राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन प्रधानमंत्री से मिले
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियनों को प्रधानमंत्री आवास बुलाकर उनका
JPSC Job Scam: झारखंड CID ने पूर्व चेयरमैन Khyangte को दबोचा, सरकारी नौकरियों पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, झारखंड CID ने JPSC और JSSC नौकरी घोटालों में कथित भूमिका के लिए पूर्व PSC चेयरमैन एल. खियांगते को गिरफ़्तार किया है। भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों में कथित तौर पर शामिल होने के कारण CID ने उनसे कई बार पूछताछ की थी। यह गिरफ़्तारी रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच हुई है, जो राज्य की भर्ती परीक्षा प्रणाली में सुधार और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: अफसरों जिम्मेदार ठहराने से होगा समस्याओं का समाधान सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक मनोज कौशिक ने खियांग्ते की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि पूर्व जेपीएससी प्रमुख को आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। अतिरिक्त महानिदेशक (सीआईडी) मनोज कौशिक ने कहा कि हमने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के सिलसिले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने पहले भर्ती में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) से जांच समेत कई तरह के एक्शन प्लान की घोषणा की थी। रविवार को छात्रों के साथ लंबी बैठक के बाद सरकार उनकी कई मांगों को मानने के लिए भी सहमत हो गई थी, जिनमें 14वीं JPSC परीक्षा और 2023 व 2025 की बैकलॉग भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना शामिल था। हालांकि, छात्रों ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि CBI जांच की उनकी मुख्य मांग नहीं मानी गई है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने झारखंड सरकार पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया; सरकार का दावा था कि उसने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें पूरी कर दी हैं। इसे भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर Students के लिए आवाज, झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर चुप्पी, वाह क्या दोगलापन है! एक छात्र नेता ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने जिन 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी, उनमें से सरकार ने सिर्फ़ तीन ही रद्द की हैं। छात्र नेताओं ने CID जांच पर भरोसा करने के सरकार के फ़ैसले की आलोचना की और आरोप लगाया कि यह एजेंसी पहले भी मामलों को दबाने (cover-ups) में शामिल रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कथित गड़बड़ियों का पता लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए एक स्वतंत्र जांच ज़रूरी है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
United Liberation Council का खौफनाक लेटर, J&K Police और अधिकारियों को दी कत्लेआम की धमकी
भारतीय खुफिया सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक मोर्चे के तौर पर पहचाने जाने वाले 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' (ULC) ने जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे कश्मीरी पंडित अधिकारियों को धमकी भरा पत्र भेजा है। इस पत्र में दावा किया गया है कि उनके पास अधिकारियों के परिवारों, उनके ठिकानों और काम करने की जगहों की जानकारी मौजूद है। आतंकी संगठन ने कश्मीरी पंडितों को चेतावनी दी है कि अगर वे जम्मू भी चले जाते हैं, तब भी उन्हें निशाना बनाया जाएगा। 7 अगस्त की तारीख वाली इस चिट्ठी में जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक और नई दिल्ली के अधिकारियों को भी चेतावनी दी गई है। इसमें कहा गया है कि वे उस प्रक्रिया को जारी न रखें जिसे समूह ने आतंकवादियों की संपत्ति ज़ब्त करने और उनके समर्थकों व लड़ाकों के रिश्तेदारों को परेशान करने का काम बताया है। इसे भी पढ़ें: Farooq Abdullah ने Jammu Kashmir का राज्य दर्जा मांगा; केंद्र से रिश्तों में बदलाव का आह्वा श्रीनगर के एक वरिष्ठ पत्रकार ने इंडिया टुडे डिजिटल को इस चिट्ठी की सच्चाई की पुष्टि की। पत्रकार ने यह भी कहा कि ऐसी धमकी भरी चिट्ठियों से कश्मीरी पंडित समुदाय में, खासकर जम्मू में, दहशत फैलती है। पंडितों के पक्ष में काम करने वाले समूह 'पनुन कश्मीर' के मीडिया सचिव एम.के. धर ने इन चेतावनियों और धमकियों को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने सवाल किया, कश्मीरी हिंदुओं को और कितने समय तक छिपकर रहना होगा? 1990 के दशक में आतंकवाद बढ़ने, चुन-चुनकर हत्याएं होने और समुदाय को धमकियां मिलने के कारण कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी से पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। आतंकवादियों ने स्थानीय मस्जिदों से चेतावनी जारी की, जिसमें कश्मीरी हिंदुओं से इस्लाम अपनाने, घाटी छोड़ने या मौत का सामना करने को कहा गया। यह दौर कश्मीरी पंडितों के इतिहास का सबसे काला अध्याय है, जिसके कारण उन्हें अपनी मातृभूमि से बड़े पैमाने पर पलायन करना पड़ा। जहाँ कश्मीरी पंडित देश के अलग-अलग हिस्सों में चले गए, वहीं बड़ी संख्या में लोग जम्मू में बस गए। इसे भी पढ़ें: अमरनाथ यात्रा का अंतिम चरण: Chhari Mubarak की यात्रा का Schedule जारी, 28 अगस्त को होगा समापन Lashkar-e-Taiba (LeT) से जुड़े आतंकी संगठन ने पंडितों और J&K पुलिस को धमकी दी इस संदेश में, ULC ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी और खास तौर पर रेवेन्यू डिपार्टमेंट (राजस्व विभाग) जैसे प्रशासनिक विभागों का ज़िक्र किया, क्योंकि वहाँ कई कश्मीरी पंडित अधिकारी काम करते थे। पत्र में यह भी दावा किया गया कि संगठन के पास अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी है और चेतावनी दी गई कि अगर वे जम्मू भी चले जाते हैं, तो भी उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। ULC ने कश्मीरी पंडित समुदाय के छह सरकारी कर्मचारियों का ज़िक्र किया। चिट्ठी में पुलिसकर्मियों को भी धमकी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि इस फ़ोर्स में ज़्यादातर स्थानीय लोग हैं और इससे अलग-अलग पुलिसकर्मियों पर हमले का ख़तरा बढ़ सकता है। इस चिट्ठी पर अहमद बिलाल नाम के व्यक्ति के हस्ताक्षर थे, जिसने खुद को ग्रुप का मीडिया कोऑर्डिनेटर और पदनाम सोल्जर ऑफ़ रेजिस्टेंस बताया था।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) जून 2026 सत्र में शामिल हुए लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक आधिकारिक सूचना जारी कर पुष्टि की है कि यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की (Provisional Answer Key) इसी हफ्ते आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही उम्मीदवार लगातार रिस्पॉन्स शीट और आंसर-की का इंतजार कर रहे थे।एनटीए द्वारा जारी अपडेट के अनुसार, यूजीसी नेट के साथ-साथ सीएसआईआर-नेट (CSIR-NET) और आईसीएआर (ICAR) परीक्षाओं की प्रोविजनल आंसर-की भी इसी सप्ताह पोर्टल पर उपलब्ध करा दी जाएगी।आंसर-की के साथ जारी होगी रिस्पॉन्स शीटनेशनल टेस्टिंग एजेंसी प्रोविजनल आंसर-की के साथ-साथ उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट (Recorded Responses) और प्रश्न पत्र भी आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर अपलोड करेगी। अभ्यर्थी अपने एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि/पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन कर सकेंगे और अपने उत्तरों का मिलान कर अपने संभावित अंकों (Probable Score) का अनुमान लगा सकेंगे।एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परिणाम घोषित होने के बाद राइट टू इंफॉर्मेशन (RTI) एक्ट के तहत भी अभ्यर्थियों को उनकी रिस्पॉन्स शीट की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे विंडो ओपन होते ही अपनी रिस्पॉन्स शीट को डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।आपत्ति दर्ज कराने का मिलेगा अवसर (Objection Window Details)प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद यदि किसी अभ्यर्थी को किसी प्रश्न या उसके उत्तर पर कोई संदेह या आपत्ति होती है, तो वे ऑनलाइन माध्यम से चुनौती दर्ज करा सकेंगे:आपत्ति शुल्क: प्रति उत्तर या प्रश्न को चुनौती देने के लिए अभ्यर्थियों को 200 रुपये (Non-Refundable) का प्रसंस्करण शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा।विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा: दर्ज कराई गई सभी चुनौतियों की समीक्षा विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) की एक समिति द्वारा की जाएगी।फाइनल आंसर-की और रिजल्ट: यदि कोई आपत्ति सही पाई जाती है, तो आंसर-की में संशोधन किया जाएगा। इसके बाद संशोधित यानी फाइनल आंसर-की के आधार पर ही यूजीसी नेट का अंतिम परिणाम (Result) तैयार कर घोषित किया जाएगा।कैसे डाउनलोड करें UGC NET Answer Key 2026?सबसे पहले एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।होमपेज पर उपलब्ध 'UGC NET June 2026 Provisional Answer Key' के लिंक पर क्लिक करें।अपना एप्लीकेशन नंबर, जन्मतिथि (Date of Birth) और सिक्योरिटी पिन दर्ज कर सबमिट करें।आपकी प्रोविजनल आंसर-की और रिस्पॉन्स शीट स्क्रीन पर आ जाएगी, इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।
VB-G RAM G को Congress ने बताया Job Scam, Modi Govt पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने सोमवार को मोदी सरकार पर VB-G RAM G एक्ट को लागू करने को लेकर रोज़गार चोरी का आरोप लगाया। पार्टी का दावा है कि सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई में ग्रामीण रोज़गार पैदा होने में भारी गिरावट आई है; यह नया कानून MGNREGA की जगह लागू होने के बाद पहला महीना था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर एक मीडिया रिपोर्ट शेयर की, जिसमें सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि जुलाई में नए ग्रामीण रोज़गार गारंटी प्रोग्राम के तहत पैदा हुए रोज़गार के 'पर्सन-डेज़' (काम के दिनों) में साल-दर-साल 49.94% की गिरावट आई है। इसे भी पढ़ें: Ram Mandir चंदा चोरी पर संसद में हंगामा, Akhilesh ने BJP पर बोला हमला रमेश ने कहा कि मोदी सरकार के VB-G RAM G का पहला महीना ही MGNREGA को खत्म करने की कीमत दिखा रहा है। उनके बताए आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 की तुलना में रोज़गार पाने वाले परिवारों की संख्या में 51.45% की गिरावट आई है, जब MGNREGA लागू था। रोज़गार के 'पर्सन-डेज़' (काम के दिनों) में भी लगभग 50% की कमी आई। रमेश ने कहा कि ये आंकड़े उन चेतावनियों के अनुरूप हैं जो कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने MGNREGA को हटाए जाने के समय दी थीं। उन्होंने कहा कि ठीक यही बात कांग्रेस और पूरे विपक्ष ने तब कही थी जब मोदी सरकार ने MGNREGA को ज़बरदस्ती खत्म कर दिया था। रमेश ने कहा कि MGNREGA ने ग्रामीण मज़दूरों को रोज़गार की कानूनी गारंटी दी थी और ग्राम पंचायतों को इस योजना को लागू करने के लिए सशक्त बनाया था। उन्होंने कहा कि मनरेगा का मकसद मज़दूरों को उस समय की सरकार की राजनीतिक मर्जी पर निर्भरता से आज़ाद करना था। उन्होंने मोदी सरकार पर ग्रामीण रोज़गार कार्यक्रम को सेंट्रलाइज़ करने, राज्य सरकारों पर ज़्यादा वित्तीय बोझ डालने और इसकी सुविधाओं तक पहुँच को टेक्नोलॉजी और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पर ज़्यादा निर्भर बनाने का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: Tarun Tejpal Rape Case: Sudhanshu Trivedi ने Congress को घेरा, पूछा- क्या था रिश्ता? रमेश ने कहा कि इसके बजाय, मोदी सरकार ने इस स्कीम को सेंट्रलाइज़ कर दिया है, राज्य सरकारों पर भारी वित्तीय बोझ डाला है, इसकी सुविधाओं तक पहुँच को टेक्नोलॉजी और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पर ज़्यादा निर्भर बना दिया है, रोज़गार की गारंटी खत्म कर दी है और मज़दूरों के लिए अपने अधिकारों का दावा करना मुश्किल बना दिया है। यह सीधे-सीधे रोज़गार की चोरी है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
करोड़ों के फ्लैट में मालकिन ने मेड को पीटा, VIDEO वायरल होते ही केस दर्ज
गुरुग्राम की कमेलियास सोसाइटी में महिला द्वारा मेड से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने खुद ही संज्ञान लिया है. सुशांत लोक थाना पुलिस में FIR दर्ज की है. पुलिस के मुताबिक यह घटना 24 जुलाई की है.
देश भर में बहुचर्चित और चर्चित नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले में जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को बड़ा झटका लगा है। विशेष अदालत ने नीट पेपर लीक केस में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों के लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) और नार्को एनालिसिस टेस्ट कराने की मांग वाली सीबीआई की अर्जी को खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब जांच एजेंसी आरोपियों की सहमति के बिना उनका साइंटिफिक टेस्ट नहीं करा सकेगी।कोर्ट ने क्यों खारिज की सीबीआई की अर्जी?अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए सीबीआई की मांग का कड़ा विरोध किया। भारतीय संविधान और कानून के स्थापित सिद्धांतों के तहत किसी भी आरोपी को अपने खिलाफ गवाही देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता (Self-Incrimination Prohibition)।आरोपियों की असहमति: सर्वोच्च न्यायालय (Selvi vs State of Karnataka Case) के ऐतिहासिक फैसले के अनुसार, किसी भी आरोपी का पॉलीग्राफ, नार्को या ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने के लिए उसकी लिखित सहमति (Consent) होना अनिवार्य है।सहमति देने से इनकार: जब कोर्ट ने आरोपियों से पूछा कि क्या वे स्वेच्छा से इस टेस्ट के लिए तैयार हैं, तो आरोपियों ने लाई डिटेक्टर और नार्को टेस्ट कराने से साफ इनकार कर दिया।अदालत का निर्णय: आरोपियों द्वारा सहमति न दिए जाने के कारण विशेष अदालत ने कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए सीबीआई की अर्जी को खारिज कर दिया।सीबीआई की जांच पर क्या पड़ेगा असर?नीट पेपर लीक की कड़ियों को जोड़ने और इसके मास्टरमाइंड्स का पर्दाफाश करने के लिए सीबीआई आरोपियों से सच उगलवाना चाहती थी। जांच एजेंसी का मानना था कि आरोपियों के पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट से इस बात का खुलासा हो सकता था कि पेपर कहां से लीक हुआ, किन-किन राज्यों में बांटा गया और इस रैकेट के पीछे कौन-कौन से बड़े नाम या कोचिंग संस्थान शामिल थे।अर्जी खारिज होने के बाद अब सीबीआई को पूरी तरह से फॉरेंसिक सबूतों, डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शंस और अन्य गवाहों के बयानों के आधार पर ही चार्जशीट और जांच को आगे बढ़ाना होगा।
'तुझे कभी थप्पड़ तक नहीं मारा' पत्नी से विवाद में BJP नेता के बेटे ने दी जान
बागपत में पत्नी के मायके से वापस लौटने से इनकार करने पर भाजपा नेता के बेटे नीरज ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. परिजनों के अनुसार, गर्भवती पत्नी के न आने और विवाद में पुलिस कार्रवाई से आहत होकर नीरज ने यह खौफनाक कदम उठाया. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है.
5 महीने में होंगी 12 बड़ी परीक्षाएं, MP ESB करेगा 19 हजार पदों पर भर्ती
MP ESB Recruitment 2026: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MP ESB) ने साल 2026 में होने वाली भर्तियों के लिए कैलेंडर जारी कर दिया है. इसके मुताबिक 5 महीने में कुल 12 बड़ी भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया जाना है. लंबे समय से सरकारी नौकरी की तलाश में जुटे उम्मीदवारों के पास ये बेहतरीन मौका है.
विदेश जा सकेंगे अभिषेक बनर्जी, SC ने रद्द किया HC का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने TMC महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए तीन हफ्ते विदेश जाने की अनुमति दे दी. कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के विदेश यात्रा की अनुमति न देने वाले फैसले को हटा दिया. इससे पहले हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड के सामने जांच कराने की बात कही थी.
आज के समय में सोशल मीडिया ऐप्स पर 15 से 60 सेकंड के शॉर्ट वीडियो यानी रील्स देखना हर उम्र के लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। 'बस 5 मिनट रील्स देखूंगा' से शुरू हुआ यह सिलसिला अक्सर घंटों में बदल जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि रील्स से निकलने वाला 'इंस्टेंट डोपामाइन' आपके दिमाग की एकाग्रता (अटेंशन स्पैन), नींद और मानसिक स्थिति को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। लेकिन इस समस्या का एक और चिंताजनक पहलू है जो अब अर्थशास्त्रियों के रडार पर आ चुका है—वह है देश की 'इकोनॉमी' और 'कार्यक्षमता' (Productivity) पर इसका पड़ता भयावह असर। आइए समझते हैं कि कैसे स्मार्टफोन की स्क्रीन पर उंगलियों से लगातार स्क्रॉल होती रील्स व्यक्तिगत बजट से लेकर देश की जीडीपी (GDP) तक को चपत लगा रही हैं।वर्किंग आवर्स में गिरावट और भारी प्रॉडक्टिविटी लॉसकिसी भी देश की आर्थिक वृद्धि उसकी कार्यशील आबादी (वर्किंग पॉपुलेशन) की उत्पादकता पर निर्भर करती है। जब कर्मचारी अपने दफ्तर, कारखाने या वर्कप्लेस पर काम के दौरान बार-बार फोन उठाकर रील्स और शॉट्स देखने लगते हैं, तो उनके काम की गति और गुणवत्ता दोनों बुरी तरह प्रभावित होती हैं।अटेंशन स्पैन में कमी: लगातार शॉर्ट फॉर्मेट कंटेंट देखने से इंसानी दिमाग लंबे समय तक एक काम पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता (Deep Work) खोने लगता है।टास्क-स्विचिंग कॉस्ट: रिसर्च के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति काम के बीच में केवल 2 मिनट के लिए भी रील्स देखता है, तो दोबारा पूरी एकाग्रता से काम में जुटने में दिमाग को 20 मिनट से ज्यादा का वक्त लगता है।आर्थिक नुकसान: कॉर्पोरेट रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों के इस बिखरे हुए ध्यान (Distracted Working) के कारण वैश्विक कंपनियों और अर्थव्यवस्था को हर साल अरबों डॉलर की प्रॉडक्टिविटी का नुकसान उठाना पड़ रहा है।इम्पल्सिव बाइंग और फाइनेंशियल ड्रेन: अनावश्यक खर्चों का मायाजालरील्स केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह एल्गोरिदम से संचालित एक बड़ा विज्ञापन प्लेटफॉर्म (E-Commerce Ecosystem) बन चुका है। रील्स देखते समय यूज़र्स के सामने उनके मूड और रुचि के अनुसार स्पॉन्सर्ड प्रोडक्ट्स और ट्रेंडिंग रील्स दिखाई जाती हैं।रील्स देखने के दौरान दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ा होता है, जिससे व्यक्ति की तर्कसंगत सोचने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप यूज़र्स ऐसे प्रोडक्ट्स, कपड़े, गैजेट्स या ट्रेंडिंग चीजें बिना सोचे-समझे खरीद लेते हैं (Impulsive Buying), जिनकी उन्हें वास्तव में कोई जरूरत नहीं होती। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड और 'बाय नाउ, पे लेटर' (BNPL) जैसी सुविधाओं के साथ मिलकर यह प्रवृत्ति युवा आबादी को कर्ज के जाल और वित्तीय तंगी में धकेल रही है, जिससे उनकी लंबे समय की बचत (Savings) और निवेश क्षमता खत्म हो रही है।बढ़ता हेल्थकेयर बर्डन और जनसांख्यिकीय संकट (Demographic Crisis)रील्स की लत के कारण इंसानी शरीर निष्क्रिय (Sedentary) होता जा रहा है। घंटों बैठकर फोन पर स्क्रॉल करने से युवाओं में मोटापा (Obesity), सर्वाइकल-गर्दन दर्द, आंखों में सूखापन, अनिद्रा (Insomnia), अवसाद और एंग्जायटी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।इसका सीधा असर यह हो रहा है कि लोगों की जेब का एक बड़ा हिस्सा बीमारियों के इलाज और दवाइयों (Out-of-Pocket Healthcare Expense) पर खर्च हो रहा है। स्वास्थ्य पर बढ़ता यह अतिरिक्त बोझ न केवल व्यक्तिगत बजट को बिगाड़ रहा है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी खजाने पर भी दबाव बढ़ा रहा है। जो युवा देश के आर्थिक विकास की रीढ़ (Demographic Dividend) बन सकते थे, वे खराब शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के कारण अपनी पूरी क्षमता से योगदान नहीं दे पा रहे हैं।
कांवड़ियों के बीच ऐसे जनाज़े के लिए बनाई मानव श्रृंखला
मेरठ के सिवाया गांव में कांवड़ियों ने जनाजे को रास्ता देने के लिए कुछ देर कांवड़ यात्रा रोक दी. हाईवे पार कराने के लिए मानव श्रृंखला बनाई गई. घटना का VIDEO सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें आपसी सहयोग और भाईचारे की तस्वीर दिखी. कांवड़ियों ने तब तक यात्रा आगे नहीं बढ़ाई, जब तक जनाजा सुरक्षित रूप से हाईवे पार कर कब्रिस्तान की ओर नहीं चला गया.
JPSC, TDPL... वो पांच शब्द जिन पर खड़ा हुआ रांची का प्रोटेस्ट
रांची में चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़े कुछ ऐसे शब्द है. जिन पर पूरा आंदोलन टिका हुआ है. चलिए समझते हैं इन शब्दों का क्या मतलब है और ये छात्रों के विरोध में क्या मायने रखते हैं.
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (AB-PMJAY) में फर्जीवाड़ा और मरीजों के नाम पर धांधली करने वाले निजी व सरकारी अस्पतालों के खिलाफ राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और स्वास्थ्य मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों के नाम पर फर्जी क्लेम पास कराने, अस्पताल में भर्ती किए बिना बिल बनाने और अनावश्यक सर्जरी दिखाने जैसी अनियमितताओं में शामिल 2359 अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से बाहर (De-empanel) कर दिया गया है। इसके अलावा, गंभीर फर्जीवाड़े में लिप्त पाए गए 1200 से अधिक अस्पतालों को ब्लैकलिस्ट करते हुए उन पर स्थायी बैन (Ban) लगा दिया गया है।एंटी-फ्रॉड सिस्टम और एआई से पकड़ी गई धांधलीस्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई योजना में पारदर्शिता लाने और नेशनल एंटी-फ्रॉड यूनिट (NAFU) व स्टेट एंटी-फ्रॉड यूनिट (SAFU) की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। गड़बड़ियों को पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग बेस्ड डेटा एनालिटिक्स टूल का सहारा लिया गया।जांच में सामने आया कि कई अस्पताल ऐसे मरीजों के नाम पर क्लेम ले रहे थे जो कभी अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुए थे। कुछ मामलों में एक ही मरीज का एक ही दिन में कई फर्जी पैकेज बुक दिखाया गया था, जबकि कुछ अस्पतालों में बेसिक बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) न होने के बावजूद गंभीर बीमारियों के इलाज के बिल क्लेम किए जा रहे थे।जुर्माना और रिकवरी की सख्त कार्रवाई:करोड़ों रुपये की रिकवरी: धांधली में शामिल अस्पतालों से अनुचित तरीके से उठाए गए क्लेम की राशि वसूल की जा रही है।भारी जुर्माना: नियम तोड़ने वाले अस्पतालों पर क्लेम राशि के कई गुना के बराबर आर्थिक जुर्माना लगाया गया है।कानूनी कार्रवाई: गंभीर और संगठित फ्रॉड के मामलों में जिम्मेदार अस्पताल संचालकों और डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी अड़चन के मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलता रहेगा, लेकिन योजना के फंड का दुरुपयोग करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर के पड़ाना कस्बे में सोमवार को बारिश के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क के ऊपर से बह रहे तेज पानी को पार करने की कोशिश में 11 लोगों से भरी ईको कार उफनते नाले में बह गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 ...
तमिलनाडु में पहले बजाया जाएगा तमिल राज्य गीत, विधानसभा में बिल पास
तमिलनाडु विधानसभा ने तमिल थाई वाजथू को सभी सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान से ऊपर प्राथमिकता देने का बिल पारित किया है. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इसे राज्य के भाषाई और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा बताया है.
भारत वर्ष 1947 में सदियों की गुलामी के बाद 15 अगस्त को आजाद हुआ। भारत की स्वतंत्रता की यह तारीख न केवल भारतीय इतिहास बल्कि विश्व राजनीति के पन्नों में भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्रिटिश संसद ने शुरुआत में भारत की आजादी के लिए जून 1948 की समयसीमा तय की थी? फिर ऐसा क्या हुआ कि अंग्रेजों को निर्धारित समय से लगभग 10 महीने पहले ही भारत छोड़ना पड़ा? 15 अगस्त की तारीख चुनने के पीछे अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन का एक व्यक्तिगत फैसला और द्वितीय विश्व युद्ध में जापान का आत्मसमर्पण मुख्य कारण बना। आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक घटनाक्रम की पूरी कहानी।जून 1948 से 15 अगस्त 1947: क्यों जल्दबाजी में चुनी गई यह तारीख?ब्रिटिश संसद द्वारा फरवरी 1947 में पारित किए गए निर्णय के अनुसार, ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने घोषणा की थी कि भारत को 30 जून 1948 तक पूर्ण सत्ता हस्तांतरित कर दी जाएगी। इस ऐतिहासिक कार्य को पूरा करने के लिए लॉर्ड लुई माउंटबेटन को भारत का अंतिम वायसराय बनाकर भेजा गया था।जब माउंटबेटन भारत आए, तो देश में सांप्रदायिक तनाव और दंगे चरम पर थे। विभाजन और आजादी की मांग को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती जा रही थी। माउंटबेटन को अहसास हो गया था कि यदि जून 1948 तक का इंतजार किया गया, तो देश में गृहयुद्ध जैसे हालात बन सकते हैं और सत्ता हस्तांतरण का नियंत्रण अंग्रेजों के हाथ से निकल जाएगा। इसलिए उन्होंने भारतीय नेताओं से चर्चा कर आजादी की तारीख को प्रीपोन (आगे खिसका) कर अगस्त 1947 में करने का फैसला लिया।जापान का आत्मसमर्पण और लॉर्ड माउंटबेटन की 'लकी डेट'जब माउंटबेटन ने 1947 में ही सत्ता हस्तांतरित करने का मन बनाया, तो उनके सामने यह सवाल था कि आखिर अगस्त महीने की किस तारीख को आजादी दी जाए। यहीं से इस कहानी में जापान का ऐतिहासिक कनेक्शन जुड़ता है।द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लॉर्ड माउंटबेटन दक्षिण-पूर्व एशिया में मित्र राष्ट्रों (Allied Forces) के सुप्रीम एलीड कमांडर थे। 15 अगस्त 1945 को ही जापानी सेना ने मित्र राष्ट्रों के सामने बिना शर्त आत्मसमर्पण किया था। इस जीत ने द्वितीय विश्व युद्ध का अंत किया था और इसे माउंटबेटन के सैन्य करियर की सबसे बड़ी और गौरवशाली उपलब्धि माना जाता था। इसलिए माउंटबेटन 15 अगस्त की तारीख को अपने लिए बेहद शुभ (लकी) मानते थे। जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे आजादी की तारीख को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने अपने करियर के इसी खास दिन यानी '15 अगस्त' को भारत की आजादी के रूप में चुना।ज्योतिषीय अड़चन और 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि का हलजब लॉर्ड माउंटबेटन ने 15 अगस्त की तारीख की घोषणा की, तो देश के विद्वानों और ज्योतिषियों में खलबली मच गई। पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 15 अगस्त 1947 का दिन स्वतंत्रता के शुभ मुहूर्त के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा था। ज्योतिषियों ने माउंटबेटन से तारीख बदलने का आग्रह किया, लेकिन माउंटबेटन 15 अगस्त के दिन पर अड़े रहे।इस समस्या का एक ऐतिहासिक समाधान निकाला गया। हिंदू पंचांग के अनुसार नया दिन सूर्योदय से शुरू होता है, जबकि अंग्रेजी (ग्रोगोरियन) कैलेंडर के अनुसार नया दिन रात 12 बजे (मध्यरात्रि) से बदलता है। इसलिए तय किया गया कि संविधान सभा का सत्र 14 अगस्त की रात को बुलाया जाएगा। रात 12 बजे जैसे ही अंग्रेजी कैलेंडर में 15 अगस्त की शुरुआत हुई, जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध भाषण 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' (Tryst with Destiny) दिया और भारत आधिकारिक रूप से एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित हो गया।
'सरकार से अब नहीं होगी बातचीत, हमारी मांगें मानें', देवेंद्र महतो का ऐलान
रांची में विधानसभा घेराव के दौरान माहौल गरमा गया. पुलिस और छात्रों की भिड़ंत हुई. देवेंद्र महतो ने सरकार से बातचीत खत्म करने का ऐलान किया. इसी बीच दिनभर हुई एक और बड़ी कार्रवाई चर्चा में रही.
Channi गुट से मिली चुनौती के बाद Warring का बड़ा दांव, Punjab Congress में जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत
अपनी लीडरशिप पर उठ रहे सवालों के बीच, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पार्टी के ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से फिर से जुड़ने के लिए एक नया डिजिटल आउटरीच प्रोग्राम शुरू किया है। संडे विद वडिंग एंड वॉरियर्स नाम का यह प्रोग्राम ऐसे समय में शुरू किया गया है, जब पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल के पार्टी हाईकमान से मिलने और राज्य के हालात पर अपनी रिपोर्ट पेश करने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: Ram Mandir चंदा चोरी पर संसद में हंगामा, Akhilesh ने BJP पर बोला हमला इस प्रोग्राम का समय बहुत अहम है। कांग्रेस ने हाल ही में नौ दिन का राज्यव्यापी कैंपेन खत्म किया है, जिसके दौरान वडिंग और बघेल को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों के विरोध और रुकावटों का सामना करना पड़ा था। चन्नी, जो राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर वडिंग को हटाने की मांग करते रहे हैं, कैंपेन के दौरान किसी भी प्रोग्राम में शामिल नहीं हुए। इस पहल के तहत अपने पहले भाषण में वारिंग ने व्यक्तिगत जुड़ाव बनाने की कोशिश की। अपने विरोधियों पर सीधे हमला करने के बजाय, उन्होंने अपनी यात्रा, उस मुश्किल दौर का ज़िक्र किया जब उन्होंने पार्टी की कमान संभाली थी, और उन कार्यकर्ताओं के बारे में बात की जो उनके साथ तब भी डटे रहे जब कई अन्य लोग साथ छोड़कर चले गए थे। पंजाब कांग्रेस प्रमुख के तौर पर अपनी नियुक्ति के समय को याद करते हुए वारिंग ने कहा कि मुझे साढ़े चार साल पहले कांग्रेस की कमान संभालने का मौका मिला, जब हालात अच्छे नहीं थे। हमने अभी-अभी चुनाव का सामना किया था। राज्य में 80 सीटों के साथ सरकार चलाने के बाद, हम 18 सीटों पर सिमट गए थे। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता निराश था। कई लोग इस स्थिति का सामना नहीं कर पाए और पार्टी छोड़ दी। कई बड़े नेताओं ने भी पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने याद किया कि राहुल गांधी ने उन्हें संगठन को फिर से खड़ा करने की ज़िम्मेदारी ऐसे समय में सौंपी थी, जब खुद उन्हें भी समझ नहीं आ रहा था कि आगे कैसे बढ़ना है। इसे भी पढ़ें: Tarun Tejpal Rape Case: Sudhanshu Trivedi ने Congress को घेरा, पूछा- क्या था रिश्ता? वारिंग ने कहा कि उस समय मुझे भी नहीं पता था कि पार्टी को कैसे आगे ले जाना है। लेकिन एक बात मुझे पता थी: पार्टी में हमें नेता हमारे कार्यकर्ता ही बनाते हैं। उन्हें बस समर्थन और हौसला बढ़ाने की ज़रूरत होती है। इसके बाद उन्होंने लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को दिया। ज़मीनी स्तर पर हमारे कार्यकर्ताओं के हौसले और कड़ी मेहनत की वजह से हम लोकसभा की सात सीटें जीते। इसका श्रेय हमारे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत को जाता है। मैं उस कड़ी मेहनत को सलाम करता हूँ। मैं जो कुछ भी हूँ, आप सभी की वजह से हूँ। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
3 साल नो चेंज इन ड्रेस, 15% से ज्यादा फीस वसूली तो फॉरेंसिक ऑडिट!
पंजाब विधानसभा ने शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों को मंजूरी दी है, जिसमें प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि और यूनिफॉर्म बदलने पर कड़ी पाबंदियां शामिल हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अब शिक्षा को व्यापार नहीं बनने दिया जाएगा. फीस वृद्धि 15% से अधिक होने पर फॉरेंसिक ऑडिट अनिवार्य होगा और यूनिफॉर्म तीन साल तक नहीं बदली जा सकेगी.
IIT दिल्ली के हाल ही में हुए दीक्षांत समारोह में संस्कृत पाठ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सवाल उठाया है कि एक एकेडमिक कार्यक्रम में गायत्री मंत्र का पाठ क्यों किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे, जिससे मोहम्मद की टिप्पणी को एक राजनीतिक संदर्भ भी मिल गया है। कुछ लोग इस आलोचना को एक एकेडमिक समारोह का राजनीतिकरण करने के तौर पर देख रहे हैं। मोहम्मद ने दीक्षांत समारोह में जिसे धार्मिक मंत्र बताया था, उसके इस्तेमाल पर सवाल उठाए, लेकिन IIT कानपुर के एक पूर्व छात्र ने उन श्लोकों की उनकी पहचान पर आपत्ति जताई और कहा कि वह पाठ गायत्री मंत्र बिल्कुल नहीं था। ये श्लोक तैत्तिरीय उपनिषद के 'शिक्षावल्ली' से लिए गए हैं, जो सीखने-सिखाने की प्रक्रिया और गुरु-शिष्य के रिश्ते से संबंधित है। यह अंतर अब इस बात की बहस के केंद्र में आ गया है कि IIT दिल्ली के समारोह में वास्तव में क्या पाठ किया गया था और उन सदियों पुरानी पंक्तियों का क्या अर्थ है। इसे भी पढ़ें: झारखंड छात्रों के विरोध पर Congress मौन, BJP ने Rahul Gandhi की चुप्पी पर घेरा इस पाठ में यह प्रार्थना शामिल है: तन्मामवतु, तद्वक्तारमवतु यानी वह मेरी रक्षा करे, और उस शिक्षक की रक्षा करे जो मुझे पढ़ाता है। इसका अर्थ है ज्ञान प्रदान किए जाने से पहले, उसे प्राप्त करने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति और उसे देने वाला व्यक्ति, दोनों ही संरक्षण मांगते हैं। छात्र और शिक्षक को एक ही प्रार्थना में एक साथ रखा गया है। शमा मोहम्मद बोलीं- शिक्षण संस्थाएं धार्मिक मंत्रों से मुक्त हों शमा मोहम्मद ने एक्स पोस्ट में कहा कि उनके घर में काम करने वाले कुक जब भी रसोई में आते हैं, तो रोज गायत्री मंत्र बजाते हैं और उन्हें भी इसे सुनना अच्छा लगता है। हालांकि, उन्होंने आईआईटी के कार्यक्रम में गायत्री मंत्र बजाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षण संस्थाएं सभी धर्मों के धार्मिक नारों और मंत्रों से मुक्त होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में मंत्रोच्चारण को लेकर सियासी बहस शुरू हो गई है। इस बातचीत में ध्यान शैक्षिक संस्थानों में धर्म से जुड़े व्यापक सवाल से हटकर एक ज़्यादा बुनियादी सवाल पर आ गया है। IIT दिल्ली के समारोह में असल में क्या पढ़ा गया था? मोहम्मद ने सवाल उठाया कि IIT के दीक्षांत समारोह में गायत्री मंत्र क्यों बजाया गया, साथ ही यह भी साफ़ किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से इसे सुनने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरा रसोइया रोज़ाना मेरी रसोई में आते ही गायत्री मंत्र बजाता है और मैं इसे रोज़ सुनती हूँ और मुझे यह पसंद भी है। इसे भी पढ़ें: Tarun Tejpal Rape Case: Sudhanshu Trivedi ने Congress को घेरा, पूछा- क्या था रिश्ता? इसके बाद उन्होंने किसी शैक्षणिक समारोह में इसके बजाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि लेकिन मेरा सवाल यह है कि IIT के दीक्षांत समारोह में गायत्री मंत्र क्यों बजाया गया? यह कोई धार्मिक कार्यक्रम नहीं था। हमारी शैक्षणिक जगहें सभी धर्मों के धार्मिक नारों और मंत्रोच्चार से मुक्त होनी चाहिए। इसलिए, उनकी दलील के दो हिस्से हैं पहला, कि जो पाठ किया गया वह गायत्री मंत्र था; और दूसरा, कि इस तरह के धार्मिक पाठ किसी शैक्षणिक समारोह का हिस्सा नहीं होने चाहिए। मेहता ने सीधे तौर पर इसी पहले दावे को चुनौती दी है। IIT के पूर्व छात्र ने पहचान पर सवाल उठाया मेहता का जवाब इसलिए खास है क्योंकि वह मोहम्मद की धर्मनिरपेक्षता वाली दलील को सिर्फ़ खारिज नहीं करते। इसके बजाय, वह एक ज़्यादा बुनियादी समस्या से बात शुरू करते हैं: पाठ की गलत पहचान की गई है। मेहता के मुताबिक, समारोह के दौरान जो शब्द सुने गए, वे गायत्री मंत्र नहीं थे। इसका मतलब है कि इस विवाद को सिर्फ़ इस राजनीतिक असहमति तक सीमित नहीं किया जा सकता कि IIT में धार्मिक सामग्री की इजाज़त होनी चाहिए या नहीं। उस बहस को सुलझाने से पहले, पाठ की असल सामग्री की सही पहचान होनी चाहिए। उनकी आलोचना में एक IIT पूर्व छात्र का नज़रिया भी शामिल है, जो कहते हैं कि उन्हें संस्थान पर गर्व है और उन्हें यह देखकर निराशा होती है कि समारोह पर ऐसी बातों के आधार पर चर्चा हो रही है, जिन्हें वह गलत तथ्य मानते हैं। My cook plays the Gayatri Mantra every day when he enters my kitchen, and I listen to it every day and like it. But my question is: Why was the Gayatri Mantra played at an IIT convocation? It wasn’t a religious event. Our educational spaces should be free from religious slogans… pic.twitter.com/vs6KGshawd — Dr. Shama Mohamed (@drshamamohd) August 8, 2026
उम्र के आखिरी पड़ाव पर जहां इंसान ईश्वर भक्ति, मानसिक शांति और सुकून भरे पलों की तलाश करता है, वहीं कभी-कभी दिल के अरमान इंसान को ऐसी राह पर ला खड़ा करते हैं जहां केवल पछतावा ही हाथ लगता है। कहते हैं कि 'दिल तो बच्चा है जी' और प्यार या शादी करने की कोई तय उम्र नहीं होती। लेकिन जब 90 साल के बुजुर्ग को अचानक से फिर से सिर पर सेहरा सजाने का चस्का चढ़ा, तो उन्होंने खुशी-खुशी अपनी बारात निकाल ली। लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद उनके साथ जो हुआ, उसने न केवल उनके होश उड़ा दिए बल्कि पूरे इलाके के लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। आइए जानते हैं क्या है यह अनोखी और सबक सिखाने वाली कहानी।अकेलेपन से तंग आकर रचाया दूसरा विवाह90 वर्ष की आयु पार कर चुके बुजुर्ग दादाजी लंबे समय से अपने घर में अकेलेपन का सामना कर रहे थे। जीवनसाथी के चले जाने के बाद दिनभर खाली पड़े मकान में वक्त काटना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था। परिजनों और रिश्तेदारों की लाख समझाने के बावजूद उनके दिल से एक जीवनसाथी की चाहत कम नहीं हुई। उन्होंने तय किया कि इस उम्र में भी वे अपना घर दोबारा बसाएंगे ताकि कोई उनका ख्याल रख सके और उनसे बातें कर सके।कुछ बिचौलियों की मदद से उनके लिए एक दुल्हन की तलाश शुरू हुई। काफी खोजबीन के बाद उनसे उम्र में काफी छोटी महिला से उनका रिश्ता तय हो गया। बुजुर्ग दादाजी ने पूरे उत्साह के साथ शादी की रस्में पूरी कीं, गाजे-बाजे के साथ बारात निकाली और अपनी नई दुल्हन को विदा कराकर बड़े अरमानों के साथ घर ले आए।दुल्हन के आते ही बदला रंग, उड़ गए बुजुर्ग के होशशादी के शुरुआती दो-तीन दिन तो काफी हंसी-खुशी और मेहमाननवाजी में बीते। बुजुर्ग को लगा कि उनके जीवन की सांध्यवेला संवर गई है और उन्हें सच्चा हमसफर मिल गया है। लेकिन यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। शादी के कुछ ही दिनों बाद नई दुल्हन का असली चेहरा सामने आने लगा। महिला का व्यवहार अचानक बदलने लगा और उसने बात-बात पर बुजुर्ग से पैसों, गहनों और जायदाद में हिस्सेदारी की मांग करनी शुरू कर दी।जब बुजुर्ग ने इतनी जल्दी संपत्ति और पैसे देने से इनकार किया, तो घर में आए दिन झगड़े और क्लेश होने लगे। नौबत यहां तक आ पहुंची कि दुल्हन ने उन्हें कानूनी मुकदमों में फंसाने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की धमकियां देना शुरू कर दिया। जो बुजुर्ग बुढ़ापे में सेवा और सहारे की उम्मीद लगाकर बैठे थे, उनके लिए हर दिन एक नया मानसिक तनाव बन गया।लेने के देने पड़े, तो आंखें खुली की खुली रह गईंकहानी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब एक सुबह बुजुर्ग उठे तो उनके घर का मंजर देखकर उनके पैर तले जमीन खिसक गई। अलमारी का ताला टूटा हुआ था और घर में रखी पूरी नकदी, सोने-चांदी के गहने और कीमती सामान गायब था। दुल्हन भी बिना किसी को बताए चुपचाप रफूचक्कर हो चुकी थी। तब जाकर बुजुर्ग और उनके परिवार को अहसास हुआ कि वे किसी सुनियोजित 'लुटेरी दुल्हन' (Bride Scam) के गिरोह का शिकार बन चुके हैं।आनन-फानन में मामले की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई गई। इस घटना ने 90 साल के बुजुर्ग को शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया। बुढ़ापे में सुख और सहारे का सपना देखने वाले दादाजी को इस उम्र में थाने और कचहरी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।यह कहानी हमें देती है एक बड़ा सबकयह घटना केवल एक ठगी का मामला भर नहीं है, बल्कि आज के समाज के लिए एक गहरी सीख भी है। बुढ़ापे में अकेलापन निश्चित रूप से एक बड़ी चुनौती है, लेकिन बिना सोचे-समझे या किसी के बैकग्राउंड और नीयत की जांच किए बिना जल्दबाजी में उठाया गया कोई भी कदम जिंदगी भर का दर्द दे सकता है। आज के समय में बुजुर्गों के अकेलेपन का फायदा उठाने वाले कई धोखाधड़ी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। यह कहानी सोचने पर मजबूर करती है कि उम्र के किसी भी मोड़ पर भावना में बहने के बजाय समझदारी, सावधानी और परिवार की सलाह ही सबसे बड़ी ढाल बनती है।
सारा की जुबां पर आई दिल की बात, खोला सबसे बड़ा राज?
भले ही सारा तेंदुलकर ने बॉलीवुड में कदम नहीं रखा हो, लेकिन उनकी फैन फॉलोइंग किसी एक्ट्रेस से कम नहीं है. अपनी खूबसूरती और सादगी के कारण वह फैन्स के बीच चर्चाओं में बनी रहती हैं.
कुंभ राशि वाले उधार लेन-देन न करें, जानें कल कैसा रहेगा आपका दिन
Kal Ka Rashifal 11 August 2026: कुंभ राशि वालों को लगन और मेहनत के साथ काम की गति बेहतर बनाए रखनी होगी. कामकाज में अपनी उचित जगह बनाने का प्रयास करेंगे. सफलता का प्रतिशत सामान्य रह सकता है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों को लंबित न छोड़ें.
भागवत की नजरों में जेन-जी आंदोलन का दृष्टिकोण
भागवत की नजरों में जेन-जी आंदोलन The post भागवत की नजरों में जेन-जी आंदोलन का दृष्टिकोण appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
सिर्फ 6 दिन बाकी... फिर नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर! फटाफट करें ये काम
LPG e-KYC Deadline: छह दिन बाद आपका Inden, HP या Bharat Gas कनेक्शन बंद किया जा सकता है, अगर आपने 16 अगस्त की डेडलाइन तक इससे जुड़ा एक जरूरी काम नहीं किया.
80वां स्वतंत्रता दिवस 2026: सुभाषचंद्र बोस ने आजादी की लड़ाई को कैसे दी नई दिशा? जानिए उनका योगदान
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी सुभाषचंद्र बोस का योगदान अविस्मरणीय और क्रांतिकारी रहा है। वर्ष 2026 में जब देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तब स्वाधीनता संग्राम में उनके शौर्य, नेतृत्व और अमर बलिदान को याद करना अत्यंत प्रासंगिक है। ...
रांची में प्रोटेस्टर छात्रों पर बरसीं लाठियां, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, VIDEO
रांची में सोमवार को जमकर बवाल देखने को मिला. प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा के बेहद करीब पहुंच गए. जिसके बाद पुलिस ने छात्रों को रोकने पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया. छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर आग बढ़ गए. देखें वीडियो.
मोनोकनी में बोल्ड हुई सिंगर की पत्नी, पति बोला- फायर
दिशा मोनोकनी पहने दिखाई दे रही हैं. वो जकूजी में नहाती नजर आईं. उनका किलर अंदाज देखने लायक है.
48 घंटे में 6 देशों के ज्वालामुखी एक्टिव! कहीं कोई आपदा तो नहीं
एक नहीं, कई देशों में एक साथ ज्वालामुखियों ने हलचल बढ़ा दी है. 48 घंटे में मैक्सिको, कोलंबिया, इटली, जापान, ग्वाटेमाला और इंडोनेशिया से राख, विस्फोट और लावे की खबरें सामने आईं.
साल 2019 में अंग्रेजी सीखने और भारतीय संस्कृति को समझने बेंगलुरु आए जापानी छात्र हिरोतोशी तनाका की जिंदगी एक हादसे के बाद पूरी तरह बदल गई।
चिमनी खराब होने से पहले देती है ये 5 संकेत, न करें नजरअंदाज
Kitchen Chimney Tips: किचन चिमनी चल रही है, लेकिन क्या वह सही तरीके से काम भी कर रही है? अगर किचन में धुआं, बदबू या कैबिनेट पर चिकनाई बढ़ने लगी है, तो ये चिमनी की खराब सक्शन के संकेत हो सकते हैं. जानिए 5 ऐसे संकेत, जिनसे आप आसानी से पहचान सकते हैं कि आपकी किचन चिमनी को सफाई, सर्विस या रिपेयर की जरूरत है.
इंस्टा पर दिखा रतन टाटा का Deepfake, ₹4.09 लाख की ठगी
पुणे में साइबर ठगों ने रतन टाटा के कथित Deepfake वीडियो के जरिए 38 वर्षीय नर्स को फर्जी निवेश योजना में फंसाया. महिला ने 11 ट्रांजेक्शन में 4.09 लाख रुपये गंवाए. साइबर पुलिस ने FIR दर्ज कर बैंक खातों और डिजिटल लिंक की जांच शुरू कर दी है. मामले में BNS और IT Act की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
मुंबई अंडरवर्ल्ड का वो 'रावण', जिसका नाम सुनकर कांपते थे अरुण गवली और दाऊद; कहानी डॉन अमर नाइक की
मुंबई अंडरवर्ल्ड का 'रावण' कहे जाने वाले अमर नाइक ने दाऊद इब्राहिम और अरुण गवली जैसे बड़े गैंगस्टरों को चुनौती दी थी। सब्जी विक्रेता से डॉन बने नाइक का पुलिस एनकाउंटर में अंत हुआ था।
'बारिश के लिए मगरमच्छ की पूजा', अनोखा वीडियो वायरल, लोग हैरान
गडवाल जिले में कृष्णा नदी के किनारे एक मगरमच्छ के पहुंचने का वीडियो वायरल हो गया. बीचुपल्ली में पुजारी अनिल शर्मा ने मगरमच्छ को हिंदू धर्म में बारिश के देवता वरुण का वाहन मानकर उसकी पूजा की. अनुष्ठान के दौरान अच्छी बारिश की प्रार्थना की गई. पूजा पूरी होने के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित कृष्णा नदी में छोड़ दिया गया.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार को फटकार लगाई। सरकार ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी की आंखों की सर्जरी के लिए विदेश जाने की अर्ज़ी का विरोध किया था। कोर्ट ने कहा कि हर व्यक्ति को विदेश यात्रा करने और अपना इलाज चुनने का अधिकार है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने कहा कि उन्हें बनर्जी के इलाज के लिए तीन हफ़्ते विदेश जाने में कोई गंभीर बाधा नहीं दिखी और उन्हें इसकी इजाज़त दे दी, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें रखीं ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे जांच एजेंसी के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसे भी पढ़ें: CWMA के आदेश पर Cauvery Water Release का मुद्दा गरमाया, Supreme Court में सुनवाई के लिए याचिका सूचीबद्ध सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा हर व्यक्ति को विदेश जाने का अधिकार है। हर व्यक्ति को अपनी पसंद का इलाज चुनने का अधिकार है। कोर्ट ने बनर्जी की मेडिकल स्थिति से जुड़ी निजता के अधिकार पर भी ज़ोर दिया और कहा कि किसी व्यक्ति से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह अपने हेल्थ रिकॉर्ड सार्वजनिक करे। कोर्ट ने कहा अपने हेल्थ रिकॉर्ड को सार्वजनिक न करना भी निजता का अधिकार है। राज्य ने याचिका का विरोध किया। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल SV राजू ने कहा कि बनर्जी के खिलाफ कम से कम 15 मामले हैं और तर्क दिया कि उनके भारत न लौटने की संभावना ज़्यादा है क्योंकि उनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। इसे भी पढ़ें: मणिपुर हिंसा के 24,000 पीड़ित परिवारों को अब तक क्यों नहीं मिला लाभ? Supreme Court ने Justice Mittal Committee से मांगी रिपोर्ट हालांकि, बेंच ने उस मामले में आरोपों की प्रकृति पर सवाल उठाया जिसमें विदेश यात्रा पर रोक लगाई गई थी। बेंच ने कहा कि हम आरोपों की प्रकृति पर बात कर रहे हैं। यह उनके द्वारा दिए गए एक भाषण के बारे में है... किसी अन्य मामले में उनके खिलाफ कोई रोक नहीं है। अदालत ने यह भी बताया कि बनर्जी को पहले भी ज़्यादा गंभीर आरोपों वाले मामलों में विदेश यात्रा की अनुमति दी गई थी। बेंच ने कहा कि हमें यकीन है कि राज्य कई गंभीर जांचों में व्यस्त है... उन्हें पहले भी ज़्यादा गंभीर आरोपों वाले मामलों में यात्रा करने की अनुमति दी गई थी। यहां आपके मामले में FIR क्या है? यह आखिरकार एक सार्वजनिक बैठक में की गई कुछ टिप्पणियों के बारे में है।
कमिश्नर अब भी पद पर क्यों? बेघर लोगों को घर दे नगर निगम, HC की सख्त टिप्पणी
नासिरनगर डिमोलिशन मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने सूरत नगर निगम कमिश्नर और राज्य सरकार पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने पूछा कि गंभीर आरोप और जांच के बावजूद कमिश्नर अभी तक पद पर क्यों हैं. अदालत ने कहा कि अगर गरीबों के घर तोड़े गए हैं तो उन्हें वैकल्पिक घर देने की जिम्मेदारी प्रशासन की है.
CM Mohan Yadav ने Jabalpur में कांवड़ियों पर बरसाए फूल, दिया भक्ति का संदेश
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को जबलपुर में 'संस्कार कांवड़ यात्रा 2026' में हिस्सा लिया, जो पवित्र श्रावण महीने का दूसरा सोमवार था। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री यादव ने कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाकर उनका स्वागत किया और उनकी सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। ANI से बात करते हुए यादव ने कहा कि आज जबलपुर में, जो माँ नर्मदा का शहर है, लाखों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ को नर्मदा जल चढ़ाने के लिए कांवड़िए के तौर पर निकले हैं। मैं सभी को दिल से बधाई देता हूँ और कामना करता हूँ कि सावन का पवित्र महीना सभी की मनोकामनाएं पूरी करे और उनके जीवन की कठिनाइयों को दूर करे। इसे भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर Students के लिए आवाज, झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर चुप्पी, वाह क्या दोगलापन है! यादव ने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं ने इस यात्रा में हिस्सा लिया और भगवान शिव को चढ़ाने के लिए नर्मदा नदी से जल लेकर आए। इससे पहले उसी दिन, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी 'संस्कार कांवड़ यात्रा' में हिस्सा लिया। उन्होंने इस कार्यक्रम को यात्रा से जुड़े पर्यावरण का संदेश देने का एक मौका बताया; यह यात्रा प्रकृति को न्याय दिलाने और उसकी रक्षा करने की भावना के साथ आयोजित की जाती है। पटवारी ने कहा कि संस्कार कांवड़ यात्रा इस भावना के साथ निकाली जाती है कि हमें प्रकृति के साथ न्याय करना चाहिए और उसकी रक्षा करनी चाहिए। हम पेड़-पौधों, पानी, जंगलों और ज़मीन की बात करते हैं। भगवान भोलेनाथ की दिव्य उपस्थिति पेड़-पौधों में भी झलकती है और यह यात्रा के ज़रिए ज़ाहिर होती है। जबलपुर संस्कृति और मूल्यों का शहर है, और अनगिनत कांवड़िये मध्य प्रदेश, देश और दुनिया में खुशी, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। वे दुनिया के कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं और 'वसुधैव कुटुंबकम', प्यार और भाईचारे का संदेश देते हैं। जब मुझे इस कांवड़ यात्रा में शामिल होने का मौका मिला, तो मैंने खुद को सौभाग्यशाली माना। इसे भी पढ़ें: Tarun Tejpal Rape Case: Sudhanshu Trivedi ने Congress को घेरा, पूछा- क्या था रिश्ता? उन्होंने आगे कहा कि लोगों को राज्य और देश की समृद्धि के लिए मिलकर प्रार्थना करनी चाहिए और साथ ही प्रकृति के साथ न्याय और उसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए। हिंदू धर्म में श्रावण महीने का बहुत महत्व है, जो इस साल 30 जुलाई को शुरू हुआ और 28 अगस्त को समाप्त होगा। भक्त भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए पूरे महीने सोमवार का व्रत रखते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
ग्राउंड रिपोर्ट: 12 घंटे में 7 इंच बारिश और भोपाल बेहाल, सड़कों पर सैलाब
भोपाल में 12 घंटे में 7 इंच से ज्यादा बारिश से हालात बेकाबू हो गए. निशातपुरा समेत 50 से अधिक इलाके जलमग्न, घरों में पानी घुसा, सड़कें डूबीं और प्रशासन ने सभी सरकारी-निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की.
एआर रहमान के बेटे का हुआ एक्सीडेंट, बाल-बाल बची जान
सिंगर और म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान के बेटे एआर अमीन का एक्सीडेंट हो गया. लेकिन राहत की बात ये है कि वो सुरक्षित हैं. उन्हें हल्की फुल्की चोटें आई हैं.
रांची में JPSC-JSSC को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच फिर से झड़प हो गई। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। रांची सिटी SP पारस राणा ने कहा कि 90% छात्र शांतिपूर्ण हैं, लेकिन 10% किसी की बात नहीं मान रहे हैं। अगर भीड़ में 700-1000 छात्र किसी की बात नहीं सुन रहे हैं, यहां तक कि अपने प्रतिनिधियों की भी नहीं, और उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी है - बैरिकेडिंग को धकेलते हुए और तीन पुलिसकर्मियों को कुचलते हुए आगे बढ़े - फिर भी पुलिसकर्मियों ने संयम बरता। उन्होंने पुलिस बल पर पत्थर भी फेंके। फिर भी, हमने बहुत कम समय के लिए ही सख्ती दिखाई क्योंकि वे सभी छात्र हैं। इसे भी पढ़ें: झारखंड छात्रों के विरोध पर Congress मौन, BJP ने Rahul Gandhi की चुप्पी पर घेरा राणा ने कहा कि मैं सभी से शांति बनाए रखने और हिंसा न करने की अपील करता हूं। आपकी मांगें सरकार तक पहुंच रही हैं, आक्रामक न हों... हम छात्रों से अपील करते हैं कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करें और पुलिस पर पत्थर न फेंकें। JPSC-JSSC परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों ने रांची में आंदोलन में शामिल सभी छात्रों से एकजुटता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि सोमवार को होने वाला विधानसभा मार्च शांतिपूर्ण रहे। रांची पुलिस आज के विधानसभा मार्च के लिए पूरी तरह तैयार है। SP पारस राणा ने प्रदर्शनकारी छात्रों को भरोसा दिलाया कि अगर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। यह एक जन-आंदोलन बन गया है। 'युवा' शब्द को उल्टा करने पर 'वायु' बनता है - और 'वायु' को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि आप इस विधानसभा मार्च में छात्रों का दर्द देख सकते हैं। मेरी 9 दिन की भूख हड़ताल के बाद भी, मैं एम्बुलेंस से यहाँ आया हूँ और स्ट्रेचर पर इस मार्च का हिस्सा बना हूँ। लेकिन यह सरकार हमारी आवाज़ दबा रही है और वॉटर कैनन व आँसू गैस के गोले इस्तेमाल कर रही है। यह निंदनीय है। सरकार डरी हुई है, यह कायर सरकार है। सरकार जब-जब डरती है, तब-तब पुलिस को आगे करती है... हम आगे बढ़ते रहेंगे। सरकार के साथ हमारी 3 दौर की बातचीत हुई है, उन्हें हमारी माँगें पूरी करनी चाहिए। अगर छात्रों की माँगें पूरी नहीं हुईं, तो CM पद खतरे में पड़ जाएगा। सरकार हिल जाएगी, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। यह एक जन-आंदोलन बन गया है। 'युवा' शब्द को उल्टा करने पर 'वायु' बनता है - और 'वायु' को कोई नहीं रोक सकता। इससे पहले रांची पुलिस ने विधानसभा की ओर बढ़ रहे JPSC-JSSC के प्रदर्शनकारी छात्रों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा कि विपक्षी पार्टियां ज़ाहिर है कि (प्रदर्शन को) थोड़ा समर्थन देंगी ही, ऐसा हर जगह होता है। लेकिन छात्र नाराज़ हैं। यह उनका प्रदर्शन है। अगर उनकी मांगें मान ली जाती हैं, तो वे प्रदर्शन नहीं करेंगे। मैं वहां (छात्रों के 'विधानसभा घेराव' मार्च में) जा रहा हूं। इसे भी पढ़ें: Ranchi में JPSC-JSSC छात्रों का विधानसभा मार्च, Water Cannon के सामने किया Dance, तोड़े बैरिकेड! एक्टिविस्ट देवेंद्र महतो विधानसभा की ओर छात्रों के विरोध मार्च में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मैं खुद को रोक नहीं पाया... इतने सारे लोग मार्च में शामिल हुए हैं। मैं कोई भगवान नहीं हूँ, मैं बस एक आम इंसान हूँ। मेरी निजी ज़िंदगी नहीं बदलेगी। सरकार अराजकता क्यों चाहती है? सरकार छात्रों की मांगें क्यों नहीं मान रही है? मैं विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए छात्रों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ। मैं मीडिया का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ। हालाँकि, मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूँ। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
अबान की मौत से सदमे में भाई अली, जेल में नहीं थम रहे आंसू!
झांसी जेल में बंद अतीक अहमद का बेटा अली छोटे भाई अबान की सड़क हादसे में मौत से सदमे में है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, 23 गंभीर चोटों व इंटरनल ब्लीडिंग से अबान की मौत हुई थी. सुपुर्द-ए-खाक के दौरान अली, उमर और एहजम गले लगकर रोए. पैरोल खत्म होने पर अली वापस झांसी जेल लौट आया है.
गुरुग्राम में ₹271 करोड़ में बिका देश का सबसे महंगा पेंटहाउस
29 मंजिलों और 8 टावरों में फैले 420 अपार्टमेंट्स वाले 'द डहलियास' को डीएलएफ ने अपने सबसे महत्वाकांक्षी सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट के रूप में पेश किया है, जिसकी कुल प्रोजेक्ट वैल्यू ₹40,000 करोड़ से अधिक है.
असम-अरुणाचल सीमा पर अज्ञात हमलावरों ने की फायरिंग, 8 ग्रामीण घायल; 7 की हालत गंभीर
असम-अरुणाचल सीमा पर धेमाजी जिले के मिंगमांग बदती इलाके में अज्ञात बदमाशों की गोलीबारी में 8 असमी ग्रामीण घायल हो गए।
भारतीय नौसेना ने 2 टैंकर हूती विद्रोहियों के इलाके से सुरक्षित निकाले
भारतीय नौसेना के INS त्रिशूल और INS आदित्य ने कच्चे तेल टैंकर एमटी कंपास और एमटी थलाट्टा को बाब अल-मंदेब से सुरक्षित पार करवाया. 9-10 अगस्त को दोनों जहाज सफलतापूर्वक निकले.
बलिया में बिना तलाक शादी रचाने जा रहे पति को पत्नी ने पीटा
बलिया के सिकंदरपुर में बिना तलाक दूसरी शादी करने पहुंचे पति को पहली पत्नी ने चौराहे पर पकड़कर पीट दिया. 2018 की शादी का मामला कोर्ट में लंबित है. पत्नी ने दूसरी शादी रोकने की मांग की, जबकि पति तलाक होने का दावा कर रहा है.
Tarun Tejpal Rape Case: Sudhanshu Trivedi ने Congress को घेरा, पूछा- क्या था रिश्ता?
सोमवार को एक तीखे सार्वजनिक भाषण में, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी की 'तहलका' के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल के साथ पुराने संबंधों को लेकर आलोचना की। तेजपाल को हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने 2013 के रेप केस में दोषी ठहराया और 10 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई। त्रिवेदी ने दोषी ठहराए जाने के बाद कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए और अतीत की उन घटनाओं का ज़िक्र किया जब तेजपाल को पार्टी नेताओं का समर्थन मिला था। उन्होंने 2004 की एक घटना का ज़िक्र किया जब तत्कालीन UPA नेता सोनिया गांधी ने UPA के वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से 'तहलका' और उसके फाइनेंसर को परेशान न किए जाने को सुनिश्चित करने के लिए कहा था। इसे भी पढ़ें: झारखंड छात्रों के विरोध पर Congress मौन, BJP ने Rahul Gandhi की चुप्पी पर घेरा कांग्रेस पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए, त्रिवेदी ने 'तहलका' के विवादित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी जस्टिस फूकन कमीशन की रिपोर्ट को पेश न करने में उनकी कथित लापरवाही की ओर इशारा किया। उन्होंने इस मामले की फिर से जांच करने के बीजेपी सरकार के प्रयासों पर ज़ोर दिया और कांग्रेस की कथित पक्षपातपूर्ण मिलीभगत पर स्पष्टता की मांग की। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में विवादास्पद मैगज़ीन तहलका के एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल जी को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ द्वारा 2013 के बलात्कार के एक आरोप में दोषी पाया गया और उन्हें 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह विषय आज इसलिए महत्वपूर्ण है कि इतने दिन गुजर जाने के बाद भी कांग्रेस की तरफ से एक भी शब्द सुनाई नहीं पड़ा है। न ही किसी विपक्षी दल की ओर से, और न ही स्वयं को नारी हितों का स्वयंभू रक्षक बताने वाले किसी भी संस्थान की ओर से कुछ सुनाई पड़ा है। यह दर्शाता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हो या नारी की प्रताड़ना, इन विषयों पर सोच कितनी एकांगी, एकपक्षीय और पूर्वाग्रहग्रस्त है। उन्होंने कहा कि ये वही बिजनेस हाउस है, जिसने विचित्र प्रकार का स्टिंग ऑपरेशन किया था। जब अटल जी की सरकार ने जस्टिस फूकन की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया, तो यह एक ऐसा अवसर था जब स्टिंग करने वाले ग्रुप ने पूरे टेप्स को वैरिफाई करने के लिए देने से मना कर दिया। इससे ज्यादा संदेह और उत्पन्न नहीं हो सकता। और जब जांच की रिपोर्ट आई, तब तक सरकार बदल चुकी थी और कांग्रेस सरकार ने उस जांच रिपोर्ट को सदन के पटल पर कभी रखा ही नहीं। भाजपा सरकार द्वारा विषय उठाने पर 41 पेज की समरी रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई। और आज जब अपराधी सिद्ध हो चुके हैं, तो मैं याद दिलाना चाहता हूं कि इनका और कांग्रेस का क्या संबंध है। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari का बड़ा तोहफा: Emergency में जेल जाने वालों को West Bengal में अब ₹10,000 मासिक पेंशन भाजपा नेता ने कहा कि यूपीए के समय में सुप्रीम लीडर सोनिया गांधी जी ने 25–27 सितंबर 2004 को तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम साहब को पत्र लिखा कि तहलका और उसके फाइनेंसर के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना नहीं होनी चाहिए। उनके साथ सकारात्मक व्यवहार होना चाहिए। मैं आज कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि क्या उस समय आपकी सरकार अनफेयर ट्रीटमेंट कर रही थी? 2010 में तत्कालीन लॉ मिनिस्टर वीरप्पा मोइली साहब ने इन्हें जर्नलिज्म में एक्सिलेंस अवार्ड दिया। आज इनकी यह स्थिति है, और आपके मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा है। यूपीए के समय में जब 2021 में तरुण तेजपाल को निचली अदालत से बरी कर दिया गया था, तब उन्होंने अपनी मदद करने के लिए कांग्रेस को धन्यवाद दिया था, कि उन्होंने इस रेप केस में उनकी बहुत मदद की। अब भाजपा, कांग्रेस से पूछना चाहती है कि आप स्पष्ट रूप से बताएं कि आप दोनों में क्या संबंध था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Independence Day at ISS: अंतरिक्ष में भी लहराया तिरंगा, रूसी यात्रियों ने भारत को बताया सच्चा दोस्त
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर मौजूद रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है। उन्होंने भारतीय तिरंगे और अंतरिक्ष खोज के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों का जश्न मनाने वाले संदेश के साथ इस मौके को मनाया। भारत के अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी के बीच, अंतरिक्ष यात्रियों ने भारत और रूस के बीच सहयोग के इतिहास, खासकर अंतरिक्ष मिशन और मानव अंतरिक्ष उड़ान में उनकी दशकों पुरानी साझेदारी पर चर्चा की। इसे भी पढ़ें: डरना नहीं है, भागना नहीं है! Amit Shah छात्र प्रदर्शन पर संसद में देंगे जवाब, सरकार का विपक्ष को संदेश आत्मनिर्भरता और समृद्धि का रास्ता कॉस्मोनॉट प्योत्र दुब्रोव ने भारतीय लोगों को शांति और समृद्धि की शुभकामनाएं देते हुए कहा प्रिय दोस्तों, आज भारत गणराज्य अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। दुब्रोव ने आगे कहा भारत औपनिवेशिक शासन से आज़ाद हुआ और आत्मनिर्भरता और समृद्धि के रास्ते पर चल पड़ा। इस संदेश में भारत के स्वतंत्रता दिवस और अंतरिक्ष के इतिहास की एक और अहम घटना के बीच संबंध पर भी ज़ोर दिया गया। इस साल सोवियत कॉस्मोनॉट यूरी गगारिन के अंतरिक्ष में जाने वाले पहले इंसान बनने की घटना को 65 साल पूरे हो रहे हैं। नवंबर 1961 में गागरिन की भारत यात्रा ने सोवियत संघ और भारत के बीच के संबंधों को और मज़बूत किया। इस यात्रा के दौरान, वे दोनों देशों के बीच पनप रही दोस्ती का एक अहम प्रतीक बन गए। भारत के बारे में गागरिन के विचारों को याद करते हुए, अंतरिक्ष यात्रियों ने बताया कि उन्होंने कहा था कि अंतरिक्ष से देखने पर यह देश सुंदर लगता है, लेकिन धरती पर यह और भी सुंदर है क्योंकि यहाँ सच्चे दोस्त रहते हैं। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत और रूस का सहयोग कई दशकों से चल रहा है। 1975 में, सोवियत संघ ने भारत का पहला उपग्रह 'आर्यभट्ट' लॉन्च किया, जो इस साझेदारी में एक अहम शुरुआती उपलब्धि थी। इसके लगभग एक दशक बाद, 1984 में राकेश शर्मा अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बने, जब उन्होंने सोवियत सोयुज T-11 अंतरिक्ष यान से उड़ान भरी। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने CWG 2026 Sports Heroes को दिया प्रोत्साहन, युवाओं में बढ़ेगा खेल का जुनून भारत का गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम कॉस्मोनॉट अन्ना किकिना के अनुसार, भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के ज़रिए यह साझेदारी लगातार आगे बढ़ रही है। भारत के पहले क्रू वाले अंतरिक्ष मिशन से पहले, भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों (जिन्हें 'गगनयात्री' कहा जाता है) ने रूस के यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ली है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग का जश्न मनाने के लिए रॉसकॉसमॉस (Roscosmos), भारत में इसके प्रतिनिधि कार्यालय और इसरो (ISRO) ने एक संयुक्त प्रतियोगिता आयोजित की थी, जिसका ज़िक्र अंतरिक्ष यात्रियों ने भी किया। विजेता के तौर पर चुनी गई प्रविष्टियों को स्वतंत्रता दिवस के संदेश के साथ दिखाया गया। संदेश के आखिर में अंतरिक्ष यात्रियों ने भारत के लिए शांति, समृद्धि और अंतरिक्ष अन्वेषण में और अधिक उपलब्धियों की कामना की।
छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून अपनी पूरी रफ्तार के साथ मेहरबान नजर आ रहा है। राज्य के मौसम मिजाज को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की तरफ से ताजा आंकड़े सामने आए हैं, जिन्हें देखकर यह साफ हो गया है कि बादמों ने इस बार झमाझम बरसने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच अब तक औसत सामान्य वर्षा का आंकड़ा पार हो चुका है, जिससे किसानों और आम जनता ने राहत की सांस ली है। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर नया अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।छत्तीसगढ़ में अब तक रिकॉर्ड बारिश, पिछले 10 सालों का टूटा औसतमौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में इस सीजन में मानसूनी गतिविधियां काफी शानदार रही हैं। राज्य में 1 जून से लेकर 9 अगस्त की अवधि के दौरान औसतन 647.3 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कुल सामान्य औसत का 100.9 प्रतिशत है। खास बात यह है कि इस बार बारिश का यह आंकड़ा पिछले 10 वर्षों की औसत वर्षा (641.3 मिमी) के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ चुका है। अकेले पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बौछारें गिरने का सिलसिला जारी रहा, जिससे मौसम बेहद सुहाना हो गया है और तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई है।अगले 24 घंटे इन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट, वज्रपात की चेतावनीमौसम विभाग ने अपनी ताजा अपडेट जारी करते हुए बताया है कि अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से लगे छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग और उससे सटे इलाकों में भारी बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान राज्य के कई जिलों में बादलों की गर्ज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) भी गिर सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने आम लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मी और देशभक्ति का माहौल पूरी तरह से परवान चढ़ चुका है। राज्यभर में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज से एक विशाल 'तिरंगा यात्रा' और 'हर घर तिरंगा' अभियान का धमाकेदार आगाज करने जा रही है। इस भव्य आयोजन की शुरुआत खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे, जो विभिन्न कार्यक्रमों और रैलियों की अगुवाई करते हुए नजर आएंगे। राजधानी रायपुर से लेकर अन्य जिलों तक इस यात्रा को लेकर कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं।राजधानी रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा का रूट और शेड्यूलराजधानी रायपुर में आज निकलने वाली इस मुख्य तिरंगा यात्रा का आयोजन बेहद भव्य स्तर पर किया जा रहा है। प्राप्त कार्यक्रम के अनुसार, यह यात्रा सुबह तयशुदा समय पर बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से आरंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सुभाष स्टेडियम तक जाएगी। इस यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, विधायक, सांसद, बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं और स्थानीय आम नागरिक पूरी ऊर्जा के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। यात्रा के दौरान देशभक्ति के गीतों और भारत माता के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दौरा और सुरक्षा-यातायात के कड़े प्रबंधराजधानी के अलावा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने गृह जिले जशपुर और कुनकुरी क्षेत्र में भी तिरंगा यात्रा कार्यक्रमों में शामिल होकर स्थानीय जनता को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे वहां के स्थानीय कार्यक्रमों और बैठकों में भी हिस्सा लेंगे। वहीं, दूसरी ओर भारी जनसैलाब और तिरंगा यात्रा के रूट को देखते हुए रायपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रा के गुजरने वाले मुख्य मार्गों पर सुबह से ही यातायात में डायवर्जन किया गया है, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यह राष्ट्रीय उत्सव पूरी भव्यता के साथ संपन्न हो सके।
योगी सरकार पर आकाश आनंद का हमला, अखिलेश यादव को बताया अंकल
बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद यूपी की सियासी पिच पर उतर गए हैं और पहले की तरह ही आक्रामक तेवर में नजर आए. उस दौरान उन्होंने योगी सरकार पर जमकर हमले किए तो कांग्रेस को निशाने पर लिया. साथ ही अखिलेश यादव को अंकल बताकर तंज कसा.
Weather Update : MP-राजस्थान में मूसलाधार बारिश, 15 राज्यों में अलर्ट; असम में बाढ़ से 100 की मौत
Weather Update 10 August : राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में सोमवार को भी बारिश का दौर जारी है। असम में बाढ़ से अब तक 100 से ज्यादा की मौत हो गई। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश 15 राज्यों में भारी बारिश ...
छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग से इस वक्त की एक बेहद अहम और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां शासन ने प्रशासनिक कसावट लाते हुए एक साथ 700 से अधिक शिक्षकों के ताबड़तोड़ तबादले कर दिए हैं। राज्य के अलग-अलग जिलों में लंबे समय से एक ही जगह पर जमे इन शिक्षकों के इधर-उधर होने से शिक्षा महकमे में भारी हलचल मच गई है। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब गलियारों में इस बात की चर्चा सबसे तेज हो गई है कि सरकार आने वाले दिनों में ट्रांसफर और पोस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए एक नया सिस्टम अपनाने जा रही है। शिक्षकों के इस बंपर तबादले से जहां कुछ हलकों में राहत की सांस ली जा रही है, वहीं आने वाली नई व्यवस्था को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है।प्रशासनिक फेरबदल के पीछे की वजह और 700 शिक्षकों की नई नियुक्तियांस्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों के संतुलित अनुपात को बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न संभागों और जिलों से प्राप्त प्रशासनिक आवश्यकताओं और शिकायतों के आधार पर इन 700 से अधिक शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई है। कई शिक्षक ऐसे थे जो वर्षों से एक ही मनपसंद स्कूल या शहरी इलाकों में डटे हुए थे, जबकि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई थी। इस विसंगति को दूर करने के लिए विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए इन सभी शिक्षकों को उनके नए कार्यस्थलों पर जल्द से जल्द ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।अगली बार से ट्रांसफर के लिए अपनाया जा सकता है यह नया डिजिटल सिस्टमइस भारी-भरकम तबादला सूची के सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग के भीतर भविष्य की नीतियों को लेकर भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बार-बार उठने वाले सवालों और सिफारिशों के दौर से बचने के लिए सरकार आगामी समय से पूरी तरह से एक नया और ऑटोमेटेड ऑनलाइन सिस्टम अपनाने पर विचार कर रही है। इस संभावित नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों के तबादले पूरी तरह से पारदर्शी, मेरिट और डिजिटल पोर्टल के माध्यम से तय किए जाएंगे, जिससे किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप या पक्षपात की गुंजाइश पूरी तरह से खत्म हो सकेगी। शिक्षा विभाग के इस कदम से आने वाले दिनों में शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम हो जाएगी।
भारत की रेनू धारीयल के पास है दुनिया के सबसे लंबे बालों का खिताब. एक्सपर्ट से जानें बालों की लंबाई बढ़ाने के लिए क्या करें.
भारत रहस्यों और चमत्कारों का देश है, जहां ऐसे कई अनसुने और हैरान करने वाले स्थान मौजूद हैं जिनके आगे बड़े-बड़े विज्ञान के नियम भी फेल हो जाते हैं। असम के घने जंगलों और पहाड़ों के बीच बसा ऐसा ही एक बेहद रहस्यमयी और डरावना गांव स्थित है, जो दुनियाभर में पक्षियों के आत्महत्या करने वाले स्थान यानी 'बर्ड सुसाइड पॉइंट' के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुका है। सुनने में यह भले ही किसी फिल्मी कहानी या कल्पना जैसा लगे, लेकिन यह सौ फीसदी सच है कि इस शांत और सुंदर दिखने वाले गांव में हर साल एक खास मौसम के दौरान पक्षी आते हैं और रहस्यमयी परिस्थितियों में अपनी जान गंवा देते हैं। इस अनोखी और डरावनी घटना के पीछे का सच जानने के लिए देश-विदेश से कई पक्षी वैज्ञानिक और शोधकर्ता यहां आ चुके हैं, लेकिन आज भी यह पहेली पूरी तरह से अनसुलझी ही बनी हुई है।असम के जटिंगा गांव का खौफनाक सच और पक्षियों की रहस्यमयी मौतअसम के दीमा हसाओ जिले में स्थित 'जटिंगा' (Jatinga) नाम का यह छोटा और शांत गांव हर साल सितंबर से अक्टूबर के बीच अचानक सुर्खियों में आ जाता है। मानसूनी हवाओं के थमने और धुंध भरी रातों के दौरान यहां एक बेहद अजीबोगरीब घटना घटित होती है, जिसे देखकर स्थानीय लोग भी सहम जाते हैं। रात के वक्त जब चारों तरफ घना अंधेरा और कोहरा छाया होता है, तो अचानक आसमान से सैकड़ों की संख्या में प्रवासी और स्थानीय पक्षी नीचे की ओर गोता लगाने लगते हैं। अजीब बात यह है कि ये पक्षी किसी बीमारी के कारण नहीं, बल्कि गांव की खास जगहों और दीवारों से टकराकर अपनी जान दे देते हैं। स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि इस इलाके में कोई ऐसी अदृश्य और नकारात्मक शक्ति या बुरी आत्माओं का साया है, जो इन मासूम जीवों को अपनी ओर खींचकर मौत के मुंह में धकेल देता है।विज्ञान के लिए भी अबूझ पहेली बना जटिंगा का यह रहस्यवैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस घटना को समझने के लिए ऑरोनिस्ट (पक्षी विशेषज्ञों) ने कई बार शोध और सर्वे किए हैं, लेकिन उनके हाथ भी अब तक सिर्फ निराशा ही लगी है। कुछ वैज्ञानिकों का तर्क है कि तेज हवाओं, उच्च ऊंचाई और रात के वक्त जलने वाली कृत्रिम रोशनी के कारण पक्षी भ्रमित हो जाते हैं और दिशा भटककर जमीन पर गिर जाते हैं। हालांकि, स्थानीय लोग और बुजुर्ग इस वैज्ञानिक तर्क को पूरी तरह खारिज करते हैं और उनका कहना है कि यह घटना सिर्फ प्राकृतिक नहीं बल्कि किसी अलौकिक चमत्कार का परिणाम है। कारण चाहे जो भी हो, असम का यह रहस्यमयी गांव आज भी दुनिया भर के पर्यटकों, साहसिक यात्रियों और शोधकर्ताओं के लिए कौतूहल और रोमांच का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।
US-ईरान के बीच बातचीत पर क्या बोले अराघची? देखें दुनिया आजतक
जंग खत्म करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई ठप. खुद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघाची ने जानकरी दी और कहा कि बातचीत तब तक संभव नहीं जब तक अमेरिकी पक्ष समझौते का उल्लंघन बंद ना करे.
सफर में बैग भरने की जरूरत नहीं! 5-4-3-2-1 फॉर्मूला से कम सामान में हो जाएगी चुटकियों में पैकिंग
जब भी कहीं घूमने जाने का प्लान बनता है, तो सबसे बड़ा सिरदर्द कपड़ों और सामान से अपना भारी-भरकम बैग भरना बन जाता है। अक्सर लोग जरूरत से ज्यादा सामान पैक कर लेते हैं और बाद में ट्रेन या फ्लाइट के सफर के दौरान उस भारी सूटकेस को खींचना उनके लिए किसी मुसीबत से कम नहीं लगता। अगर आप भी ट्रैवलिंग के दौरान ओवर-पैकिंग की इस समस्या से परेशान रहते हैं, तो अब आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर इन दिनों ट्रैवल लवर्स के बीच '5-4-3-2-1 पैकिंग फॉर्मूला' बेहद तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी मदद से आप बिना किसी झंझट के कम से कम सामान में अपनी पूरी ट्रिप को बेहद आसान और आरामदायक बना सकते हैं।क्या है यह जादुई '5-4-3-2-1' पैकिंग फॉर्मूला और कैसे करता है कामयह स्मार्ट ट्रैवलिंग ट्रिक आपके सूटकेस के वजन और स्पेस को आधा करने का एक अचूक तरीका है, जिसे अपनाकर कोई भी परफेक्ट पैकिंग कर सकता है। इस फॉर्मूले के तहत आपको अपनी ट्रिप की अवधि के हिसाब से कपड़ों और जरूरी सामानों की एक निश्चित संख्या तय करनी होती है, जिससे न तो कोई फालतू चीज बैग में जाती है और न ही कपड़ों की कोई कमी पड़ती है। इस ट्रिक को फॉलो करने का बहुत ही आसान तरीका नीचे दिया गया है:5 जोड़े सॉक्स और अंडरगारमेंट्स: अपने सफर के दिनों के हिसाब से कम से कम 5 आरामदायक इनरवियर और मोजे साथ रखें ताकि हाइजीन बनी रहे।4 आरामदायक कपड़े: अपनी जरूरत के हिसाब से 4 टॉप, शर्ट या कैजुअल पहनने के कपड़े रखें जिन्हें आप आपस में मैच करके पहन सकें।3 बॉटम्स (पैंट या जींस): यात्रा के दौरान अलग-अलग लुक्स के लिए केवल 3 बॉटम्स जैसे जींस, ट्राउजर या स्कर्ट पैक करें।2 जोड़े जूते: एक जोड़ी आरामदायक वॉकिंग शूज और एक जोड़ी कैजुअल स्लीपर्स या सैंडल ही सफर के लिए पर्याप्त होते हैं।1 जरूरी एक्सेसरी: अंत में अपनी जरूरत की केवल 1 मुख्य चीज जैसे एक अच्छी जैकेट, कैप, सनग्लासेस या एक स्टाइलिश हैंडबैग साथ रखें।स्मार्ट पैकिंग से सफर बनेगा आसान और बच जाएगा कीमती समयइस बेहतरीन 5-4-3-2-1 फॉर्मूले को अपनाने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपका सूटकेस हमेशा हल्का और व्यवस्थित रहता है, जिससे आपको सामान ढूंढने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती। इसके अलावा, एयरपोर्ट पर एक्स्ट्रा बैगेज चार्ज देने के झंझट से भी पूरी तरह छुटकारा मिल जाता है। अगली बार जब भी आप किसी लंबी या छोटी छुट्टी पर जाने की प्लानिंग करें, तो इस स्मार्ट ट्रिक का इस्तेमाल जरूर करें, जिससे आपका सफर बेहद आरामदायक, खुशनुमा और टेंशन फ्री बन जाएगा।
सोमवार को केंद्र सरकार ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने का एक संभावित रास्ता सुझाया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष की चिंताओं का जवाब देने के लिए तैयार हैं, जिसमें 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा भी शामिल है। हालांकि, रिजिजू ने विपक्ष से आग्रह किया कि अगर वे चाहते हैं कि गृह मंत्री जवाब दें, तो उन्हें संसद का कामकाज चलने देना चाहिए। इसे भी पढ़ें: झारखंड छात्रों के विरोध पर Congress मौन, BJP ने Rahul Gandhi की चुप्पी पर घेरा अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी पर चर्चा और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री शाह के जवाब की मांग को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) समेत विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद जब अपराह्न दो बजे शुरू हुई तो रीजीजू ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पहले दिन से यह मांग कर रहे थे कि गृह मंत्री अमित शाह को (छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर) जवाब देना चाहिए। रीजीजू ने कहा कि मैं सरकार की ओर से स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि सरकार छात्रों के मामले को लेकर चर्चा के लिए तैयार है और पूरा जवाब देने के लिए तैयार है। गृह मंत्री अमित शाह विस्तार से जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस और विपक्ष से अनुरोध है कि उन्हें गृह मंत्री के जवाब के समय डरना नहीं है, भागना नहीं है। उन्हें पूरा जवाब सुनना पड़ेगा। रीजीजू ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में भी यह बात कही गई है कि सरकार विस्तार से चर्चा और जवाब देने को तैयार है। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari का बड़ा तोहफा: Emergency में जेल जाने वालों को West Bengal में अब ₹10,000 मासिक पेंशन इस दौरान विपक्ष के सदस्य सदन में नारेबाजी करते रहे। मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर अड़ा है। यह और अन्य मुद्दों को लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई है। शाह के सदन में नहीं आने के विपक्ष के आरोपों पर सरकार की ओर से पिछले दिनों कहा गया था कि गृह मंत्री अमित शाह पूरे दिन संसद में रहते हैं। पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने आसन के समीप आकर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों से कहा कि वे गृह मंत्री शाह के जवाब की मांग कर रहे थे और अब जब संसदीय कार्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि गृह मंत्री सदन में चर्चा का जवाब देने को तैयार हैं तो सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
आंखों के लिए इलाज के लिए विदेश जा सकेंगे अभिषेक बनर्जी, सुप्रीम कोर्ट ने दी अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए तीन सप्ताह तक विदेश यात्रा करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने उन्हें यात्रा का पूरा विवरण प्रस्तुत करने की शर्त रखी है।
11 साल बाद टूट रही शादी? गुस्साई एक्ट्रेस, दी चेतावनी
मशहूर एक्ट्रेस अमृता खानविलकर बीते कई दिनों से अपनी तलाक की खबरों को लेकर सुर्खियों में हैं. अब उन्होंंने फाइनली तलाक की वायरल रिपोर्ट्स पर चुप्पी तोड़ी है. एक्ट्रेस ने उनकी निजी जिंदगी को लेकर झूठी खबरें फैलाने वालों को चेतावनी भी दी है.
यदि आपको अपने आशियाने को खूबसूरत और आधुनिक तरीके से सजाने का शौक है, और आप बिना ज्यादा पैसे खर्च किए अपने किचन और डाइनिंग टेबल को एक रॉयल लुक देना चाहती हैं, तो दिल्ली की यह खास मार्केट आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। राजधानी दिल्ली में एक ऐसी मशहूर जगह है जहाँ क्रॉकरी और होम डेकोर का ऐसा विशाल खजाना छिपा है, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां डिजाइनर कप, प्लेट्स, डिनर सेट और खूबसूरत शोपीस जैसी शानदार चीजें मात्र 50 रुपये की शुरुआती कीमत से मिलनी शुरू हो जाती हैं। पॉकेट-फ्रेंडली बजट में मिलने वाले इन बेहतरीन सामानों की वजह से यह मार्केट दिल्लीवासियों के बीच खरीदारी का सबसे चहेता और ट्रेंडिंग अड्डा बनी हुई है।कौड़ियों के भाव मिलते हैं प्रीमियम लुक वाले डिजाइनर बर्तन और सजावटी सामानदिल्ली के इस प्रसिद्ध बाजार में प्रवेश करते ही आपको रंग-बिरंगे चीनी मिट्टी (बोन्स चाइना), कांच और सिरेमिक के ऐसे-ऐसे नायाब बर्तन देखने को मिलेंगे जो बड़े-बड़े मॉल और ब्रांडेड शोरूम्स में हजारों रुपये की कीमत पर बिकते हैं। चाहे आपको मेहमानों के सामने परोसने के लिए स्टाइलिश टी-सेट चाहिए हो, या फिर घर के ड्राइंग रूम को सजाने के लिए आकर्षक वास (Vase) और लैंप, यहां हर एक चीज बेहद किफायती दाम पर उपलब्ध मिल जाती है। स्थानीय दुकानदारों और स्ट्रीट मार्केट लवर्स के लिए यह जगह किसी खजाने से कम नहीं है, जहां मोलभाव करके आप बेहतरीन से बेहतरीन सामान बहुत ही सस्ते में अपने घर ले जा सकते हैं।बजट शॉपिंग के शौकीनों के लिए वीकेंड पर उमड़ती है भारी भीड़सस्ती और बेहतरीन क्वालिटी की क्रॉकरी खरीदने का शौक रखने वाले लोग दूर-दूर से इस मार्केट का रुख करते हैं, जिसके चलते खासतौर पर शनिवार और रविवार के दिन यहां खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। यदि आप भी अपने घर के इंटीरियर में नयापन लाना चाहती हैं या किचन के पुराने सामान को बदलकर एक नया लुक देना चाहती हैं, तो आपको इस वीकेंड बिना देर किए दिल्ली की इस अद्भुत क्रॉकरी मार्केट जरूर पहुंचना चाहिए, जहां कम बजट में आपकी पसंद की हर चीज आसानी से मिल जाएगी।
Delhi Lakshmi Yojana Registration: दिल्ली लक्ष्मी योजना में 7 दिनों में 5 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं. अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहती हैं तो जानें कैसे करें रजिस्ट्रेशन और कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी.
जनता की आवाज दबनी नहीं चाहिए… लोकसभा में गतिरोध पर ओम बिरला की भावुक अपील
लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में जारी गतिरोध पर गंभीर चिंता व्यक्त की और सभी दलों के सदन नेताओं से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज सदन में सुनाई देनी चाहिए।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और विकेट के पीछे की चुस्ती के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं, लेकिन मैदान पर उनकी कुछ आदतें अब उनके ही क्रिकेट करियर पर बहुत बड़ा संकट पैदा करती नजर आ रही हैं। खेल विशेषज्ञों और दिग्गजों का मानना है कि अपनी शानदार प्रतिभा के बावजूद पंत की कुछ गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलने की प्रवृत्ति और मैदान के बाहर व भीतर की लापरवाही उनके खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसी साबित हो रही है। यदि उन्होंने अपनी इस कार्यशैली में जल्द ही सुधार नहीं किया, तो वह दिन दूर नहीं जब टीम इंडिया के इस मैच विनर खिलाड़ी का पत्ता राष्ट्रीय टीम से हमेशा के लिए कट सकता है और उनकी जगह युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाने लगेगी।ऋषभ पंत की लापरवाही और खराब शॉट चयन पर खड़े हो रहे हैं गंभीर सवालजब भी ऋषभ पंत अपने लय में होते हैं, तो वे अकेले दम पर दुनिया के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने की क्षमता रखते हैं, और यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट ने लंबे समय तक उन पर भरोसा जताया है। हालांकि, पिछले कुछ मुकाबलों में उनके आउट होने के तरीके ने हर किसी को हैरान और निराश किया है, क्योंकि वे अक्सर अच्छी शुरुआत मिलने के बाद एक खराब और गैर-जरूरी शॉट खेलकर अपनी विकेट आसानी से फेंक देते हैं। क्रिकेट पंडितों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं होती है और यदि कोई खिलाड़ी अपनी क्षमता के साथ न्याय नहीं करता है, तो उसका टीम में बने रहना मुश्किल हो जाता है।टीम इंडिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बाहर होने का मंडराता हुआ खतराभारतीय क्रिकेट में इस समय बेंच स्ट्रेंथ बेहद मजबूत है और युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज लगातार घरेलू क्रिकेट और मिले हुए मौकों पर शानदार प्रदर्शन करके मुख्य टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। ऐसे समय में यदि ऋषभ पंत अपनी मानसिक एकाग्रता और शॉट चयन में सुधार नहीं लाते हैं, तो चयनकर्ताओं के लिए कड़े फैसले लेना मजबूरी बन जाएगा। प्रशंसकों और जानकारों का भी यही मानना है कि पंत को अपनी इस लापरवाही को छोड़कर एक परिपक्व बल्लेबाज की तरह जिम्मेदारी उठानी होगी, अन्यथा उनका शानदार करियर बीच राह में ही दम तोड़ सकता है और उनका टीम इंडिया से बाहर होना तय माना जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय टेरिटोरियल आर्मी (Territorial Army) के ढांचे में एक बड़े बदलाव पर विचार कर रहा है। मंत्रालय की योजना है कि AI डेवलपर्स, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और इनफॉर्मेशन वॉरफेयर स्पेशलिस्ट्स जैसे सिविलियन टेक प्रोफेशनल्स को सीधे इस पार्ट-टाइम फोर्स का हिस्सा बनाया जाए। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय में […] यह लेख टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
लाल ईंट या फ्लाई ऐश? घर बनाने के लिए कौन-सी ईंट सबसे अच्छी?
घर बनाते समय ईंट का चुनाव बेहद जरूरी होता है. बाजार में लाल मिट्टी की ईंट, फ्लाई ऐश ईंट और AAC ब्लॉक जैसे कई विकल्प मौजूद हैं. जानिए घर की दीवारों के लिए कौन-सी ईंट बेहतर हो सकती है और ईंट खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
गॉल में फिर चलेगा जडेजा का जादू? रिकॉर्ड है खतरनाक
भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले रवींद्र जडेजा का रिकॉर्ड टीम इंडिया के लिए बड़ी उम्मीद है. जडेजा ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी करते हुए कई मैच जिताऊ प्रदर्शन किए हैं.
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी सबसे विध्वंसक और गेंदबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले ओपनर्स की बात होती है, तो उसमें पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। टेस्ट क्रिकेट से लेकर वनडे और टी-20 तक अपनी तूफानी बल्लेबाजी से बड़े-बड़े गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने वाले सहवाग ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक और असंभव दिखने वाले कीर्तिमान अपने नाम किए, लेकिन एक ऐसा महाकठिन रिकॉर्ड है जिसे चाहकर भी 'नजफगढ़ के नवाब' नहीं तोड़ पाए। अब क्रिकेट पंडितों और खेल प्रेमियों की निगाहें भारतीय क्रिकेट के नए चमकते सितारे और कम उम्र में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से सनसनी फैलाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिक गई हैं, जिनसे इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त करने की सबसे बड़ी उम्मीद की जा रही है।वीरेंद्र सहवाग भी जिस रिकॉर्ड को तोड़ने से रह गए चूके, जानिए उसकी अहमियतअपने दौर में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज तिहरा शतक जड़ने समेत कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए जिन्हें आज भी मील का पत्थर माना जाता है। हालांकि, क्रिकेट के पन्नों में कुछ ऐसे असाधारण रिकॉर्ड दर्ज हैं जो आज भी अछूते बने हुए हैं और जिन्हें पार करना किसी भी बल्लेबाज के लिए माउंट एवरेस्ट फतह करने जैसा है। सहवाग जैसे खूंखार बल्लेबाज ने भी अपने पूरे करियर के दौरान पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन वे इस खास और जादुई रिकॉर्ड की बराबरी करने या इसे तोड़ने में सफल नहीं हो पाए, जिसके चलते आज भी यह सवाल हर क्रिकेट फैन के जेहन में बना रहता है कि आखिर वह कौन सा बल्लेबाज होगा जो इस दीवार को गिराएगा।युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी से क्यों बंध उम्मीदों के नए और बड़े पंखबिहार की माटी से निकलकर अपनी आतिशी बल्लेबाजी से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम उम्र में ही अपनी बैटिंग का ऐसा लोहा मनवाया है कि दिग्गजों ने उनमें भविष्य का बहुत बड़ा मैच विनर देखना शुरू कर दिया है। जिस बेखौफ अंदाज और प्रचंड स्ट्राइक रेट के साथ वैभव मैदान पर उतरते हैं, उसे देखकर अब यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि यदि कोई खिलाड़ी उस ऐतिहासिक और अटूट रिकॉर्ड को चकनाचूर कर सकता है, तो वह केवल वैभव सूर्यवंशी ही हैं। उनकी इस असाधारण प्रतिभा और उम्र के इस पड़ाव पर उनके द्वारा खेली जा रही पारियों ने भारतीय क्रिकेटप्रेमियों के दिलों में एक नई उम्मीद जगा दी है कि आने वाले समय में यह महारिकॉर्ड भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।
25 साल पहले फरहान अख्तर ने एक फिल्म बनाई थी. आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना के लीड रोल वाली इस फिल्म को आज भी पसंद किया जाता है. वहीं गानों की बात करें तो ये आज भी पुराने नहीं लगते.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के भीतर इन दिनों चयन समिति के भविष्य और बड़े पदों पर फेरबदल को लेकर तरह-तरह की अटकलों का बाजार गर्म है। खेल गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा चल रही थी कि क्या नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के भविष्य या कार्यभार में बदलाव के चलते मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की कुर्सी पर भी कोई संकट आ सकता है या उनकी विदाई तय मानी जा रही है? इन तमाम कयासों और मीडिया रिपोर्ट्स पर विराम लगाते हुए हाल ही में इस दौड़ में शामिल एक प्रमुख दावेदार ने खुद सामने आकर अपनी सफाई पेश की है और इन सभी चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए अंदरखाने की सच्चाई बयां की है।क्या अजीत अगरकर की कुर्सी पर मंडरा रहा है कोई खतरा?भारतीय क्रिकेट टीम के चयन मामलों को सुचारू रूप से चलाने और भविष्य की विश्व प्रतियोगिताओं के लिए एक मजबूत टीम तैयार करने में अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने पिछले कुछ समय में अहम भूमिका निभाई है। हाल ही में ऐसी खबरें तूल पकड़ रही थीं कि भारतीय क्रिकेट में प्रशासनिक स्तर पर होने वाले बदलावों का असर मुख्य चयनकर्ता के पद पर भी पड़ सकता है और वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका को लेकर भी नए समीकरण बन सकते हैं। हालांकि, इन तमाम अटकलों के बीच जब दावेदार ने खुद स्थिति स्पष्ट की, तो यह साफ हो गया कि फिलहाल चयन समिति के ढांचे में किसी भी बड़े उलटफेर की कोई संभावना नहीं है और बोर्ड पूरी स्थिरता के साथ मौजूदा टीम के साथ ही आगे बढ़ने के मूड में है।दावेदार की सफाई से थमी चर्चाएं, भारतीय क्रिकेट में स्थिरता पर जोरभारतीय क्रिकेट से जुड़े इन अंदरूनी घटनाक्रमों और बयानों के सामने आने के बाद से उन तमाम अफवाहों पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है जिनमें लगातार यह दावा किया जा रहा था कि अजीत अगरकर को उनके पद से हटाया जा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय टीम इंडिया आगामी श्रृंखलाओं और बड़े टूर्नामेंट्स की तैयारियों में जुटी है, ऐसे में चयन समिति के स्तर पर स्थिरता रहना बेहद जरूरी है। इस स्पष्टीकरण के बाद यह तय हो गया है कि अजीत अगरकर अपनी जिम्मेदारियों को पूरी मुस्तैदी के साथ आगे भी संभालते रहेंगे और चयन से जुड़े तमाम बड़े फैसले उन्हीं के नेतृत्व में लिए जाते रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट का वह कौन सा आदेश जिस पर पटना सिटी में कंगन घाट से नौजर घाट तक के लोग उतरे सड़क पर
बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक इलाके पटना सिटी में इन दिनों भारी आक्रोश और तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है, जहां कंगन घाट से लेकर नौजर घाट तक स्थानीय लोग और व्यापारी अपनी नाराजगी जताने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। गंगा के तटवर्ती इलाकों और प्राचीन धरोहरों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले पर जब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कोई कड़ा या सख्त आदेश सामने आया, तो उसका सीधा असर पटना के इन स्थानीय इलाकों पर देखने को मिला। रातों-रात बदले इस घटनाक्रम के बाद से प्रभावित क्षेत्रों के लोग और व्यवसायी अपने आशियानों और रोजी-रोटी पर मंडरा रहे संकट को लेकर खासे चिंतित हैं, जिसके चलते सड़कों पर प्रदर्शन का यह दौर शुरू हुआ है।सुप्रीम कोर्ट के आदेश से क्यों गरमाया पटना सिटी का माहौल और क्या है विवादपटना सिटी के कंगन घाट से नौजर घाट तक का यह पूरा पट्टा अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता के लिए देश भर में जाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं और पारंपरिक व्यापार से जुड़े हुए हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, अतिक्रमण हटाने या नदी संरक्षण से जुड़ा कोई अहम और कड़ा निर्देश पारित किया गया है, जिसके लागू होने की आहट मात्र से ही स्थानीय लोगों की नींद उड़ गई है। लोगों का आरोप है कि इस आदेश के दायरे में आने से उनके वर्षों पुराने मकान, दुकानें और व्यापारिक ठिकाने उजड़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे स्थानीय आबादी के बीच भारी असमंजस और बेचैनी का माहौल बन गया है।सड़क पर उतरे लोग और प्रशासन के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौतीअदालत के आदेश के विरोध और अपनी रोजी-रोटी बचाने की गुहार को लेकर जब कंगन घाट से नौजर घाट के बीच हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक, दुकानदार और युवा सड़कों पर उतरे, तो स्थानीय प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बिना किसी उचित पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था के उनके आशियानों पर बुलडोजर चलाना या उन्हें उजाड़ना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन के बाद से प्रशासनिक अमला और स्थानीय जनप्रतिनिधि डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं, और इस पूरे मामले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं कि आगे चलकर सरकार या न्यायपालिका के स्तर पर इस समस्या का क्या समाधान निकाला जाता है।
JPSC के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार, छात्र आंदोलन के बीच CID का बड़ा एक्शन
JPSC-JSSC Protest: झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच CID ने बड़ा एक्शन लिया है. JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा कि पुख्ता सबूत के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई है.
KBC से डरते थे सनी देओल! शो पर पहली बार आए तो बताया क्यों 18 सीजन तक कभी नहीं हुई आने की हिम्मत
सनी देओल पहली बार छोटे पर्दे के पॉपुलर शो कौन बनेगा करोड़पति-18 पर अपनी फिल्म 'बटवारा 1947' की प्रमोशन के लिए पहुंचे. यहां उन्होंने बताया कि आज तक वह इस शो पर क्यों नहीं आए थे.
भरत तिवारी एनकाउंटर केस में SDM समेत 11 अधिकारी हाजिर हों! अदालत ने जारी किया गैर-जमानती वॉरंट
भरत तिवारी केस में सीजेएम कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि इस मामले के सभी 11 आरोपी अदालत के समक्ष पेश हों.
धनबाद में मलबे में दबी महिला को स्थानीय लोगों ने बचाया
एक महिला मलबे में दब गई थी जिसे स्थानीय लोगों की तत्परता और मेहनत से बचा लिया गया. मलबा हटाने का कार्य तुरंत शुरू हुआ और इसी प्रयास में कई अन्य लोगों को भी सुरक्षित निकाला गया. पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में लगातार भूस्खलन हो रहा है लेकिन प्रशासन सक्रिय नहीं दिखा रहा है. इस घटना ने स्थानीय लोगों की बहादुरी और मानवता को उजागर किया जो समय पर मदद के लिए आगे आए.
US में ट्रंप के लिए संकट शुरू, क्या 3 महीने बाद हो जाएगा खेल?
US Survey: अमेरिकी वोटर्स के लिए इस समय सबसे बड़ा मुद्दा अर्थव्यवस्था और महंगाई है. इप्सोस सर्वे के मुताबिक 54% लोगों ने महंगाई और आर्थिक हालात को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया है.
धनबाद के अचानक जमीन धंसी, कई घर हुए जमींदोज
धनबाद के बाघमारा इलाके के छाताबाद में अचानक जमीन धसने की घटना हुई है जिसमें कई घर पूरी तरह से जमीनदोज हो गए हैं. यह तस्वीरें दिखाती हैं कि किस तरह पैरों तले से जमीन खिसक जाना सिर्फ एक मुहावरा नहीं बल्कि एक गंभीर वास्तविकता है. इस घटना से इलाके के लोगों में दहशत और चिंता व्याप्त है.
साउथ सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल 'स्लमडॉग 33 टेंपल रोड' को लेकर फैंस के बीच काफी समय से उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में विजय सेतुपति मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं और इसका निर्देशन पुरी जगन्नाथ कर रहे हैं। फिल्म को लेकर पहले ही विजय सेतुपति के लुक ने खूब ध्यान खींचा था। अब मेकर्स ने अभिनेत्री तब्बू के किरदार की झलक जारी कर दी है।
टीम इंडिया में सेलेक्शन पर भुवनेश्वर ने तोड़ी चुप्पी
आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बावजूद भुवनेश्वर कुमार का टीम इंडिया में चयन नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि उनका फोकस सिर्फ क्रिकेट खेलना और अच्छा प्रदर्शन करना है. अगर टीम इंडिया से बुलावा आता है, तो वे जरूर खेलेंगे.
सरकार ने JPSC पीटी परीक्षा रद्द की मंजूरी दी
रांची आंदोलन में छात्रों के अनुसार सरकार ने जेपीएससी पीटी परीक्षा रद्द करने की सहमति दी है लेकिन जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर विवाद जारी है. सरकार का तर्क है कि सीजीएल परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजित की गई थी, इसलिए इसे रद्द करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है. इस स्थिति के कारण सीजीएल परीक्षा को लेकर अभी भी गतिरोध बना हुआ है.
कावड़ यात्रा की एतिहासिक विवेचना
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'बोल कांवड़िया, बोल बम...' जबलपुर में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल, बजाया डमरू
'बोल कांवड़िया, बोल बम...' जयकारा जब गूंजा तो भक्तों का रोम-रोम रोमांचित हो उठा। भक्त ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूम उठे। लगातार बजते ढोल-नगाड़ों ने माहौल को और उत्साह से भर दिया। दरअसल, मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर का माहौल सोमवार को पूरी तरह ...
‘सावन को आने दो’ की बात करें तो फिल्म में अरुण गोविल, जरीना वहाब और रीता भादुड़ी ने अभिनय किया था. फिल्म का निर्देशन ताराचंद बड़जात्या ने किया था. यह फिल्म ‘रामायण’ से काफी पहले आई थी.
ममता बनर्जी की गाड़ी पर हमले को लेकर क्या बोले समिक भट्टाचार्य?
ममता बनर्जी की गाड़ी पर कीचड़, पत्थर और चप्पल फेंकने की घटना पर प्रतिक3िया देते हुए बीजेपी नेता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कोई जुड़ाव नहीं है. यह मामला केवल तृणमूल की आंतरिक लड़ाई है ना कि जनता और तृणमूल के बीच कोई संघर्ष. तृणमूल पार्टी के भीतर के विवादों को जनता पर थोपने की कोशिश न करें.
यूपी में गोमूत्र से खुलेगी कमाई की राह: 10 रुपये/लीटर खरीदेगी सरकार
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 10 रुपये प्रति लीटर की दर से गोमूत्र खरीद का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ है. एफपीओ के जरिए 15 गांवों से रोजाना 500 लीटर गोमूत्र एकत्र कर दवाएं बनाई जा रही हैं. इस योजना में 300 महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाकर रोजगार से जोड़ा गया है.
‘मोदिया बिंद’ लिखा चश्मा पहन संसद पहुंचीं रेणुका चौधरी, कहा- अंधभक्तों का इलाज होगा
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा, 'ये चश्मा उन अंधभक्तों के इलाज के लिए है। उन्हें चोरी का मुद्दा दिखाई नहीं देता, पुल गिरना दिखाई नहीं देता और नीट परीक्षा का मुद्दा भी दिखाई नहीं देता। उन्हें केवल तारीफ करना दिखाई देता है।'
घर पर बनाकर खाएं ढाबा स्टाइल मसाला भिंडी, रेसिपी है बेहद आसान
Bhindi Masala Recipe: भिंडी भारत में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली सब्जियों में से एक है. इसे कई अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है. आज हम आपको घर पर आसानी से बनने वाली मसाला भिंडी की रेसिपी बताएंगे, जिसे आप कम समय में तैयार कर सकते हैं.
7 अगस्त 2026 को मक्का में हस्ताक्षरित त्रिस्तरीय रक्षा समझौते का वैश्विक विश्लेषण। जानिए यदि भारत-पाक युद्ध होता है तो सऊदी अरब और तुर्की की क्या भूमिका होगी और भारत के पास क्या विकल्प हैं।
कौन है JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते? डिग्रियों से ज्यादा हैं विवाद
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को JPSC-JSSC परीक्षा विवाद के बीच गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले की गहराई से जांच कर रही है. इस गिरफ्तारी को मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है. ऐसे में चलिए जान लेते हैं कि इनके नाम इतने विवाद क्यों हैैं.
ग्रेटर नोएडा में पति को लेकर पत्नी और युवती के बीच ड्रामा
ग्रेटर नोएडा में पति को लेकर पत्नी और दूसरी युवती के बीच जबरदस्त ड्रामा हुआ. घटना तब शुरू हुई जब पत्नी ने अपने पति को दूसरी युवती के साथ फ्लैट में देखा. इससे दोनों के बीच न सिर्फ कहासुनी हुई, बल्कि मामला हाथापाई तक भी पहुंच गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है सूचना मिलते ही दोनों पक्ष पुलिस चौकी पहुंचे, मगर किसी ने भी बच्चे के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई.

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