Supreme Court का अहम फैसला, अनिवार्य सेवानिवृत्ति न तो सजा है और न ही इससे दाग लगता है
नयी दिल्ली, सात नवंबर उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि किसी कर्मचारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश देना न तो दंडात्मक होता है और न ही इससे उसकी प्रतिष्ठा पर कोई आंच आती है। न्यायालय ने कहा कि ऐसे आदेश से कर्मचारी के आचरण पर कोई सवाल नहीं उठता और न ही इसका अर्थ यह है कि वह कदाचार का दोषी पाया गया है। न्यायमूर्ति मनमोहन एवं न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की पीठ ने 14 कर्मचारियों में से पांच को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के छत्तीसगढ़ सरकार के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि ऐसा फैसला सक्षम प्राधिकारी के इस आकलन पर आधारित होता है कि संबंधित कर्मचारी को सेवा में बनाए रखना अब जनहित में नहीं है। पीठ ने कहा, ‘‘अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश न तो दंडात्मक होता है और न ही इससे कर्मचारी की प्रतिष्ठा पर कोई आंच आती है। ऐसे आदेश से कर्मचारी के आचरण पर कोई सवाल नहीं उठता और न ही यह माना जा सकता है कि वह किसी कदाचार का दोषी पाया गया है।’’न्यायालय ने कहा, ‘‘किसी अधिकारी की कार्यक्षमता समाप्त हो गई है या उसे सेवा में बनाए रखना प्रशासनिक दक्षता के लिए नुकसानदेह होगा, इसका अंतिम आकलन करना कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, ऐसा आकलन महज अटकलों या मनमर्जी पर आधारित नहीं हो सकता। इसके लिए रिकॉर्ड में उपलब्ध ठोस और प्रासंगिक सामग्री का होना जरूरी है।’’शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 12 अप्रैल, 2023 के आदेश को बरकरार रखा। उच्च न्यायालय ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को सही ठहराया था, जिसमें कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने संबंधी राज्य सरकार के 2017 के परिपत्र को बरकरार रखा गया था। न्यायालय ने कहा, ‘‘कोई कर्मचारी केवल इस आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को सफलतापूर्वक चुनौती नहीं दे सकता कि उसके समान सेवा रिकॉर्ड वाले किसी अन्य अधिकारी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं की गई।’’न्यायालय ने कहा कि किसी कर्मचारी की उपयोगिता, ईमानदारी, कार्यकुशलता और समग्र सेवा रिकॉर्ड का आकलन व्यक्तिगत स्तर पर किया जाता है तथा सक्षम प्राधिकारी संबंधित कर्मचारी के रिकॉर्ड के आधार पर यह आकलन करता है। न्यायालय ने कहा, ‘‘संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता का सिद्धांत एक सकारात्मक अवधारणा है और यह नकारात्मक समानता के दावे को स्वीकार नहीं करता।’’पीठ ने कहा, ‘‘यह न्यायालय लगातार कहता रहा है कि यदि किसी व्यक्ति को गैरकानूनी तरीके से कोई लाभ मिला है या उसके मामले में कोई चूक हुई है, तो दूसरा व्यक्ति इस आधार पर अपने लिए भी उसी लाभ का दावा नहीं कर सकता। पहले किसी मामले में हुई गलती को आधार बनाकर दूसरे मामले में वही गलती नहीं दोहराई जा सकती।’’शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि सरकार ने किसी अधिकार के इस्तेमाल के लिए नियम या मानदंड तय किए हैं, तो अदालत केवल यह जांच कर सकती है कि उनका पालन किया गया है या नहीं। न्यायालय ने कहा, ‘‘अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट, ईमानदारी और कार्य प्रदर्शन के आकलन तथा सेवा रिकॉर्ड में दर्ज अन्य प्रासंगिक जानकारियों पर आधारित होना चाहिए, जिनसे यह तय किया जा सके कि संबंधित कर्मचारी को सेवा में बनाए रखना जनहित में है या नहीं।’’न्यायालय ने कहा कि यह स्थापित कानूनी सिद्धांत है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश में न्यायिक हस्तक्षेप केवल तभी उचित है, जब यह साबित हो कि फैसला बिना किसी साक्ष्य के लिया गया, संबंधित तथ्यों पर विचार नहीं किया गया, निर्णय स्पष्ट रूप से मनमाना या अनुचित है अथवा दुर्भावना से प्रेरित है। प्रभावित कर्मचारियों के मामले में शीर्ष अदालत ने कहा कि उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था। न्यायालय ने कहा कि जांच समिति की सिफारिशें संबंधित कर्मचारियों की उपयोगिता, कार्यकुशलता और सेवा में बने रहने की उपयुक्तता के वस्तुनिष्ठ आकलन पर आधारित थीं और इसका उद्देश्य प्रशासनिक मानकों को बनाए रखना और सरकारी सेवाओं में दक्षता सुनिश्चित करना था। पीठ ने कहा कि सभी कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही जांच समिति ने ऐसे पांच कर्मचारियों की पहचान की, जिनका समग्र सेवा रिकॉर्ड निर्धारित मानकों से नीचे था और जिनकी हालिया गोपनीय रिपोर्ट से असंतोषजनक कार्य प्रदर्शन, घटती कार्यकुशलता या सरकारी सेवा में उनकी उपयोगिता कम होने के संकेत मिले थे। न्यायालय ने कहा कि शेष नौ कर्मचारी निर्धारित मानकों पर खरे उतरे थे और उन्हें सेवा में बनाए रखने के योग्य पाया गया था।
चौराहे से निकल रही थी बाइक, सामने आ गई कार, हादसे का वीडियो आया सामने
जम्मू-कश्मीर के बडगाम के मागरेपोरा इलाके में तेज रफ्तार बाइक और कार की जोरदार टक्कर हो गई. बाइक सवार चौराहे से तेजी से निकलने की कोशिश कर रहा था, तभी साइड रोड से आ रही कार सामने आ गई. हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं. पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई.
E20 की जगह थमाया जा रहा E31 वाला ईंधन, सरकारी तेल कंपनियों की खुली पोल
भारत सरकार द्वारा देश में कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की महत्वाकांक्षी योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत देश भर के पेट्रोल पंपों पर धीरे-धीरे E20 (यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण) ईंधन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन हाल ही में आई एक चौंकाने वाली और सनसनीखेज रिपोर्ट ने देश भर के वाहन चालकों और ऑटोमोबाइल सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है। आधिकारिक और स्वतंत्र जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि कई जगहों पर तयशुदा मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए उपभोक्ताओं को E20 के स्थान पर सीधे E31 यानी 31 प्रतिशत तक इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल थमाया जा रहा है। इस खतरनाक गड़बड़झाले के सामने आने के बाद से सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं और आम आदमी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, क्योंकि बिना किसी पूर्व सूचना या तकनीकी तैयारी के इस हद तक केमिकल मिलावट सीधे तौर पर जनता की गाढ़ी कमाई और उनके वाहनों के साथ खिलवाड़ साबित हो रही है।वाहनों के इंजन की लाइफ पर मंडराया बड़ा खतरा, घट रहा माइलेज और फ्यूल पंप हो रहे हैं कबाड़विशेषज्ञों और ऑटोमोबाइल इंजीनियरों का कहना है कि पेट्रोल में इथेनॉल एक निश्चित मात्रा तक ही सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसकी रासायनिक प्रकृति पारंपरिक पेट्रोल के मुकाबले अधिक संक्षारक (Corrosive) होती है। सामान्य और पुरानी गाड़ियों के इंजन, फ्यूल इंजेक्टर, रबर पाइपलाइन और फ्यूल पंप केवल E10 या अधिकतम सीमा तक के E20 मिश्रण को ही सहन करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। जब अनजाने में वाहनों की टंकियों में E31 स्तर का अत्यधिक इथेनॉल वाला ईंधन भरा जा रहा है, तो गाड़ियों के इंजन के अंदरूनी हिस्से जंग लगने के कारण तेजी से खराब हो रहे हैं। इसके अलावा वाहनों की माइलेज में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, पिकअप कमजोर हो रहा है और अचानक से गाड़ी रास्ते में बंद होने की शिकायतें आम हो चुकी हैं। वाहन मालिकों को अपनी कारों और बाइकों की मरम्मत के लिए सर्विस सेंटर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और हजारों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसकी भरपाई करने वाला कोई नहीं है।पारदर्शिता की कमी और तेल कंपनियों की मनमानी पर उठ रहे सवाल, सरकार से सख्त कार्रवाई की मांगइस पूरे गड़बड़झाले के उजागर होने के बाद देश भर के वाहन चालकों, किसान संगठनों और उपभोक्ता संरक्षण मंचों ने सरकारी तेल कंपनियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सवाल यह उठाया जा रहा है कि यदि ईंधन के कंपोजिशन में इस तरह के बड़े बदलाव किए जा रहे थे, तो पेट्रोल पंपों पर इसकी स्पष्ट चेतावनी या डिस्प्ले क्यों नहीं लगाया गया? बिना वाहन निर्माताओं (OEMs) को भरोसे में लिए और बिना पब्लिक अवेयरनेस के इस तरह का अत्यधिक मिश्रण बाजार में उतारना सीधे तौर पर ग्राहकों के अधिकारों का हनन है। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो देश की सड़कों पर दौड़ने वाले करोड़ों वाहन समय से पहले ही कबाड़ में तब्दील हो जाएंगे। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस मामले का संज्ञान लेते हुए दोषी तेल कंपनियों और अधिकारियों पर कोई कड़ी कार्रवाई करती है या फिर आम जनता को इसी तरह चुपचाप इस वित्तीय और तकनीकी नुकसान को झेलना पड़ेगा।
E20 पेट्रोल में 31% इथेनॉल... सरकारी तेल कंपनियों ने दिया जबाव
कर्नाटक सरकार के ई20 पेट्रोल में 31 परसेंट इथेनॉल मिलने वाले दावे पर तेल कंपनियों का जवाब आया है. सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार के दावों को खारिज किया है. कंपनियों का कहना है कि राज्य सरकार ने पेट्रोल सैंपल की जांच में तय नियमों का पालन नहीं किया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
NZ vs IND: बल्लेबाज चल दिया, तभी शुभमन गिल ने टपकाया सीरीज का सबसे आसान कैच
क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसे अजीबोगरीब और रोमांचक पल देखने को मिल जाते हैं, जिन पर यकीन करना फैंस के साथ-साथ खुद खिलाड़ियों के लिए भी बेहद मुश्किल होता है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे एक बेहद रोमांचक और कांटे के मुकाबले के दौरान कुछ ऐसा ही हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कीवी टीम की बल्लेबाजी के दौरान भारतीय गेंदबाजों ने अपनी सधी हुई गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बना रखा था। इसी बीच जब एक खतरनाक बल्लेबाज के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर गेंद सीधे पहली या दूसरी स्लिप की दिशा में तेजी से गई, तो वहां तैनात युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज शुभमन गिल ने उसे पकड़ने की कोशिश की। लेकिन यह क्या! गेंद उनके हाथों में जाने के बाद छिटककर नीचे गिर गई और यह सीरीज का अब तक का सबसे आसान कैच माना जा रहा था, जिसे टपकाते ही मैदान पर सन्नाटा छा गया।खुद बल्लेबाज भी मान चुका था हार, पवेलियन की तरफ चल दिए थे कदम, लेकिन किस्मत ने दिया साथइस घटना का सबसे दिलचस्प और मजेदार पहलू यह रहा कि शॉट खेलने वाला कीवी बल्लेबाज खुद यह अच्छी तरह जानता था कि गेंद सीधे फील्डर के हाथों में समा चुकी है और उसका खेल खत्म हो चुका है। वह अपनी क्रीज को छोड़कर निराश होकर सीधे पवेलियन की तरफ धीरे-धीरे कदमों से आगे बढ़ने भी लगा था। लेकिन क्रिकेट के खेल में जब तक अंपायर उंगली न उठाए, तब तक कुछ भी अंतिम नहीं माना जाता। जैसे ही बल्लेबाज ने मुड़कर देखा कि स्लिप में खड़े शुभमन गिल ने उस आसान से कैच को टपका दिया है, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वह हैरान होकर वापस अपनी पिच की तरफ लौट आया। इस अप्रत्याशित घटना को देखकर मैदान पर फील्डिंग कर रहे सभी भारतीय खिलाड़ी भौंचक्के रह गए और किसी को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था कि आखिर इतना आसान कैच कैसे हाथ से निकल सकता है।केएल राहुल के रिएक्शन ने लूटी महफिल, विकेटकीपिंग ग्लव्स के साथ फटी रह गईं आंखें और हैरान दिखे कप्तान व गेंदबाजइस शर्मनाक और हैरान कर देने वाले ड्रॉप कैच के बाद विकेट के पीछे मुस्तैद खड़े अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल का रिएक्शन सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया। केएल राहुल ने जब अपनी आंखों के सामने इस तरह से आसान कैच छूटते देखा, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं और उनके चेहरे के भाव साफ बयां कर रहे थे कि वे इस नाकामी से कितने ज्यादा निराश और चकित हैं। गेंदबाजी कर रहे गेंदबाज ने अपना सिर पकड़ लिया और कप्तान ने भी निराशा में हवा में हाथ लहरा दिए। कमेंटेटर्स ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट में इस तरह की फील्डिंग की भूल भारी पड़ सकती है। हालांकि इसके बाद टीम के सीनियर खिलाड़ियों ने युवा शुभमन गिल को ढांढस बंधाया और खेल पर ध्यान केंद्रित करने को कहा, लेकिन इस एक कैच ने मैच का रोमांच और दबाव दोनों को कई गुना बढ़ा दिया।
ओडिशा: चक्रवात Arnab और बाढ़ के असर के कारण CM Mohan Majhi ने दिवाली समारोह टाला
भुवनेश्वर, सात नवंबर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात ‘अर्नब’ और उसके बाद राज्य के कई हिस्सों में आई बाढ़ से हुए नुकसान तथा प्रभावित लोगों की परेशानियों को देखते हुए इस साल अपने आवास पर दिवाली समारोह आयोजित नहीं करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा कि माझी के आवास पर दिवाली समारोह रद्द कर दिया गया है। उसने कहा कि मुख्यमंत्री ने लोगों से इस मौके पर उपहार या फूलों के गुलदस्ते नहीं लाने का भी अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे आपदा प्रभावित इलाकों के लोगों की परेशानियों के प्रति संवेदनशील रहें और उनकी मदद के लिए आगे आएं।’’इससे पहले माझी ने अक्टूबर में भारी बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान से प्रभावित किसानों के प्रति एकजुटता जताते हुए दुर्गा पूजा समारोहों में भी हिस्सा नहीं लिया था। वह दुर्गा पूजा पंडालों में भी नहीं गए थे। चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुई भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ से राज्य के दक्षिणी जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है और संपत्ति एवं फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
3 साल से थे टीम से बाहर, मोहम्मद शमी के संन्यास पर टीम इंडिया के कोच ने दिया बड़ा बयान
भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास में अपनी रिवर्स स्विंग, सटीक लाइन-लेन्थ और अपनी सधी हुई गेंदबाजी से दुनिया भर के दिग्गज बल्लेबाजों के छक्के छुड़ाने वाले स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की खबरों और चर्चाओं ने पूरे खेल जगत में एक गहरी मायूसी फैला दी है। पिछले लगभग तीन वर्षों से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी के करियर को लेकर क्रिकेट गलियारों में लंबे समय से तरह-तरह की कयासबाजियां लगाई जा रही थीं। चोटों से उबरने और घरेलू क्रिकेट में वापसी की तमाम कोशिशों के बावजूद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं द्वारा लगातार नजरअंदाज किए जाने के बाद शमी के इस बड़े कदम ने हर क्रिकेट प्रशंसक का दिल छोटा कर दिया है। भारतीय टीम को अपने दम पर अनगिनत यादगार मैचों और वनडे वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले इस दिग्गज तेज गेंदबाज के जाने से भारतीय पेस अटैक के एक बेहद स्वर्णिम और सफल युग का औपचारिक अंत हो गया है।'शमी जैसे गेंदबाज रोज पैदा नहीं होते, उनका संन्यास भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा नुकसान': मुख्य कोच की भावुक प्रतिक्रियामोहम्मद शमी के संन्यास के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी और अपनी भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त की। कोच ने शमी के योगदान को याद करते हुए कहा कि मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट के सबसे महान और निस्वार्थ तेज गेंदबाजों में से एक रहे हैं और उनका खेल से दूर जाना पूरी टीम और देश के लिए बेहद दुखद क्षण है। कोच ने कहा कि लगभग 3 साल तक टीम से बाहर रहने के बावजूद शमी का समर्पण कभी कम नहीं हुआ था। उन्होंने हमेशा युवा पेसर्स का मार्गदर्शन किया और ड्रेसिंग रूम का माहौल हल्का बनाए रखा। कोच के अनुसार, 'सीम प्रेजेंटेशन' के मामले में मोहम्मद शमी पूरी दुनिया में अद्वितीय थे और उनकी जैसी कला हर किसी के पास नहीं होती। जब भी टीम को किसी भी प्रारूप में विकेट की सख्त जरूरत होती थी, शमी सबसे आगे खड़े नजर आते थे। उनका यह योगदान आने वाली कई पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा की तरह रहेगा।वनडे वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन से लेकर टेस्ट क्रिकेट में धाक तक: याद किया जाएगा शमी का शानदार करियरउत्तर प्रदेश के अमरोहा से निकलकर भारतीय टीम के मुख्य पेस अटैक का चेहरा बनने वाले मोहम्मद शमी का अंतरराष्ट्रीय करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। भारत के लिए सभी तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में घातक गेंदबाजी करने वाले शमी ने खास तौर पर आईसीसी वनडे विश्व कप और रेड-बॉल (टेस्ट) क्रिकेट में भारत की सफलता की नई इबारत लिखी। जसप्रीत बुमराह और ईशांत शर्मा के साथ मिलकर उन्होंने विदेशों में भारतीय टेस्ट टीम की तेज गेंदबाजी क्रांति की मजबूत नींव रखी थी। वर्ल्ड कप के मुकाबलों में भारत के लिए सबसे तेज 50 विकेट चटकाने और एक ही मैच में 7 विकेट लेने जैसा ऐतिहासिक कारनामा करने वाले शमी की कमी हमेशा मैदान पर महसूस की जाएगी। हालांकि वे अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की नीली जर्सी में खेलते नहीं दिखेंगे, लेकिन क्रिकेट प्रशंसक और पूर्व दिग्गज खिलाड़ी हमेशा उनके इस अतुलनीय और शानदार करियर को सम्मान के साथ याद रखेंगे।
न्यूजीलैंड की धरती पर कहर बरपाने वाले 5 भारतीय तेज गेंदबाज
क्रिकेट जगत में जब भी दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण और पेसर-फ्रेंडली विदेशी दौरों की बात आती है, तो न्यूजीलैंड की हरी-भरी और स्विंग भरी पिचों का नाम सबसे पहले लिया जाता है। दक्षिण गोलार्द्ध के इस खूबसूरत देश में सीम मूवमेंट, तेज हवाएं और उछालभरी पिचें हमेशा से ही दुनिया भर के ओपनर्स और बल्लेबाजों के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं रही हैं। ऐसे कठिन हालात में भारत के दिग्गज तेज गेंदबाजों ने समय-समय पर अपनी गेंदबाजी के दम पर इतिहास रचते हुए मेजबान टीम के बल्लेबाजों की नाक में दम किया है। हाल ही में न्यूजीलैंड की घरेलू या सीरीज परिस्थितियों में युवा भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर से क्रिकेट गलियारों में तहलका मचा दिया है। अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ियों की फेहरिस्त में अब नए और युवा तेज गेंदबाजों ने भी अपनी धाक जमाना शुरू कर दिया है, जिससे भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का भविष्य बेहद सुरक्षित और आक्रामक नजर आ रहा है।मोहम्मद शमी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए युवा गुरनूर बरार ने न्यूजीलैंड में गेंदबाजी से काटा गदरन्यूजीलैंड की सरजमीं पर घातक गेंदबाजी करने वाले भारतीय तेज गेंदबाजों की इस विशेष सूची में हाल ही में एक चौंकाने वाला और सनसनीखेज बदलाव देखने को मिला है। अपनी घातक रफ्तार और सटीक लाइन-लेथ के लिए पहचाने जाने वाले युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार (Gurnoor Brar) ने अपनी खतरनाक गेंदबाजी से तहलका मचाते हुए टीम इंडिया के अनुभवी स्टार पेसर मोहम्मद शमी के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि इतनी कम उम्र में कीवी कंडीशंस जैसी पेचीदगी भरी पिचों पर इस तरह का नियंत्रण और आक्रामकता दिखाना किसी भी युवा गेंदबाज के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। गुरनूर बरार ने अपनी रफ्तार से कीवी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट चटकाकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उनके इस शानदार प्रदर्शन के बाद से ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सर्किट में उनके नाम की चर्चा जोरों पर है और उन्हें भविष्य का बड़ा मैच विनर माना जा रहा है।बुमराह, ईशांत और श्रीसंत के साथ इन दिग्गजों ने भी कीवी धरती पर लिखा स्वर्णिम इतिहासन्यूजीलैंड की पटरियों और स्विंग कंडीशंस में कमाल दिखाने वाले गेंदबाजों की सूची में जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा, एस. श्रीसंत और जहीर खान जैसे महान भारतीय गेंदबाजों का नाम भी स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। साल के अलग-अलग दौरों पर इन गेंदबाजों ने अपनी बेहतरीन स्विंग और सीम गेंदबाजी के बल पर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया था। चाहे बेसिन रिजर्व की तेज हवाएं हों या हैगले ओवल की उछालभरी पिचें, भारतीय तेज गेंदबाजों ने हमेशा से यह साबित किया है कि वे उपमहाद्वीप के स्पिन-फ्रेंडली विकेटों के अलावा विदेशी धरती की पक्की और हरी पिचों पर भी अपनी गेंदबाजी का जादू बिखेर सकते हैं। अब गुरनूर बरार जैसे युवा तेज गेंदबाजों के इस एलीट लिस्ट में शामिल होने से यह साफ हो गया है कि भारतीय क्रिकेट का पेस बैटरी डिपार्टमेंट आने वाले समय में दुनिया भर की टीमों के लिए और अधिक खतरनाक साबित होने वाला है।
मंत्री ओपी राजभर के वायरल बयान से उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बेबाक बयानों और अनोखे राजनीतिक अंदाज के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का एक नया बयान इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। मंत्री ओपी राजभर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें वे खुले तौर पर यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि वे उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव नहीं होने देंगे और इसके लिए वे अपनी पूरी राजनीतिक ताकत (पावर) का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके इस बयान के सामने आने के बाद से ही विपक्षी राजनीतिक दलों को सरकार पर हमला बोलने का एक बड़ा हथियार मिल गया है, वहीं सत्ताधारी एनडीए गठबंधन के भीतर भी इस बयान को लेकर तरह-तरह की कयासबाजियां और सुगबुगाहट तेज हो गई है। ग्रामीण इलाकों से लेकर जिला मुख्यालयों तक के स्थानीय नेता और संभावित उम्मीदवार इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि आखिर एक जिम्मेदार मंत्री पद पर बैठे नेता का ऐसा बयान किस संदर्भ और रणनीति के तहत आया है।पंचायत चुनावों की तैयारी में जुटे संभावित उम्मीदवारों को झटका, सियासी खेमे में बढ़ी बेचैनी और बयान के मायने तलाश रहे विश्लेषकउत्तर प्रदेश के गांवों में प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख पद के लिए अपनी जमीन तैयार कर रहे भावी उम्मीदवारों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच इस बयान के बाद भारी बेचैनी देखी जा रही है। पंचायत चुनावों को भारतीय राजनीति की सबसे जमीनी और महत्वपूर्ण इकाई माना जाता है, जहां से हर राजनीतिक दल अपनी जड़ें मजबूत करने का काम करता है। ऐसे में प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा यह कहना कि चुनाव नहीं होने दिए जाएंगे, कई तरह के गंभीर सवाल खड़े करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत चुनावों की समयसीमा, सीटों के आरक्षण और परिसीमन (Delimitation) को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मंथन चल रहा है, लेकिन सीधे तौर पर चुनाव रोकने की बात करना प्रशासनिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सीधा सवालिया निशान लगाता है। विपक्ष के तमाम नेताओं ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और जनता के मताधिकार को दबाने की कोशिश कर रही है, हालांकि अभी तक सुभासपा या मंत्री की तरफ से इस वायरल वीडियो के संदर्भ में कोई आधिकारिक सफाई या विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा, सुभासपा प्रमुख के इस बयान से एनडीए खेमे में भी असहजता का माहौलओम प्रकाश राजभर के इस तीखे और विवादास्पद बयान के बाद समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने योगी सरकार पर जोरदार हमला बोलना शुरू कर दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह केवल एक बयान नहीं है बल्कि सत्ता के अहंकार का परिचायक है, जहां मंत्री खुद को कानून और व्यवस्था से ऊपर समझने लगे हैं। राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि राजभर अक्सर अपनी खास शैली में बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं ताकि वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और कोर वोटर बेस में चर्चा में बने रहें, लेकिन कई बार ऐसे बयानों से सरकार और गठबंधन के लिए असहज स्थितियां पैदा हो जाती हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या मुख्यमंत्री कार्यालय या भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व की ओर से इस बयान पर कोई संज्ञान लिया जाता है या फिर मंत्री खुद इस पर स्थिति स्पष्ट करते हैं। फिलहाल, उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में और राजनीतिक बैठकों में केवल इसी बात की चर्चा है कि क्या वाकई यूपी पंचायत चुनावों पर कोई बड़ा संकट मंडरा रहा है या यह सिर्फ बयानों की राजनीति का एक और नया अध्याय है।
अयोध्या के भव्य स्वरूप और दीपोत्सव की तैयारियों से गदगद हुए इकबाल अंसारी
भगवान श्री राम की पावन जन्मभूमि अयोध्या नगरी में दीपावली के पावन पर्व और वार्षिक भव्य दीपोत्सव को लेकर तैयारियां अपने चरम पर हैं। पूरी धर्मनगरी को रंग-बिरंगी रोशनी, ताजे पुष्पों और अलौकिक झालरों से सजाया जा रहा है। इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के पूर्व मुख्य पक्षकार रहे इकबाल अंसारी का एक बड़ा और दिल छू लेने वाला बयान सामने आया है। अयोध्या में हो रहे इस ऐतिहासिक बदलाव और दीपोत्सव की अभूतपूर्व तैयारियों को देखकर गदगद हुए इकबाल अंसारी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या जिस भव्य और अलौकिक रूप में नजर आ रही है, वह सब मुख्यमंत्री योगी जी की ही देन है। उनकी ही दूरदर्शिता और संकल्प का परिणाम है कि आज पूरी अयोध्या नगरी एक खूबसूरत नवविवाहिता दुल्हन की तरह सज-धजकर तैयार हो चुकी है और चारों तरफ खुशहाली व उत्सव का माहौल दिखाई दे रहा है।'यह सिर्फ हिंदुओं का नहीं, पूरी अयोध्या का त्योहार है': भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल की पेशइकबाल अंसारी ने अयोध्या की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द पर बात करते हुए कहा कि अयोध्या में मनाया जाने वाला दीपोत्सव और दिवाली का त्योहार किसी एक विशेष समुदाय या धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी अयोध्या नगरी और यहां रहने वाले हर नागरिक का अपना साझा पर्व है। उन्होंने कहा कि जब सरयू नदी के घाटों पर लाखों मिट्टी के दीये एक साथ प्रज्वलित होते हैं, तो उसकी अलौकिक रोशनी में न केवल अंधकार दूर होता है बल्कि दिलों की दूरियां भी मिट जाती हैं। अंसारी ने बताया कि अयोध्या के मुस्लिम समुदाय के लोग भी इस भव्य आयोजन और विदेशी व देश भर से आने वाले पर्यटकों का दिल खोलकर स्वागत करते हैं। जिस तरह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है और विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया है, उससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और समृद्धि के नए द्वार खुले हैं जिसका लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों को मिल रहा है।राम नगरी में विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी, सरयू तट पर जलेंगे लाखों दीये और सजेंगे भव्य मठ-मंदिरउत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे इस बार के भव्य दीपोत्सव में एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Record) बनाने की व्यापक प्रशासनिक और सांस्कृतिक तैयारियां की जा चुकी हैं। राम की पैड़ी और सरयू नदी के समस्त 55 से अधिक घाटों पर इस बार रिकॉर्ड संख्या में लाखों मिट्टी के दीये बिछाए गए हैं, जिन्हें वालंटियर्स, साधु-संतों और आम नागरिकों की मदद से एक साथ प्रज्वलित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राम मंदिर परिसर, सरयू पुल, प्रमुख चौराहों और अयोध्या के सभी प्राचीन मठ-मंदिरों को लेजर लाइट शो, 3D मैपिंग और भव्य तोरणद्वारों से सजाया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इकबाल अंसारी जैसे प्रमुख मुस्लिम चेहरे द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करना और दिवाली उत्सव में बढ़-चढ़कर खुशी जताना इस बात का स्पष्ट संदेश है कि अयोध्या अब विवादों से मुक्त होकर विकास, शांति, आस्था और सांप्रदायिक सौहार्द की एक नई और महान गाथा लिख रही है।
बलरामपुर नगर पालिका चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह ने खरीदी 4 नई फॉर्च्यूनर कारें
उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में स्थित बलरामपुर जिले की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों नगर पालिका अध्यक्ष के नए और शाही काफिले की चर्चा शहरभर में सबसे बड़ा विषय बनी हुई है। बलरामपुर नगर पालिका परिषद के लोकप्रिय और दबंग चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह 'धीरू' ने अपने आधिकारिक और व्यक्तिगत उपयोग के लिए एक साथ चार शानदार फॉर्च्यूनर (Fortuner) गाड़ियां खरीदी हैं। गाड़ियों की डिलीवरी लेने के तुरंत बाद चेयरमैन ने अपनी पूरी टीम और समर्थकों के साथ गाजे-बाजे और भव्य काफिले के रूप में सड़क मार्ग से यात्रा करते हुए प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर (Tulsipur Devi Patan Temple) का रुख किया। एक साथ चार नई चमचमाती लग्जरी गाड़ियों के इस काफिले को जिस किसी ने भी सड़कों पर निकलते देखा, वह देखता ही रह गया। नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग इस नए काफिले की भव्यता और चेयरमैन के अंदाज की चर्चा करते नहीं थक रहे हैं।तुलसीपुर के पावन शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पहुंचकर मां पाटेश्वरी का लिया आशीर्वाद, विधि-विधान से कराई नई गाड़ियों की पूजाचारों नई फॉर्च्यूनर गाड़ियों के काफिले के साथ चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष आध्यात्मिक केंद्र माने जाने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तुलसीपुर के मां पाटेश्वरी देवीपाटन मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में पहुंचते ही उनके समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी और स्वागत किया। इसके पश्चात मंदिर के मुख्य पुजारी और विद्वान पंडितों के सानिध्य में सभी चारों नई गाड़ियों की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना और हवन कराया गया। चेयरमैन ने मां पाटेश्वरी के चरणों में मत्था टेककर नगर पालिका क्षेत्र के विकास कार्यों की सफलता, जनता की खुशहाली और अपने नए वाहनों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस बल को भी मुस्तैद रहना पड़ा। धार्मिक अनुष्ठान के बाद काफिले ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अपना सफर तय किया।राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर छाया चेयरमैन का शाही काफिला, विकास कार्यों और प्रशासनिक रसूख को लेकर तेज हुई चर्चाबलरामपुर नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा एक साथ चार फॉर्च्यूनर गाड़ियां खरीदे जाने और उनके इस तरह शक्तिपीठ पहुंचने का मामला अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। जहां एक ओर उनके समर्थक और करीबी इस बात से गदगद हैं और इसे उनके बढ़ते राजनीतिक रसूख तथा ताकत का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि स्थानीय निकाय चुनाव और आगामी रणनीतियों को लेकर यह एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता की सेवा और शहर के विकास कार्यों के लिए लगातार दौरे करने पड़ते हैं, जिसके चलते सुगम आवागमन और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इन वाहनों की आवश्यकता थी। बहरहाल, बलरामपुर में चार फॉर्च्यूनर गाड़ियों के इस अनूठे काफिले की चर्चा फिलहाल हर चौक-चौराहे पर आम हो चुकी है और आने वाले दिनों में यह स्थानीय राजनीति का एक बड़ा चर्चा का बिंदु बना रहेगा।
अयोध्या के दो दिवसीय दौरे पर CM योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 और 8 नवंबर को अयोध्या में दीपोत्सव और दीपावली के कार्यक्रमों में शामिल होंगे. शनिवार को राम की पैड़ी पर दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा, जहां सरयू आरती, राम राज्याभिषेक और लेजर-ड्रोन शो आकर्षण का केंद्र रहेंगे. रविवार सुबह मुख्यमंत्री हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि में दर्शन करेंगे. इसके बाद संतों और स्थानीय लोगों से मुलाकात करेंगे. पूरे आयोजन की सुरक्षा में करीब 6 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे.
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ सफल चर्चा के बाद नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने अपनी तीन दिन पुरानी हड़ताल वापस ले ली है। वेतन वृद्धि और नियमितीकरण समेत अन्य मांगों पर कमेटी गठित होने के बाद कर्मचारियों ने काम शुरू कर दिया है, जिससे ...
फल खाने के बाद भी क्यों हो जाती है सीने में जलन और एसिडिटी
फल हमारी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते हैं। विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फलों को डॉक्टर हमेशा से ही दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि कई बार हेल्दी माने जाने वाले फल खाने के तुरंत बाद पेट में भारीपन, गैस, सीने में जलन (Heartburn) और एसिडिटी की समस्या क्यों होने लगती है? जब कोई व्यक्ति अपने पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने या वजन घटाने के लिए ताजे फलों का सेवन करता है, और उसके ठीक बाद उसे खट्टी डकारें आने लगें या पेट में असहनीय जलन महसूस हो, तो वह हैरान रह जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कई वैज्ञानिक और शारीरिक कारण छिपे होते हैं, जिनके बारे में आम लोगों को बहुत कम जानकारी होती है। फलों में प्राकृतिक रूप से शर्करा (Fructose), विभिन्न प्रकार के एसिड और एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो हर व्यक्ति के पाचन तंत्र पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालते हैं। यदि खाने के गलत समय, गलत कॉम्बिनेशन या गलत तरीके से फलों का सेवन किया जाए, तो वे सेहत बनाने के बजाय एसिडिटी का मुख्य कारण बन सकते हैं।खट्टे फलों की एसिडिटी और फ्रुक्टोज इनॉलेरेंस: जानिए कौन से फल बिगाड़ सकते हैं आपका पाचन तंत्रफल खाने के बाद एसिडिटी होने का सबसे बड़ा कारण उनमें मौजूद साइट्रिक एसिड, मैलिक एसिड और एस्कॉर्बिक एसिड की मात्रा होता है। संतरे, नींबू, मौसमी, अंगूर, अनानास और कीवी जैसे खट्टे फल (Citrus Fruits) प्राकृतिक रूप से अत्यधिक अम्लीय (Acidic) प्रकृति के होते हैं। जब संवेदनशील पेट या गैस्ट्राइटिस की समस्या से जूझ रहे लोग खाली पेट या भारी भोजन के तुरंत बाद इन खट्टे फलों का सेवन करते हैं, तो पेट में एसिड का स्तर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे सीने में तेज जलन और एसिड रिफ्लक्स की समस्या पैदा हो जाती है। इसके अलावा, कुछ लोगों को 'फ्रुक्टोज मैलाब्सॉर्प्शन' या फ्रुक्टोज इनॉलेरेंस की समस्या होती है, जिसके कारण उनका पाचन तंत्र फलों में पाई जाने वाली प्राकृतिक शुगर को ठीक से पचा नहीं पाता है। जब अनपचा फ्रुक्टोज बड़ी आंत में पहुंचता है, तो वहां मौजूद बैक्टीरिया उसे फर्मेंट करते हैं जिससे भारी मात्रा में गैस, ब्लोटिंग और पेट में ऐंठन होने लगती है। इसके साथ ही, तरबूज, सेब और नाशपाती जैसे फलों का गलत समय पर या अन्य भारी भोजन के साथ सेवन करने से भी पाचन तंत्र की पूरी कार्यप्रणाली गड़बड़ा जाती है।फल खाने का सही तरीका और समय: इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर हमेशा के लिए दूर करें एसिडिटी की समस्याफलों से मिलने वाले पोषक तत्वों का पूरा लाभ उठाने और एसिडिटी जैसी परेशानियों से बचने के लिए हमें अपने खानपान की आदतों में कुछ जरूरी बदलाव करने बेहद आवश्यक हैं। सबसे पहला नियम यह है कि कभी भी भारी भोजन (लंच या डिनर) के तुरंत बाद या साथ में फलों का सेवन न करें, क्योंकि भोजन को पचने में समय लगता है और फल जल्दी पचकर पेट में ही सड़ने लगते हैं जिससे गैस बनती है। हमेशा भोजन करने से कम से कम एक घंटा पहले या भोजन के दो-तीन घंटे बाद ही फलों का सेवन करें। सुबह खाली पेट अत्यधिक खट्टे फल खाने से बचें; इसके बजाय पपीता, केला या मीठे अमरूद का सेवन करना पेट के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यदि आपका पाचन तंत्र बेहद संवेदनशील है, तो खट्टे फलों को खाने के बाद गुनगुना पानी पीने की आदत डालें या उन्हें सलाद के रूप में काले नमक के साथ खाएं। इन छोटी-छोटी वैज्ञानिक सावधानियों को अपनाकर आप बिना किसी एसिडिटी या पेट की समस्या के फलों के जरिए अपनी सेहत को मजबूत बना सकते हैं।
बड़ा एक्शन, Zepto-Blinkit समेत 105 फूड आउटलेट्स के लाइसेंस सस्पेंड
दिवाली से पहले महाराष्ट्र FDA ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 105 फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं. मुंबई में 28 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई, जबकि राज्य के सात आउटलेट्स को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया गया.
पेट में ऐंठन, गैस और लगातार दस्त हो सकता है Cyclosporiasis का गंभीर संकेत
आज के दौर में खानपान की गलत आदतें, दूषित पानी और साफ-सफाई में थोड़ी सी लापरवाही हमारे शरीर को कई गंभीर और दुर्लभ बीमारियों की चपेट में ले सकती है। जब भी पेट में दर्द, मरोड़, गैस या दस्त की शिकायत होती है, तो आम तौर पर लोग इसे सामान्य फूड पॉइजनिंग, गैस्ट्राइटिस या साधारण पेट खराब होना मानकर घरेलू नुस्खे अपनाने लगते हैं या मेडिकल स्टोर से सामान्य दवाइयां लेकर काम चला लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही मामूली लगने वाले लक्षण एक बेहद खतरनाक और कम चर्चित परजीवी संक्रमण 'साइक्लोस्पोरियासिस' (Cyclosporiasis) का शुरुआती संकेत हो सकते हैं? इस बीमारी के बारे में अभी भी आम जनता और मरीजों के बीच बहुत कम जागरूकता है, जिसके कारण सही समय पर इसकी पहचान नहीं हो पाती है और संक्रमण धीरे-धीरे गंभीर रूप धारण कर लेता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक ऐसा आंतों से जुड़ा संक्रमण है जो मुख्य रूप से एक सूक्ष्म परजीवी 'साइक्लोस्पोरा कैयेटेनेन्सिस' (Cyclospora cayetanensis) के शरीर में प्रवेश करने के कारण फैलता है और सही इलाज न मिलने पर मरीज को पूरी तरह से शारीरिक रूप से तोड़ देता है।दूषित पानी और बिना धुले फल-सब्जियां हैं इस संक्रमण की मुख्य वजह, जानिए शरीर में कैसे फैलता है यह परजीवीचिकित्सा विज्ञान के जानकारों का कहना है कि साइक्लोस्पोरियासिस मुख्य रूप से दूषित पानी और ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से फैलता है जो इस परजीवी के संपर्क में आए हों। खासकर गर्मियों और बरसात के मौसम में जब साफ-सफाई का स्तर गिर जाता है, तब यह परजीवी तेजी से पनपता है। जब कोई व्यक्ति ऐसा पानी पीता है या ऐसी कच्ची सब्जियां, सलाद और फल खाता है जिन्हें ठीक से धोया या उबाला नहीं गया हो, तो यह सूक्ष्म परजीवी सीधे उसकी छोटी आंत में पहुंच जाता है। आंतों की अंदरूनी परत में पहुंचकर यह तेजी से अपनी संख्या बढ़ाता है और पाचन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित करने लगता है। चूंकि यह बैक्टीरिया या सामान्य वायरस की तरह साधारण एंटीबायोटिक्स से ठीक नहीं होता है, इसलिए मरीजों को लंबे समय तक पेट की असहनीय पीड़ा से जूझना पड़ता है। जो लोग हाइजीन का कम ध्यान रखते हैं या बाहर का खुला और अनहाईजीनिक खाना खाने के शौकीन हैं, वे इस संक्रमण का शिकार सबसे जल्दी होते हैं।लगातार दस्त, पेट में ऐंठन और अत्यधिक कमजोरी: पहचानें इसके मुख्य लक्षण और अपनाएं ये जरूरी बचावसाइक्लोस्पोरियासिस संक्रमण होने के बाद शरीर में कई तरह के स्पष्ट और कष्टदायक लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसका सबसे प्रमुख और गंभीर लक्षण यह है कि मरीज को बिना रुके कई दिनों या हफ्तों तक लगातार पानी जैसे पतले दस्त (Watery Diarrhea) की शिकायत बनी रहती है, जिसके साथ पेट में तेज ऐंठन, मरोड़ और सूजन महसूस होती है। इसके अलावा, भूख में अचानक भारी कमी आना, लगातार जी मिचलाना, उल्टी जैसा महसूस होना, शरीर में भारी थकान, सुस्ती और हल्का बुखार रहना इसके अन्य आम संकेत हैं। बार-बार दस्त होने के कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी हो जाती है, जिससे डिहाइड्रेशन और भयंकर कमजोरी आ जाती है। यदि आपको भी इस तरह की समस्याएं लंबे समय से परेशान कर रही हैं, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और तुरंत किसी अच्छे गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करके स्टूल टेस्ट करवाएं। डॉक्टर आमतौर पर इसके इलाज के लिए विशेष एंटीबायोटिक दवाओं (जैसे ट्राइमेथोप्रिम-सल्फामेथॉक्साजोल) का कोर्स देते हैं। इससे बचाव के लिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं, सब्जियों और फलों को सिरके या नमक के पानी से अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें और व्यक्तिगत साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि इस खतरनाक परजीवी से सुरक्षित रहा जा सके।
इस दिन राम मंदिर दर्शन करने आ रहे अखिलेश यादव, पवन पांडे ने बताई तारीख
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अयोध्या जाएंगे. वह परिवार के साथ राम मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे. समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडे ने आजतक से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे की तारीख बताई.
हर समय बनी रहती है थकान, कमजोरी और वजन भी हो रहा कम
भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खानपान, मानसिक तनाव और नींद पूरी न होने के कारण आज के समय में अधिकांश लोग किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। अक्सर लोग सुबह उठने के बाद से ही शरीर में भारी थकान, सुस्ती, कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं। यदि आराम करने और पूरी नींद लेने के बाद भी यह थकान आपका पीछा नहीं छोड़ती है और इसके साथ ही आपका वजन भी तेजी से कम होने लगा है, तो इसे केवल सामान्य कमजोरी या उम्र का असर समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। मेडिकल साइंस और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस तरह के लक्षण हमारे शरीर में एड्रेनल ग्रंथियों (Adrenal Glands) द्वारा स्रावित होने वाले एक अत्यंत महत्वपूर्ण हार्मोन 'कोर्टिसोल' (Cortisol) की कमी की ओर इशारा करते हैं। कोर्टिसोल को हमारे शरीर का 'स्ट्रेस हार्मोन' भी कहा जाता है, जो शारीरिक तनाव से निपटने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने, चयापचय (Metabolism) को संचालित करने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। जब इस हार्मोन का स्तर सामान्य से काफी नीचे गिर जाता है, तो शरीर का पूरा आंतरिक संतुलन बिगड़ने लगता है।वजन का तेजी से गिरना, लगातार चक्कर आना और लो ब्लड प्रेशर: कोर्टिसोल की कमी के प्रमुख गंभीर लक्षणशरीर में कोर्टिसोल की कमी (जिसे चिकित्सकीय भाषा में एड्रेनल इन्सफिशिएंसी या एडिशन रोग से जुड़ा विकार भी माना जाता है) होने पर कई तरह के शारीरिक बदलाव और गंभीर लक्षण प्रकट होने लगते हैं। सबसे पहला और मुख्य लक्षण यह है कि पीड़ित व्यक्ति को पूरे दिन अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होती है, जिससे उसके लिए रोजमर्रा के सामान्य कामकाज करना भी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, बिना किसी डाइटिंग या जिम जाए अचानक से तेजी से वजन कम होना (Unexplained Weight Loss), भूख न लगना, मांसपेशियों में लगातार दर्द रहना और पाचन तंत्र का कमजोर होना इसके आम संकेत हैं। कोर्टिसोल हमारे रक्तचाप (Blood Pressure) को नियंत्रित रखने का काम करता है, इसलिए इसकी कमी होने पर मरीज का ब्लड प्रेशर अक्सर बहुत कम रहता है, जिसके कारण उसे अचानक उठने पर चक्कर आना, सिर घूमना या बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है। कई मामलों में त्वचा का रंग सांवला या फीका पड़ने लगना (Skin Hyperpigmentation), मूड स्विंग्स होना, अत्यधिक चिंता या डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं भी इस हार्मोनल असंतुलन का परिणाम हो सकती हैं।समय पर कराएं मेडिकल जांच और हार्मोनल टेस्ट, जीवनशैली में सुधार और सही खानपान से दूर करें यह समस्यायदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य भी लंबे समय से ऐसी ही unexplained थकान, कमजोरी और वजन घटने की समस्या से परेशान है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और तुरंत किसी अच्छे एंडोक्राइनोलॉजिस्ट (Endocrinologist) या जनरल फिजिशियन से परामर्श लें। डॉक्टर इस स्थिति की सही पहचान करने के लिए ब्लड टेस्ट के जरिए सीरम कोर्टिसोल लेवल और एसीटीएच (ACTH) स्टिमुलेशन टेस्ट की सलाह देते हैं। समय पर सही डायग्नोसिस होने से इस स्थिति का इलाज आसानी से संभव है। इस हार्मोनल असंतुलन को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने के लिए अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना बेहद जरूरी है। पर्याप्त नींद लें, तनाव को कम करने के लिए योग और प्राणायाम का अभ्यास करें, और अपने आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां, पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त भोजन को शामिल करें। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी प्रकार का सप्लीमेंट लेने से बचें, क्योंकि हार्मोन से जुड़ी समस्याओं का पेशेवर चिकित्सा निगरानी में इलाज होना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है।
देश में केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी 'इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम' (Ethanol Blending Programme) को लेकर एक नया और बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और केंद्र सरकार पर पेट्रोल में तय सीमा (20%) से कहीं अधिक इथेनॉल मिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने इस पूरे मामले को जनता की जेब पर डाका करार देते हुए तंज कसा कि E20 बन गया 420 - जनता की गाड़ियों से पेट्रोल की चोरी! राहुल गांधी ने कर्नाटक के सात जिलों से लिए गए ईंधन के नमूनों (Fuel Samples) की स्वतंत्र लैब जांच का हवाला देते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है और इस नीति की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। शनिवार को 'X' पर एक पोस्ट में, गांधी ने दावा किया कि एक मान्यता प्राप्त लैब में जांचे गए 14 नमूनों में से 11 में 20% से ज्यादा इथेनॉल पाया गया। केंद्र सरकार के इथेनॉल-ब्लेंडिंग प्रोग्राम पर तंज कसते हुए गांधी ने कहा, E20 बन गया 420 - जनता की गाड़ियों से पेट्रोल की चोरी! उन्होंने सरकारी और निजी, दोनों तरह की तेल कंपनियों पर तय सीमा से ज्यादा इथेनॉल मिलाने का आरोप लगाया और उनकी जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। गांधी के मुताबिक, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के नमूनों में इथेनॉल की मात्रा क्रमशः 31.2% और 30.5% पाई गई। ये नमूने कर्नाटक के सात जिलों - बेंगलुरु, कोलार, चिक्काबल्लापुरा, बेंगलुरु ग्रामीण, रामनगर, मंगलुरु और तुमकुरु से लिए गए थे। इसे भी पढ़ें: ई20 पेट्रोल में ज्यादा मिलावट का आरोप, Rahul Gandhi ने केंद्र से वास्तविक आंकड़े मांगे गांधी ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), नायरा एनर्जी और शेल (Shell) का भी जिक्र किया, जिनके ईंधन के नमूनों की जांच की गई थी। उन्होंने दावा किया कि इन कंपनियों की अपनी लैब ने नमूनों में मौजूद इथेनॉल की मात्रा का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा, मोदी जी, हमें बताइए - देश की गाड़ियों के टैंक में क्या डाला जा रहा है? पेट्रोल में असल में कितना इथेनॉल है? 20% से ज्यादा इथेनॉल मिलाने वाली कंपनियों पर कब कार्रवाई होगी? और बहस की चुनौती अभी भी कायम है। इसमें एक और मुद्दा जोड़ लीजिए - आपकी नीतियों से असल में किसे फायदा हो रहा है? तेल कंपनियों ने कर्नाटक की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाए ये दावे ऐसे समय में सामने आए हैं जब कर्नाटक सरकार और तेल कंपनियों के बीच राज्य के रिटेल आउटलेट्स पर बिकने वाले पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को लेकर विवाद चल रहा है। कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिज़वान अरशद ने पहले कहा था कि बेंगलुरु स्थित NABL-मान्यता प्राप्त और ISO-प्रमाणित 'श्रीराम रिसर्च इंस्टीट्यूट' द्वारा किए गए परीक्षणों में, कई नमूनों (सैंपल्स) में इथेनॉल की मात्रा निर्धारित 20 प्रतिशत की सीमा से अधिक पाई गई। राज्य सरकार ने बताया कि इन नमूनों को शुरुआत में IOCL और BPCL की अपनी प्रयोगशालाओं (इन-हाउस लैब्स) में भेजा गया था, लेकिन उनकी रिपोर्ट में इथेनॉल की मात्रा का खुलासा नहीं हुआ। इसके बाद सरकार ने स्वतंत्र जांच कराने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: SIR विवाद पर Pralhad Joshi का Rahul Gandhi पर तंज, कहा- बिना होमवर्क फैला रहे भ्रम कंपनियों ने आरोपों पर जवाब दिया सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल विपणन कंपनियों (ऑयल मार्केटिंग कंपनियों) — IOCL, BPCL और HPCL — ने पेट्रोल में इथेनॉल की अत्यधिक मात्रा मिलाने के कर्नाटक सरकार के निष्कर्षों पर सवाल उठाए हैं। कंपनियों का कहना है कि ये दावे निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत किए गए परीक्षणों से साबित नहीं होते हैं। एक संयुक्त बयान में, कंपनियों ने कहा कि कर्नाटक सहित पूरे देश में सप्लाई किया जाने वाला E20 पेट्रोल, 'ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स' (BIS) के मानक IS 17021 के अनुरूप है। उन्होंने अक्टूबर 2026 की जांच प्रक्रिया के दौरान अपनाए गए सैंपलिंग (नमूने लेने की) तरीके पर चिंता जताई। कंपनियों का दावा है कि इस प्रक्रिया में उनके प्रतिनिधि शामिल नहीं थे, और उन्हें न तो 'रिटेंशन सैंपल' (सुरक्षित रखे गए नमूने) मिले, न ही आउटलेट-वार विवरण या पूरी प्रयोगशाला रिपोर्ट दी गई। कंपनियों ने कर्नाटक सरकार द्वारा पेश किए गए थर्ड-पार्टी प्रयोगशाला प्रमाणपत्रों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इन प्रमाणपत्रों में इथेनॉल की मात्रा की पुष्टि के लिए जरूरी परीक्षण विधियों (टेस्टिंग मेथड्स) के बारे में तकनीकी विवरण नहीं दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित दस्तावेजों और नमूनों के बिना, इन निष्कर्षों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती। कंपनियों ने सालाना 62,000 करोड़ रुपये के माइलेज नुकसान और 39,000 करोड़ रुपये के वाहन मरम्मत खर्च के अनुमानों को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि इन आंकड़ों को साबित करने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी आधार की आवश्यकता है। उन्होंने सैंपलिंग के पूरे रिकॉर्ड की मांग की है। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किसी अधिकृत प्रयोगशाला में स्वतंत्र जांच के लिए 'काउंटरपार्ट सैंपल' (समान नमूने) उपलब्ध कराने की भी मांग की है। E20 ईंधन पर बहस से वाहनों की अनुकूलता (compatibility) को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इसे भी पढ़ें: इस मामले में Rahul Gandhi के साथ खड़े हुए Haryana CM Nayab Saini, जानिए ऐसा क्यों हुआ? इस विवाद ने इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल की गुणवत्ता और भारतीय सड़कों पर चलने वाले वाहनों के साथ इसकी अनुकूलता को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ा दी हैं। E20 पेट्रोल का मतलब है ऐसा ईंधन जिसमें पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिला होता है। केंद्र सरकार ने आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, उत्सर्जन घटाने और घरेलू इथेनॉल उत्पादकों को समर्थन देने के उद्देश्य से इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा दिया है। हालांकि, इथेनॉल की अधिक मात्रा का ईंधन दक्षता (fuel efficiency) और वाहनों के पुर्जों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। यह चिंता खासकर उन वाहनों के लिए है, जिन्हें ऐसे मिश्रण के हिसाब से डिज़ाइन नहीं किया गया है। कर्नाटक सरकार ने उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जो तय सीमा से अधिक इथेनॉल वाला पेट्रोल सप्लाई कर रही हैं। साथ ही, सरकार ने ईंधन स्टेशनों पर इथेनॉल की मात्रा के बारे में जानकारी देने में अधिक पारदर्शिता बरतने को कहा है। इस विवाद के कारण केंद्र सरकार के इथेनॉल-मिश्रण कार्यक्रम की भी नए सिरे से जांच-परख शुरू हो गई है, जिसमें ईंधन की गुणवत्ता, टेस्टिंग की प्रक्रियाओं और उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हनुमान जयंती पर प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
प्रयागराज के संगम तट पर स्थित लेटे हनुमान मंदिर में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. हनुमान जयंती को लेकर आज मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया और बजरंगबली का खास श्रृंगार किया गया. भक्त लंबी कतारों में लगकर दर्शन कर रहे हैं.
सोनिया गांधी ने आपातकाल को लेकर इंदिरा गांधी का बचाव किया और कहा कि फैसले संवैधानिक तरीके से लिए गए थे। साथ ही मोदी सरकार पर लोकतंत्र और संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
10 साल में 5 गुना बढ़ा, अब इतना पहुंचेगा सोने का दाम!
Gold Price Prediction: सोने की कीमतों में अगले एक साल के दौरान एक बार फिर बड़ी तेजी आ सकती है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोना अगले 6-12 महीनों में 1.60 लाख से 1.68 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है.
सेविंग्स के साथ मौज भी! Gen Z कैसे खर्च रहा है अपनी सैलरी
जेन जी को अक्सर शॉपिंग, गैजेट्स और घूमने-फिरने का शौकीन माना जाता है, लेकिन अब पैसे खर्च करने को लेकर उनकी सोच बदल रही है. EVI की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 62% जेन जी सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट को प्राथमिकता देते हैं. जानिए युवा किन चीजों पर खर्च करते हैं और कैसे अपनी कमाई को मैनेज करने की कोशिश कर रहे हैं.
ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में थे नेतन्याहू, फिर US ने रोका सीक्रेट ऑपरेशन!
इजरायल के आम चुनाव से एक दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर एक गुप्त सैन्य हमला करने की योजना बनाई थी. इस ऑपरेशन को मोसाद प्रमुख रोमन गोफमैन के साथ मिलकर अंजाम देने की तैयारी थी, लेकिन अमेरिका को इसकी भनक लग गई और उसने इसे रोक दिया.
बेंगलुरु हत्याकांड- पड़ोसी राज्य में मिले पत्नी और सास के शव, गहने भी बेच आया था कैब ड्राइवर
बेंगलुरु में कैब ड्राइवर ने ससुराल पक्ष के सात लोगों की हत्या कर दी। अब तक तीन शव बरामद किए गए हैं। आरोपी की पत्नी और सास का शव तमिलनाडु के जंगलों में मिला है।
दिल्ली में प्रदूषण से हालात खराब, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है, जिसके चलते राजधानी में ग्रैप 3 लागू कर दिया गया है. दिल्ली के प्रमुख इलाकों जैसे रोहिणी, पंजाबी बाग, आरके पुरम और सोनिया विहार में एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया है. जहरीली हवा और बच्चों की सेहत पर मंडराते खतरे को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है. मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की सड़कों पर भारी ट्रैफिक दिखाई देता है। वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण की सबसे बड़ी वजहों में से एक है.
राजनाथ सिंह ने जवानों संग मनाई दिवाली: अग्निपथ योजना में बदलाव को बताया तोहफा, आईएएफ प्रमुख को लेकर क्या कहा? rajnath-singh-agniveers-additional-two-year-tour-of-duty-diwali-gift-bagdogra-sukna
ई20 पेट्रोल में ज्यादा मिलावट का आरोप, Rahul Gandhi ने केंद्र से वास्तविक आंकड़े मांगे
नयी दिल्ली, सात नवंबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कर्नाटक सरकार द्वारा एकत्र किये गये नमूनों के परीक्षण परिणामों का हवाला देते हुए ई20 पेट्रोल की बिक्री को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा और केंद्र से देशभर में बेचे जा रहे ईंधन में इथेनॉल की वास्तविक मात्रा को स्पष्ट करने की मांग की। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ई20 बना 420 - जनता की गाड़ी से पेट्रोल चोरी!’’वह जाहिर तौर पर पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता की धारा 420 का परोक्ष उल्लेख कर रहे थे जो धोखाधड़ी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कहती है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल है, लेकिन कर्नाटक सरकार ने सात जिलों से पेट्रोल के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांच करवाई तो इथेनॉल की मात्रा सीमा से ऊपर पाई गई। उन्होंने कहा, ‘‘नतीजा देखिए। 14 में से 11 नमूनों में 20 प्रतिशत से ज़्यादा इथेनॉल। आईओसीएल में 31.2 प्रतिशत, एचपीसीएल में 30.5 प्रतिशत। आईओसीएल, एचपीसीएल, नयारा, शेल...सरकारी कंपनी हों या निजी-सब सीमा से ऊपर और कंपनियों की अपनी प्रयोगशालाओं ने इथेनॉल की मात्रा रिपोर्ट में लिखी ही नहीं।’’उन्होंने दावा किया कि गाड़ी में अधिक इथेनॉल से उसकी चालन क्षमता पर असर पड़ सकता है। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल की मात्रा के बारे में कोई जानकारी लिखी नहीं होने का भी आरोप लगाया। गांधी ने कहा, ‘‘मोदी जी, बताइए - देश की टंकी में क्या भरा जा रहा है? पेट्रोल में असल में कितना इथेनॉल है? 20 प्रतिशत से ज़्यादा मिलावट करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई कब होगी?’’लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि बहस में ये मुद्दा भी जोड़ा जा सकता है। उनकी यह टिप्पणी कर्नाटक सरकार के उस आरोप के एक दिन बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि प्रमुख तेल विपणन कंपनियां निर्धारित 20 प्रतिशत की सीमा से अधिक इथेनॉल वाले पेट्रोल की आपूर्ति कर रही हैं, और परीक्षणों में यह स्तर 31.2 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है। सरकार ने इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले और कानूनी माप विज्ञान मंत्री रिजवान अरशद ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि ये आरोप बेंगलुरु, कोलार, चिक्काबल्लापुर, बेंगलुरु ग्रामीण, रामनगर, मंगलुरु और तुमकुरु से एकत्र किए गए।
राहा के चौथे बर्थडे पर छाईं आलिया भट्ट, शॉर्ट ड्रेस में लगीं स्टाइलिश
आलिया भट्ट और रणबीर कपूर ने बेटी राहा का चौथा जन्मदिन खास अंदाज में मनाया. इस मौके पर आलिया ने अपने स्टाइलिश अंदाज में नजर आईं, जबकि राहा ने ग्रे चेक प्रिंट वाली फ्लोरल फ्रॉक पहनी. मां-बेटी के खूबसूरत आउटफिट और राहा का क्यूट हेयरस्टाइल लोगों का ध्यान खींच रहा है.
धराली में अब भी ताजा हैं बर्बादी के निशान
एक साल पहले बड़ी प्राकृतिक आपदा का शिकार होने वाले उत्तरकाशी जिले के धराली में अब भी उस बर्बादी के निशान दिखते हैं.
'रूटीन का भी अपना अलग मिजाज,' दिनचर्या में धीरे-धीरे वापसी पर बोले अमिताभ बच्चन
मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने अपनी दिनचर्या में धीरे-धीरे वापसी और रोजमर्रा की जिंदगी की अनिश्चितताओं पर एक नोट साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे वे कभी-कभी चश्मा, मोबाइल फोन या फिर यह भी भूल जाते हैं कि उन्हें आगे क्या करना है। वहीं, दूसरी ओर उन्हें अपने स्कूल के दिनों की बातें आज भी बहुत साफ-साफ याद हैं।
Hanuman Ansh OTT Release: नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश का बॉक्स ऑफिस पर 80 दिन का सफर अब खत्म होने को है क्योंकि अब मेकर्स ने ओटीटी रिलीज का ऐलान कर दिया है.
E-20 बना 420, देश की टंकी में क्या भर रहे! राहुल गांधी ने PM मोदी को फिर दी बहस की चुनौती
हाल ही में बेंगलुरु की ओर से जारी जांच रिपोर्ट के मुताबिक कई कंपनियों के नमूनों में एथेनॉल की मात्रा 31.2 फीसदी और 30.5 फीसदी मिली है। इस पर हंगामा खड़ा हो गया है। राहुल गांधी क्या बोले?
12 साल में लोकतंत्र और संस्थाओं को भारी नुकसान पहुंचा: Sonia Gandhi
(फाइल फोटो के साथ)नयी दिल्ली, सात नवंबर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि पिछले 12 वर्षों में भारत के सामाजिक ताने-बाने, लोकतंत्र और संस्थाओं को ‘‘भारी नुकसान’’ पहुंचा है तथा मोदी सरकार के सत्ता से हटने के बाद भी देश की व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने में समय लगेगा। अपनी पुस्तक बिलॉन्गिंग : अ जर्नी ऑफ लव के विमोचन से पहले अंग्रेजी दैनिक अखबार द हिंदू को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने यह भी कहा कि अब लोग देश को हुए नुकसान को महसूस करने लगे हैं और मौजूदा स्थिति को लेकर उनकी बेचैनी बढ़ रही है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘लेकिन मैं आशावादी हूं और मुझे विश्वास है कि भारत के लोग सुशासन की वापसी का स्वागत करेंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 12 वर्षों में हमारे देश के सामाजिक ताने-बाने, लोकतंत्र और संस्थाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। इस सरकार के सत्ता से जाने के बाद भी हमारी व्यवस्थाओं को पहले की तरह फिर से बेहतर और मजबूत बनाने में समय लगेगा। इसके लिए राजनीतिक दलों को भी काफी प्रयास करने होंगे।’’कांग्रेस के कमजोर होते जनाधार और पार्टी की मौजूदा स्थिति तथा भविष्य की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा, ‘‘मैं इतनी निराशावादी नहीं हूं। इस बात पर गौर कीजिए कि इस सरकार के सत्ता में आने के बाद से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को समान अवसर नहीं मिले हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘सभी संस्थाओं पर सरकार की पूरी पकड़ है, खासकर निर्वाचन आयोग पर। मुख्यधारा के मीडिया पर उसका नियंत्रण है, उसके पास अकूत धनबल है और वह धर्म का इस्तेमाल भी अपने हित में करती है।’’गांधी ने कहा, ‘‘इसके बावजूद हमारी पार्टी संघर्ष कर रही है और आगे बढ़ रही है। वास्तव में, हमारी पार्टी ही ऐसी है जिसने इस हमले का मजबूती से सामना करने का दमखम दिखाया है।’’उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को ‘‘हर तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद हर गांव और हर जिले में कांग्रेस के कार्यकर्ता संविधान में निहित मूल्यों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।’’कांग्रेस की वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया, ‘‘इसके अलावा, हाल के महीनों में यह बात पर्याप्त रूप से साबित हुई है कि कई चुनावों में धांधली हुई है और लोगों को अब इसकी जानकारी होने लगी है।’’उन्होंने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर काम कर रही है और पार्टी की संभावनाएं दिन-ब-दिन बेहतर हो रही हैं। हार्पर कॉलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित उनकी पुस्तक बिलॉन्गिंग : अ जर्नी ऑफ लव एक निजी संस्मरण है, जिसमें राजनीति को उन्होंने पृष्ठभूमि या उनके शब्दों में कहें तो एक तरह के ढांचे के रूप में रखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके राजनीतिक उभार से कांग्रेस को क्या सबक लेना चाहिए, इस सवाल पर गांधी ने कहा, ‘‘यह सच है कि वह बिल्कुल अलग वैचारिक पृष्ठभूमि से आते हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी में भी लोगों के राजनीति में सफल होने के कई रास्ते हैं। उदाहरण के लिए डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को देख सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि हमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से कुछ सीखने की जरूरत है।’’यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें कभी इस बात का ख्याल आता है कि अगर उन्होंने 2004 में प्रधानमंत्री बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया होता तो संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की नीतियां और कांग्रेस की रणनीति कैसी होतीं, इस पर गांधी ने कहा, ‘‘नहीं, बिल्कुल नहीं। यह विचार कभी मेरे मन में नहीं आया। हमारा अनुभव कुल मिलाकर काफी सकारात्मक रहा। हमने एक टीम के रूप में काम किया और हम दोनों की भूमिकाएं अलग-अलग थीं। वह (मनमोहन सिंह) सरकार का नेतृत्व कर रहे थे और मैं पार्टी का।’’पिछले महीने सोनिया गांधी ने कहा था कि दूसरे लोग दशकों से उनकी कहानी बताते रहे हैं और अब अपनी कहानी बताने की बारी उनकी है। उन्होंने यह भी कहा था कि 10 नवंबर को उनके संस्मरण के प्रकाशित होने पर कुछ तमाशा होना तय है। हार्पर कॉलिन्स इंडिया 10 नवंबर को गांधी का 544 पन्नों का संस्मरण बिलॉन्गिंग : अ जर्नी ऑफ लव भारत में प्रकाशित करेगा। इसके साथ ही देश में इस पुस्तक के प्रकाशन को लेकर बना असमंजस भी खत्म हो जाएगा। इससे पहले लेखिका के प्रतिनिधियों और पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (पीआरएचआई) के बीच गतिरोध के कारण पुस्तक के भारत में प्रकाशन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। शुरुआत में इस संस्मरण को प्रकाशित करने की इच्छुक पीआरएचआई ने बाद में स्पष्ट कर दिया था कि वह भारत में इसकी प्रकाशक नहीं होगी। यह विवाद पांडुलिपि में संपादकीय बदलावों को लेकर प्रकाशक और लेखिका के प्रतिनिधियों के बीच मतभेद की खबरों के बाद शुरू हुआ था। कांग्रेस के कई नेताओं ने इस मामले में सरकारी दबाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया था। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि पेंगुइन इंडिया पर दबाव डाला गया कि वह पुस्तक से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, आरएसएस और मोदी सरकार के कार्यकाल में चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र पर किए गए ‘‘कब्जे’’ से जुड़े अंश हटा दे। पीआरएचआई ने सफाई दी थी कि वह इस पुस्तक को प्रकाशित करने के लिए वास्तव में बेहद उत्सुक थी और उसने इसे हासिल करने के लिए काफी प्रयास किए थे, लेकिन अंततः एक खास मुद्दे पर गतिरोध के कारण पीछे हटने का फैसला किया। प्रकाशक ने यह भी कहा था कि उस पर किसी भी तरह का बाहरी दबाव नहीं था। हालांकि, उसने गोपनीयता संबंधी शर्तों और लेखिका के साथ हुए समझौते का हवाला देते हुए गतिरोध की वास्तविक वजह बताने से इनकार कर दिया था। सोनिया गांधी के संस्मरण बिलॉन्गिंग की शुरुआत इटली के वेनेटो क्षेत्र में युद्ध के बाद के दौर में उनके बचपन से होती है। इसमें कैम्ब्रिज तक के उनके सफर का भी जिक्र है, जहां 1965 में उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। इस संस्मरण में राजीव गांधी से उनकी शादी और उनकी सास तथा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात का विवरण भी है। इसमें भारत में खुद को ढालने के उनके प्रयासों का जिक्र किया गया है, जिसमें हिंदी सीखना, साड़ी पहनना और भारतीय खानपान तथा संस्कृति को अपनाना शामिल है। पुस्तक में गांधी परिवार को झकझोर देने वाली प्रमुख त्रासदियों का भी उल्लेख है। इनमें संजय गांधी की विमान हादसे में मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल हैं। इस संस्मरण में 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत से जुड़ी राजनीतिक घटनाओं का भी विस्तार से जिक्र किया गया है। उस चुनाव में जीत के बाद सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री बनने से इनकार कर दिया था और इसके बजाय पार्टी तथा गठबंधन का नेतृत्व किया था। उनके नेतृत्व वाला गठबंधन अगले 10 वर्षों तक देश की सत्ता में रहा।
शादी में शामिल होने को सिंगापुर से आया था शख्स, पड़ोसी ने मार डाला; 15 राउंड फायरिंग
मृतक की पहचान परमजीत धनखड़ के रूप में हुई है। मूल रूप से हिसार के रहने वाले थे। वे एक बड़ी नेशनल कंपनी में काम करते थे और अपने काम के सिलसिले में सिंगापुर में रहते थे।
ED को शक है कि भारत के घरेलू मामलों में दखलअंदाजी करने के लिए विदेश से 14 करोड़ से ज्यादा रुपये भेजे गए हैं। जांच में सामने आया है कि पैसे को कई लेयर में छिपाने की कोशिश हुई।
केरलम: पहले अभिनेताओं पर लगाया था लूटपाट का आरोप, अब खुद दुष्कर्म मामले में डॉक्टर फरार; पुलिस ने शुरू जांच keralam doctor johnson varghese booked in Molestation case suspected of physical Assault more women
भारतीय गेंदबाजों ने फिर मचाया कोहराम! गुरनूर बरार ने रचा इतिहास
न्यूजीलैंड की तरफ से डेरिल मिचेल ने 104 गेंदों का सामना करते हुए 5 चौकों और 2 छक्कों की मदद से सर्वाधिक 55 रनों की पारी खेली. उनके अलावा कप्तान मिचेल सेंटनर ने 31 रन बनाए. लेकिन भारतीय गेंदबाजों के आगे न्यूजीलैंड की टीम बड़ा स्कोर बनाने में असफल रही.
त्योहारों का वक्त है। ट्रेन में पैर रखने तक की जगह नहीं है। जर्नल कोच से लेकर स्लीपर और एसी क्लास हर तरफ भीड़ का दबाव है। कई बार तो लोग इस भीड़ को बर्दाश्त कर लेते हैं, एडजस्ट कर लेते हैं। लेकिन त्योहारों के मौसम में भीड़ इस कदर बढ़ गई है कि अब रिजर्व कोच में सफर करने वाले यात्रियों का सब्र भी जवाब देने लगा है एसी कोच में बिना टिकट और जनरल टिकट वाले यात्रियों के घुसने से परेशान होकर रिजर्व क्लास के यात्रियों ने ट्रेन पुलिंग कर दी। ट्रेन को रोक दिया और रुकने के साथ मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस दौरान रिजर्व कोच के यात्री और बिना टिकट के यात्रियों के बीच जमकर बहसबाजी देखने को मिली। यह घटना झारखंड की बताई जा रही है। हालांकि यह सिर्फ झारखंड की ही कहानी नहीं है। देश भर से ऐसे कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक अन्य घटना मध्य प्रदेश की भोपाल के संत हृदाराम नगर स्टेशन से सामने आई है। तस्वीरों में देखा गया कि एसी कोच का स्टाफ किस कदर जद्दोजहद कर रहा है ताकि अनरिजर्व टिकट को लेकर सफर कर रहे यात्री रिजर्व कोच में ना घुसने पाएं। तस्वीरों में दोनों पक्षों के बीच झड़प होती नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक कुछ यात्री वैध टिकट के बिना इसी कोच में घुसने की कोशिश कर रहे थे और इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासनी हो गई। मामला धक्कामुक्की तक पहुंच गया। इसे भी पढ़ें: बीजेपी के गुंडों ने मेरे घर पर हमला किया, अभिषेक बनर्जी ने लगाए आरोप देखा जा सकता है कि बाहर खड़े यात्रियों में कितना गुस्सा है कि उन्हें अंदर नहीं आने दिया जा रहा। बावजूद इसके वह जानते हैं कि यह सरासर गलत है। हालांकि यहां दूसरे पक्ष को भी नकारा नहीं जा सकता। रिजर्वेशन कराकर सफर कर रहे यात्रियों की अपनी परेशानी है। वहीं दूसरी तरफ वो लोग जो जनरल टिकट पर सफर कर रहे हैं। जिन्हें सीट मिलना तो दूर डिब्बे में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही वो कहां जाएं? जाहिर सी बात है कि त्यौहार तो सभी अपनों के साथ मनाना चाहते हैं। घर जाना चाहते हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन की ओर से पर्याप्त ट्रेनों का इंतजाम नहीं किया गया तो क्या इसमें उनकी गलती है? इसी तरह का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। रिजर्व क्लास में कितनी भीड़ है। टिकट और जनरल क्लास के यात्री भी इस डिब्बे में सवार हैं और इसी बात पर रिजर्व क्लास के यात्री उन पर गुस्सा निकाल रहे हैं। इसे भी पढ़ें: E20 बन गया 420, Rahul Gandhi ने पेट्रोल में Ethanol ब्लेंडिंग पर केंद्र सरकार को घेरा गौरतलब है ऐसा पहली बार नहीं है जब त्यौहारों के सीजन में यह समस्या सामने आई हो। इससे पहले भी एसी और स्लीपर कोच में अनाधिकृत यात्रियों के घुसने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे को टैग कर सवाल उठाए कि रिजर्वेशन के लिए ज्यादा किराया देने के बावजूद अगर कोच में बैठने की जगह नहीं मिलेगी। उस डिब्बे में भी हर कोई सवार हो जाएगा। वो भी जिनके पास टिकट नहीं है तो फिर इस रिजर्व कोच का क्या फायदा? सोशल मीडिया पर वायरल होते इन वीडियो पर जब लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया तो रेलवे की ओर से वहीं ढाई टप्पे का जवाब सामने आया। शिकायत्तकर्ता से उनका मोबाइल नंबर और पीएनआर नंबर मांगा गया। रेलवे की ओर से पूछा गया कि आप इस घटना का टाइम और डेट यानी कि समय और दिनांक बताइए। रेलवे की इस बात पर लोग और भड़क गए। एक यूजर ने कहा एक ही कमेंट हर दिन क्या आपकी कोई जवाबदेही है? एक और यूजर ने कहा रेलवे सेवा बिल्कुल बेकार है। इस तरह की घटनाएं हर दिन होती हैं। लेकिन आपको तो पीएआर नंबर और मोबाइल नंबर की ज्यादा पड़ी है। सोशल मीडिया पर वायरल होते यह तमाम वीडियो यकीनन प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। A dispute over overcrowding in an AC coach forced frustrated passengers to pull the emergency chain, bringing the train to a halt. According to reports, passengers with confirmed AC tickets were upset after finding ticketless travellers occupying the coach. The situation created inconvenience for those who had paid for confirmed seats and expected a comfortable journey. The incident has once again raised concerns about overcrowding, ticket checking and railway management. Passengers are questioning why they should pay extra for AC travel if they cannot even enjoy the comfort and space they are entitled to. #IndianRailways #RailwayNews #ACCoach #TrainNews #PassengerRights #TicketlessTravel — Vayam Bharat (@vayambharat) November 6, 2026
छठ पर बढ़ जाती है इन चीजों की डिमांड, कम बजट में शुरू करें ये 7 कारोबार, होगी बंपर कमाई
Chhath Business Idea: अगर सही योजना, उचित कीमत, शुद्धता और अच्छी क्वालिटी के साथ काम शुरू किया जाए तो छठ पूजा का त्योहार छोटे कारोबारियों के लिए आमदनी का अच्छा मौका बन सकता है.
30 लाख दीपों से सजेगी अयोध्या, 2100 ड्रोन रचेंगे इतिहास!
अयोध्या में दीपोत्सव 2026 को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है. इस बार राम की पैड़ी पर 30 लाख और पूरे जनपद में करीब 50 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है. आसमान में 2100 स्वदेशी ड्रोन भी रोशनी से आकृतियां बनाएंगे. आयोजन की सुरक्षा के लिए 6000 पुलिसकर्मी तैनात होंगे. वहीं, 35 हजार युवा स्वयंसेवक रामनगरी को सजाएंगे. इस उत्सव से स्थानीय कुम्हारों और कारोबारियों को भी रोजगार मिलेगा.
शरद पवार अस्पताल से डिस्चार्ज, चेस्ट इंफेक्शन का चल रहा था इलाज
NCP के वरिष्ठ नेता शरद पवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. उन्हें सीने और सांस से जुड़े संक्रमण के कारण एडमिट कराया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक, सेहत में सुधार के बाद उन्हें घर जाने की इजाजत दी गई.
पहली बार बॉलीवुड पार्टी में पहुंचे राघव, परिणीति संग छाई केमिस्ट्री
परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा बी टाउन के मोस्ट पावरफुल कपल्स में शुमार किए जातेहैं. दोनों की केमिस्ट्री और खूबसूरत बॉन्ड फैंस का दिल जीत लेता है.
चीन पहली बार अपने अंतरिक्ष स्टेशन के दरवाजे किसी विदेशी अंतरिक्ष यात्री के लिए खोलने जा रहा है. शेनझोउ-24 मिशन में शामिल होने वाला पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री न केवल इतिहास रचेगा, बल्कि यह चीन-पाकिस्तान अंतरिक्ष सहयोग का भी सबसे बड़ा प्रतीक बनेगा.
हैरी बॉक्सर का असली नाम हरिचंद जाट बताया जाता है. वह राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला है. उसका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा बताया जाता है. अपराध की दुनिया में आने से पहले वह जयपुर में बॉक्सिंग कोच के तौर पर काम करता था. इसी वजह से उसने हैरी बॉक्सर या हैरी बॉक्सर के नाम से पहचान बनाई.
E20 बन गया 420, Rahul Gandhi ने पेट्रोल में Ethanol ब्लेंडिंग पर केंद्र सरकार को घेरा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रमुख तेल विपणन कंपनियों पर आरोप लगाया है कि वे पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा तय सीमा (20 प्रतिशत) से अधिक मिला रही हैं। उन्होंने कर्नाटक के सात जिलों से लिए गए ईंधन के नमूनों की प्रयोगशाला जांच का हवाला दिया है। शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने दावा किया कि एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांचे गए 14 नमूनों में से 11 में इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक पाई गई। केंद्र के इथेनॉल-ब्लेंडिंग कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा E20, 420 में बदल गया है - यानी लोगों की गाड़ियों से पेट्रोल की चोरी हो रही है! उन्होंने सरकारी और निजी, दोनों तरह की ईंधन कंपनियों पर तय सीमा से ज़्यादा इथेनॉल मिलाने का आरोप लगाया और उनकी टेस्टिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। गांधी द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के नमूनों में इथेनॉल की मात्रा क्रमशः 31.2 प्रतिशत और 30.5 प्रतिशत पाई गई। इसे भी पढ़ें: SIR विवाद पर Pralhad Joshi का Rahul Gandhi पर तंज, कहा- बिना होमवर्क फैला रहे भ्रम ये नमूने कर्नाटक के सात जिलों - बेंगलुरु, कोलार, चिक्कबल्लापुरा, बेंगलुरु ग्रामीण, रामनगर, मंगलुरु और तुमकुरु से लिए गए थे। गांधी ने उन कंपनियों के नाम भी बताए जिनके ईंधन के नमूनों को इस जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया था; इनमें भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), नायरा एनर्जी और शेल शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि कंपनियों की अपनी प्रयोगशालाएं नमूनों में मौजूद इथेनॉल की मात्रा का खुलासा करने में विफल रहीं। उन्होंने कहा मोदी जी, हमें बताएं - देश के टैंकों में क्या डाला जा रहा है? पेट्रोल में असल में कितना इथेनॉल है? 20% से ज़्यादा इथेनॉल मिलाने वाली कंपनियों के ख़िलाफ़ कब कार्रवाई की जाएगी? और बहस की चुनौती अभी भी कायम है। हम इसमें एक और मुद्दा भी जोड़ेंगे। आपकी नीतियों से असल में किसे फ़ायदा हो रहा है? इसे भी पढ़ें: SIR की आड़ में 13 करोड़ लोग योजनाओं से बाहर, KC Venugopal का PM Modi पर वार तेल कंपनियों ने कर्नाटक की जांच के नतीजों पर सवाल उठाए यह विवाद कर्नाटक सरकार और तेल विपणन कंपनियों के बीच राज्य के रिटेल आउटलेट्स पर बिकने वाले पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को लेकर चल रहा है। कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिज़वान अरशद ने पहले कहा था कि बेंगलुरु स्थित 'श्रीराम रिसर्च इंस्टीट्यूट' (जो NABL से मान्यता प्राप्त और ISO-प्रमाणित है) द्वारा की गई जांच में, कई नमूनों में इथेनॉल की मात्रा तय सीमा (20 प्रतिशत) से अधिक पाई गई। राज्य सरकार ने बताया कि शुरुआत में इन नमूनों को IOCL और BPCL की अपनी प्रयोगशालाओं में भेजा गया था, लेकिन उनकी रिपोर्ट में इथेनॉल की मात्रा का खुलासा नहीं किया गया। इसके बाद सरकार ने स्वतंत्र जांच कराने का फैसला लिया। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Apple की Secret List में Modi, Rahul और Trump! एक लाख शब्दों का खुफिया खेल बेनकाब होने से पूरी दुनिया में हड़कंप कंपनियों ने आरोपों पर जवाब दिया सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल विपणन कंपनियों IOCL, BPCL और HPCL — ने पेट्रोल में इथेनॉल की अत्यधिक मिलावट के संबंध में कर्नाटक सरकार के निष्कर्षों पर सवाल उठाए हैं। कंपनियों का कहना है कि ये दावे निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत किए गए परीक्षणों से साबित नहीं होते हैं।
दिवाली की खरीदारी बनी मुसीबत! गाजीपुर मंडी के पास लगा 5 किमी लंंबा जाम
दीपावली के मौके पर गाजीपुर फूल मंडी के बाहर नेशनल हाईवे-24 पर लगभग 5 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है. प्रशासन की ओर से मंडी के अंदर खरीदारी के लिए व्यवस्था होने के बावजूद ये समस्या बनी रही. जाम में फंसे वाहन चालक और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. एंबुलेंस और शव वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहे, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ा.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिश्नोई गैंग के मुख्य सिंडिकेट और रंगदारी के नेटवर्क को संभालने वाले हैरी बॉक्सर की हिरासत को भारतीय एजेंसियों के लिए एक बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। अब उसे भारत प्रत्यर्पित करने की कानूनी प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
Thane Crime Branch ने अवैध हथियारों के साथ पांच तस्करों को दबोचा
ठाणे, सात नवंबर महाराष्ट्र के ठाणे शहर में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुये पुलिस ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है तथा उनके पास से 9.19 लाख रुपये मूल्य के हथियार एवं गोला-बारूद बरामद किए। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। वरिष्ठ निरीक्षक अनिल शिंदे ने बताया कि अपराध शाखा की इकाई-एक के एक दल ने गुप्त सूचना के आधार पर दो नवंबर को राबोडी में नासिक-ठाणे राजमार्ग पर साकेत सर्विस रोड के पास जाल बिछाया और संदिग्धों को पकड़ लिया। आरोपी कथित तौर पर हथियारों के बल पर लूटपाट करने की योजना बना रहे थे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक शशिकांत तिवारी उर्फ राहुल (25), कार्तिक कुमार विनोद चौधरी (23), मृत्युंजय कुमार प्रदीप चौबे (26), बृजकिशोर नन्हकू तिवारी (54) और शुभम सुनील तिवारी (24) के रूप में हुई है। अधिकारी के अनुसार, राहुल, कार्तिक, मृत्युंजय और बृजकिशोर झारखंड के रहने वाले हैं तथा शुभम छत्तीसगढ़ का निवासी है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से पांच देसी पिस्तौल और 56 कारतूस बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत 9.19 लाख रुपये है। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), शस्त्र अधिनियम और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि हथियार कहां से लाए गए थे।
बीजेपी के गुंडों ने मेरे घर पर हमला किया, अभिषेक बनर्जी ने लगाए आरोप
पुलिस अधिकारियों, जो रात की इस घटना की जांच कर रहे हैं, ने बताया कि शनिवार तड़के 2 बजे से 3:30 बजे के बीच दक्षिण कोलकाता के कालीघाट में, ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (MAITC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर दो गुटों के बीच लगातार हुई झड़पों में कथित तौर पर आठ लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह झड़प अभिषेक बनर्जी के 39वें जन्मदिन (7 नवंबर) की तैयारी कर रहे MAITC कार्यकर्ताओं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों के बीच हुई, हालांकि पुलिस ने किसी भी पार्टी का नाम नहीं लिया है। एक पुलिस अधिकारी ने सुबह करीब 7 बजे अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। बनर्जी के घर के बाहर पुलिस का भारी दस्ता तैनात किया गया है। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारी ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की कि दोनों पक्षों की ओर से हुई कथित पत्थरबाजी के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। इसे भी पढ़ें: ECI समेत चुनाव मशीनरी पर BJP का कब्जा, इंटरव्यू में बोलीं Sonia Gandhi ‘बीजेपी द्वारा बिना उकसावे के हमला’ MAITC समर्थकों का आरोप है कि जब वे बनर्जी का जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे, तब बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बिना किसी उकसावे के उन पर हमला कर दिया। वहीं, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसका खंडन करते हुए कहा कि उन पर तब हमला किया गया, जब वे रविवार की पूजा के लिए स्थानीय कुम्हारों से देवी काली की मूर्तियां खरीदने कालीघाट जा रहे थे। आरोप है कि बीजेपी समर्थकों ने चोर और गोरू चोर (मवेशी चोर) जैसे नारे लगाए और बनर्जी के जन्मदिन की बधाई देने के लिए लगाए गए कटआउट और बैनरों को तोड़-फोड़ दिया। बनर्जी का आरोप है कि कम से कम आठ लोग घायल हुए, जिनमें से तीन को गंभीर चोटें आईं। इसे भी पढ़ें: '6 महीने में मेरी जान लेने की 7वीं कोशिश', Abhishek Banerjee के आवास पर हमले का दावा, बीजेपी पर साधा तीखा निशाना बनर्जी ने आरोप लगाया, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मेरे घर और दफ्तर पर सुनियोजित हमले किए। मुझे जान से मारने की साजिश रची गई थी। जब पुलिस ने हालात को काबू में करने की कोशिश की, तो उन्हें भी नहीं बख्शा गया। मैंने देखा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक पुलिस अधिकारी को जोरदार थप्पड़ मारा। अगर बीजेपी के शासन में पुलिस का यह हाल है, तो आम नागरिक आसानी से समझ सकते हैं कि वे कितने सुरक्षित हैं। बनर्जी ने रात करीब 3 बजे मीडिया के सामने ये आरोप लगाए। पुलिस के मुताबिक, हिंसा तो कई घंटे पहले ही खत्म हो गई थी, लेकिन बनर्जी सुबह 6:30 बजे तक अपने घर के बाहर धरने पर बैठे रहे।
मुंबई की एंटरप्रेन्योर करिश्मा मेहता ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की फाउंडर हैं, जिन्होंने साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 22 मिनट का इंटरव्यू लेकर सुर्खियां बटोरी थीं. उस वक्त वे 27 साल की थीं.
ECI समेत चुनाव मशीनरी पर BJP का कब्जा, इंटरव्यू में बोलीं Sonia Gandhi
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को बहुत नुकसान पहुंचा है। हालांकि, सोनिया ने उम्मीद जताई कि समय के साथ भारत की व्यवस्था फिर से सही ढंग से काम करने लगेगी। अपनी किताब 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' के लॉन्च से पहले 'द हिंदू' को दिए एक इंटरव्यू में, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष ने अपनी पार्टी की मौजूदा स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से कांग्रेस और विपक्षी दलों को समान अवसर नहीं मिला है। सोनिया ने कहा पिछले 12 वर्षों में हमारे देश के ढांचे, हमारे लोकतंत्र और हमारी संस्थाओं को बहुत नुकसान पहुंचा है। इस सरकार के जाने के बाद भी, हमारी व्यवस्थाओं को फिर से पटरी पर लाने में समय लगेगा और इसके लिए राजनीतिक दलों को बहुत प्रयास करने होंगे। इसे भी पढ़ें: सत्ता परिवर्तन के नाम पर Rahul Gandhi अराजकता फैलाएंगे तो जनता विकल्प चुनेगी: BJP प्रधानमंत्री मोदी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा यह सच है कि वे एक बिल्कुल अलग वैचारिक पृष्ठभूमि से आते हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी में भी लोग राजनीति में कई तरह से सफल होते हैं, उदाहरण के लिए डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को ही देख लीजिए। मुझे नहीं लगता कि हमें RSS से कुछ भी सीखने की जरूरत है। सोनिया ने 2004 में प्रधानमंत्री बनने के फैसले पर बात की इंटरव्यू में सोनिया से यह भी पूछा गया कि अगर उन्होंने 2004 में प्रधानमंत्री बनना स्वीकार कर लिया होता, तो क्या कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की रणनीति बदल जाती? इस पर राज्यसभा सदस्य ने जवाब दिया कि ऐसा खयाल उनके मन में कभी आया ही नहीं। उन्होंने कहा हमारा अनुभव कुल मिलाकर बहुत सकारात्मक रहा। हमने एक टीम के रूप में काम किया, और हमारी भूमिकाएं अलग-अलग थीं - वे (सिंह) सरकार का नेतृत्व कर रहे थे और मैं पार्टी का। 79 वर्षीय सोनिया ने आरोप लगाया कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) समेत पूरी चुनाव मशीनरी को भाजपा ने अपने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यधारा की मीडिया को नियंत्रित किया जा रहा है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस लड़ रही है और आगे बढ़ रही है और यही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो इस हमले का सामना कर रही है। इसे भी पढ़ें: पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi के बलिदान दिवस पर Sonia Gandhi, खरगे और Rahul ने दी श्रद्धांजलि उन्होंने आरोप लगाया इसके अलावा, हाल के महीनों में यह पूरी तरह साबित हो गया है कि कई चुनाव 'चुराए' गए हैं, और अब लोग इस बारे में पहले से कहीं अधिक जागरूक हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर काम कर रही है, और हमारी स्थिति दिन-ब-दिन बेहतर होती जा रही है।
मां लक्ष्मी के नाम पर रखें अपनी बेटी का नाम, यहां देखें 10 यूनिक और छोटे नामों की लिस्ट
आप अपनी बच्ची का नाम मां लक्ष्मी के नाम पर रख सकते हैं. यहां हम आपके लिए 10 ऐसे ही यूनिक, प्यारे और छोटे नामों की लिस्ट लेकर आए हैं. आइए एक नजर डालते हैं इनपर-
Bihar के सरकारी अस्पतालों के दावों की खुली पोल
बिहार के आरा सदर अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली तस्वीर सामने आई है. 80 वर्षीय विष्णु शंकर साह को इलाज के बाद घर लौटने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली. परिजनों का आरोप है कि मांग के बावजूद अस्पताल से कोई सुविधा नहीं दी गई. आखिरकार उन्हें 500 रुपये किराया देकर ठेले का इंतजाम करना पड़ा और बुजुर्ग को उसी पर लिटाकर घर ले जाना पड़ा.
नयी दिल्ली, सात नवंबर उत्तर प्रदेश की मूल निवासी और अब इलिनोइ जनरल असेंबली के लिए चुनी गईं डेमोक्रेट सबा हैदर ने कहा है कि उनकी जीत यह दर्शाती है कि अमेरिका में मतदाता तेजी से विभाजनकारी राजनीति के बजाय स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और पर्यावरण जैसी रोजमर्रा की चिंताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। पीटीआई वीडियो’ के साथ साक्षात्कार में अपनी जीत पर बात करते हुए हैदर ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता उन उम्मीदवारों को अधिक समर्थन दे रहे हैं जो सभी समुदायों के परिवारों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाते हैं। हैदर, जो 20 साल पहले अमेरिका आई थीं, ने कहा, अगर उम्मीदवार रोजमर्रा के बुनियादी मुद्दों (किचन टेबल इश्यूज) के बारे में बात कर रहे हैं, तो लोग उस पर ध्यान दे रहे हैं। लोग उन्हें सुन रहे हैं, उनसे जुड़ाव महसूस कर रहे हैं, और उन उम्मीदवारों को वोट दे रहे हैं जो ऐसे मुद्दों पर बात करते हैं जो उनके परिवारों को प्रभावित करते हैं, जो उनके बच्चों के जीवन को प्रभावित करते हैं। कई भारतीय-अमेरिकियों ने ऐसा ही किया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई प्रतिनिधियों की बढ़ती मौजूदगी की सराहना की। हैदर (42) ने कहा कि उन्होंने अपनी जीत का जश्न परिवार, दोस्तों, कार्यकर्ताओं और अपनी प्रचार टीम के सदस्यों के साथ मनाया। हैदर ने कहा, जैसे ही अमेरिका में दिन खत्म हुआ, भारत में मौजूद रिश्तेदारों के फोन आने शुरू हो गए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से लेकर इलिनोइ में एक निर्वाचित प्रतिनिधि तक का यह सफर शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने बताया, चुनाव अभियान के दौरान शिकागो के उपनगरों में हजारों घरों के दरवाजे खटखटाने पड़े, और जनवरी-मार्च के प्राइमरी सीजन के दौरान तापमान अक्सर शून्य से नीचे रहता था। कभी-कभी तो मुझे अपनी उंगलियों और पैर के अंगूठों का अहसास तक नहीं होता था। सामान्य तापमान में वापस आने में ही मुझे एक घंटे से ज्यादा का समय लग जाता था। अन्य दक्षिण एशियाई उम्मीदवारों के चुने जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने 27 वर्षीय नबीला सैयद का उदाहरण दिया, जिन्होंने एक रिकॉर्ड तोड़ मुकाबले में इलिनोइ सीनेट की सीट पर जीत हासिल की थी। हैदर ने इसे अमेरिकी राजनीति में हो रही प्रगति का एक उदाहरण बताया। हैदर ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके समुदायों की चिंताओं को सुना जाए, और साथ ही उन्हें विभिन्न जातीय और सामाजिक समूहों के बीच गठबंधन भी बनाना चाहिए।
'E20 पेट्रोल के नाम पर हो रहा फ्रॉड, मिला रहे 20% से ज्यादा एथेनॉल', राहुल गांधी का दावा
राहुल ने कहा कि सरकारी हों या प्राइवेट कंपनियां, सब पेट्रोल में लिमिट से ऊपर एथेनॉल मिला रही हैं. उनकी लैब ने एथेनॉल की मात्रा रिपोर्ट में लिखी ही नहीं. मतलब जनता से पैसा महंगे पेट्रोल का लिया जा रहा है और टंकी में एथेनॉल भरा जा रहा है.
MP के राजगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक... 6 घंटे के भीतर 26 लोगों को काटा
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में एक आवारा कुत्ते ने 6 घंटे के अंदर 26 लोगों को काटकर घायल कर दिया. शुक्रवार दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक कुत्ते ने बाजार में आने-जाने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों पर हमला किया.
'सब सांविधानिक रूप से किया गया': आपातकाल पर सोनिया ने किया इंदिरा गांधी का बचाव, मोदी सरकार पर लगाए क्या आरोप? sonia-gandhi-on-emergency-indira-gandhi-targets-bjp-democracy-institutions-damage-memoir-belonging-launch
कुदरत के खूबसूरत करिश्मे और भारत की 6 सबसे अद्भुत झीलें जो मोह लेंगी आपका मन
भारत अपनी अनूठी भौगोलिक विविधताओं और प्राकृतिक आश्चर्यों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां उत्तर में बर्फ से ढकी हिमालय की विशाल चोटियां हैं, तो दक्षिण में दूर-दूर तक फैला अनंत सागर है। लेकिन इन सबके बीच भारत की विशाल झीलें (Lakes) पर्यटकों के दिल में एक खास जगह रखती हैं। कहीं नीले और कांच जैसे पारदर्शी पानी के पीछे आसमान को छूते विशाल पहाड़ नजर आते हैं, तो कहीं शांत झील के ठीक बीच में बने ऐतिहासिक और शाही महल किसी परियों की कहानी जैसे प्रतीत होते हैं। यदि आप भी रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से ब्रेक लेकर प्रकृति की शांत वादियों में सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो भारत की ये 6 सबसे खूबसूरत झीलें आपके ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए। इन झीलों का दीदार न केवल आपके सफर को खुशनुमा और यादगार बना देगा, बल्कि आपको प्रकृति की अलौकिक कलाकारियों से भी रूबरू कराएगा।लद्दाख की पैंगोंग त्सो और कश्मीर की डल झील: नीले पानी और शिखारे के बीच सपनों जैसा एहसासजब भी भारत की सबसे खूबसूरत झीलों का जिक्र आता है, तो लद्दाख की विश्व प्रसिद्ध 'पैंगोंग त्सो झील' (Pangong Tso Lake) का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। लगभग 14,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित यह खारे पानी की झील अपने रंग बदलने वाले जादू के लिए जानी जाती है। सूरज की रोशनी के साथ इस झील का पानी गहरे नीले से लेकर हरे और बैंगनी रंग में बदलता दिखाई देता है। इसके चारों ओर स्थित बंजर और विशाल भूरे पहाड़ नीले पानी के साथ ऐसा अवास्तविक दृश्य बनाते हैं जिसे देखकर हर पर्यटक दंग रह जाता है। वहीं दूसरी ओर, 'धरती के स्वर्ग' जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में स्थित ऐतिहासिक 'डल झील' (Dal Lake) अपनी एक अलग ही सुंदरता समेटे हुए है। डल झील में रंग-बिरंगे शिखारे (Shikara) की सवारी करना और झील के पानी पर तैरते हुए हाउस बोट (Houseboats) में रात बिताना हर ट्रैवलर का एक सपना होता है। सुबह के समय डल झील के बीच लगने वाली तैरती हुई सब्जी मंडी का नजारा इस झील को दुनिया भर में अनोखा बनाता है।उदयपुर की पिछोला झील और मणिपुर की लोकतक झील: तैरते महलों और प्राकृतिक द्वीपों की अद्भुत दास्तानराजस्थान के 'झीलों के शहर' उदयपुर में स्थित 'पिछोला झील' (Pichola Lake) भारत की उन चुनिंदा जगहों में से एक है जहां इतिहास, रॉयल्टी और कुदरत का संगम एक साथ देखने को मिलता है। इस विशाल झील के ठीक बीच में स्थित 'लेक पैलेस' (ताज लेक पैलेस) और 'जग मंदिर' ऐसा प्रतीत होते हैं मानो पानी के ऊपर कोई शाही महल तैर रहा हो। शाम के ढलते सूरज की किरणों में पिछोला झील का पानी जब सुनहरे रंग में चमकता है और पीछे अरावली की पहाड़ियां नजर आती हैं, तो वह दृश्य देखने लायक होता है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो मणिपुर की 'लोकतक झील' (Loktak Lake) दुनिया की इकलौती ऐसी झील है जिसके पानी पर छोटे-छोटे प्राकृतिक द्वीप तैरते रहते हैं। इन तैरते हुए द्वीपों को स्थानीय भाषा में 'फुमडी' (Phumdis) कहा जाता है। इस झील के ऊपर दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान 'केइबुल लामजाओ' स्थित है, जो दुर्लभ संगाई हिरण (Sangai Deer) का प्राकृतिक आवास है।नैनीताल की प्रसिद्ध नैनी झील और ओडिशा की चिलिका झील: वादियों का सुकून और साइबेरियन पक्षियों का संसारउत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में पहाड़ियों से घिरी 'नैनी झील' (Naini Lake) सालों से पर्यटकों और नए शादीशुदा जोड़ों की पहली पसंद बनी हुई है। आम के आकार (Crescent shape) में फैली इस झील के चारों ओर देवदार और बांज के हरे-भरे जंगल फैले हुए हैं। दिन में झील के नीले-हरे पानी में बोटिंग का आनंद लेना और रात के समय झील के चारों तरफ पहाड़ियों पर जगमगाती बत्तियों की रोशनी का नजारा देखना हर किसी के दिल को सुकून से भर देता है। भारत के पूर्वी तट पर ओडिशा में स्थित 'चिलिका झील' (Chilika Lake) एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून झील है। यह झील न केवल अपनी विशालता के लिए जानी जाती है, बल्कि सर्दियों के मौसम में यहां लाखों की संख्या में आने वाले विदेशी साइबेरियन पक्षियों (Migratory Birds) और दुर्लभ इरावदी डॉल्फिन (Irrawaddy Dolphins) का घर भी है। चिलिका झील में नाव की सवारी करते हुए डॉल्फिन को पानी से बाहर छलांग लगाते देखना और पक्षियों के झुंड का कलरव सुनना एक ऐसा अनुभव है जो आपकी ट्रैवल मेमोरी को हमेशा के लिए तरोताजा बनाए रखेगा।
दिल्ली की जहरीली हवा पर सियासी सवाल: शशि थरूर बोले- मिलकर बनाएं ठोस योजना; सरकारों की इच्छाशक्ति पर उठाई उंगली--Shashi Tharoor Calls for Joint Action by Centre and States to Tackle Delhi Air Pollution
दिल्ली के शोर-शराबे और ट्रैफिक से दूर वीकेंड पर सुकून के पल बिताने के लिए बेस्ट हैं ये जगहें
देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए हफ्ताभर ऑफिस की डेडलाइन, भारी ट्रैफिक, मेट्रो की भीड़ और प्रदूषण से जूझते हुए गुजरता है। ऐसे में जब वीकेंड (शनिवार और रविवार) का समय आता है, तो हर दिल्लीवासी की यही चाहत होती है कि वह इस भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ दिनों के लिए दूर निकलकर किसी शांत, हरी-भरी और खूबसूरत जगह पर अपने परिवार या दोस्तों के साथ कुछ सुकून भरे पल बिता सके। राहत की बात यह है कि दिल्ली के चारों तरफ ऐसे कई अद्भुत और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जहां पहुंचने के लिए आपको घंटों लंबा सफर तय करने की जरूरत नहीं पड़ती है। राजधानी से महज 2 से 3 घंटे की दूरी पर स्थित ये शानदार टूरिस्ट स्पॉट कम समय की छुट्टियों में तरोताजा होने के लिए एकदम परफेक्ट डेस्टिनेशन माने जाते हैं। इन जगहों पर पहुंचकर आप न केवल अपनी सारी थकान भूल जाएंगे, बल्कि नए हफ्ते की शुरुआत एक ऊर्जावान और फ्रेश माइंड के साथ कर पाएंगे।हरियाणा की गोद में बसा दमdama लेक और सोहना: प्रकृति प्रेमियों के लिए दिल्ली के सबसे नजदीक स्वर्गयदि आप बिना ज्यादा समय गंवाए प्रकृति के करीब पहुंचना चाहते हैं, तो हरियाणा के गुरुग्राम से आगे स्थित दमदमा झील (Damdama Lake) आपके वीकेंड ट्रिप के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। दिल्ली से लगभग 60 से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस विशाल झील तक पहुंचने में बमुश्किल ढाई से तीन घंटे का समय लगता है। अरावली की पहाड़ियों की गोद में बसी इस प्राकृतिक झील के चारों ओर हरियाली और शांति का साम्राज्य है। यहां पहुंचकर आप बोटिंग, पैरासेलिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और कैंपिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स का लुत्फ उठा सकते हैं। दमdama के पास ही स्थित सोहना के गर्म पानी के कुंड (Sohna Hot Water Springs) भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, जिनके बारे में मान्यता है कि इस पानी में स्नान करने से त्वचा संबंधी कई बीमारियां दूर हो जाती हैं। परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिहाज से यह जगह दिल्लीवासियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत समेटे नीमराना का किला और अलवर: शाही अंदाज में बिताएं अपना वीकेंडअगर आपको इतिहास, पुरानी वास्तुकला और शाही ठाट-बाठ का शौक है, तो दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित नीमराना फोर्ट पैलेस (Neemrana Fort Palace) आपकी पहली पसंद होना चाहिए। दिल्ली से महज़ 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नीमराना पहुंचने में कार या कैब से मात्र ढाई से तीन घंटे का समय लगता है। 15वीं शताब्दी का यह ऐतिहासिक किला अब एक भव्य हेरिटेज होटल में तब्दील हो चुका है, जहां आप वीकेंड पर डे-आउट या लंच के लिए जा सकते हैं। इस किले की वास्तुकला, ऊंची दीवारें और अरावली की पहाड़ियों का नज़ारा फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए जन्नत जैसा है। इसके थोड़ा और आगे बढ़ने पर राजस्थान का प्रसिद्ध अलवर शहर और सरिस्का टाइगर रिजर्व (Sariska Tiger Reserve) मिल जाता है, जहां आप जंगल सफारी का आनंद लेकर बाघों और अन्य वन्यजीवों को अपनी आंखों से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।ताज नगरी आगरा और यमुना एक्सप्रेसवे का सुहाना सफर: कम समय में ऐतिहासिक खूबसूरती का दीदारयदि आप एक दिन के छोटे ट्रिप पर कुछ ऐतिहासिक और बेहतरीन देखना चाहते हैं, तो दिल्ली से यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते आगरा की यात्रा करना सबसे शानदार फैसला हो सकता है। आधुनिक एक्सप्रेसवे के शानदार और चिकने रास्ते की वजह से दिल्ली से आगरा की दूरी अब महज ढाई से तीन घंटे में तय कर ली जाती है। दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल (Taj Mahal) की खूबसूरती को सुबह की पहली किरण या शाम ढलते वक्त देखना जीवन का एक अलग ही अनुभव होता है। ताजमहल के अलावा आप आगरा का ऐतिहासिक किला, फतेहपुर सीकरी और वहां के प्रसिद्ध पेठे का स्वाद भी चख सकते हैं। बिना किसी लंबी छुट्टी के यदि आपको ऐतिहासिक विरासत और बेहतरीन खान-पान का लुत्फ एक साथ उठाना है, तो आगरा का यह वीकेंड ट्रिप आपके सभी सपनों को पूरा कर देगा।उत्तराखंड के प्रवेश द्वार ऋषिकेश और हरिद्वार: अध्यात्म, रोमांच और गंगा किनारे सुकून भरी शामदिल्ली से यदि आप थोड़ा सा और आगे का सफर तय करने का मन बना रहे हैं, तो देवभूमि उत्तराखंड के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हरिद्वार और ऋषिकेश (Rishikesh) वीकेंड के लिए सबसे मुफीद जगहें हैं। हालांकि सामान्य दिनों में यहां पहुंचने में साढ़े चार से पांच घंटे लग जाते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे के जरिए शुरुआती और नजदीकी पहाड़ी हिस्सों तक बहुत कम समय में पहुंचा जा सकता है। गंगा नदी के तट पर बैठकर शाम की अलौकिक गंगा आरती देखना आपके मन को असीम शांति से भर देगा। इसके अलावा, जो लोग थोड़े साहसी स्वभाव के हैं वे ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग, क्लिफ जंपिंग और बंजी जंपिंग जैसे एडवेंचर का भरपूर आनंद ले सकते हैं। पहाड़ों की ठंडी हवा, कल-कल करती गंगा धारा और प्राचीन मंदिरों की घंटियों की गूंज के बीच बिताया गया यह वीकेंड आपकी सारी थकान और तनाव को छूमंतर कर देगा, जिससे आप खुद को पूरी तरह से ऊर्जावान महसूस करेंगे।
सपा छोड़ने से लेकर 2027 के चुनाव तक, मनोज पांडेय ने खोले कई राज
उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा छोड़कर बीजेपी में आए कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने अयोध्या में पंचायत आजतक के मंच से कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी.
नितिन नबीन और स्मृति ईरानी का बिहार में हाई-प्रोफाइल दौरा
बिहार की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठनात्मक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब पार्टी के दो बेहद प्रभावशाली और कद्दावर चेहरे—छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी व वरिष्ठ नेता नितिन नबीन और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी—एक साथ राज्य के दौरे पर पहुंचे। पटना हवाई अड्डे पर उतरते ही दोनों नेताओं का भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों, विधायकों और सैकड़ों उत्साहित कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ ऐतिहासिक व भव्य स्वागत किया। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, दोनों वरिष्ठ नेताओं का यह साझा दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आगामी रणनीतिक प्राथमिकताओं, संगठनात्मक फेरबदल और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक धारदार बनाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एयरपोर्ट से निकलने के बाद दोनों नेताओं का काफिला सीधे प्रदेश भाजपा मुख्यालय और तय कार्यक्रम स्थलों के लिए रवाना हो गया, जहां दिन भर कई महत्वपूर्ण बैठकों का दौर जारी रहेगा।संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों संग मैराथन बैठक, धरातल का लिया जाएगा सीधा फीडबैकइस हाई-प्रोफाइल दौरे का सबसे अहम हिस्सा भाजपा के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा और पदाधिकारियों के साथ सीधी बातचीत है। नितिन नबीन और स्मृति ईरानी प्रदेश स्तर से लेकर जिला और मंडल स्तर तक के प्रमुख पदाधिकारियों, मोर्चा अध्यक्षों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ एक बंद कमरे में मैराथन बैठक करने वाले हैं। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की धरातलीय स्थिति, बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती और आम जनता के बीच सरकारी योजनाओं के प्रभाव का सटीक फीडबैक लेना है। दोनों दिग्गज नेता इस बात की गहराई से पड़ताल करेंगे कि कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता के बीच किस तरह का समन्वय है और संगठन में कहां सुधार की आवश्यकता है। नितिन नबीन का संगठनात्मक अनुभव और स्मृति ईरानी की आक्रामक संवाद शैली का यह मेल कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और किसी भी प्रकार की अंदरूनी गुटबाजी या असंतोष को दूर करने में बेहद कारगर साबित होने वाला है।विशाल जनजातीय कार्यक्रम में शिरकत करेंगे दोनों दिग्गज नेता, आदिवासी समाज को साधने की बड़ी कवायदसंगठनात्मक बैठकों के अलावा इस दौरे का एक बेहद महत्वपूर्ण और केंद्र बिंदु राज्य में आयोजित होने वाला विशाल 'जनजातीय महासम्मेलन व सांस्कृतिक कार्यक्रम' है, जिसमें नितिन नबीन और स्मृति ईरानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। बिहार के सीमांचल और जनजातीय बहुल इलाकों में आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों की रक्षा को लेकर भाजपा लगातार आक्रामक रणनीति अपना रही है। इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से दोनों नेता केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के उत्थान, भगवान बिरसा मुंडा की विरासत के सम्मान और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचागत विकास के लिए उठाए गए ऐतिहासिक कदमों को जनता के सामने रखेंगे। स्मृति ईरानी का मुखर संबोधन और नितिन नबीन का राजनीतिक कौशल इस कार्यक्रम के जरिए आदिवासी मतदाताओं को पार्टी के साथ मजबूती से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इस संयुक्त दौरे ने न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का नया संचार किया है, बल्कि विपक्षी दलों को भी अपनी चुनावी और राजनीतिक रणनीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।
NCW प्रमुख Vijaya Rahatkar बोलीं, महिला सुरक्षा पर न हो राजनीति
(कोमल शर्मा)नयी दिल्ली, सात नवंबर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तीकरण सुनिश्चित करने के लिए आयोग सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करता है, चाहे वहां किसी भी दल की सरकार हो और महिलाओं के कल्याण के मामले में राजनीतिक मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए। रहाटकर ने राज्यों से कार्रवाई रिपोर्ट प्राप्त करने में आयोग के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर हर सरकार को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, सत्ता में कोई भी दल हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। महिलाएं आबादी का 50 प्रतिशत हिस्सा हैं और उनके सशक्तीकरण के लिए काम करना जरूरी है।’’रहाटकर ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग केंद्र एवं सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने का प्रयास करता है और कई राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने में सफल भी रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी सरकारों और संबंधित पक्षों के साथ खुले मन से बातचीत करते हैं। हमें महिलाओं के कल्याण के लिए काम करना है और सभी को इसके लिए आगे आना चाहिए।’’आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए। विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों के साथ आयोग के संबंध समय-समय पर चर्चा में रहे हैं। फरवरी 2024 में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार के साथ आयोग के संबंध उस समय सवालों के घेरे में आ गए थे, जब आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष रेखा शर्मा ने हिंसा प्रभावित संदेशखालि का दौरा करने के बाद राज्य प्रशासन पर आयोग के दल के साथ सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया था। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोप सामने आने के बाद शर्मा ने बनर्जी के इस्तीफे और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की मांग की थी। उस समय राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया था। पार्टी ने सवाल उठाया था कि आयोग ने भाजपा शासित राज्यों में सामने आए मामलों में ऐसी तत्परता क्यों नहीं दिखाई। केंद्र के अलावा कई राज्यों में भाजपा या उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं। वहीं, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और झारखंड सहित कुछ राज्यों में अन्य दलों की सरकारें हैं। विपक्षी दल अक्सर राष्ट्रीय महिला आयोग जैसी संस्थाओं पर भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते रहे हैं, हालांकि इन संस्थाओं ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है।
रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भक्ति, आस्था और भारतीय संस्कृति के रंगों से डूबा हुआ नजर आ रही है। दीपोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर रामजन्म भूमि अयोध्या में लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। शहर की सड़कों पर रामायण के प्रसंगों, भारतीय लोकसंस्कृति और ...
बस्तर ओलंपिक में फूटा युवाओं और महिलाओं का जबर्दस्त उत्साह
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की पावन और वीरों की भूमि पर आयोजित हो रहे ऐतिहासिक 'बस्तर ओलंपिक' को लेकर स्थानीय नागरिकों, युवाओं और विशेषकर महिलाओं के भीतर एक अभूतपूर्व और क्रांतिकारी उत्साह देखने को मिल रहा है। कभी हिंसा, नक्सलवाद और भय के साये में पहचाने जाने वाले अंचल में आज खेल, विकास और शांति की नई बयार बह रही है। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित इस बहुआयामी खेल महाकुंभ में रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। संभाग के सभी 7 जिलों—बस्तर (जगदलपुर), कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और कोंडागांव—से खिलाड़ियों की भारी भागीदारी दर्ज की जा रही है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, बस्तर ओलंपिक में भाग लेने के लिए कुल पंजीयन (Registration) का आंकड़ा 4 लाख के जादुई आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गया है, जो इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि बस्तर का जन-जन अब विकास और खेल संस्कृति की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए पूरी तरह आतुर है।गृह मंत्री और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बस्तरवासियों को दी बधाई, कहा- बस्तर अब खेल और शांति का प्रतीक बन रहा हैबस्तर ओलंपिक में 4 लाख के करीब पहुंचे भारी रजिस्ट्रेशन और उसमें महिलाओं व बेटियों की रिकॉर्ड भागीदारी को देखते हुए छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री (Deputy CM) एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने संभाग की जनता, खिलाड़ियों और प्रशासनिक टीमों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर की माटी में अपार प्रतिभा और ऊर्जा छुपी हुई है, जिसे सही मंच प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अंदरूनी और सुदूर वनांचल क्षेत्रों से निकलकर महिलाएं और युवा मैदान में उतर रहे हैं, वह यह साबित करता है कि बुलेट पर बैलेट और स्पोट्र्स की जीत हो रही है। सरकार का उद्देश्य बस्तर के कोने-कोने में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखार कर उन्हें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच तक पहुंचाना है ताकि बस्तर की पहचान अब केवल खेलों, संस्कृति और खुशहाली के रूप में दुनिया भर में हो सके।7 जिलों में पारंपरिक और आधुनिक खेलों का संगम, बस्तर के वनांचल से निकलेंगी नई खेल प्रतिभाएंबस्तर ओलंपिक का मुख्य आकर्षण केवल आधुनिक खेल ही नहीं, बल्कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से जुड़े पारंपरिक खेल भी हैं। इस भव्य आयोजन में एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और खो-खो जैसी लोकप्रिय स्पर्धाओं के साथ-साथ पारंपरिक खेलों को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। सुदूर ग्राम पंचायतों, विकासखंडों से लेकर जिला स्तर तक प्रतियोगिता का ढांचा तैयार किया गया है ताकि गांव का छोटे से छोटा खिलाड़ी भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सके। विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों की भारी संख्या ने यह दिखा दिया है कि बस्तर की बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस आयोजन से न केवल बस्तर में स्थायी शांति और सद्भाव की नींव मजबूत होगी, बल्कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर के कई नए और धाकड़ एथलीट भी प्राप्त होंगे।
निशिकांत दुबे के पंडित जवाहरलाल नेहरू पर दिए बयान से देश की राजनीति में भूचाल
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के फायरब्रांड सांसद निशिकांत दुबे द्वारा देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों और ऐतिहासिक योगदान को लेकर दिए गए एक बयान ने देश के सियासी हलकों में बड़ा बवंडर खड़ा कर दिया है। संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक नेहरूवादी विचारधारा और ऐतिहासिक फैसलों पर निशाना साधने की भाजपा की रणनीति के बीच, कांग्रेस के कद्दावर नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर बेहद आक्रामक और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। निशिकांत दुबे के बयान पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भूपेश बघेल पूरी तरह से भड़क उठे। उन्होंने मीडिया के सामने बिना किसी लाग-लपेट के भाजपा सांसद पर सीधा हमला बोला और कहा, 'वह कितना बड़ा पागल आदमी है, जिसे देश के इतिहास और आधुनिक भारत के निर्माण की बुनियादी समझ तक नहीं है।' पूर्व मुख्यमंत्री के इस बेहद तल्ख और तीखे बयान के सामने आते ही कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच गई है।'इतिहास का ज्ञान शून्य है', भूपेश बघेल ने पढ़ाया आधुनिक भारत और संस्थाओं के निर्माण का पाठरायपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को रेखांकित किया और भाजपा नेताओं द्वारा बार-बार इतिहास को तोड़े-मरोड़े जाने के प्रयासों पर गहरी नाराजगी जताई। भूपेश बघेल ने कहा कि जिस समय देश आजाद हुआ था, उस समय देश के पास न तो पर्याप्त खाद्यान्न था और ना ही आधुनिक वैज्ञानिक ढांचा। पंडित नेहरू ने ही देश में आईआईटी (IIT), आईआईएम (IIM), एम्स (AIIMS), इसरो (ISRO) की नींव रखी और भाखड़ा नांगल जैसे विशाल बांध बनाकर कृषि क्रांति का आधार तैयार किया। बघेल ने निशिकांत दुबे पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज बनी-बनाई संपत्तियों और संस्थानों को बेचने या उनका श्रेय लेने में लगे हैं, उन्हें यह बात समझनी चाहिए कि शून्य से देश को खड़ा करने में कितना त्याग और दूरदर्शिता लगती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से इतिहास पढ़ने वाले नेता ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और आधुनिक भारत के निर्माताओं पर इस तरह की ओछी टिप्पणी कर सकते हैं।स्वतंत्रता संग्राम और ऐतिहासिक तथ्यों पर कांग्रेस-भाजपा में छिड़ी नई जंग, राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया माहौलनिशिकांत दुबे के बयान और उस पर भूपेश बघेल के इस आक्रामक पलटवार ने एक बार फिर स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, पंडित नेहरू बनाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका और देश के नवनिर्माण के मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है। जहां एक तरफ भाजपा नेता लगातार नेहरू कालीन विदेश नीति, कश्मीर मुद्दे और आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्हें ऐतिहासिक भूल बताते रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी अपने महान नेताओं की विरासत और ऐतिहासिक तथ्यों की रक्षा के लिए आक्रामक रुख अपनाए हुए है। भूपेश बघेल के इस कड़े बयान के बाद भाजपा के कई प्रांतीय व राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने भी मोर्चेबंदी शुरू कर दी है और बघेल की भाषा शैली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का कहना है कि देश के पहले प्रधानमंत्री का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐतिहासिक तथ्यों के साथ ऐसे बयानों का करारा जवाब लगातार दिया जाता रहेगा।
'ऐसा इलाज करूंगा, पुश्तें याद रखेंगी...' डीग SP का VIDEO वायरल
राजस्थान के डीग जिले की केथवाड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच पद की मतगणना के दौरान री-काउंटिंग की मांग पर हंगामा हो गया. पूर्व सरपंच नोमान खान की मांग के बाद समर्थकों की भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया. हालात संभालने पहुंचे एसपी शरण कमले ने भीड़ को 5 मिनट में हटने की चेतावनी दी.
दीपावली पर PPF में सालाना ₹1 लाख निवेश से 15 साल बाद तैयार होगा ₹27 लाख से बड़ा फंड
भारतीय परिवारों में त्योहारों के पावन अवसर पर नए निवेश और संपत्ति सृजन की परंपरा सदियों पुरानी है। विशेष रूप से दीपावली और धनतेरस के समय लोग केवल सोने-चांदी की खरीदारी ही नहीं करते, बल्कि अपने और अपने परिवार के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं में पूंजी लगाने को प्राथमिकता देते हैं। बाजार में शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड जैसे कई आधुनिक विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद देश का एक बड़ा वर्ग आज भी उन वित्तीय साधनों पर अधिक भरोसा करता है जहां जोखिम शून्य हो और रिटर्न पूरी तरह से सरकार द्वारा गारंटीड हो। ऐसे सुरक्षित विकल्पों में बैंक सावधि जमा (FD) और डाकघर की लघु बचत योजनाएं सबसे आगे रहती हैं। केंद्र सरकार द्वारा समर्थित 'पब्लिक प्रोविडेंट फंड' यानी पीपीएफ (PPF) एक ऐसा ही साधन है जो निवेशकों को न केवल पूंजी की पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि दीर्घकाल में चक्रवृद्धिकरण (कंपाउंडिंग) की शक्ति से एक विशाल फंड तैयार करने का अवसर भी देता है।पब्लिक प्रोविडेंट फंड योजना केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन संचालित होती है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य आम नागरिकों, वेतनभोगी वर्ग और स्वरोजगार से जुड़े लोगों में नियमित बचत की आदत को प्रोत्साहित करना है। सरकार हर तिमाही में देश की आर्थिक परिस्थितियों और बॉन्ड यील्ड की समीक्षा के बाद पीपीएफ सहित सभी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों का निर्धारण करती है। वर्तमान समय में इस योजना पर सालाना 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। जोखिम से दूर रहने वाले और मध्यमवर्गीय निवेशकों के लिए यह दर इसलिए भी बेहद आकर्षक मानी जाती है क्योंकि इसमें जमा मूलधन और उस पर मिलने वाले पूरे ब्याज पर भारत सरकार की संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) होती है, जिससे किसी भी प्रकार के डिफ़ॉल्ट का खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाता है।15 साल का अनिवार्य लॉक-इन पीरियड और सालाना ₹1 लाख के निवेश पर फंड का सटीक गणितपीपीएफ खाते की सबसे प्रमुख विशेषता इसका 15 वर्षों का अनिवार्य लॉक-इन पीरियड है। यह योजना लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों जैसे बच्चों की उच्च शिक्षा, उनके विवाह अथवा सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के बाद एक निश्चित कोष तैयार करने के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है। यदि कोई निवेशक 15 वर्षों की परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी अपने खाते को जारी रखना चाहता है, तो नियमों के अनुसार इसे 5-5 वर्षों के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। योजना के नियमों के तहत किसी एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.50 लाख तक की राशि जमा की जा सकती है।अब यदि कोई निवेशक इस त्योहारी सीजन में अनुशासन के साथ हर साल ₹1 लाख का निवेश करने का संकल्प लेता है, तो 15 वर्षों के दौरान उसका कुल निवेश ₹15,00,000 (पंद्रह लाख रुपये) हो जाएगा। वर्तमान 7.1 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज दर के आधार पर 15 साल बाद मिलने वाला कुल मैच्योरिटी फंड लगभग ₹27,12,139 (सत्ताईस लाख बारह हजार एक सौ उनतालीस रुपये) तैयार होगा। इस कुल मैच्योरिटी राशि में से ₹15,00,000 निवेशक का मूल निवेश होगा, जबकि शेष ₹12,12,139 केवल ब्याज के रूप में अर्जित लाभ होगा। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि नियमित और अनुशासित निवेश के जरिए मूलधन से लगभग 80 प्रतिशत अधिक राशि सिर्फ ब्याज के रूप में अर्जित की जा सकती है।अधिकतम ब्याज पाने के लिए 5 तारीख का नियम और सालाना एकमुश्त जमा की रणनीतिपीपीएफ में निवेश करते समय केवल पैसा जमा करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि निवेश का सही समय चुनना भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। नियमों के अनुसार पीपीएफ खाते में ब्याज की गणना हर महीने की 5 तारीख और महीने के अंतिम दिन के बीच मौजूद सबसे कम बैलेंस के आधार पर की जाती है। इस प्रकार यदि कोई व्यक्ति महीने की 5 तारीख के बाद पैसा जमा करता है, तो उसे उस पूरे महीने के लिए उस जमा राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलता और वह लाभ अगले महीने से जुड़ता है। इसलिए हर महीने किस्त जमा करने वाले निवेशकों को हमेशा महीने की 1 से 5 तारीख के बीच ही राशि ट्रांसफर करने की सलाह दी जाती है।यदि कोई निवेशक सालाना एकमुश्त ₹1 लाख का निवेश करना चाहता है, तो उसके लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी 1 से 5 अप्रैल के बीच पूरी रकम जमा कर देना सर्वाधिक लाभकारी सिद्ध होता है। ऐसा करने से उस पूरे ₹1 लाख पर पूरे 12 महीनों का पूर्ण चक्रवृद्धिकरण ब्याज प्राप्त होता है। वित्तीय वर्ष के अंत में, यानी 31 मार्च को यह अर्जित ब्याज खाते में जोड़ दिया जाता है और अगले वित्तीय वर्ष में इस ब्याज पर भी आगे ब्याज मिलना शुरू हो जाता है। यही चक्रवृद्धि ब्याज का वास्तविक जादू है जो 15 वर्षों के सफर में छोटे-छोटे योगदान को एक विशाल पूंजी में रूपांतरित कर देता है।EEE कैटेगरी का महा-फायदा: टैक्स छूट, टैक्स-फ्री ब्याज और निकासी पर भी कोई कर नहींपब्लिक प्रोविडेंट फंड का सबसे मजबूत पहलू इसका अद्वितीय कर ढांचा है। भारतीय आयकर कानूनों के तहत पीपीएफ को 'एग्जम्प्ट, एग्जम्प्ट, एग्जम्प्ट' यानी ट्रिपल ई (EEE) श्रेणी का दर्जा प्राप्त है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस योजना में तीनों प्रमुख स्तरों पर निवेशक को आयकर से पूर्ण मुक्ति मिलती है। सबसे पहले, आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत पीपीएफ में प्रतिवर्ष जमा की जाने वाली अधिकतम ₹1.50 लाख तक की राशि पर पुरानी कर व्यवस्था के तहत कर कटौती का लाभ उठाया जा सकता है।दूसरा सबसे बड़ा लाभ यह है कि हर वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जमा होने वाला ब्याज पूरी तरह से कर-मुक्त होता है। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के विपरीत, जहां अर्जित ब्याज पर टीडीएस कटता है और उसे निवेशक की आय स्लैब के अनुसार कर योग्य माना जाता है, पीपीएफ के ब्याज पर सरकार कोई टैक्स नहीं वसूलती। तीसरा और अंतिम चरण मैच्योरिटी का होता है; जब 15 साल पूरे होने पर निवेशक अपना पूरा संचित फंड निकालता है, तो उस पूरी निकासी राशि पर भी शून्य टैक्स लगता है। कोई पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) न लगने के कारण पीपीएफ पर मिलने वाला 7.1 प्रतिशत का शुद्ध रिटर्न कर-पश्चात (Post-tax) गणना में अन्य कई निवेश विकल्पों की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी साबित होता है।
आईएएस अधिकारी सीके अनिल की शिक्षा विभाग में धमाकेदार एंट्री
बिहार के कड़क, अनुशासनप्रिय और सख्त प्रशासनिक छवि वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीके अनिल ने शिक्षा विभाग की कमान संभालते ही अपनी कार्यशैली और सख्त तेवरों का प्रत्यक्ष प्रमाण दे दिया है। विभाग का पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने राज्य की चरमराती स्कूली शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति और जिलों में चल रही प्रशासनिक शिथिलता को दुरुस्त करने के लिए एक बेहद बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। सीके अनिल के निर्देश पर राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राजधानी पटना समेत प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) का एक साथ तबादला कर दिया है। इस अचानक और व्यापक फेरबदल की खबर जैसे ही शिक्षा विभाग के गलियारों में पहुंची, पूरे प्रशासनिक तंत्र और जिला स्तरीय अफसरों में हड़कंप मच गया है। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के बाद सभी नए अधिकारियों को तुरंत अपने-अपने संबंधित जिलों में पदभार ग्रहण करने का सख्त हुक्म जारी किया गया है।पटना समेत 10 प्रमुख जिलों के डीईओ बदले गए, जानिए किस अधिकारी को मिली किस जिले की कमानशिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई आधिकारिक तबादला सूची के अनुसार, राजधानी पटना के प्रशासनिक संतुलन और निगरानी को मजबूत करने के लिए नए जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, सारण (छपरा), रोहतास, बेगूसराय और समस्तीपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में भी नए और सख्त अफसरों को डीईओ पद पर तैनात किया गया है। विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय उन जिलों की प्रदर्शन समीक्षा (Performance Audit) और हालिया प्रशासनिक शिकायतों के आधार पर लिया गया है जहां योजनाओं के क्रियान्वयन और शिक्षकों की समय पर बायोमेट्रिक हाजिरी में लापरवाही देखी जा रही थी। आईएएस सीके अनिल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि केवल कागजी रिपोर्टिंग से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर अधिकारी को अपने जिले के दूर-दराज के सरकारी स्कूलों का धरातल पर जाकर औचक निरीक्षण करना होगा। जिन अफसरों का ट्रैक रिकॉर्ड पिछले कुछ समय में सुस्त पाया गया था, उन्हें लूप लाइन या कम महत्वपूर्ण पदों पर भेज दिया गया है, जबकि बेहतर कार्य संस्कृति वाले अफसरों को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।बायोमेट्रिक हाजिरी, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और पारदर्शी तंत्र पर रहेगा मुख्य फोकस, लापरवाही पर होगी सीधी बर्खास्तगीआईएएस अधिकारी सीके अनिल अपनी बेबाक कार्यशैली और नियमों के सख्त पालन के लिए जाने जाते हैं। पदभार संभालते ही उन्होंने विभागीय समीक्षा बैठक में साफ कर दिया कि सरकारी विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाना, मिड-डे मील योजना (MDM) की गुणवत्ता में सुधार करना और शिक्षकों की शत-प्रतिशत समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी जिले में यदि बिना पूर्व सूचना के शिक्षक या कर्मचारी गायब पाए जाते हैं, तो संबंधित जिले के डीईओ की भी जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही, विद्यालयों के ढांचागत विकास और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के फंड के पारदर्शी इस्तेमाल को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सीके अनिल के इस आक्रामक रुख से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में बिहार का शिक्षा विभाग बड़े सुधारात्मक बदलावों का साक्षी बनने जा रहा है, जहां सुस्ती और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं होगी।
अभिषेक बनर्जी के घर पर रिवॉल्वर लेकर कौन आया?
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर शुक्रवार देर रात हंगामा हो गया। यह घटना उनके जन्मदिन समारोह के दौरान हुई,
कौन थे प्रोफेसर टीआर खान? जिन्होंने कॉकरोच के दिमाग पर किया था क्रांतिकारी शोध
विज्ञान और अनुसंधान की दुनिया में जब भी कीट-न्यूरोलॉजी (Insect Neurobiology) का जिक्र होता है, तो भारत के दिग्गज वैज्ञानिक और पटना साइंस कॉलेज के पूर्व प्राध्यापक प्रोफेसर डॉ. टीआर खान का नाम बेहद सम्मान और गर्व के साथ लिया जाता है। डॉ. टीआर खान ने अपना पूरा जीवन जीव विज्ञान, खास तौर पर कॉकरोच (तिलचट्टे) के जटिल तंत्रिका तंत्र और दिमाग की संरचना को समझने में समर्पित कर दिया था। उनका यह मानना था कि धरती पर करोड़ों वर्षों से विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में जीवित रहने वाले कॉकरोच का मस्तिष्क मानव तंत्रिका तंत्र और दवाओं के असर को समझने के लिए विज्ञान की दुनिया में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। उनके द्वारा लिखे गए शोध पत्रों और सिद्धांतों को न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक बिरादरी द्वारा स्वीकार किया गया और खूब सराहा गया।दिल्ली से जर्मनी यात्रा के दौरान हुआ भयानक प्लेन क्रैश, चमत्कारिक रूप से जिंदा बचकर पहुंचे थे गंतव्यडॉ. टीआर खान के जीवन का एक ऐसा रोमांचक और अविश्वसनीय किस्सा है जो उनकी अद्भुत जिजीविषा और भाग्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है। अपने उच्चस्तरीय शोध पत्र को पेश करने और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए डॉ. खान दिल्ली से जर्मनी के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान उनका विमान एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। विमान में सवार कई यात्रियों के लिए यह यात्रा अंतिम साबित हुई, लेकिन कुदरत को डॉ. खान से विज्ञान के क्षेत्र में अभी और बड़े काम करवाने थे। इस भयानक प्लेन क्रैश में डॉ. टीआर खान चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गए। इस जानलेवा हादसे में चोटिल होने के बावजूद उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं हारी और अपने बुलंद हौसलों के दम पर तय समय पर जर्मनी पहुंचकर अपने अंतरराष्ट्रीय शोध को दुनिया के सामने सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया। इस ऐतिहासिक घटना ने उनके व्यक्तित्व को दुनिया भर में एक अलग पहचान दिलाई।पटना साइंस कॉलेज से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक, विज्ञान जगत में प्रोफेसर टीआर खान की स्वर्णिम विरासतबिहार की राजधानी पटना स्थित प्रतिष्ठित पटना साइंस कॉलेज में प्राणीशास्त्र (Zoology) विभाग के प्रोफेसर के रूप में डॉ. टीआर खान ने हजारों छात्रों का मार्गदर्शन किया और उनमें शोध के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया। कॉकरोच के मस्तिष्क में मौजूद न्यूरो-सीक्रेटरी कोशिकाओं और हार्मोनल बदलावों पर उनकी रिसर्च ने कीट विज्ञान और न्यूरोबायोलॉजी के कई अनसुलझे रहस्यों पर से पर्दा उठाया था। आज भी विज्ञान जगत में जब कभी प्लेन क्रैश जैसी महाआपदाओं को मात देकर अपने लक्ष्य को हासिल करने वाले समर्पित वैज्ञानिकों की बात होती है, तो डॉ. टीआर खान की यह प्रेरक दास्तान सबसे पहले याद की जाती है। उनके योगदान ने भारतीय शोधकर्ताओं को यह सिखाया कि साधन सीमित हो सकते हैं और राह में परिस्थितियां कितनी भी विकट हों, अटूट इच्छाशक्ति के बल पर वैश्विक पटल पर झंडा गाड़ा जा सकता है।
'उन्होंने अपनी समझदारी से कदम उठाए', आपातकाल और इंदिरा गांधी को लेकर बोलीं सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने इमरजेंसी की ज्यादतियों के लिए संजय गांधी को एकमात्र जिम्मेदार मानने से इनकार किया, कहा इंदिरा गांधी के वरिष्ठ सहयोगियों का भी दबाव था।
दिल्ली: बढ़ते प्रदूषण के बीच क्लास 5 तक हाइब्रिड मोड में चलेंगे स्कूल
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में कक्षा 5वीं तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराने का फैसला लिया गया है. शिक्षा निदेशालय के आदेश के मुताबिक, सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को स्कूल जाकर पढ़ने के साथ ऑनलाइन क्लास का विकल्प भी मिलेगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस बार दिवाली पर दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी, और सिक्किम का दौरा करेंगे। यहां वह जवानों से मुलाकात करेंगे। वह सिक्किम स्थित शेरथांग युद्ध स्मारक जाकर देश की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।
दिवाली शॉपिंग और आधे दाम में सामान, फोन से गीजर तक, चल रही बंपर सेल
दिलावी पर घर के लिए सामान, गिफ्ट, स्मार्टफोन, टीवी, पार्टी स्पीकर या फिर होम डेकोरेशन का सामान खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो विजय सेल्स पर लाइव इलेक्ट्रोनिक्स सेल का फायदा उठा सकते हैं. सेल के दौरान मैक्सिमम 65 परसेंट का इंस्टैंट डिस्काउंट मिल रहा है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के सामने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को भाजपा और ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एमएआईटीसी) के समर्थकों के बीच देर रात झड़पें कई चरणों में हुईं।
'E20 या 420?' पेट्रोल में 30% इथेनॉल मिलने का दावा, राहुल गांधी ने उठाए सवाल
कर्नाटक सरकार की जांच में पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाई गई है. इसे लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने 'ई20 को 420' करार दिया है. वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी दावा किया कि इससे जनता की जेब भी कट रही है और गाड़ियां भी बर्बाद हो रही हैं.
Delhi Pollution: GRAP 3 लागू, कक्षा 5 तक के सभी स्कूल Hybrid Mode में चलेंगे
राष्ट्रीय राजधानी में हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए, दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 5वीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 5 तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी। यह निर्देश शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर लागू होता है। साथ ही, यह NDMC, MCD और दिल्ली छावनी बोर्ड (Delhi Cantonment Board) द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों पर भी लागू होगा। इसे भी पढ़ें: Delhi में प्रदूषण से राहत नहीं, 22 स्टेशनों पर AQI 400 पार और औसत 366 दर्ज यह निर्णय 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) के उस आदेश के अनुपालन में लिया गया है, जिसके तहत दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में तत्काल प्रभाव से 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) के चरण 3 (stage 3) के सभी उपाय लागू कर दिए गए हैं। निदेशालय ने स्कूल प्रमुखों से यह भी कहा है कि वे इस व्यवस्था के बारे में अभिभावकों को तुरंत सूचित करें। इसके अलावा, विभिन्न जिलों और क्षेत्रों के शिक्षा उप-निदेशकों (DDEs) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्कूलों का दौरा करें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन निर्देशों को सुचारू रूप से लागू किया जा रहा है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में बनी हुई है और शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 366 दर्ज किया गया है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत तीसरे चरण (Stage-III) की पाबंदियां लागू होने के बावजूद, प्रदूषण के स्तर में सुधार के बहुत कम संकेत मिले हैं। राष्ट्रीय राजधानी के कई निगरानी केंद्रों पर स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक बनी हुई है; 22 स्थानों पर AQI का स्तर 400 के पार पहुंच गया है, जो इन्हें 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में रखता है। इसे भी पढ़ें: Diwali पर Pregnant Women बरतें खास सावधानी, पटाखों के धुएं और तेज शोर से बचें सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में, IIT में AQI 442 दर्ज किया गया, इसके बाद पंजाबी बाग में 433 और विवेक विहार में 427 रहा। जहांगीरपुरी में AQI 421 दर्ज किया गया, जबकि रोहिणी में यह 418 रहा। खराब हवा की गुणवत्ता वाले अन्य इलाकों में बवाना (411), DTU (408), नरेला (408) और अलीपुर (402) शामिल हैं। NCR के पड़ोसी शहरों में, नोएडा में AQI 284 दर्ज किया गया, जबकि गाजियाबाद में यह 286 रहा। गुरुग्राम में AQI 355 और फरीदाबाद में 347 दर्ज किया गया।
दिवाली पर अंतरिक्ष से दिखी कुदरत की आतिशबाजी, देखें शानदार वीडियो
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से धरती का एक बेहद खूबसूरत वीडियो शेयर किया है. इसमें बादलों के बीच बिजली चमकती दिखाई दे रही है, जो दूर से पटाखों जैसी लगती है. दिवाली के मौके पर उन्होंने इस नजारे को 'प्रकृति की अपनी आतिशबाजी' बताया.
मेवाड़-मारवाड़ ब्रॉडगेज रेल लाइन को लेकर मांग तेज हो गई है. इससे जोधपुर और उदयपुर के बीच रेल कनेक्टिविटी और बेहतर होगी, राजस्थान के मशहूर किले और वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी भी देखना आसान होगा.
90 के दशक की पॉपुलर टॉप एक्ट्रेसेस में से एक रहीं जूही चावला भले ही फिल्मी दुनिया से दूर हैं. लेकिन उनके गानों की चर्चा अभी तक हो रही है. ऐसा हम नहीं बल्कि एप्पल इंडिया द्वारा शेयर किया गया नया वीडियो है.
जहरीले प्रदूषण की चपेट में दिल्ली और नोएडा, AQI 400 पार
दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर जानलेवा स्तर पर पहुंच गई है. राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार दर्ज किया गया है. आईआईटी दिल्ली में एक्यूआई 442 तक पहुंच गया, जबकि नोएडा के सेक्टर-62 में भी यह 415 रहा. बिगड़ते हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप का तीसरा चरण लागू कर दिया है, लेकिन हवा अब भी बेहद जहरीली बनी हुई है.
SIR विवाद पर Pralhad Joshi का Rahul Gandhi पर तंज, कहा- बिना होमवर्क फैला रहे भ्रम
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के बारे में कोई 'होमवर्क' नहीं किया है। यह आरोप तब लगाया गया जब कांग्रेस नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कहा कि वे बहस की चुनौती को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'भ्रमित' न करें। गांधी के 'X' (ट्विटर) पोस्ट का जवाब देते हुए, जोशी ने कहा कि कांग्रेस नेता अमित शाह के एक 'काटे गए और संदर्भ से बाहर' (आउट-ऑफ-कॉन्टेक्स्ट) वीडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: SIR की आड़ में 13 करोड़ लोग योजनाओं से बाहर, KC Venugopal का PM Modi पर वार प्रह्लाद जोशी नेलिखा कि गृह मंत्री अमित शाह जी का काटा हुआ और संदर्भ से बाहर का वीडियो फैलाना सिर्फ एक ही बात दिखाता है - SIR के मामले में राहुल गांधी जी ने बिल्कुल भी होमवर्क नहीं किया है। राहुल जी, उलझन साफ तौर पर आपकी है, हमारी नहीं! जब आप चुनाव जीतते हैं, तो चुनावी प्रक्रिया आपको सही लगती है; लेकिन जब आप हार जाते हैं, तो वही प्रक्रिया अचानक सवालों के घेरे में आ जाती है। क्या लोकतंत्र के बारे में आपकी यही समझ है?' जोशी ने आगे लिखा, 'आप 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव तब भी हार गए थे, जब कोई SIR नहीं कराया गया था। क्या आप उन हार की जिम्मेदारी लेंगे या किसी और चीज को दोष देंगे? जोशी ने कहा कि शाह पहले ही गांधी को संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करने की खुली चुनौती दे चुके हैं, और अगर वे चाहें तो इसके लिए एक विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है। उन्होंने कहा, राहुल जी, अब बहुत हुआ यह राजनीतिक दिखावा। अपनी बात संसद में रखें और तथ्यों के साथ बहस करें। यह जुबानी जंग तब और तेज हो गई, जब गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 'किसी भी मंच पर, कभी भी और कहीं भी' खुली बहस करने की अपनी इच्छा फिर से दोहराई। इसे भी पढ़ें: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों में SIR को लेकर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, दिए ये नए आदेश संसद के भीतर इस मुद्दे को उठाने की शाह की चुनौती का जवाब देते हुए, गांधी ने 'X' पर लिखा कि अमित शाह जी, मोदी जी को भ्रमित न करें। बस उन्हें मेरे साथ खुली बहस के लिए मना लें। कोई भी मंच हो, कभी भी हो। डरिए मत। यह विवाद मंगलवार को गांधी द्वारा सोशल मीडिया पर कराए गए एक पोल से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने युवाओं से पूछा था कि क्या वे उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बहस देखना चाहते हैं। इस पोल में उन्होंने भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को भी टैग किया था, ताकि वे प्रधानमंत्री को इसके लिए मनाने में मदद कर सकें।
उत्तराखंड: मंत्री रेखा आर्य के पति गिरफ्तार, पत्नी ने लगाए थे उत्पीड़न और जान से मारने का आरोप
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी को देहरादून पुलिस ने झांसी से गिरफ्तार कर लिया है. वह 15 अक्टूबर को पत्नी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे थे. रेखा आर्य ने उन पर उत्पीड़न, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए थे.
SIR: मसौदा मतदाता सूची से बाहर लोगों को मिलेगा दोबारा मौका, 7 राज्यों में घर-घर जाएंगे बीएलओ
चुनाव आयोग ने दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए। आयोग ने कहा है कि मसौदा सूची से बाहर रह गए मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाएं।
दिवाली पर बनाएं प्याज के कुरकुरे पकौड़े, मिनटों में होंगे तैयार
Pyaz Ka Pakoda Recipe: दिवाली पर घर आए मेहमानों के स्वागत के लिए इस बार बनाएं प्याज के कुरकुरे पकौड़े. बेसन, प्याज और कुछ मसालों से तैयार यह चटपटा स्नैक खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है. इसे आप हरी चटनी या गरमागरम चाय के साथ सर्व कर सकते हैं.
Kamal Haasan के 72वें जन्मदिन पर Pinarayi Vijayan ने दी शुभकामनाएं, प्रगतिशील मूल्यों की सराहना की
(फाइल फोटो के साथ)तिरुवनंतपुरम, सात नवंबर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन ने अभिनय से राजनीति में आए कमल हासन को शनिवार को जन्मदिन की बधाई दी। विजयन ने भारतीय सिनेमा में हासन के योगदान और प्रगतिशील मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। हासन 72 वर्ष के हो गए हैं। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री ने हासन को एक प्रतिभाशाली कलाकार बताया जिन्होंने विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों में भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया है। विजयन ने कहा, ‘‘एक अभिनेता और फिल्म निर्माता के रूप में उनकी बेहतरीन प्रतिभा के अलावा मैं धर्मनिरपेक्षता, मानवतावाद और प्रगतिशील मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का बहुत सम्मान करता हूं।’’उन्होंने यह भी कहा कि हासन के मन में हमेशा केरलम के प्रति विशेष लगाव रहा है जिससे उनका रिश्ता और भी खास हो जाता है। अभिनेता के अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए विजयन ने उम्मीद जताई कि वह अपनी कला और राजनीति के माध्यम से लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
1564 रुपये में पूरे साल चलेगा स्कूटर... VIDA ने बनाया खास रिकॉर्ड
हीरो के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ब्रांड विडा ने इस धनतेरस पर रिकॉर्ड बनाया है. कंपनी ने एक ही शहर में एक दिन में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटर डिलीवर करने का रिकॉर्ड बनाया है. कंपनी के पोर्टफोलियो में कई बैटरी ऑप्शन वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर आते हैं. अक्टूबर का महीना भी विडा के लिए शानदार रहा है. आइए जानते हैं इसकी खास बातें.
SIR की आड़ में 13 करोड़ लोग योजनाओं से बाहर, KC Venugopal का PM Modi पर वार
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर नया हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एक धांधलीपूर्ण और त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया की आड़ में 13 करोड़ लोगों को भारत के कल्याणकारी दायरे से बाहर कर दिया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर वेणुगोपाल ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दी गई बहस की चुनौती को स्वीकार करने से क्यों कतरा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री सवालों का सामना करने से इसलिए बच रहे हैं क्योंकि वे उस बात का बचाव नहीं कर सकते, जिसे कांग्रेस ने वोट और हक चोरी करार दिया है। इसे भी पढ़ें: यमन के Taiz प्रांत में बाजार पर हमला, हूती विद्रोहियों का दावा 30 लोगों की मौत वेणुगोपाल ने कहा कि मोदी राहुल जी की बहस की चुनौती स्वीकार नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे अपने 'वोट और हक चोरी' का बचाव नहीं कर सकते। उन्होंने मोदी और शाह को चुनौती दी कि वे लाखों लोगों को कल्याणकारी लाभों से कथित तौर पर बाहर किए जाने के मामले का सार्वजनिक रूप से बचाव करें। उन्होंने पूछा कि क्या मोदी या अमित शाह में इसका बचाव करने की हिम्मत है? कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि एक त्रुटिपूर्ण SIR (एसआईआर) की आड़ में 13 करोड़ लोगों को देश के कल्याणकारी नेटवर्क से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े विवाद को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक लोगों की पहुंच से जुड़ी चिंताओं से जोड़ दिया। केंद्र सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर निशाना साधते हुए, वेणुगोपाल ने आम नागरिकों को कल्याणकारी लाभों से वंचित किए जाने की बात को उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की बढ़ती संपत्ति के साथ जोड़कर पेश किया। उन्होंने कहा क यह तब हो रहा है, जब अडानी और अंबानी हर दिन अरबों डॉलर कमा रहे हैं। यह ताज़ा हमला चुनाव आयोग की 'एसआईआर' (SIR) कवायद के खिलाफ कांग्रेस के तेज़ होते अभियान के बीच आया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया के ज़रिए मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों के मतदान के अधिकार खतरे में पड़ गए हैं। विपक्ष ने बार-बार आरोप लगाया है कि इस संशोधन प्रक्रिया में पारदर्शिता और पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी है, खासकर समाज के कमज़ोर वर्गों के मामले में। इसे भी पढ़ें: भारत के 3 ऐतिहासिक स्थल UNESCO World Heritage Tentative सूची में होंगे शामिल राहुल गांधी, चुनाव में कथित गड़बड़ियों और जिसे कांग्रेस वोट की चोरी कहती है, उस मुद्दे पर प्रधानमंत्री के साथ सार्वजनिक बहस की मांग कर रहे हैं। पार्टी ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के संभावित नतीजों की ओर भी ध्यान दिलाया है। उनका तर्क है कि मतदाता सूची से बाहर हो जाने पर नागरिकों को मिलने वाले कल्याणकारी लाभों तक उनकी पहुँच पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।

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