मुश्ताक खान के जनाजे में नहीं पहुंचा बॉलीवुड, भड़के रजा मुराद
दिग्गज अभिनेता रजा मुराद ने मुश्ताक खान के अंतिम संस्कार में शामिल न होने पर बॉलीवुड सितारों की आलोचना की. उन्होंने मुश्ताक खान के काम की तारीफ की और मशहूर हस्तियों को याद दिलाया कि शोहरत, दौलत और रुतबा सब कुछ हमेशा नहीं होती.
पीएम मोदी ने जितने लोगों तक एनर्जी पहुंचाई, इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ: ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री
एंथनी अल्बनीज की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बना हुआ है। अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े युद्ध के बाद होर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावित है। इसका असर कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर है।
2000 साल पुरानी दीवार ने खोला पेरिस का राज, मिली पहली बस्ती?
पेरिस की शुरुआत को लेकर चल रही पुरानी बहस के बीच खुदाई में मिली एक प्राचीन दीवार ने नया सुराग दिया है. करीब 2000 साल पुरानी यह संरचना शहर के शुरुआती इतिहास और प्राचीन ल्यूटेशिया की जगह को समझने में मदद कर सकती है.
गर्ल्स हॉस्टल से रात को निकली कैसी आवाज? छात्रों का हंगामा, पंडित जी क्यों पहुंचे
उन्होंने आरोप लगाया कि कैंपस में एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी और अब उसकी आत्मा हॉस्टल में रहने वालों को परेशान कर रही है। हालांकि, यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने इस दावे को खारिज कर दिया।
Sennheiser ने लॉन्च किया ₹39,990 का हेडफोन, फीचर्स हैं दमदार
Sennheiser ने भारत में अपनी नई Momentum 5 Series लॉन्च कर दी है. इसमें Momentum 5 Wireless हेडफोन और Momentum True Wireless 5 ईयरबड्स शामिल हैं. नई सीरीज में प्रीमियम साउंड के साथ दमदार बैटरी, ANC और बैटरी रिप्लेस करने जैसी खास सुविधाएं मिलती हैं. कीमत ₹29,990 से शुरू होती है.
'बिना तैयारी डिबेट में न जाएं, 10 सेकंड की रील से...', सपा प्रवक्ताओं को अखिलेश की नसीहत
अखिलेश यादव ने पार्टी के प्रवक्ताओं से कहा है कि आज सोशल मीडिया का दौर है. आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. अखिलेश ने कहा है कि बिना तैयारी के डिबेट में न जाएं.
नगालैंड में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत, 3000 बोतलें जब्त; 36 सालों से लागू है शराबबंदी
नगालैंड में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई है।पुलिस ने शराब की करीब 3,000 बोतलें जब्त की हैं और 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।
रानी से कम नहीं सानिया मिर्जाा की लाइफ, आलीशान घर में रखी कुरान
सानिया ने घर में अपने पुरस्कारों और उपलब्धियों को रखने के लिए भी खास जगह बनाई है। यहां उनके कई अवॉर्ड्स और यादगार चीजें रखी गई हैं।
ग्रिल लगाते समय हाईटेंशन तार से टकराई, चाचा-भतीजे की मौत
कानपुर के रावतपुर इलाके में शनिवार को ग्रिल लगाने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया. बालाजी अपार्टमेंट में काम कर रहे तीन मजदूर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए. करंट लगने से चाचा-भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
विराट कोहली का बड़ा ऐलान : 2027 में खेलेंगे आखिरी वनडे विश्व कप
तिरुवनंतपुरम। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर बड़ी तस्वीर साफ कर दी है। कोहली ने कहा है कि 2027 का आईसीसी पुरुष वनडे विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा भारत को एक […] The post विराट कोहली का बड़ा ऐलान : 2027 में खेलेंगे आखिरी वनडे विश्व कप appeared first on Sabguru News .
Asian Games: कबड्डी में आ गया एक और गोल्ड, फाइनल में ईरान को पटका
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली. ईरान के खिलाड़ियों ने भारतीय डिफेंस पर शुरुआत में दबाव बनाया और पहला हाफ खत्म होने तक ईरान 18-17 से मामूली बढ़त पर था.
बजट है कम पर घूमने का है मन? देश की ये 7 जगहें रहेंगी आपके लिए बेस्ट
Budget Friendly Travel Destinations: अगर आप घूमने के शौकीन हैं लेकिन ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते तो देश में ऐसी कई जगहें हैं जहां कम बजट में भी अच्छी ट्रिप की जा सकती है. इन जगहों पर आपको पहाड़, समुद्र, मंदिर, ऐतिहासिक इमारतें और खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के होर्मुज को फिर से खोलने की योजना को किया खारिज
वॉशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को एक सप्ताह के लिए फिर से खोलने के तेहरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और वह अमरीका में मध्यावधि चुनावों के बाद नए हमले करने पर विचार कर रहे हैं। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शनिवार को अमरीकी अधिकारियों के हवाले से दी। ईरान […] The post डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के होर्मुज को फिर से खोलने की योजना को किया खारिज appeared first on Sabguru News .
पीएम मोदी के 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में शामिल होने पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं। प्रियंक खरगे ने पीएम पर सवाल उठाए, जिस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताया।
पीएम मोदी की Gen Z के साथ 'भजन क्लबिंग' पर कांग्रेस का तंज, भाजपा ने किया पलटवार
प्रधानमंत्री की Gen Z के साथ की गई भजन क्बलिंग पर कांग्रेस की तरफ से तंज कसा गया है। कांग्रेस नेता ने कहा की पीएम मोदी के पास ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए समय है। लेकिन चुनाव आयोग पर हो रहे विवाद के सवालों का जवाब देने का समय नहीं है।
बंगाल उपचुनाव: क्या बिखरा हुआ विपक्ष मुस्लिम वोट को BJP के खिलाफ एकजुट रख पाएगा?
बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है. यह उपचुनाव सरकार तो नहीं बदलेगा लेकिन राज्य में तेजी से बदलती सियासत के बीच यह जरूर बताएगा कि जनता किसके साथ है?
असम के गुवाहाटी स्थित आजारा इलाके के एक होमस्टे में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा निमिषा ठाकुरिया संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। घटना के समय छात्रा के साथ मौजूद उसके पुरुष मित्र और बॉयफ्रेंड आसिफ अली को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि आरोपी आसिफ का दावा है कि छात्रा ने आत्महत्या की है, लेकिन पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे बिना गहन जांच और फॉरेंसिक सबूतों के इस दावे को स्वीकार नहीं करेंगे। गुवाहाटी के सीनियर पुलिस अधिकारी बोलिन देओरी ने पत्रकारों को बताया कि मामले के मुख्य आरोपी आसिफ अली ने पुलिस को बताया कि निमिषा ठाकुरिया ने छत के पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। देओरी ने कहा, उसके (आसिफ के) अनुसार, उसने छत के पंखे से लटककर आत्महत्या की और खुद को नुकसान पहुँचाने से उसकी मौत हो गई। हालांकि, अधिकारी ने कहा कि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आसिफ के बयान की पुष्टि करेगी। 'इंडिया टुडे नॉर्थ ईस्ट' (NE) की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह गारचुक-धरापुर इलाके में 'रुद्राज़ किचन' होमस्टे में निमिषा बेहोश हालत में मिली थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। निमिषा गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में सोशियोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी और धरापुर में रहती थी। शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि वह एक पुरुष परिचित के साथ होमस्टे गई थी और कथित तौर पर 20 सितंबर से वहां रह रही थी, हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इस जानकारी की पुष्टि नहीं की है। होमस्टे के कर्मचारियों ने बताया कि निमिषा और आसिफ कभी-कभी वहां आते थे। पुलिस जांच के तहत उसकी गतिविधियों, मौत से पहले की घटनाओं और उस पुरुष परिचित की भूमिका की जांच कर रही है। निमिषा के साथ रिलेशनशिप में रहे आसिफ को पुलिस ने इस मामले में हिरासत में लिया है। उसके इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि निमिषा ने आत्महत्या की थी। निमिषा की मौत के सही हालात और वजह की जांच अभी चल रही है।
4 साल में 111 सांसद-विधायकों ने बदली पार्टी, ADR रिपोर्ट में सामने आया दल-बदल का बड़ा आंकड़ा
दलबदल विरोधी कानून में पार्टी विलय के लिए एक महत्वपूर्ण अपवाद मौजूद है। यदि किसी राजनीतिक दल के कम से कम दो-तिहाई विधायक या सांसद किसी दूसरे दल में विलय के पक्ष में हों, तो इसे कानून के तहत दलबदल नहीं माना जाता।
ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात में गर्मजोशी दिखी, लेकिन इन मुद्दों पर तनाव बरकरार
ग्यारह साल बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग जब अमेरिका पहुंचे, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका शानदार स्वागत किया. ट्रंप ने उन्हें अमेरिकी राष्ट्रीय प्रतीक 'बाल्ड ईगल' की एक सुंदर कांस्य मूर्ति भी भेंट की, जिसे फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के सहयोग से तैयार किया गया था. हालांकि, इस भव्य रेड कारपेट स्वागत के पीछे की कूटनीतिक और व्यापारिक हकीकत काफी अलग है.
नेपाल में भारी बारिश के बाद Bihar Alert पर, 13 संवेदनशील जिलों में बढ़ी निगरानी
नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश होने के मद्देनजर बिहार सरकार ने संवेदनशील जिलों में शनिवार को अपनी तैयारियों में और इजाफा किया। एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गयी है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आज सुबह एक उच्च स्तरीय बैठक में जिला प्रशासनों को अलर्ट रहने तथा नदियों के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, नदी के किनारे बसे गांवों, पुलों और सड़कों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया। जल संसाधन विभाग के एक बयान में कहा है कि यह अलर्ट गंडक, बागमती और कोसी नदी प्रणालियों से जुड़े जिलों के लिए है। जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगुसराय शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से 50.49 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। बयान के अनुसार, सुबह 11 बजे गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बैराज से 2,86,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नेपाल में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए संबंधित प्रशासन ने इलाके के सभी अधिकारियों को सतर्कता बरतने को कहा है। कोसी नदी का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन नदी जिन जिलों से गुजरती है, उन्हें सतर्क रहने को कहा गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को नावों, लाइफ जैकेट और बचाव के उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के दलों को अलर्ट रहने को कहा गया है। बयान में कहा गया है कि संबंधित प्रशासनों को जन घोषणा प्रणाली के जरिए समय रहते चेतावनी जारी करने और जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का भी निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे प्रशासन, पुलिस और जल संसाधन एवं आपदा प्रबंधन विभागों के बीच तालमेल बनाए रखें और बचाव एवं राहत कार्यों के लिए संसाधनों को तैयार रखें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। आपातकालीन मदद के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के शुल्कमुक्त नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। कोसी नदी के बीरपुर बैराज में शनिवार सुबह छह बजे पानी का बहाव सबसे ज़्यादा 3,13,595 क्यूसेक दर्ज किया गया। एक अधिकारी ने स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद जतायी। बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायता केंद्र ने अनुमान लगाया था कि 26 सितंबर को सुबह छह बजे कोसी नदी में पानी का बहाव 3,53,407 क्यूसेक और आधी रात को गंडक नदी में 3,81,638 क्यूसेक होगा। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गंगा नदी में पानी का स्तर अभी कम है।
मुंबई। भोजपुरी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री आम्रपाली दुबे एक बार फिर नए किरदार के साथ दर्शकों के बीच आने को तैयार हैं। उनकी आगामी भोजपुरी फिल्म ‘मां शीतला भवानी’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। धार्मिक आस्था, पारिवारिक रिश्तों और जीवन के संघर्ष को समेटे फिल्म के ट्रेलर में आम्रपाली का भावनात्मक और प्रभावशाली […] The post आम्रपाली दुबे की ‘मां शीतला भवानी’ का ट्रेलर रिलीज appeared first on Sabguru News .
175 करोड़ खर्च, फिर भी किताबों में 1,741 गलतियां! ओडिशा सरकार की जांच में बड़ा खुलासा
ओडिशा में कक्षा 1 से 8 तक की स्कूल किताबों में 1,741 गलतियां मिलने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. हैरानी की बात यह है कि इन किताबों की छपाई और प्रकाशन पर करीब 175 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे.
PM Modi की मौजूदगी में छाया ‘हनुमान अंश’ का भक्ति संगीत, विशाल चतुर्वेदी की आवाज ने जीता दिल
दिल्ली में आयोजित एक विशेष भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के बीच फिल्म 'हनुमान अंश' का भक्तिमय संगीत गूंज उठा. निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने मंच से 'हृदय में जिनके सियाराम' प्रस्तुत किया, जबकि साधु एस. तिवारी ने सुपरहिट ट्रैक 'पार्वती' से समां बांध दिया.
जयपुर/बीकानेर। राजस्थान रोडवेज कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और संगठन की आगामी रणनीति पर मंथन के लिए राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्पलाईज यूनियन (एटक) का 18वां प्रदेश अधिवेशन 27 और 28 सितंबर को बीकानेर में आयोजित किया जाएगा। दो दिवसीय अधिवेशन में प्रदेशभर से रोडवेज कर्मचारी प्रतिनिधि और श्रमिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी भाग लेंगे। एटक […] The post बीकानेर में 27-28 सितंबर को जुटेंगे रोडवेज कर्मचारी, एटक के प्रदेश अधिवेशन में उठेंगे कार्मिकों के मुद्दे appeared first on Sabguru News .
सऊदी के साथ खड़े हुए तुर्की-PAK, जानें हूती हमलों पर बैठक में क्या हुआ
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के रक्षा अधिकारियों की शनिवार को बैठक हुई. इसमें हूती हमलों को लेकर चर्चा हुई. बैठक के बाद एक बयान जारी किया गया. इसमें कहा गया है कि हमने सामूहिक रक्षा की प्रतिबद्धता को दोहराया है. साथ ही तीनों देशों ने सेनाओं के बीच सहयोग को और बढ़ाने और खुफिया इनपुट शेयर करने पर भी चर्चा की.
उदित नारायण की आवाज का जादू सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं रहा. 21 साल पहले रवि किशन और नगमा पर फिल्माया गया यह भोजपुरी गाना आज भी पुराने भोजपुरी संगीत के शौकीनों को उस दौर की याद दिलाता है.
उत्तर प्रदेश में बारिश अब आफत बनती जा रही है. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान को पार कर मठों और मंदिरों तक पहुंच गई है, जबकि श्रावस्ती में राप्ती नदी उफान पर है. अयोध्या में तेज हवाओं ने किसानों की तैयार फसलों को नुकसान पहुंचाया है.
देव आनंद की फिल्म में होते PAK के पूर्व PM, क्यों नहीं बनी बात?
देव आनंद ने एक समय आमिर खान को लेकर फिल्म अव्वल नंबर बनाई थी, जिसमें क्रिकेट एक बहुत बड़ा प्लॉट पॉइंट था. वो इसमें आमिर के सामने पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर इमरान खान को कास्ट करना चाहते थे. उनकी सोच के पीछे एक ठोस कारण था. उन्हें इमरान खान में ऐसी क्या खूबी नजर आई?
TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर अंडों और पत्थरों से हमला, ममता की रैली में जा रहे थे
ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर पत्थरों और अंडों से हमला किया गया है। वह ममता बनर्जी से मिलने के लिए जा रहे थे, जब यह घटना हुई।
ज्ञानेश कुमार के पास है गिरफ्तारी का 'सुरक्षा कवच', फिर ऐसा क्यों कहा जा रहा कि बच नहीं पाएंगे?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं. उनकी गिरफ्तारी की मांग भी हो रही है. लेकिन ज्ञानेश कुमार के पास कानून का सुरक्षा कवच भी है.
खाना बनाते वक्त टाइल्स पर उड़ जाता है तेल? बिना मेहनत ऐसे हटाएं जिद्दी और चिपचिपे दाग.
INDIA ब्लॉक का बड़ा दांव! 30 सितंबर को दिल्ली में महाबैठक, चुनाव आयोग के खिलाफ बन रही बड़ी रणनीति
विरोधी दलों के गठबंधन INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नए कदम उठाने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर यह बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी के शामिल होने की पूरी उम्मीद है। यह प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में हो रही है जब SIR प्रक्रिया के कुछ पहलुओं को लेकर चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों की खबरें सामने आई हैं और विपक्षी पार्टियों के बीच आयोग को लेकर तालमेल बढ़ा है। सूत्रों ने बताया कि पार्टियां इस मुद्दे पर एक-दूसरे के संपर्क में हैं और मिलकर जवाब देने पर चर्चा कर रही हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ाया CPI(M), CPI और CPI(ML)-लिबरेशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की है। कांग्रेस ने भी कुमार की आलोचना तेज कर दी है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक 29 सितंबर को होनी है, जो INDIA ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक से एक दिन पहले होगी। इसमें इस मुद्दे पर पार्टी के रुख पर चर्चा की जाएगी। चुनाव आयोग के मुद्दे ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच भी सहमति का एक अनोखा माहौल बनाया है; ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC और CPI(M) अब इस मामले पर मिलकर काम कर रही हैं। CPI(M) के महासचिव एम.ए. बेबी ने INDIA ब्लॉक और अन्य विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर ताजा घटनाक्रम पर चर्चा के लिए बैठक की मांग की। बाद में उन्होंने बनर्जी से बात की, जिन्होंने सहमति जताई कि स्थिति को देखते हुए मिलकर कदम उठाने की जरूरत है। CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की नई कोशिश विपक्षी पार्टियां कुमार को हटाने की मांग करते हुए एक नया नोटिस भी तैयार कर रही हैं। कानूनी विशेषज्ञों की जांच के बाद इस प्रस्तावित नोटिस को संसद के दोनों सदनों के सामने पेश किए जाने की उम्मीद है। अगर इसे पेश किया जाता है, तो यह CEC के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई शुरू करने की विपक्ष की तीसरी कोशिश होगी। विपक्ष की यह नई लामबंदी 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है, जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कई बार आपत्ति जताई थी। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि अलग-अलग राय और टिप्पणियां संस्थागत चर्चाओं का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि उसके आदेशों को पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जारी किए जाते हैं। SIR के मुद्दे पर विपक्षी दल एकजुट यह पहल तब शुरू हुई जब 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने SIR प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मामलों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश से संयुक्त रूप से संपर्क किया। इस कदम से पहले ही इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच व्यापक तालमेल का पता चल गया था। अब 30 सितंबर को प्रस्तावित बैठक से चुनाव आयोग, मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया और अन्य चिंताओं पर चर्चा के लिए एक और मंच मिलने की उम्मीद है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
Supreme Court का UP सरकार को आदेश, Meerut में सील हों 16000 से अधिक अवैध निर्माण
उच्चतम न्यायालय ने अवैध निर्माण एवं आवासीय संपत्तियों का व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को मेरठ में 16,000 से अधिक संपत्तियां सील करने और अनधिकृत निर्माण ढहाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने मेरठ के बाहरी इलाके उल्देपुर में उन जमीनों की प्रकृति की विस्तृत जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग भी गठित किया है, जहां ये अवैध आवासीय कॉलोनियां विकसित हुई हैं। पीठ ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अध्यक्ष पी. गुरुप्रसाद की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद कहा, ‘‘वस्तु स्थिति रिपोर्ट पढ़ने के बाद हमें यह जानकर हैरानी और चिंता हुई कि उल्देपुर में सैकड़ों अवैध आवासीय कॉलोनियां बन गई हैं।’’पीठ ने कहा कि विभाग ने मेरठ के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण एवं सर्वेक्षण किया है। रिपोर्ट के अनुसार शहर को चार क्षेत्रों-जोन-ए, जोन-बी, जोन-सी और जोन-डी-में बांटा गया है। पीठ ने 21 सितंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘जोन-ए में निरीक्षण और सर्वेक्षण के लिए तैनात 16 दल ने 16,726 निर्माण पूरी तरह अवैध या अनधिकृत पाए हैं। इनमें 12,907 आवासीय, 874 आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों तरह के और 2,945 गैर-आवासीय निर्माण हैं।’’न्यायालय अवैध निर्माण कार्यों के संबंध में पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किए जाने से जुड़ी अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रहा है। उसने अधिकारियों को जोन-ए में चिह्नित सभी 16,726 अवैध निर्माणों के खिलाफ जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा, ‘‘इस प्रक्रिया में पहला कदम वहां रहने या काम करने वाले लोगों से परिसर खाली कराना और इन सभी 16,726 अवैध निर्माणों को सील करना है। हम इसी के अनुसार निर्देश देते हैं। संभव है कि इनमें से कुछ इमारतें जर्जर हालत में हों और उनके गिरने से लोगों की जान जा सकती है। हम किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं चाहते। इसलिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है। हम सभी चारों जोन के संबंध में शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश देते हैं।’’पीठ ने कहा कि यदि दुर्भाग्यवश ऐसी कोई घटना होती है जिसमें निर्दोष लोगों की जान जाती है तो इसके लिए संबंधित सरकारी अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। न्यायालय ने कहा कि रिपोर्ट में जोन-बी, जोन-सी और जोन-डी की स्थिति का उल्लेख नहीं है, इसलिए इन तीन क्षेत्रों में अवैध निर्माणों की संख्या की जानकारी उसके पास नहीं है। पीठ ने कहा कि अगली सुनवाई पर संबंधित प्राधिकारी को जोन-बी, जोन-सी और जोन-डी के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी। उसने कहा, ‘‘हालांकि, जोन-ए में अवैध निर्माणों को चिह्नित किया जा चुका है, इसलिए अब उन्हें ढहाने के लिए उचित कार्रवाई की जाए।’’न्यायालय ने निर्माण ढहाने की कार्रवाई जारी रखने और अगली सुनवाई तक इस संबंध में ताजा वस्तु स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। उल्देपुर के संबंध में पीठ ने कहा कि रिपोर्ट से पता चलता है कि शुरुआत में सील की गईं 44 संपत्तियों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए थे। पीठ ने कहा कि इन 44 संपत्तियों में से 20 को ढहाया जा चुका है और उनका अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल भी रोक दिया गया है। पीठ ने कहा, ‘‘हम अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि सील की गई 44 संपत्तियों में से शेष 24 को भी जल्द से जल्द ढहाया जाए।’’पीठ ने कहा कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) धूलिया की अध्यक्षता वाला न्यायिक आयोग इस बात की भी जांच करेगा कि मेरठ विकास प्राधिकरण पांच वर्ष से अधिक समय तक निष्क्रिय क्यों रहा, जिससे इन अवैध आवासीय कॉलोनियों को विकसित होने का मौका मिला। आयोग यह भी पता लगाएगा कि क्या ये अवैध आवासीय कॉलोनियां मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की मिलीभगत से बनाई गईं और वह इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगा। न्यायालय ने मामले को दिसंबर में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने और उसके निर्देशों के तहत की गई कार्रवाई पर विस्तृत वस्तु स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
लग्जरी कारें, पैलेस जैसा घर... इस देश का हर व्यक्ति अमीर!
देश का ऐसा शहर, जहां आम इंसान बनकर रहना आश्चर्य की बात होती है. यहां हर एक व्यक्ति के पास लग्जरी कारें, लग्जरी घड़ी और महल जैसे घर हैं. इस देश में हर किसी के पास करोड़ों रुपये हैं.
गुवाहाटी हॉस्टल में छात्रा की मौत, निमिषा की मौत के पीछे क्या है कहानी?
गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 साल की छात्रा निमिषा ठाकुरिया की मौत के मामले में मुख्य आरोपी आसिफ अली ने गुवाहाटी पुलिस के सामने दावा किया है कि छात्रा ने आत्महत्या की थी. दरअसल, गुवाहाटी विश्वविद्यालय की एक छात्रा एक होमस्टे में मृत पाई गई. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या की वजह खोजने में लगी हुई है.
बच्चे का मुंडन कब कराना चाहिए? एक्सपर्ट ने बताई सही उम्र और किन बातों का रखें ध्यान
पीडियाट्रिशियन चंदन कुमार सिंह ने मुंडन को लेकर जानकारी दी है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं बच्चे का मुंडन कब कराना चाहिए-
बारिश बनी आफत: पेड़ गिरा तो मलबे में दबी लड़की की मौत, 6 लोग घायल
उत्तर प्रदेश के हरदोई में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बनती जा रही है. बीते 24 घंटे से हो रही बारिश के बीच अलग-अलग हादसों में 11 साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हुए हैं. सिकंदरपुर गांव में भारी पेड़ मकान पर गिर गया, जिसके नीचे एक ही परिवार के तीन लोग दब गए. वहीं कच्ची दीवार गिरने से चार भैंसें दबकर मर गईं.
'PDA में A का मतलब ओवैसी', सपा-कांग्रेस विवाद पर AIMIM का तंज
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने सपा-कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल बीजेपी के खिलाफ नहीं, बल्कि एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि दोनों पार्टियां मुस्लिम वोट को लेकर राजनीति कर रही हैं.
ज्ञानेश कुमार विवाद पर अब सरकार के अंदर से ही उठने लगे सवाल, कुमारस्वामी ने SIR पर मांगा जवाब
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) विवाद पर सफाई मांगी है।
Election Commission के मुद्दों पर 30 सितंबर को दिल्ली में बैठक करेगा INDIA गठबंधन
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दल निर्वाचन आयोग की कार्य प्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी चिंताओं तथा कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए 30 सितंबर को यहां बैठक कर सकते हैं। यह बैठक ऐसे समय होगी, जब एसआईआर के विभिन्न पहलुओं को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेद की खबर सामने आई है तथा विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर समन्वय बढ़ा है। सूत्रों ने बताया कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एक-दूसरे के संपर्क में हैं और संयुक्त रूप से प्रतिक्रिया के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं। कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और भाकपा (माले)-लिबरेशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। कांग्रेस ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार को त्यागपत्र देकर इस मामले में सरकारी गवाह बन जाना चाहिए। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) 29 सितंबर को बैठक कर इस मुद्दे पर अपनी रणनीति पर चर्चा करेगी। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रूप से प्रतिद्वंद्वी ममता तृणमूल कांग्रेस और माकपा को भी निर्वाचन आयोग के मुद्दे पर एक साथ ला दिया है। माकपा महासचिव एम ए बेबी ने इस घटनाक्रम पर चर्चा के लिए इंडिया गठबंधन और अन्य विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की थी। ममता बनर्जी ने भी कहा था कि स्थिति में समन्वित कार्रवाई की जरूरत है। विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव लाने के लिए नया नोटिस देने की तैयारी में हैं। विपक्ष की ओर से कुमार को हटाने के लिए किया जाने वाला यह तीसरा प्रयास होगा।
CEC ज्ञानेश कुमार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें? सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, क्या है याची की मांग?
Gyanesh Kumar Supreme Court Petition: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर उनके विरुद्ध एक 'आम आरोपी' की तरह पुलिस जांच, सबूत जुटाने और नियमित आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की गई है।
डीजल एक्सपोर्ट पर बैन की तैयारी? ट्रंप के प्रस्ताव से ऑस्ट्रेलिया तक बढ़ी चिंता
ट्रंप प्रशासन डीजल निर्यात पर रोक लगाने पर विचार कर रहा है. इसका मकसद घरेलू ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करना है. अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े डीजल निर्यातकों में से एक है. निर्यात में कमी से वैश्विक बाजार में डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं. ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं.
उन्होंने कहा कि विकसित देशों में भी विपक्षी दल और विचारों में मतभेद होते हैं। लेकिन वहां विरोध सरकार के खिलाफ होता है। दुर्भाग्य से भारत में अक्सर यह देखा जाता है कि सरकार को ही देश मान लिया जाता है।
ज्ञानेश कुमार का बचाव करने से केंद्रीय मंत्री का साफ इनकार, क्या NDA के साथियों से भी करेंगे बात?
चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच चिराग पासवान ने कहा कि किसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था का बचाव राजनीतिक दल नहीं कर सकते। उन्होंने CEC से सामने आकर चुनाव आयोग की स्थिति स्पष्ट करने की बात कही।
सब्जी-रोटी से हो गए बोर? अब बनाएं भुट्टे की टेस्टी और मसालेदार सब्जी
Bhutte ki Sabji: अगर आप भी रोज की रोटी, सब्जी और दाल खाकर बोर हो चुके हैं तो आज हम आपको टेस्टी और झटपट बनने वाली राजस्थानी भुट्टे की सब्जी की रेसिपी बता रहे हैं.
जिनपिंग के अमेरिका दौरे पर ट्रंप ने की मेजबानी, बाहर पेलोसी ने किया विरोध प्रदर्शन
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इन दिनों अमेरिका के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं. व्हाइट हाउस के भीतर जहां उनका भव्य और कूटनीतिक स्वागत किया गया, वहीं वाशिंगटन की सड़कों पर उनके खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग के सम्मान में व्हाइट हाउस में सैन्य रिव्यू और एक भव्य स्टेट डिनर का आयोजन किया.
85 बार चोरी करता दिखा आरोपी... अयोध्या चढ़ावा चोरी की चार्जशीट में क्या-क्या
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. CCTV फुटेज में अविनाश शुक्ला को 85 बार चोरी करते दिखाया गया है.
लहराती पिकअप और स्कूटी... गाड़ी ऐसी पलटी कि देखने वाले रह गए दंग
असम के डिब्रूगढ़ में बोगीबील ब्रिज के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. यहां सामान से लदी एक पिकअप अचानक बेकाबू होकर पलट गई और सड़क से गुजर रहे शख्स के ऊपर जा गिरी. मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. दुर्घटना में दो लोग घायल हुए हैं. दोनों को डिब्रूगढ़ मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
'सरकार बनने के बाद BJP के खिलाफ कितनी बार बोले', स्टालिन ने थलपति विजय को खूब सुनाया
एमके स्टालिन ने सवाल किया कि ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल किए जाने के बाद टीवीके खुद को शुद्ध शक्ति कैसे बता सकती है। उन्होंने विजय पर वास्तविक विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय भाजपा के सामने समर्पण करने का आरोप लगाया।
ईरान ने अमेरिका को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम, हॉर्मुज पर कही ये बात
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख ने अमेरिका के समक्ष शांति समझौते के लिए 7 दिनों की समय सीमा तय की है. ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसकी सात शर्तें नहीं मानीं, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक महायुद्ध छिड़ना तय है. इस अल्टीमेटम के बीच मिडिल ईस्ट में सुरक्षा स्थिति बहुत नाजुक हो गई है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्यों भड़का विपक्ष? क्या है पूरा मामला
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. विपक्ष केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग नहीं कर रहा, बल्कि कई राज्यों जैसे बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में दोबारा विधानसभा चुनाव कराने की मांग पर अड़ा है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार नए युवा मतदाताओं यानी जेन-जी वोटर्स को वोटर लिस्ट में शामिल होने से रोक रही है.
इंटरनेट डेस्क। उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 8 राज्यों में अर्नब चक्रवात बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। इसके प्रभाव से इन राज्यों में बारिश का कहर जारी है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उत्तर प्रदेश को झेलना पड़ रहा है। यहां पर 48 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है। अगल-अलग हादसों के कारण 13 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। 32 जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बंगाल की खाड़ी में बना ये मौसमी सिस्टम अब दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। इसके चलते राजस्थान-मध्य प्रदेश सहित 14 राज्यों में मौसम विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। यूपी की राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में सड़कों पर तीन फीट तक पानी भरने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आंधी-बारिश के कारण कार पलटने का मामला सामने आया है। इस कार में पांच लोग फंस गए। बिहार और उत्तराखंड के लोग इस मौसम के कारण बेहाल हो चुके हैं। PC: jagran अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
CEC ज्ञानेश कुमार पर आर-पार के मूड में विपक्ष, इस दिन होगी बैठक
सीईसी ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक की बैठक 30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में होगी. बैठक में प्रमुख विपक्षी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. इससे पहले ममता बनर्जी और सीपीएम महासचिव एमए बेबी के बीच चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर बातचीत हुई थी.
एशियन गेम्स में क्वार्टर फाइनल की पिक्चर साफ, नोट कर लें शेड्यूल
भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम टीम एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतने के इरादे से उतरेगी. श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम का क्वार्टर फाइनल में सामना अफगानिस्तान से होगा. भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका को डायरेक्ट क्वार्टर फाइनल में एंट्री मिली है.
चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने का Video Viral, लोगों ने पूछा- क्यों करते हैं ऐसा?
नागपुर से मुंबई जा रही दुरंतो एक्सप्रेस में पत्थर लगने से खिड़की का कांच टूट गया. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई.
कालकाजी गैंगरेप के खिलाफ प्रदर्शन, राष्ट्रपति भवन कूच से पहले पुलिस ने रोका
महिला सुरक्षा को लेकर नागरिकों ने दिल्ली में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. कालकाजी गैंगरेप के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने की कोशिश की. लेकिन पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने उन्हें रोक दिया. कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए.
बदरीनाथ धाम में लाउड म्यूजिक वाले कार्यक्रम पर Murli Manohar Joshi ने जताई आपत्ति
बदरीनाथ धाम में हाल ही में सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान शोर-शराबे वाले संगीत और नाच-गाने के कार्यक्रम को लेकर उठ रहे विरोध के स्वरों को अब वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी का समर्थन भी मिल गया है। डॉ. जोशी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बदरीनाथ धाम में शोर-शराबे वाले संगीत समारोह के आयोजन को अनुमति प्रदान करने को न केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया बल्कि कहा कि यह धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है। उन्होंने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने इस धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण में शांतिपूर्ण तरीके से भगवत भजन के लिए की थी। अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘‘उल्लेखनीय है कि इस स्थान पर शंख बजाना भी मना है परंतु हम उसे भूलकर शोर-शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन कर भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय मूल्यों की घोर उपेक्षा तो कर ही रहे है, साथ में इतनी ऊंचाई पर हजारों लोगो के नाचने से उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की भी उपेक्षा कर रहे है। यह इस बात का प्रतीक है कि अब देवभूमि को बाजारू संस्कृति के रूप में परिणीत किया जा रहा है।’’उन्होंने शंकराचार्यों तथा महात्माओं से संस्कृति के इस क्षरण को रोकने के लिए प्रभावी रूप से आवाज उठाने का अनुरोध किया तथा कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार से भी उनका आग्रह है कि वे ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाकर देवभूमि की मर्यादा को बनाये रखें। उन्होंने कहा, हिमालय देवात्मा है, भगवान शंकर का निवास और मां गंगा का उद्गम है, इसे नाच ग्रह बनाना करोड़ो भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है। पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री के ताजा बयान के बाद इस महोत्सव को लेकर हो रहा विरोध फिर चर्चा में आ गया है। भारतीय सेना और चमोली जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में बदरीनाथ धाम में 19 और 20 सितंबर को ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ का आयोजन किया गया था जिसका उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपरा और सीमांत क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्यमिता और पर्यटन को बढ़ावा देना बताया गया था। महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। हालांकि, उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने आरोप लगाया कि आयोजकों ने बताए गए उद्देश्यों की बजाय धाम की धार्मिक परपंराओं और मान्यताओं के विपरीत नाच गाने और शोर-शराबे वाले कार्यक्रम किए। धाम में स्थित अराइवल प्लाजा में हुए कार्यक्रमों की निंदा करते हुए महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने कहा, ‘‘हमारा विरोध सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन को लेकर नहीं बल्कि उसके स्वरूप और प्रस्तुति को लेकर है। यहां बदरीनाथ की धार्मिक और पौराणिक मर्यादाओं के अनुरूप कार्यक्रम होने चाहिए।’’उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम में शंख की ध्वनि की भी मनाही है, वहां तेज ध्वनि और संगीत का शोर उत्पन्न करना धाम की धार्मिक गरिमा के अनुरूप नहीं है। आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम के शंकराचार्य मठ ने भी इस आयोजन को परंपरा-विरुद्ध, सांस्कृतिक फूहड़ता एवं धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए इस पर घोर आपत्ति जतायी। शंकराचार्य स्वामी अवधेशानंद के शिष्य और मठ के प्रभारी स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि ने कहा कि बदरिकाश्रम वह पावन क्षेत्र है जहां ऋषियों-मुनियों ने अत्यंत शांति और संयम के नियम तय किये है। उन्होंने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में शंख बजाना तक वर्जित है, ताकि तपस्यारत भगवान नर-नारायण एवं साधकों की एकाग्रता में कोई विघ्न न पड़े। लेकिन इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से यहां का धार्मिक वातावरण बिगाड़ा जा रहा है।’’उन्होंने कहा कि जहां ब्रह्मकमल जैसे अति संवेदनशील पुष्प को भी विशेष नियमों, पवित्रता और श्रद्धा के साथ प्रभु चरणों में अर्पित किया जाता है, वहां संगीत की तेज ध्वनि में नाच-गाने और फूहड़ता का सांस्कृतिक प्रदूषण कहां तक उचित है ? स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए परंपराओं के उल्लंघन, मर्यादाहीन कृत्यों और फूहड़ आयोजनों के जिम्मेदार आयोजकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बदरीनाथ धाम एवं अन्य तीर्थ क्षेत्रों में संगीत कार्यक्रम, फूहड़ प्रदर्शन और शोर-शराबे वाले आयोजनों पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगाने और किसी बड़े आयोजन से पूर्व शंकराचार्य जी से परामर्श एवं मार्गदर्शन लेने की अनिवार्य व्यवस्था बनाए जाने का अनुरोध किया। इस बीच, बढ़ते विवाद के बीच चमोली के जिला प्रशासन ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उसने सेना के स्थानीय अधिकारियों को बदरीनाथ धाम की धार्मिक आस्था, परंपराओं और पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व को देखते हुए ही कार्यक्रम करने की सलाह दी थी। यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में जिला प्रशासन ने कहा, ‘‘भारतीय सेना द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बदरीनाथ धाम स्थित ‘टूरिस्ट अराइवल प्लाजा’ में ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ का आयोजन किया गया। आयोजन के दौरान प्रस्तुत किए गए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रस्तुतियों तथा उनके स्वरूप का चयन एवं निर्धारण सेना द्वारा किया गया था।
ऑपरेशन सिंदूर में PAK को पस्त करने वाले भारतीय ड्रोन पर US की नजर
युद्ध अभ्यास 2026 में स्काईस्ट्राइकर लोइटिरिंग म्यूनिशन ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पर सटीक हमला किया. इसने लक्ष्य का पता लगाने, निशाना बनाने और सटीक प्रहार की क्षमता दिखाई. ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुए इस ड्रोन पर अमेरिकी सेना की नजर है.
शीशे तोड़े, अंडे फेंके... ममता की रैली में शामिल होने जा रहे कुणाल घोष की कार पर हमला
पश्चिम बंगाल के हुगली में TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमले की बात सामने आई है. घटना उत्तरपाड़ा इलाके में उस समय हुई, जब घोष श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की जनसभा में शामिल होने जा रहे थे.
Mumbai में 21 घंटे की विसर्जन यात्रा के बाद समुद्र तट पहुंचे Lalbaugcha Raja
विश्व प्रसिद्ध गणेशोत्सव के बाद लोगों ने अपने आराध्य देवता गणपति को विदाई दी और चिंचपोकलीचा चिंतामणि और लालबागचा राजा की प्रतिमाएं करीब 21 घंटे लंबी विसर्जन यात्रा के बाद शनिवार तड़के समुद्र तट पर पहुंचती दिखीं। शहरभर में गणपति विसर्जन यात्राएं शुक्रवार सुबह अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुरू हुई। 12 दिवसीय गणेश उत्सव के अंतिम दिन शुरू हुई ये यात्राएं पूरी रात जारी रहीं और इस दौरान हजारों श्रद्धालु गणपति की प्रतिमाओं के साथ नजर आए। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, शनिवार सुबह छह बजे तक मुंबई में कुल 34,403 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका था। इनमें सार्वजनिक मंडलों में स्थापित की गईं 6,235 प्रतिमाएं, घरों में स्थापित की गईं 27,615 प्रतिमाएं और 553 गौरी प्रतिमाएं शामिल थीं। नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘विसर्जन प्रक्रिया के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।’’ प्रसिद्ध चिंचपोकलीचा चिंतामणि प्रतिमा सुबह करीब साढ़े सात बजे गिरगांव चौपाटी पहुंची, जो मुंबई के प्रमुख विसर्जन स्थलों में से एक है। वहीं, लालबागचा राजा की प्रतिमा भीड़ से खचाखच भरी सड़कों से होते हुए समुद्र तट की ओर बढ़ रही थी। गणेशोत्सव इस वर्ष 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुआ था। प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए मुंबई पुलिस और बीएमसी ने व्यापक तैयारियां की हैं। अधिकारियों के अनुसार, शहर की सड़कों पर 24,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए, जबकि बीएमसी ने 25,000 कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया था। नगर निकाय ने 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों और 383 कृत्रिम तालाबों पर लाइफगार्ड, एंबुलेंस, मेडिकल टीम और क्रेन भी तैनात कीं, ताकि विसर्जन प्रक्रिया सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
पंजाब में SI को गोली मारने वाला एनकाउंटर में ढेर, कुछ दिन पहले पुलिस हिरासत के भागा था
पंजाब में SI को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी का एनकाउंटर कर दिया गया है। कुछ दिन पहले ही वह पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें एक पुलिसकर्मी घायल है।
18 साल का बेटा गर्लफ्रेंड से करना चाहता था शादी, पिता ने कहा-21 के हो जाओ; तो बाप को मार दी गोली
यह घटना सेक्टर-22 स्थित सरकारी क्वार्टर की है, जहां शुक्रवार को हेड कांस्टेबल का शव खून से लथपथ हालत में मिला। पुलिस ने आरोपी बेटे अरमान को गिरफ्तार कर लिया है और मौके से हत्या में इस्तेमाल कट्टा बरामद कर लिया है।
VIDEO: ओल्ड-एज होम में रह रहे विनोद कांबली, बयां किया दर्द
भारतीय टीम के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने एक साथ मैदान पर कई यादगार पारियां खेली हैं. लेकिन इन दिनों विनोद कांबली की हालत कुछ ठीक नहीं है. सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो फैन्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
अलविदा बप्पा! लालबागचा राजा और चिंतामणि का विसर्जन संपन्न
Lalbaugcha Raja Visarjan 2026: मुंबई में गणेशोत्सव का भव्य समापन, गिरगांव चौपाटी पर उमड़ा जनसैलाब. जानिए विसर्जन से जुड़ी सभी खास बातें.
Former JK DGP SP Vaid: जम्मू कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक शेषपाल वैद ने केन्द्र की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या हमने भाजपा को इसलिए वोट डाले थे कि हमें यूजीसी एक्ट और एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग देखने को मिलेगा। ...
Jan Suraaj की Delhi में एंट्री की तैयारी, Prashant Kishor को सौंपा जाएगा प्रस्ताव
जन सुराज पार्टी दिल्ली की राजनीति में उतरने की संभावना तलाश रही है और राष्ट्रीय राजधानी में उसके समर्थक बांकीपुर उपचुनाव में जीत के लिए पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को सम्मानित करने के दौरान रविवार को उनके समक्ष दिल्ली इकाई के गठन संबंधी प्रस्ताव रखेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली में रहने वाले पार्टी से जुड़े बिहार के लोग कर रहे हैं। जन सुराज की कोर समिति के सदस्य कुमार शांतनु ने कहा कि किशोर की राजनीतिक सोच से जुड़े समर्थक दिल्ली में पार्टी की इकाई गठित करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में चुनाव लड़ने की दिशा में कोई भी कदम यहां पार्टी की संभावनाओं का आकलन करने के बाद ही उठाया जाएगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज में वनस्पति विज्ञान पढ़ाने वाले शांतनु ने कहा, ‘‘दिल्ली में जन सुराज से जुड़े लोगों की मांग है कि पार्टी यहां अपनी मौजूदगी दर्ज कराए लेकिन रविवार के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बांकीपुर में जीत के लिए किशोर को सम्मानित करना है।’’ उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित नहीं किया गया है लेकिन यदि कोई इसमें शामिल होना चाहता है तो उसका स्वागत है। शांतनु ने कहा कि बक्सर के पूर्व सांसद के. के. तिवारी के बेटे एवं अधिवक्ता तथागत हर्षवर्धन और हिमाचल प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जे. पी. सिंह के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों ने 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव जन सुराज के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था। दिल्ली में इकाई गठित होने पर यह पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण विस्तार होगा क्योंकि अब तक उसका संगठन और चुनावी गतिविधियां मुख्य रूप से बिहार तक सीमित रही हैं। दिल्ली में पार्टी के समर्थक चुनाव लड़ने की योजना घोषित करने के बजाय यहां औपचारिक संगठन खड़ा करने के लिए किशोर की मंजूरी चाहते हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ काम कर चुके पूर्व चुनाव रणनीतिकार किशोर ने बिहार में शिक्षा, रोजगार और शासन के मुद्दों पर अभियान चलाते हुए जन सुराज की शुरुआत की थी। संगठन के राजनीतिक दल का रूप लेने से पहले उन्होंने कई महीने राज्यभर की यात्रा की थी। जन सुराज के लिए पहला बड़ा चुनावी इम्तिहान 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव था। पार्टी ने 238 सीट पर चुनाव लड़ा था लेकिन वह एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। इसके बाद ये सवाल उठे थे कि किशोर के अभियान को जनता से मिल रहे समर्थन को क्या वास्तव में मतों में बदला जा सकता है। किशोर उस चुनाव में स्वयं उम्मीदवार नहीं थे। इसके बाद इस साल अगस्त में हुए बांकीपुर उपचुनाव में पार्टी को बिहार विधानसभा में पहली सीट मिली और उम्मीदवार के रूप में किशोर ने भी पहली चुनावी जीत दर्ज की। उन्होंने पटना की इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नीरज कुमार को 19,324 मत से हराया। किशोर को 64,151 और कुमार को 44,827 मत मिले। शांतनु ने कहा कि पार्टी दिल्ली में अपना विस्तार करेगी या नहीं, इसका फैसला किशोर और पार्टी नेतृत्व को करना है।
MK Stalin का CM Vijay पर हमला, राजनीतिक पाखंड और प्रशासनिक विफलता का लगाया आरोप
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए उनपर ‘राजनीतिक पाखंड और प्रशासनिक विफलता’ का आरोप लगाया। शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट में, स्टालिन ने छह अक्टूबर के विधानसभा उपचुनाव से पहले मदुरंतकम में विजय के चुनावी भाषण का जवाब दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को ‘शुद्ध शक्ति’ और द्रमुक को ‘बुरी शक्ति’ बताये जाने का मजाक उड़ाया। अपनी चुनावी रैली में विजय ने फिर से यह आरोप लगाया कि द्रमुक एक ‘बुरी शक्ति’ है। वह यह आरोप अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले से ही लगाते आ रहे हैं। उन्होंने द्रमुक, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जेम ग्रेनाइट्स के अध्यक्ष आर. वीरमणि से जुड़े सनसनीखेज पोक्सो मामले को पिछली द्रमुक सरकार ने ‘दबा दिया’ था। स्टालिन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री विजय ने कहा है कि उन्होंने फिल्मों में अभिनय करना छोड़ दिया है, लेकिन (असल में) वह अब भी लोगों के सामने अभिनय कर रहे हैं। आज मैंने मदुरंतकम शूटिंग के दौरान आपके डायलॉग बोलने का अंदाज देखा। मेरे पास आपके लिए कुछ सवाल हैं।’’ स्टालिन ने विजय की उन बातों का ज़िक्र किया जिनमें उन्होंने द्रमुक को ‘बुरी ताकत’ और टीवीके को ‘शुद्ध ताकत’ बताया था। द्रमुक नेता ने कहा कि टीवीके में मारागाथम कुमारवेल समेत पूर्व नेताओं को शामिल किये जाने का संकेत दिया और सवाल उठाया कि ऐसे नेताओं को शामिल करने के बाद टीवीके खुद को ‘शुद्ध शक्ति’ कैसे कह सकती है। कुमारवेल को विधानसभा उपचुनाव में टीवीके ने प्रत्याशी बनाया है। स्टालिन ने विजय पर आरोप लगाया कि उन्होंने असली विरोध करने के बजाय भाजपा के सामने ‘आत्मसमर्पण’ कर दिया है। सत्ताधारी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम के कामकाज पर निशाना साधते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि उनकी कल्याणकारी योजनाएं असल में द्रमुक की ही योजनाएं थीं जिन्हें बस नए नाम से पेश किया गया था। उन्होंने बिजली कटौती, महंगाई, दूध की कमी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को संभालने के तरीके को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना की।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की मांग की है। इस पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री ही बना देना चाहिए।
बच्चों में नशाखोरी सिर्फ जनस्वास्थ्य नहीं बल्कि Child Protection का मामला: CJI Surya Kant
(फाइल फोटो के साथ जारी)पटना, 26 सितंबर भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि बच्चों द्वारा मादक पदार्थों का सेवन किए जाने की समस्या को केवल जनस्वास्थ्य से जुड़ी चिंता के रूप में नहीं, बल्कि बाल संरक्षण के मुद्दे के रूप में भी देखा जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यहां बिहार लोक भवन में ‘मादक पदार्थों से परे बचपन: संरक्षण, देखभाल और पुनर्वास’ विषय पर ‘पाटलिपुत्र प्रज्ञा प्रवाह’ व्याख्यान देते हुए ‘लांसेट’ के एक हालिया अध्ययन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अध्ययन के अनुसार भारत में हर पांच में से कम से कम एक किशोर के मादक पदार्थों के सेवन के मध्यम से उच्च जोखिम में होने का अनुमान है। हालांकि, उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों से पूरी स्थिति का पता नहीं चलता। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हर आंकड़े के पीछे एक बच्चा है और हर बच्चे की परिस्थितियां दूसरे बच्चे से अलग होती हैं। बच्चों को जोखिम की स्थिति में पहुंचाने वाली परिस्थितियां अलग-अलग होती हैं, इसलिए उनसे निपटने के उपाय भी इन भिन्नताओं को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।’’उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों द्वारा मादक पदार्थों के सेवन की समस्या को केवल जनस्वास्थ्य से जुड़ी चिंता के रूप में नहीं, बल्कि बाल संरक्षण के मुद्दे के रूप में भी समझा जाना चाहिए।’’उन्होंने कहा, ‘‘बच्चे केवल भविष्य के ही नागरिक नहीं है, वे वर्तमान में भी देश के नागरिक हैं। उन्हें सुरक्षा, गरिमा, शिक्षा, देखभाल और आगे बढ़ने का अवसर पाने का अधिकार है। इसलिए बचपन को वापस लौटाने का अर्थ केवल मादक पदार्थों के सेवन को रोकना नहीं होना चाहिए।’’न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि नशे की लत से निपटने के लिए ‘‘बाल-संवेदनशील दृष्टिकोण’’ अपनाए जाने की जरूरत है ताकि बच्चे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसकी गरिमा, गोपनीयता एवं आत्मसम्मान की भी रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि ये ‘‘प्रभावी पुनर्वास के अभिन्न अंग’’ हैं, न कि गौण पहलू। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘‘किसी कठिन दौर से गुजरने के कारण किसी बच्चे पर जीवन भर के लिए कोई ठप्पा नहीं लगना चाहिए।’’उन्होंने कहा, ‘‘पुनर्वास का अर्थ ऐसी परिस्थितियां पैदा करना है जिनमें बच्चा फिर से उन चीजों का अनुभव कर सके जो बचपन में मिलनी चाहिए जैसे शिक्षा, रिश्ते, खेल, विश्वास और मौजूदा मुश्किलों से आगे बेहतर भविष्य का भरोसा।’’प्रधान न्यायाधीश ने लोगों से बच्चों का ‘‘खोया हुआ बचपन वापस दिलाने’’ और उन्हें नशे की लत से बचाने का सामूहिक संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नशे की लत से जूझ रहे किसी बच्चे से आगे बढ़ने, सीखने, स्वस्थ होने और समाज का हिस्सा बने रहने का अवसर नहीं छिनना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘किसी बच्चे ने यदि मादक पदार्थ का सेवन किया है तो यह तथ्य हमें पूरी कहानी नहीं बताता। इससे यह पता नहीं चलता कि उस बच्चे ने क्या झेला है, मादक पदार्थों का सेवन शुरू होने से पहले उसकी परिस्थितियां कैसी थीं, उसके आसपास अब भी कौन से खतरे मौजूद हैं या उसे स्वस्थ होने में किस तरह की मदद की जरूरत है।’’न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि रोकथाम, शुरुआती पहचान, उपचार, शिक्षा, परिवार का सहयोग, पुनर्वास और उपचार के बाद की देखभाल स्वस्थ होने की पूरी प्रक्रिया की अहम कड़ियां हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यदि इनमें से कोई भी कड़ी गायब हो तो बच्चा सहायता के दायरे से बाहर हो सकता है।’’प्रधान न्यायाधीश ने जोखिम की स्थिति में मौजूद और मादक पदार्थों के सेवन से प्रभावित बच्चों को समय पर उचित सेवाओं से जोड़ने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने, सेवाओं को अधिक सुलभ करने, कर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण देने, गोपनीयता सुनिश्चित करने और उपचार के बाद भी सहायता जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने मादक पदार्थों के सेवन और नशे की लत से जूझ रहे बच्चों की मदद के लिए विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय और गुणवत्तापूर्ण कानूनी सेवाओं की उपलब्धता पर भी जोर दिया।
शिमला-मनाली छोड़िए, अक्टूबर में घूम आएं हिमाचल की 7 सुंदर जगहें
अक्टूबर में हिमाचल घूमने का प्लान है तो इस बार शिमला और मनाली से थोड़ा हटकर जाएं. तीर्थन वैली, जिभी, बरोट, कल्पा, सांगला, चैल और जलोरी जोत जैसी जगहों पर पहाड़, नदी, जंगल और गांवों का खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा.
शिल्पा शेट्टी ने शेयर की वेकेशन की तस्वीरें, पर्यावरण की अहमियत पर कही बड़ी बात
विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के मौके पर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सभी से प्रकृति की खूबसूरती को महसूस करने की अपील की। फिटनेस क्विन का कहना है कि सेहत और पर्यावरण एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।
बेल्जियम से यूपी पहुंचा 308 पहियों वाला 'बाहुबली' ट्रक, ब्रिज को पड़ा उठाना!
चंदौली स्थित नेशनल हाईवे 19 पर 308 पहियों वाले विशालकाय ट्रक और उस पर लदी बेल्जियम की मशीन को देखने सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. लखीमपुर खीरी में बन रहे बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए लाई जा रही इस मशीन को निकालने के लिए क्रेन से फुट ओवर ब्रिज तक उठाना पड़ा.
क्या किसी रेल यात्री की हादसे में मौत के बाद उसके पास ट्रेन टिकट नहीं मिलने से मुआवजे का दावा खारिज किया जा सकता? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल के आदेश को सही ठहराया है।
TATA Aeris पर गिरा 20 टन मलबा, ऐसा हुआ कार का हाल, देखें Photos
टाटा मोटर्स ने अपनी नई नवेली एरिस (TATA Aeris) को लॉन्च कर दिया है. ये कंपनी की नई कॉम्पैक्ट सेडान है, जो दमदार फीचर्स के साथ आती है. इस कार की लॉन्चिंग में कंपनी ने सेफ्टी टेस्ट के लिए एक अलग तरीका चुना. कंपनी ने इस कार पर लगभग 20 टन वजन के पत्थर और बजरी को गिराया.
42 लाख कैश, 23 किलो सोना और बैंक में लूट... अब SIT करेगी जांच
जमशेदपुर के बैंक में हुई करोड़ों की डकैती के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है. वारदात के खुलासे के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है. पुलिस के मुताबिक, बैंक से करीब 42 लाख रुपये कैश और करीब 23 किलो सोना लूटा गया. CCTV फुटेज के आधार पर पांच संदिग्ध अपराधियों की पहचान की कोशिश की जा रही है.
Chennai: 16 वर्षीय किशोरी के यौन उत्पीड़न मामले में 19 साल का युवक गिरफ्तार
चेन्नई के बाहरी इलाके में 16 वर्षीय लड़की का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के मामले में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। तांबरम (शहर) पुलिस ने लड़की की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के हवाले से बताया कि आरोपी जे. मुत्तुसामी ने इंस्टाग्राम के जरिए किशोरी से दोस्ती की थी। पुलिस ने बताया कि दोनों लगभग एक महीने से फोन के जरिए संपर्क में थे। लड़की की मां ने 25 सितंबर को वंडालूर महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया गया है। पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार रात आरोपी कथित तौर पर लड़की को ओल्ड नल्लूर के पास एक कृषि क्षेत्र में ले गया और उसका यौन उत्पीड़न किया। तांबरम पुलिस ने कहा, शिकायत के आधार पर वंडालूर महिला थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। शिकायत मिलने के एक घंटे के भीतर आरोपी मुत्तुसामी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को रिमांड पर भेज दिया गया है।’’पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मामला तांबरम (शहर) पुलिस सीमा के अंतर्गत कांडिगाई गांव में एक बच्चे के यौन उत्पीड़न के मामले से जुड़ा नहीं है। कांडिगाई गांव के एक सरकारी स्कूल में बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोप के संबंध में पुलिस ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि कथित घटना सरकारी स्कूल में हुई थी। हालांकि, जांच जारी है।’’पुलिस ने चेतावनी दी कि इस तरह की अप्रमाणित (बिना पुष्टि के) जानकारी को आगे न फैलाया जाए।
बिहार में एक और जमुई जैसा कांड... किशनगंज में युवती से बदसलूकी, VIDEO
किशनगंज में एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें युवकों का एक समूह एक युवती के साथ मारपीट और जबरन पूछताछ करता दिख रहा है. वीडियो 5 महीने पुराना बताया जा रहा है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
नौकरों को बनाया 'मालिक'... 700 करोड़ के घोटाले में राजीव रंगीला गिरफ्तार
दिल्ली में करीब 700 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण खरीद घोटाले में एंटी करप्शन ब्रांच ने राजीव रंगीला को गिरफ्तार किया है. रंगीला पर फर्जी कंपनियां बनाकर खरीद प्रक्रिया प्रभावित करने का आरोप है.
जानिए हफ्ते के किस दिन और किस समय टिकट खरीदने से होगी सबसे ज्यादा पैसों की बचत
हवाई सफर (Air Travel) करना आज के समय में भले ही पहले से काफी आसान हो गया है, लेकिन जब बात टिकट बुकिंग की आती है, तो कई बार आसमान छूती कीमतें देखकर आम आदमियों के पसीने छूट जाते हैं। परिवार के साथ छुट्टियों पर जाना हो या फिर किसी जरूरी बिजनेस मीटिंग के सिलसिले में दूसरे शहर की यात्रा करनी हो, फ्लाइट का किराया (Flight Ticket Price) अक्सर हमारे पूरे बजट को बिगाड़ कर रख देता है। क्या आपने कभी यह सोचा है कि एक ही फ्लाइट में बैठे दो अलग-अलग यात्रियों ने सीटों के लिए बिल्कुल अलग-अलग और भारी-भरकम दाम चुकाए होते हैं? जी हां, यह एयरलाइंस और बुकिंग पोर्टल्स के एल्गोरिदम का ऐसा खेल है जिसे समझ पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। यदि आप भी बिना किसी परेशानी के कम से कम खर्च में अपनी अगली हवाई यात्रा को सुखद और किफायती बनाना चाहते हैं, तो कुछ खास और स्मार्ट ट्रिक्स (Smart Travel Tips) को अपनाकर आप हजारों रुपये की भारी बचत कर सकते हैं। एयरलाइंस कंपनियां हफ्ते के अलग-अलग दिनों और समय के हिसाब से कीमतों में उतार-चढ़ाव करती रहती हैं, और अगर आपको यह पता चल जाए कि टिकट बुक करने का सबसे सही दिन और वक्त कौन सा है, तो आप हमेशा सबसे सस्ती डील अपने नाम कर सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि वे कौन-से अचूक तरीके और सीक्रेट ट्रिक्स हैं जिनकी मदद से आप बेहद सस्ते दामों में फ्लाइट टिकट बुक कर सकते हैं।हवाई टिकटों की कीमतें इस बात पर निर्भर करती हैं कि आप किस समय सर्च कर रहे हैं, डिपार्चर की तारीख से कितने दिन पहले बुकिंग कर रहे हैं और इंटरनेट ब्राउज़र पर आपकी सर्च हिस्ट्री क्या है। कई बार लोग अंतिम समय में टिकट बुक करते हैं जिसके कारण उन्हें सामान्य से दोगुना या तीन गुना तक किराया चुकाना पड़ता है। लेकिन थोड़ी सी सूझबूझ और सही प्लानिंग के जरिए इस अतिरिक्त खर्च से आसानी से बचा जा सकता है। ट्रेवल इंडस्ट्री के जानकारों का यह मानना है कि यदि यात्री कुछ विशेष नियमों का पालन करें, तो वे साल भर में अपने सफर के दौरान हजारों रुपये बचा सकते हैं। आइए जानते हैं कि वे कौन-से सीक्रेट फॉर्मूले हैं जो आपकी फ्लाइट बुकिंग को सबसे सस्ता बना सकते हैं।हफ्ते के किस दिन टिकट बुक करने पर मिलती है सबसे सस्ती फ्लाइट?फ्लाइट टिकट की बुकिंग के मामले में दिन का चुनाव करना सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है। अधिकांश लोग वीकेंड यानी शनिवार और रविवार के दिन बैठकर आने वाले हफ्तों या छुट्टियों की प्लानिंग करते हैं और टिकट सर्च करते हैं, जिसका फायदा एयरलाइंस कंपनियां कीमतें बढ़ाकर उठाती हैं। ट्रेवल एक्सपर्ट्स के अनुसार:मंगलवार और बुधवार का जादू: सप्ताह के शुरुआती दिनों यानी मंगलवार (Tuesday) और बुधवार (Wednesday) को एयरलाइंस कंपनियां अक्सर अपनी सीटों को भरने के लिए डिस्काउंट और स्पेशल फेयर जारी करती हैं। इस दौरान टिकट बुक करने पर आपको बाकी दिनों के मुकाबले काफी सस्ते दाम मिल सकते हैं।वीकेंड बुकिंग से बचें: शुक्रवार, शनिवार और रविवार को यात्रा करने या टिकट बुक करने की मांग सबसे अधिक होती है, जिसके कारण इन दिनों में किराए आसमान छू रहे होते हैं। यदि संभव हो तो यात्रा के लिए भी मिड-वीक (Mid-week) यानी मंगलवार या बुधवार का दिन चुनें।फ्लाइट टिकट बुक करते समय ध्यान रखने योग्य अन्य जरूरी और स्मार्ट टिप्सकेवल दिन ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य तकनीकी और रणनीतिक उपाय भी आपके टिकट के दामों को आधा कर सकते हैं:इनकॉग्निटो मोड (Incognito Mode) का करें इस्तेमाल: जब आप बार-बार किसी खास रूट की फ्लाइट का किराया चेक करते हैं, तो ब्राउज़र की कुकीज और एल्गोरिदम के जरिए एयरलाइंस को यह पता चल जाता है कि आप उस यात्रा को लेकर गंभीर हैं, और वे कीमतें बढ़ा देते हैं। हमेशा ब्राउज़र को इनकॉग्निटो या प्राइवेट विंडो में खोलकर ही टिकट सर्च करें।अग्रिम बुकिंग (Advance Booking) का नियम: घरेलू उड़ानों के लिए कम से कम 4 से 6 हफ्ते पहले और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 3 से 5 महीने पहले बुकिंग कर लेने से सबसे कम किराए वाली सीट्स मिल जाती हैं।प्राइस अलर्ट और ऐप्स का प्रयोग: विभिन्न बुकिंग ऐप्स पर प्राइस अलर्ट (Price Alert) सेट कर दें ताकि जब भी किराए में गिरावट आए, आपको तुरंत नोटिफिकेशन मिल सके और आप सही समय पर टिकट खरीद सकें।
अक्टूबर के महीने में पार्टनर के साथ रोमांटिक ट्रिप का है प्लान? तो घूम आइए ये 5 बेहद खूबसूरत जगहें
जैसे ही साल का नौवां महीना अलविदा कहने को होता है और शरद ऋतु की ठंडी-ठंडी सुहानी फुहारें दस्तक देती हैं, वैसे ही देश भर के ट्रेवल लवर्स के दिलों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। अक्टूबर (October) का महीना घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के लिए साल का सबसे बेहतरीन और मनपसंद समय माना जाता है। इस सुहाने मौसम में न तो चिलचिलाती गर्मी का अहसास होता है और न ही मानसून जैसी उमस भरी परेशानियां रहती हैं, बल्कि प्रकृति अपनी सबसे खूबसूरत और मोहक चादर ओढ़े पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार रहती है। यदि आप भी अपने हमसफर या पार्टनर के साथ किसी बेहद रोमांटिक, शांत और खूबसूरत जगह पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो अक्टूबर का यह महीना आपके सपनों को पंख देने के लिए बिल्कुल परफेक्ट है। देश के विभिन्न कोनों में स्थित कुछ ऐसी जादुई जगहें इस मौसम में खिल उठती हैं जहां की वादियां, हरे-भरे पहाड़, कलकल बहती नदियां और ठंडी हवाएं आपके रिश्ते में और अधिक मिठास घोल देंगी। ऑफिस के तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर कुछ पल सुकून के बिताने के लिए पार्टनर का हाथ थामकर इन हसीन वादियों की सैर करना आपके जीवन का सबसे यादगार अनुभव बन सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि अक्टूबर के महीने में घूमने के लिए देश की वे कौन-सी शीर्ष और बेहद रोमांटिक जगहें हैं जो आपके ट्रिप को चार चांद लगा देंगी।भारत की भौगोलिक विविधता ऐसी है कि यहां हर मौसम के हिसाब से कोई न कोई परफेक्ट डेस्टिनेशन मिल ही जाता है, लेकिन अक्टूबर के महीने की बात ही कुछ और है। इस समय उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर दक्षिण के समुद्र तटों और पश्चिमी घाट के हरियाली से भरे नजारों तक, सब कुछ मंत्रमुग्ध करने वाला होता है। मानसून की विदाई के ठीक बाद पहाड़ों पर हर तरफ हरियाली छाई रहती है और झरने पूरी शबाब पर बहते हैं, जो कपल्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं होते। आइए जानते हैं कि इस अक्टूबर आप अपने पार्टनर के साथ किन शानदार जगहों पर जाने का प्लान बना सकते हैं और वहां की क्या खास विशेषतांए हैं।अक्टूबर में रोमांटिक ट्रिप के लिए बेस्ट हैं देश की ये 5 खूबसूरत और जादुई जगहेंपार्टनर के साथ बिताए गए खास पलों को हमेशा के लिए यादगार बनाने के लिए अक्टूबर के महीने में इन जगहों का प्लान जरूर बनाएं:उदयपुर, राजस्थान (Udaipur): झीलों के शहर उदयपुर को यूं ही 'पूर्व का वेनिस' नहीं कहा जाता है। अक्टूबर के महीने में यहां का मौसम बेहद खुशनुमा हो जाता है। लेक पिछोला में बोट राइड करना, महलों की भव्यता देखना और सनसेट का नजारा देखना किसी भी कपल के लिए बेहद रोमांटिक अनुभव होता है।मुन्नार, केरल (Munnar): अगर आपको और आपके पार्टनर को हरियाली, चाय के बागानों की महक और शांत वादियां पसंद हैं, तो दक्षिण भारत का मुन्नार आपके लिए बेस्ट चॉइस है। अक्टूबर में यहां का मौसम सुहाना रहता है और धुंध से ढके पहाड़ दिल जीत लेते हैं।लेह-लद्दाख (Leh-Ladakh): रोमांच और शांति का अद्भुत संगम तलाश रहे जोड़ों के लिए अक्टूबर का समय लेह-लद्दाख जाने के लिए आखिरी और सबसे सुनहरा मौका होता है। बर्फीली चोटियों और नीले आसमान के बीच रोड ट्रिप करना आपके रोमांस को एक अलग ही स्तर पर ले जाएगा।अल्मोड़ा और मुक्तेश्वर, उत्तराखंड (Almora & Mukteshwer): भीड़-भाड़ से दूर अगर आप किसी शांत और हसीन पहाड़ी गांव जैसी जगह पर वक्त बिताना चाहते हैं, तो उत्तराखंड की ये वादियां अक्टूबर में बादलों और देवदार के जंगलों के बीच आपका स्वागत करती हैं।कूर्ग, कर्नाटक (Coorg): 'भारत का स्कॉटलैंड' कहे जाने वाले कूर्ग में अक्टूबर के महीने में कॉफी के बागान और झरनों का सौंदर्य अपने चरम पर होता है, जो कपल्स के लिए परफेक्ट रोमांटिक गेटवे साबित होता है।रोमांटिक ट्रिप को और अधिक यादगार बनाने के लिए कुछ खास टिप्स और तैयारियांअक्टूबर में जब आप अपने पार्टनर के साथ किसी रोमांटिक ट्रिप पर जाने का फैसला करते हैं, तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर अपनी यात्रा को और भी अधिक सुगम बना सकते हैं। चूंकि अक्टूबर का महीना पीक सीजन (Peak Season) की शुरुआत माना जाता है, इसलिए होटल और ट्रेवल टिकट्स की बुकिंग एडवांस में ही कर लेना समझदारी होगी। पहाड़ी इलाकों में अक्टूबर के अंत तक हल्की ठंड शुरू हो जाती है, इसलिए अपने साथ हल्के ऊनी कपड़े (Light Woolens) रखना बिल्कुल न भूलें। इसके अलावा अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं, खूबसूरत तस्वीरों को अपने कैमरे में कैद करें और स्थानीय संस्कृति तथा खान-पान का आनंद लें। इस अक्टूबर पार्टनर के साथ की गई यह ट्रिप आपके प्रेम संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगी और आपके दिलों में हमेशा के लिए एक हसीन याद बनकर बस जाएगी।
बिना भारी खर्च और महंगे टिकट के सिर्फ 10 रुपये में देखें राजस्थान की यह शानदार इमारत
राजस्थान का नाम सुनते ही आमतौर पर मन में जयपुर, उदयपुर या जोधपुर के बड़े-बड़े किलों और महंगे पर्यटन खर्च की तस्वीरें उभरने लगती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी ऐतिहासिक राज्य में एक ऐसी खूबसूरत जगह भी मौजूद है जहां इतिहास के पन्ने बेहद कम कीमत पर पलटे जा सकते हैं? धौलपुर टूरिज्म (Dholpur Tourism) ने देश और दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों और ट्रेवल लवर्स के लिए एक बेहद शानदार सौगात पेश की है। अब आपको राजस्थान के इतिहास और शाही वास्तुकला (Royal Architecture) का दीदार करने के लिए अपनी जेब ढीली करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। धौलपुर जिले में स्थित तीन बेहद भव्य और ऐतिहासिक शाही इमारतों को अब आप महज 10 रुपये के मामूली टिकट शुल्क पर घूम सकते हैं। चंबल नदी के आंचल में बसा धौलपुर अपने प्राचीन किलों, मुगलों और राजपूत काल की वास्तुकला तथा प्राकृतिक सुंदरता के लिए हमेशा से पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। महंगाई के इस दौर में जहां बड़े-बड़े पर्यटन स्थलों पर घूमने के लिए भारी-भरकम टिकट और एंट्री फीस चुकानी पड़ती है, वहीं धौलपुर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की इस पहल ने बजट ट्रेवलर्स (Budget Travelers) के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला दी है। इस ऐतिहासिक शहर की सैर करने के लिए आपको किसी महंगे टूर पैकेज की आवश्यकता नहीं है, बल्कि कम बजट में परिवार और दोस्तों के साथ एक बेहतरीन वीकेंड ट्रिप (Weekend Trip) प्लान किया जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि धौलपुर की वे कौन-सी 3 शाही इमारतें हैं जिन्हें आप मात्र 10 रुपये में घूम सकते हैं और वहां की क्या खास विशेषतांए हैं।राजस्थान के पूर्वी छोर पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा के पास स्थित धौलपुर ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद समृद्ध रहा है। यहां के राजा-महाराजों द्वारा बनवाई गई इमारतें आज भी अपनी भव्यता और बेजोड़ कारीगरी की कहानी बयां करती हैं। जब पर्यटक कम खर्च में बेहतरीन अनुभव की तलाश करते हैं, तो धौलपुर का यह बजट-फ्रेंडली टूरिज्म मॉडल एक मिसाल बनकर सामने आता है। इन तीनों ऐतिहासिक धरोहरों के रखरखाव और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने टिकट की कीमत नाममात्र रखी है ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी संस्कृति और इतिहास से जुड़ सकें। आइए जानते हैं कि इन तीन शाही इमारतों की फेहरिस्त में कौन-कौन सी ऐतिहासिक जगहें शामिल हैं और उनकी वास्तुकला की क्या विशेषताएं हैं।धौलपुर की वे 3 शाही इमारतें जिन्हें सिर्फ 10 रुपये के टिकट में देखा जा सकता हैधौलपुर के इस खास टूरिज्म पैकेज के तहत जिन तीन प्रमुख ऐतिहासिक और शाही इमारतों को शामिल किया गया है, वे पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं:शेरगढ़ किला (Shergarh Fort): शेर शाह सूरी द्वारा पुनर्निमित और चंबल नदी के किनारे स्थित यह ऐतिहासिक किला अपनी मजबूत प्राचीरों और वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां से चंबल घाटी का विहंगम नजारा बेहद मनमोहक लगता है।निहाल टॉवर और घंटाघर (Nihal Tower): शहर के बीचों-बीच स्थित यह भव्य घंटाघर देश की सबसे ऊंची और पुरानी घड़ियों में से एक गिना जाता है। इसके आसपास का इलाका और इसकी वास्तुकला देखने लायक है।उमेद भवन पैलेस (Umad Bhawan Palace): शाही रियासत के समय का यह शानदार पैलेस अपनी खूबसूरत नक्काशी और शाही मेहमानवाज़ी के इतिहास को समेटे हुए है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।बजट ट्रेवलर्स के लिए धौलपुर क्यों है सबसे बेहतरीन और सुगम विकल्प?आज के समय में जब परिवार के साथ किसी ट्रिप पर जाने के लिए हजारों-लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, धौलपुर का यह सफर पर्यटकों को बेहद सुकून देने वाला साबित होता है। मात्र 10 रुपये के प्रवेश शुल्क में इन तीनों ऐतिहासिक इमारतों का दीदार करना किसी खजाने को खोजने जैसा अनुभव कराता है। यहां पहुंचने के लिए सड़क और रेल मार्ग की बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। दिल्ली, आगरा, ग्वालियर और लखनऊ जैसे बड़े शहरों से धौलपुर आसानी से ट्रेन या बस के जरिए पहुंचा जा सकता है। स्थानीय स्तर पर खाने-पीने और रहने के विकल्प भी बहुत किफायती दामों पर उपलब्ध हैं, जिससे यह जगह बजट टूरिज्म के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बन जाती है। यदि आप भी इस वीकेंड किसी शांत, ऐतिहासिक और कम खर्च वाली जगह की तलाश में हैं, तो धौलपुर की इन तीन शाही इमारतों की सैर आपके लिए एक यादगार अनुभव साबित होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐतिहासिक सौगात की तैयारी कर ली है। प्रशासन ने भोपाल के नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। यह मास्टर प्लान ड्राफ्ट चार प्रमुख स्तंभों पर बनाया गया है। इन चार स्तंभों में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, ...
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आज 26 सितंबर को राज्य के सभी स्कूल बंद
छत्तीसगढ़ राज्य इन दिनों चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) के खौफनाक और आक्रामक रूप का सामना कर रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठे इस शक्तिशाली चक्रवाती सिस्टम के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में पिछले कई घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) द्वारा जारी गंभीर चेतावनियों और कई जिलों में रेड अलर्ट घोषित किए जाने के बाद राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर आज यानी 26 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में एक दिन की छुट्टी (School Holiday) घोषित कर दी गई है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के कई शहरी इलाकों में जलभराव, सड़कों पर जलजमाव और ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजने और रास्ते में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाने के लिए प्रशासन ने एहतियातन यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं एक विशेष संदेश जारी कर सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे इस आपदा के समय पूरी तरह सतर्क रहें और अपने बच्चों को घरों से बाहर न निकलने दें। आइए विस्तार से जानते हैं कि चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में कितना व्यापक असर देखने को मिल रहा है और प्रशासन की ओर से क्या-क्या सुरक्षा उपाय किए गए हैं।छत्तीसगढ़ में इस वक्त मानसून की विदाई के समय चक्रवाती तूफान के प्रवेश ने मौसम का पूरा मिजाज बिगाड़ कर रख दिया है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद और बस्तर संभाग के कई जिलों में बादलों की भारी गर्जना के साथ लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान हवा की रफ्तार और तेज हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा और अधिक बढ़ गया है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग (Disaster Management Department) को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा गया है और राहत तथा बचाव टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है। ऐसे गंभीर हालातों में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई भी जोखिम न लेते हुए आज के दिन सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। आइए जानते हैं कि मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से क्या खास अपील की है और राज्य में राहत कार्यों का क्या हाल है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अभिभावकों से अपील और स्कूलों में छुट्टी का आदेशराज्य में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी जिले में बच्चों की जान को जोखिम में न डाला जाए। जिला कलेक्टरों को अपने-अपने स्थानीय मौसम के मिजाज को देखते हुए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के तत्काल निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया और प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रदेश के सभी माता-पिता और अभिभावकों से अपील करते हुए कहा है कि इस प्राकृतिक आपदा के दौरान वे अत्यधिक सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है, इसलिए आज भारी बारिश और चक्रवात की चेतावनी के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि वे बच्चों को घरों के भीतर ही सुरक्षित रखें और उफनते नालों या कमजोर पेड़ों के पास जाने से रोकें। सरकार और प्रशासन हर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का छत्तीसगढ़ के जनजीवन पर असर और मौसम का नया अपडेटचक्रवाती तूफान के प्रभाव से केवल स्कूल ही प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि राज्य का सामान्य जनजीवन भी बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। कई जगहों पर बिजली के खंभे उखड़ने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है जिसे सुधारने के लिए बिजली विभाग की टीमें लगातार बारिश के बीच भी युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। किसानों की धान और सोयाबीन की पकी हुई फसलें इस बेमौसम बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में बिछ गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले कुछ घंटों तक राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिसके बाद तूफान के कमजोर पड़ने की उम्मीद है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पूरी तरह पालन करें।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में नया धर्मांतरण कानून लागू होने के बाद मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से इस वक्त एक बेहद संवेदनशील और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य के राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राज्य में नए और कड़े धर्मांतरण विरोधी कानून (Anti-Conversion Law) के प्रभावी होने के बाद धमतरी जिले के कई प्रमुख चर्चों और प्रार्थना स्थलों के बाहर हिंदी में स्पष्ट चेतावनी वाले नोटिस बोर्ड लगा दिए गए हैं। इन नोटिस बोर्ड्स में साफ तौर पर यह लिखा गया है कि चर्च परिसर के भीतर प्रार्थना या आराधना के लिए केवल ईसाइयों का ही प्रवेश मान्य है, और यदि कोई अन्य धर्म या समुदाय का व्यक्ति स्वेच्छा से अंदर आता है तो वह इसके लिए खुद पूरी तरह जिम्मेदार होगा। धमतरी जिला क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों के दौरान प्रशासन के पास बड़ी संख्या में ऐसे स्व-घोषणा पत्र जमा किए गए थे जिनमें लोग स्वेच्छा से प्रार्थना सभाओं में शामिल होने की बात कह रहे थे। इसी पृष्ठभूमि और लगातार सामने आ रहे विवादों के बाद एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। ऐतिहासिक 116 साल पुराने सुंदरगंज मेनोनाइट चर्च सहित शहर के कई अन्य चर्चों के बाहर इस तरह के बैनर और बोर्ड लगने के बाद से यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और शांति समिति की बैठकों के बाद उपजे इस नए घटनाक्रम से इलाके में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस पूरे मामले के पीछे का घटनाक्रम क्या है और नए धर्म परिवर्तन कानून का स्थानीय स्तर पर किस तरह का असर देखने को मिल रहा है।छत्तीसगढ़ के बस्तर और धमतरी जैसे क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से प्रार्थना सभाओं और धार्मिक आयोजनों को लेकर विभिन्न संगठनों के बीच तनातनी की खबरें सामने आती रही हैं। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए नए धर्म स्वतंत्रता कानून के प्रावधानों के तहत जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के मामलों में बेहद कड़े दंड और लंबी सजा का प्रावधान किया गया है। इसी कानूनी सख्ती और संभावित कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए ईसाई समुदाय ने यह precautionary step उठाया है। स्थानीय संगठनों और सर्व आदिवासी समाज की आपत्तियों के बाद जिला कलेक्ट्रेट में शांति समितियों की बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं, जिसके बाद से चर्च प्रबंधन ने यह स्पष्ट संदेश देना शुरू कर दिया है कि उनके परिसरों में होने वाली प्रार्थनाओं में अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर अनावश्यक विवाद न खड़े हों। आइए जानते हैं कि चर्च के बाहर लगाए गए इन नोटिस बोर्ड्स में क्या खास बातें लिखी गई हैं और इसका स्थानीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।चर्च के बाहर लगाए गए नोटिस बोर्ड्स में क्या लिखा गया है और क्या हैं इसके मायने?धमतरी के ऐतिहासिक चर्चों के बाहर लगाए गए इन बोर्ड्स में बहुत ही स्पष्ट शब्दों में यह बात दर्ज की गई है कि चर्च प्रबंधन के नियमों के अनुसार केवल ईसाई समुदाय के लोग ही प्रार्थना के लिए आ सकते हैं। यदि कोई अन्य व्यक्ति अपनी मर्जी से प्रवेश करता है, तो उसके परिणाम और जिम्मेदारी उसी की होगी। इस तरह के बयानों के पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने से अवैध धर्मांतरण या जबरन दबाव के आरोप न लग सकें। क्रिश्चियन फोरम का कहना है कि वे कानून का पूरी तरह सम्मान करते हैं और किसी भी प्रकार के भ्रम से बचने के लिए समुदाय के लोगों को अपने घरों और प्रार्थना स्थलों के बाहर भी ऐसे एहतियाती बोर्ड लगाने की सलाह दी गई है।नए धर्म परिवर्तन कानून और प्रशासनिक बैठकों का असरजिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की देखरेख में हाल ही में हुई शांति बैठकों के बाद इस प्रकार के कदम उठाए जाने से यह साफ हो गया है कि प्रशासन संवेदनशील मुद्दों पर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। एक तरफ जहां हिंदू संगठन और स्थानीय जनजातीय समूह अपने रीति-रिवाजों और संस्कृति की रक्षा के लिए मुखर हैं, वहीं अल्पसंख्यक समुदाय भी अपनी सुरक्षा और कानूनी स्पष्टता को लेकर सतर्क हो गया है। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में धार्मिक आयोजनों को लेकर संवेदनशीलता कितनी बढ़ चुकी है, और आने वाले दिनों में प्रशासन के लिए इस तरह के मामलों को संभालना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का खतरा, 8 जिलों में रेड अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट जारी है. बांदा में 227 मिमी और लखनऊ में 136 मिमी बारिश हुई. आठ जिलों में रेड अलर्ट है. बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन से और बारिश की आशंका है.
BB में काजी को गालियां, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग! कौन हैं रीति तिवारी?
बिग बॉस 20 में रीति तिवारी इन दिनों खूब चर्चा में हैं. शो में उनके अंदाज और कुछ बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल भी किया जा रहा है. खासकर काजी तौकीर के साथ हुई बहस के बाद रीति का नाम लगातार सुर्खियों में रहा. इसके बाद लोग केवल उनके गेम के बारे में नहीं बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में भी जानना चाहते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि रीति ने कहां से पढ़ाई की है और अब क्या काम करती हैं.
सड़क किनारे खड़ी धुमाल मंडली की गाड़ी को तेज रफ्तार ट्रक ने 50 मीटर तक घसीटा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक और वीभत्स खबर सामने आ रही है। नेशनल हाईवे-30 पर स्थित मरकटोला घाट के पास एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौके पर ही और इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कवर्धा जिले से एक धुमाल संगीत मंडली के कलाकार मिनी मालवाहक (पिकअप) वाहन में सवार होकर जगदलपुर की तरफ जा रहे थे। सफर के दौरान अचानक मरकटोला घाट के पास उनकी गाड़ी तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई, जिसके बाद ड्राइवर ने वाहन को सड़क के किनारे साइड में खड़ा कर दिया। मंडली के कुछ सदस्य गाड़ी से उतरकर आसपास मैकेनिक की तलाश करने चले गए थे और बाकी लोग वाहन के अंदर व आसपास मौजूद थे। इसी दौरान बारिश और खराब मौसम के बीच रायपुर की तरफ से आ रहे एक बेकाबू 16 पहियों वाले भारी-भरकम ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी उस मिनी मालवाहक को पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि देखने वालों की रूह कांप उठी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि ट्रक वाहन को करीब 50 मीटर से अधिक दूरी तक घसीटता हुआ ले गया और अंत में गाड़ी पलट गई। इस अप्रत्याशित और भीषण हादसे के बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।इस दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्य में आई शुरुआती बाधाओं ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया। जिस ट्रक ने टक्कर मारी थी, वह गेहूं की बोरियों से लदा हुआ था और टक्कर के बाद वाहन के पलटने से धुमाल मंडली के लोग गेहूं की भारी बोरियों और मलबे के नीचे बुरी तरह दब गए। बारिश के माहौल के बीच स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के लोगों ने फौरन मानवीय दृष्टिकोण दिखाते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। सूचना मिलते ही पुरूर थाना सहित दो थानों की पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद गेहूं की बोरियों और गाड़ी के मलबे को हटाया तथा अंदर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नजदीकी धमतरी जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए कई लोगों को रायपुर रेफर कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस भीषण सड़क हादसे की पृष्ठभूमि क्या है, घायलों की वर्तमान स्थिति कैसी है और प्रशासन की तरफ से क्या कदम उठाए गए हैं।कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा और क्या थी इसके पीछे की परिस्थितियां?घटनास्थल मरकटोला घाट का यह इलाका अपनी भौगोलिक बनावट के कारण पहले से ही दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। धुमाल मंडली की गाड़ी जब अचानक खराब हुई, तो उन्होंने उसे सड़क की पटरी पर रोकने की कोशिश की थी, लेकिन पीछे से आ रहे तेज रफ्तार भारी वाहन के चालक को शायद कम विजिबिलिटी या लापरवाही के चलते खड़ी गाड़ी समय पर दिखाई नहीं दी। 16 पहियों वाले इस विशालकाय ट्रक ने जब पिकअप को टक्कर मारी, तो वह संभल नहीं पाया और उसे पचास मीटर तक रौंदते हुए आगे निकल गया। गाड़ी में सवार कलाकारों को संभलने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिला। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी लोग कवर्धा जिले के विभिन्न गांवों के रहने वाले बताए जा रहे हैं जो अपने संगीत कला के पेशे के सिलसिले में बाहर जा रहे थे।प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और घायलों का चल रहा है विशेष इलाजहादसे की सूचना मिलते ही राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पर गहरा शोक व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। प्रशासन को यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी घायलों का इलाज पूरी तरह से मुफ्त और सर्वोत्तम चिकित्सीय देखरेख में किया जाए। कुल 11 घायलों में से 7 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें रायपुर के बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं दूसरी ओर, दुर्घटना को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस ने फरार चालक की तलाश के लिए आसपास के टोल प्लाजा और रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं तथा मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर से इस बात की याद दिलाता है कि हाईवे पर वाहन खराब होने की स्थिति में कितनी अधिक सावधानी बरतने और रिफ्लेक्टर्स या इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करने की जरूरत होती है।
मारा गया करणबीर, अमृतसर में ASI जसवंत सिंह पर की थी फायरिंग
अमृतसर जिले में 11 सितंबर को ASI जसवंत सिंह पर हमला हुआ था. इसके बाद पुलिस ने आरोपी करणबीर को पकड़ा लेकिन वो हिरासत से फरार हो गया था. इसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी. शनिवार को पुलिस ने उसको मुठभेड़ में मार गिराया है.
स्टार खिलाड़ी अभय सिंह ने रोमांचक मुकाबले में इरफान को चटाई धूल
अंतरराष्ट्रीय खेल के मैदान से भारत के लिए एक बेहद गर्व और उत्साह से भर देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। खेल के चाहे किसी भी मोर्चे पर भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत हो, रोमांच हमेशा सातवें आसमान पर रहता है। ताजा मामला स्क्वैश (Squash) कोर्ट का है, जहां भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान का पूरी तरह से क्लीन स्वीप कर दिया है। भारत के स्टार और अनुभवी स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह (Abhay Singh) ने पाकिस्तान के प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी मोहम्मद इरफान (Irfan) को एकतरफा और कड़े संघर्ष वाले मुकाबले में धूल चटाते हुए शानदार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही भारत ने प्रतियोगिता में अपना एक और मेडल पूरी तरह से पक्का कर लिया है, जिससे देश भर के खेल प्रेमियों में जश्न का माहौल बन गया है। शुरुआत से ही इस मुकाबले को लेकर दोनों देशों के खेल प्रेमियों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने मानसिक रूप से मजबूत रहते हुए महत्वपूर्ण पलों में शानदार शॉट खेले और पाकिस्तानी खिलाड़ी को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। मैदान पर अभय सिंह का आक्रामक अंदाज और बेहतरीन कोर्ट कवरेज देखने लायक था, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया और विरोधी खिलाड़ी को दबाव में ला दिया। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस महामुकाबले में किस तरह से भारत ने दबदबा बनाया, अभय सिंह का प्रदर्शन कैसा रहा और इस जीत से भारत की पदक तालिका पर क्या असर पड़ा है।भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी कोई खेल मुकाबला होता है, तो मैदान पर खिलाड़ियों पर दबाव का स्तर काफी ज्यादा होता है। लेकिन हमारे खिलाड़ियों ने इस दबाव को अपनी कमजोरी बनाने के बजाय अपनी ताकत बनाया और अनुशासित खेल का प्रदर्शन किया। मैच की पहली सीटी बजने के साथ ही अभय सिंह ने अपने इरादे साफ कर दिए थे और लगातार बेहतरीन ड्रॉप शॉट्स तथा विनर लगाकर पाकिस्तानी खिलाड़ी को बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि बीच-बीच में पाकिस्तानी खिलाड़ी इरफान ने वापसी की कुछ कोशिशें जरूर कीं, लेकिन अभय सिंह के अनुभव और बेहतरीन रणनीति के आगे उनकी एक न चली। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी फिटनेस और तकनीकी कौशल में जबरदस्त सुधार किया है, जिसका नतीजा अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। आइए जानते हैं कि इस मैच के दौरान कौन-कौन से अहम मोड़ आए और अभय सिंह ने किस तरह से इस मुकाबले को अपने नाम किया।कैसे अभय सिंह ने पाकिस्तान के इरफान को हराकर मुकाबले पर बनाई अपनी पकड़?मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ी अभय सिंह काफी लय में नजर आ रहे थे। उन्होंने पहले गेम से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ी को संभलने का मौका नहीं दिया। मैच के दौरान खेल के तकनीकी पहलुओं पर बात करें तो:शानदार ड्रॉप शॉट्स और मूवमेंट: अभय सिंह ने कोर्ट के चारों तरफ शानदार मूवमेंट दिखाते हुए ऐसे सटीक ड्रॉप शॉट्स खेले जिनका पाकिस्तानी खिलाड़ी के पास कोई जवाब नहीं था।मानसिक मजबूती और संयम: जब पाकिस्तानी खिलाड़ी ने तीसरे गेम में वापसी करने की कोशिश की, तो अभय ने अपना संयम नहीं खोया और सूझबूझ से अंक जुटाए।फिटनेस और स्टैमिना: लंबे और थका देने वाले रैलियों के दौरान भी भारतीय खिलाड़ी का स्टैमिना उच्च स्तर का बना रहा, जिसने जीत में अहम भूमिका निभाई।भारत का मेडल पक्का होने से खेल जगत में जश्न का माहौलइस शानदार जीत के साथ ही भारत के लिए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एक और मेडल पूरी तरह पक्का हो चुका है, जिससे भारतीय दल का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया है। खेल प्रेमियों और खेल संघों की तरफ से अभय सिंह को लगातार बधाइयां मिल रही हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए इस मुकाबले में क्लीन स्वीप करने के बाद अब भारतीय स्क्वैश टीम का अगला लक्ष्य फाइनल मुकाबला जीतकर देश के लिए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम करना है। जिस तरह की फॉर्म और लय में इस वक्त हमारे खिलाड़ी चल रहे हैं, उसे देखकर यह उम्मीद करना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि वे आने वाले मैचों में भी ऐसा ही शानदार प्रदर्शन जारी रखेंगे और देश का सिर गर्व से ऊंचा करेंगे।
SC/ST सांसदों को संसद में बोलने का ज्यादा समय मिले, भाजपा के सहयोगी ने कर दी मांग
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने SC-ST सांसदों को संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान ज्यादा बोलने का समय देने की मांग की है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी करने का आग्रह किया।

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