मध्य प्रदेश के रीवा जिले में तीन अज्ञात लोगों ने एक कांग्रेस नेता की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी साझा की।
एकेजी भवन मामले पर बोले JP नड्डा: 'आपातकाल के दौरान मुझे कई बार कक्षा से गिरफ्तार किया गया'
राज्यसभा में माकपा सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिल्ली स्थित माकपा मुख्यालय एकेजी भवन में दिल्ली पुलिस के प्रवेश का मुद्दा उठाया गया। जॉन ब्रिटास ने कहा कि पुलिस यहां एक छात्र नेता को गिरफ्तार करने पहुंची थी। इस पर राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखा।
संसद के मानसून सत्र में बुधवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एनटीए को लेकर सवाल उठाए।
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी की गृह मंत्री पर टिप्पणी से हंगामा मच गया। किरेन रिजिजू ने माफी की मांग की, स्पीकर ओम बिरला ने मर्यादित भाषा के इस्तेमाल की सलाह दी और सदन की कार्यवाही 2:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
CJP नेताओं ने किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात कर भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। किसानों और छात्रों के संभावित संयुक्त आंदोलन, राजस्थान महापंचायत और सरकार से समझौते को लागू करने की मांग पर बढ़ी हलचल।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। 92 ठिकानों पर छापेमारी, 360 गवाहों के बयान और एनटीए विशेषज्ञों की गिरफ्तारी से जांच तेज।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण में देरी पर सख्ती की तैयारी, संसद में आज संशोधन विधेयक पेश करेंगे अमित शाह
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण निर्धारित समय के बाद कराया जाता है तो उसकी अवधि के आधार पर अलग-अलग स्तर की स्वीकृति लेनी होगी। यदि पंजीकरण में एक से दो वर्ष तक की देरी होती है तो जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होगी।
तमिलनाडु: सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील में हर हफ्ते मिलेगी 'चिकन बिरयानी'! राज्य सरकार कर रही विचार
तमिलनाडु सरकार राज्य की प्रमुख मिड-डे मील योजना के तहत सफ्ताह में एक बार 'चिकन बिरयानी' शुरू करने पर विचार कर रही है। इस कदम का मकसद पोषण में सुधार करना और स्कूली खाने को छात्रों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।
संसद परिसर में सपा सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। डिंपल यादव दानपेटी लेकर पहुंचीं, अखिलेश यादव ने सरकार से जवाब और संसद में चर्चा की मांग उठाई।
कंगना रनौत और CJP प्रवक्ता सौरव दास के बीच जुबानी जंग तेज, सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर साधे निशाने
एक समाचार एजेंसी से बातचीत में CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कंगना रनौत की छात्र आंदोलन को लेकर की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में कंगना की बातों को उनकी अपनी पार्टी के लोग भी गंभीरता से नहीं लेते।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से देश भर में फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। सीजेपी का आरोप है कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का इस्तेमाल, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर वापस लेने के अपने पहले के आश्वासन से बचने के लिए कर रही है।
लोकसभा में फिर हंगामा, कार्यवाही शुरू होते ही दोपहर 12 बजे तक सदन स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के कारण सदन दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया। आज एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा जारी रहेगी और राहुल गांधी भी बहस में हिस्सा ले सकते हैं।
भोपाल को मिली चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात, सीएम मोहन यादव ने किया शुभारंभ
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को निशातपुरा रेलवे स्टेशन के शुभारंभ के साथ चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है।
मुंबई : ठाणे जनरल हॉस्पिटल परियोजना की समीक्षा, शिंदे ने कहा- 'विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द'
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे जनरल हॉस्पिटल के कामकाज और निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को परियोजना को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सिर्फ एक वीडियो से किसी अधिकारी की छवि खराब नहीं की जा सकती: पुलिस ज्यादती मामले में दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2025 में पुलिस ज्यादती से जुड़े मामले की जांच से पुलिस अधिकारी संदीप लांबा को हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल एक वीडियो के आधार पर किसी पुलिस अधिकारी की पूरी छवि को खराब नहीं किया जा सकता।
लोकसभा में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी को कथित तौर पर गौमूत्र एक्सपर्ट कहे जाने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इस बीच प्रो. कामकोटी की शैक्षणिक और वैज्ञानिक उपलब्धियों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया था कि 18 वर्ष से कम उम्र के उन छात्रों को रिहा किया जाए, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है और जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं, खासकर जेन जी का विश्वास जीतना है, तो उन्हें सोशल मीडिया वीडियो के लिए फोन कैमरे का नहीं, अपने दिल का एंगल बदलना होगा।
क्या छात्र आतंकवादी थे, पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया…संसद में बोलीं प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने संसद में छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ कठोर व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
संभल की शाही जामा मस्जिद के कोर्ट कमिश्नर सर्वे को लेकर चल रहे विवाद में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में मुस्लिम पक्ष ने अपनी दलीलें अदालत के समक्ष रखीं। सुनवाई पूरी नहीं हो सकी, जिसके बाद सर्वोच्च अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त तय की है। उस दिन हिंदू पक्ष की ओर से अपनी दलीलें पेश की जाएंगी।
विपक्षी सांसदों ने सरकार से पूछा सवाल-नया कानून आने के बाद भी पेपर लीक हुआ तो कौन लेगा जिम्मेदारी?
पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल को लेकर संसद में विपक्षी सांसदों ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस, आरजेडी, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने पेपर लीक की घटनाओं, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष ने कहा कि केवल सख्त कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि पूरी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा : जितेंद्र सिंह बोले- परीक्षा लीक करने वालों को अब 5 महीने में मिलेगी सजा
लोकसभा में मंगलवार को पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पेपर लीक, संगठित परीक्षा घोटालों और अन्य अनुचित गतिविधियों पर पहले से अधिक प्रभावी ढंग से रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।
लोकसभा में 'एंटी-पेपर लीक' बिल पर चर्चा शुरू, किरेन रिजिजू बोले-हम 10 घंटे चर्चा करने के लिए तैयार
संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को दो बजे के बाद लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। 'एंटी-पेपर लीक' बिल पर चर्चा के लिए पहले छह घंटे का समय तय किया गया था। विपक्ष ने समय को बढ़ाने की मांग की, जिस पर किरेन रिजिजू ने कहा, हम 10 घंटे चर्चा करने के लिए तैयार हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की सहमति लेकर 10 घंटे चर्चा करने का ऐलान कर दिया है।
दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के लिए स्कूली शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को शिक्षकों की स्थिति के प्रति अधिक संवेदनशील रहने की सलाह दी है। अदालत ने कहा कि चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां तय करते समय शिक्षकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बांकीपुर उपचुनाव: आज शाम थम जाएगा चुनाव प्रचार! BJP की साख दांव पर, विपक्ष की सेंधमारी की कोशिश
बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम थम जाएगा। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों का जोर अब घर-घर संपर्क और बूथ प्रबंधन पर रहेगा। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले सोमवार को राजधानी पटना की सड़कों पर चुनावी सरगर्मी चरम पर रही।
दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित, नोएडा-गाजियाबाद में जलभराव; IMD का यलो अलर्ट जारी
दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश से नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव। IMD ने अगले दो दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया, ट्रैफिक और जनजीवन प्रभावित।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 18 वर्ष से कम छात्रों की तत्काल रिहाई के निर्देश
जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश। 18 वर्ष से कम आयु के प्रदर्शनकारी छात्रों की तत्काल रिहाई के निर्देश, केंद्र और सात राज्यों को नोटिस, निष्पक्ष जांच पर जोर।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के लॉन्ग मार्च के दौरान कम से कम 20 लोग मारे गए और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना इस इलाके में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी अधिकारियों की बढ़ती कार्रवाई के बीच हुई।
भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे ठप: काजीगुंड में फंसे सैकड़ों अमरनाथ यात्री, यात्रा रोकी गई
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। इसके चलते अमरनाथ यात्रा से लौट रहे सैकड़ों श्रद्धालु काजीगुंड के मीर बाजार स्थित यात्री निवास में फंस गए हैं।
ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र में पुलिस और एक शातिर बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गौकशी के एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। मौके से पुलिस ने अवैध तमंचा, चोरी की मोटरसाइकिल, इंजेक्शन, सीरिंज, धारदार हथियार और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया है।
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित, एंटी पेपर लीक बिल पर आज होगी अहम चर्चा
लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के बीच दोपहर 2 बजे तक स्थगित। आज एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा होगी, जबकि राज्यसभा में MSME और राष्ट्रीय सम्मान संशोधन विधेयक पेश किए जाएंगे।
लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 पर आज चर्चा होगी। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बहस में हिस्सा लेंगे और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले और सरकारी नौकरी का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) बड़ा अवसर लेकर आया है। आयोग ने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के रिक्त पदों को भरने के लिए आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 828 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी आयोग के आधिकारिक पोर्टल upsconline.nic.in पर जाकर 14 अगस्त 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।पदों का विवरण, सैलरी और महत्वपूर्ण तिथियांसंघ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार, इस भर्ती में प्रिंसिपल के लिए भर्ती संख्या 26075101725 और वाइस प्रिंसिपल के लिए वैकेंसी नंबर 26075102725 तय किया गया है।आयोग का नाम: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)विभाग: दिल्ली सरकार, शिक्षा विभागकुल पद: 828 (प्रिंसिपल - 124 पद, वाइस प्रिंसिपल - 704 पद)आवेदन की अंतिम तिथि: 14 अगस्त 2026आधिकारिक वेबसाइट: upsconline.nic.inवेतनमान (सैलरी): 7वें वेतन आयोग के अनुसार प्रिंसिपल पद के लिए पे मैट्रिक्स लेवल 12 और वाइस प्रिंसिपल पद के लिए पे मैट्रिक्स लेवल 10 के आधार पर आकर्षक वेतन दिया जाएगा।प्रिंसिपल पद के लिए आवश्यक योग्यता और आयु सीमाप्रिंसिपल के 124 पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास निम्नलिखित योग्यताएं होनी अनिवार्य हैं:किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होनी चाहिए।किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (Master's Degree) पूरा होना चाहिए।किसी मान्यता प्राप्त हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी स्कूल या इंटरमीडिएट कॉलेज में बतौर वाइस प्रिंसिपल, पीजीटी (PGT) या टीजीटी (TGT) शिक्षक के रूप में कम से कम 10 वर्ष की नियमित सेवा का अनुभव हो।आयु सीमा: सामान्य (General) और ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु 50 वर्ष तय की गई है। ओबीसी (OBC) श्रेणी के उम्मीदवारों को 53 वर्ष और एससी/एसटी (SC/ST) अभ्यर्थियों को 55 वर्ष तक आवेदन की छूट है। दिव्यांग (PwBD) अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 56 वर्ष रखी गई है।वाइस प्रिंसिपल पद के लिए योग्यता और आयु सीमावाइस प्रिंसिपल के 704 पदों के लिए निर्धारित पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर डिग्री हासिल की हो।इसके साथ ही मास्टर्स डिग्री (Master's Degree) भी पूरी होना आवश्यक है।पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) के पद पर न्यूनतम 2 साल का अनुभव अथवा ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) के पद पर कम से कम 3 साल का शिक्षण अनुभव होना चाहिए।आयु सीमा: जनरल व ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष, ओबीसी के लिए 38 वर्ष और एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष तय की गई है। दिव्यांग वर्ग के लिए नियमानुसार 10 साल की छूट के साथ अधिकतम आयु सीमा 56 वर्ष तक रहेगी।चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा और इंटरव्यूUPSC द्वारा इन पदों पर चयन दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाएगा:कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्ट (CRT): पहले चरण में उम्मीदवारों को पेन और पेपर मोड (ऑफलाइन) में कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्ट देना होगा।साक्षात्कार (Interview): लिखित परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। यह इंटरव्यू 100 अंकों का होगा, जिसका शेड्यूल आयोग द्वारा अलग से जारी किया जाएगा। साक्षात्कार के समय अभ्यर्थियों को अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र का प्रिंटआउट और सभी मूल शैक्षणिक व अनुभव संबंधी दस्तावेज सत्यापन के लिए साथ लाने होंगे।स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन आवेदन करने का तरीकासबसे पहले आयोग के आधिकारिक ओआरए (ORA) पोर्टल upsconline.nic.in/ora/ पर जाएं।यदि आपने पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) नहीं किया है, तो 'New Registration' पर क्लिक करके अपना मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बुनियादी व्यक्तिगत विवरण दर्ज करके पंजीकरण पूरा करें।रजिस्ट्रेशन के बाद मिले लॉगइन क्रेडेंशियल की मदद से पोर्टल पर दोबारा लॉगइन करें।अब संबंधित वैकेंसी नंबर (प्रिंसिपल या वाइस प्रिंसिपल) के सामने दिख रहे 'Apply Online' लिंक पर क्लिक करें।फॉर्म में अपनी जन्मतिथि, श्रेणी, स्थायी पता, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और शिक्षण अनुभव से जुड़ी सही जानकारी दर्ज करें।इसके बाद मांगे गए आकार में अपना पासपोर्ट साइज फोटो, डिजिटल हस्ताक्षर, आवश्यक पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड), डिग्री और मार्कशीट की स्कैन्ड कॉपी अपलोड करें।निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करें और भरे गए फॉर्म को री-चेक करके फाइनली सबमिट कर दें।भविष्य की चयन प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन के लिए आवेदन पत्र का एक प्रिंटआउट डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच वीकेंड पर अचानक हमले रुकने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। क्रूड ऑयल सस्ता होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर बनी चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं, जिसका सीधा सकारात्मक असर सोने की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, दूसरी ओर औद्योगिक मांग सुस्त पड़ने के कारण चांदी के दामों पर दबाव बना हुआ है।भारतीय सर्राफा बाजार में एक दिन की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई है। बीते दो दिनों की बात करें तो देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरट शुद्धता वाला 10 ग्राम सोना ₹940 और 22 कैरट वाला सोना ₹860 तक महंगा हुआ है। आज मंगलवार को दिल्ली में 24 और 22 कैरट सोने के दाम में ₹10 प्रति 10 ग्राम का मामूली उछाल दर्ज किया गया है।10 बड़े शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा भावदेश के मुख्य महानगरों और शहरों में आज 10 ग्राम सोने की दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:शहर (City)24 कैरट 10 ग्राम भाव22 कैरट 10 ग्राम भाव18 कैरट 10 ग्राम भावदिल्ली (Delhi)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550मुंबई (Mumbai)₹1,45,870₹1,33,710₹1,09,400कोलकाता (Kolkata)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400चेन्नई (Chennai)₹1,45,870₹1,33,710₹1,11,860बेंगलुरु (Bengaluru)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400हैदराबाद (Hyderabad)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400लखनऊ (Lucknow)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550पटना (Patna)₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450जयपुर (Jaipur)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550अहमदाबाद (Ahmedabad)₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450दो दिनों की स्थिरता के बाद ₹100 सस्ती हुई चांदीचांदी की घरेलू कीमतों में दो दिनों तक स्थिरता बने रहने के बाद आज मंगलवार को गिरावट आई है। आज दिल्ली के सर्राफा बाजार में एक किलोग्राम चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,39,900 के स्तर पर कारोबार कर रही है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों में भी चांदी आज इसी रेट पर बेची जा रही है। इससे पहले 24 जुलाई को चांदी के दामों में ₹5,000 की बड़ी गिरावट आई थी।एक्सपर्ट की राय: क्यों आई सोने में तेजी और आगे किस पर रहेगी बाजार की नजर?एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया के तनाव में कमी आने से कच्चे तेल के भाव नीचे आए हैं, जिससे सोने को मजबूती मिली है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और यूएस बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से भी सोने की कीमतों को सहारा मिला है। हालांकि, भारतीय रुपये की मजबूती के कारण घरेलू बाजार में सोने की तेजी बहुत ज्यादा बड़ी नहीं हो सकी।वहीं जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के अनुसार, अब बाजार की नजरें पश्चिम एशिया के आगामी हालात पर टिकी रहेंगी। इसके साथ ही अमेरिका, जापान और यूरोजोन के नए महंगाई आंकड़े, अमेरिका का जीडीपी डेटा, कंज्यूमर कॉन्फिडेंस और साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी सोने-चांदी की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले भी सर्राफा बाजार की दिशा तय करेंगे।
हर दिन की शुरुआत केवल सूरज की किरणों से ही नहीं, बल्कि हमारी जेब को प्रभावित करने वाले पेट्रोल और डीजल के नए दामों से भी होती है। रोज सुबह 6 बजे देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs)—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—ईंधन की ताजा दरें जारी करती हैं। ये दरें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। चाहे दफ्तर जाने वाला कोई आम नागरिक हो या रोजमर्रा का सामान ढोने वाला व्यापारी, पेट्रोल-डीजल के भाव का सीधा असर हर किसी की जिंदगी और बजट पर पड़ता है।28 जुलाई 2026: जानिए अपने शहर में आज क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दामविभिन्न राज्यों में लगने वाले स्थानीय टैक्स और वैट (VAT) की दरों में अंतर होने के कारण हर शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं। देश के प्रमुख शहरों में आज के ताजा रेट इस प्रकार हैं:शहर (City)पेट्रोल (रुपये/लीटर)डीजल (रुपये/लीटर)नई दिल्ली₹102.12₹95.20मुंबई₹111.18₹97.83कोलकाता₹113.47₹99.82चेन्नई₹107.77₹99.55गुरुग्राम₹102.77₹95.44नोएडा₹102.12₹95.56बेंगलुरु₹110.93₹98.80भुवनेश्वर₹109.92₹100.92चंडीगढ़₹98.10₹86.09हैदराबाद₹115.69₹103.82जयपुर₹112.66₹97.78लखनऊ₹102.05₹95.55पटना₹113.35₹99.36तिरुवनंतपुरम₹115.49₹104.40क्यों पिछले दो सालों से लगभग स्थिर बनी हुई हैं कीमतें?मई 2022 के बाद से केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने करों में कटौती की थी, जिसके बाद से पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में काफी हद तक स्थिरता देखी जा रही है। यद्यपि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव आता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं को महंगाई के झटके से बचाने के लिए घरेलू बाजार में कीमतें संतुलित रखी गई हैं। किसी भी शहर में पेट्रोल-डीजल का अंतिम मूल्य मुख्य रूप से पांच कारकों पर निर्भर करता है—कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय दरें, डॉलर-रुपये का एक्सचेंज रेट, केंद्र व राज्य सरकारों का टैक्स, क्रूड ऑयल को रिफाइन करने का खर्च और बाजार में मांग-आपूर्ति का संतुलन।मोबाइल से SMS के जरिए तुरंत जानें अपने शहर का रेटयदि आप हर दिन अपने मोबाइल पर ही अपने शहर का ताजा पेट्रोल-डीजल रेट जानना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया बहुत सरल है। इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक अपने मैसेज बॉक्स में RSP टाइप करके 9224992249 पर भेज सकते हैं। भारत पेट्रोलियम (BPCL) के उपभोक्ता RSP लिखकर 9223112222 पर तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजकर कुछ ही सेकंड में ताजा रेट प्राप्त कर सकते हैं।
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख-सुविधाओं, प्रेम, सौंदर्य, संपन्नता और मजबूत रिश्तों का कारक माना जाता है। मान्यता है कि जिनकी कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में होते हैं, उनके जीवन में आनंद, आकर्षण और वैभव की कभी कमी नहीं होती। आगामी 1 अगस्त 2026 को शुक्र देव अपनी चाल बदलते हुए सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। यद्यपि कन्या राशि को शुक्र की नीच राशि माना जाता है, लेकिन इसके स्वामी बुध के साथ शुक्र की परम मित्रता होने के कारण यह गोचर कला, बौद्धिक क्षमता, मीडिया और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए बेहद सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा।शुक्र गोचर की समय-सारणी और नक्षत्र परिवर्तन का प्रभावपंचांगीय गणना के अनुसार, शुक्र देव 1 अगस्त 2026 को सुबह 09:33 बजे (पंचांग भेद के अनुसार सुबह 06:03 बजे) कन्या राशि में गोचर करेंगे। वे 2 सितंबर 2026 तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे, जिसके बाद अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश कर जाएंगे। इस राशि परिवर्तन से पहले, 29 जुलाई 2026 को शुक्र देव उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। लगभग एक महीने की इस अवधि के दौरान 4 विशेष राशियों के जातकों की सोई हुई किस्मत चमकने के प्रबल योग बन रहे हैं।वृषभ और मिथुन राशि: करियर में तरक्की और मनचाहा ट्रांसफरवृषभ राशि: शुक्र का यह गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ साबित होगा। करियर के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल होंगी। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन के साथ-साथ सैलरी हाइक का लाभ मिल सकता है। जो लोग लंबे समय से नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें मनपसंद अवसर प्राप्त होंगे।मिथुन राशि: इस राशि के जातकों के जीवन में सुख-सुविधाओं की बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। कार्यस्थल पर कोई नई जिम्मेदारी या बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है। जो लोग मनचाही जगह ट्रांसफर चाह रहे थे, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है।सिंह और मकर राशि: अटका धन वापस मिलेगा और बिजनेस में होगा विस्तारसिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए शुक्र का यह परिवर्तन मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा। समाज में आपका कद बढ़ेगा और लंबे समय से फंसा हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा होगा और पारिवारिक रिश्तों में मिठास बनी रहेगी।मकर राशि: मकर राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। नया कारोबार शुरू करने या वर्तमान बिजनेस का विस्तार करने के लिए यह समय सबसे अनुकूल है। व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं आने वाले समय में बड़ा आर्थिक मुनाफा दिलाएंगी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार (28 जुलाई) को भी बादलों की आवाजाही और झमाझम बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मौसम की इस हलचल को देखते हुए विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार, सुबह से लेकर दोपहर के समय कुछ इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि शाम और रात के समय भी अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे पिछले कई दिनों से परेशान कर रही उमस और गर्मी से लोगों को काफी हद तक निजात मिलेगी।बारिश और बादलों के इस प्रभाव से राजधानी के तापमान में भी अच्छी गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमटने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इससे पहले सोमवार दोपहर को हुई बारिश ने भी दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत पहुंचाई थी।सोमवार की बारिश से थमी उमस: जानिए कहां कितनी दर्ज हुई वर्षासोमवार की शुरुआत दिल्ली में बेहद गर्म और चिलचिलाती उमस के साथ हुई थी। बारिश होने से पहले सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक 38.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसी तरह पालम और लोधी रोड में तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस, जबकि रिज और अयानगर में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1.3 डिग्री ऊपर 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। हालांकि, दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई।मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार शाम 5:30 बजे तक रिज वेदर स्टेशन पर सबसे ज्यादा 19.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा लोधी रोड में 11.5 मिमी, सफदरजंग में 8 मिमी, पूसा में 4 मिमी, अयानगर में 3.8 मिमी और जनकपुरी में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। मयूर विहार, नारायणा और नजफगढ़ के इलाकों में भी हल्की वर्षा हुई, हालांकि पालम, जाफरपुर और छतरपुर जैसे इलाकों में सोमवार को बारिश नहीं हुई।जलभराव और ट्रैफिक में देरी की आशंका: 'मध्यम' श्रेणी में बना हुआ है AQIमौसम विभाग ने सचेत किया है कि मंगलवार को होने वाली मध्यम बारिश के चलते दिल्ली के निचले इलाकों में पानी भरने यानी जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। इसके कारण दिन के समय व्यस्त सड़कों पर वाहनों की गति धीमी हो सकती है और लोगों को ट्रैफिक में देरी का सामना करना पड़ सकता है। IMD ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी और रूट की स्थिति जरूर जांच लें तथा जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।वहीं अगर प्रदूषण और हवा की गुणवत्ता की बात करें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 101 दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली की हवा लगातार दूसरे दिन 'मध्यम' श्रेणी में बनी हुई है।पूरे हफ्ते जारी रहेगा बारिश का सिलसिला: जानें आगे कैसा रहेगा मौसममौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिल्ली में बारिश का यह दौर केवल आज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले कुछ दिनों तक लगातार जारी रहने की संभावना है। पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को भी दिल्ली में मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, जबकि सप्ताह के बाकी बचे दिनों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने रहेंगे। इस पूरे सप्ताह दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।
ट्रम्प के एक फैसले से थमी युद्ध की आग: $88 के नीचे उतरा ब्रेंट क्रूड, जानिए क्या अब सस्ता होगा तेल?
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव कम होने के स्पष्ट संकेत मिलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखी जा रही है। वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का भाव फिसलकर $88 प्रति बैरल के नीचे आ गया है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत भी गिरकर लगभग $82 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते से विवाद सुलझाने की नई उम्मीदें जगी हैं। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि बातचीत को एक और मौका देने के उद्देश्य से उन्होंने ईरान के खिलाफ जारी बमबारी और सैन्य हमलों को रोकने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि तेहरान के साथ सकारात्मक दिशा में बातचीत चल रही है। हालांकि, कूटनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दोनों देशों के बीच अभी किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना बाकी है। इस पूरे महीने कच्चे तेल के दामों में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया था, जब वाशिंगटन और तेहरान का विवाद लाल सागर तक फैलने से दरें तेजी से बढ़ी थीं, लेकिन अब सैन्य गतिविधियों पर विराम लगने से कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं।ओमान और ईरान के बीच तेहरान में अहम बैठक, समुद्री रास्तों को खोलने की पहलब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने वाले रणनीतिक जलमार्ग से तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के लिए ईरान और ओमान के शीर्ष अधिकारियों के बीच गहन चर्चा चल रही है। यह समुद्री रास्ता सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के कुल दैनिक तेल परिवहन का लगभग 20% (पांचवां हिस्सा) संभालता है। मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ओमान और ईरान के वरिष्ठ सैन्य व प्रशासनिक अधिकारियों की सप्ताहांत में तेहरान में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई है। अगर ओमान की मध्यस्थता में यह व्यवस्था प्रभावी साबित होती है, तो अमेरिका और ईरान अपने पुराने मतभेदों को दूर करने के लिए औपचारिक वार्ता की मेज पर लौट सकते हैं। इस सकारात्मक माहौल के बीच, ईरानी सेना ने भी आधिकारिक ऐलान किया है कि उसने इस क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैनिकों और उनके सैन्य अड्डों पर अपनी ओर से की जाने वाली सभी जवाबी कार्रवाइयों को फिलहाल पूरी तरह रोक दिया है।कजाकिस्तान टर्मिनल पर फिर शुरू हुई लोडिंग, सप्लाई चेन की दिक्कतें हुईं दूरकच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव में आई इस गिरावट के पीछे सिर्फ मध्य पूर्व की शांति ही नहीं, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति में हुआ सुधार भी एक बड़ा कारण है। हाल ही में यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण कजाकिस्तान के मुख्य एक्सपोर्ट टर्मिनल पर जो रुकावट पैदा हुई थी, वह अब दूर कर ली गई है। कजाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, रूस के नोवोरोस्सिय्स्क पोर्ट के पास स्थित 'कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम' (CPC) फैसिलिटी में दो विशाल तेल टैंकरों की लोडिंग प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। इस सप्लाई के शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की किल्लत की आशंका खत्म हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में तेल की वैश्विक कीमतों में और अधिक स्थिरता और राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जुलाई का महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और दो दिनों में अगस्त महीने की शुरुआत होने जा रही है। अगर आप भी अगले महीने के लिए नया रसोई गैस सिलेंडर बुक करने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए यह बेहद काम की खबर है। 1 अगस्त 2026 से कुकिंग गैस कनेक्शन, बुकिंग टाइमिंग और पीएनजी (PNG) में स्विच करने से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही हर महीने की पहली तारीख को होने वाली समीक्षा के तहत देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs)—इंडियन ऑयल (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी कर सकती हैं। कंपनियां इस दौरान 5 किलो, 10 किलो कॉम्पोजिट, 14.2 किलो वाले घरेलू और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों के दामों में संशोधन कर सकती हैं।कच्चे तेल में नरमी से राहत की उम्मीद: जानिए कब घटे-बढ़े थे दामअंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी नरमी के चलते उपभोक्ताओं को इस बार एलपीजी दरों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हाल ही में ब्रेंट क्रूड का भाव 6% से ज्यादा गिरकर $88 प्रति बैरल के नीचे आ चुका है। एलपीजी कीमतों का पिछला रिकॉर्ड देखें तो 1 जुलाई 2026 को तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की बड़ी कटौती की थी, जिससे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को सीधी राहत मिली थी। वहीं, इससे पहले 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। चूकी ओएमसी हर महीने की 1 तारीख को बाजार की समीक्षा करती हैं, इसलिए अगली रेट लिस्ट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।10 बड़े शहरों में आज क्या हैं घरेलू और कमर्शियल एलपीजी के रेट?अगर आप आज की तारीख में एलपीजी सिलेंडर बुक करवा रहे हैं, तो अपने शहर की आधिकारिक दरें जरूर जान लें। देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के मौजूदा दाम इस प्रकार हैं:शहर (City)घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 kg)कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 kg)दिल्ली (Delhi)₹942.00₹1,766.00मुंबई (Mumbai)₹941.50₹1,717.00कोलकाता (Kolkata)₹968.00₹1,879.00चेन्नई (Chennai)₹957.50₹1,929.00बेंगलुरु (Bengaluru)₹945.50₹1,837.00हैदराबाद (Hyderabad)₹995.50₹1,978.00जयपुर (Jaipur)₹956.50₹1,804.00लखनऊ (Lucknow)₹980.50₹1,910.00चंडीगढ़ (Chandigarh)₹955.50₹1,786.00पटना (Patna)₹1,001.00₹2,018.00
अगर आप एक ऐसा स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं जो लंबी बैटरी लाइफ दे और बार-बार चार्जर ढूंढने की झंझट खत्म कर दे, तो आपके लिए एक नई खबर है। लोकप्रिय टेक ब्रांड पोको भारतीय बाजार में अपना नया पावरफुल स्मार्टफोन 'पोको M8 पावर' (Poco M8 Power) लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इस फोन की भारत में लॉन्चिंग तारीख का एलान कर दिया है। इस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी 8,000mAh की विशाल बैटरी है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि यह एक बार फुल चार्ज होने पर पूरे 3 दिन तक बिना रुके काम कर सकती है। आधिकारिक लॉन्च से पहले ही इसके डिजाइन और कुछ मुख्य फीचर्स की झलक सामने आ गई है।4 अगस्त को दोपहर 12 बजे होगा लॉन्च, फ्लिपकार्ट पर रहेगा उपलब्धपोको M8 पावर को भारत में 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे आधिकारिक रूप से पेश किया जाएगा। भारतीय बाजार में दस्तक देने के बाद यह स्मार्टफोन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी ने इसके लिए फ्लिपकार्ट पर एक समर्पित माइक्रोसाइट भी लाइव कर दी है, जहां फोन का पहला लुक, डिजाइन और कुछ खास फीचर्स दिखाए गए हैं। हालांकि, फोन की आधिकारिक कीमत और बाकी सभी तकनीकी पहलुओं का खुलासा 4 अगस्त को लॉन्च इवेंट के दौरान ही किया जाएगा।8,000mAh बैटरी, एमोलेड डिस्प्ले और नया ऑरेंज लुककंपनी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पोको M8 पावर में 8,000mAh की विशाल बैटरी दी जाएगी। इस बड़ी बैटरी के कारण यूजर्स को लगातार कॉलिंग, स्ट्रीमिंग या गेमिंग के दौरान चार्जिंग की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इसके साथ ही बेहतर विजुअल एक्सपीरियंस के लिए फोन में एमोलेड (AMOLED) डिस्प्ले पैनल दिया गया है। सामने आए टीजर में यह स्मार्टफोन वाइब्रेंट ऑरेंज कलर में नजर आ रहा है। इसके पिछले हिस्से (रियर पैनल) पर चौकोर आकार का कैमरा मॉड्यूल है, जिसमें दो कैमरा लेंस, एक एलईडी फ्लैश और पोको की ब्रांडिंग साफ देखी जा सकती है।रेडमी नोट 17 का रीब्रांडेड वर्जन संभव, जानें संभावित फीचर्स और कीमतटेक जगत की रिपोर्टों और लीक्स की मानें तो पोको M8 पावर हाल ही में चर्चा में रहे रेडमी नोट 17 (Redmi Note 17) का रीब्रांडेड वर्जन हो सकता है। अगर ये रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो इस स्मार्टफोन में 7 इंच का फुल एचडी प्लस एमोलेड डिस्प्ले, 120Hz रिफ्रेश रेट, स्नैपड्रैगन 4 जेन 4 प्रोसेसर, 8GB तक की रैम और 256GB तक की इंटरनल स्टोरेज देखने को मिल सकती है। हालांकि, इन स्पेसिफिकेशंस पर कंपनी की तरफ से आधिकारिक मुहर लगना बाकी है। कीमत के मोर्चे पर बात करें तो कंपनी के मौजूदा मॉडल पोको M8 की शुरुआती कीमत 18,999 रुपये है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि यह नया 'पावर' वेरिएंट भी इसी बजट रेंज के आसपास उतारा जा सकता है।
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन के साथ टीडब्ल्यूएस ईयरबड्स, स्मार्टवॉच या ब्लूटूथ स्पीकर का इस्तेमाल आम बात हो गई है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग इन डिवाइसेज का इस्तेमाल खत्म होने के बाद भी अपने फोन का ब्लूटूथ ऑन ही छोड़ देते हैं। आपकी यही छोटी सी लापरवाही साइबर अपराधियों के लिए आपके फोन में सेंध लगाने का आसान रास्ता बन सकती है। खासकर रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, शॉपिंग मॉल, कैफे और बस स्टैंड जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर अगर आपका ब्लूटूथ ऑन रहता है, तो आप आसानी से हैकर्स के रडार पर आ सकते हैं।क्या है 'ब्लू बगिंग' और यह आपके फोन को कैसे बनाती है निशाना?साइबर सुरक्षा की भाषा में इस खतरे को 'ब्लू बगिंग' (Bluebugging) कहा जाता है। यह एक ऐसी एडवांस हैकिंग तकनीक है, जिसमें हैकर्स आपके फोन के चालू ब्लूटूथ कनेक्शन की कमियों का फायदा उठाते हैं। अगर आपके फोन का ब्लूटूथ ऑन है और वह आसपास के अन्य डिवाइसेज के लिए 'विजिबल' (दृश्यमान) है, तो हैकर बिना आपकी अनुमति के चुपके से आपके डिवाइस से कनेक्ट हो जाते हैं। एक बार कनेक्शन सफल होने के बाद, वे आपके फोन के कॉल लॉग्स, पर्सनल मैसेज, फोटोज, कॉन्टैक्ट्स और यहां तक कि बैंकिंग ऐप्स तक अपनी पहुंच बना सकते हैं।इन 2 आसान सेटिंग्स से तुरंत सुरक्षित करें अपना डिवाइसब्लू बगिंग जैसे खतरनाक साइबर अटैक से बचना बेहद आसान है, बस आपको अपनी डिजिटल आदतों में थोड़ा बदलाव करना होगा। सबसे पहला नियम यह है कि जैसे ही आपका ईयरबड्स या स्मार्टवॉच से काम खत्म हो जाए, फोन के नोटिफिकेशन पैनल में जाकर ब्लूटूथ को तुरंत ऑफ (OFF) कर दें। यदि किसी वजह से ब्लूटूथ ऑन रखना बेहद जरूरी हो, तो फोन की सेटिंग्स में जाकर 'Bluetooth Visibility' या 'Discoverability' को ऑफ कर दें। इससे आपका ब्लूटूथ चालू रहने पर भी आसपास मौजूद अनजान डिवाइसेज को दिखाई नहीं देगा और हैकर्स आपके फोन से कनेक्ट नहीं हो पाएंगे।क्यों जरूरी है आज ही इस आदत को बदलना?वर्तमान समय में स्मार्टफोन सिर्फ बातचीत का साधन नहीं रह गया है, बल्कि इसमें हमारी पूरी पर्सनल जिंदगी, नेट बैंकिंग, यूपीआई पासवर्ड और प्राइवेट चैट का डेटा स्टोर रहता है। ऐसे में ब्लूटूथ जैसी छोटी सी लापरवाही आपके वित्तीय और निजी जीवन को खतरे में डाल सकती है। सार्वजनिक स्थानों पर यात्रा करते समय extra सावधान रहें और ब्लूटूथ ऑफ रखने की आदत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
LIVE: संसद में आज परीक्षा में सुधारों पर चर्चा, लोकसभा में 6 घंटे समय निर्धारित
Latest News Today Live Updates in Hindi : लोकसभा में आज परीक्षा में सुधारों से जुड़े विधेयक पर चर्चा होगी। इसके लिए 6 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। पल पल की जानकारी...
स्मार्टफोन में गूगल मैप्स का इस्तेमाल आमतौर पर केवल रास्ता खोजने और नेविगेशन के लिए किया जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह ऐप स्मार्ट नेविगेशन के साथ-साथ आपके पैसे, पेट्रोल और समय की भी भारी बचत करा सकता है। अक्सर सड़कों पर स्पीड लिमिट का अंदाजा न होने से महंगे चालान कट जाते हैं या गलत रास्ते के चलते भारी ट्रैफिक में फंसकर गाड़ी पेट्रोल फूंक देती है। अगर आप गूगल मैप्स की चार खास इन-बिल्ट सेटिंग्स को ऑन कर लेते हैं, तो न केवल चालान से बचेंगे बल्कि पेट्रोल और टोल का फालतू खर्च भी रुक जाएगा।Speedometer और Speed Limits: ओवर-स्पीडिंग चालान से मिलेगी राहतहाईवे या अनजान शहरों में ड्राइविंग करते समय अक्सर स्पीड लिमिट का ध्यान नहीं रहता, जिससे ट्रैफिक कैमरे तुरंत ई-चालान काट देते हैं। इस नुकसान से बचने के लिए गूगल मैप्स ऐप खोलकर प्रोफाइल आइकन पर टैप करें और Navigation Settings में जाएं। यहां स्क्रॉल करके Speedometer और Speed Limits के टॉगल बटन को इनेबल कर दें। इसे ऑन करने का फायदा यह है कि जब भी आपकी गाड़ी सड़क की तय सीमा से तेज चलेगी, ऐप तुरंत स्क्रीन पर विजुअल अलर्ट देकर आपको सावधान कर देगा।Eco-Friendly Routes: 10-15% तक कम होगी पेट्रोल-डीजल की खपतगूगल मैप्स का एआई (AI) आधारित एल्गोरिदम अब आपको सबसे कम फ्यूल खर्च करने वाला रास्ता चुनने का विकल्प भी देता है। यह फीचर सड़क की ढलान, लगातार मिलने वाले ट्रैफिक जाम और बार-बार गाड़ी रोकने-चलाने की स्थिति का विश्लेषण करके सबसे किफायती मार्ग तय करता है। इसे चालू करने के लिए Navigation Settings में जाकर 'Prefer fuel-efficient routes' विकल्प को एक्टिवेट कर दें। इससे ऐप आपको ऐसा रूट दिखाएगा जहां गाड़ी एकसमान रफ्तार से चल सके, जिससे अचानक ब्रेक और एक्सीलेटर का इस्तेमाल कम होगा और फ्यूल की सीधे बचत होगी।Avoid Tolls और Toll Prices: बिना वजह टोल प्लाजा पर न लुटाएं पैसेलंबे सफर या अंतरराज्यीय यात्राओं के दौरान अनजाने में महंगे टोल प्लाजा वाले रास्तों पर गाड़ी चली जाती है। गूगल मैप्स आपको सफर शुरू करने से पहले ही रास्ते में आने वाले टोल टैक्स का अनुमानित खर्चा बता देता है। इसके लिए Navigation Settings के अंदर 'Route Options' में जाकर 'Avoid Tolls' को चुनें या 'See toll pass prices' को चालू रखें। इससे आप अपनी सुविधानुसार पूरी तरह से टोल-फ्री रूट या सबसे सस्ता रास्ता चुनकर अपनी जेब का बोझ काफी हद तक हल्का कर सकते हैं।Offline Maps: बिना इंटरनेट और नेटवर्क के भी नहीं भटकेंगे रास्तापहाड़ी इलाकों या कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में अचानक नेविगेशन बंद हो जाने से रास्ता भटकने और पेट्रोल बर्बाद होने का खतरा बना रहता है। इससे निपटने के लिए ऑफलाइन मैप्स का फीचर सबसे कारगर है। यात्रा पर निकलने से पहले जिस शहर या क्षेत्र में आप जा रहे हैं, उसे गूगल मैप्स में सर्च करें और अपने प्रोफाइल आइकन में जाकर 'Offline Maps' ऑप्शन से उस इलाके का मैप डाउनलोड कर लें। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिना किसी मोबाइल डेटा या इंटरनेट कनेक्शन के भी आपका नेविगेशन बिना रुके सुचारू रूप से काम करता रहेगा।
वर्तमान समय में जब देश भर में पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को लेकर कठोर नीतियां और कड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा रहे हैं, तब उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य के युवाओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इस 'नकल संस्कृति' की शुरुआत कहां से हुई? कैसे एक समय में नकल को संस्थागत संरक्षण मिला और किस तरह यह प्रदेश के लाखों मेधावी छात्रों के सपनों पर आघात पहुंचाता रहा। उत्तर प्रदेश का जिक्र इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां का बहुसंख्यक युवा वर्ग अपनी आजीविका और उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकारी नौकरियों व प्रतियोगी परीक्षाओं पर आश्रित है। जब किसी युवा की वर्षों की मेहनत पर पेपर लीक का साया पड़ता है, तो हताशा स्वाभाविक है।राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक और राज्यसभा सांसद बृज लाल के दृष्टिकोण और ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, बीते तीन दशकों में उत्तर प्रदेश की परीक्षा प्रणाली ने दो बिल्कुल विपरीत राजनीतिक और प्रशासनिक दौर देखे हैं। एक दौर समाजवादी पार्टी के शासनकाल का रहा, जहां ढिलाई और नीतियों के कारण नकल माफिया एक समानांतर सत्ता बन बैठा। वहीं दूसरा दौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल का है, जहां कानून की कड़ाकेदार छड़ी से माफिया तंत्र पर सीधा प्रहार किया गया।1992 का 'नकल अध्यादेश' और स्व-केंद्र नीति का घातक दौरउत्तर प्रदेश में नकल माफिया की नींव और इसके फलने-फूलने के इतिहास को समझने के लिए हमें साल 1992 में जाना होगा। तत्कालीन सरकार द्वारा राज्य में परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त 'नकल अध्यादेश' लागू किया गया था। हालांकि, इसके बाद सत्ता में आई मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान इस कानून को व्यावहारिक स्तर पर पूरी तरह से निष्प्रभावी और लचर बना दिया गया।इसी दौर में 'स्व-केंद्र' (सेल्फ-सेंटर) की नीति को भी बढ़ावा दिया गया, जिसके तहत छात्र-छात्राओं को अपने ही स्कूल या कॉलेज में परीक्षा देने की सुविधा मिली। देखने में यह निर्णय भले ही एक सामान्य प्रशासनिक सुविधा प्रतीत होता था, लेकिन इसने राज्य में एक संगठित 'नकल माफिया' को जन्म दे दिया। इसी ढील का नतीजा था कि वर्ष 2004 में यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम अस्वाभाविक रूप से बेतहाशा बढ़ गया। मेधावी छात्र पीछे छूटते चले गए और व्यवस्थागत ढील के बल पर जालसाजों की जेबें भरती रहीं, जिसने राज्य की शैक्षणिक साख को गहरा धक्का पहुंचाया।2012 से 2017: भर्ती बोर्डों पर धांधली के आरोप और पेपर लीक का दौरसाल 2012 से 2017 के बीच जब अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तब युवाओं को परीक्षा प्रणाली में सुधार की उम्मीद थी। हालांकि, यह दौर राज्य के लगभग हर बड़े भर्ती बोर्ड के लिए विवादों से भरा साबित हुआ। मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र सरकारी ट्रेजरी से लीक होने के कारण पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। वहीं, राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा (UPPSC) का पर्चा सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो गया, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को सड़क पर उतरना पड़ा।इसके अतिरिक्त, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) भर्ती में स्टिंग ऑपरेशन के जरिए रिश्वतखोरी के बड़े खुलासे हुए, जिसमें सत्ताधारी दल के करीबी लोगों की भूमिका पर सवाल उठे। इस दौर में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान द्वारा अपने विभागों की भर्तियां खुद कराने और उसमें एक विशेष वर्ग को प्राथमिकता देने के गंभीर आरोप लगे। लोक सेवा आयोग में एक विशिष्ट जाति और वर्ग के असंतुलित चयन को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका तक दायर की गई। पुलिस और पीएसी सिपाही भर्ती में फर्जीवाड़े और राजनीतिक सिफारिशों के प्रमाण मिलने के बाद मामला वर्षों तक अदालती कार्यवाहियों में अटका रहा।योगी सरकार का नीतिगत बदलाव: ₹1 करोड़ जुर्माना और आजीवन कारावाससाल 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्याप्त इस अराजकता को खत्म करने के लिए कठोर कानूनी और प्रशासनिक रास्ते चुने। सरकार ने 'उत्तर प्रदेश लोक सेवा (प्रतियोगी परीक्षा) अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम' यानी सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया।इस कानून के तहत पेपर लीक कराने या अनुचित साधनों का प्रयोग कराने वालों के लिए आजीवन कारावास और 1 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया। साथ ही, दोषी पाई जाने वाली परीक्षा एजेंसियों की संपत्तियों की कुर्की और परीक्षा के पूरे खर्च की भरपाई उनसे ही वसूलने का कड़ा नियम बनाया गया। प्रशासनिक स्तर पर सीसीटीवी सर्विलांस, बेहद संवेदनशील परीक्षा केंद्रों का चयन और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बहु-स्तरीय व्यवस्था लागू की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम हाल की परीक्षाओं में देखने को मिले हैं।
नई कार के मुकाबले पुरानी यानी सेकंड हैंड कार खरीदना जेब के लिहाज से काफी किफायती सौदा साबित होता है। लेकिन इस बाजार में एक ऐसा बड़ा रिस्क भी छिपा है, जिसमें अक्सर खरीदार फंस जाते हैं। हम बात कर रहे हैं ओडोमीटर फ्रॉड की। कई बार कार बेचने वाले या डीलर्स गाड़ी की कम चली हुई दूरी दिखाने के लिए उसके डिजिटल या एनालॉग ओडोमीटर से छेड़छाड़ कर देते हैं। इससे 1 लाख किलोमीटर चली कार भी मीटर में महज 30 या 40 हजार किलोमीटर दिखने लगती है और खरीदार इसे कम इस्तेमाल की हुई मानकर ज्यादा कीमत चुका बैठता है। अगर आप भी पुरानी कार लेने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ खास बातों का ध्यान रखकर इस तरह के फ्रॉड से आसानी से बच सकते हैं।केवल मीटर रीडिंग पर न जाएं, कार के अंदरूनी घिसाव को परखेंअगर कार का ओडोमीटर बहुत कम रनिंग दिखा रहा है, तो सिर्फ उस आंकड़े को देखकर फैसला न लें। गाड़ी के केबिन में झांककर उसकी वास्तविक स्थिति को ध्यान से देखें। अगर कार की सीटें ढीली या घिसी हुई हैं, स्टीयरिंग व्हील की ग्रिप चिकनी होकर चमकने लगी है या गियर नॉब और पैडल काफी पुराने नजर आ रहे हैं, तो साफ है कि कार ओडोमीटर में दिख रही दूरी से कहीं ज्यादा चलाई गई है।ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर का पूरा रिकॉर्ड जरूर मांगेंसौदा पक्का करने से पहले कार मालिक या डीलर से कार की सर्विस हिस्ट्री मांगें। रजिस्टर्ड सर्विस सेंटर में जब भी गाड़ी मेंटेनेंस के लिए जाती है, तो वहां की रसीद और सिस्टम में कार की किलोमीटर रीडिंग दर्ज होती है। अगर सर्विस बुक में दर्ज आंकड़ों और ओडोमीटर की मौजूदा रीडिंग में कोई असमानता या अंतर नजर आए, तो समझ जाएं कि मीटर के साथ छेड़छाड़ की गई है।टायर, ब्रेक डिस्क और क्लच की स्थिति भी खोलती है पोलकार के टायर और ब्रेक डिस्क जैसे हिस्से भी गाड़ी के वास्तविक इस्तेमाल की कहानी बयां करते हैं। अगर ओडोमीटर में गाड़ी 20-25 हजार किलोमीटर चली दिख रही है, लेकिन उसके टायर पूरी तरह घिस चुके हैं या बिल्कुल नए बदले गए हैं, तो यह संदेह पैदा करता है। हालांकि यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि टायर कभी भी बदले जा सकते हैं, इसलिए केवल इसी एक आधार पर अंतिम फैसला न लें।वर्कशॉप में कराएं ईसीयू (ECU) का डिजिटल स्कैनआजकल की ज्यादातर आधुनिक कारों में इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) होता है। कई मामलों में ओडोमीटर की स्क्रीन पर दिख रहे आंकड़ों को तो कम कर दिया जाता है, लेकिन कार के मुख्य कंप्यूटर यानी ECU में वास्तविक माइलेज दर्ज रहता है। किसी भरोसेमंद वर्कशॉप या ऑटो एक्सपर्ट के पास जाकर स्कैनर के जरिए ECU चेक करवाएं, जिससे कार की असली रनिंग का पता चल सकता है।लंबी टेस्ट ड्राइव और दस्तावेजों का मिलान बेहद जरूरीकार खरीदने से पहले उसकी अच्छी तरह टेस्ट ड्राइव लें। अगर इंजन से किसी तरह की असामान्य आवाज आ रही है, गियर बदलने में अड़चन आ रही है या सस्पेंशन से आवाजें आ रही हैं, तो कार शायद मीटर में दिख रही रीडिंग से कहीं ज्यादा चल चुकी है। इसके साथ ही इंश्योरेंस पेपर, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) और पुराने बिलों पर दर्ज तारीख और किलोमीटर का आपस में मिलान करें। थोड़ी सी सतर्कता और किसी मैकेनिक की सलाह आपको एक बड़े वित्तीय नुकसान से बचा सकती है।
देशभर के कई राज्यों में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है। सबसे चिंताजनक और भयावह स्थिति असम में देखने को मिल रही है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 68 पहुंच चुका है। वर्तमान में राज्य के 5.24 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं। सबसे गंभीर हालात शिवसागर, चराईदेव और नाजिरा क्षेत्रों में हैं। यहां हजारों मकान टूट चुके हैं और कई गांवों में लोगों के घरों के अंदर 5-5 फुट तक कीचड़ भर गया है, जिससे उनका अपने ही घरों में रहना दूभर हो गया है।हालांकि कुछ इलाकों में पानी का स्तर धीरे-धीरे नीचे गिर रहा है, लेकिन परेशानियां कम नहीं हुई हैं। खेत, सड़कें और पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। लोगों का घरेलू सामान, कपड़े और खाने का राशन पानी में बहकर बर्बाद हो गया है। कई गांव ऐसे हैं जिनका मुख्य सड़कों से संपर्क पूरी तरह कट चुका है और वहां केवल नावें ही आवाजाही का एकमात्र साधन बची हैं। बेघर हुए हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं, जहां स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं भोजन, साफ पानी और जरूरी सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।उत्तराखंड के 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: टिहरी में नदियां उफान पर, स्कूल बंदपहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के बाकी जिलों में यलो अलर्ट जारी है। बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और आपदा प्रबंधन तंत्र को चौकस रखने के निर्देश दिए हैं।उत्तराखंड के टिहरी जिले में बारिश के कारण भिलंगना, बालगंगा, नैलचामी और भागीरथी नदियां उफान पर हैं, जिससे तटीय इलाकों में भय का माहौल है। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने के कारण घनसाली उपजिलाधिकारी ने सुरक्षा के तौर पर कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। जिला प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहा है।हिमाचल में 108 सड़कें ठप, 31 जुलाई तक फ्लैश फ्लड का बड़ा खतराहिमाचल प्रदेश में भी मानसून का भयानक रूप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने 28 से 31 जुलाई तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की कड़ी चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश और जगह-जगह भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने के कारण राज्य में 108 सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा 38 पेयजल परियोजनाएं और 9 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए हैं। सड़कों के बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी और कुल्लू जिले हुए हैं।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 1 अगस्त तक मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। इस दौरान अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम और कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उफनते नदी-नालों तथा भूस्खलन के संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है। असम, उत्तराखंड और हिमाचल तीनों ही राज्यों में मौसम के इस कड़े मिजाज को देखते हुए लोगों से बेवजह यात्रा न करने और केवल आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।
इंतजार खत्म हुआ, अब देश में जल्द ही 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट जारी किए जाएंगे
आम जनता को जल्द ही 10 और 20 रुपये के नए पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट देखने को मिल सकते हैं। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत इन नोटों का पहले फील्ड ट्रायल किया जाएगा और सफल होने पर इन्हें नियमित रूप से जारी किया जाएगा।केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को संसद को सूचित किया कि यदि फील्ड ट्रायल सफल रहा, तो भारतीय रिजर्व बैंक 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलीमर नोट नियमित प्रचलन में लाएगा। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में पंकज चौधरी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत, भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश पर सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है।100 करोड़ रुपये के नोट परीक्षण के लिए जारी किए जाएंगेइस प्रस्ताव में फील्ड ट्रायल के लिए 10 और 20 रुपये के 100 करोड़ पॉलीमर नोट जारी करने की अनुमति मांगी गई थी। यह भी प्रस्ताव था कि यदि फील्ड ट्रायल सफल होता है, तो इन दोनों मूल्यवर्ग के पॉलीमर नोटों को नियमित प्रचलन में लाया जाए। मंत्री जी ने कहा कि सरकार ने आरबीआई के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।प्रस्ताव के अनुसार, आरबीआई फील्ड ट्रायल के दौरान 10 रुपये और 20 रुपये के 100 करोड़ रुपये और 100 करोड़ रुपये के पॉलीमर नोट जारी करेगा। इस ट्रायल में यह देखा जाएगा कि ये नोट कितने टिकाऊ हैं, प्रचलन में इनका प्रदर्शन कैसा है, इनका उपयोग कितना आसान है और भारत की विभिन्न जलवायु और परिस्थितियों में लोग इन्हें कितना स्वीकार करते हैं। ट्रायल सफल होने पर ही इन्हें पूरे देश में नियमित रूप से जारी करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल कागजी नोट और पॉलीमर नोट दोनों साथ-साथ चलेंगे। पारंपरिक कागजी नोटों को पूरी तरह बंद करने की कोई योजना या प्रस्ताव नहीं है।पॉलिमर नोट्स के प्रमुख लाभआरबीआई ने कहा है कि दुनिया भर के कई देशों के अनुभव के आधार पर, पॉलिमर नोटों के कई प्रमुख फायदे हैं। ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चलते हैं। विशेष रूप से ₹10 और ₹20 जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोटों के लिए, जिनका सबसे अधिक उपयोग होता है, पॉलिमर नोट अधिक उपयुक्त माने जाते हैं।पॉलिमर नोटों की लंबी आयु से नए नोट छापने और पुराने नोटों को नष्ट करने की आवश्यकता कम हो जाएगी, जिससे सरकारी खर्च और बर्बादी में भी कमी आएगी। इसके अलावा, पारदर्शी खिड़कियां, विशेष सुरक्षा धागे और जाली नोटों को रोकने के लिए आधुनिक सुरक्षा तकनीक जैसी कई उन्नत सुरक्षा विशेषताएं पॉलिमर नोटों में जोड़ी जा सकती हैं, जिससे नोटों की सुरक्षा और भी मजबूत होगी।
पंजाब के 4 जिलों में आज बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर के दूरस्थ क्षेत्रों में गरज और बिजली के साथ भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पठानकोट, तरनतारन, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) के दूरस्थ क्षेत्रों में गरज और बिजली के साथ भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही, सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।अगले 3 दिनों का मौसम29 जुलाईको पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर और रूपनगर के दूरस्थ क्षेत्रों में गरज और बिजली के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की ऑरेंज चेतावनी जारी की गई है। वहीं, तरतारन, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) के दूरस्थ क्षेत्रों में गरज और बिजली के साथ भारी बारिश की येलो चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर के दूरस्थ क्षेत्रों में 30 जुलाईको गरज और बिजली के साथ भारी बारिश की पीली चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, किसी अन्य जिले में कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर और रूपनगर के दूरस्थ क्षेत्रों में31 जुलाई को गरज और बिजली के साथ भारी बारिश की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही, सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।कल का अधिकतम तापमानकल पंजाब का औसत अधिकतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। हालांकि, यह सामान्य के करीब ही रहा। कल फरीदकोट में सबसे अधिक तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।स्टेशनअधिकतम तापमान (C)चंडीगढ़34.8चंडीगढ़ (हवाई अड्डा/आईएएफ)33अमृतसर35.3लुधियाना35.4पटियाला35.3पठानकोट35.7बठिंडा38.5फरीदकोट35.5बल्लोवाल सौंखारी35.1बठिंडा (हवाई अड्डा)39.6बरनाला36.1फरीदकोट42.1अबोहर (फाजिल्का)38.1फिरोजपुर36.1गुरदासपुर34.1होशियारपुर34.1जालंधर34.4कपूरथला (विज्ञान शहर)35.5मोहाली35.1मुक्तसर35.1थेइन बांध (पठानकोट)32.5रोपड़ केवीके33.1श्री आनंदपुर साहिब (रूपनगर)39Sangrur34.8टार्न तारन35.2
बरसात के मौसम में घर से नमी को दूर करना आवश्यक होता है, और आपका एसी इस काम को आसान बना देगा
मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन साथ ही आर्द्रता का स्तर भी बढ़ा देता है। मानसून के दौरान, भले ही तापमान ज़्यादा न हो, घर में उमस और चिपचिपाहट महसूस हो सकती है। उच्च आर्द्रता के कारण एक अजीब सी गंध आती है। एसी इस समस्या से निपटने में मददगार साबित हो सकता है। कमरे को ठंडा करने के अलावा, एसी हवा से कुछ नमी भी सोख लेता है। एसी का उपयोग करने का तरीका ही यह तय करता है कि यह आर्द्रता को कितनी प्रभावी ढंग से नियंत्रित करता है।सही मोड, तापमान और पंखे की सेटिंग का इस्तेमाल करने से बहुत फर्क पड़ सकता है। मानसून के मौसम में नमी को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने के लिए अपने एसी का उपयोग करने के कुछ सुझाव यहां दिए गए हैं, जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए।शुष्क मोडकई एसी में ड्राई मोड होता है, जो हवा में नमी को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस मोड के चालू होने पर, एसी सामान्य कूलिंग मोड से अलग तरीके से काम करता है, कमरे को ज़्यादा ठंडा किए बिना अतिरिक्त नमी को हटा देता है।तापमान को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें।एसी को बहुत कम तापमान पर न रखें, जैसे कि 16 या 18 डिग्री सेल्सियस। इसके बजाय, तापमान को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें। इससे एसी कमरे को ठंडा करने के साथ-साथ हवा से नमी भी दूर कर पाएगा।एसी फिल्टर को नियमित रूप से साफ करें।मानसून के मौसम में, आपके एसी फिल्टर पर धूल और नमी जमा हो सकती है। गंदे फिल्टर हवा के प्रवाह को रोक सकते हैं और एसी की नमी हटाने की क्षमता को कम कर सकते हैं। इनसे दुर्गंध भी आ सकती है। फिल्टर की नियमित रूप से जांच और सफाई करनी चाहिए।
नेपाल: बालेन शाह के खिलाफ जेन-जी में क्यों है उबाल
नेपाली राजधानी काठमांडू की सड़कों पर फिर से कुछ वैसा ही उबाल दिखा, जो बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के पहले दिखा था। 'जेन-जी' वोटरों के सहारे हाल ही में बनी सरकार को पहली बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
Top News : पेपर लीक संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा, ट्रंप की ईरान को चेतावनी
Top News 28 July : संसद में आज पेपर लीक संशोधन बिल पर चर्चा होगी। दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर सभी FIR वापस लेने से इनकार किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी। गडकरी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि ...
त्रिनिदाद में खेले जा रहे रोमांचक टेस्ट मुकाबले में पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। मैच की पहली पारी में बढ़त हासिल करने के बावजूद मेजबान वेस्टइंडीज की टीम अब मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। पहली पारी के आधार पर कैरेबियाई टीम को बढ़त जरूर मिली थी, लेकिन पाकिस्तानी गेंदबाजों ने अपनी घातक गेंदबाजी के दम पर मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया है। खेल के तीसरे दिन का स्टंप्स होने तक पाकिस्तानी गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी है, जिससे अब मेजबान टीम पर हार का बड़ा खतरा मंडराने लगा है और पाकिस्तान इस मुकाबले को अपने नाम करने की मजबूत स्थिति में पहुंच गया है।पहली पारी में मिली बढ़त के बाद भी लड़खड़ाई वेस्टइंडीज की पारीइससे पहले मैच की पहली पारी में वेस्टइंडीज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 311 रन बनाए थे, जिसके जवाब में पाकिस्तानी टीम अपनी पहली पारी में 282 रनों पर सिमट गई थी। कप्तान शान मसूद के बेहतरीन शतक और इमाम-उल-हक के शानदार अर्धशतक के बावजूद पाकिस्तानी बल्लेबाज पहली पारी में स्कोर की बराबरी नहीं कर पाए और वेस्टइंडीज को 29 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई थी। हालांकि, खेल की दूसरी पारी में पाकिस्तानी गेंदबाजों ने अपनी अनुशासित गेंदबाजी से मेजबान टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया और देखते ही देखते कैरेबियाई टीम के आधे से ज्यादा बल्लेबाज पवेलियन लौट गए।गेंदबाजों का जलवा: मोहम्मद अब्बास और खुर्रम शहजाद ने ढाया कहरतीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी में महज 126 रन के स्कोर पर अपने 7 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए हैं। इस प्रकार वेस्टइंडीज की कुल बढ़त अब 155 रनों की हो चुकी है, जो जीत के लिहाज से काफी कम मानी जा रही है। पाकिस्तान के लिए दूसरी पारी में तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास और खुर्रम शहजाद ने कातिलाना गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। अब्बास ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3 बड़े विकेट झटके, जबकि शहजाद ने 2 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। इसके अलावा मोहम्मद अली और आमिर जमाल को भी एक-एक सफलता मिली। वेस्टइंडीज की ओर से तेजनारायण चंद्रपॉल ने सबसे ज्यादा 35 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कैरेबियाई टीम का कोई भी अन्य बल्लेबाज मैदान पर टिक नहीं सका। अब चौथे दिन पाकिस्तान की नजरें बचे हुए तीन विकेट जल्दी समेटकर इस मुकाबले को अपने नाम करने पर टिकी होंगी।
बिहार-असम में प्रदर्शनकारियों की रिहाई का रास्ता साफ, सीजेपी-सरकार की आधी रात बैठक के बाद बड़ा दावा
नीट पेपर लीक आंदोलन के बाद बिहार और असम में प्रदर्शनकारियों की रिहाई और एफआईआर वापसी की प्रक्रिया शुरू। सीजेपी और सरकार की आधी रात बैठक में कई अहम दावे, जबकि पश्चिम बंगाल में अब भी आदेश का इंतजार।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी की बीजिंग में चीनी उप-मंत्री से अहम मुलाकात, सीमा पर शांति पर जोर
भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक बार फिर से पटरी पर लाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर तेज प्रयास शुरू हो चुके हैं। इसी कड़ी में देश के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को बीजिंग का दौरा किया, जहां उन्होंने चीन की विदेश मामलों की उप-मंत्री हुआ चुनयिंग के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस अहम बैठक के दौरान दोनों देशों ने आपसी सहमति जताते हुए सीमावर्ती इलाकों में हर हाल में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व को पूरी तरह स्वीकार किया है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास से मिली जानकारी के मुताबिक, इस दौरान दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के तमाम पहलुओं पर बेहद व्यापक और सकारात्मक चर्चा हुई है।बीजिंग में शीर्ष चीनी नेतृत्व के साथ कई दौर की बैठकेंविदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान सिर्फ उप-मंत्री हुआ चुनयिंग ही नहीं, बल्कि चीन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। दिन की शुरुआत में उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की केंद्रीय समिति के अंतर्राष्ट्रीय विभाग की उप-मंत्री सन हैयान से भी लंबी चर्चा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के शीर्ष नेताओं द्वारा द्विपक्षीय संबंधों को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों को जमीन पर बेहतर ढंग से लागू करना था। इसके अलावा, विदेश सचिव ने चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस के उप-महासचिव होंग लियांग से भी मुलाकात की, जिसमें राजनीतिक स्तर पर संवाद बढ़ाने और आपसी प्राथमिकताओं वाले अनसुलझे मुद्दों को तेजी से सुलझाने पर जोर दिया गया।व्यापार, संस्कृति और आपसी जुड़ाव बढ़ाने पर हुआ मंथनकूटनीतिक वार्ताओं के इस दौर में दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी जुड़ाव को और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ समय से ठंडे पड़े रिश्तों के बीच भारत और चीन के उच्च अधिकारियों की यह मुलाकातें दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल करने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम साबित हो सकती हैं। अकादमिक और थिंक-टैंक स्तर पर भी आदान-प्रदान को बढ़ाने पर सहमति बनी है, जिससे आने वाले दिनों में सीमाई तनाव को कम करने में मदद मिलने की पूरी उम्मीद है।
अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव अब एक बेहद खतरनाक और व्यक्तिगत स्तर पर पहुंच गया है। ईरान की तरफ से जारी किए गए एक सनसनीखेज और डरावने प्रोपेगैंडा वीडियो ने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। इस नए वीडियो में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उनके 20 साल के बेटे बैरो ट्रंप को निशाना बनाते हुए उन्हें जहर देकर मारने की खौफनाक साजिश का खुलासा किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस धमकियों भरे वीडियो के सामने आने के बाद व्हाइट हाउस और अमेरिकी सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद ट्रंप परिवार की सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया गया है।'हाउ टू किल मेलानिया ट्रंप' वीडियो में चौंकाने वाले खुलासेसामने आए इस दुर्भावनापूर्ण वीडियो का शीर्षक 'हाउ टू किल मेलानिया ट्रंप' (मेलानिया ट्रंप की हत्या कैसे करें) रखा गया है, जिसमें कट्टरपंथी तत्वों को फर्स्ट लेडी की जान लेने के लिए सीधे तौर पर उकसाया जा रहा है। इस वीडियो में मेलानिया ट्रंप के आधिकारिक काफिले और न्यूयॉर्क शहर की उन तमाम गोपनीय व सार्वजनिक जगहों की तस्वीरें और रूट मैप दिखाए गए हैं, जहां वे अक्सर आना-जाना करती हैं। इतना ही नहीं, वीडियो में उनके पसंदीदा लग्जरी डिजाइनर स्टोर्स और खरीदारी के ठिकानों के नाम भी उजागर किए गए हैं। वीडियो के जरिए यह खतरनाक सुझाव दिया गया है कि फर्स्ट लेडी जिन कपड़ों या सामान की खरीदारी करती हैं, उन्हें किसी घातक और जहरीले केमिकल से संक्रमित किया जा सकता है। वीडियो के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप के सबसे छोटे बेटे बैरो ट्रंप को भी खुली धमकी देते हुए कहा गया है कि यह तो महज शुरुआत है, इसलिए बैरो ट्रंप हमारा इंतजार करो।ईरान में पहले भी लग चुके हैं मौत के धमकी भरे पोस्टरयह पहली बार नहीं है जब ईरान की ओर से ट्रंप परिवार को इस तरह खुलेआम निशाना बनाया गया हो। इससे ठीक एक हफ्ते पहले तेहरान की सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग और बिलबोर्ड्स लगाए गए थे, जिन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ उनके सभी बच्चों—डॉन जूनियर, इवांका, एरिक, टिफ़नी और बैरो—की मौत की मांग की गई थी। इन भड़काऊ पोस्टर्स और होर्डिंग्स पर 'खून का बदला खून' जैसे आपत्तिजनक और हिंसक नारे लिखे गए थे, जो दोनों देशों के बीच गहरी होती दुश्मनी को साफ तौर पर बयां करते हैं। इन लगातार मिल रही धमकियों के चलते मेलानिया ट्रंप और बैरो ट्रंप को चौबीसों घंटे 'सीक्रेट सर्विस' के सबसे कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है।व्हाइट हाउस से लेकर मार-ए-लागो तक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्तलगातार बढ़ रहे इन सुरक्षा खतरों को देखते हुए अमेरिका के प्रमुख ठिकानों—व्हाइट हाउस, न्यूयॉर्क स्थित ट्रंप टॉवर, न्यूजर्सी के बेडमिन्स्टर गोल्फ क्लब और फ्लोरिडा के मार-ए-लागो एस्टेट पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। सिर्फ ट्रंप का परिवार ही नहीं, बल्कि खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी लगातार ईरान के निशाने पर हैं। हाल ही में तुर्किए में आयोजित एक नाटो बैठक के दौरान गंभीर सुरक्षा खतरों और खुफिया इनपुट के चलते राष्ट्रपति ट्रंप को अपने आधुनिक नए एयर फोर्स वन विमान को छोड़कर पुराने मॉडल के विमान से सफर करना पड़ा था, जो इस अंतरराष्ट्रीय खतरे की गंभीरता को पूरी तरह से साबित करता है।
आसमान में सफर करने वाले यात्रियों और एविएशन प्रेमियों के लिए 23 जुलाई 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। इस खास दिन पूरी दुनिया में कमर्शियल हवाई उड़ानों ने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। विमानों की आवाजाही पर लाइव नजर रखने वाली दुनिया की मशहूर ट्रैकिंग वेबसाइट 'Flightradar24' के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस एक ही दिन में पूरी दुनिया के आसमान में कुल 153,359 कमर्शियल उड़ानें दर्ज की गईं। विमानन इतिहास में यह पहला ऐसा मौका है जब महज 24 घंटों के भीतर डेढ़ लाख से अधिक उड़ानों को एक साथ ट्रैक किया गया हो।गर्मियों की छुट्टियों और यात्राओं का जबरदस्त क्रेज बना मुख्य वजहएविएशन एक्सपर्ट्स और ग्लोबल एनालिस्ट्स का मानना है कि हवाई उड़ानों के इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचने के पीछे सबसे बड़ा कारण दुनिया भर में चल रहा गर्मियों की छुट्टियों का पीक सीजन है। इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि इन दिनों उत्तरी गोलार्ध के अंतर्गत आने वाले अमेरिका, यूरोप और एशिया के तमाम बड़े हिस्सों में समर वैकेशन का दौर चल रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ देश-विदेश की यात्राओं पर निकल रहे हैं। कोरोना महामारी के बाद से लोगों के भीतर घूमने और नई जगहों को तलाशने का जो नया क्रेज शुरू हुआ था, वह इस साल भी पूरी तरह से बरकरार है और लोग खुलकर अपनी छुट्टियों पर पैसे खर्च कर रहे हैं।एयरलाइंस का फुल ऑपरेशन और पटरी पर लौटा एविएशन सेक्टरवैश्विक हवाई यात्रा के इस नए मील के पत्थर ने यह पूरी तरह से साबित कर दिया है कि महामारी के दौर से उबरने के बाद अब दुनिया भर का एविएशन सेक्टर न सिर्फ पूरी तरह से पटरी पर लौट आया है, बल्कि अपनी पूरी क्षमता के साथ रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर रहा है। दुनिया भर की प्रमुख विमानन कंपनियां अपने विमानों को फुल कैपेसिटी और लगभग शत-प्रतिशत सीट ऑक्यूपेंसी के साथ संचालित कर रही हैं। फ्लाइटराडार24 के इतिहास में दर्ज हुआ यह नया रिकॉर्ड इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले दिनों में ग्लोबल टूरिज्म और एविएशन इंडस्ट्री में और भी धमाकेदार तेजी देखने को मिल सकती है।
पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट और वैश्विक उथल-पुथल के प्रभाव से भारतीय अर्थव्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित रखने के साथ-साथ 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े नीतिगत सुधारों की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी प्रमुख विभागों के सचिवों की एक अहम और उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। इस महाबैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिव रिफॉर्म्स को लेकर अपने विशेष प्रस्तुतिकरण देंगे, जिनके आधार पर देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी।फरवरी के युद्ध संकट के बाद गठित किए गए थे विशेष समूहगौरतलब है कि फरवरी के आखिरी दौर में ईरान-अमेरिका संघर्ष की शुरुआत होने के बाद कैबिनेट सचिव ने विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों की अध्यक्षता में सात विशेष समूहों का गठन किया था। इन समूहों ने गहन मंथन के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कैबिनेट सचिव को सौंप दी थी, जिसे अब मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इन सभी समूहों के गठन का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन, महंगाई नियंत्रण, आयात-निर्यात और रक्षा निर्माण जैसे संवेदनशील विषयों पर विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल और समन्वय को और अधिक मजबूत करना है।सचिवों को सौंपे गए थे तीन अहम टास्क और एजेंडासूत्रों के अनुसार, इस बैठक में शामिल होने वाले सभी सचिवों को पहले ही तीन मुख्य टास्क दिए गए थे, जो आज की बैठक का प्रमुख एजेंडा रहने वाले हैं। पहले टास्क के तहत सचिवों को यह बताना है कि उनके विभागों को लक्ष्य प्राप्ति में किन व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है। दूसरे टास्क में उन्हें अपनी पारंपरिक परिधि से बाहर निकलकर लीक से हटकर काम करने के सुझाव देने हैं, जबकि तीसरे टास्क के तहत हर सचिव को अपने विभाग के अलावा अन्य विभागों के सुधारों के लिए भी नवीन विचार और सुझाव प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।अलग-अलग क्षेत्रों के लिए दिग्गजों के नेतृत्व में बने हैं समूहविभिन्न क्षेत्रों की कमान संभालने वाले इन समूहों में आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय मुख्य समूह देश की वृहद अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने, आयात-निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग जैसे अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री को सुझाव देगा। इसके अलावा, पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल के नेतृत्व वाला समूह ऊर्जा और एलपीजी-एलएनजी आपूर्ति पर अपनी बात रखेगा, जबकि विदेश सचिव और रक्षा सचिव के नेतृत्व वाले समूह अपनी रणनीतिक रिपोर्ट पेश करेंगे। शिपिंग सचिव विजय कुमार के नेतृत्व वाला समूह देश के लॉजिस्टिक विकास की रूपरेखा तैयार कर रहा है। सरकार का मुख्य फोकस सप्लाई चेन को बेहतर बनाकर मैन्युफैक्चरिंग लागत को कम करना और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को जमीनी स्तर पर और अधिक सरल बनाना है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन छोड़कर हाल ही में 'नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी आफ इंडिया' (NCPI) का हिस्सा बनने वाले 20 बागी सांसदों के साथ मंगलवार को दिल्ली के बंग भवन में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अगुवाई खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी करने वाले हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी की पार्टी के टिकट पर संसद में पहुंचने वाले इन सांसदों द्वारा पाला बदले जाने के बाद से ही बंगाल की राजनीति में उबाल आया हुआ है, और एनडीए खेमे में नए सियासी समीकरणों के लिहाज से इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है।लोकसभा स्पीकर के फैसले से पहले सियासी खींचतानआपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले इन 20 सांसदों ने बाद में बगावत करते हुए पाला बदल लिया था और अब यह नया दल केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा बन चुका है। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा अभी तक इस नए राजनीतिक दल-बदल को आधिकारिक मान्यता नहीं दी गई है, जिसके कारण ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल खेमे में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। टीएमसी नेतृत्व ने कोलकाता से लेकर दिल्ली तक इस पूरी प्रक्रिया को अवैध करार देते हुए लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष इन सभी बागी सांसदों की सदस्यता तुरंत रद्द करने की पुरजोर मांग उठाई है, लेकिन लोकसभा सचिवालय की तरफ से अभी तक कोई भी अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।सांसद निधि और संसद के आगामी सत्र की रणनीति पर होगी चर्चामंगलवार दोपहर को होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से सांसद निधि के फंड के सही और प्रभावी इस्तेमाल, राज्य और केंद्र के बीच प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने तथा आगामी संसद सत्र के दौरान सदन में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। बागी गुट से जुड़ीं बीरभूम की सांसद शताब्दी राय ने इस अहम बैठक की पुष्टि कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे संसद की कार्रवाई आगे बढ़ेगी, इन बागी सांसदों की कानूनी और राजनीतिक स्थिति पर विपक्षी दलों की भी पैनी नजर बनी रहेगी, जिससे यह बैठक एनडीए कुनबे के लिए और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
देश की सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आई है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय सेना से जुड़ा करीब 31 जीबी बेहद संवेदनशील डिजिटल डेटा डार्क वेब पर मात्र 6.6 लाख रुपये में बेचने की पेशकश की गई है। साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से ही DRDO और संबंधित सरकारी विभाग इस बात की गहन प्रामाणिकता और गहराई से जांच कर रहे हैं कि लीक हुआ डेटा वास्तव में कितना प्रामाणिक और खतरनाक है।कैसे हुआ इस बड़े साइबर खतरे का खुलासा?यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब तिरुवनंतपुरम स्थित साइबर सुरक्षा फर्म 'अलिबी ग्लोबल' ने अपनी नियमित डार्क वेब मॉनिटरिंग के दौरान इस संदिग्ध गतिविधि को पकड़ा। कंपनी के तकनीकी निदेशक वी.के. भद्रन के अनुसार, पिछले दो हफ्तों से डार्क वेब पर 31 जीबी डेटा को बेचने के लिए खुलेआम विज्ञापन चलाया जा रहा था। हैकर्स ने अपनी इस पेशकश को पुख्ता करने के लिए कुछ सैंपल दस्तावेज भी जारी किए हैं, जिनमें वरिष्ठ रक्षा वैज्ञानिकों के हस्ताक्षर और कई प्रतिबंधित तकनीकी मंजूरियों से जुड़े होने का दावा किया गया है। मानक और सुरक्षित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस फर्म ने तुरंत खुफिया एजेंसी 'इंटेलिजेंस ब्यूरो' (IB) को इसकी आधिकारिक सूचना दे दी, जिसके बाद अब तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें इसकी तह तक जाने में जुट गई हैं।सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर और पिछली घटनाओं की यादेंइस पूरे मामले के सामने आने के बाद रक्षा विश्लेषक और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। जानकारों का सुझाव है कि इस बात की बेहद बारीकी से फोरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए कि क्या यह वास्तव में DRDO के किसी इंटरनल सर्वर से जुड़ा डेटा है या फिर किसी अन्य रक्षा इकाई से छेड़छाड़ की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले मार्च के महीने में भी 'बाबुक लॉकर 2.0' नामक एक कुख्यात हैकिंग ग्रुप ने DRDO के सिस्टम में सेंध लगाने का दावा किया था, हालांकि तब सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि मुख्य सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित थी और फाइलें किसी अन्य माध्यम से एक्सेस की गई थीं। बहरहाल, मौजूदा मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले की सच्चाई जल्द से जल्द सामने आ सके।
देशभर में कोहराम मचाने वाले नीट पेपर लीक विवाद और उसके बाद भड़के हिंसक प्रदर्शनों के बीच आंदोलनकारी छात्रों और युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बिहार और असम की सरकारों ने नीट परीक्षा रद्द करने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी छात्रों को बिना शर्त रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। हालांकि, इन सबके बीच पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई को लेकर अभी तक कोई भी स्पष्ट या आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है, जिससे वहां के छात्रों और उनके परिवारों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं।आधी रात को हुई अहम बैठक और सरकारी आश्वासनआधी रात को हुई उच्च स्तरीय बैठकों और वार्ताओं के बाद यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए जानकारी दी कि एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के ठीक बाद सरकारी प्रतिनिधियों के साथ उनकी लंबी बैठक हुई, जो करीब दो से तीन घंटे तक चली। इस बैठक में सरकार की ओर से बिहार और असम के आधिकारिक नोटिफिकेशन्स की प्रतियां सौंपी गईं, जिनमें छात्रों पर दर्ज एफआईआर को पूरी तरह से रद्द करने, भविष्य में किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न करने और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल प्रभाव से रिहा करने की पूरी गारंटी दी गई है। इसके साथ ही, अन्य एनडीए शासित राज्यों और केंद्र सरकार की तरफ से भी जल्द ही ऐसे आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया है।बिहार सरकार का बड़ा कदम और सिवान में पुलिसकर्मी पर एक्शनछात्र हित में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार के गृह विभाग ने 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक दर्ज किए गए सभी मामलों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्देश दिया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिससे 25 जुलाई के बिहार बंद के दौरान हिरासत में लिए गए सैकड़ों छात्रों और नाबालिगों को सीधी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि इस आंदोलन के दौरान बिहार के सिवान जिले में उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बिना उच्चाधिकारियों के आदेश के एके-47 जैसे आधुनिक हथियार का इस्तेमाल करने वाले एक पुलिस सिपाही को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड भी कर दिया गया है।वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल का बड़ा ऐलान और CJP का नया दांवपुलिसिया और प्रशासनिक कार्रवाई का शिकार हुए देश भर के छात्रों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता और राजनेता कपिल सिब्बल ने एक करोड़ रुपये के भारी-भरकम 'लीगल फंड' की घोषणा की है। दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर इस छात्र आंदोलन की अगुवाई करने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने पुलिस कार्रवाई के सबूत जुटाने के लिए एक विशेष ऑनलाइन एविडेंस-गैदरिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। CJP ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आश्वासन के बावजूद देश के अन्य हिस्सों में छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो वे एक बार फिर से जोरदार देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करने के लिए बाध्य होंगे।
ब्रिटेन और भारत के बीच कूटनीतिक गलियारों में भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का मामला एक बार फिर गरमा गया है। ब्रिटेन की पूर्व गृहमंत्री और कंजर्वेटिव पार्टी की छाया विदेश मंत्री प्रीति पटेल ने नीरव मोदी के अभी तक ब्रिटेन में मौजूद रहने पर गहरी हैरानी और चिंता जताई है। आने वाले दिनों में प्रसारित होने वाले 'द डेली टेलीग्राफ' के बहुचर्चित पॉडकास्ट 'द डायमंड किंग' में प्रीति पटेल ने स्वीकार किया है कि भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक के आरोपी नीरव मोदी को भारत को सौंपने में ब्रिटिश कानूनी प्रणाली की विफलता के कारण भारतीय अधिकारी ब्रिटेन से भारी नाराजगी महसूस कर रहे हैं।ब्रिटेन की कानूनी व्यवस्था पर उठे सवाल और पूर्व मंत्री का दर्दअपने कार्यकाल के दौरान अप्रैल 2021 में नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर करने वाली प्रीति पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ब्रिटिश व्यवस्था अनावश्यक प्रक्रियाओं और कानूनी बहानों में उलझने के बजाय विवेकपूर्ण तरीके से काम करती, तो नीरव मोदी को इस देश में शरण नहीं मिलती। उन्होंने इसे ब्रिटिश न्याय प्रणाली का खुला दुरुपयोग करार देते हुए कहा कि यह स्थिति देश के करदाताओं का भी अपमान है। पटेल के अनुसार, जब तक नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल भगोड़ों को भारत वापस नहीं भेजा जाता, तब तक दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और कूटनीतिक सहयोग को अपेक्षित गति मिलने में बाधाएं आती रहेंगी।शरणार्थियों के मुद्दों और प्रत्यर्पण के बीच फंसी कूटनीतिपॉडकास्ट के दौरान प्रीति पटेल ने यह भी खुलासा किया कि 2019 से 2022 के बीच गृह मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान नीरव मोदी का यह हाई-प्रोफाइल मामला उनके लिए एक जटिल कूटनीतिक चुनौती बन गया था। भारत सरकार द्वारा वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकने वाले और असफल शरणार्थियों को वापस लेने के सख्त रुख के कारण ब्रिटेन पर दबाव था। चूंकि ब्रिटेन नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को तुरंत अमलीजामा नहीं पहना सका, इसलिए भारत के पास अप्रवासियों की वापसी के मुद्दों पर मोलभाव करने और दबाव बनाने की मजबूत स्थिति आ गई थी, जिससे ब्रिटिश प्रशासन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।कानूनी विकल्पों के खत्म होने से जल्द हो सकती है वापसीपंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर के बहुचर्चित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित 55 वर्षीय नीरव मोदी इस समय उत्तर लंदन की हाई-सुरक्षा वाली पेंटनविल जेल में बंद है। मार्च 2019 में स्कॉटलैंड यार्ड द्वारा एक आलीशान फ्लैट से गिरफ्तारी के बाद से वह लगातार कानूनी लड़ाइयां लड़ रहा है। हालांकि, वह ब्रिटेन में उपलब्ध सभी कानूनी रास्ते आजमाने के साथ-साथ फ्रांस स्थित यूरोपीय मानवाधिकार अदालत (ECHR) में भी अपनी अंतिम अपील हार चुका है। इस साल मार्च में इंग्लैंड के उच्च न्यायालय द्वारा उसके गोपनीय राजनीतिक शरण के आवेदन और प्रत्यर्पण रोकने की पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किए जाने के बाद, अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि उसका भारत प्रत्यर्पण जल्द ही पूरा हो सकता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विप्र फाउंडेशन ने की विशेष पहल : दवे
सबगुरू न्यूज-आबूरोड। विप्र फाउंडेशन की नव घोषित जिला कार्यकारिणी का अभिनंदन और शपथ ग्रहण समारोह रविवार को हुआ। इसमें उपस्थित समाज बंधुओं को संबोधित करते हुए फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष चिरंजीलाल दवे ने कहा कि समाज के बच्चों के लिए कोचिंग के लिए परशुराम ज्ञानपीठ भवन में जयपुर में रहने की व्यवस्था। उन्हों बताया कि […] The post प्रतियोगी परीक्षाओं में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विप्र फाउंडेशन ने की विशेष पहल: दवे appeared first on Sabguru News .
महाराष्ट्र के पालघर स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने 2017 के एक मामले में घायल व्यक्ति को 1.06 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। 2017 में मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर एक सड़क दुर्घटना में 31 वर्षीय व्यक्ति लकवाग्रस्त हो गया था। पीड़ित, ऋषभ विजय कुमार चोपड़ा, होटल प्रबंधन के पूर्व छात्र हैं। MACT सदस्य ए.आर. रहाणे ने ऋषभ की कार को टक्कर मारने वाले ट्रक के मालिक और उसकी बीमा कंपनी 'न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड' को संयुक्त रूप से पीड़ित को 1.06 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।यह दुर्घटना 31 दिसंबर, 2017 को वापी से मुंबई जाते समय हुई थी।मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने ट्रक मालिक और न्यू इंडिया एश्योरेंस को आवेदन दाखिल करने की तारीख से इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है। दावा आवेदन के अनुसार, होटल मैनेजमेंट के छात्र ऋषभ 31 दिसंबर, 2017 को अपने माता-पिता के साथ गुजरात के वापी से मुंबई जा रहे थे। उस समय उनके पिता गाड़ी चला रहे थे। इसी दौरान हलोली गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। आवेदन में कहा गया है कि टक्कर के कारण कार तीन से चार बार पलट गई और सड़क के दूसरी ओर जा गिरी।ऋषभ की मां की एक दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है।इस दुर्घटना में ऋषभ की मां की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि वह गंभीर रूप से घायल हो गया और कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गया। इससे वह 70 प्रतिशत तक स्थायी रूप से विकलांग हो गया और तब से बिस्तर पर ही पड़ा है। बीमा कंपनी ने दावे का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि दुर्घटना पीड़ित के पिता की लापरवाही के कारण हुई थी। कंपनी ने ऋषभ की भविष्य की कमाई क्षमता और चिकित्सा खर्चों पर भी सवाल उठाए।एमसीटी ने न्यू इंडिया एश्योरेंस के सभी तर्कों को खारिज कर दिया।एमसीटी ने न्यू इंडिया एश्योरेंस के सभी तर्कों को खारिज कर दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ केवल लापरवाही से गाड़ी चलाने और तेज गति से वाहन चलाने का आरोप पत्र दाखिल किया है। ट्रिब्यूनल ने कहा, आरोप पत्र दाखिल करने से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि ट्रक चालक लापरवाही से और तेज गति से गाड़ी चला रहा था। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने प्रतिवादियों को दो महीने के भीतर पूरी राशि जमा करने का निर्देश दिया है।
BSNL का सबसे सस्ता 6 महीने का प्लान! आपको मिलेगा हाई-स्पीड इंटरनेट और अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL अक्सर अपने ग्राहकों के लिए सस्ते प्लान पेश करती है। अगर आप अपने घर या ऑफिस के लिए बजट-फ्रेंडली वाई-फाई कनेक्शन ढूंढ रहे हैं, तो BSNL का एक प्लान आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता है। कंपनी ₹1,449 में एक ब्रॉडबैंड प्लान दे रही है जिसकी वैलिडिटी छह महीने (180 दिन) है। इस प्लान में न सिर्फ इंटरनेट एक्सेस मिलता है, बल्कि अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग की सुविधा भी मिलती है। आइए इस प्लान की पूरी जानकारी देखें।इस प्लान की सबसे खास बात इसकी वैधता है। एक बार रिचार्ज करने के बाद, आपको छह महीने तक बार-बार रिचार्ज करने की झंझट से मुक्ति मिल जाती है।इस BSNL ब्रॉडबैंड प्लान के साथ ग्राहकों को 30 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड मिलती है। इस प्लान में प्रति माह 700 जीबी हाई-स्पीड डेटा मिलता है। 500 जीबी डेटा लिमिट पूरी हो जाने पर भी इंटरनेट कनेक्शन बंद नहीं होगा; बल्कि स्पीड घटकर 4 एमबीपीएस हो जाएगी, जिससे आप बेसिक ब्राउज़िंग जारी रख सकेंगे।डेटा के साथ-साथ, BSNL इस प्लान में लैंडलाइन कनेक्शन के ज़रिए पूरे देश में अनलिमिटेड लोकल और STD कॉलिंग की सुविधा भी देता है। मासिक खर्च की बात करें तो, ₹1,449 का छह महीने का प्लान ₹241 प्रति माह पड़ता है।यदि आप घर पर इंटरनेट का उपयोग मुख्य रूप से पढ़ाई, ऑफिस के सामान्य काम, यूट्यूब वीडियो देखने या सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करने के लिए करते हैं, तो यह प्लान आपके लिए बिल्कुल सही है। इसमें मिलने वाला डेटा और स्पीड इन सभी गतिविधियों के लिए पर्याप्त है, और आपको ये सभी फायदे कम कीमत पर मिलते हैं।यह कनेक्शन कैसे प्राप्त करें? यदि आप इस BSNL ब्रॉडबैंड प्लान का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आप BSNL की आधिकारिक वेबसाइट या अपने निकटतम BSNL ग्राहक सेवा केंद्र/एक्सचेंज पर जाकर नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मक्का खाने से आपको कौन-कौन से विटामिन मिलते हैं? यह मौसमी फल स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी खजाना
मक्का, जिसे हम पॉपकॉर्न या स्वीट कॉर्न के नाम से भी जानते हैं, मानसून के मौसम में खूब खाया जाता है। भारत में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मक्का खाने से हमें कौन-कौन से विटामिन मिलते हैं?मक्का जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही स्वास्थ्यवर्धक भी होता है। इसमें कई विटामिन और पोषक तत्व होते हैं जो शरीर के लिए आवश्यक हैं।मक्के में पाए जाने वाले प्रमुख पोषक तत्व: मक्के में विटामिन बी6, विटामिन ए, आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।विटामिन सी का उत्कृष्ट स्रोत: मक्का विटामिन सी से भरपूर होता है। विटामिन सी एक उत्कृष्ट एंटीऑक्सीडेंट है जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, त्वचा को स्वस्थ रखता है और शरीर की कोशिकाओं को क्षति से बचाता है।आँखों के लिए फायदेमंद: अगर आप पीला मक्का खा रहे हैं, तो उसमें कैरोटीनॉयड नामक तत्व होता है। यह तत्व शरीर में विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है, जो आँखों की रोशनी बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
तुलसी में जीवाणुरोधी गुण होते हैं। अदरक में सूजनरोधी गुण होते हैं। यह मिश्रण गले की खराश और सर्दी-जुकाम से तुरंत राहत दिला सकता है।बरसात के मौसम में पाचन क्रिया अक्सर धीमी हो जाती है। पुदीने की चाय न केवल पेट को आराम देती है, बल्कि इसमें मौजूद मेन्थॉल नाक खोलने और सिरदर्द से राहत दिलाने में भी सहायक होता है।दालचीनी और लौंग दोनों ही गर्म तासीर प्रदान करते हैं। इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को संक्रमणों से लड़ने में मदद करते हैं।मुलेठी खांसी या गले में खराश होने पर एक बेहतरीन घरेलू उपाय है। यह गले की खराश से राहत दिलाती है। इसकी हर्बल चाय भी फायदेमंद हो सकती है।हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है। लेमनग्रास के साथ हल्दी की चाय पीने से बुखार और बदन दर्द से राहत मिल सकती है।नोट: यहां दी गई जानकारी रिपोर्टों पर आधारित है। टीवी9 गुजराती किसी भी जानकारी का समर्थन नहीं करता है।
ऑनलाइन आभूषण खरीदने वालों सावधान! खतरनाक मिलावट से कैंसर का खतरा
पिछले कुछ वर्षों में आवश्यक वस्तुओं को ऑनलाइन ऑर्डर करने का चलन काफी बढ़ गया है। घरेलू राशन हो, कपड़े हों या दवाइयां, सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर नकली गहने बेचे जा रहे हैं, जिनसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा है? जानिए इस पूरे मामले की तह तक जाएं।ब्रिटेन में चौंकाने वाला मामला सामने आया: कहा जाता है कि अगर हार, अंगूठी और झुमके जैसे कृत्रिम आभूषणों का लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाए तो कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यहां हम ऑनलाइन उपलब्ध ऐसे आभूषणों की बात कर रहे हैं जिनमें निर्धारित सीमा से 9000 गुना अधिक कैडमियम मिलाया गया था। यह मामला ब्रिटेन में सामने आया है, जहां ऑनलाइन और स्थानीय बाजार में बेचे जा रहे नकली आभूषणों में कैडमियम या सीसा मिलाया गया था। वहां कैडमियम की मिलावट की सीमा 0.01 प्रतिशत निर्धारित है, लेकिन जांच के दौरान जो खुलासा हुआ वह बेहद चौंकाने वाला था।शोध में क्या खुलासा हुआ? 'द संडे टाइम्स' द्वारा किए गए एक शोध में कृत्रिम आभूषणों में कैडमियम की अत्यधिक मिलावट पर एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई। इस रिपोर्ट के अनुसार, लोकप्रिय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसी अंगूठियां, हार और झुमके बेचे जा रहे थे जिनमें कैडमियम की मिलावट 9000 गुना अधिक थी।नियम के अनुसार, ब्रिटेन में कृत्रिम आभूषणों में 0.01 प्रतिशत से अधिक कैडमियम नहीं होना चाहिए। लेकिन जांच में पता चला कि '925 सिल्वर' यानी 92.5 प्रतिशत चांदी से बने उत्पाद के रूप में बेचा जा रहा उत्पाद वास्तव में 92 प्रतिशत चांदी नहीं बल्कि जहरीला कैडमियम था। इसके अलावा, एक कंगन में 3300 गुना अधिक कैडमियम पाया गया। जांच के बाद, इन सभी उत्पादों को बाजार से वापस ले लिया गया।कैंसर, गुर्दे और यकृत रोग का खतरा: यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि कैडमियम धातु का लंबे समय तक किसी भी रूप में उपयोग करने से न केवल कैंसर हो सकता है, बल्कि गुर्दे और यकृत से संबंधित गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। किंग्स कॉलेज लंदन के प्रोफेसर क्रिस्टेर हूगस्ट्रैंड ने कहा कि ऐसी भारी धातुएं गुर्दे के कैंसर का कारण बन सकती हैं। यकृत को नुकसान पहुंचाने के अलावा, ये विषाक्त पदार्थ लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस के प्रति भी संवेदनशील बनाते हैं, जो हड्डियों को कमजोर करने वाली बीमारी है।कान की बालियों के इस्तेमाल में सबसे ज्यादा खतरा: रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह के गहनों में बालियां सबसे ज्यादा जोखिम पैदा करती हैं। कान छिदे होने के कारण बालियां सीधे त्वचा के संपर्क में आती हैं। इस तरह जहरीली धातुएं आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कृत्रिम गहनों का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है, इसलिए यहां भारी धातुओं की मिलावट का स्तर अपने आप में चिंता का विषय है।
मानसून शुरू होते ही हमारी जीवनशैली में बदलाव आने लगते हैं और इसका असर हमारे स्वास्थ्य पर भी दिखने लगता है। इस मौसम में कई लोगों को जोड़ों में अचानक तेज दर्द होने लगता है। मौसम, नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर इन बदलावों को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाता। इस समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय इसके वास्तविक कारणों को जानना और उचित देखभाल करना जरूरी है।मानसून में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ जाता है?वातावरण में नमी: मानसून के दौरान हवा में नमी बढ़ने से जोड़ों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे सूजन हो सकती है। विशेष रूप से गठिया से पीड़ित मरीजों को इस दौरान दर्द बढ़ जाता है।तापमान में अचानक परिवर्तन: भीषण गर्मी के बाद अचानक बारिश होने से तापमान में तेजी से गिरावट आती है। इस परिवर्तन से जोड़ों में सिनोवियल जोड़ों का चिकनाई स्तर कम हो जाता है, जिससे अकड़न और दर्द होता है।वायु दाब में परिवर्तन: मानसून के दौरान वायु दाब (वायु दाब) कम हो जाता है। इस परिवर्तन के कारण जोड़ों की कोशिकाओं में सूजन आ जाती है और दर्द की तीव्रता बढ़ जाती है।शारीरिक गतिविधि में कमी: बारिश के कारण लोग टहलने या दौड़ने के लिए बाहर नहीं जा पा रहे हैं। शारीरिक गतिविधि में कमी से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और जोड़ों में अकड़न बढ़ जाती है।जोड़ों के दर्द से राहत पाने के सरल तरीकेसक्रिय रहें: अगर बाहर जाना संभव न हो, तो घर पर ही स्ट्रेचिंग, टहलना या हल्का व्यायाम करें। अपने वजन को नियंत्रण में रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिक वजन जोड़ों पर दबाव डालता है।पर्याप्त पानी पिएं: नियमित रूप से पानी पीने से जोड़ों में लचीलापन बना रहता है और अकड़न नहीं होती, जिससे चलना-फिरना आसान हो जाता है।सोडियम का सेवन कम करें: शरीर में पानी जमा होने और सूजन को कम करने के लिए अपने आहार में नमक की मात्रा सीमित करें।पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें: अपने आहार में अलसी, चिया सीड्स और ब्रोकली जैसे सूजन-रोधी खाद्य पदार्थों को शामिल करें। इसके अलावा, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन में सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो जोड़ों की सूजन और दर्द से तुरंत राहत दिलाते हैं।
मानसून का मौसम शुरू होते ही लोग पीने के पानी की शुद्धता को लेकर चिंतित हो जाते हैं। ऐसे समय में, ज्यादातर लोग विज्ञापन देखकर या दूसरों की नकल करके अपने घरों में आरओ वॉटर प्यूरीफायर लगवा लेते हैं और सोचते हैं कि उनका पानी सबसे सुरक्षित है। लेकिन क्या हर घर को आरओ की जरूरत है? सरकारी रिपोर्टों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसका जवाब है नहीं। राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच) की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्यूरीफायर का चुनाव विज्ञापनों को देखकर नहीं, बल्कि घर में आने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच करने के बाद ही करना चाहिए।आरओ (रिटॉक्स फिल्टर) कब लगवाना आवश्यक है? विशेषज्ञों के अनुसार, आरओ प्यूरीफायर केवल दो स्थितियों में आवश्यक होता है: जब पानी में कुल घुलनशील ठोस (टीडीएस) 500 मिलीग्राम/लीटर (पीपीएम) से अधिक हो। पीने के पानी के लिए 150 से 250 पीपीएम का टीडीएस सबसे उपयुक्त माना जाता है। जब प्रयोगशाला परीक्षणों में पानी में फ्लोराइड, आर्सेनिक, आयरन, भारी धातु या कीटनाशकों के अंश पाए जाते हैं। इन दो स्थितियों के अलावा, घर में आरओ की कोई आवश्यकता नहीं है।कम टीडीएस वाले पानी में आरओ के नुकसान: यदि पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक नहीं है और रासायनिक प्रदूषण नहीं है, तो आरओ का उपयोग लाभ के बजाय नुकसानदायक हो सकता है। आरओ तकनीक पानी में मौजूद हानिकारक तत्वों के साथ-साथ कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक खनिजों को भी हटा देती है। रिपोर्ट के अनुसार, आरओ द्वारा शुद्ध किए गए पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित न्यूनतम स्तर से नीचे चली जाती है। लंबे समय तक इन खनिजों के बिना पानी पीने से हृदय रोग, हड्डियों की कमजोरी और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।पानी की भारी बर्बादी: आरओ तकनीक की सबसे बड़ी खामी पानी की बर्बादी है। मशीन में डाले गए 1 लीटर पानी में से केवल 250 मिलीलीटर ही पीने योग्य होता है, जबकि 750 मिलीलीटर पानी बर्बाद हो जाता है। यानी लगभग 75 प्रतिशत पानी बर्बाद हो जाता है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने भी 500 पीपीएम से कम टीडीएस वाले क्षेत्रों में आरओ पर प्रतिबंध लगाने और पानी की बर्बादी को रोकने का सुझाव दिया है।यूवी और यूएफ प्यूरीफायर कब चुनें? यूवी प्यूरीफायर: यदि आपके घर में नगरपालिका या पाइपलाइन का पानी आता है और उसका टीडीएस 300 पीपीएम से कम है, लेकिन बैक्टीरिया या वायरस का खतरा है, तो यूवी प्यूरीफायर सबसे अच्छा विकल्प है। यह खनिजों को कम किए बिना सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर देता है। यूएफ प्यूरीफायर: यूएफ प्यूरीफायर उन जगहों के लिए उपयोगी है जहां पानी में गंदगी या बैक्टीरिया मौजूद हैं लेकिन टीडीएस कम है। यह बिना बिजली के भी काम करता है और अपनी विशेष झिल्ली के माध्यम से गंदगी और बैक्टीरिया को हटाता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कोई भी प्यूरीफायर खरीदने से पहले, पानी की जांच 200-300 रुपये के साधारण टीडीएस मीटर से या किसी प्रयोगशाला में करवा लेनी चाहिए। स्वास्थ्य के लिए पानी की गुणवत्ता के आधार पर प्यूरीफायर चुनना बेहद जरूरी है।
बाल झड़ना कब एक गंभीर बीमारी बन जाता है? यदि आपको ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें
आजकल कई लोग बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं। कंघी करते समय, बाल धोते समय या तकिए पर टूटे हुए बाल दिखना आम बात है। कुछ हद तक बाल झड़ना सामान्य माना जाता है, क्योंकि बालों का अपना प्राकृतिक चक्र होता है, लेकिन अगर बाल लगातार बड़ी मात्रा में झड़ने लगें या पहले से पतले दिखने लगें, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।1/10बाल झड़ने के कई सामान्य कारण हो सकते हैं। बढ़ती उम्र, तनाव, शरीर में पोषक तत्वों की कमी, हार्मोन में बदलाव, कुछ दवाओं का असर या गलत हेयर केयर रूटीन भी इसका कारण हो सकते हैं। हालांकि, अक्सर लगातार बाल झड़ना किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में, सही समय पर कारण का पता लगाना ज़रूरी है, ताकि उचित उपचार शुरू किया जा सके। आइए जानते हैं कि बाल झड़ने के पीछे कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं और इनके दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।2/10एलोपेसिया एरेटा: मेयो क्लिनिक के अनुसार, यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से बालों के रोमों पर हमला करती है। इससे सिर या दाढ़ी के कुछ हिस्सों से अचानक बाल झड़ सकते हैं, जिससे गोल, खाली जगह बन जाती है। कुछ लोगों में, समय के साथ बाल वापस उग आते हैं, जबकि कुछ मामलों में उपचार की आवश्यकता होती है।3/10थायरॉइड संबंधी समस्याएं: थायरॉइड हार्मोन शरीर के कई कार्यों को नियंत्रित करता है। जब इस हार्मोन का उत्पादन बहुत अधिक या बहुत कम होने लगता है, तो इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में बाल पतले होने लगते हैं और सामान्य से अधिक झड़ने लगते हैं। उचित उपचार से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।4/10सिर की त्वचा में फंगल संक्रमण: सिर की त्वचा में फंगल संक्रमण से खुजली, लालिमा, पपड़ी बनना और बाल झड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में, सिर के कुछ हिस्सों से बाल पूरी तरह से झड़ सकते हैं। समय पर इलाज न कराने पर संक्रमण और भी गंभीर हो सकता है, इसलिए डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।5/10ल्यूपस: ल्यूपस एक स्वप्रतिरक्षित रोग है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही स्वस्थ ऊतकों पर हमला करना शुरू कर देती है। यह त्वचा, जोड़ों और अन्य अंगों के साथ-साथ बालों को भी प्रभावित कर सकता है। इस रोग में बालों के तेजी से झड़ने या पतले होने की शिकायत हो सकती है।6/10ट्राइकोटिलोमेनिया: यह एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है जिसमें व्यक्ति बार-बार अपने बाल खींचता है। इससे सिर के कुछ हिस्सों में बाल झड़ने या गंजेपन के धब्बे हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है।7/10डॉक्टर से कब मिलें: अगर आपके बाल अचानक बहुत ज़्यादा झड़ने लगें, सिर के कुछ हिस्सों से बाल झड़ने लगें, या बाल पतले होते जा रहे हों, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर बाल झड़ने के साथ-साथ खुजली, दर्द, सूजन, लालिमा या सिर की त्वचा पर पपड़ी जमने जैसी समस्या भी हो, तो भी जांच करवाना ज़रूरी है। अगर आपके पूरे शरीर से बाल झड़ने लगें या बच्चों में बाल झड़ने के लक्षण दिखें, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। इसके अलावा, अगर बाल झड़ने की वजह से आपका आत्मविश्वास कम होने लगे या आपको मानसिक तनाव होने लगे, तो भी आपको डॉक्टर से सलाह लेकर इसके सही कारण और इलाज के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।8/10बाल झड़ने से रोकने के लिए क्या करें? बालों को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लें जिसमें प्रोटीन, आयरन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व शामिल हों। अत्यधिक तनाव से बचें और अच्छी नींद लेने की कोशिश करें। बालों पर हीट स्टाइलिंग उत्पादों और कठोर रसायनों वाले उत्पादों का बार-बार इस्तेमाल कम करें।9/10बालों को बहुत कसकर बांधने से भी बचें, क्योंकि इससे बालों की जड़ों पर दबाव पड़ता है। यदि आपको लंबे समय से लगातार बाल झड़ने की समस्या हो रही है, तो घरेलू उपचारों पर निर्भर रहने के बजाय, डॉक्टर से परामर्श लें ताकि समस्या का वास्तविक कारण पता चल सके और उसके अनुसार उपचार कराया जा सके।
सावन (श्रावण) का महीना भगवान शिव (महादेव) की भक्ति के लिए अत्यंत पावन और फलदायी माना जाता है। इस पूरे महीने में देश भर से लाखों शिवभक्त (कांवड़िये) अपनी भक्ति और आस्था का परिचय देते हुए कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। इस साल 2026 में कांवड़ यात्रा की शुरुआत 30 जुलाई से होने जा रही है और इसका समापन 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ होगा।कांवड़ यात्रा केवल एक पैदल यात्रा नहीं है, बल्कि यह बेहद कठिन साधना और कठोर संकल्पों का पर्व है। इस यात्रा के दौरान कई धार्मिक नियमों का कड़ाई से पालन किया जाता है। इन्हीं में से एक सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण नियम यह है कि कांवड़ को कभी भी जमीन पर नहीं रखा जाता।आइए जानते हैं कि कांवड़ को जमीन पर न रखने के पीछे क्या धार्मिक कारण है और यदि अनजाने में ऐसा हो जाए तो भक्त को क्या करना चाहिए।कांवड़ को जमीन पर रखने की मनाही क्यों है?धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार:गंगाजल की पवित्रता: कांवड़ में भरा गया गंगाजल या पवित्र नदियों का जल अत्यंत शुद्ध और पूजनीय होता है। भक्त संकल्प लेकर नदी तट से जल भरते हैं ताकि उसे सीधा शिवलिंग पर अर्पित किया जा सके।अशुद्धि से बचाव: माना जाता है कि यदि कांवड़ या उसमें रखा पवित्र जल जमीन को छू लेता है, तो वह अशुद्ध व अपवित्र हो जाता है। इसलिए जब तक जलाभिषेक न हो जाए, इसे भूमि से स्पर्श कराने से बचा जाता है।कंधे पर उठाने का नियम: कांवड़िये पूरी यात्रा के दौरान कांवड़ को अपने कंधों पर उठाकर ही चलते हैं। विश्राम के समय भी कांवड़ को जमीन पर रखने के बजाय रास्ते में बने विशेष कांवड़ स्टैंड (Stand) या किसी ऊंचे स्थान (पेड़ की शाखा या स्टैंड) पर ही टांगा जाता है।क्या कांवड़ जमीन पर रखने से यात्रा टूट जाती है?धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि कांवड़ में भरा पवित्र जल या कांवड़ का कोई हिस्सा गलती से भी जमीन को छू जाए, तो कांवड़ यात्रा का 'अखंड संकल्प' खंडित (बाधित) माना जाता है। सनातन परंपरा के अनुसार, जमीन से छुए हुए उस जल से भगवान शिव का जलाभिषेक नहीं किया जाता है।अगर गलती से कांवड़ जमीन पर रख जाए तो क्या करें?यदि किसी कांवड़िया से अनजाने या भूलवश कांवड़ जमीन पर रख जाती है, तो धार्मिक नियमों के अनुसार निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:क्षमा याचना: सबसे पहले हाथ जोड़कर भगवान भोलेनाथ से अपनी भूल के लिए सच्चे मन से क्षमा मांगें।मंत्र जाप: किसी पवित्र स्थान पर बैठकर निष्ठापूर्वक 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।पुनः जल भरना (पुनः संकल्प): नियम का निष्ठा से पालन करने वाले श्रद्धालु ऐसी स्थिति में अपनी यात्रा को वहीं से आगे बढ़ाने के बजाय दोबारा हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री या निकटतम पवित्र नदी के तट पर जाते हैं, फिर से शुद्ध जल भरते हैं और नए सिरे से अपनी कांवड़ यात्रा शुरू करते हैं।
शिव मंदिर आदर्श नगर में गूंजे श्याम भजन, देर रात तक भक्ति में झूमते रहे श्रद्धालु
अजमेर। आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वादशी के पावन अवसर पर आदर्श नगर स्थित शिव मंदिर में रविवार को श्री श्याम परिवार, आदर्श नगर की ओर से भव्य श्री श्याम संकीर्तन एवं महाप्रसादी का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। संकीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर श्याम बाबा के भजनों का आनंद […] The post शिव मंदिर आदर्श नगर में गूंजे श्याम भजन, देर रात तक भक्ति में झूमते रहे श्रद्धालु appeared first on Sabguru News .
फसल कटाई संबंधी राज्य स्तरीय प्रशिक्षण राजस्व मंडल में शुरू
अजमेर। कृषि वर्ष 2026-27 के तहत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएम एफबीवाई) एवं सामान्य फसल अनुमान सर्वेक्षण (जीसीईएस) संबंधी राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सोमवार से राजस्व मंडल में शुरू हुआ। इस चार दिवसीय प्रशिक्षण में राज्य के सभी 41 जिलों के सांख्यिकी विभाग एवं भू अभिलेख शाखाओं के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस राज्य स्तरीय […] The post फसल कटाई संबंधी राज्य स्तरीय प्रशिक्षण राजस्व मंडल में शुरू appeared first on Sabguru News .
भारत दुनिया के उन प्रमुख देशों में शामिल है, जहां से लाखों युवा और कुशल श्रमिक बेहतर रोजगार, कारोबार और अपने परिवार के उज्ज्वल भविष्य की तलाश में हर साल विदेश जाते हैं। खासकर खाड़ी (गल्फ) देशों, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप में भारतीय प्रवासियों की एक बड़ी आबादी बसती है। हालांकि, इस आर्थिक समृद्धि और चमकते अवसरों के पीछे एक दर्दनाक सच्चाई भी छिपी है। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा संसद (लोकसभा) में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 से 2025 के बीच विदेशों में हजारों भारतीय नागरिकों की जान गई है।सरकार की इस समीक्षा रिपोर्ट में सामने आया है कि प्रवासियों की मौतों में सबसे बड़ा कारण प्राकृतिक वजहें (Natural Causes) हैं, लेकिन कार्यस्थल पर हादसे (Workplace Accidents), आत्महत्याएं, आपराधिक घटनाएं और अन्य परिस्थितियां भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं।किन देशों में दर्ज हुईं सबसे ज्यादा मौतें?विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जिन देशों में भारतीय प्रवासियों की संख्या सबसे अधिक है, वहीं मौतों के आंकड़े भी सबसे ज्यादा दर्ज किए गए हैं:सऊदी अरब (Saudi Arabia): सूची में सबसे ऊपर है, जहां 2023 से 2025 के बीच कुल 7,981 भारतीयों की मौत हुई। इनमें 6,376 प्राकृतिक मौतें, 182 कार्यस्थल हादसे, 354 आत्महत्याएं, 29 आपराधिक घटनाएं और 1,040 अन्य कारण शामिल हैं।संयुक्त अरब अमीरात (UAE): दूसरे स्थान पर रहे यूएई में कुल 7,458 भारतीयों ने जान गंवाई। इनमें 5,702 प्राकृतिक मौतें, 128 कार्यस्थल दुर्घटनाएं, 511 आत्महत्याएं, 25 अपराध से जुड़ी मौतें और 1,092 अन्य कारण रहे।अमेरिका (USA): अमेरिका में कुल 2,850 भारतीय नागरिकों की मौत दर्ज हुई, जिनमें 2,340 प्राकृतिक वजहों से, 46 कार्यस्थल हादसों में, 62 आत्महत्या के कारण और 37 अपराध की वजह से थीं।अन्य प्रमुख देश: कुवैत में 2,191, ओमान में 1,498, मलेशिया में 1,437 और इटली में 1,057 भारतीय नागरिकों की मृत्यु दर्ज की गई।इसके अलावा शीर्ष 20 देशों में कतर, बहरीन, सिंगापुर, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस, जर्मनी, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, चीन, नाइजीरिया और थाईलैंड जैसे देश भी शामिल हैं।प्राकृतिक मौतों और हादसों के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: खाड़ी देशों में अत्यधिक चिलचिलाती गर्मी, लंबे कामकाजी घंटे, शारीरिक परिश्रम, हृदय रोग (Heart Attacks), मधुमेह और लगातार तनाव की वजह से बड़ी संख्या में प्राकृतिक मौतें दर्ज की जाती हैं।जोखिम भरे कार्यस्थल: निर्माण क्षेत्र (Construction), तेल व गैस रिफाइनरी और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले नीले कॉलर (Blue-collar) श्रमिकों को सुरक्षा मानकों की कमी के चलते हादसों का सामना करना पड़ता है।मानसिक तनाव और अकेलापन: अपनों से दूरी, भारी कर्ज, कम वेतन, ठेकेदारों/नियोक्ताओं का दबाव और सामाजिक अलगाव के कारण कई श्रमिक डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं, जो कई मामलों में आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं की वजह बनता है।प्रवासियों की सुरक्षा के लिए सरकार की मुख्य व्यवस्थाएंलोकसभा में विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए कई स्थायी प्रणालियां शुरू की गई हैं:प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र (PBSK): दिल्ली, दुबई, रियाद और जेद्दा जैसे प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जो दूतावासों के साथ मिलकर चौबीसों घंटे प्रवासियों को कानूनी और मानसिक परामर्श (Counseling) देते हैं।ऑनलाइन शिकायत पोर्टल: शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए MADAD, CPGRAMS और e-Migrate जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं।बीमा और वित्तीय सहायता: 'प्रवासी भारतीय बीमा योजना' (PBBY) के तहत ईसीआर (ECR) कामगारों को दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता पर 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (ICWF) के जरिए संकटग्रस्त भारतीयों को कानूनी और चिकित्सा सहायता दी जाती है।शव भारत लाने की त्वरित प्रक्रिया: स्वास्थ्य मंत्रालय का eCARe पोर्टल विदेशों से पार्थिव शरीर को भारत लाने की मंजूरी देने की प्रक्रिया को पेपरलेस बनाता है, जिससे 48 घंटे के भीतर सभी जरूरी मंजूरियां दी जा सकें।
NEET पेपर लीक विवाद के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक नया मोर्चा खोल दिया है। इस बार मुद्दा है—E-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल), जिससे गाड़ियों के माइलेज में गिरावट और इंजन में खराबी आने का दावा किया जा रहा है। केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वह आम लोगों से मिलीं 2 लाख से ज्यादा ऑनलाइन चिट्ठियों को लेकर आगामी हफ्तों में प्रधानमंत्री आवास जाएंगे और पीएम नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे को समय रहते सुलझाने की मांग करेंगे।शनिवार को दिल्ली में 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20'अरविंद केजरीवाल ने देश भर के लोगों को इस मुद्दे पर एकजुट करने के लिए शनिवार को दोपहर 12 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ‘नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20’ आयोजित करने की घोषणा की है।कैसे जुड़ें: दिल्ली-एनसीआर के लोग इसमें सीधे शामिल हो सकते हैं, जबकि देश के अन्य हिस्सों के लोग ऑनलाइन माध्यम से जुड़ सकते हैं।रजिस्ट्रेशन: टाउनहॉल में भाग लेने के लिए हेल्पलाइन नंबर 8588833212 जारी किया गया है।उद्देश्य: इस टाउनहॉल के जरिए ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स, E-20 पेट्रोल से प्रभावित वाहन चालकों और आम जनता से चर्चा की जाएगी।केजरीवाल ने कहा, देश के युवाओं ने दबाव बनाकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कराया। अब मेरा प्रधानमंत्री से निवेदन है कि लगे हाथ E-20 का मुद्दा भी सुलझा दें, इससे पहले कि यह मुद्दा भी एक बड़ा जन-आंदोलन बन जाए।नए एंटी-पेपर लीक बिल और पुलिस कार्रवाई पर साधा निशानासंसद में पेश हो रहे नए एंटी-पेपर लीक बिल (Anti-Paper Leak Bill) पर बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि कानून बनाना एक बात है, लेकिन माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की नीयत का होना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा, कानून तो पहले भी बहुत थे। सीबीआई ने जिन्हें गिरफ्तार किया, उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि, अगर कोई भी कड़ा कानून लाया जाता है, तो हम उसका स्वागत करते हैं।वहीं, बिहार समेत अन्य राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और दर्ज मुकदमों पर उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यह सरकार छात्रों के साथ वादाखिलाफी कर रही है।पंजाब और दिल्ली के एजुकेशन मॉडल का बचावपंजाब में पेपर लीक के आरोपों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए आप संयोजक ने कहा, दिल्ली में हमारी 10 साल सरकार रही और पंजाब में 3 साल से ज्यादा समय हो गया है, कभी पेपर लीक नहीं हुआ। पंजाब में दो परीक्षा केंद्रों पर कुछ बच्चे स्मार्ट पेन से नकल करने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें तुरंत पकड़ लिया गया। 2022 से पहले पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें नंबर पर था, जो आज देश में नंबर 1 पर आ चुका है। यही बात विरोधियों को चुभ रही है।
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) में जारी उथल-पुथल के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी (LPG) की आपूर्ति पर भारी दबाव देखा जा रहा है। भारत अपनी घरेलू एलपीजी जरूरतों का करीब 60% हिस्सा आयात (Import) के जरिए पूरा करता है और इसका बड़ा हिस्सा इसी होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत आता है। हालांकि, इस वैश्विक संकट के बीच भारत से एक बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है, जहां देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।राज्यसभा में 27 जुलाई 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा दिए गए लिखित जवाब के अनुसार, इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) को जनवरी 2026 में कुल 18.19 करोड़ रिफिल बुकिंग मिली थीं, जो जून तक गिरकर महज 12.80 करोड़ रह गईं। यानी केवल 6 महीनों में करीब 5.39 करोड़ (लगभग 30%) कम बुकिंग हुई हैं।महीने-दर-महीने कैसा रहा LPG बुकिंग का ग्राफ?पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में युद्ध छिड़ने के समय घबराहट में बुकिंग बढ़ी थी, लेकिन उसके बाद इसमें भारी गिरावट देखी गई:जनवरी 2026: 18.19 करोड़ बुकिंगफरवरी 2026: 16.65 करोड़ बुकिंगमार्च 2026 (युद्ध की शुरुआत): 18.00 करोड़ बुकिंगअप्रैल 2026: 13.24 करोड़ बुकिंग (रिकॉर्ड गिरावट)मई 2026: 12.98 करोड़ बुकिंगजून 2026: 12.80 करोड़ बुकिंगउज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की बुकिंग में भी 34% की कमीप्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के गरीब और ग्रामीण लाभार्थियों की बुकिंग में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है:जनवरी: 4.37 करोड़फरवरी: 4.05 करोड़मार्च: 3.69 करोड़अप्रैल: 3.04 करोड़मई: 2.84 करोड़जून: 2.90 करोड़जनवरी की तुलना में जून 2026 में उज्ज्वला लाभार्थियों द्वारा करीब 1.47 करोड़ कम सिलेंडर बुक कराए गए, जो कि 34 फीसदी की सीधी कमी को दर्शाता है। हालांकि, मई के मुकाबले जून में बेहद मामूली सुधार देखने को मिला।एलपीजी रिफिल बुकिंग घटने के क्या हैं मुख्य कारण?हालांकि सरकार की ओर से किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों के अनुसार इसके पीछे कई व्यावहारिक कारण हो सकते हैं:कीमतों में बढ़ोतरी: 1 अप्रैल 2026 को दिल्ली में 14.2 किग्रा घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹913 थी, जो 1 जुलाई 2026 से बढ़कर ₹942 हो गई। वहीं, ₹300 की सब्सिडी के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए इसकी कीमत ₹613 से बढ़कर ₹642 हो गई है।ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक ईंधनों का सहारा: फरवरी-मार्च में एलपीजी आपूर्ति के संकट की आशंका के चलते ग्रामीण इलाकों में लोगों ने एलपीजी के साथ-साथ लकड़ी, गोबर के उपले, बायोगैस और फसल अवशेषों का इस्तेमाल बढ़ा दिया। ईंधन के मिले-जुले इस्तेमाल से एक सिलेंडर लंबे समय तक चल रहा है।शहरी क्षेत्रों में विकल्पों का चलन: शहरों में इलेक्ट्रिक कुकटॉप्स (Induction), पीएनजी (PNG) कनेक्शन और सोलर/इलेक्ट्रिक कुकिंग का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिससे एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम हुई है।आर्थिक चुनौतियां: कई गरीब परिवारों के लिए मासिक बजट के चलते हर महीने रिफिल कराना मुश्किल हो रहा है, जिससे वे जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक साधनों का उपयोग कर रहे हैं।सरकार का क्या कहना है?केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी की कमी या बुकिंग में गिरावट के कारणों का कोई आधिकारिक विश्लेषण अभी जारी नहीं किया गया है।सरकार का कहना है कि:देश में घरेलू एलपीजी की कोई किल्लत या कमी नहीं है।वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को दुनिया के कई अन्य देशों की तुलना में काफी सस्ती दर पर रसोई गैस उपलब्ध कराई जा रही है।सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) प्रति सिलेंडर लगभग ₹700 तक का अंडर-रिकवरी बोझ खुद वहन कर रही हैं।इसके अलावा, सरकार उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को ₹300 प्रति सिलेंडर की लक्षित सब्सिडी लगातार जारी रख रही है।
असम में बाढ़ के बाद मंजर खौफनाक: 68 की मौत, 5.24 लाख लोग बेघर; 5 फीट तक जमा कीचड़ देख रो पड़े पीड़ित
पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख राज्य असम इस समय सदी की सबसे भयावह बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है। लगातार मूसलाधार बारिश और नदियों के रौद्र रूप ने लाखों परिवारों की जिंदगी को पूरी तरह तबाह कर दिया है। राज्य में इस प्राकृतिक आपदा से मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा बढ़कर 68 तक पहुंच गया है, जबकि 5.24 लाख से ज्यादा लोग अब भी बेघर होकर राहत शिविरों या ऊंचे स्थानों पर तिरपाल तानकर दिन काटने को मजबूर हैं।हालांकि कई इलाकों में अब पानी धीरे-धीरे उतर रहा है, लेकिन अपने पीछे तबाही की जो दर्दनाक तस्वीर यह बाढ़ छोड़ गई है, उसे देखकर हर कोई भावुक हो रहा है।शिवसागर, चराईदेव और नाजिरा में सबसे ज्यादा तबाहीबाढ़ की सबसे भारी मार शिवसागर, चराईदेव और नाजिरा क्षेत्रों पर पड़ी है। यहाँ हजारों घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और कई गांवों में लोगों के आशियानों के अंदर 4 से 5 फीट तक गाद और कीचड़ जम चुका है। घरों में रखा सालभर का राशन, कपड़े, कीमती सामान और फर्नीचर सब कुछ पानी और मिट्टी में मिलकर सड़ चुका है। बदबू और सड़ांध के कारण घरों के अंदर रहना या सांस लेना भी दूभर हो गया है।नाव ही बनी एकमात्र सहारा, राहत सामग्री पहुंचाना बड़ी चुनौतीप्रभावित इलाकों में सड़कें और पुल पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क बाकी दुनिया से कट गया है। ऐसे इलाकों में NDRF, SDRF, सेना, स्थानीय प्रशासन, RSS और सेवा भारती जैसी स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता नावों (Boats) के जरिए पीने का पानी, सूखा राशन और जरूरी दवाइयां पहुंचाने में दिन-रात जुटे हुए हैं। फिर भी पीड़ितों का कहना है कि तबाही के इस बड़े पैमाने के आगे राहत सामग्री अब भी नाकाफी साबित हो रही है।उजड़े आशियाने और भविष्य की चिंता में सिसकते पीड़ितबाढ़ पीड़ितों की आंखों में अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई को मिट्टी में मिलते देखने का गहरा दर्द साफ झलक रहा है। कई बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में असम में इतनी भयावह बाढ़ पहले कभी नहीं देखी। सिर से छत छीन जाने के बाद अब लोगों के सामने सबसे बड़ा संकट पीने के साफ पानी, भोजन और आने वाले दिनों में फैलने वाली जलजनित बीमारियों (Epidemics) से निपटने का है।राहत-बचाव कार्य तेज, सामान्य जीवन की बहाली में लगेगा लंबा वक्तप्रशासन और विभिन्न राहत एजेंसियां लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं और राज्य भर में सैकड़ों राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। हालांकि, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय देने, जमीनी स्तर पर फैली गंदगी को हटाने और उन्हें दोबारा सामान्य जिंदगी की ओर लौटाने में अभी कई महीनों का समय लग सकता है।
सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत पवित्र और विशेष स्थान रखता है। यह पावन दिन अपने गुरुजनों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। इस साल यह शुभ पर्व 29 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन महान ग्रंथ महाभारत और वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। इसलिए इस पर्व को 'व्यास पूर्णिमा' के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि गुरु पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से 5 प्रकार के गुरुओं का पूजन और सम्मान करने से जीवन में सुख, शांति, बुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।आइए जानते हैं कि वे 5 गुरु कौन से हैं जिनका आशीर्वाद लेना इस दिन बेहद फलदायी माना गया है:1. मां (जीवन की पहली गुरु)शास्त्रों में माता को बालक का प्रथम गुरु माना गया है। मां ही बच्चे को बोलना, चलना, सही और गलत का भेद तथा जीवन के प्राथमिक संस्कार सिखाती है।कैसे करें सम्मान: गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर सबसे पहले अपनी मां के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। उन्हें उनकी पसंद के वस्त्र या कोई भेंट देकर उनका आभार व्यक्त करें। माता के आशीर्वाद से जीवन में सुरक्षा और अमिट सुख प्राप्त होता है।2. पिता (कर्तव्य और संघर्ष सिखाने वाले गुरु)पिता बच्चे को दुनिया की चुनौतियों का सामना करना, कड़ा परिश्रम, अनुशासन और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना सिखाते हैं।कैसे करें सम्मान: इस दिन पिता के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लें। उन्हें रोली का तिलक लगाएं, माला पहनाएं या उपहार देकर सम्मानित करें। पिता का आशीर्वाद जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।3. शिक्षा देने वाले गुरु (शिक्षक)विद्यालय, कॉलेज या किसी भी कला-कौशल की शिक्षा देने वाले शिक्षक हमें अज्ञानता के अंधेरे से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं और आजीविका कमाने योग्य बनाते हैं।कैसे करें सम्मान: गुरु पूर्णिमा पर अपने शिक्षकों और प्राध्यापकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर या दूर होने पर फोन/संदेश के माध्यम से उनका आभार व्यक्त करें। गुरु का सम्मान करने से मेधा बुद्धि और करियर में प्रगति होती है।4. आध्यात्मिक गुरु (दीक्षा देने वाले गुरु)आध्यात्मिक गुरु वह दीपक हैं जो इंसान का परिचय ईश्वर से कराते हैं और मन को शांति व मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करते हैं।कैसे करें सम्मान: इस दिन अपने दीक्षा गुरु के आश्रम या स्थान पर जाकर उनके दिए मंत्रों का जाप करें। उनकी पादुकाओं या चरणों का पूजन कर यथाशक्ति दान-दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।5. महर्षि वेदव्यास और त्रिदेवचूंकि गुरु पूर्णिमा मुख्य रूप से व्यास पूर्णिमा है, इसलिए इस दिन जगतगुरु महर्षि वेदव्यास जी का पूजन करना अनिवार्य माना गया है।कैसे करें पूजन: महर्षि वेदव्यास जी के चित्र या मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलित करें। इसके साथ ही भगवान दत्तात्रेय (जिन्हें सनातन परंपरा में पहला गुरु माना गया है), भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा-अर्चना अवश्य करें।
साउथ सिनेमा से लेकर बॉलीवुड और हॉलीवुड तक अपनी अदाकारी का परचम लहराने वाले सुपरस्टार धनुष (Dhanush) किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। अपने अब तक के करियर में वे कुल 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) अपने नाम कर चुके हैं। हालांकि, जब उन्हें 2024 में एक साथ दो-दो नेशनल अवॉर्ड्स से नवाजा गया था, तब सोशल मीडिया पर उन्हें भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। कई सिनेमा प्रेमियों और अन्य एक्टर्स के फैंस का मानना था कि उस साल अन्य फिल्में भी थीं जो इन अवॉर्ड्स की बेहतर हकदार थीं।उस समय धनुष ने इस विवाद पर शांति बनाए रखी थी, लेकिन अब उन्होंने इस पूरे मामले और अपनी फिल्मों को लेकर अपनी दिल की बात खुलकर कही है।'कई बड़ी फिल्में थीं हकदार, मैं सभी के प्यार का सम्मान करता हूं'एक साथ दो नेशनल अवॉर्ड जीतने और उस पर हुए विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए धनुष ने बड़ी शालीनता से कहा, उस साल मुझे फिल्म 'रायन' के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था। लेकिन यह सच है कि उस साल वाकई में उससे भी कई बड़ी और बेहतरीन फिल्में थीं। उन फिल्मों के फैंस ने अपने पसंदीदा सितारों और सिनेमा के प्रति अपना प्यार दिखाया। यह पूरी तरह से सही है और मैं उनके इस प्यार व भावनाओं का पूरा सम्मान करता हूं।इसके साथ ही धनुष ने सिनेमा प्रेमियों और अपने चाहने वालों से भावुक अपील करते हुए कहा कि जब उन्हें दो नेशनल अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया है, तो कृपया सभी को इसका विरोध करने के बजाय इसे मिलकर सेलिब्रेट करना चाहिए।'रायन' और 'कैप्टन मिलर' के लिए मिला था सम्मानआपको बता दें कि साल 2024 में धनुष को उनकी निर्देशित व अभिनीत फिल्म 'रायन' (Raayan) के लिए बेस्ट रीजनल फिल्म की श्रेणी में नेशनल अवॉर्ड मिला था। वहीं, उनकी पीरियड-एक्शन फिल्म 'कैप्टन मिलर' (Captain Miller) के लिए उन्हें स्पेशल मेंशन कैटेगरी (Special Mention Category) के तहत बेस्ट एक्टर के सम्मान से नवाजा गया था।'रांझणा' और 'कर्नन' जैसी फिल्मों को नहीं मिला अवॉर्ड: धनुषअपने नेशनल अवॉर्ड्स का बचाव करते हुए और करियर का उदाहरण देते हुए धनुष ने याद दिलाया कि उनकी कई ऐसी कल्ट क्लासिक फिल्में थीं, जिन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना चाहिए था लेकिन वे चूक गईं।धनुष ने कहा कि उनकी बेहतरीन फिल्में जैसे—पुधुपेट्टई (Pudhupettai), 3, मयक्कम एन्ना (Mayakkam Enna), वड़ा चेन्नई (Vada Chennai), करनान (Karnan), मार्यन (Maryan) और हिंदी फिल्म रांझणा (Raanjhanaa) ऐसी फिल्में थीं जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बहुत प्रशंसा मिली और वे नेशनल अवॉर्ड की पूरी हकदार थीं। लेकिन बावजूद इसके इनमें से किसी भी फिल्म को नेशनल अवॉर्ड नहीं मिल सका। इसलिए, जब अब उन्हें पुरस्कार मिला है तो इसे विवादित बनाने के बजाय सकारात्मक रूप से स्वीकार किया जाना चाहिए।धनुष की आने वाली फिल्में (Upcoming Movies)धनुष के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनके पास इस समय कई बड़े और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। वे जल्द ही 'ओम चैप्टर 1' (OM Chapter 1), 'कारा' (Karaa) और 'थामिज मुरुगन' (Thamizh Murugan) जैसी बहुप्रतीक्षित फिल्मों में अपनी मुख्य भूमिकाओं के साथ बड़े पर्दे पर जलवा बिखेरते नजर आएंगे।
NEET पेपर लीक विवाद और लगातार हो रहे छात्र आंदोलनों के भारी राजनीतिक दबाव के बीच बिहार सरकार ने एक बड़ा और राहत देने वाला कदम उठाया है। बिहार गृह विभाग ने बड़ा निर्देश जारी करते हुए हालिया प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा करने, उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR), दर्ज शिकायतों और जारी सभी पुलिस नोटिसों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का आधिकारिक आदेश दे दिया है।इसके साथ ही राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक हुए छात्र आंदोलन से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अब कोई नई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।तेज प्रताप यादव समेत 355 लोग होंगे जेल से रिहाबिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, NEET पेपर लीक के विरोध में हुए उग्र प्रदर्शनों के दौरान राज्य भर में कुल 355 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि 694 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया था।जेल जाने वालों में जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव भी शामिल हैं। गृह विभाग के विशेष सचिव द्वारा जारी नए आदेश के बाद अब तेज प्रताप यादव समेत जेल में बंद सभी 355 लोगों की जल्द से जल्द रिहाई की प्रशासनिक प्रक्रिया संबंधित जिलों में शुरू कर दी गई है।बातचीत और समाधान का रास्ता: गृह विभाग की सफाईबिहार सरकार के गृह विभाग का कहना है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों के भविष्य व हितों की रक्षा करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कड़े कानूनी और दंडात्मक कदमों के बजाय बातचीत, सहानुभूति और शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता अपनाना ज्यादा बेहतर है। सरकार के इस अप्रत्याशित फैसले से पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों, अभ्यर्थियों और उनके चिंतित परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है।26 जुलाई शाम 6 बजे के बाद लागू नहीं होगी छूटगृह विभाग ने अपने आदेश में एक महत्वपूर्ण शर्त भी जोड़ी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि:यह पूरी राहत और केस वापसी केवल 26 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे से पहले हुई घटनाओं पर ही लागू होगी।26 जुलाई शाम 6 बजे के बाद यदि कोई हिंसा, उपद्रव या गैर-कानूनी गतिविधि होती है, तो उस पर यह छूट लागू नहीं होगी।राज्य में कानून-व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखने के लिए पुलिस आवश्यकता पड़ने पर नई घटनाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेगी।राजनीतिक तूफान शांत करने की बड़ी कोशिशराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र में मोदी सरकार द्वारा NTA में सुधार के कदमों, एंटी-पेपर लीक बिल और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिहार की राज्य सरकार पर भी भारी दबाव था। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर आक्रामक था। ऐसे में बिहार सरकार ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को रद्द करने का कार्ड खेलकर राज्य में उबल रहे राजनीतिक तूफान और छात्रों के असंतोष को शांत करने की दिशा में यह बड़ा दांव चला है।
दुबई से मुंबई जा रहे इंडिगो के विमान में आग की चेतावनी, आपात स्थिति में राजकोट में लैंडिंग
राजकोट। दुबई से मुंबई जा रहे इंडिगो के एक विमान को आग की चेतावनी के बाद राजकोट में आपात स्थिति में उतारा गया। विमान की राजकोट में सुरक्षित लैंडिंग हुई। इस उड़ान में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को मिलाकर कुल 194 लोग सवार थे। राजकोट हवाई अड्डे से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंडिगो […] The post दुबई से मुंबई जा रहे इंडिगो के विमान में आग की चेतावनी, आपात स्थिति में राजकोट में लैंडिंग appeared first on Sabguru News .
भोपाल में शादी का झांसा देकर 29 वर्षीय युवती से रेप
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर 29 वर्षीय युवती से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार पीड़िता पेशे से मेकअप आर्टिस्ट है। उसकी करीब एक माह पहले सोशल मीडिया […] The post भोपाल में शादी का झांसा देकर 29 वर्षीय युवती से रेप appeared first on Sabguru News .
देश में छोटे मूल्यवर्ग के नोटों को ज्यादा टिकाऊ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने 27 जुलाई 2026 को संसद में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल (Field Trial) के प्रस्ताव को सरकार की ओर से मंजूरी दे दी गई है।वित्त मंत्रालय ने संसद में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य रोजाना अत्यधिक इस्तेमाल होने वाले ₹10 और ₹20 के नोटों की उपयोगिता, मजबूती और उनके जीवनकाल (Lifespan) को व्यावहारिक रूप से परखना है।100-100 करोड़ पीस पॉलीमर नोटों का होगा परीक्षणआरबीआई के केंद्रीय बोर्ड (Central Board) की सिफारिश के आधार पर, केंद्रीय बैंक ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के 1-1 अरब (100-100 करोड़) पीस पॉलीमर नोट जारी करके देश भर में व्यापक ट्रायल करेगा।ट्रायल सफल रहा तो क्या होगा? सरकार के अनुसार, अगर यह फील्ड ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में इन दोनों मूल्यवर्गों के पॉलीमर नोटों का नियमित उत्पादन और प्रचलन शुरू किया जाएगा।हालांकि, केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि वर्तमान में पॉलीमर नोटों की शुरुआत अपने शुरुआती और प्रायोगिक चरण (Experimental Stage) में है।क्यों पड़ी पॉलीमर (प्लास्टिक) नोटों की जरूरत?कागजी करेंसी की तुलना में पॉलीमर नोटों के कई बड़े फायदे हैं:लंबी उम्र: अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, पॉलीमर नोट कागज के नोटों की तुलना में 3 से 4 गुना अधिक लंबे समय तक चलते हैं।वॉटरप्रूफ और मैला-मुक्त: ये नोट पानी से खराब नहीं होते, नमी या पसीने से जल्दी गीले होकर गलते नहीं हैं और इन पर गंदगी या ग्रीस आसानी से नहीं जमती।कम फटने का खतरा: ₹10 और ₹20 के कागजी नोट रोजमर्रा के लेनदेन (सब्जी, किराना, बस भाड़ा आदि) में बहुत तेजी से घिसकर फट जाते हैं, जबकि पॉलीमर नोट काफी मजबूत होते हैं।क्या पूरी तरह बंद हो जाएंगे पुराने कागजी नोट?सरकार ने पुराने कागजी नोटों को लेकर बनी भ्रम की स्थिति पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार:आरबीआई इन नए पॉलीमर नोटों को मौजूदा कागजी नोटों के साथ ही बाजार में सर्कुलेशन में लाएगा।पुरानी कागजी करेंसी को पूरी तरह से बंद करने या उसे एक झटके में हटाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। दोनों तरह के नोट एक साथ मान्य रहेंगे।UPI और डिजिटल पेमेंट पर क्या पड़ेगा असर?संसद में जब यह सवाल उठा कि क्या प्लास्टिक नोटों की एंट्री से देश में तेजी से बढ़ रहे यूपीआई (UPI) और डिजिटल भुगतानों पर कोई विपरीत असर पड़ेगा, तो वित्त मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय ने कहा कि कागजी/पॉलीमर बैंक नोट और डिजिटल पेमेंट सिस्टम एक-दूसरे के पूरक (Complementary) हैं। आम जनता की सुविधा के लिए दोनों विकल्प बाजार में मौजूद रहेंगे और इसका वास्तविक प्रभाव पॉलीमर नोटों के नियमित जारी होने के बाद ही आंका जा सकेगा।
संगरूर भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला, पुलिस जांच में जुटी
संगरूर। पंजाब में संगरूर स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर रविवार देर रात कथित तौर पर पेट्रोल बम से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार अज्ञात हमलावरों ने कथित रूप से बीयर की बोतल में पेट्रोल भरकर उसे पेट्रोल बम के रूप में तैयार किया और भाजपा कार्यालय […] The post संगरूर भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला, पुलिस जांच में जुटी appeared first on Sabguru News .
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य प्रतिवादियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (क्रिमिनल रिविजन पिटीशन) पर जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया।
अगर आप अपने परिवार के लिए एक ऐसी मिड-साइज या कॉम्पैक्ट SUV की तलाश में हैं जो देखने में मॉडर्न हो, जिसमें फीचर्स की कोई कमी न हो और जिसकी रनिंग कॉस्ट (ईंधन खर्च) बेहद कम हो, तो Maruti Suzuki Brezza ZXi CNG आपके लिए एक परफेक्ट विकल्प साबित हो सकती है। हाल ही में मारुति सुजुकी ने ब्रेज़ा को नए अपडेट्स और स्टाइलिंग के साथ बाज़ार में उतारा है। हालांकि पूरी तरह से लोडेड ZXi+ वेरिएंट में सीएनजी का ऑप्शन नहीं आता, लेकिन ZXi CNG वेरिएंट उन सभी प्रैक्टिकल फीचर्स से लैस है जो एक आम कार खरीदार अपनी रोज़मर्रा की ड्राइविंग में इस्तेमाल करता है।₹11.65 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर आने वाला यह ZXi वेरिएंट फैक्ट्री-फिटेड S-CNG टेक्नोलॉजी के साथ लाइन-अप का सबसे टॉप मॉडल है।इंजन, पावर और अंडरबॉडी CNG टैंक का बड़ा कमालमारुति ब्रेज़ा सीएनजी में 1.5-लीटर K15C Dual Jet, Dual VVT इंजन दिया गया है, जो 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है।पावर आउटपुट: पेट्रोल मोड में यह इंजन 103.05 PS की पावर और 139 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। वहीं, CNG मोड में यह 87.8 PS की पावर और 121.5 Nm का टॉर्क देता है।शानदार माइलेज: कंपनी के दावों के अनुसार, यह SUV 26.90 km/kg तक का बेहतरीन माइलेज देती है।डिग्गी में पूरा बूट स्पेस मिलेगा!पुरानी या आम सीएनजी गाड़ियों की सबसे बड़ी समस्या यह होती थी कि सीएनजी सिलेंडर डिग्गी (Boot) का पूरा स्पेस घेर लेता था। मारुति सुजुकी ने इस समस्या का तोड़ निकालते हुए Brezza CNG में अंडरबॉडी-माउंटेड सीएनजी टैंक (Underbody-Mounted Tank) तकनीक दी है। टैंक को गाड़ी के नीचे शिफ्ट करने से बूट स्पेस पूरी तरह खाली और सुरक्षित रहता है, जिससे लंबी दूरी के पारिवारिक सफर में सामान रखने की कोई दिक्कत नहीं होती।VXi CNG के मुकाबले ZXi CNG में क्या एक्स्ट्रा फीचर्स मिलते हैं?Brezza VXi CNG (₹9.99 लाख) से ZXi CNG (₹11.65 लाख) पर अपग्रेड करने के लिए करीब ₹1.66 लाख ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन बदले में आपको कई काम के प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं:एक्सटीरियर अपग्रेड्स: डुअल LED प्रोजेक्टर हेडलैंप, फ्लोटिंग LED DRLs, रूफ रेल्स, 16-इंच के पेंटेड अलॉय व्हील्स, स्मोक क्रोम फ्रंट ग्रिल और डुअल-टोन कलर ऑप्शन।इंटीरियर और कम्फर्ट: इलेक्ट्रिक सनरूफ, कूलिंग पैड के साथ वायरलेस फोन चार्जर, पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप, टिल्ट और टेलीस्कोपिक स्टीयरिंग, रियर सेंटर आर्मरेस्ट (कपहोल्डर के साथ), 60:40 स्प्लिट-फोल्डिंग रियर सीट्स और एम्बिएंट लाइटिंग।इन्फोटेनमेंट: 7-इंच टचस्क्रीन सिस्टम, जिसमें वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay के साथ एक्स्ट्रा ट्वीटर भी दिए गए हैं।सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), हिल होल्ड असिस्ट, रियर पार्किंग कैमरा व सेंसर और ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर।ZXi+ वेरिएंट के मुकाबले क्या-क्या फीचर्स नहीं मिलते?चूंकि ZXi+ टॉप-ऑफ-द-लाइन वेरिएंट है (जो सिर्फ पेट्रोल में उपलब्ध है), उसमें कुछ अतिरिक्त लग्जरी सुविधाएं मिलती हैं जो ZXi CNG में नहीं हैं:बड़ा 10.1-इंच SmartPlay Pro X इंफोटेनमेंट सिस्टम और सराउंड ऑडियो।HD 360-डिग्री कैमरा और हेड-अप डिस्प्ले (HUD)।हवादार (Ventilated) फ्रंट सीटें और लेदरेट सीट्स।कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी (Suzuki Connect), बिल्ट-इन एलेक्सा और OTA अपडेट्स।सेफ्टी में 360-डिग्री व्यू के साथ ब्लाइंड स्पॉट वार्निंग और TPMS हाईलाइन।क्या Brezza ZXi CNG सबसे वैल्यू-फॉर-मनी वेरिएंट है?अधिकांश मिड-साइज फैमिली कार खरीदारों के लिए इसका जवाब 'हाँ' है।Brezza ZXi CNG आपको एक सुरक्षित और विश्वसनीय SUV का अनुभव देती है। अंडरबॉडी टैंक से बूट स्पेस की समस्या खत्म हो जाती है, जबकि इलेक्ट्रिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, अलॉय व्हील्स, पुश-बटन स्टार्ट और 6 एयरबैग्स जैसे फीचर्स इसे आधुनिक बनाते हैं। ZXi+ में मिलने वाली सुविधाएं (जैसे 360 कैमरा या वेंटिलेटेड सीट्स) लग्जरी का हिस्सा हैं, लेकिन दैनिक ड्राइविंग की बुनियादी जरूरतों में बाधा नहीं बनतीं।यदि आपकी मंथली रनिंग ज्यादा है और आप कम बजट में प्रीमियम कम्फर्ट, बेहतरीन रीसेल वैल्यू और स्पेस चाहते हैं, तो मारुति ब्रेज़ा ZXi CNG आपके बजट और जरूरतों का सबसे संतुलित विकल्प है।
श्रीगंगानगर : नशे में मामूली पर विवाद के चलते युवक की हत्या
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के भागसर गांव में रविवार देर रात एक मजदूर युवक ने झगड़ा हो जाने पर दूसरे युवक की गर्दन काट कर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने सोमवार का बताया कि मृतक की पहचान रमेश सोनी (37) निवासी भागसर के रूप में हुई है। आरोपी युवक को हिरासत में ले […] The post श्रीगंगानगर : नशे में मामूली पर विवाद के चलते युवक की हत्या appeared first on Sabguru News .
देश के अधिकांश राज्यों में इस समय मानसून अपने पूरे शबाब पर है। असम और गुजरात से लेकर ओडिशा तक नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर रखा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जुलाई (मंगलवार) के लिए अपना ताजा मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है।इसके साथ ही, देश के 15 से अधिक अन्य राज्यों में भी मूसलाधार बारिश, 65 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं, आकाशीय बिजली और समुद्र में भीषण उथल-पुथल की चेतावनी दी गई है।दिल्ली-UP समेत इन 12 राज्यों में 'अति भारी बारिश' का अलर्टIMD के मुताबिक, 28 जुलाई को देश के 12 प्रमुख क्षेत्रों में तेज बादलों के जमावड़े के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज होने का अनुमान है:दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा व चंडीगढ़: मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ अति भारी बारिश होगी।उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में तेज बारिश के कारण लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और नदियों के उफान पर आने की आशंका है।पंजाब: राज्य के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का पूर्वाकलन है।ओडिशा, छत्तीसगढ़ व विदर्भ: मध्य और पूर्वी भारत के इन हिस्सों में मानसून की गतिविधियां काफी उग्र रहेंगी।मध्य महाराष्ट्र व कर्नाटक: मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों और तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश जारी रहेगी।इन 15 राज्यों में भी होगी मूसलाधार बरसातमौसम विभाग ने देश के 15 अन्य राज्यों में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:उत्तर व पश्चिम भारत: पूर्वी राजस्थान, गुजरात रीजन और कोंकण व गोवा में मूसलाधार बारिश हो सकती है।मध्य भारत: मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट है।पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत: पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज होगी।दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।65 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं और वज्रपात की चेतावनीबारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी, बिजली और समुद्री तूफानों का खतरा बना रहेगा:तूफानी हवाएं (40-50 किमी/घंटा): अंडमान-निकोबार, तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल और पूरे कर्नाटक में तेज हवाएं चलेंगी।वज्रपात (आकाशीय बिजली): उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में बिजली गिरने का खतरा है, इसलिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।समुद्री अलर्ट (मछुआरों के लिए चेतावनी): अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम बेहद खराब रहेगा। ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों पर 55 से 65 किमी/घंटा (झोंके 75 किमी/घंटा) की रफ्तार से भयंकर हवाएं चलेंगी। मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
एमसीडी टोल टैक्स टेंडर में 500 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप, 'आप' ने टेंडर रद्द करने की मांग की
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में सोमवार को टोल टैक्स और ईसीसी कलेक्शन टेंडर को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और करीब 500 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाते हुए पूरे टेंडर को तत्काल रद्द कर दोबारा ओपन टेंडर जारी करने की मांग की।
भीलवाड़ा एसपी से महिला से अभद्र व्यवहार करने वाले युवक की शिकायत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के गांधीनगर थाना क्षेत्र में एक महिला से कथित अभद्र व्यवहार काे लेकर पुलिस कार्रवाई में देरी से नाराज कई महिलाएं रविवार देर रात करीब 12 बजे पुलिस अधीक्षक आवास पहुंचीं और आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। प्राप्त जानकारी के अनुसार कनक विहार कॉलोनी निवासी एक महिला […] The post भीलवाड़ा एसपी से महिला से अभद्र व्यवहार करने वाले युवक की शिकायत appeared first on Sabguru News .

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