शाम 6 बजे के Top News: Disha Salian केस में CBI जांच, Nepal में बाढ़ से 1127 मौतें
नयी दिल्ली, दो सितंबर ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से बुधवार को शाम छह बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं: प्रादे127 उप्र अयोध्या ट्रस्ट लीड सीईओपूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ अयोध्या (उप्र), एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। दि46: न्यायालय लीड बीसीआईबीसीआई को कोई भी नीतिगत फैसला अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल के परामर्श से लेना होगा: न्यायालयनयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा का पद केवल अस्थायी (प्रो टेम) है, जब तक कि वकीलों की नवगठित संस्था अपने पदाधिकारियों का चुनाव नहीं कर लेती। वि11: नेपाल लीड बाढ़नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हुई, हजारों लापता लोगों की तलाश जारीकाठमांडू: नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बुधवार को बढ़कर 1,127 हो गई। हिमालयी क्षेत्र में आई इस आपदा के एक सप्ताह बाद भी बचावकर्मी हजारों लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। दि40: एनसीडब्ल्यू नर्सरी छात्रा उत्पीड़ननर्सरी की छात्रा का उत्पीड़न: एनसीडब्ल्यू ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दियानयी दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने दिल्ली के बवाना स्थित एक निजी स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाली तीन वर्षीय बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है तथा दिल्ली पुलिस से ‘‘तुरंत और सख्त कार्रवाई’’ करने को कहा है। दि23: सीवीसी भ्रष्टाचार शिकायतेंसरकारी विभागों के खिलाफ वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार की 70,584 शिकायतें मिलीं, बैंक और रेलवे शीर्ष परनयी दिल्ली: केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल सरकारी संस्थाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार की 70,500 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं तथा इनमें सबसे अधिक शिकायतें बैंकों और रेलवे के खिलाफ थीं। दि48: अदालत ट्रांसजेंडर गिरफ्तारीट्रांसजेंडर की गिरफ्तारी से संबंधित एसओपी के लिए कदम उठाएं: अदालत का केंद्र, दिल्ली पुलिस को निर्देशनयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्र और दिल्ली पुलिस से कहा कि वे यहां ट्रांसजेंडर लोगों की गिरफ्तारी एवं हिरासत के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने के लिए उचित कदम उठाएं। प्रादे98: उप्र विस्फोट आरोपी लीड मकानकौशांबी पटाखा विस्फोट में मरने वालों की संख्या 14 हुई, मुख्य आरोपी के मकान को ध्वस्त किया गयाकौशांबी (उप्र): कौशांबी जिले में पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी कस्बे में 31 अगस्त को एक फैक्टरी में विस्फोट होने से घायल हुई उर्वशी की प्रयागराज के एस आर एन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रादे74:महाराष्ट्र अदालत दिशा सालियान दूसरीलीड जांचदिशा सालियान मामले में अदालत ने सीबीआई जांच के आदेश दिए; पुलिस को फटकारामुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की प्रबंधक रहीं दिशा सालियान की मौत के मामले में बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने का आदेश दिया और छह साल तक प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के लिए मुंबई पुलिस को फटकार लगाई। अर्थ43: लीड शेयरपश्चिम एशिया तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 374 अंक और टूटामुंबई: घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट रही। वैश्विक बाजारों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की ऊंची कीमत के कारण मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 374 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 141 अंक के नुकसान में रहा। वि17: पाक सोशल मीडिया प्रतिबंधपाकिस्तान : पंजाब विस में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया खातों पर रोक का प्रस्ताव पारितलाहौर: साइबर-बुलिंग, ऑनलाइन शोषण और बच्चों पर ज्यादा समय तक स्क्रीन देखने के बुरे असर को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, पाकिस्तान की पंजाब विधानसभा ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया खातों पर असरदार कानूनी रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। वि12: नेपाल बाढ़ ड्रोनजब रास्ते बंद हुए तो ड्रोन ने बाढ़ प्रभावित नेपाल में शवों को पहुंचाया घरकाठमांडू: बाढ़ से तबाह नेपाल के पहाड़ी इलाकों में ड्रोन अब केवल हवाई तस्वीरें खींचने या नक्शे बनाने तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि वे शवों को भी घरों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। अर्थ16: एनसीएलटी चंद्रासुभाष चंद्रा ने व्यक्तिगत दिवाला मामले में पांच सदस्यीय एनसीएलटी पीठ के गठन का किया विरोधनयी दिल्ली: एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने उनके खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला मामले की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय पीठ गठित किए जाने के राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के फैसले का बुधवार को विरोध किया। उन्होंने कहा कि न्यायाधिकरण को ऐसी पीठ गठित करने का अधिकार नहीं है। खेल13: खेल बैडमिंटन लीड भारतलक्ष्य पहले दौर में बाहर, श्रीकांत और तन्वी जीतेशेनझेन: लक्ष्य सेन बुधवार को चीन मास्टर्स बैडमिंटन टूर्नामेंट के पहले दौर में लचर प्रदर्शन के बाद बाहर हो गए जबकि किदांबी श्रीकांत और तन्वी शर्मा ने सीधे गेम में जीत दर्ज करके पुरुष और महिला एकल के दूसरे दौर में प्रवेश किया। खेल9: खेल भारत रैंकिंगगिल और बुमराह आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नीचे खिसके, पडिक्कल आगे बढ़ेदुबई: भारतीय कप्तान शुभमन गिल बुधवार को जारी आईसीसी की टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान और जसप्रीत बुमराह गेंदबाजों की रैंकिंग में एक पायदान नीचे खिसक गए, जबकि देवदत्त पडिक्कल 54वें स्थान पर पहुंचने में सफल रहे। ‘द कन्वरसेशन’ के साथ अनुबंध के तहत जारी समाचार: वि18: चीन मीडिया बाढ़तिब्बत में बाढ़ के दौरान चीन ने सूचना पर नियंत्रण रखा और ‘सकारात्मक’ खबरों को बढ़ावा दियासिडनी: नेपाल और तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी रहने के बीच सोशल मीडिया पर इस आपदा की रिपोर्टिंग को लेकर चीन पर सूचना नियंत्रित करने के आरोप तेज हो गए हैं। वि19: दिमाग पढ़ने वाले उपकरणदिमाग की गतिविधियां पढ़ने वाले उपकरण जल्द होंगे आम, नई पीढ़ी पर क्या होगा असर?मैड्रिड: दिमाग की गतिविधियों को पढ़ने वाले ईयरबड अब विज्ञान-कथा की बात नहीं रह गए हैं और जल्द ही रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन सकते हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि इन उपकरणों के आम होने से ऐसी पीढ़ी विकसित हो सकती है, जो बचपन से ही न्यूरोटेक्नोलॉजी के साथ बड़ी होगी।
बाघ बहुल क्षेत्र में आजीविका व आय सृजन पर चिंतन
नई दिल्ली। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 'बाघ बहुल क्षेत्र: आजीविका और आय सृजन के स्तंभ क
SBI कस्टमर्स के लिए चेतावनी, इस दिन बंद रहेगा UPI, नहीं होगा लेनदेन
एसबीआई ने अपने ग्राहकों को जानकारी दी है कि कुछ देर के लिए यूपीआई की सर्विस बंद रहने वाली है. ऐसे में अगर आप कोई ट्रांजेक्शन करना चाहते हैं तो इसके बंद रहने से पहले ही कर लें, वरना आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
देवर संग प्यार, प्रॉपर्टी पर नजर... पति का मर्डर करके बोली- सुसाइड किया
बुलंदशहर में पत्नी और देवर ने कथित प्रेम संबंध और संपत्ति के लालच में सुमित की गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद शव को फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई तो पुलिस ने जांच शुरू की. कॉल रिकॉर्डिंग और पूछताछ के बाद पत्नी काजल और देवर उमेश गिरफ्तार हुए.
Pushkar Singh Dhami को अहमदाबाद की धनगौरी ने डाक से भेजी Rakhi, आपदा में माना था भाई
देहरादून, दो सितंबर पिछले साल आयी धराली आपदा के दौरान धर्म बहन बनीं अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस साल डाक द्वारा राखी भेजी है। राखी के साथ बरोलिया ने मुख्यमंत्री को एक भावुक पत्र भी लिखा है जिसमें उन्होंने उत्तरकाशी जिले के धराली में पांच अगस्त को आयी आपदा के बाद उनसे हुई मुलाकात को याद किया है। बरोलिया ने कहा कि धराली में आई भीषण बाढ़ के कारण वहां फंसने वाले लोगों में वह भी शामिल थीं और जब धामी ने वहां पहुंचकर लोगों से मुलाकात की तब उस दौरान उन्हें भी उनसे मिलने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि उस समय रक्षाबंधन करीब था और मुख्यमंत्री ने उनसे कहा था कि अगर उनके पास राखी हो तो वह उन्हें राखी बांध सकती हैं। बरोलिया ने कहा कि उस समय उनके पास राखी नहीं थी इसलिए उन्होंने अपने दुपट्टे का एक छोटा सा टुकड़ा फाड़कर उसे ही राखी मानकर मुख्यमंत्री की कलाई पर बांध दिया। उन्होंने पत्र में लिखा कि उसी दिन उन्होंने धामी को अपना धर्म भाई मान लिया था। उन्होंने लिखा कि उनके लिए वह मुलाकात आज भी बहुत खास है और उस पल को वह कभी नहीं भूल सकतीं। बरोलिया ने कहा कि धराली की उस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री ने वहां फंसे लोगों का हौसला बढ़ाया और उन्हें भरोसा दिया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह श्रीकृष्ण द्रौपदी की मदद के लिए आगे आए थे, उसी तरह मुख्यमंत्री भी उस कठिन समय में लोगों के लिए सहारा बने। बरोलिया ने कहा कि इस वर्ष वह अहमदाबाद में हैं, लेकिन रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी भेजना वह नहीं भूल सकतीं और इसी भाव के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए राखी भेजी है। पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु रहने की कामना की तथा कहा कि वह इसी तरह उत्तराखंड और प्रदेश की जनता की सेवा करते रहें।
अमेरिका की PrSM मिसाइल पर ईरान में बड़ा खुलासा!
अमेरिका की प्रिसीजन स्ट्राइक मिसाइल यानी PrSM को लेकर ईरान के लामेर्ड हमले के बाद सवाल उठ रहे हैं. एयरवॉर्स के विश्लेषण के मुताबिक तीन मिसाइल हमलों में 21 नागरिकों की मौत हुई और कुछ लोग विस्फोट वाली जगह से 50 मीटर तक दूर मारे गए. नुकसान का दायरा करीब 170 मीटर तक पाया गया. हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने लामेर्ड पर हमला करने की जिम्मेदारी से इनकार किया है.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त किया गया है। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने इसकी घोषणा की। कृष्ण मोहन के ...
चेन्नई से आगरा, 2 हजार किमी का सफर... ऐसे खुला लाल सूटकेस का खूनी राज
तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में मिले लावारिस लाल सूटकेस का राज खुला तो 38 साल की हयात उन निशा की हत्या का मामला सामने आ गया. इस खौफनाक कत्ल की साजिश को हयात के प्रेमी और उसकी लिवइन पार्टनर ने रचा था. पढ़ें ये खौफनाक कहानी.
शनि-मंगल ने बनाया केंद्र योग, इन 4 राशियों को जल्द मिलेगी बड़ी कामयाबी
मंगल और शनि का केंद्र संबंध सामान्य तौर पर तनाव और रुकावट से जुड़ा माना जाता है. मंगल ऊर्जा और अग्नि का प्रतीक है. जबकि शनि ठहराव और अनुशासन से जुड़ा ग्रह है. फिर भी कुछ राशियों के लिए यही प्रभाव मजबूती, मेहनत और सफलता का कारण बन सकता है.
CM योगी की मथुरा को ₹1,051 करोड़ की सैगात, 229 परियोजनाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मथुरा को बड़ी सौगातें दी हैं. मुख्यमंत्री ने मथुरा में 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया है.
सोसाइटी गेट से टकराया बेकाबू ट्रक, CCTV में कैद हुआ हादसे का खौफनाक मंजर
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आम्रपाली गोल्फ होम्स सोसाइटी में अनियंत्रित ट्रक ने गेट पर बने लकड़ी के तंबू को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में तीन सुरक्षा गार्ड और एक डिलीवरी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना का खौफनाक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें ट्रक तेज रफ्तार से गेट की तरफ आता दिखाई दे रहा है. पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है.
Bihar में शुरू हुआ 'आपके दरवाजे पर दवा' अभियान, 6 करोड़ लोगों की होगी Health Screening
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 सितंबर को जांच और इलाज – आपके दरवाजे पर दवा अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का मकसद लगभग छह करोड़ लोगों की जांच करना और हर नागरिक का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाना है। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा और इसका उद्घाटन पटना के राजवंशी नगर स्थित एनर्जी ऑडिटोरियम में किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस अभियान के तहत सभी 38 जिलों में जागरूकता रथ भेजे गए। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के खिलाफ FIR लोकतंत्र पर हमला: DK Shivakumar बोले- LoP को दलितों के लिए आवाज उठाने का हक मुख्यमंत्री चौधरी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस अभियान पर बारीकी से नज़र रखें और इसे सफलतापूर्वक लागू करना सुनिश्चित करें। उन्होंने समय पर जांच के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि समय पर जांच से बीमारी का पता लगाना और बेहतर इलाज संभव हो पाता है; स्वस्थ परिवार ही समृद्ध बिहार की नींव हैं। CMO ने बताया कि ज़िला अस्पतालों में 45 तरह की सर्जरी शुरू हो गई हैं, जिससे ज़िला अस्पतालों से बड़े अस्पतालों में मरीज़ों को रेफर करने की संख्या में कमी आई है। सर्जरी की संख्या में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है; जून में यह संख्या 2,428 थी, जो इस महीने बढ़कर 8,000 से ज़्यादा हो गई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मिशन कायाकल्प शुरू करने की घोषणा की। यह प्रोग्राम राज्य भर में स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर और मज़बूत बनाने के लिए बनाया गया है। इस अभियान का मकसद लोगों के घर के पास स्वास्थ्य जांच और इलाज की सुविधाएँ पहुँचाना और बिहार की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मज़बूत करना है। 1 सितंबर को चौधरी ने घोषणा की कि मोतिहारी में बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से शुरू करने का काम जल्द ही शुरू होगा, साथ ही पूर्वी चंपारण ज़िले के लिए कई विकास परियोजनाएँ भी शुरू की जाएँगी। मोतिहारी में बापूधाम महोत्सव के दौरान, उन्होंने ज़िले के लिए 285 करोड़ रुपये की लागत वाली 145 विकास योजनाओं का शिलान्यास या उद्घाटन किया। इसे भी पढ़ें: Mehbooba Mufti ने प्रशासन पर साधा निशाना, NC और BJP के प्रदर्शनों पर उठाए सवाल CMO के अनुसार, योजनाओं में बरियारपुर में एक मेडिकल कॉलेज बनाना और मोतिहारी में एक तारामंडल (प्लेनेटेरियम) का काम शुरू करना शामिल है। इसके अलावा, लोगों की मांग को देखते हुए, पिपराकोठी के लिए पहले प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय को अब बरियारपुर में स्थापित किया जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने जितेंद्र मिश्र
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के नाम का ऐलान हो गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्होंने भारतीय वायुसेना में 39 साल से ज्यादा सेवा की और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया. इसके साथ ही ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल किया गया है. सीईओ के पास प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक जिम्मेदारियां रहेंगी.
'नासमझ को इतिहास सिखाते हैं', स्वरा भास्कर पर कंगना ने साधा निशाना!
स्वरा भास्कर से इस समय विवादों में घिरी हुई हैं. 'पद्मावत' फिल्म के जौहर सीन पर उनके बयान पर बवाल मचा हुआ है. सोशल मीडिया पर स्वरा को जमकर ट्रोल किया जा रहा है. अब कंगना रनौत ने भी अलग अंदाज में स्वरा पर निशाना साधा है.
मनन कुमार मिश्रा की पावर हुई कम, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- लोकतांत्रिक रूप से नहीं चुने गए थे
सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को 'प्रो-टेम चेयरमैन' घोषित किया है।
Jharkhand के Godda में Form 7 जमा करने पर विवाद, जांच के आदेश
रांची, दो सितंबर झारखंड के गोड्डा जिले में कई मतदान केंद्र पर एक राजनीतिक दल के कुछ बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए-2) द्वारा कुछ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा किए जाने के बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। एक निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। इन बीएलए ने संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को फॉर्म जमा किए, लेकिन जब एजेंट ने प्राप्ति संबंधी दस्तावेज पर बीएलओ के हस्ताक्षर मांगे तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया। बीएलओ ने हस्ताक्षर करने से इनकार करते हुए कहा कि फॉर्म में जिन मतदाताओं के नाम दिए गए हैं, वे लंबे समय से संबंधित स्थानों पर रह रहे हैं और उनमें से अधिकतर के नाम 2003 की मतदाता सूची में भी दर्ज हैं। बीएलओ ने फॉर्म भी कथित तौर पर वापस कर दिए। महेशटिकरी के बूथ संख्या नौ पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीएलए संजीव कुमार ने दावा किया कि उन्होंने पार्टी के निर्देश पर फॉर्म जमा किए थे। कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पार्टी ने मुझे ऐसे 25 फॉर्म दिए थे। पार्टी के निर्देश के अनुसार मैं सभी कॉलम पहले से भरे हुए फॉर्म लेकर बीएलओ के पास गया, लेकिन उन्होंने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।’’बूथ संख्या नौ की बीएलओ अनीसा बानो ने कहा कि कुमार ने ‘पते पर मौजूद नहीं मिले’ और ‘स्थानांतरित’ श्रेणी के तहत नाम हटाने के अनुरोध वाले प्रिंटेड फॉर्म-7 आवेदन दिए थे। बानो ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कुमार प्रिंटेड फॉर्म-7 लेकर आए थे, जिनमें कुछ नाम ‘पते पर मौजूद नहीं मिले’ और ‘स्थानांतरित’ श्रेणी में दर्ज थे। मुझे इस पर संदेह हुआ क्योंकि फॉर्म की सभी जानकारियां प्रिंटेड थीं। इसके अलावा, फॉर्म में जिन लोगों के नाम थे, वे लंबे समय से वहीं रह रहे हैं। मैंने फॉर्म उन्हें वापस कर दिए।’’फॉर्म-7 का इस्तेमाल मौजूदा मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है। घटना के एक दिन बाद ग्रामीण कुमार के घर पर एकत्र हुए और उन्हें कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। कुमार ने कहा, ‘‘मुझे धमकियां मिल रही हैं। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। मैंने सिर्फ पार्टी के निर्देश का पालन किया। पार्टी ने मुझे जो भी फॉर्म दिए थे, वे सभी मैंने ग्रामीणों को दे दिए।’’ कुमार ने स्वयं को भाजपा का बसंतराय प्रखंड अध्यक्ष होने का दावा किया। इसी तरह, पचुआ कित्ता के बूथ संख्या 48 के बीएलओ मोहम्मद मुखेर ने कहा कि एक राजनीतिक दल के बीएलए-2 ने उनके पास करीब 15 फॉर्म-7 आवेदन लाकर प्राप्ति दस्तावेज पर उनके हस्ताक्षर मांगे। मुखेर ने दावा किया, ‘‘एक राजनीतिक दल का बीएलए-2 करीब 15 फॉर्म-7 के कागज लेकर मेरे पास आया और उसने मेरे हस्ताक्षर मांगे। मैंने उससे पूछा कि क्या उसे इस फॉर्म के महत्व की जानकारी है। बीएलए ने कहा कि उसे ये फॉर्म पार्टी से मिले हैं और उसे इनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।’’उन्होंने कहा कि फॉर्म जमा करने के परिणाम समझाने के बाद उन्होंने उन्हें फाड़ दिया। मुखेर ने कहा, ‘‘मैंने उसे बताया कि फॉर्म जमा करने के बाद मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में वह गवाह होगा। बीएलए ने कहा कि उसके पास ऐसे 70 फॉर्म हैं और वह उन्हें नष्ट करने वाला है।’’वात्रा पंचायत के मुखिया ने दावा किया कि भाजपा के बीएलए ने महेशटिकरी, पचुआ कित्ता, लोचनी और बाघाकोल—इन चार बूथ पर ऐसे फॉर्म वितरित किए थे। बसंतराय प्रखंड विकास अधिकारी और निर्वाचक निबंधन अधिकारी श्रीमन मरांडी ने कहा कि उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मरांडी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कोई भी आपत्ति दर्ज करा सकता है। मैंने बीएलओ को निर्देश दिया है कि इन फॉर्म को आपत्ति के रूप में स्वीकार करें। किसी भी स्थिति में वास्तविक मतदाताओं के नाम नहीं हटाए जा सकते।’’उन्होंने कहा कि बूथ संख्या नौ के मामले में प्रारंभिक जांच के दौरान फॉर्म में नामित 25 में से 24 मतदाता लंबे समय से क्षेत्र में रहते पाए गए। मरांडी ने कहा, ‘‘एक मतदाता पिछले दो महीने से गांव से बाहर है क्योंकि वह प्रवासी मजदूर है। हमें अंतिम जांच रिपोर्ट एक-दो दिन में मिलने की उम्मीद है।’’झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) से रिपोर्ट मांगी है। कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘बीएलए बड़ी संख्या में फॉर्म जमा कर सकते हैं और बीएलओ उन्हें स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकते। हालांकि, बीएलए को यह घोषणा देनी होती है कि फॉर्म में दी गई जानकारी सही है। हमें यह जांचना होगा कि बीएलए ने घोषणा दी थी या नहीं।’’निर्वाचन आयोग ने झारखंड में 43.61 लाख से अधिक नाम हटाने के बाद बुधवार को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की गणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में 2.64 करोड़ मतदाता थे। गणना प्रक्रिया के बाद जारी मसौदा मतदाता सूची में 2.21 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.12 करोड़ पुरुष, 1.08 करोड़ महिलाएं और 260 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। गणना प्रक्रिया 30 जून से 29 जुलाई के बीच कराई गई थी। इस दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना फॉर्म वितरित किए, उन्हें एकत्र किया था और उनका सत्यापन किया था। एक अधिकारी ने बताया कि आयोग ने राज्य में मतदाता सूची के एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है, जबकि संशोधित मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख बढ़ाकर 19 अक्टूबर कर दी गई है। इससे पहले दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि पांच अगस्त से चार सितंबर तक थी और अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को प्रकाशित की जानी थी।
iPhone 18 Pro को लेकर बड़ा लीक, 3 नए कलर में आ सकता है फोन; Black की हो सकती है वापसी
Apple के अपकमिंग फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर एक नया लीक सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस बार Pro मॉडल को तीन नए कलर ऑप्शन में पेश कर सकती है। इनमें Dark Cherry/Burgundy, Sky Blue और Black शामिल बताए जा ...
एअर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस ने अपने केबिन क्रू और फ्रंटलाइन स्टाफ के लिए विभिन्न भारतीय राज्यों के डिजाइन को एकत्रित करते हुए नए यूनिफार्म पेश किए हैं।
ईरान में शादी समारोह पर हमले में 5 की मौत, देखें दुनिया आजतक
ईरान में अमेरिकी हमले के बाद एक शादी का जश्न मातम में बदल गया... दक्षिणी ईरान के सिरिक इलाके में एक शादी समारोह के पास कथित अमेरिकी स्ट्राइक की खबर है...ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया के मुताबिक, हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई.... मृतकों में 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है.... वहीं, 50 से अधिक लोग जख्मी बताए जा रहे हैं.
'पीएम मोदी की तस्वीर सेंसर करना घमंड की हद', SCO ग्रुप फोटो एडिट करने पर पाक की थू-थू
किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन की ग्रुप फोटो से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान PMO द्वारा हटाने पर भारत में तीखी प्रतिक्रिया हुई है।
Supreme Court का निर्देश: BCI के नीतिगत फैसले Attorney General की सलाह से ही होंगे
नयी दिल्ली, दो सितंबर उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा का पद केवल अस्थायी (प्रो टेम) है, जब तक कि वकीलों की नवगठित संस्था अपने पदाधिकारियों का चुनाव नहीं कर लेती। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि बीसीआई को कोई भी नीतिगत फैसला भारत के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल के परामर्श से लेना होगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा वी. मोहना की पीठ ने कहा कि वह किसी भी आरोप से प्रभावित नहीं होगी और उसका सरोकार किसी व्यक्ति के आचरण से नहीं, बल्कि बीसीआई के संस्थागत कामकाज से है। अदालत ने कहा कि मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्वाचित बीसीआई के गठन तक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे। शीर्ष अदालत बीसीआई अध्यक्ष के रूप में मिश्रा के लंबे कार्यकाल की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में उन्हें पद से हटाने और अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष का कार्यकाल 2030 तक बढ़ाने वाली अधिसूचनाओं की वैधता को भी चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति बागची ने कहा, ‘‘हम मौजूदा व्यवस्था पर अपनी मंजूरी की मुहर नहीं लगा रहे हैं। यह स्पष्ट है कि वर्तमान अध्यक्ष केवल तब तक पद पर बने रह सकते हैं, जब तक पहले ही कराए जा चुके राज्य बार काउंसिल के चुनावों के आधार पर बीसीआई का नया चुनाव नहीं हो जाता।’’याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दीवान ने उस अधिसूचना का हवाला दिया, जिसमें मिश्रा को पांच वर्ष का कार्यकाल दिया गया था। उन्होंने अदालत को बताया कि मिश्रा को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया था और उनका कार्यकाल 17 अप्रैल 2025 से शुरू होकर 16 अप्रैल 2030 तक रहेगा। दीवान ने एक प्रस्ताव पढ़कर सुनाया, जिसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया था, जबकि नियमों में केवल दो वर्ष के कार्यकाल का प्रावधान था। उन्होंने अधिवक्ता अधिनियम की धारा 4(3) के प्रावधान का हवाला देते हुए कहा कि इस प्रावधान का उद्देश्य प्रशासनिक शून्यता को रोकना है, लेकिन इसका इस्तेमाल चुनावों से बचने और मौजूदा पदाधिकारियों को लगातार पद पर बनाए रखने के लिए किया गया है। याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने 2020 में गठित ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट फॉर प्रमोशन ऑफ एजुकेशन’, ‘लीगल एंड प्रोफेशनल रिफॉर्म्स एंड इम्प्रूवमेंट इन रिसर्च’ का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के विलेख (डीड) में 11 प्रबंध न्यासियों को बीसीआई के सदस्य के रूप में उनके कार्यकाल की परवाह किए बिना “स्थायी न्यासी” बनाया गया है। योगमाया एमजी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सी. यू. सिंह ने कहा कि बार के व्यापक परामर्श के बिना ही अध्यक्ष के कार्यालय से प्रस्ताव जारी किए जा रहे थे। बीसीआई अध्यक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गुरु कृष्णकुमार ने अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से परामर्श किए जाने के सुझाव पर सहमति जताते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं को “व्यापक आरोप और परोक्ष आरोप लगाने के लिए अदालत के मंच का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।’’सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि नवगठित राज्य बार काउंसिल अपने सह-सदस्य नामित करने की प्रक्रिया पूरी करेंगी और बीसीआई के लिए नए प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगी। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 23 सितंबर तय की। इससे पहले, बीसीआई के अध्यक्ष के रूप में मिश्रा के लंबे कार्यकाल की वैधता को चुनौती देते हुए और उन्हें पद से हटाने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की गई थी।
बिहार में गंडक नदी का तांडव, खुद अपना घर तोड़ रहे लोग!
बिहार के बेतिया में गंडक नदी का कटाव अब आबादी वाले इलाकों के लिए बड़ा खतरा बन गया है. योगापट्टी की सिसवा मंगलपुर पंचायत में नदी तेजी से जमीन काट रही है. खतरा बढ़ता देख कई ग्रामीण अपने पक्के मकान खुद तोड़कर ईंट, लकड़ी और जरूरी सामान सुरक्षित जगह पहुंचा रहे हैं. वर्षों की मेहनत से बनाए घरों को टूटता देख परिवारों में दहशत और विस्थापन की चिंता बढ़ गई है.
पंड्या के सामने BCCI ने रखी शर्त? बताया वापसी का रास्ता
वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले बीसीसीआई खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर सख्त कदम उठाने जा रही है. भारत को आने वाले समय में कई अहम मुकाबले खेलने हैं, लिहाजा खिलाड़ियों का फिट रहना बेहद जरूरी है.
आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य की सत्ता से बेदखल होने के बाद मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) अब अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाने और साल 2029 के आम तथा विधानसभा चुनावों में धमाकेदार वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी के भीतर संगठन को मजबूत करने और चुनावी मशीनरी को नए सिरे से धार देने के लिए रणनीतिक स्तर पर बड़े बदलावों की तैयारी चल रही है। इस बीच सबसे बड़ा और सनसनीखेज राजनीतिक घटनाक्रम यह सामने आया है कि वाईएसआरसीपी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी आगामी चुनावों के लिए एक नए और बेहद तेज-तर्रार राजनीतिक रणनीतिकार की तलाश में हैं। इस सिलसिले में सबसे आगे जो नाम चल रहा है, वह किसी और का नहीं बल्कि देश के जाने-माने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के पूर्व करीबी सहयोगी और दिग्गज रणनीतिकार कपिल साहू का है। पार्टी के भीतर चल रही सुगबुगाहट के मुताबिक, जगनमोहन रेड्डी 2029 की चुनावी वैतरणी पार करने के लिए कपिल साहू को पार्टी की मुख्य कैंपेन स्ट्रैटेजी और प्रचार-प्रसार की कमान सौंप सकते हैं।हाल ही में राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा बहुत तेज हो गई है कि कपिल साहू ने तमिलनाडु के लोकप्रिय तमिल अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय और उनकी नवगठित पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' (TVK) के लिए जिस प्रकार की शानदार और आक्रामक प्रचार रणनीति तैयार की थी, उसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। साहू की कुशल रणनीति और डिजिटल आउटरीच के दम पर ही हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों में विजय को अपनी पार्टी को मजबूत करने और तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विकल्प के रूप में उभरने में भारी मदद मिली। इसी सफलता ने देश के अन्य दिग्गज नेताओं का भी ध्यान कपिल साहू की ओर आकर्षित किया है। वाईएसआरसीपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर मीडिया को यह जानकारी दी है कि वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने कुछ हफ्ते पहले ही आंध्र प्रदेश में अगले चुनावों का ताना-बाना बुनने और पार्टी की चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए कपिल साहू के साथ शुरुआती दौर की महत्वपूर्ण बातचीत की है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन जगनमोहन रेड्डी द्वारा साहू के शुरुआती प्रेजेंटेशन और उनके विजन की काफी सराहना की जा रही है।कौन हैं कपिल साहू और क्या रहा है उनका राजनीतिक सफर?कपिल साहू का नाम मौजूदा समय में भारतीय चुनावी रणनीतिकारों की सूची में काफी तेजी से ऊपर आया है। साहू ने साल 2024 तक देश की प्रतिष्ठित राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म 'इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी' यानी I-PAC के साथ लंबे समय तक काम किया था। प्रशांत किशोर के नेतृत्व में उन्होंने कई बड़े राज्यों के चुनावों में अपनी तकनीकी और प्रबंधकीय क्षमता का लोहा मनवाया था। हालांकि, बाद में वे I-PAC से अलग हो गए और अपने 12 चुनिंदा सहयोगियों की एक मजबूत टीम के साथ इस कंपनी का दामन छोड़ दिया। I-PAC से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी खुद की स्वतंत्र पॉलिटिकल कंसल्टिंग टीम खड़ी की, जिसके जरिए उन्होंने दिल्ली और सिक्किम समेत देश के कई अन्य राजनीतिक संगठनों और नेताओं के साथ काम किया। राजनीतिक रणनीतिकारों के बीच उनकी पहचान एक ऐसे विशेषज्ञ के रूप में है जो डिजिटल आउटरीच, डेटा एनालिटिक्स, मजबूत कैंपेन मैसेजिंग और पब्लिक एंगेजमेंट अभियानों को बेहद पेशेवर तरीके से संचालित करने में माहिर हैं।तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के साथ कपिल साहू के सफल जुड़ाव ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। साहू की कोर टीम ने जिस प्रकार से सोशल मीडिया कैंपेन, जनता के बीच सीधा संवाद और विभिन्न वर्गों के मतदाताओं के बीच विजय की अपील को बढ़ाने के लिए काम किया, उसकी सफलता ने दक्षिण भारत की राजनीति में एक नया संदेश दिया है। यही कारण है कि आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम जगनमोहन रेड्डी जैसे बड़े नेता भी अब उनकी कार्यशैली और चुनावी समझ से काफी प्रभावित नजर आ रहे हैं। जगनमोहन रेड्डी ने अभी तक हालांकि अपने मन की बात पूरी तरह से जाहिर नहीं की है और न ही किसी एक रणनीतिक नाम को अंतिम रूप से फाइनल किया है, लेकिन उन्होंने साहू के साथ हुई अपनी बैठकों में जिस तरह की गहरी दिलचस्पी दिखाई है, उससे यह साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में वे वाईएसआरसीपी के मुख्य रणनीतिकार के तौर पर अपनी भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं।जगनमोहन रेड्डी और I-PAC का पुराना और दिलचस्प चुनावी इतिहासवाईएस जगनमोहन रेड्डी और राजनीतिक रणनीतिकार फर्म I-PAC का इतिहास काफी पुराना और उतार-चढ़ाव भरा रहा है। जगन ने अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान अब तक I-PAC के साथ दो अलग-अलग नेतृत्व के दौर में दो बड़े चुनावी प्रयोग किए हैं, जिनके परिणाम भी बिल्कुल अलग-अलग रहे हैं। सबसे पहले बात करें साल 2019 के ऐतिहासिक विधानसभा चुनावों की, तो उस दौरान प्रशांत किशोर खुद सीधे तौर पर मैदान में उतरे थे और उन्होंने जगनमोहन रेड्डी की पूरी चुनावी नैया को अपने कंधों पर संभाला था। प्रशांत किशोर की इनोवेटिव कैंपेन स्ट्रैटेजी, जमीन से जुड़े मुद्दों की सटीक पहचान और जगनमोहन रेड्डी की बहुचर्चित 'पदयात्रा' के डिजाइन ने आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक ऐसा भूचाल लाया कि वाईएसआरसीपी ने राज्य की कुल 175 विधानसभा सीटों में से रिकॉर्ड 151 सीटों पर ऐतिहासिक और प्रचंड जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में प्रशांत किशोर और उनकी टीम की रणनीति ने जगन को राज्य की सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर बैठा दिया था।हालांकि, समय के साथ परिस्थितियां बदलीं। जब प्रशांत किशोर I-PAC के सक्रिय प्रबंधन से अलग हो गए, तब इस कंपनी की कमान ऋषिराज सिंह और उनकी टीम के हाथों में आ गई। साल 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी जगनमोहन रेड्डी ने I-PAC के साथ अपना सहयोग जारी रखा और ऋषिराज सिंह की टीम पर भरोसा जताया। इस बार सिंह और उनकी टीम ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे, विशेष रूप से गांवों और वार्डों में बनाए गए सचिवालय सिस्टम के कामकाज की देखरेख और जमीनी क्रियान्वयन में अपनी मुख्य भूमिका निभाई। लेकिन इस चुनाव में समीकरण पूरी तरह उल्टे पड़ गए। पार्टी के भीतर और वरिष्ठ नेताओं के स्तर पर यह गंभीर आरोप लगाए जाने लगे कि ऋषिराज सिंह और उनकी टीम ने पार्टी संगठन के आंतरिक कामकाज पर लगभग पूरा नियंत्रण या कब्जा सा कर लिया है। यहाँ तक कि पार्टी के उम्मीदवारों के चयन में भी इस कंसल्टेंसी टीम का अत्यधिक दखल होने की बात सामने आई, जिससे पार्टी के जमीनी नेताओं में गहरी नाराजगी फैल गई। नतीजतन, वाईएसआरसीपी साल 2024 के चुनावों में भारी हार का सामना करना पड़ा और पार्टी सत्ता से बाहर हो गई।2029 की बड़ी लड़ाई के लिए YSRCP को मजबूत करने की कवायदसाल 2024 की करारी हार के बाद से ही वाईएसआरसीपी सुप्रीमो जगनमोहन रेड्डी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। वे अपनी पुरानी चूकों और रणनीतिक कमियों को बहुत ही बारीकी से परख रहे हैं। पार्टी के भीतर कपिल साहू को शामिल करने की संभावनाओं पर विचार किए जाने को साल 2029 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की संपूर्ण चुनावी मशीनरी को नए सिरे से पुनर्जीवित करने और एक लंबी अवधि की अचूक राजनीतिक रणनीति तैयार करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और गंभीर कदम माना जा रहा है। पार्टी के विश्लेषकों का मानना है कि यदि जगनमोहन रेड्डी कपिल साहू जैसे पेशेवर और स्वतंत्र सोच वाले रणनीतिकार को अपने पाले में लाने में सफल हो जाते हैं, तो इससे पार्टी को बूथ स्तर से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक एक नई धार मिलेगी।राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि I-PAC के पुराने अनुभवों से सबक लेते हुए जगन इस बार किसी एक पारंपरिक कंसल्टेंसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय एक ऐसी स्वतंत्र रणनीति चाहते हैं जो सीधे जनता की नब्ज को पकड़ सके। कपिल साहू की कार्यशैली और उनकी युवा टीम का अनुभव इस कसौटी पर पार्टी के लिए काफी मुफीद साबित हो सकता है। साहू की विशेषज्ञता विशेष रूप से डिजिटल कैंपेनिंग, नैरेटिव सेटिंग और आक्रामक राजनीतिक विपक्षी घेराबंदी में मानी जाती है, जिसकी जरूरत इस समय वाईएसआरसीपी को टीडीपी (TDP) सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के लिए सबसे ज्यादा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से चुनावी रणनीतिकारों का खेल शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में कपिल साहू की भूमिका को लेकर कोई बहुत बड़ा आधिकारिक राजनीतिक ऐलान देखने को मिल सकता है, जो 2029 के सियासी रण की दिशा तय करेगा।
भारत एक तरफ ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत अपनी स्वदेशी रक्षा क्षमता को तेज रफ्तार से खड़ा कर रहा है, दूसरी तरफ रूस से अतिरिक्त S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने जा रहा है। यहां तक कि अत्याधुनिक S-500 Prometheus की खरीद पर विचार करने की संभावनाएं भी खुली हैं। इसलिए सवाल सीधा है कि जब भारत अपना Project Kusha विकसित कर रहा है, तो आखिर हमें और रूसी एयर डिफेंस सिस्टम की जरूरत क्यों पड़ रही है? इस सवाल का जवाब भारत की सुरक्षा जरूरतों, चीन-पाकिस्तान के दोहरे खतरे और आने वाले वर्षों की सामरिक तस्वीर में छिपा है। हम आपको यह भी बता दें कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्रस्तावित भारत यात्रा से पहले मॉस्को ने अपने रक्षा प्रस्तावों को भारत के समक्ष पेश करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। S-500 Prometheus, Su-57 Felon स्टील्थ फाइटर, अतिरिक्त S-400 स्क्वाड्रन, Voronezh रणनीतिक अर्ली-वॉर्निंग रडार, Su-30MKI अपग्रेड और Kilo-क्लास पनडुब्बियों के आधुनिकीकरण जैसे प्रस्ताव इस बात का संकेत हैं कि रूस भारत के साथ अपने दशकों पुराने रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहता है। इसे भी पढ़ें: BRICS 2026: क्या विस्तार के बाद Global Economy की दिशा बदल पाएगा भारत? 11 देशों के Leaders पर टिकी नजरें देखा जाये तो भारत के लिए S-400 केवल एक आयातित हथियार प्रणाली नहीं रह गया है। यह देश की बहुस्तरीय एयर डिफेंस संरचना का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से आने वाले हवाई खतरों के खिलाफ S-400 की व्यापक तैनाती ने इसकी उपयोगिता को और मजबूत किया था। एक S-400 ने बेहद लंबी दूरी पर पाकिस्तानी एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल विमान को भी निशाना बनाया था, जिसने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठान में इस सिस्टम की प्रतिष्ठा बढ़ा दी। यही कारण है कि रूस अब भारत को पांच अतिरिक्त S-400 स्क्वाड्रन देने की नई पेशकश कर रहा है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो भारत के पास पहले से अनुबंधित S-400 क्षमता लगभग दोगुनी हो सकती है। लेकिन यहीं सबसे बड़ा विरोधाभास सामने आता है। भारत उसी समय DRDO के नेतृत्व में Project Kusha विकसित कर रहा है, जिसे भविष्य में S-400 श्रेणी की स्वदेशी लंबी दूरी की एयर डिफेंस क्षमता के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत अपनी ही तकनीक पर भरोसा नहीं करता? लेकिन यहां इस सवाल से ज्यादा यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि भारत भविष्य की आत्मनिर्भरता का इंतजार करते हुए वर्तमान की सुरक्षा को कमजोर नहीं कर सकता। इसमें कोई दो राय नहीं कि Project Kusha भारत के लिए सिर्फ एक नया मिसाइल प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि रणनीतिक आत्मनिर्भरता का बड़ा दांव भी है। इस प्रस्तावित प्रणाली में M1, M2 और M3 जैसे अलग-अलग इंटरसेप्टर शामिल हैं, जिनकी अनुमानित मारक क्षमता लगभग 150, 250 और 350 से 400 किलोमीटर तक हो सकती है। इसका उद्देश्य लड़ाकू विमान, ड्रोन और आने वाली मिसाइलों जैसे हवाई खतरों को नष्ट करना है। इसके इंटरसेप्टर उन्नत Gallium Nitride आधारित AESA सीकर, इनर्शियल नेविगेशन और मिड-कोर्स अपडेट जैसी तकनीकों से लैस बताए गए हैं। यहां तकनीकी रूप से यह सवाल भी उठता है कि क्या S-400 या Project Kusha की मिसाइलों को जरूरत पड़ने पर जमीन पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है? इस सवाल का सैद्धांतिक जवाब है, हां लेकिन ऐसा करना समझदारी नहीं होगी। दरअसल, यूक्रेन युद्ध में रूस ने कुछ परिस्थितियों में S-400 के 48N6 मिसाइल श्रेणी से जुड़े इंटरसेप्टरों को जमीन पर स्थित लक्ष्यों के खिलाफ इस्तेमाल किया। देखा जाये तो सिद्धांत रूप से यदि मिसाइल को किसी स्थिर भू-निर्देशांक की ओर भेजा जाए, तो उसकी गाइडेंस प्रणाली उसे उस दिशा में बैलिस्टिक मार्ग पर ले जा सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि S-400 अचानक एक प्रभावी सतह से सतह पर मार करने वाला हथियार बन गया। S-400 इंटरसेप्टर का वारहेड मुख्य रूप से हवा में उड़ते विमानों और मिसाइलों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका ब्लास्ट-फ्रैगमेंटेशन प्रभाव विमान जैसे अपेक्षाकृत नाजुक लक्ष्यों के लिए उपयोगी है, लेकिन मजबूत बंकरों या कठोर जमीनी संरचनाओं को नष्ट करने के लिए यह समर्पित प्रहारक वारहेड जैसा प्रभावी नहीं है। दूसरे शब्दों में, जमीन पर इस्तेमाल होने पर ऐसा इंटरसेप्टर एक बेहद महंगा और सीमित प्रभाव वाला रॉकेट बन सकता है। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, रूस द्वारा ऐसा उपयोग समर्पित सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के दबाव या कमी जैसी युद्धकालीन परिस्थितियों का परिणाम हो सकता है, न कि किसी आदर्श सैन्य रणनीति का मॉडल। और यही भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण सबक है कि एयर डिफेंस मिसाइल को जमीन पर खर्च करना, आसमान की सुरक्षा कमजोर करना है। हम आपको बता दें कि भारत के पास पहले से BrahMos, Pralay, Shaurya और Nirbhay जैसे समर्पित सतह से सतह पर प्रहार करने वाले हथियार मौजूद हैं। इन्हें शुरुआत से ही जमीनी लक्ष्यों के खिलाफ सटीक हमला करने के लिए विकसित किया गया है। इनके पास उपयुक्त वारहेड, विशेष गाइडेंस तकनीक और मिशन के अनुरूप उड़ान प्रोफाइल हैं। इसलिए भारत की सैन्य रणनीति स्पष्ट है कि आसमान की लड़ाई एयर डिफेंस लड़ेगा और जमीन पर प्रहार समर्पित स्ट्राइक मिसाइलें करेंगी। उधर, रूस की ओर से जो पेशकश की जा रही हैं उनमें सबसे बड़ा और जटिल हिस्सा S-500 Prometheus है। रूस इसे S-400 के बाद अगली पीढ़ी की लंबी दूरी की एयर और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रणाली के रूप में पेश कर रहा है। लेकिन भारत के लिए फैसला आसान नहीं होगा। देश पहले से अपना बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस कार्यक्रम विकसित कर रहा है और Project Kusha भी आगे बढ़ रहा है। इसलिए सवाल केवल यह नहीं होगा कि S-500 कितना शक्तिशाली है। असली सवाल होगा कि क्या यह ऐसी क्षमता देता है जो भारत के पास नहीं है, या फिर यह स्वदेशी कार्यक्रमों के साथ अनावश्यक ओवरलैप पैदा करेगा? देखा जाये तो भारत को तत्काल क्षमता और दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता के बीच बेहद सावधानी से संतुलन बनाना होगा। इसके अलावा, रूस का दूसरा बड़ा प्रस्ताव Su-57 Felon पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर है। भारतीय वायुसेना के सामने लड़ाकू स्क्वाड्रनों की कमी और स्वदेशी AMCA के आने में समय लगने की चुनौती है। रूस ने Su-57 के साथ तकनीक हस्तांतरण, स्थानीयकरण और भारत में उत्पादन की संभावना का संकेत दिया है। इसे AMCA आने तक एक संभावित ‘स्टॉपगैप’ के रूप में देखा जा सकता है। लेकिन मुश्किलें भी कम नहीं हैं। भारतीय वायुसेना के पास पहले ही Su-30MKI, MiG-29, Rafale, Mirage 2000, Jaguar और Tejas जैसे विभिन्न प्लेटफॉर्म हैं। Su-57 आने पर प्रशिक्षण, रखरखाव, हथियार, स्पेयर पार्ट्स और लॉजिस्टिक्स का एक नया तंत्र जोड़ना होगा। फिर भी खतरा वास्तविक है। चीन के पास बड़ी संख्या में J-20 स्टील्थ फाइटर होने की बात कही जा रही है, जबकि पाकिस्तान को भी आने वाले समय में चीनी J-35 मिलने की संभावना है। ऐसे में भारत के सामने सवाल खड़ा है कि AMCA का इंतजार करे या स्टील्थ क्षमता में पैदा हो रहे अंतर को भरने के लिए विदेशी विकल्प चुने? विडंबना यह है कि भारत और रूस का पुराना FGFA कार्यक्रम कभी इसी दिशा में संयुक्त समाधान देने वाला था, लेकिन वह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। हम आपको यह भी बता दें कि रूस की पेशकश केवल S-500 और Su-57 तक सीमित नहीं है। Voronezh रणनीतिक अर्ली-वॉर्निंग रडार, HAL के साथ Su-30MKI अपग्रेड और Kilo-क्लास पनडुब्बियों के आधुनिकीकरण जैसे प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण हैं। देखा जाये तो मॉस्को के लिए दांव बहुत बड़ा है क्योंकि भारत पिछले दो दशकों से अमेरिका, फ्रांस, इजरायल और अन्य देशों के साथ भी रक्षा सहयोग बढ़ाकर अपने आपूर्तिकर्ताओं में विविधता ला रहा है। अमेरिकी Javelin मिसाइलों की खरीद की दिशा में कदम और 114 Rafale लड़ाकू विमानों की संभावित बड़ी खरीद इस बदलती तस्वीर का हिस्सा हैं। लेकिन रूस के पास अब भी एक जबरदस्त बढ़त है। भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना में रूसी मूल के लड़ाकू विमान, टैंक, पनडुब्बियां, हेलीकॉप्टर, मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम गहराई तक मौजूद हैं। बहरहाल, पुतिन की भारत यात्रा के दौरान रक्षा सौदों पर होने वाली चर्चा सिर्फ हथियार खरीदने की बातचीत नहीं होगी। यह बातचीत तय करेगी कि अगले दो दशकों में भारत का एयर डिफेंस कैसा होगा, उसकी वायुसेना कितनी तेजी से पांचवीं पीढ़ी की लड़ाई में प्रवेश करेगी। कुल मिलाकर देखें तो S-400 और Project Kusha के बीच मुकाबला वास्तव में ‘रूस बनाम भारत’ नहीं है। यह आज की तत्काल सुरक्षा बनाम कल की रणनीतिक आत्मनिर्भरता का संतुलन है। पुतिन की यात्रा इसी संतुलन को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है। -नीरज कुमार दुबे
भारतीय चुनावी प्रणाली में गोपनीयता और पारदर्शिता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने एक बेहद अहम और बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह तीखा सवाल किया है कि मतगणना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के वोटों को आपस में मिलाने यानी पूल करने के लिए 'टोटलाइजर' (Totaliser) उपकरण का उपयोग कानूनी रूप से क्यों नहीं किया जा रहा है। चुनाव आयोग पिछले लगभग 18 सालों से लगातार यह मांग कर रहा है कि उसे बूथ-वार नतीजों की बारीक जानकारी छिपाने और मतदाताओं की निजता सुरक्षित रखने के लिए टोटलाइजर के इस्तेमाल की अनुमति दी जाए। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की विशेष पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को एक विशिष्ट और विस्तृत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह तकनीक वोटरों की पहचान को सुरक्षित रखने और चुनाव के बाद होने वाले संभावित राजनीतिक प्रतिशोध या उत्पीड़न से बचाने में एक बहुत ही कारगर और अच्छा जरिया साबित हो सकती है।वर्तमान समय में चुनावी व्यवस्था का नियम यह कहता है कि मतगणना के दिन हर एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का कंट्रोल यूनिट एक-एक करके क्रमानुसार खोला जाता है। इसके बाद उसके परिणामों को उस विशिष्ट पोलिंग स्टेशन के नाम और पहचान के साथ सार्वजनिक रूप से दर्ज किया जाता है जहां से वह मशीन लाई गई थी। जब तक मतगणना हॉल में आखिरी मशीन के नतीजे पढ़े जाते हैं, तब तक चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को केवल यह बात ही पता नहीं चलती कि वह जीत रहा है या हार रहा है, बल्कि उसे यह भी साफ-साफ पता चल जाता है कि विधानसभा क्षेत्र के लगभग दो सौ अलग-अलग इलाकों में से किन-किन बूथों और मोहल्लों ने उसे भारी समर्थन दिया है और किस इलाके के मतदाताओं ने उसके खिलाफ मतदान किया है। यह बेहद संवेदनशील और बारीक चुनावी जानकारी 'चुनाव संचालन नियम, 1961' के तहत ईवीएम वोटों की गिनती के मौजूदा तय तरीके का सीधा नतीजा है। इसी व्यवस्था पर अब सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।क्या है टोटलाइजर मशीन और यह कैसे काम करती है?टोटलाइजर तकनीक कोई नई तकनीक नहीं है, बल्कि भारत के निर्वाचन आयोग ने दिसंबर 2016 के अपने एक प्रस्ताव पत्र में इसके इस्तेमाल की जोरदार वकालत की थी। टोटलाइजर अनिवार्य रूप से एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या मशीन है जिसे विशेष केबल के माध्यम से ईवीएम से जोड़ा जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह एक ही बार में चौदह अलग-अलग वोटिंग मशीनों में दर्ज किए गए वोटों को आपस में जोड़ या मिला देता है। इस तकनीक के माध्यम से उम्मीदवारों और उनके काउंटिंग एजेंटों को यह तो पता चल जाता है कि कुल कितने वोट पड़े हैं और किस उम्मीदवार को कुल कितने मत मिले हैं, लेकिन किसी एक विशिष्ट मशीन यानी विशेष पोलिंग बूथ का अलग से अलग-थलग नतीजा सामने नहीं आता है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि टोटलाइज़र चौदह अलग-अलग बूथों के लिए अलग-अलग टैली दिखाने के बजाय उन चौदह बूथों के लिए एक ही संयुक्त टैली देता है। दिलचस्प बात यह है कि देश की दो प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स इकाइयां—भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL)—ने साल 2007 में ही इस उन्नत तकनीक का सफल प्रदर्शन कर दिखाया था, लेकिन प्रशासनिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह ठंडे बस्ते में पड़ी रही।मौजूदा बूथ-वार मतगणना की प्रणाली ने देश के कई हिस्सों में मतदाताओं के लिए एक नया और गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त वी.एस. संपत ने भी साल 2013 में तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री को एक आधिकारिक पत्र लिखकर गहरी चिंता जताई थी कि बूथ-वार गिनती से चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक दलों या स्थानीय दबंगों द्वारा मतदाताओं को उत्पीड़न, प्रतिशोध, डराने-धमकाने या सामाजिक-आर्थिक भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है। लोकतंत्र में मतदान गुप्त होता है, लेकिन जब किसी छोटे गांव या मोहल्ले के पांच सौ वोटों में से किसी एक पार्टी को सिर्फ दो वोट मिलते हैं, तो स्थानीय नेताओं को यह समझने में देर नहीं लगती कि किसने किसे वोट दिया था। ऐसी खतरनाक और संवेदनशील स्थिति में 'टोटलाइजर' मशीन इस प्रकार के हर खतरे को जड़ से दूर करने का सबसे प्रभावी और अचूक माध्यम बन सकती है, जिससे मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के अपने तर्क और आपत्तियांभले ही चुनाव आयोग लंबे समय से इस नियम को बदलकर टोटलाइजर प्रणाली को लागू करने की मांग करता रहा है, लेकिन आयोग ने अपने हालिया हलफनामों में कुछ व्यावहारिक और तकनीकी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं। आयोग के सचिव द्वारा पूर्व में दायर हलफनामे के मुताबिक, वोटों को एक साथ मिलाने से ईवीएम की सुरक्षा और आंकड़ों के सत्यापन (verification) की एक बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी टूट जाएगी। फिलहाल की व्यवस्था के अनुसार, मतदान समाप्त होने के बाद फॉर्म 17सी के भाग I में दर्ज कुल वोटों की संख्या का मिलान मतगणना के दिन भाग II से करके किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या टेंपरिंग का तुरंत पता लगा लिया जाता है। यदि एक साथ चौदह मशीनों के वोटों को आपस में पूल कर दिया गया, तो भविष्य में किसी एक मशीन में आई तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि को पकड़ पाना लगभग असंभव हो जाएगा।इसके अलावा, राजनीतिक दलों और प्रशासनिक स्तर पर भी इसे लेकर भारी मतभेद देखने को मिले हैं। वर्ष 2016 में सरकार द्वारा गठित मंत्रियों के एक विशेष समूह ने इस प्रस्ताव को यह कहकर खारिज कर दिया था कि बूथ-वार मतदान के विस्तृत आंकड़े राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को यह गहराई से समझने में मदद करते हैं कि किस विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र या पॉकेट में विकास कार्यों, सड़क, बिजली या पानी की अधिक आवश्यकता है। इसके अलावा देश के प्रमुख राजनीतिक दलों में भी इसे लेकर कोई एकराय नहीं है; देश के बड़े राष्ट्रीय दलों और दर्जनों राज्य स्तरीय दलों ने इसके पक्ष और विपक्ष में बंटी हुई प्रतिक्रियाएं दी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी को इस पूरे मामले के सभी जटिल कानूनी पहलुओं और व्यावहारिक बाधाओं की गहराई से जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही, अदालत ने चुनाव आयोग को यह भी सलाह दी है कि वे सरकार और संसद के समक्ष इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर पुनर्विचार के लिए दोबारा प्रस्ताव लेकर जाएं, क्योंकि चुनावी नियमों में संशोधन करने का अंतिम अधिकार केंद्र सरकार और विधायिका के पास ही निहित है।
ऑनलाइन सट्टे की रकम को कैश में बदलकर, अवैध रेमिटेंस और फर्जी ODI से लगा रहे थे ठिकाने
ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म Parimatch से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर में 12 ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत की जा रही है। ईडी के मुताबिक, इस कार्रवाई में ऐसे लोगों और संस्थाओं के परिसरों को भी शामिल किया गया है, जिन पर कथित तौर पर सट्टेबाजी से हासिल रकम को नकदी में बदलने, विदेश भेजने और भुगतान व्यवस्था के जरिए आगे बढ़ाने में मदद करने का संदेह है।
घास को माना शव, फिर सामूहिक मुखाग्नि... लापता अपनों को ऐसी विदाई!
नेपाल में पिछले हफ्ते आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई. जिन परिवारों को अब तक अपने परिजनों के शव नहीं मिले हैं, उनके लिए परिवारों ने कुश की घास से प्रतीकात्मक शव बनाकर उनका अंतिम संस्कार किया.
अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य और दिव्य मंदिर के निर्माण के बाद अब इसके प्रशासनिक और प्रबंधकीय ढांचे को अधिक मजबूत, पेशेवर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भारतीय वायु सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी CEO नियुक्त किया है। हालांकि इस महत्वपूर्ण नियुक्ति को लेकर अभी आधिकारिक और औपचारिक ऐलान होना बाकी है, लेकिन इस फैसले ने देश भर में धार्मिक और प्रशासनिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अयोध्या में प्रतिदिन लाखों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं, मंदिर परिसर की सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और निर्माण से जुड़े कार्यों की विशालता को देखते हुए एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी की जरूरत महसूस की जा रही थी। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का लगभग चार दशकों का बेदाग सैन्य करियर, बड़े ऑपरेशनल सिस्टम्स को संभालने का उनका तजुर्बा और उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली राम मंदिर के भविष्य के प्रबंधन के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।भारतीय वायु सेना में लगभग चार दशक का लंबा और गौरवशाली अनुभव रखने वाले जितेन्द्र मिश्रा देश के उन चुनिंदा सम्मानित सैन्य अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने अपनी वीरता, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दक्षता से भारतीय रक्षा बलों को नई ऊंचाइयां दी हैं। वह भारतीय वायु सेना के अत्यंत महत्वपूर्ण पद यानी वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। देश की रक्षा में उनके असाधारण योगदान और अदम्य साहस के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मानों में से एक सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से अलंकृत किया जा चुका है। एक फाइटर कॉम्बैट लीडर और टेस्ट पायलट के रूप में उनका करियर नई पीढ़ी के सैन्य अधिकारियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा है।1986 में भारतीय वायु सेना से हुई थी शानदार शुरुआतग्रुप कैप्टन और एयर मार्शल के रूप में देश सेवा करने वाले जितेन्द्र मिश्रा का करियर अनुशासन, उच्च कोटि की तकनीकी समझ और अदम्य साहस की मिसाल रहा है। उन्हें 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में एक पायलट के रूप में कमीशंड किया गया था। अपनी पेशेवर दक्षता को और अधिक निखारने के लिए उन्होंने अमेरिका स्थित प्रतिष्ठित Air Command and Staff College, Air University से भी उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया था। अपने लंबे और व्यापक सैन्य सफर के दौरान उन्होंने भारतीय वायु सेना के भीतर कई अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण पदों की कमान संभाली। उन्होंने Air Force Test Pilots' School में सीनियर टेस्ट फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के रूप में युवा पायलटों को प्रशिक्षित किया, मिग-21 यानी MiG-21 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में अपनी पुरानी मशीनों को भी पूरी तरह ऑपरेशनल और दुरुस्त रखा, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) में चीफ टेस्ट पायलट की भूमिका निभाई, एयरक्राफ्ट अपग्रेड्स के डायरेक्टर (प्रोjects) रहे और साथ ही सु-30 एमकेआई यानी Su-30 MKI ऑपरेशनल एयरबेस के चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर के रूप में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी।Su-30 MKI और BrahMos प्रोजेक्ट में निभाई थी बेहद अहम भूमिकारक्षा उत्पादन और सामरिक परियोजनाओं के मोर्चे पर भी एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा का योगदान अतुलनीय रहा है। डायरेक्टर (प्रोjects) के रूप में उन्होंने कई अत्याधुनिक रक्षा परियोजनाओं को गति दी। विशेष रूप से Su-30 MKI Block IV और भारत-रूस के संयुक्त उपक्रम वाले ब्रह्मोस यानी BrahMos integration projects में उनकी रणनीतिक सूझबूझ और तकनीकी मार्गदर्शन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व, दूरदर्शिता और सटीक समय-योजना के कारण इन जटिल रक्षा परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर आगे बढ़ाने में मदद मिली। इसके अलावा, जब उन्होंने मिग-21 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाली थी, तब उस समय पुराने होते विमान बेड़े के बावजूद विमान की सर्विसिबिलिटी और ऑपरेशनल रेडीनेस को उच्चतम स्तर पर बनाए रखना एक बड़ी चुनौती था, जिसे उन्होंने अपनी अद्भुत कार्यक्षमता से संभव कर दिखाया।फ्रांस में Garuda IV अभ्यास का किया था शानदार नेतृत्वअंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सैन्य ताकत और कूटनीतिक समन्वय का लोहा मनवाने में भी जितेन्द्र मिश्रा हमेशा सबसे आगे रहे हैं। जून 2010 में उन्हें फ्रांस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय गरुड़ चतुर्थ यानी Garuda IV Air Exercise में भारतीय वायु सेना के संपूर्ण दल का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था। दुनिया भर की वायु सेनाओं के बीच आयोजित इस बड़े सैन्य अभ्यास में उनके कुशल नेतृत्व और सामरिक योजना के कारण भारतीय वायु सेना ने शानदार प्रदर्शन किया। यह अभ्यास पूरी तरह सफल रहा और वैश्विक मंच पर एक बार फिर भारतीय वायु सेना की पेशेवर क्षमता, अनुशासन और आधुनिक युद्ध कौशल का गहरा प्रभाव देखने को मिला।Kargil War यानी ऑपरेशन सफेद सागर से भी रहा है गहरा नाताभारतीय सैन्य इतिहास के सबसे कठिन और गौरवशाली अध्यायों में से एक 1999 के कारगिल युद्ध यानी 'ऑपरेशन सफेद सागर' से भी एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा का नाम गहराई से जुड़ा हुआ है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों और सैन्य दस्तावेजों के अनुसार, कारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय वायु सेना द्वारा मिराज-2000 यानी Mirage-2000 लड़ाकू विमानों से दुश्मन के ठिकानों पर लेजर-गाइडेड बमों के अचूक इस्तेमाल से जुड़े सामरिक अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण और प्रत्यक्ष भूमिका रही थी। अत्यधिक दुर्गम पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों और दुश्मन की ऊंचाइयों पर बैठे होने के बावजूद भारतीय वायु सेना ने जो ऐतिहासिक पराक्रम दिखाया था, उसकी रणनीतिक रूपरेखा में ऐसे ही जांबाज अधिकारियों का बड़ा योगदान था।Ram Mandir Trust में तीन नए ट्रस्टी भी किए गए शामिलएयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला CEO बनाए जाने की सुगबुगाहट के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टियों को शामिल किया गया है, जिससे मंदिर के प्रबंधकीय और वैधानिक कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। इन नए ट्रस्टियों में दिल्ली के प्रमुख उद्यमी और समाजसेवी महेश भगचंदका, अयोध्या के प्रतिष्ठित मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। विशेष रूप से महेश भगचंदका को दिवंगत और प्रख्यात विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिग्गज नेता अशोक सिंघल का करीबी रिश्तेदार माना जाता है। नए ट्रस्टियों की इस नियुक्ति और एक सेवानिवृत्त एयर मार्शल को सर्वोच्च प्रशासनिक पद (CEO) पर बैठाए जाने के निर्णय को राम मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे को पूरी तरह कॉर्पोरेट, पारदर्शी और सैन्य अनुशासन की तर्ज पर ढालने के एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।Ram Mandir के लिए नई और बड़ी जिम्मेदारी क्यों है बेहद अहम?अयोध्या में नवनिर्मित भव्य राम मंदिर में रोजाना दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर पहुंच रही है। आने वाले समय में देश-विदेश से आने वाले राम भक्तों की भारी भीड़ को प्रबंधित करना, मंदिर परिसर की त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना, चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति की निगरानी करना तथा भविष्य की तमाम धार्मिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाना एक बहुत बड़ी चुनौती है। ऐसे में एक ऐसे काबिल अधिकारी की आवश्यकता थी जो बड़े पैमाने पर मैनपावर मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा तंत्र को संभालने का अभूतपूर्व अनुभव रखता हो।भारतीय वायु सेना के सबसे बड़े ऑपरेशनल कमांड्स का सफल नेतृत्व करने वाले एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा के पास संकट प्रबंधन, अनुशासन, टीम वर्क और आधुनिक तकनीक आधारित प्रशासनिक नियंत्रण का लंबा तजुर्बा है। उनसे यह प्रबल उम्मीद की जा रही है कि वे राम मंदिर ट्रस्ट के दैनिक कामकाज में उच्च कोटि का पेशेवर प्रबंधन, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और एक पारदर्शी व सुचारू प्रशासन स्थापित करेंगे। उनके नेतृत्व में मंदिर का संचालन न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के धार्मिक संस्थानों के लिए एक आधुनिक और अनुशासित मॉडल के रूप में उभरेगा, जिससे अयोध्या आने वाले हर श्रद्धालु को एक दिव्य, सुरक्षित और सहज अनुभव प्राप्त हो सकेगा।
यूपी: मोहन प्रसाद का मुस्लिम रीति-रिवाज से दफनाया गया शव, जानें क्यों
देवरिया जिले के सोनुघाट गांव में एक दलित हिंदू व्यक्ति मोहन प्रसाद के निधन के बाद उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार शव को मुस्लिम रीति-रिवाज से कब्रिस्तान में दफनाया गया. मृतक और उनकी पत्नी मुस्लिम धर्म मानते थे. शव दफनाने को लेकर गांव में विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची.
दिन में चोरी, रात में पार्टी... कैफे बंद हुआ तो प्रेमी जोड़ा बना चोर
नोएडा में कैफे कारोबार में नुकसान के बाद एक प्रेमी जोड़े ने चोरी की राह पकड़ ली. दोनों अपने साथी के साथ अर्टिगा कार से हाईराइज सोसाइटी और दूसरे इलाकों में बंद मकानों की रेकी करते, फिर नकदी और कीमती सामान चुरा लेते थे. दिन में वारदात के बाद रात को बार-रेस्तरां में पार्टी करते थे. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लाखों का माल बरामद किया है.
'बैग में कंडोम मिला', एक्ट्रेस को प्रेग्नेंसी में पति ने किया चीट!
चारु असोपा और राजीव सेन की शादी नहीं चली थी. दोनों का रिश्ता पब्लिक स्क्रूटिनी का हिस्सा रहा था. चारु और राजीव ने मीडिया में एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे.
राम मंदिर को मिला पहला CEO, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर ट्रस्ट का पहला फुल-टाइम CEO नियुक्त किया है। अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में बुधवार को हुई ट्रस्ट की अहम बैठक में इस नियुक्ति पर मुहर लगाई गई।
ऑपरेशन सिंदूर से सफेद सागर और राम मंदिर ट्रस्ट तक... रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की कहानी
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
जब बुलडोजर पर खुद बैठे शुभेंदु अधिकारी, 2 लाख से अधिक कफ सीरप की बोतलें नष्ट
मुख्यमंत्री बनने के बाद बालूरघाट के अपने पहले दौरे पर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इसके साथ ही वे बालूरघाट हवाई अड्डे के विकास कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे।
‘साथिया’ का 24 साल पुराना ये गाना आज भी शादी और विदाई के मौकों पर खूब पसंद किया जाता है. गुलजार के खूबसूरत बोल, एआर रहमान का संगीत और रानी मुखर्जी के डांस से सजे इस गीत की खास बात यह है कि इसे हॉलीवुड फिल्म ‘द एक्सीडेंटल हसबैंड’ में भी इस्तेमाल किया गया था.
कारगिल युद्ध के घायल पूर्व सैनिक ने की आत्महत्या की कोशिश, 24 साल से जमीन आवंटन का इंतजार
कारगिल युद्ध के एक पूर्व सैनिक शिवानंद रेड्डी ने 24 साल से लंबित जमीन आवंटन के मुद्दे पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम से मिलने से रोके जाने के बाद आत्महत्या का प्रयास किया।
अयोध्या राम मंदिर के पहले CEO का ऐलान हो गया है. इस पद के लिए भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जतेंद्र मिश्रा को जिम्मेदारी मिली है.
चेहरे पर नेचुरल ग्लो और पिंपल्स से राहत पाना चाहते हैं? जानिए ग्रीन टी फेस टोनर बनाने और इस्तेमाल करने का आसान तरीका. यह घरेलू उपाय त्वचा को फ्रेश रखने और निखार बढ़ाने में मदद कर सकता है.
पुलिस ने बुधवार को बताया कि मध्य प्रदेश के जबलपुर ज़िले में बारिश के कारण एक फ़ैक्ट्री की दीवार गिरने से दो मज़दूरों की मौत हो गई। यह फ़ैक्ट्री ज़िले के राइट टाउन इलाके में है। बताया जा रहा है कि जब यह घटना हुई, तब मज़दूर फ़ैक्ट्री को तोड़ने के काम के तहत लोहा काटने का काम कर रहे थे। मदन महल पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर सतीश अनुरागी ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इसे भी पढ़ें: MP कैबिनेट ने इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास और कल्याणकारी कार्यों के लिए 41,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की मंज़ूरी दी SI अनुरागी ने कहा हमें आज फ़ैक्ट्री से सूचना मिली कि वहाँ मज़दूरों का काम चल रहा था और एक दीवार गिरने से दो मज़दूरों की मौत हो गई। हम तुरंत मौक़े पर पहुँचे। मृतकों की पहचान नसीम और अकबर के तौर पर हुई है। उनके कॉन्ट्रैक्टर को बुलाया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, इस मामले में अभी जाँच चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएँगे, उन्हें बाद में बताया जाएगा। इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में टीईटी अनिवार्यता से 1.50 लाख शिक्षक प्रभावित, कांग्रेस ने मांगा विधानसभा का विशेष सत्र वहीं, कॉन्ट्रैक्टर मिर्ज़ा ज़ाकिर हुसैन ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब मज़दूर परिसर के अंदर लोहा काट रहे थे। उन्होंने कहा मज़दूर अंदर लोहा काट रहे थे। बारिश की वजह से दीवार गिर गई और वे उसके नीचे दब गए। वे ऊँचाई पर काम नहीं कर रहे थे। मज़दूर नीचे काम कर रहे थे और लोहा काट रहे थे। दीवार कमज़ोर हो गई थी और अंदर की तरफ़ गिर गई। बारिश के मौसम में बिना सुरक्षा इंतज़ाम के मज़दूरों से काम करवाने के बारे में पूछे जाने पर ठेकेदार हुसैन ने कहा, वे लोहा काट रहे थे; वे दीवार या इमारत नहीं गिरा रहे थे। इस काम में किसी सुरक्षा इंतज़ाम की ज़रूरत नहीं थी। अगर वे दीवार तोड़ रहे होते या ऊंचाई पर काम कर रहे होते, तो हम सुरक्षा इंतज़ामों पर ध्यान देते।
रोज इतने कप कॉफी सेहत के लिए खतरा, हो सकती है पानी की कमी
कॉफी में मौजूद कैफीन का ड्यूरेटिक प्रभाव शरीर से पानी और सोडियम को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालता है, जिससे यूरिन ज्यादा आता है. डॉक्टर बताते हैं कि हाई बीपी, पेट की बीमारी या नींद की दवा लेने वाले लोगों को कॉफी से बचना चाहिए.
'हमें भारत पर पूरा भरोसा...', अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने यूएस-इंडिया के रिश्तों पर कह दी बड़ी बात
सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देश एक ऐसे व्यापारिक रिश्ते का निर्माण कर रहे हैं जो निष्पक्ष, पारस्परिक और दोनों के लिए फायदेमंद हो.
टोल में झोल: NHAI के सॉफ्टवेयर के
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को नेशनल हाईवे अथॉरिटी इंडिया (NHAI) के विभिन्न टोल प्लाजा में फर्जी टोल कलेक्शन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 ठिकानों पर तलाशी शुरू की। कार्रवाई उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, दिल्ली-NCR और पश्चिम बंगाल तक फैली है। ईडी के मुताबिक जांच में ऐसे अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं, जिनसे अनधिकृत टोल रसीदें बनाई जाती थीं और टोल की रकम को आधिकारिक लेखा प्रणाली से बाहर डायवर्ट किया जाता था।
सिर्फ 4.5 घंटे में दिल्ली से पटना, आ रही अगली बुलेट ट्रेन
दिल्ली से पटना के बीच भारत के नेक्स्ट बुलेट ट्रेन चलने का प्रस्ताव सामने आया है, जो उत्तर प्रदेश के कई शहरों को जोड़ते हुए जाएगी. यह दिल्ली से पटना सिर्फ 4.5 घंटे में पहुंचा सकती है.
शिवपुरी में सभा के बीच राशन की मांग करने पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अचानक तेवर बदल गए. इसके बाद उन्होंने कहा- 'नेतागिरी नहीं, नेतागिरी करनी है तो नेता के पास जाओ'. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
तमिलनाडु विधानसभा में अनोखी बहस: 'नागदोषम' पर थलपति विजय के मंत्री ने दिया 'जलदोषम' वाला जवाब
तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान सांप काटने की घटनाओं को 'नाग दोषम' से जोड़कर विपक्षी डीएमके विधायक ओ पनीरसेल्वम और सत्ताधारी टीवीके सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के बीच हंसी-मजाक भरी नोकझोंक देखने को मिली।
राम मंदिर के ट्रस्ट के नए CEO के नाम का ऐलान हो गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया CEO चुना गया है.
शुक्र गोचर से 7 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन, मिलेगी बंपर सफलता
Shukra Gochar: 5 नवंबर से शुक्र कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं. जानिए किन 7 भाग्यशाली राशियों के लिए यह गोचर रहेगा बेहद शुभ और बरसेगा धन.
शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि दिशा सालियान मौत मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर जांच अपने हाथ में लेने का आदेश दे दिया है। हालांकि, अदालत ने साफ किया है कि उसने आदित्य ठाकरे या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी या निष्कर्ष नहीं दिया है। अब यह पूरी तरह CBI की जांच और जुटाए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ संदेह के पर्याप्त आधार बनते हैं या नहीं। हम आपको बता दें कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की रहस्यमय मौत के करीब छह साल बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मामले की CBI जांच का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति रंजीतसिंह राजा भोंसले की खंडपीठ ने मुंबई पुलिस को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड तत्काल CBI को सौंपने का निर्देश दिया है। साथ ही जांच किसी अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी से कराने को कहा गया है। इसे भी पढ़ें: Disha Salian Case CBI Probe | बॉम्बे हाई कोर्ट के CBI जांच के आदेश के बाद भावुक हुए पिता, बोले- 6 साल से इसका इंतज़ार था... 44 पन्नों के फैसले में हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच में “गंभीर विसंगतियों” का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच “जवाब देने से ज्यादा सवाल खड़े करती है।” अदालत ने यह भी हैरानी जताई कि करीब छह वर्षों तक जांच चलती रही, लेकिन FIR तक दर्ज नहीं की गई। कोर्ट ने कहा कि पुलिस को संज्ञेय अपराध की जांच का पर्याप्त अवसर मिला, लेकिन उसने न तो FIR दर्ज की और न ही अपेक्षित तरीके से जांच आगे बढ़ाई। हम आपको याद दिला दें कि दिशा सालियान 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक आवासीय इमारत से गिरने के बाद मृत पाई गई थीं। मुंबई पुलिस ने इसे पहले आकस्मिक मृत्यु का मामला (ADR) दर्ज किया और बाद में जांच के आधार पर आत्महत्या बताया। लेकिन दिशा के पिता सतीश सालियान ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपनी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया तथा प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए राजनीतिक स्तर पर साजिश और पर्दादारी का आरोप भी लगाया। सतीश सालियान की याचिका में शिवसेना (UBT) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे के खिलाफ आरोपों की जांच की मांग भी की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को केवल अदालत के समक्ष लगाए गए आरोपों के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता। जांच अधिकारी को साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय करना होगा कि किसी के खिलाफ “उचित संदेह” के पर्याप्त आधार हैं या नहीं। हाईकोर्ट ने घटनास्थल की जांच, यानी स्पॉट पंचनामा में देरी पर भी सवाल उठाए। अदालत ने घटनास्थल पर खून नहीं मिलने और चोटों के स्वरूप को लेकर भी संदेह जताया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इतनी ऊंचाई से गिरने की स्थिति में केवल ठोड़ी पर एक चोट और चेहरे की कोई हड्डी न टूटना स्वीकार करना कठिन है। अभियोजन ने दलील दी थी कि बारिश के कारण खून के निशान धुल गए होंगे, लेकिन अदालत ने नोट किया कि जिस बारिश का हवाला दिया गया, वह घटना के कई घंटे बाद हुई थी। कपड़ों को लेकर भी अदालत ने विरोधाभास दर्ज किया। पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव को बिना कपड़ों के बताया गया, जबकि अस्पताल और शवगृह की तस्वीरों में दिशा के शरीर पर कपड़े दिखाई देने की बात सामने आई। अदालत ने इन तथ्यों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया, लेकिन कहा कि इनमें “तर्कसंगत संदेह की पर्याप्त गुंजाइश” है। अब CBI सतीश सालियान का बयान दर्ज कर FIR करेगी और मामले की नए सिरे से जांच शुरू करेगी। यदि जांच में कोई आपराधिक मामला नहीं बनता, तो CBI को सक्षम अदालत में उपयुक्त समरी रिपोर्ट दाखिल करनी होगी, जिसे सतीश सालियान चुनौती भी दे सकेंगे। उधर, छह साल से न्याय की लड़ाई लड़ रहे सतीश सालियान ने फैसले पर राहत जताई, लेकिन कहा कि बेटी को खोने के बाद जश्न मनाने का कोई कारण नहीं है। उनका दर्द साफ था, “मैं छह साल से इसका इंतजार कर रहा था। मैं खुश नहीं हूं, मैंने अपनी बेटी खो दी है। आज सिर्फ राहत मिली है।'' हम आपको यह भी बता दें कि आदित्य ठाकरे ने भी मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए सतीश सालियान की याचिका को “झूठी, निराधार और प्रेरित” बताया था। लेकिन अब CBI जांच के आदेश के साथ यह मामला एक नए और बेहद संवेदनशील दौर में प्रवेश कर चुका है। जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष ही तय करेंगे कि छह साल पुराने इस रहस्य की परतों के पीछे आखिर क्या सच छिपा है। दूसरी ओर, दिशा सालियान मामले की CBI जांच का राजनीतिक असर भी शिवसेना (UBT) पर पड़ सकता है। अगर जांच के दौरान आदित्य ठाकरे से जुड़े आरोपों की पड़ताल आगे बढ़ती है, तो पार्टी को कानूनी मोर्चे के साथ-साथ राजनीतिक और छवि संबंधी दबाव का भी सामना करना पड़ सकता है। हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आदित्य ठाकरे के खिलाफ कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया है और किसी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता। लेकिन चूंकि शिवसेना (UBT) पहले से ही संगठनात्मक अस्थिरता से जूझ रही है, ऐसे में अदालत का आज का फैसला पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा सकता है। हम आपको याद दिला दें कि जून 2026 में पार्टी के छह सांसदों के शिंदे खेमे की ओर जाने को लेकर बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हुआ था, जबकि अब कुछ मीडिया रिपोर्टों में कई विधायकों के भी एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने और संभावित दलबदल की अटकलें तेज हैं। यदि सांसदों के बाद विधायकों का भी एक बड़ा समूह टूटता है, तो उद्धव ठाकरे की पार्टी के लिए यह 2022 के विभाजन के बाद सबसे गंभीर संगठनात्मक संकट साबित हो सकता है। माना जा रहा है कि आदित्य ठाकरे के इर्द-गिर्द CBI जांच की राजनीतिक बहस पार्टी पर दबाव और बढ़ा सकती है, क्योंकि विपक्षी प्रतिद्वंद्वी इसे आक्रामक राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
कौन हैं राम मंदिर के पहले CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर से है कनेक्शन
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ बने जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में 38 साल तक सेवा दे चुके हैं। वे वेस्टर्न एयर कमांड में भी तैनात थे। पाकिस्तान के खिलाफ चले ऑपरेशन सिंदूर से भी उनका कनेक्शन रहा है।
50 रुपये में 243KM रेंज, सिंपल वेव स्कूटर लॉन्च, इतनी है कीमत
एथर एनर्जी, टीवीएस और बजाज चेतक को टक्कर देने के लिए एक और स्कूटर ने मास मार्केट में एंट्री कर ली है. हम बात कर रहे हैं सिंपल एनर्जी की, जिसने अपना नया स्कूटर वेव (Simple Wave) लॉन्च किया है. ये स्कूटर मल्टीपल बैटरी और रेंज ऑप्शन में आता है. ये कंपनी का पहला फैमिली फोकस्ड स्कूटर है. आइए जानते हैं इसकी खास बातें.
अमित ठाकरे द्वारा एक कॉलेज से PM मोदी की तस्वीर हटाने को लेकर हुए विवाद ने राज ठाकरे और बीजेपी के रिश्तों को फिर चर्चा में ला दिया है.
सुशांत राजपूत की मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच अब सीबीआई के हवाले
सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला छह साल बाद एक बार फिर जांच के केंद्र में आ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। अदालत ने सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने, दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करने और एक वरिष्ठ व अनुभवी अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी देने का निर्देश दिया है।
SC Bench का बड़ा आदेश: IPRS Caveat गायब होने की होगी जांच, Hotel Apollo को दिखाना होगा अपना License
सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्रार (लिस्टिंग) को इंडियन परफॉर्मिंग राइट्स सोसाइटी लिमिटेड (आईपीआरएस) द्वारा दायर एक कैविएट को होटल अपोलो एंड टूर्स प्राइवेट लिमिटेड (अपोलो) द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका के साथ जोड़ने में विफलता की जांच करने का निर्देश दिया है। यह विवाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश से उत्पन्न हुआ है, जिसमें आईपीआरएस के पक्ष में निषेधाज्ञा दी गई थी और अपोलो को होटल के कमरों में आईपीआरएस सदस्यों से संबंधित कार्यों के प्रसारण से रोक दिया गया था। न्यायमूर्ति के.वी. की पीठ विश्वनाथन और न्यायमूर्ति अरुण पल्ली ने अपोलो को अपने केबल ऑपरेटर को कथित तौर पर आईपीआरएस द्वारा जारी किए गए लाइसेंस को रिकॉर्ड में रखने का भी निर्देश दिया। इसे भी पढ़ें: Supreme Court का OIL को बड़ा निर्देश: Dibru-Saikhowa Drilling विवाद पर दायर करें नई याचिका IPRS की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट गुरु कृष्णकुमार और अमित प्रसाद ने कहा कि अपोलो ने जानबूझकर अपनी SLP में यह नहीं बताया कि कलकत्ता हाई कोर्ट के फ़ाइनल ऑर्डर को भी चुनौती दी गई थी; ऐसा शायद IPRS की तरफ़ से दाखिल कैविएट (caveat) से बचने के लिए किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि अपोलो ने सुप्रीम कोर्ट से एक अंतरिम आदेश (interim order) इस गलत बयान के आधार पर हासिल किया था कि उसके केबल ऑपरेटर के पास IPRS का वैलिड लाइसेंस है। इसे भी पढ़ें: Kapil Sibal का बड़ा आरोप: BJP को जिताने के लिए Voter List में हेरफेर की साजिश सुनवाई के दौरान, बेंच ने खास तौर पर अपोलो की तरफ़ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल से पूछा कि क्या केबल ऑपरेटर के पास असल में IPRS का लाइसेंस था। कोर्ट ने गौर किया कि 20 अगस्त, 2026 को अपना अंतरिम आदेश देते समय, उसने कौल के उस बयान पर भरोसा किया था - जो उन्हें निर्देश देने वाले वकील से मिली जानकारी पर आधारित था - कि अपोलो के केबल ऑपरेटर के पास IPRS का लाइसेंस है। कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि अपोलो के एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड ने 24 अगस्त की सुनवाई के दौरान भी इसी बात को दोहराया था।
नाबालिग छात्र से बार-बार यौन शोषण का आरोप, मदरसा शिक्षक गिरफ्तार
कन्नूर में 11 से 13 साल की उम्र के एक नाबालिग छात्र के साथ बार-बार यौन शोषण के आरोप में मदरसा शिक्षक मोहम्मद बशीर को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी पर बच्चे को धमकाकर मामले की जानकारी किसी को न देने देने का भी आरोप है. शिकायत के आधार पर चोकली पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया. आरोपी जेल भेज दिया गया है.
'रसगुल्ला हो गई...' कटरीना की बॉडी शेमिंग पर भड़कीं एक्ट्रेस, लगाई क्लास
कटरीना कैफ पिछले साल नवंबर में मां बनी थीं. उन्होंने और एक्टर विक्की कौशल के बेटे का नाम विहान है. मां बनने के बाद से कटरीना ने सार्वजनिक कार्यक्रमों से काफी दूरी बनाए रखी है. ऐसे में 26 अगस्त को मुंबई में उनकी सार्वजनिक मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा.
गुजरात में चलती ट्रेन से लटक गया यात्री, RPF ने बचाई जान
गुजरात के नडियाद रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा एक यात्री अचानक फिसलकर दरवाजे के हैंडल से लटक गया. ट्रेन रफ्तार पकड़ रही थी और यात्री की जान खतरे में थी. तभी ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कॉन्स्टेबल ताजुद्दीन ने दौड़कर उसे पकड़ लिया और प्लेटफॉर्म की तरफ खींचकर सुरक्षित बचा लिया. घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जवान की बहादुरी की खूब तारीफ हो रही है.
राहुल गांधी के खिलाफ FIR लोकतंत्र पर हमला: DK Shivakumar बोले- LoP को दलितों के लिए आवाज उठाने का हक
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को राहुल गांधी का बचाव किया। राहुल गांधी पर मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद कथित शुद्धिकरण रस्म पर टिप्पणी करने के लिए FIR दर्ज की गई थी। शिवकुमार ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें दलितों के लिए आवाज़ उठाने का पूरा अधिकार है। पत्रकारों से बात करते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा, यह एक महान लोकतांत्रिक देश है... राहुल गांधी इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि जो गलत हुआ है, उसे FIR के ज़रिए सुधारा जाना चाहिए। चूँकि वह देश के दलितों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं और BJP उनके खिलाफ FIR दर्ज कर रही है... विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें बोलने और आवाज़ उठाने का पूरा अधिकार है, साथ ही समाज के सभी वर्गों के साथ खड़े होने का भी अधिकार है। इस बीच, कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR को लेकर बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में BJP सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसे भी पढ़ें: Karnataka: Dakshina Kannada में 1 सितंबर से महंगा हुआ Auto Rickshaw किराया, जानें नई दरें विरोध प्रदर्शन के दौरान KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने कहा, हम पीएम मोदी और अमित शाह के तानाशाही रवैये का विरोध कर रहे हैं। राहुल गांधी मांग कर रहे थे कि उन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए जिन्होंने देश के सबसे वरिष्ठ राजनेताओं में से एक, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान किया है। संविधान और मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने के बजाय, उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर दी है, उन्होंने ANI को बताया। इसे भी पढ़ें: Srinagar में राज्य के दर्जे की मांग पर अड़ी National Conference, पुलिस ने रोका BJP दफ्तर का घेराव यह बयान 30 अगस्त को दर्ज की गई FIR के बाद आया है, जो हल्द्वानी की जवाहर नगर कॉलोनी के रहने वाले और वाल्मीकि समुदाय के सदस्य 26 वर्षीय अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज की गई थी। कुमार 'श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास' संगठन के पदाधिकारी भी हैं। पुलिस ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराओं (जिनमें धारा 3(1)(r) और 3(1)(u) शामिल हैं) के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196 के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में अधिकार क्षेत्र से संबंधित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 199 का भी उल्लेख किया गया है।
11 चौके, 6 छक्के... डिकॉक का तूफानी शतक, कोहली की कर ली बराबरी
क्विंटन डिकॉक ने कैरेबियन प्रीमियर लीग में बारबाडोस ट्राइडेंट्स के लिए 106 रन की तूफानी पारी खेलकर T20 क्रिकेट में खास मुकाम हासिल किया. 10वें शतक के साथ उन्होंने विराट कोहली और डेविड वॉर्नर की बराबरी कर ली. हालांकि डिकॉक की शतकीय पारी भी बारबाडोस को जीत नहीं दिला सकी और सेंट किट्स ने 6 विकेट से मुकाबला जीत लिया.
चार बच्चों की लाश देख फूट-फूटकर रोए पिता... DSP ने गले लगाकर संभाला
कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट ने गया प्रसाद साहू के परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया. हादसे में उनके चार बच्चों की मौत हुई. पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचे तो पिता बदहवास होकर रो पड़े और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए. सिराथू DSP सत्येंद्र तिवारी ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया. वहीं, बुधवार को परिवार को 32 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक मिला.
भारत, चीन और अमेरिका से नेपाल ने मांगा
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ अब सिर्फ एक मानवीय त्रासदी नहीं रह गई है। इसके बाद काठमांडू ने इस आपदा को जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान और उसकी जिम्मेदारी के बड़े अंतरराष्ट्रीय सवाल से जोड़ दिया है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खानाल ने कहा है कि देश अब आपदा के बाद मिलने वाली मदद को केवल राहत या दान के तौर पर नहीं देखना चाहता। नेपाल की कोशिश है कि जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान की भरपाई को 'न्याय और मुआवजे' के मुद्दे के रूप में अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया जाए।
दीवार के बीच लोहे की जाली क्यों डालते हैं कारीगर? ये है वजह
इन दिनों घर बनाने के दौरान मिस्त्री सिंगल ब्रिक यानी 4 इंच की दीवार या पार्टिशन वॉल में लोहे की जाली डालते दिख जाते हैं. ऐसे में जानते हैं कि आखिर कारीगर ऐसा क्यों करते हैं और इसके क्या फायदे हैं?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के साथ बैठक के दौरान केंद्र से राज्य में आदिलाबाद और मामुनुरु हवाई अड्डों पर विकास कार्यों में तेज़ी लाने का आग्रह किया। रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के कार्यालय, राजीव गांधी भवन में नायडू से मुलाकात की और राज्य के विमानन बुनियादी ढांचे और पर्यटन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि तेलंगाना सरकार ने मामुनुरु हवाई अड्डे के लिए ज़रूरी ज़मीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया है और परियोजना के लिए ज़मीन सौंप दी है। इसे भी पढ़ें: Telangana Politics: कांग्रेस के 1000 दिन यानी क्रिमिनल वेस्ट, KTR ने Revanth Reddy सरकार के खिलाफ जारी की Charge Sheet नायडू ने रेवंत रेड्डी को बताया कि मामुनुरु एयरपोर्ट के लिए टेंडर दो हफ़्ते के अंदर मंगाए जाएंगे और दिसंबर तक उन्हें फ़ाइनल कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि एयरपोर्ट के काम के लिए दिसंबर में आधारशिला रखी जाएगी। बैठक के दौरान, रेवंत रेड्डी ने केंद्र से आदिलाबाद एयरपोर्ट पर पैसेंजर और कार्गो टर्मिनल के साथ-साथ मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधाएं बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आदिलाबाद एयरपोर्ट पर रनवे से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए रक्षा और नागरिक उड्डयन मंत्रालयों की एक संयुक्त बैठक बुलाने का भी आग्रह किया। इसे भी पढ़ें: तेलंगाना में प्रदेश अध्यक्ष की नजरबंदी पर नितिन नवीन ने कांग्रेस को घेरा, राहुल पर साधा निशाना मुख्यमंत्री ने तेलंगाना में हेली-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाने को कहा और कहा कि इससे राज्य के टूरिज्म सेक्टर के विकास के लिए और मौके बनेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों ने रेवंत रेड्डी को बताया कि हुसैन सागर में प्रस्तावित सीप्लेन लैंडिंग सुविधा पर एक रिपोर्ट दो हफ़्ते के अंदर राज्य सरकार को सौंप दी जाएगी।
'शुद्धिकरण' विवाद पर RSS नेता Indresh Kumar का तीखा हमला: छुआछूत पाप, Congress संविधान विरोधी
कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद 'सुधिकरण' रस्म को लेकर चल रहे पॉलिटिकल विवाद के बीच, RSS लीडर इंद्रेश कुमार ने बुधवार को कहा कि संघ ने हमेशा छुआछूत को पाप और 'धर्म' के खिलाफ माना है। कुमार ने ANI से कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अपनी शुरुआत से लेकर अब तक, छुआछूत को पाप और धर्म के खिलाफ मानता आया है, ऐसा करता आ रहा है, और हमेशा करेगा। उनकी यह बात हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद के सिलसिले में पार्टी लीडर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय राजधानी में RSS हेडक्वार्टर के बाहर बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद आई है। शिकायत करने वाले ने आरोप लगाया कि गांधी की बातों से अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसे भी पढ़ें: न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का संदेश- “E Pluribus Unum” से “वसुधैव कुटुम्बकम्” तक गांधी ने आरोप लगाया था कि शुद्धिकरण की रस्म छुआछूत का दूसरा नाम है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी। जब विरोध के दौरान मनुस्मृति जलाने के बारे में पूछा गया, तो कुमार ने कांग्रेस पर छुआछूत और संविधान के खिलाफ होने का आरोप लगाया। कांग्रेस के ये सभी आरोप और विरोध इसलिए हैं क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी है जिसमें छुआछूत है और यह संविधान के खिलाफ है...कांग्रेस खुद इन सभी आरोपों का सामना करती है...इसलिए, खुद को साफ दिखाने के लिए दूसरों पर कीचड़ उछालने से दूसरा व्यक्ति गंदा नहीं हो जाता। कहा जाता है कि अगर आप चांद या सूरज पर थूकते हैं, तो वह आपके ही चेहरे पर वापस गिरता है। इसलिए, ये सभी आरोप और उनका चीजों को जलाना सिर्फ यह साबित करता है कि वे दिन-ब-दिन अपनी नैतिकता खो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: कांग्रेस के Udit Raj ने RSS मुख्यालय के बाहर जलाई Manusmriti, बोले- देश संविधान से चलेगा कुमार ने कांग्रेस पर झूठ बोलने की आदत होने का आरोप लगाया, और कहा कि RSS अपने अनुशासन और राष्ट्रवाद के स्वभाव से ही संविधान से बंधा हुआ है।उन्होंने कहा जो झूठ बोलना सीख गए हैं, वे झूठ बोलते रहते हैं... राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्वभाव और व्यवहार से ही अनुशासन और राष्ट्रवाद को मानने वाला है। और इसीलिए हम हमेशा संविधान से बंधे रहते हैं। आलोचना को वापस कांग्रेस की ओर मोड़ते हुए, कुमार ने उस पर ऐतिहासिक रूप से संविधान को कमज़ोर करने का आरोप लगाया, खासकर जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को लागू करने का ज़िक्र करते हुए।
बीआरएस के वर्किंग प्रेसिडेंट केटी रामा राव ने तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पर झूठ और करप्शन का आरोप लगाया, जबकि विपक्षी पार्टी ने रेवंत रेड्डी सरकार के 1000 दिनों के कार्यकाल के खिलाफ चार्जशीट जारी की। इस इवेंट को संबोधित करते हुए, KTR ने कांग्रेस के 1000 दिनों के शासन को फ्लॉप और क्रिमिनल वेस्ट बताया, और आर्थिक तबाही, सामाजिक संकट और कल्चरल धोखे का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: तेलंगाना में प्रदेश अध्यक्ष की नजरबंदी पर नितिन नवीन ने कांग्रेस को घेरा, राहुल पर साधा निशाना उन्होंने कहा अगर आज भारत में कोई सरकार है जो सभी सेक्टर में पूरी तरह से फ्लॉप है, तो वह तेलंगाना में कांग्रेस सरकार है। उन्होंने 100 दिनों में स्वर्ग दिखाने का वादा किया था; उन्होंने दावा किया कि वे 100 दिनों के अंदर स्वर्ग बना देंगे। लेकिन 1000 दिनों से, वे तेलंगाना के लोगों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी का नर्क दिखा रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री के शब्दों में कहें तो, ये 1000 दिन एक क्रिमिनल वेस्ट रहे हैं। इन 1000 दिनों की वैल्यू ज़ीरो है। इन 1000 दिनों में असल में क्या हुआ? आर्थिक तबाही, सामाजिक संकट और कल्चरल धोखा। इसे भी पढ़ें: Telangana में होगा भव्य Defence Expo! CM Revanth Reddy ने Rajnath Singh को किया आमंत्रित BRS नेता ने कहा, अगर हम इन 1000 दिनों के शासन को कुछ शब्दों में बताएं तो: झूठ, अज्ञानता, अराजकता और भ्रष्टाचार। कांग्रेस का शासन एक भयानक शासन है जिसने किसानों को परेशान किया है। यह एक बेचारा शासन है जिसने बेरोजगार युवाओं को पूरी तरह से धोखा दिया है। मैं यह बात सिर्फ इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि हमारी पार्टी सत्ता खो चुकी है या मुख्य विपक्ष होने के नाते हमें आरोप लगाने चाहिए। यह एक नाकाबिल सरकार है जिसने महिलाओं के साथ अन्याय किया है; ये तथ्य हैं, और मैं सिर्फ इन तथ्यों को आपके सामने रखने की कोशिश कर रहा हूं। तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने मंगलवार को सत्ता में 1000 दिन पूरे कर लिए। केटी रामा राव ने पार्टी नेताओं के साथ मिलकर बुधवार को तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के 1,000 दिन के शासन के खिलाफ एक चार्जशीट जारी की। विपक्षी पार्टी ने कांग्रेस पर धोखेबाज शासन के 1,000 दिन का आरोप लगाते हुए पूरे राज्य में कैंपेन शुरू किया है।
इस बार ₹2000 या ₹4000 मिलेगी किसान सम्मान निधि? कब आएगी किस्त
आमतौर पर योजना से जुड़े किसानों को हर किस्त में 2000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है. लेकिन इस बार कई ऐसे पात्र किसान भी हैं, जिनके बैंक खातों में 2,000 रुपये के बजाय 4,000 रुपये क्रेडिट हो सकते हैं.
कनाडा में कैसे मिलेगी भारतीयों को नौकरी? जान लें जॉब पाने ये टिप्स
कई भारतीय युवा पढ़ाई के बाद विदेश में नौकरी करने का सपना देखते हैं. लेकिन वहां की लाइफस्टाइल और बाहरी चीजों को देखकर लोगों लगता है कि वहां नौकरी मिलना बेहद मुश्किल है लेकिन अगर किसी ने कनाडा से पढ़ाई की है, तो उसे नौकरी मिल सकती है, बस कुछ बातों का ध्यान रखना होगा.
Air Marshal Jeetendra Mishra : कौन हैं जितेंद्र मिश्रा, जो होंगे राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेन्द्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। भारतीय वायु सेना में करीब चार दशक का लंबा अनुभव ...
देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर आफत बन गया है। उत्तराखंड से लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तो कहीं सड़कें और बाजार पानी में डूब गए हैं। उत्तराखंड में 12 लोगों की मौत, 172 सड़कें बंद। बिहार में गंगा उफान पर, पटना में बाढ़ का खतरा। यूपी में गंगा एक्सप्रेसवे पर 7 फीट गहरा गड्ढा। चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, 400 दुकानें डूबीं।
राम मंदिर के नए सीईओ का ऐलान, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
राम मंदिर ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया है। जानें उनका सैन्य करियर, ऑपरेशन सिंदूर और चयन प्रक्रिया।
नौकरी की तलाश में यूक्रेन गया था तेलंगाना का युवक, रूसी हमले में मौत
चार महीने पहले नौकरी के लिए यूक्रेन गए सुदर्शन गौड़ की रूसी मिसाइल हमले में मौत हो गई. परिवार अब उनका पार्थिव शरीर गांव लाने की कोशिश में जुटा है.
अयोध्या Ram Mandir ट्रस्ट को मिला पहला CEO, पूर्व Air Marshal जीतेंद्र मिश्रा संभालेंगे कमान
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को बुधवार (2 सितंबर) को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया। एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (एसवाईएसएम), अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम), विशिष्ट सेवा मेडल (वीएसएम), भारतीय वायु सेना के एक सेवानिवृत्त वायु अधिकारी हैं। उन्होंने पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्य किया। इसे भी पढ़ें: पूर्व केंद्रीय मंत्री Kaushal Kishore के 'X' पोस्ट से UP में सियासी अटकलें तेज, 2027 चुनाव पर नजर 38 साल से ज़्यादा के अपने सर्विस करियर में, एयर मार्शल ने कई अहम कमांड और स्टाफ़ पदों पर काम किया है। इनमें फ़ाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफ़िसर, एयरक्राफ़्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट (ASTE) में चीफ़ टेस्ट पायलट, दो फ़्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफ़िसर कमांडिंग, डायरेक्टर (ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप), एयर HQ (VB) में प्रिंसिपल डायरेक्टर (ASR) और असिस्टेंट चीफ़ ऑफ़ एयर स्टाफ़ (प्रोजेक्ट्स), ASTE के कमांडेंट और इंटीग्रेटेड डिफ़ेंस स्टाफ़ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइज़ेशन और ट्रेनिंग) के डिप्टी चीफ़ जैसे पद शामिल हैं। मौजूदा पद संभालने से पहले, वह इंटीग्रेटेड डिफ़ेंस स्टाफ़ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ़ थे। इस एयर ऑफ़िसर को 'अति विशिष्ट सेवा मेडल' और 'विशिष्ट सेवा मेडल' से सम्मानित किया गया है। इसे भी पढ़ें: Srinagar में राज्य के दर्जे की मांग पर अड़ी National Conference, पुलिस ने रोका BJP दफ्तर का घेराव इससे पहले दिन में, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के एडमिनिस्ट्रेटिव फेरबदल के तहत तीन नए ट्रस्टी नियुक्त किए। नए ट्रस्टियों में दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के रहने वाले मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। खबरों के मुताबिक, महेश भागचंदका विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं। राम मंदिर ट्रस्ट की एक अहम बैठक में पांडे और यादव के साथ-साथ उनकी नियुक्ति पर भी चर्चा हुई थी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
FSSAI के CEO ने मुंढे को बताया मिसाल, 'पनिशमेंट पोस्टिंग' पर कह दी ये बात
महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे की हर कोई तारीफ कर रहा है. अब FSSAI के CEO रजीत पुन्हानी ने भी मुंढे की तारीफों के पुल बांधे हैं और उन्हें 'मिसाल' बताया है. बता दें कि मुंढे ने बिना अतिरिक्त कर्मचारियों के अपनी टीम के साथ हजारों निरीक्षण कर सैकड़ों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड किए हैं.
प्याज में निकल आईं हरी जड़ें? गमले में दबाकर उगाएं प्याज का पौधा
How To Grow Onion In Pot: रसोई में रखी प्याज अगर अंकुरित हो गई है तो उसे खराब समझकर फेंकने की जरूरत नहीं है. इस प्याज की मदद से आप घर के छोटे से गमले में आसानी से नया पौधा उगा सकते हैं. जानिए अंकुरित प्याज को गमले में लगाने का सही तरीका, कैसी मिट्टी का इस्तेमाल करें, कितनी मात्रा में पानी दें और पौधे को कितनी धूप की जरूरत होती है.
पटाया में तरोताजा तो हो सकते हैं US सैनिक, लेकिन इन कामों की इजाजत नहीं
थाईलैंड के पटाया शहर में अमेरिकी सैनिकों की आमद के बाद यहां टूरिस्ट पुलिस की गश्त बढ़ा गी गई है. सर्विलांस कैमरों की जांच की जा रही है और हॉटलाइन 1155 मदद के लिए तैयार है. शहर के मेयर ने कहा कि स्थानीय कारोबारियों को कहा है कि वे नए मेहमानों से ज़्यादा पैसे न लें.
'हनुमान अंश' की दहाड़, इन 5 बड़ी वजहों ने हिट कराई फिल्म
बॉक्स ऑफिस पर इस समय 'हनुमान अंश' की दहाड़ गूंज रही है. फिल्म की रिकॉर्डतोड़ कमाई ने हर किसी को हैरान कर दिया है. आइए जानते हैं कि आखिर फिल्म में ऐसी क्या खास बातें है, जो दर्शकों को थिएटर तक खींच रही हैं.
चीन ने खोला नेपाल जाने का रास्ता, बाढ़ से बुरी तरह तबाह हुआ था हाईवे
चीन ने नेपाल सीमा के ग्यिरोंग क्रॉसिंग तक जाने वाला एकमात्र रास्ता फिर खोल दिया है. बाढ़ से क्षतिग्रस्त जी-216 हाईवे ठीक होने से भारी मशीनें आपदा क्षेत्र पहुंचीं. नेपाल में 1114 मौतें, चीन में 16 मरे व 546 लापता, जिनमें भारतीय-लातवियाई पर्यटक शामिल हैं.
'2017 से पहले सैफई सिंडिकेट पूरी व्यवस्था का खून...', CM योगी का सपा पर वार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में औपचारिक रूप से इस निगम के डिजिटल पोर्टल और वेबसाइट का लोकार्पण कर इसकी शुरुआत की है...इसमें आउटसोर्स्ड कर्मचारियों की उपस्थिति और वेतन का डिजिटल प्रबंधन होगा. इस दौरान CM योगी ने सिंडिकेट का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर हमला बोला. देखें Video.
मणिकर्णिका घाट पर गूंजे वैदिक मंत्र, नेपाल त्रासदी के मृतकों के लिए हुआ श्राद्ध-तर्पण
नेपाल में आई त्रासदी में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर श्राद्ध-तर्पण कराया गया. नेपाल राष्ट्र की ओर से काशी में नियुक्त लाल मोहरिया परिवार ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान किया. इस दौरान अपनों से बिछड़े लोगों के जल्द परिवार से मिलने और घायलों के जल्द स्वस्थ होने के लिए भी प्रार्थना की गई.
'15 रुपये वाला हेयर डाई लगा लिया क्या?' बाबर से हुई बड़ी गलती!
पाकिस्तान की टीम मौजूदा समय में इंग्लैंड दौरे पर है. जहां टेस्ट मैचों में टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है. इस बीच टीम के कप्तान बाबर आजम का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
नेपाल पीड़ितों के लिए बागेश्वर सरकार का बड़ा कदम
नेपाल में आई त्रासदी के बाद प्रभावित परिवारों की मदद के लिए बागेश्वर धाम ने राहत अभियान शुरू किया है. बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के सहयोग से राहत सामग्री से भरे चार ट्रक नेपाल भेजे गए. इसमें चावल, दाल, नमक, तेल, पानी, बिस्किट, नमकीन, तिरपाल और जरूरी बर्तन शामिल हैं. प्रतिनिधि मनोज त्रिवेदी ने नेपाल सरकार के गृह मंत्रालय को यह सामग्री सौंपी, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाई जा सके.
मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों पर जलवायु से जुड़े गंभीर खतरों का डर
मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों पर जलवायु के गंभीर खतरे का डर
क्या और भड़केगी US-Iran जंग? रूस ने किया ईरान का समर्थन
मध्य पूर्व में जारी बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बीच रूस और ईरान की बढ़ती नजदीकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। SCO सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात के बाद दोनों ...
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने बुधवार को घोषणा की कि पिछली DMK सरकार के दौरान विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों और शिक्षकों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामले वापस ले लिए जाएंगे। राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए विजय ने कहा कि पिछली सरकार के समय अपनी आजीविका और अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले किसानों और शिक्षकों के खिलाफ मई 2021 और अप्रैल 2026 के बीच कई मामले दर्ज किए गए थे। इसे भी पढ़ें: पूर्व केंद्रीय मंत्री Kaushal Kishore के 'X' पोस्ट से UP में सियासी अटकलें तेज, 2027 चुनाव पर नजर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले वापस लेने से लोकतांत्रिक अधिकार और मजबूत होंगे तथा आम लोगों और सरकार के बीच भरोसा और गहरा होगा। उन्होंने कहा कि परंदूर एयरपोर्ट और SIPCOT इंडस्ट्रियल पार्क के विस्तार प्रोजेक्ट्स के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करने वाले किसानों पर दर्ज पुलिस केस वापस ले लिए जाएंगे। विजय ने कहा कि इसी तरह, अपने अधिकारों और मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाले शिक्षकों पर दर्ज केस भी वापस लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने मानवीय आधार और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के तहत उन सभी केसों को वापस लेने का फैसला किया है। मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि तिरुवन्नामलाई जिले में SIPCOT प्रोजेक्ट का विरोध करने वाले किसानों पर केस दर्ज किए गए थे, और कुछ किसानों पर तो 'गुंडा एक्ट' के तहत भी कार्रवाई की गई थी। इसी तरह, किसान परंदूर प्रोजेक्ट के खिलाफ भी लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। हाल ही में TVK सरकार ने परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है। इसे भी पढ़ें: Srinagar में राज्य के दर्जे की मांग पर अड़ी National Conference, पुलिस ने रोका BJP दफ्तर का घेराव मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने इन किसानों के खिलाफ अमानवीय तरीके से मामले दर्ज किए थे जो अभी भी लंबित हैं। इन किसानों ने एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था, क्योंकि उन्हें चिंता थी कि इससे उनकी कृषि भूमि, जल स्रोत और आजीविका प्रभावित होगी। इस फैसले के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन एक मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार है, खासकर तब जब नागरिक अपनी आजीविका की रक्षा करना चाहते हों और जायज चिंताएं उठा रहे हों। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
विदेश जाने का सपना अब तक पूरा नहीं हुआ है तो इंडियन रेलवे बहुत ही विदेश यात्रा का टूर पैकेज लेकर आया है. अब आप साढ़े तीन लाख तक में जापान 9 दिन घूम सकेंगे.
अब प्रोफेसर नहीं, AI पढ़ाएगा! ऑस्ट्रेलिया की मैक्वेरी यूनिवर्सिटी ने क्लासरूम में उतारा चैटबॉट
मैक्वेरी यूनिवर्सिटी ने साइकोलॉजी के कुछ कोर्सों में पारंपरिक प्रोफेसरों की जगह AI चैटबॉट, ऑनलाइन क्विज और वर्चुअल ट्यूटोरियल्स को पढ़ाई का मुख्य माध्यम बनाया है.
राजनीति में आएंगी रिया अहीर, मुंबई CJP NEET Protest में रोकी थी पुलिस वैन
22 जुलाई को एक फोटो और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक लड़की पुलिस वैन के सामने खड़ी थी. जो देखते ही देखते पूरे सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. अब यही लड़की रिया अहीर बिग बॉस 20 में जा रही है. NDTV से खास बातचीत
राम मंदिर के नए ट्रस्टी बने निर्मला यादव, महेश भागचंदका और मदन पांडे, CEO औपचारिक ऐलान अभी बाकी
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में तीन नए सदस्य शामिल किए गए। राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति पर भी जल्द फैसला संभव है।
जन्माष्टमी पर बन रहा त्रिग्रही योग, इन 4 राशियों पर खूब कृपा करेंगे कन्हैया
जन्माष्टमी पर ग्रहों की एक दुर्लभ स्थिति बनने वाली है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन सिंह राशि में त्रिग्रही योग बनेगा. सूर्य, केतु और बुध तीनों ही ग्रह इस दिन सिंह राशि में एकसाथ विराजमान रहेंगे. इतना ही नहीं, सूर्य-बुध मिलकर यहां बुधादित्य राजयोग का निर्माण भी करेंगे.
गुजरात में नकली दवाओं और मिलावटी खाने पर बड़ा एक्शन, 50 कंपनियों के लाइसेंस रद्द, कितना बड़ा खतरा
गुजरात में नकली दवाओं और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर हुई कार्रवाई के बाद जानिए डॉक्टर से कि ये आपके स्वास्थ्य के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं और इनसे कैसे बचें.

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