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Rahul-Akhilesh पर बरसे Yogi Adityanath, कहा- छोटे मियां-बड़े मियां को घुसपैठियों से प्यार, गरीबों से नफरत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दोनों पार्टियों पर घुसपैठियों का समर्थन करने और अपने शासनकाल में विकास कार्य न कर पाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी या समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का सीधे नाम लिए बिना, उन्होंने उन्हें छोटे मियां और बड़े मियां कहकर संबोधित किया। इसे भी पढ़ें: UP Election: कांग्रेस ने '200 सीटों' वाले पोस्टरों से किया किनारा, कहा- सपा के साथ गठबंधन पूरी तरह मजबूत वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कानपुर के बिठूर में लोगों को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि इन दोनों नेताओं को घुसपैठियों से तो लगाव है, लेकिन ये दलितों, वंचित समुदायों, किसानों और युवाओं का अनादर करते हैं। इस कार्यक्रम से पहले उन्होंने वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की और नाना राव पेशवा पार्क में 411 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि दोनों पार्टियों को उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक शासन करने का मौका मिला, लेकिन वे किसानों, गरीबों और युवाओं की समस्याओं को हल करने में विफल रहीं। उन्होंने कहा कि इस समय देश में दो 'मियां' हैं - एक 'छोटे मियां' और दूसरे 'बड़े मियां'। दोनों को घुसपैठियों से बहुत प्यार है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग बांग्लादेशी घुसपैठियों को तो गले लगाते हैं, लेकिन दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों और युवाओं का अपमान करते हैं। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों पर राज्य में अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी से जुड़े अपराधियों ने व्यापारियों और गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा खतरे में थी और युवाओं को या तो नौकरियां नहीं मिलीं या फिर उन्हें भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा। आदित्यनाथ ने अयोध्या की स्थिति को लेकर पिछली सरकारों की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार द्वारा विकास के कदम उठाने से पहले, इस शहर में बिजली, साफ-सफाई और बुनियादी ढांचे की भारी कमी थी। लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सदियों तक यह शहर खराब सड़क संपर्क (कनेक्टिविटी) पर ही निर्भर रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने अयोध्या के विकास को कभी प्राथमिकता नहीं दी, और बाद में बीजेपी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं में भी बाधा डाली। इसे भी पढ़ें: BJP पर Mamata Banerjee का वार, जनता को डराने और पुलिस के दुरुपयोग का लगाया आरोप उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी में हुए बदलाव का भी उदाहरण दिया, जिसमें 'काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर' के विकास का जिक्र किया गया। आदित्यनाथ के अनुसार, इस परियोजना से वहां श्रद्धालुओं के ठहरने की क्षमता में काफी सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास के लिए काम कर रही है, जिनमें अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज, विंध्यावासिनी, शुकतीर्थ, नैमिषारण्य और बिठूर शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:34 pm

गोपनीय सैन्य जानकारी साझा करने पर Tamil Nadu में पूर्व Army Captain बाबू पी गिरफ्तार

तमिलनाडु के वेल्लोर में भारतीय सेना के एक सेवानिवृत्त कैप्टन को ‘व्हाट्सऐप’ पर एक अज्ञात महिला को कथित तौर पर गोपनीय सैन्य जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, एक सूचना के बाद गिरफ्तार किए गए 52 वर्षीय पूर्व सैन्य अधिकारी की पहचान बाबू पी के रूप में हुई है। उसने कथित तौर पर सेना के उपकरणों से जुड़ी गोपनीय जानकारी अज्ञात महिला को दी थी। बाबू ने 2025 में ‘कैप्टन’ के पद से सेवानिवृत्त होने से पहले भारतीय सेना में 28 साल तक विभिन्न इकाइयों में सेवा दी थी। इनमें सैन्य उपकरण और तोपखाना इकाइयां भी शामिल थीं। सेवानिवृत्ति के बाद वह जिले में कणियंबाडी के पास कीझवल्लम गांव में रह रहे थे। पुलिस ने बताया कि करीब एक साल पहले व्हाट्सऐप पर एक महिला ने उससे संपर्क किया था। उसने दावा किया था कि वह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक परियोजना पर काम कर रही है। समय के साथ दोनों के बीच बातचीत व्यक्तिगत हो गई और वीडियो कॉल भी होने लगीं। आरोप है कि महिला ने डीआरडीओ की परियोजना के बहाने उनसे संवेदनशील सैन्य जानकारी मांगी। बाबू ने कथित तौर पर अपने पास उपलब्ध जानकारी उसे दी और उसके अनुरोध पर अतिरिक्त जानकारी जुटाने के लिए सेवारत और सेवानिवृत्त सहकर्मियों के साथ-साथ सेना के कार्यालयों से भी संपर्क किया। पुलिस ने बताया कि महिला की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। केंद्रीय खुफिया अधिकारियों ने दो दिन तक संयुक्त पूछताछ करने के बाद बाबू को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के अनुसार, बाबू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3(1)(सी) तथा 5(1)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे हिरासत में शनिवार को वेल्लोर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:33 pm

Kerala Assembly: SMA की जेनेरिक दवा Risdiplam पर बवाल, सरकार ने फैसले का किया बचाव

केरलम सरकार ने सोमवार को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) के मरीजों के लिए सस्ती जेनेरिक दवा उपलब्ध कराने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसे नियामकीय मंजूरी मिली है और इससे मरीजों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने विधानसभा में विपक्ष के कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस पर जवाब देते हुए कहा कि नैटको फार्मा की जेनेरिक दवा रिसडिप्लाम की 12 दिन की खुराक करीब 15,000 रुपये की है, जबकि रोश की ब्रांडेड दवा की कीमत लगभग 6.5 लाख रुपये है। सरकार इसे जरूरी आपूर्ति सामग्री सहित नौ हजार रुपये तक लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने जेनेरिक दवा के उत्पादन को चुनौती देने वाली रोश कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने इसके इस्तेमाल को मंजूरी दी है। विपक्ष ने दवा की प्रभावशीलता और तिरुवनंतपुरम के एसएटी अस्पताल में शिशुओं को इसे दिए जाने के तरीके पर सवाल उठाए। विधानसभा अध्यक्ष टी राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के जवाब के बाद कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले, विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने कहा कि विवाद जेनेरिक दवाओं के इस्तेमाल को लेकर नहीं, बल्कि अस्पताल में दवा दिए जाने को कथित तौर पर नैदानिक परीक्षण के रूप में दर्ज करने को लेकर है। स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार एसएमए की दवा आपूर्ति करने वाली कंपनी का 50 करोड़ रुपये बकाया छोड़ गई थी। विधानसभा में ‘केरल समग्र स्वास्थ्य, कल्याण और दीर्घायु मॉडल’ के लिए गठित कार्यबल की नियुक्तियों पर भी दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला। विपक्ष ने निजी अस्पतालों, प्रयोगशालाओं और दवा कंपनियों से जुड़े लोगों को शामिल करने पर हितों के टकराव की आशंका जताई। सतीशन ने कहा कि सदस्यों का चयन उनकी विशेषज्ञता के आधार पर किया गया है। विजयन ने नैटको फार्मा से कांग्रेस को चुनावी बॉण्ड के जरिए 12.25 करोड़ रुपये मिलने का दावा भी किया।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:31 pm

Gyanesh Kumar को हटाने की मांग पर अड़े Rahul Gandhi, बोले- 30 सेकंड में रुक जाएगा प्रदर्शन अगर...

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 26 अक्टूबर को दिल्ली के कारोबारी समुदाय से अपील की। ​​उन्होंने राजधानी में लगाए गए प्रशासनिक लॉकडाउन और यातायात में आ रही रुकावटों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने की विपक्ष की मांग को फिर से दोहराया। 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट में, गांधी ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाले विरोध प्रदर्शन का एक पोस्टर साझा किया। उन्होंने सुरक्षा बैरिकेड्स और सार्वजनिक परिवहन पर लगी पाबंदियों को लेकर कारोबारी संगठनों की चिंताओं पर बात की; इन पाबंदियों की वजह से चल रहे राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान स्थानीय बाजारों पर असर पड़ रहा है। इसे भी पढ़ें: KC Venugopal ने किया ऐलान, Punjab में Rahul Gandhi की Sangrur रैली से शुरू होगा Congress का अभियान दिल्ली में खुदरा और थोक व्यापारियों को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा, “दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं और आपकी बात सुनते हैं। सरकार ने मेट्रो बंद कर दी, सड़कें सील कर दीं और हमारी राजधानी में लॉकडाउन लगा दिया। जनादेश की चोरी के बाद कुछ भी सुरक्षित नहीं है – न आपकी दुकान, न आपकी बचत, और न ही आपके बच्चों का भविष्य। मोदी से कहिए कि वे आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटा दें, और 30 सेकंड में विरोध-प्रदर्शन खत्म हो जाएंगे।” गांधी का यह बयान 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' द्वारा विपक्षी नेताओं को दिए गए एक आग्रह के बाद आया है, जिसमें 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की प्रस्तावित रैली को टालने की मांग की गई थी। व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि धनतेरस, दिवाली और भाई दूज के त्योहारों के दौरान, जब खरीदारी जोरों पर होती है, तब मध्य दिल्ली में सड़कों का डायवर्जन, बैरिकेडिंग और मेट्रो स्टेशनों को बंद करने से चांदनी चौक, सदर बाजार और करोल बाग जैसे प्रमुख बाजारों में हजारों करोड़ रुपये के कारोबार पर बुरा असर पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के काफिले में वाहनों की टक्कर मामले में UP Police ने SIT गठित की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संकेत दिया है कि पार्टी नेतृत्व व्यापारियों की अपील पर विचार कर रहा है ताकि कोई उचित समाधान निकाला जा सके। वहीं, गांधी ने कथित चुनावी अनियमितताओं और चुनाव आयोग के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन को एक महत्वपूर्ण संवैधानिक लड़ाई बताया है, जो दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता की रक्षा के लिए जरूरी है।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:28 pm

हांसी पहुंचे गायक मासूम शर्मा: हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री पर की खुलकर चर्चा

हरियाणा के मशहूर लोक गायक और संगीत जगत के जाने-माने कलाकार मासूम शर्मा हाल ही में हांसी पहुंचे, जहाँ प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने आए मासूम शर्मा ने स्थानीय मीडिया और पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरियाणवी म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री के भविष्य पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले इस गायक ने गानों में लगातार बढ़ते 'गन कल्चर' और हिंसा के प्रदर्शन पर एक बेहद संवेदनशील और विचारणीय बयान दिया है। मासूम शर्मा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हरियाणवी गानों में हथियारों के प्रदर्शन को लेकर समाज और प्रशासन दोनों ही स्तरों पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। हांसी में मासूम शर्मा की इस मौजूदगी और उनके बयान ने एक बार फिर हरियाणा की कला और संस्कृति जगत में एक नई बहस छेड़ दी है।हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री का स्वर्णिम भविष्य और क्षेत्रीय कलाकारों के लिए बढ़ते नए अवसरपत्रकारों से बातचीत के दौरान मासूम शर्मा ने हरियाणवी सिनेमा और म्यूजिक इंडस्ट्री की तेजी से होती प्रगति पर गहरा संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक दौर था जब हरियाणवी कलाकारों को अपनी पहचान बनाने के लिए बॉलीवुड या अन्य क्षेत्रीय भाषाओं पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन आज हरियाणवी संगीत और फिल्में पूरी दुनिया में अपनी धाक जमा रही हैं। यूट्यूब, सोशल मीडिया और ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स के आने से हरियाणवी संस्कृति को एक वैश्विक मंच मिला है। उन्होंने युवा कलाकारों का आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों, लोक बोलियों और समृद्ध हरियाणवी परंपराओं से जुड़े रहें। मासूम शर्मा ने यह विश्वास जताया कि यदि सरकार और स्थानीय उद्योग मिलकर क्षेत्रीय सिनेमा को बुनियादी सुविधाएं और वित्तीय सहयोग प्रदान करें, तो हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री बहुत जल्द देश की प्रमुख फिल्म इंडस्ट्रीज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी।गानों में 'गन कल्चर' के बढ़ते चलन पर मासूम शर्मा का बड़ा बयान: कलाकारों और समाज की जिम्मेदारीबातचीत के दौरान जब मासूम शर्मा से हरियाणवी गानों में गन कल्चर, दबंगई और हथियारों के अंधाधुंध प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही संजीदगी से अपनी बात रखी। मासूम शर्मा ने कहा कि संगीत हमेशा से समाज का दर्पण रहा है और एक कलाकार की समाज के प्रति बहुत बड़ी नैतिक जिम्मेदारी होती है। गानों में हथियारों और हिंसा के महिमामंडन पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कला का उद्देश्य मनोरंजन और सांस्कृतिक चेतना जगाना होना चाहिए, न कि युवा पीढ़ी को किसी भी प्रकार के अपराध या बंदूक संस्कृति की ओर प्रेरित करना। उन्होंने गायकों और गीतकारों से अपील की कि वे ऐसे विषयों पर गीत बनाने से परहेज करें जो युवाओं के दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल गानों को ही अपराध का कारण मानना पूरी तरह सही नहीं है, बल्कि पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक माहौल की भी इसमें बड़ी भूमिका होती है।हांसी में प्रशंसकों का उमड़ा हुजूम, मासूम शर्मा के लाइव गीतों से भक्तिमय और सांस्कृतिक हुआ माहौलमासूम शर्मा के हांसी आगमन की खबर फैलते ही उन्हें देखने और सुनने के लिए आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों से बड़ी संख्या में प्रशंसक मौके पर जमा हो गए। युवाओं ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ अपने पसंदीदा गायक का स्वागत किया। मासूम शर्मा ने भी अपने चाहने वालों को निराश नहीं किया और उनके अनुरोध पर अपने कुछ सबसे लोकप्रिय हरियाणवी रागिनियों और भजनों की पंक्तियां गाकर सुनाईं, जिससे पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने हांसी की ऐतिहासिक धरती और यहाँ के लोगों के प्यार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा की जनता का यही स्नेह उन्हें हमेशा कुछ नया और बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है।हरियाणवी कला संस्कृति के संरक्षण और सकारात्मक संदेश देने का संकल्पहांसी का यह दौरा और मासूम शर्मा का बेबाक संवाद इस बात का प्रमाण है कि हरियाणवी कलाकार अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक सुधारों और अपनी संस्कृति के संरक्षण को लेकर भी पूरी तरह गंभीर हैं। गन कल्चर पर दिया गया उनका बयान निश्चित रूप से नए उभरते हुए गायकों और गीतकारों के लिए एक मार्गदर्शन का काम करेगा। मासूम शर्मा ने अपने संबोधन के अंत में वादा किया कि वे आने वाले समय में अपने संगीत के माध्यम से हरियाणा के गौरव, खेल प्रतिभाओं और भाईचारे का संदेश दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाते रहेंगे। उनके इस सकारात्मक रुख की स्थानीय प्रबुद्ध जनों और सामाजिक संगठनों ने भी खुले दिल से सराहना की है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 2:27 pm

गुलाबी सर्दियों में बनाकर खाएं मेथी पकौड़ा कढ़ी, रेसिपी है आसान

Methi Pakoda Kadhi Recipe: कढ़ी भारतीय खाने का अहम हिस्सा है, जिसे ज्यादातर लोग चावल के साथ खाना पसंद करते हैं. आमतौर पर घरों में बेसन के पकौड़ों वाली कढ़ी बनाई जाती है लेकिन आप कुछ अलग और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं तो मेथी पकौड़ा कढ़ी बना सकते हैं.

आज तक 26 Oct 2026 2:26 pm

हिसार: अग्रोहा धाम में अग्रवाल समाज का सबसे बड़ा महाकुंभ

हरियाणा के हिसार जिले में स्थित ऐतिहासिक और पवित्र स्थल अग्रोहा धाम में रविवार को शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर अग्रवाल समाज के 43वें वार्षिक मेले का भव्य आयोजन किया गया। महाराजा अग्रसेन और कुलदेवी महालक्ष्मी की तपोभूमि अग्रोहा में आयोजित इस महाकुंभ में देशभर के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। इस वर्ष के भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने शिरकत की, जबकि ध्वजारोहण की रस्म एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा और अग्रोहा धाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग द्वारा संयुक्त रूप से संपन्न की गई। मेले में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से पहुंचे वैश्य समाज के लोगों ने धार्मिक निष्ठा, सामाजिक एकजुटता और अपनी सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन किया।शक्ति सरोवर स्नान, भव्य कलश यात्रा और अलौकिक भजनों की गूंज से भक्तिमय हुआ अग्रोहा धामवार्षिक मेले का शुभारंभ तड़के 5:00 बजे पवित्र शक्ति सरोवर में महास्नान और मुख्य मंदिर परिसर में कुलदेवी महालक्ष्मी की मंगल आरती के साथ हुआ। सुबह 8:00 बजे ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे की मधुर धुनों के बीच सैकड़ों महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा ने पूरे अग्रोहा धाम को अलौकिक रंग में रंग दिया। मुख्य मंच पर हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के प्रसिद्ध लोक कलाकारों के साथ-साथ भजन सम्राट मासूम शर्मा और प्रसिद्ध गायिका अंजली द्विवेदी ने अपनी प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पंडाल में मौजूद श्रद्धालु घंटों झूमते रहे। विशाल महाप्रसाद भंडारे के लिए चार बड़े भव्य पंडाल बनाए गए थे, जहाँ सुबह 9 बजे से ही अनवरत लंगर सेवा चलती रही। इसके अलावा, मेले में लगाया गया विशाल 'ट्रेड फेयर' और सांस्कृतिक प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी रही।विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी पर राज्यपाल कवींद्र गुप्ता का बड़ा संबोधनमेले को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने महाराजा अग्रसेन के एक रुपये और एक ईंट के महान समाजवाद और आपसी बंधुत्व के सिद्धांत को याद किया। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन की दूरदर्शी सोच आज भी आधुनिक भारत के विकास और समरसता का मुख्य स्तंभ है। राज्यपाल ने वैश्य समाज के युवाओं का आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक और इनोवेशन को अपनाते हुए अपनी सांस्कृतिक जड़ों से हमेशा जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि भारत को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी राष्ट्र बनाने में अग्रवाल समाज का योगदान हमेशा से ऐतिहासिक रहा है और व्यापार के साथ-साथ सामाजिक कल्याण, धर्मार्थ कार्यों तथा शिक्षा के क्षेत्र में इस समाज की भूमिका अनुकरणीय है।दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी और हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्रियों का जमावड़ाइस राष्ट्रीय मेले में न केवल धार्मिक बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दिग्गजों का बड़ा समागम देखने को मिला। मंच पर हरियाणा सरकार के निकाय मंत्री विपुल गोयल और पंजाब सरकार के मंत्री वीरेंद्र गोयल विशेष रूप से मौजूद रहे। महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी जी के पावन सानिध्य में आयोजित इस महासम्मेलन में अग्रोहा विकास ट्रस्ट के राष्ट्रीय महासचिव गजानन गोयल सहित देश भर के प्रमुख वैश्य संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि अग्रोहा धाम केवल अग्रवाल समाज का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव जाति की आस्था, भ्रातृत्व और करुणा का प्रतीक है।सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण और भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा बना अग्रोहा का वार्षिक मेलादेर शाम तक चले इस विशाल मेले ने यह साबित कर दिया कि अग्रोहा धाम वैश्य समाज की एकता और सांस्कृतिक चेतना का सबसे बड़ा केंद्र है। मेले के दौरान समाज के मेधावी छात्रों, समाजसेवियों और उद्योगपतियों को भी सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मुस्तैदी से संभाला, जिससे लाखों श्रद्धालुओं ने सुगमता से दर्शन और सरोवर स्नान का लाभ उठाया। अग्रोहा धाम से निकला यह संदेश न केवल अग्रवाल समाज की जड़ों को मजबूत करता है, बल्कि पूरे देश में भाईचारे, परोपकार और राष्ट्र निर्माण की नई लहर पैदा करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 2:25 pm

'मैं भी अपनी शर्तों पर जीती हूं', 'दिल पड़ोसी' में दीया का किरदार निभाने पर बोलीं न्यारा एम बनर्जी

अभिनेत्री न्यारा एम बनर्जी इन दिनों अपनी सीरीज 'दिल पड़ोसी' को लेकर चर्चा में हैं। इस सीरीज में वह दीया का किरदार निभा रही हैं।

खास खबर 26 Oct 2026 2:24 pm

Suvendu Adhikari ने CJP पर साधा निशाना, लोगों से PM Modi के साथ खड़े होने की अपील की

पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ देने की अपील की। ​​इस दौरान उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) पर एक और तंज कसा, और जिन्हें वे 'दिमागी नक्सल' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' कहते हैं, उन पर निशाना साधा। अधिकारी ने CJP पर अपना हमला और तेज करते हुए कहा कि PM मोदी के साथ खड़े हों, 'दिमागी नक्सल', 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग और कॉकरोचों को पनपने न दें। एक दिन पहले ही उन्होंने CJP के कथित प्रभाव की तुलना कीड़ों और कोरोनावायरस के फैलने से की थी। इसे भी पढ़ें: चक्रवात की आहट: Odisha के 6 जिलों में पर्यटन स्थलों पर लगा प्रतिबंध पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की पिछली सरकार को राष्ट्रवाद की कोई समझ नहीं थी, वह तुष्टीकरण की राजनीति करती थी और राज्य को 'ग्रेटर बांग्लादेश' में बदलने की योजना बना रही थी। उन्होंने आगे कहा कि यही वजह है कि उन्होंने राज्य के लिए एक अलग गीत बनाया, एक झंडा तैयार किया और बांग्लादेश के 'जय बांग्ला' नारे को अपना लिया। रविवार को रामनगर में बोलते हुए अधिकारी ने छात्रों के बीच राष्ट्रवाद की भावना जगाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में हर साल भाषण, क्विज़ और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कॉकरोच, खटमल और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसी बुराइयां - जो कोरोनावायरस की तरह फैलने की कोशिश कर रही हैं - उन पर 'हिट' (कीड़े-मकोड़े मारने वाला स्प्रे) छिड़कने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती अगर वे फैलने की कोशिश न करतीं। अधिकारी ने वामपंथी दलों और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों बंगाल की विरासत और संस्कृति को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: कन्नड़ लोगों को नौकरी से दूर रखा तो एक्शन होगा, Bengaluru IT Sector को DK Shivakumar की दो टूक उन्होंने कहा कि नास्तिक कम्युनिस्टों के 34 साल लंबे शासन और (TMC के) 15 साल के कार्यकाल ने लोगों की विरासत और संस्कृति को मिटाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली TMC सरकार ने शिक्षण संस्थानों में नेशनल कैडेट कोर (NCC) में नामांकन रोकने की कोशिश की और उसकी जगह 'जय हिंद वाहिनी' शुरू कर दी।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:24 pm

लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’: हरियाणा में भाजपा का बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू

हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर से भारी घमासान देखने को मिल रहा है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के खिलाफ एक बड़ा और व्यापक राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने पूरे राज्य में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ (और कई स्थानों पर 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ') नाम से एक विशाल अभियान की शुरुआत कर दी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे कथित राजनीतिक भ्रम, संवैधानिक संस्थाओं पर हमलों और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर बनाए जा रहे नकारात्मक नरेटिव का मुंहतोड़ जवाब देना है। प्रदेश भर के सभी जिला मुख्यालयों, कस्बों और संसदीय क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद और विधायक ताबड़तोड़ पत्रकारवार्ताएं (प्रेस कॉन्फ्रेंस) करके कांग्रेस को आड़े हाथों लेने जा रहे हैं। इसके साथ ही विशाल पदयात्राओं और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन कर भाजपा सीधे जन-जन तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है।कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का तीखा पलटवार: हार के बाद क्यों याद आती है 'वोट चोरी'?हरियाणा भाजपा के नेतृत्व ने इस अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए विपक्ष विशेषकर कांग्रेस पर गंभीर राजनीतिक हमले किए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस जब भी चुनावों में पराजित होती है, तो अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं, चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर अनर्गल आरोप लगाने लगती है। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया है कि जिन राज्यों में कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहाँ उसे वोट चोरी या लोकतंत्र का संकट नजर नहीं आता, लेकिन जहाँ जनता उसे नकार देती है, वहाँ वह देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस की इस श्रृंखला के जरिए भाजपा जनता के सामने कांग्रेस के पुराने इतिहास और वर्तमान रुख का तुलनात्मक खाका पेश करेगी, ताकि आम जनता के बीच विपक्ष के कथित दुष्प्रचार की पोल खोली जा सके।5 नवंबर तक चलेगा विस्तृत महा-अभियान: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की करनाल पदयात्रा बनेगी मुख्य आकर्षणभाजपा का यह 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान राज्य में व्यापक स्तर पर 5 नवंबर तक संचालित किया जाएगा। इस महा-अभियान के अंतर्गत केवल नेताओं की बयानबाजी ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ाव के कई विविध चरण तय किए गए हैं। अभियान का सबसे बड़ा और प्रमुख आकर्षण करनाल में आयोजित होने वाली भव्य पदयात्रा होगी, जिसमें देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं शामिल होकर कार्यकर्ताओं और आम जनता का मार्गदर्शन करेंगे। करनाल के पाठक अस्पताल के समीप स्थित मैदान से शुरू होने वाली इस विशाल पदयात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। केंद्रीय नेतृत्व की इस सीधी भागीदारी से भाजपा न केवल अपने कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार करना चाहती है, बल्कि हरियाणा के पूरे राजनीतिक माहौल को अपनी विचारधारा के पक्ष में मोड़ने की तैयारी में है।युवा संवाद, प्रबुद्ध सम्मेलन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स आउटरीच के जरिए जन-जन से जुड़ने का प्लानभारतीय जनता पार्टी ने इस अभियान को केवल पारंपरिक राजनीति तक सीमित न रखकर आधुनिक संचार माध्यमों और समाज के हर वर्ग से जोड़ने का ताना-बाना बुना है। अभियान के तहत 'राष्ट्र चिंतन संवाद', 'युवा संवाद' और कॉलेजों-विश्वविद्यालयों के छात्रों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, 'प्रबुद्ध जन सम्मेलन' आयोजित कर डॉक्टरों, वकीलों, प्रोफेसरों और प्रमुख समाजसेवियों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर सीधी चर्चा होगी। आज के डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए 'इन्फ्लुएंसर आउटरीच' प्रोग्राम भी तैयार किया गया है, जिसके जरिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, जेन-जी (Gen-Z) और युवा कंटेंट क्रिएटर्स तक पार्टी का संदेश पहुंचाया जाएगा ताकि ऑनलाइन स्पेस में भी विपक्ष के नैरेटिव को पूरी तरह से निष्प्रभावी किया जा सके।हरियाणा की राजनीति पर पड़ेगा दूरगामी असर: 2026 के चुनावी समीकरणों को साधने की मजबूत कोशिशहरियाणा में भाजपा का यह आक्रामक अभियान केवल तात्कालिक बयानों का जवाब भर नहीं है, बल्कि यह भविष्य की राजनीतिक बिसात पर अपनी पकड़ मजबूत करने की एक सुविचारित रणनीति का हिस्सा है। राज्य के हर जिले में प्रेस वार्ता और पदयात्राओं के माध्यम से भाजपा ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के मतदाताओं को साधने में जुटी है। विपक्षी दलों के कथित नकारात्मक रवैये के मुकाबले सरकार के विकास कार्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की शुचिता को सामने रखकर भाजपा अपनी छवि को और मजबूत करना चाहती है। इस राजनीतिक अभियान के शुरू होते ही हरियाणा का सियासी पारा चढ़ गया है और आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और अधिक तीखा होने की पूरी संभावना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 2:23 pm

Rahul Gandhi मानहानि केस में बरी, Jammu बाजार में आग से 40 दुकानें खाक

सोमवार को अपराह्न दो बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं; प्रादे37 : अदालत राहुल लीड बरीकांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुलतानपुर की विशेष अदालत ने मानहानि मामले में बरी कियासुलतानपुर/लखनऊ, उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने सोमवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में दोषमुक्त कर दिया है। दि33 : ब्रिक्स दूसरीलीड संसदीय मंचआतंकवाद जैसी चुनौतियां सीमाओं तक सीमति नहीं, संवाद और संसदीय सहयोग जरूरी: बिरलानयी दिल्ली, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कहा कि वैश्विक संघर्ष, आर्थिक अस्थिरता, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का प्रभाव किसी एक देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहता और इनसे निपटने में संवाद, कूटनीति तथा संसदीय सहयोग महत्वपूर्ण हैं। प्रादे32 : केरलम न्यायालय दुर्घटना न्यायाधीशचेरानेल्लूर सड़क दुर्घटना: केरल उच्च न्यायालय ने न्यायधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति दीकोच्चि, केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को पुलिस को उस अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति दे दी, जिसके 17 वर्षीय बेटे द्वारा कथित तौर पर चलाई जा रही कार की टक्कर से 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। दि31 : दिल्ली भाजपा खरगे प्रदर्शनदिल्ली भाजपा का खरगे के घर के पास विरोध प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी के ‘अपमान’ के लिए माफी की मांगनयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कथित अपमानजनक बयानों को लेकर दिल्ली भाजपा ने सोमवार को उनके आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया। प्रादे27 : जम्मू कश्मीर लीड आग बाजारजम्मू रेलवे स्टेशन के पास बाजार में भीषण आग, करीब 40 दुकानें जलकर खाकजम्मू, जम्मू रेलवे स्टेशन के पास एक बाजार में भीषण आग लगने से करीब 40 दुकानें जलकर खाक हो गईं और बाजार का चहल-पहल वाला व्यावसायिक इलाका मलबे में तब्दील हो गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। प्रादे43 : उप्र राहुल हादसा एसआईटीराहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों की टक्कर : जांच के लिए एसआईटी गठितलखनऊ, उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रहे वाहनों की टक्कर की घटना की जांच के लिए विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) गठित किया है। दि27 : न्यायालय लखीमपुर खीरी मामलालखीमपुर खीरी हिंसा: न्यायालय ने आशीष मिश्रा को दिवाली पर गृहनगर जाने की अनुमति दीनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को 2021 के लखीमपुर हिंसा मामले के आरोपी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने के लिए गृहनगर जाने की अनुमति दे दी। अर्थ6 : ग्लांस एल कैटरनजियो प्लेटफॉर्म्स समर्थित एआई एजेंटिक कॉमर्स मंच ‘ग्लांस’ में एल कैटरटन का रणनीतिक निवेशनयी दिल्ली, जियो प्लेटफॉर्म्स समर्थित स्वदेशी एआई एजेंटिक कॉमर्स मंच ‘ग्लांस’ ने उपभोक्ता क्षेत्र पर केंद्रित निवेश कंपनी एल कैटरटन से नई इक्विटी शेयर जारी कर अघोषित राशि जुटाने की सोमवार को जानकारी दी। दि21 : कांग्रेस खरगे सीईसी‘वोट चोरी’ के खुलासों के बावजूद ज्ञानेश कुमार को बचाने में जुटी सरकार : खरगेनयी दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को आरोप लगाया कि ‘‘वोट चोरी के अनगिनत खुलासों’’ के बावजूद केंद्र सरकार मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। अर्थ11 : हुंदै बिक्री परिदृश्यहुंदै का 2027 में क्रेटा, नई बेयोन की सालाना 2.5 लाख इकाइयां बेचने का लक्ष्यनयी दिल्ली, वाहन विनिर्माता कंपनी हुंदै मोटर इंडिया का लक्ष्य 2027 में अपनी क्रेटा और नई बेयोन की कम से कम 2.50 लाख इकाइयां बेचने का है। कंपनी तेजी से बढ़ते मध्यम आकार के एसयूवी खंड में अपना नेतृत्व बनाए रखना चाहती है। वि5 : ब्राजील लीड चुनावट्रंप के मुखर आलोचक लूला ब्राजील में फिर जीते, बोल्सोनारो ने चुनाव नतीजे ‘रद्द’ करने की मांग कीरियो डी जिनेरियो, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा रविवार को फिर राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। खेल2 : खेल भारत मोर्कल लीड किशनईशान किशन न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 से भी बाहरवेलिंगटन, भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने सोमवार को कहा कि चोटिल विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी नहीं खेल पाएंगे। खेल8 : खेल भारत संभावनाटी20 श्रृंखला में अजेय बढ़त हासिल करने उतरेगा भारत, भुवनेश्वर पर होगी निगाहवेलिंगटन, बल्लेबाजों के दम पर पहले दो मैचों में जीत हासिल करने वाली भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ मंगलवार को यहां होने वाले तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपना विजय अभियान जारी रखकर अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगी जिसमें तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह के प्रदर्शन पर निगाह टिकी रहेगी।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:23 pm

पंजाब के मोगा में काली स्कॉर्पियो से आए बेखौफ बदमाशों की ताबड़तोड़ फायरिंग

पंजाब में गैंगवार और दिनदहाड़े होने वाली आपराधिक वारदातों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के मोगा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ बेखौफ बदमाशों ने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक भीषण वारदात को अंजाम दिया। मोगा के व्यस्त इलाके में एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर आए हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने सड़क किनारे खड़े पांच युवकों पर अंधाधुंध और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियों की गूंज से पूरा इलाका थर्रा उठा और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस जानलेवा हमले में दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस खूनी वारदात के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे पंजाब में अलर्ट जारी कर नाकेबंदी कर दी गई है।दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट से कांपा मोगा: चश्मदीदों ने बयां की रोंगटे खड़े करने वाली दास्तानप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पूरी घटना उस समय घटी जब पांचों युवक एक दुकान के बाहर आपस में बातचीत कर रहे थे। तभी अचानक तेज रफ्तार से आती हुई एक बिना नंबर प्लेट की काली रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी उनके पास आकर रुकी। गाड़ी का दरवाजा खुलते ही उसमें से बाहर निकले चार से पांच हथियारबंद हमलावरों ने बिना कोई चेतावनी दिए स्वचालित हथियारों से सीधे युवकों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। हमलावरों ने कुछ ही सेकेंडों में दर्जनों राउंड गोलियां दागीं, जिससे युवकों को संभलने या भागने का कोई मौका तक नहीं मिला। फायरिंग की इस भयानक आवाज को सुनकर आसपास के दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर उसी काली स्कॉर्पियो में सवार होकर हवा में गोलियां लहराते हुए मौके से आसानी से फरार हो गए।दो युवकों ने मौके पर ही तोड़ा दम, तीन की हालत गंभीर: अस्पताल में पुलिस का कड़ा पहराफायरिंग की इस दर्दनाक घटना में दो युवकों को कई गोलियां लगीं, जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, अन्य तीन युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पते रहे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायलों को इलाज के लिए नजदीकी सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीनों घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर मेडिकल सेंटर) रेफर कर दिया गया है। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की खबर फैलते ही पीड़ितों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और अस्पताल परिसर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।गैंगवार या आपसी रंजिश? पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज और पंजाब भर में रेड अलर्टघटना की जानकारी मिलते ही मोगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और कई थानों की पुलिस बल भारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों ने मौके से कारतूस के खाली खोखे और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस शुरुआती जांच में इस वारदात को पुरानी रंजिश या कुख्यात गैंगस्टरों के बीच जारी गैंगवार से जोड़कर देख रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात के आसपास लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि हमलावरों की स्कॉर्पियो गाड़ी के रूट और उनकी पहचान का पता लगाया जा सके। पंजाब की सीमाओं और पड़ोसी जिलों की पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया है और संदिग्ध काली स्कॉर्पियो की तलाश में जगह-जगह सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल, परिजनों और स्थानीय जनता का फूटा गुस्सामोगा में दिनदहाड़े हुई इस जघन्य हत्या के बाद स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि पंजाब में अपराधियों और गैंगस्टरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें पुलिस और कानून का जरा सा भी खौफ नहीं रह गया है। आए दिन हो रही गोलीबारी, रंगदारी और हत्या की घटनाओं ने आम नागरिकों का जीना दूभर कर दिया है। पीड़ित परिवारों और गुस्साए स्थानीय लोगों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस प्रशासन ने जनता को शांत कराते हुए आश्वासन दिया है कि हमलावरों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस की विशेष एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की टीमें आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिए छापेमारी कर रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 2:22 pm

बोलेरो के सीकेट लॉकर में छिपा रखे थे 4 करोड़ रुपये, पुलिस भी रह गई दंग

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक बोलेरो मैक्स कैरिज वैन के गुप्त चेंबर से करीब 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं. वाहन रायपुर के भनपुरी से नागपुर जा रहा था. डबरापारा चौक पर जांच के दौरान पुलिस को गाड़ी के पिछले हिस्से में बदलाव नजर आया. चेंबर खुलवाने पर करोड़ों की नकदी मिली.

आज तक 26 Oct 2026 2:22 pm

'पता नहीं कहां भीख मांगेंगे', दीपिका सिंह से शादी के बाद बदली रोहित राज गोयल के परिवार की जिंदगी

टीवी डायरेक्टर रोहित राज गोयल ने अपनी पत्नी और एक्ट्रेस दीपिका सिंह की जमकर तारीफ की।

खास खबर 26 Oct 2026 2:21 pm

KC Venugopal ने किया ऐलान, Punjab में Rahul Gandhi की Sangrur रैली से शुरू होगा Congress का अभियान

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव (संगठन) और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने घोषणा की कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 4 नवंबर को संगरूर जिले में एक बड़ी रैली के साथ पंजाब में कांग्रेस पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस कार्यालय में एक विस्तृत संगठनात्मक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद वेणुगोपाल ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता सरकार में पूर्ण बदलाव चाहती है। इसे भी पढ़ें: Punjab में किसानों को आधी कीमत पर मिलेंगे गेहूं के बीज, ₹50 करोड़ की सब्सिडी का ऐलान उन्होंने कहा कि हम यहाँ चुनाव की तैयारियों पर सार्थक चर्चा करने और संगठन को मजबूत बनाने आए हैं। हमने उत्तराखंड और गोवा में भी ऐसा ही किया है। आज सुबह से शाम तक, हम वरिष्ठ नेताओं, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्षों और उम्मीदवारों के साथ-साथ पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष, कांग्रेस विधायक दल के नेता, पूर्व अध्यक्षों और कार्यकारी अध्यक्षों से मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने राज्य प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि यहाँ कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और पंजाब ड्रग माफिया का केंद्र बन गया है। वेणुगोपाल ने आगे कहा कि हमें इन सभी बुराइयों को जड़ से खत्म करना है। हमारा लक्ष्य पंजाब को वापस जीतना और उसे इन बुरी ताकतों से बचाना है। कांग्रेस पार्टी को पूरा भरोसा है कि पंजाब में हम ही सरकार बनाएंगे। 4 नवंबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाली रैली एक बड़ा जनसमूह जुटाने वाली रैली हो सकती है। वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी का पंजाब के लोगों के साथ बहुत गहरा जुड़ाव है। पूरे भारत में लोग, खासकर युवा और 'जेन जेड' (Gen Z), उनके विज़न और विचारों से जुड़ रहे हैं। पंजाब के लोग 4 नवंबर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। राज्य में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटनाओं पर वेणुगोपाल ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं और उन्होंने राज्य सरकार पर पुलिस व्यवस्था पर से नियंत्रण खो देने का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar के कार्यकाल की हो जांच, Punjab Assembly में प्रस्ताव पास उन्होंने कहा कि दिन-ब-दिन कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर होती जा रही है। सरकार का कानून-व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं है। लोगों को याद है कि जब-जब कांग्रेस सत्ता में थी, पंजाब में शांति का माहौल था। हम फिर से वही स्थिति लाएंगे। भारतीय जनता पार्टी के देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के बीच, वेणुगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि खड़गे की टिप्पणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा की आलोचना थी।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:19 pm

अमित शाह मानहानि केस में राहुल को कोर्ट ने किया बरी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत ने 2018 के मानहानि मामले में बरी कर दिया है। यह मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है।

आज तक 26 Oct 2026 2:18 pm

बीजेपी के आंतरिक सर्वे ने अटकाया अकाली दल से गठबंधन, जानें क्या है इनसाइड स्टोरी

पंजाब की राजनीतिक सियासत में इन दिनों पर्दे के पीछे बहुत बड़ा भूचाल आया हुआ है। आगामी राजनीतिक उठापटक और चुनावी समीकरणों को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर लंबे समय से सुगबुगाहट चल रही थी। लेकिन अब दिल्ली और चंडीगढ़ के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद सनसनीखेज अंदरूनी खबर सामने आ रही है। बीजेपी द्वारा कराए गए एक गुप्त और बेहद विस्तृत आंतरिक सर्वे (Internal Survey) के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अकाली दल के साथ हाथ मिलाने से फिलहाल हिचकिचाता नजर आ रहा है। इस सर्वे में पंजाब के जटिल मतदाता गणित—विशेषकर हिंदू और सिख वोटबैंक के मिजाज—को लेकर कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बीजेपी के जमीनी फीडबैक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर पार्टी ने जल्दबाजी में कोई पुराना समझौता किया, तो उसे शहरी क्षेत्रों के अपने पारंपरिक हिंदू वोटरों की नाराजगी का भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है, जिसने दोनों दलों के बीच चल रही बातचीत की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लगा दिया है।बीजेपी का इंटरनल सर्वे और पंजाब के शहरी-ग्रामीण इलाकों का बदलता चुनावी समीकरणपिछले कुछ वर्षों में पंजाब की राजनीति में पारंपरिक ध्रुव तेजी से बदलते हुए नजर आए हैं। आम आदमी पार्टी के उभार और कांग्रेस के सियासी उतार-चढ़ाव के बीच बीजेपी ने राज्य के शहरी इलाकों में अपनी पैठ को काफी मजबूत किया है। जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला और बठिंडा जैसे बड़े शहरों में व्यापारी वर्ग, युवा और शहरी हिंदू मतदाता बड़ी संख्या में बीजेपी के साथ जुड़े हैं। पार्टी द्वारा हाल ही में राज्य के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में एक गोपनीय इंटरनल सर्वे करवाया गया था। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह टटोलना था कि क्या अकाली दल के साथ दोबारा पुराना गठबंधन करने से बीजेपी को कोई जमीनी फायदा मिलेगा या नुकसान। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के ग्रामीण इलाकों में सिख मतदाताओं के बीच अकाली दल के पारंपरिक आधार को लेकर संशय की स्थिति है, जबकि शहरी हिंदू मतदाता अभी भी 2020-21 के किसान आंदोलन और अन्य अतीत के मुद्दों को लेकर अकाली नेतृत्व के साथ सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। इस इंटरनल फीडबैक ने बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति के सामने एक बड़ा असमंजस पैदा कर दिया है।हिंदू बनाम सिख वोटर का पेच: क्यों अकाली दल के साथ जाने से डर रही है भगवा पार्टीपंजाब की सियासत में 'पंथ और पंजाबियत' का मुद्दा हमेशा से केंद्र में रहा है। अकाली दल अपनी पहचान को पूरी तरह से पंथक और ग्रामीण सिख चेतना के इर्द-गिर्द केंद्रित रखता है, जबकि बीजेपी का तेजी से बढ़ता जनाधार अब शहरी और अर्ध-शहरी बहुसंख्यक हिंदू आबादी के बीच अपनी जड़ें जमा चुका है। सर्वे में यह बात खुलकर सामने आई है कि यदि बीजेपी अकाली दल के साथ गठबंधन करती है, तो उसे अपनी उन सीटों पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है जहाँ हिंदू वोटर निर्णायक भूमिका में हैं। शहरी मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग अभी भी यह मानता है कि अकाली दल के साथ समझौता करने से पार्टी की स्वतंत्र पहचान और आक्रामक विजन कमजोर पड़ सकता है। दूसरी तरफ, अकाली दल भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और उसे भी अपनी पारंपरिक पंथक सियासत को बचाने के लिए किसी मजबूत बैसाखी की सख्त जरूरत है। यही कारण है कि दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे और वैचारिक तालमेल को लेकर मामला बीच में ही अटक गया है।अकाली दल की अंदरूनी कलह और लीडरशिप का संकट बना बीजेपी के लिए बड़ी दुविधाकेवल वैचारिक मतभेद ही नहीं, बल्कि शिरोमणि अकाली दल के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और नेतृत्व का संकट भी बीजेपी के इस फैसले को प्रभावित कर रहा है। सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व के खिलाफ पार्टी के भीतर से ही कई वरिष्ठ नेता बगावत का झंडा बुलंद कर चुके हैं। अकाली दल अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है और ऐसे कमजोर राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने से बीजेपी को कोई बहुत बड़ा चुनावी लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है। बीजेपी हाईकमान का यह मानना है कि पार्टी को पंजाब में किसी के पिछलग्गू बनने के बजाय अपने दम पर एक नया और मजबूत विकल्प बनकर उभरना चाहिए, जिसमें हर वर्ग—चाहे वह हिंदू हो, सिख हो, दलित हो या व्यापारी हो—का प्रतिनिधित्व साफ दिखाई दे। आंतरिक सर्वे की इन रिपोर्ट्स ने साफ कर दिया है कि जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला पार्टी के वर्षों की मेहनत पर पानी फेर सकता है।पंजाब की राजनीति का भविष्य और बीजेपी की सोची-समझी स्वतंत्र रणनीतिइनसाइड स्टोरी यह इशारा करती है कि फिलहाल बीजेपी ने अकाली दल के साथ गठबंधन के पन्ने को होल्ड पर रख दिया है। पार्टी अब पंजाब में किसी भी तरह के समझौते के बजाय अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने, बूथ स्तर पर पकड़ बनाने और नए चेहरों को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व की नजरें पंजाब के विकास और वहां की कानून-व्यवस्था पर टिकी हुई हैं। पार्टी का यह मानना है कि आने वाले समय में पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और वह किसी पुराने और घिसी-पिटे सियासी समीकरण के बजाय एक साफ-सुथरी, राष्ट्रवादी और प्रगतिशील सोच को चुनना पसंद करेगी। अकाली दल के साथ गठबंधन टूटने या लटकने का यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरहसे नया आकार देने वाला साबित हो सकता है, जिस पर हर राजनीतिक विश्लेषक की पैनी नजर बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 2:18 pm

करवा चौथ की सरगी में क्या खाएं? जानें थाली में शामिल होने वाली चीजें

Karwa Chauth Sargi Thali: करवा चौथ की सरगी में कुछ चीजों को खास महत्व दिया जाता है. मान्यता है कि इन्हें थाली में शामिल करना शुभ होता है. ऐसे में आइए जानते हैं सरगी में क्या-क्या रखना चाहिए और इन चीजों से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं क्या हैं.

आज तक 26 Oct 2026 2:17 pm

Yogi Adityanath ने Akhilesh Yadav पर लगाया घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा, “अखिलेश जी, आपको बांग्लादेशी घुसपैठियों से इतना प्यार क्यों है”। उन्होंने कहा कि भगवान राम और निषादराज की मित्रता चली तो राक्षसराज का अंत हुआ और यह मित्रता जब तक रहेगी, तब तक “सपा और कांग्रेस के राज का स्वाहा होना तय” है। मुख्यमंत्री कानपुर में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों की 411 करोड़ रुपये से अधिक की 48 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के हाल के बयान की ओर संकेत करते हुए कहा, “इस समय देश में दो ‘मियां’ हैं, एक छोटे मियां, एक बड़े मियां।” सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा, “छोटे मियां को घुसपैठियों से बड़ा प्यार है। ये बांग्लादेशी घुसपैठियों को गले लगाते हैं और दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों, युवाओं का अपमान करते हैं।”सपा प्रमुख से सवाल करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मैं पूछना चाहता हूं अखिलेश जी, आपको बांग्‍लादेशी घुसपैठियों से इतना प्‍यार क्‍यों है?”मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, “बांग्लादेशी-पाकिस्तानी घुसपैठिए यहां गरीबों का हक छीनने का काम करते हैं। आप और आपकी पार्टी ने एसआईआर (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) में जबरन उनका नाम डलवाकर यहां के गरीबों का हक लूटने का कार्य किया है और लगातार इस प्रकार की शरारत कर रहे हैं।”उन्होंने कहा, “जब घुसपैठिया आता है तो यही लोग उसका राशन (कार्ड) बनवाते हैं और गरीब का राशन उस तक पहुंचाते हैं। 2017 से पहले इसलिए गरीब, किसान आत्महत्या करता था।”योगी ने तंज कसते हुए कहा, “अखिलेश जी, आपको एक बार सत्ता विरासत से मिल गई थी, लेकिन काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। आपके कारनामों को देखकर जनता आपको विदा कर चुकी है।”उन्होंने बिठूर की विरासत को नमन करते हुए कहा कि भगवान राम जब अयोध्या से निकले तो सबसे पहले मित्रता के लिए निषादराज आए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्री राम के साथ ही महर्षि वाल्मीकि, तुलसीदास, निषादराज के मंदिरों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर में 56 फुट ऊंची भगवान राम और निषादराज की गले मिलती प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने कहा, “लोगों ने कहा कि इसकी आवश्यकता आज क्या है, हमने कहा कि यह भगवान राम और निषादराज की मित्रता का प्रतीक है। उस समय यह मित्रता चली तो राक्षसराज का अंत हुआ और यह मित्रता जब तक रहेगी तो सपा और कांग्रेस के राज का स्‍वाहा होना तय है।”

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:13 pm

'बाहुबलियों को यूज एंड थ्रो करती है बीजेपी', पप्पू यादव ने गिनाए ये चार नाम

जेडीयू से छह साल के निष्कासन के बाद पप्पू यादव ने अनंत सिंह के समर्थन में पार्टी पर हमला बोला. उन्होंने सरकार को नाजायज बताते हुए कहा कि अनुशासन सब पर लागू होना चाहिए और अनंत सिंह की बातें लगातार सही साबित हो रही हैं.

आज तक 26 Oct 2026 2:11 pm

'हमारी पेट्रोलिंग...', अरुणाचल बॉर्डर पर तनाव को लेकर चीन की पहली प्रतिक्रिया

अरुणाचल प्रदेश में LAC पर तनाव के बीच चीन की पहली प्रतिक्रिया आई है. चीन ने कहा है कि वो तय समझौते के मुताबिक ही बॉर्डर पर पेट्रोलिंग करता है, जबकि भारत ने ITBP चीफ शत्रुजीत सिंह कपूर के खुलासे के बाद कहा था कि चीन की ओर से गश्त के तौर तरीकों से भटकने के कारण ही सीमा पर स्थिति बिगड़ती है.

आज तक 26 Oct 2026 2:11 pm

निजी जिंदगी में तूफान, मैदान पर मुकाबला... AUS क्रिकेटर ने बयां किया दर्द

एश्ले गार्डनर का मोनिका राइट संग रिश्ता खत्म हो गया था. निजी जिंदगी में उथल-पुथल के बीच गार्डनर ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया है. गार्डनर अपने खेल और टीम की जिम्मेदारियों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर रही हैं.

आज तक 26 Oct 2026 2:11 pm

साउथ एक्सेंट पर तंज कसने वालों को जावेद अख्तर का करारा जवाब

बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रश्मिका मंदाना इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी हिंदी बोली और साउथ इंडियन एक्सेंट को लेकर इंटरनेट पर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने रश्मिका के हिंदी बोलने के अंदाज और उनके खास एक्सेंट का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया, जिसके बाद यह बहस काफी बढ़ गई। जब यह विवाद सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने लगा, तब भारतीय सिनेमा के मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर खुलकर रश्मिका मंदाना के समर्थन में आ गए। जावेद अख्तर ने ट्रोल्स को मुंहतोड़ जवाब देते हुए भाषा की विविधता और क्षेत्रीय बोलियों का सम्मान करने की वकालत की। हालांकि, रश्मिका का बचाव करना जावेद अख्तर को भारी पड़ गया और इंटरनेट पर मौजूद ट्रोल्स ने उल्टे उन्हें ही निशाने पर ले लिया। इसके बाद से यह पूरा मामला बॉलीवुड बनाम सोशल मीडिया की एक नई और तीखी जंग में तब्दील हो चुका है।रश्मिका मंदाना के साउथ एक्सेंट पर उठा विवाद और जावेद अख्तर का करारा पलटवारपूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर रश्मिका मंदाना के एक हालिया इंटरव्यू का वीडियो क्लिप तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में रश्मिका द्वारा बोली गई हिंदी पर कुछ यूजर्स ने भद्दे कमेंट्स किए और उनके साउथ इंडियन एक्सेंट का मजाक उड़ाया। ट्रोल्स का कहना था कि बॉलीवुड में काम करने के बावजूद रश्मिका अपनी हिंदी उच्चारण में सुधार नहीं कर रही हैं। इस तरह की भाषा-आधारित ट्रोलिंग को देखकर देश के दिग्गज गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर चुप नहीं रह सके। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रोल्स को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भारत एक बहुभाषी देश है जहाँ हर क्षेत्र की अपनी एक मिठास और लहजा होता है। जावेद अख्तर ने जोर देकर कहा कि किसी कलाकार की अभिनय क्षमता को उसके एक्सेंट या बोली से नहीं आंका जाना चाहिए, और किसी भी क्षेत्रीय पहचान पर तंज कसना बेहद संकीर्ण मानसिकता का परिचय देता है।ट्रोल्स के निशाने पर आए जावेद अख्तर, सोशल मीडिया पर छिड़ गई भाषा की जंगजैसे ही जावेद अख्तर ने रश्मिका मंदाना के पक्ष में बयान जारी किया, वैसे ही ट्रोल्स की पूरी फौज ने अपना रुख बदलकर सीधे जावेद अख्तर को ही घेरना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स ने जावेद अख्तर के पुराने बयानों को खंगालना शुरू कर दिया और उन पर दोहरे रवैये का आरोप लगा दिया। कई यूजर्स ने लिखा कि जब अन्य कलाकारों या मुद्दों पर बात आती है, तब जावेद अख्तर का स्टैंड अलग होता है, लेकिन यहाँ वे अचानक भाषा प्रेम का पाठ पढ़ाने लगे हैं। कुछ लोगों ने यह भी तर्क दिया कि अगर कोई अभिनेता हिंदी भाषी सिनेमा में मुख्य भूमिका निभा रहा है, तो दर्शकों को उसके उच्चारण पर टिप्पणी करने का पूरा अधिकार है। देखते ही देखते यह बहस केवल रश्मिका और जावेद अख्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें बॉलीवुड की पूरी भाषा शैली और क्षेत्रीय अस्मिता के सवाल जुड़ते चले गए।साउथ बनाम नॉर्थ सिनेमा की बहस और कलाकारों की क्षेत्रीय पहचान का मुद्दापिछले कुछ वर्षों में पैन-इंडिया (Pan-India) फिल्मों के उभार के बाद से ही उत्तर भारत और दक्षिण भारत के सिनेमा तथा कलाकारों के बीच एक अदृश्य प्रतिस्पर्धा और बहस देखने को मिल रही है। रश्मिका मंदाना, जिन्होंने 'पुष्पा' और 'एनिमल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से पूरे देश के दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई है, हमेशा से अपनी मासूमियत और सहज अंदाज़ के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, जब भी साउथ के कलाकार हिंदी फिल्मों में काम करते हैं, तो अक्सर उनके उच्चारण को लेकर एक वर्ग उन्हें निशाना बनाने की कोशिश करता है। जावेद अख्तर जैसे वरिष्ठ न्यायविदों और विचारकों का मानना है कि भारतीय सिनेमा अब एक वैश्विक पहचान बना रहा है, जहाँ विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। अगर हम अलग-अलग राज्यों के कलाकारों का स्वागत करते हैं, तो हमें उनकी स्वाभाविक भाषा शैली और एक्सेंट को भी सहर्ष स्वीकार करना चाहिए।इंटरनेट संस्कृति, सेलिब्रिटी ट्रोलिंग और अभिव्यक्ति की आजादी पर उठते बड़े सवालइस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि आज के डिजिटल युग में सेलिब्रिटी ट्रोलिंग कितनी तेजी से उग्र रूप ले सकती है। किसी भी मुद्दे पर अपनी स्वतंत्र राय व्यक्त करना या किसी साथी कलाकार के समर्थन में खड़े होना अब सितारों के लिए खुद मुसीबत का कारण बनता जा रहा है। जावेद अख्तर द्वारा रश्मिका मंदाना का बचाव करना एक वरिष्ठ कलाकार का अपनी जूनियर के प्रति स्नेह और भाषाई सहिष्णुता का संदेश था, लेकिन ट्रोल्स ने इसे एक राजनीतिक और वैचारिक मुद्दे में तब्दील कर दिया। इसके बावजूद, फिल्म इंडस्ट्री के कई अन्य दिग्गजों और समझदार दर्शकों ने जावेद अख्तर के रुख की सराहना की है और यह स्पष्ट किया है कि कला किसी एक बोली या भाषा की मोहताज नहीं होती। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह विवाद किस मोड़ पर जाकर थमता है, लेकिन इसने सिनेमा और भाषा के रिश्ते पर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 2:07 pm

अमिताभ बच्चन के 'जलसा' पर बम से उड़ाने की धमकी: बढ़ाई गई सुरक्षा

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के मुंबई स्थित बंगले 'जलसा' पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक अज्ञात सिरफिरे ने बंगले को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी दी। इस सनसनीखेज धमकी के मिलते ही मुंबई पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और बिना कोई जोखिम उठाए 'जलसा' की सुरक्षा व्यवस्था को अचानक कई गुना कड़ा कर दिया गया। सुरक्षा के इस भारी पहरे के बीच हर रविवार की तरह होने वाले बहुचर्चित 'संडे दर्शन' के दौरान भी तनावपूर्ण माहौल साफ देखने को मिला। जलसा के मुख्य द्वार पर जहां मुंबई पुलिस के जवान मुस्तैद खड़े नजर आए, वहीं अमिताभ बच्चन जब अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार करने बाहर आए, तो उनके ठीक पीछे उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी पूरी सतर्कता के साथ खड़े दिखाई दिए। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल बच्चन परिवार के प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि पूरे जुहू इलाके को एक सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया है।बम से उड़ाने की कॉल से मचा मुंबई में हड़कंप और जलसा की सुरक्षा का कड़ा घेरामुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम को मिले एक अज्ञात कॉल में बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन के आवास 'जलसा' को निशाना बनाने की बात कही गई थी। धमकी भरा फोन आते ही बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वायड और जुहू थाने की पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और पूरे परिसर की सघन जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच और पूरे बंगले के चप्पे-चप्पे की तलाशी के बाद हालांकि कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से जलसा के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर सेल और क्राइम ब्रांच को भी जांच में लगा दिया है ताकि उस अज्ञात कॉलर की लोकेशन और पहचान का पता लगाकर उसे जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके। महानायक के आवास की सुरक्षा में हुई इस अचानक बढ़ोतरी से जुहू में रहने वाले अन्य सितारों और स्थानीय निवासियों में भी चिंता की लहर दौड़ गई।संडे दर्शन में प्रशंसकों का हुजूम और पिता अमिताभ के पीछे साये की तरह खड़े रहे अभिषेकहर रविवार को मुंबई के जुहू स्थित 'जलसा' के बाहर अमिताभ बच्चन की एक झलक पाने के लिए देश-विदेश से हजारों प्रशंसकों की भारी भीड़ जुटती है। बम की धमकी और कड़ी सुरक्षा बंदिशों के बावजूद महानायक ने अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया और वे तय समय पर जलसा के चबूतरे पर आकर खड़े हुए। हालांकि, इस बार संडे दर्शन का नजारा पहले से काफी अलग था। चबूतरे के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती थी और सुरक्षा घेरा बेहद सख्त कर दिया गया था। जब अमिताभ बच्चन अपने ट्रेडमार्क अंदाज में हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे, ठीक उसी समय उनके पीछे उनके बेटे और अभिनेता अभिषेक बच्चन बेहद सतर्क मुद्रा में साये की तरह खड़े दिखाई दिए। पिता की सुरक्षा को लेकर अभिषेक की आंखों में बनी चिंता और उनकी मौजूदगी ने वहां मौजूद हर प्रशंसक का ध्यान खींच लिया।मुंबई पुलिस की त्वरित कार्रवाई और साइबर क्राइम ब्रांच की ओर से कॉलर की तलाश तेजइस हाई-प्रोफाइल धमकी मामले में मुंबई पुलिस की त्वरित और सख्त कार्रवाई देखने को मिल रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सेलिब्रिटीज और आम जनता की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी कॉल को हल्के में नहीं लिया जा सकता। कॉल ट्रेसिंग तकनीक और टेलीकॉम ऑपरेटर्स की मदद से उस फोन नंबर और लोकेशन को खंगाला जा रहा है जहां से यह धमकी दी गई थी। शुरुआती अंदेशों के मुताबिक, यह किसी मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति या प्रैंक कॉल करने वाले की हरकत भी हो सकती है, लेकिन पुलिस हर कोण से इस मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कर रही है। जुहू पुलिस ने जलसा के आसपास गश्त बढ़ा दी है और आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को पूरी तरह से रोका जा सके।प्रशंसकों की दुआएं और महानायक के प्रति देश भर में चिंता और समर्थन का माहौलअमिताभ बच्चन के जलसा पर सुरक्षा बढ़ाए जाने और बम की धमकी की खबर जैसे ही मीडिया में फैली, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके करोड़ों प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। दुनिया भर में फैले महानायक के चाहने वाले उनकी और उनके पूरे परिवार की सुरक्षा तथा लंबी उम्र के लिए दुआएं मांग रहे हैं। बॉलीवुड जगत के कई कलाकारों और हस्तियों ने भी इस कायराना हरकत की निंदा करते हुए प्रशासन से आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। 80 के दशक से लेकर आज तक भारतीय सिनेमा पर राज करने वाले अमिताभ बच्चन ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान भी अत्यंत संयम और धैर्य का परिचय दिया है। संडे दर्शन के दौरान उनके चेहरे की मुस्कान और प्रशंसकों का अभिवादन यह साबित करता है कि जनता का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और सुरक्षा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 2:04 pm

पहले डर लगा कि क्या हम इस लायक हैं, सीता-राम की भूमिका पर साई पल्लवी और रणबीर कपूर की प्रतिक्रिया

अभिनेता रणबीर कपूर और साई पल्लवी इन दिनों फिल्म 'रामायण' को लेकर चर्चा में हैं। रणबीर फिल्म में जहां भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं,

खास खबर 26 Oct 2026 2:04 pm

Manoj Jarange को 500 करोड़ देने के दावों की ED जांच हो, Sanjay Raut ने Amit Shah को लिखा पत्र

शिवसेना (उबाठा) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को ‘‘500 करोड़ रुपये’’ के भुगतान के आरोपों की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की। राउत ने पत्र में कहा कि जरांगे द्वारा एक ऑडियो क्लिप के रूप में किए गए खुलासे कई मायनों में बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, सबसे चौंकाने वाला और गंभीर पहलू 500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि से जुड़ा है। पिछले सप्ताह जरांगे ने एक ऑडियो क्लिप जारी की थी, जिसमें कथित तौर पर हुई बातचीत में दावा किया गया था कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से उन्हें 500 करोड़ रुपये पहुंचाये गए हैं। जरांगे ने कोई भी पैसा लेने से इनकार करते हुए दावा किया कि किसानों और आम नागरिकों के मुद्दे उठाने के कारण उनके खिलाफ साजिश रची गई है। एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे ने भी उनके माध्यम से जरांगे को पैसे दिए जाने के आरोपों को खारिज किया है। राउत ने कहा, “इसकी (आरोपों) गहन जांच होनी चाहिए कि 500 करोड़ रुपये किसने किसको दिए और यदि यह पैसा जरांगे पाटिल तक नहीं पहुंचा, तो गायब कहां हो गया? इतनी बड़ी रकम कहां से आई और कहां गई?”उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह धन शोधन का मामला प्रतीत होता है और इसकी उसी रूप में जांच की जानी चाहिए। शाह को लिखे पत्र में राउत ने कहा, “इन सवालों के जवाब तत्काल दिए जाने की जरूरत है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस मामले की गहन जांच के लिए महाराष्ट्र पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जल्द से जल्द जांच करने तथा महाराष्ट्र और देश की जनता के सामने सच्चाई लाने का निर्देश दें। साथ ही, इस घोटाले में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाए।”केंद्रीय गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा कि शाह के नेतृत्व में ईडी भारत में धन शोधन के मामलों की जांच में अग्रणी रही है। उन्होंने दावा किया कि ईडी ने इससे कहीं कम राशि से जुड़े मामलों की जांच करके भी अपनी पहचान बनाई है। राउत ने कहा कि मार्च 2021 में मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख ने उनसे हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलकर उन्हें देने को कहा था। राउत ने कहा कि परमबीर सिंह ने यह आरोप बिना किसी सबूत के लगाया था, इसके बावजूद ईडी ने तेजी से कार्रवाई की और देशमुख को गिरफ्तार भी किया। उन्होंने कहा, “इस मामले की तुलना में मनोज जरांगे पाटिल के खुलासे कहीं अधिक गंभीर हैं, क्योंकि उन्होंने ऑडियो क्लिप के रूप में स्पष्ट और अकाट्य सबूत दिए हैं और इसमें शामिल राशि भी काफी बड़ी है।”भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया था कि राउत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एजेंडे को आगे बढ़ाने और सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों के बीच दरार पैदा करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से फर्जी ऑडियो क्लिप तैयार की। इसके बाद राउत ने दावा किया कि भाजपा के एक विधान परिषद सदस्य ने यह ऑडियो क्लिप लीक की थी। उन्होंने इसे भाजपा के भीतर ‘गलाकाट प्रतिस्पर्धा’ का नतीजा बताया। जरांगे ने कोई भी राशि मिलने से इनकार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इस विवाद की तह तक जाना चाहिए। जरांगे ने अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें और मराठा आरक्षण आंदोलन को बदनाम करने के प्रयासों में ‘पार्टी के कोष’ का इस्तेमाल किया गया।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:03 pm

शरद पूर्णिमा का चांद टेलिस्कोप लेंस से कैसा दिखता है? वीडियो में देखिए

Sharad Purnima Moon Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स टेलीस्कोप लेंस के जरिए शरद पूर्णिमा का चांद दिखा रहे हैं.

आज तक 26 Oct 2026 2:02 pm

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला की जीत पर PM मोदी ने दी बधाई

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने चुनाव में दोबारा जीत दर्ज की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए भारत और ब्राजील की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की इच्छा जताई. चुनाव के दूसरे दौर में लूला को 51.79 प्रतिशत वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत मत हासिल हुए. लूला का नया कार्यकाल जनवरी 2027 में शुरू होगा. शशि थरूर ने भी उनकी जीत का स्वागत किया.

आज तक 26 Oct 2026 2:02 pm

ब्राजील चुनाव में ट्रंप की भी हार! 50% टैरिफ भी नहीं रोक पाया लूला की जीत

लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने रन-ऑफ में फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराकर ब्राजील की सत्ता फिर हासिल की. अमेरिकी दबाव और 50 फीसदी टैरिफ के बीच उनकी जीत ने स्वतंत्र आर्थिक फैसलों और भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने के एजेंडे को केंद्र में रखा.

आज तक 26 Oct 2026 2:00 pm

रजनीकांत ने 11वें दिन रचा इतिहास, कॉलीवुड की पहली ₹700 करोड़ी फिल्‍म

बॉक्स ऑफिस पर भारतीय सिनेमा के थलाइवा यानी सुपरस्‍टार रजनीकांत का जादू एक बार फिर सर चढ़कर बोल रहा है। उनकी बहुप्रतीक्षित और धमाकेदार एक्‍शन थ्रिलर 'जेलर 2' (Jailer 2) ने सिनेमाघरों में अपनी रिलीज के 11वें दिन एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसे तोड़ पाना किसी भी दूसरी फिल्‍म के लिए आसान नहीं होगा। रजनीकांत ने अपनी करिश्माई अदाकारी और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के बल पर वर्ल्‍डवाइड बॉक्‍स ऑफिस पर कमाई का नया इतिहास रच दिया है। 'जेलर 2' तमिल सिनेमा यानी कॉलीवुड की इतिहास की सबसे पहली ऐसी फिल्‍म बन गई है जिसने दुनियाभर में 700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। वहीं दूसरी ओर, इस प्रचंड तूफान के सामने विक्‍की कौशल की बहुचर्चित फिल्‍म 'छावा' के पसीने छूट गए हैं और उसके कलेक्‍शन की रफ्तार पूरी तरह से थम गई है। थलाइवा के इस महा-अवतार ने देश ही नहीं बल्कि विदेश के बाजारों में भी तहलका मचाकर रख दिया है।11वें दिन वर्ल्‍डवाइड बॉक्‍स ऑफिस पर थलाइवा का गदर और 700 करोड़ का रिकॉर्डसुपरस्टार रजनीकांत और निर्देशक नेल्‍सन दिलीप कुमार की जोड़ी ने एक बार फिर सिनेमाघरों में ऐसा विस्फोट किया है जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। रिलीज के दूसरे वीकेंड यानी 11वें दिन फिल्‍म ने भारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी अपनी धाक जमाए रखी। दूसरे रविवार को आए शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, फिल्‍म ने वर्ल्‍डवाइड कलेक्‍शन में ₹700 करोड़ का जादुई और ऐतिहासिक आंकड़ा सफलतापूर्वक पार कर लिया। इसके साथ ही 'जेलर 2' कॉलीवुड की अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली नंबर-1 ब्लॉकबस्टर फिल्म बन चुकी है। चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद से लेकर अमेरिका, मलेशिया और खाड़ी देशों के थिएटर्स में आज भी 'हाउसफुल' के बोर्ड लटके हुए हैं। 74 वर्ष की उम्र में भी रजनीकांत का यह स्टारडम यह साबित करता है कि भारतीय सिनेमा में उनके जैसा कोई दूसरा दूसरा रिकॉर्ड-ब्रेकर नहीं है।'छावा' के छूटे छक्‍के, रजनीकांत की आंधी में उड़ी विक्की कौशल की फिल्मरजनीकांत की 'जेलर 2' की इस सूनामी का सीधा असर बॉलीवुड की बड़ी रिलीज 'छावा' पर पड़ा है। विकी कौशल स्टारर पीरियड ड्रामा 'छावा' को लेकर भी दर्शकों के बीच काफी बज देखा जा रहा था, लेकिन 'जेलर 2' की आंधी के आगे इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगता दिख रहा है। जहां वीकेंड पर 'छावा' अपनी मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रही थी, वहीं थलाइवा के एक्शन और डायलॉग्स के सामने दर्शक पूरी तरह से 'जेलर 2' की तरफ खिंचे चले आए हैं। उत्तर भारत के कई मल्टीप्लेक्स में भी रजनीकांत के शो बढ़ा दिए गए हैं, जिसकी वजह से 'छावा' के कलेक्शन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। समीक्षकों का मानना है कि रजनीकांत का यह महा-कलेक्शन बाकी सभी फिल्मों के बिजनेस को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है।थलाइवा का वो करिश्मा और 'नेल्सन टच' जिसने रचा बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहासआखिर 'जेलर 2' में ऐसा क्या है जो दर्शक बार-बार सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं? इसका जवाब है—फिल्म का अनमैचेबल स्वैग, नेल्सन दिलीप कुमार का शानदार डायरेक्शन और अनिरुद्ध रविचंदर का ब्लॉकबस्टर बैकग्राउंड म्यूजिक। 'जेलर 2' में रजनीकांत का 'टाइगर हुकुम' वाला अवतार पहले पार्ट से भी ज्यादा आक्रामक, स्टाइलिश और एंटरटेनिंग नजर आ रहा है। इसके साथ ही फिल्म में आए चौंकाने वाले कैमियो और हाई-वोल्टेज फाइट सीक्वेंस ने दर्शकों को कुर्सियों से बांधकर रखा है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि फिल्म को मिल रहे सकारात्मक वर्ड-ऑफ-माउथ (Word of Mouth) की वजह से यह फिल्म केवल दक्षिण भारत में ही नहीं, बल्कि हिंदी बेल्ट और ओवरसीज में भी नए रिकॉर्ड बना रही है।आगे कहाँ तक जाएगा 'जेलर 2' का तूफानी सफर और आने वाले दिनों के आसार11वें दिन ही ₹700 करोड़ का आंकड़ा पार करने के बाद अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 'जेलर 2' का यह तूफानी सफर आखिरकार कहाँ जाकर थमेगा। फिल्म जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, उसे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह बहुत जल्द ₹800 करोड़ और उससे आगे के क्लब में एंट्री मार सकती है। अगले कुछ हफ्तों तक सिनेमाघरों में कोई दूसरी बहुत बड़ी फिल्म रिलीज नहीं हो रही है, जिसका सीधा फायदा 'जेलर 2' को अपनी कमाई बढ़ाने में मिलेगा। थलाइवा रजनीकांत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब वे बड़े पर्दे पर आते हैं, तो पुराने सारे रिकॉर्ड केवल टूटने के लिए ही बनते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:59 pm

जज साहब का मर्सिडीज वाला बेटा छूटा, पर छोटी दुकान वाला मर गया; फटाफट जमानत

केरल हाई कोर्ट ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाया है। खबरें हैं कि इस मामले में आरोपी बताए जा रहे नाबालिग ड्राइवर के जज पिता पर केस चलाने की अनुमति दी गई है। वहीं, जेजेबी ने आरोपी को जमानत देे दी है। फिलहाल, जांच चल रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Oct 2026 1:57 pm

3 लाख वाले iPhone Duo की स्क्रीन टूटने लगी! बनने में लगेंगे 1.5 लाख

ऐपल के पहले फोल्डेबल iPhone की मेन स्क्रीन टूटने को लेकर कई यूजर्स सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं. हालांकि स्क्रीन क्यों टूट रही है इसकी वजह से सामने नहीं आई है और ना ही हमने इन दावों को इंडिपेंडेंटली वेरिफाई किया है. ये रिपोर्ट सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे पोस्ट के आधार पर है.

आज तक 26 Oct 2026 1:54 pm

'हम माफी नहीं मांगेंगे', जामिया में छात्रों की भूख हड़ताल जारी

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में स्टूडेंट्स यूनियन के गठन को लेकर आंदोलन तेज हो गया है. भूख हड़ताल पर बैठे दो छात्रों ने रजिस्ट्रार के आदेश में संशोधन की मांग करते हुए कुलपति (VC) को पत्र लिखा है. छात्रों ने 20 दिसंबर तक यूनियन का संविधान मंजूर करने, 15 दिनों में चुनाव कराने और सभी निलंबन रद्द करने की सख्त मांगें रखी हैं.

आज तक 26 Oct 2026 1:51 pm

Chhath Puja से पहले शुरू होगी Yamuna River Cruise, 500 रुपये टिकट और 40 मिनट का सफर

दिल्ली सरकार राजधानी में रहने वालों और पर्यटकों के लिए शहर को देखने का एक नया तरीका शुरू करने जा रही है। इसके तहत, 'नमो यमुना - रिवर सफारी' नाम से यमुना नदी में पहली बार क्रूज़ सेवा का ट्रायल रन शुरू किया गया है। इस सेवा का उद्देश्य लोगों को शहर के नज़ारों और विरासत को एक अलग नज़रिए से दिखाना है, साथ ही यमुना के किनारे मनोरंजन का एक नया अनुभव प्रदान करना है। आज इसका ट्रायल रन किया गया। दिल्ली सरकार ने सोमवार, 26 अक्टूबर को इस रिवर सफारी का ट्रायल रन शुरू किया। यह सेवा सोनिया विहार और जगतपुर के बीच 5 किलोमीटर के दायरे में चलेगी और हर ट्रिप लगभग 40 मिनट की होगी। इसका किराया 500 रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है और एक क्रूज़ में अधिकतम 30 यात्री सवार हो सकेंगे। सेवा के औपचारिक उद्घाटन से पहले, 4 से 5 दिनों तक ट्रायल रन चलेंगे। यह पहल राष्ट्रीय राजधानी में नदी-आधारित पर्यटन को विकसित करने और जल परिवहन को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है। इसे भी पढ़ें: North East Delhi में भरभराकर गिरी इमारत, मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौत औपचारिक शुरुआत से पहले ट्रायल रन ये ट्रायल रन अधिकारियों को सेवा का आकलन करने और उद्घाटन से पहले सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करने में मदद करेंगे। योजना के अनुसार, आधिकारिक लॉन्च से पहले 4 से 5 दिनों तक क्रूज़ का ट्रायल किया जाएगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि ट्रायल रन शुरू हो गया है और उन्होंने सोनिया विहार से जगतपुर तक के रूट का निरीक्षण किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को साफ-सफाई, सुरक्षा और यात्रियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य छठ महापर्व से पहले इस सेवा को आम जनता के लिए शुरू करना है, जिससे लोग अपने परिवारों के साथ यमुना जा सकें और त्योहार के दौरान रिवर क्रूज़ का आनंद ले सकें। यमुना रिवर सफारी: रूट, टिकट की कीमत, समय-सीमा और आधिकारिक लॉन्च की तारीख यह प्रस्तावित सेवा यमुना के किनारे सोनिया विहार और जगतपुर को जोड़ेगी, जिससे यात्री पानी के रास्ते नदी का अनुभव ले सकेंगे। इसे भी पढ़ें: North East Delhi में भरभराकर गिरी इमारत, मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौत इस सेवा से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है: नाम: नमो यमुना - रिवर सफारी रूट: सोनिया विहार से जगतपुर दूरी: लगभग 5 किमी सफर का समय: लगभग 40 मिनट टिकट की कीमत: 500 रुपये प्रति व्यक्ति यात्री क्षमता: एक क्रूज़ में अधिकतम 30 यात्री ट्रायल अवधि: औपचारिक उद्घाटन से चार से पांच दिन पहले इस सेवा का उद्देश्य दिल्ली के निवासियों और पर्यटकों को मनोरंजन का एक नया विकल्प देना है। क्रूज़ से नदी और उसके आसपास के नज़ारों का आनंद लिया जा सकेगा। ट्रायल रन पूरे होने के बाद इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। सरकार की योजना छठ महापर्व से पहले इस सेवा को शुरू करने की है। यमुना में इको-फ्रेंडली क्रूज़ सेवा की योजना यह परियोजना दिल्ली में इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट (आंतरिक जल परिवहन) और नदी-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, सोनिया विहार और जगतपुर के बीच 6 से 7 किलोमीटर के राउंड-ट्रिप कॉरिडोर में सुविधाएं विकसित कर रहा है।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 1:51 pm

शरद, आरसीपी, कुशवाहा... नीतीश से बागी नेता हुए फेल, क्या अनंत सिंह बदलेंगे पैटर्न

जेडीयू से निष्कासित हुए मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के सामने अब नई पार्टी बनाने या दूसरे दलों से गठबंधन कर अपनी सियासत बचाने की चुनौती है, जिससे यह देखना दिलचस्प होगा कि वे बगावत के बाद हाशिए पर गए अन्य क्षत्रपों का इतिहास दोहराते हैं या मोकामा में अपने निजी रसूख के दम पर इस सियासी पैटर्न को तोड़ते हैं.

आज तक 26 Oct 2026 1:50 pm

UP Election: कांग्रेस ने '200 सीटों' वाले पोस्टरों से किया किनारा, कहा- सपा के साथ गठबंधन पूरी तरह मजबूत

कांग्रेस और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता बार-बार यह कह रहे हैं कि वे उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए एकजुट हैं, लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर उनके बीच मतभेद बढ़ते हुए नज़र आ रहे हैं। सूत्रों के हवाले से पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कांग्रेस ने 200 सीटों की मांग की है, लेकिन समाजवादी पार्टी उसे 60 से 70 विधानसभा सीटें देने की पेशकश कर सकती है। सीटों की संख्या में इस अंतर के कारण 'इंडिया' गठबंधन के इन दोनों सहयोगियों के बीच तनाव पैदा हो गया है। इस बीच, रविवार को लखनऊ में '200 सीट हक है हमारा' लिखे हुए पोस्टर दिखाई दिए, जो सीट-बंटवारे के फॉर्मूले को लेकर बढ़ते तनाव को दर्शाते हैं। हालांकि, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इन पोस्टरों को अपनी पार्टी द्वारा लगाए जाने से इनकार किया है और इसके लिए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराया है। इसे भी पढ़ें: Sri Lanka में भिक्षु Gnanasara के क्षमादान की मांग पर आंदोलन वरिष्ठ धर्मगुरुओं की अपील के बाद रुका सोमवार को समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए, सहारनपुर से लोकसभा सांसद ने कहा कि बीजेपी डरी हुई है, इसलिए वह 'इंडिया' गठबंधन के सहयोगियों के बीच फूट डालने के लिए ऐसी हथकंडे अपना रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस-सपा गठबंधन एकजुट है और जल्द ही सीट-बंटवारे का समझौता तय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वे इस गठबंधन से इतने डर गए हैं कि ऐसी ओछी हरकतें कर रहे हैं। हमारा गठबंधन मजबूत है और हम पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे। जहां तक ​​सीट-बंटवारे की बात है, तो सब कुछ सुलझ जाएगा; यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। जैसा कि मैंने कहा, जब दिल में जगह हो, तो सब कुछ ठीक हो जाता है। गठबंधन मजबूत है और हम पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे। इसे भी पढ़ें: महान मुख्यमंत्री ने 600 करोड़ रुपये...कुमारस्वामी ने CM डीके शिवकुमार पर गंभीर आरोप लगाए कांग्रेस की मांग और SP का प्रस्ताव कांग्रेस ने 200 सीटों की मांग की है। इसके पीछे उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में अपने प्रदर्शन का हवाला दिया है, जब पार्टी ने उत्तर प्रदेश में छह सीटों पर जीत हासिल की थी। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने चार श्रेणियों के आधार पर इन सीटों की पहचान की है। पार्टी का मुख्य ध्यान उन सीटों पर है, जहां विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर उसका प्रदर्शन बेहतर रहा था। कांग्रेस को उम्मीद है कि 15 नवंबर तक सीट-बंटवारे का फॉर्मूला तय हो जाएगा, जिससे सभी उम्मीदवारों को विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। हालांकि, समाजवादी पार्टी कांग्रेस को केवल 60 से 70 सीटें देने पर विचार कर रही है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है। वहीं, पिछले चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी खराब रहा था। 2017 के चुनावों में, पार्टी ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से वह केवल सात सीटें ही जीत पाई। 2022 के चुनावों में, कांग्रेस ने 399 सीटों पर किस्मत आजमाई, लेकिन उसे केवल दो सीटों पर ही जीत मिली। इसे देखते हुए, समाजवादी पार्टी सीटों का बड़ा हिस्सा अपने पास रखना चाहती है और हो सकता है कि वह कांग्रेस को बहुत कम सीटें देने का प्रस्ताव दे।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 1:47 pm

AI से डरा इंजीनियर, 10 साल का अनुभव, फिर भी नौकरी चिंता, अब खेती पर विचार

कहीं AI की वजह से लोगों की नौकरी जा रही है, तो कहीं उन्हें अच्छे मौके भी मिल रहे हैं लेकिन सोशल मीडिया पर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पोस्ट ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. पोस्ट में उसने बताया कि उसे डर लग रहा है जिसकी वजह है एआई.

आज तक 26 Oct 2026 1:46 pm

कौशांबी: डंपर के पहिये में फंसा छात्र का सिर, 50 मीटर तक घसीटा!

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार सुबह तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला. ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहे 15 वर्षीय कृष्णा की डंपर से कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई. हादसे के बाद उग्र भीड़ ने सड़क जाम की, जिसके बाद पुलिस व प्रशासन ने परिजनों को समझाकर स्थिति को संभाला.

आज तक 26 Oct 2026 1:44 pm

महान मुख्यमंत्री ने 600 करोड़ रुपये...कुमारस्वामी ने CM डीके शिवकुमार पर गंभीर आरोप लगाए

कर्नाटक का राजनीतिक माहौल तब गरमा गया, जब केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए 600 करोड़ रुपये की कथित 'सुपारी' (कॉन्ट्रैक्ट किलिंग) देने का आरोप लगाया। इन आरोपों ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर चल रहे विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है। कुमारस्वामी ने रविवार को आरोप लगाया कि देवेगौड़ा परिवार को निशाना बनाने वाली कई साजिशों के पीछे शिवकुमार का हाथ है। उन्होंने 600 करोड़ रुपये की कथित डील को इसी तरह की एक साजिश बताया, जिससे JDS नेता और कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। कुमारस्वामी ने पत्रकारों से कहा मौजूदा मुख्यमंत्री ने ही हमारे परिवार को खत्म करने का आदेश दिया था। इस CM ने हमारे परिवार को खत्म करने के लिए कई साजिशें रची हैं। इनमें से एक 600 करोड़ रुपये की सुपारी (साजिश) डील है। इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध किसी भी जांच रिपोर्ट में इस कथित डील के होने या इसमें शिवकुमार के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसे भी पढ़ें: Goa में कन्नड़ बोलने से नहीं मिलेंगे वोट, CM Pramod Sawant ने कांग्रेस नेता पर साधा निशाना आखिर यह विवाद क्या है? कुमारस्वामी के ये नए आरोप सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित 'स्टिंग ऑपरेशन' को लेकर हुए विवाद से उपजे हैं। इस मामले में स्टिंग की रिकॉर्डिंग, उनके प्रसार और उनके संभावित राजनीतिक नतीजों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। JDS नेता ने पहले भी आरोप लगाया था कि शिवकुमार ने इस कथित स्टिंग ऑपरेशन की सामग्री का इस्तेमाल कांग्रेस नेतृत्व को प्रभावित करने और कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद में बदलाव की मांग करने के लिए किया था। कुमारस्वामी का दावा है कि इस ऑपरेशन की रिकॉर्डिंग कांग्रेस आलाकमान के सामने पेश की गई थी। कथित तौर पर, इसका इस्तेमाल सिद्धारमैया पर इस्तीफा देने का दबाव बनाने के लिए किया गया, ताकि शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सके। ये दावे भी अभी तक साबित नहीं हुए हैं और केवल आरोप ही हैं। ऐसी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है जिससे यह पुष्टि हो सके कि इन रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल वास्तव में इसी मकसद के लिए किया गया था। यह विवाद तब और चर्चा में आ गया, जब शिवकुमार ने कथित तौर पर अपने कैबिनेट सहयोगियों को राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाकर किए जा सकने वाले 'स्टिंग ऑपरेशन' के प्रति आगाह किया। इस चेतावनी के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया कि इन कथित रिकॉर्डिंग के पीछे कौन था और इससे किसका राजनीतिक हित सधने वाला था। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Siddaramaiah के बाद अब CM DK Shivakumar का हो गया Sting Operation! साजिशों के खेल में बुरी तरह उलझी Karnataka Politics कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया कांग्रेस ने कुमारस्वामी के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि शिवकुमार ने सिद्धारमैया को कमजोर करने के लिए स्टिंग ऑपरेशन करवाया था। कांग्रेस ने इन दावों को बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। शिवकुमार ने भी इस कथित ऑपरेशन को अंजाम देने की बात से इनकार किया है। सिद्धारमैया ने इस पूरे विवाद की जांच की मांग की है। हालांकि, अभी भी कई अहम सवाल अनुत्तरित हैं—जैसे कि ये विवादित रिकॉर्डिंग कहां से आईं, इन्हें कैसे फैलाया गया, और क्या कांग्रेस की आंतरिक चर्चाओं में इनकी कोई भूमिका थी?

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 1:41 pm

चक्रवात अर्नब के कारण 28 अक्टूबर से बिहार में बारिश संभावना, ऑरेंज अलर्ट जारी

चक्रवात अर्नब: चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (पटना): बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' बिहार के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम ब्रेकिंग 26 Oct 2026 1:40 pm

कोच्ची मर्सिडीज कांड में नया एंगल, अब जज पर चलेगा केस, केरल हाईकोर्ट का ऑर्डर, बेटे ने एक शख्स को कुचलकर मारा

केरल में एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के 17 वर्षीय बेटे द्वारा मर्सिडीज-बेंज कार से 55 साल के दुकानदार को रौंदने के मामले में अब कानून का शिकंजा खुद जज तक पहुंच गया है। देर रात दुकान बंद कर घर लौट रहे जयबालकृष्णन को तेज रफ्तार कार से कुचलकर ...

वेब दुनिया 26 Oct 2026 1:40 pm

तूफानी मौसम से पहले एन न्होन पावर कंपनी ने की बिजली लाइन व्यवस्थित

तूफानी मौसम: 2026 के बरसात और तूफानी मौसम के दौरान विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आन न्होन पावर कंपनी जागरूकता बढ़ाने, निरीक्षण करने और मीटर के बाद वायरिंग सिस्टम में असुरक्षित स्थानों को दूर करने में ग्राहकों की सहायता कर रही है।

मौसम ब्रेकिंग 26 Oct 2026 1:39 pm

Home Loan Rates: सैलरी वालों के लिए कितना सस्ता मिल रहा होम लोन

अपना खुद का सपनों का आशियाना बनाना हर नौकरीपेशा और वेतनभोगी (Salaried) व्यक्ति का सबसे बड़ा सपना होता है। इस सपने को साकार करने में होम लोन सबसे महत्वपूर्ण जरिया बनता है। वर्तमान समय में देश के प्रमुख सरकारी और प्राइवेट बैंक नौकरीपेशा वर्ग को बेहद आकर्षक और कम ब्याज दरों पर होम लोन की पेशकश कर रहे हैं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) 750 या उससे अधिक है, तो बैंक आपको न केवल कम ब्याज दर पर लोन दे रहे हैं, बल्कि प्रोसेसिंग फीस में छूट और आसान रीपेमेंट अवधि जैसे ढेरों अतिरिक्त फायदे भी मुहैया करा रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी नया घर खरीदने या फ्लैट बुक करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि कौन सा बैंक किस दर पर सबसे सस्ता होम लोन दे रहा है ताकि आप हर महीने हजारों रुपये की ईएमआई (EMI) बचा सकें।सरकारी बैंकों में कितना सस्ता मिल रहा होम लोन: एसबीआई, पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्याज दरेंदेश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हमेशा से विश्वसनीय और किफायती होम लोन दरों के लिए पहली पसंद रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सैलरीड क्लास के लिए सबसे प्रतिस्पर्धी दरों पर होम लोन की पेशकश कर रहा है, जहाँ शुरुआती ब्याज दरें 8.40% से 8.50% प्रति वर्ष के आसपास से शुरू होती हैं। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) भी नौकरीपेशा लोगों को उनके सिबिल स्कोर और क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर 8.40% से लेकर 8.60% तक की दर पर लोन दे रहे हैं। कैनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में भी वेतनभोगी आवेदकों के लिए विशेष छूट दी जा रही है। सरकारी बैंकों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि यहाँ रीपेमेंट के दौरान अतिरिक्त प्री-पेमेंट चार्ज नहीं लिया जाता और पारदर्शिता पूरी तरह बनी रहती है।प्राइवेट बैंकों का होम लोन ऑफर: एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक की लेटेस्ट दरेंप्राइवेट सेक्टर के दिग्गज बैंक भी सैलरीड क्लास के ग्राहकों को अपने पाले में लाने के लिए लगातार ब्याज दरों में कड़ी प्रतिस्पर्धा दे रहे हैं। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) में नौकरीपेशा वर्ग के लिए शुरुआती होम लोन की दरें 8.50% से 8.75% प्रति वर्ष के बीच चल रही हैं। वहीं एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी 8.70% से 8.90% की रेंज में होम लोन की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। हालांकि प्राइवेट बैंकों की ब्याज दरें सरकारी बैंकों के मुकाबले थोड़ी अधिक हो सकती हैं, लेकिन इनकी प्रोसेसिंग स्पीड, न्यूनतम कागजी कार्रवाई और तुरंत लोन डिस्बर्सल की सुविधा इन्हें काफी लोकप्रिय बनाती है।सैलरीड क्लास को कम ब्याज दरों पर होम लोन पाने के लिए क्या करना होगाहोम लोन पर सबसे सस्ती और आकर्षक ब्याज दर हासिल करने के लिए वेतनभोगी कर्मचारियों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहली और मुख्य शर्त आपका क्रेडिट या सिबिल स्कोर है; यदि आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक आपको खुद सबसे कम रेट ऑफ इंटरेस्ट ऑफर करते हैं। इसके अलावा आपकी मासिक आय, नौकरी की स्थिरता (Job Stability) और जिस कंपनी में आप काम करते हैं उसकी प्रोफाइल भी लोन की दरों को तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है। यदि आप किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) या सरकारी महकमे में कार्यरत हैं, तो बैंक आपको 'कॉर्पोरेट सैलरीड अकाउंट' के तहत अतिरिक्त 0.05% से 0.10% तक की छूट भी प्रदान करते हैं।होम लोन लेते समय सही बैंक चुनने का तरीका और ईएमआई का गणितहोम लोन का चुनाव करते समय केवल शुरुआती ब्याज दर ही नहीं, बल्कि लोन से जुड़ी अन्य शर्तों को भी ध्यान से परखना चाहिए। सबसे पहले यह जांच लें कि लोन रेपो रेट लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) या एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) से जुड़ा है या नहीं, क्योंकि जब भी केंद्रीय बैंक रेपो रेट में कटौती करता है, तो इन दरों से जुड़े होम लोन की ईएमआई अपने आप कम हो जाती है। इसके अलावा लोन प्रोसेसिंग फीस, लीगल चार्जेस और प्री-क्लोजर रूल्स की तुलना विभिन्न बैंकों के बीच जरूर करें। सही बैंक और उचित ब्याज दर का चयन करके आप अपनी 20 या 30 साल की लोन अवधि के दौरान लाखों रुपये के ब्याज की बचत कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:39 pm

पहले इंग्लैंड ने मनाया जीत का जश्न, फिर PAK ने पलटी बाजी, VIDEO

पाकिस्तान ने इंग्लैंड को रोमांचक वनडे मुकाबले में 1 विकेट से हराया. शादाब खान के नाबाद 113* रन, DRS विवाद और हारिस रऊफ के साथ रिकॉर्ड साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया. जानिए क्या है पूरा मामला.

आज तक 26 Oct 2026 1:38 pm

सिर्फ 399 रुपये की जॉइनिंग फीस में ढेरों धांसू फीचर्स

स्मार्ट बैंकिंग और डिजिटल फायनेंस के इस आधुनिक दौर में क्रेडिट कार्ड अब सिर्फ एक लग्जरी नहीं, बल्कि हर समझदार व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। ऐसे समय में जब ज्यादातर बैंक महंगे और भारी-भरकम वार्षिक शुल्क वाले क्रेडिट कार्ड बाजार में उतार रहे हैं, तब मात्र 399 रुपये की मामूली जॉइनिंग फीस में मिलने वाला यह नया क्रेडिट कार्ड आम ग्राहकों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है। इस एंट्री-लेवल क्रेडिट कार्ड में न केवल खरीदारी, बिल भुगतान और ऑनलाइन शॉपिंग पर आकर्षक कैशबैक व रिवॉर्ड पॉइंट्स दिए जा रहे हैं, बल्कि प्रीमियम कार्ड्स में मिलने वाली कई अन्य सुविधाएं भी बहुत कम कीमत में उपलब्ध कराई जा रही हैं। अगर आप भी अपने वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने और कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा फायदे उठाने की सोच रहे हैं, तो यह क्रेडिट कार्ड आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।इस सस्ते क्रेडिट कार्ड के धांसू फीचर्स और जबरदस्त फायदे जिन्हें जानकर रह जाएंगे हैरानमात्र 399 रुपये की जॉइनिंग फीस वाले इस क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम वार्षिक लागत में भी प्रीमियम सेगमेंट के लाभ प्रदान करता है। कार्डधारकों को प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर शॉपिंग करने पर सीधा कैशबैक और 5X तक रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलते हैं, जिन्हें आसानी से स्टेटमेंट बैलेंस में भुनाया जा सकता है। इसके अलावा, फ्यूल सरचार्ज वेब-ऑफ, मूवी टिकट्स पर बाय-वन-गेट-वन ऑफर्स और चुनिंदा एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल की गई हैं। कई बैंक तो जॉइनिंग फीस का भुगतान करते ही ग्राहकों को 399 रुपये या उससे अधिक मूल्य के वेलकम वाउचर भी दे देते हैं, जिससे यह कार्ड पहली बार इस्तेमाल करने वालों के लिए बिल्कुल मुफ्त जैसा साबित होता है।किसे मिलता है यह 399 रुपये वाला क्रेडिट कार्ड और क्या हैं इसके लिए पात्रता शर्तेंइस क्रेडिट कार्ड को हासिल करना बेहद आसान और झंझट मुक्त है। बैंक ने इसके लिए बहुत ही सरल पात्रता मानक (Eligibility Criteria) तय किए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें। 21 वर्ष से 60 वर्ष की आयु के बीच का कोई भी भारतीय नागरिक, चाहे वह वेतनभोगी (Salaried) हो या स्व-नियोजित (Self-employed), इस कार्ड के लिए आसानी से आवेदन कर सकता है। इसके लिए आवेदक की न्यूनतम मासिक आय आमतौर पर 15,000 रुपये से 20,000 रुपये के बीच होनी चाहिए। सबसे अच्छी बात यह है कि जिन लोगों का क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) 750 या उससे ऊपर है, उन्हें यह कार्ड बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई के तुरंत (Instant Approval) मिल जाता है।आवेदन करने का सबसे आसान ऑनलाइन तरीका और जरूरी कागजात की पूरी जानकारीयदि आप इस क्रेडिट कार्ड को लेना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको किसी बैंक शाखा के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल बैंकिंग ऐप पर जाकर केवल कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के दौरान आपको अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और आय के प्रमाण (पे-स्लिप या पिछले 3 महीने का बैंक स्टेटमेंट) की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होती है। आजकल डिजिटल केवाईसी (Video KYC) की मदद से कुछ ही घंटों के भीतर दस्तावेज सत्यापित कर लिए जाते हैं और स्वीकृत होने के 3 से 5 कार्य दिवसों के भीतर क्रेडिट कार्ड आपके घर के पते पर डिलीवर कर दिया जाता है।स्मार्ट वित्तीय प्रबंधन के लिए क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल और सावधानियांक्रेडिट कार्ड के धांसू फीचर्स का असली फायदा तभी उठाया जा सकता है जब इसका उपयोग अनुशासन और समझदारी के साथ किया जाए। हमेशा अपने क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान देय तिथि (Due Date) से पहले करें ताकि आपको किसी भी तरह का ब्याज न देना पड़े और आपका सिबिल स्कोर मजबूत बना रहे। अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का केवल 30% से 40% हिस्सा ही इस्तेमाल करना एक अच्छे वित्तीय स्वास्थ्य की पहचान होती है। यदि आप मात्र 399 रुपये वाले इस कार्ड का सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं, तो भविष्य में बैंक आपको बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उच्च श्रेणी के प्रीमियम क्रेडिट कार्ड में अपग्रेड करने का ऑफर भी खुद ही प्रदान कर देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:37 pm

तमिलनाडु भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ से नीलगिरि के गांव का संपर्क टूटा

तमिलनाडु भारी बारिश: तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में थेनगुमाराहाडा गांव के निवासी सोमवार को उस समय फंस गए, जब भारी बारिश के कारण मोयार नदी में बाढ़ आ गई। इससे बाहरी दुनिया से उनका संपर्क टूट गया और भोजन तथा दवाओं जैसी जरूरी चीजों की आवाजाही भी बाधित हो गई। सत्यमंगलम और मुदुमलाई टाइगर रिजर्व के पास, कोटागिरी तालुक के.

मौसम ब्रेकिंग 26 Oct 2026 1:37 pm

हूतियों ने रियाद एयरपोर्ट और ठिकानों पर दागीं मिसाइलें!

यमन के हूती विद्रोहियों ने 25 अक्टूबर को सऊदी अरब में तीन सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों से रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाया गया।

आज तक 26 Oct 2026 1:35 pm

हूतियों के खौफ से कांप उठा सऊदी अरब? सिंगापुर में बनाएगा तेल का भंडार

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और मध्य पूर्व की भू-राजनीति से इस वक्त एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देशों में शुमार सऊदी अरब अब अपनी तेल सुरक्षा को लेकर गहरे संकट और दहशत में नजर आ रहा है। लाल सागर और यमन के समुद्री इलाकों में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार किए जा रहे ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमलों से घबराकर सऊदी अरब ने अपनी रणनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी 'अरामको' अब अपनी मुख्य भूमि से दूर दक्षिण-पूर्व एशिया के देश सिंगापुर में अपने कच्चे तेल का विशाल भंडार तैयार करने जा रही है। दुनिया भर के ऊर्जा बाजार में इस कदम को सऊदी अरब द्वारा अपने मुख्य तेल ठिकानों और समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों से बचाव के रूप में देखा जा रहा है। इस सनसनीखेज फैसले के बाद से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों की रणनीतिक गणनाओं पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर हूती विद्रोहियों का बढ़ता खौफसऊदी अरब के लिए लाल सागर और उससे जुड़े समुद्री रास्ते उसकी अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी जीवन रेखा रहे हैं। दुनिया भर में तेल की सप्लाई करने वाले टैंकर इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में यमन के हूती विद्रोहियों ने जिस तरह से इस जलमार्ग को अपने हमलों का निशाना बनाया है, उसने खाड़ी देशों की नींद उड़ा दी है। हूतियों के पास मौजूद आधुनिक एंटी-शिप मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन जहाजों के लिए काल बनते जा रहे हैं। सऊदी अरब की अरामको जैसी दिग्गज कंपनियों के तेल प्रतिष्ठानों और रिफाइनरियों पर पहले भी कई बार ड्रोन हमले हो चुके हैं, जिससे उसकी उत्पादन क्षमता पर गंभीर संकट मंडराया है। अपनी घरेलू धरती पर इन हमलों की असुरक्षा और लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए ही सऊदी नेतृत्व ने अब देश के बाहर सुरक्षित ठिकानों पर अपने तेल के भंडार स्थापित करने का यह अभूतपूर्व और मजबूरन फैसला लिया है, ताकि किसी भी युद्ध या आपात स्थिति में उसकी तेल आपूर्ति पूरी तरह ठप न हो सके।सिंगापुर को वैकल्पिक रणनीतिक हब के रूप में चुनने के पीछे का बड़ा गणितसऊदी अरब द्वारा अपने तेल के विशाल भंडार के भंडारण के लिए सिंगापुर को चुने जाने के पीछे बहुत ही गहरा और सोची-समझा आर्थिक व सामरिक गणित काम कर रहा है। सिंगापुर एशिया का एक ऐसा प्रमुख वित्तीय और व्यापारिक केंद्र है जो सुदूर पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों के बिल्कुल केंद्र में स्थित है। इसके अलावा सिंगापुर की राजनीतिक स्थिरता, उन्नत समुद्री बुनियादी ढांचा और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था निवेशकों और ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है। सऊदी अरामको इसके जरिए एशियाई देशों विशेषकर चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे विशाल बाजारों को बिना किसी बाधा के लगातार और तुरंत तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहती है। यदि मध्य पूर्व में हूतियों या ईरान के साथ किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध के कारण मुख्य समुद्री मार्ग बाधित होते हैं, तो सिंगापुर में पहले से जमा तेल का यह भंडार सऊदी अरब को अरबों डॉलर का नुकसान होने से बचा सकता है और उसकी बाजार में साख बनाए रख सकता है।भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल आयात पर इस रणनीतिक बदलाव का क्या असर होगाचूंकि भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया और मुख्य रूप से सऊदी अरब से आयात करता है, इसलिए खाड़ी देशों की इस भू-राजनीतिक हलचल का सीधा असर नई दिल्ली पर भी पड़ना तय है। जब तेल उत्पादक देश अपनी ही सुरक्षा को लेकर इतने आशंकित हो जाते हैं और दूर-दराज के देशों में रिजर्व स्टॉक रखने लगते हैं, तो इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में लॉजिस्टिक्स लागत और शिपिंग खर्च में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। हूती हमलों के कारण पहले ही जहाजों को केप ऑफ गुड होप का लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है जिससे समय और पैसा दोनों अधिक लग रहे हैं। हालांकि, सिंगापुर में सऊदी तेल का भंडार उपलब्ध होने से एशियाई खरीदारों को कई बार फौरन शिपमेंट मिलने में आसानी भी हो सकती है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से मध्य पूर्व का यह अस्थिर माहौल भारत के लिए ऊर्जा मुद्रास्फीति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का बड़ा जोखिम पैदा कर रहा है, जिस पर भारतीय नीति निर्माता पैनी नजर बनाए हुए हैं।मध्य पूर्व के बदलते समीकरण और वैश्विक ऊर्जा बाजार का अनिश्चित भविष्यसऊदी अरब द्वारा सिंगापुर में तेल का भंडार बनाने की यह पहल इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आधुनिक युग में पारंपरिक युद्ध के तरीके बदल चुके हैं और अब गैर-राज्यीय ताकतें जैसे कि हूती विद्रोही भी वैश्विक महाशक्तियों और तेल दिग्गजों को अपनी चाल बदलने के लिए मजबूर कर रहे हैं। ईरान और उसके छद्म युद्ध समूहों की वजह से पश्चिम एशिया का पूरा सुरक्षा ढांचा चरमरा गया है। सऊदी अरब जैसे देश जो कभी अपनी सैन्य और आर्थिक ताकत के बल पर अजेय माने जाते थे, आज वे अपनी ऊर्जा संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सीमाओं से बाहर शरण ढूंढ रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या यह रणनीति सऊदी अरब को हूतियों के आतंक से बचा पाती है या फिर वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक नए और खतरनाक आर्थिक संघर्ष की शुरुआत होती है। एक बात पूरी तरह साफ है कि दुनिया की ऊर्जा धुरी अब धीरे-धीरे भौगोलिक सुरक्षा और वैकल्पिक मार्गों की तलाश में नए समीकरणों की ओर तेजी से बढ़ रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:35 pm

मेरे प्रिय मित्र', पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति को दी जीत बधाई

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पटल पर इन दिनों ब्राजील की राजनीति और वैश्विक नेताओं के बीच के समीकरण चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बने हुए हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत का लोहा मनवाते हुए बड़ी जीत हासिल की है, जिसके बाद दुनिया भर के दिग्गज नेता उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। इसी कड़ी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने खास अंदाज में ब्राजील के राष्ट्रपति को बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया और कूटनीतिक संदेशों के जरिए लूला डा सिल्वा को अपना 'प्रिय मित्र' बताते हुए भारत और ब्राजील के बीच अटूट दोस्ती को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले ही ब्राजील के राष्ट्रपति की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कूटनीतिक और वैचारिक मोर्चे पर एक तीखी भिड़ंत देखने को मिली थी, जिसने वैश्विक राजनीति का पारा चढ़ा दिया था।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा की मजबूत व्यक्तिगत और कूटनीतिक बॉन्डिंगभारत और ब्राजील के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के बीच आपसी तालमेल और व्यक्तिगत सौहार्द जगजाहिर है। जब भी दोनों नेता वैश्विक मंचों जैसे कि जी-20, ब्रिक्स या संयुक्त राष्ट्र की बैठकों में मिलते हैं, तो ग्लोबल साउथ (Global South) के मुद्दों पर उनकी आवाज हमेशा बुलंद होती नजर आती है। पीएम मोदी द्वारा लूला डा सिल्वा को 'मेरे प्रिय मित्र' कहकर संबोधित करना इस बात का प्रतीक है कि भारत लैटिन अमेरिका के इस सबसे बड़े देश के साथ अपने रिश्तों को कितनी प्राथमिकता देता है। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि दोनों देश आपसी सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी विकास के नए आयामों को छूने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे, जिससे दोनों देशों की जनता को सीधा लाभ मिल सके।ब्राजील के राष्ट्रपति लूला और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई थी सीधी भिड़ंतइस जीत और बधाई संदेश के पीछे एक बेहद दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि भी जुड़ी हुई है। कुछ ही समय पहले ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अंतरराष्ट्रीय मंचों और नीतियों को लेकर एक तीखी और खुली भिड़ंत देखने को मिली थी। ट्रंप प्रशासन की संरक्षणवादी आर्थिक नीतियों, पर्यावरण संबंधी समझौतों से पीछे हटने और लाट्रिन अमेरिकी देशों पर दबाव बनाने वाले रवैये के खिलाफ लूला डा सिल्वा ने हमेशा मुखर होकर विरोध दर्ज कराया है। ब्राजील के राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया था कि उनका देश किसी भी महाशक्ति के दबाव में झुकने वाला नहीं है और वह अपनी संप्रभुता तथा स्वतंत्र आर्थिक नीतियों के तहत ही फैसले लेगा। ट्रंप के साथ हुई इस वैचारिक और राजनीतिक तनातनी के बाद लूला की यह जीत उनके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कद को और अधिक मजबूत करती है।ग्लोबल साउथ की आवाज और ब्रिक्स देशों में बढ़ती ब्राजील की प्रासंगिकतावर्तमान समय में जब दुनिया दो ध्रुवीय या बहु-ध्रुवीय संघर्षों के दौर से गुजर रही है, तब ब्राजील और भारत जैसे विकासशील देशों की भूमिका वैश्विक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। लूला डा सिल्वा के नेतृत्व में ब्राजील ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, पश्चिमी देशों के एकाधिकार और जलवायु न्याय के मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी है। भारत भी वैश्विक दक्षिण के देशों का नेतृत्व करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा सुधारों और निष्पक्ष व्यापारिक नियमों की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला की यह दोस्ती इस बात का संकेत देती है कि ग्लोबल साउथ के ये दो प्रमुख देश मिलकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक मजबूत संतुलन स्थापित कर रहे हैं। पश्चिमी दबावों और महाशक्तियों की खींचतान के बीच दोनों नेताओं का यह आपसी सहयोग विकासशील देशों के अधिकारों की रक्षा करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।भारत-ब्राजील भविष्य के कूटनीतिक संबंध और वैश्विक स्थिरता का नया संदेशप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजी गई यह आत्मीय बधाई केवल एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में भारत और ब्राजील की रणनीतिक साझेदारी के और अधिक प्रगाढ़ होने का स्पष्ट संदेश है। कृषि, रक्षा विनिर्माण, जैव-ईंधन, अंतरिक्ष अनुसंधान और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देश पहले से ही एक-दूसरे के पूरक बने हुए हैं। अमेरिकी नेतृत्व के साथ तल्खियों के बीच ब्राजील के राष्ट्रपति की यह राजनीतिक जीत यह साबित करती है कि जनता के बीच उनकी पकड़ अभी भी बेहद मजबूत है। भारत और ब्राजील की यह दोस्ती आने वाले दिनों में वैश्विक कूटनीति की हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है, और दोनों देश मिलकर दुनिया को यह बता रहे हैं कि आपसी सम्मान और संप्रभुता के आधार पर ही एक स्थाई और शांतिपूर्ण वैश्विक व्यवस्था का निर्माण किया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:34 pm

कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में तेज बारिश और तूफान से खुले में रखा धान भीगा

कुरुक्षेत्र अनाज मंडी: हरियाणा में अचानक बदले मौसम और तेज बारिश के कारण कुरुक्षेत्र की अनाज मंडियों में खुले में रखा धान भीग गया है, जिससे किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है और करीब ढाई लाख क्विंटल धान उठान के इंतजार में है।

मौसम ब्रेकिंग 26 Oct 2026 1:34 pm

अमित शाह पर विवादित टिप्पणी, कोर्ट ने राहुल गांधी पर दिया बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक विशेष MP/MLA अदालत ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2018 के आपराधिक मानहानि मामले से बरी कर दिया। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से जुड़ा था, और अदालत ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया। फैसला सुनाए जाने के दौरान राहुल गांधी अदालत में मौजूद थे। उनके समर्थकों ने इस फैसले का स्वागत किया और खुशी व आभार व्यक्त किया। यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराया है, जो सुल्तानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत हनुमानगंज के निवासी हैं और सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को यह शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायत 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों से पहले बेंगलुरु में एक चुनावी रैली के दौरान गांधी द्वारा शाह के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर थी। कांग्रेस ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा सत्य की ही जीत होती है। इसे भी पढ़ें: Congress अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तुरंत बिना शर्त माफी मांगें, BJP ने PM Modi के अपमान पर घेरा दोनों पक्षों ने क्या दलीलें दीं? अंतिम सुनवाई के दौरान, गांधी के वकील ने माना कि कांग्रेस नेता ने ये टिप्पणियां की थीं, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि ये टिप्पणियां नेक नीयत से की गई थीं और इनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि इन टिप्पणियों को तोड़-मरोड़ कर और संदर्भ से हटकर पेश किया गया था। वहीं, शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत से गांधी को दोषी ठहराने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि गांधी का यह स्वीकार कर लेना कि उन्होंने ये टिप्पणियां की थीं, उन्हें दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त आधार है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सोमवार को विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने गांधी को बरी कर दिया, जिससे लंबे समय से चल रहे इस मामले में कांग्रेस नेता को राहत मिली। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Convoy में टक्कर पर एक्शन, Purvanchal Expressway हादसे की जांच करेगी SIT 8 साल तक चला मामला यह मामला कई सालों तक अलग-अलग चरणों से होकर गुजरा। फरवरी 2024 में गांधी ने अदालत के सामने आत्मसमर्पण किया और उन्हें जमानत मिल गई। जुलाई 2024 में उनका बयान दर्ज किया गया, जबकि इस दौरान अदालत ने शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों से भी पूछताछ की। इस मामले में बहस 6 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई और 12 अक्टूबर को पूरी हुई। अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 26 अक्टूबर की तारीख तय की थी। अतिरिक्त सिविल जज शुभम वर्मा ने पहले फैसला सुनाने के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की थी, जिसे बाद में बदलकर 26 अक्टूबर कर दिया गया। यह मामला 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में एक चुनावी रैली में राहुल गांधी द्वारा तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बारे में की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। गांधी ने 20 फरवरी 2024 को अदालत के सामने आत्मसमर्पण किया और उन्हें जमानत मिल गई। 26 जुलाई 2024 को उनका बयान दर्ज किया गया, जिसके बाद शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों से पूछताछ की गई। मार्च 2026 में गांधी के वॉयस सैंपल (आवाज के नमूने) का मिलान करने के लिए एक आवेदन दायर किया गया था। ट्रायल कोर्ट ने मई में इसे खारिज कर दिया, और बाद में जिला अदालत ने जुलाई में तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सितंबर में इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 1:34 pm

कौन हैं ये हनुमान अंश फेम सिंगर? जिसके भजन पर झूमे विराट-अनुष्का

Who is Krishna Das: विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का भक्ति में झूमते हुए वीडियो वायरल हो रहा है. जानिए कृष्ण दास कौन हैं, जिनका भजन सुन वो झूमते दिखे. कैसे वह अमेरिकी रॉक म्यूजिक से भक्ति संगीत तक पहुंचे और नीम करोली बाबा से उनका क्या रिश्ता है.

आज तक 26 Oct 2026 1:33 pm

फाइटर एसेट्स का कोई स्थाई बंटवारा नहीं होगा, विदेशी मॉडल की नकल नहीं करेंगे

भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने देश की रक्षा रणनीतियों और तीनों सेनाओं के एकीकरण (थिएटर कमांड) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा बयान दिया है। वायुसेना प्रमुख ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय वायुसेना के 'फाइटर एसेट्स' यानी लड़ाकू विमानों और हवाई हमलावर प्रणालियों का किसी भी परिस्थिति में कोई स्थाई बंटवारा नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार अपनी नीतियां खुद तय करेगा और किसी भी विदेशी थिएटर कमांड मॉडल की अंधी नकल नहीं करेगा। वायुसेना प्रमुख के इस साहसी और यथार्थवादी बयान के बाद देश के रक्षा गलियारों में एक नई और गंभीर चर्चा छिड़ गई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का यह बयान देश की रणनीतिक स्वायत्तता, युद्धकालीन प्रभावशीलता और हवाई परिसंपत्तियों के इष्टतम उपयोग के लिहाज से एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।लड़ाकू बेड़े की केंद्रीकृत कमान और फाइटर एसेट्स का लचीला उपयोगभारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिक युद्धों में 'हवाई ताकत' (Air Power) की सबसे बड़ी खूबी उसकी गति, लचीलापन और मारक क्षमता होती है। यदि लड़ाकू विमानों और मिसाइल प्रणालियों को अलग-अलग थिएटर्स या सैन्य कमानों में स्थाई रूप से बांट दिया जाएगा, तो इससे वायुसेना की त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। एयर चीफ मार्शल का मानना है कि किसी भी आपात स्थिति या युद्ध के दौरान लड़ाकू बेड़े का नियंत्रण एक केंद्रीय कमान के पास होना अनिवार्य है, ताकि आवश्यकता के अनुसार जेट्स को तुरंत एक थिएटर से दूसरे थिएटर में शिफ्ट किया जा सके। किसी भी देश के पास लड़ाकू विमानों की संख्या सीमित होती है, और ऐसे में उन्हें सीमाओं पर स्थाई रूप से बांट देना युद्ध कौशल और रणनीतिक दृष्टिकोण से एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है।पश्चिमी या चीनी मॉडलों की अंधी नकल के सख्त खिलाफ भारत की रणनीतिथिएटर कमांड सिस्टम को लेकर अक्सर अमेरिका और चीन जैसे देशों के सैन्य ढांचों का उदाहरण दिया जाता है। हालांकि, वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने इस अवधारणा पर अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत की भौगोलिक स्थितियां, खतरे और संसाधन पश्चिमी या अन्य विदेशी देशों से पूरी तरह अलग हैं। अमेरिका के पास महासागरों के पार युद्ध लड़ने का विशाल अनुभव और संसाधन हैं, जबकि चीन का सैन्य मॉडल उसकी अपनी राजनीतिक संरचना के हिसाब से बना है। भारत को अपनी तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायुसेना—के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए एक 'मेड इन इंडिया' और 'स्वदेशी' मॉडल अपनाना होगा। विदेशी मॉडलों की अंधी नकल करने से हमारी युद्ध लड़ने की क्षमता में सुधार होने के बजाय रुकावटें पैदा हो सकती हैं। इसलिए भारत को अपनी रक्षा जरूरतों और सीमाओं के यथार्थ को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ना चाहिए।तीनों सेनाओं में बेहतर तालमेल और स्वदेशी थिएटर कमांड की आवश्यकतावायुसेना प्रमुख ने यह स्पष्ट किया कि भारतीय वायुसेना थिएटर कमांड या तीनों सेनाओं के एकीकरण (Jointness) की विरोधी नहीं है, बल्कि वह इसके अधिक व्यावहारिक और परिणाम-उन्मुख क्रियान्वयन के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि थल सेना, नौसेना और वायुसेना को मिलकर काम करने की सख्त जरूरत है, लेकिन यह एकीकरण इस तरह से होना चाहिए कि किसी भी बल की अपनी विशिष्ट क्षमताओं और सामर्थ्य को नुकसान न पहुंचे। युद्ध के मैदान में तीनों सेनाओं के बीच केवल प्रशासनिक एकीकरण ही काफी नहीं होता, बल्कि एक ऐसा एकीकृत कमान ढांचा चाहिए जो युद्ध की स्थिति में तुरंत और सटीक फैसले ले सके। स्वदेशी आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया गया थिएटर मॉडल ही भारत को भविष्य के 'हाइब्रिड' और बहु-आयामी युद्धों (Multi-Domain Warfare) में निर्णायक बढ़त दिला सकता है।भविष्य के हवाई युद्ध और वायुसेना का आधुनिकीकरण का रोडमैपअपने संबोधन के दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारतीय वायुसेना के तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण और लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या बढ़ाने की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल विमानों की संख्या ही मायने नहीं रखती, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक, स्टील्थ क्षमताएं, उन्नत रडार और सटीक मार करने वाले हथियार युद्ध का पासा पलटते हैं। मेक इन इंडिया पहल के तहत स्वदेशी तेजस फाइटर जेट्स, एएमसीए (AMCA) प्रोजेक्ट और एडवांस्ड हथियारों का बेड़े में शामिल होना वायुसेना की रीढ़ को मजबूत कर रहा है। वायुसेना प्रमुख का यह बयान न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा के प्रति एक मजबूत संदेश देता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारतीय रक्षा बल अपनी रणनीतियों और परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह परिपक्व, आत्मनिर्भर और दूरदर्शी रुख अपनाए हुए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:33 pm

हरिद्वार में लोटा लेकर पानी ढूंढ रहे लोग, कार्तिक पूर्णिमा स्नान कैसे होगा?

कार्तिक पूर्णिमा का स्नान हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन गंगा में आस्था की डुबकी लगाने दूर-दूर से लोग घाटों पर पहुंचते हैं. चूंकि अब हर की पौड़ी में पानी नहीं है. इसलिए लोग असमंजस में हैं कि कार्तिक पूर्णिमा पर वह स्नान कैसे करेंगे.

आज तक 26 Oct 2026 1:32 pm

CJI सूर्यकांत ने 97 वर्षीय पूर्व CJI वेंकटचलैया को दी बधाई

भारतीय न्यायपालिका के स्वर्णिम इतिहास और उसकी समृद्ध परंपराओं में एक और भावुक तथा सम्मानजनक अध्याय जुड़ गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने अपनी व्यस्त दिनचर्या और संवैधानिक दायित्वों से समय निकालकर देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एम. एन. वेंकटचलैया के 97वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर उनके निजी आवास पर पहुंचकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। न्यायपालिका के सर्वोच्च पद पर आसीन CJI द्वारा अपने वरिष्ठ पूर्ववर्ती न्यायविद के प्रति व्यक्त किए गए इस अभूतपूर्व आदर, श्रद्धा और शिष्टाचार की देश भर के कानूनी गलियारों और आम जनता द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। इस आत्मीय मुलाकात ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय न्यायिक प्रणाली में वरिष्ठता, मूल्यों और नैतिक विरासत का स्थान आज भी सर्वोपरि है।वरिष्ठता और न्यायिक मूल्यों का सम्मान: सर्वोच्च न्यायालय की गौरवशाली परंपरा की मिसालभारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का यह कदम केवल एक औपचारिक मुलाकात भर नहीं है, बल्कि यह देश की सर्वोच्च अदालत की उस महान संस्कृति का प्रतीक है जहाँ ज्ञान और अनुभव को शीर्ष सम्मान दिया जाता है। जस्टिस एम. एन. वेंकटचलैया भारतीय न्यायपालिका के उन गिने-चुने दिग्गजों में से एक हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ऐतिहासिक निर्णयों और नैतिक सिद्धांतों के माध्यम से न्याय व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। CJI सूर्यकांत ने उनके घर जाकर न केवल एक वरिष्ठ नागरिक का आदर किया, बल्कि न्यायपालिका की भावी पीढ़ियों के सामने यह संदेश भी दिया कि हमारी संस्थाएं अपने पुरोधाओं के योगदान को कभी नहीं भूलती हैं। इस मुलाकात के दौरान दोनों दिग्गजों के बीच कानून, संस्थागत गरिमा और न्यायिक सुधारों से जुड़े कई अनुभव साझा किए गए।जस्टिस एम. एन. वेंकटचलैया: भारतीय न्यायपालिका के स्तंभ और एक महान संविधानविद की यात्राजस्टिस एमएन वेंकटचलैया का नाम भारतीय कानून व्यवस्था के इतिहास में बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता है। 1990 के दशक में देश के 25वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने न्यायिक जवाबदेही, मानवाधिकारों की रक्षा और जनहित याचिकाओं के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के अध्यक्ष रहे और संविधान के कामकाज की समीक्षा के लिए गठित राष्ट्रीय आयोग की अगुवाई भी की। 97 वर्ष की आयु में भी उनका ओजस्वी व्यक्तित्व और कानून के प्रति समर्पण देश भर के वकीलों, जजों और कानून के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। CJI सूर्यकांत का उनसे आशीर्वाद लेना इस महान न्यायिक यात्रा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक माध्यम बना।कानूनी गलियारों और सोशल मीडिया पर CJI सूर्यकांत के इस सहृदय कदम की चौतरफा सराहनाजैसे ही मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा पूर्व CJI वेंकटचलैया के घर जाकर शुभकामनाएं देने की तस्वीरें और जानकारी सार्वजनिक हुई, देश के लीगल कम्युनिटी में खुशी की लहर दौड़ गई। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं, उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों और कानूनी विश्लेषकों ने CJI के इस मानवीय और विनम्र व्यवहार की प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि आज के तेजी से बदलते दौर में जहाँ औपचारिकताएं हावी होती जा रही हैं, वहीं देश के मुख्य न्यायाधीश द्वारा स्वयं चलकर एक बुजुर्ग पूर्व न्यायाधीश के द्वार पर जाना संस्थागत एकजुटता और आपसी सम्मान का एक बड़ा उदाहरण पेश करता है। यह मुलाकात यह दर्शाती है कि भारतीय न्यायपालिका का शीर्ष नेतृत्व अपने बुजुर्गों के मार्गदर्शन और उनके पदचिन्हों पर चलने के लिए सदैव तत्पर है।न्यायपालिका की नई दिशा: कनिष्ठों और वरिष्ठों के बीच संवाद की परंपरा होगी और मजबूतCJI सूर्यकांत द्वारा स्थापित यह नई मिसाल आने वाले समय में न्यायपालिका की कार्यसंस्कृति को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगी। देश में न्याय प्रणाली को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ बनाने के प्रयासों के बीच पूर्व न्यायाधीशों के अनुभवों का लाभ उठाना संस्था को मजबूती प्रदान करता है। इस तरह के व्यक्तिगत और पेशेवर संवाद से न केवल न्यायिक संस्थाओं का मनोबल बढ़ता है, बल्कि आम नागरिकों के मन में भी न्यायपालिका के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ होता है। 97 वर्षीय जस्टिस वेंकटचलैया को दी गई यह जन्मदिन की बधाई वास्तव में भारतीय न्यायपालिका की उसी अविच्छिन्न परंपरा का उत्सव है, जो सत्य, निष्ठा और परस्पर आदर की मजबूत नींव पर टिकी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:31 pm

Rahul Gandhi के Convoy में टक्कर पर एक्शन, Purvanchal Expressway हादसे की जांच करेगी SIT

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह टीम सुल्तानपुर दौरे के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रहे वाहनों की दुर्घटना की जांच करेगी। जांच में उन परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा जिनकी वजह से यह टक्कर हुई। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि क्या सुरक्षा इंतजामों, एस्कॉर्ट प्रबंधन या ट्रैफिक समन्वय में कोई लापरवाही या चूक हुई थी। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के काफिले में वाहनों की टक्कर मामले में UP Police ने SIT गठित की उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर SIT का गठन किया गया है। एक बयान के अनुसार, इस टीम को घटना के सभी पहलुओं की व्यापक जांच करने और जल्द से जल्द पुलिस मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा गया है। यह टीम भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के उपाय भी सुझाएगी। लखनऊ रेंज की पुलिस महानिरीक्षक किरण एस, SIT की प्रमुख होंगी। सुल्तानपुर के अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह और सुल्तानपुर के पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) राम कृष्ण चतुर्वेदी, जांच टीम के अन्य सदस्य हैं। जांच में सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों, काफिले के साथ चल रहे वाहनों के प्रबंधन और काफिले की आवाजाही के दौरान ट्रैफिक समन्वय की भी पड़ताल की जाएगी। टीम को निर्देश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द अपनी जांच के नतीजे पुलिस मुख्यालय को सौंपे। उनकी सिफारिशों में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी ध्यान दिया जाएगा। यह हादसा सोमवार सुबह करीब 10.15 बजे हुआ, जब राहुल गांधी अपने खिलाफ चल रहे मानहानि के एक मामले की अदालती सुनवाई के लिए सुल्तानपुर जा रहे थे। इसे भी पढ़ें: Sultanpur कोर्ट जा रहे Rahul Gandhi के काफिले का एक्सीडेंट, Congress नेता पूरी तरह सुरक्षित एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, काफिले के सबसे आगे चल रही एक निजी गाड़ी - जो स्थानीय कांग्रेस नेताओं की थी - में किसी अज्ञात कारण से अचानक ब्रेक लगा दिए गए। इसके चलते, उसके पीछे चल रही गाड़ियां आपस में टकरा गईं। पुलिस ने बताया कि इस सिलसिलेवार टक्कर में शामिल गाड़ियाँ रास्ते में ही काफिले से जुड़ गई थीं। इन गाड़ियों में यात्री सवार थे, जिनमें पड़ोसी अमेठी जिले के कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल थे।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 1:31 pm

28 सीटों के परिणाम देखने के तरीके और लाइव अपडेट्स, जानें क्या है पूरा हाल

देश के चार प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की कुल 28 विधान परिषद (MLC) सीटों के लिए हुए चुनावों के बाद अब सभी की निगाहें परिणामों पर टिकी हुई हैं। इन सभी सीटों पर स्नातक (ग्रेजुएट) और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुका है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो चुका है, जिसे लेकर समर्थकों में भारी उत्साह और उत्सुकता का माहौल है। चूंकि यह चुनाव आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं, इसलिए हर कोई यह जानना चाहता है कि इन 28 सीटों पर जीत का ताज किसके सिर पर सजेगा और वोटों की गिनती कब व कहाँ लाइव देखी जा सकेगी।चार राज्यों की 28 एमएलसी सीटों पर मतदान और चुनावी समीकरण का पूरा गणितउत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की कुल 28 स्नातक और शिक्षक सीटों पर मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अकेले उत्तर प्रदेश में 11 सीटें (5 स्नातक और 6 शिक्षक) दांव पर हैं, जहाँ सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। इसके अलावा बिहार में 8, महाराष्ट्र में 5 और कर्नाटक में 4 सीटों पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। इन चुनावों में मुख्य मुकाबला विभिन्न दलों के साथ-साथ कई निर्दलीय और स्थानीय दिग्गजों के बीच भी है। मतदान के दौरान कुछ जगहों पर छिटपुट नोकझोंक को छोड़ दिया जाए तो कुल मिलाकर प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और भारी संख्या में पढ़े-लिखे मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।कब और कहाँ देख सकेंगे MLC Election 2026 के लाइव नतीजे और अपडेट्समतदाताओं और उम्मीदवारों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे इन 28 सीटों के सटीक और तेज परिणाम कहाँ देख सकते हैं। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, वोटों की गिनती निर्धारित तिथि पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू की जाएगी। यदि आप घर बैठे इन चुनावों के पल-पल के अपडेट्स और लाइव रिजल्ट देखना चाहते हैं, तो आप संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की आधिकारिक वेबसाइटों पर विजिट कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश के लिए 'CEO Uttar Pradesh' और बिहार के लिए निर्वाचन आयोग के पोर्टल के माध्यम से जिलावार और निर्वाचन क्षेत्रवार विजेता उम्मीदवारों की सूची आसानी से प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल पोर्टल्स पर भी मतगणना के रुझान और लाइव कवरेज लगातार दिखाई जाती है।वोटों की गिनती और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के साथ प्रशासनिक तैयारियांमतगणना केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। स्ट्रॉन्ग रूम में मतपेटियों को पूरी सुरक्षा के साथ सील करके रखा गया है, जहाँ त्रि-स्तरीय सुरक्षा पहरा बैठाया गया है। मतगणना के दिन सुबह से ही प्रेक्षकों और अधिकारियों की मौजूदगी में वोटों की छंटनी और गिनती का काम शुरू होगा। चूंकि एमएलसी चुनाव में प्राथमिकता के आधार पर वोटिंग (प्रिफरेंशियल वोटिंग) होती है, इसलिए परिणाम आने में थोड़ा वक्त लग सकता है। प्रशासनिक अमले ने स्पष्ट किया है कि पूरी पारदर्शिता के साथ काउंटिंग प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा और हर राउंड के बाद आधिकारिक आंकड़े मीडिया व सार्वजनिक मंचों पर साझा किए जाएंगे।राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा और भविष्य की सियासी दिशा पर असरइन 28 विधान परिषद सीटों के नतीजे केवल कुछ चेहरों की जीत-हार तय नहीं करेंगे, बल्कि यह आने वाले समय की राजनीतिक दिशा तय करने में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में इन चुनावों को विधानसभा चुनावों या बड़े राजनीतिक बदलावों से पहले का सेमीफाइनल माना जा रहा है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र हमेशा से बुद्धिजीवियों का गढ़ माने जाते हैं, इसलिए यहाँ जीत दर्ज करने वाले दल को वैचारिक रूप से भी बढ़त मिलती हुई महसूस होती है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि ऊंट किस करवट बैठता है और बाजी किसके हाथ लगती है, जिसके लिए बस कुछ ही घंटों का इंतजार और बाकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:30 pm

हादसा या चूक? राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों की टक्कर की जांच करेगी SIT

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राहुल गांधी के काफिले की पीछे चल रही गाड़ियों की टक्कर हुई. पुलिस महानिदेशक ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया है जो दुर्घटना के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और किसी भी लापरवाही की जांच करेगी.

आज तक 26 Oct 2026 1:29 pm

दिल्ली मेट्रो महा विस्तार: 279 KM में 16 नए रूट बनेंगे, नजफगढ़, मीठापुर-करावल से नरेला-बवाना, रोहिणी तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी, DDA मीटिंग में मुहर

दिल्ली मेट्रो के महा विस्तार के तहत 16 नए रूट निर्माणाधीन या प्रस्तावित हैं. इसमें 279 किलोमीटर के नेटवर्क विस्तार का काम तेज करने का फैसला हुआ है. दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत ट्रांसपोर्ट विभाग, डीडीए और डीएमआरसी मेट्रो कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए काम करेंगे.

NDTV इंडिया 26 Oct 2026 1:29 pm

अरुणाचल पर जमीन हड़पने की नापाक साजिश और ग्लोबल टाइम्स का झूठा प्रोपेगैंडा

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर तनाव के बीच ड्रैगन का एक बेहद शातिर और दोहरा चरित्र एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका है। एक तरफ जहां चीनी पीपुल्स लिबरनेशन आर्मी यानी पीएलए अरुणाचल प्रदेश से सटी भारतीय सीमा के पास चुपचाप अवैध बस्तियां बसाने, फॉरवर्ड मिलिट्री बेस तैयार करने और सामरिक बुनियादी ढांचे का जाल बिछाकर जमीन हड़पने के नापाक खेल में जुटी है, वहीं दूसरी ओर चीन का सरकारी और प्रोपेगैंडा अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' दुनिया के सामने शांति का मसीहा बनने का ढोंग रच रहा है। चीनी मीडिया के इन पाखंडी लेखों और संपादकीय का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों में धूल झोंकना और अपनी विस्तारवादी आक्रामकता पर पर्दा डालना है। लेकिन भारतीय रक्षा मंत्रालय, सुरक्षा एजेंसियों और कूटनीतिक विशेषज्ञों के लिए चीन की यह चाल अब कोई नई बात नहीं है, क्योंकि वे ड्रैगन की कथनी और करनी के इस बड़े अंतर को भली-भांति समझते हैं और हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।अरुणाचल सीमा पर चीन की 'सलामी स्लाइसिंग' नीति और गांवों को बसाने का खौफनाक खेलचीन की हमेशा से यह फितरत रही है कि वह बिना कोई बड़ा युद्ध लड़े धीरे-धीरे पड़ोसी देशों की जमीन पर अतिक्रमण करता है, जिसे कूटनीति की भाषा में 'सलामी स्लाइसिंग' कहा जाता है। अरुणाचल प्रदेश के सीमाई इलाकों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान चीन ने जिस बड़े पैमाने पर तिब्बत की तरफ से 628 सामरिक गांवों का निर्माण किया है और उनमें नागरिकों को लाकर बसाया है, वह सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता के लिए एक बड़ा खतरा है। इन तथाकथित 'वेल-ऑफ विलेजेस' का इस्तेमाल भविष्य में फॉरवर्ड मिलिट्री शेल्टर और रसद डिपो के रूप में किए जाने की पूरी आशंका है। एक तरफ चीन सरहद के बिल्कुल मुहाने पर अपनी जनसांख्यिकी और भौगोलिक स्थिति को बदलने के लिए इस प्रकार के अवैध निर्माण कर रहा है, और दूसरी तरफ उसके सरकारी अखबारों में यह राग अलापा जा रहा है कि बीजिंग पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और आर्थिक सहयोग चाहता है। ड्रैगन का यह पाखंड उसकी दोहरी मानसिकता का सबसे बड़ा प्रमाण है।ग्लोबल टाइम्स के जरिए वैश्विक बिरादरी को गुमराह करने का मनोवैज्ञानिक प्रोपेगैंडाचीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्य पत्र ग्लोबल टाइम्स का यह नया ढोंग वास्तव में एक सोची-समझी मनोवैज्ञानिक युद्ध नीति का हिस्सा है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन की आक्रामक नीतियों, ताइवान के मुद्दे या भारत के साथ सीमा विवाद पर चौतरफा थू-थू होती है, तब चीनी प्रोपेगैंडा मशीनरी सक्रिय हो जाती है। अखबारों में ऐसे आलेख छापे जाते हैं जिनमें यह साबित करने की कोशिश की जाती है कि चीन क्षेत्रीय स्थिरता का सबसे बड़ा समर्थक है और एशिया में शांति बनाए रखना चाहता है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। एलएसी के करीब राडार स्टेशन, उन्नत संचार नेटवर्क, सैनिक ठिकाने और पक्की सड़कें बनाने वाला देश अचानक शांतिदूत होने का नाटक करे, तो दुनिया का कोई भी समझदार देश इस पर भरोसा नहीं कर सकता। भारत ने हमेशा दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि जब तक सीमा पर पूरी तरह से शांति और यथास्थिति बहाल नहीं होती, तब तक इस तरह के झूठे मीडिया स्टंट और प्रोपेगैंडा का कोई मतलब नहीं है।भारत की अटूट सामरिक तैयारी और पूर्वोत्तर सीमा पर अभेद्य सुरक्षा का चक्रव्यूहआज का आधुनिक और सशक्त भारत चीन के इस मनोवैज्ञानिक और मीडिया छलावे में आने वाला नहीं है। नई दिल्ली ने अरुणाचल प्रदेश और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी सैन्य क्षमताओं, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक तैयारियों को इतना मजबूत कर लिया है कि किसी भी चीनी दुस्साहस का तुरंत और मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन यानी बीआरओ ने दुर्गम पहाड़ियों, घाटियों और अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ऑल-वेदर रोड्स, सामरिक पुलों और सुरंगों का जाल बिछा दिया है। अब भारतीय सेना के जवान और टैंक किसी भी आपात स्थिति में बहुत कम समय में फॉरवर्ड लोकेशंस पर पहुंच सकते हैं। भारत की इस आक्रामक और सतर्क रक्षा नीति ने चीन के उन तमाम सपनों पर पानी फेर दिया है जिनके सहारे वह प्रोपेगैंडा के बल पर भारतीय जमीन पर दबाव बनाने की फिराक में रहता है। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि देश की एक इंच जमीन पर भी किसी बाहरी ताक़त को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य की कूटनीतिक चुनौतियों का कड़ा यथार्थअरुणाचल सीमा पर चीन का यह दोहरा खेल आने वाले समय में दक्षिण एशिया की भू-राजनीति को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर दुनियाभर के विश्लेषकों की पैनी नजर बनी हुई है। एक तरफ चीनी अधिकारी और मीडिया शांति की झूठी कसमें खाते हैं, और दूसरी तरफ उनके सैन्य कमांडर सीमा पर नए मोर्चे खोलने की साजिश रचते हैं। भारत ने अपनी स्वतंत्र और मजबूत विदेश नीति के दम पर यह साबित कर दिया है कि वह कूटनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर ड्रैगन को हर कदम पर कड़ी टक्कर देने में पूरी तरह सक्षम है। ग्लोबल टाइम्स के इस बड़े दिल दिखाने के ढोंग को भारत के जागरूक नागरिकों और नीति निर्माताओं ने सिरे से खारिज कर दिया है। यह स्पष्ट हो चुका है कि जब तक चीन अपनी विस्तारवादी मानसिकता और जमीन हड़पने की पुरानी आदतों को नहीं छोड़ता, तब तक उसके किसी भी प्रोपेगैंडा नाटक पर कोई विश्वास नहीं करेगा और भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से अडिग रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:28 pm

सिद्धार्थनगर में 28 अक्टूबर से बदलेगा मौसम, 30 को तेज बारिश की संभावना

सिद्धार्थनगर मौसम: बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान का असर सिद्धार्थनगर में भी साफ तौर पर दिखाई दे सकता है। आगामी 28 अक्टूबर से मौसम में बदलाव होने और बारिश की पूरी संभावना जताई गई है। सिद्धार्थनगर मौसम: क्षेत्र में आगामी 30 अक्टूबर को तेज बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है। इस बदलाव से तापमान में.

मौसम ब्रेकिंग 26 Oct 2026 1:28 pm

पीले पड़ चुके तकियों को साफ कैसे करें? तकिए की बदबू और दाग दूर करने के आसान तरीके

तकिए का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से उस पर पीले और गंदे दाग दिखाई देते हैं. ये दाग पसीने, शरीर के नेचुरल तेल, लार और स्किन से निकलने वाली गंदगी के कारण बनते हैं, जो धीरे-धीरे तकिए के अंदर तक पहुंच जाती है. यहां जानिए पीले पड़ चुके तकियों को साफ कैसे करें? तकिए की बदबू और दाग दूर करने के आसान तरीके.

NDTV इंडिया 26 Oct 2026 1:27 pm

खुफिया एजेंसी के प्रमुख दिल्ली में, तो 4 शीर्ष अधिकारी पहुंचे बीजिंग

पड़ोसी देश बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद से ही दक्षिण एशिया की कूटनीति में लगातार भूचाल आया हुआ है। इस बीच ढाका से एक बेहद चौंकाने वाली और रणनीतिक रूप से सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जो भारत और चीन दोनों के बीच कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है। बांग्लादेश की शीर्ष खुफिया एजेंसी के प्रमुख अचानक चुपचाप दिल्ली के दौरे पर पहुँचे हैं, ताकि भारतीय सुरक्षा और कूटनीतिक तंत्र के साथ बिगड़े हुए रिश्तों को पटरी पर लाया जा सके। लेकिन इसी के साथ दूसरी तरफ, बांग्लादेशी सेना और प्रशासन के चार वरिष्ठ व अति संवेदनशील अधिकारी बीजिंग की यात्रा पर रवाना हो गए हैं, जहाँ वे चीन के सैन्य और खुफिया आकाओं के साथ गुप्त वार्ताओं में जुटे हुए हैं। एक ही समय पर देश के दो सबसे बड़े पड़ोसी और धुर विरोधी महाशक्तियों—भारत और चीन—को एक साथ साधने की यह दोहरी कूटनीति इस बात का साफ संकेत देती है कि ढाका की नई अंतरिम या सत्तासीन व्यवस्था अभी भी गहरे असमंजस और अवसरवादी राजनीति के दौर से गुजर रही है।भारत के साथ रिश्तों में जमी बर्फ पिघलाने की मजबूरी और दिल्ली का दौराबांग्लादेश के लिए भारत केवल एक पड़ोसी देश नहीं, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था, ऊर्जा जरूरतों, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला का सबसे बड़ा और अनिवार्य जीवन रेखा रहा है। पिछले कुछ महीनों में भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई खटास और कड़वाहट के कारण ढाका की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसी गंभीर यथार्थ को समझते हुए बांग्लादेशी खुफिया एजेंसी के शीर्ष प्रमुख ने बिना किसी बड़े मीडिया शोरगुल के नई दिल्ली की गुप्त और महत्वपूर्ण यात्रा की है। इस उच्चस्तरीय दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र के बीच आपसी विश्वास को बहाल करना, खुफिया जानकारियों का साझा आदान-प्रदान शुरू करना और सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते तनाव को कम करना है। दिल्ली के रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेश की मौजूदा व्यवस्था यह अच्छी तरह समझ चुकी है कि भारत को पूरी तरह से नजरअंदाज करके देश में स्थिरता लाना असंभव है, और यही वजह है कि वे कूटनीतिक मोर्चे पर समझौते और संवाद का रास्ता तलाशने के लिए मजबूर हो गए हैं।बीजिंग भेजे गए 4 वरिष्ठ अधिकारी: चीन के पाले में गोटियां फिट करने की चालएक तरफ जहां खुफिया प्रमुख दिल्ली में भारत को यह विश्वास दिलाने में जुटे हैं कि बांग्लादेश द्विपक्षीय संप्रभुता का सम्मान करता है, वहीं दूसरी तरफ ठीक उसी समय चार उच्चाधिकारियों के एक विशेष दल का बीजिंग पहुँच जाना कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े करता है। चीन लंबे समय से बांग्लादेश में अपने रणनीतिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए अरबों डॉलर के बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स, बंदरगाहों के विकास और सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति का जाल बिछाता रहा है। बीजिंग जाने वाले इन चार अधिकारियों का एजेंडा पूरी तरह से चीन के साथ रणनीतिक, सैन्य और तकनीकी सहयोग को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है। विश्लेषकों का कहना है कि ढाका की यह दोहरी चाल इस पुरानी कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वे भारत से आर्थिक और भौगोलिक मजबूरियों के कारण दूरी नहीं बना सकते, लेकिन चीन की वित्तीय मदद और सामरिक दबाव के आगे झुककर अपनी सामरिक निष्ठा को बीजिंग के पाले में भी बंधक बनाए रखना चाहते हैं।दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में बांग्लादेश का यह खतरनाक संतुलन का खेलदक्षिण एशिया के इस संवेदनशील भू-राजनीतिक परिदृश्य में बांग्लादेश की यह 'बैलेंसिंग एक्ट' यानी संतुलन साधने की नीति क्षेत्र की स्थिरता के लिए एक नया सिरदर्द बन गई है। किसी भी देश के लिए दो महाशक्तियों के बीच इस तरह की दोहरी कूटनीति चलना अल्पकालिक लाभ तो दे सकती है, लेकिन लंबे समय में यह देश के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। भारत अपनी उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर सुरक्षा को लेकर अत्यंत संवेदनशील है, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा के लिहाज से ढाका का रुख भारत के लिए बहुत मायने रखता है। यदि बांग्लादेश चीन के इशारों पर भारत विरोधी गतिविधियों या रणनीतिक घुसपैठ को बढ़ावा देने का प्रयास करता है, तो नई दिल्ली भी अपनी तरफ से कड़े और स्पष्ट आर्थिक व सामरिक प्रतिबंधों का रुख अपनाने से पीछे नहीं हटेगी। दूसरी ओर, चीन कभी भी मुफ्त में मदद नहीं करता और वह बांग्लादेश को अपने 'डेट ट्रैप' यानी कर्ज के जाल में फंसाकर बंगाल की खाड़ी में अपनी नौसैनिक उपस्थिति मजबूत करने की फिराक में है, जो खुद ढाका की संप्रभुता के लिए भविष्य में बड़ा खतरा बन सकता है।भारत और चीन के बीच उलझा बांग्लादेश, आने वाले दिनों में क्या होंगे परिणामकुल मिलाकर, बांग्लादेश की खुफिया एजेंसी प्रमुख का दिल्ली दौरा और चार अधिकारियों का बीजिंग जाना इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि ढाका के हुक्मरान इस वक्त भयंकर कूटनीतिक दुविधा और अवसरवादिता के शिकार हैं। वे एक ही समय पर भारत के साथ व्यापारिक व सुरक्षा रिश्तों को भी बचाए रखना चाहते हैं और चीन के पैसों व हथियारों के लालच से भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस प्रकार की दोहरी नाव की सवारी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकती। भारत ने हमेशा पड़ोसी पहले की नीति के तहत हर संकट में बांग्लादेश का साथ दिया है, लेकिन यदि वहां की सरकार अपनी कूटनीति में स्पष्टता नहीं लाती है और चीन के जरिए भारत की सुरक्षा हितों को प्रभावित करने की कोशिश करती है, तो नई दिल्ली इस दोहरे खेल का करारा और निर्णायक जवाब देने के पूरी तरह सक्षम है। आने वाले कुछ सप्ताह इस बात का फैसला करेंगे कि बांग्लादेश अपनी इस ढुलमुल और चालबाज नीतियों के सहारे किधर जाता है और क्षेत्रीय कूटनीति का ऊंट किस करवट बैठता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:27 pm

आईडीएफ चीफ ने नेतन्याहू का ईरान पर हमले का आदेश मानने से साफ किया इनकार

पश्चिम एशिया के सबसे शक्तिशाली और सामरिक रूप से संवेदनशील देश इजरायल से इस वक्त एक बहुत बड़ी, चौंकाने वाली और भूचाल ला देने वाली खबर सामने आ रही है। इजरायली राजनीतिक गलियारों और सैन्य मुख्यालय के बीच इन दिनों एक ऐसा 'अभूतपूर्व टकराव' देखने को मिल रहा है, जिसने देश के आंतरिक और बाहरी सुरक्षा ढांचे को हिलाकर रख दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायली सेना यानी आईडीएफ (IDF) के प्रमुख ने देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा ईरान पर एक और बड़े सैन्य हमले के लिए दिए गए सीधे आदेश को मानने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। दशकों के इजरायली इतिहास में यह पहला ऐसा मौका है जब देश की राजनीतिक कार्यपालिका और सैन्य नेतृत्व के बीच इतना गहरा मतभेद खुलकर सतह पर आया है। इस हाई-प्रोफाइल गतिरोध ने न केवल इजरायली रक्षा तंत्र की पोल खोल दी है, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध के मोर्चे पर एक नए और बड़े राजनीतिक संकट को भी जन्म दे दिया है।प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सैन्य कमान के बीच बढ़ता तनावइजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पिछले काफी समय से अपनी आक्रामक और आवरणहीन सैन्य रणनीतियों के लिए जाने जाते रहे हैं। गाजा और लेबनान के बाद अब उनका मुख्य फोकस क्षेत्रीय स्तर पर ईरान के खिलाफ एक निर्णायक और बड़े पैमाने पर सैन्य प्रहार करने का है। लेकिन इस बार बेंजामिन नेतन्याहू के इन आक्रामक इरादों को देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और खुद सेना प्रमुख का कड़ा प्रतिरोध झेलना पड़ रहा है। आईडीएफ चीफ और अन्य वरिष्ठ कमांडरों का स्पष्ट मानना है कि लगातार कई मोर्चों पर महीनों से चल रहे भीषण युद्ध के कारण इजरायली सेना के संसाधन, गोला-बारूद और सैनिकों की मानसिक व शारीरिक क्षमता अपनी सीमा तक पहुंच चुकी है। ऐसे समय में ईरान जैसे भारी-भरकम और रणनीतिक रूप से सुसज्जित देश के खिलाफ बिना सोचे-समझे कोई भी नया सैन्य अभियान छेड़ना देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और आत्मघाती जुआ साबित हो सकता है।आईडीएफ चीफ का कड़ा रुख और ईरान पर हमले को लेकर जमीनी यथार्थइजरायली सेना के शीर्ष नेतृत्व का यह मानना है कि देश को इस वक्त लगातार चल रहे युद्धों से उबारने और अपनी आंतरिक रक्षा प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है, न कि क्षेत्रीय तनाव को और अधिक बढ़ावा देने की। ईरान के पास जिस प्रकार की उन्नत मिसाइलें, ड्रोन नेटवर्क और परमाणु कार्यक्रम की क्षमताएं हैं, उसके खिलाफ अकारण युद्ध मोल लेना इजरायल की अर्थव्यवस्था और जनजीवन के लिए भारी आपदा ला सकता है। सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री के आदेश को दरकिनार करते हुए यह तर्क दिया है कि सैन्य ताकत का इस्तेमाल केवल देश की तात्कालिक रक्षा के लिए होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को साधने के लिए। सेना के इस साहसी और कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इजरायली सैनिक और कमांडर केवल राजनीतिक दबाव के आगे झुककर देश को खतरे में डालने को तैयार नहीं हैं, बल्कि वे राष्ट्रीय हित और जमीनी हकीकत को सर्वोपरि मान रहे हैं।क्षेत्रीय भू-राजनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं पर इस टकराव का असरइजरायल के भीतर चल रहे इस अभूतपूर्व राजनीतिक और सैन्य संघर्ष का असर केवल तेल अवीव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी गूंज वाशिंगटन से लेकर तेहरान तक सुनाई दे रही है। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश जो लगातार इजरायल की सैन्य रणनीतियों के साझीदार रहे हैं, वे भी इस बात से चिंतित हैं कि यदि इजरायल के भीतर ही सरकार और सेना आमने-सामने आ गईं, तो पश्चिम एशिया का संतुलन पूरी तरह से चरमरा जाएगा। ईरान और उसके समर्थक गुट भी इजरायल के इस आंतरिक मतभेद पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस टकराव से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है, क्योंकि यदि देश की सेना ही उनके फैसलों पर सवाल उठाने लगे, तो उनका भविष्य अधर में लटक सकता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि युद्ध की आग में झुलस रहे देश में भी लोकतंत्र और संस्थागत संतुलन की अपनी एक अलग ताकत होती है।इजरायली लोकतंत्र और भविष्य के राजनीतिक समीकरणों पर मंडराते बादलइस बड़े आंतरिक संकट के बाद अब इजरायल की राजनीति में एक नए भूचाल के आने की पूरी संभावना बन गई है। जनता और विपक्ष के बीच पहले से ही नेतन्याहू सरकार की नीतियों को लेकर भारी असंतोष व्याप्त था, और अब सेना के साथ सीधा टकराव सामने आने के बाद सरकार पर इस्तीफे का दबाव और अधिक बढ़ गया है। इजरायली नागरिक अब यह सवाल पूछने लगे हैं कि क्या व्यक्तिगत राजनीतिक हितों के लिए देश के सैनिकों और सुरक्षा को दांव पर लगाया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बेंजामिन नेतन्याहू इस अभूतपूर्व सैन्य विद्रोह और राजनीतिक संकट से कैसे पार पाते हैं। एक बात बिल्कुल स्पष्ट है कि इस घटना ने इजरायल के रक्षा इतिहास में एक ऐसा काला अध्याय जोड़ दिया है, जो आने वाले लंबे समय तक देश की राजनीति और सामरिक नीतियों को गहराई से प्रभावित करता रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:26 pm

Democracy बचाने का संघर्ष: Mallikarjun Kharge ने RTI खुलासों के बाद Mega Rally का किया बड़ा आह्वान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को भाजपा पर अपना हमला और तेज कर दिया। उन्होंने देश भर के नागरिकों से एक भावपूर्ण सार्वजनिक अपील की और उनसे 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली में शामिल होने का आग्रह किया, जिसका आयोजन 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन द्वारा किया जा रहा है। X पर अपनी अपील पोस्ट करते हुए, खड़गे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा रही है, जबकि उन पर मतदाताओं को व्यवस्थित रूप से रोकने और डिजिटल गड़बड़ियां करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। इसे भी पढ़ें: गिरता ही जा रहा है कांग्रेस की राजनीति का स्तर, खड़गे के बयान पर भड़के राजनाथ सिंह, कहा- मर्यादा न लांघें हाल ही में सामने आए खुलासों और सूचना के अधिकार (RTI) आवेदनों पर मिले जवाबों का हवाला देते हुए, कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) दोनों पर कड़े आरोप लगाए। खड़गे ने कहा कि वोट चोरी के अनगिनत खुलासों के बाद भी, मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए हर संभव हथकंडा अपना रही है! उन्होंने आगे कहा कि जब RTI के जरिए SIR में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी मांगी गई, तो चुनाव आयोग ने 'व्यापारिक गोपनीयता' (ट्रेड सीक्रेट्स) का हवाला देकर जवाब देने से इनकार कर दिया। उत्तर प्रदेश में, फॉर्म-6 के 16.18 लाख आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। पीलीभीत में, 10,470 मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां पाई गईं। अब, उन्हें पूरे राज्य में फॉर्म 6, 7 और 8 की जांच का आदेश देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। विपक्ष के गठबंधन ने बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत के खिलाफ अपनी मांगों का चार्टर पेश किया है। खड़गे ने तीन मुख्य मांगें दोहराईं: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें और 2023 का वह नियुक्ति कानून पूरी तरह रद्द किया जाए जो उन्हें कानूनी सुरक्षा देता है; SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) सॉफ्टवेयर/प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए, मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम वापस जोड़े जाएं, और भविष्य के सभी चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की जगह पेपर बैलेट का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने लिखा कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत के खिलाफ INDIA गठबंधन की तीन मुख्य मांगें स्पष्ट हैं: 1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और उन्हें सुरक्षा देने वाला 2023 का कानून रद्द किया जाए। 2. SIR को तुरंत रोका जाए। मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए लोगों के नाम वापस जोड़े जाएं। 3. सभी चुनाव पेपर बैलेट से कराए जाएं। कांग्रेस अध्यक्ष ने 1 नवंबर के प्रदर्शन को केवल चुनावी विवाद नहीं, बल्कि संविधान को बचाने की एक बड़ी लड़ाई बताते हुए लोगों से इसमें बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। खड़गे ने कहा कि यह सिर्फ वोट बचाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता का संघर्ष है। मैं देश के हर जागरूक नागरिक से अपील करता हूं - 1 नवंबर को दिल्ली आएं! रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ-देश बचाओ' जन मार्च और विशाल रैली में शामिल हों। जय हिंद! जय संविधान! इसे भी पढ़ें: Mallikarjun Kharge के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ बयान से भड़की BJP, NDA नेताओं ने साधा निशाना यह रैली का आह्वान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस नेतृत्व के भीतर इस बात पर आंतरिक चर्चा चल रही है कि दिल्ली के स्थानीय व्यापार संगठनों की उस अपील को माना जाए या नहीं, जिसमें उन्होंने त्योहारों के दौरान खरीदारी के सीजन के खत्म होने तक इस कार्यक्रम को टालने का अनुरोध किया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर अपनी बात रखी गई थी।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 1:26 pm

एक ऑडियो, 500 करोड़ और मनोज जरांगे: संजय राउत ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी, ED जांच कराने की मांग

संजय राउत का यह पत्र मनोज जरांगे की ओर से पिछले हफ्ते जारी की गई उस कथित ऑडियो क्लिप के बाद आया है, जिसने महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया था।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Oct 2026 1:25 pm

ईरान बॉर्डर बंद करने पर प्रोफेसर ने खोली असीम मुनीर की पोल

दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में इन दिनों एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला घटनाक्रम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है। पाकिस्तान और उसके पड़ोसी इस्लामिक देश ईरान के बीच सीमाई इलाकों में लगातार बढ़ते तनाव और बॉर्डर सील करने की नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी बहस छिड़ गई है। इस बीच, एक जाने-माने भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर ने पाकिस्तान के मौजूदा सैन्य तानाशाह और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की पोल खोलते हुए उनकी नीतियों का पर्दाफाश किया है। प्रोफेसर का साफ तौर पर कहना है कि पाकिस्तान द्वारा ईरान के साथ अपनी सीमाओं को बंद करने और वहां सुरक्षा दीवारें खड़ी करने के पीछे कोई आतंकवाद विरोधी नीति नहीं, बल्कि एक गहरी भू-राजनीतिक और आंतरिक मजबूरी छिपी हुई है। वाशिंगटन और पश्चिमी कूटनीतिक गलियारों में इस खुलासे के बाद पाकिस्तानी सेना की कार्यप्रणाली और उसकी दोहरी कसरतों पर फिर से बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, जिससे इस्लामाबाद के हुक्मरानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।ईरान-पाकिस्तान सीमा सील होने के पीछे का असली और छिपा हुआ सचपिछले कुछ महीनों से ईरान और पाकिस्तान की साझा सीमा पर तनाव लगातार चरम पर पहुंच चुका है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक आवाजाही, प्रवासन और सुरक्षा मुद्दों को लेकर कई तरह के गतिरोध देखने को मिले हैं। पाकिस्तान सरकार और वहां के सैन्य तंत्र द्वारा यह दलील दी जा रही है कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध तस्करी और सुरक्षा कारणों से बॉर्डर को नियंत्रित करना जरूरी हो गया है। लेकिन भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर ने इस झूठे नैरेटिव की हवा निकालते हुए दुनिया के सामने यह साबित कर दिया है कि असल वजह कुछ और ही है। पाकिस्तान के भीतर लगातार सुलग रही आंतरिक अशांति, बलूचिस्तान के सुदूर इलाकों में सुलग रही सुलगती बगावत और अपनी ही जनता के आक्रोश से घबराई पाकिस्तानी सेना अब खुद को बचाने के लिए इन सीमाओं को बंद कर रही है। जनरल असीम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी फौज अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है ताकि पड़ोसी मुल्कों के साथ चल रहे तनाव को बहाना बनाकर देश की जनता का ध्यान भटकाया जा सके।जनरल असीम मुनीर की दमनकारी रणनीतियाँ और बलूचिस्तान का सुलगता संकटपाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के शासनकाल में देश के भीतर मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे प्रांतों में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों और दमनकारी अभियानों के कारण स्थानीय आबादी का गुस्सा सातवें आसमान पर है। बलूच विद्रोही लगातार पाकिस्तानी सेना के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, और सीमा पार ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के साथ उनके सांस्कृतिक व पारिवारिक रिश्ते इस संघर्ष को और अधिक व्यापक बनाते हैं। पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व को इस बात का हमेशा डर सताता रहता है कि कहीं सीमा के दोनों तरफ रहने वाले बलूच समुदाय एकजुट होकर उनके खिलाफ कोई बड़ा सशस्त्र आंदोलन न छेड़ दें। इसी खौफ के चलते जनरल मुनीर ने ईरान के साथ लगने वाली सीमा पर अवरोध पैदा करने और उसे बंद करने की यह सोची-समझी रणनीति अपनाई है, ताकि बलूचिस्तान के भीतर चल रहे स्वतंत्रता संग्राम की आवाज़ों को बाहरी दुनिया तक पहुँचने से रोका जा सके।वैश्विक कूटनीति पर इस सीमा विवाद और भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर के खुलासे का प्रभावएक भारतीय-अमेरिकी रणनीतिकार द्वारा जनरल असीम मुनीर की इस चालाकी को दुनिया के सामने उजागर किए जाने से अमेरिका और पश्चिमी देशों के थिंक-टैंक में भी बड़ी हलचल पैदा हो गई है। पश्चिमी देश हमेशा से पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक सहयोगी के रूप में देखते आए हैं, लेकिन अब अकादमिक और कूटनीतिक स्तर पर यह बात पूरी तरह साफ होने लगी है कि पाकिस्तानी सेना केवल अपने निजी और संस्थागत हितों को सुरक्षित रखने के लिए क्षेत्रीय स्थिरता को दांव पर लगा रही है। ईरान जैसी क्षेत्रीय ताकत के साथ सीमा बंद करने के इस फैसले से न केवल पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि मध्य एशिया और पश्चिम एशिया के बीच होने वाले व्यापारिक गलियारे भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। जनरल मुनीर की इस अदूरदर्शिता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तानी हुक्मरान अपनी कुर्सी बचाने के लिए पूरे देश को गर्त में धकेलने से भी गुरेज नहीं करते हैं।कूटनीतिक मोर्चे पर मात खाता पाकिस्तान और उसके भविष्य के संकटयह पूरा वाकया इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पाकिस्तान अब अंदरूनी और बाहरी दोनों मोर्चों पर पूरी तरह से घिर चुका है। एक तरफ जहाँ उसकी अर्थव्यस्था वेंटिलेटर पर है और देश के भीतर जनता महंगाई व भुखमरी से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ जनरल असीम मुनीर अपनी तानाशाहीक प्रवृत्ति को बनाए रखने के लिए झूठे सुरक्षा दावों की आड़ ले रहे हैं। भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर द्वारा खोली गई इस पोल ने पाकिस्तानी सेना के उस नकाब को भी खींच लिया है जिसके पीछे वे अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश करते थे। आने वाले दिनों में यदि पाकिस्तान ने अपनी इन दमनकारी और संकीर्ण नीतियों में सुधार नहीं किया, तो बलूचिस्तान और अन्य सीमावर्ती प्रांतों का यह सुलगता असंतोष देश के विघटन का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी अब पाकिस्तान के इन हथकंडों को भली-भांति समझ चुका है, और वह दिन दूर नहीं जब जनरल मुनीर की इन चालबाजियों का हिसाब पूरी दुनिया के सामने कड़े शब्दों में लिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Oct 2026 1:25 pm

दिल्ली-एनसीआर बारिश: AQI में सुधार, फिर बढ़ सकता है प्रदूषण

दिल्ली-एनसीआर बारिश: दिल्ली-एनसीआर में शनिवार रात और रविवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई है। बारिश ने हवा में मौजूद कणों को साफ किया, जिससे तापमान में कमी आई और हवा की गुणवत्ता में अस्थायी सुधार हुआ है। शनिवार, 24 अक्टूबर की देर रात से रविवार, 25 अक्टूबर तक दिल्ली, नोएडा.

मौसम ब्रेकिंग 26 Oct 2026 1:25 pm

Rahul Gandhi के काफिले में वाहनों की टक्कर मामले में UP Police ने SIT गठित की

उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रहे वाहनों की टक्कर की घटना की जांच के लिए विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) गठित किया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर गठित एसआईटी घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी। यह हादसा उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सुलतानपुर में मानहानि के एक मामले में अदालत में पेश होने जा रहे थे। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, एसआईटी की अध्यक्षता लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. करेंगे जबकि सुलतानपुर के अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह और सुलतानपुर के यातायात पुलिस उपाधीक्षक राम कृष्ण चतुर्वेदी इसके सदस्य होंगे। बयान के अनुसार, एसआईटी को दुर्घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच करने के साथ यह भी पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि सुरक्षा व्यवस्था या यातायात नियंत्रण में कोई लापरवाही या चूक तो नहीं हुई। बयान के मुताबिक, जांच दल को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक उपाय सुझाने का भी निर्देश दिया गया है। एसआईटी सभी पहलुओं की जांच कर जल्द से जल्द पुलिस मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार सुबह राहुल गांधी के काफिले में शामिल कुछ वाहन पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आपस में टकरा गए। यह घटना सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर हुई जब राहुल गांधी सुलतानपुर जा रहे थे। अधिकारी के मुताबिक, काफिले में सबसे आगे चल रही स्थानीय कांग्रेस नेताओं की एक निजी गाड़ी ने किसी अज्ञात कारण से अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे पीछे चल रहे वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। पुलिस ने बताया कि टक्कर में शामिल कुछ वाहन रास्ते में काफिले से जुड़े थे, जिनमें पड़ोसी अमेठी जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित अन्य लोग सवार थे। अधिकारी ने बताया कि हादसे में राहुल गांधी सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि घटना गंभीर नहीं थी और इसमें किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 1:23 pm

गोलियों से गूंजता पंजाब! मोगा से अमृतसर तक, एक महीने में फायरिंग की 10 वारदात

मोगा में एसयूवी से आए हमलावरों ने घर के बाहर बैठे युवाओं पर गोलियां चलाईं, जिसमें 2 लोगों की मौत हुई और 1 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना पंजाब में हाल के दिनों में सामने आए कई गोलीबारी मामलों में शामिल है, जिनका पुलिस के पास कोई एक साथ जुटाया गया आंकड़ा उपलब्ध नहीं है.

आज तक 26 Oct 2026 1:22 pm

Maharishi Valmiki Jayanti: रामायण में वर्णित 4 जड़ी-बूटियां, जानें संजीवनी बूटी और उनके इस्‍तेमाल का तरीका

Maharishi Valmiki Jayanti पर जानें रामायण में वर्णित संजीवनी बूटी, संधानी, विशल्यकरणी और सुवर्णकरणी समेत 4 प्रमुख जड़ी-बूटियों के पारंपरिक उपयोग.

NDTV इंडिया 26 Oct 2026 1:21 pm

1 नवंबर से दिल्ली में लागू होंगे यह 5 नियम, BS-4 गाड़ियों पर रोक, वर्क फ्रॉम होम किया जाएगा लागू

दिल्ली में बढ़ते हुए प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए 1 नवंबर से कई बदलाव होने वाले हैं. प्रेट्रोल-डीजल के वाहनों पर बैन लगेगा, जबकि पराली को लेकर भी टीमें तैनात होगी. साथ ही कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम दिया जाएगा.

NDTV इंडिया 26 Oct 2026 1:20 pm

IPL में चमके, टीम इंडिया में तरसे... भुवी को क्यों देनी पड़ी नसीहत?

IPL में RCB को लगातार दो खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले भुवनेश्वर कुमार न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अब तक महंगे साबित हुए हैं. दो मैचों में 99 रन देने के बाद गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्केल ने उन्हें बाहरी उम्मीदों को नजरअंदाज कर अपने खेल पर ध्यान देने की सलाह दी है.

आज तक 26 Oct 2026 1:19 pm

दिवाली पर घर चमकाने का मौका! ₹1,199 में मिल रहा वैक्यूम क्लीनर

दिवाली से पहले घर की सफाई करने का प्लान है, तो ₹1,199 वाला यह वैक्यूम क्लीनर आपके काम आ सकता है. Pigeon के इस डिवाइस में 2-in-1 क्लीनिंग फीचर और 600W की मोटर मिलती है. जानिए इसकी कीमत, फीचर्स और कैसे यह घर की सफाई आसान बना सकता है.

आज तक 26 Oct 2026 1:19 pm

'कार में 4 लोग सवार थे, टक्कर मारते ही 3 भागे...'; केरलम में मर्सिडीज हादसे में पीड़ित परिवार का आरोप

केरलम के कोच्चि में एक जज के नाबालिग बेटे की मर्सिडीज से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।

जागरण 26 Oct 2026 1:17 pm

12 भाषाएं बोलती है असिन की 7 बेटी, इंडस्ट्री छोड़ हाउस वाइफ बनी 100-100 करोड़ की फिल्में देने वाली हीरोइन!

असिन के पति राहुल शर्मा ने अपनी बच्ची की इंटेलिजेंस से जुड़ी ये बात शेयर की थी. उनका कहना था उन्होंने अपनी बच्ची को टीवी और मोबाइल से दूर रखा है और एंटरटेनमेंट के नाम पर सिर्फ किताबें होती हैं.

NDTV इंडिया 26 Oct 2026 1:16 pm

'शुक्र है राम ने अल्पसंख्यक को नहीं मारा...' UP चुनाव आयोग CEO ट्वीट वायरल

उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में वोटरों के नाम के साथ अजीबोगरीब गड़बड़ियां हो रही है. इस पर यूपी के मुख्य निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर सफाई भी दे रहे हैं. इस बीच लोग मतदाता सूची के ट्रांसलेशन में हो रही गड़बड़ी को लेकर आयोग पर जातिवादी होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया.

आज तक 26 Oct 2026 1:16 pm

दिल्ली-एनसीआर में बारिश और ओलावृष्टि से सुधरा एक्यूआई

दिल्ली-एनसीआर में बारिश: दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार देखा गया है, जिससे तापमान में कमी आई है और हवा साफ हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में एक्यूआई मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आगे शुष्क मौसम की संभावना जताई है।

मौसम ब्रेकिंग 26 Oct 2026 1:16 pm

सलमान के नाम पर बनेंगे लग्जरी घर, 2,500 करोड़ के प्रोजेक्ट में क्या खास

सलमान खान पंजाब में एक लग्जरी आवासीय परियोजना से जुड़े हैं, जिसमें छह टावर होंगे. यह पंजाब का पहला 'ब्रांडेड-रेजिडेंस' प्रोजेक्ट होगा और देश के किसी टियर-2 शहर में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा.

आज तक 26 Oct 2026 1:15 pm

बम धमकी के बावजूद संडे को फैंस से मिले अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन की झलक हर संडे हमें उनके घर जलसाके बाहर दिखाई देती है. कुछ ही दिनों पहले उनके घर सेजुड़ी बम की धमकी भरामेल आयाथा, जिसके बाद जलसा के बाहर सिक्योरिटी बढ़ाई गई.

आज तक 26 Oct 2026 1:13 pm

ट्रिपल मर्डर से दहला लखनऊ! पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग, 3 लोगों की मौत

राजधानी लखनऊ में पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद नेवी जवान ऋषभ शुक्ला ने फायरिंग कर दी. वारदात में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई.

NDTV इंडिया 26 Oct 2026 1:12 pm

102 में बने दूल्हा, 70 लोगों का परिवार... अब दुनिया छोड़ गए दुलीचंद

हरियाणा में ‘थारा फूफा जिंदा है’ का नारा देकर सरकारी व्यवस्था की खामियों को उजागर करने वाले दुलीचंद का 106 साल की उम्र में निधन हो गया. रोहतक के गांधरा गांव निवासी दुलीचंद को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित किए जाने के बाद बुढ़ापा पेंशन बंद हो गई थी.

आज तक 26 Oct 2026 1:11 pm

चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना

चक्रवाती तूफान: बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही चक्रवाती स्थिति के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। प्रदेश में 28 और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है, जिसे लेकर कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम ब्रेकिंग 26 Oct 2026 1:10 pm

इश्क में 'बेपरवाह' अहान, शरवरी संग प्यार में करेंगे सारी हदें पार!

सैयारा से हिट हुए अहान पांडे ने अपनी नई फिल्म बेपरवाह अनाउंस कर दी है. इसका एक मोशन पोस्टर रिलीज किया गया है, जिसमें उन्हें शरवरी वाघ के साथ देखा जा सकता है. फिल्म की रिलीज डेट भी सामने आई है.

आज तक 26 Oct 2026 1:10 pm

चीन में हो क्या रहा? सोना खरीदने को रिकॉर्ड भीड़, सब्जी मंडी जैसा नजारा!

China Gold Buying Record Crowd: जैसे किसी सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने वालों की भीड़ देखने को मिलती है, ठीक ऐसा ही नजारा चीन में देखने को मिला है, फर्क इतना है कि ये सब्जी मार्केट नहीं, बल्कि गोल्ड मार्केट है, जहां रिकॉर्ड भीड़ खरीदारी के लिए पहुंची है.

आज तक 26 Oct 2026 1:09 pm

कटियारी में बेमौसम बारिश से धान की फसल खराब

कटियारी में बेमौसम बारिश: कटियारी में बेमौसम बारिश के कारण हरदोई के कटियारी क्षेत्र में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है और उपज प्रभावित हुई है।

मौसम ब्रेकिंग 26 Oct 2026 1:07 pm

'अखिलेश को घुसपैठियों से प्यार', कानपुर में गरजे CM योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने विपक्ष को घुसपैठियों से प्यार करने वाला बताते हुए किसानों, युवाओं और दलितों का अपमान करने का आरोप लगाया.

आज तक 26 Oct 2026 1:07 pm

बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र, चक्रवाती तूफान की आशंका

24 अक्टूबर 2026 का मौसम पूर्वानुमान: 24 अक्टूबर 2026 का मौसम पूर्वानुमान, मौसम ब्रेकिंग (संपूर्ण भारत): बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण चक्रवाती तूफान की आशंका जताई गई है, जबकि दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम ब्रेकिंग 26 Oct 2026 1:06 pm

यूपी: राहुल गांधी के काफिले में हुए हादसे की होगी एसआइटी जांच, तीन सदस्यीय टीम गठित

राहुल गांधी के सुल्तानपुर दौरे के दौरान काफिले के पीछे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना की जांच के लिए यूपी पुलिस ने तीन सदस्यीय SIT गठित की है।

देशबन्धु 26 Oct 2026 1:05 pm

सैटेलाइट की नजर में कैद तूफान अर्नब, घूमते बादलों में छिपा बड़ा खतरा

सैटेलाइट तस्वीरों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात अर्नब का खतरनाक रूप दिखाई दिया है. तूफान तेजी से ताकतवर हो रहा है और 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है. तेज हवाओं को लेकर रेड अलर्ट जारी है.

आज तक 26 Oct 2026 1:04 pm