ADAG के पूर्व अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को Delhi High Court से मिली राहत, मेडिकल आधार पर जमानत मंजूर
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में जमानत दे दी है। उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति मधु जैन ने कहा कि 70 वर्षीय आरोपी को ‘‘व्यवस्थित और लगातार चिकित्सा देखभाल’’ की आवश्यकता है, इसलिए वह धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ‘‘अस्वस्थ या अशक्त’’ व्यक्ति को जमानत देने के लिए निर्धारित वैधानिक अपवाद का लाभ पाने के हकदार हैं। न्यायाधीश ने कहा कि अदालत के समक्ष उपलब्ध सामग्री से ‘‘बढ़ती उम्र, रीढ़ की गंभीर समस्या, ऑस्टियोपोरोसिस, निगरानी में पुनर्वास की आवश्यकता और लगातार उपचार की जरूरत वाली पहले से मौजूद हृदय संबंधी बीमारी’’ का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में 15 अप्रैल को झुनझुनवाला को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने स्वास्थ्य आधार पर नियमित जमानत की मांग की थी। जांच एजेंसी ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए दावा किया कि याचिकाकर्ता ‘‘बीमार’’ या ‘‘अशक्त’’ होने की तय सीमा को पूरा नहीं करता है। ईडी ने दलील दी कि आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और सरकारी अस्पतालों द्वारा सुझाई गई जांच एवं उपचार की सुविधा को हिरासत में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था के जरिए मुहैया कराया जा सकता है। मंगलवार को सुनाए गए फैसले में अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया कि जमानत देने के लिए पीएमएलए की धारा 45(1) के प्रावधान के तहत ‘‘बीमार या अशक्त’’ होने के आधार पर राहत देने से पहले आरोपी की स्थिति ‘‘जीवन के लिए अपरिवर्तनीय या आसन्न खतरे’’ तक पहुंचना जरूरी है। अदालत ने कहा कि चिकित्सा अपवाद का उद्देश्य यह इंतजार करना नहीं है कि अपर्याप्त उपचार के कारण स्थिति अपरिवर्तनीय हो जाए, बल्कि उचित मामलों में समय रहते हस्तक्षेप की अनुमति देना है। अदालत ने झुनझुनवाला को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतों पर रिहा करने का निर्देश दिया। अदालत ने पासपोर्ट जमा करने, अनुमति के बिना देश से बाहर यात्रा नहीं करने और गवाहों को प्रभावित नहीं करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने समेत अन्य शर्तें भी लगाईं। इस मामले में जांच अनिल अंबानी समूह की कंपनियों जैसे रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के जरिये कथित रूप से शेल या फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल करके किए गए बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी है।
अलकनंदा के ऊपर 131 तबाही वाली झीलें... बद्रीनाथ भी रिस्क जोन में
अलकनंदा बेसिन में ग्लेशियल झीलें तेजी से बढ़ रही हैं. 30 वर्षों में 24 झीलों का क्षेत्रफल 67 प्रतिशत बढ़ा. 57 नई झीलें बनीं. नेपाल जैसे हादसे का खतरा मंडरा रहा है. सैटेलाइट निगरानी के साथ मैदानी जांच भी जरूरी है.
विश्व गैंडा दिवस पर देशभर में जागरुकता कार्यक्रम
नई दिल्ली। विश्व गैंडा दिवस पर देशभर सहित राष्ट्रीय प्राणी उद्यान दिल्ली में जागरुकता और शैक्षणिक कार्यक्रमों की
ODI में लंबी पारियां नहीं खेल सके आर्यवीर सहवाग, अन्वय ने क्या किया?
वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यूथ वनडे अंडर 19 सीरीज में मौका मिला, लेकिन उनका प्रदर्शन वैसा नहीं रहा है, जिसकी उनसे उम्मीद की गई थी. कुल मिलाकर उनका प्रदर्शन एवरेज रहा. वहीं इस सीरीज में राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को भी मौका मिला था.
Election Commission के सभी फैसले कानूनी रूप से वैध, अलग राय प्रक्रिया का हिस्सा
निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कहा कि उसके सभी आधिकारिक आदेश, फैसले और प्रशासनिक निर्देश पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध हैं तथा किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने अंग्रेजी दैनिक ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर के बाद जारी एक बयान में यह टिप्पणी की है। खबर में कहा गया है कि देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विभिन्न राज्यों में नाम हटाए जाने सहित कई मुद्दों पर आपत्ति जताई थी। आयोग ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयुक्तों द्वारा दिए गए सुझाव चुनावी प्रक्रियाओं में और सुधार के लिए थे। निर्वाचन आयोग ने कहा कि वह भारतीय लोकतंत्र को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए पूरी निष्ठा के साथ अपने संवैधानिक दायित्वों को निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया है, ‘‘आयोग द्वारा जारी सभी आधिकारिक आदेश, फैसले और प्रशासनिक निर्देश पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और पदावधि) अधिनियम, 2023 के तहत स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।’’बयान के अनुसार, ‘‘मसौदा तैयार करने के चरण के दौरान आयोग के सदस्यों द्वारा उठाए गए किसी भी प्रक्रियागत सवाल या दिए गए सुझाव मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से अपनाई जाने वाली सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। निर्वाचन आयुक्तों द्वारा दिए गए सुझाव चुनावी प्रक्रियाओं में और सुधार के लिए थे।’’बयान में कहा गया है, ‘‘किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। अंतिम निर्णय लिए जाने से पहले वे निर्णय लेने की प्रक्रिया का ही हिस्सा होती हैं। केवल तीनों निर्वाचन आयुक्त ही नहीं, बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी भी चुनावी व्यवस्था में सुधार के लिए आयोग को अपने सुझाव देने के लिए पूरी तरह अधिकृत है।
बिजनेसमैन, स्टूडेंट और 20 लाख... बार डांसर की ब्लैकमेलिंग की कहानी
जबलपुर में सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती और प्यार की कहानी ब्लैकमेलिंग के आरोपों तक पहुंच गई. पुलिस के मुताबिक, बार डांसर पूजा रैदास ने खुद को स्टूडेंट बताकर व्यापारी से नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में 20 लाख रुपये की मांग की. कथित तौर पर झूठे पुलिस और रेप केस में फंसाने की धमकी भी दी गई. पुलिस ने महिला को रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया.
लंदन-मियामी से बेहतर वर्ककेशन डेस्टिनेशन है मुंबई, IWG इंडेक्स में पहले नंबर पर कौन
कोरोना महामारी के बाद 'वर्ककेशन' (काम के साथ छुट्टियां) का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है. IWG के 'वर्क फ्रॉम एनीव्हेयर इंडेक्स 2026' में मुंबई ने दुनिया के शीर्ष वर्ककेशन शहरों में अपनी जगह बनाई है.
CEC नियुक्ति नियमों पर सुप्रीम कोर्ट में बंटी राय, कहा- बड़ी बेंच पर CJI लें निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बंटा हुआ फ़ैसला सुनाया। इस कानून के तहत चुनाव आयुक्तों के चयन पैनल से CJI को हटा दिया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच यह तय करेगी कि क्या इस मामले की सुनवाई पांच जजों की बेंच को करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: CJI Surya Kant की बेंच ने पूछा: क्या BCI लॉ यूनिवर्सिटीज को सीधे कंट्रोल कर सकती है जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस SC शर्मा ने प्रक्रिया से जुड़े इस मुद्दे पर सुनवाई की जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस SC शर्मा की दो जजों वाली बेंच ने प्रक्रिया से जुड़े इस खास मुद्दे पर सुनवाई की। अब मामला 2023 के संशोधन कानून से जुड़ा है, जिसके तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की जगह केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता के साथ शामिल किया गया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा हमने इन याचिकाओं और आवेदनों पर पांच दिनों से ज़्यादा समय तक सुनवाई की। संस्थागत एकजुटता के लिए एक ही राय रखना बेहतर होता। दुर्भाग्य से हमारी राय बंटी हुई है। याचिका में याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इससे चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित होती है और कार्यपालिका को दो-एक का बहुमत मिल जाता है, जबकि केंद्र ने इस संरचना का बचाव किया। SC के दोनों जजों ने निर्देश दिया कि इन याचिकाओं को CJI सूर्यकांत के समक्ष रखा जाए ताकि मामले की सुनवाई के लिए उचित संख्या वाली बेंच का गठन किया जा सके। इसे भी पढ़ें: दवा कंपनियों की लूट पर Supreme Court ने की सख्त टिप्पणी, 'दिनदहाड़े डकैती और वसूली' पर प्रशासन चुप क्यों है? याचिकाओं पर जस्टिस SC शर्मा और जस्टिस दत्ता की राय अलग-अलग CEC और ECs को चुनने वाले पैनल से CJI को बाहर रखने वाले कानून के मामले को बड़ी बेंच को सौंपने की मांग वाली याचिकाओं पर जस्टिस SC शर्मा और जस्टिस दत्ता की राय अलग-अलग थी। सुनवाई के दौरान, जस्टिस दीपांकर दत्ता ने 2023 के उस कानून की वैधता के खिलाफ याचिकाओं को बड़ी बेंच को सौंपने से इनकार कर दिया, जिसके तहत CEC और ECs को चुनने वाले पैनल से CJI को बाहर रखा गया है। फैसला सुनाते हुए, जस्टिस दत्ता ने चुनाव आयोग की आज़ादी और निष्पक्षता को लेकर व्यापक चिंताएं जताईं और सवाल उठाया कि क्या 2023 के कानून के तहत नियुक्ति की प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए ज़रूरी संवैधानिक मानकों को पूरा करती है।
आजमगढ़ की उस रक्तरंजित शाम का आंखों देखा हाल! पुजारी की जुबानी
Azamgarh Murder Case: आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान आरोपी अरविंद सिंह ने पहचान पत्र मांगने के विवाद में पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी. वारदात के दौरान मौके से जान बचाकर भागे चश्मदीद पंडित हिमांशु मिश्रा ने उस खौफनाक मंजर का पूरा आंखों देखा हाल बयां किया है.
रश्मि देसाई की टीवी पर वापसी, बोलीं- 'कमबैक नहीं बल्कि सही मकसद वाले किरदार का था इंतजार'
टीवी की दुनिया में अपनी एक्टिंग और अलग अंदाज से पहचान बनाने वाली रश्मि देसाई एक बार फिर छोटे पर्दे पर वापसी करने जा रही हैं। लंबे समय बाद अभिनेत्री नए शो 'सयोनी' में नजर आएंगी। रश्मि के लिए यह वापसी सिर्फ एक और टीवी प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक ऐसे किरदार के साथ पर्दे पर लौटने का मौका है, जिससे वह खुद को जोड़ पाई हैं।
PSA रिपोर्ट नॉर्मल तो भी प्रोस्टेट कैंसर का खतरा, ये लक्षण जरूर देखें
प्रोस्टेट कैंसर केवल पुरुषों में होता है. बीते कुछ सालों में इसके केस बढ़ रहे हैं. इस कैंसर की पहचान के लिए PSA ब्लड टेस्ट किया जाता है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इसकी रिपोर्ट नॉर्मल होने का ये मतलब नहीं है कि प्रोस्टेट कैंसर नहीं होगा.
लालबागचा राजा के दर पर कार्तिक, बप्पा के चरणों में रखा नेशवल अवॉर्ड
Kartik Aaryan at Lalbaugcha Raja: फिल्म 'चंदू चैंपियन' के लिए बेस्ट एक्टर का 72वां नेशनल अवॉर्ड जीतने के अगले ही दिन कार्तिक आर्यन 'लालबागचा राजा' के दरबार पहुंचे. बप्पा का आशीर्वाद लेते हुए उन्होंने अपना अवॉर्ड भगवान के चरणों में समर्पित किया.
टॉयलेट में सांप क्यों घुस जाते हैं? सांप के ऊपर क्या डालने से सांप भाग जाता है, जानिए यहां
घर में सांप घुसने का क्या कारण है? बाथरूम या घर में बार बार सांप घुस रहा है तो यहां जानिए क्या छिड़क दें कि वह तुरंत भाग जाए.
TN शेषन पर लगे आरोप, लवासा की असहमति... EC में कब-कब हुआ ओपिनियन का टकराव!
चुनाव आयोग में असहमति नई बात नहीं है, देश में चुनाव आयोग की शक्तियों को नए तरीके से परिभाषित करने वाले टीएन शेषन पर तो ये आरोप था कि वे अपने सहयोगी आयुक्तों को चुनाव आयुक्त की मीटिंग में बुलाते तक नहीं थे. एक दूसरे मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी ने अपने सहयोगी आयुक्त को हटाने की ही सिफारिश राष्ट्रपति से कर दी थी.
नई फिल्म ‘गनमास्टर जी9’ का पहला गाना 'अफसाना बनाया आपने' आज रिलीज हो गया है. जो रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
क्या आपका भी बिजली बिल अचानक हो गया है दोगुना, इस ट्रिक से एडजेस्ट होगा एक्स्ट्रा बिल
दिल्ली में BSES के उपभोक्ताओं के लिए बिजली का मीटर तेज चलना या अचानक बिल ज्यादा आना एक बड़ी समस्या है. अगर आपको भी लगता है कि आपका मीटर खराब है, या गलत रीडिंग दिखा रहा है. तो जानिए टेस्ट फीस, बिल एडजस्टमेंट और मीटर रिप्लेसमेंट की पूरी कानूनी प्रक्रिया.
कांग्रेस नेता ने हिजबुल मुजाहिदीन से की RSS की तुलना
नागपुर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे पाटिल ने RSS को आतंकी संगठन बताते हुए इसकी तुलना हिजबुल मुजाहिदीन से की है. उन्होंने कहा कि दोनों में कोई अंतर नहीं है और संघ पर तीन बार प्रतिबंध भी लगाया जा चुका है.
युद्ध के बीच कैसे होंगे 12वीं पास? CBSE ने लिया ऐतिहासिक फैसला
युद्ध और तनाव के बीच आखिर कैसे होगी 12वीं की पढ़ाई पूरी और कैसे मिलेगा रिजल्ट? CBSE ने पश्चिम एशियाई देशों के प्रभावित छात्रों के लिए विशेष बोर्ड परीक्षा कराने का फैसला लिया है. 40 विषयों के लिए होने जा रही इस स्पेशल परीक्षा में कौन से छात्र बैठ सकेंगे और बोर्ड की नई गाइडलाइन्स क्या कहती हैं? जानिए एक-एक डिटेल.
होटल की ऑनलाइन बुकिंग करने वाले सावधान! हमेशा याद रखें ये 5 बातें
MakeMyTrip या अन्य किसी प्लेटफॉर्म के जरिए होटल बुकिंग कर रहे हैं तो हमेशा चेक करें कि वह होटल वहां मौजूद है या नहीं. दरअसल, एक शख्स ने होटल बुकिंग की थी और जब वे फैमिली के साथ लोकेशन पर पहुंचे तो वे दोनों होटल वहां मौजूद ही नहीं थे. इस मामले में डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है.
कल या परसों, कब होगा बाप्पा का विसर्जन? दूर करें तिथि का कंफ्यूजन
Ganesh Visarjan 2026: गणेश विसर्जन की चतुर्दशी तिथि 25 सितंबर तक रहेगी. प्रातःकाल सुबह 6 बजकर 11 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 42 मिनट तक और दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर 1 बजकर 43 मिनट तक विसर्जन का बेहद शुभ मुहूर्त है. जानें पूरे दिन के चौघड़िया मुहूर्त और पूजा विधि.
लखनऊ से लेकर अयोध्या तक, रेरा ने 12 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी
यूपी में रियल एस्टेट बाजार को रफ्तार देने के साथ-साथ रोजगार के नए रास्ते खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. यूपी रेरा की 214वीं बैठक में लखनऊ, गाजियाबाद, हापुड़, कानपुर, अयोध्या और प्रयागराज में ₹1,663.85 करोड़ की लागत वाले 12 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है.
गुजरात के अमरोली में नोटों और डॉलर से सजे गणपति बप्पा
गुजरात के अमरेली में गणपति बप्पा की अनोखी सजावट लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. सावरकुंडला में सद्भावना ग्रुप ने गणपति प्रतिमा को करीब 25 लाख रुपये की भारतीय करेंसी से सजाया है. मुकुट में 500 रुपये और गले में 200 रुपये के नोट लगाए गए हैं. खास बात ये है कि इस बार सजावट में अमेरिकी डॉलर भी शामिल किए गए हैं.
पांच दशक से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी इस गीत की मिठास कम नहीं हुई है. किशोर कुमार की आवाज और धर्मेंद्र-राखी का खूबसूरत अंदाज इसे आज भी प्यार करने वालों के लिए बेहद खास बनाता है.
LSR कॉलेज पहुंची Delhi Police, पार्क में नाबालिग से दरिंदगी के बाद बढ़ाई सुरक्षा
राष्ट्रीय राजधानी में दक्षिण रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) विजय कुमार सहित दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद बुधवार को पास के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वूमन (एलएसआर) का दौरा किया और महाविद्यालय की प्राचार्य के साथ बैठक की। आस्था कुंज पार्क कॉलेज से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है और दुष्कर्म की घटना के बाद छात्राओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी जिसके बाद कॉलेज ने नियमित कक्षाएं रद्द कर दी थीं और उन्हें ऑनलाइन कर दिया था। इसके एक दिन बाद वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली विश्वविद्यालय के इस कॉलेज में पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत, दिल्ली पुलिस के जवानों को कॉलेज परिसर के बाहर तैनात किया गया है जबकि महिला पुलिसकर्मी और महिला पीसीआर वैन भी इलाके में तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं की सुरक्षा के संबंध में कॉलेज प्रशासन के साथ चर्चा की और परिसर के आसपास व्यवस्था की समीक्षा की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें और कानून-व्यवस्था कायम रहे। अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से एक आरोपी पुलिस के साथ मुठभेड़ में जख्मी हो गया था। पुलिस ने बताया कि यह सामूहिक दुष्कर्म की घटना सोमवार शाम को हुई जब 17 वर्षीय किशोरी अपने 17 वर्षीय मित्र के साथ कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क गई थी। घटना के बाद, छात्राओं ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन को एहतियाती कदम उठाने पड़े। कॉलेज ने मंगलवार को कहा था कि उसके लिए छात्राओं की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और संकाय सलाहकार तथा कॉलेज परामर्शदाता सहायता की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
यूक्रेन में कीव से ओदेसा तक रूसी ड्रोन का कहर, 7 घायल... कई इमारतों में लगी आग
यूक्रेन में रात भर रूस ने ड्रोन हमला किया. इन हमलों में सात लोग घायल हुए हैं. कीव से लेकर ओदेसा और जापोरिज्जिया तक गोदाम, कारोबार और कई इमारतों को निशाना बनाया गया. रूसी हमले से यूक्रेन को बड़ा नुकसान पहुंचा है.
जमुई कांड में पीड़िता का चरित्र हनन करने वाले कौन? देखें B&W विश्लेषण
आज सबसे पहले आपको जमुई कांड के दरिंदे का चेहरा दिखाएंगे.ये भी बताएंगे कि जब एक बच्ची के साथ दरिंदगी होती है, तो समाज की सोच क्या रहती है? अपराधियों पर कार्रवाई की मांग करने के बजाय कुछ लोग लड़की के कपड़ों और उसके चरित्र पर सवाल उठाने लगे. कुछ नेता इसमें जाति ढूंढने लगे, तो कुछ आरोपी के 'गमछे के रंग' पर राजनीति चमकाने लगे. हद तो तब हो गई जब कुछ ज़िम्मेदार लोग इसे 'छिटपुट घटना' बताकर पल्ला झाड़ने लगे सवाल ये है कि आखिर पीड़ित बच्ची को इंसाफ दिलाने के बजाय हर बार अपराध को राजनीति की सूली पर क्यों चढ़ा दिया जाता है?
छात्रा से पहले लिखवाया सुसाइड नोट फिर पिलाया जहर...हैरान कर देगी तेलंगाना की ये कहानी
पुलिस ने शुरुआती तौर पर आत्महत्या का मामला दर्ज किया। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस को पता चला कि छात्रा ने अपनी मर्जी से कीटनाशक नहीं पिया था, बल्कि उसे ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया था
CBSE बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट आज हो सकती है जारी, जानें इस साल कब शुरू हुए थे एग्जाम
CBSE Board Exam Date Sheet: सीबीएसई के लाखों छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट का बेसब्री से इंतजार है, बोर्ड की तरफ से कभी भी आधिकारिक वेबसाइट पर शेड्यूल जारी किया जा सकता है.
BPSSC Main Written Exam Cancel: दरोगा की मुख्य लिखित परीक्षा रद्द, नई तारीख बाद में होगी जारी
BPSSC ने विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा को रद्द कर दिया है. आयोग ने कहा है कि नई परीक्षा तिथि बाद में घोषित होगी. अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक वेबसाइट से अपडेट लेने और भ्रामक सूचनाओं से बचने की सलाह दी गई है.
तावड़े UP, माधव UK तो पूनिया को पंजाब की कमान; 36 राज्यों के लिए BJP प्रभारी-सह प्रभारी घोषित
भाजपा ने यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा सहित 36 राज्यों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारी के नाम की घोषणा दी है. विनोद तावड़े को UP, राम माधव को उत्तराखंड तो सतीश पूनिया को पंजाब की कमान दी गई है.
एशियन गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने रचा नया इतिहास
मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स 2026 में महिला 49 किग्रा वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा। यह एशियन गेम्स में उनका पहला पदक है।इसके साथ ही वह कर्णम मल्लेश्वरी के बाद दूसरी भारतीय वेटलिफ्टर बनीं, जिन्होंने ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर पदक जीते हैं।
श्रीकाकुलम में ट्रेन की चपेट में आए 5 युवक, 4 की चली गई जान
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में बुधवार दोपहर बड़ा ट्रेन हादसा हो गया. टेक्कली इलाके के रविवलसा के पास राज्या रानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसा करीब 12:45 बजे हुआ. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हॉस्टल से करीब 4-5 किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक तक ये युवक किन परिस्थितियों में पहुंचे थे.
‘त्योहार लोगों के मरने के लिए नहीं’, पटाखों और शोर पर HC सख्त; सड़कों पर लग सकता है बैन
बॉम्बे हाईकोर्ट ने त्योहारों के दौरान तेज शोर और पटाखों पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे फोड़ने पर बैन लगाने के संकेत दिए। सुनवाई में 106 डेसिबल तक शोर और 5000 रुपये जुर्माने का मुद्दा भी उठा।
बॉलीवुड इंडस्ट्री के कनेक्शन अंडरवर्ल्ड से होने की बातें कई बार हुई हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि टेरर का दूसरा नाम रहे दाउद इब्राहिम के भाई ने हिंदी फिल्म के लिए गाना लिखा था. पढ़ें स्टोरी.
SIR रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की गिरफ्तारी की मांग, Arvind Kejriwal का आरोप
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को मांग की कि मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की पूरी प्रक्रिया रद्द की जाए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। केजरीवाल ने अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया कि कुमार निर्वाचन आयोग को अपने स्तर पर चला रहे हैं, जिससे देशभर में की जा रही एसआईआर की पूरी प्रक्रिया ‘‘अवैध’’ हो गई है। खबर के अनुसार, मतदाता सूची को अद्यतन करने की कवायद के दौरान दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार निर्वाचन आयोग के कदमों पर आपत्ति जताई थी। केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘कई महीनों से निर्वाचन आयोग की बैठकें नहीं हो रही हैं, जबकि ज्ञानेश कुमार अपने स्तर पर आदेश जारी करते रहे हैं। इसलिए पूरी एसआईआर प्रक्रिया अवैध है, जिसके तहत देशभर में 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकृति नहीं दी है।’’‘आप’ प्रमुख ने कहा, ‘‘इसलिए आज हम मांग करते हैं कि पूरी एसआईआर प्रक्रिया रद्द की जाए, एसआईआर के तहत किए गए सभी बदलाव रद्द किए जाएं और तीन साल पहले की मतदाता सूची बहाल की जाए।’’उन्होंने कहा कि कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। केजरीवाल ने दावा किया कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के अनुसार, कुमार पिछले कुछ वर्षों से निर्वाचन आयोग को अपने स्तर पर चला रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने बार-बार लिखित शिकायतें दी हैं कि निर्वाचन आयोग की मंजूरी या अधिकृत अनुमति के बिना उनके अधीनस्थ अधिकारियों को आदेश जारी किए जा रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस देश में इससे बड़ा घोटाला नहीं हो सकता। यदि पूरी मतदाता सूची निर्वाचन आयोग के केंद्रीय कार्यालय से तैयार की जा रही है और इसे निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या एसडीएम द्वारा तैयार नहीं किया जा रहा है, तो जरूर पूरे देश की मतदाता सूची से छेड़छाड़ की गयी है।’’‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के बाद निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची को अद्यतन कर ठीक किए जाने और मतदाता डेटाबेस के प्रबंधन के दौरान लिए गए फैसलों पर आपत्ति जताई थी। बहरहाल, निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने कहा कि एसआईआर सहित भारत निर्वाचन आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से और दोनों निर्वाचन आयुक्तों तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त की मंजूरी से लिए गए हैं।
जहरीली मकड़ी मेटिंग के बाद नाश्ते में खाती है अपना ही मेल पार्टनर, अब गर्मी बढ़ी तो बदलने लगी जगह
स्टडी के अनुसार Argiope bruennichi प्रजाति के 80% तक मेल मकड़ियां पहली बार मेटिंग की कोशिश के बाद ही मर जाते हैं. बाकी मेल दूसरी बार मेटिंग के बाद मारे जाते हैं. फीमेल मकड़ियां इनकी के मरे शरीर को खाकर प्रोटीन पाती हैं.
भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम घोषित करने के बाद अब संगठन की अगली कड़ी भी सामने रख दी है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारियों की नई सूची जारी कर दी है। यानी राष्ट्रीय संगठन के पुनर्गठन के बाद अब पार्टी की निगाहें राज्यों की राजनीतिक जमीन पर संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने पर हैं। नई सूची में वरिष्ठ और अनुभवी चेहरों के साथ अपेक्षाकृत नए नेताओं, महिलाओं और अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले नेताओं को जगह दी गई है। हम आपको याद दिला दें कि पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची अगस्त में जारी हुई थी, जिसमें पार्टी ने अनुभव, ऊर्जा और जमीनी जुड़ाव के मिश्रण पर जोर दिया था। भाजपा की प्रदेश प्रभारियों की सूची को सिर्फ नियुक्तियों की सूची मानना संगठन की इस कवायद के राजनीतिक अर्थ को छोटा करके देखना होगा। दरअसल, पार्टी ने महत्वपूर्ण राज्यों में ऐसे नेताओं को लगाया है जिनके पास संगठन, चुनाव और राज्य स्तर की राजनीति का लंबा अनुभव है। सबसे बड़ा उदाहरण उत्तर प्रदेश का है, जहां प्रभारी की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को दी गई है। उनके साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह प्रभारी बनाया गया है। विनोद तावड़े को पहले भी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी जा चुकी है और अगस्त में पार्टी ने उन्हें राज्य का प्रभारी नियुक्त किया था। ऐसे में उत्तर प्रदेश में उनकी भूमिका संगठन और चुनावी रणनीति के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में देखी जा सकती है। इसे भी पढ़ें: Meerut में Nitin Nabin की युवाओं को सलाह, नशे और शॉर्टकट से दूर रहकर देशहित को सर्वोपरि रखें पंजाब में डॉ. सतीश पूनिया को प्रभारी बनाया गया है, जबकि वीरेंद्र सचदेवा और डॉ. अलका गुर्जर को सह प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। पूनिया भाजपा की राजस्थान इकाई के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें हाल ही में पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी भी मिली है। ऐसे अनुभवी नेताओं का इस्तेमाल उन राज्यों में संगठन को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है जहां सामाजिक समीकरण, स्थानीय नेतृत्व और चुनावी रणनीति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। गुजरात में तरुण चुग को प्रभारी बनाया गया है, जबकि अजय महावर और गोमती साई सह प्रभारी होंगी। तरुण चुग पहले से राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वहीं पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में सुनील बंसल को प्रभारी बनाया गया है। पश्चिम बंगाल में उनके साथ लाल सिंह आर्य, राजेंद्र सिंह और पिंकी कुशवाहा तथा तेलंगाना में अभय पाटिल और रेखा शर्मा को सह प्रभारी बनाया गया है। सूची में महिला नेतृत्व की मौजूदगी भी साफ दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ और हरियाणा में स्मृति ईरानी को प्रभारी बनाया गया है। महाराष्ट्र में बैजयंत जय पांडा प्रभारी हैं और उनके साथ तीन सह प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। बिहार में हरीश द्विवेदी के साथ संगीता यादव और रोहन गुप्ता, जबकि राजस्थान में संजय भाटिया के साथ कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर-पूर्व को भी सूची में पर्याप्त संगठनात्मक प्रतिनिधित्व मिला है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्यों में अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। असम में मंगल पांडे के साथ फांग्नोन कोन्याक और मनोज टिग्गा हैं, जबकि मणिपुर में डॉ. राजदीप राय और त्रिपुरा में मृगांका देव बर्मन को जिम्मेदारी मिली है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भाजपा ने राष्ट्रीय टीम के बाद अब राज्य स्तर पर भी ऐसा ढांचा खड़ा किया है जिसमें अनुभव और नई ऊर्जा को साथ रखने की कोशिश दिखाई देती है। अगस्त में घोषित राष्ट्रीय टीम में 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे थे और पार्टी ने युवा, महिला, क्षेत्रीय तथा सामाजिक प्रतिनिधित्व पर विशेष जोर दिया था। अब प्रदेश प्रभारियों की सूची उसी संगठनात्मक सोच को राज्यों तक ले जाती दिखती है। राजनीतिक तौर पर इन नियुक्तियों का बड़ा लाभ यह हो सकता है कि केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच संवाद की एक मजबूत कड़ी बने। अनुभवी प्रभारी स्थानीय गुटबाजी, सामाजिक समीकरण और चुनावी इतिहास को समझकर रणनीति बनाने में मदद कर सकते हैं, जबकि नए और क्षेत्रीय चेहरे संगठन को स्थानीय समाज और कार्यकर्ता स्तर से जोड़ने में उपयोगी हो सकते हैं। खासकर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों में प्रभारी केवल संगठनात्मक समन्वयक नहीं, बल्कि केंद्रीय रणनीति और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाएंगे। बहरहाल, भाजपा ने राष्ट्रीय टीम के बाद अब राज्यों में भी संगठन की बिसात बिछा दी है। संदेश साफ है। केंद्र में नई टीम और राज्यों में नई जिम्मेदारियां, दोनों को एक साथ साधकर पार्टी आने वाले राजनीतिक दौर के लिए अपने संगठन को सक्रिय, व्यापक और अधिक क्षेत्रीय रूप से सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अब देखना होगा कि अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में यह नये प्रभारी पार्टी को कितना मजबूत समर्थन दिला पाते हैं।
जमुई छात्रा कांड पर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने जमुई छात्रा कांड को लेकर बिहार सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों की पहचान जाति से नहीं बल्कि उनके अपराध से होनी चाहिए और सभी आरोपियों पर समान कार्रवाई होनी चाहिए।
स्मृति ईरानी को हरियाणा-छत्तीसगढ़, सुनील बंसल को बंगाल-तेलंगाना की कमान, BJP ने घोषित किए नए प्रभारी
भारतीय जनता पार्टी ने देश के तमाम प्रदेशों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह प्रभारियों का ऐलान किया है। इसमें सबसे खास पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम है। इन्हें छत्तीसगढ़ और हरियाणा की कमान मिली है।
सिंधु जल संधि पर PAK करता रहा ड्रामा, UN में भारत ने की बोलती बंद
भारत ने पाकिस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजे गए पत्र पर कड़ी आपत्ति जताई है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहा है और भारत कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन को मान्यता नहीं देता.
फूड डिलीवरी ऐप पर आपने ऑर्डर कैंसिल किया तो खाने का क्या होता है?
रेडिट पर एक यूजर ने बताया कि उसे जोमैटो ऐप पर कैंसिल हुआ ऑर्डर खरीदने का विकल्प मिला. उसने ऑर्डर खरीद लिया और डिलीवरी पार्टनर ने उसे खाना पहुंचाया. इसके बाद यूजर ने सवाल उठाया कि अगर कोई दूसरा ग्राहक इस तरह का कैंसिल ऑर्डर नहीं खरीदता तो खाने का क्या होता है.
ऊपर से काली-चांदी की चेन, अंदर निकला 9 करोड़ का सोना, दुबई से लौटे 8 लोग गिरफ्तार
कस्टम विभाग ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 9 करोड़ के लगभग 6.5 किलो सोने की तस्करी का भंडाफोड़ किया है. सोने को चांदी और काले रंग के स्प्रे से छिपाया गया था ताकि उसकी असली पहचान न हो सके. इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
अब 175 नंबर लाने वाले को भी मिलेगी मेडिकल सीट, कम हो गई कटऑफ
NBEMS ने सुपर स्पेशलिटी मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए बड़ा अपडेट किया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नीट एसएस 2025 क्वालीफाइंग कटऑफ को घटा दिया है. बता दें कि इसे लेकर रिजल्ट जनवरी 2026 में जारी किया गया था और अब ये अपडेट उम्मीदवारों के लिए बेहद अहम है.
गर्मी के मौसम में बाल बहुत तेजी से झड़ रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब से जानिए कैसे आप 15 दिनों में बालों का झड़ना बंद कर सकते हैं.
Success Story : स्कूल के बाद चराती थीं भैंस, कई बार UPSC में हुईं फेल, आज हैं जिले की कलेक्टर
तमिलनाडु में टैक्सी ड्राइवर की बेटी वनमति ने आर्थिक तंगी, शादी के दबाव और UPSC में कई असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी. भैंस चराने से लेकर AIR 152 हासिल करने तक का उनका सफर आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है.
घर पर मोरिंगा पाउडर कैसे बनाएं? नोट करें रेसिपी
मोरिंगा पाउडर को घर पर भी बहुत ही आसान तरीके से बनाया जा सकता है. यहां हम आपको इसकी आसान सी रेसिपी बताएंगे. आइए जानते हैं-
Odisha Heavy Rain: गहरे दबाव से भारी बारिश, 3500 लोग सुरक्षित निकाले गए
ओडिशा के दक्षिणी और तटीय हिस्से में बुधवार को गहरे दबाव के तट के करीब पहुंचने के कारण भारी बारिश हुई, जिसके चलते अधिकारियों ने कम से कम 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि ओडिशा में मंगलवार से हो रही बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में सुबह 8.30 बजे तक कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा में सबसे अधिक 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इसी जिले के जयपुर में 161 मिलीमीटर बारिश हुई। उन्होंने बताया कि राज्य में 16 से अधिक स्थानों पर 10 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सुबह जारी बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव पिछले छह घंटे से पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा था। सुबह 8.30 बजे यह आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से 60 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 140 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, ओडिशा के गोपालपुर से 150 किलोमीटर दक्षिण और पुरी से 240 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था। दक्षिण ओडिशा के भूस्खलन संभावित गजपति जिले के जिलाधिकारी अक्षय सुनील अग्रवाल ने बताया कि एहतियाती कदम के तौर पर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों समेत 3,500 लोगों को चक्रवात केंद्रों और अस्थायी राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। उन्हें पका हुआ भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने भूस्खलन की आशंका वाले 140 इलाकों की पहचान की है और इन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा और नबरंगपुर जिलों में घरों में बारिश का पानी घुसने, पेड़ों के उखड़ने, मकानों के ढहने और पहाड़ियों से कीचड़युक्त पानी नीचे आने की खबरें हैं। आईएमडी ने बुधवार एवं बृहस्पतिवार को दक्षिणी ओडिशा के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और छिटपुट स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार और शनिवार को भी राज्य में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बुधवार को मौसम विभाग ने कालाहांडी, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (कार्रवाई करें) जारी किया। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना है। नबरंगपुर जिले के लिए बृहस्पतिवार को भी इसी तरह का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों के कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (तैयार रहें) जारी किया गया है, जहां 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से बृहस्पतिवार शाम तक तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की स्थिति बनी रहेगी और हवा की रफ्तार 55-65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को बृहस्पतिवार शाम तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। मौसम तंत्र को देखते हुए राज्य सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएफ) की 33 टीमों को भी तैनात किया है। इस बीच, राज्य सरकार ने 10 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है। आगामी स्थिति को देखते हुए सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें मुख्यालय में मौजूद रहने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों के अस्पतालों को पर्याप्त मात्रा में आपातकालीन दवाएं रखने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों से निचले इलाकों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को उनकी सुरक्षा के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) या मां गृहों में स्थानांतरित करने को कहा गया है।
इंडिया में अपना डंका बजाने के बाद बाबा नीम करोली पर बनी फिल्म हनुमान अंश विदेशी बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन कर रही है. फिल्म ने रिलीज के महज 12 दिन मे हीं 3.5 मिलियन डॉलर की कमाई कर के नया रिकॉर्ड बनाया है और 2026 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है.
बिहार में 1,799 पदों पर दारोगा बहाली मुख्य परीक्षा रद्द
बिहार के हज़ारों अभ्यर्थियों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी खबर! हंगामे और आपत्तियों के बीच बीपीएसएससी (BPSSC) ने दारोगा बहाली मुख्य लिखित परीक्षा को रद्द करने का फरमान जारी कर दिया है. आयोग ने अभ्यर्थियों से सोशल मीडिया की अफवाहों और दलालों से दूर रहने की सख्त अपील की है... जानिए री-एग्जाम को लेकर क्या है ताजा अपडेट.
गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को SC में चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि उनकी पर्सनल सैलरी से 5 लाख रुपये का मुआवजा वसूला जाए.
2 कप मैदा से बनाएं एकदम सॉफ्ट और फूले-फूले कुलचे, मुंह में रखते ही हो जाएगा गायब
घर में सिर्फ 2 कप मैदे से आप एकदम मार्केट जैसी सॉफ्ट कुलचे तैयार कर सकते हैं. यहां जानते हैं रेसिपी-
UP-बिहार के लड़कों को नौकरी नहीं देगी कंपनी, CEO का ऐलान; वजह सुनकर छिड़ गई बहस
सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोग इसका समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग बुरी तरह भड़क गए हैं और भेदभाव बता रहे हैं। इसके बाद कंपनी के बॉस ने इस फैसले की वजह भी बताई है।
ट्रंप के 'फेल्ड स्टेट' बताने पर भड़का क्यूबा, UNGA से डिप्लोमैट्स का वॉकआउट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने UN महासभा में क्यूबा को ‘पूरी तरह विफल देश’ बताया और कहा कि वहां की कम्युनिस्ट सरकार गिर जाएगी. ट्रंप के भाषण के दौरान क्यूबा का डेलिगेशन हॉल से बाहर निकल गया. हवाना ने इसके बाद अपनी संप्रभुता की रक्षा करने की बात कही.
चमक उठेगी 6 राशियों की किस्मत, बाकी राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन?
Kal Ka Rashifal 24 September 2026: आर्थिक लाभ एवं प्रभाव बल पाएंगे. वित्तीय फैसलों में सक्रियता आएगीं. व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ेंगे. मान सम्मान प्राप्त होगा. पद प्रतिष्ठा को बढ़ावा मिलेगा. जवाबदेही लेंगे.निजी चर्चाओं में उत्साह से बात रखेंगे. रिश्तों में मजबूती आएगी.
न गैस जलाना, न भूनना, भुने चने से बनाएं टेस्टी और खस्ता मोदक
Chana Modak: अगर आप भी बाप्पा के लिए घर पर मोदक बनाना चाहते हैं तो यहां हम आपको भुने चने के टेस्टी और खस्ता मोदक बनाने की रेसिपी बता रहे हैं जो झटपट बनकर तैयार हो जाते हैं.
नेपाल PM बालेन्द्र शाह का भारत दौरा फाइनल, नवंबर में आएंगे दिल्ली
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का 23 से 25 नवंबर के बीच भारत दौरा प्रस्तावित है, जिसे उनकी पहली औपचारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा माना जा रहा है. इस दौरे में रेल, ऊर्जा, सीमा ढांचा और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण पर कई अहम समझौतों की उम्मीद है.
SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग की सफाई, कहा- आंतरिक टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा
ECI ने कहा कि किसी मुद्दे पर अंतिम फैसला होने से पहले आयोग के सदस्य और अधिकारी सवाल उठा सकते हैं, अतिरिक्त जानकारी मांग सकते हैं या अपने सुझाव दे सकते हैं। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा करना है।
'देश में दोबारा हो चुनाव', CEC vs EC आयुक्त मतभेद मामले पर उद्धव का सवाल
चुनाव आयोग में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर मतभेद की रिपोर्ट के बीच शिवसेना(UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र खत्म करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
'अपने नेता को खुश करने के लिए...', इकरा हसन पर उदित राज का तंज
यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान के बीच नेताओं की बयानबाजी भी तेज है. इकरा हसन के बयान पर कांग्रेस नेता उदित राज ने पलटवार किया और कहा कि 2024 का चुनाव दोनों दलों ने साथ मिलकर लड़ा था. वहीं उन्होंने अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा को लेकर भी कहा कि आखिरकार 2024 वाले समीकरण पर ही चुनाव लड़ा जाएगा.
हुंडई बेयॉन की बुकिंग शुरू, 11 हजार में होगा काम, इस दिन आएगी SUV
हुंडई अगले महीने अपनी नई एसयूवी को मार्केट में उतारने वाली है. हम बात कर रहे हैं हुंडई बेयॉन की, जो वेन्यू और क्रेटा के बीच होगी. ये कार दमदार फीचर्स के साथ आएगी. इसमें पेट्रोल इंजन के साथ ही सीएनजी का विकल्प भी मिलेगा. कार में नई i20 से इंस्पॉयर्ड इंटीरियर दिया जा सकता है. इसकी बुकिंग हुंडई ने शुरू कर दी है. आइए जानते हैं डिटेल्स.
एशियाई खेलों में Mirabai Chanu ने जीता रजत, दोपहर की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें
नयी दिल्ली, 23 सितंबर की विभिन्न फाइल से बुधवार को अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: खेल25 : खेल एशियाड भारोत्तोलन लीड भारतमीराबाई ने रजत जीतकर एशियाई खेलों में पदक का सूखा खत्म कियानागोया, भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को यहां महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में पदक के 12 साल के लंबे इंतजार खत्म किया। दि14 : निर्वाचन आयोग राहुलभाजपा, आरएसएस और निर्वाचन आयोग ने वोट चोरी कर देशद्रोह किया, न्याय होगा: राहुल गांधीनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और निर्वाचन आयोग का यह कृत्य ‘देशद्रोह’ है और इसमें न्याय होकर रहेगा। प्रादे24 : महाराष्ट्र आईआईटी आत्महत्या प्रोफेसरछात्र की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर डूला छुट्टी पर भेजे गएमुंबई, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के मामले में आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रादे31 : बिहार बाढ़बिहार में बाढ़ संकट गहराया, 15 जिलों के 50.49 लाख लोग प्रभावितपटना, बिहार में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है तथा राज्य के 15 जिलों में 50 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और 88 प्रखंडों की 576 ग्राम पंचायतें जलमग्न हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। खेल23 : खेल एशियाड हॉकी महिला भारतभारतीय महिला हॉकी टीम ने थाईलैंड को 20 . 1 से हराया, दीपिका के नौ गोलकाकामिगाहारा, ड्रैग फ्लिकर दीपिका के नौ गोल की मदद से भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए बुधवार को पूल बी के मैच में थाईलैंड को 20 . 1 से हराया। दि1 : कांग्रेस यूसीसीयूसीसी भाजपा के राजनीतिक एजेंडे का हथियार, विभाजन और ध्रुवीकरण का साधन : कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कोई कानूनी सुधार नहीं है, बल्कि ‘‘विभाजन, व्यवधान और ध्यान भटकाने का एक हथियार’’ तथा समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने का एक साधन है। दि23 : दिल्ली उपराज्यपाल पार्क सुरक्षादिल्ली के उपराज्यपाल ने सभी पार्क का सुरक्षा ऑडिट, पिंक पुलिस की तैनाती का आदेश दियानयी दिल्ली, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दक्षिणपूर्वी दिल्ली के कालकाजी इलाके के एक पार्क में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद शहर के सभी पार्क का सुरक्षा ऑडिट कराने और उनके आसपास पिंक पुलिसकर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया। अर्थ16 : वित्त मंत्रालय बैंक हड़तालप्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों की सुविधा के लिए रविवार को खुले रहेंगे बैंकनयी दिल्ली, वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि बैंक कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों की सुविधा के लिए रविवार 27 सितंबर को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक समेत सभी बैंक खुले रहेंगे। वि14 : संरा जयशंकर ग्लोबल साउथ‘ग्लोबल साउथ’ पर वैश्विक संकटों का सबसे अधिक असर लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में पीछे: जयशंकरसंयुक्त राष्ट्र, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ पर भले ही वैश्विक संकटों का सबसे अधिक असर पड़ता है, लेकिन इन संकटों से जुड़े निर्णय लेने की प्रक्रिया में वह ‘पीछे’ है। वि1 : अमेरिका नेपाल बाढ़अमेरिका ने बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए 3.1 करोड़ डॉलर की सहायता की घोषणा कीवाशिंगटन, अमेरिका ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पुलों के निर्माण, प्रभावित समुदायों की बुनियादी नागरिक जरूरतों को पूरा करने और भविष्य में आपदा के बाद राहत एवं पुनर्बहाली प्रयासों में मदद के लिए ड्रोन की तैनाती में सहयोग के वास्ते नेपाल को 3.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। अर्थ5 : एसएंडपी वृद्धिएसएंडपी ने भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत कियानयी दिल्ली, वित्तीय शोध और साख निर्धारित करने वाली एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया।
वैचारिक मतभेद का मतलब टकराव नहीं, सभी फैसले सर्वसम्मति से हो रहे; खटपट पर चुनाव आयोग की सफाई
EC ने कहा कि 10 महीनों के दौरान की कुछ खास आंतरिक टिप्पणियों/अवलोकनों को उजागर करना, जबकि बड़ी संख्या में मंजूरियों, फैसलों, निर्देशों और पहलों को नजरअंदाज करना, तस्वीर का केवल एक हिस्सा ही दिखाता है।
सीता बन बदलीं 'कच्चा बादाम गर्ल', सुना बजरंग बाण, सेट पर बैन नॉनवेज
जब से फिल्म का ट्रेलर और पोस्टर रिलीज हुए हैं, अंजलि को जमकर ट्रोलिंग झेलनी पड़ रही है. बोल्ड इमेज के लिए मशहूर अंजलि को माता सीता के किरदार में देखकर कई लोग नाराज हैं.
अगरकर गए तो गिल की टीम में भी लगेगी कैंची? वर्ल्ड कप से पहले बड़ा सवाल
अजीत अगरकर के भविष्य पर फैसला अभी बाकी है, लेकिन अगर उनकी जगह नया चीफ सेलेक्टर आता है तो इसका असर सिर्फ चयन समिति तक सीमित नहीं रहेगा. 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले शुभमन गिल की टीम को लेकर कई बड़े फैसले होने हैं- यशस्वी जायसवाल की भूमिका, हार्दिक पंड्या का विकल्प, स्पिन संयोजन और तेज गेंदबाजी का ढांचा. ऐसे में सवाल यह है कि चीफ सेलेक्टर बदलेगा तो क्या गिल की टीम की दिशा भी बदलेगी?
विचारों का मतभेद सामान्य बात...SIR पर खुलासे पर चुनाव आयोग की सफाई 10 प्वाइंट में समझें
भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि चुनाव आयोग के भीतर विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय होना एक सामान्य बात है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके फैसले या तो सर्वसम्मति से या बहुमत से लिए जाते हैं। यह बयान 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्तियां जताई थीं, जिनमें 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे। इसे भी पढ़ें: Bank Open on Sunday: इस बार रविवार को खुले रहेंगे बैंक, हड़ताल से पहले सरकार ने अपने फैसले से चौंकाया चुनाव आयोग ने ये कहा 1. ECI एक संवैधानिक संस्था है जो संविधान के अनुच्छेद 324, कानूनी नियमों और स्थापित संस्थागत परंपराओं के सख्त नियमों के तहत काम करती है। आयोग एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था के रूप में काम करता है। लिखित नोट, टिप्पणियाँ, तकनीकी सुझाव और आंतरिक जाँच-पड़ताल और संतुलन (checks-and-balances) सामान्य और निरंतर चलने वाली प्रक्रियाएँ हैं, जिनका मकसद पूरी पारदर्शिता, कानूनी नियमों का पालन और कामकाज में सख्ती सुनिश्चित करना है। ECI के सभी काम कानूनों और आयोग के निर्देशों के अनुसार हुए हैं। 2. आयोग द्वारा जारी सभी आधिकारिक आदेश, फैसले और प्रशासनिक निर्देश पूरी तरह कानूनी रूप से मान्य हैं और 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' के तहत स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हैं। 3. ड्राफ्टिंग के दौरान आयोग के सदस्यों द्वारा उठाए गए कामकाज से जुड़े सवाल या सुझाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिनका मकसद मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना है। आयुक्तों द्वारा दिए गए सुझाव चुनावी प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने के लिए थे। 4. किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियाँ होना सामान्य बात है। ये अंतिम फैसला लेने से पहले निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। न केवल तीनों आयुक्त, बल्कि आयोग का हर अधिकारी चुनावी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आयोग को अपने सुझाव देने के लिए पूरी तरह अधिकृत है। 5. 10 महीनों की अवधि में कुछ खास आंतरिक नोट/टिप्पणियों को उजागर करना, जबकि बड़ी संख्या में मंजूरियों, फैसलों, निर्देशों और पहलों को नजरअंदाज करना, पूरी तस्वीर का केवल एक हिस्सा दिखाता है। हाल के महीनों में, आयोग ने कई फैसले लिए हैं, निर्देश जारी किए हैं, लगभग 40 नई पहलें शुरू की हैं और कई चुनावी सुधार किए हैं, जिनमें देश भर में मतदाता सूची का संशोधन (SIR सहित) शामिल है। ये सभी फैसले पिछले एक साल में पूरे आयोग के सर्वसम्मत फैसलों का नतीजा हैं। 6. आयोग ने हाल ही में बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल में बड़े चुनाव और इस दौरान चुनाव से जुड़ी गतिविधियाँ सफलतापूर्वक आयोजित की हैं। इस काम में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक और कामकाज से जुड़ी मशीनरी और आयोग की कई मंजूरियाँ और निर्देश शामिल थे। 7. आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म, जैसे ECINet, अनधिकृत छेड़छाड़, हेरफेर आदि को रोकने के लिए सख्त डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत काम करते हैं। IT सुरक्षा जाँच और ऑडिट कंट्रोल राष्ट्रीय डेटाबेस में लागू किए जाने वाले सामान्य साइबर सुरक्षा उपाय हैं। कानूनी अधिकारी, जिनमें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (EROs) और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर (DEOs) शामिल हैं, कानून के तहत रजिस्ट्रेशन और नाम हटाने के लिए अपनी कानूनी शक्तियों के अनुसार काम करते हैं। 8. भारत का चुनाव आयोग हमारे लोकतंत्र को आगे बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका को समझते हुए, पूरी ईमानदारी के साथ अपने संवैधानिक कर्तव्यों को निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 9. ईसी ने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है। सभी फैसले सहमति से हुए। 10. लगभग 40 नई पहलें शुरू की हैं और देश भर में मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर सहित) के संचालन सहित कई चुनावी सुधार किए हैं।
CEC नियुक्ति पर SC में बंटी राय, मामला संविधान पीठ को भेजा
सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एस सी शर्मा की राय अलग रही, जिसके बाद मामला संविधान पीठ को भेज दिया गया.
सितंबर में विदेश घूमने का है प्लान? तो अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल करें ये 5 बेहद खूबसूरत डेस्टिनेशन
गर्मी के मौसम की चिलचिलाती धूप और उमस भरे दिनों के बाद जब साल के नौवें महीने यानी सितंबर की शुरुआत होती है, तो मौसम में एक सुहावना बदलाव देखने को मिलता है। भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में सितंबर का महीना यात्रा प्रेमियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मानसून अपने अंतिम चरण में होता है या कई जगहों पर सुहावनी शरद ऋतु की शुरुआत हो रही होती है। यदि आप भी इस सितंबर के महीने में अपने परिवार, पार्टनर या दोस्तों के साथ विदेश यात्रा (International Trip) पर जाने का मन बना रहे हैं, और समझ नहीं पा रहे हैं कि किस बेहतरीन जगह का चुनाव किया जाए, तो यह लेख आपके लिए बेहद खास है। समुद्र की नीली लहरें, सफेद रेत वाले बीच, सुनहरे सूर्यास्त और शांत वातावरण पसंद करने वाले सैलानियों के लिए बीच डेस्टिनेशन (Beach Destinations) हमेशा से पहली पसंद रहे हैं। सितंबर के महीने में दुनिया के कई खूबसूरत द्वीपों और समुद्र तटों पर पर्यटकों की भीड़ कम होती है, जिससे आपको शांति और सुकून के साथ छुट्टियां बिताने का शानदार मौका मिलता है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि सितंबर में विदेश घूमने के लिए कौन सी 5 सबसे बेहतरीन और पॉकेट-फ्रेंडली बीच जगहें आपके ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बना सकती हैं।1. बाली, इंडोनेशिया: प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और बजट फ्रेंडली बीच वेकेशन का सबसे बेहतरीन ठिकानाभारतीय पर्यटकों के बीच जब भी विदेश में बीच डेस्टिनेशन पर घूमने की बात आती है, तो सबसे पहला नाम इंडोनेशिया के खूबसूरत द्वीप बाली (Bali) का आता है। सितंबर का महीना बाली की यात्रा करने के लिए सबसे अनुकूल समय माना जाता है, क्योंकि इस दौरान यहां का मौसम बेहद सुहाना होता है, बारिश कम होती है और उमस भी न के बराबर होती है। बाली अपने प्राचीन हिंदू मंदिरों, हरे-भरे चावल के खेतों, पारंपरिक नृत्यों और दुनिया के सबसे खूबसूरत सनसेट वाले बीच के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां के कुटा बीच, सेमिन्याक बीच और उलूवातु मंदिर के आसपास के समुद्र तट सर्फिंग और वाटर स्पोर्ट्स के शौकीन लोगों के लिए स्वर्ग के समान हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय नागरिकों के लिए यहां ऑन-अराइवल वीजा की सुविधा उपलब्ध है और अन्य पश्चिमी देशों की तुलना में यहां रहना, खाना और घूमना काफी किफायती यानी पॉकेट-फ्रेंडली पड़ता है। यदि आप सितंबर में विदेश जाकर समंदर की लहरों के बीच रिलैक्स करना चाहते हैं, तो बाली आपकी लिस्ट में सबसे ऊपर होना चाहिए।2. फुकेट, थाईलैंड: थ, नाइटलाइफ और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स का परफेक्ट कॉम्बिनेशनथैंकेस्ट एशियन कंट्री थाईलैंड का सबसे बड़ा द्वीप फुकेट (Phuket) अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच पार्टी कैपिटल और बीच टूरिज्म का एक बहुत बड़ा केंद्र है। हालांकि, जुलाई और अगस्त के दौरान यहां भारी मानसूनी बारिश होती है, लेकिन सितंबर के मध्य आते-आते मौसम साफ होने लगता है और पर्यटकों को कम खर्च में शानदार डील मिलने शुरू हो जाती हैं। फुकेट के पातोंग बीच, काटा बीच और करोन बीच अपनी सफेद रेत और क्रिस्टल क्लियर पानी के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। यहां आप स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, पैरासेलिंग और आइलैंड हॉपिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का भरपूर आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा यहां के प्रसिद्ध फी फी आइलैंड्स (Phi Phi Islands) की बोट राइड आपके पूरे ट्रिप में चार चांद लगा देगी। भारतीय पर्यटकों के लिए थाईलैंड की यात्रा करना जेब के लिहाज से भी काफी आसान है और यहां का लजीज स्ट्रीट फूड पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है।3. मॉरीशस: हिंद महासागर के इस जन्नतनुमा द्वीप पर मनाएं शांत और रोमांटिक छुट्टियांयदि आप भीड़भाड़ से दूर किसी बेहद शांत, लक्जरी और प्राकृतिक रूप से समृद्ध द्वीप देश की तलाश में हैं, तो हिंद महासागर के दक्षिण-पश्चिम में स्थित मॉरीशस (Mauritius) आपके लिए एक आदर्श विकल्प है। सितंबर के महीने में मॉरीशस में सर्दियों का मौसम चल रहा होता है, जिसके कारण यहां का तापमान बहुत ही सुहावना, ठंडा और आरामदायक रहता है। नीले और फिरोजी रंग का समंदर, विशाल कोरल रीफ और चारों ओर फैली हरियाली इस देश की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है। ब्लैक रिवर गॉर्ज नेशनल पार्क, इलेक्स सेरफ्स (Ile aux Cerfs) और मणौक द्वीप यहां के मुख्य आकर्षण हैं। मॉरीशस हनीमून मनाने वाले जोड़ों और परिवार के साथ छुट्टियां बिताने वालों के दोनों के लिए बेहद लोकप्रिय है। भारतीय नागरिकों के लिए इस देश की यात्रा के लिए वीजा की कोई झंझट नहीं है, जिससे प्लानिंग करना और भी आसान हो जाता है।4. सेशेल्स: अनछुए और कुदरती सौंदर्य से भरपूर 115 द्वीपों का यह अनोखा द्वीप समूहपूर्वी अफ्रीका के तट के पास हिंद महासागर में फैला सेशेल्स (Seychelles) दुनिया के सबसे खूबसूरत और कम भीड़भाड़ वाले द्वीप समूहों में गिना जाता है। यह देश 115 छोटे-बड़े ग्रेनाइट और प्रवाल द्वीपों से मिलकर बना है, जहां की प्राकृतिक सुंदरता आज भी अपनी मूल और अछूती अवस्था में मौजूद है। सितंबर का महीना सेशेल्स जाने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है क्योंकि इस दौरान यहां की हवाएं शांत होती हैं और समुद्र का पानी तैराकी तथा सेलिंग के लिए बिल्कुल अनुकूल रहता है। ला डाइग द्वीप का 'Anse Source d'Argent' बीच दुनिया के सबसे खूबसूरत और सबसे ज्यादा फोटोग्राफ किए जाने वाले समुद्र तटों में शुमार है। विशाल ग्रेनाइट चट्टानों के बीच फैला यह बीच और यहां का पारदर्शी पानी पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। यदि आप प्रकृति के बिल्कुल करीब रहकर कुछ दिन शांति और विलासिता के साथ बिताना चाहते हैं, तो सेशेल्स का यह सफर आपके लिए जीवन भर का सबसे हसीन अनुभव साबित होगा।5. लंकावी, मलेशिया: प्राकृतिक हरियाली, केबल कार और समुद्री सफारी का अद्भुत संगममलेशिया के उत्तर-पश्चिम तट पर अंडमान सागर में स्थित लंकावी (Langkawi) लगभग 99 द्वीपों का एक खूबसूरत और शांत द्वीपसमूह है। यदि आप बजट में रहते हुए एक अंतरराष्ट्रीय बीच वेकेशन का आनंद लेना चाहते हैं, तो लंकावी आपके लिए एकदम सही जगह है। सितंबर के महीने में यहां हल्की-फुल्की बारिश के बीच हर तरफ हरियाली अपने चरम पर होती है, जो देखने में बेहद मनमोहक लगती है। लंकावी का प्रसिद्ध 'स्काई ब्रिज' (Langkawi Sky Bridge) और ओरिएंटल विलेज पर्यटकों के बीच सबसे मुख्य आकर्षण का केंद्र है, जहां से बादलों और पहाड़ों के बीच समंदर का नजारा बेहद भव्य दिखाई देता है। चन्नांग बीच (Chenang Beach) पर वाटर स्पोर्ट्स का आनंद लेने के साथ-साथ आप मैंग्रोव फॉरेस्ट की बोट सफारी का भी लुत्फ उठा सकते हैं। मलेशिया सरकार द्वारा भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा मुक्त प्रवेश की सुविधा दिए जाने के बाद से लंकावी जाना और भी अधिक आसान और किफायती हो गया है।
क्या इस रविवार को खुले रहेंगे देशभर के बैंक? क्या है SBI सहित अन्य सरकारी बैंकों की हड़ताल का सच?
Banks Strike:
तन-मन दोनों को चाहिए ब्रेक? भारत की ये 5 जादुई जगहें हैं परफेक्ट डिटॉक्स वेकेशन के लिए
भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली, काम का अंतहीन तनाव, शहर का प्रदूषण और हर वक्त डिजिटल स्क्रीन से चिपके रहने की आदत आज के दौर में इंसानी शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर बेहद बुरा असर डाल रही है। सुबह की भागदौड़ से लेकर रात के लेट नाइट वर्क तक, हमारा दिमाग और शरीर लगातार थकावट महसूस करता है, जिसके कारण अनिद्रा, चिंता, क्रॉनिक फटीग और ऊर्जा की कमी आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में जब शरीर और मन पूरी तरह थक जाते हैं, तो उन्हें एक ऐसे ब्रेक की सख्त जरूरत होती है जो केवल बाहरी सैर-सपाटा न हो, बल्कि भीतर से पूरी तरह हील कर सके। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए 'डिटॉक्स वेकेशन' (Detox Vacation) का ट्रेंड आज पूरी दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। भारत में ऐसी कई अद्भुत और नैसर्गिक जगहें मौजूद हैं जहां आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, ध्यान और प्राचीन भारतीय जीवन पद्धतियों के जरिए आपके तन और मन को पूरी तरह रीसेट किया जा सकता है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि भारत की वे कौन सी शीर्ष 5 डिटॉक्स जगहें हैं जहां जाकर आप अपनी थकी हुई जीवनशैली को अलविदा कह सकते हैं और एक नई ऊर्जा से भर सकते हैं।1. ऋषिकेश, उत्तराखंड: योग, अध्यात्म और गंगा किनारे मानसिक शांति का सबसे बड़ा केंद्रभारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में 'योग की राजधानी' के रूप में प्रसिद्ध उत्तराखंड का ऋषिकेश (Rishikesh) तन और मन को डिटॉक्स करने के लिए सबसे पहला और बेहतरीन विकल्प माना जाता है। हिमालय की गोद से निकलती पवित्र गंगा नदी के तट पर बसा यह शहर सदियों से ऋषियों और मुनियों की साधना स्थली रहा है। यहां आपको दुनिया के सबसे बेहतरीन आयुष केंद्र, प्रमाणित योग आश्रम और विश्व स्तरीय आयुर्वेद व नेचुरोपैथी रिजॉर्ट मिल जाएंगे। सुबह-ससुबह गंगा की लहरों के बीच ध्यान करना, प्राणयाम सीखना और प्रामाणिक पंचकर्म चिकित्सा लेना आपके शरीर के सभी टॉक्सिन्स को बाहर निकाल देता है। इसके अलावा यहां का सात्विक और ऑर्गेनिक भोजन आपके पाचन तंत्र को पूरी तरह विश्राम देता है। यदि आप अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से तंग आ चुके हैं और कुछ दिन पूरी तरह खुद के साथ बिताना चाहते हैं, तो ऋषिकेश का यह आध्यात्मिक वातावरण आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।2. अट्टापडी और पलक्कड़, केरल: प्रकृति की गोद में प्रामाणिक आयुर्वेदिक पंचकर्म और कायाकल्पजब बात शरीर की पूरी तरह शुद्धि और प्राकृतिक चिकित्सा की आती है, तो केरल (Kerala) का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित अट्टापडी (Attappadi) और पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच फैले घने जंगल डिटॉक्स वेकेशन के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। यहां पारंपरिक आयुर्वेद की जड़ें बहुत गहरी हैं और योग्य चिकित्सकों की देखरेख में विशेष पंचकर्म (Panchakarma) थेरेपी दी जाती है। तेल मालिश, शिरोधारा, नवरकंजी और हर्बल स्टीम बाथ जैसी प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों के जरिए शरीर की नसों और कोशिकाओं से सारे विषैले तत्व बाहर निकाल दिए जाते हैं। यहां के रिसॉर्ट्स और वैलनेस सेंटर पूरी तरह से प्राकृतिक और शांत वातावरण में बने होते हैं, जहां मोबाइल और इंटरनेट के शोर से दूर केवल पक्षियों की चहचहाहट और हवाओं की सरसराहट सुनाई देती है। यह जगह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को पूरी तरह रीबूट करने की क्षमता रखती है।3. मुन्नार, केरल: चाय के हरे-भरे बागानों के बीच बादलों की छांव में मानसिक सुकूनकेरल का एक और खूबसूरत पर्वतीय स्थल मुन्नार (Munnar) अपनी अनूठी प्राकृतिक सुंदरता और शांति के लिए पर्यटकों के बीच विशेष स्थान रखता है। समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर फैले मीलों लंबे चाय के हरे-भरे बागान, ठंडी हवाएं और चारों तरफ छाई धुंध आपके मन को पल भर में मोह लेती है। मुन्नार में डिटॉक्स वेकेशन का मतलब केवल घूमना नहीं है, बल्कि प्रकृति के सबसे करीब बैठकर अपने मानसिक तनाव को कोसो दूर भगाना है। यहां कई ऐसे इको-फ्रेंडली वेलनेस रिट्रीट हैं जो ऑर्गेनिक फार्मिंग, हर्बल टी थेरेपी, प्रकृति की गोद में लंबी ट्रैकिंग और मेडिटेशन सेशन की सुविधा प्रदान करते हैं। जब आप सुबह उठकर खिड़की से बाहर देखते हैं तो बादलों को छूते हुए पहाड़ दिखाई देते हैं, जो आपकी आंखों और दिमाग को एक असीम शांति प्रदान करते हैं। ताजी हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम और फेफड़ों को नेचुरल डिटॉक्स देने का काम करता है।4. धर्मशाला और मैक्लोडगंज, हिमाचल प्रदेश: तिब्बती बौद्ध दर्शन, ध्यान और हिमालयी हवाओं का संगमयदि आप पहाड़ों की ऊंचाई पर जाकर बौद्ध दर्शन, ध्यान (Meditation) और तिब्बती हीलिंग पद्धतियों के जरिए अपने मन को शांत करना चाहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश में स्थित धर्मशाला और मैक्लोडगंज (Dharamshala and McLeod Ganj) आपके लिए सबसे परफेक्ट जगह है। दलाई लामा का यह निवास स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति से ओत-प्रोत है। यहां कई ऐसे प्रसिद्ध मेडिटेशन सेंटर और मठ हैं जहां विपश्यना, बौद्ध ध्यान और माइंडफुलनेस वर्कशॉप आयोजित की जाती हैं। हिमालय की ठंडी और शुद्ध हवा आपके फेफड़ों को तरोताजा कर देती है, जबकि यहां का तिब्बती हर्बल मेडिसिन सिस्टम और एक्यूपंचर थेरेपी शरीर के दर्दों को दूर करने में बेहद असरदार मानी जाती है। यहां के शांत कैफे में मिलने वाला हर्बल टी, ऑर्गेनिक फूड और ढोलाधार पर्वत श्रृंखलाओं का मनमोहक नजारा आपके मानसिक तनाव को पूरी तरह छूमंतर कर देता है।5. उदयपुर के आसपास के वैलनेस रिसॉर्ट्स, राजस्थान: शाही आतिथ्य के साथ वेलनेस और मेडिटेशनझीलों की नगरी उदयपुर (Udaipur) और उसके आसपास का शांत ग्रामीण परिवेश अब देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लग्जरी डिटॉक्स और वैलनेस टूरिज्म के एक बड़े हब के रूप में उभर रहा है। यदि आप बहुत अधिक दुर्गम पहाड़ों पर जाने की बजाय किसी शांत, आरामदायक और शाही माहौल में अपने तन-मन को डिटॉक्स करना चाहते हैं, तो उदयपुर के अरावली पहाड़ियों और झीलों के किनारे बने वेलनेस रिसॉर्ट्स बेहतरीन विकल्प हैं। यहां प्राचीन राजस्थानी जड़ी-बूटियों, आधुनिक स्पा थेरेपी, योग सत्र और हेल्दी डाइट प्लान का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है। झील के शांत पानी को निहारते हुए सूर्योदय या सूर्यास्त के समय मेडिटेशन करना मानसिक एकाग्रता को कई गुना बढ़ा देता है। यह वेकेशन उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है जो आराम और विलासिता के साथ-साथ अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहते हैं।
Indore में बोलीं BJP MLA Usha Thakur, Garba पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर लगे रोक
मध्यप्रदेश के इंदौर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक उषा ठाकुर ने यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया है कि पहले देश में हर साल नवरात्रि में हिंदुओं के गरबा समारोहों के दौरान 4.5 लाख लड़कियां विधर्मियों के साथ भाग जाती थीं जिससे जनसांख्यिकी बदल रही थी। उन्होंने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के विचार की वकालत करते हुए यह बात कही। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल की विधायक के बयान को हिंदू महिलाओं की अस्मिता का अपमान करार देते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। ठाकुर ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि पहले गरबा समारोहों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश देश के ‘जनसांख्यिकी परिवर्तन’ को प्रभावित कर रहा था क्योंकि हर वर्ष गरबे के दौरान 4.5 लाख लड़कियां विधर्मियों के साथ भाग जाती थीं। अपने विवादित कथनों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाली ठाकुर, भाजपा की प्रदेश इकाई की प्रवक्ता भी हैं। उन्होंने किसी भी वैज्ञानिक या तार्किक आधार का हवाला दिए बगैर दावा किया,‘‘ये वयस्क लड़कियां अगले वर्ष एक-एक बच्चे को जन्म देती थीं और नौ लाख बच्चे प्रति वर्ष की दर से जनसांख्यिकी परिवर्तन पर असर पड़ रहा था।’’ ठाकुर ने कहा कि इस कथित स्थिति के मद्देनजर हिंदू समुदाय के संगठनों ने प्रण किया कि किसी भी गरबा पंडाल में उन लोगों का प्रवेश रोका जाएगा जो मूर्ति पूजा नहीं करते। इंदौर के महू क्षेत्र की विधायक ने कहा,‘‘ये लोग अपने कुत्सित षड्यंत्र के अंतर्गत कभी माथे पर तिलक लगाकर, तो कभी कलावा (हिंदुओं द्वारा कलाई पर बांधा जाने वाला पवित्र धार्मिक धागा जिसे रक्षा सूत्र भी कहा जाता है) बांधकर हमारे गरबों में शामिल होते हैं और लड़कियों को भ्रमित करके उनका जीवन नर्क बना देते हैं।’’ ठाकुर ने कहा कि इन कथित हथकंडों को कोई भी राष्ट्रभक्त नागरिक आगे नहीं बढ़ने दे सकता, इसलिए सभी गरबा पंडालों में विधर्मी लोग आजीवन प्रवेश नहीं कर पाएंगे। उन्होंने ‘गरबा समारोहों का व्यवसायीकरण’ रोकने के लिए हिंदू समुदाय के संगठनों के प्रयासों की तारीफ भी की। भाजपा विधायक ने कहा,‘‘मैं विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के अपने उन सब भाइयों का धन्यवाद करती हूं क्योंकि गरबे का जो व्यावसायिक स्वरूप सामने आ रहा है, उसमें (देवी की) साधना लगभग समाप्त नजर आती है।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि गरबा, शक्ति की साधना का पर्व है। ठाकुर ने कहा, ....लेकिन व्यावसायिक गरबा समारोहों ने इसे बेहद विद्रूप कर दिया है जिससे अब यह त्योहार कपड़ों, गहनों और टैटू (गोदना) के प्रदर्शन का माध्यम बन गया है, जबकि हिंदुओं के आध्यात्मिक रीति-रिवाज इसकी अनुमति नहीं देते। कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नीलाभ शुक्ला ने भाजपा विधायक के बयान की आलोचना करते हुए कहा,‘‘ठाकुर हिंदू महिलाओं की अस्मिता का अपमान कर रही हैं और उनके चरित्र पर बिना किसी प्रमाण के सवाल उठा रही हैं। उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।’’ इससे पहले, राज्य में भाजपा के एक अन्य विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबा उत्सवों में मुसलमानों के प्रवेश को लेकर टिप्पणी करके विवाद खड़ा कर दिया था। भोपाल की हुजूर सीट से विधायक शर्मा ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि मुस्लिम युवक गरबा में अकेले क्यों आना चाहते हैं और उन्हें अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लाना चाहिए। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने शर्मा की इस टिप्पणी की आलोचना की है।
73 करोड़ रुपये की लागत वाले विशाल वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी
बिहार की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरती से इस वक्त राज्य के पर्यटन मानचित्र को पूरी तरह से बदलकर रख देने वाली एक बेहद शानदार और उत्साह से भर देने वाली खबर सामने आ रही है। महात्मा गांधी की कर्मभूमि और अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत के लिए दुनिया भर में मशहूर चंपारण (Champaran) अब देश के नक्शे पर एक नए और भव्य पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी एक अलौकिक पहचान बनाने जा रहा है। राज्य सरकार और पर्यटन मंत्रालय की संयुक्त पहल के तहत चंपारण में महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की भव्य और विशाल प्रतिमा वाले स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स (Vallabhacharya Statue Complex) के निर्माण के लिए 73 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र बनेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनगिनत नए अवसर पैदा होंगे। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि इस 73 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट के तहत चंपारण में क्या-क्या विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी और इसका स्थानीय विकास पर क्या असर पड़ेगा।ऐतिहासिक चंपारण की धरा पर महाप्रभु वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स की परिकल्पनाचंपारण का नाम लेते ही जहन में स्वतंत्रता संग्राम, नील की खेती के खिलाफ हुए सत्याग्रह और प्राचीन भारतीय संस्कृति की यादें ताजा हो जाती हैं। लेकिन अब इस पावन भूमि को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के एक बड़े वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। पुष्टिमार्ग के संस्थापक और महान दार्शनिक महाप्रभु वल्लभाचार्य (Mahaprabhu Vallabhacharya) के जीवन दर्शन, उनके संदेशों और उनकी महान विरासत को समर्पित यह विशाल स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स चंपारण की शान में चार चांद लगाने का काम करेगा। सरकार की इस दूरदर्शी सोच का मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को एक ऐसा विश्व स्तरीय परिसर उपलब्ध कराना है, जहां वे भारतीय संस्कृति के प्राचीन इतिहास और आध्यात्मिक गहराई से रूबरू हो सकें। इस परियोजना की घोषणा के बाद से ही संतों, विद्वानों और स्थानीय नागरिकों में जबरदस्त उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।73 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएंपर्यटन विभाग द्वारा तैयार किए गए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के अनुसार, इस 73 करोड़ रुपये के मेगा बजट से बनने वाले वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स को बेहद आधुनिक, आकर्षक और भव्य रूप दिया जाएगा। इस परिसर के मुख्य आकर्षणों में महाप्रभु वल्लभाचार्य की एक अत्यंत ऊंची, कलात्मक और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो दूर से ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी। इसके साथ ही परिसर के भीतर एक अत्याधुनिक म्यूजियम या दीर्घा बनाई जाएगी, जिसमें उनके जीवन चरित्र, उनके द्वारा रचित ग्रंथों और उनके संदेशों को डिजिटल तकनीक और ऑडियो-विजुअल माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए इस परिसर में सुंदर पार्क, ध्यान केंद्र (Meditation Hall), सत्संग भवन, पारंपरिक हस्तशिल्प की दुकानें, कैफेटेरिया, विश्राम गृह और आधुनिक पार्किंग जोन जैसी तमाम विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि यहां आने वाले हर आगंतुक को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी अभूतपूर्व गतिकिसी भी क्षेत्र में जब इतने बड़े पैमाने पर पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे का विकास होता है, तो उसका सबसे बड़ा फायदा वहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को मिलता है। चंपारण क्षेत्र में इस भव्य कॉम्प्लेक्स के बनने से होटल कारोबार, परिवहन, गाइड सेवाओं, स्थानीय हस्तशिल्प उद्योग और खान-पान के व्यापार में भारी उछाल आने की पूरी उम्मीद है। देश के विभिन्न राज्यों से जब हजारों की संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री यहां पहुंचेंगे, तो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे। राज्य सरकार का यह मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन (Religious and Cultural Tourism) किसी भी राज्य की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने में सबसे अहम भूमिका निभाता है, और चंपारण जैसे ऐतिहासिक क्षेत्र में इस प्रकार का निवेश आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा।चंपारण का बदलता हुआ स्वरूप और भविष्य की विकास योजनाएंआने वाले कुछ ही वर्षों में जब यह विशाल स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो चंपारण देश के सबसे प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी एक खास जगह बना चुका होगा। सरकार और जिला प्रशासन की यह कोशिश है कि निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता और तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि जल्द से जल्द देश और दुनिया के सैलानी इस भव्य स्थल के दर्शन कर सकें। चंपारण की यह पावन धरती अब स्वतंत्रता के इतिहास के साथ-साथ महान आध्यात्मिक और दार्शनिक चेतना के प्रतीक के रूप में भी पूरी दुनिया में चमकने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्थानीय लोगों में इस प्रोजेक्ट को लेकर भारी उम्मीदें हैं, और हर कोई यही मान रहा है कि यह योजना चंपारण के विकास के नए युग का सूत्रधार बनेगी।
देवी-देवताओं पर टिप्पणी विवाद में FIR की मांग, कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
दिल्ली कोर्ट ने भाजपा से जुड़ी अधिवक्ता अमिता सचदेवा की याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. याचिका में एक छात्र-कार्यकर्ता और उनके पिता के खिलाफ एफआईआर की मांग की गई है. आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी.
ऑनलाइन ऑर्डर कैंसिल हो गया? कब-कब कंपनी पर लगता है जुर्माना
अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं और आपको भी रिटर्न, एक्सचेंज, ऑर्डर कैंसिल जैसी दिक्कत आती है तो आप कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं.
सरकारी बैंक कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा कदम उठाते हुए ऐलान किया है कि इस रविवार को बैंक खुले रहेंगे।
रईस लाइफस्टाइल और महंगे शौक पूरे करने के लिए बीटेक के छात्र-छात्रा बने क्राइम पार्टनर
देशभर के बड़े शहरों से आए दिन अपराध की ऐसी कई हैरान करने वाली और अजीबोगरीब दास्तां सामने आती हैं, जिन पर एक बार तो यकीन करना बेहद मुश्किल हो जाता है। आधुनिक चकाचौंध, महंगी जीवनशैली, सोशल मीडिया पर खुद को रईस दिखाने का चस्का और शॉर्टकट तरीके से पैसे कमाने की लालसा आज की युवा पीढ़ी को किस हद तक अंधे कुएं में धकेल रही है, इसका एक ताजा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीटेक (B.Tech) जैसी तकनीकी और प्रतिष्ठित डिग्री हासिल कर रहे एक छात्र और छात्रा ने अपनी ऐशो-आराम की जिंदगी और महंगे शौक पूरे करने के लिए अपराध की दुनिया का रास्ता चुन लिया। दोनों शातिर अपराधी बनकर स्कूटी पर सवार होकर शहर की सूनसान सड़कों और गलियों में घूमते थे तथा अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर उनके गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो जाते थे। जब पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तकनीकी सर्विलांस के आधार पर इस हाई-प्रोफाइल चेन स्नेचिंग गैंग का पर्दाफाश करते हुए दोनों बीटेक स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किया, तो उनके काले कारनामों के बारे में जानकर पुलिस के भी होश उड़ गए। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि इन दोनों ने कैसे अपराध की दुनिया में कदम रखा और कैसे पुलिस के हत्थे चढ़े।बीटेक के छात्र-छात्रा कैसे बने क्राइम पार्टनर? लग्जरी शौक ने बदली जिंदगीआज के दौर में जहां युवा अपनी तकनीकी शिक्षा पूरी करके देश के विकास में योगदान देने और बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में ऊंचे पदों पर नौकरी पाने का सपना देखते हैं, वहीं इसके उलट कुछ युवा ऐसे भी हैं जो बिना मेहनत किए रातों-रात अमीर बनने और अपनी सोशल मीडिया रील्स पर लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाने के शॉर्टकट तलाशते हैं। पुलिस पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। गिरफ्तार किए गए बीटेक छात्र और छात्रा एक ही कॉलेज में पढ़ाई करते थे और दोनों के शौक काफी महंगे थे। महंगे ब्रांडेड कपड़े पहनना, पब और पार्टियों में जाना, दोस्तों के बीच अपनी झूठी रईसी झाड़ना और अय्याशी भरे जीवन जीने के लिए उन्हें लगातार पैसों की जरूरत रहती थी। जब पॉकेट मनी और परिवार से मिलने वाले पैसों से उनके ये शौक पूरे नहीं हुए, तो दोनों ने मिलकर अपराध की दुनिया में उतरने का खतरनाक फैसला किया और अपने ही कॉलेज के दिनों में क्राइम पार्टनर बन बैठे।स्कूटी से घूम-घूमकर देते थे वारदातों को अंजाम, पुलिस को ऐसे दिया चकमाइन दोनों शातिरों ने चेन स्नेचिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया हुआ था। वे किसी भी संदिग्ध या पुरानी बाइक के बजाय एक फैंसी स्कूटी का इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को उन पर शक न हो सके। शहर के अलग-अलग पॉश इलाकों, पार्कों के आसपास और सुबह-शाम टहलने वाली महिलाओं को ये अपना मुख्य निशाना बनाते थे। छात्रा स्कूटी चलाती थी और पीछे बैठा बीटेक छात्र पलक झपकते ही महिलाओं के गले से सोने की चेन झपट लेता था। वारदात को अंजाम देने के बाद वे इतनी तेजी से गलियों में गायब हो जाते थे कि स्थानीय पुलिस और पीड़ित समझ ही नहीं पाते थे कि चोर कौन था। शहर में लगातार बढ़ रही चेन स्नेचिंग की इन घटनाओं से पुलिस प्रशासन की नींद उड़ी हुई थी, और पुलिस ने इन अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली।सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस ने खोला राज, पुलिस की गिरफ्त में आए हाई-प्रोफाइल चोरलगातार हो रही वारदातों के बाद पुलिस ने जब शहर के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही की ट्रैकिंग की, तो एक ही स्कूटी बार-बार हर घटना स्थल के आसपास नजर आई। पुलिस ने जब उस स्कूटी नंबर और उसके मालिकों का सुराग लगाया, तो उनके सामने जो सच आया उस पर यकीन करना आसान नहीं था। पुलिस ने जब जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा और उनके पास से लूटी गई सोने की चेन तथा घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की, तो पता चला कि ये दोनों कोई पेशेवर खूंखार अपराधी नहीं बल्कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे बीटेक के छात्र और छात्रा हैं। थाने में जब इनका पर्दाफाश हुआ, तो वहां मौजूद हर शख्स यह देखकर हैरान था कि आखिर कैसे अच्छी परवरिश और उच्च शिक्षा पाने वाले युवा महज़ शौक और दिखावे के चक्कर में अपना पूरा भविष्य बर्बाद करने पर तुले हुए थे।समाज और अभिभावकों के लिए एक गंभीर चेतावनी, संस्कारों पर उठ रहे सवालइस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से शिक्षा जगत, अभिभावकों और समाज के तमाम वर्गों में एक बहुत ही गंभीर बहस छिड़ गई है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर आज की युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का इतना पतन क्यों होता जा रहा है? माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा लगाकर बच्चों को बड़े-बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों में तकनीकी शिक्षा दिलाने भेजते हैं, लेकिन कई बार वे यह नहीं जान पाते कि उनके बच्चे कॉलेज के नाम पर क्या कर रहे हैं। दिखावे की संस्कृति और सोशल मीडिया के छलावों में फंसकर युवा किस तरह आपराधिक कृत्यों में लिप्त हो रहे हैं, यह घटना उसका सबसे बड़ा और जीता-जागता उदाहरण है। पुलिस अब इन दोनों आरोपियों से यह भी पूछताछ कर रही है कि उन्होंने अब तक कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और वे लूटे हुए सोने को किसे बेचते थे। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध की राह चाहे जितनी भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं।
'विचारों का मतभेद सामान्य बात', आरोपों पर आया EC का बयान
SIR और चुनाव आयोग के अंदर कथित मतभेद को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ECI ने कहा कि अलग-अलग राय और टिप्पणियां अंतिम फैसले से पहले होने वाली सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं. आयोग ने अपने सभी फैसलों को कानून और तय प्रक्रिया के मुताबिक बताया है.
रायपुर बवाल : आक्रोशित वेंडरों ने नगर निगम कर्मियों और पुलिस बल पर बोला हमला
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त एक बहुत बड़ी, सनसनीखेज और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है, जिसने प्रशासनिक महकमे और पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। रायपुर के व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले भाठागांव (Bhatagaon, Raipur) इलाके में अवैध सब्जी बाजार को हटाने और अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम की टीम और स्थानीय पुलिस बल पर अचानक गुस्साए वेंडरों और दुकानदारों ने हिंसक हमला बोल दिया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि देखते ही देखते सड़क रणक्षेत्र में तब्दील हो गई, जहां दोनों तरफ से पथराव और झड़प शुरू हो गई। इस भीषण संघर्ष के दौरान कई निगम कर्मी, पुलिस के जवान और स्थानीय वेंडर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि रायपुर के भाठागांव में यह खूनी संघर्ष कैसे भड़का और इसके पीछे की पूरी प्रशासनिक व जमीनी सच्चाई क्या है।भाठागांव में अतिक्रमण हटाने गई निगम टीम और वेंडरों के बीच कैसे भड़का विवाद?राजधानी रायपुर के भाठागांव क्षेत्र में पिछले काफी समय से सड़क किनारे और अनाधिकृत जमीनों पर अवैध रूप से सब्जी बाजार लगाने की शिकायतें मिल रही थीं। इस अवैध कब्जे के कारण आए दिन मुख्य मार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती थी और राहगीरों तथा स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जनता और यातायात विभाग की लगातार शिकायतों के बाद रायपुर नगर निगम (Raipur Municipal Corporation) और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से एक अभियान चलाने का फैसला किया। तय योजना के तहत निगम का अमला भारी पुलिस बल के साथ भाठागांव पहुंचा और सड़क किनारे व सार्वजनिक भूमि पर लगी अवैध दुकानों व ठेलों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन का कहना था कि वेंडरों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी और उन्हें वेंडिंग जोन में शिफ्ट होने के लिए कहा गया था, लेकिन जब वेंडरों ने सामान हटाने से इनकार कर दिया, तो विवाद और अधिक गहरा गया।अचानक हिंसक हुई झड़प: पथराव और लाठीचार्ज से रणक्षेत्र बना भाठागांव का इलाकाअतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जब निगम कर्मियों ने जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से अस्थाई दुकानों को हटाना शुरू किया, तो वहां मौजूद सब्जी विक्रेता और वेंडर आक्रोशित हो गए। शुरुआती तीखी नोकझोंक और बहस के बाद मामला इतनी तेजी से बिगड़ा कि भीड़ में से कुछ लोगों ने पुलिस और निगम की टीम पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई। निगम कर्मियों और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करने का प्रयास किया, जिससे माहौल और अधिक उग्र हो गया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के वाहनों को भी निशाना बनाया और नारेबाजी शुरू कर दी। इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मियों के सिर और हाथों में चोटें आई हैं, जबकि कुछ निगम कर्मचारी और स्थानीय वेंडर भी घायल हुए हैं। खून से लथपथ घायल कर्मियों को तुरंत मौके से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।पुलिस का सख्त एक्शन, आरोपियों की पहचान और इलाके में भारी पुलिस बल की तैनातीघटना की सूचना मिलते ही रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), कलेक्टर और अन्य अलौकिक प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस फोर्स के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए पूरे भाठागांव चौक और आसपास के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान करने के लिए मौके पर मौजूद वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने यह कड़ा संदेश दिया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, कानून हाथ में लेने और पुलिस बल पर हमला करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने इस मामले में कई उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।शहरी नियोजन, वेंडिंग जोन नीति और प्रशासन के सामने खड़े हुए बड़े सवालभाठागांव की इस दर्दनाक और हिंसक घटना ने एक बार फिर से इस पुरानी और गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है कि शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने और गरीबों की आजीविका (Livelihood Issues) के बीच तालमेल कैसे बैठाया जाए। एक तरफ जहां शहर को सुंदर, व्यवस्थित और ट्रैफिक मुक्त बनाने के लिए नगर निगम को अवैध कब्जे हटाने जरूरी लगते हैं, वहीं दूसरी तरफ हजारों छोटे दुकानदार और सब्जी विक्रेता अपनी रोजी-रोटी छिन जाने के डर से आक्रामक हो जाते हैं। जानकारों का यह मानना है कि प्रशासन को किसी भी कड़ी कार्रवाई से पहले वेंडरों के लिए वैकल्पिक और स्थायी वेंडिंग जोन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि इस तरह के खूनी संघर्षों से बचा जा सके। बहरहाल, रायपुर के भाठागांव में हुई इस घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और हर तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है कि आखिर इस समस्या का स्थायी समाधान क्या है।
मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में जीता ऐतहासिक रजत पदक
आइची-नागोया। भारत की स्टार एथलीट मीराबाई चानू ने बुधवार को एशियाई खेलों में महिलाओं की 49 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 198 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीत लिया है। इसी के साथ उन्होंने इस स्पर्धा में पदक जीतने के 28 साल के सूखे को समाप्त कर दिया। इससे पहले 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने […] The post मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में जीता ऐतहासिक रजत पदक appeared first on Sabguru News .
बिहार एमएलसी चुनाव से पहले एनडीए में अनंत सिंह-नीरज प्रकरण और महागठबंधन से मची खलबली
बिहार के राजनीतिक गलियारों में विधान परिषद (MLC Election) यानी एमएलसी चुनावों की आहट के साथ ही सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। आगामी चुनावों को लेकर सत्ताधारी एनडीए (NDA) और मुख्य विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) दोनों ही खेमों में हलचल तेज हो गई है, लेकिन इन सबके बीच दोनों ही गठबंधनों के भीतर जिस प्रकार की आंतरिक कलह, अंतर्कलह और विवाद सामने आ रहे हैं, उसने राजनीतिक पंडितों को भी हैरान कर दिया है। एक तरफ एनडीए खेमे में अनंत सिंह और नीरज कुमार से जुड़े हालिया राजनीतिक प्रकरणों और बयानों ने शीर्ष नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, तो दूसरी तरफ महागठबंधन के भीतर भी सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर जबर्दस्त किचकिच और खींचतान मची हुई है। इन दोनों पारंपरिक गठबंधनों के आपसी घमासान और उठापटक के बीच अब सियासी बाजार में यह चर्चा सबसे गर्म हो गई है कि क्या इस राजनीतिक शून्यता और आपसी कलह का सबसे बड़ा फायदा रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor - PK) की पार्टी 'जन सुराज' (Jan Suraaj) उठा ले जाएगी? इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि बिहार के इस हाई-प्रोफाइल एमएलसी चुनाव में किस तरह के समीकरण बन रहे हैं और कौन किस पर भारी पड़ रहा है।एनडीए खेमे में अनंत सिंह और नीरज प्रकरण से क्यों बढ़ी है बेचैनी?बिहार की राजनीति में बाहुबलियों और रसूखदार नेताओं का दखल हमेशा से चर्चा का विषय रहा है, और जब बात मोकामा या आसपास के क्षेत्रों की हो तो अनंत सिंह (Anant Singh) का नाम सबसे ऊपर आता है। हाल ही में जेल से बाहर आने और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता को लेकर सत्ताधारी दल के भीतर और बाहर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद नीरज कुमार (Neeraj Kumar) के तीखे बयानों और राजनीतिक पैतरों ने एनडीए के भीतर समीकरणों को और अधिक उलझा दिया है। इन दोनों नेताओं के बयानों और उनके इर्द-गिर्द घूमती राजनीति के कारण एनडीए के भीतर आंतरिक असहजता साफ तौर पर महसूस की जा रही है। गठबंधन के घटक दल यह आंकलन करने में जुटे हैं कि इस तरह के विवादास्पद प्रकरणों का आगामी एमएलसी चुनावों में उनके वोट बैंक पर कितना नकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि विधान परिषद जैसे प्रतिष्ठित सदन में साफ-सुथरी छवि और बौद्धिक वर्ग के वोट बहुत मायने रखते हैं।महागठबंधन में टिकट और वर्चस्व की जंग: अंदरखाने मची है भारी किचकिचसिर्फ एनडीए का हाल बेहाल नहीं है, बल्कि विपक्षी महागठबंधन यानी राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और वामदलों के खेमे में भी टिकट बंटवारे और आपसी वर्चस्व को लेकर भयंकर घमासान मचा हुआ है। एमएलसी चुनाव के लिए जब उम्मीदवारों के नामों पर मंथन शुरू हुआ, तो हर पार्टी का एक ही स्थानीय क्षत्रप अपने करीबी या परिवार के सदस्य को टिकट दिलाने के लिए अड़ गया। महागठबंधन के भीतर इस बात को लेकर भी खींचतान चल रही है कि किस दल का पारंपरिक वोट बैंक किस वार्ड या क्षेत्र में ज्यादा मजबूत है। जब तक विपक्षी गठबंधन आपसी फूट और अंतर्कलह को सुलझाने में व्यस्त रहेगा, तब तक वे सत्ताधारी दल के खिलाफ एक प्रभावी और संयुक्त रणनीति जमीन पर उतारने में नाकाम साबित होंगे। यही वजह है कि राजनीतिक विश्लेषक यह मान रहे हैं कि विपक्षी खेमे की यह कमजोरी चुनाव के वक्त उनके लिए बहुत भारी पड़ सकती है।क्या प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' इस सियासी घमासान का पूरा फायदा उठा ले जाएगी?जब दो दिग्गज और पारंपरिक राजनीतिक गठबंधन आपस में उलझे होते हैं, तो हमेशा से यह इतिहास रहा है कि तीसरे विकल्प या नए राजनीतिक मोर्चे के लिए अपनी जमीन मजबूत करने का सबसे सुनहरा मौका मिल जाता है। प्रशांत किशोर इन दिनों अपनी 'जन सुराज' पदयात्रा और अभियान के जरिए बिहार के कोने-कोने में जन-समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। वे लगातार पारंपरिक राजनीति, जातिगत समीकरणों और बाहुबल की संस्कृति पर तीखा प्रहार कर रहे हैं। बिहार की जनता, खासकर युवा और प्रबुद्ध वर्ग, अब जाति और बाहुबल के नाम पर वोट देने से ऊब चुका है। ऐसे में यदि एनडीए और महागठबंधन अपने आंतरिक विवादों और अनंत सिंह-नीरज जैसे प्रकरणों से ही नहीं उबर पाएंगे, तो प्रशांत किशोर की पार्टी इस वैचारिक और राजनीतिक शून्यता का पूरा फायदा उठाकर विधान परिषद के मंच तक अपनी धमक दर्ज कराने में सफल हो सकती है।आगामी चुनावों का ऊँट किस करवट बैठेगा? बिहार की जनता की टकटकीबिहार विधान परिषद के ये आगामी चुनाव केवल कुछ सीटों या सदस्यों के चयन भर का मामला नहीं हैं, बल्कि यह आने वाले विधानसभा चुनावों का एक प्रकार से सेमीफ़ाइनल साबित होने वाले हैं। सूबे की जनता बहुत गौर से यह देख रही है कि कौन सा दल या गठबंधन सचमुच जनता के विकास, शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी शासन की बात कर रहा है और कौन सिर्फ अपने पुराने जातिगत और बाहुबल के समीकरणों को साधने में लगा हुआ है। आने वाले कुछ हफ्तों में जब नामांकन और प्रचार का दौर परवान चढ़ेगा, तब यह साफ हो जाएगा कि क्या पारंपरिक दल अपनी गलतियों से सीखते हैं या फिर कोई नया राजनीतिक उलटफेर बिहार के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिख देता है।
बिहार की सियासत में भूचाल: जमुई कांड का हवाला देकर पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव पर बोला तीखा हमला
बिहार की राजनीतिक फिजा में इन दिनों बयानों के तीर और तीखे हमलों का दौर इस कदर परवान चढ़ चुका है कि सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक हर कोई एक-दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। इसी कड़ी में पूर्णिया से सांसद और जन अधिकार पार्टी के संस्थापक पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज और तीखे तेवरों से सूबे की सियासत में सनसनी फैला दी है। हाल ही में जमुई जिले में घटी एक सनसनीखेज घटना (Jamui Incident) का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने सीधे तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मुख्य नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पर बेहद तीखा और करारा हमला बोला है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह कड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बिहार की कौन सी राजनीतिक पार्टियां चुनाव के दौरान अपराधियों और माफियाओं को टिकट देकर सदन तक पहुंचाने का काम करती हैं। इस बयान के सामने आने के बाद से महागठबंधन और विपक्षी दलों के बीच अंदरखाने सुगबुगाहट तेज हो गई है, और इस राजनीतिक वाकयुद्ध के दूरगामी परिणाम आने वाले चुनावों पर पड़ना तय माने जा रहे हैं। इस लेख के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि जमुई कांड की पूरी पृष्ठभूमि क्या है और पप्पू यादव के इस ताजा बयान के राजनीतिक गलियारों में क्या मायने निकाले जा रहे हैं।जमुई कांड की वह घटना जिसने बिहार के राजनीतिक गलियारों में हिला दी नींवबिहार के जमुई जिले में हाल ही में एक ऐसी दर्दनाक और आपराधिक घटना घटी जिसने आम जनता के साथ-साथ प्रशासनिक महकमे और राजनेताओं को भी झकझोर कर रख दिया। कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर हमेशा से विपक्ष के निशाने पर रहने वाली राज्य सरकार के लिए यह घटना एक और बड़ा मुद्दा बन गई। इस घटना में शामिल अपराधियों के कथित राजनीतिक रसूख और उनकी पृष्ठभूमि को लेकर जब मीडिया ने सवाल उठाने शुरू किए, तब यह मामला तूल पकड़ता चला गया। जमुई की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और अपराधियों को संरक्षण देने वाले चेहरों को बेनकाब करने की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे। इसी क्रम में जब पप्पू यादव ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी बेबाक राय रखी, तो उन्होंने सीधे तौर पर अपराधियों को टिकट दिए जाने की पुरानी और सड़ी-गली राजनीतिक संस्कृति पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए।पप्पू यादव का तीखा सवाल: तेजस्वी यादव बताएं, आखिर कौन सी पार्टी पालती है अपराधियों को?अपने बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले सांसद पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव और आरजेडी का नाम लिए बिना या कभी-कभी सीधे तौर पर यह तीखा व्यंग्य कसा कि बिहार की राजनीति में अपराध और राजनीति का गठजोड़ आज भी क्यों खत्म नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक राजनीतिक दल अपने स्वार्थ और वोटों की गणित के चक्कर में बाहुबली, अपराधियों और माफियाओं को चुनावी मैदान में उतारना बंद नहीं करेंगे, तब तक राज्य से अपराध का खात्मा होना नामुमकिन है। पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और वह यह अच्छी तरह जानती है कि किस पार्टी ने किस दौर में किन माफियाओं को संरक्षण देकर माननीय बनाने का काम किया है। उनके इस आक्रामक रुख ने एक बार फिर से यह बहस छेड़ दी है कि क्या बिहार के क्षेत्रीय दल अपने टिकट वितरण के तौर-तरीकों में कोई वास्तविक सुधार ला पाएंगे या चुनाव जीतने की मजबूरी में अपराधियों को ही मोहरा बनाया जाता रहेगा।आरजेडी और महागठबंधन की प्रतिक्रिया: आरोपों को बताया राजनीतिक साजिशपप्पू यादव के इस तीखे और सनसनीखेज हमले के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और महागठबंधन के अन्य घटक दलों की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। आरजेडी के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि इस तरह के बयान केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने और विपक्षी ताकतों को फायदा पहुंचाने के लिए दिए जा रहे हैं। उनका यह तर्क है कि पार्टी हमेशा से सामाजिक न्याय, कमजोर वर्गों के उत्थान और संविधान सम्मत शासन के रास्ते पर चलती रही है, और विरोधियों द्वारा लगाए जा रहे इस प्रकार के मनगढ़ंत आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि वर्तमान समय में जरूरत इस बात की है कि सभी दल मिलकर राज्य के वास्तविक मुद्दों जैसे बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दें, न कि एक-दूसरे पर व्यक्तिगत या राजनीतिक छींटाकशी करें।आगामी चुनावों और बिहार के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ने वाला इसका असरबिहार की राजनीति में इस प्रकार की बयानबाजी कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब ऐसे बयान ऐसे वक्त में आते हैं जब चुनावी सुगबुगाहट तेज हो रही हो, तो इनके राजनीतिक मायने बहुत गहरे हो जाते हैं। पप्पू यादव का यह आक्रामक तेवर यह साबित करता है कि वे राज्य की राजनीति में अपनी एक स्वतंत्र और मुखर आवाज बनाए रखना चाहते हैं जो किसी भी दल के दबाव में आने को तैयार नहीं है। जमुई कांड के बहाने उठाया गया यह मुद्दा आने वाले दिनों में जनता के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय बनने वाला है। आम मतदाता अब यह देखना चाहता है कि क्या सूबे के तमाम राजनीतिक दल सचमुच अपराधियों से तौबा करेंगे या चुनाव आते ही फिर से वही पुराने समीकरण और बाहुबलियों के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश की जाएगी। बहरहाल, इस बयान ने बिहार के सियासी पारे को एक बार फिर से उबाल पर ला दिया है।
कांग्रेस और बीजेपी को पटखनी देकर उपसभापति की कुर्सी पर भी आप ने जमाई मजबूत धाक
राजस्थान के हाड़ौती अंचल के राजनीतिक पटल पर इन दिनों कुछ ऐसा घटित हो रहा है जिसकी उम्मीद शायद ही किसी बड़े राजनीतिक विश्लेषक ने की होगी। पारंपरिक रूप से कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो-दलीय वर्चस्व वाले राज्य राजस्थान में अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी जमीन इतनी मजबूत कर ली है कि बड़े-बड़े धुरंधरों के होश उड़ गए हैं। ताजा मामला राजस्थान के बारां (Baran) जिले से सामने आया है, जहां स्थानीय निकाय चुनावों और उपसभापति के बेहद रोमांचक व कड़े मुकाबले में अरविंद केजरीवाल की पार्टी यानी 'आप' ने शानदार विजयश्री हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। कांग्रेस और बीजेपी जैसी राष्ट्रीय पार्टियों के तमाम दिग्गजों को धूल चटाते हुए आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने उपसभापति के पद पर कब्जा जमा लिया है और नगरपालिका या स्थानीय निकाय के समीकरणों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। इस बड़ी राजनीतिक उलटफेर के बाद से जहां एक तरफ 'आप' कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है, वहीं कांग्रेस और बीजेपी के खेमों में आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि बारां की इस राजनीतिक पिच पर 'आप' ने यह करिश्मा कैसे कर दिखाया और इसके दूरगामी राजनीतिक मायने क्या हैं।बारां के इस निकाय चुनाव में कैसे बदला राजनीतिक समीकरण और कैसे चमकी 'आप'?राजस्थान के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में हमेशा से यह माना जाता रहा है कि बिना किसी बड़े राजनीतिक घराने या पारंपरिक दल के समर्थन के चुनाव जीतना लगभग नामुमकिन सा होता है। लेकिन बारां जिले में हुए इन हालिया चुनावों ने इस पुरानी धारणा को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है। चुनाव प्रचार की शुरुआत से ही आम आदमी पार्टी ने स्थानीय मुद्दों, जनता की बुनियादी समस्याओं, बिजली, पानी, सड़क और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के एजेंडे को लेकर घर-घर संपर्क अभियान चलाया था। जब मतदान के बाद परिणाम सामने आए, तो कई वार्डों में 'आप' के पार्षदों ने अप्रत्याशित जीत दर्ज की। इसके बाद जब उपसभापति पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई, तो जोड़-तोड़ और रणनीतिक समीकरणों के इस खेल में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने अपने सियासी कौशल का परिचय देते हुए बाजी अपने नाम कर ली।कांग्रेस और बीजेपी के लिए बड़ा झटका: दिग्गजों की रणनीति हुई फेलदेश की दो सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियां—भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस—जो खुद को राज्य का सबसे मजबूत राजनीतिक दल मानती हैं, उनके लिए बारां का यह परिणाम किसी बड़े झटके से कम नहीं है। चुनाव से पहले दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी पूरी ताकत इस सीट को जीतने के लिए झोंक दी थी और अंदरखाने कई तरह के सियासी समझौते भी किए जा रहे थे। इसके बावजूद, स्थानीय पार्षदों और जनता के बीच बढ़ती 'आप' की स्वीकार्यता के आगे दोनों ही दल बेबस नजर आए। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पारंपरिक दलों से जनता का मोहभंग होना और एक नए तथा विकल्प के रूप में आम आदमी पार्टी की ओर झुकाव होना इस जीत का सबसे बड़ा कारण है। कांग्रेस और बीजेपी के रणनीतिकार अब यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि आखिर उनके जमीनी संगठन में कहां चूक रह गई कि वे एक क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उभर रही नई ताकत को रोकने में असफल साबित हुए।हाड़ौती अंचल में आम आदमी पार्टी के विस्तार की नई इबारतराजस्थान का हाड़ौती क्षेत्र (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) पारंपरिक रूप से बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है, और कुछेक सीटों पर कांग्रेस की भी अच्छी पकड़ रही है। ऐसे में बारां जिले के भीतर आम आदमी पार्टी का इस प्रकार उपसभापति की कुर्सी पर कब्जा जमाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी अब पंजाब और दिल्ली के बाद राजस्थान की धरती पर भी अपने पाँव मजबूती से जमाने लगी है। स्थानीय निकाय चुनावों में मिली इस सफलता से पार्टी का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह जीत इस बात का प्रमाण है कि जनता अब पारदर्शी और काम की राजनीति चाहती है, और आने वाले समय में वे राज्य के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल के साथ अपनी चुनावी जमीन को और अधिक व्यापक बनाएंगे।आगामी विधानसभा और पंचायती राज चुनावों पर पड़ने वाला इसका असरकिसी भी राज्य में स्थानीय निकाय या उपसभापति के चुनाव भले ही छोटे स्तर के लगते हों, लेकिन वे आने वाले बड़े चुनावों यानी विधानसभा और पंचायती राज चुनावों की दिशा तय करने में बैरोमीटर का काम करते हैं। बारां में 'आप' की इस धमाकेदार जीत ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में यह संदेश दे दिया है कि अब राजस्थान की सियासत केवल दो दलों तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि तीसरा विकल्प भी उतनी ही मजबूती से मैदान में डटा हुआ है। जैसे-जैसे अन्य जिलों में चुनावों की सुगबुगाहट तेज होगी, वैसे-वैसे सभी दल अपनी रणनीतियों में बदलाव करने को विवश होंगे। बारां की इस राजनीतिक पटकथा ने यह साबित कर दिया है कि राजनीति में मेहनत, सही रणनीति और जनता से जुड़ाव हो तो कोई भी पुराना किला ढाया जा सकता है।
सरकार का आदेश- इस रविवार देशभर में खुलेंगे बैंक, फिर 3 दिन हड़ताल
Bank Remain Open On Sunday: बैंक यूनियनों की प्रस्तावित हड़ताल के बीच रिजर्व बैंक ने एक बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत ग्राहकों को राहत देते हुए 27 सितंबर को रविवार के दिन बैंक खुले रखने को मंजूरी दी गई है.
अब BIT मेसरा के हॉस्टल के कमरों में लगेंगे 'एंटी-सुसाइड' पंखे
पढ़ाई का बोझ, करियर की होड़ और तिनके सा टूटता हौसला... देश के बड़े शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक तनाव को देखते हुए BIT मेसरा (रांची) ने एक बेहद संवेदनशील कदम उठाया है. हॉस्टलों में अब पारंपरिक पंखों को हटाकर विशेष 'एंटी-अप्रिय रॉड' वाले पंखे लगाए जा रहे हैं. आखिर क्यों पड़ी संस्थान को इस अनूठी पहल की जरूरत?
‘हम उन्हें अलग नहीं कर सकते…’, नोएडा DM मेधा रूपम केस में बोला सुप्रीम कोर्ट; सुनाएगा फैसला
अकृति चौधरी की NSA हिरासत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने DM मेधा रूपम की भूमिका पर अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अगर फैसला कई अधिकारियों की प्रक्रिया से होकर आया था तो DM को इससे अलग नहीं रखा सकता।
सरसों का तेल नकली तो नहीं? बिना मशीन 5 तरीकों से पकड़ें मिलावट
How To Check Mustard Oil Purity: रोजाना खाने में इस्तेमाल होने वाला सरसों का तेल कहीं मिलावटी तो नहीं? अगर आप भी सरसों के तेल का इस्तेमाल करते हैं, तो परेशान ना हों. आज हम आपको बिना किसी मशीन उसकी शुद्धता जांचने के आसान तरीके बताने वाले हैं. घर में उसकी शुद्धता जांचने के लिए आपको कुछ आसान टेस्ट करने होंगे.
Ayushman Bharat के 8 साल: 60 करोड़ लोगों को मिला 5 लाख तक मुफ्त इलाज का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि आयुष्मान भारत के तहत अब 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सालाना पांच लाख रुपये की उपचार सुविधा मिल रही है। इस प्रमुख स्वास्थ्य योजना के आठ साल पूरे हो चुके हैं। मोदी ने इस अवसर पर ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आयुष्मान भारत आठ साल पहले इस सोच के साथ शुरू की गई थी कि प्रत्येक भारतीय को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने लिखा, ‘‘आज 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सालाना पांच लाख रुपये की उपचार सुविधा मिल रही है, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बन गई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे चिकित्सा खर्च में रिकॉर्ड बचत हुई है, फलस्वरूप गरीब तथा मध्यम वर्ग को लाभ मिला है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब तक 500 करोड़ से अधिक लोगों की पहुंच दर्ज की गई है, जिससे जमीनी स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मजबूत हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ‘एक्स’ पर अलग से एक पोस्ट में कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत 60 करोड़ से अधिक लोग हैं और अब तक 48.54 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। नड्डा ने कहा कि योजना के तहत 13 करोड़ से अधिक लोगों ने इलाज का लाभ उठाया है तथा देशभर में 39,000 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के माध्यम से लोगों को दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के उपचार का लाभ मिला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 21 सितंबर तक 48.51 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं जबकि 31 अगस्त तक एबी-पीएमजेएवाई के तहत 38,000 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के माध्यम से 13.25 करोड़ लोगों के उपचार के लिये 2.03 लाख करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। नड्डा ने कहा कि इन आंकड़ों का महत्व केवल संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि ये उन परिवारों को दर्शाते हैं जिन्हें चिकित्सा खर्च के बोझ से बचाया गया और उन मरीजों को दिखाते हैं जिन्हें आर्थिक कठिनाई के डर के बिना समय पर उपचार मिला। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘हर संख्या के पीछे एक कहानी है—एक ऐसा परिवार जिसे चिकित्सा कर्ज के बोझ से सुरक्षा मिली, एक मरीज जिसे समय पर इलाज मिला, एक प्रियजन को दर्द से राहत मिली और ऐसा परिवार जो आर्थिक कठिनाई के डर के बिना बीमारी का सामना कर सका।’’ नड्डा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की दृष्टि से प्रेरित होकर हम एक सुलभ, किफायती और समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि प्रत्येक नागरिक सम्मान के साथ और आर्थिक कठिनाई के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर सके।’’ एबी-पीएमजेएवाई को 23 सितंबर, 2018 को शुरू किया गया था, ताकि माध्यमिक और तृतीयक देखभाल के लिए प्रत्येक परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल में भर्ती उपचार सुविधा उपलब्ध कराया जा सके। यह व्यापक आयुष्मान भारत कार्यक्रम का वित्तीय सुरक्षा वाला हिस्सा है। इस कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। इसके अलावा इसमें आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन भी शामिल हैं।
हैदराबाद में एक डॉक्टर के 8 ठिकानों पर ACB ने छापा मारा. इस दौरान कागजों में 6.13 करोड़ की संपत्ति की मार्केट वैल्यू 100 करोड़ से ज्यादा आंकी गई.
अतीक के बेटे अली की सरकारी पैसे से होगी पैरवी, कोर्ट ने दिया आदेश
प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे अली अहमद से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में अब उसकी पैरवी सरकारी खर्चे पर होगी. अली ने अदालत में कहा था कि पिता अतीक और चाचा अशरफ की मौत के बाद कोई वकील उसकी ओर से मुकदमा लड़ने को तैयार नहीं है.

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