MP Flood News Today: MP के इन संभागों में बाढ़ से हाहाकार, दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे CM मोहन
MP Flood News Today: MP के इन संभागों में बाढ़ से हाहाकार, दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे CM मोहन
CJP ने BJP की Gen Z मुहिम पर निशाना साधा, नितिन नवीन और स्मृति ईरानी को शामिल करने पर सवाल उठाए
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने BJP के 'जेन Z आउटरीच प्रोग्राम' की आलोचना की है।
प्रधानमंत्री का 2047 विकसित भारत का संकल्प, आपके बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव केशव प्रसाद मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य ने आज रामांशा, नैनी, प्रयागराज में आयोजित ‘टेस्ट ऑफ उत्तर प्रदेश कॉन्क्लेव’ को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्वाद, पारंपरिक खान-पान और विशिष्ट व्यंजनों को देश-दुनिया तक पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया।श्री मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध खान-पान की परंपरा के लिए भी पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों के पारंपरिक व्यंजन वहां की संस्कृति, कृषि, स्थानीय संसाधनों और जीवनशैली से जुड़े हुए हैं। ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ पहल उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद के पारंपरिक स्वाद और विशिष्ट खान-पान को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना तथा प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराना भी है। जब किसी जनपद के विशिष्ट व्यंजन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलता है तो उसका सीधा लाभ उससे जुड़े किसानों, खाद्य प्रसंस्करण करने वाले उद्यमियों, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और छोटे कारोबारियों तक पहुंचता है।श्री मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान उसके गांवों, किसानों, कारीगरों, महिलाओं और युवाओं से है। डबल इंजन की सरकार इन्हीं वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में जिस गति और व्यापक स्तर पर विकास कार्य हुए हैं, उतना विकास पिछली सरकारों के कार्यकाल में नहीं हुआ। आज देश में सड़क, रेल, एयरपोर्ट, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्योग, रोजगार, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के सामने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प रखा है। यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण सरकार अकेले नहीं कर सकती। इसके लिए किसान, मजदूर, व्यापारी, उद्यमी, युवा, महिलाएं और समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका निभाए।उन्होंने उपस्थित लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि “आज हम जो श्रमदान, सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य कर रहे हैं, वह केवल आज के लिए नहीं है। आज किया गया श्रमदान आपके बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव तैयार करेगा।” हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा भारत बनाना है, जहां अवसरों की कमी न हो, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार मिले, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले और गांवों की प्रतिभा को वैश्विक मंच प्राप्त हो।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। स्थानीय खाद्य उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों के क्षेत्र में भी महिला समूहों को आगे बढ़ाकर उन्हें उद्यमिता से जोड़ा जा सकता है। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ेगी और परिवार के साथ-साथ गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्थानीय स्वाद स्थानीय रोजगार का माध्यम बने और उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन प्रदेश की आर्थिक एवं सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बनें। उन्होंने कॉन्क्लेव में प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के स्वाद को देश-दुनिया तक पहुंचाने वाले सभी लोग प्रदेश की समृद्ध विरासत के ब्रांड एंबेसडर हैं।
अंतरिक्ष में रीफ्यूलिंग स्टेशन बनाने और कचरा हटाने पर काम कर रहे भारतीय स्टार्टअप
भारतीय स्पेस स्टार्टअप अब अंतरिक्ष में रीफ्यूलिंग, कचरा हटाने और स्पेस फार्मा जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिन्हें पीएम मोदी का पूरा समर्थन मिला है।
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Durand Cup 2026 Final: 22 साल का इंतजार खत्म ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से हराया!
Durand Cup 2026 Final: 22 साल का इंतजार खत्म ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से हराया!
UP में 17 IAS के ट्रांसफर: देर रात चली तबादला एक्सप्रेस, आईएएस संगीता सिंह को मुरादाबाद की कमान
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 17 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इस तबादला सूची में अलीगढ़ की मंडलायुक्त संगीता सिंह को मुरादाबाद का नया मंडलायुक्त बनाया गया है, वहीं प्रतीक्षारत IAS अधिकारी अमृत पाल कौर को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है.
दिल्ली में FMGE परीक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन, NDTV से क्या बोले छात्र?
FMGE परीक्षा को लेकर छात्रों ने आरोप लगाया हैं कि परीक्षा का पैटर्न बदल दिया गया. इसी वजह से वे इस बार की परीक्षा को क्वालिफाई नहीं कर पाए.
'एक इंच जमीन भी नहीं देंगे', खुली जमीन बचाने BMC तक मार्च करेंगे आदित्य ठाकरे
खुले मैदानों और सार्वजनिक जगहों को बचाने को लेकर शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने 'मुंबई मैदान बचाओ तिरंगा आंदोलन' का नेतृत्व किया. उन्होंने बिल्डरों और ठेकेदारों को जमीन न देने की मांग की. इसके साथ ही कहा कि जरूरत पड़ी तो बीएमसी मुख्यालय तक मार्च किया जाएगा.
मॉनसून की मार से मैदान, पहाड़ सब बेहाल, देखें कैसे मुश्किल में जान
देश के कई राज्यों में मॉनसून अभी भी पूरी तरह सक्रिय है. मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं. उत्तर प्रदेश में नदियां उफान पर हैं, सड़कों पर सैलाब है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ लैंडस्लाइड ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. आखिर मॉनसूनी आफत अभी और कितना कहर बरपाएगी? देखें.
एलपीजी से पीएनजी अपनाने की गति बढ़ाएं, केंद्र का राज्यों को निर्देश
पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एलपीजी से पीएनजी में बदलाव की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। इसका उद्देश्य सुरक्षित और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना तथा आपूर्ति बाधाओं को कम करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर जेन-जी और निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की सराहना की, इसे भारत की वैश्विक बढ़त और निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बताया।
IPS केके बिश्नोई बिजनौर पुलिस अधीक्षक तक की सक्सेस स्टोरी प्रेरणादायी है. राजस्थान बॉर्डर के एक गांव में पैदा होने से लेकर 8वीं बोर्ड में पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त करने और फिर UPSC में 174वीं रैंक लाकर यूपी कैडर में आईपीएस बने. संभल SP रहते हुए माफिया की कमर तोड़ी. पढ़िए उनकी पूरी कहानी.
पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क की साजिश बेनकाब, पंजाब-चंडीगढ़ को दहलाने का था प्लान
पाकिस्तान में बैठे आतंकी भारत में हमले की किस तरह से साजिश रच रहे हैं, इसका खुलासा पंजाब-चंडीगढ़ पुलिस ने किया है. बब्बर खालसा इंटरनेशनल के तीन आतंकी पकड़े गए हैं.
आगर-मालवा का एक हजार साला पुराना बाबा बैजनाथ मंदिर पूजा और आस्था की कहानी भर नहीं है, यहां का हर पत्थर इतिहास को समेटे हुए है. मान्यता के अनुसार, 1880 में बाबा के चमत्कार का अंग्रेजी हुकूमत के कर्नल मार्टिन ने जीवन अहसास किया था.
ट्रंप ने पिछले हफ़्ते ईरान की अर्थव्यवस्था को अलग-थलग करने के लिए एक नए अभियान की घोषणा की थी. उन्होंने तेहरान की मदद करने या उसके साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को गंभीर आर्थिक नतीजों की चेतावनी दी थी.
बांग्लादेश में हिंदू परिवार की निर्मम हत्या, बंद घर में मिले 4 शव, इस बात से नाराज थे आरोपी
Murder of a Hindu family in Bangladesh : बांग्लादेश के रंगपुर में याबा नशे का विरोध करने पर हिंदू परिवार के एक रिटायर्ड शिक्षक समेत परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिवार के चारों लोगों के शव शनिवार रात बंद घर से मिले ...
24 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग, ओडिशा में डूबे जहाज के 22 लोगों की तलाश जारी
ओडिशा के पारादीप से चीन जा रहे पनामा की कार्गो शिप के डूबने के बाद 22 चालक दल के सदस्यों की तलाश जारी है. भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना 24 घंटे से उन्हें ढूंढने में जुटी है. दो लोगों को तो बचा लिया गया था, लेकिन बाकी का कोई सुराग नहीं मिला है.
आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री करुमुरी नागेश्वर राव को ईडी ने शराब परिवहन में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। वाईएसआरसीपी ने इस गिरफ्तारी को तेदेपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
क्या H1N1 का कोई नया वेरिएंट सामने आया? ICMR ने बताया कितना अलर्ट रहने की जरूरत
आईसीएमआर ने स्पष्ट किया है कि H1N1 वायरस (स्वाइन फ्लू) का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
Oris Infrastructure के MD Amit Gupta गिरफ्तार, मुंबई पुलिस ने अमृतसर से पकड़ा
ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अमित गुप्ता को मुंबई पुलिस ने गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड की शिकायत पर दर्ज मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। इसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर-85 स्थित ‘गोदरेज एयर’ परियोजना से जुड़ा है, जिसमें गोदरेज प्रॉपर्टीज और ओरिस साझेदार थे। एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने 17 मार्च को विक्रोली थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 0183/2026 के सिलसिले में गुप्ता को अमृतसर से गिरफ्तार किया। उन्हें 27 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश से जुड़ी विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।
अमेरिका: समुद्र में गिरी कार, भारतीय मूल की छात्रा की मौत
अमेरिका में भारतीय मूल की 19 वर्षीय UC Santa Cruz छात्रा एल्ली रेनी सिंह की कार के चट्टान से प्रशांत महासागर में गिरने से मौत हो गई. हादसे में कार चला रहा पुरुष साथी मामूली चोटों के साथ बच गया. हादसा 13 अगस्त को सांता क्रूज के वेस्ट क्लिफ ड्राइव पर स्टीमर लेन के पास हुआ.
यूपी के सीतापुर में पति-पत्नी और प्रेमी साथ रहने को तैयार
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पति, पत्नी और पत्नी के प्रेमी के रिश्ते का मामला थाने पहुंच गया। अंजू अपने पति शुभम और प्रेमी नितिन दोनों के साथ रहने पर अड़ी हैं, जबकि शुभम भी दोनों के साथ रहने को तैयार है। दंपती के दो बच्चे हैं। परिवार के विरोध के चलते तीनों के बीच समझौते की कोशिश हुई।
कोटा में 5 साल की मासूम बच्ची पर कुत्ते का हमला, सिर-पीठ, हाथ में बुरी तरह नोंचा
आवारा कुत्ते ने 5 साल की बच्ची नमरा पर हमला कर उसे सड़क पर घसीटा और गंभीर रूप से घायल कर दिया. इलाके में लगातार बढ़ रहे कुत्तों के आतंक से लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है.
ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की आशंका से बढ़ा तनाव, तेहरान ने वाशिंगटन को दी कड़ी चेतावनी
अमेरिका द्वारा ईरान पर नए कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
दिल्ली में सड़क हादसा, दो विधायकों समेत 7 लोग घायल
दिल्ली के आईटीओ इलाके में स्विफ्ट कार डिवाइडर से टकरा कर सामने से आ रही इनोवा कार से भिड़ गई. हादसे में 7 लोग घायल हो गए हैं. घटना रविवार 9.30 बजे की है.
दो दिन के दौरे पर लखनऊ क्यों आ रहे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार? जानें पूरा शेड्यूल
यूपी में अब चुनावी हलचल नजर आने लगी है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार और मंगलवार को लखनऊ के दौरे पर रहेंगे.
Ahmedabad Airport पर 83.14 लाख की Gold Chain जब्त, शारजाह से आई महिला गिरफ्तार
शारजाह से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर पहुंची 31-वर्षीय एक महिला यात्री को सीमा शुल्क अधिकारियों ने करीब 500 ग्राम वजन की अघोषित सोने की चेन के साथ गिरफ्तार किया। बरामद सोने की चेन की कीमत करीब 83.14 लाख रुपये बताई गई है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि बाद में महिला को जमानत पर रिहा कर दिया गया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, यात्री की जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर अहमदाबाद सीमा शुल्क विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) के अधिकारियों ने रविवार को एयर अरबिया की उड़ान संख्या जी9-418 से शारजाह से अहमदाबाद पहुंची भावनगर की एक महिला यात्री को रोका। महिला ने 499.540 ग्राम वजन वाली सोने की चेन को अपने ऊंचे गले वाले स्वेटर के अंदर छिपा रखा था। बयान में कहा गया है कि सोने की चेन जब्त कर महिला को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। मामले की जांच की जारी है।
सावन का आखिरी सोमवार कल, ये 3 काम करने से दूर होगी शनि से जुड़ी बाधा
24 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार पड़ रहा है. ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र ने बताया है कि जो लोग शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा से परेशान चल रहे हैं, वो इस आखिरी सोमवार को कुछ खास उपाय कर सकते हैं. यह उपाय करने के बाद आपको शनि से जुड़ी हर समस्या से राहत मिल सकती है.
ट्रंप टैरिफ: अमेरिका के साथ कनाडा की नाकाम ट्रेड बातचीत से भारत क्या सीख सकता है?
कनाडा ने अमेरिका के साथ अपनी व्यापार वार्ता रद कर दी, क्योंकि वाशिंगटन ने रियायतों के बदले बहुत कम छूट दी, जिससे कनाडा की मैन्युफैक्चरिंग और संप्रभुता प्रभावित हो सकती थी।
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर FSSAI सख्त, मार्शे रिटेल का लाइसेंस किया रद
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के लिए मार्शे रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
'महिलाओं के सशक्तीकरण की इतनी चिंता है तो...', स्मृति इरानी ने राहुल गांधी को दी बड़ी चुनौती
स्मृति इरानी ने राहुल गांधी से महिला सशक्तिकरण पर उनके बयानों को साबित करने के लिए संसद में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का समर्थन करने को कहा।
Gujarat में नेतृत्व परिवर्तन की भ्रामक पोस्ट पर FIR, पत्रकार पवन त्यागी पर केस
अहमदाबाद अपराध शाखा ने गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन का संकेत देने वाली झूठी और भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर कथित तौर पर पोस्ट करने के आरोप में एक पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, इस पोस्ट का उद्देश्य मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की प्रतिष्ठा तथा मुख्यमंत्री के संवैधानिक पद को नुकसान पहुंचाना था। अपराध शाखा की ओर से शनिवार को जारी बयान के अनुसार, खुद को प्यारा हिंदुस्तान न्यूज नेटवर्क और द न्यूज एक्सक्लूसिव मंच का कार्यकारी संपादक बताने वाले पवन त्यागी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। त्यागी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कथित तौर पर लिखा था, ‘‘बड़ी ब्रेकिंग खबर: गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा और मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल को राज्यपाल बनाया जाएगा।’’पुलिस ने बताया कि यह कथित फर्जी और मनगढ़ंत पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336(4), 353(1) और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज किया गया।
स्वास्थ्य मंत्रालय का बड़ा फैसला, अब लेबल पर छापना होगा स्टरलाइजेशन सुविधा का लाइसेंस नंबर
स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिकित्सा उपकरणों पर स्टरलाइजेशन सुविधा का लाइसेंस नंबर छापना अनिवार्य कर दिया है, जिससे पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी।
चिराग पासवान के विधायक के घर पर पुलिस की रेड, पूरा मामला क्या है?
दावा किया जा रहा है कि इस मामले में विधायक और उनके भाई सोनू सिंह की भूमिका भी संदिग्ध है. पुलिस ने सोनू सिंह की तलाश में विधायक के आवास पर दबिश दी थी.
'हिंदू समाज को कठघरे में न खड़ा करें', राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान पर VHP का पलटवार
विश्व हिंदू परिषद ने राहुल गांधी की मनुस्मृति पर टिप्पणी और छात्राओं से पितृसत्ता खत्म करने के आह्वान की आलोचना की है।
Srinagar Central Jail की दीवार फांदकर दो POCSO कैदी फरार, इनाम घोषित
श्रीनगर की उच्च सुरक्षा वाली केंद्रीय जेल से दो कैदी रविवार को कारागार की सामने वाली दीवार फांदकर कथित तौर पर फरार हो गए। अधिकारियों ने बताया कि दोनों कैदी यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज अलग-अलग मामलों में बंद थे। अधिकारियों के अनुसार, फरार कैदियों की पहचान राजस्थान के सदनपोरा निवासी फरमान खान और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के सांगलन चित्तरगुल निवासी मुख्तार अहमद गुज्जर के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि खान के खिलाफ जम्मू कश्मीर के गांदरबल जिले के लार पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो अधिनियम की धारा तीन और चार के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद उसे इस मामले में 23 जून को जेल भेजा गया था। अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह, गुज्जर के खिलाफ भी श्रीनगर के सौरा पुलिस थाने में इन्हीं धाराओं के तहत अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद उसे 13 अप्रैल को जेल भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि फरार कैदियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि दोनों के जेल से फरार होने की परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ वांछित नोटिस जारी किया है और उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले को इनाम देने की घोषणा की है।
बिहार के दरभंगा में पड़ोसियों की लड़ाई में चाकू से हमला
दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र में पड़ोसियों के विवाद के दौरान चाकूबाजी की घटना सामने आई है। हमले में दीपू साहनी समेत तीन लोग घायल हुए। इलाज के दौरान दीपू की मौत हो गई, जबकि उसके भाई समेत अन्य घायलों का DMCH में उपचार जारी है।
गिनी में बड़ा हादसा, कचरे का पहाड़ ढहने से 22 लोगों की मौत
गिनी की राजधानी कोनाक्री में सबसे बड़े कचरा डंपिंग स्थल पर भारी कचरे का ढेर अचानक गिर गया. इससे कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई. हादसा रविवार सुबह डार एस सलाम इलाके में हुआ. तेज बारिश के कारण मलबा झोपड़ियों पर गिरा. कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है.
गंगा बाढ़ क्षेत्र नियमों में बदलाव पर एनजीटी का केंद्र को नोटिस, याचिकाकर्ता ने उठाए गंभीर सवाल
एनजीटी ने गंगा बाढ़ क्षेत्र के नियमों में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता ने नए संशोधनों को पर्यावरण संरक्षण के खिलाफ बताते हुए गंगा बेसिन के कानूनी संरक्षण को कमजोर करने का आरोप लगाया है।
1 कप बेसन में ये चीज मिलाकर लगाएं, चेहरे पर आएगा गुलाबी निखार
How to get glowing skin: अगर आपकी स्किन पर भी उम्र से पहले झुर्रियों से भरने लगी है, वो डल, ढीली और रूखी-सूखी दिखने लगी है तो इसके लिए आपको पार्लर जाकर महंगा फेशियल कराने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको आपके चेहरे की खोई हुई चमक वापस लाने का एक आसान घरेलू नुस्खा बता रहे हैं.
Odisha Flood: कालाहांडी में हाती नदी के उफान से गांवों में घुसा पानी, स्कूल बंद
ओडिशा में भारी बारिश के बीच रविवार को राज्य के कालाहांडी जिले में हाती नदी के तटबंधों में अचानक बाढ़ आने की सूचना मिली। अधिकारियों ने बताया कि इस स्थिति को देखते हुए दो अन्य जिला प्रशासन ने विद्यालयों में अगले दो दिन के लिए छुट्टी की घोषणा कर दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में 26 अगस्त तक भारी बारिश होने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि इंद्रावती परियोजना के मंगलपुर बैराज से 412 क्यूसेक पानी हाती नदी में छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि हाती नदी पहले से ही उफान पर थी, जिसकी वजह से आज सुबह इसके तटबंधों में अचानक बाढ़ आ गई। एक अधिकारी ने बताया कि कालाहांडी जिले के कलमपुर प्रखंड के तहत तलपाड़ा, बांकापाला और जामपदार गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया। प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विजय कुमार मरांडी के नेतृत्व में प्रशासन ने पारुआगुडा और बोडलबंध गांवों से 293 लोगों को सुरक्षित निकाला और उन्हें मुफ्त राशन उपलब्ध कराया। बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए विभिन्न जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि नवरंगपुर के सभी विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र तथा भद्रक के संवेदनशील इलाकों के 89 विद्यालय सोमवार को बंद रहेंगे। राज्य के कई इलाकों में आज सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। इनमें से कम से कम दो स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
नाले में डूबा परिवार का इकलौता चिराग, शव मिलते ही मां का रो-रोकर बुरा हाल
बांदा के अरबई गांव में रविवार को बारिश के पानी से उफनाए नाले में दो मासूम डूब गए. शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से एक बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश के बाद शव बरामद हुआ. इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मातम छा गया.
प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, चली वाटर कैनन; देखें पंजाब में कैसे मचा बवाल
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सरकारी कर्मचारियों ने पंजाब में भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. रविवार को भारी तादाद में कर्मचारियों ने भगवंत मान के गांव की ओर कूच किया. इस दौरान उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की जिसे प्रदर्शनकारियों ने तोड़ने की कोशिश की. फिर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. देखें वीडियो.
जयपुर सेंट्रल जेल परिसर में खुलेआम तंबाकू-सिगरेट की बिक्री, निजी कैंटीन पर IG समेत कई अधिकारी तलब
जयपुर सेंट्रल जेल में बिना टेंडर के चल रही निजी कैंटीन, सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है. याचिकाकर्ता का दावा है कि खुलेआम जेल परिसर में तंबाकू और सिगरेट बेचा जाता है.
प्रवर्तन निदेशालय ने वाईएसआर कांग्रेस सरकार के दौरान शराब ढुलाई में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन के एक मामले में रविवार को आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री के. नागेश्वर राव को गिरफ्तार कर लिया।
Navi Mumbai Police ने Panvel में 2.29 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी में 5 को पकड़ा
नवी मुंबई पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये जमीन बेचने के मामले में एक रियल एस्टेट एजेंट समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पनवेल में 2.29 करोड़ रुपये की यह धोखाधड़ी 4,755 वर्ग मीटर के एक भूखंड को बेचने से जुड़ी है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि फरवरी में दर्ज मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रियल एस्टेट एजेंट सूरज वासुदेव शिंदे, बेथेल इजराइली ट्रस्ट के मुख्य न्यासी मोसेस ई. जैकब कोरलेकर और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन्होंने फर्जी दस्तावेज और दूसरे लोगों को असली मालिक बताकर दिवंगत भारतीय-इजराइली मालिकों की जमीन बेचने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, करनजाडे स्थित यह भूखंड भाइयों, नाथन और शालोम एलियाहू चिंचोलकर, का था। दोनों इजराइल चले गए थे और एक भाई की मृत्यु 2011 में जबकि दूसरे की 2016 में हो गई थी। पुलिस ने बताया कि उनके भारत से बाहर रहने का फायदा उठाते हुए गिरोह ने फर्जी पहचान दस्तावेज तैयार किए और दावा किया कि मृतक मालिक मध्य प्रदेश के बड़वानी में रहते थे। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने दूसरे लोगों को मालिक बनाकर, फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और जमीन के जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए वारिसों की सहमति के बिना भूखंड बेच दिया। उन्होंने खरीदारों से 2.29 करोड़ रुपये हड़प लिये। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, जालसाजी और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
फटे-पुराने कपड़ों का फैशन राहु की चाल तो नहीं? ऐसे समझें अशुभ संकेत
फटे-पुराने कपड़े पहनना या उन्हें अस्त-व्यस्त रखना राहु के नकारात्मक पक्ष को बढ़ावा देता है. खासकर फैशन के नाम पर पहने जाने वाले फटे कपड़े व्यक्ति की ऊर्जा और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं. कपड़े केवल शरीर को ढकने का माध्यम नहीं हैं. बल्कि व्यक्ति के रहन-सहन का परिचय भी देते हैं.
चीनी की चाल चल रहा प्याज, कीमत में 76 प्रतिशत की बढ़ोतरी; क्या है वजह?
प्याज की कीमतों में एक महीने में 76% की बढ़ोतरी हुई है, जिसका मुख्य कारण खरीफ बोआई में देरी, रबी फसल की कमजोर आवक और सरकारी बफर स्टॉक में कमी है।
डीजीसीए के पूर्व निदेशक अनिल गिल पर भ्रष्टाचार का शिकंजा, सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर
डीजीसीए के पूर्व उड़ान प्रशिक्षण निदेशक अनिल गिल और चार विमानन कंपनियों पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है।
दुष्कर्म की कोशिश का विरोध करने पर घरेलू सहायिका पर हमला, आरोपी गिरफ्तार
कोलकाता के आनंदपुर थाना क्षेत्र स्थित एक आवासीय परिसर में रविवार दोपहर घरेलू सहायिका से दुष्कर्म की कोशिश का आरोप सामने आया. महिला के विरोध करने पर साथ काम करने वाले रसोइये ने उस पर रसोई में रखे धारदार हथियार से हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
Gurugram के Burger King रेस्तरां में AC कंप्रेसर फटा, शीशे टूटे पर टला बड़ा हादसा
गुरुग्राम के सेक्टर-14 बाजार में स्थित बर्गर किंग के एक रेस्तरां में एयर कंडीशनर (एसी) का कंप्रेसर फटने से ग्राहकों और आसपास के इलाके में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि शनिवार देर रात हुए इस धमाके के कारण रेस्तरां में कांच से बने साज-सज्जा वाले उपकरण टूटकर पूरे परिसर में बिखर गए। धमाके की आवाज सुनकर पास की दुकानों में मौजूद ग्राहक भी बाहर की तरफ भागे। पुलिस ने बताया कि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है। उसने बताया कि स्थानीय लोगों और रेस्तरां प्रबंधन ने पुलिस तथा दमकल विभाग को घटना के बारे में सूचित किया, जिसके बाद पुलिस की एक गश्ती टीम और भीम नगर फायर स्टेशन से दमकल विभाग की कई टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि एहतियात के तौर पर पुलिस और दमकल अधिकारियों ने रेस्तरां के आसपास के इलाके से लोगों को सुरक्षित हटाया और स्थिति पर काबू पाया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। उसने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
पत्नी ने की पति की खौफनाक हत्या, 35 सेमी तक पेट चीरा; आंतें बैग में भरते देख मकान मालिक रह गया सन्न
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक महिला पर अपने पति की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या करने का आरोप है. पोस्टमार्टम में पेट 35 सेंटीमीटर तक चीरा मिला और मकान मालिक ने महिला को बाहर निकली आंतों को बैग में भरते हुए देखने का दावा किया है.
चंडीगढ़ में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, बस स्टैंड के पास संदिग्ध IED बरामद
चंडीगढ़ के सेक्टर 43 बस स्टैंड के पास संदिग्ध IED और अन्य सामान बरामद होने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की संभावित योजना सामने आई है.
पुलिस ने बताया कि बाद में संदिग्धों ने चोरी किए गए सोने के गहने घर के पास एक मंदिर के पीछे सुनसान जगह पर छिपा दिए थे. संदिग्धों से मिली जानकारी के आधार पर गहने बरामद किए गए.
हेयरफॉल और कमजोरी से मिलेगा छुटकारा! रोज खाएं ये भांंग की चटनी
शरीर में आयरन की कमी से थकान, कमजोरी और हेयरफॉल जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हीमोग्लोबिन के लेवल को सुधारने और एनर्जी बढ़ाने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट की यह स्पेशल भांग के बीज और करी पत्ते की चटनी ट्राई करें. यह स्वादिष्ट चटनी पाउडर प्लांट प्रोटीन, आयरन और हेल्दी फैट्स से भरपूर है.
तेलंगाना: आपस में भिड़े दो पुलिसवाले, मारे थप्पड़-चले डंडे, VIDEO
तेलंगाना के वारंगल में दो पुलिसवाले आपस में भिड़ गए. एक पुलिसकर्मी ने दूसरे को थप्पड़ मारा. इसके बाद माहौल बिगड़ गया और जमकर मारपीट हुई. दरअसल, एक बटालियन कॉन्स्टेबल ने बार में हंगामा किया. जिसके बाद बार वाले ने पुलिस को फोन किया. वहां पहुंचे बीट कॉन्स्टेबल की बटालियन कॉन्स्टेबल से बहस हुई, जो मारपीट में बदल गई. देखें वीडियो.
'सरकार ने पूरे नहीं किए वादे', कॉकरोच जनता पार्टी बोली- तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक...
सीजेपी ने कहा कि इन वादों को अब कमजोर करने, देरी करने, दोबारा मतलब निकालने या उनका अनादर करने की कोई भी कोशिश भरोसे का एक नामंजूर उल्लंघन होगी। इस देश के युवाओं के साथ विश्वासघात होगा।
श्रीनगर सेंट्रल जेल की सुरक्षा में सेंध... 2 आरोपी दीवार फांदकर भागे
श्रीनगर की हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल से POCSO एक्ट के तहत दर्ज अलग-अलग मामलों में बंद दो कैदी रविवार सुबह दीवार फांदकर फरार हो गए. फरार बंदियों की पहचान राजस्थान निवासी फारमान खान और अनंतनाग निवासी मुख्तार अहमद गुर्जर के रूप में हुई है. पुलिस ने दोनों की तलाश तेज कर दी है और सूचना देने वाले को इनाम देने का ऐलान किया है.
AIADMK नेता Palaniswami ने बारिश से बर्बाद फसल पर 30 हजार रुपये मुआवजे की मांग की
अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने रविवार को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) नीत गठबंधन सरकार से डेल्टा जिलों में अचानक हुई भारी बारिश के कारण जलमग्न हुई धान की फसल के लिए किसानों को तत्काल 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की। एक बयान में पलानीस्वामी ने कहा कि पिछले दो दिनों में हुई अप्रत्याशित बारिश के कारण तिरुवरूर और नागपट्टिनम समेत कई जिलों में करीब 2,000 एकड़ में कुरुवई धान की फसल पानी में डूब गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन किसानों ने 12 जून को मेट्टूर बांध से पानी न छोड़े जाने के बाद भूजल पर निर्भर रहकर और कर्ज लेकर खेती की थी, वे अब निराश हैं, क्योंकि उनकी कटाई के लिए तैयार फसलें पानी में डूबी हुई हैं। अन्नाद्रमुक प्रमुख ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए कहा कि कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने समेत चुनावी वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। उन्होंने मांग की कि राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर नुकसान का आकलन किया जाए और सभी प्रभावित किसानों को राहत राशि वितरित की जाए।
Rishikesh में Jagga समेत गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार, जबरन वसूली का था आरोप
उत्तराखंड पुलिस ने कथित रूप से भूमि और पारिवारिक विवादों में हस्तक्षेप करके लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट करने, अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग जैसे संगठित अपराधों में शामिल एक गिरोह के सरगना और तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश निवासी जगजीत उर्फ जग्गा खुद को ‘किंग ऑफ उत्तराखंड’ बताकर लोगों में भय पैदा करता था। पुलिस ने बताया कि जग्गा का लंबा आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ 10 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। गौरतलब है कि जग्गा के नेतृत्व में कुछ लोगों ने नौ अगस्त को शहर में कथित अवैध वसूली में शामिल दो आरोपियों ‘रंगा-बिल्ला’ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ऋषिकेश कोतवाली में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि ‘रंगा-बिल्ला’ का विरोध करने वाले जग्गा के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि कथित वसूली में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले, शहर के विभिन्न स्थानों पर कुछ बैनर और पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें एआई से बनाई गई दो तस्वीरों को कथित तौर पर ‘रंगा-बिल्ला’ नाम देते हुए उन पर शहर में जारी कुछ निर्माण कार्यों में कथित वसूली के आरोप लगाए गए थे। ऋषिकेश के पुलिस क्षेत्राधिकारी तुषार बोरा ने बताया कि जग्गा (39), प्रणव उर्फ राघव बत्रा (20) और दीपेश कुमार (27) को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके एक अन्य साथी रवि गुप्ता की तलाश में पुलिस की टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ ऋषिकेश थाने में गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और वे ऋषिकेश के निवासी हैं। बोरा के मुताबिक, जग्गा अपने साथियों के साथ मिलकर भूमि और पारिवारिक विवादों में पक्षकारों को डराने-धमकाने तथा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विवादों को जबरन सुलझाने का प्रयास करता था। आरोप है कि लोगों की फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग की जाती थी। बोरा ने बताया कि इसके अलावा घरों में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने जैसी गतिविधियों में भी गिरोह के सदस्यों की संलिप्तता का पता चला है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, गिरोह ने क्षेत्र में भय का ऐसा माहौल बना रखा था कि कई लोग इनके खिलाफ शिकायत करने से भी डरते थे। हालांकि, उन्होंने बताया कि जग्गा और उसके साथियों का एक लंबा आपराधिक इतिहास है और 2016 से 2026 के बीच उनके खिलाफ 11 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। बोरा ने बताया कि पुलिस ने जग्गा के घर से ‘किंग ऑफ उत्तराखंड’ का बोर्ड भी बरामद किया है।
प्रकृति की गोद में चिकित्सकों का परिवार मिलन, खेल और प्रश्नोत्तरी में दिखा उत्साह
जयपुर। नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (NMO) जयपुर महानगर के तत्वावधान में रविवार को घाटी वाले हनुमान मंदिर, मुंडोतिया में वन भ्रमण एवं पारिवारिक मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में NMO से जुड़े चिकित्सकों ने परिवार सहित उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रकृति के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य और शारीरिक सक्रियता को बढ़ावा देने के […] The post प्रकृति की गोद में चिकित्सकों का परिवार मिलन, खेल और प्रश्नोत्तरी में दिखा उत्साह appeared first on Sabguru News .
₹15,000 सैलरी पर कितनी मिलेगी पेंशन? EPS और PF के इन 11 जवाबों में छिपा है रिटायरमेंट का पूरा गणित
निजी और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों की सैलरी से हर महीने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में अंशदान कटता है। ईपीएफओ (EPFO) के नियमों के अनुसार, पेंशन की गणना के लिए अधिकतम पेंशन योग्य वेतन सीमा (Wage Ceiling) ₹15,000 प्रति माह तय है। ऐसे में कर्मचारियों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि यदि उनकी बेसिक सैलरी ₹15,000 या उससे अधिक है, तो 58 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट के बाद उन्हें वास्तव में हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी? आइए 11 आसान सवालों और जवाबों में समझते हैं ईपीएस-95 पेंशन और पीएफ का पूरा गणित।1. हर महीने आपकी सैलरी से EPS में कितना पैसा जमा होता है?कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए का पूरा 12% हिस्सा केवल ईपीएफ (EPF) खाते में जाता है। हालांकि, नियोक्ता (कंपनी) द्वारा दिए जाने वाले 12% योगदान में से 8.33% हिस्सा ईपीएस (EPS) खाते में और बाकी 3.67% हिस्सा ईपीएफ खाते में जाता है।₹15,000 की वैधानिक वेतन सीमा पर कंपनी की ओर से हर महीने अधिकतम ₹1,250 (15,000 का 8.33%) आपके पेंशन फंड में जमा होता है। इसके अलावा केंद्र सरकार भी इस सीमा पर 1.16% का योगदान देती है।2. पेंशन की गणना करने का आधिकारिक फॉर्मूला क्या है?कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत मासिक पेंशन तय करने का मानक फॉर्मूला है:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{ ext{पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary)} imes ext{पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service)}}{70}$$पेंशन योग्य वेतन: नौकरी छोड़ने से पहले के अंतिम 60 महीनों की औसत सैलरी (जो अधिकतम ₹15,000 पर सीमित है)।पेंशन योग्य सेवा: ईपीएस में अंशदान किए गए कुल वर्षों की संख्या।भाजक 70: योजना के तहत तय किया गया एक निश्चित सांख्यिकीय स्थिरांक (Actuarial Constant)।3. ₹15,000 सैलरी पर 10 साल की नौकरी करने पर कितनी पेंशन मिलेगी?पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 साल की सेवा पूरी होना अनिवार्य है।फॉर्मूला: $frac{15,000 imes 10}{70}$ = लगभग ₹2,143 प्रति माह।4. 15, 20 और 25 साल की सर्विस पर कितना बनेगा पेंशन का आंकड़ा?15 साल की नौकरी पर: $frac{15,000 imes 15}{70}$ = ₹3,214 प्रति माह।20 साल की नौकरी पर: 20 वर्ष की सेवा पूरी होने पर 2 साल का बोनस वेटेज मिलता है (कुल 22 साल)। $frac{15,000 imes 22}{70}$ = ₹4,714 प्रति माह।25 साल की नौकरी पर: 2 साल के बोनस के साथ (कुल 27 साल): $frac{15,000 imes 27}{70}$ = ₹5,786 प्रति माह।5. ईपीएस-95 के तहत अधिकतम कितनी पेंशन मिल सकती है?ईपीएस योजना के तहत अधिकतम पेंशन योग्य सेवा अवधि 35 वर्ष मानी जाती है। ₹15,000 की सामान्य वेतन सीमा के तहत यदि कोई कर्मचारी 35 साल की सेवा पूरी करता है, तो उसे 2 साल का बोनस वेटेज नहीं मिलता (अधिकतम 35 वर्ष की सीमा के कारण)।अधिकतम सामान्य पेंशन: $frac{15,000 imes 35}{70}$ = ₹7,500 प्रति माह।6. क्या नौकरी बदलने पर सर्विस पीरियड शून्य हो जाता है?नहीं। जब भी आप नौकरी बदलते हैं, तो अपने पुराने और नए ईपीएफ खाते को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए लिंक व ट्रांसफर करना चाहिए। आपकी सभी कंपनियों में बिताए गए कार्यकालों को जोड़कर कुल 'पेंशन योग्य सेवा' (Pensionable Service) की गणना की जाती है। यदि आप कुछ समय के लिए नौकरी छोड़ रहे हैं, तो आप ईपीएफओ से स्कीम सर्टिफिकेट (Scheme Certificate) ले सकते हैं।7. 10 साल से कम नौकरी होने पर पेंशन के पैसे का क्या होता है?यदि आपकी कुल सेवा अवधि 10 वर्ष से कम (जैसे 6 या 8 वर्ष) है और आप आगे नौकरी जारी नहीं रखना चाहते, तो आप पेंशन के हकदार नहीं होते। ऐसी स्थिति में आप फॉर्म 10C (Form 10C) भरकर ईपीएस खाते में जमा पूरी राशि को एकमुश्त (Lump-sum) निकाल सकते हैं।8. क्या 58 साल की उम्र से पहले भी पेंशन मिल सकती है?हां, ईपीएस नियमों के तहत कर्मचारी 50 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद 'अर्ली पेंशन' (Early Reduced Pension) ले सकते हैं, बशर्ते उनकी 10 साल की सेवा पूरी हो। हालांकि, 58 वर्ष से पहले जितने साल जल्दी आप पेंशन शुरू करेंगे, हर साल के हिसाब से पेंशन राशि में 4% की स्थायी कटौती (कटौती दर) लागू होगी।9. क्या 58 साल के बाद पेंशन टालने (Defer) पर ज्यादा पैसा मिलता है?हां, यदि कोई कर्मचारी 58 वर्ष की आयु के बाद भी अपनी पेंशन शुरू नहीं करता और उसे 60 वर्ष तक टालता है (Deferred Pension), तो उसे अतिरिक्त लाभ मिलता है। 59 वर्ष की आयु में शुरू करने पर पेंशन राशि में 4% और 60 वर्ष में शुरू करने पर 8.16% की स्थायी बढ़ोतरी दी जाती है।10. कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को कितनी पेंशन मिलती है?ईपीएस सदस्य की मृत्यु होने की स्थिति में उसके जीवनसाथी (विधवा/विधुर) को सदस्य की पात्र पेंशन का 50% हिस्सा आजीवन विधवा पेंशन (Widow Pension) के रूप में मिलता है। इसके साथ ही परिवार के अधिकतम दो बच्चों को 25 वर्ष की उम्र तक विधवा पेंशन का 25-25% हिस्सा बाल पेंशन (Children Pension) के रूप में दिया जाता है।11. क्या ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन की गारंटी मिलती है?हां, केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन राशि ₹1,000 प्रति माह तय की गई है। यदि किसी कर्मचारी की फॉर्मूले के तहत गणना करने पर मासिक पेंशन ₹1,000 से कम (जैसे ₹800) बनती है, तो भी उसे सरकार द्वारा टॉप-अप करके कम से कम ₹1,000 प्रति माह की पेंशन दी जाती है।
'पति की बहन ने उजाड़ दिया हमारा घर', पहाड़ी हादसे से पहले महिला का वीडियो वायरल
संभाजीनगर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. दरअसल, बेटे ने पहाड़ी से कूदकर सुसाइड किया, पिता ने बचाने की कोशिश में गिरकर जान गंवाई और मां ने सदमे में खुदकुशी कर ली. अब मौत से पहले मां संगीता चांदगुडे का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने परिवार के रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। वायरल वीडियो में उन्हें राष्ट्रगान बजने के दौरान मंच से नीचे उतरते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए। हालांकि, सतीश […]
BJP प्रमुख Nitin Nabin ने की बैठक, सात राज्यों के चुनाव पर बनी रणनीति
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक अहम बैठक की। इसमें खास तौर पर उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित अगले साल सात राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, यहां भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में पार्टी के नवनियुक्त पदाधिकारी, प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष और अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष भी उपस्थित थे। बैठक में जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंच बढ़ाने और युवाओं से जुड़ने के उपायों पर चर्चा की गई, खासकर उन राज्यों में जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। बैठक के बाद नवीन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज मैंने भाजपा मुख्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों और प्रदेश संगठन महासचिवों के साथ आयोजित बैठक में भाग लिया और विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की।’’अगले साल पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में से पंजाब और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर बाकी पांच राज्यों में भाजपा सत्ता में है। पंजाब में अभी आम आदमी पार्टी की सरकार है, जबकि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सत्तारूढ़ है। इस संबंध में एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह संगठन से जुड़े कई मामलों पर चर्चा करने के लिए एक अहम बैठक थी, जिसमें मुख्य रूप से अगले साल राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों और रणनीति पर ध्यान दिया गया।’’यह घटनाक्रम नवीन की पार्टी के सभी नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ पहली बैठक के एक दिन बाद हुआ है। इसमें भाजपा की राष्ट्रीय टीम के पूर्व पदाधिकारी भी मौजूद रहे। भाजपा अध्यक्ष की अध्यक्षता में शनिवार को हुई एक अन्य बैठक में पार्टी के प्रदेश इकाई अध्यक्ष और संगठन सचिव भी उपस्थित थे। शनिवार को दिन भर चली बैठक के बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा मुख्यालय का दौरा किया और पार्टी के सभी 67 नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों से बातचीत की। प्रधानमंत्री की यह बैठक पांच घंटे से अधिक समय तक चली। मोदी ने पार्टी नेताओं के साथ अपनी बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए एक पोस्ट में कहा, ‘‘संगठनात्मक बैठकें नए विचारों और नजरिए के बारे में होती हैं, जिनका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना और लोगों के साथ जुड़ाव को प्रगाढ़ करना होता है। पार्टी के साथियों और नई संगठनात्मक टीम के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई।’’सूत्रों ने बताया कि मोदी ने सभी पदाधिकारियों की बात सुनी और ‘महत्वपूर्ण सुझाव’ दिए। एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री ने सभी की बातें बहुत ध्यान से सुनीं और साथ ही अपने सुझावों के जरिए उन्हें मार्गदर्शन भी दिया। मोदी ने नए पदाधिकारियों से लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाने और युवाओं से जुड़ने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने जमीन से जुड़े रहने और जमीनी स्तर पर अधिक सक्रियता दिखाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
स्केट्स कांवड़ यात्रा में दिखा संस्कृति, संस्कार, भक्ति और खेल का अद्भुत संगम
अजमेर। भारत विकास परिषद मुख्य शाखा अजमेर एवं वेलोसिटी माइंड क्लब अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को तृतीय स्केट्स कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। रीजनल चौपाटी से शुरू हुई इस अनूठी यात्रा में संस्कृति, संस्कार, भक्ति और खेल का अद्भुत संगम देखने को मिला। 200 से अधिक बच्चों ने स्केट्स पर सवार होकर […] The post स्केट्स कांवड़ यात्रा में दिखा संस्कृति, संस्कार, भक्ति और खेल का अद्भुत संगम appeared first on Sabguru News .
देश भर में बिकने वाले पैकेज्ड खाद्य और पेय पदार्थों की गुणवत्ता, शुद्धता और पैकेट पर लिखे दावों की सत्यता को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अब तक का सबसे बड़ा और आक्रामक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर दिया है। एफएसएसएआई ने हाल के महीनों में खाद्य सुरक्षा कानूनों, लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और विज्ञापनों में किए जाने वाले भ्रामक दावों (False and Misleading Claims) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 150 से अधिक फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नियामक ने केवल नोटिस तक ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन के एक वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द कर दिया है और मशहूर पिज्जा चेन डोमिनोज के पांच आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।नेस्ले, पेप्सिको और कोका-कोला समेत वैश्विक एफएमसीजी दिग्गज रडार परखाद्य सुरक्षा नियामक द्वारा सार्वजनिक की गई जानकारी के अनुसार, इस जांच और कार्रवाई के दायरे में देश-विदेश के कई बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांड्स आए हैं।नियामक की सूची में मुख्य रूप से नेस्ले इंडिया, पेप्सिको इंडिया, कोका-कोला इंडिया, एबॉट इंडिया, मोंडेलेज इंडिया, रेड बुल इंडिया, डैनोन इंडिया, मॉन्स्टर एनर्जी इंडिया, हेल एनर्जी, डियाजियो, पेरनोड रिकार्ड, फेरेरो इंडिया और केनव्यू इंक शामिल हैं। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि ये नोटिस उत्पादों के पैकेट पर किए जाने वाले पोषण संबंधी दावों, प्राकृतिक व स्वास्थ्यवर्धक होने के भ्रामक वादों और लेबलिंग से जुड़े अनिवार्य मानकों की अनदेखी के चलते जारी किए गए हैं। इसके साथ ही नियामक ने कई कंपनियों के अनधिकृत व नियमों के विपरीत पाए गए बैचों के उत्पादों को भी तत्काल प्रभाव से जब्त (Seize) किया है।एनर्जी ड्रिंक्स और मादक पेय पदार्थों पर विशेष निगरानीएफएसएसएआई के अनुसार, इस पूरे अभियान के दौरान सबसे ज्यादा सख्त निगरानी एनर्जी ड्रिंक्स (Energy Drinks) और अल्कोहलिक बेवरेज (मादक पेय) निर्माताओं पर रखी जा रही है।बाजार में युवाओं को लुभाने के लिए ऊर्जा, स्टैमिना और कैफीन की मात्रा को लेकर अक्सर भ्रामक और अतिरंजित दावे किए जाते हैं। नियामक ने स्पष्ट किया है कि ऐसे पेय पदार्थों में कैफीन का स्तर, चेतावनी संदेश (Warning Labels) और गैर-अल्कोहलिक के नाम पर बेचे जा रहे ड्रिंक्स के वास्तविक अवयवों की कड़ाई से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले कई एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स के स्टॉक को बाजारों से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर शिकंजा: अमेजन का वेयरहाउस लाइसेंस रद्दडिजिटल दौर में ऑनलाइन ग्रॉसरी और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर भी खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर कड़ा कदम उठाया गया है।नियामक ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस अमेजन इंडिया और फ्लिपकार्ट को कुल 12 नोटिस थमाए हैं।जांच के दौरान एक्सपायर्ड उत्पाद मिलने, अनुचित स्टोरेज परिस्थितियों और सुरक्षा मानकों की कमी पाए जाने पर अमेजन के एक प्रमुख वेयरहाउस का लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। नियामक ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर किसी भी अनरजिस्टर्ड वेंडर या एक्सपायरी के नजदीक पहुंचे खाद्य पदार्थों की बिक्री को तत्काल प्रभाव से रोकें।फास्ट फूड चेन्स पर बड़ा प्रहार: डोमिनोज के 5 लाइसेंस सस्पेंडरेस्तरां और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेगमेंट भी नियामक के कड़े एक्शन से अछूते नहीं रहे हैं।एफएसएसएआई ने देश की प्रमुख फूड सर्विस चेन्स—केएफसी (KFC), मैकडॉनल्ड्स (McDonald's), पिज्जा हट (Pizza Hut), डोमिनोज (Domino's) और कोस्टा कॉफी (Costa Coffee)—को 30 से अधिक नोटिस जारी किए हैं।किचन में स्वच्छता के मानकों, उपयोग किए जाने वाले कुकिंग ऑयल की गुणवत्ता (Total Polar Compounds - TPC लेवल) और पनीर व चीज के नाम पर एनालॉग्स के इस्तेमाल की जांच के बाद डोमिनोज के 5 आउटलेट्स के फूड लाइसेंस निलंबित (Suspend) कर दिए गए हैं। इससे पहले पिछले साल भी नियामक ने कई फाइव-स्टार होटलों के किचन की औचक जांच कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए थे।कंपनियों ने शुरू किए सुधारात्मक कदम, ग्राहकों के लिए स्पष्ट संदेशनियामक द्वारा की गई इस चौतरफा और सख्त कार्रवाई का असर भी दिखना शुरू हो गया है। एफएसएसएआई के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद कई दिग्गज कंपनियों ने अपने विज्ञापनों में बदलाव करना, पैकेजिंग से भ्रामक टैगलाइंस हटाना और लेबलिंग को भारतीय मानकों के अनुरूप संशोधित करने के सुधारात्मक कदम (Corrective Actions) उठाने शुरू कर दिए हैं।खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई बड़ा ब्रांड अपने उत्पाद पर '100% नेचुरल', 'शुद्ध' या 'हेल्थ बूस्टर' का दावा करता है, तो उपभोक्ता उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं। एफएसएसएआई का यह सख्त एक्शन न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और अधिकारों की रक्षा करेगा, बल्कि बाजार में निष्पक्ष और पारदर्शी प्रतिस्पर्धा को भी मजबूती देगा।
पंजाब सरकार पर अकाली दल का बड़ा हमला, सीएम परिवार पर लगे आरोपों की सीबीआई जांच की मांग
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पंजाब सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कई मुद्दों पर सवाल उठाए
हवाई यात्रा की योजना बनाते समय अक्सर तारीखों में गड़बड़ी, अचानक प्लान बदलने या बुकिंग के समय नाम में गलती हो जाने पर यात्रियों को भारी-भरकम कैंसिलेशन चार्ज चुकाना पड़ता है। कई बार तो कैंसिलेशन फीस टिकट के बेस फेयर से भी ज्यादा हो जाती है, जिससे पैसेंजर्स को नाममात्र का रिफंड मिलता है। हालांकि, देश के एविएशन रेगुलेटर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हवाई यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए 48 घंटे का 'लुक-इन ऑप्शन' (Look-in Option) अनिवार्य किया है। इस नियम के तहत यात्री बिना कोई अतिरिक्त पेनाल्टी दिए अपना टिकट कैंसिल या संशोधित (Amend) करवा सकते हैं, बशर्ते वे इसकी एक बुनियादी शर्त पूरी करते हों।क्या है DGCA का 48 घंटे वाला 'लुक-इन ऑप्शन'?डीजीसीए के संशोधित नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (Civil Aviation Requirements - CAR) के अनुसार, सभी एयरलाइनों को टिकट बुकिंग के बाद यात्रियों को 48 घंटे की 'कूलिंग-ऑफ विंडो' (Look-in Period) देना अनिवार्य है।जीरो कैंसिलेशन चार्ज: टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर यदि यात्री अपना टिकट रद्द करता है, तो एयरलाइन उससे कोई कैंसिलेशन फीस या प्रोसेसिंग चार्ज नहीं काट सकती।फ्री टिकट संशोधन (Amendments): यदि आप यात्रा की तारीख या फ्लाइट बदलना चाहते हैं, तो 48 घंटे के अंदर बदलाव करने पर कोई 'चेंज फीस' (Change Fee) नहीं लगेगी (केवल यदि नई फ्लाइट का किराया अधिक है, तो किराए का अंतर यानी Fare Difference ही देना होगा)।24 घंटे में फ्री नाम सुधार: यदि सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से टिकट बुक करते समय नाम की स्पेलिंग में कोई मानवीय भूल हो गई है, तो बुकिंग के 24 घंटे के भीतर उसी व्यक्ति के नाम में सुधार करने के लिए एयरलाइन कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं वसूल सकती।जानिए कौन सी है वह '1 सबसे जरूरी शर्त'?48 घंटे के इस मुफ्त कैंसिलेशन और बदलाव के अधिकार का लाभ उठाने के लिए डीजीसीए ने एक बेहद महत्वपूर्ण समय-सीमा (Timeframe Condition) तय की है:घरेलू उड़ानों (Domestic Flights) के लिए: टिकट बुकिंग की तारीख और फ्लाइट के प्रस्थान (Departure) के बीच कम से कम 7 दिनों का अंतर होना चाहिए।अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flights) के लिए: बुकिंग की तारीख और यात्रा की तारीख के बीच कम से कम 15 दिनों का अंतर होना अनिवार्य है।उदाहरण से समझें: यदि आपने 25 अगस्त को टिकट बुक किया है और आपकी डोमेस्टिक फ्लाइट 2 सितंबर (7 दिन से अधिक) की है, तो आप 27 अगस्त तक टिकट को बिना किसी पेनल्टी के 100% रिफंड के साथ कैंसिल कर सकते हैं। लेकिन यदि आपने 25 अगस्त को ही अगले दिन या 3 दिन बाद की तत्काल यात्रा का टिकट बुक किया है, तो यह 48 घंटे वाला फ्री ऑप्शन लागू नहीं होगा और सामान्य कैंसिलेशन शुल्क काटा जाएगा।क्रेडिट शेल की जबरदस्ती खत्म, खाते में मिलेगा पूरा पैसापहले एयरलाइंस रिफंड का पैसा सीधे यात्री के बैंक खाते में भेजने के बजाय जबरन 'क्रेडिट शेल' (Credit Shell) या वॉलेट में डाल देती थीं, जिसका इस्तेमाल सिर्फ उसी एयरलाइन की अगली बुकिंग में किया जा सकता था।डीजीसीए के स्पष्ट नियमों के अनुसार, क्रेडिट शेल में पैसा रखना पूरी तरह यात्री का स्वैच्छिक फैसला होगा, एयरलाइन की मजबूरी नहीं। यदि यात्री अपने बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड में रिफंड मांगता है, तो एयरलाइन को तय समय-सीमा (क्रेडिट कार्ड के मामले में 7 दिन और ट्रेवल एजेंट/पोर्टल के मामले में अधिकतम 14 से 21 कार्यदिवस) के भीतर वास्तविक धनराशि वापस करनी होगी। हवाई यात्रा की एडवांस बुकिंग करते समय इस अधिकार की जानकारी रखकर आप अनचाहे वित्तीय नुकसान से आसानी से बच सकते हैं।
यदि आने वाले दिनों में आपका बैंक शाखा जाकर चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट बनवाने, नकदी जमा या निकासी, केवाईसी अपडेट या लॉकर से जुड़ा कोई जरूरी वित्तीय काम निपटाने का प्लान है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आधिकारिक बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, 24 अगस्त से 30 अगस्त के बीच विभिन्न राज्यों और सर्कल्स में त्योहारों व साप्ताहिक अवकाश के चलते बैंक कुल मिलाकर 4 दिन बंद रहने वाले हैं।चूंकि बैंक की छुट्टियां अलग-अलग राज्यों के स्थानीय त्योहारों और परंपराओं के आधार पर तय होती हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले अपनी राज्यवार छुट्टियों की सूची जरूर जांच लें ताकि किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।24 से 30 अगस्त के बीच किन-किन तारीखों को बंद रहेंगे बैंक?रिजर्व बैंक की नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (Negotiable Instruments Act) के तहत अधिसूचित छुट्टियों की सूची के अनुसार आगामी सप्ताह में छुट्टियों का विवरण इस प्रकार है:25 अगस्त (मंगलवार) - पहला ओणम / मिलाद-ए-शरीफ (ईद-ए-मिलाद पूर्व संध्या): इस दिन केरल और कुछ चुनिंदा दक्षिणी व तटीय सर्किलों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।26 अगस्त (बुधवार) - ईद-ए-मिलाद (बारावफात / मिलाद-उन-नबी) / थिरुवोणम: पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस और थिरुवोणम के पावन पर्व के उपलक्ष्य में देश के अधिकांश राज्यों और प्रमुख शहरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, भोपाल, हैदराबाद, चेन्नई आदि) में बैंक बंद रहेंगे।28 अगस्त (शुक्रवार) - रक्षाबंधन / श्री नारायण गुरु जयंती / पांग-ल्हाबसोल: भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन और क्षेत्रीय पर्वों के अवसर पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, गुजरात, केरल और सिक्किम सहित कई राज्यों में बैंकों में अवकाश रहेगा।30 अगस्त (रविवार) - साप्ताहिक अवकाश: पूरे देश में सभी सरकारी, निजी, विदेशी और सहकारी बैंकों में रविवार का नियमित साप्ताहिक अवकाश रहेगा।राज्यवार छुट्टियों का अंतर समझना क्यों जरूरी है?अक्सर ग्राहकों के मन में यह भ्रम रहता है कि यदि किसी एक राज्य में बैंक बंद है तो पूरे देश में शाखाएं बंद होंगी। आरबीआई बैंक छुट्टियों को तीन श्रेणियों में विभाजित करता है—नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत छुट्टियां, रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) हॉलिडे और बैंकों के खातों का वार्षिक क्लोजिंग डे।त्योहारी अवकाश (जैसे ओणम या स्थानीय गुरु जयंती) केवल संबंधित राज्यों के बैंकिंग सर्कल्स में लागू होते हैं, जबकि राष्ट्रीय अवकाश (जैसे स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस) पर देश भर के सभी बैंक बंद रहते हैं। इसलिए 25 और 28 अगस्त की छुट्टियां राज्य-विशिष्ट हैं, जबकि 26 अगस्त और 30 अगस्त का असर लगभग देशव्यापी रहेगा।शाखाएं बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएंबैंक शाखाओं में भौतिक कामकाज (Physical Branch Operations) बंद रहने के बावजूद ग्राहकों के लिए आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाएं 24x7 पूरी तरह सक्रिय रहेंगी:यूपीआई (UPI) और नेट बैंकिंग: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और बैंक ऐप्स के जरिए होने वाले ऑनलाइन फंड ट्रांसफर बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से चलते रहेंगे।आईएमपीएस (IMPS) और एनईएफटी (NEFT): ऑनलाइन तत्काल फंड ट्रांसफर (IMPS) और एनईएफटी की डिजिटल सुविधाएं छुट्टियों के दौरान भी चौबीसों घंटे काम करेंगी।एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीनें (CDM): नकदी निकासी के लिए सभी बैंकों के एटीएम और कैश री-साइक्लर कियोस्क खुले रहेंगे।मोबाइल बैंकिंग ऐप्स: बैलेंस चेक, बिल पेमेंट, एफडी/आरडी खोलने और कार्ड ब्लॉक जैसी सेल्फ-सर्विस सुविधाएं बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप से कभी भी की जा सकती हैं।बैंक जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यानयदि आपका काम ऐसा है जिसके लिए शाखा प्रबंधक या काउंटर क्लर्क की भौतिक उपस्थिति अनिवार्य है—जैसे बड़े ड्राफ्ट बनवाना, सरकारी चालान जमा करना, सिग्नेचर वेरिफिकेशन या लोन डिस्बर्सल से जुड़े कागजी काम—तो इन कार्यों को सोमवार (24 अगस्त) या गुरुवार (27 अगस्त) के सामान्य कार्यदिवसों में पहले से प्लान करके निपटा लें।
मियां-बीवी और आशिक तीनों साथ रहने पर अड़े! सीतापुर में अनोखी लव स्टोरी
Sitapur Husband Wife Lover Case: आमतौर पर पति-पत्नी के रिश्ते के बीच तीसरे शख्स के आने पर विवाद और अलगाव की स्थिति बनती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पति, पत्नी और प्रेमी तीनों एक ही छत के नीचे साथ रहने की जिद पर अड़े हुए हैं.
नई दिल्ली: दिल्ली के कनॉट प्लेस में रविवार को करीब 300 लोग आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जुटे। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और सरकारी सहायता में आर्थिक मानदंड को भी महत्व देने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में क्रीमी लेयर का मानदंड लागू करना और आरक्षण नीतियों […]
Nishant Kumar बनेंगे बिहार के अगले CM, JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने जताई उम्मीद
जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता देवेश चंद्र ठाकुर ने रविवार को उम्मीद जताई कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत अपने पिता और पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार के पदचिह्नों पर चलते हुए राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। ठाकुर सीतामढ़ी में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। सीतामढ़ी उनका लोकसभा क्षेत्र है, जहां राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दौरे पर थे और उन्हें जिलेभर में जदयू कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ठाकुर ने कहा, हमारे नेता नीतीश कुमार ने बिहार के लिए बहुत कुछ किया है। मुख्यमंत्री के रूप में उनका दो दशक लंबा कार्यकाल बेजोड़ रहा है। हमें उम्मीद है कि निशांत अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए सार्वजनिक जीवन में नाम कमाएंगे। जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या वह उत्तराधिकारी माने जा रहे निशांत को भविष्य के मुख्यमंत्री के तौर पर देखते हैं, तो पूर्व राज्य मंत्री और विधान परिषद के सभापति रह चुके ठाकुर ने कहा, क्यों नहीं? राजनीति संभावनाओं की कला है। वह सर्वोच्च ऊंचाइयों तक पहुंचें। निशांत कुमार (45) ने इस साल मार्च में राजनीति में कदम रखा था। इसके कुछ ही सप्ताह बाद उनके पिता ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया और बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में दो दशक लंबे कार्यकाल का अंत किया। विनम्र स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले निशांत ने शुरू में भाजपा के सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राज्य की नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल होने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था लेकिन बाद में जदयू के कार्यकर्ताओं और नेताओं के दबाव में उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। जब ठाकुर से स्वास्थ्य मंत्री के रूप में निशांत के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, इस युवा नेता ने अभी शुरुआत ही की है। इस समय ऐसा सवाल पूछना ही बचकाना है। निशांत ने मीडियाकर्मियों से कहा, सीतामढ़ी आकर मैं बहुत उत्साहित हूं। यह वह स्थान है जहां माना जाता है कि देवी सीता प्रकट हुई थीं। मैं उनसे प्रार्थना करता हूं कि मैं लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरूं और समाज के हर वर्ग, चाहे महिलाएं हों, ओबीसी हों या ईबीसी- सभी के लिए काम करूं, जैसा कि मेरे पिता ने किया। मौके पर मौजूद जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि अब उन्हें भरोसा है कि नीतीश कुमार के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने से कोई खालीपन नहीं आया है और निशांत के नेतृत्व में पार्टी सुरक्षित हाथों में है।
'आपसे इस जन्म में नहीं होगा', 2027 चुनाव को लेकर अखिलेश पर ओपी राजभर का तंज
ओम प्रकाश राजभर ने चित्रकूट में प्रजापति समाज की महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती कार्यक्रम में सपा, कांग्रेस और बसपा पर निशाना साधा. उन्होंने प्रजापति समाज से भागीदारी पार्टी से जुड़ने और NDA में शामिल होने की बात कही. राजभर ने PDA, अखिलेश यादव, आरक्षण और ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी बयान दिया.
मदरसे पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, जेसीबी से ढहाया अवैध निर्माण
मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया फुलत पर रविवार को प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की. जांच में ग्राम सभा की जमीन पर निर्माण को अवैध पाए जाने के बाद जेसीबी से इसे ध्वस्त किया गया. इस मदरसे के संचालक और उनके दो बेटों पर हिंदू युवक-युवतियों के कथित धर्मांतरण का मामला भी दर्ज है. पुलिस इस केस में कार्रवाई कर चुकी है.
कपास किसानों के लिए बड़ी राहत: हरियाणा सरकार दे रही ₹4,000 तक का बंपर अनुदान, जानिए कैसे उठाएं लाभ
खरीफ सीजन में कपास की खेती करने वाले अन्नदाताओं के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। पिछले कुछ वर्षों में गुलाबी सुंडी (Pink Bollworm) और अन्य कीटों के प्रकोप तथा मौसम की मार के कारण कपास का रकबा लगातार घट रहा था। किसानों की बढ़ती लागत को कम करने, फसल को कीटों से बचाने और गुणवत्तापूर्ण पैदावार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने कपास किसानों के लिए ₹4,000 तक के विशेष अनुदान (Subsidy) का ऐलान किया है। इस योजना का सीधा लाभ सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।सूक्ष्म पोषक तत्वों और एकीकृत कीट प्रबंधन पर मिलेगा अनुदानकपास की फसल में सबसे बड़ा खर्च महंगे कीटनाशकों और उर्वरकों पर होता है। हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई इस नई कल्याणकारी पहल के तहत किसानों को सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) और एकीकृत कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management - IPM) से जुड़ी कृषि सामग्री खरीदने पर 50% या अधिकतम ₹2,000 प्रति एकड़ की दर से वित्तीय सहायता दी जा रही है। एक किसान को अधिकतम 2 एकड़ तक के लिए कुल ₹4,000 का अनुदान दिया जा रहा है। यदि किसी किसान का कीटनाशक या पोषक तत्वों का बिल ₹5,000 आता है, तो उसे अधिकतम ₹2,000 प्रति एकड़ (2 एकड़ पर ₹4,000) का लाभ मिलेगा। वहीं बिल कम होने की स्थिति में वास्तविक खर्च का 50 प्रतिशत ही अनुदान स्वरूप दिया जाएगा।देसी कपास की किस्मों को बढ़ावा देने के लिए अलग से प्रोत्साहनकीटों के प्रति अधिक संवेदनशील हाइब्रिड और बीटी किस्मों के अलावा, राज्य सरकार देसी कपास (Indigenous Cotton) की खेती को भी पुनर्जीवित करने पर जोर दे रही है। देसी कपास की किस्मों में कीटों और रोगों से लड़ने की प्राकृतिक क्षमता अधिक होती है और इसमें लागत भी कम आती है। देसी कपास की बुवाई करने वाले किसानों को प्रति एकड़ अलग से प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। इसके साथ ही कृषि वैज्ञानिकों की देखरेख में हर जिले में दो-दो एकड़ के विशेष डिमॉन्स्ट्रेशन प्लॉट्स तैयार किए जा रहे हैं, जहां किसानों को आधुनिक व वैज्ञानिक तरीकों से कपास की खेती का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।पारंपरिक 'कॉटन बेल्ट' के इन प्रमुख जिलों पर रहेगा खास फोकसहरियाणा के प्रमुख कपास उत्पादक जिलों में इस योजना को युद्धस्तर पर लागू किया जा रहा है। इनमें राज्य के पारंपरिक कॉटन बेल्ट माने जाने वाले जिले—सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ शामिल हैं। इन जिलों में लगातार कीटों के हमलों से परेशान होकर जो किसान धान जैसी ज्यादा पानी वाली फसलों की ओर रुख कर रहे थे, उन्हें दोबारा कपास की लाभदायक खेती से जोड़ने के लिए कृषि विभाग की विशेष विंग 'प्रमोशन ऑफ कॉटन कल्टीवेशन इन हरियाणा' (PCCH) पूरी सक्रियता से काम कर रही है।योजना की पात्रता और जरूरी शर्तेंअनुदान का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों को पूरा करते हैं:किसान हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए और उसके पास राज्य में कृषि भूमि होनी चाहिए।किसान ने अपने खेत में कपास की अधिकृत/प्रमाणित किस्मों की बुवाई की हो।किसान द्वारा खरीदे गए सूक्ष्म पोषक तत्व और कीट प्रबंधन सामग्री के अधिकृत जीएसटी बिल (GST Purchase Bills) होने अनिवार्य हैं।योजना का लाभ लेने के लिए किसान का राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर समय पर पंजीकरण होना आवश्यक है।आवेदन की पूरी प्रक्रिया: 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर करें रजिस्ट्रेशनइस वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को सरकार के आधिकारिक पोर्टल 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' (fasal.haryana.gov.in) पर अपनी फसल का विधिवत पंजीकरण करना अनिवार्य है।पोर्टल पर किसान अपनी भूमि का खसरा-खतौनी विवरण, बोई गई कपास की किस्म और बैंक खाते की जानकारी दर्ज करेंगे। इसके बाद स्थानीय कृषि अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन (Physical Verification) और बिलों की जांच के बाद सब्सिडी की स्वीकृत राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता या विस्तृत जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2117 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।लागत घटेगी, बढ़ेगी किसानों की शुद्ध आमदनीकपास को 'सफेद सोना' कहा जाता है, लेकिन लागत में अनियंत्रित बढ़ोतरी और कीटों के प्रकोप ने हाल के वर्षों में किसानों के मुनाफे को कम कर दिया था। सरकार द्वारा कीट प्रबंधन और आवश्यक पोषक तत्वों पर ₹4,000 तक की सीधी सब्सिडी देने से किसानों की जेब पर कीटनाशकों का बोझ कम होगा, जमीन की उर्वरकता सुरक्षित रहेगी और पैदावार में गुणवत्तापूर्ण सुधार आएगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर कीटनाशकों का वैज्ञानिक छिड़काव और पोषक तत्वों की आपूर्ति अपनाकर किसान अपनी पैदावार में 20% से 30% तक की सीधी बढ़ोतरी हासिल कर सकते हैं।
Chhattisgarh के वन मंत्री Kedar Kashyap सड़क दुर्घटना में बचे, छह लोग घायल
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में रविवार को एक तेज रफ्तार एसयूवी राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप की कार से टकराने के बाद उनके सुरक्षा वाहन से टकरा गया। इस घटना में मंत्री बाल-बाल बचे लेकिन उनके निजी सहायक और चार पुलिसकर्मी समेत छह लोग घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिले के भानपुरी थाना के प्रभारी हर्षवर्धन वर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह घटना क्षेत्र के फरसागुड़ा और जुनवाही गांवों के बीच हुई, जिसमें मंत्री के निजी सहायक, चार पुलिसकर्मी और सुरक्षा वाहन के चालक समेत छह लोग घायल हुए हैं। वर्मा ने बताया कि दोपहर में वन मंत्री केदार कश्यप अपने पैतृक गांव फरसागुड़ा से कोंडागांव शहर जा रहे थे। जब वह जुनवाही गांव के करीब पहुंचे तब कोंडागांव से जगदलपुर की ओर जा रहे तेज रफ्तार एसयूवी ने मंत्री की कार को सामने से टक्कर मार दी और बाद में असंतुलित होकर पीछे चल रहे सुरक्षा वाहन से टकरा गया। उन्होंने बताया कि इस टक्कर से सुरक्षा वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। वर्मा ने बताया कि घटना के बाद घायलों को तत्काल कोंडगांव स्थित जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मंत्री कश्यप को कोई गंभीर चोट नहीं पहुंची है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की पहचान मंत्री के निजी सहायक अनुराग शर्मा, सुरक्षा वाहन के चालक सुनील कुमार मौर्य, प्रधान आरक्षक राजेश नेताम और सुकांतिन उसेंडी तथा आरक्षक त्रिलोतमा ध्रुव और नर्मदा मरकाम के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घायलों में से दो को कोंडागांव जिला अस्पताल में तथा तीन को जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, मंत्री के निजी सहायक शर्मा को बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि टक्कर में मंत्री का वाहन और सुरक्षा वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलिस ने एसयूवी के चालक को हिरासत में लिया है तथा उससे पूछताछ की जा रही है। घटना के संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने के बाद ई-मेल या पोर्टल पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस देखकर अक्सर अच्छे-अच्छे करदाताओं के पसीने छूट जाते हैं। आम जनता में यह गलतफहमी रहती है कि हर नोटिस का मतलब कोई बड़ा फ्रॉड, जुर्माना या कानूनी कार्रवाई ही होता है। वास्तविकता यह है कि आयकर अधिनियम (Income Tax Act) के तहत जारी होने वाले सभी नोटिस एक समान गंभीर नहीं होते। इनमें से कुछ नोटिस केवल ऑटोमेटेड सूचना (Intimation) या मामूली त्रुटि सुधार के लिए होते हैं जिन्हें आप खुद 5 मिनट में ठीक कर सकते हैं, जबकि कुछ नोटिस इतने जटिल और गंभीर होते हैं जहां एक छोटी सी गलती भी भारी जुर्माना या कानूनी पचड़े में डाल सकती है और तुरंत किसी अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या टैक्स एक्सपर्ट की सलाह लेना अनिवार्य हो जाता है। आइए आयकर विभाग द्वारा भेजे जाने वाले 8 प्रमुख नोटिसों का पूरा वर्गीकरण और उनकी गंभीरता को विस्तार से समझते हैं।1. धारा 143(1) - इंटीमेशन नोटिस (Intimation Notice): सबसे सामान्य और रूटीन सूचनाजब आप अपना आईटीआर दाखिल करते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग का सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) कंप्यूटर एल्गोरिद्म के जरिए आपके रिटर्न की प्राथमिक जांच करता है। इसके बाद धारा 143(1) के तहत एक समरी शीट भेजी जाती है।गंभीरता का स्तर: शून्य या बेहद कम (Routine)।कारण: इसमें विभाग आपकी गणना और अपने रिकॉर्ड की तुलना करके बताता है कि आपका रिटर्न सही प्रोसेस हुआ है, कोई रिफंड बन रहा है या फिर कोई टैक्स देनदारी बकाया है।क्या करें: यदि नोटिस में 'नो डिमांड, नो रिफंड' (Zero Difference) या स्वीकृत रिफंड लिखा है, तो आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है। यदि कोई छोटा-मोटा टैक्स बकाया दिखाया गया है जिससे आप सहमत हैं, तो उसका ऑनलाइन भुगतान कर दें। इसमें सीए के पास जाने की आवश्यकता नहीं होती।2. धारा 139(9) - डिफेक्टिव रिटर्न नोटिस (Defective Return Notice)यदि आपने रिटर्न भरते समय कोई तकनीकी भूल कर दी है—जैसे गलत आईटीआर फॉर्म चुन लिया, टीडीएस तो क्लेम किया लेकिन संबंधित आय नहीं जोड़ी, या टैक्स ऑडिट रिपोर्ट संलग्न नहीं की—तो यह नोटिस जारी होता है।गंभीरता का स्तर: मध्यम।कारण: रिटर्न को अधूरा या त्रुटिपूर्ण (Defective) माना गया है।क्या करें: विभाग आपको गलती सुधारने के लिए 15 दिन का समय देता है। यदि गलती सामान्य है (जैसे कोई शेड्यूल छोड़ना), तो आप खुद ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर संशोधित रिटर्न (Rectified Return) अपलोड कर सकते हैं। लेकिन यदि मामला प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन या बैलेंस शीट मिसमैच का है, तो सीए की मदद लेना बेहतर रहता है।3. धारा 154 - सुधार नोटिस (Rectification Notice)जब करदाता या विभाग को लगता है कि रिटर्न की प्रोसेसिंग या आदेश में कोई 'रिकॉर्ड पर स्पष्ट दिखने वाली लिपिकीय त्रुटि' (Mistake Apparent from Record) रह गई है, तो धारा 154 के तहत कार्यवाही होती है।गंभीरता का स्तर: कम से मध्यम।कारण: टीडीएस क्रेडिट का न मिलना, एडवांस टैक्स की गलत प्रविष्टि या ब्याज की गलत गणना।क्या करें: आप ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर 'रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट' (Rectification Request) सबमिट कर सकते हैं। सामान्य मामलों में इसे स्वयं सुधारा जा सकता है।4. धारा 245 - रिफंड एडजस्टमेंट नोटिस (Refund Adjustment Notice)यदि चालू वित्तीय वर्ष में आपका टैक्स रिफंड बन रहा है, लेकिन विभाग के रिकॉर्ड में पिछले किसी पुराने साल की टैक्स डिमांड बकाया दिख रही है, तो धारा 245 का नोटिस आता है।गंभीरता का स्तर: कम से मध्यम।कारण: विभाग आपको सूचित करता है कि वह आपके नए रिफंड में से पुरानी बकाया टैक्स राशि काटने (Adjust करने) जा रहा है।क्या करें: आपको 30 दिन के भीतर पोर्टल पर जवाब देना होता है कि आप उस पुरानी डिमांड से 'सहमत हैं' या 'असहमत'। यदि पुरानी डिमांड किसी गलत सिस्टम एरर की वजह से है और राशि बड़ी है, तो सीए से संपर्क कर पुराने रिकॉर्ड दुरुस्त कराएं।5. धारा 156 - टैक्स डिमांड नोटिस (Notice of Demand)जब आयकर विभाग के असेसमेंट के बाद यह तय हो जाता है कि करदाता पर कोई निश्चित टैक्स, ब्याज या पेनाल्टी देय है, तो बकाया वसूली के लिए धारा 156 का डिमांड नोटिस जारी किया जाता है।गंभीरता का स्तर: मध्यम से गंभीर।कारण: टैक्स गणना में अंतर, अमान्य कटौतियां या पेनाल्टी लगना।क्या करें: नोटिस मिलने के 30 दिनों के भीतर इस राशि का भुगतान करना अनिवार्य होता है। यदि राशि सही है तो चालान भरकर मामला खत्म करें। यदि आप इस डिमांड से पूरी तरह असहमत हैं, तो अपील दाखिल करने या धारा 154 के तहत रेक्टिफिकेशन के लिए तुरंत सीए से संपर्क करें।6. धारा 142(1) - जांच या स्पष्टीकरण नोटिस (Inquiry Before Assessment)यह नोटिस तब जारी होता है जब असेसिंग ऑफिसर (AO) आपके रिटर्न के संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी, बैंक स्टेटमेंट, लोन एग्रीमेंट या निवेश के मूल दस्तावेज मांगना चाहता है। यदि आपने समय पर रिटर्न नहीं भरा है, तो भी इसके तहत रिटर्न भरने का आदेश दिया जाता है।गंभीरता का स्तर: उच्च (High Alert)।कारण: बड़े वित्तीय लेनदेन (High-Value Transactions), अनअकाउंटेड कैश डिपॉजिट या रिटर्न में घोषित आय पर संदेह।क्या करें: इस नोटिस को कभी नजरअंदाज न करें। तय समय पर मांगे गए सभी कागजात और कानूनी स्पष्टीकरण के साथ जवाब तैयार करने के लिए तुरंत चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के पास जाएं। गलत जवाब देने पर मामला सीधे स्क्रूटनी में बदल सकता है।7. धारा 143(2) - स्क्रूटनी असेसमेंट नोटिस (Scrutiny Notice): यहां तुरंत चाहिए CAयह आयकर विभाग के सबसे गंभीर नोटिसों में से एक है। इसका मतलब है कि आपका आईटीआर रैंडम या रिस्क-बेस्ड एल्गोरिद्म के जरिए 'विस्तृत जांच' (Detailed Scrutiny) के लिए चुन लिया गया है।गंभीरता का स्तर: अत्यधिक गंभीर (Critical)।कारण: आय छुपाने का शक, खर्चों के अनुपात में भारी अंतर, फर्जी डोनेशन या बड़े कैपिटल गेन क्लेम।क्या करें: बिना एक पल गंवाए अपने सीए के पास भागें। स्क्रूटनी में आय के हर स्रोत, बैंक एंट्री और बिलों की कानूनी पड़ताल होती है। पेशेवर व्यक्ति ही आयकर कानूनों के तहत धारा 143(3) के अंतिम असेसमेंट ऑर्डर से पहले आपका बचाव मजबूती से पेश कर सकता है।8. धारा 148 - री-असेसमेंट नोटिस (Income Escaping Assessment): सबसे खतरनाक नोटिसयदि आयकर विभाग के पास पुख्ता सबूत या जानकारी है कि करदाता ने जानबूझकर अपनी बड़ी आय छुपाई है और टैक्स चोरी की है, तो पुराने असेसमेंट को दोबारा खोलने के लिए धारा 148 (और 148A) के तहत नोटिस जारी किया जाता है।गंभीरता का स्तर: सर्वाधिक गंभीर (Red Alert)।कारण: बेनामी संपत्ति, अघोषित विदेशी आय, बोगस खर्चे या सर्च/सर्वे के दौरान मिले सुराग।क्या करें: इसमें तुरंत किसी सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स एडवोकेट की कानूनी टीम नियुक्त करें। धारा 148 की प्रक्रिया में चूक होने पर भारी पेनाल्टी के साथ-साथ अभियोजन (Prosecution) और जेल की सजा तक का जोखिम हो सकता है।
नौकरीपेशा वर्ग के बीच यह एक बेहद आम धारणा है कि हर महीने सैलरी से कटने वाला कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का पैसा रिटायरमेंट के बाद के 20 से 30 साल सुकून से बिताने के लिए पूरी तरह पर्याप्त होगा। वेतनभोगी कर्मचारी यह मानकर निश्चिंत बैठ जाते हैं कि 58 या 60 वर्ष की उम्र में मिलने वाली पीएफ की एकमुश्त रकम उनके बुढ़ापे का मजबूत सहारा बनेगी। हालांकि, वित्तीय विश्लेषकों और वेल्थ प्लानर्स के अनुसार, आज की आर्थिक वास्तविकताओं, बढ़ती जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) और लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में केवल पीएफ फंड पर निर्भर रहना एक गंभीर वित्तीय जोखिम साबित हो सकता है।सिर्फ पीएफ फंड पर निर्भर रहना क्यों बन सकता है बड़ा जोखिम?कर्मचारी भविष्य निधि निश्चित रूप से एक सुरक्षित, गारंटीड और टैक्स-फ्री रिटर्न देने वाला साधन है, लेकिन केवल इसी पर निर्भर रहने में कई व्यावहारिक कमियां हैं:स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल महंगाई (Inflation): भारत में सामान्य खुदरा महंगाई दर भले ही 5% से 6% के आसपास घूमती हो, लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की महंगाई (Medical Inflation) सालाना 12% से 14% की दर से बढ़ रही है।नौकरी बदलने पर फंड का टूटना: अक्सर लोग करियर के शुरुआती और मध्यम दौर में नौकरी बदलते समय या शादी, घर खरीदने और बच्चों की पढ़ाई जैसे व्यक्तिगत खर्चों के लिए पीएफ से आंशिक या पूर्ण निकासी कर लेते हैं। इससे कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) का असर टूट जाता है और अंत में मैच्योरिटी फंड उम्मीद से काफी कम बनता है।लंबी जीवन प्रत्याशा: आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के चलते अब रिटायरमेंट के बाद जीवनकाल 80 से 85 वर्ष या उससे अधिक हो चुका है। इसका मतलब है कि आपको अगले 25 से 30 वर्षों तक बिना किसी सक्रिय वेतन के उसी फंड के दम पर अपनी जीवनशैली बनाए रखनी होगी।रिटायरमेंट के लिए कितने फंड की होगी जरूरत? समझें '30X नियम'वित्तीय नियोजन में एक सामान्य नियम के अनुसार, रिटायरमेंट के समय आपके पास अपने सालाना घरेलू खर्च का कम से कम 25 से 30 गुना फंड (Corpus) मौजूद होना चाहिए।यदि आज 30-35 वर्ष की आयु में आपका मासिक घरेलू खर्च ₹50,000 है, तो 6% की औसत मुद्रास्फीति के साथ जब आप 60 वर्ष के होंगे, तो उसी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए आपको प्रति माह कम से कम ₹2.5 लाख से ₹3 लाख की आवश्यकता होगी। इसका मतलब है कि आपको आरामदायक जीवन के लिए ₹6 करोड़ से ₹8 करोड़ के बड़े कॉर्पस की जरूरत होगी। आमतौर पर सामान्य ईपीएफ योगदान इस आंकड़े के आधे तक भी बड़ी मुश्किल से पहुंच पाता है।बुढ़ापे को सुरक्षित बनाने के 5 असरदार वित्तीय उपायअपने रिटायरमेंट को वित्तीय रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए आपको एक बहु-आयामी (Multi-Asset) निवेश रणनीति अपनानी होगी:1. इक्विटी म्यूचुअल फंड में एसआईपी (Equity SIP): रिटायरमेंट में 15 से 20 साल का लंबा समय बाकी होने पर अपनी बचत का एक हिस्सा डाइवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए लगाएं। इक्विटी लंबी अवधि में 12% से 14% का औसत रिटर्न देकर महंगाई को आसानी से मात देती है।2. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS): एनपीएस एक कम लागत वाला और बेहतरीन रिटायरमेंट टूल है। इसमें इक्विटी और डेट का ऑटोमैटिक संतुलन मिलता है, साथ ही धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट भी मिलती है। मैच्योरिटी पर 60% फंड टैक्स-फ्री मिलता है और 40% से आजीवन नियमित पेंशन की गारंटी बनती है।3. वीपीएफ (VPF) का विकल्प चुनें: यदि आप पूरी तरह सुरक्षित सरकारी गारंटी चाहते हैं, तो अपनी कंपनी के जरिए वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) में अतिरिक्त योगदान शुरू करें। इसमें भी ईपीएफ के समान ही आकर्षक ब्याज मिलता है।4. अलग और व्यापक हेल्थ इंश्योरेंस: कभी भी केवल कंपनी द्वारा दिए गए ग्रुप हेल्थ कवर पर निर्भर न रहें। रिटायरमेंट से काफी पहले अपने और जीवनसाथी के लिए कम से कम ₹20 लाख से ₹50 लाख का एक व्यक्तिगत सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस कवर जरूर लें, ताकि मेडिकल इमरजेंसी आपके मुख्य फंड को खत्म न कर सके।5. पोस्ट-रिटायरमेंट बकेट स्ट्रैटेजी: रिटायरमेंट के करीब पहुंचते ही अपने पैसे को तीन हिस्सों में बांटें—पहला अल्पकालिक खर्चों के लिए लिक्विड एफडी, दूसरा सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) व सरकारी बॉन्ड्स जैसी नियमित आय योजनाओं में, और तीसरा हिस्सा हाइब्रिड फंड्स में ताकि बची हुई पूंजी भी निरंतर बढ़ती रहे।समय पर शुरुआत ही असली सुरक्षा की कुंजीरिटायरमेंट प्लानिंग कोई ऐसा काम नहीं है जिसे 50 वर्ष की उम्र के बाद शुरू किया जाए। जितनी जल्दी आप अपने पीएफ से अलग अतिरिक्त निवेश शुरू करेंगे, कंपाउंडिंग की ताकत आपके फंड को उतना ही विशाल बनाएगी। एक संतुलित पोर्टफोलियो बनाकर ही आप बिना किसी चिंता और वित्तीय तंगी के अपने जीवन के दूसरे पड़ाव का भरपूर आनंद ले सकते हैं।
CJP के कार्यक्रम में थप्पड़बाजी, दीवार फांदकर घुसे ABVP-भाजयुमो कार्यकर्ता
जोधपुर में CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका के कार्यक्रम में ABVP और बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के घुसने से हंगामा हुआ. पुलिस ने दो लोगों को डिटेन कर पूछताछ शुरू की. कार्यक्रम खत्म होने के बाद पुलिस सुरक्षा में आशुतोष रांका को जोधपुर से जयपुर रवाना किया गया.
भारत में गिग इकोनॉमी, कंसल्टेंसी और रिमोट वर्क के बढ़ते चलन के बीच फ्रीलांसिंग लाखों युवाओं के लिए कमाई का मुख्य जरिया बन चुकी है। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कंटेंट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, डिजिटल मार्केटिंग, वीडियो एडिटिंग और लीगल-मेडिकल कंसल्टेंसी जैसे पेशों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स हर महीने विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट्स से रेवेन्यू अर्जित करते हैं। हालांकि, जब बात इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आती है, तो बहुत से फ्रीलांसर्स सैलरीड कर्मचारियों और बिजनेस क्लास के बीच के नियमों में उलझ जाते हैं। वित्तीय वर्ष के लिए आईटीआर फाइलिंग की समय-सीमा नजदीक आ रही है, ऐसे में अनजाने में की गई छोटी सी चूक भी आयकर विभाग के ऑटोमेटेड स्क्रूटनी सिस्टम और धारा 143(1) या 148 के तहत नोटिस का कारण बन सकती है।गलती 1: गलत ITR फॉर्म का चयन (ITR-1 या ITR-2 भरने की भारी भूल)अधिकांश फ्रीलांसर्स की पहली और सबसे गंभीर गलती गलत रिटर्न फॉर्म का चयन करना होता है। कई फ्रीलांसर अपनी कमाई को सामान्य आय समझकर वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए बने सरल फॉर्म यानी ITR-1 (सहज) या ITR-2 में दाखिल कर देते हैं। आयकर नियमों के अनुसार, फ्रीलांसिंग से होने वाली आय को 'इनकम फ्रॉम बिजनेस या प्रोफेशन' (PGBP) श्रेणी में गिना जाता है।यदि आप एक फ्रीलांसर हैं, तो आप केवल दो ही फॉर्म के पात्र होते हैं:ITR-4 (सुगम): यदि आप धारा 44ADA के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम चुन रहे हैं और आपकी सकल व्यावसायिक रसीदें ₹50 लाख (या 95% डिजिटल लेनदेन होने पर ₹75 लाख) तक हैं।ITR-3: यदि आपकी कुल प्राप्तियां निर्धारित सीमा से अधिक हैं, आप बही-खाते (Books of Accounts) मेंटेन करते हैं और वास्तविक खर्चों को क्लेम करते हुए सामान्य मुनाफे पर टैक्स देना चाहते हैं।गलत फॉर्म में रिटर्न भरने पर आयकर विभाग आपके रिटर्न को 'डिफेक्टिव रिटर्न' (Defective Return under Section 139(9)) घोषित कर सकता है, जिसे सुधारने के लिए सीमित समय मिलता है।गलती 2: AIS, TIS और फॉर्म 26AS से बैंक खातों व टीडीएस का मिलान न करनाआयकर विभाग का आधुनिक कम्प्यूटरीकृत सिस्टम अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा एनालिटिक्स से पूरी तरह लैस है। जब भी कोई भारतीय कंपनी किसी फ्रीलांसर को ₹30,000 से अधिक का भुगतान करती है, तो वह आमतौर पर धारा 194J (प्रोफेशनल फीस) या 194C (कॉन्ट्रैक्ट फीस) के तहत टीडीएस (TDS) काटती है। यह काटा गया टैक्स सीधे आपके एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS), टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) और फॉर्म 26AS में दर्ज हो जाता है।यदि आपके द्वारा रिटर्न में घोषित कुल आय और एआईएस में दर्ज राशि के बीच थोड़ा भी अंतर (Mismatch) पाया जाता है, तो सिस्टम स्वतः ही मिसमैच फ्लैग कर देता है। इसके अलावा, आपके सभी सक्रिय बचत बैंक खातों और चालू खातों में जमा हुई कुल राशि, शेयर बाजार में ट्रेडिंग या म्यूचुअल फंड रिडेम्पशन की जानकारी भी एआईएस में मौजूद रहती है। इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले पोर्टल से एआईएस और 26AS डाउनलोड कर प्रत्येक प्रविष्टि का बारीकी से मिलान करना अनिवार्य है।गलती 3: विदेशी क्लाइंट्स से मिलने वाले रेवेन्यू और फेमा (FEMA) नियमों की अनदेखीविदेशी क्लाइंट्स के लिए काम करने वाले भारतीय फ्रीलांसर्स अक्सर अंतरराष्ट्रीय पेमेंट गेटवे जैसे पेपैल, स्ट्राइप, पायोनियर या सीधे वायर ट्रांसफर (SWIFT) के जरिए यूएस डॉलर, यूरो या पाउंड में भुगतान प्राप्त करते हैं। कई बार फ्रीलांसर्स को लगता है कि विदेशी आय पर भारत में टैक्स नहीं लगेगा या यह छूट के दायरे में आती है।यदि आप भारत के टैक्स रेजिडेंट हैं, तो आपकी वैश्विक आय (Global Income) भारत में कर-योग्य होती है। विदेशी आय प्राप्त करते समय आपके पास अपने बैंक द्वारा जारी 'फॉरेन इनवर्ड रेमिटेंस सर्टिफिकेट' (FIRC) या रेमिटेंस एडवाइस का होना आवश्यक है। इसके अलावा, यदि आपकी कुल सालाना फ्रीलांस आय जीएसटी पंजीकरण की सीमा (सेवाओं के लिए ₹20 लाख) को पार कर जाती है, तो सेवाओं का शून्य-रेटेड निर्यात (Export of Services) करने के लिए आपके पास वैध जीएसटी नंबर और लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LUT) होना जरूरी है। बिना एलयूटी के विदेशी भुगतान लेने पर जीएसटी विभाग की ओर से भी देयता और ब्याज का नोटिस आ सकता है।गलती 4: धारा 44ADA के तहत खर्चों और मुनाफे का गलत आकलनछोटे फ्रीलांसर्स और प्रोफेशनल्स के लिए आयकर अधिनियम की धारा 44ADA एक बेहद सुविधाजनक प्रावधान है। इसके तहत पात्र फ्रीलांसर्स (जैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डिजाइनर, लेखक, वकील, डॉक्टर आदि) को नियमित बैलेंस शीट और ऑडिट कराए बिना अपनी कुल सकल प्राप्तियों का कम से कम 50% हिस्सा शुद्ध मुनाफा (Net Profit) मानकर सीधे टैक्स देने की छूट मिलती है। बाकी 50% हिस्से को व्यावसायिक खर्च मान लिया जाता है।हालांकि, इसमें फ्रीलांसर्स दो बड़ी गलतियां करते हैं:यदि आपका वास्तविक मुनाफा 50% से अधिक है (मान लीजिए 80%), फिर भी आप मनमाने ढंग से केवल न्यूनतम 50% दिखाकर टैक्स बचाते हैं और बैंक खाते में भारी सरप्लस बैलेंस रखते हैं, तो स्क्रूटनी में यह पकड़ा जा सकता है।प्रिजम्प्टिव स्कीम चुनने के बाद आप अलग से इंटरनेट बिल, लैपटॉप डेप्रिसिएशन, ऑफिस किराए या यात्रा खर्च को डिडक्शन के रूप में क्लेम नहीं कर सकते, क्योंकि 50% की फ्लैट छूट में सभी खर्च पहले से शामिल माने जाते हैं।गलती 5: एडवांस टैक्स (Advance Tax) की किस्तों का भुगतान न करनावेतनभोगी कर्मचारियों की सैलरी से उनका नियोक्ता हर महीने टैक्स काटकर जमा करता रहता है, लेकिन फ्रीलांसर्स के मामले में टीडीएस कटने के बावजूद अक्सर अंतिम टैक्स देनदारी अधिक निकलती है। आयकर कानून के अनुसार, यदि किसी वित्तीय वर्ष में टीडीएस काटने के बाद आपकी शुद्ध टैक्स देनदारी ₹10,000 या उससे अधिक बनती है, तो आपको चार किस्तों में एडवांस टैक्स जमा करना अनिवार्य होता है।ये किस्तें हर साल 15 जून (15%), 15 सितंबर (45%), 15 दिसंबर (75%) और 15 मार्च (100%) तक जमा करनी होती हैं (धारा 44ADA चुनने वाले 15 मार्च तक पूरी राशि एकमुश्त जमा कर सकते हैं)। यदि आप समय पर एडवांस टैक्स नहीं भरते हैं और केवल जुलाई में आईटीआर फाइल करते समय पूरा सेल्फ-असेसमेंट टैक्स देते हैं, तो धारा 234B और 234C के तहत आपको 1% प्रति माह की दर से भारी दंडात्मक ब्याज चुकाना पड़ेगा।नोटिस से बचने के लिए तुरंत करें ये कामअंतिम दिनों की सर्वर की सुस्ती और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते अपना रिटर्न दाखिल करें। फाइलिंग पूरा करने के बाद 30 दिनों के भीतर अपने रिटर्न का ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) आधार ओटीपी या नेट बैंकिंग के जरिए जरूर पूरा करें। बिना सत्यापन के भरा गया रिटर्न कानूनी रूप से अमान्य माना जाता है, जिससे पेनाल्टी और नोटिस दोनों का जोखिम बना रहता है।
रसोई गैस उपभोक्ताओं को बार-बार सिलेंडर बुक कराने, डिलीवरी के इंतजार और खत्म होने के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने एक राष्ट्रव्यापी और महत्वाकांक्षी योजना पर काम तेज कर दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक औपचारिक पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि जहां भी गैस पाइपलाइन का नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां तेजी से घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ा जाए। इस बदलाव को जमीनी स्तर पर सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकारों से जिला स्तर पर प्रशासनिक सहयोग और नोडल अधिकारियों की तैनाती करने को कहा गया है।राज्यों को भेजे गए पत्र में क्या हैं प्रमुख निर्देश?पेट्रोलियम सचिव द्वारा राज्यों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि देश के ऊर्जा बदलाव (Energy Transition) और उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए पीएनजी को तेजी से अपनाना आवश्यक है:जिला स्तर पर नोडल अधिकारी: हर जिले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग (Food & Civil Supplies) के वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।पीएनजी समन्वय समिति (PCC): हर भौगोलिक क्षेत्र में पीएनजी कोआर्डिनेशन कमेटी का गठन किया जाएगा, जो सोसायटियों और मोहल्लों में पाइपलाइन बिछाने के लिए राइट ऑफ वे (Right of Way) और जरूरी अनुमतियां दिलाने में मदद करेगी।जागरूकता और शिकायत निवारण: उपभोक्ताओं को पीएनजी के सुरक्षा फायदों के प्रति जागरूक करने और संक्रमण प्रक्रिया में आने वाली शिकायतों का मौके पर निपटारा करने की व्यवस्था की जाएगी।सिलेंडर के बजाय पीएनजी पर क्यों फोकस कर रही है सरकार?भारत अपनी कुल घरेलू एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों में व्यवधान आने पर आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने का जोखिम रहता है।पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का दायरा बढ़ाने से ट्रकों और भारी वाहनों के जरिए सिलेंडर ढोने का भारी लॉजिस्टिक्स खर्च बचेगा, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध व सस्ती गैस की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने सीजीडी कंपनियों के लिए सस्ती घरेलू गैस (APM Gas) के आवंटन की प्रोत्साहन योजना को भी मंजूरी दी है, जिससे कनेक्शन बिछाने की लागत वसूली की अवधि तेजी से घटेगी।दोहरे कनेक्शन पर रोक और नए नियमआवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अधिसूचित एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर्स और संबंधित नियमों के अनुसार, जिन रिहायशी कॉलोनियों और हाउसिंग सोसायटियों में पीएनजी की लाइन चालू हो चुकी है, वहां रहने वाले उपभोक्ताओं को दोहरे कनेक्शन (Simultaneous LPG and PNG) रखने की अनुमति नहीं होगी।पीएनजी लाइन उपलब्ध होने के बाद विधिवत नोटिस मिलने पर उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन अपनाना होगा और अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। यदि कोई उपभोक्ता उपलब्ध नेटवर्क के बावजूद पीएनजी अपनाने से मना करता है, तो तय समय-सीमा के बाद उस पते पर एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी बंद की जा सकती है।सिलेंडर सरेंडर और रिफंड की व्यवस्थासरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को बदलाव के दौरान किसी तरह का वित्तीय नुकसान नहीं होगा। जब उपभोक्ता अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करेंगे, तो तेल कंपनियां कनेक्शन लेते समय जमा की गई सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि को सीधे उपभोक्ता के खाते में रिफंड करेंगी और टर्मिनेशन वाउचर जारी करेंगी।वहीं जिन ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में अभी पाइपलाइन नेटवर्क नहीं पहुंचा है, वहां पहले की तरह पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहेगी। यह राष्ट्रव्यापी पहल आने वाले समय में देश के करोड़ों घरों की रसोई को अधिक सुरक्षित, किफायती और आधुनिक बनाने जा रही है।
सनी की बंटवारा देख भड़की Pak एक्ट्रेस, मेकर्स को सुनाया
सनी देओल की बंटवारा 1947 फिल्म देखकर पाकिस्तानी एक्ट्रेस बुशरा अंसारी निराश हुई हैं. उनका कहना है कि फिल्म में पंजाबी भाषा सही से नहीं बोली गई है, जबकि उनके पास बेहतरीन कलाकार हैं जो पंजाबी बोल सकते हैं.
साल 1962 में डॉ. होमी जहांगीर भाभा और डॉ. विक्रम साराभाई की दूरदर्शिता के साथ शुरू हुआ भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम आज छह दशकों के सफर के बाद दुनिया के सबसे शक्तिशाली और आधुनिक अंतरिक्ष ईकोसिस्टम के रूप में स्थापित हो चुका है। केरल के थुम्बा से साइकिल और बैलगाड़ी पर रॉकेट के पुर्जे ढोने से शुरू हुआ यह सफर आज करीब 440 पंजीकृत स्पेस स्टार्टअप्स और 9 अरब डॉलर (USD 9 Billion) की एक विशाल अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का रूप ले चुका है। सरकारी नियंत्रण से निकलकर निजी भागीदारी और वैश्विक नवाचार का केंद्र बने भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अब मानव मिशन 'गगनयान' और अपना स्वयं का 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' (BAS) स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ा रहा है।1962 से अब तक: थुम्बा के साउंडिंग रॉकेट से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक का सफरभारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की नींव 1962 में 'इंडियन नेशनल कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च' (INCOSPAR) के गठन के साथ पड़ी थी। इसके बाद 1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना हुई।1975 में पहले स्वदेशी उपग्रह 'आर्यभट्ट' के सफल प्रक्षेपण से लेकर इनसैट (INSAT), पीएसएलवी (PSLV) और एलवीएम-3 (LVM3) जैसे भरोसेमंद प्रक्षेपण यानों के निर्माण ने भारत को उपग्रह प्रक्षेपण का वैश्विक हब बना दिया। चंद्रयान-1 द्वारा चंद्रमा पर पानी के अणुओं की खोज, मंगलयान (Mangalyaan) की ऐतिहासिक पहली ही कोशिश में सफलता और 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग ने भारत को दुनिया के शीर्ष अंतरिक्ष देशों की कतार में सबसे आगे लाकर खड़ा कर दिया।440 स्पेस स्टार्टअप्स और निजी क्षेत्र की ऐतिहासिक क्रांतिअंतरिक्ष क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक सुधारों और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) के गठन के बाद देश में निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स की बाढ़ आ गई है।स्टार्टअप्स का विस्तार: साल 2014 में देश में केवल 1 स्पेस स्टार्टअप था, जो आज बढ़कर लगभग 440 स्टार्टअप्स तक पहुंच चुका है।निजी निवेश में उछाल: निजी स्पेस सेक्टर में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) नियमों के उदारीकरण और ₹1,000 करोड़ के वेंचर कैपिटल फंड के सहयोग से निजी निवेश 600 मिलियन डॉलर से अधिक का आंकड़ा छू चुका है।निजी रॉकेट और सैटेलाइट्स: अग्निकुल कॉस्मॉस, स्काईरूट एयरोस्पेस, पिक्सल और ध्रुव स्पेस जैसे भारतीय स्टार्टअप्स अब खुद के रॉकेट लॉन्च करने और पृथ्वी अवलोकन (Earth Observation) सैटेलाइट समूह स्थापित करने में सक्षम हो चुके हैं।गगनयान मिशन का ताजा अपडेट: अंतरिक्ष में भारत की पहली मानव उड़ानभारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम 'गगनयान' (Gaganyaan) का बजट ₹20,193 करोड़ तक विस्तारित किया जा चुका है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य 3 भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों (गगनयात्रियों) को पृथ्वी की 400 किलोमीटर की निचली कक्षा (LEO) में 3 दिनों के लिए भेजना और उन्हें सुरक्षित रूप से समुद्र में वापस उतारना है।मिशन के तहत पहले मानवरहित (Uncrewed) प्रायोगिक परीक्षण में महिला रोबोट 'व्योममित्र' (Vyommitra Half-Humanoid) को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा ताकि क्रू मॉड्यूल की लाइफ सपोर्ट और सुरक्षा प्रणालियों की सटीक जांच हो सके। इसके बाद आगामी चरणों में भारतीय वायुसेना के चयनित अंतरिक्ष यात्री तिरंगे के साथ अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे।भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS): 2035 तक कक्षा में स्थापित होगा देश का स्पेस लैबरूस, अमेरिका और चीन के बाद अपनी खुद की स्पेस लैब संचालित करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बनने की राह पर है। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृत 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' (BAS) एक 52 टन वजनी अत्याधुनिक 5-मॉड्यूल स्टेशन होगा, जो पृथ्वी की कक्षा में 400-450 किमी की ऊंचाई पर चक्कर लगाएगा।पहला मॉड्यूल (BAS-01): भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के पहले बेस मॉड्यूल (BAS-01) को वर्ष 2028 तक भारत के सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 के जरिए अंतरिक्ष में लॉन्च करने का लक्ष्य तय किया गया है।पूर्ण स्टेशन का संचालन: पूरे 5 मॉड्यूल वाले स्टेशन को वर्ष 2035 तक पूरी तरह चालू (Operational) कर दिया जाएगा।माइक्रोग्रैविटी रिसर्च: यह स्टेशन भारतीय वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को अंतरिक्ष में दवाओं के निर्माण, जैविक प्रयोगों, सामग्री विज्ञान और भविष्य के चंद्रमा व मंगल अभियानों के लिए दीर्घकालिक मानव अनुसंधान का स्वतंत्र मंच प्रदान करेगा।भारत का यह अंतरिक्ष सफर केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की रणनीतिक संप्रभुता, संचार, आपदा प्रबंधन और आगामी 10 वर्षों में स्पेस इकोनॉमी को 45 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का एक मजबूत और आत्मनिर्भर खाका है।
Ganpati Chakraborty Family Murder: 4
Ganpati Chakraborty Family Murder:
Kalyan Hospital में डॉक्टर पर मरीज के बेटे ने किया हमला, केस दर्ज
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक अस्पताल में एक मरीज के बेटे के साथ विवाद के बाद कथित तौर पर 41 वर्षीय चिकित्सक को अपशब्द कहे गए और उस पर हमला किया गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि कल्याण पुलिस ने शनिवार रात कल्याण ईस्ट के एक अस्पताल में हुई घटना के सिलसिले में आरोपी विनीत जयवंत देशमुख (30) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(1) (जानबूझकर शारीरिक चोट पहुंचाना) और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी के पिता अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में चिकित्सकीय जांच के लिए आए थे। जांच के बाद चिकित्सक योगेंद्र जायसवाल ने उन्हें दवाइयां लिखीं और दवा लेने की मात्रा तथा रोजाना के खानपान से जुड़े आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारी के मुताबिक, जब चिकित्सक मरीज की अन्य शंकाओं का समाधान कर रहे थे, तभी आरोपी ने खानपान के नियमों तथा दवाइयों के इस्तेमाल को लेकर और जानकारी मांगते हुए चिकित्सक से कथित तौर पर अभद्र और आक्रामक में बात करना शुरू कर दिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर ओपीडी कक्ष के भीतर चिकित्सक के साथ गाली-गलौज की और उनकी गर्दन पकड़कर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि वहां मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों ने बीच-बचाव कर चिकित्सक को बचाया।
मोबाइल कैमरा देखते ही अब नहीं उलझेगी दिल्ली पुलिस! प्रदर्शनकारियों को लेकर जवानों के लिए नई गाइडलाइन
Delhi Police Protest Guidelines:
जौनपुर के 5 स्कूलों को लेकर संजय सिंह का दावा, बोले- रिकॉर्ड में संचालित, मौके पर नहीं मिले
आप सांसद संजय सिंह ने जौनपुर के पांच सरकारी स्कूलों के संचालन और रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं, अधिकारियों से निष्पक्ष ज
NEET PG 2026 का Admit Card इस दिन होगा जारी, जानें डाउनलोड करने का फुल प्रोसेस और Exam Guideline
Kab ayega NEET PG Ka Admit Card : NEET PG के जरिए मेडिकल कॉलेजों के MD, MS और PG Diploma कोर्सों में प्रवेश मिलता है. यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में MBBS पास उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं.

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