स्टारपावर से फर्स्ट लेडी तक... मैडम पेंग की कहानी, कैसे बन गईं चीन की सॉफ्ट पावर?
पेंग लियुआन की भूमिका को सिर्फ 'शी की पत्नी' के फ्रेम में देखना, इसे कम आंकना होगा. वे चीन की ऐसी पब्लिक फिगर हैं जो कठोर राजनीतिक संदेशों से अलग भाषा बोलती हैं. जहां शी जिनपिंग चीन की राजनीतिक और रणनीतिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं पेंग संगीत, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए चीन के सॉफ्टपावर को दुनिया के सामने रखती हैं.
चेन्नई की विशेष एनआईए अदालत ने हिंदू मुन्नानी प्रवक्ता सी. शशिकुमार की हत्या के मामले में प्रतिबंधित संगठन पीएफआइ के चार कार्यकर्ताओं को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
देशभर के 25000 से ज्यादा विद्या भारती केंद्रों में एक साथ गाया गया पूरा 'वंदे मातरम्', बना रिकॉर्ड
विद्या भारती ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर 'नमामि भारतम्' कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक साथ पूरा वंदे मातरम् गाया गया।
अमेरिका से वापस लौटे शी जिनपिंग, ट्रंप से फिर हो सकती है मुलाकात
अमेरिका दौरा खत्म करने के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि इस साल उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो और मुलाकातें हो सकती हैं. शी ने ट्रंप और मेलानिया को नवंबर में चीन के शेनझेन में होने वाले एपेक सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया है. इसके बाद दिसंबर में अमेरिका में होने वाले जी-20 सम्मेलन में भी दोनों नेता मिल सकते हैं.
मोदी ने युवाओं में जगाया अपनी क्षमता पर भरोसा : नितिन नवीन
जयपुर में युवा संवाद जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद नितिन नवीन ने युवाओं से बड़ा लक्ष्य तय करने, असफलताओं से नहीं घबराने और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं में अपनी क्षमताओं पर भरोसा […] The post मोदी ने युवाओं में जगाया अपनी क्षमता पर भरोसा : नितिन नवीन appeared first on Sabguru News .
युवतियों से छींटाकशी, विरोध पर गाली-गलौज... ऐसे पकड़े गए दो आरोपी
मेरठ के लालकुर्ती पैंट एरिया में शुक्रवार को खरीदारी करने पहुंची दो युवतियों से छींटाकशी का मामला सामने आया. आरोप है कि स्कूटी पर बैठे दो युवकों ने विरोध करने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. सूचना पर पुलिस और एंटी रोमियो टीम सक्रिय हुई और CCTV फुटेज खंगालकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया.
साइकिल चोरी की फरियाद लेकर DM पहुंची छात्रा, अफसर ने दिलाई नई साइकिल
बरेली में साइकिल चोरी की शिकायत लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची 22 वर्षीय छात्रा नीतू की परेशानी सुनकर डीएम अविनाश कुमार ने तुरंत मदद की. छात्रा ने बताया कि तीन महीने पहले ITI कॉलेज के छात्रावास से उसकी साइकिल चोरी हो गई थी. पढ़ाई के लिए आने-जाने में दिक्कत हो रही थी. डीएम ने स्टाफ के साथ बाजार जाकर उसे नई साइकिल दिलाई.
पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में 6 महीने के लिए बढ़ा AFSPA, केंद्र का बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के इलाकों में AFSPA को 1 अक्टूबर से छह महीने के लिए बढ़ा दिया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से वोट बैंक की राजनीति के बजाय सामाजिक सुधार और सकारात्मक बदलाव के लिए काम करने का आग्रह किया। उन्होंने महात्मा गांधी के उदाहरण का उल्लेख करते हुए 'मेक इन इंडिया' की सफलता पर भी बात की।
‘एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है’, पाकिस्तानी पत्रकार को जयशंकर ने क्यों दिया तीखा जवाब?
Jaishankar Slams Pakistan Journalist:
सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में 10 साल की सजा पाए व्यक्ति को बरी कर दिया, यह कहते हुए कि बिना ठोस सबूत किसी काम को अनैतिक बताकर सजा देना सही नहीं है।
केवल किसी काम को अनैतिक मानकर सजा नहीं दे सकते, रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
अदालत ने अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि धारा 376 के तहत दोषी ठहराने का निचली अदालत का फैसला पूरी तरह गलत था, और उच्च न्यायालय ने भी इसे मानकर गलती की। इसने निचली अदालत और एचसी के फैसले को रद्द कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक के दोषियों और उनके परिवार की संपत्ति जब्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। न्यायालय ने केंद्र व सभी राज्य सरकारों से इस मामले पर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।
दहेज, अंधविश्वास और जायदाद... विवाहिता पर पेट्रोल डालकर जलाया
राजस्थान के जैसलमेर में विवाहिता हिना भील की इलाज के दौरान मौत हो गई. मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, टोने-टोटके कराने, संतान नहीं होने देने और पुश्तैनी जमीन हड़पने की साजिश रचने के आरोप लगाए हैं. शिकायत के मुताबिक, 21 सितंबर की रात हिना पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में व्यापक फेरबदल किया है। पार्टी ने महिला, युवा, ओबीसी और अनुसूचित जाति मोर्चों से लेकर प्रदेश पदाधिकारियों और सात सांगठनिक जिलों तक कई बदलाव किए हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल रहे छह मंत्रियों को संगठन के पदों से मुक्त […] The post निकाय चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल भाजपा में बड़ा फेरबदल, 6 मंत्रियों की संगठन से छुट्टी; नए चेहरों को कमान appeared first on Sabguru News .
केशव प्रसाद मौर्य ने आज माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर आत्मीय शिष्टाचार भेंट की। इस उच्चस्तरीय बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति, संगठनात्मक कार्य तथा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक एवं विस्तृत चर्चा हुई।12 वर्षों में बदल गई देश की तस्वीर: श्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक कार्यश्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनहितैषी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि जो ऐतिहासिक कार्य विपक्ष 70 वर्षों के शासन में नहीं कर सका, वह आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने बीते 12 वर्षों में धरातल पर साकार करके दिखा दिया है। पक्के आवास, नि:शुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा, उज्ज्वला, हर घर नल से जल, पारदर्शी डीबीटी प्रणाली और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण से देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का जीवन संवरा है। आज भारत जिस तेज गति से आर्थिक महाशक्ति और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, उसे देखते हुए देश का कायाकल्प करने और विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ाने के लिए श्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व देश की सर्वोच्च आवश्यकता है।
रसोई में मौजूद इन चीजों से चमकाएं फ्रिज, बदबू भी होगी छूमंतर
Fridge Cleaning Hacks: फ्रिज की चिपचिपी शेल्फ, जिद्दी दाग और तेज बदबू से परेशान हैं? रोजाना इस्तेमाल होने वाले फ्रिज की सफाई अक्सर टल जाती है, जिससे खाने की चीजों की गंध और गंदगी अंदर जमने लगती है. ऐसे में महंगे क्लीनिंग प्रोडक्ट खरीदने की जरूरत नहीं है. चलिए जानते हैं बेकिंग सोडा, सिरका और नींबू जैसी आसानी से मिलने वाली घरेलू चीजों की मदद से फ्रिज की गंदगी, चिपचिपाहट और बदबू कम करने के आसान तरीके.
मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल के अशांत इलाकों में 6 महीने के लिए बढ़ा AFSPA, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के कुछ अशांत क्षेत्रों में आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स) एक्ट (अफस्पा) को 1 अक्टूबर से अगले छह महीनों के लिए बढ़ा दिया है।
ज्ञानेश कुमार पर NDA में भी उठी आवाज! विपक्ष के सवालों के बाद 3 सहयोगियों ने EC से मांगी सफाई
चुनाव आयोग के भीतर विचारों के कथित मतभेद पर इस बार NDA के तीन सहयोगी दलों (LJP-R, RLM, TDP) ने इलेक्शन कमीशन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. बीजेपी के सहयोगी इन दलों ने कहा है कि चुनावी व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. और चुनाव आयोग को इन आरोपों पर जोरदार तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए.
महात्मा गांधी की जयंती यानी 2 अक्टूबर को देशभर में 'नो यूपीआई डे' (No UPI Day) मनाए जाने, दुकानों पर लगे क्यूआर कोड स्टैंड पर काला कपड़ा बांधने और केवल नकद (Cash) में लेन-देन करने की वायरल खबरों के बीच भारतीय व्यापारी संगठनों का बड़ा और आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आ गया है। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) और तकनीकी समस्याओं के विरोध में खुदरा व्यापारी 2 अक्टूबर को पूर्ण बहिष्कार करने जा रहे हैं। इस खबर से करोड़ों ऑनलाइन पेमेंट यूजर्स और त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे उपभोक्ताओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। अब देश के सबसे बड़े व्यापारी परिसंघ 'कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' (CAIT) और प्रमुख रिटेल यूनियनों ने सामने आकर साफ लफ्जों में कह दिया है कि उन्होंने किसी भी ऐसे राष्ट्रव्यापी 'नो यूपीआई डे' का कोई औपचारिक आह्वान नहीं किया है और यह महज सोशल मीडिया पर फैलाया गया भ्रम है।'हमने तो ऐसा कोई ऐलान ही नहीं किया...' व्यापारी नेताओं की दो टूक सफाईसीएआईटी और दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, जयपुर समेत देश के प्रमुख व्यापार मंडलों के शीर्ष पदाधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि संगठन डिजिटल लेन-देन के विरोध में बिल्कुल नहीं है। व्यापारी प्रतिनिधियों ने कहा, हमने तो 2 अक्टूबर को किसी तरह के 'नो यूपीआई डे' मनाने या क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढकने की कोई आधिकारिक घोषणा या फैसला लिया ही नहीं है। कुछ स्थानीय गुटों या सोशल मीडिया पर वायरल बिना आधार के संदेशों के आधार पर यह अफवाह फैलाई गई है, जिससे आम जनता और छोटे दुकानदारों में अनावश्यक भ्रम की स्थिति बन गई।व्यापारी नेताओं ने रेखांकित किया कि आज का भारतीय रिटेल बाजार यूपीआई के बिना चल ही नहीं सकता। किराना, कपड़ा, मिठाई और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स में 70 से 80 प्रतिशत ग्राहक जेब में बिना पर्स लिए सिर्फ स्मार्टफोन के सहारे खरीदारी करने निकलते हैं। ऐसे में त्योहारी सीजन के ऐन मुहाने पर यूपीआई बंद करने का कदम सीधे तौर पर व्यापारियों के अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा।तो फिर व्यापारियों की असली नाराजगी किस बात पर है?हालांकि व्यापारी यूनियनों ने 'नो यूपीआई डे' के बहिष्कार की खबर का खंडन कर दिया है, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया है कि डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम को लेकर उनकी कुछ वास्तविक और जायज समस्याएं हैं, जिन पर सरकार और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) को ध्यान देना होगा:फिनटेक कंपनियों के छिपे हुए चार्ज: यूनियनों का आरोप है कि विभिन्न थर्ड-पार्टी ऐप्स साउंडबॉक्स रेंटल के नाम पर हर महीने 100 से 150 रुपये की मनमानी कटौती कर रहे हैं।व्यस्त समय में सर्वर फेल होना: त्योहारी भीड़ के समय बैंकों के सर्वर डाउन होने से ग्राहकों के पैसे कट जाते हैं और दुकानदार के पास नहीं पहुंचते। विवाद समाधान में 48 से 72 घंटे लगने से छोटे दुकानदारों की वर्किंग कैपिटल अटक जाती है।15 अक्टूबर से लागू होने वाले MDR फ्रेमवर्क को लेकर संशय: सरकार द्वारा 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर प्रस्तावित नए नियमों को लेकर खुदरा व्यापारियों में आशंका बनी हुई है।सरकार और एनपीसीआई की स्थिति पहले ही हो चुकी है स्पष्टव्यापारियों की इन चिंताओं के बीच केंद्र सरकार और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने पहले ही आधिकारिक तौर पर आश्वस्त किया है कि सामान्य बैंक-टू-बैंक यूपीआई ट्रांजेक्शन हमेशा की तरह शून्य शुल्क (Zero MDR) पर ही रहेगा।आंकड़ों के मुताबिक, देश के 96% से अधिक खुदरा भुगतान ₹2,000 से कम के होते हैं, जिन पर 15 अक्टूबर के बाद भी कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसके अतिरिक्त, जिन छोटे व्यापारियों का मासिक टर्नओवर 1 लाख रुपये तक है, वे पूरी तरह छूट के दायरे में हैं। बड़े रिटेलर्स और कॉरपोरेट प्रतिष्ठानों पर लगने वाले चार्ज का भी कोई भी हिस्सा ग्राहकों से वसूलने की अनुमति नहीं है।2 अक्टूबर को सुचारू रूप से चलेगा UPI, घबराने की जरूरत नहींयूनियनों के इस नए बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि गांधी जयंती (2 अक्टूबर) के दिन देश भर में डिजिटल भुगतान पूरी तरह सामान्य रहेगा। किसी भी दुकान, मॉल या पेट्रोल पंप पर ऑनलाइन पेमेंट बंद नहीं होगी और न ही उपभोक्ताओं को नकद पैसे निकालने के लिए एटीएम की कतारों में लगना पड़ेगा। व्यापारी संगठनों ने अपने सभी सदस्यों से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित संदेश पर ध्यान न दें और त्योहारी सीजन में ग्राहकों को कैशलेस और सुविधाजनक डिजिटल अनुभव देना जारी रखें।
राजस्थान के 10 में से 9 नगर निगमों में भाजपा के महापौर, बीकानेर में कांग्रेस ने बचाया किला
जयपुर। राजस्थान के नगर निगम चुनावों में शुक्रवार को जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम में हुए महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों की जीत के बाद प्रदेश के 10 नगर निगमों में से 9 में भाजपा के महापौर बन गए हैं। कांग्रेस को केवल बीकानेर में सफलता मिली है। इससे पहले सात नगर निगमों के […] The post राजस्थान के 10 में से 9 नगर निगमों में भाजपा के महापौर, बीकानेर में कांग्रेस ने बचाया किला appeared first on Sabguru News .
भारतीय शेयर बाजार और इंफ्रास्ट्रक्चर-केमिकल सेक्टर के लिए एक बड़ी कॉर्पोरेट खबर सामने आई है। प्रमुख नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (Navratna PSU) 'राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड' (RCF) ने देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन दिग्गज 'लार्सन एंड टुब्रो' (L&T) को एक विशाल कॉन्ट्रैक्ट सौंपा है। आरसीएफ ने अपने महाराष्ट्र स्थित प्रतिष्ठित थाल अमोनिया प्लांट के आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार (Revamp) के लिए एलएंडटी को ₹797.10 करोड़ (टैक्स सहित) का औपचारिक वर्क ऑर्डर जारी किया है। यह मेगा प्रोजेक्ट अगले 36 महीनों यानी तीन वर्षों की तय समयसीमा में पूरा किया जाना है। इस रणनीतिक साझेदारी से जहां देश में यूरिया और अमोनिया उत्पादन की ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी, वहीं दलाल स्ट्रीट पर दोनों कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की सक्रियता तेजी से बढ़ गई है।क्या है ₹797 करोड़ का प्रोजेक्ट और L&T का कार्यक्षेत्र?आरसीएफ द्वारा स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह ऑर्डर इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन और कमीशनिंग यानी पूर्ण ईपीसी (EPC) आधार पर दिया गया है।इस प्रोजेक्ट के तहत एलएंडटी के एनर्जी हाइड्रोकार्बन डिवीजन को थाल (रायगढ़, महाराष्ट्र) स्थित अमोनिया निर्माण सुविधा के बेसिक इंजीनियरिंग डिजाइन, प्रोक्योरमेंट, फैब्रिकेशन, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और फाइनल कमीशनिंग की संपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी। यह टर्नकी प्रोजेक्ट प्लांट के उत्पादन चक्र को अत्याधुनिक तकनीक पर अपग्रेड करने, उत्सर्जन मानकों को नियंत्रित करने और ऊर्जा की प्रति टन खपत को घटाने के लिए डिजाइन किया गया है।36 महीनों में थाल अमोनिया प्लांट के रिवैम्प का क्या होगा असर?थाल फर्टिलाइजर कॉम्प्लेक्स भारत के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण उर्वरक संयंत्रों में गिना जाता है, जहां से देश के कृषि क्षेत्र को भारी मात्रा में यूरिया और औद्योगिक अमोनिया की आपूर्ति की जाती है। इस मेगा रिवैम्प के 3 मुख्य फायदे होंगे:ऊर्जा दक्षता और लागत में कमी: पुराने कंप्रेसर, रिफॉर्मर और हीट रिकवरी सिस्टम को बदलकर नई पीढ़ी की तकनीक लगाई जाएगी। इससे प्रति मीट्रिक टन अमोनिया उत्पादन में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की खपत काफी कम होगी।उत्पादन क्षमता में स्थिरता: प्लांट की कार्यक्षमता बढ़ने से डाउनटाइम और अनपेक्षित शटडाउन की घटनाएं न के बराबर रह जाएंगी, जिससे देश में घरेलू उर्वरक आपूर्ति निर्बाध बनी रहेगी।कार्बन फुटप्रिंट और पर्यावरण संरक्षण: नए सिस्टम के लागू होने से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में भारी गिरावट आएगी, जिससे आरसीएफ को वैश्विक सस्टेनेबिलिटी और कड़े ईएसजी (ESG) मानकों पर खरा उतरने में मदद मिलेगी।ऑर्डर बुक और शेयरों पर दोनों कंपनियों के लिए क्या हैं मायने?लार्सन एंड टुब्रो (L&T): वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान एलएंडटी की हाइड्रोकार्बन और एनर्जी ऑर्डर बुक लगातार मजबूत बनी हुई है। घरेलू फर्टिलाइजर सेक्टर में मिला यह 797 करोड़ रुपये का ठेका कंपनी की कोर ईपीसी क्षमता और कड़े समय में बड़े इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स डिलीवर करने के ट्रैक रिकॉर्ड को और मजबूत करता है।राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF): नवरत्न दर्जे के तहत आरसीएफ को अपनी पूंजीगत योजनाओं (Capex Plans) पर स्वतंत्र फैसले लेने की छूट मिली हुई है। थाल प्लांट के आधुनिकीकरण पर किया जा रहा यह पूंजीगत खर्च कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन (EBITDA Margin) को आने वाले वर्षों में सुधारने का काम करेगा, जो लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है।सरकारी नीतियों और उर्वरक आत्मनिर्भरता को मिलेगा बलकेंद्र सरकार देश को रासायनिक खादों और विशेष रूप से यूरिया उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मिशन मोड पर काम कर रही है। गैस आधारित आधुनिक अमोनिया प्लांट्स का विस्तार होने से भारत की आयातित उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और सरकार के सब्सिडी बिल पर पड़ने वाला भारी वित्तीय बोझ भी कम होगा। आरसीएफ और एलएंडटी के बीच हुआ यह करार 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करने वाला एक अहम कदम है।
देश में युवाओं के बीच भक्ति संगीत का एक नया ट्रेंड तेजी से चर्चा में है, जिसे ‘Bhajan Clubbing’ कहा जा रहा है। इसी ट्रेंड के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शुक्रवार को एक ऐसे कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां युवा पारंपरिक भजनों को आधुनिक और ऊर्जावान ...
नशे में था Air India पायलट, स्विट्जरलैंड से भारत आ रही फ्लाइट से हटाया गया
Air India के AI152 ज्यूरिख-दिल्ली विमान के एक पायलट को 6 सितंबर को उड़ान से पहले सामान्य स्थिति में नहीं पाया गया. एयरलाइन की सेफ्टी मॉनिटरिंग के तहत ज्यूरिख एयरपोर्ट अधिकारियों को सूचना दी गई. शुरुआती ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट रिपोर्ट मिलने के बाद पायलट को ड्यूटी से हटा दिया गया और भारत भेजा गया. वह फिलहाल सस्पेंड है.
CEC ज्ञानेश कुमार के पास इम्युनिटी का बूस्टर, क्यों नहीं हो सकती गिरफ्तारी? Inside Story
राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए उन्हें सरकारी गवाह बनने की सलाह दी है। हालांकि, 2023 के एक कानून की धारा 16 उन्हें सरकारी ड्यूटी के दौरान किए गए कार्यों के लिए गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान करती है, जिस पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
मंदीप भंडारी बने CBSE के नए चेयरपर्सन... कई और अफसरों का भी ट्रांसफर
केंद्र सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मंदीप के भंडारी को सीबीएसई का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है. 2001 बैच के आईएएस भंडारी फिलहाल जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव हैं. उनके अलावा कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं.
नीलेश माथुर गोवा में एक महिला कथित तौर पर जिस ‘डिजिटल अरेस्ट’ की शिकार हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, महिला को वीडियो कॉल पर लगातार निगरानी में रखा गया, उन्हें विश्वास दिलाया गया कि वह एक आपराधिक जांच के दायरे में हैं और उनसे “2.60 करोड़ से अधिक की रकम ऐसे खातों में ट्रांसफर […]
नेपाल में भारी बारिश के बाद Bihar में अलर्ट, गंडक और कोसी तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी
बिहार सरकार ने पड़ोसी नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंडक और कोसी नदियों में जलप्रवाह बढ़ने के पूर्वानुमान के मद्देनजर शुक्रवार को अलर्ट जारी करते हुए संवेदनशील तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अनुसार, 27 सितंबर की मध्यरात्रि तक वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज पर 3,81,638 क्यूसेक पानी पहुंचने का अनुमान है, जबकि शनिवार सुबह छह बजे वीरपुर स्थित कोसी बैराज पर जलप्रवाह 3,53,407 क्यूसेक तक पहुंच सकता है। विभाग ने अधिकारियों को तटबंधों, स्लूइस गेटों और निचले इलाकों में रात्रि गश्त करने तथा रिसाव, कटाव, ओवरटॉपिंग या तटबंध टूटने जैसी किसी भी आशंका की तत्काल सूचना देने का निर्देश दिया है। डब्ल्यूआरडी के बयान में कहा गया, “संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त जनशक्ति, प्रकाश व्यवस्था और संचार सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों को पूरी रात सतर्क रहने तथा जिला अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।”हालांकि अधिकारियों ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से अब तक 50.49 लाख लोग प्रभावित हैं। प्रभावित आबादी 576 ग्राम पंचायतों के 88 प्रखंडों में फैली हुई है। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जिले शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कोसी नदी बलतारा और बागमती नदी सोनाखान तथा बेनीबाद में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राज्य में सितंबर में अब तक 201.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक है। वहीं 1 जून से 25 सितंबर के बीच कुल वर्षा 722.7 मिमी रही, जो सामान्य से 24 प्रतिशत कम है। राहत कार्यों के तहत अब तक 4.54 लाख पॉलीथीन शीट, 99,200 सूखा राशन पैकेट और 1,500 भोजन पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके अलावा 222 नावें राहत एवं आवागमन में लगी हैं तथा 18,302 क्विंटल पशु चारा उपलब्ध कराया गया है। विभाग ने बताया कि जिन क्षेत्रों में स्थिति सामान्य हो गई है वहां सामुदायिक रसोई और राहत शिविर बंद कर दिए गए हैं। इस वर्ष की बाढ़ के दौरान सामुदायिक रसोई के माध्यम से लगभग 1.95 करोड़ भोजन परोसे गए। शाम पांच बजे तक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर जलप्रवाह 1.29 लाख क्यूसेक, वीरपुर स्थित कोसी बैराज पर 2.66 लाख क्यूसेक और इंद्रपुरी स्थित सोन बैराज पर 41,377 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो बढ़ती प्रवृत्ति दर्शाता है। फिलहाल राज्य के विभिन्न जिलों में एसडीआरएफ की 27 तथा एनडीआरएफ की आठ टीमें तैनात हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा का पूर्वानुमान जताया है।
कौन हैं डॉ. मनदीप भंडारी? जिन्हें सौंपी गई CBSE की जिम्मेदारी, अमरनाथजी श्राइन बोर्ड से क्या है नाता
डॉ. मनदीप के भंडारी 2001 बैच के AGMUT कैडर (पहले जम्मू-कश्मीर कैडर) के अधिकारी हैं। वह मूलत: पंजाब के रहने वाले हैं। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र की पढ़ाई की है।
तेज रफ्तार ट्रक हुआ अनियंत्रित, शोरूम के बाहर खड़ी गाड़ियों को रौंदा
झांसी के झोकनबाग इलाके में शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे शोरूम के बाहर खड़ी कई गाड़ियों को टक्कर मार दी. हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए और शोरूम के कांच व फ्रिज भी टूट गए. राहत की बात रही कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ. घटनास्थल के पास स्कूल होने से बड़ा खतरा टल गया.
देश के करोड़ों पॉलिसीधारकों और आम बीमा ग्राहकों के लिए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने एक क्रांतिकारी सुधार की रूपरेखा पेश की है। बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने, पॉलिसीधारकों को अधिक वैल्यू देने और लंबे समय से चल रही बेतहाशा कमीशनखोरी पर लगाम लगाने के लिए नियामक ने 'रीकैलिब्रेटिंग इकोनॉमिक्स ऑफ इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन' (Recalibrating Economics of Insurance Distribution) कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इस नए प्रस्ताव से जहां एक तरफ इंश्योरेंस ब्रोकर्स, कॉर्पोरेट एजेंट्स (बैंकों) और बड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स की भारी-भरकम कमाई पर जोरदार कैंची चलने जा रही है, वहीं दूसरी तरफ आम पॉलिसीधारकों के लिए प्रीमियम सस्ता होने, मिस-सेलिंग रुकने और सेविंग्स पॉलिसियों पर बेहतर रिटर्न मिलने का रास्ता साफ हो गया है।IRDAI के नए प्रस्ताव से पॉलिसीधारकों को कैसे मिलेगा सीधा फायदा?अब तक इंश्योरेंस सेक्टर में ग्राहक द्वारा चुकाए जाने वाले प्रीमियम का एक बड़ा हिस्सा एजेंट्स, बैंकों और मीडिएटर्स की कमीशन जेब में चला जाता था। IRDAI के नए नियमों से उपभोक्ताओं को सीधे ये 5 बड़े लाभ मिलने जा रहे हैं:सस्ता हो सकता है प्रीमियम: डिस्ट्रीब्यूशन लागत और कंपनियों के मैनेजमेंट खर्च (Expenses of Management - EoM) में कमी आने से बीमा कंपनियों के पास प्रीमियम घटाने की गुंजाइश बनेगी। विशेष रूप से हेल्थ इंश्योरेंस और मोटर इंश्योरेंस में इसका असर दिख सकता है।कर्ज के साथ जबरन इंश्योरेंस पर पूर्ण प्रतिबंध: बैंक और एनबीएफसी (NBFCs) अब होम लोन, पर्सनल लोन या कार लोन देते समय ग्राहकों को जबरन अपनी पार्टनर इंश्योरेंस कंपनी की पॉलिसी थोपने (Compulsory Bundling) का दबाव नहीं बना सकेंगे। यह पूरी तरह ग्राहक की मर्जी पर निर्भर करेगा।बैंकों के कमीशन पर सख्त कैप: लोन के साथ इंश्योरेंस बेचने वाले बैंकों और लेंडर्स का कमीशन घटाकर मात्र 2% से 5% के दायरे में सीमित करने का प्रस्ताव है। इससे बैंक शाखाओं में ग्राहकों को जबरन इंश्योरेंस बेचने की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी।मिस-सेलिंग और धोखेबाजी पर रोक: बीमा कंपनियों और एजेंट्स के लिए ग्राहक की जरूरत और प्रोडक्ट उपयुक्तता (Suitability Analysis) का लिखित रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। यानी केवल मोटा कमीशन कमाने के लिए किसी बुजुर्ग या कम आय वाले व्यक्ति को गलत यूलिप या एंडोमेंट पॉलिसी नहीं बेची जा सकेगी।पॉलिसी सरेंडर करने पर कम नुकसान: लाइफ इंश्योरेंस में भारी फ्रंट-लोडेड कमीशन घटने से पहले साल से ही पॉलिसी का एसेट बिल्ड-अप बेहतर होगा, जिससे पॉलिसी बीच में छोड़ने पर ग्राहक की गाढ़ी कमाई पूरी तरह डूबने से बचेगी।डिस्ट्रीब्यूटर्स और कॉर्पोरेट एजेंट्स को क्यों लगा तगड़ा झटका?नियामक के आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच जहां मोटर प्रीमियम में 34% की बढ़ोतरी हुई, वहीं डिस्ट्रीब्यूटर्स को मिलने वाले कमीशन में 259% का अप्रत्याशित उछाल देखा गया। इसी तरह लाइफ इंश्योरेंस में नए प्रीमियम में 28% की वृद्धि हुई, जबकि बैंकों व कॉर्पोरेट एजेंट्स को मिले भुगतान में 125% की भारी वृद्धि दर्ज की गई। इस बेलगाम खर्च पर रोक लगाने के लिए नियामक ने नए प्रोडक्ट-वाइज कमीशन कैप प्रस्तावित किए हैं:इंश्योरेंस का प्रकारमौजूदा स्थिति (औसत कमीशन)डिस्ट्रीब्यूशन फर्म्स/ब्रोकर्स के लिए नया कैपव्यक्तिगत एजेंट्स के लिए नया कैपहेल्थ इंश्योरेंस (पहली बार)30% से 35% तकअधिकतम 15%अधिकतम 20%हेल्थ रिन्यूअल / पोर्टिंग15% से 25%मात्र 5%मात्र 10%मोटर थर्ड पार्टी (नई गाड़ियां)20% से 24%शून्य (0% कमीशन)2.5%मोटर ओन-डैमेज (नई गाड़ियां)25% से 40% तकमात्र 5%10%टर्म लाइफ इंश्योरेंस (मल्टी-ईयर)35% से 40% तक25% (पहले साल)30% (पहले साल)बीमा कंपनियों के खर्च (EoM) में 5 साल की बड़ी कटौती योजनाIRDAI ने केवल कमीशन ही नहीं, बल्कि बीमा कंपनियों के कुल संचालन खर्च (Expenses of Management) को भी सख्ती से सीमित करने के लिए 5 साल का 'ग्लाइड पाथ' तय किया है:लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां: वर्तमान खर्च सीमा को घटाकर अगले 2 साल में 15% और 5 साल के भीतर 12.5% पर लाना होगा।जनरल इंश्योरेंस कंपनियां: कंपनियों को अपने प्रबंधन खर्च को घटाकर 2 साल में 25% और 5 वर्षों के भीतर 20% तक सीमित करना होगा।ऑडिट और अप्रत्यक्ष भुगतान पर शिकंजा: अब गिफ्ट, रिवॉर्ड, फॉरेन ट्रिप्स और स्पॉन्सरशिप जैसे अप्रत्यक्ष भुगतानों को भी 'कमिशन' की परिभाषा में शामिल कर लिया गया है, ताकि पिछले दरवाजे से एजेंट्स को अतिरिक्त फायदा न दिया जा सके।'बीमा सुगम' से डिजिटल क्रांति की तैयारीइस पूरे सुधार का अंतिम लक्ष्य 'बीमा सुगम' (Bima Sugam) और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) के जरिए बीमा बिक्री को बिचौलियों के जाल से निकालकर एक पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करना है। जैसे यूपीआई ने पेमेंट्स की दुनिया बदल दी, वैसे ही बीमा सुगम के जरिए आम नागरिक विभिन्न कंपनियों की पॉलिसियों की सीधी तुलना करके बिना किसी कमीशन एजेंट के कम कीमत में ऑनलाइन पॉलिसी खरीद सकेंगे।कब से लागू होंगे नए नियम?नियामक ने इस कंसल्टेशन पेपर पर सभी हितधारकों, बीमा कंपनियों, एजेंट संगठनों और आम जनता से 25 अक्टूबर 2026 तक सुझाव और प्रतिक्रियाएं मांगी हैं। इन सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम रेगुलेशन जारी किए जाएंगे। अगर यह प्रस्ताव अपने मौजूदा स्वरूप में लागू होता है, तो यह भारतीय बीमा उद्योग के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ग्राहक-हितैषी कदम साबित होगा।
लोकसभा स्पीकर ने TMC के बागी सांसदों को दी 15 दिन की मोहलत
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को जवाब देने के लिए लोकसभा सचिवालय ने 15 दिन का समय दिया है. बागी तृणमूल सांसदों को 8 अक्टूबर तक अपना जवाब देना होगा.
CEC ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी पर अड़ी Congress, चंडीगढ़ में पुलिस ने वाटर कैनन से रोका
कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने व गिरफ्तार करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और इस दौरान चंडीगढ़ स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पानी की बौछारें कीं। पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता सेक्टर-17 में प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए थे। कांग्रेस की पंजाब इकाई ने बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट सीईसी कुमार के खिलाफ विरोध मार्च का नेतृत्व करेंगे। हालांकि, शुक्रवार को उनकी अनुपस्थिति में वड़िंग ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं जालंधर से मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी भी प्रदर्शन के दौरान मौजूद नहीं रहे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ने के लिए पुलिस के अवरोधक को लांघने की कोशिश की तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से पहले कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर की गई है और नागरिकों से उनके मतदान के अधिकार छीने जा रहे हैं। वड़िंग, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘‘वोट चोरी बंद करो’’ का नारा लगाते हुए मांग की कि कुमार को बर्खास्त किया जाए, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। वड़िंग ने कहा, ‘‘इस देश में वोट चोरी हो रही है। भाजपा वोट चोरी करके सरकारें बना रही है। एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोका जाना चाहिए।’’उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने हरियाणा और महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘जो चुनावी जीत दिख रही है, वह वास्तव में वोटों की चोरी है।’’वड़िंग ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को लगे बड़े झटके के बाद किसी को भी इन दोनों राज्यों में उसकी जीत की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी हेरफेर किया गया था। उन्होंने दोहराया कि पंजाब में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) रद्द किया जाना चाहिए। प्रदर्शन में सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, राणा गुरजीत सिंह, धर्मवीर गांधी, विजय इंदर सिंगला और बलबीर सिंह सिद्धू सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। रंधावा ने कहा कि राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से कह रहे हैं कि निर्वाचन आयोग चुनावों में धांधली करने के लिए भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और निर्वाचन आयोग दोनों देश के नागरिकों के सामने बेनकाब हो चुके हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने उस बात का समर्थन किया है जिसे वह एक साल से अधिक समय से कहते आ रहे हैं कि देश की चुनावी व्यवस्था “बर्बाद” हो गई है। यह दावा एक अंग्रेजी दैनिक की उस खबर के सामने आने के बाद किया गया जिसमें कहा गया था कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से नाम हटाने और जोड़ने संबंधी मुद्दों पर चिंता जताई थी।
देशभर के सार्वजनिक, निजी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के करीब 15 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों की 'हफ्ते में 5 दिन काम' (5-Day Work Week) की बहुप्रतीक्षित मांग को केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय से बड़ा झटका लगा है। लंबे समय से सोशल मीडिया और कर्मचारी यूनियनों के बीच यह चर्चा गर्म थी कि सरकार जल्द ही सभी शनिवारों को आधिकारिक अवकाश घोषित करने वाली है। लेकिन वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने इस पर पूर्ण विराम लगाते हुए दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि सरकार ने इस प्रस्ताव को कभी भी सैद्धांतिक या अंतिम मंजूरी नहीं दी थी। मंत्रालय का साफ मानना है कि भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में बैंकिंग सेवाओं का सीधे आम नागरिकों, किसानों, व्यापारियों और सरकारी राजस्व से सीधा जुड़ाव है, इसलिए शनिवार की पूरी छुट्टी से आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।क्या था 5-डे वर्किंग का प्रस्ताव और IBA की सिफारिश?वर्तमान व्यवस्था के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारत सरकार के नियमों के अनुसार बैंकों में हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को शाखाएं सामान्य दिनों की तरह काम करती हैं।बैंक यूनियनों के संयुक्त संगठन 'यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस' (UFBU) और बैंकों के प्रबंधन निकाय 'इंडियन बैंक्स एसोसिएशन' (IBA) के बीच हुए 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते (12th Bipartite Wage Settlement) के दौरान सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत कर्मचारियों ने यह प्रस्ताव रखा था कि शनिवार की भरपाई के लिए वे सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 से 45 मिनट अतिरिक्त काम करेंगे। आईबीए ने इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के पास भेजा था। लेकिन मंत्रालय की हरी झंडी न मिलने के कारण यह फाइल लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी हुई थी।वित्त मंत्रालय ने क्यों खारिज किया प्रस्ताव: 3 सबसे बड़ी आपत्तियांसरकारी सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने 5-डे वर्किंग मॉडल को व्यावहारिक न मानते हुए कई गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं:अर्थव्यवस्था और व्यापार पर असर: देश का बड़ा कारोबारी वर्ग (एमएसएमई, थोक व्यापारी, खुदरा दुकानदार और मंडी आढ़ती) शनिवार को सबसे ज्यादा कैश डिपॉजिट, चेक क्लीयरेंस और ट्रेड फाइनेंस के काम निपटाता है। शनिवार बंद होने से व्यापारिक चक्र और लिक्विडिटी फ्लो प्रभावित होने का अंदेशा है।ग्रामीण और कृषि बैंकिंग पर असर: ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों में किसान व मजदूर वर्ग बैंकिंग लेन-देन, केसीसी (KCC), सरकारी सब्सिडी और आधार ऑथेंटिकेशन के लिए सप्ताहांत पर शाखाओं में पहुंचते हैं। लगातार दो दिन (शनिवार और रविवार) बैंक बंद रहने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गति धीमी हो सकती है।डिजिटल सेवाओं की सीमाएं: हालांकि यूपीआई और नेट बैंकिंग 24x7 काम करते हैं, लेकिन लोन डिस्बर्सल, विदेशी मुद्रा विनिमय, लॉकर संचालन, विवाद समाधान और बड़े आरटीजीएस (RTGS)/चेक क्लीयरेंस जैसे जटिल वित्तीय कार्यों के लिए आज भी भौतिक शाखाओं की उपस्थिति अनिवार्य है।बैंक कर्मचारी संगठनों का तर्क: एलआईसी और आरबीआई का दिया हवालावित्त मंत्रालय के इस कड़े रुख से बैंक यूनियनों में भारी निराशा देखी जा रही है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), स्टॉक एक्सचेंज (BSE/NSE) और केंद्र सरकार के अधिकांश प्रशासनिक दफ्तर पहले से ही 5-डे वर्किंग व्यवस्था पर काम कर रहे हैं।यूनियनों का कहना है कि काम के बढ़ते तनाव (Work Pressure), वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी और सीमित छुट्टियों के कारण युवा बैंक कर्मियों में नौकरी छोड़ने (Attrition Rate) और मानसिक अवसाद के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कर्मचारियों का दावा था कि रोजाना 45 मिनट ज्यादा काम करने से कुल साप्ताहिक वर्किंग आवर्स में कोई कमी नहीं आती, बल्कि ऊर्जा और संसाधनों की बचत होती। हालांकि, सरकार का मानना है कि सेवा क्षेत्र के बाकी संस्थानों की तुलना में कमर्शियल बैंकों का काम सीधे जनसेवा और नकद प्रवाह से जुड़ा है, इसलिए इसकी तुलना एलआईसी या कॉर्पोरेट ऑफिसों से नहीं की जा सकती।आम उपभोक्ताओं और ग्राहकों पर इसका क्या असर होगा?यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती, तो ग्राहकों को शाखा से जुड़े कामों के लिए हफ्ते में केवल 5 दिन ही मिलते। इससे शुक्रवार और सोमवार को शाखाओं में भीड़ का भारी दबाव बन सकता था। मंत्रालय के रुख से फिलहाल आम ग्राहकों, सीनियर सिटीजन्स और व्यापारियों को यह राहत मिली है कि महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक शाखाएं पूर्ववत खुली रहेंगी और वे अपने जरूरी वित्तीय काम बिना किसी अड़चन के निपटा सकेंगे।आगे क्या होगा: क्या पूरी तरह बंद हो गया विकल्प?वित्तीय सेवा विभाग के इस रुख के बाद अब निकट भविष्य में सभी शनिवारों की छुट्टी लागू होने की संभावना लगभग न के बराबर रह गई है। जानकारों का कहना है कि जब तक देश में बैंकिंग प्रक्रियाओं का शत-प्रतिशत ऑटोमेशन और डिजिटलाइजेशन नहीं हो जाता, तब तक सरकार आम जनता की सुविधाओं की कीमत पर इस तरह का प्रशासनिक फैसला लेने से परहेज करेगी। यूनियनों ने संकेत दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से पुनः संवाद की अपील करेंगे, लेकिन मौजूदा स्थिति यह दर्शाती है कि बैंक कर्मियों को 5-डे वर्क वीक के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
Pitru Paksha 2026 Calendar: जानें श्राद्ध की तारीखें
पितृपक्ष 2026 की शुरुआत को लेकर 26 और 27 सितंबर की तारीख को लेकर भ्रम है. 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध और 27 सितंबर से प्रतिपदा श्राद्ध शुरू होगा. जानें पितृपक्ष की पूरी तिथियां, सर्वपितृ अमावस्या और इस दौरान किए जाने वाले श्राद्ध-तर्पण की परंपरा. वीडियो में जानें तारीखों का महत्व.
सिंगर, डांसर, राइटर, पेंटर! कला को ग्रहण लगाता है इस दिशा का वास्तु दोष
Artist Vastu Tips: यदि आप कलाकार हैं, जैसे नृत्यांगना, गायक, पेंटर, लेखक या फिल्म जगत के किसी भी व्यवसाय से जुड़े हैं तो ईस्ट-नॉर्थ-ईस्ट दिशा में बैठकर काम करना भी आपके लिए अपेक्षाकृत अधिक लाभदायक होगा.
साहित्य और संवाद: ‘भारत सनातन की श्रेष्ठ भूमि है’
चर्चित किताब ‘ग्लोबल सनातन’ और ‘शूर्पणखा के शाप’ के लेखक और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विश्व भूषण मिश्र से बातचीत की ‘तहलका’ के डिजिटल हेड राघवेंद्र द्विवेदी ने आप ने किताब का नाम ‘ग्लोबल सनातन’ ही क्यों रखा? वैश्विक सनातन क्यों नहीं? सनातन के संबंध में शोध का परिणाम ये […]
बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र के बीच यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं के लिए भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण सौगात दी है। उत्तर मध्य रेलवे के तहत संचालित होने वाली लोकप्रिय ट्रेन संख्या 11901/11902 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी–आगरा कैंट एक्सप्रेस का परिचालन अब मथुरा जंक्शन तक बढ़ाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इस विस्तार के बाद अब यह ट्रेन आगरा कैंट पर अपनी यात्रा समाप्त करने के बजाय सीधे कान्हा की नगरी मथुरा तक जाएगी। यात्रा मार्ग बढ़ने से ट्रेन का कुल सफर 217 किलोमीटर से बढ़कर अब 270 किलोमीटर हो जाएगा। इस विस्तार से झांसी, ग्वालियर, धौलपुर और आगरा के यात्रियों को मथुरा-वृंदावन आने-जाने के लिए एक अतिरिक्त और सुगम सीधी ट्रेन सेवा मिल जाएगी।विस्तारित रूट पर जोड़े गए ये 4 नए स्टॉपेजआगरा कैंट से मथुरा जंक्शन के बीच बढ़े हुए 53 किलोमीटर के नए रेल मार्ग पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने 4 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर वाणिज्यिक ठहराव (Commercial Stoppage) प्रदान किया है:राजा की मंडी (Raja Ki Mandi): आगरा शहर के मध्य में स्थित यह स्टेशन स्थानीय व्यापारियों, कॉलेज छात्रों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद अहम है।रुनकुटा (Runkuta): आगरा और मथुरा के बीच स्थित इस औद्योगिक व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अब लंबी दूरी की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।दीन दयाल धाम (Deen Dayal Dham / Farah): पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध इस स्टेशन पर ठहराव मिलने से स्थानीय निवासियों और आगंतुकों को बड़ी राहत मिलेगी।बाद (Baad): मथुरा रिफाइनरी और औद्योगिक क्षेत्र के निकट स्थित इस स्टेशन पर ठहराव से कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों की आवाजाही आसान होगी।क्या होगा ट्रेन का नया टाइम-टेबल और शेड्यूल?रेलवे द्वारा जारी संशोधित समय सारणी के अनुसार, दोनों दिशाओं में ट्रेन का संचालन इस प्रकार निर्धारित किया गया है:गाड़ी संख्या 11901 (झांसी से मथुरा): यह ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन से प्रतिदिन शाम 16:00 बजे (शाम 4:00 बजे) प्रस्थान करेगी और अपने निर्धारित रूट से होते हुए रात 23:00 बजे (रात 11:00 बजे) मथुरा जंक्शन पहुंचेगी।गाड़ी संख्या 11902 (मथुरा से झांसी): वापसी दिशा में यह ट्रेन मथुरा जंक्शन से प्रतिदिन सुबह 05:05 बजे रवाना होगी और दोपहर 12:50 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पहुंचेगी।यात्रियों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को मिलेगा सीधा लाभइस ट्रेन के मथुरा तक विस्तार से धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। बुंदेलखंड (झांसी, दतिया) और मध्य प्रदेश के चंबल अंचल (ग्वालियर, मुरैना) से मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन और बरसाना के मंदिरों के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को अब आगरा में ट्रेन बदलने या बस का सहारा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही राजा की मंडी और आसपास के कपड़ा व जूता कारोबार से जुड़े व्यापारियों को सीधे माल ढुलाई और आवागमन में समय की बचत होगी। सुबह मथुरा से चलकर दोपहर में झांसी पहुंचने के कारण यह ट्रेन दैनिक ऑफिस जाने वालों और मेडिकल इमरजेंसी के लिए आगरा जाने वाले मरीजों के लिए भी बेहद मुफीद साबित होगी।
उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों, निगमों और प्राधिकरणों में संविदा व आउटसोर्सिंग पर तैनात लाखों कर्मचारियों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक युगांतरकारी कदम उठाया है। पिछले कई दशकों से सरकारी महकमों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मियों को ठेकेदारों और बिचौलियों (Manpower Agencies) के शोषण, कम वेतन, कमीशनखोरी और बिना कारण नौकरी से निकाल दिए जाने के खौफ में जीना पड़ता था। इस अव्यवस्था और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' (UPCOS - Uttar Pradesh Corporation for Outsource Services) के गठन और इसके आधिकारिक डिजिटल पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ किया है। इस नए पारदर्शी तंत्र के लागू होने से प्रदेश के करीब 20 लाख आउटसोर्स परिवारों को सामाजिक, वित्तीय और सेवा सुरक्षा का मजबूत रक्षा कवच मिलने जा रहा है।कैसे खत्म होगा बिचौलियों और ठेकेदारों का खेल: UPCOS का डिजिटल मॉडलपहले की व्यवस्था में तीन अलग-अलग धड़े होते थे—एक तरफ कर्मचारी, दूसरी तरफ ठेका एजेंसी और तीसरी तरफ संबंधित सरकारी विभाग। एजेंसियां सरकार से पूरा बजट लेने के बाद भी कर्मचारियों के वेतन में से भारी कमीशन काट लेती थीं या महीनों तक मानदेय दबाकर बैठ जाती थीं। अब UPCOS के जरिए इस पूरे सिस्टम को सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ला दिया गया है।अब किसी भी विभाग को आउटसोर्स मैनपावर की जरूरत होगी, तो वह सीधे UPCOS पोर्टल पर अपनी मांग दर्ज करेगा। पोर्टल के माध्यम से सूचीबद्ध पारदर्शी एजेंसियों का चयन होगा और कर्मचारियों की उपस्थिति, सेवा रिकॉर्ड और वेतन निर्धारण डिजिटल रूप से ट्रैक होगा। एजेंसी अब मनमाने तरीके से न तो कर्मचारी के वेतन में से एक रुपया काट सकेगी और न ही अपनी मर्जी से किसी को नौकरी से बाहर कर सकेगी। किसी भी कार्मिक को हटाने से पहले सक्षम प्राधिकारी और सरकार की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है।हर महीने की 5 तारीख तक बैंक खाते में डायरेक्ट सैलरी ट्रांसफरवेतन की अनिश्चितता आउटसोर्स कर्मियों की सबसे बड़ी मानसिक परेशानी थी। नए नियमों के तहत अब हर महीने की 5 तारीख तक कर्मचारियों के सीधे बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए मानदेय भेजा जाएगा।जीरो बैलेंस खाता: सभी पंजीकृत कर्मियों का बैंक में जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट खोला जाएगा, जिससे बैंकिंग सेवाओं के लिए कोई न्यूनतम बैलेंस का चार्ज नहीं कटेगा।ईपीएफ और ईएसआई की डिजिटल गारंटी: वेतन भुगतान के साथ ही एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) का नियोक्ता व कर्मचारी अंशदान सीधे पोर्टल के माध्यम से ईपीएफओ और ईएसआईसी के खातों में जमा होगा। इससे पहले ठेकेदारों द्वारा पीएफ का पैसा हड़पने की जो शिकायतें आती थीं, उन पर पूरी तरह लगाम लग गई है।20 से 40 लाख का सुरक्षा बीमा और बेटियों की शादी में आर्थिक मददयोगी सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों को न केवल नियमित वेतन का अधिकार दिया है, बल्कि संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की तर्ज पर व्यापक सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान की है:20 से 40 लाख रुपये तक का बीमा कवर: ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में आउटसोर्स कर्मचारी के आश्रितों को 20 लाख से लेकर 40 लाख रुपये तक का वित्तीय सुरक्षा कवर (Insurance) मिलेगा।आकस्मिक मृत्यु पर तत्काल ₹50,000 की मदद: सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर बैंक और निगम के माध्यम से पीड़ित परिवार को अंतिम संस्कार व आपात जरूरतों के लिए तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।बेटियों के विवाह के लिए 8 से 10 लाख की सहायता: पंजीकृत कर्मियों के परिवार में दो बेटियों की शादी के लिए 8 से 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता व कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाएगा।महिला कर्मियों को मातृत्व अवकाश (Maternity Leave): महिला आउटसोर्स कर्मचारियों को अब सवेतन मातृत्व अवकाश का कानूनी हक मिलेगा, जो पहले ठेकेदार अपनी मर्जी से खारिज कर देते थे।न्यूनतम मानदेय और परिवार के 4 सदस्यों को विशेष सुविधाएंइस नई नीति के तहत पदों और कुशलताओं (Unskilled, Semi-skilled, Skilled) के आधार पर न्यूनतम वेतन की विसंगतियों को दूर किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मेहनत के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय हर कर्मी का मूल अधिकार है।इसके अलावा, कर्मचारियों के परिवार के चार सदस्यों को स्वास्थ्य सुरक्षा और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाएगा। अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए ईएसआई कार्ड और गंभीर बीमारियों के लिए आयुष्मान भारत योजना से इंटीग्रेशन की व्यवस्था की जा रही है। अगर किसी कर्मचारी को कार्यस्थल पर कोई परेशानी या वेतन संबंधी विवाद होता है, तो वह UPCOS पोर्टल पर सीधे अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है, जिस पर 48 से 72 घंटों के भीतर समाधान की जवाबदेही तय की गई है।20 लाख परिवारों के जीवन में कैसे आएगा ऐतिहासिक बदलाव?उत्तर प्रदेश के लाखों युवा जो नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन, बिजली और कलेक्ट्रेट जैसे दफ्तरों में दिन-रात मेहनत करते हैं, उन्हें अब 'अस्थायी और असुरक्षित' होने के हीनभाव से मुक्ति मिलेगी। बिचौलियों का एकाधिकार खत्म होने से न केवल सरकार के राजस्व की बर्बादी रुकेगी, बल्कि वह पैसा सीधे उस मेहनतकश कर्मचारी के हाथ में पहुंचेगा जो जमीन पर सेवाएं दे रहा है। समय पर वेतन मिलने से बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दवाइयां और परिवार का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। यह मॉडल न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था में सुधार का एक नया राष्ट्रीय मानक बनकर उभर रहा है।
उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में विदाई की कगार पर खड़े मानसून ने अचानक यू-टर्न ले लिया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब (Deep Depression) और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से वातावरण में भारी नमी पहुंच रही है। इसके चलते प्रदेश के मध्य, तराई और पूर्वी हिस्सों में मौसम पूरी तरह पलट चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ मौसम केंद्र ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों से लेकर आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान यूपी के कई जिलों में बादलों की तेज गर्जना, 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और मूसलाधार बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का गहरा अंदेशा जताते हुए लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे न जाने की सख्त सलाह दी है।किन जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट?मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल), अवध क्षेत्र और नेपाल सीमा से सटे तराई वाले जिलों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल रहा है:पूर्वांचल और तराई बेल्ट: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।वाराणसी और विंध्य क्षेत्र: वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही (संत रविदास नगर), आजमगढ़, मऊ और बलिया में रुक-रुक कर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।प्रयागराज और मध्य यूपी: प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, बांदा, चित्रकूट, सुल्तानपुर, अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव और कानपुर में बादलों की आवाजाही के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा रही है।दिन के तापमान में 5 से 8 डिग्री तक की भारी गिरावटलगातार हो रही बारिश और ठंडी उत्तर-पूर्वी हवाओं के चलते प्रदेश के कई जनपदों में अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रयागराज, वाराणसी, बहराइच, गोरखपुर, कानपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में दिन का पारा सामान्य से काफी नीचे आ गया है, जिससे लोगों को पिछले कई दिनों से सता रही उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, अचानक तापमान गिरने से मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।किसानों और आम नागरिकों के लिए IMD की जरूरी गाइडलाइनआकाशीय बिजली से बचाव: बारिश और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के समय खुले खेतों, टीन शेड, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण बिल्कुल न लें। घर के अंदर पक्के कमरों में ही रहें।इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग: खराब मौसम के दौरान टीवी, फ्रिज और अन्य संवेदनशील घरेलू उपकरणों के प्लग बिजली बोर्ड से अलग कर दें।किसानों के लिए सलाह: खेतों में खड़ी धान और दलहन की फसलों में जलभराव न होने दें। यदि खेतों में पानी भर रहा है, तो उचित जल निकासी की व्यवस्था करें और कीटनाशक या उर्वरकों का छिड़काव मौसम साफ होने तक रोक दें।सड़क पर सावधानी: तेज बारिश के चलते दृश्यता (Visibility) कम होने और सड़कों पर फिसलन बढ़ने की संभावना है, इसलिए दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को धीमी गति से चलने की हिदायत दी गई है।
जनता की सेवा और भरोसे से आता है लगातार सत्ता में रहने का विश्वास: Nitin Nabin
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान पर पलटवार करते हुए शुक्रवार को कहा कि भाजपा नेताओं में लगातार सत्ता में बने रहने का विश्वास जनता की सेवा करने और उसका भरोसा जीतने से आता है। नवीन ने यहां दादिया में ‘सेवा संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए कहा कि देश आज ‘विकसित भारत’ के सपने के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के बृहस्पतिवार को किए गए संवाददाता सम्मेलन का जिक्र किया, जिसमें कांग्रेस नेता ने सवाल किया था कि भाजपा नेता यह कैसे कह सकते हैं कि उनकी पार्टी दशकों तक सत्ता में बनी रहेगी। नवीन ने कहा, ‘‘नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूछ रहे थे कि भाजपा की सरकारें लगातार क्यों आती हैं और भाजपा के नेता क्यों कहते हैं कि हम अगले 25 साल तक जनता की सेवा करेंगे। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि यह विश्वास जनता की सेवा से आता है, जनता का भरोसा जीतने से आता है और जनता के लिए काम करने से आता है।’’राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि जहां कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों को सत्ता-विरोधी लहर का सामना करना पड़ता है, वहीं भाजपा के मामले में यह ‘‘गायब’’ हो जाती है। राहुल ने यह भी सवाल किया था कि भाजपा नेता दशकों तक सत्ता में बने रहने का दावा कैसे कर सकते हैं। नवीन ने कहा कि भाजपा का यह विश्वास कल्याणकारी उपायों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लोगों के जीवन में किए गए बदलावों पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘‘जब गरीबों के लिए चार करोड़ से अधिक घर बनाए जाते हैं तो उनकी दुआएं हमें वोट के रूप में मिलती हैं। जब 12 करोड़ गरीब महिलाओं के लिए शौचालय बनाए जाते हैं और वे सम्मान के साथ जीवन जी पाती हैं, तो उनकी दुआएं हमें वोट के रूप में मिलती हैं।’’नवीन ने कहा कि आज जनता को प्रधानमंत्री आवास योजना, जनधन, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यही कारण है कि जनता का भरोसा भाजपा पर है, क्योंकि भाजपा ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ के मंत्र पर काम करती है।’’भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘आज देश विकसित भारत के सपने के साथ आगे बढ़ रहा है। भाजपा का नेतृत्व, कार्यकर्ता और संगठन इस संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करना है। क्योंकि हमारा ध्येय है-राष्ट्र प्रथम।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम केवल सत्ता के लिए नहीं हैं। हम केवल सरकार बनाने के लिए नहीं हैं। हम केवल अपनी जीत नहीं देखते। हमारा स्पष्ट ध्येय जनसेवा है।’’नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में ‘डबल इंजन’ की सरकार विकास योजनाओं को गांवों और कस्बों तक पहुंचा रही है, जिससे पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की भावना धरातल पर साकार हो रही है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय की भावना को जमीन तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका विधायकों, सांसदों तथा निकाय और पंचायत के प्रतिनिधियों की है, क्योंकि उनका जनता से सीधा जुड़ाव होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पिछले 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन जनता की सेवा के लिए समर्पित रहा है, उनसे प्रेरणा लेकर सेवा की भावना से काम करते हुए आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधि के रूप में लंबे समय तक काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली का जनता से सीधा जुड़ाव होना चाहिए। दादिया में ‘सेवा संकल्प सभा’ का आयोजन भारतीय जनसंघ के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर किया गया था। इसमें हालिया नगर निकाय चुनावों में निर्वाचित भाजपा पार्षद भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछले पौने तीन साल के कार्यकाल में प्रदेश में पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुए हैं। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं के रोजगार के सपने साकार हुए हैं। शर्मा ने दावा किया कि उनकी सरकार ने संकल्प पत्र के 78 प्रतिशत काम महज ढाई साल के कार्यकाल में पूरे कर लिए हैं। शर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस लगातार सिमट रही है क्योंकि लोगों का भरोसा अब भाजपा पर है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा राज्य में आगामी पंचायती राज चुनावों में भी ‘‘ऐतिहासिक जीत’’ दर्ज करेगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य नितिन नवीन और मुख्यमंत्री शर्मा ने विभिन्न जिलों के लिए 2,636 करोड़ रुपये की लागत वाली 929 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के 36 लाख लाभार्थियों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 400 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई।
सुरक्षित निवेश और सरकारी गारंटी की तलाश कर रहे लोगों के लिए डाकघर की बचत योजनाएं हमेशा से पहली पसंद रही हैं। पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट स्कीम (POTD)—जिसे आम बोलचाल में पोस्ट ऑफिस एफडी (Post Office FD) कहा जाता है—के तहत 3 साल (3 Years) की अवधि पर 7.1% सालाना ब्याज ऑफर किया जा रहा है। डाकघर की इस योजना में ब्याज की गणना तिमाही आधार पर कंपाउंडिंग (Quarterly Compounding) करके की जाती है, जबकि भुगतान वार्षिक रूप से होता है। अगर आप ₹3,00,000 की एकमुश्त रकम इस स्कीम में 3 साल के लिए जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो इसका वित्तीय गणित समझना जरूरी है।₹3 लाख के निवेश पर 3 साल में कमाई का पूरा गणितडाकघर के 3-वर्षीय टाइम डिपॉजिट खाते में तिमाही कंपाउंडिंग के तहत 7.1% ब्याज दर पर ₹3,00,000 जमा करने पर रिटर्न की स्थिति:विवरणवित्तीय आंकड़ेमूलधन (Principal Amount)₹3,00,000ब्याज दर (Interest Rate)7.1% सालाना (तिमाही कंपाउंडिंग)अवधि (Tenure)3 वर्ष (36 महीने)3 साल में कुल अर्जित ब्याज (Total Interest)₹70,980कुल मैच्योरिटी राशि (Maturity Amount)₹3,70,980यदि आप ब्याज को हर साल अपने पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर कराते हैं, तो प्रति वर्ष लगभग ₹21,870 से ₹23,000 का ब्याज क्रेडिट होता है। वहीं, 3 साल की मैच्योरिटी पूरी होने पर आपका कुल फंड ₹3.71 लाख के आसपास पहुंच जाता है।पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (FD) के वर्तमान ब्याज दरेंडाक विभाग अलग-अलग अवधियों के लिए 4 तरह के टाइम डिपॉजिट विकल्प उपलब्ध कराता है:1 साल की एफडी: 6.9% सालाना ब्याज2 साल की एफडी: 7.0% सालाना ब्याज3 साल की एफडी: 7.1% सालाना ब्याज5 साल की एफडी: 7.5% सालाना ब्याज (धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी उपलब्ध)इस स्कीम की 4 सबसे प्रमुख खासियतेंसॉवरेन गारंटी (100% सुरक्षा): बैंकों में डीआईसीजीसी के तहत केवल 5 लाख रुपये तक का डिपॉजिट इंश्योर्ड होता है, जबकि पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट सीधे भारत सरकार द्वारा समर्थित है। इसमें आपकी पूरी जमा पूंजी और ब्याज शत-प्रतिशत सुरक्षित रहता है।कोई अधिकतम निवेश सीमा नहीं: इसमें न्यूनतम ₹1,000 से खाता खोला जा सकता है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। आप ₹10 लाख या ₹50 लाख भी बिना जोखिम के जमा कर सकते हैं।सिंगल या जॉइंट अकाउंट की सुविधा: इस खाते को कोई भी वयस्क अकेले या अधिकतम 3 वयस्कों के साथ मिलकर जॉइंट अकाउंट के रूप में खोल सकता है। इसके अलावा 10 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग के नाम पर भी खाता खोला जा सकता है।अकाउंट एक्सटेंशन की सुविधा: 3 साल की अवधि समाप्त होने के बाद आप चाहें तो मैच्योरिटी की तारीख से 12 महीने के भीतर आवेदन देकर इसे अगले 3 साल के लिए आगे (Extend) भी बढ़ा सकते हैं।प्री-मैच्योर विड्रॉल और टैक्स से जुड़े जरूरी नियमसमय से पहले निकासी (Premature Closure): खाता खोलने के शुरुआती 6 महीने तक पैसे निकालने की अनुमति नहीं होती। यदि खाता 6 महीने से 1 साल के बीच बंद किया जाता है, तो केवल पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (4%) की दर से ही ब्याज मिलता है। 1 साल के बाद बंद करने पर लागू ब्याज दर से 2% की कटौती करके भुगतान किया जाता है।टैक्स नियम: 1, 2 और 3 साल की टाइम डिपॉजिट पर धारा 80C का लाभ नहीं मिलता (यह छूट केवल 5 साल की एफडी पर मिलती है)। एफडी से मिलने वाला ब्याज निवेशक की कुल सालाना आय में जुड़ता है और संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार करयोग्य होता है।
तमिलनाडु की फेमस यूट्यूबर मधुमिता एक बड़ी चोरी की घटना के कारण चर्चा में हैं। चोरों ने उनके घर से 1 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के गहने और भारी मात्रा में नकदी उड़ा ली। यह घटना उस वीडियो को शेयर करने के कुछ दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने अपने घर में रखे भारी सोने के गहनों और पैसों की गड्डियों को दिखाया था।
LoC के पास आर्मी ने लगाया आई कैंप, 220 लोगों की लौट आई रोशनी
भारतीय सेना ने LoC के पास तंगधार और करनाह में 'ऑपरेशन दृष्टि' के तहत मेगा आई सर्जिकल कैंप का आयोजन किया. कैंप के दौरान इलाके में लगातार खतरा बना हुआ था. कैंप में मुख्य रूप से कैटरेक्ट की सर्जरी के साथ-साथ सेलेक्टिव रेटिनल प्रोसीजर और मिनिमली इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी (MIGS) की गईं.
सादा दाल-चावल भी लगेगा टेस्टी! मिनटों में बनाएं आंवला-मूली का कूचा
दाल-चावल और रोटी-सब्जी के साथ कुछ तीखा और चटपटा मिल जाए तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है, अक्सर लोग खाने के साथ चटनी बनाते हैं. अगर आप कुछ नया और टेस्टी खाना चाहते हैं तो आंवला-मूली का कूचा ट्राई कर सकते हैं. यह बोरिंग खाने को भी टेस्टी बना देता है और इसे बनाने में 10 मिनट से ज्यादा समय नहीं लगता है.
मुंबई में लड़की को देख क्यों घबराईं तिलोत्तमा शोम? पोस्ट कर बताई वजह
तिलोत्तमा शोम को याद है कि उन्होंने जुहू में एक युवा महिला को अकेले देखा था और जब कुछ पुरुष उसके पास से गुजरे, तो उन्हें चिंता हुई. वह उस महिला को सावधान रहने के लिए आगाह करना चाहती थीं.
चलती ट्रेन में यात्री को बंधक बनाया, 10 हजार मांगे, हाथ-पैर बांधकर फेंका
बक्सर रेलखंड पर 21 वर्षीय नितिन कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने रोहित नाम के आरोपी को बनारस से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने ट्रेन में नितिन को बंधक बनाया, परिवार से 10 हजार रुपये मांगे और हाथ-पैर बांधकर उसे चलती ट्रेन से फेंक दिया. पुलिस ने उसे आदतन अपराधी बताया है.
कमरे में खून से लथपथ मिला साधु का शव... ईंट से सिर कुचलने की आशंका
आगरा के अछनेरा इलाके में 45 वर्षीय धर्मवीर का शव प्लॉट पर बने कमरे में मिला. वह कुछ समय पहले संन्यास लेकर आध्यात्मिक जीवन जी रहे थे और प्रॉपर्टी का काम भी करते थे. सिर और शरीर पर चोट के निशान मिले हैं. पास में खून से सनी ईंट पड़ी थी और कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी.
Akhilesh Yadav का BJP पर हमला, बोले निवेश का सिर्फ झूठा प्रचार हुआ
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार निवेश का झूठा प्रचार करती रही और कोई निवेश नहीं हुआ। सपा मुख्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग (एमएसएमई) इकाइयों को बर्बाद कर दिया और निवेशकों ने कोई निवेश नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबियों को आगे बढ़ा रही है। यादव ने भाजपा सरकार पर मोबाइल निर्माण को लेकर भी ‘‘झूठा दावा’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रदेश में मोबाइल का निर्माण नहीं हो रहा, बल्कि केवल असेम्बल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव ‘‘लोकतंत्र और संविधान बचाने का चुनाव’’ है। उन्होंने इसे जनता के लिए अंतिम अवसर बताया। यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतंत्र को खत्म कर रही है तथा संवैधानिक संस्थाओं पर उसने कब्जा कर लिया है। इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नोएडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में ‘इंटरनेशनल ट्रेड शो’ की शुरुआत करते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए थे। शाह ने कहा था कि 2013 में तत्कालीन राज्य सरकार ने दिल्ली में निवेशक सम्मेलन आयोजित किया था, क्योंकि लखनऊ में अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर सम्मेलन कराने से इनकार कर दिया था। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा की सरकार थी।
PM Modi ने सुना भजन, खंजरी बजाते दिखे प्रधानमंत्री
दिल्ली में भजन कार्यक्रम के दौरान ‘हनुमान अंश’ फेम साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नजर आए और तस्वीरों में खंजरी बजाते दिखे. साधु तिवारी के भजन और ‘हनुमान अंश’ फिल्म की भी चर्चा हुई. वीडियो में देखें पूरा क्लिप.
बेटा गिरफ्तार, अब बहू की रिहाई पक्की! विनीत मनोचा हत्याकांड में बदली पूरी कहानी
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बेटे सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद जांच की दिशा बदल गई है. शुरुआती जांच में गिरफ्तार शालू की भूमिका को लेकर पुलिस ने अब चार अहम बिंदुओं पर अदालत में जवाब दाखिल किया है. पुलिस का कहना है कि विशाल के बयान, सोसाइटी में एंट्री, घर की चाबी और जियो नंबर को लेकर सामने आए तथ्यों में सुब्रत की भूमिका मिली है.
‘पैटर्न लॉक’ खोलेगा मिस्ड कॉल्स का राज, आईआईटी सुसाइड केस में कहां तक पहुंची पुलिस
आईआईटी-बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े के माता-पिता शुक्रवार को मुंबई अपराध शाखा के बांद्रा पश्चिम स्थित कार्यालय में आठ घंटे रहे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। साहिल ने 18 सितंबर को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
जमुई पीड़िता की फोटो शेयर करने के मामले में एक्शन, CMO के स्टेनो पर FIR
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सोशल मीडिया हैंडल से जमुई पीड़िता के परिजनों की फोटो पोस्ट किए जाने के मामले में कार्रवाई हुई है. मुख्यमंत्री कार्यालय के आशुलिपिक सागर प्रसाद के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को लेकर सीएम पर निशाना साधा था.
'जनता के मन से भ्रम दूर करना जरूरी', NDA सहयोगियों ने चुनाव आयोग से मांगी सफाई
मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट पर NDA के प्रमुख सहयोगी दलों ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है।
Congress नेता भी जाएंगे सपा के गढ़ Etawah, Mainpuri और Kannauj: Ajay Rai
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लोकसभा क्षेत्र रायबरेली के दौरे के एक दिन बाद शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि लोग देश के किसी भी हिस्से में जाने के लिए स्वतंत्र हैं और उनकी पार्टी के नेता भी आने वाले दिनों में सपा के गढ़ - इटावा, कन्नौज और मैनपुरी के दौरे कर सकते हैं। राय ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “कोई भी देश के किसी भी हिस्से का दौरा करने के लिए स्वतंत्र है। वह (यादव) रायबरेली गए तो इसमें कुछ भी गलत नहीं था। हम भी निश्चित रूप से इटावा, कन्नौज और मैनपुरी जाएंगे।”बृहस्पतिवार को, समाजवादी पार्टी के प्रमुख यादव अपने विशेष रूप से तैयार किए गए पीडीए रथ पर सवार होकर रायबरेली के दौरे पर निकले थे। अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश चुनावों के अपने अभियान के तहत, यादव राजनीतिक रूप से प्रभावशाली पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) मतदाताओं से जुड़ने के लिए पीडीए रथ से पूरे राज्य की यात्रा करने वाले हैं। यादव कन्नौज से, उनकी पत्नी डिंपल मैनपुरी से लोकसभा सांसद हैं, जबकि चाचा शिवपाल इटावा के जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। भाजपा ने बृहस्पतिवार को यादव के रायबरेली दौरे पर चुटकी लेते हुए दावा किया था कि यह दौरा उस संसदीय क्षेत्र में सपा की राजनीतिक ताकत दिखाने और वहां कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाने के लिए किया गया था। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा था, आदर्श रूप से, कांग्रेस को अब अपना राजनीतिक अभियान कन्नौज और मैनपुरी से शुरू करना चाहिए। भाजपा ने यह भी याद दिलाया कि हाल ही में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद इकरा हसन के बयानों से ऐसा लगता है कि 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले दोनों विपक्षी दल खुद को बेहतर साबित करने की होड़ में शामिल हैं। मसूद और हसन ने अपने-अपने नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव को मुख्य विपक्षी चेहरे के रूप में पेश किया था। राय ने शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी देश में विपक्ष की सबसे प्रमुख आवाज हैं। हालांकि, उन्होंने मसूद और हसन के बयानों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि पार्टी नेतृत्व गठबंधन व सीट बंटवारे की व्यवस्था पर अंतिम फैसला लेगा। राय ने कहा, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि राहुल जी ही भाजपा का मुकाबला करने में सक्षम सबसे प्रमुख विपक्षी नेता हैं। रायबरेली लोकसभा क्षेत्र में आने वाली पांच विधानसभा सीट में से तीन - बछरावां, हरचंदपुर और सरेनी से सपा के विधायक हैं जबकि बाकी दो सीट रायबरेली और ऊंचाहार से भाजपा के विधायक हैं।
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग कर उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टनर कंट्रीज सिंगापुर, ...
गाय के साथ शर्मनाक हरकत, CCTV फुटेज से हुई पहचान... 'प्रदीप बाबा' अरेस्ट
वाराणसी के रामघाट इलाके में गाय के साथ अश्लील हरकत और मारपीट का CCTV वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. 17 सितंबर की रात हुई घटना का फुटेज वायरल होने पर आरोपी की पहचान की गई. पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई के साथ BNSS की धाराओं में भी केस दर्ज किया है.
DU की छात्राओं से छेड़छाड़: Delhi Police ने दो छात्रों अभिनव और अभिमन्यु को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने मुखर्जी नगर में हिंदू कॉलेज की दो छात्राओं के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले में शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दो छात्रों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान डीयू के छात्र अभिनव और अभिमन्यु के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि घटना में इस्तेमाल कार को बृहस्पतिवार रात ही जब्त कर लिया गया था। छात्रा के अनुसार, वह और उसकी सहेली बुधवार रात मुखर्जी नगर में टहल रही थी, तभी एक सफेद कार उनके पास आई और उसमें सवार व्यक्तियों ने कथित तौर पर उन पर फब्तियां कसी। जब युवतियों ने इसका विरोध किया, तो व्यक्तियों ने उन्हें कथित तौर पर गाली दी और उनका पीछा करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब वह और उसकी सहेली घटना को रिकॉर्ड करने के लिए रुकी, तो पुरुष भी रुक गए और उन्हें वाहन में खींचने का प्रयास किया। जब उसकी सहेली ने कार की रिकॉर्डिंग शुरू की तो आरोपी भाग गए। छात्रा की शिकायत के आधार पर मुखर्जी नगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 78 (पीछा करना), 79 (शब्द, इशारा या किसी महिला की गरिमा का अपमान करने का इरादा) और 3(5) (सामान्य मंशा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। उत्तर पश्चिम दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आकांक्षा यादव ने बताया था कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और घटना में इस्तेमाल किए गए वाहन का पता लगा लिया। पुलिस ने आरोपी चालक की पहचान दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र नमन के रूप में की है और कहा कि घटना के समय दो से तीन अन्य व्यक्ति उसके साथ थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में अभिनव को लक्ष्मी नगर से और अभिमन्यु को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य लोगों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। पुलिस छात्रा के इस आरोप की भी जांच कर रही है कि शिकायत दर्ज होने से पहले उसे और सहेली को तीन थानों के चक्कर लगाने पड़े थे।
गोल्ड जीतने का ख्वाब देख रही PAK टीम, कप्तान ने बताया प्लान
साहिबजादा फरहान ने बताया कि एशियन गेम्स 2026 के लिए पाकिस्तानी क्रिकेट टीम करीब दो महीने पहले ही तैयार कर ली गई थी. ऐसे में खिलाड़ियों को एक साथ तैयारी करने का पर्याप्त समय मिला है. अब कप्तान की नजरें इस तैयारी को मैदान पर नतीजे में बदलने पर हैं.
कल या परसों कब से शुरू होंगे श्राद्ध? नोट कर लें सभी जरूरी तारीखें
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत 27 सितंबर से होगी, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समापन होगा. जानें श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान की तिथियां और जरूरी नियम.
कपड़े के टैग और खाली प्लॉट ने खोला हत्या का राज, बेंगलुरु पुलिस ने 7 दिन में सुलझाई गुत्थी
यह घटना अग्रहारा लेआउट इलाके की है, जहां 2 सितंबर को झाड़ियों की सफाई कर रहे सफाईकर्मियों को गद्दे में बंधी एक महिला की सड़ी-गली लाश मिली थी।
प्रोफेसर ने स्टूडेंट का कॉलर पकड़ा तो मचा बवाल
अहमदाबाद की निरमा यूनिवर्सिटी में स्टैंडअप कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर द्वारा छात्र का कॉलर पकड़ने का वीडियो वायरल हुआ. ABVP ने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की. विवाद के बाद यूनिवर्सिटी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है, जो तीन दिन में रिपोर्ट देगी. वीडियो में जानें क्या है मामला.
सतीशन की Chartered विमान यात्रा पर Shashi Tharoor और कांग्रेस नेताओं ने किया बचाव
केरलम विधानसभा अध्यक्ष थिरुवनचूर राधाकृष्णन, तिरुवनंतुरम से सांसद शशि थरूर सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की ‘चार्टर्ड’ विमान से हालिया यात्रा का बचाव करते हुए कहा कि आपात स्थिति को देखते हुए यह फैसला जरूरी था और उन्होंने विपक्ष की आलोचना को खारिज कर दिया। राधाकृष्णन ने कहा कि सतीशन विमान उपलब्ध कराने वाले परिवार को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और इस मामले को मुद्दा बनाने की कोई वजह नहीं है। सतीशन ने बाढ़ से छह लोगों की मौत के बाद नीलांबूर जाने के लिए तिरुवनंतपुरम से करीपुर हवाई अड्डे तक के लिए ‘चार्टर्ड’ विमान का उपयोग किया था। ऐसी खबरें सामने आईं कि एक निजी कंपनी ने इस विमान की व्यवस्था की थी, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया। राधाकृष्णन ने कहा कि जब कोई आपात स्थिति होती है और वहां किसी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी जरूरी होती है, तो उस समय परिवहन के साधन को मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर कोई घटना होती है और हमें लगता है कि वहां हमारी मौजूदगी जरूरी है, तो फिर परिवहन का साधन कोई भी हो, वह कोई मुद्दा नहीं होता। हम वहां जाएंगे।”राधाकृष्णन ने इस आशंका को खारिज कर दिया कि विमान उपलब्ध कराने वाली कंपनी सरकार से किसी तरह के लाभ की उम्मीद कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह कंपनी सतीशन के निर्वाचन क्षेत्र के एक व्यक्ति की है और वह उसके मालिक तथा उनके परिवार को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विमान के मालिक कांग्रेस के एक प्रमुख नेता हैं। उन्होंने कहा कि सतीशन इस परिवार को अच्छी तरह जानते हैं। राधाकृष्णन ने कहा, “वे हमारे लिए जाने-पहचाने हैं।”स्थानीय स्वशासन मंत्री के एम. शाजी द्वारा मित्र की रेंज रोवर को आधिकारिक वाहन के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर राधाकृष्णन ने कहा कि अस्थायी व्यवस्थाओं को बड़ा मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां मानवीय स्वभाव का हिस्सा हैं। शाजी ने कहा, ‘‘इनमें से कोई भी बात संवैधानिक उल्लंघन या संवैधानिक दायित्वों के खिलाफ नहीं है। ऐसा कुछ भी नहीं है। यह भावनात्मक मुद्दा है और उस भावना को लगातार भड़काने से यह चर्चा का प्रासंगिक विषय नहीं बन जाता।’’थरूर ने कहा कि देशभर के मुख्यमंत्रियों को विमान एवं हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध होती है और मलप्पुरम में अचानक आई बाढ़ की घटना के बाद मौके पर पहुंचने के लिए सतीशन द्वारा चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल करने में कुछ भी गलत नहीं था। उन्होंने कहा, “देश के सभी राज्यों में मुख्यमंत्रियों के पास हमेशा विमान और हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध रहती है। केवल केरलम में हमारी अलग सोच के कारण ऐसी चीजों को आसानी से स्वीकार नहीं किया जाता।”पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के सड़क मार्ग से यात्रा करने का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा कि अचानक कोई घटना होने पर स्थिति अलग हो सकती है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री का वहां जल्दी पहुंचना, जायजा लेना और लोगों से मिलना कोई बड़ा मुद्दा नहीं है।”थरूर ने कहा कि जब आपात स्थिति हो तो ऐसी सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 से 2026 के बीच 111 सांसदों और विधायकों ने चुनाव जीतने के बाद अपनी पार्टियां बदलीं। नगालैंड और बंगाल में सर्वाधिक दलबदल दर्ज किए गए।
मुश्ताक खान के साथ अगली फिल्म करने वाले थे हनुमान अंश के डायरेक्टर
बॉलीवुड एक्टर मुश्ताक खान के निधन से फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी को गहरा सदमा लगा है, जो उन्हें अपने अगले प्रोजेक्ट में कास्ट करने वाले थे. डायरेक्टर ने पोस्ट कर अपना दुख जाहिर किया है.
नेपाल में बारिश की चेतावनी, बढ़ते पानी से बढ़ी चिंता
नेपाल में भारी बारिश की चेतावनी के बीच गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है. नेपाल पुलिस और नेपाली आर्मी संवेदनशील इलाकों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क कर रहे हैं. वहीं कोसी बैराज में पानी का बहाव बढ़ने पर 31 गेट खोल दिए गए हैं. वीडियो में जानें क्या बोला मौसम विभाग.
बालापुर गणेश लड्डू की नीलामी, खरीदने के लिए मची होड़; कीमत जानकार उड़ जाएंगे होश
तेलंगाना के रंगारेड्डी में गणेश विसर्जन के अवसर पर बालापुर गणेश लड्डू की वार्षिक नीलामी में 39 लाख रुपये की रिकॉर्ड बोली लगी। वानस्थलीपुरम के व्यवसायी सैम प्रणीथ रेड्डी की कंपनी अर्बन रियलिटी ग्रुप ने 21 किलो का पवित्र लड्डू जीता।
घर में खत्म हो गई सब्जी? 1 कप बेसन से झटपट बनाएं चटपटी भरेला मिर्ची
Kathiyawadi Bharela Mirchi: अगर आपको भी खाने के साथ तीखी हरी मिर्च खाने का शौक है तो फिर हर बार एक जैसी मिर्च क्यों. यहां हम आपको काठियावाड़ी भरेला हरी मिर्च की रेसिपी बता रहे हैं. खास बात है कि अगर आपके घर में कोई सब्जी न बचे तो आप इस डिश को बनाकर रोटी या पराठे के साथ खा सकते हैं.
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को देखते हुए इंटरनेशनल ट्रेड शो परिसर और उसके आसपास सुरक्षा का अभेद्य दुर्ग बना रहा। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था ...
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आधुनिक विस्तार और भविष्य की आवासीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा विकसित की जा रही दो विशाल टाउनशिप—'वरुण विहार' और 'नैमिष नगर'—सहित पांच अत्याधुनिक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत भूमिपूजन और शिलान्यास किया। कुल 12 हजार करोड़ रुपये की विशाल वित्तीय लागत से विकसित की जाने वाली इन दोनों आवासीय योजनाओं के भूमिपूजन के साथ ही प्राधिकरण ने आम जनता और निवेशकों के लिए भूखंडों के औपचारिक पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की खिड़की भी खोल दी है। राज्य सरकार का यह रणनीतिक कदम न केवल राजधानी में सुनियोजित आवासीय आवास उपलब्ध कराएगा, बल्कि अनधिकृत कॉलोनियों और अवैध निर्माणों के जाल को समाप्त कर विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।10,600 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में आकार लेगा 'नया लखनऊ': प्लॉट और फ्लैट्स के रेटइस महत्वाकांक्षी मेगा प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ के दोनों छोरों पर 10,600 एकड़ से अधिक भूमि पर एक अत्याधुनिक सैटेलाइट शहर बसाने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विस्तृत खाका पेश करते हुए बताया कि काकोरी क्षेत्र में आगरा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रही 'वरुण विहार आवासीय योजना' 6,500 एकड़ से अधिक के विशाल भूभाग में फैली होगी, जो एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी के जरिए पश्चिमी यूपी और दिल्ली से सीधे जुड़ेगी। वहीं, दूसरी तरफ सीतापुर रोड और आईआईएम रोड कॉरिडोर पर स्थित 'नैमिष नगर आवासीय योजना' लगभग 4,100 एकड़ क्षेत्रफल में तैयार की जा रही है, जो आध्यात्मिक नगरी नैमिषारण्य और मध्य यूपी के जिलों के लिए मुख्य प्रवेश द्वार बनेगी। प्राधिकरण ने इन दोनों प्रमुख योजनाओं में आम नागरिकों की जेब को ध्यान में रखते हुए आवासीय प्लॉटों की दरें लगभग ₹2,800 से ₹3,800 प्रति वर्गफीट निर्धारित की हैं। इसके अतिरिक्त, मध्यम वर्ग और कामकाजी पेशेवरों के लिए ₹2,166 करोड़ की लागत से बनने वाले पांच बहुमंजिला ग्रुप हाउसिंग अपार्टमेंट्स का भी शिलान्यास किया गया, जिससे हर आय वर्ग को अपना घर मिल सके।अनियोजित कॉलोनियों और जलभराव के दंश से मुक्ति: मास्टर प्लान पर फोकसभूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनियोजित और अवैध विकास पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अनियोजित कॉलोनियों और मनमाने निर्माणों के कारण सबसे ज्यादा कष्ट और आर्थिक नुकसान आम जनता को उठाना पड़ता है। पुराने दौर में भू-माफिया जहां-तहां कृषि भूमि पर अवैध प्लॉट काट देते थे, जहां न तो पक्की सड़कें होती थीं, न भूमिगत सीवर लाइन, न बिजली के पोल और न ही स्वच्छ पेयजल की कोई पाइपलाइन। मानसून के मौसम में जब इन इलाकों में भीषण जलभराव होता है, तो वर्षों तक आम नागरिक नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में अव्यवस्थित विकास का दौर समाप्त हो चुका है। सरकार का उद्देश्य केवल खाली जमीन या प्लॉट बेचना नहीं है, बल्कि चौड़ी चार-लेन और छह-लेन सड़कें, भूमिगत यूटिलिटी डक्ट, अत्याधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क, 24 घंटे जलापूर्ति, हरित पार्क, स्कूल, अस्पताल और कमर्शियल हब के साथ एक संपूर्ण और आत्मनिर्भर जीवनशैली का ढांचा तैयार करना है।स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) से जुड़ेंगे छह जिले: एनसीआर की तर्ज पर महा-विकासराजधानी लखनऊ के इस विस्तार को उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी 'स्टेट कैपिटल रीजन' (SCR) के विजन से सीधे तौर पर जोड़ा गया है। दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ और उसके आसपास के पांच पड़ोसी जिलों—उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी और रायबरेली—को मिलाकर एक विशाल आर्थिक और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि इन दोनों नई टाउनशिप का सीधा भौगोलिक जुड़ाव एससीआर के नेटवर्क से होगा, जिससे क्षेत्रीय आवागमन (पब्लिक मोबिलिटी) तेज और सुगम बनेगी। आउटर रिंग रोड (किसान पथ), एक्सप्रेसवे नेटवर्क और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के माध्यम से इन छह जिलों के नागरिक बिना किसी जाम के लखनऊ के प्रमुख केंद्रों तक पहुंच सकेंगे। इससे लखनऊ के मुख्य शहर पर जनसंख्या का बढ़ता दबाव कम होगा और आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों में रोजगार, रियल एस्टेट और पर्यटन के नए अवसर सृजित होंगे।आईटी हब, सेमीकंडक्टर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का नया केंद्र बनेगा लखनऊआने वाले समय में यह संपूर्ण 10,600 एकड़ का क्षेत्र केवल आवासीय कॉलोनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे देश के एक बड़े इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), नॉलेज हब और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के रूप में तब्दील किया जाएगा। वरुण विहार और नैमिष नगर के मास्टर प्लान में बड़े आईटी पार्क्स, डेटा सेंटर्स, स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन लैब्स और आधुनिक स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थानों के लिए विशेष जोनिंग की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट और लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार के बीच यह संपूर्ण बेल्ट वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों और घरेलू तकनीकी दिग्गजों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनकर उभर रही है। युवाओं को अपने ही गृह राज्य में उच्च वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी और लखनऊ की पहचान एक पारंपरिक विरासत शहर के साथ-साथ एक फ्यूचरिस्टिक हाई-टेक मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विश्व पटल पर स्थापित होगी।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) के भव्य शुभारंभ के बाद राज्य के आर्थिक विकास को वैश्विक क्षितिज पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कूटनीतिक और औद्योगिक स्तर पर बेहद आक्रामक पहल की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दुनिया के प्रमुख औद्योगिक देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक विशेष राउंड टेबल बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्चस्तरीय बैठक में सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया जैसे साझीदार देशों (पार्टनर कंट्रीज) के राजदूतों, व्यापारिक आयुक्तों और दिग्गज निवेशकों के साथ उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश, तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उपक्रमों की संभावनाओं पर बिंदुवार चर्चा हुई। सीएम योगी ने वैश्विक प्रतिनिधियों के समक्ष उत्तर प्रदेश की औद्योगिक ताकत प्रस्तुत करते हुए कहा कि लगभग 25 करोड़ की विशाल आबादी, देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार, 56 प्रतिशत से अधिक ऊर्जावान युवा कार्यबल, उर्वर कृषि भूमि और प्रचुर जल संसाधन आज उत्तर प्रदेश को दुनिया की बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए सबसे सुरक्षित और सर्वाधिक लाभदायक निवेश गंतव्य बनाते हैं।वियतनाम को एविएशन और यमुना एक्सप्रेसवे पर न्योता: सीधी उड़ानों का दिया प्रस्ताववियतनाम के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देश की कंपनियों को उत्तर प्रदेश के तेजी से उभरते विमानन (एविएशन) और विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश का सीधा खुला निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने वियतनामी औद्योगिक घरानों को विशेष रूप से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में अपनी इकाइयां स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि जेवर में देश का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब पूरी तरह क्रियाशील होने की कगार पर है और शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का नियमित संचालन आरंभ हो जाएगा। इस अवसर को व्यापारिक लाभ में बदलने के लिए सीएम योगी ने एक दूरगामी रणनीतिक प्रस्ताव रखते हुए कहा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से वियतनाम की राजधानी हनोई तथा हो ची मिन्ह सिटी जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के लिए सीधी उड़ान सेवाएं शुरू की जानी चाहिए। इससे न केवल दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापारिक संपर्क को नई गति मिलेगी, बल्कि बौद्ध तीर्थस्थलों के कारण उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन का भी अभूतपूर्व विस्तार होगा।रूस से रक्षा, फार्मा और मेडिकल डिवाइस पर बड़ी डील: कानपुर नोड में निवेश का आह्वानरूसी संघ के व्यापार आयुक्त और आधिकारिक डेलिगेशन के साथ हुई राउंड टेबल बैठक में सामरिक, रक्षा और औषधीय क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की रूपरेखा तय की गई। मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो में रूस की आधिकारिक सहभागिता का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और रूस की ऐतिहासिक मित्रता अब उत्तर प्रदेश के औद्योगिक गलियारों में ठोस रूप ले रही है। उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ के नोड में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई पहले ही स्थापित हो चुकी है, जबकि अमेठी के कोरवा में अत्याधुनिक रूसी क्लाश्निकोव AK-203 असॉल्ट राइफलों का बड़े पैमाने पर सफल उत्पादन चल रहा है। मुख्यमंत्री ने रूसी रक्षा कंपनियों को रक्षा कॉरिडोर के कानपुर नोड में भी अपने एडवांस वेपन्स और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स की इकाइयां लगाने के लिए आमंत्रित किया। इसके साथ ही उन्होंने जेवर एयरपोर्ट के समीप बन रहे विशाल मेडिकल डिवाइस पार्क और बुंदेलखंड के ललितपुर में स्थापित हो रहे मेगा बल्क ड्रग पार्क में रूसी कंपनियों को अपने अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने की पेशकश की।फूड बास्केट यूपी और रूस के बीच फर्टिलाइजर सप्लाई चेन का नया गठजोड़मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में कृषि और रासायनिक उर्वरक (फर्टिलाइजर) क्षेत्र को सहयोग का अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश संपूर्ण भारत का 'फूड बास्केट' है, जहां गंगा-यमुना के दोआब की उर्वर भूमि और बारहमासी नदियों का समृद्ध जल तंत्र कृषि उत्पादन की रीढ़ है। वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों और निर्बाध फर्टिलाइजर सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के बीच साझेदारी समय की मांग है। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का सबसे बड़ा केंद्र है। राज्य सरकार ऐसे विशेष औद्योगिक प्लेटफॉर्म और ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर विकसित करने के लिए पूरी तरह तत्पर है, जहां यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के सदस्य देशों के साथ नियमित रूप से द्विपक्षीय आर्थिक, आयात-निर्यात और तकनीकी संवाद को संस्थागत रूप दिया जा सके।बेलारूस की हेवी मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों के लिए असेंबलिंग हब बनेगा प्रदेशपूर्वी यूरोपीय राष्ट्र बेलारूस के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित विशेष सत्र में मुख्यमंत्री ने कृषि आधुनिकीकरण और भारी मशीनरी पर विस्तृत रोडमैप पेश किया। उन्होंने चार वर्ष पूर्व आरंभ हुए यूपी-बेलारूस औद्योगिक संवाद की सराहना करते हुए कहा कि बेलारूस ने ट्रेड शो में अपने भव्य राष्ट्रीय पवेलियन के जरिए दोनों देशों के औद्योगिक संबंधों को प्रगाढ़ किया है। मुख्यमंत्री ने बेलारूस की विश्वप्रसिद्ध भारी मशीनरी निर्माताओं, खनन उपकरण कंपनियों और ट्रैक्टर ब्रांड्स को उत्तर प्रदेश में अपनी आधुनिक असेंबलिंग और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने का सीधा प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में विशाल कृषि रकबा होने के कारण अत्याधुनिक कृषि उपकरणों और उच्च हार्वेस्टर मशीनों की घरेलू मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिसे बेलारूस की उन्नत इंजीनियरिंग के माध्यम से पूरा किया जा सकता है।ओडीओपी क्लस्टर्स को मिलेगी बेलारूस की एडवांस वुड टेक्नोलॉजीबैठक के दौरान सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) की वैश्विक क्षमता से विदेशी प्रतिनिधियों को अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से सहारनपुर के ऐतिहासिक लकड़ी नक्काशी उद्योग और बिजनौर के वुड क्लस्टर्स का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि यदि बेलारूस की उन्नत और स्वचालित वुड-प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इन पारंपरिक ओडीओपी क्लस्टर्स के साथ एकीकृत कर दिया जाए, तो यहां के हस्तशिल्प और लकड़ी के उत्पादों की फिनिशिंग को यूरोपीय और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाकर अरबों डॉलर का नया निर्यात बाजार खड़ा किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, राज्य के 56 फीसदी युवाओं को वैश्विक उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री ने बेलारूस की तकनीकी संस्थाओं को यूपी में अपने एडवांस्ड वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का आह्वान किया।जापान के साथ बौद्ध विरासत और निवेश: सारनाथ-नारा प्रीफेक्चर के रिश्तों में मजबूतीजापान के भारत में नियुक्त राजदूत ओनो केइची और जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JETRO India) के महानिदेशक दाइसाकु युकिता के साथ मुख्यमंत्री की बैठक कूटनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी रही। संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश और जापान के मध्य दीर्घकालिक आर्थिक विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल और औद्योगिक निवेश संवर्धन पर गहन मंथन हुआ। बैठक में दोनों देशों के मध्य प्राचीन और साझा बौद्ध विरासत को सांस्कृतिक कूटनीति का माध्यम बनाने पर विशेष जोर दिया गया। भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली वाराणसी के सारनाथ और जापान के ऐतिहासिक बौद्ध केंद्र 'नारा प्रीफेक्चर' के बीच सिस्टर-सिटी संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने पर सहमति बनी, जिससे जापानी पर्यटकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए उत्तर प्रदेश में अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके।सिंगापुर सिटी प्रोजेक्ट को रफ्तार: 25 देशों के राजनयिकों संग ऐतिहासिक क्षणसिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग वी कुएन के नेतृत्व में आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और वित्तीय निवेशकों के साथ हुई बैठक में उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच चल रहे निवेश समझौतों की प्रगति की समीक्षा की गई। सिंगापुर के डेलिगेशन ने राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और 'इन्वेस्ट यूपी' (Invest UP) की सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली की मुक्तकंठ से सराहना की। बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रस्तावित अत्याधुनिक 'सिंगापुर सिटी' टाउनशिप परियोजना की जमीनी प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई और सिंगापुर के निवेशकों ने स्मार्ट अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर्स के क्षेत्र में अतिरिक्त पूंजी लगाने की गहरी रुचि व्यक्त की। राउंड टेबल बैठकों के इस ऐतिहासिक दौर के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न महाद्वीपों से आए 25 देशों के राजदूतों, बिजनेस कमिश्नर्स और कॉर्पोरेट प्रमुखों के साथ एक संयुक्त ग्रुप फोटो खिंचवाई, जो उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प को वैश्विक मान्यता दिलाने का प्रतीक बन गई।
तीसरी मंजिल से कूदकर पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी की पत्नी ने दी जान
गुरुग्राम की एमवीएन सोसाइटी में एक महिला की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई. मृतका की पहचान दीपा के रूप में हुई है, जो सोसाइटी के पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी जतिन उर्फ जितेंद्र की पत्नी थीं. मायके वालों ने पति पर शराब के नशे में मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल नितिन सिंह की हत्या, 18 वर्षीय बेटे अरमान को पुलिस ने पकड़ा
(फोटो के साथ)चंडीगढ़, 25 सितंबर चंडीगढ़ पुलिस के एक मुख्य आरक्षी की शुक्रवार को यहां उनके घर के अंदर कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में मुख्य आरक्षी नितिन सिंह के बेटे अरमान (18) को गिरफ्तार किया गया है। अरमान दो भाइयों की एक सड़क हादसे में मौत के मामले में जमानत पर रिहा हुआ था। चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कंवरदीप कौर ने बताया कि इस साल के शुरू में जब मनीमाजरा के ‘कलाग्राम लाइट पॉइंट’ पर मोटरसाइकिल सवार दो भाइयों की मौत हुई, तब अरमान अपने दोस्त की थार गाड़ी चला रहा था जिसने दोपहिया वाहन को टक्कर मारी थी। कौर के मुताबिक, तब अरमान को गिरफ़्तार किया गया था और बाद में ज़मानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चला है कि अरमान अपने माता-पिता पर अपनी ‘गर्लफ्रेंड’ से तुरंत शादी करने का दबाव डाल रहा था, जबकि वे इस बात पर अड़े थे कि वह 21 साल का होने के बाद ही ऐसा कर सकता है। पुलिस के अनुसार नितिन सिंह यहां सेक्टर 22 में अपने सरकारी आवास में मृत पाए गए और उनके सिर पर गोली लगी थी। सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय उनका बेटा अरमान और उनकी पत्नी घर पर थे। बताया जाता है कि सिंह की अरमान के साथ बहस हुई थी। सेक्टर 17 के थाना प्रभारी सुदेश कुमार ने कहा, ‘‘इस मामले में उनके बेटे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।’’थाना प्रभारी के मुताबिक, आरोपी ने अपनी मां की गर्दन पकड़कर उन्हें नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की, लेकिन वह भागकर छत पर चली गईं और शोर मचाया, जिसके बाद पड़ोसी वहां पहुंचे और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। कुमार ने बताया कि घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल बरामद की गयी है। थाना प्रभारी ने कहा, ‘‘पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। अवैध हथियार रखने और इस्तेमाल करने को लेकर शस्त्र कानून के प्रावधान भी लगाये गये हैं।’’पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि घटना के बाद अरमान ने यह दिखाने की कोशिश की कि कोई बाहरी व्यक्ति घर में घुसा और उसने यह अपराध किया। कौर ने सिंह के घर का दौरा किया। उन्होंने कहा, ‘‘सुबह हमारे पास एक फोन आया था। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उसने पाया कि उनके सिर पर गोली लगी थी।’’सिंह पुलिस मुख्यालय की खाता शाखा में तैनात थे। थाना प्रभारी ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार शाम को अरमान की अपने माता-पिता से बहस हो गई। वह एक लड़की से शादी करना चाहता था और तुरंत शादी करना चाहता था। लेकिन उसके माता-पिता का कहना था कि वह 21 साल का होने के बाद ही शादी कर सकता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अरमान अपने माता-पिता पर उस लड़की को घर लाने का दबाव डाल रहा था, लेकिन उन्होंने उसकी यह मांग ठुकरा दी। उसने अपनी अलग-अलग ज़रूरतों के लिए भी माता-पिता से पैसे मांगे।’’उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। थाना प्रभारी ने कहा, ‘‘अरमान को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस आगे की जांच और यह पता लगाने के लिए उसकी हिरासत की मांग करेगी कि उसे देसी हथियार कहां से मिला।
भारतीय शेयर बाजार के अगले कारोबारी सप्ताह की शुरुआत ग्रीन एनर्जी और रिन्यूएबल पावर सेक्टर में एक बड़े वित्तीय सौदे के साथ होने के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं। स्वच्छ ऊर्जा समाधान मुहैया कराने वाली अग्रणी कंपनी क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस (Clean Max Enviro Energy Solutions) के शेयरों में सोमवार को बाजार खुलते ही लगभग ₹1,062.8 करोड़ मूल्य की एक विशाल ब्लॉक डील संपन्न होने की संभावना जताई जा रही है। संस्थागत और दलाल स्ट्रीट सूत्रों से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कंपनी के मौजूदा बड़े संस्थागत निवेशकों में शामिल ऑगमेंत इंडिया होल्डिंग्स (Augment India Holdings) इस प्रस्तावित ब्लॉक विंडो के माध्यम से अपनी शेयरधारिता का एक अहम हिस्सा बेचने की तैयारी में है। यह बड़ा रणनीतिक कदम न केवल सेकेंडरी मार्केट में कंपनी के लिक्विडिटी फ्लो को प्रभावित करेगा, बल्कि आगामी कारोबारी सत्रों के दौरान रिन्यूएबल एनर्जी स्पेस में संस्थागत गतिविधियों को भी नई दिशा प्रदान कर सकता है।7.25% इक्विटी हिस्सेदारी की बिक्री और ₹1,250 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइसइस मेगा ब्लॉक ट्रांजेक्शन की संरचना और वित्तीय शर्तों का अध्ययन करने पर पता चलता है कि विक्रेता समूह द्वारा कंपनी की कुल चुकता पूंजी में से लगभग 7.25 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी का विनिवेश किया जा सकता है। इस प्रस्तावित सौदे के लिए न्यूनतम फ्लोर प्राइस ₹1,250 प्रति इक्विटी शेयर निर्धारित किए जाने की खबर है। यदि शुक्रवार 25 सितंबर के समापन बाजार मूल्य यानी करंट मार्केट प्राइस (CMP) से तुलना की जाए, तो ₹1,250 का यह फ्लोर प्राइस मौजूदा ट्रेडिंग भाव के मुकाबले लगभग 10 प्रतिशत के आकर्षक डिस्काउंट की पेशकश करता है। हालांकि, मौजूदा वित्तीय दस्तावेजों और बाजार के प्राथमिक संकेतों में अभी तक यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस ब्लॉक डील में हिस्सेदारी खरीदने वाले संभावित खरीदार कौन होंगे। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस भारी-भरकम डिस्काउंट पर घरेलू म्यूचुअल फंड्स (DIIs), सॉवरेन वेल्थ फंड्स या वैश्विक विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) आक्रामक रूप से बोली लगाकर इस 7.25% हिस्सेदारी को अपनी झोली में डाल सकते हैं।शुक्रवार को कैसा रहा शेयर का मिजाज: 52 हफ्तों के शिखर के करीब कारोबारसप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन यानी शुक्रवार 25 सितंबर 2026 को क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस का शेयर सकारात्मक रुझान के साथ बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयर पिछले कारोबारी सत्र के ₹1,385.05 के स्तर के मुकाबले ₹7.50 यानी 0.54 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए ₹1,392.55 के स्तर पर सफलतापूर्वक बंद हुए। शुक्रवार के पूरे कारोबारी सत्र के दौरान स्टॉक में अच्छा-खासा उतार-चढ़ाव देखा गया, जहां काउंटर ने दिन के निचले स्तर ₹1,385 को छूने के बाद खरीदारी के दम पर ₹1,475 का इंट्राडे उच्च स्तर छुआ। यदि दीर्घकालिक चार्ट पर नजर डालें, तो इस शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर ₹1,532.80 दर्ज है, जबकि इसका 52 हफ्तों का निचला स्तर ₹728 रहा है। मौजूदा भाव पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग ₹16,369.34 करोड़ के आसपास मजबूती से टिका हुआ है, जो ग्रीन एनर्जी सेक्टर में इसके सुदृढ़ फंडामेंटल्स को दर्शाता है।वॉल्यूम, वीवैप (VWAP) और 20% का सर्किट प्राइस बैंडसत्र के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम की बात करें तो दिनभर के नियमित बाजार में लगभग 37 हजार इक्विटी शेयरों का हैंड-एक्सचेंज हुआ, जिसका कुल टर्नओवर वैल्यू करीब ₹5.31 करोड़ के आसपास आंका गया। दिनभर के पूरे कारोबार का वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस यानी वीवैप (VWAP) ₹1,425.95 पर दर्ज किया गया, जो यह दर्शाता है कि अधिकांश बड़े और संस्थागत सौदे शुक्रवार को मौजूदा बंद भाव से ऊंचे स्तरों पर निष्पादित हुए थे। इसके अलावा, एक्सचेंज द्वारा निर्धारित नियमों के तहत कंपनी का डेली प्राइस बैंड 20 प्रतिशत पर लॉक है। तकनीकी सीमाओं के अनुसार, स्टॉक का अपर प्राइस सर्किट बैंड ₹1,671.05 और लोअर प्राइस सर्किट बैंड ₹1,114.05 पर निर्धारित है। चूंकि प्रस्तावित ब्लॉक डील का फ्लोर प्राइस ₹1,250 तय किया गया है, जो लोअर सर्किट बैंड से काफी ऊपर है, ऐसे में सोमवार को शुरुआती विशेष प्री-ओपन या ब्लॉक विंडो के दौरान ही इस विशाल सौदे के आसानी से सेटल हो जाने की पूरी उम्मीद है।क्या ब्लॉक डील के डिस्काउंट से शेयर पर दिखेगा शॉर्ट-टर्म दबाव?शेयर बाजार के जानकारों और तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, जब भी किसी मिडकैप या लार्जकैप कंपनी में मौजूदा बाजार भाव से 10 प्रतिशत के भारी डिस्काउंट पर 7% से अधिक इक्विटी की ब्लॉक डील होती है, तो उसका तात्कालिक असर ट्रेडिंग आवर्स में देखने को मिलता है। बाजार खुलते ही आर्बिट्राज और शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स द्वारा डिस्काउंट प्राइस के अंतर को पाटने के लिए काउंटर पर हल्का सेलिंग प्रेशर बनाया जा सकता है। हालांकि, यदि यह पूरी 7.25% हिस्सेदारी किसी जाने-माने हाई-प्रोफाइल ग्लोबल फंड या शीर्ष घरेलू एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा एकमुश्त खरीद ली जाती है, तो यह डिस्काउंट का दबाव कुछ ही घंटों में रिवर्स हो सकता है। क्लीन मैक्स एनवायरो देश के कॉर्पोरेट और इंडस्ट्रियल (C&I) ग्राहकों को सोलर, विंड और हाइब्रिड रिन्यूएबल पावर प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है, इसलिए लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएटर्स इस डील को नए बड़े संस्थागत निवेशकों के प्रवेश के रूप में एक सकारात्मक अवसर मान रहे हैं।ब्लॉक डील की मुख्य बातें एक नजर मेंआगामी कारोबारी सत्र के लिए निवेशक निम्नलिखित मुख्य आंकड़ों और बिंदुओं पर करीबी नजर रख सकते हैं:विवरणमहत्वपूर्ण आंकड़ेकंपनी का नामClean Max Enviro Energy Solutionsप्रस्तावित ब्लॉक डील का आकारलगभग ₹1,062.8 करोड़संभावित विक्रेता संस्थाAugment India Holdingsबेची जाने वाली इक्विटी हिस्सेदारी7.25 प्रतिशतफ्लोर प्राइस₹1,250 प्रति शेयरCMP से डिस्काउंट दरकरीब 10 प्रतिशतवर्तमान शेयर भाव (25 सितंबर)₹1,392.55कंपनी का मार्केट कैप₹16,369.34 करोड़अपर / लोअर सर्किट बैंड (20%)₹1,671.05 / ₹1,114.05संभावित समयसोमवार बाजार खुलते ही
UN में Netanyahu का 'कायर' अटैक! ईरान पर ताबड़तोड़ वार
UN General Assembly में Benjamin Netanyahu का भाषण चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया कई देशों के प्रतिनिधियों के वॉकआउट के बाद उन्होंने उन्हें मोरल कायर कहा, फिर 2024 के Hezbollah Pager Operation का जिक्र करते हुए पेजर दिखाया और Starlink उठाकर ईरान पर तंज कस दिया जानिए पूरा मामला
क्या दिल्ली में कानून व्यवस्था का डर नहीं बचा? देखें विशेष
दिल्ली में डर लगता है.. ये सवाल आज दिल्ली में रहने वाली हर महिला के मन में है.. क्योंकि दिल्ली बदल ही नहीं रही है... महिला सुरक्षा के बड़े बड़े दावे देश की राजधानी में धरे के धरे रह जाते हैं... 2012 में जब निर्भया गैंगरेप केस हुआ था.. तो एक बहुत आंदोलन खड़ा हुआ था.. तब लगा था कि शायद दिल्ली की ये तस्वीर बदलेगी.. लेकिन इन 14 वर्षों में कुछ नहीं बदला... 4 दिन पहले दिल्ली के पार्क में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए गैंगरेप के केस ने फिर से कई सवाल खड़े कर दिये हैं. देखें...
भारी बारिश का अलर्ट, जानिए किन शहरों में कल बंद रहेंगे स्कूल
यूपी, झारखंड और उत्तराखंड के कई जिलों में प्रशासन ने एहतियातन 26 सितंबर (शनिवार) को स्कूलों की छुट्टी का ऐलान कर दिया है. लखनऊ, अयोध्या, कौशाम्बी और रांची में जहां 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे, वहीं रांची में आदेश न मानने वाले संस्थानों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. जानिए क्या आपके जिले में भी रहेगी स्कूल की छुट्टी?
पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओमेक्स लिमिटेड (Omaxe Limited) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ अत्यंत सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की है। सूचीबद्ध कंपनियों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और खुदरा निवेशकों के अधिकारों की रक्षा करने वाले न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता यानी मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में सेबी ने ओमेक्स सहित कुल छह संस्थाओं व व्यक्तियों पर प्रतिभूति बाजार में खरीद-फरोख्त पर पाबंदी लगा दी है। इसके साथ ही विनियामक ने नियमों को ताक पर रखकर भ्रामक व्यवस्था रचने के आरोप में इन सभी पक्षों पर सम्मिलित रूप से ₹1.92 करोड़ का वित्तीय जुर्माना भी अधिरोपित किया है। दलाल स्ट्रीट और रियल एस्टेट सेक्टर में इस कड़े आदेश के सामने आते ही हड़कंप मच गया है, क्योंकि सेबी ने अपने विस्तृत आदेश में प्रमोटर स्तर पर फंड के जरिए रची गई कथित धोखाधड़ी की एक-एक परत खोलकर रख दी है।ओमेक्स पर 3 महीने और प्रमोटरों पर 1 साल का कड़ा ट्रेडिंग प्रतिबंधसेबी के पूर्णकालिक सदस्य द्वारा पारित आधिकारिक आदेश के अनुसार, मुख्य सूचीबद्ध कंपनी ओमेक्स लिमिटेड को प्रतिभूति बाजार (Securities Market) से सीधे 3 महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं इस पूरे वित्तीय खेल में शामिल प्रमुख रणनीतिकारों और समूह इकाइयों पर इससे भी अधिक सख्त कार्रवाई की गई है। कंपनी के मुख्य प्रमोटर रोहताश गोयल, जय भगवान गोयल, समूह की सहयोगी कंपनियों ड्रीम होम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और गिल्ड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ-साथ ओमेक्स के पूर्व संयुक्त प्रबंध निदेशक (Joint MD) सुनील गोयल पर 1 वर्ष की लंबी अवधि के लिए बाजार प्रतिबंध लगाया गया है। इस रोक की अवधि के दौरान ये सभी छह पक्ष सीधे या परोक्ष रूप से किसी भी सूचीबद्ध शेयर, बॉन्ड, डेरिवेटिव्स या म्यूचुअल फंड की यूनिट्स में न तो कोई नया निवेश कर सकेंगे और न ही मौजूदा होल्डिंग्स की ट्रेडिंग कर पाएंगे। इसके अलावा इन व्यक्तियों के किसी भी मान्यता प्राप्त मध्यस्थ या मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थान से जुड़ने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।25% मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग का नियम और स्वतंत्र निवेशकों का दिखावाभारतीय प्रतिभूति कानूनों के अनुसार, प्रत्येक सूचीबद्ध कंपनी के लिए यह अनिवार्य वैधानिक अनिवार्यता है कि उसकी कुल चुकता शेयर पूंजी में से कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सेदारी वास्तविक और स्वतंत्र सार्वजनिक शेयरधारकों (Independent Public Shareholders) के हाथों में होनी चाहिए। इसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि प्रमोटर समूह कंपनी के लिक्विड फ्लो और शेयरों की कीमतों में मनमाना फेरबदल न कर सके। सेबी ने अपनी विस्तृत जांच में पाया कि ओमेक्स लिमिटेड इस 25% की सीमा को वैध और स्वतंत्र सार्वजनिक निवेशकों के जरिए हासिल करने में पूरी तरह नाकाम रही। कंपनी ने कागजों पर तो यह दर्शा दिया कि उसने 25% की सीमा हासिल कर ली है, लेकिन वास्तविकता में जिन संस्थाओं को स्वतंत्र पब्लिक शेयरधारक बनाकर पेश किया गया था, उन्होंने शेयर खरीदने के लिए जिन पैसों का इस्तेमाल किया, उसका मूल स्रोत स्वयं ओमेक्स और उसकी समूह से जुड़ी फर्में ही थीं।₹46.50 करोड़ की राउंड-ट्रिपिंग: शेल इकाइयों के जरिए अपने ही शेयर खरीदेसेबी की वित्तीय फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट ने फंड के जटिल और घुमावदार रास्तों का सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच के अनुसार, ओमेक्स और उसकी सहयोगी कंपनियों ने डीवीएम रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (DRPL), गर्व बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और जीत बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड (JBPL) जैसी मध्यवर्ती कंपनियों के बैंक खातों में कुल ₹46.50 करोड़ की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की। इस पूरी रकम को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाकर अंततः 3 जून 2013 और 29 अक्टूबर 2013 को कंपनी द्वारा लाए गए ऑफर फॉर सेल (OFS) में झोंक दिया गया। इन कथित मध्यवर्ती संस्थाओं ने ओमेक्स के खुद के पैसों से ही ओमेक्स के शेयर खरीद लिए और बाद में खुद को गैर-प्रमोटर यानी 'सार्वजनिक शेयरधारक' के रूप में रजिस्टर्ड करा लिया। सेबी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फंड के इस ट्रांसफर और शेयर खरीद को किसी भी सूरत में स्वतंत्र या अलग-थलग लेनदेन नहीं माना जा सकता, बल्कि यह प्रमोटरों द्वारा अपने ही शेयरों को बेनामी तरीके से खरीदने की एक संगठित योजना थी।पब्लिक होल्डिंग्स के वास्तविक आंकड़ों में आया भारी अंतरजांच रिपोर्ट में सेबी ने गणितीय आंकड़ों के जरिए यह साबित किया कि किस तरह एक्सचेंज और शेयरधारकों को गुमराह किया गया। आदेश के अनुसार, 3 जून 2013 के ओएफएस के बाद कंपनी ने अपनी सार्वजनिक हिस्सेदारी 16.21 प्रतिशत रिपोर्ट की थी, लेकिन जब कंपनी के फंड से खरीदे गए मुखौटा शेयरों को गणना से बाहर किया गया, तो वास्तविक सार्वजनिक हिस्सेदारी घटकर मात्र 14.57 प्रतिशत रह गई। इसी तरह, 29 अक्टूबर 2013 के दूसरे ओएफएस के बाद कंपनी ने सार्वजनिक हिस्सेदारी 20.97 प्रतिशत घोषित की थी, जबकि हकीकत में वह केवल 19.04 प्रतिशत ही थी। इसके बाद जब कंपनी ने शेयरधारकों को बोनस शेयर जारी किए, तो उस समय कागजों पर पब्लिक होल्डिंग 25.01 प्रतिशत दिखाकर अनिवार्य 25% का नियम पूरा होने का दावा किया गया। सेबी के फॉरेंसिक ऑडिट से साफ हुआ कि यदि प्रमोटर फंड से खरीदे गए शेयरों और उनसे मिले बोनस शेयरों को घटा दिया जाए, तो वास्तविक जन-हिस्सेदारी मात्र 22.71 प्रतिशत पर ही सिमट कर रह जाती है, जिससे नियमों का गंभीर उल्लंघन स्वतः सिद्ध हो गया।'धोखाधड़ीपूर्ण और भ्रामक षड्यंत्र': PFUTP नियमों के उल्लंघन का फैसलामार्केट रेगुलेटर सेबी ने ओमेक्स और उसके प्रमोटरों द्वारा गढ़ी गई इस पूरी कार्यप्रणाली को सामान्य चूक नहीं, बल्कि सिक्योरिटीज बाजार में निवेशकों के साथ की गई एक सोची-समझी 'धोखाधड़ी और कपटपूर्ण कलाकारी' (Fraudulent and Deceptive Scheme and Artifice) करार दिया है। सेबी ने अपने अंतिम फैसले में रेखांकित किया कि प्रमोटरों का एकमात्र उद्देश्य बाजार में एक झूठा भ्रम पैदा करना था कि कंपनी ने कानूनन 25% पब्लिक शेयरहोल्डिंग हासिल कर ली है, जबकि पर्दे के पीछे कंपनी के नियंत्रण को ही सार्वजनिक लबादे में छिपाया गया था। इस कृत्य को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 की धारा 12ए और सेबी (धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार निषेध) विनियम, यानी PFUTP Regulations, 2003 के विभिन्न प्रावधानों का खुला और अस्वीकार्य उल्लंघन माना गया।₹1.92 करोड़ का सामूहिक जुर्माना और कॉरपोरेट गवर्नेंस को सख्त संदेशसेबी के आदेश के तहत न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग्स नियमों के उल्लंघन और शेयरहोल्डिंग पैटर्न के गलत व भ्रामक खुलासे करने के जुर्म में छह पक्षों पर कुल ₹1.92 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है, जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकारी कोष में जमा कराने का आदेश दिया गया है। मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि सेबी का यह कड़ा फैसला भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध सभी रियल एस्टेट और कॉरपोरेट कंपनियों के लिए एक स्पष्ट और कड़ा संदेश है कि प्रमोटरों द्वारा फंड की राउंड-ट्रिपिंग करके पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खुदरा निवेशकों के विश्वास को बनाए रखने के लिए विनियामक अब पुराने सौदों और ऑफ-मार्केट ट्रांजेक्शंस की भी बारीकी से फॉरेंसिक जांच कर रहा है।
Congress नेता Harish Rawat ने Haridwar से विधानसभा चुनाव लड़ने के दिए संकेत
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने शुक्रवार को संकेत दिया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की किसी सीट से उम्मीदवार बनना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में रावत ने कहा कि उनकी उम्र बढ़ रही है, लेकिन हरिद्वार के साथ उनका लगाव भी उतनी ही तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने 2009 से 2014 के बीच हरिद्वार से लोकसभा सांसद के रूप में अपने कार्यकाल को अपने जीवन का “स्वर्णिम काल” बताया। रावत ने लिखा कि हरिद्वार के मतदाताओं के साथ उनका रिश्ता इतना गहरा हो गया था कि दोनों एक दूसरे के पर्याय बन गए थे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में सैकड़ों परिवारों से उनके व्यक्तिगत व पारिवारिक रिश्ते आज भी कायम हैं। रावत ने कहा, “मेरे दिल में एक इच्छा है कि क्या मैं एक बार हरिद्वार का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता?”उन्होंने कहा कि हरिद्वार को लेकर उनके मन में बहुत सारी सोच और योजनाएं हैं और वह इसे उत्तराखंड का “संबल” और “पिलर” बनाना चाहते हैं। हालांकि, रावत ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की और कहा कि राज्य के व्यापक सवालों और पार्टी के आंतरिक मुद्दों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपनी भावना दबानी पड़ती है। कांग्रेस नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि हरिद्वार से उनका जुड़ाव राजनीतिक चुनाव तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक उनमें सांस है, वह हरिद्वार की सेवा करते रहेंगे। हाल में दिल्ली से देहरादून लौटने पर समर्थकों ने रावत का गर्मजोशी से स्वागत किया था। उनके ताजा बयान से 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हरिद्वार की राजनीति में उनके संभावित आगमन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
'एक आतंकी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है...', विदेश मंत्री का जवाब PAK पत्रकार याद रखेगा!
विदेश मंत्री एस जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सेशन के दौरान एक कार्यक्रम में थे. तभी एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उन्हें अमर्यादित तरीके से टोकने की कोशिश की.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आधुनिक इतिहास में सफेद गेंद (White-Ball Cricket) की दुनिया में निरंतरता, फिटनेस और तकनीकी श्रेष्ठता का अगर कोई सबसे जीवंत उदाहरण है, तो वह भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैं। क्रिकेट के मैदान पर किसी एक प्रारूप में अपनी धाक जमाना ही किसी भी बल्लेबाज के लिए अत्यंत कठिन माना जाता है, लेकिन एक साथ पचास ओवरों के वनडे इंटरनेशनल (ODI) और तेज-तर्रार टी20 इंटरनेशनल (T20I) जैसे दोनों सीमित ओवरों के फॉर्मेट में एक दशक से अधिक समय तक लगातार रनों की बारिश करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है। आंकड़ों पर नजर डालें तो सीमित ओवरों के इन दोनों प्रारूपों को मिलाकर सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की वैश्विक सूची में विराट कोहली 19,129 रनों के जादुई आंकड़े के साथ दुनिया के पहले नंबर के बल्लेबाज बने हुए हैं। कोहली ने अपने करियर में 50 ओवरों के एकदिवसीय प्रारूप में 14,941 रन जोड़े हैं, वहीं 20 ओवरों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 4,188 रन बनाए हैं। दोनों प्रारूपों में रन चेज करने की उनकी बेजोड़ क्षमता और स्ट्राइक रोटेशन की कला ने उन्हें क्रिकेट के इतिहास में सीमित ओवरों का सबसे संपूर्ण बल्लेबाज बना दिया है।भगवान सचिन तेंदुलकर दूसरे पायदान पर: एक फॉर्मेट के बूते खड़ा किया रनों का एवरेस्टइस प्रतिष्ठित सूची में दूसरे स्थान पर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले भारत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का नाम दर्ज है। सचिन तेंदुलकर ने अपने ऐतिहासिक करियर में दोनों फॉर्मेट को मिलाकर कुल 18,436 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए हैं। इस आंकड़े की सबसे खास और चौंकाने वाली बात यह है कि सचिन के दौर में टी20 क्रिकेट अपने शुरुआती चरण में था और उन्होंने अपने पूरे करियर में केवल एक ही टी20 इंटरनेशनल मैच खेला, जिसमें उनके नाम महज 10 रन दर्ज हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि सचिन ने अपने कुल रनों में से 18,426 रन अकेले 50 ओवरों के वनडे क्रिकेट में 49 शतकों और 96 अर्धशतकों के दम पर बनाए थे। सचिन द्वारा स्थापित वनडे रनों का यह विशाल रिकॉर्ड दशकों तक दुनिया के तमाम बल्लेबाजों के लिए एक ऐसा मील का पत्थर रहा, जिसे छूना लगभग असंभव माना जाता था। केवल एक फॉर्मेट की ताकत पर इस संचयी सूची में दुनिया के दूसरे नंबर पर टिके रहना सचिन तेंदुलकर के अविश्वसनीय क्लास और निरंतरता का जीवंत प्रमाण है।'हिटमैन' रोहित शर्मा का तीसरा स्थान: सफेद गेंद के सबसे विस्फोटक ओपनरसूची में तीसरे स्थान पर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और दुनिया के सबसे विस्फोटक सलामी बल्लेबाजों में शुमार 'हिटमैन' रोहित शर्मा मजबूती से काबिज हैं। रोहित शर्मा ने सीमित ओवरों के दोनों प्रारूपों में मिलाकर कुल 16,126 रन बनाए हैं। प्रारूपों के अनुसार विश्लेषण करें तो रोहित ने वनडे इंटरनेशनल में 11,895 रन जोड़े हैं, जिसमें वनडे इतिहास में तीन ऐतिहासिक दोहरे शतक लगाने का ऐसा करिश्माई रिकॉर्ड शामिल है जो दुनिया का कोई अन्य बल्लेबाज आज तक नहीं कर सका। वहीं, टी20 इंटरनेशनल में रोहित शर्मा के बल्ले से 4,231 रन निकले हैं, जहां वे इस सबसे छोटे फॉर्मेट में पांच शतक जड़ने वाले दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाजों में शीर्ष पर रहे हैं। रोहित की खासियत पारी की शुरुआत में परिस्थितियों को भांपकर अंत में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने की रही है। पावरप्ले का बेहतरीन इस्तेमाल और गगनचुंबी छक्के लगाने की उनकी स्वाभाविक शैली ने उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट का सबसे खतरनाक मैच-विनर बनाया है।श्रीलंका के लीजेंड कुमार संगाकारा चौथे नंबर पर: बाएं हाथ की क्लास और निरंतरताइस सूची के शीर्ष चार में शामिल एकमात्र गैर-भारतीय खिलाड़ी श्रीलंका के महान विकेटकीपर-बल्लेबाज और पूर्व कप्तान कुमार संगाकारा हैं। संगाकारा ने अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान सीमित ओवरों के दोनों फॉर्मेट में मिलाकर कुल 15,616 रन बनाए। आंकड़ों पर गौर करें तो उन्होंने वनडे क्रिकेट में 14,234 रनों का विशाल पहाड़ खड़ा किया, जिसमें लगातार चार वनडे वर्ल्ड कप शतक लगाने का अनूठा रिकॉर्ड भी शामिल है। वहीं, टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने अपनी टीम के लिए 1,382 रन बनाए और 2014 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में मैच जिताऊ अर्धशतक लगाकर श्रीलंका को विश्व विजेता भी बनाया था। बाएं हाथ के इस शास्त्रीय बल्लेबाज ने अपनी सहज कवर ड्राइव और क्रीज पर घंटों टिके रहने के धैर्य से एशियाई और विदेशी पिचों पर श्रीलंकाई बल्लेबाजी की रीढ़ बनकर दशकों तक राज किया।आंकड़ों की जुबानी: सीमित ओवरों (ODI + T20I) के शीर्ष-4 रनवीरबल्लेबाज का नामदेशवनडे रन (ODI)टी20 इंटरनेशनल रन (T20I)कुल सीमित ओवर रनविराट कोहलीभारत14,9414,18819,129सचिन तेंदुलकरभारत18,4261018,436रोहित शर्माभारत11,8954,23116,126कुमार संगाकाराश्रीलंका14,2341,38215,616भारतीय बल्लेबाजों का एकतरफा प्रभुत्व और आधुनिक क्रिकेट की तस्वीरसीमित ओवरों के शीर्ष चार बल्लेबाजों की इस विशिष्ट सूची पर दृष्टि डालने से एक बात पूरी तरह साफ हो जाती है कि विश्व क्रिकेट के छोटे प्रारूपों पर भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा निर्विवाद रहा है। टॉप-3 में तीनों ही बल्लेबाज भारत के हैं—सचिन तेंदुलकर, जिन्होंने 90 और 2000 के दशक में भारतीय बल्लेबाजी को वैश्विक पहचान दिलाई; विराट कोहली, जिन्होंने आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस और चेज-मास्टर की नई परिभाषा गढ़ी; और रोहित शर्मा, जिन्होंने अपनी आक्रामक ओपनिंग से गेंदबाजों में खौफ पैदा किया। टी20 क्रिकेट के आगमन के बाद खेल की गति और औसत रन गति में भारी इजाफा हुआ है, लेकिन 15 हजार से 19 हजार रनों के इस संचयी क्लब में शामिल होना यह दर्शाता है कि इसके लिए केवल आक्रामकता नहीं, बल्कि सालों तक चोटों से बचते हुए तीनों प्रारूपों के दबाव को झेलने का अटूट मानसिक संतुलन चाहिए। आने वाले वर्षों में किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए इस शिखर तक पहुंचना क्रिकेट की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक होगा।
महाद्वीपीय खेलों के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित मंच 'एशियन गेम्स 2026' में भारत के लंबी दूरी के स्टार एथलीट गुलवीर सिंह ने अपनी अद्भुत रफ्तार, स्टैमिना और मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए इतिहास रच दिया है। 28 वर्षीय भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की बेहद कठिन और सांस रोक देने वाली 10,000 मीटर दौड़ के फाइनल में 28 मिनट 29.38 सेकंड (28:29.38) का शानदार समय निकालते हुए ऐतिहासिक रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम कर लिया। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव अतरौली से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहराने वाले गुलवीर की यह उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है, क्योंकि पिछले एशियन गेम्स के संस्करण में उन्होंने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। इस बार उन्होंने अपने पदक का रंग बदलकर कांस्य से सीधे रजत में तब्दील किया और यह साबित कर दिया कि भारतीय एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष धावकों को हर कदम पर कड़ी चुनौती देने में सक्षम हैं।बहरीन के बिरहानु बालेव से रही कांटे की टक्कर: सेकंडों के अंतर से चूका गोल्डपुरुषों के 10,000 मीटर फाइनल मुकाबले में ट्रैक पर शुरुआत से ही रणनीतिक और तकनीकी गति देखने को मिली। 25 चक्करों की इस चुनौतीपूर्ण रेस में गुलवीर सिंह ने खुद को अग्रणी धावकों के समूह में मजबूती से बनाए रखा और अपनी ऊर्जा को अंतिम क्षणों के लिए बचाकर रखा। मुकाबले के अंतिम 400 मीटर के लैप में शीर्ष धावकों के बीच स्वर्ण पदक के लिए जबरदस्त स्प्रिंट देखने को मिली। बहरीन के अनुभवी धावक बिरहानु बालेव ने 28 मिनट 27.51 सेकंड (28:27.51) का समय निकालकर कड़े संघर्ष में गोल्ड मेडल जीता। गुलवीर सिंह उनसे मात्र 1.87 सेकंड के मामूली अंतर से पीछे रह गए और दूसरे स्थान पर रहते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं, बहरीन के ही अल्बर्ट किप्टू ने 28:34.38 के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल कर ब्रॉन्ज मेडल जीता। गुलवीर द्वारा अंतिम लैप में दिखाई गई फुर्ती ने पूरे स्टेडियम को रोमांचित कर दिया।खेत की पगडंडियों से सेना की ग्रेनेडियर्स तक: संघर्ष से भरा रहा गुलवीर का सफरगुलवीर सिंह की इस ऐतिहासिक कामयाबी की नींव उत्तर प्रदेश के एक साधारण ग्रामीण किसान परिवार में रखी गई थी। उनका जन्म 1 जून 1988 को हुआ था। ग्रामीण परिवेश में सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े गुलवीर को बचपन से ही दौड़ने का गहरा शौक था। गांव के खेतों और कच्ची पगडंडियों पर अभ्यास करते हुए उन्होंने अपनी शारीरिक क्षमता को निखारा। खेल के प्रति उनके इसी समर्पण के दम पर उन्हें स्पोर्ट्स कोटे के तहत भारतीय सेना में शामिल होने का अवसर मिला। सेना की जांबाज ‘ग्रेनेडियर्स’ (The Grenadiers) रेजिमेंट में भर्ती होने के बाद गुलवीर ने अपने अनुशासन और लगन से जूनियर कमिशंड ऑफिसर (JCO) का सम्मानित पद हासिल किया। इसके बाद उन्हें पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI) में आधुनिक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के लिए चुना गया, जहां वे भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का नियमित हिस्सा बने। इसी उच्चस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर में उन्होंने प्रोफेशनल रनिंग की बारीकियों, पेसिंग, लैप टाइमिंग और रिकवरी की वैज्ञानिक तकनीकों को आत्मसात किया।अंतरराष्ट्रीय पटल पर लगातार चमकती रफ्तार: कॉमनवेल्थ और एशियन चैंपियनशिप में भी झंडे गाड़ेगुलवीर सिंह का यह सिल्वर मेडल कोई अचानक मिली सफलता नहीं है, बल्कि पिछले दो वर्षों से अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स परिदृश्य पर उनके निरंतर शानदार प्रदर्शन का परिणाम है। इसी वर्ष संपन्न हुए ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गुलवीर ने अपनी अद्वितीय बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल और 5,000 मीटर स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर दोहरा पोडियम फिनिश हासिल किया था। इसके अलावा, एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025 में उन्होंने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों ही स्पर्धाओं में दोहरा स्वर्ण पदक (डबल गोल्ड) जीतकर पूरे एशिया में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की थी। अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर उनकी यह निरंतरता उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद और विश्वस्तरीय लंबी दूरी के एथलीटों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करती है।भारत की मेडल टैली पहुंची 23: एथलेटिक्स और शूटिंग में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबागुलवीर सिंह द्वारा जीते गए इस रजत पदक ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों की संख्या को 22 तक पहुंचाया। इसके तुरंत बाद एथलेटिक्स के विमेंस पोल वॉल्ट इवेंट में भारत की बारानिका इलांगोवन (Baranica Elangovan) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता, जिससे भारत की कुल मेडल टैली 23 पर पहुंच गई। भारतीय दल अब तक 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर चुका है। भारत को पहला ऐतिहासिक गोल्ड मेडल भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दिलाया था, जबकि दूसरा गोल्ड मेडल आज ही शूटिंग रेंज में कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने निशानेबाजी में हासिल किया। भारतीय एथलीटों के इस बहुआयामी प्रदर्शन से पदक तालिका में भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।क्रिकेट में पुरुष टीम का मिशन: 28 सितंबर से श्रेयस सेना की शुरुआतट्रैक एंड फील्ड और शूटिंग रेंज में पदकों की बरसात के बीच अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें क्रिकेट के मैदान पर टिक गई हैं। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम आगामी 28 सितंबर से अपने स्वर्ण पदक अभियान की शुरुआत करने जा रही है। अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर की कप्तानी में युवा और आक्रामक खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम सीधे नॉकआउट चरण में उतरेगी। शनिवार को होने वाले प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के परिणाम आने के बाद यह तय हो जाएगा कि क्वार्टर फाइनल में टीम इंडिया का मुकाबला किस एशियाई टीम से होगा। महिला क्रिकेट टीम के स्वर्ण पदक के बाद अब पूरे देश को पुरुष टीम से भी पोडियम के शीर्ष पर पहुंचने की पूरी उम्मीद है।
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े आत्महत्या मामले में क्राइम ब्रांच ने 20 बयान दर्ज किए हैं, जबकि परिजनों ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी गहन जांच की मांग की है।
गणेश विसर्जन के दौरान बमबाजी... 4 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने कराई परेड-VIDEO
कानपुर के गुजैनी इलाके में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान हुए विवाद का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है. वायरल वीडियो में कुछ युवक कथित तौर पर देसी बम या पटाखे फोड़ते दिख रहे हैं. पुलिस ने फायरिंग से इनकार करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी पुलिस परेड भी कराई. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
'राहुल गांधी मदारी हैं, उनकी मां ने नागरिकता लेने से पहले वोट कैसे डाला'; गिरिराज सिंह का आरोप
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी से उनकी मां को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि सोनिया गांधी ने 15 साल तक भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली? उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकता नहीं होने के बावजूद उन्होंने वोट कैसे दिया?
SIR शुरू होने के बाद से 18-28 साल की उम्र के 3.27 करोड़ मतदाता जोड़े गए हैं: चुनाव आयोग
आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि यह घोषणा निर्देशों के जरिए जोड़ी गई थी और फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह घोषणा पिछले साल जून में शुरू हुए बिहार के एसआईआर में जोड़ी गई थी। नए मतदाताओं को फॉर्म 6 के साथ यह घोषणा भी भरनी थी।
CIC ने PESO को दिए निर्देश: जानलेवा हादसों के बाद रद्द हुए पटाखा लाइसेंस का ब्योरा दें
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) को निर्देश दिया है कि वह घातक दुर्घटनाओं के बाद रद्द किए गए पटाखों के लाइसेंसों से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराए। यह निर्देश तब आया, जब संगठन ने कहा कि ऐसे मामलों में अपनाई जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के संबंध में उसके पास कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। सूचना आयुक्त खुशवंत सिंह सेठी ने यह निर्देश उस अपील पर सुनवाई करते हुए जारी किया, जिसमें पटाखों के बनाये जाने को मंजूरी, घातक दुर्घटनाओं के बाद अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं, जन-जागरूकता के लिए सार्वजनिक की गई दुर्घटना संबंधी रिपोर्टों और घातक दुर्घटनाओं के बाद रद्द किए गए लाइसेंसों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। आयोग ने पाया कि प्रतिवादी ने केवल आंशिक जानकारी उपलब्ध कराई थी और पीईएसओ को निर्देश दिया कि वह मांगी गई सभी सूचनाओं को शामिल करते हुए संशोधित जवाब प्रस्तुत करे। घातक दुर्घटनाओं के बाद रद्द किए गए लाइसेंसों के संबंध में आयोग ने पीईएसओ को निर्देश दिया कि वह आरटीआई आवेदन दायर किए जाने से पहले के तीन वर्षों के दौरान “विनिर्माताओं की जिम्मेदारी तय किए जाने के कारण रद्द किए गए लाइसेंसों की संख्या” उपलब्ध कराए। पीईएसओ ने शुरू में घातक दुर्घटनाओं के बाद अपनाई जाने वाली एसओपी के संबंध में “कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है” कहा था और विस्फोटक नियम, 2008 के नियम 131 का हवाला दिया था। आयोग ने उसे निर्देश दिया कि मांगी गई एसओपी या संबंधित नियम उपलब्ध कराए। आयोग ने पीईएसओ को यह भी निर्देश दिया कि यदि उपलब्ध हो, तो विभिन्न आकार के पटाखों का इस्तेमाल करने वाले संयुक्त आतिशबाजी उत्पादों की स्वीकृत संख्या भी उपलब्ध कराई जाए। आतिशबाजी से जुड़ी दुर्घटनाओं की रिपोर्टों के संबंध में आयोग ने पीईएसओ को निर्देश दिया कि यदि संबंधित रिपोर्टें उपलब्ध हों, तो उनकी वेबसाइट पर मौजूद विशिष्ट लिंक उपलब्ध कराया जाएं।
मकान या दुकान खरीदने से पहले चेक कर सकेंगे डिजिटल कनेक्टिविटी, TRAI ने लॉन्च किया नया प्लेटफॉर्म
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मकानों और दुकानों की डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग के लिए एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म प्रॉपर्टी में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता का आकलन करेगा।
दशहरा, धनतेरस दिवाली! तुरंत नोट करें साल के सबसे बड़े त्योहारों की डेट
पितृपक्ष के बाद बैक-टू-बैक साल के सबसे बड़े बड़े त्योहारों की दस्तक होगी. शारदीय नवरात्र से लेकर करवा चौथ, दशहरा, धनतेरस, दिवाली और भाई दूज जैसे बड़े त्योहार धूमधाम से देशभर में सेलिब्रेट किए जाएंगे. आइए अक्टूबर से नवंबर के बीच आने वाले साल के सबसे बड़े त्योहारों की तारीख जानते हैं.
एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें आ जाएं तो क्या होगा? समझिए रेलवे के 'कवच 4.0' का पूरा मैकेनिज्म
भारतीय रेलवे ने दक्षिण मध्य रेलवे में 'कवच 4.0' प्रणाली शुरू की है, जो ट्रेन सुरक्षा को मजबूत करेगी।

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