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छत्तीसगढ़ में 17.24 करोड़ के सर्पदंश मुआवजा घोटाले का सनसनीखेज पर्दाफाश! एसडीएम कार्यालय और तहसील के तीन भ्रष्ट बाबू गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ से प्रशासनिक और वित्तीय भ्रष्टाचार का एक ऐसा महाघोटाला सामने आया है, जिसने शासन-प्रशासन के गलियारों में भूचाल ला दिया है। सांप के काटने से मरने वाले गरीब और बेसहारा लोगों के परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि में सीधे तौर पर डाका डाला गया है। यह कोई छोटा-मोटा घोटाला नहीं, बल्कि पूरे 17.24 करोड़ रुपये के विशाल सर्पदंश मुआवजा घोटाले (Snakebite Compensation Scam) से जुड़ा मामला है। इस खतरनाक खेल में संलिप्त पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय और तहसील के तीन प्रमुख बाबुओं को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाने वाले इस सनसनीखेज फर्जीवाड़े की परतें कैसे खुलीं, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।सरकारी खजाने में डाका: कैसे सामने आया 17.24 करोड़ का यह फर्जीवाड़ाप्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा सर्पदंश से हुई मौतों के मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए मुआवजे का प्रावधान किया गया है। लेकिन कागजों में हेराफेरी करके मृत व्यक्तियों के फर्जी नाम, झूठे दस्तावेज और कूटरचित कागजात तैयार किए गए। इसके बाद अपात्र और फर्जी खातों में करोड़ों रुपये की यह सहायता राशि ट्रांसफर कर ली गई। जब शासन स्तर पर वित्तीय ऑडिट और उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई, तो इस पूरे घोटाले का आंकड़ा होश उड़ा देने वाला निकला। शुरुआती जांच में सामने आया कि इस खेल के जरिए सरकारी खजाने से कुल 17.24 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की चपत लगाई जा चुकी है।एसडीएम कार्यालय और तहसील के तीन बाबू गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश तेजइस गंभीर मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे स्थानीय स्तर पर पदस्थ कर्मचारियों की मिलीभगत के पुख्ता सबूत मिलने लगे। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय और तहसील में पदस्थ तीन बाबुओं को गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने अपने आधिकारिक पदों और डिजिटल लॉगिन का दुरुपयोग करके फर्जी फाइलों को धड़ल्ले से पास किया और इस पूरी साजिश को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस अब इनसे कस्टडी में पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बड़े नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से और बड़े अधिकारी या दलाल शामिल हैं।प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप, भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का कड़ा रुखछत्तीसगढ़ में हुए इस बहुचर्चित सर्पदंश मुआवजा घोटाले के खुलासे के बाद से पूरे राजस्व विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि गरीबों के हक का पैसा किस तरह कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा हड़पने की कोशिश की जाती है। हालांकि, इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार और जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे होने और बड़ी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:37 pm

बालोद में इंसानियत शर्मसार! कांकेर की महिला का अपहरण कर तीन ट्रक चालकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से इस वक्त एक अत्यंत झकझोर देने वाली और दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आ रही है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बालोद क्षेत्र में पड़ोसी जिले कांकेर की रहने वाली एक महिला के साथ अपहरण के बाद सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) जैसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया है। इस अमानवीय कृत्य का आरोप तीन ट्रक चालकों पर लगा है, जिन्होंने महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस जघन्य अपराध के सामने आने के बाद से पुलिस प्रशासन और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस खौफनाक वारदात और पुलिस की अब तक की कार्रवाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की यह खौफनाक पूरी घटनाप्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता जो मूल रूप से कांकेर जिले की रहने वाली है, किसी कार्यवश बालोद इलाके में आई हुई थी। इसी दौरान तीन ट्रक चालकों ने सुनियोजित तरीके से उसे अपनी साजिश का शिकार बनाते हुए उसका अपहरण कर लिया। आरोपी महिला को किसी एकांत और सुरक्षित ठिकाने पर ले गए, जहां तीनों ने मिलकर उसके साथ जबरदस्ती की और इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला को डरा-धमकाकर मौके से फरार हो गए। किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी तुरंत हड़कंप मच गया।पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश में जुटी विशेष टीमेंघटना की गंभीरता को देखते हुए बालोद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए और पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने पीड़िता को तत्काल चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) के लिए भेज दिया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में नाकाबंदी कर दी गई है और संदिग्ध ट्रक चालकों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।महिला सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, जनता में भारी आक्रोशइस अमानवीय और लज्जाजनक घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि राजमार्गों और बाहरी इलाकों में सक्रिय रहने वाले इस तरह के ट्रक चालकों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वे इस मामले में बेहद संवेदनशीलता और सख्ती से काम ले रहे हैं तथा जल्द ही सभी आरोपियों को शिकंजे में लेकर अदालत में पेश किया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:36 pm

बेमेतरा में भ्रष्ट पटवारी पर चला प्रशासन का हंटर! बिना अदालत के आदेश के खसरा-नक्शा बदलने और रिकॉर्ड से छेड़छाड़

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जनता के बीच भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। बेमेतरा में एक पटवारी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी कानूनी या अदालत के आदेश के ही जमीन के खसरा और नक्शे में बड़ा फेरबदल करने का मामला उजागर हुआ है। राजस्व रिकॉर्ड के साथ की गई इस गंभीर छेड़छाड़ और गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। सरकारी दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ करने वाले इस सनसनीखेज मामले और प्रशासनिक कार्रवाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।बिना कोर्ट आदेश के खसरा-नक्शा बदलने का गंभीर मामलाप्राप्त विवरण के अनुसार, बेमेतरा जिले के एक हल्के में पदस्थ पटवारी पर यह कार्रवाई तब की गई जब उच्च अधिकारियों को यह शिकायत मिली कि उसने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए राजस्व दस्तावेजों में मनमाने ढंग से बदलाव किए हैं। नियम यह है कि किसी भी खसरे, नक्शे या जमीन के रिकॉर्ड में फेरबदल करने के लिए सक्षम न्यायालय या उच्च प्राधिकारी का वैध आदेश होना अनिवार्य है। लेकिन इस पटवारी ने तमाम शासकीय नियमों और कायदों को दरकिनार करते हुए चुपचाप दस्तावेजों में हेराफेरी कर दी, जिससे भू-अभिलेख की पवित्रता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।कलेक्टर की सख्त कार्रवाई: आरोपी पटवारी तत्काल प्रभाव से सस्पेंडजब इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंची, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दिए। प्राथमिक जांच में ही पटवारी द्वारा रिकॉर्ड से छेड़छाड़ किए जाने का यह मामला पूरी तरह सही पाया गया। इसके बाद कलेक्टर ने बिना कोई ढिलाई बरतते हुए संबंधित पटवारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उसका मुख्यालय निर्धारित कर दिया गया है और यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इस प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।राजस्व विभाग में मचा हड़कंप, अन्य मामलों की भी हो सकती है जांचबेमेतरा में हुई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य पटवारियों और राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह आईना दिखा दिया है कि यदि कोई कर्मचारी सरकारी रिकॉर्ड के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो प्रशासन उसके खिलाफ कितनी कठोर कार्रवाई कर सकता है। जानकारों का मानना है कि जिला प्रशासन अब इस पटवारी के कार्यकाल के दौरान किए गए अन्य भूमि नामांतरण और डायवर्शन के मामलों की भी फाइलें खंगाल सकता है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:34 pm

राजस्थान में सबसे बड़े सियासी दंगल का मेगा रोडमैप तैयार! पंचायत और निकाय चुनावों में डेढ़ लाख से ज्यादा दावेदार

राजस्थान के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित खबर सामने आ रही है, जहां राज्य के सबसे बड़े और जमीनी चुनावों यानी पंचायती राज और स्थानीय निकायों के चुनाव का पूरा रोडमैप आधिकारिक तौर पर तय कर लिया गया है। प्रदेश में होने वाले इन चुनावों का पैमाना कितना बड़ा होने वाला है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार मैदान में डेढ़ लाख से अधिक राजनीतिक दावेदार अपनी किस्मत आजमाने उतरेंगे, जबकि कुल 5.45 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके भविष्य की तस्वीर साफ करेंगे। ग्रामीण और शहरी विकास की दिशा तय करने वाले इस सबसे बड़े चुनावी महासमर की पूरी और विस्तृत जानकारी के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।राजस्थान के सबसे बड़े चुनावी महासमर की रूपरेखा तैयारप्राप्त विवरण के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक अमले ने पंचायत से लेकर नगर निकाय चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। ग्रामीण अंचल की सरकारों (जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत) से लेकर शहरों के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के चुनावों का यह चक्र राज्य की राजनीति की रीढ़ माना जाता है। इस बार के चुनावों में प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि हर एक बूथ पर निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से मतदान प्रक्रिया को संपन्न कराया जा सके। गांवों की चौपालों से लेकर शहरी वार्डों तक चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है।डेढ़ लाख से अधिक दावेदार और 5.45 करोड़ वोटर्स की विशाल भागीदारीइस बार के चुनावों के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले और बड़े पैमाने पर हैं। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान भर में विभिन्न पदों के लिए कुल डेढ़ लाख से ज्यादा उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, जिससे हर वार्ड और पंचायत सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलने वाला है। वहीं दूसरी ओर, राज्य के कुल 5.45 करोड़ से अधिक मतदाता इन उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे। इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि आम जनता अपने स्थानीय नेतृत्व को चुनने के लिए कितनी जागरूक और उत्सुक है।ग्रामीण और शहरी विकास की दिशा तय करेंगे ये चुनावराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत और निकाय चुनाव केवल सत्ता के छोटे केंद्र नहीं होते, बल्कि ये जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान की असली धुरी होते हैं। इन चुनावों के परिणामों का सीधा असर आने वाले समय में राज्य की मुख्यधारा की राजनीति पर भी पड़ेगा। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों (भाजपा, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों) ने इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी शुरू कर दी है ताकि स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:32 pm

राजस्थान की सियासत में उबाल! जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज पर भड़के हनुमान बेनीवाल

राजस्थान की राजनीति से इस वक्त एक बहुत बड़ी और तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है, जिसने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राजधानी जयपुर या दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बेटियों और युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल इस पूरी घटना के बाद बुरी तरह भड़क उठे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए तीखे शब्दों में कहा है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और हमारी बेटियों पर लाठियां बरसाना किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और यह सीधे तौर पर देश के लोकतंत्र पर एक बड़ा हमला है। इस सनसनीखेज बयान और पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।जंतर-मंतर और प्रदर्शन स्थल पर लाठीचार्ज से क्यों गरमाई सियासतप्राप्त विवरण के अनुसार, अपनी विभिन्न न्यायसंगत मांगों को लेकर युवा और महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रहे थे, इसी दौरान स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस बल ने उन्हें खदेड़ने के लिए सख्ती बरतनी शुरू कर दी। इस बल प्रयोग के दौरान कई युवाओं और महिलाओं को चोटें आईं, जिसके बाद विपक्ष और विभिन्न क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। हनुमान बेनीवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब देश का युवा और अन्नदाता अपनी आवाज उठाने के लिए सड़क पर उतरता है, तो सरकारें संवाद करने के बजाय उन पर दमनकारी नीतियां अपनाती हैं, जो तानाशाही का स्पष्ट प्रमाण है।हनुमान बेनीवाल का कड़ा तेवर: तानाशाही रवैया नहीं होने देंगे बर्दाश्तहनुमान बेनीवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आरएलपी हमेशा से किसानों, बेरोजगार युवाओं और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती आई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ अपराधियों जैसा सलूक करना और बल प्रयोग करना पुलिस और शासन के अलोकतांत्रिक चेहरे को बेनकाब करता है। बेनीवाल ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन पुलिसकर्मियों या अधिकारियों ने लाठीचार्ज का आदेश दिया है, उनके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है राजनीतिक विरोधइस लाठीचार्ज की घटना के बाद से राजस्थान के राजनीतिक पारे में उबाल आ गया है। विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस कार्रवाई के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार ने इस मामले में संवेदनशीलता नहीं दिखाई और पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में एक बड़ा जन आंदोलन बन सकता है, जिससे सत्ताधारी दल की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:30 pm

पैसों का फ्लो बढ़ाने के लिए घर ले आएं फेंगशुई की ये खास चीजें, चुंबक की तरह खिंचा चला आएगा धन

घर में मौजूद वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा अक्सर हमारी वित्तीय स्थिति को कमजोर कर देते हैं, जिससे पैसों का फ्लो रुक जाता है। चीनी वास्तु शास्त्र फेंगशुई में धन लाभ और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के कई अचूक उपाय बताए गए हैं जिन्हें अपनाकर आर्थिक तंगी से छुटकारा पाया जा सकता है।फेंगशुई कछुआ और मेंढक से बढ़ाएं बरकतफेंगशुई के अनुसार घर की उत्तर दिशा में धातु या क्रिस्टल का कछुआ रखना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे धन के देवता कुबेर की कृपा हमेशा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इसके अलावा पैसों की तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए फेंगशुई मेंढक बहुत लकी साबित होता है, जिसे घर में लाने से आर्थिक दिक्कतें तेजी से दूर होने लगती हैं।चीनी सिक्के, फिश एक्वेरियम और पानी का फव्वारा चमकाएंगे किस्मतआर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए चीनी सिक्कों को लाल रंग के कपड़े में बांधकर तिजोरी या गुप्त स्थान पर रखना चाहिए जिससे धन का प्रवाह लगातार बना रहता है। घर की उत्तर दिशा में बहते हुए पानी का फव्वारा रखना या फिर फिश एक्वेरियम स्थापित करना सकारात्मक ऊर्जा को संतुलित करता है और नेगेटिव एनर्जी को बाहर का रास्ता दिखाता है, बस इस बात का विशेष ध्यान रखें कि फव्वारे का पानी हमेशा साफ और निरंतर बहता हुआ होना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:30 pm

बरनाला में खाकी और बदमाशों के बीच खूनी मुठभेड़! पुलिस पर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग

पंजाब के बरनाला जिले से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज वारदात सामने आ रही है, जहां कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाले बदमाशों और पुलिस के बीच जबरदस्त मुठभेड़ (Police Encounter) देखने को मिली है। अपराधियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों की तरफ से अचानक गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस रोमांचक और हाई-वोल्टेज एनकाउंटर के बाद पुलिस ने दो कुख्यात बदमाशों को धर दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कई अवैध पिस्तौल और कारतूस भी बरामद किए हैं। इस खतरनाक मुठभेड़ और पूरी घटना के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।कैसे हुई पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की शुरुआतप्राप्त जानकारी के अनुसार, बरनाला पुलिस को कुछ संदिग्ध और वांछित अपराधियों के एक इलाके में छिपे होने की पुख्ता सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर जब पुलिस और सीआईए (CIA) की संयुक्त टीम ने संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी करनी शुरू की, तो खुद को घिरता देख बदमाशों ने घबराहट में पुलिस पार्टी पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों द्वारा अचानक किए गए इस हमले से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन मुस्तैद पुलिस जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और انتہائی सूझबूझ के साथ जवाबी कार्रवाई को अंजाम दिया।जवाबी फायरिंग के बाद दो शातिर बदमाश गिरफ्तार, हथियार बरामदपुलिस की जवाबी और सख्त कार्रवाई के आगे बदमाशों के हौसले पस्त हो गए और वे भागने में नाकाम रहे। पुलिस ने घेराबंदी मजबूत करते हुए दोनों आरोपियों को मौके से ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से दो अवैध पिस्तौल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये बदमाश किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और इलाके में दहशत फैलाना चाहते थे। गनीमत यह रही कि इस मुठभेड़ में किसी भी पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई और समय रहते स्थिति पर पूरा नियंत्रण पा लिया गया।पंजाब में लगातार तेज हो रहा अपराधियों पर पुलिस का शिकंजापिछले कुछ समय से पंजाब पुलिस ने राज्य में सक्रिय गैंगस्टरों, हथियार तस्करों और अपराधियों के खिलाफ जिस तरह का आक्रामक अभियान छेड़ रखा है, उसके तहत लगातार इस तरह के एनकाउंटर और गिरफ्तारियां सामने आ रही हैं। बरनाला की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के लिए राज्य की धरती पर कोई जगह नहीं बची है। पुलिस अब पकड़े गए दोनों बदमाशों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके अन्य साथियों के तार कहां-कहां जुड़े हैं और ये हथियार इन्होंने कहां से खरीदे थे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:28 pm

ट्रेन को IED से उड़ाने की थी खौफनाक आतंकी साजिश! पंजाब पुलिस की मुस्तैदी ने ऐन वक्त पर बड़े हादसे को टाला

पंजाब से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। राज्य में शांति व्यवस्था को अशांत करने और बड़े पैमाने पर जनहानि पहुंचाने के लिए आतंकवादियों द्वारा एक बहुत ही खतरनाक षड्यंत्र रचा गया था। आतंकी किसी चलती हुई यात्री ट्रेन को शक्तिशाली आईईडी (IED) यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस से उड़ाने की फिराक में थे। हालांकि, पंजाब पुलिस और खुफिया तंत्र ने असाधारण तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस नापाक साजिश पर समय रहते पूरी तरह पानी फेर दिया है। इस सनसनीखेज आतंकी खुलासे और पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।रेलवे ट्रैक को दहलाने की थी खतरनाक प्लानिंग और पुलिस की त्वरित कार्रवाईप्राप्त शुरुआती जानकारियों के अनुसार, देश विरोधी तत्वों और सीमा पार बैठे आकाओं के इशारे पर पंजाब में एक बार फिर किसी बड़े रेल हादसे को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। आतंकियों का मुख्य मकसद रेलवे पटरियों या ट्रेनों को निशाना बनाकर देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाना था। लेकिन पंजाब पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते और स्थानीय खुफिया इकाई को समय रहते इस बात की भनक लग गई कि असाधारण गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विस्फोटक सामग्री जुटाई जा रही है। पुलिस ने बिना एक भी पल गंवाए तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर तुरंत अपनी टीमों को मैदान में उतारा और इस खतरनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया।भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद, टला एक बड़ा रेल हादसापुलिस की इस सफल कार्रवाई के दौरान न केवल आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम किया गया, बल्कि मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री, आईईडी और अन्य खतरनाक उपकरण भी बरामद किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विस्फोटक समय रहते पुलिस के हाथ नहीं लगते, तो यह किसी चलती हुई ट्रेन के लिए बेहद घातक साबित हो सकता था और सैकड़ों बेकसूर लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी साजिश के पीछे स्थानीय स्तर पर कौन-कौन से स्लीपर सेल या चेहरे सक्रिय थे और इन्हें किन लोगों द्वारा फंडिंग मुहैया कराई जा रही थी।पंजाब में लगातार कस रहा है सुरक्षा एजेंसियों का शिकंजापिछले कुछ समय से पंजाब पुलिस ने राज्य विरोधी ताकतों के खिलाफ जिस तरह से आक्रामक रुख अपनाया है, उसके चलते लगातार एक के बाद एक बड़े मामलों का खुलासा हो रहा है। मोगा ग्रेनेड हमले के बाद अब ट्रेन को उड़ाने की इस साजिश का नाकाम होना यह साबित करता है कि सुरक्षा एजेंसियां हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और हाई अलर्ट पर हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से रेलवे स्टेशनों और पटरियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है ताकि यात्रियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:25 pm

पंजाब में बड़ा आतंकी षड्यंत्र विफल! मोगा थाना ग्रेनेड हमले के 17 शातिर आरोपी गिरफ्तार

पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ एक बहुत बड़ी और शानदार कामयाबी लगी है, जिसने राज्य की शांति और सुरक्षा व्यवस्था को खंडित करने की साजिश रचने वाले असामाजिक तत्वों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। मोगा जिले के एक थाने पर हुए सनसनीखेज ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कुल 17 आरोपियों को धर दबोचा है। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन सभी बदमाशों को सरहदों पार बैठे आकाओं द्वारा महज पैसों का लालच देकर इस खतरनाक आतंकी वारदात को अंजाम दिलवाया गया था। पंजाब में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस बड़े मामले का पर्दाफाश कैसे हुआ और पुलिस ने किस तरह इस पूरी साजिश का ताना-बाना तोड़ा, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।मोगा थाना ग्रेनेड हमले की गुत्थी सुलझी, पुलिस के हत्थे चढ़े 17 आरोपीकुछ समय पहले पंजाब के मोगा इलाके के एक पुलिस थाने को निशाना बनाकर ग्रेनेड से हमला किया गया था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। इस गंभीर चुनौती को स्वीकार करते हुए पंजाब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों (Intelligence) ने एक विशेष टीम का गठन किया था। लगातार तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर की गई कड़ी छानबीन के बाद पुलिस ने एक के बाद एक कुल 17 आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही पुलिस ने इनके पास से कुछ आपत्तिजनक सामग्री और हथियार भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इस तरह की वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।पैसों के लालच और विदेशी आकाओं के इशारे पर रची गई थी खौफनाक साजिशपुलिस की पूछताछ में जो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं, वे यह बताते हैं कि कैसे आज के दौर में कुछ अपराधी किस्म के युवा थोड़े से पैसों और विदेश में बैठे हैंडलर्स के झूठे वादों के चक्कर में आकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। मोगा थाना हमले के इन आरोपियों को भी सीमा पार से फंडिंग (Money Funding) का लालच दिया गया था और उन्हें यह टास्क सौंपा गया था कि वे स्थानीय स्तर पर पुलिस थानों या संवेदनशील ठिकानों पर ग्रेनेड फेंककर राज्य में डर का माहौल पैदा करें। हालांकि, सतर्क सुरक्षा एजेंसियों और मुस्तैद पुलिस बल ने समय रहते इनके नापाक मंसूबों को पूरी तरह से कुचल दिया और मुख्य सरगनाओं तक अपनी पहुंच बना ली।पंजाब में लगातार कस रहा है कानून का शिकंजा, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट परइस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर यह साबित हो गया है कि राज्य पुलिस किसी भी आतंकी या आपराधिक गतिविधि से निपटने के लिए कितनी तत्परता से काम कर रही है। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने कई ऐसे स्लीपर सेल और बदमाशों को बेनकाब किया है जो बाहरी ताकतों के इशारे पर शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस बड़ी सफलता के बाद पुलिस अब पकड़े गए सभी 17 आरोपियों से रिमांड पर गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां फैले हुए हैं और इनके पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे छिपे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:23 pm

CJP Protest: 'हमको लग रहा था कि भीड़ हम पर हमला कर देगी', कंगना रनौत ने बताया संसद के अंदर कैसा था माहौल?

सीजेपी के संसद तक पहुंचने के बाद सोमवार को दिल्ली पुलिस ने संसद के सभी दरवाजे बंद कर दिए। इस बीच भाजपा सांसद कंगना रनौत ने दावा किया कि प्रदर्शन के समय स्थिति इतनी खतरनाक हो गई थी कि संसद के भीतर मौजूद सभी लोग बुरी तरह घबराए हुए थे।

वेब दुनिया 21 Jul 2026 3:09 pm

नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर हाई अलर्ट: किसानों के दिल्ली कूच और प्रदर्शनों के मद्देनजर चिल्ला बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी

किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान और राजधानी में जारी विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। विशेष रूप से चिल्ला बॉर्डर पर नोएडा पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित करते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की है। सोमवार को छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है।

देशबन्धु 21 Jul 2026 3:05 pm

क्यों अलग माना जा रहा है जेन-ज़ी का यह छात्र आंदोलन और कहां चूकी मोदी सरकार?

Gen Z student protest in Delhi: दिल्ली में छात्रों के 'संसद मार्च' की शुरुआत परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग से हुई थी। लेकिन समय के साथ यह प्रदर्शन केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। प्रदर्शन ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 2:42 pm

आचार्य चाणक्य ने बताए पुरुषों के वे 4 प्रकार के दोस्त, जिनसे हर पत्नी को रहना चाहिए कोसों दूर

भारतीय इतिहास के सबसे महान कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और आचार्य चाणक्य की नीतियां आज के आधुनिक दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी वे सदियों पहले हुआ करती थीं। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में मानव जीवन के हर उस पहलू पर खुलकर प्रकाश डाला है जो एक व्यक्ति को सफलता या असफलता की ओर ले जाता है। पारिवारिक जीवन और वैवाहिक संबंधों को लेकर चाणक्य ने कई ऐसे अमूल्य सूत्र दिए हैं, जिन्हें अपनाकर लोग अपने घर-परिवार को बिखरने से बचा सकते हैं। आचार्य चाणक्य का मानना था कि एक खुशहाल दांपत्य जीवन में बाहरी लोगों और गलत संगति का बहुत गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। चाणक्य नीति के अनुसार, पुरुषों के कुछ खास तरह के दोस्तों से उनकी पत्नियों को हमेशा सुरक्षित दूरी बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग धीरे-धीरे परिवार की शांति और सुख-चैन को दीमक की तरह चाट जाते हैं। आइए जानते हैं कि चाणक्य ने किन चार प्रकार के मित्रों से महिलाओं और गृहस्थी को दूर रहने की सख्त सलाह दी है।चरित्रहीन और अनैतिक आचरण वाले मित्र से हमेशा बनाएं दूरीआचार्य चाणक्य के अनुसार, जिस पुरुष के मित्र चरित्रहीन, लालची या अनैतिक गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, उसका प्रभाव सीधे तौर पर उसके घर और वैवाहिक जीवन पर पड़ता है। ऐसे लोग कभी भी किसी के सगे नहीं हो सकते और अपनी बुरी आदतों के कारण दूसरों को भी गलत रास्ते पर धकेलने में देर नहीं लगाते। यदि किसी पति के दोस्त का आचरण समाज और नैतिकता के विरुद्ध है, तो उसकी पत्नी को ऐसे व्यक्ति से बातचीत या मेल-जोल से पूरी तरह बचना चाहिए। संगति का असर इंसान के स्वभाव पर बहुत जल्दी पड़ता है, और अनैतिक चरित्र वाले मित्रों का साया किसी भी हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद करने के लिए काफी माना जाता है।चालाक, मतलबी और धोखेबाज दोस्तों से रहें हमेशा सतर्कजीवन में कई बार लोग ऐसे दोस्तों को पाल लेते हैं जो मुंह पर तो बहुत मीठा बोलते हैं लेकिन पीठ पीछे हमेशा नुकसान पहुंचाने की फिराक में रहते हैं। चाणक्य कहते हैं कि जो मित्र केवल अपने स्वार्थ के लिए रिश्ता निभाते हैं और मुश्किल वक्त में कन्नी काट लेते हैं, वे परिवार के सबसे बड़े दुश्मन होते हैं। ऐसे मतलबी लोग अक्सर पति-पत्नी के बीच गलतफहमियां पैदा करने और घर की अंदरूनी बातों का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। यदि किसी पुरुष के मित्र धोखेबाज प्रकृति के हैं, तो समझदारी इसी में है कि पत्नी उन लोगों से किसी भी तरह की पारिवारिक चर्चा या मेलजोल न रखे, ताकि घर की गोपनीयता सुरक्षित रह सके।नकारात्मक सोच और हमेशा कलह के बीज बोने वाले लोगकुछ लोगों की फितरत ऐसी होती है कि वे हर परिस्थिति में नेगेटिविटी ही फैलाते हैं और दूसरों के घर में होने वाली तरक्की या खुशी को देखकर जलते रहते हैं। आचार्य चाणक्य का स्पष्ट कहना है कि नकारात्मक ऊर्जा से भरे ऐसे लोग परिवार में हमेशा कलह और तनाव का माहौल पैदा करते हैं। वे ऐसी बातें करते हैं जिससे पति-पत्नी के आपसी रिश्तों में खटास पैदा हो जाए। यदि ऐसे लोग घर आना-जाना शुरू कर दें, तो धीरे-धीरे घर का सुकून गायब होने लगता है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि महिलाओं की नजर ऐसे नकारात्मक मित्रों पर रहे और वे अपने घर की चौखट पर ऐसे लोगों के प्रभाव को बिल्कुल न आने दें।नशे और बुरी लतों के आदी दोस्तों का घर पर साया पड़ना घातकनशा और बुरी आदतें किसी भी इंसान के जीवन को तबाह करने के लिए काफी होती हैं, लेकिन जब कोई पुरुष ऐसे दोस्तों के संपर्क में आता है जो हर वक्त नशे में डूबे रहते हैं, तो उसका पूरा परिवार संकट में आ जाता है। चाणक्य नीति चेतावनी देती है कि नशेड़ी और आवारा किस्म के मित्रों की संगत इंसान की बुद्धि और विवेक दोनों को भ्रष्ट कर देती है। ऐसा पुरुष न तो अपने परिवार की जिम्मेदारी समझ पाता है और न ही अपनी पत्नी का सम्मान कर पाता है। पत्नी और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए यह अति आवश्यक है कि ऐसे मित्रों को घर से कोसों दूर रखा जाए, ताकि गृहस्थी की गाड़ी पटरी से न उतरे और जीवन में हमेशा शांति बनी रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 2:37 pm

पूजा के बाद दीया कब तक जलना चाहिए? घी या तेल, जानिए भगवान को प्रसन्न करने के लिए क्या है सबसे उत्तम

सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति में दीप प्रज्वलित करने का विधान पूजा-पाठ का सबसे अहम और पवित्र हिस्सा माना जाता है। सुबह और शाम की आरती के दौरान जब हम मंदिर में दीपक जलाते हैं, तो हमारे मन में अक्सर यह सवाल जरूर आता है कि पूजा समाप्त होने के बाद दीया अपने आप कितनी देर तक जलना चाहिए या उसे कब बुझना चाहिए। इसके अलावा, दीया जलाने के लिए गाय का शुद्ध घी इस्तेमाल किया जाना चाहिए या फिर सरसों या तिल का तेल, इसको लेकर भी लोगों के मन में कई तरह की मान्यताएं रहती हैं। वास्तु शास्त्र और धार्मिक ग्रंथों में इन सभी बातों को लेकर बहुत ही सटीक नियम बताए गए हैं। आइए जानते हैं कि पूजा के दीये से जुड़े इन जरूरी नियमों का पालन कैसे करना चाहिए ताकि घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि बनी रहे।पूजा के बाद दीया कितनी देर तक जलना चाहिएधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान के सामने जलाया गया दीपक इस बात का प्रतीक होता है कि आपके जीवन से अंधकार दूर हो रहा है और ज्ञान व प्रकाश का प्रवेश हो रहा है। आम तौर पर दीया उतनी देर तक जलना चाहिए जब तक उसमें डाला गया घी या तेल पूरी तरह से समाप्त न हो जाए। यदि किसी कारणवश आपको पूजा के तुरंत बाद मंदिर से बाहर जाना पड़े या घर से निकलना पड़े, तो सुरक्षा की दृष्टि से दीपक को बुझाया जा सकता है, लेकिन जानबूझकर जलते हुए अखंड दीपक या सामान्य दीपक को बीच में बुझाना अशुभ माना जाता है। इसलिए हमेशा अपनी क्षमता और पूजा के समय के अनुसार ही बाती में पर्याप्त घी या तेल डालना चाहिए ताकि वह अपनी स्वाभाविक गति से शांत हो सके।घी या तेल: भगवान की पूजा के लिए क्या है बेहतरदीपक जलाने के लिए किस चीज का प्रयोग किया जाए, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस देवी-देवता की उपासना कर रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार, देवताओं को प्रसन्न करने के लिए गाय का शुद्ध घी सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि घी सात्विकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है। विशेषकर गणेश जी, विष्णु जी और माता लक्ष्मी की पूजा में घी का दीया जलाना बेहद फलदायी माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, शनि देव, हनुमान जी या भैरव बाबा की कृपा पाने के लिए सरसों के तेल या तिल के तेल का दीपक जलाना श्रेष्ठ माना जाता है। यदि आप सामान्य देवी-देवताओं की पूजा कर रहे हैं, तो तिलों का तेल या शुद्ध घी दोनों ही विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है।दीपक जलाते समय किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यानपूजा के दौरान दीपक प्रज्वलित करते समय कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है ताकि उसका पूरा आध्यात्मिक और मानसिक लाभ मिल सके। हमेशा भगवान की मूर्ति के ठीक सामने या दाहिनी ओर दीपक रखना शुभ माना जाता है। दीपक की लौ कभी भी दक्षिण दिशा की ओर नहीं होनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है, जिससे अशुभ फल मिल सकता है। इसके अलावा, खंडित या टूटे हुए दीये का इस्तेमाल कभी भी पूजा में नहीं करना चाहिए। साफ-सुथरे मिट्टी या पीतल के दीये का उपयोग करके और सच्चे मन से की गई आराधना आपके घर-परिवार में हमेशा शांति और वैभव बनाए रखती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 2:34 pm

सावन में एक साथ लग रहे दो ग्रहण, महादेव की आराधना और व्रत पर क्या पड़ेगा असर? जानिए क्या बरतें विशेष सावधानी

हिंदू धर्म में चातुर्मास और विशेष तौर पर पवित्र सावन महीने का आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। देवाधिदेव महादेव भगवान शिव को समर्पित इस पावन महीने में शिव भक्तों की भारी भीड़ शिवालयों में उमड़ती है और वे सावन सोमवार के व्रत रखकर भोलेनाथ की आराधना करते हैं। इस बीच ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार सावन के महीने में एक साथ दो बड़े ग्रहण लगने की खगोलीय घटना सामने आ रही है। इस दुर्लभ संयोग को लेकर देश भर के श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन ग्रहणों का असर सावन के व्रतों, पूजा-पाठ और अनुष्ठानों पर पड़ेगा या नहीं। आइए ज्योतिषीय और धार्मिक नजरिए से जानते हैं कि इस स्थिति में भक्तों को कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए।सावन माह में कब और कैसे लगेंगे ये दो ग्रहणखगोलीय और ज्योतिषीय पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष सावन मास के दौरान दो ग्रहणों का यह दुर्लभ योग बन रहा है। आमतौर पर ग्रहण सूर्य या चंद्रमा पर लगते हैं और इनका सूतक काल भी धार्मिक नियमों के अनुसार मान्य होता है। जब भी इस तरह के खगोलीय परिवर्तन किसी पवित्र मास या बड़े त्योहार के आसपास होते हैं, तो उनका प्रभाव ज्योतिषीय रूप से काफी अहम माना जाता है। हालांकि, यह देखना बहुत जरूरी होता है कि क्या इन ग्रहणों की दृश्यता भारत में है या नहीं, क्योंकि जिस देश या क्षेत्र में ग्रहण दिखाई देता है, वहीं पर उसके धार्मिक नियम और सूतक काल प्रभावी होते हैं।क्या सावन के व्रत और महादेव की पूजा पर पड़ेगा कोई असरभक्तों के मन में सबसे बड़ा संशय यह है कि क्या ग्रहण के दौरान या उस दिन भगवान शिव की पूजा और सावन सोमवार का व्रत प्रभावित होगा। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना काल, समय और खगोलीय बाधाओं से परे होती है। यदि सूतक काल प्रभावी है, तो मंदिरों के कपाट कुछ समय के लिए बंद जरूर किए जाते हैं, लेकिन मानसिक जाप, मंत्रोच्चार और शिव भक्ति पर कोई रोक नहीं होती है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को अपने संकल्प के अनुसार नियमों का पालन करना चाहिए, क्योंकि भगवान की सच्ची निष्छल भक्ति और आराधना से सभी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं।ग्रहण काल के दौरान श्रद्धालुओं को क्या बरतनी चाहिए सावधानियांधार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार जब भी ग्रहण लगता है, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना बेहद आवश्यक माना जाता है। ग्रहण के सूतक काल के दौरान भोजन पकाने और खाने से परहेज किया जाता है, हालांकि बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों पर यह नियम उनकी स्थिति के अनुसार लागू होता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर की शुद्धि करके स्नान करना चाहिए और दान-पुण्य करना शुभ फलदायी माना जाता है। इसके अलावा, सावन के इस पावन महीने में नकारात्मक विचारों से दूर रहकर पूरी तरह से सकारात्मकता के साथ भोलेनाथ के ध्यान में लीन रहना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 2:32 pm

एवेंजर्स डूम्सडे' का ट्रेलर देख भड़के इंडियन फैंस, 'रामायण' से कर डाली तुलना, रणबीर कपूर की फिल्म को बताया बेहतर

हॉलीवुड की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित फ्रेंचाइजी फिल्मों में शुमार मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की अपकमिंग फिल्म 'एवेंजर्स डूम्सडे' (Avengers: Doomsday) इन दिनों दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। जैसे ही इस फिल्म का नया ट्रेलर इंटरनेट पर रिलीज हुआ, इसने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है। हालांकि, जहां एक तरफ हॉलीवुड फैंस इस टीज़र को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय फैंस का एक बड़ा वर्ग इस ट्रेलर को देखकर बुरी तरह भड़क गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय दर्शकों ने मार्वल की इस फिल्म के वीएफएक्स, भव्यता और विजुअल्स की तुलना रणबीर कपूर की आगामी बहुचर्चित पौराणिक फिल्म 'रामायण' (Ramayana) से करनी शुरू कर दी है और तुलना करते हुए रणबीर की फिल्म को कई गुना बेहतर बता डाला है। आखिर क्यों भारतीय फैंस हॉलीवुड के इस प्रोजेक्ट से नाराज हैं और क्या है पूरा मामला, आइए विस्तार से जानते हैं।ट्रेलर में दिखाए गए विजुअल्स और वीएफएक्स पर उठे सवालमार्वल स्टूडियोज की फिल्मों का वीएफएक्स और स्पेशल इफेक्ट्स हमेशा से दुनियाभर में benchmark माने जाते रहे हैं, लेकिन 'एवेंजर्स डूम्सडे' के सामने आए विजुअल्स ने कई भारतीय दर्शकों को निराश किया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि इतने बड़े बजट और ग्लोबल हाइप वाली इस फिल्म का काम उम्मीद के मुताबिक दमदार नहीं लग रहा है। ट्विटर और रेडिट जैसी जगहों पर फैंस लगातार इसके सीन्स के स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं और कह रहे हैं कि अब हॉलीवुड के मुकाबले भारतीय सिनेमा तकनीकी रूप से कहीं आगे निकल रहा है। दर्शकों का मानना है कि मार्वल अब अपनी पुरानी चमक खोता जा रहा है और कहानी के साथ-साथ इसका विजुअल अपील भी कमजोर पड़ रहा है।क्यों हो रही है रणबीर कपूर की 'रामायण' से सीधी तुलनाभारतीय सिनेमा जगत में नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही जबरदस्त क्रेज बना हुआ है। इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं और इसके वीएफएक्स पर दुनिया के सबसे बेहतरीन स्टूडियोज काम कर रहे हैं। 'एवेंजर्स डूम्सडे' का ट्रेलर सामने आते ही भारतीय फैंस ने तुरंत नितेश तिवारी की 'रामायण' के टीज़र और लीक विजुअल्स से इसकी तुलना करनी शुरू कर दी। फैंस का दावा है कि भारतीय पौराणिक गाथा पर आधारित यह फिल्म भव्यता, भव्य सेट डिजाइन और इमोशनल डेप्थ के मामले में हॉलीवुड की इस मेगा बजट फिल्म को कड़ी टक्कर देती नजर आएगी। यही वजह है कि इंटरनेट पर 'इंडियन सिनेमा वर्सेस हॉलीवुड' की एक नई बहस छिड़ गई है।ग्लोबल सिनेमा मार्केट में बदलता नजर आ रहा है ट्रेंडसिनेमा प्रेमियों और ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि पिछले कुछ सालों में भारतीय दर्शकों की पसंद और वीएफएक्स की समझ का स्तर काफी ऊंचा हो गया है। अब दर्शक केवल किसी बड़े विदेशी बैनर का नाम देखकर किसी भी फिल्म की तारीफ नहीं करते, बल्कि हर एक फ्रेम की बारीकी से परख करते हैं। मार्वल की फिल्म पर भारतीय फैंस की यह प्रतिक्रिया इस बात का पुख्ता सबूत है कि अब भारतीय सिनेमा ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स पर तकनीकी और कंटेंट दोनों ही मामलों में छा जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले दिनों में दोनों ही फिल्मों के रिलीज होने पर यह मुकाबला बॉक्स ऑफिस और दर्शकों के दिलों पर राज करने के लिहाज से बेहद दिलचस्प होने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 2:21 pm

CJP प्रदर्शन पर क्यों खामोश रहे दिलजीत दोसांझ? आखिरकार तोड़ी चुप्पी, बोले- 'मुझे देश विरोधी कहा गया

मनोरंजन जगत और संगीत की दुनिया के सबसे लोकप्रिय सितारों में शुमार दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में छाए हुए हैं। हाल ही में चर्चा का विषय बने CJP से जुड़े प्रदर्शनों और विभिन्न मुद्दों पर अपनी चुप्पी साधने को लेकर आखिरकार दिलजीत ने खुलकर बात की है। सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों पर लगातार उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने दर्द बयां किया कि कैसे अतीत में उन्हें बिना किसी ठोस वजह के 'देश विरोधी' तक करार दे दिया गया था। गायक और अभिनेता के इस बेबाक बयान ने उनके फैंस और राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है, आइए जानते हैं कि उन्होंने इस पूरे विवाद पर क्या कुछ कहा है।क्यों सवालों के घेरे में आए थे दिलजीत दोसांझ और क्या था पूरा मामलाअपने गानों और दमदार अभिनय से दुनिया भर में भारत का नाम रोशन करने वाले दिलजीत दोसांझ जब भी किसी बड़े सामाजिक या राजनीतिक मुद्दे पर सीधे तौर पर अपनी राय नहीं रखते हैं, तो सोशल मीडिया पर उनके आलोचक और फैंस दोनों ही सवाल खड़े करने लगते हैं। हालिया CJP प्रदर्शनों के दौरान भी उनकी खामोशी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। लोगों के मन में यह उत्सुकता थी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका यह कलाकार ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर सामने क्यों नहीं आ रहा है। इसी कशमकश के बीच दिलजीत ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उन तमाम आलोचकों को करारा जवाब दिया है जो उनकी चुप्पी पर सवाल उठा रहे थे।अतीत के जख्मों को याद कर छलका दर्द, कहा- मुझे देश विरोधी कहा गया थामीडिया इंटरव्यू और अपने हालिया संबोधन में दिलजीत दोसांझ ने बेहद भावुक और स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब भी वे समाज या देश के हित में अपनी बात रखने की कोशिश करते हैं, तो एक वर्ग द्वारा उन्हें निशाना बनाकर 'देश विरोधी' साबित करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को कला और कलाकारों से ज्यादा विवाद पैदा करने में दिलचस्पी होती है। अतीत में उन्हें किस तरह की मानसिक प्रताड़ना और झूठे आरोपों का सामना करना पड़ा था, उसका जिक्र करते हुए उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हर बार हर मुद्दे पर अपनी सफाई देना जरूरी नहीं समझता, क्योंकि उनके दिल में अपने देश और संस्कृति के प्रति जो सम्मान है, उसे किसी प्रमाण की जरूरत नहीं है।कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी और जनता की उम्मीदेंदिलजीत दोसांझ का यह बयान इस पुरानी और लंबी बहस को फिर से हवा दे रहा है कि क्या लोकप्रिय हस्तियों के लिए हर राजनीतिक या सामाजिक प्रदर्शन पर अपनी मुहर लगाना अनिवार्य होना चाहिए। एक तरफ जहां फैंस और एक्टिविस्ट्स चाहते हैं कि उनके चहेते सितारे हर बड़े मुद्दे पर खुलकर आवाज उठाएं, वहीं कलाकारों का एक वर्ग यह मानता है कि उन्हें केवल अपनी कला के माध्यम से लोगों का मनोरंजन करने और सकारात्मक संदेश देने तक सीमित रहना चाहिए। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी सेलिब्रिटी के लिए खामोश रहना या बोलना, दोनों ही चीजें बड़ी चर्चा का विषय बन जाती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 2:19 pm

नेशनल अवॉर्ड जीतते ही महाकाल के दरबार में पहुंचे कार्तिक आर्यन, भस्म और शयन आरती में टेका माथा

बॉलीवुड के चमकते सितारों में शुमार और अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर हर दिल पर राज करने वाले अभिनेता कार्तिक आर्यन इन दिनों अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों ही वजहों से लगातार सुर्खियों में छाए हुए हैं। हाल ही में अपनी शानदार फिल्म के लिए प्रतिष्ठित नेशनल फिल्म अवॉर्ड की बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद, कार्तिक अपनी सफलता का जश्न मनाने के सीधे उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। भगवान महाकाल के प्रति उनकी गहरी आस्था एक बार फिर देखने को मिली है, जहां उन्होंने गर्भगृह में पहुंचकर न सिर्फ आशीर्वाद लिया, बल्कि पवित्र शयन आरती में भी पूरे मन से भाग लिया। बाबा महाकाल की भक्ति में पूरी तरह रंगे 'चंदू चैम्पियन' की यह तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर उनके फैंस के बीच तेजी से वायरल हो रहे हैं, आइए जानते हैं इस आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी खास बातें।नेशनल अवॉर्ड की सफलता के बाद भगवान महाकाल का जताया आभारअपनी बेहतरीन फिल्मों और कड़ी मेहनत के बलबूते हिंदी सिनेमा में एक खास मुकाम हासिल करने वाले कार्तिक आर्यन ने साबित कर दिया है कि वे सफलता मिलने के बाद भी अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े हुए हैं। नेशनल अवॉर्ड जीतने की खुशी और गर्व को महसूस करते हुए वे सबसे पहले महाकालेश्वर के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। मंदिर पहुंचने पर पुजारियों और प्रबंधन द्वारा उनका स्वागत किया गया। पारंपरिक परिधान में नजर आ रहे कार्तिक ने नंदी हॉल और गर्भगृह में बैठकर विशेष पूजा-अर्चना की और देश व अपने चाहने वालों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। उनकी इस सादगी और धार्मिक निष्ठा की उनके फैंस जमकर तारीफ कर रहे हैं।भस्म और शयन आरती में हुए शामिल, घंटों बिताए भक्ति के माहौल मेंउज्जैन के महाकाल मंदिर की अलौकिक छटा और वहां की धार्मिक ऊर्जा हमेशा से देश-दुनिया के कलाकारों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती रही है। कार्तिक आर्यन ने भी महाकाल की प्रसिद्ध संध्या और शयन आरती में हिस्सा लिया। घंटों तक मंदिर परिसर में बैठकर उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का ध्यान किया। महाकाल की इस पावन नगरी में पहुंचकर वे पूरी तरह से भक्ति भाव में डूबे नजर आए। उनके साथ मौजूद लोगों ने बताया कि वे काफी लंबे समय से महाकाल के दर्शन करने की इच्छा रख रहे थे और नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद उनका यह सपना आखिरकार पूरा हो गया।'चंदू चैम्पियन' के बाद आने वाले प्रोजेक्ट्स पर टिकी हैं निगाहेंकार्तिक आर्यन के लिए यह साल करियर के लिहाज से बेहद शानदार साबित हो रहा है। उनकी फिल्म 'चंदू चैम्पियन' में उनके द्वारा निभाए गए किरदार और उसके लिए की गई शारीरिक मेहनत को दर्शकों और आलोचकों दोनों ने ही खूब सराहा था। इसी का नतीजा है कि उन्हें इस स्तर पर बड़ी पहचान और सम्मान मिल रहा है। महाकाल के दरबार से आशीर्वाद लेने के बाद अब वे अपने आगामी प्रोजेक्ट्स की शूटिंग में पूरे जोश के साथ जुटने वाले हैं। उनकी इस आध्यात्मिक यात्रा ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद भी अपनी संस्कृति और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना उनके स्वभाव का अहम हिस्सा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 2:19 pm

दिल्ली कूच रोकने को सीमाओं पर सख्त नाकेबंदी, पुलिस ने सील किए बॉर्डर; किसान बोले— 'हम टकराव नहीं, सिर्फ संवाद चाहते हैं'

भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में पंजाब से हजारों किसान मंगलवार सुबह से दिल्ली कूच के लिए निकले लेकिन उन्हें शंभू, कुंडली और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस द्वारा रोक दिया गया। पुलिस ने सीमा पर भारी बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया। वहीं, किसानों ने साफ किया कि वे किसी भी बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश नहीं करेंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।

देशबन्धु 21 Jul 2026 2:09 pm

आईआईटी मद्रास ने घोषित किया गेट 2027 का पूरा कार्यक्रम, जानिए योग्यता, परीक्षा पैटर्न और जरूरी तारीखें

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा यानी मास्टर्स डिग्री (M.Tech/Ph.D.) और प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों यानी पीएसयू (PSUs) में नौकरी पाने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी मद्रास (IIT Madras) ने आधिकारिक तौर पर ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग यानी गेट (GATE 2027) का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। परीक्षा की तैयारियों में जुटे छात्र अब अपनी रणनीति को और अधिक धार दे सकते हैं, क्योंकि संस्थान ने एग्जाम की तारीखों से लेकर आवेदन प्रक्रिया तक की पूरी रूपरेखा स्पष्ट कर दी है। आइए जानते हैं कि इस बार के शेड्यूल, पात्रता के नियमों और परीक्षा पैटर्न में क्या कुछ खास रहने वाला है।GATE 2027 का पूरा शेड्यूल और महत्वपूर्ण तिथियांइंजीनियरिंग स्नातकों के लिए आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए आईआईटी मद्रास ने टाइमलाइन तैयार कर ली है। परीक्षा से जुड़े आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, इस साल आवेदन प्रक्रिया तय समय पर शुरू होगी, जिससे छात्रों को फॉर्म भरने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर इस प्रवेश परीक्षा का आयोजन फरवरी महीने के निर्धारित सप्ताहांत में दो सत्रों (पूर्वाहन और अपराह्न) में किया जाएगा। जो उम्मीदवार देश के शीर्ष आईआईटी, एनआईटी या अन्य बेहतरीन संस्थानों में दाखिला लेना चाहते हैं, उन्हें समय रहते आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा, ताकि अंतिम समय में सर्वर या तकनीकी समस्याओं का सामना न करना पड़े।योग्यता के मानदंड और कौन दे सकता है यह परीक्षागेट परीक्षा में शामिल होने के लिए आईआईटी मद्रास द्वारा तय किए गए पात्रता मानदंडों को समझना हर आवेदक के लिए बेहद जरूरी है। इस परीक्षा में वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, वास्तुकला, विज्ञान या कला के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से अपनी स्नातक की डिग्री (B.E./B.Tech/B.Arch/B.Sc) पूरी कर ली है या जो वर्तमान में अपने ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं। इसके अलावा, विदेशी छात्र भी निर्धारित नियमों के तहत इस परीक्षा के लिए पात्र माने जाते हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है, जिससे किसी भी उम्र के योग्य पेशेवर और छात्र अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए इसमें हिस्सा ले सकते हैं।परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम में क्या रहेगा खासगेट 2027 के परीक्षा पैटर्न की बात करें तो यह पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित किया जाएगा। प्रश्न पत्र में मुख्य रूप से तीन प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं- बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs), बहु-उत्तर वाले प्रश्न (MSQs), और संख्यात्मक उत्तर प्रकार के प्रश्न (NATs)। कुल 100 अंकों के इस पेपर में जनरल एप्टीट्यूड के साथ-साथ संबंधित इंजीनियरिंग विषय और इंजीनियरिंग गणित से जुड़े सवाल शामिल होते हैं। गलत उत्तरों के लिए नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान केवल एमसीक्यू (MCQs) के लिए होता है, जबकि एमएसक्यू और एनएटी प्रश्नों में नकारात्मक अंक नहीं काटे जाते हैं। सही समय प्रबंधन और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास इस परीक्षा में सफलता हासिल करने की सबसे बड़ी कुंजी साबित होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 2:03 pm

गुजरात में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 28 IAS अधिकारियों के हुए तबादले, नई नियुक्तियां घोषित

गुजरात सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राज्य के प्रशासनिक तंत्र में बड़ा फेरबदल करते हुए 28 IAS अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। 21 जुलाई, 2026 को जारी इस आदेश के अनुसार महानगर पालिकाओं, जिला पंचायतों, राज्य के निगमों तथा DGVCL और ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 2:02 pm

अब बिना मर्जी नहीं बनेगी APAAR ID? सुप्रीम कोर्ट ने CBSE से कहा - पेरेंट्स को दें 'हां' या 'ना' का विकल्प

देश भर के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी यानी 'अपार आईडी' (APAAR ID) के निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद अहम और सख्त रुख अपनाया है। सर्वोच्च अदालत ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई (CBSE) को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रों की यह विशेष आईडी बनाते समय माता-पिता की सहमति अनिवार्य रूप से ली जानी चाहिए। कोर्ट ने स्कूलों और बोर्ड को साफ कर दिया है कि पेरेंट्स के पास इसके लिए 'हां' या 'ना' कहने का स्पष्ट विकल्प होना चाहिए ताकि किसी भी बच्चे की पहचान से जुड़ा यह डेटा बिना मर्जी के शेयर न हो सके। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कुछ कहा है और इसका स्कूली शिक्षा प्रणाली पर क्या असर पड़ेगा।क्या है APAAR ID और क्यों उठ रहे थे इस पर सवालकेंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के तहत 'ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री' यानी अपार आईडी को देश के हर छात्र के लिए एक यूनिक डिजिटल पहचान के रूप में लाया गया है। इस आईडी के जरिए छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड, खेलकूद, प्रमाणपत्र और अन्य उपलब्धियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखने का दावा किया जाता है। हालांकि, पिछले कुछ समय से डेटा प्राइवेसी और बच्चों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और विभिन्न संगठनों के मन में लगातार चिंताएं बनी हुई थीं। कई जगहों पर यह शिकायतें मिल रही थीं कि बिना पूरी जानकारी दिए या माता-पिता की स्पष्ट सहमति के ही स्कूलों द्वारा बच्चों की यह आईडी जबरन बनाई जा रही है।सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश और पेरेंट्स के अधिकारअभिभावकों की इन्हीं चिंताओं और याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने सीबीएसई और संबंधित शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि बच्चों की अपार आईडी तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। कोर्ट के इस निर्देश के बाद अब स्कूलों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे फॉर्म या डिजिटल पोर्टल पर ऐसा विकल्प प्रदान करें जहां माता-पिता अपनी स्वेच्छा से यह चुन सकें कि वे अपने बच्चे की अपार आईडी बनवाना चाहते हैं या नहीं। यदि कोई पेरेंट्स इसके लिए मना करते हैं, तो बच्चे की शिक्षा या स्कूल की अन्य गतिविधियों पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।डेटा प्राइवेसी और शिक्षा जगत के लिए इसका महत्वआज के डिजिटल युग में बच्चों के डेटा की सुरक्षा और उनकी गोपनीयता सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला लाखों-करोड़ों अभिभावकों को यह अधिकार देता है कि वे अपने बच्चों की डिजिटल प्रोफाइल के मामलों में खुद निर्णय ले सकें। शिक्षाविदों और कानूनी जानकारों का मानना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और नागरिकों की सहमति का अधिकार लोकतंत्र की एक अहम नींव है। आने वाले दिनों में सीबीएसई और अन्य राज्य बोर्डों द्वारा इस निर्देश के तहत नए और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने की उम्मीद है, जिससे स्कूलों में चल रही इस प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 2:01 pm

बंगाल में आज TMC vs TMC! कोलकाता की सड़कों पर ताबड़तोड़ 3 रैलियों से हाई अलर्ट पर पुलिस

पश्चिम बंगाल की राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और घमासान अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। राजधानी कोलकाता में आज राजनीतिक तापमान अपने चरम पर है क्योंकि एक ही दिन में टीएमसी के अलग-अलग धड़ों द्वारा ताबड़तोड़ तीन बड़ी रैलियां निकाली जा रही हैं। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और 'टीमीसी बनाम टीएमसी' के इस मुकाबले को देखते हुए कोलकाता पुलिस और प्रशासन को पूरी तरह से हाई अलर्ट पर रखा गया है। आखिर पार्टी के भीतर ऐसा क्या विवाद खड़ा हो गया है कि अपनों ने ही अपनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, आइए इस पूरी राजनीतिक हलचल को विस्तार से समझते हैं।क्यों आमने-सामने आए टीएमसी के दिग्गज और क्या है विवाद की जड़पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस हमेशा से अपनी एकजुटता के लिए जानी जाती रही है, लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी संगठन के भीतर स्थानीय नेतृत्व और टिकट वितरण या वर्चस्व की जंग को लेकर असंतोष सुलग रहा था। आज कोलकाता में हो रही इन तीन अलग-अलग रैलियों के पीछे मुख्य वजह यही आपसी मतभेद और गुटबाजी बताई जा रही है। पार्टी के कुछ असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी ताकत दिखाने और आलाकमान तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यह शक्ति प्रदर्शन का रास्ता चुना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर का यह घमासान आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति के समीकरणों को बड़ा झटका दे सकता है।कोलकाता में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पुलिस प्रशासन का कड़ा पहराएक ही दिन में शहर के अलग-अलग हिस्सों में तीन बड़ी राजनीतिक रैलियों के आयोजन को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना कोलकाता पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, हिंसक झड़प या ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि शहर की शांति व्यवस्था खतरे में न पड़े। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि किसी भी गुट ने कानून तोड़ने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।बंगाल की राजनीति पर इसका क्या होगा दूरगामी असरपश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के भीतर इस तरह का खुला संघर्ष विपक्ष को बड़ा मुद्दा थमाने का काम कर रहा है। तृणमूल कांग्रेस के इस आंतरिक टकराव से यह साफ जाहिर होता है कि संगठन के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यदि पार्टी आलाकमान ने समय रहते इस असंतोष को नहीं शांत किया, तो यह जमीनी स्तर पर पार्टी के जनाधार को कमजोर कर सकता है। अब पूरे राज्य की निगाहें कोलकाता में आज हो रही इन रैलियों और उसके बाद पार्टी नेतृत्व द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 1:58 pm

विश्व चैंपियन स्पेन फीफा रैंकिंग में टॉप पर पहुंचा

नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप के विजेता स्पेन ने फिर से टॉप स्थान हासिल कर लिया है, जो इस साल की शुरुआत में उनके पास था। ‘ला रोजा’ ने रनर-अप अर्जेंटीना को पीछे छोड़कर दुनिया की टॉप मेन्स टीम का स्थान ले लिया। टूर्नामेंट के को-होस्ट मैक्सिको ने मार्च 2022 के बाद पहली बार टॉप […] The post विश्व चैंपियन स्पेन फीफा रैंकिंग में टॉप पर पहुंचा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Jul 2026 1:49 pm

विश्व कप विजेता टीम की खुली बस में परेड निकली, लाखों लोगों ने जश्न मनाया

मैड्रिड। स्पेन की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का सोमवार को लगभग 20 लाख प्रशंसकों ने स्वागत किया। टीम ने अपना दूसरा वर्ल्ड कप जीतने का जश्न मैड्रिड के बीचों-बीच एक ओपन-टॉप बस परेड के साथ मनाया और फिर शहर के मशहूर प्लाज़ा डी सिबेल्स में एक बड़े समारोह में हिस्सा लिया। स्पेन ने रविवार को न्यू […] The post विश्व कप विजेता टीम की खुली बस में परेड निकली, लाखों लोगों ने जश्न मनाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Jul 2026 1:44 pm

क्रिस्टोफ़र नोलन की ‘द ओडिसी’ : होमर के महाकाव्य की उदास सिनेमाई पुनर्रचना

‘द ओडिसी’ में भावनाओं का ट्रीटमेंट कुछ टूटा, खोया और दरका हुआ-सा है। मैं एक बार भी किसी दृश्य या किसी जेस्चर पर सिहर नहीं पाया। किंतु इसकी सिनेमाई भव्यता, ओडिसस की ज़िंदगी की त्रासदी और इस कहानी का दृश्य-विन्यास इसे इतना बड़ा बना देते हैं कि हम अपनी ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 1:40 pm

विश्व कप विजेता स्पेन के प्रत्येक खिलाड़ी को मिलेगा 863,000 डॉलर का बोनस

मैड्रिड। स्पेन में सोमवार को देश की दूसरी वर्ल्ड कप जीत के बाद जश्न जारी रहा, रविवार को अर्जेंटीना के खिलाफ फेरान टोरेस के अतिरिक्त समय में किए गए गोल ने उन्हें एंड्रेस इनिएस्ता के साथ जगह दिलाई, जिन्होंने 2010 के फाइनल में अहम गोल किया था। नेशनल टीम की शर्ट में दूसरा स्टार जोड़ने […] The post विश्व कप विजेता स्पेन के प्रत्येक खिलाड़ी को मिलेगा 863,000 डॉलर का बोनस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Jul 2026 1:36 pm

नीट पेपर लीक मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि नीट पेपर लीक मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को संसद भवन हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह […] The post नीट पेपर लीक मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा : मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Jul 2026 1:32 pm

भारत ने समुद्री टैंकर पर हमले में 4 भारतीयों की मौत पर रूसी राजनयिक को तलब कर विरोध जताया

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने रूस के यहां स्थित प्रभारी राजदूत को तलब कर यूक्रेन में वाणिज्यिक पोत एमवी गोल्डन लियो पर हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के मामले की कड़ी निंदा की तथा विरोध जताया। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वाणिज्यिक नौवहन को निशाना बनाया जाना तथा इन हमलों […] The post भारत ने समुद्री टैंकर पर हमले में 4 भारतीयों की मौत पर रूसी राजनयिक को तलब कर विरोध जताया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Jul 2026 1:27 pm

ईरान का कुवैत, बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर रडार एवं एयर डिफेंस सिस्टम तबाह करने का दावा

तेहरान। ईरान ने मंगलवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कई रडार प्रतिष्ठानों और एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा किया है। अमरीकी सशस्त्र बलों ने लगातार दसवीं रात ईरान पर हमले जारी रखे। […] The post ईरान का कुवैत, बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर रडार एवं एयर डिफेंस सिस्टम तबाह करने का दावा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Jul 2026 1:22 pm

गाजियाबाद में मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, 53 ट्रेनें हुई प्रभावित

गाजियाबाद। उत्तर रेलवे के गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर मंगलवार को एक मालगाड़ी के लदे हुए छह डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसके कारण इस रेलखंड पर यातायात प्रभावित हो गया। इस दुर्घटना के कारण उत्तर रेलवे ने कई ईएमयू और यात्री ट्रेनों को पूर्ण रूप रद्द, आंशिक रूप से रद्द तथा मार्ग परिवर्तित कर दिया […] The post गाजियाबाद में मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, 53 ट्रेनें हुई प्रभावित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Jul 2026 1:14 pm

एनडीए के 'मंगल मिलन' में पेपर लीक के मुद्दे पर हुई चर्चा, पीएम मोदी ने इसे बताया चिंता का विषय : किरेन रिजिजू

संसद के मानसून सत्र के बीच आयोजित 'मंगल मिलन' बैठक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के सांसदों को संबोधित किया। इस बैठक में सभी सहयोगी दलों के सांसद शामिल हुए। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक की जानकारी देते हुए मीडिया से बताया कि प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा और सभी सांसदों का मार्गदर्शन किया। बैठक में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा हुई और पीएम मोदी ने इसे चिंता का विषय बताया। साथ ही, सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की भी सराहना की गई।

देशबन्धु 21 Jul 2026 1:14 pm

योगी सरकार की योजना से बदली किस्मत, डेयरी से सालाना हो रही 20 लाख की कमाई*

लखनऊ, 20 जुलाई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना ग्रामीण युवाओं के लिए सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि जिंदगी बदलने का माध्यम बन रही है। प्रतापगढ़ के सांड़वा चंडिका गांव निवासी शिवम सिंह इसकी जीवंत मिसाल हैं। पांच वर्ष ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 1:11 pm

योगी सरकार में बिना भेदभाव सभी जिलों में निर्धारित शेड्यूल से अधिक की जा रही विद्युत आपूर्ति

2017 से पहले चंद जिलों तक सीमित थी बिजली की तय आपूर्ति, योगी सरकार ने आते ही समाप्त किया वीआईपी कल्चरनिर्बाध बिजली के लिए अब गर्मी, बारिश और तेज हवाओं के बीच भी फील्ड में डटे रहते बिजलीकर्मीबरसात के मौसम को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 1:00 pm

बाढ़ हो या सूखा, हर नागरिक की सुरक्षा-सुविधा सुनिश्चित हो: मुख्यमंत्री

लखनऊ, 20 जुलाई:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बाढ़ हो या सूखा, प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, किसानों की फसल और आमजन की आजीविका की रक्षा करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 12:54 pm

NDA बैठक में PM मोदी का बड़ा संदेश: NEET पेपर लीक पर सख्त एक्शन, FTA में किसानों को नुकसान नहीं होगा

संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक 'मंगल मिलन' संसद पुस्तकालय भवन के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 11:48 am

संसद मानसून सत्र के दूसरे दिन भी हंगामा, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

देशबन्धु 21 Jul 2026 11:34 am

गाजियाबाद में मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, दिल्ली रेलखंड पर बड़ा असर; 100 से अधिक ट्रेनें प्रभावित

गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरने से रेल यातायात प्रभावित हो गया। 100 से अधिक ट्रेनें प्रभावित, 24 डायवर्ट, 16 रद्द और कई ट्रेनों का संचालन नियंत्रित किया गया।

देशबन्धु 21 Jul 2026 11:23 am

सिक्किम टनल हादसा: लैंडस्लाइड में 9 की मौत, कई अब भी फंसे; गैस रिसाव और बारिश से रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण

सिक्किम की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में लैंडस्लाइड से 9 लोगों की मौत हो गई। 12 लोगों को बचाया गया है, जबकि 17 से अधिक लोग अब भी फंसे हैं। गैस रिसाव और बारिश से रेस्क्यू अभियान प्रभावित है।

देशबन्धु 21 Jul 2026 10:51 am

CJP का दावा- अभिजीत दिपके, गीतांजलि, शबाना आजमी और प्रकाश राज वाले ट्रक पर पुलिस ने किया हमला

CJP Protest : कॉकरोच जनता पार्टी ने मंगलवार को दावा किया कि पुलिस ने उस ट्रक पर हमला किया, जिसमें CJP के फांउडर अभिजीत दिपके, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि, शबाना आजमी और प्रकाश राज मौजूद थे।

वेब दुनिया 21 Jul 2026 10:48 am

मध्यप्रदेश में गुरु पूर्णिमा पर होंगे सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण,CM डॉ. मोहन यादव ने दिए निर्देश

मध्यप्रदेश में मोहन सरकार गुरु पूर्णिमा महोत्सव के तौर पर पूरे प्रदेश में मनाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरुजन सदैव पूजनीय है, वंदनीय हैं। गुरु ही हमें 'गु' (अज्ञान के अंधकार) से 'रु' (ज्ञान-विज्ञान की रश्मि/प्रकाश) की ओर ले ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 10:40 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच, शंभू बॉर्डर सील; सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब के किसान दिल्ली कूच के लिए रवाना हुए। शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें रोका। किसान समझौता रद्द करने और महापंचायत की मांग पर अड़े हैं।

देशबन्धु 21 Jul 2026 10:24 am

AAP Slams Centre Over CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर AAP का केंद्र सरकार पर हमला! बोली- 'कानून का मजाक बना रही है मोदी सरकार'

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद मार्च' के दौरान हुए भारी बवाल, लाठीचार्ज और कार्यकर्ताओं की धरपकड़ के बाद दिल्ली की सियासत में भूचाल आ गया है। इस पूरे मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के रुख की कड़ी आलोचना करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली में लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकारों और कानून-व्यवस्था का पूरी तरह मजाक बना रही है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और संसद मार्ग को पूरी तरह सील किए जाने के बाद दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर काफी तेज हो गया है।आम आदमी पार्टी का हमला: दिल्ली को पुलिस छावनी में बदलाआम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ताओं और नेताओं ने प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के नियंत्रण वाली दिल्ली पुलिस पर तीखे सवाल खड़े किए:लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन: 'आप' ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना देश के प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार (Constitutional Right) है। सरकार प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों को सुनने के बजाय उन पर लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसा रही है।दिल्ली की जनता परेशान: जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के आसपास भारी बैरिकेडिंग और कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद किए जाने से आम दिल्लीवासियों को भयंकर जाम और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 'आप' का आरोप है कि केंद्र सरकार की तानाशाही नीतियों की वजह से पूरी दिल्ली पुलिस छावनी में तब्दील हो गई है।सीजेपी (CJP) प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर जताया विरोधआप नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सीजेपी कार्यकर्ताओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज की गई एफआईआर (FIR) और प्रिवेंटिव डिटेंशन (हिरासत) का कड़ा विरोध किया:कानून का दुरुपयोग: 'आप' का तर्क है कि जब कोई भी संगठन संसद भवन की तरफ शांतिपूर्ण मार्च निकालना चाहता है, तो उसे संवाद के जरिए संभालने के बजाय आपराधिक मामले दर्ज कर जेलों में ठूंसना कानून-व्यवस्था का मजाक उड़ाना है।संसद सत्र के दौरान दमनकारी नीति: मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और आम जनता की आवाज को दबाने के लिए केंद्र सरकार पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है।बीजेपी का पलटवारदूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। भाजपा का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था और संसद की सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह नियमानुसार कार्रवाई की है, क्योंकि बिना किसी पुलिस अनुमति के बैरिकेड्स तोड़े गए और उपद्रव मचाया गया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 10:11 am

Sonam Wangchuk Health Update: सफदरजंग अस्पताल में भी सोनम वांगचुक का अनशन जारी! डॉक्टरों ने जारी किया हेल्थ अपडेट, जानिए अब कैसी है तबीयत

कथित नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में भर्ती कराया गया है। दिल्ली पुलिस और हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद उन्हें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ट्रांसफर किया गया था। हालांकि, अस्पताल के बेड पर होने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है और वे केवल नमक-पानी के सहारे अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो 20 दिनों से अधिक समय से जारी इस अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों में गहरी चिंता बनी हुई है।सफदरजंग अस्पताल का मेडिकल बुलेटिन: क्या बोले डॉक्टर?सफदरजंग अस्पताल (VMMC & Safdarjung Hospital) के डॉक्टरों की टीम द्वारा जारी किए गए आधिकारिक हेल्थ अपडेट के अनुसार:वाइटल्स स्थिर: सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर (BP), पल्स रेट (Pulse Rate) और ऑक्सीजन सैचुरेशन (SpO2) सामान्य सीमा के भीतर रिकॉर्ड किया गया है और वे पूरी तरह होश में हैं।गंभीर डिहाइड्रेशन: लगातार 21 दिनों से उपवास के कारण उनके शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की भारी कमी) और कमजोरी के स्पष्ट लक्षण दिखाई दे रहे हैं।इंतरावेनस ड्रिप (IV Fluids) से इनकार: मीडिया रिपोर्टों और मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक ने ओरल लिक्विड या ड्रिप (IV Fluids) लेने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बिना मेडिकल इंटरवेंशन के उनकी स्थिति बिगड़ने का खतरा है।परिवार और समर्थकों ने रखीं मांगेंसोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो (Gitanjali Angmo) ने अस्पताल प्रशासन और दिल्ली पुलिस के रुख पर सवाल उठाए हैं:निजी डॉक्टरों से जांच की मांग: परिवार ने अपील की है कि वांगचुक को कोई भी मुख्य चिकित्सा उपचार देने से पहले परिवार की सहमति और स्वतंत्र (इंडिपेंडेंट) डॉक्टरों द्वारा जांच कराई जाए।आंदोलन जारी रखने का आह्वान: वांगचुक ने अस्पताल से संदेश जारी कर समर्थकों से अपने-अपने स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च की घोषणा को सफल बनाने की अपील की है।देश भर में छात्रों और सामाजिक संगठनों द्वारा सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से उनकी मांगों पर तुरंत संज्ञान लेने की मांग की जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 10:10 am

Shambhu Border Sealed Again: दिल्ली में महापंचायत का ऐलान! किसान मार्च को रोकने शंभू बॉर्डर फिर सील; हरियाणा-दिल्ली पुलिस अलर्ट

राजधानी दिल्ली में एक तरफ जहाँ 'संसद मार्च' (Parliament March) को लेकर तनाव बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ किसानों के भारी विरोध प्रदर्शन और 'किसान महापंचायत' (Kisan Mahapanchayat) के आह्वान को देखते हुए शंभू बॉर्डर (Shambhu Border) को एक बार फिर सीमेंट के बैरिकेड्स, कंटीले तारों और बड़े-बड़े कंटेनरों से पूरी तरह सील कर दिया गया है। पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर पर अंबाला और हरियाणा पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्सेज की भारी तैनाती कर दी गई है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर दिल्ली कूच कर रहे हजारों किसानों को पंजाब सीमा के भीतर ही रोकने के लिए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।बैरिकेडिंग, ड्रोन से निगरानी और वॉटर कैनन तैनातअंबाला पुलिस और हरियाणा प्रशासन ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया है:मल्टी-लेयर बैरीकेडिंग: घग्गर नदी के पुल पर सीमेंट के भारी ब्लॉक रखकर और सड़क खोदकर गाड़ियों के गुजरने का रास्ता बंद कर दिया गया है।ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी: पंजाब की तरफ से आ रहे किसानों के जत्थों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा किसी भी हंगामे से निपटने के लिए वॉटर कैनन और आंसू गैस की गाड़ियां तैनात हैं।यात्रियों को भारी परेशानी: शंभू बॉर्डर बंद होने से एनएच-44 (NH-44 / दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे) पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे पंजाब और चंडीगढ़ आने-जाने वाले यात्रियों और भारी मालवाहकों को लंबे डायवर्जन रूट लेने पड़ रहे हैं।किसान घाट और जंतर-मंतर महापंचायत का आह्वानकिसान संगठनों (किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा) ने आज दिल्ली के किसान घाट और जंतर-मंतर पर विशाल किसान महापंचायत बुलाई है:प्रमुख मांगें: प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करना, स्वामीनाथन आयोग के सी2+50% फार्मूले पर सभी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, और किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेना।किसान नेताओं का बयान: किसान नेताओं ने कहा है कि पुलिस चाहे कितने भी बैरिकेड्स लगा ले, देश के किसान अपनी आवाज उठाने के लिए दिल्ली पहुंचकर ही रहेंगे।दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर भी गाड़ियों की चेकिंग तेजशंभू बॉर्डर के अलावा दिल्ली पुलिस ने सिंघु (Singhu Border), टिकरी (Tikri Border) और गाजीपुर (Ghazipur Border) सीमाओं पर भी पिकेट्स लगाकर सघन चेकिंग अभियान चलाया है। भारी सुरक्षा जांच के कारण दिल्ली-गुरुग्राम, दिल्ली-नोएडा और दिल्ली-सोनीपत रूटों पर सुबह से ही गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे बहुत जरूरी काम होने पर ही हाईवे का रुख करें और पुलिस द्वारा जारी वैकल्पिक डायवर्जन मार्गों का इस्तेमाल करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 10:09 am

अभिजीत दिपके ने छात्रों से मांगी माफी, बोले- आपको पुलिस की हिंसा से नहीं बचा सका

कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर मंतर से संसद तक मार्च के दौरान पुलिस द्वारा छात्र प्रदर्शनकारियों से मारपीट से सीजेपी नेता अभिजीत दीपके बेहद दुखी है। उन्होंने पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं की पिटाई से उन्हें नहीं बचा पाने पर माफी भी मांगी।

वेब दुनिया 21 Jul 2026 10:09 am

Farmers Protest Against India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल! दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत; जानिए क्यों डरे हैं देश के अन्नदाता

कृषि कानूनों के विरोध के बाद एक बार फिर देश भर के किसान संगठन सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। इस बार किसानों के गुस्से की मुख्य वजह भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील (India-US Trade Deal) है। भारतीय किसान यूनियन (BKU), किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) समेत विभिन्न किसान संगठनों ने इस समझौते के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी, सरवन सिंह पंधेर और अन्य किसान प्रतिनिधियों ने इस डील को भारतीय कृषि और पशुपालकों के लिए 'डेथ वारंट' करार दिया है। इसके विरोध में दिल्ली के किसान घाट (Kisan Ghat) पर विशाल 'किसान महापंचायत' का आह्वान किया गया है, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह विरोध केवल राजनीति नहीं, बल्कि देश के 80 करोड़ कृषि-निर्भर नागरिकों की रोजी-रोटी से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।आखिर क्यों भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध कर रहे हैं किसान?किसान नेताओं और कृषि विशेषज्ञों का तर्क है कि अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) या कृषि-डेयरी रियायतें देने से भारतीय बाजार को भारी नुकसान पहुंचेगा:डेयरी सेक्टर पर बड़ा खतरा: अमेरिका अपने डेयरी उद्योग (दूध, पनीर, मक्खन) को भारी सरकारी सब्सिडी देता है। यदि अमेरिकी डेयरी प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में बिना/कम ड्यूटी (Import Duty) के आने की अनुमति मिली, तो भारत के छोटे और मध्यम दूध उत्पादक किसान (अमूल जैसे को-ऑपरेटिव्स से जुड़े पशुपालक) तबाह हो जाएंगे।जीएम फसलों (GM Crops) और पॉल्ट्री का आयात: अमेरिकी मक्का, सोयाबीन और पॉल्ट्री प्रोडक्ट्स (चिकन) का भारतीय बाजार में कम दामों पर पहुंचना स्थानीय किसानों की फसलों के भाव गिरा देगा।एमएसपी (MSP) और सरकारी सब्सिडी पर असर: विश्व व्यापार संगठन (WTO) और अमेरिका लगातार भारत द्वारा दी जाने वाली एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और खाद-बिजली सब्सिडी का विरोध करते रहे हैं। किसानों को डर है कि ट्रेड डील के दबाव में सरकार सब्सिडी में कटौती कर सकती है।किसान घाट पर महापंचायत और आंदोलन की चेतावनीपंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से हजारों किसानों का जत्था दिल्ली की ओर कूच कर रहा है:किसान नेताओं की हुंकार: किसान नेताओं का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर देश के कृषि क्षेत्र को विदेशी कॉर्पोरेट कंपनियों के हाथों नीलाम नहीं होने देंगे।व्यापक आंदोलन की चेतावनी: यदि केंद्र सरकार ने इस ट्रेड डील पर अपने कदम पीछे नहीं खींचे, तो दिल्ली के चारों तरफ 2020-21 जैसा ऐतिहासिक किसान आंदोलन (Kisan Andolan) फिर से शुरू किया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 10:07 am

Delhi Police FIR On CP Chaos: कनॉट प्लेस में तोड़फोड़ और पथराव पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन! अजात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज; CCTV खंगाल रही क्राइम ब्रांच

राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस (Connaught Place) और जंतर-मंतर इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद मार्च' के दौरान हुए भयंकर बवाल, पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर हमले की गंभीर धाराओं के तहत अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो केंद्रीय दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाले इन उपद्रवियों को बेनकाब करने के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।CP और जंतर-मंतर पर कैसे शुरू हुआ बवाल?बिना पुलिस अनुमति के संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को जब सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर पर रोका, तो स्थिति अचानक हिंसक हो गई:बैरिकेड्स तोड़े और पथराव किया: प्रदर्शनकारियों ने न केवल पुलिस बैरिकेड्स को उखाड़ फेंका, बल्कि आक्रामक होकर पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया।कनॉट प्लेस में तोड़फोड़: प्रदर्शनकारियों की भीड़ का एक हिस्सा इनर और आउटर सर्कल (CP) की तरफ बढ़ गया, जहां दुकानों के शीशे तोड़े गए, बसों को निशाना बनाया गया और दुकानों के बाहर लगे बोर्ड उखाड़ दिए गए।दुकानदारों में दहशत: दिल्ली के सबसे प्रमुख कारोबारी हब कनॉट प्लेस में अचानक हुई तोड़फोड़ और उपद्रव के कारण व्यापारियों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं।दिल्ली पुलिस की FIR में किन धाराओं का हुआ इस्तेमाल?न्यू दिल्ली जिले के संसद मार्ग और कनाट प्लेस पुलिस स्टेशनों में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई सख्त धाराएं जोड़ी गई हैं:सरकारी काम में बाधा डालना और हमला: पुलिसकर्मियों पर हमला करने और उनके ड्यूटी में रुकावट डालने की धाराएं।सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान (PDPP Act): बसों, बैरिकेड्स और दुकानों को पहुंचाए गए नुकसान के लिए प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपरटी एक्ट।गैर-कानूनी जमावड़ा (Unlawful Assembly) और उपद्रव करना: बिना अनुमति बीएनएसएस की धारा 163 (पुराना 144) का उल्लंघन कर भीड़ जुटाने के आरोप।CCTV और डिजिटल साक्ष्यों से हो रही पहचानदिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, उपद्रवियों को चिह्नित करने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं:सीसीटीवी और वीडियो फुटेज: कनॉट प्लेस और संसद मार्ग पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज और मीडिया कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।चेहरों की पहचान (Facial Recognition): एफआरएस (FRS) तकनीक का इस्तेमाल कर पथराव और तोड़फोड़ करने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।अब तक दर्जनों हिरासत में: पुलिस ने मौके से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, जिनसे पूछताछ कर अन्य आयोजकों के नाम सामने लाने की कोशिश जारी है।प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 10:05 am

Government Teacher Vacancy Report: देश में कितने सरकारी शिक्षक और कितने पद खाली? यूपी में खाली पदों के आंकड़े जानकर उड़ जाएंगे होश

देश भर में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधारने के दावे भले ही किए जाते हों, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी एक बड़ा और गंभीर मुद्दा बनी हुई है। देश भर के सरकारी स्कूलों में लाखों पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण पठन-पाठन का स्तर प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बेसिक शिक्षा विभाग से लेकर माध्यमिक विद्यालयों तक में खाली पदों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो जहां एक तरफ करोड़ों बीटीसी (DElEd), बीएड और टीईटी पास युवा भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्वीकृत पदों के मुकाबले रिक्तियों की संख्या लगातार बनी हुई है।देश भर में कितने सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं?शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) और यू-डीआईएसई प्लस (UDISE+) की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, देश के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का ढांचा इस प्रकार है:कुल कार्यरत शिक्षक: भारत भर के सरकारी स्कूलों में लगभग 45 से 50 लाख सरकारी शिक्षक वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।शिक्षकों की कुल कमी: पूरे देश में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर मिलाकर स्वीकृत पदों में से लगभग 8 लाख से 10 लाख शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।आरटीई मानक (RTE Norms): शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात 30:1 होना चाहिए, लेकिन कई राज्यों में यह अनुपात 40:1 से भी अधिक है।अकेले उत्तर प्रदेश (UP) में कितने पद खाली हैं?उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों (बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग) में शिक्षकों के खाली पदों का आंकड़ा अभ्यर्थियों के लिए सबसे चिंताजनक विषय बना हुआ है:बेसिक शिक्षा विभाग (प्राथमिक व उच्च प्राथमिक): उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.26 लाख से अधिक प्राथमिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। वर्ष 2018 में आई 69,000 शिक्षक भर्ती के बाद से कोई नई बड़ी सुपर टीईटी (UP STET) भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं हुआ है।माध्यमिक शिक्षा (TGT-PGT): यूपी के अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) और राजकीय इंटर कॉलेजों (GIC) में टीजीटी, पीजीटी और एलटी ग्रेड (LT Grade) शिक्षकों के लगभग 25,000 से 30,000 पद रिक्त हैं।नए शिक्षा सेवा चयन आयोग का इंतजार: यूपी में नया 'उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग' (UP Education Service Selection Commission) गठित होने के बावजूद लंबित भर्तियों और नई विज्ञापनों को लेकर प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।बिहार और अन्य राज्यों की तुलना में यूपी की स्थितिजहां पड़ोसी राज्य बिहार ने BPSC के जरिए शिक्षक भर्ती (TRE) के कई चरण आयोजित कर लाखों शिक्षकों की भर्ती की है, वहीं उत्तर प्रदेश में शिक्षक अभ्यार्थी पिछले कई सालों से इको गार्डन लखनऊ में धरना-प्रदर्शन कर नई शिक्षक भर्ती (New Primary Teacher Vacancy) की मांग उठा रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार जल्द ही खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं करती है, तो ग्रामीण अंचलों के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में गिरावट के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं में असंतोष और बढ़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 10:04 am

Coronavirus 2026: भारत में नए वेरिएंट 'Omicron RF.5' की दस्तक! आंध्र प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र में बढ़े मामले; जानिए कितने खतरनाक हैं इसके लक्षण

कोरोना वायरस (COVID-19) का खतरा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। भारत में कोरोना के एक नए ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट 'RF.5' (Omicron RF.5 Sub-lineage) की पुष्टि हुई है। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में भेजे गए सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग में आंध्र प्रदेश के कडापा (YSR Kadapa) जिले से आए कोरोना मरीजों में RF.5 वेरिएंट पाया गया है। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों—विशेषकर आंध्र प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों की निगरानी बढ़ा दी गई है। एक स्वास्थ्य रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो डराने वाली बात यह नहीं है कि नया वेरिएंट आया है, बल्कि राहत की बात यह है कि विशेषज्ञों ने इसे अधिक घातक नहीं बताया है।सिंगापुर और दक्षिण-पूर्वी एशिया में फैला है RF.5 वेरिएंटविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) नियमित रूप से इस नए वेरिएंट पर नजर बनाए हुए हैं:सिंगापुर से जुड़ाव: ओमिक्रॉन का यह नया RF.5 सब-वेरिएंट सिंगापुर और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में तेजी से फैला था, जिसके बाद भारत में भी जीनोमिक सर्विलांस के दौरान इसका पता चला है।JN.1 फैमिली का हिस्सा: यह नया वेरिएंट JN.1 लीनियज का ही एक हिस्सा है, जो म्यूटेशन के जरिए विकसित हुआ है।कितना खतरनाक है RF.5 वेरिएंट?स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, आम जनता को पैनिक (घबराने) करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है:संक्रमण दर बनाम गंभीरता: स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यद्यपि यह वेरिएंट शरीर की इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) को चकमा देकर तेजी से फैलने में सक्षम हो सकता है, लेकिन इससे मरीजों में गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की नौबत नहीं आ रही है।हल्के लक्षण: इससे संक्रमित अधिकांश लोग घर पर ही सामान्य दवाओं से 3 से 5 दिनों में ठीक हो रहे हैं।कोरोना के नए RF.5 वेरिएंट के मुख्य लक्षणयदि आप या आपके परिवार में किसी को निम्नलिखित लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सावधानी बरतें:गले में खराश या दर्द (Sore Throat)हल्का या तेज बुखार (Fever)सूखी या बलगम वाली खांसी (Cough)नाक बहना या बंद होना (Runny or Blocked Nose)सिरदर्द और अत्यधिक थकान (Fatigue & Body Aches)राज्यों में अलर्ट और स्वास्थ्य विभाग की सलाहमामले सामने आने के बाद आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की है। सभी बड़े अस्पतालों में आइसोलेशन वॉर्ड और टेस्ट किट रिजर्व में रखने के निर्देश दिए गए हैं:भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी: सांस या सर्दी-जुकाम के मरीज सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें।कमजोर वर्ग रखें ध्यान: बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारियों (शुगर, बीपी, किडनी) से पीड़ित लोग भीड़भाड़ से बचें।लक्षण दिखने पर जांच: यदि बुखार या गले में दर्द 3 दिन से ज्यादा बना रहे, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर कोविड टेस्ट (RT-PCR) कराएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:58 am

AI Boom & Salary Hike: AI क्रांति का अनोखा असर! टेक इंजीनियर्स से ज्यादा कमा रहे इलेक्ट्रिशियन; कंपनियां दे रही हैं 2.7 करोड़ रुपये तक का पैकेज

नौकरियों और टेक इंडस्ट्री (Tech Industry) की दुनिया से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहां एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI Boom) के तेजी से बढ़ने के चलते दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों में लाखों सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स और आईटी एम्प्लॉइज की छंटनी (Layoffs) हो रही है, वहीं दूसरी तरफ एक ब्लू-कॉलर जॉब यानी इलेक्ट्रिशियन (Electricians) की मांग आसमान छू रही है। आलम यह है कि सिलिकॉन वैली और बड़े टेक हब्स में स्किल्ड इलेक्ट्रिशियंस और टेक्नीशियन्स को कई सॉफ्टवेयर डेवलपर्स से भी ज्यादा सैलरी पैकेज मिल रहा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो एआई मॉडल को पावर देने वाले विशाल डेटा सेंटर्स (AI Data Centers) की जरूरत ने आज कुशल हाथ के कारीगरों की कीमत टेक एक्सपर्ट्स से भी ज्यादा बढ़ा दी है।2.7 करोड़ रुपये ($280,000) तक पहुंच गई सालाना सैलरी!इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और 'डर्टी जॉब्स' शो के फाउंडर माइक रो (Mike Rowe) के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार, 30 साल से कम उम्र के Gen Z (युवा) इलेक्ट्रिशियन अब टेक हब्स में भारी कमाई कर रहे हैं:करोड़ों में पैकेज: कई युवा स्किल्ड इलेक्ट्रिशियंस का सालाना पैकेज $240,000 से $280,000 (लगभग ₹2.3 करोड़ से ₹2.7 करोड़ रुपये) के बीच पहुंच चुका है।सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स को पछाड़ा: कई शुरुआती और मिड-लेवल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की औसत सैलरी के मुकाबले यह पैकेज काफी ज्यादा है। इसके अलावा ओवरटाइम और इमरजेंसी कॉल-आउट्स पर अलग से भारी बोनस भी दिया जा रहा है।आखिर AI कंपनियों को क्यों पड़ी इलेक्ट्रिशियंस की इतनी जरूरत?एआई मॉडल्स जैसे कि चैटजीपीटी (ChatGPT), जेमिनी या बड़े एलएलएम (LLMs) को ट्रेनिंग देने और चलाने के लिए अत्यधिक बिजली और कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है:हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स का निर्माण: एमेज़ॉन (AWS), माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, मेटा और ऑरेकल जैसी दिग्गज कंपनियां दुनिया भर में विशाल एआई डेटा सेंटर्स बना रही हैं।हजारों GPU और पावर ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर: इन डेटा सेंटर्स में लगे हजारों हाई-एंड जीपीयूस (GPUs) और सर्वर रैक्स को सुचारू रूप से चलाने के लिए जटिल इलेक्ट्रिक ग्रिड, हाई-वोल्टेज वायरिंग, बैकअप पावर जनरेटर और कूलिंग सिस्टम की जरूरत होती है।कुशल कारीगरों की भारी किल्लत: सॉफ्टवेयर कोडर्स की संख्या तो बाजार में काफी है, लेकिन हाई-वोल्टेज और एडवांस डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को संभालने वाले ट्रेंड और लाइसेंसधारी इलेक्ट्रिशियंस, वेल्डर्स और कंस्ट्रक्शन मैनेजर्स की वैश्विक स्तर पर भारी कमी है।स्किल्ड ट्रेड्स का बढ़ा क्रेज: Gen Z का नया रुखइस ट्रेंड ने युवा पीढ़ी (Gen Z) के सोचने के तरीके को भी बदल दिया है। भारी-भरकम एजुकेशन लोन लेकर 4 साल की कंप्यूटर साइंस डिग्री करने के बजाय, अब कई युवा 'ट्रेड स्कूल्स' और वोकेशनल ट्रेनिंग (Vocational Training) की ओर रुख कर रहे हैं। बिना किसी बड़े कर्ज के वे कम उम्र में ही हाई-पेइंग जॉब्स और खुद का कांट्रैक्टर बिजनेस शुरू कर रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में जब तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रहेगा, तब तक ऑन-ग्राउंड स्किल्ड वर्कफोर्स की मांग और उनकी तनख्वाह में इसी तरह का उछाल देखने को मिलता रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:56 am

मध्यप्रदेश विधानसभा में आज UCC पर चर्चा, बोले सीएम डॉ. मोहन यादव, मुस्लिम बहनों को मिलेगी हलाला जैसी कई परेशानियों से राहत

मध्यप्रदेश विधानसभा में आज UCC विधेयक पर चर्चा होगी। सोमवार से शुरु हुए विधानसभा सत्र में सरकार ने UCC विधेयक को पेश किया। सदन में विधेयक पेश होने के बाद यूसीसी की सबसे बड़ा फायदा मुस्लिम बहनों को होगा। उन्हें हलाला सहित जीवन की कई परेशानियों से ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 9:46 am

India Protest Rules & Supreme Court Guidelines: क्या बिना पुलिस अनुमति के निकाला जा सकता है संसद मार्च? जानिए भारत में विरोध-प्रदर्शन को लेकर संविधान और सुप्रीम कोर्ट के कड़े नियम

संसद के सत्रों या किसी बड़े मुद्दे के दौरान अक्सर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा 'संसद मार्च' (Parliament March) का आह्वान किया जाता है। हालांकि, ऐसी घोषणाओं के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन क्षेत्र में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में आईपीसी/सीआरपीसी की धारा 144) लागू कर देता है और धारा-223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या भारत के नागरिक बिना पूर्व अनुमति के सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं? एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो भारतीय संविधान जहाँ नागरिकों को अपनी आवाज बुलंद करने का अधिकार देता है, वहीं सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के कई ऐतिहासिक फैसलों ने इस अधिकार की सीमाएं और नियम तय किए हैं।संविधान क्या कहता है: अधिकार और उसकी सीमाएंभारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) स्वतंत्रता से अभिव्यक्ति और अनुच्छेद 19(1)(b) बिना हथियारों के शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने का मौलिक अधिकार (Fundamental Right) प्रदान करता है:असीमित अधिकार नहीं: यह अधिकार पूर्ण (Absolute) नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 19(2) और 19(3) के तहत राज्य को लोक व्यवस्था (Public Order), देश की संप्रभुता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए इस पर 'युक्तियुक्त प्रतिबंध' (Reasonable Restrictions) लगाने का पूरा अधिकार है।हिंसा की कोई जगह नहीं: यदि प्रदर्शन हिंसक होता है या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो वह मौलिक अधिकार के दायरे से तुरंत बाहर हो जाता है।क्या पुलिस की इजाजत लेना अनिवार्य है?हां, भारत में किसी भी सार्वजनिक स्थल, सड़क या सरकारी भवन के आसपास जुलूस, रैली या धरना आयोजित करने के लिए स्थानीय पुलिस से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC/Permission) लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है:नो-प्रोटेस्ट जोन (Zero Tolerance Zone): लुटियंस दिल्ली, संसद भवन परिसर, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास के आसपास का क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से 'हाई-सिक्योरिटी जोन' घोषित रहता है। यहाँ बिना अनुमति कोई भी सभा पूरी तरह प्रतिबंधित होती है।तय स्थल (Designated Spot): सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार, राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर (Jantar Mantar) या रामलीला मैदान जैसे केवल तय स्थलों पर ही अनुमति मिलने के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा सकता है।सुप्रीम कोर्ट के 3 सबसे ऐतिहासिक फैसले जो तय करते हैं नियमजंतर-मंतर फैसला (2018): सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए कहा था कि प्रदर्शन करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन नागरिकों के शांतिपूर्ण जीवन और प्रदर्शनकारियों के अधिकार के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।शाहीन बाग फैसला (2020): सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट फैसला सुनाया था कि असंतोष व्यक्त करने के लिए सार्वजनिक सड़कों या रास्तों का अनिश्चितकाल के लिए घेराव या कब्जा (Indefinite Occupation) नहीं किया जा सकता। यात्रियों और आम जनता की आवाजाही का अधिकार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।ताजा टिप्पणी (2026): हालिया सुनवाई में शीर्ष अदालत ने दोहराया है कि 'शांतिपूर्ण विरोध सबका अधिकार है, लेकिन यह आम जनता को परेशान करने या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने की सीमा तक नहीं जाना चाहिए।'बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर क्या हो सकती है कार्रवाई?यदि कोई समूह बिना अनुमति के 'संसद मार्च' या सड़क जाम करने की कोशिश करता है, तो प्रशासन को निम्नलिखित कार्रवाई का अधिकार है:गैर-कानूनी सभा (Unlawful Assembly): भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत बिना अनुमति एकत्र होने वाली भीड़ को गैर-कानूनी घोषित कर पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है।सरकारी काम में बाधा और प्रिवेंटिव डिटेंशन: धारा 223 (सरकारी आदेश के उल्लंघन) के तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है और आयोजकों को एहतियातन हिरासत (Preventive Detention) में लिया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:37 am

Patna Metro Update: खेमनीचक से पुराने मीठापुर बस स्टैंड तक एलिवेटेड वायाडक्ट का काम पूरा होने के करीब! जानिए पटना मेट्रो के कोरिडोर-2 का ताजा स्टेटस

बिहार की राजधानी पटना के निवासियों को जल्द ही ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने वाले पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट (Patna Metro Rail Project) से जुड़ी एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर और कॉरिडोर-2 (Patna Junction to New ISBT) के अंतर्गत खेमनीचक से पुराने मीठापुर बस स्टैंड के बीच बनने वाले 5.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड वायाडक्ट (Elevated Viaduct) का सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बेहद करीब पहुंच गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की देखरेख में निर्माण कार्य काफी तेज गति से चल रहा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह पड़ाव पूरा होना पटना मेट्रो के जल्द संचालन और शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था के कायाकल्प में बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।यू-गर्डर (U-Girder) और पिलर इरेक्शन का काम लगभग फिनिशDMRC के वरिष्ठ इंजीनियरों के अनुसार, इस पूरे 5.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड स्ट्रेच पर पिलर (Piers) और यू-गर्डर (U-Girders) लॉन्चिंग का काम 90% से ज्यादा पूरा किया जा चुका है:फास्ट ट्रैक कंस्ट्रक्शन: खेमनीचक, जगनपुरा, रामकृष्णा नगर और मीठापुर के बीच एलिवेटेड ट्रैक पर वायाडक्ट बिछाने का काम तेजी से निपटाया गया है।स्टेशन बिल्डिंग वर्क जारी: इस स्ट्रेच में आने वाले सभी एलिवेटेड स्टेशनों पर सिविल स्ट्रक्चर (Concourse Level & Platform Level) के ढलाई का काम पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग व इंटीरियर वर्क चल रहा है।खेमनीचक बनेगा पटना मेट्रो का सबसे बड़ा इंटरचेंज स्टेशनइस पूरे रूट में सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन खेमनीचक (Khemnichak) होगा:दो कॉरिडोर का मिलन (Interchange Station): खेमनीचक स्टेशन पर कॉरिडोर-1 (दानापुर से खेमनीचक) और कॉरिडोर-2 (पटना जंक्शन से न्यू आईएसबीटी) दोनों आकर मिलेंगे।यात्रियों को सहूलियत: इस इंटरचेंज स्टेशन के बनने से उत्तर और दक्षिण पटना के यात्री बिना किसी परेशानी के आसानी से ट्रेन बदलकर अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।पुराने मीठापुर बस स्टैंड से कनेक्टिविटी होगी बेहतरबायपास रोड और पुराने मीठापुर बस स्टैंड का इलाका लंबे समय से भयंकर ट्रैफिक जाम के लिए जाना जाता रहा है:जाम से हमेशा के लिए राहत: मीठापुर (Old Mithapur Bus Stand) के पास मेट्रो सेवा शुरू होने से पटना यूनिवर्सिटी, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर और पटना जंक्शन आने-जाने वाले लाखों छात्रों और दैनिक यात्रियों को जाम में फंसे बिना त्वरित परिवहन का विकल्प मिलेगा।पटरी बिछाने और सिग्नलिंग का अगला चरण: वायाडक्ट तैयार होने के तुरंत बाद इस ट्रैक पर थर्ड रेल (Third Rail Current System), सिग्नलिंग केबल बिछाने और ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।सरकार का लक्ष्य है कि प्रायोरिटी सेक्शन पर ट्रायल रन (Trial Run) की प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर शुरू कर पटना वासियों को पहली मेट्रो ट्रेन की सौगात दी जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:27 am

Purvanchal Connectivity Overhaul: गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को रफ्तार! NHAI का बड़ा कदम; पूर्वांचल से बिहार, लखनऊ और दिल्ली की राह होगी बेहद आसान

पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों और व्यापारियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Ghazipur-Ballia-Manjhighat Greenfield Expressway) का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। करीब ₹5,300 करोड़ से अधिक की लागत वाले इस 134 किलोमीटर लंबे 4-लेन एक्सप्रेसवे के बन जाने से पूर्वांचल के मुख्य जिलों की सीधी कनेक्टिविटी बिहार के छपरा, बक्सर और पटना के साथ-साथ प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश की राजधानी नई दिल्ली से हो जाएगी। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) पर रोज लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से यह एक्सप्रेसवे हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने वाला है।4 घंटे का सफर सिमटकर महज 1.5 घंटे में होगा पूरावर्तमान में गाजीपुर से बलिया होते हुए बिहार के मांझीघाट तक जाने में संकरे रास्तों और भारी ओवरलोड गाड़ियों के कारण 4 घंटे से अधिक का समय लग जाता है।समय की भारी बचत: 100 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड वाले इस 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के पूरी तरह शुरू होने के बाद यह 134 किमी की दूरी महज 1.5 घंटे (90 मिनट) में तय की जा सकेगी।बक्सर स्पर (Buxar Spur Connectivity): इस परियोजना में 17 किलोमीटर लंबा बक्सर स्पर भी शामिल है, जिससे बिहार का बक्सर सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इससे बक्सर से लखनऊ का सफर केवल 3.5 घंटे में पूरा हो सकेगा।70 हजार पौधों के साथ बनेगा 'ग्रीन कॉरिडोर'पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए NHAI इस एक्सप्रेसवे को एक मॉडल 'ग्रीन कॉरिडोर' के रूप में विकसित कर रहा है:मियावाकी पद्धति से पौधारोपण: एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ फेंसिंग और डिवाइडर पर मियावाकी तकनीक (Miyawaki Method) का इस्तेमाल करके लगभग 70,000 सुगंधित और छायादार पौधे लगाए जा रहे हैं।बैलेंस्ड इकोसिस्टम: इसमें बलिया क्षेत्र में 40 हजार और गाजीपुर जिले की सीमा में 30 हजार पौधे रोपे जाएंगे, जिससे एक्सप्रेसवे पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त और हरा-भरा नजर आएगा।स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और आर्थिक बूमATMS सिस्टम: सुरक्षा के लिहाज से पूरे एक्सप्रेसवे पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लागू किया जा रहा है, जिसमें स्पीड-चेकिंग कैमरे, सीसीटीवी और इमरजेंसी कॉलिंग बूथ शामिल हैं।रियल एस्टेट और कृषि व्यापार को बढ़ावा: एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों जैसे सागरपाली, चितबड़ागांव, फेफना और जंगीपुर में लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग और आवासीय कॉलोनियों का विकास तेज हो गया है। साथ ही बलिया और गाजीपुर के किसानों की ताजी उपज/सब्जियां सीधे पटना और लखनऊ के बड़े बाजारों तक बिना खराब हुए त्वरित गति से पहुंच सकेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:14 am

UP New Expressway Project: यूपी को मिलेगा एक और नया एक्सप्रेसवे! 'अटल एक्सप्रेसवे' को NHAI की हरी झंडी; कानपुर समेत इन जिलों की बदलेगी तकदीर

'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के नाम से अपनी नई पहचान बना चुका उत्तर प्रदेश अब एक और बड़े और हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए पूरी तरह तैयार है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने यूपी में एक और नए एक्सप्रेसवे— 'अटल एक्सप्रेसवे' (Atal Expressway) के निर्माण की विस्तृत योजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। कानपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे जोड़ने वाला यह नया एक्सप्रेसवे राज्य के लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और व्यापारिक परिवहन को एक नई बुलंदी पर ले जाएगा। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बाद यह परियोजना राज्य में कनेक्टिविटी का नया मील का पत्थर साबित होगी।कानपुर से बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की राह होगी आसानNHAI द्वारा स्वीकृत यह नया अटल एक्सप्रेसवे औद्योगिक नगरी कानपुर के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को देश के अन्य मुख्य आर्थिक गलियारों से सीधे जोड़ने का काम करेगा:रूट और कनेक्टिविटी: यह एक्सप्रेसवे कानपुर और इटावा के रास्ते आगे बढ़ते हुए चंबल अंचल और मध्य प्रदेश की सीमाओं को छुएगा, जिससे राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच अंतरराज्यीय व्यापार (Interstate Trade) को अभूतपूर्व गति मिलेगी।समय की भारी बचत: इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के चालू होने से भारी मालवाहक वाहनों और यात्रियों का यात्रा समय आधे से भी कम रह जाएगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की भारी बचत होगी।औद्योगिकीकरण और डिफेंस कॉरिडोर को मिलेगा नया बूस्टकानपुर और आसपास के जिलों में रक्षा निर्माण (Defense Corridor) और चमड़ा उद्योग (Leather Industry) के बड़े केंद्र हैं। ऐसे में इस नए एक्सप्रेसवे के बनने से निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:औद्योगिक क्लस्टर का विकास: एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर नए इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउसिंग क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।रोजगार के नए अवसर: निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर इसके चालू होने तक स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।कम्यूटर ट्रैफिक को राहत: राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगने वाले भारी जाम से कानपुर, उन्नाव और आसपास के शहरों के यात्रियों को हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी।भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया में आएगी तेजीNHAI अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जल्द ही शुरू की जाएगी, ताकि तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर इसे जनता को समर्पित किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:11 am

Ghaziabad to Dadri Elevated Road: लालकुआं से दादरी तक बनेगा 12 किमी लंबा 6-लेन एलिवेटेड रोड! ₹2300 करोड़ की परियोजना से हर रोज लगने वाले भीषण जाम से मिलेगी राहत

गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के बीच रोज सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जीटी रोड (GT Road) और एनएच-34 (NH-34) के सबसे व्यस्त और जाम से प्रभावित हिस्से लालकुआं से दादरी के बीच अब 12 किलोमीटर लंबा और 6-लेन (6-Lane) एलिवेटेड रोड बनने जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने करीब ₹2300 करोड़ की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते ट्रैफिक प्रेशर को कम करेगा, बल्कि आगामी 'न्यू नोएडा' (New Noida) प्रोजेक्ट को भी नई रफ्तार देगा।रोजाना के ट्रैफिक जाम से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्तिलालकुआं, बदलपुर और दादरी का यह पूरा इलाका रोजाना घंटों लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम के लिए जाना जाता है:भारी वाहनों का दबाव: गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, खुर्जा, अलीगढ़ और आगरा की ओर जाने वाले भारी व हल्के वाहन इसी मुख्य सड़क मार्ग से गुजरते हैं।बायपास की तरह करेगा काम: 12 किमी लंबे इस एलिवेटेड रोड के बन जाने के बाद लंबी दूरी का ट्रैफिक ऊपर से फर्राटा भरेगा, जबकि स्थानीय और धीमी गति वाले वाहन नीचे की मौजूदा सड़क का इस्तेमाल करेंगे। इससे सिग्नल-फ्री आवाजाही संभव हो सकेगी।₹2300 करोड़ का बजट और अक्टूबर में टेंडरपरियोजना की मुख्य बातें और समय सीमा इस प्रकार हैं:अनुमानित लागत: इस 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण पर करीब ₹2,300 करोड़ खर्च किए जाएंगे।टेंडर की समय सीमा: एनएचएआई (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दे रहे हैं और इसका आधिकारिक टेंडर जारी करने की तैयारी है।न्यू नोएडा को बूस्ट: दादरी के पास नोएडा अथॉरिटी द्वारा बसाए जा रहे 'न्यू नोएडा' (DNGIR) के चलते आने वाले दिनों में यहां ट्रैफिक कई गुना बढ़ने वाला है। यह एलिवेटेड रोड उस भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।अलीगढ़ और बुलंदशहर का सफर होगा बेहद आसानइस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल गाजियाबाद और नोएडा के स्थानीय निवासियों का यात्रा समय (Travel Time) आधा रह जाएगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में आवाजाही भी काफी सुगम हो जाएगी। लालकुआं चौराहे पर प्रस्तावित नए फ्लाईओवर और कनेक्टिंग रैंप के बनने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) से आने वाली गाड़ियों को भी दादरी और एनएच-91 की तरफ सीधे निकलने का बेहतरीन विकल्प मिल जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:09 am

CM Yogi Shravasti & Bahraich Visit Today: बहराइच और श्रावस्ती को सीएम योगी की बड़ी सौगात! ₹750 करोड़ से अधिक की 150 से ज्यादा परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को देवीपाटन मंडल के दो प्रमुख जिलों— बहराइच और श्रावस्ती के दौरे पर हैं। निकाय और आगामी चुनाव तैयारियों के साथ-साथ तराई क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने के लिए सीएम योगी का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री दोनों जनपदों के लिए बुनियादी ढांचे, सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीण विकास से जुड़ी ₹750 करोड़ से अधिक की कुल 150 से ज्यादा विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने जा रहे हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो बाढ़ संवेदनशील तराई क्षेत्र के लिए बुनियादी सुविधाओं का यह पैकेज स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा।बहराइच: बेड़नापुर में ₹350 करोड़ की 70 परियोजनाओं की सौगातमुख्यमंत्री का पहला पड़ाव बहराइच का बेड़नापुर (महसी तहसील) है:परियोजनाएं: सीएम योगी बहराइच के महसी और नानपारा विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹350 करोड़ से अधिक की 70 विकास परियोजनाओं का बटन दबाकर लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे।विशाल जनसभा व सुरक्षा: बेड़नापुर स्थित रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1,400 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।लाभार्थियों को प्रमाण पत्र: इस अवसर पर मुख्यमंत्री विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं (पीएम आवास, आयुष्मान भारत आदि) के लाभार्थियों को चेक और स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे।श्रावस्ती: सीताद्वार में ₹400 करोड़ की 83 परियोजनाओं का तोहफाबहराइच में जनसभा के बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सीधे श्रावस्ती जिले के इकौना स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सीताद्वार पहुंचेगा:विकास का पिटारा: सीएम योगी लवकुश की पावन जन्मस्थली सीताद्वार में ₹400 करोड़ की 83 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।धार्मिक और पर्यटन विकास: श्रावस्ती में बौद्ध परिपथ के साथ-साथ सीताद्वार मंदिर परिसर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़कों व पर्यटन सुविधाओं के सुंदरीकरण की परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई जाएगी।प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि अलर्ट परसीएम योगी के आगमन को लेकर देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, डीआईजी अशोक कुमार, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने दोनों जनपदों के कार्यक्रम स्थलों और हेलीपैड का निरीक्षण कर सुरक्षा व बुनियादी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह समेत क्षेत्र के स्थानीय विधायक भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री का यह दौरा तराई अंचल के जिलों में बाढ़ नियंत्रण, स्वास्थ्य केंद्र इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:08 am

Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में आफत की आफत! भारी बारिश और लैंडस्लाइड से 160 से ज्यादा सड़कें ठप, 2 नेशनल हाईवे बंद; चारधाम यात्रियों की बढ़ीं मुश्किलें

देवभूमि उत्तराखंड में मानसून की मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर तबाही और जनजीवन में भारी उथल-पुथल मचा दी है। पिछले कई दिनों से जारी लगातार बारिश के कारण राज्य के पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह भूस्खलन (Landslide) और मलबा आने से प्रदेश की कनेक्टिविटी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आज 21 जुलाई 2026 को प्रदेश भर में 160 से अधिक ग्रामीण व संपर्क सड़कें ठप पड़ी हैं, जबकि 2 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो पहाड़ों पर हो रही इस भारी बारिश से न सिर्फ स्थानीय ग्रामीणों का संपर्क कट गया है, बल्कि पवित्र चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) पर आए हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी संकट खड़ा हो गया है।यमुनोत्री और बदरीनाथ नेशनल हाईवे मलबे से बंदबारिश के बाद पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण मुख्य यातायात मार्गों पर भारी बोल्डर और मलबा आ गिरा है:यमुनोत्री नेशनल हाईवे (NH-123/94): उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री मार्ग पर डाबरकोट और स्यानाचट्टी के पास भारी मलबा आने से हाईवे घंटों से बंद पड़ा है। मार्ग बाधित होने के कारण यमुनोत्री धाम जाने वाले और लौट रहे तीर्थयात्रियों के वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58): चमोली जिले में छिनका, पागलनाला और लामबगड़ के पास बार-बार पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण यातायात रुक-रुक कर संचालित हो रहा है।160 से अधिक ग्रामीण सड़कें ठप, जेसीबी मशीनें तैनातआपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में स्थिति सबसे ज्यादा संवेदनशील बनी हुई है:सड़कों का जाल टूटा: 160 से अधिक आंतरिक और संपर्क मार्ग बंद होने से दर्जनों गांवों का तहसील और जिला मुख्यालयों से सीधा संपर्क कट गया है।राहत कार्य जारी: लोक निर्माण विभाग (PWD) और एनएचएआई (NHAI) ने बंद पड़ी सड़कों को खोलने के लिए 100 से अधिक जेसीबी और हैवी डोजर मशीनें तैनात की हैं। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बारिश और ऊपर से गिरते पत्थरों के कारण मलबे को हटाने में भारी चुनौतियां आ रही हैं।मौसम विभाग का यलो और ऑरेंज अलर्ट: यात्रा टालने की अपीलभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और पौड़ी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है:प्रशासन की चेतावनी: आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चारधाम यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम का ताजा हाल देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी: नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि अलकनंदा, मंदाकिनी, भागीरथी और यमुना नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:07 am

UP Petrol Diesel Rate Today 21 July 2026: यूपी में पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी! मेरठ, नोएडा से लखनऊ तक जानें आपके शहर में आज क्या हैं तेल के दाम

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को भारतीय तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के लिए पेट्रोल और डीजल के नए खुदरा भाव (Fuel Rates) जारी कर दिए हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार के दबाव के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य बेस प्राइस स्थिर रहने से यूपी के आम नागरिकों को राहत मिली है। राज्य में लागू होने वाले स्थानीय वैट (VAT) और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट के आधार पर अलग-अलग जिलों में ईंधन के दामों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यदि आप आज अपनी गाड़ी का टैंक फुल कराने का प्लान बना रहे हैं, तो पेट्रोल पंप जाने से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर चेक कर लें।लखनऊ, नोएडा, मेरठ से वाराणसी तक क्या हैं आज के भाव?उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज सुबह 6 बजे से लागू पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम इस प्रकार हैं:लखनऊ (Lucknow): प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल का भाव ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।नोएडा / ग्रेटर नोएडा (Noida): दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में आज पेट्रोल ₹101.92 प्रति लीटर और डीजल ₹95.44 प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है।मेरठ (Meerut): पश्चिमी यूपी के मुख्य औद्योगिक शहर मेरठ में आज पेट्रोल की कीमत ₹101.71 प्रति लीटर और डीजल का रेट ₹95.92 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।कानपुर (Kanpur): औद्योगिक नगरी कानपुर नगर में आज पेट्रोल ₹101.56 प्रति लीटर और डीजल ₹95.06 प्रति लीटर पर उपलब्ध है।वाराणसी (Varanasi): धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में आज पेट्रोल का रेट ₹102.37 प्रति लीटर और डीजल ₹95.53 प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है।गोरखपुर (Gorakhpur): पूर्वांचल के मुख्य शहर गोरखपुर में आज पेट्रोल ₹102.16 प्रति लीटर और डीजल ₹95.30 प्रति लीटर पर मिल रहा है।कैसे तय होती हैं रोजाना ईंधन की दरें?भारत में साल 2017 से 'डायनेमिक फ्यूल प्राइजिंग' (Dynamic Fuel Pricing) व्यवस्था लागू है। इसके तहत देश की तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल के दाम, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग कॉस्ट और एक्साइज ड्यूटी के साथ-साथ राज्य सरकारों के वैट (VAT) को जोड़कर हर जिले के लिए नए रेट अपडेट करती हैं।SMS भेजकर ऐसे जानें अपने शहर का सटीक रेटयदि आप किसी अन्य जिले में हैं या घर बैठे अपने नजदीकी पेट्रोल पंप का ताजा रेट जानना चाहते हैं, तो मैसेज के जरिए तुरंत जानकारी हासिल कर सकते हैं:Indian Oil (IOCL): मोबाइल में RSP डीलर कोड टाइप करें और 92249 92249 पर भेजें।Bharat Petroleum (BPCL): RSP डीलर कोड लिखकर 92231 12222 पर मैसेज करें।Hindustan Petroleum (HPCL): HPPRICE डीलर कोड लिखकर 92222 01122 पर भेजें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:05 am

UP Politics Row: मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान पर ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, कहा- 'वोट बैंक के चक्कर में यदुवंश का अपमान कर रहे सपा प्रमुख'

भगवान श्रीकृष्ण पर मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद उत्तर प्रदेश का राजनीतिक तापमान अचानक काफी बढ़ गया है। इस मुद्दे पर सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमलावर हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा है। राजभर ने आरोप लगाया है कि वोट बैंक की राजनीति के चलते अखिलेश यादव मौलाना के विवादित बयान पर चुप्पी साधे बैठे हैं और 'यदुवंश' का अपमान बर्दाश्त कर रहे हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो आगामी चुनाव और जनसांख्यिकीय समीकरणों को देखते हुए यह विवाद अब धार्मिक से पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है।राजभर का हमला: मुस्लिम वोट बैंक के लिए साधी चुप्पीकैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने लखनऊ में मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सपा प्रमुख को आड़े हाथों लिया:वोट बैंक की राजनीति का आरोप: राजभर ने कहा कि खुद को यदुवंशी बताने वाले अखिलेश यादव आज मुस्लिम वोट बैंक खिसकने के डर से मौलाना जर्जिस अंसारी के आपत्तिजनक बयान पर एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।यदुवंश के सम्मान पर सवाल: उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण की आस्था और अस्मिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तब सपा नेतृत्व का मौन रहना यह साबित करता है कि उनके लिए धर्म और संस्कृति से बड़ा तुष्टीकरण और वोट बैंक का गणित है।क्या था मौलाना जर्जिस अंसारी का विवादित बयान?इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं:भारी आक्रोश और एफआईआर: इस बयान के सामने आते ही साधु-संतों, हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया।कानूनी कार्रवाई: जनभावनाओं को आहत करने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में लखनऊ में मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।बीजेपी और एनडीए का पोस्टर वारइस पूरे घटनाक्रम के बाद लखनऊ समेत कई जिलों में भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दलों ने 'अखिलेश यादव की चुप्पी' को लेकर पोस्टर और सोशल मीडिया कैंपेन चला दिया है:बीजेपी का सवाल: बीजेपी नेताओं का कहना है कि जब भी किसी विशेष समुदाय से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा आता है, अखिलेश यादव तुरंत ट्वीट करते हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी होने पर उन्होंने साजिशन मौन धारण कर लिया है।सपा का पलटवार: वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा है कि सरकार और एनडीए गठबंधन अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयानों और मुद्दों को तूल दे रहे हैं। सपा हर धर्म और आस्था का सम्मान करती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 9:03 am

Dengue Vaccine Qdenga Approval: भारत में डेंगू की पहली वैक्सीन 'Qdenga' को DCGI की हरी झंडी! जानिए शरीर में कैसे काम करेगी यह डोज और किसे मिलेगा इसका सुरक्षा कवच

हर साल मानसून और बरसात का मौसम शुरू होते ही देशभर में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है। इसके साथ ही अस्पतालों में डेंगू (Dengue) मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल दर्ज किया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में डेंगू के कुल मामलों में से लगभग एक-तिहाई मामले अकेले भारत में रिपोर्ट किए जाते हैं। वर्ष 2025 में ही देश में 1.13 लाख से अधिक लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आए थे। इस गंभीर स्वास्थ्य संकट के बीच देशवासियों के लिए एक राहत भरी बड़ी खबर आई है— ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत में डेंगू की पहली वैक्सीन 'क्यूडेंगा' (Qdenga) को आपातकालीन उपयोग और बिक्री की मंजूरी दे दी है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह वैक्सीन डेंगू से होने वाली मौतों और प्लेटलेट्स (Platelets) गिरने के डर से जूझ रहे लोगों के लिए बहुत बड़ा सुरक्षा कवच साबित होने वाली है।जापान की कंपनी ने किया है तैयार, 43 देशों में पहले से है उपलब्धइस जीवनरक्षक डेंगू वैक्सीन को जापान की प्रसिद्ध फार्मास्यूटिकल कंपनी 'टाकेडा' (Takeda Pharmaceutical Company) द्वारा विकसित किया गया है:ग्लोबल अप्रूवल: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पहले ही हरी झंडी दी जा चुकी इस वैक्सीन को दुनिया के 43 से अधिक देशों में सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है।32 मिलियन से अधिक डोज: साल 2022 में वैश्विक स्तर पर लॉन्च होने के बाद से अब तक दुनिया भर में करीब 32 मिलियन (3.2 करोड़) लोगों को यह वैक्सीन दी जा चुकी है।कैसे काम करती है क्यूडेंगा (Qdenga) वैक्सीन?डेंगू का वायरस शरीर में प्रवेश करते ही प्लेटलेट्स को तेजी से खत्म करने लगता है। ऐसे में यह वैक्सीन शरीर के इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) को मजबूत करने का काम करती है:एंटीबॉडीज का निर्माण: वैक्सीन की डोज लगते ही शरीर का इम्यून सिस्टम डेंगू वायरस के चारों सेरोटाइप्स (DEN-1, DEN-2, DEN-3, DEN-4) को पहचान लेता है और उनके खिलाफ विशेष एंटीबॉडीज (Antibodies) बनाना शुरू कर देता है।गंभीरता में कमी: यदि वैक्सीन लेने के बाद व्यक्ति को मच्छर काटता भी है, तो एंटीबॉडीज तुरंत वायरस को बेअसर कर देती हैं। इससे मरीज में 'डेंगू शॉक सिंड्रोम' (Dengue Shock Syndrome) या इंटरनल ब्लीडिंग जैसी गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना न के बराबर हो जाती है।क्यों खतरनाक साबित होता है डेंगू का हमला?चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू केवल एक सामान्य बुखार नहीं है। सही समय पर सही देखभाल न मिलने पर यह जानलेवा रूप ले सकता है:प्लेटलेट्स में गिरावट और इंटरनल ब्लीडिंग: डेंगू हेमोरेजिक फीवर होने पर मरीज की प्लेटलेट्स अचानक बहुत नीचे गिर जाती हैं, जिससे शरीर के आंतरिक अंगों से खून का रिसाव (Internal Bleeding) और वाइट फ्लूइड लीकेज शुरू हो जाती है।मल्टी-ऑर्गन फेलियर: प्लेटलेट्स और ब्लड प्रेशर कम होने से समय पर इलाज न मिलने पर मरीज का लिवर, किडनी और दिल काम करना बंद कर देते हैं, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।DCGI की ओर से मिली इस मंजूरी के बाद जल्द ही यह वैक्सीन भारतीय बाजारों और प्रमुख निजी व सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे हर साल डेंगू से होने वाले नुकसान पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सकेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 8:36 am

IRCTC 2.0 Beta Website: पुरानी बनाम नई वेबसाइट का फुल कंपैरिजन! जानिए तत्काल टिकट से लेकर पेमेंट तक, क्या बदले 5 बड़े फीचर्स और कैसे मिलेगा फायदा

भारतीय रेलवे से रोज सफर करने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। लगभग 24 साल बाद (2002 में लॉन्च के बाद) इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने अपने ई-टिकटिंग पोर्टल का नया वर्जन 'IRCTC 2.0 (Beta Version)' सार्वजनिक रूप से लॉन्च कर दिया है। अक्सर देखा जाता था कि पुरानी वेबसाइट पर तत्काल टिकट (Tatkal Ticket Booking) खोलते ही सर्वर डाउन होना, लगातार कैप्चा (Captcha) आना और पेमेंट फंस जाना आम बात थी। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह नया रीडिजाइन यूजर इंटरफेस न सिर्फ मॉडर्न और सिंपल है, बल्कि रेलवे के इस ओवरहॉल से टिकट बुकिंग का पूरा अनुभव ही बदलने वाला है। आइए जानते हैं पुरानी और नई IRCTC वेबसाइट में क्या-क्या मुख्य अंतर आए हैं।Old vs New IRCTC Website: 5 सबसे बड़े तकनीकी बदलावफीचर्स / प्रोसेसपुरानी IRCTC वेबसाइटनई IRCTC 2.0 वेबसाइटसीट उपलब्धता (Seat Availability)हर क्लास (Sleeper, 3A, 2A) को अलग-अलग क्लिक करके चेक करना पड़ता था।एकीकृत व्यू (Unified View): एक ही स्क्रीन पर सभी क्लास की सीटें एक साथ दिखाई देती हैं।कैप्चा और पॉप-अप्स (Captchas/Ads)बुकिंग के हर स्टेप और तत्काल समय पर टेढ़े-मेढ़े कैप्चा व भ्रामक विज्ञापन।नो-डिस्ट्रैक्शन इंटरफेस: फालतू विज्ञापनों, पॉप-अप्स और अनावश्यक कैप्चा की भारी कटौती।सर्वर क्षमता (Capacity)प्रति मिनट लगभग 32,000 टिकट बुकिंग क्षमता (तत्काल समय क्रैश होना)।1.5 लाख+ टिकट प्रति मिनट प्रोसेस करने की नई शक्तिशाली सर्वर क्षमता।टिकट बुकिंग स्टेप्स6 से 7 अलग-अलग स्टेप्स और रिव्यू पेज से गुजरना पड़ता था।केवल 4 से 5 त्वरित स्टेप्स; पैसेंजर डिटेल्स पहले से सेव करने का फीचर।विशेष सुविधाएं और भाषाएँसीमित भाषाएँ और दिव्यांगजन/विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग पोर्टल।22 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट और सभी रियायती (Concession) बुकिंग एक जगह।1. यूनिफाइड सीट अवेलेबिलिटी (Unified Seat Availability)पुरानी वेबसाइट पर सबसे बड़ा सिरदर्द यह था कि जब आप नई दिल्ली से मुंबई जैसी किसी ट्रेन को सर्च करते थे, तो आपको स्लीपर (SL), थर्ड एसी (3A) और सेकंड एसी (2A) की सीटें देखने के लिए अलग-अलग टैब पर बार-बार क्लिक करना पड़ता था। नई वेबसाइट में रेलवे ने 'Single Screen View' की व्यवस्था की है। अब जैसे ही आप ट्रेन सर्च करेंगे, आपको उस ट्रेन की सभी श्रेणियों में कितनी सीटें खाली हैं या कितना वेटिंग है, वह एक ही नजर में दिख जाएगा।2. तत्काल बुकिंग (Tatkal Booking) में नहीं अटकेगी सांसेंतत्काल विंडो (सुबह 10 और 11 बजे) के दौरान पुरानी वेबसाइट का रिस्पॉन्स टाइम काफी धीमा हो जाता था और लाखों लोगों के एक साथ लॉगिन करने से पेज फ्रीज (Freeze) हो जाता था।उच्चतर क्षमता: नया पोर्टल अब प्रति मिनट 32,000 के मुकाबले 1,500,000 (1.5 लाख) से अधिक टिकट बुकिंग और 40 लाख सर्च प्रश्नों (Enquiries) को संभालने में सक्षम है।कम कैप्चा और फास्ट पेमेंट: तत्काल समय में अब बेवजह के कैप्चा और विज्ञापनों को हटा दिया गया है, जिससे बुकिंग में 30 से 45 सेकंड का बहुमूल्य समय बचेगा।3. सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स और आसान चेकआउटबार-बार यात्रा करने वाले (Frequent Travelers) यात्रियों के लिए नई वेबसाइट पर मास्टर लिस्ट और सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स का ऑप्शन काफी कारगर साबित हो रहा है। टिकट बुक करते समय आपको नाम, उम्र और जेंडर बार-बार टाइप करने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ ऑटो-फिल पर क्लिक करके सीधे पेमेंट गेटवे पर पहुंचा जा सकता है।4. फेयर कैलेंडर और सीट प्रेफरेंस (Fare Calendar)नई वेबसाइट में एक नया 'फेयर कैलेंडर' (Fare Calendar) जोड़ा जा रहा है, जिसकी मदद से वे यात्री जो फ्लैक्सिबल डेट्स पर सफर करना चाहते हैं, महीने भर का सबसे सस्ता और कन्फर्म टिकट वाला दिन आसानी से चुन सकेंगे। इसके अलावा टिकट बुक करते समय ही विंडो सीट या लोअर बर्थ का स्पष्ट प्रेफरेंस देने का विकल्प भी जोड़ा गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 8:34 am

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में लेवल-5 कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! 2.57 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर जानिए कितनी उछलेगी बेसिक पे और ग्रॉस सैलरी

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission - 8th CPC) की सिफारिशों को लेकर हलचल काफी तेज हो चुकी है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही देश भर के लाखों सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी रिवीजन (Salary Revision) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। विशेष रूप से मैट्रिक्स लेवल-5 (पे बैंड-1, ग्रेड पे 2800) के तहत आने वाले कर्मचारियों— जैसे सीनियर क्लर्क, ऑडिटर्स, असिस्टेंट्स और अकाउंटेंट्स— के लिए 8वां वेतन आयोग एक बड़ी आर्थिक राहत लेकर आने वाला है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यदि सरकार नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को बढ़ाती है, तो लेवल-5 कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा। आइए समझते हैं कि नए वेतन आयोग के लागू होने पर लेवल-5 की बेसिक पे और ग्रॉस सैलरी का गणित किस तरह बदलेगा।मौजूदा 7वें वेतन आयोग में क्या है लेवल-5 का स्ट्रक्चर?7वें वेतन आयोग के तहत मैट्रिक्स लेवल-5 के कर्मचारियों का शुरुआती वेतन ढांचा कुछ इस प्रकार है:शुरुआती बेसिक पे (Starting Basic Pay): ₹29,200 प्रति माहमहंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA): 50% या उससे अधिक (समय-समय पर संशोधित)अन्य भत्ते: मकान किराया भत्ता (HRA - X, Y, Z शहरों के अनुसार), परिवहन भत्ता (TA) व मेडिकल अलाउंस।8वें वेतन आयोग में 2.57 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर का गणितवेतन आयोग में आपकी नई बेसिक पे तय करने में 'फिटमेंट फैक्टर' सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि सरकार 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम या उच्च फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो लेवल-5 की रिवाइज्ड बेसिक पे इस तरह बढ़ेगी:1. यदि 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है (7th CPC के समान)मौजूदा बेसिक पे: ₹29,200नई बेसिक पे (29,200 2.57): लगभग ₹75,044 प्रति माह2. यदि 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है (कर्मचारी यूनियनों की मांग)मौजूदा बेसिक पे: ₹29,200नई बेसिक पे (29,200 2.86): लगभग ₹83,512 प्रति माह(नोट: नया वेतन आयोग लागू होते ही शुरुआती दौर में DA शून्य (0%) से शुरू होता है और फिर धीरे-धीरे हर 6 महीने में बढ़ता है।)कितनी उछलेगी कुल ग्रॉस सैलरी (Gross Salary Calculation)?जब किसी कर्मचारी की बेसिक पे ₹29,200 से बढ़कर ₹75,000 या ₹83,000 के पार पहुंचेगी, तो उसी अनुपात में उनके HRA (हाउस रेंट अलाउंस) और TA (ट्रांसपोर्ट अलाउंस) का बेसिक कैलकुलेशन भी री-रिवाइज हो जाएगा:एक्स-क्लास शहरों में (X-Category Cities): जहाँ HRA की दरें सबसे ज्यादा होती हैं, वहाँ लेवल-5 के कर्मचारी की शुरुआती कुल ग्रॉस सैलरी ₹85,000 से ₹95,000 प्रति माह के बीच पहुंच सकती है।एनपीएस/पीएफ कटौती के बाद: एनपीएस (NPS/UPS) और अन्य वैधानिक कटौतियों के बाद भी हाथ में आने वाली नेट इन-हैंड सैलरी (Net Salary) में 7वें वेतन आयोग के मुकाबले लगभग 40% से 50% का सीधा उछाल दर्ज किया जाएगा।कब तक मिल सकती है खुशखबरी?कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई के इस दौर में उचित वेतन वृद्धि मिल सके। यदि सरकार आयोग का गठन कर उसकी सिफारिशें लागू करती है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा निचले और मध्य स्तर (Level 1 to Level 5) के कर्मचारियों को मिलेगा, जिससे उनकी जीवन शैली और बचत क्षमता में व्यापक सुधार होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 8:33 am

EPFO Pension Stopped: क्या आपकी भी अचानक रुक गई है पेंशन? घर बैठे ऐसे जमा करें डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट; मिनटों में शुरू होगी स्कीम

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत पेंशन पाने वाले पेंशनभोगियों (EPS-95 Pensioners) के लिए हर साल अपना जीवन प्रमाण पत्र यानी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC - Digital Life Certificate) जमा करना बेहद अनिवार्य होता है। कई बार जानकारी के अभाव में या समय पर लाइफ सर्टिफिकेट जमा न करने की वजह से ईपीएफओ द्वारा पेंशन खाते में पैसे भेजना अचानक रोक दिया जाता है। यदि आपकी या आपके घर के किसी बुजुर्ग की पेंशन भी इसी वजह से रुक गई है, तो चिंता करने की कोई बात नहीं है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो अब आपको बैंक या ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है— आप अपने स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए घर बैठे ही मिनटों में अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं।पेंशन रुकने का मुख्य कारण: 12 महीने की समय सीमाEPFO के नियमों के अनुसार, पेंशनधारकों को अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के बाद वह पूरे 12 महीनों के लिए मान्य (Valid) रहता है।कोई फिक्स्ड महीना नहीं: पहले की तरह अब नवंबर महीने में ही सर्टिफिकेट जमा करने की मजबूरी नहीं है। अगर आपने पिछले साल अगस्त में DLC जमा किया था, तो आपको इस साल अगस्त से पहले इसे दोबारा जमा करना होगा।समय पर जमा न होने पर एक्शन: जैसे ही 12 महीने पूरे होते हैं और नया लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट नहीं होता, ईपीएफओ का सिस्टम अपने आप पेंशन रिलीज करना रोक देता है। जैसे ही आप नया जीवन प्रमाण पत्र जमा करते हैं, आपकी रुकी हुई पेंशन बकाया (Arrears) के साथ खाते में क्रेडिट कर दी जाती है।घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा करने का आसान प्रोसेसअगर आप बैंक या पेंशन वितरण केंद्र नहीं जाना चाहते, तो अपने स्मार्टफोन से 'Face Authentication Technology' (चेहरा पहचान प्रणाली) का इस्तेमाल करके आसानी से लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं:जरूरी ऐप्स डाउनलोड करें: गूगल प्ले स्टोर से अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन में 'AadhaarFaceRd' ऐप और 'Jeevan Pramaan' ऐप डाउनलोड करें।ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन: जीवन प्रमाण ऐप खोलें और अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज कर ओटीपी (OTP) से वेरिफिकेशन करें।चेहरा स्कैन करें (Face Scan): ऐप में पेंशनभोगी की जानकारी (PPO नंबर, UAN, बैंक खाता संख्या और पेंशन एजेंसी) भरें। इसके बाद फ्रंट कैमरे से पेंशनभोगी का चेहरा स्कैन करें।सब्मिशन और PRN नंबर: ऑथेंटिकेशन सफल होते ही स्क्रीन पर एक मैसेज दिखाई देगा और आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्रमाण आईडी (Pramaan ID / PRN) भेज दी जाएगी।स्वचालित अपडेट: यह सर्टिफिकेट सीधा ईपीएफओ के सर्वर पर अपडेट हो जाता है और कुछ ही दिनों के भीतर आपकी रुकी हुई पेंशन फिर से चालू हो जाती है।अन्य माध्यमों से भी जमा करा सकते हैं जीवन प्रमाण पत्रअगर आपके पास स्मार्टफोन का विकल्प नहीं है, तो आप निम्नलिखित माध्यमों से भी अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं:कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) व बैंक शाखाएं: अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC), पेंशन बैंक शाखा या ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय जाकर फिंगरप्रिंट या आइरिस (Iris) स्कैनर से बायोमेट्रिक जमा कराएं।डाकिया सेवा (Postman Doorstep Service): इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक आपके घर आकर मामूली शुल्क में बायोमेट्रिक के जरिए लाइफ सर्टिफिकेट डिजिटल रूप से जमा कर देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 8:32 am

Banking Rules Non-Compliance: तीन सहकारी बैंकों पर RBI का बड़ा एक्शन, लगाया भारी जुर्माना; जानें ग्राहकों के पैसों पर क्या पड़ेगा असर?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। रिजर्व बैंक ने नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) में कमियों और बैंकिंग नियमों की अनदेखी करने पर महाराष्ट्र और ओडिशा स्थित तीन प्रमुख सहकारी बैंकों (Cooperative Banks) पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो केंद्रीय बैंक की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि बैंकिंग सेक्टर में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।किन बैंकों पर गिरी RBI की गाज और कितना लगा जुर्माना?रिजर्व बैंक की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (Banking Regulation Act) के तहत दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इन सहकारी बैंकों पर कार्रवाई की गई है:द चिखली अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के बुलढाणा स्थित इस बैंक पर RBI के दिशा-निर्देशों और 'डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड' से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के चलते ₹13 लाख का मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है।द संबलपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक लिमिटेड (ओडिशा): ओडिशा के संबलपुर स्थित इस सहकारी बैंक पर केवाईसी (KYC) गाइडलाइन्स और जमा खातों के रखरखाव से संबंधित नियमों का सही ढंग से पालन न करने के कारण वित्तीय दंड लगाया गया है।धर्मवीर संभाजी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (पुणे, महाराष्ट्र): पुणे स्थित इस अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री (CKYCR) में ग्राहकों के रिकॉर्ड्स समय पर अपलोड न करने और क्रेडिट लिमिट से जुड़े नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की गई है।ग्राहकों के खातों और पैसों पर क्या पड़ेगा असर?इस खबर के सामने आते ही संबंधित बैंकों के खाताधारकों के मन में अपने पैसों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। हालांकि, रिजर्व बैंक (RBI) ने इस मामले पर स्थिति पूरी तरह से साफ कर दी है:ग्राहकों पर कोई असर नहीं: RBI ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल बैंकों द्वारा 'नियामक दिशानिर्देशों का अनुपालन न करने' (Deficiencies in Regulatory Compliance) के कारण की गई है।लेन-देन पूरी तरह सुरक्षित: इस पेनल्टी का उद्देश्य बैंक और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता (Validity of Transactions) को रद्द करना नहीं है। सभी ग्राहकों की जमा पूंजी और बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं।लगातार सख्त हो रही है RBI की निगरानीपिछले कुछ वर्षों में कई को-ऑपरेटिव बैंकों में सामने आई अनियमितताओं के बाद रिजर्व बैंक ने अर्बन और रूरल को-ऑपरेटिव सेक्टर पर अपनी सुपरवाइजरी निगरानी को बहुत ज्यादा कड़ा कर दिया है। चाहे वह लोन डिस्ट्रीब्यूशन का मामला हो, एक्सपोजर लिमिट्स हो या फिर फ्रॉड डिटेक्शन और केवाईसी नॉर्म्स— नियमों से थोड़ा सा भी भटकने वाले वित्तीय संस्थानों पर केंद्रीय बैंक तुरंत कार्रवाई कर रहा है, ताकि आम बैंकिंग उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 8:30 am

LIVE: जंतर मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी, बारिश की वजह से मंच के नीचे बिताई रात

Latest News Today Live Updates in Hindi : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी है। अभिजीत दिपके की पार्टी ने मांगा पीएम मोदी का इस्तीफा। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 8:18 am

Petrol Diesel Rate Today 21 July 2026: क्रूड में तेजी के बीच तेल कंपनियों ने जारी किए पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव; चेक करें दिल्ली, पटना, लखनऊ से नोएडा तक अपने शहर की नई रेट लिस्ट

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) के बाजार में जारी हलचल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा खुदरा दाम (Fuel Retail Prices) जारी कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। इसके बावजूद, देश के आम नागरिकों के लिए राहत की बात यह है कि भारतीय तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने आज भी देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल-डीजल के बेस रेट्स में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है। हालांकि, राज्यों में लागू होने वाले स्थानीय वैट (VAT) और माल ढुलाई शुल्क (Freight Charges) के कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन के दामों में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है।देश के चार प्रमुख महानगरों में आज क्या हैं रेट्स?देश की प्रमुख मेट्रो सिटीज में आज सुबह 6 बजे से प्रभावी पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव इस प्रकार हैं:नई दिल्ली (New Delhi): देश की राजधानी में आज पेट्रोल ₹94.72 प्रति लीटर और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर पर बिक रहा है।मुंबई (Mumbai): महाराष्ट्र की राजधानी में राज्य टैक्स अधिक होने के कारण पेट्रोल ₹104.21 प्रति लीटर और डीजल ₹92.15 प्रति लीटर के भाव पर स्थिर बना हुआ है।कोलकाता (Kolkata): पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज पेट्रोल का भाव ₹103.94 प्रति लीटर और डीजल ₹90.76 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।चेन्नई (Chennai): चेन्नई के निवासियों को आज प्रति लीटर पेट्रोल के लिए ₹100.75 और डीजल के लिए ₹92.34 का भुगतान करना होगा।पटना, लखनऊ, नोएडा और गुवाहाटी में ईंधन का ताजा भावदेश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की खुदरा दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना में आज पेट्रोल का भाव ₹105.18 प्रति लीटर और डीजल ₹92.04 प्रति लीटर के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल ₹94.65 प्रति लीटर और डीजल ₹87.76 प्रति लीटर पर मिल रहा है।नोएडा/ग्रेटर नोएडा (Noida): दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में आज पेट्रोल का रेट ₹94.83 प्रति लीटर और डीजल ₹87.96 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।गुवाहाटी (Guwahati): असम के मुख्य शहर गुवाहाटी में आज पेट्रोल ₹98.08 प्रति लीटर और डीजल ₹90.33 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।वाराणसी (Varanasi): धार्मिक नगरी वाराणसी में आज पेट्रोल ₹95.07 प्रति लीटर और डीजल ₹88.24 प्रति लीटर के करीब बना हुआ है।घर बैठे ऐसे चेक करें अपने शहर का लाइव रेटयदि आप आज अपनी कार या बाइक का टैंक फुल कराने जा रहे हैं, तो एक आसान SMS सर्विस के माध्यम से अपने नजदीकी पेट्रोल पंप के रेट जान सकते हैं:Indian Oil (IOCL): अपने फोन से RSP डीलर कोड लिखकर 92249 92249 पर SMS भेजें।Bharat Petroleum (BPCL): RSP डीलर कोड टाइप करके 92231 12222 पर मैसेज करें।Hindustan Petroleum (HPCL): HPPRICE डीलर कोड लिखकर 92222 01122 पर भेजें।ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई अगर प्रभावित होती है, तो आगामी दिनों में ईंधन की दरों पर दबाव देखने को मिल सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 8:16 am

Shukra Gochar 2026: उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में शुक्र का महा-गोचर! इन 4 राशियों के कपाट पर स्वयं दस्तक देंगी मां लक्ष्मी, जानें गोचर की सही तिथि और किसे मिलेगा बंपर धन लाभ

वैदिक ज्योतिष में दैत्यों के गुरु और धन, वैभव, ऐश्वर्य, सौंदर्य व आकर्षण के कारक ग्रह 'शुक्र' (Venus) के गोचर का विशेष स्थान माना गया है। जब भी शुक्र ग्रह अपनी राशि या नक्षत्र बदलते हैं, तो उसका सीधा प्रभाव मानव जीवन, अर्थव्यवस्था और सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। आषाढ़/श्रावण मास में शुक्र देव सूर्य के स्वामित्व वाले 'उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र' (Uttara Phalguni Nakshatra) में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य और शुक्र की इस नक्षत्र युति व गोचर के प्रभाव से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने वाले हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस नक्षत्र परिवर्तन से विशेष रूप से 4 राशियों के जातकों की सोई हुई किस्मत जागने वाली है और उनके घर धन की देवी मां लक्ष्मी का आगमन होने जा रहा है। आइए जानते हैं शुक्र के इस गोचर की सही तिथि और किन 4 राशियों को मिलने वाला है महा-लाभ।उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में शुक्र गोचर की तिथि और ज्योतिषीय महत्वज्योतिषीय गणना के अनुसार, शुक्र देव का उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में गोचर जुलाई 2026 के इस उत्तरार्ध में होने जा रहा है। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का संबंध समृद्धि, सुख-सुविधाओं और वैवाहिक जीवन में खुशहाली से होता है। चूंकि इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं, इसलिए शुक्र के इस नक्षत्र में आने से व्यक्ति के मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और वित्तीय मजबूती में जबरदस्त इजाफा होता है।इन 4 राशियों के चमकेंगे सितारे, होगी धन की बरसातशुक्र के इस नक्षत्र गोचर से निम्नलिखित 4 राशियों को सबसे ज्यादा फायदा और करियर में तरक्की मिलने के योग बन रहे हैं:1. वृषभ राशि (Taurus)शुक्र आपकी ही राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में उनका प्रवेश आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं रहेगा।लाभ: आय के नए स्रोत (Income Sources) खुलेंगे, फंसा हुआ पैसा वापस मिलेगा और बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। भौतिक सुख-सुविधाओं की चीजों पर खर्च होगा।2. सिंह राशि (Leo)उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का पहला चरण सिंह राशि में ही आता है। ऐसे में शुक्र का यह गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ साबित होगा।लाभ: समाज में आपका कद और मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति (Promotion) या इंक्रीमेंट की खुशखबरी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत होगी।3. तुला राशि (Libra)तुला राशि के स्वामी भी शुक्र देव ही हैं। इस नक्षत्र गोचर के प्रभाव से तुला राशि के जातकों के जीवन में चल रही सभी आर्थिक तंगी और परेशानियां दूर होंगी।लाभ: शेयर बाजार, प्रॉपर्टी या निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है। जो लोग नया काम या व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय सबसे उत्तम है।4. धनु राशि (Sagittarius)धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा।लाभ: विदेश यात्रा या लंबी दूरी की यात्रा के योग बनेंगे जो आगे चलकर बेहद लाभदायक रहेंगे। अचानक धन लाभ (Unplanned Financial Gain) के योग हैं और परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।शुक्र देव को प्रसन्न करने और लाभ बढ़ाने के आसान उपाययदि आप भी अपनी कुंडली में शुक्र ग्रह को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं, तो इस गोचर के दौरान निम्नलिखित ज्योतिषीय उपाय कर सकते हैं:मंत्र जाप: रोजाना 'ॐ शुं शुक्राय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।शुक्रवार का दान: शुक्रवार के दिन सफेद चीजें जैसे दूध, दही, चावल, मिश्री या सफेद वस्त्र किसी जरूरतमंद को दान करें।मां लक्ष्मी की पूजा: शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं और कमलगट्टे की माला से महालक्ष्मी मंत्र का जप करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 8:15 am

मेदांता अस्पताल पर परिजनों का बड़ा आरोप: 'पैसे के लालच में मरीज की जिंदगी से खिलवाड़', डॉक्टर और प्रबंधन के खिलाफ हंगामा; जानें क्या है पूरा मामला

देश के नामचीन निजी अस्पतालों में गिने जाने वाले 'मेदांता अस्पताल' (Medanta Hospital) पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर पैसे कमाने के लालच में इलाज के साथ खिलवाड़ करने और अनैतिक रवैया अपनाने का संगीन आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक परिजनों और समर्थकों ने हंगामा किया। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी बड़े कॉर्पोरेट अस्पताल पर 'प्रॉफिट मेकिंग' और अनावश्यक ट्रीटमेंट/वेंटिलेटर सपोर्ट के नाम पर भारी-भरकम बिल थमाने के आरोप लगे हों।परिजनों का आरोप: बिना जरूरत आईसीयू में रखा और थमा दिया लाखों का बिलपीड़ित परिवार का दावा है कि मरीज को हल्की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने डराकर तुरंत आईसीयू (ICU) और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख दिया। परिजनों का मुख्य आरोप है कि:अनावश्यक मेडिकल प्रोसीजर: परिजनों के अनुसार, मरीज की हालत में सुधार होने के बावजूद उसे डिस्चार्ज नहीं किया गया और कई ऐसी जांचें व दवाएं लिख दी गईं जिनकी कोई खास आवश्यकता नहीं थी।लाखों का बिल: जब परिजनों ने मरीज को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने या डिस्चार्ज करने की बात कही, तो उन्हें लाखों रुपये का लंबा-चौड़ा बिल थमा दिया गया और पैसे न चुकाने तक कागजात और मरीज को रोकने का प्रयास किया गया।अस्पताल प्रशासन की सफाई और पुलिस की दखलहंगामे और मीडिया के पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं मेदांता अस्पताल प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी सफाई दी है:अस्पताल का पक्ष: प्रबंधन का कहना है कि मरीज की मेडिकल कंडीशन बेहद क्रिटिकल (गंभीर) थी और अंतरराष्ट्रीय मेडिकल प्रोटोकॉल (Medical Protocols) के तहत ही उसका इलाज किया जा रहा था। अस्पताल ने किसी भी तरह की लापरवाही या जबरन बिल बनाने के आरोप को बेबुनियाद बताया है।पुलिस जांच: पुलिस ने परिजनों की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मरीज की मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों के पैनल से राय लेने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।प्राइवेट अस्पतालों में मनमानी पर उठे सवालइस घटना के बाद एक बार फिर प्राइवेट कॉर्पोरेट अस्पतालों में इलाज के नाम पर हो रही कथित 'लूट' और पारदर्शिता की कमी को लेकर आम जनता में भारी आक्रोश है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और जन-अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि:मेडिकल एथिक्स की अनदेखी: कमर्शियल टार्गेट्स के दबाव में कई बार डॉक्टर और अस्पताल 'मेडिकल एथिक्स' (चिकित्सा नैतिकता) को किनारे रख देते हैं।सख्त नियमों की जरूरत: सरकार को प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के रेट, आईसीयू चार्जेस और मेडिकल ऑडिटिंग (Medical Audit) को लेकर सख्त गाइडलाइन्स लागू करनी चाहिए, ताकि कोई भी अस्पताल पैसे की खातिर किसी मरीज की जिंदगी से खिलवाड़ न कर सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 8:11 am

जब Gen-Z सड़कों पर उतरी, हिल गईं सरकारें! 5 साल में 4 देशों में गिरी सरकारें, कहीं राष्ट्रपति भागे तो कहीं PM ने छोड़ी कुर्सी

Student Protests: कभी छात्रों को केवल विश्वविद्यालयों की राजनीति तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब दुनिया के कई देशों में वही छात्र सत्ता परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। पिछले पांच वर्षों में नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, केन्या, सर्बिया समेत ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 7:26 am

नेत्र जांच शिविर कुई ग्राम में हुआ संपन्न

सबगुरु न्यूज-आबूरोड। विप्र फाउंडेशन आबूरोड ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुई में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। शिविर में अनेक युवा, वृद्ध एवं विद्यार्थियों ने आंखों की जांच करवाई। जांच के दौरान 19 व्यक्तियों का मोतियाबिंद पाया गेयर। इनका ऑपरेशन ब्रह्माकुमारी ग्लोबल संस्थान नेत्र चिकित्सालय आबू रोड में कराया जाएगा। इस कैंप में आंखों […] The post नेत्र जांच शिविर कुई ग्राम में हुआ संपन्न appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Jul 2026 12:36 am

सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा, भूस्खलन के बाद 27 मजदूर फंसे

सिक्किम के नामची जिले में सोमवार दोपहर एक निर्माणाधीन सुरंग के बाहर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से बड़ा हादसा हो गया। भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया और अंदर गैस रिसाव की आशंका के बीच करीब 27 मजदूर सुरंग में फंस गए। अधिकारियों ने ...

वेब दुनिया 20 Jul 2026 11:48 pm

प्रधानमंत्री के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में स्थित बनकटी हनुमान मंदिर का होगा जीर्णोद्धार के केशव प्रसाद मौर्य ने दिए निर्देश

लखनऊ, केशव प्रसाद मौर्य ने जनता दर्शन कार्यक्रम में फिरोजाबाद, प्रतापगढ़, प्रयागराज, इटावा, लखीमपुर खीरी, कौशाम्बी, प्रयागराज, अलीगढ़, चंदौली, मिर्जापुर सहित विभिन्न जिलों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना, अवलोकन किया तथा संबंधित विभागों एवं जनपदों के अधिकारियों को दूरभाष एवं लिखित निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसीक्रम में एक प्रकरण वाराणसी से श्री गिरीश कुमार मिश्रा, प्रधान पुजारी ने प्रधानमंत्री के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में स्थित बनकटी हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार तथा उसे हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित किए जाने का प्रकाश में आया जिसमें प्रमुख सचिव, पर्यटन को प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।उप मुख्यमंत्री ने तत्काल जिलाधिकारी प्रयागराज, अलीगढ़, चंदौली, मिर्जापुर सहित लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता कर संबंधित मामलों में नियमानुसार त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए,फिरोजाबाद (तालाब जीर्णोद्धार) : गाँव गढिया निवासी चित्रपाल ने क्षेत्र में तालाब का जीर्णोद्धार कराए जाने की मांग रखी,प्रतापगढ़ (आवास आवंटन): सदर प्रतापगढ़ के रामबहादुर सिंह पुत्र पारसनाथ ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत मकान दिलाए जाने का अनुरोध के साथ अन्‍य शिकायती पत्रों पर त्‍वरित कार्यवाही की गयीा

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jul 2026 11:19 pm

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास जहाज पर हमला, 4 भारतीय नागरिकों की मौत, 1 की हालत गंभीर, भारत ने क्या कहा

यूक्रेन के ओडेसा (Odesa) बंदरगाह से 19 जुलाई की शाम रवाना हुए एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। इस घटना की पुष्टि भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने की है। विदेश मंत्रालय के ...

वेब दुनिया 20 Jul 2026 10:49 pm

सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत अध्यक्ष

जयपुर। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19 एवं 20 जुलाई को तेरापंथ भवन छतरपुर नई दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने सहभागिता की। इस अवसर पर संगठन के विभिन्न दायित्वों की घोषणा की गई। सुभद्र पापड़ीवाल को विश्व हिंदू […] The post सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 10:05 pm

अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा कर जनता को पहुंचाएं राहत : भजनलाल शर्मा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकास परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार और हर कार्मिक की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा है कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की सातवीं […] The post अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा कर जनता को पहुंचाएं राहत : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 9:56 pm

करौली में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत

करौली। राजस्थान में करौली जिले के सपोटरा थाना क्षेत्र में बालोती गांव में सोमवार को एक परिवार के चार सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से पति-पत्नी और बड़े बेटे की मौत हो गई जबकि छोटे बेटा गंभीर रूप से बीमार हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामदयाल बैरवा (45), […] The post करौली में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 9:52 pm

लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने

लंदन। लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम सोमवार को आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स तृतीय के साथ एक निजी मुलाकात के दौरान उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया गया। इससे पहले सर कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा सम्राट को सौंप दिया, जिसे […] The post लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 9:42 pm

आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कोई मंज़िल नहीं होती दूर: आकांक्षा चौधरी

अजमेर/जयपुर। मिसेज इंडिया-2026 का ताज अपने नाम करने वाली राजस्थान के अजमेर की आकांक्षा चौधरी ने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए कुछ छोड़ने की आवश्यकता नहीं हैं और वे अपनी हर जिम्मेदारी को निभाते हुए भी सब कुछ कर सकती है। आकांक्षा चौधरी ने मिसेज […] The post आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कोई मंज़िल नहीं होती दूर: आकांक्षा चौधरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 9:39 pm

वर्धा के पास कार और ट्रक की टक्कर से आग लगी, 6 लोगों की जलकर मौत

वर्धा। महाराष्ट्र के वर्धा जिले में सोमवार तड़के एक कंटेनर ट्रक के पलटने और अन्य ट्रक के कार को टक्कर मार देने के बाद आग लग गई जिससे छह लोगों की जलकर मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुंबई और नागपुर को जोड़ने वाले समृद्धि एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुर्घटना के बाद दोनों गाड़ियों […] The post वर्धा के पास कार और ट्रक की टक्कर से आग लगी, 6 लोगों की जलकर मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 9:34 pm

jammu kashmir heavy rain : जम्मू-कश्मीर में बारिश बनी काल, 24 घंटे में 24 मौतें, पुंछ में लैंडस्लाइड से 7 की जान गई, डोडा में भी तबाही

जम्मू-कश्मीर अभी कल के हादसों से उभरा नहीं था कि अब एलओसी से पुंछ जिले में भूस्खलन से 7 लोगों की मौत हो गयी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में 24 लोगों की जान गई है। सूत्रों ने बताया कि सोमवार को पुंछ जिले के लोरान-दुमिलन इलाके में भारी बारिश की वजह ...

वेब दुनिया 20 Jul 2026 9:16 pm

जंतर-मंतर से हटाए गए कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शनकारी

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ निकली संसद चलो मार्च के बीच सुरक्षा बलों ने सोमवार को जंतर-मंतर से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों को हटाकर प्रदर्शन स्थल खाली करवा दिया। दिल्ली पुलिस और त्वरित कार्रवाई बल ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाया। […] The post जंतर-मंतर से हटाए गए कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शनकारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 9:10 pm

राम जन्मभूमि मंदिर केस फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, निर्मोही अखाड़े ने दाखिल की याचिका

​Ram Janmabhoomi Temple Case: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन, वित्तीय लेन-देन और धार्मिक परंपराओं को लेकर एक बार फिर मामला देश की शीर्ष अदालत में पहुंच गया है। श्री पंच रामानंदी निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर श्रीराम ...

वेब दुनिया 20 Jul 2026 9:05 pm

कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रिहा करने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने तथा नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की सहायता देने की मांग की है। सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ […] The post कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 9:04 pm

पंजाब विश्वविद्यालय में आरएसएस नेताओं के कार्यक्रम पर हंगामा, छात्र संगठनों का प्रदर्शन

चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित एक सेमिनार के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े नेताओं की मौजूदगी को लेकर छात्र संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ऑडिटोरियम के बाहर ही रोक दिया, जिससे छात्रों और पुलिस के […] The post पंजाब विश्वविद्यालय में आरएसएस नेताओं के कार्यक्रम पर हंगामा, छात्र संगठनों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 8:57 pm

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की आलोचना की, शांतिपूर्ण समाधान की मांग की

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह शिक्षा नीति की कमियों पर चर्चा करने से कतरा रही है।

देशबन्धु 20 Jul 2026 8:35 pm

पेपर लीक, प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी पर हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को नीट यूजी पेपर लीक, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी के मुद्दों पर विपक्ष के जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इन मुद्दों को उठाया, जिसके […] The post पेपर लीक, प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी पर हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 8:28 pm

बात में तथ्य और तर्क हों तो हंगामा खड़ा करने की जरूरत नहीं : मानसून सत्र से पहले माेदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ओर के सांसदों से संसद में मिल जुल कर देश के हित में काम करने की अपील करते हुए सोमवार को कहा कि मुद्दों में दम हो और बात में तर्क हो तो शांत तरीके से भी उठाई गई मांग भी बुलंद आवाज बन […] The post बात में तथ्य और तर्क हों तो हंगामा खड़ा करने की जरूरत नहीं : मानसून सत्र से पहले माेदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 8:21 pm

त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ शाैचालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका

अगरतला। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ साेमवार को यहां पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के शौचालय में मृत मिले। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। उनकी स्वास्थ्य जांच करने वाले अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रो प्रदीप भौमिक ने बताया कि […] The post त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ शाैचालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 20 Jul 2026 8:14 pm