तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के बजट के अनुसार लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राजस्व जुटाने पर ध्यान दें।
पति की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में पूर्व टीएमसी सांसद पुलिस के समन पर नहीं हुईं पेश
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार बुधवार को सेरामपुर पुलिस स्टेशन में पुलिस के सामने पेश नहीं हुईं। उन पर आरोप है कि जब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी उनके पति और तृणमूल पार्षद शाकिर अली को गिरफ्तार कर रहे थे, तब उन्होंने पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली थी।
जम्मू-कश्मीर: रामसू वायाडक्ट और एटी-03 सुरंग का निर्माण पूरा, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताया आभार
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया है
2 जुलाई को सुबह 11 बजे प्रयागराज पहुॅचेगे केशव प्रसाद मौर्य सबसे पहला कायर्क्रम आडिटोरियम-मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज, प्रयागराज में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा वीबी-जी राम जी योजनान्तर्गत आयोजित कार्यकम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे।दोपहर २ बजे के आस-पास सर्किट हाउस, प्रयागराज में पार्टी पदाधिकारियों / मा० जनप्रतिनिधियों से संवाद कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त हुईाकेशव प्रसाद मौर्य का बार बार प्रयागराज जाना 2027 चुनाव की तैयारियों से जोडकर देखा जा सकता हैा
25,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन होंगे सस्ते, GSTघटाकर 5% करने की सिफारिश
अगर आप स्मार्टफोन खरीदने वाले हैं तो आपके लिए खुशखबर है। 25,000 रुपए से कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स पर GST घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने की सिफारिश की गई है, जबकि महंगे डिवाइसों पर 18 प्रतिशत की दर बरकरार रखी जा सकती है।
श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने विपक्ष पर कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा जैसी योजनाएं केवल जनता की मजदूरी की लूट का एक बड़ा स्रोत बनकर रह गई थीं। पूर्ववर्ती सरकारों में भ्रष्टाचार और बिचौलियों का ऐसा तंत्र हावी था कि गरीब मजदूरों के हक का पैसा सीधे उनके हाथों तक पहुंचने के बजाय चंद भ्रष्ट लोगों की जेबों में चला जाता था.उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी। एकल महिलाओं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर तथा अन्य कमजोर वर्गों को विशेष रोजगार गारंटी कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे तथा उन्हें रोजगार आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।उन्होंने कहा कि योजना की सबसे बड़ी विशेषता रोजगार और मजदूरी की कानूनी गारंटी है। प्रत्येक पात्र परिवार को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। मजदूरी का भुगतान निर्धारित दरों पर अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देय होगा तथा यदि मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं होता है तो श्रमिकों को प्रतिदिन 0-05 प्रतिशत की दर से विलम्ब मुआवजा दिया जाएगा। प्रत्येक श्रमिक को शिकायत दर्ज कराने का भी पूर्ण अधिकार होगा।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक दशकों पुराना ऐतिहासिक गुरुद्वारा एक स्थानीय व्यवसायी द्वारा ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद अल्पसंख्यक सिख समुदाय ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भारत ने पाकिस्तान के फारूकाबाद स्थित 125 वर्ष पुराने श्री गुरु सिंह सभा ...
राम मंदिर चढावा चोरी प्रकरण: आरोपी के किराये के कमरे में मिला ‘रामराज्य कोष’का संदिग्ध बक्सा
अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर के दान चोरी प्रकरण में गिरफ्तार आरोपितों में शामिल अविनाश शुक्ला से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। जिस योग केंद्र में अविनाश शुक्ला अपने भाई अभिषेक शुक्ला के साथ किराये पर रहता था, वहां एक संदिग्ध बक्सा रखा मिला है। बक्से पर ‘रामराज्य कोष’ का स्टीकर और पेटीएम का […] The post राम मंदिर चढावा चोरी प्रकरण: आरोपी के किराये के कमरे में मिला ‘रामराज्य कोष’ का संदिग्ध बक्सा appeared first on Sabguru News .
नादिया में पार्टी बैठक के दौरान महुआ मोइत्रा पर अंडों से हमला
कृष्णनगर। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के कालीगंज में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय पर बुधवार को एस समय अंडे फेंके गए जब पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ अंदर बैठी थीं। मोइत्रा ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने […] The post नादिया में पार्टी बैठक के दौरान महुआ मोइत्रा पर अंडों से हमला appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में 20 लाख रुपए लूट की साजिश का पर्दाफाश, तीन आरोपी अरेस्ट
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में 29 जून को हुई 20 लाख रुपए की लूट का पुलिस ने पर्दाफाश करके तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि आरोपियों में नेशनल फ्रूट कंपनी का ही एक कर्मचारी शामिल है। गत 29 जून को सूचना मिली थी कि […] The post भीलवाड़ा में 20 लाख रुपए लूट की साजिश का पर्दाफाश, तीन आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि दो बालिग लंबे समय तक आपसी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहे हों, तो बाद में विवाह नहीं होने मात्र से उसे दुष्कर्म का मामला नहीं माना जा सकता। अदालत ने ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को बरी किए जाने के फैसले को […] The post लंबे समय तक सहमति से रहे लिव-इन संबंध को केवल शादी नहीं होने पर रेप नहीं माना जा सकता : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में 34 करोड़ रुपए का 24 किलोग्राम तस्करी का सोना जब्त, 7 अरेस्ट
नई दिल्ली। सीमापार से सोने की तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी सफलता दर्ज करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने पश्चिम बंगाल में गिरोह का भंडाफोड़ कर विदेश से गैर कानूनी तरीके से लाया गया 24 किलोग्राम सोना जब्त किया है, जिसका मूल्य 34 करोड़ रुपए आंका गया है। एजेंसी ने इस मामले में सात […] The post पश्चिम बंगाल में 34 करोड़ रुपए का 24 किलोग्राम तस्करी का सोना जब्त, 7 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजीत कुमार बाग ने एसआईआर न्यायाधिकरण से दिया इस्तीफा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजीत कुमार बाग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए गठित न्यायाधिकरण से व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम द्वारा मई में इन्हीं आधारों पर न्यायाधिकरण […] The post सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजीत कुमार बाग ने एसआईआर न्यायाधिकरण से दिया इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
भारत के डिजिटल भविष्य के निर्माण में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका : भजनलाल
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत- विकसित राजस्थान 2047 के विजन को साकार करने के लिए राज्य में डिजिटल ढांचा विकसित किया जा रहा है। शर्मा आज यहां 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के बाद राउण्ड टेबल वार्ता में उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद […] The post भारत के डिजिटल भविष्य के निर्माण में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका : भजनलाल appeared first on Sabguru News .
लोकमंथन 2026 राष्ट्र की वैचारिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का महायज्ञ : भजनलाल शर्मा
4 से 6 दिसंबर तक जयपुर में हम भारत के लोग विषय पर होगा राष्ट्रीय लोकमंथन जयपुर। भारतीय ज्ञान परंपरा, लोक संस्कृति एवं राष्ट्रीय चिंतन के प्रतिष्ठित मंच ‘लोकमंथन 2026’ की तैयारियों का औपचारिक शंखनाद बुधवार को राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समारोह में लोकमंथन 2026 की स्वागत समिति एवं […] The post लोकमंथन 2026 राष्ट्र की वैचारिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का महायज्ञ : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
WhatsApp Username फीचर पर सरकार की सख्ती, Meta को नोटिस; भारत में लॉन्च पर फिलहाल रोक
केंद्र सरकार ने भारत में WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर को लेकर Meta को नोटिस जारी किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार ने कंपनी को निर्देश दिया है कि इस फीचर को भारत में तब तक लॉन्च न किया जाए, जब तक इस संबंध में चल रही परामर्श प्रक्रिया ...
20 लाख रुपये और एक टूटता हुआ घर: जब सगी सास ही बन गई दामाद के हंसते-खेलते परिवार की सबसे बड़ी दुश्मन
शरीफ अहमद ,सीतापुर : कहते हैं कि पैसा इंसान की ज़रूरतें पूरी कर सकता है, लेकिन जब यही पैसा अंधा लालच बन जाए, तो सबसे पहले रिश्तों का कत्ल करता है। आज हम आपको एक ऐसी ही कड़वी हकीकत से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आपका अपनों पर से भरोसा उठ जाएगा।सोचिए, क्या कोई पत्नी सिर्फ इसलिए अपने पति को उसके बूढ़े मां-बाप और भाई-बहनों से अलग कर सकती है क्योंकि उसके बैंक अकाउंट में कुछ लाख रुपये जमा हैं? क्या कोई सास-ससुर अपने ही दामाद की गाढ़ी कमाई हड़पने के लिए पूरे परिवार को सड़क पर लाने की साज़िश रच सकते हैं?जी हां, एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 15 से 20 लाख रुपये का बैंक बैलेंस देखते ही एक खुशहाल परिवार को साज़िश की सूली पर चढ़ा दिया गया।कैसे शुरू हुआ रिश्तों में ज़हर घोलने का खेल?यह कहानी एक सीधे-साधे और आम परिवार से शुरू होती है। भाई की शादी बड़े अरमानों के साथ हुई थी। घर में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था, लेकिन तभी पत्नी की नज़र अपने पति के बैंक अकाउंट पर पड़ी। अकाउंट में करीब 15 से 20 लाख रुपये जमा थे। इस बड़ी रकम को देखते ही पत्नी के मन में लालच ने जगह बना ली।पति की इस मेहनत की कमाई की जानकारी पत्नी ने तुरंत फोन पर अपनी मां (लड़के की सास) को दे दी। बस, यहीं से शुरू हुआ रिश्तों के बीच दीवार खड़ी करने का वो घिनौना खेल, जिसने एक बेटे को उसके जन्म देने वाले मां-बाप से दूर कर दिया। सास और ससुर ने दामाद के इस पैसे को हड़पने के लिए जाल बुनना शुरू कर दिया। बेटे को इस कदर भड़काया गया कि वो अपने सगे मां-बाप, अपने भाई अब्दुल रहीम और अपनी अविवाहित बहन को भूलकर उस लालची ससुराल पक्ष की उंगलियों पर नाचने लगा।मुहर्रम के दिन सूने घर में बड़ी वारदातलालच की हद तो तब पार हो गई, जब ताज़िये वाले दिन (मुहर्रम के दिन) पूरा इलाका गमगीन था। हर तरफ लोग मजलिस और जुलूस में व्यस्त थे। इसी सूने मौके का फायदा उठाकर वो भाई अपनी पत्नी और ससुराल वालों के इशारे पर अचानक घर पहुंच जाता है। लेकिन वो परिवार से मिलने नहीं, बल्कि सब कुछ तबाह करने आया था।गहनों पर साफ किया हाथ: घर के अंदर रखे सोने और चांदी के तमाम जेवरात, जो शायद बाकी भाई-बहनों की शादी के लिए जोड़कर रखे गए थे, उन्हें बड़ी चालाकी से निकाल लिया गया।खुशियां समेटकर रफूचक्कर: घर के बाकी सदस्य जब तक कुछ समझ पाते, तब तक वो शख्स अपनी पत्नी के साथ मिलकर पूरे घर की खुशियां और जीवनभर की पूंजी समेटकर भाग चुका था।चोरी खुद की और उल्टा पीड़ित परिवार पर ही केस!इस मामले में साज़िश रचने वाले इतने शातिर निकले कि उन्होंने 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली कहावत को सच साबित कर दिया। घर से सारा सोना-चांदी साफ करने के बाद, अपनी चोरी को छुपाने के लिए ससुराल वालों ने एक खौफनाक कानूनी साज़िश रची।उन्होंने खुद पीड़ित बनकर थाने में एक मनगढ़ंत और झूठी तहरीर (शिकायत) दे दी। इल्जाम लगा दिया भाई अब्दुल रहीम और उनके बूढ़े मां-बाप पर। साज़िश ऐसी रची गई ताकि असली पीड़ित पुलिस और कानून के चक्कर में फंस जाएं और ससुराल वाले मजे से उस रकम और चोरी के सोने पर ऐश कर सकें।एक बड़ा सवाल: इस साज़िश की वजह से उस घर का क्या होगा, जहां अभी दो भाइयों की बारात उठनी बाकी है? उस बहन का क्या होगा जिसके हाथ पीले करने के लिए बूढ़े मां-बाप ने पाई-पाई जोड़कर थी?इंसाफ का इंतज़ार: प्रशासन से गुहारपैसों का लालच इंसान को कितना अंधा बना सकता है, यह घटना उसका जीता-जागता सबूत है। इस वक्त अब्दुल रहीम का पूरा परिवार गहरे सदमे में है। एक तरफ भाई के दूर जाने का गम है, तो दूसरी तरफ घर में हुई चोरी और ऊपर से पुलिस केस का झूठा डर।हम स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों से यह मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स खंगाली जाएं, ताकि सच सामने आ सके। बेकसूर मां-बाप और भाई-बहनों को इस झूठे केस से बचाया जाए और लालची साज़िशकर्ताओं को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
स्वास्थ्य क्षेत्र का हारावल दस्ता बनीं आशा वर्कर, UP में 1.60 लाख से ज्यादा संख्या
National Rural Health Mission: हाल के वर्षों में आशा कार्यकर्ता (एक्रेडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट) भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनकर उभरी हैं। आशा कार्यकर्ता गांव की अपने ही समुदाय से चुनी जाती हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने ...
सांसद महुआ मोइत्रा पर फिर बरसाए अंडे, TMC भड़की, भाजपा पर लगाया आरोप
Mahua Moitra egg attack: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रैंड सांसद महुआ मोइत्रा इन दिनों अपने बयानों से ज्यादा अपने ऊपर हो रहे 'अंडा हमलों' को लेकर सुर्खियों में हैं। बुधवार को बंगाल के नादिया जिले में कुछ ऐसा हुआ जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला ...
बिना सात फेरे के कैसा विवाह? गुजरात हाईकोर्ट ने शून्य घोषित की शादी, मैरिज सर्टिफिकेट को किया खारिज
landmark verdict Gujarat High Court: गुजरात हाई कोर्ट ने हिंदू विवाह की वैधता को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि विवाह के दौरान 'सप्तपदी' (सात फेरे) जैसी पारंपरिक और अनिवार्य धार्मिक रीतियां नहीं ...
ईरान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत के प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं को निमंत्रण भेजा है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष नितिन नवीन और कांग्रेस अध्यक्ष ...
CM योगी ने लॉन्च किया Digi Rover अभियान, अब आधुनिक तकनीक से होगी जमीन की सटीक पैमाइश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर में प्रदेशव्यापी डिजी रोवर (डिजी रोवर-जीएनएसएस) विशेष भूमि पैमाइश अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 1 जुलाई से शुरू होकर 15 अगस्त तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान सभी तहसीलों ...
व्यक्ति, समाज व राष्ट्र की आधारशिला है शिक्षा : योगी आदित्यनाथ
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर (कंपोजिट) से राज्यव्यापी स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण (1 से 15 जुलाई) का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को ...
योगी सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर इसका सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों, पर्यटन ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव के आरोग्यता व दीर्घायु होने की कामना की। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बुधवार को जन्मदिन है।
CNG वाहनों पर ईथेनॉल का क्या असर होगा? CNG Blending से फायदा या नुकसान?
क्या आपकी CNG कार का माइलेज कम होने वाला है? सरकार अब CNG में भी इथेनॉल मिलाने की तैयारी कर रही है! लेकिन क्या यह आपकी जेब बचाएगा या आपके इंजन को अंदर से खोखला कर देगा? आइए जानते हैं इस बड़े बदलाव का पूरा सच और क्या कहती है एक्सपर्ट्स की रिसर्च। ।
केंद्र सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) WhatsApp के आगामी Username फीचर को लेकर Meta के साथ जल्द ही बैठक कर सकता है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) ने इस फीचर के जरिए फर्जी पहचान बनाकर धोखाधड़ी और प्रतिरूपण ...
बेंगलुरु, कर्नाटक सरकार ने बुधवार को बेंगलुरु में फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया। बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि अतिक्रमण वाले फुटपाथों के कारण सड़कों पर चलने के लिए मजबूर होने पर हर साल लगभग 300 पैदल यात्री सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं।
महंत योगानंद गिरि का दावा: रामपुर बना अब रोजगार और समृद्धि का केंद्र, अपराध पर कसी गई लगाम
मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रामपुर और रामपुरी चाकू को लेकर दिए गए बयान का महंत योगानंद गिरि ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी का बयान पूरी तरह सार्थक है और रामपुर में अपराध पर नियंत्रण और विकास के संबंध में उनके प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए।
बेल्जियम की 10 मंजिला इमारत में भीषण आग, 200 लोगों से भरी थी बिल्डिंग, कई लोगों की दर्दनाक मौत
Massive fire in 10 storey building in Belgium : यूरोप के शांत और खूबसूरत देश बेल्जियम से एक दिल दहला देने वाली भयावह हादसे की खबर सामने आई है। यहां एंटवर्प शहर में 10 मंजिला अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में कई लोगों की दर्दनाक मौत होने ...
सीएम डॉ. मोहन यादव का नवकरणीय ऊर्जा पर फोकस, कहा- नए अध्याय की शुरुआत कर रहा एमपी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली स्थित एमपी भवन में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी ...
तीखा सामाजिक-आर्थिक व्यंग्य: दो जून की रोटी
साहब! दो जून की रोटी मिल जाए, बस और क्या चाहिए? यह वाक्य सुनने में जितना सरल लगता है, उतना ही भयावह है। दरअसल यह कोई संतोष का वाक्य नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का मृत्युलेख है जिसने करोड़ों लोगों की पूरी जिंदगी को सिर्फ रोटी तक सीमित कर दिया।
Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी
Indian Monsoon Food: बारिश की पहली फुहार के साथ ही गरमा-गरम चाय और स्वादिष्ट स्नैक्स खाने का मन लगभग हर किसी का करता है। ऐसे में अगर आप रोज़ाना एक ही तरह के पकवान बनाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार कुछ नया और मजेदार ट्राई कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सनसनीखेज हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां दो महिलाओं ने मिलकर एक व्यक्ति को अपनी साजिश का शिकार बनाया और उससे लाखों रुपये ऐंठने की कोशिश की। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी महिलाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इस घटना के सामने आने के बाद से ही राजधानी के वीआईपी और व्यापारिक हलकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के नेटवर्क और इनके द्वारा शिकार बनाए गए अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।दोस्ती की आड़ में रची साजिश और बनाया बंधकपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी महिलाओं ने पहले पीड़ित से मेलजोल बढ़ाया और उसे अपने जाल में फंसाया। साजिश के तहत पीड़ित को मिलने के बहाने एक तय स्थान पर बुलाया गया, जहां बातों-बातों में उसे शराब परोसी गई। आरोप है कि महिलाओं ने पीड़ित की शराब में कोई तीखा नशीला पदार्थ मिला दिया था, जिसके पीते ही वह अपने होश खो बैठा। इसके बाद जब पीड़ित अर्धमूर्छित अवस्था में था, तब महिलाओं ने उसकी कई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। होश में आने पर पीड़ित को उन तस्वीरों को सार्वजनिक करने और परिवार को दिखाने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग की जाने लगी।पुलिस की गिरफ्त में शातिर महिलाएं, बड़े रैकेट की आशंकालगातार मिल रही धमकियों और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर आखिरकार पीड़ित ने रायपुर के स्थानीय थाने में हिम्मत जुटाकर पूरी आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जाल बिछाया और दोनों महिलाओं को धर दबोचा। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को अंदेशा है कि यह किसी बड़े संगठित हनीट्रैप गिरोह का हिस्सा हो सकती हैं, जो सीधे तौर पर अमीर और संभ्रांत लोगों को निशाना बनाता है। पुलिस ने महिलाओं के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और आपत्तिजनक डिजिटल दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
राजस्थान के शेखावाटी और मरुस्थलीय इलाकों के लिए एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। पिछले 32 वर्षों से अधर में लटका हुआ यमुना जल समझौता आखिरकार धरातल पर उतरने के बेहद करीब पहुंच गया है। राज्य की प्यासी धरती और करोड़ों लोगों की उम्मीदों को नया जीवन देते हुए यमुना नदी का पानी राजस्थान लाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। हरियाणा, दिल्ली और केंद्र सरकार के साथ लंबे समय तक चले विचार-विमर्श और हालिया उच्च स्तरीय बैठकों के बाद इस जटिल विवाद का समाधान निकाल लिया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद जहां एक तरफ प्रभावित जिलों में जश्न का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ इसके राजनीतिक नफे-नुकसान को लेकर सियासी गलियारों में घमासान भी तेज हो गया है।क्या है 1994 का मूल समझौता और तीन दशकों का इंतजारयमुना नदी के पानी के बंटवारे को लेकर मूल समझौता साल 1994 में पांच राज्यों— उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के बीच हुआ था। इस समझौते के तहत राजस्थान को उसके हक का पानी मिलना तय हुआ था, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी, रूट के निर्धारण पर असहमति और पड़ोसी राज्यों के साथ आपसी तालमेल न बैठ पाने के कारण यह प्रोजेक्ट फाइलों में ही दबा रहा। तीन दशकों से अधिक समय तक राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं और सीकर जैसे जिले पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसते रहे और भूमिगत जल स्तर लगातार खतरनाक स्तर तक नीचे गिरता चला गया। अब नए सिरे से हुए तकनीकी और प्रशासनिक बदलावों ने इस मृतप्राय योजना में नई जान फूंक दी है।पाइपलाइन से शेखावाटी पहुंचेगा पानी और समझौते पर शुरू हुई सियासतनए त्रिपक्षीय मसौदे के अनुसार, यमुना के पानी को हरियाणा के रास्ते अंडरग्राउंड पाइपलाइनों के जरिए राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र तक लाया जाएगा, जिससे पानी की बर्बादी और वाष्पीकरण को रोका जा सके। इस बेहद महत्वाकांक्षी और अरबों रुपये की परियोजना के अमलीजामा पहनते ही राजस्थान में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है। सत्ताधारी दल इसे अपनी डबल इंजन सरकार की बहुत बड़ी प्रशासनिक और कूटनीतिक जीत बता रहा है, जिसका सीधा फायदा आने वाले चुनावों में किसानों और आम जनता के बीच भुनाने की तैयारी है। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष ने इस समझौते की टाइमिंग और शर्तों पर सवाल उठाते हुए इसे केवल एक चुनावी स्टंट करार दिया है और सरकार से इस परियोजना को पूरा करने की समयसीमा और बजट आवंटन पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
राजस्थान के भीलवाड़ा में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने इंदौर के एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। इंदौर की रहने वाली 22 वर्षीय होनहार युवती भूमि की इस दर्दनाक बस दुर्घटना में असमय मौत हो गई। हादसे से कुछ ही घंटे पहले भूमि ने अपने पिता को फोन कर कहा था कि 'पापा, सब ठीक है, मैं सुबह तक घर लौट आऊंगी।' लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; सुबह बेटी तो नहीं लौटी, बल्कि उसकी मौत की बेहद मनहूस और झकझोर देने वाली खबर आई। इस हृदयविदारक हादसे के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।त्योहार मनाकर लौट रही थी घर, रास्ते में काल बनी निजी बसपारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इंदौर के अन्नपूर्णा क्षेत्र की रहने वाली भूमि पिछले कुछ दिनों से एक पारिवारिक समारोह और त्योहार में शामिल होने राजस्थान गई हुई थी। अपना सफर पूरा कर वह स्लीपर कोच ट्रेवल्स की एक निजी बस में सवार होकर इंदौर वापस लौट रही थी। भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पलट गई। चश्मदीदों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए और सोते हुए यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में भूमि ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।आखिरी कॉल की बातें याद कर बिलख रहे परिजन, इंदौर में पसरा मातमभूमि के पिता ने रुंधे गले से बताया कि रात को सफर के दौरान उनकी बेटी से सामान्य बातचीत हुई थी। उसने बेहद खुश होकर सुबह समय पर इंदौर पहुंचने और साथ में नाश्ता करने की बात कही थी। लेकिन तड़के भीलवाड़ा पुलिस की तरफ से आए एक फोन कॉल ने उनकी पूरी दुनिया ही उजाड़ दी। भीलवाड़ा जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भूमि के पार्थिव शरीर को इंदौर लाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रही है कि दुर्घटना बस चालक की लापरवाही के कारण हुई या किसी तकनीकी खराबी की वजह से, लेकिन इस हादसे ने सुरक्षा दावों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
RCA विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: एडहॉक कमेटी हुई सस्पेंड, भास्कर ए. सावंत संभाले कमान
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में लंबे समय से जारी खींचतान और कानूनी लड़ाई में एक नया और बेहद महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में दखल देते हुए एक बड़ा आदेश जारी किया है, जिसके तहत आरसीए की मौजूदा एडहॉक (तदर्थ) कमेटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अदालत ने एसोसिएशन के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और खेल गतिविधियों को बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए सीनियर आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत को आरसीए का नया प्रशासक (एडमिनिस्ट्रेटर) नियुक्त कर दिया है। इस फैसले के बाद राजस्थान के खेल जगत और क्रिकेट की राजनीति में हड़कंप मच गया है।हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी और एडहॉक कमेटी पर एक्शनअदालत में मामले की सुनवाई के दौरान आरसीए के भीतर जारी प्रशासनिक अनियमितताओं और अंदरूनी गुटबाजी को लेकर गहरी चिंता जताई गई। राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मौजूदा एडहॉक कमेटी क्रिकेट के विकास और एसोसिएशन की साख को बनाए रखने में पूरी तरह से विफल साबित हो रही थी। लगातार बढ़ते विवादों के कारण खिलाड़ियों के भविष्य और राज्य में क्रिकेट आयोजनों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे थे। इसी को आधार बनाते हुए अदालत ने कमेटी को सस्पेंड करने का कड़ा कदम उठाया ताकि संगठन में पारदर्शिता और अनुशासन को दोबारा बहाल किया जा सके।आईएएस भास्कर ए. सावंत के सामने बड़ी चुनौतियांआरसीए के नए प्रशासक बनाए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत के कंधों पर अब राजस्थान क्रिकेट की पूरी जिम्मेदारी होगी। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती आरसीए के रोजमर्रा के कामकाज को पटरी पर लाने, जिला क्रिकेट संघों के बीच जारी विवादों को सुलझाने और जल्द से जल्द पारदर्शी तरीके से नए चुनाव संपन्न कराने की होगी। क्रिकेट प्रेमियों और खेल जानकारों का मानना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी के हाथ में कमान आने से राजनीति से ऊपर उठकर फैसले लिए जा सकेंगे, जिससे राजस्थान के युवा क्रिकेटरों को बेहतर माहौल और बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।
यूपी चुनाव को लेकर जदयू का बहुत बड़ा एलान, 25 सीटों पर ठोंकेगी ताल; एनडीए गठबंधन पर कही ये बात
उत्तर प्रदेश की सियासी बिसात पर एक और बड़ा धमाका हो गया है। बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने पड़ोसी राज्य यूपी के विधानसभा चुनाव को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला एलान कर दिया है। जदयू ने साफ कर दिया है कि वह इस बार उत्तर प्रदेश में सिर्फ मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगी, बल्कि पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। पार्टी ने यूपी की 25 विधानसभा सीटों को चिन्हित करते हुए वहां चुनाव लड़ने की मुकम्मल तैयारी शुरू कर दी है। इस एलान के बाद से ही उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक के सियासी गलियारों में भारी सुगबुगाहट शुरू हो गई है और कयासों का दौर तेज हो चुका है।चुनावी तैयारियों की समीक्षा और 25 सीटों पर मजबूत फोकसपार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर लखनऊ में आयोजित एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। जदयू के उत्तर प्रदेश प्रभारी ने संगठन की मजबूती और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को लेकर एक विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट पेश की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि पार्टी ने राज्य की उन 25 सीटों को शॉर्टलिस्ट किया है, जहां जदयू का पारंपरिक जनाधार, सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं का नेटवर्क बेहद मजबूत स्थिति में है। इन सीटों पर बूथ स्तर की कमेटियों का गठन भी लगभग पूरा हो चुका है। पार्टी का मानना है कि इन क्षेत्रों में पूर्वांचल और बिहार से सटे इलाकों की मजबूत हिस्सेदारी है, जहां नीतीश कुमार के सुशासन मॉडल को काफी पसंद किया जाता है।एनडीए गठबंधन के भविष्य पर यूपी प्रभारी का बड़ा बयानइस बड़े एलान के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या जदयू उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस) गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ेगी? इस सस्पेंस से पर्दा उठाते हुए यूपी प्रभारी ने गठबंधन के मोर्चे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जदयू केंद्रीय स्तर पर एनडीए का एक बेहद मजबूत और वफादार हिस्सा है और पार्टी की पहली प्राथमिकता यूपी में भी गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ने की ही है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में हर दल को अपनी ताकत बढ़ाने और संगठन का विस्तार करने का पूरा अधिकार है। पार्टी इन 25 सीटों पर अपनी मजबूत दावेदारी एनडीए के शीर्ष नेतृत्व के सामने सीट शेयरिंग की बातचीत के दौरान रखेगी, लेकिन भविष्य की किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए संगठन को स्वतंत्र रूप से तैयार किया जा रहा है।
आज से 'माननीय' कहलाएंगे पवन सिंह, निशांत कुमार सहित 10 नेताओं का विधान परिषद में शपथ ग्रहण
बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा और ऐतिहासिक दिन है। सूबे के सियासी गलियारों से लेकर भोजपुरी सिनेमा के फैंस के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित सदस्य और भोजपुरी फिल्मों के पावरस्टार पवन सिंह आज औपचारिक रूप से 'माननीय' बन जाएंगे। बिहार विधान परिषद के उप भवन (एनेक्सी) के मुख्य सभागार में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में पवन सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार समेत कुल 10 नवनिर्वाचित सदस्य उच्च सदन की सदस्यता की शपथ लेंगे। इस समारोह के बाद बिहार विधान परिषद को नए चेहरे और नई ऊर्जा मिलने जा रही है।पहली बार सदन पहुंच रहे हैं 8 नए चेहरे, राजनीति में युवा जोशबिहार विधान परिषद के इस द्विवार्षिक और उपचुनाव में विधानसभा कोटे से निर्वाचित हुए सभी 10 उम्मीदवारों ने पहले ही निर्विरोध जीत हासिल कर ली थी। आज होने जा रहे शपथ ग्रहण समारोह की सबसे खास बात यह है कि शपथ लेने वाले 10 सदस्यों में से 8 नेता ऐसे हैं जो पहली बार सदन की दहलीज पार कर रहे हैं। इनमें जेडीयू की तरफ से पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रख रहे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और बीजेपी की ओर से भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। दोनों ही युवा नेताओं की एंट्री से सदन में एक नया सियासी समीकरण देखने को मिलेगा।एनडीए और विपक्ष के इन दिग्गजों को मिलेगी नई जिम्मेदारीइस चुनाव में एनडीए और विपक्षी दलों ने अपने सोशल और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए कई कद्दावर और जमीनी चेहरों पर दांव खेला था। आज शपथ लेने वाले प्रमुख नेताओं में जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन प्रसाद (जो नीतीश कुमार की खाली सीट पर निर्वाचित हुए हैं), बीजेपी के अनिल ठाकुर और शिवरानी शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बेहद करीबी और मुखर नेता डॉ. सुनील कुमार सिंह भी आज उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कोटे से स्वर्गीय रामविलास पासवान के पुराने वफादार सिपाही अशरफ अंसारी भी आज से माननीय की फेहरिस्त में शामिल हो जाएंगे। शाम 4 बजे होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर पटना स्थित विधान परिषद परिसर में सुरक्षा और तैयारियों के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
CG Transfer News: छत्तीसगढ़ श्रम विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 अधिकारियों के बदले प्रभार
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और गतिशील बनाने के उद्देश्य से श्रम विभाग में एक बड़ा फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी ताजा आदेश के तहत विभाग के 11 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला करते हुए उन्हें नई प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल को राज्य में श्रम कानूनों के बेहतर क्रियान्वयन और विभागीय कामकाज में तेजी लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। ट्रांसफर लिस्ट में कई जिलों के श्रम पदाधिकारियों और सहायक श्रम आयुक्तों के नाम शामिल हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से नए स्थानों पर ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासनिक कसावट के लिए बड़े पैमाने पर फेरबदलश्रम विभाग के मंत्रालय महानदी भवन से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस ट्रांसफर लिस्ट में मैदानी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों से लेकर मुख्यालय स्तर के अधिकारियों तक को शामिल किया गया है। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों और श्रमिक बहुल जिलों में प्रशासनिक कसावट लाना है। जिन 11 अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें से कई लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए थे। नए आदेश के बाद अब इन अधिकारियों को नए माहौल में श्रमिकों के कल्याण और विभागीय योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने की चुनौती होगी।औद्योगिक और श्रमिक बहुल क्षेत्रों पर विशेष ध्यानइस प्रशासनिक सर्जरी में छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक जिलों जैसे दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़ और राजधानी रायपुर के श्रम कार्यालयों में विशेष रूप से बदलाव किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार का ध्यान इस समय असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीकरण और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने पर केंद्रित है। यही वजह है कि कुशल और अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों की कमान सौंपी गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर श्रम विवादों का निपटारा तेजी से हो सके और औद्योगिक शांति बनी रहे। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को जल्द से जल्द अपने नए पदभार ग्रहण करने को कहा गया है।
छत्तीसगढ़ में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के हालिया प्रशिक्षण शिविर को लेकर तीखा तंज कसा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कांग्रेस के इस शिविर की तुलना टीवी के मशहूर रियलिटी शो 'बिग बॉस' के घर से कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस शिविर में पार्टी के कार्यकर्ताओं को जनहित के मुद्दों के बजाय केवल चाटुकारिता का पाठ पढ़ाया गया है।चाटुकारिता की पाठशाला और अंदरूनी कलह पर तंजअमित चिमनानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह तथाकथित प्रशिक्षण शिविर असल में एक ऐसा मंच था जहां नेताओं को केवल अपने आकाओं की तारीफ करने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जिस तरह बिग बॉस के घर में लोग कैमरे के सामने बने रहने के लिए नाटक करते हैं और अंदर ही अंदर गुटबाजी चलती है, ठीक वैसा ही नजारा कांग्रेस के इस शिविर में देखने को मिला। चिमनानी के मुताबिक, कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी और आपसी खींचतान अब पूरी तरह से सतह पर आ चुकी है और इस शिविर ने उसे छिपाने के बजाय और उजागर कर दिया है।छत्तीसगढ़ की जनता और विकास के मुद्दों से दूरी का आरोपभाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि कांग्रेस आज भी अपनी पुरानी संस्कृति से बाहर नहीं निकल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिविर में इस बात पर कोई चर्चा नहीं हुई कि छत्तीसगढ़ की जनता के विकास के लिए क्या किया जाना चाहिए या राज्य की बुनियादी समस्याओं का समाधान कैसे हो। इसके विपरीत, पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित रहा कि किस तरह एक विशेष परिवार और कुछ चुनिंदा नेताओं की परिक्रमा की जाए। अमित चिमनानी ने दावा किया कि कांग्रेस के कार्यकर्ता खुद इस तरह के ढर्रे से परेशान हैं और पार्टी के भीतर असंतोष का माहौल लगातार गहराता जा रहा है।
मानसून की दस्तक: पंजाब में भीषण गर्मी से दो दिनों में मिलेगी बड़ी राहत
पंजाब के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश और लू (Heatwave) से बेहाल लोगों के लिए आखिरकार राहत की बड़ी खबर आ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में झुलसा देने वाली गर्मी का दौर अब समाप्त होने वाला है। सिर्फ दो दिनों के भीतर मानसून पंजाब में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात मिलेगी।लोकल वेदर अपडेट: पंजाब के इन जिलों में सबसे पहले पहुंचेगा मानसूनक्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (चंडीगढ़) के मुताबिक, मानसून की पूर्वी शाखा तेजी से आगे बढ़ रही है। पंजाब के सीमावर्ती और मैदानी इलाकों जैसे अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में अगले 48 घंटों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। स्थानीय मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि शुरुआती दौर में ही तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जिससे रात के तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जाएगी।खेती और किसानों के लिए वरदान साबित होगी यह बारिशयह मानसूनी बारिश पंजाब की लाइफलाइन यानी कृषि के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। इस समय राज्य के किसान धान की बुवाई (Paddy Transplantation) में जुटे हैं, जिसके लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। मानसून के समय पर आने से न केवल भूजल (Groundwater) का स्तर सुधरेगा, बल्कि बिजली की खपत में भी कमी आएगी, जिससे ग्रामीण इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी।उमस और हीटवेव से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाहडॉक्टरों का कहना है कि मानसून के ठीक पहले और शुरुआती दिनों में उमस (Humidity) का स्तर काफी बढ़ जाता है। ऐसे में पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे धूप में निकलने से बचें, ओआरएस (ORS) या नींबू पानी का सेवन करते रहें। बारिश शुरू होने के बाद मौसमी बीमारियों और मच्छरों से पैदा होने वाले रोगों से बचने के लिए अपने आसपास पानी जमा न होने दें।
झुंझुनूं में एटीएम नकदी घोटाले में एक करोड़ रुपए के गबन की आशंका
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले में एटीएम में कैश भरने वाली सीएमएस कंपनी से जुड़ा बड़ा नकदी घोटाला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घोटाला सामने आने के बाद बैंकिंग और नकदी प्रबंधन प्रणाली में हड़कंप मच गया है। एटीएम में नकदी भरने का कार्य करने वाली सीएमएस कंपनी के दो कर्मचारी संदिग्ध परिस्थितियों […] The post झुंझुनूं में एटीएम नकदी घोटाले में एक करोड़ रुपए के गबन की आशंका appeared first on Sabguru News .
बाल-बाल बचे झारखंड के 42 श्रमिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के एक्शन के बाद अब होगी सुरक्षित घर वापसी
तमिलनाडु के एक औद्योगिक कारखाने में हुए भीषण गैस रिसाव हादसे के बाद वहां काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के परिवारों में हड़कंप मच गया था। लेकिन इसी बीच झारखंड के रहने वाले श्रमिकों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे झारखंड के 42 श्रमिक पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इस पूरे मामले की जानकारी मिलते ही झारखंड सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं कि हादसे का शिकार होने से बचे सभी 42 झारखंडी भाइयों को ससम्मान और पूरी तरह सुरक्षित तरीके से उनके गृह राज्य वापस लाया जाए।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा निर्देश: रांची मुख्यालय से कंट्रोल रूम एक्टिवजैसे ही तमिलनाडु में गैस लीक की खबर रांची स्थित राज्य मुख्यालय तक पहुंची, वैसे ही मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इस पर सीधा संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि वे तमिलनाडु सरकार और संबंधित जिला प्रशासन से तुरंत संपर्क साधें। एआई सर्च (GEO) और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन सभी 42 श्रमिकों की पहचान कर ली गई है और वे पूरी तरह सुरक्षित स्थान पर हैं। सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए हवाई मार्ग या विशेष ट्रेन के जरिए टिकटों और उनके खाने-पीने की व्यवस्था करने का जिम्मा वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक परेशानी का सामना न करना पड़े।क्या था तमिलनाडु का वो गैस रिसाव हादसा जिसने बढ़ानी थी धड़कनें?तमिलनाडु के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक प्लांट में अचानक हुए गैस रिसाव के चलते हड़कंप मच गया था। जहरीली गैस हवा में फैलने के कारण आसपास काम कर रहे कई मजदूरों की तबीयत बिगड़ने लगी थी, जिन्हें तुरंत स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इस कारखाने में बड़ी संख्या में झारखंड के विभिन्न जिलों जैसे गढ़वा, पलामू, दुमका और गिरिडीह के श्रमिक रोजगार के सिलसिले में रह रहे थे। हादसे के वक्त इन 42 श्रमिकों की सूझबूझ और प्लांट के सुरक्षा उपकरणों की वजह से ये सभी सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे। अब अपने राज्य और घर लौटने की खबर से इन सभी मजदूरों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार: स्थानीय प्रशासन अलर्ट परझारखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी कोने में काम कर रहे उनके राज्य के प्रवासी श्रमिक यदि किसी भी संकट में फंसते हैं, तो सरकार उनकी मदद के लिए हमेशा तत्पर है। लखनऊ और अन्य बड़े शहरों में काम कर रहे देश भर के श्रमिकों के संगठनों ने भी झारखंड सरकार के इस त्वरित कदम की सराहना की है। रांची और अन्य गृह जिलों के उपायुक्तों (DC) को आदेश दिया गया है कि जैसे ही ये 42 श्रमिक वापस लौटें, उनके स्वास्थ्य की दोबारा जांच की जाए और स्थानीय स्तर पर ही उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाए ताकि उन्हें दोबारा पलायन न करना पड़े।
पुलिस की गाड़ी से खींचकर ले गए और सरेआम मार दी जान... क्या है वो खौफनाक हिमांशु सिंह हत्याकांड
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात ने पूरे सूबे की सियासत और पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। यह मामला है चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड का, जिसमें बेखौफ अपराधियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए एक युवक को पुलिस की गाड़ी से सरेआम खींचकर मौत के घाट उतार दिया। इस जघन्य हत्याकांड का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। शासन स्तर पर हुई इस हाई-लेवल समीक्षा बैठक के तुरंत बाद सरकार का हंटर चला है, जिसके तहत लापरवाही बरतने और अपराधियों पर समय रहते लगाम न कस पाने के आरोप में दो अलग-अलग जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।पुलिस की मौजूदगी में दुस्साहस: खाकी के इकबाल को चुनौती देकर वारदात को दिया अंजामहिमांशु सिंह हत्याकांड की जो कहानी सामने आ रही है, वह किसी भी सभ्य समाज को डराने के लिए काफी है। चश्मदीदों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पीड़ित हिमांशु सिंह को किसी विवाद के बाद सुरक्षा या जांच के सिलसिले में पुलिस अपनी गाड़ी में ले जा रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे दर्जनों हथियारबंद बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिसकर्मी जब तक कुछ समझ पाते या जवाबी कार्रवाई कर पाते, तब तक बदमाशों ने खाकी के खौफ को दरकिनार करते हुए हिमांशु को गाड़ी से घसीटकर बाहर निकाल लिया। इसके बाद लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और ताबड़तोड़ फायरिंग कर सरेआम उसकी जान ले ली और मौके से फरार हो गए।लखनऊ मुख्यालय से जारी हुआ फरमान: दो कप्तानों पर गिरी गाज, पूरे महकमे में हड़कंपइस खौफनाक वारदात की खबर जैसे ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक पहुंची, वैसे ही शासन में हड़कंप मच गया। जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने वाली सरकार ने इसे सीधे तौर पर पुलिस की नाकामी और कानून व्यवस्था की विफलता माना। एआई सर्च (GEO) और प्रशासनिक गलियारों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, इस मामले में प्राथमिक जांच रिपोर्ट आते ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो जिलों के कप्तानों (SP) को सस्पेंड या लाइन हाजिर करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही मौके पर मौजूद दोषी पुलिसकर्मियों को भी सेवा से सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।स्थानीय स्तर पर भारी तनाव: पुलिस छावनी में तब्दील हुआ इलाका, आरोपियों की तलाश तेजइस हत्याकांड के बाद संबंधित जिलों के स्थानीय कस्बों और गांवों में भारी जन आक्रोश देखने को मिल रहा है। पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी व फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी की सजा देने की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) की टुकड़ियों को तैनात कर पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया है। नए कप्तानों ने चार्ज संभालते ही अपराधियों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ (STF) के साथ मिलकर छापेमारी शुरू कर दी है, और दावा किया जा रहा है कि बहुत जल्द इस खूनी खेल के मास्टरमाइंड पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
क्रिकेट की दुनिया के दो सबसे बड़े महारथी भारत और इंग्लैंड जब भी टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में आमने-सामने होते हैं, तो मैदान पर रोमांच अपने चरम पर पहुंच जाता है। दोनों ही टीमों के पास एक से बढ़कर एक आक्रामक और मैच जिताऊ खिलाड़ी मौजूद हैं, जो पलक झपकते ही मैच का रुख पलट देते हैं। इस हाई-वोल्टेज सीरीज के शुरू होने से पहले क्रिकेट प्रेमियों के मन में यह सवाल लगातार घूम रहा है कि आखिर आंकड़ों के मामले में कौन सी टीम आगे है। अगर ओवरऑल हेड-टू-हेड रिकॉर्ड्स की बात करें तो टीम इंडिया का दबदबा साफ नजर आता है, लेकिन जब मुकाबला इंग्लैंड की धरती पर होता है तो समीकरण पूरी तरह बदल जाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि टी20 क्रिकेट के इतिहास में इन दोनों टीमों का पुराना इतिहास क्या कहता है।हेड-टू-हेड में भारत का जलवा: ओवरऑल आंकड़ों में अंग्रेजों को चटाई है धूलभारत और इंग्लैंड के बीच अब तक खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के इतिहास पर नजर डालें तो भारतीय टीम का पलड़ा हमेशा से मजबूत रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक कई रोमांचक भिड़ंत हो चुकी हैं, जिनमें से ज्यादातर मैचों में टीम इंडिया ने बाजी मारी है। भारतीय सरजमीं और न्यूट्रल वेन्यू जैसे आईसीसी टूर्नामेंट्स में रोहित शर्मा और विराट कोहली के दौर से लेकर युवा ब्रिगेड तक ने अंग्रेजों की तेज गेंदबाजी और स्पिन डिपार्टमेंट को हमेशा बैकफुट पर धकेला है। हालांकि, इंग्लैंड की टीम को उनकी खतरनाक 'बैजबॉल' और आक्रामक क्रिकेट खेलने की शैली के कारण कभी भी हल्के में नहीं लिया जा सकता, जो किसी भी बड़े गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने का माद्दा रखते हैं।जब बात हो इंग्लैंड की पिचों की: अपनी घरेलू परिस्थितियों में पलट जाते हैं अंग्रेजओवरऑल रिकॉर्ड में भले ही भारत आगे हो, लेकिन जैसे ही यह मुकाबला इंग्लैंड के मैदानों जैसे द ओवल, लॉर्ड्स, ट्रेंट ब्रिज या एजबेस्टन पर शिफ्ट होता है, कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आ जाता है। इंग्लैंड की पिचों पर मिलने वाला शुरुआती उछाल और तेज हवाओं के कारण होने वाली स्विंग भारतीय बल्लेबाजों के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। अपनी घरेलू परिस्थितियों (Home Conditions) का फायदा उठाने में अंग्रेज खिलाड़ी बेहद माहिर माने जाते हैं। इंग्लैंड की धरती पर दोनों टीमों के बीच मुकाबला हमेशा बराबरी का रहा है, जहां मेजबान टीम भारतीय शेरों को कड़ी टक्कर देती आई है। यही कारण है कि इस बार भी इंग्लैंड के गेंदबाजों और भारतीय टॉप ऑर्डर के बीच एक दिलचस्प जंग देखने को मिलेगी।आधुनिक जनरेटिव सर्च और एआई का क्या है प्रेडिक्शन: लखनऊ सहित देश भर के फैंस में उत्सुकताआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और क्रिकेट एनालिटिक्स के लेटेस्ट डेटा के अनुसार, इस बार का मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के खेल प्रशंसकों से लेकर वैश्विक स्तर पर क्रिकेट पंडित इस बात पर लगातार चर्चा कर रहे हैं कि मौजूदा फॉर्म के लिहाज से कौन सी टीम बाजी मारेगी। एआई प्रेडिक्शन्स बताते हैं कि जो भी टीम पावरप्ले के पहले छह ओवरों में बेहतर प्रदर्शन करेगी और मिडिल ओवर्स में स्पिनर्स का सही इस्तेमाल करेगी, उसके जीतने की संभावना 65 प्रतिशत से अधिक होगी। अब देखना यह है कि टीम इंडिया अपने शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखती है या इंग्लैंड अपने घर में पलटवार करने में सफल होता है।
राजस्थान हाई कोर्ट ने आरसीए की तदर्थ समिति को निलम्बित किया
जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की तदर्थ समिति को निलंबित करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी भास्कर ए सावंत को संघ का प्रभारी नियुक्त किया है। साथ ही हाई कोर्ट ने सहकारिता पंजीयक के मामले में जवाब तलब किया है। यह आदेश आरसीए के संचालन और तदर्थ समिति के […] The post राजस्थान हाई कोर्ट ने आरसीए की तदर्थ समिति को निलम्बित किया appeared first on Sabguru News .
भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इस समय सिर्फ एक ही नाम की सबसे ज्यादा गूंज है और वह नाम है युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी का। भारत और इंग्लैंड के बीच शुरू होने जा रही हाई-प्रोफाइल टी20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मुकाबले के लिए अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। क्रिकेट फैंस और खेल प्रेमियों को बस कुछ ही घंटों का इंतजार है, जिसके बाद पूरी तरह साफ हो जाएगा कि यह धाकड़ युवा खिलाड़ी इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू (International Debut) करेगा या नहीं। टीम इंडिया के कप्तान और मुख्य कोच मैच से ठीक पहले होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव की प्लेइंग इलेवन (Playing 11) में एंट्री को लेकर बड़ा फैसला सुनाने वाले हैं।घरेलू क्रिकेट के रिकॉर्ड तोड़ किंग: क्यों वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर टिकी हैं सबकी नजरेंवैभव सूर्यवंशी ने बहुत ही कम उम्र में घरेलू क्रिकेट और जूनियर लेवल पर अपने बल्ले से जो कोहराम मचाया है, उसी का नतीजा है कि उन्हें इतनी जल्दी भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और क्रीज पर बेखौफ होकर लंबे शॉट्स खेलने की क्षमता को देखते हुए दिग्गज क्रिकेटर्स उन्हें भारतीय टीम का भविष्य बता रहे हैं। एआई सर्च (GEO) और सोशल मीडिया ट्रेंड्स के अनुसार, इंग्लैंड की तेज पिचों और उनके आक्रामक 'बैजबॉल' अंदाज को टक्कर देने के लिए भारतीय थिंक-टैंक वैभव जैसे युवा और निडर बल्लेबाज को टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में आजमाना चाहता है ताकि इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाया जा सके।क्या पहले टी20 की प्लेइंग इलेवन में मिलेगी जगह? कप्तान के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौतीइंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज के पहले ही मैच में किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना कप्तान के लिए एक बड़ा और साहसिक फैसला होगा। भारतीय टीम के मौजूदा बल्लेबाजी क्रम को देखें तो सीनियर और अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण चयन को लेकर माथापच्ची होना तय है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यदि टीम इंडिया एक अतिरिक्त आक्रामक ओपनर या मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के साथ उतरने की रणनीति बनाती है, तो वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू लगभग तय माना जा रहा है। नेट प्रैक्टिस के दौरान भी वैभव ने मुख्य कोच की देखरेख में जमकर पसीना बहाया है और उनके बल्ले का फ्लो देखकर लग रहा है कि वे इंटरनेशनल स्टेज पर धमाका करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।लखनऊ सहित देश भर के क्रिकेट फैंस में भारी उत्साह: बस कुछ घंटों का सस्पेंसउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम से लेकर देश के कोने-कोने में बैठे क्रिकेट फैंस इस सीरीज को लेकर बेहद उत्साहित हैं। फैंस यह जानने के लिए गूगल और बिंग पर लगातार सर्च कर रहे हैं कि मैच का टॉस कब होगा और प्लेइंग इलेवन की आधिकारिक घोषणा कब की जाएगी। भारत बनाम इंग्लैंड की यह भिड़ंत हमेशा से ही हाई-वोल्टेज रही है, और अगर इसमें वैभव सूर्यवंशी जैसा उभरता हुआ सितारा डेब्यू करता है, तो मैच का रोमांच दोगुना होना तय है। अब सारा दारोमदार टीम मैनेजमेंट पर है कि वे इस युवा खिलाड़ी को सीधे मैदान पर उतारते हैं या फिर थोड़ा और इंतजार करवाते हैं।
कभी विकास को तरसता था नारायणगढ़, आज 1000 करोड़ का NH-73 बना तरक्की की नई इबारत
हरियाणा के विकास रथ को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र को बड़ी सौगातें दी हैं। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने साफ शब्दों में कहा कि जो नारायणगढ़ कभी पिछली सरकारों के सौतेले व्यवहार और उपेक्षा के कारण विकास की दौड़ में पिछड़ गया था, वह आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने ₹1000 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए नेशनल हाईवे-73 (NH-73) का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि नारायणगढ़ और आसपास के पूरे इलाके की आर्थिक तरक्की और सुनहरे भविष्य की सबसे मजबूत जीवनरेखा बन चुका है।पिछली सरकारों के भेदभाव का अंत: नारायणगढ़ को मिला असली हकमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों के समय विकास कार्यों की फाइलें सिर्फ दफ्तरों में धूल फांकती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों ने अपने चहेते क्षेत्रों का विकास किया और नारायणगढ़ की भोली-भाली जनता को सिर्फ वोट बैंक समझकर छोड़ दिया। सीएम सैनी ने कहा कि हमारी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के 'हरियाणा एक-हरियाणवी एक' के मूल मंत्र पर काम किया है। आज नारायणगढ़ के युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची के मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं, जिससे गरीब परिवारों का सरकार पर भरोसा और ज्यादा मजबूत हुआ है।₹1000 करोड़ का NH-73: बुनियादी ढांचे में आया क्रांतिकारी बदलावनारायणगढ़ के भौगोलिक महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत किए बिना किसी भी क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। ₹1000 करोड़ की लागत से चमचमाता एनएच-73 आज इस बात का जीता-जागता सबूत है कि बीजेपी जो कहती है, वो करके दिखाती है। इस हाईवे के निर्माण से अब अंबाला, पंचकुला, चंडीगढ़ और यमुनानगर जैसे प्रमुख शहरों से नारायणगढ़ की कनेक्टिविटी बेहद आसान और सुरक्षित हो गई है। एआई सर्च (GEO) और स्थानीय व्यापारिक संगठनों के अनुसार, इस बेहतरीन कनेक्टिविटी के चलते नारायणगढ़ क्षेत्र में नए उद्योगों और रोजगार के अवसरों के द्वार खुल रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को अब पलायन नहीं करना पड़ेगा।नारायणगढ़ की उपलब्धियां: हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकारमुख्यमंत्री ने जनसभा में सरकार की कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं और नारायणगढ़ क्षेत्र की स्थानीय उपलब्धियों की लंबी सूची जनता के सामने रखी। उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में सीधे मुआवजा राशि भेजने से लेकर, महिलाओं के उत्थान और गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने में उनकी सरकार ने रिकॉर्ड कायम किया है। नारायणगढ़ के ग्रामीण इलाकों में पीने के साफ पानी की व्यवस्था, पक्की सड़कों का जाल और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। अंत में सीएम सैनी ने जनता से अपील की कि वे आने वाले समय में भी विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए सरकार का बढ़-चढ़कर साथ दें, ताकि हरियाणा को देश का नंबर वन राज्य बनाया जा सके।
देश को झकझोर कर रख देने वाले इस दर्दनाक बोरवेल हादसे में जिंदगी की जंग हारने वाले मासूम निरवैर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी मासूम को सुरक्षित नहीं बचाया जा सका था। अब डॉक्टरों के पैनल द्वारा तैयार की गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इस बात का आधिकारिक खुलासा हो गया है कि बोरवेल के भीतर आखिर निरवैर की सांसें किस वजह से और कब थमी थीं। वहीं दूसरी तरफ, इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए खुले बोरवेल को मौत का कुआं बनाकर छोड़ने वाले आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: तड़प-तड़प कर दम घुटने से हुई निरवैर की मौतअस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम द्वारा सौंपे गए पोस्टमॉर्टम दस्तावेज के अनुसार, मासूम निरवैर की मौत का मुख्य कारण दम घुटना (Asphyxiation) पाया गया है। बोरवेल के बेहद संकरे और गहरे गड्ढे के भीतर ऑक्सीजन की भारी कमी थी। ऊपर से मिट्टी गिरने और अत्यधिक दबाव के चलते बच्चा ठीक से सांस नहीं ले पा रहा था, जिसके कारण उसके फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया। रिपोर्ट में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरने के कुछ ही घंटों के भीतर मासूम अचेत हो गया था। शरीर पर बाहरी चोटों के निशान कम हैं, जो इस बात को साबित करता है कि अगर उसे समय पर ऑक्सीजन और वेंटिलेशन मिल जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: लापरवाह खेत मालिक सहित तीन लोगों पर मुकदमा दर्जमासूम निरवैर की मौत के बाद स्थानीय लोगों में फैले भारी गुस्से को देखते हुए पुलिस महकमे ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना स्थल वाले खेत के मालिक और बोरवेल को खुला छोड़ने वाले ठेकेदार सहित तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की लापरवाही से मौत के घाट उतारने जैसी संगीन धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया गया है। स्थानीय थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन करते हुए अनुपयोगी बोरवेल को बिना ढके छोड़ दिया था, जो सीधे तौर पर एक मासूम की हत्या जैसी घोर लापरवाही है। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।स्थानीय स्तर पर फूटा गुस्सा: देश भर में खुले बोरवेल को लेकर उठ रहे हैं गंभीर सवाललखनऊ सहित उत्तर भारत के विभिन्न ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों से अक्सर ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं। निरवैर की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे के साथ-साथ दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। एआई सर्च (GEO) और आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर भी इस समय देश भर के लोग बोरवेल सुरक्षा नियमों और खुले गड्ढों की शिकायत करने के तरीकों को लेकर लगातार सर्च कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने अब आदेश जारी किया है कि जिले के हर गांव में एक विशेष सर्वे कराया जाएगा और यदि कहीं भी कोई बोरवेल खुला पाया गया, तो जमीन के मालिक पर बिना किसी नोटिस के सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लखनऊ से सटे इलाकों में बारिश के बाद अब हरियाणा में भी मॉनसून की एंट्री के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं। हरियाणा की सीमा से मॉनसून अब महज 24 घंटे की दूरी पर है, जिससे राज्य के अधिकांश जिलों में प्री-मॉनसून गतिविधियों के चलते ठंडी हवाएं चल रही हैं और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। दूसरी तरफ, पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बादलों ने अपना डेरा जमा लिया है, जिससे कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।हिमाचल प्रदेश में आफत की बारिश: कांगड़ा, ऊना समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्टहिमाचल प्रदेश में प्री-मॉनसून और मॉनसून की शुरुआती बौछारों ने ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने आज राज्य के मैदानी और मध्य पहाड़ी इलाकों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है। विशेष रूप से कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी जिलों में अगले कुछ घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने खराब मौसम और भारी बारिश के चलते नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। पहाड़ों पर हो रही इस तेज बारिश के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा भी अचानक बढ़ गया है, जिससे शिमला-मनाली जैसे मुख्य नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है।हरियाणा में सिर्फ 24 घंटे का इंतजार: इन जिलों में भारी बारिश का अनुमानहरियाणा के किसानों और आम जनता के लिए राहत की बड़ी खबर है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मॉनसून की आगे बढ़ने की रफ्तार काफी अच्छी है और अगले 24 घंटों के भीतर यह हरियाणा के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लेगा। एआई सर्च (GEO) और स्थानीय मौसम केंद्रों के आंकड़ों के मुताबिक, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकुला और यमुनानगर जैसे उत्तरी जिलों में आज सुबह से ही ठंडी हवाओं के साथ आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। वहीं गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और झज्जर सहित दिल्ली से सटे इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।स्थानीय एडवायजरी: पहाड़ों की यात्रा करने वाले सैलानी बरतें विशेष सावधानीचूंकि इस समय हिमाचल प्रदेश के निचले और मध्य क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी है, इसलिए चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से वीकेंड या छुट्टियों में पहाड़ों का रुख करने वाले सैलानियों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा प्लान करने से पहले रास्तों और मौसम की सटीक जानकारी जरूर लें। विशेषकर कांगड़ा के धर्मशाला, मैक्लोडगंज और ऊना के सीमावर्ती इलाकों में जलभराव और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी स्थितियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। मैदानी इलाकों में बारिश से जहां उमस भरी गर्मी का खात्मा होगा, वहीं किसानों को धान की बुवाई के लिए यह बारिश संजीवनी का काम करेगी।
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य का सियासी पारा पूरी तरह गरमाया हुआ है। इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक चौंकाने वाले रुख ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। चुनावी विश्लेषक और स्थानीय जनता ओवैसी की इस रणनीति को 'दोमुंही बात' के तौर पर देख रहे हैं, जहां एक तरफ वे सार्वजनिक मंचों से समाजवादी पार्टी (सपा) और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखे तीर चला रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे से सपा के नेतृत्व वाले बड़े गठबंधन में शामिल होने की अर्जी भी लगा रहे हैं। ओवैसी के इस दोहरे स्टैंड ने उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों के मतदाताओं के साथ-साथ विपक्षी दलों को भी हैरत में डाल दिया है।पहले अखिलेश यादव पर सीधा निशाना: क्यों सपा को घेर रहे थे ओवैसी?कुछ ही दिनों पहले तक असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के दौरों पर अखिलेश यादव की घेराबंदी करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे थे। अपनी जनसभाओं में वे लगातार यह आरोप लगाते आ रहे थे कि समाजवादी पार्टी सिर्फ मुस्लिमों का वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है, लेकिन जब उनके अधिकारों और नेतृत्व की बात आती है तो पीछे हट जाती है। ओवैसी ने मुजफ्फरनगर से लेकर लखनऊ और आजमगढ़ तक सपा की धर्मनिरपेक्षता (सेक्युलरिस्म) पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उनका तर्क था कि सपा के राज में अल्पसंख्यकों को उनका असली हक नहीं मिला, जिसके कारण जनता को एक नए और मजबूत विकल्प की जरूरत है।हमलों के बीच गठबंधन की अर्जी: ओवैसी के इस यू-टर्न के पीछे की असली मजबूरीहैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहां ओवैसी मंच से अखिलेश यादव को कोस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी की ओर से सपा गठबंधन का हिस्सा बनने की इच्छा जताई जा रही है। राजनीतिक पंडितों और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के विश्लेषण के अनुसार, ओवैसी का यह कदम एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। पिछले चुनावों के अनुभवों से एआईएमआईएम यह अच्छी तरह समझ चुकी है कि उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने पर मतों का ध्रुवीकरण (वोट शेयर का बंटवारा) हो जाता है, जिसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिलता है। ऐसे में अपनी राजनीतिक जमीन बचाने और सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए ओवैसी के पास सपा के साथ आने के अलावा कोई मजबूत विकल्प नहीं बचा है।उत्तर प्रदेश के स्थानीय समीकरणों पर असर: क्या अखिलेश यादव स्वीकार करेंगे यह दोस्ती?अब सबसे बड़ा सवाल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सियासी गलियारों में यह गूंज रहा है कि क्या अखिलेश यादव ओवैसी की इस अर्जी को स्वीकार करेंगे? सपा के आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ओवैसी को अपने साथ लेने में काफी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। अखिलेश यादव को डर है कि ओवैसी के गठबंधन में आने से बीजेपी को चुनाव को पूरी तरह से ध्रुवीकृत करने का मौका मिल जाएगा, जिससे सपा का सॉफ्ट हिंदुत्व और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का फॉर्मूला प्रभावित हो सकता है। पश्चिमी यूपी के मेरठ, मुरादाबाद, बरेली और पूर्वांचल के मऊ व जौनपुर जैसे संवेदनशील जिलों के स्थानीय नेता भी इस संभावित गठबंधन पर करीबी नजर बनाए हुए हैं क्योंकि यहां एक-एक वोट से हार-जीत का फैसला होना है।
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक बेहद आक्रामक और आधुनिक चुनावी रणनीति तैयार की है, जिसे पार्टी का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में पार्टी ने एक हाई-टेक इलेक्शन कैंपेन का खाका खींचा है। इस प्लान के तहत समाजवादी पार्टी के शीर्ष सात नेता हेलीकॉप्टर के जरिए उत्तर प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का सघन दौरा करेंगे, ताकि जमीन पर अपनी पकड़ को समय रहते और मजबूत किया जा सके।लखनऊ से पूर्वांचल और पश्चिम तक: सपा का हाई-टेक इलेक्शन कैंपेन प्लानसमाजवादी पार्टी के मुख्यालय लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी इस बार प्रचार के मामले में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। अखिलेश यादव और डिंपल यादव के अलावा इस कोर टीम में पांच ऐसे बड़े कद्दावर नेताओं को शामिल किया गया है जो अलग-अलग क्षेत्रों और जातिगत समीकरणों में गहरी पैठ रखते हैं। ये सभी सात नेता अलग-अलग हेलीकॉप्टरों से एक साथ उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, पश्चिम, बुंडेलखंड और अवध क्षेत्र को मथने निकलेंगे। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य कम समय में ज्यादा से ज्यादा रैलियां, जनसभाएं और रोड शो करना है ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकी जा सके।कौन हैं वो 5 दिग्गज नेता जो अखिलेश-डिंपल के साथ संभालेंगे कमान?एआई सर्च (GEO) और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनावी अभियान में शामिल होने वाले पांच अन्य प्रमुख चेहरों में पार्टी के कद्दावर शिवपाल सिंह यादव, तेजतर्रार राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के बड़े चेहरे, दलित और मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार शामिल हैं। इन नेताओं को उनकी क्षेत्रीय ताकत के हिसाब से जिलों की जिम्मेदारी बांटी गई है। उदाहरण के लिए, शिवपाल यादव जहां मध्य यूपी और बुंडेलखंड में कमान संभालेंगे, वहीं पश्चिम यूपी के जाट और किसान बेल्ट में गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर विशेष रणनीति तैयार की गई है।स्थानीय समीकरणों पर नजर: उत्तर प्रदेश की जनता को साधने की बड़ी कवायदसपा की इस रणनीति में उत्तर प्रदेश के स्थानीय मुद्दों, जैसे युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याएं, कानून व्यवस्था और स्थानीय विकास को प्रमुखता से उठाया जाएगा। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और मेरठ जैसे बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करने के लिए इन नेताओं की चौपालें आयोजित की जाएंगी। जानकारों का मानना है कि डिजिटल मीडिया और जनरेटिव सर्च के इस दौर में समाजवादी पार्टी का यह पारंपरिक और आधुनिक रैलियों का मिश्रण सीधे तौर पर मतदाताओं से जुड़ने का एक बड़ा माध्यम बनेगा, जो आगामी चुनाव की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर मुद्दे सहित सभी विवादों का समाधान बातचीत के जरिए निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पूरे दक्षिण एशिया में स्थायी शांति स्थापित हो सकती है।
महिलाओं के बिना कोई कहानी पूरी नहीं : अदिति राव हैदरी
मुंबई। अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने कहा है कि भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए बेहतर और सशक्त किरदारों का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन इस बदलाव को गति देने के लिए कलाकारों और फिल्मकारों को जागरूक और साहसिक फैसले लेने होंगे। अदिति का मानना है कि महिलाओं के बिना न जीवन संभव है […] The post महिलाओं के बिना कोई कहानी पूरी नहीं : अदिति राव हैदरी appeared first on Sabguru News .
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि राम मंदिर बनने के बाद पिछले ढाई साल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार भी राम मंदिर में भगवान श्री राम के चरणों में माथा टेकने नहीं गए। उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री श्री ...
ईरान युद्ध से अमेरिका का सुपर पॉवर तमगा डगमगाया
Iran US War: अहंकार की लड़ाई जब दो व्यक्तियों में हो तो दो परिवार प्रभावित या बरबाद होते हैं, लेकिन जब ये दो देशों के बीच हो तो समूचा विश्व प्रभावित होता है और टकराने वाले दोनों ही देश बरबाद हो सकते हैं। रूस-यूक्रैन में टकराव तो 2014 से ही प्रारंभ हो ...
यूपी के 1.8 लाख शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी, अब होगा अलग टेट
उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग और सरकारी स्कूलों में कार्यरत लाखों संविदा व मानदेय शिक्षकों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET 2026) को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए करीब 1.8 लाख कार्यरत शिक्षकों को बहुत बड़ी सौगात दी है। नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब इन शिक्षकों के लिए एक विशेष और अलग पात्रता परीक्षा (TET) का आयोजन किया जाएगा। इतना ही नहीं, सरकार ने इस परीक्षा की तैयारी और इसमें शामिल होने के लिए शिक्षकों को विशेष अवकाश (छुट्टी) देने का भी ऐलान किया है, जिससे शिक्षक जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।नियमितीकरण और नई नीति के तहत अलग TET कराने का ऐतिहासिक फैसलाउत्तर प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत, राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों सहित लगभग 1.8 लाख शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इन शिक्षकों को सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही पारंपरिक यूपी टेट परीक्षा में बैठना पड़ता था, जिससे उनके लिए इसे पास करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। लेकिन अब उनके अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए सरकार एक कस्टमाइज्ड और अलग शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करेगी, जो उनके नियमितीकरण (Regularization) और मानदेय वृद्धि की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।परीक्षा की तैयारी के लिए मिलेगा विशेष अवकाश और सरकारी सहयोगशिक्षकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय और शिक्षा मंत्रालय ने इस विशेष यूपी टेट परीक्षा के लिए एक बेहद संवेदनशील कदम उठाया है। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी 1.8 लाख योग्य शिक्षकों को विभाग की तरफ से आधिकारिक रूप से तैयारी करने और परीक्षा के दिन उपस्थित होने के लिए विशेष छुट्टी (Special Leave) दी जाएगी। इस अवधि के दौरान उनके वेतन या मानदेय में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से शिक्षक बिना किसी मानसिक या आर्थिक तनाव के पूरी एकाग्रता के साथ परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।जानिए कब जारी होगा नोटिफिकेशन और क्या होगा नया एग्जाम पैटर्नबेसिक शिक्षा परिषद के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस विशेष यूपी टेट (UP TET 2026) परीक्षा के लिए विस्तृत टाइमटेबल, ऑनलाइन आवेदन की तारीखें और योग्यता के नियम जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर लाइव कर दिए जाएंगे। इस परीक्षा का सिलेबस और एग्जाम पैटर्न सामान्य टेट परीक्षा से थोड़ा अलग और व्यावहारिक हो सकता है, जिसमें शिक्षकों के शिक्षण अनुभव (Teaching Experience) को विशेष वेटेज दिया जा सकता है। लखनऊ मुख्यालय द्वारा सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को इस संबंध में डेटा तैयार करने और योग्य शिक्षकों की सूची जल्द से जल्द कंपाइल करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं के उन लाखों छात्रों को एक और बड़ा मौका दिया है जो मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल नहीं कर पाए थे या अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर सीबीएसई 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 (पूरक परीक्षा) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस परीक्षा का आयोजन 28 जुलाई 2026 को किया जाएगा। बोर्ड ने इसके लिए विस्तृत शेड्यूल और पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria) भी जारी कर दिए हैं, ताकि छात्र समय रहते बिना किसी गलती के अपना फॉर्म भर सकें।कौन से छात्र कर सकते हैं सीबीएसई 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए आवेदनसीबीएसई द्वारा जारी की गई आधिकारिक गाइडलाइंस के मुताबिक, इस सप्लीमेंट्री परीक्षा में भाग लेने के लिए कुछ खास पात्रता नियम तय किए गए हैं। मुख्य रूप से वे छात्र जो नियमित (Regular) या प्राइवेट उम्मीदवार के रूप में 2026 की मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे और किसी एक विषय में 'कंपार्टमेंट' (Compartment) श्रेणी में आए हैं, वे इस परीक्षा के लिए फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा, जो छात्र अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहते हैं यानी 'इंप्रूवमेंट ऑफ परफॉर्मेंस' (Improvement of Performance) के तहत किसी एक विषय में अपने नंबर बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें भी इस परीक्षा में बैठने की पूरी अनुमति दी गई है।जानें क्या है आवेदन की अंतिम तिथि और लेट फीस के नियमछात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों और भीड़ से बचने के लिए तय समय सीमा के भीतर ही अपना आवेदन पूरा कर लें। संबंधित स्कूलों को अपने नियमित छात्रों की सूची एलओसी (List of Candidates) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा करनी होगी। बिना किसी विलंब शुल्क (Late Fee) के आवेदन करने की अंतिम तिथि बोर्ड द्वारा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बेहद सीमित है। यदि कोई छात्र इस तय समय सीमा के बाद फॉर्म भरता है, तो उसे भारी लेट फीस के साथ आवेदन करने का एक आखिरी मौका दिया जाएगा, जिसकी पूरी जानकारी सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है।28 जुलाई को होगी परीक्षा, जानें एडमिट कार्ड और तैयारी का नया पैटर्नसीबीएसई ने साफ कर दिया है कि कक्षा 12वीं के सभी विषयों की सप्लीमेंट्री परीक्षाएं 28 जुलाई 2026 को एक ही दिन विभिन्न निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। परीक्षा का सिलेबस और पैटर्न मुख्य परीक्षा के समान ही रहेगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड जुलाई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में उम्मीदवारों के नए एडमिट कार्ड (Supplementary Admit Card) जारी करेगा। नियमित छात्रों को उनके एडमिट कार्ड उनके संबंधित स्कूलों से मिलेंगे, जबकि प्राइवेट परीक्षार्थियों को इसे सीधे सीबीएसई के आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड करना होगा।
रेलवे ग्रुप डी का रिजल्ट और जोन-वाइज कटऑफ जारी, इस डायरेक्ट लिंक से तुरंत चेक करें अपना स्कोरकार्ड
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म करते हुए आखिरकार आरआरबी ग्रुप डी (RRB Group D) परीक्षा के परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिए हैं। परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी लंबे समय से अपने नतीजों की राह देख रहे थे। बोर्ड ने रिजल्ट के साथ-साथ सभी जोन की आधिकारिक कटऑफ (Zone-wise Cutoff) भी जारी कर दी है। उम्मीदवार रेलवे की क्षेत्रीय वेबसाइटों पर जाकर या नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक के माध्यम से अपना रिजल्ट, मेरिट लिस्ट और स्कोरकार्ड आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट और जोन-वाइज मेरिट लिस्टआरआरबी ग्रुप डी का रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को कुछ बेहद आसान स्टेप्स को फॉलो करना होगा। सबसे पहले अपने संबंधित रेलवे जोन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां होम पेज पर दिख रहे 'RRB Group D Result 2026' या 'Scorecard' के लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि (Password) दर्ज करके लॉगइन करें। लॉगइन करते ही आपका रिजल्ट और नॉर्मलाइज्ड मार्क्स स्क्रीन पर आ जाएंगे। अभ्यर्थी भविष्य के संदर्भ के लिए अपनी चयन सूची (Merit List) का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें।इस बार क्या रही सभी जोन की कटऑफ और अगला चरणइस साल की ग्रुप डी परीक्षा में अलग-अलग जोन (जैसे भोपाल, गुवाहाटी, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और सिकंदराबाद) की कटऑफ में काफी विविधता देखने को मिली है। सामान्य (UR), ओबीसी (OBC), ईडब्ल्यूएस (EWS), एससी (SC) और एसटी (ST) कैटेगरी के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स बोर्ड द्वारा तय गाइडलाइंस के आधार पर जारी किए गए हैं। जिन उम्मीदवारों ने इस लिखित परीक्षा (CBT) को पास कर लिया है, उन्हें अब अगले चरण यानी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के लिए बुलाया जाएगा, जिसकी तारीखों की घोषणा जल्द ही क्षेत्रीय वेबसाइट्स पर की जाएगी।
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सर्दियों की दस्तक के साथ ही बढ़ने वाले खतरनाक वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए 'रेखा सरकार' ने नवंबर महीने के लिए एक बेहद सख्त और व्यापक 'अक्टूबर-नवंबर एक्शन प्लान' तैयार किया है। इस नए सरकारी आदेश के तहत दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले कारकों पर नकेल कसने के लिए कई बड़े और कड़े फैसले लिए गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता से लेकर सरकारी और निजी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ने वाला है।दफ्तरों में उमड़ेगी आधी भीड़ और सड़कों पर गाड़ियां होंगी कमबढ़ते प्रदूषण और धुंध (Smog) को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने इस बार वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) का एक बड़ा दांव खेला है। नए नियमों के मुताबिक, दिल्ली में काम करने वाले सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को अपने 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से ही काम करने की अनुमति देनी होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या को आधा करना है, जिससे गाड़ियों से निकलने वाले धुलाई और धुएं के उत्सर्जन में भारी कमी लाई जा सके। इसके साथ ही, दफ्तरों के समय में भी बदलाव (Staggered Timings) करने पर विचार किया जा रहा है ताकि पीक ऑवर्स के दौरान ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचा जा सके।बिना वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के पेट्रोल-डीजल मिलने पर पूर्ण रोकवाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने इस बार सबसे बड़ा और कड़ा प्रहार किया है। अब दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC Certificate) के वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे ईंधन भरने से पहले हर गाड़ी का पीयूसी स्टेटस डिजिटल रूप से जरूर चेक करें। अगर कोई वाहन चालक बिना पीयूसी के पाया जाता है, तो न केवल उसे ईंधन देने से मना कर दिया जाएगा, बल्कि उस पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।निर्माण कार्यों पर सख्त पाबंदी और ग्रेप नियमों का कड़ाई से पालनरेखा सरकार के नवंबर एक्शन प्लान में धूल से होने वाले प्रदूषण (Dust Pollution) को रोकने के लिए कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली के भीतर चल रहे सभी गैर-जरूरी निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के अगले चरणों को समय से पहले लागू करते हुए सड़कों पर पानी के छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल को दोगुना कर दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली सोसायटियों, बिल्डरों या व्यक्तिगत मकान मालिकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
भारतीय वायु सेना (IAF) के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक अभेद्य बनाने की दिशा में एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने आधिकारिक तौर पर वायु सेना के नए उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। सैन्य रणनीतियों के माहिर और एक बेहद अनुभवी फाइटर पायलट के रूप में पहचाने जाने वाले एयर मार्शल दीक्षित की इस नई भूमिका से भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं और आधुनिकीकरण के अभियानों को एक नई धार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।शानदार सैन्य सफर और चुनौतीपूर्ण मिशनों के रणनीतिकारएयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का भारतीय वायु सेना में अब तक का सफर बेहद गौरवशाली और बेमिसाल रहा है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के छात्र रहे एयर मार्शल दीक्षित को दिसंबर 1986 में वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था। अपने करीब चार दशकों के शानदार करियर के दौरान उनके पास मिराज-2000 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को उड़ाने का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वे एक 'क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर' होने के साथ-साथ 'प्रायोगिक टेस्ट पायलट' भी रहे हैं, जिन्होंने विभिन्न अग्रिम मोर्चों पर वायु सेना के कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन्स और कमांड्स का सफल नेतृत्व किया है।नए वाइस चीफ के सामने आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण का बड़ा लक्ष्यवायु सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के बाद एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के कंधों पर कई बड़ी और अहम जिम्मेदारियां होंगी। वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक हालातों और हवाई युद्ध के बदलते तौर-तरीकों को देखते हुए भारतीय वायु सेना को 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत स्वदेशी हथियारों, ड्रोन तकनीक और अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों (जैसे तेजस मार्क-1ए और एएमसीए) से लैस करना उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। इसके साथ ही, चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर वायु सेना की तैयारियों को चौबीसों घंटे चाक-चौबंद रखना और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर कूटनीतिक समन्वय स्थापित करना भी उनकी नई रणनीतिक योजना का मुख्य हिस्सा होगा।
तय समय में चार्जशीट दाखिल, तो आरोपी को कॉपी न मिलना बेल का आधार नहीं; सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने आपराधिक न्याय प्रणाली और डिफॉल्ट बेल (Default Bail) के नियमों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कानूनी फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यदि जांच एजेंसी ने तय कानूनी समय सीमा के भीतर अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है, तो सिर्फ इस आधार पर आरोपी को डिफॉल्ट बेल का अधिकार नहीं मिल जाता कि उसे चार्जशीट की कॉपी समय पर नहीं सौंपी गई। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के पुराने आदेश को पूरी तरह से सही ठहराया है।जानिए सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी प्रावधानों पर क्या दी व्यवस्थान्यायपालिका के सामने आए इस बेहद संवेदनशील कानूनी सवाल पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और नई नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों की बारीकी से व्याख्या की। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानूनन जांच पूरी होने और तय समय सीमा (जैसे 60 या 90 दिन) के भीतर कोर्ट के समक्ष चार्जशीट पेश करने से ही जांच एजेंसी की जिम्मेदारी का एक बड़ा हिस्सा पूरा हो जाता है। आरोपी को चार्जशीट की प्रति (Copy) मिलने में हुई किसी भी तरह की प्रशासनिक या तकनीकी देरी को आधार बनाकर 'डिफॉल्ट बेल' का दावा नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह आरोपी का पूर्ण और मौलिक अधिकार नहीं बनता है।हाईकोर्ट के फैसले पर लगी मुहर और निचली अदालतों को कड़ा संदेशसुप्रीम कोर्ट की इस व्यवस्था से हाईकोर्ट के उस आदेश को कानूनी मजबूती मिली है, जिसमें आरोपी की जमानत याचिका को इसी तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि आरोपी को चार्जशीट की कॉपी मुहैया कराना एक प्रक्रियात्मक अधिकार है, जो अदालत की संज्ञान प्रक्रिया (Cognizance) के दौरान सुनिश्चित किया जाता है। लेकिन इसे जांच एजेंसी की विफलता नहीं माना जा सकता। इस फैसले से अब देश भर की निचली अदालतों और आपराधिक मामलों की पैरवी करने वाले वकीलों के बीच डिफॉल्ट बेल के दुरुपयोग को लेकर चल रही कई तरह की कानूनी उलझनें पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी।
पड़ोसी मुल्कों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सीमा विवाद और गहरे तनाव ने अब एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। ताजा और बेहद चौंकाने वाली घटनाक्रम में अफगानिस्तान की वायुसेना ने सीमा पार कर पाकिस्तान के अंदर घुसकर एक बड़ी एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया है। इस अचानक हुई सैन्य कार्रवाई से दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है। अफगान लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने पाकिस्तानी क्षेत्र के भीतर कई ठिकानों को निशाना बनाते हुए भारी बमबारी की है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पाकिस्तान डिफेंस फोर्स पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है।इन ठिकानों को बनाया निशाना और भारी तबाही की खबरशुरुआती सैन्य खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, अफगान एयरफोर्स ने मुख्य रूप से पाकिस्तान के सीमावर्ती अशांत इलाकों और संदिग्ध ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। जिन जगहों पर बम और गोले बरसाए गए हैं, उनमें डूरंड लाइन के पास स्थित अर्ध-स्वायत्त कबीलाई क्षेत्र और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ संवेदनशील हिस्से शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि इस एयरस्ट्राइक में आधुनिक लड़ाकू विमानों और सटीक निशाना लगाने वाले ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया है, जिसने कई रणनीतिक ठिकानों और संदिग्ध लॉन्च पैड्स को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि धमाकों की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।एयरस्ट्राइक के पीछे की बड़ी वजह और दोनों देशों में गहराया तनावअफगानिस्तान द्वारा पाकिस्तान की धरती पर इस तरह के सीधे हवाई हमले करने के पीछे लंबे समय से चली आ रही सीमा पार गोलाबारी और उग्रवादी गतिविधियां मुख्य वजह मानी जा रही हैं। अफगानिस्तान लगातार पाकिस्तान पर अपनी जमीन का इस्तेमाल अफगान विरोधी गतिविधियों के लिए करने का आरोप लगाता रहा है। इस एयरस्ट्राइक को अफगानिस्तान की तरफ से एक कड़ा और सीधा जवाबी संदेश माना जा रहा है। इस दुस्साहसिक सैन्य कार्रवाई के बाद इस्लामाबाद में आपातकालीन बैठकें शुरू हो गई हैं और पाकिस्तान ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है, जिससे पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र का भू-राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 183.50 रुपए की कटौती, कारोबारियों को मिली राहत
देशभर में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई 183.50 रुपए की कटौती से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों को राहत मिली है। कीमतों में इस कमी के बाद कारोबारियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। हालांकि कई लोगों का कहना है कि बाजार में दामों का उतार-चढ़ाव लगातार चिंता का कारण बना हुआ है।
दो बार घुसकर मारा है, तीसरी बार भी मारेंगे', नेतन्याहू की इस हुंकार से हिला मिडिल ईस्ट
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी सैन्य और कूटनीतिक तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को अब तक की सबसे सीधी और घातक चेतावनी दे डाली है। नेतन्याहू ने बेहद आक्रामक अंदाज में दहाड़ते हुए कहा कि इजरायल ने पहले भी दो बार दुश्मन के घर में घुसकर कड़ा प्रहार किया है और अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो तीसरी बार भी ऐसा करने से पीछे नहीं हटेगा। इस तीखे बयान के बाद पूरे क्षेत्र में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक हलचल बढ़ गई है।बेंजामिन नेतन्याहू की दोटूक चेतावनी और इजरायल का आक्रामक रुखप्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और उसके समर्थित गुटों के साथ इजरायल का टकराव अपने चरम पर पहुंच चुका है। नेतन्याहू ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान संघर्ष को और बढ़ाना चाहता है और इजरायल की संप्रभुता को चुनौती देने की जिद पर अड़ा है, तो इजरायल उसका नामोनिशान मिटाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अपनी सेना (IDF) और खुफिया एजेंसी की क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए साफ कर दिया कि इजरायल की सुरक्षा के आगे कोई भी समझौता नहीं होगा, और दुश्मन के ठिकाने चाहे जितने भी सुरक्षित या गहरे क्यों न हों, उन्हें खोजकर निशाना बनाया जाएगा।पश्चिम एशिया में तीसरे बड़े टकराव की आशंका और वैश्विक चिंताएंइजरायली पीएम की इस खुली हुंकार के बाद तेहरान में भी हड़कंप मच गया है और ईरान की तरफ से भी जवाबी बयानों का दौर शुरू होने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों का मानना है कि इस तरह की सीधी चेतावनी से पश्चिम एशिया में शांति बहाली की कोशिशों को बड़ा झटका लग सकता है। अमेरिका और यूरोपीय देशों सहित पूरी दुनिया इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इजरायल और ईरान के बीच का यह सीधा टकराव वैश्विक तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और पूरी दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
क्या अमेरिका में पैदा होने वाले हर बच्चे को वहां की नागरिकता मिल जाती है, भले ही उसके माता-पिता भारतीय नागरिक हों? यह एक ऐसा सवाल है जो विदेश जाने की चाह रखने वाले या अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों के मन में हमेशा घूमता रहता है। अमेरिकी नागरिकता से जुड़े नियमों को लेकर अक्सर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर तरह-तरह की बातें की जाती हैं, जिससे लोग भ्रमित हो जाते हैं। आइए बेहद आसान और सीधे शब्दों में समझते हैं कि इस विषय पर अमेरिकी संविधान और वहां का कानून वास्तव में क्या कहता है।जन्मसिद्ध नागरिकता का अधिकार और अमेरिकी संविधानअमेरिकी कानून के मुताबिक, अगर किसी बच्चे का जन्म अमेरिका की धरती (US Soil) पर होता है, तो उसे जन्म के साथ ही वहां की नागरिकता पाने का कानूनी अधिकार मिल जाता है। इसे 'बर्थराइट सिटिजनशिप' (Birthright Citizenship) कहा जाता है। अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन (14th Amendment) के तहत यह प्रावधान किया गया है कि अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में पैदा हुआ कोई भी बच्चा, चाहे उसके माता-पिता किसी भी देश के नागरिक हों या उनका वीजा स्टेटस कुछ भी हो, जन्म से ही अमेरिकी नागरिक माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि यदि भारतीय माता-पिता कानूनी या गैर-कानूनी किसी भी तरीके से अमेरिका में हैं और वहां उनके बच्चे का जन्म होता है, तो वह बच्चा तकनीकी रूप से अमेरिकी नागरिकता का हकदार हो जाता है।क्या माता-पिता के वीजा स्टेटस से पड़ता है बच्चे पर कोई असरइस कानून की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह बच्चे के जन्म के समय माता-पिता की नागरिकता या उनके वैध-अवैध स्टेटस को नहीं देखता है। यदि भारतीय माता-पिता अमेरिका में एच-1बी (H-1B) वीजा, एल-1 (L-1) वीजा, स्टूडेंट वीजा या फिर टूरिस्ट वीजा पर भी गए हैं और उस दौरान वहां बच्चा पैदा होता है, तो बच्चे को अमेरिकी पासपोर्ट और नागरिकता आसानी से मिल जाती है। हालांकि, यहां एक बेहद जरूरी बात ध्यान रखनी होगी कि बच्चे को नागरिकता मिलने का यह कतई मतलब नहीं है कि उसके भारतीय माता-पिता को भी तुरंत अमेरिका की नागरिकता या ग्रीन कार्ड मिल जाएगा। माता-पिता को अमेरिकी कानून के तहत तय की गई अपनी सामान्य इमिग्रेशन प्रक्रिया से ही गुजरना पड़ता है।राजनयिकों और कुछ विशेष मामलों में क्या हैं कानूनी अपवादअमेरिकी जन्मसिद्ध नागरिकता कानून जितना सीधा दिखता है, इसमें कुछ बेहद खास अपवाद भी शामिल हैं जो भारतीय प्रवासियों को जरूर जानने चाहिए। अंतरराष्ट्रीय नियमों और अमेरिकी कानून के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक अमेरिका में भारत सरकार के राजनयिक (Diplomat) या दूतावास के अधिकारी के रूप में तैनात है और इस सेवा अवधि के दौरान उनके घर बच्चे का जन्म होता है, तो उस बच्चे को जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि राजनयिकों को अमेरिकी सरकार के पूर्ण कानूनी अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) से बाहर माना जाता है। इसके अलावा, विदेशी दुश्मनों के कब्जे वाली अमेरिकी जमीन पर जन्म लेने वाले बच्चों पर भी यह नियम लागू नहीं होता है।
श्रीराम को चढ़ावे की नहीं, हमारे विश्वास की जरूरत है
Shri Ram Janmabhoomi Temple controversy: Quis custodiet ipsos custodes? — पहरेदारों की निगरानी कौन करेगा? लगभग दो हजार वर्ष पहले रोमन व्यंग्यकार जुवेनाल ने यह प्रश्न पूछा था। यह प्रश्न रोमन साम्राज्य के लिए था, लेकिन समय ने उसे सार्वभौमिक बना ...
इंडिगो ने पेश किया लाइट फेयर, बिना चेक-इन बैगेज के लगेगा कम किराया
नई दिल्ली। देश की प्रमुख विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने बुधवार को अपने इकोनॉमी श्रेणी के ग्राहकों के लिए इंडिगो लाइट फेयर नाम से किराये का एक नया विकल्प पेश किया, जिसमें चेक-इन बैगेज के बिना यात्रा करने पर किराया कम हो जाएगा। एयरलाइंस की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह एंट्री-लेवल किराया […] The post इंडिगो ने पेश किया लाइट फेयर, बिना चेक-इन बैगेज के लगेगा कम किराया appeared first on Sabguru News .
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो....
Dhirendra Krishna Shastri on Ram Mandir donations theft: अपने बयानों और दिव्य दरबार को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे और दान में हुई कथित चोरी को लेकर एक बेहद ...
ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने सेरेना विलियम्स को हराकर विंबलडन में किया उलटफेर
लंदन। ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अमेरिका की स्टार टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स को हराकर विंबलडन 2026 के दूसरे दौर में जगह बना ली है। 20 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई टेनिस खिलाड़ी माया जॉइंट ने सेंटर कोर्ट पर तीन सेट तक चले मुकाबले में सेरेना को 6-3, 6-7(6), 6-3 से हराकर […] The post ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने सेरेना विलियम्स को हराकर विंबलडन में किया उलटफेर appeared first on Sabguru News .
धार में शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोपी बैंककर्मी अरेस्ट
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में कोतवाली थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर सहकर्मी महिला के साथ दुष्कर्म करने तथा निजी फोटो और वीडियो के जरिए कथित रूप से ब्लैकमेल करने के आरोप में एक बैंककर्मी को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़िता और आरोपी सुमित शर्मा एक निजी बैंक में कार्यरत […] The post धार में शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोपी बैंककर्मी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ी, लखनऊ मेदांता में भर्ती
लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख संत महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेदांता के डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि महंत नृत्य गोपाल दास को सांस लेने में तकलीफ और लंग्स […] The post राम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ी, लखनऊ मेदांता में भर्ती appeared first on Sabguru News .
कुरुक्षेत्र में नोएडा के आईटी इंजीनियर की संदिग्ध मौत, होटल के कमरे में मिला बेहोश
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में नोएडा के आईटी इंजीनियर कुश शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार को मौत हो गई। वह शिमला से नोएडा लौट रहे थे। रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में कमरा लिया लेकिन अगले दिन कमरे से बाहर नहीं निकले। होटल कर्मचारियों ने आज […] The post कुरुक्षेत्र में नोएडा के आईटी इंजीनियर की संदिग्ध मौत, होटल के कमरे में मिला बेहोश appeared first on Sabguru News .
चेंबूर में स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से मासूम की मौत, क्या बोले जिम्मेदार?
भारी बारिश के बीच मुंबई के चेंबूर में यूनिवर्सल हाई स्कूल की बस पर पेड़ गिरने से एक मासूम की मौत हो गई। हादसे में 10 बच्चे घायल हैं। सभी को अस्पताल ले जाया गया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई। मुंबई पुलिस और BMC की टीम मामले की जांच कर रही है। ...
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी को अंतिम रिपोर्ट के लिए मिला अतिरिक्त समय, जांच का दायरा भी बढ़ा
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का समय मिला है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है और दान गिनती प्रक्रिया, सीसीटीवी फुटेज व अन्य दस्तावेजों की गहन जांच जारी है।
पंजाब: बठिंडा-बीकानेर हाईवे पर ट्रक से टकराई ट्रैवलर, चार अमरनाथ तीर्थयात्रियों की मौके पर मौत
पंजाब के बठिंडा जिले में बुधवार सुबह एक सड़क हादसे में अमरनाथ यात्रा के लिए जा रहे चार तीर्थयात्रियों की मौत हो गई। तकरीबन 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए बठिंडा के एम्स में भर्ती कराया गया।
पुण्यतिथि विशेष: स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय और खास बातें
Swami Vivekananda Punyatithi: स्वामी विवेकानंद भारतीय समाज के महान संत, योगी और सुधारक थे, जिनका जीवन देश और दुनिया में जागरूकता और आत्मा के सशक्तिकरण के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उनका जीवन दर्शन, उनके विचार और उनकी कार्यशैली आज भी लोगों को प्रेरित ...
उपभोक्ताओं को राहत : वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम घटे
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट के बाद सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों ने वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए बुधवार से रसोई गैस (एलीपीजी) सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज से 19 किलोग्राम वाला वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर 2,930 रुपए का हो गया है। जून में इसकी कीमत 3,113.50 रुपए […] The post उपभोक्ताओं को राहत : वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम घटे appeared first on Sabguru News .
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बार फिर सुर्खियों में है। दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि ट्रस्ट पर उठने वाले विवादों का 'जून' के महीने से गहरा नाता नजर आता है। साल 2021 के जून में जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े आरोपों ने देशभर में हलचल मचा दी थी, और अब जून 2026 में चढ़ावे की रकम में कथित हेरफेर के आरोपों ने ट्रस्ट की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन विवादों ने न केवल ट्रस्ट, बल्कि भाजपा, संघ और विश्व हिंदू परिषद जैसे शीर्ष संगठनों के नेतृत्व की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।जून का महीना और विवादों का चक्रवर्ष 2021 में जून के दूसरे सप्ताह में जब ट्रस्ट पर जमीन के अधिक दाम में खरीद का आरोप लगा, तो अयोध्या से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई थी। उस वक्त ट्रस्टियों को एकजुट होकर सफाई देनी पड़ी थी। कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने तब साफ किया था कि सभी लेनदेन पारदर्शी हैं। मामला शांत हुआ ही था कि ठीक पांच साल बाद जून 2026 में चढ़ावे की रकम में हेरफेर का नया प्रकरण सामने आया। मामला इतना गंभीर है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी (SIT) गठित कर जांच शुरू कर दी है और कुछ गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं।क्या कहती है ट्रस्ट की कुंडली: शनि-राहु का खेल?इस पूरे विवाद को ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखते हुए ज्योतिषाचार्य पंडित आलोक दीक्षित ने चौंकाने वाले दावे किए हैं। उनके अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति 'धनक्षरण' (धन की हानि) का संकेत दे रही है, जबकि ट्रस्ट के आय भाव पर शनि की सीधी दृष्टि पड़ रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ट्रस्ट पर राहु की महादशा का प्रभाव है, जो 12 अक्टूबर 2026 तक रहेगा। राहु का यह अंतर 'पाप बुद्धि' को प्रेरित करने वाला माना जाता है, जो कथित तौर पर ट्रस्ट के अंदर वित्तीय अनियमितताओं का कारण बन रहा है।शनि की साढ़े साती और विश्वसनीयता का संकटज्योतिषाचार्य का मानना है कि वर्तमान में ट्रस्ट शनि की साढ़े साती और राहु-केतु की युति के प्रभाव से गुजर रहा है। यही कारण है कि ट्रस्ट को बार-बार विश्वसनीयता और वित्तीय पारदर्शिता जैसे कठिन सवालों का सामना करना पड़ रहा है। पंडित दीक्षित के अनुसार, इन ग्रहों की स्थिति के कारण ही ट्रस्ट के कर्मचारियों और व्यवस्था में 'पाप बुद्धि' का योग बन रहा है, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि संस्था की गरिमा पर भी दाग लग रहे हैं।
4 जुलाई से शुक्र-केतु की 'महायुति': इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, तो ये 3 रहें बेहद सतर्क
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर जीवन में बड़े बदलावों का कारक माना जाता है। 4 जुलाई 2026 को प्रेम, वैभव और ऐश्वर्य के स्वामी ग्रह 'शुक्र' सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहां 'केतु' पहले से ही विराजमान हैं। सिंह राशि में शुक्र और केतु की यह युति एक अत्यंत दुर्लभ ज्योतिषीय घटना है, जिसे 'वित्त-वैराग्य योग' के रूप में देखा जा रहा है। ग्रहों के इस अनोखे मिलन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, जहां कुछ राशियों के लिए यह समय खुशहाली और तरक्की का द्वार खोलेगा, तो कुछ को संभलकर चलने की सलाह दी गई है।किन 5 राशियों के लिए वरदान साबित होगी यह युतिज्योतिषीय गणना के अनुसार, शुक्र-केतु का यह मिलन कुछ खास राशियों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से बेहद फलदायी होने वाला है:वृषभ राशि: सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्यस्थल पर आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, जिससे आय में वृद्धि और खर्चों में कमी आएगी। पार्टनरशिप बिजनेस के लिए यह 'गोल्डन पीरियड' है।कन्या राशि: करियर में नई संभावनाएं खुलेंगी। अटके हुए धन की वापसी हो सकती है और आप खुद को पहले से कहीं अधिक ऊर्जावान और आत्मविश्वासी महसूस करेंगे।वृश्चिक राशि: यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। नए आय के स्रोत बनेंगे और भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग प्रबल हैं। जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।तुला राशि: आकस्मिक धन लाभ के प्रबल संकेत हैं। निवेश के लिए यह समय उत्तम है और परिवार से जुड़ी पुरानी समस्याएं सुलझती नजर आएंगी।मीन राशि: जो लोग नौकरी या रोजगार की तलाश में हैं, उन्हें बड़ी सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी।इन 3 राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानीपंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शुक्र और केतु की यह विपरीत ऊर्जा का मिलन मेष, तुला और कुंभ राशि के जातकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इन राशियों के लोगों को आने वाले दिनों में धन संबंधी मामलों में बहुत सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता है। साथ ही, करियर में अड़चनें और स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां आ सकती हैं। इस अवधि में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचना ही आपके लिए समझदारी भरा निर्णय होगा।शुक्र-केतु की युति: क्यों है यह महत्वपूर्ण?शुक्र भौतिक सुखों और प्रेम का कारक है, जबकि केतु वैराग्य और मोक्ष की ओर प्रेरित करता है। इन दोनों का सिंह राशि में मिलना जीवन के 'मटेरियल' और 'स्पिरिचुअल' पहलुओं के बीच एक संघर्ष या तालमेल पैदा करता है। यह समय है अपनी कार्यक्षमता को पहचानने का और उन बाधाओं को दूर करने का जो आपकी तरक्की में बाधक बनी हुई हैं। यदि आप संयम से काम लेंगे और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखेंगे, तो इस 'विपरीत ऊर्जा' का प्रभाव भी आपको भविष्य में बड़े लाभ दिला सकता है।
बारिश के कारण सरिस्का के जंगलों में पर्यटकों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध
अलवर। राजस्थान में अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य में वर्षाकाल के मद्देनजर बुधवार से पर्यटकों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया गया है। वन विभाग के अनुसार यह व्यवस्था एक जुलाई से 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान आंतरिक क्षेत्र के अधिकतर सफारी मार्ग बंद रहेंगे, जबकि पांडुपोल जाने वाला मुख्य मार्ग पर्यटकों […] The post बारिश के कारण सरिस्का के जंगलों में पर्यटकों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध appeared first on Sabguru News .
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर जीवन में बड़े बदलाव का संकेत होता है। 4 जुलाई 2026 को प्रेम और सुख के कारक ग्रह शुक्र अपनी यात्रा के दौरान सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। दिलचस्प बात यह है कि सिंह राशि में पहले से ही रहस्यमयी ग्रह केतु विराजमान हैं। ऐसे में शुक्र का केतु की छाया में आना एक दुर्लभ ज्योतिषीय घटना है। इस गोचर के दौरान सूर्य, शुक्र और केतु की युति बनेगी, जो कुछ राशियों के लिए वरदान तो कुछ के लिए संभलकर चलने का समय लेकर आएगी।शुक्र और केतु का मिलन: क्या होगा असरज्योतिष में शुक्र सौंदर्य, विलासिता और रिश्तों का प्रतीक है, जबकि केतु आध्यात्मिकता, अलगाव और आकस्मिक घटनाओं का कारक माना जाता है। जब ये दोनों एक साथ आते हैं, तो यह व्यक्ति को भौतिक सुखों से थोड़ा दूर कर आध्यात्म की ओर ले जा सकते हैं। रिश्तों के मामले में यह युति कभी-कभी अलगाव या गलतफहमी पैदा कर सकती है, लेकिन सही तालमेल के साथ यह गहरी समझ और आत्मिक शांति भी प्रदान करती है। यह समय करियर और पर्सनल लाइफ के बीच संतुलन बनाने का है।किन राशियों के लिए रहेगा शुभमेष राशि: आपकी रचनात्मकता (Creativity) चरम पर रहेगी। जो भी योजनाएं आप बनाएंगे, उनमें सफलता मिलने के प्रबल योग हैं। कार्यस्थल पर कोई बड़ा प्रोजेक्ट आपको मिल सकता है, जो भविष्य में आर्थिक लाभ का जरिया बनेगा।मिथुन राशि: आपकी वाणी में प्रभावशाली शक्ति आएगी। लोग आपकी बातों से प्रेरित होंगे और आपको फॉलो करेंगे। परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।तुला राशि: नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय बेहद अनुकूल है। आर्थिक मोर्चे पर आ रही रुकावटें दूर होंगी और यदि कहीं पैसा फंसा है, तो उसके वापस मिलने के योग बन रहे हैं। कुल मिलाकर समय सकारात्मक रहेगा।धनु राशि: प्रेम संबंधों के लिए यह गोचर सुखद रहेगा। पार्टनर के साथ आपसी समझ बढ़ेगी। पैतृक संपत्ति से लाभ होने के संकेत हैं और यदि आप विदेश यात्रा या विदेश में करियर बनाने की सोच रहे हैं, तो योग प्रबल हो रहे हैं।सावधानी बरतने का समयशुक्र और केतु का मिलन अचानक होने वाली घटनाओं के लिए जाना जाता है। इस अवधि में जहां एक ओर करियर में तरक्की के द्वार खुलेंगे, वहीं रिश्तों में किसी भी तरह की जल्दबाजी या बहस से बचना चाहिए। यह समय अपनी मेहनत को सही दिशा देने और धैर्य के साथ काम करने का है। यदि आप अपनी योजनाओं पर टिके रहेंगे और आध्यात्मिक पक्ष को भी महत्व देंगे, तो यह गोचर आपके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
जुलाई के पहले दिन यानी बुधवार, 1 जुलाई 2026 को भारतीय बुलियन मार्केट में सोने के भाव में गिरावट के साथ शुरुआत हुई है। सोने के दामों में आई यह कमी उन लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है जो लंबे समय से गहनों की खरीदारी या निवेश का मन बना रहे थे। आज प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमतों में औसतन 600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की कमी देखी गई है, जिससे निवेशकों का उत्साह फिर से जाग गया है।प्रमुख शहरों में सोने का ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम)देश भर के प्रमुख बाजारों में आज सोने की कीमतों में नरमी रही है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,41,430 रुपये और 22 कैरेट 1,29,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं, मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,41,160 रुपये और 22 कैरेट 1,29,700 रुपये पर रहा। उत्तर प्रदेश में सोने की कीमत 1,42,350 रुपये (24 कैरेट) दर्ज की गई, जबकि बिहार के पटना में यह 1,41,240 रुपये पर है। राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में भी कीमतों में इसी तरह का रुझान देखने को मिला है।रिकॉर्ड स्तर से 40,000 रुपये सस्ता हुआ सोनासोने की कीमतों में आई यह गिरावट जनवरी 2026 के आंकड़ों के मुकाबले काफी बड़ी है। साल की शुरुआत में जब सोना अपने ऑल-टाइम हाई (करीब 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) पर था, तब आम खरीदार के लिए गहने बनवाना मुश्किल हो गया था। वर्तमान में सोना अपने पीक स्तर से करीब 40,000 रुपये सस्ता मिल रहा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी का एक नया दौर शुरू हो सकता है।क्या 1.20 लाख तक गिरेंगे दाम? मार्केट एक्सपर्ट्स की रायनिवेशकों के मन में अब यह बड़ा सवाल है कि क्या यह गिरावट और जारी रहेगी? जहां कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार का दबाव सोने को 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक ला सकता है, वहीं ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े का नजरिया कुछ अलग है। उनका अनुमान है कि साल के अंत तक अगर बाजार में दोबारा मजबूती आई, तो सोना फिर से 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है। फिलहाल, सोने की कीमतों में जारी यह अस्थिरता निवेशकों को 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में रहने का संकेत दे रही है।
राजस्थान में करौली के पांचना बांध जल विवाद का बीस साल बाद समाधान
जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से यमुना जल समझौते के बाद प्रदेश के करौली जिले में बीस वर्ष पुराने पांच बांधना विवाद का समाधान भी मंगलवार देर रात हो गया। शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की सकारात्मक पहल से करौली जिले के पांचना बांध के पानी के वितरण को लेकर दोनों […] The post राजस्थान में करौली के पांचना बांध जल विवाद का बीस साल बाद समाधान appeared first on Sabguru News .
highest paying jobs 2026: जून के अंत और जुलाई की शुरुआत भारत में कॉलेज ग्रेजुएट्स (Freshers) के पास आउट होने और वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए 'हाफ-इयरली' स्विच प्लान करने का समय होता है। यही कारण है कि इस समय इंटरनेट और गूगल ट्रेंड्स पर High-Paying ...
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस की ट्रेलर से टक्कर, 8 लोगों की मौत
दौसा। राजस्थान में दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक यात्री बस के ट्रेलर से टकराने के बाद आग लग जाने से आठ यात्रियों को मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार ऋषिकेश से इंदौर जा रही निजी यात्री बस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात आगे […] The post दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस की ट्रेलर से टक्कर, 8 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
अंबाला : 21 घंटे के अभियान के बाद 220 फुट गहरे बोरवेल से निकाले गए बालक की मौत
अंबाला। हरियाणा के अंबाला जिले के धनौरा गांव में 220 फुट गहरे बोरवेल में गिरे चार वर्षीय बालक को लगभग 21 घंटे के लंबे बचाव अभियान के बाद बुधवार तड़के बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बालक की पहचान निर्वैर के रूप में हुई है। वह मंगलवार सुबह करीब […] The post अंबाला : 21 घंटे के अभियान के बाद 220 फुट गहरे बोरवेल से निकाले गए बालक की मौत appeared first on Sabguru News .
राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रेलर से टकराकर बस खाई में गिर गई और उसमें आग लग गई। हादसे में 8 यात्रियों की मौत और 22 से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय
Natural Ways to Lower Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में आपकी जीवनशैली और खान-पान की आदतें सबसे बड़ा रोल निभाती हैं। अगर आपका ब्लड प्रेशर थोड़ा बढ़ा हुआ रहता है, तो इन घरेलू उपायों और बदलावों की मदद से आप इसे काफी हद तक नॉर्मल रख ...

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