पालतू गाय को बाहर ले गया और काट डाला! गांव में आरोपी बोला- जंगल में छोड़ आया
बिजनौर के स्योहारा क्षेत्र के सदाफल गांव में पालतू गाय के कथित कटान के मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, फरियाद अपनी गाय को जंगल ले गया और छह साथियों के साथ उसका कटान किया. मांस छोटे पैकेट में बेचने का आरोप है. मौके से गौवंशीय अवशेष और कटान के औजार बरामद किए गए हैं.
'हनुमान अंश' की सफलता पर काशी पहुंचे एक्टर, लगाए महाकाल के नारे
फिल्म हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने का काम किया है. ऐसे में इसकी सफलता के लिए पूरी फिल्म की कास्ट वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची. वहां उन्होंने महाकाल के दर्शन किए, और उनका जयकारा लगाया.
टॉयलेट में चल रही 22 बच्चों की क्लास... सरकारी स्कूल की बदहाली का VIDEO
धार के टाणा गांव में सरकारी स्कूल की बदहाली सामने आई है. जर्जर भवन के चलते 22 बच्चों को कभी मंदिर तो कभी नए बने बालिका शौचालय में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है. शौचालय में बच्चों की तस्वीर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. विभाग के मुताबिक नया स्कूल भवन निर्माणाधीन है और जल्द बच्चों को वहां शिफ्ट किया जाएगा.
पूरा राज्य ही बिजली कटौती से परेशान, सत्ता पक्ष का पिछली सरकार पर आरोप, मीम्स बने
पूरा केरलम राज्य इस समय बिजली संकट से जूझ रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। वहीं जनता इस कटौती से परेशान होकर अपनी दिक्कतों को सोशल मीडिया पर शेयर कर रही है।
'चोर-चोर' के नारे लगाकर हेडमास्टर को दौड़ाया, आरोपी छात्रों को मिली TC
जलपाईगुड़ी जिला स्कूल में हेडमास्टर को दौड़ाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इस मामले में आरोपी छात्रों को TC दी गई है. वहीं, राज्य के शिक्षा मंत्री ने खुद स्कूल जाकर छात्रों से बातचीत भी की.
स्टेडियम नहीं मिला तो ₹10 लाख में ली नई जगह, 'छात्रों की गूंज' पर सियासत
Rahul Gandhi Indore Event Controversy: इंदौर में नेहरू स्टेडियम की अनुमति न मिलने पर कांग्रेस ने ₹10 लाख देकर ली नई जमीन. 19 सितंबर को होगा राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
'हनुमान अंश' एक्टर की बदली किस्मत, सलमान की फिल्म में मिला काम
फिल्म हनुमान अंश में काम करने वाले चंदन आनंद ने बताया है कि वो जल्द सलमान खान की फिल्म मॉन्स्टर और शाहरुख खान की किंग में नजर आने वाले हैं. एक बातचीत में उन्होंने इसका खुलासा किया, और सलमान संग काम करने पर अपना एक्सपीरियंस भी साझा किया.
पक्की सड़क, घर, राशन, फ्री लाइब्रेरी, महिलाएं सुरक्षित... इस गांव में दिखा विकास असर
अमेठी के भौसिंहपुर गांव में ब्राह्मण समाज के ग्रामीणों ने योगी सरकार के पांच साल के कामकाज की तारीफ की है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पक्के मकान, राशन, सड़क और दूसरी सुविधाओं में सुधार हुआ है. महिलाओं ने सुरक्षा बेहतर होने की बात कही. हालांकि ग्रामीणों ने युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग भी की है.
0 रन, दोनों पारियों में विकेट... भारतीय क्रिकेटर ने रचा इतिहास
श्रीलंका दौरा खत्म होने के महज तीन दिन बाद मानव सुथार इंग्लैंड रवाना हो गए और वॉरविकशायर के साथ अपना काउंटी अभियान फिर शुरू किया. काउंटी चैम्पियनशिप के मौजूदा सीजन में वह आठ पारियों में 21 विकेट ले चुके हैं. इसमें समरसेट के खिलाफ पांच विकेट हॉल भी शामिल है.
बंगाल में TMC नेता का घर ब्लास्ट में उड़ा! मची अफरा-तफरी
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में टीएमसी नेता द्विजेन मंडल के घर में जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया. लालपोल इलाके में हुए विस्फोट से मकान की ग्राउंड फ्लोर मलबे में बदल गई और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा. पुलिस को शुरुआती तौर पर सिलेंडर फटने की आशंका है. वहीं स्थानीय लोगों ने घर में बम जमा होने का आरोप लगाया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई. फोरेंसिक टीम जांच में जुटी है.
किराए का छोटा कमरा भी दिखेगा आलीशान! बस ऐसे करें सामान की सेटिंग
Home Setting Ideas: अगर आप भी अपने किराए को छोटे कमरे में सामान बिखरा रहने से परेशान हैं तो अब आपकी फिक्र दूर होने वाली है. यहां हम उस छोटे कमरे को बड़ा बनाने के कुछ आसान तरीके बता रहे हैं.
अभिजीत दीपके जब जरांगे से मिले तो टेंशन में आई सरकार? कुनबी प्रमाण पत्र मामले में ताबड़तोड़ ऐक्शन
बुधवार को जरांगे ने राज्य के मंत्री और मराठा आरक्षण उप-समिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल पर केवल मीठी बातें करने और आश्वासन देकर समुदाय को धोखा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर 12 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन मुंबई पहुंचेगा।
मणिपुर के CM से मिले सर्जियो गोर, इम्फाल के कंगला फोर्ट का किया दौरा
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर शुक्रवार को मणिपुर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात की.
पुतिन का G7 पर तंज, बोले- BRICS की बढ़ रही ताकत
BRICS बिजनेस समिट 2026 में व्लादिमीर पुतिन ने G7 की वैश्विक आर्थिक हिस्सेदारी करीब 18% और BRICS की करीब 40% बताई. उन्होंने G7 की अहमियत पर सवाल उठाते हुए पश्चिमी देशों पर BRICS को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया. वीडियो में जानें पुतिन की इन बातों का क्या है मतलब.
सऊदी प्रिंस ने हूतियों के खिलाफ मदद के लिए ट्रंप को दो-दो बार फोन लगाया, रहे खाली हाथ
सऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए पाकिस्तान और अमेरिका पर बहुत भरोसा करता था. लेकिन इस बार क्राउन प्रिंस को नाउम्मीदी हाथ लगी है. पहले पाकिस्तान ने बहाने बनाकर मक्का पैक्ट लागू करने से इनकार कर दिया और अब ट्रंप ने दो दो बार कॉल के बावजूद कोई पॉजिटिव प्रतिक्रिया नहीं दी है.
नल्ली निहारी, पेपर फ्राई और बादाम; ब्रिक्स समिट में क्या खाएंगे दुनियाभर के नेता
ब्रिक्स में शामिल हो रहे दुनियाभर के नेताओं के लिए खाने का खास अनुभव तैयार किया जा रहा है, जिसका मकसद विदेशी डेलीगेट्स को भारत की शानदार खाने-पीने की विरासत से रूबरू कराना है।
खड़े हनुमान मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़
उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बीच देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. प्रशासन ने प्रतिमा हटाने की कोशिश के दावों को भ्रामक बताया है. वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही प्रतिमा को लेकर आगे कोई फैसला होगा. वीडियो में जानें क्या है मामला.
बोरे में मिला सिर, जंगल में पड़ा था धड़... लड़की की लाश मिलने से हड़कंप
धनबाद के बलियापुर में जंगल के भीतर नाबालिग लड़की का सिर कटा शव मिलने से सनसनी फैल गई. सिर प्लास्टिक के बोरे में था, जबकि धड़ अलग जगह मिला. मौके से पूजा सामग्री भी मिली, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने नरबलि की आशंका जताई. पुलिस प्रेम प्रसंग समेत कई एंगल से जांच कर रही है और संबंधित युवक से पूछताछ जारी है.
पुतिन के साथ पीएम मोदी की बातचीत, काला सागर में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
पुतिन के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार सुबह नयी दिल्ली पहुंचने के कुछ घंटे बाद दोनों नेताओं के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद दोनों नेता 'भारत मंडपम' परिसर के भीतर एक ही कार में सवार होकर कारोबारी मंच के आयोजन स्थल पर पहुंचे।
दिशा सालियान के पिता हुए CBI के सामने पेश, 4 घंटे का बयान दर्ज
दिशा सालियान केस में बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने CBI के सामने चार घंटे का बयान दर्ज कराया है. उनका कहना है कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप हुआ और फिर उसकी हत्या की गई थी.
शनि-चंद्रमा ने बनाया विष योग, इन 3 राशियों का लग सकता है जैकपॉट
11 सितंबर यानी आज शनि और चंद्रमा की मीन राशि में युति बन रही है. दोनों ग्रहों की युति से विष योग का निर्माण हुआ है. आमतौर पर शनि-चंद्रमा के विष योग को अशुभ माना जाता है. लेकि यह विष योग तीन राशियों को लाभ दे सकता है.
कल का मौसम, 12 सितंबर: शनिवार को यूपी-बिहार में होगी भारी बारिश, इन इलाकों में भी IMD अलर्ट
बिहार में 12 सितंबर को कई जगह बारिश जारी रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 से 17 सितंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। शुक्रवार को बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हुई।
हल्ला बोल: पीएम मोदी-पुतिन की दोस्ती का 'पावर शो', कूटनीति का माइंड गेम
BRICS समिट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच आज द्विपक्षीय बातचीत हुई. भारत मंडपम में हुई ये मुलाकात तकरीबन 45 मिनट तक चली. इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को तमिल संत थिरुवक्कुरल की किताब का रूसी अनुवाद भेंट किया. देखें...
त्योहारों से पहले CM योगी का अफसरों को सख्त आदेश!
यूपी में बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों को त्योहारों से पहले सुधारने की तैयारी तेज हो गई है. योगी सरकार ने 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त और आवागमन योग्य बनाया जाएगा. पहले चरण में जरूरी मरम्मत होगी, जबकि बरसात खत्म होने के बाद स्थायी नवीनीकरण कराया जाएगा. स्कूल, अस्पताल, बाजार और अधिक आवाजाही वाली सड़कों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.
AI से इंसानों के खत्म होने का 70% खतरा! OpenAI रिसर्च का बड़ा दावा
OpenAI की सेफ्टी टीम से जुड़े मार्कस विलियम्स ने चेतावनी दी है. दावा किया है कि अगर AI पर नियमन नहीं हुआ और कंपनियों ने विकास की रफ्तार धीमी नहीं की तो अगले तीन साल में इंसानों के खत्म होने का खतरा 70 फीसदी तक हो सकता है.
सीढ़ियां बनवाते समय न करें ये गलती! जानिए '7-11 Rule'
Home Construction Tips: घर में सीढ़ियां बनवाते समय उनकी ऊंचाई और चौड़ाई का सही होना बहुत जरूरी है. अगर सीढ़ियों की नाप सही न हो तो रोजाना ऊपर-नीचे आने में परेशानी और थकान महसूस हो सकती है. ऐसे में सीढ़ियों की डिजाइन को आसान और आरामदायक बनाने में '7-11 Rule' काम आ सकता है. जानिए क्या है सीढ़ियों का 7-11 रूल के बारे में.
India-Iran Relations पर मौलाना यासूब अब्बास का बड़ा बयान, कहा- तेहरान का साथ देना वक्त की बड़ी ज़रूरत
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने शुक्रवार को नई दिल्ली और तेहरान के बीच मज़बूत कूटनीतिक संबंधों की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि इलाके में चल रहे भारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन का भारत में ब्रिक्स (BRICS) समिट में शामिल होना दोनों देशों के आपसी रिश्तों का एक अहम सबूत है। अब्बास ने इस कूटनीतिक दौरे को बहुत खास बताया, खासकर तब जब तेहरान पर भू-राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है, और उन्होंने इस साझेदारी की मज़बूती पर ज़ोर दिया। मौलाना यासूब अब्बास ने ANI से कहा, भारत सरकार को अपने पुराने दोस्त ईरान के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। अभी दो देश ईरान के ख़िलाफ़ हैं। और मध्य पूर्व के तथाकथित इस्लामिक देश भी ईरान के ख़िलाफ़ हैं। ऐसे में, ईरान के राष्ट्रपति का भारत आना किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit में भारत का बड़ा दांव, Critical Minerals के लिए G. Kishan Reddy ने पेश किया Master Plan दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव की खबरों को खारिज करते हुए, उन्होंने हाल ही में हुई उच्च-स्तरीय मुलाकातों का हवाला दिया - जिसमें इस महीने की शुरुआत में ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम के लिए ईरान के चीफ जस्टिस अयातुल्ला गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजी का दौरा शामिल है - जो मजबूत आपसी तालमेल का सबूत है। अब्बास ने कहा, भारत और ईरान के बीच कोई कड़वाहट नहीं है। अभी हाल ही में ईरान के चीफ जस्टिस अयातुल्ला गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजी आए थे। आज 11 सितंबर है और राष्ट्रपति आए हैं, तो कड़वाहट कैसी? अमेरिका और इज़राइल ही कड़वाहट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं; प्रधानमंत्री सभी सवालों का अच्छे से जवाब देंगे और सम्मान के साथ अपने पुराने दोस्त के साथ खड़े रहेंगे। अपने संबोधन के दौरान, शिया नेता ने इस क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई के कारण हाल ही में हुई मौतों पर औपचारिक रूप से शोक व्यक्त किया, जिसमें विशेष रूप से बड़े नेताओं और आम नागरिकों की मौत का जिक्र किया गया। उन्होंने कहा, इसके अलावा, मैं अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई साहब की शहादत, ईरान के शहीदों की शहादत और मारे गए मासूम बच्चों के लिए शोक व्यक्त करता हूं। पश्चिमी ताकतों से जुड़े संघर्ष के व्यापक रणनीतिक प्रभावों पर बात करते हुए, अब्बास ने दोनों देशों से बाहरी दबाव का मुकाबला करने के लिए अपने द्विपक्षीय बातचीत के तरीकों को और मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने दोहराया, इस संबंध में भारत और ईरान के बीच संबंधों को बेहतर बनाने पर भी चर्चा होनी चाहिए। भारत सरकार को अपने पुराने दोस्त ईरान के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। अभी दो देश ईरान के खिलाफ हैं। और तथाकथित इस्लामिक देश, मध्य पूर्व, ईरान के खिलाफ हैं। ऐसे में, भारत में ईरान के राष्ट्रपति की मौजूदगी किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसे भी पढ़ें: BRICS Business Forum में बोले Putin, भरोसेमंद B2B Relations ही वैश्विक अर्थव्यवस्था और आर्थिक रिश्तों की असली रीढ़ दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक निर्भरता, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों पर समुद्री व्यापार को लेकर, इस बात पर ज़ोर देते हुए अब्बास ने कहा कि तेहरान भारतीय समुद्री आवाजाही को खास अहमियत देता रहा है। उन्होंने कहा, देखिए, मैंने कहा था कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं। अमेरिका और इज़राइल जैसे देश भारत और ईरान को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की बहुत कोशिश करते हैं, लेकिन भारत और ईरान की दोस्ती सदियों से चली आ रही है और कोई इसे मिटा नहीं सकता। भारत को तेल और गैस मिलती रहेगी। ईरान ने होर्मुज को लेकर एक लकीर खींची है; यह लकीर उसने दुनिया के लिए खींची है, भारत के लिए नहीं।
पुतिन की एजुकेशन से KGB तक, कैसे बने रूस के राष्ट्रपति?
व्लादिमीर पुतिन का सफर साधारण बचपन से जूडो, कानून की पढ़ाई और KGB तक पहुंचा. पूर्वी जर्मनी में खुफिया अधिकारी के तौर पर काम करने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा. FSB प्रमुख, प्रधानमंत्री और कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने के बाद 2000 में पहली बार रूस के राष्ट्रपति चुने गए.
BRICS में विकासशील देश हैं तो पाकिस्तान क्यों नहीं, चीन और रूस क्यों नहीं कर पाए वकालत?
पाकिस्तान ब्रिक्स में आने की हसरत 2009 से ही पाले हुए है, लेकिन उसकी ये हसरत पूरी नहीं हो पा रही. रही-सही कसर चीन ने पूरी कर ही है. भारत से वो अच्छे संबंध कर रहा है. ऐसे में पाकिस्तान की जलन बढ़ती जा रही है.
BB की क्रांति-अरशद का एक्शन, ओटीटी पर हुई मजेदार कंटेंट की बौछार
ओटीटी पर इस हफ्ते बॉलीवुड और हॉलीवुड ने अपना दबदबा बनाने की ठानी है. कई सारे मजेदार शो और फिल्में आई हैं, जिसे देखने के लिए ऑडियंस भी काफी एक्साइटेड रहने वाली है. तो आप भी जानें इस हफ्ते की ओटीटी लिस्ट क्या है...
ब्लैक सी में भारतीयों की सुरक्षा, जंग पर ब्रेक... PM की पुतिन से क्या बात हुई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस जाने का न्योता स्वीकार कर लिया है. इसके अलावा भारत और रूस ने 65 अरब डॉलर के व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का टारगेट रखा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूक्रेन जंग को खत्म करवाने के लिए भारत रूस को हर मदद करने को तैयार है.
BRICS देश बना लें कॉमन करेंसी तो बदल जाएगी दुनिया की तस्वीर लेकिन एक्सपर्ट बता रहे टेढ़ी खीर
BRICS Summit में CBDC लिंकिंग पर चर्चा संभव है. जानिए क्या BRICS देश डॉलर के बजाय अपनी करेंसी में व्यापार करेंगे, व्यापार घाटे की चुनौतियों के बीच भारत को फायदा होगा या खतरे पैदा होंगे.
यूपी में 1600 करोड़ से अधिक की 65 परियोजनाओं से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर
उत्तर प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन के अभूतपूर्व विस्तार के बाद योगी सरकार अब चिकित्सा संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रही है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश के ...
BRICS Summit में भारत का बड़ा दांव, Critical Minerals के लिए G. Kishan Reddy ने पेश किया Master Plan
कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत और दूसरे सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठकों के बाद, आने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में 'क्रिटिकल मिनरल्स' (अहम खनिज) चर्चा का एक मुख्य एजेंडा होंगे। संसाधन सुरक्षा हासिल करने के लिए भारत की व्यापक रणनीति के बारे में बताते हुए, रेड्डी ने ज़ोर दिया कि क्रिटिकल मिनरल्स आधुनिक औद्योगिक विकास, टेक्नोलॉजी और आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार बन गए हैं। नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए, मंत्री ने आयात पर निर्भरता कम करने के लिए भारत की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, शहरी माइनिंग की पहल और विदेशों में एसेट खरीदने की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। इसे भी पढ़ें: BRICS बिज़नेस फोरम में PM मोदी ने कहा, BRICS की रफ़्तार, दायरा और उम्मीद साफ़ दिख रही है रेड्डी ने कहा क्रिटिकल मिनरल्स न सिर्फ़ भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक अहम सेक्टर हैं। दुनिया भर के देश इस दिशा में बड़े प्रयास कर रहे हैं। कई देशों के साथ बातचीत चल रही है और पिछले साल प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने कई देशों के साथ क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर MoU साइन किए हैं। आने वाले ब्रिक्स (BRICS) समिट में भी क्रिटिकल मिनरल्स एक अहम एजेंडा होगा। उन्होंने आगे कहा, कल हमने रूसी मंत्री के साथ एक खास बैठक की। मैं दूसरे देशों के प्रतिनिधियों से भी मिलना चाहता हूँ, क्योंकि आज क्रिटिकल मिनरल्स के बिना विकास मुमकिन नहीं है। सेल फ़ोन और स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर पंखे, रेफ्रिजरेटर और कैमरे तक, हर जगह क्रिटिकल मिनरल्स की मांग है। आयात पर निर्भरता कम करने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने घरेलू नीति के अहम उपायों और निवेश के लिए प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में बताया। सरकार ने घरेलू स्तर पर खोज और प्रोसेसिंग की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ₹36,000 करोड़ की प्रोत्साहन योजना के साथ एक खास मिशन शुरू किया है। इसे भी पढ़ें: BRICS Business Forum में बोले Iran President Pezeshkian, आर्थिक दबाव का जवाब है मजबूत Trade Network रेड्डी ने कहा भारत सरकार का लक्ष्य क्रिटिकल मिनरल्स के लिए विदेशी स्रोतों पर अपनी मौजूदा निर्भरता को खत्म करके आत्मनिर्भर बनना है। इसके लिए हमने घरेलू स्तर पर खोज की गतिविधियों को बढ़ाया है और 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन' शुरू किया है, जिसमें ₹36,000 करोड़ की प्रोत्साहन योजना शामिल है। हमारा लक्ष्य 'अर्बन माइनिंग' के ज़रिए ई-वेस्ट से क्रिटिकल मिनरल्स निकालना भी है। मंत्री ने विस्तार से बताया कि अर्बन माइनिंग से देश की लगभग एक-तिहाई ज़रूरतें पूरी हो सकती हैं। भारत का लक्ष्य ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग के ज़रिए अपनी क्रिटिकल मिनरल ज़रूरतों का 25% से 30% हिस्सा हासिल करना है। आवेदन करने वाली 125 कंपनियों में से 58 रीसाइक्लिंग फर्मों को पहले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी पहलों में चार प्रोसेसिंग प्लांट लगाना और ओडिशा से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु होते हुए केरल तक एक खास 'क्रिटिकल मिनरल कॉरिडोर' बनाना शामिल है। उन्होंने कहा, हम ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग के ज़रिए भारत की क्रिटिकल मिनरल ज़रूरतों का 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर सकते हैं और इसके लिए एक खास योजना शुरू की गई है। देश भर से लगभग 125 रीसाइक्लिंग कंपनियों ने आवेदन किया है और हमने ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में उनमें से 58 को शॉर्टलिस्ट किया है। हमने चार क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और ओडिशा से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु होते हुए केरल तक एक कॉरिडोर बना रहे हैं।
कौन हैं पूर्व IAS देबाशीष? BJP ने लोकसभा उपचुनाव में बनाया उम्मीदवार
देबाशीष शर्मा साल 1992 में असम सिविल सर्विस में शामिल हुए थे. उनकी पहली पोस्टिंग बारपेटा में हुई थी. अब करीब तीन दशक के प्रशासनिक अनुभव के साथ देबाशीष अपना सियासी सफर शुरू करने जा रहे हैं.
जन्माष्टमी पर CM योगी की गौसेवा का भावुक दृश्य, पुंगनूर गायों ने दूसरे बछड़ों को भी कराया दुग्धपान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी 2026 पर श्री कृष्ण जन्मभूमि में दो पुंगनूर गायों सहित 11 गायों का दान किया, जिसमें गा
सीएम योगी के भरोसे से बढ़ा मनोबल, बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं सोनम यादव
Chief Minister Abhyudaya Yojana: युवाओं को अपना सपना पूरा करने में आर्थिक अभाव अब आड़े नहीं आएगा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिलाया गया यह भरोसा अयोध्या की सोनम यादव जैसी युवाओं की सफलता से और मजबूत हुआ है।
भारत-यूरोपीय: 180 अरब यूरो का विशाल कारोबार और 8 लाख नई नौकरियों का खुलेगा रास्ता
वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक गलियारों से भारत के लिए एक बेहद सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और लोकतांत्रिक ताकतों—भारत और यूरोपीय संघ (EU)—के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। यूरोपीय आयोग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस ऐतिहासिक समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करने और उसे कानूनी रूप से अंतिम रूप देने की अनुमति के लिए अब यूरोपीय यूनियन काउंसिल (Council of the European Union) को आधिकारिक प्रस्ताव भेज दिया गया है। जैसे ही काउंसिल की तरफ से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी, यह समझौता आधिकारिक तौर पर लागू हो जाएगा। जानकारों का कहना है कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक व्यापारिक समझौता साबित होगा, जिससे न केवल द्विपक्षीय कारोबार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी, बल्कि भारत और यूरोप के आर्थिक संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय भी जुड़ेगा।यूरोपीय यूनियन काउंसिल को भेजा गया प्रस्ताव और समझौते का विशाल दायराभारत और यूरोपीय संघ के बीच इस मुक्त व्यापार समझौते को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया अब पूरी तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। काउंसिल ऑफ द यूरोपीय यूनियन से औपचारिक अनुमोदन मिलते ही यह समझौता दोनों महाद्वीपों के बीच व्यापार के नए रास्ते खोल देगा। इस समझौते के लागू होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दोनों क्षेत्रों के बीच बाजार की पहुंच का अभूतपूर्व विस्तार होगा, आयात शुल्क (Import Duty) में भारी कटौती की जाएगी, व्यापार में आने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर किया जाएगा और निवेश की प्रक्रियाओं को बेहद सरल बनाया जाएगा। वर्तमान समय के व्यापारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत और यूरोपीय संघ के बीच हर साल 180 अरब यूरो (Euro) से अधिक का विशाल कारोबार वस्तुओं और सेवाओं के जरिए होता है। इस मजबूत आर्थिक साझेदारी की बदौलत अकेले यूरोपीय संघ के भीतर ही लगभग 8 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। यह समझौता इस बात का प्रमाण है कि भारत आज वैश्विक सप्लाई चेन का एक अनिवार्य और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।यूरोपीय निर्यातकों को भारी शुल्क राहत और उपभोक्ताओं को मिलेंगी प्रतिस्पर्धी कीमतेंइस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरी तरह लागू हो जाने के बाद भारत को होने वाले यूरोपीय संघ के लगभग 96 प्रतिशत सामानों के निर्यात पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी या तो पूरी तरह से समाप्त कर दी जाएगी या फिर उसे बेहद न्यूनतम स्तर पर ला दिया जाएगा। यूरोपीय आयोग के अनुमान के मुताबिक, इस ऐतिहासिक समझौते के प्रभाव में आने से यूरोपीय निर्यातकों को सालाना लगभग 4 अरब यूरो की भारी-भरकम शुल्क बचत होने की उम्मीद है। जब आयात शुल्क में इतनी बड़ी कटौती होगी, तो इसका सीधा लाभ दोनों पक्षों के आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। बाजार में उत्पादों की प्रचुरता बढ़ेगी, जिससे ग्राहकों के पास चयन करने के लिए अधिक विकल्प होंगे और उन्हें बेहद प्रतिस्पर्धी तथा किफायती कीमतों पर बेहतरीन उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। वैश्वीकरण के इस दौर में यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान को इतना सुगम बना देगा कि व्यापार की लागत में भारी कमी आएगी, जिसका सकारात्मक प्रभाव अंततः दोनों देशों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पर पड़ेगा।भारत के एमएಸ್एमई (MSMEs) और विनिर्माण क्षेत्र के लिए खुलेंगे तरक्की के नए द्वारभारत और यूरोपीय संघ के बीच होने जा रहे इस मुक्त व्यापार समझौते का सबसे बड़ा और दूरगामी लाभ देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों यानी MSMEs को मिलने की पूरी उम्मीद है। भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से टेक्सटाइल (कपड़ा), गारमेंट्स, चमड़ा उद्योग (Leather), फुटवियर, जेम्स एंड ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट्स और आईटी सर्विसेज जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए यूरोप के बाजार में अपार संभावनाएं और नए अवसर पैदा होंगे। लंबे समय से भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में उच्च आयात शुल्क के कारण कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस समझौते के बाद जब भारतीय सामानों पर यूरोप में लगने वाली ड्यूटी घट जाएगी या समाप्त हो जाएगी, तो वे वहां के स्थानीय और अन्य वैश्विक बाजारों के उत्पादों के मुकाबले कहीं अधिक कॉम्पिटिटिव बन जाएंगे। इससे 'मेक इन इंडिया' अभियान को बल मिलेगा और देश के विनिर्माण (Manufacturing) सेक्टर को सीधा और जबरदस्त फायदा पहुंचेगा, जिससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।आर्थिक कूटनीति का नया मील का पत्थर और भविष्य की संभावनाएंयह मुक्त व्यापार समझौता केवल दो व्यापारिक क्षेत्रों के बीच का अनुबंध भर नहीं है, बल्कि यह बदलती हुई वैश्विक आर्थिकी में भारत की बढ़ती कूटनीतिक और आर्थिक ताकत का प्रतीक है। यूरोपीय संघ के साथ इस प्रकार की गहरी साझेदारी भारत को वैश्विक व्यापारिक मंच पर एक मजबूत और भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर के रूप में स्थापित करती है। भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से लगातार ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर जोर दे रही है जिससे देश के निर्यात को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिल सके। तकनीकी आदान-प्रदान, डिजिटल अर्थव्यवस्था, और हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में भी इस समझौते के माध्यम से आपसी सहयोग के नए द्वार खुलने की पूरी संभावना है। जैसे ही यूरोपीय यूनियन काउंसिल से इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, भारत के व्यापारी वर्ग और उद्योग जगत के लिए विकास के एक नए युग की शुरुआत हो जाएगी, जो देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे ले जाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
पुतिन का सीक्रेट सूटकेस, जानिए क्यों रहता है साथ?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के बीच उनकी सुरक्षा व्यवस्था और एक खास सूटकेस चर्चा में है. रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि विदेशी यात्राओं के दौरान उनके जैविक कचरे को भी विशेष तरीके से रूस वापस ले जाया जाता है. पुतिन के तीन परिवहन विमान नोएडा एयरपोर्ट पहुंचे थे. यह पूरी व्यवस्था उनकी सुरक्षा को लेकर बरती जाने वाली असाधारण सावधानी को दिखाती है. हालांकि सूटकेस से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं है.
ब्रिक्स समिट में शी जिनपिंग के आने से पहले पूर्व BJP सांसद ने चेताया, बोले- एक सुपर पॉवर...
ब्रिक्स समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एंट्री के पहले पूर्व भाजपा नेता ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीति में मल्टीपोलेरिटी को बढ़ाने की जरूरते है। दुनिया एक सुपर पॉवर की जगह दूसरे सुपर पॉवर को नहीं दे सकती।
भारतीय कर प्रणाली में पारदर्शिता और सुगमता लाने के उद्देश्य से लागू की गई वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी (GST) व्यवस्था ने देश के कारोबारी ढांचे को पूरी तरह से बदल दिया है। हालांकि, जैसे-जैसे टैक्स सिस्टम पूरी तरह से डिजिटल और आधुनिक होता जा रहा है, वैसे-वैसे कर विभाग की नजर भी देश के छोटे-बड़े हर व्यापारी की वित्तीय गतिविधियों पर बेहद पैनी हो गई है। आज के समय में टैक्स विभाग डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेटेड सिस्टम्स के जरिए कारोबारियों के हर एक लेनदेन की बारीकी से निगरानी कर रहा है। ऐसे में कई बार छोटे व्यापारी अनजाने में कुछ ऐसी तकनीकी और व्यावहारिक गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से जीएसटी विभाग की ओर से उन्हें अचानक कानूनी नोटिस मिलने लगते हैं। इन नोटिसों के आने से व्यापारियों में हड़कंप मच जाना स्वाभाविक है, क्योंकि सही जानकारी और समय पर एहतियात न बरतने पर यह आपके कारोबार की साख और वित्तीय सेहत दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आज हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं कि वे कौन सी 7 प्रमुख गलतियां हैं जिनसे छोटे व्यापारियों को बचना चाहिए, और जीएसटी नोटिस से सुरक्षित रहने के लिए किन अचूक उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।वे 7 प्रमुख गलतियां जिनके कारण छोटे व्यापारियों को मिलता है जीएसटी नोटिसजीएसटी प्रणाली के तहत जब किसी कारोबारी को कर विभाग की तरफ से नोटिस मिलता है, तो उसके पीछे अक्सर कुछ छोटी लेकिन गंभीर कंप्लायंस संबंधी खामियां जिम्मेदार होती हैं। यदि आप भी एक छोटे व्यापारी हैं, तो आपको नीचे दी गई इन 7 गलतियों को दोहराने से बचना चाहिए:GSTR-1 और GSTR-3B रिटर्न में डेटा का मेल न खाना: यह सबसे आम गलती है जो कई व्यापारी कर बैठते हैं। जब आप अपने बिक्री के आंकड़े GSTR-1 (आउटवर्ड सप्लाई) और GSTR-3B (टैक्स भुगतान का सारांश) में अलग-अलग दर्ज कर देते हैं, तो विभाग का ऑटोमेटेड सिस्टम इसे तुरंत पकड़ लेता है और स्पष्टीकरण मांगता है।गलत और अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करना: कई बार व्यापारी ऐसे बिलों पर भी आईटीसी का दावा कर बैठते हैं जो नियमों के अनुकूल नहीं होते, या फिर उनके सप्लायर ने समय पर अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया होता है। सप्लायर के रिटर्न न भरने से आपके आईटीसी का मिलान नहीं हो पाता और नोटिस आ जाता है।रिटर्न दाखिल करने में लगातार देरी करना या चूक जाना: समय पर रिटर्न दाखिल न करना विभाग की नजर में एक बड़ा अपराध माना जाता है। लगातार रिटर्न फाइल न करने या जानबूझकर देरी करने पर सिस्टम स्वतः संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी कर देता है।ई-वे बिल और रिटर्न के आंकड़ों में भारी अंतर होना: यह विशेष रूप से उन व्यापारियों और ट्रांसपोर्टर्स के लिए है जो माल की आवाजाही करते हैं। यदि आपके द्वारा जेनरेट किए गए ई-वे बिल में दर्ज सामान का रिकॉर्ड और आपके जीएसटी रिटर्न में घोषित बिक्री का आंकड़ा आपस में मैच नहीं खाता है, तो टैक्स विभाग तुरंत जांच बैठा देता है।ई-इनवॉइसिंग के अनिवार्य नियमों का उल्लंघन करना: सरकार द्वारा निर्धारित टर्नओवर सीमा के दायरे में आने वाले जिन कारोबारियों के लिए ई-इनवॉइस बनाना अनिवार्य है, यदि वे नियमों का पालन किए बिना माल बेचते हैं, तो उन्हें भारी पेनल्टी के साथ नोटिस मिल सकता है।फर्जी बिलिंग या संदिग्ध लेनदेन के जाल में फंसना: कई बार व्यापारी अनजाने में ऐसी शेल कंपनियों या फर्जी फर्मों से खरीद कर लेते हैं, जो केवल कागजों पर बिल जारी करती हैं। बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी बिल लेना या देना सीधे तौर पर विभाग के रडार पर आ जाता है।रिटर्न दाखिल करने के बावजूद टैक्स का पूरा भुगतान न करना: कई कारोबारी रिटर्न तो समय पर भर देते हैं, लेकिन उसके एवज में देय कर (Tax Liability) का पूरा भुगतान सरकारी खाते में जमा नहीं करते हैं। ऐसे मामलों में भी विभाग की तरफ से रिकवरी और नोटिस की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।जीएसटी नोटिस से घबराएं नहीं, जानें बचाव के अचूक और व्यावहारिक उपाययदि आपको या आपके किसी व्यावसायिक सहकर्मी को जीएसटी विभाग की ओर से कोई नोटिस मिल जाता है, तो सबसे पहले घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कई व्यापारी नोटिस देखते ही कानूनी कार्रवाई के डर से मानसिक तनाव में आ जाते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि विभाग द्वारा भेजा गया हर नोटिस सीधे तौर पर कोई पेनाल्टी या सजा नहीं होता, बल्कि वह केवल आपकी किसी वित्तीय अनियमितता या रिटर्न के बेमेल आंकड़े पर आपसे स्पष्टीकरण मांगने का एक कानूनी माध्यम होता है। बशर्ते आप समय रहते उसका उचित जवाब दे दें। अपने व्यापार को पूरी तरह से सेफ और कंप्लाएंट रखने के लिए आपको इन जरूरी उपायों की गांठ बांध लेनी चाहिए:हमेशा अपने GSTR-1 और GSTR-3B का नियमित रूप से मिलान (Reconciliation) करें। रिटर्न फाइल करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी बिक्री और टैक्स का डेटा दोनों फॉर्म्स में बिल्कुल एक समान हो।अपने व्यवसाय से जुड़े खरीद (Purchase) और बिक्री (Sales) के सभी इनवॉइस, बिल, बैंक स्टेटमेंट और वाउचर बहुत ही व्यवस्थित तरीके से डिजिटल और भौतिक रूप में संभाल कर रखें।केवल उन्हीं इनवॉइस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करें जो पूरी तरह से पात्र, वैध और जीएसटी पोर्टल पर सत्यापित (GSTR-2B में दिखने वाले) हों।अपने सभी प्रकार के जीएसटी रिटर्न तय समय-सीमा के भीतर ही दाखिल करें, ताकि लेट फीस और पेनल्टी से बचा जा सके।माल की हर आवाजाही के लिए सही समय पर ई-वे बिल जेनरेट करें और ई-इनवॉइसिंग के सभी नियमों का सख्ती से पालन करें।अपने रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और जीएसटी पोर्टल के डैशबोर्ड को नियमित रूप से चेक करते रहें, ताकि विभाग द्वारा भेजा गया कोई भी अलर्ट या नोटिस आपकी नजर से ओझल न हो।यदि आपको विभाग की ओर से कोई नोटिस प्राप्त होता भी है, तो घबराने के बजाय किसी अच्छे टैक्स कंसलटेंट या सीए की मदद लें और निर्धारित समय-सीमा (जैसे 15 या 30 दिन) के भीतर उसका सटीक और दस्तावेज-आधारित जवाब पोर्टल पर अपलोड कर दें। इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप अपने छोटे व्यापार को किसी भी कानूनी संकट से पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।
फ्लाइट में बैठकर दिल्ली से मुंबई पहुंचने में ज्यादा से ज्यादा 3 घंटे तक समय लगता है. लेकिन पैसेंजर ने करीब 10 घंटे तक बताया है कि कस्टमर पर भरोसा करने का उन्हें फल मिला है.
नौगांव लोकसभा उपचुनाव कांग्रेस के लिए अग्निपरीक्षा, सामने रिटायर IAS; बगावत भारी न पड़ जाए
कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों में पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा का नाम सबसे प्रमुख माना जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी अंतिम उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। टिकट के लिए पांच नेताओं ने आवेदन किया था।
दंगल: भारत मंडपम में PM मोदी-पुतिन की मुलाकात, किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
दिल्ली में दुनिया का सबसे बडा इवेंट हो रहा है. भारत ब्रिक्स-2026 की मेजबानी कर रहा है. इस आयोजन में दुनिया की आधी आबादी, 40 फीसदी से अधिक जीडीपी का प्रतिनिधि करने वाले नेता आ रहे हैं... मतलब ग्लोब माइनस अमेरिका-यूरोप कर दें तो ये ब्रिक्स हो चुका है...11 तो सदस्य देश हैं, 12 आमंत्रित देश हैं, यूएन समेत 5 इंटरनेशनल संस्थान हैं. इतने बडे मंच का मेजबान हिंदुस्तान है. ब्रिक्स का असली सम्मेलन तो कल और परसों है लेकिन आज का दिन कम हलचल वाला नहीं...आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पीएम मोदी के साथ मुलाकात हुई है....पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को विख्यात तमिल संत तिरुवल्लुवर की 1330 दोहे वाली किताब भेंट की है. देखें...
रेलवे का यह नियम आपको भी नहीं पता होगा! कन्फर्म टिकट होने के बाद भी नहीं ले सकते कौन से लाभ?
Indian Railways Rules:
एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि मुझे नॉन-वेज जोक्स बिल्कुल पसंद नहीं हैं. नीना गुप्ता का मानना है कि ऐसे जोक्स और गालियों में हमेशा महिलाओं को ही क्यों घसीटा जाता है, जबकि पुरुषों या परिवार के अन्य सदस्यों को नहीं.
भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में जब भी महानतम और सबसे बेबाक बल्लेबाजों की बात आती है, तो पूर्व महान कप्तान सुनील गावस्कर का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। खेल की तकनीकी बारीकियों और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करने के मामले में गावस्कर कभी भी अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटते हैं। इन दिनों भारतीय क्रिकेट जगत के गलियारों में खिलाड़ियों के लगातार व्यस्त रहने वाले अंतरराष्ट्रीय और घरेलू शेड्यूल को लेकर एक बहुत बड़ी बहस छिड़ गई है। इसी बीच, 'लिटिल मास्टर' के नाम से मशहूर सुनील गावस्कर ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को आड़े हाथों लेते हुए एक तीखा और बेहद विचारणीय बयान दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि भारतीय क्रिकेटर्स कोई मशीन या गन्ना नहीं हैं, जिन्हें लगातार निचोड़कर उनके शरीर की ताकत की हर बूंद निकाल ली जाए। गावस्कर ने खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा करने के साथ-साथ देश की पारंपरिक घरेलू क्रिकेट संरचना को बचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की जोरदार मांग की है, जिससे क्रिकेट प्रशासन में खलबली मच गई है।खिलाड़ियों का वर्कलोड और आईसीसी के फ्यूचर टूर प्रोग्राम पर गंभीर सवालसुनील गावस्कर ने प्रतिष्ठित पत्रिका 'स्पोर्टस्टार' में लिखे गए अपने एक कॉलम के जरिए आधुनिक क्रिकेट के व्यस्त कैलेंडर पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया है कि आने वाले समय में जब आईसीसी (ICC) वर्ष 2027 से शुरू होने वाले अगले चार सालों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर (Future Tours Programme) पर चर्चा करने के लिए बैठक करे, तो निर्णय लेने वाले अधिकारियों को इस बात का पूरा अहसास होना चाहिए कि खिलाड़ी इंसान हैं, रोबोट नहीं। लगातार नॉन-स्टॉप क्रिकेट खेलने की वजह से खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, और उनके प्रदर्शन में भी गिरावट देखने को मिल रही है। गावस्कर का यह मानना है कि हालांकि भारत के पास दुनिया की सबसे मजबूत बेंच स्ट्रेंथ मौजूद है, और यह कहा जाता है कि भारत एक साथ तीन अलग-अलग टीमें उतार सकता है, लेकिन हालिया अंतरराष्ट्रीय नतीजों और मुकाबलों से यह साफ हो गया है कि एक समय में केवल एक ही भारतीय टीम से मैदान पर वर्चस्व कायम रखना और सभी ट्रॉफियां जीतना संभव नहीं हो पा रहा है। खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा रखने के लिए उनके वर्कलोड को मैनेज करना अब किसी विकल्प की नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।घरेलू क्रिकेट की उपेक्षा और रणजी ट्रॉफी के स्वरूप पर सुनील गावस्कर की चिंताकेवल अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल पर ही नहीं, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट की वर्तमान स्थिति को लेकर भी सुनील गावस्कर ने बहुत तीखे सवाल उठाए हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि भारतीय राष्ट्रीय टीम का शानदार प्रदर्शन सीधे तौर पर हमारी मजबूत घरेलू क्रिकेट संरचना का परिणाम होता है। एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय टीम का निर्माण आसमान से नहीं होता, बल्कि इसके लिए देश की स्थानीय पिचों और घरेलू टूर्नामेंट्स का मजबूत होना सबसे जरूरी है। गावस्कर ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि पिछले कुछ वर्षों में हमारी पारंपरिक और सबसे प्रतिष्ठित रेड-बॉल चैंपियनशिप यानी रणजी ट्रॉफी को जिस तरह से नजरअंदाज किया गया है और उसके शेड्यूल को इधर-उधर धकेला गया है, उससे टेस्ट क्रिकेट की रीढ़ कमजोर हो रही है। उनका यह तर्क है कि लाल गेंद का क्रिकेट (Red Ball Cricket) खिलाड़ियों को वह मानसिक दृढ़ता, तकनीकी अनुशासन और धैर्य प्रदान करता है, जो सफेद गेंद (White Ball Cricket) का आधुनिक फॉर्मेट कभी नहीं सिखा सकता। यदि रेड-बॉल क्रिकेट की इसी तरह उपेक्षा होती रही, तो आने वाले समय में देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के शीर्ष श्रेणी के टेस्ट बल्लेबाज और गेंदबाज मिलने बंद हो जाएंगे, जो भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा संकट साबित हो सकता है।सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और आईपीएल नीलामी के बीच बिगड़ता संतुलनघरेलू टूर्नामेंट्स के शेड्यूलिंग में आ रही कमियों को उजागर करते हुए सुनील गावस्कर ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (Syed Mushtaq Ali Trophy) और आईपीएल (IPL) की कार्यप्रणाली पर भी खुलकर बात की। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबलों और लीग चरण के बीच योजना बनाई जाती है, उसी तर्ज पर अन्य घरेलू टूर्नामेंट्स को भी व्यवस्थित किया जाना चाहिए। वर्तमान स्थिति यह है कि रणजी ट्रॉफी के लीग चरण के बाद व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट के लिए एक महीने से अधिक का लंबा अंतराल आ जाता है, जिससे खिलाड़ियों की लय, रिदम और मैच की गति पूरी तरह से बिगड़ जाती है। इसके अलावा, उन्होंने सवाल उठाया कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी को रणजी की तरह क्वार्टर फाइनल तक खेलकर बीच में कुछ हफ्तों का ब्रेक लेकर फिर से सेमीफाइनल और फाइनल क्यों नहीं आयोजित किया जाता? उन्होंने खुद ही इसका जवाब देते हुए लिखा कि ऐसा इसलिए नहीं किया जाता क्योंकि टूर्नामेंट के तुरंत बाद आईपीएल की मेगा या मिनी नीलामी (Auction) होनी होती है, और फ्रेंचाइजी तथा उनके स्काउट्स खिलाड़ियों पर नजर बनाए रखने के लिए इस टूर्नामेंट को अंत तक बिना किसी रुकावट के चलाना चाहते हैं। गावस्कर का मानना है कि सितंबर के शुरुआती महीनों में सीजन की शुरुआत में टूर्नामेंट आयोजित करने से उन स्काउट्स की पैनी नजरों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे महीनों बाद होने वाली नीलामी में भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नहीं भूलते हैं।विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनाने के लिए घरेलू ढांचे को मजबूत करना अनिवार्यअपने इस लेख के अंत में सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट प्रशासकों को यह चेताया है कि यदि भारतीय क्रिकेट को वैश्विक पटल पर अपना दबदबा हमेशा के लिए बनाए रखना है, तो उसे अपनी जड़ों यानी घरेलू क्रिकेट की तरफ लौटना ही होगा। एशियाई खेलों जैसे आयोजनों में स्वर्ण पदक जीतने से खिलाड़ियों को भले ही क्षणिक ऊर्जा और आत्मविश्वास मिलता हो, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए केवल टी-20 या वनडे लीग काफी नहीं हैं। जब तक रणजी ट्रॉफी और अन्य लाल गेंद के घरेलू टूर्नामेंट्स को उनका खोया हुआ सम्मान और कैलेंडर में प्रमुख स्थान वापस नहीं दिया जाता, तब तक भारत के लिए विश्व स्तरीय और तकनीकी रूप से परिपक्व खिलाड़ी तैयार करना मुमकिन नहीं होगा। गावस्कर की यह दो टूक सलाह एक ऐसी घंटी है जिसे बीसीसीआई और आईसीसी दोनों को ही समय रहते सुन लेना चाहिए, अन्यथा खिलाड़ियों का अत्यधिक शारीरिक और मानसिक शोषण भारतीय क्रिकेट की उस नींव को हिला कर रख देगा जिसे दशकों की मेहनत से सींचा गया है। खिलाड़ियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और घरेलू क्रिकेट की गरिमा का यह मुद्दा अब केवल एक पूर्व कप्तान की राय नहीं, बल्कि भारतीय खेल जगत की सबसे बड़ी मांग बन चुका है।
900 ATM कार्ड, 167 SIM, 88 पासबुक, 3 गिरफ्तार, 300 करोड़ के फ्रॉड का शक
मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-5 ने साइबर फ्रॉड गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने 900 ATM कार्ड, 167 SIM, 88 पासबुक, 143 चेकबुक, 24 मोबाइल और दो लैपटॉप बरामद किए हैं. जांच में 10 बैंक खातों से 24 करोड़ रुपये के फ्रॉड का लेन-देन सामने आया है. पुलिस को नेटवर्क 350 करोड़ से ज्यादा का होने का शक है.
स्कूल के लिए निकलीं 4 छात्राएं लापता, सभी सहेलियां और एक ही गांव की
गया में एक ही गांव की चार नाबालिग छात्राएं स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकलीं, लेकिन फिर वापस नहीं लौटीं. सभी आपस में सहेलियां हैं. परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया है. जांच में अभी अपहरण का कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं मिला है. पुलिस को छात्राओं के साथ कहीं चले जाने का शक है.
मध्य प्रदेश में अवैध शराब पर फूटा महिलाओं का गुस्सा!
मध्य प्रदेश के सागर जिले में अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा सड़क पर दिखा. कुड़ारी गांव की करीब 50 महिलाएं लाठी-डंडे लेकर शराब दुकान पहुंचीं और विरोध जताया. महिलाओं ने दुकान के बाहर रखी शराब की पेटियां सड़क पर फेंक दीं, जिससे कई बोतलें टूट गईं. घटना से कुछ देर अफरा-तफरी रही. कर्मचारी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. पुलिस टीम भी मौजूद रही.
भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और खेल विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई (BCCI) ने एक बेहद रोमांचक और प्रतिष्ठित अवसर की घोषणा की है। शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर एक नई नौकरी के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसने खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस नौकरी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके लिए किसी भी पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर होना या खेल की पृष्ठभूमि से होना अनिवार्य नहीं है, बल्कि यदि आपके पास निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और खेल विज्ञान का उच्च स्तरीय अनुभव है, तो देश का कोई भी योग्य नागरिक इस पद के लिए अपनी किस्मत आजमा सकता है। बोर्ड द्वारा 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (CoE) के अंतर्गत 'हेड - स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन' (Head - Sports Science and Medicine) के पद पर नियुक्ति के लिए यह विज्ञापन जारी किया गया है। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के स्वास्थ्य, उनकी फिटनेस, चोट से बचाव और उनके संपूर्ण शारीरिक विकास के स्तर को विश्वस्तरीय बनाने के उद्देश्य से यह पद बेहद अहम माना जा रहा है, जिस पर देश-विदेश के शीर्ष पेशेवर विशेषज्ञों की निगाहें टिकी हुई हैं।बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्या होगी नई भूमिका और मुख्य जिम्मेदारियांबीसीसीआई द्वारा जारी की गई आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस अत्यंत महत्वपूर्ण पद के लिए चुने जाने वाले उम्मीदवार को बोर्ड के एलीट क्रिकेट और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) कार्यक्रमों के तहत स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल सेवाओं के लिए एक रणनीतिक और ऑपरेशनल लीडरशिप यानी नेतृत्व प्रदान करना होगा। इस उच्च पद की भूमिका में चयनित व्यक्ति को कई बड़ी और जिम्मेदार प्रशासनिक तथा तकनीकी कमान संभालनी होगी। इसमें हेड ऑफ फिजियोथेरेपी (CoE), भारतीय पुरुष और महिला सीनियर टीम के हेड ऑफ फिजियोथेरेपी, हेड स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग (S&C) और टीम इंडिया के S&C स्टाफ की लाइन मैनेजमेंट सीधे तौर पर शामिल होगी। इसके अलावा, नए अधिकारी को भारतीय क्रिकेटरों के लिए एक एकीकृत और आधुनिक सपोर्ट प्रोग्राम तैयार करने के वास्ते नेशनल और CoE के कोचों, क्रिकेट एजुकेशन डिपार्टमेंट और अन्य परफॉर्मेंस स्पेशलिस्ट के साथ मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर काम करना होगा। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य केंद्र बिंदु भारतीय खिलाड़ियों के स्वास्थ्य का कल्याण, चोटों से बचाव (Injury Prevention), समय पर रिहैबिलिटेशन, उनका उन्नत शारीरिक विकास, खेल विज्ञान के क्षेत्र में रिसर्च, इनोवेशन और आधुनिक तकनीकों व सेवाओं को भारतीय क्रिकेट ढांचे में तुरंत अपनाना होगा, ताकि हमारे खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर किसी भी टीम से फिटनेस के मामले में पीछे न रहें।इस प्रतिष्ठित पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और पात्रता के मापदंडयदि आप भी बीसीसीआई के इस प्रतिष्ठित पद के लिए आवेदन करने की इच्छा रखते हैं, तो आपके पास बोर्ड द्वारा निर्धारित कड़े और पेशेवर मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा। बीसीसीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक इस पद के लिए निम्नलिखित क्वालिफिकेशन और अनुभव होना जरूरी है:उम्मीदवार के पास स्पोर्ट्स साइंस या उससे जुड़े किसी भी प्रासंगिक विषय में मास्टर्स (स्नातकोत्तर) डिग्री होना अनिवार्य है, हालांकि यदि किसी आवेदक के पास डॉक्टरेट (Ph.D.) की डिग्री है, तो उसे चयन प्रक्रिया में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।आवेदक के पास विभिन्न कार्यक्षेत्रों की परफॉर्मेंस वाली टीमों को सफलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए स्ट्रैटेजिक लीडरशिप या नेतृत्व भूमिका में कम से कम पांच साल का लंबा और ठोस तजुर्बा होना चाहिए।पेशेवर या ओलंपिक स्तर के खेलों में हाई-परफॉर्मेंस टीमों के लिए रणनीतिक योजनाएं तैयार करने, उन्हें धरातल पर लागू करने और खेल विज्ञान या मेडिसिन से जुड़ी सहायता प्रदान करने का व्यापक अनुभव आवश्यक है।उम्मीदवार के पास स्पोर्ट्स साइंस या मेडिसिन के क्षेत्र से जुड़ा हुआ वर्तमान प्रोफेशनल एक्रेडिटेशन या वैध लाइसेंस होना चाहिए।परफॉर्मेंस पर केंद्रित रिसर्च का व्यावहारिक अनुभव और एथलीटों के लंबे समय तक चलने वाले शारीरिक और मानसिक विकास की गहरी समझ होनी चाहिए।इसके अलावा, रीजनल परफॉर्मेंस और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्पोर्ट्स संस्थानों के साथ मिलकर काम करने का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।यदि किसी आवेदक के पास चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) या मेडिकल डायरेक्टर के रूप में पिछला प्रशासनिक अनुभव है, स्पोर्ट और एक्सरसाइज मेडिसिन में स्पेशलिस्ट के तौर पर उनकी पहचान है, और उन्हें मेडिकल व क्लिनिकल गवर्नेंस का ज्ञान है, तो उनकी उम्मीदवारी को सबसे उत्तम माना जाएगा।आवेदन करने की अंतिम तिथि और चयन की पूरी प्रक्रियाजो भी उम्मीदवार इन सभी योग्यताओं को पूरा करते हैं और भारतीय क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अपना योगदान देना चाहते हैं, वे बीसीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 तय की गई है, और इच्छुक उम्मीदवारों को शाम 5:00 बजे से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज और आवेदन बीसीसीआई पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद बीसीसीआई की चयन समिति द्वारा सभी प्राप्त आवेदनों की गहन स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रारंभिक छंटनी के बाद जिन उम्मीदवारों के आवेदन और बायोडाटा मानकों पर खरे उतरेंगे, उन्हें आगे के मूल्यांकन और विस्तृत चर्चा के लिए व्यक्तिगत साक्षात्कार (Personal Interview) के वास्ते आमंत्रित किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का यह कदम इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि आधुनिक क्रिकेट में अब तकनीक, फिटनेस और खेल विज्ञान को कितना अधिक महत्व दिया जाने लगा है, और यही वजह है कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अब मैनेजमेंट पेशेवर लोगों को सीधे तौर पर इस महाअभियान का हिस्सा बना रहा है।
Deputy CM विजय कुमार चौधरी ने Bihar Building Bye-laws 2026 के प्रारूप की समीक्षा की
माननीय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आज बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप की समीक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रारूप के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए इसे सरल, पारदर्शी, प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने के लिए चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी हितधारकों से प्राप्त सुझाव बिहार भवन उपविधि-2026 को अधिक प्रभावी, सरल एवं जनोपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण होंगे। इस समीक्षा बैठक में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के के पाठक, बिहार सरकार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, विशेष सचिव नीलेश रामचन्द्र देवरे, पटना नगर निगम के आयुक्त श्री यशपाल मीणा सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे। मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप पारदर्शिता, सरलता, त्वरित प्रक्रियाओं और सतत विकास के सिद्धांतों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम एवं समयबद्ध बनाते हुए राज्य के शहरी क्षेत्रों में सुनियोजित और आधुनिक विकास को गति देना है। यह प्रारूप बिहार के बदलते शहरी परिदृश्य के अनुरूप एक प्रगतिशील एवं विकासोन्मुख कदम है। श्री मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के विकसित बिहार के विज़न के अनुरूप बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप राज्य के शहरों के सुनियोजित और सतत विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सरल एवं पारदर्शी प्रावधानों से भवन निर्माण और निवेश को गति मिलेगी तथा आधारभूत संरचना, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा।
पुतिन से गले मिले, ईरानी राष्ट्रपति का थामा हाथ; BRICS से पीएम मोदी का दुनिया को बड़ा संदेश क्या?
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और जंग और रूस-यूक्रेन जंग के बीच यह तस्वीर बताती है कि वैश्विक व्यवस्था और वैश्विक शांति बहाली की दिशा में भारत एक अहम सहयोगी हो सकता है।
भारतीय जूनियर हॉकी ने रचा इतिहास, मलेशिया को 3-1 से हराकर फाइनल में बनाई जगह
भारतीय खेल जगत के इतिहास में एक बार फिर युवा प्रतिभाओं ने अपने अदम्य साहस, उत्कृष्ट कौशल और शानदार खेल भावना से देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी के मैदान पर तिरंगे की शान को बुलंद करते हुए गत चैंपियन भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन का मुजाहिरा किया है। एएचएफ पुरुष जूनियर एशिया कप के रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम ने मलेशिया की मजबूत चुनौती को 3-1 के शानदार अंतर से धूल चटा दी है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारतीय टीम ने लगातार चौथी बार प्रतिष्ठित जूनियर एशिया कप के फाइनल में अपनी सुदृढ़ जगह सुरक्षित कर ली है। मैच के दौरान भारतीय टीम की आक्रामक और अनुशासित खेल शैली ने हर किसी का दिल जीत लिया, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के असली नायक साबित हुए टीम के कप्तान अनमोल इक्का, जिन्होंने अपनी जादुई स्टिक और कप्तान के रूप में मोर्चे से अगुवाई करते हुए मलेशियाई रक्षापंक्ति को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। भारतीय हॉकी के इस स्वर्णिम सफर पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि अब टीम का लक्ष्य अपना खिताब बचाते हुए इतिहास के पन्नों पर एक बार फिर स्वर्ण पदक दर्ज कराना है।कप्तान अनमोल इक्का का तूफानी प्रदर्शन और दोहरे गोल का कमालइस सेमीफाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी मानसिक और शारीरिक पकड़ मजबूत बनाए रखी। शानदार फॉर्म में चल रहे भारतीय टीम के कप्तान और प्रतिभाशाली ड्रैग फ्लिकर अनमोल इक्का ने इस मैच में एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें इस पीढ़ी का सबसे खतरनाक खिलाड़ी माना जाता है। कप्तान ने मोर्चे से आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व किया और मलेशिया के खिलाफ दो महत्वपूर्ण पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोरबोर्ड पर भारत की स्थिति को पूरी तरह मजबूत कर दिया। इन दो शानदार गोलों के साथ ही टूर्नामेंट में अनमोल इक्का के कुल गोलों की संख्या अब 16 तक पहुंच चुकी है, जो उनके उत्कृष्ट फॉर्म और निरंतरता की गवाही देती है। मैच के 16वें मिनट में भारत को मुकाबले का चौथा पेनाल्टी कॉर्नर मिला था, जिसे कप्तान अनमोल ने बिना किसी चूक के सीधे गोलपोस्ट में पहुंचाकर भारत का खाता खोला और टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। इसके बाद मैच के अंतिम चरणों में जब मलेशिया ने वापसी की कोशिश की, तो 54वें मिनट में एक बार फिर मिले पेनाल्टी कॉर्नर को अनमोल ने अपनी कलात्मक ड्रैग फ्लिक से गोल में बदलकर भारत की बढ़त को 3-0 तक पहुंचा दिया। उनकी यह शानदार फॉर्म फाइनल मुकाबले से पहले भारतीय खेमे के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो रही है।गोलकीपर विवेक लाकड़ा की दीवार जैसी चौकसी और शानदार बचावकेवल आक्रमण ही नहीं, बल्कि भारतीय टीम की रक्षापंक्ति (Defense) ने भी इस मैच में अद्वितीय दृढ़ता का परिचय दिया, विशेष तौर पर युवा गोलकीपर विवेक लाकड़ा ने अपनी सुझबूझ से मलेशियाई आक्रमणों को पूरी तरह विफल कर दिया। मैच के दौरान एक ऐसा भी नाजुक क्षण आया जब मलेशिया को गोल करने का सुनहरा अवसर मिला, लेकिन विवेक लाकड़ा ने एक पेनाल्टी स्ट्रोक समेत कई बेहद खतरनाक और নিশ্চিত गोल प्रयासों को हवा में ही नाकाम कर दिया। उनकी इस मुस्तैदी और गजब के रिफ्लेक्स ने मलेशियाई खिलाड़ियों के हौसले पूरी तरह पस्त कर दिए। हालांकि, मैच के दौरान कुछ अनुशासनहीनता के क्षण भी देखने को मिले, जब भारत के मनमीत सिंह को 36वें मिनट में और प्रभदीप सिंह को 41वें मिनट में अंपायर द्वारा पीला कार्ड (Yellow Card) दिखाया गया, जिसके कारण भारत को कुछ समय के लिए दस खिलाड़ियों के साथ मैदान पर संघर्ष करना पड़ा। इसके बावजूद, भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति में कोई कमी नहीं आने दी और अपने डिफेंस को बेहद मजबूत बनाए रखा। खेल के चौथे और अंतिम क्वार्टर में भारत के लिए सुखविंदर ने एक और बेहतरीन मैदानी प्रयास करते हुए दूसरा गोल दागा, जिससे भारत की स्थिति मुकाबले में पूरी तरह सुरक्षित हो गई। मैच के अंतिम पलों में मलेशिया ने पूरी ताकत झोंक दी और आखिरी सीटी बजने से कुछ समय पहले मिले आठवें पेनाल्टी कॉर्नर पर एम. राहुल ने गोल करके अपनी टीम के लिए अंतर को थोड़ा कम जरूर किया, लेकिन तब तक मैच भारत की पकड़ में पूरी तरह आ चुका था।लगातार चौथे और कुल छठे खिताब की ओर कदम, फाइनल में महामुकाबले का इंतजारइस शानदार 3-1 की जीत के साथ ही गत चैंपियन भारत ने एएचएफ पुरुष जूनियर एशिया कप के इतिहास में अपना दबदबा एक बार फिर कायम कर लिया है। भारतीय जूनियर हॉकी टीम की निगाहें अब अपने लगातार चौथे और कुल मिलाकर छठे एशिया कप खिताब पर टिकी हुई हैं। इस सेमीफाइनल मुकाबले में मलेशिया को शिकस्त देने के बाद अब भारतीय टीम की नजरें दूसरे सेमीफाइनल मैच पर टिकी हैं, जो पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया के बीच खेला जाना है। उस रोमांचक मुकाबले की विजेता टीम के साथ भारत का खिताबी मुकाबला होगा, जो अपने आप में एक हाई-वोल्टेज मैच होने की पूरी उम्मीद है। जिस तरह से भारतीय जूनियर टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासन, गति, रणनीति और आक्रामक हॉकी का प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए खेल प्रेमियों में उत्साह सातवें आसमान पर है। कप्तान अनमोल इक्का के नेतृत्व में यह युवा फौज जिस आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतर रही है, वह विरोधी टीमों के लिए खौफ का सबब बना हुआ है। अब पूरा देश और करोड़ों हॉकी प्रेमी यही उम्मीद कर रहे हैं कि भारतीय टीम फाइनल मुकाबले में भी इसी विजयी रथ को जारी रखेगी और एक बार फिर एशिया कप की ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाकर देश का नाम रोशन करेगी।
बॉलीवुड की ऐतिहासिक फिल्म मुगल-ए-आजम को लेकर के हमेशा अलग-अलग किस्से सुनने को मिलते हैं. लेकिन इस फिल्म का एक गाना ऐसा है जो एक गुजराती प्ले के लिए तैयार किया गया था, लेकिन इसको फिल्म में शामिल कर लिया गया, जिसे लता मंगेशकर ने अपनी आवाज से कल्ट बना दिया.
‘हनुमान अंश’ को OTT से 100 करोड़ रुपये के ऑफर की खबर पर फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने सफाई दी है. उन्होंने इसे झूठा रूमर बताते हुए कहा कि ऐसा कोई ऑफर नहीं है.
सत्य निकेतन हादसे ने लील ली कई जिंदगियां, अब क्या एक्शन ले रही है सरकार?
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद प्रशासन और सरकार ने सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं. हादसे में 7 लोगों की मौत के बाद अब हालात और प्रशासनिक कार्रवाइयों के कई अपडेट सामने आए हैं. देखिए विस्तृत रिपोर्ट
बिहार की स्पेशल मसाला भरी सत्तू की रोटी, स्वाद ऐसा सब भूल जाओगे, ये रही सीक्रेट रेसिपी
गर्मियों का शरबत नहीं, गांव वाला स्वाद. घी लगी गरमा-गरम सत्तू की रोटी और तीखा चोखा, कम सामान में बनने वाली आसान रेसिपी.
पुतिन की ऑरस या और जिनपिंग की हकी L5- किसकी गाड़ी ज्यादा ताकतवर, क्या हैं फीचर्स?
आज आपको बताते हैं कि शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन किसी भी विदेशी दौरे पर कौन सी गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं और उसकी क्या खासियत है.
भारत और चीन को अपने मतभेदों को उपयुक्त तरीके से सुलझाना चाहिए : चीनी विदेश मंत्रालय
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले चीन ने भारत के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने का संकेत दिया है. राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हैं.
बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1,194 Community Kitchens शुरू, 46.88 लाख आबादी प्रभावित
बिहार के 15 ज़िलों में 46 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को भी हालात गंभीर बने रहे क्योंकि कई जगहों पर पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य भर में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) की ओर से जारी ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, 15 ज़िलों के 88 ब्लॉकों की 561 ग्राम पंचायतों में लगभग 46.88 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसे भी पढ़ें: Kharif 2026 फसल क्षति पर मिलेगी आर्थिक सहायता, Bihar में 31 अक्टूबर तक करें आवेदन प्रभावित ज़िलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर शामिल हैं। बिहार मौसम विज्ञान सेवा केंद्र के अनुसार, राज्य में सितंबर में अब तक 90 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत ज़्यादा है। अपने ताज़ा बुलेटिन में, DMD ने बताया कि शुक्रवार सुबह 6 बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी 36.62 मीटर के स्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। पानी का बहाव कम हो रहा है। डूमरिया घाट पर गंडक, बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती, और दरौली व गंगपुर सिसवन में घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। इसे भी पढ़ें: Bihar Medical Education Update: बिहार में PG Doctors का Stipend बढ़ा, जानिए हर साल कितना होगा फायदा बुलेटिन में कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग ज़िलों में कुल 1,194 कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा, 15 राहत कैंप भी चल रहे हैं, जहाँ 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए रहने, खाने, मेडिकल सुविधा और दूसरी ज़रूरी सेवाओं का इंतज़ाम किया गया है। बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच अब तक लगभग 3.10 लाख पॉलीथीन शीट और 48,300 सूखे राशन के पैकेट बांटे जा चुके हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवाजाही के लिए कुल 1,922 नावें चलाई जा रही हैं। साथ ही, अब तक 7,535 क्विंटल पशु चारा भी बांटा गया है।
दंतेवाड़ा के नक्सल गढ़ से निकली पहली IAS, जानें कौन हैं UPSC टॉपर नम्रता जैन
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से आने वालीं आईएएस अधिकारी नम्रता जैन की कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है. उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर यूपीएससी टॉप किया.
46 साल पहले एक ऐसा गाना आया था, जो ना सिर्फ रेडियो पर पॉपुलर रहा है, बल्कि हर चाय की टपरी तक पर उसकी आवाज सुनने को मिलती थी.
कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके परिजनों के ठिकानों पर ईडी ने शुक्रवार को भी छापेमारी की और तीन करोड़ से ज्यादा कैश बरामद करने का दावा किया। ईडी के मुताबिक, छापेमारी में विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई है।
दिल के डॉक्टर हैं BRICS में आए ईरानी राष्ट्रपति, जानें पूरी कहानी
पेजेशकियान ने मेडिकल की पढ़ाई की, जनरल सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की और बाद में कार्डियक सर्जरी में सब-स्पेशलाइजेशन किया. लेकिन 1994 में उनकी जिंदगी में ऐसा हादसा हुआ जिसने उनके निजी जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया. एक सड़क दुर्घटना में उनकी पत्नी और उनके एक बच्चे की मौत हो गई. जानें कैसा है उनका सफर...
खड़े हनुमान को लेकर क्या वायरल हुआ, देशभर से पहुंचे श्रद्धालु लिखी मन की बात
उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों ने इस प्रतिमा को देशभर में चर्चा में ला दिया है. शुक्रवार को मंदिर पहुंचने पर दिल्ली, महाराष्ट्र, उड़ीसा और बिहार से आए श्रद्धालु कतार में मिले. प्रशासन ने प्रतिमा हटाने की कोशिश के दावों को भ्रामक बताया है. वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा.
24 साल पहले एक हॉरर फिल्म आई थी. जो ना केवल अपने हॉरर से बल्कि गानों से आज तक सुपरहिट कही जाती है. फिल्म की कहानी से ज्यादा इसके गाने इसकी मजबूती थे.
65KM का माइलेज, स्पोर्टी लुक... लॉन्च हुई नई HERO बाइक
हीरो ने 125 सीसी सेगमेंट की अपनी दमदार बाइक को अपडेट कर दिया है. हम बात कर रहे हैं हीरो ग्लैमर एक्स 125 की. अब इस बाइक में सिंगल चैनल एबीएस के साथ इंटीग्रेटेड ब्रेकिंग सिस्टम मिलेगा. कंपनी की मानें, तो ग्लैमरा एक्स सेगमेंट की पहली बाइक है, जिसमें ये फीचर्स दिए गए हैं. आइए जानते हैं इस बाइक में क्या कुछ खास मिलता है.
45 साल पहले ‘याराना’ के गाने ‘सारा जमाना हसीनों का दीवाना’ की शूटिंग देखने कोलकाता के स्टेडियम में इतनी भीड़ पहुंची कि पुलिस भी परेशान हो गई. कुछ दर्शकों ने सीटें तक उखाड़कर फेंक दी थीं. जानिए किशोर कुमार की आवाज और अमिताभ बच्चन के अंदाज से सजे इस यादगार गाने का पूरा किस्सा.
'पता नहीं ये अपने आपको G7 क्यों कहते हैं?' BRICS के मंच से पुतिन का G7 देशों पर निशाना
BRICS बिज़नेस समिट 2026 में G7 की घटती आर्थिक हिस्सेदारी और BRICS की बढ़ती आर्थिक ताकत की तुलना की है. पुतिन ने कहा ग्लोबल इकॉनमी में G7 देशों की हिस्सेदारी तकरीबन 18% हैं जबकि BRICS सदस्यों की हिस्सेदारी लगभग 40% है.
वामिका को भूले फिल्म DC के मेकर्स? गिफ्ट में नहीं दी लग्जरी BMW कार
DC की थिएटर में शानदार सफलता के बाद सन पिक्चर्स के कलानिधि मारन द्वारा BMW कारें तोहफ़ में देने की खबरों के बीच, वामिका गब्बी का नाम इसमें शामिल न होने पर आलोचना हो रही है.
कोई मूर्ख ही होगा जो कांग्रेस के ऐतिहासिक गढ़ से चुनाव लड़े, ऐसा क्यों बोलीं स्मृति ईरानी?
स्मृति ईरानी ने अपने चुनावी करियर के बारे में बात करते हुए बताया कि उन्हें पार्टी की ओर से जहां भेजा जाता है, वहां जाती हैं। उन्होंने कहा कि मुझे राज्यसभा दो बार भेजा गया, तब भी पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से मेरे पास फोन आया था।
पुतिन को मिला तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद, जानें खासियत
PM मोदी ने भारत मंडपम में रूसी राष्ट्रपति पुतिन को तमिल संत तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया. करीब 2000 साल पुरानी इस कृति में 1,330 दोहे हैं. खास बात यह है कि तिरुक्कुरल का रूस और लियो टॉल्स्टॉय से भी कनेक्शन बताया जाता है. वीडियो में जानें इस किताब का रूसी कनेक्शन.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक के PWD मंत्री सतीश जरकीहोली और उनके परिवार से जुड़े 21 ठिकानों पर फेमा तलाशी के दौरान ₹3.3 करोड़ बेहिसाबी नकदी और करीब ₹15 लाख की विदेशी मुद्रा जब्त की है। ईडी के मुताबिक, दस्तावेजों में जरकीहोली की कांगो की गोल्ड माइनिंग कंपनी मैग्नीट्यूड स्टार एसएआरएल में करीब 40% हिस्सेदारी और परिवार के सदस्यों की अफ्रीकी माइनिंग कंपनियों में शेयरहोल्डिंग का खुलासा हुआ है।
'हम दुनिया की 50% जनसंख्या, 40% GDP को...', BRICS फोरम में क्या बोले PM मोदी?
नई दिल्ली में BRICS समिट 2026 को लेकर दुनिया की नजर इस समय भारत पर है. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'इस साल हम BRICS के 20 साल मना रहे हैं. 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी तो इसमें सिर्फ 4 देश थे और आज BRICS में 21 देशों का हमारा परिवार है.' देखें पूरा Video.
क्या आपका LG TV आपकी जासूसी कर रहा है? दावे पर मचा बवाल
स्मार्टफोन को तो जासूसी के लिए काफी पहले से टूल की तरह यूज किया जाता रहा है. लेकिन हाल के कुछ सालों में ये भी पता चला है कि आपका स्मार्ट टीवी भी आपकी जासूसी कर सकता है. एलजी पर ऐसे ही आरोप लगे हैं. आइए जानते हैं क्या आरोप है और कंपनी ने क्या कुछ कहा है.
BRICS पर पी चिदंबरम के बयान का पवन खेड़ा ने किया बचाव, IMF रिपोर्ट को लेकर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने BRICS समिट पर पार्टी के साथी पी. चिदंबरम की टिप्पणी को लेकर BJP की आलोचना का जवाब दिया और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के आर्थिक डेटा पर सरकार के विरोधाभासी रुख को चुनौती दी। शुक्रवार को नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए, खेड़ा ने पार्टी के भीतर अभिव्यक्ति की आज़ादी का बचाव किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि लोगों को वैश्विक कूटनीतिक मामलों पर अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी राय रखने और उसे व्यक्त करने का अधिकार है। इसे भी पढ़ें: BRICS Business Forum में बोले PM Modi, भारत नेविगेशन की आजादी का करता है समर्थन इससे पहले, बुधवार को कांग्रेस के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने हाल के ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलनों से भारत को मिले ठोस फायदों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें पिछली दो-तीन बैठकों से कोई खास नतीजा नहीं दिखा। दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट 2026 के बारे में चिदंबरम ने कहा कि भारत कई मल्टीलेटरल ग्रुप्स (जैसे ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन (SCO), G20 और QUAD) का हिस्सा है, लेकिन उन्होंने इन ग्रुप्स में शामिल होने से मिलने वाले ठोस फायदों पर सवाल उठाया। चिदंबरम ने ANI से कहा कि मुझे नहीं पता कि कितने राष्ट्रपति और कितने प्रधानमंत्री आ रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि पिछले दो-तीन ब्रिक्स सम्मेलनों से कोई ठोस फायदा या नतीजा निकला है। उन्होंने आगे कहा कि असल में, हम ब्रिक्स, SCO, G20 और QUAD का हिस्सा हैं। हमें इनसे क्या फायदा हो रहा है? मुझे तो नहीं दिखता। पिछले दो-तीन सम्मेलनों में मुझे कोई फायदा नहीं दिखा। पहले, ब्रिक्स सम्मेलनों से कुछ ठोस फायदे होते थे। इसे भी पढ़ें: PM Modi and BRICS Leaders की 'Family Photo' ने दिया एकजुटता का संदेश, Global South के हितों पर चर्चा बीजेपी की बात करें तो खेड़ा ने सांसद रवि शंकर प्रसाद की आलोचना की। उन्होंने पार्टी पर इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की रिपोर्ट को अपनी सुविधा के हिसाब से मानने का आरोप लगाया और इसे राजनीतिक पाखंड बताया। उन्होंने कहा कि जब IMF आपके आंकड़ों का समर्थन नहीं करता, तो वह किसी तरह का एजेंट बन जाता है। जब IMF आपके काम का समर्थन करता है, तो आप IMF का जश्न मनाने लगते हैं। इसलिए रवि शंकर प्रसाद से कहिए कि वे अपना मन पक्का करें।
इंडिया गठबंधन में क्यों हो रहा महासंग्राम, पुतिन किसके ऊपर कर रहे तंज; टॉप-5 खबरें
इंडिया गठबंधन में महासंग्राम छिड़ता नजर आ रहा है। वंदे मातरम् के पूर्ण गायन के दौरान खड़े होने पर कांग्रेस के बयान पर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तगड़ा जवाब दिया है। पढ़िए आज शाम की पांच बड़ी खबरें...
फिर ट्रॉफी लेकर चले जाएंगे नकवी? एशिया कप फाइनल में फिर मचेगा बवाल
विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में टीम इंडिया ने जगह बना ली है. अब खिताब की जंग के साथ ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. 2025 पुरुष एशिया कप में मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भारतीय टीम के इनकार के बाद क्या महिला टीम के फाइनल में भी वैसा ही सीन देखने को मिलेगा?
हरतालिका तीज पर 4 शुभ योग, इन 3 राशियों के लोग जल्द हो सकते हैं अमीर
हरतालिका तीज इस बार 14 सितंबर को है. यह दिन सोमवार को पड़ रहा है. इस दिन गुरु कर्क राशि में रहेंगे. बुध कन्या, सूर्य सिंह और शुक्र तुला राशि में होंगे. ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की यह स्थिति शुभ मानी जा रही है. इसका असर तीन राशियों पर खास रह सकता है.
घर पर बनाइए चाइनीज स्टाइल क्रिस्पी चिली भिंडी, खाकर हो जाएंगे फैन
Crispy Chilli Bhindi Recipe: भिंडी की रोज-रोज की सब्जी से हैं बोर तो इस बार ट्राई करें क्रिस्पी चिली भिंडी. कॉर्नफ्लोर, मैदा, चटपटी सॉस और मसालों की मदद से तैयार होने वाली ये रेसिपी सिंपल भिंडी को एकदम नया स्वाद देती है. बाहर से कुरकुरी और अंदर से सॉफ्ट इस भिंडी को इंडो-चाइनीज अंदाज में तैयार किया जाता है, जो शाम के स्नैक या पार्टी स्टार्टर के लिए भी बढ़िया ऑप्शन है.
पढ़ें 11 सितंबर 2026 की शाम की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिखाई देती हैं. PM ने कहा कि भारत में आयोजित यह फ़ोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है.
CREST- IDFC फ्रॉड केस में CBI की चार्जशीट, 3 लोग बनाए गए आरोपी
चंडीगढ़ CREST-IDFC फ्रॉड केस में सीबीआई ने IFoS अफसर नवनीत श्रीवास्तव समेत 3 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. मामले में ₹75.4 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है. पढ़ें पूरी कहानी.
MP: भारी बारिश से दमोह में बाढ़ जैसे हालात, घर-दुकानों में घुसा पानी
Damoh Waterlogging Boat Rescue: दमोह में तेज बारिश के बाद सुभाष कॉलोनी में भीषण जलभराव. SDERF ने नाव से किया लोगों का रेस्क्यू. रहवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
PMO अधिकारी बनकर मॉल पहुंचे रोहन, गिरफ्तारी के बाद जमानत के लिए दिया तर्क
मुंबई में PMO की संदिग्ध पहचान का इस्तेमाल कर Jio World Plaza पहुंचने के आरोप में गिरफ्तार रोहन पारिख ने जमानत अर्जी दाखिल की है. उनका कहना है कि FIR में किसी गलत मकसद या नुकसान का आरोप नहीं है. बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि प्रतिबंधात्मक आदेश पर्याप्त रूप से प्रकाशित नहीं थे. मामले में 17 सितंबर को सुनवाई होगी.
एरिका फर्नांडिस की टीवी पर वापसी, '108 बेस हॉस्पिटल उरी' में बनेंगी आर्मी डॉक्टर
भारतीय टेलीविजन और मनोरंजन जगत के गलियारों में इन दिनों एक बेहद लोकप्रिय चेहरे की वापसी को लेकर जबरदस्त चर्चाएं हो रही हैं। छोटे परदे की जानी-मानी और चहेती अभिनेत्री एरिका फर्नांडिस (Erica Fernandes) लगभग पांच साल के लंबे अंतराल के बाद टेलीविजन की दुनिया में एक नए और धमाकेदार अवतार के साथ लौटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एरिका जल्द ही एक नए और लीक से हटकर बनाए गए शो '108 बेस हॉस्पिटल उरी' (108: Base Hospital Uri) में डॉ. मेजर नैना सान्याल की मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। कश्मीर की बेहद हसीन लेकिन चुनौतीपूर्ण वादियों की पृष्ठभूमि पर आधारित यह शो पारंपरिक सास-बहू के ड्रामे से कोसों दूर है और सीधे युद्धभूमि के पीछे बने आर्मी हॉस्पिटल की उस सच्चाई को बयां करता है, जहां सेना के डॉक्टर और मेडिकल टीम असाधारण दबाव और संघर्ष के बीच देश के घायल सैनिकों का इलाज करती है। अभिनय की दुनिया से लंबे समय तक दूर रहने की वजह, पारंपरिक टीवी धारावाहिकों से दूरी और अपनी इस नई साहसिक भूमिका को लेकर एरिका फर्नांडिस ने खुलकर कई दिलचस्प खुलासे किए हैं, जिससे उनके फैंस के बीच उत्साह का माहौल है।सास-बहू के घिसे-पिटे ड्रामों से तौबा और पांच साल के लंबे ब्रेक की असली वजहजब एरिका फर्नांडिस से यह सवाल किया गया कि उन्होंने टेलीविजन से इतने लंबे समय तक दूरी क्यों बनाए रखी, तो उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में जवाब दिया कि उस दौरान उनके पास जितने भी प्रोजेक्ट्स के ऑफर आ रहे थे, वे सभी पारंपरिक सास-बहू वाले ड्रामे थे, जिन्हें वह किसी भी कीमत पर दोहराना नहीं चाहती थीं। अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीकी रूप से वह पहले ही उस शैली के तीन शो कर चुकी थीं, और अब वह खुद को एक ही तरह के सांचे में नहीं बांधना चाहती थीं। उन्होंने महसूस किया कि यदि वह लगातार पारंपरिक बहुओं वाले किरदार ही निभाती रहीं, तो दर्शक और निर्माता उन्हें केवल उसी रूप में देखने लगेंगे और उनकी अभिनय क्षमता एक सीमित दायरे में सिमट कर रह जाएगी। यही वजह है कि उन्होंने एक लंबा इंतजार करना बेहतर समझा, क्योंकि उनके लिए सही प्रोजेक्ट चुनना और कुछ नया करना बेहद जरूरी था। जब उनके पास '108 बेस हॉस्पिटल उरी' जैसी अनूठी स्क्रिप्ट आई, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के इसके लिए हां कह दिया। उन्होंने कभी यह नहीं कहा था कि वह कभी टीवी नहीं करेंगी, बल्कि उनका हमेशा से यह मानना रहा है कि यदि कुछ लीक से हटकर और गुणवत्तापूर्ण काम मिलेगा, तो वह निश्चित रूप से उसका हिस्सा बनेंगी।वास्तविक लोकेशंस पर शूटिंग और आर्मी की असली वर्दी पहनने का अनूठा अनुभवएरिका फर्नांडिस ने अपने इस नए प्रोजेक्ट की शूटिंग के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि इस शो की शूटिंग किसी कृत्रिम सेट पर नहीं, बल्कि कश्मीर समेत कई वास्तविक और बेहद कठिन लोकेशंस पर की गई है। इस शो की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें कलाकारों द्वारा पहनी गई सेना की वर्दी कोई आम कॉस्ट्यूम डिजाइनर द्वारा तैयार की गई पोशाक नहीं है, बल्कि वह बिल्कुल वास्तविक और असली सेना की वर्दी है, जिससे इस किरदार की प्रामाणिकता और अधिक बढ़ जाती है। मेडिकल क्षेत्र से उनका पुराना लगाव भी इस शो को चुनने का एक बहुत बड़ा कारण रहा है। एक सैन्य डॉक्टर की मानसिक स्थिति और उसकी कार्यशैली एक आम अस्पताल के डॉक्टर से बिल्कुल अलग होती है। युद्ध के मैदान में अपने देश के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर सैनिकों का इलाज करने वाले इन डॉक्टरों के नजरिए को पर्दे पर उतारने के लिए एरिका ने काफी मेहनत और तैयारी की है। संवाद अदायगी, आवाज में ठहराव, शारीरिक भाषा और एक फौजी डॉक्टर के दृष्टिकोण को समझने के लिए उन्होंने काफी बारीकी से काम किया है, जो उनके फैंस के लिए स्क्रीन पर देखना एक बिल्कुल नया और प्रेरणादायक अनुभव होने वाला है।टेलीविजन के पारंपरिक फॉर्मेट से अलग एक बेहतर संतुलन और ओटीटी जैसा अनुभवलगातार कई वर्षों तक दैनिक धारावाहिकों (Daily Soaps) में काम करने के बाद कलाकारों को होने वाली मानसिक और शारीरिक थकान पर बात करते हुए एरिका ने माना कि टीवी की जिंदगी बेहद कठिन होती है। दैनिक शो में काम करने के दौरान कलाकारों के पास अपनी निजी जिंदगी के लिए पर्याप्त समय नहीं बचता और वे कोई दूसरा काम भी नहीं कर पाते। यही कारण है कि लंबे समय तक काम करने के बाद थकान होना स्वाभाविक है। हालांकि, '108 बेस हॉस्पिटल उरी' का फॉर्मेट उनके लिए एक बहुत अच्छा संतुलन साबित हुआ है, क्योंकि यह एक तरफ जहां टेलीविजन पर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसकी शूटिंग का तरीका पूरी तरह से ओटीटी प्लेटफॉर्म्स जैसा है। इस शो की शूटिंग पारंपरिक टीवी की तरह हर दिन बदलने वाली स्क्रिप्ट के आधार पर नहीं हुई, बल्कि इसे पूरी तरह से एक तय फॉर्मेट और बाउंड स्क्रिप्ट के साथ पहले ही शूट कर लिया गया है। कलाकारों को पता था कि तीन महीने तक इस प्रोजेक्ट पर काम करने के बाद वे अपनी मर्जी से दूसरा काम कर सकते हैं। इसके अलावा, जब उनसे उनके किरदार में प्रेम कहानी के पहलू पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही सुंदर जवाब देते हुए कहा कि उनके लिए प्यार का मतलब केवल शब्दों का होना नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान और खामोशी में भी पूरी तरह सहज महसूस करना है।फिल्मों और टेलीविजन के बीच का फर्क और एरिका का बेबाक नजरियाअपने फिल्मी करियर और दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने के अनुभवों को याद करते हुए एरिका ने यह स्पष्ट किया कि उनके लिए बॉलीवुड या किसी भी फिल्म में स्थापित होना ही जीवन की अंतिम मंजिल नहीं रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों से ही की थी, लेकिन उनकी सोच कभी यह नहीं रही कि उन्हें सिर्फ हिंदी सिनेमा में ही चमकना है। उनके लिए सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि उन्हें जहां भी अपनी कला का प्रदर्शन करने का अच्छा और संतोषजनक मौका मिले, वह वहां पूरी ईमानदारी से काम करें। जब उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में फिल्मों से टेलीविजन की दुनिया का रुख किया था, तब भी कई लोगों ने उनसे सवाल किया था कि वह फिल्मों से छोटे पर्दे पर क्यों आ रही हैं, क्योंकि फिल्मों का स्तर अलग माना जाता है। लेकिन एरिका का हमेशा से यह मानना रहा है कि हर माध्यम की अपनी एक अलग खूबी और ताकत होती है। सच कहा जाए तो टेलीविजन ने उन्हें वह असीम प्यार, पहचान और लोकप्रियता दी है, जो शायद केवल फिल्मों के जरिए हासिल नहीं हो पाती। अब पांच साल के एक लंबे और सोचे-समझे अंतराल के बाद एरिका फर्नांडिस का एक डॉक्टर और फौजी के रूप में इस नए प्रोजेक्ट के साथ लौटना यह साबित करता है कि वह लीक से हटकर प्रयोग करने से डरती नहीं हैं, और उनकी यह वापसी उनके करियर में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रही है।
उत्तराखंड के पूर्व CM के OSD के घर से ईडी को 32 लाख कैश, सोना और लग्जरी घड़ियां मिलीं
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के पर्सनल असिस्टेंट और पूर्व OSD चंदन सिंह जीना के आवास पर पीएमएलए तलाशी के दौरान ₹32 लाख बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और Rolex सहित 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की हैं। ईडी के मुताबिक, जीना और परिवार के बैंक खातों में ₹52.16 लाख फ्रीज किए गए हैं; जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य करीब ₹1.28 करोड़ है। यह कार्रवाई UKSSSC VPDO 2016 भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है।
लाल सागर में हूतियों की बड़ी बढ़त, मोखा पोर्ट पर कब्जा; बाब-अल-मंदेब के करीब पहुंचा खतरा
तेहरान। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के तट पर स्थित रणनीतिक रूप से बेहद अहम मोखा (Mokha) बंदरगाह शहर पर कब्जा कर लिया है। सैन्य सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, हूतियों ने यहां मौजूद सऊदी समर्थित सरकारी बलों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। […] The post लाल सागर में हूतियों की बड़ी बढ़त, मोखा पोर्ट पर कब्जा; बाब-अल-मंदेब के करीब पहुंचा खतरा appeared first on Sabguru News .

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