मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन
जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। मोदी ने इस अवसर पर संशोधित उड़ान योजना का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने नये टर्मिनल भवन का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायड़ू, केन्द्रीय संस्कृति […] The post मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन appeared first on Sabguru News .
एथनॉल जैसी वैकल्पिक व्यवस्था से ईंधन आयात पर कम होगी निर्भरता : गडकरी
नई दिल्ली। पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के सरकार के कार्यक्रम की कतिपय हलकों में हो रही आलोचना के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाहनों के लिए ऐसे ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा है कि इससे तेल आयात में भारी बचत हो सकती है और वैकल्पिक ईंधनों पर चलने […] The post एथनॉल जैसी वैकल्पिक व्यवस्था से ईंधन आयात पर कम होगी निर्भरता : गडकरी appeared first on Sabguru News .
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक , राष्ट्रीय महत्व के अनेक मुद्दों पर होगी चर्चा
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आगामी 20 जुलाई से 13 अगस्त तक होगा और इस दौरान करीब 19 बैठकें होनी की संभावना है। संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति ने संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से बुलाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान […] The post संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक , राष्ट्रीय महत्व के अनेक मुद्दों पर होगी चर्चा appeared first on Sabguru News .
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के युवक ने प्यार के लिए पार की नियंत्रण रेखा
थाजल/उरी। सरहद पार के प्यार के सैकड़ों किस्से सामने आते एवं मीडिया पर सुर्खियां बटोरते रहे हैं और इसी कड़ी में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से ऐसे ही एक प्रेमी युवक के नियंत्रण रेखा पार कर जम्मू कश्मीर में उरी सेक्टर के थाजल गांव अपनी प्रेयसी के पास पहुंचने का मामला सामने आया […] The post पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के युवक ने प्यार के लिए पार की नियंत्रण रेखा appeared first on Sabguru News .
मेरठ में ऑनर किलिंग, सो रही किशोरी को भाई ने मारी गोली
मेरठ। उत्तर प्रदेश में मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक किशोरी की उसके ही भाई ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद खुद थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि वह अपनी बहन की हत्या करके आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा […] The post मेरठ में ऑनर किलिंग, सो रही किशोरी को भाई ने मारी गोली appeared first on Sabguru News .
अलवर में जीएसटी के सहायक आयुक्त के घर डकैती, लाखों के जेवर-नकदी लूटी
अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र में शालीमार नगर में शनिवार सुबह हथियारबंद तीन नकाबपोश बदमाशों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के सहायक आयुक्त के घर में घुसकर लाखों रुपये के जेवर नकदी लूटकर फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बदमाश रात में ही ओमप्रकाश के मकान की छत पर […] The post अलवर में जीएसटी के सहायक आयुक्त के घर डकैती, लाखों के जेवर-नकदी लूटी appeared first on Sabguru News .
बीकानेर में फार्च्यूनर पलटने से दो लोगों की मौत, एक घायल
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर के जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र में जयपुर मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक फार्च्यूनर के पलटने से दो लोगों की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि देर रात जयपुर मार्ग पर तेजी से आ रही फार्च्यूनर एक स्कूटी से […] The post बीकानेर में फार्च्यूनर पलटने से दो लोगों की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .
बैंक घोटाला: ₹231 करोड़ के फ्रॉड में घिरीं ये 2 कंपनियां, महाराष्ट्र-गुजरात में CBI की बड़ी रेड
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को बेंगलुरु में दर्ज दो बैंक धोखाधड़ी मामलों के संबंध में महाराष्ट्र और गुजरात में कई जगहों पर समन्वित तलाशी अभियान चलाया।
समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव
4th Bronchopulmonary World Congress 2026: ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शनिवार से चौथी ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 की मुख्य कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई। इस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश से आए पल्मोनोलॉजिस्ट, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, थोरासिक सर्जन, ...
ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, लगा एक और तगड़ा झटका, TMC की प्रदेश अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
Mamata Banerjee's troubles have mounted : तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आज उन्हें एक और तगड़ा झटका है। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष का ...
दूसरे देशों में इथेनॉल की वजह से क्यों नहीं होते वाहन खराब?
Ethanol blending vehicle damage: सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि दुनिया के तमाम देशों में जहां पेट्रोलियम पदार्थों में इथेनॉल की ब्लेंडिंग की जाती है वहां गाड़ियां खराब क्यों नहीं होती है, जबकि भारत में यह बहुत ज्यादा हो रहा है। इसका उत्तर साफ है कि ...
मांगरोल में बादल फटे, 1 दिन में 22.24 इंच बारिश, गुजरात के 225 तालुका पानी-पानी
Gujarat Rain : गुजरात में पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून के कारण राज्य के कुल 225 तालुकाओं में भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए गरज-चमक के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश का अलर्ट जारी किया है। मूसलाधार बारिश से ...
हरदोई में रिश्तों का खूनी अंत: जीजा-साले की आपसी रंजिश में दामाद और बेटे की गई जान
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक मामूली विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि जीजा-साले की आपसी दुश्मनी का खामियाजा दो निर्दोष युवाओं को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, इस खूनी संघर्ष में एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया तो दूसरे ने अपना दामाद। घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और लोग इस बात से हैरान हैं कि आखिर पारिवारिक कलह किस कदर भयावह हो सकती है। फिलहाल, मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।मामूली बात पर शुरू हुआ था विवाद, अंत बना जानलेवासूत्रों के मुताबिक, घटना के पीछे लंबे समय से चली आ रही आपसी रंजिश बताई जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि जीजा और साले के बीच किसी पुरानी बात को लेकर पहले तीखी बहस हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट में साले के जीजा (दामाद) और जीजा के साले (बेटा) को गंभीर चोटें आईं, जिनकी इलाज के दौरान या मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक ही परिवार के दो घरों में चूल्हे बुझा दिए हैं। पुलिस प्रशासन अब मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहा है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है ताकि जल्द से जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।पुलिस की जांच और कानून व्यवस्था पर सवालघटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद से ही गांव में भारी तनाव का माहौल है, जिसके चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय रहते इस विवाद को सुलझा लिया जाता, तो शायद आज दो परिवारों के चिराग नहीं बुझते। पुलिस अब उन सभी लोगों के बयान दर्ज कर रही है जो घटना के समय वहां मौजूद थे। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट और गुस्सा कितनी बड़ी कीमत वसूल सकता है।
क्या आप भी आर्थिक तंगी से परेशान हैं? ये 7 शुभ संकेत बताते हैं कि जल्द बदलने वाली है आपकी किस्मत
जीवन में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है और अक्सर हम कठिन आर्थिक दौर से गुजरते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी सफलता और समृद्धि से पहले ब्रह्मांड हमें कुछ खास संकेत देता है? अगर आप लंबे समय से पैसों की तंगी, कर्ज या करियर में रुकावटों का सामना कर रहे हैं, तो निराश न हों। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के जानकारों का मानना है कि जब आपकी किस्मत बदलने वाली होती है, तो प्रकृति और आसपास के वातावरण में कुछ बदलाव महसूस होने लगते हैं। अगर आपको भी अपने जीवन में ये 7 विशेष संकेत दिखाई दें, तो समझ लें कि आने वाला समय आपके लिए आर्थिक खुशहाली और तरक्की लेकर आने वाला है।बदलती किस्मत के 7 विशेष संकेतसबसे पहला संकेत है आपके सपनों में बदलाव; यदि आप बार-बार खुद को ऊंचाई पर चढ़ते या पानी से जुड़ी शुभ चीजें देखते हैं, तो यह धन लाभ का सूचक है। दूसरा, अगर आपके घर में अचानक चिड़िया अपना घोंसला बनाने लगे या कोई पक्षी घर की छत पर दाना चुगने आए, तो यह धन आगमन की शुभ सूचना माना जाता है। तीसरा, अगर आप बेवजह खुश महसूस करने लगें और आपके स्वभाव में सकारात्मकता बढ़ जाए, तो समझें कि लक्ष्मी का प्रवेश होने वाला है। चौथा संकेत है—अचानक से आपको पुराने खोए हुए पैसे या कोई मूल्यवान वस्तु मिल जाना। पांचवां, यदि आपके आसपास का वातावरण अचानक शांत और खुशनुमा महसूस होने लगे। छठा, यदि घर की तुलसी का पौधा अचानक तेजी से हरा-भरा होने लगे। सातवां, यदि आपको अपने कार्यक्षेत्र में सम्मान या नए अवसरों के संकेत मिलने लगें, तो ये सभी लक्षण बताते हैं कि अब आपकी आर्थिक तंगी के दिन खत्म होने वाले हैं।आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए जरूरी बदलावकेवल संकेतों के भरोसे बैठना ही काफी नहीं है, बल्कि अपनी मेहनत और रणनीतियों में भी बदलाव करना जरूरी है। यदि आपको ये संकेत महसूस हो रहे हैं, तो अपने काम के प्रति फोकस बढ़ा दें। वास्तु के अनुसार, अपने घर की उत्तर दिशा को साफ रखें और वहां कूड़ा-कचरा जमा न होने दें, क्योंकि यह दिशा कुबेर की मानी जाती है। अपनी आय के स्रोतों को बढ़ाने पर ध्यान दें और अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाएं। याद रखें कि सही दिशा में की गई मेहनत और सकारात्मक दृष्टिकोण ही धन को आकर्षित करने का सबसे बड़ा चुंबक है। अब वक्त आ गया है कि आप अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं और इन संकेतों का लाभ उठाकर अपने आर्थिक भविष्य को एक नई उड़ान दें।
दूसरों की संपत्ति हड़पने पर मिलता है भयंकर दंड: गरुड़ पुराण के अनुसार जानिए क्या है पाप का परिणाम
सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथ 'गरुड़ पुराण' में जीवन जीने के तौर-तरीकों के साथ-साथ मृत्यु के बाद मिलने वाले कर्मों के फल का विस्तार से वर्णन किया गया है। शास्त्रों में पराई संपत्ति, जमीन या धन को छल-कपट से हड़पना सबसे बड़े पापों की श्रेणी में रखा गया है। अक्सर लोग अपनी लालसा में दूसरों का हक छीन तो लेते हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि इसका हिसाब धर्मराज की कचहरी में चुकाना पड़ेगा। गरुड़ पुराण में स्पष्ट किया गया है कि जो व्यक्ति दूसरों के धन, जमीन या मेहनत की कमाई को अनैतिक तरीके से हथियाता है, उसे नर्क में अत्यंत कष्टदायक यातनाएं झेलनी पड़ती हैं। यह केवल एक सामाजिक अपराध नहीं, बल्कि एक ऐसा महापाप है जो व्यक्ति की आने वाली पीढ़ियों तक के भाग्य को प्रभावित कर सकता है।गरुड़ पुराण के अनुसार दंड का स्वरूपगरुड़ पुराण के अनुसार, ऐसे व्यक्तियों को यमलोक में 'रौरव' और 'महा रौरव' जैसे घोर नर्क की यातनाएं दी जाती हैं। मान्यताओं के मुताबिक, जो लोग छल-कपट से दूसरों की जमीन या जायदाद हड़पते हैं, उन्हें यमराज के दूत विभिन्न प्रकार के दंड देते हैं। कहा जाता है कि पराई संपत्ति हड़पने वाले व्यक्ति को अपने अगले जन्मों में दरिद्रता और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि मृत्यु के उपरांत जब आत्मा यमराज के समक्ष पहुंचती है, तो उसके द्वारा किए गए इन पापों का हिसाब-किताब सबसे पहले किया जाता है, क्योंकि किसी लाचार या निर्दोष का हक छीनना ईश्वर की दृष्टि में अक्षम्य अपराध है।धन का मोह और कर्मों का चक्रअक्सर लोग यह सोचते हैं कि वे कानून या समाज की नजरों से बचकर संपत्ति पर कब्जा कर लेंगे, लेकिन गरुड़ पुराण के अनुसार, ईश्वर की सत्ता से कोई भी बच नहीं सकता। मनुष्य का संचित किया गया सारा धन यहीं रह जाता है, साथ केवल उसके कर्म जाते हैं। जो व्यक्ति लोभ में अंधा होकर दूसरों को कष्ट देकर उनकी संपत्ति लेता है, वह न केवल अपने चरित्र को दूषित करता है, बल्कि अपने मन की शांति भी खो देता है। धर्मशास्त्र हमें यह सीख देते हैं कि ईमानदारी से अर्जित किया गया थोड़ा सा धन ही सुख और शांति प्रदान करता है, जबकि बेईमानी से ली गई करोड़ों की संपत्ति अंत में केवल विनाश का कारण बनती है। अतः, जीवन में सदैव न्याय और धर्म के मार्ग पर चलते हुए ही अपनी उन्नति का प्रयास करना चाहिए।
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई का अंतिम संस्कार एक ऐतिहासिक और बेहद तनावपूर्ण मोड़ पर शुरू हो चुका है। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला कॉम्प्लेक्स में लाखों लोग जमा हैं, जहां खमेनेई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। इस दौरान पूरा माहौल 'बदले' की भावना से भरा हुआ है। हाथों में लहराते 'लाल झंडे' (Red Flags of Revenge) शिया परंपरा में न्याय और बदले के प्रतीक माने जाते हैं, जो ईरान के उस संकल्प को दर्शा रहे हैं जिसे वे 'इंतकाम' कहते हैं।क्यों लहरा रहे हैं ये 'लाल झंडे'?ईरान में लाल झंडों का लहराना कोई साधारण दृश्य नहीं है। शिया प्रतीकों में, यह झंडा खून का बदला लेने और दुश्मनों को सबक सिखाने की प्रतिज्ञा का प्रतिनिधित्व करता है। फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के साथ शुरू हुए युद्ध के दौरान हुई अयातुल्ला अली खमेनेई की मृत्यु के बाद, ईरान का नेतृत्व और वहां की जनता इस झंडे के जरिए पूरी दुनिया को यह संदेश दे रही है कि वे अपने सर्वोच्च नेता की शहादत को भूलने वाले नहीं हैं। तेहरान की सड़कों पर 'डेथ टू अमेरिका' और 'डेथ टू इजरायल' के नारों की गूंज इस बात का सबूत है कि ईरान के भीतर बदला लेने की आग अभी भी धधक रही है।ट्रंप के बयान पर सियासत तेजदूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। माउंट रशमोर में अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब वॉशिंगटन के साथ किसी भी तरह से समझौता करने के लिए बेताब है। ट्रंप ने कहा, हमने खमेनेई के अंतिम संस्कार के लिए उन्हें एक हफ्ते की मोहलत दी है क्योंकि हम उदार हैं। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। ईरान, जो पहले से ही अपने सैन्य ठिकानों और मिसाइलों के जरिए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का मुंहतोड़ जवाब देने की धमकी दे रहा है, अब ट्रंप के इस दावे पर कैसे प्रतिक्रिया देता है, यह देखना दिलचस्प होगा।क्या मिसाइलों से होगा 'इंतकाम'?ईरान के सैन्य कमांडरों ने साफ कर दिया है कि खमेनेई की मौत का बदला लिया जाएगा। सैन्य मुख्यालय की ओर से जारी बयान में चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी दुश्मन इस संवेदनशील मौके का फायदा उठाने की कोशिश करता है, तो ईरान की मिसाइलें और ड्रोन फोर्स 'तत्काल और शक्तिशाली' जवाब देने के लिए तैयार हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर भी ईरान ने सख्त लहजे में कहा है कि उनकी इजाजत के बिना किसी भी जहाज की आवाजाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 2026 की इस जंग में खमेनेई का अंतिम संस्कार केवल एक विदाई नहीं, बल्कि ईरान की 'प्रतिरोध नीति' का एक बड़ा प्रदर्शन बन चुका है।
110 साल बाद भी बरकरार हैदराबाद के इस स्टेशन की शान, देश के सबसे खूबसूरत रेलवे स्टेशनों में है शुमार
भारतीय रेलवे के इतिहास में कई ऐसे स्टेशन हैं जिन्होंने समय के साथ खुद को बदला है, लेकिन तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में स्थित 'काचीगुड़ा रेलवे स्टेशन' (Kacheguda Railway Station) आज भी अपनी 110 साल पुरानी भव्यता और स्थापत्य कला की खूबसूरती को संजोए हुए है। साल 1916 में बनकर तैयार हुआ यह स्टेशन केवल यात्रियों का पड़ाव नहीं, बल्कि हैदराबाद की सांस्कृतिक विरासत का एक जीता-जागता प्रतीक है। देश के अन्य व्यस्त स्टेशनों से अलग, काचीगुड़ा अपनी गॉथिक शैली की वास्तुकला के लिए देशभर में जाना जाता है, जो आज भी यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती है।गॉथिक वास्तुकला का बेजोड़ नमूनाकाचीगुड़ा रेलवे स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत इसकी वास्तुकला है। निजाम शासनकाल के दौरान बनाया गया यह स्टेशन मीनारों, मेहराबों और नक्काशीदार दीवारों के साथ एक शाही महल जैसा दिखता है। जब आप इस स्टेशन में प्रवेश करते हैं, तो आपको ऐसा बिल्कुल महसूस नहीं होगा कि आप किसी रेलवे स्टेशन पर हैं, बल्कि यह किसी ऐतिहासिक धरोहर जैसा प्रतीत होता है। 110 वर्षों से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी, इसकी संरचना की मजबूती और सौंदर्य में रत्ती भर भी कमी नहीं आई है, जो इसे भारत के सबसे व्यवस्थित और खूबसूरत स्टेशनों में से एक बनाती है।क्यों खास है यह ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन?काचीगुड़ा सिर्फ अपनी सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी आधुनिक सुविधाओं के लिए भी जाना जाता है। इस स्टेशन को पूरी तरह से 'एनर्जी एफिशिएंट' और सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले पहले स्टेशनों में शामिल होने का गौरव प्राप्त है। दक्षिण मध्य रेलवे का मुख्यालय होने के नाते, यह न केवल कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, बल्कि यहाँ यात्रियों के लिए वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध है। स्टेशन परिसर में स्थित म्यूजियम भी पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहता है, जहां पुरानी रेल इंजनों और उस दौर की यादों को सहेज कर रखा गया है।पर्यटकों और यात्रियों की पहली पसंदआज भी, जब हम आधुनिक स्टेशनों की भीड़-भाड़ में खो जाते हैं, काचीगुड़ा स्टेशन हमें इतिहास और आधुनिकता के अद्भुत संगम का अहसास कराता है। यहाँ आने वाले पर्यटक अक्सर इसकी वास्तुकला को कैमरे में कैद करना नहीं भूलते। यदि आप हैदराबाद यात्रा पर आ रहे हैं, तो काचीगुड़ा स्टेशन का दीदार करना बिल्कुल न भूलें। यह स्टेशन न केवल अपनी विरासत को संजोए हुए है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि भारतीय रेलवे की ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण किस तरह से किया जा सकता है।
ममता बनर्जी को बड़ा झटका: टीएमसी में मची खलबली, वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने छोड़े सभी पद
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और जोरदार झटका लगा है। पार्टी की दिग्गज नेता और राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वालीं चंद्रिमा भट्टाचार्य ने टीएमसी के बंगाल चीफ समेत सभी महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। जानकारों का कहना है कि यह इस्तीफा टीएमसी के भीतर जारी आंतरिक कलह और संगठन में बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है, जो आने वाले समय में पार्टी के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है।संगठनात्मक ढांचा और इस्तीफे की वजहचंद्रिमा भट्टाचार्य का पार्टी में कद काफी ऊंचा रहा है और उनके अचानक इस्तीफा देने से कार्यकर्ताओं के बीच भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की कार्यशैली और हालिया राजनीतिक फैसलों से चंद्रिमा भट्टाचार्य नाराज चल रही थीं। बंगाल टीएमसी चीफ के पद से हटने का उनका निर्णय ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर पार्टी को एकजुट रखने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनके इस्तीफे के बाद अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर टीएमसी की कमान अब किसके हाथ में होगी और क्या पार्टी में और भी बड़े इस्तीफे देखने को मिल सकते हैं।बंगाल की राजनीति पर असरयह इस्तीफा केवल एक नेता का पद छोड़ना नहीं है, बल्कि यह टीएमसी के उस संगठनात्मक तंत्र पर भी सवाल उठा रहा है जिसे ममता बनर्जी ने सालों से सींचा है। विपक्ष ने इस मौके का फायदा उठाते हुए टीएमसी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि टीएमसी नेतृत्व ने समय रहते इस नाराजगी को दूर नहीं किया, तो पार्टी के भीतर भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती है। चंद्रिमा भट्टाचार्य का अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या वे किसी दूसरे राजनीतिक दल का दामन थामेंगी या फिर अपनी अलग राह चुनेंगी। इस घटनाक्रम ने बंगाल के सियासी पारा को काफी बढ़ा दिया है।
उरी, पुलवामा, पहलगाम भूले नहीं हम', राम माधव का बड़ा बयान, पाक से बातचीत पर रखी आर-पार की शर्त
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है। एक महत्वपूर्ण बयान में उन्होंने कहा कि भारत उरी, पुलवामा और पहलगाम जैसे जख्मों को भूला नहीं है। पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत की संभावनाओं को खारिज करते हुए उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' और देश की सुरक्षा नीति का हवाला दिया। राम माधव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से आतंकवाद को लेकर भारत की नीति पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक और स्पष्ट है।बातचीत से पहले आतंकवाद पर लगाम जरूरीराम माधव ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान अपनी सरजमीं से संचालित आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त नहीं करता, तब तक किसी भी तरह की शांति वार्ता का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत के नागरिक उन आतंकी हमलों को नहीं भूले हैं जिन्होंने देश को गहरे घाव दिए हैं। सरकार का यह रुख जगजाहिर है कि 'बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते'। उन्होंने कहा कि भारत अब किसी भी दबाव में आकर वार्ता के लिए मजबूर नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा ही हमारी पहली प्राथमिकता है।'ऑपरेशन सिंदूर' और सुरक्षा का संकल्पराम माधव ने अपने संबोधन में 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए देश के सुरक्षा बलों के शौर्य को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत अब एक ऐसा राष्ट्र है जो अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने में सक्षम है। चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक हो या फिर आतंकवाद के खिलाफ कूटनीतिक दबाव, भारत ने अपनी ताकत का लोहा पूरी दुनिया को मनवाया है। उन्होंने विपक्षी दलों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हमारे लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर कुछ भी नहीं है। यह स्पष्ट संदेश पाकिस्तान के लिए एक चेतावनी है कि भारत अब पुरानी भूलों को दोहराने के मूड में नहीं है।
E20 पेट्रोल का बड़ा सच: क्या आपकी गाड़ी का इंजन हो जाएगा खराब? कंपनियों ने दी ये सफाई
क्या आप भी इस बात को लेकर परेशान हैं कि आपकी कार में E20 पेट्रोल डलवाने से इंजन खराब हो जाएगा? पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों ने आम वाहन मालिकों के मन में डर पैदा कर दिया है। इसी बीच, मारुति सुजुकी, हुंडई, टाटा और महिंद्रा जैसी दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों ने एक साथ आकर E20 पेट्रोल (20% एथनॉल मिश्रित पेट्रोल) को 'क्लीन चिट' दे दी है। कंपनियों का साफ कहना है कि यदि आपकी गाड़ी E20 फ्यूल के लिए तैयार है, तो यह आपकी गाड़ी को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचाएगी, बल्कि यह पर्यावरण के लिए एक बेहतर कदम है।क्या है E20 पेट्रोल और इंजन पर असर?E20 पेट्रोल का मतलब है कि इसमें 80% पेट्रोल और 20% एथनॉल मिला हुआ है। एथनॉल एक बायो-फ्यूल है जो गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों से बनाया जाता है, जिससे प्रदूषण में काफी कमी आती है। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी गाड़ियां जो इसके लिए नहीं बनी हैं, उनमें जरूर कुछ तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं, लेकिन जो वाहन निर्माता कंपनियां E20 कम्पैटिबल गाड़ियां बेच रही हैं, उनका इंजन और फ्यूल सिस्टम इसी ईंधन को ध्यान में रखकर ही डिजाइन किया गया है। इसलिए, अपनी कार के मैनुअल को चेक करना बेहद जरूरी है।कंपनियों ने क्यों दी क्लीन चिट?सभी प्रमुख वाहन निर्माताओं ने स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल का उपयोग करने से न केवल ईंधन की खपत में स्थिरता बनी रहेगी, बल्कि यह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने में भी मदद करेगा। मारुति और हुंडई जैसी कंपनियों ने अपने वाहनों के हार्डवेयर में जरूरी बदलाव किए हैं ताकि एथनॉल के संक्षारक (corrosive) गुणों का इंजन पर असर न पड़े। कंपनियों का मानना है कि ग्राहकों को डरने की जरूरत नहीं है, बस उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे अपनी गाड़ी की क्षमता के अनुरूप ही ईंधन का उपयोग करें। यदि आपकी गाड़ी E20 के लिए प्रमाणित है, तो आप बिना किसी झिझक के पेट्रोल पंप पर E20 ले सकते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर के सख्त रवैये और 'परफॉरमेंस फर्स्ट' वाली नीति के चलते अब खराब फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों के लिए टीम में जगह बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है। हालिया टी20 मैचों में एक खिलाड़ी का प्रदर्शन टीम के लिए 'गले की हड्डी' बनता जा रहा है। लगातार फ्लॉप होने के बावजूद उस खिलाड़ी को मिले मौकों ने अब बीसीसीआई और चयनकर्ताओं के धैर्य की परीक्षा लेनी शुरू कर दी है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि गंभीर जल्द ही कोई बड़ा कड़ा फैसला ले सकते हैं।टीम के संतुलन पर भारी पड़ रही खराब फॉर्मटी20 जैसे तेज फॉर्मेट में टीम इंडिया को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो क्रीज पर आते ही आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर सकें, लेकिन यह खिलाड़ी पिछले कई मैचों से अपनी लय ढूंढने में नाकाम रहा है। न केवल उसकी बल्लेबाजी की औसत गिरी है, बल्कि उसका स्ट्राइक रेट भी टीम की रन गति को धीमा कर रहा है। कोच गौतम गंभीर स्पष्ट कर चुके हैं कि टीम के लिए खेलने वाला हर खिलाड़ी अपनी काबिलियत साबित करने के लिए जिम्मेदार है। सूत्रों की मानें तो गंभीर इस खिलाड़ी के लगातार खराब प्रदर्शन से काफी नाखुश हैं और जल्द ही उन्हें बेंच पर बैठाने या टीम से बाहर करने का मन बना चुके हैं।गंभीर का 'सख्त' मंत्र: प्रदर्शन नहीं तो टीम नहींगौतम गंभीर का मैनेजमेंट स्टाइल हमेशा से ही अनुशासन और परिणाम पर आधारित रहा है। टी20 वर्ल्ड कप और आगामी महत्वपूर्ण सीरीज को देखते हुए टीम इंडिया कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे युवा प्रतिभाओं को मौका देने का समय आ गया है? क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि यह खिलाड़ी अगले कुछ मैचों में अपनी उपयोगिता सिद्ध नहीं कर पाता है, तो गंभीर के लिए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना एक अनिवार्य कदम होगा। टीम इंडिया की नई रणनीति अब केवल फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को ही प्राथमिकता देने की है, ताकि भविष्य की चुनौतियों के लिए एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार की जा सके।
भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ऐतिहासिक मैदान पर होने वाला मुकाबला रोमांचक होने वाला है। इस मैदान की पिच और परिस्थितियों का इंग्लैंड के खिलाड़ियों को बखूबी अनुभव है, जो भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो मैनचेस्टर में इंग्लैंड के कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनका प्रदर्शन हमेशा से ही टीम इंडिया के लिए सिरदर्द रहा है। अगर भारत को इस सीरीज में अपना दबदबा बनाना है, तो इन तीन इंग्लिश धुरंधरों पर नकेल कसना बेहद जरूरी होगा, वरना मैनचेस्टर की यह पिच टीम इंडिया का खेल बिगाड़ सकती है।जो रूट का 'मैनचेस्टर' कनेक्शनइंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट का मैनचेस्टर के मैदान पर रिकॉर्ड किसी भी गेंदबाज को परेशान करने के लिए काफी है। रूट न केवल अपनी तकनीक के लिए जाने जाते हैं, बल्कि इस मैदान पर उन्होंने कई बार लंबी पारियां खेलकर भारतीय गेंदबाजों को संघर्ष करने पर मजबूर किया है। उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी और स्पिन को खेलने की गजब की क्षमता उन्हें इस मुकाबले का सबसे खतरनाक खिलाड़ी बनाती है। भारतीय स्पिनरों को रूट के खिलाफ अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा, क्योंकि एक छोटी सी चूक टीम इंडिया पर भारी पड़ सकती है।जेम्स एंडरसन का अनुभव और स्विंग का जादूमैनचेस्टर जेम्स एंडरसन का घरेलू मैदान है और यहां की परिस्थितियों से वे पूरी तरह वाकिफ हैं। एंडरसन की स्विंग और सीम का सामना करना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। विशेष रूप से मैच की शुरुआत में नई गेंद के साथ एंडरसन जिस तरह की घातक गेंदबाजी करते हैं, वह भारतीय टॉप ऑर्डर के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। अगर भारतीय ओपनर्स एंडरसन के पहले स्पेल को संभलकर खेल लेते हैं, तो टीम इंडिया के लिए आगे का रास्ता आसान हो सकता है, वरना एंडरसन मैनचेस्टर में फिर से अपनी जादूगरी दिखा सकते हैं।जोस बटलर की विस्फोटक बल्लेबाजीमैनचेस्टर के मैदान पर जोस बटलर का बल्ला जमकर बोलता है। बटलर की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे मैच को किसी भी मोड़ पर पलटने का माद्दा रखते हैं। टी20 हो या वनडे, बटलर का आक्रामक अंदाज गेंदबाजों के हौसले पस्त कर देता है। मिडिल ऑर्डर में बटलर की उपस्थिति भारतीय गेंदबाजों के लिए एक बड़ा खतरा है। बटलर अगर अपनी लय में आ गए, तो मैनचेस्टर में रनों की बरसात तय है। भारतीय कप्तान को बटलर को आउट करने के लिए एक विशेष योजना के साथ मैदान में उतरना होगा।
बारिश में क्या खाएं और क्या न खाएं? बीमार होने से बचना है तो फॉलो करें एक्सपर्ट के ये नियम
सावन और भादो की फुहारें जहां मन को सुकून देती हैं, वहीं मानसून अपने साथ कई तरह के संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियां भी लेकर आता है। इस मौसम में नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस बहुत तेजी से पनपते हैं, जिसका सीधा असर हमारे पाचन तंत्र और इम्युनिटी पर पड़ता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि आप मानसून के दौरान अपने खान-पान में थोड़े बदलाव कर लें, तो आप मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस मौसम में आपकी थाली में क्या होना चाहिए और किन चीजों से आपको तौबा कर लेनी चाहिए।मानसून में क्या खाएं? (Healthy Monsoon Diet)बरसात के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में अपनी डाइट में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें। हल्दी वाला दूध, अदरक, लहसुन और काली मिर्च का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। हरी पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और उबालकर ही इस्तेमाल करें। लौकी, तोरई और परवल जैसी हल्की सब्जियां पाचन के लिए बेहतरीन हैं। साथ ही, हाइड्रेटेड रहने के लिए हर्बल टी, जैसे कि तुलसी, अदरक और दालचीनी का काढ़ा पीना इम्युनिटी बूस्ट करने में रामबाण का काम करता है।इन चीजों से करें परहेज (What to Avoid)मानसून में बाहर का खाना, खासकर स्ट्रीट फूड खाने से बचना सबसे जरूरी नियम है। सड़कों के किनारे मिलने वाले खुले कटे हुए फल, जूस और चाट-पकौड़े में बैक्टीरिया और फंगस पनपने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा, डेयरी उत्पादों (जैसे दूध और दही) का सेवन भी बहुत सावधानी से करें, क्योंकि नमी के कारण इनमें जल्दी संक्रमण फैल सकता है। कच्ची सलाद और बहुत अधिक मसालेदार या तली-भुनी चीजों से दूरी बनाएं, क्योंकि ये चीजें पेट में इन्फेक्शन और अपच का मुख्य कारण बनती हैं। हमेशा ताजा बना हुआ और गर्म खाना ही प्राथमिकता में रखें।एक्सपर्ट्स की खास सलाहबारिश के मौसम में पानी को उबालकर या फिल्टर करके पीना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। खाने में प्रोबायोटिक्स जैसे कि घर का बना दही या छाछ शामिल करें, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर आपको बाहर का खाना खाने की इच्छा हो भी, तो घर पर ही साफ-सफाई से उसे तैयार करें। याद रखें, मानसून में आपकी डाइट जितनी सात्विक और ताजी होगी, आपका शरीर उतनी ही बीमारियों से दूर रहेगा। अपनी दिनचर्या में थोड़ा व्यायाम और भरपूर नींद को भी शामिल करें ताकि बदलते मौसम में आपकी सेहत एकदम दुरुस्त रहे।
मुर्गी और बत्तख के अंडे में कौन है ज्यादा ताकतवर? जानिए पोषण और सेहत का सच
ब्रेकफास्ट में अंडा खाना हम में से ज्यादातर लोगों की आदत है, लेकिन अक्सर लोग इस दुविधा में रहते हैं कि 'मुर्गी का अंडा' (Chicken Egg) बेहतर है या 'बत्तख का अंडा' (Duck Egg)? दोनों ही प्रोटीन और पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत हैं, लेकिन इनके स्वाद, आकार और गुणों में काफी अंतर होता है। अगर आप भी अपनी डाइट में अंडे शामिल करते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आपकी सेहत की जरूरतों के हिसाब से कौन सा अंडा ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।पोषण के मामले में कौन है आगे?बत्तख के अंडे मुर्गी के अंडों की तुलना में आकार में बड़े होते हैं। इनमें फैट और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जो इन्हें एक 'पावर-पैक' मील बनाता है। बत्तख के अंडे में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन बी12 की मात्रा मुर्गी के अंडों से कहीं ज्यादा पाई जाती है। वहीं, मुर्गी के अंडे कैलोरी में कम होते हैं और आसानी से पचने वाले होते हैं। यदि आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो मुर्गी का अंडा आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है, लेकिन अगर आप अधिक ऊर्जा और पोषक तत्व चाहते हैं, तो बत्तख का अंडा बाजी मार ले जाता है।स्वाद और बनाने की विधि में अंतरस्वाद की बात करें तो बत्तख के अंडे में 'रिच' और क्रीमी टेक्सचर होता है, यही कारण है कि बेकिंग और केक बनाने वाले लोग बत्तख के अंडों को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। इसमें मौजूद गाढ़ा पीला भाग (Yolk) व्यंजनों को बेहतरीन स्वाद और रंग देता है। दूसरी ओर, मुर्गी के अंडे का स्वाद हल्का होता है और इसे किसी भी तरह से—चाहे ऑमलेट हो, उबला हुआ हो या करी—बनाना काफी आसान होता है। बत्तख के अंडे की ऊपरी परत (Shell) थोड़ी सख्त और मोटी होती है, जो इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी मदद करती है।किसके लिए कौन सा अंडा बेहतर?सेहत के लिहाज से देखें तो बत्तख का अंडा एथलीटों या अधिक शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए शानदार है क्योंकि इसमें कैलोरी अधिक होती है। इसके विपरीत, आम दिनचर्या और वजन पर नियंत्रण रखने वालों के लिए मुर्गी का अंडा अधिक उपयुक्त है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि बत्तख के अंडे में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी अधिक होती है, इसलिए दिल के मरीजों को इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। आप अपनी डाइट में विविधता लाने के लिए दोनों का संतुलित उपयोग कर सकते हैं। कुल मिलाकर, दोनों ही अंडे प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं, बशर्ते आप उन्हें सही तरीके से पकाकर खाएं।
शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते बढ़त के साथ बंद, अगले सप्ताह किन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर?
Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता भी रेंज बाउंड होने के बाद सकारात्मक रहा। कच्चे तेल में गिरावट के चलते लगातार चौथे हफ्ते शेयर बाजार प्लस में बंद हुआ। पहले 2 दिन बाजार लाल निशान में तो आखिरी 3 दिन हरे निशान में रहा। इस ...
गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने गुरुवार को देवास के वारसी नगर से जैश ए मोहम्मद के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में देवास का 18 साल का बिलाल दुर्रानी घाघा भी गिरफ्तार हुआ है। जिस पर आरोप है कि संदिग्ध गुजरात में जैश ए ...
BJP MP Ashok Mittal on Ketan Agarwal murder case: क्या प्यार सिर्फ एक धोखा है? और शादी का वादा... मौत का वारंट? पुणे के करोड़पति रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की खौफनाक हत्या ने देश को हिलाकर रख दिया है। मंगेतर सिया गोयल और उसके आशिक चेतन की इस ...
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना, उमस से मिली राहत; अगले सप्ताह तक बरसात के आसार
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार दोपहर हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। उमस भरी गर्मी से राहत मिली। IMD ने अगले एक सप्ताह तक हल्की से मध्यम बारिश और तापमान में गिरावट का अनुमान जताया है।
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी उठापटक अब एक निर्णायक मोड़ पर आ पहुंची है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले चरणजीत सिंह चन्नी की बढ़ती नाराजगी ने पार्टी आलाकमान की नींद उड़ा दी है। इसी बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। राज्य में आगामी चुनावों से ठीक पहले इस तरह की हलचल से कयास लगाए जा रहे हैं कि पंजाब कांग्रेस में कोई बड़ा 'खेला' होने वाला है।चन्नी की नाराजगी और पार्टी के भीतर गुटबाजीचरणजीत सिंह चन्नी, जो दलित चेहरा होने के साथ-साथ राहुल गांधी की पसंद भी रहे हैं, पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर अपनी उपेक्षा को लेकर खफा चल रहे हैं। चर्चा है कि पंजाब कांग्रेस में मची वर्चस्व की लड़ाई और टिकट वितरण को लेकर उनकी राय को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे वे असहज हैं। सूत्रों की मानें तो चन्नी के समर्थकों ने भी खुलकर अपनी नाराजगी जताना शुरू कर दिया है, जो पंजाब में पार्टी के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है। कांग्रेस के भीतर चन्नी जैसे कद्दावर नेता की नाराजगी का सीधा असर आगामी चुनाव में वोट बैंक पर पड़ना तय माना जा रहा है।रंधावा की शाह से मुलाकात ने बढ़ाई तल्खीदूसरी ओर, सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई गुप्त मुलाकात ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में भूचाल ला दिया है। रंधावा का शीर्ष भाजपा नेतृत्व से मिलना यह संकेत देता है कि पंजाब कांग्रेस के कई बड़े नेता अब अपने राजनीतिक भविष्य के लिए दूसरे विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसे औपचारिक मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन पंजाब की सियासत के जानकार इसे 'बड़े बदलाव' की आहट मान रहे हैं। अगर रंधावा जैसे अनुभवी नेता पार्टी छोड़ते हैं, तो यह कांग्रेस के लिए एक अपूरणीय क्षति होगी।चुनाव से पहले होगा 'बड़ा खेला'?पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस की यह आंतरिक कलह विपक्षी दलों के लिए एक खुला अवसर बन गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आलाकमान ने समय रहते चन्नी की नाराजगी दूर नहीं की और टूट को नहीं रोका, तो पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। राज्य में गठबंधन की राजनीति और नए सियासी समीकरणों के बीच, यह स्पष्ट है कि अगले कुछ दिनों में पंजाब कांग्रेस की तस्वीर बदल सकती है। क्या चन्नी कोई अलग रास्ता चुनेंगे या रंधावा की अगली पारी भाजपा के साथ होगी? यह सवाल पंजाब की हर जनसभा में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पंजाब के हलवारा हवाई अड्डे की ओर आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट आज बेहद चुनौतीपूर्ण स्थितियों से गुजरी। यात्रियों से भरी यह उड़ान पहले तकनीकी खराबी (Technical Snag) का शिकार हुई, जिसके बाद आसमान में अचानक बदले तूफानी मौसम ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। सुरक्षित लैंडिंग को लेकर विमान में सवार यात्रियों की सांसें अटकी रहीं। घटना की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट पर आपातकालीन प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए थे।हवा में तकनीकी खराबी ने बढ़ाई चिंताफ्लाइट के हलवारा के करीब पहुंचते ही पायलट को विमान के सिस्टम में कुछ तकनीकी खामियों का संकेत मिला। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी सूचना दी। स्थिति को संभालते हुए पायलट ने विमान की दिशा और ऊंचाई को नियंत्रित करने का प्रयास किया ही था कि मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली।तूफानी मौसम और विपरीत परिस्थितियांतकनीकी समस्या के बीच, पंजाब के ऊपर बने चक्रवाती दबाव के कारण तेज आंधी और भारी बादलों ने दृश्यता (Visibility) को काफी कम कर दिया। एयर इंडिया के विमान के लिए रनवे पर लैंडिंग करना जोखिम भरा हो गया था। विमान को काफी देर तक आसमान में 'होल्ड' पर रखा गया, ताकि तूफान का असर थोड़ा कम हो सके। इस दौरान यात्रियों को भारी घबराहट का सामना करना पड़ा, हालांकि विमान के चालक दल ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित दिशा में बनाए रखा।सुरक्षित लैंडिंग के बाद राहत की सांसकाफी मशक्कत और एटीसी की सटीक गाइडेंस के बाद, विमान को अंततः हलवारा हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। विमान के रुकते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के कारण अन्य उड़ानों के परिचालन में भी कुछ समय के लिए देरी देखी गई। तकनीकी टीम अब विमान की गहन जांच में जुट गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खराबी का सही कारण क्या था और भविष्य में ऐसी स्थिति से कैसे बचा जा सके।
राजस्थान में बीजेपी का मेगा प्लान: पचपदरा में PM मोदी की सभा से जोड़ेंगे 75 लाख लोग
राजस्थान की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर अपने संगठनात्मक कौशल और तकनीकी पकड़ का लोहा मनवाने की तैयारी कर ली है। पचपदरा में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा को लेकर बीजेपी ने एक अभूतपूर्व प्रयोग करने का निर्णय लिया है। इस सभा को केवल पचपदरा के मैदान तक सीमित न रखकर, इसे राज्य के हर मंडल स्तर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी का स्पष्ट उद्देश्य है कि तकनीक का उपयोग कर प्रधानमंत्री के संदेश को राजस्थान के सुदूर कोनों में बसे 75 लाख लोगों तक एक साथ पहुँचाया जाए।बीजेपी का हाई-टेक मास्टर प्लानआगामी सभा को लेकर बीजेपी की रणनीति बेहद आक्रामक है। पचपदरा में होने वाले इस कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए पार्टी प्रदेशभर के प्रत्येक मंडल स्तर पर विशाल स्क्रीन और आधुनिक डिजिटल सेटअप तैयार कर रही है। यह पहली बार है जब राजस्थान में किसी एक जनसभा को इतने बड़े स्तर पर 'हाइब्रिड मॉडल' (ऑफलाइन और ऑनलाइन का मिश्रण) के जरिए जनता से जोड़ा जा रहा है। बीजेपी का यह नया प्रयोग न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए है, बल्कि आम मतदाताओं को सीधे प्रधानमंत्री के संबोधन से जोड़ने का एक सटीक प्रयास भी है।75 लाख लोगों तक सीधे संवाद का लक्ष्यबीजेपी का लक्ष्य केवल सभा स्थल पर भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के जनमानस को जोड़ने का है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जिला और मंडल स्तर के पार्टी कार्यालयों और डिजिटल वॉलिंटियर्स की फौज इस लक्ष्य को हासिल करने में जुटी है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री के संबोधन को मंडल स्तर पर लाइव प्रसारण करने से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और वे आमजन के बीच पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से रख सकेंगे। यह जनसंपर्क का एक नया और आधुनिक तरीका है, जिसे 'जन-संवाद 2.0' के रूप में देखा जा रहा है।क्या होगा सियासी असर?पचपदरा की इस सभा को राजस्थान की चुनावी बिसात पर एक बड़ा दांव माना जा रहा है। मारवाड़ क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, यह सभा न केवल पचपदरा के लिए बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। विपक्ष के लिए भी बीजेपी का यह नया प्रयोग एक चुनौती है, क्योंकि डिजिटल तरीके से इतनी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँचना किसी भी दल के लिए बड़े संसाधनों और मजबूत जमीनी नेटवर्क की मांग करता है। पचपदरा सभा के जरिए बीजेपी एक साथ कई मोर्चों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।
मणिपुर में महंगाई का बम! पेट्रोल 250, गैस सिलेंडर 5000 रुपए, आखिर ऐसा क्या हुआ?
Manipur economic blockade: मणिपुर के कुकी-ज़ो बहुल पहाड़ी जिले कांगपोकपी से एक ऐसी खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली जमीनी हकीकत सामने आई है। यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) की बेरहम आर्थिक नाकेबंदी ने इस पूरे इलाके में जीवन को मुश्किल में डाल दिया है। ...
जयपुर मेट्रो फेज-2: अब सफर होगा आसान! एयरपोर्ट से सीधे जुड़ेंगे रेलवे स्टेशन और एसएमएस अस्पताल
जयपुर के निवासियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राजस्थान की राजधानी जयपुर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। जयपुर मेट्रो का बहुप्रतीक्षित फेज-2 प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है, जो शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण स्थानों को आपस में जोड़ेगा। इस नए रूट के निर्माण से जयपुर एयरपोर्ट, जयपुर रेलवे स्टेशन, एसएमएस अस्पताल और विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया (VKI) के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी, जिससे शहर में जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।इन बड़े केंद्रों को मिलेगा मेट्रो का लाभजयपुर मेट्रो फेज-2 का रूट इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह शहर की लाइफलाइन बनने वाले प्रमुख पॉइंट्स को कवर करेगा। वर्तमान में इन जगहों तक पहुंचने के लिए लोगों को भारी ट्रैफिक से जूझना पड़ता है, लेकिन मेट्रो के आने से यह सफर मिनटों में सिमट जाएगा। एयरपोर्ट से उतरने वाले यात्रियों को अब शहर के किसी भी कोने में जाने के लिए घंटों टैक्सी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं, एसएमएस अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी यह सेवा एक बड़ा वरदान साबित होगी, क्योंकि यह अस्पताल तक निर्बाध पहुंच प्रदान करेगी।औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तारसिर्फ आम नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी यह मेट्रो प्रोजेक्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है। वीकेआई (VKI) क्षेत्र, जो जयपुर का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, वहां तक मेट्रो पहुंचने से श्रमिकों और उद्यमियों के लिए आवागमन सुगम हो जाएगा। यह कनेक्टिविटी न केवल व्यापारिक गतिविधियों को गति देगी, बल्कि इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को भी बढ़ाएगी। शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन को मेट्रो नेटवर्क से सीधे जोड़ने से रेल यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी, जिससे वे बिना किसी ट्रैफिक जाम के शहर के प्रमुख हिस्सों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।आधुनिक तकनीक और स्मार्ट सिटी का सपनाजयपुर मेट्रो फेज-2 पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। अत्याधुनिक एआई-आधारित सिग्नलिंग सिस्टम और तेज गति वाली ट्रेनों के साथ, यह प्रोजेक्ट जयपुर को एक ग्लोबल स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान दिलाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस मेट्रो के जरिए प्रदूषण को कम किया जाए और शहर की सड़कों पर निजी वाहनों के दबाव को कम किया जाए। पर्यावरण के अनुकूल यह सार्वजनिक परिवहन प्रणाली आने वाले वर्षों में जयपुर के शहरी परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगी। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने का इंतजार शहर के लाखों लोग बेसब्री से कर रहे हैं।
बिहार में जूनियर छात्रों का 'अपहरण' कांड: सीनियर के साथ हुई खौफनाक वारदात का सच जान उड़ जाएंगे होश
बिहार के एक शिक्षण संस्थान से हाल ही में एक ऐसी खबर सामने आई जिसने हर किसी को चौंका दिया। यहां जूनियर छात्रों द्वारा एक सीनियर छात्र का अपहरण करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस जांच में जो बातें निकलकर सामने आई हैं, वे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं। यह मामला न केवल अनुशासन की विफलता को दर्शाता है, बल्कि युवाओं में बढ़ती 'गैंग कल्चर' और वर्चस्व की लड़ाई की कड़वी सच्चाई भी उजागर करता है। आखिर क्यों छोटे बच्चों ने अपने से बड़े सीनियर को बंधक बनाने की हिम्मत की, इसके पीछे की पूरी पटकथा अब बेनकाब हो गई है।वर्चस्व की लड़ाई और 'सीनियर-जूनियर' विवादप्रारंभिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के अनुसार, यह अपहरण केवल एक घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे तनाव का नतीजा है। हॉस्टल और कैंपस में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए जूनियर छात्रों के एक समूह ने सीनियर को सबक सिखाने की योजना बनाई थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे मामलों में अक्सर 'रैगिंग' और 'अहंकार' की टक्कर होती है, जहां जूनियर छात्र किसी बात से अपमानित महसूस करते हैं और फिर बदला लेने के लिए गलत रास्ते का चयन कर लेते हैं। इस मामले में भी छोटी-छोटी अनबन ने धीरे-धीरे दुश्मनी का रूप ले लिया, जो अंततः अपहरण जैसी गंभीर वारदात में तब्दील हो गई।एक्सपर्ट्स की राय: क्या समाज और माहौल है जिम्मेदार?शिक्षाविदों और बाल मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि किशोर अवस्था में बच्चों का मन बहुत संवेदनशील और आक्रामक हो सकता है। यदि उन्हें सही समय पर काउंसलिंग न मिले, तो वे 'हीरो' बनने के चक्कर में अपराध की दुनिया में कदम रख देते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बिहार की इस घटना के पीछे का बड़ा सच यह है कि शिक्षण संस्थानों में बढ़ते गैजेट्स के प्रभाव और सोशल मीडिया पर देखी जाने वाली हिंसक सामग्री ने बच्चों की सोच को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। बच्चों के बीच की इस आपसी रंजिश को रोकने में यदि संस्थान और अभिभावक सजग नहीं रहते, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और भी विकराल हो सकती हैं।प्रशासन और पुलिस की सख्ती के मायनेइस मामले के सामने आते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपित छात्रों को हिरासत में ले लिया है। जिला प्रशासन ने अब सभी शिक्षण संस्थानों को कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि कानून किसी भी स्थिति में बच्चों के हाथ में नहीं रहने दिया जाएगा, चाहे वह मामला कितना ही छोटा क्यों न हो। बिहार सरकार अब इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से ले रही है और भविष्य में ऐसी वारदातों को रोकने के लिए 'स्टूडेंट काउंसलिंग सेल' को और अधिक सक्रिय बनाने पर विचार कर रही है, ताकि छात्रों को सही दिशा दिखाई जा सके।
बिहार दौरे पर पहुंचे एक केंद्रीय मंत्री ने राम मंदिर और भगवान श्रीराम के अस्तित्व को लेकर एक बेहद तीखा और आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या राजनीतिक दल प्रभु श्रीराम के साथ 'गद्दारी' करेगा या राम मंदिर के प्रति अनादर प्रदर्शित करेगा, उसे देश की जनता और कानून कभी माफ नहीं करेगा। उनका यह बयान राम मंदिर निर्माण के बाद देश भर में चल रही सियासी बहस के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सनातन का अपमान, भारत का अपमानकेंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण करोड़ों भारतीयों की आस्था और धैर्य का परिणाम है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने लंबे समय तक इस मामले को लटकाए रखा और रामलला के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े किए, वे अब अपनी राजनीतिक जमीन खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर सिर्फ एक ढांचा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है, और जो भी इसके खिलाफ साजिश रचेगा, उसे जनता करारा जवाब देगी।राजनीतिक गलियारों में गरमाया पारामंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में जातीय और धार्मिक मुद्दों पर राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों का असर सीधे तौर पर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है। जहां एक ओर बीजेपी इसे अपनी वैचारिक जीत के रूप में देख रही है, वहीं विपक्षी पार्टियां इसे चुनावी लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करार दे रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी जोड़ा कि विकास के साथ-साथ आस्था की रक्षा करना उनकी सरकार का संकल्प है।क्या हैं इस बयान के मायने?राम मंदिर मामले पर इस प्रकार की सख्त टिप्पणी करना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में आस्था का मुद्दा राजनीति के केंद्र में रहने वाला है। मंत्री ने अपनी बातों में स्पष्ट किया कि राम मंदिर के विरोधियों को जनता ने पहले ही नकार दिया है और अब उनके पास किसी तरह का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में बयानों का दौर शुरू हो गया है, जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं।
बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचाने वाले चर्चित 'रिशु श्री टेंडर घोटाला' मामले में सम्राट चौधरी सरकार ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के वित्त विभाग में तैनात बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के अधिकारी और तत्कालीन संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी को सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) द्वारा सात आरोपियों के खिलाफ दायर की गई 4,000 पन्नों की चार्जशीट के बाद हुआ है, जिसमें मुमुक्षु चौधरी का नाम प्रमुखता से शामिल है।टेंडर घोटाला: क्या है पूरा खेल?जांच एजेंसियों के अनुसार, पटना के ठेकेदार रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री ने एक ऐसा सिंडिकेट बना रखा था, जो सरकारी विभागों के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से टेंडर को 'मैनेज' करता था। इस सिंडिकेट का मुख्य काम टेंडर निकलने से पहले ही पात्रता शर्तों और तकनीकी मापदंडों को अपने पसंदीदा फर्मों के हिसाब से सेट करना था। बदले में रिशु श्री टेंडर की कुल लागत का 7 से 10 फीसदी कमीशन लेता था, जिसका एक बड़ा हिस्सा सरकारी अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों तक पहुंचता था। ईडी और एसवीयू की छापेमारी में मुमुक्षु चौधरी के आवास से करोड़ों की नकदी भी बरामद हुई थी।अधिकारियों पर कसा शिकंजासम्राट चौधरी सरकार ने इस मामले को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। अब तक इस घोटाले में आईएएस अधिकारियों से लेकर इंजीनियरों और प्रशासनिक सेवा के अफसरों पर गाज गिरी है। रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद से ही एसवीयू ने कई जिलों में छापेमारी की, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि रिशु ने मुमुक्षु चौधरी की तैनाती के दौरान सीतामढ़ी और सहरसा जैसे जिलों में करोड़ों के टेंडर अवैध तरीके से हासिल किए थे। सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाने वाले इस नेटवर्क के खिलाफ अब कानून का शिकंजा कसता जा रहा है।सरकार का स्पष्ट संदेश: शॉर्टकट का रास्ता सीधे जेलहाल ही में विजिलेंस अवेयरनेस वीक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि बिहार में अब सरकारी व्यवस्था में 'शॉर्टकट' का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की यह सख्ती यह दर्शाती है कि आने वाले समय में टेंडर प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बड़े तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए जा सकते हैं। इस घोटाले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में आज एक भीषण सड़क हादसा हो गया। पेंड्रा मुख्य मार्ग पर एक अनियंत्रित ट्रेलर सड़क किनारे लगे भारी-भरकम विज्ञापन बोर्ड (Hoarding) से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विज्ञापन बोर्ड पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क के बीचों-बीच गिर गया, जिसके कारण मुख्य मार्ग पर घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा यह एक बड़ा जानलेवा हादसा साबित हो सकता था।कैसे हुआ हादसा?प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेलर चालक की लापरवाही या ब्रेक फेल होने के कारण वाहन पर नियंत्रण खो गया, जिससे ट्रेलर सीधे डिवाइडर को पार करते हुए विज्ञापन बोर्ड से जा भिड़ा। घटना के बाद ट्रेलर का अगला हिस्सा बुरी तरह से पिचक गया। हादसे की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और तत्काल पेंड्रा पुलिस को सूचित किया। गनीमत यह रही कि जिस समय विज्ञापन बोर्ड गिरा, उस वक्त वहां से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था।यातायात पर पड़ा बुरा असरहादसे के बाद विज्ञापन बोर्ड और ट्रेलर के मलबे के कारण पेंड्रा मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अंबिकापुर और बिलासपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पेंड्रा पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रेलर को सड़क से हटाने के काम में जुटी। यातायात को सुचारू बनाने के लिए पुलिस ने वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी, लेकिन भारी वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण स्थिति को सामान्य होने में काफी समय लग गया।स्थानीय लोगों में आक्रोशइस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे लगे असुरक्षित विज्ञापन बोर्डों को लेकर नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनुमति के बिना या खराब स्थिति वाले होर्डिंग्स आए दिन हादसों का कारण बनते हैं। प्रशासन अब इस घटना के बाद अवैध और असुरक्षित विज्ञापनों की जांच करने की बात कह रहा है। पुलिस ने ट्रेलर चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यातायात बहाल होने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
भोपाल में RGPV से बीटेक के पेपर चोरी, पुलिस ने दर्ज की FIR, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
राजधानी भोपाल में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में पेपर चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के UTD की परीक्षा शाखा से बीटेक चौथे सेमेस्टर के 9 विषयों के प्रश्नपत्रों के सीलबंद लिफाफे चोरी हो गए हैं। पेपर चोरी की घटना ...
गुजरात में बादल फटने से 22 इंच बारिश, जयपुर के अस्पताल में घुसा पानी, IMD का 23 राज्यों में अलर्ट
Weather Update 4 July : मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में दक्षिण पश्चिमी मानसून मेहरबान नजर आ रहा है। भारी बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भरा हुआ है। गुजरात के मांगरोल में बादल फटने से 22.24 इंच बारिश हो गई। जयपुर में ...
WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त, साइबर अपराध की आशंका के बीच मांगा जवाब; AI कानून पर भी संकेत
सीआईआई साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि यूजरनेम आधारित मैसेजिंग सिस्टम साइबर सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मुद्दा बन सकता है। इस फीचर के जरिए उपयोगकर्ता बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से संवाद कर सकते हैं।
सिरोही के निजी छात्रावास की जांच में बच्चों से यौन शोषण की बात आई सामने, पोक्सो में प्रकरण दर्ज
सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही में अभिभावकों को दहलाने वाला आरोप सामने आया है। सिरोही के एक निजी छात्रावास में छह बच्चों से यौन शोषण का आरोप सामने आया है। न्यायिक हस्तक्षेप और प्रारंभिक जांच के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पुलिस को तहरीर भिजवाई। सिरोही […] The post सिरोही के निजी छात्रावास की जांच में बच्चों से यौन शोषण की बात आई सामने, पोक्सो में प्रकरण दर्ज appeared first on Sabguru News .
Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा के प्रतीक हिमलिंग के तेजी से पिघलने के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, सालाना अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था शनिवार सुबह जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास से रवाना हुआ। यात्रा के ...
PM मोदी आज गुजरात में करेंगे 7,500 करोड़ के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 4 जुलाई 2026 को गुजरात के दौरे पर आ रहे हैं। अपने दिन की शुरुआत वे राजस्थान से करेंगे, जबकि शाम को गुजरात के साणंद में देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण 'CG SEMI आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट' (OSAT) फैसिलिटी का ...
भारत का आतंक पर बड़ा प्रहार, पाकिस्तान में छिपे 23 दुश्मनों को घोषित किया आतंकवादी
भारत सरकार ने UAPA के तहत पाकिस्तान और पीओके में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 23 आतंकवादियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया।
Swami Vivekanandas Inspirational Quotes: स्वामी विवेकानंद के विचार और कथन आज भी करोड़ों युवाओं को प्रेरित करते हैं। उनका मानना था कि भारत का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में है, और युवा अपनी इच्छाशक्ति से कुछ भी हासिल कर सकते हैं। उनके अनमोल वचन ...
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में अचानक चली गोली, पीएसी जवान की कार्बाइन से 3 लोग घायल
बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में शनिवार सुबह गोली चलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में तैनात पीएसी जवान सड़क किनारे खड़ा था तभी उसके पास मौजूद कार्बाइन से गोली चल गई। हादसे में 3 लोग घायल हुए हैं। तीनों की हालत खतरे से ...
नई दिल्ली/लखनऊ: पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में जारी लगातार गिरावट पर अब पूरी तरह ब्रेक लग गया है. सर्राफा बाजार में अचानक एक बार फिर तेजी का माहौल बन चुका है. बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह बड़ा बदलाव अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के नए चेयरमैन केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के हालिया बयान के बाद देखा जा रहा है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि अमेरिका में आने वाले समय में ब्याज दरों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने वाली है. इस बयान के आते ही वैश्विक और घरेलू दोनों बाजारों में निवेशकों ने सोने पर दांव लगाना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया.जून की मंदी के बाद शनिवार को भी जारी रही तेजीजून तिमाही के दौरान सोने की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखी गई थी, जिससे निवेशकों में मायूसी थी. हालांकि, अब पासा पलट चुका है और बढ़त का यह सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा. अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमैक्स (COMEX Gold) पर सोना 61 डॉलर प्रति औंस की बड़ी छलांग लगाकर 4,187 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है. इसके साथ ही चांदी के दाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होकर 62.81 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रहे हैं. शुक्रवार शाम को बंद हुए कारोबारी सत्र के दौरान इसी तेजी के असर से भारतीय घरेलू बाजार में सोना ₹3000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹5000 प्रति किलो से ज्यादा महंगी हो गई.जनवरी का रिकॉर्ड और जून तिमाही का बड़ा उतार-चढ़ावघरेलू बाजार में इस साल जनवरी के महीने में सोने ने 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का अपना ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड टच किया था. इसके बाद जून तिमाही के दौरान इसमें 12 प्रतिशत से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई और कीमतें टूटकर 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गईं. इसी तरह चांदी में भी इस मंदी के दौरान करीब 17 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई थी, जिससे परेशान होकर निवेशकों ने मार्केट से पैसा निकालना शुरू कर दिया था. लेकिन अब मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आई ताजा रिकवरी ने बाजार का मूड फिर से बदल दिया है.MCX पर क्या रहा सोने और चांदी का क्लोजिंग रेट?मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार शाम को अगस्त डिलीवरी वाला सोना 35 रुपये की मामूली बढ़त के साथ 1,47,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. हालांकि, दिन के कारोबारी सत्र के दौरान इसने 1,47,907 रुपये का उच्च स्तर (High) भी छुआ था. वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी की बात करें तो इसमें शानदार तेजी रही और यह 2,37,410 रुपये प्रति किलो पर जाकर बंद हुई. कारोबार के दौरान चांदी ने 2,38,876 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड हाई टच किया था.IBJA पर 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट का ताजा भावइंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार शाम को सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के दामों में जोरदार उछाल देखने को मिला:24 कैरेट गोल्ड (Purity 99.9%): ₹3000 से ज्यादा चढ़कर 1,46,344 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा.22 कैरेट गोल्ड (Purity 91.6%): 1,34,051 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ.18 कैरेट गोल्ड (Purity 75.0%): 1,09,758 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा.इसके अलावा, औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण एक किलो चांदी भी मजबूती के साथ 2,33,858 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई.
पुणे/मुंबई: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन ऐसे चौंकाने वाले और खौफनाक खुलासे हो रहे हैं, जो किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट को भी पीछे छोड़ दें. पुणे के रियल एस्टेट एजेंट केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने कोर्ट के सामने एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है. पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी के मोबाइल से जो व्हाट्सएप चैट बरामद हुई है, उसमें किसी सामान्य भाषा का नहीं, बल्कि 'साइन और कोडेड लैंग्वेज' (रहस्यमयी कोड, निकनेम और इमोजी) का इस्तेमाल किया गया था.शुक्रवार को दोनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी खत्म होने पर उन्हें ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास एएम विभूते के सामने पेश किया गया था. पुलिस ने इस सीक्रेट कोड वाली चैट को डिकोड करने के लिए कोर्ट से तीन दिन की और कस्टडी मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल कस्टडी) में जेल भेज दिया है.लोहागढ़ किले पर धक्का देने से पहले 'मर्डर की रिहर्सल' और डमी टेस्टपुणे रूरल पुलिस की जांच में जो सबसे खौफनाक बात सामने आई है, वो यह कि केतन को ठिकाने लगाने की साजिश बेहद ठंडे दिमाग से रची गई थी. पुलिस जांच के मुताबिक, 18 जून को लोहागढ़ किले की ऊंची चट्टान से केतन को धक्का देने से पहले, सिया और चेतन ने लुल्लानगर में एक क्लब के पास खुली जगह पर इस पूरे हत्याकांड की बाकायदा रिहर्सल की थी. पुलिस सिया को उस जगह लेकर गई थी, जहां उसने क्राइम की प्रैक्टिस करने की बात कबूली.इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की मौजूदगी में लोहागढ़ किले के उसी डेथ-पॉइंट पर जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट किया. इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के सामने ही एक इंसानी डमी को चट्टान से नीचे फेंककर पूरी टाइमलाइन और चाल (मूवमेंट) का मिलान किया है.जब्त सीक्रेट फोन में छिपा है राज, अब होगा लाइ डिटेक्टर टेस्टअसिस्टेंट पब्लिक प्रॉसि्यूटर राजश्री विरकुड ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने सिया गोयल का एक और गुप्त मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है. पहले जब्त किए गए फोन की फोरेंसिक रिपोर्ट मिल चुकी है, जिसमें बरामद चैट्स आम इंसानों की समझ से बिल्कुल परे हैं. इनमें ऐसे निकनेम और अजीबोगरीब इमोजी का इस्तेमाल हुआ है, जिनका असली मतलब सिर्फ सिया और चेतन ही बता सकते हैं.इसके साथ ही, सिया के बयानों में लगातार आ रहे उतार-चढ़ाव और विरोधाभास को देखते हुए पुलिस ने कोर्ट से उसका लाइ डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट कराने की इजाजत मांगी है. सीसीटीवी फुटेज से मिलान के लिए आरोपी चेतन का गेट एनालिसिस (चलने-दौड़ने के अंदाज की वैज्ञानिक स्टडी) भी कराया गया है.हाईवे पर फेंका पासपोर्ट, नवंबर में ही होने वाली थी दोनों की शादीजांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की गई थी. पुलिस ने उस हाईवे की लोकेशन का पंचनामा भी कर लिया है, जहां सिया गोयल ने मुंबई भागते समय रास्ते में केतन अग्रवाल का पासपोर्ट गाड़ी से नीचे फेंक दिया था. इसके अलावा, पुलिस ने पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में स्थित सिया के घर की तलाशी लेकर वो कपड़े भी जब्त कर लिए हैं, जो उसने मर्डर वाले दिन पहन रखे थे.मंगेतर और दोस्त की नजदीकियों से डिप्रेशन में था केतनइस पूरी मर्डर मिस्ट्री का सबसे दुखद पहलू ये है कि मृतक केतन अग्रवाल और आरोपी सिया गोयल की इसी साल नवंबर में शादी होने वाली थी. केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत में रोते हुए बताया कि उनका बेटा केतन पिछले कई दिनों से गहरे तनाव में था. केतन ने अपने पिता से बार-बार चिंता जताई थी कि सिया की चेतन चौधरी से नजदीकियां हद से ज्यादा बढ़ चुकी हैं और वो अक्सर बातचीत में सिर्फ चेतन का ही नाम लेती थी. इसी शक और त्रिकोणीय प्रेम कहानी (Love Triangle) का अंत लोहागढ़ किले की वादियों में एक खूनी साजिश के साथ हुआ.
नई दिल्ली/मैनचेस्टर: भारत और इंग्लैंड के बीच जारी 5 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का दूसरा मुकाबला आज शाम 7:00 बजे से मैनचेस्टर के ऐतिहासिक ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा. चेस्टर ले स्ट्रीट में खेला गया पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ने के बाद सीरीज फिलहाल 0-0 की बराबरी पर है. ऐसे में दोनों ही टीमें आज बढ़त बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी. लेकिन इस मुकाबले से पहले सबसे बड़ी चर्चा भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन को लेकर है, जहां कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर मैनचेस्टर की तेज पिच को देखते हुए चौंकाने वाले बदलाव कर सकते हैं.ओल्ड ट्रैफर्ड की हरी घास बदलेगी टीम का कॉम्बिनेशन, स्पिनर्स पर गिरेगी गाजपहले मुकाबले में टीम इंडिया ने वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और रवि बिश्नोई के रूप में तीन फ्रंटलाइन स्पिनर्स को मौका दिया था. हालांकि, मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान की पिच अपनी तेज उछाल और हरी घास के लिए मशहूर है, जो पारंपरिक रूप से तेज गेंदबाजों की मददगार साबित होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम मैनेजमेंट आज 2 स्पिनर और 3 विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों की रणनीति के साथ मैदान पर उतर सकता है. इस रणनीतिक बदलाव के कारण रवि बिश्नोई को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ सकता है.टूटेगा सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना महा-रिकॉर्ड, वैभव सूर्यवंशी रचेंगे इतिहास!इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी हो सकते हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो खराब फॉर्म से जूझ रहे संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है और उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग का जिम्मा मिल सकता है. अगर वैभव आज मैदान पर उतरते हैं, तो वह महज 15 साल और 99 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे. इसी के साथ वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड (16 साल और 205 दिन की उम्र में डेब्यू) भी ध्वस्त कर देंगे.ऐसा होगा मिडिल ऑर्डर और ऑलराउंडर्स का सेटअपटॉप ऑर्डर में अभिषेक और वैभव के बाद नंबर-3 पर विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन कमान संभालेंगे. चौथे स्थान पर खुद कप्तान श्रेयस अय्यर बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे, जबकि नंबर-5 पर उपकप्तान तिलक वर्मा मिडिल ऑर्डर को मजबूती देंगे. ऑलराउंडर की भूमिका में शिवम दुबे (नंबर-6) और अक्षर पटेल (नंबर-7) लोअर ऑर्डर में टीम को गहराई और आक्रामकता प्रदान करेंगे. अक्षर पटेल के साथ वरुण चक्रवर्ती स्पिन विभाग की मुख्य जिम्मेदारी संभालेंगे.पेस अटैक में इन युवाओं को मिलेगा मौका, 5 खिलाड़ियों का कटेगा पत्तातेज गेंदबाजी की कमान बाएं हाथ के कटर स्पेशलिस्ट अर्शदीप सिंह के हाथों में होगी, जिनका साथ निभाने के लिए हर्षित राणा और प्रिंस यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा शिवम दुबे चौथे तेज गेंदबाज के रूप में विकल्प मुहैया कराएंगे. कड़े कॉम्पटीशन के चलते आज के मुकाबले से संजू सैमसन, रवि बिश्नोई, प्रसिद्ध कृष्णा, वॉशिंगटन सुंदर और सूर्यांश शेडगे को बेंच पर बैठना पड़ सकता है.दूसरे T20I के लिए भारत की संभावित Playing XI:अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह.
नई दिल्ली/लखनऊ: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर E20 फ्यूल (20% इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) को लेकर कई तरह के डराने वाले वीडियो वायरल हो रहे हैं. इन वीडियोज में दावा किया जा रहा है कि सरकार द्वारा पेट्रोल में मिलाया जा रहा इथेनॉल गाड़ियों के इंजन को पूरी तरह बर्बाद कर रहा है. हद तो तब हो गई जब कुछ वायरल पोस्ट में यह तक कह दिया गया कि इस पेट्रोल में चीनी होने के कारण पेट्रोल टैंक में चींटियां और मधुमक्खियां घुस रही हैं.इन तमाम अफवाहों से देश की जनता को गुमराह होने से बचाने के लिए खुद पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने सामने आकर एक-एक झूठ का पर्दाफाश किया है. सरकार ने साफ लफ्जों में कहा है कि E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह मनगढ़ंत हैं. आइए जानते हैं इन अफवाहों के पीछे का असली सच क्या है.40,000 किमी की टेस्टिंग: क्या इंजन वाकई खराब हो रहा है?मंत्रालय ने सोशल मीडिया के दावों को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) ने इस पर व्यापक रिसर्च की है. टेस्टिंग के दौरान कारों को 40,000 किलोमीटर और टू-व्हीलर्स को 20,000 किलोमीटर तक चलाकर उनका परीक्षण किया गया. इस कड़े परीक्षण में सामने आया कि इंजन की लाइफ या गाड़ी की परफॉर्मेंस पर इसका कोई बुरा असर नहीं पड़ता. बल्कि इथेनॉल की हाई ऑक्टेन रेटिंग की वजह से गाड़ियों का पिकअप और परफॉर्मेंस और भी बेहतर हो जाते है।पार्ट्स गलने और वारंटी खत्म होने का डर सिर्फ एक अफवाहARAI ने इंडियन ऑयल (IOCL), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के साथ मिलकर जांच की है, जिसमें मेटल या प्लास्टिक के किसी भी हिस्से में जंग या खराबी की बात सामने नहीं आई है. हां, बेहद पुरानी गाड़ियों के कुछ रबर पार्ट्स को समय से पहले बदलना पड़ सकता है. वहीं वारंटी और इंश्योरेंस खत्म होने की बात पर सरकार ने साफ किया कि सभी वाहन निर्माताओं और इंश्योरेंस कंपनियों ने लिखित में दिया है कि E20 कंप्लायंट गाड़ियों की वारंटी और क्लेम पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे.पेट्रोल टैंक में चींटियां और गन्ने का जूस: वायरल दावों का क्या सच है?इंटरनेट पर चल रहे सबसे अजीबोगरीब दावे यानी 'पेट्रोल टैंक में चींटियां आने' पर मंत्रालय ने बताया कि पेट्रोल में मिलने वाला इथेनॉल बेहद आधुनिक डिस्टिलेशन प्रोसेस से तैयार होता है, जिससे उसमें शुगर (चीनी) का नामोनिशान नहीं बचता. गन्ने का जूस सीधे पेट्रोल में मिलाने वाले वीडियो पूरी तरह एडिटेड और फर्जी हैं. इथेनॉल में ऐसे तत्व मिलाए जाते हैं जिससे कीड़े-मकौड़े दूर भागते हैं, और पेट्रोल की अपनी गंध ही इतनी तेज होती है कि कोई जीव इसके पास नहीं आ सकता.पानी की बर्बादी और अनाज की कमी के दावों में कितना दम है?एक अफवाह यह भी है कि 1 लीटर इथेनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी बर्बाद होता है, जबकि असलियत यह है कि इसमें सिर्फ 3 से 5 लीटर प्रोसेस्ड पानी लगता है. भारत की सभी डिस्टिलरीज 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' (ZLD) सिस्टम पर चलती हैं, जो पानी को रिसाइकल करके दोबारा इस्तेमाल करती हैं. देश की फूड सिक्योरिटी पर सरकार ने स्पष्ट किया कि खाने की जरूरत पूरी होने के बाद बचे अतिरिक्त (Surplus) चावल और मक्के (जो कुल सप्लाई का 40% से ज्यादा है) से ही इथेनॉल बनाया जा रहा है.भारत का कोई अनोखा 'एक्सपेरिमेंट' नहीं, दुनिया भर में है लागूभ्रम फैलाया जा रहा है कि E20 बिना जांचा हुआ प्रयोग है, जबकि अमेरिका, ब्राजील, कनाडा, थाईलैंड, जापान और कई यूरोपीय देश पिछले कई दशकों से पेट्रोल में इथेनॉल मिक्स करके गाड़ियों में इस्तेमाल कर रहे हैं. भारत ने वैश्विक स्तर पर बेस्ट प्रैक्टिसेज को देखने के बाद ही इसे बड़े पैमाने पर लागू किया है. आज की आधुनिक गाड़ियों और फ्यूल इंफ्रास्ट्रक्चर में पानी को रोकने के लिए एडवांस सेफ्टी फीचर्स मौजूद हैं, इसलिए गाड़ी की टंकी में पानी घुसने का कोई खतरा नहीं है.आत्मनिर्भर भारत: देश को अब तक क्या हुआ फायदा?इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के तहत देश को आर्थिक और पर्यावरणीय स्तर पर बड़ी कामयाबी मिली है. इसके मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:₹1.9 लाख करोड़ की बचत: साल 2014-15 से अब तक क्रूड ऑयल के आयात में होने वाले विदेशी मुद्रा खर्च में भारी बचत हुई है.₹1.6 लाख करोड़ का भुगतान: यह बड़ी राशि सीधे देश के किसानों के खातों में गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को जबरदस्त मजबूती मिली है.
नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय सिनेमा जगत में अपनी बेबाक अदाकारी और उससे भी ज्यादा बेबाक फैसलों के लिए मशहूर एक्ट्रेस नीना गुप्ता आज अपना जन्मदिन मना रही हैं. 4 जुलाई को जन्मीं नीना गुप्ता की जिंदगी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं रही है. आज भले ही समाज सिंगल मदर्स को सम्मान की नजर से देखता हो, लेकिन दशकों पहले नीना गुप्ता ने जो हिम्मत दिखाई थी, उसने समाज की रूढ़िवादी सोच की चूलें हिला दी थीं. वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स के साथ उनका रिश्ता और फिर बिन ब्याहे मां बनने का फैसला, उस दौर में एक बहुत बड़ा तूफान लेकर आया था.'सच कहूं तो': जब प्रेग्नेंसी की खबर सुन करियर खत्म होने की मिली धमकीनीना गुप्ता ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'सच कहूं तो' (Sach Kahun Toh) में उस दौर के अपने सबसे मुश्किल दिनों का जिक्र किया है. उन्होंने बताया कि जैसे ही उनकी प्रेग्नेंसी की बात दुनिया के सामने आई, हर तरफ से उन पर शादी करने का दबाव बनाया जाने लगा. करीबी लोगों से लेकर समाज के ठेकेदारों तक, सबने उन्हें डराना शुरू कर दिया था. लोगों का कहना था कि बिना शादी के बच्चे को जन्म देना उनके चमकते करियर को पूरी तरह तबाह कर देगा और उन्हें जिंदगी भर बदनामी झेलनी पड़ेगी. लेकिन नीना ने किसी की परवाह न करते हुए अपने बच्चे को दुनिया में लाने का साहसी फैसला किया.बंद कमरे की वो अजीब सलाह: गे बिजनेसमैन से 'दिखावे की शादी' का ऑफरनीना गुप्ता की किताब का एक सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह था कि मुश्किल वक्त में उन्हें समाज का मुंह बंद करने के लिए एक अजीबोगरीब सलाह दी गई थी. उन्हें सुझाव मिला कि वह एक समलैंगिक (Gay) बिजनेसमैन से सिर्फ दुनिया को दिखाने के लिए शादी कर लें. इस शादी का मकसद सिर्फ एक आम शादीशुदा जोड़े का नाटक करना था ताकि समाज उंगलियां उठाना बंद कर दे. लेकिन नीना गुप्ता ने इस खोखले समझौते को सिरे से खारिज कर दिया. उनका मानना था कि सिर्फ समाज के डर से किसी बेजान रिश्ते में बंधना खुद के साथ सबसे बड़ा धोखा होगा.अकेले उठाया जिम्मेदारी का बोझ, आज बेटी मसाबा गुप्ता हैं ग्लोबल आइकॉनतमाम मानसिक दबावों और मीडिया ट्रायल के बावजूद नीना गुप्ता डिगी नहीं. उन्होंने एक सिंगल मदर के तौर पर अपनी बेटी मसाबा गुप्ता की परवरिश करने की ठानी. एक तरफ काम की तलाश और दूसरी तरफ समाज के तीखे सवाल, लेकिन नीना ने दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया. आज उनकी बेटी मसाबा गुप्ता फैशन इंडस्ट्री का एक बहुत बड़ा नाम हैं और देश की सबसे सफल बिजनेसवुमन में शुमार हैं. मसाबा की यह कामयाबी साबित करती है कि नीना गुप्ता का वह फैसला कितना सही और मजबूत था.67 की उम्र में भी जलवा बरकरार, आज सलाम कर रही है दुनियासमय बदला और समय के साथ लोगों का नजरिया भी बदला. जिस समाज ने कभी नीना गुप्ता को ताने दिए थे, आज वही समाज उनके साहस और आत्मसम्मान को सलाम करता है. आज 67 साल की उम्र में भी नीना गुप्ता बॉलीवुड की सबसे बिजी और बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक हैं. 'बधाई हो' से लेकर 'पंचायत' तक, उन्होंने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. उनकी जिंदगी की यह कहानी साफ सिखाती है कि जिंदगी के फैसले समाज के डर से नहीं, बल्कि अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिए जाने चाहिए.
LIVE: अमरनाथ यात्रा के लिए पहलगाम से दूसरा जत्था रवाना
Latest News Today Live Updates in Hindi : अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था पहलगाम से रवाना हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान और गुजरात के दौरे पर। पल पल की जानकारी...
Top News 4 July : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान व गुजरात के दौरे पर हैं। E20 पेट्रोल पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भ्रम दूर किया। पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार चढ़ावा चोरी मामले में बागेश्वर बाबा की पर्ची वाली बात से भड़के। अयातुल्ला ...
पिछले कई दशकों से एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) चिकित्सा विज्ञान के लिए किसी वरदान से कम नहीं रहे हैं। गले के सामान्य दर्द से लेकर बड़ी सर्जरी तक, ये दवाइयां लाखों लोगों की जान बचाती आई हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर वही दवाइयां अचानक काम करना बंद कर दें तो क्या होगा? डॉक्टरों का कहना है कि यह 'सुरक्षा कवच' धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। एंटीबायोटिक दवाओं का अंधाधुंध और गलत इस्तेमाल 'एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध' (AMR) नाम के एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य संकट को जन्म दे रहा है।क्या है एंटीबायोटिक प्रतिरोध और यह क्यों खतरनाक है?एंटीबायोटिक प्रतिरोध वह स्थिति है जब बैक्टीरिया खुद को इस तरह विकसित कर लेते हैं कि दवाएं उन पर बेअसर हो जाती हैं। डॉ. आशिता सिंघल (बाल चिकित्सा हेमेटोलॉजी और ऑन्कोलॉजी सलाहकार) बताती हैं कि बैक्टीरिया एक जीवित और अनुकूलनशील जीव हैं। जब हम बिना जरूरत या गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेते हैं, तो कमजोर बैक्टीरिया तो मर जाते हैं, लेकिन जो बच जाते हैं, वे अधिक शक्तिशाली और प्रतिरोधक क्षमता वाले 'सुपरबग्स' (Superbugs) में बदल जाते हैं। यही सुपरबग्स अब साधारण संक्रमणों को भी जानलेवा बनाने में सक्षम हैं।सर्दी-जुकाम में एंटीबायोटिक का सेवन, सबसे बड़ी भूलअक्सर लोग वायरल फ्लू या सर्दी-जुकाम होने पर खुद से एंटीबायोटिक की गोलियां खाना शुरू कर देते हैं, जबकि ये दवाएं केवल बैक्टीरिया पर काम करती हैं, वायरस पर नहीं। डॉ. सिंघल के अनुसार, दवाओं के इसी दुरुपयोग ने साधारण बीमारियों के लिए भी अब अधिक शक्तिशाली और महंगी दवाओं की जरूरत पैदा कर दी है। इसका मतलब है कि अब कई मरीज जो पहले घर पर ही ठीक हो जाते थे, उन्हें अब अस्पताल में भर्ती होने और नसों के जरिए उपचार (Intravenous therapy) लेने की नौबत आ रही है।कमजोर मरीजों के लिए बढ़ रहा है जानलेवा खतराएंटीबायोटिक प्रतिरोध का सबसे दुखद पहलू उन मरीजों पर पड़ता है जिनकी इम्युनिटी पहले से ही कमजोर है। कैंसर का इलाज करा रहे बच्चे या अंग प्रत्यारोपण (Transplant) करवाने वाले मरीजों के लिए एंटीबायोटिक्स जीवन रक्षक होती हैं। डॉ. सिंघल चेतावनी देती हैं, ऐसे मरीजों के लिए मानक दवाएं फेल होना सीधा मौत का बुलावा है। जब बैक्टीरिया सामान्य एंटीबायोटिक्स को नहीं मानते, तो हमारे पास मरीज की जान बचाने के लिए समय बहुत कम बचता है।कैसे थमेगा यह संकट? आपकी एक जिम्मेदारी बचा सकती है जानइस खतरे को कम करने के लिए डॉक्टरों और आम जनता दोनों को सतर्क रहना होगा:डॉक्टर की सलाह पर ही लें: कभी भी स्वयं दवा न लें (Self-medication) और वायरल संक्रमण के लिए एंटीबायोटिक की मांग न करें।कोर्स पूरा करें: यदि डॉक्टर ने एंटीबायोटिक लिखी है, तो तबीयत ठीक लगने पर भी कोर्स बीच में न छोड़ें।दवा साझा न करें: कभी भी अपनी बची हुई एंटीबायोटिक किसी दूसरे को न दें और न ही दूसरों की दवा खुद लें।स्वच्छता अपनाएं: बार-बार हाथ धोएं और टीकाकरण (Vaccination) लगवाएं, ताकि संक्रमण होने की संभावना ही कम हो जाए।
नींद की कमी कार्यस्थल पर बना 'साइलेंट किलर', कम उत्पादकता और खराब सेहत के पीछे है यह बड़ा कारण
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद एक विलासिता (Luxury) जैसी लगने लगी है। देर रात तक ईमेल का जवाब देना, ऑफिस का काम और सोने से पहले घंटों स्क्रीन पर बिताने की आदत ने हमारी नींद की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित किया है। क्या आप जानते हैं कि नींद की कमी न केवल आपकी अगली सुबह खराब करती है, बल्कि यह आपके करियर और स्वास्थ्य के लिए एक बड़े संकट के रूप में उभर रही है? विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक नींद पूरी न करना कार्यस्थल पर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है।क्यों कर्मचारी हो रहे हैं 'नींद की कमी' का शिकार?इंटरनेशनल एसओएस के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम वोरा के अनुसार, आधुनिक कार्य संस्कृति ने हमारे सोने के समय को तहस-नहस कर दिया है। हाइब्रिड वर्किंग कल्चर, ग्लोबल मीटिंग्स और 'हमेशा उपलब्ध' रहने के दबाव ने काम और निजी जिंदगी के बीच की लक्ष्मण रेखा को धुंधला कर दिया है। कर्मचारी अक्सर काम के बोझ और तनाव के चलते अपनी नींद के साथ समझौता कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर उनके संगठनात्मक प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा है।नींद का आपकी उत्पादकता से सीधा कनेक्शनबहुत से लोग सोचते हैं कि नींद सिर्फ ऊर्जा के लिए जरूरी है, लेकिन असल में यह हमारे मस्तिष्क को 'रिसेट' करने का काम करती है। डॉ. वोरा का कहना है कि अपर्याप्त नींद से एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की शक्ति कम हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप 'प्रेजेंटिज़्म' (Presenteeism) की स्थिति पैदा होती है, जहां कर्मचारी ऑफिस में तो होते हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन अपनी क्षमता से काफी नीचे होता है। मानसिक स्वास्थ्य और नींद का गहरा नाता है; नींद न आने से तनाव, चिंता और चिड़चिड़ापन बढ़ता है, जो टीम के बीच संवाद में बाधा पैदा करता है।स्वास्थ्य पर पड़ते हैं गंभीर प्रभावअगर आप हफ्तों से कम नींद ले रहे हैं, तो यह केवल थकावट तक सीमित नहीं है। यह मोटापे, टाइप 2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी बीमारियों को बुलावा है। डॉ. वोरा के अनुसार, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और निर्माण जैसे उद्योगों में तो नींद की कमी के परिणाम और भी घातक हो सकते हैं। धीमी प्रतिक्रिया और कम सतर्कता सीधे दुर्घटनाओं और परिचालन संबंधी त्रुटियों का कारण बनती है।नियोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए समाधानअब समय आ गया है कि कंपनियां नींद को पोषण और शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही एक महत्वपूर्ण स्तंभ मानें। डॉ. वोरा सुझाव देते हैं कि कार्यस्थल पर ऐसी संस्कृति विकसित की जाए जहां कर्मचारियों के आराम के समय का सम्मान हो। प्रबंधकों को भी उदाहरण पेश करना चाहिए—देर रात को ईमेल न भेजें और स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन को प्रोत्साहित करें। नींद लेना प्रतिबद्धता की कमी नहीं, बल्कि बेहतर प्रदर्शन में निवेश है। एक स्वस्थ और पर्याप्त नींद लेने वाला कर्मचारी न केवल खुश रहता है, बल्कि कंपनी की दीर्घकालिक सफलता में भी बड़ा योगदान देता है।
इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है—क्या 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलेगा? इस चर्चा पर भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने स्थिति साफ कर दी है। मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन मौजूदा सलामी बल्लेबाजों, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर अपना भरोसा कायम रखेगा, जिससे फिलहाल वैभव के डेब्यू का इंतजार और लंबा हो सकता है।अनुभव बनाम प्रतिभा: क्यों बरकरार है संजू-अभिषेक का दबदबा?मोर्ने मोर्कल ने मीडिया से बातचीत में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा का पुरजोर समर्थन किया। हालांकि सैमसन मौजूदा दौरे पर रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोच ने टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन और आईपीएल की फॉर्म को याद दिलाया। मोर्कल का मानना है कि कोचिंग स्टाफ के लिए अपने स्थापित खिलाड़ियों पर भरोसा जताना और उनका समर्थन करना जरूरी है। उन्होंने कहा, संजू विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रहे हैं और अभिषेक ने भी टी20 में अपनी धाक जमाई है। टीम में सिर्फ एक युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन के दम पर किसी को हटाना सही नहीं है।वैभव सूर्यवंशी के लिए क्यों है अभी इंतजार?आईपीएल में अपने बल्ले से आग उगलने वाले वैभव सूर्यवंशी के टीम में आने के बाद से ही फैंस उन्हें खेलते देखने के लिए बेताब हैं। लेकिन मोर्कल के अनुसार, टीम सिलेक्शन एक जटिल प्रक्रिया है और कोचिंग स्टाफ किसी स्थापित भूमिका को अचानक बाधित नहीं करना चाहता। मोर्कल ने जोर देकर कहा कि टीम उन खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ना चाहती है जिन्होंने विश्व कप जैसी कठिन परिस्थितियों में भारत को जीत दिलाई है। वैभव के लिए अभी और धैर्य रखने की जरूरत है, क्योंकि मैनेजमेंट का मानना है कि उन्हें सही समय पर ही बड़े मंच पर उतारना बेहतर होगा।प्रिंस यादव के मुरीद हुए मोर्ने मोर्कलदूसरे टी20 मैच की रणनीति के साथ-साथ मोर्कल ने तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की भी जमकर तारीफ की। अपने शुरुआती तीन मैचों में 6 विकेट लेकर तहलका मचाने वाले प्रिंस यादव की समझ और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता से मोर्कल बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, लखनऊ सुपर जायंट्स में नेट बॉलर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रिंस का सफर शानदार रहा है। विशेषकर डेथ ओवरों में जिस तरह से वह खेल को समझते हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है। अब ओल्ड ट्रैफर्ड में सबकी निगाहें प्रिंस यादव और संजू-अभिषेक की जोड़ी पर टिकी हैं।
फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट दौर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इंग्लैंड और मैक्सिको के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित 'राउंड ऑफ 16' मुकाबले के समय में बदलाव कर दिया गया है। खराब मौसम और तूफान की चेतावनी के चलते फीफा ने मैच को अब रविवार रात 11:30 बजे (भारतीय समयानुसार) कराने का फैसला किया है। पहले यह मैच सोमवार सुबह 5:30 बजे निर्धारित था। हालांकि मैच का स्थान वही रहेगा—मैक्सिको सिटी का ऐतिहासिक एज्टेका स्टेडियम।क्यों लिया गया समय बदलने का फैसलामौसम विभाग की ओर से मैक्सिको में भारी बारिश और आंधी-तूफान की प्रबल संभावना जताई गई है। फीफा के नियमों के अनुसार, यदि स्टेडियम के 8 मील के दायरे में बिजली गिरती है, तो सुरक्षा कारणों से खेल को कम से कम 30 मिनट के लिए रोकना अनिवार्य है। इससे पहले फिलाडेल्फिया में फ्रांस और इराक के बीच हुए ग्रुप मैच में खराब मौसम के कारण खेल दो घंटे से ज्यादा समय तक ठप रहा था। किसी भी अनिश्चितता से बचने के लिए फीफा ने एहतियाती तौर पर मैच के समय को आगे खिसका दिया है।मार्कस रैशफोर्ड बोले- 'चुनौतियों के लिए तैयार हैं'इंग्लैंड के स्टार विंगर मार्कस रैशफोर्ड ने इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हालांकि यह आदर्श स्थिति नहीं है, लेकिन टीम किसी भी परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। रैशफोर्ड ने कहा, हमारी एकाग्रता और तैयारी का तरीका वही है। एक टीम के रूप में यह हमारी ताकत है कि हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में बदलाव से टीम के आत्मविश्वास पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।एज्टेका स्टेडियम की चुनौती और ऊंचाई का असरएज्टेका स्टेडियम में खेलना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता। समुद्र तल से 7,220 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मैदान पर मैक्सिको का रिकॉर्ड बेजोड़ है। यहाँ की 'पतली हवा' (कम ऑक्सीजन) खिलाड़ियों की हृदय गति बढ़ा सकती है और उन्हें जल्दी थकान महसूस करा सकती है। साथ ही, मैच के समय में बदलाव के कारण खिलाड़ियों को अब 26 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में खेलना पड़ सकता है, जो इंग्लैंड की टीम के लिए शारीरिक रूप से एक अतिरिक्त चुनौती होगी। अब देखना यह है कि इंग्लैंड की टीम इस ऊंचे मैदान और बदले हुए मौसम के समीकरणों को कैसे मैनेज करती है।
अक्षर पटेल का इतिहास रचने का मौका: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे T20I में बस एक विकेट दूर 'शतक' से
भारतीय स्पिन गेंदबाजी का नया सितारा बनकर उभरे अक्षर पटेल शनिवार, 4 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान रचने की दहलीज पर हैं। 32 वर्षीय अक्षर पटेल ने अब तक अपने करियर में 99 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट चटकाए हैं। जैसे ही वह ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पर अपना 100वां शिकार पूरा करेंगे, वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय स्पिनर बन जाएंगे। यह उपलब्धि न केवल उनके करियर के लिए बल्कि भारतीय स्पिन विभाग के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगी।विशिष्ट क्लब में शामिल होने की बारीफिलहाल भारतीय क्रिकेट में केवल तीन तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर ही 100 विकेट का जादुई आंकड़ा पार कर पाए हैं। अर्शदीप सिंह (131 विकेट), जसप्रीत बुमराह (121 विकेट) और हार्दिक पांड्या (114 विकेट) इस क्लब में शामिल हैं। अक्षर पटेल के इस क्लब में शामिल होने के साथ ही, वह ऐसा करने वाले भारत के पहले स्पिनर और कुल चौथे भारतीय गेंदबाज बन जाएंगे। अक्षर से पहले युजवेंद्र चहल (96) और कुलदीप यादव (95) इस दौड़ में हैं, लेकिन अक्षर इन दोनों से आगे निकलकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराने के बेहद करीब हैं।अधूरा मिशन और मैनचेस्टर की चुनौतीअक्षर पटेल के पास यह रिकॉर्ड पहले टी20 मैच में ही बनाने का मौका था, लेकिन चेस्टर-ले-स्ट्रीट में बारिश ने उनके इरादों पर पानी फेर दिया। दूसरी पारी में बारिश के कारण गेंदबाजी का मौका न मिल पाने से वह 99 विकेट पर ही रुक गए। अब ओल्ड ट्रैफर्ड की परिस्थितियां उनके अनुकूल हैं और फैंस को उम्मीद है कि वह इंग्लैंड के बल्लेबाजों के सामने अपनी घातक फिरकी से जल्द ही यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। अक्षर का हालिया फॉर्म शानदार रहा है, उन्होंने भारत को लगातार दो टी20 विश्व कप खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई है।टीम इंडिया की रणनीति और प्लेइंग इलेवनइंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले के लिए भारत अपनी विनिंग कॉम्बिनेशन को नहीं छेड़ना चाहता। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने साफ संकेत दिए हैं कि फिलहाल टीम में बदलाव की कोई संभावना नहीं है, जिससे युवा वैभव सूर्यवंशी को अभी और इंतजार करना होगा। टीम प्रबंधन का पूरा भरोसा मौजूदा गेंदबाजों पर है, वहीं बल्लेबाजी क्रम में संजू सैमसन के लिए यह मुकाबला अपनी उपयोगिता साबित करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। अक्षर की नजरें अब ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पर इतिहास रचने पर हैं।
फीफा विश्व कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और राउंड ऑफ 32 के एक बेहद तनावपूर्ण मुकाबले में मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर अंतिम 16 में जगह पक्की कर ली है। डलास में खेले गए इस सांस रोक देने वाले मैच में नियमित और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। मोहम्मद सलाह की अगुवाई वाली मिस्र की टीम ने अंततः अपने संयम और सटीकता से जीत दर्ज की, जबकि ऑस्ट्रेलिया की एक रणनीतिक भूल उन पर भारी पड़ गई।इमाम अशूर की बढ़त और दुर्भाग्यपूर्ण आत्मघाती गोल मैच की शुरुआत मिस्र के लिए शानदार रही। खेल के 13वें मिनट में ही इमाम अशूर ने बेहतरीन गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। अफ्रीकी टीम की आक्रामक रणनीति ने ऑस्ट्रेलिया पर शुरुआती दबाव बनाया। हालांकि, दूसरे हाफ में खेल का रुख बदल गया। 55वें मिनट में मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हनी से एक बड़ी चूक हो गई। ऑस्ट्रेलिया के हमले को रोकने के प्रयास में उन्होंने गेंद को अपने ही गोलपोस्ट में डाल दिया। यह एक ऐतिहासिक 'आत्मघाती गोल' (Own Goal) था, जिसने मिस्र को 1966 के बाद किसी भी विश्व कप संस्करण में दो आत्मघाती गोल करने वाली पहली टीम बना दिया।ऑस्ट्रेलिया की बड़ी रणनीतिक भूल मैच पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा, जहाँ ऑस्ट्रेलिया ने एक बेहद विवादास्पद और जोखिम भरा दांव खेला। शानदार फॉर्म में चल रहे अपने मुख्य गोलकीपर पैट्रिक बीच को बाहर बैठाकर टीम ने कप्तान मैथ्यू रयान को विशेष रूप से शूटआउट के लिए मैदान में उतारा। यह चाल उल्टी पड़ गई। मैथ्यू रयान मिस्र के खिलाड़ियों के किसी भी शॉट को रोकने में नाकाम रहे। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के लिए हैरी साउथार और 18 वर्षीय लुकास हेरिंगटन पेनल्टी स्पॉट पर दबाव नहीं झेल सके और गोल करने में चूक गए।मिस्र का अगला मुकाबला अर्जेंटीना या केप वर्डे से पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने अपने चारों शॉट को गोल में बदलकर 4-2 से जीत हासिल की। मोहम्मद सलाह की टीम अब आत्मविश्वास से भरी हुई है और राउंड ऑफ 16 के लिए तैयार है। अगले चरण में मिस्र का मुकाबला फुटबॉल जगत की दिग्गज टीम अर्जेंटीना और केप वर्डे के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। प्रशंसकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या मोहम्मद सलाह की टीम अपना यह जादुई सफर आगे भी जारी रख पाएगी।
सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में डीपफेक (Deepfake) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। बॉलीवुड सितारों के लिए यह तकनीक अब एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है। रश्मिका मंदाना, काजोल और ऐश्वर्या राय के बाद अब 'डिंपल गर्ल' प्रीति जिंटा (Preity Zinta) भी एआई के गलत इस्तेमाल का शिकार हुई हैं। अपनी मोर्फ्ड (Morphed) तस्वीरों और फेक वीडियो के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रीति जिंटा ने बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस माधव ने एक अहम आदेश जारी किया है, जो इस समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।AI और डीपफेक के खिलाफ प्रीति जिंटा का लीगल एक्शनफिल्मी सितारों के पर्सनैलिटी राइट्स (Personality Rights) का हनन इन दिनों आम बात हो गई है। प्रीति जिंटा ने अपनी याचिका में साफ तौर पर बताया है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया साइट्स पर उनकी एआई-जनित (AI-Generated) डीपफेक इमेज और चैटबॉट-शैली के फर्जी विजुअल्स धड़ल्ले से वायरल किए जा रहे हैं। अभिनेत्री ने हाई कोर्ट से मांग की है कि इन अनधिकृत (Unauthorized) और आपत्तिजनक सामग्रियों को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसे भ्रामक कंटेंट को पब्लिश करने से रोकने के लिए साइट्स पर निषेधाज्ञा (Injunction) भी लगाई जाए।जस्टिस माधव जामदार ने क्या दिया आदेश?शुक्रवार को इस अहम मामले की संक्षिप्त सुनवाई जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच ने की। मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने सभी संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और इंटरनेट मीडिया पोर्टल्स को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि वेबसाइटों से ऐसी आपत्तिजनक डीपफेक सामग्री को तुरंत हटाने के लिए एक ठोस तंत्र (Mechanism) विकसित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की है, जहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अपना जवाब पेश करना होगा।क्या है डीपफेक और कौन-कौन हो चुका है इसका शिकार?अगर आप सोच रहे हैं कि डीपफेक क्या है, तो आपको बता दें कि यह एक ऐसी एआई तकनीक है जिसमें किसी व्यक्ति के चेहरे या आवाज को किसी अन्य के वीडियो में बिल्कुल असली जैसा फिट कर दिया जाता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर भ्रामक जानकारी फैलाने या छवि खराब करने के लिए होता है। प्रीति जिंटा से पहले सलमान खान, जैकी श्रॉफ, कैटरीना कैफ, काजोल और रश्मिका मंदाना जैसे बड़े सितारे भी इस भद्दे मजाक का शिकार हो चुके हैं और कोर्ट का रुख कर चुके हैं।सनी देओल के साथ 'बंटवारा' में करेंगी शानदार वापसीलीगल मामलों से इतर अगर प्रीति जिंटा के वर्कफ्रंट की बात करें, तो वह लंबे समय बाद सिल्वर स्क्रीन पर वापसी करने जा रही हैं। अगस्त महीने में उनकी बहुचर्चित फिल्म 'बंटवारा' (Bantwara) सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है, जिसमें उनके साथ उनके पुराने को-स्टार और सुपरस्टार सनी देओल (Sunny Deol) नजर आएंगे। फैंस को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है।
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान एक बार फिर अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आमिर खान 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। इस प्राइवेट सेरेमनी को लेकर फैंस के बीच काफी उत्सुकता है। हाल ही में कपल की गेस्ट लिस्ट और शादी के खाने के मेन्यू से जुड़ी एक्सक्लूसिव जानकारी सामने आई है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।शादी में 100-150 खास मेहमान होंगे शामिल आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी एक बेहद निजी और सादगी भरी सेरेमनी होने वाली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस शादी में केवल 100 से 150 मेहमान ही शामिल होंगे, जिनमें मुख्य रूप से उनके परिवार के सदस्य और फिल्म इंडस्ट्री के चुनिंदा करीबी दोस्त होंगे। आमिर खान ने खुद इस शादी की हर छोटी-बड़ी प्लानिंग का जायजा लिया है, चाहे वह गेस्ट लिस्ट हो या खाने का मेन्यू। पहले कपल मैरिज रजिस्ट्री करेगा, जिसके बाद आमंत्रित मेहमानों के लिए एक विशेष लंच का आयोजन किया गया है।मेन्यू में होगी कपल की पसंदीदा डिशेज शादी के खाने के मेन्यू को लेकर भी खास तैयारी की गई है। इस मेन्यू में आमिर और गौरी की कुछ पसंदीदा चीजों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। अगर सितारों की बात करें, तो इस खास दिन के गवाह बनने वाले मेहमानों में 'लगान' के डायरेक्टर आशुतोष गवारीकर और निर्देशक राजकुमार संतोषी जैसे करीबी दोस्त शामिल होंगे। आमिर ने खुद भी एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया था कि यह एक 'घरेलू शादी' होगी, जिसमें केवल परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। उन्होंने फैंस से अपने इस नए सफर के लिए दुआएं और आशीर्वाद भी मांगा है।60वें जन्मदिन पर हुआ था गौरी से परिचय बता दें कि आमिर खान ने अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर पहली बार मीडिया के सामने गौरी स्प्रैट को अपना जीवनसाथी बताते हुए इंट्रोड्यूस किया था। हालांकि, उस दौरान उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा था, लेकिन अभिनेता ने इन बातों को दरकिनार कर अपने निजी जीवन को हमेशा की तरह अपनी शर्तों पर जीने का फैसला किया है। 5 जुलाई की यह शादी आमिर खान के जीवन का एक नया अध्याय है, जिसे उनके करीबी यार और परिजन यादगार बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
26 जून को रिलीज हुई अक्षय कुमार की मल्टी-स्टारर कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। रिलीज के 8 दिन पूरे होने के बाद, शुक्रवार को सिनेमाघरों में आलिया भट्ट और बॉबी देओल की फिल्म 'ऐल्फा' की दस्तक ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। क्या 'ऐल्फा' के आने से अक्षय की फिल्म का तख्त हिल गया है? शुरुआती रुझान और बॉक्स ऑफिस के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।8वें दिन भी 'वेलकम टू द जंगल' की धाक रिलीज के दूसरे शुक्रवार यानी 8वें दिन भी अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, रवीना टंडन और दिशा पाटनी की इस फिल्म ने अपनी चमक बरकरार रखी है। 'सैकनिल्क' की शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर शुक्रवार को करीब 3.80 करोड़ रुपये की कमाई की है। यह आंकड़े रात तक और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे फिल्म के 5 करोड़ के करीब पहुँचने के पूरे आसार हैं। यह साफ दर्शाता है कि नई फिल्म 'ऐल्फा' के आने के बावजूद, 'वेलकम टू द जंगल' का समीकरण अभी भी दर्शकों के बीच सुरक्षित है।100 करोड़ के क्लब की दहलीज पर अक्षय की कॉमेडी 'वेलकम टू द जंगल' बहुत जल्द घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार करने वाली है। फिल्म का अब तक का कुल नेट कलेक्शन 96.95 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। 100 करोड़ का आंकड़ा छूने के लिए अब फिल्म को महज 3.5 करोड़ रुपये की और जरूरत है। अहमद खान के निर्देशन में बनी यह फिल्म न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने दुनिया भर में अब तक 137.36 करोड़ रुपये का कुल बिजनेस कर लिया है, जिसमें ओवरसीज मार्केट से मिले 26.45 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। 'ऐल्फा' के आने से भले ही स्क्रीन का बंटवारा हुआ हो, लेकिन अक्षय की इस फिल्म की रफ्तार अभी भी बॉक्स ऑफिस पर जारी है।
पाकिस्तान की बदहाली और वहां की सत्ता में व्याप्त बेपरवाही को लेकर सिंगापुर के पूर्व शीर्ष राजनयिक बिलाहरी कौसिकन ने एक बेहद चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है। 1991 के एक विमान अपहरण कांड का जिक्र करते हुए कौसिकन ने बताया कि कैसे उस वक्त की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के आवास से मिली प्रतिक्रिया ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया था। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय में स्थायी सचिव रहे कौसिकन ने पाकिस्तान को 'विफल देश' करार देते हुए इसके लिए वहां के राजनेताओं और सेना की सामंती सोच को जिम्मेदार ठहराया है।जब हाईजैक विमान पर फंसा था पेंच साल 1991 की 26 मार्च को कुआलालंपुर से उड़ान भरने वाले सिंगापुर एयरलाइंस के एक विमान को चार पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हाईजैक कर लिया था। विमान को चांगी एयरपोर्ट पर उतारा गया और उसमें सवार 114 यात्रियों की जान खतरे में थी। उस वक्त अपहरणकर्ताओं की मांग बहुत स्पष्ट नहीं थी, लेकिन वे जोर दे रहे थे कि उनकी बात बेनजीर भुट्टो से कराई जाए। संकट के इस दौर में बातचीत के लिए बिलाहरी कौसिकन को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।'मैडम सो रही हैं' - फोन पर मिला ऐसा जवाब कौसिकन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और गंभीर स्थितियों के बीच रात करीब 3 बजे किसी तरह बेनजीर भुट्टो के आवास पर संपर्क साधा गया। फोन पर एक व्यक्ति ने बात की, जो उर्दू और अंग्रेजी दोनों भाषाएं समझता था। जब कौसिकन ने उसे बताया कि मामला कितना गंभीर है और विमान में सैकड़ों लोगों की जान अटकी है, तो उस व्यक्ति का जवाब सुनकर वे दंग रह गए। उसने बेपरवाही से कहा, मैडम सो रही हैं, उन्हें परेशान नहीं किया जा सकता, और फोन काट दिया। अंततः, सिंगापुर के कमांडो ने कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों को ढेर किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाया।पाकिस्तान की विफलता का असली कारण क्या है? बिलाहरी कौसिकन ने अपनी तीखी टिप्पणी में कहा कि पाकिस्तान की समस्याओं के लिए भारत या अफगानिस्तान की सीमाओं को दोष देना महज एक बहाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की बदहाली का असली कारण वहां का भयानक कुप्रबंधन है। उन्होंने कहा, पाकिस्तानी राजनेता समय की बर्बादी हैं, चाहे वे किसी भी पार्टी से हों और वहां की सेना इस समस्या का सबसे बड़ा हिस्सा है। कौसिकन ने पाकिस्तान को एक 'स्थिर देश' मानने वाले भ्रम को खारिज करते हुए उसकी आंतरिक अस्थिरता, कट्टरपंथ और आर्थिक कमजोरियों को उसकी बर्बादी का बड़ा कारण बताया।
वैश्विक राजनीति के गलियारों में पाकिस्तान का एक नया और बेहद शातिराना दांव सामने आया है। खबर है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की जोड़ी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लुभाने और वाशिंगटन की सत्ता में सीधी पहुंच बनाने के लिए एक 'क्रिप्टो कार्ड' का इस्तेमाल किया। विशेषज्ञों का मानना है कि करोड़ों डॉलर के वादे के साथ किया गया यह क्रिप्टो समझौता असल में आर्थिक कम और कूटनीतिक ज्यादा था, जिसने पाकिस्तान को ट्रंप प्रशासन के बेहद करीब ला खड़ा किया है।क्रिप्टो डील बनी 'एक्सेस' का जरिया मामला ट्रंप परिवार की क्रिप्टो कंपनी 'वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल' (WLF) से जुड़ा है। इसी साल जनवरी में पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने कंपनी की सहयोगी फर्म 'SC फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज' के साथ एक एमओयू (MoU) साइन किया था। इसका मकसद सीमा पार भुगतान के लिए 'USD1 स्टेबलक्वाइन' का उपयोग करना था। समझौते के समय शहबाज शरीफ, आसिम मुनीर और ट्रंप के करीबी सहयोगी जैक विटकाफ की मौजूदगी ने सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, 6 महीने बीत जाने के बाद भी न तो कोई प्रोजेक्ट शुरू हुआ और न ही लेनदेन हुआ, लेकिन पाकिस्तान का असली मकसद पूरा हो गया।राजनीतिक लाभ और ट्रंप का 'स्पेशल गेस्ट' बना पाकिस्तान जानकारों का दावा है कि इस क्रिप्टो डील ने पाकिस्तान के लिए कूटनीति के बंद दरवाजे खोल दिए। समझौते के बाद से ही दोनों देशों के बीच नजदीकी बढ़ी है। पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने जैसा बड़ा कदम उठाया। जवाब में, जून 2025 में ट्रंप ने व्हाइट हाउस में सेना प्रमुख आसिम मुनीर को विशेष लंच पर आमंत्रित किया—यह एक दुर्लभ सम्मान था। इतना ही नहीं, ईरान-इजरायल संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता और हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा मुनीर की सार्वजनिक प्रशंसा इसी 'क्रिप्टो कूटनीति' का परिणाम मानी जा रही है।'पे फार एक्सेस': कागजों में क्रिप्टो, असल में पावर प्ले अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह पूरा प्रयास पे फार एक्सेस (Pay-for-Access) रणनीति का हिस्सा था। ट्रंप की क्रिप्टो कंपनियों से जुड़ी कमाई के आंकड़े भी चर्चा में हैं, जहाँ उनके परिवार ने पिछले साल क्रिप्टो टोकन के जरिए भारी मुनाफा कमाया है। पाकिस्तान ने इसी 'बिजनेस-कूटनीति' को भांपते हुए ट्रंप प्रशासन के करीब पहुंचने का रास्ता निकाला। भले ही क्रिप्टो प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में हो, लेकिन पाकिस्तान के लिए यह 'सॉफ्ट पावर' का सबसे सफल प्रयोग साबित हुआ है, जिसने उसे फिर से अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है।
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कई राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। इनमें कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की भाजपा और राम मंदिर पर टिप्पणी, विपक्ष के आरोप और कामकाज से जुड़े विवाद शामिल हैं
सच्ची मुहब्बत और अमेरिकी टेक कंपनियों के सहारे कैसे दुनिया को ठग रहे हैं स्कैमर्स
28 साल की सिंगापुरी युवती एला से दोस्ती करने के लिए दुनिया भर के हजारों पुरुष बेताब थे
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार जिला, विकास खंड एवं ग्राम स्तर तक सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवा एवं महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें उनकी रुचि एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों का बैंकों से प्रभावी समन्वय स्थापित कराया जाए तथा स्वरोजगार स्थापित करने के लिए उन्हें आवश्यक ऋण उपलब्ध कराने में हरसंभव सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कौशल प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं एवं महिलाओं को सफल उद्यमी एवं रोजगारयुक्त नागरिक बनाना होना चाहिए।अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय संसाधनों, बाजार की मांग तथा रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। कृषि आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कृषि एवं कृषि से संबंधित गतिविधियों जैसे दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, बागवानी, रेशम उत्पादन, मशरूम उत्पादन, पुष्पकृषि तथा मत्स्य पालन सहित अन्य कृषि आधारित उद्यमों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। उत्पाद आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत ड्रेस डिजाइनिंग, रेक्सिन उत्पाद निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, फुटबॉल निर्माण, बैग निर्माण, बेकरी उत्पाद निर्माण, पत्तों से बने पर्यावरण अनुकूल कप एवं प्लेट निर्माण, पुनर्चक्रित कागज निर्माण सहित अनेक लघु उद्योगों का प्रशिक्षण दिया जाता है।
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शुक्रवार से शुरू हुए कार्यक्रम में दुनिया के करीब 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। 86 वर्षीय अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले ...
वेनेजुएला में मृत भारतीय नागरिक के शव से भीतरी अंग गायब, परिवार परेशान
भारतीय नाविक राकेश चौहान की मौत और शव से गायब अंग, मर्चेंट नेवी की आड़ में चल रही स्याह दुनिया की परतें खोल सकते हैं
उत्तर प्रदेश का आगरा ताजनगरी के आम से पहचाना जाता है, जहां मुगल बादशाह शाहजहां और उनकी बेगम मुमताज महल के अमर प्रेम की कहानी है। वहीं इसी शहर में एक पत्नी ने अपने पति की हत्या करके इस शहर को कंलकित कर दिया है। थाना सिकंदरा क्षेत्र में पत्नी ने अपने ...
भारत-नेपाल सीमा पर गैर कानूनी गतिविधियों पर पूर्ण निगरानी रखें: सीएम सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रयोगशाला बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' के अन्तर्गत जुलाई माह का गतिविधि कैलेंडर जारी ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई वाराणसी में शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। योजना के माध्यम से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को आयुष्मान भारत ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है। विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पारदर्शी प्रशासन और सख्त निगरानी व्यवस्था का असर लगातार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए ...
यूपी में EV चार्जिंग पर बड़ी राहत: सोलर आवर्स में 20% सस्ती बिजली, योगी सरकार का नया फैसला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बिजली उत्पादन, आपूर्ति और उपभोक्ता राहत के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में बिजली दरें देश की सबसे न्यूनतम दरों में हैं, जबकि बिजली आपूर्ति देश की सर्वाधिक एवं सबसे ...
मथुरा में मानसून की धमाकेदार एंट्री, पहली ही बारिश में शहर डूबा, नगर निगम के दावों की खुली पोल
उत्तर भारत में मानसून की दस्तक के साथ शुक्रवार को मथुरा में आधे घंटे की मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। तेज हवाओं के साथ मानसून की पहली ही बारिश ने नगर निगम और जिला प्रशासन की मानसून पूर्व तैयारियों की पोल खोल कर रख दी। महज कुछ मिनट की ...
भारत में ज्यादातर वाहन 2023 से पहले के हैं, जो E10 (10 फीसदी इथेनॉल) या शुद्ध पेट्रोल के लिए बने थे। ऐसे में लाखों कार मालिक सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि उनपर ई20 या इससे आगे E85 या E100 थोपने की कोशिश की जा रही है। इस पर केंद्रीय पेट्रोलियम और ...
अजमेर जिले में AVVANL का टेक्नीशियन 10 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
किशनगढ़/अजमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) किशनगढ़ के टेक्नीशियन-प्रथम बबलेश कुमार शर्मा को पॉली हाउस के लिए विद्युत कनेक्शन जारी करने की एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी इंटेलिजेंस अजमेर को […] The post अजमेर जिले में AVVANL का टेक्नीशियन 10 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में इच्छापूर्ण मंदिर में चोरी करने वाले 3 चोर अरेस्ट
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी थाना क्षेत्र में एक मंदिर में चोरी की घटना का पुलिस ने तत्परता खुलासा करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चक 4 केएसपी स्थित इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर से चांदी के कई छोटे-बड़े छत्र और दानपात्र की नकदी चुरा ले गए थे। रमण पूनिया ने […] The post हनुमानगढ़ में इच्छापूर्ण मंदिर में चोरी करने वाले 3 चोर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
धीरेन्द्र शास्त्री चोर है! बागेश्वर बाबा पर क्यों भड़के भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार?
Vinay Katiyar on Dhirendra Shastri: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में बजरंग दल के संस्थापक और भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार इन दिनों काफी सुर्खियों में बने हुए हैं। अयोध्या कांड को लेकर वे काफी मुखर हैं। इस बीच, उन्होंने बागेश्वर धाम के ...
गुणवत्ता, विश्वास व वैश्विक मानकों पर खरा उतरे यूपी का आम : योगी आदित्यनाथ
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने स्टॉल्स का अवलोकन कर आम की 800 से अधिक प्रजातियों के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी ...
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने वालों के लिए एक नई व्यवस्था की घोषणा की है, जिससे उपभोक्ताओं को तेजी से सब्सिडी और रिफंड मिल सकेगा। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सरकार ने EV नीति के तहत सभी प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया ...
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड को लेकर छिड़े सियासी घमासान के बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का भोपाल स्थित अपने निवास पर एक पोस्टर लगाना चर्चा के केंद्र में आ गया है। दिग्विजय सिंह ने पोस्टर के जरिए चंदा चोरों के अपने घर ...
अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 53 एटीवीएम फैसिलिटेटर नियुक्त होंगे
अजमेर। रेलवे प्रशासन द्वारा अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर स्थापित ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (एटीवीएम) से अनारक्षित टिकट जारी करने के लिए फैसिलिटेटरों की नियुक्ति हेतु सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों और सामान्य जनता से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजमेर मंडल मिहिर देव के अनुसार इस योजना के तहत अजमेर मंडल […] The post अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 53 एटीवीएम फैसिलिटेटर नियुक्त होंगे appeared first on Sabguru News .
जेपीएससी पीटी-2025 का रिजल्ट जारी, 2,204 अभ्यर्थी सफल; 18 जुलाई से होगी मुख्य परीक्षा
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 का परिणाम जारी कर दिया है। आयोग ने देर रात झारखंड हाईकोर्ट के 30 जून 2026 के आदेश के आलोक में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर परिणाम प्रकाशित किया। पीटी परीक्षा में कुल 2,204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है, जो अब […] The post जेपीएससी पीटी-2025 का रिजल्ट जारी, 2,204 अभ्यर्थी सफल; 18 जुलाई से होगी मुख्य परीक्षा appeared first on Sabguru News .
विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में द्रमुक नेता अनिता राधाकृष्णन अरेस्ट
चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कद्दावर नेता और विधायक अनिता आर राधाकृष्णन को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में शुक्रवार को थूथुकुडी जिले के आतुर में गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी मद्रास हाईकोटग् द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में श्री राधाकृष्णन […] The post विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में द्रमुक नेता अनिता राधाकृष्णन अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अब अपने घर में ही घिर गए है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच छिड़े विवाद के बीच पूर्व प्रदेश महासचिव ने पार्टी छोड़ दी है। इंदौर से आने वाले पूर्व प्रदेश महासचिव ...
एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तेलंगाना के डीएसपी पर मामला दर्ज किया
हैदराबाद। तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज (पीसीएस), हैदराबाद में तैनात पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संकीरेड्डी भीम रेड्डी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान भ्रष्टाचार और गलत तरीकों से अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति अर्जित की। […] The post एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तेलंगाना के डीएसपी पर मामला दर्ज किया appeared first on Sabguru News .
E20 पेट्रोल और एथेनॉल मिश्रण पर फिर छिड़ी बहस, मनीष कश्यप का वीडियो क्यों हो रहा है वायरल
सोशल मीडिया पर पूर्व भाजपा नेता मनीष कश्यप से जुड़ा एक वीडियो और दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने भारत में लागू किए जा रहे E20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। इस वायरल बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि ...

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