जमुई कांड में एक्शन! मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, दूसरे आरोपी हरे राम का भी टूटा पैर
बिहार के जमुई कांड में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ कथित बदसलूकी के मामले में
क्या महिलाएं कर सकती हैं पिंडदान? जानें गरुड़ पुराण का रहस्य
Garud Puran: श्राद्ध कर्म केवल पुरुषों तक सीमित नहीं है. परिस्थितियों के आधार पर धर्मग्रंथ महिलाओं को पिंडदान का अधिकार देते हैं. हालांकि, संप्रदायों और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार इसकी विधि अलग हो सकती है. जानें गरुड़ पुराण की राय.
TV पर चढ़ा भोजपुरिया रंग, पूर्वांचली स्टार्स के भरोसे चलेंगे शो?
भोजपुरी सितारों की देसी छवि और रियलिटी शोज में उनकी बढ़ती लोकप्रियता ने हिंदी टीवी इंडस्ट्री का नजरिया बदल दिया है. पहले जहां भोजपुरी इंडस्ट्री को कम आंका जाता था, अब हिंदी शोज में भोजपुरी कलाकारों की मांग बढ़ रही है.
विदेशी धरती पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की गूंज, बना ऐतिहासिक पल
जापान की धरती पर मंगलवार को क्रिकेट इतिहास में खास पल दर्ज हुआ. सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत-जापान के ऐतिहासिक टी20 इंटरनेशनल से पहले राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया. विदेशी सरजमीं पर किसी क्रिकेट मैच से पहले ‘वंदे मातरम्’ बजाए जाने का यह पहला मौका रहा.
‘नकाब वाली’ महिला का खेल! पहले हार, फिर सलवार-सूट, CCTV ने खोला राज
Bijnor Crime: बिजनौर के नगीना में बुर्का-नकाब पहने महिला पर ग्राहक बनकर दुकानों में चोरी करने का आरोप है. दो अलग-अलग दुकानों की CCTV फुटेज में उसकी गतिविधियां कैद हुई हैं. एक दुकान से दुल्हन का आर्टिफिशियल हार और दूसरी से सलवार-सूट चोरी होने की शिकायत है. दुकानदारों ने पुलिस को तहरीर और CCTV फुटेज दी है. पुलिस महिला और उसके पुरुष साथी की पहचान में जुटी है.
Middle East Conflict Iranian Airlines Flights Shutdown:
होम लोन की किस्त नहीं दी तो क्या बैंक छीन सकता है आपका घर
होम लोन की एक-दो EMI मिस होने से तुरंत घर नहीं चला जाता, लेकिन लगातार भुगतान न करने पर मामला गंभीर हो सकता है. 90 दिनों से ज्यादा बकाया रहने पर लोन NPA हो सकता है.
'हम नौकरी दे रहे, विपक्षी गिनते जाएं', नियुक्तिपत्र वितरण में बोले CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित किया. इस दौरान सीएम योगी ने विपक्ष और सैफई सिंडीकेट पर तीखा हमला बोला, साथ ही नवनिर्वाचित शिक्षकों को उनके कर्तव्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारियों का बोध कराया.
यूपी चुनाव से पहले इमरान और इकरा आमने- सामने
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर खींचतान के बीच सहारनपुर सांसद इमरान मसूद और कैराना सांसद इकरा हसन के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
जमुई छेड़खानी मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव घायल, पैर में लगी गोली; पुलिस मुठभेड़ की जांच
बिहार के जमुई में नाबालिग से कथित छेड़खानी मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ है। उसके पैर में गोली लगी और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वंदे मातरम् ना गाने पर नहीं होनी चाहिए सजा, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई वंदे मातरम नहीं गाता या फिर 6 अंतरे नहीं गाता तो उसपर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
स्मृति ने रच दिया इतिहास... ऐसा करने वाली पहली महिला क्रिकेटर
स्मृति मंधाना ने एशियन गेम्स 2026 के गोल्ड मेडल (फाइनल) मैच में श्रीलंका के खिलाफ इतिहास रच दिया. मंधाना इंटरनेशनल क्रिकेट में 11,000 रन पूरे करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं.
अचानक फिसला चांदी का दाम, ₹2200 से ज्यादा सस्ती, सोना धड़ाम
Silver Price में एक बार फिर तेज गिरावट आई है. मंगलवार को एमसीएक्स पर खुलने के साथ जहां ये बढ़त में नजर आई, तो अचानक चांदी की कीमत में तेज गिरावट तेज हो गई और ये 2200 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो गई.
मॉल में डिलीवरी बॉय की पिटाई, गार्ड ने लात-घूंसों से पीटा
देहरादून के जोगीवाला स्थित मॉल में डिलीवरी बॉय से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक सुरक्षा गार्ड युवक से गाली-गलौज करने के बाद लात-घूंसों से उसकी पिटाई करता दिख रहा है. डिलीवरी बॉय माफी मांगकर खुद को बचाने की कोशिश करता रहा, लेकिन गार्ड नहीं रुका. वीडियो में गार्ड खुद को एक्स आर्मी मैन भी बता रहा है.
IIT-B सुसाइड केस: साहिल को हॉल से बाहर ले जाने का CCTV फुटेज आया सामने
ताजा CCTV फुटेज में साहिल वाकोडे को IIT बॉम्बे के परीक्षा हॉल से बाहर ले जाते हुए दिखाया गया है. फुटेज में परीक्षा के दौरान उनसे पूछताछ भी होती नजर आ रही है. अब अपराध शाखा इस फुटेज के जरिए साहिल की गतिविधियों और उनकी मौत से जुड़े हालात की जांच कर रही है.
स्मार्टफोन में स्क्रीन प्रोटेक्टर पर सरकार का नया नियम, तुरंत करें चेक
भारत सरकार फोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए नए नियम लेकर आई है. भारत में स्क्रीन प्रोटेक्टर का काफी इस्तेमाल होता है, जो मोबाइल स्क्रीन को टूटने से और स्क्रैच आदि से बचाते हैं. अब स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए BIS नए स्टैंडर्ड तैयार करेगा. जानते हैं कि स्मार्टफोन यूजर्स पर इसका असर होगा.
क्यों नहीं खेल रहे हैं वैभव? बाहर बैठने की असली वजह आई सामने!
वैभव सूर्यवंशी को जापान के खिलाफ भारतीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला है. 5-5 ओवर के मुकाबले में वैभव को बाहर रखने से फैन्स निराश हैं. सोशल मीडिया पर लगातार कप्तान श्रेयस अय्यर की आलोचना हो रही है.
46 साल की हुईं करीना कपूर, पायजामा सेट पहन पति-बहन संग की पार्टी
करीना कपूर ने अपना 46वां बर्थडे बहन करिश्मा कपूर, सैफ अली खान और करीबी दोस्तों के साथ पायजामा पार्टी में सेलिब्रेट किया. इस खास मौके पर बेबो ने हाउस ऑफ मसाबा का ₹75 हजार का 'Lounging Loud' कुर्ता-पायजामा सेट पहना, जिसे उन्होंने एम्ब्रॉयडर्ड जुत्तियों, स्टेटमेंट नेकपीस और मिनिमल मेकअप के साथ स्टाइल किया.
माइलेज क्वीन्स! 2026 में इन कारों के दीवाने हुए लोग, हुई बंपर सेल
देश में सीएनजी कारों की मांग बढ़ रही है. बेहतर माइलेज और इथेनॉल ब्लेंड पेट्रोल की चिंता से बचने के लिए लोग इस फ्यूल मोड पर स्विच कर रहे हैं. यही वजह है कि बीते दिनों देश में सीएनजी कारों की सेल्स में तेजी आई है. अगस्त 2026 में सीएनजी कारों की हिस्सेदारी 25.28 परसेंट पहुंच गई है.
IIT बॉम्बे छात्र खुदकुशी मामला: आरोपी प्रोफेसर दुल्ला के समर्थन में उतरे फैकल्टी मेंबर्स
आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वकोडे की खुदकुशी के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस घटना के बाद परिसर के अंदर और बाहर भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. राजनीतिक दलों, दलित संगठनों और वामपंथी संगठनों के प्रदर्शनों के बीच, अब आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम आरोपी प्रोफेसर सूर्य नारायण दुल्ला के समर्थन में आ गया है. फैकल्टी सदस्यों ने कैंपस में मार्च निकाला और एक प्रेस रिलीज जारी कर प्रोफेसर दुल्ला के साथ एकजुटता व्यक्त की.
तेलंगाना के सरकारी RIMS अस्पताल में AC फटने से तबाही, 5 दिन के मासूम समेत 3 बच्चों की मौत
तेलंगाना के आदिलाबाद में एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां के राजीव गांधी इंस्टीट्यूट
वर्दी में रील और AI टूल्स के इस्तेमाल पर एमपी पुलिस सख्त, लगाई रोक
मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा फैसला लिया है. सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच अब पुलिसकर्मियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं. इस नए नियम के तहत वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील या वीडियो बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय ने चैट जीपीटी और अन्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई टूल्स के इस्तेमाल को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए हैं.
'सूर्योदय से पहले उठो,'प्रेमानंद महाराज से जानें ब्रह्म मुहूर्त का महत्व
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज के मुताबिक, बिना किसी विशेष कारण के देर तक सोते रहना साधक की दिनचर्या के लिए उचित नहीं है. शास्त्रों और महापुरुषों के अनुसार सामान्य साधक को सुबह 2 से 4 बजे के बीच उठकर भजन, जप और ध्यान करना चाहिए.
पहले थे 32 हजार, अब बढ़े 400 पर्सेंट! इटली क्यों जा रहे पाकिस्तानी?
इटली में पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान के लोगों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. ऐसे में जानते हैं कि वहां कितने पाकिस्तानी रहते हैं और वो किस तरह के काम करते हैं?
Jamui Case: Bihar Police की SIT का एक्शन, Half Encounter में पकड़ा गया आरोपी नंदन यादव
जमुई में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के मामले का मुख्य आरोपी नंदन यादव मंगलवार को बिहार पुलिस के साथ हुई एक 'हाफ एनकाउंटर' में घायल हो गया। आरोपी के पैर में गोली लगी। यह घटना तब सामने आई जब जमुई ज़िले में सड़क किनारे लोगों के एक समूह द्वारा एक लड़के और लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने का वीडियो वायरल हुआ। जमुई में 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की को कुछ लोगों के समूह द्वारा परेशान किए जाने के वीडियो ऑनलाइन सामने आए थे। इसे भी पढ़ें: Jamui Incident पर Congress नेता Udit Raj का हमला, पूछा- Bihar में कैसा शासन चला रहे हैं CM पुलिस ने 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (POCSO) अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना 19 सितंबर को शाम करीब 7 बजे हुई, जब कोचिंग क्लास के बाद दो नाबालिग (जो दोस्त हैं) उस इलाके में गए थे। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मांग की थी कि वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की पहचान की जाए और उन पर POCSO के तहत मुकदमा चलाया जाए। साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार पर सवाल भी उठाए थे। जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) दयाल ने बताया कि ऑनलाइन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली। SP ने बताया कि कोचिंग क्लास के बाद दो छात्र उस इलाके में तस्वीरें लेने गए थे। इसके बाद POCSO और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। इसे भी पढ़ें: Bihar Harassment Case | जमुई में कोचिंग से लौट रहे नाबालिगों से बर्बरता व छेड़छाड़, वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा जनाक्रोश, SIT गठित, 3 गिरफ्तार हालांकि FIR में किसी आरोपी का नाम नहीं था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिख रहे छह-सात लोगों की पहचान की। पुलिस ने बताया कि एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
खुशखबरी! भारत में नहीं होगी तेल-गैस की किल्लत? मिल गया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का विकल्प
पश्चिम एशिया में संकट शुरू होने के बाद इस रास्ते से कई गुना ज्यादा जहाज गुजर रहे हैं। अब यह विकल्प भारत के लिए भरोसेमंद साबित हो सकता है।
AI की मदद से लिखी पुलिस शिकायत, फिर सामने आया ऐसा नतीजा
AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है. बेंगलुरु के एक स्टार्टअप फाउंडर ने पुलिस शिकायत तैयार करने में AI की मदद ली और आगे की प्रक्रिया समझी. इसके बाद पुलिस कार्रवाई के जरिए मामला सुलझा और बाइक सवार ने नुकसान की भरपाई की.
जमुई कांड के मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, लगी गोली, दूसरे आरोपी का टूटा पैर
जमुई बदसलूकी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले में फरार चल रहे आरोपी नंदन यादव से पुलिस की मुठभेड़ की सूचना सामने आई है. इस दौरान नंदन यादव को गोली लगने की भी सूचना है.
जमुई कांड के आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, पुलिस मुठभेड में लगी गोली
जमुई बदसलूकी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले में फरार चल रहे आरोपी नंदन यादव से पुलिस की मुठभेड़ की सूचना सामने आई है. इस दौरान नंदन यादव को गोली लगने की भी सूचना है.
बड़ी मछलियों को बचाने की साजिश, राम मंदिर चढ़ावा चोरी की चार्जशीट में देरी पर बरसी कांग्रेस
कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि कम से कम राम का नाम बदनाम ना करो। राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की चार्जशीट में देरी को लेकर कांग्रेस ने कहा कि यह बड़ी मछलियों को बचाने की साजिश है।
पहाड़गंज के स्पा में चल रहा था सेक्स रैकेट... पुलिस ने किया भंडाफोड़
दिल्ली के पहाड़गंज में स्पा की आड़ में कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. नबी करीम पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर 8 महिलाओं को रेस्क्यू किया. पढ़ें इस एक्शन की पूरी कहानी.
जल सुरक्षा के लिए विज्ञान, तकनीक और जनभागीदारी जरूरी, भारत पेश करेगा नया वैश्विक मॉडल
धरती पर जीवन के अस्तित्व का सबसे बड़ा आधार जल है, लेकिन आज के दौर में जलवायु परिवर्तन, तेजी से घटता भूजल स्तर और बढ़ती आबादी के कारण जल संकट एक विकराल रूप लेता जा रहा है। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए अब केवल पारंपरिक तरीकों से काम नहीं चलेगा, बल्कि विज्ञान, अत्याधुनिक तकनीक और जनभागीदारी का एक मजबूत त्रिकोण तैयार करना होगा। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए भारत आगामी 'अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह' (International Water Week) के वैश्विक मंच पर जल संरक्षण और प्रबंधन का एक नया और क्रांतिकारी मॉडल प्रस्तुत करने जा रहा है। दुनिया भर के विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि यदि आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से बचाना है, तो भारत का यह मॉडल एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कि इस बहुप्रतीक्षित आयोजन में भारत किस प्रकार अपनी जल प्रबंधन रणनीतियों को दुनिया के सामने रखने जा रहा है।आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का सामना कर रही है, जिसके कारण मौसम चक्र पूरी तरह से असंतुलित हो गया है। कभी अत्यधिक बाढ़ तो कभी भयंकर सूखा देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आम बात हो गई है। भारत जैसे विकासशील देश में, जहां कृषि एक बड़े भूभाग की आजीविका का मुख्य आधार है, पानी की हर एक बूंद की कीमत बहुत अधिक है। अंधाधुंध दोहन के कारण भूजल का स्तर लगातार नीचे खिसकता जा रहा है, जिससे न केवल पीने के पानी का संकट पैदा हो रहा है बल्कि खाद्य सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में जल स्रोतों के संरक्षण और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए एक ठोस रणनीति बनाना समय की सबसे बड़ी मांग बन चुका है।पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाबों, कुओं और झीलों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जल प्रबंधन में अनिवार्य हो गया है। भारत सरकार और विभिन्न वैज्ञानिक संस्थान मिलकर ऐसे स्मार्ट सॉल्यूशंस तैयार कर रहे हैं जो पानी की बर्बादी को रोकने में कारगार साबित हो रहे हैं। इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित सेंसर और एआई (Artificial Intelligence) का उपयोग करके जल वितरण प्रणालियों की निगरानी की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस क्षेत्र में कितना पानी लीक हो रहा है या कहां उसकी अधिक आवश्यकता है। इसके अलावा, ड्रिप इरिगेशन, सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों और वेस्टवाटर रीसाइक्लिंग (अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण) प्लांट्स के जरिए पानी के हर एक बूंद के सदुपयोग पर जोर दिया जा रहा है।कितनी भी बेहतरीन तकनीक और नीतियां क्यों न बना ली जाएं, जब तक आम नागरिकों को इस अभियान से नहीं जोड़ा जाता, तब तक जमीनी स्तर पर बदलाव लाना असंभव है। 'जल जीवन मिशन' और विभिन्न स्थानीय अभियानों ने यह साबित कर दिया है कि जब जनता खुद जल संरक्षण को अपनी नैतिक जिम्मेदारी मान लेती है, तो परिणाम अद्भुत होते हैं। वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को हर घर और हर संस्थान की अनिवार्य आदत बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पंचायतों, स्थानीय निकायों और महिला स्व-सहायता समूहों को जल प्रबंधन समितियों से जोड़कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी के उचित उपयोग के प्रति एक नई जनचेतना जगाई जा रही है।आगामी अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह के दौरान भारत अपने इन्हीं सफल अनुभवों, तकनीकी नवाचारों और सामुदायिक सहभागिता के मॉडलों को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करेगा। दुनिया भर के जल वैज्ञानिक, नीति निर्माता और प्रतिनिधि इस बात का अध्ययन करेंगे कि कैसे एक विशाल आबादी वाले देश ने सीमित संसाधनों के बावजूद जल सुरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। यह मंच न केवल भारत को वैश्विक जल कूटनीति में एक अगुआ के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि अन्य विकासशील देशों को भी अपने यहां जल संकट से निपटने के लिए एक व्यावहारिक और अनुकरणीय मार्गदर्शिका प्रदान करेगा।
राज्यसभा और एमएलसी चुनाव का ऐलान: बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र में 23 अक्टूबर को होगा मतदान
देश के चार प्रमुख राज्यों में राजनीतिक हलचल एक बार फिर अपने चरम पर पहुंचने वाली है। भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने देश के चार महत्वपूर्ण राज्यों—बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में खाली होने वाली राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) की सीटों के लिए आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इन चुनावों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक दलों में सुगबुगाहट तेज हो गई है क्योंकि संसद के उच्च सदन और राज्य के विधान मंडलों में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए सभी दल पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं। इन चुनावों के जरिए देश के सियासी गलियारों में नए समीकरण बनने की उम्मीद है, आइए जानते हैं इस पूरे चुनावी शेड्यूल और सीटों के गणित से जुड़ी हर एक महत्वपूर्ण बात को विस्तार से।चुनाव आयोग की ओर से जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की रिक्त सीटों के लिए आगामी 23 अक्टूबर को मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मतदान के तुरंत बाद उसी दिन यानी 23 अक्टूबर को ही वोटों की गिनती (Counting of Votes) भी संपन्न होने की पूरी संभावना है, हालांकि आधिकारिक परिणामों की अंतिम घोषणा और पूरी प्रक्रिया 27 अक्टूबर तक समाप्त कर ली जाएगी। चुनाव आयोग के इस त्वरित और चुस्त कार्यक्रम ने सभी राजनीतिक दलों को अपने उम्मीदवारों के चयन और जोड़-तोड़ की रणनीति पर तेजी से काम करने के लिए मजबूर कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे आने वाले समय में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति पर गहरा प्रभाव डालेंगे।इस चुनावी रण में जिन चार राज्यों—बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश—को शामिल किया गया है, वे भारतीय राजनीति के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक माने जाते हैं। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े राजनीतिक राज्य हैं, जहां विधानसभा और विधान परिषद के आंकड़े सत्ता संतुलन को तय करते हैं। वहीं बिहार और कर्नाटक में भी क्षेत्रीय क्षत्रपों और राष्ट्रीय दलों के बीच वर्चस्व की एक अलग ही जंग देखने को मिलती है। इन राज्यों में राज्यसभा और एमएलसी की सीटों के खाली होने के पीछे का कार्यकाल पूरा होना या अन्य कारणों से रिक्त होना है। विभिन्न दलों के दिग्गजों का राजनीतिक भविष्य इन सीटों के परिणामों पर टिका हुआ है, जिसके चलते सभी दलों ने अभी से अपनी कमर कस ली है।चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान के बाद से ही दिल्ली से लेकर लखनऊ, पटना, मुंबई और बेंगलुरु तक सियासी पारा चढ़ गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही खेमे अपने-अपने कोटे के सुरक्षित उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए मंथन बैठकों में जुट गए हैं। संख्या बल (Number Game) के गणित को साधने के लिए क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ राष्ट्रीय पार्टियां भी अपने विधायकों को एकजुट करने और क्रॉस-वोटिंग के खतरे को टालने की रणनीति बना रही हैं। जानकारों का कहना है कि इन चुनावों में निर्विरोध निर्वाचन की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं, लेकिन यदि विपक्ष ने अपने उम्मीदवार उतारे, तो मुकाबला काफी दिलचस्प और कांटे की टक्कर का हो सकता है।राज्यसभा और विधान परिषद जैसे उच्च सदनों का महत्व कानून निर्माण और देश-राज्य की नीतियों पर वैचारिक मंथन के लिहाज से बहुत अधिक होता है। संसद और विधानसभाओं में बहुमत का आंकड़ा सुदृढ़ करने के लिए यह चुनाव सभी दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विधान परिषद की सीटों का होना सरकार के नीतिगत फैसलों को पास कराने में अहम भूमिका निभाता है। जैसे-जैसे 23 अक्टूबर की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंचती जा रही है और हर किसी की नजरें इन चुनावों के परिणामों पर टिकी हुई हैं कि किस पार्टी के पाले में कितनी सीटें जाती हैं।
19 की उम्र में कॉलेज छोड़ कर बनाया ऐप, अब हैं अरबपति, AI में नंबर-1
सैम ऑल्टमैन इस समय दुनिया के सबसे पॉपुलर लोगों में से एक हैं. OpenAI के सीईओ हैं और ये कंपनी अगले साल IPO भी लाने वाली है. माना जा रहा है कि ट्रिलियन डॉलर तक जा सकती है ये कंपनी. ऑल्टमैन 19 साल की उम्र में Loopt नाम का ऐप बना रहे थे.,
खाड़ी देशों तक सीधी पहुंच के लिए भारत को मिला नया 'गेटवे', ये दोस्त निभाएगा खास रोल
भारत की सामरिक और आर्थिक कूटनीति के इतिहास में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाला नया मोड़ आ गया है। वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और मध्य पूर्व के देशों के साथ व्यापारिक रिश्तों को हमेशा के लिए एक नई दिशा मिलने जा रही है। लंबे समय से फारस की खाड़ी के सामरिक रूप से संवेदनशील और तनावपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर भारत की निर्भरता और चिताएं अब कम होने जा रही हैं। भारत को खाड़ी देशों और सेंट्रल एशिया तक अबाध, सुरक्षित और सुगम पहुंच प्रदान करने के लिए एक बेहद शानदार और नया वैकल्पिक गलियारा मिल चुका है। इस मास्टरस्ट्रोक रणनीति के पीछे कौन सा देश और कौन सा विशेष प्रोजेक्ट है, जो भारत के लिए गेम-चेजर साबित होने जा रहा है, आइए इसके हर एक पहलू को गहराई से समझते हैं।वैश्विक व्यापार और विशेष तौर पर भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य एक बेहद अहम समुद्री मार्ग रहा है। भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व के देशों से आयात करता है, जिसके लिए जहाजों को इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरना पड़ता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भू-राजनीतिक तनाव, क्षेत्रीय संघर्षों और सैन्य टकराव की वजह से इस मार्ग पर हमेशा एक अनिश्चितता और खतरे की तलवार लटकी रहती थी। जरा सी भी अशांति भारत की ऊर्जा आपूर्ति को ठप कर सकती थी। ऐसे में भारत को एक ऐसे सुरक्षित और निर्बाध 'गेटवे' की सख्त तलाश थी जो भू-राजनीतिक उथल-पुथल से पूरी तरह सुरक्षित हो और तेल तथा व्यापारिक माल की आवाजाही को बिना किसी बाधा के चालू रख सके।भारत ने इस भौगोलिक और रणनीतिक चुनौती का एक बेहतरीन और अचूक तोड़ निकाल लिया है। अब भारत को मध्य पूर्व और पश्चिमी एशिया के बाजारों तक पहुंचने के लिए होर्मुज के चक्कर काटने की मजबूरी से मुक्ति मिलने जा रही है। हमारे एक परम मित्र और भरोसेमंद सहयोगी देश के साथ मिलकर एक ऐसा वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जा रहा है जो बंदरगाहों और उन्नत रेल-सड़क नेटवर्क के जरिए सीधे खाड़ी देशों को जोड़ेगा। यह नया गेटवे न सिर्फ समुद्री जोखिमों को न्यूनतम कर देगा, बल्कि माल ढुलाई की लागत और समय में भी भारी कमी लाएगा। कूटनीतिक गलियारों में इसे भारत की विदेश नीति की एक बहुत बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।इस पूरे रणनीतिक समीकरण में भारत के सदाबहार और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार ओमान और यूएई (UAE) के साथ-साथ पश्चिम एशिया का एक अन्य अहम मित्र देश मुख्य भूमिका निभा रहा है। भारत ने चाबहार बंदरगाह और उसके बाद अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के अनुभवों से सीखते हुए इस नए मार्ग को अंतिम रूप दिया है। मध्य पूर्व के इस प्रमुख मित्र देश ने भारत के साथ मिलकर द्विपक्षीय व्यापार और ऊर्जा गलियारे को जमीन पर उतारने का बीड़ा उठाया है। इस प्रोजेक्ट के तहत समुद्री मार्ग से आने वाले कार्गो को सीधे सुरक्षित स्थलीय मार्गों से होते हुए गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा, जिससे पाकिस्तान और होर्मुज दोनों की बाधाओं को पूरी तरह से बायपास किया जा सकेगा।इस नए वैकल्पिक गेटवे के शुरू होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को अभेद्य सुरक्षा चक्र मिल जाएगा। जब कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) बिना किसी अड़चन के भारत पहुंचेंगे, तो देश में महंगाई और सप्लाई चेन के बाधित होने का खतरा नगण्य हो जाएगा। इसके अलावा, भारत के मैन्युफैक्चरर्स और निर्यातकों को मध्य पूर्व, यूरोप और मध्य एशिया के बाजारों तक अपने उत्पाद भेजने के लिए एक तेज और भरोसेमंद रास्ता मिल जाएगा। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत को ग्लोबल ट्रेड और सप्लाई चेन का एक प्रमुख हब बनाने में मील का पत्थर साबित होगा, जिससे देश की आर्थिक विकास दर को भी जबरदस्त गति मिलेगी।
दिल्ली: सदर बाजार में मासूम से रेप पर जनआक्रोश, पुलिस से हुई झड़प
दिल्ली के सदर बाजार इलाके से एक बेहद ही दर्दनाक और शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां एक मासूम नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. गुस्साए लोगों ने दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड थाने का घेराव कर जोरदार हंगामा किया और इंसाफ की मांग की. इस प्रदर्शन के दौरान लोगों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली.
भारतीय वायुसेना (IAF) एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है। राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति' (Tarang Shakti 2026) के दूसरे संस्करण का आगाज होने जा रहा है। पाकिस्तान की सीमा के नजदीक आयोजित होने वाले इस युद्धाभ्यास में 40 से अधिक देशों की वायु सेनाएं अपने घातक और आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा ले रही हैं। भारत की इस सामरिक शक्ति प्रदर्शन से वैश्विक स्तर पर रक्षा कूटनीति के नए समीकरण बन रहे हैं, आइए जानते हैं कि इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य क्या है और यह क्यों खास है।भारतीय वायुसेना का यह बहुप्रतीक्षित द्विवार्षिक अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। खास बात यह है कि यह आयोजन भारत और जापान के बीच हाल ही में संपन्न हुए 'वीर गार्डियन' युद्धाभ्यास के ठीक बाद हो रहा है। पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब पश्चिमी राजस्थान के आसमान में जब दुनिया के बेहतरीन फाइटर जेट गरजेंगे, तो यह भारत की बढ़ती सामरिक ताकत और रक्षा क्षमताओं का स्पष्ट संदेश होगा। रक्षा जानकारों के मुताबिक, इस आयोजन में भाग लेने के लिए कई देशों के एयर चीफ भी भारत पहुंच रहे हैं, जिससे सैन्य कूटनीति को और अधिक मजबूती मिलेगी।इस महाअभ्यास में दुनिया के सबसे उन्नत और मारक विमानों का जमावड़ा लगने वाला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी वायुसेना के अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टीथ फाइटर जेट F-35 लाइटनिंग II को इस अभ्यास में उतार सकता है। वहीं, फ्रांस अपने बेजोड़ राफेल विमानों के साथ और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपने F-16 फाइटर जेट्स के साथ इस युद्धाभ्यास की शोभा बढ़ाएगा। इसके अलावा जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, सिंगापुर और ब्रिटेन समेत कई देश अपने परिवहन विमान, हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर (Air-to-Air Refuellers) और एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम के साथ शिरकत कर रहे हैं।विदेशी मेहमानों के बीच भारतीय वायुसेना भी अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार है। IAF इस युद्धाभ्यास में अपने मुख्य फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान जैसे राफेल और सुखोई-30 MKI को मैदान में उतारेगी। इसके साथ ही भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस और आधुनिक हेलीकॉप्टर्स की युद्ध कौशल क्षमताएं भी दुनिया के सामने प्रदर्शित की जाएंगी। भारतीय वायुसेना के नेट्रा जैसे अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी इस अभ्यास का अहम हिस्सा होंगे, जो आधुनिक युद्धक रणनीतियों में भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी दक्षता को साबित करेंगे।'तरंग शक्ति' का यह आयोजन केवल सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की बढ़ती कूटनीतिक और कमान क्षमता का प्रतीक है। जब विभिन्न संस्कृतियों और युद्ध प्रणालियों वाले 40 से अधिक देशों के सैनिक एक मंच पर साझा अभ्यास करते हैं, तो इससे आपसी सामंजस्य, सामरिक अनुभव और इंटरऑपरेबिलिटी में जबरदस्त सुधार होता है। पाकिस्तान सीमा के पास इतने बड़े पैमाने पर दुनिया की महाशक्तियों का एकजुट होना भारत के विरोधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि भारत वैश्विक सुरक्षा में एक मजबूत और विश्वसनीय स्तंभ के रूप में उभर चुका है।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के 40 दिन बाद भी मॉनसून सत्र को औपचारिक रूप से सत्रावसान (prorogued) नहीं किया गया है। यह एक असामान्य देरी है, जिससे सरकार के लिए बिना नया सत्र बुलाए कानून लाने की संभावना बनी हुई है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 13 अगस्त को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई थी, लेकिन राष्ट्रपति ने अभी तक सत्र के सत्रावसान का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। इसे भी पढ़ें: Rajya Sabha Election: निर्वाचन आयोग ने की घोषणा, तीन राज्यों की 12 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान लोकसभा के पूर्व महासचिव पी.डी.टी. आचारी ने PTI को बताया कि 40 दिनों का यह अंतराल दोनों सदनों के सत्रावसान न होने का एक नया रिकॉर्ड है। उन्होंने याद दिलाया कि 2015 में, कार्यवाही स्थगित होने के 28 दिन बाद सदनों का सत्रावसान किया गया था, जब सरकार GST कानून पर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही थी। इस देरी से अटकलें तेज हो गई हैं कि सरकार इस दौरान अहम कानून लाने की कोशिश कर सकती है। जिन कानूनों पर चर्चा हो रही है, उनमें महिला आरक्षण कानून में संशोधन की एक नई कोशिश भी शामिल है, ताकि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले इसे लागू किया जा सके। बजट सत्र के दौरान की गई पिछली कोशिश पर्याप्त संख्या बल न होने के कारण सफल नहीं हो पाई थी। इन प्रस्तावित बदलावों का मकसद दक्षिणी राज्यों की विपक्षी पार्टियों की उन चिंताओं को दूर करना भी है, जिन्हें आबादी के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा में प्रतिनिधित्व घटने की आशंका को लेकर उठाया गया था। सामने आ रहे सुझावों के अनुसार, सरकार सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में लोकसभा सीटों की संख्या में एकसमान 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। इसे भी पढ़ें: ओम प्रकाश राजभर ने Modi का नाम लेकर कर दिया बड़ा दावा, क्या वाकई UP के चार टुकड़े होने वाले हैं? आमतौर पर, सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के तीन या चार दिन के भीतर सत्र का सत्रावसान (प्रोरोगेशन) कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए, बजट सत्र 18 अप्रैल को समाप्त हुआ था और दो दिन बाद 20 अप्रैल को उसका सत्रावसान कर दिया गया था। संविधान के तहत, सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा संसद का औपचारिक रूप से सत्रावसान किया जाता है। शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होता है और क्रिसमस से पहले समाप्त हो जाता है।
रात के बने चावल बच गए? झटपट बना लें तमिलनाडु की ये 5 टेस्टी डिश
Leftover Rice Recipes: अगर आपके घरों में भी खाने के बाद चावल बच जाते हैं तो उन्हें फेंकने की बजाय आप इनसे कई टेस्टी डिश तैयार कर सकते हैं. दही चावल से लेकर इमली चावल, फ्राइड राइस, चावल के वड़े और रसम चावल तक, ये सभी रेसिपी बनाने में आसान हैं और स्वाद में भी लाजवाब लगती हैं.
जमुई में नाबालिग से बदसलूकी पर बवाल, 120 सोशल मीडिया यूजर्स पर केस
बिहार के जमुई से एक बेहद ही शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ सरेआम छेड़छाड़ और बदसलूकी की गई. इस पूरी वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देश भर में भारी आक्रोश फैल गया है. यह घटना करीब चार दिन पुरानी बताई जा रही है. वीडियो के सामने आते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई और लगभग 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जिन्होंने इस संवेदनशील वीडियो को शेयर किया था.
यहूदियों से दोस्ती की पींगे बढ़ा रहे असीम मुनीर? अधिकारी संग ड्रोन डील पर खड़े हुए बड़े सवाल
पाक सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के गुप्त और विवादास्पद फैसलों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में खलबली मचा दी है। पाकिस्तान और इजरायल के बीच आधिकारिक तौर पर कूटनीतिक संबंध न होने के बावजूद, हाल ही में सामने आए एक रक्षा सौदे ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के शीर्ष नेतृत्व ने इजरायली सेना के एक पूर्व उच्च पदस्थ अधिकारी और रक्षा तकनीकी विशेषज्ञ के साथ एक गुप्त ड्रोन डील को अंतिम रूप दिया है। इस चौंकाने वाले घटनाक्रम के बाद से रक्षा विशेषज्ञों, राजनीतिक विश्लेषकों और खुद पाकिस्तान के भीतर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं कि क्या पारंपरिक रूप से इजरायल विरोधी रुख रखने वाला पाकिस्तान अब यहूदी राष्ट्र के साथ भीतरखाने नई रणनीतिक दोस्ती की इबारत लिख रहा है? इस हाई-प्रोफाइल रक्षा सौदे की भनक लगते ही वैश्विक राजनीति में समीकरणों के बदलने की सुगबुगाहट तेज हो गई है।असीम मुनीर का सीक्रेट डिफेंस पैक्ट: कट्टरपंथी नीतियों के बीच अचानक कैसे बदली प्राथमिकताएं?जनरल असीम मुनीर का यह कदम इसलिए भी अत्यधिक चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि पाकिस्तान की स्थापना से लेकर अब तक वहां की सरकारों और सेना ने सार्वजनिक मंचों पर हमेशा इजरायल की खुलकर आलोचना की है और फलस्तीनी मुद्दों का समर्थन करने का दावा किया है। ऐसे में, इजरायली सेना से जुड़े एक पूर्व अधिकारी की कंपनियों के साथ ड्रोन तकनीक और सैन्य साजो-सामान की यह बड़ी डील यह साबित करती है कि कूटनीति की बंद दरवाजों के पीछे जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। रक्षा जानकारों का मानना है कि पाकिस्तानी सेना अपनी पारंपरिक युद्धक क्षमताओं में आ रही भारी गिरावट और आधुनिकीकरण की सख्त जरूरत से जूझ रही है, जिसके चलते उन्हें आधुनिक और अचूक इजरायली ड्रोन तकनीक की दरकार पड़ी है। वैचारिक कट्टरता और व्यावहारिक सैन्य जरूरतों के बीच फंस चुके असीम मुनीर का यह दोहरा चरित्र अब उनके अपने देश के भीतर ही कट्टरपंथी संगठनों और राजनीतिक विरोधियों के निशाने पर आ गया है, जिससे उनकी आंतरिक मुश्किलें आने वाले दिनों में काफी बढ़ सकती हैं।इजरायली रक्षा तकनीक और गुप्त सौदे: पाकिस्तान की बदलती सैन्य मजबूरियां और वैश्विक कूटनीतिड्रोन युद्धक तकनीक के मामले में इजरायल दुनिया के सबसे अग्रणी और उन्नत देशों में शुमार किया जाता है, और उसकी तकनीक का लोहा आज अमेरिका समेत दुनिया के तमाम बड़े देश मानते हैं। पाकिस्तान द्वारा इस तकनीक को हासिल करने के लिए इजरायली सेना के पूर्व अधिकारियों के नेटवर्क का उपयोग करना यह दर्शाता है कि पाकिस्तानी सेना अपनी सुरक्षा कमजोरियों को दूर करने के लिए अब किसी भी हद तक जाने को तैयार है। हालांकि, यह सौदा सीधे तौर पर इजरायल सरकार के साथ नहीं बल्कि परोक्ष रूप से मध्यस्थों के माध्यम से किया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंचों और इस्लामिक देशों के बीच पाकिस्तान की किरकिरी न हो सके। इसके बावजूद, खुफिया रिपोर्ट्स के लीक होने के बाद यह सौदा जगजाहिर हो चुका है, जिससे सऊदी अरब, ईरान और तुर्की जैसे देशों की नजरों में भी इस्लामाबाद की नीयत पर संदेह के बादल मंडराने लगे हैं। सामरिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षेत्र की लाचारी को तो कुछ हद तक ढक सकता है, लेकिन यह देश के भू-राजनीतिक हितों के लिए एक बहुत बड़ा और खतरनाक जोखिम साबित हो सकता है।घरेलू राजनीति और कट्टरपंथी ताकतों का विरोध: क्या असीम मुनीर संभाल पाएंगे बगावत के सुर?जैसे-जैसे इजरायली पूर्व अधिकारी के साथ इस ड्रोन डील की खबरें पाकिस्तान के मीडिया और सोशल प्लेटफार्म्स पर सार्वजनिक हो रही हैं, वैसे-वैसे देश के भीतर धार्मिक और राजनीतिक भूचाल आना शुरू हो गया है। पाकिस्तान के कट्टरपंथी राजनीतिक दल और मजहबी संगठन जनरल असीम मुनीर के इस फैसले को इस्लाम और फलस्तीन के साथ खुला विश्वासघात करार दे रहे हैं। उनका तर्क है कि जिस देश को पाकिस्तानी अवाम दशकों से अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानती आई है, उसी देश के पूर्व सैन्य अधिकारियों से हथियार खरीदना देश की वैचारिक नींव के बिल्कुल खिलाफ है। इस बढ़ते आंतरिक दबाव और जनआक्रोश को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) की तरफ से सफाई देने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कोई भी संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण जनता का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। यदि यह विरोध और अधिक उग्र रूप धारण करता है, तो असीम मुनीर के लिए अपनी कुर्सी बचाना और सेना के भीतर असंतोष को रोकना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर असर: क्या अमेरिका और पश्चिम को खुश करने का एक नया राजनीतिक पैंतरा है?इस पूरे घटनाक्रम के भू-राजनीतिक विश्लेषण से यह बात भी सामने आती है कि जनरल असीम मुनीर का यह कदम केवल सैन्य जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा कूटनीतिज्ञ और पश्चिमी देशों को साधने का षड्यंत्र भी हो सकता है। वाशिंगटन और पश्चिमी देशों की नजरों में अपनी पैठ मजबूत करने तथा अमेरिकी रक्षा तंत्र का समर्थन हासिल करने के लिए कई बार ऐसे परोक्ष समझौते किए जाते हैं, जो पर्दे के पीछे से वैश्विक ताकतों को संतुष्ट करते हैं। पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली इस समय चरम पर है और उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) तथा पश्चिमी देशों से लगातार वित्तीय मदद की दरकार रहती है, जिसे पाने के लिए सेना हरसंभव कूटनीतिक हथकंडे अपना रही है। हालांकि, इजरायल के साथ इस तरह के रक्षा संबंध रखना पाकिस्तान के उन तमाम दावों की पोल खोल देता है जो वह मुस्लिम जगत के रहनुमा बनने के लिए अक्सर करता रहता है। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि असीम मुनीर का यह दांव पाकिस्तान को संकट से बाहर निकालता है या फिर उसे एक नए और गहरे भू-राजनीतिक संकट में धकेल देता है।
PDA रथ के रंग को लेकर मायावती का अखिलेश पर हमला
उत्तर प्रदेश की 2027 विधानसभा चुनाव तैयारियों के बीच सपा के PDA रथ के रंग को लेकर अखिलेश यादव और मायावती के बीच बयानबाजी हुई। मायावती ने रथ में सपा के लाल रंग की तुलना में भगवा रंग अधिक होने का दावा करते हुए PDA की राजनीति पर सवाल उठाए।
राफेल की ऐतिहासिक उड़ान: फ्रांस से 40,000 किमी का सफर तय कर भारत पहुंच रहे फाइटर जेट
भारतीय वायुसेना (IAF) की मारक क्षमता में एक बार फिर अभूतपूर्व इजाफा होने जा रहा है, क्योंकि वैश्विक रक्षा परिदृश्य में अपनी रणनीतिक ताकत का लोहा मनवाते हुए फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों का एक नया और शक्तिशाली जत्था अपनी लंबी उड़ान भरकर सीधे भारत की ओर बढ़ चला है। आधुनिक रक्षा कूटनीति और सामरिक क्षेत्र में इसे फ्रांस के अब तक के सबसे बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जहां इन आधुनिक और मारक विमानों ने आसमान में अपनी अजय क्षमता का परिचय देते हुए एक ऐसा सफर तय किया है जो दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय सीमाओं पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों के बीच यह खेप बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इन विमानों ने लगभग 40,000 किलोमीटर की लंबी और चुनौतीपूर्ण दूरी तय करके सीधे भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने के लिए भारत की सरजमीं की तरफ रुख किया है। इस साहसिक और लंबी दूरी की उड़ान ने एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और आपसी विश्वास की तरफ आकर्षित किया है, जिससे देश के दुश्मनों की नींद उड़ना तय माना जा रहा है।आसमान की महाशक्ति: 40,000 किलोमीटर का यह सफर क्यों है इतना खास?जब बात आधुनिक सैन्य विमानों की लंबी और महा-उड़ानों की आती है, तो तकनीक, पायलटों की अद्भुत दक्षता और विमान की सहनशक्ति की सबसे कड़ी परीक्षा होती है। फ्रांस से उड़ान भरकर भारत की ओर आ रहे इन राफेल विमानों ने करीब 40,000 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ी रणनीतिक और तकनीकी उपलब्धि है। रास्ते में दुनिया के विभिन्न देशों के वायु क्षेत्रों, मौसम के भारी उतार-चढ़ाव, भौगोलिक बाधाओं और महासागरों को पार करते हुए इन विमानों ने जिस तरह से अपनी नॉन-स्टॉप और रीफ्यूलिंग क्षमताओं का परिचय दिया है, उसने यह साबित कर दिया है कि राफेल वर्तमान समय में दुनिया के सबसे भरोसेमंद और बेहतरीन फाइटर जेट्स में से एक हैं। इस महा-सफर के दौरान हवा में ही विमानों में ईंधन भरने की जटिल प्रक्रिया को बेहद सटीकता के साथ अंजाम दिया गया, जिसमें मित्र देशों के टैंकर विमानों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शक्ति प्रदर्शन केवल एक साधारण फेरबदल या डिलीवरी नहीं है, बल्कि यह इस बात का खुला और स्पष्ट ऐलान है कि भारतीय वायुसेना और फ्रांस के राफेल मिलकर किसी भी वैश्विक मोर्चे या विपरीत परिस्थिति में दुश्मन को नेस्तनाबूद करने की अचूक और अजेय क्षमता रखते हैं।भारतीय वायुसेना का बढ़ता दम: IAF के साथ मिलकर आसमान में दहाड़ेंगे राफेलभारतीय वायुसेना के बेड़े में इन अत्याधुनिक राफेल विमानों के शामिल होने से भारत की सामरिक स्थिति और स्ट्राइक पावर में जबरदस्त मजबूती आएगी। जब ये नए फाइटर जेट्स भारतीय वायुसेना की सीमा में प्रवेश करेंगे और पहले से मौजूद राफेल स्क्वाड्रन के साथ मिलकर आकाश में संयुक्त युद्धाभ्यास करेंगे, तो आसमान में एक अलग ही और खौफनाक गर्जना सुनाई देगी, जो देश के विरोधियों को स्पष्ट संदेश देगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन उन्नत विमानों के आने से भारत की सामरिक पकड़ और हमलावर क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। अत्याधुनिक और घातक मिसाइल प्रणालियों, उन्नत रडार जैमिंग सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमताओं से पूरी तरह लैस ये फाइटर जेट्स किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में दुश्मन के सबसे सुरक्षित ठिकानों को पलक झपकते ही धूल में मिलाने की ताकत रखते हैं। भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलटों की बेहतरीन ट्रेनिंग और राफेल की अद्भुत मारक क्षमता का यह अनूठा संगम भारत के रक्षा क्षेत्र में आधुनिकता और शक्ति के नए आयाम गढ़ रहा है, जिससे पड़ोसी देशों की हर गुप्त और नापाक चाल पर पैनी नजर रखना और भी ज्यादा आसान हो जाएगा।भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी: रणनीतिक रिश्तों की नई और मजबूत इबारतफ्रांस और भारत के बीच रक्षा संबंधों और सामरिक साझेदारी का इतिहास हमेशा से ही भरोसेमंद, अटूट और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला रहा है, और राफेल विमानों का यह नया जत्था इसी गहरी दोस्ती का एक और जीवंत उदाहरण है। फ्रांस द्वारा अपनी सबसे उन्नत, गोपनीय और आधुनिक सैन्य तकनीक को भारत के साथ साझा करना और अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद समय पर हथियारों की आपूर्ति सुनिश्चित करना दोनों देशों के बीच की गहरी रणनीतिक समझ को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति के इस दौर में जहां भू-राजनीतिक समीकरण हर दिन तेजी से बदल रहे हैं, भारत और फ्रांस का यह मजबूत रक्षा गठजोड़ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में एक मुख्य और निर्णायक भूमिका निभा रहा है। रक्षा जानकारों का कहना है कि इस शानदार शक्ति प्रदर्शन के जरिए फ्रांस ने दुनिया को यह कड़ा संदेश दे दिया है कि भारत उसका सबसे भरोसेमंद और रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझीदार है, जो आने वाले समय में रक्षा निर्माण, संयुक्त अनुसंधान और तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में और भी नए मील के पत्थर स्थापित करने की पूरी क्षमता रखता है।सामरिक और रणनीतिक असर: दुश्मन देशों की बढ़ी चिंता और भारत की अजेय बढ़तजैसे-जैसे ये राफेल विमान अपनी अंतिम मंजिल के बेहद करीब पहुंच रहे हैं, वैसे-वैसे अंतरराष्ट्रीय रक्षा गलियारों और पड़ोसी देशों की राजधानियों में खलबली और चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारत की सीमाओं पर लगातार बनी रणनीतिक चुनौतियों और संवेदनशीलता के बीच इस तरह की अजेय ताकत का जुड़ना भारतीय वायुसेना को क्षेत्रीय रूप से सबसे शक्तिशाली बल बनाता है। चीन और पाकिस्तान जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों में इन विमानों की रणनीतिक तैनाती से भारत की रक्षात्मक और आक्रामक दोनों क्षमताएं एक साथ मजबूत होंगी। यह शक्ति प्रदर्शन सिर्फ कुछ विमानों की डिलीवरी भर नहीं है, बल्कि यह भारत के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की उस मजबूत और अडिग इच्छाशक्ति का परिणाम है जिसके तहत देश की सेनाओं को दुनिया के सबसे आधुनिक और मारक हथियारों से लैस किया जा रहा है। आने वाले दिनों में जब ये विमान भारतीय वायुसेना के गौरवशाली रंगों में रंगकर देश के आसमान में अपनी पहली आधिकारिक और गरजती हुई उड़ान भरेंगे, तो यह हर भारतवासी के लिए गर्व का ऐतिहासिक पल होगा और देश के दुश्मनों के लिए एक बहुत बड़ी तथा स्पष्ट चेतावनी भी साबित होगा।
ट्रंप-सीएनएन का घमासान: व्हाइट हाउस ने लॉन्च किया 'ट्रंप टीवी', मामला पहुंचा कोर्ट
डोनाल्ड ट्रंप और सीएनएन के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब एक नए और बेहद नाटकीय मोड़ पर आ गई है, जहां अमेरिका के राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया जगत तक खलबली मची हुई है। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा वैचारिक शीत युद्ध अब खुलकर सामने आ गया है, जिसने दुनिया भर के मीडिया विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब व्हाइट हाउस की तरफ से एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाते हुए आधिकारिक रूप से 'ट्रंप टीवी' को लॉन्च किए जाने का ऐलान किया गया। इस नए डिजिटल और ब्रॉडकास्ट प्लेटफॉर्म के सामने आने से पारंपरिक मीडिया घरानों के बीच हड़कंप मच गया है। बात सिर्फ जुबानी तीखे हमलों या बयानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह पूरा मामला अब अदालत की चौखट तक जा पहुंचा है, जहां दोनों पक्ष कानूनी दांव-पेच के जरिए एक-दूसरे को मात देने की तैयारी में जुटे हुए हैं।ट्रंप बनाम सीएनएन: क्यों भड़की है यह नई राजनीतिक और मीडिया की जंग?डोनाल्ड ट्रंप और सीएनएन के बीच का यह रिश्ता हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है, लेकिन हालिया हफ्तों में इस रिश्ते में कड़वाहट उस समय और ज्यादा घुल गई जब कवरेज और बयानों को लेकर दोनों तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। डोनाल्ड ट्रंप ने सीएनएन पर लगातार पक्षपातपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण रिपोर्टिंग करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका साफ तौर पर कहना है कि यह प्रतिष्ठित मीडिया चैनल उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए एक सुनियोजित एजेंडा चला रहा है। दूसरी ओर, सीएनएन और अन्य प्रमुख मीडिया संस्थान ट्रंप के बयानों को प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार देते हैं। यह वैचारिक और पेशेवर टकराव अब केवल स्टूडियो बहसों या सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने जमीनी स्तर पर एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। अमेरिका के आम नागरिकों और मतदाताओं के बीच भी इस बात को लेकर गहरी बहस छिड़ गई है कि क्या स्वतंत्र मीडिया की आड़ में किसी राजनीतिक शख्सियत को निशाना बनाया जा रहा है, या फिर राजनेता अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए मीडिया पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। इस माहौल ने अमेरिकी समाज में सूचनाओं के प्रवाह और उसकी विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे हर कोई यह जानना चाहता है कि इस घमासान का अंत कहां जाकर होगा।व्हाइट हाउस का बड़ा दांव: 'ट्रंप टीवी' की लॉन्चिंग से बदला मीडिया का खेलइस पूरे घटनाक्रम का सबसे रोमांचक और चौंकाने वाला पहलू व्हाइट हाउस की ओर से 'ट्रंप टीवी' का लॉन्च किया जाना है। पारंपरिक मीडिया घरानों के वर्चस्व को सीधी चुनौती देते हुए इस नए डिजिटल और ब्रॉडकास्ट प्लेटफॉर्म को मैदान में उतारा गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 'ट्रंप टीवी' के जरिए अब सीधे जनता तक अपनी बात पहुंचाने का एक ऐसा अचूक हथियार तैयार कर लिया गया है जो किसी भी पारंपरिक न्यूज़ चैनल के फिल्टर या संपादकीय नियंत्रण से पूरी तरह मुक्त है। इस लॉन्च के बाद से ही अमेरिकी मीडिया मार्केट में भूचाल आ गया है क्योंकि यह सीधे तौर पर बड़े न्यूज़ नेटवर्क्स की टीआरपी और उनके जनमानस पर प्रभाव को कड़ी चुनौती दे रहा है। ट्रंप समर्थकों में इस कदम को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, उनका मानना है कि यह मुख्यधारा के मीडिया के एकाधिकार को तोड़ने का सबसे बेहतरीन और प्रभावी तरीका है। वहीं, दूसरी तरफ आलोचकों का कहना है कि इस तरह के प्लेटफॉर्म लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर कर सकते हैं और समाज में सूचनाओं का ध्रुवीकरण और ज्यादा बढ़ा सकते हैं। इस नए प्लेटफॉर्म के आने से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में पारंपरिक चैनल्स को नए और आक्रामक डिजिटल विकल्पों से जबर्दस्त टक्कर मिलने वाली है, जिससे मीडिया इंडस्ट्री की पूरी रूपरेखा ही बदल सकती है।मामला पहुंचा कोर्ट: कानूनी लड़ाई तय करेगी अमेरिकी मीडिया का भविष्यजब जुबानी जंग, राजनीतिक दांव-पेच और बयानों के तीर से बात नहीं बनी, तो यह पूरा मामला अब अदालत की चौखट पर पहुंच चुका है। मानहानि, बयानों की सत्यता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से अपने-अपने कानूनी विशेषज्ञों को मैदान में उतार दिया गया है। कोर्ट में चल रही इस हाई-वोल्टेज कानूनी लड़ाई पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका फैसला केवल ट्रंप या सीएनएन के पक्ष या विपक्ष में नहीं आएगा, बल्कि यह आने वाले समय में अमेरिकी पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और राजनीतिक हस्तियों के अधिकारों की एक नई और स्पष्ट परिभाषा तय करेगा। अदालती दस्तावेजों और वकीलों की तीखी दलीलों से यह बिल्कुल साफ हो गया है कि यह लड़ाई बेहद लंबी और रोमांचक होने वाली है। जैसे-जैसे सुनवाई आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इसमें कई नए खुलासे होने की भी पूरी संभावना है, जो अमेरिकी राजनीतिक और मीडिया बाजार के पुराने समीकरणों को हमेशा के लिए उलट-पुलट कर रख सकते हैं।अमेरिकी राजनीति और डिजिटल मीडिया पर इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का क्या होगा असर?इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युग में राजनीति और मीडिया अब एक ही सिक्के के दो पहलू बन चुके हैं, जहां हर एक बयान और हर एक मंच का इस्तेमाल बेहद रणनीतिक रूप से किया जा रहा है। 'ट्रंप टीवी' के आने से और कोर्ट में मामला जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाला समय अमेरिकी राजनीति में उथल-पुथल से भरा रहने वाला है। अमेरिका के आम लोग इस पूरे तमाशे को एक रोमांचक राजनीतिक ड्रामे की तरह देख रहे हैं, जहां हर दिन एक नया नाटकीय मोड़ सामने आ रहा है। चाहे वह सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता हुआ वार-पलटवार हो, व्हाइट हाउस का यह ऐतिहासिक फैसला हो, या फिर कोर्टरूम में चल रही कानूनी बहस, यह विवाद आने वाले कई महीनों तक सुर्खियों में बना रहेगा। यह देखना वाकई बेहद दिलचस्प होगा कि क्या 'ट्रंप टीवी' मुख्यधारा के मीडिया को पछाड़ पाने में पूरी तरह कामयाब होता है या फिर सीएनएन इस कानूनी और वैचारिक लड़ाई में अपनी पुरानी बादशाहत बचाने में सफल रहता है।
Jamui Incident पर Congress नेता Udit Raj का हमला, पूछा- Bihar में कैसा शासन चला रहे हैं CM
कांग्रेस नेता उदित राज ने मंगलवार को जमुई में एक नाबालिग लड़की के कथित उत्पीड़न और छेड़छाड़ के मामले को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह घटना राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है। एक वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें कथित तौर पर एक किशोर लड़के के साथ मारपीट और एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की घटना दिखाई गई है, राज ने नाबालिगों के खिलाफ कथित अपराधों से जुड़े पिछले मामलों का ज़िक्र किया और ऐसी घटनाओं पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। इसे भी पढ़ें: Jamui मामले को Bihar Minister Shrawan Kumar ने बताया छिटपुट घटना, कड़ी कार्रवाई का किया वादा राज ने ANI से कहा कि उस छात्रा का क्या हुआ जिसकी हॉस्टल में हत्या कर दी गई थी? मुजफ्फरपुर के एक हॉस्टल में नाबालिग लड़कियों के साथ रेप हुआ; इसमें जाने-माने लोगों के नाम सामने आए थे। लेकिन मामला दब गया। उनकी तुलना में जमुई का मामला उतना बड़ा नहीं है। इसके बाद उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हत्या का आरोपी राज्य का मुख्यमंत्री हो, तो बिहार के हालात का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जब लालू यादव या RJD-कांग्रेस जैसी सामाजिक न्याय की ताकतें सत्ता में होती हैं, तो मीडिया को वहां 'जंगल राज' दिखता है। वरना, वहां 'मंगल राज' होता है। बिहार में कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है। कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने भी इस घटना को लेकर बिहार सरकार की आलोचना की और राज्य में कानून-व्यवस्था के दावों पर सवाल उठाए। कुमार ने कहा कि बिहार के जमुई में हुई घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। यह दिल दहला देने वाली घटना है। राज्य में शासन-व्यवस्था को लेकर हालिया दावों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बस एक-दो दिन पहले ही मैंने कई लोगों को—जिनमें स्थानीय सांसद भी शामिल थे—मंच से यह दावा करते हुए सुना कि यहाँ 'राम राज्य' है और अब कोई भी लड़कियों या महिलाओं को परेशान नहीं कर सकता। इसे भी पढ़ें: 25 साल पहले भारत ने कैसे अमेरिकी प्रतिबंधों को किया बेअसर! पोखरण-II से लेकर वाशिंगटन के घुटने टेकने तक की पूरी कहानी उन्होंने कहा कि मैं उनसे एक सीधा सवाल पूछना चाहता हूँ: यह घटना उनके अपने संसदीय क्षेत्र में हुई है, तो यह किस तरह का 'शासन' है? आप 'जंगल राज' के बारे में बहुत बातें करते थे; मुझे बताइए, यह किस तरह का शासन है? कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के उस पुराने बयान का भी ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने ऐसी घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने पूछा कि बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री कहा करते थे कि अगर ऐसी कोई घटना सामने आई, तो वे इस्तीफ़ा दे देंगे और अपना पद छोड़ देंगे। मेरा आपसे एक सीधा सवाल है: इस बारे में आपका क्या कहना है?
शिमला में 1 करोड़ की चोरी, उत्तराखंड से 4 आरोपी गिरफ्तार
शिमला में एक करोड़ रुपये से अधिक की चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है. सदर थाना पुलिस ने ऊधम सिंह नगर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर रुद्रपुर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, चोरी की गई संपत्ति का करीब 80 फीसदी हिस्सा बरामद कर लिया गया है.
Rajya Sabha Election: निर्वाचन आयोग ने की घोषणा, तीन राज्यों की 12 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होंगे। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को यह घोषणा की। उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट पर चुनाव होगा, जिन पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होगा। निर्वाचन आयोग ने बताया कि चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी की जाएगी, छह अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे और 16 अक्टूबर को मतगणना होगी। उत्तर प्रदेश से जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बी. एल. वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी, समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता राम गोपाल यादव तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के रामजी गौतम शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की सीट भी 11 सितंबर से रिक्त है। उस दिन अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उनका इस्तीफा प्रभावी हुआ था। उत्तराखंड में भाजपा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। उत्तर प्रदेश की जिन 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है, उनमें से आठ पर भाजपा के सदस्य हैं, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बसपा के पास थी। राज्यसभा के ये चुनाव अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे हैं। मौजूदा विधानसभा में दलों की संख्या के आधार पर भाजपा नीत गठबंधन के आठ सीटें जीतने की संभावना जताई जा रही है, जबकि समाजवादी पार्टी को दो सीटें मिलने का अनुमान है। इस चुनाव के परिणाम से बसपा राज्यसभा में अपना प्रतिनिधित्व खो सकती है, क्योंकि उसके पास गौतम की सीट बरकरार रखने के लिए पर्याप्त संख्या में विधायक नहीं हैं। अगस्त में बसपा के इकलौते विधायक उमा शंकर सिंह के निधन के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी का कोई विधायक नहीं है। 2020 में भी बसपा के पास अपने दम पर राज्यसभा सदस्य चुनने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं थी। हालांकि, उस समय भाजपा ने 10 में से केवल आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिससे बसपा के रामजी गौतम के लिए राज्यसभा पहुंचने का रास्ता खुल गया था। रामजी गौतम निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। सपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने के बाद ऐसा हुआ था। इसके बाद सपा ने भाजपा और बसपा के बीच समझौता होने का आरोप लगाया था। उत्तराखंड की सीट पर भी भाजपा की स्थिति मजबूत है और उसके इस सीट को बरकरार रखने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के कारण आवश्यक हुआ। रुक्मिणी मलिक को अभिनेत्री कोयल मलिक के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने 16 जुलाई को इस्तीफा दिया था। उपचुनाव में निर्वाचित होने वाला सदस्य दो अप्रैल 2032 तक बचे कार्यकाल को पूरा करेगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा में स्पष्ट बहुमत होने के कारण सत्तारूढ़ भाजपा के तृणमूल कांग्रेस से यह सीट हासिल करने की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्यसभा चुनाव का ऐलान, कितनी सीटें जीत सकती है भाजपा, मयावती की बसपा होगी जीरो?
यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान हो गया है। मौजूदा आंकड़ों में BJP-NDA 7 सीटों पर मजबूत है, जबकि 8वीं के लिए 5 अतिरिक्त वोट चाहिए। SP को 2 सीटें मिल सकती हैं। मायावती की BSP के सामने राज्यसभा सीट बचाने की चुनौती क्यों है, जानिए पूरा गणित।
10 साल बाद जन्मे पोता-पोती, जुड़वा को देख रोए एक्ट्रेस के सास-ससुर
संभावना के ससुर दादा बनने पर बोले- एक समय पर हमने बच्चे की उम्मीद ही छोड़ दी थी. संभावना और अविनाशभी IVF की कोशिश करते रहे. रिश्तेदार भी पूछते थे कि 10 साल हो गए हैं बच्चा कब होगा. हमने तो बप्पा के सामने सरेंडर कर दिया था. बप्पा ने हमें फल दिया.
Jamui मामले को Bihar Minister Shrawan Kumar ने बताया छिटपुट घटना, कड़ी कार्रवाई का किया वादा
बिहार के ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने सोमवार को जमुई में दो नाबालिगों के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना को छिटपुट घटना बताया और भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं पर नज़र रख रही है और दोषियों को कानून से बचने नहीं देगी। मंत्री ने कहा कि दुनिया पूरी तरह अपराध-मुक्त नहीं है। छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं। सरकार की नज़र इन छिटपुट घटनाओं पर है। बिहार में ऐसे काम करने वाले बच नहीं सकते। पहले भी उनके खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की गई है। इसे भी पढ़ें: 25 साल पहले भारत ने कैसे अमेरिकी प्रतिबंधों को किया बेअसर! पोखरण-II से लेकर वाशिंगटन के घुटने टेकने तक की पूरी कहानी यह बयान तब आया जब जमुई में 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की को कुछ लोगों के समूह द्वारा परेशान किए जाने के वीडियो ऑनलाइन सामने आए। पुलिस ने 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (POCSO) अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना 19 सितंबर को शाम करीब 7 बजे हुई, जब कोचिंग क्लास के बाद दो नाबालिग (जो दोस्त हैं) उस इलाके में गए थे। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मांग की थी कि वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की पहचान की जाए और उन पर POCSO के तहत मुकदमा चलाया जाए। साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार पर सवाल भी उठाए थे। जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) दयाल ने बताया कि ऑनलाइन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली। SP ने बताया कि कोचिंग क्लास के बाद दो छात्र उस इलाके में तस्वीरें लेने गए थे। इसके बाद POCSO और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। इसे भी पढ़ें: Jamui घटना पर भड़कीं Mamata Banerjee, BJP पर साधा निशाना हालांकि FIR में किसी आरोपी का नाम नहीं था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिख रहे छह-सात लोगों की पहचान की। पुलिस ने बताया कि एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जमुई केस: सम्राट चौधरी देंगे इस्तीफा? जंगलराज के नाम पर बच रही सरकार!
जमुई में जो हुआ उसके बाद क्या सम्राट चौधरी इस्तीफा देंगे। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग शुरू हो गई है. लेकिन सरकार अब भी जंगलराज का राग अलाप रही है।
'Gen-Z' को जोड़ने उतरी सपा, कॉलेजों के जरिए भरोसा जीतने का प्लान
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत सपा ने 'Gen-Z' यानी नई पीढ़ी के युवाओं और छात्रों को साधने के लिए बड़ा दांव चला है. पार्टी ने प्रदेशभर के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी कैंपस में 'PDA जागरूकता अभियान' शुरू किया है, जिसके जरिए छात्रों से फीडबैक लेकर चुनावी घोषणा पत्र तैयार किया जाएगा.
कालकाजी मंदिर के पास नाबालिग से गैंगरेप के तीनों आरोपी गिरफ्तार
कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की नाबालिग से कथित गैंगरेप मामले में आसिफ के बाद हेमंत और उसके भाई को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
अफगानिस्तान में PAK ने अमेरिकी GBU-12 लेजर गाइडेड बम गिराया!
अफगानिस्तान के कुनार हमले में अमेरिकी बम जीबीयू-12 पेववे II लेजर-गाइडेड बम के अवशेष मिले. यह एमके-82 आधारित 227 किलोग्राम का बम है. आइए जानते हैं इस बम का खासियत...
बैलेंस बिगड़ने से खौलते सांभर में गिरी महिला, मौत- VIDEO
विजयवाड़ा में विनायका चविथि अन्नदानम की तैयारी के दौरान 46 साल की सुजाता खौलते सांभर के बड़े बर्तन में गिर गईं और बाद में उनकी मौत हो गई. सीसीटीवी में कैद इस हादसे के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है और अब इंतजाम में किसी लापरवाही की भी जांच कर रही है.
Assam में Gaurav Gogoi और Bhupesh Baghel के काफिले पर पथराव, BJP पर हमला करने का आरोप
सोमवार को असम कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उप-नेता गौरव गोगोई और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गाड़ियों पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं। पार्टी का आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके बड़े नेताओं के काफिले पर हमला किया। इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। ये नेता असम के नगांव में एक चुनावी बैठक के लिए जा रहे थे। यह कथित हमला समागुरी के बोरमा इलाके में तब हुआ जब काफिला लोरीमुख इलाके की ओर बढ़ रहा था। यह चुनावी बैठक 6 अक्टूबर को होने वाले नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा के समर्थन में आयोजित की गई थी। इसे भी पढ़ें: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम: 21 सितंबर की प्रमुख खबरों का संक्षिप्त विवरण कांग्रेस का आरोप है कि जब उनका काफिला उस इलाके से गुज़र रहा था, तो बीजेपी समर्थकों ने काले झंडे दिखाए और वापस जाओ के नारे लगाए; इसके बाद गाड़ियों पर पत्थर फेंके गए। गौरव गोगोई ने कहा, कांच टूट गए हैं, खिड़कियां तोड़ दी गई हैं। पत्थर फेंके गए हैं। AICC सचिव मनोज चौहान जी घायल हो गए हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गाड़ी पर भी हमला हुआ है, जिसमें हमारी कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा और मैं बैठे थे। असम पुलिस को, शायद मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर, दखल न देने के लिए कहा गया था। कल रात से ही हमारे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें ऐसी स्थिति की आशंका के बारे में बार-बार आगाह किया था, फिर भी उन्होंने इसे होने दिया। जब तक हिमंत बिस्वा सरमा असम के मुख्यमंत्री रहेंगे, राज्य की राजनीतिक संस्कृति धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। गोगोई के अनुसार, इस घटना में कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने गाड़ी की तस्वीरें शेयर कीं और बताया कि जब पत्थर लगा, तब AICC सचिव मनोज चौहान गाड़ी के अंदर ही थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा को सुरक्षा नहीं दी गई थी। असम पुलिस के सूत्रों ने इस घटना की पुष्टि की। बघेल ने कहा कि कांग्रेस के काफिले को कोई सुरक्षा नहीं दी गई थी। इसे भी पढ़ें: Balotra Municipal Council में BJP के योगेश गहलोत जीते, कांग्रेस उम्मीदवार को हराया उन्होंने कहा कि अभी लौटते समय हमारी कार पर फिर से हमला हुआ। गौरव गोगोई की कार पर भी लौटते समय हमला किया गया। इसका मतलब है कि एक ही जनसभा में जाने के दौरान दो बार हमला हुआ। इसके बावजूद, पुलिस प्रशासन सो रहा है।
बिहार के जमुई में हुई घटना पर पूरे देश में गुस्सा है. एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने इस घटना पर अपनी नाराजगी जाहिर की और लोगों से अपील की कि वह ये सुनिश्चित करें दोषी सलाखों के पीछे हों.
Tamil Nadu CM Joseph Vijay ने Breakfast Scheme का विस्तार किया, कक्षा 6 से 8 के छात्र जुड़े
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने मंगलवार को स्कूली छात्रों के लिए राज्य सरकार की नाश्ता योजना का विस्तार किया, जिसके तहत अब कक्षा 6 से 8 तक के छात्र भी इसमें शामिल होंगे। विजय ने चेन्नई के गांधी ग्रामम स्थित एक सरकारी मिडिल स्कूल में इस विस्तारित योजना की शुरुआत की। उन्होंने स्कूल में छात्रों को नाश्ता परोसा और बाद में उनके साथ बैठकर खाना भी खाया। लॉन्च के बाद, मुख्यमंत्री ने क्लासरूम का दौरा किया और छात्रों से बातचीत की। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने SASTRA University भूमि विवाद में तमिलनाडु सरकार से मांगा वैकल्पिक जमीन पर विचार तमिलनाडु सरकार के अनुसार, 'पेरुंथलैवर कामराजर फ्री ब्रेकफास्ट स्कीम' (जिसका नाम बदला गया है) के विस्तार से कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाले लगभग 15.30 लाख अतिरिक्त छात्रों को लाभ होगा। इस विस्तारित कार्यक्रम में तमिलनाडु के 15,454 सरकारी और राज्य-सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्र शामिल होंगे। राज्य सरकार ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में इस प्रोग्राम के विस्तार के लिए अतिरिक्त ₹217.63 करोड़ आवंटित किए हैं, जिससे ब्रेकफ़ास्ट प्रोग्राम के लिए कुल आवंटन ₹724 करोड़ हो गया है। सरकार ने कहा है कि इस प्रोग्राम का मकसद बच्चों के न्यूट्रिशन लेवल को बेहतर बनाना और यह पक्का करना है कि छात्र बिना भूखे पेट स्कूल आएं और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। पहले 'चीफ़ मिनिस्टर ब्रेकफ़ास्ट स्कीम' के नाम से जाने जाने वाले इस प्रोग्राम का नाम जुलाई में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के नाम पर 'पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफ़ास्ट स्कीम' कर दिया गया था। मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों में इसे लागू नहीं किया जाएगा। योजना के तहत उपमा, खिचड़ी और पोंगल जैसे पौष्टिक पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। इसमें सप्ताह में दो बार मोटे अनाज से बने व्यंजन भी शामिल किए जाएंगे। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में अब शराब की दुकानों पर अब नहीं चलेगा मनमाना पहनावा, 15 नवंबर से वर्दी जरूरी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वृहद चेन्नई निगम 447 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में अपनी एकीकृत रसोई के माध्यम से इस योजना को लागू करेगा। नगर प्रशासन निदेशालय अन्य नगर निगमों, नगरपालिकाओं और उनसे सटे टाउनशिप क्षेत्रों के 2,150 सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में एकीकृत रसोई के माध्यम से इस कार्यक्रम को संचालित करेगा। वहीं, तमिलनाडु महिला विकास निगम ग्रामीण क्षेत्रों, टाउनशिप क्षेत्रों और उनसे सटे ग्रामीण इलाकों के 12,857 सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में इसे लागू करेगा। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘संबंधित विद्यालयों में स्वयं सहायता समूहों के सदस्य नाश्ता तैयार करेंगे और विद्यार्थियों को परोसेंगे। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, पोषण, स्कूल में उपस्थिति और सीखने के पहलुओं को एकीकृत करते हुए स्कूल शिक्षा की नींव को और मजबूत करने के लिए इस योजना का विस्तार किया जा रहा है।
कुमार विश्वास की फैमिली के बारे में आप कितना जानते हैं?
कवि कुमार विश्वास की दो बेटियां अग्रता और कुहू शर्मा हैं, जो शोबिज से अलग क्षेत्रों में सक्रिय हैं। अग्रता ने बिजनेस मैनेजमेंट और फैशन मार्केटिंग की पढ़ाई की है और 2025 में उदयपुर में शादी की। कुहू ने साइकोलॉजी की पढ़ाई की और काउंसलिंग मनोवैज्ञानिक हैं।
यहां अब एक्सप्रेस और डीलक्स बसों में भी महिलाएं फ्री में कर सकेंगी सफर, जानें किसके लिए है ये योजना
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य में 2 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की महत्वाकांक्षी योजना वेट्री पयनम (Vetri Payanam) के विस्तार की तैयारियों की समीक्षा की. जानिए, योजना से जुड़े नियम, बस रूट और इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग सिस्टम (ETM) की पूरी जानकारी.
दिल्ली के बाद लेफ्ट-कांग्रेस के गढ़ में भी फहरा भगवा, ABVP को मिली जीत
केरल के यूनिवर्सिटी चुनावों में SFI ने अपना दबदबा बरकरार रखा. केरल यूनिवर्सिटी के 71 कॉलेजों में SFI ने 63, जबकि कन्नूर यूनिवर्सिटी के 77 कॉलेजों में 54 कॉलेजों में जीत दर्ज की. पॉलिटेक्निक कॉलेजों और स्कूलों में भी SFI ने बड़ी संख्या में जीत हासिल की.
राज्यसभा की 12 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान, यूपी की 10 सीटों पर दिलचस्प मुकाबले के आसार
उत्तर प्रदेश में जिन 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, उनका कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। इन सीटों पर मौजूदा समय में भाजपा के पास आठ, समाजवादी पार्टी के पास एक और बहुजन समाज पार्टी के पास एक सीट बताई गई है।
60 KM का माइलेज, 76 हजार कीमत, ये स्कूटर है बाजार का बेताज बादशाह
August 2026 में भारत में 7.11 लाख से अधिक स्कूटर्स की बिक्री हुई. 30% मार्केट शेयर के साथ Honda Activa नंबर-1 पर रही. आइए आपको इसकी कीमत और बाकी डिटेल्स के बारे में बताते हैं.
BSF जवान ने की थी पत्नी की हत्या, पहले नौकरी गई, अब मिली उम्रकैद की सजा
मुजफ्फरनगर की अदालत ने पत्नी आकांक्षा की हत्या के मामले में निलंबित BSF जवान मनोज कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. आरोपी ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से हत्या कर इसे सड़क हादसा बताया था.
जिस प्रोफेसर से छीना पद, उसके समर्थन में उतरे सुधींद्र कुलकर्णी
IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन की लिस्ट बढ़ती जा रही है. अब उनके समर्थन में लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता सुधींद्र कुलकर्णी सामने आए हैं. उन्होंने प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज SC/ST एक्ट के मामले को वापस लेने की मांग की है.
चुकंदर को चेहरे पर कैसे लगाएं? शहनाज हुसैन ने बताया घर पर चुकंदर की क्रीम बनाने का आसान तरीका
ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन ने चुकंदर की क्रीम बनाने का आसान तरीका बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
IIT Bombay छात्र Sahil Wakode की मौत मामले में Crime Branch ने खंगाले CCTV फुटेज
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने यहां बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या से पहले की गतिविधियों का पता लगाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-मुंबई) के परीक्षा सभागार, परिसर क्षेत्र और छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालाना शुरू किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आईआईटी (मुंबई) में ऊर्जा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के दूसरे साल का बीटेक विद्यार्थी वाकोडे 18 सितंबर की शाम को छात्रावास के अपने कमरे में फंदे पर लटका मृत मिला था। यह घटना ‘मिड-सेमेस्टर’ परीक्षा के दौरान उसे ‘चैटजीपीटी’ का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई। आईआईटी परिसर में विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद यह मामला आगे की जांच के लिए 19 सितंबर को अपराध शाखा को सौंपा गया था। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा सभागार के सीसीटीवी कैमरों में वाकोडे की गतविधियां रिकॉर्ड हुईं। कथित रूप से नकल करते हुए पकड़े जाने के बाद एक प्रोफेसर उसके पास आए और उसे दूसरे विद्यार्थियों से दूर ले गए। इसके बाद के फुटेज में वाकोडे को परीक्षा सभागार से निकलने के बाद परिसर से होते हुए छात्रावास के अपने कमरे तक जाते हुए देखा गया। एक अधिकारी ने बताया कि उसके बाद उसे अपने कमरे से बाहर निकलते हुए नहीं देखा गया। बाद में वह छात्रावास के अपने कमरे में फंदे पर मृत लटका हुआ मिला। जांचकर्ता वाकोडे की गतिविधियों का पता लगाने और घटना से पहले की घटनाओं का क्रम समझने के लिए संस्थान के कई स्थानों से कैमरे के फुटेज इकट्ठा कर रहे हैं और उनका मिलान कर रहे हैं। वाकोडे की आत्महत्या के बाद आईआईटी परिसर में विरोध-प्रदर्शन हुए, जिसके चलते पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी। छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके आंदोलन का मकसद अकादमिक गड़बड़ियों का बचाव करना नहीं, बल्कि व्यवस्था से जुड़ी बड़ी समस्याओं को उजागर करना और संस्थागत सुधारों की मांग करना है। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी निदेशक को मांगों की एक सूची सौंपी है। डायरेक्टर ने उनकी चिंताओं को स्वीकार किया और एक तय समय-सीमा के भीतर उन्हें लागू करने का भरोसा दिलाया।
'छठी मैया' गाने को मिल रहे प्यार पर खुश हुईं तमन्ना भाटिया, बोलीं- मेकर्स ने हर चीज का रखा ध्यान
अभिनेत्री तमन्ना भाटिया आगामी फिल्म 'द वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' में नजर आने वाली हैं।
लंबी छुट्टी नहीं, छोटी-छोटी ट्रिप्स! Gen Z ने कैसे बदला ट्रैवल ट्रैंड?
Gen Z के बीच ट्रैवल का तरीका बदल रहा है. Airbnb की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 10 में से 7 युवा एक लंबी सालाना छुट्टी के बजाय तीन छोटी ट्रिप पसंद करते हैं. 95% चाहते हैं कि यात्रा पर्सनल और अलग हो, जबकि 87% मानते हैं कि उनका ट्रैवल स्टाइल उनकी पर्सनैलिटी दिखाता है. क्या अब साल में एक बड़ी छुट्टी का इंतजार पुराना हो गया है?
होम थियटर के साथ सीक्रेट रिकॉर्डिंग रूम! महल है अदनान का घर
सिंगर अदनान सामी का मुंबई वाला घर किसी महल से कम नहीं है. पियानो रूम, चांदी के एंटीक शोपीस, बीथोवेन की मैनुस्क्रिप्ट और होम थिएटर से सजा ये घर किसी राजमहल से कम नहीं है. देखे इनसाइड फोटोज.
दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास नाबालिग से गैंगरेप, 18 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार
कालकाजी मंदिर और लोटस टेंपल के पास भारी भीड़ रहती है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बावजूद भी मंदिर के पास लड़की के साथ हुई गैंगरेप की घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है.
सीएम विजय ने तमिलनाडु में 'पेरुंथलैवर कामराजार नाश्ता योजना शुरू' की शुरुआत कर दी है. जिसमें स्कूली बच्चों को अब हर दिन स्पेशल नाश्ता दिया जाएगा. सीएम विजय ने योजना की शुरुआत करते हुए खुद बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर नाश्ता किया.
कब से शुरू होंगे पितृ पक्ष? नोट करें श्राद्ध की सभी तिथियां
Pitra Paksha 2026: पितृपक्ष में पूर्वजों को याद करके दान धर्म करने की परंपरा है. हिन्दू धर्म में इन दिनों का खास महत्व है. पितृ पक्ष पर पितरों की मुक्ति के लिए कर्म किए जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ नाराज हो जाएं तो घर की तरक्की में बाधाएं उत्पन्न होने लगती हैं. यही कारण है कि पितृ पक्ष में पितरों को खुश करने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्राद्ध किए जाते हैं.
Rajya Sabha Election: UP और उत्तराखंड की 11 सीटों पर 16 अक्टूबर को वोटिंग, आयोग ने जारी किया शेड्यूल
चुनाव आयोग ने मंगलवार (22 सितंबर) को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनावों और पश्चिम बंगाल की एक सीट के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया। आयोग के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। आपको बता दें कि यूपी और उत्तराखंड से 11 सांसद रिटायर हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: ओम प्रकाश राजभर ने Modi का नाम लेकर कर दिया बड़ा दावा, क्या वाकई UP के चार टुकड़े होने वाले हैं? पूरा शेड्यूल इस प्रकार है: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 29 सितंबर, 2026 (मंगलवार) नॉमिनेशन की आखिरी तारीख: 6 अक्टूबर, 2026 (मंगलवार) नॉमिनेशन की जांच: 7 अक्टूबर, 2026 (बुधवार) उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख: 9 अक्टूबर, 2026 (शुक्रवार) वोटिंग की तारीख: 16 अक्टूबर, 2026 (शुक्रवार) सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक वोटों की गिनती: 16 अक्टूबर, 2026, शाम 5:00 बजे से चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की आखिरी तारीख: 19 अक्टूबर, 2026 (सोमवार) उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के 10 सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। इनमें से आठ सीटें अभी बीजेपी के पास हैं, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पास एक-एक सीट है। इस साल नवंबर में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के दस सदस्य रिटायर हो रहे हैं: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिनेश शर्मा, हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, बनवारी लाल वर्मा, बृज लाल, नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी और गीता शाक्य, साथ ही समाजवादी पार्टी (SP) के राम गोपाल यादव और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के रामजी गौतम। वहीं, उत्तराखंड से बीजेपी के नरेश बंसल भी इस साल नवंबर में राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। दिनेश शर्मा (BJP) हरदीप सिंह पुरी (BJP) अरुण सिंह (BJP) बनवारी लाल वर्मा (BJP) बृज लाल (BJP) नीरज शेखर (BJP) सीमा द्विवेदी (BJP) गीता शाक्य (BJP) राम गोपाल यादव (SP) रामजी गौतम (BSP) उत्तराखंड नरेश बंसल (BJP) इसे भी पढ़ें: Jamui घटना पर भड़कीं Mamata Banerjee, BJP पर साधा निशाना पश्चिम बंगाल में एक सीट के लिए उपचुनाव उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 11 सीटों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की एक सीट के लिए भी उपचुनाव होगा। पश्चिम बंगाल की यह सीट 16 जुलाई, 2026 को रुक्मिणी मल्लिक उर्फ कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उनका कार्यकाल असल में 2 अप्रैल, 2032 तक चलने वाला था।
नवरात्र से पहले 'Rent A Garba Partner' पोस्ट वायरल, क्या Gen Z अकेलेपन की गिरफ्त में है?
साल 2026 में नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं, लेकिन इससे कुछ समय पहले वायरल हुई 'Rent A Garba Partner' पोस्ट ने युवाओं में बढ़ते अकेलेपन पर चर्चा छेड़ दी है. जानिए अकेलापन मानसिक और शारीरिक सेहत को कैसे प्रभावित कर सकता है.
पढ़ें 22 सितंबर 2026 की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
न्यूयॉर्क में भारत और वाइसेग्राड ग्रुप यानी V फोर के बीच पहली हाई लेवल बैठक हुई. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसे ऐतिहासिक मौका बताया.
1 कप चावल से बनाएं यूपी-एमपी स्पेशल 'महेरी', मिनटों में होगी तैयार
बुंदेलखंड इलाके में एक खास देसी डिश खूब बनाई जाती है, जो फटाफट तैयार हो जाती है. इस डिश को चावल और मट्ठा से बनाया जाता है और लोग इसे बड़े मजे से खाते हैं. आइए घर पर बुंदेलखंड का फेमस महेरी बनाने का तरीका बताते हैं.
महाराष्ट्र में डंपर माफिया की हिमाकत, पुलिस वाले को एक किलोमीटर तक घसीटता रहा!
महाराष्ट्र के सतारा में बालू माफिया की हिमाकत. पूछताछ से भड़का. एक किलोमीटर तक डंपर से घसीटता रहा.
Hanuman Ansh Box Office Collection: विशाल चतुर्वेदी के डायरेक्शन में बनी हनुमान अंश को दर्शकों से खूब प्यार मिल रहा. इसका नतीजा ये है कि 46वें दिन भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है.
'कप्तानी के चक्कर में बर्बाद हो रहा है बाबर आजम का करियर!'
बाबर आजम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान फैन्स को बेहद निराश किया. बल्लेबाजी के साथ-साथ उनकी कप्तानी भी फ्लॉप रही. बाबर द्वारा लिए गए फैसलों पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं.
कांग्रेस को लेकर सपा ने बदली रणनीति, इमरान को उसी भाषा में जवाब देने का दांव
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की रस्साकशी अब इमरान मसूद और इकरा हसन की तीखी जुबानी जंग में बदल गई है. मसूद के अल्टीमेटम के जवाब में सपा ने अपनी युवा सांसद इकरा हसन को फ्रंटफुट पर उतारकर कांग्रेस को साफ संदेश दे दिया है.
कोर्ट से पहले 50% पेमेंट! चालान के नए नियम पर क्यों भड़के वकील
Traffic Challan Rule: वकीलों के मुताबिक, चालान से जुड़े विवाद पर अंतिम फैसला न्यायपालिका का विषय होना चाहिए. इसी वजह से दिल्ली की जिला अदालतों के बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने इस बदलाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
Elections announced for 11 Rajya Sabha seats across two states: Election Commission releases schedule- दो राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की एलान: चुनाव आयोग ने जारी किया शेड्यूल, 16 अक्तूबर को होगा मतदान
बिहार की तर्ज पर UP में कांग्रेस का EBC दांव, ठेकों में 50% कोटे का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले कांग्रेस ने अतिपिछड़ा वर्ग को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें कानूनी सुरक्षा के साथ सरकारी कामकाज में हिस्सेदारी बढ़ाने की बात भी है. यह प्रस्ताव बिहार में किए गए EBC वादों की तर्ज पर तैयार किया गया है.
Zerodha success story: न कोई बड़ा निवेशक और न ही विज्ञापनों पर फालतू खर्च, फिर भी हर साल हजारों करोड़ का मुनाफा. पढ़िए जेरोधा के फाउंडर 10वीं पास निखिल और उनके भाई नितिन कामत की वो अनसुनी कहानी.
किचन में कॉकरोच ने कर रखा है परेशान? ट्विंकल खन्ना का ये देसी जुगाड़ आएगा आपके काम
रसोई में कॉकरोच और चींटियों से परेशान हैं? केमिकल वाले स्प्रे से सेहत को नुकसान हो सकता है. ट्विंकल खन्ना का बताया ये देसी जुगाड़ अपनाएं, किचन रहेगा साफ और कीड़े हो जाएंगे गायब.
UPI चार्ज से आम आदमी की जेब को कितना झटका? वित्त मंत्री ने दी सफाई
UPI Payments MDR को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार फिर से साफ किया है कि ये न तो कोई टैक्स है और न ही सेस है. यह सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा सिस्टम को बेहतर बनाने और अच्छी सर्विस देने के लिए लगाया जाने वाला चार्ज है, छोटे ट्रांजैक्शन के लिए कोई चार्ज नहीं है.
1599 में 22 सितंबर को East India Company की नींव रखने पर लंदन में हुई थी बैठक
इस बात को कौन नहीं जानता कि ब्रिटेन की ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना भारत के साथ कारोबार के लिए की गई थी, लेकिन भारत की धन धान्य से भरपूर रियासतों की आपस की लड़ाई और मजबूत नेतृत्व की कमी को देखते हुए कंपनी की साम्राज्यवादी आकांक्षाएं जाग गईं और उसने भारत का इतिहास और भूगोल सब बदलकर रख दिया।ईस्ट इंडिया कंपनी के निर्माण में 22 सितंबर का एक खास महत्व है। दरअसल 1599 में वह 22 सितंबर का ही दिन था जब लंदन में 21 कारोबारियों की एक बैठक हुई थी। इस बैठक में भारत के साथ कारोबार करने के लिए एक कंपनी के गठन पर विचार किया गया। इसे ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना की दिशा में पहला कदम कहा जा सकता है।22 सितंबर 1993 को अमेरिका के अलबामा में एमट्रैक सनसेट लिमिटेड ट्रेन पटरी से उतरकर नदी में गिर गई। बिग बायू कैनॉट नामक इस रेल हादसे में 47 यात्रियों की मौत हो गई थी।यह दुर्घटना किसी तकनीकी खराबी या रेलवे की गलती से नहीं, बल्कि एक नाव (टगबोट) की टक्कर की वजह से हुई थी। कोहरे के कारण रास्ता भटक कर मावविला नाम की एक टगबोट बिग बायू कैनॉट के रेल पुल से टकरा गई थी जिससे रेल की पटरियां अपनी जगह से करीब तीन फुट खिसक गईं और मुड़ गईं। इस टक्कर के ठीक आठ मिनट बाद, एमट्रैक की सनसेट लिमिटेड ट्रेन 110 किमी/घंटा की रफ्तार से इस पुल पर पहुंची और पटरी से उतरकर नदी में जा गिरी। देश दुनिया के इतिहास में 22 सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है- 1539 : सिख संप्रदाय के पहले गुरु नानक देव जी का करतारपुर में निधन। पाकिस्तान स्थित इस जगह को अब डेरा बाबा नानक के नाम से जाना जाता है।1599 : लंदन के फाउंडर हॉल में 21 व्यापारियों की बैठक हुई जिसमें भारत के साथ कारोबार के लिए एक नयी कंपनी स्थापित करने के बारे में चर्चा की गई।1903 : अमेरिकी नागरिक इटालो मार्चिओनी को आइसक्रीम कोन के लिए पेटेंट मिला।1914 : मद्रास बंदरगाह पर जर्मनी के युद्धपोत इम्देन ने बमबारी की।1949 : सोवियत संघ ने परमाणु बम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।1955 : ब्रिटेन में टेलीविजन का व्यावसायीकरण शुरू।1965 : भारत पाकिस्तान के बीच संयुक्त राष्ट्र की पहल पर युद्ध विराम।1977 : विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ी पेले के नेतृत्व में अमेरिका की कोसमोस फुटबॉल टीम दो प्रदर्शनी मैच खेलने के लिए कलकत्ता पहुंची।1979 : जमात-ए-इस्लाम संगठन के संस्थापक सदस्य मौलाना अब्दुल अली मौदूदी का निधन।1980 : ईरान और इराक के बीच चल रहा सीमा संघर्ष युद्ध में बदला।1988 : कनाडा सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध में जापान और कनाडा के नागरिकों की नजरबंदी के लिए माफी मांगी।1992 : संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बोस्निया और हरजेगोविना के बीच युद्ध में भूमिका के लिए यूगोस्लाविया को निष्कासित किया।1993 : अमेरिका के अलबामा में एमट्रैक सनसेट लिमिटेड ट्रेन पटरी से उतरकर नदी में गिर गई जिससे 47 यात्रियों की मौत हो गई थी।1995 : अमेरिकी वायु सेना का ई-3 सेंट्री विमान (युक्ला 27) उड़ान भरते ही हंसों के झुंड से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे 2 कनाडाई और 22 अमेरिकी सैनिक मारे गए।2006 : जर्मनी के लाथेन में एक मैग्लेव ट्रेन की टक्कर रखरखाव वाहन से हो गई, जिससे 23 लोगों की मृत्यु हो गई।2011 : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी का निधन।2012 : उत्तरी सिक्किम में भारी मानसूनी बारिश के कारण भीषण भूस्खलन हुआ था, जिसमें 24 लोगों की मृत्यु हो गई थी और कई अन्य लापता हो गए थे।2013 : पाकिस्तान के पेशावर में चर्च पर हमला, 127 से अधिक लोगों की मौत, 250 से अधिक घायल।2018 : तंजानिया में विक्टोरिया झील में एक यात्री नौका ‘एम वी न्येयेरे’ के पलटने से 220 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसी दिन ईरान में वार्षिक सैन्य परेड पर आतंकवादियों का हमला, महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 29 लोग मारे गए। हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली।2024 : ईरान में कोयला खदान में मीथेन गैस रिसाव से विस्फोट, कम से कम 34 मजदूरों की मौत।
दिल्ली से लेकर बिहार के जमुई तक... बेटियों की सुरक्षा पर सवाल, हैवानों ने किया शर्मसार
दिल्ली के कालकाजी और किशनगंज में नाबालिग से यौन उत्पीड़न, बिहार के जमुई में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले सामने आए. तीनों घटनाओं ने बेटियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
यूपी की 10 और उत्तराखंड की एक सीट पर राज्यसभा चुनाव का एलान, 16 अक्टूबर को आएंगे नतीजे - Jagran
<

34 C
