भारत की हसीन वादियां और नीले पानी की झीलें: सुकून की तलाश में घूमने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशंस
भगदड़ और शोरगुल से भरी आधुनिक जीवनशैली से दूर जब भी कोई व्यक्ति मानसिक शांति और प्रकृति के करीब कुछ पल बिताना चाहता है, तो उसके जेहन में सबसे पहला ख्याल पहाड़ों की गोद में छिपी किसी शांत झील और उसके किनारे बहती ठंडी हवाओं का आता है। हमारा देश भारत अपनी भौगोलिक विविधता, विशाल पर्वत श्रृंखलाओं और अनगिनत प्राकृतिक धरोहरों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, और यहां की प्राकृतिक झीलें इस देश के सौंदर्य में चार चांद लगाती हैं। यदि आप भी अपनी भागदौड़ भरी दिनचर्या से ब्रेक लेकर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां आपको कुदरत का असली सुकून, ठंडी हवा और दिलकश नजारे देखने को मिल सकें, तो भारत की ये पांच खूबसूरत और सांसें रोक देने वाली झीलें आपकी यात्रा को हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बना सकती हैं। इन झीलों के किनारे बिताए गए कुछ पल न केवल आपकी थकान को छूमंतर कर देंगे, बल्कि आपको भीतर से एक नई ऊर्जा और ताजगी से भर देंगे। आइए जानते हैं भारत की उन चुनिंदा पांच सबसे खूबसूरत झीलों के बारे में जो अपनी सुंदरता के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं।1. डल झील (श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर): धरती पर स्वर्ग का अहसास कराने वाली कश्मीरी खूबसूरतीजब भी भारत की सबसे खूबसूरत और प्रतिष्ठित झीलों का जिक्र होता है, तो सबसे पहला नाम कश्मीर की वादियों में स्थित प्रसिद्ध 'डल झील' (Dal Lake) का आता है, जिसे धरती का स्वर्ग भी कहा जाता है। चारों तरफ से बर्फ से ढंके ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों और देवदार के पेड़ों से घिरी यह झील अपनी शांत और नीले पानी की सतह के लिए सैलानियों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र रहती है। इस झील की सबसे बड़ी खासियत यहां चलने वाले पारंपरिक 'शिकारा' (Shikara) और भव्य हाउसबोट्स (Houseboats) हैं, जिन पर बैठकर पानी की सैर करना पर्यटकों के लिए एक जादुई अनुभव होता है। इसके अलावा, पानी पर तैरते हुए प्रसिद्ध फ्लोटिंग मार्केट्स (Floating Markets) और वहां मिलने वाले कश्मीरी हस्तशिल्प व स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ उठाना इस यात्रा को और भी खास बना देता है। सुबह के वक्त जब सूरज की पहली किरणें डल झील के पानी पर पड़ती हैं और चारों तरफ कोहरा छाया होता है, तो वह नजारा किसी पेंटिंग की तरह खूबसूरत दिखाई देता है, जिसे शब्दों में बयां कर पाना नामुमकिन है।2. पैंगोंग तसो झील (लद्दाख): रंग बदलने वाले नीले पानी का यह अद्भुत और जादुई करिश्मासमुद्र तल से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित लद्दाख की 'पैंगोंग तसो झील' (Pangong Tso Lake) अपनी अद्वितीय और अकल्पनीय सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। इस हाई-एल्टीट्यूड झील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दिन के अलग-अलग समय पर अपना रंग बदलती है, कभी यह गाढ़े नीले रंग की दिखाई देती है तो कभी फिरोजी या हरे रंग में तब्दील हो जाती है। बॉलीवुड की कई सुपरहिट फिल्मों (जैसे 'थ्री इडियट्स') की शूटिंग के बाद से यह झील भारतीय और विदेशी पर्यटकों के बीच ट्रेवल बकेट लिस्ट में सबसे ऊपर शुमार हो चुकी है। बर्फीले पहाड़ों की पृष्ठभूमि में फैली इस विशाल झील के किनारे बैठकर नीले आसमान और ठंडी हवाओं के बीच वक्त बिताना किसी आध्यात्मिक अनुभव से कम नहीं है। हालांकि यहां का तापमान काफी कम रहता है और आक्सीजन का स्तर भी कम होता है, लेकिन इसके बावजूद यहां की प्राकृतिक भव्यता पर्यटकों को अपनी ओर खींचने में कभी असफल नहीं होती है।3. उदयपुर की पिछोला झील (राजस्थान): महलों की छांव में इतिहास और आधुनिकता का अनूठा संगमराजस्थान के मरुधरा और रेगिस्तानी इलाकों के बीचों-बीच स्थित 'उदयपुर' शहर को वैसे तो झीलों की नगरी (City of Lakes) कहा जाता है, लेकिन इनमें 'पिछोला झील' (Lake Pichola) का अपना एक अलग ही ऐतिहासिक और जादुई वजूद है। अरावली की पहाड़ियों से घिरी इस कृत्रिम झील का निर्माण सदियों पहले कराया गया था, जिसके बीचों-बीच बने हुए प्रसिद्ध 'जग मंदिर' और 'लेक पैलेस' इसकी सुंदरता को चार चांद लगाते हैं। शाम के वक्त जब डूबते सूरज की सुनहरी किरणें पिछोला झील के पानी और सफेद संगमरमर से बने महलों पर पड़ती हैं, तो पूरा शहर किसी परी कथा जैसा नजर आता है। इस झील में बोटिंग करते हुए पुराने शहर की वास्तुकला को निहारना और अरावली की पहाड़ियों के पीछे छिपते सूरज को देखना पर्यटकों के लिए एक बेहद रोमांटिक और शांत अनुभव होता है। राजस्थान की इस सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी झील के किनारे बिताई गई एक शाम आपके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में से एक बन सकती है।4. उमियम झील (शिलांग, मेघालय): उत्तर-पूर्व भारत के हरे-भरे पहाड़ों के बीच छिपा एक शांत स्वर्गभारत के पूर्वोत्तर हिस्से यानी सेवन सिस्टर स्टेट्स में स्थित मेघालय की राजधानी शिलांग के पास मौजूद 'उमियम झील' (Umiam Lake) प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी छिपे हुए खजाने से कम नहीं है। स्थानीय लोग इसे प्यार से 'बड़ा पानी' भी कहते हैं, और यह चारों तरफ से चीड़ के घने जंगलों और हरी-भरे पहाड़ों की वादियों से घिरी हुई है। इस झील के शांत और दर्पण जैसी साफ सतह पर बादलों की परछाई देखना मन को असीम शांति प्रदान करता है। उमियम झील पर्यटकों को विभिन्न प्रकार के वॉटर स्पोर्ट्स जैसे कयाकिंग, बोटिंग और वाटर स्कूटर जैसी रोमांचक गतिविधियां भी प्रदान करती है, जिससे यह एडवेंचर लवर्स के बीच भी काफी लोकप्रिय है। मेघालय की ताजी हवा, प्रदूषण मुक्त वातावरण और इस झील के आसपास फैली हरियाली पर्यटकों को तनावमुक्त करने के लिए सबसे बेहतरीन जगह साबित होती है।5. वेम्नाड झील (केरल): बैकवाटर्स की सैर और हाउसबोट क्रूज का अनोखा और अविस्मरणीय अनुभवदक्षिण भारत के खूबसूरत राज्य केरल की गोद में बसी 'वेम्नाड झील' (Vembanad Lake) देश की सबसे लंबी और सबसे बड़ी झीलों में से एक है, जो अपने बैकवाटर्स (Backwaters) के लिए विश्वप्रसिद्ध है। केरल की इस शांत झील के किनारे नारियल के ऊंचे-ऊंचे पेड़, हरे-भरे धान के खेत और पारंपरिक ग्रामीण जीवन शैली पर्यटकों का मन मोह लेती है। यहां आने वाले सैलानी पारंपरिक केरल शैली के विशालकाय 'हाउसबोट' (Kettuvallam) में बैठकर इस झील के शांत पानी पर तैरते हुए रात बिताने का लुत्फ उठाते हैं। बोट के अंदर ही स्थानीय मसालों से बने दक्षिण भारतीय व्यंजनों का स्वाद लेते हुए पानी की लहरों के साथ आगे बढ़ना एक ऐसा सुकून भरा अहसास है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। साल के हर मौसम में यहां की जलवायु अनुकूल रहती है, और यही वजह है कि देश-विदेश से पर्यटक इस झील के किनारे शांति की तलाश में खींचे चले आते हैं।
बीजापुर : नीलमड़गु के जंगल में भालू के अचानक हमले से ग्रामीण गंभीर रूप से घायल
भारत के अंदरूनी और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में वन्यजीवों और इंसानों के बीच का संघर्ष अक्सर ऐसी भयानक दास्तानें सामने ले आता है जो किसी की भी रूह को कंपा कर रख दें। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और जंगलों से घिरे संवेदनशील जिले बीजापुर से एक बहुत ही दिल दहला देने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बीजापुर के ही एक सुदूर इलाके के अंतर्गत आने वाले नीलमड़गु के घने जंगलों (Neelmadgu Forest) में एक स्थानीय ग्रामीण पर एक खूंखार भालू ने अचानक पीछे से पूरी ताकत के साथ जानलेवा हमला बोल दिया। जंगलों की छांव में अपनी आजीविका चलाने और वनोपज इकट्ठा करने गए इस आम इंसान पर जब इस आदमखोर या गुस्से से भरे जंगली जानवर ने प्रहार किया, तो उसे संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस अचानक हुए खौफनाक हमले से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल साफ देखा जा सकता है। वनों और वन्यजीव अभयारण्यों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह घटना एक बार फिर से इस बात की याद दिलाती है कि प्रकृति के आंचल में रहना कितना जोखिम भरा हो सकता है, जहाँ हर कदम पर अनजाने खतरे घात लगाकर बैठे रहते हैं।नीलमड़गु के जंगलों में क्या था पूरा मामला? जानिए कैसे हुआ भालू और ग्रामीण का आमना-सामनाप्राप्त जानकारी और स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए विवरण के अनुसार, पीड़ित ग्रामीण रोजमर्रा की तरह सुबह-सुबह अपनी आजीविका और परिवार के भरण-पोषण के लिए नीलमड़गु के उस घने जंगल की तरफ गया था जहाँ महुआ, तेंदूपत्ता या अन्य वनोपज बहुतायत में पाए जाते हैं। वह अपनी धुन में जंगल के भीतर की पगडंडियों पर चल रहा था, तभी झाड़ियों और पेड़ों के बीच से अचानक एक विशालकाय भालू निकलकर उसके सामने आ गया। जंगली जानवरों की यह फितरत होती है कि जब वे अचानक किसी इंसान को अपने करीब पाते हैं या अपने शावकों के साथ होते हैं, तो वे बेहद आक्रामक हो जाते हैं। भालू ने बिना कोई चेतावनी दिए सीधे उस पर हमला कर दिया और अपने नुकीले पंजों तथा दांतों से उसके शरीर पर कई गंभीर घाव बना दिए। ग्रामीण ने अपनी जान बचाने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष किया और मदद के लिए चीखपुकार मचाई, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के अन्य जंगलों में मौजूद ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को अपनी तरफ आते देख और शोरगुल सुनकर वह खूंखार भालू वापस घनी झाड़ियों और जंगल के भीतर गायब हो गया, लेकिन तब तक वह अपना खूनी तांडव दिखा चुका था।अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा घायल युवक, डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है इलाजइस भयानक हमले के बाद लहूलुहान अवस्था में पड़े ग्रामीण को तुरंत उसके साथियों और स्थानीय लोगों की मदद से जंगल के बाहर लाया गया और बिना वक्त गंवाए बीजापुर के जिला अस्पताल (Bijapur District Hospital) पहुंचाया गया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए घायल युवक का प्राथमिक उपचार शुरू किया और उसके शरीर पर लगे गहरे घावों की मरहम-पट्टी की। डॉक्टरों का कहना है कि भालू के नाखूनों और दांतों से युवक के चेहरे, सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उसकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे कड़ी मेडिकल निगरानी में रखा गया है। इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही उसके परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल के बाहर इकट्ठा हुए शुभचिंतक और ग्रामीण लगातार भगवान से उसके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वन विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी स्थिति का जायजा ले रहे हैं।वन विभाग की प्रतिक्रिया और सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में सुलगता आक्रोशबीजापुर के नीलमड़गु जंगल में हुई इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर काफी नाराजगी और गुस्सा देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगलों के पास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए विभाग की तरफ से समय-समय पर कोई ठोस जागरूकता अभियान या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए जाते हैं, जिसके कारण आए दिन इस तरह की मानवीय और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आती रहती हैं। भालू और तेंदुओं के हमले की ऐसी घटनाएं बस्तर संभाग और बीजापुर बेल्ट में कोई नई बात नहीं है, लेकिन हर बार प्रशासन केवल मुआवजा देकर अपनी औपचारिकता पूरी कर लेता है। इस घटना के बाद से वन विभाग के अधिकारियों ने आसपास के सभी गांवों में मुनादी पिटवाकर लोगों को यह चेतावनी दी है कि वे फिलहाल कुछ दिनों तक अकेले घने जंगलों के भीतर न जाएं, क्योंकि जंगली जानवर इन दिनों अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक आक्रामक हो रहे हैं।निष्कर्ष: प्रकृति और मानव संघर्ष का यह अंतहीन दौर और हमारी प्रशासनिक जिम्मेदारीअंततः, बीजापुर के नीलमड़गु जंगल में भालू के हमले से घायल हुए इस ग्रामीण की यह दर्दनाक कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि विकास की दौड़ में जब हम जंगलों के दायरे में अतिक्रमण करते हैं या अपनी आजीविका के लिए प्रकृति पर निर्भर रहते हैं, तो ऐसे खतरों का सामना करना हमारी मजबूरी बन जाता है। सरकार और वन विभाग को चाहिए कि वे प्रभावित परिवारों को समुचित मुआवजा और मुफ्त इलाज मुहैया कराने के साथ-साथ जंगलों के किनारों पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए कोई स्थायी और वैज्ञानिक समाधान निकालें, ताकि भविष्य में किसी भी बेकसूर को इस तरह के खौफनाक हादसों का शिकार न होना पड़े।
छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग में बड़ा एक्शन: जुगाड़ के दम पर प्रमोट हुए 42 टैक्स इंस्पेक्टरों पर गिरी गाज
भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी विभागों में पारदर्शिता के दावों के बीच कई बार ऐसे सनसनीखेज खुलासे सामने आते हैं जो सिस्टम की चूलें हिलाकर रख देते हैं। देश के तेजी से उभरते हुए औद्योगिक और ऊर्जा संपन्न राज्य छत्तीसगढ़ से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और प्रशासनिक हलचल पैदा करने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य के वाणिज्यिक कर यानी जीएसटी (GST) विभाग में भूचाल ला दिया है। विभाग के भीतर लंबे समय से चल रही अंदरूनी गड़बड़ियों, नियमों को ताक पर रखकर किए गए पदोन्नति के खेल और जुगाड़ की राजनीति का पर्दाफाश करते हुए शासन ने एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। प्राप्त पुख्ता जानकारी के अनुसार, जुगाड़ और अनुचित तरीकों से टैक्स इंस्पेक्टर (Tax Inspector) के पद पर तैनात कर दिए गए कुल 42 अधिकारियों और कर्मचारियों को डिमोट (Demotion) कर दिया गया है। यानी कि जिन लोगों ने अपनी योग्यता के बजाय सिफारिश और सेटिंग के दम पर इंस्पेक्टर की कुर्सी हासिल की थी, उन्हें वापस उनके पुराने और मूल पद यानी 'बाबू' (Lower Division Clerk / Assistant) के रूप में डिग्रेड कर दिया गया है। इस ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार के इस सिंडिकेट से जुड़े लोगों में खौफ का माहौल साफ देखा जा सकता है।नियमों को ताक पर रखकर हुआ था प्रमोशन का खेल: कैसे खुली इस बड़े फर्जीवाड़े की पोल?छत्तीसगढ़ के जीएसटी विभाग में हुए इस बहुचर्चित डिमोशन कांड की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान विभाग में विभिन्न पदों पर कार्यरत लिपिक वर्गीय कर्मचारियों (बाबुओं) को नियमों को दरकिनार करते हुए और चयन प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ाते हुए टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नत कर दिया गया था। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस प्रमोशन के पीछे न तो वरिष्ठता सूची (Seniority List) के नियमों का पालन किया गया और न ही विधिक और प्रशासनिक योग्यताओं को प्राथमिकता दी गई, बल्कि विशुद्ध रूप से 'जुगाड़, रसूख और सांठगांठ' के बूते फाइलों को आगे बढ़ाकर इन आदेशों को अंजाम दिया गया था। जब इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायतें शासन और उच्च स्तर के अधिकारियों तक पहुंचीं, तो मामले की एक उच्चस्तरीय गोपनीय जांच बिठाई गई। जांच के दौरान जब एक-एक फाइल और प्रमोशन के दस्तावेजों की स्क्रूटनी की गई, तो विभाग के नुमाइंदों के होश उड़ गए क्योंकि दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर हेरफेर और नियमों की अनदेखी पकड़ी गई। इसके बाद बिना किसी लीपापोती के सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन सभी 42 फर्जी तरीके से बने टैक्स इंस्पेक्टरों के प्रमोशन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया और उन्हें उनके मूल पदों पर वापस भेज दिया।प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप और ईमानदार कर्मचारियों में जगी न्याय की उम्मीदइस एक बड़े प्रशासनिक एक्शन के बाद से छत्तीसगढ़ के सचिवालय से लेकर तमाम जिला स्तरीय जीएसटी कार्यालयों तक सिर्फ इसी बात की चर्चा हो रही है। जो लोग जुगाड़ और ऊंची पहुंच के बल पर रातोंरात बाबू से इंस्पेक्टर बनकर शान से घूम रहे थे, अचानक डिमोट होकर वापस अपनी पुरानी टेबल पर लौटने से उनकी हवाइयां उड़ी हुई हैं। दूसरी तरफ, विभाग के उन सैकड़ों ईमानदार और योग्य कर्मचारियों में एक नई उम्मीद और खुशी की लहर दौड़ गई है जो वर्षों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे लेकिन सिफारिशी संस्कृति के कारण पीछे छूट जाते थे। कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी तंत्र की साख फिर से बहाल होगी और भविष्य में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नियमों के साथ खिलवाड़ करने का दुःसाहस नहीं करेगा। इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि देर-सवेर भ्रष्टाचार की दीवारें ढहती ही हैं और कानून का शिकंजा हर उस शख्स तक पहुंचता है जो शॉर्टकट अपनाकर आगे बढ़ने की कोशिश करता है।शासन की सख्त चेतावनी: भ्रष्टाचार और बैकडोर एंट्री करने वालों पर आगे भी जारी रहेगा हंटरछत्तीसगढ़ शासन और वाणिज्यिक कर विभाग के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में यह संकेत दे दिया है कि महकमे के भीतर किसी भी प्रकार की अनियमितता, भाई-भतीजावाद या बैकडोर एंट्री को अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग अब उन तमाम अन्य मामलों की भी समीक्षा कर रहा है जहां पिछले कुछ वर्षों में संदेहास्पद तरीके से पदोन्नतियां या नियुक्तियां की गई हैं। इस कार्रवाई से यह कड़ा संदेश गया है कि सरकारी सेवा में केवल और केवल योग्यता, निष्ठा और ईमानदारी का ही बोलबाला होना चाहिए। जिन 42 लोगों को वापस बाबू बनाया गया है, उनके मामलों में यदि आगे किसी आपराधिक षड्यंत्र या वित्तीय गड़बड़ी के सुराग मिलते हैं, तो उन पर विभागीय जांच के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई का शिकंजा भी कसा जा सकता है। शासन के इस सख्त रुख से भ्रष्टाचार में लिप्त तत्वों की नींद उड़ चुकी है।
भारत जैसे देश में जहां क्रिकेट को किसी धर्म से कम नहीं माना जाता और खिलाड़ी देश के करोड़ों युवाओं के दिलों पर राज करते हैं, वहीं दूसरी तरफ इस माटी से जुड़े आम किसान भी अपनी मेहनत और अनूठे देशप्रेम से इतिहास रच देते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के एक बेहद साधारण और कर्मठ किसान लोकेंद्र साहू ने हाल ही में कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसने न केवल उनके अपने जिले का बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। लोकेंद्र साहू ने हाल ही में मायानगरी मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार टी20 बल्लेबाज और विस्फोटक खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव से आमने-सामने मुलाकात की। यह मुलाकात किसी साधारण प्रशंसक और खिलाड़ी की औपचारिक भेंट भर नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ी देशभक्ति की भावना और प्रेरणादायक कहानी छिपी हुई है। जब एक किसान अपनी जमीन और खेती-किसानी से वक्त निकालकर देश के वीर सपूतों के सम्मान के लिए मुंबई पहुंचता है, तो वह पल अपने आप में ऐतिहासिक बन जाता है। इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच खेल, कला और देश के प्रति समर्पण को लेकर लंबी चर्चा हुई, जिसने सोशल मीडिया पर भी खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया है।18 वीर शहीदों की प्रतिमा स्थापित करने वाले किसान लोकेंद्र साहू का असाधारण सफर और समर्पणइस पूरी मुलाकात का सबसे प्रेरणादायक और गौरवशाली पहलू यह है कि किसान लोकेंद्र साहू केवल एक आम किसान नहीं हैं, बल्कि उन्होंने अपने गांव और क्षेत्र में देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले 18 वीर शहीदों की आदमकद प्रतिमाएं अपने दम पर स्थापित करवाई हैं। हमारे देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के बलिदान को हमेशा जीवित रखने के लिए लोकेंद्र साहू ने जो बीड़ा उठाया है, वह बड़े-बड़े उद्योगपति और संगठन भी करने से कतराते हैं। अपनी गाढ़ी कमाई और खेत की मेहनत के पैसों से शहीदों के सम्मान में मूर्तियां गढ़वाना और उनका भव्य अनावरण करना इस बात का सबूत है कि सच्ची देशभक्ति किसी पद या पैसे की मोहताज नहीं होती, बल्कि इसके लिए एक बड़ा और साफ दिल होना जरूरी है। जब सूर्यकुमार यादव को इस बात की जानकारी मिली कि छत्तीसगढ़ का एक साधारण किसान देश के शहीदों के सम्मान के लिए इतना बड़ा सामाजिक कार्य कर रहा है, तो उन्होंने बेहद आत्मीयता के साथ लोकेंद्र साहू का स्वागत किया और उनके इस महान कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की।सूर्यकुमार यादव को भेंट की विशेष प्रतिमा: जब मायानगरी में छत्तीसगढ़ की कला ने बिखेरी अपनी चमकमुंबई में हुई इस खास मुलाकात के दौरान किसान लोकेंद्र साहू ने भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव को एक बेहद सुंदर और कलात्मक प्रतिमा भेंट की। इस भेंट का उद्देश्य देश के युवाओं के प्रेरणास्रोत बन चुके 'मिस्टर 360 डिग्री' यानी सूर्यकुमार यादव के जरिए देश भर के युवाओं में शहीदों के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रज्वलित करना था। जब सूर्यकुमार यादव ने अपने हाथों में उस प्रतिमा को थामा, तो उनके चेहरे पर एक गहरा सम्मान और कृतज्ञता का भाव साफ झलक रहा था। उन्होंने लोकेंद्र साहू से छत्तीसगढ़ की संस्कृति, वहां के किसानों के जीवन और उनके द्वारा किए जा रहे इन सामाजिक कार्यों के बारे में विस्तार से बातचीत की। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चकाचौंध और दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के किसी दूरदराज गांव की माटी की सोंधी खुशबू—इन दोनों का यह मिलन इस बात का प्रतीक था कि जब नीयत साफ हो, तो रास्ते और मुकाम अपने आप जुड़ जाते हैं। इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुए, वैसे ही खेल जगत और आम जनता ने लोकेंद्र साहू की इस सादगी और निष्ठा की जमकर सराहना करनी शुरू कर दी।छत्तीसगढ़ के गांवों से उठकर राष्ट्रीय पटल पर छाने वाले लोकेंद्र साहू से देश के युवाओं को क्या सीख लेनी चाहिए?आज के इस आधुनिक दौर में जहां अधिकांश युवा केवल भौतिक सुख-सुविधाओं और महानगरों की चकाचौंध के पीछे भाग रहे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के किसान लोकेंद्र साहू ने यह साबित कर दिया है कि यदि आपके इरादे बुलंद हों और दिल में देश के लिए कुछ करने का जज्बा हो, तो आप अपने छोटे से गांव में रहकर भी एक बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। शहीदों की याद में प्रतिमाएं स्थापित करना और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से अवगत कराना एक ऐसा सांस्कृतिक और राष्ट्रीय कार्य है जो हमेशा इतिहास के पन्नों में अमर रहेगा। सूर्यकुमार यादव जैसे शीर्ष स्तर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से मिलकर अपनी उस कला और भावना को साझा करना छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। यह घटना यह सिखाती है कि मेहनत, ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति से बड़ा दुनिया में कोई दूसरा धर्म नहीं है, और जब कोई किसान इस बात को अपने आचरण से साबित करता है, तो पूरा देश उसे सलाम करता है।एक किसान और एक क्रिकेटर की यह मुलाकात बनी देश भर के लिए प्रेरणा की मिसालअंततः, छत्तीसगढ़ के किसान लोकेंद्र साहू और स्टार क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव की यह मुलाकात इस बात का जीवंत दस्तावेज है कि हमारे देश में प्रतिभा और देशभक्ति की कोई कमी नहीं है। लोकेंद्र साहू द्वारा शहीदों के सम्मान में किया गया यह कार्य और मुंबई जाकर अपनी कला को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। यह कहानी आने वाले समय में न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के युवाओं को अपने देश, संस्कृति और वीर जवानों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती रहेगी, और यह साबित करेगी कि सच्ची मेहनत का फल हमेशा महान होता है।
क्या हुआ था अनुच्छेद 370 हटाने के एक रात पहले
सुजीत ठाकुर/ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज जन्मदिन है। जब वह 2019 में दोबारा चुन कर सत्ता में आए थे। उस चुनाव में लोकसभा में भाजपा के 303 सदस्य चुने गए थे। महज कुछ ही महीनों बाद 5 अगस्त 2019 को वह ऐतिहासक काम मोदी सरकार ने किया जो सियासी रूप से अससंभव […]
'हनुमान अंश' की स्पेशल स्क्रीनिंग, PM मोदी के जन्मदिन पर UP में भव्य आयोजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश में अलग-अलग अंदाज में आयोजन हुए. प्रयागराज में मंत्रियों की मौजूदगी में 'हनुमान अंश' की विशेष स्क्रीनिंग हुई, जबकि रायबरेली के ऊंचाहार में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सवा करोड़ महामृत्युंजय मंत्र का सामूहिक जाप किया. दोनों कार्यक्रमों में PM मोदी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की गई.
लीसेस्टरशायर काउंटी क्रिकेट क्लब पर गिरी गाज: 'दादा' की शूटिंग और प्रशासनिक लापरवाही पड़ी भारी
क्रिकेट के मैदान पर खेल भावना, अनुशासन और नियमों का पालन करना हर टीम और क्लब की सबसे पहली जिम्मेदारी होती है, लेकिन कई बार मैदान के बाहर होने वाली गतिविधियां भी क्लबों पर भारी पड़ जाती हैं। इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है जहां प्रसिद्ध लीसेस्टरशायर काउंटी क्रिकेट क्लब (Leicestershire County Cricket Club) को एक फिल्म या कमर्शियल 'शूटिंग' के चक्कर में भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा है। इस विवाद के चलते क्रिकेट अनुशासन बोर्ड (Cricket Discipline Commission - CDC) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने क्लब पर शिकंजा कसते हुए कुल ₹6.43 लाख (लगभग 6,000 से अधिक) का भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना लगाया है, और साथ ही उनके आधिकारिक टूर्नामेंट अंकों से 27 महत्वपूर्ण अंक भी काट लिए गए हैं। जब काउंटी क्रिकेट जैसी पारंपरिक और अनुशासित लीग में इस प्रकार की बड़ी पेनाल्टी लगाई जाती है, तो पूरी दुनिया के खेल गलियारों में इसकी चर्चा होना लाजिमी है। यह घटना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि खेल के बुनियादी नियमों और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच संतुलन न रखने पर क्लबों को अपनी प्रतिष्ठा और रैंकिंग दोनों के रूप में कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।क्या था पूरा मामला? जानिए क्यों लीसेस्टरशायर पर की गई इतनी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाईइस पूरे विवाद के पीछे की जड़ें तब गहरी हुईं जब लीसेस्टरशायर काउंटी क्लब के होम ग्राउंड या आधिकारिक परिसरों में किसी कमर्शियल शूटिंग या वीडियो प्रोजेक्ट (जिसे अनौपचारिक रूप से 'दादा की शूटिंग' या इसी तरह के प्रोजेक्ट से जोड़ा गया) के लिए नियमों की अनदेखी की गई। काउंटी क्रिकेट के नियमों के अनुसार, क्लब के मैदान और सुविधाएं केवल क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों या प्राधिकृत आयोजनों के लिए ही उपयोग की जानी चाहिए, और किसी भी व्यावसायिक या बाहरी शूटिंग के लिए ईसीबी (ECB) की पूर्व अनुमति व सख्त प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होता है। क्लब प्रबंधन द्वारा अनुमति के नियमों और तयशुदा समय-सीमा का उल्लंघन किए जाने के कारण मामला अनुशासन समिति के पास पहुंच गया। जब जांच कमेटी ने इस पूरे मामले की फाइलों को खंगाला, तो यह पाया गया कि शूटिंग के दौरान पिच और अन्य बुनियादी खेल सुविधाओं को संभावित नुकसान पहुंच सकता था, और इसी लापरवाही को आधार बनाते हुए क्लब के खिलाफ यह सख्त दंडात्मक कदम उठाया गया है।अंक तालिका में 27 अंक कटने से लीसेस्टरशायर की स्थिति हुई दयनीय, खिलाड़ियों की मेहनत पर फिरा पानीकिसी भी प्रोफेशनल क्रिकेट टीम के लिए आर्थिक जुर्माना तो भरा जा सकता है, लेकिन टूर्नामेंट की अंक तालिका (Points Table) से सीधे 27 अंक काट लिया जाना किसी बड़े सदमे से कम नहीं होता है। पूरी सीज़न के दौरान खिलाड़ियों ने धूप और बारिश में पसीना बहाकर जो अंक मैदान पर अपनी मेहनत से कमाए थे, वे प्रशासनिक और प्रबंधन की एक गलती के कारण पलक झपकते ही माइनस हो गए। इस भारी-भरकम कटौती के बाद लीसेस्टरशायर की टीम लीग स्टैंडिंग में काफी नीचे खिसक गई है, जिससे उनके नॉकआउट चरण में पहुंचने या चैंपियनशिप जीतने के सपनों को करारा झटका लगा है। खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के बीच इस बात को लेकर भारी नाराजगी और निराशा का माहौल है, क्योंकि उनकी ऑन-फील्ड मेहनत का खामियाजा मैनेजमेंट की ऑफ-फील्ड गलतियों की वजह से भुगतना पड़ रहा है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की पेनल्टी से क्लब का मनोबल टूटता है और आने वाले मैचों में उनके लिए वापसी करना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाएगा।काउंटी क्रिकेट के कड़े नियम और प्रशासनिक जवाबदेही का बढ़ता दबावइंग्लैंड का काउंटी क्रिकेट अपनी ऐतिहासिक परंपराओं, खेल की निष्पक्षता और कड़े अनुशासन के लिए दुनिया भर में मिसाल माना जाता है। वहां किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि या प्रायोजन से जुड़े आयोजनों के लिए ईसीबी के नियम इतने सख्त हैं कि थोड़ी सी भी चूक होने पर बोर्ड बिना किसी लिहाज के कार्रवाई करता है। लीसेस्टरशायर के साथ हुई इस घटना ने अन्य सभी काउंटी क्लबों को भी यह चेतावनी दे दी है कि वे खेल परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की शूटिंग या कमर्शियल गतिविधियों को अंजाम देते समय पूरी तरह सतर्क रहें। क्लब के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और बोर्ड के सदस्यों की यह जवाबदेही तय की गई है कि वे क्लब की प्राथमिकताओं में क्रिकेट और उसकी पवित्रता को सबसे ऊपर रखें। इस जुर्माने और अंकों की कटौती के बाद लीसेस्टरशायर प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में इस तरह की प्रशासनिक चूक न दोहराने का भरोसा दिलाया है, लेकिन तब तक जो नुकसान होना था वह हो चुका है।इस सबक से खेल जगत को क्या सीखने की जरूरत है?अंततः, लीसेस्टरशायर काउंटी क्रिकेट क्लब पर लगी यह पेनल्टी और 'शूटिंग' का यह पूरा विवाद इस बात का आईना है कि खेल के मैदानों का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ के लिए करते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। पैसे कमाने या मीडिया प्रोजेक्ट्स के चक्कर में जब खेल की गरिमा और नियमों से समझौता किया जाता है, तो उसका परिणाम क्लब के इतिहास और वर्तमान दोनों पर भारी पड़ता है। उम्मीद की जानी चाहिए कि लीसेस्टरशायर इस झटके से उबरकर मैदान पर अपनी खेल प्रतिभा के दम पर वापसी करेगा, और दुनिया भर के अन्य क्रिकेट बोर्ड भी इस मामले से कड़ा सबक लेंगे।
सहेलियों पर छात्रा से मारपीट का आरोप, वायरल हुआ वीडियो
मध्य प्रदेश के सतना में कॉलेज छात्रा से मारपीट का मामला सामने आया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छात्रा ने पुलिस में शिकायत की. पुलिस ने चार छात्राओं के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वीडियो में जानें पुलिस ने क्या बताया.
PM Modi के जन्मदिन पर MP Dy CM Rajendra Shukla ने रीवा में किया रक्तदान
मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर रीवा में आयोजित एक स्वैच्छिक शिविर में रक्तदान किया और स्वस्थ व पात्र नागरिकों से इस कार्य में शामिल होने का आग्रह किया। मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा शुरू किए गए एक महीने के राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान के तहत यहां के कृष्ण राज कपूर सभागार में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। शुक्ला ने रक्तदान करके अभियान का उद्घाटन किया। भाजपा नेता ने कहा कि मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देश भर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, रक्तदान एक महान कार्य है और मानवता की सेवा करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। दुर्घटनाओं में घायल लोगों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों के इलाज के लिए रक्त की आवश्यकता होती है। उन्होंने स्वस्थ और पात्र नागरिकों से रक्तदान करने और जरूरतमंदों का जीवन बचाने में योगदान देने का आग्रह किया। शुक्ला ने कहा कि 18 से 65 वर्ष की आयु के स्वस्थ लोग जो पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, वे चिकित्सा जांच के बाद रक्तदान कर सकते हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान के बाद उन्हें आंतरिक खुशी महसूस हुई और उन्होंने नागरिकों से इस सेवा पहल में भाग लेने का आग्रह किया। शिविर में रीवा के संभागीय आयुक्त शैलेंद्र सिंह, अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी रक्तदान किया। अधिकारियों ने बताया कि पात्र और इच्छुक नागरिक रीवा जिले के मंगवां, जावा, सिरमौर, सेमरिया, गंगेव और गोविंदगढ़ कस्बों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और त्योंथर के सिविल अस्पताल में आयोजित शिविरों में रक्तदान कर सकते हैं।
एशियन गेम्स के महासमर में भारत का नया कदम: टेकबॉल टीम ने शानदार अंदाज में शुरू किया अपना अभियान
अंतरराष्ट्रीय खेल जगत के सबसे प्रतिष्ठित और भव्य मंचों में शुमार एशियाई खेलों (Asian Games) में भारतीय दल ने हर बार की तरह इस बार भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराते हुए इतिहास रचना शुरू कर दिया है। खेलप्रेमियों के बीच भले ही क्रिकेट, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल हमेशा से चर्चा के केंद्र में रहे हों, लेकिन इस बार के एशियन गेम्स में भारत के युवाओं ने एक ऐसे नए और रोमांचक खेल में अपना अभियान शुरू किया है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हम बात कर रहे हैं 'टेकबॉल' (Teqball) की, जो कि फुटबॉल और टेबल टेनिस का एक बेहद अनूठा और कलात्मक मिश्रण है और इन दिनों पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। एशियन गेम्स के इस रोमांचक महाकुंभ में भारतीय टेकबॉल टीम ने जब मैदान पर कदम रखा, तो उनके अंदर का जोश, अनुशासन और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। खेल विशेषज्ञों और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के लिए यह देखना बेहद सुखद अनुभव था कि कैसे हमारे देश के खिलाड़ी अब केवल पारंपरिक खेलों तक सीमित न रहकर आधुनिक और वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरने वाले नए खेलों में भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं।क्या है टेकबॉल और एशियन गेम्स में क्यों माना जा रहा है इसे भारत के लिए बेहद खास मौका?टेकबॉल (Teqball) मूल रूप से एक ऐसा इंडोर-आउटडोर खेल है जिसे एक विशेष रूप से मुड़े हुए घुमावदार टेबल (Curved Table) पर फुटबॉल के नियमों के साथ खेला जाता है, जिसमें खिलाड़ियों को अपने पैरों, सिर, छाती और कंधों का इस्तेमाल करके गेंद को पार करना होता है। इसमें खिलाड़ियों की फुर्ती, तकनीकी दक्षता, गजब का संतुलन और एकाग्रता की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। जब एशियन गेम्स के आधिकारिक शेड्यूल में टेकबॉल को शामिल किया गया, तो भारत के युवा एथलीटों ने इसके लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करके खुद को तैयार किया। एशियन गेम्स के इस मंच पर भारतीय टेकबॉल टीम का अपने अभियान की शुरुआत करना इस बात का प्रतीक है कि भारत अब खेल के क्षेत्र में विविधता (Sports Diversity) को अपनाने में कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया भर के दिग्गजों और एशियाई देशों के मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ अपने पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम ने जिस प्रकार की मानसिक दृढ़ता और खेल कौशल का परिचय दिया, उसने यह साबित कर दिया कि आने वाले समय में भारत टेकबॉल जैसी आधुनिक विधाओं में भी मेडल का एक बड़ा दावेदार बनकर उभरने वाला है।पहले मुकाबले में भारतीय टीम का धमाकेदार प्रदर्शन और मैदान पर दिखी अद्भुत तालमेल की झलकएशियन गेम्स के अपने पहले मुकाबले में जब भारतीय टेकबॉल खिलाड़ियों ने कोर्ट पर उतरकर शॉट लगाना शुरू किया, तो उनके बीच का आपसी तालमेल और रणनीति देखने लायक थी। मैच की शुरुआत में थोड़े दबाव के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन वापसी करते हुए अपने एशियाई प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी और कई मौकों पर शानदार अंक बटोरे। कोचों और सपोर्ट स्टाफ द्वारा दी गई रणनीतिक ट्रेनिंग मैदान पर पूरी तरह असरदार साबित हो रही थी, जहां खिलाड़ियों ने फुर्ती दिखाते हुए टेबल के दोनों छोर पर बेहतरीन डिफेंस और अटैकिंग शॉट्स का प्रदर्शन किया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल में महारत रखने वाले कुछ पारंपरिक देश कड़ा मुकाबला दे रहे थे, लेकिन भारतीय टीम के हौसले और उनकी फाइटिंग स्पिरिट ने यह दिखा दिया कि वे यहां सिर्फ हिस्सा लेने नहीं, बल्कि देश के लिए इतिहास रचने आए हैं। दर्शकों की दीर्घा से जब भारतीय समर्थकों ने तिरंगा लहराते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया, तो खिलाड़ियों का जोश दोगुना हो गया और उन्होंने अपनी पूरी ऊर्जा मैदान पर झोंक दी।भारत में टेकबॉल का भविष्य और एशियन गेम्स से मिलने वाली नई प्रेरणाएशियन गेम्स में भारतीय टेकबॉल टीम के इस शानदार आगाज का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव यह पड़ने वाला है कि देश के छोटे शहरों और कस्बा स्तर के युवाओं के बीच इस खेल को लेकर भारी क्रेज पैदा होगा। अभी तक क्रिकेट और हॉकी जैसे चुनिंदा खेलों को मिलने वाली शोहरत के बीच टेकबॉल जैसे आधुनिक खेलों को मुख्यधारा में लाना एक बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐसी सफल शुरुआत इस खेल के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। खेल मंत्रालय, ओलंपिक संघ और विभिन्न खेल अकादमियों को अब इस बात का प्रोत्साहन मिलेगा कि वे देश भर में टेकबॉल के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा, आधुनिक ट्रेनिंग कैंप और विशेष कोचेज उपलब्ध कराएं ताकि हमारे युवा खिलाड़ी भविष्य में ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर सकें। खिलाड़ियों की यह मेहनत और उनका यह साहसिक कदम आने वाली पीढ़ी के लिए एक नई राह तैयार कर रहा है।भारतीय खेलों के स्वर्णिम काल का एक नया और आधुनिक अध्यायअंततः, एशियन गेम्स के इस महामंच पर भारतीय टेकबॉल टीम द्वारा अपने अभियान का यह शानदार आगाज इस बात का सुबूत है कि भारतीय खेल संस्कृति अब एक नए और आधुनिक दौर में प्रवेश कर चुकी है। हमारे एथलीटों का उत्साह, लगन और नया सीखने का जज्बा इस बात की गारंटी है कि आने वाले दिनों में भारत पदक तालिका में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा। पूरा देश इस समय अपनी टेकबॉल टीम के साथ खड़ा है और उनके हर एक मैच पर टकटकी लगाए बैठा है, यह उम्मीद करते हुए कि वे अपनी इस बेहतरीन शुरुआत को मेडल तक जरूर पहुंचाएंगे।
बाजार की मिठाई छोड़ें, घर में बनाएं मावा केसर वाले उकादिचे मोदक
Kesar Mawa Modak: अगर आप भी गणेशोत्सव के पर्व पर भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाना चाहते हैं तो यहां हम आपको मावा केसर मोदक की रेसिपी बता रहे हैं. पारंपरिक उकादिचे मोदक में चावल के आटे की आउटर लेयर और अंदर ताजा नारियल और गुड़ होता है लेकिन यहां थोड़ा ट्विस्ट देते हुए हम मावा और ड्राई फ्रूट्स की स्टफिंग करेंगे.
UCC और सियासी गलियारों में सुगबुगाहट: क्या नीतीश कुमार को घेरने की हो रही है बड़ी साजिश
देश के राजनीतिक परिदृश्य में जब भी समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) जैसे संवेदनशील और वैचारिक मुद्दों पर चर्चा छिड़ती है, तो देश के तमाम क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों के बीच पाबंदियों और गठबंधनों के समीकरण तेजी से बदलने लगते हैं। बिहार की राजनीति में इन दिनों एक बार फिर से सनसनीखेज भूचाल आया हुआ है, क्योंकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) को लेकर एक ऐसा तीखा और रणनीतिक राजनीतिक बयान दिया है जिसने सियासी पंडितों को भी हैरान कर दिया है। राजद का यह आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए जाने वाले यूसीसी (UCC) कानून के नाम पर अप्रत्यक्ष रूप से नीतीश कुमार को पूरी तरह से 'भगवामय' करने यानी बीजेपी की हिंदुत्ववादी विचारधारा में पूरी तरह विलीन करने की सुनियोजित तैयारी चल रही है। बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की छवि हमेशा से एक धर्मनिरपेक्ष (Secular) और समाजवादी नेता की रही है, जो कभी बीजेपी के साथ तो कभी आरजेडी के साथ मिलकर सरकार चलाते रहे हैं। ऐसे में, आरजेडी द्वारा यह दावा किया जाना कि नीतीश कुमार अब अपनी वैचारिक पहचान खोते जा रहे हैं, आने वाले राजनीतिक दिनों के लिए एक बहुत बड़े दंगल का संकेत दे रहा है।भगवामय करने की तैयारी: आरजेडी के इस गंभीर आरोप के पीछे का असली सियासी निशाना क्या है?राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं का यह तर्क है कि यूसीसी जैसे मुद्दों पर जेडीयू का जो मौन समर्थन या ढुलमुल रवैया रहता है, वह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पार्टी अब वैचारिक रूप से पूरी तरह कमजोर हो चुकी है और बीजेपी के दबाव में अपने पुराने समाजवादी सिद्धांतों से समझौता कर रही है। आरजेडी का मुख्य निशाना यह साबित करना है कि नीतीश कुमार की पार्टी अब अपने दम पर कोई स्वतंत्र निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है और धीरे-धीरे उन्हें पूरी तरह से भगवा रंग में रंगने का खेल खेला जा रहा है, ताकि उनके मूल मुस्लिम और पिछड़ों के वोट बैंक में सेंध लगाई जा सके। बिहार जैसे राज्य में जहां जातीय समीकरण और सामाजिक न्याय की राजनीति चुनावी हार-जीत की दिशा तय करती है, वहां किसी भी नेता पर वैचारिक पलटी मारने का आरोप लगाना सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार माना जाता है। आरजेडी इस मुद्दे को हवा देकर यह जताना चाहती है कि जो लोग कल तक धर्मनिरपेक्षता की बड़ी-बड़ी बातें करते थे, वे आज सत्ता के लालच में बीजेपी के हर उस एजेंडे का समर्थन कर रहे हैं जो देश के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने के खिलाफ है।जेडीयू का पलटवार और नीतीश कुमार की राजनीतिक मजबूरी बनाम रणनीतिक कौशलदूसरी ओर, आरजेडी के इन तीखे हमलों पर पलटवार करते हुए जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि नीतीश कुमार किसी के दबाव में काम नहीं करते हैं, बल्कि वे हमेशा से 'सबका साथ, सबका विकास' और न्याय के साथ विकास के रास्ते पर चलने वाले नेता रहे हैं। जेडीयू का यह कहना है कि यूसीसी या किसी भी अन्य राष्ट्रीय मुद्दे पर पार्टी का स्टैंड पूरी तरह से पारदर्शी रहा है और वे विधि आयोग या संबंधित मंचों पर अपनी बात मजबूती से रखते आए हैं। हालांकि, राजनीति के जानकार अच्छी तरह समझते हैं कि नीतीश कुमार के सामने वर्तमान में अपनी पार्टी के अस्तित्व को बचाए रखने और राष्ट्रीय राजनीति में प्रासंगिक बने रहने की एक बड़ी चुनौती है, जिसके चलते उन्हें कई बार ऐसे मुद्दों पर संतुलन बनाकर चलना पड़ता है जो उनके पुराने सहयोगियों को रास नहीं आते। आरजेडी इसी मजबूरी को अपना सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बना रही है और वह लगातार यह प्रचारित करने में जुटी है कि नीतीश कुमार अब जेडीयू को बचाने में नाकाम साबित हो रहे हैं और उनकी पार्टी का भगवाकरण अपरिहार्य हो चुका है।आगामी चुनावों और बिहार के समीकरणों पर UCC विवाद का क्या होगा दूरगामी असर?बिहार में होने वाले आगामी चुनावों और राजनीतिक उठापटक के लिहाज से यूसीसी और भगवाकरण का यह नैरेटिव बहुत दूरगामी प्रभाव छोड़ने वाला है। राज्य का मुस्लिम मतदाता और पारंपरिक समाजवादी वोटर इस बात पर बारीक नजर बनाए हुए है कि कौन सा दल वैचारिक रूप से उनके हितों के साथ खड़ा है और कौन अवसरवादी राजनीति कर रहा है। आरजेडी इस प्रकार के बयानों के जरिए अल्पसंख्यक और पिछड़ों के उस कोर वोटर को फिर से अपने पाले में एकजुट करने की कोशिश कर रही है जो कभी नीतीश कुमार के सुशासन के नाम पर उनके साथ जुड़ा करता था। यदि आरजेडी इस रणनीति में कामयाब हो जाती है, तो जेडीयू के लिए अपने पारंपरिक वोट बैंक को सहेजे रखना बेहद मुश्किल हो जाएगा। यही वजह है कि जेडीयू भी अब आक्रामक रुख अपनाते हुए आरजेडी के परिवारवाद और भ्रष्टाचार के पुराने मुद्दों को जोर-शोर से उठा रही है ताकि जनता का ध्यान भटकाया जा सके।वैचारिक दंगल और बिहार की राजनीति का नया मोड़अंततः, यूसीसी के नाम पर नीतीश कुमार को 'भगवामय' करने का यह आरजेडी का सियासी शिगूफा महज एक बयान नहीं है, बल्कि यह बिहार के आगामी राजनीतिक रण का एक सुनियोजित शंखनाद है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, वैचारिक और जातीय समीकरणों की यह लड़ाई और अधिक तीव्र होती जाएगी। जनता अब बहुत समझदार हो चुकी है और वह भली-भांति जानती है कि किस दल का निशाना वास्तव में जनहित का है और किसका मकसद सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेकना है। इस सियासी घमासान में किसकी जीत होती है और कौन किस पर भारी पड़ता है, यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा, लेकिन इतना तय है कि बिहार की राजनीति में गर्माहट अभी और बढ़ने वाली है।
मेरे प्रधानमंत्री, काशी सौभाग्य': हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर पीएम मोदी को मिली अनूठी बधाई
भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं में पर्वों और उत्सवों का विशेष महत्व रहा है, और जब बात बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी (Varanasi) की हो, तो हर एक उत्सव का रंग अपने आप में अनूठा और भव्य हो जाता है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के संसदीय क्षेत्र काशी से अक्सर ऐसे अनूठे और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध संदेश सामने आते हैं जो पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। हाल ही में हनुमान जन्मोत्सव के पावन और पवित्र अवसर पर काशी की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए एक ऐसा ही बेहद खास और भावुक कर देने वाला बधाई संदेश वायरल हुआ, जिसके मुख्य बोल थे—मेरे प्रधानमंत्री, काशी सौभाग्य। इस छोटे से लेकिन बेहद गहरे अर्थ वाले वाक्य ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तहलका मचा दिया है और लोग इसे बड़े पैमाने पर शेयर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और उनके निर्वाचन क्षेत्र काशी के बीच का यह अटूट और आत्मीय रिश्ता किसी से छिपा नहीं है, लेकिन जब स्थानीय जनता और साधु-संत अपनी परंपराओं के साथ अपने लोकप्रिय नेता को इस अनूठे अंदाज में शुभकामनाएं देते हैं, तो वह राजनीति से ऊपर उठकर भारतीय सांस्कृतिक चेतना का एक सुंदर प्रतीक बन जाता है।काशी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आध्यात्मिक संबंध: विकास और विरासत का अद्भुत संगमप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काशी के साथ जुड़ाव केवल एक जनप्रतिनिधि और उसके क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उससे कहीं अधिक गहरा और आध्यात्मिक रिश्ता है। जब से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से उन्होंने काशी के प्राचीन स्वरूप को संरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक विकास के नए आयाम दिए हैं। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण हो या शहर की संकरी गलियों का कायाकल्प, हर कदम पर काशी के लोगों ने महसूस किया है कि उनके सांसद और देश के प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक शहर को उसका खोया हुआ गौरव वापस दिलाया है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन जब काशीवासियों ने मेरे प्रधानमंत्री, काशी सौभाग्य कहकर उन्हें बधाई दी, तो इसके पीछे यही मूल भावना थी कि एक सशक्त और गौरवशाली काशी का निर्माण होना इस नगरी और पूरे देश के लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए काशी अब जिस रूप में निखर कर सामने आई है, उसने हर भारतवासी के मन में प्रधानमंत्री के प्रति एक विशेष सम्मान और आत्मीयता पैदा कर दी है।हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व और संकटमोचन नगरी में उत्सव का भव्य माहौलसंकटमोचन हनुमान जी की इस पावन नगरी में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व किसी महाकुंभ से कम नहीं होता है। शहर के प्राचीन हनुमान मंदिरों, विशेषकर प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर और अन्य सिद्ध पीठों पर अलसुबह से ही भक्तों का तांता लग जाता है और पूरा शहर भक्तिमय धुनों से गूंज उठता है। हनुमान जी को शक्ति, साहस और निष्काम सेवा का प्रतीक माना जाता है, और जब ऐसे प्रेरणादायी पर्व पर काशी के लोगों ने अपने देश के प्रधानमंत्री को याद करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भेजीं, तो उसका संदेश बहुत दूर तक गया। इस प्रकार के संदेश इस बात का गवाह हैं कि भारत की जनता अपने नेतृत्व के साथ कितनी भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है। सोशल मीडिया पर #MyPmoVaranasi और #KashiSaubhagya जैसे ट्रेंड्स के माध्यम से लोगों ने प्रधानमंत्री को हनुमान जन्मोत्सव की बधाई देते हुए उनके दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की। स्थानीय कलाप्रेमियों, संतों और युवाओं ने मिलकर जिस रचनात्मक तरीके से इस बधाई संदेश को प्रसारित किया, उसने साबित कर दिया कि काशी के लोग अपनी आत्मीयता जताने में हमेशा सबसे आगे रहते हैं।डिजिटल युग में भावनाओं की अभिव्यक्ति: कैसे सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ 'काशी सौभाग्य' संदेश?आज के इस आधुनिक और डिजिटल युग में किसी भी त्योहार या विशेष अवसर पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम सोशल मीडिया बन चुका है, और काशी के युवाओं ने इस तकनीक का बहुत ही सुंदर और सकारात्मक उपयोग किया है। मेरे प्रधानमंत्री, काशी सौभाग्य लिखे गए विशेष डिजिटल पोस्टर्स, वीडियो क्लिप्स और पारंपरिक काशी के घाटों की तस्वीरों के साथ जब यह संदेश इंटरनेट पर अपलोड किया गया, तो कुछ ही घंटों में यह वायरल हो गया। राजनीतिक विश्लेषकों का भी यह मानना है कि जनता और शीर्ष नेतृत्व के बीच इस प्रकार का सीधा और भावनात्मक संवाद लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है। जब देश का मुखिया अपने काम और समर्पण से जनता के दिलों में इस प्रकार की जगह बना लेता है, तो आम लोग भी हर पर्व पर उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह याद करते हैं। यह ट्रेंड इस बात का भी प्रतीक है कि काशी के लोग अपने सांस्कृतिक मूल्यों के साथ-साथ अपने शहर के विकास में प्रधानमंत्री के योगदान को कितना महत्व देते हैं।प्रधानमंत्री और काशी के अटूट बंधन का एक और सुनहरा अध्यायअंततः, हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर सामने आया मेरे प्रधानमंत्री, काशी सौभाग्य का यह संदेश महज एक बधाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी भावना है जो विकास, विश्वास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के एक नए युग को परिभाषित करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी ने जिस प्रकार वैश्विक स्तर पर अपनी एक नई पहचान बनाई है, उससे हर काशीवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। यह अनूठा बधाई संदेश इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जनता और उनके नेता के बीच का यह रिश्ता आपसी सम्मान और अगाध स्नेह की मजबूत नींव पर टिका हुआ है, जो आने वाले समय में देश औरसमाज को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
एआई 171 क्रैशः बोइंग में सिस्टम फेलियर के सैकड़ों दस्तावेज, एफएएस ने एएआईबी को घेरा
नई दिल्ली — 17 सितंबर, 2026 — फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (एफएएस- FAS) के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर एड पियर्सन ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी- AAIB) को भेजे ईमेल में दावा किया कि अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हादसे का शिकार हुए एयर इंडिया के विमान वीटी-एएनबी (VT-ANB) की बिजली, इलेक्ट्रॉनिक और फ्लाइट कंप्यूटर प्रणालियों में लंबे समय से खराबियों से जुड़े सैकड़ों गैर-सार्वजनिक दस्तावेज जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए गए थे। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हुई थी और जमीन पर 19 लोगों समेत कुल 260 लोगों की मौत हुई थी।
बिहार के नालंदा जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। प्यार, विश्वास और धोखे की फेहरिस्त में अक्सर युवाओं की जान जाने की कई दर्दनाक कहानियां सामने आती रहती हैं, लेकिन इस बार का मामला बेहद रहस्यमयी और डरावना है। नालंदा जिले के एक युवा शिवम कुमार की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई और उसका शव एक सूने इलाके से गुजर रही नहर में तैरता हुआ बरामद किया गया। घटना से कुछ दिन पहले ही शिवम के पास उसकी पीजी (Paying Guest) में रहने वाली कथित गर्लफ्रेंड का फोन आया था जिसमें उसने रोते हुए कहा था कि तुम घर आ जाओ, और उसके कुछ ही घंटों बाद शिवम रहस्यमयी तरीके से लापता हो गया था। जब तक परिवार वाले और पुलिस उसकी तलाश कर पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी लाश पानी से बाहर निकाली गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, जो समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके हंसते-खेलते बेटे के साथ आखिर उस रात क्या हुआ था।'घर आ जाओ' वाला वह आखिरी फोन कॉल और हॉस्टल-पीजी संस्कृति का काला सचशुरुआती जांच और परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मृतक शिवम पिछले कुछ समय से पढ़ाई या अन्य सिलसिले में घर से बाहर एक पीजी या हॉस्टल में रहने वाली युवती के संपर्क में था। दोनों के बीच गहरे प्रेम प्रसंग की बात कही जा रही है, जो अक्सर मोबाइल फोन पर लंबी बातचीत के जरिए आगे बढ़ रहा था। घटना वाले दिन जब युवती ने फोन करके उसे बेहद जिद और रोते हुए यह कहा कि तुम तुरंत घर आ जाओ, मुझे तुमसे मिलना है, तो शिवम उसके बहकावे या भावनाओं में आकर उस स्थान के लिए निकल पड़ा। लेकिन उसके बाद से उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया और उसका कोई अता-पता नहीं चला। आज के समय में महानगरों और छोटे शहरों में तेजी से फैल रही पीजी और हॉस्टल संस्कृति में इस तरह के प्रेम प्रसंग कई बार किस हद तक खतरनाक मोड़ ले लेते हैं, इसका अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है। पुलिस अब उस फोन कॉल की सीडीआर (Call Detail Record) खंगालने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उस आखिरी कॉल के पीछे असली साजिश किसकी थी और क्या उस लड़की ने उसे किसी सोची-समझी योजना के तहत बुलाया था।नहर में तैरती मिली लाश और परिवार के गंभीर आरोप: क्या यह आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या?जब कई दिनों की तलाश के बाद भी शिवम का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की मदद से जब आसपास के जलस्रोतों और नहरों की तलाशी ली गई, तो कुछ किलोमीटर दूर एक नहर के पानी में शिवम का शव उतराता हुआ मिला। जब शव को बाहर निकाला गया तो उसके शरीर पर कई ऐसे निशान थे और मौत के हालात इतने संदेहास्पद थे कि परिवार ने इसे सीधा-सीधा हत्या (Murder) करार दिया है। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटे की किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं थी, बल्कि उसे एक साजिश के तहत उस लड़की और उसके साथियों द्वारा बुलवाकर मौत के घाट उतारा गया है और बाद में शव को ठिकाने लगाने के लिए नहर में फेंक दिया गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है, ताकि मेडिकल रिपोर्ट के जरिए यह साफ हो सके कि शिवम की मौत डूबने से हुई थी या फिर पानी में फेंकने से पहले उसकी बेरहमी से गला घोंटकर या मारपीट करके हत्या की गई थी।पुलिस की ताबड़तोड़ जांच और प्रेमिका की भूमिका पर गहराता जा रहा है संदेहइस बहुचर्चित और सनसनीखेज मामले की गंभीरता को देखते हुए नालंदा पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जांच के दायरे को काफी बढ़ा दिया है। पुलिस ने उस पीजी या हॉस्टल में जाकर भी पूछताछ शुरू कर दी है जहां वह युवती रहती थी और जिसके फोन पर शिवम घर से निकला था। प्रेमिका और उसके करीबियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उनके बयानों में छिपे विरोधाभासों को पकड़ा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी सर्विलांस, लोकेशन ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस बात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं कि उस रात शिवम किससे मिला था और किन लोगों की मौजूदगी में वह नहर तक पहुंचा। इस प्रकार के मामलों में अक्सर प्रेम त्रिकोण (Love Triangle), आपसी रंजिश या ब्लैकमेलिंग के एंगल भी सामने आते हैं, और पुलिस हर एक युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी और न्याय की आसअंततः, नालंदा के शिवम की यह दर्दनाक दास्तान हम सभी के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी और सबक है कि भावनाओं के आवेग में आकर लिए गए फैसले कई बार कितनी भारी कीमत चुका सकते हैं। एक तरफ जहां एक जवान बेटे की मौत ने पूरे परिवार को अंदर से तोड़कर रख दिया है, वहीं दूसरी तरफ समाज में बढ़ रहे इस प्रकार के प्रेम प्रसंगों के खौफनाक अंत चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। पीड़ित परिवार अब सिर्फ एक ही मांग कर रहा है कि उन्हें निष्पक्ष न्याय मिले और उनके बेटे के कातिलों को कानून के कटघरे में खड़ा करके कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। पुलिस की जांच अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है, और जल्द ही इस बात का खुलासा हो जाएगा कि 'घर आ जाओ' कहने वाली उस गर्लफ्रेंड के पीछे छिपे राज क्या थे और शिवम की मौत का असली जिम्मेदार कौन है।
हूती विद्रोहियों का बड़ा दावा, सऊदी का एफ-15 फाइटर जेट मार गिराया
यमन के हुती विद्रोहियों ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के एक एफ-15 फाइटर जेट को मार गिराया है. इस दावे के समर्थन में विद्रोहियों के सैन्य मीडिया विंग ने एक वीडियो भी जारी किया है. इस वीडियो में रात के अंधेरे आसमान में एक तेज रोशनी दिखाई देती है और उसके तुरंत बाद जमीन पर जलता हुआ मलबा नजर आता है.
Aaditya Thackeray पर CBI FIR राजनीतिक साजिश, Uddhav बोले- दिशा सालियन केस में हमारा कोई Role नहीं
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI की FIR में अपने बेटे आदित्य ठाकरे का नाम आने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। संभाजीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि यह मामला राजनीतिक मकसद से प्रेरित है और कहा कि उनका और उनके बेटे का इससे कोई लेना-देना नहीं है। ठाकरे ने कहा कि यह घटना दुखद थी, लेकिन हमें इसमें क्यों घसीटा जा रहा है? हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरी तरह से राजनीतिक मकसद से प्रेरित है। कल को इसमें आपके नाम भी घसीटे जा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Graham Staines हत्याकांड के दोषी Dara Singh की सजा में छूट की याचिका Odisha Government ने की खारिज उन्होंने आगे मज़ाक में कहा कि जांच में ऐसे लोगों के नाम भी आ सकते हैं जिनका इससे कोई लेना-देना नहीं है, जैसे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। उन्होंने पूछा कि आप इसमें पीएम मोदी और ट्रंप के नाम क्यों नहीं घसीटते? महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि CBI को किसी की छवि खराब नहीं करनी चाहिए और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। शिवसेना (UBT) प्रमुख ने कहा कि अपनी जांच करें, लेकिन किसी की छवि खराब करने की कोशिश न करें। अगर छवि खराब करने की कोशिश की गई, तो हमें कानूनी कार्रवाई करनी पड़ेगी। हम कभी नहीं मिले और हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने भी सालियन की मौत से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। कल एक ऑनलाइन पोस्ट में उन्होंने कहा कि वह कभी सालियन से नहीं मिले और उन्हें उनकी मौत से जोड़ना साफ़ राजनीतिक और निजी मकसद वाले कुछ लोगों द्वारा छवि खराब करने की जानबूझकर की गई कोशिश है, जिसका कोई सबूत नहीं है। दिशा सालियन के पिता, सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे और NCP (SP) नेता व महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताने के लिए उनसे 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इसे भी पढ़ें: Puri Beach पर Sudarsan Pattnaik ने बनाई 25 फुट लंबी रेत की कलाकृति 8 जून 2020 को मुंबई में एक इमारत की 14वीं मंज़िल से गिरने के बाद सालियन की मौत हो गई थी। इसके छह दिन बाद सुशांत सिंह राजपूत अपने फ़्लैट में मृत पाए गए थे। तब सालियन की मौत के मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की गई थी।
सहवाग ने क्यों धरा यमराज का रूप? सामने आई वजह
वीरेंद्र सहवाग ने सोशल मीडिया पर यमराज के लुक में फोटोज़ शेयर कर फैन्स को चौंका दिया. उनका ये अंदाज रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ से जुड़ा है. 26 सितंबर से शुरू होने वाले शो में सहवाग बतौर होस्ट नज़र आएंगे. वीडियो में जानें इस शो में कौन-कौन होगा.
42 की उम्र में जुड़वा बेटों की बनी मां, धूमधाम से की गणेश पूजा
शादी के करीब 10 साल बाद जुड़वा बेटों के माता-पिता बने इस कपल ने पहली बार अपने नन्हे बच्चों के साथ गणपति बप्पा का स्वागत किया.
बीजेपी से एग्जिट, सपा में एंट्री... राम आसरे कुशवाहा कानपुर बेल्ट में पलट पाएंगे गेम?
6 बार के पूर्व मंत्री प्रो. राम आसरे कुशवाहा ने 13 साल बाद फिर से सपा का दामन थाम लिया है. अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुई इस घर वापसी से कानपुर-बुंदेलखंड बेल्ट में सपा के PDA फॉर्मूले को मजबूती और बीजेपी के गैर-यादव OBC वोट बैंक में बड़ी सेंध लग सकती है.
भारतीय शूटरों का बुरा हाल, भूखे-प्यासे भटकने को हुए मजबूर
जापान में भारतीय खिलाड़ी एशियन गेम्स 2026 में अपना दमखम दिखाने पहुंच चुके हैं. लेकिन वहां पहुंचते उनके साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने फैन्स को सोचने पर मजबूर कर दिया है.
JEE-UPSC-RPSC में फेल शख्स को मिला ₹60 लाख का पैकेज
शुभम सोनी को JEE, UPSC और RPSC परीक्षाओं में बार-बार असफलता का सामना करना पड़ा. इसके साथ ही उनका सीजीपीए 6.4 था और कई विषयों में बैकलॉग भी थे. उन्होंने Infosys में ₹3.6 लाख प्रति वर्ष की सैलरी के साथ शुरुआत की, बाद में उन्होंने PubMatic और Amazon में काम किया और अब Coursera में ₹60 लाख प्रति वर्ष से अधिक की कमाई कर रहे हैं.
ब्रिक्स पे क्या है और कैसे काम करेगा? SWIFT vs BRICS Pay का पूरा गणित | Explained
क्या ब्रिक्स पे अमेरिकी डॉलर और SWIFT नेटवर्क के दबदबे को खत्म कर देगा? जानिए BRICS Pay का विकेंद्रीकृत सिस्टम, भारत के UPI/RuPay की भूमिका और SWIFT से इसका मुकाबला।
'आज मेरा नहीं, आपका ही बर्थडे है...', पीएम मोदी ने शेयर किया Insta वीडियो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में वे एक महिला को कहते नजर आ रहे हैं कि आज मेरा नहीं आपका ही बर्थडे है. PM मोदी ने बताया कि आज दो जन्मदिन हैं, एक विश्वकर्मा जी का है.
सूर्य ने बनाया बुधादित्य योग, 9 दिन 4 राशियों को होगा खूब फायदा
Surya Gochar 2026: सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश से बुधादित्य योग बन रहा है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार अगले 9 दिनों तक 4 राशियों को आर्थिक लाभ और करियर में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं.
Flipkart के बिल में दिखा ₹1,051 रुपये का एक्स्ट्रा चार्ज, स्क्रीनशॉट वायरल
Flipkart से ऑनलाइन सामान मंगाना एक यूजर को काफी महंगा पड़ गया. ऑर्डर की कीमत के अलावा बिल में 1,051 रुपये के अलग-अलग चार्ज जोड़ दिए गए। Protect Promise Fee, Payment Handling Fee और Offer Handling Fee के नाम पर ये रकम ली गई.इसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद यूजर्स ने Flipkart से सवाल किए और एक्स्ट्रा चार्ज को लेकर नाराजगी जताई.
तृणमूल कांग्रेस की सांसद ने अपनी पोस्ट में स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह खुद को शेर बताते हुए यूपी की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद को धमकाता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि यह वीडियो कब का है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
दोस्त के साथ संबंध बनाने से इनकार किया तो सहेलियों ने छात्रा को पीटा, Video
सतना में कॉलेज छात्रा के साथ उसकी ही 4 सहेलियों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है. आरोप है कि छात्र से संबंध बनाने और दोस्त को खुश करने से इनकार करने पर छात्रा को सुनसान जगह ले जाकर पीटा गया. घटना का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया गया. शिकायत के बाद कोलगवां थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है.
UP की हर सीट पर उतरेगी BJP-RSS की टीम! करेगी एक्स-रे
UP Election 2027 :2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और संघ ने मिशन 403 की तैयारी शुरू कर दी है. लखनऊ के बाद अब गोरखपुर, अयोध्या और प्रयागराज में क्षेत्रीय बैठकों के जरिए हर विधानसभा सीट का फीडबैक जुटाया जाएगा. आखिर क्या है बीजेपी का सीट-दर-सीट प्लान? देखिए पूरी रिपोर्ट.
गुरुवार को मणिपुर के राहत शिविरों में संदिग्ध मौतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
हनुमान अंश का धमाका! 300 करोड़ पार कमाई, बरस रही बाबा की कृपा
सिर्फ 2 करोड़ में बनी ‘हनुमान अंश’ ने दुनियाभर में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है. शोभिनव सत्या के किरदार को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। अब फिल्म के दूसरे पार्ट की तैयारी है.
मेरी डिग्री का क्या? कैंपेन लेकर आई यूथ कांग्रेस, खाली सरकारी पदों पर भर्ती की मांग
इंडियन यूथ कांग्रेस ने देशभर के सरकारी विभागों में खाली पड़े मंजूर पदों को लेकर ‘मेरी डिग्री का क्या?’ कैंपेन शुरू किया है। कैंपेन की शुरुआत दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ हुई, जहां एक वेबसाइट लॉन्च की गई और आगे की गतिविधियों का रोडमैप भी बताया गया। यूथ कांग्रेस का कहना है कि देश के युवाओं के सामने बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती है और बड़ी संख्या में सरकारी पद खाली होने के बावजूद उन पर भर्ती नहीं हो रही है। 50 लाख से ज्यादा खाली पदों का मुद्दा उठाया दिल्ली प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने दावा किया कि देशभर में 50,05,850 मंजूर सरकारी पद खाली हैं। उनके मुताबिक, इन पदों पर भर्ती होने से युवाओं को रोजगार मिलने के साथ स्कूलों और अस्पतालों जैसी सरकारी सेवाओं में भी सुधार हो सकता है। यूथ कांग्रेस का कहना है कि एक तरफ युवाओं के पास डिग्रियां हैं और वे नौकरी की तलाश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में सरकारी पद खाली पड़े हैं। इसी सवाल को लेकर संगठन ने ‘मेरी डिग्री का क्या?’ अभियान शुरू किया है। इसे भी पढ़ें: UPI MDR चार्ज पर सरकार की सफाई बोगस, Congress नेता KC Venugopal ने साधा निशाना प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुरू हुआ कैंपेन यूथ कांग्रेस के मुताबिक, यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर शुरू किया गया है। संगठन ने अपने बयान में प्रधानमंत्री और देश के युवाओं के बीच रोजगार के मुद्दे को लेकर तुलना की है। यूथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की डिग्री और युवाओं की डिग्रियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि आम परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए फीस भरने और कई बार कर्ज लेने तक की कोशिश करते हैं, इस उम्मीद में कि पढ़ाई के बाद उन्हें रोजगार मिलेगा और वे परिवार का सहारा बन सकेंगे। ‘50 लाख पद खाली हैं तो भर्ती क्यों नहीं?’ यूथ कांग्रेस ने अपने अभियान के जरिए सवाल उठाया है कि अगर देश में बड़ी संख्या में युवा नौकरी के लिए योग्य हैं और सरकारी विभागों में मंजूर पद खाली हैं, तो इन पदों पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही है। संगठन ने केंद्र सरकार की ओर से हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के वादे को लेकर भी सवाल उठाए हैं। यूथ कांग्रेस ने अपने बयान में प्रधानमंत्री के लिए ‘जुमलाजीवी’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए रोजगार के वादों पर निशाना साधा है। हालांकि, ये यूथ कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप और उसके अभियान का हिस्सा हैं। इनके संदर्भ में सरकार का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है। भर्ती प्रक्रिया के लिए तय हो समय-सीमा यूथ कांग्रेस ने खाली सरकारी पदों को भरने के लिए दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग: हर खाली पद के लिए समय-सीमा वाला भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए। दूसरी मांग: भर्ती परीक्षा से लेकर अंतिम नियुक्ति तक पूरी प्रक्रिया के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाए। संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ता है, जो लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहते हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Indore Event पर नया विवाद, 10 लाख देने के बाद Congress से मांगे गए और 4 लाख ‘जॉब मार्च’ और ‘डिग्री मार्च’ निकालने की तैयारी यूथ कांग्रेस ने कहा है कि आने वाले एक साल में खाली सरकारी पदों को भरने की मांग को लेकर देशभर में अभियान चलाया जाएगा। संगठन ‘जॉब मार्च’ और ‘डिग्री मार्च’ जैसी पहल के जरिए युवाओं को इस मुद्दे से जोड़ने की बात कह रहा है। यूथ कांग्रेस के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। संगठन ने यह भी कहा है कि अगर सरकार की ओर से मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो अगले साल प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उनके आवास के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। ‘मेरी डिग्री का क्या?’ को देशभर में पहुंचाने का दावा यूथ कांग्रेस ने कहा है कि ‘मेरी डिग्री का क्या?’ अब सिर्फ एक अभियान नहीं रहेगा, बल्कि इसे देशभर के युवाओं से जुड़े रोजगार के मुद्दे के तौर पर उठाया जाएगा। संगठन के मुताबिक, यह सवाल विश्वविद्यालयों, सड़कों और देश के गांवों तक पहुंचाया जाएगा। यूथ कांग्रेस का कहना है कि चुनी हुई सरकार को युवाओं के रोजगार और भविष्य से जुड़े सवालों पर जवाब देना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये नेता रहे मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा और आईवाईसी के राष्ट्रीय सचिव व दिल्ली के सह-प्रभारी परमिंदर सिंह पम्मी मौजूद थे। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईवाईसी मीडिया विभाग की ओर से जारी बयान में इस अभियान को लेकर आगे भी देशव्यापी गतिविधियां चलाने की बात कही गई है।
अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट की उल्टी गिनती शुरू... AGM से पहले बड़ा सवाल
BCCI की 95वीं AGM शुक्रवार को होगी, जिसमें अंडमान एवं निकोबार क्रिकेट एसोसिएशन की एसोसिएट सदस्यता से लेकर ICC में बोर्ड के प्रतिनिधि और IPL गवर्निंग काउंसिल में नए सदस्यों की नियुक्ति तक कई अहम मुद्दों पर फैसला होगा. अरुण धूमल और खैरुल मजूमदार का निर्विरोध चुना जाना तय है, जबकि अजीत अगरकर के चयनकर्ता प्रमुख के तौर पर भविष्य पर भी नजर रहेगी.
पीएम मोदी के जन्मदिन पर शिप्रा तट पर जलेंगे लाखों दीये, देखें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इस विशेष मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी की जन्मस्थली वडनगर से उनकी कर्मभूमि वाराणसी तक एक विशाल बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह यात्रा लगभग 2000 किलोमीटर का सफर तय करेगी, जिसमें 250 बाइकों पर सवार 500 बीजेपी कार्यकर्ता शामिल हैं.
पूर्व DGP को 4 साल की सजा, 30 लाख का जुर्माना भी लगा
केरल के पूर्व DGP टॉमिन जे थाचनकरी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई है. अदालत ने उन पर 30.84 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. विजिलेंस जांच के मुताबिक 2003 से 2007 के बीच उनकी ज्ञात आय से 135.80 फीसदी अधिक संपत्ति पाई गई और 64.70 लाख रुपये के खर्च का वह हिसाब नहीं दे सके.
बाघसुरी में 70वीं अंडर-14 जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता 23 सितंबर से
नसीराबाद। अजमेर जिले की 70वीं जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता अंडर-14 छात्र एवं छात्रा वर्ग का आयोजन इस बार बाघसुरी स्थित कनक पब्लिक स्कूल में किया जाएगा। प्रतियोगिता का आयोजन 23 से 26 सितंबर तक होगा। प्रतियोगिता को लेकर आयोजकों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कनक पब्लिक स्कूल के निदेशक चंद्र शेखर शर्मा ने बताया […] The post बाघसुरी में 70वीं अंडर-14 जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता 23 सितंबर से appeared first on Sabguru News .
नवोदय स्कूल के बहाने हिंदी का विरोध कर रही थी थलपति विजय की सरकार, SC ने फटकारा
तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने तर्क दिया कि नवोदय विद्यालय नीति राज्य की अपनी भाषा नीति के विपरीत है और इसके माध्यम से तमिल भाषा पर हिंदी को थोपने की कोशिश की जा रही है।
PM Modi 76th Birthday: केंद्रीय मंत्रियों और BJP नेताओं ने दी शुभकामनाएं
केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा के 25 वर्ष तथा विकास, जनकल्याण व सुशासन के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया। गुजरात के वडनगर में 17 सितंबर 1950 को जन्मे मोदी बृहस्पतिवार को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोदी को अथक परिश्रम, त्याग और दूरदर्शिता के प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन ‘‘तप, त्याग और अटूट संकल्प की गाथा है।’’शाह ने ‘एक्स’ पर कहा, “कर्म को साधना और राष्ट्रसेवा को जीवन का ध्येय बनाकर चलने वाले मोदी जी का जीवन तप, त्याग और अटूट संकल्प की गाथा है। सेवा और समर्पण से भरी उनकी यात्रा करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा है।’’भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने मोदी को राष्ट्रीय सेवा और समर्पण का प्रतीक तथा 140 करोड़ देशवासियों का नेता बताया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में भारत विकास और आत्मनिर्भरता की नयी ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्र प्रथम के संकल्प से प्रेरित मोदी की यात्रा सेवा, सुशासन और जन कल्याण की एक प्रेरक गाथा रही है। यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देशवासियों के उस सामूहिक स्वप्न की भी यात्रा है, जिसे आपने अपने कर्म और साधना से दिशा दी है।’’नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत विकास और आत्मनिर्भरता के नए आयाम गढ़ रहा है और विश्व पटल पर अपनी नई पहचान और सामर्थ्य के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत बुनियादी ढांचे, डिजिटल संपर्क, जनकल्याण, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रगति करते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। सिंह ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने सुशासन और जनसेवा को राष्ट्र की विकास यात्रा के केंद्र में रखा है, जिससे प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बना है। उनके नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक चेतना और विरासत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान और प्रतिष्ठा मिली है।”वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मोदी को ऐसा “कर्मयोगी” बताया, जिन्होंने अपने जीवन का हर क्षण राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित कर दिया है। गोयल ने कहा, “आपके नेतृत्व में 140 करोड़ भारतीयों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। आपकी जनकल्याणकारी नीतियों ने युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं, महिलाओं को सशक्त बनाया है, किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है, करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया है और वंचित वर्गों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करते हुए विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है।”केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने आशा व्यक्त की कि मोदी देश को ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की ओर ले जाते रहेंगे। उन्होंने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। आप हमें ‘विकसित भारत 2047’ की ओर ले जाते रहें।”केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल ने कहा कि राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए सार्वजनिक सेवा, सुशासन और विकास के प्रति मोदी की प्रतिबद्धता ने भारत की प्रगति को नयी गति और व्यापक दृष्टिकोण दिया है। पाटिल ने कहा, “एक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आपके नेतृत्व में जारी प्रयास देश के प्रत्येक नागरिक के लिए उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को मजबूत करते हैं।”केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन की बधाई देते हुए उन्हें एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का शिल्पकार बताया। चौहान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि कुछ जन्मदिन ऐसे होते हैं जो ‘‘करोड़ों-करोड़ों दिलों में खुशी और उत्साह की लहरें पैदा करते हैं’’, और मोदी का जन्मदिन ऐसा ही एक अवसर है। उन्होंने भारत के पुनः ‘विश्व गुरु’ का स्थान प्राप्त करने के स्वामी विवेकानंद के दृष्टिकोण को याद करते हुए कहा, ‘‘एक नरेन्द्र ने यह कहा था, और दूसरे नरेंद्र के नेतृत्व में यह साकार हो रहा है।’’केंद्रीय कृषि मंत्री ने बृहस्पतिवार को आयोजित ‘विकसित भारत ग्राम जी’ कार्यशाला से पहले नयी दिल्ली के पूसा में देश के विभिन्न हिस्सों से आए सरपंचों के साथ पौधारोपण अभियान में भी भाग लिया। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि मोदी ने अपना पूरा जीवन जनसेवा, राष्ट्रसेवा और प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया है। बलूनी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “इस वर्ष उनके जन्मदिन के साथ ही निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर उनके 25 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं—सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यह यात्रा हम सभी के लिए प्रेरणा है।”भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि एक साधारण परिवार से प्रधानमंत्री के पद तक मोदी की यात्रा संघर्ष, कड़ी मेहनत, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण की प्रेरक कहानी है। पात्रा ने कहा, “आपके नेतृत्व में भारत ने आधुनिक प्रौद्योगिकी, नवाचार और विकास की ओर कदम बढ़ाते हुए अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत को आत्मविश्वास से अपनाया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज और वैश्विक भागीदारी को एक नई पहचान मिली है।”भाजपा सांसद तरुण चुग ने बृहस्पतिवार को अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। चुग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व, अटूट प्रयास और देश की सेवा के प्रति समर्पण करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणास्रोत है। चुग ने कहा, ‘‘आपके नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयां छू रहा है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आप हमेशा स्वस्थ रहें और दीर्घायु हों तथा आपके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ता रहे।
अजमेर। उत्तर-पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में 17 सितंबर से ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान एवं स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ की शुरुआत की गई। रेलवे बोर्ड के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे इस अभियान की इस वर्ष की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है। अभियान 2 अक्टूबर, स्वच्छ भारत दिवस तक विभिन्न […] The post उत्तर-पश्चिम अजमेर मंडल में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का आगाज, स्टेशनों से कॉलोनियों तक स्वच्छता का संदेश appeared first on Sabguru News .
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांज़ैक्शन चार्ज को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार का नया सिस्टम छोटे व्यवसायों और आम ग्राहकों की सुरक्षा करता है और साथ ही भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को दुनिया का सबसे सस्ता नेटवर्क बनाए रखता है। मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज से जुड़े रेगुलेटरी सिस्टम के बारे में सफाई देते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि यह व्यवस्था आम यूज़र्स या छोटे व्यापारियों पर बोझ डाले बिना डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए बनाई गई है। चंद्रशेखर ने एएनआई से कहा कि यह असल में मंत्री और सरकार की ओर से लाई गई एक नई व्यवस्था है जो छोटे व्यवसायों और ग्राहकों को किसी भी तरह के चार्ज से बचाती है, लेकिन किसी व्यक्ति और व्यापारी के बीच होने वाले ट्रांज़ैक्शन पर मामूली चार्ज लगाती है। इसे भी पढ़ें: UPI MDR चार्ज पर सरकार की सफाई बोगस, Congress नेता KC Venugopal ने साधा निशाना उन्होंने बताया कि UPI इंटरनेशनल पेमेंट सिस्टम से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि UPI आज डिजिटल पेमेंट के लिए दुनिया के सबसे सस्ते, सबसे तेज़ और सबसे बड़े इकोसिस्टम में से एक है। यह वीज़ा से भी कहीं बड़ा है। कांग्रेस वही करती है जिसमें वह माहिर है - नकारात्मक होना और अपने ही सांसदों की राय को नज़रअंदाज़ करना। संशोधित यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क को लेकर सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच ज़बरदस्त राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। जहाँ केंद्र सरकार का कहना है कि नागरिकों के लिए डिजिटल पेमेंट पूरी तरह से मुफ़्त है और ग्राहकों पर मर्चेंट की लागत डालना गैर-कानूनी और आपराधिक अपराध है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने इस कदम को धोखा और UPI टैक्स करार दिया है। विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार विदेशी पेमेंट कंपनियों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए अमेरिकी दबाव के आगे झुक गई है। इसे भी पढ़ें: संसदीय समिति में UPI टैक्स पर नहीं हुई थी कोई चर्चा, कांग्रेस ने खारिज किए सरकारी दावे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दबाव में झुक गए हैं और उन्होंने UPI पर टैक्स लगा दिया है। X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो मैसेज में राहुल गांधी ने कहा, एक बार इंदिरा जी से पूछा गया था कि क्या उनका झुकाव बाईं ओर है या दाईं ओर और उनका जवाब था, मैं न तो बाईं ओर झुकती हूं, न ही दाईं ओर; मैं सीधी खड़ी रहती हूं।' मोदी जी की सोच बिल्कुल अलग है। वह न तो बाईं ओर हैं और न ही दाईं ओर; उन्होंने सीधे लेटकर डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकने का फैसला किया है। उन्होंने UPI पर टैक्स लगाकर और अमेरिका को भारी रकम देकर हर भारतीय पर टैक्स का बोझ डाला है। मोदी जी, कृपया अमेरिका के सामने झुकना बंद करें। हिम्मत दिखाएं, खड़े हों और UPI टैक्स वापस लें।
CJP Protest Case: Patiala House Court से Swatantra Bhardwaj को राहत, जेल से रिहाई का वारंट जारी
पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज की ज़मानत की पुष्टि करने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल से रिहा करने का वारंट जारी किया है। भारद्वाज को 15 सितंबर को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत मिली थी और उन्हें आज शाम 7 बजे तक रिहा किया जाना है। भारद्वाज को 23 जून, 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्य संजय आज़ाद पर कथित हमले के मामले में गिरफ़्तार किया गया था। इसे भी पढ़ें: Kanker NIA Court ने 2019 के नक्सली हत्याकांड में पीलूराम को सुनाई उम्रकैद दिल्ली लाने से पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें 4 अगस्त को बुलंदशहर में हिरासत में लिया था। यह मामला 23 जून, 2026 को दर्ज FIR से जुड़ा है, जो आज़ाद की हत्या की कोशिश के बारे में है; आरोप है कि भारद्वाज ने आज़ाद के सिर पर कड़े से वार किया था। स्पेशल जज SPS लालर ने भारद्वाज को 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया और ज़मानतदार (surety) की पुष्टि होने के बाद रिहाई का वारंट जारी किया; ज़मानतदार की पुष्टि दिल्ली पुलिस ने शुरू में नहीं की थी। भारद्वाज को 50,000 रुपये का बॉन्ड और उतनी ही राशि का ज़मानतदार देने पर ज़मानत दी गई। भारद्वाज की ओर से पेश वकील उमेश चंद्र शर्मा ने ज़मानतदार के सत्यापन और रिहाई वारंट जारी होने की पुष्टि की। ज़मानत पर बहस के दौरान शर्मा ने तर्क दिया कि SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं को लागू करना कानूनी प्रावधानों का दुरुपयोग था, क्योंकि मूल FIR में इन धाराओं का उल्लेख नहीं था। शिकायतकर्ता संजय कुमार का अतिरिक्त बयान बाद में दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर SC/ST अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए। इसे भी पढ़ें: Graham Staines हत्याकांड के दोषी Dara Singh की सजा में छूट की याचिका Odisha Government ने की खारिज ज़मानत अर्ज़ी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संबंधित FIR को रद्द करने का भी हवाला दिया गया और तर्क दिया गया कि 3 सितंबर को राजनेताओं के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के दौरे के बाद भारद्वाज की गिरफ़्तारी राजनीतिक कारणों से प्रेरित थी। भारद्वाज 3 सितंबर, 2026 से हिरासत में हैं।
मूली खाकर कूड़े में ना फेंकें पत्ते, रोटी के साथ बनाएं चटपटी भुजिया
मूली लोग सलाद में भी खात हैं और मूली के पराठे भी बनाए जाते हैं. लेकिन मूली की पत्तियों को अक्सर लोग बेकार समझकर कचरे में फेंक देते हैं. लेकिन मूली के पत्तों की भुजिया बनाई जाती है, जो रोटी के साथ बहुत टेस्टी लगती है. आइए इसकी रेसिपी जानते हैं.
West Bengal में शीर्ष Maoist नेता आकाश गिरफ्तार, 15 साल बाद STF के हत्थे चढ़ा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कोलकाता पुलिस के विशेष कार्यबल द्वारा पूर्व मेदिनीपुर जिले में एक शीर्ष माओवादी नेता को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि उनकी सरकार राज्य में ‘लाल आतंक’ की वापसी बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने जिले के पटाशपुर क्षेत्र के ललाट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य एवं पश्चिम बंगाल राज्य समिति-1 के सचिव असीम मंडल उर्फ आकाश का सफलतापूर्वक पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बल की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अंतरराज्यीय वन क्षेत्रों में 15 वर्षों से अधिक समय तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचते रहे आकाश को सटीक तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया जाना हमारे पुलिस बल की असाधारण अभियान क्षमता को दर्शाता है।’’शुभेंदु ने कहा, ‘‘मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य की सीमाओं के भीतर ‘लाल आतंक’ के नेटवर्क को फिर से खड़ा करने या उसका विस्तार करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी। किसी भी उग्रवादी विचारधारा को लोगों की सुरक्षा और राज्य के विकास को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘कानून ऐसे किसी भी दुस्साहसिक प्रयास को पूरी सख्ती से कुचलने की दिशा में काम करेगा।
Garba Entry Controversy: नवरात्रि शुरू होने से पहले महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर विवाद गहरा गया है। विश्व हिन्दू परिषद (VHP) की ओर से गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री रोकने की मांग के बाद ...
PM Narendra Modi आधुनिक भारत के निर्माता हैं, Birthday पर बोले CM Pushkar Singh Dhami
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आधुनिक भारत का निर्माता बताया, जिन्होंने अपना हर पल देश के लिए समर्पित कर दिया है। सीएम धामी ने कहा पीएम मोदी आधुनिक भारत के निर्माता हैं, जिन्होंने अपना हर पल भारत माता और देश की भलाई व तरक्की के लिए समर्पित किया है। उन्होंने आगे कहा, उनके जन्मदिन पर, मैं उत्तराखंड की पूरी जनता की ओर से उन्हें दिल से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मैं उत्तराखंड के देवताओं, बाबा केदार और भगवान बद्री विशाल से प्रार्थना करता हूं कि वे हमेशा उन पर अपनी कृपा बनाए रखें। वे लंबी और स्वस्थ आयु जिएं और हमारा देश लंबे समय तक उनके नेतृत्व का लाभ उठाता रहे। इसे भी पढ़ें: Adani Group को फायदा पहुंचाने Uttarakhand Power Project की 84 शर्तें बदलीं: Congress 'विकसित भारत' के विज़न पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने 'विकसित भारत' का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में हर स्तर पर तेज़ी से काम हो रहा है—चाहे नए संस्थान बनाना हो, नई परियोजनाएँ शुरू करना हो, ऐतिहासिक पहल करना हो, बुनियादी ढाँचा विकसित करना हो या IIM, IIT और नए हवाई अड्डे बनाना हो। चाहे चार-लेन या छह-लेन वाली सड़कें, हाईवे, ओवरब्रिज बनाना हो या रेलवे सेक्टर में तरक्की करना हो—हर क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है; कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा ज़िले के वडनगर में हीराबा और दामोदरदास मोदी के घर हुआ था। 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली और वे आज़ादी के बाद पैदा होने वाले पहले प्रधानमंत्री बने। इसे भी पढ़ें: CM Pushkar Singh Dhami बोले: Kishau Dam से साफ होगी Yamuna, बिजली उत्पादन भी बढ़ेगा इस खास मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत कई अन्य गणमान्य लोगों ने प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई दी।
विवेक तिवारी हत्याकांड में प्रशांत चौधरी दोषी करार, संदीप सिंह बरी
विवेक तिवारी हत्याकांड में लखनऊ कोर्ट ने प्रशांत चौधरी को IPC की धारा 304(2) के तहत दोषी करार दिया. जबकि दूसरे आरोपी संदीप कुमार को बरी कर दिया गया. अब सजा का ऐलान 21 सितंबर को होगा. पढ़ें पूरी खबर.
जरांगे ने कहा है कि वह हैदराबाद गजट, सातारा गजट और औंध गजट जैसे ऐतिहासिक प्रशासनिक अभिलेखों को आधिकारिक मान्यता देने संबंधी अपनी मांग पर कायम हैं, ताकि मराठा-कुनबी वंशावली साबित की जा सके और OBC आरक्षण का उन्हें लाभ मिल सके।
UPI MDR चार्ज पर सरकार की सफाई बोगस, Congress नेता KC Venugopal ने साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को सरकार के संशोधित यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क पर स्पष्टीकरण को पूरी तरह से बोगस (बेबुनियाद) बताया और आरोप लगाया कि इस कदम से आम आदमी पर बोझ पड़ेगा। ANI से बात करते हुए, वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार डिजिटल ट्रांज़ैक्शन के फायदों के बारे में अपने ही पुराने दावों के उलट बात कर रही है और आरोप लगाया कि अब लोगों से कैश में भुगतान करने के लिए कहा जा रहा है। वेणुगोपाल ने कहा, यह पूरी तरह से बोगस है; वे गलत बातें फैला रहे हैं। वे कह रहे हैं कि पैसे का पूरा लेन-देन डिजिटल ट्रांज़ैक्शन बन जाएगा। पहले, आपने इसे फायदे के तौर पर पेश किया और मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया कि लेन-देन डिजिटल हो रहा है। अब आप लोगों से कैश में पैसे देने के लिए कह रहे हैं। इसे भी पढ़ें: AAP PAC बैठक के बाद बोले Manish Sisodia, Punjab में दोबारा चुनकर आएगी Bhagwant Mann सरकार केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा है कि ग्राहक UPI का इस्तेमाल मुफ़्त में करते रहेंगे और व्यापारी MDR का खर्च ग्राहकों पर नहीं डाल सकते। सिंधिया ने ANI से कहा, ग्राहक पर यह शुल्क लगाने की कोई सिफारिश नहीं है। ऐसा करना कानून का उल्लंघन होगा और यह एक आपराधिक अपराध माना जाएगा। उन्होंने आगे कहा, यह कभी भी ग्राहक या आम आदमी पर नहीं थोपा जाएगा। आप इसे हमारे ग्राहकों पर नहीं थोप सकते। सरकार ने यह भी कहा है कि बदले हुए नियमों का 'पर्सन-टू-पर्सन' (P2P) ट्रांज़ैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा; ये ट्रांज़ैक्शन ट्रांसफर की गई रकम की परवाह किए बिना मुफ़्त बने रहेंगे। सरकार ने यह भी बताया है कि लगभग 96 प्रतिशत 'पर्सन-टू-मर्चेंट' (P2M) ट्रांज़ैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि MDR सिर्फ़ 2,000 रुपये से ज़्यादा के खास मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर ही लागू होगा। कांग्रेस ने बदले हुए नियमों का विरोध किया है; पार्टी के कई नेताओं का आरोप है कि यह कदम UPI टैक्स लगाने जैसा है और उन्होंने केंद्र सरकार पर अमेरिकी दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया है। इसे भी पढ़ें: India की जमीन पर China के साथ मिलकर गुस्ताखी कर रहा था Pakistan, तभी Modi की पड़ गयी नजर...उसके बाद जो हुआ उसे दुनिया याद रखेगी कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पहले आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने UPI पर टैक्स लगाया है और बदले हुए MDR फ्रेमवर्क को अमेरिका के दबाव से जोड़ा था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी बदले हुए फ्रेमवर्क की आलोचना की है, जबकि कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 14 सितंबर को डिजिटल पलटी मारने का दिन करार दिया और आरोप लगाया कि इस कदम से अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा।
अमेरिका के दबाव में लगाया UPI टैक्स! राहुल गांधी आरोपों में कितना दम?
मोदी सरकार 15 अक्टूबर से 2 हज़ार रुपए से ऊपर के UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने जा रही है. लेकिन, सरकार के इस फैसले पर विपक्ष और राहुल गांधी ने सवाल खड़े कर दिये हैं.
Adani Group को फायदा पहुंचाने Uttarakhand Power Project की 84 शर्तें बदलीं: Congress
कांग्रेस ने उत्तराखंड में 1,320 मेगावाट की प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजना को लेकर बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि परियोजना से संबंधित निविदा प्रक्रिया की कुल 86 में से 84 शर्तें बदल दी गईं ताकि अदाणी समूह की कंपनी को फायदा मिल सके। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह दावा भी किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के दो उपक्रमों (पीएसयू) की संयुक्त कंपनी से परियोजना छीनकर अदाणी समूह को दिए जाने के कारण राज्य के बिजली उपभोक्ताओं पर 25 साल में करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। कांग्रेस के इस आरोप पर फिलहाल उत्तराखंड सरकार या अदाणी समूह की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। खेड़ा ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि ‘पीएसयू’ यानी ‘पुष्कर सेलिंग उत्तराखंड’ (पुष्कर धामी उत्तराखंड बेच रहे हैं) एक बहुत ही गंभीर मामला है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2024 में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर प्रस्तावित परियोजना को ‘यूजेवीएन लिमिटेड’ और ‘टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड’ के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से विकसित करने की जानकारी दी थी और जुलाई 2024 में केंद्र से सैद्धांतिक मंजूरी भी मिली थी। खेड़ा ने दावा किया कि 16 जनवरी, 2025 को समयसीमा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए इस सार्वजनिक क्षेत्र की परियोजना को छोड़ दिया गया तथा इसके बाद उत्तराखंड विद्युत निगम लिमिटेड (यूपीसीएल) ने तीन फरवरी 2025 को 1,320 मेगावाट बिजली की खरीद के लिए निविदा जारी की। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘केंद्रीय बिजली मंत्रालय के मानक निविदा दस्तावेज में 86 में से 84 बदलाव किए गए। इनमें परियोजना को उत्तराखंड के बजाय देश में कहीं भी स्थापित करने की अनुमति देना और बिजली को एक हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तक पहुंचाने की लागत को बोलीदाता के बजाय सरकारी खजाने पर डालना शामिल है।’’खेड़ा ने दावा किया कि निविदा में पहली इकाई के लिए निर्माण अवधि 42 महीने और दूसरी के लिए 48 महीने निर्धारित की गई, जबकि अदाणी पावर ने अक्टूबर, 2024 की एक सरकारी फाइलिंग में छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित परियोजना के विस्तार का 77 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी थी। कांग्रेस नेता के अनुसार, 25 अगस्त, 2026 को राज्य मंत्रिमंडल ने 25 साल के बिजली खरीद समझौते को मंजूरी दी, जिसके तहत 5.746 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने का प्रावधान है।
धनबाद डायरी: 'आज जिंदा हैं, कल जमीन निगल जाएगी' - झरिया कोयला खदानों के मुहाने पर सिसकती जिंदगी
धनबाद के झरिया और उसके आसपास कोयला सिर्फ जमीन के नीचे नहीं है। यहां रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी इसी काल
मक्का की ओर ड्रोन का सऊदी दावा, हूतियों का इनकार; यमन युद्ध में क्यों बदल रहा नैरेटिव?
नई दिल्ली — 17 सितंबर, 2026 — सऊदी अरब ने 15 सितंबर को दावा किया कि मक्का की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया गया। हूतियों ने पवित्र स्थलों को निशाना बनाने से इनकार किया है। घटना के बाद मुस्लिम देशों में प्रतिक्रिया तेज हुई है, लेकिन ड्रोन हमले के सऊदी दावे के सार्वजनिक सबूतों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। सऊदी अरब के मुताबिक, 15 सितंबर को मक्का, जेद्दा और ताइफ में कुछ समय के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया था। नागरिकों को संभावित हवाई खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया।
HAL कल वायुसेना को LCA तेजस जेट, ट्रेनर एयरक्राफ्ट सौंपेगी
HAL बेंगलुरु में 18 सितंबर को भारतीय वायु सेना को LCA तेजस ट्रेनर और HTT-40 बेसिक ट्रेनर सौंपेगा. साथ ही पवन हंस को ध्रुव एनजी हेलिकॉप्टर दिए जाएंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे.
PM मोदी के जन्मदिन पर निजामुद्दीन में जलेंगे 723 दीये
PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर मुस्लिम समुदाय से जुड़े कुछ संगठनों और लोगों ने कई शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए. मुरादाबाद में कुरान ख्वानी और दुआ हुई, जबकि हजरत निजामुद्दीन और अजमेर शरीफ समेत कई दरगाहों पर ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के तहत दीप जलाने का कार्यक्रम है. इसके अलावा वाराणसी में दीपोत्सव और कई जगहों पर भोजन, फल वितरण, स्वच्छता अभियान तथा मेडिकल कैंप जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं.
गणपति पूजा में छाए ईशा अंबानी के बच्चे, नाना मुकेश ने खूब दुलारा
एंटिलिया में गणपति विसर्जन के दौरान ईशा अंबानी के जुड़वा बच्चों कृष्णा और आदिया का क्यूट अंदाज छाया रहा. कृष्णा और आदिया को ट्रेडिशनल आउटफिट्स पहने कभी बप्पा के सामने डांस करते देखा गया, तो कभी वो आरती उतारते नजर आए. दोनों को बप्पा के विसर्जन में मस्ती करते देख नान मुकेश अंबानी को प्यार भी आया.
'ड्रिंक करके बेल्ट से मारता था, मेरा वीडियो...', कार से घसीटने वाले शाहनवाज पर पीड़िता के आरोप
लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास कार से कुचले जाने की घटना में एक के बाद एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. अब पीड़िता ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में शाहनवाज पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का दावा है कि आरोपी नशे में उसके साथ मारपीट करता था और बेल्ट से पीटता था.
23 सितंबर से शुक्र अस्त, 37 दिन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क
Shukra Ast 2026: 23 सितंबर से शुक्र अस्त होने जा रहे हैं. अगले 37 दिनों तक किन 4 राशियों को करियर, धन और सेहत के मामले में विशेष सावधानी बरतनी होगी? जानें यहां.
'शर्मिंदगी नहीं है', सीता बनकर ट्रोल हुईं अंजलि, हेटर्स पर भड़कीं
इस साल बॉलीवुड में धार्मिक फिल्मों का चलन बढ़ा है, खासकर महाकाव्य रामायण पर आधारित तीन फिल्में रिलीज होने वाली हैं. 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' में देव शर्मा प्रभु राम और अंजलि अरोड़ा माता सीता की भूमिका निभा रही हैं. ट्रेलर लॉन्च पर अंजलि अरोड़ा ने ट्रोलिंग पर चुप्पी तोड़ी है.
जम्मू-कश्मीर में पुलिस से मुठभेड़ में 2 आतंकी ढेर, देखें नॉनस्टॉप-100
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में दो खूंखार आतंकियों को मार गिराया है. घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है. माना जा रहा है कि ये आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े हुए थे. वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश में 'सेमीकॉन इंडिया 2024' का भव्य उद्घाटन करेंगे, जिसमें दुनिया भर के 52 देशों की सैकड़ों कंपनियां भाग ले रही हैं.
ट्रंप को मिला 100% टैरिफ लगाने का अधिकार, देखें टॉप हेडलाइंस
आज की बड़ी खबरों में अमेरिकी संसद से लेकर देश और दुनिया की कई महत्वपूर्ण हलचल शामिल हैं. सबसे बड़ी खबर अमेरिका से है, जहां निचले सदन में एक ऐसा बिल पास हुआ है जो ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का अधिकार देता है. इस लिस्ट में भारत का नाम भी शामिल है, जिससे वैश्विक व्यापार में हलचल मच सकती है. दूसरी तरफ, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन है.
CM Mohan Yadav पर बरसे Rahul Gandhi, Balaghat में बच्चों की मौतों पर उठाए गंभीर सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 सितंबर को बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की मौत की खबरों के बाद मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना की। उन्होंने इन मौतों के लिए राज्य में बीमारी, कुपोषण, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और साफ़ पानी न मिल पाने को ज़िम्मेदार ठहराया। X पर एक पोस्ट में, गांधी ने राज्य सरकार की धीमी प्रतिक्रिया और असंवेदनशीलता की निंदा करते हुए कहा कि बालाघाट में बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की मौत हो गई है। संवेदनहीनता का आलम यह है कि मासूम जानें जाती रहीं, फिर भी प्रतिक्रिया धीमी रही और सरकार सोती रही। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Indore Event पर नया विवाद, 10 लाख देने के बाद Congress से मांगे गए और 4 लाख उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से कहा कि मुख्यमंत्री जी, अगर आपको दीये जलाने और त्योहार मनाने के बाद समय मिले, तो ज़रा राज्य की ज़मीनी हक़ीक़त पर भी नज़र डालिए। गांधी ने सरकार पर चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था, बीमारियों को रोकने में नाकामी, कुपोषण, और मिलावटी दवाओं व अवैध शराब जैसी समस्याओं का आरोप भी लगाया। कांग्रेस नेता ने कहा कि वह मध्य प्रदेश भर में छात्रों, युवाओं और आम जनता से फ़ीडबैक लेने के लिए इंदौर जा रहे हैं। उन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था की भी आलोचना करते हुए कहा कि सामने आ रही भयावह घटनाएं यह दिखाती हैं कि मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज पूरे देश में सबसे ज़्यादा बर्बाद हो चुकी है। गांधी ने कहा कि छात्र, बच्चे, गरीब लोग, दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और महिलाएं समेत कई समूह परेशान हैं। उन्होंने आगे कहा कि हर वर्ग को सताया जा रहा है; कोई भी खुश नहीं है। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार आज भारत की सबसे भ्रष्ट और सबसे अक्षम सरकार है—यही सच है। अधिकारी बालाघाट के बिरसा ब्लॉक में आदिवासी इलाकों से बुखार, रैश और मौतों की खबरों पर कार्रवाई कर रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी प्रभावित और आस-पास के इलाकों में निगरानी, मेडिकल स्क्रीनिंग, टेस्टिंग, इलाज और टीकाकरण अभियान चला रहे हैं। उठाए गए कदमों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की तैनाती, अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाएं, रेफरल की व्यवस्था और बीमारी फैलने पर टीकाकरण शामिल है। इसे भी पढ़ें: अब्दुल्ला-मायावती-सिब्बल...एक-एक कर मोदी के समर्थन में अचानक क्यों उतरने लगे विरोधी,'चक्रव्यूह' में फंसे राहुल? मौतों की जांच में कई मेडिकल कारण सामने आए हैं, जैसे खसरा, मलेरिया, खसरा-मलेरिया का एक साथ संक्रमण, सांस लेने में तकलीफ, डिहाइड्रेशन, कुपोषण, एनीमिया और शॉक। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त सबूत के बिना इन मौतों के लिए किसी एक पैथोजन (बीमारी फैलाने वाले जीव) को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार ने कमजोर आदिवासी और विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (PVTG) वाले इलाकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं को तेज कर दिया है। इसमें बीमारी का जल्द पता लगाने, तुरंत इलाज, टीकाकरण, बीमारी की रोकथाम और दूर-दराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
अमेरिकी संसद में रूस-ईरान प्रतिबंध बिल पास, नॉनस्टॉप-100 में देखें बड़ी खबरें
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस और ईरान पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर दिया है. इस विधेयक के पक्ष में 262 और विपक्ष में 159 मत पड़े. इस कानून के लागू होने से भारत और चीन जैसे देशों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि यह अमेरिकी राष्ट्रपति को रूसी तेल और गैस आयात करने वाले देशों पर भारी कर लगाने की शक्ति देता है.
Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं
Suzuki e-Access भारत में कंपनी का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर है। यह पेट्रोल इंजन वाले Access से बिल्कुल अलग नए प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। नाम के अलावा दोनों स्कूटर में बहुत कम समानता है। Suzuki ने e-Access को तेज रफ्तार या ढेरों फीचर्स की बजाय ...
Union Minister Suresh Gopi ने Kerala में विकास कार्यों पर मुख्यमंत्री के सहयोग को सराहा
केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बृहस्पतिवार को केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार की उनके द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं में सहयोग के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछली वाम मोर्चा सरकार के दौरान उन्हें ऐसा समर्थन नहीं मिला था। गोपी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नये गठबंधन के सत्ता में आने के बाद परियोजनाओं को लेकर रवैये में बदलाव आया है। उन्होंने कहा, “देखिए, अब परियोजनाओं के मामले में नये गठबंधन के सत्ता में आने के बाद से मुख्यमंत्री काफी सहयोगी रहे हैं। मुख्यमंत्री से जो भी अनुरोध किया जाता है, वह तुरंत उस पर प्रतिक्रिया देते हैं।”गोपी ने कहा, “जनता के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किसी मुख्यमंत्री को सांसद या केंद्रीय मंत्री को जो सहयोग देना चाहिए था, वह पिछले 10 वर्षों में नहीं मिला लेकिन अब मिल रहा है।”त्रिशूर से सांसद गोपी ने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत तीन परियोजनाएं उनकी “पसंद की परियोजनाएं” थीं और केंद्रीय मंत्री बनने के बाद उन्हें मंजूरी मिली। उन्होंने कहा, “मंत्री बनने के बाद स्वदेश दर्शन 2024 के तहत जिन फाइलों पर हस्ताक्षर हुए, उनमें तीन परियोजनाएं मेरी पसंदीदा परियोजनाएं थीं। उन्हें मंजूरी दे दी गई। शुरुआत में ये परियोजनाएं शामिल नहीं थीं। इसके लिए प्रयास किया गया और इन्हें हासिल किया गया।”यूडीएफ और भाजपा के बीच कथित गठजोड़ के एलडीएफ के आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में गोपी ने कहा कि विकास परियोजनाओं में सरकार के सहयोग को राजनीति के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।
सऊदी का F-15 फाइटर जेट मार गिराया, हूती विद्रोहियों ने किया दावा
पश्चिम एशिया में तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का सनसनीखेज दावा किया है. हूती सैन्य मीडिया ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें आसमान से गिरता जलता हुआ मलबा दिख रहा है, जिस पर सऊदी अरब का झंडा बना है. हालांकि इस दावे की अभी पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है.
राहुल गांधी की मुश्किल बढ़ा रहे थलपति विजय, तमिल CONG नेता बोले-गठबंधन ही क्यों...
Thalapathy Vijay: राहुल गांधी या फिर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय? पीएम फेस के लिए इन दोनों नामों को लेकर तमिलनाडु में एक बार फिर से तनाव है। कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के पूर्व प्रमुख ने पीएम फेस पर टीवीके के असमंजस को लेकर सवाल उठाया है।
PM मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देश भर में जश्न का माहौल, देखें शतक आजतक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर आज देश भर में जश्न का माहौल है. उनके 25 वर्षों के बेदाग नेतृत्व का उत्सव मनाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. इस खास मौके पर गृह मंत्री अमित शाह उनके जन्मस्थान गुजरात के वडनगर से वाराणसी के लिए एक बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.
मराठा आरक्षण पर मनोज जारांगे का बड़ा फैसला, 20वें दिन खत्म किया अनशन
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जांगे ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपना अनशन समाप्त कर दिया है. मनोज जारांगे पिछले 20 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे, जिसके कारण उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही थी. डॉक्टरों ने उनकी गिरती सेहत को देखते हुए उन्हें तुरंत इलाज कराने की सलाह दी थी. इसके बाद मनोज जारांगे ने अनशन खत्म करने का निर्णय लिया, लेकिन उन्होंने सरकार को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तीन महीने की मोहलत दी है.
Tata Sons: एन चंद्रशेखरन फिर बने चेयरमैन, 5 साल का कार्यकाल मंजूर
टाटा संस बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को टाटा समूह के अध्यक्ष के रूप में अगले 5 साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। चंद्रशेखरन फरवरी 2017 से टाटा संस के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अगस्त 2026 में चंद्रशेखरन ने घोषणा ...
Rahul Gandhi के Indore Event पर नया विवाद, 10 लाख देने के बाद Congress से मांगे गए और 4 लाख
कांग्रेस ने 19 सितंबर को यहां अपने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए सरकारी मैदान के अस्थायी लीज़ के तौर पर 10.08 लाख रुपये जमा किए थे, जिसके बाद इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने पार्टी से लगभग 4 लाख रुपये और जमा करने को कहा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मध्य प्रदेश के कमर्शियल और एजुकेशनल हब, इंदौर में स्टूडेंट आउटरीच प्रोग्राम के पांचवें एडिशन को संबोधित करेंगे। IDA राज्य सरकार के अंतर्गत आता है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi को PM Modi पर बोलने का नैतिक हक नहीं, BJP नेता Basavaraj Bommai का तीखा हमला अथॉरिटी की ओर से इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को जारी एक लेटर में कहा गया है कि 17 से 19 सितंबर तक होने वाले 'छात्रों की गूंज' इवेंट के लिए 12,000 वर्ग मीटर ज़मीन अस्थायी लीज़ पर दी गई थी, लेकिन साइट के निरीक्षण से पता चला कि पार्टी ने 14 सितंबर से ही इस प्लॉट के 4,800 वर्ग मीटर हिस्से का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। इसके बदले में, IDA ने कांग्रेस से तीन दिनों की लीज़ फ़ीस के तौर पर अतिरिक्त 4.03 लाख रुपये का भुगतान करने को कहा है। इससे पहले, कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने लगभग 12,000 वर्ग मीटर के मैदान को 17 से 19 सितंबर तक तीन दिन के अस्थायी लीज़ पर लेने के लिए IDA के खाते में 10.08 लाख रुपये जमा किए थे। इसके बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने IDA से शिकायत की कि तय समय से ज़्यादा देर तक जगह का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो परमिट की शर्तों का उल्लंघन है। इसे भी पढ़ें: West Indies के खिलाफ ODI Series में Naman Dhir और Auqib Nabi को मौका, Hardik-Pant बाहर यादव ने एक बयान में कहा कि यह मामला किसी राजनीतिक कार्यक्रम का विरोध करने का नहीं है, बल्कि सरकारी ज़मीन के इस्तेमाल के लिए तय रेवेन्यू वसूलने का है। वहीं, कांग्रेस नेता चौकसे ने IDA की अतिरिक्त पैसे की मांग पर आपत्ति जताई और इसे BJP नेताओं के कथित दबाव का नतीजा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के इशारों पर काम कर रहा है। कांग्रेस ने शुरू में शहर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 12 सितंबर को गांधी का कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए ज़ोर देकर कहा कि स्टेडियम का इस्तेमाल सिर्फ़ खेल आयोजनों या राज्य-स्तरीय सरकारी कार्यक्रमों के लिए ही किया जा सकता है।
पहले किए 80 मर्डर... अब लड़की बनकर ऐसे पुलिस को दे रहा था चकमा!
80 लोगों का कत्ल करने वाला एक सीरियल पुलिस को चकमा देने के लिए लड़की वाले कपड़े पहनकर भाग रहा था. पुलिस ने जैसे ही उसकी विग हटाई उसकी असलियत सामने आ गई.
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अंशु और मोनिका की लव स्टोरी का ट्रैजिक एंड! बर्थडे के दिन मौत
पत्नी मोनिका के 28वें जन्मदिन पर आगरा से वृंदावन बांके बिहारी मंदिर दर्शन करने जा रहे दंपत्ति हादसे का शिकार हो गए. रास्ते में झपकी आने से स्कूटी से गिरीं मोनिका को पीछे से आ रहे ट्रैक्टर ने रौंद दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. घायल पति अंशु का अस्पताल में इलाज जारी है.
दिल्ली-NCR में 53% लोगों की पसंद 3BHK, 90 लाख से 1.5 करोड़ बजट
महंगे होते घरों के बावजूद दिल्ली-NCR में लोगों का घर खरीदने का इरादा कमजोर नहीं पड़ा है. बढ़ती कीमतों के बीच खरीदारों का बजट भी ऊपर जा रहा है.
संसदीय समिति में UPI टैक्स पर नहीं हुई थी कोई चर्चा, कांग्रेस ने खारिज किए सरकारी दावे
कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को इस दावे को गलत बताया कि वित्त संबंधी संसद की स्थायी समिति में शामिल उसके सदस्यों ने अधिक यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के फैसले का समर्थन किया था। मुख्य विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ‘‘यूपीआई कर’’ के फैसले के बाद पैदा हुए ‘‘बड़े जनाक्रोश’’ से ध्यान भटकाने के लिए ‘‘बेहद घटिया’’ प्रयास कर रही है। उसकी यह प्रतिक्रिया सरकार द्वारा राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर सवाल उठाए जाने के बाद आई, जिसमें उन्होंने 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारिक यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के फैसले की आलोचना की थी। सरकार ने कहा कि संसद की स्थायी समिति ने ऐसी व्यवस्था का समर्थन किया था और समिति में कांग्रेस के सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया था। सरकार के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि वित्त संबंधी संसद की स्थायी समिति ने यूपीआई के लिए ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर)/राजस्व व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया था और कहा था कि इसे बिना देरी अधिसूचित कर लागू किया जाना चाहिए। भाजपा के एक पदाधिकारी ने कहा कि समिति में शामिल पांच कांग्रेस सांसदों पी. चिदंबरम, मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, किशोरी लाल शर्मा और के. गोपीनाथ 12 अगस्त को रिपोर्ट को अंगीकार किए जाने के समय मौजूद थे और उनकी ओर से कोई असहमति दर्ज नहीं की गई। गोगोई ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति में मोदी सरकार द्वारा हाल में घोषित यूपीआई कर के प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हुई थी। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गोगोई ने कहा कि जब वित्त विभाग के अधिकारियों ने वित्त संबंधी समिति के सदस्यों से मुलाकात की थी, तब विभाग के पास ‘‘यूपीआई कर’’ को लेकर कोई विशेष प्रस्ताव नहीं था। उन्होंने कहा कि एमडीआर की जरूरत को लेकर सवाल उठाए गए थे, लेकिन उस समय सरकार के प्रतिनिधियों के पास कोई विशिष्ट या संतोषजनक जवाब नहीं था। गोगोई ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मैं इस बात को दोहराता हूं कि हाल की यूपीआई कर नीतियां छोटे भारतीय व्यापारियों, विक्रेताओं और उद्यमियों को नुकसान पहुंचाती हैं तथा बड़ी अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाती हैं। यूपीआई कर वापस लें। प्रधानमंत्री मोदी, आत्मसमर्पण करना बंद करें।’’गोगोई की पोस्ट को टैग करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘समाचार गढ़ने वाली अर्थव्यवस्था, जो मोदी शासन में फली-फूली है, बेनकाब हो गई है। खुशी है कि आपने इसका खंडन किया।’’रमेश ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि ‘‘यूपीआई कर’’ के फैसले के बाद पैदा हुए ‘‘बड़े जनाक्रोश’’ से ध्यान भटकाने के लिए मोदी सरकार ‘‘बेहद घटिया’’ प्रयास कर रही है और आरोप लगाया कि यह फैसला ‘‘अमेरिकी कंपनियों और डोनाल्ड भाई (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप) को खुश करने’’ के लिए लिया गया है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी सरकार पर निशाना साधा। तिवारी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘दुर्भाग्य से, संसद की स्थायी समितियों की कार्यवाही, जिन्हें विशेषाधिकार प्राप्त माना जाता है, अब सरकार द्वारा राजनीतिक फायदा हासिल करने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे सहयोगी गौरव गोगोई की बात सही है कि 15 अक्टूबर, 2026 से यूपीआई लेनदेन पर लगाए जाने वाले एमडीआर के संबंध में कोई विशिष्ट प्रस्ताव वित्त संबंधी संसद की स्थायी समिति के समक्ष कभी नहीं लाया गया था।’’तिवारी ने कहा कि एमडीआर के सिद्धांत या वैचारिक आधार पर भी समिति की विभिन्न बैठकों के दौरान सदस्यों ने इसकी जरूरत और प्रभावशीलता समेत कई मुद्दों पर चिंताएं जताई थीं। उन्होंने कहा, ‘‘यह दावा करना कि समिति के ‘कुछ सदस्यों’ ने किसी खास उपाय का समर्थन किया था, संसद की समिति की गोपनीय कार्यवाही का गलत और भ्रामक चित्रण है।
जब PM से मिलीं ऐश्वर्या, पैर छूकर लिया था आशीर्वाद
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं. बॉलीवुड सितारों ने भी पीएम को ढेरों बधाई दी है.
Rahul Gandhi को PM Modi पर बोलने का नैतिक हक नहीं, BJP नेता Basavaraj Bommai का तीखा हमला
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद बसवराज बोम्मई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि गांधी को ऐसा करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। बोम्मई ने 17 सितंबर को गदग में मीडिया से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। बोम्मई ने विपक्षी नेताओं पर मोदी सरकार के तहत भारत की आर्थिक प्रगति को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने भारत की मौजूदा 7.8 प्रतिशत की विकास दर का जिक्र करते हुए इसे शानदार प्रगति बताया। इसे भी पढ़ें: Rajasthan Municipal Election: जयपुर, जोधपुर और कोटा में 25 सितंबर को होगा Mayor चुनाव बोम्मई ने कहा कि ट्रंप जो चाहें वो करते हैं, लेकिन राहुल इसे हमारे देश की स्थिति से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। जब उन्होंने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था ज़ीरो है, तो उन्हें खुशी हुई थी, लेकिन आज भारत 7.8% की विकास दर हासिल कर रहा है - यह एक ऐसी शानदार प्रगति है जो न तो अमेरिका के पास है और न ही रूस के पास। बोम्मई ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 1975 में लगाए गए आपातकाल को लेकर कांग्रेस पार्टी की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि 1975 में इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान, बहुमत खोने के बाद कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थन से अल्पमत सरकार चलाई गई थी। उस समय देश में न तो कोई वामपंथी, न दक्षिणपंथी और न ही जन-केंद्रित नीति थी; इसके बजाय, आपातकाल लगा दिया गया था। यही वह सबक है जो इंदिरा गांधी की दादी ने सिखाया था। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की तारीफ़ करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसे भी पढ़ें: PM Modi के 76th Birthday पर CM Vijay का संदेश, बोले- Strong India के लिए कर रहे हैं काम बोम्मई ने कहा कि लोकतंत्र को मानने वाले हमारे देश में, भारत ही एकमात्र ऐसा राष्ट्र है जो संकट के समय में भी आर्थिक रूप से तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है। यह नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता, कार्यक्रमों और उन्हें लागू करने की क्षमता का नतीजा है। इसके अलावा, बोम्मई ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित अनियमितताओं और राज्य में पुलिस अधिकारियों के तबादलों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि KPSC घोटाला धीरे-धीरे सामने आ रहा है और लोगों को KYC दस्तावेज़, ई-खाता, A-से-B खाता और राशन कार्ड हासिल करने में आ रही दिक्कतों का ज़िक्र किया।
राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए इंदौर प्रशासन ने मांगे और 4 लाख रुपये
इंदौर में कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस की ओर से 10.08 लाख रुपये जमा कराए जाने के बाद, इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने पार्टी से लगभग 4 लाख रुपये और जमा करने को कहा है.
रेणुकास्वामी मर्डर केस में आरोपी प्रदोष राव बने सरकारी गवाह
रेणुकास्वामी मर्डर केस में बेंगलुरु कोर्ट ने आरोपी नंबर-14 प्रदोष राव की माफी की अर्जी मंजूर कर उसे सरकारी गवाह बना दिया. इसके लिए प्रदोष ने पहले अदालत में अर्जी भी दाखिल की थी. जानें यह पूरा मामला और कोर्ट का ताजा आदेश.
Bengaluru Kidnapping, Hit And Run Case:
Kanker NIA Court ने 2019 के नक्सली हत्याकांड में पीलूराम को सुनाई उम्रकैद
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने 2019 में नक्सलवाद से जुड़ी घटना में 19 साल के एक युवक के अपहरण और हत्या के मामले में एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के भानुप्रतापपुर के विशेष सत्र न्यायाधीश (एनआईए) दीपक के गुप्ता की अदालत ने बुधवार को पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम (35) को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और शस्त्र अधिकनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 26 अगस्त 2019 को कोयलीबेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के जुगडा गांव से श्यामनाथ आंचला का अपहरण हथियारबंद और वर्दीधारी नक्सलियों के एक समूह ने कर लिया था। इस समूह में शंकर, मुकेश, मीना नेताम, मैनू नुरेटी, पीलूराम और कमलेश के साथ 25-30 अन्य लोग शामिल थे। अभियोजन पक्ष ने बताया कि बाद में नक्सलियों ने एक जन अदालत लगाई और पुलिस मुखबिर होने के शक में श्यामनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी। कथित तौर पर माओवादियों द्वारा छोड़े गए एक पर्चा में कहा गया था कि पीड़ित के पिता सुनहेर और उनके बेटे श्यामनाथ पुलिस मुखबिर के तौर पर काम कर रहे थे। शिकायत के बाद, कोयलीबेड़ा पुलिस थाना में पीलूराम और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट और गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष ने आगे बताया कि मई 2023 में सीमा सुरक्षा बल और जिला रिजर्व गार्ड के संयुक्त अभियान के दौरान, सुरक्षाकर्मियों ने ज़िले में केसकोडी के पास एक जंगली इलाके में पीलूराम आंचला उर्फ़ सालिक राम और दो अन्य लोगों को पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी के पास से कथित तौर पर एक काला वॉकी-टॉकी सेट, माओवादी साहित्य, पत्र और छह हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान, कथित तौर पर सालिक राम और एक अन्य आरोपी ने सुरक्षा बलों को बताया कि उन्होंने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए धुट्टा-चिलपारिस रोड पर बारूदी सुरंग लगाया था। हालांकि, बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि सालिक राम कागबरस गांव का एक किसान था और उसे झूठे मामले में फंसाया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता ने जुगड़ा गांव के सालिक आंचला की पहचान की थी, जबकि आरोपी कागबार्स का रहने वाला था। हालांकि, अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष ने बिना किसी उचित संदेह के यह साबित कर दिया था कि सालिक राम ने पांच या उससे अधिक सह-आरोपियों के साथ मिलकर एक गैर-कानूनी समूह बनाया, श्याम नाथ का उनके घर से अपहरण किया और उन्हें जंगल ले गए, जहां गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। अदालत ने कहा, ...अभियोजन पक्ष के गवाहों और जांच अधिकारी के बयानों से यह स्पष्ट है कि घटना के दिन, आरोपी पीलूराम आंचला, उर्फ सालिक राम ने अन्य नक्सलियों के साथ मिलकर मृतक श्यामनाथ आंचला को उनके घर से दूसरी जगह ले जाकर गोली मारकर हत्या कर दी। अदालत ने उसे यूएपीए की धाराओं के तहत आरोपों से बरी कर दिया, क्योंकि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि वह किसी प्रतिबंधित माओवादी संगठन का सदस्य या सक्रिय सहयोगी था। हालांकि, अदालत ने आरोपी पीलूराम आंचला को हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
चंद्रशेखरन 5 साल के लिए फिर चुने गए टाटा संस के चेयरमैन, पिछले महीने दिया था इस्तीफा!
एन चंद्रशेखरन को फिर से टाटा संस के चेयरमैन पद के लिए चुना गया है. सभी बोर्ड मेंबर ने चंद्रशेखरन के अगले पांच साल तक इस पद पर बने रहने के लिए वोट किया है. सिर्फ नोएल टाटा ने इनके खिलाफ वोट किया है.
Radha Ashtami 2026: अरबी से सजाएं राधारानी की भोग थाली
राधाष्टमी 2026 में 19 सितंबर को मनाई जाएगी. ब्रज की कुछ स्थानीय भोग परंपराओं में राधारानी को अरबी से बने सात्विक व्यंजन अर्पित करने की मान्यता है. जानें अरबी के साथ भोग की थाली में क्या रखें और राधाष्टमी पर पूजा की सरल विधि. वीडियो में जानें राधाष्टमी का पर्व क्यों खास.
रोहित को क्यों नहीं कर पा रहे नजरअंदाज? 2027 WC की रेस में फिर लौटे
रोहित शर्मा को वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI सीरीज के लिए फिर टीम इंडिया में जगह मिली है. 2027 वर्ल्ड कप को लेकर उनके भविष्य पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन लॉर्ड्स में 110 गेंदों पर 138 रन की पारी ने पूरी बहस बदल दी. अब रोहित का वर्ल्ड कप टिकट पक्का नहीं है, लेकिन युवा ओपनरों की मौजूदगी के बावजूद उन्हें नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा.
भारत के प्लांट्स से निकलने वाली सेमीकंडक्टर चिप्स अब दुनिया के बाजारों तक पहुंचने लगी हैं: PM Modi
इंटरनेट डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें एडिशन का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि एक तरफ भारत की इकोनॉमी बढ़ रही है, दूसरी तरफ दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ रहा है। भारत के प्लांट्स से निकलने वाली सेमीकंडक्टर चिप्स अब देश और दुनिया के बाजारों तक पहुंचने लगी हैं। खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तेजी से आगे बढ़ रहा है और इससे इनोवेशन, निवेश और ग्रोथ के लिए नए मौके खुल रहे हैं। मुश्किल हालातों के बावजूद देश ने 7.8 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की है। एआई के विकास की वजह से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के सामने नए सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले दो दशकों में ग्लोबल सेमीकंडक्टर मार्केट की ग्रोथ 20 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एआई सिक्योरिटी को लेकर देश की रणनीति पर बात करते हुए बताया कि पिछले 10 साल में भारत की इंस्टॉल्ड सोलर कैपेसिटी 2 गीगावाट से बढ़कर 160 गीगावाट से भी ज्यादा हो गई है। देश न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में भी आगे बढ़ रहा है और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर पर काम कर रहा है। PC:X
राजस्थान में पार्षदों की भागम-भाग जारी, कांग्रेस में बगावत से बीजेपी की राह आसान
राजस्थान में निकाय चुनाव के नतीजों के बाद मेयर और अध्यक्ष की कुर्सी के लिए बाड़ेबंदी, बगावत और पार्षदों की भागा-भागी का खेल चरम पर पहुंच गया है. बीकानेर और पाली में कांग्रेस में पड़ी फूट तो जोधपुर और मंडावा में पुलिस के छापे को लेकर उठे सियासी बवाल के बीच दोनों ही दल चुनावों से पहले निर्दलीयों के सहारे अपनी सरकार बनाने की होड़ में जुट गए हैं
अपर्णा यादव ने सुब्बुलक्ष्मी को दिया ट्रिब्यूट, मुरीद हुए फैन्स
भारत की महान शास्त्रीय गायिका एम.एस सुब्बुलक्ष्मी की 110वीं जयंती के अवसर पर बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने उन्हें श्रद्धाजंलि दी. अपर्णा यादव ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया है, जिसने हर किसी को उनका मुरीद कर दिया है.
घर पर ढाबा स्टाइल में बनाएं बेसन-पालक की सब्जी, बेहद आसान है बनाना
मेहमान घर आते ही हर बार पालक-पनीर बन जाता है, लेकिन इस बार उससे हटकर राजस्थान की मशहूर बेसन पालक की सब्जी ट्राई करें. भुनी मूंगफली, चना दाल और देसी मसालों के अनोखे कॉम्बिनेशन से बनी यह सब्जी बहुत ही पौष्टिक और लजीज होती है. आइए आपको इसे घर पर बनाने का सिंपल तरीका बताते हैं.
सऊदी अरब में बांग्लादेश के लोगों ने लहराया परचम, खुश हुए PM रहमान
सऊदी अरब में आयोजित 46वीं अंतरराष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिता में बांग्लादेश के 4 हाफिजों ने पुरस्कार जीते. पीएम तारिक रहमान ने विजेताओं से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया.
पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा की सपा में वापसी, भाजपा छोड़कर थामा अखिलेश यादव का हाथ
उत्तर प्रदेश में 2027 चुनाव से पहले छह बार मंत्री रहे राम आसरे कुशवाहा ने भाजपा छोड़कर करीब 13 साल बाद समाजवादी पार्टी में वापसी की। उन्होंने अखिलेश यादव को सीएम बनाने का संकल्प लिया।

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