छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहाँ मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़े नीट (NEET) की मेरिट लिस्ट में भारी अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप लगाए जा रहे हैं। राज्य में चिकित्सा शिक्षा के प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों के बीच भारी असंतोष व्याप्त है, जिसके बाद अब छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने सरकार और संबंधित प्राधिकरण के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के तहत आज रायपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने का बड़ा ऐलान किया गया है, जिसमें हजारों की संख्या में छात्र और युवा नेता शामिल होकर अपना कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के चलते योग्य और मेधावी छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा है, जिससे पूरे प्रदेश के शैक्षणिक हलकों में हड़कंप मच गया है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में हुआ अनोखा और जोरदार हंगामाएक तरफ जहाँ मेडिकल प्रवेश परीक्षा की मेरिट लिस्ट को लेकर बवाल मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय यानी IGKV में भी छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। हाल ही में यूनिवर्सिटी के बीएससी द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) का पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद छात्रों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। इसी बीच, विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने भ्रष्टाचार और लचर प्रशासनिक व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए एक अनोखा तरीका अपनाया, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने नोटों की माला पहनकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही और कथित तौर पर चल रही अनियमितताओं के कारण विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पेपर लीक और मेरिट सूची में गड़बड़ी से छात्रों का भविष्य दांव परछत्तीसगढ़ के शैक्षणिक संस्थानों में पिछले कुछ समय से लगातार सामने आ रही धांधलियों और पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और उनके अभिभावकों की नींद उड़ा दी है। चाहे वह कृषि विश्वविद्यालय का लीक हुआ पेपर हो या फिर नीट की मेरिट लिस्ट में संभावित फेरबदल, दोनों ही मामलों ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सालों-साल दिन-रात कड़ी मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा जब इन प्रशासनिक चूकों के कारण खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं, तो उनका गुस्सा सड़कों पर फूटना लाजिमी हो जाता है। छात्रों का साफ तौर पर कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह की गड़बड़ियां होना असंभव है, इसलिए इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके।उग्र प्रदर्शन की चेतावनी और पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद तैयारियांआज होने वाले एनएसयूआई के इस विशाल प्रदर्शन को देखते हुए रायपुर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्ट्रेट कार्यालय और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था बिगड़ने की नौबत से निपटा जा सके। भारी संख्या में पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी छात्र संगठन के नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में संज्ञान लेकर पारदर्शी जांच के आदेश नहीं देते और दोषियों को बेनकाब नहीं करते, तब तक उनका यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करता रहेगा। छत्तीसगढ़ की राजनीति और छात्र संगठनों की इस सक्रियता ने राज्य सरकार की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।
IIT दिल्ली में 31 वर्षीय छात्र ने किया सुसाइड, छठी मंजिल से लगाई छलांग
IIT दिल्ली परिसर में शनिवार सुबह एक 31 वर्षीय छात्र की मौत हो गई. छात्र IIT दिल्ली के M.Sc. फिजिक्स विभाग के दूसरे वर्ष में पढ़ रहा था. पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 8:33 बजे किशनगढ़ थाने में PCR कॉल के जरिए सूचना मिली कि IIT दिल्ली कैंपस में एक छात्र इमारत से कूद कर अपनी जान दे दी है. इसके बाद से ही पुलिस जांच में जुट गई है.
CG News: खेलते-खेलते खुले कुएं में गिरा 3 साल का मासूम, डूबने से दर्दनाक मौत; परिवार में मचा कोहराम
छत्तीसगढ़ से एक बेहद दुखद और कलेजे को कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ महज तीन साल का एक मासूम बच्चा घर के पास खेलते-खेलते अचानक खुले कुएं में जा गिरा। पानी में डूबने की वजह से मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चे की हंसी और किलकारियाँ गूँज रही थीं, वहाँ अब सिर्फ चीख-पुकार और सिसकियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। यह घटना केवल एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक गहरा सदमा बनकर आई है। इस हादसे ने एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों में मौजूद खुले कुओं, बिना ढकी बावडियों और हादसों को न्योता देते गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो आए दिन मासूम जिंदगियों के लिए काल साबित हो रहे हैं।कैसे घटा हादसा: खेलते-खेलते परिजनों की आंखों से ओझल हुआ मासूमस्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, तीन वर्षीय मासूम रोज की तरह अपने घर के आंगन और आसपास के खुले परिसर में खेल रहा था। परिवार के अन्य सदस्य अपने दैनिक घरेलू कामों में व्यस्त थे और बच्चा घर की चौखट के पास ही चहलकदमी कर रहा था। इसी दौरान खेलते-खेलते अचानक बच्चे का ध्यान घर से कुछ ही दूरी पर मौजूद एक बिना ढके खुले कुएं की तरफ चला गया। कुएं के आसपास किसी भी प्रकार की पक्की मुंडेर, सुरक्षा जाली या ढक्कन की व्यवस्था नहीं की गई थी, जिसके कारण मासूम बिना किसी रुकावट के सीधे कुएं के मुहाने तक पहुँच गया। वहां खेलते समय अचानक पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने की वजह से मासूम सीधे गहरे कुएं के पानी में जा गिरा। जब काफी देर तक बच्चे की आवाज आना बंद हो गई और वह परिजनों को दिखाई नहीं दिया, तब परिजनों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ और उन्होंने उसकी तलाश शुरू की।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल और ग्रामीणों की रेस्क्यू कोशिशबच्चे को आसपास न पाकर परिजनों के हाथ-पांव फूल गए और वे घबराकर पूरे मोहल्ले में उसे ढूंढने लगे। जब गांव की गलियों में भी मासूम का कोई सुराग नहीं मिला, तब किसी अनहोनी की आशंका के तहत परिजनों का ध्यान घर के पास स्थित खुले कुएं की ओर गया। कुएं के पास जाकर जब लोगों ने टॉर्च और मोबाइल की रोशनी से अंदर झांका, तो उनके होश उड़ गए। मासूम कुएं के पानी में अचेत अवस्था में पड़ा हुआ दिखाई दे रहा था। यह दृश्य देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। चीखने-चिलाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी भारी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रस्सी और बाल्टी के सहारे कुएं में उतरकर बच्चे को बाहर निकालने के लिए तुरंत एक त्वरित रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद मासूम को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटीअचेत मासूम को तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उसकी प्राथमिक जांच की। हालांकि, फेफड़ों में अत्यधिक पानी भर जाने और दम घुटने के कारण डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि हादसे की पूरी जानकारी जुटाई जा सके।खुले कुएं और बोरवेल बने जानलेवा: प्रशासन और समाज के लिए बड़ा सवालछत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में यह कोई पहली घटना नहीं है जहाँ खुले कुएं या बिना ढके हुए बोरवेल किसी मासूम की जान के दुश्मन बने हैं। शासन-प्रशासन द्वारा समय-समय पर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जमीन मालिकों और स्थानीय प्रशासन द्वारा खुले पड़े जल स्रोतों को ढकने या सुरक्षा जाली लगाने की तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकारों के कड़े नियमों के अनुसार, किसी भी खुले कुएं या बोरवेल को बिना सुरक्षा इंतजामों के खुला रखना गैर-कानूनी है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इन नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। इस घटना ने एक बार फिर से अभिभावकों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सख्त चेतावनी दी है ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके।
Cryptocurrency fraud में जालना से फरार आरोपी गिरफ्तार, 4.3 करोड़ की थी ठगी
महाराष्ट्र के जालना जिले में पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 4.3 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में फरार 50 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बृहस्पतिवार को कोल्हापुर जिले के तलसंडे इलाके में आरोपी अमोद मेहेतकर का पता लगाया। वह वहां अपनी पहचान छिपाकर स्थानीय कॉलेज के पास छात्रों के लिए बने आवास में किराये पर रह रहा था। ईओडब्ल्यू के अनुसार, मेहेतकर और उसके सहयोगियों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने पर भारी मुनाफा दिलाने का वादा कर निवेशकों को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाया और उनसे 4.3 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाकर धोखाधड़ी की। अधिकारी ने बताया कि मेहेतकर एवं पांच अन्य लोगों के खिलाफ 18 अक्टूबर 2025 को जालना तहसील पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि मेहेतकर को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। मामले में फरार पांच अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
DMK मीटिंग में MK Stalin का CM Vijay पर हमला, TN विधानसभा को बनाया मूवी सेट
DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने शनिवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की राज्य विधानसभा में उनके व्यवहार के लिए आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय सदन को किसी फ़िल्म के सेट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं और ज़ोरदार डायलॉग बोलने पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं—यह शायद विजय के एक्टर होने की पृष्ठभूमि की ओर इशारा था। पार्टी की एक एग्जीक्यूटिव मीटिंग में बोलते हुए स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री का ज़्यादातर ध्यान DMK के कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं के नाम बदलने पर ही है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu सरकार ने Gold Ring Scheme के लिए दो आभूषण कंपनियों को दिया कार्यादेश स्टालिन ने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री हमारी शुरू की गई सभी योजनाओं के नाम बदलने में व्यस्त हैं। वह विधानसभा को सिनेमा के सेट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं और ज़ोरदार डायलॉग बोल रहे हैं। जहाँ तक हमारी बात है, हम जीतें या हारें, हम ऐसे लोग हैं जो हमेशा आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से गहराई से जुड़े रहते हैं। बैठक के दौरान, DMK ने पार्टी में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से कई प्रस्ताव पास किए और पार्टी के कई पदों के लिए तय कार्यकाल और उम्र सीमा लागू की। स्टालिन ने हालिया चुनावी हार को पार्टी के भविष्य की योजना बनाने के एक मौके के तौर पर देखा। उन्होंने कहा कि आइए इसे पार्टी के भविष्य की योजना बनाने के एक मौके के तौर पर देखें। यह पार्टी के इतिहास में एग्जीक्यूटिव कमेटी की एक बहुत अहम बैठक होने जा रही है। आपकी मंज़ूरी से, हम पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े और अहम बदलाव करने जा रहे हैं। जवाबदेही पर ज़ोर देते हुए, स्टालिन ने माना कि पार्टी पदाधिकारियों के कामकाज का हार में योगदान था और गलतियों को खुलकर मानने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने अलग-अलग चुनाव क्षेत्रों की बारीकी से जांच करने और लोगों को बदलने के बजाय, व्यापक आत्म-मूल्यांकन करने के अपने नज़रिए के बारे में बताया। उन्होंने कहा, भले ही गलती किसी एक व्यक्ति ने की हो, लेकिन इसका नुकसान 75 साल पुरानी पार्टी को उठाना पड़ता है। हार के बाद कई कारण बताए जाते हैं। हर चुनाव क्षेत्र की अलग-अलग जांच करने, कमियों की पहचान करने और बस लोगों को बदलने के बजाय, मैंने तय किया कि हमें व्यापक आत्म-मूल्यांकन करने की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar ने Mekedatu Dam पर तमिलनाडु और पुडुचेरी के हितों की रक्षा का दिया भरोसा इन प्रस्तावों में पार्टी के अलग-अलग पदों के लिए उम्र और कार्यकाल की सीमा तय की गई। ब्रांच कमेटी सेक्रेटरी के लिए ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 45 साल और कार्यकाल ज़्यादा से ज़्यादा दो टर्म तय किया गया। वार्ड कमेटियों को मज़बूत करने के लिए चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और सलेम कॉरपोरेशन और ज़रूरत के हिसाब से दूसरी नगरपालिकाओं में ब्रांच कमेटियां बनाई जाएंगी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
छत्तीसगढ़ में आगामी प्रमुख त्योहारों और पर्वों के मद्देनजर आम जनता की सुरक्षा और शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने अपनी कमर कस ली है। त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में उमड़ने वाली भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की समस्याओं से निपटने के वास्ते राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस प्रशासन ने सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों पर अंकुश लगाना और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले लापरवाह वाहन चालकों के मन में कानून का खौफ पैदा करना है। पुलिस के इस अचानक और कड़े एक्शन से शहर के मुख्य मार्गों तथा चौराहों पर वाहन चालकों के बीच हड़कंप मच गया है, जिससे लोगों में नियमों के पालन को लेकर जागरूकता भी बढ़ रही है।100 से अधिक वाहनों पर हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई और नियमों का उल्लंघनराज्य के प्रमुख शहरी इलाकों में चलाए गए इस ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने नियमों को ताक पर रखकर वाहन चलाने वाले 100 से ज्यादा वाहनों को अपने शिकंजे में लिया। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सख्त कार्रवाई के दौरान बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वाले, ट्रिपल राइडिंग करने वाले, गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले, बिना सीट बेल्ट के सफर करने वाले और कागजों की वैधता पूरी न रखने वाले चालकों को विशेष रूप से घेरा गया। इसके अलावा दोपहिया और चारपहिया वाहनों के काले शीशे, फैंसी नंबर प्लेट और मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भी मौके पर ही मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कड़े कदम उठाए गए, जिससे सड़क पर अनुशासनहीनता करने वालों में खलबली मच गई है।नियमों की अनदेखी पर 45700 रुपये का जुर्माना वसूला गयायातायात नियमों के प्रति बरती जा रही इस सख्ती के तहत पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले लापरवाह चालकों से कुल 45,700 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला है। ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की चालानी कार्रवाई का उद्देश्य केवल राजस्व इकट्ठा करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि इसका मकसद लोगों को यह समझाना है कि सड़क पर सुरक्षा सर्वोपरि है। त्योहारी उमंग और उल्लास के बीच कई बार लोग बिना सोचे-समझे तेजी से वाहन चलाते हैं या शराब के नशे में गाड़ी लेकर निकल पड़ते हैं, जिससे गंभीर सड़क दुर्घटनाएं होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में कड़ा आर्थिक दंड देना उन लोगों को सीधा सबक सिखाता है जो यातायात के नियमों को बेहद हल्के में लेते हैं।प्रमुख चौराहों और बाजारों में बढ़ाई गई पुलिस बल की चौकसीत्योहारों के इस पावन माहौल के दौरान बाजार ग्राहकों से खचाखच भरे रहते हैं और सड़कों पर वाहनों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक होता है। इसे ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने शहर के सभी संवेदनशील और व्यस्ततम चौराहों, मॉल के बाहर तथा बाजारों के मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल और यातायात कर्मियों की तैनाती कर दी है। पुलिसकर्मी लगातार यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी वाहन गलत दिशा में न चले और नो-पार्किंग जोन में गाड़ियां खड़ी करके जाम की स्थिति पैदा न की जाए। अधिकारियों द्वारा लगातार माइक और लाउडस्पीकर के माध्यम से भी वाहन चालकों को समझाइश दी जा रही है कि वे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें और शांतिपूर्ण तरीके से पर्व का आनंद लें।आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए जरूरी निर्देश व अपीलछत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन ने प्रदेश के सभी नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे त्योहारों की खुशियों को सुरक्षित तरीके से मनाएं और सड़क पर निकलते वक्त हमेशा यातायात के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करें। वाहन चलाते समय वैध ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र जैसे सभी जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने साथ रखें। पुलिस का यह स्पष्ट संदेश है कि यदि आगामी दिनों में भी कोई नियमों की अनदेखी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ और अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि आम जनता की सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सनातन धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इस दौरान शिव भक्त उनकी आराधना में लीन रहते हैं। ऐसी मान्यता है कि सावन के पावन मास में देवों के देव महादेव की सच्चे मन से पूजा करने और उनके दर्शन मात्र से व्यक्ति के सभी पापों का नाश हो जाता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस पूरे महीने में देश भर के कोने-कोने से शिव भक्त कांवड़ यात्रा निकालते हैं और प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भारत में भगवान शिव के बारह ऐसे अत्यंत पवित्र और चमत्कारी स्थान हैं जिन्हें 'ज्योतिर्लिंग' के रूप में पूजा जाता है। इन बारह ज्योतिर्लिंगों का अपना एक अलग पौराणिक इतिहास और धार्मिक महत्व है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित होने के कारण पूरे भारत को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से एक सूत्र में पिरोते हैं। सावन के इस पावन अवसर पर यदि आप भी भगवान शिव के इन बारह धामों के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए इन पवित्र स्थलों के नाम और उनकी सटीक भौगोलिक स्थिति के बारे में विस्तार से जान लेना बेहद जरूरी है ताकि आपकी यह आध्यात्मिक यात्रा पूरी तरह से सफल और मंगलमय हो सके।पहला ज्योतिर्लिंग: सोमनाथ मंदिर, गुजरातद्वादश ज्योतिर्लिंगों की सूची में सबसे पहला नाम गुजरात के वेरावल में स्थित सोमनाथ मंदिर का आता है। समुद्र के किनारे बसा यह प्राचीन मंदिर अपनी अद्वितीय भव्यता और इतिहास के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रमा (सोम) ने अपने शाप से मुक्ति पाने के लिए यहाँ भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद महादेव ने प्रसन्न होकर उन्हें यहाँ प्रकट रूप में आशीर्वाद दिया और इस स्थान का नाम सोमनाथ पड़ा। सावन के महीने में यहाँ लाखों की संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुँचते हैं और समुद्र के तट पर स्थित इस दिव्य शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। गुजरात की यात्रा के दौरान सोमनाथ मंदिर के दर्शन करना हर शिव भक्त के जीवन का एक बहुत बड़ा सपना होता है, जहाँ पहुँचकर असीम शांति और अलौकिक ऊर्जा की अनुभूति होती है।दूसरा ज्योतिर्लिंग: मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, आंध्र प्रदेशआंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैलम की पहाड़ियों पर स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त स्वरूप का पावन धाम है। दक्षिण भारत के इस प्रमुख तीर्थ स्थल को दक्षिण का कैलाश भी कहा जाता है। यहाँ एक ही परिसर में भगवान शिव मल्लिकार्जुन के रूप में और माता पार्वती भ्रमराम्बा के रूप में विराजमान हैं। सावन के दिनों में इस पहाड़ी मंदिर का प्राकृतिक सौंदर्य और बादलों से ढकी वादियाँ पर्यटकों और श्रद्धालुओं का मन मोह लेती हैं। यहाँ की कठिन चढ़ाई और दुर्गम रास्ते के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आती है, और वे भगवान शिव के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं।तीसरा ज्योतिर्लिंग: महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश के पवित्र शहर उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र ऐसा दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है जिसकी महिमा निराली है। यहाँ भगवान शिव को 'काल के देवता' यानी महाकाल के रूप में पूजा जाता है। सावन के महीने में उज्जैन की नगरी पूरी तरह से शिवमय हो जाती है और हर सोमवार को यहाँ बाबा महाकाल की भव्य सवारी निकाली जाती है, जिसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। मंदिर में होने वाली विश्वप्रसिद्ध भस्म आरती इस ज्योतिर्लिंग का सबसे बड़ा आकर्षण है, जिसमें शामिल होने के लिए भक्तों को महीनों पहले बुकिंग करानी पड़ती है। महाकाल के दर्शन मात्र से ही अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है और भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।चौथा ज्योतिर्लिंग: ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के बीचों-बीच मांधाता या शिवपुरी द्वीप पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम है। इस द्वीप का भौगोलिक आकार हिंदू धर्म के पवित्र प्रतीक 'ॐ' के जैसा दिखाई देता है, जिस वजह से इसका नाम ओंकारेश्वर पड़ा। नर्मदा के पावन जल से घिरे होने के कारण यहाँ स्नान करके भगवान शिव का पूजन करना बेहद पुण्यदायक माना जाता है। सावन के महीने में नर्मदा नदी के घाटों पर भक्तों का तांता लगा रहता है और यहाँ का शांत तथा मनमोहक वातावरण हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। यहाँ भगवान ओंकार और अमरेश्वर दोनों रूपों में महादेव अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं।पांचवां ज्योतिर्लिंग: वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग, देवघर, झारखंडझारखंड के देवघर में स्थित वैद्यनाथ धाम या बाबा बैद्यनाथ का मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण शक्तिपीठों और ज्योतिर्लिंगों में गिना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लंकापति रावण ने अपनी कठोर तपस्या से भगवान शिव को प्रसन्न करके उनके एक लिंग को लंका ले जाने का वरदान मांगा था, लेकिन देवताओं की चालाकी के कारण वह लिंग यहीं देवघर में स्थापित हो गया। सावन के पूरे महीने में सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर कांवड़िए सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करके यहाँ पहुँचते हैं और बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करते हैं। इस ऐतिहासिक और धार्मिक मेले में शामिल होने के लिए हर साल देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु झारखंड पहुँचते हैं।छठा ज्योतिर्लिंग: भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्रमहाराष्ट्र के पुणे जिले में सह्याद्री पर्वतमाला के जंगलों के बीच स्थित भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग प्रकृति प्रेमियों और शिव भक्तों के लिए एक बेहद खास तीर्थ स्थल है। इसी स्थान से भीमा नदी का उद्गम भी होता है, जिस कारण इस पावन क्षेत्र का भौगोलिक और धार्मिक महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है। प्राचीन वास्तुकला शैली में बना यह मंदिर नागरा शैली का एक बेहतरीन उदाहरण है। सावन के दिनों में यहाँ का मौसम बेहद सुहाना हो जाता है, क्योंकि चारों तरफ हरियाली, ऊंचे पहाड़ और झरने इस यात्रा को और भी रोमांचक बना देते हैं। यहाँ दर्शन करने से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है और मन को शांति मिलती है।सातवां ज्योतिर्लिंग: रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग, तमिलनाडुभारत के सबसे दक्षिणी छोर पर तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग का धार्मिक और पौराणिक इतिहास भगवान राम से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि रावण वध के बाद ब्रह्महत्या के पाप से मुक्त होने के लिए भगवान राम ने स्वयं अपने हाथों से यहाँ समुद्र तट पर रेत का शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा की थी। यह पावन धाम चार धाम यात्रा में भी शामिल है और यहाँ हिंद महासागर तथा बंगाल की खाड़ी का संगम देखने को मिलता है। सावन के महीने में दक्षिण भारत के इस पवित्र मंदिर में दर्शन करने का विशेष महत्व माना गया है। यहाँ के विशाल गलियारे और प्राचीन मंदिर के खंभे अपनी भव्य वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।आठवां ज्योतिर्लिंग: नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, गुजरातगुजरात के द्वारका क्षेत्र में समुद्र तट के पास स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के नागों के देवता के रूप में पूजे जाने वाले स्वरूप का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक राक्षस दारुका द्वारा बंधक बनाए गए अपने भक्त सुप्रिय की रक्षा करने के लिए भगवान शिव ने यहाँ प्रगट होकर उस राक्षस का वध किया था और नागेश यानी नागों के ईश्वर के रूप में सदा के लिए स्थापित हो गए। इस मंदिर में भगवान शिव की एक विशाल और भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो दूर से ही पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करती है। सावन के पावन अवसर पर द्वारकाधीश के दर्शन के साथ-साथ नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना भक्तों के लिए एक अत्यंत पवित्र और सौभाग्य का अनुभव माना जाता है।नौवां ज्योतिर्लिंग: काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश के प्राचीन और पवित्र शहर वाराणसी यानी काशी में गंगा नदी के तट पर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रमुख और विशेष स्थान रखता है। ऐसा माना जाता है कि यह पूरी नगरी भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी हुई है और प्रलय के समय भी काशी का नाश नहीं होता है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, और सावन के महीने में तो यहाँ पैर रखने की भी जगह नहीं मिलती है। बाबा विश्वनाथ के दरबार में जलाभिषेक करने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी शिव भक्त वाराणसी पहुँचते हैं और गंगा स्नान करके हर हर महादेव के जयकारों से पूरी काशी को गुंजायमान कर देते हैं।दसवां ज्योतिर्लिंग: त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्रमहाराष्ट्र के नासिक जिले में ब्रह्मगिरि नामक पर्वत के पास गोदावरी नदी के उद्गम स्थल के समीप स्थित त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग अपनी एक अनोखी विशेषता के लिए जाना जाता है। आम तौर पर सभी शिवलिंगों के आकार गोल या ऊंचे होते हैं, लेकिन त्र्यंबकेश्वर में स्थित ज्योतिर्लिंग एक छोटे से गड्ढे के रूप में है, जिसके अंदर ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों के प्रतीक माने जाने वाले तीन छोटे लिंग विद्यमान हैं। सावन के पवित्र मास में इस मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है और गोदावरी नदी के तट पर स्नान करके लोग भगवान त्र्यंबक का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नासिक की इस ऐतिहासिक भूमि पर आकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।ग्यारहवां ज्योतिर्लिंग: केदारनाथ ज्योतिर्लिंग, उत्तराखंडउत्तराखंड की बर्फीली वादियों और हिमालय की गोद में मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित केदारनाथ ज्योतिर्लिंग बारह ज्योतिर्लिंगों में सबसे ऊंचाई पर स्थित और सबसे कठिन यात्रा वाला धाम है। सर्दियों के मौसम में भारी बर्फबारी के कारण यह मंदिर छह महीने के लिए बंद रहता है और कपाट खुलने के बाद सावन के महीनों में यहाँ भक्तों का तांता लग जाता है। भगवान शिव के इस पवित्र धाम की प्राकृतिक सुंदरता और यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा हर किसी को अपनी ओर खींचती है। केदारनाथ की यात्रा करना हर सनातनी का सपना होता है, जहाँ कठिन पैदल मार्ग या हेलीकॉप्टर के जरिए पहुंचकर भक्त बाबा केदार के दर्शन करते हैं और अपने जीवन को धन्य बनाते हैं।बारहवां ज्योतिर्लिंग: घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्रमहाराष्ट्र के संभाजीनगर यानी औरंगाबाद के पास वेरुल गांव में प्रसिद्ध एलोरा की गुफायों के नजदीक स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग बारह ज्योतिर्लिंगों की इस पवित्र श्रृंखला का अंतिम और बारहवां धाम है। अहिल्याबाई होलकर द्वारा पुनर्निर्मित यह प्राचीन मंदिर दक्षिण भारतीय और उत्तर भारतीय वास्तुकला का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक भक्त महिला घृष्मा की शिव भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव यहाँ प्रकट हुए थे और उन्हीं के नाम पर इस ज्योतिर्लिंग का नाम घृष्णेश्वर पड़ा। सावन के अंतिम दिनों और पूरे मास के दौरान यहाँ स्थानीय और दूर-दराज के भक्त बड़ी संख्या में पहुँचकर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और अपनी यात्रा को पूर्ण करते हैं।
बेटा बना अफसर तो पिता ने हाथी पर बैठाकर कराया स्वागत, Video
उत्तर प्रदेश के बस्ती में बेटे की सरकारी नौकरी लगने की खुशी में एक पिता ने ऐसा जश्न मनाया कि पूरा इलाका देखते रह गया. हरैया थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव के अवनीश का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर हुआ है. बेटे की इस उपलब्धि पर पिता महेंद्र कुमार ने संसारीपुर चौराहे पर गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत समारोह रखा. अवनीश को हाथी पर बैठाकर स्वागत कराया. इस अनोखे जश्न का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है.
विकेट के लिए बेताब मत हो... कुलदीप को गंभीर का खास मैसेज
कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम की प्लेइंग-11क्या होगी, इस पर फैन्स की नजरे हैं. वैसे गौतम गंभीर के बयान से इतना जरूर साफ है कि गॉल में सिर्फ एक विकेट के बावजूद टीम मैनेजमेंट का कुलदीप यादव भरोसा कायम है. कुलदीप यदि कोलंबो टेस्ट मैच के लिए मैदान पर उतरते हैं, तो हैरानी नहीं होनी चाहिए.
इन स्टार्स ने शादी के लिए बदला धर्म, 2 जोड़ियों का हुआ दर्दनाक तलाक
कहते हैं कि प्यार धर्म, जाति या उम्र देखकर नहीं होता...प्यार तो बस हो जाता है. प्यार एक खूबसूरत एहसास है, जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में भी कई ऐसे सितारे हैं, जिन्होंने धर्म की दीवार तोड़कर दूसरे धर्म में शादी रचाई है. आइए जानते हैं इस लिस्ट में कौन-कौन शामिल है?
आज की इस भागदौड़ भरी कॉर्पोरेट लाइफ और व्यस्त दिनचर्या में हर इंसान मानसिक शांति और थोड़ा सुकून पाने के लिए ट्रैवल करना चाहता है। लेकिन समय की कमी के कारण लंबी छुट्टियां निकाल पाना हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता है। ऐसे में वीकेंड ट्रैवल यानी केवल दो दिन की छुट्टी में किसी खूबसूरत जगह की सैर करना एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। लोग अपने शहर के पास मौजूद ऐसी जगहों की तलाश करते हैं जहाँ कम समय में पहुंचकर प्रकृति के करीब वक्त बिताया जा सके और बिना किसी लंबी प्लानिंग के तरोताजा होकर वापस लौटा जा सके। भारत में ऐसे अनगिनत पर्यटन स्थल मौजूद हैं जो दो दिन के छोटे से सफर के लिए एकदम परफेक्ट माने जाते हैं।पहली शानदार जगह: प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट है उत्तराखंड का लैंसडाउनअगर आप दिल्ली या उत्तर भारत के किसी भी शहर के आसपास रहते हैं और केवल दो दिनों की छुट्टी में किसी शांत, साफ-सुथरे और भीड़भाड़ से दूर हिल स्टेशन की तलाश में हैं, तो लैंसडाउन आपके लिए सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित यह खूबसूरत हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक सुंदरता, चीड़ और ओक के ऊंचे पेड़ों के जंगलों और औपनिवेशिक कालीन वास्तुकला के लिए जाना जाता है। यहाँ की हवा में एक अजीब सा सुकून है जो शहरी थकान को पल भर में दूर कर देता है। लैंसडाउन में आप टिफिन टॉप से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों का मनमोहक नजारा देख सकते हैं, भुल्ला ताल झील में बोटिंग का आनंद ले सकते हैं और शांत वातावरण में अपने परिवार या दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। यह जगह वीकेंड पर ड्राइविंग करके जाने के लिए बेहद सुगम और सुरक्षित मानी जाती है।दूसरी बेहतरीन जगह: अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा ऐतिहासिक शहर अलवरराजस्थान का प्रवेश द्वार कहा जाने वाला अलवर केवल दो दिन की ट्रिप के लिए इतिहास, संस्कृति और वन्यजीव प्रेमियों का एक परफेक्ट संगम है। अगर आप दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं तो सड़क मार्ग से महज तीन से चार घंटे की ड्राइव करके अलवर पहुँचा जा सकता है। यहाँ का मुख्य आकर्षण सरिस्का टाइगर रिजर्व है, जहाँ आप जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव ले सकते हैं और प्रकृति के बीच बाघों और अन्य वन्यजीवों को देख सकते हैं। इसके अलावा, पहाड़ी पर बना ऐतिहासिक बाला किला, सिलीसेढ़ झील का शांत पानी और भूतिया किले के रूप में प्रसिद्ध भानगढ़ का रहस्यमयी खंडहर इस ट्रिप को बेहद रोमांचक बना देते हैं। राजस्थानी खानपान और यहां की समृद्ध संस्कृति का अनुभव करने के लिए यह वीकेंड डेस्टिनेशन एक आदर्श विकल्प है।तीसरी खूबसूरत जगह: घाटों और संस्कृति का संगम राजस्थान का पुष्कर शहरअगर आप धार्मिक आस्था के साथ-साथ एक शांत और बोहेमियन वाइब का अनुभव करना चाहते हैं, तो अजमेर के पास स्थित पवित्र पुष्कर शहर आपके वीकेंड को यादगार बना सकता है। पुष्कर झील के चारों ओर बने घाटों पर शाम की आरती का नजारा देखने लायक होता है, जो मन को असीम शांति प्रदान करता है। यहाँ का ब्रह्मा मंदिर दुनिया भर में अपने आप में इकलौता है, जिस वजह से इसका धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। दो दिन की इस ट्रिप में आप पुष्कर के रंग-बिरंगे बाजारों में घूमकर ट्रेडिशनल शॉपिंग कर सकते हैं, स्वादिष्ट राजस्थानी कचौरी और मालपुए का लुत्फ उठा सकते हैं, और शाम के समय अरावली की पहाड़ियों के पीछे ढलते सूरज का सुंदर नजारा देख सकते हैं। यहाँ का शांत और आध्यात्मिक माहौल हर पर्यटक को अपनी ओर आकर्षित करता है।चौथी शानदार जगह: ट्रेकिंग और वाटरफॉल के शौकीनों के लिए कर्नाटक का कूर्गयदि आप दक्षिण भारत में रहते हैं और प्रकृति के बीच दो दिन बिताना चाहते हैं, तो कॉफी के बागानों के लिए मशहूर कर्नाटक का कूर्ग यानी कोडागु जिला आपके लिए स्वर्ग के समान है। कूर्ग को 'भारत का स्कॉटलैंड' भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ की हरी-भरी वादियाँ, धुंध से ढके पहाड़ और मनमोहक झरने हर किसी का दिल जीत लेते हैं। दो दिन की इस छोटी सी यात्रा में आप एब्बी फॉल्स और मडिकेरी किले की खूबसूरती निहार सकते हैं, राजा सीट से सूर्यास्त का अद्भुत नजारा देख सकते हैं और विशाल कॉफी के बागानों में टहलने का आनंद ले सकते हैं। यहाँ का मौसम साल भर सुहाना रहता है, जिससे यह वीकेंड गेटअवे के लिए दक्षिण भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है।पांचवीं बेहतरीन जगह: बीच और नाइटलाइफ का मजा लेने के लिए गोवाजब भी दो दिन की छुट्टियों या वीकेंड ट्रिप की बात आती है, तो गोवा का नाम सबसे पहले जुबान पर आता है। आधुनिक समय में बेहतर एयर कनेक्टिविटी और नाइट उड़ानों की वजह से देश के किसी भी कोने से वीकेंड पर गोवा पहुँचना बहुत आसान हो गया है। दो दिन के कम समय में आप उत्तरी गोवा के पॉपुलर बीच जैसे बागा और कलंगूट पर समुद्री लहरों का आनंद ले सकते हैं, स्थानीय सी-फूड का स्वाद चख सकते हैं और शाम को गोवा की वाइब्रेंट नाइटलाइफ का हिस्सा बन सकते हैं। अगर आप थोड़ी शांति चाहते हैं, तो दक्षिण गोवा के एकांत बीचों पर बैठकर सुकून के कुछ पल बिता सकते हैं। यह छोटी ट्रिप आपको पूरी तरह से तरोताजा कर देगी और आपके बोरिंग वीकेंड को एक बेहतरीन और यादगार छुट्टी में बदल देगी।
96 घंटे तक बिना किसी वीजा के फ्री में घूम सकते हैं सिंगापुर, नहीं पता तो जान लें क्या है पूरी प्रक्रियासिंगापुर की वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा (VFTF) क्या हैअगर आप किसी तीसरे देश की यात्रा पर जा रहे हैं और रास्ते में आपका लेओवर सिंगापुर में है, तो आपके लिए एक बेहद काम की खबर है। सिंगापुर सरकार भारतीय नागरिकों सहित चुनिंदा देशों के यात्रियों को 96 घंटे यानी पूरे 4 दिन तक बिना सिंगापुर का अलग टूरिस्ट वीजा लिए देश में घूमने की अनुमति देती है। इसे वीजा-फ्री ट्रांजिट फैसिलिटी यानी VFTF कहा जाता है। हालांकि, यह सुविधा सीधे तौर पर केवल घूमने जाने वालों के लिए नहीं है, बल्कि यह ट्रांजिट यात्रियों के लिए एक विशेष बोनस स्टॉपओवर की तरह काम करती है। इस प्रक्रिया का सही लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी नियमों और शर्तों को जानना बेहद आवश्यक है ताकि एयरपोर्ट पर किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।कौन से यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैंइस 96 घंटे की वीजा-फ्री सुविधा का लाभ उठाने के लिए यह अनिवार्य है कि आप भारत से चलकर सिंगापुर के रास्ते किसी तीसरे देश (जैसे ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, यूके, कनाडा, जापान, जर्मनी या स्विट्जरलैंड) जा रहे हों या वहां से वापस लौट रहे हों। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आपके पास ऊपर बताए गए विकसित देशों में से किसी एक देश का वैध वीजा या लॉन्ग-टर्म रेजिडेंस पास होना चाहिए। यह वीजा सिंगापुर में प्रवेश के समय कम से कम एक महीने के लिए वैध होना चाहिए। अगर कोई यात्री भारत से सीधे सिंगापुर जाता है और चार दिन बिताकर वापस भारत लौट आता है, तो वह इस ट्रांजिट सुविधा के लिए बिल्कुल पात्र नहीं माना जाएगा।यात्रा से जुड़े जरूरी नियम और दस्तावेजयात्रा की योजना बनाते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि सिंगापुर से आगे की आपकी कन्फर्म फ्लाइट अगले 96 घंटों के भीतर की होनी चाहिए। यात्री किसी भी साधन से सिंगापुर पहुंच सकते हैं, लेकिन सिंगापुर से बाहर निकलते समय उनके पास आगे की हवाई यात्रा (एयर टिकट) या समुद्री मार्ग का टिकट होना अनिवार्य है। इसके अलावा, आपके पास सिंगल-जर्नी वीजा होने पर भी वापसी के सफर में नियमों के दायरे में रहते हुए इस सुविधा का लाभ मिल सकता है, बशर्ते आप सीधे उसी देश से आ रहे हों जिसने वह वीजा जारी किया था। एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों के सामने अपने सभी दस्तावेज जैसे पासपोर्ट, थर्ड कंट्री का वैलिड वीजा और आगे की यात्रा का टिकट पूरी तरह तैयार रखना चाहिए।4 दिन के लेओवर में सिंगापुर के प्रमुख आकर्षणसिंगापुर एक बेहद सुव्यवस्थित और कॉम्पैक्ट देश है, इसलिए 96 घंटे का समय यहाँ घूमने के लिए पर्याप्त माना जाता है। इस दौरान पर्यटक सिंगापुर के मशहूर नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। आप मरिना बे सेंड्स, गार्डन्स बाय द बे, मेरलियान पार्क, चाइना टाउन, लिटिल इंडिया और सेंटोसा द्वीप स्थित यूनिवर्सल स्टूडियो जैसी खूबसूरत जगहों को आसानी से घूम सकते हैं। इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध ज्वेल चांगी एयरपोर्ट का वॉटरफॉल भी आपके इस सफर को यादगार बना सकता है। लंबी उड़ान के बीच एयरपोर्ट के अंदर बोर होने के बजाय इस ट्रांजिट सुविधा का उपयोग करके एक नए देश की संस्कृति और खूबसूरती को करीब से अनुभव किया जा सकता है।इमिग्रेशन प्रक्रिया और जरूरी सावधानियांयह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि केवल पात्रता पूरी होने मात्र से सिंगापुर में प्रवेश की गारंटी नहीं मिलती है, क्योंकि अंतिम निर्णय हमेशा चांगी एयरपोर्ट पर मौजूद इमिग्रेशन अधिकारियों का होता है। कई बार लो-कॉस्ट एयरलाइंस या अलग-अलग टिकट बुक होने की स्थिति में चेक-इन स्टाफ को नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती, इसलिए यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से ट्रांजिट प्रक्रिया की पुष्टि जरूर कर लें। सिंगापुर लैंड करने से पहले ऑनलाइन अराइवल कार्ड भरना और अपने सभी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखना आपकी यात्रा को बेहद आसान और सुगम बना सकता है।
UP में CM Yogi का एक्शन! चीनी जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों पर ESMA लगेगा
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चीनी के स्टॉक की उपलब्धता की समीक्षा की और अधिकारियों को चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में अभी कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी शामिल है। इसे भी पढ़ें: मायावती के आरोपों पर Akhilesh Yadav का पलटवार, कहा- SP कभी गठबंधन नहीं तोड़ती मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि कोई भी व्यक्ति या संस्था 30 दिनों से ज़्यादा समय तक चीनी का स्टॉक जमा करके न रखे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो डीलर एक बार में 400 टन से ज़्यादा चीनी का स्टॉक रखते हैं, उनके खिलाफ़ कार्रवाई की जाए। राज्य सरकार ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ़ 'आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम' (ESMA) और अन्य लागू नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह भी बताया कि राज्य में किसानों को गन्ने का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है। कुल 3,217 करोड़ रुपये 48 लाख किसानों को बांटे गए हैं। सरकार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गन्ने की पेराई का नया सीज़न 15 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। इस बीच, शुक्रवार को केंद्र सरकार ने कहा कि चीनी की कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी कई वजहों से हुई है, जिनमें उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ी हुई मांग, मौसम की वजह से गन्ने की फसल को नुकसान, दुनिया भर में चीनी की सप्लाई में कमी और इंडस्ट्री के कुछ वर्गों द्वारा सट्टेबाज़ी और जमाखोरी शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Pune कार्यक्रम पर BJP का आरोप, इन्फ्लुएंसर्स को दिए 35 हजार रुपये उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार बाज़ार की गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रही है। साथ ही, उपभोक्ताओं के लिए चीनी की उपलब्धता और कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए कई रेगुलेटरी और सप्लाई-साइड उपाय भी शुरू किए गए हैं। घरेलू खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी (20 जुलाई को ₹48.18 प्रति किलोग्राम से बढ़कर 20 अगस्त को ₹55.70 प्रति किलोग्राम होना) को देखते हुए, सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और त्योहारों के मौसम में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
क्रिकेट इतिहास के 5 खतरनाक गेंदबाज जिन्होंने टेस्ट मैच के पहले ही ओवर में झटके सबसे ज्यादा विकेट
टेस्ट क्रिकेट में किसी भी पारी की शुरुआत करना और पहली ही गेंद से विपक्षी टीम पर दबाव बनाना दुनिया के हर तेज गेंदबाज का सपना होता है। रेड-बॉल क्रिकेट के लंबे इतिहास में कुछ ऐसे महान नई गेंद के गेंदबाज हुए हैं जिन्होंने मैच के पहले ही ओवर में बल्लेबाजों के होश उड़ाने में महारत हासिल की है। इन गेंदबाजों की आक्रामक स्विंग और गति के आगे दुनिया के बड़े-बड़े धुरंधर भी शुरुआती ओवरों में टिक नहीं सके। आज हम ऐसे ही पांच दिग्गज गेंदबाजों के बारे में जानेंगे जिन्होंने टेस्ट मैच के पहले ओवर में सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं, जिसमें एक भारतीय तेज गेंदबाज का नाम भी शामिल है।जेम्स एंडरसन (James Anderson)इस खास और विशिष्ट सूची में इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का नाम सबसे ऊपर आता है। अपने लंबे और शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान एंडरसन ने अपनी अद्भुत स्विंग गेंदबाजी से दुनिया भर के बल्लेबाजों को पानी पिलाया। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कई पारियों के पहले ही ओवर में सफलता हासिल की और कुल मिलाकर सबसे अधिक बार पारी के पहले ओवर में विकेट चटकाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। नई गेंद से उनकी काबिलियत का मुकाबला करना किसी भी ओपनर के लिए सबसे कठिन चुनौतियों में से एक रहा है।मिचेल स्टार्क (Mitchell Starc)ऑस्ट्रेलियाई टीम के खूंखार बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क इस फेहरिस्त में बेहद मजबूती से दूसरे पायदान पर काबिज हैं। स्टार्क की पैनी रफ्तार और एंगल बदल कर अंदर आती गेंदों के आगे बल्लेबाज हमेशा से असहज नजर आए हैं। जब भी कप्तान ने उन्हें पहला ओवर थमाया है, उन्होंने अपनी टीम को पहली ही गेंद या शुरुआती ओवर में ऐतिहासिक सफलता दिलाई है। आधुनिक युग में नई गेंद से तबाही मचाने के मामले में उनका कोई सानी नहीं है।ग्लेन मैकग्राथ (Glenn McGrath)ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्राथ अपनी गजब की लाइन और लेंथ के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते थे। उन्हें क्रिकेट जगत में सटीकता का पर्याय माना जाता था। मैकग्राथ बल्लेबाज को लगातार एक ही जगह पर गेंद खेलने के लिए मजबूर करते थे और जैसे ही बल्लेबाज थोड़ी सी भी चूक करता था, वह उसे पवेलियन की राह दिखा देते थे। टेस्ट मैचों के पहले ओवर में शुरुआती झटके देने के मामले में उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है।डेल स्टेन (Dale Steyn)दक्षिण अफ्रीका के स्पीड स्टार डेल स्टेन की गिनती टेस्ट इतिहास के सबसे डरावने और आक्रामक गेंदबाजों में होती है। उनकी तेज रफ्तार, रिवर्स स्विंग और आक्रामकता का सामना करना किसी भी बल्लेबाज के लिए लोहे के चने चबाने जैसा था। स्टेन ने अपने करियर के दौरान कई बार टेस्ट मैच के पहले ही ओवर में विपक्षी टीम के ओपनर्स को क्लीन बोल्ड या विकेट के पीछे कैच आउट कराकर अपनी टीम को धमाकेदार शुरुआत दिलाई है।जहीर खान (Zaheer Khan)भारत के पूर्व दिग्गज बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान इस एलीट लिस्ट में शामिल एकमात्र प्रमुख भारतीय गेंदबाज हैं। जहीर खान ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालते हुए विदेशी पिचों पर कई बार विपक्षी बल्लेबाजों को अपनी स्विंग और सीम मूवमेंट से हैरान किया। मैच के पहले ओवर में विकेट लेने के मामले में उनका दबदबा ऐसा था कि उन्होंने कई मौकों पर पारी की शुरुआत में ही भारत को बड़ी सफलताएं दिलाईं, जिससे उन्हें भारत के सबसे बेहतरीन नई गेंद के गेंदबाजों में गिना जाता है।
ट्रॉफियां जीतना मेरा काम, व्यूज और लाइक्स नहीं': गौतम गंभीर का आलोचकों पर जोरदार पलटवार
भारत और श्रीलंका के बीच रविवार से कोलंबो में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मुकाबले से पहले भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने मीडिया के सामने तीखे तेवर दिखाए हैं। दो मैचों की इस रोमांचक टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया फिलहाल 1-0 की बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में है। गंभीर की नजरें इस मैच को जीतकर सीरीज पर ऐतिहासिक कब्जा जमाने पर टिकी हैं, वहीं पिछले तीन सालों से विदेशी धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने का सूखा खत्म करने का यह सुनहरा मौका है।गौतम गंभीर का आलोचकों को करारा जवाबभारतीय टीम के हेड कोच बनने के बाद से गौतम गंभीर के नेतृत्व में टीम का टेस्ट फॉर्मेट में प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम को इस दौरान कुछ घरेलू और विदेशी सीरीज में हार का सामना भी करना पड़ा है, जिसके बाद से लगातार उनकी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। इन तमाम आलोचनाओं का बेबाकी से जवाब देते हुए गंभीर ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य लक्ष्य केवल मैदान पर ट्राफियां जीतना है, न कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज बटोरना। उन्होंने यह भी साफ किया कि टीम कोई संघर्ष नहीं कर रही है और रैंकिंग उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है।बदलाव के दौर से गुजर रही टीम इंडियागंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात पर भी जोर दिया कि इस समय भारतीय क्रिकेट एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। टीम में नए और युवा खिलाड़ियों को मौका मिल रहा है, जिसके चलते प्रदर्शन में थोड़ा उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। इसके बावजूद, इंग्लैंड दौरे के बाद से टीम लगातार बेहतरीन और अनुशासित क्रिकेट खेल रही है। खिलाड़ी मैदान पर अपनी शत-प्रतिशत ऊर्जा झोंक रहे हैं और श्रीलंका के खिलाफ आगामी मैच में भी यही आक्रामक और सकारात्मक रवैया देखने को मिलेगा।
बिहार की सियासत में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम करने के तरीके को हमेशा से राजनीतिक पंडितों के लिए अध्ययन का विषय माना गया है। हाल के दिनों में जिस प्रकार से नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ाया है, उससे यह सवाल लाजिमी तौर पर उठने लगा है कि आखिर मुख्यमंत्री इतने सुपर एक्टिव क्यों हैं? पार्टी सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, संगठन को अंदर से धार देने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने के लिए पार्टी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है।बूथ लेवल पर संगठन को मजबूत करने की कवायदकिसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसका जमीनी कार्यकर्ता और बूथ स्तर का संगठन होता है। इसी फार्मूले पर काम करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब पूरी तरह से अपना ध्यान बूथ स्तर पर जेडीयू को मजबूत करने पर केंद्रित कर दिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का यह मानना है कि जब तक पंचायत और बूथ स्तर पर पार्टी की नींव मजबूत नहीं होगी, तब तक किसी भी चुनावी वैतरणी को आसानी से पार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि जनता और सरकार के बीच की दूरियों को पूरी तरह मिटाया जा सके।जनता की सीधी मांग और जन-संपर्क की तैयारीराजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि जनता की लगातार मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया और जमीनी फीडबैक के बाद नीतीश कुमार ने खुद मैदान में उतरने का मन बना लिया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, आम जनता और कार्यकर्ताओं की यह पुरजोर मांग रही है कि मुख्यमंत्री खुद जिलों का दौरा करें और लोगों से सीधा संवाद स्थापित करें। इस जनभावना का सम्मान करते हुए पार्टी आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर जन-संपर्क अभियानों और दौरों की रूपरेखा तैयार कर रही है, जिससे विपक्षी दलों की नींद उड़नी तय मानी जा रही है।विपक्षी दलों की हलचल के बीच जेडीयू की मास्टरस्ट्रोक रणनीतिबिहार के राजनीतिक परिदृश्य में लगातार बदलते समीकरणों के बीच नीतीश कुमार की यह सक्रियता एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। विपक्षी दल भले ही अपनी चालें चल रहे हों, लेकिन एनडीए के मुख्य स्तंभ के रूप में नीतीश कुमार ने पहले ही हर मोर्चे पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। बूथ स्तर पर कमेटियों की समीक्षा, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना इस सुपर एक्टिविटी का मुख्य उद्देश्य है।
मंदिर में चढ़े फूल-माला फेंकने की न करें भूल,घर में ऐसे करें रीयूज
घर के मंदिर में फूल-माला लोग चढ़ाने के बाद कूड़े में ही डाल देेते है या फिर किसी पेड़ के नीचे घर आते हैं. इससे गंदगी बढ़ती है, जबकि यह आपके काफी काम आ सकते हैं, जैसे आप इनसे घर में इस्तेमाल होने वाली पूजा सामग्री बना सकते हैं या फिर आपके घर और गार्डन में भी यह कई तरीके से काम आ सकते हैं. आइए आपको इनके रीयूज के तरीके बताते हैं.
अयोध्या में सरयू खतरे के निशान के ऊपर, प्रभावितों को सरकार से मिली मदद
Saryu River Water Level: अयोध्या में घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर खतरे के निशान (92.730 मीटर) से ऊपर दर्ज किए जाने के बावजूद, उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन की पूर्व तैयारी के चलते बाढ़ की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। नदी का वर्तमान ...
AMU और नगर निगम भूमि विवाद में Aligarh DM ने दिया यथास्थिति का आदेश
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और नगर निगम के बीच भूमि के स्वामित्व को लेकर उठा विवाद जिलाधिकारी (डीएम) की ओर से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिए जाने के बाद थम गया। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि चूंकि दोनों पक्ष सरकारी संस्थान हैं, इसलिए किसी भी तरह का टकराव उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मामला कानून की उचित प्रक्रिया के तहत सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझना चाहिए। कुमार ने कहा कि जब तक एसडीएम कोर्ट (उप जिलाधिकारी अदालत) में लंबित मामले पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक विवादित भूखंड विश्वविद्यालय के कब्जे में ही रहेगा। अलीगढ़ में 3.8 एकड़ भूमि को लेकर विवाद बृहस्पतिवार को शुरू हुआ था, जब नगर निगम के अधिकारियों ने उस ज़मीन की घेराबंदी शुरू कर दी, जो एएमयू राइडिंग क्लब के मैदान का हिस्सा है। एएमयू ने इस कार्रवाई को जबरन कब्जा बताया, जबकि नगर निगम का दावा है कि उसके रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि पिछले 40 वर्ष से उसकी है। यह विवाद उप जिलाधिकारी न्यायालय में लंबित है। एएमयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1923 में जारी मूल भू-स्वामित्व दस्तावेज और 1923 की राजपत्रित अधिसूचना पेश की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने 1940 में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा जारी दस्तावेज भी पेश किए, जिसमें भूमि का आवंटन एएमयू को किए जाने का स्पष्ट उल्लेख है। हालांकि, अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि 1992 में आधिकारिक भू-अभिलेखों में कथित तौर पर कुछ छेड़छाड़ हुई थी। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम की जानकारी न तो एएमयू प्रशासन को थी और न ही नगर पालिका के सक्षम प्राधिकारी को। विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि इस कथित छेड़छाड़ के बारे में एएमयू प्रशासन को 2003 में पता चला था। विज्ञप्ति में विश्वविद्यालय ने कहा कि एएमयू प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया, लेकिन मामला लंबित रहा। विज्ञप्ति के अनुसार अंततः 29 मार्च 2025 को एएमयू ने एसडीएम कोर्ट में औपचारिक अपील दायर की, जो अभी विचाराधीन है। नगर निगम के अधिकारी बृहस्पतिवार को उस भूखंड पर पहुंचे और एएमयू राइडिंग क्लब मैदान के हिस्से में बाड़ लगाने लगे। एएमयू के एक अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, पूरी कार्रवाई चोरी-छिपे अंधेरे में की गई, जिससे निश्चित रूप से इस कदम की मंशा पर संदेह पैदा हुआ है। एएमयू के जनसंपर्क विभाग के पूर्व प्रमुख राहत अबरार ने पूरे विवाद पर कहा कि 19वीं सदी के अंतिम वर्षों से एएमयू को न केवल शहर की सीमा के भीतर, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी मात्रा में जमीन दान में मिली थी। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसी दान की गई जमीनों की कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये होगी। अबरार ने कहा कि दुखद सच्चाई यह है कि पिछली करीब आधी सदी से एएमयू प्रशासन ने इस विरासत को सुरक्षित रखने के लिए बहुत कम काम किया है और एएमयू का संपत्ति विभाग लापरवाही व बदहाली का शिकार है।
इमरान खान को प्राइवेट अस्पताल न भेजने पर बवाल, पार्टी पहुंची कोर्ट
इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की है, क्योंकि अदालत के आदेश के बावजूद खान को प्राइवेट अस्पताल की जगह सरकारी अस्पताल ले जाया गया. अदालत ने उन्हें शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल भेजने का आदेश दिया था, लेकिन उन्हें कुछ देर पिम्स में रखकर वापस जेल भेज दिया गया. उनके निजी डॉक्टर को भी मिलने नहीं दिया गया.
आपके लाखों रुपये बचाएगी ये ट्रिक, फ्री में बदल जाएगी घर की सूरत
Home Interior Design: घर को सुंदर बनाने के लिए बहुत से लोग लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन आप एक सिंपल सा काम करके अपने लाखों रुपये सेव कर सकते हैं. दरअसल, AI का इस्तेमाल करके अपने घर का इंटीरियर, कलर और सामान रखने की सही जगह का चुनाव कर सकते हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
सब कुछ 'नीयत' का खेल है: अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी की तारीफ की
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में शिक्षा के बुनियादी ढांचे में आए बदलाव की तारीफ की। उन्होंने सरकारी स्कूलों के बारे में बनी धारणाओं को चुनौती देने के लिए राज्य के मानसा ज़िले के एक सरकारी स्कूल में नई बनी लाइब्रेरी का वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा कि यह सब 'नीयत' की बात है, और जोर देकर कहा कि सरकारी स्कूल भी ऊँचे स्टैंडर्ड तक पहुँच सकते हैं। इसे भी पढ़ें: मायावती के आरोपों पर Akhilesh Yadav का पलटवार, कहा- SP कभी गठबंधन नहीं तोड़ती केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर यह वीडियो पोस्ट किया। इसे सबसे पहले पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शेयर किया था, जिन्होंने भैनी भागा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की लाइब्रेरी को एक शानदार और अच्छी सुविधाओं वाली जगह बताया, जहाँ छात्र अब पढ़ सकते हैं, सीख सकते हैं और बड़े सपने देख सकते हैं। इस बीच, शनिवार को चंडीगढ़ में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के घर के बाहर 180 से ज़्यादा एलिमेंट्री टीचर ट्रेनिंग (ETT) शिक्षकों ने अपने परिवार वालों के साथ धरना दिया। यह विरोध प्रदर्शन ETT शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान विभाग के क्लर्कों द्वारा कथित तौर पर बड़े पैमाने पर की गई गड़बड़ियों और गलत कामों के खिलाफ था। प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने ANI को बताया कि हम शिक्षा विभाग के उस क्लर्क को सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं जिसने अपने लोगों को नौकरी दिलाने के लिए इतना बड़ा घोटाला किया। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री का कहना है कि उनके पास क्लर्क को सस्पेंड करने का अधिकार नहीं है और वे मुख्यमंत्री के साथ बैठक कराने का वादा करते हैं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। वे बस बहाने बना रहे हैं... हम 10 साल से न्याय की मांग कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Pune कार्यक्रम पर BJP का आरोप, इन्फ्लुएंसर्स को दिए 35 हजार रुपये एक और प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार और विभाग के एक क्लर्क के बीच मिलीभगत है, ताकि दोषी क्लर्क को बचाया जा सके। एक IAS रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह मामला क्लर्क की गलती की वजह से खड़ा हुआ। इसमें हम 180 ETT शिक्षकों की कोई गलती नहीं थी; फिर भी, पिछले हफ़्ते कई बैठकें होने के बावजूद हमें कोई न्याय नहीं मिला... हम न्याय की उम्मीद में चंडीगढ़ आए थे, लेकिन हमारे शिक्षकों के साथ मारपीट और हिंसा की जा रही है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Chhindwara NICU में वॉर्मर से लगी आग, एक नवजात बच्ची की मौत और दो गंभीर
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में रखी ‘वॉर्मर मशीन’ में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात कथित तौर पर आग लगने से तीन नवजात झुलस गए, जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि घटना रात करीब दो बजे हुई। वॉर्मर मशीन के फिलामेंट में स्पार्किंग के बाद आग लग गई, जिससे उसमें रखे तीन नवजात झुलस गए। अस्पताल के कर्मचारियों ने अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया। ‘वॉर्मर मशीन’ एक ऐसा चिकित्सीय उपकरण है जिसका उपयोग इलाज के दौरान मरीज के शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए किया जाता है। छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे ने बताया कि तीनों बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि इनमें से एक नवजात की हालत गंभीर थी और उसे सर्जरी की जरूरत थी। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे जबलपुर रेफर किया गया। दुबे ने बताया, ‘‘इनमें से एक बच्ची की इलाज के दौरान जबलपुर में मौत हो गई। उसके माता-पिता शिवानी वर्मा और आदित्य वर्मा हैं। बच्ची का जन्म घटना से कुछ घंटे पहले रात करीब 10 बजे हुआ था। अन्य दोंनों बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है।’’ अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने घटना के कारणों की जांच शुरू की है। इस बीच, मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। सिंघार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अस्पताल इलाज का भरोसा देते हैं, लेकिन भाजपा शासन में अस्पताल ही जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू में आग लगने से एक नवजात की मौत और दो बच्चे झुलस गए हैं। सिंघार ने भोपाल के दीपशिखा अस्पताल में भी आग लगने की घटना का जिक्र किया। सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रदेश के सभी अस्पतालों का तत्काल अग्नि ऑडिट कराने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
बीजेपी का मिशन GEN-Z: युवाओं को साधने के लिए स्पेशल टीम; नितिन नवीन, स्मृति ईरानी और तावड़े शामिल
भाजपा ने युवा पीढ़ी और Gen Z वोटरों से सीधा जुड़ाव स्थापित करने के लिए एक विशेष 'Gen Z आउटरीच प्रोग्राम' शुरू किया है।
MP: बरसों से बंद कैलारस शुगर मिल फिर होगी शुरू, टेंडर प्रक्रिया जारी
Kailaras sugar mill: मध्य प्रदेश सरकार का मानना है कि बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल के दोबारा शुरू होने से मुरैना और आसपास के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. इससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
सज्जन कुमार को क्यों बताया 'हीरो'? राहुल गांधी के घर के बाहर प्रोटेस्ट
शनिवार को सिख नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया. वे कांग्रेस के कुछ नेताओं की उन कथित टिप्पणियों से नाराज थे, जिसमें पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को 'हीरो' और 'रोल मॉडल' बताया गया था.
छठी की खुशी में ऑर्केस्ट्रा चल रहा था, तभी घुस गई बेकाबू बस, 5 की मौत
बिहार के बेतिया में शुक्रवार देर रात छठी की खुशी का माहौल अचानक चीख-पुकार में बदल गया. एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चल रहे ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में जा घुसी. हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल हैं. बस गोरखपुर से बेतिया आ रही थी. एक तेज रफ्तार ट्रक से टक्कर से बचने के दौरान बेकाबू हो गई. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
जंगल में मिला बिना जहर वाला नया सांप, इस रॉकस्टार के नाम क्यों रखा नाम? मजेदार है वजह
सांप की नई गैर-जहरीली प्रजाति मिली है, जिसका नाम Guns N’ Roses के गिटारिस्ट Slash के नाम पर Lielaphis slashi रखा गया है। जानिए वैज्ञानिकों ने रॉकस्टार के नाम को क्यों चुना और इस अनोखी खोज की पूरी कहानी।
हाथ में जग, आंखों में बेबसी... VIDEO वायरल होते ही बदला स्कूल का नजारा
यूपी के मैनपुरी में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कुम्हरौआ में गंदे पानी की शिकायत का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की. वीडियो में स्कूल के बच्चे पानी के जग लेकर गंदा पानी आने की शिकायत करते और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ग्राम प्रधान से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की गुहार लगाते दिखाई दिए. वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में RO लगवा दिया गया.
अर्पिता खान के रेस्टोरेंट में ₹10,000 की मछली, ₹1.88 लाख की शैंपेन
मुंबई में सेलिब्रिटी रेस्टोरेंट्स का चलन बढ़ रहा है, लेकिन अर्पिता खान शर्मा का Mercii अपने खास मेन्यू और कीमतों की वजह से सुर्खियों में है. रेस्टोरेंट का आलीशान इंटीरियर और यूरोपियन अंदाज का खाना इसे मुंबई के लग्जरी डाइनिंग स्पॉट्स में खास बनाता है.
मायावती के आरोपों पर Akhilesh Yadav का पलटवार, कहा- SP कभी गठबंधन नहीं तोड़ती
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को 1995 की लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस घटना के बारे में बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती की टिप्पणियों पर बात की। उन्होंने कहा कि SP ने कभी गठबंधन नहीं तोड़ा और हमेशा अपने सहयोगियों का साथ दिया है। मायावती ने समाजवादी पार्टी पर अपने फायदे के लिए गठबंधन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। उन्होंने 1995 की उस घटना का ज़िक्र किया जब BSP ने उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और आरोप लगाया था कि SP कार्यकर्ताओं ने स्टेट गेस्ट हाउस में उन पर हमला किया था। इसे भी पढ़ें: पुणे में Rahul Gandhi के कार्यक्रम में 'पैसे की गूंज'? BJP ने लगाया Influencers को ₹35,000 देने का आरोप एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी कभी गठबंधन नहीं तोड़ती; हम हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़े रहते हैं। जो कोई भी सवाल उठाना चाहता है, उसे बीजेपी से सवाल पूछना चाहिए। अभी चीनी महंगी हो गई है; वे पेट्रोल में इथेनॉल मिला रहे हैं और मुनाफ़े के लिए चीनी ऊँची कीमतों पर बेच रहे हैं। यादव ने गरीबी और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर बीजेपी सरकार की आलोचना की। उन्होंने 15 करोड़ लोगों को राशन देने के सरकार के दावे पर सवाल उठाए और सरकार से लाभार्थियों की आय का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर जापान के उस बच्चे ने थोड़ी रिसर्च की होती, तो वह मुख्यमंत्री के साथ फ़ोटो खिंचवाने की हिम्मत नहीं करता। उन्हें 15 करोड़ लोगों को राशन बांटना पड़ रहा है; सरकार को इन 15 करोड़ गरीब लोगों की आय का ब्योरा देना चाहिए। वे गरीबों को कमजोर कर रहे हैं; सरकार खुद मानती है कि देश में 15 करोड़ गरीब लोग हैं। समाजवादी पार्टी अपनी सभी सीटों के लिए तैयारी कर रही है और दोगुनी रफ़्तार से ऐसा कर रही है। इसे भी पढ़ें: PM Modi के 25 साल: BJP मनाएगी 'सेवा पखवाड़ा', Mega Campaign से जनता को जोड़ेगी शिक्षा और स्कूल के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए, यादव ने वादा किया कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो वह प्राइमरी स्कूलों को बेहतर बनाने पर ध्यान देगी। उन्होंने बीजेपी सरकार पर उन स्कूलों को बंद करने का आरोप लगाया जिन्हें पहले प्राइवेट-स्टाइल के संस्थानों के तौर पर विकसित किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि एक बार जब समाजवादी पार्टी सरकार बना लेगी, तो हम प्राइमरी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान, हमने लखनऊ में 'अभिनव स्कूल' बनाने का प्रस्ताव रखा था। बीजेपी सरकार उन स्कूलों को बंद कर रही है जिन्हें कभी 'प्राइवेट-स्टाइल' स्कूल कहा जाता था, ताकि बच्चे शिक्षा न पा सकें। हमने लखनऊ में बच्चों को सेंट्रल किचन से गर्म खाना उपलब्ध कराने का एक प्रोग्राम शुरू किया था। हमारी भविष्य की सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी कि बच्चों को बेहतर और पौष्टिक भोजन मिले। समाजवादी पार्टी की सरकार में, हम बच्चों को मशीनों से बनी और घी लगी रोटियां उपलब्ध कराएंगे।
अल-नीनो का 'सुपर' अवतार! दो साल टूटेंगे तापमान के सारे रिकॉर्ड
प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बेहद ताकतवर हो सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसका असर दुनिया के तापमान, बारिश और मौसम पर पड़ेगा और 2026-27 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुणे में छात्रों से जुड़े राहुल गांधी के कार्यक्रम को ‘‘पैसे की गूंज’’ करार देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भीड़ जुटाने के लिए कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पैसे दिए। भाजपा के इस आरोप पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए दावा किया कि राहुल के प्रति ‘जेन जी’ का बढ़ता समर्थन देखकर भाजपा घबरा गई है।भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए प्रत्येक इन्फ्लुएंसर को 35,000 रुपये तक दिए और इस पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि युवाओं के बीच गांधी का बढ़ता प्रभाव देखकर भाजपा नेता डरे हुए हैं। गांधी का शनिवार को पुणे में खास तौर पर छात्राओं के लिए आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने का कार्यक्रम हैं।बन ने भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के मुंबई स्थित मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि लोगों को कार्यक्रम में आने और सोशल मीडिया पर इसका प्रचार करने के लिए पैसे देकर कांग्रेस यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लोगों का स्वत: समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पुणे के कार्यक्रम का प्रचार करने के लिए 30,000 से 35,000 रुपये देने की पेशकश की जा रही है जिसमें उनकी यात्रा का खर्च और सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का प्रचार करने का खर्च शामिल है।बन ने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ नहीं बल्कि ‘पैसे की गूंज’ है। कांग्रेस पैसे देकर भीड़ जुटा रही है।’’ उन्होंने दावा किया कि अगर करीब 3,000 लोगों को प्रति व्यक्ति 30,000 से 35,000 रुपये दिए गए हों तो कुल खर्च नौ से 10 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है।बन ने कहा, ‘‘यह पैसा कहां से आया? इसे कौन दे रहा है और यह किसके जरिए बांटा जा रहा है? इस पैसे का आधिकारिक हिसाब क्या है?’’भाजपा प्रवक्ता ने इस धन के स्रोत की विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसका कोई संबंध विदेशी वित्त पोषण या कांग्रेस शासित राज्यों में ठेकों, कमीशन अथवा अन्य वित्तीय लेन-देन के जरिए कथित तौर पर जुटाए गए धन से है।उन्होंने पैसा बांटने में कथित तौर पर शामिल संगठनों और लोगों को लेकर भी जांच की मांग की। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष केशव उपाध्याय ने आरोप लगाया कि गांधी का पुणे कार्यक्रम छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल कर एक राजनीतिक मंच तैयार करने की कोशिश है।उपाध्याय ने कहा, ‘‘कार्यक्रम का नाम भले ही ‘छात्रों की गूंज’ है, लेकिन वास्तव में यह राहुल गांधी की राजनीतिक लड़ाई है।’’उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी 100 चुनाव हार चुके हैं लेकिन इसके बावजूद अब तक अपनी राजनीति की स्पष्ट दिशा तय नहीं कर पाए हैं।उपाध्याय ने कहा, ‘‘राहुल गांधी केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं तलाश पाए हैं। झूठे विमर्श गढ़ने के लिए आरोप-प्रत्यारोप लगाने और तरह-तरह के राजनीतिक प्रयोगों के बावजूद लोग उन पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं।’’कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दावा किया कि युवाओं, खासकर ‘जेन जी’ के बीच गांधी को मिल रहे बढ़ते समर्थन से सत्तारूढ़ पार्टी ‘‘घबरा गई’’ है।उन्होंने भाजपा पर पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया।सावंत ने कहा कि भाजपा के नेता गांधी से उसी तरह भयभीत नजर आ रहे हैं, जैसे मुगल सेना मराठा योद्धाओं संताजी घोरपडे और धनाजी जाधव से होती थी। सावंत ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा राहुल गांधी से इतनी घबरा गई है कि उसके नेताओं को शायद वह सपने में भी दिखाई देते हैं, जैसे मुगल सेना को संताजी और धनाजी दिखाई देते थे।’’उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में प्रयागराज में गांधी के कार्यक्रम स्थल के पास प्रशासन ने मलजल छोड़ दिया ताकि युवाओं को वहां आने से रोका जा सके।सावंत ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के कार्यक्रम पर कई पाबंदियां लगाई हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने शुक्रवार को ‘‘मनमानी’’ की। उन्होंने कहा, ‘‘वे चाहे जितना विरोध करें या बाधाएं पैदा करने की कोशिश करें, जेन जी देश को बता देगा कि भाजपा को नकार दिया गया है।’’सावंत ने कहा कि गांधी अपनी राजनीतिक राह पर आगे बढ़ते रहेंगे।इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता महेश तपासे ने एबीवीपी पर पुणे के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि कार्यक्रम पर सवाल उठाकर भाजपा अपने ‘‘बौद्धिक दिवालियापन’’ का परिचय दे रही है। तपासे ने कहा, ‘‘अगर राहुल गांधी युवाओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कर रहे हैं तो भाजपा इससे क्यों डर रही है?’’उन्होंने कहा, ‘‘संविधान के तहत नागरिकों को यह तय करने का अधिकार है कि वे किन विचारों को सुनना, स्वीकार करना या खारिज करना चाहते हैं। देश के युवाओं ने अब भाजपा की विचारधारा को खारिज करने का फैसला कर लिया है और इसीलिए भाजपा घबराई हुई है।
'मनन मिश्रा जी, खतरे की घंटी बज रही'; BCI अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग पर सीजेपी का तंज
सौरव दास ने मनन मिश्रा पर वित्तीय फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि BCI के भीतर से ही उनके नेतृत्व पर सवाल उठना गंभीर संकेत है। दास ने मिश्रा पर तंज कसते हुए कहा, 'मनन मिश्रा जी, खतरे की घंटियां बज रही हैं।'
चुनाव से पहले UP में बड़ा सुरक्षा अलर्ट, अखिलेश-मायावती समेत 52 दिग्गजों को मिली बुलेटप्रूफ जैकेट
UP Elections 2027 Bulletproof Jacket Security: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले नेताओं की सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाया है। गृह मंत्रालय की सलाह पर यूपी के सुरक्षा मुख्यालय ने राज्य ...
Dehradun में Car Accident से महिला की मौत, दोपहिया वाहनों को मारी थी टक्कर
देहरादून के राजपुर क्षेत्र में कैनाल रोड पर एक कार ने सड़क किनारे खड़े दो दोपहिया वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे एक महिला की मौत हो गई और एक अन्य महिला घायल हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने शुक्रवार देर रात करीब पौने एक बजे दुर्घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को बताया कि कार की टक्कर से मोटरसाइकिल और स्कूटर पर बैठी दो महिलाएं घायल हो गईं और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने बताया कि डोईवाला निवासी नैना राजपूत (26) की एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि निधि कश्यप का सरकारी दून अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। उसने बताया कि दोनों महिलाएं अपने परिजनों के साथ देर रात फिल्म देखकर सिनेमाघर से निकली थीं और सड़क किनारे अपने वाहन खड़े करके बातचीत कर रही थीं, तभी यह हादसा हुआ। पुलिस ने कार चालक राजपुर निवासी सुमित यादव (20) और उसके साथी हाशिम (24) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्होंने पुलिस को बताया कि ब्रेक नहीं लगने के कारण कार सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकरा गई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और दुर्घटनाग्रस्त कार को भी कब्जे में ले लिया है।
निहाल विहार के लक्ष्मी पार्क में सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की मौत के मामले में स्वजन ने पत्नी रेखा और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सूर्य-बुध की युति से बना बुधादित्य योग, 4 राशियों का शुरू गोल्डन टाइम
Budhaditya Yog:22 अगस्त 2026 से सिंह राशि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 4 राशियों को धन लाभ, करियर में तरक्की और सफलता मिल सकती है.
हाफिज सईद पर शिकंजा कसने की तैयारी, समन भेजेगा भारत; BNSS के तहत ऐक्शन
एनआईए ने जुलाई 2026 में पहलगाम हमले के मामले में एक पूरक आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें हाफिज सईद को लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख साजिशकर्ता के रूप में नामजद किया गया था।
Rahul Gandhi के Pune कार्यक्रम पर BJP का आरोप, इन्फ्लुएंसर्स को दिए 35 हजार रुपये
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुणे में छात्रों से जुड़े राहुल गांधी के कार्यक्रम को ‘‘पैसे की गूंज’’ करार देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भीड़ जुटाने के लिए कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पैसे दिए। भाजपा के इस आरोप पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए दावा किया कि राहुल के प्रति ‘जेन जी’ का बढ़ता समर्थन देखकर भाजपा घबरा गई है। भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए प्रत्येक इन्फ्लुएंसर को 35,000 रुपये तक दिए और इस पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि युवाओं के बीच गांधी का बढ़ता प्रभाव देखकर भाजपा नेता डरे हुए हैं। गांधी का शनिवार को पुणे में खास तौर पर छात्राओं के लिए आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने का कार्यक्रम हैं। बन ने भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के मुंबई स्थित मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि लोगों को कार्यक्रम में आने और सोशल मीडिया पर इसका प्रचार करने के लिए पैसे देकर कांग्रेस यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लोगों का स्वत: समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पुणे के कार्यक्रम का प्रचार करने के लिए 30,000 से 35,000 रुपये देने की पेशकश की जा रही है जिसमें उनकी यात्रा का खर्च और सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का प्रचार करने का खर्च शामिल है। बन ने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ नहीं बल्कि ‘पैसे की गूंज’ है। कांग्रेस पैसे देकर भीड़ जुटा रही है।’’उन्होंने दावा किया कि अगर करीब 3,000 लोगों को प्रति व्यक्ति 30,000 से 35,000 रुपये दिए गए हों तो कुल खर्च नौ से 10 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। बन ने कहा, ‘‘यह पैसा कहां से आया? इसे कौन दे रहा है और यह किसके जरिए बांटा जा रहा है? इस पैसे का आधिकारिक हिसाब क्या है?’’भाजपा प्रवक्ता ने इस धन के स्रोत की विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसका कोई संबंध विदेशी वित्त पोषण या कांग्रेस शासित राज्यों में ठेकों, कमीशन अथवा अन्य वित्तीय लेन-देन के जरिए कथित तौर पर जुटाए गए धन से है। उन्होंने पैसा बांटने में कथित तौर पर शामिल संगठनों और लोगों को लेकर भी जांच की मांग की। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष केशव उपाध्याय ने आरोप लगाया कि गांधी का पुणे कार्यक्रम छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल कर एक राजनीतिक मंच तैयार करने की कोशिश है। उपाध्याय ने कहा, ‘‘कार्यक्रम का नाम भले ही ‘छात्रों की गूंज’ है, लेकिन वास्तव में यह राहुल गांधी की राजनीतिक लड़ाई है।’’उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी 100 चुनाव हार चुके हैं लेकिन इसके बावजूद अब तक अपनी राजनीति की स्पष्ट दिशा तय नहीं कर पाए हैं। उपाध्याय ने कहा, ‘‘राहुल गांधी केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं तलाश पाए हैं। झूठे विमर्श गढ़ने के लिए आरोप-प्रत्यारोप लगाने और तरह-तरह के राजनीतिक प्रयोगों के बावजूद लोग उन पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं।’’कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दावा किया कि युवाओं, खासकर ‘जेन जी’ के बीच गांधी को मिल रहे बढ़ते समर्थन से सत्तारूढ़ पार्टी ‘‘घबरा गई’’ है। उन्होंने भाजपा पर पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सावंत ने कहा कि भाजपा के नेता गांधी से उसी तरह भयभीत नजर आ रहे हैं, जैसे मुगल सेना मराठा योद्धाओं संताजी घोरपडे और धनाजी जाधव से होती थी। सावंत ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा राहुल गांधी से इतनी घबरा गई है कि उसके नेताओं को शायद वह सपने में भी दिखाई देते हैं, जैसे मुगल सेना को संताजी और धनाजी दिखाई देते थे।’’उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में प्रयागराज में गांधी के कार्यक्रम स्थल के पास प्रशासन ने मलजल छोड़ दिया ताकि युवाओं को वहां आने से रोका जा सके। सावंत ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के कार्यक्रम पर कई पाबंदियां लगाई हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने शुक्रवार को ‘‘मनमानी’’ की। उन्होंने कहा, ‘‘वे चाहे जितना विरोध करें या बाधाएं पैदा करने की कोशिश करें, जेन जी देश को बता देगा कि भाजपा को नकार दिया गया है।’’सावंत ने कहा कि गांधी अपनी राजनीतिक राह पर आगे बढ़ते रहेंगे। इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता महेश तपासे ने एबीवीपी पर पुणे के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि कार्यक्रम पर सवाल उठाकर भाजपा अपने ‘‘बौद्धिक दिवालियापन’’ का परिचय दे रही है। तपासे ने कहा, ‘‘अगर राहुल गांधी युवाओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कर रहे हैं तो भाजपा इससे क्यों डर रही है?’’उन्होंने कहा, ‘‘संविधान के तहत नागरिकों को यह तय करने का अधिकार है कि वे किन विचारों को सुनना, स्वीकार करना या खारिज करना चाहते हैं। देश के युवाओं ने अब भाजपा की विचारधारा को खारिज करने का फैसला कर लिया है और इसीलिए भाजपा घबराई हुई है।
खोड़ा में खूनी खेल! पत्नी और बड़ी बेटी का कत्ल.. छोटी बेटी पर भी हमला
गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के चलते एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और 15 वर्षीय बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी. मां और बहन को बचाने पहुंची 14 वर्षीय बेटी भी हमले में घायल हो गई, लेकिन किसी तरह वहां से निकलकर जान बचाई.
Hyderabad Road Accident: Jana Sena MP Lingamaneni Ramesh बोले- जांच में पूरा सहयोग कर रहा बेटा
अपने पुत्र की कथित संलिप्तता वाली दुर्घटना में एक महिला की मौत हो जाने पर दुख प्रकट करते हुए आंधप्रदेश के जन सेना सांसद लिंगमनेनी रमेश ने कहा कि उनके बेटे ने बिना देर किए पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया और वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। रमेश ने कहा कि उनका परिवार शोक-संतप्त परिवार को हर संभव मदद देगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हालात के बारे में कोई अटकलें न लगाएं या पहले से कोई राय न बनाएं, बल्कि जांच से पूरी सच्चाई सामने आने दें। सांसद ने मृत महिला के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कोई भी शब्द उनके दुख को कम नहीं कर सकता और इस मुश्किल घड़ी में वह एवं उनका परिवार उनके साथ खड़े हैं। रमेश ने ‘एक्स’ पर डाले गये एक बयान में कहा कि 16 अगस्त को कार चल रहे उनके बेटे संजुश (21) ने हादसे के तत्काल बाद बिना किसी देरी के पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया और बाद में पुलिस को हादसे की सूचना दी। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज किया गया और उनके बेटे के तीन अलग-अलग मेडिकल परीक्षण किए गए, जिनकी रिपोर्ट ‘नेगेटिव’ आई। रमेश ने कहा कि उनका बेटा मौजूदा जांच में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ भी छिपाया नहीं जा रहा है और न ही उनके परिवार ने किसी भी तरह से कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने ज़रूरी हर प्रक्रिया का पालन किया है। सांसद ने कहा, ‘‘एक ज़िम्मेदार पद पर होने के नाते, मैं सभी को भरोसा दिलाता हूं कि मैं पुलिस विभाग और मौजूदा जांच में पूरा सहयोग करूंगा। हमें पूरा भरोसा है कि निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव वाली कानूनी प्रक्रिया के जरिए सच सामने आएगा।’’रमेश ने सभी से अपील की कि वे पीड़ित परिवार के दुख का सम्मान करें, झूठी या बिना पुष्टि वाली जानकारी न फैलाएं और कानून को अपना काम करने दें। यहां एक मॉल में विक्रय अधिकारी के रूप में काम करने वाली ओडिशा की भारती मुखी 16 अगस्त को जब सड़क पार कर रही थी तब संजुश की लक्जरी कार ने उसे टक्कर मार दी थी और मौके पर ही उसकी मौत हो गयी थी। कार कथित रूप से तेज गति से एवं लापरवाही पूर्वक चलायी जा रही थी।
मेसी के टीममेट पर लगा 10 मैचों का बैन, इन 3 खिलाड़ियों पर भी एक्शन
वर्ल्ड कप 2026 फाइनल गंवाने के एक महीने बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों पर फीफा ने बड़ी कार्रवाई की है., सबसे ज्यादा नुकसान परेडेस को हुआ, जिन्हें अगले 10 इंटरनेशनल मुकाबलों से बाहर रहना पड़ेगा. फीफा ने अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन पर भी जुर्माना लगाया है.
पहले एयर होस्टेस, फिर बनीं DSP... कौन हैं नेहा पच्चीसिया, जिन पर हुई FIR?
कभी एयर होस्टेस की नौकरी करने वाली नेहा पच्चीसिया ने MPPSC पास कर पुलिस सेवा में कदम रखा और DSP बनीं. लेकिन अब मध्य प्रदेश के कटनी में पदस्थ नेहा पच्चीसिया खुद FIR के घेरे में हैं. उनके खिलाफ हत्या के आरोपी की जमीन के सौदे में कथित दबाव, धोखाधड़ी और आपराधिक सांठगांठ के आरोप में मामला दर्ज हुआ है. एयर होस्टेस से DSP बनने वाली नेहा पच्चीसिया की कहानी आखिर विवादों से होती हुई FIR तक कैसे पहुंची?
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसने हजारों परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म कर दिया है। बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, हरियाणा (BSEH) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार का परीक्षा परिणाम 16.57 प्रतिशत रहा है। हालांकि, बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जो प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के कारण अपनी सफलता सुनिश्चित नहीं कर पाए। बोर्ड ने इन छूटे हुए 964 परीक्षार्थियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें बायोमेट्रिक का एक अंतिम और निर्णायक अवसर प्रदान किया है। आइए जानते हैं परिणाम की मुख्य बातें और वेरिफिकेशन से जुड़ी जरूरी जानकारियां।एचटेट परिणाम का विश्लेषण: सफलता का प्रतिशत और बोर्ड का रुखहरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा, जो राज्य में शिक्षक बनने की राह का पहला बड़ा पड़ाव है, इस बार भी चुनौतीपूर्ण रही है। 16.57 प्रतिशत का परिणाम यह दर्शाता है कि बोर्ड ने परीक्षा की गुणवत्ता और मानकों को काफी ऊंचा रखा है। परिणाम जारी होने के साथ ही सफल अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है, जो अब राज्य में विभिन्न सरकारी शिक्षक भर्तियों में आवेदन करने के पात्र हो गए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया गया है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक थी, लेकिन कड़े मूल्यांकन और तय मानकों के कारण केवल वे ही सफल हो पाए जिन्होंने अपनी तैयारी में उत्कृष्टता दिखाई थी।बायोमेट्रिक से चूके 964 परीक्षार्थियों के लिए राहत की खबरपरिणाम के साथ ही बोर्ड ने उन 964 अभ्यर्थियों की सूची भी सार्वजनिक की है, जिनकी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया अधूरी रह गई थी। इन अभ्यर्थियों के लिए यह एक तनावपूर्ण स्थिति थी, क्योंकि बिना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के परिणाम अमान्य माने जाते हैं। बोर्ड ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए और अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का अंतिम मौका दिया है। यह उन सभी के लिए एक सुनहरा अवसर है जो किन्हीं अपरिहार्य कारणों से निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हो पाए थे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम मौका है, इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।कब और कहां होगा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन?बोर्ड द्वारा दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, इन 964 अभ्यर्थियों को अपने मूल दस्तावेजों के साथ निर्धारित केंद्रों पर पहुंचना अनिवार्य है। वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को अपना एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) साथ लाना होगा। बोर्ड ने जिला स्तर पर विशेष केंद्र बनाए हैं ताकि अभ्यर्थियों को अधिक दूर न जाना पड़े। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन न कराने वाले अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा और वे भविष्य में भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। इसलिए, बोर्ड ने सभी संबंधित अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे बिना किसी देरी के अपने नजदीकी निर्धारित केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूर्ण करें।क्या है आगे की प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के लिए निर्देश?वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, बोर्ड इन सभी 964 परीक्षार्थियों का परिणाम अपडेट करेगा। सफल होने वाले अभ्यर्थियों को उनका ई-सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, जिसे वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे वही व्यक्ति हैं जिन्होंने परीक्षा दी थी। वेरिफिकेशन के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी, जिससे अभ्यर्थियों को उनकी पात्रता की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।शिक्षक बनने की राह में एक महत्वपूर्ण कदमएचटेट परीक्षा में उत्तीर्ण होना न केवल एक योग्यता प्रमाण है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं के लिए एक करियर की शुरुआत है जो शिक्षक के रूप में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहते हैं। बोर्ड ने यह भी कहा है कि यदि कोई अभ्यर्थी इस अंतिम अवसर का लाभ नहीं उठाता है, तो उसका परिणाम रद्द माना जाएगा। बोर्ड की वेबसाइट पर उन सभी केंद्रों और तिथियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है जहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होना है। हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही शिक्षक भर्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके लिए एचटेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। बोर्ड ने इस पूरे अभियान को पूरी सुरक्षा और तकनीक के साथ संपन्न करने का संकल्प लिया है ताकि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोई धांधली न हो सके।
नायब सिंह सैनी की अनकही कहानी: कंप्यूटर ऑपरेटर से हरियाणा के मुख्यमंत्री बनने तक का प्रेरणादायी सफर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का जीवन एक आम आदमी के असाधारण बनने की जीती-जागती मिसाल है। एक मामूली कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले सैनी आज राज्य की बागडोर संभाल रहे हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने संघर्षों और चुनौतियों के उस दौर को साझा किया, जो किसी को भी नई ऊर्जा से भर सकता है। उनका यह सफर केवल सत्ता तक पहुंचने का नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण की एक प्रेरणादायी गाथा है। कैसे एक छोटे से गांव से निकला लड़का प्रदेश का 'मुखिया' बना, यह कहानी आज के दौर के युवाओं के लिए किसी पाठ से कम नहीं है।कंप्यूटर ऑपरेटर से सियासत के शिखर तक की चुनौतियांनायब सिंह सैनी की कहानी उस समय से शुरू होती है जब वे अपना खर्च चलाने और परिवार को सहारा देने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करते थे। उन दिनों न तो उनके पास कोई राजनीतिक विरासत थी और न ही कोई बड़ा मंच। उन्होंने बेहद करीब से आम जनता की समस्याओं को देखा, समझा और महसूस किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं को बताते हुए कहा कि एक ऑपरेटर के तौर पर काम करते हुए उन्हें जो तजुर्बा मिला, उसी ने उन्हें लोगों की सेवा करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कभी हार नहीं मानी और विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को अपडेट रखा। यह सफर साबित करता है कि अगर इंसान के पास लक्ष्य स्पष्ट हो, तो छोटे से छोटा काम भी बड़ी सफलता की नींव बन सकता है।राजनीतिक सफर की शुरुआत और संघर्ष का दौरसक्रिय राजनीति में आने के बाद नायब सिंह सैनी का सफर आसान नहीं था। एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर विधायक, सांसद और फिर मुख्यमंत्री बनने तक का उनका सफर भारतीय जनता पार्टी के जमीनी स्तर पर काम करने की नीति का परिचायक है। उन्होंने संगठन के हर छोटे-बड़े पद पर काम किया और जनता के बीच अपनी पैठ बनाई। सैनी के अनुसार, उन्होंने हर स्तर पर सीखा और अपने आप को एक बेहतर जनसेवक के रूप में ढाला। उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी विशेषता उनका 'सादगीपूर्ण' व्यवहार रहा है, जिसकी वजह से वे कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच इतने लोकप्रिय हुए। वे हमेशा यह मानते रहे हैं कि राजनीति सेवा का माध्यम है, न कि सत्ता का जरिया।युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोतयुवाओं के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने उन्हें 'सपनों के पीछा करने' और 'लगातार मेहनत करने' का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में युवाओं के पास अवसरों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैंने भी एक समय कंप्यूटर की कीबोर्ड पर उंगलियां चलाई थीं, और आज मैं प्रदेश की नीतियां तय कर रहा हूं, यह सब कड़ी मेहनत और सही दिशा में प्रयासों का फल है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने भीतर के कौशल को पहचानें और उसे राष्ट्र निर्माण में लगाएं। सैनी का मानना है कि हरियाणा का युवा अगर सही राह पर चले, तो वह दुनिया के किसी भी मुकाम को हासिल कर सकता है।सादगी और जनता से जुड़ाव: सीएम सैनी की कार्यशैलीमुख्यमंत्री बनने के बाद भी नायब सिंह सैनी की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। वे आज भी लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेरा ऑपरेटर का अनुभव मुझे आज भी प्रशासनिक फाइलों को समझने और लोगों की पीड़ा को जानने में मदद करता है। वे राज्य में ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जहां एक सामान्य नागरिक को अपने काम के लिए दर-दर न भटकना पड़े। उनकी यह सहजता और जमीनी जुड़ाव ही उन्हें अन्य राजनेताओं से अलग बनाता है। उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि यदि इरादे नेक हों, तो कोई भी व्यक्ति एक सामान्य पृष्ठभूमि से उठकर इतिहास रच सकता है।भविष्य की राह और हरियाणा का संकल्पअपने संबोधन के अंत में उन्होंने हरियाणा के उज्जवल भविष्य की बात की। उन्होंने युवाओं को आश्वासन दिया कि सरकार उनके कौशल विकास, शिक्षा और रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नायब सिंह सैनी का सपना हरियाणा को एक विकसित और समृद्ध प्रदेश बनाने का है, जहां हर युवा के पास सम्मानजनक रोजगार हो। उनका सफर यह संदेश देता है कि असफलता जीवन का अंत नहीं है, बल्कि यह सीखने का एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने सामर्थ्य पर विश्वास रखें और प्रदेश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। एक कंप्यूटर ऑपरेटर से मुख्यमंत्री तक का यह सफर न केवल नायब सिंह सैनी की व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह लोकतंत्र की उस खूबसूरती का उदाहरण है जहां एक आम नागरिक अपने समर्पण से सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।
ऑटो चालक के घर मिले 3 करोड़, सब बोले- 'मेरे नहीं हैं, मुझे नहीं चाहिए!' लावारिस कैश को लेकर SIT गठित
Sagar 3 Crore Cash Seized:
बॉलीवुड के 'हीरो नंबर 1' गोविंदा की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनके बेटे यशवर्धन आहूजा पूरी तरह तैयार हैं। लंबे समय से चर्चाओं में रहने के बाद, आखिरकार यशवर्धन ने अपनी पहली फिल्म साइन कर ली है। वे एक फ्रेश और रोमांचक हॉरर-कॉमेडी फिल्म से फिल्मी दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। खास बात यह है कि उनके अपोजिट 'लापता लेडीज' की सेंसेशन नितांशी गोयल नजर आएंगी। गोविंदा के फैंस के लिए यह खबर किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है, क्योंकि वे अपने चहेते सितारे के बेटे को पर्दे पर देखने के लिए काफी उत्साहित हैं। इस फिल्म में यशवर्धन और नितांशी की केमिस्ट्री कैसी होगी, इसे लेकर अभी से ही सोशल मीडिया पर कयासों का दौर शुरू हो गया है। आइए, जानते हैं इस मच-अवेटेड डेब्यू फिल्म से जुड़ी सभी एक्सक्लूसिव डिटेल्स।हॉरर-कॉमेडी का तड़का और यशवर्धन की तैयारीबॉलीवुड में आजकल हॉरर-कॉमेडी जॉनर का बोलबाला है। 'स्त्री' और 'भूल भुलैया' जैसी फिल्मों की भारी सफलता के बाद, निर्माता अब इस जॉनर में नए चेहरों को आजमाना चाहते हैं। यशवर्धन आहूजा की डेब्यू फिल्म भी इसी जॉनर का हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार, यशवर्धन ने इस भूमिका के लिए पिछले काफी समय से कड़ी मेहनत की है। उन्होंने एक्टिंग वर्कशॉप्स से लेकर डांस ट्रेनिंग और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन तक, हर मोर्चे पर खुद को तैयार किया है। उनके पिता गोविंदा भी उनके करियर के हर फैसले में उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। फिल्म में यशवर्धन का किरदार काफी चुनौतीपूर्ण है, जिसमें कॉमेडी की टाइमिंग के साथ-साथ हॉरर के दृश्यों में गंभीरता की भी दरकार होगी।नितांशी गोयल का जादू: 'लापता लेडीज' से डेब्यू तकइस फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज फैक्टर नितांशी गोयल हैं। फिल्म 'लापता लेडीज' में फूल कुमारी के किरदार में अपनी सादगी और बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाली नितांशी अब यशवर्धन के साथ मुख्य भूमिका निभाएंगी। नितांशी की लोकप्रियता इस समय चरम पर है और उनकी सादगी भरी अदाकारी को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। यशवर्धन और नितांशी की जोड़ी स्क्रीन पर काफी नई और ताजी लग रही है। जानकारों का कहना है कि दोनों की केमिस्ट्री फिल्म के लिए एक बड़ा 'प्लस पॉइंट' साबित हो सकती है। नितांशी इस फिल्म के लिए काफी उत्साहित हैं और वे इस जॉनर में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा को साबित करने के लिए कमर कस चुकी हैं।निर्माता और फिल्म की कहानी पर खास नजरइस फिल्म का निर्माण बड़े स्तर पर किया जा रहा है और इसे एक बड़े बैनर के तहत रिलीज किए जाने की योजना है। फिल्म की कहानी केवल डर और कॉमेडी के इर्द-गिर्द नहीं घूमेगी, बल्कि इसमें एक मजबूत सोशल मैसेज भी होने की संभावना है। पटकथा पर पिछले एक साल से काम चल रहा है ताकि दर्शकों को कुछ नया और हटकर दिखाया जा सके। फिल्म की शूटिंग जल्द ही शुरू होने वाली है और इसे विभिन्न लोकेशंस पर फिल्माया जाएगा। मेकर्स चाहते हैं कि यशवर्धन का डेब्यू एकदम ग्रैंड हो, ताकि इंडस्ट्री में वे अपनी एक अलग पहचान बना सकें। फिल्म के निर्देशक ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा को सीक्रेट रखा है, लेकिन उन्होंने इशारा दिया है कि यह आने वाले साल की सबसे मनोरंजक फिल्मों में से एक होगी।स्टार किड्स का दौर और यशवर्धन पर उम्मीदेंयशवर्धन का डेब्यू ऐसे समय में हो रहा है जब बॉलीवुड में स्टार किड्स की भरमार है। लेकिन यशवर्धन का मामला थोड़ा अलग है। उनके पिता गोविंदा का एक विशाल फैन बेस है, जो आज भी अपने चहेते एक्टर को स्क्रीन पर मिस करता है। ऐसे में दर्शकों को यशवर्धन के अंदर गोविंदा की झलक देखने की उम्मीद है। हालांकि, यशवर्धन ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे किसी की नकल नहीं करना चाहते, बल्कि अपनी एक अलग एक्टिंग स्टाइल विकसित करना चाहते हैं। उनकी सहजता और कैमरा प्रेजेंस को देखते हुए फिल्म के क्रू मेंबर्स का मानना है कि वे बहुत जल्द दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहेंगे।
बेटे को बचाने की कोशिश में उजड़ गया पूरा परिवार
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक युवक के पहाड़ी पर पहुंचने के बाद उसे सुरक्षित नीचे लाने की करीब तीन घंटे कोशिश चली. परिवार, ग्रामीण, पुलिस और फायर ब्रिगेड उसे समझाते रहे. बाद में पिता उसे बचाने के लिए करीब पहुंचे, लेकिन दोनों का संतुलन बिगड़ गया. बेटे और पति को गिरते देख मां भी पहाड़ी से नीचे चली गईं. पुलिस मामले की परिस्थितियों और पारिवारिक विवाद से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.
बॉक्स ऑफिस पर 'आवारापन 2' का जलवा: ₹150 करोड़ के करीब पहुंची फिल्म, 'बंटवारा 1947' की रफ्तार सुस्त
सिनेमाघरों में इन दिनों बॉक्स ऑफिस की जंग काफी दिलचस्प होती जा रही है। एक तरफ इमरान हाशमी की फिल्म 'आवारापन 2' है, जो दर्शकों के दिलों पर राज करते हुए कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, तो दूसरी तरफ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी 'बंटवारा 1947' को दर्शकों का वैसा प्रतिसाद नहीं मिल पा रहा है जिसकी उम्मीद की जा रही थी। 'आवारापन 2' ने अपनी जबरदस्त कहानी और गानों के दम पर महज कुछ दिनों में ही ₹150 करोड़ के आंकड़े को छूने की तैयारी कर ली है। वहीं, बड़े बजट और गंभीर विषय के बावजूद 'बंटवारा 1947' बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आ रही है और इसकी कमाई महज लाखों में सिमट कर रह गई है। आइए जानते हैं क्या है बॉक्स ऑफिस का पूरा हाल और क्यों दर्शकों ने 'आवारापन 2' को सर-आंखों पर बिठाया है।'आवारापन 2' की सफलता का मंत्र: कहानी और संगीत का संगम'आवारापन 2' की अपार सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण फिल्म का इमोशनल कनेक्ट और इसका संगीत है। दर्शकों का मानना है कि फिल्म के गाने और इमरान हाशमी का रफ-एंड-टफ अंदाज लोगों को बार-बार सिनेमाघरों तक खींच कर ला रहा है। फिल्म ने न केवल मेट्रो शहरों में बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है। पहले हफ्ते से ही फिल्म की ऑक्यूपेंसी रेट लगातार ऊपर की ओर रही है। ट्रेड एनालिस्ट्स की मानें तो जिस गति से यह फिल्म आगे बढ़ रही है, बहुत जल्द यह ₹150 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर लेगी। फिल्म की मार्केटिंग और माउथ पब्लिसिटी का भी इसे जबरदस्त फायदा मिला है, जिससे यह फिल्म इस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई है।'बंटवारा 1947' की सुस्त चाल: क्या गलत हुआ?दूसरी ओर, 'बंटवारा 1947' के साथ स्थिति बिल्कुल उलट है। भले ही फिल्म का विषय काफी गंभीर और ऐतिहासिक था, लेकिन ऐसा लगता है कि दर्शक आजकल सिनेमाघरों में मनोरंजन और एक 'फील-गुड' फैक्टर की तलाश में हैं। फिल्म की धीमी गति और भारी-भरकम नैरेटिव दर्शकों को बांधने में नाकाम रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो फिल्म की कमाई अब लाखों में सिमट कर रह गई है, जो फिल्म के मेकर्स के लिए चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म की मार्केटिंग रणनीति और रिलीज की टाइमिंग ने भी इसके बिजनेस पर असर डाला है। कई बार गंभीर फिल्में दर्शकों के मन पर गहरा प्रभाव डालती हैं, लेकिन 'बंटवारा 1947' के मामले में कंटेंट और दर्शकों की पसंद के बीच का गैप काफी बड़ा नजर आया।बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की प्रतिस्पर्धा और भविष्य की राहबॉक्स ऑफिस का यह दौर साफ तौर पर यह बताता है कि आज के दर्शक बहुत समझदार हैं। वे केवल बड़े नाम या बड़े बजट की फिल्मों के पीछे नहीं भागते, बल्कि उन्हें वही फिल्म पसंद आती है जो सीधे उनके दिल को छू ले। 'आवारापन 2' ने यह साबित कर दिया है कि अगर फिल्म का कंटेंट दमदार हो और उसमें भावनाओं का सही पुट हो, तो वह लंबी रेस का घोड़ा साबित होती है। आने वाले हफ्तों में कई और बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या 'आवारापन 2' अपनी पकड़ बनाए रख पाती है या फिर कोई नई फिल्म इसे टक्कर देने में कामयाब होती है। 'बंटवारा 1947' के लिए अब वापसी करना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि अगले हफ्ते नई फिल्मों के आने के साथ ही इसकी स्क्रीन संख्या और कम होने की पूरी संभावना है।ट्रेड पंडितों का नजरिया: क्या है आने वाले दिनों का अनुमान?ट्रेड पंडितों का कहना है कि आने वाले समय में फिल्मों का बॉक्स ऑफिस बिजनेस पूरी तरह से 'वर्ड ऑफ माउथ' पर निर्भर करेगा। 'आवारापन 2' ने एक बेंचमार्क सेट कर दिया है कि कैसे एक मध्यम बजट की फिल्म भी अपने कंटेंट के दम पर ब्लॉकबस्टर बन सकती है। आने वाले दिनों में अगर फिल्म का क्रेज इसी तरह बरकरार रहता है, तो यह ओवरसीज मार्केट में भी नया रिकॉर्ड बना सकती है। कुल मिलाकर, यह हफ्ता भारतीय बॉक्स ऑफिस के लिए 'आवारापन 2' के नाम रहा है, जिसने न केवल निर्माताओं की जेब भरी है बल्कि दर्शकों को भी फुल एंटरटेनमेंट का डोज दिया है। वहीं, 'बंटवारा 1947' से जुड़े लोगों के लिए यह फिल्म इंडस्ट्री की एक बड़ी सीख है कि बदलते दौर में दर्शकों की नब्ज को पहचानना कितना जरूरी हो गया है।
'कांग्रेस विभाजन कर रही' BJP ने वंदे मातरम् पर पारित किया प्रस्ताव
शनिवार को बीजेपी के नए पदाधिकारियों की बैठक हुई. इस बैठक में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सम्मान और इसके विरासत की रक्षा के लिए प्रस्ताव पारित किया गया.
सावन में मंदिरों के मुकुट चुराने वाले चोर हुए गिरफ्तार
करनाल में सावन के दौरान मंदिरों को निशाना बनाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने सेक्टर-9 के श्री शिव सनातन मंदिर से करीब 4 किलो चांदी के मुकुट चोरी किए थे. इससे पहले खाटू श्याम मंदिर का दानपात्र काटकर करीब 70 हजार रुपये ले जाने का आरोप भी है. सीआईए-3 ने दोनों को पकड़ा और चोरी के मुकुट समेत 30 हजार रुपये नकद बरामद किए.
'भारत पानी को हथियार...' सिंधु समझौते पर सामने आया PAK मंत्री का डर
पाकिस्तानी मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि सिंधु जल संधि निलंबन के बाद भारत पानी को हथियार बना सकता है. उन्होंने दक्षिण एशिया में भारत की केंद्रीय भूमिका को अहम बताया और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत को महत्वपूर्ण माना.
BJP ने 'वंदे मातरम' पर पास किया प्रस्ताव, सिर्फ़ दो पद गाने के कांग्रेस के फैसले की निंदा की
भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को एक प्रस्ताव पास करके कांग्रेस वर्किंग कमिटी के उस फैसले की निंदा की, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को सिर्फ़ शुरुआती दो छंदों तक ही गाने का फ़ैसला किया गया था। पार्टी ने राष्ट्रीय गीत के पूरे वर्शन के सम्मान की रक्षा करने का संकल्प लिया। यह प्रस्ताव पार्टी की उस बैठक में पारित किया गया, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने की और जिसमें नव-नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। पार्टी मुख्यालय में आयोजित बैठक से पहले भाजपा नेताओं ने राष्ट्रगीत के सभी छह पद गाए। इसे भी पढ़ें: PM Modi के 25 साल: BJP मनाएगी 'सेवा पखवाड़ा', Mega Campaign से जनता को जोड़ेगी बीजेपी ने कहा कि छह छंदों वाला पूरा राष्ट्रगीत भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत का प्रतीक है। पार्टी ने इसे सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण या वोट-बैंक की राजनीति का शिकार बनाने की कोशिशों का विरोध करने का संकल्प लिया। पार्टी ने 'वंदे मातरम' के इतिहास, महत्व और विरासत को उजागर करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान की भी घोषणा की, जिसमें युवा पीढ़ी को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महात्मा गांधी के उस बयान का हवाला देते हुए, जिसमें उन्होंने 'वंदे मातरम' को पूरी तरह से देशभक्ति की भावना वाला साम्राज्यवाद-विरोधी नारा बताया था, बीजेपी ने इस संदेश को पूरे देश में फैलाने की योजना साझा की। भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक एक राष्ट्रव्यापी सेवा अभियान, या 'सेवा पखवाड़ा' आयोजित करने की योजना बना रही है। 'सेवा संकल्प महोत्सव' नाम के इस 15-दिन के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश भर में स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण कार्यक्रम और स्वास्थ्य शिविर जैसी जन-सेवा और कल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसे भी पढ़ें: Pune के कॉलेज में Rahul Gandhi के कार्यक्रम से पहले बवाल, ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, 50 से अधिक पर केस दर्ज यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होने के समय के साथ मेल खाएगा; 7 अक्टूबर 2026 को वे इस पद पर 25 साल पूरे करेंगे, जो उस दिन की याद दिलाएगा जब उन्होंने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर इस अभियान की देखरेख की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रमों के तालमेल के लिए हर राज्य में सात सदस्यों की एक टीम बनाई जाएगी, जिसमें एक मंत्री, एक संगठनात्मक महासचिव और पांच वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बेसन के पकौड़े तो खूब खा लिए, अब बनाएं कुरकुरे और करारे जापानी पकौड़े
Japanese Pakode Recipe: अगर आपको पकौड़े खाना पसंद हैं तो फिर हर बार एक ही तरह के साधारण पकौड़े के बजाय जापानी पकौड़े ट्राई कीजिए. इसे बनाना आसान है और खाने में भी ये बहुत टेस्टी लगते हैं. यहां हम आपको देसी तड़के वाले जापानी पकौड़े की रेसिपी बता रहे हैं जिसे आपको एक बार जरूर ट्राई करना चाहिए.
सुई से प्रश्नपत्र के लिफाफे में किया छेद, मोबाइल से वीडियो बनाकर किया पेपर लीक
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की एंटोंमोलॉजी परीक्षा का पेपर लीक करने वाले मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पेपर के 36 घंटे के भीतर आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. इस दौरान दो लोग मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आए हैं. इनमें भारती एग्रीकल्चर कॉलेज और दुर्ग का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया का नाम शामिल है.
पुणे में आज राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम, क्या होगा खास?
आज राहुल गांंधी में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. खास बात ये है कि पुणे का छात्रों की गूंज कार्यक्रम छात्राओं को डेडिकेट किया गया है. राहुल के कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं. अधिक जानने के लिए देखें Video.
भारत की आर्थिक विकास यात्रा इन दिनों एक नए और निर्णायक मोड़ पर है, जहां 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' का मंत्र देश की तस्वीर बदल रहा है। हाल ही में एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और भविष्य की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है। पीएम ने कहा कि सरकार की 'नीतिगत निरंतरता' (Policy Continuity) के कारण आज देश में सुधारों की गाड़ी पूरी रफ्तार से दौड़ रही है, जिसका सीधा असर 'पीएलपी' (PLP) से 'पीएलआई' (PLI) तक के सफर में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का आर्थिक भविष्य न केवल अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित है, बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता और विकास के लिए भी एक गारंटी बन चुका है। आइए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि पीएम मोदी के इन सुधारों के क्या मायने हैं और ये देश को किस दिशा में ले जा रहे हैं।पीएलपी से पीएलआई तक का सफर और भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्रांतिप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जिस 'पीएलपी' (PLP) से 'पीएलआई' (PLI) तक के सफर का जिक्र किया, वह भारत की बदलती औद्योगिक नीति का प्रतीक है। पीएलआई यानी 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव' (उत्पादन आधारित प्रोत्साहन) योजना ने आज भारत को दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की राह पर डाल दिया है। कभी भारत आयात पर अपनी निर्भरता के लिए जाना जाता था, लेकिन आज इसी योजना के दम पर देश इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में निर्यात करने वाला बड़ा खिलाड़ी बन चुका है। पीएम ने बताया कि कैसे सरकार ने जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार किया है, जिसके कारण आज दुनिया की दिग्गज कंपनियां भारत को अपने पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में देख रही हैं। सुधारों की यह निरंतरता ही है कि आज हम केवल 'मेक इन इंडिया' का सपना देख रहे थे, वह अब 'मेक फॉर द वर्ल्ड' की वास्तविकता बन चुका है।आर्थिक स्थिरता और वैश्विक नेतृत्व: भारत की नई भूमिकापीएम मोदी का यह कहना कि 'भारत का भविष्य सुरक्षित, तो दुनिया का भी' बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है। आज जब पूरी दुनिया अनिश्चितता और आर्थिक उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रही है, तब भारत अपनी मजबूत जीडीपी विकास दर और राजकोषीय अनुशासन के साथ स्थिरता का प्रतीक बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवाओं की विशाल कार्यबल (Workforce) दुनिया के लिए एक बड़ी उम्मीद है। भारत के सुरक्षित होने का मतलब है—दुनिया के लिए एक भरोसेमंद सप्लाई चेन, एक बड़ा बाजार और मानवीय मूल्यों पर आधारित एक ऐसा साझेदार जो स्थिरता में विश्वास रखता है। पीएम ने कहा कि हमारी नीतियां केवल आज के लिए नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों के 'विकसित भारत' के संकल्प को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।सुधारों की रफ्तार और नीतिगत निरंतरता का लाभसरकार के आर्थिक सुधारों की सबसे बड़ी ताकत उसकी निरंतरता रही है, जिस पर पीएम मोदी ने विशेष रूप से प्रकाश डाला। पिछले एक दशक में जीएसटी (GST), दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC) और कॉर्पोरेट टैक्स में कमी जैसे बड़े संरचनात्मक सुधारों ने भारत की 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' रैंकिंग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। पीएम ने कहा कि हमारी सरकार 'रिफॉर्म्स' को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सुधारों की यह गाड़ी अब किसी बाधा से नहीं रुकेगी, क्योंकि अब देश की जनता विकास के फल को प्रत्यक्ष रूप से महसूस कर रही है। चाहे वह बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का निर्माण हो या ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तीकरण, हर स्तर पर सुधारों का लाभ आम आदमी तक पहुंच रहा है। नीतिगत स्पष्टता और दूरदर्शिता ने देश के भीतर एक ऐसा भरोसा पैदा किया है कि आज हर निवेशक भारत में अपना भविष्य सुरक्षित देख रहा है।भविष्य की चुनौतियां और भारत का संकल्पप्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यद्यपि हम आज एक मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन हमारी चुनौतियां भी वैश्विक हैं, जिनसे निपटने के लिए हमें निरंतर तैयार रहना होगा। उन्होंने हरित ऊर्जा (Green Energy), सेमीकंडक्टर और एआई (AI) जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भारत के नेतृत्व पर जोर दिया। पीएम ने आह्वान किया कि भारत को तकनीक और नवाचार (Innovation) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि सुधार केवल नियमों को बदलने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक मानसिकता को बदलने का नाम है। भारत का भविष्य केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, डिजिटल समावेश और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संगम है। पीएम ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत के नेतृत्व में ही दुनिया के कई वैश्विक संकटों का समाधान निकलेगा, क्योंकि भारत का विकास दुनिया के कल्याण से जुड़ा हुआ है।
कन्नौज में कांवड़ियों से भिड़े SHO, डीजे को लेकर देर रात तक चली बहस
कन्नौज में डीजे को लेकर कांवड़ियों और पुलिस के बीच ऐसा विवाद हुआ कि मामला हाथापाई से लेकर माफी और कोतवाल के इस्तीफे के ऐलान तक पहुंच गया. शुक्रवार देर रात हरदोई के बिलग्राम से कांवड़ियों का जत्था कन्नौज के गौरीशंकर मंदिर में जल चढ़ाने जा रहा था. इसी दौरान शहर के अंदर डीजे ले जाने को लेकर पुलिस ने रोकने की कोशिश की. इसी बात पर कांवड़िए भड़क गए और पुलिस से धक्का-मुक्की शुरू हो गई. इसके बाद कांवड़ियों ने सड़क पर बैठकर धरना दिया और काफी देर तक हंगामा चलता रहा. मामला बढ़ता देख प्रशासन बैकफुट पर आया. एडीएम देवेंद्र सिंह ने कांवड़ियों से हाथ जोड़कर माफी मांगी....SHO को मौके पर ही सस्पेंड करने का एलान किया... जबकि कांवड़ियों से अभद्र व्यवहार के आरोपों के बीच कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने भी मैदान में ही नौकरी से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया.
Fortuner के लिए खतरा है ये SUV, दमदार फीचर्स के साथ होगी लॉन्च
सितंबर महीने में भारतीय बाजार में कई गाड़ियां लॉन्च होने वाली हैं. इसमें से एक किआ सोरेंटो है, जो थ्री रो हाइब्रिड एसयूवी है. ये कार 4 सितंबर को लॉन्च होने वाली है. इस कार का मुकाबला टोयोटा फॉर्च्यूनर से होगा. सोरेंटो डीजल और हाइब्रिड अवतार दोनों में आएगी. ये कार फॉच्यूनर से कई लाख रुपये सस्ती हो सकती है. आइए जानते हैं ये कार क्या लाएगी.
भारतीय सेना की सामरिक ताकत और सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को एक ऐतिहासिक मजबूती मिलने जा रही है। रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण लद्दाख और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी 'निम्मू-पदम-दारचा' (NPD) सड़क मार्ग पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है, जिसके तहत दुनिया की सबसे ऊंची शिंकुन-ला सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। इस सामरिक परियोजना का जायजा लेने के लिए सेना के शीर्ष अधिकारियों ने हाल ही में 'प्रोजेक्ट योजक' (Project Yojak) के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का जमीनी दौरा किया और सुरक्षा तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस सुरंग के बन जाने से भारतीय सेना और भारी सैन्य साजो-सामान साल के बारह महीने, बिना किसी रुकावट के सीधे चीन सीमा तक बहुत कम समय में पहुंच सकेंगे। आइए जानते हैं इस सामरिक परियोजना से जुड़ी हर एक बड़ी बात।क्या है निम्मू-पदम-दारचा रोड और प्रोजेक्ट योजक का महत्व?निम्मू-पदम-दारचा सड़क परियोजना भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा चलाई जा रही सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। इस सड़क मार्ग की कुल लंबाई लगभग 298 किलोमीटर है, जो मनाली-लेह हाईवे का एक सुरक्षित और वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती है। चूंकि यह रास्ता लद्दाख क्षेत्र के भीतर से गुजरता है, इसलिए इस पर दुश्मन की नजरों और हमलों से बचाव के साथ-साथ हर मौसम में आवागमन सुगम रहता है। 'प्रोजेक्ट योजक' के तहत इस दुर्गम इलाके में पहाड़ियों को काटकर चौड़ी सड़कें और पुल बनाए जा रहे हैं ताकि युद्ध की स्थिति में या शांति काल में भी सैनिकों और हथियारों की आवाजाही में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।शिंकुन-ला सुरंग: दुनिया की सबसे ऊंची ऑल-वेदर टनलइस पूरी परियोजना का सबसे अहम और मुकुटमणि हिस्सा 'शिंकुन-ला सुरंग' (Shinkula Tunnel) का निर्माण है, जो लगभग 16,580 फीट की ऊंचाई पर बनाई जा रही है। यह दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग होगी, जो भारी बर्फबारी और ठंड के मौसम में भी लद्दाख और जांसकर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़े रखेगी। अब तक सर्दियों के मौसम में भारी बर्फबारी के कारण लेह-लद्दाख जाने वाले मार्ग महीनों तक बंद रहते थे, जिससे सेना को रसद और हथियारों की आपूर्ति में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन शिंकुन-ला सुरंग के तैयार हो जाने के बाद यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी और सेना किसी भी मौसम में रिकॉर्ड समय में एलएसी (LAC) यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा तक पहुंच सकेगी।शीर्ष सैन्य नेतृत्व का दौरा और रणनीतिक समीक्षासीमावर्ती इलाकों में चल रहे इन रक्षा कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए सेना के वरिष्ठ नेतृत्व ने व्यक्तिगत रूप से 'प्रोजेक्ट योजक' के तहत हो रहे निर्माण स्थलों का दौरा किया। इस दौरान इंजीनियरिन विंग और बीआरओ के अधिकारियों ने उन्हें सुरंग की खुदाई, सड़क निर्माण की तकनीकी चुनौतियों और तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने की रणनीतिक योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सैन्य अधिकारियों ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि दुर्गम मौसम और अत्यधिक ठंड के बावजूद मजदूरों और इंजीनियरों ने दिन-रात मेहनत करके इस असंभव दिखने वाले प्रोजेक्ट को धरातल पर उतार दिया है। यह दौरा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारत अपनी सीमाओं पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को लेकर कितना गंभीर है।चीन सीमा पर बढ़ेगी भारतीय सेना की मारक क्षमता और बढ़तचीन और पाकिस्तान की सीमाओं से लगे क्षेत्रों में इस तरह के आधुनिक सड़क नेटवर्क और सुरंगों के तैयार होने से भारतीय सेना की स्ट्रैटेजिक मोबिलिटी (Strategic Mobility) कई गुना बढ़ जाएगी। अब टैंक, तोपें, बख्तरबंद गाड़ियां और अतिरिक्त सैनिक बेहद कम समय में अग्रिम मोर्चों पर तैनात किए जा सकेंगे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे के मामले में भारत अब दुश्मन देशों की किसी भी चालाकी का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से सक्षम हो रहा है। शिंकुन-ला सुरंग और निम्मू-पदम-दारचा रोड का यह पूरा प्रोजेक्ट न केवल भारतीय सेना के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा, बल्कि यह लद्दाख के दूरदराज के इलाकों में स्थानीय नागरिकों के लिए भी विकास और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।
छत पर ही क्यों रखी जाती है पानी की टंकी? नीचे रखेंगे तो क्या होगी दिक्कत
घर की छत पर पानी की टंकी रखना सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि इसके पीछे विज्ञान काम करता है. ऊंचाई पर रखी टंकी से गुरुत्वाकर्षण के कारण पानी नीचे की मंजिलों तक आसानी से पहुंचता है. अगर टंकी जमीन पर रखी जाए तो ऊपर पानी पहुंचाने के लिए पंप या मोटर की जरूरत पड़ सकती है.
अभिजीत दीपके आ रहे हैं, स्कूल ने बुला लिए 'फर्जी बच्चे'? शराब की बोतलें मिलने का दावा
महाराष्ट्र के लातूर के सरकारी स्कूल में बाहर से बच्चों को लाकर बैठाने और शराब की बोतलें मिलने का दावा हुआ। प्रिंसिपल ने आरोपों को खारिज कर अपनी सफाई दी।
Kannauj में कांवड़ियों से ADM और ASP ने मांगी माफी, जांच के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
उत्तर प्रदेश के कन्नौज के बोर्डिंग ग्राउंड पर शुक्रवार देर रात हंगामा हो गया, जब हरदोई के बिलग्राम से आए सैकड़ों कांवड़ियों के जुलूस में बज रहे डीजे को रोक दिया गया और पुलिसकर्मियों पर कांवड़ियों से अभद्रता एवं मारपीट का आरोप लगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। कांवड़ियों ने इस घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जो प्रशासन के माफी मांगने के बाद समाप्त हुआ। मामला बढ़ने पर अपर जिलाधिकारी (एडीएम) देवेंद्र सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की ओर से कांवड़ियों से माफी मांगी और आश्वासन दिया कि अभद्रता और मारपीट के मामले में दोषियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी, कांवड़ियों ने करीब दो घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया और बाबा गौरीशंकर मंदिर में जलाभिषेक के लिए रवाना हो गए। बिलग्राम से कांवड़ लेकर आए श्रद्धालु जैसे ही बोर्डिंग ग्राउंड पहुंचे, पुलिस ने विद्युत लाइन का हवाला देकर डीजे और कांवड़ को शहर के अंदर ले जाने से रोक दिया। इससे नाराज श्रद्धालु वहीं धरने पर बैठ गए। कांवड़ियों का आरोप है कि इसी दौरान सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह और उनके साथ आए सिपाहियों ने एक कांवड़िए के साथ अभद्रता और मारपीट की, जिसके बाद वहां मौजूद कांवड़िए आक्रोशित हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोतवाल को निलंबित करने की मांग करने लगे। हंगामा बढ़ता देख एडीएम और एएसपी ने कांवड़ मंडल से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और सभी कांवड़ियों से माफी मांगते हुए बाबा गौरीशंकर को जल अर्पित करने का निवेदन किया। हालांकि पुलिस अधीक्षक की ओर से इस मामले में अब तक किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर केंद्र सरकार ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले अत्यंत संवेदनशील भू-भाग यानी 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) की सुरक्षा को अब पूरी तरह से अभेद्य बनाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस गलियारे की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए एक आधुनिक और त्रि-स्तरीय यानी 'त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड' की बड़ी घोषणा की है। बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों और पड़ोसी देशों की संदिग्ध गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सरकार का यह कदम देश की संप्रभुता और रक्षा तैयारियों को एक नया आयाम देगा। आइए जानते हैं इस उच्च स्तरीय सुरक्षा योजना की पूरी विस्तृत रिपोर्ट और इसके क्या होंगे सामरिक मायने।'चिकन नेक' की सामरिक महत्ता और सुरक्षा की चुनौतियांभारत के मानचित्र पर पश्चिम बंगाल में स्थित सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आम तौर पर 'चिकन नेक' कहा जाता है, महज कुछ किलोमीटर चौड़ा एक बेहद संकरा और नाजुक भू-खंड है। यह गलियारा देश के बाकी हिस्सों को असम, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश जैसे सातों उत्तर-पूर्वी राज्यों से जोड़ने वाली एकमात्र मुख्य जीवनरेखा है। सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील होने के कारण दुश्मन देशों और भारत विरोधी ताकतों की नजरें हमेशा इस क्षेत्र पर टिकी रहती हैं। हाल के दिनों में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अन्य विदेशी मोर्चों पर बदलते घटनाक्रमों के बाद इस कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर रक्षा जानकारों द्वारा लगातार चिंता जताई जा रही थी। इसी संवेदनशील परिस्थिति को भांपते हुए केंद्र सरकार ने इस इलाके को किसी भी बाहरी खतरे से पूरी तरह सुरक्षित करने का निर्णय लिया है।क्या है गृह मंत्री अमित शाह की 'त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड' योजना?केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा घोषित 'त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड' (Triangular Security Grid) एक अत्याधुनिक और बहु-आयामी सुरक्षा ढांचा है, जिसे विशेष रूप से सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस ग्रिड के तहत भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों (CAPF) और खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जाएगा। इस त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें उन्नत सर्विलांस कैमरे, थर्मल इमेजिंग रडार, ड्रोन निगरानी और एआई-बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल होंगे। इस ग्रिड का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन या घुसपैठ की स्थिति में तुरंत और निर्णायक कार्रवाई करना है, ताकि दुश्मन ताकतों के किसी भी नापाक मंसूबे को उसकी शुरुआती अवस्था में ही नेस्तनाबूद किया जा सके।खुफिया तंत्र और आधुनिक तकनीक का होगा कड़ा पहराइस नई सुरक्षा रणनीति के तहत सिलीगुड़ी कॉरिडोर और उसके आसपास के इलाकों में खुफिया तंत्र (Intelligence Network) को अत्यधिक मजबूत बनाया जा रहा है। केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को और अधिक तेज किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पल-पल की नजर रखी जा सके। इसके अलावा, इस पूरे क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई दल (QRT) और अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा बलों की टुकड़ियों की तैनाती को भी बढ़ाया जा रहा है। आधुनिक तकनीकी उपकरणों के जुड़ने से अब इस संकरे गलियारे की निगरानी अंतरिक्ष से लेकर जमीन तक चौबीसों घंटे की जा सकेगी, जिससे सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।पूर्वोत्तर राज्यों के विकास और रक्षात्मक मजबूती का संगमसरकार का यह कड़ा कदम केवल सैन्य सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर-पूर्वी भारत के समग्र विकास और आर्थिक स्थिरता के लिए भी एक बहुत बड़ा संदेश है। जब तक 'चिकन नेक' जैसा गलियारा पूरी तरह सुरक्षित नहीं होगा, तब तक इस क्षेत्र में निवेश और शांति का माहौल पूरी तरह कायम नहीं हो सकता। गृह मंत्री अमित शाह की इस घोषणा से यह साफ हो गया है कि भारत सरकार अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं है। देश के रक्षा नेतृत्व का यह पुख्ता प्रबंध न केवल सीमा पार बैठे दुश्मनों को एक सख्त चेतावनी है, बल्कि यह उत्तर-पूर्व के नागरिकों को एक गहरी सुरक्षा की भावना भी प्रदान करता है। आने वाले समय में इस त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड के लागू होने से भारत की सामरिक स्थिति वैश्विक पटल पर और अधिक मजबूत हो जाएगी।
भारतीय राजनीति में इन दिनों बयानों और राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग का दौर बेहद गर्म है। इसी बीच टीवी चैनलों की लाइव डिबेट के दौरान कुछ ऐसे अप्रत्याशित और दिलचस्प पल सामने आ जाते हैं, जो सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन जाते हैं। ताजा मामला एक टीवी न्यूज़ डिबेट का है, जहां कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने लाइव शो के दौरान पूरा 'वंदे मातरम' गाकर सबको चौंका दिया। इस घटना के बाद राजनीतिक विश्लेषक भी हैरान रह गए। इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तेज-तर्रार नेता राधिका खेड़ा की भी तीखी और दिलचस्प प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कांग्रेस नेता के इस कदम की सराहना तो की, लेकिन साथ ही कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, खासकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी इस बहाने आड़े हाथों लेते हुए जमकर घेरा। आइए जानते हैं इस राजनीतिक ड्रामे की पूरी और विस्तृत कहानी।लाइव डिबेट में गूंजा 'वंदे मातरम', कांग्रेस नेता के अंदाज ने चौंकायायह पूरा वाकया एक प्रतिष्ठित समाचार चैनल पर चल रही प्राइम टाइम डिबेट के दौरान का है, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रवक्ता और नेता समसामयिक मुद्दों पर बहस कर रहे थे। चर्चा के दौरान किसी विषय पर तीखी नोकझोंक छिड़ गई, जिसके बाद माहौल काफी गर्मा गया। इसी गहमागहमी के बीच कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे नेता ने अपनी बात को एक अलग ही अंदाज में रखते हुए स्टूडियो में ही पूरा 'वंदे मातरम' गाना शुरू कर दिया। लाइव टेलीविज़न पर किसी मुख्यधारा के राजनीतिक दल के नेता द्वारा इस राष्ट्रीय गीत को पूरी तन्मयता के साथ गाने का यह दृश्य वहां मौजूद एंकर और अन्य पैनलिस्टों के लिए भी पूरी तरह से अप्रत्याशित था। इस घटना का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आते ही जंगल में आग की तरह फैल गया और इस पर आम जनता की तरफ से भी तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।बीजेपी नेता राधिका खेड़ा की प्रतिक्रिया: तारीफ के साथ तंजइस घटना के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी की नेता राधिका खेड़ा ने इस पर अपनी कड़ी और चुटीली प्रतिक्रिया दर्ज कराई। उन्होंने एक इंटरव्यू या प्रतिक्रिया के दौरान कहा कि कांग्रेस नेता के मुंह से पूरा 'वंदे मातरम' सुनना वास्तव में एक सुखद आश्चर्य की तरह था और इसके लिए उनकी दाद देनी होगी। हालांकि, राधिका खेड़ा यहीं नहीं रुकीं और उन्होंने इस मौके का फायदा उठाते हुए कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर जोरदार राजनीतिक हमला बोल दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि पार्टी के ऐसे नेता जमीन पर इस तरह की देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रतीकों के प्रति सम्मान दिखा रहे हैं, तो उन्हें सबसे पहले अपने केंद्रीय नेतृत्व यानी सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी इसकी शिक्षा देनी चाहिए। बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अक्सर ऐसे मुद्दों पर असहज नजर आता है, इसलिए उनके नेताओं को ऐसा करते देखना एक दुर्लभ राजनीतिक नजारा है।सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और जनता की प्रतिक्रियाएंजैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, नेटिज़न्स के बीच इस पर एक तीखी बहस छिड़ गई। एक तरफ जहां कांग्रेस समर्थकों ने अपने नेता की इस प्रस्तुति की सराहना की और इसे सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी समर्थकों ने इसे केवल एक राजनीतिक स्टंट करार दिया। इंटरनेट पर इस मुद्दे को लेकर मीम्स और डिबेट्स का दौर शुरू हो गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज के दौर में चुनावी और वैचारिक लाभ हासिल करने के लिए राजनीतिक दल अक्सर इस तरह के सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक मुद्दों का सहारा लेते हैं। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में राष्ट्रीय प्रतीक और गीत किस प्रकार दलों के बीच जुबानी जंग और सियासी नफा-नुकसान का बड़ा जरिया बने हुए हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा विनाशकारी युद्ध एक बेहद खतरनाक और खूनी मोड़ पर पहुंच चुका है। हाल ही में मध्य यूक्रेन के क्रिवी रीह (Kryvyi Rih) शहर में स्थित एक व्यस्त शॉपिंग सेंटर पर रूस ने ताबड़तोड़ कई घातक ड्रोन से भीषण हमला कर दिया। इस दर्दनाक और भयानक हमले में कम से कम 16 बेकसूर नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 130 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। इस क्रूरतापूर्ण हवाई हमले के बाद पूरे यूक्रेन में गम और गुस्से का माहौल है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस घटना को सरासर बर्बरता और आतंकवादी कृत्य करार देते हुए रूस को मुंहतोड़ जवाब देने की कसम खाई है। आइए जानते हैं इस दिल दहला देने वाली घटना की पूरी और विस्तृत रिपोर्ट।राष्ट्रपति जेलेंस्की के गृह नगर पर हुआ सबसे बड़ा हमलायह दिल दहला देने वाला हमला सीधे तौर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रीह को निशाना बनाकर किया गया। स्थानीय समयानुसार दोपहर के वक्त जब लोग अपने रोजमर्रा के कामों और खरीदारी में व्यस्त थे, तब अचानक रूसी ड्रोनों ने एक बड़े कमर्शियल शॉपिंग मॉल को तबाह कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, हमला इतना अचानक और जबरदस्त था कि पलभर में पूरा इलाका धुएं के काले गुबार और चीख-पुकार से भर गया। क्षेत्रीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं (Emergency Services) के मुताबिक, इस मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके कारण मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। घायलों में कई बच्चों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिनका इलाज स्थानीय अस्पतालों के आईसीयू वार्ड में चल रहा है।'डबल-टैप' रणनीति: राहत कर्मियों को निशाना बनाने की घिनौनी साजिशइस हमले का सबसे डरावना पहलू यह रहा कि रूसी सेना ने कथित तौर पर 'डबल-टैप' (Double-tap) रणनीति का इस्तेमाल किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, जब पहले ड्रोन हमले के बाद राहत और बचाव दल (Rescuers and Medics) मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद में जुटे थे, ठीक उसके आधे घंटे बाद एक दूसरा रूसी ड्रोन उसी जगह पर आ गिरा। इस दूसरी सुनियोजित स्ट्राइक का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन कर्मियों और डॉक्टरों को निशाना बनाना था, ताकि जान-माल का नुकसान अधिक से अधिक हो सके। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर अपने कड़े बयान में इस घिनौनी हरकत की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जानबूझकर एम्बुलेंस कर्मियों और बचाव दल पर हमला करना इस बात का सबूत है कि रूस अब पूरी तरह से आतंकवादी तौर-तरीके अपना रहा है।अंतरराष्ट्रीय जगत में आक्रोश और युद्ध के बढ़ते भयानक आयामयूक्रेन के शॉपिंग मॉल पर हुए इस घातक हमले के बाद पश्चिमी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने रूस के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के शीर्ष राजनयिकों ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। पिछले कुछ हफ्तों से रूस ने यूक्रेन के विभिन्न शहरों, ऊर्जा संयंत्रों और रिहायशी इलाकों पर हवाई हमलों को और अधिक तेज कर दिया है। राजधानी कीव समेत कई अन्य प्रमुख शहरों में भी लगातार मिसाइल और ड्रोन बरसाए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है। दूसरी तरफ, यूक्रेन की सेना भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के भीतर तेल रिफाइनरियों और सैन्य ठอดानों को निशाना बना रही है, जिससे यह युद्ध अब यूरोप के लिए एक अनवरत और विनाशकारी संकट बनता जा रहा है।जेलेंस्की का कड़ा संदेश: हम चुप नहीं बैठेंगे, निश्चित रूप से जवाब मिलेगाइस भीषण त्रासदी के बाद अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ऐलान किया कि यूक्रेन अपने नागरिकों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देगा और इस क्रूरता का कड़ा जवाब दिया जाएगा। जेलेंस्की ने दुनिया भर के अपने सहयोगियों और पश्चिमी देशों से अपील की है कि वे रूस पर कड़े प्रतिबंधों का शिकंजा कसें और यूक्रेन को आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराएं ताकि इस प्रकार के आसमान से आने वाले कहर को रोका जा सके। बहरहाल, इस ताजा नरसंहार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यह युद्ध थमने के बजाय दिन-प्रतिदिन और अधिक खूनी तथा भयानक रूप धारण करता जा रहा है, जिसका खामियाजा केवल और केवल बेकसूर नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
'सपा कभी गठबंधन नहीं तोड़ती, जब साथ लेती तो साथ निभाती है...' अखिलेश का मायावती पर वार
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को बसपा प्रमुख मायावती के सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी कभी गठबंधन नहीं तोड़ती. उन्होंने कहा, 'इधर सच बोलना भी गलत है. सच बोलना मुश्किल है.'
666 दिन वाली स्पेशल FD... 8.25% का ब्याज, ₹5 लाख पर इतना फायदा
666 Day's Special FD Scheme: उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक अपने ग्राहकों के लिए स्पेशल एफडी स्कीम चला रहा है और महज 666 दिन की FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.25% का धांसू ब्याज ऑफर कर रहा है.
पानी की बोतल से सस्ती बीयर! यूरोप के इस शहर सच में ऐसा है?
सोचिए, आप किसी रेस्टोरेंट में बैठे हैं और वेटर आपको बताता है कि बीयर की कीमत पानी की बोतल से भी कम है. भारत में यह बात सुनकर किसी को भी अजीब लगेगी. यहां तो बीयर के लिए हमेशा पानी से कहीं ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं. लेकिन यूरोप के कुछ हिस्सों में, खासकर टूरिस्ट इलाकों में, यह हकीकत सच में देखने को मिलती है.
PM Modi के 25 साल: BJP मनाएगी 'सेवा पखवाड़ा', Mega Campaign से जनता को जोड़ेगी
भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक एक राष्ट्रव्यापी सेवा अभियान, या 'सेवा पखवाड़ा' आयोजित करने की योजना बना रही है। 'सेवा संकल्प महोत्सव' नाम के इस 15-दिन के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश भर में स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण कार्यक्रम और स्वास्थ्य शिविर जैसी जन-सेवा और कल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसे भी पढ़ें: कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होने के समय के साथ मेल खाएगा; 7 अक्टूबर 2026 को वे इस पद पर 25 साल पूरे करेंगे, जो उस दिन की याद दिलाएगा जब उन्होंने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर इस अभियान की देखरेख की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रमों के तालमेल के लिए हर राज्य में सात सदस्यों की एक टीम बनाई जाएगी, जिसमें एक मंत्री, एक संगठनात्मक महासचिव और पांच वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बीजेपी मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफ़र को दिखाने के लिए फ़ोटो और डिजिटल प्रदर्शनी आयोजित करने की भी योजना बना रही है। इसमें उनके शासन का रिकॉर्ड, विकास की पहल और कल्याणकारी योजनाएं शामिल होंगी। इन कार्यक्रमों में सुशासन, विकास और 'अंत्योदय' पर सेमिनार और बौद्धिक फ़ोरम के साथ-साथ युवाओं और समाज के अन्य वर्गों के साथ बैठकें और बातचीत के सत्र भी शामिल होने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं केंद्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं और उनसे मिलने वाले फ़ायदों के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए विशेष कैंप लगाने की भी योजना है। पार्टी अच्छे शासन, विकास और 'अंत्योदय' (हाशिए पर मौजूद लोगों का उत्थान) जैसे विषयों पर बौद्धिक सम्मेलन और सेमिनार आयोजित करने की भी योजना बना रही है। युवाओं और समाज के अन्य वर्गों के साथ बातचीत के सत्र आयोजित किए जाएंगे, साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों की जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Canada US Trade War: अमेरिका और कनाडा के बीच जारी व्यापार वार्ता अचानक बड़े आर्थिक युद्ध में तब्दील हो गई है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका द्वारा आखिरी वक्त पर रखी गई 'अव्यावहारिक शर्तों का विरोध करते हुए ट्रेड वार्ता को तुरंत रोक ...
'मेरा काम ट्रॉफी जीतना है, लाइक्स-व्यूज नहीं...' गंभीर का आलोचकों को सीधा जवाब
भारत-श्रीलंका दूसरे टेस्ट से पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने आलोचकों को दो टूक जवाब दिया है. गंभीर ने कहा कि उनका काम लाइक्स और व्यूज हासिल करना नहीं, बल्कि भारतीय टीम के लिए ट्रॉफियां जीतना है. उन्होंने टेस्ट रैंकिंग को भी ज्यादा अहमियत नहीं दी और कहा कि भारत संघर्ष नहीं कर रहा. इंग्लैंड दौरे के बाद टीम ने ठीक-ठाक टेस्ट क्रिकेट खेली है.
गोविंदा-सुनीता विवाद में राखी सावंत की एंट्री, किया खुलासा
गोविंदा और सुनीता आहूजा की 39 साल पुरानी शादी टूटने से फिलहाल बच गई है, लेकिन रिश्ते को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ. सुनीता ने फैमिली कोर्ट से तलाक की याचिका वापस ले ली. इसके बाद राखी सावंत ने फोन पर बातचीत के दौरान दावा किया कि अगर याचिका वापस नहीं ली जाती तो गोविंदा दूसरी शादी की तैयारी में थे. हालांकि गोविंदा की ओर से इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
मैके टेस्ट के पहले दिन विकेटों का पतझड़... ऑस्ट्रेलिया भी लड़खड़ाया
मैके टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम की स्थिति थोड़ी मजबूत है, लेकिन बांग्लादेश ने गेंद से वापसी करके मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा होने से बचा लिया. अब दूसरे दिन का खेल मैच की दिशा को तय करेगा. पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही है और बल्लेबाजी करना आसान नहीं है.
अपने ही घर में जिंदा दफना दी गई राजघराने की वारिस! 3 साल बाद खुला राज, हिल गया पूरा देश
तीन सालों तक यह झूठ बिकता रहा। लेकिन शकीरे की बेटी एस्मेथ खलीली को दिल ही दिल में कुछ गलत होने का शक था। उनकी जिद और पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच जब आगे बढ़ी, तो बैंगलोर के उस आलीशान बंगले के आंगन में खुदाई शुरू हुई।
Gen-Z को साधने में जुटी भाजपा, नितिन नवीन ने स्मृति ईरानी को दी जिम्मेदारी
राष्ट्रीय टीम में विनोद तावड़े और सुनील बंसल को राष्ट्रीय महासचिव पद पर बरकरार रखा गया है, जबकि स्मृति ईरानी, बिप्लव कुमार देव और सतीश पूनिया जैसे नेताओं को नए राष्ट्रीय महासचिव के रूप में शामिल किया गया है।
कल्याण सिंह की 5वीं पुण्यतिथि: योगी ने सपा पर साधा निशाना, बोले-
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर लखनऊ के इकाना स्टेडियम में 'हिंदू गौरव दिवस' कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली सपा के PDA में 'P' कभी पिछड़ा था, फिर पंडित हो गया, एक दिन पाकिस्तान भी कर देंगे।
टी20 में काटा गदर, अब टेस्ट में धमाल मचाएंगे सूर्यवंशी!
वैभव सूर्यवंशी को लेकर राहुल द्रविड़ ने बड़ा बयान दिया है. टी20 में बल्ले से जलवा बिखेरने वाले वैभव आने वाले समय में टेस्ट क्रिकेट के भी बड़े सुपरस्टार बन सकते हैं.
जयपुर जिले में एक भयानक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें एक दंपत्ति और उनकी दो बहुएं शामिल हैं। यह हादसा सरमथुरा-फलोदी मेगा हाईवे पर फागी से लगभग तीन किलोमीटर दूर माधोराजपुरा रोड पर हुआ।
मसूरी या उदयपुर: सितंबर में घूमने के लिए क्या रहेगा बेस्ट?
Mussoorie vs Udaipur in September: सितंबर में घूमने का प्लान है लेकिन मसूरी और उदयपुर के बीच कन्फ्यूज हैं तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. आज हम आपको बताएंगे कि आपकी पसंद और मौसम के हिसाब से सितंबर में इन दोनों जगहों में से कहां जाना आपके लिए बेहतर रहेगा.
Rape Case दबाने के लिए 5 Crore की मांग? NHRC ने CM Mann की पत्नी से मांगे जवाब, BJP हुई हमलावर
नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने उन आरोपों का संज्ञान लिया है जिनमें कहा गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने रेप के एक मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगे थे। ये आरोप NHRC में दर्ज कराई गई एक शिकायत में बताए गए थे, जिसमें कहा गया था कि ये आरोप पंजाब के पूर्व जज जस्टिस रंजीत सिंह ने लगाए थे। प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली NHRC बेंच ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। इसे भी पढ़ें: कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी अधिकारियों से कहा गया है कि वे दो हफ़्ते के अंदर आयोग को 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' (ATR) सौंपें। NHRC ने यह मामला भारत सरकार के गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग को भी भेजा है। आयोग ने कहा है कि 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' मिलने के बाद वह आगे की कार्रवाई पर फ़ैसला करेगा। NHRC ने एक बयान में कहा कि लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में चिंता जताई गई है कि इस तरह के दखल से पीड़ित के सम्मान, सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और न्याय पाने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इसमें आरोपों की स्वतंत्र जांच, सबूतों को सुरक्षित रखने और जांच को कमजोर करने या प्रभावित करने की किसी भी कोशिश की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। NHRC ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने इस बात पर जोर दिया था कि किसी भी तरह के प्रभाव से पीड़ित के न्याय पाने के अधिकार से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। आयोग ने कहा की शिकायतकर्ता इस बात पर ज़ोर देता है कि रेप पीड़िता के न्याय पाने के अधिकार को किसी भी तरह के प्रभाव, रुतबे या पद से ऊपर रखा जाना चाहिए। मानवाधिकार संस्था के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों से पहली नज़र में ऐसा लगता है कि पीड़िता के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। इसलिए, आयोग ने पंजाब के संबंधित अधिकारियों को इन आरोपों की जांच करने और अपने निर्देशों के अनुसार उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया। भाजपा ने मांगा इस्तीफा बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया ने पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) के नोटिस के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर से जुड़े आरोपों पर जवाब दें। कालिया ने सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि वह पूरी तरह ईमानदार से पूरी तरह बेईमान हो गई है। उन्होंने मंत्रियों और अहम विधायकों पर लगे भ्रष्टाचार के कई आरोपों का ज़िक्र करते हुए कहा कि अब इस मामले में मुख्यमंत्री का परिवार भी शामिल हो गया है। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं कालिया ने कहा कि असल बात यह है कि NHRC ने पंजाब के DGP से रिपोर्ट मांगी है। यह पूरा मामला पूर्व जस्टिस सरदार रंजीत सिंह ने उठाया है। इसका मतलब है कि पूर्व जस्टिस ने कोई बेबुनियाद दावा नहीं किया होगा; बल्कि, ये आरोप तथ्यों पर आधारित हो सकते हैं। उन्होंने पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल से मान के इस्तीफे की मांग करने को भी कहा और कहा कि इसे देखते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को सफाई देनी चाहिए और पार्टी प्रमुख श्री केजरीवाल को भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
IAS ज्ञानेंद्र कुमार लापता, KPSC पर ED रेड के बाद गए थे दिल्ली
आईएएस (IAS) अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के अचानक लापता होने से चिंता बढ़ गई है. शुक्रवार (22 अगस्त 2026) को दिल्ली जाने के बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है, जबकि परिवार ने अभी औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है.
34 साल पहले गायब हुए थे दो पर्वतारोही, ग्लेशियर पिघला तो मिले शव
1992 में स्विस आल्प्स में लापता हुए दो पर्वतारोहियों का 34 साल बाद पता चला. ग्लेशियर पिघलने पर दोनों के शव मिले और DNA जांच से पहचान हुई. बर्फ में इतने सालों से दबे इस मामले ने सबको चौंका दिया.
कल पुत्रदा एकादशी, जानें पूजा विधि, मुहूर्त, पारण और व्रत कथा
Putrada Ekadashi 2026:पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी. जानें एकादशी की सही तिथि, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, पारण समय, मंत्र, व्रत कथा और भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के उपाय.
UP में चीनी की कालाबाजारी पर नकेल, 400 टन से ज्यादा स्टॉक पर होगा एक्शन
सीएम योगी ने राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी और ओवरप्राइसिंग पर रोक लगाने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. सीएम ने 400 टन से ज्यादा स्टॉक रखने या 30 दिनों से ज्यादा भंडारण करने वाले डीलरों के खिलाफ एस्मा के तहत कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
RGNAU Amethi के विस्तार को केंद्र की हरी झंडी, 500 एकड़ जमीन पर बनेगा रिसर्च सेंटर
अमेठी (उप्र) 22 अगस्त केंद्र सरकार ने अमेठी के फुर्सतगंज में स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (आरजीएनएयू) के उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है, जिसके तहत विश्वविद्यालय अपनी एयरोस्पेस गतिविधियों का विस्तार अतिरिक्त 500 एकड़ ज़मीन पर करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया है कि केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार को इसके लिए ज़मीन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है। आरजीएनएयू के कुलपति प्रो. बीएन सिंह ने पत्रकारों को बताया, ‘‘ यह देश का एक मात्र विमानन विश्वविद्यालय है और ‘2047 विकसित भारत’ के लक्ष्य में इसकी अहम भूमिका होने वाली है। उन्होंने कहा कि इसके एयरोस्पेस के विस्तार का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था जिसे केंद्र सरकार ने अपनी स्वीकृति देते हुए 500 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है।’’कुलपति ने बताया कि राज्य सरकार से भूमि उपलब्ध होते ही ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ विकसित करने का काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि भूमि के सर्वेक्षण का काम चल रहा है। सिंह ने कहा कि गत दिनों उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और उन्होंने कहा था कि शीघ्र भूमि उपलब्ध करा दी जायेगी। उन्होंने बताया कि 500 एकड़ की प्रस्तावित भूमि पर अत्याधुनिक लैब, रिसर्च सेंटर और आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। कुलपति के अनुसार, संस्थान ने 2033 तक छात्रों की संख्या बढ़ाकर 17,000 करने के लिए एक ‘डेवलपमेंट मॉडल’ तैयार किया है। अभी यहां 595 छात्र हैं। राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय, फुर्सतगंज 2013 में नागर विमानन मंत्रालय के तहत स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय है और यह विमानन एवं एयरोस्पेस शिक्षा के लिए देश का एकमात्र संस्थान है।
आबूरोड नगर निकाय चुनावों में शहर को बैलेंस करेंगे ये बाहरी इलाके
आबूरोड। निकाय चुनावों को लेकर लाॅटरियां हो गई। चुनाव की तिथि की घोषणा हो गई और आचार संहिता भी लग गई है। आबूरोड में अभी सभापति पद के दावेदार अपने वार्डों की तलाश में लगे हुए हैं। लेकिन, ये तय है कि हर बार की तरह इस बार भी बाजार में केंडिडेट्स की भरमार होगी। […] The post आबूरोड नगर निकाय चुनावों में शहर को बैलेंस करेंगे ये बाहरी इलाके appeared first on Sabguru News .
वेस्टर्न लुक में छाईं सनी देओल की पत्नी, बेटे-बहू ने लूटी लाइमलाइट
हमेशा लाइमलाइट से दूर रहने वाली पूजा देओल का दीदार करके फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. पूजा देओल को देखते ही पैप्स ने उन्हें अपने कैमरों में कैद कर लिया.
भारत में लॉन्च हुआ पावर बैंक, हैरान कर देंगे इसके फीचर्स
भारत में एक नया पावर बैंक लॉन्च हो गया है, जिसमें वायर्ड और वायरलेस दोनों चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है. इसमें मैक्सिमम 45W तक का वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है और 15W का वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट दिया गया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

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