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यूपी में 6 सितंबर तक भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट, इन जिलों में अलर्ट

UP Weather Update: 6 सितंबर तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही कई इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात की भी संभावना है. योगी सरकार का जोर केवल बाढ़ आने के बाद राहत पहुंचाने पर नहीं, बल्कि संभावित आपदा से पहले ही प्रशासन को तैयार रखने पर है.

आज तक 1 Sep 2026 9:37 pm

'रेप पीड़ितों को जीने का हक', जौहर सीन पर ट्रोल होकर बोलीं स्वरा

स्वरा भास्कर ने रेप पीड़ितों का जिक्र करते हुए दीपिका पादुकोण की फिल्म पद्मावत के जौहर वाले सीन पर बयान दिया था, जिसके लिए उन्हें जमकर ट्रोल होना पड़ा. अब इतना ट्रोल होने के बाद, स्वरा ने पलटवार किया है.

आज तक 1 Sep 2026 9:30 pm

दिल्ली में 400 यूनिट तक खपत वाले 2.30 लाख उपभोक्ताओं को मुफ्त सोलर पैनल मिलेंगे

नयी दिल्ली, एक सितंबर दिल्ली सरकार ने दिल्ली सौर ऊर्जा नीति -2023 (दूसरा संशोधन) के तहत औसतन 400 यूनिट बिजली की खपत करने वाले 2.30 लाख उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर मुफ्त में सौर पैनल लगाने का फैसला किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को यहां पत्रकारों को बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में घरों की छतों पर तीन किलोवाट के सौर पैनल लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है जिसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि योजना के पूरी तरह लागू होने के बाद दिल्ली में सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन मौजूदा करीब 228 मेगावाट से बढ़कर 500 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है और इस तरह राष्ट्रीय राजधानी के निवासी सिर्फ बिजली उपभोक्ता नहीं रह जाएंगे बल्कि बिजली पैदा करने वाले बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सौर प्रणाली लगवाने के लिए उपभोक्ताओं को अग्रिम राशि का भुगतान करना पड़ता था, जबकि प्रोत्साहन राशि बाद के वर्षों में मिलती थी, लेकिन नयी नीति में इस व्यवस्था को बदलते हुए शुरुआत में ही वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई है। गुप्ता ने बताया कि नयी व्यवस्था के तहत 400 यूनिट तक की औसत मासिक बिजली खपत वाले पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को, सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना की तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर, तीन किलोवाट तक का सौर पैनल बिना किसी अग्रिम लागत के उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत मिलने वाली 78,000 रुपये की सब्सिडी के साथ दिल्ली सरकार भी 78,000 रुपये की पूंजीगत सब्सिडी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर पैनल की लागत और सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी के बीच जो अंतर आएगा वह दिल्ली सरकार अपनी तरफ से अतिरिक्त पैसा देकर पूरा करेगी। उन्होंने बताया कि इन पैनलों से अतिरिक्त बिजली सरकार को देने वाले उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ भी होगा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि दिल्ली सरकार की मौजूदा बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। उन्होंने कहा, “तीन किलोवाट की सौर प्रणाली लगभग 300 यूनिट बिजली पैदा कर सकती है। यदि कोई परिवार 200 यूनिट बिजली की खपत करता है तो वह अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर उसका भी लाभ उठा सकता है। इस तरह उपभोक्ता न केवल मुफ्त बिजली का इस्तेमाल करेंगे, बल्कि उसके उत्पादन में भी भागीदार बनेंगे और इस प्रक्रिया में आय भी अर्जित करेंगे।”उन्होंने कहा कि ग्रिड में भेजी गई बिजली के लिए डिस्कॉम की औसत बिजली खरीद लागत के अनुसार भुगतान भी किया जाएगागुप्ता ने कहा कि सरकार ने सौर प्रणाली लगाने के साथ उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था को भी आसान बनाया है। उनके मुताबिक, सौर विक्रेता पहले पांच साल तक प्रणाली का संचालन और रखरखाव मुफ्त उपलब्ध कराएंगे और इसके बाद उपभोक्ता अपनी इच्छानुसार बिजली वितरण कंपनियों के माध्यम से रखरखाव और बीमा की सुविधा ले सकेंगे और इससे सौर प्रणाली के लगभग 25 वर्ष के जीवनकाल तक उसके सुचारु संचालन में मदद मिलेगी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि दिल्ली में अब तक 10,073 सौर ऊर्जा प्रणालियां स्थापित हो चुकी हैं और यह ज्यादातर सरकारी इमारतों में लगी हैं। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इसी संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार ने इस झूठ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है कि मुफ्त बिजली को लंबे समय तक जारी नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा, “हमने न केवल मुफ्त बिजली की व्यवस्था को जारी रखा है, बल्कि इसे अगले 25 वर्षों के लिए सुरक्षित और संस्थागत भी किया है। दिल्ली सौर उर्जा नीति -2023 के दूसरे संशोधन को मंजूरी देने का ऐतिहासिक निर्णय इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 9:18 pm

कार में CNG भरते समय फटा पाइप, कर्मचारी की हुई मौत

जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित पेट्रोल पंप पर सीएनजी भरते समय अचानक पाइप फटने से जोरदार धमाका हो गया. हादसे में 24 वर्षीय कर्मचारी तुषार कुमार की मौत हो गई. धमाके के बाद पेट्रोल पंप को सील कर सीएनजी बिक्री रोक दी गई है. पीईएसओ की तकनीकी टीम सीएनजी सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रही है. वहीं, मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी है.

आज तक 1 Sep 2026 9:17 pm

टीमें चाहें तो खुद होटल बुक कर लें, जापान क्रिकेट का बयान

एशियन गेम्स 2026 में खिलाड़ियों के छोटे कमरों और अस्थायी ग्राउंड को लेकर भारत और पाकिस्तान के कड़े ऐतराज पर जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने जवाब दे दिया है.

आज तक 1 Sep 2026 9:08 pm

‘मौत हमसे बस 100 मीटर दूर थी’, नेपाल से लौटी शिल्पा की आंखों में अबतक खौफ

कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटकर कोलकाता पहुंचीं 61 वर्षीय शिल्पा साहा अब भी नेपाल की फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटना से डरी हुई हैं. शिल्पा ने बताया कि वह हादसे वाली जगह से सिर्फ 100 मीटर दूर थीं. ड्राइवर ने तुरंत बस को ढलान पर ऊपर ले जाकर यात्रियों की जान बचाई. नीचे लोगों और वाहनों को बहते देखे खौफनाक दृश्य उन्हें अब भी याद हैं.

आज तक 1 Sep 2026 9:05 pm

कोलकाता में छह घंटे की पूछताछ के बाद बोले अभिषेक बनर्जी, भाजपा सरकार कर रही राजनीतिक बदले की कार्रवाई

कोलकाता, एक सितंबर पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पिछले सप्ताह उनके कार्यालय से अनधिकृत होर्डिंग हटाए जाने के दौरान अधिकारियों के साथ कथित झड़प के मामले में मंगलवार को पुलिस द्वारा छह घंटे तक की गई पूछताछ के बाद आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार उनकी पार्टी के खिलाफ ‘राजनीतिक बदले की भावना’से कार्रवाई कर रही है। बनर्जी ने पूछताछ के बाद शेक्सपियर सरणी पुलिस थाना के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक मंशा से की गई कार्रवाई के तहत उनके कैमक स्ट्रीट कार्यालय से होर्डिंग हटाने के लिए लगभग 1,000 लोगों को भेजा गया था। तृणमूल कांग्रेस महासचिव ने चुनौती देते हुए कहा, ‘‘अगर उन्हें लगता है कि वे झूठे मामलों के जरिए तृणमूल कांग्रेस को रोक सकते हैं, तो वे गलतफहमी में हैं। वे अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल कर लें।’’बनर्जी ने आरोप लगाया कि 27 अगस्त की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए लोगों को कई तरह की ‘यातनाएं’ दी जा रही हैं। हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारी और पुलिस सड़क की ओर बने लोहे के ढांचे पर लगी होर्डिंग को हटाने के लिए बनर्जी के कार्यालय परिसर में गई थी और इस दौरान झड़प हुई थी। इस संबंध में दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आरोप है कि निजी सुरक्षा गार्ड, पार्टी समर्थक और कुछ तृणमूल नेताओं ने होर्डिंग हटाने का विरोध किया और मौके पर पंहुचे पुलिस कर्मियों और नगर निकाय के अधकारियों से हाथा-पाई की। इसके बाद पुलिस ने तीन प्राथमिकी दर्ज कीं और कई लोगों को गिरफ्तार किया। दो प्राथमिकियों में आरोपी बनाए गए बनर्जी को पुलिस के सामने पेश होने का नोटिस भेजा गया था। वह दोपहर सवा 12 बजे थाने पहुंचे, जबकि बाहर जमा तृणमूल समर्थकों ने नारेबाजी की और आरोप लगाया कि राज्य सरकार उन्हें निशाना बना रही है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपों में सरकारी अधिकारियों को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोकना, गैर-कानूनी तरीके से जमा होना और महिला पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट व उनका उत्पीड़न करना शामिल है। तृणमूल लगातार आरोप लगा रही है कि पुलिस द्वारा उसके नेताओं के खिलाफ चुनिंदा तरीके से कार्रवाई की जा रही है। कथित झड़प के समय मौके पर मौजूद रहे और एक प्राथमिकी में नामजद तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा पुलिस को रोकने की कोशिश किए जाने संबंधी खबरों को ‘‘फर्जी’’ बताया था। उन्होंने कहा था कि सुरक्षाकर्मी इमारत के प्रवेश द्वार पर ड्यूटी पर तैनात थे। ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया था कि पुलिस एक “अवैध” नोटिस के साथ जबरन कार्यालय में घुस आई, वरिष्ठ नेताओं के साथ मारपीट की और पार्टी समर्थकों तथा कार्यालय के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। राज्य सरकार की वरिष्ठ मंत्री और भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘कानून सभी के लिए समान है। अगर आप पुलिस को परेशान करते हैं और उन पर हमला करते हैं, तो आपको कानून का सामना करना ही होगा। इसमें कोई राजनीतिक बदले की भावना नहीं है।’’तृणमूल कांग्रेस ने मामले में पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया है। अभिषेक बनर्जी और डेरेक के वकील अर्का नाग ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 के तहत नोटिस तो जारी कर दिए गए हैं लेकिन प्राथमिकी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। वकील ने दावा किया कि शेक्सपियर सरणी पुलिस को एक जवाबी नोटिस भेजा गया है जिसमें दलील दी गई कि प्राथमिकी की प्रति ऑनलाइन अपलोड न करना ‘यूथ बार एसोसिएशन’ मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले को लेकर पुलिस को अदालत की अवमानना ​​की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने घटना के समय कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में मौजूद डेरेक को नोटिस भेज कर सोमवार को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा था लेकिन वह पेश नहीं हुए। बाद में पुलिस ने उनके घर पर एक और नोटिस भेजा, जिसमें उन्हें बुधवार को पेश होने के लिए कहा गया है। पुलिस का हालांकि कहना है कि यह कार्रवाई झड़प के दौरान लगे विशेष आरोपों के आधार पर की जा रही है और मामलों में नामजद लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 9:03 pm

इंटीमेट सीन में हीरो को रोमांस कर बहकी हसीना, क्रॉस हुई लिमिट?

बोल्ड एक्ट्रेस शुभांगी शर्मा सालों से एडल्ट शोज में काम कर रही हैं. पहले उन्होंने मजबूरी में ये प्रोफेशन चुना था. लेकिन अब वो खुशी से इसमें काम करती हैं.

आज तक 1 Sep 2026 9:00 pm

बाजार की मिठाई को कहें बाय, घर पर बनाएं नारियल-मखाना बर्फी

Nariyal Makhana Paag: दो दिन बाद जन्माष्टमी है. इस दिन घर में कान्हा के भोग के लिए लोग कई तरह की चीजें घर लाते हैं लेकिन अगर आप भोग के लिए कुछ शुद्ध और मीठा बनाना चाहते हैं तो यहां हम आपको नारियल और मखाना पाग की रेसिपी बता रहे हैं.

आज तक 1 Sep 2026 9:00 pm

जन्माष्टमी पर 7 शुभ योग, जानें चारों पहर की पूजा का शुभ मुहूर्त

जन्माष्टमी के दिन दोपहर के समय पूजा करने के लिए अभिजीत मुहूर्त रहेगा जिसका समय सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहने वाला है. इसके बाद रात्रिकाल में पूजा का मुहूर्त निशिता काल में रहेगा. इस दिन निशीता काल रात 11.57 बजे से रात 12.43 बजे तक रहने वाला है.

आज तक 1 Sep 2026 8:57 pm

5 असॉल्ट राइफल, 3 पिस्तौल... मद्रास रेजिमेंट का डिफेंस स्टॉक चोरी, लेफ्टिनेंट कर्नल की शिकायत के बाद दर्ज FIR

सिकंदराबाद स्थित सेना के शस्त्रागार से पांच असॉल्ट राइफलें, सात पिस्तौलें, 21 मैगजीनें और एक नाइट विजन बाइनोकुलर चोरी हो गए हैं।

जागरण 1 Sep 2026 8:57 pm

उद्धव के खेमे में फिर होने वाली है टूट? मातोश्री में हुई इमरजेंसी मीटिंग, क्या है मामला

क्या महाराष्ट्र में फिर से एक सियासी उथल-पुथल होने वाली है? शिवसेना यूबीटी में टूट की आशंका के बीच, उद्धव ठाकरे ने अपने घर पर एक इमरजेंसी बैठक बुलाई। क्या है पूरा मामला…

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 8:57 pm

राहुल गांधी का नासिक दौरा कल, आदिवासी छात्रों से करेंगे मुलाकात

कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार को नासिक के एक दिवसीय दौरे पर जाने वाले हैं. इस दौरान वे कांग्रेस पार्टी की बैठक करेंगे. साथ ही, कल वे आदिवासी युवाओं और छात्रों से भी मुलाकात करेंगे.

आज तक 1 Sep 2026 8:56 pm

अकोला में Blinkit का लाइसेंस सस्पेंड, सड़े-गंदे खाने पर FDA का एक्शन

महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर FDA ने अकोला में Blinkit समेत मुंबई के दो होटलों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं. इसके अलावा सांगली में सुरक्षित तरीके से नहीं रखा गया 165 लीटर दूध भी मौके पर फेंक दिया गया.

आज तक 1 Sep 2026 8:55 pm

Explainer: उत्तर प्रदेश में हाथी की सुस्ती से किसे फायदा, क्या किसी रणनीति पर चल रहे राहुल गांधी?

मायावती की बसपा के लगातार कम जोर होने के चलते अब जाटव समाज भी अपने लिए राजनीतिक विकल्पों की तलाश में है.

NDTV इंडिया 1 Sep 2026 8:52 pm

400 साल पुराना मीरा-कृष्ण का वो भजन, जो हुआ रीक्रिएट तो बना बिग बी-किशोर दा का सबसे पॉपुलर गाना, 44 साल बाद भी झूम उठते हैं फैंस

400 साल पुराना एक भजन, जिसकी गूंज सदियों बाद बॉलीवुड तक पहुंची, लेकिन जब इसे अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया तो यह ऐसा सुपरहिट बना कि आज भी लोग इसके पीछे की कहानी जानकर हैरान रह जाते हैं.

NDTV इंडिया 1 Sep 2026 8:51 pm

नेपाल की बाढ़ ने बढ़ाई बिहार की चिंता, शव-मलबा और दूषित पानी के साथ मंडराया महामारी का खतरा

बिहार में गंडक और कोसी नदियों के बढ़ते जलस्तर के साथ दूषित मलबा, मृत जीव और गंदगी आने से जलजनित व संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

NDTV इंडिया 1 Sep 2026 8:50 pm

'नेपाल-भूटान सीमा पर अपनी पुरानी भूमिका में लौटे एसएसबी', गृह सचिव गोविंद मोहन का बड़ा बयान

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने एसएसबी को नेपाल और भूटान सीमा पर स्थानीय लोगों से जुड़कर खुफिया नेटवर्क मजबूत करने का निर्देश दिया है।

जागरण 1 Sep 2026 8:45 pm

SC/ST-OBC आरक्षण पर बड़ा फैसला, मां की जाति-आवास के आधार पर भी ठोक सकते हैं दावा; भले ही पिता...

हाई कोर्ट ने कहा कि आरक्षण का आधार केवल सामाजिक पिछड़ापन और बच्चे से जुड़ी परेशानियां और कलंक है; लाभ देने के लिए यही मुख्य कारक है। चाहे वह पितृसत्तात्मक हो या मातृसत्तात्मक, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 8:40 pm

3 घंटे 17 मिनट की 'मिर्जापुर' को लेकर बढ़ा क्रेज, पहले दिन वीकेंड में होगी इतनी कमाई

हिट वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ ने ओटीटी पर भौकाल मचाने के बाद अब बड़े पर्दे पर धमाल करने की तैयारी कर ली है. ‘मिर्जापुर’ फिल्म 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

NDTV इंडिया 1 Sep 2026 8:38 pm

पटाया पहुंचने वाले हैं 5 हजार अमेरिकी सैनिक, सेक्स वर्कर्स पर क्यों पड़ने लगे छापे

ईरान के खिलाफ लड़ रहे 5000 अमेरिकी सैनिक अब थाईलैंड के पटाया शहर पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं. इन जवानों के आने से पहले थाई अधिकारियों ने शहर में चल रहे अवैध वेश्यावृत्ति नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई सेक्स वर्कर्स को हिरासत में लिया है.

आज तक 1 Sep 2026 8:33 pm

राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग पर नेशनल कॉन्फ्रेंस श्रीनगर और जम्मू में भाजपा दफ्तरों का घेराव करेगी

श्रीनगर, एक सितंबर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने मंगलवार को कहा कि वह राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर केंद्र सरकार की ओर से संसद और उच्चतम न्यायालय में किए गए वादों पर जवाबदेही की मांग करते हुए बुधवार को जम्मू और श्रीनगर स्थित विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालयों का घेराव करेगी। एनसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, नेशनल कॉन्फ्रेंस कल श्रीनगर और जम्मू स्थित भाजपा मुख्यालयों का शांतिपूर्ण घेराव करेगी। यह संसद और भारत के उच्चतम न्यायालय के समक्ष केंद्र सरकार की ओर से किए गए वादों के लिए जवाबदेही की मांग को लेकर होगा। यह घोषणा भाजपा की ओर से यहां नागरिक सचिवालय का घेराव करने की योजना के एक दिन पहले की गई है। भाजपा ने यह कदम उमर अब्दुल्ला सरकार पर चुनावी वादे पूरे करने में कथित रूप से विफल रहने के आरोप में उठाने का फैसला किया है। एनसी ने कहा, हमारी मांगें स्पष्ट हैं: संवैधानिक गारंटी, राज्य का दर्जा बहाल करना, आरक्षण संबंधी फाइल को मंजूरी देना और जम्मू-कश्मीर के लोगों को न्याय दिलाना। जम्मू-कश्मीर की जनता का जनादेश कोई ब्लैंक चैक नहीं है। इसका सम्मान किया जाना चाहिए, इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नामक दो केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित किया गया था। दिसंबर 2023 में उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के इस फैसले की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए कहा था कि राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। जुलाई में एनसी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली स्थित जम्मू-कश्मीर हाउस के बाहर प्रदर्शन किया था।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 8:33 pm

मथुरा में जन्माष्टमी पर्व को भव्य और दिव्य बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में, भक्ति के साथ तकनीक का होगा संगम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी पर्व को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मथुरा इस बार जन्माष्टमी पर श्रद्धा, भक्ति के साथ आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम की साक्षी ...

वेब दुनिया 1 Sep 2026 8:31 pm

नेपाल में उम्मीद की दीवार... जहां लापता हुए अपनों की तस्वीर लगा रहे लोग

नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक दीवार इन दिनों लोगों की उम्मीदों से भर गई है. ये उम्मीद है, बिछड़े हुए अपनों के मिल जाने की. लोग बाढ़ में लापता हुए अपने प्रियजनों की तस्वीरें इस दीवार पर इस उम्मीद में लगा रहे हैं कि अगर किसी को उनके लापता रिश्तेदार का कुछ पता चले तो परिवार तक सूचना पहुंच सके.

आज तक 1 Sep 2026 8:30 pm

टीम इंडिया का यह खिलाड़ी इंग्लैंड में खेलेगा क्रिकेट, ससुर हैं CBI डायरेक्टर

भारतीय क्रिकेट टीम से लंबे समय से बाहर चल रहे मयंक अग्रवाल अब इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में अपना जलवा दिखाएंगे. 35 साल के मयंक ने काउंटी टीम डरहम के साथ करार किया है और 2026 काउंटी चैम्पियनशिप के आखिरी 4 मुकाबलों में खेलते नजर आएंगे.

आज तक 1 Sep 2026 8:30 pm

Gen-Z को करियर में क्या चाहिए? विदेश में पढ़ाई करने से मुंह फेर रहे, वर्क-लाइफ बैलेंस पर स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

एक नई रिपोर्ट के अनुसार, जेनजी युवा करियर में बड़े पद की बजाय काम और निजी जिंदगी के संतुलन को अधिक महत्व दे रहे हैं।

जागरण 1 Sep 2026 8:29 pm

सीएम डॉ. मोहन यादव ने 41 हजार करोड़ रुपये के कार्यों को दी स्वीकृति, जानें कैबिनेट ने और क्या-क्या लिए निर्णय?

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगभग 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ...

वेब दुनिया 1 Sep 2026 8:29 pm

तुकाराम ने पकड़ा नया स्कैम- Maggi, Lay's, Kurkure के पैकेट में फर्जीवाड़ा कर सेहत से हो रहा खिलवाड़

मुंबई में FDA और नवी मुंबई पुलिस ने एक्सपायरी डेट बदलकर खाद्य उत्पाद बेचने के कथित रैकेट का भंडाफोड़ किया है. कार्रवाई में Maggi, Lay's, Kurkure, Knorr, Thums Up और Limca समेत कई ब्रांड्स के उत्पाद बरामद हुए. लाखों रुपये का स्टॉक जब्त, FIR दर्ज.

NDTV इंडिया 1 Sep 2026 8:27 pm

यूपी की लड़ाई AI वाली! बीजेपी-सपा ने बदल दिया चुनाव लड़ने का तरीका

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी के इस AI वीडियो से लगता है चुनावी रंग अभी से चढ़ने लगा है

NDTV इंडिया 1 Sep 2026 8:26 pm

बिहार में मछली नहीं खाने की सरकार ने दी सलाह, नेपाल जलसैलाब से है कनेक्शन

बाढ़ के दौरान नालों और सीवर का पानी जल स्रोतों में मिल जाता है. इससे बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी बढ़ सकते हैं. खेतों से उर्वरक, कीटनाशक और औद्योगिक क्षेत्रों से रसायन पानी में घुल सकते हैं, जो मछलियों के शरीर में जमा हो जाते हैं.

NDTV इंडिया 1 Sep 2026 8:25 pm

वायुसेना में नारी शक्ति का दम! शक्ति शर्मा बनीं पहली महिला एयर वाइस मार्शल

एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा भारतीय रक्षाबलों में टू-स्टार रैंक पाने वाली पहली गैर चिकित्सीय महिला बन गई हैं. अपने 30 साल के करियर में उन्होंने फील्ड स्टेशन, कमांड हेडक्वार्टर, ट्रेनिंग सेंटर और एयर हेडक्वार्टर में बहुत सारी अहम जिम्मेदारियां निभाईं.

आज तक 1 Sep 2026 8:22 pm

श्राप या संयोग, 26 तारीख को ही क्यों मचती है तबाही? नेपाल से लेकर चेर्नोबिल तक, खौफनाक इतिहास!

सुनामी से लेकर मुंबई हमले और चेरनोबिल परमाणु हादसे तक- दुनिया को हिलाकर रख देने वाली कई बड़ी त्रासदियां 26 तारीख को ही हुई हैं। आइए डालते हैं 26 तारीख को हुए दुनिया के सबसे बड़े हादसों पर एक नजर

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 8:21 pm

'आतंकवादी जल्द ही तुम्हें मार देंगे...', केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी

केंद्रीय मंत्री के ऑफिस में आए इस गुमनाम पत्र में आतंकियों द्वारा हत्या की चेतावनी दी गई है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है.

NDTV इंडिया 1 Sep 2026 8:21 pm

नेपाल की बाढ़ में अपनों से बिछड़ी बेजुबान 'लिली', मलबे में खोज रही

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने न सिर्फ इंसानों को प्रभावित किया है, बल्कि जानवरों के लिए भी संकट पैदा कर दिया है. लिली नाम की एक फीमेल डॉग बाढ़ के बाद से खोए हुए अपनों की तलाश में मलबे के बीच घूम रही है. उसका ख्याल रख रहे दो बच्चों ने बताया कि बाढ़ के बाद से लिली शांत और उदास हो गई है.

आज तक 1 Sep 2026 8:20 pm

गुजरात आजतक: समंदर की लहरों के बीच कैसे हुआ खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन?

दमन के समुद्र तट पर एक खौफनाक मंजर नजर आया. गुजरात के वलसाड का एक परिवार दमन घूमने गया था, परिवार के बाकी लोग समुद्र के किनारे थे और तभी 7 साल की बच्ची नहाने के लिए पानी में उतर गई. अचानक समुदर में तेज और उंची लहरे उंठी और बच्ची देखते ही देखते लहरों की चपेट में आ गई. अधिक जानने के लिए देखें वीडियो.

आज तक 1 Sep 2026 8:18 pm

सोफे के जिद्दी दाग नहीं जा रहे? किचन की चीजों से बनाएं क्लीनर

Sofa Cleaning Tips: सोफे पर लगे चाय, कॉफी या धूल-मिट्टी के दागों से परेशान हैं? महंगी ड्राई क्लीनिंग या केमिकल लिक्विड पर पैसे खर्च करने के बजाय किचन में रखी 3 चीजों से घर पर ही पावरफुल सोफा क्लीनर बनाएं. इससे सोफे के दाग और गंदगी आसानी से साफ करने में मदद मिलेगी और सोफा फिर से साफ-सुथरा नजर आएगा.

आज तक 1 Sep 2026 8:18 pm

Cooperative Federalism को मिलेगी ताकत, PM Modi जल शक्ति मंत्रालय के Departmental Summit में देंगे नया मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 सितंबर को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में जल शक्ति मंत्रालय के डिपार्टमेंटल समिट के समापन सत्र में शामिल होंगे। इस मौके पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 1-2 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय डिपार्टमेंटल समिट, प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित डिपार्टमेंटल समिट की श्रृंखला में पहला है। इसका उद्देश्य 'टीम इंडिया' की भावना को मजबूत करना, सहकारी संघवाद को गहरा करना और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति सामूहिक स्वामित्व को बढ़ावा देना है। यह पहल अहम सेक्टर की प्राथमिकताओं पर मिलकर चर्चा करने और काम को तेज़ी से पूरा करने व बेहतर नतीजे पाने के लिए एक व्यवस्थित मंच देती है। इसे भी पढ़ें: SCO Summit: Bishkek Declaration और PM Modi का Strategic Vision, आतंकवाद पर कड़ा प्रहार इस समिट में केंद्र और राज्य सरकारों के नेता और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। वे मुख्य प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे, बेहतरीन तौर-तरीके साझा करेंगे, काम को लागू करने में आने वाली चुनौतियों पर बात करेंगे और समय-सीमा के साथ एक्शन प्लान बनाएंगे। इस पहल का मकसद राष्ट्रीय लक्ष्यों के लिए सामूहिक ज़िम्मेदारी को बढ़ावा देना और यह पक्का करना है कि चर्चाओं से गवर्नेंस और सर्विस डिलीवरी में मापने लायक सुधार हो। यह समिट चार मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा: पानी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना, 'जल संचय जन भागीदारी - कैच द रेन' (पानी बचाओ, जन भागीदारी), पीने के पानी के सिस्टम के लिए पानी के स्रोतों को टिकाऊ बनाना, और 'जल जीवन मिशन 2.0' के तहत ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की सप्लाई योजनाओं का संचालन और रखरखाव। इसे भी पढ़ें: PM Modi की सफल यात्रा संपन्न, Bishkek से Delhi के लिए रवाना, SCO में रखा भारत का Strategic Vision इन चर्चाओं से ठोस और समय-सीमा वाले एक्शन की उम्मीद है, जिनसे पानी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेज़ी आएगी, जल संरक्षण में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी, पीने के पानी के टिकाऊ स्रोत पक्के होंगे और ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की सेवाओं की विश्वसनीयता और जवाबदेही बेहतर होगी।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 8:17 pm

वायुसेना में शक्ति शर्मा का इतिहास: पहली गैर-चिकित्सकीय महिला टू-स्टार अधिकारी

1 सितंबर 2026 को भारतीय वायुसेना ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया, जब एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा को एयर हेडक्वार्टर में असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (एजुकेशन) के रूप में नियुक्त किया गया। इस नियुक्ति के साथ ही वे भारतीय सशस्त्र बलों में गैर-चिकित्सकीय शाखा से दो-स्टार रैंक तक पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी बन गईं।

तहलका 1 Sep 2026 8:16 pm

बेंगलुरु में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सात आरोपी गिरफ्तार

बेंगलुरु में नकली नोट छापने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने 500 रुपये के नकली नोट छापने की सामग्री के साथ सात लोगों को गिरफ्तार किया और लाखों रुपये के नकली नोट व उपकरण जब्त किए।

जागरण 1 Sep 2026 8:14 pm

एक्सपायरी डेट बदलकर विदेश भेजा जा रहा था सामान, क्राइम ब्रांच का छापा

नवी मुंबई के तुर्भे MIDC में क्राइम ब्रांच ने एक्सपायरी डेट बदलने के कथित गोरखधंधे का खुलासा किया है. एक कंपनी से 75.21 लाख रुपये का खाद्य स्टॉक जब्त किया गया और 12 लोगों पर कार्रवाई की गई. पढ़ें इस एक्शन की पूरी कहानी.

आज तक 1 Sep 2026 8:13 pm

India-Russia Defence Deal : भारत को S-500 और Su-57 की पेशकश, रूस ने बढ़ाया रक्षा सहयोग का हाथ

भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। रूस ने भारत के सामने अपने अत्याधुनिक S-500 Prometheus एयर डिफेंस सिस्टम और Su-57 पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट का प्रस्ताव रखा है। खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ...

वेब दुनिया 1 Sep 2026 8:10 pm

Kerala CM Pinarayi Vijayan का Ramesh Chennithala को जवाब, Drug Seizure के भारी-भरकम आंकड़ों से विपक्ष को घेरा

केरल में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला की ओर से राज्य में ड्रग-विरोधी अभियानों पर की गई आलोचनाओं का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने LDF सरकार के मिसाल कायम करने वाले रिकॉर्ड और दोषियों को सज़ा दिलाने की उच्च दर का ज़िक्र किया। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फ़ेसबुक पर एक पोस्ट में विजयन ने चेन्निथला के उस आरोप को खारिज कर दिया कि सरकार 10 सालों में 500 ग्राम MDMA भी ज़ब्त नहीं कर पाई। विजयन ने कहा, मैंने गृह मंत्री रमेश चेन्निथला का बयान देखा कि '10 साल तक शासन करने के बाद भी वे 500 ग्राम MDMA ज़ब्त नहीं कर पाए।' कम से कम, अगर उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी से पूछा होता, तो वे ड्रग तस्करी के खिलाफ LDF सरकार की कोशिशों को समझ सकते थे। जुलाई 2024 में, त्रिशूर में ज़ब्त किए गए 2.4 किलोग्राम MDMA के स्रोत का पता लगाते हुए, केरल पुलिस ने हैदराबाद के कुकटपल्ली में एक फ़िल्म निर्माता द्वारा चलाई जा रही अंतरराष्ट्रीय ड्रग बनाने वाली प्रयोगशाला की पहचान की और उसे बंद कर दिया। फ़ोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से रसायन भी ज़ब्त किए गए। रेवंत रेड्डी की सरकार अपने राज्य में जो नहीं कर पाई, वह केरल पुलिस ने वहाँ कर दिखाया। इसे भी पढ़ें: SCO Summit: Bishkek Declaration और PM Modi का Strategic Vision, आतंकवाद पर कड़ा प्रहार केरल के विपक्ष के नेता ने अपने दावों के समर्थन में केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केरल ने देश में नशीले पदार्थों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की है। संसद में पेश किए गए केंद्र सरकार के रिकॉर्ड खुद बताते हैं कि LDF सरकार की नशीले पदार्थों के खिलाफ गतिविधियां मिसाल कायम करने वाली थीं। 3 फरवरी, 2025 को लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, केरल ने 2022 से नशीले पदार्थों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की है। केरल में नशीले पदार्थों के मामलों में गिरफ्तारियों की संख्या उस राज्य से तीन गुना अधिक थी, जहां गिरफ्तारियों की संख्या दूसरी सबसे अधिक थी। हालांकि केरल में नशीले पदार्थों का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम स्तर पर होता है, लेकिन ये आंकड़े बताते हैं कि नशीले पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए राज्य के प्रयास देश के लिए एक मॉडल बन सकते हैं। 22 दिसंबर, 2022 को राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, NDPS मामलों में केरल की दोषसिद्धि दर 98 प्रतिशत से अधिक थी। उस समय, राष्ट्रीय औसत 78 प्रतिशत था, जबकि तेलंगाना की दोषसिद्धि दर केवल 25 प्रतिशत थी। इसे भी पढ़ें: Diplomatic Update: BNP स्थापना दिवस पर भारत की शुभकामनाएं, High Commissioner ने कहा- People-to-People Ties है जरूरी अभियानों के पैमाने पर प्रकाश डालते हुए, विजयन ने बताया, 2021 और 2025 के बीच, केरल पुलिस ने 1,26,855 NDPS मामले दर्ज किए। सख्त निगरानी और 'ऑपरेशन डी-हंट' जैसे मजबूत हस्तक्षेपों के परिणामस्वरूप मामलों के पंजीकरण में 538 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 23 जून, 2026 को विधायक यू.आर. प्रदीप के सवाल पर आबकारी मंत्री एम. लिजू द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, आबकारी विभाग ने पिछले पांच वर्षों में केरल में 41,946 NDPS मामले और 4,18,403 COTPA मामले दर्ज किए। मंत्री ने ऐसे आंकड़े भी उपलब्ध कराए जिनसे पता चलता है कि इस अवधि के दौरान, आबकारी विभाग ने 17,587.4335 किलोग्राम गांजा, 33,419.996 ग्राम MDMA, 65,943.8254 ग्राम हशीश और 1,60,597.093 किलोग्राम COTPA उत्पाद जब्त किए।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 8:09 pm

आतंकवादी करेंगे हत्या, चिराग को मिला धमकी भरा लेटर

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. उन्हें डाक के जरिए भेजी गई चिट्ठी में कट्टर आतंकवादियों द्वारा जल्द हत्या की धमकी दी गई. चिराग के कार्यालय ने मामले की जानकारी केंद्रीय गृह सचिव को देते हुए जरूरी सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है. संबंधित एजेंसियां पत्र भेजने वाले की पहचान और उसके मकसद का पता लगाने में जुटी हैं.

आज तक 1 Sep 2026 8:08 pm

25 दिन में 50 करोड़! हनुमान अंश का सेकंड पार्ट हुआ कंफर्म

हनुमान अंश फिल्म की अपार सफलता के बाद इसका सीक्वल भी जल्द आने वाला है. डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने दूसरे पार्ट को कंफर्म करते हुए इसकी कहानी से भी पर्दा उठा दिया है.

आज तक 1 Sep 2026 8:07 pm

खुद से लेते हैं एंटीबायोटिक दवा? ऐसे बन रही है जानलेवा

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की स्टडी में पता चला है कि भारत में ड्रग रेजिस्टेंट बैक्टीरियल संक्रमण मरीजों की मौत का कारण बन रहा है. 2022-2025 के आंकड़ों के अनुसार, 61.1% मरीज कार्बेपनेम-रेजिस्टेंट थे. यानी इन मरीजों पर कई तरह की एंटीबायोटिक दवाओं का असर नहीं हो रहा है.

आज तक 1 Sep 2026 8:06 pm

4 महीने में 8 करोड़ से ज्यादा फ्री राइड, सामने आया दिल्ली की महिलाओं का आंकड़ा

दिल्ली में महिलाओं ने बीते 4 महीनों में DTC बसों में सवा 8 करोड़ से ज्यादा बार मुफ्त सफर किया है. सरकार अब कागजी पिंक टिकट की जगह 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' ला रही है, हालांकि पुरानी टिकट व्यवस्था 17 सितंबर तक जारी रहेगी.

आज तक 1 Sep 2026 8:05 pm

Hardik Pandya Ruled Out: चोट के चलते अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर हुए हार्दिक पांड्या

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में जब भी एक संतुलित और आक्रामक प्लेइंग इलेवन की बात होती है, तो उसमें तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख ऑलराउंडर और संकटमोचक माने जाने वाले हार्दिक पांड्या की राष्ट्रीय टीम में वापसी की राह में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक और शारीरिक रोड़ा आ गया है। आगामी 13 सितंबर से नई दिल्ली के ऐतिहासिक अरुण जेटली स्टेडियम में शुरू होने वाली तीन मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज के लिए जब बीसीसीआई ने भारतीय टीम की घोषणा की, तो उसमें एक बड़ा चौकाने वाला नाम नदारद था। भारत के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या पैर में नई चोट उभरने और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया में आई बाधा के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली इस आगामी घरेलू टी20 श्रृंखला से आधिकारिक रूप से बाहर हो गए हैं। इस ताजा झटके ने उनके प्रशंसकों और टीम प्रबंधन दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।बेंगलुरु स्थित CoE में रिहैबिलिटेशन के दौरान आई नई परेशानीभारतीय टीम के मुख्य ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या अपनी खोई हुई लय को हासिल करने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दमदार वापसी के लिए बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में लंबे समय से कठोर प्रशिक्षण और रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पांड्या की रिकवरी प्रक्रिया शुरुआती दौर में बेहद संतोषजनक चल रही थी और वे नेट्स पर पूरी तीव्रता और गति के साथ गेंदबाजी का अभ्यास भी कर रहे थे। लेकिन दुर्भाग्यवश, इसी अभ्यास के दौरान उनके पैर में एक बार फिर हल्की तकलीफ और खिंचाव महसूस हुआ। इस नई परेशानी के सामने आने के बाद मेडिकल स्टाफ और खेल विज्ञान विशेषज्ञों ने उन्हें तत्काल प्रभाव से गेंदबाजी रोकने की सलाह दी, ताकि चोट अधिक गंभीर न हो सके। हालांकि वे चलने-फिरने और सामान्य बल्लेबाजी करने में पूरी तरह सहज हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए आवश्यक फिटनेस के सर्वोच्च मानक तक पहुंचना इस अल्प अवधि में संभव नहीं हो पाया।चयन से पहले फिटनेस परीक्षण और चयनकर्ताओं की मजबूरीटीम चयन से ठीक पहले स्थिति स्पष्ट करते हुए बीसीसीआई से जुड़े एक करीबी सूत्र ने मीडिया को जानकारी दी कि हार्दिक पांड्या बिना किसी शिकायत के पूरी ऊर्जा के साथ गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन अचानक उभरी पैर की समस्या ने सब कुछ बदल दिया। सूत्र ने स्पष्ट किया कि यद्यपि उनके बल्ले से शॉट खेलने में कोई बड़ी बाधा नहीं थी, किंतु चयन समिति किसी भी खिलाड़ी को बिना सौ फीसदी फिटनेस के राष्ट्रीय दल में शामिल करने का जोखिम नहीं उठा सकती है। चूंकि अफगानिस्तान के खिलाफ श्रृंखला बेहद नजदीक आ चुकी है और टीम प्रबंधन को आने वाले समय में कई कड़े विदेशी दौरों तथा बहु-राष्ट्र टूर्नामेंटों में हिस्सा लेना है, इसलिए यह अनिवार्य समझा गया कि पांड्या को पूरी तरह से ठीक होने का पर्याप्त समय दिया जाए। इस प्रकार, फिटनेस के मापदंडों पर खरा न उतर पाने के कारण चयनकर्ताओं को उन्हें इस सीरीज से बाहर रखने का कठिन निर्णय लेना पड़ा।लंबे समय से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं स्टार ऑलराउंडरहार्दिक पांड्या की फिटनेस का यह मुद्दा पिछले कुछ समय से भारतीय टीम के लिए सिरदर्द बना हुआ है। यदि उनके हालिया क्रिकेट करियर पर नजर डाली जाए, तो उन्होंने अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मुकाबला गत 24 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान मुंबई इंडियंस की तरफ से खेला था। वहीं, भारत की नीली जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 8 मार्च को टी20 विश्व कप का ऐतिहासिक फाइनल मुकाबला था। उसके बाद से लेकर अब तक, यानी पिछले कई महीनों से यह 32 वर्षीय अनुभवी ऑलराउंडर खेल के मैदान से पूरी तरह दूर चल रहा है। इस दौरान वे अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू श्वेत-गेंद श्रृंखला के साथ-साथ आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए महत्वपूर्ण दौरों से भी बाहर ही रहे हैं। ताजा घटनाक्रम के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पटल पर उनकी बहुप्रतीक्षित वापसी का यह इंतजार थोड़ा और लंबा खिंच सकता है।नीतीश कुमार रेड्डी को मिला मौका, प्लेइंग इलेवन में संतुलन की तलाशहार्दिक पांड्या के अंतिम समय में टीम से बाहर हो जाने के बाद चयनकर्ताओं ने एक बार फिर युवा और प्रतिभावान ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी पर अपना भरोसा जताया है। हार्दिक की अनुपस्थिति में नीतीश को इस पूरी श्रृंखला के लिए टीम में अपनी जगह बरकरार रखने का अवसर मिल गया है। यदि मैच के दिन पिच और मौसम की परिस्थितियां एक तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर के पूरी तरह अनुकूल रहीं, तो टीम प्रबंधन उन्हें निचले क्रम यानी आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतार सकता है। इसके विपरीत, यदि सामरिक रूप से स्पिन या अन्य विकल्पों की अधिक आवश्यकता महसूस हुई, तो टीम प्रबंधन अनुभवी वाशिंगटन सुंदर को प्राथमिकता दे सकता है, जिन्हें भी 15 सदस्यीय दल में शामिल किया गया है, हालांकि उनका खेलना भी उनकी वर्तमान फिटनेस रिपोर्ट पर ही निर्भर करेगा।अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए अधिकृत भारतीय स्क्वाडचयन समिति द्वारा घोषित इस संतुलित और मजबूत 15 सदस्यीय भारतीय दल में निम्नलिखित खिलाड़ी शामिल हैं:श्रेयस अय्यर (कप्तान)तिलक वर्मा (उपकप्तान)अभिषेक शर्मावैभव सूर्यवंशीसंजू सैमसन (विकेटकीपर)इशान किशन (विकेटकीपर)शिवम दुबेनितीश कुमार रेड्डी (फिटनेस के अधीन)अक्षर पटेलवाशिंगटन सुंदर (फिटनेस के अधीन)वरुण चक्रवर्तीरवि बिश्नोईजसप्रित बुमरा (फिटनेस के अधीन)अर्शदीप सिंहहर्षित राणा (फिटनेस के अधीन)

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 8:03 pm

एसएसबी नेपाल और भूटान सीमा पर स्थानीय लोगों से जुड़े: गृह सचिव

नयी दिल्ली, एक सितंबर केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मंगलवार को कहा कि नेपाल और भूटान से लगी भारत की खुली सीमाओं की चौकसी में लगे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को नई ‘चतुष्कोणीय’ सीमा सुरक्षा योजना के तहत भारत के लिए सद्भावना पैदा करने और इन इलाकों में खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के लिए स्थानीय लोगों से जुड़ने की अपनी ‘मूल भूमिका’ पर वापस लौटना चाहिए। मोहन ने बल के एक अलंकरण समारोह में अपने संबोधन में कहा कि एसएसबी का काम ‘अनोखा’ है क्योंकि यह उन दो देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करता है, जिनके साथ भारत के दोस्ताना संबंध हैं। एसएसबी को 1962 में चीन के हमले के बाद कैबिनेट सचिवालय के तहत बनाया गया था। बाद में 2001 में इसे गृह मंत्रालय को सौंप दिया गया और उसी साल इसे 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी दी गई। वर्ष 2004 में 699 किलोमीटर लंबी भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा का काम भी इसे सौंपा गया। गृह सचिव ने कहा, ‘‘जब 1961-62 के दौरान एसएसबी की योजना बनाई गई थी तो इसका मुख्य मकसद भारत के लिए सद्भावना पैदा करना, इन सीमाओं पर एक मज़बूत खुफिया नेटवर्क बनाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ जुड़ना और इन गतिविधियों के जरिए इन इलाकों में तैनात सशस्त्र बलों की मदद करना था।’’मोहन ने कहा, ‘‘धीरे-धीरे हमने देखा कि यह बात कम होती गयी और एक सशस्त्र बल के तौर पर एसएसबी की भूमिका बढ़ती गई।’’उन्होंने कहा,‘‘ गृह मंत्रालय में हमारा मानना ​​है कि एसएसबी को अपने मौजूदा काम को बनाए रखते हुए, अपनी उस मूल भूमिका में लौटने के लिए कदम उठाने चाहिए जिसके लिए इसे बनाया गया था।’’मोहन ने कहा,‘‘एसएसबी को इन क्षमताओं को मजबूत करना चाहिए। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि गृह मंत्रालय किसी भी जरूरत के लिए हमेशा मदद को तैयार रहेगा।’’गृह सचिव ने कहा कि ये उपाय गृह मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस योजना को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण हैं, जिसके तहत निकट भविष्य में भारत के लिए सीमा सुरक्षा का एक ‘चतुष्कोणीय’ तंत्र स्थापित किया जाना है। उन्होंने कहा कि एसएसबी जैसे सीमा की सुरक्षा करने वाले बल इस नई सुरक्षा व्यवस्था का पहला स्तंभ हैं और उनके बाद इन दूर-दराज़ इलाकों में तैनात राज्य सरकार के संबंधित प्रशासन आते हैं। उन्होंने कहा कि तीसरा स्तंभ कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​हैं, जैसे आयकर विभाग और मादक-पदार्थ निरोधक विभाग, जो गैर-कानूनी फंड, जाली भारतीय मुद्रा और ड्रग्स की जांच करती हैं। उन्होंने कहा कि चौथा स्तंभ स्थानीय आबादी है। गृह सचिव ने कहा, ‘‘आज़ाद भारत में यह पहली बार है जब सीमा सुरक्षा के लिए इतनी महत्वपूर्ण योजना तैयार की गई है... आने वाले कुछ महीनों और सालों में हम सुरक्षा को और मज़बूत होते देखेंगे।’’उन्होंने इन दो सीमाओं की प्रभावी ढंग से सुरक्षा करने के लिए एसएसबी की तारीफ़ की, जहां कोई ‘भौतिक बाधा’ या बाड़ नहीं है। भारत ने पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगी सीमाओं पर बाड़ लगाई है। गृह सचिव ने कहा कि एसएसबी ने नेपाल और भूटान सीमा पर आवाजाही पर नज़र रखने के लिए ‘चेहरा पहचानने वाले कैमरे’, सीसीटीवी और रडार जैसे तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि इसकी ‘‘पैनी नजर’’ की वजह से ऐसे बदमाशों की पहचान करके उन्हें पकड़ा जा सका है जो देश में गड़बड़ी फैला सकते थे तथा मानव तस्करों, हथियारों और ड्रग्स के तस्करों एवं नकली भारतीय नोट चलाने वालों को भी पकड़ा गया है। इस कार्यक्रम के दौरान, मोहन ने बल के 18 जवानों को बहादुरी और बेहतरीन सेवा के लिए पदक प्रदान किये। उन्होंने शाह का संदेश भी पढ़कर सुनाया, जिन्हें इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। मोहन ने बताया कि शाह ने नेपाल में हाल में आई बाढ़ में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस आपदा के दौरान भारतीय सीमा की तरफ ‘काबिले-तारीफ’ काम करने के लिए एसएसबी की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री इस बात की सराहना करते हैं कि एसएसबी आम लोगों के लिए सुरक्षा और सेवा के बीच ‘संतुलन’ बनाए रखते हुए इन दोस्ताना सीमाओं की सुरक्षा करती है। एसएसबी महानिदेशक संजय सिंघल ने कहा कि इस बल के सामने दोस्ताना सीमाओं की सुरक्षा करने की एक ‘खास चुनौती’ है, क्योंकि नेपाल सीमा से रोज़ाना 3.25 लाख से ज़्यादा लोग और 46,000 गाड़ियां गुज़रती हैं, जबकि भूटान सीमा से रोज़ाना 50,000 से ज़्यादा लोग और 8,000 गाड़ियां गुज़रती हैं।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 8:02 pm

IND vs AFG T20I Series: संजू सैमसन की वापसी, हार्दिक पांड्या बाहर; बीसीसीआई ने किया 15 सदस्यीय टीम का ऐलान

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के व्यस्त फ्यूचर टूर प्रोग्राम और द्विपक्षीय सीरीज के सिलसिले के बीच भारतीय क्रिकेट टीम एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। आगामी मुकाबलों की तैयारियों को धार देने और युवा तथा अनुभवी खिलाड़ियों के संयोजन को परखने के उद्देश्य से भारतीय चयनकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जाने वाली आगामी रोमांचक तीन मैचों की टी20 श्रृंखला के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आधिकारिक तौर पर 15 सदस्यीय मजबूत टीम की घोषणा कर दी है। इस श्रृंखला के सभी मुकाबले नई दिल्ली के ऐतिहासिक अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे, जिसकी शुरुआत रविवार, 13 सितंबर 2026 से होगी। इस टीम चयन में कई चौंकाने वाले फैसले देखने को मिले हैं, जहाँ एक तरफ विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपनी खोई हुई लय और टीम में जगह वापस हासिल कर ली है, तो वहीं दूसरी तरफ स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बार फिर फिटनेस समस्याओं के चलते टीम से बाहर हो गए हैं।संजू सैमसन की धमाकेदार वापसी और हार्दिक पांड्या का चोटिल होनाहाल ही में समाप्त हुए जिम्बाब्वे दौरे पर आश्चर्यजनक रूप से टीम से बाहर रखे गए विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने चयनकर्ताओं के भरोसे पर खरा उतरते हुए एक बार फिर राष्ट्रीय टी20 टीम में शानदार वापसी की है। घरेलू और आईपीएल के स्तर पर अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाने वाले संजू के आने से टीम का मध्यक्रम और विकेटकीपिंग विकल्प दोनों मजबूत हुए हैं। हालांकि, इस चयन के साथ ही भारतीय खेमे के लिए एक बुरी खबर भी सामने आई है। तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बार फिर चोट के साए में घिरकर टीम से बाहर हो गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पांड्या को एक ताजा चोट लग गई है, जिसके चलते वे इस पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। भारतीय टीम प्रबंधन और फैंस के लिए हार्दिक की यह लगातार चोटें चिंता का विषय बनी हुई हैं, क्योंकि आगामी बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए टीम को उनके संतुलन की सख्त जरूरत है।फिटनेस पर निर्भर है बुमराह, सुंदर और रेड्डी जैसे दिग्गजों का खेलनाअफगानिस्तान के खिलाफ चुनी गई इस 15 सदस्यीय टीम में कुछ ऐसे नाम भी शामिल किए गए हैं जिनका खेलना पूरी तरह से उनकी मेडिकल फिटनेस पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ माने जाने वाले जसप्रीत बुमराह, युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी, स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर और उभरते हुए तेज गेंदबाज हर्षित राणा को टीम में जगह तो दी गई है, लेकिन उनका अंतिम एकादश (Playing XI) में उतरना फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद ही तय होगा। टीम प्रबंधन इन प्रमुख खिलाड़ियों को लेकर किसी भी प्रकार का अनावश्यक जोखिम उठाने के मूड में बिल्कुल नहीं है। इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि आने वाले दिनों में एशियाई खेलों (Asian Games) का बड़ा अभियान और न्यूजीलैंड के खिलाफ एक कठिन विदेशी दौरा दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। ऐसे में इन खिलाड़ियों के कार्यभार (Workload Management) और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।रहस्यमयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की हुई राष्ट्रीय टीम में वापसीभारतीय गेंदबाजी विभाग में एक और बड़ा बदलाव मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की वापसी के रूप में देखने को मिला है। पिछले कुछ समय से शानदार प्रदर्शन कर रहे वरुण चक्रवर्ती को आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई पिछली कुछ टी20 श्रृंखलाओं से रणनीतिक रूप से आराम दिया गया था। अब वे पूरी तरह तरोताजा होकर राष्ट्रीय दल में लौट आए हैं। चेन्नई में जन्मे इस प्रतिभावान स्पिनर को प्लेइंग इलेवन में सीधे तौर पर शामिल किए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि रवि बिश्नोई को टीम में चुना जरूर गया है, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ पिछले मुकाबलों में उनकी गेंदबाजी में वह धार और विकेट निकालने की क्षमता नजर नहीं आई थी, जिसकी टीम को उम्मीद थी। ऐसे में वरुण चक्रवर्ती का अनुभव मध्य के ओवरों में अफगानिस्तान के बल्लेबाजों के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है।बल्लेबाजी क्रम में कड़ी प्रतिस्पर्धा: कौन कहां करेगा बल्लेबाजी?संजू सैमसन की वापसी के बाद भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम में स्थान पाने के लिए खिलाड़ियों के बीच गलाकाट प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा और युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के कंधों पर होगी, जो अपनी तेज तर्रार पारियों से पावरप्ले का पूरा फायदा उठाना चाहेंगे। वहीं, नंबर तीन के महत्वपूर्ण स्थान पर विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन के उतरने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, इन सभी शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता होगी, क्योंकि टीम में संजू सैमसन की मौजूदगी का मतलब है कि किसी भी खराब प्रदर्शन पर तुरंत सवाल उठ सकते हैं। मध्यक्रम की बात करें तो कप्तान श्रेयस अय्यर नंबर चार पर बल्लेबाजी की कमान संभालेंगे, जबकि नव नियुक्त उप-कप्तान तिलक वर्मा पांचवें नंबर पर क्रीज पर उतरेंगे। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ पिछली श्रृंखलाओं में तिलक वर्मा का बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला था, जिससे उनके प्रदर्शन को लेकर थोड़ी चिंताएं जरूर बढ़ी हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ यह श्रृंखला उनके भविष्य के लिए एक बड़ा इम्तिहान साबित होगी। यदि उनका प्रदर्शन इस बार भी निराशाजनक रहता है, तो बेंच पर बैठे संजू सैमसन या नीतीश कुमार रेड्डी उन्हें कड़ी चुनौती दे सकते हैं। इसके बाद फिनिशर की भूमिका में ऑलराउंडर शिवम दुबे और अक्षर पटेल क्रमशः छठे और सातवें स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए पारी को संभालेंगे। पिच के मिजाज और मैदान की परिस्थितियों को देखते हुए वाशिंगटन सुंदर के अंतिम ग्यारह में चयन पर अंतिम मुहर लगेगी।अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए चुनी गई आधिकारिक भारतीय टीमबीसीसीआई द्वारा घोषित इस 15 सदस्यीय संतुलित और युवा-अनुभवी मिश्रित दल में निम्नलिखित खिलाड़ी शामिल हैं:श्रेयस अय्यर (कप्तान)तिलक वर्मा (उपकप्तान)अभिषेक शर्मावैभव सूर्यवंशीसंजू सैमसन (विकेटकीपर)इशान किशन (विकेटकीपर)शिवम दुबेनितीश कुमार रेड्डी (फिटनेस पर निर्भर)अक्षर पटेलवाशिंगटन सुंदर (फिटनेस पर निर्भर)वरुण चक्रवर्तीरवि बिश्नोईजसप्रित बुमरा (फिटनेस पर निर्भर)अर्शदीप सिंहहर्षित राणा (फिटनेस पर निर्भर)

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 8:01 pm

झांसी में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला विवाहिता का शव: सोशल मीडिया वाली लव मैरिज का खौफनाक अंत, पति पर हत्या का गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगर झांसी से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रेम प्रसंग, शादी और उसके बाद उपजे पारिवारिक विवादों की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर उजागर कर दिया है। सोशल मीडिया के एक छोटे से डिजिटल संपर्क से शुरू हुई प्रेम कहानी किस प्रकार कुछ ही महीनों के भीतर एक खौफनाक त्रासदी में बदल गई, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पॉश आवास विकास इलाके में सोमवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक 27 वर्षीय विवाहिता का संदिग्ध अवस्था में शव उसके ही कमरे के बिस्तर पर पड़ा हुआ मिला। इस घटना के सामने आने के बाद से मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, और मुख्य आरोपी पति घटना के बाद से ही घर छोड़कर फरार चल रहा है। पुलिस और फोरेंसिक टीमें इस पूरे मामले की हर एंगल से गहनता से छानबीन कर रही हैं।आवास विकास में संदिग्ध हालात में मिला 27 वर्षीय शिवानी का शवसोमवार की सुबह झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी में उस वक्त सनसनी फैल गई जब स्थानीय लोगों को यह सूचना मिली कि एक घर के अंदर युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतका की पहचान 27 वर्षीय शिवानी के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शिवानी का शव उसके कमरे के बिस्तर पर संदिग्ध हालत में मिला था, जबकि उसका पति यश ठाकुर मौके से नदारद था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह सुनियोजित हत्या है या इसके पीछे कोई अन्य रहस्य छिपा हुआ है, जिसका खुलासा आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।रात के अंधेरे में क्या हुआ था? भाई और बहन के बयानों से खुला राजघटना की रात क्या-क्या हुआ, इसे लेकर मृतका के परिजनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। परिजनों के मुताबिक, रविवार की रात करीब 10 बजे के आसपास शिवानी और उसके पति यश ठाकुर के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और विवाद हुआ था। इसके बाद रात का सन्नाटा गहराने पर, करीब 1:30 से 2 बजे के बीच यश ने शिवानी की छोटी बहन मुस्कान से अपना बैग और अन्य जरूरी सामान मांगा। मुस्कान द्वारा बैग दिए जाने के बाद शातिर अंदाज में यश ने कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी और चुपचाप वहां से फरार हो गया। अगली सुबह करीब 5 बजे जब मुस्कान उठी और उसे शौच के लिए जाना था, तो उसने कमरा खोलने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजा बाहर से बंद मिलने पर वह हैरान रह गई। काफी देर तक आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई सुगबुगाहट या जवाब नहीं मिला, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई।भाई अनिकेत ने खोली कुंडी, मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने किया मृत घोषितसुबह के वक्त जब काफी समय बीत गया और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तो सुबह करीब 9 बजे शिवानी का भाई अनिकेत उस घर में पहुंचा। उसने जब बाहर से बंद कमरे की कुंडी खोली, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसकी बहन शिवानी बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़ी हुई थी। अनिकेत ने अपनी बहन को कई बार आवाज दी और हिलाया-डुलाया, लेकिन उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। किसी अनहोनी की आशंका से घबराए परिजन तुरंत शिवानी को लेकर झांसी के मेडिकल कॉलेज दौड़े, जहाँ आपातकालीन कक्ष में मौजूद वरिष्ठ डॉक्टरों ने उसकी जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि किए जाने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरा घर चीख-पुकार से गूंज उठा।सोशल मीडिया की दोस्ती से शुरू हुई थी प्रेम कहानी और फिर हुआ खौफनाक अंतइस पूरे मामले के शुरुआती इतिहास को खंगालने पर पता चला कि शिवानी और यश ठाकुर की मुलाकात आज से लगभग डेढ़ से दो साल पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए हुई थी। ऑनलाइन बातचीत का यह सिलसिला धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदला और फिर दोनों ने एक-दूसरे के प्यार में पड़कर अपने परिवारों के खिलाफ जाकर लव मैरिज कर ली थी। हालांकि, यह प्रेम विवाह ज्यादा समय तक खुशहाल नहीं रह सका और शादी के महज डेढ़ साल के भीतर ही यह रिश्ता बर्बादी की कगार पर पहुंच गया। परिजनों ने बताया कि इन दोनों के बीच कोई संतान नहीं थी, और शादी के शुरुआती कुछ दिनों को छोड़कर आए दिन दोनों में कलह होती रहती थी।पति यश ठाकुर पर मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोपमृतका के परिजनों ने उसके पति यश ठाकुर पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि शादी के बाद से ही शिवानी और यश के बीच लगातार विवाद और कलह होती रहती थी। आरोपी यश अक्सर शिवानी के साथ मारपीट करता था और उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। पति के लगातार हो रहे अत्याचार और घरेलू हिंसा से तंग आकर ही शिवानी पिछले दो-तीन महीनों से अपने मायके पक्ष के लोगों के साथ झांसी में ही अलग रह रही थी। परिजनों का साफ तौर पर आरोप है कि यश ने ही साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया है और वारदात को अंजाम देने के बाद वह अपनी पहचान छिपाने के लिए फरार हो गया है।पुलिस की ताबड़तोड़ दबिशें और न्याय की आसइस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद झांसी पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। सीपरी बाजार थाना पुलिस ने मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे पति यश ठाकुर की तलाश के लिए विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिवानी की मौत की वास्तविक वजह क्या है, यह गला घोंटने से हुई है या किसी जहर या अन्य कारण से, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) की विस्तृत मेडिकल फाइंडिंग्स आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना की रात घर में और कौन-कौन मौजूद था। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर समाज में सोशल मीडिया के जरिए होने वाले रिश्तों की स्थिरता और घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, और पीड़ित परिवार अब दरिंदे पति के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:59 pm

राम मंदिर के पहले CEO के लिए 3 नाम शॉर्टलिस्ट: 2 सितंबर को होगा बड़ा ऐलान, चंपत राय के इस्तीफे के बाद खाली पदों पर भी टिकी नजरें

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के पावन नगरी अयोध्या में स्थित भगवान श्री राम के भव्य और दिव्य मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी, चुस्त-दुरुस्त और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया जाने वाला है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के सुचारू संचालन और दिन-प्रतिदिन के कामकाज की देखरेख के लिए देश के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। मंदिर परिसर में हाल ही में संपन्न हुई उच्चस्तरीय बैठकों और विचार-विमर्श के बाद, चयन समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है, जिसमें तीन प्रतिष्ठित और योग्य नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इस बहुप्रतीक्षित नियुक्ति को लेकर देश भर के राम भक्तों की नजरें आगामी बैठकों और होने वाले आधिकारिक ऐलान पर टिकी हुई हैं।सर्च कमेटी ने ट्रस्ट को सौंपी रिपोर्ट, 2 सितंबर को होगी अहम बैठकराम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए ट्रस्ट द्वारा एक विशेष तीन सदस्यीय खोज समिति (सर्च कमेटी) का गठन किया गया था। इस प्रतिष्ठित समिति का नेतृत्व देश के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली कर रहे थे, जिनके साथ समिति में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे जैसे अनुभवी सदस्य भी शामिल थे। समिति ने पूरी पारदर्शिता और गहन छानबीन के बाद तीन योग्य नामों का पैनल तैयार किया है। सर्च कमेटी का नेतृत्व कर रहे रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने आधिकारिक रूप से अपनी यह रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज को सौंप दी है। अब ट्रस्ट के सभी सम्मानित ट्रस्टी मिलकर इन तीन नामों में से किसी एक नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगाएंगे। इस सिलसिले में आगामी बुधवार यानी 2 सितंबर को ट्रस्ट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक दोपहर दो बजे से आहूत की गई है, जिसमें देश के पहले राम मंदिर सीईओ के नाम की आधिकारिक घोषणा किए जाने की प्रबल संभावना है।चढ़ावे की चोरी और भक्तों का विश्वास बहाल करने के लिए उठाया गया कदमइस संपूर्ण प्रशासनिक बदलाव की पृष्ठभूमि पर यदि नजर डाली जाए, तो इसकी एक बड़ी वजह हाल के दिनों में सामने आई कुछ आंतरिक चुनौतियां थीं। गत 6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में ऐतिहासिक राम मंदिर के सुचारू संचालन, सुरक्षा प्रबंधन और मंदिर में आने वाले दान-चढ़ावे की व्यवस्था की पारदर्शी निगरानी के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया था। ट्रस्ट ने इस बात को खुले तौर पर स्वीकार किया था कि अतीत में मंदिर के चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़ी कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई थीं, जिनसे संस्था की छवि को आघात पहुंचा था। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों राम भक्तों की आस्था और उनके द्वारा अर्पित किए जाने वाले दान की सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई न हो, इसी संकल्प के साथ ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को पेशेवर हाथों में सौंपने का मार्ग चुना है। सीईओ के पद पर एक सक्षम अधिकारी के आ जाने से मंदिर का दैनिक कामकाज, वित्तीय पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की सुविधाएं पूरी तरह से व्यवस्थित हो जाएंगी।चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद खाली हुए हैं अहम पदराम मंदिर ट्रस्ट के भीतर पिछले कुछ महीनों के दौरान कई बड़े घटनाक्रम देखने को मिले हैं, जिससे प्रशासनिक और सांगठनिक स्तर पर कुछ पद रिक्त हो गए हैं। चढ़ावा चोरी से जुड़े विवादों के सामने आने और कुछ अन्य प्रशासनिक असहजताओं के बाद, ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इन महत्वपूर्ण चेहरों के हटने के बाद से ट्रस्ट में कई पद खाली चल रहे थे, जिन्हें भरना अब अनिवार्य हो गया है। इसके अलावा, हाल ही में ट्रस्ट के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के दुखद निधन के कारण सदस्य का एक और पद रिक्त हो गया है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, आगामी 2 सितंबर को होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में केवल सीईओ के नाम का ऐलान ही नहीं किया जाएगा, बल्कि अनिल मिश्रा के इस्तीफे से रिक्त हुए ट्रस्ट के सदस्य पद पर भी नई नियुक्ति को लेकर मुहर लग सकती है।कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने दिए बड़े संकेतट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज से जब मीडिया द्वारा यह सवाल किया गया कि क्या आगामी बुधवार को होने वाली बैठक में नए सीईओ के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा, तो उन्होंने बहुत संतुलित और स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पूरी तरह से ट्रस्ट और उसके बोर्ड को तय करना है, लेकिन उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस दिशा में सकारात्मक निर्णय ले लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने तीन सदस्यीय चयन पैनल के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ट्रस्ट ने देश की कुछ सबसे प्रतिष्ठित हस्तियों से इस व्यवस्था में मार्गदर्शन का अनुरोध किया था, और उन्होंने बेहद कम समय में पूरी निष्ठा के साथ इस कार्य को पूरा किया है।राम मंदिर प्रबंधन का एक नया और आधुनिक युगअयोध्या का राम मंदिर आज के समय में दुनिया भर के सनातन धर्मावलंबियों के लिए सबसे बड़ा और पवित्र आस्था का केंद्र बन चुका है। प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में, केवल धार्मिक अनुष्ठानों से हटकर मंदिर के विशाल परिसर, सुरक्षा चक्र, आगंतुकों की व्यवस्था, और वित्तीय प्रबंधन के लिए एक कॉरपोरेट स्तर की प्रोफेशनल कार्यशैली की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। पहले सीईओ की नियुक्ति और नए सदस्यों के चयन के साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक नए और आधुनिक प्रशासनिक युग में प्रवेश करने जा रहा है। 2 सितंबर की दोपहर को होने वाली इस बैठक के बाद देश और दुनिया के सामने स्पष्ट हो जाएगा कि राम मंदिर के प्रबंधन की बागडोर अब किसके हाथों में सौंपी जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:58 pm

'विजय अमेरिका के राष्ट्रपति भी बन सकते हैं', थलापति को PM बनाने की मांग पर पलानीस्वामी का तंज

AIADMK के जनरल सेक्रेटरी पलानीस्वामी ने विजय को प्रधानमंत्री बनाने की मांग पर तंज कसते हुए कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति भी बन सकते हैं।

जागरण 1 Sep 2026 7:57 pm

MP कैबिनेट ने इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास और कल्याणकारी कार्यों के लिए 41,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की मंज़ूरी दी

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मध्य प्रदेश कैबिनेट ने राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 41,000 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों और कल्याणकारी उपायों को मंजूरी दी। प्रमुख निर्णयों में, कैबिनेट ने राज्य में ग्रामीण विकास ढांचे के लिए 1 जुलाई, 2026 से 'विकसित भारत: VB-G RAM G' योजना (जिसे पहले मनरेगा के नाम से जाना जाता था) को लागू करने की मंजूरी दी, जिसकी कुल अनुमानित वित्तीय लागत 29,619 करोड़ रुपये है। कुल अनुमानित लागत में से, 3,183 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए और 26,436 करोड़ रुपये 2026-27 से 2030-31 तक योजना को जारी रखने के लिए मंजूर किए गए। इसे भी पढ़ें: शिवपुरी को ₹17.50 करोड़ से अधिक की विकास सौगातें, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सड़क सुविधाओं को मिली नई गति: केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए, मंत्रिपरिषद ने 'हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल' के तहत 35.61 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न भोपाल बाईपास (पेव्ड शोल्डर वाली चार-लेन सड़क) के लिए 3,225.51 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली संशोधित प्रशासनिक मंज़ूरी दी। निर्माण-पूर्व गतिविधियों के लिए अतिरिक्त 548.29 करोड़ रुपये का खर्च राज्य के बजट से उठाया जाएगा। पेव्ड शोल्डर होने से जानलेवा दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है और पैदल चलने वालों व धीमी गति से चलने वाले वाहनों की सुरक्षा बेहतर होती है। इसे भी पढ़ें: MP BJP की कार्यसमिति बैठक ओरछा में शुरू, Mission 2028 और Gen Z पर रहेगा जोर इसी तरह, कैबिनेट ने 'हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल' के तहत 67.116 किलोमीटर लंबी मेहलुअा-बीना-खिमलासा-मालथोन सड़क (पेव्ड शोल्डर वाली चार-लेन सड़क) के निर्माण को भी मंज़ूरी दी, जिसकी कुल लागत 2,776.83 करोड़ रुपये है। ज़मीन अधिग्रहण और निर्माण-पूर्व अन्य गतिविधियों के लिए अतिरिक्त 428.94 करोड़ रुपये और सुपरविज़न चार्ज के लिए 65.77 करोड़ रुपये का भुगतान राज्य के बजट से किया जाएगा। इसके अलावा, उच्च और तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में, कैबिनेट ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन और भोपाल, उज्जैन व जबलपुर में तीन अलग-अलग टेक्नोलॉजी और स्किल यूनिवर्सिटीज़ की स्थापना को मंज़ूरी दी।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 7:55 pm

YSRCP Chief Jagan Mohan Reddy ने भरी हुंकार, स्थानीय निकाय चुनावों में 'Welfare vs Failure' की होगी जोरदार जंग

YSR कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री YS जगन मोहन रेड्डी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को एक बड़ी राजनीतिक चुनौती के तौर पर लें और हर सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी करें, ताकि किसी भी सीट पर बिना मुकाबले के जीत न हो। पुलिवेंदुला के दौरे के दौरान, जगन ने भाकरापुरम कैंप ऑफिस में 'प्रजा दरबार' लगाया, जहाँ बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग उनसे मिले और अपनी शिकायतें बताईं। उन्होंने धैर्यपूर्वक उनकी बातें सुनीं और पार्टी नेताओं के साथ स्थानीय राजनीतिक हालात, संगठन से जुड़े मुद्दों और आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा की। जगन ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे गाँव के स्तर पर पार्टी को मजबूत करें, लोगों से लगातार जुड़े रहें और उनकी समस्याओं को हल करने में उनका साथ दें। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की पहचान की जानी चाहिए और पहले से ही तैयारी कर लेनी चाहिए ताकि YSRCP हर स्थानीय निकाय सीट पर चुनाव लड़ सके। इसे भी पढ़ें: 10 मिनट के टी ब्रेक ने बचा ली 28 लोगों की जान! Nepal से लौटे तीर्थयात्रियों ने सुनाई खौफनाक कहानी उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्षी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को धमकाने के लिए सरकारी ताकत या पुलिस का गलत इस्तेमाल करने की किसी भी कोशिश का मजबूती और एकजुटता से सामना किया जाना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि पार्टी हर तरह से उनके साथ खड़ी रहेगी। वाईएस जगन ने नेताओं से कहा कि वे YSRCP सरकार के तहत हुए कल्याण और विकास कार्यों को हर घर तक पहुंचाएं, जिनमें विलेज सेक्रेटेरिएट, वॉलंटियर सिस्टम, नाडु-नेडु, आरोग्यश्री का विस्तार, शिक्षा में सुधार और किसानों, महिलाओं, छात्रों व गरीबों को दी गई मदद शामिल है। उन्होंने पार्टी को यह भी निर्देश दिया कि वे गठबंधन सरकार द्वारा चुनावी वादों को पूरा न कर पाने की नाकामी को उजागर करें और लोगों को हो रही परेशानियों को सामने लाएं।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 7:53 pm

Petrol-Diesel Duty Hike: सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल पर बढ़ा विंडफॉल टैक्स, आपके शहर में ईंधन की कीमतों पर क्या होगा असर

भारतीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक ऊर्जा बाजार के बदलते समीकरणों के बीच केंद्र सरकार ने ईंधन के मोर्चे पर एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। देश के ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात (एक्सपोर्ट) पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स यानी विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) में बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही विमानन ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में हल्की कटौती की गई है। सरकार के इस ताजा फैसले से जहां एक तरफ तेल शोधन कंपनियों की नीतियों में बदलाव आएगा, वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं के लिए यह समझना भी जरूरी है कि इसका सीधा असर घरेलू खुदरा कीमतों पर कितना पड़ेगा। यह नई और संशोधित दरें आज यानी 1 सितंबर 2026 से देश भर में प्रभावी हो चुकी हैं।पेट्रोल और डीजल एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स में इजाफावित्त मंत्रालय और संबंधित प्रशासनिक विभागों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को शून्य (0) से बढ़ाकर सीधे 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। पिछले कुछ पखवाड़े से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों की स्थिति को देखते हुए पेट्रोल के निर्यात पर टैक्स को समाप्त कर दिया गया था, लेकिन ताजा समीक्षा के बाद इसमें यह नया इजाफा किया गया है। इसके अलावा, डीजल के निर्यात पर भी लेवी में बढ़ोतरी की गई है। डीजल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस की दर को अब 24 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 25 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। सरकार का यह कदम देश के भीतर डीजल और पेट्रोल की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने और रिफाइनरी कंपनियों द्वारा घरेलू बाजार की बजाय अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक मुनाफा कमाने की प्रवृत्ति पर लगाम कसने के लिए उठाया गया है।एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर ड्यूटी घटाई गईएक तरफ जहां सरकार ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर टैक्स को बढ़ाया है, वहीं दूसरी तरफ विमानन कंपनियों और एयरलाइंस को थोड़ी राहत देते हुए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट ईंधन के एक्सपोर्ट पर लगने वाले शुल्कों में कटौती की घोषणा की गई है। संशोधित दरों के मुताबिक, ATF के निर्यात पर लगने वाले SAED को 19.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 19 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। विमानन क्षेत्र लंबे समय से ईंधन की ऊंची कीमतों और परिचालन लागत के दबाव से जूझ रहा है, ऐसे में ATF की ड्यूटी में हुई यह आंशिक कटौती एयरलाइंस के लिए कुछ हद तक राहत भरी साबित हो सकती है। सरकार हर दो हफ्तों पर वैश्विक बाजार के रुझानों को ध्यान में रखते हुए इन दरों की समीक्षा करती है और उसी के आधार पर यह फेरबदल किया जाता है।घरेलू इस्तेमाल वाले पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर होगा?आम नागरिकों और वाहन चालकों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि इस तरह के एक्सपोर्ट टैक्स या विंडफॉल टैक्स बढ़ने से क्या उनके रोजमर्रा के ईंधन के दाम बढ़ेंगे? इस पर सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय के अनुसार, घरेलू इस्तेमाल के लिए देश के पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की मौजूदा खुदरा कीमतों और ड्यूटी दरों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब यह है कि आम जनता को अपनी गाड़ियों में पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए कोई अतिरिक्त या बढ़ा हुआ मूल्य नहीं चुकाना होगा। यह विंडफॉल टैक्स केवल उन पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होता है जिन्हें भारतीय रिफाइनरियां विदेशों में निर्यात (एक्सपोर्ट) करती हैं। सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि घरेलू उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार के भारी-भरकम उतार-चढ़ाव और महंगाई के सीधे झटकों से सुरक्षित रखना उनकीप्राथमिकता है।क्यों और कब शुरू किया गया था विंडफॉल टैक्स का यह नियम?देश में विंडफॉल टैक्स लगाने के इतिहास और पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो इसकी शुरुआत मुख्य रूप से पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध जैसे हालात और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के बाद हुई थी। जब वैश्विक स्तर पर तेल कंपनियों को अत्यधिक और अचानक मुनाफा (Windfall Gain) होना शुरू हुआ, तब सरकार ने घरेलू स्तर पर ईंधन की भारी किल्लत और संकट से निपटने के लिए 27 मार्च को डीजल और ATF के निर्यात पर पहली बार यह विशेष ड्यूटी लगाई थी। इसके बाद से लगातार हर दो हफ्तों के अंतराल पर बाजार की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की जाती है और तदनुसार दरों में संशोधन किया जाता है। इसी कड़ी में, 16 मई से पेट्रोल के निर्यात पर भी इस लेवी को लागू कर दिया गया था।पिछली समीक्षा और वर्तमान बदलावों का पूरा गणितइससे पहले इन करों (लेवी) में आखिरी बार संशोधन 15 अगस्त को किया गया था। उस समय स्वतंत्रता दिवस के आसपास की गई समीक्षा में सरकार ने घरेलू बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी को पूरी तरह से घटाकर शून्य कर दिया था, जबकि डीजल पर लेवी 24 रुपये प्रति लीटर और ATF पर ड्यूटी 19.5 रुपये प्रति लीटर तय की गई थी। अब 1 सितंबर 2026 से लागू हुई नई दरों में पेट्रोल पर 1.5 रुपये प्रति लीटर का नया टैक्स जुड़ गया है और डीजल पर लेवी 24 से बढ़कर 25 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वैश्विक ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया के हालात और ओपेक देशों (OPEC Countries) के उत्पादन निर्णयों के आधार पर सरकार इन दरों में आगे भी समय-समय पर फेरबदल करती रहेगी, ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा और राजकोषीय संतुलन दोनों पूरी तरह से सुरक्षित बने रहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:52 pm

बिहार में 30 सितंबर तक 'Digital Crop Survey' का लक्ष्य: मंत्री बोले- फसलों की होगी 'Real-time Monitoring'

पटना। बिहार की कृषि व्यवस्था को डेटा-आधारित, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में कृषि विभाग द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य तेजी से किया जा रहा है। राज्य के सभी 38 जिलों में शारदीय (खरीफ) 2026 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे जारी है। कृषि विभाग द्वारा इस वर्ष खरीफ मौसम में कुल 2 करोड़ 62 लाख 84 हजार 716 प्लॉट के सर्वे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक करीब 41 लाख प्लॉट का डिजिटल सर्वे पूरा किया जा चुका है। माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 13 अगस्त 2026 से प्रारंभ हुआ है और इसे 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सर्वे के माध्यम से खेत में बोई गई फसल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में किसानों एवं कृषि विभाग को मोबाइल के माध्यम से फसल संबंधी अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए खेत, फसल तथा उसकी जियो-टैग्ड तस्वीर सहित आवश्यक विवरण मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किए जा रहे हैं। इससे यह सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी कि राज्य के किस क्षेत्र में, किस किसान के किस प्लॉट में कौन-सी फसल बोई गई है। सर्वे में धान सहित खरीफ की प्रमुख फसलों, बागवानी फसलों तथा एक माह से अधिक समय पूर्व रोपी गई फसलों को भी शामिल किया गया है। श्री सिन्हा ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से फसल आच्छादन का अधिक सटीक एवं व्यवस्थित आंकड़ा उपलब्ध हो सकेगा। इसके माध्यम से मौसमवार एवं फसलवार आच्छादन का आकलन करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में उत्पादन एवं उत्पादकता के पूर्वानुमान में भी सहायता मिलेगी। इसे भी पढ़ें: SC Hearing on CJP: महाराष्ट्र और बिहार समेत 4 राज्यों ने मिलाया हाथ, प्रदर्शनकारियों की FIR पर बड़ी राहत उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए राज्य के सभी जिलों में कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक एवं किसान सलाहकार सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। सर्वे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय स्तर के पदाधिकारियों द्वारा नियमित निगरानी की जा रही है। जिलों में आकस्मिक क्षेत्र भ्रमण के साथ-साथ दैनिक एवं साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से सर्वे कार्य की लगातार समीक्षा की जा रही है। श्री सिन्हा ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए मास्टर ट्रेनर्स को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा जमीनी स्तर पर सर्वे से जुड़े कर्मियों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है, ताकि सर्वे का कार्य सटीक, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मिलेगी मदद उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से प्राप्त आंकड़े बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए विश्वसनीय डेटाबेस तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन आंकड़ों का उपयोग फसल बीमा, कृषि इनपुट की आवश्यकता के आकलन, फसल विपणन एवं भंडारण प्रबंधन तथा किसानों तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं को अधिक लक्षित एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाने में किया जा सकेगा। श्री सिन्हा ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे कृषि क्षेत्र में निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक डेटा-आधारित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। डिजिटल डेटा के आधार पर कृषि योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में जमीनी वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से शामिल किया जा सकेगा तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से उपलब्ध होने वाले सटीक एवं विश्वसनीय आंकड़े कृषि विभाग को फसलों की स्थिति की बेहतर निगरानी तथा कृषि क्षेत्र से संबंधित योजनाओं के अधिक प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करेंगे। विभाग का लक्ष्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से बिहार की कृषि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं किसान-केंद्रित बनाना है। माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे बिहार के कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से खेत और फसल से संबंधित सटीक एवं विश्वसनीय डिजिटल डेटा उपलब्ध होगा, जिससे किसानों तक कृषि विभाग की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी एवं लक्षित तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मौसमवार एवं फसलवार आच्छादन, उत्पादन और उत्पादकता का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। हमारा लक्ष्य बिहार की कृषि व्यवस्था को डेटा-आधारित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और आधुनिक बनाना है।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 7:51 pm

लंगड़ाते हुए क्रीज पर पहुंचा बल्लेबाज, फिर जड़ दिया छक्का

आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर टीम को जीत दिलाने की तमन्ना हर बल्लेबाज की रहती है. लेकिन बहुत कम ही ऐसे बल्लेबाज होते हैं जो इस मौके को भुना पाते हैं. केरल क्रिकेट लीग में अर्जुन नामक बल्लेबाज ने कमाल कर दिखाया है.

आज तक 1 Sep 2026 7:50 pm

Rashmika Mandanna's 'Maysaa': इमरान हाशमी की 'गनमास्टर जी9' से होगा महाक्लैश, बॉक्स ऑफिस पर मचेगा घमासान

भारतीय सिनेमा जगत में इन दिनों फिल्मों की रिलीज तारीखों को लेकर बड़ा फेरबदल और रोमांच देखने को मिल रहा है। पैन-इंडिया स्टार्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच मेकर्स अपनी फिल्मों के लिए ऐसे रणनीतिक वीकेंड चुन रहे हैं, जिससे बॉक्स ऑफिस पर उनकी फिल्मों को अधिकतम फायदा मिल सके। इसी कड़ी में साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी अदाकारी का परचम लहराने वाली लोकप्रिय अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की आगामी और बेहद महत्वाकांक्षी फिल्म 'मायसा' (Maysaa) की आधिकारिक रिलीज डेट की घोषणा कर दी गई है। एक्शन, रोमांच और गहरी संवेदनाओं से भरपूर इस फिल्म के रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ा और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलने वाला है, क्योंकि रश्मिका की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सीधे तौर पर बॉलीवुड के सीरियल किसर कहे जाने वाले अभिनेता इमरान हाशमी की फिल्म से टकराएगी।27 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी 'मायसा'रश्मिका मंदाना के फैंस लंबे समय से उनकी इस यूनिक और दमदार फिल्म का इंतजार कर रहे थे। फिल्म निर्माताओं ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि निर्देशक रवींद्र पुल्ले के निर्देशन में बन रही फिल्म 'मायसा' आगामी 27 नवंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। अनफॉर्मुला फिल्म्स के बैनर तले बन रही इस फिल्म के मेकर्स ने सोशल मीडिया पर फिल्म का परिचय देते हुए लिखा कि यह एक ऐसी दुनिया है जिसे दर्शकों ने पहले कभी नहीं देखा होगा। फिल्म के पोस्टर और टीजर जैसी झलकियां यह बताती हैं कि यह कहानी कुदरत के करीब और बेहद साहसिक होने वाली है। इस फिल्म में रश्मिका मंदाना के साथ-साथ ईश्वरी राव, गुरु सोमसुंदरम और राव रमेश जैसे दिग्गज कलाकार भी बेहद अहम और प्रभावशाली भूमिकाओं में नजर आएंगे।आदिवासी गोंड लड़की के रूप में नजर आएंगी रश्मिका मंदाना'मायसा' फिल्म में रश्मिका मंदाना का अब तक का सबसे अलग और चुनौतीपूर्ण अवतार देखने को मिलने वाला है। इस फिल्म में अभिनेत्री एक आदिवासी गोंड लड़की का किरदार निभा रही हैं। उनके इस किरदार के कई शेड्स देखने को मिलेंगे, जिसमें एक तरफ जहां उनके भीतर भावनाओं की गहरी परतों और संवेदनशीलता को दिखाया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ वह एक बेहद मजबूत, निडर और जुझारू किरदार के रूप में दुश्मनों का सामना करती दिखेंगी। इस तरह के रोबस्ट और ट्राइबल बेस कैरेक्टर को पर्दे पर उतारने के लिए रश्मिका ने बहुत मेहनत की है। फिल्म की शूटिंग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस किरदार के एक्शन सींस और शारीरिक डिमांड को पूरा करने के लिए रश्मिका ने बैंकॉक (थाईलैंड) में विशेष कॉम्बैट और स्टंट ट्रेनिंग ली थी, जहां उन्होंने रोजाना आठ घंटे से अधिक समय तक पसीना बहाकर फाइट सींस की कठिन प्रैक्टिस की थी।शूटिंग से जुड़े दिलचस्प किस्से और अंडरवॉटर सीक्वेंसफिल्म की शूटिंग के दौरान भी इससे जुड़े कई रोमांचक अपडेट्स लगातार सामने आते रहे हैं। हाल ही में फिल्म की पूरी टीम ने रश्मिका मंदाना के साथ एक बेहद कठिन अंडरवॉटर सीक्वेंस (पानी के अंदर का दृश्य) की शूटिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया है। निर्माता अजय साइपुरेड्डी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस विशेष सीक्वेंस के पूरा होने की जानकारी साझा की थी। इससे पहले मई के महीने में खुद रश्मिका ने केरल में चल रहे फिल्म के एक लंबे और महत्वपूर्ण शेड्यूल के सफलतापूर्वक संपन्न होने की जानकारी अपने फैंस के साथ साझा की थी। मेकर्स का दावा है कि फिल्म के विजुअल्स और इसका तकनीकी पक्ष दर्शकों को सिनेमाघरों में एक नया और अद्भुत सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगा, जो भारतीय सिनेमा में अपनी तरह का एक अलग प्रयास होगा।बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की 'गनमास्टर जी9' से होगा तगड़ा मुकाबलारश्मिका मंदाना की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर आसानी से अकेले नहीं उतर रही है, बल्कि इसके सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। 'मायसा' की रिलीज डेट ठीक उसी दिन यानी 27 नवंबर 2026 को तय की गई है जिस दिन अभिनेता इमरान हाशमी की बहुचर्चित फिल्म 'गनमास्टर जी9' भी सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। दो अलग-अलग जॉनर और बड़े कलाकारों की इन दोनों फिल्मों के एक ही दिन आपस में टकराने (Clash) से बॉक्स ऑफिस पर कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि दोनों ही फिल्मों की अपनी-अपनी फैन फॉलोइंग है, ऐसे में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि दर्शक सिनेमाघरों में किसे ज्यादा पसंद करते हैं और कौन सी फिल्म बॉक्स ऑफिस के इस महासंग्राम में बाजी मारती है।रश्मिका मंदाना का वर्कफ्रंट और आगामी प्रोजेक्ट्सअभिनेत्री रश्मिका मंदाना के करियर ग्राफ की बात करें तो उनका यह दौर बेहद व्यस्त और शानदार चल रहा है। हाल ही में उन्हें बड़े बजट की फिल्म 'कॉकटेल 2' में देखा गया था, जिसमें उनके साथ शाहिद कपूर और कृति सेनन ने भी मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इस फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी और इसने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी खासी कमाई की थी। 'मायसा' के अलावा रश्मिका के पास एक और बड़ी फिल्म 'राणाबाली' भी पाइपलाइन में है, जिसमें वे लोकप्रिय अभिनेता विजय देवरकोंडा के साथ स्क्रीन शेयर करती नजर आएंगी। लगातार एक के बाद एक अलग तरह के किरदार चुनकर रश्मिका ने यह साबित कर दिया है कि वह वर्तमान समय की सबसे वर्सेटाइल और डिमांडिंग अभिनेत्रियों में से एक हैं। 27 नवंबर को आने वाली 'मायसा' उनके करियर का एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:48 pm

गुजरात सरकार प्रशासनिक सुधारों के लिए 2 अक्टूबर से शुरू करेगी ‘रिफॉर्म उत्सव’

अहमदाबाद, एक सितंबर गुजरात सरकार दो अक्टूबर से 25 दिसंबर तक ‘रिफॉर्म उत्सव’ आयोजित करेगी, जिसका उद्देश्य शिकायत निवारण से आगे बढ़ते हुए नागरिकों के सुझावों को प्रशासनिक सुधारों में बदलना है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह अभियान दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर तक पूरे राज्य में आयोजित किया जाएगा। इस पहल के तहत नागरिकों से प्राप्त सुझावों की पहचान करने, उन्हें वर्गीकृत करने और प्रशासनिक प्रणाली में व्यापक प्रभाव पैदा करने के लिए उन्हें समयबद्ध तरीके से लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हाल में गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया था। सरकार ने कहा कि इस दृष्टिकोण के अनुरूप, यह अभियान केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नागरिकों के सुझावों को व्यवस्थित रूप से प्रभावी सुधारों में बदलने और उन्हें लागू करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। सरकार ने कहा, इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों की आवाज ठोस कार्रवाई, सुधारों और परिणामों में तब्दील हो, जिसका सीधा लाभ लोगों को मिले। विज्ञप्ति के अनुसार, रिफॉर्म उत्सव के प्रभावी नियोजन, कार्यान्वयन और निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसमें बताया गया है कि इस पहल को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक जिले में भी कई समितियां बनाई गई हैं। जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे। ‘रिफॉर्म उत्सव’ पोर्टल के माध्यम से प्राप्त सुझावों और उनके क्रियान्वयन पर लगातार नजर रखने के लिए एक प्रणाली भी शुरू की गई है। पोर्टल पर प्राप्त सुझावों की संख्या, क्रियान्वयन के लिए स्वीकार किए गए सुझावों और उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। अभियान का मुख्य चरण दो अक्टूबर को प्रत्येक पंचायत में ‘जन मंथन सभा’ के आयोजन के साथ शुरू होगा।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 7:47 pm

राजकुमार राव का हैरान करने वाला ट्रांसफॉर्मेशन: फिल्म के लिए महज एक महीने में घटाया 10 किलो वजन, जानकर उड़ जाएंगे होश

बॉलीवुड सिनेमा में जब भी अपनी कला के प्रति पूरी तरह समर्पित और संजीदा कलाकारों की बात होती है, तो उसमें नेशनल अवॉर्ड विनर अभिनेता राजकुमार राव का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। अपनी बेहतरीन अभिनय शैली और किरदारों में जान फूंकने के लिए जाने जाने वाले राजकुमार राव ने कई बार ऐसी शारीरिक और मानसिक तैयारियां की हैं, जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री और आम दर्शकों दोनों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। किरदारों की मांग के अनुसार अपने शरीर के वजन को घटाना और बढ़ाना यूं तो फिल्मी दुनिया में आम बात है, लेकिन किसी कलाकार द्वारा महज एक महीने के भीतर 10 किलोग्राम वजन घटा लेना एक बहुत बड़ा और जोखिम भरा कारनामा माना जाता है। राजकुमार राव ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से यह साबित कर दिखाया है कि एक बेहतरीन अभिनेता अपने किरदार के लिए किस हद तक गुजर सकता है।सुभाष चंद्र बोस के किरदार के लिए बढ़ाया था 13 किलो वजनराजकुमार राव के इस जबर्दस्त ट्रांसफॉर्मेशन के सफर की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। बात वर्ष 2017 की है, जब अभिनेता को डिजिटल प्लेटफॉर्म की चर्चित वेब सीरीज 'बोस: डेड/अलाइव' (Bose: Dead/Alive) में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमिका निभानी थी। इस ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण किरदार में प्रामाणिक दिखने के लिए उन्होंने अपने शरीर पर बहुत मेहनत की थी। नेताजी के शरीर के ढांचे और व्यक्तित्व को पर्दे पर उतारने के लिए राजकुमार राव ने योजनाबद्ध तरीके से अपने वजन में भारी बढ़ोतरी की थी। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 13 किलोग्राम वजन बढ़ाया था, ताकि वे स्क्रीन पर नेताजी के रूप में बिल्कुल सटीक और प्रभावी नजर आ सकें। एक दुबले-पतले फ्रेम वाले अभिनेता के लिए इतने कम समय में 13 किलो वजन बढ़ाना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने अपनी अभिनय निष्ठा के दम पर बखूबी पूरा किया था।एक महीने में 10 किलो वजन घटाकर सबको चौंकायाजैसे ही 'बोस' वेब सीरीज का प्रोजेक्ट पूरा हुआ, राजकुमार राव के सामने तुरंत एक नई और बिल्कुल विपरीत चुनौती आ खड़ी हुई। उन्हें वर्ष 2018 में रिलीज हुई फिल्म 'फन्ने खां' (Fanney Khan) के लिए अपने शरीर के बढ़े हुए वजन को तेजी से घटाना था। इस फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन और अनिल कपूर जैसे बड़े कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म उस स्तर का कमाल नहीं दिखा पाई और असफल रही, लेकिन इस फिल्म के लिए राजकुमार राव द्वारा किया गया शारीरिक बदलाव आज भी चर्चा का विषय बना रहता है। अभिनेता ने अपनी अद्भुत जिजीविषा का परिचय देते हुए 'बोस' के बाद केवल एक महीने के भीतर अपने शरीर से 10 किलोग्राम वजन कम कर लिया। इतने कम समय में इतनी भारी मात्रा में वजन घटाना किसी भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ के लिए भी हैरान करने वाला था।कैसे संभव हुआ यह экстреम ट्रांसफॉर्मेशन? जानिए राजकुमार राव का डाइट और वर्कआउट रूटीनजब मीडिया और फैंस ने राजकुमार राव से यह सवाल पूछा कि उन्होंने महज तीस दिनों के भीतर इतनी तेजी से वजन कैसे कम किया, तो अभिनेता ने इसके पीछे के कड़े अनुशासन और संघर्ष का खुलासा किया था। वर्ष 2017 में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अपने इस कठिन सफर के बारे में बताया था कि उन्हें पहले से ही यह बात अच्छी तरह पता थी कि सुभाष चंद्र बोस के प्रोजेक्ट के खत्म होने के बाद उन्हें तुरंत यह अतिरिक्त वजन घटाना होगा। अपने इस वेट लॉस रूटीन के बारे में बताते हुए उन्होंने साझा किया था कि इस दौरान उन्होंने अपने खान-पान पर बहुत सख्त नियंत्रण रखा था। राजकुमार ने बताया था कि वजन घटाने की इस प्रक्रिया के दौरान उन्होंने अपने दिन के दो मुख्य भोजन यानी ब्रेकफास्ट (नाश्ता) और लंच (दोपहर का भोजन) पूरी तरह से छोड़ दिए थे यानी वे इन्हें स्किप कर देते थे।वे सीधे रात का खाना खाते थे, जिसमें मुख्य रूप से प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होते थे। अपने व्यस्त शेड्यूल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि चूंकि वे लगातार शूटिंग और काम में व्यस्त रहते हैं, इसलिए उन्हें दिन में ज्यादा भूख का अहसास भी नहीं होता था। अपने कड़े व्यायाम (Workout) के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने बताया था कि वे रोजाना बिना चूके कम से कम तीन घंटे तक कार्डियो (Cardio) और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Strength Training) करते थे। उनके इस कड़े अनुशासन और शारीरिक त्याग ने ही उन्हें एक महीने में 10 किलो वजन घटाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद की, जो उनके काम के प्रति उनके असीम समर्पण को दर्शाता है।राजकुमार राव का आगामी वर्क फ्रंट और 'प्रहार' फिल्मअपनी शानदार एक्टिंग और इस तरह के अनोखे ट्रांसफॉर्मेशंस के दम पर दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले राजकुमार राव का करियर ग्राफ लगातार ऊंचाइयों को छू रहा है। उनके काम करने की शैली और हर बार एक नया किरदार चुनने की जिद उन्हें अन्य अभिनेताओं से अलग खड़ा करती है। उनके आगामी फिल्मी प्रोजेक्ट्स की बात करें तो वे बहुत जल्द एक बेहद दिलचस्प और बहुचर्चित बायोपिक में नजर आने वाले हैं। राजकुमार राव देश के जाने-माने और दिग्गज क्रिमिनल लॉयर उज्जवल निकाम (Ujjwal Nikam) के जीवन पर आधारित आगामी बायोपिक फिल्म 'प्रहार' (Prahaar) में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म को लेकर उनके फैंस के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। कानूनी पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म आगामी 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह से तैयार है। दर्शक एक बार फिर अपने चहेते अभिनेता को पर्दे पर एक नए और दमदार अवतार में देखने के लिए पूरी तरह बेताब हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:46 pm

Vote Theft Controversy: राहुल गांधी ने BJP और Election Commission पर बोला हमला, लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने BJP के नेतृत्व वाली सरकार पर वोट चोरी के आरोप दोहराते हुए कहा कि केंद्र में सत्ताधारी पार्टी और चुनाव आयोग एक ही मकसद के लिए लगातार अपने तरीके बदलते रहते हैं और वोट चोरी के दम पर बनी सरकार के लिए जनता अहम नहीं होती। चुनाव आयोग को वोट चोरी आयोग बताते हुए राहुल गांधी ने अपने आरोपों के समर्थन में महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट के आंकड़े और पश्चिम बंगाल में SIR अपीलीय ट्रिब्यूनल की कार्यवाही का हवाला दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि BJP जनता की बात नहीं सुनती और न ही उनके आदेश का पालन करती है, क्योंकि उसकी सरकार वोट चोरी पर टिकी है। इसे भी पढ़ें: Telangana में अघोषित आपातकाल! BJP बोली - कांग्रेस सरकार कर रही लोकतंत्र का गला घोंटने का काम राहुल गांधी ने कहा बीजेपी और 'वोट चोरी आयोग' अपनी चालें बदलते रहते हैं और आगे भी ऐसा ही करेंगे - उनका मकसद बस एक ही है: किसी भी कीमत पर बीजेपी की जीत और भारत के लोकतंत्र का खात्मा। महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था और आज भी कह रहा हूं: यह वोट चोरी थी। उन्होंने आगे कहा, बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को हटाया गया था, उनमें से 91% को अपील के बाद वापस जोड़ना पड़ा। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से हटाए गए थे और चुनाव के बाद ही वापस जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था और आज भी कह रहा हूं: यह वोट चोरी थी। और अब महाराष्ट्र में, ड्राफ्ट लिस्ट से 2.07 करोड़ वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं - यानी हर पांचवां वोटर। इसे भी पढ़ें: अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत लोकसभा 2024: 9.29 करोड़, विधानसभा 2024: 9.7 करोड़, SIR 2026: 7.78 करोड़। कौन सी लिस्ट सही थी? वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता मायने नहीं रखती - इसीलिए यह बीजेपी न तो जनता की बात सुनती है और न ही उनके आदेश का पालन करती है। अगले साल की शुरुआत में गोवा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों की ओर से वोट चोरी के आरोप फिर से लगाए जा रहे हैं।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 7:46 pm

'पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे': 400 साल पुराना वह अमर कृष्ण भजन, जिसकी धुन पर आज भी झूम उठते हैं भक्त

भारतीय संगीत और संस्कृति के इतिहास में जब-जब भगवान श्री कृष्ण की अनन्य भक्ति और प्रेम का जिक्र होता है, तब-तब संत मीराबाई का नाम सबसे पहले और सबसे आदर के साथ लिया जाता है। सोलहवीं सदी में मेवाड़ की इस महान कृष्ण भक्त ने अपने आराध्य 'गिरधर गोपाल' के प्रेम में ऐसे अलौकिक पदों और भजनों की रचना की, जो समय की सीमाओं से परे जाकर आज भी करोड़ों देशवासियों के दिलों पर राज कर रहे हैं। जन्माष्टमी के पावन और उत्सवी माहौल में जब चारों तरफ कान्हा के जयकारे गूंजते हैं, तब मीराबाई का रचा हुआ एक विशेष 400 साल पुराना भजन स्वतः ही हर भक्त की जुबान पर आ जाता है। इस ऐतिहासिक और अमर रचना की गहराई, इसके पीछे के आध्यात्मिक संदेश और आधुनिक सिनेमा पर पड़े इसके जादुई प्रभाव की पूरी कहानी बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक है।400 साल पुराना वह ऐतिहासिक भजन और उसका गहरा आध्यात्मिक अर्थमीराबाई ने अपने जीवन का अधिकांश समय भगवान कृष्ण की भक्ति, साधना और उनके पदों को रचने में समर्पित कर दिया था। उनके द्वारा रचे गए भजनों में केवल कोमल भावनाएं ही नहीं, बल्कि सांसारिक मोह-माया से परे जाकर ईश्वर में पूरी तरह लीन हो जाने का अद्भुत साहस झलकता है। आज हम जिस विशिष्ट भजन की बात कर रहे हैं, उसकी शुरुआत इन अमर पंक्तियों से होती है—“पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे, मैं तो मेरे नारायण की आप ही हो गई दासी रे।”सोलहवीं शताब्दी में रचे गए इस भजन का शाब्दिक और भावार्थ बहुत ही गहरा है। इसका अर्थ यह है कि मीरा ने अपने पैरों में घुंघरू बांध लिए हैं और वह लोक-लाज की परवाह किए बिना अपने प्रभु कृष्ण के प्रेम में मग्न होकर नाच रही है। इस भजन में उन ऐतिहासिक प्रसंगों का भी सूक्ष्म उल्लेख मिलता है जब समाज के लोगों ने मीरा को कृष्ण भक्ति के कारण 'बावरी' या पागल करार दिया था, और राणा द्वारा भेजे गए विष के प्याले को भी मीरा ने हंसते-हंसते अमृत मानकर पी लिया था। इस भजन की एक-एक पंक्ति में उस अटूट विश्वास की महक है, जो भक्त और भगवान के बीच के द्वैत भाव को पूरी तरह समाप्त कर देती है।जनमाष्टमी के पर्व पर इस भजन के बिना अधूरी है हर रौनकहर साल जब भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है, तो देश के कोने-कोने के मंदिरों, घरों और आयोजनों में संगीत की गूंज सुनाई देती है। आधुनिक युग के तमाम नए गीतों और भजनों के आने के बावजूद, मीराबाई का यह 400 साल पुराना पद आज भी अपनी मिठास और ऊर्जा खो नहीं पाया है। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर जब सुबह से ही मंदिरों में कीर्तन शुरू होते हैं, तो भक्त इस भजन की धुन पर थिरकते हुए नजर आते हैं। इस भजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी एक-एक पंक्ति न केवल कानों को सुरीली लगती है, बल्कि श्रोता के मन में भक्ति का एक अनोखा और आनंदित ज्वार पैदा कर देती है। यही वजह है कि आज भी यह भजन जन्माष्टमी के उत्सव का सबसे अनिवार्य और प्राणवान हिस्सा माना जाता है।बॉलीवुड सिनेमा में कैसे अमर हुआ मीराबाई का यह ऐतिहासिक पद?मीराबाई के इस अमर भजन की लोकप्रियता और इसके शब्दों की शक्ति केवल पारंपरिक मंदिरों या संतों की बैठकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने भारतीय फिल्म उद्योग यानी बॉलीवुड के रचनाकारों को भी गहराई से प्रभावित किया। इस 400 साल पुरानी प्रेरणा से सुसज्जित होकर हिंदी सिनेमा के दिग्गज गीतकार और संगीतकारों ने इसे आधुनिकता का जामा पहनाया। वर्ष 1982 में रिलीज हुई कल्ट क्लासिक फिल्म 'नमक हलाल' (Namak Halal) का वह प्रसिद्ध गीत भला कौन भूल सकता है, जिसके बोल थे— पग घुंघरु बांध मीरा नाची थी।इस गाने के गीतकार अनजान थे, जिन्होंने मीराबाई के उसी मूल भजन के भाव और शुरुआती पंक्तियों से प्रेरणा लेकर इस सिनेमैटिक मास्टरपीस के बोल रचे थे। संगीतकार बप्पी लहरी (Bappi Lahiri) के निर्देशन में बने इस गाने को महान पार्श्व गायक किशोर कुमार (Kishore Kumar) ने अपनी जादुई और ऊर्जावान आवाज से सजाया था। सिल्वर स्क्रीन पर इस गाने को महानायक अमिताभ Bachchan पर फिल्माया गया था, जिसमें अभिनेत्री स्मिता पाटिल (Smita Patil) भी उनके साथ नजर आई थीं। सिनेमाघरों में जब यह गाना बजा था, तो दर्शकों ने तालियों और सिक्कों की बरसात करके इसका स्वागत किया था। हालांकि यह एक फिल्मी गीत बन चुका था, लेकिन इसकी मूल आत्मा वही 400 साल पुरानी मीरा की कृष्ण भक्ति थी।परंपरा और आधुनिकता का यह संगम हमेशा रहेगा जीवंतसंत मीराबाई के भजन इस बात का प्रमाण हैं कि सच्ची भावना और ईश्वर के प्रति समर्पण कभी काल के गाल में समाहित नहीं होता। समय चाहे कोई भी हो, तकनीक चाहे कितनी भी बदल जाए, लेकिन मानवीय संवेदनाओं को छूने वाली कला हमेशा अमर रहती है। मीरा का यह भजन इस बात का प्रतीक है कि जब कोई भक्त अपनी संपूर्ण चेतना को अपने आराध्य के चरणों में समर्पित कर देता है, तो उसकी आवाज सदियों तक गूंजती रहती है। आज जब हम आधुनिक दौर में जन्माष्टमी का पर्व मनाते हैं, तब यह भजन हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़े रखता है। आने वाली पीढ़ियां भी जब इस भजन की पंक्तियों को सुनेंगी, तो वे उसी भक्ति और आनंद के सागर में गोते लगाएंगी, जिसका अनुभव 400 साल पहले मीराबाई ने किया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:44 pm

1000 की बुक्स 300 में... यहां सस्ते में मिलती हैं भर्ती की तैयारी वाली किताबें!

दिल्ली में कुछ ऐसे भी मार्केट हैं, जहां कोर्स किताबों से लेकर सरकारी नौकरी और NEET, CAT, MAT, NET जैसे एग्जाम की तैयारी की किताबें भी आधे से कम कीमत में मिल जाती हैं. चलिए जानते हैं दिल्ली के ऐसे ही एक मार्केट के बारे में.

आज तक 1 Sep 2026 7:42 pm

Mirzapur The Movie Advance Booking: रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर 'कालीन भैया' का भौकाल, करोड़ों की कमाई ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के इतिहास में जिस वेब सीरीज ने अपनी लोकप्रियता, दमदार संवादों और खूंखार किरदारों के जरिए तहलका मचाया था, उसका नाम लेते ही जेहन में 'मिर्जापुर' का नाम सबसे पहले आता है। दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली इस सुपरहिट सीरीज के बाद अब मेकर्स इसे सिल्वर स्क्रीन यानी बड़े पर्दे पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 'मिर्जापुर: द मूवी' (Mirzapur: The Movie) के रूप में आने वाली इस बहुप्रतीक्षित फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक देने से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर अपना भौकाल मचाना शुरू कर दिया है। फिल्म की एडवांस बुकिंग के जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने बड़े-बड़े निर्माताओं को भी हैरान कर दिया है। रिलीज से पहले ही करोड़ों रुपये की ताबड़तोड़ कमाई करके इस फिल्म ने अन्य बड़ी फिल्मों के लिए कड़ी चुनौती पेश कर दी है, जिससे यह साफ हो गया है कि पर्दे पर एक बार फिर 'कालीन भैया' का ही राज चलने वाला है।रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग में बरसे नोट, करोड़ों में पहुंचा बिजनेसकिसी भी फिल्म की सफलता का पहला और सबसे सटीक अंदाजा उसकी एडवांस बुकिंग के आंकड़ों से लगाया जाता है। 'मिर्जापुर: द मूवी' के मामले में यह बात पूरी तरह सच साबित होती दिखाई दे रही है। फिल्म की एडवांस बुकिंग जैसे ही 31 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर शुरू हुई, सिनेमाघरों की टिकट खिड़कियों पर दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। फैंस के बीच इस क्राइम थ्रिलर फिल्म को लेकर ऐसा क्रेज देखने को मिला है कि महज दो दिनों के भीतर टिकटों की धड़ाधड़ बिक्री ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सैकनिल्क डॉट कॉम (Sacnilk.com) की लेटेस्ट रिपोर्ट्स के अनुसार, 'मिर्जापुर: द मूवी' के एडवांस बुकिंग ओपन होने के महज शुरुआती दो दिनों के भीतर ही 38,460 से अधिक टिकटें हाथों-हाथ बिक चुकी हैं। इन बिके हुए टिकटों के आधार पर फिल्म ने रिलीज से पहले ही बिना किसी तामझाम के 1.12 करोड़ रुपये की शानदार कमाई कर ली है। इसके अलावा यदि मेकर्स द्वारा विभिन्न सिनेमाघरों में ब्लॉक की गई सीट्स (Blocked Seats) के आंकड़ों को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो फिल्म का कुल शुरुआती बिजनेस सीधे 2.23 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है।विभिन्न राज्यों और शहरों में जबरदस्त है 'कालीन भैया' का क्रेजमिर्जापुर फ्रेंचाइजी का दायरा सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कोने-कोने में इसके चाहने वाले मौजूद हैं। एडवांस बुकिंग के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश के अलग-अलग राज्यों से फिल्म को लेकर जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है। असम से लेकर बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब तक दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए एडवांस टिकट बुक करा रहे हैं। अकेले बिहार जैसे बड़े सर्किट में फिल्म की एडवांस बुकिंग का क्रेज देखते ही बनता है, जहाँ शुरुआती दौर में ही करोड़ों की टिकटें बिक चुकी हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स में भी एडवांस बुकिंग की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे रिलीज की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे टिकटों की यह बिक्री और अधिक रफ्तार पकड़ेगी, जिससे ओपनिंग डे पर फिल्म इतिहास रच सकती है।स्टारकास्ट का जलवा और 4 सितंबर को सिनेमाघरों में होगी रिलीजदर्शकों के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए 'मिर्जापुर: द मूवी' आगामी 4 सितंबर 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सीरीज के पुराने और चहेते कलाकारों को एक बार फिर बड़े पर्दे पर देखने के लिए फैंस बेताब हैं। फिल्म में एक बार फिर पंकज त्रिपाठी अपने आइकॉनिक 'कालीन भैया' के किरदार में भौकाल मचाते नजर आएंगे, जबकि उनके साथ अली फजल (गुड्डू भैया) और दिव्येंदु शर्मा (मुन्ना भैया) भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराएंगे। इस बार फिल्म के इस सिनेमैटिक वर्जन में कुछ नए और लोकप्रिय चेहरे भी तड़का लगाने आ रहे हैं, जिनमें रवि किशन और अभिनेता जितेंद्र कुमार की मुख्य भूमिकाएं शामिल हैं। एक्सेल एंटरटेनमेंट (Excel Entertainment) के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन और पटकथा जिस तरह से तैयार की गई है, उससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर देगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:42 pm

CM Revanth Reddy के 'नंदी बनाम पांडी' बयान पर सियासी घमासान, BRS का Congress पर करारा पलटवार

तेलंगाना में रेवंत रेड्डी सरकार के 1,000 दिन पूरे होने पर कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के बीच तीखे निजी हमले हुए। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान जुबानी जंग की नई शुरुआत की। उन्होंने अपने पूर्ववर्ती और BRS प्रमुख के. चंद्रशेखर राव पर निशाना साधते हुए तेलुगु कहावत नंदी बनाम पांडी (बैल बनाम सुअर) का ज़िक्र किया। रेवंत रेड्डी ने कहा आप और मुझमें क्या तुलना हो सकती है? हमारे बीच उतना ही फ़र्क है जितना नंदी और पांडी के बीच होता है। यह टिप्पणी तेलुगु शब्दों नंदी (भगवान शिव का पवित्र बैल और वाहन) और पांडी (जिसका अर्थ सुअर है) के साथ एक तरह का शब्द-खेल थी। मुख्यमंत्री ने कहा गधे को चंदन की खुशबू का पता नहीं होता। आप गधे पर चाहे कितना भी रंग-रोगन कर दें, वह कभी रेस का घोड़ा नहीं बन सकता। इसे भी पढ़ें: Telangana में अघोषित आपातकाल! BJP बोली - कांग्रेस सरकार कर रही लोकतंत्र का गला घोंटने का काम यह टिप्पणी तब आई है जब रेड्डी, 2023 के विधानसभा चुनाव में BRS के सत्ता से बाहर होने के बाद से KCR के बहुत कम सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने को लेकर उनकी लगातार आलोचना कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने अपने पूर्ववर्ती पर विपक्ष के नेता के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियों को गंभीरता से न लेने और अहम राजनीतिक व सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने का आरोप लगाया है। इसे भी पढ़ें: Telangana में अघोषित आपातकाल! BJP बोली - कांग्रेस सरकार कर रही लोकतंत्र का गला घोंटने का काम हरीश राव ने माफ़ी की मांग की BRS नेता और तेलंगाना के पूर्व वित्त मंत्री टी. हरीश राव ने पलटवार करते हुए रेड्डी पर आरोप लगाया कि वे अपनी सरकार के पिछले 1,000 दिनों के कामकाज से ध्यान भटकाने के लिए निजी तौर पर अपमानजनक बातें कह रहे हैं। हरीश राव ने कहा हर बार जब आप KCR को व्यक्तिगत रूप से अपशब्द कहते हैं और निजी अपमान पर उतर आते हैं, तो इससे आपका कद ज़रा भी नहीं बढ़ता। उन्होंने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री की ओर से ऐसी टिप्पणियां उनके पद की गरिमा और तेलंगाना की राजनीतिक संस्कृति के लिए अच्छी नहीं हैं। BRS नेता ने रेवंत रेड्डी से कहा कि वे बार-बार KCR को निशाना बनाने के बजाय यह बताएं कि उनकी सरकार ने सत्ता में अपने 1,000 दिनों के दौरान क्या हासिल किया है।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 7:37 pm

बेटियों के लिए नंगे पैर दौड़ीं रमाबाई, मिली सरकारी मदद

महाराष्ट्र की रमाबाई रणवीर की हिम्मत और संघर्ष की कहानी ने हर किसी का ध्यान खींचा है. बेटियों की पढ़ाई के लिए उन्होंने नंगे पैर मैराथन दौड़कर पहला स्थान हासिल किया और 3000 रुपये का इनाम जीता. अब महाराष्ट्र सरकार ने भी उनकी मदद का फैसला किया है. सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने बताया कि सरकार रमाबाई की बेटियों की पढ़ाई और परिवार के पालन पोषण के लिए आर्थिक सहायता देगी.

आज तक 1 Sep 2026 7:36 pm

दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश, कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी

दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर मॉनसून का असर देखने को मिल रहा है. सोमवार को राजधानी के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिसके बाद मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर दिया है.

आज तक 1 Sep 2026 7:34 pm

पढ़ें 1 सितंबर 2026 की शाम की बड़ी खबरें और अन्य समाचार

मोदी सरकार के लिए गुड न्यूज आई है. मंगलवार को जारी किए गए जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े भी खुश करने वाले हैं और सरकार के खजाने में अगस्त में GST Collection से 1.99 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा आए हैं.

आज तक 1 Sep 2026 7:34 pm

सुप्रीम कोर्ट ने कॉजपा के छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज प्राथमिकियां रद्द कीं

नयी दिल्ली, एक सितंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उन सभी प्राथमिकियों को रद्द कर दिया, जो देश भर में 20 से 25 जुलाई के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई थीं। इसके बाद कॉजपा ने राष्ट्रीय राजधानी में पांच सितंबर को होने वाले अपने प्रस्तावित मार्च को रद्द कर दिया। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार को यह भी निर्देश दिया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक के कारण अपनी जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को बंद करते हुए पीठ ने कहा, “युवा प्रदर्शनकारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, हम पूरा न्याय करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हैं।”अनुच्छेद 142 उच्चतम न्यायालय को पूर्ण न्याय करने के लिए कोई भी आदेश पारित करने का अधिकार देता है। यह आदेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र, असम, बिहार व पश्चिम बंगाल राज्यों ने विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की है। हालांकि, केंद्र सरकार की गुजारिश मानते हुए न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे, गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोगों के खिलाफ नयी प्राथमिकी दर्ज करने की इजाजत दे दी। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। पीठ ने कहा, “ऐसी प्राथमिकी, प्रभावित पक्षों के कानूनी उपायों को पाने के अधिकारों पर असर डाले बिना दर्ज की जा सकती है, और यह सख्ती से पैरा चार में बताए गए आरोपों की दो श्रेणियों—यानी शारीरिक नुकसान और संपत्ति को नुकसान—तक ही सीमित होगी। पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर ध्यान दिया और अपने आदेश का दायरा बढ़ा दिया। पीठ ने कहा, “अगर 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच इसी विरोध-प्रदर्शन के संबंध में किसी राज्य या केंद्र-शासित प्रदेश में कोई और प्राथमिकी दर्ज की गई है, जो इस न्यायालय के सामने नहीं है, तो उस पर आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और उसे बंद माना जाएगा।”आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा देने के मामले में, न्यायालय ने केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर पूरे देश के लिए एक नीति बनाने और पीड़ित परिवारों को तीन महीने के अंदर पैसे का भुगतान करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा, “भारत सरकार पूरे देश में मुआवजा देने के लिए एक नीति बनाएगी। इस नीति को संबंधित सभी राज्य सरकारों और इसे लागू करने वाले अधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि मुआवजा देने के लिए इसे एक नियमित प्रक्रिया के तौर पर अपनाया जा सके।”पीठ ने कहा, “नीट 2026 से जुड़े मामलों में जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को नीति बनने के बाद मुआवजा दिया जाएगा। यह नीति तीन महीने के अंदर बना ली जाएगी।”कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास पीठ के सामने पेश हुए और समूह की ओर से एक बयान पढ़कर सुनाया। दास ने कहा, “कॉजपा के सह-संयोजक के तौर पर, मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के सकारात्मक आश्वासनों और आज उन्हें मिली न्यायिक मान्यता को देखते हुए, और इस न्यायालय के आदेश को ध्यान में रखते हुए, कॉजपा पांच सितंबर को मार्च निकालने का अपना आह्वान वापस लेना उचित समझती है और आज के आदेश के पालन की उम्मीद करती है। मैं इस फैसले के लिए न्यायालय का और दोनों पक्षों के वकीलों -वृंदा ग्रोवर और सॉलिसिटर जनरल - का भी उनकी कोशिशों के लिए धन्यवाद देता हूं।”पीठ ने सॉलिसिटर जनरल और दास के बयान दर्ज किए और कहा कि मामले के खास तथ्यों और हालात को ध्यान में रखते हुए उसने अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल किया है। पीठ ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष अपने वादों का पालन करेंगे। पीठ ने कहा, “हम यह साफ करते हैं कि संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत इस अदालत की विशेष शक्तियों का इस्तेमाल इस शर्त पर किया जाएगा कि दोनों पक्ष इस अदालत के सामने बनी सहमति का पालन करेंगे।”सुनवाई के दौरान, मेहता ने न्यायालय को बताया कि केंद्र सरकार कॉजपा को दिए गए उन आश्वासनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके तहत दिल्ली और अन्य राज्यों की पुलिस विरोध-प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी पर आगे कोई कार्रवाई नहीं करेगी। सॉलिसिटर जनरल ने न्यायालय को यह भी बताया कि भारत सरकार अन्य आश्वासनों को पूरा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है, जिसमें परिवारों को मुआवजा देना भी शामिल है। मेहता ने हालांकि जरूरी तौर-तरीके तय करने के लिए समय मांगा। कॉजपा ने पांच सितंबर, यानी शिक्षक दिवस पर दिल्ली में एक विरोध मार्च का आह्वान किया था। संगठन ने केंद्र पर आरोप लगाया कि वह 25 जुलाई को किए गए उन वादों को पूरा करने में नाकाम रहा है, जिनके तहत संगठन को परीक्षाओं में गड़बड़ी और नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ अपना 36 दिन का आंदोलन वापस लेने के लिए मनाया गया था। न्यायालय दिल्ली पुलिस की उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया था, जिसमें विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज 13 प्राथमिकी को रद्द करने और 2,873 लोगों के खिलाफ नया मामला दर्ज करने की मांग की गई थी। आवेदन में कहा गया कि 25 जुलाई को केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार, दिल्ली पुलिस अब उन 13 प्राथमिकियों पर आगे नहीं बढ़ना चाहती।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 7:32 pm

अदियाला जेल में इमरान खान और बुशरा बीबी को बड़ी राहत: कोर्ट के आदेश पर मिली मुलाकात की अनुमति, एकांत कारावास पर लगी रोक

पड़ोसी देश पाकिस्तान की राजनीति और न्यायपालिका के गलियारों से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। भ्रष्टाचार और विभिन्न कानूनी मामलों में लंबे समय से सलाखों के पीछे बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को अदालत की ओर से एक बड़ी राहत प्रदान की गई है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद इस हाई-प्रोफाइल जोड़े को एकांत कारावास (Solitary Confinement) में रखने पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही अदालत ने जेल प्रशासन को यह सख्त निर्देश दिए हैं कि वे नियमों के तहत दोनों की आपस में मुलाकात करवाएं और उनके परिवार के सदस्यों को भी मिलने की पूरी अनुमति दें। इस फैसले से पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर गर्माहट आ गई है और पीटीआई (PTI) समर्थकों ने अदालत के इस कदम का स्वागत किया है।एकांत कारावास के खिलाफ परिवार ने खटखटाया था अदालत का दरवाजापाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तथा उनकी पत्नी बुशरा बीबी पिछले काफी समय से रावलपिंडी की अदियाला जेल में कड़े सुरक्षा पहरे के बीच कैद हैं। हाल ही में उनके परिवार की ओर से लगातार यह शिकायतें सामने आ रही थीं कि जेल प्रशासन द्वारा दोनों को अलग-अलग और पूरी तरह से एकांत कारावास में रखा गया है, जिसके कारण उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। इसी गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेते हुए इमरान खान की बहन अलीमा खान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इसके साथ ही बुशरा बीबी की बेटी मुबाशरा खावर मानेका की ओर से भी एक अलग याचिका दायर की गई थी। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि जेल के अंदर मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है और उन्हें न तो परिवार से मिलने दिया जा रहा है और न ही बुनियादी कानूनी व मानवीय अधिकार दिए जा रहे हैं।इस्लामाबाद हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और निर्देशमामلات की गंभीरता को समझते हुए इस्लामाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति खादिम हुसैन सूमरो ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए एक अहम और विस्तृत फैसला सुनाया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि जेल मैनुअल और नियमों के दायरे में रहते हुए इमरान खान और बुशरा बीबी को आपस में मिलने की पूरी सुविधा दी जानी चाहिए। इसके अलावा, अदालत ने अदियाला जेल अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि इमरान खान के अन्य पारिवारिक सदस्यों को भी तय नियमों के अनुसार उनसे मिलने की अनुमति प्रदान की जाए। इतना ही नहीं, न्यायाधीश ने अधिकारियों को यह आदेश भी दिया कि वे पूर्व प्रधानमंत्री और उनके बेटों के बीच फोन पर बातचीत (टेलीफोन कॉल) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि परिवार के साथ उनका संवाद बना रहे।जेल में किताबें, अखबार और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने के आदेशअन्याय और एकांतवास के दावों के बीच कोर्ट ने जेल प्रशासन को यह भी पाबंद किया है कि वे कैदियों के अधिकारों का पूरा सम्मान करें। अदालत ने अदियाला जेल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि वे इमरान खान को नियमित रूप से रोजाना अखबार और पढ़ने के लिए किताबें उपलब्ध कराएं, ताकि वे देश-दुनिया की गतिविधियों से जुड़े रहें। साथ ही, कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए जेल के नियमों के मुताबिक उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं (Medical Facilities) समय पर मिल सकें। अदालत ने स्पष्ट किया कि इन सभी निर्देशों का पालन पूरी सख्ती के साथ किया जाना चाहिए और अदियाला जेल अधीक्षक को आदेश दिया गया कि वे आज से ठीक 15 दिनों के भीतर इन सभी बिंदुओं पर अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें।अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं इमरान खान, स्वास्थ्य को लेकर भी उठ चुके हैं सवालगौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगस्त 2023 से विभिन्न मामलों में जेल की सजा काट रहे हैं। उनके समर्थकों,की पार्टी नेताओं और परिवार के सदस्यों ने बार-बार यह आरोप लगाया है कि देश की मौजूदा सरकार और जेल प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से उनकी पहुंच बाहरी दुनिया, परिवार और वकीलों तक सीमित कर दी है, साथ ही उन्हें उचित इलाज भी नहीं मिल रहा है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और जेल अधिकारियों ने हमेशा इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पिछले महीने ही पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने सरकार को निर्देश दिया था कि खान को बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल 'शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल' में शिफ्ट किया जाए, क्योंकि उनकी सेहत, विशेषकर आंखों की बीमारी को लेकर परिवार लगातार चिंता जता रहा था। हालांकि बाद में सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक कारणों से उन्हें सरकारी 'पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' (PIMS) में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया था और आवश्यक प्रक्रिया के बाद वापस अदियाला जेल भेज दिया गया था।बुशरा बीबी की कानूनी मुश्किलें और वर्तमान स्थितिइमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के कानूनी सफर की बात करें तो उन्हें पहली बार 31 जनवरी 2024 को एक भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल भेजा गया था। लगभग नौ महीने तक सलाखों के पीछे रहने के बाद 24 अक्टूबर 2024 को उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी और वे रिहा हो गई थीं। हालांकि, राहत का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं चला और इसके बाद 17 जनवरी 2025 को भ्रष्टाचार से जुड़े एक अन्य मामले में अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से लेकर अब तक लगातार वे अदियाला जेल में ही बंद हैं। इस्लामाबाद हाई कोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जेल के भीतर उनके मानवाधिकारों की रक्षा होगी और परिवार के साथ उनका संपर्क सुगम हो सकेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:30 pm

'आतंकवाद के सुरक्षित पनाहगारों को पूरी तरह ध्वस्त करना ही होगा', SCO समिट में पीएम मोदी का सख्त संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन में आतंकवाद पर कड़ा संदेश दिया, सुरक्षित पनाहगाहों को ध्वस्त करने और दोहरे मापदंडों को अस्वीकार करने का आह्वान किया।

जागरण 1 Sep 2026 7:28 pm

पाकिस्तान में हिंदू महिला रीता का अपहरण और जबरन निकाह मामला: कोर्ट के आदेश पर माता-पिता के पास लौटी बेटी, मिली बड़ी राहत

पड़ोसी देश पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय की लड़कियों और महिलाओं पर होने वाले अत्याचार, अपहरण और जबरन मतांतरण (धर्मांतरण) के मामले आए दिन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मंचों पर चिंता का विषय बनते रहे हैं। अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन और न्याय की गुहार से जुड़ी ऐसी ही एक झकझोर देने वाली और सनसनीखेज घटना पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सामने आई है, जहाँ 21 वर्षीय एक युवा हिंदू महिला को अपहरण और जबरन निकाह के दलदल से आखिरकार कानूनी संघर्ष के बाद मुक्ति मिल गई है। पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण और राहत भरे फैसले में 21 वर्षीय हिंदू महिला रीता को उसके माता-पिता और भाई के साथ सुरक्षित घर लौटने की अनुमति प्रदान कर दी। इस मामले ने एक बार फिर पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सिंध प्रांत से अपहरण और पंजाब ले जाने की पूरी साजिशसमाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) से प्राप्त विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा मामला पाकिस्तान के सिंध जिले के संघार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खिपरो तहसील की राणा राजपूत कॉलोनी से जुड़ा है। यहीं की रहने वाली 21 वर्षीय रीता अचानक पिछले सप्ताह संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर से लापता हो गई थी। बेटी के अचानक गायब होने से परिवार में कोहराम मच गया। रीता के भाई रवि शंकर ने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। परिवार द्वारा दी गई शिकायत और दस्तावेजों के मुताबिक, जब उन्होंने अपने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। फुटेज में साफ तौर पर यह दिखाई दे रहा था कि कुछ अज्ञात और संदिग्ध लोग 24 अगस्त को रीता को जबरन घर से अगवा करके ले जा रहे हैं। इतना ही नहीं, अपहरणकर्ता घर में रखी कीमती नकदी, आभूषण और उसका मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए थे, जिससे यह साबित होता है कि यह वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी।गुजरांवाला ले जाकर इस्लाम कबूलवाने और निकाह का दबावपरिवार की शिकायत के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने रीता को सिंध प्रांत से निकालकर सीधे पंजाब प्रांत के गुजरांवाला शहर में पहुँचा दिया, जो कि लाहौर से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहां ले जाने के बाद इस बेकसूर हिंदू युवती पर कथित तौर पर भारी मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया गया। उसे जबरन इस्लाम धर्म अपनाने (मतांतरण) के लिए मजबूर किया गया और नजीर हुसैन नामक एक ऐसे व्यक्ति से निकाह करने का दबाव डाला गया, जो पहले से ही शादीशुदा था। पाकिस्तान में इस तरह के मामलों में अक्सर अपराधियों को स्थानीय प्रभावशाली लोगों और कट्टरपंथी तत्वों का संरक्षण प्राप्त होता है, जिसके कारण पीड़ित परिवार न्याय पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो जाते हैं। इस मामले में भी जब रीता के परिजनों को उसकी लोकेशन का पता चला, तो उन्होंने अपनी बेटी को बचाने के लिए हरसंभव कानूनी और सामाजिक प्रयास शुरू कर दिए।पुलिस की भूमिका और 'दारुल अमान' भेजने की जिदमामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया तथा मानवाधिकार संगठनों के दबाव के बाद हरकत में आई पंजाब पुलिस ने आखिरकार रीता को बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को उसे एक न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस और सरकारी मशीनरी ने अदालत में यह मांग रखी कि रीता को सरकारी संरक्षण वाले शेल्टर होम 'दारुल अमान' में भेज दिया जाए। पुलिस और संबंधित अधिकारियों का दावा था कि युवती अपने माता-पिता के पास वापस नहीं लौटना चाहती है और वह अपनी मर्जी से वहां रहना चाहती है। पुलिस के इस रुख से एक बार फिर यह आशंका गहराने लगी थी कि कहीं प्रशासनिक तंत्र किसी दबाव के तहत पीड़ित युवती को उसके परिवार से दूर रखने की साजिश तो नहीं रच रहा है।वकीलों का कड़ा विरोध और अदालत में रीता का साहसिक बयानहालांकि, पीड़ित परिवार की तरफ से अदालत में पैरवी कर रहे वकीलों—असद जमाल और खेता राम—ने पुलिस और प्रशासन की इस मांग का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने अदालत को स्पष्ट शब्दों में बताया कि पुलिस के दावे पूरी तरह से बेबुनियाद हैं और वास्तव में रीता अपने भाई के साथ अपने माता-पिता के घर सुरक्षित लौटना चाहती है, जो खुद अदालत परिसर में मौजूद था। वकीलों की दलील सुनने के बाद मजिस्ट्रेट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए स्वयं रीता को बुलाया और उससे शपथ लेकर उसका मूल बयान दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत के अधिकारी ने जानकारी दी कि अपने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में रीता ने पूरी निडरता और स्पष्टता के साथ कहा कि उसने कोई स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन या निकाह नहीं किया है, बल्कि वह अपनी मर्जी से और अपने पूरे होश-हवास में अपने माता-पिता के घर वापस जाना चाहती है।कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और परिवार को सुपुर्दगीरीता का यह बयान सामने आने के बाद अदालत के सामने सच्चाई पूरी तरह से स्पष्ट हो गई। इसके बाद माननीय मजिस्ट्रेट ने बिना किसी देरी के फैसला सुनाते हुए रीता को पूरी स्वतंत्रता दी और उसे उसके भाई के साथ घर जाने की अनुमति दे दी। अदालत ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस यह सुनिश्चित करे कि रीता और उसके परिवार को किसी भी प्रकार का खतरा न हो, तथा उन्हें सिंध स्थित उनके पैतृक घर तक पूरी सुरक्षा और हिफाजत के साथ पहुँचाया जाए। अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है और न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया है।पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति और मानवाधिकारों की पुकारयह घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि पाकिस्तान में हिंदू, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की युवतियों की स्थिति कितनी असुरक्षित है। जबरन अपहरण, मतांतरण और कम उम्र में जबरन निकाह के मामलों में अक्सर पुलिस और स्थानीय प्रशासन का रवैया ढुलमुल रहता है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि जब तक पाकिस्तान सरकार और न्यायपालिका इस तरह के मामलों में अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानून बनाकर त्वरित सजा सुनिश्चित नहीं करती, तब तक वहां की अल्पसंख्यक बेटियों का जीवन सुरक्षित नहीं हो सकता। बहरहाल, रीता के मामले में अदालत की संवेदनशीलता और उसके अपने साहसिक बयान के कारण उसे एक बड़ी नर्क जैसी स्थिति से मुक्ति मिल गई है, लेकिन ऐसे हजारों अन्य मामले आज भी न्याय की आस में अंधेरे में दम तोड़ रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:28 pm

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को मिली जान से मारने की धमकी, गृह सचिव को लिखा पत्र

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को मंगलवार को डाक से एक धमकी भरा पत्र मिला, जिसमें उन्हें हार्डकोर आतंकियों द्वारा जल्द ही मार दिए जाने की चेतावनी दी गई है। पत्र में लिखा गया, You will be killed shortly by hardcore Terrorists, और इसके साथ दो मोबाइल नंबर भी दर्ज थे। धमकी मिलने के तुरंत बाद चिराग पासवान के कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखा और तुरंत जांच व सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की।

तहलका 1 Sep 2026 7:26 pm

'देश में महंगाई और बेरोजगारी बेलगाम': जीडीपी आंकड़ों को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर बोला तीखा हमला, लगाए बड़े आरोप

देश की राजनीति में आर्थिक मुद्दे और विकास दर के आंकड़े अक्सर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग का मुख्य केंद्र रहे हैं। जब भी अर्थव्यवस्था के नए आंकड़े सामने आते हैं, पक्ष और विपक्ष अपने-अपने नजरिए से जनता के सामने तस्वीर रखते हैं। वर्तमान में पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों को लेकर देश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दर्ज की गई 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर के दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। मुख्य विपक्षी दल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर आर्थिक आंकड़ों में हेरफेर करने, आंकड़ों की बाजीगरी दिखाने और देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति को छिपाकर जनता को गुमराह करने का खुला आरोप लगाया है। इस राजनीतिक गहमागहमी के बीच महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती असमानता जैसे बुनियादी मुद्दे एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।जीडीपी के आंकड़ों में हेरफेर का कांग्रेस का गंभीर आरोपआर्थिक मोर्चे पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बार-बार कार्यप्रणाली (Methodology) और गणना के तरीकों को बदलकर मोदी सरकार जीडीपी के आंकड़ों को अपनी सुविधानुसार सेट कर रही है, जबकि देश की जमीन पर बदहाल आर्थिक हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कांग्रेस का तर्क है कि आम आदमी की रसोई लगातार महंगी होती जा रही है और मध्य वर्ग के लिए अपने सपनों का घर बनाना भी अब एक दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। जयराम रमेश ने आंकड़ों के गणित को समझाते हुए कहा कि नॉमिनल (Nominal) और रियल (Real) जीडीपी के बीच का जो अंतर महंगाई को दर्शाता है, वह सरकारी आंकड़ों में महज 2.3 प्रतिशत बताया जा रहा है, जबकि इसी तिमाही के दौरान थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित महंगाई दर 9 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है। पार्टी का कहना है कि यह एक स्पष्ट और बड़ी विसंगति है जो सरकारी दावों की पोल खोलती है। यदि सरकार पूरी ईमानदारी के साथ पारदर्शी आंकड़े देश के सामने पेश करे, तो वास्तविक विकास दर का आंकड़ा इसके मुकाबले काफी कम निकलेगा।मल्लिकार्जुन खरगे का पीएम मोदी पर पलटवार, तीन 'यू' का किया जिक्रप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहली तिमाही की जीडीपी ग्रोथ पर खुशी जताए जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कड़ा पलटवार किया। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री यह कह रहे हैं कि पूरा देश जीडीपी ग्रोथ का जश्न मना रहा है, तो शायद यह सुविधा केवल चुनिंदा लोगों या सरकार के पास उपलब्ध है, आम देशवासी के पास नहीं। आम जनता का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश के नागरिक इस समय तीन 'यू' यानी असाधारण बेरोजगारी (Unemployment), असहनीय महंगाई (Unbearable Inflation) और बेलगाम असमानता (Unchecked Inequality) के त्रिशूल तले बुरी तरह दबे हुए हैं और इन सबकी पूरी जिम्मेदारी वर्तमान सरकार की है। खरगे के मुताबिक देश में बेरोजगारी का संकट पिछले 50 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है, जहां लगभग 40 प्रतिशत युवा ग्रेजुएट होने के बावजूद बिना नौकरी के भटक रहे हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जुलाई 2026 में 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग के हर छह में से एक युवा के पास रोजगार नहीं था, जिससे यह साबित होता है कि हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा पूरी तरह से टूट चुका है।रसोई से लेकर आम उपभोक्ता वस्तुओं के आसमान छूते दामआम नागरिकों के दैनिक जीवन की कठिनाइयों को रेखांकित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आज गरीब और मध्यम वर्ग के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी दूभर हो गया है। बाजार में चीनी, प्याज, टमाटर, दाल, खाद्य तेल, चावल, दूध और रसोई में इस्तेमाल होने वाली हर एक जरूरी चीज के दाम आसमान छू रहे हैं। इसके अलावा पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस (LPG) और सीएनजी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण आम मिडिल क्लास परिवार किसी तरह अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का गुजारा करने के लिए संघर्ष कर रहा है। गरीबों की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश के सबसे गरीब वर्ग ने तो अब व्यवस्था से किसी भी प्रकार की उम्मीद ही छोड़ दी है। खरगे ने कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि देश में आर्थिक असमानता का स्तर अब औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन के दौर से भी बदतर स्थिति में पहुंच गया है। सरकार की पूरी आर्थिक नीति केवल चुनिंदा पूंजीपतियों यानी क्रोनी कैपिटलिज्म को बढ़ावा देने के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके तहत वर्ष 2014 से लेकर अब तक 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कॉर्पोरेट लोन माफ किए जा चुके हैं।'फेक इन इंडिया' और मेक इन इंडिया के दावों पर तंजकांग्रेस पार्टी ने सरकार की प्रमुख योजनाओं और विज्ञापनों पर भी जोरदार कटाक्ष किया। जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की बहुप्रचारित योजना 'मेक इन इंडिया' ने भले ही जमीन पर बहुत कम लक्ष्य हासिल किए हों, लेकिन मोदी सरकार की एक अन्य सिग्नेचर स्कीम 'फेक इन इंडिया' बिना किसी रुकावट के लगातार जारी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार विदेशों में भारत की आर्थिक प्रगति की खूबसूरत तस्वीर पेश करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि देश का युवा रोजगार के लिए दर-दर ठोकर खा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जनता को सोना न खरीदने और विदेश यात्रा न करने जैसी दी जाने वाली नसीहतों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने कहा कि इस तरह की सलाहें खुद इस बात का पुख्ता प्रमाण हैं कि देश की अर्थव्यवस्था की जमीनी हकीकत कितनी कमजोर और चिंताजनक हो चुकी है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार आंकड़ों की बाजीगरी और प्रचार की राजनीति छोड़कर देश की जनता को वास्तविक रोजगार, सस्ती वस्तुएं और पारदर्शी आर्थिक नीतियां उपलब्ध कराए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:26 pm

NHAI Projects Under Scanner: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर AI-MC तकनीक में हेरफेर का खुलासा, ठेकेदारों की भूमिका पर जांच शुरू

देश के बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाला बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेटेड मशीन-एडेड कंस्ट्रक्शन (AI-MC) तकनीक को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया गया था। दुनिया भर में अपनी सटीकता और गुणवत्ता के लिए सराही जाने वाली इस हाई-टेक तकनीक को भारत में सबसे पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में आजमाया गया था। लेकिन, इस महत्वाकांक्षी परियोजना में जिस प्रकार की तकनीकी खामियां और हेरफेर के मामले सामने आए हैं, उसने पूरे तंत्र को चौंका दिया है। एआई जैसी पारदर्शी और उन्नत प्रणाली के साथ ठेकेदार फर्म द्वारा कथित रूप से आंखमिचौनी करने और डेटा में बदलाव करने के खुलासे के बाद अब देश भर की 26 अन्य महत्वपूर्ण हाईवे परियोजनाओं पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगा है।पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुने गए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उठे गंभीर सवाललखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की शुरुआत वर्ष 2022-23 के दौरान प्रमुख निर्माण कंपनी पीएनसी इन्फ्राटेक (PNC Infratech) द्वारा की गई थी। केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस सामरिक और व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग को देश का पहला ऐसा पायलट प्रोजेक्ट बनाया, जहाँ एआई-एमसी तकनीक का पूर्ण उपयोग सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किया जाना था। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सड़क निर्माण के दौरान मिट्टी की प्रत्येक परत का संपीड़न (कम्प्रेसन) निर्धारित मानकों के अनुरूप हो, निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा हो और मानवीय त्रुटियों या भ्रष्टाचार की गुंजाइश को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। चूंकि यह तकनीक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद सफल मानी जाती है, इसलिए सरकार ने इसके परिणामों को पूरी तरह से भरोसेमंद माना और वर्ष 2025 में देश भर के अन्य 26 नए हाईवे प्रोजेक्ट्स में भी इस तकनीक के अनिवार्य उपयोग का बड़ा आदेश जारी कर दिया।ठेकेदारों ने एआई तकनीक और डेटा में कैसे की सेंधमारी?सबसे बड़ा और हैरान करने वाला सवाल यह है कि अत्याधुनिक सेंसर, रियल-टाइम डेटा शेयरिंग और ऑटोमेटेड उपकरणों पर आधारित इस तकनीक में आखिरकार हेरफेर कैसे संभव हो गई? एनएचएआइ (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बात से सकते में हैं कि ठेकेदार फर्म ने इस प्रणाली को किस हद तक प्रभावित किया। शुरुआती जांच में यह पड़ताल की जा रही है कि क्या निर्माण के दौरान एआई-एमसी तकनीक का वास्तव में ग्राउंड लेवल पर पूरा इस्तेमाल किया गया था या केवल कागजों में खानापूर्ति की गई? इसके अलावा, यह भी जांच का मुख्य विषय है कि क्या इस तकनीक के जरिए सर्वर पर साझा किए जाने वाले रियल-टाइम डेटा में किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप (Human Intervention) किया गया था या सॉफ्टवेयर के एल्गोरिदम को चकमा देने के लिए वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया। निगरानी प्रणालियों में कहां और कैसे चूक हुई, इसकी गहन समीक्षा के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय टीम जुटी हुई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।देश भर की 26 अन्य हाईवे परियोजनाओं पर बढ़ा निगरानी का दबावलखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सामने आई इस बड़ी तकनीकी चूक और डेटा से छेड़छाड़ के मामलों ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के कान खड़े कर दिए हैं। इस घटनाक्रम ने उन 26 अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए समय रहते खतरे की घंटी बजा दी है, जिन्हें एआई-एमसी तकनीक के आधार पर ही विकसित किया जाना तय किया गया था। हालांकि मंत्रालय और एनएचएआइ ने इन सभी परियोजनाओं को रद्द करने के बजाय उनकी निगरानी के नियमों को और अधिक कठोर तथा पारदर्शी बना दिया है। नए और सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार अब 20 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाले सभी हाईवे प्रोजेक्ट्स में इस तकनीक का उपयोग अनिवार्य होगा और निर्माण के दौरान हर एक परत (लेयर) के बिछने का डेटा पूरी तरह से रियल-टाइम आधार पर केंद्रीय सर्वर पर साझा किया जाएगा। पहले से चिन्हित कई ऐसे प्रोजेक्ट भी हैं जो 20 किलोमीटर से छोटे हैं, लेकिन अब उन पर भी निगरानी की यही कड़ी शर्तें लागू कर दी गई हैं ताकि देश के किसी भी अन्य हिस्से में जनता के धन और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न हो सके।गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाईसड़क निर्माण क्षेत्र में एआई तकनीक के दुरुपयोग का यह मामला अपने आप में एक अनूठा और गंभीर सबक है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि केवल तकनीक का आ जाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके क्रियान्वयन और ऑडिट की पारदर्शी व्यवस्था होना भी उतना ही आवश्यक है। एनएचएआइ के सूत्रों का कहना है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे मामले में पीएनसी इन्फ्राटेक की भूमिका की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जा रही है और यदि रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की वित्तीय या तकनीकी गड़बड़ी साबित होती है, तो कंपनी के खिलाफ अनुबंध के नियमों के तहत बेहद कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में किसी भी स्तर पर लापरवाही या धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और भविष्य के सभी प्रोजेक्ट्स को फुल-प्रूफ सुरक्षा घेरे में चलाया जाएगा ताकि आम जनता को विश्वस्तरीय और सुरक्षित सड़कें मिल सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:24 pm

एक डोनर की आंखों से 6 जिंदगी रोशन, AIIMS में नई तकनीक से इलाज

दिल्ली AIIMS के डॉक्टर लैमलर कॉर्नियल ट्रांसप्लांट कर रहे हैं, जिससे एक डोनर की कॉर्निया के अलग-अलग हिस्सों का उपयोग कर कई मरीजों का इलाज संभव हो गया है. यह तकनीक नॉर्मल कॉर्निया ट्रांसप्लांट से अलग है.

आज तक 1 Sep 2026 7:24 pm

शुक्र का राशि परिवर्तन कल, नवंबर तक इन 4 राशियों पर होगी धनवर्षा

Shukra Gochar 2026: शुक्र देव का कल तुला राशि में प्रवेश होने वाला है. शुक्र देव इस राशि में 6 नवंबर तक रहेंगे. ज्योतिषविदों के अनुसार, तुला राशि में शुक्र का प्रवेश चार राशियों के लिए शुभ रहने वाला है.

आज तक 1 Sep 2026 7:23 pm

GPS से होगी गन्ना ढुलाई की लाइव ट्रैकिंग, 24 घंटे में चीनी मिल पहुंचेगा गन्ना, योगी सरकार का बड़ा डिजिटल बदलाव

योगी सरकार गन्ना किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में गन्ना किसानों के हितों की रक्षा और चीनी उद्योग की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से गन्ना विकास विभाग ने प्रभावी पहल की शुरुआत की है। इस व्यवस्था के लागू होने से ...

वेब दुनिया 1 Sep 2026 7:21 pm

असम के गुवाहाटी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: सड़कों पर सैलाब और जलभराव से लोग परेशान

पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्र गुवाहाटी में मौसम ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। सोमवार रात से शुरू हुई मूसलाधार और लगातार बारिश के कारण असम की इस राजधानी का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर के अधिकांश निचले इलाकों, प्रमुख सड़कों और रिहायशी कॉलोनियों में भारी जलजमाव होने से आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पानी भरने के कारण सुबह दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को भारी ट्रैफिक जाम और आवाजाही की समस्याओं से दो-चार होना पड़ा। मानसून की इस बेमौसम या तीव्र बारिश ने एक बार फिर गुवाहाटी के ड्रेनेज सिस्टम और नगर निगम की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है, जिससे स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी देखी जा रही है।मूसलाधार बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्नसोमवार की रात से शुरू हुई झमाझम बारिश बिना रुके लगातार जारी रही, जिसके परिणामस्वरूप गुवाहाटी के कई महत्वपूर्ण और निचले इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई मुख्य मार्गों पर पानी घुटनों तक भर गया। जलभराव के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को पानी के बीच से गुजरने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई स्थानों पर वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए, जिससे यातायात की रफ्तार पूरी तरह से थम गई। शहर के प्रसिद्ध गुवाहाटी क्लब इलाके और उसके आसपास की सड़कों पर भारी जलजमाव देखा गया, जहां से गुजरने वाले राहगीरों और यात्रियों को भयंकर परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में थोड़ी सी भी भारी बारिश होते ही जलभराव एक आम समस्या बन जाती है, जिससे रोजाना का कामकाज बुरी तरह प्रभावित होता है।बारोवारी इलाके में गिरा भारी भरकम पेड़, वाहन क्षतिग्रस्तइस भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच गुवाहाटी के बारोवारी क्षेत्र से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई। बारिश के दौरान नमी और तेज दबाव के कारण बारोवारी इलाके में एक विशालकाय पुराना पेड़ अचानक उखड़कर सड़क पर आ गिरा। इस दुर्घटना की चपेट में आने से वहां खड़े एक चार पहिया वाहन (कार) और एक स्कूटर को भारी नुकसान पहुंचा और दोनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि जिस समय पेड़ गिरा, उस वक्त वहां कोई पैदल यात्री या वाहन चालक मौजूद नहीं था, अन्यथा एक बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था। हालांकि, पेड़ के सड़क के बीचों-बीच गिरने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया और दोनों तरफ वाहनों लंबी कतारें लग गईं। बाद में स्थानीय लोगों और आपदा प्रबंधन की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ को हटाकर रास्ता साफ किया।बार-बार होने वाले जलभराव से नागरिकों में रोष और चिंतागुवाहाटी में जलभराव की यह समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसके स्थायी समाधान के अभाव में हर साल मानसून या भारी बारिश के दौरान लोगों को नरकीय जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। शहर में बार-बार उत्पन्न होने वाली इस जलभराव की समस्या को लेकर नागरिकों ने गहरी चिंता और असंतोष व्यक्त किया है। लोगों का आरोप है कि शहर के नालों और ड्रेनेज सिस्टम की समय पर उचित सफाई नहीं की जाती है, जिसके कारण बारिश का पानी सुचारू रूप से निकल नहीं पाता और सड़कों पर तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने एक बार फिर जिला प्रशासन और गुवाहाटी नगर निगम (GMMC) से पुरजोर मांग की है कि शहर की जल निकासी व्यवस्था (ड्रेनेज सिस्टम) को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की आपदाओं से आम जनता को राहत मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:20 pm

'हमारी हरकतों से कोई नहीं कह सकता कि हम तीनों IAS अफसर हैं'

Fake IAS Tripti Singh Rajput: फर्जी IAS तृप्ति सिंह राजपूत से जुड़ा एक और वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. वीडियो में वह दो सहेलियों के साथ खुद को IAS अफसर बताते हुए नजर आ रही है. विधानसभा परिसर का बताए जा रहे वीडियो की जगह को लेकर भी सवाल उठे हैं और पुलिस इसकी जांच कर रही है.

आज तक 1 Sep 2026 7:19 pm

तमिलनाडु में 25 करोड़ के FQL क्रिप्टो स्कैम का पर्दाफाश, निवेशकों के भारी दबाव में आकर 25 वर्षीय एजेंट ने की आत्महत्या

डिजिटल युग में जहां एक तरफ तकनीक और निवेश के नए रास्ते खुल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ साइबर धोखाधड़ी और फर्जी क्रिप्टो स्कीमों का जाल भी तेजी से फैल रहा है। कम समय में रातोंरात अमीर बनने की चाहत और लालच कई बार आम लोगों को ऐसे जाल में फंसा देता है, जहाँ से निकलना असंभव हो जाता है। तमिलनाडु में हाल ही में सामने आया FQL क्रिप्टोकरेंसी घोटाला इसका एक बेहद दर्दनाक और भयावह उदाहरण बन गया है। इस बहुचर्चित ठगी और स्कैम के जाल में फंसे निवेशकों के भारी वित्तीय दबाव को न झेल पाने के कारण एक 25 वर्षीय युवा एजेंट ने अंततः आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है और वित्तीय सुरक्षा तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में हुई इस दुखद घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। FQL नामक एक संदिग्ध और फर्जी क्रिप्टोकरेंसी निवेश स्कीम से जुड़े 25 वर्षीय युवक ए. राजा ने कथित तौर पर भारी मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। राजा ने अपने परिचितों, दोस्तों और आसपास के कई अन्य भोले-भाले लोगों को इस स्कीम में भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर निवेश करवाया था। आरोपियों के बहकावे में आकर राजा ने खुद तो पैसे लगाए ही, बल्कि दूसरों से भी बड़ी रकम इस फर्जी ट्रेडिंग ऐप में लगवा दी। जब यह स्कैम उजागर हुआ और निवेशकों को यह अहसास हुआ कि उनके पैसे पूरी तरह डूब चुके हैं, तो ठगे गए लोगों का गुस्सा राजा पर फूट पड़ा। वे लगातार राजा पर अपने पैसे वापस करने का अनुचित और भारी दबाव बनाने लगे।निवेशकों के दबाव और तनाव से टूटा मानसिक संतुलनपुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक राजा स्थानीय स्तर पर निवेशकों को जोड़ने का काम करता था और वह खुद भी इस धोखाधड़ी का शिकार हुआ था, लेकिन जिन लोगों ने राजा के कहने पर पैसे निवेश किए थे, वे रोजाना उसके घर के बाहर जमा होने लगे। वे इस उम्मीद में थे कि शायद राजा ने उनके निवेश किए गए पैसों को कहीं सुरक्षित छुपाकर रखा है। चारों तरफ से मिल रही धमकियों, उलाहनों और पैसे चुकाने के भारी दबाव के कारण राजा का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और उसने डिंडीगुल में आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से इलाके के पीड़ित परिवारों में मातम और आक्रोश का माहौल है। पुलिस इस मामले की हर एंगल से गहराई से जांच कर रही है ताकि राजा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा जा सके।कैसे काम करता था FQL क्रिप्टोकरेंसी घोटाला?पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे महा-घोटाले के पीछे एक सुव्यवस्थित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें FQL इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग, FQL एक्सचेंज ऐप और VG इन्वेस्टमेंट ग्रुप सिंडिकेट के नाम शामिल हैं। यह पूरा अवैध कारोबार पिछले सात महीनों से तमिलनाडु के मदुरै, डिंडीगुल, विरुधुनगर और शिवगंगा जिलों में बेहद सक्रिय रूप से चलाया जा रहा था। इस स्कैम का मुख्य आधार लोगों को लालच देना था। इसके एजेंट ग्रामीण और शहरी इलाकों के सीधे-साधे लोगों को रोजाना भारी-भरकम रिटर्न का झांसा देते थे। वे बड़े दावे करते थे कि आधुनिक क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग तकनीक के जरिए महज 40 से 45 दिनों के भीतर उनका मूल निवेश दोगुना कर दिया जाएगा।पैसे जुटाने के डिजिटल तरीके और वॉलेट का इस्तेमाललोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए इन ठगों ने पैसे लेने के तमाम आधुनिक तरीके अपना रखे थे। निवेश के नाम पर नकद राशि के अलावा गूगल पे (Google Pay), फोनपे और अन्य यूपीआई (UPI) माध्यमों के जरिए धड़ल्ले से पैसे इकट्ठा किए जाते थे। जनता से ठगे गए इस बेहिसाब फंड का एक बड़ा हिस्सा तुरंत ‘टेथर’ (USDT) जैसी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर संदिग्ध FQL और VG डिजिटल वॉलेट में जमा कर दिया जाता था, जिससे पुलिस और वित्तीय एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके। जालसाज इतने शातिर थे कि उन्होंने शुरुआत में कुछ छोटे निवेशकों को थोड़ा मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा जीत लिया, ताकि वे और अधिक लोगों को इस स्कीम में फंसा सकें और अपनी जमा पूंजी झोंक दें।पैसे निकालने पर रोक और ऐप का बंद होनायह पूरा फर्जीवाड़ा तब खुलकर सामने आया जब निवेशकों को अपनी ही गाढ़ी कमाई निकालते समय तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ा। ऐप से पैसे निकालने की सभी कोशिशें अचानक पूरी तरह से नाकाम होने लगीं। जब निवेशकों ने एजेंटों और ऐप संचालकों से संपर्क किया, तो उनसे तकनीकी शुल्क या टैक्स के नाम पर और अधिक अतिरिक्त भुगतान की मांग की जाने लगी। कुछ ही दिनों बाद इस घोटाले के मुख्य संचालक रातोंरात ऐप को पूरी तरह से बंद करके फरार हो गए। ऐप बंद होने से निवेशकों का अपने अकाउंट के डैशबोर्ड और बैलेंस तक पहुंचना पूरी तरह से नामुमकिन हो गया। इस अचानक हुए आर्थिक आघात से पीड़ितों के पैरों तले जमीन खिसक गई और मदुरै तथा आसपास के जिलों में शिकायतों की बाढ़ आ गई।मदुरै कलेक्ट्रेट में विशेष अधिकारियों की नियुक्तिइस घोटाले की व्यापकता और पीड़ितों की भारी भीड़ को देखते हुए मदुरै जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मदुरै जिला कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष अधिकारियों और प्रशासनिक टीमों की नियुक्ति की गई है, जो लगातार पीड़ितों की शिकायतें, उनके नुकसान का विवरण और निवेश के डिजिटल सबूत दर्ज कर रहे हैं। मेलूर और अलंगनल्लूर जैसे ग्रामीण इलाकों से भी ठगी के शिकार लोग बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट और पुलिस स्टेशनों के चक्कर काट रहे हैं। शिकायतकर्ताओं की केवल एक ही मांग है कि उनकी डूबी हुई पाई-पाई वापस दिलाई जाए और इस अंतरराज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर फ्रॉड को अंजाम देने वाले असली मास्टरमाइंड्स को तुरंत गिरफ्तार करके उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपी गई जांचमामले की गंभीरता और वित्तीय नेटवर्क के बड़े दायरे को देखते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) ने इस कथित FQL घोटाले से जुड़े सभी छह मामलों की त्वरित और उच्चस्तरीय जांच राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing - EOW) को सौंप दी है। जांच EOW को स्थानांतरित करने के पीछे पीड़ितों की विशाल संख्या, अपराध का भौगोलिक दायरा, भारी-भरकम वित्तीय नुकसान और USDT तथा Binance वॉलेट के माध्यम से किए गए संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय लेनदेन का मुख्य हवाला दिया गया है। आर्थिक अपराध शाखा के वरिष्ठ विशेषज्ञ अब इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रहे हैं कि इस अवैध पैसे को देश के बाहर किन क्रिप्टो वॉलेट्स या हवाला चैनलों के जरिए ठिकाने लगाया गया है।6 मामले दर्ज, 21 गिरफ्तारियां और 13 बैंक खाते फ्रीजमीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस स्कैम के सिलसिले में अब तक कुल छह एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं—जिनमें तीन मामले अकेले मदुरै जिले में और एक-एक मामला डिंडीगुल, विरुधुनगर तथा शिवगंगा जिलों में दर्ज है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पूरे गिरोह के खिलाफ ताबड़तोड़ छापे मारे हैं और आरोपियों से जुड़े 13 अहम बैंक खातों को तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया है ताकि बची-कुची रकम को निकाला न जा सके। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य प्रमोटर एक ऐसा शख्स है जो कुछ समय पहले ही अमेरिका से लौटकर इस अवैध धंधे में शामिल हुआ था। पुलिस ने उस मुख्य आरोपी समेत उसके 20 अन्य स्थानीय सहयोगियों को धर दबोचा है।अनुमानित 25 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय घोटालायद्यपि पुलिस अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर डूबी हुई कुल राशि का अंतिम और पूर्ण आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन शुरुआती दौर में दर्ज की गई शिकायतों और पीड़ितों के बयानों के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस स्कैम का कुल आकार कम से कम 25 करोड़ रुपये या उससे भी अधिक का हो सकता है। अधिकारियों का मानना है कि यह शुरुआती आंकड़ा केवल उन लोगों का है जो सामने आकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं। जैसे-जैसे EOW की जांच आगे बढ़ेगी और नए पीड़ित सामने आएंगे, यह ठगी का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि किसी भी अनजान या लुभावनी क्रिप्टोकरेंसी स्कीम में बिना पूरी कानूनी और वित्तीय जानकारी के निवेश करने से बचना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:18 pm

5 साल के बेटे को घूंसा मारकर ले ली जान, पत्नी से नाराज पति की करतूत

नोएडा के ममूरा में पत्नी से विवाद के दौरान पिता पर 5 साल के बेटे को घूंसा मारने का आरोप है. अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज हुई है. ये खौफनाक वारदात चर्चाओं में है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 1 Sep 2026 7:17 pm

चीन से 127% महंगी बिजली लेगा बांग्लादेश, भारत के 1 पैसा बढ़ाने पर ऐतराज... क्या है वजह

बांग्लादेश ढाका में कचरे से बनने वाली बिजली एक चीनी कंपनी से खरीदेगा. इसके लिए बांग्लादेश की सरकार चीनी कंपनी को भारत से 127% ज़्यादा दाम रेट देने को तैयार है. यह खबर तब आई है, जब ढाका ने बिजली सप्लाई चार्ज में भारत की ओर से प्रस्तावित 1 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी पर आपत्ति जताई थी.

आज तक 1 Sep 2026 7:16 pm

NEET Protest Relief: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, नीट प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR रद, CJP और जेपी नड्डा की प्रतिक्रिया सामने आई

न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जब जनहित और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दी जाती है, तो बड़े विवादों का समाधान सौहार्दपूर्ण तरीके से संभव हो जाता है। देश भर के छात्र समुदायों और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और राहत भरा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने नीट (NEET) प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज अधिकांश एफआईआर (FIR) को रद करने का निर्देश दिया है। हालांकि, यह राहत उन लोगों को नहीं मिलेगी जिनका आपराधिक इतिहास गंभीर रहा है। इस बड़े न्यायिक फैसले के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने आगामी 5 सितंबर को दिल्ली में होने वाले अपने प्रस्तावित विरोध मार्च को पूरी तरह से रद करने की घोषणा कर दी है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ी राहत की सांस ली गई है।सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश और मामलों की वापसीसर्वोच्च न्यायालय के इस महत्वपूर्ण फैसले के तहत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नीट प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को समाप्त करने का आदेश दिया गया है। सुनवाई के दौरान भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को अवगत कराया कि केंद्र सरकार के साथ-साथ बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने भी छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी एफआईआर को वापस लेने के लिए औपचारिक अर्जियां दाखिल की हैं। सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को यह भी भरोसा दिलाया कि 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच हुए विरोध प्रदर्शनों से संबंधित घटनाओं के लिए भविष्य में कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। अदालत में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने पक्षों की दलीलें सुनते हुए कहा कि यदि दोनों पक्ष आपसी विश्वास के साथ संवाद करें, तो किसी भी जटिल मुद्दे को सकारात्मक रूप से सुलझाया जा सकता है।CJP का रुख और 5 सितंबर का मार्च रदन्यायालय के इस आदेश के आने के बाद CJP की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। अदालत के फैसले और केंद्र सरकार के आश्वासन का स्वागत करते हुए CJP नेताओं ने घोषणा की कि 5 सितंबर को प्रस्तावित विरोध मार्च के आह्वान को अब वापस लिया जा रहा है। हालांकि, संगठन की ओर से दिल्ली पुलिस की फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान चिन्हित किए गए लोगों के आंकड़ों को लेकर भी अपनी बात रखी गई। CJP का कहना था कि सरकार और न्यायपालिका के इस सकारात्मक रुख के बाद विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाने का औचित्य नहीं बनता है, और संगठन को उम्मीद है कि अदालत के आदेश का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा। संगठन ने इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने वाले वकीलों और न्यायपालिका के प्रति भी आभार व्यक्त किया है।केंद्र सरकार और जेपी नड्डा की प्रतिक्रियासर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय और मामलों की वापसी पर केंद्र सरकार की ओर से भी तीखी और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आई हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बयान जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के भविष्य और हितों को ध्यान में रखते हुए अपने वादों को पूरी ईमानदारी से पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही यह भरोसा दिलाया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कानूनी शिकंजा नहीं कसा जाएगा और उनके भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। नड्डा ने यह भी स्पष्ट किया कि इस दिशा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों की सरकारों से भी उचित परामर्श किया गया था, ताकि देश भर में एकसमान और न्यायसंगत नीति के तहत छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिया जा सके। उन्होंने CJP द्वारा 5 सितंबर का विरोध मार्च रद किए जाने के फैसले का भी स्वागत किया है।भविष्य के लिए एक सकारात्मक संदेशइस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि शासन, न्यायपालिका और नागरिकों के बीच संवाद के रास्ते खुले रहने से जटिल से जटिल सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है। नीट परीक्षा और उससे जुड़े विभिन्न घटनाक्रमों के बाद उपजे असंतोष को जिस तरह से अदालती प्रक्रिया और सरकारी সदिच्छा के जरिए सुलझाया गया है, वह देश के छात्र वर्ग के लिए एक बड़ी राहत है। विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से न केवल कानूनी प्रणाली पर जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, बल्कि युवाओं को भी यह संदेश मिला है कि व्यवस्था उनकी चिंताओं के प्रति संवेदनशील है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकारें इस न्यायिक निर्देश का कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ पालन करती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:15 pm

NHAI की 26 परियोजनाओं पर खतरा, ठेकेदारों ने कैसे बदला AI का डेटा? लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की भी होगी जांच

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एआइ-एमसी तकनीक के उपयोग में खामियां सामने आई हैं, जिसके बाद ठेकेदार पीएनसी इन्फ्राटेक की भूमिका की जांच की जा रही है।

जागरण 1 Sep 2026 7:14 pm

पूर्व ब्रिटिश PM स्टार्मर ने किया सांसद पद इस्तीफे का ऐलान! बताया प्लान

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री किएर स्टारमर ने अपनी सांसद की सीट छोड़ने का ऐलान किया है. हालांकि, उन्होंने कहा है कि महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के मुद्दे पर वे काम करना जारी रखेंगे.

आज तक 1 Sep 2026 7:11 pm

Janmashtami 2026: 4 या 5 सितंबर कब है जन्माष्टमी? कैलेंडर नहीं, इस प्राचीन नियम से तय होती है कान्हा के जन्मोत्सव की सही तिथि

सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व यानी श्री कृष्ण जन्माष्टमी हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अत्यंत उत्साह, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया जाता है। हर साल की तरह इस बार भी लोगों के मन में यही मुख्य सवाल बना हुआ है कि जन्माष्टमी का पावन पर्व 4 सितंबर को मनाया जाए या 5 सितंबर को? अक्सर लोग तारीख तय करने के लिए सामान्य अंग्रेजी या हिंदी कैलेंडर के पन्नों को पलटते हैं, जबकि धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिषीय पंचांग के जानकारों का मानना है कि जन्माष्टमी की सही तिथि कभी भी केवल साधारण कैलेंडर देखकर तय नहीं की जा सकती। इसके निर्धारण के लिए सूर्योदय, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, मध्यरात्रि का निशीथ काल और आकाशमंडल में रोहिणी नक्षत्र के संयोग का सूक्ष्म गणितीय अध्ययन किया जाता है। यही मुख्य कारण है कि देश के अलग-अलग हिस्सों, मठों और संप्रदायों में कई बार जन्माष्टमी की तारीख एक दिन आगे या पीछे हो जाती है। वर्ष 2026 में जन्माष्टमी की सटीक तिथि, इसके प्राचीन नियम, पूजा मुहूर्त और व्रत से जुड़ी हर एक महत्वपूर्ण बात को आइए विस्तार से समझते हैं।वर्ष 2026 में कब है जन्माष्टमी और क्या हैं तिथि के योग?पंचांग गणना के अनुसार, वर्ष 2026 में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 4 सितंबर को सुबह 2:25 बजे होगा और इस तिथि का समापन 5 सितंबर को रात 12:13 बजे होगा। इसके साथ ही यदि रोहिणी नक्षत्र की बात करें तो यह 4 सितंबर को रात 11:04 बजे तक प्रभावी रहेगा। हिंदू सनातन परंपरा में श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की गणना करते समय अष्टमी तिथि के साथ-साथ रोहिणी नक्षत्र के योग को विशेष रूप से तवज्जो दी जाती है, क्योंकि इसी दिव्य नक्षत्र और तिथि के महासंयोग में द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ था। वर्ष 2026 के इन ज्योतिषीय संयोगों के कारण ही श्रद्धालुओं के मन में संशय की स्थिति बन रही है कि वे व्रत किस दिन रखें। पंचांग के नियमों के मुताबिक, गृहस्थ जीवन जीने वाले यानी स्मार्त परंपरा के लोग और संत-महात्मा अपनी-अपनी शास्त्र सम्मत परंपराओं के अनुसार इन तिथियों का पालन करेंगे, लेकिन मुख्य निशीथ काल पूजा का समय 4 सितंबर की मध्यरात्रि को ही सबसे ज्यादा प्रबल माना जा रहा है।द्वापर युग की वह अलौकिक रात और निशीथ काल का रहस्यधार्मिक ग्रंथों और पुराणों के अनुसार, द्वापर युग में जब पृथ्वी पर कंस और राक्षसों का अत्याचार चरम पर था, तब भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा के कारागार में माता देवकी और पिता वसुदेव के यहाँ अपना अवतार लिया था। पौराणिक कथाओं में वर्णन मिलता है कि भगवान ने जन्म लेते ही सबसे पहले अपने माता-पिता को चतुर्भुज विष्णु रूप में अपने दिव्य स्वरूप के दर्शन कराए थे। इसके तुरंत बाद, योगमाया की प्रेरणा से वसुदेव जी ने नवजात कन्हैया को एक सूप में रखा और उफनती हुई यमुना नदी को पार करके गोकुल में नंद बाबा और यशोदा मैया के घर सुरक्षित पहुँचा दिया, जहाँ लाला का लालन-पालन हुआ। भगवान का यह जन्म साधारण जन्म नहीं था, बल्कि यह दुष्टों के संहार और धर्म की स्थापना के लिए दिव्य अवतरण था। चूंकि उनका जन्म आधी रात को हुआ था, इसलिए हिंदू धर्म में जन्माष्टमी की पूजा हमेशा रात के समय यानी निशीथ काल में ही की जाती है। वर्ष 2026 में निशीथ पूजा का सबसे उत्तम समय रात 11:57 बजे से लेकर 12:43 बजे तक रहेगा, जो लगभग 46 मिनट की अवधि का होगा।जन्माष्टमी की सही तिथि तय करने का प्राचीन नियम और शास्त्रीय आधारश्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तारीख तय करने के लिए हमारे ऋषियों और पंचांगकर्ताओं ने कुछ बेहद स्पष्ट और कड़े नियम बनाए हैं। इन नियमों के अनुसार, चूंकि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म आधी रात यानी निशीथ काल में हुआ था, इसलिए सबसे मुख्य पैमाना यह देखा जाता है कि जिस दिन निशीथ काल (मध्यरात्रि) के समय अष्टमी तिथि मौजूद हो, उसी दिन मुख्य जन्माष्टमी का व्रत और जन्मोत्सव मनाया जाना चाहिए। स्मार्त परंपरा में इस नियम को सर्वोपरि स्थान दिया गया है। इसके बाद गौण रूप से रोहिणी नक्षत्र और अन्य तिथि संयोगों का विचार किया जाता है। यदि अर्धरात्रि के समय अष्टमी तिथि का स्पर्श मिल रहा है, तो वही दिन व्रत के लिए सबसे श्रेष्ठ और मान्य माना जाएगा। कई बार अष्टमी तिथि सूर्योदय के समय नहीं होती, लेकिन रात के मध्य में आ जाती है, ऐसी स्थिति में भी रात्रि व्यापिनी अष्टमी होने के कारण उसी दिन व्रत रखने का विधान शास्त्रों में तय किया गया है ताकि व्रती को पूर्ण फल की प्राप्ति हो सके।व्रत के दौरान किन नियमों का पालन करना अनिवार्य है?जन्माष्टमी का व्रत केवल एक उपवास नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, पवित्रता और पूरी तरह से भगवान श्रीकृष्ण के स्मरण में लीन होने का महापर्व है। इस व्रत को रखने वाले श्रद्धालुओं को एकादशी व्रत के दौरान पालन किए जाने वाले सभी कठोर नियमों का पालन करना चाहिए। सबसे मुख्य नियम यह है कि जन्माष्टमी के पूरे व्रत के दौरान किसी भी प्रकार के साधारण अन्न, अनाज या नमक का सेवन नहीं किया जाता है। यह व्रत पूर्ण रूप से फलाहार, जल या सात्विक द्रव्यों पर आधारित होता है। व्रत का आरंभ सूर्योदय के साथ संकल्प लेकर होता है और इसका समापन अगले दिन सूर्योदय के बाद एक निश्चित पारण समय पर किया जाता है। व्रत रखने वाले भक्तों को पूरा दिन भगवान के भजन, कीर्तन और उनकी लीलाओं का स्मरण करना चाहिए तथा किसी भी प्रकार के क्रोध, द्वेष या असत्य से दूर रहना चाहिए।व्रत का पारण कब और किस समय करना चाहिए?व्रत का पारण यानी व्रत खोलना भी उतने ही विधि-विधान से किया जाना चाहिए जितने नियम से व्रत रखा जाता है। सामान्यतः जन्माष्टमी का व्रत अगले दिन सूर्योदय के बाद ही तोड़ा जाता है, जिसे शास्त्रीय पारण समय कहा जाता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार, वर्ष 2026 में जन्माष्टमी व्रत का विधिवत पारण 5 सितंबर को सुबह 06:01 बजे के बाद सूर्योदय के समय किया जाना शास्त्र सम्मत और मान्य है। हालांकि, देश के कई हिस्सों और संप्रदायों में प्रचलित परंपरा के अनुसार, कुछ लोग रात्रि में 12 बजे निशीथ काल में भगवान का जन्मोत्सव मनाने और चरणामृत-प्रसाद ग्रहण करने के बाद भी अपना व्रत खोल लेते हैं, जो स्थानीय और पारिवारिक परंपरा पर निर्भर करता है। फिर भी शास्त्रीय नियमों की पूर्णता के लिए सूर्योदय के पश्चात ही पारण करना सबसे उत्तम माना गया है।इस पर्व का आध्यात्मिक और जीवनोपयोगी संदेशऋषि-मुनियों द्वारा निर्धारित यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में कितनी भी विषम परिस्थितियां क्यों न हों, धर्म और सत्य का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए। कारागार के अंधकार में जन्म लेने वाले कन्हैया ने पूरी दुनिया को प्रेम, कर्मयोग और गीता का अमर ज्ञान दिया। जन्माष्टमी का यह पवित्र व्रत मनुष्य को अपने भीतर के अहंकार और बुराइयों का दमन करके भगवान की भक्ति रूपी प्रकाश को जागृत करने की प्रेरणा देता है। पंचांग के इन प्राचीन नियमों को समझकर सही तिथि पर व्रत रखने से साधक को भगवान श्रीकृष्ण की असीम कृपा और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Sep 2026 7:09 pm

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