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CM नायब सैनी ने 'नशे से जंग' मैराथन को दिखाई हरी झंडी, 1.16 लाख रजिस्ट्रेशन का बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड

हरियाणा के यमुनानगर में आज ऊर्जा और उत्साह का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ आयोजित 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' मैराथन में आज पूरा शहर उमड़ पड़ा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस भव्य और ऐतिहासिक मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, समाज के हर वर्ग ने इस दौड़ में हिस्सा लेकर यह साबित कर दिया है कि नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए पूरा प्रदेश अब एकजुट हो चुका है। इस बड़े आयोजन ने न केवल फिटनेस का मजबूत संदेश दिया है, बल्कि भारी भीड़ और रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन के साथ एक नया इतिहास भी रच दिया है।1.16 लाख रजिस्ट्रेशन के साथ बना नया कीर्तिमानइस मैराथन की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात इसका रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन रहा। स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस दौड़ में हिस्सा लेने के लिए 1 लाख 16 हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया, जो राज्य के खेल और जागरूकता कार्यक्रमों के इतिहास में एक बहुत बड़ा कीर्तिमान है। इतनी विशाल संख्या में लोगों का सड़क पर उतरना इस बात का सीधा प्रमाण है कि यमुनानगर और आसपास के इलाकों की जनता नशे के खिलाफ पूरी तरह से जागरूक और लामबंद हो चुकी है। प्रशासन ने भी इस अभूतपूर्व भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए सुरक्षा और मेडिकल के पुख्ता इंतजाम किए थे।'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' बना जन-आंदोलनमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मैराथन को रवाना करने से पहले उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नशा हमारी युवा पीढ़ी और समाज को अंदर से खोखला कर रहा है, और इसे जड़ से मिटाना सरकार के साथ-साथ आम जनता की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' अब केवल एक सरकारी नारा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक विशाल जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। सीएम ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें खेलों और शारीरिक फिटनेस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि उनकी ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल हो सके।स्वास्थ्य और खेल को बढ़ावा देने पर सरकार का खास फोकसइस मैराथन के जरिए हरियाणा सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति बेहद गंभीर है। दौड़ में शामिल हुए हजारों युवाओं और महिलाओं का जोश देखते ही बन रहा था। लोकल स्तर पर आयोजित ऐसे मेगा इवेंट्स न सिर्फ सर्च इंजन और सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते हैं, बल्कि धरातल पर भी युवाओं को नशे की बुरी लत से दूर रखकर उन्हें राष्ट्र निर्माण की सकारात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ने में एक बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:36 pm

अपनों और 'बाहरियों' की जंग में फंसा पेंच, 11 सीटों पर लंबी मैराथन बैठक के बाद भी नहीं सुलझा समीकरण

उत्तर प्रदेश की राजनीति के गलियारों में इस समय विधान परिषद (MLC) के टिकटों को लेकर सुगबुगाहट अपने चरम पर है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर आगामी एमएलसी चुनावों की 11 सीटों को लेकर उम्मीदवारों के नामों पर मंथन का दौर जारी है, लेकिन अंदरखाने चल रही खींचतान ने पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चर्चा है कि पार्टी के भीतर लगातार इस बात पर बहस छिड़ी हुई है कि टिकट वितरण में वफादार पुराने कार्यकर्ताओं यानी 'अपनों' को तरजीह दी जाए या फिर अन्य दलों से आए दिग्गजों यानी 'बाहरियों' को मैदान में उतारा जाए। इस नफा-नुकसान के गणित के बीच कई दौर की उच्च स्तरीय बैठकों के बाद भी अभी तक सीटों पर फाइनल मुहर नहीं लग पाई है।पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की नाराजगी और दिग्गजों की दावेदारीबीजेपी कार्यालय में हुई मैराथन बैठकों में प्रदेश के तमाम बड़े नेता और रणनीतिकार शामिल हुए, लेकिन समीकरण हर बार आकर वहीं अटक जाते हैं कि सालों-साल से पसीना बहाने वाले निष्ठावान कैडर को दरकिनार न किया जाए। दूसरी ओर, राजनीतिक समीकरण साधने और चुनाव जीतने की गणित के तहत बाहरी नेताओं की मजबूत दावेदारी भी नेतृत्व पर दबाव बना रही है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की नाराजगी मोल न लेने की चुनौती और चुनावी वैतरणी पार करने की मजबूरी के बीच पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है, जिसके चलते नामों की घोषणा में लगातार देरी हो रही है।जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन साधने की बड़ी चुनौतीउत्तर प्रदेश जैसी बड़ी राजनीतिक प्रयोगशाला में किसी भी चुनाव के लिए जातीय संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सबसे अहम कड़ी होते हैं। एमएलसी चुनाव के इन 11 पदों के लिए हर संभाग और हर बड़े वर्ग से दावेदार अपनी ताकत झोंक रहे हैं। पार्टी के रणनीतिकार इस बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि किस सीट पर किस चेहरे को उतारने से आगामी राजनीतिक संदेश सही जाए और विरोधियों को चारों खाने चित किया जा सके। यही वजह है कि सूचियों पर कई बार कैंची चलने के बाद भी अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है।जल्द आ सकती है नामों की सूची, सबकी निगाहें हाईकमान परराजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी आलाकमान इस बार किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में नहीं है, क्योंकि हर एक सीट का नफा-नुकसान पार्टी की साख से जुड़ा हुआ है। आने वाले कुछ दिनों में तमाम वार्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व के दखल के बाद इन सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया जा सकता है। फिलहाल, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चल रही इस सियासी उठापटक पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं कि आखिर ऊंट किस करवट बैठता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:34 pm

भागदौड़ से त तंग आ चुके हैं? दिल्ली के इस गुप्त और शांत ठिकाने पर पहुंचे, जहां कमल का तालाब और ओपन-एयर जिम है मौजूद

भागदौड़ भरी जिंदगी और कंक्रीट के जंगलों में तब्दील हो चुके महानगरों में सुकून के दो पल बिताना आज के समय में किसी विलासिता से कम नहीं है। यदि आप भी दिल्ली की रोजमर्रा की भीड़भाड़, ट्रैफिक और प्रदूषण से उब चुके हैं और किसी ऐसी शांत जगह की तलाश में हैं जहाँ प्रकृति की गोद में शांति मिल सके, तो राजधानी के भीतर ही एक ऐसी खूबसूरत जगह छिपी है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यहां चारों तरफ फैली हरियाली, मन को मोह लेने वाला कमल का तालाब (Lotus Pond) और फिटनेस प्रेमियों के लिए आधुनिक ओपन-एयर जिम इस जगह को वीकेंड पर घूमने के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं।शोर-शराबे से दूर प्रकृति की गोद में बसा सुकून का आशियानादिल्ली के इस गुप्त और खूबसूरत नगीने तक पहुंचते ही आपको ऐसा महसूस होगा जैसे आप शहर के कोलाहल से कोसों दूर किसी शांत हिल स्टेशन पर आ गए हैं। इस शांत पार्क या ग्रीन जोन में प्रवेश करते ही ताजी हवा और चिड़ियों की चहचहाहट आपका स्वागत करती है। यहां की शांत और हरी-भरी वादियां तनाव को पल भर में दूर कर देती हैं। स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह मेडिटेशन, योग और सुबह-शाम टहलने के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जहां परिवार के साथ सुकून भरा समय बिताया जा सकता है।कमल के तालाब की सुंदरता और ओपन-एयर जिम का अनोखा संगमइस पार्क की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसका शानदार कमल का तालाब है, जहां खिलने वाले कमल के फूल पानी की सतह पर अद्भुत छटा बिखेरते हैं। तालाब के आसपास की साफ-सुथरी और शांत जगह फोटोग्राफी और बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए जन्नत जैसी है। इसके साथ ही, सेहत के प्रति जागरूक लोगों के लिए यहां एक बेहतरीन ओपन-एयर जिम भी स्थापित किया गया है, जहां प्राकृतिक वातावरण के बीच खुले आसमान के नीचे एक्सरसाइज करने का एक अलग ही मजा मिलता है।इस वीकेंड बनाएं प्लान और लें ताजी हवा का आनंदयदि आप इस वीकेंड दिल्ली में कुछ नया और शांतिपूर्ण तलाश रहे हैं, तो बिना देर किए इस शानदार ठिकाने का रुख करें। मेट्रो या पर्सनल वाहन से आसानी से पहुंचने वाली यह जगह आपके संडे को बेहद खास बना देगी। काम के भारी तनाव से राहत पाने और मानसिक शांति हासिल करने के लिए यह दिल्ली का सबसे बेहतरीन और छुपा हुआ कोना साबित हो सकता है, जहां आप अपनी पूरी फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:31 pm

सेब खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! रॉयल गाला, गोल्डन डिलीशियस या कश्मीरी अमरी

फलों की दुनिया में 'किंग' कहे जाने वाले सेब को सेहत का खजाना माना जाता है, तभी तो कहा जाता है कि 'एन एप्पल ए डे, कीप्स द डॉक्टर अवे'। लेकिन जब हम बाजार में सेब खरीदने जाते हैं, तो हमारे सामने विकल्पों की लंबी फौज खड़ी होती है—कोई चमकदार लाल रॉयल गाला होता है, तो कोई सुनहरा गोल्डन डिलीशियस या फिर पारंपरिक कश्मीरी अमरी। हर वैरायटी का अपना अलग स्वाद, बनावट और पोषक तत्वों का पैमाना होता है। ऐसे में यह तय करना मुश्किए हो जाता है कि आखिर इनमें से कौन सा सेब हमारी सेहत और स्वाद के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है।रॉयल गाला: मिठास और क्रंचीनेस का परफेक्ट कॉम्बोइन दिनों भारतीय बाजारों में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला रॉयल गाला सेब अपनी हल्की धारियों वाली छाल और जबरदस्त मिठास के लिए जाना जाता है। यह खाने में बेहद क्रंची और जूसी होता है, जिसके कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक यह सभी का पसंदीदा होता है। न्यूट्रिशन की बात करें तो इसमें डाइटरी फाइबर और नेचुरल शुगर प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, जो तुरंत एनर्जी देने का काम करती है। यदि आपको हल्का मीठा और ताजगी से भरपूर सेब पसंद है, तो रॉयल गाला आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।कश्मीरी अमरी: पारंपरिक स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ का राजाभारतीय सेबों की बात हो और पारंपरिक कश्मीरी अमरी का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। कश्मीरी अमरी अपनी खास बनावट, थोड़े खट्टे-मीठे स्वाद और बेहतरीन मजबूती के लिए पहचाना जाता है। इस सेब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना फ्रिज के भी लंबे समय तक खराब नहीं होता। औषधीय गुणों और आयरन से भरपूर कश्मीरी अमरी को खून बढ़ाने और इम्युनिटी मजबूत करने के लिहाज से सबसे उत्तम माना जाता है, जो सदियों से भारतीयों की पहली पसंद रहा है।गोल्डन डिलीशियस और अन्य वैरायटीज का क्या है हाल?सुनहरे पीले रंग का गोल्डन डिलीशियस सेब अपने मक्खन जैसे मुलायम गूदे और हल्के टार्ट (खट्टे-मीठे) स्वाद के लिए जाना जाता है। यह बेकिंग, डेसर्ट और सलाद में इस्तेमाल करने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इसके अलावा रेड डिलीशियस अपनी खूबसूरत चमक के कारण बाजार की शान बढ़ाता है। हर वैरायटी में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी और पोटैशियम भरपूर मात्रा में मिलते हैं, जो दिल की सेहत और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।आपकी सेहत के लिए कौन सा सेब है सबसे मुफीद?हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सभी सेब अपने आप में पोषक तत्वों का पावरहाउस हैं। यदि आपको डायबिटीज है या आप कम शुगर वाला सेब चाहते हैं, तो थोड़े खट्टे और फर्म सेब चुनें। वहीं, अगर आपको इंस्टेंट एनर्जी और शानदार स्वाद चाहिए, तो रॉयल गाला या कश्मीरी अमरी आपकी डाइट में चार चांद लगा सकते हैं। अगली बार जब आप फ्रूट मार्केट जाएं, तो अपनी जरूरत और स्वाद के हिसाब से सही वैरायटी का चुनाव करें और सेहतमंद रहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:28 pm

प्रल्हाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का पदभार: पहले ही दिन वरिष्ठ अधिकारियों संग की मैराथन बैठक; कहा— 'छात्र हित और पारदर्शिता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता'

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। रविवार को उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। जोशी को यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब देश में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा चल रही है।

देशबन्धु 26 Jul 2026 1:28 pm

सावन में भूलकर भी न करें ये गलती! फैशन के चक्कर में रुद्राक्ष पहनना पड़ सकता है भारी, जान लें इसके कड़े नियम और सही तरीका

पवित्र सावन मास की शुरुआत होते ही चारों तरफ शिव भक्ति का माहौल नजर आने लगा है। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए भक्त तमाम तरह के उपाय करते हैं और फैशन या आस्था के नाम पर रुद्राक्ष की माला, ब्रेसलेट या कंगन पहनना शुरू कर देते हैं। आज के समय में युवाओं के बीच रुद्राक्ष पहनना एक स्टाइल स्टेटमेंट बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में रुद्राक्ष धारण करने के कुछ बेहद कड़े और सख्त नियम बताए गए हैं? यदि इन नियमों की अनदेखी की जाए तो फैशन के चक्कर में उठाया गया यह कदम आपके जीवन पर भारी पड़ सकता है और इसके नकारात्मक परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं।क्यों माना जाता है रुद्राक्ष को इतना पवित्र और शक्तिशाली?हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को भगवान शिव के आंसुओं का प्रतीक माना गया है और इसकी ऊर्जा बेहद तीव्र और सकारात्मक होती है। मान्यता है कि इसे धारण करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि एकाग्रता बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। लेकिन इसकी असीम आध्यात्मिक शक्ति के कारण ही इसे पहनने के कुछ विशेष अनुशासन होते हैं। ज्योतिषविदों का कहना है कि रुद्राक्ष कोई साधारण आभूषण नहीं है जिसे किसी भी तरह से पहना जाए, बल्कि यह एक पवित्र मनका है जिसके अपने निश्चित नियम हैं।फैशन के नाम पर रुद्राक्ष पहनते वक्त न करें ये बड़ी भूलेंअक्सर लोग आजकल कूल दिखने के लिए हाथों में ब्रेसलेट की तरह रुद्राक्ष लपेट लेते हैं या बिना किसी नियम-कायदे के इसे पहनकर कहीं भी घूमते हैं। शास्त्रों के अनुसार, गंदे हाथों से या अशुद्ध अवस्था में रुद्राक्ष को छूना वर्जित माना गया है। इसके अलावा, मांस-मदिरा का सेवन करने वाले लोगों को या सोते समय रुद्राक्ष धारण करके नहीं सोना चाहिए। यदि आप इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो रुद्राक्ष का विपरीत प्रभाव भी आपके जीवन पर पड़ सकता है और आपकी आस्था खंडित हो सकती है।रुद्राक्ष धारण करने के सही नियम और सावधानियांयदि आप भी सावन के इस पावन महीने में रुद्राक्ष धारण करने की सोच रहे हैं, तो किसी विद्वान ज्योतिषी या पंडित की सलाह अवश्य लें। इसे हमेशा लाल या पीले धागे में पिरोकर ही गले या दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए। स्नान करने के बाद 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए ही इसे पहनना सबसे उत्तम माना गया है। पवित्रता और नियमों का पूरा ध्यान रखकर ही आप भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और फैशन के साथ-साथ अपनी आस्था को भी सुरक्षित रख सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:27 pm

अमेजन इंजीनियर का चौंकाने वाला खुलासा! भारत में 40 लाख या अमेरिका में 1.9 करोड़ की नौकरी

विदेशी धरती पर जाकर नौकरी करने का सपना देखने वाले युवाओं के बीच अक्सर यह बहस छिड़ी रहती है कि भारत में रहकर लाखों कमाना बेहतर है या फिर अमेरिका जाकर करोड़ों का पैकेज हासिल करना। इसी बीच अमेजन के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट शेयर किया है, जिसने इस पुरानी डिबेट को फिर से हवा दे दी है। उन्होंने भारत के 40 लाख रुपये सालाना के पैकेज और अमेरिका के 1.9 करोड़ रुपये (लगभग 2.25 लाख डॉलर) के भारी-भरकम पैकेज का तुलनात्मक विश्लेषण पेश किया है। इस खुलासे के बाद से ही टेक कम्युनिटी में यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर दोनों में से कौन सा विकल्प लाइफस्टाइल और सेविंग्स के लिहाज से ज्यादा बेहतर है।टैक्स, लाइफस्टाइल और खर्चों का चौंकाने वाला गणितअमेजन के इस इंजीनियर ने विस्तार से समझाया है कि अमेरिका में मिलने वाला 1.9 करोड़ रुपये का पैकेज पहली नजर में भले ही बहुत बड़ा लगे, लेकिन वहां के भारी-भरकम टैक्स, हेल्थ इंश्योरेंस, महंगे किराए और डेली लाइफ के खर्चे भारत के मुकाबले कई गुना ज्यादा हैं। इसके विपरीत, भारत में मिलने वाले 40 लाख रुपये के पैकेज में टैक्स कटने के बाद भी एक शानदार और आरामदायक जीवनशैली जी जा सकती है, क्योंकि यहां स्थानीय खर्चे, मेड, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक सपोर्ट सिस्टम काफी किफायती और मजबूत होता है।सेविंग्स और मानसिक शांति के मोर्चे पर कौन मार रहा है बाजी?विश्लेषण में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि अमेरिका में वीजा की अनिश्चितताएं, ग्रीन कार्ड का लंबा इंतजार और नौकरी जाने का लगातार डर वहां के प्रोफेशनल्स को मानसिक तनाव देता है। इसके मुकाबले, भारत में अपने परिवार के करीब रहकर काम करने से न सिर्फ मेंटल पीस मिलती है, बल्कि सेविंग्स का प्रतिशत भी कई मामलों में बराबरी या उससे बेहतर बैठता है। आज के समय में जब भारत का टेक इकोसिस्टम ग्लोबल लेवल पर मजबूत हो रहा है, तो टैलेंटेड युवाओं के लिए देश के अंदर ही करियर ग्रोथ के अपार अवसर बन चुके हैं।टेक प्रोफेशनल्स और युवाओं के लिए बड़ा सबकविदेश जाने की चाह रखने वाले नए सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और टेक छात्रों के लिए यह तुलना आँखें खोलने वाली है। सिर्फ करेंसी कन्वर्जन के आधार पर अमेरिका की बड़ी सैलरी को देखकर आकर्षित होने से पहले वहां की जीवन लागत और सामाजिक ताने-बाने को समझना बेहद जरूरी है। अमेजन इंजीनियर की इस इनसाइटफुल पोस्ट ने यह साबित कर दिया है कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि जीवन की गुणवत्ता और मानसिक सुकून भी उतना ही मायने रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:22 pm

साल 2026 की सबसे हॉट और हाई-पैइंग जॉब बनी 'AI', जानें किस प्रोफाइल में मिल रहा है बंपर पैकेज

टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसके साथ ही जॉब मार्केट में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। साल 2026 में अगर आप आईटी सेक्टर में सबसे बड़ी छलांग लगाने की सोच रहे हैं, तो AI प्रोफेशनल्स के लिए नौकरियों के द्वार खुल चुके हैं। पारंपरिक सॉफ्टवेयर जॉब्स को पीछे छोड़ते हुए जेनरेटिव एआई (GenAI), एलएलएम (LLM) इंजीनियरिंग और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में नौकरियों की बाढ़ आ गई है। देश-विदेश की दिग्गज कंपनियां और स्टार्टअप्स ऐसे टैलेंट की तलाश में हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में मास्टरी रखते हों।जेनरेटिव AI और LLM इंजीनियर बने इंडस्ट्री के नए किंगआईटी बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल सबसे ज्यादा डिमांड GenAI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) इंजीनियरों की है। जो प्रोफेशनल्स RAG पाइपलाइन, वेक्टर डेटाबेस और कस्टम AI मॉडल तैयार करने में माहिर हैं, उन्हें कंपनियां मुंहमाँगा पैकेज दे रही हैं। जानकारों का कहना है कि इस सेगमेंट में अनुभवी प्रोफेशनल्स का पैकेज आसानी से 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये सालाना तक पहुंच रहा है, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।पारंपरिक आईटी भूमिकाओं से क्यों आगे निकल रही है AI जॉब्स?पहले जहां डेवलपर्स और कोडर्स की मांग सबसे ऊपर हुआ करती थी, वहीं अब कंपनियां एआई आर्किटेक्ट और एमएलयूओपीएस (MLOps) इंजीनियरों को प्राथमिकता दे रही हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि हर बिजनेस आज ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स और स्मार्ट चैटबॉट्स को अपने सिस्टम में इंटीग्रेट करना चाहता है। टैलेंट की भारी कमी और मांग में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण इस सेक्टर में सैलरी का ग्राफ रॉकेट की रफ्तार से ऊपर जा रहा है।फ्रेशर्स और युवाओं के लिए करियर चमकाने का सुनहरा मौकाअच्छी बात यह है कि इस क्षेत्र में सिर्फ डिग्रियां नहीं, बल्कि आपके प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स और कोडिंग स्किल्स मायने रखते हैं। पाइथन, डीप लर्निंग और ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क पर पकड़ रखने वाले युवा कम अनुभव में भी लाखों के पैकेज हासिल कर रहे हैं। यदि आप भी आईटी सेक्टर में एआई का बॉस बनना चाहते हैं, तो खुद को आधुनिक तकनीकों के साथ अपग्रेड करना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:20 pm

राजनाथ सिंह बोले- 'भारत बना रहा डेटा सेंटर, पाकिस्तान बन चुका है रेडिकल सेंटर, वहां मिलिट्री और मिलिटेंट में कोई फर्क नहीं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर अब तक का सबसे तीखा और करारा जुबानी हमला बोला है। एक कार्यक्रम के दौरान देश की बढ़ती तकनीकी ताकत और पड़ोसी देश की बर्बादी का तुलनात्मक जिक्र करते हुए उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जहां एक तरफ भारत आधुनिक युग की जरूरत के हिसाब से दुनिया भर के लिए डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी हब बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान केवल कट्टरता का केंद्र यानी 'रेडिकल सेंटर' बनकर रह गया है। रक्षा मंत्री के इस तीखे बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकवाद और उसकी विफल व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है।मिलिट्री और मिलिटेंट के बीच धुंधली पड़ चुकी है पाकिस्तान की रेखाअपने तीखे तेवरों के लिए जाने जाने वाले राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के भीतर की व्यवस्थाओं पर करारा कटाक्ष करते हुए कहा कि वहां की सेना और आतंकवादियों के बीच अब कोई फर्क नहीं बचा है। पाकिस्तान जिस तरह से लंबे समय से चरमपंथी संगठनों को पालता-पोसता आया है, उसकी वजह से आज पूरा देश बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो देश अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने के लिए करते हैं, वे कभी भी आर्थिक और तकनीकी प्रगति नहीं कर सकते, और पाकिस्तान इसका सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण है।टेक्नोलॉजी और डेटा के मामले में ग्लोबल लीडर बन रहा है भारतएक तरफ जहां पाकिस्तान अपनी অভ্যন্তরীণ कलह, महंगाई और कट्टरता से जूझ रहा है, वहीं इसके विपरीत भारत डिजिटल क्रांति और अत्याधुनिक तकनीकों के दम पर ग्लोबल लीडर के रूप में उभर रहा है। भारत में आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटिंग और डेटा सेंटर्स का एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, जो देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल रहा है। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश स्पेस, डिफेंस और टेक्नोलॉजी के हर मोर्चे पर आत्मनिर्भर बन रहा है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी मजबूत धाक जमा रहा है।वैश्विक मंच पर पाकिस्तान का असली चेहरा हुआ बेनकाबरक्षा मंत्री के इस बयान ने दुनिया भर का ध्यान एक बार फिर इस बात की ओर खींचा है कि कैसे दो पड़ोसी देश बिल्कुल अलग दिशाओं में आगे बढ़ रहे हैं। भारत जहां चांद और सूरज पर अपनी पहुंच बनाने के साथ-साथ डिजिटल और तकनीकी महाशक्ति बनने की राह पर अग्रसर है, वहीं पाकिस्तान ग्लोबल आतंकवाद का अड्ढा बनकर दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है। रक्षा मंत्री की इस दो टूक टिप्पणी ने साफ कर दिया है कि भारत अब किसी भी उकसावे का मुंहतोड़ जवाब देने के साथ-साथ अपनी विकास यात्रा को पूरी रफ्तार से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:19 pm

शिक्षा मंत्रालय संभालते ही फुल एक्शन में प्रह्लाद जोशी! संडे को भी अफसरों की बुलाई हाई-लेवल बैठक

देश की राजनीति और शिक्षा जगत में इस समय हलचल तेज हो गई है क्योंकि नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। छुट्टी का दिन होने के बावजूद, यानी रविवार को भी उन्होंने मंत्रालय के तमाम बड़े अधिकारियों और वरिष्ठ नौकरशाहों की एक इमरजेंसी हाई-लेवल बैठक बुलाई है। इस अचानक बुलाई गई बैठक के बाद से ही पूरे देश के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार अब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर कोई बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है।कार्यभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने दिखाए कड़े तेवरकेंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल और नई जिम्मेदारियों के मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने बिना एक भी दिन गंवाए अपने मंत्रालय का कामकाज संभाल लिया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उनका यह तेवर साफ संकेत दे रहा है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लंबित पड़ी व्यवस्थाओं को पटरी पर लाना उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। रविवार के दिन बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक में देश की शिक्षा नीति, परीक्षाओं की पारदर्शिता और पिछले समय में उठे सवालों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।क्या NEET परीक्षा पैटर्न में होगा बड़ा बदलाव?देशभर के लाखों मेडिकल Aspirants के मन में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही चल रहा है कि क्या सरकार NEET परीक्षा प्रणाली, इसके आयोजन के तरीके या काउंसलिंग प्रक्रिया में कोई क्रांतिकारी बदलाव करने वाली है। पिछले कुछ सत्रों में NEET परीक्षा को लेकर हुई विभिन्न गड़बड़ियों, पेपर लीक के मामलों और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद से ही पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में रही है। ऐसे में प्रह्लाद जोशी द्वारा अचानक बुलाई गई इस समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे परीक्षा की शुचिता और विश्वसनीयता को फिर से बहाल किया जा सके।छात्रों और अभिभावकों को है सख्त और पारदर्शी फैसलों का इंतजारएजुकेशन सेक्टर के जानकारों का मानना है कि नए मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा जीतना और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से फूल-प्रूफ बनाना है। इस संडे मीटिंग में अधिकारियों के साथ मंथन के बाद जल्द ही कुछ बड़े दिशा-निर्देश या नए सुधार सामने आ सकते हैं। देश के करोड़ों छात्र अब यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस नीतिगत फैसला लेगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली की गुंजाइश हमेशा के लिए खत्म हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:16 pm

CM योगी का बड़ा ऐलान, आक्रमणकारियों नहीं, भारत के राष्ट्रनायकों के नाम पर बनेंगे म्यूजियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपना शौर्य दिखाया था, सपा सरकार वहां मुगल म्यूजियम बना रही थी। हमने कहा, उत्तर प्रदेश की जनता का पैसा किसी आक्रमणकारी के नाम पर ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 1:08 pm

RSS प्रमुख मोहन भागवत का गुजरात दौरा, 2 दिन के प्रवास में संगठनात्मक कार्यक्रमों में होंगे शामिल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ। मोहन भागवत आगामी 28 और 29 जुलाई को दो दिवसीय गुजरात दौरे पर आएंगे। अपने दौरे के दौरान वह संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।

वेब दुनिया 26 Jul 2026 12:56 pm

उन नीट विद्यार्थियों की कहानी, जो पेपर लीक के बाद चले गए

जंतर मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में शायद ही कोई ऐसा दिन हो जिस दिन प्रदर्शनकारी उन 21 नीट अभ्यर्थियों का जिक्र नहीं करते थे जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनते ही कॉकरोच जनता ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 12:34 pm

कारगिल विजय दिवस पर पीएम मोदी का संदेश: 'मन की बात' में शहीदों को किया नमन— राष्ट्र के लिए वीरों का बलिदान अजर-अमर है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें गर्व से भर देता है। यह दिन हमें हमारे बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपने वीरों को सिर्फ याद ही नहीं करता, बल्कि नई पीढ़ी तक उनकी गाथा भी पहुंचाता है।

देशबन्धु 26 Jul 2026 12:28 pm

कारगिल विजय दिवस पर राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को सख्त संदेश, बोले- अब केवल पीओके पर होगी बात

कारगिल विजय दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रास में शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब केवल PoK पर ही बात होगी और आतंकवाद को करारा जवाब दिया जाएगा।

देशबन्धु 26 Jul 2026 11:26 am

कारगिल के वीर सैनिकों का शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि उनका शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपने संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस […] The post कारगिल के वीर सैनिकों का शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा : मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 11:23 am

CJP आंदोलन के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने की थी इस्तीफे की पेशकश, BJP के बड़े नेता का दावा

मध्यप्रदेश के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में शुरू हुए छात्र आंदोलन के पहले ही दिन अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी थी। इंदौर में शनिवार को ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 11:21 am

'राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने तो Gen-Z नेता को बनाएंगे शिक्षा मंत्री', रेवंत रेड्डी का बड़ा बयान

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो Gen-Z नेता को शिक्षा मंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष करने और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की भी मांग की।

देशबन्धु 26 Jul 2026 11:13 am

'यह लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं'; सीजेपी आंदोलन खत्म होने पर अन्ना हजारे बोले- हर विवाद का समाधान बातचीत

CJP आंदोलन समाप्त होने के बाद अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में हर विवाद का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण आंदोलन से निकलता है। उन्होंने सरकार और जनता के बीच संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

देशबन्धु 26 Jul 2026 11:02 am

धौलपुर में कार पेड़ से टकराई, दो लोगों की मौत

धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर जिले के कौलारी थाना क्षेत्र में शनिवार को एक कार के पेड़ से टकराने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि कल शाम को हेत सिंह अपने साथियों के साथ कार से जा रहा था कि कोलुआ गांव […] The post धौलपुर में कार पेड़ से टकराई, दो लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 10:36 am

ग्रेटर नोएडा : एसटीपी टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से 2 लोगों की मौत

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के सेक्टर-150 स्थित एल्डिको सोसाइटी में शनिवार देर रात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को बताया कि घटना की सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क […] The post ग्रेटर नोएडा : एसटीपी टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से 2 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 10:32 am

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को टाला

न्यूयॉर्क। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में वायु रक्षा मिसाइलों और इंटरसेप्टर की कमी के कारण ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान को फिलहाल टाल दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी गई है। इससे पहले, एक्सिओस ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी […] The post डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को टाला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 10:28 am

CM योगी का सख्त एक्शन, उखड़ी सड़कें नहीं सुधरीं तो होगी FIR, जल जीवन मिशन पर जल निगम को लगाई कड़ी फटकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने आगरा दौरे के दौरान कमिश्नरी सभागार में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून-व्यवस्था की मैराथन समीक्षा करते हुए सीएम ने ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 9:24 am

Weather Update : भारत में Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, गुजरात-असम में बाढ़ का कहर, 17 राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दो सक्रिय निम्न दबाव (लो-प्रेशर) सिस्टम और एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 8:53 am

Pralhad joshi : कितने पढ़े-लिखे हैं देश के नए शिक्षा मंत्री प्रहलाद और मोदी सरकार ने उन्हें ही क्यों सौंपी शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी, क्या हैं चुनौतियां

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी को अब शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2026 के NEET विवाद और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 8:24 am

Lucknow Elevated Road: 30 साल बाद सपना हुआ साकार, हैदर कैनाल पर बनेगा 11 KM लंबा एलिवेटेड रोड, 10 लाख लोगों को राहत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहरवासियों को रोजाना के ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए निजात दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। शासन ने हैदर कैनाल (हैदर नहर) के ऊपर 11 किलोमीटर लंबे फोरलेन एलिवेटेड रोड के निर्माण प्रस्ताव को अपनी अंतिम और प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।मेट्रो और ग्रीन कॉरिडोर के बाद अब यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जल्द ही धरातल पर उतरने जा रहा है। शासन से वित्तीय और प्रशासनिक हरी झंडी मिलते ही संबंधित कार्यदायी संस्था (PWD या यूपी सेतु निगम) बेहद जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।हजरतगंज से आगरा एक्सप्रेसवे सिर्फ 20 मिनट में!यह 11 किलोमीटर लंबा फोरलेन एलिवेटेड रोड मोहान रोड से शुरू होकर कालिदास चौक (मुख्यमंत्री आवास) तक हैदर कैनाल के ऊपर बनाया जाएगा।इस एलिवेटेड रोड के बनने से एलडीए की आगरा एक्सप्रेसवे स्थित अब तक की सबसे बड़ी आवासीय योजना 'वरुण विहार' सीधे मुख्य शहर से जुड़ जाएगी। वर्तमान में हजरतगंज से 'वरुण विहार' टाउनशिप जाने में लगभग 50 मिनट का समय लगता है, जो इस सड़क के बनने के बाद घटकर महज 20 मिनट रह जाएगा।10 लाख आबादी को ट्रैफिक से मिलेगी बड़ी राहतहैदर कैनाल एलिवेटेड रोड के शुरू होने से लखनऊ की करीब 10 लाख की आबादी को रोजमर्रा के लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी। गाड़ियां घनी आबादी वाले शहर के रास्तों में फंसने के बजाय सीधे हैदर कैनाल के ऊपर फर्राटा भर सकेंगी।इस प्रोजेक्ट के बनने से:कालिदास मार्गविक्रमादित्य मार्गराजभवन और उसके आसपास का क्षेत्रचारबागदिलकुशा मार्गजैसे व्यस्त और अति-सुरक्षित क्षेत्रों के रास्तों पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।अतिक्रमण हटाकर बनेगा नया कमर्शियल हबनिर्माण कार्य को बिना रुकावट शुरू करने के लिए अगले महीने से कैनाल के आसपास के क्षेत्र में किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने का अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, कैनाल के किनारे खाली कराई जाने वाली जमीन का सदुपयोग करते हुए चारबाग के पास एक नया और आधुनिक कमर्शियल हब विकसित करने की भी योजना तैयार की गई है।1998 में हुआ था पहला सर्वे, 30 साल बाद पूरा हो रहा सपनाहैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव करीब 30 साल पुराना है। इस परियोजना का पहला सर्वे साल 1998 में RITES एजेंसी ने किया था और अपनी फिजिबिलिटी रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। वर्ष 1999 में दोबारा संशोधित रिपोर्ट तैयार की गई, लेकिन लगभग 600 करोड़ रुपये की भारी लागत और अन्य वजहों से प्रोजेक्ट अटक गया था। उस वक्त इसे पीपीपी (PPP) मॉडल पर बनाने का विचार था, जो अब शासन की मंजूरी के साथ धरातल पर उतर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 8:05 am

NEET विवाद के बीच प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, पदभार संभालते ही कही बड़ी बात

छात्रों के विरोध प्रदर्शन और नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 8:04 am

Jalaun Development News: दस्यु प्रभावित क्षेत्र से ग्लोबल ब्रांड तक, जानिए सीएम योगी ने जालौन को दीं कौन-कौन सी सौगातें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को जालौन दौरे पर पहुंचे। उन्होंने जिला खेल मैदान (डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ग्राउंड) में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जनपद को 1275 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री, प्रमाण पत्र और आवास की चाबियां सौंपी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये की धनराशि लाभार्थियों के खातों में सीधे हस्तांतरित की गई।अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने जालौन की अधिष्ठात्री जालौन वाली माता, एट बैरागढ़ की शारदा माता, महर्षि वेदव्यास और जलवान ऋषि को नमन किया। उन्होंने कहा कि जालौन और कालपी अपने गौरवशाली इतिहास, वीरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में विख्यात हैं। कालपी का हस्तनिर्मित कागज और यहां की मटर जनपद की विशिष्ट पहचान हैं। 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना और GI टैग के माध्यम से कालपी के कागज उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।दस्यु प्रभावित क्षेत्र से 'बीडा' और इंडस्ट्रियल हब तक का सफरमुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड को दस्यु प्रभावित और सूखे की मार झेलने वाला क्षेत्र माना जाता था, जहां से लोग पलायन करने को मजबूर थे। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों की गलत नीतियों के कारण यह क्षेत्र पिछड़ा, वे आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। आज बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और 56 हजार एकड़ में बन रहा 'बीडा' (Bundelkhand Industrial Development Authority) इस पूरे इलाके को देश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में शामिल कर रहा है।सौर ऊर्जा परियोजनाओं और जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक बिजली और पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने जालौन की रंगौली ग्राम पंचायत की सराहना करते हुए बताया कि यह जिले की पहली ग्राम पंचायत बनी है जो पूरी तरह गरीबी रेखा से ऊपर उठी है।कानून-व्यवस्था, माफिया राज और पेपर लीक पर कड़ा संदेशकानून-व्यवस्था पर बोलते हुए सीएम योगी ने साफ कहा कि सरकार ने प्रदेश से माफिया राज को जड़ से उखाड़ फेंका है। भू-माफिया, बालू माफिया और केटल माफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की गई है। उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों और अपराधियों के लिए केवल दो ही जगहें हैं—जेल या जहन्नुम।युवाओं के भविष्य का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी के कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि दोषियों को आजीवन कारावास की सजा और संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई झेलनी पड़ रही है।विपक्ष पर तीखा प्रहार: 'विकास का पैसा सैफई के आयोजनों पर उड़ता था'समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के शासनकाल में बुंदेलखंड के विकास का पैसा लूटा जाता था। पहले विकास का धन सैफई में फिल्मी आयोजनों और मुजरों पर खर्च होता था, जबकि आज डबल इंजन सरकार में वही पैसा सीधे जनता के कल्याण, पेंशन और आधारभूत संरचना के निर्माण पर लगाया जा रहा है।अंत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से पूरी हो रही सिंचाई, जल परियोजनाओं और डेटा सेंटर क्लस्टर से युवाओं के लिए नौकरियों और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बुंदेलखंड एक मुख्य ग्रोथ इंजन की भूमिका निभाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 8:03 am

UP Weather Today: यूपी में 27 जुलाई से मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए लखनऊ, कानपुर और नोएडा का मौसम

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मानसूनी गतिविधियों में आई सुस्ती के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 27 जुलाई से प्रदेश में मानसून की सक्रियता दोबारा बढ़ेगी, जिससे कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर तराई क्षेत्रों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।26 जुलाई को दिन के समय प्रदेश में अधिकतम तापमान 34C से 36C के आसपास बना रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 28C से 29C के बीच रहने का अनुमान है।27 से 30 जुलाई के बीच बारिश में आएगी तेजीअतुल कुमार सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र) के मुताबिक, मानसून ट्रफ के उत्तर दिशा की ओर खिसकने और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने से बारिश की गतिविधियों में इजाफा होगा। इसके असर से 27 से 30 जुलाई के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में व्यापक वर्षा के आसार बन रहे हैं।वहीं, 26 जुलाई को प्रदेश में भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। हालांकि, 27 जुलाई से मौसम बदलेगा और रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को तीखी गर्मी व उमस से राहत मिलेगी, साथ ही यह बारिश खेती-किसानी के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।प्रमुख शहरों में आज के मौसम का हाललखनऊ: राजधानी लखनऊ में आज दिनभर उमस का प्रभाव बना रहेगा। दोपहर बाद आंशिक रूप से बादल छाएंगे और शाम/रात तक गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना 50% तक हो सकती है।कानपुर: शहर में सुबह से ही हल्के बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 36C तक जा सकता है, लेकिन अधिक उमस के कारण हीट इंडेक्स ज्यादा महसूस होगा। रात के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की उम्मीद है।नोएडा व दिल्ली-एनसीआर: धूप और बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। दोपहर के आसपास तेज हवाओं के साथ कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश (Scattered Rain) दर्ज की जा सकती है।वाराणसी: पूर्वांचल में आज भी तीखी धूप और उमस परेशान कर सकती है। अधिकतम तापमान 37C तक पहुंचने का अनुमान है। दोपहर के समय गरज-चमक के साथ स्थानीय स्तर पर बौछारें पड़ सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 8:02 am

Petrol Diesel Price Today 26 July 2026: 26 जुलाई 2026 को उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर समेत सभी जिलों में पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जानें

प्रतिदिन सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपये की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर ईंधन के नए रेट तय करती हैं। यह दैनिक मूल्य संशोधन प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि हर जिले में सही दरों की जानकारी उपलब्ध रहे।आज 26 जुलाई 2026 को भी सुबह 6 बजे उत्तराखंड राज्य के सभी जिलों के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट अपडेट कर दिए गए हैं। यदि आप राजधानी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल या कुमाऊं-गढ़वाल के अन्य शहरों में ईंधन का नया भाव जानना चाहते हैं, तो यहाँ सभी जिलों की रेट लिस्ट दी गई है।उत्तराखंड के प्रमुख जिलों में आज पेट्रोल-डीजल के दामदेहरादून: पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटरउत्तरकाशी: पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटरचमोली: पेट्रोल ₹101.64 प्रति लीटर और डीजल ₹96.94 प्रति लीटररुद्रप्रयाग: पेट्रोल ₹101.64 प्रति लीटर और डीजल ₹96.94 प्रति लीटरहरिद्वार: पेट्रोल ₹101.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.04 प्रति लीटरपिथौरागढ़: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹96.01 प्रति लीटरबागेश्वर: पेट्रोल ₹101.64 प्रति लीटर और डीजल ₹96.94 प्रति लीटरअल्मोड़ा: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹96.01 प्रति लीटरनैनीताल: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹96.01 प्रति लीटरऊधम सिंह नगर: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹95.58 प्रति लीटरक्यों देखने को मिला ईंधन की कीमतों में बदलाव?हाल के दौर में कच्चे तेल (Crude Oil) की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगातार हुए तेज उछाल और तेल विपणन कंपनियों की अंडर-रिकवरी के चलते ईंधन की लागत पर दबाव देखने को मिला है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के ऊंचे दामों के कारण कंपनियों को अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा है।सरकारी नियमावली के तहत देश में हर सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की संशोधित दरें घोषित कर दी जाती हैं, जिससे राज्य के हर नागरिक को पारदर्शी रूप से अपने शहर में ईंधन की सही कीमत की जानकारी मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 8:00 am

Sitapur News: पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, बुलडोजर कार्रवाई के नोटिस पर कोर्ट ने कही यह बात

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। महोली विधानसभा सीट से पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक अनूप गुप्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। करीब 15 दिन पहले नगर पालिका और जिला प्रशासन ने एक नोटिस जारी कर अनूप गुप्ता के मकान को प्लाईवुड फैक्ट्री की जमीन पर बना बताकर अवैध घोषित कर दिया था। इस नोटिस के खिलाफ पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रशासनिक नोटिस की प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र पर अहम टिप्पणी की है।अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने पर हाईकोर्ट सख्तहाईकोर्ट के फैसले की जानकारी देते हुए पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता ने बताया कि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि जिसका जो अधिकार क्षेत्र है, उसे उसी के भीतर काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी को राजस्व संहिता की धारा 54 और धारा 58 के तहत ऐसा नोटिस भेजने का कानूनी अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रशासन से एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।'नगर पालिका पूरी तरह कैप्चर है, बोर्ड इस्तीफा दे'हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद अनूप गुप्ता ने नगर पालिका प्रशासन और स्थानीय बोर्ड पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सीतापुर नगर पालिका में कोई लोकतांत्रिक व्यवस्था काम नहीं कर रही है।पूर्व विधायक ने कहा, नगर पालिका में न तो अध्यक्ष की चल रही है और न ही सभासदों की। पूरी नगर पालिका को अधिकारियों ने कैप्चर कर रखा है। जब बोर्ड के पास कोई शक्ति ही नहीं बची है और सब कुछ अधिकारी ही चला रहे हैं, तो नगर पालिका अध्यक्ष और पूरे बोर्ड को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।कौन हैं पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता?अनूप गुप्ता सीतापुर की राजनीति में एक परिचित चेहरा हैं। वे दिग्गज सपा नेता और पूर्व विधायक स्वर्गीय ओम प्रकाश गुप्ता के पुत्र हैं।2007: उन्होंने पहली बार मिश्रिख विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे।2012: परिसीमन के बाद बनी नई महोली विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर दोबारा जीत दर्ज की।2017: महोली विधानसभा सीट से उन्हें बीजेपी प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:56 am

ऊधम सिंह नगर: शादी से मुकरा प्रेमी तो युवती ने सरेआम चप्पलों से धुना, घसीटते हुए ले गई थाने

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने शादी का झांसा देकर मुकरने वाले अपने प्रेमी की बीच सड़क सरेआम चप्पलों से जमकर पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, आक्रोशित युवती युवक को चप्पलों से पीटते हुए सीधे बाजपुर कोतवाली लेकर पहुंच गई।थाने के भीतर और बाहर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक जमकर हंगामा हुआ। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।शादी का झांसा देकर मुकरने का आरोपप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, युवती का आरोप है कि आरोपी युवक लंबे समय से शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए हुए था। लेकिन जब युवती ने शादी का दबाव बनाया, तो युवक अपने वादे से मुकर गया और दूरी बनाने लगा।इसी बात से नाराज होकर युवती ने युवक को रास्ते में ही रोक लिया और अपना आपा खो बैठी। युवती ने बीच सड़क पर ही युवक पर चप्पलों की बरसात कर दी और उसे पीटते हुए सीधे कोतवाली ले आई।पुलिस कर रही दोनों पक्षों से पूछताछयुवक को थाने लाने के बाद कोतवाली परिसर में भी काफी देर तक ड्रामा चलता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के परिजनों को थाने बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है। खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक एफआईआर या कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस मामले को सुलझाने और जांच में जुटी है।झांसी में भी सड़क पर चला महिलाओं का 'चप्पल कांड'ऐसा ही एक अन्य मामला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से भी सामने आया है। झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित आवास विकास चौराहे पर बीच सड़क कुछ महिलाओं ने एक युवक को पकड़कर चप्पलों से पीट दिया।जब युवक के परिवार की एक युवती बीच-बचाव करने पहुंची, तो उग्र महिलाओं ने उस पर भी थप्पड़ और चप्पलें बरसा दीं। इसके बाद दोनों पक्षों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं और काफी देर तक सड़क पर मारपीट होती रही। राहगीरों की भारी भीड़ तमाशा देखती रही और किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:54 am

Uttarakhand Weather Today: देहरादून-नैनीताल में भारी बारिश का अलर्ट! 28 और 29 जुलाई को मंडराएगा बड़ा खतरा

उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, 26 जुलाई 2026 को राज्य के कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून और नैनीताल जैसे संवेदनशील इलाकों में आज कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 26 जुलाई से शुरू हो रहा बारिश का यह दौर 28 और 29 जुलाई को और अधिक विकराल रूप ले सकता है, जब पर्वतीय जिलों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस सकती है।आज किन जिलों में जारी किया गया अलर्ट?मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, 26 जुलाई को देहरादून, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।इस दौरान पर्वतीय और मैदानी इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की पूरी आशंका है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।28 और 29 जुलाई को बढ़ेगा खतरामौसम विभाग के अनुसार, 27 जुलाई से राज्य में बारिश की तीव्रता में और इजाफा होगा। 28 और 29 जुलाई को बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे उच्च पर्वतीय और संवेदनशील इलाकों में 'भारी से बहुत भारी' बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने का अनुमान जताया गया है।इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और नदियों के किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।देहरादून और मैदानी इलाकों का हालराजधानी देहरादून में आज दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में भारी बौछारें गिर सकती हैं। देहरादून में आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।इसके अलावा, मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ मानसूनी बौछारें पड़ सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) और संवेदनशील सड़कों के अवरुद्ध होने का खतरा बना हुआ है, इसलिए यात्रियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:51 am

IMD Weather Update 26 July 2026: दिल्ली में सुहावना मौसम, पहाड़ों में भूस्खलन और मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

देशभर में मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। मैदानी इलाकों से लेकर ऊंचे पहाड़ी राज्यों तक बादलों की जोरदार आवाजाही जारी है। लगातार बारिश के कारण एक तरफ जहां मैदानी इलाकों में नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं, वहीं पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) के चलते कई मुख्य रास्ते ठप पड़ गए हैं।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को देश के अधिकांश राज्यों में हल्की से मध्यम और कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बौछारें, उमस से थोड़ी राहतराजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में आज दिनभर बादलों का डेरा बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, दिन में एक से दो बार हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि, बारिश के बीच उमस का स्तर अधिक रहने के कारण हल्की चिपचिपाहट महसूस हो सकती है।पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड की चेतावनी, सतर्कता बरतने की सलाहउत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों—हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मानसूनी बारिश अपने चरम पर है। IMD ने इन राज्यों के कई संवेदनशील इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है और नदियां-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों व निवासियों को पहाड़ों की अनावश्यक यात्रा टालने की सख्त हिदायत दी है।मुंबई, गुजरात और मध्य भारत में भारी बारिश का दौर जारीमध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान नजर आ रहा है।महाराष्ट्र और गुजरात: कोंकण, गोवा और तटीय गुजरात में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।मध्य व पूर्वी राज्य: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और झारखंड में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश के अच्छे आसार हैं।दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत का मौसम कैसा रहेगा?दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक और केरल में मध्यम से व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है, जबकि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बौछारें गिर सकती हैं।वहीं, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने और कुछ संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का जोखिम बना रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:49 am

Aaj Ka Panchang 26 July 2026: आज रवि प्रदोष व्रत और सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग, जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार आज 26 जुलाई 2026, रविवार का दिन बेहद खास है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 01 बजकर 58 मिनट तक रहेगी, जिसके तुरंत बाद त्रयोदशी तिथि का शुभारंभ होगा। रविवार के दिन त्रयोदशी तिथि पड़ने के कारण आज रवि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। इसके साथ ही आज से जया पार्वती व्रत की भी शुरुआत हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रवि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।आज के दिन सर्वार्थसिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है, जो धार्मिक व मांगलिक कार्यों की दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं आज के तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रहों की स्थिति का पूरा विवरण।तिथि, संवत और नक्षत्र विवरणतिथि: आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वादशी (दोपहर 01:58 PM तक), इसके बाद त्रयोदशी तिथिविक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)शक संवत: 1948 (पराभव)मास (पूर्णिमांत/अमांत): आषाढ़दिन/वार: रविवारमुख्य पर्व व व्रत: रवि प्रदोष व्रत, जया पार्वती व्रत प्रारम्भनक्षत्र: ज्येष्ठा नक्षत्र (सुबह 07:34 AM तक), तत्पश्चात मूल नक्षत्र आरंभयोग: इन्द्र योग (रात 10:04 PM तक), इसके बाद वैधृति योगकरण: बालव (दोपहर 01:58 PM तक), फिर कौलव (27 जुलाई सुबह 03:08 AM तक)सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समयसूर्योदय: सुबह 05:58 AMसूर्यास्त: शाम 07:07 PMचन्द्रोदय: दोपहर 04:57 PMचन्द्रास्त: 27 जुलाई, सुबह 03:34 AMसूर्य राशि: कर्कचंद्र राशि: चंद्रमा सुबह 07:34 AM तक वृश्चिक राशि में रहेंगे, उसके बाद धनु राशि में प्रवेश करेंगे।आज के अत्यंत शुभ मुहूर्तकिसी भी शुभ या नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बहुत लाभकारी माना जाता है।अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:07 PM से 12:59 PM तक (सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त)सर्वार्थसिद्धि योग: सुबह 07:34 AM से अगले दिन (27 जुलाई) सुबह 05:59 AM तकब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:22 AM से 05:10 AM तकअमृत काल: तड़के 03:22 AM से 05:10 AM तकआज का अशुभ समय (राहुकाल एवं वर्ज्य)अशुभ समय में मांगलिक कार्य या नया निवेश करने से बचने की सलाह दी जाती है।राहुकाल: शाम 05:29 PM से 07:07 PM तकयम गण्ड: दोपहर 12:33 PM से 02:12 PM तककुलिक काल: दोपहर 03:50 PM से शाम 05:29 PM तकदुर्मुहूर्त: शाम 05:22 PM से 06:15 PM तकवर्ज्यम्: शाम 04:32 PM से 06:20 PM तक

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:23 am

Aaj Ka Rashifal 26 July 2026: गुरु-आदित्य राजयोग से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, जानें मेष से मीन का दैनिक भविष्यफल

वैदिक पंचांग के अनुसार, आज 26 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की तिथि दोपहर 01 बजकर 57 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। आज वासुदेव द्वादशी, गौरी व्रत प्रारम्भ, देवशयनी एकादशी, भद्रा, विंछुड़ो और गण्ड मूल का प्रभाव रहेगा। ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 07:34 तक रहेगा और फिर मूल नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा सुबह 07:34 तक वृश्चिक राशि में रहने के बाद धनु राशि में संचरण करेंगे। आज बन रहा गुरु-आदित्य राजयोग कई राशियों के जीवन में धन, सम्मान और सफलता के नए द्वार खोलेगा।आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए आज का दिन करियर, कारोबार, सेहत और पारिवारिक जीवन के लिहाज से कैसा रहने वाला है।मेष राशिफल (Aries Horoscope Today)आज गुरु-आदित्य राजयोग आपके लिए पारिवारिक सुख और संपत्ति से जुड़े मामलों में शुभ संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना होगी। व्यापार में निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और पुराने निवेश का फायदा मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन भागदौड़ से थकान संभव है।वृषभ राशिफल (Taurus Horoscope Today)गुरु-आदित्य राजयोग आपके आत्मविश्वास और संवाद क्षमता को बढ़ाएगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। किसी महत्वपूर्ण बैठक में सफलता मिल सकती है। व्यापार में नए ग्राहकों से लाभ होगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और आर्थिक पक्ष पहले से बेहतर रहेगा। छोटी यात्राएं लाभदायक साबित हो सकती हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी।मिथुन राशिफल (Gemini Horoscope Today)आज का दिन आर्थिक मामलों में विशेष लाभ देने वाला रहेगा। गुरु-आदित्य राजयोग आय के नए स्रोत खोल सकता है। नौकरी में वेतन वृद्धि या प्रोत्साहन मिलने के संकेत हैं। व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। निवेश से लाभ होगा और खर्चों पर नियंत्रण बना रहेगा। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य संतुलित रहेगा और जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होगी।कर्क राशिफल (Cancer Horoscope Today)आपकी राशि में बन रहा गुरु-आदित्य राजयोग आज सबसे अधिक प्रभावशाली रहेगा। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और समाज में मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे। आर्थिक लाभ के साथ नई योजनाएं सफल होंगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।सिंह राशिफल (Leo Horoscope Today)आज आपको हर निर्णय सोच-समझकर लेने की आवश्यकता होगी। कार्यक्षेत्र में मेहनत का परिणाम धीरे-धीरे सामने आएगा। विदेश या दूर स्थान से जुड़े कार्यों में लाभ के संकेत हैं। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आय का प्रवाह बना रहेगा। व्यापार में नई रणनीति भविष्य में बड़ा लाभ दे सकती है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें।कन्या राशिफल (Virgo Horoscope Today)गुरु-आदित्य राजयोग आपकी आय और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि का संकेत दे रहा है। नौकरी में नई उपलब्धि मिल सकती है और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रसन्न रहेंगे। व्यापार में बड़ा ऑर्डर मिलने के योग हैं। मित्रों के सहयोग से आर्थिक लाभ होगा और निवेश के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा दांपत्य जीवन में खुशियां बनी रहेंगी।तुला राशिफल (Libra Horoscope Today)आज करियर के क्षेत्र में शानदार अवसर मिल सकते हैं। गुरु-आदित्य राजयोग आपके कार्यों को नई दिशा देगा। पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बन रहे हैं। व्यापार में लाभ होगा और नई साझेदारी फायदेमंद साबित हो सकती है। आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा और जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे।वृश्चिक राशिफल (Scorpio Horoscope Today)भाग्य का साथ मिलने से लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी में सफलता और सम्मान मिलने की संभावना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापार में विस्तार होगा और धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं। आर्थिक लाभ मिलने से मन प्रसन्न रहेगा तथा वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा।धनु राशिफल (Sagittarius Horoscope Today)आज आर्थिक मामलों में थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में आपके अनुभव का लाभ मिलेगा और वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी पुराने विवाद का समाधान हो सकता है। व्यापार में सोच-समझकर निवेश करें, हालांकि अचानक धन लाभ के संकेत भी हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। जीवनसाथी का सहयोग मानसिक शांति देगा।मकर राशिफल (Capricorn Horoscope Today)गुरु-आदित्य राजयोग आपके वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारी के मामलों में शुभ परिणाम देगा। नौकरी में सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल रहेगा और नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। व्यापारिक साझेदारी से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा।कुंभ राशिफल (Aquarius Horoscope Today)आज कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के बावजूद आपको सफलता हासिल होगी। गुरु-आदित्य राजयोग आपको चुनौतियों से बाहर निकलने की शक्ति देगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ होगा और पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी और दैनिक कार्य समय पर पूरे होंगे। सेहत का ध्यान रखें।मीन राशिफल (Pisces Horoscope Today)आज का दिन रचनात्मक कार्यों और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए बेहद शुभ रहेगा। गुरु-आदित्य राजयोग आपकी प्रतिभा को नई पहचान दिला सकता है। नौकरी में नए अवसर मिलेंगे। व्यापार में लाभ और निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम और दांपत्य जीवन में खुशियां बनी रहेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:22 am

Daily Tarot Horoscope 26 July 2026: आज इन राशियों को मिलेगी बड़ी सफलता और आर्थिक मजबूती, जानें अपना टैरो कार्ड

आज 26 जुलाई 2026 की ऊर्जा आत्मविश्वास, भावनात्मक उपचार, नई शुरुआत, आर्थिक स्थिरता और सकारात्मक बदलाव का संदेश लेकर आई है। आज कई राशियों के लिए करियर, धन और रिश्तों में सकारात्मक प्रगति के संकेत हैं, वहीं कुछ लोगों को अपने भीतर झांककर सही दिशा चुनने की प्रेरणा मिलेगी। यह दिन सिखाता है कि हर चुनौती अपने साथ एक सीख लाती है। यदि आप धैर्य और अंतर्ज्ञान पर भरोसा रखेंगे, तो कई ऐसे अवसर सामने आएंगे जो जीवन की दिशा बदल सकते हैं। टैरो मेंटर एवं चक्र हीलर दीपाली रावतानी से जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक टैरो राशिफल।ब्रह्मांड का आज का संदेश: अपने प्रयासों पर भरोसा रखें। हर छोटी सफलता भविष्य की बड़ी उपलब्धियों की नींव बन रही है।मेष राशि — द एम्परर (The Emperor)आज का दिन नेतृत्व, अनुशासन और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभालने का है। कार्यक्षेत्र में आपके अनुभव और निर्णय क्षमता की परीक्षा हो सकती है। किसी नए प्रोजेक्ट को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए आज का दिन सही है। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिया गया फैसला लाभ देगा। परिवार में संतुलित व्यवहार रखें।आज का संदेश: मजबूत निर्णय और सही दिशा में किया गया प्रयास आपको नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।वृषभ राशि — ऐस ऑफ कप्स (Ace of Cups)जीवन में प्रेम, भावनात्मक संतुलन और नई खुशियों का प्रवेश होगा। मन का भारीपन खत्म होगा और परिस्थितियां आपके पक्ष में बनेंगी। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। कार्यस्थल पर सहकर्मियों का साथ मिलेगा। अविवाहितों के जीवन में नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।आज का संदेश: जब दिल खुला होता है, तभी जीवन नई खुशियों से भर जाता है।मिथुन राशि — द मैजिशियन (The Magician)आपकी प्रतिभा, संवाद क्षमता और रचनात्मक सोच आपको नई पहचान दिलाएगी। जिस अवसर का इंतजार था, वह सामने आ सकता है। इंटरव्यू, प्रेजेंटेशन या नई शुरुआत की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता मिलेगी। आर्थिक समझदारी लाभ दिलाएगी और बातचीत से रिश्तों की गलतफहमियां दूर होंगी।आज का संदेश: सफलता की हर कुंजी आपके हाथ में है, बस खुद पर भरोसा रखें।कर्क राशि — क्वीन ऑफ कप्स (Queen of Cups)भावनात्मक समझ और अंतर्ज्ञान शक्ति मजबूत रहेगी। किसी निर्णय में दुविधा हो तो अपने भीतर की आवाज सुनें। परिवार के साथ समय बिताने से पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपका शांत स्वभाव पहचान दिलाएगा। ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों से मन को सुकून मिलेगा।आज का संदेश: शांत मन और संवेदनशील हृदय हर कठिन परिस्थिति का समाधान खोज लेते हैं।सिंह राशि — सिक्स ऑफ वांड्स (Six of Wands)आज का दिन सफलता, सम्मान और उपलब्धियों का संकेत दे रहा है। आपकी मेहनत का परिणाम सामने आने लगेगा। कार्यस्थल पर तारीफ होगी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रतियोगिता या इंटरव्यू में सफलता के अच्छे योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।आज का संदेश: मेहनत का सम्मान भले देर से मिले, लेकिन वह हमेशा यादगार होता है।कन्या राशि — एट ऑफ पेंटाकल्स (Eight of Pentacles)आपकी मेहनत और अनुशासन भविष्य की सफलता की मजबूत नींव तैयार करेंगे। काम की गुणवत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। नया कौशल सीखने का अवसर मिले तो जरूर अपनाएं। आर्थिक मामलों में अनुशासन रखें और फिजूलखर्ची से बचें।आज का संदेश: हर छोटा प्रयास आपको बड़ी सफलता के और करीब ले जा रहा है।तुला राशि — जस्टिस (Justice)सत्य, संतुलन और निष्पक्षता आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेंगे। महत्वपूर्ण निर्णयों में भावनाओं की जगह तथ्यों को प्राथमिकता दें। कानूनी या कागजी मामलों में सकारात्मक प्रगति हो सकती है। पुराने निवेश की समीक्षा करना लाभदायक रहेगा।आज का संदेश: सही निर्णय हमेशा सही समय पर सही परिणाम देता है।वृश्चिक राशि — डेथ (Death)जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत हो सकती है। जो चीजें आपके विकास में बाधा हैं, उन्हें पीछे छोड़ने का समय आ गया है। यह परिवर्तन भविष्य में नए अवसर लाएगा। कार्यक्षेत्र में नई दिशा मिल सकती है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ें।आज का संदेश: हर अंत अपने साथ एक नई और बेहतर शुरुआत लेकर आता है।धनु राशि — नाइट ऑफ वांड्स (Knight of Wands)रोमांच, यात्रा और नए अवसर जीवन में उत्साह भरेंगे। करियर से जुड़ा नया अवसर या यात्रा अचानक सामने आ सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी ऊर्जा आपको दूसरों से आगे रखेगी। हालांकि, आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें।आज का संदेश: साहस के साथ उठाया गया हर कदम आपको मंजिल के करीब ले जाता है।मकर राशि — किंग ऑफ पेंटाकल्स (King of Pentacles)आर्थिक मजबूती, स्थिरता और सफलता आपके पक्ष में रहेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और अनुभव नई उपलब्धियां दिलाएंगे। निवेश, बचत या संपत्ति से जुड़े फैसले लाभदायक साबित होंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।आज का संदेश: धैर्य और अनुशासन से बनाई गई सफलता सबसे स्थायी होती है।कुंभ राशि — द स्टार (The Star)आशा, उपचार और नई प्रेरणा जीवन में सकारात्मकता लाएगी। निराशा का दौर समाप्त होगा और परिस्थितियां बेहतर होंगी। कार्यक्षेत्र में आपकी रचनात्मक सोच लोगों को प्रभावित करेगी। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा।आज का संदेश: उम्मीद की छोटी-सी किरण भी जीवन का अंधेरा दूर कर सकती है।मीन राशि — टेन ऑफ कप्स (Ten of Cups)परिवार, प्रेम और भावनात्मक संतुष्टि आपके जीवन का केंद्र रहेंगे। अपनों के साथ बिताया समय मानसिक शांति देगा और पुराने रिश्तों में मिठास लौटेगी। कार्यक्षेत्र में टीमवर्क से सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधों में विश्वास और अपनापन मजबूत होगा।आज का संदेश: जीवन की सबसे बड़ी समृद्धि धन नहीं, बल्कि अपनों का प्यार और साथ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:20 am

Kargil Vijay Diwas 2026: 26 जुलाई को कारगिल के वीरों को इन देशभक्ति संदेशों और कोट्स के साथ करें याद

कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को भारतभर में बड़े ही गर्व और सम्मान के साथ मनाया जाता है। यह खास दिन 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत और देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों की याद दिलाता है। दो महीने से भी अधिक समय तक चले इस भीषण संघर्ष में भारतीय सैनिकों ने बेहद मुश्किल पहाड़ी इलाकों और माइनस तापमान के बीच अदम्य साहस दिखाया और दुश्मन के कब्जे वाली चोटियों को वापस हासिल किया।26 जुलाई 2026 को कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह दिन हमें देश के सपूतों के शौर्य, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की याद दिलाता है। इस गौरवशाली अवसर पर आप भी कारगिल युद्ध के वीरों और शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे सकते हैं। अपने दोस्तों, करीबियों और परिवार के सदस्यों को देशभक्ति से भरे ये खास संदेश और कोट्स भेजकर कारगिल विजय दिवस की शुभकामनाएं दें।शहीदों की शहादत को नमन करते खास संदेशजिन वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, उन्हें शत-शत नमन। उनके साहस और बलिदान को यह देश हमेशा याद रखेगा। कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! जय हिंद!कारगिल की ऊंची चोटियों पर लहराता तिरंगा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस और बलिदान की गाथा कहता है। देश के सभी वीर शहीदों को कोटि-कोटि नमन।मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारगिल के वीर सपूतों को दिल से सलाम। आपका यह त्याग आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।जिनके साहस से देश सुरक्षित है और जिनके बलिदान से तिरंगा शान से फहराता है, उन भारत माता के वीर सपूतों को कोटि-कोटि नमन। कारगिल विजय दिवस 2026 की शुभकामनाएं!वतन की हिफाजत में जिन्होंने अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी, उन वीर जवानों को दिल से सलाम। उनकी वीरता और बलिदान हमेशा देशवासियों के दिलों में जिंदा रहेगा।देशभक्ति से भरपूर प्रेरणादायक कोट्सहौसला ऐसा कि दुश्मन के सामने पहाड़ बन गए, जज्बा ऐसा कि तिरंगे की शान के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी। कारगिल के वीरों को नमन।कारगिल की चोटियों पर लिखी गई वीरता की कहानी देश के हर नागरिक को गर्व से भर देती है। उन सभी वीरों को नमन, जिन्होंने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।साथी मुबारक हो तुम्हें ये जश्न जीत का, बस इतना याद रखना एक साथी और भी था… कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!वीर जवानों के साहस ने इतिहास के पन्नों पर भारत की विजय की अमिट कहानी लिखी है। कारगिल के सभी शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।कारगिल विजय दिवस सिर्फ जीत का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।शौर्य और शहादत को समर्पित कविता की पंक्तियांजब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली,जब हम बैठे थे घरों में, वो झेल रहे थे गोली,थे धन्य जवान वो, थी धन्य वो उनकी जवानी,जो शहीद हुए हैं उनकी, जरा याद करो क़ुर्बानी…रक्त वीर शहीदों का था, हर सपूत बलिदानी था,कारगिल पर्वत शिखर पर पवन चला तूफानी था,हिमप्रपात बन हिमगिरि से रक्त शत्रु का जमा दिया,विजय दिवस की शौर्य पताका देने वाला अभिमानी था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:19 am

क्या मानसून में आप भी बार-बार पड़ते हैं बीमार? जानिए डेंगू, फ्लू और वायरल बुखार से बचने का सही तरीका

बारिश का मौसम भले ही गर्मी से राहत देता है, लेकिन इसके साथ ही यह कई बीमारियों का न्योता भी लेकर आता है। इन दिनों उमस और तापमान में लगातार होने वाले बदलाव के कारण वायरस बड़ी तेजी से पनपते हैं। यही वजह है कि मानसून आते ही घरों में सर्दी, खांसी, फ्लू और वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। जिनकी इम्युनिटी थोड़ी कमजोर होती है, उनके लिए तो यह मौसम किसी 'इन्फेक्शन के सिलसिले' से कम नहीं होता।पुणे के सह्याद्रि हॉस्पिटल के जाने-माने संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. रमन गायकवाड़ बताते हैं कि इस मौसम में जलभराव, गंदगी और दूषित पानी बीमारियों की सबसे बड़ी जड़ हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर हम बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।मानसून में बीमारियां क्यों बढ़ती हैं?असल में बारिश के दौरान हवा में नमी बहुत ज्यादा होती है, जो वायरस को लंबे समय तक सक्रिय रखने में मदद करती है। जगह-जगह भरा हुआ पानी और गंदगी संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। इसी रुके हुए पानी में डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले एडीज मच्छर पैदा होते हैं। इसके अलावा दूषित खाना और पानी भी वायरस को सीधे हमारे शरीर तक पहुंचाते हैं। मौसम बदलते ही हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी कुछ समय के लिए कमजोर पड़ जाती है, जिससे हम आसानी से वायरल इन्फेक्शन की चपेट में आ जाते हैं।वायरल इन्फेक्शन के मुख्य लक्षणअगर आपको अचानक तेज बुखार आ जाए, गले में खराश हो या खांसी परेशान करे, तो यह वायरल हो सकता है। इसके अलावा नाक बहना या बंद होना, तेज सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना भी इसके आम लक्षण हैं। अगर आपको डेंगू या चिकनगुनिया है, तो शरीर पर लाल चकत्ते भी आ सकते हैं। कुछ लोगों को उल्टी, दस्त या जी मिचलाने जैसी दिक्कतें भी झेलनी पड़ती हैं।वायरल संक्रमण का सही इलाज क्या है?एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर वायरल संक्रमण कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसका मुख्य इलाज आपके लक्षणों को कंट्रोल करना है। सबसे जरूरी है कि आप शरीर को पूरा आराम दें और खूब सारा पानी पिएं। अपनी डाइट में लिक्विड चीजें और हेल्दी खाना शामिल करें, इससे रिकवरी काफी तेज होती है। बुखार या दर्द के लिए कोई भी दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लें। सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वो है खुद से एंटीबायोटिक्स खाना। याद रखें, एंटीबायोटिक दवाएं वायरल संक्रमण पर बिल्कुल असर नहीं करतीं, इसलिए इन्हें बिना डॉक्टरी पर्चे के न लें। फ्लू जैसी कुछ गंभीर स्थितियों में डॉक्टर आपको एंटीवायरल दवाएं दे सकते हैं।बारिश में इन्फेक्शन से कैसे करें बचाव?संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई का खास ख्याल रखें और हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं।पीने के लिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करें।घर का बना ताजा और साफ खाना खाएं। बीमार व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें।मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और अच्छी क्वालिटी के मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।अपने घर के आस-पास या छतों पर पानी बिल्कुल जमा न होने दें।पर्याप्त नींद लें और पौष्टिक संतुलित आहार खाएं ताकि आपकी इम्युनिटी मजबूत बनी रहे।डॉक्टर से तुरंत कब मिलें?अगर आपका बुखार दो-तीन दिन बाद भी नहीं उतर रहा है, सांस लेने में कोई तकलीफ हो रही है, लगातार उल्टियां हो रही हैं, या शरीर पर लाल चकत्ते दिखने लगें, तो बिल्कुल देरी न करें। इसके अलावा अगर प्लेटलेट्स कम होने का शक हो या डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के गंभीर लक्षण नजर आएं, तो तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:16 am

Mango for Heart Patients: क्या दिल के मरीजों के लिए नुकसानदायक है आम? एम्स के पूर्व डॉक्टर से जानें सच

गर्मियों के मौसम में आम (Mango) हर किसी का पसंदीदा फल होता है। डायबिटीज के मरीजों को अक्सर आम का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा आम खाना दिल के मरीजों (Heart Patients) के लिए भी जोखिम भरा साबित हो सकता है?एम्स (AIIMS) के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ. बिमल छाजेड़ (Dr. Bimal Chhajer) के अनुसार, आम में फ्रुक्टोज (प्राकृतिक शुगर) और कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में होते हैं। यदि इसका अत्यधिक सेवन किया जाए—खासकर आमरस, शेक या जूस के रूप में—तो यह ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) के स्तर को तेजी से बढ़ा सकता है, जो दिल की बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है।आम में मौजूद पोषक तत्व (Nutritional Value)अगर सीमित मात्रा में खाया जाए तो आम दिल और सेहत दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है:विटामिन C और A: इम्यूनिटी मजबूत करते हैं और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को स्वस्थ रखते हैं।पोटैशियम: ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और फ्लूइड बैलेंस बनाने में मदद करता है।डाइटरी फाइबर: पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में सहायक है।मैंगीफेरिन (Mangiferin - पॉलीफेनॉल्स): यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करता है।दिल और डायबिटीज के मरीजों के लिए क्यों जोखिम भरा है ज्यादा आम?ट्राइग्लिसराइड्स और वजन का बढ़ना: आम में सीधे तौर पर कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड नहीं होता, लेकिन इसका अधिक सेवन शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा करता है, जिससे वजन और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं।हाई ब्लड शुगर: 100 ग्राम आम के गूदे में लगभग 100 कैलोरी होती है। आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) लगभग 60 होता है, जो मध्यम श्रेणी में आता है। अनियंत्रित मात्रा में खाने से शुगर लेवल स्पाइक कर सकता है।मैंगो शेक, जूस और डेजर्ट से क्यों बचें?डॉक्टर के मुताबिक, साबुत फल खाने की तुलना में मैंगो जूस, शेक या आमरस बेहद नुकसानदायक होते हैं:फाइबर का खत्म होना: जूस या शेक बनाने से आम का प्राकृतिक फाइबर खत्म हो जाता है।शुगर का तेजी से अवशोषण: बिना फाइबर के फ्रुक्टोज रक्त में बहुत तेजी से घुलता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाता है।अतिरिक्त कैलोरी: शेक में दूध और ऊपर से मिलाई गई चीनी शरीर में फैट जमा करती है।आम खाने का सही तरीका और सही समयमात्रा (Portion Control): एक बार में केवल 100 से 150 ग्राम (लगभग आधा आम) खाना ही पर्याप्त है।सही समय: आम का सेवन दिन में स्नैक्स के रूप में करें। देर रात आम खाने से बचें, क्योंकि रात में मेटाबॉलिज्म धीमा होता है।प्रोटीन/फाइबर के साथ खाएं: आम को पूरे फल के रूप में चबाकर खाएं और चाहें तो इसके साथ कुछ मेवे (Badam/Walnuts) लें, ताकि शुगर स्पाइक न हो।सामान्य लोगों के लिए: जिन लोगों को डायबिटीज नहीं है और वजन कंट्रोल में है, वे दिन में 1 से 2 आम आसानी से खा सकते हैं।किन लोगों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी?अनियंत्रित डायबिटीज (Uncontrolled Diabetes) के मरीज।जिनका ट्राइग्लिसराइड लेवल बहुत हाई रहता हो।जो लोग सख्त वेट लॉस (Weight Loss) डाइट पर हों।(नोट: जिन लोगों का ब्लड शुगर, वजन और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित है, वे अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से सीमित मात्रा में ताजा आम का आनंद ले सकते हैं।)

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:14 am

Dengue in Diabetes Patients: डायबिटीज मरीजों के लिए कितना खतरनाक है डेंगू? शोधकर्ताओं ने दी स्पेशल केयर और वैक्सीन की सलाह

मानसून के मौसम के साथ ही देश भर में डेंगू (Dengue) के मामलों में तेजी से उछाल देखने को मिलता है। इस मौसम में आम लोगों के साथ-साथ टाइप-2 डायबिटीज (Type-2 Diabetes) से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की बेहद जरूरत है।'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ डायबिटीज एंड टेक्नोलॉजी' (International Journal of Diabetes & Technology) में प्रकाशित एक रिव्यू पेपर के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में डेंगू का वायरस न केवल तेजी से फैलता है, बल्कि उनके गंभीर और जानलेवा स्थिति में पहुंचने का जोखिम भी सामान्य लोगों की तुलना में कहीं अधिक होता है।डायबिटीज मरीजों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक है डेंगू?प्रसिद्ध डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. जोथीदेव केसवदेव और जांद्रा हेल्थकेयर के डॉ. राजीव कोविल के अनुसार, हाई ब्लड शुगर के कारण मरीजों का इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) पहले से ही कमजोर होता है। ऐसे में जब डेंगू का मच्छर काटता है, तो:प्लेटलेट्स का गिरना: शरीर में प्लेटलेट्स काउंट (Platelet Count) अचानक और तेजी से नीचे गिर सकता है।इंटरनल ब्लीडिंग: मसूड़ों, नाक या शरीर के अंदरूनी हिस्सों से खून बहने (Internal Bleeding) की संभावना बढ़ जाती है।डेंग्यू शॉक सिंड्रोम (Dengue Shock Syndrome): मरीज की स्थिति बिगड़ने पर डेंग्यू शॉक सिंड्रोम का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।अतिरिक्त जोखिम: केवल डायबिटीज ही नहीं, बल्कि मरीज की बढ़ती उम्र, मोटापा, किडनी रोग, हाई ब्लड प्रेशर और अनियंत्रित ब्लड शुगर (Uncontrolled Glycemic Control) भी स्थिति को गंभीर बना देते हैं।डायबिटीज मरीजों के लिए डेंगू वैक्सीन क्यों जरूरी?डॉ. केसवदेव के मुताबिक, भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं और उनमें से अधिकांश का ब्लड शुगर लेवल सही तरह से कंट्रोल में नहीं रहता। ऐसे मरीजों में किसी भी संक्रमण से जटिलताएं पैदा होने का खतरा 2 से 4 गुना अधिक होता है।शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों का सुझाव है कि डेंगू प्रभावित (Endemic) इलाकों में रहने वाले डायबिटीज मरीजों के नियमित हेल्थकेयर रूटीन में डेंगू वैक्सीन (Dengue Vaccine) को शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि गंभीर संक्रमण और मृत्यु दर के जोखिम को कम किया जा सके।किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?1. शुरुआती सामान्य लक्षण:तेज बुखारजोड़ों, मांसपेशियों और शरीर में तेज दर्दसिरदर्द और आंखों के पीछे दर्दउल्टी, जी मिचलाना या त्वचा पर लाल चकत्ते (Rashes)2. गंभीर/इमरजेंसी लक्षण (तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें):पेट में उठने वाला तेज और लगातार दर्दलगातार उल्टियां होनामसूड़ों या नाक से खून बहनाअत्यधिक सुस्ती, कमजोरी या चक्कर आनापेशाब की मात्रा में अचानक कमी आनाब्लड शुगर लेवल में अचानक भारी उतार-चढ़ाव होनाडेंगू से बचाव और प्रबंधन के जरूरी उपायमच्छरों से बचाव: फुल आस्तीन (बांह) के कपड़े पहनें और अच्छी क्वालिटी के मॉस्किटो रिपेलेंट (मच्छर भगाने वाली क्रीम) का इस्तेमाल करें।जलभराव रोकें: अपने घर और आसपास गमलों, कूलरों या खुले बर्तनों में पानी जमा न होने दें।ब्लड शुगर मॉनिटरिंग: अपने शुगर लेवल की नियमित जांच करें और उसे नियंत्रित रखने की कोशिश करें।प्रचुर मात्रा में पानी पिएं: शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेटेड रखें और सात्विक व संतुलित आहार लें।दवाइयों में बदलाव: KIMS हॉस्पिटल के डॉ. विजय नेगलुर के अनुसार, डेंगू होने पर मरीज की भूख, डिहाइड्रेशन और सेहत के आधार पर डायबिटीज की दवाओं की खुराक में अस्थायी बदलाव (Adjustments) की जरूरत हो सकती है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें या बंद न करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:13 am

Pralhad Joshi New Education Minister: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सीनियर बीजेपी नेता और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।राष्ट्रपति भवन ने जारी की आधिकारिक विज्ञप्तिराष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:इस्तीफा मंजूर: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया है।अतिरिक्त प्रभार: प्रधानमंत्री के परामर्श पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए।प्रह्लाद जोशी कौन हैं? जानें उनके पास कौन-कौन से मंत्रालय हैं64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं।संसदीय क्षेत्र: वे साल 2004 से लगातार कर्नाटक के धारवाड़ (Dharwad) लोकसभा सीट से सांसद हैं।मौजूदा पोर्टफोलियो: प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब शिक्षा मंत्रालय के जुड़ने से उनके पास महत्वपूर्ण विभागों की कमान आ गई है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रह्लाद जोशी की प्रतिक्रियाप्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर धर्मेंद्र प्रधान के योगदान की सराहना करते हुए लिखा:धर्मेंद्र प्रधान जी का दशकों लंबा और गौरवशाली राजनीतिक करियर रहा है। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के सफल कार्यान्वयन के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में 100 से अधिक सुधार हुए। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उनका पद छोड़ने का निर्णय देश के विकास में उनके योगदान को कम नहीं करता।जंतर-मंतर से खत्म हुआ छात्रों का आंदोलननीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर पिछले एक हफ्ते से चल रहा छात्रों और विभिन्न युवा संगठनों का विरोध प्रदर्शन अब समाप्त हो गया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार द्वारा मांगों पर सहमति की प्रक्रिया के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन वापस ले लिया है और जंतर-मंतर का स्थल पूरी तरह खाली कर दिया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:11 am

Aashadh Pradosh Vrat 2026: आज महादेव के साथ बरसेगी सूर्य देव की कृपा, नोट करें प्रदोष काल का 2 घंटे 5 मिनट का मुहूर्त

हिंदू धर्म में त्रयोदशी तिथि पर रखा जाने वाला प्रदोष व्रत अत्यंत कल्याणकारी और पापमुक्तिदायक माना गया है। आज यानी 26 जुलाई 2026, रविवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। रविवार के दिन पड़ने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत या भानु प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं और अपने भक्तों के सभी दुखों का अंत करते हैं। रविवार को प्रदोष व्रत होने से महादेव के साथ-साथ सूर्य देव का भी विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे साधक को आरोग्य, समाज में मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।प्रदोष व्रत 2026: तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्तशास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत की पूजा केवल प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय और उसके ठीक बाद की अवधि) में ही की जाती है:आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 26 जुलाई 2026 को दोपहर 01:58 बजेत्रयोदशी तिथि समाप्त: 27 जुलाई 2026 को शाम 04:15 बजेप्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त (26 जुलाई): शाम 07:16 बजे से रात 09:21 बजे तकपूजा की कुल अवधि: 2 घंटे 05 मिनटरवि प्रदोष व्रत का महत्वआरोग्य और सूर्य ग्रह की मजबूती: रवि प्रदोष का व्रत रखने से जातक की कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है, जिससे शारीरिक रोगों से मुक्ति मिलती है।आत्मविश्वास व सफलता: जो लोग करियर या समाज में मान-प्रतिष्ठा की कमी महसूस कर रहे हैं, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदाई माना जाता है।मनोकामना पूर्ति: इस दिन प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल चढ़ाकर विधि-विधान से पूजन करने से भगवान शिव और माता पार्वती सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।रवि प्रदोष व्रत की सरल पूजा विधिसंकल्प और स्नान: सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और सफेद या लाल-पीले स्वच्छ वस्त्र धारण करें। हाथ में जल लेकर भगवान शिव और सूर्य देव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।सूर्य अर्घ्य: तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और लाल फूल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।प्रदोष काल स्नान व तैयारी: शाम को प्रदोष काल मुहूर्त से ठीक पहले पुनः स्नान करें या हाथ-पैर धोकर स्वच्छ वस्त्र पहनें।शिवलिंग का जलाभिषेक: पूजा स्थल पर बैठकर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) अर्पित करें।सामग्री अर्पण: इसके बाद शिवलिंग पर भस्म या चंदन लगाएं और बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र, भांग, अक्षत और सफेद फूल श्रद्धापूर्वक चढ़ाएं।कथा व आरती: रवि प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। धूप-दीप जलाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें और अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।व्रत का पारण: अगले दिन (27 जुलाई) सुबह पुनः स्नान-ध्यान के बाद सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:07 am

भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए पद से अधिक महत्वपूर्ण देश और युवा पीढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लिए देश, देशवासी और युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं

देशबन्धु 26 Jul 2026 7:04 am

'मुझे आप पर गर्व है', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर थरूर ने जेन-जी को दिया खास संदेश

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि परीक्षा अनियमितताओं को लेकर हफ्तों तक चले व्यापक छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए उन्हें जेन-जी पर गर्व है

देशबन्धु 26 Jul 2026 7:00 am

वायनाड: प्रियंका गांधी वाड्रा ने भूस्खलन वाली जगह का लिया जायजा, बोलीं- सरकार हर जरूरी मदद देगी

केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहली बार कल्लाडी में भूस्खलन वाली जगह का दौरा किया। यह भूस्खलन 18 दिन पहले हुआ था

देशबन्धु 26 Jul 2026 6:56 am

प्रहलाद जोशी संभालेंगे धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी, जानिए कौन हैं देश के नए शिक्षा मंत्री?

Pralhad Joshi : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला है। धर्मेंद्र प्रधान के स्थान पर अब प्रहलाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल ली है। प्रहलाद जोशी अभी अपने पहले से संभाल रहे विभागों ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 11:19 pm

केशव मौर्य कल प्रयागराज में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास, लाभार्थियों से संवाद एवं संगठनात्मक बैठकों में होंगे शामिल

केशव प्रसाद मौर्यविभिन्न विकास कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे, विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के लाभार्थियों को आवास की चाबियां वितरित करेंगे, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करेंगे तथा पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक एवं संवाद करेंगे।उप मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 1:00 बजे वह भोला रिसॉर्ट, सोरांव, प्रयागराज पहुंचेंगे, जहां सोरांव विधानसभा के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जनहित के कार्यों को गति देने के संबंध में विचार-विमर्श करेंगे।इसके उपरांत दोपहर 2:45 बजे उप मुख्यमंत्री जी ग्राम पुरुषोत्तमपुर उर्फ गारापुर, विधानसभा सोरांव, थाना थरवई, प्रयागराज में आयोजित ग्राम चौपाल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर वे विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं का अनावरण, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास की चाबियों का वितरण तथा जनसंवाद कार्यक्रम में सहभागिता कर आमजन से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं एवं सुझावों से भी अवगत होंगे।इसके बाद दोपहर 3:30 बजेउप मुख्यमंत्री सहसों, फूलपुर, प्रयागराज पहुंचेंगे, जहां नवसृजित विकास खण्ड सहसों के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे। इस कार्यक्रम में वे मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास की चाबियों का वितरण करेंगे तथा स्वयं सहायता समूह की दीदियों से संवाद कर उनके कार्यों, उपलब्धियों एवं महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की जानकारी प्राप्त करेंगे।दौरे के क्रम में उप मुख्यमंत्री शाम 5:30 बजे स्वर्गीय राजेन्द्र त्रिपाठी जी (पूर्व मंत्री) के पुत्र श्री आशुतोष त्रिपाठीके आवास, 53ए, बाघम्बरी रोड, शिवा गैस एजेंसी, अल्लापुर, प्रयागराज जाएंगे।इसके पश्चात शाम 5:50 बजे उप मुख्यमंत्रीअमर उजाला के वरिष्ठ उप संपादक श्री राहुल शर्मा जी के आवास, 165/14सी, आजाद नगर, साउथ मलाका, प्रयागराज जाएंगे।इसके उपरांत शाम 6:10 बजे उप मुख्यमंत्री,सुधीर सोनकर के छोटे भाई स्वर्गीय यशवंत सोनकर(सोनकर समाज के पूर्व अध्यक्ष) के आवास, 197, नयापुरा, स्टैनली रोड, प्रयागराज पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे।अंत में शाम 6:30 बजे उप मुख्यमंत्री जी सर्किट हाउस, प्रयागराज में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे तथा संगठनात्मक विषयों एवं आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य का यह प्रयागराज दौरा विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा, जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा तथा संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति प्रदान करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 11:13 pm

कारगिल युद्ध से 'ऑपरेशन सिंदूर' तक, भारत की आतंकवाद के खिलाफ रणनीति अधिक सक्रिय, सटीक और निर्णायक

27 साल बाद भी कारगिल विजय की गूंज पूरे देश में सुनाई देती है। यह विजय साहस, बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। फिर से हासिल की गई प्रत्येक चोटी इस बात की याद दिलाती है कि भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। इसकी रक्षा हर परिस्थिति में की जाएगी।

देशबन्धु 25 Jul 2026 10:35 pm

इशान किशन और तिलक वर्मा के आतिशी अर्धशतकों से भारत ने जीती टी-20 सीरीज

जिम्बाब्वे को 90 रनों से दी शिकस्त हरारे। इशान किशन (81) और तिलक वर्मा (नाबाद 60) की शानदार अर्धशतकीय पारियों के बाद गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने शनिवार को दूसरे टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 90 रनों से शिकस्त दी। इसी के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 से […] The post इशान किशन और तिलक वर्मा के आतिशी अर्धशतकों से भारत ने जीती टी-20 सीरीज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 9:51 pm

RSS के शताब्दी वर्ष पर झुंझुनूं में निकली ‘एक दौड़ राष्ट्र के नाम’युवा मैराथन

राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत है भारत का युवा : निम्बाराम झुंझुनूं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर एक दौड़ राष्ट्र के नाम युवा मैराथन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने और भारत माता के चित्र के समक्ष […] The post RSS के शताब्दी वर्ष पर झुंझुनूं में निकली ‘एक दौड़ राष्ट्र के नाम’ युवा मैराथन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 9:30 pm

धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार शाम धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रिमंडल से इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनकी जगह उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रधान ने आज अपराह्न शिक्षा मंत्री के पद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा था। राष्ट्रपति भवन […] The post धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 9:20 pm

शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को सौंपा गया शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

देशबन्धु 25 Jul 2026 9:07 pm

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खुलकर आई भाजपा: बोली— 'यह नैतिकता और जवाबदेही की अनूठी मिसाल', विपक्ष की सस्ती राजनीति पर किया प्रहार

जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा को दर्शाता है।

देशबन्धु 25 Jul 2026 8:59 pm

हम कॉकरोच हैं, आसानी से नहीं निकलेंगे! शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP चीफ दीपके का बयान, 49 दिन चले आंदोलन का अंत

CJP protest ends Abhijeet Dipke: जंतर-मंतर पर 49 दिनों से चल रहे उग्र छात्र आंदोलन ने शनिवार को देश की राजनीति में भूचाल ला दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा 1-1 करोड़ के मुआवजे की मांग स्वीकार करने के बाद ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 8:55 pm

आखिर धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे में इतना वक्त क्यों लगा? पूरे मामले की इनसाइड स्टोरी

Dharmendra Pradhan resignation: नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 6 जून 2026 को शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) इस आंदोलन शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य मांगों को मान लिए जाने के बाद ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 8:49 pm

ईरानी हमले की आशंका से नाटो सम्मेलन से लौटते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बदला था विमान

वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में तुर्की में आयोजित नाटो सम्मेलन से लौटते समय कथित ईरानी हमले की आशंका के कारण पुराने एयर फोर्स वन विमान का इस्तेमाल किया था। सीबीएस न्यूज ने अमरीकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी खुफिया एजेंसियों को […] The post ईरानी हमले की आशंका से नाटो सम्मेलन से लौटते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बदला था विमान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:59 pm

आंदोलन के पीछे कोई विदेशी हाथ नहीं : कॉकरोज जनता पार्टी

नई दिल्ली। कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को कहा कि उनके आंदोलन के पीछे न तो कोई विदेशी हाथ था और न ही विदेशी धन, यह केवल देश के विद्यार्थियों का आंदोलन था। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास तथा आशुतोष रांका ने कहा कि राजधानी में जन्तर मंतर पर उनके धरने दौरान कुछ उपद्रवी […] The post आंदोलन के पीछे कोई विदेशी हाथ नहीं : कॉकरोज जनता पार्टी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:43 pm

नरसिंहपुर : 5 युवकों की मौत दुर्घटना से नहीं हुई, डम्पर से कुचल कर की हत्या

नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सुआतला पुलिस थाना के हाथीनाला वॉटरफॉल में पिकनिक मना कर वापस आते समय 19 जुलाई को पांच युवकों की मौत डम्पर के टकराने पर हो गई थी और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) ऋषिकेश मीना ने शनिवार को […] The post नरसिंहपुर : 5 युवकों की मौत दुर्घटना से नहीं हुई, डम्पर से कुचल कर की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:36 pm

सीजेपी का आंदोलन समाप्त होने के बाद सभी मेट्रो स्टेशन खुले

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के देश भर में जारी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस लेने के बाद दिल्ली मेट्रो ने बंद किए गए सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार शनिवार शाम खोल दिए। सीजेपी से संसद मार्च के दिन से ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए […] The post सीजेपी का आंदोलन समाप्त होने के बाद सभी मेट्रो स्टेशन खुले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:28 pm

जालौन के पिछड़ेपन के जिम्मेदार अब घड़ियाली आंसू बहाकर युवाओं को गुमराह कर रहे

CM Yogi Adityanath Jalaun: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बुंदेलखंड के पिछड़ेपन, सूखे और पलायन के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 7:15 pm

मायावती का केंद्र और पुलिस प्रशासन पर हमला: 'शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सही कदम, निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर हो सख्त कार्रवाई'

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने देशभर में छात्रों और युवाओं के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को उचित कदम बताते हुए कहा कि यह फैसला पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने और आंदोलन का राजनीतिकरण न करने की अपील की।

देशबन्धु 25 Jul 2026 6:59 pm

अमेरिकी कोर्ट का ट्रंप को बड़ा झटका, H-1B Visa पर भारी शुल्क लगाने के फैसले पर जारी रहेगी रोक

H-1B Visa Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी न्याय प्रणाली से एक और बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की एक संघीय अपीलीय अदालत ने उच्च कौशल वाले विदेशी पेशेवरों (विशेषकर आईटी कर्मचारियों) के लिए एच-1बी (H-1B) वीजा पर एक लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 83 ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 6:45 pm

सरकार से अपनी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन

नई दिल्ली। पेपर लीक के मुद्दे पर पिछले एक महीने से अधिक समय से आंदोलन चला रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा और सरकार की ओर से अपनी प्रमुख मांगों को मान लिए जाने के बाद शनिवार शाम को अपना आंदोलन वापस ले लिया। राजधानी में […] The post सरकार से अपनी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:36 pm

ब्रेन की 'बायोलॉजिकल क्लॉक' खोलेगी स्ट्रोक से रिकवरी का नया रास्ता, चौंकाने वाली नई स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

हमारे शरीर के भीतर काम करने वाली प्राकृतिक 'सर्केडियन रिदम' यानी जैविक घड़ी हमारी सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। शरीर की यह 24 घंटे वाली नेचुरल क्लॉक न सिर्फ हमारे सोने और जागने के चक्र को नियंत्रित करती है, बल्कि भूख और हार्मोन के स्तर को भी संतुलित रखने में मदद करती है। हाल ही में सामने आई एक नई और चौंकाने वाली स्टडी ने इस जैविक घड़ी को लेकर एक बेहद अहम जानकारी दी है। इस रिसर्च के मुताबिक, स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल के बाद रिकवरी प्रक्रिया में यह बायोलॉजिकल क्लॉक दिमाग को ठीक करने में एक वरदान साबित हो सकती है।स्ट्रोक के बाद दिमाग को दुरुस्त करेगी सर्केडियन रिदमप्रतिष्ठित जर्नल 'ऑफ क्लिनिकल इन्वेस्टिगेशन' में प्रकाशित इस नए शोध के अनुसार, शरीर की सर्केडियन रिदम के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना भविष्य में भारी नुकसानदायक साबित हो सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर प्राकृतिक जैविक घड़ी को मजबूत किया जाए और नींद के पैटर्न में सुधार लाया जाए, तो यह स्ट्रोक के बाद दिमाग को तेजी से रिकवर होने में मदद कर सकती है। इस पूरी प्रक्रिया से दिमाग के अंदर जमा होने वाले कचरे को साफ करने और रिकवरी के तरीके को पूरी तरह से बेहतर बनाने का एक नया रास्ता मिल गया है। चूहों पर किए गए इस मॉडल प्रयोग में वैज्ञानिकों ने देखा कि सर्केडियन रिदम को मजबूत करने वाले तरीकों से स्ट्रोक के बाद की रिकवरी में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।ग्लिम्फैटिक सिस्टम में सुधार और सूजन वाले मॉलिक्यूल्स में कमीयूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने इस स्टडी के दौरान चूहों के 'ग्लिम्फैटिक सिस्टम' यानी दिमाग से कचरा और टॉक्सिन्स बाहर निकालने वाले नेचुरल ड्रेनेज नेटवर्क में महत्वपूर्ण सुधार देखा। इसके साथ ही, स्ट्रोक के बाद दिमाग में बने रहने वाले सूजन पैदा करने वाले हानिकारक मॉलिक्यूल्स के स्तर में भी भारी कमी दर्ज की गई। यह पूरा सिस्टम सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड को ब्लड वेसल्स के साथ और ब्रेन टिश्यू के माध्यम से संचालित करता है, जिससे मस्तिष्क को जरूरी न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं और हानिकारक कचरे तथा सूजन वाले सिग्नल्स को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इस रिसर्च से जुड़े न्यूरोसाइंटिस्ट्स का मानना है कि स्ट्रोक के बाद की रिकवरी पर विचार करते समय यह समझना जरूरी है कि स्ट्रोक सिर्फ ब्लड वेसल्स से जुड़ी कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह समय से जुड़ी एक बड़ी जैविक गड़बड़ी भी है। शोध में यह भी संकेत मिले हैं कि स्ट्रोक अक्सर दिन के कुछ विशेष समय और खासतौर पर सुबह के वक्त या नींद का समय समाप्त होने के आसपास अधिक गंभीर रूप ले सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:32 pm

गलत खानपान अंदर ही अंदर बना रहा है शरीर को खोखला? एक्सपर्ट से जानें फेफड़ों से लेकर आंखों तक को स्वस्थ रखने का सही तरीका

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में हमारी खानपान से जुड़ी आदतें तेजी से बदल रही हैं, जिसका सीधा असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ रहा है। हम रोजमर्रा की जिंदगी में जो कुछ भी खाते-पीते हैं, वही हमारे शरीर की सेहत का मुख्य आधार तय करता है। मानव शरीर किसी एक मशीन की तरह काम नहीं करता, बल्कि यह कई छोटे-छोटे महत्वपूर्ण अंगों और प्रणालियों का एक ऐसा समूह है, जहां हर अंग की अपनी अलग जरूरत और कार्यशैली होती है। हम क्या खा रहे हैं, यही तय करता है कि हमारे फेफड़े कितनी अच्छी तरह सांस लेंगे, लिवर शरीर के विषैले तत्वों को कितनी आसानी से बाहर निकालेगा, पाचन तंत्र भोजन से जरूरी पोषक तत्वों को कितना सोखेगा और हमारी आंखें रोजमर्रा की डिजिटल थकान को कितना झेल पाएंगी। यदि आप भी गलत खानपान के आदि हो चुके हैं, तो संभलने का वक्त आ गया है।क्या कहते हैं न्यूट्रिशन एक्सपर्टप्रसिद्ध न्यूट्रिशन एक्सपर्ट लवनीत बत्रा के अनुसार, सही और संतुलित खानपान हमारे शरीर के सभी सिस्टम्स को अंदर से मजबूत बनाता है, जबकि जंक फूड और खराब आदतें धीरे-धीरे इन्हें अंदर से कमजोर कर देती हैं। सेहतमंद रहने के लिए यह कतई जरूरी नहीं है कि आप कोई बहुत मुश्किल और कठिन डाइट अपनाएं, बल्कि आवश्यकता इस बात की है कि आप यह समझें कि कौन-सा पोषक तत्व शरीर के किस खास अंग के लिए जरूरी है। अपनी डाइट में बस छोटे-छोटे और सकारात्मक बदलाव करके आप तमाम गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।फेफड़ों (Lungs) को मजबूत और सुरक्षित रखने के लिए क्या खाएंसांस लेना भले ही हमें एक सहज और सामान्य प्रक्रिया लगती हो, लेकिन हमारे फेफड़ों की सेहत काफी हद तक हमारी रसोई और डाइट पर निर्भर करती है। आज के समय में बढ़ता प्रदूषण, मानसिक तनाव और लगातार होने वाले संक्रमण हमारे श्वसन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। फेफड़ों की रक्षा के लिए अदरक और हल्दी जैसे पारंपरिक घरेलू मसाले बेहद असरदार साबित होते हैं, क्योंकि इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, संतरे, नींबू और मौसमी जैसे खट्टे फल शरीर को भरपूर विटामिन सी प्रदान करते हैं, जो फेफड़ों को बाहरी नुकसान से बचाते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) की एक स्टडी में भी यह बात सामने आ चुकी है कि एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आहार फेफड़ों को जहरीले प्रदूषण से महफूज रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।लिवर (Liver) की नैचुरल डिटॉक्सिंग और देखभालहमारा लिवर दिन-रात बिना रुके शरीर की सफाई यानी डिटॉक्सिफिकेशन के काम में लगा रहता है, लेकिन हम अक्सर इसकी सेहत की अनदेखी कर देते हैं। ब्रोकली और क्रूसिफेरस सब्जियों में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर से हानिकारक टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसके अलावा, ग्रीन टी और ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) भी लिवर को स्वस्थ और सक्रिय रखने में काफी मददगार माने जाते हैं। मधुमेह और पाचन तंत्र से जुड़े राष्ट्रीय संस्थानों के मुताबिक, सही और फाइबर युक्त आहार फैटी लिवर जैसी गंभीर समस्याओं से बचाव करने में बेहद मददगार साबित होता है।पाचन तंत्र (Digestion) और आंतों की सेहत का राजहमारे पाचन तंत्र को अक्सर शरीर का 'दूसरा दिमाग' कहा जाता है, क्योंकि यह केवल भोजन को पचाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) और मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर डालता है। दही में पाए जाने वाले गुड बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त बनाते हैं, जबकि केला और चिया सीड्स जैसे खाद्य पदार्थ इन अच्छे जीवाणुओं को पोषण देने का काम करते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, एक स्वस्थ आंत माइक्रोबायोम शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण (Absorption) को बेहतर बनाता है और सूजन से जुड़ी कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करता है।डिजिटल युग में आंखों (Eyes) की देखभाल और जरूरी पोषक तत्वआज के समय में लैपटॉप, मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण आंखों पर पड़ने वाला दबाव बहुत बढ़ गया है। ऐसे में गाजर और शकरकंद जैसे खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इनमें प्रचुर मात्रा में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी के लिए वरदान माना जाता है। इसके अलावा, आंवला भी आंखों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है क्योंकि इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जो आंखों को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने में मदद करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:32 pm

ताबड़तोड़ शुरुआत के बाद चूके वैभव सूर्यवंशी, जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ 9 गेंदों में 20 रन बनाकर लौटे पवेलियन

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और आक्रामक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी शानदार फॉर्म के बावजूद जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में लंबी पारी खेलने से चूक गए। पिछले मैच में अपने दमदमार और ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक से महफिल लूटने वाले 15 साल के इस युवा खिलाड़ी ने इस मैच में भी मैदान पर उतरते ही अपने तेवर दिखा दिए थे। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले जा रहे इस रोमांचक मुकाबले में विपक्षी टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसके बाद भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही और शुरुआती ओवरों में ही टीम ने अपने सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। क्रीज पर उतरते ही वैभव ने बड़े शॉट्स खेलने शुरू किए, लेकिन लालच और जल्दबाजी के चक्कर में वह अपना विकेट गंवा बैठे और सिर्फ 9 गेंदों में 20 रन बनाकर आउट हो गए।वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी और आउट होने का पूरा रोमांचपारी के शुरुआती ओवरों में जब भारतीय टीम दबाव में थी, तब पिछले मैच के हीरो वैभव सूर्यवंशी ने मोर्चा संभाला। हालांकि, दूसरे ओवर तक उन्हें महज तीन गेंदें ही खेलने का मौका मिला था क्योंकि दूसरे छोर पर सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा 8 गेंदों में 8 रन बनाकर आउट हो चुके थे। इसके बाद तीसरे ओवर में वैभव ने जिम्बाब्वे के गेंदबाज रिचर्ड नगारवा के खिलाफ ताबड़तोड़ प्रहार करने की ठान ली। ओवर की पहली दो गेंदों पर उन्होंने समझदारी दिखाई, लेकिन अगली ही गेंद पर उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में करारा चौका जड़ दिया। इसके बाद उन्होंने अगली गेंद पर एक लंबा और गगनचुंबी छक्का लगाया। पारी के इस ओवर की चौथी और पांचवीं गेंद पर भी युवा बल्लेबाज ने चौके की बारिश कर दी। एक वाइड सहित इस ओवर में पहले ही काफी रन आ चुके थे, लेकिन अंतिम गेंद पर एक और बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह खुद पर नियंत्रण नहीं रख सके और बाउंड्री पर कैच थमा बैठे। आउट होने से पहले उन्होंने अपनी 9 गेंदों की छोटी सी पारी में 3 शानदार चौके और 1 बेहतरीन छक्का लगाया।सबसे युवा टी20 अर्धशतकवीर का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं वैभवमहज 15 साल और 118 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले वैभव सूर्यवंशी ने पिछले मुकाबले में पुरुषों के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उन्होंने जिब्राल्टर के खिलाड़ी लुइस ब्रूस (16 साल 56 दिन) का पुराना रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया था। इस मैच में अभिषेक शर्मा के साथ उनकी 10 रन की और ईशान किशन के साथ 19 रन की छोटी साझेदारी हुई। हालांकि वह इस पारी को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए, लेकिन उनकी यह आक्रामक शैली यह साबित करती है कि आने वाले समय में वह भारतीय बल्लेबाजी क्रम के एक सबसे बड़े और खतरनाक मैच विनर बनने की पूरी क्षमता रखते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:30 pm

उरई में सीएम योगी आदित्यनाथ का जोरदार हमला, बोले- 'विपक्ष युवाओं को भड़काकर कर रहा भ्रमित

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जालौन जिले के उरई दौरे पर पहुंचकर विपक्ष पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। उरई पुलिस लाइन ग्राउंड पहुंचने के बाद सीएम योगी सड़क मार्ग से जिला स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने परिसर में लगी विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंच से करीब 1273.96 करोड़ रुपये की भारी-भरकम विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मकान की चाबियां सौंपीं, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई और बच्चों के साथ संवाद कर उन्हें दुलार किया।जालौन अब दस्युओं की नहीं, बल्कि वेदव्यास और विकास की धरा हैउरई के जिला स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन और कालपी के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने इसी पावन धरा पर जन्म लिया था और यह भूमि अपनी वीरता के लिए जानी जाती है। विपक्ष पर करारा हमला बोलते हुए सीएम योगी ने सवाल किया कि वे कौन लोग थे जो जालौन को लगातार पीछे धकेलने का काम कर रहे थे? उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो आज भी युवाओं को भड़काकर उन्हें भ्रमित करने की राजनीति कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जालौन को शानदार फोरलेन कनेक्टिविटी मिल रही है और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इस पूरे क्षेत्र को एक नई पहचान दिला रहा है। अब यह इलाका दस्युओं और अपराध के लिए नहीं, बल्कि विकास की नई इबारत लिखने के लिए जाना जा रहा है।सपा ने नोंचा है बुंदेलखंड, माफियाओं के लिए यूपी में कोई जगह नहींकानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि उन्होंने पहले ही जनता से वादा किया था कि प्रदेश को डकैती और माफिया मुक्त करेंगे और अपराधियों को मिट्टी में मिला देंगे। सरकार ने माफियाओं की अवैध संपत्तियों को जब्त करने का बड़ा काम किया है। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा बुंदेलखंड को नोंचने का काम किया है, जिसे यहां की जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आज जालौन में भाजपा की जिला अध्यक्ष भी एक महिला हैं और प्रदेश में बेटियां पूरी तरह सुरक्षित हैं। अब घर से निकलने वाला व्यापारी पूरी सुरक्षा के साथ वापस लौटता है, जबकि पहले लोग शाम को घर लौटने को लेकर डरे रहते थे। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लूटपाट करने वाले, वन माफिया और जमीन माफिया जहां जाने थे, वहां जा चुके हैं और अब यूपी में अपराधियों के लिए सिर्फ जेल या जहन्नुम की जगह बची है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:30 pm

करवा चौथ 2026: जानिए सरगी से लेकर चांद निकलने तक का सटीक समय, इस दिन रखा जाएगा सुहागिनों का यह पावन व्रत

सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ के व्रत का एक विशेष और अत्यंत पवित्र स्थान है। सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए सालभर इस पावन दिन का इंतजार करती हैं। इस खास पर्व पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, हाथों में मेहंदी रचा नए वस्त्र धारण करती हैं और पूरे दिन बिना अन्न-जल के निर्जला उपवास रखती हैं। रात के समय आकाश में चंद्रमा के दीदार करने के बाद छलनी से पति का चेहरा देखकर और उनके हाथों से जल ग्रहण करके इस कठिन व्रत का पारण किया जाता है। उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में इस पर्व की रौनक देखते ही बनती है और बाजारों में अभी से सुहाग की वस्तुओं की खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ जुटने लगी है।करवा चौथ 2026 की सही तिथि और शुभ दिनइस वर्ष सुहागिनों का यह महाव्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार के दिन मनाया जाएगा। गुरुवार का दिन होने के कारण इस व्रत का धार्मिक महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य का मुख्य कारक माना गया है। करवा चौथ के आने से कई दिन पहले ही बाजारों में सुहाग का सामान, छलनी, करवा, और मिट्टी के दीयों की दुकानें सज जाती हैं। महिलाएं सामूहिक रूप से पूजा की कथा सुनने और थाली सजाने की तैयारियों में जुट जाती हैं।करवा चौथ 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समयइस साल करवा चौथ के व्रत और पूजा-पाठ के लिए निम्नलिखित समय सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है:व्रत की कुल अवधि/समय: सुबह 6:31 मिनट से शुरू होकर रात 8:17 मिनट तक रहेगा।करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:38 मिनट से लेकर शाम 6:56 मिनट तक (पूजा की कुल अवधि: 1 घंटा 18 मिनट)।चंद्रोदय का संभावित समय: रात 8:17 मिनट पर चांद के दीदार होने की उम्मीद है, जिसके बाद महिलाएं अपना व्रत खोल सकेंगी।करवा चौथ की संपूर्ण पूजा विधिकरवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर सरगी ग्रहण करती हैं, जो सास या बड़े बुजुर्गों द्वारा दी जाती है। इसके बाद पूरा दिन बिना पानी पिए निर्जला उपवास रखा जाता है। शाम के समय सुहागिन महिलाएं मिलकर माता पार्वती, भगवान शिव, भगवान गणेश और करवा माता की षोडशोपचार विधि से पूजा करती हैं। पूजा के दौरान दीवार पर करवा चौथ की कथा का चित्र बनाकर या किताब से कथा पढ़ी और सुनी जाती है। रात्रि में जब चांद निकलता है, तब छलनी के जरिए चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है और उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखकर उनकी आरती उतारी जाती है। अंत में पति के हाथों से जल पीकर और मिठाई खाकर महिलाएं अपने इस कठिन व्रत को सफलतापूर्वक संपन्न करती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:28 pm

सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान, आगरा को जल्द मिलेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ऐतिहासिक नगरी आगरा को बड़ी सौगात देते हुए करीब 342 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान आगरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी के तेवर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर बेहद तीखे नजर आए। उन्होंने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए पिछली सरकारों के कार्यकाल पर जमकर निशाना साधा और कहा कि अब उत्तर प्रदेश में न तो कोई कर्फ्यू है और न ही दंगा, क्योंकि यहां अब 'सब चंगा ही चंगा है'।सैफई सिंडिकेट और पिछली सरकारों पर साधा निशानाविपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा केवल 'सैफई सिंडिकेट' की लूट और डकैती का माध्यम बनकर रह गया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तब युवाओं के भविष्य और नौकरियों पर चाचा-भतीजे कुंडली मारकर बैठ जाते थे, व्यापारियों के साथ छीनाझपटी आम बात थी और मुख्यमंत्री अपनी मौज-मस्ती में व्यस्त रहते थे। सीएम योगी ने कहा कि जिनकी सोच केवल अपने परिवार तक सीमित हो, उनसे बड़े विकास कार्यों की उम्मीद कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने पिछली सरकारों के कामकाज की शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस प्रदेश का मुखिया दोपहर में उठता हो, शाम को जिम और रात में दोस्तों के साथ मौज-मस्ती में व्यस्त रहता हो, वहां की कानून-व्यवस्था का भगवान ही मालिक था।माफियाओं के लिए सिर्फ जेल या जहन्नुम, आगरा में बनेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारककानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि आज उत्तर प्रदेश में माफियाओं के लिए सिर्फ दो ही जगह बची हैं, या तो जेल या फिर जहन्नुम। उन्होंने कहा कि पहले व्यापारी घर से निकलते वक्त यह सोचते थे कि वे सुरक्षित लौट पाएंगे या नहीं, लेकिन आज डबल इंजन की सरकार में बेटियां और व्यापारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। आगरा के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिस धरती पर छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने शौर्य का परिचय दिया था, वहां पिछली सपा सरकार 'मुगल म्यूजियम' बना रही थी, जिसे हमारी सरकार ने बदलकर राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर कर दिया और इस वर्ष इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही आगरा में उस कोठी पर भी भव्य स्मारक बनेगा जहां शिवाजी महाराज रहते थे। इसके अलावा बटेश्वर, कैलाश, गुरु का ताल, फतेहपुर सीकरी और शौरीपुर जैन तीर्थ का भी तेजी से विकास किया जा रहा है। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की स्मृति में 500 महिलाओं के लिए श्रमजीवी होटल के निर्माण की भी स्वीकृति दी जा चुकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:28 pm

रवि प्रदोष व्रत पर जरूर पढ़ें यह चमत्कारी पौराणिक कथा, भोलेनाथ की कृपा से दूर होते हैं सभी संकट

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष और पवित्र महत्व माना गया है। जुलाई महीने का अंतिम प्रदोष व्रत 26 जुलाई 2026 को रविवार के दिन पड़ रहा है, जिसे रवि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। रविवार के दिन पड़ने के कारण इस व्रत का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रवि प्रदोष व्रत के दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने और प्रदोष काल में शिव आराधना के दौरान व्रत कथा का पाठ करने से साधक पर महादेव की विशेष कृपा बरसती है। इस व्रत के प्रभाव से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।रवि प्रदोष व्रत कथा का आरंभ और निर्धन ब्राह्मण की कहानीपौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय की बात है कि एक गांव में एक अत्यंत निर्धन ब्राह्मण परिवार निवास करता था। उस ब्राह्मण की पत्नी बहुत ही धार्मिक, परोपकारी और साध्वी स्वभाव की थी, जो पूरी निष्ठा के साथ नियमित रूप से प्रदोष व्रत रखा करती थी। इस दंपत्ति का एक ही पुत्र था, जो उनके जीवन का एकमात्र सहारा था। एक दिन वह बालक अकेला ही गंगा स्नान करने के लिए निकल पड़ा। रास्ते में दुर्भाग्यवश कुछ डाकुओं ने उस बालक को घेर लिया और धमकाते हुए पूछने लगे कि उसके पिता का छिपा हुआ धन कहां है। इस पर बालक ने अत्यंत विनम्रता से जवाब दिया कि वे लोग बहुत गरीब हैं और उनके पास ऐसा कोई छिपा हुआ धन नहीं है।संकट में फंसा बालक और भगवान शिव का दिव्य स्वप्नबालक के पास मौजूद पोटली को देखकर जब डाकुओं ने संदेह जताया, तो उसने बताया कि उसमें उसकी मां ने खाने के लिए रोटियां रखी हैं। बालक की सच्चाई और दीन-दशा को देखकर डाकुओं ने उसे बिना कोई नुकसान पहुंचाए जाने दिया। इसके बाद बालक आगे बढ़ते हुए एक अन्य नगर में पहुंचा और एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे थकान के कारण सो गया। संयोगवश, उसी समय नगर के सिपाही कुछ डाकुओं की तलाश करते हुए वहां पहुंचे और सोते हुए बालक को चोर समझकर गिरफ्तार कर राजा के सामने पेश कर दिया। राजा ने बिना किसी छानबीन के उसे कारावास की सजा सुना दी। उसी रात बालक की माता ने विधि-विधान से प्रदोष व्रत किया और भगवान शिव की आराधना में लीन रहीं। माता की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने रात्रि में राजा को स्वप्न में दर्शन दिए और चेतावनी दी कि जिस बालक को बंदी बनाया गया है, वह पूरी तरह निर्दोष है। शिवजी ने राजा से कहा कि यदि सुबह होने तक उसे रिहा नहीं किया गया, तो उनका पूरा राज्य और वैभव नष्ट हो जाएगा।राजा की ओर से मिला पुरस्कार और प्रदोष व्रत का महत्वअगली सुबह नींद खुलते ही राजा भयभीत हो गया और उसने तुरंत उस बालक को दरबार में बुलवाया। बालक ने रोते-बिलखते हुए राजा को सारी सच्चाई बता दी। सत्य का ज्ञान होते ही राजा ने अपने सिपाहियों को भेजकर बालक के माता-पिता को आदर सहित राजदरबार में बुलवाया। राजा ने ब्राह्मण परिवार को सांत्वना दी और घोषणा की कि उनका पुत्र पूरी तरह निर्दोष है तथा भगवान शिव की कृपा से उन पर आया संकट टल चुका है। ब्राह्मण परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखकर राजा ने उन्हें रहने और भरण-पोषण के लिए पांच गांव दान में दे दिए। इसके बाद वह निर्धन परिवार सुख-समृद्धि से परिपूर्ण हो गया और आनंदमय जीवन जीने लगा। इस पौराणिक कथा से यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि सच्ची श्रद्धा और प्रदोष व्रत के प्रताप से महादेव अपने भक्तों के सभी बड़े से बड़े संकट हर लेते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:26 pm

जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने किया इंटरनेशनल डेब्यू, आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में मचा चुके हैं गदर

भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेली जा रही तीन मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में शनिवार को भारतीय टीम की गेंदबाजी आक्रमण में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस मैच में विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने आखिरकार अपना इंटरनेशनल टी20 डेब्यू कर लिया है। कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस के दौरान जानकारी दी कि पिछले मैच में खेलने वाले अशोक शर्मा की जगह यश ठाकुर को अंतिम एकादश (Playing XI) में शामिल किया गया है।घरेलू क्रिकेट और आईपीएल का शानदार अनुभवअशोक शर्मा ने सीरीज के पहले मुकाबले में भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में पदार्पण किया था, जहां उन्होंने अपने चार ओवर का पूरा कोटा फेंका था लेकिन कोई सफलता हासिल नहीं कर पाए थे। उनकी जगह टीम में आए 27 वर्षीय तेज गेंदबाज यश ठाकुर के पास क्रिकेट का लंबा अनुभव है। इंटरनेशनल डेब्यू करने से पहले यश कुल 74 टी20 मैच खेल चुके थे, जिसमें उन्होंने 74 पारियों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 110 विकेट अपने नाम किए हैं। इसके अलावा, वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स जैसी फ्रेंचाइजी के लिए भी खेल चुके हैं, जहां उन्होंने 22 आईपीएल मैचों में 27 विकेट चटकाए हैं।हालिया प्रदर्शन और दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवनयश ठाकुर ने पिछले महीने ही श्रीलंका में आयोजित ट्राई-सीरीज के दौरान भारत ए (India A) का प्रतिनिधित्व किया था, जहां उन्होंने 3 मैचों में 5 विकेट झटके थे। इसके अलावा उन्होंने गाले में श्रीलंका ए के खिलाफ दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों में भी 5 विकेट हासिल किए थे। विदर्भ के इस प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज ने अपने करियर में अब तक 32 फर्स्ट-क्लास और 57 लिस्ट-ए मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने क्रमशः 93 और 90 विकेट झटके हैं। इस मुकाबले के लिए जिम्बाब्वे की प्लेइंग इलेवन में ब्रायन बेनेट, बेन कुरेन, डायोन मायर्स, कप्तान सिकंदर रजा, रयान बर्ल, वेस्ली मधेवेरे, विकेटकीपर तदिवानाशे मारुमनी, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामुरी, रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी शामिल हैं। वहीं, भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, विकेटकीपर ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, यश ठाकुर और मयंक यादव उतर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:25 pm

बंगाल के सरकारी कर्मचारियों की मौज! 7वें वेतन आयोग के गठन से मिलेगी बंपर सैलरी, 8वें वेतन आयोग का भी मिल सकता है सरप्राइज

देशभर के केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग (Pay Commission) से जुड़ी बड़ी और बेहद रोमांचक खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां केंद्रीय कर्मचारियों को अगले साल की पहली छमाही तक आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राज्य सरकार ने बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने आधिकारिक तौर पर 22 जुलाई को राज्य के 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन की विधिवत घोषणा कर दी है, जिससे बंगाल के लाखों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।सुवेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा कदम, इसी वित्त वर्ष में लागू करने का लक्ष्यइससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया था कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के भीतर ही 7वें राज्य वेतन आयोग की सिफारिशों को जमीन पर उतारना है। मई महीने में पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत हासिल करने के बाद वहां की सरकार ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए इस वेतन आयोग पैनल के गठन को हरी झंडी दिखाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के कर्मचारियों से इस बात का वादा किया था, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस आयोग के लिए जो नया पैनल बनाया गया है, वह भविष्य में केंद्र की 8वीं वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार कर सकता है, जिसका मतलब है कि बंगाल के कर्मचारियों को दोहरा फायदा मिल सकता है।क्या है पैनल की समय-सीमा और कार्यशैली? (Terms of Reference)पश्चिम बंगाल के वित्त विभाग की ओर से जारी प्रस्ताव के अनुसार, चार सदस्यों वाला यह विशेष पैनल राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों की गहराई से समीक्षा करेगा। इस आयोग का मुख्य मुख्यालय कोलकाता में रहेगा, हालांकि जरूरत पड़ने पर यह राज्य के अन्य हिस्सों या राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी अपनी बैठकें आयोजित कर सकता है। पैनल को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रस्ताव प्रकाशित होने की तारीख से 6 महीने के भीतर या सरकार द्वारा तय किए गए समय के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपे। यह पैनल राज्य के विभिन्न विभागों, वैधानिक और गैर-वैधानिक निकायों तथा निगमों के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन ढांचे को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से तर्कसंगत बनाने की सिफारिश करेगा।महंगाई भत्ता (DA) और सेवा शर्तों की होगी समीक्षायह वेतन आयोग केवल मूल वेतन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सरकारी सेवा में बेहतरीन प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें रोके रखने के लिए एक आकर्षक वेतन-भत्ते का नया ढांचा भी सुझाएगा। इसके अलावा, पैनल मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) की दरों की पूरी समीक्षा करेगा और आने वाले समय के लिए एक बेहतर फॉर्मूला तैयार करेगा। यात्रा भत्ता (TA) और अन्य विशेष भत्तों तथा रियायतों की भी बारिकी से जांच की जाएगी। चुनाव के दौरान किया गया यह वादा अब धरातल पर उतर चुका है, जिससे आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल के लाखों कर्मचारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:25 pm

धर्मेंद्र प्रधान के बाद क्या अब गौतम गंभीर देंगे इस्तीफा, सोशल मीडिया पर तेज हुई मांग, फैंस ने दिए ऐसे मजेदार रिएक्शन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद से देश की राजनीति और सोशल मीडिया पर एक अलग ही चर्चा छिड़ गई है। शनिवार (25 जुलाई) को दोपहर 2:18 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के तुरंत बाद, नेटिजन्स का रुख क्रिकेट की दुनिया की ओर मुड़ गया है। अब सोशल मीडिया पर टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के इस्तीफे की मांग जोर-शोर से उठने लगी है, जिसके पीछे हालिया खराब प्रदर्शन और सीरीज हार को मुख्य वजह बताया जा रहा है।क्यों उठी गौतम गंभीर के इस्तीफे की मांगगौतम गंभीर के कोचिंग कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े खिताब अपने नाम किए हैं, लेकिन इसके साथ ही टीम को कई शर्मनाक और ऐतिहासिक हार का भी सामना करना पड़ा है। हाल ही में भारत को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से करारी हार झेलनी पड़ी थी, जो किसी भी फॉर्मेट में आयरलैंड के खिलाफ टीम इंडिया की पहली सीरीज हार थी। इसके अलावा, मेन इन ब्लू को इंग्लैंड के खिलाफ भी टी20 सीरीज में 0-4 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। इन लगातार निराशाजनक प्रदर्शनों के बाद फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है और वे गंभीर को उनके पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर मीम्स और रिएक्शंस की बाढ़धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मौके को लपकते हुए गौतम गंभीर को निशाना बनाना शुरू कर दिया। एक्स (ट्विटर) पर एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में गंभीर की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि शिक्षा मंत्री के जाने के बाद अब हर किसी की निगाहें गौतम गंभीर पर टिकी हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके को टैग करते हुए लिखा कि अब गौतम गंभीर का भी इस्तीफा मांग लिया जाना चाहिए। इस बीच, मौजूदा समय में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की टी20 सीरीज में वीवीएस लक्ष्मण अंतरिम हेड कोच की भूमिका निभा रहे हैं, जिनकी देखरेख में टीम इंडिया ने पहला मुकाबला जीत लिया है। इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर फैंस यह कहते नजर आए कि गंभीर के मैदान से हटते ही टीम ने जीत की पटरी पर वापसी कर ली है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:23 pm

सीकर : नीमकाथाना में एसीजेएम संख्या-1 कोर्ट के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ रिश्वत लेते अरेस्ट

सीकर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सीकर जिले के नीमकाथाना में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) संख्या-एक न्यायालय के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि राठौड़ को शुक्रवार रात रेलवे स्टेशन […] The post सीकर : नीमकाथाना में एसीजेएम संख्या-1 कोर्ट के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:06 pm

उदयपुर में होटल की बालकनी से पिछोला झील में गिरी मासूम बालिका

उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर शहर के पिछोला झील में शनिवार को एक बालिका की डूबकर मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली निवासी सोनू सिंह तंवर अपनी पत्नी और दो वर्षीय बच्ची के साथ उदयपुर घूमने आए थे। यह परिवार यहां पिछोला झील के किनारे होटल जगत निवास में ठहरा था। सुबह वह […] The post उदयपुर में होटल की बालकनी से पिछोला झील में गिरी मासूम बालिका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:57 pm

सीजेपी ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे का किया स्वागत, मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा का स्वागत किया है लेकिन कहा है कि छात्रों का आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। सीजेपी के नेताओं ने शनिवार को यहां जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों की तीन […] The post सीजेपी ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे का किया स्वागत, मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:50 pm

CJP का आंदोलन खत्म, साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोचों का ऐलान, सभी प्रदर्शनकारी घर जाएं

CJP protest ended: स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‍डा और केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) ने शनिवार को प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। सीजेपी के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 5:44 pm

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत, अब मोदी मांगे युवाओं से माफी : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा है कि यह केवल शुरुआत है और असली लड़ाई तो अभी बाकी है। पार्टी ने कहा कि पहली मांग मान ली गई है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं […] The post धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत, अब मोदी मांगे युवाओं से माफी : कांग्रेस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:35 pm

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कहा हाल के घटनाक्रम से मन दुःखी

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले विद्यार्थियों के धरना-प्रदर्शन और विपक्षी दलों के दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आज दोपहर […] The post केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कहा हाल के घटनाक्रम से मन दुःखी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:25 pm

पेपर लीक माफिया पर सीएम योगी का बड़ा प्रहार: दोषियों की संपत्ति होगी जब्त, चलेगा बुलडोजर! संसद में आएगा और भी सख्त कानून

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और भविष्य में पेपर लीक जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार संसद में सख्त कानून लाएगी।

देशबन्धु 25 Jul 2026 5:02 pm

देवशयनी एकादशी से शुरू हुआ चातुर्मास: 4 महीने तक न करें ये काम, इन राशियों की चमकेगी किस्मत

आज देवशयनी एकादशी है और इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत हो चुकी है। मान्यता है कि यह वह समय होता है जब भगवान विष्णु पूरे चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस दौरान सृष्टि के संचालन का कार्यभार अन्य देवी-देवताओं, विशेषकर भगवान शिव के हाथों में होता है।चातुर्मास (जिसे चौमासा भी कहा जाता है) के इन चार महीनों में शादी-विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। अब सभी शुभ कार्यों की शुरुआत 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के दिन से होगी। भले ही यह समय सांसारिक उत्सवों का नहीं है, लेकिन पूजा-पाठ, जप और साधना के लिए इसे बहुत फलदायी माना गया है।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चातुर्मास के ये चार महीने 4 विशेष राशियों के लिए बहुत लकी साबित होने वाले हैं। आइए जानते हैं किन राशियों पर रहेगी भगवान विष्णु की विशेष कृपा:वृष राशि (Taurus): तरक्की और मुनाफावृष राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से काफी मजबूती लेकर आ रहा है। अगर आपका कोई काम लंबे समय से रुका हुआ था, तो अब उसे गति मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों के काम की ऑफिस में सराहना होगी और बॉस की तरफ से नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। वहीं, व्यापार से जुड़े लोगों को इस दौरान अच्छा मुनाफा होने की पूरी उम्मीद है।कर्क राशि (Cancer): अटका हुआ धन मिलेगाइस दौरान कर्क राशि के जातकों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ रहेगा। आपकी सही फैसले लेने की क्षमता मजबूत होगी, जिसका सीधा फायदा आपको अपने कार्यक्षेत्र (Workplace) में मिलेगा। सबसे अच्छी खबर यह है कि अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ था या किसी ने उधार लिया था, तो वह इस समय वापस मिल सकता है।सिंह राशि (Leo): मान-सम्मान और बड़ी सफलतासिंह राशि वालों के लिए यह समय अपनी मेहनत का मीठा फल चखने का है। आपके करियर में अच्छी प्रगति देखने को मिलेगी, जिससे परिवार और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। अगर आप किसी बड़े लक्ष्य या प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, तो उसमें आपको बड़ी सफलता मिल सकती है।तुला राशि (Libra): नए आय के स्रोत और पारिवारिक शांतितुला राशि के जातकों के लिए चातुर्मास का यह समय करियर और निजी जीवन, दोनों ही मोर्चों पर शानदार रहने वाला है। आपको कमाई के कुछ नए रास्ते मिल सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति में बड़ा और सकारात्मक सुधार आएगा। इसके अलावा, अगर परिवार में कोई अनबन या मतभेद चल रहा था, तो वह भी सुलझ जाएगा और घर में शांति का माहौल रहेगा।क्या आप इस लेख में पाठकों की जानकारी बढ़ाने के लिए चातुर्मास के दौरान किए जाने वाले कुछ विशेष उपायों या पूजा-विधि को भी शामिल करना चाहेंगे?

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:55 pm

स्मार्टफोन की कीमतें क्यों छू रही हैं आसमान? इन 5 कारणों से समझें क्या आगे और महंगे होंगे मोबाइल

पिछले कुछ महीनों में बजट से लेकर प्रीमियम सेगमेंट तक लगभग हर स्मार्टफोन की कीमत में जबरदस्त उछाल आया है। फोन के महंगे होने की वजह सिर्फ आम महंगाई नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता दखल, महंगी मेमोरी चिप्स और मैन्युफैक्चरिंग लागत में हुई बढ़ोतरी है।अगर आप भी नया फोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं और बढ़ती कीमतों से परेशान हैं, तो आइए एक टेक और बिजनेस एनालिस्ट के नजरिए से समझते हैं स्मार्टफोन के महंगे होने के 5 सबसे बड़े कारण।स्मार्टफोन के महंगे होने की 5 मुख्य वजहें1. AI के कारण मेमोरी चिप्स का महंगा होनादुनिया भर में AI डेटा सेंटर और सर्वर की मांग तेजी से बढ़ रही है।चिप बनाने वाली कंपनियां अब स्मार्टफोन के बजाय AI के लिए इस्तेमाल होने वाली चिप्स के निर्माण पर ज्यादा फोकस कर रही हैं।इससे स्मार्टफोन की रैम (RAM) और स्टोरेज की लागत 2 से 3 गुना तक बढ़ गई है। पहले फोन की कुल लागत में मेमोरी का हिस्सा 10-15% होता था, जो अब बढ़कर 30-40% हो गया है।2. ऑन-डिवाइस AI और उन्नत हार्डवेयरआजकल हर नया फोन ऑन-डिवाइस AI फीचर्स, हाई-एंड कैमरा और ज्यादा रैम के साथ आ रहा है। इन एडवांस्ड फीचर्स को सुचारू रूप से चलाने के लिए ताकतवर प्रोसेसर और महंगे हार्डवेयर की आवश्यकता होती है, जिससे कंपनियों का प्रोडक्शन खर्च सीधा बढ़ जाता है।3. कमजोर रुपया और सप्लाई चेन का दबावस्मार्टफोन के कई अहम कंपोनेंट्स आज भी आयात किए जाते हैं।अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी ने आयात लागत को काफी बढ़ा दिया है।इसके साथ ही ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव और लॉजिस्टिक्स (परिवहन) खर्च में हुई बढ़ोतरी ने भी कंपनियों को कीमतें बढ़ाने पर मजबूर किया है।4. बजट स्मार्टफोन बाजार पर सबसे भारी असरबढ़ती लागत की सबसे बड़ी मार 15,000 रुपये से कम कीमत वाले बजट स्मार्टफोन्स पर पड़ी है।काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) के अनुसार, इस बजट सेगमेंट की बिक्री में सालाना आधार पर 45% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन का भी कहना है कि फोन महंगे होने से खुदरा (रिटेल) बिक्री काफी धीमी पड़ गई है।5. क्या भविष्य में और महंगे होंगे फोन?इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मानें तो फिलहाल आम आदमी को मोबाइल की कीमतों से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।चिप्स की कमी और AI सर्वर की बढ़ती मांग के कारण कंपोनेंट्स आगे भी महंगे बने रह सकते हैं।लागत को संतुलित करने के लिए कंपनियां अब फोन के बॉक्स से चार्जर हटाने, 4G मॉडल्स पर दोबारा जोर देने और ग्राहकों को फाइनेंस/EMI ऑफर्स देने जैसे कदम उठा रही हैं।क्या आप इस लेख को अपने पाठकों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया (जैसे Facebook या X) के लिए एक छोटा और आकर्षक पोस्ट भी तैयार करवाना चाहेंगे?

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:52 pm

NEET पेपर लीक विवाद: छात्रों के दबाव में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा! जानिए उनके कार्यकाल की 5 बड़ी उपलब्धियां और प्रमुख विवाद

देशभर में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर चल रहे भारी बवाल और लगातार बढ़ते राजनीतिक व सामाजिक दबाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे पहले दिन से ही इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी ले रहे थे। आपको बता दें कि सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में छात्र पिछले एक महीने से भी अधिक समय से उनके इस्तीफे पर अड़े थे। यहां तक कि मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्रों के समर्थन में लंबी भूख हड़ताल की थी। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, आइए एक नजर डालते हैं धर्मेंद्र प्रधान के बतौर शिक्षा मंत्री कार्यकाल की प्रमुख सफलताओं और विवादों पर।धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियांउनके कार्यकाल में भारतीय शिक्षा प्रणाली में कई दूरगामी और सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं, जिन्होंने एजुकेशन सिस्टम की दिशा बदल दी।CUET की शुरुआत: देश के सभी केंद्रीय और प्रमुख विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट एडमिशन को पारदर्शी और एक समान बनाने के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) को सफलतापूर्वक लागू किया गया।सस्ती और सुलभ पाठ्यपुस्तकें: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत NCERT की नई किताबें तैयार की गईं। इनकी छपाई क्षमता तीन गुना तक बढ़ाई गई, जिससे बाजार में किताबों के दाम कम हुए और अभिभावकों को बड़ी आर्थिक राहत मिली।विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में एंट्री: उच्च शिक्षा को ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने के लिए NEP 2020 के तहत 19 विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने की ऐतिहासिक मंजूरी दी गई।हायर एजुकेशन और सिंगल रेगुलेटर: मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) और 4 साल के ग्रेजुएशन प्रोग्राम (FYUP) पर खास जोर दिया गया। इसके अलावा यूजीसी और एआईसीटीई जैसी संस्थाओं को मिलाकर एक सिंगल रेगुलेटर बनाने के लिए ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ पेश किया गया।कार्यकाल से जुड़े वो विवाद, जिन्होंने बढ़ाई सरकार की चिंताजहां एक ओर शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधार हुए, वहीं कुछ बड़ी राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई धांधली ने सरकार को बैकफुट पर भी धकेला।NEET-UG 2024 और 2026 का पेपर लीक: नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में धांधली और अनियमितताओं के आरोपों ने लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए। देशभर में हुए उग्र विरोध प्रदर्शनों ने सरकार की चिंताएं काफी बढ़ा दीं।डिजिटल मूल्यांकन में तकनीकी खामी: सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में पहली बार इस्तेमाल हुई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली तकनीकी खराबी और धुंधली कॉपियों के कारण काफी विवादों में रही।त्रिभाषा फॉर्मूले और UGC नियमों पर तकरार: कक्षा 9 में त्रिभाषा नीति लागू करने पर तमिलनाडु समेत कई गैर-हिंदी भाषी राज्यों ने केंद्र पर 'हिंदी थोपने' का आरोप लगाया। वहीं, यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर भी शिक्षा जगत और सामाजिक हलकों में भारी विरोध देखा गया।इन तमाम महत्वपूर्ण उपलब्धियों और गंभीर विवादों के बीच धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:50 pm

NEET विवाद के 37 दिन बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: जानिए वे 5 बड़े कारण, जिनसे मोदी कैबिनेट के कद्दावर मंत्री को गंवानी पड़ी कुर्सी

नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। लगभग 37 दिनों से जंतर-मंतर पर डटे छात्रों के लगातार बढ़ते दबाव के बाद आखिरकार भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।इस्तीफा देते हुए उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर पर जो स्थिति बनी हुई है, उससे देश की एकता और अखंडता को खतरा हो सकता है। युवाओं का भविष्य बर्बाद न हो और वे कानूनी पेचीदगियों में न फंसे, इसी को देखते हुए उन्होंने अपना त्यागपत्र सौंपने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान ऐसे पहले मंत्री हैं, जिन्हें किसी विरोध-प्रदर्शन के दबाव में अपना पद छोड़ना पड़ा है। 2014 से सरकार में रहे प्रधान को मोदी कैबिनेट का काफी कद्दावर मंत्री माना जाता था और वे इससे पहले पेट्रोलियम व इस्पात जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके थे।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के 5 मुख्य कारण1. छात्र और विपक्ष का कड़ा रुखजंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी रही। सीजेपी के प्रतिनिधियों (सौरव दास और आशुतोष रांका) ने स्पष्ट कर दिया था कि प्रदर्शन तभी खत्म होगा जब शिक्षा मंत्री पद छोड़ेंगे। इसके साथ ही 10 जनपथ से छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी साफ कर दिया था कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।2. संसद से लेकर सड़क तक मची अफरा-तफरी20 जुलाई से शुरू हुए संसद सत्र के शुरुआती 5 दिनों में लगातार हंगामे के कारण राज्यसभा और लोकसभा दोनों की कार्यवाही ठप रही। वहीं, दिल्ली के अलावा बिहार (पटना, सीवान), महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बीजेपी शासित राज्यों में भी छात्रों का विरोध-प्रदर्शन उग्र रूप लेने लगा था, जिससे केंद्र सरकार पर दबाव बहुत अधिक बढ़ गया था।3. डैमेज कंट्रोल में नाकामी3 मई को हुए नीट पेपर लीक के बाद खड़े हुए इस विवाद को शिक्षा मंत्रालय ठीक से नहीं संभाल सका। शुरुआती दौर में सरकार की ओर से प्रदर्शन को नजरअंदाज किया गया। जब विवाद बेकाबू हो गया, तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करते हुए सख्त कानून बनाने की घोषणा करनी पड़ी, जबकि शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान डैमेज कंट्रोल करने में असफल रहे।4. अड़ियल रवैया और छात्रों से संवाद का अभावधर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे उनका अड़ियल रवैया और छात्रों से सीधे संवाद न बनाना भी बड़ी वजह माना जा रहा है। जहां कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं ने किसान आंदोलनों के दौरान चंडीगढ़ जाकर बातचीत से मसले सुलझाए, वहीं धर्मेंद्र प्रधान इस पूरे विवाद के दौरान प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं से पूरी तरह कटे रहे।5. एनटीए की लापरवाही और सिफारिशों को लागू न करनावर्ष 2024 में भी नीट पेपर लीक होने के बाद डॉ. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। कमेटी द्वारा दिए गए सुझावों को पूर्ण रूप से लागू न किए जाने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की लगातार हो रही लापरवाहियों की नैतिक जिम्मेदारी भी आखिरकार शिक्षा मंत्री के सिर आई, जिसके चलते उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:48 pm

NEET Protest Jantar Mantar: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर से छात्रों में जश्न, CJP ने सरकार के सामने रखी 2 नई मांगें

नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली को लेकर देशभर में चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर से एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिए जाने की खबर फैलते ही वहां डटे हजारों छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने जोरदार जश्न मनाया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए इसे लोकतंत्र और युवा शक्ति की ऐतिहासिक जीत करार दिया। उन्होंने इस सफलता को उन मासूम छात्रों को समर्पित किया, जिन्होंने नीट विवाद और पेपर लीक के भारी तनाव में आकर अपनी जान गंवा दी थी।‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’जंतर-मंतर के मंच से उत्साहित समर्थकों को संबोधित करते हुए दीपके ने सरकार पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि इस सरकार में कोई मंत्री इस्तीफा नहीं देता, लेकिन छात्रों की एकजुटता ने साबित कर दिया है कि अगर झुकाने वाला हो तो दुनिया झुकती है और हमने यह कर दिखाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम कॉकरोच हैं और इतनी जल्दी यहां से जाने वाले नहीं हैं। लोकतंत्र में डरने के बजाय अपने हक के लिए बोलना सीखना सबसे जरूरी है। उनके इस जोशीले भाषण के बाद वहां मौजूद छात्रों का उत्साह और भी बढ़ गया।CJP ने दबाव बढ़ाते हुए रखीं 2 और बड़ी मांगेंशिक्षा मंत्री के इस्तीफे की पहली और सबसे बड़ी मांग पूरी होने के बाद अब सीजेपी ने अपनी बाकी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव तेज कर दिया है। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नीट विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले सभी मृतक छात्रों के पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का वित्तीय मुआवजा तुरंत दिया जाए। इसके साथ ही, देशभर में चल रहे इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा नेताओं के खिलाफ दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमे बिना शर्त वापस लिए जाएं। सीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी यह ऐलान किया है कि जब तक ये दोनों मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष सड़कों पर इसी तरह जारी रहेगा।बिहार बंद का दिखा उग्र असरदिल्ली में जहां एक तरफ जश्न और दबाव की रणनीति चल रही है, वहीं दूसरी तरफ नीट धांधली के विरोध में बुलाए गए 'बिहार बंद' ने काफी उग्र रूप ले लिया है। पटना, भागलपुर से लेकर औरंगाबाद तक छात्रों का भारी गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:47 pm

NEET विवाद में छात्रों की बड़ी सफलता: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जंतर-मंतर पर जश्न, जानिए खरगे और केजरीवाल ने क्या कहा?

देशभर में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर चल रहे भारी आक्रोश और छात्र आंदोलन ने आखिरकार एक नया मोड़ ले लिया है। एक महीने से अधिक समय तक जंतर-मंतर पर चले विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। छात्रों की अहम मांग पूरी होने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है और युवा इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बता रहे हैं।धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे की क्या वजह बताई?सोशल मीडिया पर अपने विस्तृत पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले दिन से इस स्थिति की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने लिखा कि वे नहीं चाहते कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया या कानूनी पेचीदगियों में उलझे। देश में भ्रम का फायदा राष्ट्र विरोधी ताकतें न उठाएं, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। उन्होंने यह भी संकल्प दोहराया कि वे आगे भी देश और ओडिशा के युवाओं के लिए काम करते रहेंगे। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नागपुर से अचानक दिल्ली बुलाया गया है।विपक्ष और छात्र संगठनों ने बताया 'लोकतंत्र की जीत'शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर आते ही विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखा प्रहार किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे सत्य की जीत और 'सत्ता के हठ की हार' करार दिया। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री को उन छात्रों से माफी मांगनी चाहिए जिन पर लाठियां और पैलेट गन (Pellet Guns) चलाई गईं। वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसे युवा शक्ति की जीत बताया। दिग्गज नेता शरद पवार ने भी छात्रों के लगातार 28 दिनों के अटूट संघर्ष की सराहना करते हुए इसे अन्याय के खिलाफ बड़ी सफलता माना है।सोनम वांगचुक और CJP की प्रतिक्रियासामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिन्होंने इस मुद्दे पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी, ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे देश की 'जेन ज़ेड' (Gen Z) और शांतिपूर्ण आंदोलन की जीत बताया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी जंतर-मंतर पर जश्न मनाते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है। CJP ने अपनी मांगों की लिस्ट अपडेट कर दी है, जिसमें पीड़ित परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने और पुलिस द्वारा सार्वजनिक माफी की मांगें अभी भी पेंडिंग हैं, जिन पर जंतर-मंतर और पूरा देश सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:45 pm

NEET पेपर लीक विवाद के बीच क्या सच में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा? जानिए जंतर-मंतर के प्रदर्शन और सोशल मीडिया के इस दावे का पूरा सच

देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक मामले और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से फैलाया जा रहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कतिपय पोस्ट्स और संदेशों में कहा जा रहा है कि जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों, भूख हड़ताल और विभिन्न संगठनों की मांगों के दबाव में आकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है।सरकार और PIB ने खारिज की इस्तीफे की अफवाहआधिकारिक सूत्रों और पीआईबी (PIB Fact Check) ने इस तरह के सभी बयानों और वायरल संदेशों का पूरी तरह खंडन किया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से कोई इस्तीफा नहीं दिया है। सोशल मीडिया पर चल रहे बयानों और टेक्स्ट मैसेजेस में कई मनगढ़ंत बातें, काल्पनिक संगठनों के नाम और असत्य दावे जोड़े गए हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।परीक्षा प्रणाली में सुधार और कड़े कानून पर सरकार का जोरकेंद्र सरकार का स्पष्ट कहना है कि मंत्री के पद छोड़ने के बजाय प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की है। सरकार NTA के पुनर्गठन, पेपर लीक रोधी कड़े कानून (Public Examinations Bill) को लागू करने और धांधली में शामिल भू-माफिया व कोचिंग सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:43 pm

नीट पेपर लीक विवाद: 'बिहार बंद' में भारी उपद्रव, कई जिलों में पुलिस पर पथराव; छपरा में उग्र भीड़ ने फूंकी पुलिस जीप

नीट पेपर लीक मामले में छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों के आह्वान पर शनिवार को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान कई जिलों में प्रदर्शन हिंसक हो गया। राजधानी पटना, सीवान, छपरा और औरंगाबाद समेत कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई।

देशबन्धु 25 Jul 2026 4:22 pm

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक बोले- यह लोकतंत्र की जीत, अब शिक्षा सुधारों की बारी

गुरुग्राम: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक घटनाक्रम नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण जनभागीदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों की सफलता का प्रतीक है। मेदांता अस्पताल में उपचार के दौरान वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए आंदोलन में शामिल युवाओं, छात्रों और देशभर के नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तब मजबूत होता है, जब नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हैं और व्यवस्था उनकी आवाज सुनती है। उनके अनुसार, यह घटनाक्रम जनता की एकजुटता और लोकतांत्रिक जवाबदेही का उदाहरण है। शांति, धैर्य और निरंतर संघर्ष की जीत अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने लिखा कि यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत है, जो सड़कों से उठकर लोकतांत्रिक संस्थाओं तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि यह शांति, धैर्य और लगातार किए गए संघर्ष की भी सफलता है। वांगचुक ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में सकारात्मक बदलाव तभी संभव होता है, जब नागरिक अहिंसक और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने आंदोलन में भाग लेने वाले युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद संयम बनाए रखा और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखा। युवाओं और नागरिकों को दी बधाई वांगचुक ने अपने संदेश में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), देश की जेन-ज़ेड पीढ़ी और उन सभी नागरिकों को बधाई दी, जिन्होंने आंदोलन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने बिना भय के अपनी आवाज उठाई और लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग किया। उनके अनुसार, जनता की एकजुटता ने यह संदेश दिया है कि शांतिपूर्ण जनआंदोलन भी जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होती है। जवाबदेही के बाद अब सुधारों पर जोर सोनम वांगचुक ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा किसी आंदोलन का अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा कि अब जवाबदेही तय होने के बाद शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और स्थायी सुधार लागू करने का समय है। उनके मुताबिक, यह अवसर केवल नेतृत्व परिवर्तन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि छात्रों का विश्वास बहाल करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। परीक्षा प्रणाली में सुधार की उठाई मांग वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए सुधारों का उद्देश्य विद्यार्थियों में भरोसा कायम करना और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करना होना चाहिए। NEET-UG विवाद की पृष्ठभूमि में आया बयान धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्र आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों की ओर से परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग लगातार उठाई जाती रही है। इसी संदर्भ में सोनम वांगचुक का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं। लोकतंत्र में संवाद और सुधार की आवश्यकता अपने संदेश के अंत में वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता की आवाज और व्यवस्था की जवाबदेही में निहित होती है। उन्होंने कहा कि अब समय विरोध और जवाबदेही से आगे बढ़कर सकारात्मक बदलाव लाने का है। उनके अनुसार, यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वास को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो यह छात्रों और देश दोनों के हित में होगा।

देशबन्धु 25 Jul 2026 4:09 pm