड लिखें और उसे 9224992249 पर भेज दें।भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: अपने फोन से RSP डीलर कोड लिखकर 9223112222 पर सेंड करें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक: मैसेज में HPPRICE डीलर कोड टाइप करें और उसे 9222201122 पर भेज दें।एसएमएस भेजते ही संबंधित कंपनी की ओर से आपके मोबाइल पर तुरंत एक मैसेज आएगा, जिसमें उस डीलर कोड से जुड़े पेट्रोल पंप के पेट्रोल और डीजल के अद्यतन दाम दर्ज होंगे। इसके अलावा, प्रमुख तेल कंपनियों के मोबाइल एप्लिकेशन (जैसे इंडियन ऑयल का IndianOil ONE ऐप) पर भी शहरवार लाइव कीमतें देखी जा सकती हैं।
LIVE: पुलिस स्मृति दिवस पर क्या बोले पीएम मोदी?
Latest News Today Live Updates in Hindi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। पल-पल की जानकारी...
'रामायण' का क्रेज, ₹2,600 के पार पहुंची सबसे महंगे टिकट की कीमत!
रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी की 'रामायण पार्ट 1' की एडवांस बुकिंग, 5 नवंबर को होने वाली रिलीज से 16 दिन पहले ही शुरू हो गई है. इसकी स्क्रीनिंग सुबह 6 बजे से आधी रात तक रखी गई हैं.
त्योहारों पर रेलवे का तोहफा, दिल्ली-पटना के बीच एक और वंदे भारत
त्योहारी सीजन में दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने सफर का एक और विकल्प दिया है. नई दिल्ली और पटना के बीच दूसरी जोड़ी स्पेशल वंदे भारत ट्रेन चलाने का ऐलान किया गया है. नई दिल्ली से इसकी सेवा 22 अक्टूबर और पटना से 24 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी. दोनों दिशाओं में ट्रेन 16-16 फेरे लगाएगी. पहले से घोषित एक अन्य वंदे भारत स्पेशल के साथ शुक्रवार छोड़कर सप्ताह में छह दिन इस रूट पर ट्रेन मिलेगी.
वैश्विक टेक दिग्गज एप्पल (Apple Inc.) के लिए भारतीय बाजार अब केवल एक उभरता हुआ विकल्प नहीं, बल्कि उसके सबसे मजबूत ग्रोथ इंजनों में से एक बन चुका है। कंपनी की भारतीय सहायक इकाई 'एप्पल इंडिया' (Apple India Private Limited) ने अपने आधिकारिक वित्तीय नतीजों में ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए सबको चौंका दिया है। कंपनी द्वारा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) में दाखिल ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का कुल परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) 31 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगाकर ₹1,03,853 करोड़ (1.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा ₹79,060 करोड़ रहा था। इसके साथ ही एप्पल भारत में ₹1 लाख करोड़ का वार्षिक रेवेन्यू आंकड़ा पार करने वाली चुनिंदा बहुराष्ट्रीय और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के एलीट क्लब में शामिल हो गई है। वित्तीय मोर्चे पर इससे भी बड़ा धमाका मुनाफे के आंकड़े ने किया है, जहां कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) 66 प्रतिशत से अधिक बढ़कर ₹5,311 करोड़ पर पहुंच गया है, जो एक साल पहले केवल ₹3,196 करोड़ था।मुनाफे में 66% की ऐतिहासिक तेजी: रेवेन्यू से दोगुना भागा कंपनी का नेट प्रॉफिटएप्पल इंडिया की बैलेंस शीट का सबसे प्रभावशाली पहलू यह रहा है कि कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) ने उसके राजस्व की वृद्धि दर को काफी पीछे छोड़ दिया है। जहां परिचालन राजस्व में 31% की वृद्धि दर्ज की गई, वहीं शुद्ध मुनाफे में 66% से अधिक का उछाल आया है। विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय बाजार में प्रीमियम और अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट की बढ़ती मांग ने कंपनी के मार्जिन को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है।भारतीय उपभोक्ता अब बेस मॉडल तक सीमित न रहकर महंगे 'प्रो' (Pro) और 'प्रो मैक्स' (Pro Max) मॉडल्स की ओर तेजी से अपग्रेड हो रहे हैं। इन प्रीमियम डिवाइसेज पर कंपनी को अधिक ग्रॉस मार्जिन मिलता है। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर असेंबलिंग और विनिर्माण बढ़ने से लॉजिस्टिक्स लागत और आयात शुल्कों (Customs Duties) में हुई बचत ने सीधे तौर पर कंपनी के बॉटम लाइन यानी शुद्ध मुनाफे को मजबूत किया है। कंपनी के टैक्स पूर्व मुनाफे और परिचालन मार्जिन दोनों में ही अभूतपूर्व सुधार देखा गया है।आईफोन की बिक्री में 24% का उछाल: भारत बना प्रीमियम स्मार्टफोन हबभारतीय स्मार्टफोन बाजार में जहां समग्र रूप से सुस्ती या एकल अंक की वृद्धि देखी जा रही है, वहीं एप्पल के प्रीमियम वॉल्यूम ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। वित्तीय फाइलिंग के अनुसार, भारत में आईफोन की कुल बिक्री मात्रा (Sales Volume) में 24 प्रतिशत का ठोस इजाफा दर्ज किया गया है।इस रिकॉर्ड बिक्री के पीछे सबसे बड़ा हाथ भारतीय युवाओं और मध्यम वर्ग में प्रीमियम गैजेट्स के प्रति बढ़ती दीवानगी रही है। इसके अलावा कई प्रमुख रणनीतिक कारकों ने बिक्री को अभूतपूर्व पंख लगाए हैं:आसान फाइनेंसिंग और नो-कॉस्ट ईएमआई: क्रेडिट कार्ड और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लोन पर मिलने वाली 12 से 24 महीनों की ब्याज-मुक्त किस्तों ने ₹80,000 से ₹1.5 लाख के फोन को आम नौकरीपेशा की पहुंच में ला दिया।आक्रामक ट्रेड-इन और एक्सचेंज ऑफर्स: पुराने एंड्रॉयड या पुराने आईफोन के बदले मिलने वाले आकर्षक एक्सचेंज वैल्यू ने ग्राहकों को नए मॉडल खरीदने के लिए प्रेरित किया।ई-कॉमर्स और त्योहारी सेल: फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज, अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल और ऑफलाइन क्रोमा व रिलायंस डिजिटल जैसे स्टोर्स पर त्योहारी सीजन में दी गई छूट ने बिक्री के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।सर्विसेज, मैकबुक और वियरेबल्स का भी बढ़ा दायरायद्यपि कंपनी के कुल राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा आईफोन की बिक्री से ही आता है, लेकिन एप्पल के संपूर्ण इकोसिस्टम ने भी भारतीय बाजार में गहरी पैठ बनाई है। कंपनी के सर्विसेज सेगमेंट—जिसमें ऐप स्टोर (App Store), एप्पल म्यूजिक (Apple Music), आईक्लाउड (iCloud) और एप्पल टीवी+ (Apple TV+) शामिल हैं—ने लगातार दोहरा लाभ दिया है। जैसे-जैसे देश में एक्टिव आईफोन यूजर्स का आधार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे मासिक और वार्षिक सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू का फ्लो भी मजबूत हो रहा है।इसके साथ ही, शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और कॉरपोरेट कंपनियों में एम-सीरीज पावर्ड 'मैकबुक' (MacBook Air व MacBook Pro) तथा आईपैड (iPad) की स्वीकार्यता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। एप्पल वॉच (Apple Watch) और एयरपॉड्स (AirPods) ने प्रीमियम ऑडियो व स्मार्टवॉच सेगमेंट में अपनी शीर्ष हिस्सेदारी को और पुख्ता किया है।मेक इन इंडिया और रिटेल स्टोर्स का गेम-चेंजर प्रभावएप्पल की भारतीय सफलता के पीछे केंद्र सरकार की 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव' (PLI) स्कीम और एप्पल की 'चाइना प्लस वन' (China+1) रणनीति की सबसे बड़ी भूमिका रही है। फॉक्सकॉन (Foxconn), पेगाट्रॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अनुबंध निर्माताओं के जरिए भारत में आईफोन का उत्पादन कई गुना बढ़ चुका है। आज दुनिया भर में बिकने वाले हर सात आईफोन में से कम से कम एक आईफोन का निर्माण भारत की धरती पर हो रहा है।हालांकि, भारत से होने वाले अरबों डॉलर के आईफोन निर्यात को एप्पल के विदेशी कॉर्पोरेट उपक्रमों के माध्यम से दर्ज किया जाता है, लेकिन घरेलू बाजार में स्थानीय स्तर पर तैयार डिवाइसेज की सीधी आपूर्ति ने एप्पल इंडिया को सप्लाई चेन की अड़चनों से पूरी तरह मुक्त रखा है। इसके अतिरिक्त, मुंबई के बीकेसी (BKC) और दिल्ली के साकेत में खुले फ्लैगशिप आधिकारिक एप्पल स्टोर्स को ग्राहकों से मिले भारी रिस्पॉन्स के बाद कंपनी अब बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली-एनसीआर और हैदराबाद जैसे टियर-1 शहरों में अपने नए एक्सक्लूसिव रिटेल स्टोर्स खोलने की तैयारी में है।टिम कुक का भारतीय बाजार पर भरोसा साबित हुआ सहीएप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टिम कुक बार-बार अपनी वैश्विक अर्निंग कॉल्स में भारत को कंपनी के भविष्य का सबसे बड़ा रणनीतिक बाजार बताते रहे हैं। ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंचा यह रेवेन्यू और 66% बढ़ा मुनाफा दर्शाता है कि भारतीय बाजार अब वैश्विक वित्तीय मानचित्र पर एप्पल के शीर्ष देशों की श्रेणी में मजबूती से स्थापित हो चुका है।बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर्स से लैस नए 'एप्पल इंटेलिजेंस' (Apple Intelligence) अपडेट्स और स्थानीय विनिर्माण के निरंतर विस्तार के साथ चालू वित्त वर्ष में कंपनी की विकास दर और अधिक तेज हो सकती है। प्रीमियम ब्रांडिंग, आक्रामक मार्केटिंग और भारतीय उपभोक्ता की बढ़ती क्रय शक्ति के इस संगम ने एप्पल इंडिया को सफलता के उस शिखर पर पहुंचा दिया है जहां तक पहुंचना किसी भी विदेशी हार्डवेयर कंपनी के लिए अब तक एक सपना माना जाता था।
भदोही में विसर्जन के दौरान जोरदार धमाका! हाथ में पटाखों का बैग फटा
भदोही के चौरी थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान पटाखों के थैले में आग लगने से एक बड़ा हादसा हो गया. इस अचानक हुए जोरदार धमाके में एक महिला समेत कुल सात लोग बुरी तरह झुलस गए. गम्भीर रूप से घायल एक युवक को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी के बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का स्थानीय निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न की तलाश कर रहे आम निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से सबसे भरोसेमंद वित्तीय साधन रहा है। हाल के समय में जब बड़े सार्वजनिक और निजी बैंक अपने ब्याज दरों को सीमित दायरे में बनाए हुए हैं, तब निजी क्षेत्र के अग्रणी बैंक 'बंधन बैंक' (Bandhan Bank) ने मध्यम अवधि की एफडी पर बेहद आकर्षक ब्याज दरें पेश की हैं। बंधन बैंक अपने सामान्य नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों को 1 साल से लेकर 3 साल के कार्यकाल पर 7% से लेकर करीब 7.5% (और सीनियर सिटीजन्स को लगभग 7.95% तक) का शानदार वार्षिक रिटर्न ऑफर कर रहा है। ऐसे में यदि कोई निवेशक ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की एकमुश्त पूंजी को 2 वर्ष या 3 वर्ष की अवधि के लिए 7.5% प्रति वर्ष के अनुमानित ब्याज दर पर जमा करता है, तो चक्रवृद्धि ब्याज (Quarterly Compounding) की ताकत से मैच्योरिटी पर कितनी रकम हाथ में आएगी, इसका सटीक हिसाब समझना हर निवेशक के लिए जरूरी है।बैंकों में एफडी पर मिलने वाला रिटर्न मुख्य रूप से त्रैमासिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) के आधार पर तय होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि हर तीन महीने पर अर्जित ब्याज आपके मूलधन में जुड़ता जाता है और अगली तिमाही में उस बढ़े हुए बैलेंस पर ब्याज मिलता है, जिससे शुद्ध रिटर्न सामान्य साधारण ब्याज की तुलना में काफी बढ़ जाता है। बंधन बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मान्यता प्राप्त एक शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक है, जिसका अर्थ यह भी है कि इसमें जमा प्रत्येक ग्राहक की ₹5 लाख तक की पूंजी 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' (DICGC) के तहत पूरी तरह सुरक्षित और बीमित रहती है। आइए देखते हैं कि ₹1 लाख का निवेश 2 और 3 साल में कितना बड़ा फंड तैयार करेगा।₹1 लाख की FD: 2 साल में 7.5% की दर से कितना मिलेगा रिटर्न?यदि आप ₹1,00,000 की राशि को 2 वर्षों के लिए 7.50% वार्षिक ब्याज दर पर क्युमुलेटिव (Cumulative) यानी संचयी एफडी में निवेश करते हैं, तो त्रैमासिक कंपाउंडिंग के साथ 24 महीने बाद आपका रिटर्न कुछ इस प्रकार तैयार होगा:कुल जमा मूलधन (Principal Amount): ₹1,00,000वार्षिक ब्याज दर (Annual Interest Rate): 7.50%कंपाउंडिंग फ्रीक्वेंसी: त्रैमासिक (Quarterly)कुल समय अवधि (Tenure): 2 वर्ष (8 तिमाहियां)2 साल में कुल अर्जित ब्याज (Total Interest Earned): लगभग ₹16,0222 साल बाद मिलने वाली कुल मैच्योरिटी राशि (Maturity Amount): लगभग ₹1,16,022सीधे शब्दों में कहें तो 2 साल तक बिना पैसे छुए रखे रहने पर आपको केवल ब्याज के रूप में ₹16,000 से अधिक की अतिरिक्त कमाई होगी। यदि आप बंधन बैंक की वास्तविक स्लैब दर (जो सामान्य नागरिकों के लिए लगभग 7.45% के स्तर पर है) पर भी गणना करें, तो यह रकम लगभग ₹15,908 से ₹16,000 के बेहद करीब बैठती है।₹1 लाख की FD: 3 साल में 7.5% की दर से बनेगा कितना फंड?जब आप अपने निवेश की अवधि को एक साल और बढ़ाकर 3 वर्ष (36 महीने) कर देते हैं, तो कंपाउंडिंग का असर और भी मजबूत हो जाता है। ₹1 लाख के निवेश पर 3 साल में मिलने वाला रिटर्न इस प्रकार होगा:कुल जमा मूलधन (Principal Amount): ₹1,00,000वार्षिक ब्याज दर (Annual Interest Rate): 7.50%कंपाउंडिंग फ्रीक्वेंसी: त्रैमासिक (Quarterly)कुल समय अवधि (Tenure): 3 वर्ष (12 तिमाहियां)3 साल में कुल अर्जित ब्याज (Total Interest Earned): लगभग ₹24,972 (करीब ₹25,000)3 साल बाद मिलने वाली कुल मैच्योरिटी राशि (Maturity Amount): लगभग ₹1,24,972 (करीब ₹1.25 लाख)यानी 3 साल के भीतर आपकी मूल पूंजी का लगभग एक-चौथाई हिस्सा शुद्ध ब्याज के रूप में आपकी जेब में आ जाएगा। यह रिटर्न उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बाजार का कोई जोखिम लिए बिना 3 साल के भीतर किसी लक्ष्य (जैसे बच्चे की स्कूल फीस, घर का कोई सामान खरीदना या इमरजेंसी फंड) के लिए पैसा अलग रखना चाहते हैं।सीनियर सिटीजन्स को मिलेगा अतिरिक्त फायदावरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक आयु) के लिए बंधन बैंक सामान्य दरों से 0.50% से 0.75% तक का अतिरिक्त ब्याज ऑफर करता है। यदि कोई बुजुर्ग नागरिक 2 से 3 साल की अवधि के लिए एफडी कराता है, तो प्रभावी ब्याज दर लगभग 7.75% से 7.95% तक पहुंच जाती है।इस स्थिति में ₹1 लाख के निवेश पर वरिष्ठ नागरिकों को 2 साल में लगभग ₹17,100 से ₹17,200 और 3 साल की अवधि में लगभग ₹26,500 से ₹27,000 तक का एकमुश्त ब्याज प्राप्त हो सकता है। मासिक खर्चों के लिए बुजुर्ग चाहें तो क्युमुलेटिव के बजाय 'मंथली या क्वार्टरली इंटरेस्ट पेआउट' का विकल्प भी चुन सकते हैं, जिसमें ब्याज सीधे उनके पेंशन या बचत खाते में जमा होता रहेगा।टीडीएस और टैक्स के नियम समझना भी है जरूरीबैंक एफडी में निवेश करते समय टैक्स के नियमों को जानना बेहद महत्वपूर्ण है। इनकम टैक्स नियमों के अनुसार:टीडीएस (TDS) की सीमा: एक वित्तीय वर्ष में यदि किसी सामान्य नागरिक को सभी बैंक एफडी से मिलने वाला कुल ब्याज ₹40,000 से अधिक होता है, तो बैंक 10% की दर से टीडीएस काटता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह छूट सीमा ₹50,000 प्रति वर्ष है। ₹1 लाख की एफडी पर मिलने वाला सालाना ब्याज लगभग ₹7,500 बैठता है, जो ₹40,000 की सीमा से काफी कम है, इसलिए इस अकेले डिपॉजिट पर टीडीएस नहीं कटेगा।टैक्स स्लैब के अनुसार देनदारी: भले ही टीडीएस न कटे, लेकिन एफडी से होने वाली ब्याज आय निवेशक की कुल सालाना आय में जुड़ती है और व्यक्ति अपने संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर कर चुकाने के लिए उत्तरदायी होता है। यदि आपकी कुल वार्षिक आय कर-योग्य सीमा से कम है, तो आप फॉर्म 15G (वरिष्ठ नागरिकों के लिए फॉर्म 15H) भरकर बैंक को दे सकते हैं ताकि टीडीएस की कोई कटौती न हो।प्री-मैच्योर विड्रॉल और लोन की सुविधाबंधन बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट पर तरलता (Liquidity) की सुविधा भी प्रदान करता है। यदि कार्यकाल पूरा होने से पहले आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो आप एफडी को समय से पहले तुड़वा (Premature Break) सकते हैं, हालांकि इस पर लागू ब्याज दर में से आमतौर पर 1% का पेनल्टी चार्ज काटा जाता है।दूसरा और अधिक समझदारी भरा विकल्प यह है कि एफडी को तोड़े बिना उस पर लोन या ओवरड्राफ्ट (Loan Against FD) ले लिया जाए। बंधन बैंक में आप अपनी जमा राशि का 90% तक लोन आसानी से ले सकते हैं, जिस पर ब्याज दर आपकी एफडी दर से केवल 1.5% से 2% अधिक होती है। इससे आपका ब्याज का चक्र भी नहीं टूटता और आपातकालीन नकदी की जरूरत भी पूरी हो जाती है।ऑनलाइन एफडी कैसे बुक करें?बंधन बैंक के मौजूदा ग्राहक अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप (mBandhan 2.0) या नेट बैंकिंग पोर्टल के माध्यम से 2 मिनट में पेपरलेस तरीके से एफडी खोल सकते हैं। नए ग्राहक बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वीडियो केवाईसी (Video KYC) के जरिए डिजिटल खाता खोलकर या नजदीकी बैंक शाखा में आधार कार्ड, पैन कार्ड और चेक देकर यह उच्च रिटर्न वाली एफडी शुरू कर सकते हैं।
तस्वीर में कितनी बिल्लियां हैं? तेज नजर वाले ही दे पाएंगे सही जवाब
Optical Illusion: इस तस्वीर में एक कमरे के अंदर कई बिल्लियां दिखाई दे रही हैं. कुछ सोफे पर बैठी हैं, कुछ टेबल के नीचे और कुछ अलमारी में नजर आती हैं. चैलेंज है तस्वीर में मौजूद सभी बिल्लियों को गिनकर उनकी सही संख्या बताना.
छोटी बेटी 'देवी' संग दीपिका का रॉयल लुक, पहना इतना महंगा कुर्ता सेट
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने दशहरा के मौके पर अपनी दोनों बेटियों दुआ और देवी के साथ खास फैमिली फोटो शेयर की. तस्वीर में दुआ अपनी छोटी बहन को किस करती नजर आईं. वहीं, दीपिका के हाउस ऑफ मसाबा के 90,000 रुपये के कुर्ता सेट और परिवार के मैचिंग एथनिक लुक ने सबका ध्यान खींचा.
1 लाख से ज्यादा सैलरी, साथ ही कई सुविधाएं, इस पद पर नोटिफिकेशन जारी
क्या आपने भी ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है और सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस पद पर चयनित होने वाले उम्मीदवार को हर महीने 1.51 लाख रुपये तक की सैलरी मिल सकती है लेकिन इसके लिए भी कुछ शर्तें है. चलिए जानते हैं इसके बारे में.
भारतीय डाक विभाग (India Post) देश के कोने-कोने में सबसे सस्ता, सुलभ और विश्वसनीय डिलीवरी नेटवर्क संचालित करता है। छात्र अपने जरूरी दस्तावेज भेजने हों, व्यापारी अपने उत्पाद बेचने हों या आम नागरिक अपने परिजनों को उपहार व सामान भेजते हों, लाखों लोग रोजाना स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड पोस्ट और पार्सल सेवा पर भरोसा करते हैं। लेकिन कई बार पार्सल ले जाने के दौरान सामान रास्ते में गुम हो जाता है, पार्सल से सामान चोरी (Pilferage) हो जाता है या फिर डिब्बा बुरी तरह कुचलकर उसके अंदर का कीमती सामान टूट-फूट जाता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं के मन में सबसे बड़ा संशय यह रहता है कि क्या डाक विभाग इसका मुआवजा देता है? यदि हां, तो क्या पूरे सामान की कीमत मिलती है या केवल नाममात्र की राशि? भारतीय डाक नियमावली और डाकघर अधिनियम के तहत बिना बीमा (Uninsured) और बीमित (Insured) पार्सल को लेकर मुआवजे के नियम बिल्कुल अलग हैं, जिन्हें हर ग्राहक को समझना अनिवार्य है।स्पीड पोस्ट और सामान्य पार्सल खोने या टूटने पर कितना मिलता है मुआवजा?भारतीय डाक विभाग की आधिकारिक नीति के अनुसार, यदि आपने किसी सामान्य (बिना बीमा वाले) स्पीड पोस्ट या डोमेस्टिक पार्सल से कोई सामान भेजा है और वह रास्ते में गुम हो जाता है, चोरी हो जाता है या क्षतिग्रस्त अवस्था में पहुंचता है, तो डाक विभाग सामान की वास्तविक कीमत की भरपाई नहीं करता।इस स्थिति में मुआवजे की गणना का सीधा सरकारी फॉर्मूला लागू होता है:अनइन्श्योर्ड स्पीड पोस्ट के लिए मुआवजा: आपके द्वारा चुकाए गए कुल स्पीड पोस्ट चार्ज का दोगुना (Double the Speed Post Charges) या अधिकतम ₹1,000, दोनों में से जो भी कम हो।उदाहरण से समझें: यदि आपने ₹80 का स्पीड पोस्ट शुल्क चुकाया था और पार्सल खो गया, तो आपको ₹160 (दोगुना) रिफंड मिलेगा। वहीं, यदि आपने भारी पार्सल के लिए ₹700 का डाक शुल्क दिया था, तो इसका दोगुना ₹1,400 बनता है, लेकिन अधिकतम सीमा (Cap) ₹1,000 होने के कारण आपको केवल ₹1,000 का ही मुआवजा दिया जाएगा।डिलीवरी में अत्यधिक देरी होने पर: यदि पार्सल खोया या टूटा नहीं है बल्कि निर्धारित समय से बहुत अधिक देरी (Delay) से पहुंचा है, तो विभाग केवल आपके द्वारा चुकाए गए डाक शुल्क (Speed Post Charges) को वापस लौटाता है।रजिस्टर्ड पार्सल (Registered Parcel): सामान्य रजिस्टर्ड आर्टिकल खोने पर डाक विभाग नियमावली के तहत अधिकतम ₹100 से ₹250 तक की सांकेतिक क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित है।बीमित पार्सल (Insured Parcel) पर मिलता है पूरा हर्जानायही कारण है कि डाक विभाग हमेशा यह चेतावनी देता है कि यदि आप कोई मोबाइल फोन, लैपटॉप, कीमती कपड़े, घड़ियां या आभूषण भेज रहे हैं, तो पार्सल बुक करते समय उसका अनिवार्य बीमा (Postal Insurance) अवश्य कराएं। कई लोग पार्सल के डिब्बे पर लिख देते हैं कि मोबाइल फोन, कीमत ₹25,000, लेकिन केवल डिब्बे पर लिखने से सामान बीमित नहीं माना जाता। इसके लिए काउंटर पर नाममात्र का अतिरिक्त इंश्योरेंस चार्ज चुकाना होता है।यदि आपका पार्सल विधिवत इंश्योर्ड है, तो नुकसान होने पर नियम पूरी तरह बदल जाते हैं:सामान पूरी तरह खो जाने पर: जितने मूल्य का आपने बीमा कराया था (Insured Value), डाक विभाग जांच पूरी होने के बाद उस पूरी राशि का भुगतान करता है।आंशिक क्षति या टूट-फूट पर: यदि पार्सल के भीतर का सामान टूट गया है, तो नुकसान के वास्तविक मूल्यांकन (Assessment of Damage) के आधार पर बीमा राशि के दायरे में मुआवजा तय किया जाता है।अधिकतम सीमा: स्पीड पोस्ट पार्सल पर बीमा कवर की अधिकतम सीमा बढ़ाकर ₹5 लाख तक की गई है, बशर्ते आपके पास उस सामान का वैध खरीद बिल या इनवॉइस मौजूद हो।किन परिस्थितियों में डाक विभाग मुआवजा देने से कर देता है इनकार?डाकघर नियमों में कुछ ऐसी शर्तें भी तय की गई हैं जहां पार्सल के नुकसान का कोई हर्जाना नहीं दिया जाता:गलत या अधूरा पता: यदि प्रेषक ने पार्सल पर गलत पता, गलत पिन कोड या अधूरा मोबाइल नंबर लिखा था जिसके चलते डिलीवरी नहीं हो सकी।खराब या कमजोर पैकिंग: यदि ग्राहक ने शीशे, चीनी मिट्टी या नाजुक इलेक्ट्रॉनिक सामान को बिना बबलब्रैप या थर्माकोल के साधारण लिफाफे/डिब्बे में पैक किया था और वह दबाव पड़ने से टूट गया, तो इसे ग्राहक की लापरवाही माना जाता है।प्राकृतिक आपदाएं (Force Majeure): बाढ़, भूकंप, ट्रेन दुर्घटना, दंगे, चक्रवात या ऐसी अप्रत्याशित घटनाएं जो डाक विभाग के नियंत्रण से बाहर हैं।प्रतिबंधित सामग्री: पार्सल में विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ, तरल पदार्थ, तेजाब या गैर-कानूनी वस्तुएं भेजने पर न केवल क्लेम खारिज होता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।पार्सल खोने या टूटने पर मुआवजा क्लेम करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेसयदि आपका पार्सल रास्ते में गुम हो गया है या प्राप्तकर्ता को टूटी हुई हालत में मिला है, तो मुआवजा पाने के लिए यह प्रक्रिया अपनाएं:सबूत और दस्तावेज जुटाएं:पार्सल बुकिंग की मूल रसीद (Booking Receipt), जिसमें 13 अंकों का कंसाइनमेंट नंबर (जैसे EU123456789IN), तारीख और चुकाया गया शुल्क दर्ज हो।ट्रैकिंग हिस्ट्री का स्क्रीनशॉट, जिसमें पार्सल के कई दिनों से एक ही जगह अटके होने का प्रमाण हो।यदि सामान टूट-फूट गया है, तो पार्सल के डिब्बे और क्षतिग्रस्त सामान की स्पष्ट तस्वीरें व अनबॉक्सिंग वीडियो।बीमित सामान के मामले में खरीद का मूल कैश मेमो या जीएसटी बिल।ऑनलाइन कंप्लेंट दर्ज करें:इंडिया पोस्ट के आधिकारिक पोर्टल (indiapost.gov.in) पर जाएं और 'Register Complaint' विकल्प चुनें।सर्विस टाइप में 'Speed Post' या 'Parcel' चुनें और कैटेगरी में 'Lost Article' या 'Damage of Contents' का चयन करें।कंसाइनमेंट नंबर, प्रेषक व प्राप्तकर्ता का पूरा विवरण दर्ज करें और क्षतिग्रस्त सामान की फोटो व बुकिंग रसीद अटैच करें।फॉर्म सबमिट करने के बाद मिलने वाले कंप्लेंट सर्विस रिक्वेस्ट (SR) नंबर को सुरक्षित रख लें।ऑफलाइन आवेदन और क्लेम लेटर:जिस पोस्ट ऑफिस (Booking Branch) से आपने पार्सल भेजा था, वहां के पोस्टमास्टर या सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस (SSPO) के नाम एक औपचारिक क्लेम पत्र लिखें।पत्र में स्पष्ट लिखें कि आपका पार्सल अमुक तारीख से गुम है या क्षतिग्रस्त अवस्था में पहुंचा है, अतः निर्धारित नियमों के तहत मुआवजा जारी किया जाए।मुआवजा राशि का भुगतान:डाक विभाग का आंतरिक सतर्कता और जांच प्रकोष्ठ मामले की पड़ताल करता है।जब यह आधिकारिक रूप से प्रमाणित हो जाता है कि पार्सल डाक विभाग की लापरवाही से खोया या क्षतिग्रस्त हुआ है, तो प्रेषक से एक क्षतिपूर्ति बॉन्ड (Undertaking) भरवाकर मुआवजा राशि सीधे उनके बैंक खाते या चेक के जरिए जारी कर दी जाती है।क्लेम करने की समय सीमा और उपभोक्ता अदालत का विकल्पडाक विभाग के नियमों के तहत पार्सल गुम होने की शिकायत बुकिंग की तारीख से 30 से 60 दिनों के भीतर दर्ज कराना आवश्यक होता है। यदि पार्सल डैमेज हुआ है, तो डिलीवरी मिलने के 7 कार्यदिवसों के भीतर लिखित आपत्ति दर्ज करानी चाहिए।यदि डाक विभाग आपकी वैध शिकायत का समाधान नहीं करता है या लापरवाही के बावजूद क्षतिपूर्ति देने से मना करता है, तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (Consumer Protection Act) के तहत जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (Consumer Court / e-Daakhil Portal) में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। कई मामलों में उपभोक्ता अदालतों ने डाक विभाग की घोर सेवा में कमी (Deficiency in Service) पाए जाने पर डाक विभाग को सामान की पूरी लागत के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना का भारी हर्जाना चुकाने का आदेश दिया है। भविष्य में नुकसान से बचने के लिए किसी भी मूल्यवान पार्सल को भेजते समय मामूली शुल्क देकर इंश्योरेंस अवश्य कराएं।
26/11 हमले के गवाह, कौन हैं सुनील कुड्यादी जिन्होंने रुबियो को दी जानकारी?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मुंबई के ताज पैलेस होटल में 26/11 आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. रुबियो ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूत साझेदारी पर जोर दिया.
अफ्रीकी गेंदबाज ने बल्ले से काटा गदर, 18 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
साइमन हार्मर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गकेबरहा टेस्ट मैच में बल्ले से धमाकेदार पारी खेली. तीन मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया फिलहाल 1-0 से आगे है. उसने पहला टेस्ट 214 रनों से जीता था. अब दूसरे टेस्ट में साउथ अफ्रीका की मजबूत वापसी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है.
पढ़ें 21 अक्टूबर 2026 की सुबह की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को ऑयल रिफाइनरी का सुपरवार बताया है. आज मार्को रुबियो जामनगर जाएंगे. वे वहां रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों से बात करेंगे.
फिल्म अभिनेता टाइगर श्राफ पर हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन पर शूटर्स को हथियार पहुंचाने का आरोप है। इससे पहले 3 शूटर्स को भी कोटा से गिरफ्तार किया गया था। सभी को मुंबई लाया गया। उन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एक अहम घटनाक्रम में, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका के खिलाफ दर्ज एक और मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। समाचार एजेंसी PTI के सूत्रों के अनुसार, अब क्राइम ब्रांच CJP नेताओं के खिलाफ दर्ज दो मामलों की जांच करेगी। दास और रंका के जंतर-मंतर इलाके में कथित तौर पर घुसने से जुड़ा एक अन्य मामला सोमवार को ही क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया था। मुख्य बातें: जांच क्राइम ब्रांच के हवाले: दिल्ली पुलिस ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका के खिलाफ दर्ज दूसरे मामले की जांच भी क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। निजी परिसर से प्रवेश का आरोप: CJP नेताओं पर 13 अक्टूबर को गैर-अधिसूचित विरोध-प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर में निजी परिसरों के रास्ते अवैध रूप से दाखिल होने का आरोप है। न्यायिक हिरासत बढ़ी: विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने 'शांति भंग' के आरोप में नेताओं की न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ा दी है। दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे नेता: जमानत/मुचलका देने के बावजूद हिरासत में रखे जाने को CJP नेताओं ने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। CJP नेताओं ने निजी परिसर से होकर जंतर-मंतर में प्रवेश किया दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर को दास, रंका, अजिंक्य शिंदे और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 11 अन्य सदस्य निजी परिसरों से होकर जंतर-मंतर पहुंच गए। बता दें कि जंतर-मंतर को अब आधिकारिक तौर पर विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और उन्हें रोकने की कोशिश की। उस दिन, सभी 14 लोगों को हिरासत में ले लिया गया और उनके खिलाफ दो FIR दर्ज की गईं। सौरव दास और अजिंक्य रंका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया गौरतलब है कि 'शांति भंग' (पीस बॉन्ड के उल्लंघन) के आरोप में, एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने 14 अक्टूबर को सौरव दास और अजिंक्य रंका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सोमवार को उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई। इस बीच, सौरव दास और आशुतोष रंका ने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के उस आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जिसके तहत उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई थी। उन्होंने तर्क दिया है कि जमानत/मुचलका (sureties) देने के बावजूद उन्हें हिरासत में रखना उनके 'स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार' का उल्लंघन है। उनकी कानूनी टीम के अनुसार, इन नेताओं ने नई दिल्ली जिले के विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा 19 अक्टूबर को पारित उस आदेश को चुनौती दी है, जो 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत उनके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही के दौरान दिया गया था। वकीलों का क्या कहना है? उनके वकीलों ने बताया कि जमानत/मुचलका (sureties) बार-बार पेश करने के बावजूद ये नेता अभी भी हिरासत में हैं। उनका तर्क है कि उनकी हिरासत बढ़ाने का फैसला मनमाना है और स्थापित कानूनी सिद्धांतों के खिलाफ है। इसके अलावा, कानूनी टीम ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने 19 अक्टूबर को पेश की गई नई जमानतें (sureties) खारिज कर दीं और नेताओं से यह बताने को कहा कि शांति भंग होने की आशंका क्यों नहीं होनी चाहिए। इस मामले पर आज सुनवाई होनी है। उनकी कानूनी टीम ने बताया कि दास और रंका को 10 अक्टूबर को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर पहुंचने पर हिरासत में ले लिया गया था। अगले दिन उनके खिलाफ एहतियाती कार्रवाई शुरू की गई, जिसके बाद उन्हें 50,000-50,000 रुपये के बॉन्ड भरने पर रिहा कर दिया गया। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
अभिषेक बच्चन की ठुकराई फिल्म से चमक गई थी इस एक्टर की किस्मत, बॉक्स ऑफिस पर हुई थी छप्परफाड़ कमाई
मिलाप जावेरी की फिल्म 'एक दीवाने की दीवानीयत' से हर्षवर्धन राणे ने बॉलीवुड में शानदार वापसी की थी. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की थी. हालांकि कम ही लोगों को पता होगा कि इस फिल्म के लिए पहली पसंद हर्षवर्धन राणे नहीं थे.
दिल्ली एयरपोर्ट पर भगवंत मान को क्यों भरना पड़ा 50 हजार का जुर्माना? 3 घंटे तक रोके गए CM
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार भगवंत मान को अपमानित करने और पंजाब की गरिमा को ठेस पहुंचाने की एक सोची-समझी कोशिश है।
पेरिस और मार्सेई समेत कई फ्रांसीसी शहरों में हिंसक प्रदर्शन और लूटपाट हुई. Louis Vuitton, Dior, Herms, Ralph Lauren सहित कई बड़े ब्रांड्स निशाने पर रहे. बीमा नुकसान 1 अरब यूरो से अधिक पहुंचने का अनुमान है.
जो AI कंपनी दुनियाभर में वायरल, उसको हुआ 75 लाख करोड़ का नुकसान
AI टेक्नोलॉजी को भले ही कितना ही फायदा का सौदा बताया जाए, लेकिन अभी यह कंपनियों के लिए बड़े खर्च का सौदा बन रहा है. लेटेस्ट रिपोर्ट में बताया है कि Anthropic को साल 2026 की पहली छमाही में 75,76,888 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
बाथरूम का पटला कैसे साफ करें? खारे पानी के दाग कैसे हटाएं प्लास्टिक के पटले से
Hard Water Stains Removal: बाथरूम में खारे पानी के कारण प्लास्टिक के पटले पर सफेद-पीले दाग जम जाते हैं, जिन्हें साफ करना मुश्किल होता है. सफेद सिरका, बेकिंग सोडा और साइट्रिक एसिड से इन्हें हटाने में मदद मिल सकती है. नियमित सफाई और पानी सुखाने से दाग कम जमते हैं.
देश की राजधानी दिल्ली में अपना खुद का पक्का मकान खरीदने का सपना देख रहे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राहत भरी आवासीय योजना की शुरुआत की है। डीडीए की 'आवास निवेश योजना' के तहत उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के नरेला (सेक्टर G2-G6) में 25 प्रतिशत की भारी छूट के साथ लगभग 2,516 रेडी-टू-मूव 1-BHK (LIG) फ्लैट्स की ऑनलाइन बुकिंग 'पहले आओ, पहले पाओ' (First-Come, First-Served) के आधार पर शुरू हो चुकी है। लगभग 49.90 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन फ्लैटों की शुरुआती सांकेतिक कीमत करीब ₹14.95 लाख से ₹15.01 लाख रखी गई है। इतनी किफायती दरों पर दिल्ली में रेडी-टू-मूव फ्लैट मिलने के चलते आम खरीदारों के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलरों और सटोरियों की भी इस योजना पर नजर टिकी हुई है।हालांकि, सस्ते फ्लैट मिलने के उत्साह में कई खरीदार नियमों की अनदेखी कर बैठते हैं और आवंटन मिलते ही या पजेशन से पहले ही 'पावर ऑफ अटॉर्नी' (GPA) अथवा 'एग्रीमेंट टू सेल' (बयाना) के जरिए फ्लैट को मुनाफे पर बेचने का सौदा कर लेते हैं। यदि आप भी ऐसी किसी योजना या धोखे में हैं, तो सावधान हो जाइए। डीडीए और दिल्ली सरकार के कड़े नियमों के मुताबिक, जब तक फ्लैट की पूरी कीमत जमा करके औपचारिक पजेशन न मिल जाए और आपके पक्ष में अधिकृत 'कन्वेयंस डीड' (रजिस्ट्री) निष्पादित न हो जाए, तब तक फ्लैट को किसी तीसरे व्यक्ति को बेचना या ट्रांसफर करना पूरी तरह गैर-कानूनी है। ऐसा करने पर न केवल आपका आवंटन रद्द हो सकता है, बल्कि जमा की गई लाखों की पूंजी भी जब्त हो सकती है और फ्लैट पर डीडीए सीधे सील लगा सकता है।₹15 लाख में नरेला फ्लैट्स: क्या है स्कीम और बुकिंग की प्रक्रिया?डीडीए की आवास निवेश योजना के तहत नरेला के पॉकेट-3 और पॉकेट-6 में स्थित 1-BHK फ्लैट्स पूरी तरह बनकर तैयार हैं और खरीदार तुरंत शिफ्ट हो सकते हैं।रजिस्ट्रेशन व बुकिंग: योजना में भाग लेने के लिए डीडीए के आवास पोर्टल (eservices.dda.org.in) पर ₹2,500 की नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस देनी होती है। इसके बाद फ्लैट चुनने और बुक करने के लिए ₹1,00,000 की बुकिंग राशि ऑनलाइन जमा करनी होती है।भुगतान की समय सीमा: फ्लैट बुक होने के बाद डिमांड-कम-अलॉटमेंट लेटर जारी होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर फ्लैट की शेष राशि का भुगतान करना अनिवार्य होता है।कनेक्टिविटी और लोकेशन: नरेला को नए अर्बन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां रिठाला-नरेला मेट्रो कॉरिडोर, यूईआर-2 (अर्बन एक्सटेंशन रोड) और जीटी करनाल रोड से बेहतर कनेक्टिविटी की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।रजिस्ट्री (Conveyance Deed) से पहले फ्लैट बेचना क्यों है गैर-कानूनी?अक्सर प्रॉपर्टी बाजार में निवेशक फ्लैट को सिर्फ 1 लाख रुपये देकर बुक कर लेते हैं और फिर मार्केट में किसी अन्य व्यक्ति से प्रीमियम (प्रॉफिट) लेकर उसे ट्रांसफर करने की कोशिश करते हैं। लेकिन डीडीए हाउसिंग रेगुलेशंस के तहत जब तक किसी प्रॉपर्टी की 'कन्वेयंस डीड' सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में पंजीकृत नहीं होती, तब तक उस संपत्ति का असली और एकमात्र कानूनी मालिक केवल डीडीए ही होता है।सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले (सूरज लैंप केस) के अनुसार, जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA), वसीयत (Will) या एग्रीमेंट टू सेल के आधार पर किसी भी अचल संपत्ति का मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं हो सकता। जब तक फ्लैट फ्रीहोल्ड होकर आपके नाम पर रजिस्टर्ड नहीं हो जाता, तब तक किसी भी अनधिकृत ट्रांसफर को डीडीए अनुबंध की शर्तों का खुला उल्लंघन मानता है।रजिस्ट्री से पहले बेचने की गलती की, तो क्या होंगे गंभीर परिणाम?यदि कोई आवंटी पूरी औपचारिकताएं और रजिस्ट्री पूरी किए बिना फ्लैट को अनाधिकारिक रूप से बेचता या गिरवी रखता पाया जाता है, तो डीडीए प्रशासन निम्नलिखित कठोर कानूनी कदम उठाता है:आवंटन का तत्काल रद्दीकरण (Cancellation of Allotment): डीडीए नियमों के क्लॉज के तहत प्राधिकरण बिना किसी पूर्व कानूनी नोटिस के फ्लैट का अलॉटमेंट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर देता है।पूरी जमा राशि की जब्ती (Forfeiture of Money): फ्लैट के लिए जमा की गई बुकिंग राशि (₹1 लाख) और किस्तों में भरा गया पैसा प्राधिकरण द्वारा दंड स्वरूप जब्त कर लिया जाता है। खरीदार को एक भी रुपया रिफंड नहीं मिलता।संपत्ति पर बुलडोजर/सील की कार्रवाई: यदि खरीदार ने तीसरे पक्ष को चाबी सौंप दी है, तो डीडीए की इंफोर्समेंट विंग स्थानीय पुलिस के साथ पहुंचकर फ्लैट को तत्काल खाली कराकर उस पर सरकारी ताला और सील लगा देती है।काली सूची में नाम (Blacklisting): गैर-कानूनी लेन-देन में शामिल आवंटी का पैन कार्ड और आधार नंबर डीडीए के डेटाबेस में ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है, जिससे वह भविष्य में डीडीए की किसी भी अन्य आवासीय या व्यावसायिक योजना में कभी आवेदन नहीं कर सकेगा।ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैट्स पर क्या लॉक-इन पीरियड लागू है?डीडीए की अलग-अलग आवासीय योजनाओं में रिसेल को लेकर भिन्न-भिन्न शर्तें होती हैं। सामान्य तौर पर एलआईजी या ओपन एफसीएफएस फ्लैट्स फ्रीहोल्ड कन्वेयंस डीड रजिस्टर्ड होने के बाद बेचे जा सकते हैं। लेकिन यदि फ्लैट ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) श्रेणी का है या किसी विशेष सब्सिडी वाले कोटे के तहत लिया गया है, तो उस पर अक्सर 5 वर्ष का अनिवार्य लॉक-इन पीरियड लागू रहता है।इसका अर्थ यह है कि रजिस्ट्री होने के बाद भी आवंटी 5 साल तक उस मकान को किसी अन्य व्यक्ति को नहीं बेच सकता। हालांकि, वर्तमान नरेला 1-BHK स्कीम में फ्लैट फ्रीहोल्ड कन्वर्जन के साथ दिए जा रहे हैं, लेकिन इसकी पहली और बुनियादी शर्त यह है कि खरीदार पूरा भुगतान करे, अपने नाम रजिस्ट्री कराए, और उसके बाद ही सामान्य बाजार में कानूनन बिक्री की प्रक्रिया शुरू करे।घर खरीदारों और निवेशकों के लिए जरूरी सावधानियांयदि आप नरेला में ₹15 लाख के इस बजट में घर खरीदने का मन बना रहे हैं, तो इन जरूरी बातों को अपनी चेकलिस्ट में अवश्य शामिल करें:वास्तविक साइट विजिट करें: केवल ऑनलाइन ब्रोशर या 25% छूट देखकर बुकिंग न करें। नरेला जाकर सेक्टर G2-G6 की पॉकेट्स, पानी-बिजली की आपूर्ति, सीवरेज, सुरक्षा व्यवस्था और मुख्य शहर से आवागमन के साधनों की जमीनी जांच करें।छिपे हुए खर्चों का बजट बनाएं: ₹15 लाख केवल फ्लैट की मूल लागत (प्लेंथ एरिया) है। इसके अतिरिक्त लगभग ₹2,000 वाटर कनेक्शन चार्ज, 5 साल का एडवांस मेंटेनेंस चार्ज, कन्वर्जन शुल्क और दिल्ली सरकार का स्टाम्प ड्यूटी व रजिस्ट्री शुल्क (करीब 4% से 6%) अलग से देय होगा।खुद रहने या किराये के नजरिए से खरीदें: इस स्कीम को त्वरित मुनाफे या सट्टेबाजी के बजाय अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित छत या लंबी अवधि के रेंटल एसेट के रूप में देखें।दलालों और अनधिकृत एजेंटों से रहें सावधान: डीडीए की पूरी प्रक्रिया एंड-टू-एंड ऑनलाइन है। किसी भी बिचौलिए या डीलर को 'फ्लैट ट्रांसफर' या 'सस्ते में दिलाने' के नाम पर नकद पैसे न दें। सभी भुगतान केवल डीडीए के आधिकारिक पोर्टल से ही करें।डीडीए का यह अफोर्डेबल हाउसिंग ऑफर दिल्ली में किराए के मकान में रह रहे परिवारों के लिए खुद का घर पाने का एक शानदार मौका है। लेकिन कानूनी रूप से सुरक्षित रहने के लिए पूरी प्रक्रिया आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी करें ताकि आपका आशियाना हमेशा आपका ही बना रहे।
CJP संस्थापक Abhijeet Dipke ने किया बड़ा खुलासा
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि आंदोलन से जुड़े बड़े फैसले आशुतोष रांका और सौरव दास लेते थे. दशहरे पर जारी वीडियो संदेश में उन्होंने दोनों को अपना भाई बताया और कहा कि वह उनके निर्देशों का पालन करते थे. जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद दोनों नेता न्यायिक हिरासत में हैं. दिपके ने दिवाली तक प्रदर्शन नहीं करने और समर्थकों से परिवार के साथ समय बिताने की अपील की है.
शिवसेना की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 में जनादेश के साथ सबसे बड़ा धोखा हुआ था। शिंदे ने कहा, ‘‘आपने तो चुनाव भी नहीं लड़ा था, आप पिछले दरवाजे से आए और मुख्यमंत्री बन गए। यह जनादेश के खिलाफ एक बड़ी डकैती थी।’’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है (जैसे तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में), तब ईवीएम या वोट चोरी की याद नहीं आती, लेकिन हारने पर वे बेबुनियाद आरोप लगाने लगते हैं। मुख्य बातें: 2019 के गठबंधन पर निशाना: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि असली ‘वोट चोरी’ 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई थी, जब अविभाजित शिवसेना ने कांग्रेस और राकांपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। ‘इंडिया’ गठबंधन की तुलना रावण से: शिंदे ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को दस सिरों वाले राक्षस राजा रावण की तरह बताया और कहा कि इसका पुतला जलाया जाना चाहिए। किसानों के लिए मदद: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार पानी की कमी और सूखे से जूझ रहे किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और दिवाली मनाने के लिए प्रभावित किसानों को 100 टन अनाज भेजा गया है। कांग्रेस और विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप: शिंदे ने कहा कि चुनाव जीतने पर विपक्ष शांत रहता है और हारने पर ‘वोट चोरी’ का रोना रोता है, जो उनकी दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। शिंदे ने मतदाता सूची को लेकर विपक्ष के रुख पर भी सवाल उठाए और कहा कि विपक्षी गठबंधन इंडिया दस सिरों वाले राक्षस राजा रावण की तरह है, जिसका पुतला जलाया जाना चाहिए। शिंदे ने यहां शिवसेना की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार और उनकी पार्टी पानी की कमी के कारण नुकसान झेल रहे किसानों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कांग्रेस पर 70 वर्षों तक देश को लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्टी पहले ‘बूथ कैप्चरिंग’ के जरिये चुनाव जीतती थी, वह अब मतपत्र के जरिये मतदान की मांग कर रही है। शिवसेना प्रमुख ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले मतदाताओं की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई थी और अब नामों को हटाए जाने पर सवाल उठा रहा है। शिंदे ने कहा, ‘‘यह दोहरा मापदंड है और रोज की नयी नौटंकी है। ‘इंडिया’ दस मुंह वाला रावण है और हमें इसका पुतला जलाना होगा।’’ उन्होंने दावा किया कि विपक्ष डॉ. बीआर आंबेडकर के बनाए संविधान को कमजोर करना चाहता है। शिंदे ने शिवसेना (उबाठा) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि असल में ‘वोट चोरी’ 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद हुई थी, जब अविभाजित शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए अविभाजित राकांपा और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया था। शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘आपने तो चुनाव भी नहीं लड़ा। आप पिछले दरवाजे से आए और मुख्यमंत्री बन गए। आपने जनादेश के साथ धोखा किया और पद हथिया लिया। यह जनादेश के खिलाफ एक बड़ी डकैती थी।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब आप हारते हैं, तो आप इसे वोट चोरी कहते हैं और गड़बड़ी का आरोप लगाने लगते हैं। ‘इंडिया’ ने तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीते। तब वोट चोरी क्यों नहीं हुई?’’ शिंदे ने कहा कि वह भाषण देने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने में यकीन रखते हैं। शिवसेना प्रमुख ने बताया कि उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली मनाने में मदद करने के लिए 100 टन अनाज भेजा है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
विश्वराजसिंह ने वैवाहिक विवादों पर पुलिस और प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पुलिस क्या करती है? कहती है कि लड़कों के लिए कानून कमजोर है. फिर उनको शादी जैसी चीजों से डरना पड़ता है.
Aaj Ka Mausam 21 October 2026:
Newz Fast, New Delhi, Aaj Ka Mousam 21 October 2026, आज का मौसम : मौसम विभाग ने नई रिपोर्ट जारी करते हुए आज के लिए कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। Aaj Ka Mousam आज 21 अक्टूबर रविवार को मौसम विभाग के अनुसार देश में 21 अक्टूबर को 12 राज्यों में
'ये ना जानो बस इतने ही हैं…’ राजा भैया के इतना बोलते ही गूंज उठीं तालियां
प्रतापगढ़ के कुंडा में स्थित बेंती राजभवन में विजयदशमी पर राजा भैया ने पारंपरिक शस्त्र पूजन किया. 500 से ज्यादा हथियारों की पूजा के बाद उनके बयान, 'ये ना जानो इतने ही हैं… हाथी के दांत दिखाने के अलग होते हैं, खाने के अलग होते हैं' ने लोगों का ध्यान खींचा. पिछले साल पत्नी रानी भानवी सिंह की ओर से हथियारों को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद इस बार का आयोजन फिर चर्चा में है.
बचपन की इस मासूम तस्वीर में फूलों के पास खड़े इस बच्चे को क्या आपने पहचाना? कभी पुलिसवाला बनकर छा गया तो कभी खतरनाक किरदार से छुड़ा दिए पसीने, आज OTT से लेकर बॉलीवुड तक इसकी दमदार एक्टिंग का बजता है डंका. दृश्यम 2 में किया धमाल.

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