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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने दल-बदल विरोधी कानून पर लोकसभा में बहस की मांग की, स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया

नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोमवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर नए दल-बदल विरोधी कानून की आवश्यकता पर चर्चा कराने की मांग की। उनका कहना है कि अवसरवाद से प्रेरित बड़े पैमाने पर राजनीतिक दल-बदल पर रोक लगाने के साथ-साथ वास्तविक वैचारिक असहमति की भी रक्षा की जानी चाहिए।

देशबन्धु 27 Jul 2026 11:54 am

दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलाने वाले आरएएफ जवान की हुई पहचान, जांच टीम बना रही रिपोर्ट

दिल्ली के जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन में पैलेट गन के कथित इस्तेमाल की जांच तेज हो गई है। RAF जवान की पहचान कर ली गई है और CRPF की जांच रिपोर्ट अगले सप्ताह आने की संभावना है।

देशबन्धु 27 Jul 2026 11:53 am

UP Panchayat Election: यूपी में समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को समय सीमा के भीतर कराने की मांग को लेकर दायर एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका (PIL) पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। याचिका में अदालत से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पंचायत चुनाव तय समय पर ही आयोजित किए जाएं, ताकि ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य प्रभावित न हों।क्या है पूरा मामला और याचिकाकर्ता का पक्षयह याचिका अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन और उनके सहयोगियों की ओर से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि प्रदेश में पंचायत चुनावों की संवैधानिक समय सीमा नजदीक आ रही है, इसलिए राज्य सरकार और पंचायती राज विभाग को बिना किसी विलंब के चुनावी तैयारियां पूरी करनी चाहिए। याचिका में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि चुनाव टालने या देरी करने से आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होता है, इसलिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देकर समय पर मतदान कराया जाना चाहिए।राज्य निर्वाचन आयोग और कोर्ट का रुखइस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि वह तय समय पर चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी प्रशासनिक व संवैधानिक औपचारिकताओं की समीक्षा की थी। अदालत ने पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) और पंचायती राज विभाग से जवाब तलब किया था, ताकि चुनावों से पहले सीटों के आरक्षण और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में कोई कमी न रहे। हाईकोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनाव की घोषणा के बाद कोई कानूनी अड़चन पैदा न हो।क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है आज का दिनआज होने वाली सुनवाई पर पूरे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों और राजनीतिक गलियारों की निगाहें टिकी हुई हैं। यदि अदालत याचिकाकर्ताओं और राज्य निर्वाचन आयोग के पक्ष को ध्यान में रखते हुए दिशा-निर्देश जारी करती है, तो प्रदेश में पंचायत चुनाव की तिथियों को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। इससे पंचायती राज विभाग और जिला प्रशासन को चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने का स्पष्ट रास्ता मिल जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 11:36 am

गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी का प्रदेशवासियों को विशेष संदेश, जानिए क्यों गुरु-शिष्य परंपरा को बताया देश की असली ताकत

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस खास मौके पर सीएम योगी ने एक विशेष पाती जारी कर समाज को गुरु के आध्यात्मिक महत्व, सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहरों और शिक्षकों के प्रति आदर भाव बनाए रखने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने पथप्रदर्शकों और गुरुओं के प्रति अटूट श्रद्धा, सर्वोच्च सम्मान और कृतज्ञता अर्पित करने का पावन दिन है।महर्षि वेदव्यास और सनातन की पौराणिक धरोहरअपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गुरु पूर्णिमा का यह पर्व महान ऋषि महर्षि वेदव्यास की स्मृति में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है, जिन्होंने संपूर्ण मानव जाति को वेदों का दिव्य ज्ञान प्रदान किया था। उन्होंने पौराणिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ से और योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने गुरु सांदीपनि के आश्रम में दीक्षा प्राप्त की थी। यह ऐतिहासिक परंपरा साबित करती है कि जीवन में सफलता, चरित्र निर्माण और उच्च आदर्शों की स्थापना के लिए गुरु का मार्गदर्शन कितना अनिवार्य है।सर्वधर्म समभाव और सर्वव्यापी चेतना का प्रतीकसीएम योगी ने जोर देकर कहा कि गुरु पूर्णिमा का यह पर्व किसी एक धर्म या संप्रदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। बौद्ध परंपरा में इसे भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश यानी 'धर्मचक्र प्रवर्तन' के स्मृति दिवस के रूप में आदर से याद किया जाता है। वहीं, जैन धर्म में इसका जुड़ाव भगवान महावीर के प्रमुख शिष्य गौतम स्वामी के ज्ञान-दीक्षा प्रसंग से है और सिख परंपरा में 'गुरु' व 'गुरु-वाणी' को ही सर्वोपरि स्थान दिया गया है।शिक्षकों का सम्मान ही समृद्ध समाज का आधारशिक्षकों की भूमिका पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समाज में गुरु और शिक्षकों को पूरा मान-सम्मान दिया जाता है, वही समाज विकास की नई बुलंदियों को छूता है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के हर वर्ग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर सशक्त बनाना है। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले 9 वर्षों के दौरान सरकार ने अध्यापकों के सम्मान, सुरक्षा और उनके सशक्तीकरण को अपनी प्राथमिकता में शीर्ष पर रखा है, क्योंकि गुरुओं के बिना एक सशक्त और विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 11:35 am

ब्रह्मोस के बाद अब स्वदेशी 'पिनाका' का जलवा! भारत के इस घातक रॉकेट लॉन्चर को खरीदने के लिए लाइन में लगे 12 देश

भारत लगातार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है। दुनिया भर में तहलका मचाने वाली ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल के बाद अब भारत का स्वदेशी 'पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम' (MBRS) रक्षा निर्यात का अगला बड़ा ब्रह्मास्त्र बनने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में करीब 12 देश भारत के इस अत्याधुनिक और बेहद अचूक हथियार को खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत तैयार हुए इस रॉकेट सिस्टम को लेकर भारत जल्द ही अपने मित्र देशों के साथ निर्यात के बड़े सौदे फाइनल कर सकता है, जिससे रक्षा उत्पादन क्षेत्र को एक नई और मजबूत उड़ान मिलेगी।मलेशिया, फिलीपींस और थाईलैंड हैं सबसे आगेअंतरराष्ट्रीय बाजार में पिनाका सिस्टम की बढ़ती मांग को देखते हुए कई एशियाई देश इसे अपनी सेना में शामिल करने को बेताब हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल मलेशिया, फिलीपींस और थाईलैंड इसे खरीदने की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। भारत के रक्षा निर्यात का ग्राफ बीते कुछ सालों में काफी तेजी से ऊपर गया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि भारत ने हाल ही में इंडोनेशिया को ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल बेचने पर सहमति जताई है, जबकि फिलीपींस पहले ही भारत से ब्रह्मोस मिसाइल की सफल खेप प्राप्त कर चुका है।स्वदेशी तकनीक और पिनाका की अचूक मारक क्षमतापिनाका रॉकेट लॉन्चर पूरी तरह से भारतीय तकनीक का शानदार नमूना है। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है, जबकि इसका निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों द्वारा किया जाता है। भारतीय सेना में पहले से ही इसे ऑपरेशनल तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।पिनाका की ताकत की बात करें तो यह सिस्टम अपनी मारक क्षमता के लिए जाना जाता है:रफ्तार: यह सिस्टम मात्र 44 सेकंड के भीतर एक साथ 12 खतरनाक रॉकेट दागने में पूरी तरह सक्षम है।सटीक निशाना: बेस वर्जन के साथ यह 40 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर जीपीएस (GPS) और आईएनएस (INS) गाइडेंस तकनीक की मदद से बेहद सटीकता के साथ हमला कर सकता है।बचाव प्रणाली: यह 'शूट एंड स्कूट' क्षमता से लैस है, यानी फायर करने के तुरंत बाद लॉन्चिंग वाहन अपनी जगह तेजी से बदल लेता है, ताकि दुश्मन के जवाबी हमले से बचा जा सके।तबाही: इसे दुश्मन के बंकरों, भारी हथियारों के डिपो और जमीनी सैन्य ठिकानों को पल भर में राख करने के लिए ही डिजाइन किया गया है।ब्रह्मोस के मुरीद हुए दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देशपिनाका के साथ-साथ ब्रह्मोस मिसाइल के विदेशी खरीदारों की सूची भी लगातार लंबी होती जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के कई बड़े मुस्लिम देश भारत से ब्रह्मोस खरीदने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। फिलीपींस और वियतनाम के बाद अब दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल का तीसरा सबसे बड़ा वैश्विक ग्राहक बनने जा रहा है। इसके साथ ही खाड़ी देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस खतरनाक मिसाइल को अपने बेड़े में शामिल करने की इच्छा जताई है। कुल मिलाकर लगभग आधा दर्जन देश ब्रह्मोस खरीदने की कतार में खड़े हैं, जो वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती सैन्य कूटनीति का साफ संकेत है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 11:34 am

PoK में भारी तनाव के बीच शुरू हुआ विधानसभा चुनाव: 3 चरणों में होगी वोटिंग, जानें 12 विवादित सीटों का सच और भारत का रुख

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में भारी विरोध प्रदर्शनों और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज, 27 जुलाई से विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग शुरू हो गई है। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने क्षेत्र में जारी जनाक्रोश और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए इस बार तीन चरणों में मतदान कराने का फैसला किया है। पहले चरण में आज मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, जबकि दूसरे चरण में 2 अगस्त और तीसरे चरण में 10 अगस्त को वोटिंग होगी। कुल 53 सीटों पर होने वाले इस चुनाव पर न केवल पाकिस्तान, बल्कि भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी पैनी नजर बनी हुई है।3 चरणों में चुनाव और 12 शरणार्थी सीटों पर खड़ा हुआ बड़ा विवादचुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार 2 अगस्त को मुजफ्फराबाद डिवीजन की 9 सीटों के साथ-साथ शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों पर भी वोट डाले जाएंगे। वहीं 10 अगस्त को अंतिम चरण में पुंछ की 11 सीटों पर मतदान संपन्न होगा। इस पूरे चुनाव में सबसे बड़ा विवाद इन 12 शरणार्थी सीटों को लेकर ही है। स्थानीय संगठनों और 'जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JKJAAC) का गंभीर आरोप है कि पाकिस्तान सरकार इन सीटों की आड़ में अपने पसंदीदा दल को फायदा पहुंचाने और चुनाव नतीजों में धांधली करने का काम करती है, जिससे स्थानीय लोगों का वास्तविक प्रतिनिधित्व कमजोर पड़ता है।कैसे चलता है PoK का प्रशासन और किस पार्टी के बीच है मुख्य मुकाबलाव्यावहारिक रूप से PoK की पूरी व्यवस्था पाकिस्तान के कड़े नियंत्रण में काम करती है। कहने को तो यहां चुने गए विधायक क्षेत्र के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं, लेकिन प्रशासनिक और नीतिगत स्तर पर असल फैसले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली 'कश्मीर काउंसिल' और वहां की सेना ही लेती है। इस बार चुनाव में मुख्य मुकाबला पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के बीच माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि केंद्र में एक साथ सरकार चलाने वाले ये दोनों दल PoK में सत्ता के लिए आमने-सामने हैं। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मुजफ्फराबाद में रैली कर खुद PoK का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताकर सियासत गरमा दी है।महंगाई से भड़का जनआंदोलन और भारत का कड़ा संदेशबीते कई महीनों से PoK के लोग भारी महंगाई, बिजली के बेतहाशा बिलों और पाकिस्तानी नीतियों के खिलाफ लगातार सड़कों पर उतरे हुए हैं। यह आंदोलन अब पाकिस्तान सरकार और सेना की मौजूदगी के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का रूप ले चुका है। दूसरी ओर, भारत ने एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। नई दिल्ली का साफ कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न व अविभाज्य अंग है। भारत इस गैर-कानूनी चुनाव प्रक्रिया को सिरे से खारिज करता है और PoK से जुड़े हर मुद्दे को अपना पूर्ण आंतरिक विषय मानता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 11:32 am

संसद में विपक्ष का जोरदार हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। आज लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पेश किया जाएगा, जबकि विपक्ष ने छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा।

देशबन्धु 27 Jul 2026 11:30 am

थिएटर में रुलाने के बाद अब OTT पर आ रही है इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा', जानें रिलीज डेट

अगर आप सिनेमाघरों में इम्तियाज अली की जादूगरी देखने से चूक गए हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन खबर है। 12 जून को बड़े पर्दे पर रिलीज हुई और दर्शकों की आंखों में आंसू ला देने वाली फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' अब ओटीटी पर आ रही है। थिएटर्स में शानदार कमाई और लोगों का बेशुमार प्यार बटोरने के बाद यह फिल्म अब सीधे आपके घरों तक पहुंचने वाली है।कब और कहां देख सकेंगे फिल्म?अगर आप इस इमोशनल सफर का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो बता दें कि 7 अगस्त से यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर स्ट्रीम होने जा रही है।सरहद पार के प्यार और वादे की कहानी'मैं वापस आऊंगा' की कहानी भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दर्द और उस दौरान बिछड़ गए दो प्रेमियों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक पोता (दिलजीत दोसांझ) अपने बुजुर्ग दादा जी (नसीरुद्दीन शाह) को उनके प्यार से किए गए एक पुराने वादे को पूरा कराने के लिए बॉर्डर के उस पार ले जाता है। कहानी में जज्बात हैं, पुरानी यादें हैं और सरहदों को पार कर जाने वाली मोहब्बत है।शानदार है फिल्म की स्टार कास्टफिल्म में एक्टिंग का जबरदस्त डोज देखने को मिलेगा। दादा के किरदार में दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने जान डाल दी है, वहीं उनके पोते के रूप में दिलजीत दोसांझ का काम लोगों को खूब पसंद आया है। जवानी के दिनों वाले नसीरुद्दीन शाह का रोल वेदांग रैना ने निभाया है, जबकि उनकी प्रेमिका के किरदार में शरवरी वाघ नजर आई हैं।इम्तियाज अली का चिर-परिचित अंदाजइम्तियाज अली को स्क्रीन पर प्यार और जिंदगी के फलसफे को बेहद खूबसूरती से उकेरने के लिए जाना जाता है। चाहे बात 2009 की 'लव आज कल' की हो, 'रॉकस्टार' के जुनून की हो या फिर 'तमाशा' की, उन्होंने हमेशा दर्शकों को रोमांस का एक अलग ही नजरिया दिया है। 'मैं वापस आऊंगा' में भी उनके इसी खूबसूरत डायरेक्शन और बेहतरीन गानों ने एक बार फिर से दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 11:29 am

छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन होगी झमाझम बारिश: बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदला मौसम, 28 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में मानसूनी हवाएं एक बार फिर पूरी तरह से मेहरबान हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी मध्य भारत से होकर गुजर रहा है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में तेजी से नमी आ रही है, जिसके चलते आगामी 31 जुलाई और 1 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट, उमस से मिलेगी राहतलगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण अगले 24 घंटों के भीतर छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अचानक आए इस मौसमी बदलाव से लोगों को पिछले कुछ दिनों से सता रही भीषण उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा है।ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले प्रमुख जिलेमौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी देते हुए कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा और मुंगेली सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं रायपुर, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोरबा, जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर जैसे जिलों में येलो अलर्ट रहेगा, जहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। प्रशासन ने बारिश और तूफान के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 11:26 am

लोग उड़ाते थे मजाक, आज उसी 'फ्री के पानी' को बेचकर खड़ी कर दी 7000 करोड़ की बिसलेरी कंपनी; जानिए रमेश चौहान की सफलता की पूरी कहानी

आजकल हर कोई नए स्टार्टअप और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया की बात कर रहा है। कोई एआई से पैसे बना रहा है तो कोई कबाड़ से करोड़ों का कारोबार खड़ा कर रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस देश में कुएं, तालाब और नदियों का पानी बिल्कुल मुफ्त मिलता हो, वहां कोई पानी बेचकर अरबपति बन सकता है? साल 1969 में जब जयंतीलाल चौहान ने यह आइडिया दुनिया के सामने रखा, तो लोगों ने उन्हें पागल समझकर उनका खूब मजाक उड़ाया। लेकिन उनकी उसी दूरदर्शी सोच और जिद ने आज बिसलेरी को 7000 करोड़ रुपये की विशाल कंपनी बना दिया है।इटली की दवा कंपनी से भारत का नंबर वन ब्रांड बनने का सफरबिसलेरी का इतिहास काफी दिलचस्प है। यह मूल रूप से इटली की एक फार्मा कंपनी थी जो मलेरिया की दवाएं बेचा करती थी। इसके असली मालिक फेलिस बिसलेरी थे। भारतीय बाजार की क्षमता को देखते हुए बाद में पारले ग्रुप ने इसे सिर्फ चार लाख रुपये में खरीद लिया। 1969 में रमेश चौहान ने बिसलेरी की कमान अपने हाथों में ली। उनका शुरुआती मकसद इसे एक सोडा ब्रांड के रूप में स्थापित करना था, लेकिन उन्होंने बोतलबंद पानी बेचना भी जारी रखा। साठ के दशक में कांच की बोतलों में पानी बेचना एक बेवकूफी माना जाता था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को सुरक्षित और शुद्ध पानी की अहमियत समझ आने लगी और यह ब्रांड हर भारतीय की जरूरत बन गया।टाटा से डील की अफवाहों पर लगा विराम, बेटी ने संभाली कमानकुछ समय पहले बाजार में यह खबर जोरों पर थी कि 82 वर्षीय रमेश चौहान अपनी बढ़ती उम्र के कारण कंपनी बेचना चाहते हैं। टाटा और रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियों के इस रेस में शामिल होने की खबरें भी आईं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि उनकी इकलौती बेटी जयंती चौहान की इस बिजनेस में कोई खास दिलचस्पी नहीं है। हालांकि, बाद में ये सारी बातें महज अफवाह साबित हुईं। आज जयंती चौहान ही पूरी मजबूती के साथ बिसलेरी का यह विशाल कारोबार संभाल रही हैं। वर्तमान में कंपनी के पास 122 से ज्यादा ऑपरेशनल प्लांट, 5000 ट्रकों का बेड़ा और 4500 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स का एक बेहद मजबूत नेटवर्क मौजूद है।भारत में तेजी से बढ़ता बोतलबंद पानी का बाजारभारत में बोतलबंद पानी का बिजनेस अब एक बहुत बड़ा उद्योग बन चुका है। मौजूदा समय में भारत दुनिया के उन टॉप दस देशों में शामिल है जहां पैक्ड वाटर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 तक यह बाजार 9.14 अरब डॉलर का हो चुका है और 2031 तक इसके 14.9 अरब डॉलर के आंकड़े को छूने की पूरी संभावना है। इस विशाल बाजार में किनले और एक्वाफिना जैसे बड़े प्रतिद्वंदियों के बावजूद, करीब 40 फीसदी की भारी-भरकम हिस्सेदारी के साथ बिसलेरी आज भी नंबर वन की कुर्सी पर काबिज है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 11:25 am

सपा सांसदों की सरकार से बड़ी अपील: बोले— 'केवल कड़ा कानून समाधान नहीं; युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस ले सरकार, न बिगाड़े उनका भविष्य'

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में केंद्र सरकार 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' पेश करने जा रही है। सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए मौजूदा कानून को और सख्त बनाना है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने इस प्रस्तावित संशोधन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केवल कानून कड़ा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया।

देशबन्धु 27 Jul 2026 11:25 am

लखीमपुर खीरी: दुधवा टाइगर रिजर्व में दिखा दुर्लभ 'लाल मूंगा खुकरी' सांप, 80 साल बाद नजर आई यह अनोखी प्रजाति

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। अपनी अनोखी बनावट और चमकदार लाल रंग के लिए जाना जाने वाला दुर्लभ 'रेड कोरल खुकरी' (लाल मूंगा खुकरी) सांप एक बार फिर जंगलों में रेंगता हुआ देखा गया है। बेहद कम नजर आने वाले इस जीव का दिखना वन विभाग और शोधकर्ताओं के लिए कौतूहल और खुशी का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रजाति की मौजूदगी दुधवा के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का एक बड़ा प्रमाण है।1936 में पहली बार आया था नजर, दशकों बाद फिर दिखाऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक, इस प्रजाति को सबसे पहले साल 1936 में दुधवा के जंगलों में ही दर्ज किया गया था। इसके बाद कई दशकों तक यह इंसानी नजरों से पूरी तरह ओझल रहा। लगभग 80 साल के लंबे अंतराल के बाद इसे दुधवा टाइगर रिजर्व के दक्षिण सुनारीपुर रेंज में रेलवे ट्रैक के पास देखा गया। जंगलों के बीच इस जीव का दोबारा दिखना यह साबित करता है कि यहां जैव विविधता और प्राकृतिक आवास पूरी तरह सुरक्षित हैं।खुकरी जैसे दांत और बिना जहर वाला स्वभावलाल मूंगा खुकरी सांप की सबसे बड़ी खासियत इसका एक समान चमकदार मूंगा लाल रंग है, जो इसे बाकी सांपों से बिल्कुल अलग बनाता है। इसके दांत हल्के घुमावदार होते हैं, जिनकी आकृति पारंपरिक नेपाली खंजर 'खुकरी' जैसी होती है, इसी वजह से इसका नाम खुकरी पड़ा है। हालांकि, इसका चटख लाल रंग देखकर लोग डर जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि यह सांप पूरी तरह से गैर-विषैला (Non-venomous) होता है। यह इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता और इसका मुख्य भोजन छिपकलियां, छोटे कीड़े-मकोड़े और अन्य जीव हैं।रात के अंधेरे में रहता है सक्रिययह सांप मुख्य रूप से एक निशाचर (Nocturnal) जीव है, जो दिन के समय सूखे पत्तों, झाड़ियों या जमीन की दरारों में छिपा रहता है। रात ढलते ही यह भोजन की तलाश में बाहर निकलता है, यही वजह है कि यह आम तौर पर लोगों को दिखाई नहीं देता। यह दुर्लभ प्रजाति उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों, बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल के जंगलों में सीमित संख्या में पाई जाती है। सीमित आबादी के कारण इसे विशेष संरक्षण की श्रेणी में रखा गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 11:24 am

नीट पेपर लीक प्रदर्शन मामला: सुप्रीम कोर्ट करेगा सभी याचिकाओं की एक साथ सुनवाई, देशभर के लिए बनेगी नई गाइडलाइन

NEET पेपर लीक प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की सभी याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई का फैसला किया है। कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय स्तर की गाइडलाइन तैयार की जाएगी।

देशबन्धु 27 Jul 2026 11:17 am

'बेटी के बयान से दुखी हूं, लेकिन पिता को दोष नहीं दे सकते'— केशव महंता के बचाव में बोले हिमंत बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मंत्री केशव महंता की बेटी के पीएम मोदी पर दिए बयान से उन्हें दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा हर वयस्क व्यक्ति अपनी अलग राजनीतिक सोच रख सकता है। बच्चों के विचारों के लिए माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया ...

वेब दुनिया 27 Jul 2026 11:00 am

LIVE: लोकसभा में पेश होगा पेपर लीक संशोधन बिल, पेलेट गन पर हंगामे के आसार

Latest News Today Live Updates in Hindi : मोदी सरकार आज दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेपर लीक संशोधन बिल पेश करेगी। संसद में विपक्ष आज युवाओं पर पेलेट गन चलाने हंगामा कर सकता है। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 27 Jul 2026 10:20 am

अभिजीत दीपके को सुरक्षा देने की मांग तेज, परिवार से मिले मंत्री संजय शिरसाट; बोले- यह आंदोलन नहीं, युवाओं की क्रांति थी

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को सुरक्षा देने की मांग तेज हो गई है। महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने परिवार से मुलाकात कर मुख्यमंत्री से सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात कही। टाइफाइड के कारण दीपके अब तक घर नहीं लौटे हैं।

देशबन्धु 27 Jul 2026 10:08 am

Weather Update : हिमाचल में बादल फटा; असम में 68 मौतें, गुजरात में सेना का रेस्क्यू, IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

असम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है तो गुजरात में भारी ...

वेब दुनिया 27 Jul 2026 9:49 am

पीएम मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस सख्त, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भेजा नोटिस

दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो और तस्वीरों को हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजा है। जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी बढ़ा दी गई है।

देशबन्धु 27 Jul 2026 9:39 am

मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार जीता गोल्ड

राष्ट्रमंडल खेल 2026 के चौथे दिन भारत ने ग्लास्को में एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 48 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ भारत के लिए गोल्ड मेडल का खाता खोला बल्कि एक नया इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ ही उन्होंने ...

वेब दुनिया 27 Jul 2026 8:51 am

CM भूपेंद्र पटेल ने दी श्रद्धांजलि, जानिए 'मिसाइल मैन' डॉ. कलाम के जीवन की 10 प्रेरक और प्रेरणादायक बातें

APJ Abdul Kalam Death Anniversary: गुजरात के मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को पूर्व राष्‍ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कलाम जी के उच्च आदर्श, सादगी और प्रगतिशील विचारधारा देशवासियों ...

वेब दुनिया 27 Jul 2026 8:20 am

DU PhD Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में बड़ा बदलाव! 4 साल के ग्रेजुएशन के बाद अब बिना मास्टर डिग्री के सीधे ले सकेंगे PhD में एडमिशन

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अपने पीएचडी दाखिला नियमों में बहुत बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत लागू किए गए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा योग्यता फ्रेमवर्क (NHEQF) को अपनाते हुए डीयू ने पीएचडी अध्यादेश में संशोधन किया है। इस नए नियम के तहत अब चार साल का ग्रेजुएशन पूरा करने वाले मेधावी छात्र बिना पोस्ट-ग्रेजुएशन (मास्टर डिग्री) के सीधे पीएचडी में दाखिला पा सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं का समय बचाना और उन्हें कम उम्र में ही रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के शानदार अवसर प्रदान करना है।मास्टर डिग्री की अनिवार्यता हुई खत्म, बचेगा छात्रों का समयपारंपरिक अकादमिक व्यवस्था के अनुसार, किसी भी छात्र को पीएचडी में एडमिशन लेने के लिए पहले 3 साल की स्नातक डिग्री और उसके बाद 2 साल की मास्टर डिग्री (जैसे एमए, एमएससी या एमकॉम) पास करना अनिवार्य होता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब नए नियमों के लागू होने के बाद, जिन विद्यार्थियों ने 8-सेमेस्टर यानी 4 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स पूरा कर लिया है, वे बिना किसी मास्टर डिग्री के सीधे पीएचडी रिसर्च के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। इससे छात्रों का एक से दो साल का कीमती समय बचेगा और वे सीधे शोध की दुनिया में कदम रख सकेंगे।सीधे पीएचडी एडमिशन के लिए 75% अंकों की कड़ी शर्तचार साल के ग्रेजुएशन के बाद सीधे पीएचडी में दाखिला पाना हालांकि आसान नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कड़े पात्रता मानदंड तय किए हैं। इस श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के 4-वर्षीय स्नातक कोर्स में कम से कम 75% अंक या इसके समकक्ष सीजीपीए (CGPA) होना अनिवार्य किया गया है।इसके साथ ही, आरक्षित वर्गों के छात्रों को राहत दी गई है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL), दिव्यांगजन (PwBD) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंकों की सीमा में 5% की छूट का प्रावधान किया गया है। इसका मतलब यह है कि इन आरक्षित श्रेणियों के छात्रों के लिए 4-वर्षीय स्नातक में कम से कम 70% अंक होना आवश्यक होगा।3-वर्षीय ग्रेजुएशन और पारंपरिक पोस्ट-ग्रेजुएशन वालों के लिए क्या हैं नियम?डीयू ने स्पष्ट किया है कि पुरानी शिक्षा प्रणाली के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जो इस प्रकार हैं:1-वर्षीय मास्टर डिग्री: जिन छात्रों ने 4-वर्षीय ग्रेजुएशन के बाद 1 साल की मास्टर डिग्री की है, उन्हें पीजी स्तर पर कम से कम 55% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 50%) प्राप्त करने होंगे।2-वर्षीय मास्टर डिग्री: पारंपरिक 3-वर्षीय ग्रेजुएशन के बाद 2 साल की मास्टर डिग्री पूरी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी न्यूनतम 55% अंकों की पात्रता पूर्ववत लागू रहेगी।एम.फिल (M.Phil) धारक: जिन विद्यार्थियों ने कम से कम 55% अंकों के साथ एम.फिल कोर्स पूरा किया है, वे भी पीएचडी में प्रवेश के लिए पूरी तरह योग्य माने जाएंगे।प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा अंतिम चयनचार साल के ग्रेजुएशन के बाद सीधे पीएचडी में दाखिला चाहने वाले सभी अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके तहत उम्मीदवारों को राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा (जैसे यूजीसी नेट, सीएसआईआर नेट या डीयू की प्रवेश परीक्षा) पास करनी होगी। परीक्षा में सफल होने के बाद संबंधित विभाग के इंटरव्यू (साक्षात्कार) के आधार पर अंतिम रूप से छात्रों का चयन किया जाएगा। डीयू के इस दूरदर्शी कदम से यूनिवर्सिटी में रिसर्च का स्तर और अधिक उन्नत होगा तथा युवा शोधकर्ता कम उम्र में ही देश के विकास में अपना वैज्ञानिक व शैक्षणिक योगदान दे सकेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 8:17 am

Share Market Today 27 July: शेयर बाजार में आज जोरदार तेजी के संकेत! दलाल स्ट्रीट पर रौनक लाने वाले ये 7 बड़े फैक्टर्स

सोमवार, 27 जुलाई 2026 के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 के हरे निशान के साथ मजबूत शुरुआत करने की पूरी उम्मीद है। पिछले सत्र में गिरावट का सामना करने वाले दलाल स्ट्रीट के लिए आज का दिन राहत भरा साबित हो सकता है। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे सकारात्मक संकेतों, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते आज शेयर बाजार में जोरदार उड़ान देखने को मिल सकती है। निवेशकों की धारणा को मजबूत करने वाले ऐसे ही 7 प्रमुख संकेतों और बाजार के लेटेस्ट अपडेट पर आइए एक नजर डालते हैं।1. गिफ्ट निफ्टी दे रहा है शानदार गैप-अप की शुरुआत का संकेतभारतीय शेयर बाजार के लिए प्री-ओपनिंग में ही अच्छी खबर सामने आ रही है। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) आज 23,934 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 127.5 अंकों का मजबूत प्रीमियम है। यह साफ तौर पर इस बात का संकेत दे रहा है कि आज घरेलू बाजार की शुरुआत एक शानदार गैप-अप के साथ हो सकती है।2. कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में 5% की बड़ी गिरावटबाजार के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर क्रूड ऑयल के मोर्चे से आई है। ईरान द्वारा हमलों को रोकने की घोषणा करने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिसलकर करीब 92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड भी गिरकर लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। तेल सस्ता होने से भारत जैसे आयातक देशों को बड़ा आर्थिक फायदा मिलता है।3. एशियाई बाजारों में चौतरफा जोरदार तेजीवैश्विक मोर्चे पर एशियाई बाजारों की शुरुआत भी आज जबरदस्त बढ़त के साथ हुई है। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.24% और टॉपिक्स 0.60% मजबूत हुआ है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.44% और स्मॉल-कैप कोस्डैक 1.49% की छलांग के साथ कारोबार कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 भी 0.97% की तेजी के साथ हरे निशान में है, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलेगा।4. अमरीकी बाजार वॉल स्ट्रीट से मिले मजबूत संकेतसप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद वॉल स्ट्रीट के फ्यूचर्स में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में रविवार रात जोरदार उछाल दर्ज हुआ। डॉऊ जोन्स फ्यूचर्स में 244 अंक (0.5%) की बढ़त आई, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.6% चढ़ा, जबकि टेक शेयरों की अगुवाई वाले नैस्डैक 100 फ्यूचर्स ने 1.2% की शानदार तेजी के साथ मार्केट का नेतृत्व किया।5. अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी और युद्ध के माहौल पर ब्रेकईरान पर पिछले 13 दिनों से लगातार चल रहे हमलों के बाद शुक्रवार देर रात से अमेरिका ने फिलहाल नए हमलों से परहेज किया है। इससे भू-राजनीतिक तनाव में काफी कमी आई है। वहीं, ईरान की सेना ने भी यह बयान दिया है कि तेहरान ने अपनी जवाबी सैन्य प्रतिक्रियाओं को फिलहाल रोक दिया है। हालांकि यमन के हूती विद्रोहियों की कुछ छिटपुट हरकतों के बावजूद ग्लोबल लेवल पर युद्ध का डर कम हुआ है, जिससे शेयर बाजारों ने राहत की सांस ली है।6. आज आने वाले हैं दिग्गज कंपनियों के Q1 नतीजेकॉर्पोरेट जगत के लिहाज से भी आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। आज देश भर की करीब 68 प्रमुख कंपनियां अपनी अप्रैल-जून तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणाम घोषित करने वाली हैं। इनमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), कोल इंडिया, इंडस टावर्स, कोफोर्ज, केनरा बैंक और टाटा पावर जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों के आधार पर आज चुनिंदा शेयरों में जबरदस्त एक्शन देखने को मिल सकता है।7. सोने की कीमतों में एक फीसदी से अधिक की तेजीकमोडिटी मार्केट की बात करें तो आज सोने के भावों में फिर से उछाल आया है। वैश्विक मांग और निवेश के कारण सोने की कीमतें सोमवार को 1% से ज्यादा चढ़ गईं। स्पॉट गोल्ड बढ़कर 4,103.99 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.9 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,106.10 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 8:14 am

Yogi Adityanath Big Gift: यूपी के कॉलेज शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात, कैशलेस इलाज के साथ मिलेगा 1.5 करोड़ तक का बीमा कवर

उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के शिक्षकों को ऐतिहासिक सौगात देते हुए 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना' का शुभारंभ किया है। इस योजना के तहत अब राज्य के सरकारी, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) और स्ववित्त पोषित विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को शानदार स्वास्थ्य बीमा और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) साइन किया गया है, जिससे प्रदेश के लगभग 10 लाख लोगों को सीधा और बड़ा सामाजिक सुरक्षा कवर प्राप्त होगा।1.5 करोड़ से 3 करोड़ तक की आर्थिक सहायता और कई बड़े फायदेयोजना का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इसका दायरा व्यापक रखते हुए इसमें 50 हजार से अधिक शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। पंजाब नेशनल बैंक के साथ हुए इस समझौते के मुताबिक, किसी भी अनहोनी या दुर्घटना की स्थिति में शिक्षकों के परिवार को 1.5 करोड़ से 3 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा, अस्पताल में 60,000 रुपये तक का नकद लाभ और 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ बीमा कवर भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पीएनबी से निजी विश्वविद्यालयों और स्ववित्त पोषित संस्थानों के शिक्षकों को भी इस सुरक्षा दायरे से पूरी तरह जोड़ने का विशेष आग्रह किया है।हर परिवार को मिलेगा 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाजमुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों को सीधा लाभ पहुंचेगा। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को सूबे के सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि कार्ड बनते ही पहले दिन से ही लाभार्थी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। अस्पताल में भर्ती होने से लेकर दवाइयों, जांच और डिस्चार्ज होने तक का सारा खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा। इसके संचालन की जिम्मेदारी साचीज संस्था को दी गई है और इसमें आयुष्मान भारत योजना की दरें ही लागू होंगी।कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का भी होगा मुफ्त इलाजइस योजना के दायरे में आने वाले पैनल के अस्पतालों में 1900 से अधिक बीमारियों के इलाज का पैकेज मिलेगा, जिसमें कैंसर, किडनी की गंभीर समस्या, हृदय रोग और बड़ी सर्जरी जैसी महंगी चिकित्सा प्रक्रियाएं भी शामिल हैं। योजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी जिलों में विशेष कैंप लगाकर योग्य शिक्षकों और कर्मचारियों को कार्ड वितरित किए जाएंगे। इस मौके पर आगरा कॉलेज, सेंट जॉन्स कॉलेज, आरबीएस कॉलेज और डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी समेत विभिन्न संस्थानों के शिक्षकों को मुख्यमंत्री के हाथों सांकेतिक रूप से योजना के कार्ड सौंपे गए।सोशल मीडिया की अफवाहों से युवाओं को बचाएं शिक्षक: सीएम योगीइस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को महत्वपूर्ण नसीहत देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और इंटरनेट पर बहुत निर्भर है। ऐसे में फर्जी और अनाम अकाउंट्स के जरिए फैलाई जाने वाली अफवाहें समाज में विद्वेष पैदा कर सकती हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे डिजिटल युग में युवाओं को सही और गलत का फर्क समझाएं और उन्हें देश विरोधी ताकतों की साजिशों के प्रति सतर्क रखें। इस अवसर पर कई दिग्गज मंत्री, सांसद, विधायक और विश्वविद्यालयों के कुलपति व अधिकारी मौजूद रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 8:11 am

नूंह मेडिकल कॉलेज में गजब लापरवाही: बाएं पैर के बजाय दाहिने पैर का कर दिया ऑपरेशन, अब 4 डॉक्टरों की कमेटी करेगी जांच

हरियाणा के नूंह जिले से एक बेहद चौंकाने और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक चार साल के मासूम बच्चे के बाएं पैर के बजाय दाहिने पैर की सर्जरी कर दी गई। जब परिजनों को इस गंभीर गलती का पता चला तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। हालांकि, मामला बढ़ने के बाद डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकार भी कर ली, लेकिन परिजनों की शिकायत पर अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है और इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार डॉक्टरों की एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया गया है।क्या है पूरा मामला? जानिए कैसे हुआ लापरवाही का यह खेलयह पूरी शर्मनाक घटना नूंह जिले के नल्हड़ स्थित शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज की है। बच्चे के पिता आरिफ द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक, उनके चार साल के बेटे के बाएं पैर में फोड़ा हो गया था, जिसके इलाज के लिए वे 20 जुलाई को इस अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों की सलाह पर बच्चे को भर्ती किया गया, लेकिन जब सर्जरी के बाद बच्चे को ऑपरेशन थिएटर से बाहर लाया गया, तो परिवारवालों के होश उड़ गए। डॉक्टरों ने बाएं पैर की जगह बच्चे के दाहिने पैर का ऑपरेशन कर दिया था, जबकि उस पैर में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी।डॉक्टर ने कबूली गलती और बाद में किया दूसरा ऑपरेशनपरिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने इस गंभीर चूक का विरोध किया, तो संबंधित सर्जन ने अपनी गलती मान ली। पिता आरिफ के अनुसार, मामले में आरोपी ऑर्थोपेडिक्स (अस्थि रोग विशेषज्ञ) डॉ. पवन कुमार ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखने के बाद यह स्वीकार किया कि सर्जरी वास्तव में बाएं पैर में की जानी थी। अपनी गलती छिपाने या सुधारने के चक्कर में डॉक्टर ने कथित तौर पर परिवार से कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है और इसके बाद उन्होंने बच्चे के दूसरे (असली) पैर की भी सर्जरी कर दी। इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बनाई 4 डॉक्टरों की जांच कमेटीपरिजनों ने इस पूरी लापरवाही को लेकर अस्पताल प्रशासन को एक लिखित शिकायत सौंपी है, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच बिठा दी है। शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें इस मामले में एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चार वरिष्ठ डॉक्टरों की एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। निदेशक ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 8:10 am

Morning Phone Habit: सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले क्यों उठने लगता है हाथ फोन की तरफ? जानिए इसके पीछे का हैरान करने वाला साइंटिफिक कारण

क्या आपकी भी सुबह की शुरुआत बिना फोन की स्क्रीन देखे नहीं होती? क्या आप भी रात में सोते समय अपना फोन अपने तकिए के पास रखते हैं ताकि आंख खुलते ही सबसे पहले आप सोशल मीडिया या नोटिफिकेशन्स चेक कर सकें? अगर आपका जवाब हां है, तो आप अकेले नहीं हैं। आज की इस डिजिटल दुनिया में ज्यादातर लोगों की सुबह इसी तरह मोबाइल स्क्रीन के साथ होती है। अक्सर हम और आप इसे केवल एक बुरी लत (Addiction) मान लेते हैं, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसके पीछे सिर्फ लत नहीं, बल्कि हमारे दिमाग का एक खास व्यवहार और प्राकृतिक जरूरत जुड़ी हुई है। आइए विज्ञान की नजर से समझते हैं कि सुबह उठते ही दिमाग हमारे साथ यह खेल क्यों खेलता है।नई जानकारी की तलाश करता है हमारा दिमागसुबह आंख खुलते ही सबसे पहले फोन चेक करने की आदत का सीधा संबंध हमारे मस्तिष्क के व्यवहार से है। जब हम रात भर की लंबी नींद के बाद सुबह जागते हैं, तो हमारा दिमाग तुरंत बाहरी दुनिया से दोबारा जुड़ने और नई जानकारियों की तलाश करने के लिए उत्सुक हो जाता है। इस दुनिया में क्या नया चल रहा है, किसी का कोई मैसेज तो नहीं आया या कोई जरूरी अपडेट तो नहीं छूट गया, इन सब बातों को जानने की जिज्ञासा दिमाग के अंदर बनी रहती है। फोमो (FOMO - Fear Of Missing Out) यानी कुछ छूट जाने के डर को कम करने के लिए दिमाग हमें मजबूर करता है कि हम सबसे पहले अपना फोन उठाएं। धीरे-धीरे यह उत्सुकता एक पक्की आदत में बदल जाती है और हम बिना सोचे-समझे यह काम ऑटोमैटिक तरीके से करने लगते हैं।'क्यू-रूटीन-रिवॉर्ड' साइकिल का जाल है यह आदतमनोविज्ञान के अनुसार, सुबह उठते ही फोन देखने की यह पूरी प्रक्रिया एक तयशुदा 'क्यू-रूटीन-रिवॉर्ड' साइकिल पर काम करती है। सबसे पहले आपको 'क्यू' यानी संकेत मिलता है, जैसे ही आपकी आंखें खुलती हैं, आपका दिमाग आपको फोन चेक करने का सिग्नल भेजता है। इसके बाद 'रूटीन' शुरू होता है जिसमें आप तुरंत अपना फोन अनलॉक करके सोशल मीडिया या चैट्स को स्क्रॉल करने लगते हैं। अंत में आता है 'रिवॉर्ड', जैसे ही स्क्रीन पर कोई नया नोटिफिकेशन या मैसेज दिखाई देता है, दिमाग को एक प्रकार का संतोष और राहत मिलती है कि आप दुनिया से कटे नहीं हैं। यह मानसिक संतोष दिमाग के लिए एक रिवॉर्ड बन जाता है और फिर वह इस साइकिल को हर रोज दोहराने की जिद करने लगता है।क्या यह सच में स्मार्टफोन की गंभीर लत है?यह समझना बेहद जरूरी है कि सुबह उठते ही कुछ पलों के लिए फोन देखना हमेशा कोई गंभीर एडिक्शन नहीं होता। यह सिर्फ आपके दिमाग की नेचुरल उत्सुकता और नया जानने की चाहत का नतीजा हो सकता है। हालांकि, अगर यह छोटी सी आदत देखते ही देखते बिना किसी काम के घंटों तक सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में बदल जाती है, तो यह आपकी मानसिक सेहत, फोकस और पूरे दिन की प्रोडक्टिविटी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। इसलिए सुबह की शुरुआत मेडिटेशन, वॉक या गहरी सांसों के साथ करें, न कि मोबाइल स्क्रीन की नीली रोशनी के साथ।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 8:08 am

Screen Time Neck Pain Relief: घंटों लैपटॉप और मोबाइल चलाने से अकड़ गई है गर्दन? इन 10 आसान योगासनों से मिलेगा मिनटों में आराम

आज की तेज-तर्रार और आधुनिक लाइफस्टाइल में लंबे समय तक कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन की स्क्रीन पर चिपके रहना आम बात हो गई है। गलत पोश्चर में बैठकर घंटों काम करने, लगातार तनाव लेने और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण आज के समय में गर्दन का दर्द और अकड़न हर दूसरे व्यक्ति की समस्या बन चुकी है। यही वजह है कि युवाओं से लेकर कामकाजी लोगों में सर्वाइकल पेन, कंधों में जकड़न और सिरदर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। अगर आप भी दिनभर स्क्रीन देखने के कारण गर्दन के दर्द से परेशान हैं, तो दवाइयों का सहारा लेने के बजाय योग को अपनाना सबसे सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय है। नियमित रूप से कुछ खास योगासन करने से न सिर्फ मसल्स रिलैक्स होती हैं, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। आइए जानते हैं गर्दन के दर्द से हमेशा के लिए छुटकारा पाने वाले कुछ बेहद असरदार योगासन और उनके फायदों के बारे में।गर्दन की जकड़न और दर्द को दूर करने वाले असरदार योगासनगर्दन और कंधों के तनाव को चुटकियों में दूर करने के लिए आप अपनी डेली रूटीन में इन आसान योगासनों को शामिल कर सकते हैं:ग्रीवा संचलन (Neck Rotation): सीधे बैठकर अपनी गर्दन को धीरे-धीरे बाएं-दाएं और आगे-पीछे घुमाएं। यह बहुत ही आसान एक्सरसाइज है जिसे आप ऑफिस में कुर्सी पर बैठे-बैठे भी कर सकते हैं। इससे मांसपेशियों की जकड़न खुलती है और ब्लड फ्लो तेज होता है।भुजंगासन (Cobra Pose): पेट के बल लेटकर अपनी हथेलियों के सहारे छाती को ऊपर की ओर उठाएं। यह आसन आपकी गर्दन, कंधों और रीढ़ की हड्डी की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और सर्वाइकल के दर्द में बहुत राहत देता है।मार्जरी-बिटिलासन (Cat-Cow Pose): घुटनों के बल बैठकर अपनी रीढ़ की हड्डी को ऊपर और नीचे की तरफ मूव करें। इससे गर्दन और रीढ़ में गजब का लचीलापन आता है और दिनभर का मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है।सेतु बंधासन (Bridge Pose): पीठ के बल लेटकर अपनी कमर को हवा में उठाएं और गर्दन को पूरी तरह रिलैक्स रखें। यह योगासन गर्दन के हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और मेंटल प्रेशर को घटाता है।बालासन (Child's Pose): घुटनों के बल बैठकर अपने सिर को जमीन पर टिकाएं। यह आसन गर्दन, कंधे और पीठ की सारी थकान को दूर कर देता है और दिमाग को पूरी तरह शांत रखता है।गोमुखासन (Cow Face Pose): इस आसन के अभ्यास से कंधे और गर्दन की मसल्स में बहुत अच्छा खिंचाव (स्ट्रेच) होता है, जिससे जकड़न छूमंतर हो जाती है और शरीर का पोश्चर सुधरता है।ताड़ासन (Mountain Pose): सीधे खड़े होकर अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर खींचते हुए शरीर को स्ट्रेच करें। यह रीढ़ को सीधा रखता है, गर्दन पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है और शरीर का संतुलन सुधारता है।अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Half Lord of the Fishes Pose): रीढ़ की हड्डी को ट्विस्ट करने वाले इस आसन से गर्दन और कंधों की नसों का ब्लॉकेज दूर होता है और लचीलापन बढ़ता है।शवासन (Corpse Pose): पूरे शरीर को ढीला छोड़कर आंखें बंद कर लें और गहरी सांस लें। यह मेंटल स्ट्रेस, सिरदर्द और गर्दन की थकान को मिटाने का सबसे बेहतरीन तरीका है।प्राणायाम (Breathing Exercises): सही तरीके से गहरी सांस लेने वाले प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ती है, नसों को शांति मिलती है और तनाव छूमंतर हो जाता है।इन बातों का भी रखें खास ख्यालअगर आप रोजाना महज 20 से 30 मिनट निकालकर इन योगासनों का अभ्यास करते हैं, तो गर्दन के दर्द और अकड़न से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। इसके अलावा काम के दौरान हर एक घंटे पर स्क्रीन ब्रेक लें, सही पोश्चर में बैठें, भरपूर मात्रा में पानी पिएं और बीच-बीच में हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें ताकि आपकी सेहत हमेशा दुरुस्त बनी रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 8:06 am

Sawan 2026 Puja Vidhi: सावन कब से हो रहा है शुरू? जानिए सही पूजा विधि, सभी सोमवारी की तारीखें, शिवरात्रि और हरियाली तीज का पूरा पंचांग

देवों के देव महादेव की आराधना का सबसे पवित्र और पावन महीना 'श्रावण मास' बस कुछ ही दिनों दूर है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सावन की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होने जा रही है और इसका समापन 28 अगस्त को रक्षा बंधन के पावन पर्व के साथ होगा। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस बार सावन का आरंभ श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग के अत्यंत दुर्लभ संयोग में हो रहा है, जिसे बेहद शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के इस पूरे महीने में जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है। इस साल सावन के महीने में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे और कई खास योग भी बनेंगे।सावन 2026 में ऐसे करें भगवान शिव की पूजाश्रावण मास में भोलेनाथ को प्रसन्न करना बेहद आसान माना जाता है। सावन में पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद तांबे या पीतल के लोटे से शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करें। जल चढ़ाने के बाद दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, आंकड़े के फूल और शमी पत्र अर्पित करना अत्यंत फलदायी होता है। पूजा के दौरान निरंतर ''ॐ नमः शिवाय'' मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें। धार्मिक मान्यता है कि सावन में शिवलिंग पर बेलपत्र और शमी पत्र चढ़ाने से आशुतोष बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।सावन 2026 की चारों सोमवारी और खास योगइस साल सावन में पड़ने वाले चारों सोमवार शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। पहली सावन सोमवारी 3 अगस्त को है, जिस दिन रवि योग और श्रावण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है, जो नए व्यापार और करियर में उन्नति के लिए उत्तम है। दूसरी सावन सोमवारी 10 अगस्त को मनाई जाएगी। तीसरी सावन सोमवारी 17 अगस्त को है, इस दिन शिव योग और प्रदोष काल का दुर्लभ संगम बन रहा है, जो वैवाहिक जीवन की परेशानियों को दूर करने के लिए अचूक माना जाता है। इसी दिन नागपंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। वहीं, चौथी और अंतिम सावन सोमवारी 24 अगस्त को होगी, जिस दिन व्रत रखकर श्रद्धालु पूरे महीने के अनुष्ठान का पूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं।सावन के प्रमुख व्रत: शिवरात्रि, हरियाली अमावस्या और तीज की तिथियांसावन के महीने में आने वाले व्रत और त्योहारों का सनातन धर्म में विशेष स्थान है। इस साल सावन मास के प्रमुख व्रतों की तिथियां इस प्रकार हैं:सावन शिवरात्रि (11 अगस्त 2026): महादेव के जलाभिषेक और रात्रि जागरण के लिए यह साल की सबसे मुख्य शिवरात्रि होगी।हरियाली अमावस्या (12 अगस्त 2026): प्रकृति के प्रति आभार जताने, वृक्षारोपण करने और पितरों की शांति के लिए यह विशेष दिन है।हरियाली तीज (15 अगस्त 2026): स्वतंत्रता दिवस के दिन आने वाला यह पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 8:04 am

Aaj Ka Panchang 27 July 2026: जानिए आज की त्रयोदशी तिथि, शुभ रवि योग, राहुकाल और सभी जरूरी मुहूर्त

आज 27 जुलाई 2026, सोमवार का दिन है और हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास माना जा रहा है। आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शाम 4:15 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। इसके अलावा, आज नक्षत्रों और योगों के खास संयोग के बीच कई महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किए जा सकेंगे। अगर आप भी आज कोई नया काम शुरू करने जा रहे हैं, पूजा-पाठ का प्लान बना रहे हैं या किसी शुभ मुहूर्त की तलाश में हैं, तो यहां जानिए आज का पूरा और सटीक पंचांग।आज का पंचांग और मुख्य खगोलीय गणनाएंहिंदू धर्म में किसी भी नए कार्य, व्रत, त्योहार या मांगलिक आयोजन की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखने की प्राचीन परंपरा रही है। आज शक संवत 1948 और विक्रम संवत 2083 के अनुसार आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी तिथि है। नक्षत्रों की बात करें तो मूल नक्षत्र सुबह 10:29 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज वैधृति योग रात्रि 10:55 बजे तक रहेगा और इसके बाद विष्कुम्भ योग लग जाएगा। करण की दृष्टि से तैतिल करण प्रभावी रहेगा और चंद्रमा पूरे दिन-रात धनु राशि में ही संचरण करेंगे। सूर्यदेव दक्षिणायन स्थिति में हैं।सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समयआज के दिन की शुरुआत और रात्रि के समय की बात करें तो पंचांग के अनुसार सूर्योदय सुबह 06:17 बजे हुआ है, जबकि सूर्यास्त रात 09:36 बजे होगा। वहीं, चंद्रोदय का समय रात 08:59 बजे का है और अगले दिन यानी 28 जुलाई की सुबह 04:28 बजे चंद्रास्त होगा।आज के शुभ मुहूर्त और रवि योग का महत्वआज के दिन कई खास और शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर आप अपने जरूरी काम पूरे कर सकते हैं। आज सुबह से ही 'रवि योग' बना हुआ है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में सभी प्रकार के दोषों को दूर करने और शुभ कार्यों को संपन्न करने के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:08 बजे से 05:43 बजे तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 01:26 बजे से दोपहर 02:27 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 04:30 बजे से शाम 05:31 बजे तक रहेगा। अमृत काल का समय अगली सुबह 04:20 बजे से 06:07 बजे के बीच रहेगा।राहुकाल और अशुभ समय से रहें सावधानज्योतिष शास्त्र में किसी भी नए या मांगलिक कार्य को शुरू करने से पहले अशुभ समय या राहुकाल का खास ध्यान रखा जाता है ताकि किसी बाधा का सामना न करना पड़े। आज के दिन राहुकाल सुबह 08:12 बजे से सुबह 10:07 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगण्ड दोपहर 12:02 बजे से दोपहर 01:57 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 03:52 बजे से शाम 05:46 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 02:27 बजे से दोपहर 03:29 बजे के बीच रहेगा। जानकारों की सलाह है कि इन अशुभ मुहूर्तों में किसी भी तरह के नए या महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 8:01 am

Team India Test Squad: श्रीलंका दौरे से पहले टीम इंडिया के लिए आई बड़ी खुशखबरी, यह दिग्गज ऑलराउंडर पूरी तरह फिट होकर वापसी को तैयार

भारतीय क्रिकेट टीम को आगामी दिनों में श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की एक रोमांचक टेस्ट सीरीज खेलनी है, जिसके लिए टीम के ऐलान की तारीख नजदीक आ चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई के चयनकर्ता कल यानी मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट स्क्वाड का आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं। हालांकि इस सीरीज से पहले कई खिलाड़ियों की चोट ने चयनकर्ताओं की चिंता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन इसी बीच भारतीय खेमे से एक बेहद राहत भरी और शानदार खबर सामने आई है। टीम का एक प्रमुख और अनुभवी ऑलराउंडर अपनी खतरनाक चोट से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करने के लिए बिल्कुल तैयार है।फिट होकर लौटे रविंद्र जडेजा, श्रीलंका सीरीज के लिए हुए उपलब्धहम बात कर रहे हैं टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा की, जो पिछले कुछ समय से चोट के कारण भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। जडेजा को आईपीएल 2026 के दौरान टेनिस एल्बो (Tennis Elbow) की समस्या का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते उन्हें क्रिकेट से दो महीने से ज्यादा का लंबा ब्रेक लेना पड़ा था। इस गंभीर चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच का भी हिस्सा नहीं बन पाए थे। हालांकि, अब जो रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं उनके अनुसार जडेजा ने पूरी तरह से रिकवरी कर ली है और वह श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए चयन के लिए पूरी तरह उपलब्ध हैं।वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर टिकी हैं नजरें, चयनकर्ताओं का असमंजसश्रीलंका दौरे के लिए टीम चुनते समय चयनकर्ताओं के सामने कुछ मुश्किलें भी खड़ी हैं। एक तरफ जहां वॉशिंगटन सुंदर और तेज गेंदबाज हर्षित राणा की फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ जडेजा की वापसी से चयन समिति को बड़ी राहत मिली है। क्रिकइन्फो की रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनकर्ता वॉशिंगटन सुंदर की फाइनल फिटनेस रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं। यदि सुंदर पहले टेस्ट के लिए पूरी तरह फिट नहीं होते हैं, तो उन्हें केवल दूसरे टेस्ट के लिए 16वें सदस्य के रूप में टीम में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, श्रीलंका की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार को देखते हुए ऑफ स्पिनर के विकल्प के तौर पर सारांश जैन के नाम पर भी विचार किया जा सकता है।लंबे समय बाद लाल गेंद के फॉर्मेट में दिखेंगे जडेजारविंद्र जडेजा ने इस साल की शुरुआत में जनवरी महीने में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी अंतरराष्ट्रीय वनडे सीरीज खेली थी। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को पहले ही अलविदा कह चुके जडेजा अब केवल टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में ही देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनकी मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों को बेहद मजबूती प्रदान करेगी। आगामी 15 अगस्त से शुरू हो रही इस दो मैचों की टेस्ट सीरीज में फैंस एक बार फिर अपने चहेते ऑलराउंडर को मैदान पर चौके-छक्के लगाते और अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए देख सकेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 8:00 am

Top News 27 July: संसद में पेपर लीक संशोधन बिल, सोनम वांगचुक होंगे डिस्चार्ज, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Top News 27 July : संसद में आज पेश होगा पेपर लीक संशोधन बिल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में एक्शन में पुलिस। सोनम वांगचुक को आज अस्पताल से छुट्टी मिलेगी। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी ...

वेब दुनिया 27 Jul 2026 7:50 am

'16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध', अंबुमणि रामदास का केंद्र से आग्रह

पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए देशव्यापी कानून बनाए

देशबन्धु 27 Jul 2026 5:50 am

केशव प्रसाद मौर्य का प्रयागराज दौरा आज, विशिष्‍ठजनों से करेंगे चाय पर चर्चा एवं अन्‍य कार्यक्रमों में शिरकत

दिनांक 27 जुलाई, 2026 को प्रयागराज जनपद में विभिन्न सामाजिक, संगठनात्मक एवं जनसंवाद कार्यक्रमों में सहभागिता का कार्यक्रम निर्धारित है। अपने प्रवास के दौरान मा० उप मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, प्रबुद्धजनों तथा स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद कर संगठनात्मक गतिविधियों, विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 11:30 बजे मा० उप मुख्यमंत्री बीबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज, गद्दोपुर, फ़ाफ़ामऊ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।इसके उपरांत दोपहर 1:15 बजे वह श्री राजेन्द्र मिश्र 'बबुआन' के आवास पर स्थानीय जनों के साथ चाय पर चर्चा कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे तथा स्थानीय विषयों एवं जनभावनाओं पर संवाद करेंगे।अपराह्न 3:50 बजे मा० उप मुख्यमंत्री आर्य कन्या इंटर कॉलेज, प्रयागराज में आयोजित व्यापारी संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे, जहां व्यापारियों के साथ व्यापार, उद्योग, निवेश एवं प्रदेश के आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।सायं 4:30 बजे वह होटल रामा कॉन्टिनेंटल, सिविल लाइंस, प्रयागराज में आयोजित प्रयागराज की बात – विकास एवं नवाचार विषयक परिचर्चा में भाग लेंगे। इस अवसर पर शहर के समग्र विकास, नवाचार, आधारभूत संरचना तथा भविष्य की विकास योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।इसके पश्चात सायं 5:20 बजे मा० उप मुख्यमंत्री होटल कम्फर्ट इन में विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठजनों एवं प्रबुद्ध नागरिकों के साथ वार्ता करेंगे।दौरे के अंतिम चरण में मा० उप मुख्यमंत्री सायं 6:05 बजे श्री आशुतोष त्रिपाठी के आवास, 6:20 बजे पूर्व विधायक श्री प्रशांत सिंह के आवास तथा 6:40 बजे श्री अमन वलेचा के आवास पर पहुंचकर शिष्टाचार भेंट करेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 12:01 am

राहुल गांधी बचकाना राजनीति छोड़ें, कर्नाटक पेपर लीक पर माफी मांगें : भाजपा सांसद दिनेश शर्मा

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रह्लाद जोशी के शिक्षा मंत्री का पद संभालने, छात्र विरोध पर राहुल गांधी के पत्र पर प्रतिक्रिया दी।

देशबन्धु 26 Jul 2026 11:08 pm

'छात्रों के मुद्दे पर राजनीति नहीं, समाधान जरूरी', भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर साधा निशाना

बिहार की राजधानी पटना में भाजपा नेताओं ने नीट पेपर लीक विवाद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रह्लाद जोशी को नई जिम्मेदारी, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और आगामी उपचुनाव सहित कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी

देशबन्धु 26 Jul 2026 11:03 pm

संसद में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमलावर होगा विपक्ष, पीएम मोदी से माफी की मांग पर रहेगा जोर

संसद में विपक्ष छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। राहुल गांधी ने अमित शाह को पत्र लिखकर जवाब मांगा।

देशबन्धु 26 Jul 2026 10:54 pm

केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में ₹323.9775 लाख लागत के 60 विकास कार्यों का किया शिलान्यास

केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रयागराज में आयोजित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम के दौरान बच्चों को अन्नप्राशन संस्कार कराया तथा गर्भवती माताओं की गोदभराई की रस्म संपन्न कर उन्हें स्वस्थ एवं सुरक्षित मातृत्व के लिए शुभकामनाएँ दीं। वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत जनपद के 23 विकास खण्डों में लगभग ₹323.9775 लाख की लागत से प्रस्तावित 60 विकास कार्यों का शिलान्यास किया।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी नेतृत्व में डबल इंजन सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास तथा गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्रत्येक योजना का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक एवं वित्तीय रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। आज प्रदेश की लाखों महिलाएँ स्वरोजगार, लघु उद्योग, कृषि आधारित गतिविधियों तथा विभिन्न उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास प्रक्रिया की सहभागी बनाना है। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का सशक्त माध्यम बन चुके हैं और आज महिलाएँ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। प्रत्येक गरीब परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है, जिसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 10:48 pm

अभिजीत दीपके बोले- आंदोलन खत्म, लड़ाई नहीं, जल्द होगा तय होगा अगला कदम; पंजाब पेपर लीक मामला भी एजेंडे में

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन जल्द अपनी नई रणनीति घोषित करेगा। पंजाब पेपर लीक मामला भी संगठन के एजेंडे में शामिल है।

देशबन्धु 26 Jul 2026 10:47 pm

कलाधाम की घटना पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई

वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक और सहायक प्रबंधक को सभी दायित्वों से मुक्त कर ग्रेनो वेस्ट ऑफिस से किया संबद्ध

देशबन्धु 26 Jul 2026 10:25 pm

Vastu Tips: घर में रखा मनी प्लांट छिन सकता है आपकी सुख-शांति, अगर कर रहे हैं ये भारी भूल

आजकल घरों में मनी प्लांट लगाना काफी आम हो गया है। लोग इसे घर की सजावट और हरियाली के लिए तो लगाते ही हैं, साथ ही वास्तु शास्त्र के अनुसार यह पौधा घर में सुख-समृद्धि और धन खींचने का भी काम करता है। लेकिन कई बार हम अनजाने में इसे गलत जगह रख देते हैं या इसकी सही देखभाल नहीं करते, जिससे फायदे की बजाय नुकसान होने लगता है। अगर आपके घर में भी मनी प्लांट है, तो आपको इन चार बड़ी गलतियों से हमेशा बचना चाहिए।1. गलत दिशा में रखने से बढ़ती है कंगालीवास्तु के अनुसार मनी प्लांट की दिशा बहुत ज्यादा मायने रखती है। इसे कभी भी घर के उत्तर-पूर्व कोने में नहीं रखना चाहिए। इस जगह पर मनी प्लांट रखने से घर में फिजूलखर्ची बढ़ती है और आर्थिक तंगी आ सकती है। इसके अलावा, इससे परिवार के सदस्यों में अकारण मनमुटाव और चिड़चिड़ापन भी बढ़ने लगता है। मनी प्लांट को हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय कोण) में ही रखें, इस दिशा को बरकत और धन वृद्धि के लिए सबसे शुभ माना जाता है।2. बेल का जमीन पर घिसटना है बहुत अशुभमनी प्लांट लगाने के बाद अक्सर लोग उसकी ठीक से देखभाल नहीं करते और उसकी बेलें लंबी होकर जमीन पर घिसटने लगती हैं। वास्तु में इसे बहुत अशुभ माना गया है। जमीन पर बेल लटकने का मतलब है कि आपके घर में पैसा नहीं टिकेगा और आमदनी के रास्ते रुक जाएंगे। इसलिए जैसे ही पौधा बढ़ने लगे, उसे किसी धागे या लकड़ी के सहारे ऊपर की ओर बांध दें। ऊपर की ओर बढ़ती बेल घर के लोगों की उन्नति और तरक्की का संकेत होती है।3. सूखे और पीले पत्तों को तुरंत कर दें अलगअगर आपके मनी प्लांट की पत्तियां पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, तो उन्हें तुरंत काटकर अलग कर देना चाहिए। पौधे पर लटके सूखे पत्ते नकारात्मकता लाते हैं और घर का माहौल उदास करते हैं। वास्तु की मानें तो पौधे का सूखना भविष्य में आने वाली किसी आर्थिक परेशानी की तरफ इशारा करता है। इसलिए पौधे को समय पर पानी दें और उसे हमेशा हरा-भरा रखें, क्योंकि एक स्वस्थ पौधा ही घर में पॉजिटिविटी बनाए रखता है।4. अपना मनी प्लांट दूसरों को कभी न बांटेंकई बार हम खुशी-खुशी अपने मनी प्लांट की कोई टहनी या कटिंग पड़ोसियों या रिश्तेदारों को दे देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना बिल्कुल भी सही नहीं है। माना जाता है कि अपने घर का पौधा किसी और को देने से आपके घर की बरकत और लक्ष्मी भी दूसरों के पास चली जाती है। इससे आपके घर में पैसों की खिंचातान शुरू हो सकती है। अगर किसी को पौधा चाहिए, तो उसे नर्सरी से नया पौधा खरीदकर लगाने की सलाह दें, लेकिन अपना पौधा न दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 10:14 pm

10 लाख की एक FD या 1-1 लाख की 10? निवेश से पहले जान लें ये राज, वरना हो सकता है नुकसान

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को आज भी निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका माना जाता है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई रिस्क नहीं होता और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी पहले से तय होती है। लेकिन जब बात एक बड़ी रकम, जैसे 10 लाख रुपये के निवेश की आती है, तो अक्सर लोग दुविधा में पड़ जाते हैं। सवाल यह उठता है कि 10 लाख रुपये की एक ही एफडी करानी चाहिए, या फिर एक-एक लाख रुपये की 10 अलग-अलग एफडी कराना ज्यादा फायदेमंद रहेगा? आइए इस उलझन को सुलझाते हैं।ब्याज और मैच्योरिटी में कितना होता है अंतर?अगर आप 10 लाख रुपये की एक एफडी 10 साल के लिए 7 फीसदी ब्याज दर पर कराते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको करीब 20,01,597 रुपये मिलते हैं। वहीं, अगर आप एक लाख रुपये की 10 अलग-अलग एफडी बिल्कुल समान अवधि और ब्याज दर पर कराते हैं, तब भी आपको कुल मिलाकर 20,01,600 रुपये ही मिलेंगे। यानी रिटर्न के नजरिए से देखें तो दोनों ही विकल्पों में कोई खास अंतर नहीं है। 10 लाख की एकमुश्त एफडी का बस एक फायदा यह है कि आपको सिर्फ एक अकाउंट को मैनेज करना पड़ता है, जिससे कागजी कार्रवाई कम होती है।अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर क्या होगा?रिटर्न एक जैसा होने के बावजूद, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी एफडी कराना कहीं ज्यादा समझदारी है। इसका सबसे बड़ा कारण लिक्विडिटी यानी आपातकाल में पैसों की उपलब्धता है। अगर भविष्य में आपको अचानक 1 या 2 लाख रुपये की जरूरत पड़ जाती है और आपने 10 लाख की एकमुश्त एफडी कराई है, तो आपको पूरी एफडी तोड़नी पड़ेगी। इससे न सिर्फ आपको पेनल्टी देनी होगी, बल्कि बाकी रकम के ब्याज का भी भारी नुकसान होगा। वहीं 10 अलग-अलग एफडी होने पर आप सिर्फ जरूरत के हिसाब से 1 या 2 एफडी तुड़वा सकते हैं, जबकि बाकी एफडी सुरक्षित रहती हैं।पैसों की सुरक्षा और ज्यादा ब्याज का फायदाछोटी एफडी कराने का एक और बड़ा फायदा यह है कि आप अपने पैसे को अलग-अलग बैंकों में निवेश कर सकते हैं। हर बैंक की ब्याज दरें अलग होती हैं, ऐसे में आप बेहतरीन ऑफर्स का फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा, नियमों के अनुसार डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत किसी भी बैंक के बंद होने या डूबने की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ही बीमा कवर मिलता है। ऐसे में अपनी रकम को अलग-अलग छोटी एफडी में बांटने से आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है। अंततः, यह आपकी जरूरत और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है कि आप कौन सा विकल्प चुनते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 10:12 pm

ITR फाइल करने के बाद ये काम नहीं किया, तो बेकार हो जाएगी सारी मेहनत! जानें क्या है नियम

अगर आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया है, तो आपका काम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रिटर्न जमा करना टैक्स प्रक्रिया का सिर्फ पहला कदम है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार रिटर्न जमा करने के बाद उसे वेरिफाई करना भी उतना ही जरूरी है। जब तक आप अपनी ITR को वेरिफाई नहीं करते, तब तक आयकर विभाग उस पर कोई कार्रवाई नहीं करता और आपका रिफंड भी अटक सकता है।ITR वेरिफाई करना क्यों है इतना जरूरी?रिटर्न फाइल करने के बाद आयकर विभाग को आपकी जानकारी मिल जाती है, लेकिन इसकी असल प्रोसेसिंग आपके वेरिफिकेशन के बाद ही शुरू होती है। एक अगस्त 2022 से आयकर विभाग ने वेरिफिकेशन की समय सीमा को घटाकर सिर्फ 30 दिन कर दिया है, जो पहले 120 दिन हुआ करती थी। अगर आप इस 30 दिन की डेडलाइन के अंदर अपना रिटर्न वेरिफाई नहीं करते हैं, तो आपकी ITR इनवैलिड यानी अमान्य घोषित कर दी जाएगी। इसका मतलब है कि आपको फिर से लेट फीस के साथ रिटर्न भरना पड़ सकता है।ऑनलाइन ITR वेरिफाई करने के 5 आसान तरीकेआज के समय में वेरिफिकेशन के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है, ई-वेरिफिकेशन सबसे तेज और सुरक्षित तरीका है। आप आधार ओटीपी के जरिए इसे सबसे आसानी से कर सकते हैं। अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है, तो ओटीपी डालकर मिनटों में वेरिफिकेशन हो जाएगा। इसके अलावा, अगर आपका बैंक या डीमैट अकाउंट ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहले से वैलिडेट है, तो आप इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) जनरेट करके भी काम पूरा कर सकते हैं। अधिकृत बैंकों की नेट बैंकिंग के जरिए सीधे लॉगिन करके भी बिना ओटीपी के ITR वेरिफाई किया जा सकता है। वहीं, बड़े व्यवसायी और प्रोफेशनल्स डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का इस्तेमाल करके भी ई-वेरिफिकेशन कर सकते हैं।वेरिफिकेशन पूरा हुआ या नहीं, कैसे पता चलेगा?जैसे ही आपका ई-वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है, आपकी स्क्रीन पर एक सक्सेस मैसेज और ट्रांजैक्शन आईडी दिखने लगेगी। इसके साथ ही आपके रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर आयकर विभाग की तरफ से एक कन्फर्मेशन ईमेल भी आ जाएगा, जिससे आप निश्चिंत हो सकते हैं कि आपका वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।ऑफलाइन वेरिफिकेशन का भी है विकल्पजो लोग ऑनलाइन प्रक्रिया से नहीं जुड़ना चाहते, उनके लिए ऑफलाइन का रास्ता भी खुला है। इसके लिए आपको ITR-V रसीद का प्रिंट आउट निकालकर उस पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे और 30 दिनों के भीतर इसे सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC), बेंगलुरु के पते पर भेजना होगा। हालांकि, ई-वेरिफिकेशन ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें डाक के खोने या देरी होने का कोई जोखिम नहीं रहता।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 10:10 pm

गुरु पूर्णिमा का रहस्य: भगवान शिव ने कैसे शुरू की गुरु-शिष्य परंपरा? जानें महर्षि वेदव्यास से इसका गहरा नाता

सनातनी संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती पर इस पवित्र गुरु-शिष्य परंपरा की शुरुआत आखिर कैसे हुई? पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस महान ज्ञान मार्ग की नींव स्वयं आदिगुरु भगवान शिव ने रखी थी। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला गुरु पूर्णिमा का यह पावन पर्व इसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक घटना का प्रतीक है, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले गुरुओं के प्रति सम्मान सिखाता है।महादेव कैसे बने सृष्टि के पहले 'आदिगुरु'?धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ही इस दुनिया के प्रथम गुरु हैं। हजारों वर्ष पूर्व जब महादेव हिमालय की शांत वादियों में अपनी गहरी समाधि से बाहर आए, तो उन्होंने देखा कि सात ऋषि (सप्तर्षि) ज्ञान प्राप्ति की तीव्र लालसा में उनके समक्ष बैठे हैं। इन ऋषियों की कठोर तपस्या और अटूट श्रद्धा को देखकर महादेव का हृदय पिघल गया। शिव जी ने 'दक्षिणामूर्ति' का रूप धारण किया और आषाढ़ महीने की पूर्णिमा के दिन सातों ऋषियों को परम ब्रह्मज्ञान प्रदान किया। ज्ञान देने का यही ऐतिहासिक दिन आगे चलकर गुरु पूर्णिमा के रूप में विख्यात हुआ।सप्तर्षियों ने दुनिया भर में फैलाया शिव का ज्ञानभगवान शिव से साक्षात परम ज्ञान और दीक्षा प्राप्त करने के बाद सप्तर्षियों ने इसे केवल अपने तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने महादेव को अपना प्रथम गुरु माना और इस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए दुनिया के अलग-अलग दिशाओं में निकल पड़े। इन ऋषियों ने आम मनुष्यों को धर्म, कर्म, सत्य, जीवन और ईश्वर का सही मार्ग दिखाया। जिस तरह महादेव ने ज्ञान का बीज बोया, उसी तरह इन ऋषियों ने समाज में गुरु-शिष्य परंपरा की एक मजबूत नींव तैयार की।महर्षि वेदव्यास और 'व्यास पूर्णिमा' का महत्वगुरु पूर्णिमा का सीधा और अटूट संबंध महान ऋषि वेदव्यास जी से भी है। शास्त्रों के अनुसार, इसी आषाढ़ पूर्णिमा के पावन दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। उन्होंने ही मानव कल्याण के लिए चारों वेदों का विस्तार और विभाजन किया। इसके अलावा 18 पुराणों व महाभारत जैसे महाग्रंथों की रचना का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। ज्ञान के इस अथाह सागर को दुनिया के सामने रखने के कारण ही वेदव्यास जी को मानव जाति का सबसे बड़ा गुरु माना गया। उनके इसी अतुलनीय योगदान को सम्मान देने के लिए गुरु पूर्णिमा को 'व्यास पूर्णिमा' भी कहा जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 10:07 pm

ITR Filing Deadline 2026: क्या 31 जुलाई है ITR भरने की आखिरी तारीख? पेनाल्टी से बचना है तो जान लें सही डेडलाइन

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन आ गया है और ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल है कि क्या 31 जुलाई 2026 ही रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख है? अक्सर लोग इसी कन्फ्यूजन में जल्दबाजी करते हैं। लेकिन आयकर विभाग (Income Tax Department) के नियमों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है। टैक्सपेयर्स की अलग-अलग कैटेगरी और ITR फॉर्म के हिसाब से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन भी अलग-अलग तय की गई हैं। आइए आपको बताते हैं कि आपके लिए रिटर्न भरने की सही तारीख क्या है, ताकि आप बेवजह के जुर्माने से बच सकें।किन टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई है अंतिम तारीख?अगर आप नौकरीपेशा (Salaried Class) या पेंशनर हैं और ITR-1 या ITR-2 फॉर्म के जरिए अपना रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपके लिए 31 जुलाई 2026 ही डेडलाइन है। आसान भाषा में समझें तो ITR-1 उन लोगों के लिए है जिनकी कमाई सैलरी, किसी एक मकान या बैंक के ब्याज से होती है और उन्हें शेयर या म्यूचुअल फंड से कोई अतिरिक्त मुनाफा नहीं हुआ है। वहीं, अगर आपने प्रॉपर्टी, सोना, म्यूचुअल फंड या शेयर बेचकर कैपिटल गेन (Capital Gain) कमाया है या आपकी विदेश से कोई कमाई हुई है, तो आपको ITR-2 फॉर्म 31 जुलाई तक भरना अनिवार्य है।ITR-3, ITR-4 और ऑडिट वाले मामलों की लास्ट डेटछोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए थोड़ी राहत है। जो टैक्सपेयर्स ITR-3 या ITR-4 फॉर्म भरते हैं और उनके बैंक खातों का ऑडिट होना जरूरी नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक बिना किसी पेनाल्टी के अपना रिटर्न भर सकते हैं। इसके अलावा, जिन कंपनियों, संस्थाओं या बड़े कारोबारियों के खातों का ऑडिट अनिवार्य है (जो ITR-5, ITR-6 या ITR-7 दाखिल करते हैं), उनके लिए रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।तय समय पर रिटर्न न भरने पर कितना लगेगा जुर्माना?अगर आप किसी कारणवश अपनी तय डेडलाइन तक ITR फाइल नहीं कर पाते हैं, तो आपको 31 दिसंबर 2026 तक 'बिलेटेड रिटर्न' (Belated Return) भरने का मौका मिलता है। लेकिन इसमें आपको नुकसान उठाना पड़ेगा। आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत लेट फीस देनी होगी। अगर आपकी कुल सालाना आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है, तो आपको 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। वहीं 5 लाख रुपये तक की आय वालों के लिए यह लेट फीस अधिकतम 1,000 रुपये है। इसके अलावा, टैक्स बकाया होने पर अतिरिक्त ब्याज भी चुकाना होगा और आप बिजनेस या कैपिटल लॉस को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड भी नहीं कर पाएंगे। इसलिए सही फॉर्म चुनें और अपनी डेडलाइन से पहले ही रिटर्न दाखिल कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 10:05 pm

मलाइका से लेकर सामंथा तक: सिर्फ स्टाइल नहीं, इन एक्ट्रेसेस के शरीर पर बने टैटू में छिपी है उनकी अनसुनी कहानी

बॉलीवुड इंडस्ट्री में अभिनेत्रियां अपनी शानदार एक्टिंग और फैशन सेंस के साथ-साथ अपने खास टैटू के लिए भी सुर्खियों में रहती हैं। मलाइका अरोड़ा से लेकर सामंथा रुथ प्रभु तक, कई हसीनाओं ने अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर बेहद खूबसूरत टैटू गुदवाए हैं। हालांकि, ये टैटू सिर्फ स्टाइल स्टेटमेंट या शरीर पर बने निशान भर नहीं हैं, बल्कि इनमें से हर एक टैटू अपने अंदर जिंदगी की कोई न कोई गहरी कहानी और राज समेटे हुए है। आइए जानते हैं इन मशहूर अभिनेत्रियों के टैटू का असली मतलब क्या है।तृप्ति डिमरी: सूरज और चांद का अनोखा संगमबॉलीवुड की नई सेंसेशन तृप्ति डिमरी के लाखों चाहने वाले हैं। इस खूबसूरत अदाकारा ने अपने दाएं कंधे पर सूरज और चांद का एक बेहद आकर्षक और कूल डिजाइन गुदवा रखा है। अभिनेत्री के इस टैटू का सीधा मतलब सूर्य की तेज रोशनी और चांद की शांत चमक से जुड़ा है, जो जीवन में संतुलन को दर्शाता है।सामंथा रुथ प्रभु: प्यार, दर्द और अपनी पहचानसाउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने वाली सामंथा रुथ प्रभु की बॉडी पर कभी तीन टैटू हुआ करते थे। उनका पहला टैटू 'YMC' उनकी और उनके एक्स हसबैंड नागा चैतन्य की पहली फिल्म के नाम पर था, जहां से उनकी लव स्टोरी शुरू हुई थी। दूसरा टैटू उन्होंने चैतन्य के प्यार में 'Chay' लिखवाया था, जिसे तलाक के बाद उन्होंने हटवा दिया। वहीं उनके तीसरे टैटू में दो तीर बने हैं, जिसका गहरा अर्थ है- 'अपनी पहचान खुद बनाओ।'सुष्मिता सेन: अपना रास्ता खुद बनाने का जज्बापूर्व मिस यूनिवर्स और बॉलीवुड की दमदार एक्ट्रेस सुष्मिता सेन के शरीर पर वैसे तो कई टैटू हैं, लेकिन उनका सबसे चर्चित टैटू लैटिन भाषा में लिखा गया है। सुष्मिता ने अपनी बांह पर 'Aut Viam Inveniam Aut Faciam' लिखवाया है। इसका हिंदी में मतलब है, 'मैं अपना रास्ता ढूंढ लूंगी या खुद अपना रास्ता बना लूंगी।' यह टैटू सुष्मिता की मजबूत और स्वतंत्र शख्सियत को बयां करता है।कंगना रनौत: दर्द के बाद चमकने वाली सफलताअपनी बेबाकी के लिए मशहूर कंगना रनौत ने अपनी गर्दन के पिछले हिस्से पर एक खास टैटू गुदवाया है, जिसमें पंख, क्राउन और एक तलवार शामिल है। कंगना ने खुद बताया था कि पहले उन्होंने सिर्फ दो पंख बनवाए थे, फिर उन्हें अधूरा लगा तो एक क्राउन बनवाया। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो उन्होंने इसमें एक तलवार जुड़वा ली। इस पूरे टैटू का मतलब वह चमक और सफलता है, जो जीवन में भारी दर्द और संघर्षों के बाद हासिल होती है।मलाइका अरोड़ा: खुले आसमान में उड़ने की आजादीफिटनेस आइकन मलाइका अरोड़ा भी टैटू की काफी शौकीन हैं और उनके शरीर पर कई टैटू मौजूद हैं। हालांकि, उनकी पसलियों (ribs) पर बनी तीन उड़ती हुई चिड़ियों (Three Flying Birds) का टैटू आर्ट सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है। यह खूबसूरत टैटू बंधनों से मुक्त होकर खुले आसमान में उड़ने और पूरी आजादी के साथ अपनी जिंदगी जीने का संदेश देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 10:04 pm

छात्रों की जीत पर बोलीं रवीना टंडन, बताया कैसे गुंडों ने हाईजैक किया शांतिपूर्ण आंदोलन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बड़े छात्र आंदोलन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। छात्रों की इस कामयाबी पर कई सितारे अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी कड़ी में अब मशहूर एक्ट्रेस रवीना टंडन ने भी अपनी बात खुलकर रखी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर छात्रों की जीत पर खुशी और गर्व जताया है, वहीं कुछ राज्यों में आंदोलन के हिंसक होने पर गहरी नाराजगी भी जाहिर की है। रवीना का मानना है कि इस जीत से देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े और सकारात्मक बदलाव आएंगे।छात्रों की आवाज सुने जाने पर जताई खुशीअपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई तस्वीरें शेयर करते हुए रवीना ने लिखा कि छात्रों के हालिया विरोध प्रदर्शनों ने उनके भीतर एक नई उम्मीद जगा दी है। उन्हें इस बात की तसल्ली है कि आखिरकार लोगों की जायज मांगों को सुना जा रहा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में पर्यावरण, जानवरों और पेड़ों की कटाई जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। एक्ट्रेस ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें अपने ग्रह को बचाना होगा क्योंकि हमारे पास रहने के लिए कोई दूसरा 'प्लैनेट B' मौजूद नहीं है।मिजोरम के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की जमकर की तारीफरवीना टंडन ने पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम और अन्य जगहों पर हुए शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मिजोरम के छात्रों ने विरोध का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है और उन्हें सलाम है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाई। एक्ट्रेस ने साफ कहा कि कुछ राज्यों में राजनीतिक पार्टियों और गुंडों ने छात्रों के इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को पूरी तरह से हाईजैक कर लिया था। कुछ लोग तो केवल लाइमलाइट बटोरने और सोशल मीडिया के लिए रील्स बनाने के इरादे से वहां मौजूद थे।सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को लगाई फटकारविरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ पर रवीना ने सख्त एतराज जताया है। उनका कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के पीछे निश्चित रूप से उपद्रवी तत्व शामिल थे और यह छात्रों का काम बिल्कुल नहीं हो सकता। इन बाहरी तत्वों ने पूरी कोशिश की कि आंदोलन अपने रास्ते से भटक जाए। इन सबके बावजूद रवीना ने उम्मीद जताई है कि अब हमारे सिस्टम से भ्रष्टाचार खत्म होगा और हर किसी तक शिक्षा की आसान पहुंच सुनिश्चित होगी। अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने लिखा कि जब पढ़ेगा इंडिया, तभी बढ़ेगा इंडिया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 10:03 pm

सलमान खान की 'किक' के 12 साल: जानिए किस बॉलीवुड एक्टर से इंस्पायर्ड थी विलेन शिव गजरा की सिग्नेचर हंसी

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की ब्लॉकबस्टर एक्शन-कॉमेडी फिल्म 'किक' (Kick) की रिलीज को 12 साल पूरे हो चुके हैं। साल 2014 में आई इस फिल्म की कहानी, धांसू एक्शन और सुपरहिट गाने आज भी फैंस के दिलों में बसे हुए हैं। लेकिन 'डेविल' यानी सलमान खान के अलावा अगर किसी किरदार ने दर्शकों के दिमाग पर सबसे गहरी छाप छोड़ी थी, तो वह था फिल्म का खौफनाक विलेन 'शिव गजरा', जिसे नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने निभाया था।अपनी दमदार एक्टिंग, डरावनी अट्टहास हंसी, जीभ चटकाने (Tongue Clicking) के अनोखे अंदाज और डार्क ह्यूमर के दम पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने इस विलेन को भारतीय सिनेमा के सबसे आइकॉनिक विलेन की सूची में ला खड़ा किया। अब फिल्म के 12 साल पूरे होने के मौके पर एक्टर ने इस यादगार किरदार से जुड़े कई सीक्रेट्स का खुलासा किया है।किस एक्टर से इंस्पायर्ड थी 'शिव गजरा' की खौफनाक हंसी?फिल्म में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि 'शिव गजरा' की वह मशहूर डरावनी हंसी असल में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म 'अक्स' (Aks) की परफॉर्मेंस से प्रेरित थी।नवाजुद्दीन ने बताया, मैं फिल्म 'अक्स' में मनोज बाजपेयी भाई के किरदार से बेहद प्रभावित हुआ था और मैंने उनकी एक्टिंग को बहुत बारीकी से ऑब्जर्व किया था। जब मुझे 'किक' में विलेन का रोल मिला, तो मैंने उनकी उस परफॉर्मेंस से प्रेरणा ली, लेकिन इसे पूरी तरह से अलग और मनोरंजक बनाने के लिए इसमें अपना पर्सनल टच भी जोड़ा।थिएटर के दिनों से सीखा 'जीभ चटकाने' का स्टाइलइसके अलावा, फिल्म में शिव गजरा का बार-बार जीभ चटकाकर (Tongue Clicking) आवाज निकालना भी काफी लोकप्रिय हुआ था। इस बारे में खुलासा करते हुए नवाज ने बताया कि यह बारीकी उन्होंने अपने शुरुआती थिएटर के दिनों में सीखी थी, जिसे वे कई नाटकों (Plays) में इस्तेमाल करते आए थे। 'किक' में डायरेक्टर और उनकी सहमति से उन्होंने इसे विलेन के किरदार में जोड़ा, जिसने स्क्रीन पर एक अलग साइकोलॉजिकल खौफ पैदा कर दिया।नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स12 साल बीत जाने के बाद भी शिव गजरा का किरदार नवाजुद्दीन सिद्दीकी के सबसे बेस्ट रोल्स में गिना जाता है। अपने हर किरदार में पूरी तरह ढल जाने वाले नवाज जल्द ही कई बड़ी फिल्मों में नजर आने वाले हैं। फैंस को उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स का बेसब्री से इंतजार है, जिनमें शामिल हैं:थम्मा 2 (Thamma 2)तुम्बाड 2 (Tumbbad 2)ब्लाइंड बाबू (Blind Babu)सेक्शन 108 (Section 108)

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 9:37 pm

खैरथल-तिजारा में थार की चपेट में आने से महिला की मौत

खैरथल-तिजारा। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा थाना क्षेत्र में टीहली गांव में रविवार को थार गाड़ी की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मोहरली देवी के रूप में हुई है। दोपहर में तेज रफ्तार से आ […] The post खैरथल-तिजारा में थार की चपेट में आने से महिला की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 9:25 pm

बाराबंकी में रेप पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने बच्ची को दिया जन्म

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में दुष्कर्म पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने रविवार को सरकारी अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। मामले का आरोपी पहले से ही जेल में बंद है। किशोरी के साथ हुई घटना के बाद अब नवजात बच्ची के भविष्य को लेकर भी परिजनों के सामने संकट खड़ा हो गया है। […] The post बाराबंकी में रेप पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने बच्ची को दिया जन्म appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 9:20 pm

वैभव सूर्यवंशी का आतिशी अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे का सूपड़ा किया साफ

हरारे। वैभव सूर्यवंशी (81) की आतिशी अर्धशतकीय पारी के बाद गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने रविवार को तीसरे टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 35 रनों से शिकस्त दी। इसी के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे […] The post वैभव सूर्यवंशी का आतिशी अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे का सूपड़ा किया साफ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 9:13 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मीराबाई चानू का गोल्डन हैट्रिक, रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ भारत को दिलाया पहला स्वर्ण पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में रिकॉर्ड 190 किलोग्राम वजन उठाकर भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड है।

देशबन्धु 26 Jul 2026 9:03 pm

परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में टास्क फोर्स का गठन, पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया। समिति परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, तकनीक और दीर्घकालिक सुधारों पर सिफारिशें देगी।

देशबन्धु 26 Jul 2026 8:54 pm

प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया एक और नया वीडियो, पेपर लीक को लेकर किया यह बड़ा ऐलान

Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 8:01 pm

भीलवाड़ा में सात दिन से लापता साहूकार का शव कुएं से मिला

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र में सात दिन से लापता साहूकार शोभाराम जैन का हाथ-पैर बंधा शव मदनपुर गांव के पास सड़क किनारे स्थित एक कुएं से रविवार को बरामद किया गया। शव की हालत और परिस्थितियों को देखते हुए हत्या कर शव कुएं में फेंके जाने की आशंका जताई जा […] The post भीलवाड़ा में सात दिन से लापता साहूकार का शव कुएं से मिला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:50 pm

कोई गरीब पीछे नहीं रहेगा, कोई जरूरतमंद अवसर से वंचित नहीं रहेगा : नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आयोजित अंत्योदय मेले आशाओं, अवसरों और आत्मनिर्भरता के प्रतीक हैं। इन मेलों का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि कोई भी गरीब या जरूरतमंद सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने […] The post कोई गरीब पीछे नहीं रहेगा, कोई जरूरतमंद अवसर से वंचित नहीं रहेगा : नायब सिंह सैनी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:45 pm

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में रोडवेज की 144 नई बसों को दिखाई हरी झंडी

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर के अजमेर रोड स्थित हीरापुरा बस टर्मिनल से रोडवेज की 144 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शर्मा ने इस अवसर पर संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार सभी संकल्पों एवं वादों को पूरा करते हुए […] The post मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में रोडवेज की 144 नई बसों को दिखाई हरी झंडी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:31 pm

औरैया में जिसे मरा मानकर परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 3 दिन बाद घर लौटा

औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में डेढ़ वर्ष से लापता एक शख्स को मृत मानकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया। इस तीन दिन बाद वह जिंदा घर लौट आया। शख्स को सामने खड़ा देख परिजनों और ग्रामीण हैरान रह गये। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर गांव का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में […] The post औरैया में जिसे मरा मानकर परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 3 दिन बाद घर लौटा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:24 pm

रेप आरोपी महाराष्ट्र निवासी युवक मोहम्मद सादिक यूपी के रायबरेली से अरेस्ट

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के गुरुबख्शगंज इलाके में पुलिस ने महिला से दुष्कर्म के मामले में वांछित महाराष्ट्र निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म और आपराधिक धमकी की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। पुलिस सूत्रों से रविवार को बताया कि गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र […] The post रेप आरोपी महाराष्ट्र निवासी युवक मोहम्मद सादिक यूपी के रायबरेली से अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:10 pm

पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजा

पटना। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पुत्र और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के नेता तेज प्रताप यादव को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। यादव की अधिवक्ता निशा सिंह ने बताया कि पुलिस ने शनिवार देर शाम राज्य की राजधानी स्थित एक शॉपिंग मॉल से यादव को […] The post पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:03 pm

पीओके में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच 27 जुलाई से शुरू होंगे चुनाव, पीटीआई का बहिष्कार

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 27 जुलाई से तीन चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले चरण की तैयारियां जारी हैं। इस बीच राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनावी प्रक्रिया से महीनों से जारी अशांति के थमने या उन जन-समस्याओं के समाधान की उम्मीद बेहद कम है, जिनकी वजह […] The post पीओके में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच 27 जुलाई से शुरू होंगे चुनाव, पीटीआई का बहिष्कार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 6:56 pm

तमिलनाडु: शिवकाशी में अवैध पटाखा गोदाम में भीषण धमाका; तीन की मौत, कई लोग झुलसे; पूरी इमारत ढही

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के शिवकाशी के पास रविवार को एक अवैध पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। विस्फोट के बाद लगी भीषण आग और लगातार हुए धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

देशबन्धु 26 Jul 2026 6:42 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ऋषिकांत सिंह ने दिलाया भारत को पहला सिल्वर, 60 किग्रा वेटलिफ्टिंग में रचा नया इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में 264 किलोग्राम वजन उठाकर भारत का पहला सिल्वर मेडल जीता। जानें उनके प्रदर्शन और करियर की पूरी कहानी।

देशबन्धु 26 Jul 2026 6:00 pm

DRDO से दस्तावेज लीक के दावों ने भारत की साइबर गवर्नेंस पर खड़े किए सवाल : विशेषज्ञ

तिरुवनंतपुरम। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के संवेदनशील डिजाइन दस्तावेजों के लीक होने और प्रतिबंधित तकनीकी जानकारी के डार्क वेब पर उपलब्ध होने के दावों ने भारत के रणनीतिक क्षेत्रों में साइबर गवर्नेंस की समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया है। इंजीनियरिंग फिजिसिस्ट और औद्योगिक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ केएस मनोज ने अपने लेख साइबर […] The post DRDO से दस्तावेज लीक के दावों ने भारत की साइबर गवर्नेंस पर खड़े किए सवाल : विशेषज्ञ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 3:12 pm

मालवा को मान सरकार का बड़ा तोहफा: मोगा में 120 बेड के अत्याधुनिक 'कैपिटल अस्पताल' का हुआ उद्घाटन

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मालवा क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात देते हुए मोगा जिले में 120 बेड वाले अत्याधुनिक 'कैपिटल अस्पताल' का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन कर दिया है। यह नया अस्पताल मोगा जिले का पहला नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) मान्यता प्राप्त मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है, जिससे अब इस पूरे क्षेत्र के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े और दूर-दराज के शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा।मालवा क्षेत्र के लोगों को घर के नजदीक मिलेगी विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधामोगा में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस आधुनिक चिकित्सा संस्थान के खुलने से मालवा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और अधिक सुधरेगा। यह अस्पताल लोगों को उनके घरों के बेहद करीब ही विशेष और उच्च मानक का इलाज मुहैया कराएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब राज्य में विकास की रफ्तार को और तेज करने के हमारे निरंतर प्रयासों का एक अहम हिस्सा है, क्योंकि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा हमारी सरकार की दो सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं।कैशलेस इलाज का लाभ और आम आदमी क्लीनिकों का विस्तारमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस अस्पताल में इलाज कराने वाले पात्र मरीज 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' और केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत पूरी तरह से कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा पंजाब सरकार राज्य भर में लगभग 1,090 आम आदमी क्लीनिकों के मजबूत नेटवर्क के माध्यम से नागरिकों को मुफ्त और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध करा रही है। पंजाब सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' राज्य के हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराती है, जिसके तहत अब तक लोग 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब बना देश का नंबर 1 राज्यस्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम मान ने कहा कि जब 2022 में उनकी सरकार ने राज्य की कमान संभाली थी, तब स्कूली शिक्षा के मामले में पंजाब देश में 27वें पायदान पर था। सरकार द्वारा शुरू किए गए 'स्कूल्स ऑफ एमिनेंस' और अन्य बुनियादी सुधारों के चलते आज पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़ते हुए देश का नंबर एक राज्य बन चुका है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जहां 2022 में सरकारी स्कूलों से केवल 82 विद्यार्थियों ने नीट (NEET) की परीक्षा पास की थी, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 881 पहुंच गया है, जो राज्य की बदलती शिक्षा व्यवस्था का एक जीता-जागता प्रमाण है।सड़क सुरक्षा फोर्स और आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में मील का पत्थरसड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पंजाब सरकार की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देश की पहली समर्पित 'सड़क सुरक्षा फोर्स' (Road Safety Force) का गठन किया है, जिसमें 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान और 144 अत्याधुनिक वाहन तैनात हैं। पिछले साल से शुरू हुई इस फोर्स की वजह से राज्य में सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों में लगभग 50 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पंजाब अब दिल्ली के बाद उत्तर भारत का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है जिसने मोहाली में अत्याधुनिक लिवर ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित किया है, जिससे पंजाब वासियों को वैश्विक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 2:32 pm

Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 2:30 pm

'सैनिक कभी अकेला नहीं होता': कारगिल विजय दिवस पर वीर जवानों के रोंगटे खड़े कर देने वाले अनकहे संस्मरण

कारगिल विजय दिवस केवल भारत की सैन्य ताकत और ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने का दिन नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत वीर सपूतों के अदम्य साहस, बलिदान और अनकहे संस्मरणों को याद करने का पवित्र अवसर है जिन्होंने देश की खातिर अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। सरहद की रक्षा केवल युद्ध के मैदानों तक सीमित नहीं होती, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा का यह महान दायित्व साल के हर एक दिन और हर पल निभाया जाता है। कारगिल विजय दिवस के इस खास मौके पर सेना के उन जांबाज दिग्गजों और बलिदानियों की कहानियाँ रोंगटे खड़े कर देती हैं, जिन्होंने अपनी जवानी देश के नाम कर दी।'सैनिक मातृभूमि की त्वचा की तरह है', कारगिल सेनानी प्रमोद त्रिपाठी की जुबानीकारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय सेना की इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) शाखा में अपनी सेवाएं देने वाले प्रमोद त्रिपाठी याद करते हैं कि युद्ध के दौरान उनकी मुख्य जिम्मेदारी अग्रिम मोर्चे पर डटे सैनिकों तक तकनीकी सहायता और साजो-सामान पहुँचाना थी। उन्होंने सांबा सेक्टर, चक दयाला, डेरा बाबा नानक, नागौर और जोधपुर जैसे तमाम क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड और विषम परिस्थितियों में काम किया। उनका मानना है कि सेना में कोई जाति या भाषा का भेद नहीं होता, यहाँ सिर्फ एक ही पहचान होती है और वह है 'भारत माता का सैनिक'।पंजाब के डेरा बाबा नानक सेक्टर का एक संस्मरण साझा करते हुए वे भावुक हो जाते हैं। वे बताते हैं कि सरसों के खेतों के बीच जब उनकी दस सदस्यीय टीम ने तंबू लगाया था, तब एक बुजुर्ग माताजी उनके लिए घी लगी गरम-गरम रोटियां, दाल और सब्जी लेकर पहुँची थीं। उस भोजन में केवल स्वाद नहीं, बल्कि पूरे देश का असीम स्नेह और अटूट विश्वास समाया था। उस पल उन्हें एहसास हुआ कि जिस देश की माताएं और बहनें सैनिकों को अपने बेटे की तरह मानती हैं, उस देश का सैनिक कभी भी अकेला महसूस नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार रेल यात्रा के दौरान जब आम जनता को पता चला कि डिब्बे में खड़ा यात्री देश का सैनिक है, तो उन्होंने टीटीई पर दबाव डालकर उनके बैठने की विशेष व्यवस्था कराई। यह वाकया सिखाता है कि देशवासियों का यह प्यार ही सैनिकों की असली ताकत है, बशर्ते सैनिकों का सम्मान केवल युद्ध या संकट के समय ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी इसी तरह बना रहे।'26 साल बाद भी लगता है जैसे कल की बात हो', सूबेदार राज बहादुर सिंह के अनुभवकारगिल युद्ध के वक्त जम्मू में 63 इंजीनियर रेजिमेंट एलआरडब्ल्यू में तैनात रहे सूबेदार राज बहादुर सिंह उस समय महज 21 वर्ष के युवा थे। जब उनकी यूनिट को सीधे पाकिस्तान की सीमा से सटे संवेदनशील आरएस पुरा सेक्टर में जाने का आदेश मिला, तो उनके भीतर देश के लिए कुछ कर गुजरने का भारी उत्साह था। एक इंजीनियर रेजिमेंट के रूप में उनका काम सीमावर्ती इलाकों में बारूदी सुरंगे (माइंस) लगाना, सड़कें तैयार करना, बंकरों की मरम्मत करना और पुल बनाना था ताकि अन्य सैनिकों की आवाजाही सुगम हो सके।वे याद करते हैं कि आरएस पुरा के कोरली गांव में जब वे रात के समय पहुंचे और बंकरों में रुके, तब स्थानीय ग्रामीणों ने आधी रात को भी उनके खाने-पीने और हरसंभव मदद में कोई कमी नहीं छोड़ी। वहां के लोगों द्वारा पिलाई गई लस्सी और उनका सेना के प्रति अथाह प्रेम आज भी उनके जेहन में तरोताजा है। आपरेशन विजय के बाद जब आपरेशन पराक्रम शुरू हुआ, तब वे सालों तक बंकरों में रहे, लेकिन देश की आम जनता का यह बेइंतहा प्यार और सहयोग ही था जिसने उन्हें 30 सालों तक सेना में देश सेवा करने के लिए प्रेरित किया। आज घटना के 26 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे यह कल की ही बात हो।गुमला के वीर सपूत हवलदार बिरसा उरांव की अमर गाथाकारगिल विजय दिवस पर झारखंड के गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित बर्री जतराटोली गांव के बलिदानी हवलदार बिरसा उरांव की देशभक्ति की मिसाल हर युवा के दिल में जोश भर देती है। बुदू उरांव के घर जन्मे बिरसा उरांव बचपन से ही भारतीय सेना की प्रतिष्ठित वर्दी पहनने का सपना देखा करते थे। साल 1983 में पढ़ाई के दौरान फुटबॉल खेलते हुए उनका चयन बिहार रेजिमेंट में हो गया था। उन्होंने बिना परिवार को बताए दानापुर जाकर कड़ा प्रशिक्षण लिया और छह महीने बाद जब घर लौटे, तब परिजनों को उनके सैनिक बनने की खबर मिली।अपनी उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा और साहस के बल पर वे साधारण सैनिक से प्रमोट होकर नायक और फिर हवलदार के पद पर पहुंचे। नगालैंड, पंजाब, असम और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (दक्षिण अफ्रीका) में शानदार सेवाएं देने के बाद, उन्होंने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान दुर्गम और बर्फीली चोटियों पर दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए और मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता और अदम्य पराक्रमी सेवाओं के लिए उन्हें जनरल सर्विस मेडल, 9 ईयर लॉन्ग सर्विस मेडल, आर्मी सर्विस मेडल, यूएन ओवरसीज मेडल और मरणोपरांत विशिष्ट सेवा मेडल जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। आज उनकी शहादत पर पूरा देश गर्व महसूस करता है और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए उनके पैतृक गांव में उनके नाम से सड़क और तोरण द्वार बनाने की मांग की जा रही है ताकि आने वाली पीढ़ियां इस महान वीर सपूत की गाथा से प्रेरणा ले सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 2:29 pm

राजनांदगांव में दिव्यांग नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर हुआ है। पुलिस के अनुसार प्रार्थी अपनी नाबालिग पुत्री को पेट दर्द की शिकायत पर इलाज के लिए जिला अस्पताल राजनांदगांव लेकर गया था। वहां मेडिकल जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि […] The post राजनांदगांव में दिव्यांग नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 2:28 pm

पहले दिन पाकिस्तान पर भारी पड़ी वेस्टइंडीज, शतक के करीब पहुंचकर केवम हॉज ने पलटा मैच का पासा

त्रिनिदाद के प्रसिद्ध ब्रायन लारा क्रिकेट एकेडमी स्टेडियम में खेले जा रहे वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल समाप्त हो चुका है। मैच के पहले दिन मेजबान वेस्टइंडीज की टीम ने अपनी बेहतरीन और अनुशासित बल्लेबाजी के दम पर पाकिस्तान पर पूरी तरह से अपना दबदबा बना लिया है। हालांकि, दिन की शुरुआत में पाकिस्तानी गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर वेस्टइंडीज पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बाद कैरेबियन बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए मैच का रुख अपनी तरफ मोड़ लिया।पाकिस्तान ने की थी सधी शुरुआत, शुरुआती झटकों से उबरा वेस्टइंडीजइस मुकाबले में वेस्टइंडीज के कप्तान रॉस्टन चेस ने टॉस जीतकर पहले खुद बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम के लिए टैगेनारिन ब्रैंडन चंदरपॉल और ब्रैंडन किंग ने पारी की शुरुआत की, लेकिन पाकिस्तानी गेंदबाजों ने कैरेबियन ओपनर्स को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। ब्रैंडन किंग मात्र 12 रन बनाकर तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास का शिकार बन गए और दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए केवल 13 रनों की साझेदारी ही हो सकी। इसके कुछ देर बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज चंदरपॉल भी 77 गेंदों में 21 रन बनाकर आमिर जमाल की गेंद पर सलमान अली आगा को कैच थमा बैठे। इसके बाद क्रीज पर आए केवम हॉज ने आमिर जांगू के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 42 रन जोड़े, लेकिन जांगू भी 21 रन बनाकर मोहम्मद अब्बास की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए।केवम हॉज और शाई होप की शानदार साझेदारी ने संभाली कमान37वें ओवर में तीसरा विकेट गिरने के बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों को विकेट के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा और दिन का खेल खत्म होने तक यानी 67वें ओवर के आखिरी तक कैरेबियन बल्लेबाजों ने कोई और विकेट नहीं गिरने दिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे केवम हॉज ने एक छोर संभालते हुए शानदार और संयम भरी पारी खेली। दिन का खेल समाप्त होने तक हॉज 83 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर नाबाद लौटे हैं और वह अपने पहले टेस्ट शतक से महज 17 रन दूर हैं, जिसे वह दूसरे दिन पूरा करना चाहेंगे। अपनी इस नाबाद पारी के दौरान उन्होंने अब तक 9 शानदार चौके जड़े हैं।शतक के करीब पहुंचे हॉज, दूसरे दिन बड़े स्कोर पर होगी नजरकेवम हॉज का बखूबी साथ निभाते हुए अनुभवी बल्लेबाज शाई होप भी अपने अर्धशतक के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए अब तक 88 रनों की मजबूत नाबाद साझेदारी हो चुकी है। शाई होप ने अपनी सूझबूझ भरी पारी में 2 चौकों की मदद से 39 रन बना लिए हैं और वह भी दूसरे दिन क्रीज पर टिककर रन गति को आगे बढ़ाना चाहेंगे। पहले दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने मजबूत स्थिति हासिल कर ली है और पाकिस्तानी गेंदबाजों के लिए दूसरे दिन की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाली है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 2:25 pm

कारगिल विजय दिवस: सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने द्रास में शहीदों को दी श्रद्धांजलि; बोले— 'भारतीय योद्धाओं के साहस और बलिदान का कोई मुकाबला नहीं

कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर देश ने 1999 के कारगिल युद्ध में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

देशबन्धु 26 Jul 2026 2:24 pm

हस्तकलाओं को प्रोत्साहित कर वोकल फॉर लोकल को बढावा दें देशवासी: मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का प्रतीक बताते हुए देशवासियों से हस्तकलाओं को प्रोत्साहित करने और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना यानी स्वदेशी उत्पादों को बढावा देने की अपील की है। मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेड़ियो कार्यक्रम मन की बात में कहा […] The post हस्तकलाओं को प्रोत्साहित कर वोकल फॉर लोकल को बढावा दें देशवासी: मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 2:22 pm

शादी में बार-बार आ रही हैं अड़चनें, सावन सोमवार के ये अचूक उपाय जल्द खोल देंगे विवाह के योग

हिन्दू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती को बेहद प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि किसी जातक की कुंडली में विवाह के योग बनने के बाद भी बार-बार अड़चनें आ रही हैं या बात बनते-बनते बिगड़ जाती है, तो सावन का महीना इन समस्याओं से निजात पाने के लिए सबसे उत्तम समय होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में अग्नि या वायु तत्व की अधिकता या फिर मांगलिक दोष होने की वजह से कई बार शादी में भारी देरी का सामना करना पड़ता है। यदि आप भी ऐसी ही किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो सावन के पवित्र महीने में कुछ बेहद आसान और असरदार ज्योतिषीय उपाय आजमाकर अपनी शादी की राह को आसान बना सकते हैं।शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित करने के लाभसावन के महीने में भगवान शिव की विधिवत उपासना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यदि आपके विवाह में लगातार बाधाएं आ रही हैं, तो सावन के प्रत्येक सोमवार के दिन स्नान करने के बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करना चाहिए। धार्मिक रूप से यह उपाय बेहद प्रभावी माना जाता है। ऐसा करने से न केवल भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि जिन लोगों के विवाह में अनचाही रुकावटें आ रही हैं, उनके लिए भी शीघ्र ही सुयोग्य जीवनसाथी मिलने के योग बनने लगते हैं।सावन सोमवार का व्रत और सोलह सोमवार की शुरुआतविवाह में हो रही देरी को दूर करने के लिए सावन सोमवार का व्रत रखना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यदि आपके विवाह की बात तय होते-होते टूट जाती है, तो सावन के पहले सोमवार से इस व्रत की शुरुआत करना बहुत शुभ रहता है। कई जानकारों का मानना है कि सावन के महीने से ही 16 सोमवार के व्रतों का संकल्प लेकर विधिवत पूजा-अर्चना करने से दांपत्य जीवन और विवाह से जुड़ी समस्त बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं और शीघ्र विवाह के प्रबल योग बनते हैं।माता पार्वती को अर्पित करें सुहाग की सामग्रीचूंकि सावन का पूरा महीना शिव-शक्ति यानी भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त आराधना को समर्पित है, इसलिए इस दौरान मां पार्वती की पूजा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सावन सोमवार के दिन पूजा के दौरान माता पार्वती को सुहाग और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं। इस उपाय को करने से जातकों को मनचाहा और सुयोग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है, साथ ही विवाह में आ रहे सभी प्रकार के ग्रह दोष भी शांत होते हैं।शिव-पार्वती को चढ़ाएं गेंदे के फूलों की मालासावन मास के दौरान अगर आप भगवान शिव और माता पार्वती को एक साथ प्रसन्न करना चाहते हैं, तो दोनों को संयुक्त रूप से गेंदे के फूलों की एक ही माला अर्पित करें। यह एक बेहद अचूक उपाय माना जाता है, जिससे देवों के देव महादेव और माता गौरी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यदि आपकी शादी की उम्र निकलती जा रही है और लाख कोशिशों के बाद भी बात पक्की नहीं हो पा रही है, तो सावन के इन विशेष दिनों में इन आसान ज्योतिष उपायों को अपनाकर अपनी विवाह संबंधी सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 2:22 pm

प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्हें धर्मेंद्र प्रधान के पद से त्यागपत्र के बाद शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था। एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया […] The post प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 2:17 pm

'न कर्फ्यू, न दंगा, सब चंगा'... समाजवादी पार्टी के गढ़ मैनपुरी में गरजे सीएम योगी, दी 682 करोड़ की विकास सौगात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले मैनपुरी जिले का दौरा किया और यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कुल 682 करोड़ रुपये की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने मंच से विभिन्न योजनाओं के 19 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है और राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।पहले मैनपुरी का नाम लेने से घबराते थे लोग, अब मिल रहा सम्मानमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत में मैनपुरी की पौराणिक और ऐतिहासिक धरती को नमन किया। उन्होंने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब मैनपुरी का नाम सुनने से लोग घबराया करते थे और इस क्षेत्र के युवाओं को बाहर के जनपदों में होटलों या कमरों का किराया तक मिलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि पहचान का संकट उन लोगों ने खड़ा किया था जिन्होंने आम जनता और खासकर बेटियों के मन में खौफ पैदा किया था, लेकिन आज डबल इंजन की सरकार में व्यापारी हो या युवा, वह जहां भी जाता है उसे पूरा मान-सम्मान मिलता है।सपा शासनकाल पर तंज, बिना भेदभाव मिल रहा योजनाओं का लाभसपा मुखिया और विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले के मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे जागते थे, दो बजे तैयार होते थे, पांच बजे जिम करते थे और सात बजे मौज-मस्ती में लग जाते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले जब नौकरियां निकलती थीं तो पहले से ही सूचियां तैयार हो जाती थीं और नेता थैला लेकर वसूली के लिए निकल पड़ते थे, लेकिन आज युवाओं को बिना किसी घूस और सिफारिश के पूरी पारदर्शिता के साथ नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू राज्य' की श्रेणी से निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत जगह बना चुका है।मैनपुरी की तारकशी को वैश्विक पहचान, कृषि और बिजली पर बड़ा बयानमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मैनपुरी की पारंपरिक तारकशी कला को विश्व स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है। किसानों के मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के नलकूपों को पूरी तरह से मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का सीधा लाभ अन्नदाताओं तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही जुलाई महीने में मैनपुरी आने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि वे यह देखने आए हैं कि किसानों की फसलों, बिजली और पानी की क्या स्थिति है, ताकि किसी भी मोर्चे पर कोई कमी न रहे।मंदिरों के जीर्णोद्धार और कांवड़ यात्रा का जिक्रपर्यटन और संस्कृति के विकास पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज राज्य सरकार मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के विकास पर खुलकर काम कर रही है, जबकि पहले सरकारी धन का उपयोग अन्य जगहों पर किया जाता था। उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्राओं को रोका जाता था, लेकिन डबल इंजन की सरकार आने के बाद अब कांवड़ यात्रा पूरी धूमधाम और शान के साथ निकलती है और कोई भी इसे रोक नहीं सकता। अंत में उन्होंने 292 करोड़ रुपये की लागत से बने शिकोहाबाद-भोगांव मार्ग के चौड़ीकरण, स्वच्छ पेयजल योजनाओं, ऑडिटोरियम और कक्षा 1 से 12 तक के मॉडल स्कूलों के संचालन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 2:16 pm

निवेशकों का इंतजार खत्म: अगस्त में जेप्टो और शिपरॉकेट समेत 12 से ज्यादा कंपनियां ला रही हैं धमाकेदार आईपीओ, बाजार में मचेगा तगड़ा एक्शन

प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ बाजार में एक बार फिर से जबरदस्त हलचल और तेजी देखने को मिलने वाली है। अगले महीने यानी अगस्त के दौरान शेयर बाजार में बड़ा एक्शन शुरू होने जा रहा है, जहां क्विक कॉमर्स दिग्गज जेप्टो, ट्रूहॉम फाइनेंस और लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट समेत एक दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियां अपने आईपीओ लाने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं। बाजार के जानकारों और मर्चेंट बैंकरों से मिली जानकारी के अनुसार, आने वाले महीने में इन तमाम कंपनियों के आईपीओ के जरिए कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की विशाल पूंजी जुटाए जाने की उम्मीद है, जिससे प्राइमरी मार्केट में निवेशकों के लिए कमाई के ढेरों अवसर खुलेंगे।अगस्त में आएगा 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कुल आईपीओ वॉल्यूमशेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि अगस्त के महीने में आने वाले इन नए आईपीओ में नए शेयरों को जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों और शेयरधारकों की तरफ से ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस का विकल्प भी शामिल होगा। इक्विरस कैपिटल के प्रबंध निदेशक और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा है कि मौजूदा समय में शेयर बाजार में बेहतर स्थिरता और निवेशकों के मजबूत होते भरोसे के कारण वे कंपनियां भी अब आगे आ रही हैं, जिन्होंने पहले बाजार की अनिश्चितताओं के चलते अपनी आईपीओ योजनाओं को कुछ समय के लिए टाल दिया था।जेप्टो और ट्रूहॉम फाइनेंस के आईपीओ पर टिकी सबकी निगाहेंआगामी समय में आने वाले सभी आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों में सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित नाम लोकप्रिय त्वरित वाणिज्य मंच यानी जेप्टो का है। कंपनी अपनी इस योजना के तहत नए शेयर जारी करके बाजार से करीब 8,010 करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम राशि जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके साथ ही जेप्टो द्वारा लगभग 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश यानी ओएफएस भी लाया जाएगा। दूसरी ओर, प्रमुख आवास वित्त कंपनी ट्रूहॉम फाइनेंस भी लगभग 3,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की पूरी तैयारी में जुटी है, जिसमें 1,500 करोड़ रुपये के नए शेयर और इतनी ही राशि का ओएफएस शामिल होने की संभावना है।लिस्ट में शामिल हैं शिपरॉकेट और मिल्की मिस्ट जैसी कई दिग्गज कंपनियांअगस्त के महीने में सिर्फ जेप्टो ही नहीं, बल्कि कई अन्य जानी-मानी कंपनियां भी अपने वित्तीय विस्तार के लिए पूंजी बाजार में उतरने जा रही हैं। एलिवेट कैंपसेज कुल 2,550 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत पूरी तरह से नए शेयरों को जारी करेगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक स्टार्टअप शिपरॉकेट ने भी 2,342.35 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए अपने जरूरी दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं, जिसमें 1,100 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,242.35 करोड़ रुपये का ओएफएस रखा गया है। इस लंबी फेहरिस्त में इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक और लोकप्रिय डेयरी ब्रांड मिल्की मिस्ट डेयरी फूड 1,553 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, एआरसीआईएल, अर्डी इंडस्ट्रीज, गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, रेज ऑफ बिलीफ, हाई-टेक इंजीनियर्स, शंकेश ज्वेलर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन जैसी कंपनियां भी बाजार में अपनी हिस्सेदारी पेश करने की तैयारी में हैं।निवेशकों का मजबूत होता भरोसा और मौजूदा बाजार का शानदार रुझानवित्तीय बाजार के विशेषज्ञों का साफ तौर पर यह मानना है कि कंपनियों द्वारा आईपीओ लाने की इस बढ़ती हुई रफ्तार से निवेशकों के अटूट भरोसे और भारतीय शेयर बाजार में मजबूत मांग का सीधा संकेत मिलता है। चालू वर्ष के दौरान अब तक कुल 36 कंपनियां अपने आईपीओ के जरिए बाजार में दस्तक दे चुकी हैं, जिनमें से अकेले नौ कंपनियों के शेयर इसी महीने शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए हैं। इसके अलावा जुलाई के आखिरी दिनों में भी बाजार की रफ्तार सुस्त नहीं पड़ने वाली है, क्योंकि मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज और जूनिपर ग्रीन एनर्जी के आईपीओ क्रमशः 29 और 30 जुलाई को खुलने जा रहे हैं, जबकि एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स भी अगले सप्ताह ही अपना आईपीओ निवेशकों के लिए पेश करने की पूरी तैयारी कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 2:14 pm

ओटीटी पर आते ही छाई 2 घंटे 32 मिनट की यह एक्शन-कॉमेडी फिल्म, नंबर 1 पर कर रही है ट्रेंड

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के मनोरंजन के लिए हर हफ्ते अनगिनत नई और पुरानी फिल्में दस्तक देती रहती हैं, लेकिन हाल ही में रिलीज हुई एक ऐसी फिल्म ने आते ही डिजिटल वर्ल्ड में गदर मचा दिया है। सिनेमाघरों में अपनी सफलता का परचम लहराने के बाद अब यह दमदार मूवी ओटीटी पर भी छा गई है और रिलीज होते ही सीधे ट्रेडिंग लिस्ट में टॉप पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि 2 घंटे 32 मिनट लंबी यह पूरी फिल्म किसी और के नहीं बल्कि साउथ सिनेमा की जानी-मानी सुपरस्टार एक्ट्रेस के दम पर आगे बढ़ती है, जिसमें दर्शकों को एक्शन और कॉमेडी का भरपूर और धमाकेदार डोज देखने को मिल रहा है।बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के बाद अब ओटीटी पर कब्जाजो फिल्में बड़े पर्दे पर दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रहती हैं, फैंस को उनकी ओटीटी रिलीज का बेसब्री से इंतजार रहता है। ऐसी ही एक साउथ सिनेमा से ताल्लुक रखने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म हाल ही में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आई है। इस शानदार फिल्म की कहानी स्वर्णा नाम की एक ऐसी अनाथ लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दिखने में बेहद सीधी-साधी और भोली-भाली नजर आती है, लेकिन उसका अतीत रहस्यों और खतरों से पूरी तरह भरा हुआ होता है।शादी के बाद ऐसे पलटती है फिल्म की पूरी कहानीकहानी में आगे दिखाया गया है कि शादी के बाद स्वर्णा अपने डॉक्टर पति के परिवार का दिल जीतने की हर मुमकिन कोशिश करती है, हालांकि इस मामले में वह बार-बार असफल हो जाती है। इसके बाद उसकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है जब उसके अतीत के पुराने और खतरनाक दुश्मन दोबारा उसकी लाइफ में एंट्री कर लेते हैं। अपनों और खुद की रक्षा करने के लिए भोली दिखने वाली स्वर्णा हथियार उठा लेती है और एक बेहद साहसी महिला के रूप में अपने दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाती है, जिसे देखकर उसके ससुराल वाले भी दंग रह जाते हैं।जियो हॉटस्टार पर छाई समांथा रुथ प्रभु की यह फिल्मआपको बता दें कि यह और कोई नहीं बल्कि दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अदाकारा समांथा रुथ प्रभु की स्टारर तेलुगु फिल्म 'मां इंटि बंगारम' (Maa Inti Bangaaram) है, जिसे हाल ही में मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर ऑनलाइन स्ट्रीम किया गया है। ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक कमाई कर रिकॉर्ड बनाने वाली महिला प्रधान फिल्म 'मां इंटि बंगारम' ने ओटीटी पर आते ही दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया है और यह वर्तमान में जियो हॉटस्टार पर नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है। हालांकि, फिल्म के दीवानों के लिए अभी यह खुशखबरी आनी बाकी है कि इस मूवी को जल्द ही हिंदी भाषा में भी ओटीटी पर रिलीज किया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 2:12 pm

PM मोदी ने गिनाई भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की ताकत, INS महेंद्रगिरि और पिनाका रॉकेट सिस्टम को बताया बड़ी उपलब्धि, Mann Ki Baat में क्या बोले

नमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीक की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं के साहस के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 1:59 pm

ED के शिकंजे में फंसे टामन सिंह सोनवानी, 77 लाख की रिश्वत और 7 दिन की रिमांड ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बेहद बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें 7 दिनों की कड़े पहरे वाली ईडी रिमांड पर भेज दिया है, जिसके चलते राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से आने वाले दिनों में कई बड़े और चौंकाने वाले नाम सामने आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।रिश्वत के खेल और भाई-भतीजावाद के सनसनीखेज खुलासेजांच के दौरान ईडी के हाथ ऐसे पुख्ता और अकाट्य सबूत लगे हैं जो इस पूरे भ्रष्टाचार के ताने-बाने को बेनकाब कर रहे हैं। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार टामन सिंह सोनवानी पर अपने कार्यकाल के दौरान भारी-भरकम घूस लेकर अपने करीबी रिश्तेदारों और अयोग्य उम्मीदवारों को मलाईदार पदों पर चयनित कराने का गंभीर आरोप है। इस पूरी चयन प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है, जिससे जुड़े दस्तावेजों को खंगालने के बाद यह शिकंजा कसा गया है।7 दिनों की रिमांड में होगी सिंडिकेट के अन्य चेहरों की पहचानएजेंसी की पूछताछ का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस पूरे घोटाले से जुड़े कई और राज बाहर आने की उम्मीद है। टामन सिंह सोनवानी को सात दिनों की हिरासत में लेकर ईडी के अधिकारी उन तमाम कड़ियों और बिचौलियों की तलाश कर रहे हैं जो इस भ्रष्ट सिंडिकेट का हिस्सा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और नौकरशाही हलकों में हड़कंप मचा हुआ है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियों से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:48 pm

CM नायब सैनी ने 'नशे से जंग' मैराथन को दिखाई हरी झंडी, 1.16 लाख रजिस्ट्रेशन का बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड

हरियाणा के यमुनानगर में आज ऊर्जा और उत्साह का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ आयोजित 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' मैराथन में आज पूरा शहर उमड़ पड़ा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस भव्य और ऐतिहासिक मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, समाज के हर वर्ग ने इस दौड़ में हिस्सा लेकर यह साबित कर दिया है कि नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए पूरा प्रदेश अब एकजुट हो चुका है। इस बड़े आयोजन ने न केवल फिटनेस का मजबूत संदेश दिया है, बल्कि भारी भीड़ और रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन के साथ एक नया इतिहास भी रच दिया है।1.16 लाख रजिस्ट्रेशन के साथ बना नया कीर्तिमानइस मैराथन की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात इसका रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन रहा। स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस दौड़ में हिस्सा लेने के लिए 1 लाख 16 हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया, जो राज्य के खेल और जागरूकता कार्यक्रमों के इतिहास में एक बहुत बड़ा कीर्तिमान है। इतनी विशाल संख्या में लोगों का सड़क पर उतरना इस बात का सीधा प्रमाण है कि यमुनानगर और आसपास के इलाकों की जनता नशे के खिलाफ पूरी तरह से जागरूक और लामबंद हो चुकी है। प्रशासन ने भी इस अभूतपूर्व भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए सुरक्षा और मेडिकल के पुख्ता इंतजाम किए थे।'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' बना जन-आंदोलनमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मैराथन को रवाना करने से पहले उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नशा हमारी युवा पीढ़ी और समाज को अंदर से खोखला कर रहा है, और इसे जड़ से मिटाना सरकार के साथ-साथ आम जनता की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' अब केवल एक सरकारी नारा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक विशाल जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। सीएम ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें खेलों और शारीरिक फिटनेस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि उनकी ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल हो सके।स्वास्थ्य और खेल को बढ़ावा देने पर सरकार का खास फोकसइस मैराथन के जरिए हरियाणा सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति बेहद गंभीर है। दौड़ में शामिल हुए हजारों युवाओं और महिलाओं का जोश देखते ही बन रहा था। लोकल स्तर पर आयोजित ऐसे मेगा इवेंट्स न सिर्फ सर्च इंजन और सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते हैं, बल्कि धरातल पर भी युवाओं को नशे की बुरी लत से दूर रखकर उन्हें राष्ट्र निर्माण की सकारात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ने में एक बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:36 pm

अपनों और 'बाहरियों' की जंग में फंसा पेंच, 11 सीटों पर लंबी मैराथन बैठक के बाद भी नहीं सुलझा समीकरण

उत्तर प्रदेश की राजनीति के गलियारों में इस समय विधान परिषद (MLC) के टिकटों को लेकर सुगबुगाहट अपने चरम पर है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर आगामी एमएलसी चुनावों की 11 सीटों को लेकर उम्मीदवारों के नामों पर मंथन का दौर जारी है, लेकिन अंदरखाने चल रही खींचतान ने पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चर्चा है कि पार्टी के भीतर लगातार इस बात पर बहस छिड़ी हुई है कि टिकट वितरण में वफादार पुराने कार्यकर्ताओं यानी 'अपनों' को तरजीह दी जाए या फिर अन्य दलों से आए दिग्गजों यानी 'बाहरियों' को मैदान में उतारा जाए। इस नफा-नुकसान के गणित के बीच कई दौर की उच्च स्तरीय बैठकों के बाद भी अभी तक सीटों पर फाइनल मुहर नहीं लग पाई है।पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की नाराजगी और दिग्गजों की दावेदारीबीजेपी कार्यालय में हुई मैराथन बैठकों में प्रदेश के तमाम बड़े नेता और रणनीतिकार शामिल हुए, लेकिन समीकरण हर बार आकर वहीं अटक जाते हैं कि सालों-साल से पसीना बहाने वाले निष्ठावान कैडर को दरकिनार न किया जाए। दूसरी ओर, राजनीतिक समीकरण साधने और चुनाव जीतने की गणित के तहत बाहरी नेताओं की मजबूत दावेदारी भी नेतृत्व पर दबाव बना रही है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की नाराजगी मोल न लेने की चुनौती और चुनावी वैतरणी पार करने की मजबूरी के बीच पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है, जिसके चलते नामों की घोषणा में लगातार देरी हो रही है।जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन साधने की बड़ी चुनौतीउत्तर प्रदेश जैसी बड़ी राजनीतिक प्रयोगशाला में किसी भी चुनाव के लिए जातीय संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सबसे अहम कड़ी होते हैं। एमएलसी चुनाव के इन 11 पदों के लिए हर संभाग और हर बड़े वर्ग से दावेदार अपनी ताकत झोंक रहे हैं। पार्टी के रणनीतिकार इस बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि किस सीट पर किस चेहरे को उतारने से आगामी राजनीतिक संदेश सही जाए और विरोधियों को चारों खाने चित किया जा सके। यही वजह है कि सूचियों पर कई बार कैंची चलने के बाद भी अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है।जल्द आ सकती है नामों की सूची, सबकी निगाहें हाईकमान परराजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी आलाकमान इस बार किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में नहीं है, क्योंकि हर एक सीट का नफा-नुकसान पार्टी की साख से जुड़ा हुआ है। आने वाले कुछ दिनों में तमाम वार्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व के दखल के बाद इन सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया जा सकता है। फिलहाल, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चल रही इस सियासी उठापटक पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं कि आखिर ऊंट किस करवट बैठता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:34 pm

सेब खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! रॉयल गाला, गोल्डन डिलीशियस या कश्मीरी अमरी

फलों की दुनिया में 'किंग' कहे जाने वाले सेब को सेहत का खजाना माना जाता है, तभी तो कहा जाता है कि 'एन एप्पल ए डे, कीप्स द डॉक्टर अवे'। लेकिन जब हम बाजार में सेब खरीदने जाते हैं, तो हमारे सामने विकल्पों की लंबी फौज खड़ी होती है—कोई चमकदार लाल रॉयल गाला होता है, तो कोई सुनहरा गोल्डन डिलीशियस या फिर पारंपरिक कश्मीरी अमरी। हर वैरायटी का अपना अलग स्वाद, बनावट और पोषक तत्वों का पैमाना होता है। ऐसे में यह तय करना मुश्किए हो जाता है कि आखिर इनमें से कौन सा सेब हमारी सेहत और स्वाद के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है।रॉयल गाला: मिठास और क्रंचीनेस का परफेक्ट कॉम्बोइन दिनों भारतीय बाजारों में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला रॉयल गाला सेब अपनी हल्की धारियों वाली छाल और जबरदस्त मिठास के लिए जाना जाता है। यह खाने में बेहद क्रंची और जूसी होता है, जिसके कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक यह सभी का पसंदीदा होता है। न्यूट्रिशन की बात करें तो इसमें डाइटरी फाइबर और नेचुरल शुगर प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, जो तुरंत एनर्जी देने का काम करती है। यदि आपको हल्का मीठा और ताजगी से भरपूर सेब पसंद है, तो रॉयल गाला आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।कश्मीरी अमरी: पारंपरिक स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ का राजाभारतीय सेबों की बात हो और पारंपरिक कश्मीरी अमरी का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। कश्मीरी अमरी अपनी खास बनावट, थोड़े खट्टे-मीठे स्वाद और बेहतरीन मजबूती के लिए पहचाना जाता है। इस सेब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना फ्रिज के भी लंबे समय तक खराब नहीं होता। औषधीय गुणों और आयरन से भरपूर कश्मीरी अमरी को खून बढ़ाने और इम्युनिटी मजबूत करने के लिहाज से सबसे उत्तम माना जाता है, जो सदियों से भारतीयों की पहली पसंद रहा है।गोल्डन डिलीशियस और अन्य वैरायटीज का क्या है हाल?सुनहरे पीले रंग का गोल्डन डिलीशियस सेब अपने मक्खन जैसे मुलायम गूदे और हल्के टार्ट (खट्टे-मीठे) स्वाद के लिए जाना जाता है। यह बेकिंग, डेसर्ट और सलाद में इस्तेमाल करने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इसके अलावा रेड डिलीशियस अपनी खूबसूरत चमक के कारण बाजार की शान बढ़ाता है। हर वैरायटी में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी और पोटैशियम भरपूर मात्रा में मिलते हैं, जो दिल की सेहत और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।आपकी सेहत के लिए कौन सा सेब है सबसे मुफीद?हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सभी सेब अपने आप में पोषक तत्वों का पावरहाउस हैं। यदि आपको डायबिटीज है या आप कम शुगर वाला सेब चाहते हैं, तो थोड़े खट्टे और फर्म सेब चुनें। वहीं, अगर आपको इंस्टेंट एनर्जी और शानदार स्वाद चाहिए, तो रॉयल गाला या कश्मीरी अमरी आपकी डाइट में चार चांद लगा सकते हैं। अगली बार जब आप फ्रूट मार्केट जाएं, तो अपनी जरूरत और स्वाद के हिसाब से सही वैरायटी का चुनाव करें और सेहतमंद रहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:28 pm

प्रल्हाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का पदभार: पहले ही दिन वरिष्ठ अधिकारियों संग की मैराथन बैठक; कहा— 'छात्र हित और पारदर्शिता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता'

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। रविवार को उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। जोशी को यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब देश में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा चल रही है।

देशबन्धु 26 Jul 2026 1:28 pm

सावन में भूलकर भी न करें ये गलती! फैशन के चक्कर में रुद्राक्ष पहनना पड़ सकता है भारी, जान लें इसके कड़े नियम और सही तरीका

पवित्र सावन मास की शुरुआत होते ही चारों तरफ शिव भक्ति का माहौल नजर आने लगा है। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए भक्त तमाम तरह के उपाय करते हैं और फैशन या आस्था के नाम पर रुद्राक्ष की माला, ब्रेसलेट या कंगन पहनना शुरू कर देते हैं। आज के समय में युवाओं के बीच रुद्राक्ष पहनना एक स्टाइल स्टेटमेंट बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में रुद्राक्ष धारण करने के कुछ बेहद कड़े और सख्त नियम बताए गए हैं? यदि इन नियमों की अनदेखी की जाए तो फैशन के चक्कर में उठाया गया यह कदम आपके जीवन पर भारी पड़ सकता है और इसके नकारात्मक परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं।क्यों माना जाता है रुद्राक्ष को इतना पवित्र और शक्तिशाली?हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को भगवान शिव के आंसुओं का प्रतीक माना गया है और इसकी ऊर्जा बेहद तीव्र और सकारात्मक होती है। मान्यता है कि इसे धारण करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि एकाग्रता बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। लेकिन इसकी असीम आध्यात्मिक शक्ति के कारण ही इसे पहनने के कुछ विशेष अनुशासन होते हैं। ज्योतिषविदों का कहना है कि रुद्राक्ष कोई साधारण आभूषण नहीं है जिसे किसी भी तरह से पहना जाए, बल्कि यह एक पवित्र मनका है जिसके अपने निश्चित नियम हैं।फैशन के नाम पर रुद्राक्ष पहनते वक्त न करें ये बड़ी भूलेंअक्सर लोग आजकल कूल दिखने के लिए हाथों में ब्रेसलेट की तरह रुद्राक्ष लपेट लेते हैं या बिना किसी नियम-कायदे के इसे पहनकर कहीं भी घूमते हैं। शास्त्रों के अनुसार, गंदे हाथों से या अशुद्ध अवस्था में रुद्राक्ष को छूना वर्जित माना गया है। इसके अलावा, मांस-मदिरा का सेवन करने वाले लोगों को या सोते समय रुद्राक्ष धारण करके नहीं सोना चाहिए। यदि आप इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो रुद्राक्ष का विपरीत प्रभाव भी आपके जीवन पर पड़ सकता है और आपकी आस्था खंडित हो सकती है।रुद्राक्ष धारण करने के सही नियम और सावधानियांयदि आप भी सावन के इस पावन महीने में रुद्राक्ष धारण करने की सोच रहे हैं, तो किसी विद्वान ज्योतिषी या पंडित की सलाह अवश्य लें। इसे हमेशा लाल या पीले धागे में पिरोकर ही गले या दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए। स्नान करने के बाद 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए ही इसे पहनना सबसे उत्तम माना गया है। पवित्रता और नियमों का पूरा ध्यान रखकर ही आप भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और फैशन के साथ-साथ अपनी आस्था को भी सुरक्षित रख सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:27 pm

जब भारतीय सेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को चटाई थी धूल, इन 5 शानदार फिल्मों में देखें देशभक्ति का वो ऐतिहासिक जज्बा

भारतीय इतिहास के सबसे स्वर्णिम और गौरवशाली अध्यायों में शुमार 'कारगिल विजय दिवस' (Kargil Vijay Diwas) के मौके पर पूरा देश उन वीर सपूतों को नमन कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर बर्फीली चोटियों पर तिरंगा फहराया था। साल 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और शौर्य की दास्तान आज भी हर भारतीय के रोंगटे खड़े कर देती है। सिल्वर स्क्रीन पर भी हमारे इन रियल हीरोज़ की बहादुरी को कई बार बेहद शानदार तरीके से उकेरा गया है। यदि आप भी इस देशभक्ति के पावन पर्व पर सेना के पराक्रम को महसूस करना चाहते हैं, तो बॉलीवुड की ये 5 बेहतरीन फिल्में आपके लिए परफेक्ट वॉच हैं, जिनमें से एक फिल्म में प्यार और जंग का एक खूबसूरत और रुला देने वाला एंगल भी दिखाया गया है।शेरशाह (Shershaah): कैप्टन विक्रम बत्रा की अमर गाथासाल 1999 के कारगिल युद्ध के नायक परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित फिल्म 'शेरशाह' ने दर्शकों के दिलों को गहराई से छू लिया था। सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी स्टारर इस फिल्म में कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले विक्रम बत्रा के अदम्य साहस को बहुत ही बारीकी से दिखाया गया है। इस फिल्म में उनकी और डिंपल चीमा की एक दिल को छू लेने वाली रोमांटिक और सच्ची प्रेम कहानी भी है, जो जंग के बीच प्यार की गहराई को बयां करती है और दर्शकों की आंखें नम कर देती है।लक्ष्य (Lakshya): एक लक्ष्यहीन युवक से युद्ध नायक बनने का सफरऋतिक रोशन और प्रीति जिंटा स्टारर फिल्म 'लक्ष्य' कारगिल पृष्ठभूमि पर बनी सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है। यह कहानी एक ऐसे लापरवाह युवक की है जिसे जिंदगी में कोई उद्देश्य नहीं पता होता, लेकिन सेना में भर्ती होने के बाद कारगिल की दुर्गम चोटियों पर दुश्मनों से लोहा लेते हुए उसका नजरिया पूरी तरह बदल जाता है। फिल्म में टाइगर हिल की चढ़ाई और युद्ध के दौरान सैनिकों की मानसिक और शारीरिक चुनौतियों का बहुत ही सजीव चित्रण किया गया है, जो युवाओं में देशभक्ति की अलख जगाता है।LOC कारगिल (LOC Kargil): युद्ध की हर एक रणनीति और बलिदान का महाकाव्यजे.पी. दत्ता के निर्देशन में बनी फिल्म 'LOC कारगिल' एक मल्टी-स्टारर फिल्म है जो पूरी तरह से कारगिल युद्ध की असल घटनाओं पर आधारित है। इस फिल्म में कैप्टन मनोज कुमार पांडे, ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव और लेफ्टिनेंट बलवान सिंह जैसे तमाम वीर योद्धाओं के बलिदान को पर्दे पर उतारा गया है। युद्ध के मैदान की एक-एक रणनीति, बंकरों पर कब्जा करने की जद्दोजहद और सैनिकों के परिवारों के त्याग को इस फिल्म में बहुत विस्तार से दिखाया गया है, जो देश के लिए जान देने वाले जवानों को एक सच्ची श्रद्धांजलि है।द गाजी अटैक (The Ghazi Attack) और गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्लकारगिल और भारतीय सैन्य इतिहास से जुड़ी फिल्मों की सूची में 'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल' का नाम भी बेहद खास है, जिसमें जाह्नवी कपूर ने फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना की भूमिका निभाई है। कारगिल युद्ध के दौरान घायल सैनिकों को एयरलिफ्ट करने और युद्ध क्षेत्र में अपनी जान की परवाह न किए बिना साहसिक उड़ान भरने वाली देश की पहली महिला पायलट की यह कहानी हर किसी को प्रेरित करती है। इसके अलावा, युद्ध पृष्ठभूमि पर बनी अन्य देशभक्ति फिल्में भी हमें यह याद दिलाती हैं कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे हमारे जवानों का कितना बड़ा बलिदान है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:24 pm

अमेजन इंजीनियर का चौंकाने वाला खुलासा! भारत में 40 लाख या अमेरिका में 1.9 करोड़ की नौकरी

विदेशी धरती पर जाकर नौकरी करने का सपना देखने वाले युवाओं के बीच अक्सर यह बहस छिड़ी रहती है कि भारत में रहकर लाखों कमाना बेहतर है या फिर अमेरिका जाकर करोड़ों का पैकेज हासिल करना। इसी बीच अमेजन के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट शेयर किया है, जिसने इस पुरानी डिबेट को फिर से हवा दे दी है। उन्होंने भारत के 40 लाख रुपये सालाना के पैकेज और अमेरिका के 1.9 करोड़ रुपये (लगभग 2.25 लाख डॉलर) के भारी-भरकम पैकेज का तुलनात्मक विश्लेषण पेश किया है। इस खुलासे के बाद से ही टेक कम्युनिटी में यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर दोनों में से कौन सा विकल्प लाइफस्टाइल और सेविंग्स के लिहाज से ज्यादा बेहतर है।टैक्स, लाइफस्टाइल और खर्चों का चौंकाने वाला गणितअमेजन के इस इंजीनियर ने विस्तार से समझाया है कि अमेरिका में मिलने वाला 1.9 करोड़ रुपये का पैकेज पहली नजर में भले ही बहुत बड़ा लगे, लेकिन वहां के भारी-भरकम टैक्स, हेल्थ इंश्योरेंस, महंगे किराए और डेली लाइफ के खर्चे भारत के मुकाबले कई गुना ज्यादा हैं। इसके विपरीत, भारत में मिलने वाले 40 लाख रुपये के पैकेज में टैक्स कटने के बाद भी एक शानदार और आरामदायक जीवनशैली जी जा सकती है, क्योंकि यहां स्थानीय खर्चे, मेड, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक सपोर्ट सिस्टम काफी किफायती और मजबूत होता है।सेविंग्स और मानसिक शांति के मोर्चे पर कौन मार रहा है बाजी?विश्लेषण में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि अमेरिका में वीजा की अनिश्चितताएं, ग्रीन कार्ड का लंबा इंतजार और नौकरी जाने का लगातार डर वहां के प्रोफेशनल्स को मानसिक तनाव देता है। इसके मुकाबले, भारत में अपने परिवार के करीब रहकर काम करने से न सिर्फ मेंटल पीस मिलती है, बल्कि सेविंग्स का प्रतिशत भी कई मामलों में बराबरी या उससे बेहतर बैठता है। आज के समय में जब भारत का टेक इकोसिस्टम ग्लोबल लेवल पर मजबूत हो रहा है, तो टैलेंटेड युवाओं के लिए देश के अंदर ही करियर ग्रोथ के अपार अवसर बन चुके हैं।टेक प्रोफेशनल्स और युवाओं के लिए बड़ा सबकविदेश जाने की चाह रखने वाले नए सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और टेक छात्रों के लिए यह तुलना आँखें खोलने वाली है। सिर्फ करेंसी कन्वर्जन के आधार पर अमेरिका की बड़ी सैलरी को देखकर आकर्षित होने से पहले वहां की जीवन लागत और सामाजिक ताने-बाने को समझना बेहद जरूरी है। अमेजन इंजीनियर की इस इनसाइटफुल पोस्ट ने यह साबित कर दिया है कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि जीवन की गुणवत्ता और मानसिक सुकून भी उतना ही मायने रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:22 pm

साल 2026 की सबसे हॉट और हाई-पैइंग जॉब बनी 'AI', जानें किस प्रोफाइल में मिल रहा है बंपर पैकेज

टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसके साथ ही जॉब मार्केट में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। साल 2026 में अगर आप आईटी सेक्टर में सबसे बड़ी छलांग लगाने की सोच रहे हैं, तो AI प्रोफेशनल्स के लिए नौकरियों के द्वार खुल चुके हैं। पारंपरिक सॉफ्टवेयर जॉब्स को पीछे छोड़ते हुए जेनरेटिव एआई (GenAI), एलएलएम (LLM) इंजीनियरिंग और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में नौकरियों की बाढ़ आ गई है। देश-विदेश की दिग्गज कंपनियां और स्टार्टअप्स ऐसे टैलेंट की तलाश में हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में मास्टरी रखते हों।जेनरेटिव AI और LLM इंजीनियर बने इंडस्ट्री के नए किंगआईटी बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल सबसे ज्यादा डिमांड GenAI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) इंजीनियरों की है। जो प्रोफेशनल्स RAG पाइपलाइन, वेक्टर डेटाबेस और कस्टम AI मॉडल तैयार करने में माहिर हैं, उन्हें कंपनियां मुंहमाँगा पैकेज दे रही हैं। जानकारों का कहना है कि इस सेगमेंट में अनुभवी प्रोफेशनल्स का पैकेज आसानी से 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये सालाना तक पहुंच रहा है, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।पारंपरिक आईटी भूमिकाओं से क्यों आगे निकल रही है AI जॉब्स?पहले जहां डेवलपर्स और कोडर्स की मांग सबसे ऊपर हुआ करती थी, वहीं अब कंपनियां एआई आर्किटेक्ट और एमएलयूओपीएस (MLOps) इंजीनियरों को प्राथमिकता दे रही हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि हर बिजनेस आज ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स और स्मार्ट चैटबॉट्स को अपने सिस्टम में इंटीग्रेट करना चाहता है। टैलेंट की भारी कमी और मांग में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण इस सेक्टर में सैलरी का ग्राफ रॉकेट की रफ्तार से ऊपर जा रहा है।फ्रेशर्स और युवाओं के लिए करियर चमकाने का सुनहरा मौकाअच्छी बात यह है कि इस क्षेत्र में सिर्फ डिग्रियां नहीं, बल्कि आपके प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स और कोडिंग स्किल्स मायने रखते हैं। पाइथन, डीप लर्निंग और ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क पर पकड़ रखने वाले युवा कम अनुभव में भी लाखों के पैकेज हासिल कर रहे हैं। यदि आप भी आईटी सेक्टर में एआई का बॉस बनना चाहते हैं, तो खुद को आधुनिक तकनीकों के साथ अपग्रेड करना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:20 pm

राजनाथ सिंह बोले- 'भारत बना रहा डेटा सेंटर, पाकिस्तान बन चुका है रेडिकल सेंटर, वहां मिलिट्री और मिलिटेंट में कोई फर्क नहीं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर अब तक का सबसे तीखा और करारा जुबानी हमला बोला है। एक कार्यक्रम के दौरान देश की बढ़ती तकनीकी ताकत और पड़ोसी देश की बर्बादी का तुलनात्मक जिक्र करते हुए उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जहां एक तरफ भारत आधुनिक युग की जरूरत के हिसाब से दुनिया भर के लिए डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी हब बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान केवल कट्टरता का केंद्र यानी 'रेडिकल सेंटर' बनकर रह गया है। रक्षा मंत्री के इस तीखे बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकवाद और उसकी विफल व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है।मिलिट्री और मिलिटेंट के बीच धुंधली पड़ चुकी है पाकिस्तान की रेखाअपने तीखे तेवरों के लिए जाने जाने वाले राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के भीतर की व्यवस्थाओं पर करारा कटाक्ष करते हुए कहा कि वहां की सेना और आतंकवादियों के बीच अब कोई फर्क नहीं बचा है। पाकिस्तान जिस तरह से लंबे समय से चरमपंथी संगठनों को पालता-पोसता आया है, उसकी वजह से आज पूरा देश बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो देश अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने के लिए करते हैं, वे कभी भी आर्थिक और तकनीकी प्रगति नहीं कर सकते, और पाकिस्तान इसका सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण है।टेक्नोलॉजी और डेटा के मामले में ग्लोबल लीडर बन रहा है भारतएक तरफ जहां पाकिस्तान अपनी অভ্যন্তরীণ कलह, महंगाई और कट्टरता से जूझ रहा है, वहीं इसके विपरीत भारत डिजिटल क्रांति और अत्याधुनिक तकनीकों के दम पर ग्लोबल लीडर के रूप में उभर रहा है। भारत में आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटिंग और डेटा सेंटर्स का एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, जो देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल रहा है। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश स्पेस, डिफेंस और टेक्नोलॉजी के हर मोर्चे पर आत्मनिर्भर बन रहा है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी मजबूत धाक जमा रहा है।वैश्विक मंच पर पाकिस्तान का असली चेहरा हुआ बेनकाबरक्षा मंत्री के इस बयान ने दुनिया भर का ध्यान एक बार फिर इस बात की ओर खींचा है कि कैसे दो पड़ोसी देश बिल्कुल अलग दिशाओं में आगे बढ़ रहे हैं। भारत जहां चांद और सूरज पर अपनी पहुंच बनाने के साथ-साथ डिजिटल और तकनीकी महाशक्ति बनने की राह पर अग्रसर है, वहीं पाकिस्तान ग्लोबल आतंकवाद का अड्ढा बनकर दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है। रक्षा मंत्री की इस दो टूक टिप्पणी ने साफ कर दिया है कि भारत अब किसी भी उकसावे का मुंहतोड़ जवाब देने के साथ-साथ अपनी विकास यात्रा को पूरी रफ्तार से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:19 pm

शिक्षा मंत्रालय संभालते ही फुल एक्शन में प्रह्लाद जोशी! संडे को भी अफसरों की बुलाई हाई-लेवल बैठक

देश की राजनीति और शिक्षा जगत में इस समय हलचल तेज हो गई है क्योंकि नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। छुट्टी का दिन होने के बावजूद, यानी रविवार को भी उन्होंने मंत्रालय के तमाम बड़े अधिकारियों और वरिष्ठ नौकरशाहों की एक इमरजेंसी हाई-लेवल बैठक बुलाई है। इस अचानक बुलाई गई बैठक के बाद से ही पूरे देश के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार अब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर कोई बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है।कार्यभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने दिखाए कड़े तेवरकेंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल और नई जिम्मेदारियों के मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने बिना एक भी दिन गंवाए अपने मंत्रालय का कामकाज संभाल लिया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उनका यह तेवर साफ संकेत दे रहा है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लंबित पड़ी व्यवस्थाओं को पटरी पर लाना उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। रविवार के दिन बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक में देश की शिक्षा नीति, परीक्षाओं की पारदर्शिता और पिछले समय में उठे सवालों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।क्या NEET परीक्षा पैटर्न में होगा बड़ा बदलाव?देशभर के लाखों मेडिकल Aspirants के मन में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही चल रहा है कि क्या सरकार NEET परीक्षा प्रणाली, इसके आयोजन के तरीके या काउंसलिंग प्रक्रिया में कोई क्रांतिकारी बदलाव करने वाली है। पिछले कुछ सत्रों में NEET परीक्षा को लेकर हुई विभिन्न गड़बड़ियों, पेपर लीक के मामलों और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद से ही पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में रही है। ऐसे में प्रह्लाद जोशी द्वारा अचानक बुलाई गई इस समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे परीक्षा की शुचिता और विश्वसनीयता को फिर से बहाल किया जा सके।छात्रों और अभिभावकों को है सख्त और पारदर्शी फैसलों का इंतजारएजुकेशन सेक्टर के जानकारों का मानना है कि नए मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा जीतना और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से फूल-प्रूफ बनाना है। इस संडे मीटिंग में अधिकारियों के साथ मंथन के बाद जल्द ही कुछ बड़े दिशा-निर्देश या नए सुधार सामने आ सकते हैं। देश के करोड़ों छात्र अब यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस नीतिगत फैसला लेगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली की गुंजाइश हमेशा के लिए खत्म हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:16 pm

CM योगी का बड़ा ऐलान, आक्रमणकारियों नहीं, भारत के राष्ट्रनायकों के नाम पर बनेंगे म्यूजियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपना शौर्य दिखाया था, सपा सरकार वहां मुगल म्यूजियम बना रही थी। हमने कहा, उत्तर प्रदेश की जनता का पैसा किसी आक्रमणकारी के नाम पर ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 1:08 pm

RSS प्रमुख मोहन भागवत का गुजरात दौरा, 2 दिन के प्रवास में संगठनात्मक कार्यक्रमों में होंगे शामिल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ। मोहन भागवत आगामी 28 और 29 जुलाई को दो दिवसीय गुजरात दौरे पर आएंगे। अपने दौरे के दौरान वह संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।

वेब दुनिया 26 Jul 2026 12:56 pm

उन नीट विद्यार्थियों की कहानी, जो पेपर लीक के बाद चले गए

जंतर मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में शायद ही कोई ऐसा दिन हो जिस दिन प्रदर्शनकारी उन 21 नीट अभ्यर्थियों का जिक्र नहीं करते थे जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनते ही कॉकरोच जनता ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 12:34 pm

कारगिल विजय दिवस पर पीएम मोदी का संदेश: 'मन की बात' में शहीदों को किया नमन— राष्ट्र के लिए वीरों का बलिदान अजर-अमर है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें गर्व से भर देता है। यह दिन हमें हमारे बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपने वीरों को सिर्फ याद ही नहीं करता, बल्कि नई पीढ़ी तक उनकी गाथा भी पहुंचाता है।

देशबन्धु 26 Jul 2026 12:28 pm