'बाबर के नाम पर मस्जिद बनाई तो...', CM शुभेंदु की हुमायूं कबीर को चेतावनी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर को नई बाबरी मस्जिद बनाने की योजना पर कड़ी चेतावनी दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबर के नाम पर कोई मस्जिद नहीं बनेगी और अगर हुमायूं ने सड़क जाम की कोशिश की तो उसके गंभीर परिणाम होंगे. इसके अलावा, उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय से मिली नकदी मामले में भी सख्त कार्रवाई का ऐलान किया.
UP में अब कालीन नहीं बिछाएगा ‘अब्दुल’, नेता बनेगा: AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi
हैदराबाद, चार नवंबर ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में मिशिगन की सीनेट सीट पर अब्दुल अल-सैयद की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का ‘‘अब्दुल’’ अब किसी के आगे नहीं झुकेगा, बल्कि नेता बनेगा। ओवैसी ने हाल के सप्ताहों में उत्तर प्रदेश में कई जनसभाओं को संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि अब अब्दुल को दूसरों के लिए कालीन नहीं बिछाना चाहिए। उनका इशारा इस ओर था कि मुसलमानों को अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करनी होगी। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ओवैसी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘अब्दुल मिशिगन में सीनेटर बन गए। मेरे बोलने के बाद अब्दुल मुद्दा बना या नहीं? भाजपा कहती थी कि अब्दुल (टायर का) पंक्चर सही करता है। लोकतंत्र में अब्दुल सीनेटर बन गया। अब उत्तर प्रदेश का अब्दुल किसी के आगे नहीं झुकेगा, बल्कि विधायक बनेगा।’’ओवैसी ने केंद्र सरकार के उस रुख की आलोचना की, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी के कृषि भवन परिसर में स्थित करीब एक सदी पुरानी मस्जिद को हटाया जाना जरूरी है। केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा है कि सरकार के कार्यालय परिसर में स्थायी धार्मिक ढांचे का निर्माण करना या उसे बनाए रखना स्वीकार्य नहीं है और यह सरकारी संपत्ति के ‘‘धर्मनिरपेक्ष’’ स्वरूप के अनुरूप भी नहीं है। ओवैसी ने कहा कि मस्जिद का निर्माण दिल्ली के राजधानी बनने से पहले हुआ था और लुटियंस दिल्ली का विकास इसके आसपास हुआ। उन्होंने मस्जिद को देश की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह वक्फ की पंजीकृत संपत्ति है और इसका मालिकाना हक वक्फ के पास है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि सरकार ने सेंट्रल विस्टा परियोजना का उद्घाटन भूमि पूजन के साथ किया था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि सार्वजनिक परियोजना के लिए एक धर्म की परंपराओं और अनुष्ठानों का इस्तेमाल करने से धर्मनिरपेक्षता आहत नहीं होती, लेकिन उस मस्जिद से परेशानी है जो 1912 से भी पहले से वहां मौजूद है, जबकि उस समय कृषि भवन का निर्माण भी नहीं हुआ था।’’मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों और इनमें एआईएमआईएम की भागीदारी के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा कि वह एसआईआर के विरोध में रहे हैं और उनकी पार्टी ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक ऐप तैयार किया है कि सभी वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहें। उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की रैली में शामिल नहीं होने को लेकर तमिलनाडु की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) से सवाल क्यों नहीं पूछे गए, जबकि उनसे उनकी मौजूदगी के बारे में सवाल किया गया। हैदराबाद में मतदाता सूचियों के एसआईआर के दौरान एक भी अवैध प्रवासी नहीं मिलने संबंधी मीडिया की खबरों के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने सवाल किया कि अब भाजपा के उन आरोपों का क्या होगा, जिनमें कहा गया था कि वहां की मतदाता सूचियों में अवैध प्रवासियों के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब अमित शाह क्या कहेंगे? भाजपा के नेता क्या कहेंगे? आपको याद होगा कि उन्होंने हैदराबाद में (मतदाता सूचियों में शामिल अवैध प्रवासियों के खिलाफ) ‘सर्जिकल’ स्ट्राइक करने का वादा किया था। उन्होंने पहाड़ खोदा, लेकिन उसमें से एक चूहा भी नहीं निकला।’’ओवैसी ने कहा कि यदि मीडिया की खबरें सही हैं तो ‘‘संघ के लोगों’’ को इसका जवाब देना होगा।
मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार का भारत पर क्या असर? देखें B&W
आज सबसे पहले आपको अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में ड़ॉनल्ड ट्रंप को मिले झटके के बारे में बताएंगे. अब संसद के दोनों सदनों में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी बहुमत खो चुकी है. इसलिए अब बचे हुए दो सालों में ट्रंप के लिए सरकार चलाना आसान नहीं होगा. बजट पास कराने से लेकर अहम नियुक्तियों तक, हर कदम पर डेमोक्रेट्स की अड़चनें उनका रास्ता रोकेंगी. देखें...
ओडिशा के Koraput में दिखा Royal Bengal Tiger, वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट
कोरापुट (ओडिशा), चार नवंबर ओडिशा के कोरापुट वन प्रभाग के अंतर्गत सेमिलीगुडा वन क्षेत्र में एक रॉयल बंगाल टाइगर (आरबीटी) देखा गया है। इसके बाद वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और आसपास के ग्रामीण इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कोरापुट के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) सिद्धार्थ जैन ने कहा कि जिले में बाघ नहीं हैं और यह बाघ कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाघ के शरीर पर रेडियो कॉलर नहीं लगा है, इसलिए यह पता लगाना मुश्किल है कि वह कहां से आया है। जैन ने कहा, कोरापुट में बाघ नहीं हैं। यह कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है... बाघ को देखा गया है और उसके पंजों के निशान भी मिले हैं। हम लोगों के साथ-साथ उस बाघ की भी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठा रहे हैं। वन विभाग ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। आसपास के गांवों में लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी कराकर जागरूकता संदेश दिए जा रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने, संवेदनशील क्षेत्रों में नहीं जाने और बाघ के पास नहीं जाने का आग्रह किया गया है।
पुलिस सब-इंस्पेक्टर का ड्रामा, रिश्वत लेते पकड़ा गया तो तालाब में जा कूदा
ओडिशा के संबलपुर में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते सब-इंस्पेक्टर सुजीत कुमार मोहंता को विजिलेंस ने पकड़ा. गिरफ्तारी से बचने वह तालाब में कूद गया. कमरे से 1.55 लाख रुपये नकद भी मिले.
पूर्व सांसद Prem Singh Chandumajra ने शिअद पुनर सुरजीत से दिया इस्तीफा
चंडीगढ़, चार नवंबर अकाली नेता और पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) से इस्तीफा देने की घोषणा की। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उनका यह कदम ज्ञानी हरप्रीत सिंह के नेतृत्व वाले अलग हुए धड़े के लिए झटका माना जा रहा है। चंदूमाजरा के सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में लौटने की संभावना है। इस्तीफे में चंदूमाजरा ने कहा कि पंजाब और ‘पंथ’ के हितों की रक्षा के लिए सभी अकाली और पंथक समूहों का एक साझा मंच पर एकजुट होना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पंथक एकता की उनकी अपील पर शिअद (पुनर सुरजीत) के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सार्वजनिक प्रतिक्रिया से उन्हें एहसास हुआ है कि ‘‘हमारी सोच, विचारधारा और काम करने का तरीका एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।’’उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसी को देखते हुए मैंने अकाली दल (पुनर सुरजीत) से अलग होने का फैसला किया है। पंथ, पंजाब, पंजाबी और पंजाब के अधिकारों के हितों की रक्षा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पहले की तरह अटूट है।’’शिअद (पुनर सुरजीत) का गठन पिछले साल उन असंतुष्ट अकाली नेताओं ने किया था, जो शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व के खिलाफ थे। शिअद ने बुधवार को चंदूमाजरा के शिअद (पुनर सुरजीत) से इस्तीफा देने और पंथक एकता का आह्वान करने के फैसले का स्वागत किया। पार्टी की चुनावी घोषणापत्र समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिअद नेता बलविंदर सिंह भुंदर ने कहा कि चंदूमाजरा ने पंजाब, पंजाबियों और पंजाबी संस्कृति की बेहतरी के लिए काम करने का फैसला किया है।
पहचान और पते के सबसे प्रमुख प्रमाण के रूप में आधार कार्ड की जरूरत हर सरकारी और गैर-सरकारी काम में पड़ती है। कई बार यात्रा के दौरान, बैंक में खाता खोलते समय या किसी जरूरी काम के वक्त मूल भौतिक कार्ड घर पर छूट जाता है। ऐसे में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी इलेक्ट्रॉनिक आधार यानी 'ई-आधार' (e-Aadhaar) पूरी तरह से वैध और मान्य विकल्प है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और आधार नियमों के तहत डिजिटल रूप से डाउनलोड किया गया ई-आधार मूल प्रिंटेड कार्ड के समान ही कानूनी मान्यता रखता है।यदि आपका मोबाइल नंबर आधार के साथ पंजीकृत (Link) है, तो आप अपने स्मार्टफोन से मात्र 5 मिनट के भीतर आधिकारिक पोर्टल से पीडीएफ फॉर्मेट में डिजिटल आधार डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए किसी साइबर कैफे जाने की जरूरत नहीं होती। आप सीधे यूआईडीएआई की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए यह काम घर बैठे सुरक्षित रूप से पूरा कर सकते हैं।myAadhaar पोर्टल से आधार कार्ड डाउनलोड करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेसस्मार्टफोन के किसी भी वेब ब्राउज़र (जैसे क्रोम या सफारी) के जरिए आधार डाउनलोड करने की सबसे तेज और सुरक्षित विधि इस प्रकार है:सबसे पहले अपने मोबाइल ब्राउज़र में UIDAI का आधिकारिक पोर्टल myaadhaar.uidai.gov.in खोलें।होमपेज पर नीचे स्क्रॉल करें और क्विक सर्विसेज सेक्शन में दिए गए 'Download Aadhaar' विकल्प पर टैप करें।अब आपके सामने पहचान दर्ज करने के तीन विकल्प दिखाई देंगे:Aadhaar Number (आधार संख्या)Enrolment ID / EID (नामांकन पर्ची संख्या - 28 अंक)Virtual ID / VID (16 अंकों की वर्चुअल आईडी)अपनी सुविधानुसार किसी एक विकल्प को चुनें और निर्धारित बॉक्स में अपना विवरण दर्ज करें।स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड (Captcha Code) सही-सही भरें और 'Send OTP' बटन पर क्लिक करें।आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) प्राप्त होगा।अब ओटीपी दर्ज करने से पहले स्क्रीन पर एक चेकबॉक्स दिखेगा: Do you want a masked Aadhaar?। यदि आप सुरक्षा कारणों से केवल अंतिम चार अंक ही दिखाना चाहते हैं, तो इस पर टिक करें; यदि पूरा पहचान नंबर चाहिए, तो इसे अनटिक (खाली) रहने दें।मोबाइल पर आया 6 अंकों का ओटीपी दर्ज करें और 'Verify & Download' बटन पर टैप करें।सत्यापन सफल होते ही आपके फोन में ई-आधार की पासवर्ड-प्रोटेक्टेड पीडीएफ (PDF) फाइल तुरंत डाउनलोड हो जाएगी।आधार कार्ड पीडीएफ का पासवर्ड क्या होता है? खोलने का सही तरीकाई-आधार डाउनलोड होने के बाद जब आप उस पीडीएफ फाइल को खोलने का प्रयास करते हैं, तो सुरक्षा कारणों से वह एक पासवर्ड मांगता है। लाखों उपयोगकर्ता यहीं पर भ्रमित हो जाते हैं कि पासवर्ड में क्या दर्ज करना है।यूआईडीएआई के आधिकारिक नियमों के अनुसार, ई-आधार फाइल का पासवर्ड कुल 8 अक्षरों (8 Characters) का एक निश्चित संयोजन होता है:आपके नाम के पहले चार अक्षर (अंग्रेजी के कैपिटल लेटर्स में)आपके जन्म का वर्ष (YYYY फॉर्मेट में)उदाहरण के जरिए समझें:यदि किसी व्यक्ति का नाम SURESH KUMAR है और उनका जन्म वर्ष 1990 है, तो उनका पीडीएफ पासवर्ड SURE1990 होगा।यदि किसी का नाम ANITA SHARMA है और जन्म का वर्ष 1985 है, तो पासवर्ड ANIT1985 दर्ज करना होगा।यदि किसी के नाम में केवल तीन अक्षर हैं, जैसे RIA SINGH और जन्म वर्ष 2002 है, तो नाम के तीन अक्षर और सरनेम का पहला अक्षर मिलकर चार अक्षर बनेंगे, यानी पासवर्ड RIAS2002 होगा।mAadhaar ऐप और डिजिलॉकर से आधार कार्ड कैसे निकालें?यदि आप बार-बार वेबसाइट पर जाकर ओटीपी दर्ज करने के झंझट से बचना चाहते हैं, तो सरकारी मोबाइल ऐप्स का उपयोग एक बेहद सुगम और स्थायी विकल्प है:1. mAadhaar मोबाइल ऐप के जरिए: गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से आधिकारिक 'mAadhaar' ऐप डाउनलोड करें। ऐप में अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। 'Download Aadhaar' विकल्प पर जाकर नियमित (Regular) या नकाबपोश (Masked) आधार चुनकर ओटीपी के जरिए पीडीएफ सेव कर सकते हैं। इसके अलावा ऐप में 'My Aadhaar Profile' सेट करने के बाद बिना डाउनलोड किए भी स्क्रीन पर हमेशा डिजिटल कार्ड प्रदर्शित किया जा सकता है।2. डिजिलॉकर (DigiLocker) के माध्यम से: भारत सरकार के आधिकारिक 'DigiLocker' ऐप या पोर्टल (digilocker.gov.in) पर अकाउंट बनाएं। 'Issued Documents' सेक्शन में जाकर 'UIDAI' सर्च करें और अपना आधार विवरण सत्यापित करें। इसके बाद डिजिलॉकर आपके डिजिटल आधार को सीधे क्लाउड में सुरक्षित कर देता है। इसे ऑफलाइन भी कभी भी देखा और कानूनी सत्यापन के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है।यदि रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बंद या खो गया है तो क्या करें?यदि आपका मोबाइल नंबर बंद हो चुका है, खो गया है या आधार से लिंक नहीं है, तो ऑनलाइन ओटीपी आधारित ई-आधार डाउनलोड नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में आपके पास दो विकल्प होते हैं:पहला विकल्प 'Order Aadhaar PVC Card' का है। यूआईडीएआई की वेबसाइट पर 'गैर-पंजीकृत मोबाइल नंबर' (Non-registered Mobile Number) दर्ज करके भी पीवीसी कार्ड ऑर्डर करने की सुविधा मिलती है। इसके लिए ₹50 का सरकारी शुल्क ऑनलाइन जमा करना होता है, जिसके बाद स्पीड पोस्ट के जरिए वॉटरप्रूफ प्लास्टिक पीवीसी कार्ड सीधे आपके पते पर भेज दिया जाता है।दूसरा विकल्प अपने नजदीकी अधिकृत आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) या बैंक/डाकघर केंद्र पर जाना है। वहां ऑपरेटर आपके बायोमेट्रिक्स (अंगूठे का निशान या आइरिस स्कैन) के जरिए पहचान सत्यापित करके नया मोबाइल नंबर अपडेट कर देगा या मौके पर ही आधार का प्रिंटआउट निकाल कर दे देगा।
Bihar Board 10th Dummy Admit Card 2027: नाम, जन्मतिथि और फोटो में गलती? ऐसे कराएं ऑनलाइन सुधार
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2027 में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए डमी एडमिट कार्ड जारी करने की व्यवस्था एक अनिवार्य प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा फॉर्म और पंजीकरण रिकॉर्ड में दर्ज विवरणों का सत्यापन कराना होता है। कई बार साइबर कैफे या विद्यालय स्तर पर परीक्षा फॉर्म भरते समय लिपिकीय भूल (Clerical Error) के कारण छात्र का नाम, माता या पिता के नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि (DOB), लिंग, जाति कोटि या फोटो और हस्ताक्षर में गंभीर गलतियां दर्ज हो जाती हैं।यदि इन गलतियों को डमी एडमिट कार्ड चरण के दौरान ठीक नहीं कराया जाता है, तो वही अशुद्धियां छात्र के मुख्य प्रवेश पत्र (Final Admit Card), अंकपत्र (Marksheet) और मूल प्रमाण पत्र (Original Certificate) में दर्ज हो जाती हैं। आगे चलकर उच्च कक्षाओं में प्रवेश, सरकारी नौकरियों के सत्यापन और पासपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाते समय प्रमाण पत्रों में दर्ज गलत नाम या जन्मतिथि के कारण कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। इसलिए डमी एडमिट कार्ड मिलते ही उसकी एक-एक प्रविष्टि का बारीकी से मिलान करना प्रत्येक परीक्षार्थी के लिए बेहद जरूरी है।नाम और माता-पिता के नाम की स्पेलिंग में सुधार की प्रक्रियाडमी एडमिट कार्ड में सबसे ज्यादा गलतियां विद्यार्थियों और उनके माता-पिता के नाम के अक्षरों (Spelling) में देखने को मिलती हैं। बिहार बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, नाम में केवल स्पेलिंग की गलतियों को ठीक करने की अनुमति दी जाती है; किसी छात्र के स्थान पर किसी दूसरे छात्र का पूरा नाम बदलने (पूर्ण प्रतिस्थापन) की अनुमति बिल्कुल नहीं होती।यदि आपके नाम, माता के नाम या पिता के नाम में कोई अक्षर गलत है, तो सुधार कराने की विधि इस प्रकार है:डमी एडमिट कार्ड का प्रिंट निकालें: बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल से अपने डमी एडमिट कार्ड की दो साफ प्रतियां (Photocopies) निकालें।गलती को चिह्नित करें: जहां अशुद्ध नाम मुद्रित है, उस हिस्से को पेन से रेखांकित (Underline) या हल्के हाथ से काटें और उसके ठीक सामने साफ अक्षरों में अंग्रेजी के कैपिटल लेटर्स (Capital Letters) में सही नाम लिखें।सहायक दस्तावेज संलग्न करें: सुधार के प्रमाण के रूप में अपने 9वीं कक्षा के रजिस्ट्रेशन कार्ड (Registration Slip), स्कूल एडमिशन रजिस्टर (SR) की प्रति या पूर्व में जारी वैध पहचान पत्र की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करें।प्रार्थना पत्र लिखें: अपने विद्यालय प्रधान (Headmaster/Principal) के नाम एक औपचारिक आवेदन लिखें, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और रोल कोड का हवाला देते हुए नाम की सही स्पेलिंग दर्ज करने का अनुरोध करें।जन्मतिथि (Date of Birth) में विसंगति को कैसे ठीक कराएं?मैट्रिक के प्रमाण पत्र में दर्ज जन्मतिथि को ही जीवनभर के लिए आधिकारिक आयु प्रमाण माना जाता है। यदि डमी एडमिट कार्ड पर आपकी जन्मतिथि गलत अंकित हो गई है, तो इसे सुधारने के लिए बोर्ड के नियम काफी सख्त हैं क्योंकि जन्मतिथि में मनमाना बदलाव स्वीकार्य नहीं होता।आवश्यक प्रमाण: जन्मतिथि में संशोधन के लिए विद्यालय के एडमिशन रजिस्टर (स्कॉलर रजिस्टर) की प्रमाणित प्रति, आठवीं कक्षा की टीसी (Transfer Certificate) या नगर निगम/ग्राम पंचायत द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) अनिवार्य रूप से संलग्न करना होता है।प्रक्रिया: छात्र को आवेदन के साथ जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति संलग्न कर विद्यालय में प्रस्तुत करना होता है। विद्यालय प्रधान स्कूल रिकॉर्ड (SR Book) से उस तारीख का मिलान करेंगे। यदि स्कूल रिकॉर्ड और डमी कार्ड में अंतर पाया जाता है, तो प्रधान अपने स्तर से बोर्ड पोर्टल पर जन्मतिथि में तत्काल संशोधन दर्ज करेंगे।धुंधली, कटी हुई या गलत फोटो और हस्ताक्षर को बदलने का तरीकाकई परीक्षार्थियों के डमी एडमिट कार्ड पर फोटो बिल्कुल काली, अत्यधिक धुंधली या किसी अन्य छात्र की फोटो छप जाती है। इसी प्रकार हस्ताक्षर (Signature) के स्थान पर खाली जगह छूट जाना या किसी दूसरे का साइन प्रदर्शित होना एक आम तकनीकी समस्या है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के समय बायोमेट्रिक और फोटो मिलान किया जाता है, इसलिए गलत फोटो होने पर केंद्र में प्रवेश से रोका जा सकता है।फोटो और हस्ताक्षर में सुधार कराने का क्रम इस प्रकार है:नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो: छात्र अपनी दो हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (सफेद या हल्के पृष्ठभूमि वाली) तैयार रखें।हस्ताक्षर का नमूना: एक सादे सफेद कागज पर काले या नीले बॉल पेन से स्पष्ट हस्ताक्षर करें।विद्यालय प्रधान द्वारा सत्यापन: आवेदन पत्र और डमी कार्ड की प्रति पर नई फोटो चिपकाएं। विद्यालय प्रधान उस फोटो पर अपनी मुहर और हस्ताक्षर करके उसे सत्यापित (Attest) करेंगे।ऑनलाइन पोर्टल पर री-अपलोड: विद्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर या प्रधान अपने आधिकारिक पोर्टल लॉगिन के जरिए छात्र के प्रोफाइल में जाकर पुरानी अमान्य फोटो और हस्ताक्षर की जगह नई स्कैन की गई फाइल (तय जेपीजी/पीएनजी साइज में) अपलोड कर देंगे।स्कूल स्तर से बोर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन करेक्शन: छात्र स्वयं क्यों नहीं कर सकते?बिहार बोर्ड के स्पष्ट नियमों के तहत, डमी एडमिट कार्ड केवल छात्र स्वयं डाउनलोड करके देख सकते हैं, लेकिन पोर्टल पर संशोधन (Correction) करने का डिजिटल अधिकार केवल संबंधित विद्यालय के प्रधान के पास ही सुरक्षित होता है।संशोधन प्रक्रिया: छात्र द्वारा भौतिक रूप से जमा किए गए संशोधित आवेदन के आधार पर विद्यालय प्रधान बोर्ड के माध्यमिक परीक्षा पोर्टल (secondary.biharboardonline.com) पर अपने आधिकारिक यूजर आईडी (User ID) और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करते हैं।पोर्टल के 'Correction Panel' में जाकर छात्र का यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किया जाता है।इसके बाद स्क्रीन पर छात्र का डिजिटल फॉर्म खुल जाता है, जहां नाम, जन्मतिथि, जाति, लिंग या फोटो में वांछित बदलाव करके 'Save & Submit' कर दिया जाता है।पावती रसीद (Receiving): आवेदन जमा करते समय छात्र को अपने आवेदन की दूसरी प्रति पर स्कूल की मुहर और हस्ताक्षर युक्त रिसीविंग अवश्य लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई तकनीकी चूक होने पर आपके पास ठोस साक्ष्य मौजूद रहे।सुधार के बाद 2nd और 3rd डमी एडमिट कार्ड का मिलान जरूर करेंबोर्ड द्वारा निर्धारित करेक्शन विंडो समाप्त होने के बाद विद्यालय द्वारा भेजे गए संशोधित डेटा के आधार पर द्वितीय डमी एडमिट कार्ड (2nd Dummy Admit Card) जारी किया जाता है।छात्रों की यह जिम्मेदारी होती है कि वे दोबारा पोर्टल पर जाकर अपना दूसरा डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा दिए गए संशोधन (नाम, जन्मतिथि या फोटो) सिस्टम में पूरी तरह अपडेट हो चुके हैं या नहीं। यदि द्वितीय डमी कार्ड में भी कोई त्रुटि रह जाती है, तो बोर्ड द्वारा दिए गए अंतिम अवसर (3rd Dummy Card) के दौरान तुरंत प्रधानाध्यापक से मिलकर उसे दुरुस्त कराया जा सकता है। तय समय सीमा बीत जाने के बाद मुख्य एडमिट कार्ड जारी होने पर किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं होता।
चुनाव जीतने के लिए सीएम योगी का ट्रंप कार्ड क्या? देखें खबरदार
लेकिन पहले बात उत्तर प्रदेश की जहां जीत के लिए मुख्यमंत्री योगी ने ट्रंप कार्ड खोज लिया है. इसे समझने के लिए बिहार का चुनाव याद कीजिए पिछले साल बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने अचानक रिकॉर्ड 71.6 फीसदी मतदान किया. ये कुल पड़े 66.91 फीसदी वोटों से तो ज्यादा ही था, पुरुषों के 62.8% मतदान से 9 फीसदी ज्यादा था. देखें...
नेशनल कॉन्फ्रेंस में नहीं थम रही कलह, 10 नाराज विधायकों की तीसरी बैठक
जम्मू-कश्मीर की नेशनल कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हालिया कैबिनेट फेरबदल के बाद पार्टी में कलह खुलकर सामने आई हैं. नाराज विधायकों की लगातार बैठकें हो रही हैं, जिनमें उनकी मांगों और रणनीति पर चर्चा हो रही है. बुधवार को एक बार फिर नाराज विधायकों ने बंद कमरे में अहम मीटिंग की.
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2027 में सम्मिलित होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए डमी एडमिट कार्ड जारी करने का मुख्य उद्देश्य परीक्षा फॉर्म और रजिस्ट्रेशन में दर्ज विवरणों की जांच करना होता है। बोर्ड की आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार, डमी एडमिट कार्ड कोई अंतिम प्रवेश पत्र नहीं होता, बल्कि यह परीक्षार्थियों को अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारियों—विशेष रूप से नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, जाति, फोटो, हस्ताक्षर और विषयों की जांच करने का एक अवसर प्रदान करता है।इंटरमीडिएट परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यार्थी के चयनित विषय होते हैं। कई बार फॉर्म भरते समय ऑनलाइन ऑपरेटर या विद्यालय स्तर पर मानवीय भूल के कारण आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स संकाय (Faculty) के अनिवार्य (Compulsory), ऐच्छिक (Elective) अथवा अतिरिक्त/ऐच्छिक 6ठे विषय (Additional Subject) में गलती दर्ज हो जाती है। यदि समय रहते डमी एडमिट कार्ड में इस गलती को ठीक नहीं कराया गया, तो मुख्य एडमिट कार्ड और मार्कशीट में वही गलत विषय मुद्रित हो जाएंगे, जिससे परीक्षा के दिन केंद्र पर प्रश्नपत्र मिलने में गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।Arts, Science और Commerce: संकाय के अनुसार किन विषयों में हो सकती है गलती?इंटर परीक्षा प्रणाली में तीनों संकायों के लिए कुल 500 अंकों के मुख्य विषय और 100 अंकों का एक अतिरिक्त विषय निर्धारित होता है। डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद छात्रों को अपने संकाय के अनुसार निम्नलिखित विषयों का मिलान अवश्य करना चाहिए:अनिवार्य भाषा विषय (Compulsory Language Subjects - कुल 200 अंक):भाषा 1 (Language 1 - 100 अंक): सामान्यतः हिंदी या अंग्रेजी।भाषा 2 (Language 2 - 100 अंक): पहली भाषा से भिन्न कोई अन्य भाषा (जैसे इंग्लिश, हिंदी, उर्दू, मैथिली, संस्कृत आदि)।अक्सर होने वाली गलती: छात्र ने पहली भाषा के रूप में हिंदी और दूसरी भाषा अंग्रेजी चुनी थी, लेकिन डमी कार्ड में दोनों जगह एक ही भाषा या कोई अन्य क्षेत्रीय भाषा दर्ज हो जाती है।ऐच्छिक विषय (Elective Subjects - कुल 300 अंक):Science (विज्ञान संकाय): फिजिक्स (Physics) और केमिस्ट्री (Chemistry) अनिवार्य होते हैं, जबकि तीसरे विषय में मैथमेटिक्स (Mathematics) या बायोलॉजी (Biology) का चयन होता है। कई बार छात्र बायोलॉजी मुख्य रखना चाहते हैं, लेकिन उनका गणित मुख्य विषय बन जाता है।Commerce (वाणिज्य संकाय): बिजनेस स्टडीज (Business Studies) और अकाउंटेंसी (Accountancy) मुख्य होते हैं, जबकि तीसरे विषय में इकोनॉमिक्स (Economics) या एंटरप्रेन्योरशिप (Entrepreneurship) में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है।Arts (कला संकाय): इतिहास (History), राजनीति विज्ञान (Political Science), भूगोल (Geography), अर्थशास्त्र (Economics), मनोविज्ञान (Psychology), समाजशास्त्र (Sociology) या गृह विज्ञान (Home Science) जैसे विषयों में से किन्हीं तीन का चयन होता है। यहां गलत विषय कोड डलने की संभावना सबसे अधिक रहती है।अतिरिक्त विषय (Additional / 6th Subject - 100 अंक):यदि किसी छात्र ने अतिरिक्त विषय (जैसे साइंस में मैथ्स के साथ बायो या कंप्यूटर साइंस) नहीं चुना था, फिर भी कार्ड में शो हो रहा है, या चुना था और कार्ड से गायब है, तो इसमें तत्काल सुधार आवश्यक होता है।डमी एडमिट कार्ड में विषय सुधार की पूरी ऑफलाइन व ऑनलाइन प्रक्रियाबिहार बोर्ड के नियमों के मुताबिक, डमी एडमिट कार्ड केवल छात्र स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन उसमें सुधार करने का सीधा ऑनलाइन अधिकार केवल संबंधित विद्यालय या इंटर कॉलेज के प्रधान (Principal) के पास होता है। छात्र व्यक्तिगत स्तर पर पोर्टल पर लॉगिन करके सीधे डेटा एडिट नहीं कर सकते। सुधार कराने की चरणबद्ध प्रक्रिया इस प्रकार है:डमी एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट निकालें: सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (seniorsecondary.biharboardonline.com) से अपना डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और उसकी दो साफ फोटोकॉपी (प्रिंटआउट) कराएं।गलत विषय को पेन से चिह्नित करें: डमी एडमिट कार्ड पर जहां विषय की सूची छपी है, वहां गलत विषय के नाम को लाल या काले पेन से काटें (स्ट्राइक करें) और उसके ठीक सामने या ऊपर सही विषय का नाम और उसका आधिकारिक सब्जेक्ट कोड (Subject Code) साफ अक्षरों में लिखें।प्रधानाचार्य के नाम औपचारिक आवेदन लिखें: अपने स्कूल या कॉलेज के प्रधान के नाम एक सादे कागज पर औपचारिक प्रार्थना पत्र लिखें। इसमें अपना नाम, रोल कोड, रजिस्ट्रेशन नंबर, संकाय (Arts/Science/Commerce) और किस विषय के स्थान पर कौन सा विषय बदलना है, इसका स्पष्ट उल्लेख करें।हस्ताक्षर कर कार्यालय में जमा करें: आवेदन पत्र के साथ मार्क की गई डमी एडमिट कार्ड की प्रति संलग्न करें। उस पर अपने और अपने अभिभावक के हस्ताक्षर करवाएं। विद्यालय कार्यालय या परीक्षा प्रभारी के पास यह दस्तावेज जमा करें और दूसरी प्रति पर रिसीविंग (पावती मुहर व हस्ताक्षर) अवश्य ले लें।स्कूल स्तर से बोर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेशन: विद्यालय प्रधान अपने आधिकारिक यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए बिहार बोर्ड के सेकेंडरी/सीनियर सेकेंडरी पोर्टल पर लॉगिन करेंगे। वहां 'Student Correction' सेक्शन में जाकर छात्र का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर त्रुटिपूर्ण विषय को हटाकर सही विषय कोड को ऑनलाइन अपडेट कर देंगे।सुधार करते समय इन महत्वपूर्ण नियमों और सीमाओं का रखें ध्यानसंकाय (Stream/Faculty) परिवर्तन की अनुमति नहीं: डमी एडमिट कार्ड चरण में केवल संकाय के भीतर के विषयों में संशोधन संभव होता है। यदि कोई छात्र साइंस से आर्ट्स या कॉमर्स में पूरी स्ट्रीम बदलना चाहता है, तो बोर्ड के नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन अवधि समाप्त होने के बाद स्ट्रीम परिवर्तन की अनुमति सामान्यतः नहीं दी जाती।समय-सीमा (Correction Window): बोर्ड द्वारा डमी एडमिट कार्ड सुधार के लिए एक सीमित समय सीमा (आमतौर पर 7 से 10 दिन) तय की जाती है। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद पोर्टल बंद हो जाता है और विद्यालय प्रधान भी कोई बदलाव नहीं कर पाते।2nd और 3rd डमी एडमिट कार्ड: पहले चरण में सुधार दर्ज होने के बाद बोर्ड संशोधित डेटा के साथ 'द्वितीय डमी एडमिट कार्ड' (2nd Dummy Admit Card) जारी करता है। छात्रों को उसे दोबारा डाउनलोड करके यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा दिया गया विषय सुधार पोर्टल पर सफलतापूर्वक दर्ज हो चुका है।यदि किसी छात्र के विषय में त्रुटि रह जाती है और वह सुधार नहीं करवाता, तो उसे परीक्षा में उसी गलत विषय की परीक्षा देनी पड़ सकती है, जिससे उसका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसलिए डमी एडमिट कार्ड आते ही बिना देरी किए अपने स्कूल या कॉलेज से संपर्क करके सुधार की प्रक्रिया पूरी कर लें।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने, फर्जी अथवा दोहरे गैस कनेक्शनों को छांटने और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के तहत मिलने वाली गैस सब्सिडी को सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए आधार बायोमेट्रिक e-KYC को अनिवार्य किया है। यदि किसी उपभोक्ता की e-KYC अधूरी रहती है, तो सब्सिडी ट्रांसफर में रुकावट आने या गैर-सब्सिडी दरों पर बुकिंग होने का जोखिम रहता है।इंडेन (इंडियन ऑयल) के लाखों उपभोक्ताओं को अब गैस एजेंसी के दफ्तरों में घंटों लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन के फ्रंट कैमरे और आधार फेस रिकॉग्निशन तकनीक की मदद से कुछ ही मिनटों में घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।ऑनलाइन e-KYC के लिए आवश्यक टूल्स और जरूरी दस्तावेजप्रक्रिया शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास निम्नलिखित जरूरी चीजें तैयार हों:दो मोबाइल ऐप्स: गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से आधिकारिक IndianOil ONE ऐप और यूआईडीएआई (UIDAI) का आधिकारिक Aadhaar FaceRD (Early Access) ऐप इंस्टॉल होना चाहिए।कनेक्शन धारक की उपस्थिति: फेस स्कैनिंग केवल उसी व्यक्ति की होगी जिसके नाम पर इंडेन गैस कनेक्शन पंजीकृत है। किसी अन्य परिजन के चेहरे से यह सत्यापन नहीं हो सकता।पहचान विवरण: गैस कनेक्शन से जुड़ा आधार कार्ड और 16 अंकों की कंज्यूमर एलपीजी आईडी (जो गैस पासबुक या कैश मेमो पर्ची पर अंकित होती है)।सक्रिय मोबाइल नंबर: एलपीजी कनेक्शन से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए ताकि लॉगिन और ओटीपी सत्यापन निर्बाध हो सके।कैमरा व इंटरनेट: फ्रंट कैमरे वाला स्मार्टफोन, स्थिर इंटरनेट कनेक्शन और चेहरे पर पर्याप्त रोशनी।स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: IndianOil ONE ऐप से घर बैठे e-KYC कैसे करें?स्मार्टफोन के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन आधारित ई-केवाईसी पूरी करने का क्रमबद्ध तरीका इस प्रकार है:सबसे पहले अपने मोबाइल में IndianOil ONE ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड व इंस्टॉल करें (ध्यान दें: FaceRD ऐप बैकग्राउंड सर्विस की तरह काम करता है, इसका अलग आइकन होम स्क्रीन पर नहीं खुलता)।IndianOil ONE ऐप खोलें। यदि आप पहली बार उपयोग कर रहे हैं, तो 'New User? Sign Up' पर क्लिक करके अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल से रजिस्ट्रेशन पूरा करें; यदि पहले से अकाउंट है तो लॉगिन करें।लॉगिन के बाद होम स्क्रीन पर बाईं तरफ ऊपर दिए गए हैमबर्गर मेनू (तीन लाइन) पर टैप करें और 'My Profile' सेक्शन में जाएं।प्रोफाइल पेज में 'LPG Details' या 'Indane Details' विकल्प को चुनें।स्क्रीन पर आपकी कंज्यूमर आईडी और वितरण एजेंसी का नाम दिखेगा। यहां आपको 'Re-KYC' या 'e-KYC' का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।स्क्रीन पर नियम व शर्तों का सहमति पत्र (Consent Box) दिखेगा, चेकबॉक्स पर टिक करें और 'Face Auth' बटन पर टैप करें।ऐप आपसे कैमरा एक्सेस की अनुमति मांगेगा, उसे 'Allow' करें। इसके बाद स्वचालित रूप से आधार FaceRD कैमरा इंटरफेस चालू हो जाएगा।अपने चेहरे को मोबाइल स्क्रीन के फ्रेम में सीधा रखें। जब सर्कल हरा हो जाए, तो निर्देशानुसार एक बार अपनी पलकें झपकाएं (Blink eyes)।चेहरा सफलतापूर्वक स्कैन होते ही डेटा यूआईडीएआई सर्वर से मैच हो जाएगा और स्क्रीन पर e-KYC Completed Successfully या रेफरेंस नंबर का मैसेज आ जाएगा।e-KYC का स्टेटस कैसे चेक करें और समस्या आने पर क्या करें?सत्यापन के बाद यदि आप यह देखना चाहते हैं कि आपकी प्रक्रिया स्वीकृत हुई है या नहीं:IndianOil ONE ऐप खोलकर दोबारा 'My Profile' में जाएं।'KYC Status' के सामने यदि 'Confirmed' या हरा टिक मार्क दिख रहा है, तो आपकी ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।चेहरा स्कैन न होने की स्थिति में: यदि FaceRD ऐप में एरर आता है, तो पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर बैठें, चेहरे पर परछाई न पड़ने दें और चश्मा उतारकर दोबारा प्रयास करें। सुनिश्चित करें कि mAadhaar ऐप में आपकी बायोमेट्रिक्स पहले से 'Locked' न हों; यदि लॉक हैं तो पहले उन्हें अनलॉक करें।ऑफलाइन विकल्प: जिन बुजुर्गों के चेहरे की पहचान कैमरे में बार-बार फेल हो रही हो या जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे अपनी गैस एजेंसी जाकर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर से ई-केवाईसी करवा सकते हैं, या सिलेंडर की होम डिलीवरी के समय डिलीवरी एजेंट के पास मौजूद पीओएस (POS) मशीन से भी यह सत्यापन करा सकते हैं। किसी भी अज्ञात व्यक्ति या फर्जी कॉल/लिंक के साथ अपना ओटीपी कभी साझा न करें।
गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: वीजा की मुख्य श्रेणियां 13 से घटकर होंगी 9, आवेदन फॉर्म 70% होगा छोटा
केंद्रीय गृह मंत्रालय भारत की वीजा व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर रहा है, जिसमें मुख्य वीजा श्रेणियों को 13 से घटाकर 9 किया जाएगा।
'बच्चों को रातोंरात स्कूलों से नहीं निकाल सकते', बॉम्बे हाई कोर्ट ने 14 स्कूलों को दी राहत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई के मलाड इलाके में संचालित 14 गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंत तक पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी है. अदालत ने कहा कि वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को रातोंरात स्कूलों से नहीं हटाया जा सकता.
Salman Khan के घर पर फायरिंग के आरोपी विक्की गुप्ता को शादी के लिए बेल नहीं, VC की मिली छूट
मुंबई, चार नवंबर मुंबई की एक विशेष अदालत ने अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर 2024 में हुई गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार कथित हमलावर विक्की कुमार गुप्ता को बिहार में अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए बुधवार को अस्थायी जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने उसे जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शादी समारोह में शामिल होने की अनुमति दे दी। गुप्ता ने सह-आरोपी सागर पाल के साथ 14 अप्रैल, 2024 की सुबह सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी की थी। विशेष मकोका अदालत के न्यायाधीश एस. नवंदर के समक्ष दायर याचिका में गुप्ता ने बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में अपने सगे भाई की शादी में शामिल होने के लिए एक और दो दिसंबर, 2026 को अस्थायी रिहाई का अनुरोध किया था। अदालत ने उसकी रिहाई की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, अदालत ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तकनीकी व्यवहार्यता और जेल की सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर गुप्ता के वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शादी समारोह में शामिल होने के लिए जरूरी व्यवस्था करें।
महादेव बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी कामयाबी मिलने की खबर है। ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह घटनाक्रम सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के कुछ दिन बाद हुआ है। रवि उप्पल की ...
वोटर आईडी से आधार लिंक कैसे करें: Form 6B भरने का पूरा ऑनलाइन व ऑफलाइन तरीका और स्टेटस चेक
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची को त्रुटिहीन, पारदर्शी और फर्जी प्रविष्टियों से मुक्त बनाने के उद्देश्य से वोटर आईडी (EPIC) को आधार से जोड़ने की सुविधा प्रदान की गई है। इसके लिए आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 में संशोधन के तहत एक विशेष प्रपत्र—फॉर्म 6B (Form 6B - Letter of Information of Aadhaar number for the purpose of electoral roll authentication) लागू किया है।यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, यह लिंकिंग पूरी तरह स्वैच्छिक (Voluntary) है। यदि किसी नागरिक के पास आधार कार्ड नहीं है या वह इसे साझा नहीं करना चाहता, तो केवल इस आधार पर उसका नाम मतदाता सूची से काटा नहीं जा सकता। हालांकि, एक ही व्यक्ति के दोहरे पंजीकरण या फर्जी नामों को हटाने के लिए आयोग मतदाताओं को इसे लिंक करने के लिए प्रेरित करता है।1. Voters Service Portal (वेबसाइट) पर Form 6B ऑनलाइन कैसे भरें?यदि आप कंप्यूटर या मोबाइल ब्राउज़र के माध्यम से आवेदन करना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया सबसे सुगम और त्वरित है:सबसे पहले चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाएं।यदि पोर्टल पर पहली बार आए हैं, तो ऊपर दाईं ओर 'Sign-Up' पर क्लिक करके अपना मोबाइल नंबर और ओटीपी दर्ज कर अकाउंट बनाएं; पुराने उपयोगकर्ता सीधे लॉगिन करें।लॉगिन के बाद होमपेज पर दिए गए फॉर्म्स (Forms) सेक्शन में जाएं और 'Form 6B' (Aadhaar Authentication) का चयन करें।अपना राज्य, विधानसभा क्षेत्र और अपना वोटर कार्ड नंबर (EPIC Number) दर्ज करें।स्क्रीन पर आपका नाम, पता और निर्वाचन क्षेत्र का ब्योरा दिखाई देगा; उसे सत्यापित करें।अब आपको दो विकल्प दिखाई देंगे:विकल्प A: मेरे पास आधार संख्या है। इसे चुनें और अपना निर्धारित पहचान पत्र क्रमांक दर्ज करें।विकल्प B: यदि आधार नहीं है, तो दूसरा विकल्प चुनें और दिए गए 11 वैकल्पिक सरकारी दस्तावेजों (जैसे पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक पासबुक आदि) में से किसी एक की स्कैन कॉपी अपलोड करें।अपना मोबाइल नंबर, ईमेल और स्थान (Place) दर्ज करके 'Preview' बटन पर क्लिक करें।भरे गए विवरण की दोबारा जांच करें और 'Submit' पर क्लिक कर दें।स्क्रीन पर एक Reference Number (संदर्भ संख्या) जारी होगी, जिसे भविष्य में स्टेटस ट्रैक करने के लिए सुरक्षित रख लें।2. Voter Helpline App के जरिए मोबाइल से आवेदन करने का तरीकास्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए चुनाव आयोग का मोबाइल ऐप बेहद सुविधाजनक विकल्प प्रदान करता है:गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से 'Voter Helpline' ऐप डाउनलोड करें।ऐप खोलकर 'I Agree' पर टिक करें और अपनी भाषा का चयन करें।होम स्क्रीन पर सबसे पहले दिए गए 'Voter Registration' आइकन पर टैप करें।मेनू में नीचे दिए गए 'Electoral Authentication Form (Form 6B)' पर क्लिक करें।'Let's Start' दबाएं और अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापित करें।'Yes, I have Voter ID' चुनें और अपना EPIC नंबर व राज्य सेलेक्ट करके 'Fetch Details' पर क्लिक करें।आपकी मतदाता विवरणी स्क्रीन पर आते ही 'Proceed' दबाएं।फॉर्म में अपना पहचान पत्र विवरण, मोबाइल नंबर और आवेदन स्थान दर्ज करें।प्रीव्यू देखकर 'Confirm' पर टैप करें। आवेदन जमा होते ही आपको रेफरेंस आईडी प्राप्त हो जाएगी।3. ऑफलाइन प्रक्रिया: BLO या मतदाता सुविधा केंद्र के जरिएजो नागरिक डिजिटल माध्यम से आवेदन करने में असमर्थ हैं, वे ऑफलाइन मोड का उपयोग कर सकते हैं:चुनाव आयोग की वेबसाइट से Form 6B का प्रिंटआउट निकालें या अपने स्थानीय बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से फॉर्म प्राप्त करें।फॉर्म में अपना नाम, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या (Part No.), क्रम संख्या (Serial No.) और EPIC नंबर सही-सही भरें।निर्धारित बॉक्स में अपनी पहचान संख्या अंकित करें अथवा यदि पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है तो वैकल्पिक दस्तावेज की स्व-प्रमाणित (Self-attested) फोटोकॉपी संलग्न करें।अपने हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाएं और स्थान व तारीख दर्ज करें।भरे हुए फॉर्म को अपने इलाके के बीएलओ (BLO), मतदाता सुविधा केंद्र (Voter Facilitation Centre) या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के कार्यालय में जमा कराएं।फॉर्म जमा करने के बाद अधिकारी से प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) अवश्य लें।4. आवेदन का स्टेटस कैसे ट्रैक करें?Form 6B ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करने के बाद आप कुछ ही सेकंड में अपने आवेदन की प्रगति जांच सकते हैं:पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाएं।सर्विसेज सेक्शन में 'Track Application Status' विकल्प पर क्लिक करें।फॉर्म सबमिशन के समय मिली Reference ID दर्ज करें और अपना राज्य चुनें।'Submit' पर क्लिक करते ही स्क्रीन पर आवेदन की वर्तमान स्थिति (Submitted, Under Review, Verified या Accepted) प्रदर्शित हो जाएगी।महत्वपूर्ण सावधानियां और अक्सर पूछे जाने वाले सवालकोई शुल्क नहीं: वोटर आईडी को आधार से लिंक करने या Form 6B जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। इसके लिए किसी भी प्रकार की सरकारी फीस देय नहीं होती।गोपनीयता सुरक्षा: चुनाव आयोग द्वारा दर्ज किए गए पहचान विवरण को सार्वजनिक मतदाता सूची में प्रदर्शित नहीं किया जाता। यह डेटा एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित डेटाबेस में केवल प्रमाणीकरण उद्देश्यों के लिए रखा जाता है।डेमोग्राफिक मिसमैच: यदि दोनों दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग में मामूली अंतर है, तो प्रमाणीकरण के दौरान फॉर्म खारिज हो सकता है। ऐसी स्थिति में पहले 'Form 8' भरकर वोटर आईडी में नाम दुरुस्त करा लें, उसके बाद ही Form 6B सबमिट करें।
जब नितिन गडकरी ने स्विगी से मंगाया सामान, कीमत देखकर दिया ऐसा रिएक्शन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने एक बार स्विगी से घर के लिए सामान मंगाया था और उसकी कीमत उन्हें थोड़ी ज्यादा लगी थी।
27 साल पुराने मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: राज्यों का अतिरिक्त बिक्री कर लगाने का अधिकार सही
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों द्वारा अतिरिक्त बिक्री कर या सरचार्ज लगाने के अधिकार को बरकरार रखा है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बाल श्रम (निषेध और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ गठित करने का निर्देश दिया है।
'मां, मुझे गोली मार दी...' घायल मनोज ने किया फोन, अस्पताल में तोड़ा दम
बाइक ठीक कराने निकला मनोज शायद घर लौटने की उम्मीद लेकर गया था, लेकिन रिपेयरिंग सेंटर पर हमलावरों ने उसे घेर लिया. पेट में गोली लगने के बाद भी उसने मां और दोस्त को फोन किया. अस्पताल में उसकी मौत हो गई. डेढ़ महीने पहले जेल से छूटे मनोज की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और गैंगवार का शक है.
अनुराग से पहले IPS अभिषेक तिवारी का भी इस्तीफा, दोनों रहे सागर एसपी
मध्य प्रदेश में सागर जिले के SP रहे IPS अफसर अनुराग सुजानिया ने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया है. जहरीली शराब कांड के बाद SP पद से हटाए जाने के सात दिन बाद उन्होंने यह फैसला लिया. इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है. इससे पहले सागर के ही पुलिस कप्तान रहे आईपीएस अभिषेक तिवारी ने भी नौकरी छोड़ दी थी. पढ़ें शराब और सागर से जुड़े दो रोचक संयोग...
चोरी-छिपे मिलते थे प्रेमी-प्रेमिका, परिवार ने कराई शादी
UP के प्रयागराज से प्रेमिका से मिलने कौशांबी पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने रेस्टोरेंट में पकड़ लिया. चार साल से चल रहे प्रेम प्रसंग पर दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और सहमति बनने के बाद रामजानकी मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से दोनों की शादी करा दी गई.
देशभर के करीब 1.17 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए नया साल 2027 एक बड़ी खुशखबरी और आर्थिक राहत लेकर आने वाला है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन काम करने वाले लेबर ब्यूरो द्वारा जारी किए जा रहे अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के ताजा रुझान इस बात की ओर साफ इशारा कर रहे हैं कि 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief - DR) में 4 से 5 फीसदी तक का जबर्दस्त उछाल आ सकता है। यदि यह अनुमान हकीकत में बदलता है, तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता वर्तमान 63 फीसदी से छलांग लगाकर सीधे 67 या 68 फीसदी के ऐतिहासिक स्तर को छू लेगा। त्योहारों के मौसम में 63% डीए की आधिकारिक घोषणा के बाद अब कर्मचारी संगठनों की नजरें नए साल के तोहफे पर टिक गई हैं। खुदरा महंगाई के दबाव के बीच यह संभावित बढ़ोतरी कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और पेंशनर्स की मासिक आय में एक मजबूत वित्तीय कवच का काम करेगी।आमतौर पर केंद्र सरकार साल में दो बार—पहली जनवरी से और दूसरी जुलाई से—महंगाई भत्ते की दरों की समीक्षा करती है। दोनों ही बार गणना के लिए पिछले 12 महीनों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत का इस्तेमाल 7वें वेतन आयोग द्वारा निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर किया जाता है। हालिया महीनों में खाद्य वस्तुओं, दैनिक उपभोग की चीजों और ईंधन की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को लगातार ऊपर की ओर धकेला है। सितंबर 2026 के ताजा जारी सूचकांक में 1.1 अंकों की बढ़त दर्ज होकर यह 155.5 के स्तर पर पहुंच चुका है। जानकारों का आकलन है कि यदि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2026 के सूचकांक में भी यही तेजी बनी रही, तो 5 फीसदी की भारी वृद्धि की पूरी संभावना बन रही है, जो पिछले कई वर्षों में जनवरी की किसी एक छमाही में मिलने वाली सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक होगी।क्या है डीए गणना का आधिकारिक फॉर्मूला और AICPI-IW का गणित?केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते का निर्धारण 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) द्वारा अनुशंसित स्वीकृत गणितीय फॉर्मूले के आधार पर किया जाता है। यह गणना श्रम ब्यूरो द्वारा औद्योगिक श्रमिकों के लिए संकलित 12 महीनों के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW Base Year 2016=100) के औसत पर आधारित होती है। 7वें वेतन आयोग के अंतर्गत प्रयुक्त फॉर्मूला कुछ इस प्रकार है:DA प्रतिशत = [{(पिछले 12 महीनों के AICPI-IW का औसत 2.88) − 261.41} 261.41] 100। इस फॉर्मूले में 261.41 सातवें वेतन आयोग का आधारभूत स्थिरांक है, और गणना के बाद आने वाले दशमलव मान को निचले पूर्णांक (Floor to nearest whole number) पर रोककर वैधानिक दर तय की जाती है। 1 जुलाई 2026 से लागू 63% डीए की गणना जुलाई 2025 से जून 2026 के आंकड़ों के आधार पर की गई थी। अब जनवरी 2027 के डीए निर्धारण के लिए कैलेंडर वर्ष 2026 के पूरे 12 महीनों (जनवरी से दिसंबर 2026) के आंकड़ों को आधार बनाया जा रहा है। अब तक जारी 9 महीनों के आंकड़ों का औसत पहले ही 66% के पार जा चुका है। यदि शेष तीन महीनों में इंडेक्स में मामूली बढ़ोतरी भी जारी रहती है, तो 67.8% से 68.2% का आंकड़ा छूना तय माना जा रहा है, जिसका सीधा अर्थ है कि कर्मचारियों को 4 से 5 प्रतिशत का शुद्ध लाभ प्राप्त होगा।पे-मैट्रिक्स लेवल 1 से लेवल 14: कितनी बढ़ेगी सैलरी? देखें पूरा कैलकुलेशन टेबलयदि केंद्र सरकार 1 जनवरी 2027 से महंगाई भत्ते में 5 फीसदी की वृद्धि करती है और कुल डीए 63% से बढ़कर 68% हो जाता है, तो कर्मचारियों की बेसिक पे के अनुसार मासिक और वार्षिक वेतन में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिलेगा। नीचे दी गई तालिका में 7वें वेतन आयोग के विभिन्न पे-लेवल के आधार पर वेतन बढ़ोतरी का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है:पे-लेवल और पद श्रेणीन्यूनतम बेसिक पे (₹)वर्तमान DA @ 63% (₹)संभावित DA @ 68% (₹)मासिक शुद्ध बढ़ोतरी (₹)सालाना कुल फायदा (₹)लेवल 1 (एमटीएस/ग्रुप डी एंट्री)₹18,000₹11,340₹12,240₹900₹10,800लेवल 2 (एलडीसी/जूनियर क्लर्क)₹19,900₹12,537₹13,532₹995₹11,940लेवल 3 (यूडीसी/हेड कांस्टेबल)₹21,700₹13,671₹14,756₹1,085₹13,020लेवल 4 (असिस्टेंट/सीनियर क्लर्क)₹25,500₹16,065₹17,340₹1,275₹15,300लेवल 5 (वरिष्ठ सहायक/स्टेनो)₹29,200₹18,396₹19,856₹1,460₹17,520लेवल 6 (इंस्पेक्टर/सब-इंस्पेक्टर)₹35,400₹22,302₹24,072₹1,770₹21,240लेवल 7 (सेक्शन ऑफिसर/ग्रुप बी)₹44,900₹28,287₹30,532₹2,245₹26,940लेवल 8 (असिस्टेंट डायरेक्टर)₹47,600₹29,988₹32,368₹2,380₹28,560लेवल 9 (सीनियर एकाउंट्स ऑफिसर)₹53,100₹33,453₹36,108₹2,655₹31,860लेवल 10 (ग्रुप ए/सिविल सेवा एंट्री)₹56,100₹35,343₹38,148₹2,805₹33,660लेवल 12 (डिप्टी सेक्रेटरी/डायरेक्टर)₹78,800₹49,644₹53,584₹3,940₹47,280लेवल 14 (ज्वाइंट सेक्रेटरी/वरिष्ठ)₹1,44,200₹90,846₹98,056₹7,210₹86,520इस तालिका से स्पष्ट है कि न्यूनतम एंट्री लेवल (लेवल 1) के कर्मचारी की सैलरी में सालाना कम से कम ₹10,800 की शुद्ध वृद्धि होगी, जबकि ग्रुप 'ए' के सिविल सेवा अधिकारियों (लेवल 10) को सालाना ₹33,660 से अधिक का सीधा लाभ मिलेगा। वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों (लेवल 14) के लिए यह वार्षिक वृद्धि ₹86,500 से भी अधिक होगी।पेंशनर्स को मिलने वाली डियरनेस रिलीफ (DR) और एरियर का भुगतान गणितयह बढ़ोतरी केवल कार्यरत सिविलियन कर्मचारियों या रक्षा कर्मियों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के 68 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। पेंशनर्स के मामले में इस भत्ते को डियरनेस रिलीफ (DR) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी की मूल पेंशन ₹25,000 प्रति माह है, तो 5 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद उनकी मासिक पेंशन में ₹1,250 की सीधी वृद्धि दर्ज होगी, यानी सालाना आधार पर ₹15,000 की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। अधिक पेंशन पाने वाले वरिष्ठ पेंशनभोगियों के खाते में यह वृद्धि और भी बड़ी राशि के रूप में दिखाई देगी।आमतौर पर जनवरी से प्रभावी होने वाले डीए और डीआर के फैसलों को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले पखवाड़े में औपचारिक मंजूरी दी जाती है। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जनवरी, फरवरी और मार्च महीने का पूरा बकाया (एरियर) अप्रैल के वेतन के साथ एकमुश्त क्रेडिट किया जाता है। होली के आसपास होने वाली इस घोषणा से न केवल वित्तीय वर्ष की शुरुआत में कर्मचारियों की लिक्विडिटी मजबूत होती है, बल्कि घरेलू मांग और उपभोक्ता बाजार को भी बड़ा आर्थिक सहारा मिलता है।8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच डीए बढ़ोतरी का रणनीतिक महत्ववर्तमान में केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और पेंशनर एसोसिएशनों द्वारा 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। नियमत: हर 10 साल में नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती हैं और इस क्रम में अगला वेतन आयोग जनवरी 2026 से ही प्रतीक्षित है। ऐसे में जब तक 8वें वेतन आयोग का गठन और उसकी अंतिम रिपोर्ट पर कैबिनेट की मुहर नहीं लग जाती, तब तक महंगाई भत्ता ही कर्मचारियों के लिए बढ़ती महंगाई से निपटने का एकमात्र कानूनी और सुरक्षित संबल है। जब 7वें वेतन आयोग के तहत डीए 50 फीसदी के पार पहुंचा था, तो उसके साथ मकान किराया भत्ता (HRA), बच्चों का शिक्षा भत्ता (CEA), हॉस्टल सब्सिडी और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा जैसी कई परिलब्धियों में स्वतः बढ़ोतरी हुई थी। अब जब डीए 65% और 68% के करीब पहुंच रहा है, तो कर्मचारियों की कुल आय का अनुपात लगातार सुधर रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आगामी जनवरी 2027 का 5% संभावित उछाल कर्मचारियों को न केवल मुद्रास्फीति के दबाव से बचाएगा, बल्कि भविष्य में बनने वाले 8वें वेतन आयोग के नए फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) के निर्धारण में भी एक मजबूत आधारशिला साबित होगा। कुल मिलाकर, 2027 का नया साल केंद्रीय कर्मचारियों के बैंक खातों में जबर्दस्त आर्थिक मजबूती लेकर आने की पूरी तैयारी में है।
केरलम में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच के आदेश, दो करोड़ की रिश्वत का आरोप
केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के लगभग दो दशक पुराने मामले में प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा, कंक्रीट के जंगलों और रोजमर्रा के ट्रैफिक जाम से तंग आकर हर दूसरा व्यक्ति वीकेंड पर पहाड़ों की गोद में एक शांत आशियाने का सपना देखता है। इसी चाहत को भुनाने के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक बेहद लुभावना रियल एस्टेट ऑफर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर से महज साढ़े तीन घंटे की ड्राइव पर शिवालिक की पहाड़ियों या अरावली की शांत वादियों के करीब मात्र ₹13.76 लाख की शुरुआती कीमत में रेडी या सेमी-फिनिश्ड घर और विला प्लॉट्स उपलब्ध हैं।इस विज्ञापन की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी आसान पेमेंट स्कीम बताई जा रही है, जिसके तहत महज ₹68,000 की टोकन राशि देकर बुकिंग कराई जा सकती है और बाकी बची रकम को 15 साल की लंबी होम लोन ईएमआई में चुकाने की सहूलियत दी जा रही है। पहली नजर में यह सौदा किसी किराए के मकान से भी सस्ता और आकर्षक लगता है, लेकिन क्या वाकई इतनी कम कीमत में पहाड़ों के खूबसूरत नजारे वाला वैध घर मिल सकता है या इसके पीछे कुछ तकनीकी और कानूनी पेंच छिपे हैं? आइए समझते हैं इस पूरे प्रोजेक्ट का वित्तीय और जमीनी गणित।₹68 हजार की बुकिंग और 15 साल की EMI का वास्तविक वित्तीय गणितरियल एस्टेट डेवलपर्स अक्सर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कम डाउन पेमेंट और लंबी अवधि की आसान किस्तों का फॉर्मूला पेश करते हैं। यदि हम ₹13.76 लाख की कुल मूल संपत्ति लागत का विश्लेषण करें, तो ₹68,000 की शुरुआती बुकिंग राशि कुल कीमत का लगभग 5 प्रतिशत बैठती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB) के नियमों के अनुसार कोई भी अधिकृत बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) अधिकतम 80 से 85 प्रतिशत तक ही लोन स्वीकृत करती है, यानी खरीदार को कम से कम 15 से 20 प्रतिशत (करीब ₹2.5 लाख से ₹2.75 लाख) का मार्जिन मनी (डाउन पेमेंट) खुद वहन करना होता है।यदि डेवलपर किसी गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था (NBFC) के साथ टाई-अप करके शेष ₹11 लाख से ₹12 लाख की राशि पर 15 साल (180 महीने) की अवधि के लिए होम लोन की व्यवस्था कराता है, तो वर्तमान 8.5% से 9.25% की औसत ब्याज दर पर मासिक ईएमआई लगभग ₹10,800 से ₹12,300 प्रति माह के बीच आएगी। यह मासिक किस्त शहरी मध्यम वर्ग के बजट में पूरी तरह फिट बैठती है, लेकिन खरीदारों को यह समझना चाहिए कि 15 वर्षों में 9% की दर से ₹11 लाख के कर्ज पर लगभग ₹9.15 लाख का अतिरिक्त ब्याज देना होगा, जिससे मूल संपत्ति की लागत बढ़कर ₹23 लाख के पार पहुंच जाएगी।₹13.76 लाख की बेस प्राइस के पीछे छिपे हुए हिडन चार्जेसप्रॉपर्टी विज्ञापनों में दिखने वाला ₹13.76 लाख का आंकड़ा अमूमन 'बेस सेलिंग प्राइस' (BSP) होता है। जब कोई खरीदार अंतिम एग्रीमेंट टू सेल और पजेशन की ओर बढ़ता है, तो इसमें कई अनिवार्य अतिरिक्त शुल्क जुड़ जाते हैं, जो अंतिम बजट को 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा देते हैं:स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री खर्च: संबंधित राज्य (हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान या उत्तर प्रदेश) के राजस्व विभाग द्वारा लागू स्टाम्प शुल्क (5% से 7%) और कोर्ट रजिस्ट्रेशन फीस मिलकर तुरंत ₹70,000 से ₹1,00,000 का अतिरिक्त बोझ डालते हैं।इंटरनल और एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (IDC/EDC): सोसाइटी के भीतर सड़कें, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और पानी की पाइपलाइन बिछाने के नाम पर प्रति वर्ग गज या प्रति वर्ग फुट अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता है।बिजली-पानी कनेक्शन और क्लब मेंबरशिप: बिजली का अलग ट्रांसफार्मर, पानी का मीटर, सुरक्षा गेट और क्लब हाउस का आजीवन शुल्क ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख तक पहुंच जाता है।वस्तु एवं सेवा कर (GST): यदि प्रोजेक्ट अंडर-कंस्ट्रक्शन है, तो बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के 5% का जीएसटी अलग से देय होता है। इन सभी खर्चों को जोड़ने के बाद ₹13.76 लाख का घर चाबी मिलने तक आसानी से ₹17 से ₹18 लाख की लागत छू लेता है।लोकेशन की हकीकत: कहां हैं एनसीआर से 3.5 घंटे दूर पहाड़ों की तलहटी?दिल्ली बॉर्डर से साढ़े तीन घंटे की यात्रा सीमा को अगर गूगल मैप्स के जरिए नापा जाए, तो मुख्य रूप से तीन प्रमुख रूट उभरकर सामने आते हैं:पहला रूट दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नए दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के जरिए सहारनपुर और रुड़की से आगे उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश या देहरादून के बाहरी ग्रामीण इलाकों (जैसे रायवाला, भगवानपुर या शिवालिक की तलहटी) तक पहुंचता है। दूसरा रूट दिल्ली-पानीपत-अंबाला नेशनल हाईवे के जरिए पंचकूला, मोरनी हिल्स के तलहटी क्षेत्र या नारायणगढ़ के बॉर्डर एरिया को छूता है। तीसरा रूट दिल्ली-जयपुर हाईवे या दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए राजस्थान के अलवर, नीमराना या कोटपूतली के आसपास अरावली पहाड़ियों से सटे शांत ग्रामीण इलाकों तक जाता है।यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि इस बजट में मिलने वाले विला या घर किसी मुख्य हिल स्टेशन (जैसे मसूरी, नैनीताल, शिमला या कसौली) के मुख्य शहर में नहीं होते, बल्कि वे पहाड़ों के आधार क्षेत्र यानी तलहटी (Foothills) या हाईवे से 5 से 10 किलोमीटर अंदर स्थित अर्ध-शहरी या ग्रामीण इलाकों में विकसित किए जा रहे होते हैं।निवेश करने से पहले इन 5 कानूनी और तकनीकी मानकों की करें जांचयदि आप ऐसे किसी प्रोजेक्ट में निवेश का मन बना रहे हैं, तो केवल आकर्षक ब्रोशर और लुभावने रेंडर्स देखकर पैसे ट्रांसफर करने की गलती बिल्कुल न करें। मौके पर जाने से पहले और टोकन मनी देने से पूर्व निम्नलिखित जांच अवश्य करें:RERA रजिस्ट्रेशन नंबर की पुष्टि: सबसे पहले संबंधित राज्य के रेरा पोर्टल (जैसे HRERA, UKRERA या RajRERA) पर जाकर प्रोजेक्ट का वैध रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें। बिना रेरा अप्रूवल वाले प्रोजेक्ट में पैसा लगाना कानूनी जोखिम से भरा हो सकता है।जमीन का लैंड यूज (CLU): यह सुनिश्चित करें कि जिस जमीन पर कॉलोनी कट रही है, उसका भूमि उपयोग कृषि (Agriculture) से बदलकर आवासीय (Residential/Commercial) कराया जा चुका है। गैर-कृषि रूपांतरण के बिना भविष्य में निर्माण को अवैध घोषित किया जा सकता है।पहाड़ी राज्यों के भू-कानून: उत्तराखंड जैसे राज्यों में बाहरी नागरिकों के लिए जमीन खरीदने की सीमाएं (अधिकतम 250 वर्ग मीटर या नगर निकाय सीमा के बाहर विशिष्ट पाबंदियां) लागू होती हैं। सुनिश्चित करें कि प्रोजेक्ट पूरी तरह कानूनी सीमाओं के भीतर है।बैंक लोन की अप्रूवल लिस्ट (APF): यदि एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी या आईसीआईसीआई जैसे स्थापित राष्ट्रीयकृत और प्रमुख प्राइवेट बैंकों ने उस प्रोजेक्ट को होम लोन के लिए प्री-अप्रूव (APF Code जारी) कर रखा है, तो इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट के कानूनी दस्तावेज काफी हद तक जांचे जा चुके हैं।मूलभूत नागरिक सुविधाएं: वीकेंड होम का आनंद तभी है जब वहां 24 घंटे बिजली, पीने योग्य मीठा पानी, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी और नजदीकी आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध हों। अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले इन सुविधाओं की जमीनी पड़ताल जरूर कर लें।
UP में Election Commission ने घटाए 3,786 पोलिंग स्टेशन, अब 1.73 लाख केंद्र
लखनऊ, चार नवंबर भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर मतदान केंद्रों को युक्तिसंगत बनाने को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 3,786 कम हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के बाद राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 1,77,516 से घटकर 1,73,730 रह गई है। सभी 75 जिलों में प्रत्येक मतदान केंद्र पर 1,200 मतदाताओं के निर्धारित मानक के आधार पर यह बदलाव किया गया है। यह प्रक्रिया 16 अक्टूबर को शुरू हुई थी और जिलों से मिले प्रस्ताव मंजूरी के लिए निर्वाचन आयोग को भेजे गए थे। रिणवा ने बताया कि एक जनवरी, 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर जारी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के तहत मतदाता सूची का मसौदा अब मंजूर किए गए 1,73,730 मतदान केंद्रों पर प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को संशोधित मतदान केंद्रों पर बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिन मतदाताओं के मतदान केंद्र बदले गए हैं, उन्हें संबंधित बीएलओ के माध्यम से लिखित सूचना दी जाएगी। बीएलओ के पर्यवेक्षक इस प्रक्रिया की नियमित निगरानी करेंगे। वहीं, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) भी व्यवस्थाओं की जांच करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि एक परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची के एक ही भाग में दर्ज हों। यदि मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज पाए जाते हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-8 के माध्यम से जरूरी सुधार किए जाने चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मंजूर किए गए मतदान केंद्रों की सूची उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है। निर्वाचन अधिकारियों को इन बदलावों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मतदाताओं को उनके नए या बदले गए मतदान केंद्रों की जानकारी पहले से मिल जाए और मतदान के दौरान उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
मेट्रो में कितना सामान ले जा सकते हैं? वजन, बैग साइज और गठरी-बोरी ले जाने के कड़े नियम जान लें
शहरी जीवन में मेट्रो रेल आवागमन का सबसे सुविधाजनक, तेज और किफायती साधन बन चुकी है। दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, कानपुर, नोएडा, बेंगलुरु या मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में प्रतिदिन लाखों यात्री अपने दैनिक सफर के लिए मेट्रो पर निर्भर हैं। कई बार रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों या एयरपोर्ट जाने वाले मुसाफिर अपने साथ भारी बैग, सूटकेस या ट्रॉली लेकर मेट्रो में सवार होते हैं। हालांकि, मेट्रो केवल एक परिवहन सेवा नहीं बल्कि एक उच्च सुरक्षा वाली रैपिड ट्रांजिट प्रणाली है। यात्रियों की सहूलियत, कोच के अंदर की जगह और सुरक्षा जांच को ध्यान में रखते हुए मेट्रो प्रशासन ने सामान के वजन और आकार को लेकर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश तय कर रखे हैं। अगर आपका बैग इन मानकों से बड़ा या भारी निकलता है, तो सुरक्षा जांच (CISF या मेट्रो सुरक्षा गार्ड) के दौरान आपको स्टेशन के अंदर प्रवेश करने से रोका जा सकता है।मेट्रो नियमों के अनुसार, प्रत्येक यात्री को केवल एक मानक आकार का व्यक्तिगत बैग या सूटकेस ले जाने की अनुमति होती है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) समेत देश के अधिकांश मेट्रो नेटवर्क्स में सामान्य लाइनों पर प्रति यात्री सामान का अधिकतम वजन 25 किलोग्राम तय किया गया है। वजन के साथ-साथ बैग के बाहरी आकार (डायमेंशन) की सीमा भी निर्धारित है, ताकि सामान आसानी से स्कैनर मशीन से पार हो सके और कोच में अन्य सह-यात्रियों के बैठने या खड़े होने में बाधा न बने। मानक नियमों के मुताबिक, बैग की अधिकतम लंबाई 80 सेंटीमीटर, चौड़ाई 50 सेंटीमीटर और ऊंचाई 30 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर सामान के विशेष नियम और चेक-इन सुविधासामान्य मेट्रो लाइनों की तुलना में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को जोड़ने वाली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइनों पर सामान के नियम थोड़े अधिक उदार रखे गए हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 और यशोभूमि द्वारका तक चलने वाली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर यात्रियों को अधिकतम 32 किलोग्राम तक का सामान ले जाने की कानूनी छूट दी जाती है। इस लाइन पर बैग के आकार की सीमा भी थोड़ी बड़ी है, जिसके तहत लंबाई 90 सेंटीमीटर, चौड़ाई 75 सेंटीमीटर और ऊंचाई 45 सेंटीमीटर तक मान्य की गई है।एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के चुनिंदा स्टेशनों जैसे नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम पर प्रमुख एयरलाइंस के यात्रियों के लिए सिटी चेक-इन और लगेज ड्रॉप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। यहां यात्री अपनी फ्लाइट का बोर्डिंग पास लेने के साथ ही अपना भारी सामान जमा कर सकते हैं, जिसे सुरक्षित रूप से सीधे एयरपोर्ट भेज दिया जाता है। लेकिन ध्यान रहे, यह 32 किलो की छूट केवल एयरपोर्ट एक्सप्रेस कॉरिडोर तक ही सीमित है; यदि आप वहां से सामान्य लाइन (येलो, ब्लू या रेड लाइन) पर ट्रांसफर होते हैं, तो आपको फिर से 25 किलो वाले सामान्य नियम का पालन करना होगा।गठरी, बोरी, खुले बंडल और कार्टन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंधमेट्रो स्टेशनों पर अक्सर देखा जाता है कि कुछ यात्री गांवों या कस्बों से आते समय कपड़े की बड़ी गठरी, प्लास्टिक की बोरियां, रस्सियों से बंधे खुले कार्टन या धातु की बड़ी पेटियां साथ ले आते हैं। मेट्रो संचालन और सुरक्षा नियमों के तहत इस प्रकार के सामान को ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, कपड़े की गठरी या सिली हुई बोरियों को एक्स-रे बैगेज स्कैनर में जांचना तकनीकी रूप से मुश्किल होता है और भीड़भाड़ वाले कोच में इनसे गंदगी फैलने या फर्श पर फिसलने का खतरा रहता है।यदि कोई यात्री बैग या सूटकेस के स्थान पर ऐसी अनगढ़ गठरी या बोरी लेकर सुरक्षा जांच केंद्र पर पहुंचता है, तो सुरक्षा बल उसे प्रवेश देने से तुरंत मना कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी प्रकार का ऐसा सामान जिससे अन्य यात्रियों के कपड़े खराब होने, चोट लगने या कोच की फर्श गंदी होने की आशंका हो, उसे प्लेटफॉर्म पर ले जाने की अनुमति नहीं दी जाती। यदि सामान किसी व्यापारिक उद्देश्य से थोक माल (Commercial Goods) के रूप में ले जाया जा रहा है, तो उस पर भी सख्त रोक है क्योंकि मेट्रो का उपयोग माल ढुलाई के लिए नहीं किया जा सकता।एक्स-रे स्कैनर और मेटल डिटेक्टर: जांच के समय इन बातों का रखें ध्यानमेट्रो स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल पर प्रवेश करते ही सबसे पहला पड़ाव बैगेज स्कैनर का होता है। यात्रियों को अपना हर छोटा-बड़ा बैग कन्वेयर बेल्ट पर रखना अनिवार्य होता है। यदि आपके बैग का साइज तय मानकों से बड़ा है, तो वह स्कैनर टनल के मुंह में फंस सकता है, जिसके चलते सुरक्षाकर्मी भारी ट्रॉली बैग्स का भौतिक निरीक्षण करते हैं और नियम उल्लंघन पर यात्रा टोकन या स्मार्ट कार्ड होने के बावजूद प्रवेश अस्वीकार कर देते हैं।सुरक्षा नियमों के तहत कुछ वस्तुओं को बैग में ले जाना कानूनन जुर्म है। इनमें सभी प्रकार के आग्नेयास्त्र, ज्वलनशील पदार्थ (जैसे पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, थिनर, पेंट), पटाखे, गैस सिलेंडर, खुले चाकू, कैंची, तलवार जैसी नुकीली वस्तुएं और जहरीले रसायन शामिल हैं। शराब की बोतलों के संदर्भ में दिल्ली मेट्रो में सीलबंद शराब की अधिकतम दो बोतलें ले जाने की अनुमति दी गई है, लेकिन कोच या स्टेशन परिसर के अंदर शराब पीना या बोतल खोलना गैर-कानूनी है और ऐसा करने पर भारी जुर्माना व कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और सुरक्षा कर्मियों के कानूनी अधिकारमेट्रो रेलवे (परिचालन एवं अनुरक्षण) अधिनियम के तहत अधिकृत सुरक्षाकर्मियों और स्टेशन प्रबंधकों को यह अधिकार प्राप्त है कि वे नियमों की अवहेलना करने वाले किसी भी व्यक्ति पर दंडात्मक कार्रवाई कर सकें। यदि कोई यात्री तय सीमा से अधिक भारी सामान के साथ पकड़ा जाता है या स्टेशन स्टाफ से बहस करता है, तो उस पर निर्धारित जुर्माना लगाया जा सकता है और उसे अगले स्टेशन पर ही ट्रेन से उतारा जा सकता है।सुगम और तनावमुक्त यात्रा के लिए सलाह दी जाती है कि मेट्रो से सफर करने से पहले अपने सामान का वजन घर पर ही जांच लें। हमेशा जिप वाले मजबूत और कॉम्पैक्ट ट्रॉली बैग या सूटकेस का उपयोग करें ताकि बैगेज स्कैनर से निकलने में कोई रुकावट न हो। यदि आपके पास तय सीमा 25 किलोग्राम से अधिक वजन या कई सारे बड़े कार्टन हैं, तो मेट्रो के बजाय कैब या अन्य सतही सड़क परिवहन का विकल्प चुनना ही समझदारी भरा कदम होगा।
जेडी वेंस ने ईरान जंग को बताया मिडटर्म चुनाव में हार की वजह, कहा- ट्रंप से छिटके वोटर्स
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हार की मुख्य वजह ईरान युद्ध और बढ़ती महंगाई को बताया है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार को व्यक्तिगत झटका नहीं माना.
हरियाणा में नई लैंड पूलिंग पॉलिसी 2026 मंजूर: जमीन देने पर 50% विकसित एरिया और ₹1 लाख सालाना मदद
हरियाणा सरकार ने राज्य में शहरीकरण, आधुनिक टाउनशिप और औद्योगिक गलियारों के निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसानों और भू-मालिकों के हितों की रक्षा हेतु एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बहुप्रतीक्षित 'लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026' (Land Pooling Policy-2026) को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। यह नीति पुरानी 2022 की पॉलिसी का स्थान लेगी, जिसमें बाजार मूल्य और मुआवजे की जटिल गणना के कारण किसानों के बीच असंतोष बना रहता था। नई नीति का मुख्य उद्देश्य जबरन भूमि अधिग्रहण के दौर को पूरी तरह समाप्त कर किसानों को विकास की प्रक्रिया में सीधा शेयरधारक और बराबर का साझीदार बनाना है।सरकार की इस नीति से गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत और रोहतक समेत पूरे प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विस्तार बिना किसी गतिरोध के तेजी से हो सकेगा। कृषि प्रधान राज्य होने के नाते हरियाणा में किसानों की जमीन को उनकी सबसे बड़ी पूंजी और विरासत माना जाता है। सरकार के अनुसार, यह नया कानूनी ढांचा सुनिश्चित करता है कि किसान केवल अपनी पैतृक जमीन गंवाने वाले लाचार पक्षकार न रहें, बल्कि आधुनिक शहरों के निर्माण से सृजित होने वाली रियल एस्टेट संपत्ति के सीधे हकदार बनें।50 फीसदी विकसित जमीन की गारंटी: जानिए प्लॉट आवंटन का नया गणितनई लैंड पूलिंग नीति का सबसे आकर्षक पहलू विकसित भूमि के बंटवारे का स्पष्ट और पारदर्शी फॉर्मूला है। स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार परियोजना के कुल बिक्री योग्य (Saleable) क्षेत्र का सीधा 50 प्रतिशत हिस्सा भू-मालिकों को वापस दिया जाएगा। बाकी बचा 50 प्रतिशत क्षेत्र विकास एजेंसी—जैसे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) या HSIIDC—के पास रहेगा, जिसका उपयोग चौड़ी सड़कें, सीवरेज, हरित पार्क, जल निकासी जैसी नागरिक सुविधाएं तैयार करने और प्रशासनिक लागत निकालने के लिए किया जाएगा।किसानों को उनके दिए गए रकबे के अनुपात में आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत या औद्योगिक भूखंड दिए जाएंगे। नीति में यह भी तय किया गया है कि बड़े रकबे वाले भू-मालिकों को अनिवार्य रूप से कॉमर्शियल कियोस्क या बूथ आवंटित किए जाएंगे, जिससे उन्हें भविष्य में नियमित किराए की आय प्राप्त हो सके। इसके अलावा भूखंडों के विखंडन को रोकने के लिए न्यूनतम साइज भी तय किए गए हैं, जिसके तहत आवासीय भूखंड न्यूनतम 100 वर्ग मीटर, औद्योगिक 250 वर्ग मीटर और संस्थागत 500 वर्ग मीटर के आकार के होंगे। जिन छोटे भू-मालिकों का योगदान 999 वर्ग मीटर से कम का होगा, उन्हें नए भूमि अधिग्रहण कानून (LARR Act 2013) के तय मुआवजे या आरक्षित दर, जो भी अधिक हो, के अनुसार नकद भुगतान किया जाएगा।चार साल तक ₹1 लाख प्रति एकड़ अंतरिम सहायता और 9% ब्याज का कड़ा नियमअक्सर देखा जाता है कि जब किसान अपनी खेती योग्य जमीन विकास परियोजना को सौंपते हैं, तो इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने में लंबा वक्त लग जाता है और उस दौरान उनकी नियमित फसल की आमदनी बंद हो जाती है। इस आर्थिक संकट को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार ने प्रति एकड़ ₹1 लाख की वार्षिक अंतरिम वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है। यह राशि सेल डीड पंजीकरण की तिथि से लगातार चार वर्षों तक किसानों के खातों में सीधे भेजी जाएगी।नीति में नौकरशाही की हीला-हवाली पर रोक लगाने के लिए जवाबदेही भी तय की गई है। यदि विकास एजेंसी सेल डीड होने के 15 दिनों के भीतर इस वित्तीय सहायता का भुगतान करने में विफल रहती है, तो संबंधित भू-मालिक को देरी की अवधि के लिए 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित भुगतान करना अनिवार्य होगा। यह प्रावधान किसानों को एक तरह से सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करता है, ताकि विकास की अवधि के दौरान उनके परिवार की आजीविका पर कोई आंच न आए।4 साल में प्रोजेक्ट पूरा करने की डेडलाइन, काम न होने पर जमीन होगी वापसपुरानी लैंड पूलिंग व्यवस्था में परियोजनाओं के पूरा होने की कोई ठोस समय-सीमा न होने के कारण योजनाएं वर्षों तक लटकी रहती थीं। नई लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 में प्रोजेक्ट पूर्णता की समय-सीमा को 5 वर्ष से घटाकर कड़ाई से 4 वर्ष कर दिया गया है। यदि विकास एजेंसी अंतिम योजना मंजूरी के बाद 4 वर्ष की तय अवधि के भीतर बुनियादी ढांचे का निर्माण पूरा नहीं कर पाती है, तो जमीन स्वतः भू-मालिकों को वापस लौटा दी जाएगी।इसके साथ ही भू-मालिकों की सुविधा के लिए लैंड एंटाइटेलमेंट सर्टिफिकेट्स (LEC) को आपस में क्लब करने की छूट दी गई है, जिससे एक ही परिवार या गांव के लोग मिलकर बड़ा संयुक्त भूखंड हासिल कर सकें। वहीं, विकास एजेंसी द्वारा भूखंडों की बायबैक अवधि को 1 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया गया है, ताकि जो किसान विकसित जमीन अपने पास न रखकर तुरंत नकदी चाहते हैं, वे सरकार को तय दरों पर अपनी जमीन वापस बेच सकें।बिचौलियों पर लगाम और अवैध कॉलोनियों के मकड़जाल पर प्रहारराज्य में जमीन अधिग्रहण के नाम पर सक्रिय अवैध दलालों और बेतरतीब कटने वाली अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए नीति में 'लैंड एग्रीगेटर' की भूमिका को कानूनी रूप दिया गया है। पंजीकृत संपत्ति एजेंटों को एग्रीगेटर बनने की अनुमति दी गई है, जिन्हें संबंधित राजस्व संपदा के कलेक्टर रेट का अधिकतम 0.5 प्रतिशत पारिश्रमिक दिया जाएगा। यह भुगतान किसान की जेब से नहीं कटेगा, बल्कि विकास एजेंसी द्वारा सीधे किया जाएगा।सरकार का मानना है कि यह नीति किसानों को जबरन विस्थापन के डर से मुक्त करेगी और उन्हें आधुनिक औद्योगिक व आवासीय विकास का बराबर का साझेदार बनाएगी। हरियाणा का यह 50-50 विकास मॉडल न केवल किसानों को समृद्ध करेगा बल्कि राज्य के नियोजित और आधुनिक विकास को भी नई रफ्तार देगा।
TRAI ने लॉन्च किया Network Anubhav पोर्टल: अब मैप पर दिखेगा इंटरनेट स्पीड और कॉल ड्रॉप का असली सच
देशभर में मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड की सुस्त रफ्तार, आए दिन होने वाले कॉल ड्रॉप्स और नेटवर्क कवरेज को लेकर टेलीकॉम ऑपरेटरों के दावों पर अब सीधा जनता का पहरा होगा। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने उपभोक्ताओं के डिजिटल अनुभव को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपना एकीकृत जियोस्पेशियल और एनालिटिकल डैशबोर्ड 'नेटवर्क अनुभव' (Network Anubhav Platform) आधिकारिक रूप से पेश कर दिया है। अक्सर देखा गया है कि टेलीकॉम कंपनियां 5G और हाई-स्पीड 4G के नाम पर 100 एमबीपीएस से अधिक स्पीड का प्रचार करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में उपभोक्ताओं को बफरिंग और नेटवर्क ग्लिच का सामना करना पड़ता है। ट्राई का यह नया प्लेटफॉर्म सेवा प्रदाताओं के दावों और उपभोक्ताओं को मिलने वाली वास्तविक सर्विस क्वालिटी के बीच के अंतर को सार्वजनिक करेगा।ट्राई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनकी कनेक्टिविटी का वास्तविक अधिकार देना और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) को यह स्पष्ट रूप से दिखाना है कि किस इलाके में उनके नेटवर्क को तत्काल सुधार की जरूरत है। यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन के तहत उपभोक्ताओं के क्वालिटी ऑफ एक्सपीरियंस (QoE) को मापने का सबसे बड़ा क्राउड-सोर्स्ड प्रयास बनकर उभरी है।MySpeed, MyCall और DND का एकीकृत संगम: कैसे काम करेगा यह नया डैशबोर्ड?'नेटवर्क अनुभव' कोई अलग-थलग काम करने वाला पोर्टल नहीं है, बल्कि यह ट्राई के पहले से संचालित प्रमुख उपभोक्ता टूल्स को एक ही छत के नीचे लाकर एक शक्तिशाली जियोस्पेशियल मैप तैयार करता है। इसमें मुख्य रूप से तीन स्रोतों से प्राप्त रियल-टाइम डेटा का विश्लेषण किया जाता है:पहला घटक ट्राई MySpeed है, जिसके जरिए उपयोगकर्ता अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर डाउनलोड स्पीड, अपलोड स्पीड, लेटेंसी, पैकेट लॉस और जिटर की लाइव टेस्टिंग करते हैं। दूसरा घटक ट्राई MyCall है, जो कॉल खत्म होने के बाद उपभोक्ताओं से 1 से 5 स्टार की रेटिंग और कॉल ड्रॉप, आवाज टूटने या ऑडियो डिले जैसी समस्याओं का सीधा फीडबैक जुटाता है। तीसरा स्रोत ट्राई द्वारा देश के विभिन्न शहरों, राजमार्गों और ग्रामीण इलाकों में कराए जाने वाले इंडिपेंडेंट ड्राइव टेस्ट्स (IDT) का आधिकारिक तकनीकी डेटा है।इन तीनों डेटा सेट्स को जब भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) मैप पर प्लॉट किया जाता है, तो देश के किसी भी शहर, जिले, कस्बे या पिनकोड का वास्तविक नेटवर्क परफॉर्मेंस मैप उभरकर सामने आ जाता है। इस तरह किसी भी ऑपरेटर द्वारा किए गए तकनीकी दावे को स्थानीय स्तर पर उपभोक्ता तुरंत सत्यापित कर सकते हैं।पिनकोड और जीपीएस के जरिए खुलेगी कंपनियों की पोल: उपभोक्ता को क्या होगा सीधा फायदा?इस प्लेटफॉर्म से देश के 120 करोड़ से अधिक टेलीकॉम उपभोक्ताओं को अपनी उंगलियों पर सटीक जानकारी मिलेगी। आम उपभोक्ता अक्सर नया सिम कार्ड खरीदते समय या घर में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगवाते समय विज्ञापनों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब वे 'नेटवर्क अनुभव' पोर्टल पर जाकर अपने इलाके का पिनकोड या जीपीएस लोकेशन दर्ज करके यह देख सकते हैं कि उनकी गली या मोहल्ले में जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया या बीएसएनएल में से किसका सिग्नल सबसे मजबूत है और किसकी औसत डाउनलोड स्पीड बेहतर है।डैशबोर्ड पर मोबाइल नेटवर्क के साथ-साथ फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड की स्पीड और स्थिरता का भी अलग-अलग विश्लेषण उपलब्ध कराया गया है। उपभोक्ता न केवल 4G और 5G टेक्नोलॉजी के आधार पर तुलना कर सकते हैं, बल्कि यह भी देख सकते हैं कि इनडोर यानी घर के अंदर नेटवर्क रिसेप्शन कैसा है और आउटडोर में कैसा। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म में DND (डू नॉट डिस्टर्ब) व्यवस्था को भी जोड़ा गया है, जिससे अनचाही कमर्शियल कॉल्स और स्पैम एसएमएस की रोकथाम के साथ-साथ 'नो योर सेंडर' सुविधा के जरिए संदिग्ध कॉलर्स की पहचान की जा सकेगी।टेलीकॉम कंपनियों की जवाबदेही तय: अब आंकड़ों की बाजीगरी पर लगेगी लगामट्राई का यह कदम सेवा प्रदाताओं के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। अब तक टेलीकॉम कंपनियां औसत सर्किल-स्तरीय आंकड़ों के आधार पर अपने नेटवर्क को बेहतर साबित करती रही हैं, जिससे किसी एक शहर या ग्रामीण पॉकेट में नेटवर्क की नाकामी छिप जाती थी। लेकिन 'नेटवर्क अनुभव' के पूरी तरह पारदर्शी होने के बाद कंपनियां खराब सर्विस वाले क्षेत्रों को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगी।नियामक का कहना है कि यह डेटा पूरी तरह से अनामीकृत (Anonymized) रहता है, यानी यूजर की कोई भी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं होती, केवल नेटवर्क का तकनीकी डेटा ही साझा किया जाता है। टेलीकॉम कंपनियां इस डेटा का उपयोग अपने सेल टावरों के ऑप्टिमाइजेशन, अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन और ब्लैकस्पॉट्स को भरने के लिए करेंगी। यदि कोई ऑपरेटर लगातार कई हफ्तों तक किसी क्षेत्र में तय मानकों से नीचे की सर्विस देता पाया जाता है, तो नियामक के नए क्वालिटी ऑफ सर्विस (QoS) नियमों के तहत भारी जुर्माने और सुधारात्मक कदमों का सामना करना पड़ सकता है।कैसे करें इस्तेमाल? जानिए पोर्टल और ऐप्स से जुड़ने का पूरा तरीकाउपभोक्ता इस पारदर्शी व्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए सीधे आधिकारिक वेबसाइट anubhav.trai.gov.in पर जा सकते हैं। वेब पोर्टल पर होमपेज पर ही इंटरैक्टिव मैप प्रदर्शित होता है, जहां ऑपरेटर, तकनीक (4G/5G/ब्रॉडबैंड) और राज्य या शहर का चयन करके लाइव आंकड़े देखे जा सकते हैं।इसके साथ ही, एंड्रॉयड और आईओएस यूजर्स गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से TRAI MySpeed, TRAI MyCall और TRAI DND ऐप्स को मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। जब भी कोई उपभोक्ता इन ऐप्स पर अपनी स्पीड टेस्ट करता है या कॉल की गुणवत्ता पर रेटिंग देता है, तो वह डेटा तुरंत क्राउड-सोर्स्ड नेटवर्क का हिस्सा बन जाता है। ट्राई ने देश के सभी स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे इन टूल्स का सक्रिय उपयोग करें, ताकि सामूहिक डेटा के दम पर टेलीकॉम कंपनियों को बेहतर और निर्बाध डिजिटल सेवाएं देने के लिए बाध्य किया जा सके।
एनर्जी स्टोरेज के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF स्कीम मंजूर; मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला
केंद्रीय कैबिनेट ने नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF स्कीम को मंजूरी दी, जिससे 92 गीगावाट घंटा ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज क्षमता विकसित होगी।
भारत के हरित ऊर्जा क्षेत्र ने पिछले दो वर्षों में अभूतपूर्व छलांग लगाई है। नई दिल्ली में आयोजित 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो' (BRESE) के मंच से केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने यह आधिकारिक आंकड़ा साझा किया कि देश के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र ने बीते दो सालों में करीब 67 अरब डॉलर यानी लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित किया है। किसी एक विशिष्ट उद्योग में इतने कम समय में इतनी बड़ी पूंजी का आना भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्लोबल इनवेस्टर्स के भरोसे को साफ दर्शाता है। देश की गैर-जीवाश्म बिजली उत्पादन क्षमता आज 310 गीगावाट (GW) के आंकड़े को पार कर चुकी है। इसके बावजूद केंद्रीय मंत्री इस ऐतिहासिक आंकड़े पर आत्ममुग्ध होने के मूड में बिल्कुल नहीं दिखे। उन्होंने दो टूक शब्दों में वैश्विक और घरेलू उद्योगपतियों को आगाह किया कि यह उपलब्धि केवल शुरुआती मील का पत्थर है और भारत का अंतिम लक्ष्य इससे कहीं ज्यादा बड़ा और चुनौतीपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता स्थापित करने और 2070 तक 'नेट ज़ीरो' कार्बन उत्सर्जन का संकल्प ले चुका है। अगर देश को इस ऐतिहासिक लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से हासिल करना है, तो वर्तमान ₹6 लाख करोड़ का निवेश पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मंच से उद्योग को जगाते हुए कहा कि अगले पांच से छह वर्षों में भारत को स्वच्छ ऊर्जा के बुनियादी ढांचे, ट्रांसमिशन लाइनों और स्टोरेज सिस्टम में कम से कम 30 लाख करोड़ रुपये (लगभग 360 अरब डॉलर) से अधिक की अतिरिक्त पूंजी झोंकनी होगी। ऐसे में ₹6 लाख करोड़ के आंकड़े पर जश्न मनाने के बजाय काम की रफ्तार को चौगुना करने की सख्त जरूरत है।रिकॉर्ड उत्पादन के बाद भी मंत्री प्रह्लाद जोशी क्यों नहीं हैं संतुष्ट?ऊर्जा मंत्रालय की कमान संभाल रहे प्रह्लाद जोशी की इस असंतुष्टि के पीछे ठोस व्यावहारिक और तकनीकी वजहें हैं। भारत की आर्थिक विकास दर इस समय दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है और देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) लगभग 7 प्रतिशत की रफ्तार से दौड़ रहा है। इस तेज रफ्तार औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और ग्रामीण विद्युतीकरण के चलते देश की बिजली की मांग में सालाना आधार पर अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया जा रहा है। अगर भारत ने अपने बिजली उत्पादन नेटवर्क को पारंपरिक कोयले से हटाकर स्वच्छ ऊर्जा पर तुरंत शिफ्ट नहीं किया, तो ग्रिड पर दबाव असहनीय स्तर तक पहुंच सकता है। दूसरा सबसे बड़ा पहलू समय सीमा का है। वर्ष 2030 आने में अब केवल चार साल का वक्त बाकी है और देश को 310 GW से बढ़कर 500 GW तक पहुंचना है। यानी हर साल औसतन 40 से 50 गीगावाट नई क्षमता ग्रिड से जोड़नी होगी। इसके साथ ही मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केवल सोलर पैनल या विंड टरबाइन लगा देना ही ऊर्जा सुरक्षा नहीं है। जब सूरज ढल जाता है और हवा धीमी पड़ती है, तब देश को चौबीसों घंटे (Round-The-Clock) बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSP) की सख्त दरकार है। वर्तमान में स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की गति उस रफ्तार से मेल नहीं खा रही है जिस रफ्तार से उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है, और यही विसंगति नीति निर्माताओं के लिए गंभीर चिंता का सबब बनी हुई है।भारत का 'मेगा ग्रीन रोडमैप': सोलर, विंड और हाइड्रोजन पर चौतरफा वारकेंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस चुनौती से पार पाने के लिए एक त्रिआयामी 'मेगा ग्रीन प्लान' का खाका तैयार किया है, जिसके तहत वित्तीय, तकनीकी और नीतिगत बाधाओं को एक साथ खत्म करने की रणनीति बनाई गई है। इस रोडमैप का पहला बड़ा आधार घरेलू विनिर्माण को सशक्त बनाना है ताकि भारत चीनी उपकरणों और विदेशी सप्लाई चेन पर अपनी निर्भरता पूरी तरह समाप्त कर सके। मंत्री ने जानकारी दी कि देश की सोलर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता 2 GW से छलांग लगाकर 225 GW तक पहुंच चुकी है, जबकि सोलर सेल क्षमता 45 GW को छू रही है। अब सरकार का फोकस सिलिकॉन इंगॉट्स, वेफर्स और सेल लेवल पर शत-प्रतिशत आत्मनिर्भरता हासिल करना है, जिसके लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (PLI) के नियमों को और अधिक कड़ा तथा परिणामोन्मुख बनाया जा रहा है। रोडमैप का दूसरा मजबूत स्तंभ 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' है। भारत ने दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन हाइड्रोजन ऑफटेक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत 5.5 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष उत्पादन की प्रतिबद्धता हासिल की जा चुकी है। अकेले इस सेगमेंट में करीब ₹90,000 करोड़ का पूंजीगत निवेश पाइपलाइन में है और इसका 70 प्रतिशत हिस्सा वैश्विक बाजारों में निर्यात के लिए निर्धारित किया गया है। भारत में ग्रीन अमोनिया की खोज दर ₹45.70 से ₹49.75 प्रति किलोग्राम तक नीचे आ चुकी है, जो वैश्विक बेंचमार्क के मुकाबले बेहद प्रतिस्पर्धी है। यह उपलब्धि भारत को केवल ऊर्जा उपभोक्ता ही नहीं बल्कि स्वच्छ ईंधन का वैश्विक निर्यातक बनाने की क्षमता रखती है।रूफटॉप क्रांति और ग्रिड ट्रांसमिशन का विस्तार: अंतिम छोर तक बदलावइस मेगा प्लान का तीसरा और सबसे संवेदनशील घटक आम उपभोक्ता को सीधे स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ना है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' इस बदलाव का चेहरा बनकर उभरी है, जिसके तहत 65 लाख से अधिक घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं और हर छह दिन में एक लाख नए परिवार इस योजना से जुड़ रहे हैं। ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था को डीजल मुक्त बनाने के लिए 'पीएम-कुसुम' (PM-KUSUM) योजना के तहत लाखों सोलर सिंचाई पंप लगाए जा रहे हैं, जिससे किसानों की उत्पादन लागत घट रही है और अतिरिक्त सौर बिजली बेचकर वे आमदनी के नए रास्ते बना रहे हैं। हालांकि इस उत्पादन को संभालना बिना अत्याधुनिक ट्रांसमिशन नेटवर्क के संभव नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (GEC) का समय पर निर्माण न होना और अंतर-राज्यीय पारेषण शुल्क (ISTS) से जुड़े विवाद परियोजनाओं की रफ्तार को धीमा करते हैं। इसलिए सरकार ने राष्ट्रीय ग्रिड को उच्च क्षमता वाली 800 केवी एचवीडीसी (HVDC) लाइनों से लैस करने और राजस्थान, गुजरात, लद्दाख और आंध्र प्रदेश के दूरदराज सोलर व विंड पार्कों को सीधे औद्योगिक राज्यों से जोड़ने के लिए समयबद्ध वित्तीय स्वीकृतियां जारी की हैं। सरकार की स्पष्ट नीति है कि किसी भी सूरत में जमीन अधिग्रहण या ट्रांसमिशन की कमी के चलते रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स अटकने नहीं दिए जाएंगे।वैश्विक निवेशकों के लिए खुला निमंत्रण और भविष्य की राहप्रह्लाद जोशी ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, घरेलू बैंकों और बहुराष्ट्रीय निवेशकों से आह्वान किया कि वे भारत की ऊर्जा क्रांति में अपनी भागीदारी को केवल कागजी समझौतों तक सीमित न रखें बल्कि तत्काल पूंजी निवेश करें। पिछले दशक में सौर ऊर्जा की दरें ₹5.50 प्रति यूनिट से गिरकर ₹2.15 प्रति यूनिट पर आ चुकी हैं, और बैटरी स्टोरेज के साथ भी यह दर ₹2.70 प्रति यूनिट के आकर्षक स्तर पर आ गई है। ऐसे में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में लगाया गया पैसा न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा, बल्कि सुरक्षित और टिकाऊ वित्तीय रिटर्न भी सुनिश्चित करेगा। भारत का ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन अब मात्र एक सरकारी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह देश की संप्रभुता, औद्योगिक सुरक्षा और विदेशी मुद्रा भंडार के संरक्षण से जुड़ा राष्ट्रीय मिशन बन चुका है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का कड़ा रुख यह स्पष्ट संदेश देता है कि ₹6 लाख करोड़ का मुकाम मील का सिर्फ पहला पत्थर है; भारत की वास्तविक ग्रीन परीक्षा 2030 तक 500 गीगावाट के शिखर को छूने और ₹30 लाख करोड़ के विशाल पूंजी प्रवाह को जमीन पर उतारने के साथ पूरी होगी।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि उनके गठबंधन में शामिल होने का स्वागत किया जाएगा और दावा किया कि मंत्रिमंडल के अगले विस्तार में उन्हें जगह देने पर विचार किया जा सकता है।
Nagpur से तीन लोग शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी में पकड़े गए
मुंबई, चार नवंबर महाराष्ट्र के नागपुर के तीन लोगों को पुलिस ने शेयर कारोबार में निवेश से जुड़े घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। जांच में साइबर धोखाधड़ी के कम से कम 73 मामलों में उनकी संलिप्तता सामने आई है, जिनमें मुंबई के छह मामले भी शामिल हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मुंबई अपराध शाखा के दक्षिण साइबर पुलिस थाने ने तीनों आरोपियों से ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए बनाई गई 11 मुखौटा कंपनियों की चेकबुक और पासबुक, 25 सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, क्यूआर कोड और रबर की मुहरें जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार, 10 जून से आठ सितंबर के बीच 58.72 लाख रुपये की कथित ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति की शिकायत पर नौ सितंबर को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि मीरा अय्यर नाम की एक महिला और उसके साथियों ने शेयर कारोबार में निवेश पर ऊंचा मुनाफा दिलाने का लालच देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और उससे विभिन्न खातों में 58,72,410 रुपये जमा करवाए। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। तकनीकी विश्लेषण और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से मिले आंकड़ों से पता चला कि ठगी की रकम में से 24.75 लाख रुपये नागपुर की जरिपटका शाखा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एक चालू खाते में भेजे गए थे। यह खाता ‘ग्रेन गार्डन डिलाइट्स प्राइवेट लिमिटेड’ नामक एक मुखौटा कंपनी के नाम पर पंजीकृत था। जांच के सिलसिले में मुंबई साइबर पुलिस नागपुर पहुंची, जहां उसने सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागपुर निवासी अमित दिलीपराव काले (34), रितिक शैलेश धारगावे (25) और अनिरुद्ध सतीश उके (30) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, काले इस धोखाधड़ी का कथित मुख्य साजिशकर्ता है। जांचकर्ताओं ने पाया कि काले और उके ने धारगावे के दस्तावेजों और किराये के फर्जी समझौते का इस्तेमाल कर ‘ग्रेन गार्डन डिलाइट्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से कंपनी बनाई और बैंक में चालू खाता खुलवाया।
9 साल की बच्ची की मौत से उठे सवाल, कैसे आया हार्ट अटैक?
दिल्ली के मयूर विहार में 9 साल की बच्ची की स्कूल में अचानक मौत के बाद कम उम्र में हार्ट अटैक को लेकर सवाल उठ रहे हैं. डॉक्टर के मुताबिक, बच्चों में कार्डियोमायोपैथी और दिल की धड़कनों में गड़बड़ी अचानक मौत की वजह बन सकती हैं. वीडियो में जानें डिटेल्स.
अब मछलियां भी मिलेंगी आर्गेनिक, केंद्र सरकार ने तय किए कड़े मानक
केंद्रीय सरकार ने सिक्किम के सोरेंग में देश के पहले जैविक मत्स्य पालन क्लस्टर के लिए एसओपी जारी की है।
दिल्ली रैली में नहीं जाने की सजा; गुजरात युवा कांग्रेस के 49 पदाधिकारी सस्पेंड
भारतीय युवा कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की रैली में अनुपस्थित रहने पर गुजरात के 49 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी…
राज्यों का ईज ऑफ कंस्ट्रक्शन इंडेक्स बनाएगा NHAI, हाईवे में देरी से हर साल 3000 करोड़ का नुकसान
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) राज्यों के लिए 'ईज ऑफ कंस्ट्रक्शन इंडेक्स' बना रहा है ताकि सरकारी औपचारिकताओं के कारण होने वाली परियोजनाओं में देरी को उजागर किया जा सके।
त्योहारों पर बनाकर खाएं मूली की चटनी, पूड़ी-पराठे संग लगेगी टेस्टी
Mooli Ki Chutny: अगर आप भी चटनी के शौकीन हैं और दिवाली पर खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए चटनी बनाने का सोच रहे हैं तो धनिया-पूदीना छोड़िए और इस बार मूली की चटपटी चटनी ट्राई कीजिए. ये बहुत जल्दी बनती है और खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होती है.
डेमोक्रेट्स की बढ़त से फिसला क्रूड ऑयल, $100 के करीब पहुंचे भाव; जानिए ट्रंप के फैसलों का पूरा गणित
वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। लंबे समय से 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी ऊपर बना हुआ अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड टूटकर अब 100 डॉलर प्रति बैरल के इर्द-गिर्द पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फिसलकर 95 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स के मजबूत प्रदर्शन और सत्ता संतुलन में आए बदलाव के कारण बाजार की धारणा में यह बदलाव देखा जा रहा है। ऊर्जा निवेशकों को अब आशंका है कि वॉशिंगटन में विधायी गतिरोध बढ़ने से सख्त टैरिफ और आक्रामक विदेश नीति के एजेंडे पर ब्रेक लग सकता है, जिसका सीधा असर कमोडिटी की कीमतों पर दिख रहा है।ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पहले से ही तनाव में थी, लेकिन अमेरिकी राजनीतिक समीकरणों के बदलते ही तेल सटोरियों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है। व्हाइट हाउस की नीतियों में संभावित बदलाव, आर्थिक सुस्ती के संकेत और मध्य पूर्व को लेकर आ रहे मिश्रित बयानों ने मिलकर क्रूड ऑयल पर चौतरफा दबाव बनाया है।मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स का उभार और वैश्विक बाजारों की प्रतिक्रियाअमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी के बढ़ते नियंत्रण ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कई इकनॉमिक नीतियों पर अनिश्चितता के बादल खड़े कर दिए हैं। वॉल स्ट्रीट से लेकर लंदन और सिंगापुर तक के बाजारों में इस बात की चर्चा है कि क्या ट्रंप प्रशासन अपने विवादास्पद फैसलों—खासकर टैरिफ वॉर और ऊर्जा प्रतिबंधों—को पहले जैसी आक्रामकता से आगे बढ़ा पाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि विधायी शक्ति में कटौती होने से ऊर्जा से जुड़े बड़े बिलों पर ब्रेक लगना तय है, जिससे बाजार में सप्लाई शॉर्टेज का डर अचानक कम हो गया है।इस राजनीतिक घटनाक्रम के साथ ही अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में भी सुस्ती दर्ज की गई है। आमतौर पर जब अमेरिकी कांग्रेस में शक्ति का संतुलन बंट जाता है, तो किसी बड़े अचानक आर्थिक फैसले की संभावना सीमित हो जाती है। निवेशकों ने इसे एक संकेत के तौर पर लिया कि व्हाइट हाउस अब एकतरफा फैसले लेकर ग्लोबल सप्लाई चेन को झटके नहीं दे सकेगा, जिसके चलते तेल की खरीदारी में आक्रामकता थमी और भाव नीचे आ गए।ट्रंप के कड़े फैसलों और बयानों से कैसे हिचकोले खाता रहा तेल बाजारडोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार के लिए हमेशा से एक रोलरकोस्टर की तरह रहा है। उनके आक्रामक रुख ने कई मौकों पर तेल की कीमतों में जबर्दस्त उछाल पैदा किया, तो वहीं उनके अचानक बदले सुर ने बाजार को पलक झपकते ही धड़ाम कर दिया। जब ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की रूपरेखा खींची और मध्य पूर्व में सैन्य कार्रवाइयों के संकेत दिए, तो होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली आपूर्ति बाधित होने की आशंका में कच्चा तेल रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। बाजार को डर था कि दुनिया के कुल समुद्री तेल परिवहन का 20 प्रतिशत हिस्सा रुक जाएगा, जिससे कीमतें आसमान छू लेंगी।इसके बाद रूस-यूक्रेन संकट के संदर्भ में रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की चेतावनियों ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में खलबली मचा दी थी। यदि यह कानून पूरी तरह लागू होता, तो चीन और भारत जैसे बड़े आयातक देशों की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती थी, जिससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बुरी तरह बिगड़ जाता। हालांकि, चुनाव से ठीक पहले ट्रंप ने अचानक कूटनीतिक समझौते और शांति वार्ता के संकेत देकर यह दावा किया कि तेल की कीमतें गिरनी चाहिए और युद्ध की कोई जल्दबाजी नहीं है। उनके इन यू-टर्न भरे बयानों ने हेज फंड्स को अपनी पोजीशन बदलने पर मजबूर किया, जिसके चलते तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज हुआ।भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर क्या होगा इसका सीधा प्रभाव?भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास या उससे नीचे आना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। यदि तेल के दाम लंबे समय तक 100 डॉलर से ऊपर बने रहते, तो देश का चालू खाता घाटा (CAD) तेजी से बढ़ता, भारतीय रुपये पर भारी दबाव आता और घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई दर अनियंत्रित हो सकती थी।इसके अलावा, भारत के लिए रूसी कच्चे तेल की रियायती खरीद ऊर्जा सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ बनी हुई है। ट्रंप प्रशासन द्वारा 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को रोके जाने और अब अमेरिकी संसद में संतुलन बदलने से नई दिल्ली को अपनी स्वतंत्र ऊर्जा नीति जारी रखने की गुंजाइश मिली है। भारतीय रिफाइनरियों के लिए कम लागत पर क्रूड मिलना न केवल देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाता है, बल्कि ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट नियंत्रित रखकर औद्योगिक विकास को भी गति देता है।आगामी तिमाहियों में क्रूड का आउटलुक और आगे की राहऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि क्रूड ऑयल का 100 डॉलर का स्तर एक बेहद संवेदनशील तकनीकी स्तर है। यदि यह स्तर टूटता है, तो बाजार में और अधिक मंदी आ सकती है। हालांकि, ओपेक प्लस (OPEC+) देशों की उत्पादन नीतियां और मध्य पूर्व में कतर द्वारा की जा रही मध्यस्थता वार्ताओं के नतीजे आने वाले दिनों में कीमतों की अंतिम दिशा तय करेंगे।यदि व्हाइट हाउस और तेहरान के बीच पर्दे के पीछे चल रही बातचीत किसी औपचारिक समझौते की ओर बढ़ती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अतिरिक्त बैरल तेल की आपूर्ति बहाल हो सकती है, जो कीमतों को और नीचे खींच सकती है। दूसरी ओर, यदि ट्रंप प्रशासन अपने वीटो पावर और कार्यकारी आदेशों के जरिए व्यापारिक पाबंदियों को कड़ा रखता है, तो तेल की कीमतों में दोबारा उछाल से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, डेमोक्रेट्स की वापसी से बनी स्थिति ने ऊर्जा सट्टेबाजों को बैकफुट पर ला दिया है और दुनिया भर के उपभोक्ता देशों को एक जरूरी राहत पहुंचाई है।
वोटर लिस्ट से छूटे लोगों के जुड़ेंगे नाम, घर-घर जाकर महिलाओं की पहचान करेंगी आशा
उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान में खासतौर पर युवा और महिला मतदाताओं पर ध्यान दिया जाएगा.
अपनी आपातकालीन पूंजी (इमरजेंसी फंड) या दैनिक खर्चों की बचत को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय निवेशक मुख्य रूप से दो विकल्पों पर भरोसा करते हैं—वाणिज्यिक बैंक (कमर्शियल बैंक) का सेविंग्स अकाउंट और इंडिया पोस्ट (India Post) का पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (POSA)। जब बात ब्याज दर की आती है, तो डाकघर बचत खाते पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित स्थिर 4.0% वार्षिक ब्याज दिया जाता है। दूसरी तरफ, अधिकांश प्रमुख सरकारी और बड़े निजी बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB) सामान्य बचत खातों पर ₹1 लाख से ₹10 लाख तक के बैलेंस पर 2.70% से 3.00% वार्षिक ब्याज ही देते हैं। हालांकि, कुछ चुनिंदा निजी बैंक या स्मॉल फाइनेंस बैंक बड़े बैलेंस पर 4% से 6% तक का स्लैब-आधारित ब्याज देते हैं, लेकिन पारंपरिक और सुरक्षित बड़े बैंकों की तुलना में डाकघर का 4.0% ब्याज दर आज भी लगभग 1% से 1.30% तक अधिक रिटर्न सुनिश्चित करता है।₹5 लाख जमा करने पर 1 साल में कहां कितनी होगी कमाई?यदि आप ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) की राशि को पूरे एक वर्ष के लिए बिना निकाले बचत खाते में बनाए रखते हैं, तो ब्याज की गणना इस प्रकार रहेगी:खाता प्रकार (Account Type)लागू वार्षिक ब्याज दर1 वर्ष में मिलने वाला ब्याज (लगभग)1 साल बाद कुल बैलेंस (₹)बड़े बैंक (SBI, PNB, HDFC आदि)~2.70% - 3.00%₹13,500 - ₹15,000₹5,13,500 - ₹5,15,000पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट4.00%₹20,000₹5,20,000कमाई का अंतर (Difference)+1.00% से +1.30%₹5,000 से ₹6,500 ज्यादाडाकघर में अधिक लाभडाकघर के बचत खाते में ₹5 लाख रखने पर आपको बड़े पारंपरिक बैंकों के मुकाबले सालभर में लगभग ₹5,000 से ₹6,500 तक का अतिरिक्त शुद्ध ब्याज मुनाफा मिलता है।ब्याज गणना और क्रेडिट होने का तरीका: दैनिक बैलेंस बनाम न्यूनतम बैलेंसब्याज की गणना के मामले में बैंक और डाकघर के फॉर्मूले में एक बड़ा तकनीकी अंतर है जिसे समझना आवश्यक है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार सभी बैंक बचत खाते पर ब्याज की गणना दैनिक क्लोजिंग बैलेंस (Daily Product Basis) पर करते हैं और यह ब्याज हर तीन महीने (त्रैमासिक) में सीधे आपके खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है। दूसरी ओर, पोस्ट ऑफिस बचत खाते में ब्याज की गणना महीने की 10वीं तारीख और महीने के अंतिम दिन के बीच के सबसे न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है। यदि आपने महीने की 10 तारीख के बाद कोई बड़ी रकम खाते में डाली, तो उस पूरे महीने उस अतिरिक्त रकम पर ब्याज नहीं मिलेगा। इसके अलावा, डाकघर में यह ब्याज तिमाही आधार पर खाते में नहीं जुड़ता, बल्कि पूरे वित्तीय वर्ष के अंत में (31 मार्च को) एकमुश्त क्रेडिट किया जाता है।टैक्स के नियम: धारा 80TTA और 10(15) के तहत डाकघर को मिलने वाली विशेष छूटटैक्स के मोर्चे पर पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट बैंक खातों की तुलना में दोहरे कर लाभ प्रदान करता है। आयकर कानून की धारा 80TTA के तहत सामान्य नागरिकों को किसी भी बैंक या डाकघर बचत खाते से मिलने वाले ब्याज पर एक वित्तीय वर्ष में ₹10,000 तक की छूट मिलती है (वरिष्ठ नागरिकों को धारा 80TTB के तहत ₹50,000 तक की छूट मिलती है)। लेकिन डाकघर बचत खाते के साथ आयकर अधिनियम की धारा 10(15)(i) के तहत एक अतिरिक्त विशेष छूट मिलती है। इसके अनुसार सिंगल पोस्ट ऑफिस बचत खाते के ब्याज पर ₹3,500 और जॉइंट खाते के ब्याज पर ₹7,000 तक की राशि पहले से ही पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। इसके बाद बची हुई ब्याज आय पर धारा 80TTA के तहत ₹10,000 की सामान्य छूट का दावा किया जा सकता है।सुरक्षा, लिक्विडिटी और डिजिटल सुविधाएं: आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर?यदि आपका प्राथमिक लक्ष्य बिना किसी जोखिम के केवल ब्याज दर को अधिकतम करना और टैक्स छूट का लाभ उठाना है, तो पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट एक बेहतर विकल्प है। डाकघर में जमा पूरा पैसा सीधे केंद्र सरकार (सॉवरेन गारंटी) के अधीन होता है, जबकि बैंकों में ₹5 लाख तक की पूंजी ही डीआईसीजीसी (DICGC) द्वारा सुरक्षित होती है। हालांकि, यदि आपको लगातार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, त्वरित यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग, मर्चेंट पेमेंट्स और किसी भी वक्त पैसे निकालने की सुविधा चाहिए, तो आधुनिक तकनीक और मजबूत सर्वर के मामले में कमर्शियल बैंक अधिक सुविधाजनक साबित होते हैं। अधिकांश वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजमर्रा के खर्चों और लिक्विडिटी के लिए बैंक खाता रखें, जबकि अपनी इमरजेंसी बचत का एक हिस्सा अधिक ब्याज कमाने के लिए डाकघर खाते में रखें।
Tvisha Sharma death case: MP High Court ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी ठुकराई
जबलपुर, चार नवंबर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अपनी पुत्रवधू त्विषा शर्मा की कथित आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा है कि मामले की जांच जारी है और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद 26 अक्टूबर को जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। त्विषा के परिवार की ओर से पेश अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उच्च न्यायालय ने बुधवार देर शाम सिंह की जमानत याचिका पर 23 पृष्ठ का अपना आदेश अपलोड किया। आदेश में न्यायमूर्ति निरंकारी ने कहा कि मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों, आरोपों की प्रकृति और गंभीरता, जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, मृतका की मौत से ठीक पहले की परिस्थितियों, सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखते हुए अदालत इस स्तर पर आरोपी को जमानत देने के पक्ष में नहीं है। अदालत ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 193(9) के तहत आगे की जांच जारी है और महत्वपूर्ण फोरेंसिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के वकील सुयश मोहन गुरु ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि उच्च न्यायालय ने सभी तथ्यों का विस्तार से विश्लेषण करने के बाद गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज की है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने जमानत याचिका में दिए गए सभी तर्कों का जवाब दिया। गुरु ने बताया कि सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया कि त्विषा शर्मा के मुख्य मोबाइल फोन और घर में लगे डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) की जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले के पूरे घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया। उन्होंने कहा, ‘‘मामले के पूरे घटनाक्रम से पता चलता है कि शुरुआत से ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी। अदालत ने इस संभावना से इनकार नहीं किया है। हमने भी यही दलील दी थी।’’गिरिबाला सिंह की पुत्रवधू और पूर्व मॉडल त्विषा शर्मा ने 12 मई को अपने ससुराल में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने उनकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। गिरिबाला सिंह को भोपाल की जिला अदालत से 14 मई को जमानत मिली थी, जिसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे को गिरफ्तार किया था। जिला अदालत से जमानत याचिका खारिज होने पर गिरिबाला सिंह ने उच्च न्यायालय का रुख किया था। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। उनकी उम्र और बीमारियों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया था कि वह पिछले पांच महीने से न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत ने कहा कि आरोपों की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच जारी होने के मद्देनजर इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती।
रामायण देखकर इमोशनल बादशाह, अल्लू अर्जुन बोले - ये फिल्म से बढ़कर
अल्लू अर्जुन, ऋषभ शेट्टी और अन्य कलाकारों ने 'रामायण: पार्ट 1' की टीम को फिल्म की थिएटर रिलीज से पहले शुभकामनाएं दीं. उन्होंने इस फिल्म को भारतीय संस्कृति का एक ऐसा उत्सव बताया, जो सिनेमा के स्तर को ऊंचा उठा सकता है.
PNB 365 दिन की FD: त्योहारी सीजन में सुरक्षित निवेश और तयशुदा रिटर्न
त्योहारी सीजन और वित्तीय वर्ष के दूसरे हिस्से में सुरक्षित रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), 1 साल यानी 365 दिन की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर आकर्षक ब्याज ऑफर कर रहा है। शेयर बाजार की अस्थिरता से दूर अपनी गाढ़ी कमाई को बिना किसी रिस्क के बढ़ाने के लिए सरकारी बैंक की सावधि जमा योजनाएं सबसे भरोसेमंद माध्यम मानी जाती हैं। पीएनबी की 365 दिन की स्पेशल एफडी में सामान्य नागरिकों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) और अति वरिष्ठ नागरिकों (Super Senior Citizens) को अतिरिक्त ब्याज का फायदा दिया जा रहा है, जिससे कम समय में बंधी-बंधाई गारंटीड कमाई संभव होती है।सामान्य, सीनियर और सुपर सीनियर नागरिकों के लिए ब्याज दरेंपंजाब नेशनल बैंक 365 दिन (1 वर्ष) की अवधि के लिए जमाकर्ताओं की आयु वर्ग के आधार पर अलग-अलग ब्याज दरें प्रदान करता है। सामान्य नागरिकों (60 वर्ष से कम आयु) के लिए यह दर 6.25% से 6.55% के दायरे में रहती है। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दर से 0.50% (50 बेसिस प्वाइंट) अतिरिक्त ब्याज मिलता है, जिससे उनकी ब्याज दर 7.05% तक पहुंच जाती है। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के सुपर सीनियर नागरिकों को बैंक 0.80% तक का अतिरिक्त ब्याज लाभ देता है, जिससे उनकी प्रभावी ब्याज दर और अधिक आकर्षक हो जाती है। चूंकि पीएनबी तिमाही आधार पर ब्याज की चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) गणना करता है, इसलिए 1 साल की मैच्योरिटी पर वास्तविक यील्ड (वार्षिक रिटर्न) साधारण ब्याज से भी ज्यादा निकलकर आती है।₹5 लाख जमा करने पर 1 साल में कितनी होगी कमाई? समझें पूरा गणितयदि आप पीएनबी की 365 दिन वाली एफडी में ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) की एकमुश्त राशि जमा करते हैं, तो 1 साल पूरा होने पर आपको मिलने वाला रिटर्न इस प्रकार रहेगा:जमाकर्ता श्रेणी (Category)लागू ब्याज दर (वार्षिक)1 साल में अर्जित ब्याज (लगभग)मैच्योरिटी पर कुल राशि (₹)सामान्य नागरिक (General)6.55%₹33,565₹5,33,565वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen)7.05%₹36,200₹5,36,200सुपर सीनियर सिटीजन (80+ वर्ष)7.35%₹37,790₹5,37,790वरिष्ठ नागरिकों को ₹5 लाख के मूलधन पर 1 साल में लगभग ₹36,200 का शुद्ध ब्याज मुनाफा मिलेगा, जबकि सामान्य नागरिकों को लगभग ₹33,565 का तय रिटर्न प्राप्त होगा।टीडीएस और टैक्स नियम: ब्याज पर कटौती से कैसे बचें?बैंक एफडी से होने वाली ब्याज आय पर आयकर नियमों के तहत स्रोत पर कर कटौती (TDS) लागू होती है। एक वित्तीय वर्ष में सामान्य नागरिकों के लिए सभी शाखाओं को मिलाकर कुल ब्याज ₹40,000 से अधिक होने पर और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक होने पर 10% टीडीएस काटा जाता है। यदि आपका पैन कार्ड बैंक खाते से लिंक नहीं है, तो यह कटौती 20% तक हो सकती है। ₹5 लाख की इस 1 साल की एफडी में सामान्य नागरिक की ब्याज आय ₹33,565 रहने के कारण यह ₹40,000 की टीडीएस सीमा के भीतर ही रहती है, जिससे बैंक द्वारा कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा। वहीं यदि वरिष्ठ नागरिकों की कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, तो वे वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बैंक में फॉर्म 15H जमा कर सकते हैं, जबकि सामान्य नागरिक फॉर्म 15G जमा करके टीडीएस कटौती से पूरी तरह छूट पा सकते हैं।पीएनबी में घर बैठे ऑनलाइन एफडी कैसे बुक करें?पीएनबी में 365 दिन की एफडी खोलने के लिए बैंक शाखा जाने की अनिवार्यता नहीं है। यदि आपके पास पीएनबी का बचत खाता और नेट बैंकिंग या PNB ONE मोबाइल बैंकिंग ऐप है, तो आप इसे मिनटों में एक्टिवेट कर सकते हैं। इसके लिए PNB ONE ऐप में लॉगिन करें, 'Services' सेक्शन में जाकर 'Open Fixed Deposit (FD)' चुनें। इसके बाद डिपॉजिट राशि में ₹5,00,000 दर्ज करें और टेन्योर में 365 दिन (1 वर्ष) का विकल्प चुनें। ब्याज भुगतान का प्रकार (मैच्योरिटी पर री-इन्वेस्टमेंट या तिमाही भुगतान) चुनकर और नॉमिनी की पुष्टि कर ट्रांजैक्शन पासवर्ड दर्ज करते ही आपकी एफडी तुरंत जनरेट हो जाएगी और उसकी डिजिटल रसीद ईमेल व फोन पर प्राप्त हो जाएगी।
तमिलनाडु में टॉपर पर CM विजय ने लुटाया प्यार, सोने का हार देकर किया सम्मानित
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को चेन्नई में एक कार्यक्रम में 12वीं कक्षा में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाली छात्रा को सोने का हार दिया। यह कार्यक्रम 10वीं और 12वीं कक्षा के होनहार छात्रों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था।
डाकघर बचत योजनाएं: सरकारी सुरक्षा के साथ 4% से 8.2% तक ब्याज
सुरक्षित निवेश और तयशुदा रिटर्न की तलाश करने वाले मध्यमवर्गीय व रूढ़िवादी निवेशकों के लिए इंडिया पोस्ट (India Post) की 'स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स' आज भी देश का सबसे लोकप्रिय जरिया हैं। केंद्र सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण इनमें शून्य जोखिम (Sovereign Guarantee) होता है, यानी जमा की गई पूंजी और ब्याज का एक-एक रुपया पूरी तरह सुरक्षित रहता है। वित्त मंत्रालय द्वारा इन योजनाओं की ब्याज दरों की हर तिमाही समीक्षा की जाती है। वर्तमान में डाकघर बचत योजनाओं में 4.0% से लेकर अधिकतम 8.2% वार्षिक तक का आकर्षक ब्याज मिल रहा है। चाहे आपको रोजाना के खर्चों के लिए लिक्विड फंड चाहिए, रिटायरमेंट के बाद हर महीने बंधी-बंधाई पेंशन जैसी आय चाहिए, बेटी की उच्च शिक्षा की योजना बनानी हो या फिर आयकर में 80C की छूट लेनी हो, पोस्ट ऑफिस के पोर्टफोलियो में हर आयु वर्ग और वित्तीय लक्ष्य के लिए समर्पित योजनाएं मौजूद हैं।किस योजना पर कितना ब्याज? देखें डाकघर की सभी प्रमुख योजनाओं की सूचीडाकघर की बचत योजनाओं को मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा जाता है: अल्पकालिक लिक्विड विकल्प, मासिक/नियमित आय योजनाएं और लंबी अवधि के टैक्स-सेविंग फंड।योजना का नाम (Scheme Name)वर्तमान ब्याज दर (Interest Rate)निवेश अवधि (Tenure)ब्याज भुगतान का तरीकापोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट4.0% वार्षिककोई तय सीमा नहींसालाना क्रेडिट1-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (TD/FD)6.9% वार्षिक1 वर्षतिमाही चक्रवृद्धि, सालाना भुगतान2-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (TD/FD)7.0% वार्षिक2 वर्षतिमाही चक्रवृद्धि, सालाना भुगतान3-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (TD/FD)7.1% वार्षिक3 वर्षतिमाही चक्रवृद्धि, सालाना भुगतान5-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (TD/FD)7.5% वार्षिक5 वर्षतिमाही चक्रवृद्धि, सालाना भुगतान5-वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट (RD)6.7% वार्षिक5 वर्ष (60 माह)तिमाही चक्रवृद्धिमंथली इनकम स्कीम (POMIS)7.4% वार्षिक5 वर्षहर महीने सीधे खाते मेंसीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2% वार्षिक5 वर्ष (3 साल बढ़ाई जा सकती है)हर तिमाही भुगतानपब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)7.1% वार्षिक15 वर्षसालाना चक्रवृद्धि, पूरी तरह टैक्स-फ्री (EEE)सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2% वार्षिक21 वर्ष (15 साल जमा)सालाना चक्रवृद्धि, पूरी तरह टैक्स-फ्री (EEE)नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.7% वार्षिक5 वर्षमैच्योरिटी पर एकमुश्तकिसान विकास पत्र (KVP)7.5% वार्षिक115 महीने (9 साल 7 माह)पैसा दोगुना होने पर भुगतानबुजुर्गों और बेटियों के लिए सबसे अधिक 8.2% ब्याज: SCSS और SSYडाकघर की पूरी सूची में सबसे ज्यादा 8.2% का वार्षिक ब्याज दो विशिष्ट सामाजिक योजनाओं पर दिया जाता है। पहली योजना है सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), जो 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए तैयार की गई है (वीआरएस लेने वालों को 55 वर्ष से छूट मिलती है)। इसमें अधिकतम ₹30 लाख तक की एकमुश्त राशि 5 वर्षों के लिए जमा की जा सकती है। इसका 8.2% ब्याज हर तीन महीने (त्रैमासिक) में सीधे बुजुर्गों के बैंक/डाकघर खाते में भेजा जाता है, जिससे उन्हें रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का मजबूत सहारा मिलता है। दूसरी योजना है सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), जो 10 वर्ष तक की बेटियों के भविष्य को संवारने के लिए माता-पिता को 8.2% का रिकॉर्ड ब्याज देती है। यह योजना पूरी तरह EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आती है, यानी इसमें किया गया ₹1.5 लाख तक का सालाना निवेश, उस पर बनने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा फंड शत-प्रतिशत टैक्स-फ्री होता है।नियमित मासिक आय और सुरक्षित बचत: MIS, PPF और RD के फायदेयदि आप एकमुश्त पूंजी लगाकर बैंक ब्याज की तरह हर महीने निश्चित आय कमाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) सबसे सटीक विकल्प है। इसमें सिंगल खाते में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट खाते में अधिकतम ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। 7.4% ब्याज दर के अनुसार जॉइंट खाते में जमा ₹15 लाख पर हर महीने ₹9,250 की निश्चित आमदनी 5 साल तक लगातार मिलती रहती है। वहीं, वेतनभोगी और छोटे बचतकर्ताओं के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) 15 साल के दीर्घकालिक नजरिए से धन निर्माण का सबसे भरोसेमंद जरिया है। 7.1% टैक्स-फ्री ब्याज के साथ पीपीएफ कंपाउंडिंग का जबरदस्त लाभ देता है। जो लोग एक साथ बड़ी रकम नहीं लगा सकते, उनके लिए ₹100 प्रति माह से शुरू होने वाली 5-वर्षीय आरडी (6.7%) हर महीने अनुशासित बचत सिखाती है।फिक्स्ड डिपॉजिट और गारंटीड रिटर्न: TD, NSC और किसान विकास पत्रजो निवेशक बैंक एफडी के विकल्प तलाश रहे हैं, उनके लिए डाकघर की टाइम डिपॉजिट (TD) 1 से 5 साल की अवधि के लिए 6.9% से 7.5% तक का तय ब्याज देती है। खास बात यह है कि 5-वर्षीय टाइम डिपॉजिट में निवेश करने पर आयकर कानून की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। मध्यम अवधि में सरकारी गारंटी के साथ पैसा बढ़ाने के लिए नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) 7.7% ब्याज दर के साथ 5 साल का लॉक-इन प्रदान करता है, जिसमें ब्याज स्वतः री-इन्वेस्ट होकर मैच्योरिटी पर एक साथ मिलता है। वहीं, पारंपरिक निवेशकों की पहली पसंद रहा किसान विकास पत्र (KVP) 7.5% की दर से काम करता है, जिसमें आज निवेश किया गया पैसा 115 महीनों (9 वर्ष 7 माह) में कानूनी गारंटी के साथ सीधा दोगुना होकर वापस मिलता है।आपके वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से कौन-सी स्कीम है सबसे मुफीद?सही योजना का चुनाव पूरी तरह आपकी उम्र, आय, रिस्क क्षमता और समय सीमा पर निर्भर करता है। यदि घर में 10 साल से छोटी बेटी है, तो सुकन्या समृद्धि योजना से बेहतर कोई दूसरा डेट विकल्प नहीं है। रिटायर हो चुके बुजुर्गों के लिए पूंजी की सुरक्षा और तिमाही पेंशन के रूप में सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि आप प्राइवेट नौकरी या स्वरोजगार में हैं और 15 साल बाद बच्चों की उच्च शिक्षा या अपने रिटायरमेंट के लिए टैक्स-फ्री फंड बनाना चाहते हैं, तो हर वित्तीय वर्ष पीपीएफ में निवेश करना सबसे समझदारी भरा कदम है। इसके विपरीत यदि आपके पास कोई एकमुश्त फंड (जैसे जमीन की बिक्री या ग्रेच्युटी) आया है और आप उस पर जोखिम लिए बिना हर महीने घर खर्च चलाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस एमआईएस खाता चुनना सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगा।
BSBD अकाउंट क्या है और इसमें मिनिमम बैलेंस की कोई बाध्यता क्यों नहीं?
देश के प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों में सामान्य बचत खाता (Regular Savings Account) खुलवाने पर ग्राहकों को हर महीने औसत न्यूनतम बैलेंस (MAB) बनाए रखना अनिवार्य होता है। मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में यह सीमा ₹3,000 से लेकर ₹10,000 तक होती है, और बैलेंस कम होते ही बैंक भारी जुर्माना काट लेते हैं। आम नागरिकों, छात्रों, छोटे कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों को इस वित्तीय बोझ से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBD Account) का प्रावधान किया है। यह पूरी तरह से 'जीरो बैलेंस' बचत खाता होता है। इसका मतलब है कि यदि आपके खाते में ₹0 (शून्य बैलेंस) भी रहता है, तो भी बैंक न तो आपसे कोई पेनाल्टी वसूल सकता है और न ही खाते का बैलेंस निगेटिव कर सकता है। यह खाता देश के प्रत्येक नागरिक के लिए उपलब्ध एक सामान्य बैंकिंग सेवा है, जिसे कोई भी बैंक खोलने से इनकार नहीं कर सकता।मुफ्त एटीएम, डेबिट कार्ड और चेकबुक समेत मिलने वाली प्रमुख सुविधाएंआरबीआई के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार बीएसबीडी खाताधारकों को बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के आवश्यक बैंकिंग सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं। खाताधारक को खाता खोलते समय एक मुफ्त एटीएम कार्ड या एटीएम-कम-डेबिट कार्ड (अमूमन RuPay कार्ड) जारी किया जाता है। खास बात यह है कि इस डेबिट कार्ड पर न तो जारी करते समय कोई फीस लगती है और न ही हर साल काटा जाने वाला एनुअल मेंटेनेंस चार्ज (AMC) लिया जा सकता है। इसके अलावा बैंक शाखा में जाकर या कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के जरिए कैश जमा करने पर कोई सीमा नहीं होती; आप महीने में जितनी बार चाहें बिना किसी शुल्क के नकद जमा कर सकते हैं। इसके साथ ही खाताधारक को प्रति वर्ष न्यूनतम 25 पन्नों की चेकबुक और मुफ्त बैंक पासबुक दी जाती है। पुरानी पासबुक के पन्ने भर जाने पर नई पासबुक जारी करने का भी कोई चार्ज नहीं लगता।विड्रॉल की सीमा और डिजिटल ट्रांजैक्शन के क्या हैं नियम?बीएसबीडी खाते में निकासी यानी विड्रॉल को लेकर आरबीआई ने बेहद स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खाताधारक को हर महीने कम से कम 4 फ्री विड्रॉल (निकासी) की सुविधा मिलती है। इसमें बैंक शाखा से कैश निकालना, अपने बैंक के एटीएम से पैसे निकालना या किसी दूसरे बैंक के एटीएम से ट्रांजैक्शन करना शामिल है। एक महीने में 4 मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद यदि आप बैंक शाखा या एटीएम से अतिरिक्त कैश निकालते हैं, तो बैंक उस पर एक मामूली शुल्क ले सकते हैं। हालांकि, डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा राहत भरा नियम यह है कि यूपीआई (UPI), एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS), आईएमपीएस (IMPS) और पीओएस (PoS) मशीनों पर किए जाने वाले ऑनलाइन लेनदेन को इन 4 विड्रॉल में नहीं गिना जाता है। इसका अर्थ यह है कि आप मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और गूगल पे या फोनपे जैसे ऐप के जरिए बिना किसी गिनती की बंदिश के फ्री डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं।रेगुलर सेविंग्स खाते और बीएसबीडी खाते में मुख्य अंतरसामान्य बचत खाते और बीएसबीडी खाते के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है ताकि आप अपनी जरूरत के अनुसार सही फैसला ले सकें। रेगुलर सेविंग्स खाते में प्रीमियम क्रेडिट कार्ड, अनलिमिटेड शाखा लेन-देन, उच्च ओवरड्राफ्ट सीमा और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी सेवाएं मिलती हैं, लेकिन इसके बदले भारी न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करना पड़ता है। दूसरी ओर बीएसबीडी खाते का प्राथमिक उद्देश्य पारदर्शी और मुफ्त बुनियादी बैंकिंग देना है। ब्याज दर की बात करें तो बीएसबीडी खाते में जमा पैसों पर भी उतना ही सामान्य ब्याज मिलता है जितना बैंक के किसी रेगुलर सेविंग्स अकाउंट पर दिया जाता है। इस खाते पर भी डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत ₹5 लाख तक का बीमा कवर पूरी तरह लागू होता है। यदि आप बैंक के अनचाहे सर्विस चार्ज, एसएमएस चार्ज और बैलेंस मेंटेन न करने पर लगने वाली पेनाल्टी से परेशान हैं, तो बीएसबीडी खाता सबसे सुरक्षित और किफायती विकल्प साबित होता है।कौन खुलवा सकता है यह खाता और क्या हैं जरूरी शर्तें?भारत का कोई भी वैध नागरिक, जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है (नाबालिग भी अभिभावक के साथ), बीएसबीडी खाता खुलवा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड (या फॉर्म 60) और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे सामान्य केवाईसी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। यदि किसी के पास पूर्ण केवाईसी दस्तावेज नहीं हैं, तो वह 'स्मॉल अकाउंट' (सरलीकृत केवाईसी) के रूप में भी शुरुआत कर सकता है। हालांकि इस खाते के साथ एक महत्वपूर्ण वैधानिक शर्त जुड़ी है: एक व्यक्ति का उसी बैंक में या किसी अन्य बैंक में पहले से कोई दूसरा चालू बीएसबीडी या सामान्य बचत खाता नहीं होना चाहिए। यदि आपके पास उसी बैंक में पहले से कोई रेगुलर सेविंग्स अकाउंट है, तो बीएसबीडी खाता खोलने के 30 दिनों के भीतर आपको अपना पुराना खाता बंद करना होगा।सामान्य खाते को BSBD में कैसे बदलें और नया खाता कैसे खोलें?यदि आप अपने मौजूदा बचत खाते में मिनिमम बैलेंस के झंझट से तंग आ चुके हैं, तो आपको नया खाता खोलने के लिए भटकने की जरूरत नहीं है। आरबीआई के नियमों के अनुसार कोई भी ग्राहक अपने मौजूदा रेगुलर सेविंग्स खाते को बीएसबीडी खाते में बदलने (Convert) के लिए बैंक को लिखित आवेदन दे सकता है। बैंक को आवेदन मिलने के 7 कार्यदिवसों के भीतर खाते को बीएसबीडी में बदलना अनिवार्य होता है। यह सुविधा कई बैंकों की नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप पर भी ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है। वहीं नया खाता खुलवाने के लिए आप अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर सीधे 'Basic Savings Bank Deposit Account' का फॉर्म भर सकते हैं या बैंक के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर वीडियो केवाईसी के माध्यम से घर बैठे जीरो बैलेंस खाता एक्टिवेट करवा सकते हैं।
कर्नाटक के दामाद हैं अमेरिका में जीते अब्दुल, अब बनेंगे पहले मुस्लिम सीनेटर
अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बनकर इतिहास रचने वाले अब्दुल अल-सैयद का कर्नाटक से नाता है. उनकी डॉक्टर पत्नी सारा जुकाकू का कर्नाटक के भटकल से संबंध रहा है. सारा के दादा जेएच शम्सुद्दीन जुकाकू मैसूर रियासत की सरकार में डिप्टी फाइनेंस मिनिस्टर रहे थे.
गौर से लेकर गिद्धों बढ़ी मौजूदगी, बांधवगढ़ के वन्यप्राणी भी मना रहे उत्सव
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गौर, हाथियों और गिद्धों की मौजूदगी से जैव विविधता समृद्ध हो रही है. कान्हा से लाए गए बारहसिंगा को नए आवास के अनुकूल बनाने की तैयारी जारी है.
दिल्ली में दिवाली से पहले ट्रैफिक चरमराया, जानें कारण
दिवाली और धनतेरस से पहले दिल्ली के बाजारों में खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है. साउथ एक्स के पास रिंग रोड और मोदी मिल फ्लाईओवर पर भीषण जाम लगा. अवैध पार्किंग के चलते एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हुईं. त्योहारों के इस सीजन में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है.
3-4 चम्मच घी, नींबू का रस और इलायची पाउडर... विदेशी मांग रहे ये मिठाई
त्योहार के मौके पर वैसे तो सभी मिठाइयों की भारी डिमांड रहती है. लेकिन इनमें अलवर का कलाकंद बेहद खास रहता है. अलवर का कलाकंद देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेश में भी सप्लाई होता है. यह बाहर से हल्का भूरा और अंदर से मलाईदार और मीठा होता है.
यौन शोषण मामलों की सुनवाई के लिए बढ़ेंगी फास्ट ट्रैक कोर्ट, कैबिनेट की मंजूरी
केंद्र सरकार ने रेप और बाल यौन शोषण मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट योजना को मार्च 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है. योजना के तहत विशेष अदालतों की संख्या 779 से बढ़ाकर 850 की जाएगी और 3,788 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
आजम खान ने ईडी की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, गुरुवार को होगी सुनवाई
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा।
हैदराबाद में दो महिलाओं की चाकू घोंपकर हत्या, रिश्तेदार पर शक
हैदराबाद के मीरपेट की जयश्री कॉलोनी में पारिवारिक विवाद के बाद दो महिलाओं की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई. पुलिस को रिश्तेदार सिद्दीकी पर शक है, जो वारदात के बाद फरार है.
छह थानों की पुलिस ने मिलकर पकड़े 9 तस्कर, 16 किलो से ज्यादा गांजा बरामद
दीपावली से पहले कौशांबी पुलिस ने ऑपरेशन सवेरा के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया. छह थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई के दौरान नौ आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 16 किलो 758 ग्राम गांजा बरामद किया है. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है.
दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सेंट्रल रेलवे ने अपने मंडल के पांच प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। यह प्रतिबंध 5 नवंबर 2026 से 15 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा।
सिक्किम में कड़ाके की ठंड: छांगू में माइनस दो तो नाथुला में माइनस पांच डिग्री तक पहुंचा पारा
सिक्किम में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है, जहां छांगू झील और नाथुला में तापमान तेजी से गिर रहा है।
कारगिल में बेकाबू होकर खाई में गिरा सैन्य वाहन, दो जवान शहीद
लद्दाख के कारगिल में नेशनल हाईवे-01 पर नामिका ला पास के पास भारतीय सेना का एक भारी वाहन गहरी खाई में गिर गया. इस हादसे में वाहन के चालक और सह-चालक दोनों जवान मौके पर ही शहीद हो गए. पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और शवों को निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा.
देश के नंबर-1 CM बने योगी आदित्यनाथ, 897 अंकों के साथ 'बेस्ट सीएम सर्वे 2026' में किया टॉप
देशभर के मुख्यमंत्रियों को लेकर आए एक ताजा राष्ट्रीय सर्वे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर देश में पहला स्थान हासिल कर बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। 'फेम इंडिया पत्रिका' और 'एशिया पोस्ट' द्वारा किए गए संयुक्त 'बेस्ट ...
US चुनाव में डेमोक्रेट्स की बढ़त के बाद चीन का आया बयान
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बाद चीन ने इसे अमेरिका का आंतरिक मामला बताया है. बीजिंग ने दोनों देशों के बीच संवाद, सहयोग और शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने की इच्छा जताई है. ये बैठक 18-19 नवंबर को चीन के शेनझेन में होने वाले APEC सम्मेलन के दौरान हो सकती है. हालांकि, चीन ने इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की है.
तमिलनाडु सीएम थलपति विजय ने चेन्नई के लिए मांगा 'सुप्रीम कोर्ट', पीएम मोदी को लिखा खत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने चेन्नई में सुप्रीम कोर्ट की एक स्थायी ब्रांच स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उच्चतम न्यायलय के सामने उठाने की अपील की है।
2 करोड़ मुआवजा और नौकरी... झोटा के अंतिम संस्कार को राजी हुआ परिवार
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर पंजाब सरकार और इंसाफ कमेटी के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. 6 नवंबर को झोटा का पोस्टमार्टम होगा और उसके बाद अंतिम संस्कार.
दिवाली की सफाई में कूड़े में न फेंकें ये चीजें, घर सजाने में आएंगी काम
दीपावली से पहले घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जाती है और इस सफाई में काफी कचरा भी निकलता है. मगर सफाई में इन 5 चीजों को बिल्कुल भी कूड़ा समझकर डस्टबिन में फेंकने की गलती न करें. इन 5 चीजों का इस्तेमाल आप दिवाली पर घर को सजाने के लिए दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं. आइए आपको इन चीजों के बारे में बताते हैं.
Agniveer योजना में विस्तार, मोदी की VISTAR योजना समेत देश-विदेश की प्रमुख खबरें
नयी दिल्ली, चार नवंबर बुधवार को रात साढ़े नौ बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं : दि98मंत्रिमंडल दूसरी लीड अग्निवीरसरकार ने अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार देने की घोषणा की, स्थायी भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआनयी दिल्ली, ‘अग्निपथ’ योजना में बड़े बदलाव के तहत सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि उन ‘अग्निवीरों’ को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा जिनका चार साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने और व्यक्तिगत सहमति देने वाले अग्निवीरों को स्थायी भर्ती की पेशकश की जाएगी। दि91मोदी विस्तार योजनामोदी ने सांख्यिकी प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए ‘विस्तार’ योजना को मंजूरी दिए जाने की सराहना कीनयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘विस्तार’ योजना को बुधवार को मंजूरी दिए जाने की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर आंकड़ों से बेहतर फैसले लेने, नीतियां बनाने और लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी। प्रादे156पंजाब राहुल लीड मोदीपांच मिनट में साबित कर दूंगा मोदी ‘राष्ट्र-विरोधी’ हैं: राहुल ने फिर दी खुली बहस की चुनौतीसंगरूर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके उस आरोप पर खुली बहस की फिर से चुनौती दी, जिसमें कांग्रेस को ‘देशद्रोही’ कहा गया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि वह पांच मिनट के भीतर यह साबित कर सकते हैं कि वास्तव में प्रधानमंत्री ही इस ‘टैग’ के लिए फिट बैठते हैं। वि32अमेरिका चुनाव चौथी लीड परिणामडेमोक्रेट्स ने ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को दी करारी शिकस्त, दोनों सदनों पर जमाया कब्जावाशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए देश के मतदाताओं ने मंगलवार को हुए बहुचर्चित मध्यावधि चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी संसद का नियंत्रण सौंप दिया और कई अहम राज्यों में गवर्नर पदों पर भी पार्टी को जीत दिलाई। प्रादे191 महाराष्ट्र पवार लीड मोदीपुणे के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद शरद पवार मुंबई में भर्तीमुंबई/पुणे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के प्रमुख शरद पवार को बुधवार को पुणे के एक मल्टी-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी मिलने के कुछ ही घंटे बाद मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। दि102संसद समिति एफसीआरए हितधारकएसीआरए विधेयक पर संयुक्त समिति 12 नवंबर को विभिन्न हितधारकों के साथ बैठक करेगीनयी दिल्ली, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति 12 नवंबर को बैठक करेगी और बैप्स, ऑक्सफैम, गिरजाघर के पदाधिकारियों और वकीलों समेत विभिन्न हितधारकों के साथ एक-एक करके विचार-विमर्श करेगी। दि99भाजपा राहुल मोदी बहससंसद में बहस से भागना और बाहर बहस की मांग करना संविधान का अपमान: भाजपा का राहुल गांधी पर निशानानयी दिल्ली, भाजपा ने बुधवार को राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ खुली बहस की मांग कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ संसद में चर्चा से ‘‘भाग रहे’’ हैं। पार्टी ने कहा कि उनका यह रुख संविधान की मूल भावना का अपमान होने के साथ ही देश के मतदाताओं के साथ मजाक है। दि95न्यायालय सीईसी कार्रवाई छूटन्यायालय सीईसी, निर्वाचन आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से मिली छूट के खिलाफ याचिकाओं पर करेगा सुनवाईनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय बुधवार को राजद सांसद मनोज झा और सामाजिक कार्यकर्ता अरुण अग्रवाल की उन याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया, जिनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और निर्वाचन आयुक्तों पर मुकदमा चलाये जाने से छूट देने वाले कानून के एक प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। दि15 : कांग्रेस अमेरिका मध्यावधिअमेरिका के मध्यावधि चुनावों ने संस्थागत संतुलन बहाल किया, भारत में 2014 से यह बिगड़ा है: कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों ने उस संस्थागत संतुलन को बहाल किया है, जो गणतांत्रिक लोकतंत्र के मूल में है और भारत में 2014 से यह खतरनाक ढंग से बिगड़ा हुआ है। प्रादे176लोकसभा अध्यक्ष एनसीपीआईअयोग्यता संबंधी नोटिस पर और समय मांगने वाले बागी तृणमूल सांसदों के आवेदनों पर विचार करूंगा : बिरलातिरुवनंतपुरम, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों की उन अर्जियों पर बारीकी से विचार करेंगे, जिनमें उन्होंने अयोग्यता नोटिस का जवाब देने के लिए और समय मांगा है। प्रा157महाराष्ट्र कांग्रेस लीड बर्वेवीडियो में कांग्रेस सांसद पार्टी की महिला सांसद को थप्पड़ मारते दिखे, दोनों ने घटना को तूल नहीं दियानागपुर, दिल्ली में एक विरोध रैली के दौरान कांग्रेस के रामटेक से सांसद श्यामकुमार बर्वे द्वारा पार्टी की ही सांसद प्रतिभा धानोरकर को हल्के से थप्पड़ मारे जाने का एक वीडियो बुधवार को विवाद का विषय बन गया, हालांकि दोनों नेताओं ने इस घटना को महज एक मजाक बताकर टाल दिया। प्रादे135मप्र संघ लीड होसबालेमहासचिव होसबाले ने एसआईआर को सही ठहराया, ‘अराजक शक्तियों’ के प्रति आगाह कियाइंदौर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को बुधवार को उचित ठहराते हुए कहा कि इस प्रक्रिया का मकसद इन सूचियों को त्रुटिहीन बनाना है। वि33इजराइल तीसरीलीड चुनावधोखाधड़ी के दावों के बीच इजराइल ने चुनाव परिणामों को मंजूरी दीयरुशलम,वोट चोरी और धांधली के आरोपों के बीच, इजराइल की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के अध्यक्ष नोम सोहलबर्ग ने चुनाव के नतीजे बुधवार को राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को सौंप दिए, जिससे नयी सरकार के गठन को लेकर विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अर्थ78अमेरिका चुनाव व्यापार विशेषज्ञचुनाव में हार के बाद ट्रंप भारत के साथ जल्द व्यापार समझौता करने की कर सकते कोशिश: विशेषज्ञनयी दिल्ली, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ जल्द व्यापार समझौता करने की कोशिश कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है। अर्थ85लीड ट्राई नेटवर्क अनुभव मंचट्राई का नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म शुरू, ग्राहक कंपनियों के इंटरनेट नेटवर्क की कर सकेंगे तुलनानयी दिल्ली, मोबाइल कनेक्शन लेने या दूरसंचार कंपनी बदलने से पहले अब उपभोक्ता अपने इलाके में अलग-अलग कंपनियों के इंटरनेट नेटवर्क की स्थिति की तुलना कर सकेंगे। इसके लिए दूरसंचार नियामक ट्राई ने बुधवार को ‘नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म’ शुरू किया। इस पर मोबाइल इंटरनेट की डाउनलोड और अपलोड की गति के परीक्षण नतीजे उपलब्ध होंगे। खेल20खेल लीड भारततेज गेंदबाजों और कोहली के कमाल से भारत ने जीता पहला वनडेऑकलैंड, तेज गेंदबाजों के कमाल और विराट कोहली की धमाकेदार अर्धशतकीय पारी की मदद से भारत ने बुधवार को यहां बारिश से प्रभावित पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में न्यूजीलैंड को डकवर्थ लुईस पद्वति से पांच विकेट से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल की। खेल39खेल रणजी ग्रुप एरणजी ट्रॉफी: विदर्भ ने मध्य प्रदेश को पारी और 20 रन से रौंदानागपुर, हर्ष दुबे और पार्थ रेखाड़े के पांच-पांच विकेट की बदौलत विदर्भ ने बुधवार को यहां रणजी ट्रॉफी के ग्रुप ए मुकाबले में मध्य प्रदेश पर पारी और 20 रन से शानदार जीत दर्ज की।
जयपुर में EPFO का प्रवर्तन अधिकारी एक लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट, ACB ने रंगे हाथों दबोचा
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को जयपुर में कार्रवाई करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को एक लाख रुपए की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि अधिकारी ने एक निजी फर्म के कर्मचारियों का भविष्य निधि (PF) जमा नहीं कराने से […] The post जयपुर में EPFO का प्रवर्तन अधिकारी एक लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट, ACB ने रंगे हाथों दबोचा appeared first on Sabguru News .
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर संतों ने क्या कहा?
धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के दौरान भगवान राम को सीधा और श्रीकृष्ण को टेढ़ा बताया था. उनके इस बयान पर संत समाज के कई लोगों ने नाराजगी जताई और राम-कृष्ण में भेद को सनातन परंपरा के विरुद्ध बताया. हालांकि, कुछ संतों ने उनका समर्थन भी किया. वीडियो में जानें मामला.
भीलवाड़ा के सांवरिया सेठ मंदिर में दिनदहाड़े चोरी, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में एक अजीबोगरीब चोरी का मामला सामने आया है। यहां मोहन कॉलोनी स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में एक अज्ञात व्यक्ति ने दिनदहाड़े भगवान की प्रतिमा पर चढ़े चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। आरोपी ने वारदात से पहले मंदिर में भगवान की परिक्रमा की, हाथ जोड़कर प्रार्थना […] The post भीलवाड़ा के सांवरिया सेठ मंदिर में दिनदहाड़े चोरी, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात appeared first on Sabguru News .
चोरी-छिपे मिलते थे प्रेमी-प्रेमिका, परिजनों ने पकड़ा तो करा दी शादी
कौशांबी में चार साल से चल रहे प्रेम प्रसंग का दिलचस्प अंत हुआ. दरअसल, प्रयागराज से प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने रेस्टोरेंट में पकड़ लिया. इस बीच दोनों परिवारों के बीच पहले शादी को लेकर असहमति रही, लेकिन समझाने-बुझाने के बाद सभी राजी हो गए. इसके बाद रामजानकी मंदिर में दोनों ने वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए.
जेल में मनेगी गिरिबाला सिंह की दिवाली, हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने डिजिटल सबूतों, CCTV फुटेज और लंबित CFSL रिपोर्ट को अहम माना.
बैलेट पेपर से वोटों की गिनती में अमेरिका इतना तेज कैसे?
अमेरिका में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान होता है, फिर भी वोटों की गिनती तेजी से पूरी हो जाती है. वीडियो में जानिए स्कैनर, एडवांस वोटिंग और विकेंद्रीकृत चुनाव व्यवस्था की मदद से वहां कैसे होती है मतगणना. यानी अमेरिका में तेजी की वजह सिर्फ मशीनें नहीं, बल्कि पहले से तैयारी और विकेंद्रीकृत चुनावी व्यवस्था भी है.
ABVP का दिल्ली में महासम्मेलन, कांग्रेस पर बोला हमला, 15 हजार विद्यार्थियों के शामिल होने का दावा
ABVP Delhi Mahasammelan: चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने दिल्ली में एक विशाल छात्र महासम्मेलन का आयोजन किया. 'अराजकता छोड़ो, लोकतंत्र अपनाओ' के नारे के साथ एबीवीपी ने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख कमजोर करने का आरोप लगाया.
Mahadev App के सह-प्रवर्तक रवि उप्पल UAE में हिरासत में, प्रत्यर्पण की तैयारी
नयी दिल्ली, चार नवंबर महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के सह-प्रवर्तक रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गिरफ्तार कर लिया गया है और प्रत्यर्पित करा कर भारत लाया जाएगा। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम द्वारा ओमान से उप्पल के दोस्त और महादेव ऐप के एक अन्य प्रवर्तक, सौरभ चंद्राकर को वापस लाये जाने के बाद, यह घटनाक्रम हुआ है। ओमान की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा धन शोधन के एक मामले में की जा रही जांच के सिलसिले में, चंद्राकर को प्रत्यर्पित करने की अनुमति दी थी। अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दुबई के अधिकारियों ने उप्पल (46) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ भारतीय जांच एजेंसियों ने इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया था। उन्होंने बताया कि सीबीआई और ईडी उसे प्रत्यर्पित कराने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि चंद्राकर की तरह ही, उप्पल ने भी दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित द्वीपीय देश, वानुअतु से पासपोर्ट हासिल किया है। अक्टूबर 2023 में उप्पल के खिलाफ दाखिल किये गए आरोपपत्र में कहा गया था कि उसने ‘‘अपराध से कमाई की और उसका फायदा उठाया, तथा वह इस रकम को छिपाने और उसके हेरफेर में शामिल है।’’इसमें आरोप लगाया गया है कि उप्पल, ‘‘सहायक उप निरीक्षक चंद्रभूषण वर्मा और कुछ अन्य लोगों के जरिए, छत्तीसगढ़ के नौकरशाहों और राजनेताओं तक रकम पहुंचाने के काम की देखरेख कर रहा था।’’उप्पल और चंद्राकर, दोनों ही छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर के रहने वाले हैं। एजेंसी ने बताया कि महादेव ऐप, जिसे महादेव ऑनलाइन बुक भी कहा जाता है, ने 2019-20 में अपना संचालन शुरू किया। 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या में ‘‘तेजी से’’ बढ़ोतरी हुई और यह लगातार बढ़ती गई। हजारों ‘पैनल’ के जरिए संचालित होने वाले इस ऐप के जरिये 2019 से अब कथित तौर पर 80,000 करोड़ रुपये अर्जित किये गए।
इजरायल से भारत तक हलचल; मिडटर्म में हार के बाद ट्रंप का अगला कदम क्या, बदलेगी विदेश नीति?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिडटर्म चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस और सीनेट दोनों में जीत हासिल कर ली है। ऐसे में दुनिया भर की सरकारें अब यह देख रही हैं कि कांग्रेस में सत्ता बदलने से वाशिंगटन की विदेश नीति पर क्या असर पड़ेगा।
Ramayana देखकर रो पड़े बादशाह, जटायु का सीन देख उमड़े जज्बात!
रणबीर कपूर की रामायण देखकर बादशाह भावुक हो गए। सिंगर ने बताया कि बचपन से कहानी जानने के बावजूद फिल्म ने उन्हें रुला दिया. जानें फिल्म के रिव्यू और जटायु सीन की खासियत.
राहुल गांधी विदेशी नेताओं के साथ बातचीत के जरिए भारत को शर्मिंदा कर रहे हैं, भाजपा भड़की
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि गांधी को विदेशी प्रभाव के आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बहस करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मोदी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति लगातार मजबूत की है।
Pawan Singh First Song: पवन सिंह ने 11 साल की उम्र में 1997 में भोजपुरी गाना 'ओढ़निया वाली' गाया था. 'लॉलीपॉप लागेलू' से पहले का यह गाना आज भी यूट्यूब पर लोगों का ध्यान खींच रहा है.
छोटी और बड़ी दिवाली क्या एकसाथ मनेगी? 8 या 9 नवंबर का कन्फ्यूजन खत्म
इस साल छोटी और बड़ी दिवाली का त्योहार एकसाथ 8 नवंबर को मनाया जाएगा. दिवाली की पूजा प्रदोष काल में करना सबसे शुभ माना जाता है. इस साल 8 नवंबर को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 54 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 50 मिनट तक रहने वाला है. यानी लक्ष्मी गणेश पूजन के लिए आपको करीब 1 घंटा 54 मिनट का समय मिलेगा.
Kotia सीमा विवाद पर Naveen Patnaik ने सीएम माझी को लिखा पत्र, केंद्र से दखल की मांग
भुवनेश्वर/कोरापुट, चार नवंबर बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने बुधवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश द्वारा विवादित कोटिया क्षेत्र में ग्रामीण चुनाव कराने की कोशिशों से बढ़ते तनाव का मुद्दा केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया। पटनायक के पत्र लिखने से एक दिन पहले ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के बीच कथित तौर पर तनातनी हुई थी, जिससे अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित गांवों के समूह में तनाव पैदा हो गया था। इस बीच, ओडिशा पुलिस ने आंध्र प्रदेश प्रशासन द्वारा स्थापित एक मतदान केंद्र को सील कर दिया। विवाद तब बढ़ा, जब पड़ोसी राज्य की सरकार ने ओडिशा के क्षेत्र में आने वाले कुछ गांवों में ग्रामीण चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की। ये चुनाव पांच नवंबर को होने हैं। चुनाव से पहले ओडिशा सरकार ने सीमा पर तीन जांच चौकियां स्थापित की हैं, ताकि शांति बनाए रखी जा सके और पड़ोसी राज्य के अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों के अनधिकृत प्रवेश और कोटिया क्षेत्र में चुनाव संबंधी गतिविधियों को रोका जा सके। कोटिया से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरापुट जिला पुलिस ने विवादित क्षेत्र के अपर सेम्बी गांव में आंध्र प्रदेश पुलिस की एक जांच चौकी का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। ओडिशा पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस के जवानों ने कथित तौर पर चौकी खाली कर दी। कोरापुट के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) टीपीएस मंडल ने कहा, ‘‘हमारे वहां पहुंचने पर आंध्र प्रदेश पुलिस ने जांच चौकी खाली कर दी और उस इलाके से चली गई।’’पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश, दोनों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, जैसा कि भाजपा ने अपने 2024 के चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था।
उत्तराखंड के एक सुनसान गांव में रह रहे बुजुर्ग दंपति की यह कहानी पलायन, अकेलेपन और रिश्तों के दर्द को बेहद मार्मिक तरीके से दिखाती है. सच्ची घटना से प्रेरित फिल्म 'पायरे' बताती है कि बुढ़ापे में अपनों का साथ छूट जाने का दर्द कितना गहरा हो सकता है.
'आपने रॉन्ग नंबर मिलाया, जाओ प्रोटेस्ट करो...', याचिकाकर्ता को CJI का जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों के रोटेशन की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है.
पटाखों पर भड़कीं आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, बोलीं- दीपावली पर एक भी पटाखा फोड़ना देश विरोधी
दीपावली से पहले बढ़ते वायु प्रदूषण और बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले बुरे असर को लेकर अभिनेत्री आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने पटाखे फोड़ने की कड़ी आलोचना की.
9 साल की बच्ची को भी आ सकता है हार्ट अटैक? दिल्ली की घटना से जानें
दिल्ली के मयूर विहार के एक स्कूल में 9 साल की बच्ची की क्लासरूम में अचानक गिरकर मौत हो गई. इस मामले में हार्ट अटैक की आशंका जताई गई है. क्या इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक आ सकता है इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
विराट कोहली के 74 रन से भारत की शानदार जीत, न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त
ऑकलैंड। विराट कोहली की आक्रामक बल्लेबाजी और भारतीय तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने न्यूजीलैंड को पहले एकदिवसीय मुकाबले में पांच विकेट से हरा दिया। बुधवार को ईडन पार्क में बारिश से बाधित मैच में भारत ने डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (डीएलएस) नियम के तहत मिले 143 रन के संशोधित लक्ष्य को 22.4 ओवर में […] The post विराट कोहली के 74 रन से भारत की शानदार जीत, न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त appeared first on Sabguru News .
SP भानु प्रताप सिंह पर गिरी गाज, पटना पुलिस मुख्यालय बुलाए गए
बिहार के खगड़िया में एसपी रहे IPS अधिकारी भानु प्रताप सिंह को सरकार ने पद से हटाकर पटना पुलिस मुख्यालय बुला लिया है. उनकी पत्नी पूजा सिंह ने प्रताड़ना और छह साल की बेटी से बात नहीं करने देने के आरोप लगाए थे. महिला थाने में शिकायत दी गई है, लेकिन अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. पत्नी तलाक के बजाय परिवार बसाना चाहती हैं.
देहरादून में भारी वाहनों का कहर, आशारोड़ी इलाके का केस
देहरादून के मोहब्बेवाला में कंटेनर ट्रक कार पर पलट गया. इस हादसे ने आशारोड़ी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े किए हैं. जनवरी 2024 से अक्टूबर 2026 तक यहां कम से कम 17 हादसों में 10 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. वीडियो में जानें मामला.
INDIA ब्लॉक की रैली में कौन नहीं पहुंचा? यूथ कांग्रेस ने कई नेताओं को किया सस्पेंड
यूथ कांग्रेस ने रैली में अपने नेताओं की मौजूदगी दर्ज करने के लिए हाई-टेक तरीका अपनाया था, जिसने कई गैरहाजिर नेताओं की पोल खोल दी।
Ghaziabad Court ने बैंक धोखाधड़ी में बरी 2 आरोपियों को PMLA में दोषी ठहराया
नयी दिल्ली, चार नवंबर उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद की एक विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने धनशोधन रोकथाम कानून के तहत दो लोगों को दोषी ठहराया, जबकि बैंक ऋण धोखाधड़ी के उस मूल मामले में उन्हें पहले ही बरी किया जा चुका था, जिसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने की थी। अदालत ने तीन नवंबर को अपने आदेश में कहा, ‘‘शुरुआत में यह माना जाता था कि जब तक किसी व्यक्ति को मूल अपराध में दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक उसे धनशोधन के मामले में दोषी नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन अब सोच बदल गई है।’’कानून के मुताबिक, धनशोधन का मामला तभी दर्ज किया जा सकता है, जब पुलिस, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या किसी निर्धारित जांच एजेंसी द्वारा कोई मूल अपराध (अनुसूचित अपराध) दर्ज किया गया हो। अदालतों ने पहले यह व्यवस्था दी थी कि मूल अपराध में बरी होने के बाद व्यक्ति धनशोधन के आरोपों से भी स्वत: मुक्त हो जाता है। ‘पीटीआई-भाषा’ के पास मौजूद अदालती आदेश के अनुसार, इस मामले में अदालत ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पांच लोगों को दोषी ठहराया है। इनमें उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला में तैनात सिंडिकेट बैंक का एक पूर्व शाखा प्रबंधक भी शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए गए इस मामले में विशेष न्यायाधीश भरत सिंह यादव ने सभी पांच दोषियों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी ठहराए गए लोग सिंडिकेट बैंक के पूर्व प्रबंधक वी एन माथुर और निजी व्यक्ति राजीव कुमार, अरविंद चौधरी, अंकित चौधरी तथा प्रमोद कुमार हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा, ‘‘यह उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार और प्रमोद कुमार को अनुसूचित अपराध (जिसकी जांच सीबीआई ने की थी) में बरी कर दिया गया था, लेकिन अब ईडी द्वारा अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और सामग्री के मूल्यांकन के आधार पर उन्हें धनशोधन के अपराध में दोषी ठहराया गया है।’’अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘शुरुआत में यह माना जाता था कि जब तक किसी व्यक्ति को मूल अपराध में दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक उसे धनशोधन के मामले में दोषी नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन अब यह सोच बदल गयी है।’’ईडी की जांच में पता चला कि माथुर ने 2006-07 के दौरान दिवंगत नरेंद्र सिंह, अरविंद चौधरी और अन्य लोगों के साथ आपराधिक साजिश रची थी। उसने अस्तित्वहीन संपत्तियों के जाली बिक्री विलेखों, फर्जी भारमुक्ति प्रमाणपत्रों और झूठी मूल्यांकन रिपोर्टों के आधार पर उन्हें, उनकी कंपनियों और सहयोगियों को ऋण तथा ‘ओवरड्राफ्ट’ की सीमाएं मंजूर की थीं।
दिवाली से पहले बाजारों में उमड़ी भीड़! दिल्ली के कई इलाकों में भीषण जाम
दिवाली और धनतेरस के त्योहारों से ठीक पहले दिल्ली के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी है, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है. खासकर साउथ एक्स मार्केट के आसपास रिंग रोड पर भीषण जाम लग गया है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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