वंदे भारत ट्रेन में नजर आईं निर्मला, यात्रियों ने पूछे ये सवाल
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जयपुर में आयोजित ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक गवर्नरों (FMCBG) की बैठक में भाग लेने के लिए नई दिल्ली से जयपुर तक 'वंदे भारत एक्सप्रेस' ट्रेन से पहुंचीं. इस सफर के दौरान वित्त मंत्री आम यात्रियों से बातचीत करती नजर आईं.
'जब तक छोटे हथियार भी नहीं रख देता हमास...', गाजा पर नेतन्याहू सख्त
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू में मनमुटाव के बीच इजरायल ने साफ कर दिया है कि वे हमासे आतंकियों पर हमले करते रहेंगे. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रंप के गाजा फेज-2 प्लान के बाद अपनी नई शर्तें रख दी हैं.
लोकसभा सीटों पर फ्रीज क्यों चाहता है तमिलनाडु? विजय बनाने चले केंद्र पर दबाव
राज्य सरकार का कहना है कि अगर केंद्र सरकार 1971 के बाद हुई किसी जनगणना के आधार पर परिसीमन करती है, तो तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत के राज्यों को इसका बड़ा नुकसान हो सकता है।
Atiq Ahmed के बेटे की मौत का 6 दिन बाद आया CCTV वीडियो!
झांसी हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे का वीडियो सामने आया है, जिसमें कार डिवाइडर से टकराकर हवा में उछलती और पलटती दिखाई दे रही है. दावा है कि यह वही कार है, जिसमें अतीक अहमद का बेटा आबान अहमद 6 अगस्त को प्रयागराज से झांसी जा रहा था. हादसे में आबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हुई थी. पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है.
गोंडा में बेटी के कातिल पिता और सौतेली मां को उम्रकैद
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की एक अदालत ने करीब दो साल पहले अपनी बेटी की चाकू से गला रेतकर हत्या करने के जुर्म में पिता और सौतेली मां को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
महंगे इलाज पर लगाम की तैयारी! सिर्फ इतना होगा हॉस्पिटल के रूम का किराया
हेल्थकेयर को किफायती बनाने के लिए संसदीय स्थायी समिति ने प्राइवेट अस्पतालों के कमरे के किराए को लेकर बड़ी सिफारिश की है. समिति के मुताबिक बड़े शहरों में अस्पताल के बेसिक कमरे का किराया आसपास के थ्री-स्टार होटल के औसत किराए से ज्यादा नहीं होना चाहिए. रिपोर्ट में इलाज शुरू होने से पहले कुल खर्च का बाध्यकारी अनुमान देने, फाइनेंशियल नेविगेटर नियुक्त करने और महंगे इलाज के लिए हेल्थकेयर कॉर्पस फंड बनाने की भी सिफारिश की गई है.
इस राज्य में तंबाकू-निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला पर लगा बैन
कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी है. आदेश में ऐसे अलग-अलग उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिन्हें ग्राहक आसानी से मिलाकर गुटखा के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं.
रूस-यूक्रेन विवाद में पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ की एंट्री, रूस ने बनाया अपना आर्बिट्रेटर
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ अब एक बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश विवाद से जुड़े हैं। रूस ने उन्हें यूक्रेन की सरकारी बैंक ओशचाडबैंक ) से जुड़े निवेश संधि विवाद में अपना आर्बिट्रेटर नियुक्त किया है। यह मामला रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे व्यापक विवाद की कानूनी लड़ाई से जुड़ा है और […] यह लेख रूस-यूक्रेन विवाद में पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ की एंट्री, रूस ने बनाया अपना आर्बिट्रेटर सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
25 हजार के इनामी से पुलिस की मुठभेड़, आरोपी के पैर में लगी गोली
यूपी के औरैया में बुधवार को पुलिस और 25 हजार रुपये के इनामी के बीच मुठभेड़ हो गई. आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, फिर पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के बाएं पैर में गोली लग गई. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुजारी बने कांग्रेसी CM रेवंत रेड्डी, बारिश के लिए पत्नी संग किया ‘वरुण यज्ञ’
तेलंगाना में इस बार मॉनसून की स्थिति अच्छी नहीं है. राज्य सरकार बारिश के लिए इस बार प्राचीन काल के उपायों का सहारा ले रही है. सरकार ने वैदिक विधि विधान से वरुण यज्ञ आयोजित किया है.
शराब के मुकाबले गांजे का नशा कितनी देर में उतरता है? दिमाग पर होता है ये असर
एयर इंडिया फ्लाइट के हवा में 300 फीट गिरने के मामले में पायलट का गांजे का टेस्ट पॉजिटिव आया है. शराब के मुकाबले गांजे का नशा कितनी देर रहता है. जानें THC और अल्कोहल दिमाग पर कैसे असर डालते हैं, नशे के असर और शरीर में इनके बने रहने में क्या फर्क है.
‘भारत इसकी भारी कीमत चुका रहा', अडानी केस पर राहुल का PM पर हमला
अमेरिकी अदालत ने गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप स्थायी रूप से खारिज कर दिए हैं. इस फैसले के बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए इसे भारत के हितों से समझौता बताया. अडानी समूह ने फैसले का स्वागत किया और सभी आरोपों को पहले से खारिज करता रहा है.
वायरल 'CJP' कैंपेन पर चिंता जताने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस, जानें क्या मामला
याचिका में 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई का भी उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ता राजा चौधरी का दावा है कि उस सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कथित तौर पर फर्जी डिग्री के आधार पर कानूनी पेशे में आने वाले लोगों के संदर्भ में ‘परजीवी’ और ‘काकरोच जैसे युवा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
...बंगाल में तब तक अगला चुनाव ना आ जाए; SIR पर सुनवाई के दौरान SC ने ऐसा क्यों कहा
आपको बता दें कि अधीर रंजन चौधरी ने अपनी याचिका में मांग की थी कि पश्चिम बंगाल के प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर SIR ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए ताकि प्रभावित लोग आसानी से अपनी अपील दर्ज करा सकें और मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।
बिना फर्मेंट किए सिर्फ 15 मिनट में ऐसे करें डोसा और इडली का बैटर तैयार!
अब डोसा या इडली खाने से पहले दो बार सोचना नहीं पड़ेगा. नीचे बताई गई रेसिपी से बिना फर्मेंट किए बैटर सिर्फ 15 मिनट में तैयार हो जाएगा.
भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में अजिंक्य रहाणे की एंट्री?
सालों तक भारत के लिए टेस्ट में बल्ले से बेस्ट परफॉर्मेंस करने वाले अजिंक्य रहाणे अब एक नई भूमिका में नजर आने वाले हैं. रहाणे अब कमेंट्री बॉक्स के अंदर से फैन्स का मनोरंजन करते नजर आएंगे.
15 अगस्त को पतंग उड़ाने वाले सावधान, जा सकती है जान! दिल्ली वाले पतंगबाज पढ़ लें ये एडवाइजरी
अगर आप दिल्ली मेट्रो के आसपास पतंग उड़ाने का प्लान कर रहे हैं, तो DMRC की ओर से जारी एडवाइजरी जरूर पढ़ लें. ताकि इस दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके. यहां जानते हैं पूरी एडवाइजरी-
राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर (Jaipur) और उसके आसपास के इलाकों में जब मानसून मेहरबान होता है, तो यहां की सूखी और पथरीली पहाड़ियां अचानक किसी हरे-भरे हिल स्टेशन में तब्दील हो जाती हैं। बारिश के इस सुहाने मौसम में अगर आप शहर की भागदौड़ और शोरगुल से दूर किसी शांतिपूर्ण और प्राकृतिक जगह की तलाश में हैं, तो जयपुर के आसपास स्थित प्राचीन और धार्मिक स्थल आपके लिए परफेक्ट वीकेंड गेटवे साबित हो सकते हैं। इन जगहों पर केवल धार्मिक आस्था ही नहीं जुड़ी है, बल्कि बादलों की छांव, कल-कल बहते झरने और अरावली की वादियों में लिपटे ये 6 मंदिर मानसून के दिनों में पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं लगते हैं।गैटोर छतरियां और कनक वृंदावन के पास स्थित मंदिरजयपुर के मुख्य शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित ऐतिहासिक धरोहरों और मंदिरों के आसपास का इलाका बारिश के दिनों में बेहद खूबसूरत हो जाता है। अरावली की पहाड़ियों की तलहटी में बसे इन मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्ते हरे-भरे पेड़ों और जंगली वनस्पतियों से ढके होते हैं। जब मानसून की पहली फुहारें इन प्राचीन पत्थरों पर पड़ती हैं, तो यहां की हवा में एक सोंधी खुशबू घुल जाती है जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती है। परिवार या दोस्तों के साथ वीकेंड पर घूमने के लिए यह जगह फोटोग्राफी और सुकून के कुछ पल बिताने के लिहाज से बेहतरीन विकल्प है।प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम: जरूर घूमें ये 6 खास स्थलमानसून सीजन के दौरान जयपुर के पास स्थित गढ़ गणेश मंदिर, गलता जी, अमर गढ़, और पर्वतीय अंचलों में बने अन्य प्राचीन शिव व हनुमान मंदिरों की छटा देखने लायक होती है। इन स्थानों पर पहाड़ियों से बहकर आने वाले छोटे-छोटे झरने और पानी के सोते प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। स्थानीय लोगों और दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों के बीच ये स्थान मानसून पिकनिक स्पॉट के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। यदि आप भी इस बारिश के मौसम में प्रकृति के करीब रहकर रूहानी सुकून पाना चाहते हैं, तो जयपुर के इन 6 धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों की यात्रा जरूर करें।
राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू (Mount Abu) की खूबसूरती इन दिनों चरम पर है और मानसून के सीजन में यहां का मौसम पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं होता है। बादलों की चादर ओढ़े पहाड़, चारों तरफ फैली हरियाली और ठंडी हवाओं के बीच अगर आप भी माउंट आबू जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। बारिश के इस सुहाने मौसम में अगर आपने यहां के खूबसूरत ट्रेकिंग रूट्स को अपनी डायरी में शामिल नहीं किया, तो आपकी यह ट्रिप अधूरी मानी जाएगी। खासकर, यहां का प्रसिद्ध पालनपुर पॉइंट (Palanpur Point) एक ऐसी जगह है जहां से बादलों के बीच से अरावली की पर्वतमाला का बेहद शानदार और दिलकश नजारा दिखाई देता है, जिसे देखकर आपकी सारी थकान पलभर में गायब हो जाएगी।मानसून ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए क्यों खास है माउंट आबू?जब बारिश की बूंदें अरावली की इन पहाड़ियों को भिगोती हैं, तो यहां के रास्ते और जंगल और भी ज्यादा जीवंत हो उठते हैं। माउंट आबू में प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए कई बेहतरीन ट्रेकिंग ट्रेल्स मौजूद हैं जो घने जंगलों, झरनों और चट्टानी रास्तों से होकर गुजरते हैं। इन ट्रेक्स पर चलते हुए पक्षियों की चहचहाहट और धुंध से ढकी घाटियों का अनुभव करना पर्यटकों के लिए एक यादगार पल बन जाता है। स्थानीय टूर गाइड और ट्रेकर्स का कहना है कि मानसून के दौरान यहां की पगडंडियों पर चलना पूरी तरह से सुरक्षित है, बशर्ते पर्यटक सही जूतों और बुनियादी सावधानियों के साथ आगे बढ़ें।पालनपुर पॉइंट से अरावली का विहंगम दृश्य और फोटोग्राफी के दीवानेमाउंट आबू के मुख्य बाजारों और भीड़भाड़ से दूर, पालनपुर पॉइंट वह जगह है जहां पहुंचकर प्रकृति का सबसे शांत और भव्य रूप देखने को मिलता है। इस ऊंचाई वाले पॉइंट से जब आप नजर दौड़ाएंगे तो ऐसा प्रतीत होगा मानो आप बादलों के बिल्कुल करीब आ गए हैं और नीचे हरी-भरी अरावली की श्रृंखलाएं किसी पेंटिंग की तरह फैली हुई हैं। सुबह और शाम के वक्त यहां का नजारा कैमरे में कैद करने लायक होता है, यही वजह है कि फोटोग्राफी और रील्स बनाने के शौकीनों के बीच यह जगह तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यदि आप इस मानसून सीजन में माउंट आबू जा रहे हैं, तो अपने ट्रेकिंग गियर के साथ पालनपुर पॉइंट की इस खूबसूरत यात्रा को अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करें।
27KM माइलेज, खुद होती है चार्ज, Toyota SUV का खास एडिशन लॉन्च
टोयोटा ने अपनी पॉपुलर एसयूवी हायराइडर का नया एडिशन लॉन्च किया है. इसके लिए कंज्यूमर्स को स्टैंडर्ड वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. ये एडिशन कार के नियो ड्राइव और हाइब्रिड दोनों ही पावरट्रेन के साथ मिलेगा. ये कार 27KM के माइलेज के साथ आती है. आइए जानते हैं कार के एरो ब्लैक एडिशन में क्या खास मिलेगा.
क्रिकेट जगत में बॉर्डर-गावस्कर सीरीज और आगामी मुकाबलों को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर है, वहीं ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम (Australian Cricket Team) से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बांग्लादेश के खिलाफ आगामी महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (Cricket Australia) ने अपनी आधिकारिक प्लेइंग इलेवन (Playing XI) का ऐलान कर दिया है। इस टीम चयन के सामने आते ही क्रिकेट गलियारों में बहस छिड़ गई है कि स्टार तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की फिटनेस और वापसी के चलते आखिरकार किस तरह अनुभवी और शानदार गेंदबाज स्कॉट बोलेंड (Scott Boland) को अंतिम एकादश से बाहर बैठना पड़ा है, जिसे फैंस और एक्सपर्ट्स दोनों 'बलिदान' के रूप में देख रहे हैं।जोश हेजलवुड की वापसी और टीम की गेंदबाजी रणनीतिकिसी भी विदेशी या घरेलू दौरे पर उतरने से पहले सही संतुलन बनाना हर कप्तान और चयनकर्ता के लिए बड़ी चुनौती होता है। बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले इस पहले टेस्ट मैच के लिए जब कंगारू टीम की घोषणा हुई, तो सबकी निगाहें गेंदबाजी आक्रमण पर टिकी थीं। अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड (Josh Hazlewood) पूरी तरह फिट होकर एक बार फिर मैदान पर उतरने को तैयार हैं, जिनकी लाइन और लेंथ दुनिया के किसी भी बल्लेबाज के लिए सिरदर्द साबित होती है। हेजलवुड की इस धमाकेदार वापसी के कारण ही टीम प्रबंधन को मजबूरन बेहद प्रतिभाशाली और शानदार गेंदबाजी करने वाले स्कॉट बोलेंड को बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा, जिनके हालिया प्रदर्शन भी बेहद शानदार रहे थे।कप्तान और कोच के सामने थी चयन की बड़ी दुविधाऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन के लिए अंतिम ग्यारह खिलाड़ियों का चुनाव करना आसान नहीं रहा था, क्योंकि बेंच स्ट्रेंथ इतनी मजबूत है कि हर खिलाड़ी अपनी जगह का हकदार नजर आता है। स्कॉट बोलेंड ने जब-जब टीम को जरूरत पड़ी है, तब-तब अपनी घातक गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों की कमर तोड़ी है, लेकिन अनुभवी खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने की रणनीति के तहत उन्हें इस बार प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना पड़ा। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि कप्तान और कोच का यह दांव बांग्लादेश के खिलाफ कितना कारगर साबित होता है और जोश हेजलवुड मैदान पर उतरकर अपनी इस वापसी को कितना यादगार बनाते हैं।
हार्दिक पंड्या वर्सेस शुभमन गिल: क्या टीम इंडिया के 'प्रिंस' की कप्तानी पर मंडरा रहा है खतरा
भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के भीतर इन दिनों मैदान के बाहर की रणनीतियों और कप्तानी के समीकरणों को लेकर एक बार फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है। जब से रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कुछ प्रारूपों से दूरी बनाई है, तब से टीम की कमान संभालने को लेकर युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म रहता है। इसी कड़ी में ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) और टीम के स्टाइलिश ओपनर व 'प्रिंस' कहे जाने वाले शुभमन गिल (Shubman Gill) को लेकर खेल गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। चर्चा है कि हार्दिक पंड्या कथित तौर पर शुभमन गिल की कप्तानी और उनके बढ़ते रसूख पर अपनी पैनी नजर गड़ाए हुए हैं, जिससे दोनों खिलाड़ियों के बीच समीकरणों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।क्या है हार्दिक पंड्या और शुभमन गिल के बीच कप्तानी की खींचतान का सच?क्रिफेक और आईपीएल (IPL) फ्रेंचाइजी से लेकर टीम इंडिया तक, नेतृत्व परिवर्तन का दौर हमेशा से बेहद रोमांचक और पेचीदा रहा है। हार्दिक पंड्या अपनी आक्रामक कप्तानी और मैच जिताऊ प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं, जबकि शुभमन गिल को भारतीय क्रिकेट के भविष्य के कप्तान और एक परिपक्व लीडर के रूप में देखा जा रहा है। हालिया कुछ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बाद जिस तरह से कप्तानी के दावेदारों के नाम सामने आए हैं, उससे खेल प्रेमियों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या हार्दिक पंड्या टीम में अपनी लीडरशिप की भूमिका को और मजबूत करने के लिए शुभमन गिल के रास्ते का रोड़ा बन रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर दोनों खिलाड़ियों के बीच किसी भी तरह की व्यक्तिगत अनबन की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट पंडितों का मानना है कि मैदान के बाहर का यह सियासी खेल आने वाले दिनों में टीम चयन पर असर डाल सकता है।भारतीय क्रिकेट के भविष्य और नेतृत्व पर इसका क्या पड़ेगा असर?भारतीय टीम इस समय संक्रमण के दौर से गुजर रही है जहां सीनियर खिलाड़ियों के बाद युवा कंधों पर देश की बागडोर सौंपने की तैयारी चल रही है। ऐसे में शुभमन गिल जैसे युवा बल्लेबाज को भविष्य के कप्तान के रूप में तैयार करना बीसीसीआई और चयनकर्ताओं की प्राथमिकता सूची में शामिल है। दूसरी ओर, हार्दिक पंड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी खुद को इस दौड़ में सबसे आगे रखना चाहते हैं। इस प्रकार की आंतरिक प्रतिस्पर्धा अक्सर टीम के भीतर सकारात्मक या नकारात्मक दोनों तरह के प्रभाव छोड़ सकती है। बहरहाल, आने वाले टूर्नामेंट्स और सीरीज के नतीजे ही यह तय करेंगे कि टीम इंडिया की कमान का असली हकदार कौन बनता है और इन दोनों स्टार खिलाड़ियों के बीच का यह समीकरण टीम के प्रदर्शन को कितना प्रभावित करता है।
झारखंड में इन बच्चों पर आफत, स्कूल जाने को एक पुल तक नहीं!
झारखंड में एक तरफ जहां परीक्षा धांधली और आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर उबल रहा है और राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण छात्र अपनी जान दांव पर लगाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. गढ़वा जिले से आई यह तस्वीर राज्य के शिक्षा व्यवस्था के दावों और धरातल की कड़वी सच्चाई को बयां करती है.
बीसीसीआई का बांग्लादेश को बड़ा झटका: रद्द हुआ क्रिकेट मैच, गिड़गिड़ाता रह गया पड़ोसी देश का बोर्ड
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पड़ोसी देश बांग्लादेश को एक ऐसा करारा झटका दिया है, जिसके बाद से क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया है। पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच खेल संबंधों और कूटनीतिक परिस्थितियों को लेकर जो अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था, उस पर अब बीसीसीआई ने अपना कड़ा रुख साफ कर दिया है। भारतीय बोर्ड के इस कड़े और निर्णायक फैसले के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की तमाम उम्मीदों पर पानी फेर दिया गया है और उनका प्रस्तावित दौरा या मैच रद्द कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेशी बोर्ड ने इस फैसले को टालने या पुनर्विचार करने के लिए काफी गुहार लगाई, लेकिन बीसीसीआई के अडिग रुख के आगे उनकी एक नहीं चली और वे सिर्फ गिड़गिड़ाकर ही रह गए।आखिर क्यों उठाया गया बीसीसीआई द्वारा यह कड़ा कदम?क्रिकेट और कूटनीति का रिश्ता हमेशा से बेहद संवेदनशील रहा है। बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल, अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों और वहां की बदलती परिस्थितियों के बाद से ही भारत में लगातार यह मांग उठ रही थी कि ऐसी स्थितियों में किसी भी तरह के द्विपक्षीय खेल संबंध को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और खेल प्रेमियों की भावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए तथा देश की सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने यह ऐतिहासिक और सख्त फैसला लिया है। इस निर्णय से यह स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि भारत अब खेल और मानवीय मुद्दों पर दोहरे मापदंडों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।बीसीबी की मुश्किलें बढ़ीं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर असरबीसीसीआई के इस फैसले से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को वित्तीय रूप से भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि भारत के साथ होने वाले मुकाबलों से मिलने वाले ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और स्पॉन्सरशिप रेवेन्यू उनके लिए बेहद अहम माने जाते हैं। जब से यह खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और क्रिकेट गलियारों में आई है, तब से हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है। खेल जानकारों का मानना है कि बीसीसीआई का यह 1100 वोल्ट का झटका केवल एक मैच का रद्द होना नहीं है, बल्कि यह भविष्य के क्रिकेट समीकरणों को तय करने वाला एक बड़ा कूटनीतिक संदेश है, जिसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे।
यहां हम आपको स्वतंत्रता दिवस के लिए AI फोटोज और वीडियोज बनाने का तरीका बता रहे हैं. आइए जानते हैं-
Delhi H1N1 Surge: राजधानी में स्वाइन फ्लू के 1,349 मामले, Delhi Hospitals ने कसी कमर
इस मानसून के मौसम में दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ गए हैं और राजधानी में इस साल अब तक H1N1 वायरस के 1,349 पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार ने कहा है कि अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और H1N1 और डेंगू के मरीजों के लिए अलग वार्ड और विशेष कमरे आरक्षित किए गए हैं। अस्पतालों ने पिछले कुछ हफ्तों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की है। फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम के प्रधान निदेशक और आंतरिक चिकित्सा इकाई के प्रमुख डॉ. सतीश कौल ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया पिछले तीन-चार हफ्तों में अस्पतालों में खांसी, जुकाम और तेज बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। जांच में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि का पता चला है और डॉक्टरों का कहना है कि वे ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 7-10 ऐसे मरीजों को देख रहे हैं। कोविड-19 के मामलों में भी थोड़ी वृद्धि हुई है। इसे भी पढ़ें: Delhi Police ने Uttam Nagar हत्या मामले में भगोड़े सोहेल को किया गिरफ्तार सोशल मीडिया पर लोगों ने यह भी बताया है कि दिल्ली में फ्लू जैसे लक्षणों से पीड़ित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि H1N1 के अधिकांश मामले हल्के होते हैं और लक्षण तीन से पांच दिनों में ठीक हो जाते हैं। स्वाइन फ्लू के लक्षण बुखार या ठंड लगना लगातार खांसी गले में खराश शरीर में दर्द और मांसपेशियों में दर्द सिरदर्द नाक बहना या बंद होना मतली, उल्टी या दस्त हालांकि ऊपर बताए गए लक्षण नियंत्रित किए जा सकते हैं, फिर भी मरीजों को सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना, सीने में दर्द, नीले रंग का दर्द, नीले होंठ जैसे लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Delhi Weather: राजधानी में न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री दर्ज, हल्की बारिश के आसार स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक वृद्धि पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय डॉक्टरों ने H1N1 के मामलों में तेजी से वृद्धि की सूचना दी है, वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक बदलाव फ्लू के प्रकोप का कारण हो सकता है।मानसून के दौरान तापमान में गिरावट आती है। तापमान में बदलाव के कारण आजकल इन्फ्लूएंजा वायरस का प्रकोप अधिक होता है। दिल्ली स्थित एम्स के चिकित्सा विभाग में चिकित्सा के प्रोफेसर डॉ. संजीव सिन्हा ने एएनआई को बताया इसमें गले में खराश, नाक बहना, सूखी खांसी और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
लेशपाल नाम के एक यात्री ने बताया कि फ्लाइट में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, हर उम्र के लोग मौजूद थे. अंदर का तापमान इतना ज्यादा बढ़ गया कि लोग उसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे. सभी लोग पसीने से तर-बतर हो गए.
बॉर्डर पर नेपाल की यह कैसी चाल? चीन के साथ हाथ मिलाकर 'नो-मैन्स लैंड' के पास खड़े कर दिए वॉच टावर
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमाओं और सदियों पुराने सांस्कृतिक व रोटी-बेटी के संबंधों को लेकर हमेशा से सौहार्दपूर्ण माहौल रहा है, लेकिन हाल ही में नेपाल की तरफ से एक ऐसी हरकत सामने आई है जिसने भारतीय सामरिक सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। नेपाल द्वारा भारत से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक के बाद एक संदिग्ध गतिविधियां तेजी से बढ़ाई जा रही हैं। ताजा मामलों के अनुसार, नेपाल प्रशासन द्वारा चीन के कथित इशारे और मदद से 'नो-मैन्स लैंड' (No-Man's Land) यानी विवादित शून्य रेखा के बेहद करीब रणनीतिक रूप से संवेदनशील वॉच टावर और अन्य स्थायी निर्माण किए जा रहे हैं। इस ताजा घटनाक्रम के सामने आने के बाद से भारत-नेपाल सीमा पर कूटनीतिक और सुरक्षा गलियारों में भारी हलचल मच गई है।क्या है 'नो-मैन्स लैंड' का पूरा विवाद और नेपाल की मंशा?अंतरराष्ट्रीय नियमों और द्विपक्षीय संधियों के मुताबिक, दो देशों के बीच की सीमा पर स्थित 'नो-मैन्स लैंड' के दायरे में किसी भी प्रकार का पक्का निर्माण, सैन्य गतिविधि या अतिक्रमण करना पूरी तरह से वर्जित होता है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना और सीमा विवादों से बचना होता है। हालांकि, नेपाल के स्थानीय प्रशासन और निर्माण एजेंसियों द्वारा सीमा रेखा के नियमों को ताक पर रखकर इस तरह के वॉच टावर खड़े करना अंतरराष्ट्रीय संधियों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। रक्षा जानकारों का मानना है कि इन टावरों के जरिए भारतीय सीमा के अंदरूनी इलाकों और सुरक्षा चौकियों पर नजर रखने की कोशिश की जा रही है, जो भविष्य के लिहाज से सुरक्षा के मोर्चे पर एक गंभीर चुनौती बन सकता है।चीन का बढ़ता दखल और भारत की कड़ी नजरइस पूरी गतिविधि के पीछे पड़ोसी देश चीन की परोक्ष कूटनीति और आर्थिक मदद की बात भी खुलकर सामने आ रही है, जो भारत को घेरने के लिए नेपाल की जमीनी रणनीतिक स्थिति का इस्तेमाल कर रहा है। भारत की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले पर बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और राजनयिक चैनलों के माध्यम से इस गंभीर मुद्दे को नेपाली समकक्षों के सामने उठाने की तैयारी कर रही हैं। सीमा सुरक्षा बल (SSB) और स्थानीय प्रशासन ने भी भारत-नेपाल बॉर्डर पर चौकसी को कई गुना बढ़ा दिया है ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि या सुरक्षा सेंध को तुरंत नाकाम किया जा सके।
बिहार की लोकप्रिय लोक गायिका और सांस्कृतिक आइकन मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur) इन दिनों अपनी कला के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता को लेकर भी सुर्खियों में बनी हुई हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री सह राजनीतिक गलियारों के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) से एक उच्चस्तरीय मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मैथिली ठाकुर ने अपने क्षेत्र और प्रदेश के सांस्कृतिक व बुनियादी विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को उनके सामने रखा। खास बात यह है कि इस दौरान उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए विकास कार्यों और योजनाओं की लंबी-चौड़ी डिमांड लिस्ट मुख्यमंत्री के हाथों में सौंप दी, जिसके बाद से राजनीतिक और प्रशासनिक हल्कों में इस बैठक की चर्चा जोरों पर है।कला, संस्कृति और क्षेत्रीय विकास को लेकर हुई खास चर्चाइस मुलाकात के दौरान मुख्य रूप से क्षेत्रीय जनता की बुनियादी समस्याओं, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और सांस्कृतिक केंद्रों के विकास पर विस्तार से बातचीत हुई। मैथिली ठाकुर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अवगत कराया कि उनके क्षेत्र में युवाओं के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर, खेलकूद के मैदान, उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं और ग्रामीण सड़कों के आधुनिकीकरण की कितनी आवश्यकता है। इसके साथ ही, लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर एक बड़े सांस्कृतिक मंच या ऑडिटोरियम के निर्माण की मांग भी प्रमुखता से रखी गई, ताकि क्षेत्र की छुपी हुई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर मिल सके।मुख्यमंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन, प्रशासनिक अमला हुआ सक्रियलोक गायिका द्वारा सौंपी गई इस विकास डिमांड लिस्ट को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेहद गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को इसके त्वरित क्रियान्वयन के लिए उचित निर्देश दिए। सरकार की तरफ से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उनके क्षेत्र में कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात मिल सकती है। मैथिली ठाकुर की इस सक्रियता और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं, और यह मुलाकात अब बिहार के राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा चर्चा का विषय बन चुकी है।
कितना होना चाहिए किसी प्राइवेट अस्पताल के कमरे का किराया, संसदीय समिति ने सरकार को दिया यह फार्मूला
संसद की एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्राइवेट अस्पतालों में इलाज सरकारी अस्पतालों की तुलना में पांच से 10 गुना तक महंगा है. समिति का कहना है कि प्रसव, कैंसर, हृदय रोग और गुर्दे के खराबी की स्थिति में यह अंतर और बढ़ जाता है.
बिहार की सियासत में एक बार फिर नीतीश कुमार के सबसे महत्वाकांक्षी और कड़े फैसले यानी 'पूर्ण शराबबंदी' (Liquor Ban in Bihar) को लेकर घमासान छिड़ गया है। राज्य में शराबबंदी के इतने साल बीत जाने के बाद भी इसको लेकर सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदर ही मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी के भीतर इस नीति को लेकर नेताओं के सुर पूरी तरह से बदलते नजर आ रहे हैं। जहां एक तरफ पार्टी के एक बड़े और वरिष्ठ नेता ने शराबबंदी कानून के व्यावहारिक असर को देखते हुए इसकी समीक्षा (Review) करने की पुरजोर वकालत की है, वहीं दूसरी तरफ दूसरे कद्दावर नेता ने इस मांग को सिरे से खारिज करते हुए तीखा बयान दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।महिलाओं के श्राप में भस्म हो जाएंगे: शराबबंदी के समर्थन में तीखा बयानबिहार में शराबबंदी के पक्षधर नेताओं का मानना है कि यह फैसला राज्य की करोड़ों माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और उनके घरों को बचाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम था। पार्टी के एक धड़े का साफ कहना है कि यदि इस कानून में किसी भी तरह की ढील दी गई या इसकी समीक्षा के नाम पर इसे कमजोर किया गया, तो यह राज्य की महिलाओं के साथ बड़ा विश्वासघात होगा। उनका यह भी तर्क है कि इस कड़े कानून की बदौलत ही समाज में अपराध और घरेलू हिंसा के मामलों में भारी कमी आई है, इसलिए इसे किसी भी कीमत पर बदला नहीं जाना चाहिए और महिलाओं के आशीर्वाद से ही सरकार सुरक्षित है।जेडीयू के भीतर क्यों उठ रहे हैं समीक्षा के सुर?दूसरी तरफ, जेडीयू के भीतर ही उठ रहे दूसरे स्वर का यह तर्क है कि कानून लागू होने के बावजूद धरातल पर अवैध शराब की तस्करी और ब्लैक मार्केटिंग के मामले पूरी तरह नहीं रुक पाए हैं, जिससे कई बार प्रशासन और पुलिस पर भी सवाल खड़े होते हैं। कुछ नेताओं का मानना है कि व्यावहारिक कठिनाइयों और राजस्व नुकसान को ध्यान में रखते हुए नीति के कुछ पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए ताकि प्रशासन का फोकस पूरी तरह से अपराधियों पर रहे। पार्टी के भीतर इस प्रकार की दोफाड़ और अलग-अलग बयानों के सामने आने से विपक्षी दलों को भी सरकार पर हमला बोलने का बड़ा मौका मिल गया है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में एक बार फिर तूफान खड़ा कर सकता है।
'दम घुट रहा है, गेट खोलो...', स्पाइसजेट फ्लाइट में AC खराब, यात्रियों ने उड़ने से किया इनकार
दिल्ली से पुणे जा रही स्पाइसजेट फ्लाइट में AC खराब होने से हड़कंप मच गया। केबिन में भीषण गर्मी और घुटन से बेहाल 100 से ज्यादा यात्रियों ने सफर से इनकार कर दिया, जिसके बाद प्लेन को बे में वापस लौटना पड़ा।
राजस्थान के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक लोक मेले यानी गोगामेड़ी मेला (Gogamedi Mela) में शिरकत करने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद राहतभरी और खुशखबरी सामने आ रही है। हर साल लगने वाले इस विशाल मेले के दौरान देश के कोने-कोने से आने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और सुगम आवागमन के लिए गोगामेड़ी मेले के अवसर पर चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों के फेरों में विस्तार कर दिया है। इसके साथ ही यात्रियों की मांग को देखते हुए श्रीगंगानगर-बांद्रा एक्सप्रेस ट्रेन का भी गोगामेड़ी स्टेशन पर अस्थायी ठहराव (Temporary Stoppage) देने का अहम फैसला किया गया है, जिससे रेलयात्रियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे का विशेष प्रबंधउत्तर भारत के सबसे बड़े मेलों में शुमार गोगामेड़ी मेले में राजस्थान के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु गोगा महाराज के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में उमड़ने वाली भीड़ के कारण ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़भाड़ और सीट की मारामारी को रोकने के लिए रेलवे ने पहले से ही कमर कस ली है। रेलवे अधिकारियों द्वारा उठाये गए इन कदमों से यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे बिना किसी परेशानी के सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।किन ट्रेनों के फेरे बढ़े और किसे मिला नया ठहराव?रेलवे द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गोगामेड़ी मेले के दौरान संचालित होने वाली मेला स्पेशल ट्रेनों के फेरों को बढ़ाया गया है ताकि मेला अवधि के दौरान यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। इसके अलावा, लोकप्रिय श्रीगंगानगर-बांद्रा एक्सप्रेस ट्रेन का गोगामेड़ी स्टेशन पर अस्थायी ठहराव शुरू होने से मुंबई और गुजरात की तरफ से आने-जाने वाले यात्रियों को भी जबरदस्त फायदा मिलेगा। स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा से जुड़ी विस्तृत जानकारी और समय-सारणी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या पूछताछ केंद्र से प्राप्त कर लें ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
राजस्थान के अलवर (Alwar) जिले की स्थानीय राजनीति में उस वक्त जबरदस्त भूचाल आ गया जब नगर निगम के कामकाज और प्रशासनिक रवैये के खिलाफ खुद सरकार के एक कद्दावर मंत्री को सड़क पर उतरना पड़ा। अलवर नगर निगम में चल रहे गतिरोध और सफाईकर्मियों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार के मंत्री संजय शर्मा (Sanjay Sharma) प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सीधे धरने पर बैठ गए। इस हाई-प्रोफाइल धरने के दौरान मंत्री ने निगम के लापरवाह अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई और जमकर फटकार लगाई। सत्ता में होने के बावजूद एक मंत्री का इस तरह धरने पर बैठना पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है।क्यों भड़के मंत्री संजय शर्मा और क्या है पूरा मामला?अलवर नगर निगम क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से सफाई व्यवस्था, प्रशासनिक मनमानी और सफाईकर्मियों के अधिकारों को लेकर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई थी। सफाईकर्मी अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे थे, लेकिन निगम के अधिकारियों के अड़ियल और उदासीन रवैये के कारण कोई ठोस समाधान नहीं निकल पा रहा था। जब स्थिति हद से ज्यादा बिगड़ गई और सफाईकर्मियों को न्याय नहीं मिला, तो मंत्री संजय शर्मा ने खुद मोर्चा संभालते हुए सीधे धरने का रुख किया। उनका यह कदम यह साबित करने के लिए काफी था कि जनता और कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।अधिकारियों को लगाई फटकार और प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंपधरना स्थल पर पहुंचते ही मंत्री संजय शर्मा का आक्रामक रूप देखने को मिला। उन्होंने मौके पर मौजूद निगम के तमाम बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को तलब किया और उनकी कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के विकास कार्यों और कर्मचारियों की मेहनत से किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस ताबड़तोड़ एक्शन और मंत्री की कड़ी फटकार के बाद से अलवर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि नगर निगम के कामकाज में सुधार आएगा और सफाईकर्मियों की समस्याओं का जल्द ही कोई स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
सूर्य ग्रहण से ठीक पहले बना चतुर्ग्रही योग, चमक उठी 4 राशियों की किस्मत
Surya Grahan 2026: 12 अगस्त 2026 को श्रावण अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण और चतुर्ग्रही योग का दुर्लभ संयोग! जानें किन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत और क्या होगा असर.
तस्वीर नहीं लगाएंगे'...मां तेजी बच्चन की जयंती पर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, शेयर किया भावुक पोस्ट
महानायक अमिताभ बच्चन ने मां तेजी बच्चन की जयंती पर भावुक पोस्ट साझा किया. बिग बी ने उन्हें अपनी प्रेरणा, हौसले और सब्र की मिसाल बताते हुए कहा कि उनकी छवि हमेशा दिल में बसी हुई है.
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले अहमदाबाद में बड़ा बदलाव, शहर से बाहर होंगे सभी उद्योग
अहमदाबाद शहर को वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) और 2036 के ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत अहमदाबाद नगर निगम (AMC) और औडा (AUDA) की सीमा में स्थित सभी ...
सेहत के नए हकीमों ने छेड़ी वेलनेस की जंग; अमीरों ने शांत सुबह को बना दिया स्टेडियम
बृज खंडेलवाल आजकल बड़े शहरों में चमचमाती ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों की जिंदगी बदल गई है। ग्रेनाइट, शीशे और एयर-कंडीशनर से सजे इन आलीशान घरों में अब सूरज निकलने के बाद आराम से सोना लगभग गुनाह समझा जाता है। अपने शर्माजी, भोर सुबह, सज संवर के जिम के लिए ड्राइव करते हैं, जहां […]
अक्षय कुमार और सैफ अली खान की अपकमिंग फिल्म हैवान की टीजर रिलीज हो गया है. लगभग 45 सेकंड के इस टीजर में डर, सस्पेंस और थ्रिलर देखने को मिला है, जो मन में कई तरह के सवाल पैदा करता है.
पाकिस्तानी पत्रकार का दावा- नहीं रहे इमरान खान
इमरान खान की मौत का दावा पाकिस्तान के सीनियर पत्रकार वजाहत एस. खान ने किया है. उन्होंने पाकिस्तानी सरकार और सेना में मौजूद सूत्रों के हवाले से यह दावा किया.
कंगना रनौत ने नसीरुद्दीन शाह को कहा लोमड़ी, बोलीं- खाते देश का हैं, लड़ते पड़ोसी के लिए है
दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ की चुप्पी पर नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी से शुरू हुई बयानबाज़ी के बीच, एक्टर और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने अनुभवी एक्टर पीयूष मिश्रा द्वारा नसीरुद्दीन शाह की आलोचना का समर्थन किया है। रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर मिश्रा के हालिया बयानों वाली एक समाचार रिपोर्ट साझा की और सीधे नसीरुद्दीन शाह को संबोधित किया। शाह द्वारा कुछ मशहूर हस्तियों की तुलना मुंह में हड्डी वाला कुत्ता जो भौंक नहीं सकता से की गई तुलना का जिक्र करते हुए, रानौत ने लिखा कि सच तो ये है हर कोई किसी ना किसी का कुत्ता है, लेकिन मुझे इस बात का गर्व है कि मैं जिस घर (देश) की रोटी खाती हूं उसकी रखवाली करती हूं/उसके लिए लड़की हूं। नासिर साहब खाते तो इस देश का हैं लेकिन लड़ते पड़ोसी देश के लिए हैं। इसे भी पढ़ें: Mohan Yadav ने Rahul Gandhi पर बोला हमला, संसद की कार्यवाही बाधित करने का लगाया आरोप उन्होंने आगे कुत्ते से तुलना का बचाव करते हुए कहा कि आज के समय में इंसानों को कुत्ता कहलाना एक तारीफ है क्योंकि वफादारी और क्यूटनेस बहुत दुर्लभ है। मैं नसीरुद्दीन की तरह लोमडी के बजाय एक कुत्ता बनना पसंद करूंगी। ये टिप्पणियाँ झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पेपर लीक को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान शाह की आलोचना करने वाले मिश्रा के बयानों के बाद आई हैं। मिश्रा ने छात्रों के प्रदर्शनों पर बॉलीवुड की चुप्पी के बारे में शाह की पिछली बातों को चुनौती दी और झारखंड में छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शनों की ओर ध्यान दिलाया। 11 अगस्त को, कंगना रनौत ने संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ सीधे तौर पर विरोध जताया और राहुल गांधी जवाब दो लिखा हुआ बैनर दिखाया। उन्होंने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं (JPSC/JSSC) में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के मामले में गांधी से जवाबदेही की मांग की; झारखंड में कांग्रेस पार्टी की सहयोगी सरकार है। रनौत ने गांधी पर आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने के लिए तैयार होने के बावजूद, उन्होंने छात्र विरोध-प्रदर्शनों पर एक व्यवस्थित बहस से किनारा किया। इसे भी पढ़ें: Chest Pain की वजह बनी वो 'बड़ी ईंट', ममता बनर्जी ने काफिले पर हमले को बताया सोची-समझी साजिश झारखंड में हज़ारों छात्र और सरकारी नौकरी के उम्मीदवार, राज्य की भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
जम्मू के राजौरी में 2 दर्जन स्कूल बंद, बच्चें घरों में कैद, CRPF तैनात, वजह जानकर चौंक जाएंगे
जम्मू के राजौरी में करीब 2 दर्जन स्कूल एक दिन के लिए बंद कर दिए गए। बच्चे जब स्कूल के लिए तैयार हो रहे थे तो उनके परिजनों को सूचना मिली कि बच्चों को स्कूल न भेजें। स्कूल बंद करने के पीछे दरअसल वजह हैं वहां के आवारा कुत्ते।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस याचिका को प्रदर्शन और रैलियों के लिए निर्धारित स्थानों से संबंधित पहले से लंबित मामले के साथ जोड़ा जाए.
दीवार से गिर रही पपड़ी? पेंट की जगह आजमाएं ये 10 स्टाइलिश तरीके
दीवार की सीलन, उखड़ी पपड़ी या दरारों से परेशान हैं? बार-बार पेंट कराने के बजाय अपनाएं ये 10 स्मार्ट और ट्रेंडी वॉल कवरिंग टिप्स. 3D टाइल्स से लेकर क्लैडिंग तक, जानें बिना पेंट के घर को नया और लग्जरी लुक देने का आसान तरीका.
अतीक अहमद के बेटे अबान को लेकर वायरल वीडियो, किया गया ये दावा
एक ऐसा वायरल वीडियो जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि वो माफिया अतीक अहमद के बेटे की गाड़ी के एक्सीडेंट से ठीक पहले का वीडियो है. दरअसल ये वीडियो उस गाड़ी से शूट होने का दावा है जो अतीक के बेटे की कार के ठीक पीछे चल रही थी. उसी कार के डैशबोर्ड पर लगे कैमरे से लिए गए इस कथित वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक सफेद कार आगे आगे चल रही है. वो कार एक गाड़ी को ओवरटेक करती है और चंद सेकेंड के बाद अचानक वो डिवाइडर से टकरा जाती है. टक्कर होते ही स्पीड की वजह से कार उछलती है और इसके परखच्चे उड़ जाते हैं. इसी एक्सीडेंट में अतीक के छोटे बेटे की मौत हो गई थी. प्रशासन का कहना है कि वो इस वीडियो की जांच कर रहा है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी.
Odisha Police ने cyber crime गैंग के 5 आरोपी पकड़े, 3.5 करोड़ का फर्जीवाड़ा उजागर
ओडिशा पुलिस ने अंतर-राज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, उदित नगर थाने में छह अगस्त को दर्ज शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सबसे पहले राउरकेला निवासी ज्योतिष प्रसाद वर्मा (29) उर्फ तिलक महतो को गिरफ्तार किया। वह पहले मोमो बेचने का काम करता था। पुलिस ने बताया कि वर्मा लोगों को ठगने के बाद धोखाधड़ी से हासिल रकम को कथित तौर पर दूसरे खातों में स्थानांतरित करता था। वर्मा से पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरोह के चार अन्य सदस्यों को झारखंड के देवघर से गिरफ्तार किया। इनकी पहचान विकास कुमार मांझी (29), प्रदीप कुमार (24), सूरज कुमार (24) और मनीष कुमार यादव (25) के रूप में हुई है। राउरकेला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नितेश वाधवानी ने बताया कि गिरोह कथित तौर पर पीएम किसान योजना जैसी सरकारी योजनाओं के ऐप के रूप में दिखने वाली संदिग्ध ‘एपीके’ फाइलों का इस्तेमाल करता था। इनके जरिए आरोपी लोगों का भरोसा जीतकर उनके मोबाइल फोन और वित्तीय जानकारी तक पहुंच हासिल करते थे। उन्होंने बताया कि आरोपी इस जानकारी का इस्तेमाल यूपीआई खातों, एटीएमसे पैसे निकालने संबंधी जानकारी और मर्चेंट क्यूआर कोड तक पहुंच बनाने के लिए करते थे। इसके बाद पीड़ितों के खातों से रकम स्थानांतरित कर ली जाती थी। पुलिस ने अब तक गिरोह से जुड़े 3.5 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का पता लगाया है। एसपी ने बताया कि जांच आगे बढ़ने के साथ यह रकम और बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ देशभर में कुल 31 शिकायतें और प्राथमिकी दर्ज हैं, जबकि उनके बैंक खातों में जमा 47 लाख रुपये की रकम ‘फ्रीज’ कर दी गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 24,900 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन, पांच एटीएम कार्ड और एक एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन) भी बरामद की है। वाधवानी ने कहा, ‘‘गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान, उनकी भूमिकाओं और पैसों के लेन-देन का पता लगाने, असली लाभार्थियों की पहचान करने तथा अपराध से हासिल बाकी रकम बरामद करने के लिए जांच जारी है।
Srinagar में Tiranga Yatra का LG Manoj Sinha ने किया नेतृत्व, कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस का उत्साह
स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहे कश्मीर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है और घाटी के विभिन्न हिस्सों में बुधवार को कई तिरंगा रैलियों और यात्राओं का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यहां डल झील के किनारे आयोजित तिरंगा रैली का नेतृत्व किया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने उनके साथ मार्च किया। सिन्हा ने अपने ‘एक्स’ खाते पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सचमुच एक ऐतिहासिक दिन! आज श्रीनगर में तिरंगा यात्रा में शामिल होने और लोगों को संबोधित करने पर गर्व हो रहा है। इस पवित्र भूमि पर तिरंगा भारत की जीवंत चेतना के रूप में ऊंचा लहरा रहा है और वंदे मातरम इसकी अमर आवाज के रूप में गूंज रहा है। यह हमारी साझा शक्ति, एकता और अटूट देशभक्ति का प्रतीक है।’’अधिकारियों के अनुसार, शोपियां जिले में भी तिरंगा रैली निकाली गई, जिसमें जिले के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने हिस्सा लिया। शोपियां में मंगलवार को मोटरसाइकिलों पर तिरंगा रैली निकाली गई। कभी यह क्षेत्र आतंकवाद के लिए खबरों में रहता था। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम, अनंतनाग, पुलवामा, त्राल, पंपोर और अवंतीपोरा क्षेत्रों में भी तिरंगा रैलियां आयोजित की गईं। अधिकारियों ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस से पहले घाटी में इस तरह के और कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। प्रशासन स्वतंत्रता दिवस समारोह के बृहस्पतिवार को होने वाले पूर्ण अभ्यास की तैयारियों में जुटा है।
राहुल गांधी का अमित शाह पर पलटवार, बोले- ‘हम उनका भाषण सुनना ही नहीं चाहते’
राहुल गांधी ने अमित शाह पर पलटवार करते हुए छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की। शाह ने विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने की बात कही।
Vande Bharat Express का बेंगलुरु-मंगलुरु रूट पर ट्रायल शुरू, सकलेशपुर घाट खंड में परीक्षण जारी
दक्षिण पश्चिम रेलवे के मैसुरु मंडल ने बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए चुनौतीपूर्ण सकलेशपुर-सुब्रहमण्य रोड घाट खंड में स्वचालित आपातकालीन ब्रेक प्रणाली से युक्त वंदे भारत एक्सप्रेस का परीक्षण बुधवार को शुरू किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। चेन्नई स्थित सवारी डिब्बा कारखाना (आईसीएफ) में विशेष रूप से तैयार की गई 20 डिब्बों वाली ट्रेन पिछले सप्ताह मैसुरु पहुंची थी। मंगलवार को मैसुरु में इसके स्थिर परीक्षण के बाद ट्रेन को उसी रात मैदानी परीक्षण के लिए सकलेशपुर रवाना किया गया। मैसुरु मंडल के रेल प्रबंधक मुदित मित्तल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “परीक्षण बुधवार सुबह शुरू हुआ। ट्रेन में सवार अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के कर्मचारी विभिन्न तकनीकी और परिचालन मानकों का परीक्षण कर रहे हैं।”सकलेशपुर और सुब्रहमण्य रोड के बीच स्थित यह घाट खंड बेंगलुरु-मंगलुरु रेल मार्ग के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में से एक है जहां खड़ी ढलानें, तीखे मोड़, सुरंगें और पुल हैं। अधिकारी ने बताया कि यह खंड पश्चिमी घाट से होकर गुजरता है और तेज ढलानों पर ट्रेन की गति नियंत्रित रखने, ब्रेक लगाने तथा सुरक्षित परिचालन के लिहाज से लंबे समय से चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है। मित्तल ने बताया, “इस घाट खंड में विभिन्न परिस्थितियों में परीक्षण अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। स्वचालित आपातकालीन ब्रेक प्रणाली का भी आकलन किया जा रहा है।”बेंगलुरु-मंगलुरु रेल मार्ग सकलेशपुर-सुब्रहमण्य रोड खंड से होकर गुजरता है। इसे मूल रूप से ‘मीटर गेज’ रेल लाइन के रूप में बनाया गया था, जिसे बाद में बड़ी लाइन में परिवर्तित किया गया। यह रेल मार्ग कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु और तटीय क्षेत्र मंगलुरु के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क कड़ी है। इस पर यात्री रेलगाड़ियों के साथ-साथ मालगाड़ियों का भी परिचालन होता है। इस खंड में परीक्षण सफल रहने पर बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के परिचालन का मार्ग प्रशस्त हो सकता है जिससे दोनों शहरों के बीच तेज और सुविधाजनक रेल संपर्क उपलब्ध होने की उम्मीद है।
जमीन पर स्टे लेने में कितना खर्चा आता है? कब और कैसे मिलता है?
जमीन को लेकर विवाद होने पर कोर्ट से स्टे ऑर्डर लेकर निर्माण, कब्जा या किसी अन्य कार्रवाई पर रोक लगाई जा सकती है. जानिए जमीन पर स्टे कब मिलता है, इसके लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए और कोर्ट फीस व वकील की फीस समेत कितना खर्च आ सकता है.
'उम्र सिर्फ एक नंबर, आत्मविश्वास और अंदाज कभी पुराने नहीं होते' ईशा कोप्पिकर ने साझा की खास तस्वीरें
बढ़ती उम्र को लेकर अब लोगों की सोच भी बदल रही है। खासकर मनोरंजन जगत की अभिनेत्रियां अपने अनुभवों के साथ यह बताती नजर आती हैं कि उम्र किसी की खूबसूरती, आत्मविश्वास या पहचान तय नहीं करती।
दूल्हा बने क्रिस्टियानो रोनाल्डो, बिकिनी में कहर ढाती है दुल्हन
Cristiano Ronaldo-Georgina Rodriguez Wedding: स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 10 साल की लंबी डेटिंग के बाद जॉर्जिना रोड्रिगेज संग शादी कर ली है. कपल को दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं.
19 बिल पास, अब सत्र का एक दिन बाकी... FCRA और परिसीमन बिल का क्या होगा?
संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हो जाएगा, यह संत्र हंगामे और नारेबाजी के बीच गुजर गया. हालांकि, सरकार इस हंगामे में भी 19 बिल पास करा ले गई, लेकिन परिसीमन बिल और एफसीआरए के बिल पर सस्पेंस बना हुआ है.
वेनचांग (चीन): चीन के महात्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम को एक बड़ा झटका लगा है। हैनान द्वीप पर स्थित वेनचांग सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड के भीतर चीन का नया और शक्तिशाली 'लॉन्ग मार्च 7A' (Long March 7A) रॉकेट एक भीषण विस्फोट का ...
झांसी एक्सीडेंट: कैसी है अबान अहमद की कार चला रहे ड्राइवर जैद की हालत?
झांसी में अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत के बाद हादसे में घायल रिश्तेदारों और दोस्तों की हालत बिगड़ने से परिवार की चिंता बढ़ गई है. गंभीर चोटों के कारण कार चालक जैद को दिल्ली के आर्मी अस्पताल और उमर को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
प्रियंका गांधी ने PM मोदी से पूछा 'कैसे हैं आप', क्या मिला जवाब; खरगे की बात पर लगे ठहाके
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरतचंद्र पवार) गुट की नेता और बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की शादी हो गई है। इस मौके पर समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई नेता पहुंचे।
Himachal Pradesh में Petrol-Diesel महंगा, सुक्खू सरकार ने लगाया नया 'Widow and Orphan Cess'
हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर का 'विधवा और अनाथ सेस' (cess) लगाने के बाद ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। इसी तरह, हाई-स्पीड डीजल पर भी 60 पैसे प्रति लीटर का अतिरिक्त सेस लगाया गया है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, यह सेस हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) एक्ट, 2005 की धारा 6-A के तहत लगाया जाएगा। सेस (cess) लगने के बाद, राजधानी शिमला में पेट्रोल की कीमत 102.45 रुपये से बढ़कर 103.05 रुपये प्रति लीटर हो गई है। धर्मशाला में पेट्रोल की कीमतों में 71 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डीज़ल की कीमतों में 69 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। यह फ्यूल सेस, हिमाचल प्रदेश विधानसभा द्वारा इस साल के बजट सत्र में पारित 'हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स (संशोधन) बिल, 2026' के तहत लागू किया गया है। इस बिल ने राज्य सरकार को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीज़ल पर 5 रुपये प्रति लीटर तक का 'विधवा और अनाथ सेस' लगाने का अधिकार दिया था। उस समय सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा था, इस सेस की अधिकतम सीमा 5 रुपये है; अब हम 10 पैसे लगाएं या 2 रुपये, यह हमारे विवेक पर निर्भर करता है। इसे भी पढ़ें: Himachal में Monsoon का कहर: 157 जानें गईं, 886 करोड़ का नुकसान; जानमाल पर भारी संकट ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर राजनीतिक घमासान न्यूज़ एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने सरकार के फ़ैसले का बचाव करते हुए कहा, हिमाचल प्रदेश एक आपदा से गुज़रा है; प्रधानमंत्री ने वहाँ का दौरा किया और वादे भी किए। लेकिन केंद्र से जो मदद मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिली। सरकार के पास रेवेन्यू के सीमित स्रोत और बहुत कम विकल्प हैं। जो टैक्स लगाए जा रहे हैं, वे कल्याणकारी कामों के लिए हैं, न कि ऐशो-आराम या दूसरी गैर-ज़रूरी चीज़ों के लिए।
1 लाख की FD 5 साल बाद कितनी होगी? मिलेगी इतनी रकम
फिक्स्ड डिपॉजिट के तहत कई बैंक लोगों को 8.50 फीसदी से 9 फीसदी का ब्याज दे रहे हैं. ऐसे में अगर आप ये अमाउंट 5 साल तक निवेशित रखते हैं तो आपको एक अच्छी रकम मिल सकती है.
क्या फिट लोगों में कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता? डॉक्टर की राय
कोलेस्ट्रॉल का लेवल सिर्फ किसी व्यक्ति के वजन या फिटनेस से तय नहीं होता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जेनेटिक कारण, थाइराइड, डायबिटीज और स्मोकिंग जैसी आदतें भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में भूमिका निभाता है.
PM Modi ने Gen-Z को दिया खास मैसेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन कार्यक्रम में उनके जीवन, संघर्ष और सादगी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि कोविंद ने राष्ट्रपति पद पर एक मिसाल कायम की और पद छोड़ने के बाद भी देश के लिए काम कर रहे हैं. पीएम ने युवाओं से उनकी आत्मकथा पढ़ने की अपील की. साथ ही शॉर्टकट से बचने और अनुभवों से सीखने का संदेश दिया.
झारखंड में 25 बसों से छात्रों की सुरक्षित घर वापसी, प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
झारखंड सरकार ने रांची में छात्र आंदोलन में शामिल होने आए छात्रों को घर भेजने के लिए 25 बसों की व्यवस्था की। प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर इन छात्रों ने घर जाने की इच्छा जताई थी।
रूस की तरफ से केस लड़ेंगे पूर्व CJI चंद्रचूड़, यूक्रेन जंग में मिली लीगल बैटल की कमान
भारत के पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक के साथ निवेश विवाद में अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है. मामला रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान बैंक की संपत्तियों और कारोबार को हुए कथित नुकसान से जुड़ा है. तीन सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल इस मामले की सुनवाई करेगा.
नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर बयान देकर घिरी बीजेपी, बंगाल में ममता ने खोला मोर्चा
पश्चिम बंगाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के इतिहास और योगदान पर बीजेपी के कुछ नेताओं ने विवादित बयान दिए हैं. इसे लेकर राज्य की सियासत में हंगामा हो गया है. ममता बनर्जी ने सड़क पर उतरकर इन बयानों का विरोध किया है. खुद बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मामले पर अपनी नाराजगी जताई है.
टाटा संस में बड़ा नेतृत्व बदलाव, एन. चंद्रशेखरन ने चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया है। वह फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे। AGM से पहले इस फैसले से टाटा समूह में नेतृत्व बदलाव की चर्चा तेज हो गई है।
15 अगस्त 2026 पर तिरंगा फहराने से पहले जान लें ये नियम, इन गलतियों से बचना जरूरी
15 अगस्त भारत के लिए केवल एक पर्व नहीं, बल्कि देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक है। हमारा राष्ट्रध्वज तिरंगा देश के गौरव और अखंडता का प्रतिनिधित्व करता है। इसके सम्मान, उपयोग और संरक्षण के लिए भारत सरकार ने 'भारतीय ध्वज संहिता 2002' बनाई है, जिसका पालन ...
कमर पर विस्फोटक बांधकर शख्स ने खुद को उड़ाया, बेटी की मौत
कर्नाटक के कलबुर्गी के मटकी टांडा में घर के अंदर विस्फोट से 49 वर्षीय शख्स और उसकी 15 साल की बेटी की मौत हो गई. पांच लोग गंभीर घायल हैं. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है. पढ़ें दिल दहला देने वाली ये पूरी कहानी.
'4 साल से उस पते पर नहीं रह रहे थे प्रकाश राज', 'वोटर शिफ्ट' दावे पर EC का जवाब
16 जुलाई को जब मतदाता सूची का डेटा फ्रीज किया गया, तब प्रकाश राज का नाम शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र के पार्ट नंबर 1, सीरियल नंबर 970 पर दर्ज था।
64, 95, 65...पप्पू यादव के बेटे ने DPL में उड़ाया गर्दा
सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन दिल्ली प्रीमियर लीग में लगातार बल्ले से कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले चारों मैचों में अर्धशतक जड़ने वाले सार्थक रंजन को लेकर फैन्स के बीच भी चर्चाएं तेज हो गई है. ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि क्या सार्थक को टीम इंडिया में एंट्री मिलेगी?
बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद पूर्व BJP सांसद प्रज्वल रेवन्ना के सेल में छापेमारी के दौरान एक मोबाइल फोन मिलने के बाद उनके खिलाफ़ एक नई FIR दर्ज की गई है। रेवन्ना रेप केस में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं। इसी जेल में बंद प्रताप राय नाम के एक विचाराधीन कैदी का नाम भी इस मामले में शामिल किया गया है। जेल अधिकारियों के अनुसार, सोमवार दोपहर सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने हाई-प्रोफाइल कैदियों की तलाशी के तहत एक रेड की। रेवन्ना की सेल से फ़ोन के अलावा पेन ड्राइव और चार्जर जैसी चीज़ें भी बरामद हुईं। तलाशी अभियान करीब चार से पांच घंटे तक चला। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान कोई और प्रतिबंधित सामान नहीं मिला। सामान मिलने के बाद, जेल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया गया है। बेंगलुरु सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसे भी पढ़ें: TMC MLA निर्मल घोष समेत तीन पर FIR दर्ज, RG Kar डॉक्टर के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का मामला रेवन्ना को अगस्त 2025 में दोषी ठहराया गया था और बार-बार यौन उत्पीड़न, वॉयरिज़्म (दूसरों को छिपकर नग्न अवस्था में देखना) और सबूत मिटाने का दोषी पाए जाने के बाद उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी। रेवन्ना के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के मामले 2024 के आम चुनावों से पहले तब सामने आए थे, जब हासन से लोकसभा उम्मीदवार रहे उनके कथित अश्लील वीडियो वायरल हुए थे। रेवन्ना ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि वीडियो मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ किए गए) थे। 28 अप्रैल और 10 जून 2024 के बीच, उनके खिलाफ़ चार FIR दर्ज की गईं, साथ ही बेंगलुरु के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों में दो मामले भी दर्ज किए गए। उनके पिता, एचडी रेवन्ना के खिलाफ़ भी एक अलग मामला दर्ज किया गया।
रेप के दोषी Prajwal Revanna को Jail में कैसे मिला फोन? कर्नाटक के गृह मंत्री का बड़ा एक्शन
पूर्व सांसद और रेप के दोषी प्रज्वल रेवन्ना के पास बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उनकी बैरक के अंदर एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन मिला। इसके बाद जेल अधिकारियों के खिलाफ जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस महानिदेशक (जेल और सुधार सेवाएं) आलोक कुमार ने बुधवार को बताया कि सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने मंगलवार को हाई-सिक्योरिटी जेल में पांच घंटे तक छापेमारी की थी। इस दौरान हाई-प्रोफाइल कैदियों और अन्य कैदियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह फोन जब्त किया गया। इसे भी पढ़ें: Mohan Yadav ने Rahul Gandhi पर बोला हमला, संसद की कार्यवाही बाधित करने का लगाया आरोप प्रज्वल रेवन्ना के पास मोबाइल फोन मिलने पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कैदी कौन है। उसने अपराध किया है, वह जेल में है, बस यही मायने रखता है। वह हाई-प्रोफाइल हो या लो-प्रोफाइल, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। सबसे पहले, यह मेरे विभाग के अधिकारियों के लिए एक संदेश है कि हम ऐसी चीजें बर्दाश्त नहीं करेंगे। दूसरी बात, कैदियों के लिए भी संदेश बहुत साफ है - चाहे वे हाई-प्रोफाइल हों या लो-प्रोफाइल - कि आप भ्रष्ट तरीकों से विभाग को प्रभावित नहीं कर सकते... कल हमने जेलों और कुछ खास सेल में अचानक छापेमारी करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि कुछ हाई-प्रोफाइल कैदियों और अन्य कैदियों के पास अधिकारियों को मोबाइल फोन, नोटबुक और ऐसी चीजें मिलीं जिनकी जेल में इजाजत नहीं है। ऐसा लगता है कि हमारे लोग कैदियों के साथ मिले हुए हैं। और हां, हमने सख्त चेतावनी जारी की है। हम जेलों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट भी कर रहे हैं। जो कोई भी इन कैदियों को डिवाइस या जरूरत से ज्यादा चीजें उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Chest Pain की वजह बनी वो 'बड़ी ईंट', ममता बनर्जी ने काफिले पर हमले को बताया सोची-समझी साजिश हाल ही में हुई ज़ब्ती के बाद, ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में DIG (साउथ) की सिफ़ारिश पर असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट इराना रंगापुर को सस्पेंड कर दिया गया है। बेंगलुरु सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कुमार ने कहा, इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। कुमार ने बताया, 11 अगस्त 2026 को CCB ने हाई सिक्योरिटी जेल में कई हाई-प्रोफाइल और अन्य कैदियों की 4-5 घंटे तक तलाशी ली, लेकिन इस दौरान कोई और प्रतिबंधित सामान नहीं मिला। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के खिलाफ SC में एक और याचिका, CJI ने पूछा- आप ही बताएं, कैसे दें आदेश?
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील वी. इलांचेझियान ने पीठ के समक्ष तर्क दिया कि विरोध प्रदर्शनों के कारण अक्सर आवश्यक सेवाएं बाधित होती हैं और आम जनता पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
पंजाब के विजिलेंस ब्यूरो ने सरकारी फंड के कथित तौर पर 1.80 करोड़ रुपये के गबन की जांच में एक सीनियर अधिकारी का नाम शामिल किया है। आरोप है कि यह पैसा फिरोजपुर की एक टाइल बनाने वाली कंपनी को 11 किश्तों में दिया गया था। जांच में जिस अधिकारी का नाम आया है, वे अरुण शर्मा हैं। वे उस समय एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (डेवलपमेंट) थे और अभी डिप्टी डायरेक्टर, रूरल डेवलपमेंट और पंचायत ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे हैं। यह घटनाक्रम वित्तीय अनियमितताओं की लंबी जांच के बाद सामने आया है। 13 दिसंबर, 2024 को दर्ज किए गए इस मामले में तत्कालीन डिविजनल डेवलपमेंट ऑफिसर/BDPO, पंचायत समिति के तत्कालीन चेयरपर्सन और चार डेटा-एंट्री ऑपरेटरों को नामजद किया गया था। बाद में जांच विजिलेंस डिपार्टमेंट को सौंप दी गई, जिसने अब शर्मा को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है। इसे भी पढ़ें: Punjab Election: इंदिरा गांधी के हत्यारे केहर सिंह का बेटा लड़ेगा चुनाव, सतवंत सिंह को अमृतपाल सिंह की पार्टी ने बनाया कैंडिडेट दस्तावेज़ों के अनुसार, 26 मई और 23 जून 2024 के बीच 15वें वित्त आयोग की ग्रांट से कथित तौर पर ₹1,80,87,591 का गबन किया गया। खबरों के मुताबिक, यह पैसा कई दिनों में 11 किस्तों में टाइल बनाने वाली एक ही कंपनी को ट्रांसफर किया गया। इन पेमेंट ने खरीद प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह भी सवाल उठाया है कि क्या सरकारी फंड से जिस सामान के लिए पैसे जारी किए गए थे, उसकी असल में सप्लाई हुई और उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया गया। जांच में उन टाइल्स का पता भी लगाया जा रहा है जिन्हें इस फंड से खरीदा गया था। यह घोटाला अक्टूबर 2024 में तब सामने आया जब फिरोजपुर के तत्कालीन ADC (विकास), लखविंदर सिंह रंधावा ने एक पत्र में फंड के गलत इस्तेमाल की ओर इशारा किया। इसे भी पढ़ें: Sukhbir Badal का केजरीवाल को ओपन चैलेंज, पेपर लीक और Job Scams पर पंजाब के किसी भी University में करें बहस फिरोजपुर के BDPO को लिखे पत्र में, रंधावा ने बताया कि 26 मई से 23 जून के बीच कथित तौर पर 1.80 करोड़ रुपये के सरकारी फंड का गबन किया गया था। उन्होंने निगरानी में खामियों की ओर भी इशारा किया और कहा कि कथित वित्तीय अनियमितताओं के बारे में जानकारी होने के बावजूद, BDPO ने न तो प्रोजेक्ट के रिकॉर्ड की ठीक से जांच की और न ही कोई जांच शुरू की। शिकायत के बाद, BDPO ने कार्रवाई के लिए पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद राज्य सरकार ने 14 नवंबर 2024 को इस मामले की जांच पटियाला के डिविजनल डिप्टी डायरेक्टर (पंचायत) और बठिंडा के डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर को सौंप दी।
आज दिन में छा जाएगा घना अंधेरा! 4 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क
Solar Eclipse 2026: वर्ष 2026 का दूसरा व आखिरी सूर्य ग्रहण आज लगने जा रहा है. हालांकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा और इसका धार्मिक सूतक काल मान्य नहीं रहेगा, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से इसका असर सभी राशियों पर पड़ेगा. आइए जानते हैं कि किन राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
क्या सितंबर में फिर होगी Oracle में छंटनी? लिस्ट हो रही रेडी
खबरों के मुताबिक, ऑरेकल के मैनेजर्स से सितंबर से पहले उन कर्मचारियों की पहचान करने को कहा गया है, जिनकी नौकरी जा सकती है. यह कदम ऐसे टाइम में आया है जब कंपनी एक तरफ बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च भी कर रही है.
लाल आंखें, लंबी टांगें... रात में दिखा ये जीव है क्या
रात के अंधेरे में लंबी टांगों और चमकती आंखों वाला एक अजीब जानवर बेहद करीब आ गया. पहली नजर में किसी को यह भेड़िया लगा तो किसी को कोई शिकारी जानवर, लेकिन असल में यह एक बेहद अनोखा जीव है
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में केंद्र की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि लोकसभा सीटों की संख्या 543 ही बनी रहे और इसी संख्या के आधार पर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जाए। विधानसभा में बोलते हुए विजय ने कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण मौजूदा 543 निर्वाचन क्षेत्रों के आधार पर 2029 के लोकसभा चुनावों में ही लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने में और देरी नहीं होनी चाहिए और ज़ोर देकर कहा कि महिलाओं को आरक्षण देना कोई रियायत नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का मामला है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Joseph Vijay लोकसभा सीट 543 रखने का प्रस्ताव पेश करेंगे विजय ने कहा कि मौजूदा 543 निर्वाचन क्षेत्रों के आधार पर, 2029 के लोकसभा चुनावों में ही महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। महिलाओं के लिए 33% आरक्षण में और देरी नहीं होनी चाहिए। तमिलनाडु में पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाओं ने मतदान किया है। महिलाओं को आरक्षण देना कोई रियायत नहीं है; यह सामाजिक न्याय का मामला है। महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को बिना किसी और देरी के लागू किया जाना चाहिए। इस प्रस्ताव का मकसद दक्षिणी राज्यों, खासकर तमिलनाडु के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा करना है। इसमें तर्क दिया गया है कि जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को लागू करने में उनकी सफलता के कारण संसद में उनके प्रतिनिधित्व या राजनीतिक आवाज़ में कमी नहीं आनी चाहिए। प्रस्ताव में कहा गया है कि तमिलनाडु समेत सभी राज्यों की जनसंख्या, और साथ ही केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों और चुने हुए प्रतिनिधियों की गिनती 50 से ज़्यादा सालों से नहीं हुई है। इसमें बताया गया कि अगली जनगणना 2026 में होनी है और तर्क दिया गया कि चूंकि पिछले पांच दशकों से निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन नहीं हुआ है, इसलिए यह प्रक्रिया 2011 की जनगणना पर आधारित होनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar बोले: Cauvery water छोड़ेंगे, पर किसानों के हित भी सुरक्षित रहेंगे प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया कि संविधान संशोधन के ज़रिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सदस्यों की संख्या 550 से बढ़ाकर 850 कर दी जानी चाहिए। इसमें कहा गया कि इसके लिए संसद में संविधान संशोधन विधेयक लाना होगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर
9 साल बद प्रेम विवाह का खौफनाक अंत, बाथरूम के टब में मिला महिला टीचर का शव
फतेहपुर में 9 साल पुराने प्रेम विवाह का दर्दनाक अंत हो गया. नासिरपीर मोहल्ले में 29 वर्षीय महिला टीचर शालिनी यादव का शव घर के बाथरूम में पानी से भरे टब में मिला. उसके सिर और पैर पर चोट के निशान पाए गए. मायके पक्ष ने पति दिलीप यादव और उसके दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगाया है.
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में मंगलवार आधी रात को एक बोलेरो कैंपर गहरी खाई में गिर गई। बोलेरो में सवार लोग दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत के बाद शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे।
Rahul Gandhi: गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार, कहा- हम उन्हें सुनना ही नहीं चाहते
JPSC-JSSC भर्ती पर Jharkhand में Deadlock जारी, भूख हड़ताल पर बैठे Devendra Mahto की हालत हुई गंभीर
झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों व छात्रों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक अपना आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया है।‘झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी)-झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) रिफॉर्म मंच’ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने भर्ती प्रणाली में सुधार पर हेमंत सोरेन सरकार के आश्वासनों के बावजूद अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। वे जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता, कई परीक्षाओं को रद्द करने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।इस बीच, ‘झारखंड छात्र न्याय’ के बैनर तले विद्यार्थियों ने सोमवार को राज्य विधानसभा की ओर मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में एक दिवसीय भूख हड़ताल और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। लाठीचार्ज के अलावा, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़े थीं और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई छात्र घायल हुए हैं। दूसरी ओर रांची पुलिस ने कहा कि झड़पों में उसके 14 कर्मी घायल हुए हैं।इस टकराव से राजनीतिक घमासान शुरू हो गया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को राज्यव्यापी बंद रखा। भाजपा ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार पर प्रदर्शनकारी युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। पार्टी ने आधी रात के आसपास धरना स्थल का दौरा करने वाले सरकारी अधिकारियों की मंशा पर भी सवाल उठाए।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी मंगलवार को विधानसभा की ओर एक अलग मार्च निकाला।‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ ने मंगलवार शाम को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक ‘मौन जुलूस’ निकाला। संगठन के नेताओं ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और विरोध प्रदर्शन को तेज करने के लिए जल्द ही नयी रणनीति की घोषणा की जाएगी।आंदोलन के तहत छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जिनमें से दो को तबीयत बिगड़ने पर रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।लगभग 10 दिन से भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो आपातकालीन वार्ड में भर्ती हैं।चिकित्सकों ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है, हालांकि बार-बार की गई अपीलों के बावजूद उन्होंने कुछ भी खाने से इनकार कर दिया है। उनके रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी की जा रही है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चार अगस्त से भूख हड़ताल शुरू करने वाले पलामू के एक अन्य प्रदर्शनकारी राहुल क्रांति को हालत बिगड़ने के बाद सात अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने कहा कि उनके स्वास्थ्य संबंधी मानक फिलहाल सामान्य हैं।सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत हुई, लेकिन इसके बावजूद गतिरोध बरकरार है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीरता की कमी का आरोप लगाया।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दोहराया है कि उनकी सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। उन्होंने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक मंच में बदलने का भी आरोप लगाया है।
69000 शिक्षक भर्ती में कहाँ फँसा है कानूनी पेंच? BEd vs BTC विवाद से लेकर आरक्षण के पन्नों तक
उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में बहुचर्चित 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती (69000 Shikshak Bharti) मामला एक बार फिर सुर्खियों में छाया हुआ है। साल 2019 से शुरू हुआ यह सफर आज तक कानूनी दांव-पेंच, अदालती लड़ाइयों और प्रशासनिक उलझनों के भंवर जाल में फंसा हुआ है। कभी बीएड बनाम बीटीसी (BEd vs BTC / D.El.Ed) की योग्यता का विवाद तो कभी आरक्षण के नियमों और गुणागणित (Merit Calculation) में गड़बड़ी के आरोपों ने इस भर्ती को एक कभी न खत्म होने वाली पहेली बना दिया है। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर इस पूरी चयन प्रक्रिया में अब तक क्या-क्या हुआ है और वर्तमान में यह मामला किस मोड़ पर खड़ा है।बीएड बनाम बीटीसी और मेरिट का पुराना विवादइस पूरी भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत 69,000 रिक्त पदों के लिए लिखित परीक्षा के साथ हुई थी, जिसके परिणाम आने के तुरंत बाद ही विवादों का दौर शुरू हो गया था। एक तरफ जहां बीटीसी और डीएलएड योग्यताधारी छात्र तय मानकों और प्राथमिक शिक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण को आधार बना रहे थे, वहीं बीएड डिग्री धारकों को भी इसमें शामिल किए जाने के बाद से दोनों पक्षों के बीच कानूनी तकरार छिड़ गई। इसके अलावा, चयन सूची में आरक्षण के नियमों के पालन और कटऑफ अंकों को लेकर छात्रों ने बड़े पैमाने पर आवाज उठाई, जिसके बाद यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की चौखट पर पहुंच गया।आरक्षण विसंगतियां और अदालती फैसलों का दौरभर्ती प्रक्रिया के दौरान आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार ओबीसी (OBC) और एससी (SC) वर्ग के कोटे का सही ढंग से पालन नहीं किया गया है, जिसके चलते योग्य उम्मीदवारों को उनके हक से वंचित होना पड़ा है। इस मुद्दे पर लंबी सुनवाई के बाद अदालतों और प्रशासनिक स्तर पर कई बार सूचियों के पुनर्मूल्यांकन और नई चयन सूचियां तैयार करने के निर्देश दिए गए। कानूनी मोर्चे पर चल रही इस खींचतान के कारण चयनित शिक्षकों की नियुक्ति और उनके समायोजन की प्रक्रिया बार-बार बाधित होती रही है, जिससे हजारों अभ्यर्थी मानसिक तनाव और अनिश्चितता के दौर से गुजरने को मजबूर हैं।अभ्यर्थियों का संघर्ष और आगे की राहन्याय की आस में पिछले कई सालों से सड़कों पर धरना-प्रदर्शन और कानूनी पैरवी कर रहे इन उम्मीदवारों की निगाहें अब पूरी तरह से सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के आगामी फैसलों पर टिकी हुई हैं। हर बार नई तारीख और सुनवाई के नाम पर बढ़ती तारीखें छात्रों की उम्मीदों की परीक्षा ले रही हैं। शिक्षा विभाग और सरकार के सामने भी इस जटिल कानूनी पेंच को सुलझाकर एक पारदर्शी और अंतिम समाधान निकालने की बड़ी चुनौती बनी हुई है, ताकि उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों को उनके स्थायी शिक्षक मिल सकें और वर्षों से चल रहा यह विवाद हमेशा के लिए थम सके।
देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा विवाद यानी नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) मामले में जांच एजेंसियों के हाथ एक ऐसा सनसनीखेज सबूत लगा है, जिसने देश की शिक्षा व्यवस्था की नींव हिलाकर रख दी है। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरे महाघोटाले के पीछे किसी और का नहीं, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ही एक वरिष्ठ सब्जेक्ट एक्सपर्ट (Subject Expert) का सीधा हाथ था। यह अधिकारी या विशेषज्ञ परीक्षा से ठीक पहले एक खास कोचिंग सेंटर के लिए स्पेशल क्लास चलाता था, और इसी दौरान उसने एक कोचिंग संचालक के बेटे को चालाकी से पूरे 132 सवाल पहले ही रटा दिए थे, जिसके बाद वह परीक्षा में टॉपर्स की लिस्ट में शामिल हो गया था।कैसे रचे गए इस बड़े पेपर लीक षड्यंत्र के तार?जांच एजेंसियों द्वारा की गई गहराई से पड़ताल में सामने आया है कि किस तरह से सिस्टम के भीतर बैठे जिम्मेदार लोग ही सौदागर बन बैठे थे। एनटीए (NTA) के पास परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने और उनकी गोपनीयता बनाए रखने की सर्वोच्च जिम्मेदारी होती है, लेकिन जब सुरक्षा के पहरेदार ही सेंध लगाने लगे तो लीक होना लाजमी था। आरोपी सब्जेक्ट एक्सपर्ट अपनी पेशेवर पहुंच का गलत इस्तेमाल करते हुए कोचिंग माफियाओं के सीधे संपर्क में था। उसने एक सुनियोजित साजिश के तहत परीक्षा के मुख्य प्रश्नों को पहले ही चुरा लिया और अपनी स्पेशल कोचिंग कक्षाओं के जरिए चुनिंदा छात्रों तक पहुंचा दिया, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर दाग लग गया है।कोचिंग सेंटर मालिक के बेटे को मिला सीधा फायदाइस पूरे रैकेट का सबसे बड़ा प्रमाण तब मिला जब अधिकारियों ने उस छात्र की आंसर शीट और उसके बैकग्राउंड की जांच की जो एक स्थानीय कोचिंग सेंटर के मालिक का बेटा था। वह छात्र सामान्य पढ़ाई में औसत दर्जे का था, लेकिन परीक्षा के परिणाम आए तो उसके अंक देखकर हर कोई हैरान रह गया। उसे स्पेशल क्लास के जरिए कुल 132 सवाल पहले ही हल करवा दिए गए थे, जिनकी बदौलत उसने मेरिट लिस्ट में ऊंची छलांग लगाई। इस भंडाफोड़ के बाद से जांच एजेंसियों ने मुख्य मास्टरमाइंड और उस भ्रष्ट सब्जेक्ट एक्सपर्ट पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में और भी कई बड़े चेहरों के बेनकाब होने की पूरी संभावना है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर पलटवार किया है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने साफ़ तौर पर कहा है कि हमें अमित शाह का लेक्चर सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। जब मैं 'हम' कहता हूँ, तो मेरा मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। छात्रों पर गोली किसने चलाई? छात्रों को कील लगी लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया? क्या हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया था? अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। पिछले 20 दिनों से अमित शाह गायब हैं। भारत के गृह मंत्री में हिम्मत नहीं है; वे सदन में नहीं आ सकते। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष को संसद में चर्चा के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने कहा कि वे उनके सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं और बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर 3 बजे तक सदन में मौजूद रहेंगे। शाह ने कहा कि सबसे पहले, 'लापता', 'भाग गए' जैसी बातें भारत के सार्वजनिक और संसदीय जीवन में आजकल ज़्यादा सुनने को मिल रही हैं। जब से सत्र शुरू हुआ है, मैं नियमित रूप से संसद आ रहा हूँ; मैं अपने चैंबर में बैठता हूँ, लेकिन चूँकि विपक्ष संसद को—दोनों सदनों में से किसी में भी—काम नहीं करने दे रहा है, तो कोई क्या करे? इसे भी पढ़ें: Mohan Yadav ने Rahul Gandhi पर बोला हमला, संसद की कार्यवाही बाधित करने का लगाया आरोप अमित शाह ने आगे कहा कि जहाँ तक चर्चा की बात है, हमारे संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ कर दिया है कि सरकार NEET विरोध-प्रदर्शनों पर पूरी चर्चा के लिए तैयार है। हमने कहा था कि समय तय किया जाए और विपक्ष तैयार रहे। उनकी शुरुआती माँग यही थी, और हमने उसे मान लिया। मैंने भी कहा है कि मैं संसद में किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूँ, फिर भी वे बस चर्चा नहीं होने देना चाहते। अब जनता को तय करने दें कि कौन भाग रहा है। उन्हें आज दोपहर 3:00 बजे तक स्पीकर को एक पत्र सौंपने दें। हम आज दोपहर 3:00 बजे से कल दोपहर 3:00 बजे तक सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार हैं। मैं सदन में बैठूँगा; मैं सबकी बात सुनूँगा और हर बात का जवाब दूँगा। इसे भी पढ़ें: Student Protest पर Congress की विरोधाभासी नीति, Jharkhand में लाठीचार्ज पर BJP ने मांगा जवाब गृह मंत्री ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। मैं इस बात पर भी चर्चा करूँगा कि वे चर्चा क्यों नहीं होने देना चाहते थे। मोदी जी के नेतृत्व में NDA सरकार किसी भी चीज़ पर चर्चा करने के लिए तैयार है; उन्हें बस संसद को काम करने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष से कहना चाहता हूँ: स्पीकर को दोपहर 2:00 बजे तक एक पत्र सौंपें, हम दोपहर 3:00 बजे चर्चा शुरू करेंगे, और मैं कल दोपहर 3:00 बजे तक सभी सवालों के जवाब दूँगा। संसदीय चर्चा के लिए तय नियम और प्रक्रियाएँ होती हैं। फिर भी, कुछ लोग मुझसे सिर्फ़ एक बयान देने के लिए कहते हैं। इतने गंभीर मुद्दे पर इस तरह से चर्चा नहीं हो सकती। यह आपका तरीका हो सकता है, लेकिन यह संसदीय तरीका नहीं है। संसद में चर्चा विस्तार से होती है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
नगर आयुक्त आईएएस नंदन कुमार ने कहा कि मेले के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट को पूरी तरह हटाने तथा हरिद्वार के घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित स्वरूप में लाने के लिए विशेष सफाई अभियान लगातार जारी रहेगा.
NEET PG उम्मीदवारों को मिला गलत टेस्ट सिटी का SMS, ऐसे चुटकियों में चेक करें अपना असली एग्जाम सेंटर
देशभर के मेडिकल स्नातकोत्तर (Medical Postgraduate) छात्रों के लिए आयोजित होने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा NEET PG को लेकर इस वक्त एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ सामने आई है। परीक्षा की तैयारी में जुटे हजारों उम्मीदवारों को उस वक्त तगड़ा झटका लगा जब उनके मोबाइल फोन पर गलत टेस्ट सिटी (Test City) के एसएमएस (SMS) पहुंच गए। इस अचानक आई तकनीकी खामी के कारण छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच भारी असमंजस और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने तुरंत मोर्चा संभाला है और अपनी आधिकारिक सफाई देते हुए छात्रों को सही परीक्षा केंद्र जांचने का पूरा तरीका बताया है।एनबीईएमएस ने तकनीकी चूक पर दी सफाई और दूर किया भ्रमउम्मीदवारों के बीच फैली घबराहट और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बाद एनबीईएमएस (NBEMS) ने तुरंत एक स्पष्टीकरण जारी किया है। बोर्ड ने साफ किया है कि कुछ तकनीकी कारणों और सर्वर अपडेट के दौरान गलत संदेश फॉरवर्ड हो गए थे, जिसके चलते छात्रों को भ्रमित करने वाले एसएमएस मिले। बोर्ड ने परीक्षर्धियों को आश्वस्त किया है कि उन्हें घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है क्योंकि उनका वास्तविक और फाइनल एग्जाम सेंटर वही माना जाएगा जो आधिकारिक पोर्टल पर अलॉट किया गया है। इस सफाई के बाद मेडिकल छात्रों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है।उम्मीदवार ऐसे चुटकियों में चेक करें अपना सही एग्जाम सेंटरगलत संदेशों के इस दौर से बचने और अपनी परीक्षा को लेकर किसी भी प्रकार के संशय को दूर करने के लिए एनबीईएमएस ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें। छात्र अपना असली और सही एग्जाम सेंटर देखने के लिए निम्नलिखित आसान कदमों का पालन कर सकते हैं:सबसे पहले एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in या एनईईटी पीजी के पोर्टल पर जाएं।अपने लॉगइन क्रेडेंशियल्स यानी यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके पोर्टल पर लॉगइन करें।डैशबोर्ड पर दिए गए एडमिट कार्ड या एग्जाम सिटी अलॉटमेंट के विकल्प पर क्लिक करें।वहां प्रदर्शित होने वाले अपने सटीक और फाइनल परीक्षा केंद्र के पते को ध्यानपूर्वक जांच लें और उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
क्या इंजेक्शन के बाद अचानक सांस फूलना, सूजन या बेहोशी गंभीर एलर्जिक रिएक्शन का संकेत हो सकता है? जानिए डॉक्टर की राय और जरूरी जानकारी.
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर ज़िले में 'जेन अल्फा' (Gen Alpha) के छात्रों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। वे तिरंगा लेकर पहुंचे और अपने स्कूल तक पक्की सड़क बनाने की मांग की। चंदू पुर ग्राम पंचायत के छात्र और निवासी कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले 'तिरंगा यात्रा' के तहत लगभग 5 किलोमीटर चले और सड़क की खराब हालत को लेकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें स्कूल जाने के लिए कीचड़ से होकर गुज़रना पड़ता है और उन्होंने सड़क बनाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि आज़ादी के बाद से इस इलाके में कोई पक्की सड़क नहीं बनाई गई है। कलेक्ट्रेट पहुँचने के बाद, छात्र और ग्रामीण DM गेट पर बैठ गए और अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट पर पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि SDM ने स्थिति को संभाला।कलेक्ट्रेट पहुँचने के बाद, छात्र और ग्रामीण DM गेट पर बैठ गए और अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट पर पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि SDM ने स्थिति को संभाला। इसे भी पढ़ें: Kanwar Yatra: हरिद्वार से 251 फुट लंबा तिरंगा लेकर Sambhal पहुंचे 40 श्रद्धालु प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सड़क का काम शुरू नहीं हो जाता, वे वहीं डटे रहेंगे। गाँव वालों और स्कूली छात्रों ने बताया कि सड़क की खराब हालत मॉनसून के दौरान और भी मुश्किल हो जाती है, क्योंकि कच्ची सड़क पर पानी जमा हो जाता है। ADM राकेश कुमार ने बताया कि छात्र कलेक्ट्रेट आए थे और उन्होंने ऊबड़-खाबड़ और कच्ची सड़क की जगह पक्की सड़क बनाने की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। ADM के अनुसार, प्रशासन को वन विभाग से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) पहले ही मिल चुका है। उन्होंने कहा कि सड़क बनाने का काम, जिस पर लगभग 1 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जल्द ही शुरू किया जाएगा। हमीरपुर के ADM राकेश कुमार ने बताया कि प्रशासन को स्थानीय लोगों से एक ज्ञापन मिला है, जिसमें उन्होंने पक्की सड़क की मांग की है। लोगों का कहना है कि मौजूदा सड़क पर बारिश के दौरान पानी भर जाता है, जिससे आने-जाने में परेशानी होती है। इसे भी पढ़ें: CM Mohan Yadav ने UCC Bill पारित होने की राज्यपाल मंगुभाई पटेल को जानकारी दी उन्होंने बताया कि सड़क बनाने का प्रोजेक्ट कई सालों से अटका हुआ था और इसकी अनुमानित लागत लगभग 1 करोड़ रुपये है। इसका प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है; मंज़ूरी मिलने के बाद प्रशासन टेंडर जारी करेगा और काम शुरू करवाएगा। कुमार ने यह भी कहा कि प्रशासन ने पहले भी अलग-अलग मौकों पर हुई बातचीत में ग्रामीणों को इस मामले के बारे में जानकारी दी थी। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व विरोध-प्रदर्शन में बच्चों को आगे करके मामले को बेवजह तूल देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों के पीछे उनके परिवार के सदस्यों की मौजूदगी की ओर इशारा किया। वहीं, प्रदर्शनकारी सड़क का काम शुरू करने की अपनी मांग पर अड़े रहे और कहा कि जब तक प्रशासन काम शुरू नहीं करता, वे कलेक्ट्रेट में ही डटे रहेंगे।
सिर्फ 1 चम्मच तेल में तैयार करें रेस्टोरेंट जैसा टेस्टी और 21 प्रोटीन से भरपूर फ्राइड राइस
बोरिंग दाल-चावल छोड़िए? लंच और डिनर में बनाएं 21 ग्राम प्रोटीन से भरपूर फ्राइड राइस, स्वाद के साथ सेहत भी रहेगी दुरुस्त.
विधायक जी, किराया कम करो' स्कूली छात्राएं सड़कों पर, देखें वीडियो
सिरोंज में कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने बस किराया बढ़ाए जाने के खिलाफ बस स्टैंड पर करीब आधे घंटे तक जोरदार नारेबाजी की. छात्राओं ने स्थानीय विधायक से किराया कम करने की मांग की और स्कूल आने-जाने में हो रही परेशानी को उजागर किया. यह प्रदर्शन यात्रियों और बस चालकों के लिए भी चौंकाने वाला था.
सपा का UP में वापसी का 'होमवर्क' तैयार, अखिलेश ने बनाया टिकट का फॉर्मूला
उत्तर प्रदेश की सत्ता से सपा 2017 के चुनाव से बाहर है, लगातार दो चुनाव हार चुकी है और अब 2027 का चुनाव अखिलेश यादव के लिए काफी अहम माना जा रहा है. ऐसे में सवा ने सत्ता में वापसी का खास प्लान बनाया है, जिसका होमवर्क तैयार हो गया है. उसी लिहाज के अब टिकट फाइनल होंगे?

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