हूतियों से बातचीत के बाद अमेरिका का यू-टर्न, सऊदी की मदद से बनाई दूरी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक वाशिंगटन ने यमन में सीधे हस्तक्षेप करने से दूरी बना ली है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हूतियों ने यमन के लाल सागर के तट के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है.
मणिपुर में दो आतंकियों की गिरफ्तारी, सुरक्षा कर्मियों पर फायरिंग; हथियार बरामद
मणिपुर में एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़े दो आतंकवादियों को सीआरपीएफ और एसएसबी कर्मियों पर फायरिंग में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया है।
दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी और उनके परिवार से जुड़ी चेन्नई की 2.70 एकड़ जमीन के संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फिल्म निर्माता बोनी कपूर, जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर को नोटिस जारी किया।
'कर्ज वसूली के नाम पर मनमानी नहीं', वाहन जब्ती पर सुप्रीम कोर्ट ने RBI को दिए सख्त निर्देश
कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि वित्तीय संस्थान किसी भी नागरिक को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के उसकी आजीविका से वंचित नहीं कर सकते।
Scorpio Aaj Ka Rashifal: छोटी बात भी करेगी गहरा असर, भावनाओं पर रखें नियंत्रण
Scorpio Horoscope Today 17 September 2026, Vrishchik Rashifal: हर व्यक्ति की बात में छिपा अर्थ खोजने से अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है. कपड़े, व्यवहार, काम करने की शैली या किसी निजी योजना में बदलाव का विचार आ सकता है.
Libra Aaj Ka Rashifal: खर्च और भुगतान पर बढ़ेगी चिंता, गुस्से में कही बात पड़ सकती है भारी
Libra Horoscope Today 17 September 2026, Tula Rashifal: आज धन, परिवार और वाणी से जुड़े विषय आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण रहेंगे. सामने वाला व्यक्ति आपकी बात को किस अर्थ में लेगा, इसका ध्यान रखना होगा.
Virgo Aaj Ka Rashifal: तीखी बात बिगाड़ सकती है संबंध, बातचीत में संयम रखना होगा जरूरी
Virgo Horoscope Today 17 September 2026, Kanya Rashifal: एक छोटी बहस अनावश्यक रूप से बड़ा विवाद बन सकती है. किसी वरिष्ठ या अनुभवी व्यक्ति से मिली सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है.
युवती के कथित अपहरण से हड़कंप, कार ने कई गाड़ियों को मारी टक्कर, 6 घायल
बेंगलुरु में एक युवती के कथित अपहरण से इलाके में हड़कंप मच गया. लोगों ने युवती का अपहरण कर भाग रही गाड़ी का पीछा किया और युवती को बचाया. पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया है.
Leo Aaj Ka Rashifal: घर में खर्च और बदलाव की स्थिति, करियर के फैसले न लें जल्दबाजी में
Leo Horoscope Today 17 September 2026, Singh Rashifal: मां की सलाह को मानना लाभकारी रहेगा. आज मन का ध्यान बाहरी उपलब्धियों से हटकर निजी जीवन और घर से संबंधित विषयों पर अधिक जा सकता है.
Cancer Aaj Ka Rashifal: पैसे से जुड़े फैसलों में रखें सावधानी, निवेश से पहले लें पूरी जानकारी
Cancer Horoscope Today 17 September 2026, Kark Rashifal: लंबे समय से रुकी किसी रचनात्मक योजना को दोबारा शुरू करने की प्रेरणा मिल सकती है.प्रेम संबंधों में भावनाएं गहरी हो सकती हैं.
Gemini Aaj Ka Rashifal: दूसरे के विवाद में पड़ने से बचें, कर्ज से जुड़े मामलों में सावधान
Gemini Horoscope Today 17 September 2026, Mithun Rashifal: कार्यक्षेत्र में किसी व्यक्ति से विचारों का मतभेद हो सकता है. ऋण या विवाद से जुड़े मामलों में सावधानी विशेष रूप से जरूरी है.
Taurus Aaj Ka Rashifal: रिश्तों में छोटी बात बन सकती है तनाव की वजह, समझदारी से संभालें स्थिति
Taurus Horoscope Today 17 September 2026, Vrishabh Rashifal: व्यापार में किसी साझेदार के साथ भविष्य की योजना पर बातचीत हो सकती है. दांपत्य जीवन में छोटी बात को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाने से तनाव बढ़ सकता है.
हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again
भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
अन्नपूर्णा योजना: PM मोदी के जन्मदिन पर ₹3000 का तोहफा, इन महिलाओं के खाते में आएंगे पैसे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर पश्चिम बंगाल सरकार अन्नपूर्णा दिवस के रूप में मना रही है। इस मौके पर राज्य की अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 3000 रुपये की मासिक सहायता भेजने जा रही है।
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लिफ्ट दी फिर जंगल ले गए: ओडिशा में दो आदिवासी युवतियों के साथ दुष्कर्म, पांच गिरफ्तार; क्या है पूरा मामला?
टीएमसी का घमासान: ममता और ऋतब्रत गुट की आज चुनाव आयोग के सामने पेशी, बंगाल उपचुनाव से पहले सुनवाई क्यों अहम? tmc-symbol-row-mamata-banerjee-ritabrata-factions-ec-hearing-september-17-before-nandigram-rejinagar-bypoll
रिश्वत के ₹40 लाख लेते पकड़े गए CGST अफसर, बॉम्बे HC ने CBI कस्टडी में भेजा
CBI की एंटी करप्शन ब्रांच ने CGST अफसर के खिलाफ 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत के मामले में बड़ी कार्रवाई की. बॉम्बे हाई कोर्ट ने आरोपियों को दो दिन की CBI कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जाएंगे अमेरिका, ट्रेड डील पर होगी चर्चा; किस पर बनी अंडरस्टैंडिंग?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल G20 बैठक में शामिल होने के लिए अमेरिका जाएंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी.
जावेद अली खान कौन? जिन पर स्पीकर ओम बिरला ने चल दिया 'प्रेशर कुकर' वाला दांव
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बुधवार को एफसीआरए संशोधन विधेयक की जांच कर रही जेपीसी में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान और एनपीपी के जेम्स संगमा को विशेष आमंत्रित सदस्य बना दिया। यह फैसला उस समिति में हुआ है, जिसे विपक्ष के विरोध के बाद विधेयक की समीक्षा के लिए बनाया गया था।
भारत उभरती प्रौद्योगिकियों के अग्रणी देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखे: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में शुरुआती अग्रणी देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी के 1500 उपहारों की आज से होगी ई-नीलामी, जानें लिस्ट में कौन-कौन से गिफ्ट शामिल?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले लगभग 1,500 यादगार उपहारों की ई-नीलामी 17 सितंबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक चलेगी।
CJP का आज से 'आदिवासी स्कूल ठीक करो कैंपेन', अभिजीत दिपके ने सरकार को घेरा
CJP आज से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत करने वाली है. CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य आदिवासी छात्रों की समस्याओं और उनके साथ होने वाले भेदभाव की ओर सरकार का ध्यान खींचना है.
इंडिया बनेगा सेमीकंडक्टर हब: PM मोदी ने ग्लोबल और इंडियन CEOs के साथ की मीटिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ग्लोबल और भारतीय सेमीकंडक्टर कंपनियों के CEOs के साथ बैठक की.
पीएम मोदी बर्थडे: देश भर में आज से स्वच्छता ही सेवा अभियान शुरू, युवाओं को जोड़ने पर होगा फोकस
केंद्र सरकार ने 17 सितंबर से 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान का नया चरण शुरू किया है, जिसमें प्रधानमंत्री के जन्मदिन से लेकर गांधी जयंती तक देश भर में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
CBI ने अमेरिकी संस्था TTI और उससे जुड़े कई लोगों के खिलाफ विदेशी फंडिंग मामले में FIR दर्ज की है. आरोप है कि विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में करोड़ों रुपये नकद निकाले गए .
TMC पार्टी और चुनाव चिह्न किसके? आज चुनाव आयोग में सुनवाई
TMC के नाम, संगठन पर नियंत्रण और चुनाव चिह्न को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुट आमने-सामने हैं. दोनों गुट गुरुवार को चुनाव आयोग के सामने अलग-अलग अपना पक्ष रखेंगे. नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से पहले आयोग के रुख पर सबकी नजर है.
बाल यौन शोषण सामग्री विज्ञापनों के मामले में मेटा इंडिया के अधिकारी एनसीपीसीआर के सामने दूसरी बार पेश हुए।
उत्तर प्रदेश से 22 सितंबर से विदा हो सकता है Monsoon, IMD ने दी जानकारी
दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर प्रदेश से जल्द ही विदा होने की संभावना के बीच राज्य मौसम विभाग ने 22 सितंबर से प्रदेश में मौसम शुष्क होने की उम्मीद जतायी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों के मुताबिक सौराष्ट्र और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर से शुरू होकर बीकानेर, चूरू, बरेली, गोरखपुर, पटना, रांची और कोलकाता होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैला कम दबाव वाला क्षेत्र अभी राज्य के मौसम को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बताया कि इसके असर से अरब सागर से आई नमी के कारण बुधवार को उत्तर प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है और संभावना है कि 22 सितंबर से दक्षिण-पश्चिमी मानसून उत्तर प्रदेश से विदा हो जाएगा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को उत्तर प्रदेश में 1.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 6.1 मिलीमीटर होती है। इस तरह बारिश सामान्य से 71 प्रतिशत कम रही। एक जून से 16 सितंबर तक राज्य में 669.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 698.1 मिलीमीटर है। इस अवधि में बारिश सामान्य से चार प्रतिशत कम रही। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बुधवार को 1.6 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 6.6 मिमी से 76 प्रतिशत कम है। इस मानसून सत्र में यहां 670 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 740.9 मिमी है यानी बारिश 10 प्रतिशत कम रही। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुधवार को दो मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 5.2 मिलीमीटर है। मानसून सत्र में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुल 668.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 638.1 मिलीमीटर से पांच प्रतिशत अधिक है। इस बीच, बुधवार को प्रयागराज (29.9 मिमी), कानपुर और हमीरपुर (19.0 मिमी), चुर्क (5.6 मिमी) और बहराइच (3.2 मिमी) में अच्छी-खासी बारिश दर्ज की गयी। लखनऊ में बुधवार को अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री ज़्यादा था, जबकि न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.7 डिग्री ज़्यादा था। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में सबसे ज्यादा 36 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान बाराबंकी और आगरा में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम 22.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान नजीबाबाद में दर्ज किया गया।
वायु प्रदूषण से बढ़ सकता है आत्महत्या का खतरा, रिसर्च में बड़ा दावा
वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से आत्महत्या और आत्मघाती विचारों का खतरा बढ़ सकता है, जिसमें पीएम2.5, पीएम10 और नाइट्रोजन डाईऑक्साइड प्रमुख प्रदूषक हैं।
मेडिकल सामान पर 2000% तक मुनाफा! NDTV से मंत्री चंद्रशेखर बोले- इसकी जांच कराएंगे
अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले मेडिकल कंज्यूमेबल्स की खरीद कीमत और एमआरपी के बीच 2000% तक के भारी अंतर पर तुकाराम मुंडे ने सवाल उठाया है.
CM विजय का फर्जी VIDEO बनाकर लोगों को लगाया चूना, आरोपी गिरफ्तार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का AI से तैयार डीपफेक वीडियो बनाकर लोगों से आर्थिक मदद के नाम पर ठगी करने के मामले में राजस्थान के अलवर से आरोपी गिरफ्तार हुआ है. तमिलनाडु क्राइम ब्रांच-CID की जांच में डिजिटल सुरागों के जरिए पुलिस लक्ष्मणगढ़ पहुंची. आरोपी के मोबाइल से कथित तौर पर डीपफेक वीडियो और ठगी से जुड़े सबूत मिले हैं.
DUSU चुनाव से पहले नॉर्थ कैंपस में बवाल, NSUI-ABVP के छात्र गुटों में हुई झड़प; 2 छात्र घायल
ABVP ने NSUI से जुड़े लोगों पर हमले का आरोप लगाया है, जबकि NSUI ने आरोपों को खारिज कर दिया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
Prayagraj में पूर्व प्रधान की हत्या के मामले में मुठभेड़ के बाद 4 आरोपी गिरफ्तार
प्रयागराज जिले में गंगा नगर के हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुई पूर्व ग्राम प्रधान पवन कुमार यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने बुधवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने यह जानकारी दी। डीसीपी (गंगा नगर) कुलदीप गुनावत ने बताया कि मंगलवार शाम पवन कुमार यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसके बाद हंडिया थाने में अशोक कुमार यादव की तहरीर पर तीन अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर विनोद कुमार यादव और बृजेश कुमार यादव को बुधवार दोपहर में हंडिया थानाक्षेत्र में सराय कस्तूरी बाग के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक अभियुक्त विनोद कुमार यादव ने पूछताछ करने पर बताया कि उसने चुनावी रंजिश के चलते पवन कुमार यादव की हत्या कराई है। इस घटना को जितेंद्र उर्फ लल्ला यादव और निहाल अहमद ने अंजाम दिया। डीसीसी ने बताया कि विनोद कुमार द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस टीम जसवा क्षेत्र में नहर रोड स्थित एक बाग के पास पहुंची जहां पुलिस टीम को देखकर दो संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल से भागने लगे। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम ने उनका पीछा किया तो उन लोगों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। डीसीपी के मुताबिक पुलिस की जवाबी गोलीबारी में दोनों व्यक्तियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इनकी पहचान जितेंद्र उर्फ लल्ला यादव और निहाल अहमद के रूप में हुई। गुणावत ने कहा कि पुलिस टीम ने जितेंद्र के कब्जे से एक तमंचा, एक खोखा कारतूस और निहाल के कब्जे से एक तमंचा और एक कारतूस बरामद की। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि विनोद कुमार यादव और पवन कुमार यादव एक ही राजनैतिक दल के सदस्य थे जिनके बीच पंचायत चुनाव को लेकर रंजिश थी। पुलिस के मुताबिक विनोद कुमार यादव ने अपनी पत्नी को गांव में ही संविदा पर नौकरी पर रखवाया था जिसे पवन कुमार ने नौकरी से हटवा दिया था। इन्ही बातों को लेकर विनोद कुमार यादव की पवन कुमार यादव से दुश्मनी हो गयी थी। पुलिस के अनुसार पूछताछ से पता चला कि विनोद ने जितेन्द्र को 25,000 रुपये दिये थे। इस रकम से तमंचा और कारतूस खरीदा गया था। जितेन्द्र ने घटना को अंजाम देने के लिए अपने साथी बृजेश यादव और निहाल अहमद से संपर्क किया था।
अमेरिका के ईसाई मिशनरी समूह टीटीआई पर सीबीआई का शिकंजा, FCRA उल्लंघन का मामला दर्ज
सीबीआई ने अमेरिका स्थित ईसाई मिशनरी समूह 'द टिमोथी इनिशिएटिव' (टीटीआई) और उसके सदस्यों के खिलाफ विदेशी योगदान (नियमन) अधिनियम (FCRA) के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।
हूती का दावा- देसी मिसाइल से मार गिराया सऊदी अरब का F-15 फाइटर जेट
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के F-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है, जबकि सऊदी अरब ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है. हूतियों ने मारिब प्रांत के ऊपर विमान को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाने का दावा किया.
तेलंगाना में हैवानियत: पत्नी ने ससुराल जाने से किया मना, तो पति ने काट दी नाक
तेलंगाना में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की नाक काट दी। आरोप है कि पत्नी पति के घर लौटने को तैयार नहीं थी, इसलिए झगड़े के दौरान उसने यह हमला किया।
संगठित क्षेत्र के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों और नई नौकरियों में कदम रखने वाले युवाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य अंशदान के लिए तय वैधानिक वेतन सीमा (Wage Ceiling) को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने की दिशा में मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। यह संशोधन वर्ष 2014 के बाद यानी करीब 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद लागू किया जा रहा है, जब तत्कालीन सरकार ने इस सीमा को ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 किया था।बढ़ती महंगाई, जीवनयापन की लागत और निजी क्षेत्र में बढ़े हुए न्यूनतम वेतनमानों को देखते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा इस सीमा में संशोधन की सिफारिश लंबे समय से की जा रही थी। इस नीतिगत निर्णय से देश भर के औपचारिक कार्यबल (Formal Workforce) के लाखों ऐसे नए कर्मचारी ईपीएफओ के सामाजिक सुरक्षा दायरे में सीधे शामिल हो सकेंगे, जिनका मूल वेतन ₹15,000 से अधिक होने के कारण वे अब तक अनिवार्य पीएफ कवरेज से बाहर रह जाते थे।ईपीएफ और ईपीएस अंशदान का नया गणित: कैसे होगा ₹25,000 का बंटवारा?कर्मचारी भविष्य निधि नियमों के तहत प्रत्येक कर्मचारी और उसकी नियोक्ता कंपनी द्वारा मूल वेतन (Basic Salary) और महंगाई भत्ते (DA) का 12-12 प्रतिशत अंशदान जमा किया जाता है। वेतन सीमा बढ़ने से इस अनिवार्य गणना का आधार ₹15,000 की जगह ₹25,000 हो जाएगा।इस नए स्लैब के तहत प्रत्येक खाते में होने वाला प्रत्यक्ष मासिक बदलाव इस प्रकार रहेगा:कर्मचारी का ईपीएफ अंशदान: कर्मचारी का पूरा 12% हिस्सा सीधे कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाते में जमा होता है। ₹15,000 की सीमा पर यह अधिकतम ₹1,800 प्रति माह था, जो अब ₹25,000 की सीमा पर बढ़कर ₹3,000 प्रति माह हो जाएगा।कंपनी (नियोक्ता) का अंशदान: नियोक्ता के 12% हिस्से को दो भागों में बांटा जाता है:8.33% हिस्सा (कर्मचारी पेंशन योजना - EPS): पहले अधिकतम ₹1,250 कटता था, जो अब बढ़कर ₹2,083 प्रति माह हो जाएगा।3.67% हिस्सा (ईपीएफ खाता): पहले ₹550 जाता था, जो अब बढ़कर ₹917 प्रति माह हो जाएगा।कुल पीएफ फंड में मासिक जमा: कर्मचारी और नियोक्ता का कुल मिलाकर पीएफ खाते में जाने वाला पैसा ₹3,600 से बढ़कर सीधे ₹6,000 प्रति माह पर पहुंच जाएगा।टेक-होम सैलरी घटेगी या बढ़ेगी? समझिए वेतन पर्ची (Pay Slip) का वास्तविक असरवेतन सीमा में इस बढ़ोतरी का हर कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी (Take-Home Pay) पर मिला-जुला प्रभाव पड़ेगा। जिन कर्मचारियों का कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) मॉडल तय है, उनकी वेतन पर्ची में कटौती की संरचना बदल जाएगी।जिन कर्मचारियों का मूल वेतन ₹15,000 से अधिक (जैसे ₹25,000 या उससे ज्यादा) है, लेकिन उनकी कंपनी केवल ₹15,000 की न्यूनतम सीलिंग पर ही पीएफ काटती थी, उनकी जेब से अब पीएफ मद में हर महीने ₹1,200 अतिरिक्त कटेंगे। इसके साथ ही, नियोक्ता का ₹1,200 अतिरिक्त अंशदान भी सीटीसी का हिस्सा होने की स्थिति में ग्रॉस पे से समायोजित हो सकता है। इसका परिणाम यह होगा कि कर्मचारी की मासिक इन-हैंड सैलरी में लगभग ₹1,200 से ₹2,400 की तात्कालिक कमी दर्ज हो सकती है। हालांकि, यह कटौती कोई नुकसान नहीं है, बल्कि यह पैसा सरकार द्वारा गारंटीकृत 8.25% ब्याज दर के साथ भविष्य निधि खाते में सुरक्षित जमा होकर कंपाउंड होगा।ईपीएस पेंशन में 66.6% की सीधी छलांग: रिटायरमेंट पर सुरक्षित मासिक आयइस फैसले का सबसे क्रांतिकारी और दूरगामी असर कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) के तहत मिलने वाली मासिक पेंशन पर दिखाई देगा। ईपीएस पेंशन का निर्धारण पेंशन योग्य वेतन और कुल सेवा वर्षों के आधार पर तय फॉर्मूले से होता है:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{ ext{पेंशन योग्य वेतन} imes ext{सेवा वर्ष}}{70}$$अब तक इस फॉर्मूले में अधिकतम पेंशन योग्य वेतन ₹15,000 पर कैप था, जिसके कारण 35 साल की अधिकतम सेवा पूरी करने के बाद भी किसी कर्मचारी को ₹7,500 से अधिक मासिक पेंशन नहीं मिल पाती थी।अब आधार वेतन ₹25,000 होते ही पेंशन योग्य वेतन का दायरा 66.67% बढ़ जाएगा। इसका सीधा परिणाम यह होगा कि 35 साल की पूरी नौकरी करने वाले कर्मचारियों की अधिकतम मासिक पेंशन ₹7,500 से बढ़कर सीधे ₹12,500 प्रति माह हो जाएगी। 20 से 30 साल की सेवा पूरी करने वाले लाखों कर्मचारियों को भी उनकी सेवा अवधि के अनुपात में ₹3,000 से ₹4,500 तक की अतिरिक्त गारंटीकृत मासिक पेंशन का लाभ जीवनभर मिलेगा।नए कर्मचारियों और कंपनियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?इस सीमा संशोधन से उद्योगों और कर्मचारियों दोनों के लिए नियम बदल जाएंगे:नए कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कवरेज: अब जिस भी संस्थान में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां ₹25,000 तक के मूल वेतन वाले हर नए कर्मचारी को ईपीएफओ का सदस्य बनाना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।ईडीएलआई (EDLI) जीवन बीमा में इजाफा: ईपीएफ के साथ मिलने वाली एम्प्लॉईज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम के तहत मिलने वाला अधिकतम जीवन बीमा कवर भी वेतन सीमा के आधार पर तय होता है। वेतन सीमा बढ़ने से किसी अप्रिय घटना की स्थिति में कर्मचारी के आश्रितों को मिलने वाली बीमा सुरक्षा राशि में भी इजाफा होगा।कंपनियों की देनदारी बढ़ेगी: छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) पर अपने कर्मचारियों के वैधानिक पीएफ अंशदान के मद में वित्तीय भार बढ़ेगा, क्योंकि नियोक्ता को हर पात्र कर्मचारी पर ₹1,200 अतिरिक्त मासिक अंशदान का वहन करना पड़ सकता है।ईपीएफओ वेतन सीमा को ₹25,000 किए जाने का यह कदम अल्पकालिक रूप से हाथ में आने वाली नकदी को थोड़ा कम जरूर कर सकता है, लेकिन दीर्घकालिक नजरिए से यह भारतीय कार्यबल के रिटायरमेंट फंड, पेंशन सुरक्षा और सामाजिक संबल को अभूतपूर्व मजबूती देने वाला साबित होगा।
सिगरेट जलाने के लिए माचिस नहीं दी, तो चाकू मारकर ले ली जान, दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात
दिल्ली के केशवपुरम इलाके में सिगरेट जलाने के लिए माचिस मांगने को लेकर हुए विवाद में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया.
केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि हाल के वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ से प्रभावित बिहार के लोगों के साथ केंद्र सरकार मजबूती से खड़ी है और राज्य को हर संभव सहायता दी जाएगी। चौहान ने यह बात बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों के दौरे के दौरान कही। केंद्र सरकार उनके आकलन के आधार पर राज्य को दी जाने वाली केंद्रीय सहायता की मात्रा तय करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “आज बिहार में बाढ़ से हुई तबाही के बीच मैंने जमीनी स्थिति का आकलन किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। राज्य सरकार पूरी तत्परता के साथ राहत कार्यों में जुटी हुई है।”उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ वैशाली, मुंगेर और भागलपुर जिलों के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार के दल भी नुकसान का आकलन कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम बिहार के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।”चौहान और मुख्यमंत्री ने पटना जिले के मनेर तथा सारण जिले के दिघवारा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ वैशाली जिले के तेरसिया और सरायपुर गांवों में नाव और ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा प्रभावित लोगों और किसानों से बातचीत कर फसल क्षति का जायजा लिया। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, नेपाल और बिहार में हुई भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि से राज्य के 15 जिलों के लगभग 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। तेरसिया और सरायपुर गांवों के दौरे के बाद चौहान ने संवाददाताओं से कहा, “यह अब तक की सबसे भीषण बाढ़ है। मुझे बताया गया है कि इस बार पानी का स्तर 2016 की बाढ़ की तुलना में लगभग एक फुट अधिक है। मैंने किसानों को हुए नुकसान को भी देखा है।”उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर मैं जमीनी स्थिति और नुकसान का आकलन करने आया हूं। राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता दे रही है।”चौहान ने कहा कि एक अन्य केंद्रीय टीम भी बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने बिहार आएगी और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “बिहार सरकार ने हाल ही में प्रभावित परिवारों को राहत के रूप में 7,000 रुपये प्रति परिवार दिए हैं। स्थिति से निपटने में राज्य सरकार का कार्य संतोषजनक है।”बाद में चौहान और मुख्यमंत्री ने पटना में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक के बाद चौहान ने कहा, “बिहार में 15 स्थानों पर तटबंध टूटने का खतरा था। कई इलाके अब भी जलमग्न हैं, इसलिए नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो सका है। बिहार बाढ़ और सूखे, दोनों चुनौतियों से जूझ रहा है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर बाढ़ की स्थायी समस्या का समाधान खोज रही हैं।”इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने चौहान के दौरे को लेकर केंद्र सरकार की “देर से प्रतिक्रिया” की आलोचना की। उन्होंने कहा, “आप बहुत देर से पहुंचे। बिहार की पीड़ा उनकी प्राथमिकता नहीं है। चार्टर्ड विमान से आने के बजाय वह धन बाढ़ पीड़ितों पर खर्च होता तो बेहतर होता।”वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र पर निशाना साधते हुए चौहान के दौरे को “फोटो शूट” करार दिया और आरोप लगाया कि बिहार के लिए कोई विशेष पैकेज घोषित नहीं किया गया। तेजस्वी ने कहा, “केंद्र को कम से कम 5,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज घोषित करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्रीय टीम का दौरा केवल फोटो शूट बनकर रह गया।”उन्होंने बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की और दावा किया कि प्रभावित परिवारों को 7,000 रुपये की राहत उनकी ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखे जाने के बाद दी गई।
रैमिंग: नौसैनिक लड़ाइयों का रुख मोड़ने वाली सदियों पुरानी रणनीति
समुद्री युद्ध में जहाजों को टक्कर मारने की सदियों पुरानी 'रैमिंग' रणनीति अब 'ग्रे-जोन वारफेयर' के रूप में लौट आई है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत आने वाले संगठित क्षेत्र के करोड़ों कर्मचारियों के लिए ईपीएस-95 (Employees' Pension Scheme) की वेतन सीमा (Wage Ceiling) में संशोधन लंबे समय से प्रतीक्षित विषय है। वर्तमान में पेंशन योग्य वेतन की अधिकतम सीमा ₹15,000 प्रति माह तय है, जिसे बढ़ाकर ₹25,000 करने की सिफारिशें और प्रस्ताव विचारधीन हैं।यदि सरकार इस वैधानिक सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करती है, तो पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary) का आधार सीधे 66.67% बढ़ जाएगा। इसका सीधा और अनुपातिक लाभ कर्मचारियों की रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मासिक पेंशन पर दिखाई देगा। आइए समझते हैं कि ईपीएस पेंशन की गणना कैसे होती है और 10 से लेकर 35 साल तक की नौकरी पूरी करने वालों की जेब पर इसका क्या वास्तविक असर पड़ेगा।ईपीएस पेंशन का आधिकारिक फॉर्मूला और 66.6% का गणितकर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत मिलने वाली मासिक पेंशन का निर्धारण ईपीएफओ द्वारा निर्धारित एक निश्चित फॉर्मूले से होता है:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{ ext{पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary)} imes ext{पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service)}}{70}$$इस फॉर्मूले में दो मुख्य चर (Variables) होते हैं:पेंशन योग्य वेतन: सेवा छोड़ने से पहले पिछले 60 महीनों का औसत मूल वेतन (वर्तमान में अधिकतम ₹15,000 पर सीमित)।पेंशन योग्य सेवा: कुल नौकरी के वर्ष। यदि कर्मचारी 20 साल या उससे अधिक की सेवा पूरी करता है, तो उसे 2 अतिरिक्त वर्षों का बोनस (Bonus Years) दिया जाता है।जब पेंशन योग्य वेतन की कैपिंग ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 होगी, तो फॉर्मूले में आधार राशि ₹15,000 की जगह ₹25,000 दर्ज होगी।$$frac{25,000 - 15,000}{15,000} imes 100 = 66.67\%$$यानी बिना किसी अन्य बदलाव के भी प्रत्येक कर्मचारी की पेंशन में ठीक 66.67% का सीधा इजाफा दर्ज होगा।10 से 35 साल की सेवा पर पेंशन का सटीक हिसाब: तुलनात्मक चार्टविभिन्न सेवा अवधियों के आधार पर ₹15,000 की वर्तमान सीमा और ₹25,000 की प्रस्तावित सीमा के तहत मासिक पेंशन का तुलनात्मक ब्यौरा:नौकरी की कुल अवधि (वर्ष)प्रभावी सेवा वर्ष (2 वर्ष बोनस सहित)वर्तमान पेंशन (₹15,000 सीमा पर)प्रस्तावित पेंशन (₹25,000 सीमा पर)मासिक शुद्ध फायदा (₹)10 वर्ष10 वर्ष₹2,143₹3,571+₹1,42815 वर्ष15 वर्ष₹3,214₹5,357+₹2,14320 वर्ष22 वर्ष (20+2)₹4,714₹7,857+₹3,14325 वर्ष27 वर्ष (25+2)₹5,786₹9,643+₹3,85730 वर्ष32 वर्ष (30+2)₹6,857₹11,429+₹4,57235 वर्ष (अधिकतम)35 वर्ष (कैप)₹7,500₹12,500+₹5,000नोट: ईपीएस नियमों के अनुसार अधिकतम पेंशन योग्य सेवा 35 वर्ष ही मानी जाती है, इसलिए 35 वर्ष की सेवा पर अधिकतम पेंशन ₹7,500 से बढ़कर ₹12,500 हो जाएगी।पीएफ और पेंशन खाते में अंशदान का ढांचा कैसे बदलेगा?कर्मचारी भविष्य निधि में कर्मचारी का पूरा 12% अंशदान सीधे ईपीएफ (EPF) खाते में जाता है। नियोक्ता (कंपनी) के 12% अंशदान का विभाजन इस प्रकार होता है:8.33% हिस्सा: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में3.67% हिस्सा: ईपीएफ खाते मेंवर्तमान में ₹15,000 की सीलिंग पर नियोक्ता का अधिकतम ₹1,250 प्रति माह (₹15,000 का 8.33%) ईपीएस में जमा होता है। यदि यह सीमा ₹25,000 होती है:ईपीएस में जाने वाला मासिक अंशदान बढ़कर ₹2,083 (₹25,000 का 8.33%) हो जाएगा।यानी नियोक्ता के कुल अंशदान में से पेंशन फंड में हर महीने ₹833 अधिक जमा होंगे, जिससे पेंशन कॉर्पस को मजबूती मिलेगी।कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को क्या रखना होगा ध्यान?भूतलक्षी या भावी प्रभाव: वेज सीलिंग बढ़ने का नियम आमतौर पर अधिसूचना जारी होने की तिथि से आगे के लिए लागू होता है। पूर्व में रिटायर हो चुके कर्मचारियों पर इसका कितना लाभ लागू होगा, यह अंतिम सरकारी गजट नोटिफिकेशन की शर्तों पर निर्भर करेगा।ईपीएफ फंड पर असर: ईपीएस में अंशदान बढ़ने से ईपीएफ खाते में जाने वाला नियोक्ता का हिस्सा आंशिक रूप से घटता है, लेकिन इसके बदले में जीवनभर के लिए एक गारंटीकृत और सुरक्षित मासिक पेंशन की प्राप्ति होती है।उच्च पेंशन का विकल्प: यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के उच्च पेंशन (Higher Pension on Actual Salary) के फैसले के अतिरिक्त उन सभी सामान्य कर्मचारियों के लिए होगा जिनका मूल वेतन ₹15,000 से अधिक है लेकिन वे मानक ईपीएफ सीलिंग पर ही अंशदान देते हैं।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क अधिसूचित किए जाने के बाद से आम उपभोक्ताओं के बीच यह भ्रम फैल गया है कि क्या अब रोजमर्रा के यूपीआई लेन-देन पर पैसे कटेंगे। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच सरकार और एनपीसीआई द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों ने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है।सच्चाई यह है कि आम उपभोक्ता (कंज्यूमर) के लिए यूपीआई का इस्तेमाल पहले की तरह ही पूरी तरह नि:शुल्क बना रहेगा। नए नियमों का असर केवल चुनिंदा बड़े व्यापारिक भुगतानों पर मर्चेंट के स्तर पर पड़ेगा। आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि देश के 96% से अधिक मर्चेंट लेन-देन इस नए चार्ज के दायरे से पूरी तरह बाहर हैं।सरकारी आंकड़े साफ कर रहे हैं तस्वीर: किस पर क्या है नियम?वित्त मंत्रालय के आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार, यूपीआई नेटवर्क पर होने वाले सभी लेन-देन को स्पष्ट श्रेणियों में बांटा गया है ताकि छोटे दुकानदारों और आम जनता पर कोई वित्तीय बोझ न आए:लेन-देन का प्रकारनया नियमउपभोक्ता पर चार्जमर्चेंट पर शुल्कP2P (व्यक्ति से व्यक्ति ट्रांसफर)पूरी तरह फ्री (कोई सीमा नहीं)₹0 (शून्य)लागू नहींP2M (दुकानदार को भुगतान ≤ ₹2,000)जीरो एमडीआर (Zero MDR)₹0 (शून्य)₹0 (शून्य)P2PM (छोटे खुदरा विक्रेता)प्रति माह ₹1 लाख तक की प्राप्ति पर पूर्ण छूट₹0 (शून्य)₹0 (शून्य)बड़े मर्चेंट (भुगतान > ₹2,000)0.4% एमडीआर (अधिकतम कैप ₹300)₹0 (शून्य)0.4% (मर्चेंट वहन करेगा)रेलवे, फ्यूल, टेलीकॉम व इंश्योरेंस₹2,000 से अधिक पर फ्लैट शुल्क₹0 (शून्य)फ्लैट ₹5 प्रति लेन-देनकैपिटल मार्केट (म्यूचुअल फंड/स्टॉक)निवेश ट्रांसफर₹0 (शून्य)0.02% (अधिकतम ₹300)70% वैल्यू और 96% मर्चेंट ट्रांजैक्शन दायरे से बाहर क्यों हैं?एनपीसीआई के डेटा के मुताबिक, कुल यूपीआई लेन-देन मूल्य (Value) का लगभग 70% हिस्सा व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर का होता है। जब आप अपने किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या परिचित को पैसे भेजते हैं, तो चाहे रकम ₹500 हो या ₹50,000, उस पर शून्य शुल्क का नियम लागू रहता है।वहीं अगर व्यक्ति-से-मर्चेंट (P2M) भुगतानों की बात करें, तो रोजमर्रा के 95% से अधिक लेन-देन (सब्जी, दूध, चाय, नाश्ता, किराना आदि) ₹2,000 से कम के होते हैं। साथ ही, 'P2PM' कैटेगरी के तहत पंजीकृत छोटे स्ट्रीट वेंडर्स और पड़ोस की दुकानों को महीने के ₹1 लाख तक के कुल कलेक्शन पर पहले से ही जीरो-एमडीआर की सुरक्षा प्राप्त है। इसका सीधा अर्थ यह है कि कुल मर्चेंट ट्रांजैक्शन में से मात्र 4% बड़े ट्रांजैक्शन ही इस 0.4% शुल्क के दायरे में आएंगे।आप पर चार्ज लगने की कितनी आशंका है?आम ग्राहक के नजरिए से देखा जाए तो किसी भी प्रकार का अतिरिक्त चार्ज लगने की आशंका शून्य है।ग्राहक से वसूली पर रोक: नियमों के अनुसार बैंक और पेमेंट गेटवे मर्चेंट को यह शुल्क ग्राहक पर पास करने की अनुमति नहीं देते।कोई मासिक कोटा नहीं: आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई के मुफ्त उपयोग की कोई मासिक सीमा (Quota), वॉल्यूम कैप या टियर सिस्टम लागू नहीं है।दैनिक लिमिट से चार्ज का संबंध नहीं: सुरक्षा कारणों से बैंकों द्वारा तय की गई ₹1 लाख से ₹5 लाख की दैनिक लिमिट केवल सुरक्षा उपाय है, उस सीमा तक पहुंचने पर भी कोई चार्ज नहीं काटा जाता।यह नया ढांचा बड़े कॉरपोरेट मर्चेंट्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लागू होता है ताकि यूपीआई के सर्वर, साइबर सुरक्षा और वित्तीय बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए बैंकों और तकनीकी कंपनियों को जरूरी राजस्व मिल सके। आम नागरिक बिना किसी डर या अतिरिक्त शुल्क की चिंता के पूर्ववत यूपीआई का उपयोग जारी रख सकते हैं।
'आप खबरें देखते हैं और PIL दायर कर देते हैं', सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने नकली मेडिकल डिग्री से जुड़ी एक जनहित याचिका खारिज कर दी और याचिकाकर्ता को बार-बार ऐसी याचिकाएं दायर करने के लिए कड़ी फटकार लगाई।
अक्सर लोग यह मान बैठते हैं कि शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से बड़ा फंड बनाने के लिए लाखों रुपये की एकमुश्त पूंजी चाहिए। हकीकत यह है कि लंबी अवधि में निवेश की रकम से कहीं ज्यादा मायने निवेश की निरंतरता और समय सीमा रखती है। हर महीने अनुशासित रूप से बचाए गए महज ₹3,000 (यानी लगभग ₹100 प्रतिदिन) लंबी अवधि में कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) के प्रभाव से कई गुना बढ़ सकते हैं।म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) छोटे निवेशकों को वित्तीय अनुशासन के साथ बाजार की अस्थिरता का लाभ उठाने का मौका देता है। यदि कोई निवेशक इक्विटी म्यूचुअल फंड में ऐतिहासिक रूप से मिलने वाले औसत 12% वार्षिक रिटर्न की उम्मीद के साथ नियमित निवेश जारी रखता है, तो 10 से 25 वर्षों के भीतर एक मजबूत कॉर्पस तैयार हो सकता है।कंपाउंडिंग का गणित: 10, 15, 20 और 25 साल का सटीक ब्यौरा12% के संभावित औसत वार्षिक रिटर्न के आधार पर ₹3,000 मासिक निवेश की विभिन्न समय अवधियों में प्रगति इस प्रकार बैठती है:समयावधि (वर्ष)कुल निवेशित राशि (₹)अनुमानित वेल्थ गेन (₹)कुल संभावित मैच्योरिटी फंड (₹)10 वर्ष₹3,60,000₹3,37,000₹6.97 लाख15 वर्ष₹5,40,000₹9,74,000₹15.14 लाख20 वर्ष₹7,20,000₹22,78,000₹29.98 लाख25 वर्ष₹9,00,000₹47,93,000₹56.93 लाखइस तालिका से स्पष्ट है कि शुरुआती 10 वर्षों में कुल जमा पूंजी लगभग दोगुनी होती है, लेकिन 25वें वर्ष तक पहुंचते-पहुंचते कुल निवेश का लगभग 6 गुना रिटर्न मिलता है।10 से 15 साल का सफर: कंपाउंडिंग की नींव तैयार होनापहले 10 वर्षों में निवेशक की कुल जेब से ₹3,60,000 जाते हैं, और उस पर लगभग ₹3.37 लाख का लाभ मिलकर कुल फंड ₹6.97 लाख बनता है। इस चरण में निवेशित मूलधन और रिटर्न लगभग बराबर अनुपात में रहते हैं।जैसे ही अवधि 15 साल (180 महीने) तक खिंचती है, कुल निवेश ₹5,40,000 होता है, जबकि फंड सीधे ₹15.14 लाख पर पहुंच जाता है। यहां से रिटर्न की रफ्तार मूलधन को पीछे छोड़ना शुरू कर देती है। यह अवधि बच्चों की उच्च शिक्षा या किसी मध्यम अवधि के वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए उपयुक्त मानी जाती है।20 और 25 साल का करिश्मा: जब पैसा तेजी से पैसा बनाता हैअसली वेल्थ क्रिएशन 15 साल के बाद शुरू होता है। 20 वर्षों में कुल जमा पूंजी ₹7,20,000 होती है, लेकिन फंड बढ़कर लगभग ₹30 लाख (₹29.98 लाख) हो जाता है।25 वर्षों में कुल निवेश सिर्फ ₹9 लाख होता है, जबकि संभावित मैच्योरिटी कॉर्पस ₹56.93 लाख (करीब ₹57 लाख) पर पहुंच जाता है। इस ₹57 लाख के फंड में निवेशक की जेब से गया पैसा मात्र ₹9 लाख है, जबकि ₹47.93 लाख केवल कंपाउंडिंग और बाजार के रिटर्न का हिस्सा है। इसे अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा 'दुनिया का आठवां अजूबा' कहे जाने वाले कंपाउंडिंग की वास्तविक शक्ति माना जाता है।स्टेप-अप SIP से और भी तेज हो सकती है ग्रोथयदि कोई निवेशक हर साल अपनी आय बढ़ने के साथ अपनी एसआईपी में 10% का वार्षिक इजाफा (Step-up SIP) करता है:पहले साल ₹3,000 प्रति माहदूसरे साल ₹3,300 प्रति माहतीसरे साल ₹3,630 प्रति माहइस साधारण से 10% स्टेप-अप के जरिए 25 वर्षों में यही फंड ₹1 करोड़ से भी अधिक के आंकड़े को पार कर सकता है। छोटी बचत को नियमित रूप से बढ़ाना महंगाई को मात देने का सबसे असरदार तरीका है।
तमिलनाडु CM का डीपफेक वीडियो बनाकर ठगी, ऐसे हत्थे चढ़ा आरोपी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थालापति का AI से बनाया गया डीपफेक वीडियो लोगों को भेजकर NGO के नाम पर ठगी की जा रही थी. तमिलनाडु क्राइम ब्रांच की जांच के बाद राजस्थान के अलवर से साबू खान को गिरफ्तार किया गया है.
सैलरी आते ही खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? ये 5 फाइनेंशियल हैबिट्स बदल देंगी आपकी बचत का गणित
हर महीने की पहली या अंतिम तारीख को जब फोन पर सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आता है, तो मन में जो सुकून होता है, वह अक्सर महीने के पहले या दूसरे हफ्ते तक गायब हो जाता है। ईएमआई, क्रेडिट कार्ड के भारी बिल, ऑनलाइन शॉपिंग, वीकेंड पार्टियां और गैर-जरूरी खर्च मिलकर सैलरी को इस कदर सोख लेते हैं कि 15 तारीख आते-आते बैंक बैलेंस शून्य के करीब पहुंच जाता है। इस वित्तीय खिंचाव का सीधा असर मानसिक शांति, भविष्य की सुरक्षा और जरूरी लक्ष्यों पर पड़ता है।सैलरी खत्म होने की यह समस्या आमतौर पर कम आय की वजह से नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन और नकदी प्रवाह (Cash Flow) की खराब समझ के कारण होती है। अगर आप भी हर महीने पे-चेक टू पे-चेक (Paycheck to Paycheck) की स्थिति में जी रहे हैं, तो 5 बुनियादी और व्यावहारिक वित्तीय आदतें आपकी पूरी मनी मैनेजमेंट प्रक्रिया को पटरी पर ला सकती हैं।1. 50-30-20 का बजटिंग नियम: कमाई को तीन स्पष्ट हिस्सों में बांटेंवित्तीय योजना का सबसे पहला और सुनहरा नियम है कि आपके हाथ में आने वाली हर सैलरी का एक पूर्व-निर्धारित गंतव्य होना चाहिए। बिना किसी योजना के खर्च करना पैसे खोने का सबसे बड़ा कारण है। इसके लिए दुनिया भर में स्वीकृत 50-30-20 के बजटिंग फॉर्मूले को अपनाएं:50% जरूरतें (Needs): यह हिस्सा अनिवार्य खर्चों के लिए होना चाहिए, जैसे घर का किराया, राशन, बिजली-पानी का बिल, बच्चों की स्कूल फीस और न्यूनतम ऋण किस्तें।30% इच्छाएं (Wants): यह पैसा आपकी जीवनशैली के लिए है, जैसे बाहर खाना, फिल्में, नए कपड़े, सब्सक्रिप्शन प्लान या वीकेंड आउटिंग। इस सीमा से आगे एक रुपया भी खर्च न करें।20% बचत और निवेश (Savings & Investments): यह पैसा भविष्य के लिए है, जिसे सैलरी आते ही सबसे पहले अलग करना अनिवार्य है।जब आप अपनी सैलरी को इन तीन दायरों में बांध देते हैं, तो आपको महीने के अंत में यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ती कि आखिर पैसा गया कहां।2. 'पे योरसेल्फ फर्स्ट' और ऑटोमेटेड सेविंग्स: पहले बचत, फिर खर्चज्यादातर वेतनभोगी लोगों की सबसे बड़ी गलती यह होती है कि वे पहले पूरे महीने मनमर्जी से खर्च करते हैं और सोचते हैं कि जो पैसा बच जाएगा, उसे महीने के अंत में सेविंग अकाउंट में रख लेंगे। हकीकत यह है कि मानव स्वभाव के अनुसार जब तक खाते में पैसा दिखता है, वह किसी न किसी बहाने खर्च हो जाता है।इस आदत को उलट दें और 'पे योरसेल्फ फर्स्ट' (Pay Yourself First) का सिद्धांत लागू करें। जैसे ही सैलरी आपके खाते में क्रेडिट हो, अपनी आय का कम से कम 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा तुरंत म्यूचुअल फंड की एसआईपी (SIP), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), या आरडी (Recurring Deposit) में ऑटो-डेबिट के जरिए ट्रांसफर करवा लें। जब यह रकम सैलरी क्रेडिट होने की तारीख के 24 से 48 घंटे के भीतर सीधे निवेश खाते में कट जाएगी, तो आपके पास खर्च करने के लिए केवल वही रकम बचेगी जो वास्तविक रूप से खर्च की जानी चाहिए।3. 24 से 48 घंटे का कूलिंग-ऑफ नियम: आवेगपूर्ण खरीदारी पर ब्रेकई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, 10 मिनट में डिलीवरी देने वाले क्विक-कॉमर्स ऐप्स और सोशल मीडिया विज्ञापनों ने लोगों के भीतर 'इम्पल्स बाइंग' यानी बिना सोचे-समझे खरीदारी करने की लत लगा दी है। सेल, डिस्काउंट कूपन या 'लिमिटेड टाइम ऑफर' देखकर गैर-जरूरी सामान ऑर्डर कर देना बजट को पूरी तरह बर्बाद कर देता है।इस आदत को तोड़ने के लिए '24 से 48 घंटे का कूलिंग-ऑफ नियम' अपनाएं। जब भी आपका मन कोई ऐसा सामान खरीदने का करे जो आपकी बुनियादी जरूरत नहीं है, तो उसे तुरंत 'Buy Now' करने के बजाय कार्ट या विशलिस्ट में डाल दें और खुद को दो दिन का समय दें। 48 घंटे बीतने के बाद लगभग 80 प्रतिशत मामलों में यह अहसास होता है कि वह सामान आपके लिए जरूरी ही नहीं था। यह छोटा-सा ठहराव हर महीने हजारों रुपये की बर्बादी रोक सकता है।4. क्रेडिट कार्ड और 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) का संतुलित इस्तेमालक्रेडिट कार्ड और बीएनपीएल सेवाएं वित्तीय अनुशासनहीनता के लिए सबसे बड़ा जाल साबित हो सकती हैं। यह तकनीक आपको उस पैसे को खर्च करने की सुविधा देती है जो वास्तव में अभी आपका है ही नहीं। लोग भविष्य की सैलरी को गिरवी रखकर वर्तमान में महंगे गैजेट्स और कपड़े खरीद लेते हैं, जिसका असर अगले महीने के पूरे बजट पर पड़ता है।क्रेडिट कार्ड को कभी भी 'मुफ्त पैसा' न समझें; इसे केवल डेबिट कार्ड की तरह इस्तेमाल करें, यानी उतना ही स्वाइप करें जितना पैसा आपके बैंक खाते में बैकअप के रूप में मौजूद हो।हर महीने क्रेडिट कार्ड के बिल का 'Minimum Due' भरने के जाल में कभी न फंसें। मिनिमम ड्यू भरने पर बकाया राशि पर 36 से 45 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज लगता है।हमेशा तय तारीख से पहले पूरे बिल (Total Amount Due) का भुगतान करें ताकि सिबिल स्कोर (CIBIL Score) मजबूत रहे और बेवजह का वित्तीय बोझ न बढ़े।5. एक मजबूत इमरजेंसी फंड बनाएं और दैनिक खर्चों को ट्रैक करेंबिना इमरजेंसी फंड के किसी भी वित्तीय योजना की नींव कमजोर होती है। कई बार महीने के बीच में गाड़ी खराब होना, अचानक कोई बीमारी या घर का कोई जरूरी काम सामने आ जाता है। यदि आपके पास आपातकालीन फंड नहीं है, तो आप अपनी नियमित सैलरी या बचत से पैसा निकालते हैं, जिससे पूरे महीने का संतुलन बिगड़ जाता है।कम से कम 3 से 6 महीने के अनिवार्य जीवन-यापन खर्च के बराबर एक इमरजेंसी फंड लिक्विड म्यूचुअल फंड या अलग सेविंग्स अकाउंट में रखें।इसके साथ ही, अपने दैनिक खर्चों को एक बजटिंग ऐप या साधारण डायरी में लिखने की आदत डालें। जब आप चाय, स्नैक्स, कैब और ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन जैसी छोटी-छोटी मदों को ट्रैक करते हैं, तो आपको समझ आता है कि 'माइक्रो-लीकेज' आपकी सैलरी को कैसे खाली कर रही थी।इन पांच व्यावहारिक वित्तीय आदतों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर आप न केवल महीने के अंत में पैसे की तंगी से बच सकते हैं, बल्कि एक मजबूत और सुरक्षित वित्तीय भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में हथियार आपूर्ति करने वाले एक अंतर-राज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गोरखपुर में गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गिरोह से कथित तौर पर जुड़े एक व्यक्ति समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के पास से 32 बोर की चार पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, मैगजीन और पांच कारतूस बरामद किये हैं। यश ने कहा, ‘‘पकड़े गये आरोपी एक संगठित गिरोह के लिये काम करते हुए मध्य प्रदेश और हरियाणा से अवैध रूप से हथियार खरीदकर पूर्वांचल के जिलों में उनकी आपूर्ति करते थे। उन्होंने इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया मंचों के जरिए 100-150 पिस्तौल बेची थीं।’’उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों में श्रेयंश यादव उर्फ बबलू का कथित तौर पर संबंध गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गिरोह से है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गिरोह द्वारा दिये गये हथियारों का इस्तेमाल कथित तौर पर महाराष्ट्र में आपराधिक गतिविधियों में भी किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से अवैध रूप से हथियार लाता था और उन्हें गोरखपुर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में बेचता था। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने 14 सितंबर की रात को छावनी इलाके में विंध्यवासिनी पार्क के गेट के पास पांच आरोपियों बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौर, अभिषेक प्रजापति और राहुल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक पकडे गये तस्करों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वे मध्य प्रदेश और हरियाणा में कम कीमत पर पिस्तौल खरीदते थे और उन्हें इस इलाके में ऊंची कीमतों पर बेचते थे। इस मामले में एसटीएफ की शिकायत पर छावनी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
उत्तर प्रदेश में आवासीय मकान, फ्लैट और व्यावसायिक दुकानें किराये पर लेने और देने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और किफायती बनाने के लिए राज्य सरकार ने ऐतिहासिक सुधार लागू किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नए नियमों के तहत 10 साल तक की अवधि के पंजीकृत रेंट एग्रीमेंट (Lease Deed) पर लगने वाले स्टांप शुल्क में जबरदस्त कटौती की गई है। इसके साथ ही, किरायेनामे के पंजीकरण के दौरान सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी तय करने की जटिल व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।इस नीतिगत बदलाव का सीधा उद्देश्य प्रदेश में किरायेदारी विवादों को न्यूनतम करना, संपत्तियों के अनौपचारिक लेन-देन को औपचारिक पंजीकृत अनुबंधों के तहत लाना और किरायेदारों व संपत्ति मालिकों दोनों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है। अब तक भारी भरकम स्टांप शुल्क और सर्किल रेट के पचड़े की वजह से अधिकांश लोग केवल 11 महीने का नोटरी वाला अनुबंध बनाकर काम चलाते थे, जिसकी अदालतों में कोई खास कानूनी मान्यता नहीं होती थी। नए नियमों से अब लंबी अवधि के समझौते कराना बेहद सस्ता और सुविधाजनक हो जाएगा।सर्किल रेट की बाध्यता खत्म: अब वास्तविक किराये पर लगेगा मामूली शुल्कपहले लागू नियमों के अनुसार, जब भी कोई व्यक्ति 1 वर्ष या उससे अधिक समय के लिए लीज डीड या रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर कराता था, तो स्टांप ड्यूटी की गणना संबंधित क्षेत्र के संपत्ति सर्किल रेट या वार्षिक किराये के एक बड़े प्रतिशत के आधार पर की जाती थी। व्यावसायिक संपत्तियों और दुकानों के मामले में यह शुल्क कई गुना बढ़ जाता था, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को पंजीकरण के नाम पर मोटी रकम चुकानी पड़ती थी।सरकार ने इस जटिल प्रक्रिया को समाप्त करते हुए सर्किल रेट का झंझट पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब स्टांप शुल्क की गणना संपत्ति के सर्किल रेट पर न होकर केवल दोनों पक्षों के बीच तय हुए वास्तविक मासिक व वार्षिक किराये (Actual Rent) और सुरक्षा राशि (Security Deposit) के आधार पर की जाएगी। इससे न केवल स्टांप ड्यूटी का खर्च कई गुना घट गया है, बल्कि निबंधन कार्यालयों (Sub-Registrar Offices) में मूल्यांकन को लेकर होने वाले विवाद और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।10 साल तक के एग्रीमेंट का नया ढांचा: स्लैब के अनुसार तय हुआ नाममात्र का शुल्कनए स्टांप नियमों को आवासीय और गैर-आवासीय (व्यावसायिक) श्रेणियों में बांटकर बेहद व्यावहारिक बनाया गया है। 10 साल तक की अवधि के समझौतों को लंबी अवधि की सुरक्षा देने के लिए न्यूनतम दरों पर सीमित किया गया है।आवासीय संपत्ति (मकान/फ्लैट): 1 वर्ष से 5 वर्ष तक की अवधि के लिए तय वार्षिक किराये और प्रीमियम का केवल एक निश्चित न्यूनतम प्रतिशत (लगभग 2%) स्टांप शुल्क के रूप में लिया जाएगा। 5 वर्ष से 10 वर्ष तक की अवधि के लिए भी यह दर बेहद मामूली रखी गई है, जिससे किरायेदार लंबे समय तक बिना मकान खाली होने के डर से शांति से रह सकें।गैर-आवासीय/व्यावसायिक संपत्ति (दुकान/कार्यालय): छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप्स के लिए 10 वर्ष तक के वाणिज्यिक लीज एग्रीमेंट पर लगने वाले शुल्क को युक्तिसंगत बनाया गया है। अब दुकानें किराये पर लेने वाले व्यापारियों को भारी वित्तीय भार नहीं उठाना पड़ेगा और वे अपने व्यापारिक पते पर दीर्घकालिक लीज डीड आसानी से बनवा सकेंगे।11 महीने के नोटरी एग्रीमेंट के चलन पर लगेगा ब्रेक, बढ़ेगी कानूनी सुरक्षाभारत में अधिकांश राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी मकान मालिक और किरायेदार स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस से बचने के लिए केवल 100 या 500 रुपये के स्टांप पेपर पर 11 महीने का नोटरी अनुबंध निष्पादित करते रहे हैं। भारतीय पंजीकरण अधिनियम (Registration Act) के तहत 11 महीने तक के अनुबंध का निबंधन अनिवार्य नहीं होता, लेकिन कानूनी विवाद, बेदखली (Eviction) या किराये के भुगतान में चूक की स्थिति में नोटरी डीड अदालत में कमजोर साक्ष्य साबित होती है।उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम (UP Tenancy Act) के तहत अब सभी किरायेदारी समझौतों को पंजीकृत कराना अनिवार्य और कानूनी रूप से सुरक्षित बना दिया गया है। जब स्टांप शुल्क की दरें नाममात्र की होंगी, तो मकान मालिक और किरायेदार दोनों ही अधिकृत सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर 3 से 10 साल तक का एग्रीमेंट दर्ज कराने के लिए प्रेरित होंगे। इससे अनुबंध को मजबूत विधिक मान्यता मिलेगी और किराया न्यायाधिकरण (Rent Tribunal) के माध्यम से किसी भी विवाद का निपटारा तय समय-सीमा के भीतर हो सकेगा।व्यापार, निवेश और शहरी अर्थव्यवस्था को मिलेगा जबरदस्त प्रोत्साहनइस सुधार का व्यापक आर्थिक असर राज्य के रियल एस्टेट, खुदरा व्यापार और रोजगार सृजन पर पड़ेगा।व्यापारियों को स्थिरता: खुदरा दुकानदार अक्सर लाखों रुपये खर्च करके दुकान का इंटीरियर तैयार करते हैं, लेकिन 11 महीने के एग्रीमेंट के कारण उन पर हमेशा दुकान खाली कराए जाने की तलवार लटकी रहती है। 5 से 10 साल का पंजीकृत एग्रीमेंट सस्ता होने से व्यापारी बेफिक्र होकर अपने कारोबार में पूंजी लगा सकेंगे।मकान मालिकों को सुरक्षा: कई बार किरायेदार मकान पर अनधिकृत कब्जा जमा लेते हैं या किराया देने से मना कर देते हैं। पंजीकृत एग्रीमेंट होने पर कानूनन पुलिस और रेंट अथॉरिटी के जरिए समय पर संपत्ति खाली कराई जा सकती है।ई-स्टांपिंग और डिजिटल रजिस्ट्री: निबंधन विभाग इस प्रक्रिया को डिजिटल पोर्टल से जोड़ रहा है, जिससे नागरिक घर बैठे ऑनलाइन ई-स्टांप खरीदकर और स्लॉट बुक करके न्यूनतम समय में अपना रेंट एग्रीमेंट पंजीकृत करा सकेंगे।उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला आम नागरिकों की जेब पर बोझ कम करने के साथ-साथ प्रदेश के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज ऑफ लिविंग' सूचकांक को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा।
गैंगस्टर काला जठेड़ी को मिली पैरोल, बेटियों के अनुष्ठान में होगा शामिल
दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को 20 सितंबर को 7 घंटे की कस्टडी पैरोल दी है. वह सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पुलिस सुरक्षा में हरियाणा के सोनीपत स्थित अपने गांव जठेड़ी जाएगा.
भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए रोजाना करोड़ों वित्तीय लेन-देन होते हैं। आम उपभोक्ताओं के लिए बैंक-टू-बैंक यूपीआई ट्रांसफर पूरी तरह नि:शुल्क रहता है, लेकिन बड़े मर्चेंट लेन-देन या प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI/वॉलेट्स) तथा क्रेडिट कार्ड ऑन यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का नियम लागू होता है। जब किसी व्यापारी या सेवा प्रदाता से एमडीआर के रूप में शुल्क लिया जाता है, तो सवाल उठता है कि इस कमाई का पैसा किसकी जेब में जाता है।डिजिटल भुगतान के इस विशाल तंत्र में कोई एक संस्था पूरे राजस्व की हकदार नहीं होती। इसके पीछे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI), पैसा काटने वाला बैंक (Issuer Bank), पैसा जमा करने वाला बैंक (Acquirer Bank) और थर्ड-पार्टी पेमेंट ऐप्स (TPAP) मिलकर काम करते हैं। इन सभी साझेदारों के बुनियादी ढांचे और परिचालन खर्च को पूरा करने के लिए राजस्व का एक तय अनुपात निर्धारित किया गया है, जिसे उद्योग जगत में '40-28-12-8 फॉर्मूले' के रूप में समझा जाता है।40-28-12-8 का फॉर्मूला: हर 1 रुपये की कमाई का पाई-पाई हिसाबजब भी किसी योग्य यूपीआई ट्रांजैक्शन पर एमडीआर वसूला जाता है, तो एकत्र किए गए प्रत्येक 1 रुपये (या कुल रेवेन्यू पूल) का बंटवारा पूर्व-निर्धारित प्रतिशत के आधार पर होता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि ट्रांजैक्शन में शामिल हर तकनीकी और वित्तीय कड़ी को उसका उचित हिस्सा मिले।इस राजस्व बंटवारे के तहत विभिन्न पक्षों की हिस्सेदारी का प्रत्यक्ष ब्यौरा इस प्रकार है:40% (इशूअर बैंक - 40 पैसे): ग्राहक का बैंक, जहां से पैसा कटता है। सुरक्षा जोखिम, कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) के रखरखाव और प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी इसी बैंक की होती है।28% (एक्वायरर बैंक - 28 पैसे): दुकानदार या मर्चेंट का बैंक, जो मर्चेंट खाता संभालता है और रकम का क्रेडिट सुनिश्चित करता है।12% (थर्ड पार्टी ऐप्लिकेशन प्रोवाइडर्स - 12 पैसे): Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे ऐप, जो यूजर और मर्चेंट को आसान इंटरफेस और सॉफ्टवेयर सुविधा देते हैं।8% (एनपीसीआई नेटवर्क - 8 पैसे): केंद्रीय स्विचिंग नेटवर्क और यूपीआई आर्किटेक्चर संचालित करने वाली संस्था का हिस्सा।शेष 12% (ऑपरेशनल व मर्चेंट पार्टनर पूल - 12 पैसे): पॉइंट ऑफ सेल (POS) वेंडर्स, साउंडबॉक्स सर्विसिंग और फील्ड सपोर्ट ऑपरेशंस का हिस्सा।रेवेन्यू मॉडल में प्रत्येक भागीदार की तकनीकी भूमिकाइस राजस्व आवंटन के पीछे केवल वित्तीय लाभ नहीं, बल्कि भारी तकनीकी और परिचालन लागत की भरपाई का सिद्धांत काम करता है।इशूअर बैंक (40% हिस्सा क्यों?): ग्राहक के बैंक को सबसे बड़ा हिस्सा इसलिए दिया जाता है क्योंकि उसे सबसे भारी सर्वर ट्रैफिक, 256-बिट सुरक्षा एन्क्रिप्शन, फ्रॉड डिटेक्शन और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (UPI PIN) को संभालना होता है। सर्वर डाउनटाइम का सीधा जोखिम इसी बैंक के सिर होता है।एक्वायरर बैंक (28% हिस्सा क्यों?): मर्चेंट का बैंक जोखिम प्रबंधन (KYC, एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग) और मर्चेंट सेटलमेंट का काम करता है। इसके अलावा चार्जबैक और रिफंड जैसी स्थितियों को निपटाने का वित्तीय दायित्व भी इसी बैंक का होता है।पेमेंट ऐप्स / TPAP (12% हिस्सा क्यों?): तकनीक और यूजर इंटरफेस विकसित करने वाले ऐप्स को यूजर बेस बनाए रखने, सर्वर एपीआई को जोड़े रखने और ऐप स्तर पर सुरक्षा ऑडिट पूरा करने के लिए यह हिस्सा मिलता है।एनपीसीआई (8% हिस्सा क्यों?): नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया पूरे देश के यूपीआई स्विच को 24x7 चलाता है। इंटर-बैंक नेट सेटलमेंट और नए फीचर्स (जैसे UPI Lite, UPI AutoPay) का अनुसंधान इसी कोष से पोषित होता है।आम उपभोक्ता और सामान्य दुकानदार पर क्या पड़ता है असर?इस राजस्व बंटवारे को लेकर आम नागरिकों और छोटे दुकानदारों के मन में अक्सर यह आशंका रहती है कि क्या उनके सामान्य लेन-देन पर भी यह शुल्क कटेगा।आरबीआई और एनपीसीआई के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार:सामान्य व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) बैंक खाता ट्रांसफर पर शून्य शुल्क (Zero MDR) लागू रहता है।छोटे खुदरा व्यापारियों (किराना, फल-सब्जी विक्रेता आदि) के सामान्य क्यूआर कोड पर बैंक ट्रांसफर पर कोई एमडीआर नहीं काटा जाता।यह शुल्क मुख्य रूप से 2,000 रुपये से अधिक के वॉलेट/पीपीआई (Prepaid Payment Instruments) आधारित मर्चेंट ट्रांजैक्शन या रूपे क्रेडिट कार्ड (RuPay Credit Card on UPI) के बड़े व्यावसायिक भुगतानों पर ही लागू होता है, जिसका वहन बड़े मर्चेंट करते हैं।इस पारदर्शी राजस्व ढांचे से जहां डिजिटल भुगतान कंपनियों की वित्तीय स्थिरता बनी रहती है, वहीं भारत का डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बिना किसी रुकावट के लगातार विस्तार कर रहा है।
दुकान पर सामान खरीदा, फोन निकाला, क्यूआर कोड स्कैन किया, 4 या 6 अंकों का यूपीआई पिन डाला और स्क्रीन पर हरा टिक लगकर आवाज आई—'पेमेंट सक्सेसफुल'। इस पूरी प्रक्रिया में महज दो से तीन सेकंड का वक्त लगता है। उपभोक्ता के लिए यह एक आसान और जादुई अनुभव जैसा है, लेकिन इस सीधे दिखने वाले इंटरफेस के पर्दे के पीछे एक बेहद जटिल, सुरक्षित और बहुस्तरीय वित्तीय नेटवर्क काम करता है।जब आप अपना पिन सबमिट करते हैं, तो आपका पैसा हवा में उड़कर सीधे सामने वाले के फोन में नहीं पहुंचता। बल्कि इस दौरान आपका अनुरोध देश के सबसे सुरक्षित बैंकिंग नेटवर्क, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के स्विच, रिज़र्व बैंक के सेटलमेंट नियमों और दोनों संबंधित बैंकों के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) से होकर गुजरता है। आइए समझते हैं कि बैकएंड में डेटा और पैसे का यह सफर किन-किन पड़ावों से होकर तय होता है।1. क्यूआर कोड स्कैनिंग और डेटा डिकोडिंग: पहचान का पहला चरणजब आप Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी भी अन्य UPI ऐप से किसी दुकान का क्यूआर (QR) कोड स्कैन करते हैं, तो कैमरा केवल काले-सफेद बिंदुओं की तस्वीर नहीं लेता, बल्कि उसमें छुपी विशिष्ट 'स्ट्रिंग' को पढ़ता है।हर यूपीआई क्यूआर कोड में मर्चेंट की वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA/UPI ID), मर्चेंट का नाम, मर्चेंट कैटेगरी कोड (MCC) और बैंक का आईएफएससी (IFSC) कोड एन्क्रिप्टेड रूप में दर्ज होता है। जैसे ही यह कोड डिकोड होता है, आपका ऐप तुरंत समझ जाता है कि भुगतान किस व्यक्ति या कारोबारी को जाना है। जब आप राशि दर्ज करके 'Pay' पर क्लिक करते हैं, तब लेनदेन का वास्तविक चक्र शुरू होता है।2. यूपीआई पिन का सुरक्षित प्रमाणीकरण: NPCI की सीक्रेट तिजोरीUPI पिन दर्ज करते समय आपकी स्क्रीन पर जो कीपैड खुलता है, वह आपके पेमेंट ऐप (जैसे PhonePe या GPay) का नहीं होता, बल्कि NPCI के सुरक्षित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (Common Library - CL) का होता है। इसका मतलब है कि आपका यूपीआई पिन न तो आपका ऐप देख सकता है और न ही उसे अपने सर्वर पर सेव कर सकता है।जैसे ही आप पिन दर्ज करते हैं:पिन को एक मजबूत 256-बिट एन्क्रिप्शन में बदला जाता है।यह एन्क्रिप्टेड डेटा तुरंत एनपीसीआई (NPCI) के केंद्रीय सर्वर तक भेजा जाता है।एनपीसीआई इसे आपके बैंक (Remitter Bank) के पास प्रमाणीकरण के लिए भेजता है।आपका बैंक पुष्टि करता है कि पिन सही है और खाते में पर्याप्त शेष राशि (Balance) मौजूद है।3. पैसे की निकासी (Debit Leg): कोर बैंकिंग सर्वर पर एक्शनपिन सत्यापित होते ही आपके बैंक का कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) सक्रिय हो जाता है।आपके खाते से तत्काल लेन-देन की राशि 'डेबिट' (काट) ली जाती है।आपके बैंक का सर्वर एनपीसीआई को एक डिजिटल कन्फर्मेशन भेजता है कि 'पैसा कट चुका है'।इस चरण को तकनीकी भाषा में 'डेबिट लेग' (Debit Leg) कहा जाता है।यदि इस दौरान आपके बैंक का सर्वर डाउन हो या इंटरनेट कनेक्शन टूट जाए, तो अक्सर पैसा कट जाता है लेकिन आगे नहीं बढ़ता, जिसे बाद में ऑटो-रिवर्सल प्रक्रिया के तहत वापस खाते में भेजा जाता है।4. एनपीसीआई का केंद्रीय स्विच: ट्रैफिक पुलिस की भूमिकाएनपीसीआई का सेंट्रल यूपीआई स्विच इस पूरे तंत्र का दिल और दिमाग है। जैसे ही इसे आपके बैंक से 'डेबिट सफल' का सिग्नल मिलता है, यह तुरंत उस बैंक (Beneficiary Bank) से संपर्क साधता है जहां दुकानदार का खाता मौजूद है।एनपीसीआई दोनों बैंकों के बीच एक सुरक्षित पुल (Gateway) का काम करता है। यह रियल-टाइम में दुकानदार के बैंक को निर्देश देता है कि संबंधित खाताधारक के खाते में उतनी ही राशि 'क्रेडिट' कर दी जाए।5. दुकानदार के खाते में जमा (Credit Leg) और कंफर्मेशनदुकानदार का बैंक एनपीसीआई का सिग्नल मिलते ही उस राशि को तुरंत मर्चेंट के खाते में जोड़ देता है।क्रेडिट होते ही दुकानदार का बैंक एनपीसीआई को 'सक्सेस' का मैसेज भेजता है।एनपीसीआई यह फाइनल स्टेटस आपके और दुकानदार के ऐप को फॉरवर्ड करता है।आपके फोन पर 'Tick' का निशान आ जाता है और दुकानदार के साउंडबॉक्स से 'भुगतान प्राप्त हुआ' की आवाज गूंज उठती है।यह पूरी 5-चरणीय प्रक्रिया प्रकाश की गति से चलने वाले डेटा पैकेट्स के जरिए 2 से 3 सेकंड में पूरी हो जाती है।क्या सच में पैसा तुरंत बैंक बदलता है? जानिए सेटलमेंट का असली खेलयहां एक बेहद दिलचस्प तकनीकी तथ्य है जिसे अधिकांश लोग नहीं जानते। जिस क्षण आपके फोन पर पेमेंट सफल दिखता है, उस क्षण वास्तव में पैसा आपके बैंक से निकलकर भौतिक रूप से दुकानदार के बैंक में ट्रांसफर नहीं हुआ होता।ग्राहकों के स्तर पर इसे केवल 'डिजिटल लेजर एंट्री' के रूप में तुरंत दिखा दिया जाता है। बैंकों के बीच वास्तविक धन का निपटान (Interbank Settlement) दिन में तय समय पर बैचों में होता है, जिसे रिजर्व बैंक और एनपीसीआई के क्लियरिंग हाउस द्वारा मैनेज किया जाता है।दिनभर में लाखों लेन-देन का हिसाब जोड़ने के बाद एनपीसीआई यह गणना करता है कि किस बैंक को किस बैंक को कितना कुल पैसा देना है (Net Settlement)। इसके बाद आरबीआई के माध्यम से बैंकों के केंद्रीय खातों में फंड ट्रांसफर किया जाता है। आम उपभोक्ता को तत्काल भुगतान का अनुभव देने के लिए यह दोहरी प्रणाली बनाई गई है, जो भारत के यूपीआई को दुनिया का सबसे उन्नत और सुरक्षित रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बनाती है।
Kota में पुनर्मतदान कवरेज के दौरान पत्रकारों से हाथापाई, पुलिस ने FIR दर्ज की
राजस्थान में कोटा नगर निगम के वार्ड नंबर 87 में बुधवार को पुनर्मतदान की कवरेज कर रहे दो पत्रकारों पर कथित रूप से हमला किया गया और उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। घटना के बाद पत्रकारों और पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर महावीर नगर पुलिस थाने पर धरना दिया। पुलिस ने बताया कि यह घटना दोपहर लगभग एक बजे महावीर नगर विस्तार योजना के सेक्टर-4 में बूथ संख्या 99 के पास हुई, जहां दादाबाड़ी विस्तार योजना निवासी पत्रकार लोकेश जोशी (55) और अनुभव मित्तल (29) पुनर्मतदान की कवरेज कर रहे थे। जोशी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि पूर्व पार्षद देवेंद्र चौधरी उर्फ मामा चौधरी की मौजूदगी में मनीष महावर और मनीष खींची नामक दो लोगों ने उनका और मित्तल का रास्ता रोककर उनसे बहस की। जोशी ने आरोप लगाया कि दोनों ने पत्रकारों के साथ हाथापाई की, उनके मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और घटना की रिकॉर्डिंग रोकने के लिए उनमें से एक का मोबाइल फोन छीन लिया तथा बाद में उसे फेंक दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाथापाई के दौरान उनकी जेब में रखे 3,000 रुपये गिर गए और गायब हो गए। पुलिस ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच की जिम्मेदारी सहायक उप-निरीक्षक रामहेत मीणा को सौंपी गई है। डीएसपी उदय सिंह ने कहा, ‘‘पीड़ितों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया गया है। आरोपियों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।’’इस बीच, भाजपा विधायक संदीप शर्मा और कांग्रेस की कोटा शहर अध्यक्ष राखी गौतम थाने पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पत्रकारों के धरने में शामिल हुए। शर्मा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कभी भी इस तरह की घटना में शामिल नहीं हो सकते। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी। गौतम ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे भाजपा कार्यकर्ता थे। उन्होंने पार्टी पर लोगों और मीडिया को ‘‘डराने’’ की कोशिश करने का आरोप लगाया। पुलिस के कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्तर कुंजी पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि अदालतें केवल स्पष्ट और प्रत्यक्ष गलती होने पर ही हस्तक्षेप कर सकती हैं।
EPFO में बड़ा बदलाव: वेतन सीमा अब ₹25000, 51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए ईपीएफओ के तहत वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दी है।
इस मंदिर में जाने वाले भक्तों को मिलेगा बीमा कवर, जानें कैसे मिलेगा ₹2 लाख
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् (टीटीडी) एलआईसी के साथ मिलकर हर श्रद्धालु को बीमा कवर देगा। मंदिर दर्शन के दौरान मौत होने पर परिवार को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे।
घर पर आसानी से खुद साफ करें गंदा AC, बच जाएंगे हजारों रुपये
How to Clean AC at home: अगर आपके घर के एसी में भी बहुत धूल और गंदगी जम गई है तो हर बार आपको सर्विसिंग के लिए मैकेनिक बुलाने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको घर पर एसी साफ करने का तरीका बता रहे हैं.
'कानूनी आधार नहीं', चीन-PAK के 'बाउंड्री जॉइंट कमीशन' को भारत ने किया खारिज
भारत ने पाकिस्तान और चीन के बीच पाकिस्तान-चीन बाउंड्री जॉइंट कमीशन को पूरी तरह खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं और पाकिस्तान के पास इन क्षेत्रों पर किसी भी समझौते का अधिकार नहीं है.
Delhi Police ने Kirti Nagar में 40 लाख की चोरी के आरोप में नौकर विशाल कुमार को पकड़ा
पश्चिम दिल्ली के कीर्ति नगर इलाके में अपने नियोक्ता के घर से करीब 40 लाख रुपये मूल्य के और सोने के आभूषण और नकदी चोरी करने के आरोप में 23 वर्षीय घरेलू सहायक को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी विशाल कुमार को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब 40 लाख रुपये मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया जिसमें 6.38 लाख रुपये नकद और 50-60 ग्राम वजन के सोने के आभूषण, एक पिस्तौल और 25 कारतूस शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से जब्त किए गए सामान में एक लाल रंग की मोटरसाइकिल भी शामिल है, जिसे उसने चोरी के पैसों का इस्तेमाल कर खरीदा था। अधिकारी ने बताया कि 11 सितंबर को चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता अंकुर भसीन और उनका परिवार एक समारोह से घर लौटे तो उन्होंने पाया कि उनका घरेलू सहायक कुमार गायब था। पुलिस ने बताया कि एक अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। उसके अंदर रखी छोटी तिजोरी में से करीब 10 लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण गायब मिले। अधिकारी के मुताबिक जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि कुमार को लाजपत नगर की एक प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए काम पर रखा गया था। जांच एजेंसी ने उसके प्लेसमेंट के समय जमा किए गए दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराए। इनमें नोएडा के पते वाला आधार कार्ड भी शामिल था, जिसे पुलिस ने फर्जी पाया। पुलिस ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने कुमार के बुलंदशहर में होने का पता लगाया, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद उसे अलीगढ़ में होने का पता चला, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कुमार ने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और पुलिस को चोरी का सामान बरामद करने में मदद की।
'आशंकाएं सिर्फ अटकलों पर आधारित', सुप्रीम कोर्ट का जांच समिति में फेरबदल से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संसद मार्च के दौरान पुलिस ज्यादती की जांच के लिए गठित समिति में फेरबदल से इनकार किया है।
भारत में 'प्रोजेक्ट चीता' के 4 साल, जीरो से 52 पहुंचा कुनबा
प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के साथ भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है. इनमें 32 चीते देश में ही पैदा हुए हैं. 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों के साथ शुरू हुई इस परियोजना में अब कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अलावा गांधी सागर अभयारण्य तक चीतों का विस्तार हो चुका है.
PM मोदी के दोस्त की भावुक चिट्ठी, जन्मदिन पर बोले...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से पहले उनके बचपन के दोस्त शामळदास मोदी की चिट्ठी सामने आई है. वडनगर के दिनों को याद करते हुए उन्होंने नरेंद्र मोदी को ‘श्रीकृष्ण’ और खुद को ‘सुदामा’ बताया. पत्र में दोस्ती, मोदी के सार्वजनिक जीवन और वडनगर के विकास का भी जिक्र है.
PM तारिक रहमान ब्रिक्स समिट में नहीं गए, तो भारत ने बिजली रोकी; BNP लीडर का दावा
बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी के नेता ने दावा किया है कि पीएम तारिक रहमान के ब्रिक्स समिट में जाने से इनकार करने पर भारत सरकार ने बिजली बंद कर दी थी। बता दें, झारखंड के गोड्डा में अडानी थर्मल प्लांट में खराबी आने की वजह से 10 से 13 सितंबर तक सप्लाई बंद रही थी।
नकली दवाओं पर लगाम लगाने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका, राष्ट्रीय ढांचे की मांग
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें नकली और मिलावटी दवाओं के उत्पादन व बिक्री पर रोक लगाने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय ढांचे की मांग की गई है।
AQIS मॉड्यूल पर UP ATS की बड़ी कार्रवाई, कोयंबटूर से मकसूद अली गिरफ्तार
प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन AQIS की विचारधारा से जुड़े कथित मॉड्यूल के खिलाफ UP ATS ने कार्रवाई करते हुए मकसूद अली को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है. ATS के मुताबिक पूर्व में गिरफ्तार मोहम्मद नबील से पूछताछ और विवेचना में मिले तथ्यों के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई. एजेंसी अब नेटवर्क, गतिविधियों और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.
UPI पर MDR चार्ज लगने से क्या फिर लौटेगा कैश? देखें खबरदार
UPI से जब 2 हजार रुपये से ऊपर के पेमेंट पर शून्य दश्मलव 4 फीसदी की फीस लगेगी. तो इसका क्या असर होगा. क्या लोग कैश की तरफ फिर से लौटेंगे भारत की डिजिटल क्रांति क्या इससे प्रभावित होगी या फिर ये सारी चिंताएं फिजूल साबित होंगी. चावल भी अब महंगा हो गया है त्योहार से पहले इसके दाम में इजाफे की वजह पर बात करेंगे. देखें...
नेपाल फ्लड: चिलीमे प्रोजेक्ट की सुरंग से मिले 5 शव
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद चिलीमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे छह कर्मचारियों की तलाश के दौरान पांच शव बरामद हुए हैं.
IPS नागेंद्र नाथ त्रिपाठी की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर वापस भेजा गया है. साल 2021 के नंदीग्राम विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबले के दौरान अपनी सख्त कार्यशैली से चर्चा में आए एनएन त्रिपाठी का पूरा मामला विस्तार से जानें.
Dadasaheb Phalke Award के लिए चुने गए Anant Nag, पीएम मोदी द्वारा चयन प्रणाली बदलने पर जताया आभार
(फोटो के साथ)बेंगलुरु, 16 सितंबर वर्ष 2024 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए बुधवार को चुने गये दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग ने कहा कि पुरस्कारों के चयन में ‘‘भाई-भतीजावाद’’ और ‘‘पक्षपात’’ का प्रभाव रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता की भागीदारी के साथ इस व्यवस्था में बदलाव किया। नाग ने कहा कि वह पुरस्कार की घोषणा करने के लिए मोदी के आभारी हैं और उन्होंने यह सम्मान कर्नाटक के लोगों को समर्पित किया। नाग ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘आप जानते हैं, इस पुरस्कार के चयन में भी भाई-भतीजावाद और पक्षपात जैसी चीजें थीं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसे बदल दिया।’’उन्होंने कहा कि मोदी ने पद्म पुरस्कारों के लिए जनता से सुझाव मांगे थे, जिसके बाद कन्नड़ लोगों ने उनके नाम की सिफारिश की। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी ही ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने लोगों से अपने मन में मौजूद नामों की सिफारिश करने का आग्रह किया। यह पहली बार था, जब उन्होंने इसे जनता के सामने रखा।’’नाग ने कहा कि उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिलने की उम्मीद नहीं थी और वह अब भी इस सम्मान को लेकर खुद को तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उम्मीद नहीं की थी कि मुझे यह फाल्के पुरस्कार दिया जाएगा। इसलिए मैं अभी इस सम्मान को स्वीकार करने की स्थिति में आने की कोशिश कर रहा हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे कर्नाटक के लोगों को समर्पित करूंगा और इसके लिए हमारे प्रिय प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दूंगा, क्योंकि उन्होंने ट्वीट कर इस विशेष पुरस्कार की घोषणा की। मैं उनका आभारी हूं और इस देश का भी आभारी हूं, जिसने मुझे यह अवसर प्रदान किया।’’पचास साल का अभिनय करियर पूरा कर चुके नाग ने कहा कि उन्होंने कभी पुरस्कारों की उम्मीद नहीं की, लेकिन वह अपने काम की सराहना करने वाले लोगों के समर्थन को महत्व देते हैं। फिल्म उद्योग में कदम रखने वाले युवाओं के लिए उनकी सलाह पूछे जाने पर नाग ने कहा कि उन्हें कड़ी मेहनत करनी चाहिए और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करना चाहिए। नाग ने कहा कि वह यात्रा करने को लेकर अनिच्छुक हैं और अभी यह तय नहीं किया है कि वह पुरस्कार समारोह में शामिल होंगे या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे बुलाया जाता है, तो मैं मना नहीं कर सकता। जब उन्होंने मुझे इतना बड़ा सम्मान दिया है, तो मुझे वहां जाकर इसे ग्रहण करना चाहिए।’’नाग ने कहा कि यह सम्मान भारत के विभिन्न फिल्म उद्योगों और अलग-अलग भाषाओं में सिनेमा के प्रति देश के प्रेम का जश्न मनाने का एक अवसर है। पांच दशकों के फिल्मी सफर में 270 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता अनंत नाग (78) रंगमंच की दुनिया की भी जानी-मानी शख्सियत हैं। उन्हें भारतीय सिनेमा के इस सर्वोच्च सम्मान से 22 सितंबर को गुजरात के केवडिया में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में नवाजा जाएगा। नाग का पालन-पोषण तटीय कर्नाटक के भटकल में एक धार्मिक परिवार में हुआ था और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए मुंबई भेजा गया। साहित्य और कहानी कहने की कला से शुरुआती जुड़ाव ने कला के प्रति उनकी रुचि को आकार दिया। मुंबई में रहते हुए वह धीरे-धीरे शहर के रंगमंच आंदोलन की ओर आकर्षित हुए। नाग ने लगभग पांच वर्षों तक कोंकणी, हिंदी और मराठी नाटकों में अभिनय किया। इस दौरान वह सत्यदेव दुबे, गिरीश कर्नाड और अमोल पालेकर जैसी रंगमंच की हस्तियों से प्रभावित हुए। उन्होंने 1973 में आई कन्नड़ फिल्म ‘संकल्प’ से सिनेमा में पदार्पण किया। वह दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘मालगुडी डेज’ का हिस्सा थे, जिसका निर्देशन उनके फिल्मकार भाई शंकर नाग ने किया था।
कोरियोग्राफर की आंखों के सामने पत्नी को कुचला, 96 घंटे बाद दबोचा गया आरोपी
अहमदाबाद के शीलज में तेज रफ्तार पल्सर की टक्कर से महिला की मौत के मामले में बोपल पुलिस ने आरोपी को 96 घंटे बाद राजस्थान से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद आरोपी बाइक मौके पर छोड़कर अस्पताल पहुंचा, फिर दोस्त के घर और वहां से डूंगरपुर भाग गया. CCTV, बाइक और आरोपी के काम से जुड़े लोगों की जानकारी ने पुलिस को उस तक पहुंचाया.
PM मोदी के जन्मदिन पर मेगा बाइक यात्रा, 250 बाइक्स पर 500 बाइकर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर वाराणसी से एक माह के सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत होगी. 17 सितंबर को 250 बाइक्स पर 500 बाइकर्स काशी से वडनगर तक यात्रा निकालेंगे. ललिता घाट से गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक होगा. योगी आदित्यनाथ और राजनाथ सिंह यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे.
गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, तालाब में डूबने से 6 छात्रों की मौत
तेलंगाना के संगारेड्डी में गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया. पेड्डा कांजेरला गांव के नेरेडु चेरुवु तालाब में डूबने से छह छात्रों की मौत हो गई. हादसा बुधवार शाम करीब 7 बजे हुआ.
MCD में रिश्वत का खेल! ऑफिस समेत 3 गिरफ्तार, 25 लाख कैश बरामद
CBI ने दिल्ली में रिश्वत के मामले में MCD के वरिष्ठ सचिवालय सहायक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि टेंडर अवधि खत्म होने के बाद भी होर्डिंग और LED डिस्प्ले लगाने की अनुमति देने और तय संख्या से ज्यादा होर्डिंग लगाने के बदले रिश्वत ली जा रही थी. तलाशी के दौरान 25.25 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं. मामले की जांच जारी है.
संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार
2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
India vs West Indies: वनडे-T20 टीम का हुआ ऐलान
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है. रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की वनडे टीम में वापसी हुई है. टी20 टीम में वैभव सूर्यवंशी को जगह मिली है, जबकि हार्दिक पंड्या चयन से बाहर हैं. वीडियो में जानें स्क्वॉड क्यों खास.
OTT पर रिलीज होने को तैयार यश की टॉक्सिक, मेकर्स खेलेंगे बड़ा दांव?
खबरों के मुताबिक, यश की फिल्म 'टॉक्सिक' थिएटर्स में रिलीज होने के कुछ हफ्तों बाद ही OTT पर रिलीज हो सकती है. फिल्म की कमाई और शोज की संख्या में भारी गिरावट के बाद इसे जल्दी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का फैसला लिया गया है.
पारे के अत्यधिक जहर के कारण किडनी के नाजुक फिल्टरों में गहरी चोट लगती है और वहां खतरनाक सूजन आ जाती है. धीरे-धीरे किडनी का प्यूरीफिकेशन सिस्टम काम करना बंद कर देता है, जिससे किडनी फेल्योर और यूरेमिया जैसी जानलेवा स्थिति बन जाती है.
PM Narendra Modi के 76वें जन्मदिन पर BJP चलाएगी सेवा संकल्प अभियान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बृहस्पतिवार को देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक जाने वाली बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भाजपा के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश में रहेंगे और वाराणसी से वडनगर तक जाने वाली इसी तरह की एक बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है। दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन बृहस्पतिवार को पार्टी मुख्यालय में रक्तदान शिविर का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह मध्य प्रदेश के लिए रवाना होंगे, जहां इंदौर और उज्जैन में इस अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पार्टी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मना रही है। भाजपा के एक नेता ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। भाजपा नेता ने बताया कि शाम को देशभर में 700 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पार्टी नेता, कार्यकर्ता और संबंधित क्षेत्रों के लोग प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएंगे। पार्टी नेता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर भाजपा बृहस्पतिवार से एक महीने तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत देशभर में ‘सेवा दिवस’ मनाएगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर उनके 25 वर्ष होने की गौरवपूर्ण सेवा तथा देश के प्रति समर्पण के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।’’भाजपा के अनुसार, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत जोशी और अन्य नेता बृहस्पतिवार को वडनगर में मौजूद रहेंगे, जहां अमित शाह मोदी के जन्मस्थान से वाराणसी तक जाने वाली बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे और स्वच्छता अभियान की शुरुआत करेंगे। शाह बृहस्पतिवार सुबह वडनगर में शर्मिष्ठा झील के किनारे आयोजित होने वाली ‘‘महाआरती’’ में भी शामिल होंगे। पार्टी के एक नेता ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी चिराग पासवान तथा अन्य केंद्रीय मंत्री बृहस्पतिवार सुबह उस समय मौजूद रहेंगे, जब राजनाथ सिंह वाराणसी से वडनगर तक जाने वाली बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘एक दिन की सेवा गतिविधियों के बाद शाम को देशभर में 500 से अधिक प्रमुख स्थानों पर एक साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। इसके जरिए देश के 140 करोड़ लोगों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के लंबे और सफल जीवन के लिए शुभकामनाएं दी जाएंगी।’’नवीन बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर उनके 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन के रामघाट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएंगे। नवीन मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह इंदौर में ‘स्वामित्व योजना’ के तहत राज्यव्यापी ‘‘बड़े’’ जनकल्याण अभियान की शुरुआत भी करेंगे। भाजपा के अनुसार, शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष महाकालेश्वर मंदिर में ‘भस्म आरती’ में शामिल होंगे और पूजा-अर्चना करेंगे। वह राष्ट्र की शांति, समृद्धि और सर्वांगीण गौरव की कामना करेंगे।
दिशा सालियान केस में नया ट्विस्ट, जांच के बीच रहस्यमयी महिला की एंट्री; कौन है?
सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच में एक रहस्यमयी महिला का नाम सामने आया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, 8 जून 2020 की रात दिशा सालियन को मुंबई के शताब्दी अस्पताल लाने वाले तीन लोगों में एक महिला भी थी।
कौन सा Home Loan होता है बेस्ट, फिक्स्ड, फ्लोटिंग या हाइब्रिड... जानें कौन सा चुनें
होम लोन के लिए बैंक फिक्सड होम लोन, फ्लोटिंग होम लोन और हाइब्रिड होम लोन का विकल्प देता है. इन तीनों होम लोन के विकल्प में ब्याज दर को लेकर शर्तें होती है.
गुरु-चंद्रमा का शुभ योग! 18 सितंबर से 4 राशि वालों की चांदी ही चांदी
18 सितंबर को चंद्रमा और बृहस्पति मिलकर एक बड़ा ही दुर्लभ योग बनाने वाले हैं. इस दिन मन के कारक चंद्रमा गुरु के स्वामित्व वाली धनु राशि में गोचर करेंगे. संयोगवश बृहस्पति भी चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि में बैठे हैं. यानी गुरु और चंद्रमा एक दूसरे के घर में आकर बैठ जाएंगे. यह शुभ योग चार राशियों को भाग्यशाली बना सकता है.
इंडिया से लेकर फिलिस्तीन तक... दुनिया को बांटने वाले UK के सामने अब खुद के बंटवारे का संकट
इंडिया-पाकिस्तान और इजरायल-फिलिस्तीन के बंटवारे की एक बड़ी वजह यूके ही था. लेकिन अब खुद यूके बंटने की कगार पर है.
सुप्रीम कोर्ट में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सामान्य वर्ग ने दलील दी कि आरक्षण का लाभ लेने के बाद आरक्षित वर्ग सामान्य श्रेणी में नहीं जा सकता।
रात के अंधेरे में पहुंचा प्रेमी, परिजनों ने पकड़कर मंदिर में करा दी शादी
कौशाम्बी से प्रेम कहानी का अनोखा अंजाम सामने आया है. प्रेमिका से मिलने रात में पहुंचे युवक को परिजनों ने पकड़ लिया और पिटाई के बाद पुलिस को सूचना दी. युवक थाने पहुंचा तो दोनों परिवार शादी के लिए राजी हो गए. इसके बाद तिल्हापुर मोड़ स्थित मंदिर में प्रेमी जोड़े का विवाह करा दिया गया. दोनों के बीच तीन साल से संबंध बताए जा रहे हैं.
मकान तोड़ते समय भरभराकर गिरा मलबा, 4 महिलाओं की मौत
इंदौर के सांवेर में जर्जर मकान को तोड़ने के दौरान उसका हिस्सा अचानक गिर गया. हादसे में चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं. घायलों में चार को एमवाय अस्पताल और एक महिला को CHC सांवेर में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में जुटी है.
एनटीए को चाहिए जेईई-नीट प्रश्न पत्र विशेषज्ञ: आवेदन करें और परीक्षा प्रणाली में योगदान दें
एनटीए ने जेईई-नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए देशभर से विशेषज्ञों के आवेदन मांगे हैं।
बाजार से खराब सब्जियां ले आते हैं घर? इन 5 तरीकों से पहचानें फ्रेश
बाजार से सब्जी खरीदते समय सिर्फ रंग और आकार देखकर फैसला न करें. न्यूट्रिशनिस्ट ने बैंगन, ग्वार फली, टिंडा और शकरकंद खरीदने के आसान तरीके बताए हैं. जानिए कौन-सी ग्वार फली नरम होती है, बैंगन कैसे चुनें और शकरकंद खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
NBFC के खाते से 12.84 करोड़ की Cyber Fraud मामले में 5 गिरफ्तार, चीनी गिरोह से जुड़े तार
दिल्ली पुलिस ने गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी के कॉर्पोरेट बैंक खाते से डिजिटल माध्यम से 12.84 करोड़ रुपये निकालने में कथित तौर पर शामिल एक साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने 317 बार में यह रकम डिजिटली स्थानांतरित की और इनमें एक बैंक का ‘रिलेशनशिप मैनेजर’ भी शामिल है। विशेष प्रकोष्ठ की आईएफएसओ इकाई में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव त्यागी ने एक बयान में बताया कि इकाई के त्वरित तकनीकी हस्तक्षेप से ठगी की रकम हासिल करने में इस्तेमाल खातों में मौजूद 1.7 करोड़ रुपये की राशि को सफलतापूर्वक फ्रीज करा दिया गया, ताकि ठगी गई रकम को सुरक्षित रखा जा सके। पुलिस ने कहा कि जांच में ऑनलाइन ‘मैसेजिंग ऐप’ पर सक्रिय चीनी समूहों के साथ गिरोह के कथित संबंधों का भी पता चला। पुलिस ने कहा कि ठगे गए पैसे का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी के प्रकार‘यूएसडीटी’ में बदला गया और विदेश स्थित ठगों को हस्तांतरित कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दुबई और भारत में स्थित गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। यह मामला 21 अगस्त को एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी) की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया है कि कंपनी को बैंक द्वारा भेजे गए संदेश के माध्यम से अपने कॉर्पोरेट खाते से अनधिकृत तौर पर पैसे निकालने का पता लगा। शिकायत के अनुसार, कंपनी प्रबंधन से बिना किसी प्राधिकरण, निर्देश या सहमति के 34 बैंक खातों में 317 बार में लगभग 12.84 करोड़ रुपये भेजे गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुलंदशहर के अभय कुमार सोलंकी, कुरूक्षेत्र के लवली (26), जयपुर के नमन कुमार और विकास (30) और बीकानेर निवासी हरमन (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि सोलंकी के खाते में 60,000 रुपये जमा किए गए जिन्हें बाद में एटीएम के जरिए निकाल लिया गया। पुलिस के मुताबिक, लवली कुरुक्षेत्र के थानेसर में स्थित ‘प्रॉपर्टी गैलरी’ नाम के बैंक खाते का खाताधारक है। इस खाते में कथित तौर पर 80 लाख रुपये आए थे। पुलिस ने बताया कि लवली ने कैथल निवासी सत्यम के बहकावे में आकर यह खाता खुलवाया था। सत्यम फिलहाल फरार है। नमन जयपुर में ‘इन्फर्मिटी सर्विसेज’ नाम से खुले एक बैंक खाते का धारक है, जिसमें 40 लाख रुपये आए थे। पुलिस ने कहा कि उसके एक अन्य बैंक खाते में भी लगभग 70 लाख रुपये आए और यह खाता देश भर में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 43 शिकायतों से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, विकास के जरिए नमन, हरमन के संपर्क में आया। हरमन ने नमन के मोबाइल में एक एपीके फाइल डाउललोड कर उसका फोन हैक किया और फिर ठगी पैसे प्राप्त करने और स्थानांतरित करने के लिए नमन के बैंक खाते का इस्तेमाल किया। पुलिस ने बताया कि नमन को दिल्ली के एक सहयोगी सौरव से भी मिलवाया गया और वह राजधानी आया, जहां वह कृष्णा नगर के एक होटल में रुका। पुलिस ने बताया कि वहां भी उसके बैंक खाते का इसी तरह के तरीके से कथित तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस ने कहा कि हरमन कथित तौर पर टेलीग्राम पर कई चीनी समूहों के संपर्क में रहा और उदयपुर के देवेंदर सिंह चौहान के भी संपर्क में था, जिसने कथित तौर पर ठगी के पैसे को यूएसडीटी में बदला और इसे विदेश स्थित ठगों को हस्तांतरित कर दिया। पुलिस ने आरोप लगाया कि हरमन ने कमीशन के बदले नमन का बैंक खाता प्राप्त किया और संचालित किया और चौहान से लगभग 1.5 लाख रुपये प्राप्त किए। पुलिस ने कहा कि जयपुर के एक बैंक में ‘रिलेशनशिप मैनेजर’ विकास ने कथित तौर पर नमन को विभिन्न बैंकों में खाते खोलने में मदद की और उसे हरमन से मिलवाया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, चेक बुक और प्रॉपर्टी गैलरी की रबर स्टांप जब्त की गई हैं।

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