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पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है सुप्त विरासन, कमर दर्द और थकान से मिलेगा आराम, मन होगा शांत

योग में कुछ आसन ऐसे होते हैं, जो शारीरिक मुद्रा (पोश्चर) को सुधारने के साथ-साथ मन को भी गहरी शांति प्रदान करते हैं।

खास खबर 18 Sep 2026 2:13 pm

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

पुस्तक का नाम: कथा रूप: बलिदानी हेमू कालानी लेखक: किशोर कान्त प्रकाशक: सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली पृष्ठ: 99 मूल्य: 149 प्रिंट भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास उन नेताओं की कथा मात्र नहीं है, जिनके नाम इतिहास की मुख्यधारा में बार-बार दोहराए जाते हैं। इसकी वास्तविक व्यापकता उन असंख्य युवाओं, विद्यार्थियों और सामान्य परिवारों के बलिदान […] यह लेख बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 18 Sep 2026 2:13 pm

इजरायली हमले में टूटे परमाणु सेंटर को तीसरी बार बना रहा ईरान

ईरान ने पारचिन सैन्य परिसर के तालेगान-2 को तेजी से फिर से बना रहा है. इजरायली हमलों से क्षतिग्रस्त यह जगह पहले परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी मानी जाती है. मरम्मत और सुरक्षा उपायों का तीसरा दौर चल रहा है.

आज तक 18 Sep 2026 2:12 pm

युवराज का वो एक मैसेज, अगले दिन अभिषेक ने मचा दिया तूफान

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे T20 मुकाबले से पहले युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा को खास मैसेज किया था. उन्होंने अभिषेक से हर गेंद को जबरदस्ती हिट नहीं करने और जरूरत पड़ने पर सिंगल लेने की बात कही. अगले ही दिन अभिषेक ने 30 गेंदों में शतक ठोककर इतिहास रच दिया और भारत को 221/7 तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई.

आज तक 18 Sep 2026 2:11 pm

पहले केक काटा, फिर दोस्त का मर्डर! जम्मू की बर्थडे पार्टी में खूनी खेल

जम्मू के जानीपुर इलाके में जन्मदिन की पार्टी के दौरान दोस्तों के बीच हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया. आरोप है कि लोअर रूपनगर में बर्थडे सेलिब्रेशन के बाद पवन कुमार पर धारदार हथियार से हमला किया गया. गंभीर रूप से घायल पवन को जीएमसी जम्मू ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

आज तक 18 Sep 2026 2:07 pm

नीना गुप्ता ने प्रेग्नेंसी की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी

नीना गुप्ता ने एक शादी समारोह के दौरान प्रेग्नेंसी की अफवाह पर बात की है. अभिनेत्री ने बताया कि साड़ी का कपड़ा मोटा था और उसकी प्लीट्स की वजह से पेट के ऊपर उभार दिखाई दे रहा था. इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके गर्भवती होने की बातें फैल गईं. नीना ने कहा कि सवाल पूछे जाने पर वह मजाक में जवाब देने लगीं कि हां, वह प्रेग्नेंट हैं.

आज तक 18 Sep 2026 2:05 pm

बुलाने पर नहीं आए तारिक रहमान, अब खुद ही भारत आ रहे? क्यों बदला मूड

साल 2024 में बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना भारत आ गईं थीं। वह तब से ही भारत में रह रहीं हैं। कहा जा रहा है कि यही नई दिल्ली और ढाका के बीच तनाव की मुख्य वजह है। हालांकि, हसीना भी वापसी की योजना बना रहीं हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Sep 2026 2:04 pm

सोनीपत में पिटबुल का खौफनाक हमला, 6 महीने के मासूम को बुरी तरह नोचा

सोनीपत में पिटबुल के हमले का एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पालतू पिटबुल ने महज छह महीने के मासूम बच्चे पर जानलेवा हमला कर दिया. घटना के वक्त यह मासूम बच्चा अपनी एक रिश्तेदार की गोद में था. तभी अचानक पीछे से दौड़ते हुए आए पिटबुल कुत्ते ने उस पर हमला बोल दिया.

आज तक 18 Sep 2026 2:04 pm

हैदराबाद में विशाल अजगर को कंधे पर लटकाकर ले गया

हैदराबाद में एक IT कंपनी के बाहर विशाल अजगर दिखाई दिया। वायरल वीडियो में एक युवक अजगर को पकड़कर कंधे पर लटकाता और फिर दोपहिया वाहन से ले जाता नजर आया। घटना देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

आज तक 18 Sep 2026 2:02 pm

'ये भगवान राम का श्राप', TMC नाम-सिंबल विवाद पर बोले शुभेंदु अधिकारी

तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. पार्टी के दो गुटों के बीच टकराव के चलते चुनाव आयोग ने TMC के नाम और चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर पार्टी को एकजुट न रख पाने और अहंकार का आरोप लगाया है.

आज तक 18 Sep 2026 2:02 pm

लखनऊ हिट एंड रन केस में पीड़िता ने क्या किए खुलासे, देखें

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से दिल दहला देने वाला हिट एंड रन का मामला सामने आया है. इस मामले में पीड़िता ने खुद कैमरे पर आकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पीड़िता के अनुसार, आरोपी शाहनवाज ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसाने के लिए अपना नाम 'आयुष ठाकुर' बताया था. उसने अपनी इंस्टाग्राम आईडी और अन्य जगहों पर भी नकली नाम का इस्तेमाल किया था.

आज तक 18 Sep 2026 2:00 pm

रूस के लिए अमेरिका से भिड़ेगा भारत? MEA की दो टूक- रिश्तों पर पड़ सकता है असर

अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 'लिंडसे ओ ग्राहम सेंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026' को पास कर दिया है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अधिकार देता है कि वे उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं जो रूस से तेल और गैस की खरीद जारी रखेंगे।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Sep 2026 1:56 pm

'सिर्फ लिस्टिंग ही रास्‍ता नहीं...' टाटा संस से नोएल टाटा ने मांगी ये रिपोर्ट!

नोएल टाटा ने टाटा संस के बोर्ड से आरबीआई और टाटा संस के बीच हुए पिछले ढाई सालों में बातचीत का ब्‍यौरा मांगा है. उन्‍होंने यह भी कहा है कि आरबीआई ने कभी नहीं कहा है कि टाटा संस की लिस्टिंग होनी चाहिए.

आज तक 18 Sep 2026 1:56 pm

शराब के नशे में दमन में पानी की टंकी पर चढ़ा युवक

दमन में एक युवक पानी की टंकी पर चढ़कर रेलिंग से लटक गया, जिससे हड़कंप मच गया। पुलिस और फायर टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पूछताछ में युवक के शराब के नशे में होने की बात सामने आई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आज तक 18 Sep 2026 1:55 pm

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में लगाई फांसी! चाय की दुकान में फंदे पर मिला शव, पुलिस जांच में जुटी

देशभर में चर्चित निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

दैनिक जागरण 18 Sep 2026 1:51 pm

भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल, इकलौते भारतीय-अमेरिकी सांसद ने किया समर्थन; राजा कृष्णमूर्ति कौन?

कौन हैं राजा कृष्णमूर्ति? भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद ने रूस प्रतिबंध बिल के समर्थन में वोट दिया है। इस बिल में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। जानिए भारत पर इसका क्या असर पड़ सकता है।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Sep 2026 1:50 pm

राहुल गांधी को तो कांग्रेस नेता भी नहीं होना चाहिए; TMC चोरी के आरोप पर भाजपा ने ऐसा क्यों कहा

निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी के नाम और 'जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया था।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Sep 2026 1:50 pm

Surendra Koli Death:

Nithari Kand Surendra Koli Death:

वन इंडिया 18 Sep 2026 1:46 pm

गणपति विसर्जन में अनंत-आकाश ने जीजा आनंद संग की मस्ती, VIDEO वायरल

एंटीलिया में गणपति विसर्जन के दौरान अनंत अंबानी और आकाश अंबानी अपने जीजा आनंद पीरामल के साथ जमकर मस्ती करते दिखे. दोनों ने आनंद को गोद में उठाकर हवा में झुलाया, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है.

आज तक 18 Sep 2026 1:44 pm

कास्टिंग काउच को लेकर युक्ति कपूर का बड़ा खुलासा

टीवी एक्ट्रेस युक्ति कपूर ने कास्टिंग काउच को लेकर इंडस्ट्री की पोल खोली है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा किवोकास्टिंग काउच का भी सामना कर चुकी हैं. उन्होंने कहा- एक दफा एक प्रोड्यूसर ने मुझे मीटिंग के लिए बुलाया था. और उन्होंने मुझे कहा कि पार्टी करनी पड़ेगी तुम्हें मेरी सीक्रेट गर्लफ्रेंड बनना पड़ेगा.

आज तक 18 Sep 2026 1:44 pm

Azadpur Station तक विस्तार की तैयारी, Indian Railways का Hydrogen Train पर बड़ा Strategic Move

भारतीय रेलवे देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन की सर्विस को दिल्ली तक बढ़ाने की योजना बना रही है। अभी यह ट्रेन हरियाणा में जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के रूट पर चलती है। लेकिन, इस रूट पर यात्रियों की संख्या कम होने के कारण, रेलवे इसकी सर्विस को दिल्ली तक बढ़ाने पर विचार कर रहा है। अगर यह योजना आगे बढ़ती है, तो ट्रेन आज़ादपुर स्टेशन तक पहुँच सकती है। हाइड्रोजन ट्रेन में लगभग 2,600 यात्रियों के बैठने की क्षमता है, लेकिन जींद से सोनीपत की पूरी यात्रा के दौरान रोज़ाना सिर्फ़ 40 से 60 यात्री ही इसमें सफ़र करते हैं। यात्रियों की कम संख्या के कारण, यह ट्रेन अभी दिन में सिर्फ़ एक चक्कर लगाती है। शुरू में दो चक्कर लगाने की योजना थी। हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई, 2026 को लॉन्च किया गया था। इसे देश में स्वदेशी हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की दिशा में एक अहम कदम माना जाता है। एक्सपर्ट्स की एक टीम ट्रेन के ऑपरेशन और दिल्ली तक इसके ट्रायल रन पर नज़र रख रही है। हालांकि, रेलवे ने अभी तक इसके विस्तार (रूट बढ़ाने) पर कोई फ़ाइनल फ़ैसला नहीं लिया है। रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि पिछले दो महीनों से नॉर्दर्न रेलवे द्वारा इसका सफल संचालन, इसके रोज़ाना के कामकाज में शामिल एक्सपर्ट्स की टीम के समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वे दिल्ली में फलों और सब्ज़ियों की थोक मंडी के पास आज़ादपुर स्टेशन तक इसके विस्तार के लिए सभी ज़रूरी उपाय कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह नई टेक्नोलॉजी है और यात्रियों की सुरक्षा सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। इसलिए, वे सभी पहलुओं की जांच-पड़ताल करने के बाद ही कोई फ़ाइनल फ़ैसला लेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, हाइड्रोजन ट्रेन एक बार फुल टैंक भरने पर लगभग 250 से 300 किलोमीटर तक चल सकती है। अभी सिर्फ़ जींद में ही रिफ़्यूलिंग की सुविधा है। जींद से दिल्ली की दूरी लगभग 130 किलोमीटर है, इसलिए ट्रेन एक बार फुल टैंक भरने पर यह दूरी तय कर सकती है। हालाँकि, ट्रेन को दिल्ली तक चलाने में कुछ चुनौतियाँ भी हैं। 10 कोच वाली इस ट्रेन में लगभग 2,600 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। वहीं, दिल्ली से चलने वाली ट्रेनों में ज़्यादा यात्रियों की संख्या को देखते हुए अक्सर 18 से 20 कोच की ज़रूरत पड़ती है। रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि हाइड्रोजन से चलने वाली इस ट्रेन ने उस DEMU ट्रेन की जगह ली है जो पहले इस रूट पर चलती थी और उसमें भी यात्रियों की संख्या बहुत कम रहती थी।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 1:41 pm

'बेटियों को छह साल के लिए देश सौंप दो', बोले संजय मिश्रा

पंचायत आजतक बिहार में बॉलीवुड एक्टर संजय मिश्रा ने शिरकत की.वहां उन्होंने बिहार के विकास और शिक्षा पर खुलकर अपनी राय रखी. वो चाहते हैं कि बिहार की बेटियां पढ़ें-लिखें और खूब आगे बढ़े ताकि देश आगे बढ़ सके.

आज तक 18 Sep 2026 1:40 pm

राधा रानी की मृत्यु कब और कैसे हुई थी? क्या लिखा है पुराणों में

Radha Astami 2026: भगवान कृष्ण और राधा जी का प्रेम अलौकिक था. वृंदावन में भगवान कृष्ण जब तक रहे राधारानी से उनकी मुलाकात हो जाती थी, जब कृष्ण जी बांसुरी बजाते थे तो गोपिकाएं उनकी मन मोहक बांसुरी की ध्वनि सुनकर दौड़ी चली आती थीं, जब से भगवान कृष्ण वृंदावन छोड़ कर गए थे राधा सहित गोपिकाएं उदास रहती थीं.

आज तक 18 Sep 2026 1:36 pm

मध्य प्रदेश में मां के निधन पर बेटों ने तोड़ा नाता

इंदौर में लता बाई की अंतिम विदाई की कहानी ने परिवार और रिश्तों पर सवाल खड़े किए हैं. संस्था के मुताबिक, चारों बेटों को मां के निधन की सूचना दी गई, लेकिन वे अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए. पिछले करीब आठ महीने से वृद्धाश्रम में रह रहीं लता बाई की देखभाल समाजसेवी कर रहे थे. निधन के बाद इन्हीं लोगों ने उनकी पार्थिव देह को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाया.

आज तक 18 Sep 2026 1:34 pm

Disha Salian Case: चचेरे भाई Aaditya Thackeray के बचाव में उतरे मनसे नेता Amit Thackeray

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे ने शुक्रवार को अपने चचेरे भाई और शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य ठाकरे का बचाव करते हुए कहा कि वह दिशा सालियन की मौत के मामले में कभी शामिल नहीं हो सकते। मनसे नेता का यह बयान आदित्य के उस दावे के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह सालियन को न तो जानते थे और न ही उनसे कभी मिले थे। आदित्य ने साथ ही आरोप लगाया था कि राजनीतिक विरोधी जानबूझकर इस दुखद घटना से उनका नाम जोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि इसे कैसे देखा जाए, लेकिन एक भाई के तौर पर मैं आपको बता सकता हूं कि आदित्य कभी भी ऐसी किसी चीज में संलिप्त नहीं हो सकते।’’केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिशा सालियन की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। उनके पिता की याचिका पर मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए इसमें किसी भी आरोपी का नाम शामिल नहीं किया गया है। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की 28 वर्षीय पूर्व मैनेजर सालियन की आठ जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक रिहायशी इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई थी। मुंबई पुलिस ने सालियान के मामले में दुर्घटनावश मौत की प्राथमिकी दर्ज की थी और बाद में दावा किया था कि यह आत्महत्या का मामला था। सालियान की मौत के एक हफ्ते बाद, 14 जून 2020 को राजपूत अपने बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में मृत पाए गए, जिससे दोनों मौतों के बीच किसी संभावित संबंध को लेकर अटकलें शुरू हो गईं। मुंबई उच्च न्यायालय ने दो सितंबर को सालियन की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया। अदालत ने मुंबई पुलिस को छह साल तक प्राथमिकी दर्ज न करने के लिए फटकार लगाई और कहा कि उनकी जांच से जवाबों के बजाय और सवाल खड़े होते हैं।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 1:33 pm

निठारी कांड: सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, हरिद्वार में चाय की दुकान में लगाई फांसी

बहुचर्चित निठारी कांड के सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह पिछले कुछ दिनों से वहां चाय की दुकान चला रहा था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.

आज तक 18 Sep 2026 1:32 pm

Kashmir में सर्दियों ने दी दस्तक, बर्फ से सफेद हुए Gulmarg और Gurez Valley, कुदरत ने बदल दिया पूरा नजारा

कश्मीर की वादियों में मौसम ने अचानक करवट ली है। अभी घाटी पूरी तरह सर्दियों के आगोश में नहीं आई है, लेकिन ऊंचे पहाड़ों पर मौसम ने बर्फ की पहली सफेद इबारत लिख दी है। गुरुवार को गुलमर्ग और गुरेज के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम की पहली बर्फबारी हुई, जिसने हरे-भरे पहाड़ों को देखते ही देखते सफेद चादर में ढक दिया। वहीं, कश्मीर घाटी के मैदानी इलाकों में रातभर हुई बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी। हम आपको बता दें कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग में रात के दौरान ऊपरी इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई। अफरवात और गोंडोला के फेज-2 जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्र ताजा बर्फ से ढक गए। पहाड़ों पर जमी बर्फ की पतली परत ने गुलमर्ग की खूबसूरती में एक नया रंग भर दिया है। देवदार के पेड़ों और पर्वतीय ढलानों के बीच चमकती सफेदी ऐसा दृश्य प्रस्तुत कर रही है, मानो प्रकृति ने सर्दियों के स्वागत में खुद को सफेद परिधान से सजा लिया हो। उधर, गुरेज घाटी के तुलैल क्षेत्र में स्थित काबुल गली ने भी मौसम की पहली बर्फ का स्वागत किया। ऊंचाई पर बसे इस इलाके में तापमान गिरने के साथ ही पहाड़ों ने सफेदी ओढ़ ली। काबुल गली, तुलैल घाटी और आसपास के अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बर्फबारी ने हरे पहाड़ों को एक मनमोहक शीतकालीन तस्वीर में बदल दिया है। हम आपको बता दें कि गुरेज की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसी तुलैल घाटी वैसे भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। यहां पहली बर्फबारी का दृश्य पर्यटकों के लिए किसी जीवंत चित्र से कम नहीं है। दूर तक फैली पहाड़ी ढलानों पर ताजा बर्फ, ठंडी हवाओं की सरसराहट और बादलों से घिरे पहाड़ कश्मीर की उस तस्वीर को सामने ला रहे हैं, जिसे देखने का सपना देश-विदेश से आने वाले अनेक पर्यटक देखते हैं। हालांकि पहाड़ों पर बर्फबारी हुई, लेकिन घाटी के मैदानी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में रातभर बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों का अनुमान जताया है। शुक्रवार से मौसम के मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। उधर, पहली बर्फबारी के साथ गुलमर्ग और गुरेज के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड भी बढ़ गई है। पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों को बदलते मौसम और तेजी से गिरते तापमान को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत होगी। फिलहाल कश्मीर की ऊंची चोटियों ने सर्दियों का पहला निमंत्रण दे दिया है। बर्फ से सजे गुलमर्ग और तुलैल की तस्वीरें आने वाले दिनों की उस कश्मीर की झलक दिखा रही हैं, जहां पहाड़ सफेद होते हैं, हवाओं में ठंडक घुलती है और घाटी की खूबसूरती मानो किसी रोमानी कहानी का हिस्सा बन जाती है।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 1:32 pm

फर्जी IAS तृप्ति सिंह की कहानी में ट्विस्ट... पीड़िता से मांगी गई रिश्वत?

भोपाल में फर्जी IAS तृप्ति सिंह से जुड़ी कहानी में अब एक ऐसा मोड़ आया है, जिसने पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं. इसी को लेकर ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर को लाइन अटैच कर दिया गया है. मामले से जुड़ी शिकायतों की जांच जारी है.

आज तक 18 Sep 2026 1:30 pm

क्या इंसान अब सिर्फ सोचकर बात कर सकेगा? एलन मस्क की Brain Chip ने कर दिखाया कमाल

एलन मस्क की Neuralink Brain Chip ने एक मरीज को सिर्फ सोचकर I Love You बोलने में मदद की. जानिए Brain Computer Interface कैसे काम करता है और यह तकनीक लकवा मरीजों के लिए क्यों उम्मीद की नई किरण मानी जा रही है.

NDTV इंडिया 18 Sep 2026 1:29 pm

कार में थी 12 करोड़ की हेरोइन...ऐसे पकड़ा गया रोहित गोदारा गैंग का गुर्गा

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रोहित गोदारा गैंग से जुड़े कुलदीप स्वामी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के पास से 12 करोड़ की 2 किलो पाकिस्तानी हेरोइन बरामद हुई है. यह बरामदगी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 18 Sep 2026 1:29 pm

पत्नी ने iPhone मांगा तो बेच दिया सोना! ऐसे खरीदा iPhone 18 Pro

iPhone 18 Pro सीरीज की सेल शुरू होते ही इसका क्रेज देखने को मिला. नोएडा के Apple स्टोर के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग गईं. कोई पत्नी के लिए नया iPhone खरीदने पहुंचा, तो किसी ने अपने लिए iPhone 18 Pro Max लिया.एक शख्स ने बताया कि वह पत्नी के लिए iPhone खरीदने के लिए सोना बेचकर आया है.

आज तक 18 Sep 2026 1:24 pm

बिस्तर लगाने से लेकर कपड़े समेटने तक, बिना कुछ सिखाए आपके घर का हर उबाऊ काम खुद कर देगा Helix 2.5 रोबोट

Figure AI ने Helix 2.5 रोबोट पेश किया है, जो काम के दौरान होने वाली गलतियों को खुद ही सुधार लेता है. हालांकि इस रोबोट की बाजार में कीमत क्या होगी, इसका खुलासा कंपनी ने अभी तक नहीं किया है.

NDTV इंडिया 18 Sep 2026 1:23 pm

'क्यों करूं तुम्हारी इज्जत?' मैरी कॉम पर भड़कीं माही विज

बिग बॉस 20 के दूसरे हफ्ते में माही विज और मैरी कॉम के बीच विवाद ने शो में नया ड्रामा पैदा कर दिया है. दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए.

आज तक 18 Sep 2026 1:22 pm

Aayush Pandey Success Story: छत्तीसगढ़ के स्टार बल्लेबाज इंडिया-A में शामिल; रणजी में 577 रन, मुंबई के खिलाफ खेली थी 183 की पारी 

छत्तीसगढ़ के उभरते क्रिकेटर आयुष पांडे का ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ सीरीज के लिए भारत-A टीम में चयन हुआ है. रायपुर के इस युवा बल्लेबाज ने रणजी ट्रॉफी में 577 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया था, जिसमें मुंबई के खिलाफ 183 रनों की यादगार पारी शामिल है. दुलीप ट्रॉफी और श्रीलंका-A सीरीज में भी दमदार खेल दिखाने वाले आयुष अब भारत-A टीम में अपनी प्रतिभा साबित करने को तैयार हैं.

NDTV इंडिया 18 Sep 2026 1:21 pm

JSSC-CGL के सफल अभ्यर्थियों की नौकरी सेफ! हाईकोर्ट ने बढ़ाया स्टे

झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC और JSSC CGL परीक्षाओं की नियुक्तियों को रद्द करने के हेमंत सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है, जिससे हजारों सफल अभ्यर्थियों को राहत मिली है। कोर्ट ने सीआईडी जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए रिटायर्ड जस्टिस गौतम चौधरी को सुपरविजन सौंपा है।

आज तक 18 Sep 2026 1:20 pm

आंखों के नीचे की स्किन लटकने लगी है? एक्सपर्ट से जानें आंखों के नीचे ज्यादा पफीनेस दिखे तो क्या करें

सुबह के समय आंखों के नीचे हल्की पफीनेस दिखना आम बात है. लेकिन अगर ये पफीनेस दिनभर रहती है, तो कुछ बातों पर ध्यान देकर आप इसे ठीक कर सकते हैं. आइए जानते हैं एक्सपर्ट की राय-

NDTV इंडिया 18 Sep 2026 1:19 pm

दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव के लिए वोटिंग जारी, कल आएंगे नतीजे

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस बार का चुनाव बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय बाद छात्र अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार मुख्य पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस चुनाव के नतीजे कल घोषित किए जाएंगे.

आज तक 18 Sep 2026 1:17 pm

कनिष्क बम धमाके की जांच बंद करने की तैयारी? पीड़ित परिवारों ने किया विरोध

एअर इंडिया कनिष्क बम धमाके की जांच को बंद करने की कोशिश का पीड़ित परिवार ने विरोध किया है. परिवारों का कहना है कि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) जांच टीम को छोटा करने और केस को 'इनएक्टिव' करने पर विचार कर रही है.

आज तक 18 Sep 2026 1:15 pm

Delhi: Anand Vihar रेस्तरां में युवक से जबरन भारी बिल भरवाने के आरोप में दो गिरफ्तार

दिल्ली के शाहदरा जिले में सोशल मीडिया के जरिए एक युवक को आनंद विहार के एक रेस्तरां में बुलाकर कथित तौर पर उससे ऊंचे बिल का भुगतान कराने और मारपीट करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमन गुर्जर (28) और मोहम्मद अरशदुल्लाह आलम (28) के रूप में हुई है। शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 14 सितंबर को पीड़ित रामकृष्ण (28) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क में आई एक अज्ञात महिला ने उसे कड़कड़डूमा मेट्रो स्टेशन बुलाया और वहां से आनंद विहार स्थित ‘केसर फाइन डाइनिंग’ नामक रेस्तरां ले गई जहां उसे करीब 21,000 रुपये का ऊंचा बिल थमा दिया गया और इतने बिल का भुगतान करने से मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई व डराया-धमकाया गया। उनके मुताबिक, दबाव में आकर पीड़ित ने 8,000 रुपये नकद और 6,000 रुपये यूपीआई के जरिए स्थानांतरित किए। इसके बाद आरोपियों ने उसका एटीएम कार्ड छीन लिया और कथित रूप से उसका पिन पता लगाकर 11,000 रुपये और निकाल लिए तथा पुलिस के पास न जाने की धमकी देते हुए 25,000 रुपये अतिरिक्त मांगे। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर आनंद विहार थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान अमन ने बताया कि वह रेस्तरां में बाउंसर का काम करता था, जबकि आलम भी वहां कार्यक्रमों के आयोजन करता था। मीणा ने बताया कि गिरोह में शामिल महिला की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं जो पीड़ितों को अपने जाल में फंसाकर लाती थी। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 1:13 pm

भारत में कर रहे थे घिनौना काम, NIA कोर्ट ने 8 बांग्लादेशियों को सुना दी उम्रकैद की सजा

हैदराबाद में एनआईए कोर्ट ने मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति करवाने के आरोप में कम से काम 9 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इनमें से आठ बांग्लादेशी नागरिक हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Sep 2026 1:10 pm

₹53,500 में पहाड़ी वादियों के 7 दिन मजे! फ्लाइट-होटल-खाना सब पैकेज में

सितंबर के आखिरी हफ्ते में घूमने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन होटल, फ्लाइट और लोकल ट्रांसपोर्ट की अलग-अलग बुकिंग का झंझट नहीं चाहते? आईआरसीटीसी (IRCTC) का 6 रात और 7 दिन का हवाई टूर पैकेज आपके काम का हो सकता है.

आज तक 18 Sep 2026 1:10 pm

असली TMC किसकी? अपने नाम पर पार्टी का नाम रखेंगी ममता, EC को भेजे 3 सुझाव

ममता बनर्जी गुट ने चुनाव आयोग को तृणमूल कांग्रेस के नाम और सिंबल पर रोक के बाद अपनी राजनीतिक पहचान बनाए रखने के लिए तीन नए नाम और दो खेल आधारित सिंबल के विकल्प प्रस्तुत किए हैं. ये कदम आगामी उपचुनावों के मद्देनजर उठाए गए हैं.

आज तक 18 Sep 2026 1:09 pm

UP Deputy CM Keshav Prasad Maurya का SP पर हमला, सत्ता में आए तो बढ़ेगी गुंडागर्दी

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (SP) की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि अगर आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी सत्ता में आती है, तो वह गुंडागर्दी को बढ़ावा देगी। मौर्य ने दावा किया कि अगर SP फिर से सत्ता में आती है, तो जेल में बंद अपराधियों को रिहा कर दिया जाएगा, भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को मंत्री पद दिए जाएंगे और आतंकवादियों से जुड़े मामले वापस ले लिए जाएंगे। इसे भी पढ़ें: AAP ने BJP की Nasha Mukt Punjab Yatra पर दागे सवाल, 10 साल के शासन का मांगा हिसाब पत्रकारों से बात करते हुए मौर्य ने कहा कि उनके रथ से यह संदेश जाता है कि अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आई, तो गुंडागर्दी बढ़ेगी। अपराधी वापस आ जाएंगे; जो लोग अभी जेल में हैं, उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को मंत्री पद दिए जाएंगे। यहां तक ​​कि आतंकवादियों से जुड़े मामले भी वापस ले लिए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव को यह समझ लेना चाहिए कि—2027 तो दूर की बात है—समाजवादी पार्टी 2047 तक भी सत्ता में नहीं आने वाली है। मौर्य ने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनी रहेगी। उन्होंने अपनी पार्टी की ताकत के सबूत के तौर पर 2014 से 2024 तक के चुनावी रिकॉर्ड का ज़िक्र किया। उन्होंने SP पर गुंडों, अपराधियों और दंगाइयों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया और साथ ही BJP के समर्पित कार्यकर्ताओं की तारीफ़ की। मौर्य ने कहा कि वे चाहे जितने भी मनगढ़ंत सपने देख लें, लेकिन कमल खिल चुका है और आगे भी खिलता रहेगा। 2014 से 2024 तक का इतिहास इस बात का सबूत है कि भारतीय जनता पार्टी के पास समर्पित कार्यकर्ता हैं, जबकि समाजवादी पार्टी गुंडों, अपराधियों और दंगाइयों से भरी हुई है। इसे भी पढ़ें: TMC सिंबल विवाद पर Rahul Gandhi का आरोप, BJP और चुनाव आयोग मिलकर छीन रहे दलों के चिह्न SP प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मौर्य ने बयान देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर उनकी निर्भरता की आलोचना की और उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। हम 2027 में तीसरी बार सरकार बनाएंगे और समाजवादी पार्टी का सफाया कर देंगे।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 1:09 pm

लालबागचा राजा के दरबार में सितारों का मेला, रणवीर सिंह ने बप्पा का लिया आशीर्वाद

मुंबई के सबसे प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार में हर साल गणेश चतुर्थी के अवसर भारी भीड़ देखने को मिलती है। आम भक्तों से लेकर बड़े-बड़े सेलेब्स तक, हर कोई बप्पा के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहा है। हाल ही में मनोरंजन जगत के कई सितारे लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंचे। लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचे सेलेब्स की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।

खास खबर 18 Sep 2026 1:07 pm

GDP पर मूडीज की मुहर... नहीं रुकेगा भारत, G20 देशों में सबसे तेज!

मूडीज ने भारत की जीडीपी को लेकर बड़ा टारगेट दिया है. जीडीपी अनुमान को लेकर मूडीज ने कहा है कि भारत की जीडीपी ग्रो‍थ रफ्तार G20 देशों में सबसे तेज हो सकती है.

आज तक 18 Sep 2026 1:07 pm

मोदी के फैसले के साथ 5 कांग्रेसी सांसद? UPI पर चिदंबरम ने राहुल को फंसाया?

डिजिटल इंडिया की रीड बन चुके यूपीआई को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस का डबल गेम एक्सपोज हुआ है जिसके खुलासे ने पूरे देश को हैरान परेशान कर दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सुबह से शाम तक घर से लेकर बाहर तक यह ढोल पीट रहे हैं कि मोदी सरकार यूपीआई पर 0.4% का एमडीआर थोपकर आम जनता की जेब पर डाका डाल देगी। जनता को महंगाई से और मार देगी। सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही है। उसके आगे घुटने टिक रही। राहुल गांधी सोशल मीडिया पर अपनी दादी इंदिरा गांधी की दुहाई दे देकर प्रधानमंत्री मोदी की रीड की हड्डी पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन यूपीआई पर चिल्लाने वाले राहुल गांधी को किसी और ने नहीं बल्कि उनके अपने ही सांसदों ने पूरी तरह फंसा दिया है। क्या आप जानते हैं कि जिस यूपीआई एमडीआर के फैसले को राहुल गांधी मोदी टैक्स बताकर देश को गुमराह कर रहे हैं। उसी व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू करने की सिफारिश किसी और ने नहीं बल्कि खुद कांग्रेस के दिग्गज सांसदों के जरिए की गई। इसे भी पढ़ें: 'वोट चोरी के बाद अब पार्टी चोरी': TMC विवाद पर Rahul Gandhi का Election Commission पर हमला मतलब जब बैठक हुई तो कांग्रेस के सांसद उस बैठक में रजामंदी दिखाते हुए नजर आए। जिसका बाहर आकर विरोध कर रहे हैं, उसका अंदर समर्थन किया गया था पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से लेकर मनीष तिवारी और गौरव गोगोई जैसे कांग्रेस के पांच दिग्गजों ने संसदीय समिति की रिपोर्ट पर सहमति बताई। बिना किसी असहमति के यूपीआई पर एमडीआर लागू करने की वकालत दी। लेकिन अब वही कांग्रेस बाहर आकर यूपीआई पर जहर उगल रहा है। सिर्फ मकसद मोदी को निशाना बनाना है। राहुल गांधी जनता को गुमराह कर शोर मचा रहे हैं। आखिर संसद समिति के उस रिपोर्ट का क्या सच है जिसने राहुल गांधी के दोहरे चरित्र की धज्जियां उड़ा कर रख दी है। कांग्रेसियों को बेनकाब कर दिया है। चलिए आज परते खोलते हैं और कांग्रेस को ही बेनकाब कर देते हैं। इसे भी पढ़ें: TMC सिंबल विवाद पर Rahul Gandhi का आरोप, BJP और चुनाव आयोग मिलकर छीन रहे दलों के चिह्न क्या है पूरा मामला कहानी की शुरुआत 12 अगस्त को देश की संसद में पेश हुए वित्त संबंधी स्थाई समिति की उस सनसनीखेज रिपोर्ट से होती है। जिसने कांग्रेस पार्टी के दोहरे रवैया की पोल खोल कर रख दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी सांसद भृतु हरी मेहताब की अध्यक्षता वाली इस उच्च स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में साफ शब्दों में कहा था कि भारत में यूपीआई और रूप के बढ़ते इस्तेमाल को बनाए रखने के लिए अब एक स्थाई राजस्व मॉडल यानी एमडीआर की सख्त जरूरत है। समिति ने सिफारिश की थी कि यूपीआई इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए टियर आधारित एमडीआर व्यवस्था को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए। इस कहानी में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस संसदीय समिति में कांग्रेस पार्टी के पांच-पांच बड़े और कद्दावर सांसद शामिल थे। जिसमें देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, किशोर लाल और के गोपीनाथ के नाम दर्ज हैं। जब यह रिपोर्ट मंजूर हुई तो संसद के पटल पर जब रखी गई तब इन कांग्रेसी नेताओं ने एक शब्द भी असहमति पर दर्ज नहीं कराया। यानी बंद कमरे में कांग्रेस के नेता मोदी सरकार के इस कदम को पूरी तरह जायज ठहरा रहे थे। मतलब चुप्पे साध कर बैठे थे। विरोध नहीं किया था। यह रिपोर्ट के मुताबिक साफ-साफ कहा जा रहा है क्योंकि आपत्ति होती तो विरोध भी करते, इसे आगे बढ़ने से रोकते भी, शोर भी मचाते लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जैसे ही यह फैसले लागू होने की बारी आई तो राहुल गांधी सड़क पर आकर राजनीति का ड्रामा रचने लगे। अपने सांसदों से नहीं पूछ रहे हैं कि बैठक में क्या हुआ, कैसे हुआ? विरोध क्यों नहीं किया गया? लेकिन बाहर आकर माहौल मोदी सरकार के खिलाफ बना दिया है। प्रधानमंत्री मोदी पर तीखे हमले शुरू कर दिए गए हैं। राहुल क्यों हैं इतने हमलावर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बिना देरी करते हुए एक वीडियो जारी कर यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क को मोदी टैक्स करार दिया और इसे तुरंत वापस लेने की मांग कर डाली। राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिका के आगे घुटने टेकने का बचकाना आरोप लगाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अपनी दादी इंदिरा गांधी का भी किस्सा सुना दिया। राहुल गांधी ने लिखा जब उनसे पूछा गया था कि वो वामपथंत की ओर झुकती है या फिर दक्षिण पंत की ओर तो उनका जवाब था कि वो ना बाई और झुकती है और ना दाई और बल्कि सीधी खड़ी रहती है। राहुल नए-नए आरोप लगाकर मोदी सरकार के इस फैसले पर जमकर चिल्ला रहे हैं। लेकिन देश की जनता आज राहुल गांधी से पूछ रही है कि जब आपकी पार्टी के पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम खुद संसद के रिपोर्ट के समर्थन में खड़े थे, चुप्पी साथ बैठे थे, विरोध नहीं कर रहे थे तो फिर राहुल गांधी किस आधार पर इसे मोदी टैक्स बताकर चिल्ला रहे हैं? संसदयी समिति की रिपोर्ट क्या कहती है? रिपोर्ट के मुताबिक 2026 के बजट में मोदी सरकार ने यूपीआई और रुपए पर जीरो एमडीआर नीति से पैदा होने वाले भारी भरकम नुकसान की भरपाई के लिए 2000 करोड़ का प्रावधान किया था। रिपोर्ट के मुताबिक यूपीआई के हर महीने 150 अरब तक ट्रांजैक्शन करने और 60 करोड़ नए यूज़र्स जोड़ने का अनुमान है। इतने विशाल नेटवर्क को चलाने की जो वास्तविक लागत आती है सरकार की 2000 करोड़ की प्रोत्साहन राशि उस लागत का केवल 11% और संभावित एमडीआर संग्रह का महज 14स ही कवर कर पाती है। समिति ने इसे एक खतरनाक स्ट्रक्चर फंडिंग गैप यानी वित्तीय खाई बता दिया और इसलिए इस व्यवस्था की सिफारिश की थी ताकि सरकारी खजाने पर दबाव ना पड़े। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि अगर पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर जैसे बैंक और पेमेंट्स ऐप को सही फंड नहीं मिला तो यूपीआई की साइबर सिक्योरिटी धोखाधड़ी रोकने का इंतजाम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में नया निवेश पूरी तरह ठप हो जाएगा। और इसी साइबर क्राइम से जनता को बचाने के लिए सरकारी खजाने को बचाने के लिए संतुलित एमडीआर व्यवस्था की सिफारिश कांग्रेस सांसदों ने भी की थी।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 1:04 pm

Mayur Vihar के स्कूल में बम की धमकी के बाद Alert, परिसर में Bomb Squad की सघन तलाशी

दिल्ली फायर सर्विस ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली के मयूर विहार फेज 1 स्थित बलराम पब्लिक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद सुरक्षा के इंतज़ाम किए गए। DFS अधिकारियों के मुताबिक, सुबह 8:40 बजे बम की धमकी वाली कॉल मिलने के बाद पुलिस और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को अलर्ट कर दिया गया। स्कूल में सुरक्षा जांच चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि अभी और जानकारी का इंतज़ार है। इसे भी पढ़ें: स्कूल मान्यता मामले में पूर्व मंत्री Anbil Mahesh के ठिकानों पर CCB की छापेमारी अधिकारियों ने बताया कि इस हफ़्ते मंगलवार को दिल्ली के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले, जिसके बाद छात्रों को बाहर निकाला गया और बड़े पैमाने पर सुरक्षा जांच की गई; प्रभावित स्कूलों में बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग स्क्वाड तैनात किए गए। बम की धमकी पाने वाले स्कूलों में चाणक्यपुरी का ब्रिटिश स्कूल, धौला कुआं का आर्मी पब्लिक स्कूल और लोदी एस्टेट का सरदार पटेल विद्यालय शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, धमकी के मामले में एयर फ़ोर्स बाल भारती स्कूल और कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल का नाम भी सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि ये ईमेल सुबह 10:17 बजे मिले थे और इनमें से एक ईमेल के सब्जेक्ट में दोपहर 1:11 बजे दिल्ली के स्कूलों में कथित धमाके का ज़िक्र था। माना जा रहा है कि पंजाबी में लिखे गए इन धमकी भरे संदेशों में स्कूलों में धमाके करने की धमकी दी गई थी। साथ ही, इनमें राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस स्टेशनों, पुलिस चौकियों और कोर्ट परिसरों पर हमले की चेतावनी भी दी गई थी। कहा जा रहा है कि इन धमकी भरे ईमेल में लोगों को 29 सितंबर तक दिल्ली मेट्रो या ट्रेनों में सफ़र न करने की चेतावनी दी गई थी और कई जगहों पर धमाके करने की धमकी दी गई थी। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमकी में कई अदालतों का भी ज़िक्र था और कोर्ट परिसर के अंदर और आस-पास धमाके करने की धमकी दी गई थी। इसे भी पढ़ें: UP में कानून का राज, CM Yogi बोले- अपराधी या तो जेल में हैं या दूसरी दुनिया में धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद, पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित स्कूलों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध चीज़ का पता लगाने के लिए बम का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने वाले स्क्वाड और स्निफर डॉग टीमों को क्लासरूम, कॉरिडोर, खुली जगहों और परिसर के दूसरे हिस्सों की जांच के लिए तैनात किया गया।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 1:03 pm

सम्राट सरकार के 5 महीने... क्या बदला, क्या बाकी? रविशंकर प्रसाद से जानिए

Panchayat Aajtak Bihar 2026: बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद से बिहार में सरकार बनने पर आजतक ने खास बातचीत की है. उन्होंने कहा कि बिहार हिंदी पट्टी का आखिरी राज्य था जहां बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं बना था, और अब यह सपना पूरा हुआ है. उन्होंने नीतीश कुमार के साथ 2005 से चले आ रहे रिश्ते और जंगल राज के खिलाफ साझा संघर्ष का हवाला दिया. उन्होंने पटना एयरपोर्ट, वंदे भारत ट्रेनों, अटल पथ, गंगा पुलों और बाढ़ राहत कार्यों का जिक्र किया.

आज तक 18 Sep 2026 1:02 pm

चीन से रिश्ते और हिंसा... CBFC की नई गाइडलाइंस की चर्चा क्यों?

फिल्मों में हिंसा और ड्रग्स कैसे दिखा सकते हैं? क्या चीन का नाम भी परेशानी बढ़ा सकता है? CBFC की नई गाइडलाइन्स में इन सवालों के जवाब जानें.

आज तक 18 Sep 2026 1:02 pm

चतरा में 17 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

झारखंड के चतरा जिले में 17 वर्षीय किशोरी का कथित तौर पर अपहरण कर, उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने एवं गला घोंटकर उसकी हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि यह वारदात 14 सितंबर की रात कुंडा पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में तीज त्योहार के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। अधिकारी ने बताया कि तेज ध्वनि में बज रही संगीत और युवाओं के नाच-गाने के बीच, आरोपियों ने लड़की का अपहरण किया और उसे टेटारटांड इलाके में एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां उन्होंने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसी के दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि अगले दिन सुबह पीड़ित का शव झाड़ियों में मिला। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सुनील कुमार सिंह ने बताया, ‘‘हमने इस मामले में बुधवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया जिनकी उम्र क्रमश: 19 और 22 वर्ष है।’’उन्होंने दावा किया कि दोनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता की बात स्वीकार की है। अधिकारी ने बताया कि उनकी निशानदेही पर पुलिस ने पीड़िता की लाल रंग की टॉर्च, हेयर पिन और घटना के समय आरोपी द्वारा पहने गए कपड़ों के अलावा एक मोबाइल फोन भी जब्त किया। उन्होंने बताया कि कुंडा पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 1:02 pm

दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म के बाद 16 साल की लड़की की हत्या, सीसीटीवी से खुला राज, टेंपो के रूट से आरोपितों तक पहुंची पुलिस, चार गिरफ्तार

बाहरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन नाबालिगों समेत चार आरोपितों को पकड़ा है।

दैनिक जागरण 18 Sep 2026 1:01 pm

गोवा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा अभियान, 22 सितंबर से निकलेगी 27 दिन की ‘गोय राखोन्न यात्रा’

गोवा विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस 22 सितंबर से ‘गोय राखोन्न यात्रा’ शुरू करेगी। 27 दिन की यात्रा राज्य की सभी 40 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी।

देशबन्धु 18 Sep 2026 12:59 pm

कॉकरोचों की बड़ी जीत, सरकार ने दे दिया अहम आदेश; अभिजीत दीपके अब क्या कर कर रहे?

कॉकरोच जनता पार्टी ने बीते 15 अगस्त को अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद अभिजीत दीपके की टीम देशभर के कई सरकारी स्कूलों का दौरा कर खामियां दिखाई थीं। इसके बाद अब बदलाव नजर आ रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Sep 2026 12:58 pm

जर्मनी में दक्षिणपंथ का उभार... क्यों 'नाजीवाद' के फिर से लौटने का डर सताने लगा?

जर्मनी के सैक्सोनी-अनहाल्ट चुनाव में एएफडी को करीब 43.8 प्रतिशत वोट मिले और उसने 83 में से 39 सीटें जीतीं. AfD के बढ़ते समर्थन के पीछे पूर्वी जर्मनी का आर्थिक पिछड़ापन, युवाओं का पलायन, इमिग्रेशन को लेकर असंतोष और मुख्यधारा की पार्टियों से निराशा जैसे कारण बताए गए हैं. पार्टी माइग्रेशन, असाइलम, रूस-यूक्रेन युद्ध और ऊर्जा नीति को लेकर जर्मनी की पिछली सरकारों से अलग रुख रखती है?

आज तक 18 Sep 2026 12:58 pm

हूतियों के सरदार ने मक्का को बचाने की खाई कसम, सऊदी के आरोपों को नकारा

सऊदी अरब ने दावा किया कि मक्का के दक्षिण में हूतियों का ड्रोन रोककर नष्ट किया गया, जबकि हूती सरदार अब्दुल मलिक अल-हूती ने इस आरोप को खारिज कर दिया. इस टकराव में सऊदी पवित्र स्थलों की सुरक्षा को रेड लाइन बता रहा है, जबकि हूती पक्ष कह रहा है कि उसके निशाने सिर्फ सैन्य ठिकाने और तेल ढांचा हैं.

आज तक 18 Sep 2026 12:55 pm

TMC का जोड़ाफूल छिना तो फुटबॉल या क्रिकेट बैट? ममता गुट ने EC को भेजी 3 नाम-चिह्न की लिस्ट

1 जनवरी 1998 को ममता बनर्जी के पार्टी के गठन के बाद यह पहला मौका होगा जब बंगाल के मतदाता EVM पर न तो तृणमूल कांग्रेस का नाम देख पाएंगे और न ही उनका जाना-पहचाना चुनाव चिन्ह।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Sep 2026 12:53 pm

भ्रष्ट कांग्रेस में लौटने का सवाल ही पैदा नहीं होता': सुनील जाखड़ का प्रताप सिंह बाजवा पर तीखा पलटवार

पंजाब की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों बयानों के तीर और राजनीतिक उठापटक अपने चरम पर है। राज्य की सियासत में समय-समय पर पाला बदलने वाले नेताओं को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जाती हैं, और ऐसा ही कुछ हाल ही में तब देखने को मिला जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भाजपा नेता सुनील जाखड़ की घर वापसी को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया। बाजवा के इस दावे के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं कि क्या सुनील जाखड़ एक बार फिर पुरानी पार्टी का रुख कर सकते हैं। इन तमाम अटकलों पर खुद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब इकाई के प्रमुख चेहरों में शुमार सुनील जाखड़ ने बेहद तीखा और दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अब पूरी तरह से भाजपाई हैं और उस 'भ्रष्ट कांग्रेस' में कभी वापस लौटने का सवाल ही पैदा नहीं होता। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से कड़ाई से पालन करते हुए, आइए पंजाब की इस गरमागरम राजनीतिक जंग और सुनील जाखड़ के इस बड़े बयान के हर पहलू की गहराई से समीक्षा करते हैं।प्रताप सिंह बाजवा के उस बयान पर मचा था सियासी बवाल जिसमें की गई थी घर वापसी की चर्चापूरा राजनीतिक विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने एक बयान के दौरान सुनील जाखड़ के कांग्रेस में लौटने या उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कुछ संकेत दिए। पंजाब की राजनीति में सुनील जाखड़ का एक बड़ा कद रहा है और वे लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के स्तंभ रहे हैं, लेकिन वैचारिक मतभेदों और नेतृत्व से नाराजगी के चलते उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। बाजवा के उस बयान के बाद राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या पंजाब में कांग्रेस अपनी पुरानी ताकत को वापस पाने के लिए बिगाड़े हुए रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रही है। हालांकि, राजनीति के इस कुरुक्षेत्र में हवा का रुख किस तरफ है, यह तब साफ हुआ जब खुद सुनील जाखड़ ने सामने आकर इन सभी कयासों पर हमेशा के लिए विराम लगा दिया और अपनी राजनीतिक निष्ठा को लेकर पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट कर दी।'भ्रष्ट कांग्रेस में लौटने का कोई सवाल नहीं': सुनील जाखड़ का तीखा और स्पष्ट पलटवारप्रताप सिंह बाजवा के दावों और राजनीतिक संकेतों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील जाखड़ ने बेहद आक्रामक और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वे अब पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के सिपाही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों तथा विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने राष्ट्रहित में भाजपा का रास्ता चुना है। कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने उसे 'भ्रष्ट' करार दिया और कहा कि जो पार्टी और उसकी कार्यसंस्कृति भ्रष्टाचार में डूबी हुई हो, वहां दोबारा लौटने का उनका कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। जाखड़ ने यह भी कहा कि विपक्षी दल अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख इस तरह के भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी यह मंशा कभी कामयाब नहीं होगी। उनके इस कड़े बयान के बाद पंजाब की सियासत में कांग्रेस के नेताओं की तरफ से भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे सूबे का सियासी पारा काफी हाई हो चुका है।पंजाब की राजनीति में सुनील जाखड़ की भूमिका और भाजपा का बढ़ता कदसुनील जाखड़ का कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होना पंजाब की राजनीति में एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था। एक हिंदू चेहरे और मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेता के रूप में जाखड़ ने पंजाब में भाजपा को मजबूती देने का काम किया है। वर्तमान में वे पार्टी के भीतर एक अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और लगातार राज्य सरकार तथा विपक्षी दलों दोनों पर हमलावर रहते हैं। कांग्रेस के नेताओं द्वारा इस तरह के बयान देना यह दर्शाता है कि विपक्षी दल अभी भी यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि उनके कई दिग्गज नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में जा चुके हैं। सुनील जाखड़ का यह स्पष्ट करना कि वे अपने फैसले पर पूरी तरह कायम हैं, यह साबित करता है कि पंजाब में भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी तरह आक्रामक रुख अपनाए हुए है और आने वाले चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।आगामी राजनीतिक समीकरणों पर इस बयान का क्या होगा असरसुनील जाखड़ और प्रताप सिंह बाजवा के बीच चल रही इस जुबानी जंग ने पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य को एक बार फिर से गर्मा दिया है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी अपनी खोई हुई साख को बचाने और नेताओं को एकजुट करने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सुनील जाखड़ जैसे नेता कांग्रेस की कार्यशैली और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर उसे लगातार घेर रहे हैं। पंजाब के मतदाता अब बहुत समझदार हो चुके हैं और वे नेताओं के इस तरह के बयानों के सियासी मायने बहुत अच्छी तरह समझते हैं। आने वाले समय में जैसे-जैसे राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी, इस प्रकार के बयानबाजी के दौर और अधिक देखने को मिलेंगे। फिलहाल, सुनील जाखड़ ने अपने इस दो टूक बयान से तमाम अटकलों का धुआं उड़ा दिया है और यह साफ कर दिया है कि वे अपनी वर्तमान राजनीतिक यात्रा से पूरी तरह संतुष्ट हैं और पीछे मुड़कर देखने का उनका कोई इरादा नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:52 pm

रूसी हमले का निशाना बनी कीव की रिहायशी इमारत, देखें दुनिया आजतक

रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा हमला किया. रिहायशी इमारत पर हुए हमले में 18 लोग घायल हुए. हमले में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा. साथ ही रूस ने यूक्रेन-पोलैंड सीमा के पास भी ड्रोन हमला किया. सीमा पर बने क्रॉसिंग को कोई नुकसान नहीं हुआ. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 18 Sep 2026 12:52 pm

अमृतसर में दिनदहाड़े एएसआई की गोली मारकर निर्मम हत्या: बाइक सवार हमलावर हुए फरार

पंजाब के सीमावर्ती शहर अमृतसर में कानून-व्यवस्था को एक बार फिर से खुली चुनौती देते हुए अपराधियों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। शहर के व्यस्त इलाके में अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने पंजाब पुलिस के एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में भारी दहशत फैल गई है और पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और अपराधियों की धरपकड़ के लिए पूरे शहर में नाकेबंदी कर दी गई है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए, आइए अमृतसर की इस गंभीर और सनसनीखेज घटना के हर पहलू की गहराई से समीक्षा करते हैं।अमृतसर में पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला और सनसनीखेज वारदात का घटनाक्रमप्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना अमृतसर के एक प्रमुख इलाके में उस समय घटी जब एएसआई अपनी ड्यूटी या किसी व्यक्तिगत कार्य से बाहर थे। पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन पर नजदीक से कई राउंड फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अपराधियों ने बेहद पेशेवर अंदाज में इस वारदात को अंजाम दिया और वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। गंभीर रूप से घायल हुए एएसआई को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक पुलिस अधिकारी पर इस तरह दिनदहाड़े हुए इस जानलेवा हमले ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस, अपराधियों की तलाश तेजघटना की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस की कई विशेष टीमों और क्राइम ब्रांच को अपराधियों की तलाश में लगा दिया गया है। पुलिस घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने में जुटी है ताकि हमलावरों के आने और भागने के रूट का पता लगाया जा सके। फुटेज में कुछ संदिग्ध बाइक सवारों की गतिविधियां कैद होने की बात सामने आ रही है, जिसके आधार पर पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या फिर किसी पेशेवर गिरोह का हाथ है। पुलिस के उच्च अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था पर उठते गंभीर सवालपंजाब में पुलिस कर्मियों पर इस तरह के हमले होना यह दर्शाता है कि बदमाशों के मन में कानून का खौफ किस हद तक कम हो चुका है। विपक्षी दलों और स्थानीय नागरिकों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आम जनता के साथ-साथ जब पुलिस वाले ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की क्या गारंटी है। अमृतसर में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने व्यापारियों और आम नागरिकों की नींद उड़ा दी है। लोग मांग कर रहे हैं कि अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दुस्साहसिक वारदातों को रोका जा सके। पुलिस प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके हर एक मददगार पर कड़ी नजर रखी जाएगी।पुलिस बल में शोक की लहर और आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष नाकेबंदीएक साथी पुलिसकर्मी की इस तरह अचानक हुई निर्मम हत्या से पूरे अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट और पंजाब पुलिस में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। शहीद एएसआई के परिवार को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस महकमे ने यह संकल्प लिया है कि हत्या में शामिल मुख्य आरोपियों और उनके संरक्षकों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। पंजाब के अन्य जिलों से आने वाले सभी रास्तों पर वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। आने वाले दिनों में पुलिस की इस कार्रवाई और जांच के नतीजों से ही यह साफ हो पाएगा कि इस खौफनाक साजिश के पीछे असली चेहरे कौन थे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:51 pm

भारत का तूफानी वार, जापान 57 पर ढेर... 30 गेंदों में मैच खत्म

एशियन गेम्स महिला क्रिकेट के क्वार्टर फाइनल में भारत ने जापान को 8 विकेट से रौंदकर सेमीफाइनल में जगह बना ली. भारतीय स्पिनरों ने जापान को महज 57 रनों पर समेट दिया, जिसमें श्री चरणी ने 4 और शेफाली वर्मा ने 2 विकेट झटके. जवाब में शेफाली ने सिर्फ 15 गेंदों में नाबाद 40 रन ठोककर भारत को 5 ओवर में ही जीत दिला दी.

आज तक 18 Sep 2026 12:51 pm

पंजाब: पठानकोट के पास रवनीत बिट्टू के काफिले पर हमला

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर पठानकोट के पास हमले के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है, जहां बिट्टू ने लगभग 100 आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं पर इस हमले को अंजाम देने का सीधा आरोप लगाया है.

आज तक 18 Sep 2026 12:51 pm

झारखंड को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, कारोबारी संजय डालमिया से जुड़े 7 ठिकानों पर छापेमारी

झारखंड के वित्तीय गलियारों में इन दिनों भ्रष्टाचार और अवैध वित्तीय लेनदेन के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों का शिकंजा पूरी तरह से कसता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले से जुड़े मामले में एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। केंद्रीय एजेंसी ने इस बहुचर्चित घोटाले के तार खंगालते हुए प्रमुख कारोबारी संजय डालमिया से जुड़े राज्य और देश के अन्य हिस्सों के कुल 7 ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है। सुबह-सुबह हुई इस अचानक कार्रवाई से झारखंड के व्यावसायिक और राजनीतिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से पालन करते हुए, आइए इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी और को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले की परत-दर-परत पूरी सच्चाई जानते हैं।झारखंड को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले का पूरा मामला और ईडी की एंट्रीझारखंड में सहकारिता और वित्तीय संस्थानों के फंड में बड़े पैमाने पर अनियमितता और गबन के आरोप लंबे समय से उठते रहे हैं। राज्य के को-ऑपरेटिव बैंकों के माध्यम से दिए जाने वाले ऋण, वित्तीय लेन-देन और खातों में की गई हेराफेरी को लेकर कई स्तरों पर सवाल खड़े हुए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि बैंक के नियमों को ताक पर रखकर चहेते लोगों और फर्जी फर्मों को बड़े पैमाने पर फंड ट्रांसफर किए गए, जिससे सरकारी खजाने और आम निवेशकों की गाढ़ी कमाई को भारी नुकसान पहुंचाया गया। इसी वित्तीय गड़बड़ी के मुख्य सूत्रों को तलाशने के लिए ईडी ने अब ठोस सबूत जुटाने की खातिर यह बड़ी और निर्णायक कार्रवाई शुरू की है।कारोबारी संजय डालमिया के 7 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी से मचा कोहरामप्रवर्तन निदेशालय की इस ताजा कार्रवाई के केंद्र में प्रमुख व्यवसायी संजय डालमिया और उनके करीबी व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। केंद्रीय एजेंसी की टीमों ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत संजय डालमिया से जुड़े रांची और अन्य प्रमुख ठिकानों समेत कुल 7 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। छापेमारी के दौरान सीआरपीएफ के कड़े सुरक्षा घेरे के बीच अधिकारियों ने परिसरों की गहन तलाशी ली और बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों, हार्ड ड्राइव्स, लॉकर की चाबियों और तमाम संदेहास्पद दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया। इस अचानक हुई रेड से कारोबारी जगत में सनसनी फैल गई है और हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि इस जांच की आंच आगे चलकर और किन-किन बड़े चेहरों तक पहुंचने वाली है। शुरुआती इनपुट के अनुसार, इन ठिकानों से कई ऐसे अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं जो बैंक घोटाले के मनी ट्रेल (Money Trail) को उजागर करने में बेहद मददगार साबित होंगे।फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन वितरण और मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा खेलजांच एजेंसियों के सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, झारखंड को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में बड़े पैमाने पर वित्तीय नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। आरोप है कि बिना किसी पर्याप्त गिरवी या वास्तविक व्यावसायिक जरूरतों के नाममात्र की फर्जी कंपनियों के नाम पर भारी-भरकम लोन स्वीकृत किए गए। इन कर्जों की राशि को बाद में अलग-अलग शैल कंपनियों (Shell Companies) के जरिए घुमाकर संपत्तियों में निवेश किया गया या ठिकाने लगाया गया। कारोबारी संजय डालमिया की इन वित्तीय लेन-देन में कथित संलिप्तता की पुख्ता कड़ियों को जोड़ने के लिए ही ईडी ने यह तलाशी अभियान चलाया है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले के पीछे का असली मास्टरमाइंड कौन है और इसमें किन-किन बैंक अधिकारियों या राजनीतिक संरक्षकों की मिलीभगत रही है।राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज, आगे क्या होगी कार्रवाईझारखंड में जैसे ही ईडी की इस छापेमारी की खबर फैली, प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई। विपक्षी दल और आम जनता लंबे समय से राज्य के वित्तीय संस्थानों में हो रहे भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे थे। अब केंद्रीय एजेंसी की इस सख्त कार्रवाई के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और लोगों पर शिकंजा कस सकता है। ईडी द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच के बाद संदिग्धों को पूछताछ के लिए समन भी भेजा जा सकता है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश देती है कि वित्तीय अपराधों और सरकारी धन के गबन के मामलों में कानून का हाथ कितना लंबा होता है। झारखंड के इस बहुचर्चित को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले की हर एक अपडेट पर देश भर की निगाहें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:50 pm

झारखंड में राशन कार्ड बनवाने के नियम हुए सख्त! घर की फोटो, प्रमाण पत्र समेत ये 6 दस्तावेज हुए अनिवार्य

झारखंड के लाखों नागरिकों और परिवारों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी, सटीक और पात्र लाभार्थियों तक सीमित करने के लिए राशन कार्ड (Ration Card) बनाने और उसमें सुधार करने के नियमों में कड़े बदलाव कर दिए हैं। अब पहले की तरह केवल सामान्य दस्तावेजों के आधार पर राशन कार्ड बनवाना मुमकिन नहीं होगा, बल्कि खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा तय किए गए नए मानकों के तहत कई नए और अनिवार्य दस्तावेज जोड़ने का प्रावधान कर दिया गया है। यदि आप भी झारखंड में नया राशन कार्ड बनवाने की सोच रहे हैं या अपने पुराने कार्ड में नाम जुड़वाना चाहते हैं, तो आपके लिए इन नए नियमों की पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से पालन करते हुए, आइए झारखंड के इस नए राशन कार्ड नियम और पूरी आवेदन प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा करते हैं।झारखंड में राशन कार्ड के नियमों में क्यों किए गए हैं ये बड़े बदलावराज्य में लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कई संपन्न और अपात्र लोग फर्जी दस्तावेजों या कमियों का फायदा उठाकर सरकारी राशन की योजनाओं का अनुचित लाभ उठा रहे हैं, जबकि वास्तव में जरूरतमंद गरीब परिवार कई बार सरकारी सहायता से वंचित रह जाते हैं। इसी व्यवस्था में पूरी तरह से पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए झारखंड सरकार ने राशन कार्ड के नियमों को सख्त करने का यह बड़ा कदम उठाया है। नए नियमों के लागू होने से अब सिस्टम में फर्जीवाड़े की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी और केवल उन्हीं लोगों को सब्सिडी वाला राशन मिल सकेगा जो वास्तव में इसके असली हकदार हैं। सरकार के इस कदम से प्रशासनिक अमले में भी सक्रियता बढ़ गई है और जिला आपूर्ति कार्यालयों (District Supply Office) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि आवेदनों की जांच पूरी बारीकी से की जाए।नया राशन कार्ड बनवाने के लिए कौन से 6 दस्तावेज किए गए हैं अनिवार्यझारखंड सरकार के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अब आवेदनकर्ताओं को कुल छह मुख्य और अनिवार्य दस्तावेज अपने फॉर्म के साथ संलग्न करने होंगे। इन छह अनिवार्य दस्तावेजों की सूची में सबसे पहले परिवार के मुखिया और सभी सदस्यों का आधार कार्ड (Aadhaar Card) शामिल है। इसके अलावा, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी जो यह दर्शाती हो कि खाता आधार से लिंक है, वैध आवासीय प्रमाण पत्र (Residential Certificate) जो यह साबित करे कि आवेदक झारखंड का स्थायी निवासी है, परिवार के सभी सदस्यों का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या आयु का पुख्ता प्रमाण, परिवार के सदस्यों का पासपोर्ट साइज फोटो, और सबसे खास बात यह है कि अब आवेदक के घर की बाहरी और अंदर की तस्वीर (House Photograph) भी देना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि वास्तविक आर्थिक स्थिति का आकलन किया जा सके। इन छह दस्तावेजों के बिना अब किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।घर की फोटो और आवासीय प्रमाण पत्र की अनिवार्यता से कैसे होगी जांचनए नियमों के तहत आवेदन के साथ घर की तस्वीर संलग्न करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि आवेदक कच्चे मकान में रहता है या किसी पक्के, सुविधासंपन्न और बहुमंजिला भवन में निवास करता है। कई बार लोग कागजों में अपनी आय और स्थिति छिपाकर राशन कार्ड बनवा लेते हैं, लेकिन घर की जियो-टैग या सामान्य फोटोग्राफी होने से अधिकारियों के लिए भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करना बेहद आसान हो जाता है। इसके साथ ही, आवासीय प्रमाण पत्र यह सुनिश्चित करता है कि लाभ केवल झारखंड के मूल निवासियों को ही मिले, बाहर के लोग इसका गलत फायदा न उठा सकें। इसी प्रकार जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता से बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की सटीक उम्र का मिलान किया जाता है, जिससे कोटे की इकाइयों (Units) में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न बचे।ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया और आम जनता के लिए जरूरी दिशा-निर्देशझारखंड के जो नागरिक नया राशन कार्ड बनवाना चाहते हैं या अपने पुराने कार्ड में संशोधन करवाना चाहते हैं, उन्हें अब सरकार के आधिकारिक ई-वितरण पोर्टल या झारखंड आहार (Jharkhand Aahar) वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑफलाइन फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया को लगभग सीमित कर दिया गया है ताकि बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। पोर्टल पर जाने के बाद आपको अपनी सभी जानकारियां सही-सही भरनी होंगी और उन छह अनिवार्य दस्तावेजों की स्कैनेड कॉपियों को अपलोड करना होगा। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित क्षेत्र के एमओ (MO) या आपूर्ति निरीक्षक द्वारा दस्तावेजों और घर की तस्वीरों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। यदि सभी जानकारियां सही पाई जाती हैं, तो कुछ ही हफ्तों में नया डिजिटल राशन कार्ड जारी कर दिया जाएगा। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करते समय किसी भी प्रकार की त्रुटि या फर्जी जानकारी देने से बचें, अन्यथा उनका आवेदन तुरंत खारिज किया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:45 pm

टीएमसी का चुनाव चिन्ह फ्रीज होने पर Rahul Gandhi का बड़ा बयान, कहा- वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी…

इंटरनेट डेस्क। पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में ईवीएम पर टीएमसी का चुनाव चिन्ह घास पर दो फूल नजर नहीं आएंगे। चुनाव आयोग ने चुनाव चिन्ह घास पर दो फूल और नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' को फ्रीज कर दिया है। आयोग ने रितब्रत बनर्जी गुट से विवाद की सुनवाई करते हुए ये कदम उठाया है। चुनाव आयोग के इस कदम से उपचुनाव में ममता बनर्जी और रितब्रत बनर्जी के उम्मीदवार नए नाम और नए चुनाव चिन्ह के साथ उतरेंगे। चुनाव आयोग की ओर से दोनों गुटों नया नाम और चुनाव चिन्ह की लिस्ट मांगी है। चुनाव आयोग के इस कदम पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं इस संबंध में राहुल गांधी ने कहा कि पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस। हर बार एक ही पैटर्न –बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है। जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं। वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं। ईसीआई की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है - मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं। यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है। PC: jansatta. अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें

समाचार जगत 18 Sep 2026 12:45 pm

DUSU Elections: मतदान के बीच ABVP और NSUI ने उठाए हॉस्टल व रियायती मेट्रो किराये के मुद्दे

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान जारी रहने के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के नेताओं ने छात्रावास की सुविधाओं, मेट्रो किराये में रियायत, छात्र कल्याण और परिसर में चुनाव जैसे मुद्दे उठाए। अभाविप के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार इशू मौर्य ने कहा कि संगठन विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत है और उन्होंने चुनाव में अभाविप के अच्छे प्रदर्शन को लेकर भरोसा जताया। मौर्य ने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है क्योंकि हमने विद्यार्थियों के बीच रहकर उनके कल्याण के लिए काम किया है।’’उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित छात्र संगठन शुरुआत से ही विद्यार्थियों के साथ मिलकर काम करता रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘जेन-जी’ को अब ‘‘गुमराह’’ नहीं किया जा सकता और उन्होंने भरोसा जताया कि अभाविप डूसू के चारों पदों पर जीत हासिल करेगी। इस बीच, एनएसयूआई के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार वीर चतरथ ने कहा कि संगठन का चुनाव प्रचार विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई ने चुनाव से पहले एक अभियान के जरिये विद्यार्थियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली और उनके जवाबों के आधार पर अपना घोषणापत्र तैयार किया। चतरथ ने कहा, ‘‘हमारे घोषणापत्र में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा छात्रावास का है।’’उन्होंने इस मुद्दे को दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हाल में इमारत गिरने की घटना से जोड़ा, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। चतरथ ने कहा कि इस हादसे में उनका एक करीबी सहयोगी भी घायल हुआ था और उसका अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में इलाज किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा मिली होती तो शायद इतने लोगों की जान नहीं जाती।’’चतरथ ने मेट्रो किराये में रियायत का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि अभाविप ने अपने पिछले घोषणापत्र में किया गया वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई छात्रावास की सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों से जुड़ी अन्य मांगों पर काम करेगी। चतरथ ने एनएसयूआई के अच्छा प्रदर्शन का भरोसा जताते हुए कहा, ‘‘मुझे पता है कि इस बार एनएसयूआई सभी पदों पर जीत हासिल करेगी।’’‘कैंपस लॉ सेंटर-II’ में विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल और ‘इनमें से कोई नहीं’ (नोटा) विकल्प को लेकर भी सवाल उठाए। गोपाला नामक एक विद्यार्थी ने कहा कि केंद्र की वेबसाइट पर ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और उसने सवाल उठाया कि एक ईवीएम पर दो पदों के लिए नोटा का एक ही विकल्प कैसे हो सकता है। उसने कहा कि उसने निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया था और उसे लिखित शिकायत देने को कहा गया। गोपाला ने विद्यार्थियों से मतदान करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘अगर आप घर पर रहेंगे तो वे लोग जीत जाएंगे जो काबिल नहीं हैं।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 12:43 pm

2027 Punjab Election से पहले AAP पेश करेगी Report Card, Manish Sisodia ने बताया पूरा Plan

आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने घोषणा की कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 20 सितंबर से अपनी धूरी विधानसभा सीट से पूरे राज्य में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने का एक बड़ा अभियान खुद शुरू करेंगे। यह अभियान 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले चलाया जा रहा है और इसका मकसद सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करना है। 18 सितंबर को चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिसोदिया ने बताया कि यह अभियान बूथ कमेटियों, युवा विंग के सदस्यों, महिला विंग, अनुसूचित जाति विंग और अन्य लोगों द्वारा चलाया जाएगा। ये कमेटियां पूरे राज्य में 25,332 बूथों पर काम करेंगी। इसे भी पढ़ें: AAP ने BJP की Nasha Mukt Punjab Yatra पर दागे सवाल, 10 साल के शासन का मांगा हिसाब उन्होंने बताया कि लगभग 2,68,000 बूथ कमिटी सदस्य घर-घर जाकर सरकार की विकास से जुड़ी उपलब्धियों, लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं और किए गए प्रशासनिक सुधारों के बारे में बताएंगे। सिसोदिया ने कहा कि 2,68,553 कार्यकर्ता, बूथ कमिटी सदस्य और बूथ लीडर सरकार की उपलब्धियों को हर घर तक पहुंचाएंगे। अगले एक महीने में, हर बूथ कमिटी सदस्य घर-घर जाकर लोगों से बात करेगा और उन्हें बताएगा कि कैसे पिछले साढ़े चार सालों में पंजाब सरकार की वजह से पंजाब ने तरक्की की है, उनके परिवारों को फायदा हुआ है और उनकी निजी ज़िंदगी बेहतर हुई है। सिसोदिया ने ज़ोर देकर कहा कि मान सरकार ने साढ़े चार सालों में चुनाव के सभी अहम वादे पूरे किए हैं, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में लोगों का काफ़ी भरोसा जीता है। उन्होंने आगे कहा कि हर एक गारंटी पूरी की गई है, और नतीजतन, पंजाब में एक औसत परिवार को अब सालाना 1,82,000 रुपये का आर्थिक फ़ायदा हो रहा है, जो हर महीने 15,000 रुपये से ज़्यादा है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान 19 सितंबर को लुधियाना में चुनाव प्रचार का पैम्फ़लेट जारी करेंगे। इसे भी पढ़ें: जो भूपेश बघेल नहीं कर पाए वो सचिन पायलट ने कर दिखाया? एक मंच पर दिखे चन्नी-राजा वडिंग समेत दिग्गज कॉन्फ़्रेंस के बाद सिसोदिया ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान, मान सरकार ने न केवल 2022 के चुनावी वादों को पूरा किया है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, व्यापार, युवाओं के लिए रोज़गार और खेल जैसे अहम क्षेत्रों में उम्मीद से बेहतर काम किया है। उन्होंने कहा कि चार सालों में, भगवंत मान सरकार ने चुनाव से पहले पंजाब की जनता से किए गए वादों से कहीं ज़्यादा काम किया है। पंजाब आगे बढ़ रहा है; राज्य ने स्कूल, अस्पताल, कृषि, व्यापार, युवाओं के लिए रोज़गार और खेल जैसे सभी क्षेत्रों में पूरी ईमानदारी से तरक्की की है। ईमानदारी की इसी राजनीति से प्रेरित होकर, मैं आज यह घोषणा कर रहा हूँ कि सरकार ने अपने तय किए गए कामों को पूरा किया है और पूरी लगन से काम करना जारी रखेगी।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 12:43 pm

किताबों में मिलने वाले 3700 साल पुराने वायरस से मर गए 5 लाख जानवर

मध्यकालीन किताबों में छिपा 3700 साल पुराना शीपपॉक्स वायरस मिला है. इससे होने वाली बीमारी यूरोप के भेड़ों को तबाह करता था. आज भी ग्रीस में पांच लाख जानवरों की मौत का कारण बना है.

आज तक 18 Sep 2026 12:42 pm

झारखंड के इंजीनियरिंग कॉलेज में खाने को लेकर छात्रों का फूटा भयंकर गुस्सा! मेस के भोजन में कीड़े

देशभर के तकनीकी शिक्षण संस्थानों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में मिलने वाली मेस की सुविधाओं को लेकर छात्रों की नाराजगी अक्सर सामने आती रहती है, लेकिन झारखंड से एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है। राज्य के एक प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेज में मेस के खाने की बेहद खराब गुणवत्ता को लेकर छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने जोरदार हंगामा कर दिया। छात्रों का आरोप है कि उन्हें परोसे जाने वाले भोजन में जिंदा कीड़े, कांच के टुकड़े और खतरनाक लोहे के तार तक मिल रहे हैं, जिससे उनकी जान को सीधा खतरा पैदा हो गया है। इस सनसनीखेज लापरवाही के सामने आने के बाद से कॉलेज परिसर में भारी तनाव और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से कड़ाई से पालन करते हुए, आइए झारखंड के इस इंजीनियरिंग कॉलेज में हुए हंगामे और इस बड़ी खबर के हर एक पहलू की गहराई से समीक्षा करते हैं।झारखंड के इंजीनियरिंग कॉलेज में मेस के खाने को लेकर छात्रों का फूटा आक्रोशमामला झारखंड के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान का है, जहां दूर-दराज से आए छात्र हॉस्टल में रहकर अपनी तकनीकी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। लंबे समय से छात्र मेस के खाने की घटिया गुणवत्ता, साफ-सफाई की कमी और पौष्टिकता के अभाव को लेकर शिकायत कर रहे थे, लेकिन कॉलेज प्रशासन और मेस संचालक की तरफ से हमेशा उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता रहा। आखिरकार, जब हद पार हो गई और छात्रों के सब्र का बांध टूट गया, तो उन्होंने मेस के बाहर इकट्ठा होकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाया कि वे भविष्य के इंजीनियरों के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। इस अचानक हुए विरोध प्रदर्शन से संस्थान के भीतर प्रशासनिक अमले में भगदड़ मच गई और स्थिति को संभालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।भोजन में कीड़े, कांच और लोहे के तार मिलने के गंभीर आरोपइस हंगामे की सबसे बड़ी और डरावनी वजह वह सामग्री थी जो छात्रों की थाली में परोसी जा रही थी। विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने खाने की प्लेटों को दिखाते हुए गंभीर आरोप लगाए कि उन्हें जो दाल और सब्जियां दी जा रही हैं, उनमें अक्सर कीड़े तैरते हुए मिलते हैं। इससे भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि कई बार रोटियों और चावल में कांच के बारीक टुकड़े और लोहे के जंग लगे तार तक पाए गए हैं। छात्रों का कहना है कि यदि कोई छात्र बिना ध्यान दिए ऐसा दूषित भोजन खा ले, तो उसके पेट में गंभीर संक्रमण हो सकता है या उसकी जान भी जा सकती है। मेस के अंदर हाइजीन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और कैटरिंग एजेंसी पूरी तरह से मुनाफाखोरी के चक्कर में छात्रों की सेहत को दांव पर लगा रही है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना से जुड़े विजुअल और छात्रों का गुस्सा तेजी से वायरल हो रहा है।प्रशासन की लापरवाही और सुस्त रवैये के खिलाफ छात्रों की दो टूक मांगछात्रों का रोष इस बात को लेकर भी बहुत ज्यादा था कि कई बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायत करने के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मेस संचालक और कॉलेज प्रबंधन के बीच कथित मिलीभगत के कारण छात्रों को मजबूरन ऐसा जहरीला और अस्वास्थ्यकर खाना खाने पड़ रहा है। हंगामे की सूचना मिलने पर कॉलेज के कुछ वरिष्ठ अधिकारी और डीन मौके पर पहुंचे और छात्रों को शांत कराने की कोशिश की। हालांकि, छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक मेस के इस ठेकेदार को तुरंत प्रभाव से ब्लैकलिस्ट नहीं किया जाता और कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में खाने की गुणवत्ता की रोजाना जांच नहीं होती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन और अनुशासनहीनता के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और भविष्य की सुधारात्मक कार्रवाईदेश के तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले युवा देश का भविष्य हैं, और उनके स्वास्थ्य व बुनियादी सुविधाओं के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। झारखंड की इस घटना ने एक बार फिर से देश भर के हॉस्टलों और मेस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) को भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच बिठानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी छात्र की जान पर संकट न आए। कॉलेज प्रबंधन ने अब छात्रों को लिखित में आश्वासन दिया है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस घटना के बाद से झारखंड के अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी मेस की व्यवस्था को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:42 pm

सिरसा : औचक निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी नदारद मिलने पर थमाया गया कारण बताओ नोटिस

हरियाणा के प्रशासनिक और स्थानीय शहरी निकायों के कामकाज में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए जनप्रतिनिधि अब किस कदर सक्रिय हो चुके हैं, इसकी एक बानोगी हाल ही में सिरसा जिले से देखने को मिली है। सिरसा नगर परिषद के चेयरमैन ने प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यालयीन समय की पाबंदी को परखने के लिए नगर परिषद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के चेयरमैन के अचानक पहुंच जाने से दफ्तर के गलियारों में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में एक कर्मचारी अपनी सीट से गैरहाजिर मिला, जिस पर चेयरमैन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तुरंत प्रभाव से उसे कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से पालन करते हुए, आइए सिरसा की इस बड़ी प्रशासनिक और स्थानीय खबर के हर पहलू की गहराई से समीक्षा करते हैं।सिरसा नगर परिषद कार्यालय में चेयरमैन का औचक निरीक्षण और अचानक मची खलबलीसरकारी कार्यालयों में अक्सर यह शिकायत आम जनता द्वारा सुनी जाती है कि समय पर अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटों पर मौजूद नहीं मिलते, जिससे आम नागरिकों के छोटे-छोटे काम भी अटके रहते हैं। इसी व्यवस्था को सुधारने और सिरसा नगर परिषद के कामकाज में कसावट लाने के लिए चेयरमैन ने खुद कमान संभालते हुए कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। जब चेयरमैन एक के बाद एक विभिन्न शाखाओं और कमरों का जायजा ले रहे थे, तो दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के होश उड़ गए। जो कर्मचारी अपनी कुर्सियों से गायब थे या सुस्त रवैया अपनाए हुए थे, उनमें अचानक खलबली मच गई। इस तरह के औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को कड़ा संदेश देना है ताकि शहर के आम लोगों को अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से चक्कर न काटने पड़ें।निरीक्षण के दौरान खुली पोल: एक कर्मचारी मिला गैरहाजिर, तुरंत जारी हुआ नोटिसअचानक किए गए इस निरीक्षण के दौरान जब चेयरमैन ने उपस्थिति रजिस्टर (Attendance Register) और विभिन्न शाखाओं के स्टाफ का मिलान किया, तो एक कर्मचारी अपनी ड्यूटी के दौरान सीट से नदारद पाया गया। निर्धारित समयावधि और कार्यालय के नियमों के बावजूद कर्मचारी का यूं गायब रहना प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण माना गया। इस लचर कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेयरमैन ने मौके पर ही संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि उस गैरहाजिर कर्मचारी के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इसके तुरंत बाद, नगर परिषद की तरफ से उस अनुपस्थित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है, जिसमें उससे यह जवाब मांगा गया है कि बिना किसी पूर्व सूचना या वैध अनुमति के वह ड्यूटी से क्यों गायब था। इस सख्त कदम से पूरे कार्यालय के स्टाफ में हड़कंप मचा हुआ है और सभी कर्मचारी अब अपने काम के प्रति खासे सतर्क नजर आ रहे हैं।जनता की शिकायतों और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर उठाया गया सख्त कदमस्थानीय नागरिकों की लंबे समय से यह शिकायत रही है कि सिरसा नगर परिषद के चक्कर काटने के बावजूद उनके जरूरी काम तय समय पर नहीं हो पाते हैं, क्योंकि कर्मचारी अपनी सीटों पर नहीं मिलते। चेयरमैन द्वारा उठाया गया यह कदम जनता के प्रति जवाबदेही को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बेहद सराहनीय पहल माना जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों का कहना है कि यदि इसी प्रकार औचक निरीक्षण का सिलसिला जारी रहे, तो कार्यालयों में भ्रष्टाचार और लेटलतिफी पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है। शासन और प्रशासन को दुरुस्त करने के लिए इस तरह के प्रशासनिक दौरे बेहद जरूरी हैं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ और नगर परिषद से मिलने वाली सुविधाएं बिना किसी रुकावट के सीधे आम जनता तक पहुंच सकें।सिरसा में प्रशासनिक सुस्ती के खिलाफ भविष्य की कड़ी चेतावनियांकार्यालय के इस औचक निरीक्षण के बाद से सिरसा के प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि अब जनप्रतिनिधि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। चेयरमैन ने निरीक्षण के अंत में स्पष्ट शब्दों में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कार्यालय समय के दौरान कोई भी कर्मचारी बिना किसी ठोस कारण के अनुपस्थित पाया गया या जनता के कार्यों में हीला-हवाली बरती गई, तो उसके खिलाफ और भी अधिक कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से नगर परिषद के भीतर अनुशासन का माहौल देखने को मिल रहा है और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर पूरी तरह गंभीर नजर आ रहे हैं। सिरसा के स्थानीय लोगों ने भी चेयरमैन के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे शहर के विकास कार्यों और नागरिक सेवाओं में तेजी आएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:41 pm

'अब हम कहां जाएं?' जज साहब के साथ ही हो गया 'अन्याय'! 23 लोगों को सुना चुके फांसी की सजा

उत्तर प्रदेश के ट्रायल जज रवि कुमार दिवाकर ने अपनी अदालत से 97 हत्या के मामलों को ट्रांसफर किए जाने पर सवाल उठाए हैं। 23 लोगों को फांसी की सजा सुना चुके जज ने पूछा कि अगर जज के साथ ही अन्याय हो तो वह कहां जाए?

लाइव हिन्दुस्तान 18 Sep 2026 12:38 pm

फ्रिज में ठूंस-ठूंसकर रखते हैं सामान? आजमाएं ये 7 आसान तरीके

खाने-पीने का जो भी सामान होता है, उसे ज्यादातर फ्रिज में रखा जाता है. मगर समस्या तब ज्यादा बढ़ जाती है, जब आपको घर में छोटा फ्रिज हो. ऐसे में सब्जियां, फल, दूध और कई तरह डिब्बे और बोतल रखने से पूरा फ्रिज ही भर जाता है. इसकी वजह से जरूरी सामान छिप भी जाता है और सामने ना मिलने की वजह से चीजें खराब भी हो जाती हैं. अगर आप भी अपने फ्रिज को साफ-सुथरा और ऑर्गनाइज्ड रखना चाहते हैं तो इन 7 आसान हैक्स को आप फॉलो कर सकते हैं.

आज तक 18 Sep 2026 12:37 pm

बिहार में 1 करोड़ लोगों को कैसे मिलेगा रोजगार? सत्ता-विपक्ष में तकरार

पंचायत आजतक बिहार के मंच पर रोजगार, खाली सरकारी पदों, उद्योग और निवेश को लेकर नेताओं के बीच तीखी बहस हुई. आरजेडी नेता अली अशरफ फातमी और कांग्रेस सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने सरकार के रोजगार के दावों पर सवाल उठाए.

आज तक 18 Sep 2026 12:37 pm

फौजी आउटसोर्सिंग का मारा सऊदी अरब, हूती लड़ाकों के आगे बेबस

अरबों डॉलर के आधुनिक हथियार और एयर डिफेंस सिस्टम होने के बावजूद सऊदी अरब की फौज यमन के पहाड़ों में बैठे हूती लड़ाकों के सामने बेबस नजर आ रही है. फौजी आउटसोर्सिंग, तख्तापलट का खौफ, अपने सैन्य अफसरों पर अविश्वास और केवल हुक्मरानों की हिफाजत पर टिकी डिफेंस पॉलिसी इस नाकामी के सबसे बड़े कारण हैं.

आज तक 18 Sep 2026 12:37 pm

सोनीपत में मासूम पोते पर पिटबुल का खौफनाक अटैक: दादी का छलका दर्द

हरियाणा के सोनीपत जिले से पालतू कुत्तों की खतरनाक प्रवृत्ति और मालिकों की लापरवाही का एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। शहर में एक खतरनाक नस्ल के पिटबुल कुत्ते ने महज 6 महीने के एक मासूम बच्चे पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस खौफनाक हादसे के बाद से पीड़ित परिवार सदमे में है, वहीं बच्चे की दादी का दर्द छलक कर सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से कुत्ते का मालिक न सिर्फ अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है, बल्कि अस्पताल के भारी-भरकम खर्च को देने से भी साफ इनकार कर रहा है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए, आइए सोनीपत की इस सनसनीखेज और दर्दनाक घटना के हर पहलू की गहराई से समीक्षा करते हैं।सोनीपत में पिटबुल कुत्ते का मासूम बच्चे पर खौफनाक हमलाघटना हरियाणा के सोनीपत जिले की है, जहां पालतू कुत्तों के खौफ ने एक बार फिर आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, एक घर के बाहर या पास के इलाके में 6 महीने का मासूम बच्चा अपनी दादी या परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मौजूद था, तभी अचानक एक आक्रामक पिटबुल कुत्ता वहां आ धमका और उसने बच्चे पर हमला कर दिया। पिटबुल जैसी खतरनाक नस्ल के कुत्ते की ताकत इतनी ज्यादा होती है कि एक छोटे बच्चे के लिए उसका सामना करना नामुमकिन है। कुत्ते ने मासूम को अपने जबड़े में दबोच लिया, जिससे उसके शरीर पर गहरे और गंभीर घाव हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बड़ी मुश्किल से कुत्ते को भगाकर बच्चे की जान बचाई, लेकिन तब तक बच्चा बुरी तरह लहूलुहान हो चुका था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके के लोगों में पालतू कुत्तों को लेकर भारी दहशत और गुस्सा व्याप्त है।दादी का छलका दर्द: बोलीं- 'इलाज का खर्च देने से इनकार कर रहा है कुत्ते का मालिक'इस भयानक हादसे में बाल-बाल बचे मासूम बच्चे की दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपना दर्द बयां किया और बताया कि कैसे उनके परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दादी ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद जब उन्होंने कुत्ते के मालिक से संपर्क किया और बच्चे के इलाज के भारी खर्च को उठाने की बात कही, तो मालिक ने मदद करने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि रईसी और दबंगई के दम पर कुत्ते के मालिक अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हैं और गरीब परिवार को अस्पताल के बिल चुकाने के लिए अकेला छोड़ दिया गया है। एक तरफ जहां मासूम पोता अस्पताल के आईसीयू या वार्ड में दर्द से करा रहा है, वहीं दूसरी तरफ परिवार न्याय और मुआवजे के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।खतरनाक डॉग्स ब्रीड और प्रशासनिक नियमों पर उठते गंभीर सवालसोनीपत की यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से पिटबुल, रोटवाइलर जैसे खतरनाक कुत्तों द्वारा बच्चों और बुजुर्गों पर हमलों की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। इसके बावजूद कई लोग बिना उचित लाइसेंस और सुरक्षा उपायों के रिहायशी इलाकों में इन खूंखार नस्लों को पालते हैं। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के नियमों के मुताबिक, खतरनाक कुत्तों को पालने के लिए कड़े दिशानिर्देश और मजल (मुंह बांधने वाला पट्टा) लगाने के सख्त आदेश होते हैं, लेकिन धरातल पर इन नियमों का पालन कराने में प्रशासन अक्सर विफल साबित होता है। इस ताजा मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह कुत्ते के मालिकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पिटबुल जैसे खतरनाक कुत्तों के पालने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।पुलिस में शिकायत दर्ज और न्याय की उम्मीद लगाए बैठा पीड़ित परिवारघटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए कुत्ते के मालिक के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है, और दोषी पाए जाने वाले कुत्ते के मालिक को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, सोनीपत के आम नागरिकों और पशु प्रेमियों के बीच इस बात को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है कि पालतू जानवरों की हिंसक प्रवृत्ति के लिए सीधे तौर पर उनके मालिकों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। फिलहाल, पूरा इलाका इस मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाली घटना से सन्न है और मासूम बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की दुआ मांग रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:36 pm

कैंसर मरीजों के लिए उम्मीद, क्या है नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग

नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग (NGS) तकनीक ने एडवांस स्टेज कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगा दी है. NGS की मदद से 50 से अधिक नई दवाएं उपलब्ध हैं जो कम साइड इफेक्ट के साथ कैंसर सेल्स को खत्म करती हैं.

आज तक 18 Sep 2026 12:36 pm

पुणे में 21 हजार पानीपुरी से बनी गणपति की प्रतिकृति

पुणे में गणेशोत्सव के दौरान करीब 21 हजार पानीपुरी से गणपति बप्पा की अनोखी प्रतिकृति बनाई गई है। इसे तैयार करने में करीब तीन महीने लगे। प्रतिकृति देखने पुणे के साथ मुंबई से भी लोग पहुंच रहे हैं।

आज तक 18 Sep 2026 12:36 pm

मशहूर रैपर बादशाह को चुनौती देने वाली हरियाणवी सिंगर सुदेश रोहिला को मिले जान से मारने की धमकी

मनोरंजन जगत और खासकर संगीत उद्योग से एक बेहद चौंकाने वाली और डरावनी खबर सामने आ रही है। अपने बेबाक अंदाज और गानों के जरिए हमेशा चर्चा में रहने वाली हरियाणवी सिंगर सुदेश रोहिला एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई नया गाना या विवाद नहीं बल्कि उनकी जान को मिला गंभीर खतरा है। कुछ समय पहले मशहूर रैपर बादशाह को खुली चुनौती देकर चर्चा में आई सुदेश रोहिला को अब अज्ञात बदमाशों की तरफ से जान से मारने की धमकी भरे मैसेज मिले हैं। बदमाशों ने उनसे चुपचाप दो लाख रुपये रंगदारी के रूप में भेजने की मांग की है और पैसे न देने पर गोली मारने की धमकी दी है। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद से ही हरियाणवी संगीत जगत और उनके प्रशंसकों के बीच भारी दहशत और हड़कंप मच गया है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए, आइए इस गंभीर मामले की पूरी तह तक जाते हैं।रैपर बादशाह को चुनौती देकर चर्चा में आई थीं हरियाणवी सिंगर सुदेश रोहिलापूरा मामला तब गर्माया था जब हरियाणवी सिंगर सुदेश रोहिला ने अपने एक बयानों और प्रोजेक्ट्स के जरिए देश के जाने-माने रैपर बादशाह को सार्वजनिक तौर पर चुनौती दी थी। उस दौरान उनके उस बयान ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं और रातों-रात उनका नाम संगीत गलियारों में चर्चा का विषय बन गया था। सुदेश रोहिला अपने अनोखे अंदाज और बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं, जिसके कारण वे अक्सर विवादों के घेरे में भी आ जाती हैं। हालांकि, किसी ने यह नहीं सोचा था कि मुख्यधारा के कलाकारों के साथ वैचारिक या पेशेवर प्रतिस्पर्धा की यह सुगबुगाहट इतनी खतरनाक मोड़ ले लेगी कि उन्हें अब सीधे तौर पर जान से मारने की धमकियां मिलने लगेंगी। इस शुरुआती विवाद के बाद से ही उनकी सुरक्षा और गतिविधियों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे।'2 लाख भेज दे चुपचाप, नहीं तो गोली लगेगी': धमकी भरे मैसेज का खौफनाक सचमामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब सुदेश रोहिला के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल या पर्सनल नंबर पर बदमाशों ने धमकी भरे संदेश भेजने शुरू कर दिए। इन मैसेज में साफ तौर पर लिखा गया है कि 'दो लाख रुपये चुपचाप भेज दे, वरना तुझे गोली से उड़ा दिया जाएगा।' इस तरह की रंगदारी और जान से मारने की खुली धमकी मिलने के बाद से सिंगर और उनका पूरा परिवार गहरे सदमे और मानसिक तनाव में है। आधुनिक डिजिटल युग में अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए इस तरह से कलाकारों को निशाना बनाना सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। सुदेश रोहिला ने इन धमकियों को हल्के में न लेते हुए तुरंत इसकी जानकारी संबंधित पुलिस अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दे दी है, ताकि समय रहते इन अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सके।पुलिस में शिकायत दर्ज और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी कार्रवाईजैसे ही धमकी भरे संदेशों का यह मामला सामने आया, सुदेश रोहिला ने बिना कोई वक्त गंवाए स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की नजाकत को देखते हुए इसे बेहद गंभीरता से लिया है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। साइबर सेल और लोकल पुलिस की टीमें मिलकर उन नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी जांच कर रही हैं, जिनके जरिए ये धमकी भरे मैसेज भेजे गए थे। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस धमकी के पीछे किसी स्थानीय अपराधी गिरोह का हाथ है या यह रैपर बादशाह से जुड़े पुराने विवाद का ही कोई बदला हुआ रूप है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे और सिंगर की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।कलाकारों की सुरक्षा और सोशल मीडिया पर बढ़ते अपराधों की चिंताइस पूरी घटना ने एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है कि आज के समय में सेलिब्रिटीज और उभरते हुए कलाकारों की सुरक्षा कितनी खतरे में है। सोशल मीडिया की पहुंच जितनी आसान हुई है, उतनी ही आसानी से असामाजिक तत्व इसका इस्तेमाल धमकियां देने और रंगदारी वसूलने के लिए करने लगे हैं। कला और संगीत की दुनिया से जुड़े लोग जब इस तरह के अपराधों का शिकार होते हैं, तो यह पूरे समाज और कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाता है। फैंस लगातार सोशल मीडिया पर सुदेश रोहिला की सलामती की दुआ मांग रहे हैं और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस धमकी के असली मास्टरमाइंड कौन थे और इसके पीछे की असली वजह क्या थी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:36 pm

पंजाब में रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर हमला, भाजपा नेता बोले- तीनों हमलावर AAP के

बिट्टू के मुताबिक, तीनों आरोपी आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक स्थानीय विधायक ने तीनों को बीजेपी के नशा-विरोधी अभियान में शामिल होने से रोकने के लिए भेजा था।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Sep 2026 12:35 pm

बालों से जुएं निकालती दिखीं भोजपुरी क्वीन आम्रपाली दुबे! 'बिग बॉस 20' के घर से चुपके से किसने लीक कर दिया

भारतीय टेलीविजन के सबसे बड़े और विवादित रियलिटी शो 'बिग बॉस' का हर एक सीजन दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना रहता है। इस बार का सीजन यानी 'बिग बॉस 20' अपनी शुरुआत से ही तमाम वजहों से सुर्खियों में छाया हुआ है। शो के अंदर होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर देश भर के करोड़ों दर्शकों की पैनी नजरें टिकी रहती हैं। इसी बीच, भोजपुरी सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्री और अपनी दिलकश अदाओं के लिए पहचानी जाने वाली आम्रपाली दुबे से जुड़ा एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। वायरल हो रहे इस वीडियो में आम्रपाली दुबे कैमरे के सामने अपने बालों से जुएं निकालती हुई नजर आ रही हैं। जैसे ही यह वीडियो चुपके से रिकॉर्ड होकर बाहर आया, फैंस के बीच इसे लेकर मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से पालन करते हुए, आइए इस चटपटी और वायरल खबर के हर पहलू की गहराई से समीक्षा करते हैं।'बिग बॉस 20' के घर के अंदर छिपे कैमरे और कंटेस्टेंट्स की पर्सनल लाइफरियलिटी शो 'बिग बॉस' का प्रारूप ही कुछ ऐसा है कि यहां किसी भी प्रतियोगी की निजी जिंदगी, उसकी आदतें और उसका असली चेहरा दुनिया से छिप नहीं सकता। चौबीसों घंटे काम करने वाले कैमरे घर के कोने-कोने में लगे होते हैं और हर एक पल को रिकॉर्ड करते रहते हैं। ऐसे में जब कोई लोकप्रिय चेहरा जैसे कि आम्रपाली दुबे इस शो का हिस्सा बनती हैं, तो दर्शकों की उत्सुकता और अधिक बढ़ जाती है। घर के अंदर रहते हुए कई बार प्रतियोगी बाहरी दुनिया की चमक-धमक भूलकर पूरी तरह सहज हो जाते हैं और अपनी आम जिंदगी की आदतों को अपनाने लगते हैं। आम्रपाली दुबे का यह वीडियो इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि कैमरे की लगातार निगरानी के बावजूद सितारे कई बार ऐसे अनजाने पलों का शिकार हो जाते हैं जो सोशल मीडिया पर मीम्स और चर्चा का मुख्य विषय बन जाते हैं।सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हुआ आम्रपाली दुबे का यह मजेदार वीडियोइंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ताकत से आज के समय में किसी भी सेलिब्रिटी का कोई भी पल छिप नहीं सकता। जैसे ही 'बिग बॉस 20' के लाइव फीड या एपिसोड से यह क्लिप सामने आई, जिसमें आम्रपाली दुबे अपने बालों की देखभाल करती और संवारती नजर आ रही हैं, वैसे ही यह वीडियो ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ट्रेंड करने लगा। फैंस और ट्रोलर्स दोनों ही इस वीडियो पर जमकर मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं। कोई इसे उनकी सादगी बता रहा है, तो कोई इसे शो की अनफिल्टरटी सच्चाई कह रहा है। इस तरह के वीडियो अक्सर वायरल होने के मामले में सबसे आगे रहते हैं क्योंकि दर्शक अपने चहेते सितारों को बिना किसी मेकअप या फिल्मी पर्दे के बिल्कुल सामान्य रूप में देखना पसंद करते हैं।भोजपुरी सिनेमा की सुपरस्टार आम्रपाली दुबे का सफर और फैन फॉलोइंगआम्रपाली दुबे किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और बेहतरीन अभिनय के दम पर भोजपुरी सिनेमा में जो मुकाम हासिल किया है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। अपनी बेहतरीन फिल्मों और गानों के जरिए करोड़ों दिलों पर राज करने वाली आम्रपाली जब 'बिग बॉस' जैसे राष्ट्रीय मंच पर कदम रखती हैं, तो उनकी फैन फॉलोइंग और अधिक मजबूत हो जाती है। हालांकि, इस तरह के छोटे-मोटे वायरल वीडियो कई बार सेलिब्रिटीज़ के लिए असहज करने वाले हो सकते हैं, लेकिन डिजिटल युग में यही चीजें उनके लिए सबसे बड़ी पब्लिसिटी और चर्चा का जरिया भी बन जाती हैं।दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं और आने वाले एपिसोड्स का रोमांचइस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद से ही 'बिग बॉस 20' की टीआरपी और चर्चाओं का बाजार और अधिक गर्म हो गया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार यह कयास लगा रहे हैं कि आने वाले वीकेंड के वार में इस मुद्दे पर क्या कुछ देखने को मिल सकता है। शो के निर्माता भी अच्छी तरह जानते हैं कि दर्शकों को ऐसे अनफ़िल्टर और मसालेदार पल बेहद पसंद आते हैं। आम्रपाली दुबे के इस वीडियो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रियलिटी शो की दुनिया में कब क्या देखने को मिल जाए, कोई नहीं जानता। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि घर के अंदर का यह माहौल और इस तरह के वायरल क्लिप्स प्रतियोगियों के गेम प्लान को किस तरह से प्रभावित करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:34 pm

Delhi Police Special Cell ने 12 करोड़ रुपये की हेरोइन समेत गोदारा गिरोह का सदस्य पकड़ा

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ और गुजरात पुलिस की वडोदरा अपराध शाखा ने संयुक्त अभियान में कथित मादक पदार्थ-रंगदारी वसूली गिरोह के एक प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पाकिस्तानी मूल की करीब दो किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के चूरू के कुलदीप स्वामी (31) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि कुलदीप गैंगस्टर रोहित गोदारा और महेंद्र देलाना गिरोह से जुड़ा है तथा गुजरात के वडोदरा में दर्ज 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित है। पुलिस ने बताया कि 12 सितंबर को शाम करीब साढ़े पांच बजे कुलदीप को चांदनी चौक के कूचा घासी राम में बीकानेर स्वीट्स के पास पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार उसके पास से हवाला राशि की पहचान के लिए इस्तेमाल एक मुद्रा नोट और कार की चाबियां मिलीं। बाद में उसकी निशानदेही पर नजफगढ़ के जय विहार फेज-1 से कार जब्त कर ली गई। पुलिस के मुताबिक कार की डिक्की में अतिरिक्त पहिये के पास विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खाने में चार पैकेटों में करीब दो किलोग्राम हेरोइन छिपाकर रखी गई थी। इसके बाद 13 सितंबर को विशेष प्रकोष्ठ थाने में स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने एक बयान में बताया कि जांच में सामने आया कि गिरोह रंगदारी वसूलने और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एक बहुस्तरीय नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिये पहले से तय संकेत शब्दों, ‘लाइव लोकेशन’ और मुद्रा नोटों की तस्वीरों का इस्तेमाल पहचान की पुष्टि के लिए किया जाता था। पुलिस ने बताया कि कुलदीप मुख्य सहयोगी के तौर पर दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में पांच लाख से 50 लाख रुपये तक की रंगदारी की रकम पहुंचाता था तथा उसे प्रत्येक काम के लिए 15 से 20 हजार रुपये दिए जाते थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पांच सितंबर को महेंद्र देलाना के निर्देश पर कुलदीप मादक पदार्थों की खेप लेने अमृतसर गया था और अगले दिन उसने दो अज्ञात लोगों से दो किलोग्राम हेरोइन ली एवं उसे कार के गुप्त खाने में छिपाकर दिल्ली लौट आया। उन्होंने बताया कि कुलदीप पहले सरदारशहर की कृषि मंडी में कृषि जिंसों का कारोबार करता था और 2022 में कारोबार में 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने के बाद उसने कर्ज चुकाने के लिए इंस्टाग्राम के जरिये महेंद्र देलाना से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, महेंद्र देलाना गैंगस्टर रोहित गोदारा का सहयोगी है और विदेश से गिरोह की गतिविधियां संचालित करता है। महेंद्र देलाना तीन राज्यों में पांच से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और वांछित है। पुलिस ने बताया कि रोहित गोदारा और महेंद्र देलाना उत्तर भारत में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में हत्या तथा रंगदारी के लिए गोलीबारी जैसी गतिविधियों से जुड़े हैं। पुलिस ने बताया कि मामले में दो मोबाइल फोन और कार भी बरामद की गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी हिरासत में है और उसके अन्य सहयोगियों की पहचान करने, हवाला के रास्तों का पता लगाने तथा महेंद्र देलाना और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

प्रभासाक्षी 18 Sep 2026 12:33 pm

आमिर खान ने जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज से की मुलाकात, पहले जोड़े हाथ फिर लगाया गले

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान अक्सर अपनी फिल्मों और अपनी अनोखी मुलाकातों के चलते सुर्खियों में बने रहते हैं। इसी सिलसिले में उनका एक नया वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसमें वे आध्यात्मिक संत जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज से आशीर्वाद लेते हुए नजर आ रहे हैं। इस खास मुलाकात के दौरान आमिर खान बेहद विनम्र अंदाज में संत के सामने हाथ जोड़े और फिर उन्हें आत्मीयता से गले मिले। इस अप्रत्याशित और शांत मुलाकात को देखकर वहां मौजूद पैपराजी भी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने तुरंत यह सवाल दाग दिया कि क्या पर्दे पर कुछ नया आने वाला है या यह कोई आध्यात्मिक यात्रा है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए, आइए इस दिलचस्प और मार्मिक मुलाकात के हर पहलू की गहराई से समीक्षा करते हैं।आमिर खान और जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज की इस खास मुलाकात के मायनेफिल्मों की चकाचौंध और सोशल मीडिया की दुनिया से दूर जब कोई बड़ा सुपरस्टार किसी उच्च आध्यात्मिक संत से मिलता है, तो लोगों का ध्यान उस तरफ खींच जाना लाजिमी है। आमिर खान और जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज के बीच हुई यह भेंट बेहद सादगी भरी और प्रेरणादायक रही। तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि आमिर खान ने पूरी श्रद्धा के साथ संत का सान्निध्य प्राप्त किया और उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट किया। भारतीय संस्कृति में संतों और गुरुओं से मिलने की यह परंपरा हमेशा से खास रही है, और जब कोई सेलिब्रिटी इस तरह की संस्कृति का परिचय देता है, तो वह समाज में एक सकारात्मक संदेश छोड़ता है। जानकारों का मानना है कि व्यस्त दिनचर्या और फिल्मों के तनाव के बीच इस तरह की आध्यात्मिक बैठकें मानसिक शांति और आत्मिकबल प्रदान करती हैं, जिसके चलते अभिनेता अक्सर ऐसे संतों के दरबार में पहुंचते रहते हैं।पैपराजी के तीखे सवाल और आमिर खान का शांत एवं सहज अंदाजइस मुलाकात के दौरान जैसे ही पैपराजी की नजर आमिर खान पर पड़ी, कैमरों के फ्लैश चमकने लगे और सवालों का दौर शुरू हो गया। हमेशा की तरह पैपराजी ने उत्सुकतावश उनसे पूछ लिया कि क्या इस मुलाकात के पीछे उनकी किसी आगामी फिल्म का कनेक्शन है या फिर वह पर्दे पर कुछ नया धमाका करने वाले हैं। हालांकि, आमिर खान ने हमेशा की तरह अपने शांत, मिलनसार और मुस्कुराते हुए अंदाज में इन सवालों का जवाब दिया और सबका अभिवादन स्वीकार किया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो सामने आते ही फैंस के बीच कयासों का बाजार गर्म हो गया है। लोग लगातार यह सोच रहे हैं कि क्या अभिनेता अपनी किसी आने वाली स्क्रिप्ट या फिल्म के लिए किसी आध्यात्मिक मार्गदर्शन की तलाश में हैं, या फिर यह पूरी तरह से एक व्यक्तिगत और निजी मुलाकात थी।सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें और फैंस की जोरदार प्रतिक्रियाएंइंटरनेट के इस दौर में कोई भी सेलिब्रिटी किसी धार्मिक या आध्यात्मिक व्यक्तित्व से मिलता है, तो वह पलक झपकते ही ट्रेंडिंग टॉपिक बन जाता है। आमिर खान की इन तस्वीरों और वीडियो पर फैंस की तरफ से लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग उनके इस विनम्र और जमीन से जुड़े हुए स्वभाव की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे किसी आने वाले बड़े प्रोजेक्ट की पब्लिसिटी स्ट्रेटजी भी मान रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और यूट्यूब पर यह वीडियो लाखों बार देखा जा चुका है। लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि कैसे बॉलीवुड के बड़े सितारे अपनी फिल्मों की रिलीज से पहले या किसी खास पड़ाव पर इस तरह के धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों या मुलाकातों का हिस्सा बनते हैं।आमिर खान का आगामी सफर और उनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों की उत्सुकतावर्कफ्रंट की बात करें तो आमिर खान पिछले कुछ समय से अपनी फिल्मों के चयन को लेकर काफी सतर्क और गंभीर नजर आ रहे हैं। उनकी पिछली कुछ फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया के बाद अब वे अपने अगले प्रोजेक्ट्स पर बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। ऐसे में जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज से उनका यह आशीर्वाद लेना उनके प्रशंसकों के लिए एक उम्मीद जगाता है कि वे जल्द ही किसी दमदार और सार्थक विषय के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करने वाले हैं। चाहे यह मुलाकात आध्यात्मिक शांति के लिए हो या किसी नई शुरुआत का संकेत, एक बात तो तय है कि आमिर खान एक बार फिर अपनी इस गतिविधि के जरिए चर्चाओं के केंद्र में आ चुके हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि मिस्टर परफेक्शनिस्ट अपने फैंस के लिए क्या नया और खास लेकर आने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:32 pm

दायरा' मूवी रिव्यू: करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की एक्टिंग दमदार, लेकिन कमजोर पड़ गई फिल्म की कहानी

सिनेमाघरों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर जब भी कोई ऐसी फिल्म आती है जो समाज के गंभीर मुद्दों, न्याय व्यवस्था और कानून की पेचीदगियों को छूती है, तो दर्शकों की उम्मीदें बहुत बढ़ जाती हैं। ऐसी ही एक बहुप्रतीक्षित फिल्म 'दायरा' हाल ही में रिलीज हुई है, जिसमें बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री करीना कपूर खान और दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म की स्टार कास्ट और उनके अभिनय को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी, क्योंकि दोनों ही कलाकारों को स्क्रीन पर एक साथ देखना अपने आप में एक बड़ा अनुभव माना जा रहा था। हालांकि, जब बात फिल्म की पटकथा और समग्र प्रभाव की आती है, तो यह उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरती नजर नहीं आती। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए, आइए इस विस्तृत मूवी रिव्यू के जरिए जानते हैं कि 'दायरा' फिल्म कहां चमकी और कहां कमजोर पड़ गई।करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन का दमदार अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंसफिल्म 'दायरा' का सबसे मजबूत और सकारात्मक पक्ष इसके मुख्य कलाकारों का शानदार अभिनय है। करीना कपूर खान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे किसी भी गंभीर किरदार को कितनी सहजता और गहराई के साथ पर्दे पर उतार सकती हैं। उनके चेहरे के भाव, संवाद अदायगी और संकट की स्थिति में एक पेशेवर और संवेदनशील महिला का किरदार दर्शकों को बांधकर रखता है। वहीं, उनके विपरीत नजर आ रहे पृथ्वीराज सुकुमारन ने अपनी दमदार आवाज और गंभीर बॉडी लैंग्वेज से फिल्म में जान फूंकने की पूरी कोशिश की है। दोनों कलाकारों के बीच के दृश्य और उनके बीच की ट्यूनिंग पर्दे पर बेहद प्रभावशाली नजर आती है। सहायक कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं के साथ पूरा न्याय किया है, जिससे यह लगता है कि अभिनय के स्तर पर निर्देशक ने कलाकारों से बेहतरीन काम निकलवाया है।कानून, न्याय और वैचारिक संघर्ष के बीच उलझती फिल्म की कहानीफिल्म का प्लॉट मुख्य रूप से न्याय प्रणाली, कानूनी दांव-पेच और व्यक्तिगत विचारधाराओं के टकराव के इर्द-गिर्द घूमता है। निर्देशक ने यह दिखाने की कोशिश की है कि कैसे लिखित कानून और नैतिक न्याय के बीच एक बारीक रेखा होती है, जिसे पार करना किसी भी इंसान या व्यवस्था के लिए आसान नहीं होता। कहानी की शुरुआती रफ़्तार काफी तेज और रोमांचक है, जो दर्शकों को अपनी सीट से बांधे रखती है। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म अपने दूसरे हिस्से में प्रवेश करती है, पटकथा कई जगहों पर भटकती हुई नजर आती है। न्याय की परिभाषा को स्थापित करने के चक्कर में फिल्म अनावश्यक रूप से लंबे और उपदेशात्मक संवादों का शिकार हो जाती है। विचारधाराओं का यह संघर्ष कई मौकों पर इतना उलझ जाता है कि आम दर्शक के लिए कहानी के मूल उद्देश्य से जुड़ाव रखना मुश्किल हो जाता है।कमजोर पटकथा और धीमी रफ़्तार ने बिगाड़ा फिल्म का खेलकिसी भी थ्रिलर या गंभीर ड्रामे की जान उसकी कसी हुई पटकथा (Screenplay) होती है, और यहीं पर 'दायरा' थोड़ी मात खा जाती है। फिल्म के संवाद कुछ जगहों पर बहुत असरदार हैं, लेकिन कुल मिलाकर पटकथा में वह कसावट गायब है जो दर्शक को आखिरी पल तक सोचने पर मजबूर कर दे। कई सीन ऐसे हैं जिन्हें बेवजह खींचा गया है, जिससे फिल्म की रफ़्तार काफी धीमी हो जाती है। निर्देशन में वह पैनापन नजर नहीं आता जो एक बेहतरीन कोर्टरूम या वैचारिक ड्रामे के लिए जरूरी होता है। संपादन (Editing) के स्तर पर यदि फिल्म को थोड़ा और शार्प किया जाता, तो इसका प्रभाव और अधिक गहरा हो सकता था। सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक जरूर कहानी के मूड को बनाए रखने में काफी हद तक सफल रहे हैं, लेकिन कमजोर लेखन के आगे वे भी पूरी तरह फिल्म को बचा नहीं पाते।क्या आपको देखनी चाहिए 'दायरा'? जानिए हमारा अंतिम फैसलासंक्षेप में कहा जाए तो 'दायरा' एक ऐसी फिल्म है जिसमें बेहतरीन अभिनय और शानदार इरादे तो मौजूद हैं, लेकिन कमजोर और उलझी हुई पटकथा के कारण यह अपने संभावित उच्च स्तर तक नहीं पहुंच पाती। यदि आप करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन के बहुत बड़े फैन हैं और गंभीर विषयों पर बनी फिल्में देखना पसंद करते हैं, तो आप इसे एक बार देख सकते हैं। लेकिन अगर आप एक कसे हुए, रोमांचक और बिना किसी झोल के चलने वाले थ्रिलर की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको थोड़ी निराश कर सकती है। यह फिल्म इस बात का एक और उदाहरण है कि केवल बड़े सितारों के होने मात्र से कोई फिल्म मास्टरपीस नहीं बन जाती, उसके लिए एक मजबूत कहानी का होना सबसे ज्यादा जरूरी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:31 pm

iPhone 18 Pro के क्रेज पर सोनू सूद का तंज, बोले 'समाज को करो अपग्रेड'

iPhone 18 Pro की सेल शुरू होते ही इसे खरीदने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. इसी बीच सोनू सूद का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है. उन्होंने नए फोन और EMI का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ फोन अपग्रेड करने के बजाय समाज में बदलाव के लिए भी आगे आना चाहिए. उनके मुताबिक, बेहतर समाज ही असली अपग्रेड है.

आज तक 18 Sep 2026 12:31 pm

राष्ट्रपति मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने इंस्टाग्राम से शुरू की बंपर कमाई! जानिए उनका नया प्लान

भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास और अनुशासन के बीच अपनी सेवाएं देने वाले अधिकारी जब जीवन के नए पड़ाव पर कदम रखते हैं, तो उनकी हर गतिविधि पर देशवासियों की नजरें टिक जाती हैं। देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी (ADC) मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा देने के बाद एक बिल्कुल नया और अनूठा रास्ता चुना है। उन्होंने सोशल मीडिया के सबसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपना पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल शुरू किया है, जिसके जरिए वे अब अपनी डिजिटल उपस्थिति को एक मजबूत आर्थिक जरिया बना रहे हैं। खास बात यह है कि लॉन्च होते ही उनके इस प्लान को जनता का भारी समर्थन मिला है और हजारों लोगों ने उनके एक्सक्लूसिव कंटेंट के लिए पैसे चुकाने शुरू कर दिए हैं। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी आधुनिक और सख्त मानकों को ध्यान में रखते हुए, आइए इस दिलचस्प खबर और उनके नए प्लान की गहराई से समीक्षा करते हैं।मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल का इंस्टाग्राम पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल और जबरदस्त शुरुआतसोशल मीडिया का यह दौर अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह क्रिएटर्स और प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी कमाई का मंच बन चुका है। इसी कड़ी में राष्ट्रपति के पूर्व एडीसी रहे मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने इंस्टाग्राम पर पेड सब्सक्रिप्शन की शुरुआत करके एक नया ट्रेंड सेट कर दिया है। उनके इस कदम के सामने आते ही सोशल मीडिया की दुनिया में हलचल मच गई है कि आखिर एक सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा अधिकारी किस तरह का डिजिटल कंटेंट परोस रहा है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, महज कुछ ही समय में 1500 से ज्यादा लोगों ने उनके एक्सक्लूसिव और प्रीमियम पोस्ट के लिए सब्सक्रिप्शन खरीद लिया है। उनके इस तेजी से बढ़ते सब्सक्राइबर बेस को देखकर डिजिटल मार्केटर्स भी हैरान हैं और लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि कैसे एक अनुशासित सैन्य अधिकारी सोशल मीडिया की इस नई दुनिया में तेजी से अपनी पैठ बना रहा है।आईफोन और एंड्रॉइड यूजर्स के लिए तय की गई अलग-अलग सब्सक्रिप्शन फीसमेजर ऋषभ सिंह सांब्याल द्वारा शुरू किए गए इस पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल में कीमत का ढांचा बहुत ही सोच-समझकर तय किया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। हालांकि, तकनीकी प्लेटफॉर्म्स की नीतियों के चलते इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम के हिसाब से थोड़ा अंतर रखा गया है। एप्पल (iPhone) यूजर्स के लिए इस सब्सक्रिप्शन की मासिक कीमत 199 रुपये प्रति महीना तय की गई है, जबकि एंड्रॉइड (Android) यूजर्स के लिए यह थोड़ा सस्ता यानी 180 रुपये प्रति महीना है। इतनी कम कीमत पर एक्सक्लूसिव कंटेंट मिलने के कारण टेक और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसकी काफी चर्चा हो रही है। लोग लगातार यह देखना चाहते हैं कि इस मामूली मासिक शुल्क के बदले में मेजर सांब्याल अपने फॉलोअर्स को क्या खास परोस रहे हैं।क्या है मेजर सांब्याल का नया प्लान और सब्सक्राइबर्स को मिलने वाले खास फायदेकिसी भी पेड मॉडल की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपने ग्राहकों को क्या वैल्यू दे रहा है। मेजर सांब्याल ने अपने सब्सक्राइबर्स के लिए बेहद आकर्षक और प्रीमियम फीचर्स की एक लंबी सूची तैयार की है। इसके तहत पेड सब्सक्राइबर्स को विशेष और अनदेखा कंटेंट, खास 'सब्सक्राइबर बैज' (Subscriber Badge) और उनके सोशल चैनलों का एक्सक्लूसिव एक्सेस दिया जा रहा है। इसके अलावा, उनके प्रशंसकों और जुड़ने वाले लोगों के लिए 'मुझसे कुछ भी पूछें' (Ask Me Anything) यानी AMA जैसे इंटरैक्टिव सेशन, वीडियो या पोस्ट की अर्ली रिलीज और खास कोचिंग या गाइडेंस जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उनकी इस कोचिंग में किस तरह के विषयों या ट्रेनिंग को शामिल किया जाएगा, लेकिन उनके प्रोफाइल पर पांच खास स्टोरीज और एक एक्सक्लूसिव रील पहले से ही सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध करा दी गई है, जो लगातार लोगों का ध्यान खींच रही है।सैन्य पृष्ठभूमि से डिजिटल क्रिएटर तक का सफर और भविष्य की संभावनाएंएक सैन्य अधिकारी के रूप में देश के सर्वोच्च पद पर अपनी सेवाएं देने वाले मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल का यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि आज के समय में करियर के नए रास्ते हर किसी के लिए खुले हैं। सेना का कड़ा अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक अनुभव जब डिजिटल दुनिया की रणनीतियों के साथ मिलते हैं, तो उसके परिणाम काफी अलग और प्रभावशाली होते हैं। उनके इस नए प्लान ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से एक नया विकल्प दिया है, बल्कि देश के युवाओं के सामने एक नई मिसाल भी पेश की है कि कैसे अपनी लोकप्रियता और विशेषज्ञता का सही इस्तेमाल किया जा सकता है। आने वाले समय में उनके इस सब्सक्रिप्शन मॉडल से होने वाली बंपर कमाई और उनके डिजिटल सफर के विस्तार पर देश भर के सोशल मीडिया विश्लेषकों की पैनी नजर बनी रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:30 pm

अमेरिकी मछुआरों के लिए ट्रंप ने खोल दी सरकारी जमीनें

अमेरिका में अब शिकार और मछली पकड़ने के शौकीनों के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अहम आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं. इनमें लाखों एकड़ सरकारी जमीन को हंटिंग-फिशिंग के लिए खोलने और मरीन एक्टिविटी से जुड़े कई नियमों में ढील देने की बात कही गई है.

आज तक 18 Sep 2026 12:28 pm

जस्टिस नागरत्ना ने थलपति विजय की पार्टी और सरकार को 'कायदे' से क्यों समझाया? जानिए पूरा मामला

भारतीय राजनीति और न्यायपालिका के गलियारों में इन दिनों एक महत्वपूर्ण मामले पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। दक्षिण भारत के लोकप्रिय अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की राजनीतिक पार्टी और प्रशासनिक कदमों को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत ने बेहद सख्त और दो टूक लहजे में नसीहत दी है। सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठित न्यायूर्ति जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने एक सुनवाई के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी सरकार या राजनीतिक दल को अपना 'अड़ियल रवैया' छोड़ना होगा और देश की राजधानी दिल्ली यानी केंद्रीय व्यवस्था या नियमों से दूरी बनाकर काम करने की जिद नहीं पालनी चाहिए। इस कानूनी और राजनीतिक हलचल के बीच अदालत की यह टिप्पणी देश के संघवाद और प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए, आइए इस हाई-प्रोफाइल मामले और जस्टिस नागरत्ना की इस बड़ी टिप्पणी के हर एक पहलू की गहराई से समीक्षा करते हैं।सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी और 'अड़ियल रवैया' छोड़ने की नसीहतदेश की सर्वोच्च अदालत में हाल ही में हुई एक सुनवाई के दौरान न्यायपालिका का कड़ा रुख साफ तौर पर देखने को मिला। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की बेंच ने मामलों की सुनवाई करते हुए इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि कैसे आज के समय में राजनीतिक दल और क्षेत्रीय सरकारें आपसी टकराव की स्थिति पैदा करती हैं और केंद्रीय प्रशासनिक नियमों व निर्देशों से दूरी बनाने की कोशिश करती हैं। अदालत ने बिना लाग-लपेट के दो टूक अंदाज में कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे बड़ा माध्यम होता है, और यदि कोई यह सोचता है कि वह अपने हिसाब से नियम चलाएगा और केंद्र से दूरी बना लेगा, तो यह कानून सम्मत नहीं है। थलपति विजय की हालिया राजनीतिक एंट्री और उनके सहयोगियों द्वारा उठाए गए कुछ प्रशासनिक कदमों के संदर्भ में यह टिप्पणी बेहद मायने रखती है। जानकारों का मानना है कि यह नसीहत केवल एक विशेष पार्टी के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के राजनीतिक और प्रशासनिक तंत्र के लिए एक बड़ा संदेश है कि संविधान और कानून सर्वोपरि हैं।थलपति विजय की राजनीतिक एंट्री और तमिलनाडु का गर्माता राजनीतिक परिदृश्यसुपरस्टार थलपति विजय ने जब से अपनी राजनीतिक पार्टी 'तछिला वेत्री कझगम' (TVK) की शुरुआत की है, तब से दक्षिण भारत विशेषकर तमिलनाडु की राजनीति में जबरदस्त भूचाल आ गया है। पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों के वर्चस्व वाले राज्य में विजय की इस नई राजनीतिक जमीन को तलाशने की कोशिशों के बीच कई तरह के कानूनी और प्रशासनिक पेंच भी फंसते नजर आ रहे हैं। पार्टी के आयोजनों, रैलियों और सांगठनिक विस्तार को लेकर राज्य सरकार और केंद्रीय संस्थाओं के बीच अक्सर खींचतान की खबरें सामने आती रहती हैं। ऐसे में जब न्यायालय के स्तर से इस तरह की कड़ी टिप्पणियां सामने आती हैं, तो राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट और तेज हो जाती है। विश्लेषकों का कहना है कि एक नए राजनीतिक दल के रूप में विजय की टीम को अभी राज्य की प्रशासनिक पेचीदगियों के साथ-साथ राष्ट्रीय कानूनों और न्यायिक व्यवस्था के तालमेल को बहुत बारीकी से समझना होगा, क्योंकि जनता के बीच जाने से पहले नियमों का पालन करना सबसे पहली शर्त होती है।संघीय ढांचा, केंद्र-राज्य संबंध और न्यायपालिका की भूमिकाभारतीय संविधान के तहत देश का संघीय ढांचा (Federal Structure) केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के स्पष्ट विभाजन पर टिका हुआ है। हालांकि, अक्सर राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और वैचारिक मतभेदों के चलते केंद्र और क्षेत्रीय ताकतों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है। जस्टिस नागरत्ना ने अपनी टिप्पणी के माध्यम से इसी नाजुक संतुलन को रेखांकित किया है। अदालत का यह स्पष्ट मानना है कि क्षेत्रीय अस्मिता या राजनीतिक विरोध अपनी जगह हो सकता है, लेकिन देश की संप्रभुता, केंद्रीय कानूनों और न्यायिक दायरे से कोई भी संस्था या सरकार ऊपर नहीं हो सकती। दिल्ली से दूरी बनाने या केंद्रीय व्यवस्थाओं की अनदेखी करने की प्रवृत्ति अंततः लोकतंत्र और आम जनता के हितों को नुकसान पहुंचाती है। यही कारण है कि न्यायपालिका को समय-समय पर हस्तक्षेप करके इस तरह के मामलों में सख्त दिशानिर्देश देने पड़ते हैं ताकि प्रशासनिक अराजकता से बचा जा सके।राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाएं और भविष्य की चुनौतियांसुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद राजनीतिक विश्लेषकों और विभिन्न दलों के नेताओं के बीच बैठकों और बयानों का दौर शुरू हो चुका है। एक तरफ जहां सत्ताधारी दल इसे न्यायपालिका द्वारा नियमों की पालना का सही पाठ पढ़ाए जाने के रूप में देख रहे हैं, वहीं नए राजनीतिक दलों के लिए यह एक चेतावनी है कि उन्हें अपनी रणनीति में कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। थलपति विजय की पार्टी के लिए भी यह एक बड़ा सबक है कि वे अपने राजनीतिक संघर्ष के दौरान संवैधानिक सीमाओं और न्यायपालिका की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखें। आने वाले समय में जब यह मामला अदालत की चौखट पर और आगे बढ़ेगा, तो देखना यह होगा कि संबंधित पक्ष इस नसीहत को किस रूप में स्वीकार करते हैं और अपनी कार्यशैली में क्या बदलाव लाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:28 pm

'न्यायाधीश के साथ अन्याय हो तो वह कहां जाए ? जज रवि कुमार का सवाल

मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में 10 साल पुराने एनडीपीएस मामले का फैसला सुनाते हुए जज रवि कुमार दिवाकर ने उनकी अदालत से 97 हत्या की पत्रावलियां रिकॉल किए जाने पर सवाल उठाए. साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त अशोक भारती को दंडमुक्त करते हुए उन्होंने पूछा कि न्यायाधीश के साथ अन्याय हो तो वह कहां जाए?

आज तक 18 Sep 2026 12:27 pm

पीएम मोदी को मिले 1500 से ज्यादा अनमोल गिफ्ट्स खरीदने का सुनहरा मौका! ई-ऑक्शन में शामिल हैं शानदार चीजें

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश-विदेश की यात्राओं, महत्वपूर्ण बैठकों और विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान मिलने वाले स्मृति चिन्हों और उपहारों को एक बार फिर आम जनता के लिए खरीद के वास्ते उपलब्ध करा दिया गया है। हर साल की तरह इस बार भी सरकार की ओर से एक भव्य ई-ऑक्शन (E-Auction) की शुरुआत की गई है, जिसमें देश के कोने-कोने से आए लोगों को प्रधानमंत्री को मिले विशेष उपहारों को अपने घर लाने का अनूठा अवसर मिल रहा है। इस बार की नीलामी में एक हजार पांच सौ से अधिक चुनिंदा और ऐतिहासिक चीजें शामिल की गई हैं, जो न केवल देखने में बेहद खूबसूरत हैं बल्कि उनका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी बहुत अधिक है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से पालन करते हुए, आइए इस शानदार और अनूठी नीलामी से जुड़ी एक-एक बात विस्तार से जानते हैं।पीएम मोदी के ई-ऑक्शन में क्या-क्या चीजें हैं खास और उनका ऐतिहासिक महत्वप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिलने वाले उपहारों की नीलामी का यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से लगातार चल रहा है, जिसे देश की जनता का भरपूर प्यार और समर्थन मिलता रहा है। इस बार के ई-ऑक्शन में कुल 1500 से अधिक उपहारों को शामिल किया गया है, जिनमें पारंपरिक लोक कलाकृतियों से लेकर देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों और सांस्कृतिक धरोहरों से जुड़ी अनमोल वस्तुएं मौजूद हैं। इस लिस्ट में पारंपरिक नक्काशी वाले लकड़ी के बक्से, सुंदर शॉल, हाथ से बुने हुए वस्त्र, चांदी और पीतल की कलात्मक मूर्तियां, और पारंपरिक वाद्ययंत्र प्रमुख रूप से आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके अलावा, देश के विभिन्न राज्यों के स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार की गई हस्तशिल्प वस्तुएं और खेल जगत की हस्तियों द्वारा प्रधानमंत्री को भेंट किए गए विशेष स्पोर्ट्स गियर और किट भी इस नीलामी की शोभा बढ़ा रहे हैं। इन सभी चीजों को बहुत ही करीने से कैटalog किया गया है ताकि बोली लगाने वाले लोग अपनी पसंद की वस्तु को आसानी से चुन सकें।ई-ऑक्शन में कैसे ले सकते हैं हिस्सा और क्या है पूरी प्रक्रियायदि आप भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले इन ऐतिहासिक और खूबसूरत उपहारों में से किसी खास चीज को अपने घर की शान बनाना चाहते हैं, तो इस पूरी प्रक्रिया में भाग लेना बेहद आसान और पारदर्शी बनाया गया है। संस्कृति मंत्रालय और सरकार के संबंधित विभागों द्वारा इसके लिए एक समर्पित आधिकारिक पोर्टल और वेबसाइट तैयार की गई है, जहां जाकर कोई भी भारतीय नागरिक ऑनलाइन पंजीकरण कर सकता है। पोर्टल पर उपलब्ध कैटलॉग में प्रत्येक वस्तु की तस्वीर, उसका न्यूनतम शुरुआती मूल्य (Base Price) और उसका संक्षिप्त विवरण विस्तार से दिया गया है। आपको केवल अपनी पसंद की वस्तु चुनकर निर्धारित नियमों के तहत अपनी बोली (Bid) ऑनलाइन दर्ज करनी होती है। नीलामी की समय-सीमा समाप्त होने पर सबसे ऊंची बोली लगाने वाले व्यक्ति को वह आधिकारिक उपहार आवंटित कर दिया जाता है। इस पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाता है ताकि देश के किसी भी हिस्से में बैठा आम नागरिक आसानी से इसमें जुड़ सके।उपहारों की नीलामी से मिलने वाले फंड का सामाजिक और जनहित में उपयोगइस ई-ऑक्शन की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इससे होने वाली पूरी कमाई या मिलने वाला राजस्व सीधे तौर पर देश के एक बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र सामाजिक उद्देश्य के लिए समर्पित किया जाता है। प्रधानमंत्री को मिलने वाले इन उपहारों की नीलामी से प्राप्त होने वाली संपूर्ण राशि को सरकार की प्रमुख सामाजिक योजनाओं और विशेष रूप से 'नमामि गंगे' जैसी राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में लगाया जाता है। नमामि गंगे परियोजना का मुख्य उद्देश्य देश की राष्ट्रीय नदी गंगा और उसकी सहायक नदियों का संरक्षण, उनका पुनरुद्धार और प्रदूषण को पूरी तरह से समाप्त करना है। इस प्रकार, जब आप इस नीलामी में भाग लेकर कोई वस्तु खरीदते हैं, तो आप न केवल अपने घर में एक ऐतिहासिक और अनमोल धरोहर लाते हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के इस बड़े महायज्ञ में अपना बहुमूल्य आर्थिक योगदान भी देते हैं।जनता का भारी उत्साह और सांस्कृतिक कूटनीति का अनूठा संगमप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन उपहारों की नीलामी को लेकर देश भर के नागरिकों, कला प्रेमियों और कलेक्टर्स के बीच हमेशा से भारी उत्साह देखने को मिलता रहा है। हर साल आयोजित होने वाले इन ई-ऑक्शन में भाग लेने के लिए लोग बढ़-चढ़कर आगे आते हैं। यह पहल न केवल प्रधानमंत्री को मिलने वाले सम्मान को देश की जनता के साथ साझा करने का एक बेहतरीन माध्यम है, बल्कि यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक कलाओं को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने का भी एक सशक्त जरिया है। दुनिया भर से आने वाले विशिष्ट मेहमानों द्वारा दिए जाने वाले ये उपहार भारत की वसुधैव कुटुंबकम की भावना और आपसी प्रेम का प्रतीक हैं। यदि आप भी इस अनूठे अनुभव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो तुरंत आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और अपनी पसंद के उपहार के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:25 pm

वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी', टीएमसी चुनाव चिन्ह पर बुरी तरह भड़के राहुल गांधी

भारतीय राजनीति के गलियारों में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिन्ह पर रोक लगने की चर्चाओं और राजनीतिक उठापटक को लेकर पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस संवेदनशील और गर्माते माहौल के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खुलकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं पर तीखा प्रहार करते हुए इसे सीधे तौर पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सुनियोजित हमला करार दिया है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दलों के भीतर चुनावी स्वायत्तता और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग को लेकर चिंताएं लगातार गहरी होती जा रही हैं। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों को कड़ाई से ध्यान में रखते हुए, आइए इस राजनीतिक भूचाल और राहुल गांधी के इस विस्फोटक बयान के हर एक पहलू की गहराई से समीक्षा करते हैं।'वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी': राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा हमलापश्चिम बंगाल की राजनीति और राष्ट्रीय पटल पर चल रही हलचल के बीच राहुल गांधी ने अपने बयानों से राजनीतिक तापमान को और अधिक बढ़ा दिया है। एक तीखे और आक्रामक तेवर में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में तानाशाही की सीमाएं अब सभी हदें पार करती जा रही हैं। उन्होंने केंद्र की सत्ता पर काबिज ताकतों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि पहले जनता के वोटों की चोरी की गई, फिर चुनी हुई सरकारों को गिराकर चोरी की गई और अब विपक्षी दलों के चुनाव चिन्हों और उनकी पार्टियों पर कब्जा करने की साजिश रची जा रही है। राहुल गांधी का यह बयान इस बात की तस्दीक करता है कि विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ संसद से लेकर सड़क तक जोरदार और आक्रामक संघर्ष करने की पूरी तैयारी कर चुका है। उनका यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सबसे ज्यादा सर्च और शेयर किया जाने वाला विषय बन गया है।टीएमसी सिंबल पर रोक की अटकलें और पश्चिम बंगाल का गर्माता राजनीतिक माहौलआखिर यह पूरा विवाद शुरू कहां से हुआ और क्यों तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर रोक लगने की चर्चाएं अचानक से देश की मुख्यधारा की खबरों में आ गईं? दरअसल, पिछले कुछ दिनों से प्रशासनिक और विधिक गलियारों में विपक्षी दलों के पंजीकरण, उनके आंतरिक चुनाव चिन्हों के आवंटन और नियमों के उल्लंघन को लेकर कुछ शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी इस मामले को लेकर पहले ही केंद्र सरकार पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। राज्य की राजनीति में यह चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि यदि क्षेत्रीय दलों के अस्तित्व और उनके चुनाव चिन्हों पर ही इस तरह के तकनीकी शिकंजे कसे जाने लगे, तो यह भारतीय संघवाद और बहुदलीय लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक मिसाल साबित होगी। ममता बनर्जी के समर्थन में अब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का खुलकर मैदान में आना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि विपक्ष इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं है।यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने की हैराहुल गांधी ने अपने संबोधन में इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि तृणमूल कांग्रेस या ममता बनर्जी के खिलाफ चल रही यह कथित रणनीतिक कार्रवाई केवल एक पार्टी या एक नेता तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष या क्षेत्रीय दल की नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर भारत के संविधान, बहुलतावाद और लोकतंत्र के अस्तित्व को बचाने की एक निर्णायक लड़ाई है। राहुल गांधी का तर्क है कि यदि आज देश में विपक्षी ताकतों और उनकी पार्टियों को सुनियोजित तरीके से कमजोर या प्रतिबंधित करने की कोशिशों को नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में देश में किसी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की कल्पना करना असंभव हो जाएगा। क्षेत्रीय दलों के नेताओं को दबाने और उनकी राजनीतिक जमीन को कानूनी पेचीदगियों में उलझाने की इन कोशिशों के खिलाफ विपक्ष अब लामबंद होता हुआ साफ नजर आ रहा है।विपक्षी गठबंधन की एकता और आगामी रणनीतिक संघर्ष के नए आयामराहुल गांधी द्वारा ममता बनर्जी के समर्थन में दिए गए इस कड़े बयान के बाद राष्ट्रीय राजनीति में विपक्षी एकता की एक नई तस्वीर उभरकर सामने आ रही है। पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग राज्यों के चुनावों और स्थानीय मुद्दों पर क्षेत्रीय दलों और कांग्रेस के बीच भले ही मतभेद देखने को मिले हों, लेकिन जब बात संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग और विपक्षी दलों के अस्तित्व पर संकट की आती है, तो पूरा विपक्ष एकजुट नजर आता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानबाजी और राजनीतिक टकराव आने वाले संसद सत्र और देश के आगामी चुनावी परिदृश्य में मुख्य राजनीतिक एजेंडा बनने वाले हैं। जनता के बीच भी इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या वाकई देश में दलीय लोकतंत्र खतरे में है या यह महज़ राजनीतिक बयानबाजी का एक दौर है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थान इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और टीएमसी के भविष्य को लेकर क्या नए कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 12:24 pm

अडानी रियलिटी के मैनेजर युवराज की हत्या में बड़ा खुलासा, अन्या ने मारी गोली

अडानी रियलिटी के मैनेजर युवराज की हत्या के मामले में आरोपी अन्या वत्स पर पहले से ठगी का केस दर्ज था. इस दौरान पुलिस की पूछताछ में फाइनेंशियल डिस्प्यूट की बात सामने आई है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 18 Sep 2026 12:23 pm