भारतीय चुनाव प्रणाली के मुरीद हुए ट्रंप, कह दी इतनी बड़ी बात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का हवाला देकर अमेरिका में वोटर आईडी अनिवार्य करने की वकालत की है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ज्ञानेश कुमार ने पूछा था कि अमेरिका बिना फोटो आईडी के चुनाव कैसे कराता है.
जनगणना के दौरान बैंक खाते की मांगी जाएगी जानकारी? जानें क्या बताना है और क्या नहीं
जनगणना से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान केवल बैंक अकाउंट्स की संख्या पूछी जाएगी। इसके अलावा बैंक अकाउंट नंबर, खाते का विवरण, एटीएम कोड, ओटीपी आदि बताने की कोई जरूरत नहीं है।
रेरा विवरण न देने और नकद मांगने वाले बिल्डरों की करें शिकायत, घर खरीदारों को ED की बड़ी सलाह
केंद्रीय जांच एजेंसी ने घर खरीदारों को यह भी सलाह दी है कि वे जिस अचल संपत्ति को खरीदना चाहते हैं, उसके स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल करें और प्रापर्टी ब्रोकर द्वारा दिए गए मौखिक आश्वासनों पर भरोसा न करें।
'दिल्ली-मेरठ के बीच बनाई 40 लेन की सड़क', गडकरी का बड़ा दावा; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने हाल ही में दिल्ली और मेरठ के बीच 40 लेन वाली सड़क बनाई है।
‘उम्मीद खो देता था’, अमेरिकी की जेल से रिहाई के बाद रो पड़ा भारतीय म्यूजिशियन
नई दिल्ली में जन्मे जैज संगीतकार प्रीतेश वालिया को 14 दिन तक अमेरिका में ICE हिरासत में रहने के बाद जमानत मिल गई है. उन्हें 2 अगस्त को लॉस एंजिलिस लौटने पर हिरासत में लिया गया था और कैलिफोर्निया के एडेलांटो सेंटर भेजा गया था. वालिया ने बताया कि हिरासत के दौरान वे खुद को टूटा हुआ महसूस करते थे, लेकिन परिवार, वकील और फैंस के सपोर्ट ने उन्हें हिम्मत दी.
West Bengal में कानूनी ढांचे में आएंगे बालू के घाट, Suvendu Adhikari का ऐलान
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को ऐलान किया कि राज्य में बालू के सभी घाटों को एक कानूनी ढांचे में लाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उनकी सरकार किसी भी तरह की रंगदारी या गिरोह संबंधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। अधिकारी ने पुरुलिया में एक पेयजल परियोजना का उद्घाटन करने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस कदम से इस क्षेत्र को विनियमित करने, सरकारी राजस्व बढ़ाने और उपभोक्ताओं के लिए बालू की कीमतें कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम बालू के सभी घाटों को वैध बनाएंगे। वहां कोई रंगदारी, कोई गिरोह और कोई ‘कट मनी’ नहीं होगी।’’मुख्यमंत्री ने बालू की बढ़ती कीमतों पर चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत घर बनाने वाले लाभार्थियों को बालू के लिए 1,200 रुपये मिलेंगे। उन्होंने जनसभा में कहा, ‘‘मैं इस बात से अवगत हूं बालू की कीमत थोड़ी बढ़ गई है। यह सच में एक समस्या है। जब आप पीएम आवास योजना या पश्चिम बंगाल आवास योजना के तहत घर बनाएंगे तो आपको बालू के लिए 1,200 रुपये मिलेंगे।’’उन्होंने कहा कि सरकार अपनी आवास योजनाओं के तहत 30 लाख मकान मुहैया कराएगी और उनके क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चेतावनी दी। अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर कोई आपसे एक रुपया भी मांगे तो मुझे सूचित करें।’’उन्होंने यह भी घोषणा की कि कोलकाता की तर्ज पर पुरुलिया के सभी सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपी जाएगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्याह्न भोजन बनाने में लगे मौजूदा रसोइयों की नौकरी बरकरार रहेगी।
भाजपा की नई टीम में प्रयोग कम, पर संदेश बड़ा; 2029 के लिए नितिन नवीन ने कैसे साधे सियासी समीकरण?
घोषित कुल 65 नेताओं की टीम में से 51 नए चेहरे हैं। सभी मोर्चों में नए चेहरे लाए गए हैं। सोशल मीडिया टीम पूरी नई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दूसरे दलों से आए नेताओं को संगठन में जगह देकर आने वाले नेताओं को भी संदेश दिया गया है।
Bihar में डूबने से 6 बच्चों की मौत, Katihar और Patna में दर्दनाक हादसे
बिहार के कटिहार और पटना जिलों में सोमवार को अलग-अलग घटनाओं में नदी में डूबने से कम से कम छह बच्चों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पहली घटना कटिहार जिले में फलका थाना क्षेत्र की है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सावन महीने के तीसरे सोमवार के अवसर पर पांच बच्चे अपने परिवार के सदस्यों के साथ कमला घाट पर स्नान करने गए थे तभी तीन बच्चे गहरे पानी में चले जाने के कारण डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने दो बच्चों को बचा लिया, जबकि तीन अन्य की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान अमन कुमार (12), प्रिंस कुमार (10) और सत्यम कुमार (13) के रूप में हुई है। कटिहार के कोढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा पदाधिकारी पूजा कुमारी ने संवाददाताओं से कहा, “जब तीन बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।”इसी तरह की एक अन्य घटना में पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड में सोमवार को गंगा नदी में नहाने के दौरान तीन बच्चे डूब गए और एक अन्य बच्चा लापता हो गया। बख्तियारपुर थाना प्रभारी देवानंद शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘संबंधित कर्मियों ने तीन शव बरामद कर लिए हैं और एक बच्चा अब भी लापता है। लापता बच्चे की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
Delhi के मेडिकल कॉलेजों में 300 नई MBBS और 103 PG सीटें जोड़ने का प्रस्ताव
दिल्ली सरकार ने चिकित्सा शिक्षा की क्षमता बढ़ाने के लिए चरणबद्ध विस्तार योजना के तहत अपने संस्थानों में स्नातक स्तर की 300 मेडिकल सीटें, 103 स्नातकोत्तर और ‘डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी)’ सीटें तथा पांच फेलोशिप सीटें जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और दंत चिकित्सकों की कमी को दूर करना तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यबल को मजबूत करना है। प्रस्तावित विस्तार के तहत द्वारका में निर्माणाधीन इंदिरा गांधी अस्पताल और गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल से संबद्ध मेडिकल कॉलेजों में 150-150 एमबीबीएस सीटें शुरू करने की योजना है। सरकार ने डॉ. बी. एस. आंबेडकर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एमबीबीएस सीटों की संख्या 125 से बढ़ाकर 200 करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं, मौलाना आजाद दंत चिकित्सा विज्ञान संस्थान (एमएआईडीएस) में बीडीएस सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 70 करने का प्रस्ताव है। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) में स्नातकोत्तर सीटों की संख्या 260 से बढ़ाकर 295 करने का प्रस्ताव है, जबकि एमएआईडीएस में पीजी सीटें 22 से बढ़ाकर 42 करने की योजना है। इसके अलावा, बाबा साहेब आंबेडकर (बीएसए) मेडिकल कॉलेज में 24 सीटों वाला पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने का भी प्रस्ताव है। प्रस्तावित 103 अतिरिक्त पीजी और डीएनबी सीटों में बीएसए मेडिकल कॉलेज में 24 एमडी/एमएस सीटें, एमएएमसी में 35 एमडी/एमएस सीटें और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में 18 डीएनबी सीटें शामिल हैं।
MCD worker की हत्या का आरोपी Nihal गिरफ्तार, Delhi Police ने गाज़ीपुर बॉर्डर से पकड़ा
पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक सफाई कर्मी की हत्या के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पत्नी पीड़ित के एक दोस्त से फोन पर बात करती थी, जिस वजह से वह खिन्न था। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी निहाल (52) को गाज़ीपुर बॉर्डर के पास एक फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी निहाल का निशाना उसकी पत्नी से फोन पर बात करने वाला गुलशन था, लेकिन रविवार सुबह करीब 8:15 बजे उसे कल्याणपुरी में कूड़ा उठाते हुए अनिल (27) मिल गया। निहाल ने अनिल पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि अनिल और गुलशन दोस्त थे। पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजीव कुमार ने कहा, निहाल को गुलशन का उसकी पत्नी से हर दिन बात करना पसंद नहीं था। उसने अनिल को चेतावनी भी दी थी कि वह गुलशन को उसकी पत्नी से बात नहीं करने के लिए कहे, लेकिन दोनों फोन पर बात करते रहे। डीसीपी ने कहा कि रविवार सुबह अत्यधिक शराब पीने के बाद निहाल कथित तौर पर अपने घर से गुलशन की तलाश में निकल गया। हालांकि, गुलशन मौके पर मौजूद नहीं था। निहाल अनिल को जानता था और उसने उसे गुलशन की वैन के पास खड़ा देखा था। डीसीपी ने कहा, उसने अनिल को अपने पास बुलाया। दोनों के बीच बहस होने लगी। इसके बाद निहाल ने कथित तौर पर चाकू निकाला और अनिल के पेट में घोंप दिया और मौके से भाग गया। कथित हमला सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गया। घटना का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें दिख रहा है कि पीले रंग की टी-शर्ट पहना एक व्यक्ति अनिल के पास आया और उसके साथ बहस के बाद कथित रूप से उसके पेट में चाकू घोंप दिया। पुलिस ने बताया कि चाकू के हमले से अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने कहा कि वह गिर गया और बाद में उसे गंभीर हालत में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांचकर्ताओं ने इलाके और आरोपी के भागने के संभावित रास्ते में लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की। डीसीपी ने कहा कि फुटेज से पुलिस को निहाल की गतिविधियों पर नज़र रखने और गाज़ीपुर बॉर्डर के पास उसके स्थान का पता लगाने में मदद मिली। पुलिस अब हत्या का घटनाक्रम स्थापित करने और मामले से संबंधित अधिक सबूत इकट्ठा करने के लिए निहाल से पूछताछ कर रही है। इस वारदात से दिल्ली के विभिन्न हिस्सों के सफाई कर्मचारियों और ऑटो-टिपर चालकों में गुस्सा फैल गया, जो सोमवार को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अनिल के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे और उसके परिवार के एक सदस्य के लिए स्थायी सरकारी नौकरी की मांग की।
Mallikarjun Kharge ने BJP को धर्म-विरोधी बताया, गोवा रैली में उत्तराखंड के अनुष्ठान पर बोला हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को उत्तराखंड में उनके भाषण के बाद कथित ‘शुद्धीकरण’ अनुष्ठान का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी को “धर्म-विरोधी” करार दिया और सत्ताधारी पार्टी द्वारा “धार्मिक मूल्यों की चुनिंदा व्याख्या” पर सवाल उठाए। दक्षिण गोवा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, खरगे ने देशभक्ति के दावों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और पार्टी नेतृत्व को चुनौती दी कि वे उन पार्टी सदस्यों की पहचान करें, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। गोवा में सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच देशभक्ति, धर्म, दल-बदल, जमीन के मालिकाना हक और हाल ही में वंदे मातरम को लेकर हुए विवाद जैसे मुद्दों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच कांग्रेस प्रमुख की ये टिप्पणी आई है। उन्होंने कहा, “आप (भाजपा) धर्म-विरोधी हैं, क्योंकि जब मेरे जैसा कोई व्यक्ति उत्तराखंड जाकर लाखों लोगों के सामने भाषण देता है, तो उसके दो दिन बाद आप उस इमारत में शुद्धीकरण का कार्यक्रम करते हैं।”यह कथित “शुद्धीकरण” उत्तराखंड के रामलीला मैदान में हुआ, जहां खरगे ने आठ अगस्त को भाषण दिया था। उन्होंने आरोप लगाया, “क्या आपका धर्म यह सिखाता है? क्या आपके लोग यह सिखाते हैं? क्या आपके गुरु आपको ऐसा करने के लिए कहते हैं?”उन्होंने कहा कि धर्म को ऐसी गतिविधियों तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए और साथ ही धार्मिक मूल्यों की “चुनिंदा व्याख्या” को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया, “हमारे लोगों ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। क्या आपने भी लड़ाई लड़ी? मुझे बताइए, भाजपा का कौन सा व्यक्ति इस देश की आजादी के लिए लड़ा? आरएसएस का कौन सा व्यक्ति इस देश की आजादी के लिए लड़ा? और आप हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ाते हैं?”खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास कांग्रेस नेताओं की देशभक्ति पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, “ये लोग देश-विरोधी हैं। आप भारत-विरोधी हैं।”उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अक्सर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और गांधी परिवार की आलोचना की है। अपने लंबे राजनीतिक करियर का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा, “जब मैं विधायक बना था, तब अमित शाह का नाम भी नहीं हुआ करता था। उस समय उनका राजनीतिक भविष्य क्या था?”उन्होंने कहा, “मैं जनता का प्रतिनिधि हूं। और जनता के प्रतिनिधि के तौर पर मैं यात्रा करता रहूंगा, बोलता रहूंगा, लड़ता रहूंगा और इन लोगों की पोल खोलता रहूंगा तथा उन्हें हराता रहूंगा।”गोवा में भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि राज्य के 12 मंत्रियों में से 10 कांग्रेस के पूर्व नेता हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘गोवा में हमारे लोग भारी अंतर से जीते थे, लेकिन दल बदलने वाले कुछ लोग छोड़कर चले गए और आज 12 मंत्रियों में से 10 कांग्रेस से हैं।’’उन्होंने पाला बदलने वालों को “गद्दार” बताया और आरोप लगाया कि उनके पाला बदलने से गोवा की नैतिकता और आत्म-सम्मान को ठेस पहुंची है। खरगे ने मतदाताओं से गोवा की रक्षा के लिए कांग्रेस का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा, “गद्दारों को वोट न दें। अगर आप उन्हें वोट देंगे, तो आप भी गद्दार बन जाएंगे।”उन्होंने जमीन के मालिकाना हक का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि मेट्रो शहरों के अमीर लोगों ने गोवा में जमीन खरीदी है।
Chamba, Himachal Pradesh में मिले 30 से अधिक गुब्बारे और पाकिस्तानी झंडा
नियंत्रण रेखा (एलओसी) से करीब 100 किलोमीटर दूर हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह इलाके में सोमवार को 30 से अधिक गुब्बारे और एक पाकिस्तानी झंडा बरामद किया गया। हरे और सफेद रंग के इन गुब्बारों पर ‘‘दिल दिल पाकिस्तान’’ लिखा हुआ था। ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर तीसा पुलिस मौके पर पहुंची और गुब्बारों व अन्य सामान को अपने कब्जे में ले लिया। चंबा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय कुमार सकलानी ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। यह घटना हिमगिरी ग्राम पंचायत के शुरनाला क्षेत्र में हुई। चुराह एक दूरदराज और अधिक ऊंचाई वाला पहाड़ी उपमंडल है, जिसकी सीमाएं जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ क्षेत्रों से मिलती हैं। यह क्षेत्र एलओसी से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई है। इससे पहले सिरमौर, बिलासपुर, ऊना, कांगड़ा और हमीरपुर सहित राज्य के कई अन्य जिलों में भी इस तरह के गुब्बारे मिल चुके हैं।
Jaipur में Income Tax विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मेलन शुरू, CBDT प्रमुख ने किया उद्घाटन
आयकर विभाग के विभिन्न प्रशासनिक और कार्यात्मक मुद्दों पर चर्चा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मेलन सोमवार को जयपुर में शुरू हुआ। विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्तों और प्रधान महानिदेशक (आयकर) के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने किया। विज्ञप्ति में बताया गया कि सम्मेलन में विभाग से जुड़े वर्तमान और भविष्य के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। विज्ञप्ति में बताया गया कि साथ ही, विभाग के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझावों और कार्ययोजनाओं पर चर्चा की जा रही है। पहले दिन अधिकारियों ने ई-ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम, सेवा संबंधी मामलों, आरक्षण नीति, करदाता सेवाओं, क्षमता निर्माण, बुनियादी ढांचे और व्यय बजट सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। विज्ञप्ति के अनुसार, इन चर्चाओं से विभाग को अधिक दक्ष, जवाबदेह और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। सम्मेलन में सीबीडीटी के सदस्य पंकज कुमार मिश्रा, संजय बहादुर, प्रसेनजीत सिंह, जी. अपर्णा राव, पल्लवी अग्रवाल और सुनील कुमार सिंह के साथ प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, राजस्थान, जयपुर सुमीत कुमार ने भी भाग लिया। देशभर के विभिन्न प्रभारों से प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, प्रधान आयकर महानिदेशक, आयकर आयुक्त (प्रशासन) और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मेलन में शामिल हुए।
Somnath Bharti मामले में Sultanpur कोर्ट में सुनवाई टली, 22 अगस्त को होंगे आरोप तय
सुलतानपुर में एक विशेष अदालत में दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ मुकदमे में कार्यवाही सोमवार को वकीलों की हड़ताल के कारण स्थगित कर दी गई। आरोप तय करने के मुद्दे पर अगली सुनवाई 22 अगस्त को निर्धारित की गई है। मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने आरोप पर बहस के लिए अगली तारीख 22 अगस्त निर्धारित की। दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ मामला अमेठी जिले के जगदीशपुर में एक जनसभा में उत्तर प्रदेश के अस्पतालों को लेकर कथित तौर पर की गई टिप्पणी को लेकर मामला दर्ज हुआ था। उनके खिलाफ यह मुकदमा सांसद-विधायक मजिस्ट्रेट अदालत में चल रहा है। पिछली सुनवाई में वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे। विशेष लोक अभियोजक वैभव पांडे ने बताया कि 9 जनवरी 2021 को अमेठी जिले के जगदीशपुर रामलीला मैदान में सोमनाथ भारती ने अपने बयान में कथित तौर पर कहा था कि यहां के अस्पतालों में इंसान के साथ जानवर भी पैदा होते हैं। इस टिप्पणी के बाद जगदीशपुर निवासी सोमनाथ साहू ने 10 जनवरी 2021 को जगदीशपुर कोतवाली में सोमनाथ भारती के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। भारती ने जमानत तो करा ली थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने उनकी याचिका पर मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने उक्त रोक हटा ली थी, जिसके बाद पिछली पेशी पर सोमनाथ भारती को आरोप तय करने के लिए तलब किया गया था। सोमनाथ भारती के अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह मदन ने कहा कि अगली सुनवाई आरोप तय किए जाने के मुद्दे पर ऑनलाइन माध्यम से दलीलें सुनने के लिए निर्धारित की गई है।
नितिन नवीन की वजह से बिहार को मिली बीजेपी संगठन में खास जगह? तीन में दो को पहली बार मौका
बीजेपी की 65 सदस्यीय राष्ट्रीय कमेटी में इस बार बिहार से तीन नेताओं को जगह दी गई है। माना जा रहा है कि नितिन नवीन बिहार से हैं और इसलिए बिहार के नेताओं को तवज्जो मिली। इसमें शिवेश शहाबाद, सिद्धार्थ शंभू और ऋतुराज का नाम शामिल है।
नितिन नवीन की टीम में 8 अकेले UP से, मुस्लिम नेता शामिल; 2027 की तैयारी?
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अगुवाई में नई टीम का ऐलान हो गया है। पार्टी ने सदस्यों में बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के नेताओं को दिया है। कुल 8 नेता राज्य से लिए गए हैं। इनमें दलित से मुस्लिम लीडर्स तक शामिल किए गए हैं।
18 August 2026 Major Event आज के दिन: ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक, विझिंजम बंदरगाह से निर्यात-आयात का परिचालन होगा शुरू
बीजेपी संगठन में बदलाव के बाद अब जल्द हो सकता है मोदी कैबिनेट का विस्तार, खाली हैं कई जगहें
कई मंत्रियों के पद छोड़ने के बाद मोदी कैबिनेट में कई सीटें खाली हैं। इसके अलावा दो साल से कैबिनेट विस्तार नहीं हुआ है। ऐसे में संगठन में फेरबदल के बाद अब संभव है कि कैबिनेक का भी विस्तार किया जाए।
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर जुलाई के आखिर से चल रहा छात्र आंदोलन 24वें दिन समाप्त चुका है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुए इस धरने में भूख हड़ताल, 10 अगस्त का विधानसभा मार्च और उस पर लाठीचार्ज, फिर 9 और 17 अगस्त की सरकारी घोषणाएं शामिल हैं. सरकार ने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा, बैकलॉग परीक्षाएं और अब जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा भी रद्द कर दी है. टीडीपीएल से जुड़ी सभी परीक्षाओं की सीआईडी जांच होगी.
स्कूल की बदहाली का मुद्दा उठाया, पिता की मौत पर बवाल… बंगाल पुलिस की आई सफाई
बंकुड़ा के इंडास में शेख अब्दुल हफीज के घर 13 अगस्त की रात हमला हुआ था, जिसमें उनके पिता मफीक को मामूली चोट आई थी. दो दिन बाद मफीक की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई, जिसके बाद अफवाहें फैलीं कि यह मौत बर्बर हमले से हुई. पुलिस ने इसे गलत बताते हुए साफ किया कि जांच जारी है और 8 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि दो आरोपी फरार हैं.
BJP Politics: भाजपा संसदीय बोर्ड मेंअगला बड़ा सवाल-योगी या फडणवीस...?एक के पास जनाधार, दूसरे के पास रणनीति
जो ना मानें उनकी उड़ान तत्काल रोक दें, महंगे हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने छुट्टियों के दौरान एयरलाइन्स के बढ़ाए जाने वाले किराए पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इसके लिए दिशानिर्देश तैयार किए जाएं। जो भी निर्देशों का पालन ना करे उसकी उड़ान तत्काल रोक दी जाए।
8 जिंदगी बीच समंदर में फंसी, आंध्र के मछुआरों की नाव हुई लापता
आंध्र प्रेदश के अंबेडकर कोणसीमा जिले के ओडलारेवु से 3 अगस्त को मछली पकड़ने गई एक नाव आठ मछुआरों समेत लापता हो गई है. नाव 13 अगस्त तक वापस आनी थी, लेकिन अब तक कोई खबर नहीं है. मछुआरों के मोबाइल और नाव का जीपीएस भी काम नहीं कर रहा है. प्रशासन अब इनकी तलाश में जुट गई है.
यूजीसी-नेट के तीन पेपर में गड़बड़ियां पाए जाने के बाद सरकार एनटीए और सख्ती दिखा रही है। सरकार ने एनटीए से ऑडिट रिपोर्ट मांगी है।वहीं एनटीए ने अपने 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया है और नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करदी है।
सस्पेंशन, एंट्री बैन, FIR दर्ज... DU में प्रोफेसर से मारपीट मामले में आरोपी के खिलाफ एक्शन
दिल्ली यूनिवर्सिटी के उमंग भवन में लॉ फैकल्टी के पीएचडी स्कॉलर शुभम सिंह ने एक प्रोफेसर पर हमला कर दिया. सीसीटीवी फुटेज में छात्र प्रोफेसर का इंतजार करते और उन पर हमला करते हुए दिखा. मौरिस नगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई है और पुलिस जांच कर रही है. डीयू प्रॉक्टर ने आरोपी को तुरंत सस्पेंड कर कैंपस में एंट्री बैन कर दी.
Bengal: सर्किट हाउस खाली कराने पर महुआ मोइत्रा ने ओम बिरला को दिया नोटिस, अधिकारियों पर क्या गंभीर आरोप लगाए?
ट्रम्प ने हटाया सालों पुराना गन बैन, गन लवर्स की हो गई मौज!
अमेरिका के न्याय विभाग ने एक नया नियम लागू किया है जिसके तहत आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए गए लोग अपने बंदूक रखने के अधिकार को वापस पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे. अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने इसे सेकंड अमेंडमेंट अधिकारों की बहाली की दिशा में अहम कदम बताया है. 1992 से कांग्रेस ने एटीएफ को ऐसे आवेदनों पर काम करने से रोक रखा था, जिसे अब एक नए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दूर किया जाएगा.
JSSC-CGL Exam Cancelled: JSSC-CGL परीक्षा हुई रद्द मंत्रियों ने खत्म कराया छात्रों नेताओं का अनशन!
JSSC-CGL Exam Cancelled: JSSC-CGL परीक्षा हुई रद्द मंत्रियों ने खत्म कराया छात्रों नेताओं का अनशन!
BJP की नई टीम: 2027 के होमवर्क से 2029 के रिजल्ट तक की तैयारी, यूपी से लोकसभा तक का रण तैयार
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम, जिसका नेतृत्व नितिन नवीन कर रहे हैं, अनुभव और नई ऊर्जा का रणनीतिक संतुलन दर्शाती है, जिसका मुख्य ध्यान आगामी विधानसभा चुनावों पर है।
मुंबई पुलिस ने एक 27 वर्षीय बांग्लादेशी महिला को अवैध रूप से भारत में फिर से प्रवेश करने और बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के शहर में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
इंटरनेट मीडिया पर कथित तौर पर भड़काऊ, भ्रामक और असत्य सामग्री प्रसारित करने के आरोप में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्थानीय संगठनों के सहयोग से शुरू किए गए 105-दिन के अभियान के तहत लगभग 1.25 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों ने कामचलाऊ मराठी दक्षता प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि देश में राजनीतिक चर्चा की भाषा का गिरता स्तर ‘बहुत लज्जाजनक’ है। उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू की जीवनयात्रा से सार्वजनिक जीवन में गरिमा का महत्व सीखने का आह्वान किया।
'महात्मा गांधी को गोली लगने के तुरंत बाद अस्पताल नहीं ले जाया गया था', सावरकर के पोते का बड़ा दावा
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के एक आपराधिक मामले में गवाही देते हुए विनायक दामोदर सावरकर के पड़पोते सत्याकी सावरकर ने दावा किया कि महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे की गोली लगने के बाद करीब 20 मिनट तक घटनास्थल से नहीं ले जाया गया।
'आंदोलन के लिए कुछ लोग कर रहे देश के बचपन का दुरुपयोग', बाबा: रामदेव बोले- लोग धैर्य बनाए रखें
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि देश में हिंदू, मुसलमान, क्षत्रिय, ब्राह्मण समेत अन्य कोई भी जाति खतरे में नहीं है। भारतीय बचपन खतरे में है। देश की जवानी, देश का वर्तमान और भविष्य खतरे में है। कुछ लोग आंदोलन के लिए देश के बचपन का दुरुपयोग कर रहे हैं।
नितिन नवीन की तिरंगा फहराते हुए फोटो से छेड़छाड़, कांग्रेसी नेता पर एफआईआर
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर फहराए गए तिरंगे के चित्र से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। इस मामले में कांग्रेस नेता अरुण साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साहू बेमेतरा जिला कांग्रेस आइटी सेल के अध्यक्ष हैं।
‘12वीं की पढ़ाई में बाधा से नुकसान’, पॉक्सो केस में 17 साल के आरोपी को जमानत
मुंबई की पॉक्सो अदालत ने 17 साल के एक लड़के को अग्रिम जमानत दे दी है, जिस पर कॉलेज की सहपाठी का पीछा करने और उसे परेशान करने का आरोप है. जज आर.जे. पवार ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के समय लड़के की पढ़ाई रोकना और उसे परिवार से अलग करना ठीक नहीं होगा. पुलिस के मुताबिक लड़की के पिता के मना करने से नाराज लड़के ने उन्हें धमकाया था.
Pakistan: इमरान खान की आंखों में कितना सुधार हुआ? जेल प्रशासन ने सेहत पर सुप्रीम कोर्ट में दी पूरी जानकारी
JSSC-CGL Exam Cancelled: JSSC-CGL पास करने के बाद नौकरी गंवाने वालों का प्रदर्शन
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सावरकर के पोते का दावा, गोडसे के गोली मारने के बाद महात्मा गांधी को नहीं ले गए अस्पताल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में अदालत में पेश होते हुए विनायक दामोदर (वीडी) सावरकार के पोते ने बड़ा दावा किया है। इसमें उन्होंने कहाकि नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारे जाने के बाद महात्मा गांधी 20 मिनट तक उसी जगह पर पड़े रहे।
Gen Z से कनेक्शन की कोशिश, कौन हैं हेमांग जोशी जिन्हें भाजपा ने दी बड़ी जिम्मेदारी
इन दिनों जेन जी का बोलबाला है। जंतर-मंतर पर हुए जबर्दस्त प्रदर्शन के बाद अब भाजपा भी जेन जी की ताकत को पहचानने लगी है। जेन जी को अपनी तरफ खींचने के लिए वह युवा चेहरों को अपनी तरफ जोड़ने में लगी है।
बिहार प्रशासनिक महकमे में बड़ा फेरबदल, पांच जिलों में नए डीएम तैनात
बिहार सामान्य प्रशासन विभाग ने एक दर्जन से अधिक IAS अधिकारियों का तबादला किया. एच.आर. श्रीनिवास, पंकज कुमार, विनय कुमार, राजेश कुमार, मयंक वरवड़े, संजय कुमार सिंह, विनोद सिंह गुजियाल, बी. कार्तिकेय धनजी और राजीव रौशन सहित कई सचिव स्तर के अधिकारियों के विभाग बदले गए. पटना कमिश्नर का पद भी बदला.
पढ़ें 18 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज
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आपकी लड़ाई प्रेरित करेगी, कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने झारखंड के छात्रों को दी बधाई
झारखंड सरकार ने वहां पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगें मान ली हैं। इस पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इन छात्रों को बधाई दी है। उन्होंने इसको लेकर एक्स पर पोस्ट लिखी है।
मध्यप्रदेश ने उद्योग और निवेश के क्षेत्र में बनाई मजबूत पहचान: CM डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने NICDIT एपेक्स अथॉरिटी की बैठक में औद्योगिक विकास, निवेशकों की तैयारी, पीएम मित्र पार्क और GIS-सम
ODOP और GI Tag ने बदली किस्मत, गोरखपुर का टेराकोटा पहुंचा देश-विदेश
उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना से गोरखपुर के टेराकोटा को नई पहचान मिली. GI Tag, टूलकिट, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव ने कारीगरों के कारोबार को बढ़ाने में मदद की.
छात्रों की मांगें मानने कैसे राजी हुई झारखंड सरकार? देखें 10 तक
रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बड़ी जीत हुई है. सोमवार को प्रोटेस्ट के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया. इसके अलावा, 2014 से हुई सभी छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की भी व्यापक जांच की जाएगी. इससे पहले छात्रों ने 20 अगस्त को सीएम हाउस के घेराव की चेतावनी दी थी. देखें 10 तक.
20 साल से छप्पर में रह रही थी विधवा, अब पूरा हुआ पक्के घर का सपना
UP government housing scheme: अमेठी की देवमती के लिए अब सरकारी आवास योजना के तहत पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है. पक्की छत और मजबूत दीवारों वाला घर मिलने के बाद देवमती के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही है.
NDTV से उप राष्ट्रपति वेकैंया नायडू की खास बातचीत, युवाओं को दिया संदेश
उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे सकारात्मक रहें, डाइनैमिक रहें. उन्हें अपने जीवन में अनुशासन रखना चाहिए.
ट्रंप ने किम के लिए दक्षिण कोरिया को धमकाया तो चीन की क्या रही प्रतिक्रिया
ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ अपने अच्छे रिश्तों का हवाला दिया है. यह किम के साथ फिर से जुड़ने की उनकी एक कोशिश हो सकती है, क्योंकि किम अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास को हमले की तैयारी के तौर पर देखते हैं.
मिलावटखोरों पर राजस्थान सरकार का बड़ा एक्शन, 26 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड
राजस्थान सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए 18 पैक्ड खाद्य प्रोडक्ट्स पर दो महीने का बैन लगा दिया है. इसके साथ ही, 26 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग ने जुलाई-अगस्त 2026 में लिए गए नमूनों की जांच के बाद यहे कार्रवाई की है.
हाथ में तिरंगा, पैरों के नीचे कीचड़... भोपाल के सरकारी स्कूल की बदहाली
तस्वीरों में बच्चों की देशभक्ति साफ नजर आती है. एक तरफ हाथों में तिरंगा और राष्ट्रगान का उत्साह था, तो दूसरी तरफ स्कूल तक पहुंचने के लिए कीचड़ भरा रास्ता और जर्जर भवन की तस्वीरें सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही थीं.
अयोध्या के 100 साल पुराने राजकीय पुस्तकालय की बदलेगी सूरत, 3.23 करोड़ से बनेगी अत्याधुनिक लाइब्रेरी
अयोध्या मे 100 वर्ष पुराने राजकीय पुस्तकालय की अब होगा अत्याधुनिक लाइब्रेरी जिसे योगी सरकार 3.23 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कराने जा रही है जिसका रविवार को अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमिपूजन किया। उत्तरप्रदेश ...
Analysis: नितिन नवीन की नई टीम 2027 के यूपी चुनाव के लिए कितनी मुफीद
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी मशीनरी को बिल्कुल नए सिरे से तैयार किया है, क्योंकि वह 2024 जैसे नतीजों को दोबारा नहीं दोहरा सकती.
यूक्रेन युद्ध का विरोध करने की सजा... रूसी नेता को 11 साल की जेल
मॉस्को की अदालत ने विपक्षी नेता लेव श्लोसबर्ग को यूक्रेन युद्ध का विरोध करने के आरोप में 11 साल और एक महीने की जेल की सजा सुनाई है.
SBI के अंदर भोजपुरी गाने पर डांस का वीडियो, बैंक मैनेजर ने दी सफाई
Bhojpuri Song Dance Inside SBI: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिलाओं में एक बैंक मैनेजर भी शामिल हैं और वीडियो बैंक के चैंबर का है. हालांकि, वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पैर दबाने में हुई थी देर तो पत्नी को जिंदा जलाया, 11 साल बाद पति को उम्रकैद
ठाणे में पैर दबाने में हुई देरी पर पत्नी को केरोसिन डालकर जलाने के मामले में 11 साल बाद कोर्ट ने पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने पत्नी के दूसरे मृत्यु पूर्व बयान को भरोसेमंद माना.
कल से बुध अस्त, 1 महीना इन 4 राशियों को होगा भरपूर धन लाभ
Budh Asta 2026: ग्रहों के राजकुमार बुध 18 अगस्त से अस्त होने वाले हैं. बुध 18 सितंबर तक अस्त अवस्था में ही रहेंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि अस्त होते ही बुध चार राशियों को जबरदस्त लाभ दे सकते हैं.
इमरान खान की आंखों की रोशनी अब नॉर्मल, जेल प्रशासन ने कोर्ट में दी जानकारी
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की आंखों की रोशनी में सुधार हुआ है. रावलपिंडी की अदियाला जेल के अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनकी आंखों की स्थिति लगभग सामान्य हो गई है. अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में हो रहा था, जिसके बाद उनकी आंखें अब बेहतर हो गई हैं.
रांचीः जेएसएससी-सीजीएल रद्द करने की घोषणा के साथ जयपाल सिंह स्टेडियम में झूमे अभ्यर्थी
झारखंड में 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को सोमवार शाम को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब राज्य सरकार ने आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग मानते हुए जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला किया
‘बंटवारा 1947’ देख भावुक हुईं हेमा मालिनी, बोलीं- इंसानियत चुनने की जरूरत
हेमा मालिनी ने ‘बंटवारा 1947’ को बताया शानदार फिल्म. सनी देओल और शबाना आजमी की एक्टिंग की तारीफ करते हुए कहा कि आज देश को नफरत नहीं, इंसानियत और भाईचारे की जरूरत है.
चुनावों में काले धन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एक साल में जांच पूरी करने के दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने चुनावों में काले धन के इस्तेमाल को लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए गंभीर खतरा बताया है।
आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी, जंक फूड का बढ़ता चलन, शारीरिक निष्क्रियता, पानी की कमी और अत्यधिक तनाव ने आज हर तीसरे व्यक्ति को पाचन से जुड़ी गंभीर समस्याओं में धकेल दिया है। इसमें सबसे कष्टदायक समस्या है कब्ज (Constipation)। सुबह उठते ही घंटों शौचालय में समय बिताना, पेट में भारीपन, गैस, सिरदर्द और अधूरा पेट साफ होने का अहसास पूरे दिन की ऊर्जा और कार्यक्षमता को नष्ट कर देता है। अधिकांश लोग इस समस्या से तात्कालिक राहत पाने के लिए मेडिकल स्टोर से मिलने वाले रेचक चूर्ण (Laxative Powders) या एलोपैथिक गोलियों का सहारा लेने लगते हैं।गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और आयुर्वेद विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि लंबे समय तक सिंथेटिक लैक्सेटिव का सेवन करने से आंतों की प्राकृतिक संकुचन क्षमता (Peristalsis) कमजोर पड़ जाती है और शरीर इन दवाइयों का आदी बन जाता है। प्रकृति ने हमें ऐसे कई पोषक और रसीले फल दिए हैं जिनमें प्रचुर मात्रा में घुलनशील व अघुलनशील फाइबर, पाचक एंजाइम्स, पानी और प्राकृतिक लैक्सेटिव यौगिक पाए जाते हैं। यदि इन 4 फलों को सही तरीके से अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए, तो पुरानी से पुरानी जिद्दी कब्ज की समस्या बिना किसी दवा के जड़ से समाप्त हो सकती है।पुरानी कब्ज क्यों बन जाती है बवासीर और फिशर की गंभीर जड़?जब भोजन पचने के बाद आंतों से गुजरता है, तो बड़ी आंत (Colon) उसमें से पानी को अवशोषित करती है। यदि शरीर में फाइबर और पानी की कमी हो या आंतों की गति धीमी हो, तो मल बहुत अधिक सूख जाता है और कड़ा (Hard Stool) बन जाता है। इस कठोर मल को बाहर निकालने के लिए जब व्यक्ति अत्यधिक जोर लगाता है, तो मलाशय की नसें सूज जाती हैं।समय पर कब्ज का स्थायी समाधान न किया जाए, तो यह आगे चलकर बवासीर (Piles/Hemorrhoids), एनल फिशर (Anal Fissure), भगंदर (Fistula) और आंतों में विषाक्त पदार्थों (Toxins) के दोबारा अवशोषण का कारण बन जाती है, जिससे त्वचा पर कील-मुंहासे और लगातार थकान बनी रहती है। आंतों की दीवारों को चिकनाई और गति प्रदान करने के लिए फलों का प्राकृतिक फाइबर सबसे सुरक्षित उपाय है।1. पपीता (Papaya): 'पपेन' एंजाइम और पानी का अचूक पाचन टॉनिककब्ज और आंतों की सफाई के मामले में पपीते को फलों का राजा माना जाता है। पपीते में लगभग 88% पानी और उच्च मात्रा में घुलनशील फाइबर होता है। इसकी सबसे बड़ी वैज्ञानिक खूबी इसमें पाया जाने वाला एक शक्तिशाली प्रोटियोलिटिक एंजाइम 'पपेन' (Papain) है।पपेन एंजाइम भोजन में मौजूद जटिल प्रोटीन्स को तेजी से तोड़ता है और पाचन प्रक्रिया को सुगम बनाता है। इसके साथ ही पपीते में पाए जाने वाले कार्बनिक अम्ल आंतों की सुस्त पड़ी मांसपेशियों को सक्रिय करते हैं, जिससे मल त्याग की प्रक्रिया अत्यंत सहज हो जाती है। यह आंतों की सूजन को कम करता है और पेट फूलने (Bloating) की समस्या से राहत दिलाता है।सेवन का सही समय और तरीका: सुबह खाली पेट या नाश्ते के 1 घंटे बाद एक मध्यम कटोरी ताजा, पका हुआ पपीता खाना सबसे ज्यादा गुणकारी होता है। ध्यान रखें कि पपीते पर चाट मसाला या बहुत ज्यादा नमक न छिड़कें, इसे प्राकृतिक रूप में ही खाएं।2. अमरूद (Guava): अघुलनशील फाइबर का पावरहाउस जो आंतों की कर दे डीप क्लीनिंगसर्दियों और सामान्य मौसम में आसानी से मिलने वाला अमरूद कब्ज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 100 ग्राम अमरूद में लगभग 5.4 ग्राम तक डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो अधिकांश अन्य फलों की तुलना में कहीं अधिक है।अमरूद में मौजूद अघुलनशील फाइबर (Insoluble Fiber) आंतों में जाकर स्पंज की तरह काम करता है। यह मल की मात्रा (Bulk) को बढ़ाता है और उसे नरम बनाकर आंतों की दीवारों से आसानी से फिसलने में मदद करता है। इसके छोटे-छोटे बीज आंतों की भीतरी सतह पर प्राकृतिक स्क्रबर की तरह कार्य करते हैं और पुरानी जमी गंदगी को बाहर धकेलने में सहायक होते हैं। इसके अतिरिक्त अमरूद में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स की प्रचुरता गट माइक्रोबायोम (अच्छे बैक्टीरिया) को मजबूत करती है।सेवन का सही समय और तरीका: दोपहर के भोजन से 1 घंटा पहले या शाम के नाश्ते में एक मध्यम आकार का अच्छी तरह पका हुआ अमरूद चबा-चबाकर खाएं। अधकच्चा या अत्यधिक कड़ा अमरूद खाने से बचें क्योंकि वह वात बढ़ाकर पेट में गैस पैदा कर सकता है।3. नाशपाती और सेब (Pear & Apple): 'पेक्टिन' और 'सॉर्बिटोल' का जादुई संयोजननाशपाती (Pear/बब्बूगोशा) और सेब दोनों ही घुलनशील फाइबर 'पेक्टिन' (Pectin) और एक प्राकृतिक शुगर अल्कोहल 'सॉर्बिटोल' (Sorbitol) के बेहतरीन स्रोत हैं।सॉर्बिटोल एक प्राकृतिक ऑस्मोटिक लैक्सेटिव (Osmotic Laxative) की तरह काम करता है। यह शरीर के अन्य हिस्सों से पानी खींचकर बड़ी आंत में पहुंचाता है, जिससे सूखा और कठोर मल नम होकर आसानी से पास हो जाता है। वहीं पेक्टिन फाइबर आंतों में एक चिकना जेल बनाता है, जो आंतों की गतिशीलता को तेज करता है। नाशपाती में सेब से भी अधिक फ्रुक्टोज और सॉर्बिटोल की मात्रा होती है, जो पुरानी कब्ज से पीड़ित लोगों के लिए त्वरित राहत का काम करती है।सेवन का सही समय और तरीका: नाशपाती और सेब का सेवन हमेशा उनके छिलके सहित करना चाहिए, क्योंकि 60% से अधिक फाइबर उनके बाहरी छिलके में ही केंद्रित होता है। फल को अच्छी तरह धोकर दिन में किसी भी समय स्नैक के रूप में चबाकर खाएं।4. सूखा आलूबुखारा और भीगे हुए अंजीर (Prunes & Figs): सदियों पुराना प्राकृतिक लैक्सेटिवसूखा आलूबुखारा (Prunes) दुनिया भर के चिकित्सा जगत में क्रॉनिक कब्ज के इलाज के लिए सबसे प्रामाणिक प्राकृतिक उपाय माना जाता है। प्रून्स में घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर, फेनोलिक यौगिक और उच्च स्तर का सॉर्बिटोल होता है।शोध बताते हैं कि रोजाना 4-5 सूखे आलूबुखारे या 2-3 भीगे हुए अंजीर (Figs) का सेवन करने से आंतों में लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या बढ़ती है और मल त्याग की आवृत्ति (Frequency) में उल्लेखनीय सुधार होता है। अंजीर में मौजूद छोटे-छोटे रेशे आंतों के मार्ग को उत्तेजित करते हैं, जिससे सुबह उठते ही बिना किसी खिंचाव या दर्द के पेट एक बार में पूरी तरह साफ हो जाता है।सेवन का सही समय और तरीका: रात को सोने से पहले 2 सूखे अंजीर या 3-4 सूखे आलूबुखारे को आधा कप गुनगुने पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर खाली पेट सबसे पहले उस पानी को पिएं और फलों को खूब चबाकर खाएं।फल खाते समय न करें ये 3 आम गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूरा फायदाफलों का जूस पीने की गलती: कब्ज से पीड़ित लोग अक्सर ताजे फलों को खाने के बजाय उनका जूस निकाल लेते हैं। जूस बनते ही फल का सारा जरूरी अघुलनशील फाइबर छनकर बाहर निकल जाता है और केवल शुगर बचती है। कब्ज दूर करने के लिए हमेशा साबुत फल को चबाकर ही खाना चाहिए।रात को देर से फल खाना: सोने से ठीक पहले भारी या ठंडे फल खाने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, जिससे रात में अपच, गैस और भारीपन हो सकता है। फलों का सेवन हमेशा सुबह खाली पेट या शाम 5 बजे से पहले करना चाहिए।पानी पीने में लापरवाही: फलों में मौजूद फाइबर तभी असरदार होता है जब शरीर में पर्याप्त पानी मौजूद हो। यदि आप फाइबर का सेवन बढ़ा रहे हैं लेकिन पानी कम पी रहे हैं, तो फाइबर आंतों में सूखकर कब्ज को और अधिक बढ़ा सकता है। इसलिए दिनभर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी अवश्य पिएं।कब है डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी?यद्यपि ये 4 फल सामान्य और मध्यम स्तर की कब्ज को दूर करने में पूरी तरह सक्षम हैं, लेकिन यदि आपको मल त्याग के दौरान गंभीर दर्द, मल के साथ खून आना, अचानक बिना कारण वजन घटना, लगातार उल्टी जैसा लगना या 4-5 दिनों तक बिल्कुल भी शौच न होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य कब्ज मानकर घर पर न बैठें। ऐसी स्थिति में आंतों में किसी गंभीर रुकावट (Intestinal Obstruction) या अन्य चिकित्सीय समस्या की संभावना हो सकती है, जिसके लिए तुरंत किसी योग्य गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य है।फलों के प्राकृतिक पोषण को अपनी दैनिक थाली का हिस्सा बनाएं, सुबह उठकर गुनगुना पानी पिएं, नियमित 30 मिनट टहलें और अपनी आंतों को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ और रोगमुक्त रखें।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 27 साल बाद तक एक भी गड्ढा नहीं, नितिन गडकरी का दावा
नितिन गडकरी ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान वन विभाग से इजाजत नहीं मिलने के कारण वह इस हिस्से का निर्माण नहीं करा सके। बाद में महाराष्ट्र सरकार ने बनवाया।
'एक झटके में हम बेरोजगार हो गए...' रांची में शुरू होगा एक और आंदोलन?
JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन किया. अभ्यर्थियों ने सरकार से फैसला वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे.
बिहार: मस्जिद के अंदर मौलवी की हत्या, सुबह अजान नहीं हुई तो खुला राज
क्या एक शांत मस्जिद के भीतर सो रहे मौलवी को यूं मौत के घाट उतार देना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था? यही सवाल अब अरना गांव से लेकर पूरे इलाके में गूंज रहा है. 50 वर्षीय सफीक आलम भोरे थाना क्षेत्र के सिसई गांव के रहने वाले थे और अरना गांव की मस्जिद में मौलवी के तौर पर सेवा दे रहे थे.
जिन्ना की TB का राज छिपाया, बॉम्बे के 2 डॉक्टरों को सर्वोच्च सम्मान देगा PAK!
भारत के बंटवारे से ठीक पहले के दिनों में जिन्ना की बिगड़ती सेहत उन राज में से एक थी जिन्हें बहुत गुप्त रखा गया था. अब 78 साल बाद पाकिस्तान बॉम्बे के दो पारसी डॉक्टरों को सम्मानित कर रहा है, जिन्होंने देश के संस्थापक का इलाज किया था और इतिहास के एक अहम मोड़ पर उनकी गंभीर बीमारी को छिपाकर रखा था.
पुणे और उसके आसपास आने वाले वर्षों में सड़क व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि पुणे को जाम और प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए करीब 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से सड़क नेटवर्क विकसित किया जाएगा। सरकार का जोर शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी यातायात को बाहर निकालने और आसपास के इलाकों से बेहतर संपर्क बनाने पर है। नितिन गडकरी ने यह बात सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, लवाले में आयोजित ‘फेस्टिवल ऑफ थिंकर्स’ कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम की विषयवस्तु ‘बुनियादी ढांचा विकास- विकसित भारत की राह’ थी। उन्होंने कहा कि पुणे के आसपास कई बड़े सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिनसे शहर में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। बता दें कि प्रस्तावित परियोजनाओं में पुणे-शिरूर, हडपसर-यवत, तलेगांव-चाकण-शिक्रापुर और शिरूर-संभाजीनगर मार्ग प्रमुख हैं। इन सड़कों के विकास का उद्देश्य पुणे को आसपास के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों से बेहतर तरीके से जोड़ना है। पुणे में वाहनों की बढ़ती संख्या और लगातार बढ़ते यातायात के कारण शहर के कई हिस्सों में जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, पुणे-संभाजीनगर द्रुतगति मार्ग भी प्रस्तावित योजनाओं में शामिल है। नितिन गडकरी ने कहा कि इस मार्ग के तैयार होने के बाद पुणे और संभाजीनगर के बीच यात्रा का समय घटकर करीब दो घंटे रह सकता है। इससे दोनों शहरों के बीच आवागमन तेज होने के साथ व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पुणे-सतारा और पुणे-सोलापुर राजमार्गों को भी बेहतर बनाया जाएगा। शहर के अलग-अलग हिस्सों में ऊंची सड़क परियोजनाएं और नए द्रुतगति मार्ग तैयार किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का एक बड़ा उद्देश्य मुंबई, पुणे और बेंगलुरु के बीच संपर्क को मजबूत करना है। गौरतलब है कि पुणे महाराष्ट्र का एक प्रमुख औद्योगिक, शैक्षणिक और तकनीकी केंद्र है। शहर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कामगार और उद्योगों से जुड़े लोग रहते हैं। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने से सड़क यातायात पर दबाव लगातार बढ़ा है। ऐसे में नए मार्ग और वैकल्पिक सड़क संपर्क शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही कम करने में मदद कर सकते हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि नए सड़क नेटवर्क से पुणे से होकर गुजरने वाले यातायात को शहर के बाहर से निकालने में मदद मिलेगी। इससे शहर के प्रमुख हिस्सों में जाम कम हो सकता है और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क का फायदा पर्यटन, उद्योग और रोजगार को भी मिलने की उम्मीद जताई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाने में तकनीक, शोध, पारदर्शिता और तेजी से निर्णय लेने की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य केवल सड़कें बनाना नहीं, बल्कि ऐसी परिवहन व्यवस्था तैयार करना है जिससे लोगों और सामान की आवाजाही आसान हो सके। पुणे के लिए प्रस्तावित करीब 60 हजार करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं पूरी होने के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक असर उनके समय पर पूरा होने और यातायात व्यवस्था के साथ सही तरीके से जोड़ने पर निर्भर करेगा।
भारतीय रसोई का स्वाद और मानव शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन नमक के बिना अधूरा है। पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण साधारण सफेद नमक को लेकर कई तरह की आशंकाएं खड़ी हो गई हैं और बाजार में हिमालयन पिंक सॉल्ट (गुलाबी नमक) तथा सेंधा नमक (रॉक सॉल्ट) की मांग तेजी से बढ़ी है। सोशल मीडिया और हेल्थ इन्फ्लुएंसर्स अक्सर सफेद नमक को 'धीमा जहर' बताकर पूरी तरह से गुलाबी या सेंधा नमक अपनाने की सलाह देते हैं। पोषण विज्ञान और आयुर्वेद के अनुसार आंख मूंदकर किसी भी नमक को पूरी तरह छोड़ देना या अपना लेना दोनों ही सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है। शरीर के लिए तीनों ही प्रकार के नमकों की अपनी रासायनिक संरचना, फायदे, सीमाएं और उपयोग के विशिष्ट नियम हैं।सफेद नमक (Table Salt): रिफाइनिंग का खेल, आयोडीन का वरदान और एंटी-केकिंग एजेंट्ससफेद नमक, जिसे टेबल सॉल्ट या परिष्कृत नमक कहा जाता है, मुख्य रूप से समुद्री जल या भूमिगत खदानों से निकाला जाता है। इसे बाजार में उतारने से पहले भारी औद्योगिक रिफाइनिंग प्रक्रिया से गुजारा जाता है, जिसमें इसके सभी प्राकृतिक ट्रेस मिनरल्स हट जाते हैं और यह 97% से 99% तक शुद्ध सोडियम क्लोराइड (NaCl) बन जाता है। इसे नमी से बचाने और डिब्बे में आसानी से बहने (Free-flow) योग्य बनाए रखने के लिए इसमें 'एंटी-केकिंग एजेंट्स' (जैसे सोडियम एल्युमिनोसिलिकेट या पोटेशियम फेरोसायनाइड) मिलाए जाते हैं।सफेद नमक की सबसे बड़ी ताकत इसका 'आयोडीन युक्त' (Iodized) होना है। 1980 और 90 के दशक में भारत सरकार ने घेंघा रोग (Goiter), मानसिक दुर्बलता और हाइपोथायरायडिज्म की महामारी को रोकने के लिए नमक में आयोडीन मिलाना अनिवार्य किया था। आज भी थायरॉयड ग्रंथि के सुचारू संचालन और बच्चों के मस्तिष्क विकास के लिए आयोडीन युक्त सफेद नमक सबसे सस्ता और प्रभावी स्रोत है।सेंधा नमक (Rock Salt / Halite): व्रत की थाली से आयुर्वेद के त्रिदोष संतुलन तक का सफरभारतीय परंपरा में सदियों से उपवास और धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग होने वाला सेंधा नमक वास्तव में प्राकृतिक खनिज 'हैलाइट' (Halite) का शुद्ध रूप है। यह नमक प्राचीन काल में सूखे समुद्रों और झीलों के वाष्पीकरण से बनी प्राकृतिक चट्टानों से सीधे खोदा जाता है। इसे किसी भी प्रकार की रासायनिक रिफाइनिंग या ब्लीचिंग प्रक्रिया से नहीं गुजारा जाता, जिससे इसका प्राकृतिक रूप बरकरार रहता है।आयुर्वेद में सेंधा नमक को सभी नमकों में सर्वश्रेष्ठ और 'लवण उत्तम' माना गया है। जहां सफेद नमक शरीर में पित्त और गर्मी बढ़ाता है, वहीं सेंधा नमक की तासीर 'शीत वीर्य' (Cooling) मानी जाती है। यह त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) को संतुलित करता है, जठराग्नि को प्रज्वलित कर पाचन सुधारता है, गैस और सीने की जलन को शांत करता है। रासायनिक रूप से इसमें सफेद नमक की तुलना में सोडियम की मात्रा थोड़ी कम होती है और पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स प्राकृतिक रूप में उपस्थित होते हैं।हिमालयन गुलाबी नमक (Pink Salt): गुलाबी रंग का राज, 84 मिनरल्स का दावा और हकीकतगुलाबी नमक भी एक प्रकार का रॉक सॉल्ट ही है, जो मुख्य रूप से हिमालय की तलहटी (पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित खेवड़ा सॉल्ट माइन) से निकाला जाता है। इसका आकर्षक हल्का गुलाबी रंग इसमें प्राकृतिक रूप से मौजूद 'आयरन ऑक्साइड' (जंग/लौह तत्व) और अन्य ट्रेस मिनरल्स के कारण होता है।बाजार में यह दावा बहुत लोकप्रिय है कि गुलाबी नमक में 84 प्रकार के दुर्लभ मिनरल्स होते हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह बात सही है कि इसमें आयरन, जिंक, कॉपर, मैंगनीज और क्रोमियम जैसे तत्व पाए जाते हैं, लेकिन इनकी मात्रा बहुत सूक्ष्म (Trace Amounts) होती है। केवल गुलाबी नमक खाकर शरीर की दैनिक मिनरल जरूरतों को पूरा नहीं किया जा सकता। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पूरी तरह अपरिष्कृत, प्रदूषण रहित और एडिटिव्स-मुक्त होता है, जो शरीर के पीएच (pH Level) को संतुलित रखने और मांसपेशियों की ऐंठन को कम करने में मदद करता है।सफेद, गुलाबी और सेंधा नमक में मुख्य अंतरसोडियम की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में सफेद नमक में लगभग 39,000 मिलीग्राम (39%) सोडियम होता है, जबकि गुलाबी और सेंधा नमक में क्रिस्टल का आकार बड़ा होने और अन्य खनिजों की मौजूदगी के कारण सोडियम की मात्रा थोड़ी कम (लगभग 36% से 38%) होती है।आयोडीन की उपस्थिति: सफेद नमक फोर्टिफाइड होता है, इसलिए इसमें प्रति ग्राम लगभग 15 से 30 माइक्रोग्राम आयोडीन सुनिश्चित होता है। इसके विपरीत, सेंधा और गुलाबी नमक में प्राकृतिक रूप से आयोडीन बहुत कम या नगण्य होता है।प्रोसेसिंग और केमिकल्स: सफेद नमक अत्यधिक प्रोसेस्ड, ब्लीच्ड और केमिकल एडिटिव्स युक्त होता है। वहीं सेंधा और गुलाबी नमक बिना किसी रासायनिक क्रिया के हाथ से तोड़े और पीसे गए प्राकृतिक लवण हैं।स्वाद और स्वाद की तीव्रता: सफेद नमक बहुत तीखा और तेज नमकीन होता है, जबकि सेंधा और गुलाबी नमक का स्वाद हल्का, मिट्टी जैसा और सौम्य होता है।अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार कौन सा नमक चुनें?हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) और दिल के मरीज: जिन लोगों को उच्च रक्तचाप या हृदय रोग की समस्या है, उनके लिए सेंधा नमक या गुलाबी नमक अधिक फायदेमंद है। इनमें पोटेशियम की मौजूदगी अतिरिक्त सोडियम के प्रभाव को कम करने और रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करने में मदद करती है।थायरॉयड और हार्मोनल असंतुलन के मरीज: यदि आप हाइपोथायरायडिज्म या आयोडीन की कमी से जूझ रहे हैं, तो केवल सेंधा या गुलाबी नमक पर निर्भर न रहें। आपके शरीर को नियमित रूप से आयोडीन की आवश्यकता होती है, जो आयोडीन युक्त सफेद नमक या आयोडीन सप्लीमेंट्स से ही मिल सकता है।कमजोर पाचन, ब्लोटिंग और एसिडिटी: जिन लोगों को खाना खाने के बाद पेट भारी लगना, खट्टी डकारें आना या अपच की शिकायत रहती है, उनके लिए आयुर्वेद के अनुसार भोजन पकाने और छाछ/सलाद में सेंधा नमक का उपयोग सर्वोत्तम है।खिलाड़ी और अत्यधिक पसीना बहाने वाले लोग: वर्कआउट या भारी शारीरिक श्रम के बाद शरीर से निकलने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई के लिए गुनगुने पानी में एक चुटकी गुलाबी नमक और नींबू मिलाकर पीना स्पोर्ट्स ड्रिंक्स से कहीं बेहतर काम करता है।इस्तेमाल करने का सबसे आदर्श और वैज्ञानिक तरीका: 'रोटेशन और ब्लेंडिंग' तकनीकस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार किसी एक नमक को अपनी रसोई से पूरी तरह बेदखल करने के बजाय उनका संतुलित उपयोग करना सबसे समझदारी भरा कदम है:स्मार्ट ब्लेंडिंग फॉर्मूला: भोजन पकाने (सब्जी, दाल आदि) के लिए 70% सेंधा नमक और 30% आयोडीन युक्त सफेद नमक का अनुपात अपनाएं। इससे आपको रॉक सॉल्ट की शुद्धता और मिनरल्स भी मिलेंगे तथा शरीर में थायरॉयड के लिए जरूरी आयोडीन की कमी भी नहीं होगी।कच्चे नमक का उपयोग: सलाद, रायता, सूप, फल या स्प्राउट्स के ऊपर छिड़कने के लिए कभी भी सफेद नमक का प्रयोग न करें। ऊपर से डालने के लिए हमेशा दरदरे पिसे हुए सेंधा नमक या गुलाबी नमक का ही इस्तेमाल करें।पकाने का सही समय: सेंधा या गुलाबी नमक को तेल-मसाले भूनते समय डालने के बजाय खाना पकने के अंत में डालें। अत्यधिक तेज आंच पर देर तक पकाने से इसके कुछ सूक्ष्म पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार एक वयस्क को प्रतिदिन कुल मिलाकर 5 ग्राम (लगभग 1 छोटा चम्मच) से अधिक नमक का सेवन किसी भी रूप में नहीं करना चाहिए, चाहे वह सफेद हो, गुलाबी हो या सेंधा। नमक का प्रकार बदलने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी मात्रा पर नियंत्रण रखना है।
वेतन-ग्रेच्युटी की मांग... मुंबई में कल से हड़ताल पर जाएंगे BEST वर्कर्स यूनियन
मुंबई में BEST कर्मचारियों की लंबित वेतन मांगों को लेकर BEST Workers Union ने 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है.
मासिक धर्म शुरू होने से कुछ दिन पहले या पीरियड्स के दौरान अचानक चॉकलेट, पेस्ट्री, आइसक्रीम या किसी खास मीठी चीज को खाने की तीव्र तलब (Food Cravings) महसूस होना दुनिया भर की अधिकांश महिलाओं के लिए एक बेहद आम अनुभव है। अक्सर लोग इसे केवल मन की कमजोरी, मूड स्विंग या सामान्य आदत मानकर टाल देते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान और न्यूरोबायोलॉजी के अनुसार यह कोई साधारण इच्छा नहीं है। यह हमारे शरीर के भीतर होने वाले तेज हार्मोनल बदलाव, मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर्स में उतार-चढ़ाव और शारीरिक पोषक तत्वों की तात्कालिक मांग का एक स्पष्ट जैविक संकेत (Biological Signal) है। जब शरीर में दर्द, ऐंठन और मानसिक तनाव बढ़ता है, तो दिमाग स्वाभाविक रूप से ऐसे खाद्य पदार्थों की तलाश करता है जो तुरंत राहत और खुशी का अहसास करा सकें।हार्मोनल बदलाव: एस्ट्रोजन और सेरोटोनिन में भारी गिरावट का असरमासिक धर्म चक्र के दूसरे भाग को 'ल्यूटियल फेज' (Luteal Phase) कहा जाता है, जो पीरियड्स शुरू होने से लगभग एक से दो सप्ताह पहले का समय होता है। इस दौरान महिला के शरीर में फीमेल हार्मोन्स—एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) के स्तर में तेजी से भारी गिरावट आती है।एस्ट्रोजन हार्मोन का सीधा संबंध मस्तिष्क में 'सेरोटोनिन' (Serotonin) के उत्पादन से होता है। सेरोटोनिन को 'हैप्पी हार्मोन' या मूड को स्थिर रखने वाला न्यूरोट्रांसमीटर माना जाता है। जब एस्ट्रोजन घटता है, तो मस्तिष्क में सेरोटोनिन का स्तर भी अचानक नीचे गिर जाता है, जिससे चिड़चिड़ापन, उदासी, थकान और डिप्रेशन जैसी भावनाएं उत्पन्न होती हैं। चॉकलेट और मीठे खाद्य पदार्थों में सिंपल कार्बोहाइड्रेट्स और शुगर की प्रचुर मात्रा होती है। जैसे ही आप मीठा खाते हैं, रक्त में ग्लूकोज तेजी से बढ़ता है, जो मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर को कुछ समय के लिए तुरंत बढ़ा देता है। मस्तिष्क खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए अनजाने में चॉकलेट की मांग करने लगता है।मैग्नीशियम की कमी: शरीर का प्राकृतिक दर्द निवारक सिग्नलचॉकलेट की तीव्र इच्छा के पीछे केवल चीनी ही नहीं, बल्कि इसमें पाया जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण मिनरल 'मैग्नीशियम' (Magnesium) भी प्रमुख कारण है। विशेष रूप से डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम का एक समृद्ध प्राकृतिक स्रोत है।मासिक धर्म से ठीक पहले और उस दौरान गर्भाशय की परत टूटने से पेट और कमर में तेज दर्दनाक ऐंठन (Menstrual Cramps) होती है। मैग्नीशियम मांसपेशियों को रिलैक्स करने, नसों की उत्तेजना को शांत करने और गर्भाशय के संकुचन को कम करने में एक प्राकृतिक 'मसल रिलैक्सेंट' का काम करता है। पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं के शरीर में मैग्नीशियम का स्तर सामान्य से कम हो जाता है। जब शरीर को मांसपेशियों की ऐंठन और सूजन से राहत पाने के लिए मैग्नीशियम की सख्त जरूरत होती है, तो अवचेतन रूप से दिमाग मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ यानी चॉकलेट की मांग करता है।मस्तिष्क में डोपामाइन और एंडोर्फिन: दर्द से तुरंत राहत की तलाशचॉकलेट में कई ऐसे बायोएक्टिव कंपाउंड्स पाए जाते हैं जो मस्तिष्क के 'रिवॉर्ड सेंटर' को सीधे सक्रिय करते हैं। चॉकलेट में 'एनांडामाइड' (Anandamide) नामक एक विशेष फैटी एसिड न्यूरोट्रांसमीटर होता है, जिसे 'ब्लिस मॉलिक्यूल' (Bliss Molecule) यानी आनंद का अणु भी कहा जाता है। इसके अलावा इसमें थियोब्रोमाइन (Theobromine), कैफीन और फेनिलएथिलामाइन (PEA) जैसे उत्तेजक तत्व होते हैं।जब कोई महिला दर्द या असहजता की स्थिति में चॉकलेट का एक टुकड़ा खाती है, तो मस्तिष्क में 'डोपामाइन' (Dopamine) और 'एंडोर्फिन' (Endorphins) का तेजी से स्राव होता है। एंडोर्फिन शरीर के प्राकृतिक पेनकिलर की तरह काम करते हैं, जो दर्द के संकेतों को मंद कर देते हैं और तनाव को तुरंत कम कर देते हैं। इस तात्कालिक सुकून के कारण मस्तिष्क इसे एक राहत तंत्र के रूप में याद रखता है और हर चक्र में उसी की मांग दोहराता है।मेटाबॉलिक रेट में उछाल: पीरियड्स से पहले शरीर को चाहिए अतिरिक्त ऊर्जाल्यूटियल फेज के दौरान महिला का शरीर संभावित गर्भधारण या गर्भाशय की परत (Endometrium) के पुनर्निर्माण की जटिल तैयारी कर रहा होता है। एंडोक्राइनोलॉजी अध्ययनों से साबित हुआ है कि पीरियड्स शुरू होने से पहले बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) लगभग 2% से 10% तक बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि इस अवधि में शरीर सामान्य दिनों की तुलना में 100 से 300 अतिरिक्त कैलोरी प्रतिदिन बर्न करता है।इस अतिरिक्त ऊर्जा की खपत के कारण भूख बढ़ जाती है। चूंकि कार्बोहाइड्रेट और वसा ऊर्जा के सबसे त्वरित स्रोत हैं, इसलिए शरीर सबसे सघन कैलोरी वाले भोजन यानी मीठे, चॉकलेट और नमकीन स्नैक्स की ओर आकर्षित होता है।'कंफर्ट फूड' की मनोवैज्ञानिक आदत और सामाजिक कंडीशनिंगवैज्ञानिक कारणों के अलावा इसका एक बड़ा मनोवैज्ञानिक पहलू भी है। बचपन से ही हमारे समाज में चॉकलेट और मिठाइयों को खुशी, सांत्वना और तनावमुक्ति के साधन के रूप में देखा जाता रहा है। जब पीरियड्स के दौरान महिलाएं शारीरिक दर्द, सुस्ती और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से गुजरती हैं, तो वे भावनात्मक रूप से खुद को शांत करने के लिए 'कंफर्ट फूड' का सहारा लेती हैं। कई बार यह केवल हार्मोनल जरूरत न होकर एक सीखी हुई मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया (Conditioned Psychological Response) भी होती है, जहां मन खुद को पैंपर करने के लिए मीठे की उम्मीद करता है।अनहेल्दी मीठे के जाल से कैसे बचें: क्रेविंग को शांत करने के 5 स्वस्थ तरीके70% या अधिक कोको वाली डार्क चॉकलेट चुनें: सामान्य मिल्क चॉकलेट में कोको कम और चीनी तथा प्रोसेस्ड फैट बहुत ज्यादा होता है, जो कुछ ही देर में शुगर क्रैश और मुंहासों का कारण बनता है। इसकी जगह 70% या 85% डार्क चॉकलेट के 1-2 टुकड़े खाएं, जिससे भरपूर मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलेंगे और शुगर स्पाइक भी नहीं होगा।मैग्नीशियम युक्त संतुलित आहार लें: अपनी नियमित डाइट में कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), चिया सीड्स, भीगे हुए बादाम, पालक, केला और एवोकाडो शामिल करें। शरीर में मैग्नीशियम का स्तर सही रहने पर पीरियड्स क्रैम्प्स कम होंगे और चॉकलेट की तीव्र इच्छा भी नियंत्रित रहेगी।कॉम्प्लेक्स कार्ब्स और प्रोटीन का सेवन बढ़ाएं: सफेद चीनी और मैदे से बनी मिठाइयों के बजाय ओट्स, साबुत अनाज, दालें और नट्स लें। ये रक्त में ग्लूकोज को धीरे-धीरे रिलीज करते हैं, जिससे सेरोटोनिन का स्तर स्थिर बना रहता है और बार-बार मीठा खाने का मन नहीं करता।ताजे फल और खजूर का प्राकृतिक मीठा: जब भी मीठा खाने की तलब हो, तो पेस्ट्री या कैंडी के बजाय सेब, अनार, पके केले या 2-3 खजूर और अंजीर का सेवन करें। इनसे शरीर को प्राकृतिक फ्रुक्टोज के साथ फाइबर भी मिलेगा।भरपूर पानी पिएं और हर्बल चाय लें: कई बार डिहाइड्रेशन के कारण भी मस्तिष्क भूख और मीठे की तलब का भ्रम पैदा करता है। दिनभर गुनगुना पानी, कैमोमाइल टी या पुदीने की चाय पिएं, जो पेट की ऐंठन को शांत करती है और तनाव के स्तर को घटाती है।
भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा: क्या बिहार के हितों को ध्यान में रखकर बदलेगा 'फरक्का समझौता'?
भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारा समझौता 2026 में समाप्त हो रहा है, जिससे बिहार के हितों को नए सिरे से शामिल करने की चुनौती है, जो अपनी पानी की जरूरत और सिल्टेशन की समस्या को नए करार में शामिल करने की मांग कर रहा है।
आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी, शारीरिक निष्क्रियता, अत्यधिक तनाव और तेल-मसालेदार प्रोसेस्ड फूड्स के बढ़ते चलन के कारण आज हर दूसरा व्यक्ति उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहा है। खराब कोलेस्ट्रॉल यानी लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) को मेडिकल जगत में 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। यह एक मोम जैसा चिपचिपा पदार्थ होता है, जो रक्त की धमनियों (Arteries) की अंदरूनी दीवारों पर धीरे-धीरे जमा होकर प्लाक (Plaque) बना देता है। इसके कारण नसें संकरी और सख्त हो जाती हैं, जिससे हृदय और मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह बाधित होने लगता है। समय रहते यदि इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह रुकावट हाई ब्लड प्रेशर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का मुख्य कारण बन जाती है। अच्छी बात यह है कि शुरुआती और मध्यम स्तर पर नसों में जमे इस खराब कोलेस्ट्रॉल को अपनी रसोई में मौजूद कुछ चमत्कारी प्राकृतिक सुपरफूड्स के नियमित और सही सेवन से आसानी से घटाया जा सकता है।नसों में जमे 'मोम' जैसा LDL कोलेस्ट्रॉल क्यों बनता है जानलेवा?कोलेस्ट्रॉल का निर्माण मुख्य रूप से हमारे लिवर में होता है और यह कोशिकाओं की झिल्ली व हार्मोन्स के निर्माण के लिए जरूरी भी है। शरीर में दो मुख्य प्रकार के कोलेस्ट्रॉल होते हैं—एचडीएल (HDL यानी गुड कोलेस्ट्रॉल) और एलडीएल (LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल)। जब खून में एलडीएल की मात्रा 100 mg/dL से ऊपर जाने लगती है, तो यह धमनियों में चिपकने लगता है। इसके ऑक्सीडेशन से नसों में सूजन (Inflammation) आती है और रक्त के थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है। दवाओं के अलावा, प्राकृतिक रूप से एलडीएल को कम करने और एचडीएल को बढ़ाने के लिए सही खानपान सबसे असरदार हथियार साबित होता है।1. ओट्स और जौ: घुलनशील 'बीटा-ग्लूकन' फाइबर का अचूक कवचसुबह के नाश्ते में साबुत ओट्स (Oats) या जौ (Barley) का सेवन कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए अमृत समान माना जाता है। इनमें प्रचुर मात्रा में 'बीटा-ग्लूकन' (Beta-Glucan) नामक विशेष घुलनशील फाइबर (Soluble Fiber) पाया जाता है। जब आप ओट्स खाते हैं, तो यह फाइबर आंतों में जाकर एक जेल जैसा गाढ़ा पदार्थ बनाता है। यह जेल पाचन तंत्र में मौजूद पित्त अम्लों (Bile Acids) और भोजन से मिलने वाले कोलेस्ट्रॉल को अपने साथ बांध लेता है और उसे खून में अवशोषित होने से रोककर मल के जरिए शरीर से बाहर निकाल देता है। रोजाना एक कटोरी दलिया या ओट्स खाने से 4 से 6 हफ्तों के भीतर एलडीएल कोलेस्ट्रॉल में 5 से 8 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय कमी देखी जा सकती है।2. कच्चा लहसुन: 'एलिसिन' से भरपूर प्राकृतिक ब्लड थिनर और कोलेस्ट्रॉल कटरआयुर्वेद और आधुनिक मेडिकल साइंस दोनों में ही लहसुन को हृदय स्वास्थ्य के लिए सर्वश्रेष्ठ औषधि माना गया है। लहसुन में सल्फर युक्त सक्रिय यौगिक 'एलिसिन' (Allicin) पाया जाता है। एलिसिन लिवर में कोलेस्ट्रॉल के निर्माण के लिए जिम्मेदार एंजाइम (HMG-CoA Reductase) की गतिविधि को धीमा कर देता है, जिससे नया बैड कोलेस्ट्रॉल बनना कम हो जाता है। साथ ही लहसुन रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करता है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है और नसों में थक्के (Blood Clots) बनने से रोकता है। अधिकतम लाभ पाने के लिए रोज सुबह खाली पेट 1-2 कच्ची लहसुन की कलियों को हल्का कुचलकर 5 मिनट हवा में रखें ताकि एलिसिन सक्रिय हो जाए, और फिर गुनगुने पानी के साथ निगल लें।3. अखरोट और बादाम: ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्लांट स्टेरोल्स का खजानासूखे मेवों में विशेषकर अखरोट (Walnuts) और बादाम (Almonds) नसों की अंदरूनी दीवारों को लचीला और स्वस्थ बनाए रखने में क्रांतिकारी भूमिका निभाते हैं। अखरोट में भरपूर मात्रा में प्लांट-बेस्ड ओमेगा-3 फैटी एसिड यानी अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) होता है, जो धमनियों की सूजन को कम करता है और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को घटाता है। वहीं बादाम में विटामिन-ई, मैग्नीशियम और प्लांट स्टेरोल्स पाए जाते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बढ़ाते हैं। रात में 4-5 बादाम और 2 अखरोट की गिरी पानी में भिगोकर सुबह छिलका उतारकर खाना सबसे उत्तम तरीका है।4. मेथी के दाने: सैपोनिन और चिपचिपा म्यूसिलेज जो कोलेस्ट्रॉल सोख लेभारतीय रसोई का एक और साधारण सा मसाला 'मेथी दाना' (Fenugreek Seeds) बढ़े हुए लिपिड प्रोफाइल को सामान्य करने में बेजोड़ है। मेथी में घुलनशील फाइबर के साथ-साथ 'स्टेरॉयडल सैपोनिन्स' (Steroidal Saponins) होते हैं। यह तत्व आंतों में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के अवशोषण को बाधित करता है। इसके अलावा मेथी लिवर को अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को पित्त में बदलने के लिए प्रेरित करती है, जिससे नसों में जमाव साफ होता है। एक चम्मच मेथी दानों को रातभर एक गिलास पानी में भिगोकर रखें और सुबह उस पानी को छानकर पिएं तथा बीजों को चबाकर खाएं।5. खट्टे फल, सेब और आंवला: 'पेक्टिन' और विटामिन-सी की दोहरी मारसेब, संतरा, मौसमी, अंगूर और भारतीय आंवला जैसे फलों में 'पेक्टिन' (Pectin) नामक एक शक्तिशाली घुलनशील फाइबर और भरपूर विटामिन-सी होता है। पेक्टिन रक्तप्रवाह में खराब कोलेस्ट्रॉल को चिपकने से रोकता है, जबकि विटामिन-सी एक मजबूत एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है जो एलडीएल के ऑक्सीडेशन को रोकता है। नसों में प्लाक का जमाव तभी शुरू होता है जब एलडीएल ऑक्सिडाइज्ड होता है। आंवले का ताजा जूस या पाउडर रोज सुबह लेने से न केवल बैड कोलेस्ट्रॉल घटता है, बल्कि धमनियों का एंडोथेलियल फंक्शन (Endothelial Function) भी बेहतर होता है।6. ग्रीन टी और एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल: एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरफुल कॉम्बिनेशनदूध और चीनी वाली पारंपरिक चाय की जगह रोजाना 2 कप ग्रीन टी का सेवन शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स की बाढ़ ला देता है। ग्रीन टी में मौजूद 'एपिगैलोकैटेचिन गैलेट' (EGCG) और अन्य कैटेचिन्स खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और धमनियों में प्लाक जमने की प्रक्रिया को उलटने में मदद करते हैं। इसके साथ ही खाना पकाने में रिफाइंड तेलों और डालडा के स्थान पर सीमित मात्रा में 'एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल' या सरसों के तेल का उपयोग करें। ऑलिव ऑयल में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स (MUFA) एचडीएल को छुए बिना केवल जिद्दी एलडीएल को लक्षित करके घटाते हैं।सिर्फ खानपान ही नहीं, इन 3 जीवनशैली बदलावों से नसों को रखें 100% साफडाइट में इन 6 चीजों को शामिल करने के साथ-साथ कुछ बुनियादी आदतों को सुधारना जरूरी है। प्रतिदिन कम से कम 30 से 45 मिनट का तेज चलना (Brisk Walk), योग या एरोबिक एक्सरसाइज करें, क्योंकि शारीरिक गतिविधि सीधे तौर पर एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है। बेकरी प्रोडक्ट्स, ट्रांस फैट्स, डिब्बाबंद स्नैक्स, अत्यधिक चीनी और स्मोकिंग से पूरी तरह दूरी बनाएं, क्योंकि सिगरेट का निकोटीन नसों की दीवारों को खुरदरा कर देता है जिससे कोलेस्ट्रॉल तेजी से चिपकता है। तनाव प्रबंधन के लिए रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें और पर्याप्त पानी पिएं।कब करवाएं लिपिड प्रोफाइल टेस्ट और कब लें डॉक्टर की सलाह?25 वर्ष की आयु के बाद हर वयस्क को साल में कम से कम एक बार 'फास्टिंग लिपिड प्रोफाइल टेस्ट' (Lipid Profile Test) जरूर करवाना चाहिए। यदि आपकी रिपोर्ट में टोटल कोलेस्ट्रॉल 200 mg/dL से ऊपर, एलडीएल 130 mg/dL से ऊपर या ट्राइग्लिसराइड्स 150 mg/dL से अधिक आते हैं, तो इसे कतई नजरअंदाज न करें। यदि आपको सीने में भारीपन, जरा सा चलने पर सांस फूलना, जबड़े या बाएं कंधे में दर्द और अत्यधिक पसीना आने के लक्षण महसूस होते हैं, तो बिना देर किए तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट या फिजिशियन से परामर्श लें। प्राकृतिक नुस्खे नसों को साफ रखने का बेहतरीन उपाय हैं, लेकिन गंभीर स्थिति में चिकित्सीय मार्गदर्शन और उचित दवाओं का पालन करना अनिवार्य है।
डॉ. हेमांग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, उन्होंने तेजस्वी सूर्या का स्थान लिया है।
समंदर में दुश्मनों की खैर नहीं: भारतीय नौसेना को मिलेंगे 2 MQ-9B ड्रोन, जानें इस 'बाहुबली' की ताकत
रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स के साथ भारतीय नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सी गार्डियन ड्रोन 30 महीने के लिए लीज पर लेने का समझौता किया। इस अनुबंध की कुल लागत लगभग 1943 करोड़ रुपये है।
अपना खुद का घर खरीदना हर नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवार का सबसे बड़ा सपना होता है। भारतीय रियल एस्टेट बाजार में प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के बीच अधिकांश लोग होम लोन (Home Loan) के जरिए ही अपने इस सपने को साकार करते हैं। जब किसी व्यक्ति की मासिक इन-हैंड सैलरी ₹50,000 होती है, तो उसके मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि बैंक उसे कितना लोन मंजूर करेगा और हर महीने उसकी जेब पर कितने रुपये की ईएमआई (EMI) का बोझ पड़ेगा। वित्तीय विशेषज्ञों और होम लोन सलाहकारों के अनुसार, लोन लेने से पहले अपनी वित्तीय क्षमता और ईएमआई के सटीक फॉर्मूले को समझ लेना बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में बजट न बिगड़े और लोन का भुगतान तनावमुक्त तरीके से हो सके।बैंकों का 50% FOIR नियम: ₹50,000 सैलरी पर कितनी ईएमआई मंजूर हो सकती है?जब भी आप किसी सरकारी या निजी बैंक में होम लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक आपकी कुल आय के आधार पर 'फिक्स्ड ऑब्लिगेशन टू इनकम रेशियो' (FOIR) की जांच करता है। भारत के प्रमुख बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB) किसी भी वेतनभोगी कर्मचारी की कुल इन-हैंड सैलरी का अधिकतम 40% से 50% हिस्सा ही सभी ईएमआई के लिए स्वीकृत करते हैं।इसका सीधा गणित यह है कि यदि आपकी मासिक इन-हैंड सैलरी ₹50,000 है, तो आपकी सभी मासिक किस्तों (EMIs) का कुल योग ₹20,000 से लेकर अधिकतम ₹25,000 प्रति माह से ज्यादा नहीं होना चाहिए। बैंक यह सुनिश्चित करते हैं कि ईएमआई चुकाने के बाद आपके पास परिवार के रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की शिक्षा, मेडिकल इमरजेंसी और घरेलू जरूरतों के लिए कम से कम 50% वेतन (यानी ₹25,000) सुरक्षित बचा रहे।यदि आपकी पहले से कोई कार लोन, पर्सनल लोन या बाइक की ₹5,000 की ईएमआई चल रही है, तो बैंक आपके ₹25,000 के अधिकतम बजट में से उसे घटा देगा और आपके नए होम लोन की मासिक किस्त केवल ₹20,000 तक ही सीमित कर दी जाएगी।₹50,000 की सैलरी पर कितना होम लोन मिल सकता है?यदि आपके ऊपर पहले से कोई कर्ज या ईएमआई नहीं है और आपका सिबिल स्कोर 750 से अधिक है, तो ₹25,000 की अधिकतम मासिक ईएमआई क्षमता के आधार पर आपकी लोन पात्रता (Loan Eligibility) तय होती है। वर्तमान में देश के शीर्ष बैंकों में होम लोन की औसत ब्याज दरें 8.50% से 9.00% प्रति वर्ष के आसपास हैं।8.50% की वार्षिक ब्याज दर के आधार पर अलग-अलग समय अवधि के लिए मिलने वाली अनुमानित लोन राशि इस प्रकार है:15 वर्ष की अवधि के लिए: बैंक आपको लगभग ₹25 लाख से ₹26 लाख तक का लोन स्वीकृत कर सकता है, जिसकी मासिक ईएमआई लगभग ₹24,600 से ₹25,000 बनेगी।20 वर्ष की अवधि के लिए: आपकी लोन पात्रता बढ़कर लगभग ₹28.5 लाख से ₹30 लाख तक हो सकती है, जिसमें ₹25,000 के करीब ईएमआई बनेगी।25 वर्ष की अवधि के लिए: आपको लगभग ₹31 लाख से ₹32.5 लाख तक का होम लोन मिल सकता है, जिसकी ईएमआई लगभग ₹25,000 प्रति माह आएगी।30 वर्ष की अवधि के लिए: अधिकतम 30 साल के कार्यकाल के लिए बैंक आपको लगभग ₹32.5 लाख से ₹34 लाख तक का होम लोन दे सकता है।होम लोन EMI निकालने का वैज्ञानिक फॉर्मूला: खुद करें अपनी किस्त की गणनाहोम लोन की मासिक किस्त (EMI) निकालने के लिए बैंकिंग प्रणाली में एक सार्वभौमिक फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है। यदि आप इसे समझना चाहते हैं, तो यह फॉर्मूला इस प्रकार है:EMI = [P R (1+R)^N] / [(1+R)^N - 1]यहाँ P का मतलब मूलधन (Principal Loan Amount), R का मतलब मासिक ब्याज दर (वार्षिक दर / 12 / 100), और N का मतलब कुल महीनों की संख्या (Loan Tenure in Months) है।उदाहरण के तौर पर, यदि आप ₹25,00,000 (25 लाख रुपये) का होम लोन 8.50% वार्षिक ब्याज पर 20 साल (240 महीने) के लिए लेते हैं:मासिक ब्याज दर (R) = 8.5 / 12 / 100 = 0.007083महीनों की संख्या (N) = 240इस फॉर्मूले के तहत आपकी मासिक ईएमआई ठीक ₹21,696 आएगी।20 वर्षों में आपका कुल ब्याज भुगतान ₹27,07,040 होगा और कुल पुनर्भुगतान राशि ₹52,07,040 बनेगी।कार्यकाल (Tenure) का असर: लंबी अवधि से ईएमआई घटती है लेकिन ब्याज दोगुना हो जाता हैअक्सर लोग ईएमआई को छोटा रखने के चक्कर में 25 या 30 साल का सबसे लंबा कार्यकाल चुन लेते हैं। कम ईएमआई से मासिक बजट पर दबाव तो कम होता है, लेकिन बैंक को जाने वाला कुल ब्याज मूलधन से भी कहीं अधिक हो जाता है।यदि ₹25 लाख के लोन को 8.5% ब्याज पर विभिन्न अवधियों के लिए देखा जाए:15 वर्ष का कार्यकाल: ईएमआई ₹24,619 होगी और कुल ब्याज ₹19.31 लाख बनेगा।20 वर्ष का कार्यकाल: ईएमआई ₹21,696 होगी और कुल ब्याज ₹27.07 लाख बनेगा।30 वर्ष का कार्यकाल: ईएमआई ₹19,223 होगी और कुल ब्याज ₹44.20 लाख बनेगा।साफ है कि 30 साल के कार्यकाल में ईएमआई केवल ₹5,396 कम होती है, लेकिन आपको ₹24.89 लाख का अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ता है। इसलिए सैलरी के अनुसार 15 से 20 साल का कार्यकाल चुनना सबसे संतुलित और समझदारी भरा निर्णय माना जाता है।लोन अप्रूवल के लिए जरूरी पात्रता और शर्तेंसैलरी के अलावा बैंक लोन मंजूर करने से पहले इन महत्वपूर्ण कारकों का भी मूल्यांकन करते हैं:क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score): आपका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे अधिक होना चाहिए। उत्कृष्ट सिबिल स्कोर होने पर बैंक 0.25% से 0.50% तक कम ब्याज दर की पेशकश करते हैं।नौकरी की स्थिरता: आवेदक को वर्तमान संस्थान में कम से कम 1 वर्ष और कुल कार्य अनुभव कम से कम 2 से 3 वर्ष का होना चाहिए।आयु सीमा: वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए लोन आवेदन के समय न्यूनतम आयु 21 वर्ष और रिटायरमेंट के समय अधिकतम 60 वर्ष तक होनी चाहिए।प्रॉपर्टी के कानूनी दस्तावेज: खरीदी जा रही संपत्ति का टाइटल डीड, स्वीकृत नक्शा और स्थानीय विकास प्राधिकरण (जैसे DDA, BDA, LDA, RERA आदि) से एनओसी होना अनिवार्य है।डाउन पेमेंट की व्यवस्था: बैंक प्रॉपर्टी की रजिस्टर्ड वैल्यू का 75% से 80% ही लोन देते हैं। बाकी 20% से 25% डाउन पेमेंट और रजिस्ट्री/स्टांप ड्यूटी का खर्च आपको अपनी बचत से करना होता है।होम लोन का बोझ कम करने के 4 स्मार्ट गोल्डन नियमसह-आवेदक (Co-applicant) जोड़ें: यदि आपकी पत्नी, माता-पिता या कामकाजी भाई सह-आवेदक बनते हैं, तो उनकी आय भी जुड़ जाती है, जिससे लोन पात्रता ₹50 लाख से ऊपर पहुंच सकती है और ब्याज दर में छूट भी मिल सकती है।सालाना 1 अतिरिक्त ईएमआई का भुगतान करें: यदि आप साल में केवल एक अतिरिक्त ईएमआई का प्री-पेमेंट करते हैं, तो आपका 20 साल का होम लोन लगभग 16 से 17 साल में ही खत्म हो जाएगा और लाखों रुपये का ब्याज बचेगा।सैलरी इंक्रीमेंट के साथ ईएमआई 5% बढ़ाएं: हर साल मिलने वाले इंक्रीमेंट के साथ यदि आप अपनी ईएमआई में सिर्फ 5% की बढ़ोतरी करते हैं, तो 20 वर्ष का लोन मात्र 12 वर्षों में पूरी तरह चुकता हो जाता है।इनकम टैक्स छूट का पूरा लाभ लें: आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत मूलधन पुनर्भुगतान पर ₹1.5 लाख और धारा 24(b) के तहत चुकाए गए ब्याज पर प्रति वर्ष ₹2 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है, जिससे आपकी वास्तविक कर देनदारी घट जाती है।
परिवार में किसी प्रियजन के निधन के बाद स्वजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। ऐसे मुश्किल समय में यदि दिवंगत व्यक्ति के बैंक खाते में जमा पूंजी को निकालने की कानूनी जानकारी न हो, तो परिवार को कई तरह की आर्थिक व प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आम तौर पर लोगों को लगता है कि किसी मृत व्यक्ति के खाते से पैसा निकालना बेहद जटिल और कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने वाला काम है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए मृत जमाकर्ताओं (Deceased Depositors) के बैंक खातों के निपटान (Claim Settlement) के लिए बहुत ही पारदर्शी, सरल और समयबद्ध दिशा-निर्देश तय किए हैं। चाहे खाते में नॉमिनी का नाम दर्ज हो, खाता जॉइंट हो या फिर बिना किसी नॉमिनी के खाता खोला गया हो—आरबीआई के नियमों के अनुसार सही प्रक्रिया अपनाकर आप आसानी से धनराशि प्राप्त कर सकते हैं।गलती से भी न करें यह काम: मृत्यु के बाद ATM या नेट बैंकिंग से पैसे निकालना गैरकानूनीअधिकांश मामलों में देखा जाता है कि परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद लोग तुरंत उनके एटीएम कार्ड, यूपीआई (UPI) या नेट बैंकिंग के जरिए पैसे निकाल लेते हैं। बैंकिंग और कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा करना पूरी तरह गैरकानूनी और दंडनीय अपराध माना जा सकता है। मृत्यु के क्षण से ही संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते पर उसका व्यक्तिगत अधिकार समाप्त हो जाता है और खाता औपचारिक रूप से कानूनी वारिसों की धरोहर बन जाता है। यदि परिवार का कोई एक सदस्य बिना अन्य कानूनी वारिसों की सहमति के चोरी-छिपे डिजिटल माध्यम से पैसे निकालता है, तो भविष्य में संपत्ति विवाद की स्थिति में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की कानूनी कार्रवाई हो सकती है। सबसे सही और सुरक्षित तरीका यही है कि बैंक को खाताधारक के निधन की विधिवत सूचना दी जाए और अधिकृत प्रक्रिया के तहत ही क्लेम किया जाए।केस 1: खाते में नॉमिनी (Nominee) दर्ज होने पर पैसे पाने की आसान प्रक्रियायदि दिवंगत खाताधारक ने अपने बचत खाते, चालू खाते या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में किसी को नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) बनाया था, तो पैसे निकालने की प्रक्रिया बेहद आसान और तेज होती है।आरबीआई के नियमों के अनुसार, बैंक में नॉमिनी केवल एक ट्रस्टी या कस्टोडियन की भूमिका निभाता है। खाताधारक की मृत्यु के बाद बैंक नॉमिनी को पूरी जमा राशि सौंपने के लिए बाध्य है। इसके लिए नॉमिनी को निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होती है:संबंधित बैंक शाखा में जाकर 'Deceased Claim Form (For Nominee)' प्राप्त करें या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें।फॉर्म में दिवंगत खाताधारक का खाता नंबर, मृत्यु की तिथि और नॉमिनी का पूरा विवरण भरें।खाताधारक के मूल मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) की प्रमाणित प्रति संलग्न करें।नॉमिनी को अपना पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी) और पते का प्रमाण (KYC Documents) जमा करना होगा।यदि बैंक में दो गवाहों (Witnesses) के हस्ताक्षर की मांग की जाती है, तो बैंक द्वारा निर्धारित प्रारूप में खाताधारक या प्रतिष्ठित व्यक्तियों के हस्ताक्षर करवाएं।दस्तावेज जमा होते ही बैंक खाता बंद करके पूरी राशि नॉमिनी के खाते में ट्रांसफर कर देता है या उसके नाम से डिमांड ड्राफ्ट (DD) जारी कर देता है।केस 2: जॉइंट बैंक खाता (Joint Account) होने पर 'आइदर या सर्वाइवर' का नियमयदि खाता दो या दो से अधिक व्यक्तियों के नाम पर था और खाते का संचालन 'Either or Survivor' (कोई एक या उत्तरजीवी) या 'Former or Survivor' मोड पर था, तो प्रक्रिया और भी सरल हो जाती है:यदि दो खाताधारकों में से एक का निधन हो जाता है, तो जीवित खाताधारक (Survivor) को खाते की पूरी जमा पूंजी प्राप्त करने और खाता जारी रखने का पूर्ण अधिकार होता है।जीवित खाताधारक को केवल बैंक शाखा में जाकर एक साधारण आवेदन पत्र और मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करना होता है।इसके बाद बैंक मृतक का नाम खाते से हटा देता है और खाता जीवित व्यक्ति के नाम पर एकल (Single) रूप में संचालित होने लगता है। इसके लिए किसी अन्य वारिस की अनापत्ति (NOC) की जरूरत नहीं पड़ती, जब तक कि किसी सक्षम न्यायालय का कोई रोक आदेश न हो।केस 3: जब खाते में कोई नॉमिनी दर्ज न हो (Without Nomination) तो क्या करें?यदि दिवंगत खाताधारक ने किसी को नॉमिनी नहीं बनाया था और खाता भी एकल था, तो ऐसी स्थिति में बैंक खाते की जमा राशि उनके कानूनी उत्तराधिकारियों (Legal Heirs) को मिलती है। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, मुस्लिम पर्सनल लॉ या भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के अनुसार जो भी व्यक्ति क्लास-1 लीगल हेयर (जैसे पत्नी, बच्चे, माता आदि) की श्रेणी में आते हैं, वे इसके हकदार होते हैं। इस स्थिति में आरबीआई ने दो अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं:छोटे दावों के लिए सरलीकृत प्रक्रिया (Simplified Procedure for Threshold Limits): आरबीआई के निर्देशानुसार प्रत्येक बैंक ने एक निश्चित सीमा (जैसे ₹50,000 से लेकर ₹5,00,000 तक, जो बैंक के बोर्ड पर निर्भर करती है) तय कर रखी है। यदि खाते में जमा रकम इस निर्धारित सीमा से कम है, तो बैंक बिना कोर्ट के चक्कर लगवाए आसान दस्तावेजों के आधार पर भुगतान कर देता है। इसके लिए सभी कानूनी वारिसों द्वारा हस्ताक्षरित क्लेम फॉर्म, एक क्षतिपूर्ति बंधपत्र (Indemnity Bond), दो सॉल्वेंट जमानतदारों (Sureties) के हस्ताक्षर और अन्य सभी वारिसों का अनापत्ति पत्र (Letter of Disclaimer/NOC) देना होता है, जिसमें वे किसी एक सदस्य के पक्ष में क्लेम छोड़ने की सहमति देते हैं।बड़ी रकम के मामले में जरूरी कानूनी दस्तावेज: यदि खाते में जमा राशि बैंक की निर्धारित सीमा से अधिक है और कोई नॉमिनी नहीं है, तो बैंक सुरक्षा कारणों से कानूनी प्रमाण मांग सकता है:सक्सेशन सर्टिफिकेट (Succession Certificate): यह संबंधित सिविल कोर्ट द्वारा जारी किया जाता है, जो यह प्रमाणित करता है कि मृतक की चल संपत्ति और बैंक खातों पर किस उत्तराधिकारी का कितना कानूनी हक है।लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन या प्रोबेट (Probate of Will): यदि मृतक ने अपनी मृत्यु से पहले कोई वैध वसीयत (Will) बनाई थी, तो कोर्ट से उसका प्रोबेट प्राप्त करके बैंक में प्रस्तुत किया जा सकता है।RBI का सख्त निर्देश: सभी दस्तावेज मिलने के 15 दिनों में बैंक को करना होगा क्लेम सेटलआरबीआई के मास्टर सर्कुलर के अनुसार, यदि नॉमिनी या कानूनी वारिसों ने सभी आवश्यक और वैध दस्तावेज बैंक में जमा कर दिए हैं, तो बैंक को अधिकतम 15 दिनों (15 Days Settlement Rule) के भीतर क्लेम का पूरा निपटारा करना अनिवार्य है। बैंक अनावश्यक रूप से ग्राहकों को परेशान नहीं कर सकते और न ही बिना ठोस कारण के सक्सेशन सर्टिफिकेट की मांग कर सकते हैं, यदि दावा बैंक की आंतरिक सीमा के भीतर आता है। यदि कोई बैंक शाखा 15 दिनों के भीतर क्लेम सेटल करने में आनाकानी करती है, तो ग्राहक बैंक के नोडल अधिकारी (Banking Ombudsman) या आरबीआई के सीएमएस (CMS Portal) पर सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं।लावारिस जमा (Unclaimed Deposits) और RBI का 'उद्गम' (UDGAM) पोर्टलकई बार ऐसा होता है कि परिवार के सदस्यों को यह पता ही नहीं होता कि दिवंगत व्यक्ति के किस-किस बैंक में खाते थे या उनमें कितना पैसा जमा था। यदि किसी बैंक खाते में 10 साल तक कोई लेन-देन नहीं होता, तो वह रकम आरबीआई के 'डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड' (DEA Fund) में ट्रांसफर हो जाती है।ऐसे लावारिस खातों और पैसों का पता लगाने के लिए आरबीआई ने एक केंद्रीकृत वेब पोर्टल 'UDGAM' (Unclaimed Deposits – Gateway to Access inforMation) शुरू किया है। नागरिक इस पोर्टल पर मुफ्त में रजिस्ट्रेशन करके मृतक का नाम, जन्मतिथि, पैन कार्ड या आधार नंबर डालकर देश भर के विभिन्न बैंकों में मौजूद लावारिस खातों और अनक्लेम्ड पैसों की जानकारी कुछ ही मिनटों में खोज सकते हैं और फिर संबंधित बैंक में जाकर क्लेम कर सकते हैं।बैंक में क्लेम दाखिल करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की पूरी चेकलिस्टबैंक द्वारा निर्धारित प्रारूप में भरा हुआ क्लेम फॉर्म (Claim Application Form)नगर निगम, ग्राम पंचायत या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मूल मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)मृतक की बैंक पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की मूल रसीदक्लेम करने वाले नॉमिनी या कानूनी वारिसों के आधार कार्ड और पैन कार्ड (KYC)बिना नॉमिनी वाले मामलों में: लीगल हेयर सर्टिफिकेट (Legal Heir Certificate), लेटर ऑफ इंडेम्निटी, शपथ पत्र (Affidavit) और अन्य वारिसों का एनओसी फॉर्मबैंक द्वारा मांगे जाने पर दो स्वतंत्र व्यक्तियों (गवाहों) का परिचय और हस्ताक्षर
रांची में पिछले 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने अभ्यर्थियों की मांगों पर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एजेंसी टीडीपीएल के जरिए कराई गई झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा समेत उससे जुड़ी सभी परीक्षाओं और उनके परिणामों को रद्द करने का ऐलान किया है। सरकार ने साल 2014 से अब तक हुई भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने का भी फैसला लिया है। बता दें कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची में लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र लंबे समय से धरने पर बैठे थे। इससे पहले छात्रों और मंत्रियों की टीम के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी थी। अब सरकार के फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच खुशी का माहौल है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ बैठक के बाद छात्रों के पक्ष में यह निर्णय लिया। सरकार ने विवादित एजेंसी से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को तत्काल रोकने के निर्देश भी दिए हैं। इसका असर उन परीक्षाओं पर पड़ेगा जिनके आयोजन या परिणाम में संबंधित एजेंसी की भूमिका रही है। सरकार ने सिर्फ हालिया विवाद तक खुद को सीमित नहीं रखा है। साल 2014 से अब तक हुई भर्ती परीक्षाओं की भी जांच कराने का निर्णय लिया गया है। यह जांच सीआईडी करेगा। सरकार का कहना है कि इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि पिछले वर्षों में भर्ती परीक्षाओं के दौरान कहीं नियमों की अनदेखी या किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई। हेमंत सोरेन ने कहा है कि सीआईडी और विशेष जांच दल की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में भर्ती कुछ लोगों पर झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़ी परीक्षाओं में धोखाधड़ी और धांधली के आरोपों का भी जिक्र किया। इन मामलों में गिरफ्तारियां होने की जानकारी भी सामने आई है। इसी बीच रांची में सीआईडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के निजी सहायक बीएन राम को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़े मामले की जांच के दौरान हुई है। अब इस मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का भी फैसला किया है। समिति परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की विस्तृत जांच करेगी। सरकार ने जांच प्रक्रिया को पारदर्शी रखने की बात कही है। वहीं, परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमिताभ कौशल को दी गई है। सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ बनाए गए कानून का भी जिक्र किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि युवाओं के हित में सरकार पहले ही इस संबंध में कानून बना चुकी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार के फैसले की जानकारी मिलते ही जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। अभ्यर्थियों ने इसे अपने लंबे आंदोलन की बड़ी जीत बताया। हालांकि, अब उनके सामने नई परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल है। सरकार को यह तय करना होगा कि रद्द परीक्षाओं को दोबारा कब और किस व्यवस्था के तहत कराया जाएगा। वहीं, 2014 से अब तक की जांच में क्या सामने आता है और नई परीक्षा व्यवस्था कितनी भरोसेमंद बनती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
UPSSSC ने 4 साल बाद जारी किया VPO का रिजल्ट, आजतक की खबर का असर
लंबे इंतजार के बाद UPSSSC ने ग्राम पंचायत अधिकारी मुख्य परीक्षा 2023 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. 1,468 पदों पर चयन हुआ है. आजतक लगातार इस मामले में अभ्यर्थियों की आवाज उठा रहा था.
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से लेकर फिटनेस एक्सपर्ट्स तक, हर कोई सुबह की शुरुआत नींबू और चिया सीड्स के पानी (Lemon Chia Water) से करने की सलाह दे रहा है। महानगरों से लेकर छोटे कस्बों तक, वजन घटाने, पेट की चर्बी पिघलाने और चेहरे पर प्राकृतिक चमक पाने की चाह में लाखों लोग अपनी दिनचर्या की शुरुआत इसी जादुई समझे जाने वाले डिटॉक्स ड्रिंक से कर रहे हैं। बिना सोचे-समझे किसी भी स्वास्थ्य प्रवृत्ति (Health Trend) को अपनाना कभी-कभी फायदे की जगह गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है। न्यूट्रिशनिस्ट और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट का स्पष्ट मानना है कि अगर आप चिया सीड्स और नींबू के इस मिश्रण को सही तरीके, सही अनुपात और अपनी शारीरिक स्थिति को समझे बिना ले रहे हैं, तो यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर नकारात्मक असर डाल सकता है।शरीर पर नींबू और चिया सीड्स के मिश्रण का वास्तविक असरचिया सीड्स को सुपरफूड माना जाता है क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में घुलनशील फाइबर (Soluble Fiber), ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन और आवश्यक मिनरल्स होते हैं। जब इन बीजों को पानी में भिगोया जाता है, तो ये अपने वास्तविक आकार से लगभग 10 से 12 गुना पानी सोखकर एक गाढ़े जेल (Mucilage) का रूप ले लेते हैं। वहीं नींबू विटामिन-सी, फ्लेवोनोइड्स और साइट्रिक एसिड का समृद्ध स्रोत है।जब यह मिश्रण सुबह खाली पेट पिया जाता है, तो यह आंतों में भोजन की गति को धीमा करता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और अनावश्यक भूख नहीं लगती। यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करता है और मेटाबॉलिज्म को गति देता है। शरीर विज्ञान के अनुसार, फाइबर और एसिड का यह शक्तिशाली कॉम्बिनेशन हर किसी की पाचन प्रकृति के अनुकूल नहीं होता।क्या सचमुच घटती है पेट की चर्बी या यह सिर्फ एक भ्रम है?वजन घटाने को लेकर समाज में यह भ्रांति फैल चुकी है कि नींबू-चिया पानी पीने से पेट की चर्बी अपने आप पिघलने लगती है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और पोषण विशेषज्ञ इस बात को साफ करते हैं कि कोई भी पेय सीधे तौर पर वसा (Fat Cells) को खत्म नहीं कर सकता।यह ड्रिंक केवल एक सहायक की भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद उच्च फाइबर तृप्ति हार्मोन को सक्रिय करता है, जिससे दिनभर में कैलोरी की खपत कम होती है। यदि कोई व्यक्ति नींबू-चिया पानी पीने के बाद भी अस्वास्थ्यकर आहार, अत्यधिक शर्करा और निष्क्रिय दिनचर्या बनाए रखता है, तो इस ड्रिंक से वजन में कोई कमी नहीं आएगी। स्थायी वजन नियंत्रण केवल कैलोरी डेफिसिट और नियमित शारीरिक व्यायाम से ही संभव है।नींबू-चिया पानी के 5 छिपे हुए नुकसान जिन्हें जानना जरूरी हैदांतों के इनेमल का तेजी से क्षरण: नींबू में साइट्रिक एसिड की मात्रा अधिक होती है। जब कोई व्यक्ति रोज सुबह खाली पेट इस अम्लीय घोल को पीता है, तो यह दांतों की सबसे बाहरी सुरक्षात्मक परत यानी इनेमल (Tooth Enamel) को कमजोर करने लगता है। इसके कारण दांतों में झनझनाहट (Sensitivity), पीलापन और कैविटी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।अधकच्चे बीजों से भोजन नली में रुकावट का जोखिम: चिया सीड्स में पानी सोखने की असाधारण क्षमता होती है। यदि बीजों को पर्याप्त समय तक पानी में नहीं भिगोया गया और वे पेट में जाने के बाद फूलने लगे, तो वे भोजन नली (Esophagus) में फंस सकते हैं। इससे सांस लेने और निगलने में गंभीर अवरोध उत्पन्न हो सकता है, जो मेडिकल इमरजेंसी का रूप ले सकता है।पेट में तेज मरोड़, गैस और ब्लोटिंग: जो लोग आमतौर पर कम फाइबर वाला भोजन करते हैं और अचानक रोज सुबह चिया सीड्स की बड़ी खुराक लेना शुरू कर देते हैं, उनकी आंतें इतने फाइबर को एक साथ पचाने में असमर्थ होती हैं। इसके परिणामस्वरूप पेट फूलना, अत्यधिक गैस, ऐंठन और डायरिया जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।ब्लड थिनर और ब्लड प्रेशर की दवाओं के साथ रिएक्शन: चिया सीड्स में उच्च मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जिसमें प्राकृतिक रूप से रक्त को पतला करने वाले गुण होते हैं। यदि कोई मरीज पहले से खून पतला करने वाली दवाएं (जैसे एस्पिरिन, वारफारिन) या उच्च रक्तचाप की दवाएं ले रहा है, तो अधिक चिया सीड्स का सेवन उसके रक्तचाप को अप्रत्याशित रूप से गिरा सकता है।गंभीर एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन: जिन लोगों को पहले से गैस्ट्राइटिस, पेप्टिक अल्सर या जीईआरडी (GERD) की शिकायत है, उनके लिए खाली पेट नींबू पानी का सेवन पेट में जलन, खट्टी डकारें और सीने में तेज दर्द का कारण बन सकता है।किन लोगों को इस ड्रिंक से पूरी तरह दूर रहना चाहिए?पेट के पुराने अल्सर या हाइपरएसिडिटी से पीड़ित मरीज। इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) से जूझ रहे लोग, जिनका पाचन तंत्र अत्यधिक फाइबर के प्रति संवेदनशील होता है। लो ब्लड प्रेशर (Hypotension) के मरीज। जिन लोगों को किसी भी प्रकार की बीज जनित एलर्जी (Seed Allergy) की समस्या हो।नींबू-चिया पानी तैयार करने और पीने का 100% सही तरीकामात्रा का ध्यान रखें: एक गिलास पानी के लिए केवल 1 छोटा चम्मच (लगभग 5 से 10 ग्राम) चिया सीड्स ही पर्याप्त हैं। कभी भी एक साथ दो-तीन चम्मच का इस्तेमाल न करें।भिगोने का सही समय: चिया के बीजों को कम से कम 30 से 45 मिनट तक सामान्य या गुनगुने पानी में भिगोएं, ताकि वे पूरी तरह जेल बन जाएं। सबसे बेहतर तरीका यह है कि इन्हें रातभर पानी में भिगोकर छोड़ दिया जाए।नींबू का संतुलित इस्तेमाल: एक गिलास में केवल आधा ताजा नींबू निचोड़ें। बहुत ज्यादा खट्टा या तीखा घोल बनाने से बचें।स्ट्रॉ का अनिवार्य उपयोग: दांतों के इनेमल को एसिड के सीधे संपर्क से बचाने के लिए इस ड्रिंक को हमेशा एक स्ट्रॉ की मदद से पिएं और पीने के तुरंत बाद सादे पानी से अच्छी तरह कुल्ला करें।दिनभर पर्याप्त पानी पिएं: चिया सीड्स का फाइबर तभी सही काम करता है जब शरीर पूरी तरह हाइड्रेटेड हो। यदि आप इस ड्रिंक का सेवन करते हैं, तो दिनभर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी अवश्य पिएं ताकि आंतों में सूखापन न आए।सेहत किसी भी शॉर्टकट से नहीं बल्कि संतुलन, सही जानकारी और निरंतरता से बनती है। नींबू और चिया सीड्स का पानी निश्चित रूप से पोषक तत्वों का खजाना है, लेकिन इसे चमत्कार मानकर आंख मूंदकर पीने के बजाय अपने शरीर की प्रतिक्रिया को समझना और सही नियमों का पालन करना ही आपको स्वस्थ और फिट रख सकता है।
UGC-NET के 3 पेपर रद्द... आखिर NTA कब सीखेगा सबक? देखें खबरदार
देश में 13 तरह की परीक्षाएं कराने वाली सबसे बड़ी एजेंसी NTA क्या अब देश के छात्रों के लिए नेशनल टेंशन एजेंसी बन चुकी है? जहां नीट पेपर लीक पर आंदोलन के बाद एनटीए के 40 से ज्यादा अधिकारियों को बदल दिया गया. वहीं पर पता चला कि इस एजेंसी के पूरे सिस्टम को ही बदलने की जरूरत है, क्योंकि अब NTA ने जून में कराई UGC-NET की परीक्षा में तीन विषय के एग्जाम को रद्द करके सितंबर में कराने का फैसला किया है. देखें खबरदार.
परीक्षा में गड़बड़ियों पर शिक्षा मंत्री ने एनटीए को लगाई लताड़, मांगी रिपोर्ट
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यूजीसी नेट परीक्षा के प्रश्न पत्रों में मिली गड़बड़ियों को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है।
सुबह की शुरुआत एक सेहतमंद ड्रिंक से करना आज की लाइफस्टाइल में सबसे लोकप्रिय हेल्थ ट्रेंड बन चुका है। फिटनेस एक्सपर्ट्स से लेकर न्यूट्रिशनिस्ट तक, हर कोई सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू का रस और भीगे हुए चिया सीड्स (Lemon Chia Seed Water) मिलाकर पीने की सलाह दे रहा है। सुपरफूड की श्रेणी में शामिल चिया के छोटे-छोटे बीज और विटामिन-सी से भरपूर नींबू का यह संयोजन शरीर को भीतर से डिटॉक्स करने, ऊर्जा का स्तर बढ़ाने और कई जीवनशैली जनित बीमारियों से बचाने में बेहद असरदार माना जाता है। यदि आप भी नियमित रूप से इस मॉर्निंग डिटॉक्स ड्रिंक का सेवन करते हैं, तो आपको इसके शरीर पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव, पोषण मूल्य और सही सेवन नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।मेटाबॉलिज्म बूस्ट और वजन नियंत्रण में अचूक मददगारनींबू और चिया सीड्स का मिश्रण वजन घटाने और पेट की जिद्दी चर्बी (Belly Fat) को कम करने के लिए सबसे ज्यादा आजमाया जाने वाला नुस्खा है। चिया के बीजों में प्रचुर मात्रा में घुलनशील फाइबर (Soluble Fiber) पाया जाता है। जब इन बीजों को पानी में भिगोया जाता है, तो ये अपने वजन से 10 से 12 गुना ज्यादा पानी सोख लेते हैं और एक जेल जैसे पदार्थ (Mucilage) में बदल जाते हैं। सुबह खाली पेट इसे पीने से यह जेल पेट में जाकर धीरे-धीरे पचता है, जिससे लंबे समय तक तृप्ति (Satiety) बनी रहती है और बार-बार अस्वस्थ स्नैक्स खाने की इच्छा (Cravings) नियंत्रित होती है। वहीं, नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड और पॉलीफेनोल्स मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाते हैं, जिससे शरीर में कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।पाचन तंत्र, आंतों की सेहत (गट हेल्थ) और कब्ज से राहतआधुनिक जीवनशैली में अनियमित खानपान के कारण कब्ज, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं आम हैं। चिया सीड्स का फाइबर आंतों की आंतरिक सफाई में झाड़ू की तरह काम करता है। यह मल की मात्रा (Stool Bulk) को बढ़ाकर आंतों की गतिशीलता (Peristalsis) को सुगम बनाता है, जिससे पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या में भी राहत मिलती है। इसके अलावा, चिया सीड्स एक उत्कृष्ट प्रीबायोटिक का काम करते हैं, जो आंत के अच्छे बैक्टीरिया (Gut Microbiome) को पोषण देते हैं। नींबू का रस पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड और पित्त (Bile) के उत्पादन को सक्रिय करता है, जिससे दिनभर जो भी भोजन खाया जाता है, वह आसानी से पच जाता है।ब्लड शुगर स्पाइक को रोकना और इंसुलिन संवेदनशीलताडायबिटीज और प्री-डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए नींबू-चिया पानी एक वरदान साबित हो सकता है। कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन करने के बाद रक्त में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ता है। चिया सीड्स का जिलेटिनस आवरण कार्बोहाइड्रेट के टूटने और ग्लूकोज के अवशोषण की गति को धीमा कर देता है। नियमित रूप से सुबह इस ड्रिंक का सेवन करने से इंसुलिन संवेदनशीलता (Insulin Sensitivity) बेहतर होती है और भोजन के बाद होने वाले शुगर स्पाइक्स को रोकने में मदद मिलती है।दिल की सेहत और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) में कमीचिया सीड्स को पौधे-आधारित ओमेगा-3 फैटी एसिड यानी अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) का सबसे समृद्ध स्रोत माना जाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड रक्त वाहिकाओं की सूजन को कम करने, ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को घटाने और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। नींबू में पाए जाने वाले फ्लेवोनोइड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स धमनियों में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के जमाव को रोकते हैं। दोनों का यह संयुक्त प्रभाव कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को मजबूत बनाता है और हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम करता है।स्किन ग्लो, हाइड्रेशन और कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ावायदि आपकी त्वचा बेजान, रूखी या मुंहासों से प्रभावित रहती है, तो यह ड्रिंक त्वचा के लिए प्राकृतिक टॉनिक है। नींबू में मौजूद विटामिन-सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर में कोलेजन (Collagen) के प्राकृतिक निर्माण के लिए अनिवार्य है। कोलेजन त्वचा के लचीलेपन और कसाव को बनाए रखता है। दूसरी ओर, चिया सीड्स शरीर की कोशिकाओं को गहराई से हाइड्रेट करते हैं और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक चमक और ताजगी बनी रहती है।नींबू-चिया पानी पीते समय न करें ये 4 गंभीर गलतियांकई लोग इस ड्रिंक के फायदों को देखकर इसका गलत तरीके से सेवन करने लगते हैं, जिससे फायदे की जगह नुकसान हो सकता है:सूखे या अधकच्चे चिया सीड्स का सेवन: कभी भी सूखे चिया बीजों को सीधे निगलने या तुरंत पानी में मिलाकर पीने की गलती न करें। इन्हें कम से कम 20-30 मिनट या रात भर पानी में पूरी तरह भीगने देना जरूरी है, वरना ये भोजन नली में जाकर फूल सकते हैं और रुकावट पैदा कर सकते हैं।दांतों के इनेमल का क्षरण: नींबू में मौजूद एसिड दांतों की सुरक्षात्मक परत (Enamel) को कमजोर कर सकता है। इससे बचने के लिए इस ड्रिंक को हमेशा स्ट्रॉ (Straw) से पिएं और पीने के तुरंत बाद सादे पानी से कुल्ला जरूर करें।अत्यधिक मात्रा में सेवन: चिया सीड्स में फाइबर बहुत अधिक होता है। शुरुआत में केवल आधा से एक चम्मच चिया सीड्स ही लें। अचानक ज्यादा मात्रा लेने से पेट दर्द, गैस और दस्त की समस्या हो सकती है।तेज गर्म पानी का उपयोग: उबलते या बहुत गर्म पानी में नींबू का रस और चिया सीड्स न डालें, क्योंकि अत्यधिक तापमान से नींबू का विटामिन-सी नष्ट हो जाता है। हमेशा गुनगुने या सामान्य तापमान के पानी का इस्तेमाल करें।नींबू-चिया ड्रिंक तैयार करने की सही और वैज्ञानिक विधिएक गिलास (लगभग 250-300 मिली) पानी में 1 छोटा चम्मच (लगभग 10-12 ग्राम) साफ चिया सीड्स डालें। इसे चम्मच से अच्छी तरह हिलाएं ताकि बीज आपस में चिपके नहीं, और 20 मिनट के लिए रख दें। जब बीज फूलकर जेल जैसा गाढ़ा रूप ले लें, तब उसमें आधे ताजे नींबू का रस निचोड़ें। यदि चाहें तो इसमें एक चुटकी काला नमक या आधा चम्मच शुद्ध शहद मिला सकते हैं। इसे सुबह शौच के बाद और नाश्ते से 30 से 45 मिनट पहले घूंट-घूंट करके पिएं।
रात के समय लिया गया एक साधारण और पौष्टिक पेय आपकी संपूर्ण सेहत और नींद की गुणवत्ता को पूरी तरह बदल सकता है। आधुनिक जीवनशैली में तनाव, देर रात का खान-पान और स्क्रीन टाइम के कारण अनिद्रा और पेट से जुड़ी समस्याएं आम हो चुकी हैं। ऐसे में कैफीन-युक्त चाय या कॉफी के स्थान पर सोने से करीब 30-45 मिनट पहले पुदीने की ताजी या सूखी पत्तियों से बनी हर्बल चाय (Peppermint Tea) का सेवन शरीर में कई सकारात्मक जैविक बदलाव लाता है। पुदीने में मौजूद एक्टिव कंपाउंड 'मेंथॉल' (Menthol) और एंटी-ऑक्सीडेंट्स नसों को शांत करने के साथ-साथ आंतरिक अंगों को डिटॉक्स करने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं।पाचन तंत्र को आराम और पेट फूलने (ब्लोटिंग) से तुरंत राहतरात को भारी या गरिष्ठ भोजन करने के बाद अक्सर पेट में भारीपन, गैस और अपच की शिकायत होती है, जो आरामदायक नींद में सबसे बड़ा रोड़ा बनती है। पुदीने की चाय में प्राकृतिक एंटीस्पास्मोडिक (Antispasmodic) गुण होते हैं, जो जठरांत्र संबंधी मार्ग (Gastrointestinal tract) की मांसपेशियों को शिथिल करते हैं। मेंथॉल पित्त (Bile) के प्रवाह को उत्तेजित करता है, जिससे रात के समय भोजन का पाचन तेजी से और सुचारू रूप से होता है। इसके नियमित सेवन से सुबह उठते ही पेट साफ रहता है और एसिडिटी या पेट फूलने जैसी दिक्कतों से स्थायी राहत मिलती है।तनाव हार्मोन 'कोर्टिसोल' में कमी और मांसपेशियों को शिथिलतापुदीने की खुशबू और इसमें पाए जाने वाले वाष्पशील तेल तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर शामक (Sedative) प्रभाव डालते हैं। जब आप सोने से पहले गर्म पुदीने की चाय की चुस्कियां लेते हैं, तो इसकी भाप और तत्व मस्तिष्क में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। यह शरीर की थकी हुई मांसपेशियों में जकड़न को दूर करता है और शरीर को 'फाइट ऑर फ्लाइट' मोड से बाहर निकालकर विश्राम की अवस्था (Rest and Digest mode) में ले जाता है।कैफीन-मुक्त फॉर्मूला और गहरी नींद (REM Sleep) को बढ़ावाकई हर्बल चायों में कम मात्रा में ही सही लेकिन कैफीन मौजूद होता है, जो नींद के चक्र (Circadian Rhythm) को बाधित कर सकता है। पुदीने की चाय स्वाभाविक रूप से 100% कैफीन-मुक्त होती है। यह मस्तिष्क में मेलाटोनिन के संतुलन को प्रभावित किए बिना शरीर के तापमान को संतुलित करती है। जिन लोगों को रात में बार-बार जागने या बेचैन नींद आने की समस्या (Mild Insomnia) होती है, उनके लिए यह एक सुरक्षित प्राकृतिक स्लीप-ऐड का काम करती है।सांस की नली की सफाई और खराश व बंद नाक से छुटकारामौसम बदलने पर होने वाली एलर्जी, बंद नाक या गले की खराश रात में सांस लेने में रुकावट पैदा करती है, जिसके कारण व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है और खर्राटे की समस्या बढ़ जाती है। पुदीने में मौजूद मेंथॉल एक प्राकृतिक डिकंजेस्टेंट (Decongestant) और एंटीबैक्टीरियल एजेंट है। पुदीने की गर्म चाय की भाप श्वसन मार्ग के कफ को पतला करती है और साइनस कैविटी को खोलती है, जिससे रात भर फेफड़ों तक ऑक्सीजन का प्रवाह निर्बाध रूप से होता है।तनावजनित सिरदर्द और माइग्रेन के दर्द में प्राकृतिक शांतिदिनभर के मानसिक काम, स्क्रीन के दबाव और थकान से कई लोगों को शाम ढलते ही माथे और कनपटी में भारीपन महसूस होता है। पुदीने की चाय रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) को सुधारने और रक्त वाहिकाओं की सूजन को कम करने में मददगार है। रात को सोने से पहले इसे पीने से तनावजनित सिरदर्द (Tension Headache) से बिना किसी पेनकिलर के आराम मिलता है, जिससे मस्तिष्क पूरी तरह शांत होकर सोने के लिए तैयार होता है।मौखिक स्वच्छता और सुबह सांसों की ताजगीपुदीने में मौजूद जीवाणुरोधी और रोगाणुरोधी यौगिक रात भर मुंह के अंदर हानिकारक बैक्टीरिया के पनपने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। अधिकांश लोग सुबह उठते ही मुंह की बदबू (Morning Breath) और सूखेपन का अनुभव करते हैं। रात में पुदीने की चाय पीने से मुंह की लार ग्रंथियां सक्रिय रहती हैं और हानिकारक कीटाणु नष्ट होते हैं, जिससे सुबह उठने पर ताजगी बनी रहती है।किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी?पुदीने की चाय जहां अधिकांश लोगों के लिए बेहद गुणकारी है, वहीं जिन लोगों को गंभीर जीईआरडी (GERD) या अत्यधिक एसिड रिफ्लक्स (सीने में तेज जलन) की समस्या है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। मेंथॉल इसोफेगल स्फिंक्टर (पेट और भोजन नली के बीच का वॉल्व) को अधिक रिलैक्स कर सकता है, जिससे पेट का एसिड ऊपर की ओर आ सकता है। ऐसे लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में या चिकित्सक की सलाह पर ही करना चाहिए।पुदीने की चाय बनाने की सही विधिएक पैन में एक से डेढ़ कप पानी उबालें। आंच बंद करके उसमें 7-8 ताजी धुली हुई पुदीने की पत्तियां (या एक चम्मच सूखी पत्तियां) डालें। पैन को ढककर 5 से 7 मिनट के लिए भाप में पत्तियों का सत्व उतरने दें। इसके बाद इसे छान लें और गुनगुना ही पिएं। स्वाद और लाभ बढ़ाने के लिए इसमें आधा चम्मच शहद या कुछ बूंदें नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है।
चढ़ावा चोरी पर SIT ने ट्रस्ट को सौंपी फाइनल रिपोर्ट, अब तक की कार्रवाई का भी ब्यौरा
अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के गृह विभाग को सौंप दी है, जिसे अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है.
10 राज्य, 31 प्लांट और हजारों नौकरियां... इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए सरकार का नया प्लान
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण मैन्यूफैक्चरिंग के लिए 31 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिससे 10 राज्यों में 7,877 करोड़ रुपये के निवेश से 9,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी।
होटल जैसे खिले-खिले जीरा राइस बनेंगे घर पर, बस अपनाएं ये टिप्स
Jeera Rice Recipe:अगर आप दाल, राजमा, छोले या कढ़ी के साथ कुछ स्वादिष्ट और खुशबूदार चावल बनाना चाहते हैं तो जीरा राइस एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसे बनाना बेहद आसान है और कुछ ही मसालों की मदद से आप घर पर रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पा सकते हैं.
Census 2027: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बर्फीले इलाकों में डिजिटल जनगणना शुरू
भारत की 16वीं और आजादी के बाद 8वीं जनगणना (Census 2027) का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण चरण—जनसंख्या गणना (Population Enumeration)—शुरू हो चुका है। गृह मंत्रालय के अधीन भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय (RGI) द्वारा जारी अधिसूचना के तहत, देश के दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में समय से पहले जनगणना प्रक्रिया संचालित की जा रही है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख सहित जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के उच्च पर्वतीय और बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों के लिए 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक सेल्फ-इन्यूमिरेशन (ऑनलाइन खुद से जानकारी दर्ज करने) का विकल्प सक्रिय कर दिया गया है। इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर तक प्रगणक घर-घर जाकर इस डेटा का सत्यापन करेंगे।बर्फीले और दुर्गम इलाकों में समय से पहले शुरुआत की वजहउत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्रों—विशेषकर लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, पुंछ, डोडा जैसे उच्च पर्वतीय जिलों, हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी (जैसे 15,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित कोमिक गांव) और उत्तराखंड के सीमांत इलाकों में अक्टूबर के बाद भीषण बर्फबारी शुरू हो जाती है। सर्दियों में अत्यधिक ठंड और भारी बर्फ के कारण कई दूरदराज के गांव महीनों तक देश के बाकी हिस्सों से कटे रहते हैं। इसी मौसमी चुनौती को देखते हुए सरकार ने इन गैर-समकालिक (Non-Synchronous) क्षेत्रों में मुख्य राष्ट्रीय गणना से पहले ही आबादी की गिनती पूरी करने की योजना बनाई है। जहां देश के मैदानी और सामान्य इलाकों में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी, वहीं इन विशेष बर्फीले क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि (Reference Date) 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि तय की गई है।घर बैठे कैसे दर्ज करें जानकारी: 17 से 31 अगस्त तक की ऑनलाइन प्रक्रियादेश के इतिहास में पहली बार नागरिकों को यह अधिकार दिया गया है कि वे खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर भर सकें। इसके लिए नागरिकों को किसी सरकारी कर्मचारी के आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।नागरिक आधिकारिक सेल्फ-इन्यूमिरेशन पोर्टल पर जाकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर लॉग-इन कर सकते हैं।परिवार के मुखिया और सभी सदस्यों से जुड़े निर्धारित सवालों के जवाब ऑनलाइन भरे जा सकते हैं।फॉर्म सबमिट करने के बाद एक विशिष्ट 'सेल्फ-इन्यूमिरेशन आईडी' (Self-Enumeration ID/Reference Code) जेनरेट होगी।1 से 30 सितंबर के बीच जब अधिकृत जनगणना कर्मी (Enumerator) घर पहुंचेंगे, तो नागरिक को केवल वही आईडी दिखानी होगी, जिससे फील्ड वेरिफिकेशन तुरंत पूरा हो जाएगा।जनगणना अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया में किसी भी नागरिक से कोई ओटीपी (OTP) या बैंक संबंधी संवेदनशील पिन नहीं मांगा जाएगा, जिससे साइबर धोखाधड़ी से बचा जा सके।पहली बार पूछे जा रहे हैं ये 40 सवाल: जाति गणना भी शामिलजनगणना 2027 में कुल 40 प्रश्नों की प्रश्नावली तैयार की गई है, जिसमें कई नए आधुनिक पैरामीटर्स शामिल किए गए हैं:जाति विवरण: आजादी के बाद पहली बार जनगणना फॉर्म में 'अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/जाति' का खुला कॉलम (Open-ended format) रखा गया है, जिसमें नागरिक द्वारा बताई गई जाति को बिना किसी पूर्व-निर्धारित सूची की बाध्यता के सीधे दर्ज किया जाएगा।डिजिटल और पहचान दस्तावेज: यदि उपलब्ध हो तो आधार नंबर, वोटर आईडी, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी ली जा रही है।स्वास्थ्य एवं वित्तीय स्थिति: व्यक्ति को कोविड-19 टीकाकरण कहां लगा था और उसके पास कुल कितने बैंक खाते हैं, इसका ब्योरा भी शामिल है।शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और रोजगार: शिक्षा के स्तर के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता (कंप्यूटर/इंटरनेट के इस्तेमाल की क्षमता), व्यवसाय, उद्योग का प्रकार और कार्य विवरण पूछा जाएगा।जनसांख्यिकीय डेटा: नाम, मुखिया से संबंध, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, शादी के समय उम्र, धर्म, मातृभाषा और प्रवासन (Migration) का इतिहास दर्ज किया जाएगा।पूरी तरह पेपरलेस और 'Census 2027-PE' मोबाइल ऐप का इस्तेमालजनगणना 2027 भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना है। जो नागरिक 31 अगस्त तक ऑनलाइन सेल्फ-इन्यूमिरेशन नहीं करेंगे, उनके घरों में आने वाले प्रगणक भी कागजी फॉर्म के बजाय आधिकारिक 'Census 2027-PE' मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए सीधे डेटा डिजिटल रूप में दर्ज करेंगे। सुरक्षा कारणों से भारतीय सेना, आईटीबीपी और अर्धसैनिक बलों की यूनिट्स के लिए डेटा पहले ऑफलाइन/पेपर मोड में संकलित किया जाएगा और बाद में स्पेशल चार्ज ऑफिसर्स द्वारा सिस्टम में फीड किया जाएगा।दो चरणों की रूपरेखा और राष्ट्रीय परिदृश्ययह महाभियान दो चरणों में विभाजित है। पहले चरण में मकानों की सूची और आवासीय सुविधाओं (House Listing & Housing Operations) का डेटा दर्ज किया गया, जिसमें पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट और संपत्ति के साधनों से जुड़े 33 सवाल शामिल थे। अब दूसरा चरण जनसंख्या गणना का है। लद्दाख की लगभग 2.74 लाख आबादी और जम्मू-कश्मीर के सीमांत व पहाड़ी क्षेत्रों की आबादी को इस विशेष चक्र में गिना जा रहा है। 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक रिवीजन राउंड पूरा होने के साथ ही दुर्गम इलाकों का चरण समाप्त होगा, जबकि शेष भारत के लिए अंतिम फील्ड डेटा संकलन मार्च 2027 तक पूरा किया जाएगा।

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