4 CCTV, आश्रम लौटे प्रेमानंद, शिष्य की मौत के बाद 15 दिन में क्या-क्या हुआ?
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण ने 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया था. इस घटना के 15 दिन बीत चुके हैं और इन 15 दिनों में वृंदावन में काफी उथल-पुथल भी देखी गई. आइए जानते हैं कि घटना के बाद पिछले 15 दिनों में क्या-क्या हुआ.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया ताजा यातायात अपडेट
दिल्ली में सीजेपी के जंतर मंतर प्रदर्शन को देखते हुए कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. इस बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने प्रमुख सड़कों, चौराहों और सीमावर्ती रास्तों पर यातायात की स्थिति का अपडेट जारी किया है. ताजा जानकारी के मुताबिक, एम्स, धौला कुआं, आईटीओ, आनंद विहार आईएसबीटी और गाजीपुर बॉर्डर समेत कई जगहों पर ट्रैफिक सामान्य है. हालांकि, प्रदर्शन के चलते हालात बदल सकते हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले ताजा अपडेट जरूर देखें.
छोटे घर में बिना अलमारी कैसे रखें कपड़े? ये 9 जुगाड़ आएंगे बड़े काम
घर या किराए के कमरे में अलमारी नहीं है तो कपड़े रखने की चिंता छोड़ दें. बेड के नीचे की जगह, खाली दीवार, पुराने फर्नीचर, कपड़ों के रैक और दरवाजे के पीछे लगे हुक की मदद से कपड़ों को आसानी से व्यवस्थित किया जा सकता है. जानिए अलमारी के बिना कपड़े रखने के 9 आसान तरीके.
BIADA MD ने Patliputra Industrial Area का लिया जायजा, अतिक्रमण और गंदगी पर कार्रवाई के निर्देश
पटना। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) के प्रबंध निदेशक श्री नवीन कुमार, IAS ने शनिवार को पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर डेटा सेंटर, आधारभूत संरचनाओं तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में संचालित गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, अतिक्रमण, अवैध निर्माण एवं आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव से संबंधित मामलों की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसे भी पढ़ें: Rise & Fall 2 | तेज प्रताप यादव का बड़ा खुलासा, कहा- 'शादी के 3 महीने के भीतर ही पूर्व पत्नी को एक्स-बॉयफ्रेंड को लव यू मैसेज करते देखा था' निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने Ravi Industry, Recon Engicon Pvt. Ltd., UNO Digital Pvt. Ltd., SLMG Beverage Pvt. Ltd., Prius System LLP, CtrlS, Ambe Infra Green LLP, Aeron Healthcare Pvt. Ltd., Bihar Trade Tower, Vijayam Educational Trust, Maa Re Rolling Mill, Puja Printech Pvt. Ltd., Satya Enterprises, Eclet Industries Ltd., Civ Mill Industries Pvt. Ltd., Tirupati Industries एवं Ruby Fastner सहित विभिन्न औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयों का जायजा लिया। प्रबंध निदेशक ने औद्योगिक क्षेत्र में निजी वाहनों के अनियंत्रित आवागमन को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से सभी प्रवेश द्वारों पर एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य एवं आंतरिक सड़कों के दोनों ओर औद्योगिक इकाइयों द्वारा अनधिकृत रूप से निर्माण सामग्री रखे जाने के मामलों में नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा। औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छता सुनिश्चित करने के संबंध में उन्होंने तत्काल सफाई एवं कचरा हटाने तथा सड़क किनारे कचरा फेंकने पर रोक लगाने के लिए संबंधित इकाइयों को माइकिंग एवं नोटिस के माध्यम से जागरूक करने और नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पॉलिटेक्निक/साईं मंदिर के निकट बियाडा की भूमि पर अनधिकृत वाहन पार्किंग के मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने तथा साईं मंदिर के संचालक द्वारा बियाडा की भूमि पर कथित अनधिकृत भवन निर्माण के संबंध में नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। सड़क एवं आधारभूत संरचनाओं के रखरखाव के संबंध में प्रबंध निदेशक ने बुडको (बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम) द्वारा सीवर लाइन की मरम्मत के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल नहीं किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने सड़क की पुनर्स्थापना पर होने वाले अनुमानित व्यय की वसूली के लिए बुडको को पत्र जारी करने का निर्देश दिया। औद्योगिक क्षेत्र में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने स्वीकृत सूचीबद्ध वास्तुविदों द्वारा अनुमोदित नक्शे के अनुरूप निर्माण कार्यों की बियाडा के अभियंताओं के माध्यम से समय-समय पर निगरानी करने को कहा। प्रबंध निदेशक ने कार्यपालक निदेशक (ऑपरेशंस) को निरीक्षण के दौरान चिह्नित सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा संबंधित उप महाप्रबंधक (DGM) एवं अन्य अधिकारियों के माध्यम से कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाइयां निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसे भी पढ़ें: Vaishali में 11 से 13 दिसंबर तक सजेगा International Buddhist Conclave, जुटेंगे कई देशों के विद्वान बियाडा राज्य में औद्योगिक आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने, औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित औद्योगिक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण, भूमि का नियमानुसार उपयोग, आधारभूत सुविधाओं का उचित रखरखाव तथा नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना बिहार में निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण एवं औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लुका-छिपी का खेल देखने को मिला, जब कुछ लोग सार्वजनिक शौचालय में छिप गए जबकि कुछ अन्य ने रात भर गुरुद्वारे में शरण ली। शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस और अर्धसैनिक बल के हजारों जवान तैनात किए जाने के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी से बचने के लिए सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों पर छिपने की कोशिश करने लगे। कनॉट प्लेस स्थित नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के एक वॉशरूम में 20 से ज़्यादा युवा प्रदर्शनकारी रात भर छिपे रहे। वे जंतर-मंतर तक मार्च से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच चोरी-छिपे निकलने की उम्मीद कर रहे थे। शुक्रवार को शहर भर में पाबंदियां लागू होने के बाद, यह समूह रात में क्रमिक रूप से एकत्र हुआ था। वॉशरूम, जो रात 10 बजे बंद कर दिया जाता है और सुबह छह बजे खोला जाता है, उनके छिपने का ठिकाना बन गया। जांच के दौरान पुलिस को प्रदर्शनकारी वॉशरूम के अंदर मिले। प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा करके पुलिस की गाड़ियों में बिठाया गया। अधिकतर लोगों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। हिरासत में लिए जाने के बाद भी वे नारेबाजी करते रहे और पुलिस की गाड़ियों के अंदर जोर आजमाइश करते रहे। उनकी आवाज जालीदार खिड़कियों से बाहर आ रही थी। कनॉट प्लेस की घटना सेंट्रल दिल्ली में हुई उन कई घटनाओं में से एक थी, जिनमें प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से बचने की कोशिश की और मौका मिलते ही फिर से सड़क पर उतर आए। गुरुद्वारा बंगला साहिब में, रात भर छिपे रहने वाले युवा प्रदर्शनकारी बार-बार परिसर से बाहर निकलकर प्रदर्शनों में शामिल होते थे और पुलिस द्वारा खदेड़े जाने पर वापस अंदर भाग जाते थे। यह सिलसिला चलता रहा। दोनों पक्षों के बीच गुरुद्वारे के आसपास लुका-छिपी का खेल देखने को मिला। गुरुद्वारे के बाहर की सड़क पर ‘‘इंकलाब ज़िंदाबाद’’ और ‘‘जय भीम’’ के नारे लगाये गए, जब प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह सड़क पर उतर आया था। कुछ ही मिनट में पुलिस ने उनमें से कई लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बंगला साहिब के प्रतिनिधियों से संपर्क किया था और उनसे कहा था कि वे प्रदर्शनकारियों को परिसर में नहीं आने दें। गुरुद्वारे के प्रतिनिधियों ने मना कर दिया और कहा कि प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और अंदर नारेबाजी नहीं कर रहे थे। एक प्रतिनिधि ने कहा, ‘‘हम पुलिस को परिसर में घुसने नहीं देंगे। प्रदर्शनकारी निहत्थे हैं और परिसर के अंदर नारेबाजी नहीं कर रहे हैं, इसलिए हम उनके खिलाफ नहीं हैं।’’युवाओं के कई संगठनों और छात्र समूहों ने बाबा खड़क सिंह मार्ग से अशोक रोड की ओर मार्च किया, और पुलिसकर्मी उन्हें हिरासत में लेने के लिए आगे बढ़े। जब अधिकारी पास आए, तो कुछ प्रदर्शनकारी गुरुद्वारे के परिसर में भाग गए और प्रदर्शन में लौटने की कोशिश करने से पहले वहां छिपे रहे। केरल हाउस में शुक्रवार रात से ही माकपा के कई नेता ठहरे हुए थे, जिनमें अलग-अलग राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल थे। शनिवार को जब वे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर निकले, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। राष्ट्रीय राजधानी में 30,000 से ज़्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया था, जबकि 45 मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश एवं निकास बंद कर दिए गए थे और जंतर-मंतर के आस-पास 30 सड़कों पर यातायात की पाबंदियां थीं।
हरियाणा कैबिनेट ने ग्रुप सी पदों पर पूर्व-अग्निवीरों के लिए छूट को मंजूरी दी है और दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का वि
इमरान खान को पुलिस ने किया डिटेन, क्यों CJP प्रोटेस्ट में हुए थे शामिल?
इमरान खान को मुंबई पुलिस ने डिटेन कर लिया है क्योंकि वो अगस्त क्रांति मैदान में CJP आंदोलन का हिस्सा बनने पहुंचे थे. लेकिन एक्टर ने इस आंदोलन में आने का फैसला क्यों लिया था? इसके बारे में भी उन्होंने बताया.
उत्तराखंड के Hemkund Sahib के कपाट शीतकाल के लिए बंद, 3.84 लाख श्रद्धालुओं ने टेका मत्था
उत्तराखंड के चमोली जिले में करीब 15 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित विश्व प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शुक्रवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। खराब मौसम और कड़ाके की ठंड के बीच कपाट बंद होने के अवसर पर देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु मौजूद रहे। उन्होंने इस वर्ष की अंतिम पूजा में हिस्सा लिया। गुरुद्वारे के कपाट मई में खोले गए थे और तब से अब तक तीन लाख 84 हजार से अधिक श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में मत्था टेक चुके हैं। कपाट बंद करने की प्रक्रिया सुबह 10 बजे सुखमनी साहिब पाठ के साथ शुरू हुई। शब्द-कीर्तन और अंतिम अरदास के बाद अपराह्न एक बजे गुरुद्वारे के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए। इसके बाद गुरु ग्रंथ साहिब को लेकर यात्रा गोविंदघाट के लिए रवाना हुई। कपाट बंद होने के अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे। पाकिस्तान से आए सिख श्रद्धालुओं के 40 सदस्यीय जत्थे सहित करीब दो हजार श्रद्धालु इस अवसर पर गुरुद्वारे में उपस्थित थे। सेना के बैंड की धुन और ‘वाहेगुरु जी’ के जयकारों के बीच बर्फ से ढके रास्तों से गुरु ग्रंथ साहिब के साथ सिख श्रद्धालुओं की संगत घांघरिया के लिए रवाना हुई। श्री हेमकुंड साहिब जाने के लिए बदरीनाथ के समीप गोविंदघाट से पुलना गांव तक सड़क मार्ग से पहुंचा जाता है। इसके बाद पुलना से भ्यूंडार और घांघरिया होते हुए करीब 16 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर गुरुद्वारे तक पहुंचा जाता है। इस अवसर पर श्री हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा और वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मुस्तैदी और कुशल प्रबंधन के लिए स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन का आभार जताया। हेमकुंड साहिब के साथ ही वहां स्थित प्राचीन लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
सीएम योगी ने दी अखिलेश को खुली चुनौती- आइए, अयोध्या से किस्मत आजमाते हैं
लखनऊ, 10 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां पाटेश्वरी की धरा बलरामपुर के विकास के लिए 803 करोड़ रुपये से अधिक की 78 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अयोध्या विधानसभा सीट के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी, कहा- चेले को हटाइए। आइए, […]
कूड़ा फेंककर जाने लगा शख्स, कैमरे से आई आवाज- अभी उठाओ! देखें VIDEO
UP News: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 में खुले में कूड़ा फेंकने वाले व्यक्ति को CCTV कैमरे से पब्लिक अनाउंसमेंट कर चेतावनी दी गई. इसके बाद वह कूड़ा उठाकर घर ले गया. वीडियो वायरल है.
Akhilesh Yadav की चुनौती पर CM Yogi का तीखा पलटवार
उत्तर प्रदेश में अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. बलरामपुर की सभा में योगी ने अखिलेश को भी अयोध्या से नामांकन करने की चुनौती दी. उन्होंने राम मंदिर, माफिया राज और विपक्ष की भाषा पर भी निशाना साधा. वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भागवत कथा में शामिल होने के बावजूद रामलला के दर्शन नहीं करने पर अखिलेश से सवाल किए.
CM Rekha Gupta का AAP और Congress पर निशाना, कहा- राजधानी को बंधक नहीं बनने देंगे
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर राष्ट्रीय राजधानी में शांति भंग करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। X पर एक पोस्ट में, गुप्ता ने इन नेताओं के राजनीतिक रवैये पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वे बार-बार चुनावी हार से उपजी अपनी निराशा का असर दिल्ली के निवासियों पर पड़ने दे रहे हैं। उन्होंने काम पर जाने वाले लोगों, दिहाड़ी मजदूरों और अस्पताल जाने की कोशिश कर रहे मरीजों पर राजनीतिक गतिविधियों के असर को लेकर भी चिंता जताई। इसे भी पढ़ें: नागपुर में Rahul Gandhi पर BJP का हमला, कांग्रेस ने बताया जनता की आवाज गुप्ता ने पूछा कि क्या नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं दिल्ली के लाखों परिवारों की आजीविका, सुरक्षा और शांति से ज़्यादा ज़रूरी थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली ने विकास के लिए वोट दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरे कार्यकाल को जनता के समर्थन का प्रतीक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद और राजनीतिक अवसरवाद से चलने वाली पार्टियां जनादेश को स्वीकार करने में असमर्थ रहीं। गुप्ता ने केजरीवाल पर भी निशाना साधा और उन पर राजनीतिक फायदे के लिए दिल्ली में शांति और सुरक्षा को बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। गुप्ता ने लोकतंत्र की आड़ में अराजकता फैलाने की राजनीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रीय राजधानी में शांति भंग करने और लोगों के जनादेश को चुनौती देने की कोशिशों का विरोध करेगी। गुप्ता ने कहा कि यह बात साफ होनी चाहिए: दिल्ली को बंधक नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र के नाम पर अशांति फैलाने की कोशिशों का कड़ा जवाब दिया जाएगा। इसे भी पढ़ें: CJP के Jantar Mantar प्रदर्शन पर भड़की BJP, Sambit Patra बोले- राजधानी को बंधक बनाने की साजिश हुई फ्लॉप 10 अक्टूबर को दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का विरोध प्रदर्शन हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारी कथित चुनावी गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने की पुलिस की कोशिशों के बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और वरिष्ठ नेता सौरभ दास व आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया गया है।
धड़ाम हुए प्याज के दाम... नासिक और अलवर से आ रहा बंपर स्टॉक, जानिए मंडी में अब कितनी हो गई कीमत?
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से नई फसल आने के कारण प्याज के थोक भावों में 20% तक की गिरावट आई है, जिससे मंडियों में कीमतें कम हुई हैं। हालांकि, खुदरा बाजार में अभी भी प्याज महंगा है।
'मोदी और मीर जाफर की लड़ाई', स्टारलिंक के मुद्दे को लेकर BJP का राहुल गांधी पर हमला
एलन मस्क के स्टारलिंक को लेकर किए गए ट्वीट पर राहुल गांधी के रिपोस्ट ने सरगर्मी बढ़ा दी है। भाजपा की तरफ से इस पर जबरदस्त हमला बोला गया है। संबित पात्रा ने कहा कि यह मोदी बनाम मीर जाफर की लड़ाई है
बाइक में लगा दिया जेट इंजन, फिर इतनी रफ्तार से दौड़ी हार्ले
क्या हो अगर किसी बाइक में छोटा रॉकेट इंजन लगा दिया जाए. ऐसा ही कुछ एक यूट्यूबर ने किया है. बाइक्स एंड बियर्ड्स ने इस प्रोजेक्ट के लिए हार्ले डेविडसन बाइक को चुना. इस बाइक का इंजन खराब हो चुका था, जिसे रिपेयर नहीं किया जा सकता था. इस स्पेशल प्रोजेक्टर में बाइक के इंजन की जगह दो छोटे जेट टर्बाइन्स का इस्तेमाल किया गया है.
राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, बेरिकेड लगाने और मार्ग परिवर्तन किए जाने के बावजूद शनिवार को प्रदर्शनकारी अलग-अलग तरह से मध्य दिल्ली स्थित प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ने का प्रयास करते दिखे। किसी ने स्कूटी से दो घंटे का सफर किया तो कोई ऑटो से आने के बाद निजामुद्दीन से पैदल लंबी दूरी तय करके आया। कई लोग कैब में चक्कर काटने के बाद आखिरकार प्रदर्शन स्थल के पास उतर जाने में कामयाब हुए। नयी दिल्ली की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड लगाए जाने, वाहनों को रोके जाने या उनका मार्ग बदले जाने और मेट्रो के कई स्टेशन बंद होने के कारण कई लोगों के लिए जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचना मुश्किल साबित हुआ। शहर के कुछ हिस्सों में बसें चलती रहीं, लेकिन नयी दिल्ली के कई इलाकों में वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। टॉलस्टॉय मार्ग पर, जहां जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़क पर बैरिकेड लगाए गए थे, वहां तक पहुंचने में सफल रहे प्रदर्शनकारियों का एक समूह खड़ा था और बीच-बीच में नारे लगा रहा था। पुलिसकर्मी जब उन्हें हिरासत में लेने के लिए आगे बढ़े तो कुछ लोगों ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया और फिर से हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू हो गई। सरिता विहार से स्कूटी पर आए मीर ने बताया कि उन्हें सफर में दो घंटे लगे और उन्हें प्रदर्शन स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर अपना वाहन खड़ा करना पड़ा। उन्होंने पाबंदियों के बावजूद वहां पहुंचने के अपने प्रयास के बारे में कहा, ‘‘हम इस देश के युवा हैं। अगर हम नहीं आएंगे, तो कौन आएगा?’’दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा सफहाना ने बताया कि वह लक्ष्मी नगर में रहती हैं और सुबह करीब छह बजे ऑटो से इस इलाके में पहुंचीं। उनके पास खाने-पीने का सामान और अन्य जरूरी चीजें थीं। छात्रा ने बताया कि वह आठ अन्य लोगों के साथ आई थीं। उनके समूह की तीन महिलाओं को हिरासत में ले लिया गया। सफहाना ने कहा कि वे उन महिलाओं से संपर्क करने में कामयाब रहीं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि उन्हें किस थाने ले जाया गया है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय का छात्र होने का दावा करने वाले अल्तमस ने बताया कि वह ऑटो से संकरी गलियों से होते हुए आए और उन्हें निजामुद्दीन के पास उतार दिया गया। वहां से उन्होंने प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने के लिए करीब दो घंटे पैदल सफर किया। उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटिश शासन के दौरान हमने दमन के बारे में पढ़ा था। आज हम देख रहे हैं कि यह कितना दमनकारी हो सकता है।’’अल्तमस ने कहा कि वह अपने लिए नहीं, बल्कि देश के लिए आए हैं। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के इस कथन का उल्लेख किया कि ‘‘सरकारें आएंगी और जाएंगी, लेकिन देश बना रहना चाहिए।’’इक्कीस वर्षीय हर्षित व्यक्तिगत कारण से भी प्रदर्शन में शामिल हुए। हर्षित ने बताया कि उन्होंने मतदाता पहचान पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें बताया गया कि पते से जुड़ी समस्या के कारण वोटर कार्ड नहीं मिल सकता। हर्षित ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के नजदीक से कैब ली, लेकिन चालक ने कई रास्ते बदलने के बाद आखिरकार उन्हें प्रदर्शन स्थल के पास पहुंचाया। हर्षित ने बताया कि चालक ने तत्काल किराया नहीं लिया और उनसे घर पहुंचने के बाद भुगतान करने को कहा। प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम शांतिपूर्वक बैठे थे, लेकिन हमें वहां से हटने के लिए कहा गया।’’पाबंदियों का असर उन लोगों पर भी पड़ा, जो प्रदर्शन में शामिल नहीं थे। एमटीएनएल में काम करने वाली एक महिलाकर्मी ने बताया कि उन्हें अपने कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन से पैदल चलना पड़ा। महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण उनकी ड्यूटी थी और उन्हें आवश्यक सेवाओं से जुड़ा काम करने के लिए कार्यालय पहुंचना था। उन्होंने बताया कि नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर पैदल चलकर वह जनपथ और कनॉट प्लेस के चौराहे पर पहुंचीं, जहां उन्हें रोक दिया गया। हालांकि, बाद में उन्हें आगे जाने की अनुमति दे दी गई। कनॉट प्लेस पहुंचे पुणे के फिल्म निर्माता नीलेश नवलखा ने बताया कि वह दिल्ली इसलिए आए थे, क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें इस ‘‘ऐतिहासिक’’ घटना का प्रत्यक्षदर्शी बनना चाहिए। शुक्रवार शाम दिल्ली पहुंचे और एक होटल में ठहरे नवलखा ने बताया कि वह छह जून को हुए प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘उस दिन और आज के माहौल में अंतर है। पिछली सफलता के बाद लोग उत्साहित हैं। सरकार सख्त है।’’मध्य दिल्ली पहुंचे सभी लोग किसी संगठित समूह या राजनीतिक संगठन से जुड़े हुए नहीं थे। सूरज ने बताया कि वह अपने पिता के साथ आए थे, जिन्होंने उस दिन अपनी दुकान बंद रखी थी। नरेला से मोटरसाइकिल पर आए लखन ने बताया कि वह अपनी मां को काम पर छोड़ने के बाद सुबह कनॉट प्लेस पहुंचा। उन्होंने कहा कि रास्ते में उन्होंने बड़े वाहनों की आवाजाही पर पाबंदियां देखीं। लखन ने कहा, ‘‘मैं न तो कॉजपा के साथ हूं और न ही भाजपा के साथ। सवाल यह है कि जब लोग अपनी आवाज उठाते हैं, तो उन्हें क्या जवाब दिया जाता है?’’उन्होंने कहा, ‘‘जनता भूखी है। उसके सवालों का जवाब दीजिए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाताओं के विशेष सारांश संशोधन का बचाव करते हुए पारदर्शिता पर जोर द
नवरात्रि के किस दिन पहने कौन से रंग के कपड़े? देखें पूरी लिस्ट
Shardiya Navratri 2026 Colors Day Wise List: शारदीय नवरात्रि 2026, 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक मनाई जाएगी. नवरात्रि के नौ दिनों में अलग-अलग रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. जानें किस दिन कौन सा रंग पहनें और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का महत्व.
ये 5 कंडीशन... जब बैंक आपको देंगे हर दिन ₹5000 तक का जुर्माना!
भारतीय रिजर्व बैंक के नियम के अनुसार, अगर बैंक कुछ शर्तों के तहत आपका काम समय पर पूरा नहीं करते हैं, तो उन्हें जुर्माना भरना पड़ सकता है. यह जुर्माना हर दिन के हिसाब से दिया जाता है.
'सिस्टम पर शक है या चुनावी नतीजों पर...', देशवासियों के नाम पूर्व IAS-IFS की चिट्ठी
देशवासियों के नाम खुली चिट्ठी में अफसरों ने कहा कि हमने अपनी पूरी जिंदगी भारत के चुनाव करवाए हैं या उनकी स्टडी की है. हमने रोल तैयार किए, पोलिंग पार्टियों को ट्रेन किया, स्ट्रॉन्ग रूम सील किए और गिनती की निगरानी की. हम इसलिए लिखते हैं क्योंकि एक शब्द 'रिग्ड' अब बिना सबूत के हमारे चुनावों पर फेंका जाता है.
Rahul Gandhi ने युवाओं से की प्रदर्शन जारी रखने की अपील, कहा संविधान की करेंगे रक्षा
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने युवाओं से अपना विरोध जारी रखने का आह्वान करते हुए शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी उनके साथ खड़ी है और सरकार तथा संविधान पर हमला करने वालों को शिकस्त देना सुनिश्चित करेगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा तथा आरोप लगाया कि इनकी सबसे बड़ी पहचान ‘‘कायरता’’ है। गांधी ने दावा किया, ‘‘नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार, अजीत डोभाल इस कहानी के खलनायक हैं। वे अब धीरे-धीरे घिरते जा रहे हैं। इनके चारों तरफ से दायरा सिमट रहा है।’’उन्होंने कहा कि वह एक दशक से अधिक समय से मोदी, आरएसएस और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ लड़ रहे हैं तथा अपने विरोधियों को अच्छी तरह समझते हैं। गांधी ने कहा कि सरकार जितनी चाहे पुलिस बुला ले और नेताओं तथा युवाओं को गिरफ्तार कर ले, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम आपको (सरकार) चारों तरफ से घेर रहे हैं, और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।’’उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जिस जानकारी की जरूरत है, वह उनके पास पहले से मौजूद है। गांधी ने कहा कि वे संविधान की रक्षा करेंगे और देश की जनता की आवाज की हिफाजत करेंगे। उन्होंने पिछले 10-15 वर्षों में देश के साथ जो कुछ हुआ है, उसकी पुनरावृत्ति नहीं होने देने का संकल्प भी जताया। उन्होंने युवाओं की सराहना करते हुए उनसे अपना विरोध जारी रखने की अपील की और कहा कि वे उनके साथ खड़े हैं। गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि मौजूदा सरकार और संविधान पर हमला करने वालों को शिकस्त मिले।
15 अक्टूबर से UPI पर लगेगा चार्ज, CTI की मांग- रोल बैक करे सरकार
UPI Payment MDR के विरोध में व्यापारियों के संगठन सीटीआई ने वित्त मंत्री को पत्र लिखा है और उनसे इस चार्ज को टालने की डिमांड की है. CTI चेयरमैन के मुताबिक, इसे लेकर देशभर के व्यापारियों में आक्रोश है.
क्या आपको सिस्टम या नतीजों पर शक है? 124 पूर्व IAS, IPS अधिकारियों ने जारी किया ओपन लेटर
कुल 124 पूर्व IAS, IFS और संबंधित सेवाओं के अधिकारियों ने भारत के नागरिकों को एक खुला पत्र लिखा। इसमें उन्होंने चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) का पुरजोर बचाव किया और बिना ठोस सबूत के वोट में धांधली के आरोपों पर सवाल उठाए। बूथ कैप्चरिंग, बैलेट बॉक्स में फर्जी वोट भरने और चुनावी हिंसा के दौर से भारत के बदलाव का ज़िक्र करते हुए, अधिकारियों ने खुले पत्र में कहा कि आज की चुनावी व्यवस्था में कई स्तरों पर जांच और सुरक्षा उपाय मौजूद हैं, जिनमें पोलिंग एजेंट, EVM सीलिंग, स्ट्रॉन्ग-रूम की सुरक्षा और VVPAT वेरिफिकेशन शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने केटी जकारिया को बनाया White House की नई प्रेस सचिव अधिकारियों का कहना है कि कोई सिस्टम ऐसा नहीं हो सकता जो आपके जीतने पर तो ईमानदार हो और हारने पर धांधली वाला। उन्होंने बिहार के 2025 के विधानसभा चुनावों का उदाहरण दिया, जिनमें दोबारा वोटिंग नहीं हुई और 1951 के बाद सबसे ज़्यादा वोटिंग हुई। अधिकारियों ने कहा, कोई सिस्टम ऐसा नहीं हो सकता जो आपके जीतने पर तो ईमानदार हो और हारने पर धांधली वाला। उन्होंने बताया कि इसी चुनाव आयोग के तहत केंद्र में सत्ताधारी पार्टी कई राज्यों के चुनाव हार चुकी है। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पूर्व अधिकारी आर.डी. कपूर, समीरेंद्र चटर्जी, गोपाल कृष्ण, विवेक भारद्वाज और नवनीत सहगल शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने केटी जकारिया को बनाया White House की नई प्रेस सचिव दिल्ली पुलिस ने 3,000 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली पुलिस ने शनिवार को 3,000 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। ये प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ CJP के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। इन प्रदर्शनकारियों को नई दिल्ली इलाके और दूसरे ज़िलों से हिरासत में लिया गया, जहां पुलिस विरोध स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। इन प्रदर्शनकारियों को कई जगहों से हिरासत में लिया गया, जिनमें रीगल सिनेमा, मिंटो ब्रिज और आकाशवाणी भवन के पास की जगहें शामिल हैं। गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले, पुलिस ने कहा कि एहतियाती उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी के सभी ज़िलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से ज़्यादा लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
'अरे गांधी जी, कहां भाग रहे हैं?' CJP प्रोटेस्ट का वायरल VIDEO
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें गांधी जी का हुलिया बनाए एक शख्स दौड़ता नजर आ रहा है, जबकि उसके पीछे दिल्ली पुलिस के जवान भी भाग रहे हैं.आइये जानते हैं फिर क्या हुआ.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की 10 अक्तूबर की सुबह हिरासत में लिए जाने के बा
कल सुबह जल्दी शुरू होगा कलश स्थापना का मुहूर्त, तुरंत नोट करें टाइमिंग
शारदीय नवरात्र की शुरुआत प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना के साथ होती है. इस बार घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 11 अक्टूबर को सुबह 6:19 बजे से लेकर सुबह 10:12 बजे तक रहेगी. जो लोग इस शुभ घड़ी में घटस्थापना न कर पाएं वो अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:44 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक भी घटस्थापना कर सकते हैं.
CJP प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के कनॉट प्लेस से 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में
दिल्ली के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है. राजधानी में प्रदर्शनकारियों की हलचल तेज होते ही दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, कनॉट प्लेस में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने और बैनर पोस्टर दिखाने की कोशिश कर रहे लोगों को तुरंत डिटेन कर बसों से ले जाया गया है. आने वाले समय में हिरासत में लिए गए लोगों का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है.
भारत IN, पाकिस्तान OUT! वर्ल्ड कप को लेकर हो गई बड़ी भविष्यवाणी
साल 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को लेकर चर्चाओं का माहौल अभी से तेज है. इस बार वर्ल्ड कप के दौरान सेमीफाइनल में नंबर-1 टीम का मुकाबला नंबर-4 से और नंबर-2 टीम का मुकाबला नंबर-3 से होगा. लेकिन ये सवाल सभी के मन में है कि आखिर सेमीफाइनल में कौन सी चार टीमें पहुंचेगी?
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान अरविंद केजरीवाल समेत कई नेता हिरासत में लिए गए
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा बलों के कड़े इंतजाम के बावजूद प्रदर्शनकारी बाहर निकले. हालांकि, पुलिस और सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया. इस दौरान मुंबई से दिल्ली पहुंचे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथियों सौरभ दास और आशुतोष रांका को फ्लाइट उतरते ही प्लेन के भीतर से ही हिरासत में ले लिया गया.
दिल्ली में कथित चुनावी धांधली और SIR के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शनों पर बीजेपी ने इसे जनता की जीत बताया है। रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर हमला करते हुए कहा कि भारत कोई 'बनाना रिपब्लिक' नहीं है।
नोबेल पुरस्कार जीतने से क्यों बढ़ जाता है 'नोबेलाइटिस' होने का खतरा? जानिए इसके लक्षण
नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद कुछ विजेता वास्तविकता से दूर होने लगते हैं. वे अचानक ऐसी बातें कहने लगते हैं, जिनका विज्ञान से कोई लेना-देना नहीं होता. कुछ लोग इस स्थिति को “नोबेलाइटिस” कहते हैं.
होल्कर स्टेडियम में लगेगा रनों का अंबार, टॉस और पिच पर दोनों कप्तानों की नजर
INDvsWI भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार को होने वाले तीसरे टी-20 मैच में दोनों टीमों की नजरें यह मुकाबला जीतकर सीरीज में बढ़त बनाने पर होगी। सीरीज अभी 1-1 से बराबरी पर है, इसलिए दोनों टीमें बढ़त बनाने और 2-1 से आगे निकलने का प्रयास करेंगी, ताकि वे ...
नाना पाटेकर की आख़िर ख़्वाहिश क्या थी? - STORYBOX WITH JAMSHED
नाना पाटेकर ने न कभी कोई एक्टिंग स्कूल जॉइन किया और न ही किसी को एक्टिंग का गुरु बनाया. उन्होंने ज़िंदगी की धूप में तपकर असल ज़िंदगी के एहसास को जी कर सुख और दुख को समझा, उसी के हिसाब से एक्टिंग की. नाना पाटेकर ने हर बार किरदार की बारीकियां अपनी एक्टिंग में उतारकर दुनिया को चौंका दिया. चाहे वो क्रांतिवीर हो, वजूद हो, परिंदा हो, वेलकम हो या अब तक छप्पन - हर बार उन्होंने दर्शकों को अपने काम से चौंका दिया. फ़िल्मों के अलावा नाना पाटेकर असल ज़िंदगी में भी एक बेहतरीन इंसान थे. गांव की ज़िंदगी उन्हें पसंद थी और वो हमेशा उसी माहौल में जीना चाहते थे. आज नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी यादें हैं और कुछ सुने-अनसुने क़िस्से हैं जिन्हें स्टोरीबॉक्स के इस खास एपिसोड में याद कर रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.
संयुक्त आयुक्त से नीचे के अधिकारी नहीं कर सकेंगे माल की जांच, नियमों में हुआ बड़ा बदलाव
जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद माल ढुलाई नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब संयुक्त आयुक्त से नीचे के अधिकारी मालवाहक गाड़ियों की जांच नहीं कर सकेंगे।
'अराजकता फैलाना किसी का अधिकार नहीं', जागरण साहित्य सृजन सम्मान में बोले राजनाथ सिंह
दैनिक जागरण के पूर्व प्रधान संपादक नरेंद्र मोहन की जयंती परबुद्धिनाथ मिश्र को दैनिक जागरण साहित्य सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया है।
124 पूर्व IAS-IFS अधिकारियों के एक समूह ने भारत के चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का बचाव किया है।
प्रदर्शनकारियों से झड़प में महिला पुलिसकर्मी की उंगली टूटी
सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प के बीच महिला और पुरुष पुलिसकर्मी घायल हो गए. एक महिला हेड कॉन्सटेबल की उंगली फ्रैक्चर हो गई तो खींचतान में एक पुरुष पुलिसकर्मी की नेम प्लेट भी फट गई. कई को हल्की चोट आई.
Sajjala Ramakrishna Reddy ने दिए निर्देश, जिला स्तर पर Legal War Room बनाएगी YSRCP
युवाजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के राज्य समन्वयक सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने शनिवार को पार्टी की लीगल सेल से कहा कि वह आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवारों के लिए सुरक्षा कवच के तौर पर काम करे और नामांकन से लेकर वोटों की गिनती तक कानूनी सहायता प्रदान करे। ताडेपल्ली में YSRCP के केंद्रीय कार्यालय में लीगल सेल की बैठक को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए सज्जाला ने कहा कि जिला-स्तर पर लीगल वॉर रूम, निर्वाचन क्षेत्र-स्तर पर टास्क फोर्स और राज्य-स्तर पर समन्वय तंत्र तुरंत स्थापित किए जाने चाहिए। बैठक में YSRCP के महासचिव पोन्नावोलु सुधाकर रेड्डी, लेल्ला अप्पीरेड्डी, चेविरेड्डी भास्कर रेड्डी और पुडी श्रीहरि, लीगल सेल के राज्य अध्यक्ष मालासानी मनोहर रेड्डी, कार्यकारी अध्यक्ष सुदर्शन रेड्डी, राज्य समिति के सदस्य, जिला अध्यक्ष और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के अध्यक्ष शामिल हुए। इसे भी पढ़ें: Jagan Mohan Reddy सरकार के कामों का क्रेडिट ले रहे Chandrababu, YSRCP ने दी बहस की चुनौती सज्जाला ने SIR प्रक्रिया पूरी होने और फ़ाइनल वोटर लिस्ट जारी होने से पहले ही लोकल चुनाव कराने की सरकार की जल्दबाज़ी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, नए योग्य वोटरों को शामिल किए बिना चुनाव कराने से उनके वोट देने के संवैधानिक अधिकार पर असर पड़ेगा। एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, उन्होंने यह भी मांग की कि BC रिज़र्वेशन कमीशन की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और रिज़र्वेशन का प्रतिशत तय करने का आधार भी बताया जाए। उन्होंने कहा कि असली चुनावी लड़ाई नॉमिनेशन के चरण से शुरू होती है। उम्मीदवारों और वैकल्पिक उम्मीदवारों को जाति प्रमाण पत्र, NOC और अन्य दस्तावेज़ पहले से तैयार रखने चाहिए। संवेदनशील इलाकों, नॉमिनेशन सेंटरों, पोलिंग स्टेशनों और स्ट्रॉन्ग रूम की पहचान करके उन पर कड़ी नज़र रखी जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Gorantla Madhav का TDP पर वार, बोले- Tenali मामले में दिखा पुलिसिंग पर राजनीतिक दखल अधिकारियों, पुलिस या किसी और की तरफ़ से होने वाले हर उल्लंघन को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किया जाना चाहिए और कानूनी, मीडिया और चुनाव आयोग की कार्रवाई के लिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए। पोन्नावोलु सुधाकर रेड्डी ने कहा कि लीगल सेल उन पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा रहा है जिन्हें मुकदमों, गिरफ़्तारी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। चेविरेड्डी भास्कर रेड्डी ने कहा कि वकीलों को यह पक्का करना चाहिए कि तकनीकी आधार पर किसी का नॉमिनेशन रद्द न हो और जहाँ भी ज़रूरत हो, तुरंत कानूनी मदद दी जाए।
Delhi में हिरासत में लिए गए CPIM नेताओं ने की पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। वहीं, केरलमम में पार्टी के नेताओं ने भी उन्हें हिरासत में लिए जाने की निंदा की। हिरासत में लिए जाने के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए केरलमम विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी को ‘‘खुली जेल’’ में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार सशस्त्र पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात करके विरोध प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिश कर रही है। माकपा नेता पी राजीव ने भी हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें ले जा रहे पुलिस वाहन से एक वीडियो बनाया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियों के बावजूद भारत में लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘माकपा के सभी केंद्रीय नेताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्हें गिरफ्तार करके जेल जैसी गाड़ी में ले जाया गया है। हम पिछले एक घंटे से इस गाड़ी में हैं।’’इस बीच, माकपा नेता पी ए मोहम्मद रियास ने फेसबुक पर एक पोस्ट में पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे ‘‘अलोकतांत्रिक’’ बताया। बेयपोर से विधायक और विजयन के दामाद रियास ने कहा कि अधिकारियों को यह नहीं मानना चाहिए कि पार्टी नेताओं को गिरफ्तार करके वे विरोध प्रदर्शनों को दबा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना लोकतंत्र का बुनियादी अधिकार है और पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष और तेज करेगी। माकपा के वरिष्ठ नेता वी शिवनकुट्टी ने ‘‘हम लेके रहेंगे’’ नारे वाली एक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की। वहीं, माकपा की केरलमम इकाई ने दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ Delhi में प्रदर्शन, Saurabh Bharadwaj ने उठाए भारी फोर्स पर सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं को अपनी आवाज़ उठाने से रोक रही है। भारद्वाज ने कहा कि देश भर से युवा अपने अधिकारों की मांग करने के लिए दिल्ली में इकट्ठा हुए थे। उन्होंने कहा आज देश के हर कोने से युवा अपने अधिकारों की मांग करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए हैं। अंग्रेज़ों ने भी ऐसा व्यवहार नहीं किया था। जब गांधीजी ने अंग्रेज़ों से अधिकार मांगने के लिए दांडी मार्च किया था, तो उन्हें मार्च करने की अनुमति दी गई थी। अंग्रेज़ों ने भी अपनी आवाज़ उठाने के अधिकार को माना था। फिर भी, मौजूदा सरकार कहती है कि आप अपनी आवाज़ भी नहीं उठा सकते; आप बोल भी नहीं सकते। इसे भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan को थमाई झूठी स्क्रिप्ट, YSRCP ने Proddatur कार्यक्रम पर TDP को घेरा भारद्वाज ने कहा कि अगर आप इस देश में आवाज़ उठाने की इजाज़त नहीं देते हैं, तो असल में आप अराजकता के बीज बो रहे हैं। सरकार ही इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री फ़ोर्स तैनात करके यह स्थिति पैदा कर रही है। क्या पाकिस्तान ने हमला किया है? या बांग्लादेश ने? या चीन ने? उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बारे में सरकार और उसकी एजेंसियों के आरोपों का भी ज़िक्र किया और सवाल उठाया कि इतनी बड़ी सुरक्षा मौजूदगी की ज़रूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा आपकी सरकार, आपके मंत्री और आपकी इंटेलिजेंस एजेंसियां दावा करती थीं कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थक पाकिस्तानी या बांग्लादेशी हैं। खैर, अगर वे सच में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी या विदेशी हैं, तो उनसे इतना डर क्यों है? वे अपने देश में हैं; वे यहाँ नहीं आ सकते। वे देश में कहीं और नहीं जा रहे हैं। भारद्वाज ने कहा कि प्रदर्शनकारी सुबह से ही गिरफ़्तारी दे रहे हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे, साथ ही उन्होंने कहा कि AAP को हिरासत में लिए जाने से डर नहीं लगता। उन्होंने कहा वे सुबह से ही गिरफ़्तारी दे रहे हैं, और मुझे लगता है कि यह दिन भर चलता रहेगा। हमें गिरफ़्तार होने से डर नहीं लगता।
लव, लिव इन, ब्लैकमेलिंग... बालकनी से गिरकर मौत, 'वायरल हसीना' पर बॉयफ्रेंड के कत्ल का आरोप
हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा की तहरीर पर BNS की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, ड्राइवर दानिश, सहयोगी आदिल और अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है.
'आप पर गर्व है' CJP का नाम लिए बिना सपोर्ट में आए राहुल गांधी, BJP को चेतावनी- जो करना है कर लो…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिना नाम लिए कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन दिया है। उन्होंने चेन्नई से एक वीडियो जारी करके कहा कि हिन्दुस्तान के युवाओं हमें आप पर गर्व है। अपना विरोध जारी रखिए। हम आपके साथ हैं।
'अखिलेश अयोध्या से चुनाव लड़ें या माफी मांगें', BJP बोली- अब फंसी सपा
UP Politics: योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने के ऑफर पर बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव को चुनौती दी. जानें बलरामपुर की जनसभा में सीएम योगी ने क्या कहा.
9 या 10 दिन, जानें इस बार कितने दिन के होंगे शारदीय नवरात्र
Shardiya Navratri Dates 2026: नवरात्र कितने दिन का होगा, 9 या 10? जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, अष्टमी-नवमी की तारीख और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का पूरा कैलेंडर.
गोवा के 7 खूबसूरत गांव, अक्टूबर में दोस्तों संग बनाएं घूमने का प्लान
गोवा को अगर आपने अब तक सिर्फ बीच, पार्टी और नाइटलाइफ के लिए जाना है, तो इसका शांत और खूबसूरत रूप भी देखिए. अक्टूबर में दिवर आइलैंड, एल्डोना, लुटोलिम, कुर्डी, चांदोर, रिवोना और क्वेपेम जैसे गांवों में प्रकृति, इतिहास और स्थानीय संस्कृति को जान सकते हैं. गोवा की असली खूबसूरत को अक्सर लोग देखना मिस कर देते हैं, लेकिन आप इन जगहों की सैर कर सकते हैं.
CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग, सुरिंदर चौधरी ने दिल्ली में पाबंदियों पर उठाए सवाल
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉजपा के विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बीच दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों का जिक्र करते हुए शनिवार को सवाल उठाया कि क्या आज के हालात आपातकाल के समय से कम गंभीर हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) नेताओं को हिरासत में लिए जाने को ‘‘गलत’’ बताते हुए उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने और संस्थाओं की आजादी बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कुमार के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की जांच कराने की भी मांग करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘कॉजपा नेताओं को हिरासत में लेना गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए। प्रदर्शन करना उनका अधिकार है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और ये आरोप किसी राजनीतिक दल ने नहीं, बल्कि उनके दो सहयोगियों ने लगाए हैं। इसलिए इस मामले की जांच होनी चाहिए।’’उन्होंने कॉजपा के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने तथा दिल्ली में लोगों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने की कोशिशों से जुड़े सवाल के जवाब में यह बात कही। चौधरी ने राष्ट्रीय राजधानी में लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे कदम लोकतांत्रिक स्वतंत्रता को लेकर चिंता पैदा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज देश में जो कुछ हो रहा है, वह कई मायनों में गलत है। आप (भाजपा) बार-बार आपातकाल की बात करते हैं... क्या आज की स्थिति आपातकाल के समय से कम गंभीर है? जब आपने दिल्ली को पूरी तरह ठप कर दिया है और राजधानी को पंगु बना दिया है, तो इसका क्या मतलब है?’’पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया और मजबूत लोकतंत्र की जरूरत पर जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यदि हम लोकतंत्र को जीवंत और मजबूत बनाए रखना चाहते हैं और अपने मतों की गिनती में पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
खाली पेट मेथी का पानी पीने से कौन सी बीमारी दूर होती है?
अगर आप भी खुद को सेहतमंद और फिट रखना चाहते हैं, तो मेथी के पानी का सुबह खाली पेट जरूर करें सेवन.
फ्लाईदुबई की विमान में हुई घटना की जांच अब एनआईए करेगी। देखा जाये तो दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हुआ जानलेवा हमला अब अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा के साथ-साथ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर जांच का विषय बन गया है। हम आपको बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 30 सितंबर 2026 को हुई इस सनसनीखेज घटना की जांच के लिए 9 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों के मुताबिक, मामला एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA, 1967 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। अब जांच का दायरा इस सवाल तक पहुंचेगा कि यह हमला केवल एक आरोपी की कथित हरकत थी या इसके पीछे कोई व्यापक साजिश भी थी। हम आपको याद दिला दें कि घटना फ्लाइट FZ1073 की है, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान के ओमानी सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन मच्छार पर धारदार उपकरण से हमला किया था। संयुक्त अरब अमीरात के अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी का कथित इरादा विमान को इजराइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त करना था। हालांकि, इस हमले के सभी पहलुओं की जांच जारी है। इसे भी पढ़ें: Flydubai Flight को हाईजैक होने से बचाने वाले भारतीय Captain Smit Machchhar को किया जाएगा इज़राइल के प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड से सम्मानित हम आपको यह भी बता दें कि हमले में गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार को पहले ताबुक में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में बेहतर चिकित्सा के लिए अबू धाबी स्थानांतरित किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 7–8 अक्टूबर को बताया था कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है और वह इलाज पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। भारतीय दूतावास उनके परिवार, चिकित्सकों और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। 10 अक्टूबर तक उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई नई, विस्तृत आधिकारिक चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है। उधर, कैप्टन मच्छार की बहादुरी की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने कैप्टन मच्छार को Presidential Award for Civilian Heroism से सम्मानित किए जाने की घोषणा की है। यह सम्मान विमान में यात्रियों की जान बचाने में उनकी भूमिका के लिए दिया जायेगा। दूसरी ओर, NIA की जांच अब इस घटना को केवल विमान के भीतर हुई हिंसा तक सीमित नहीं रखेगी। विमान के कॉकपिट तक पहुंच, सह-पायलट की पृष्ठभूमि, सुरक्षा जांच की प्रभावशीलता और संभावित वैचारिक या अन्य संपर्कों की पड़ताल अहम होगी। यह भी स्पष्ट करना होगा कि क्या किसी स्तर पर पहले से चेतावनी के संकेत मौजूद थे और क्या उन्हें नजरअंदाज किया गया। देखा जाये तो इस घटना का रणनीतिक महत्व इसलिए भी बड़ा है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में एक व्यक्ति की कार्रवाई कई देशों की सुरक्षा को एक साथ प्रभावित कर सकती है। भारत, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इजराइल के बीच जांच संबंधी सहयोग तथा खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण होगा। NIA की जांच यह समझने में मदद कर सकती है कि विमानन सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए किन उपायों की जरूरत है।
पूजा से पहले ऐसे चमकाएं ताम्बे का कलश, हरी परत हटकर आ जाएगी नई जैसी चमक, तुरंत जान लें तरीका
आज हम आपको ताम्बे का कलश साफ करने का आसान तरीका बताने जा रहे हैं. इससे कलश पर नई जैसी चमक आ जाएगी. साथ ही इसके लिए आपको किसी तरह की महंगी चीजों की जरूरत नहीं होगी.
CEC के खिलाफ Jantar Mantar पर प्रदर्शन की कोशिश, 3000 लोग दिल्ली पुलिस की हिरासत में
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 3000 प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को हिरासत में ले लिया। सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को नयी दिल्ली इलाके और अन्य जिलों से हिरासत में लिया गया। पुलिस प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। प्रदर्शनकारियों को रीगल सिनेमा के पास, मिंटो ब्रिज और आकाशवाणी भवन के पास सहित कई स्थानों से हिरासत में लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जंतर मंतर पर कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले एहतियाती उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी के सभी जिलों से आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति न पैदा करें। सूत्रों के अनुसार, पुलिस कुछ ऐसे लोगों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रख रही है, जो प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को जुटा सकते हैं या उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा उपायों के तहत ऐसे लोगों के घरों के बाहर निगरानी भी बढ़ा दी गई है। विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश श्रीवास्तव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने आज सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं और पड़ोसी राज्यों से सटे इलाकों में पड़ोसी पुलिस बलों के समन्वय से ‘पिकेट’ स्थापित किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी स्तर पर तैनात किया गया है। इसके साथ ही हमें नागरिकों का सहयोग मिल रहा है और अमन कमेटी जैसी हमारी ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ टीम काम कर रही हैं।’’उन्होंने बताया कि पुलिस ने नागरिकों से इस प्रदर्शन में हिस्सा न लेने की अपील की है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है, क्योंकि हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ऐसे किसी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।’’किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी भर में, विशेषकर जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मार्गों और अन्य संवेदनशील इलाकों में रणनीतिक स्थानों पर पुलिसबल को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कड़ी निगरानी रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने के संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने कहा कि नयी दिल्ली क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू है और लोगों से पाबंदियों का पालन करने की अपील की गई है। कॉजपा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने और नए मतदाता के पंजीकरण के वास्ते इस्तेमाल होने वाले ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लगा रही है। इस मुद्दे को लेकर कॉजपा ने विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।
IPS आदित्य कुमार सिंह ने भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया है. गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति ने महाराष्ट्र कैडर के 2023 बैच के आईपीएस आदित्य कुमार सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. उनका कैडर पिछले वर्ष ओडिशा से महाराष्ट्र स्थानांतरित किया गया था.
ओडिशा के नबरंगपुर जिले में एक बच्चे की मौत के बाद शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया। यहां अस्पताल की तरफ से शव वाहन की व्यवस्था नहीं की गई। इसके बाद परिजनों को राशन कार्ड गिरवी रखकर पैसे मिले और फिर उससे खुद शव वाहन की व्यवस्था की।
शरजील इमाम की अंतरिम जमानत रद्द, कोर्ट की शर्तों का किया था उल्लंघन
शरजील इमाम की 7 दिन की अंतरिम जमानत रद्द हो गई है. कोर्ट ने भाई के इंटरव्यू के दौरान कमरे में उनकी मौजूदगी को जमानत की शर्तों का उल्लंघन माना.
चेन्नई में राहुल गांधी और विजय की कैफे कूटनीति, कैपेचीनो-तिरामिसू पर हुई सियासी चर्चा
राहुल गांधी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई में मुलाकात की, जहां उन्होंने अनौपचारिक माहौल में राजनीतिक चर्चा की।
थलपति विजय से मिले राहुल गांधी, कैफे जाकर पी कॉफी, कुकीज भी खाईं
राहुल गांधी करीब एक घंटे तक विजय के साथ रहे और उन्होंने कई पॉलिटिकल मुद्दों पर बात की। बाद में, वे पास के एक कैफे में गए और खबर है कि उन्होंने कॉफी ड्रिंक (कैपिचीनो), तिरामिसू पी और कुकीज खाए।
नवरात्रि की गरबा नाइट्स में कुछ गानों का क्रेज सालों बाद भी कम नहीं हुआ है. मलाइका अरोड़ा और अरबाज खान पर फिल्माया गया 27 साल पुराना यह गीत आज भी अपनी जोशीली धुन और शुभा मुद्गल की दमदार आवाज से लोगों को थिरकने पर मजबूर कर देता है.
मुंबई में 400 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए, एक्टर इमरान खान भी डिटेन
चीफ़ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई में हुए प्रदर्शनों के दौरान 400 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें एक्टर इमरान ख़ान भी शामिल थे। पुलिस ने बिना इजाज़त जमा होने से रोकने के लिए अगस्त क्रांति मैदान और शहर की दूसरी जगहों पर लोगों को हिरासत में लिया। इससे पहले दिन में, उसी जगह से कम से कम 200 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें एक्टिविस्ट तुषार गांधी के संगठन 'हम भारत के लोग' के सदस्य और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) के समर्थक शामिल थे। ये प्रदर्शनकारी राजधानी दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के समर्थन में एकजुटता दिखाने के लिए बिना इजाज़त जमा हुए थे। इसे भी पढ़ें: रिहा नहीं किया गया तो... नेताओं की गिरफ्तारी को देख अब सोनम वांगचुक ने दी चेतावनी राहुल ने भारत के युवाओं का समर्थन किया कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS पर संविधान पर हमला करने का आरोप लगाया और कहा कि धीरे-धीरे उनके लिए गुंजाइश कम होती जा रही है। दिल्ली में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए, उन्होंने युवाओं से अपना विरोध जारी रखने को कहा और भरोसा दिलाया कि संविधान की रक्षा और लोगों की आवाज़ बुलंद करने में कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी। राहुल ने एक्स पर पोस्ट किया हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे। हम भारत के लोगों की आवाज़ की रक्षा करेंगे। और हम यह पक्का करेंगे कि पिछले 10-15 सालों में भारत के साथ जो हुआ, वह दोबारा कभी न हो। भारत के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है। विरोध जारी रखें। हम आपके साथ खड़े हैं। इसे भी पढ़ें: CJP के बाद अब INDIA गठबंधन की बारी, दिल्ली में 12 अक्टूबर को बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान सोनम वांगचुक ने अनशन की दी चेतावनी क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी है कि अगर दिल्ली में CJP विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए नेताओं को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वे भूख हड़ताल या पदयात्रा कर सकते हैं। भारत में हालात को अघोषित इमरजेंसी बताते हुए वांगचुक ने कहा कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन से पहले एकता और शांति की अपील की थी, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इस आंदोलन से जुड़े नेताओं को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर वे हिरासत में ही रहे, तो उन्हें अनशन (भूख हड़ताल) या पदयात्रा करने पर विचार करना पड़ सकता है।
CJP प्रोटेस्ट: दिल्ली की सड़कों से उठाए जा रहे 'कॉकरोच' कहां ले जाए जा रहे, सामने आया VIDEO
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में डिटेन किया है। इन डिटेन कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ले जाकर छत्रसाल स्टेडियम में बंद कर रही है, जिससे यह मैदान एक अस्थायी कंटेनमेंट जोन में बदल गया है।
'मैं तैयार, आप भी अयोध्या से लड़िए चुनाव', सीएम योगी को अखिलेश यादव का चैलेंज स्वीकार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर में विकास परियोजनाओं के बहाने विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि वह भी वहां से चुनाव लड़कर अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश के इस क्षेत्र में पहचान का संकट, तस्करी और अपराधियों की अराजकता थी, जबकि अब विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।
Delhi Riots मामले में पूर्व आप पार्षद Tahir Hussain दंगा भड़काने के दोषी करार
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर इलाके के एक मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने के लिए उकसाने का शनिवार को दोषी ठहराया, जबकि 12 अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने हुसैन को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (दंगा करने के लिए सजा) के साथ धारा 109 (उकसाना) के तहत दोषी ठहराया। हालांकि, अदालत ने उसे अन्य आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने हुसैन की सजा पर दलीलें सुनने के लिए मामले की सुनवाई 16 नवंबर को तय की है। विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है। इस मामले में कुल 13 आरोपी थे। इनमें हुसैन के अलावा मोहम्मद शादाब, शाह आलम, रियासत अली, गुलफाम, राशिद, मोहम्मद रिहान, मोहम्मद आबिद, अरशद कय्यूम, इरशाद अहमद, दीपक सिंह सैनी, नवनीत और महक सिंह शामिल थे। इन सभी पर दंगा करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आग से नुकसान पहुंचाने और आपराधिक साजिश रचने समेत कई अपराधों के आरोप लगाए गए थे। अदालत ने हुसैन के 12 सह-आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया, जबकि पूर्व पार्षद को दो आरोपों में दोषी ठहराया और बाकी आरोपों से बरी कर दिया। जुलाई में दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े एक मामले में हुसैन और चार अन्य लोगों को दोषी ठहराया था। यह मामला अंकित शर्मा के पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस थाने में दर्ज एक प्राथमिकी से संबंधित है। इस मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने हुसैन को निलंबित कर दिया था। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे और संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा था।
रात का खाना छोड़ने से वजन तेजी से घटता है? एक्सपर्ट से जानिए वजन घटाने का सही तरीका
कई लोगों को लगता है कि वह रात में या फिर खाना-पीने छोड़ देंगे तो वजन कम हो जाएगा. यहां जानिए क्या रात का खाना छोड़ने से वजन कम होता है?
'सिविल सेवा की तर्ज पर हो NEET-UG की परीक्षा', संसदीय समिति ने दिया सुझाव
संसदीय समिति ने नीट पेपर लीक के बाद एनटीए को नीट-यूजी परीक्षा को सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज पर दो चरणों में कराने का सुझाव दिया है।
124 पूर्व IAS, IFS और संबद्ध सेवाओं के अधिकारियों ने खुले पत्र के जरिए चुनाव आयोग और SIR का समर्थन किया है. उन्होंने वोट धांधली के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि मतदाता सूची की सफाई तथा चुनावी पारदर्शिता के लिए SIR जैसी प्रक्रिया आवश्यक है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने एक मानवीय कदम उठाते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को महाराष्ट्र में उनकी दादी के निधन की दुखद सूचना दी और उन्हें उनके गृहनगर जाने के लिए हरसंभव मदद की पेशकश की है। शनिवार को दिल्ली पुलिस की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी गई। दीपके के परिवार के मुताबिक, महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संटुक पिंपरी गांव में सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का लंबी बीमारी के बाद शनिवार पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे निधन हो गया। वह 85 वर्ष की थीं। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह 10 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए मुंबई से दिल्ली पहुंचने पर, दीपके को कॉजपा नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ दिल्ली पुलिस ने हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से विरोध प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया गया। दिन में, अभिजीत दीपके की दादी के निधन की दुखद खबर मिली।’’ बयान के अनुसार, ‘‘उन्हें पूरी संवेदनशीलता के साथ तुरंत जानकारी दी गई और (उनकी दादी के) अंतिम संस्कार के समय के बारे में बताया गया। मानवीय आधार पर, उन्हें अपने गृहनगर जाने के लिए हरसंभव मदद की पेशकश भी की गई।’’ कॉजपा ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में विमान के उतरने के तुरंत बाद तीनों नेताओं को उसके अंदर ही हिरासत में ले लिया गया। दीपके के एक चचेरे भाई ने बताया कि परिवार शुरुआत में उनसे संपर्क नहीं कर पाया क्योंकि उन्हें दिल्ली में हिरासत में ले लिया गया था। उन्होंने बताया कि दीपके के माता-पिता को इसकी जानकारी दे दी गई है और वे गांव के लिए निकल चुके हैं। परिवार के सूत्रों के मुताबिक, दीपके अपनी दादी से 15 अगस्त को मिले थे, जब उन्होंने हिंगोली जिले में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की थी, और उसके बाद वह उनसे एक बार और मिले थे। उन्होंने बताया कि पिछले 20-25 दिन से वह उनसे नहीं मिल पाए थे। इस बीच, शनिवार को पुलिस ने लगभग 3,000 लोगों को हिरासत में ले लिया, क्योंकि प्रदर्शनकारी नयी दिल्ली जिले में भारी संख्या में सुरक्षाबलों तैनाती के बावजूद जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। प्रदर्शन का आह्वान सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए किया गया, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी और इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी।
सीजेपी के आज के प्रदर्शन के बाद भी दिल्ली में शांति नहीं आने वाली है. सूत्रों का कहना है कि इंडिया गठबंधन सोमवार को दिल्ली में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगा. ममता बनर्जी ने भी अब दिल्ली में ही रुकने का फैसला किया है. ऐसे में दिल्ली में अब लगातार विरोध प्रदर्शन होने की गुंजाइश दिख रही है.
भूकंप से दहल उठा पनामा, कई इमारतें तबाह, देखें दुनिया आजतक
शुक्रवार को 7.7 तीव्रता वाले भूकंप से दक्षिणी पनामा दहल उठा...भूकंप में कई इमारतें तबाह हो गईं और हजारों लोग सड़कों पर आ गए.. हालांकि गनीमत रही की भीषण भूकंप के बावजूद पनामा में बड़े पैमाने पर ना तो तबाही और ना ही मौत की खबर है...यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक भूकंप का केंद्र 12.6 किलोमीटर गहराई में था...भूकंप का केंद्र पनामा की राजधानी से 200 किलोमीटर दूर कम आबादी वाले इलाके में था और वहां कुछ लोगों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है.
IPL 2027 से पहले CSK का बड़ा फैसला, एक और धुरंधर हुआ टीम से बाहर
माइक हसी को स्टीफन फ्लेमिंग के हेड कोच वाली कोचिंग स्टाफ का मजबूत स्तंभ समझा जाता था. लेकिन फ्लेमिंग के जाने के बाद अब इस दिग्गज की नौकरी भी चली गई है. अगले सीजन चेन्नई की टीम आईपीएल में बिल्कुल अगल और नए अंदाज के साथ नजर आने वाली है.
सोनम वांगचुक ने दी फिर अनशन की चेतावनी, बोले- CJP के लोग कल तक रिहा नहीं हुए तो मेरा अनशन
सोनम वांगचुक अब तक इस बार के प्रदर्शन से खुद को दूर रख रहे थे. लेकिन शनिवार शाम को उनके तेवर बदले नजर आए.
Delhi Riots Case में पूर्व AAP पार्षद Tahir Hussain दोषी, कोर्ट ने 12 आरोपियों को बरी किया
दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को 2020 के दंगों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में आगजनी से जुड़े एक मामले में दंगे भड़काने का दोषी ठहराया। कोर्ट ने 12 अन्य सह-आरोपियों को बाकी सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह आदेश कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने दिया। LiveLaw के अनुसार, FIR भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 147, 148 और 149 (दंगा), 427 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली शरारत), 436 (आग से शरारत) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज की गई थी। यह ताहिर हुसैन की दूसरी सज़ा है। इससे पहले उन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था, जिनकी 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान हत्या कर दी गई थी। उस मामले में हुसैन को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी। इसे भी पढ़ें: India Laser experiment: भारत ने लेजर से भेजा संदेश, देश को मिला बहुत बड़ा सीक्रेट अदालत ने माना कि भले ही अपराध बहुत क्रूर था और पीड़ित की हत्या एक हिंसक भीड़ ने की थी, लेकिन अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि दोषी सुधर नहीं सकते या सज़ा पूरी होने के बाद उनकी रिहाई से समाज को कोई खतरा होगा। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मधुकर पांडे ने दलील दी कि शर्मा का अपहरण किया गया और बेरहमी से पीटा गया, जिससे उन्हें 51 चोटें आईं; इनमें से 18 चोटें धारदार हथियारों से पहुंचाई गई थीं। उन्होंने कहा कि अंकित शर्मा का अपहरण किया गया और उन्हें बेदर्दी से पीटा गया। पीड़ित को कुल 51 चोटें आईं और इनमें से 18 चोटें धारदार हथियारों से लगी थीं। यह ऐसा मामला नहीं है जहां किसी को एक या तीन बार चाकू मारा गया हो। उन्होंने आगे कहा कि आरोपी ने शर्मा की मौत के बाद भी उन पर हमला जारी रखा। इसे भी पढ़ें: AAP का केंद्र पर हमला, जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले हिरासत पर लगाया काला आपातकाल का आरोप प्रॉसिक्यूटर ने आगे कहा आरोपी इंसान नहीं, जानवर थे। उन्हें मरे हुए व्यक्ति के प्रति कोई सम्मान नहीं था, इसलिए उन्हें जेल में रखा जाना चाहिए और मौत की सज़ा दी जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों को डिटेन करने पर भड़के बॉलीवुड सेलेब्स, बोला हमला
नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के कारण भारी पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा तैनाती की गई, प्रदर्शनकारी वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
कार, बाइक या किसी भी व्यावसायिक वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में आपका चालू मोबाइल नंबर दर्ज होना आज के दौर में बेहद जरूरी हो चुका है। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कटने वाले ई-चालान (e-Challan) के एसएमएस, गाड़ी की फिटनेस, इंश्योरेंस रिन्यूअल, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट की एक्सपायरी डेट और नेशनल परमिट से जुड़े तमाम अलर्ट सीधे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ही भेजे जाते हैं। यदि आपका पुराना नंबर बंद हो चुका है या आपने नया नंबर ले लिया है और वह आरसी में लिंक नहीं है, तो समय पर चालान की सूचना न मिलने से मामला सीधे वर्चुअल कोर्ट या लोक अदालत तक पहुंच सकता है। कई लोग यह मानते हैं कि आरसी में मोबाइल नंबर बदलवाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ेगा या दलालों को पैसे देने होंगे, लेकिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और फेसलेस कर दिया है।आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट होना क्यों है बेहद अनिवार्य?डिजिटल ट्रांसपोर्ट व्यवस्था के तहत परिवहन विभाग का पूरा सिस्टम अब वाहन के मालिक के रजिस्टर्ड फोन नंबर से जुड़ा हुआ है। यदि आरसी में आपका वर्तमान मोबाइल नंबर दर्ज नहीं है, तो आपको निम्नलिखित गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:बिना जानकारी के भारी चालान: चौराहों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों से कटने वाले चालानों का मैसेज तुरंत नहीं मिलेगा, जिससे समय सीमा बीतने पर चालान कोर्ट में ट्रांसफर हो सकता है।गाड़ी बेचने या ट्रांसफर में रुकावट: वाहन बेचते समय एनओसी (NOC) लेने या ओनरशिप ट्रांसफर (Transfer of Ownership) के लिए आधार आधारित ओटीपी उसी नंबर पर जाता है जो आरसी में दर्ज होता है।दस्तावेजों का नवीनीकरण: इंश्योरेंस और पीयूसी की वैधता समाप्त होने की अग्रिम चेतावनी नहीं मिल पाएगी, जिससे वाहन चेकिंग के दौरान भारी जुर्माना लग सकता है।चोरी या अनधिकृत गतिविधि पर अलर्ट: किसी भी डुप्लीकेट आरसी के आवेदन या डेटा बदलाव की स्थिति में मालिक को सुरक्षा अलर्ट नहीं मिल सकेगा।जरूरी दस्तावेज: प्रक्रिया शुरू करने से पहले क्या-क्या चाहिए?ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपको किसी भी कागजी दस्तावेज को स्कैन करके अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होती, केवल अपने वाहन की आरसी की मूल कॉपी अपने पास रखें जिसमें ये विवरण मौजूद हों:वाहन की रजिस्ट्रेशन संख्या (Vehicle Registration Number)चेसिस नंबर (Chassis Number) के अंतिम 5 अंक या पूरा नंबरइंजन नंबर (Engine Number) के अंतिम 5 अंकआरसी की रजिस्ट्रेशन तारीख और फिटनेस वैधता (कुछ राज्यों के लिए आवश्यक)नया सक्रिय मोबाइल नंबर (जिस पर ओटीपी आ सके)वाहन मालिक का पहचान प्रमाण पत्रपरिवहन सेवा पोर्टल पर स्टेप-बाय-स्टेप मोबाइल नंबर बदलने का तरीकासड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल parivahan.gov.in के माध्यम से आप केवल 5 मिनट में अपना नंबर अपडेट कर सकते हैं:आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने फोन या कंप्यूटर ब्राउज़र में परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट parivahan.gov.in खोलें।ऑनलाइन सर्विसेज चुनें: मुख्य पेज पर नेविगेशन मेन्यू में दिए गए 'Online Services' टैब पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन लिस्ट में से 'Vehicle Related Services' का विकल्प चुनें।राज्य का चयन करें: अगले पेज पर अपने राज्य (जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र आदि) का नाम चुनें।वाहन संख्या दर्ज करें: अब अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और संबंधित आरटीओ का चयन करके 'Proceed' बटन पर क्लिक करें।मोबाइल नंबर अपडेट सर्विस पर क्लिक करें: स्क्रीन पर उपलब्ध सेवाओं की सूची दिखेगी। यहां 'Services' मेन्यू के अंतर्गत 'Additional Services' या सीधे डैशबोर्ड पर दिखने वाले 'Update Mobile Number' वाले विकल्प पर क्लिक करें।वाहन विवरण का सत्यापन: अब स्क्रीन पर एक फॉर्म खुलेगा जिसमें आपको अपना वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर, पूरा चेसिस नंबर (Full Chassis Number), इंजन नंबर और रजिस्ट्रेशन व फिटनेस की तारीख दर्ज करनी होगी। इसके बाद 'Show Details' पर क्लिक करें।मालिक की जानकारी का मिलान: स्क्रीन पर वाहन मालिक का नाम, पिता का नाम और वर्तमान में दर्ज पुराना मोबाइल नंबर प्रदर्शित होगा।नया मोबाइल नंबर दर्ज करें: 'Mobile Number' के बॉक्स में अपना नया 10 अंकों का फोन नंबर टाइप करें और 'Generate OTP' पर क्लिक करें।ओटीपी से पुष्टि करें: आपके नए मोबाइल नंबर पर प्राप्त 6 अंकों का ओटीपी दर्ज करें और 'Save Details' या 'Update' पर क्लिक करें।जैसे ही आप सबमिट करेंगे, स्क्रीन पर 'Mobile Number has been updated successfully' का संदेश आ जाएगा और परिवहन विभाग के डेटाबेस में आपका नया नंबर तुरंत प्रभावी हो जाएगा।mParivahan मोबाइल ऐप के जरिए भी संभव है यह प्रक्रियायदि आप कंप्यूटर के बजाय स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो केंद्र सरकार के आधिकारिक mParivahan (NextGen mParivahan) ऐप के जरिए भी यह काम आसानी से कर सकते हैं। ऐप में लॉगिन करने के बाद 'Vehicle Services' सेक्शन में जाएं, अपने वाहन को 'Virtual RC' के रूप में जोड़ें और प्रोफाइल सेटिंग्स या व्हीकल डिटेल्स में जाकर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट करने के विकल्प को चुनें। वहां भी चेसिस और इंजन नंबर के सत्यापन के बाद ओटीपी दर्ज कर नया नंबर लिंक किया जा सकता है।किन बातों का रखें विशेष ध्यान?आधार लिंकिंग की सुविधा: कई राज्यों (जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश आदि) में यह सेवा पूरी तरह आधार बेस्ड ई-केवाईसी (Aadhaar based e-KYC) से जुड़ी है। ऐसे में सुनिश्चित करें कि आपका नया मोबाइल नंबर आपके पहचान प्रमाण पत्र से भी सही तरीके से जुड़ा हो ताकि भविष्य में ऑनलाइन सेवाओं में कोई रुकावट न आए।फर्जी वेबसाइटों से रहें सावधान: इंटरनेट पर कई निजी पोर्टल और दलाल परिवहन सेवा जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं। ध्यान रहे कि सरकारी पोर्टल पर यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है और इसके लिए हमेशा केवल .gov.in डोमेन वाली आधिकारिक साइट का ही उपयोग करें।
अखिलेश के चैलेंज पर योगी का पलटवार, बोले- अयोध्या आइए, मैं भी वहीं से किस्मत आजमाऊंगा
अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब देते हुए कहा कि अखिलेश भी अयोध्या से नामांकन दाखिल करें, वह भी वहीं से अपनी किस्मत आजमाएंगे.
नागपुर में Rahul Gandhi पर BJP का हमला, कांग्रेस ने बताया जनता की आवाज
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नागपुर इकाई ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘‘मानसिक विकार’’ से पीड़ित हैं और देश में ‘‘अराजकता’’ फैला रहे हैं। इस पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आम लोगों की आवाज बन गए हैं। भाजपा की नगर इकाई के अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी के नेतृत्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सदस्यों ने शुक्रवार को नागपुर शहर के वैरायटी चौक पर पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का प्रतीकात्मक ‘पिंडदान’ और ‘तर्पण’ किया। पिंडदान और तर्पण हिंदू धर्म में दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए किए जाने वाले धार्मिक अनुष्ठान हैं। इसके बाद तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सनातन धर्म में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक विकार से पीड़ित है तो इसके कई कारणों में से एक ‘पितृ दोष’ भी हो सकता है। राहुल गांधी देश और विदेश में जिस तरह व्यवहार कर रहे हैं, उससे लगता है कि वह मानसिक विकार से पीड़ित हैं और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।’’उन्होंने कहा कि इसी वजह से भाजयुमो ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की तस्वीरें रखकर ‘पितृ शांति’ के लिए अनुष्ठान किया। तिवारी ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि ‘पितृ दोष’ दूर होने से राहुल गांधी को सद्बुद्धि मिलेगी और हमें उम्मीद है कि वह देश के लिए अधिक सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।’’भाजयुमो की नगर इकाई के अध्यक्ष सचिन करारे ने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि उनके परिवार की तीन पीढ़ियों के सदस्य प्रधानमंत्री रह चुके हैं, लेकिन वह बड़ों का सम्मान करना नहीं जानते। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) उनसे उम्र में बड़े हैं और गांधी को देखना चाहिए कि प्रधानमंत्री ने देश के लिए क्या किया है लेकिन गांधी अराजकता फैला रहे हैं और उनका दिमाग खाली हो गया है। इसी कारण भाजयुमो ने उनके पूर्वजों का ‘श्राद्ध’ किया और उनकी सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की।’’इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की नागपुर नगर इकाई के अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे ने शनिवार को कहा कि संविधान ने आम आदमी को सवाल पूछने का अधिकार दिया है और राहुल गांधी उसी अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता का काम क्या है? संसद के भीतर और बाहर आम लोगों की आवाज उठाना और सवाल पूछना लेकिन जब भी वह (गांधी) सवाल पूछते हैं, भाजपा डर जाती है।’’गुडधे ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि उससे सवाल पूछे जाएं और वह चाहती है कि लोग उसकी पुरानी एवं ‘‘मनुवादी’’ सोच को स्वीकार कर लें। उन्होंने कहा, ‘‘वे धर्म की ताकत चाहते हैं लेकिन संविधान ने धर्म के शासन को खारिज करके जनता का शासन स्थापित किया है। अब जब वे सत्ता में हैं तो उनकी पूरी सोच से जाहिर होता है कि वे पुरानी व्यवस्था को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं... यह उनकी गंदी सोच है और उनकी मनुवादी मानसिकता का हिस्सा है। हम उन्हें ज्यादा महत्व नहीं देते।’’कांग्रेस नेता एवं पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी और इंदिरा गांधी ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस तरह के अनुष्ठान करके भाजपा अपने पापों को उजागर कर रही है।’’कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई के बारे में पटोले ने कहा, ‘‘मोदी सरकार डरी हुई है। पिछले पांच दिन उसने राहुल गांधी के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की। इसके लिए हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।’’उन्होंने कहा कि दिल्ली में मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भाजपा के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू होंगे। पटोले ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि सरकार ‘वोट चोरी’ के जरिए बनी है। इस सरकार को अंग्रेजों से भी ज्यादा क्रूर कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी।
रिहा नहीं किया गया तो... नेताओं की गिरफ्तारी को देख अब सोनम वांगचुक ने दी चेतावनी
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आज जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में लगभग 3000 लोगों को हिरासत में लिया गया है। शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में हिरासत में लिए गए लोगों में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, TMC की ममता बनर्जी और AISA की नेहा बोरा शामिल हैं। जंतर-मंतर के आसपास पत्रकारों को भी हिरासत में लिए जाने की खबरें मिली हैं। सोशल मीडिया पर आए पोस्ट और वीडियो में हिरासत में लिए गए पत्रकार बसों से अपने प्रेस कार्ड दिखाते हुए नज़र आए। CEC ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद CJP के अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद, पुलिस की बड़ी कार्रवाई में ममता बनर्जी, AAP के अरविंद केजरीवाल और AISA की नेहा बोरा समेत कई और नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है। इसे भी पढ़ें: CJP के बाद अब INDIA गठबंधन की बारी, दिल्ली में 12 अक्टूबर को बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी है कि अगर दिल्ली में CJP विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए नेताओं को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वे भूख हड़ताल या पदयात्रा कर सकते हैं। भारत में हालात को अघोषित इमरजेंसी बताते हुए वांगचुक ने कहा कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन से पहले एकता और शांति की अपील की थी, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इस आंदोलन से जुड़े नेताओं को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर वे हिरासत में ही रहे, तो उन्हें अनशन (भूख हड़ताल) या पदयात्रा करने पर विचार करना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: अराजकता से नहीं Parliament से चलेगा देश, दिल्ली में CJP प्रदर्शन पर भड़की BJP AAP का आरोप- दिल्ली पुलिस केजरीवाल और अन्य लोगों को बस में आधे घंटे तक घुमा रही है आम आदमी पार्टी के मीडिया इंचार्ज अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं को आधे घंटे तक बस में घुमाया जा रहा था। ढांडा ने एक्स पर लिखा, पिछले डेढ़ घंटे से दिल्ली पुलिस केजरीवाल जी और हम सभी को बस में घुमा रही है। क्या उन्हें यह भी नहीं पता कि कहाँ जाना है, या वे केजरीवाल जी को दिल्ली के किसी भी पुलिस स्टेशन ले जाने से डर रहे हैं? शनिवार दोपहर 'दिल्ली चलो' संदेश के बाद केजरीवाल को हिरासत में ले लिया गया था।
आलू का रस स्किन को ठंडक, ताजगी और मुलायम फील करवाता है. आलू में मौजूद स्टार्च स्किन पर लाइट लेयर बनाता है, जिससे कुछ समय के लिए स्किन की ड्राईनेस कम हो जाती है. आइए जानते हैं लगाने का सही तरीका...
ड्रोन हमले का शिकार हुआ तेल टैंकर, जहाज में मौजूद सभी भारतीय सुरक्षित
शारजाह एंकरेज के पास कच्चे तेल ले जा रहे एक टैंकर पर ड्रोन हमला होने की गंभीर घटना सामने आई है. यह हमला 9 अक्टूबर को हुआ था, जिससे समुद्री रास्ते पर जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. राहत की बात यह है कि इस तेल टैंकर जहाज पर मौजूद सभी 22 भारतीय चालक दल के सदस्य पूरी तरह से सुरक्षित हैं. हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्यों को ध्यान में रखते हुए जहाज की स्थिति का जायजा लिया गया.
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री को सफेद चीजों का भोग चढ़ाया जाता है. आप गाय के दूध से बनी खीर चढ़ा सकते हैं.
कस्टडी में रहेंगे या जाएंगे घर अभिजीत दिपके? दादी के निधन पर पुलिस बोली
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में निधन हो गया. दिल्ली पुलिस ने उन्हें इसकी जानकारी दी और मानवीय आधार पर उनके गृह नगर जाने में मदद की पेशकश की.
Lucknow के अदिति अपार्टमेंट में 1 BHK फ्लैट के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू; जानें आवेदन की पूरी डिटेल्स
यूपी की राजधानी लखनऊ में अपना आशियाना खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत अदिति अपार्टमेंट में 1 BHK फ्लैट के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुकी है. जानिए ऑनलाइन आवेदन करने का तरीका.
यूट्यूबर संजय यदुवंशी पर शिकंजा, डॉ. आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने का आरोप
डिजिटल मीडिया पर सामने आई बड़ी खबर के अनुसार यूट्यूबर संजय यदुवंशी पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है. उन पर आरोप है कि एक शक्ति प्रदर्शन के दौरान उनके और उनके समर्थकों द्वारा भारी अराजकता फैलाई गई. इस प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया गया. इसके साथ ही संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के चित्र को फाड़ने का भी बेहद संवेदनशील और गंभीर आरोप लगा है.
सनातन धर्म में शक्ति साधना का महापर्व नवरात्रि आत्म-शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा के संचार और मां भगवती के नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना का सबसे पावन उत्सव माना जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाली शारदीय नवरात्रि में सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य अनुष्ठान घटस्थापना (कलश स्थापना) होता है। शास्त्रों में कलश को ब्रह्मांड का प्रतीक और समस्त देवी-देवताओं, तीर्थों तथा वेदों का निवास स्थान माना गया है। प्रतिपदा तिथि पर विधिपूर्वक स्थापित किया गया कलश पूरे नौ दिनों तक घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचरण करता है और परिवार को सुख, शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद देता है। यदि आप इस वर्ष अपने घर में पहली बार कलश स्थापना करने जा रहे हैं, तो किसी भी प्रकार की शंका या घबराहट की जरूरत नहीं है। शास्त्रों में गृहस्थों के लिए अत्यंत सरल, प्रामाणिक और भावपूर्ण पूजन का विधान बताया गया है।कलश स्थापना के लिए संपूर्ण पूजन सामग्री की सूचीपहली बार पूजन करने वाले भक्तों को एक दिन पहले ही सभी आवश्यक सामग्री एकत्र कर लेनी चाहिए, ताकि शुभ मुहूर्त के समय किसी व्यवधान का सामना न करना पड़े:कलश और आधार: मिट्टी, तांबे या पीतल का एक नया कलश (लोहे, स्टील या एल्युमिनियम के बर्तन का प्रयोग वर्जित है), मिट्टी का एक चौड़ा पात्र (सकोरा) जिसमें जौ बोई जाएगी, साफ और छानी हुई उपजाऊ मिट्टी।जौ और जल: साफ साबुत जौ (जवारे), गंगाजल और शुद्ध ताजा जल।पल्लव और नारियल: आम या अशोक के 5 या 7 पत्ते, एक जटा वाला सूखा नारियल (पानी वाला), लाल नया कपड़ा या चुन्नी, कलावा (मौली)।कलश के अंदर डालने की सामग्री: 1 सुपारी, 1 हल्दी की गांठ, 1 चांदी का सिक्का या सामान्य सिक्का, थोड़ा सा अक्षत (बिना टूटा चावल), रोली, इत्र की कुछ बूंदें और दुर्वा (दूब घास)।माता की चौकी और श्रृंगार: लकड़ी की चौकी (पाटा), लाल या पीला नया सूती वस्त्र, मां दुर्गा की सुंदर तस्वीर या प्रतिमा, 16 श्रृंगार का सामान।धूप, दीप और नैवेद्य: गाय के शुद्ध घी का दीपक, धूपबत्ती, कपूर, लौंग का जोड़ा, बताशे या पेड़े, फल, पंचामृत और पान के पत्ते।चौकी तैयार करना और शुभ दिशा का चयन: वास्तु सम्मत नियमघर में पूजा स्थल का चयन सबसे पहले ध्यान देने योग्य बात है। वास्तु शास्त्र और धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि में मां भगवती की चौकी हमेशा घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) या फिर पूर्व दिशा में स्थापित करनी चाहिए।पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर पवित्र करें। इसके बाद लकड़ी की एक साफ चौकी रखें और उस पर नया लाल वस्त्र बिछाएं। चौकी के ऊपर अक्षत से अष्टदल कमल बनाएं या मां दुर्गा की प्रतिमा/तस्वीर स्थापित करें। मां की दाईं ओर (यानी आपके बैठते समय बाईं ओर) कलश स्थापना का स्थान और बाईं ओर अखंड ज्योति या सामान्य पूजा दीप का स्थान निर्धारित किया जाता है।मिट्टी के पात्र में जौ बोने की सही विधिघटस्थापना का पहला चरण है प्रकृति और अन्नपूर्णा के प्रतीक 'जौ' (जवारे) का रोपण करना:सबसे पहले मिट्टी के चौड़े पात्र (सकोरे) में साफ मिट्टी की एक परत बिछाएं।इसके ऊपर साफ किए हुए साबुत जौ के दानों को समान रूप से बिखेर दें।जौ के ऊपर फिर से मिट्टी की एक हल्की परत डालें ताकि दाने पूरी तरह ढक जाएं।अब उस पर हाथ से थोड़ा सा गंगाजल और शुद्ध जल छिड़कें (ध्यान रहे, इतना पानी न डालें कि मिट्टी दलदल बन जाए, बस नमी बनी रहनी चाहिए)।इस जौ वाले पात्र के बिल्कुल बीचों-बीच आपको कलश स्थापित करना है।कलश की तैयारी और घटस्थापना की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियाअब मुख्य कलश को तैयार करने की बारी आती है, जिसे बड़ी एकाग्रता और पवित्र मन से पूरा करें:कलश का श्रृंगार: तांबे, पीतल या मिट्टी के कलश के कंठ पर कलावा (मौली) को 3 या 5 बार लपेटकर बांधें। कलश के बाहरी हिस्से पर रोली और चंदन से शुभता का प्रतीक 'स्वास्तिक' चिह्न बनाएं।जल भरना: कलश के अंदर सबसे पहले थोड़ा गंगाजल डालें, फिर उसे शुद्ध जल से कंठ तक भर लें।पवित्र वस्तुएं डालना: जल भरे कलश में 1 सुपारी, 1 सिक्का, 1 हल्दी की गांठ, दुर्वा, थोड़ा अक्षत और कुछ बूंदें इत्र की अर्पित करें।पल्लव लगाना: कलश के मुख पर आम या अशोक के 5 या 7 पत्तों को चारों तरफ इस प्रकार सजाएं कि उनकी टहनियां जल को स्पर्श कर रही हों और पत्ते ऊपर की ओर खिले हुए दिखें। पत्तों पर रोली का तिलक लगाएं।ढक्कन पर अक्षत: पत्तों के बीच में एक मिट्टी या पीतल की कटोरी (पूर्णपात्र) रखें और उसे पूरी तरह साफ चावल (अक्षत) से भर दें।नारियल की स्थापना: एक जटा वाले नारियल पर कलावा बांधें और उसे लाल चुन्नी या लाल कपड़े में लपेटें। नारियल को कटोरी में भरे चावल के ऊपर इस प्रकार स्थापित करें कि नारियल का मुख (जिस तरफ तीन आंखें होती हैं) साधक यानी आपकी ओर या ऊपर की ओर रहे। शास्त्रों के अनुसार नारियल का मुख अपनी तरफ होना धन-समृद्धि प्रदाता माना गया है।अब इस पूरे कलश को जौ वाले पात्र के केंद्र में स्थापित कर दें।सभी देवी-देवताओं का आह्वान और संकल्पकलश स्थापित करने के बाद हाथ में थोड़ा जल, अक्षत, पुष्प और एक सिक्का लेकर संकल्प लें:हे परमपिता परमेश्वर, हे मां जगदम्बा! मैं (अपना नाम बोलें), (अपने गोत्र का नाम बोलें), सुख, शांति, समृद्धि और आपकी प्रसन्नता के लिए नवरात्रि के पावन पर्व पर कलश स्थापना कर रहा/रही हूं। मेरी इस पूजा को स्वीकार करें और मेरे परिवार पर कृपा दृष्टि बनाए रखें।संकल्प का जल चौकी के आगे भूमि पर छोड़ दें। इसके बाद कलश पर अक्षत और पुष्प अर्पित करते हुए वरुण देव, ब्रह्मा, विष्णु, महेश और समस्त तीर्थों का ध्यान करें। मां शैलपुत्री का ध्यान करते हुए कलश को धूप, दीप, फल और मिठाई का भोग लगाएं। अंत में मां दुर्गा की आरती करें और क्षमा प्रार्थना करें कि पहली बार की जा रही इस पूजा में यदि कोई त्रुटि रह गई हो, तो मां अपने वात्सल्य से उसे क्षमा करें।पहली बार व्रत और कलश रखने वालों के लिए जरूरी सावधानियांकलश को हिलाएं नहीं: एक बार कलश स्थापित हो जाने के बाद उसे नौ दिनों तक बिल्कुल भी हिलाया या खिसकाया नहीं जाता है।जौ में जल देना: जौ वाले पात्र में रोजाना सुबह पूजा के समय हल्का-सा जल छिड़कते रहें ताकि नौ दिनों में हरे-भरे सुंदर जवारे उग आएं। शास्त्रों में जवारों का तेजी से बढ़ना घर में बरकत का संकेत माना जाता है।सात्विक आचरण: घर में नौ दिनों तक पूर्ण सात्विक माहौल रखें। लहसुन, प्याज और मांसाहार का पूरी तरह त्याग करें तथा घर में किसी भी प्रकार के कलह-क्लेश से बचें।अखंड ज्योति का विकल्प: यदि पहली बार पूजा कर रहे हैं और 24 घंटे अखंड ज्योति की देखरेख करने में असमर्थ हैं, तो परेशान न हों। आप केवल सुबह और शाम की नियमित पूजा के समय ही घी का सामान्य दीपक प्रज्वलित कर सकते हैं। भक्ति में भाव सर्वोपरि होता है, नियम का कोई अनावश्यक तनाव न लें।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जंतर-मंतर पर सुरक्षा सख्त
दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर उतरते ही कई प्रमुख चेहरों को अपनी हिरासत में ले लिया है. इसके साथ ही जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. हनुमान मंदिर और जंतर-मंतर के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे, जिन्हें हटाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला किया। उन्होंने उन पर कायरता का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। X पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि वह एक दशक से ज़्यादा समय से मोदी और RSS से लड़ रहे हैं और दावा किया कि सत्ताधारी खेमा लगातार दबाव में आ रहा है। इसे भी पढ़ें: JP Nadda ने कार्यकर्ताओं से 2027 चुनाव की तैयारी में जुटने को कहा राहुल ने लिखा कि मैं नरेंद्र मोदी, RSS और इनसे जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ एक दशक से भी ज़्यादा समय से लड़ रहा हूँ। मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूँ, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है। मैं इन्हें अंदर तक जानता हूँ, इनकी हर चाल से वाक़िफ़ हूँ। इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान है - कायरता। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार, अजीत डोभाल - इस कहानी के खलनायक - अब धीरे-धीरे घिरते जा रहे हैं। इनके चारों तरफ़ से दायरा सिमट रहा है। जो करना है, कर लीजिए। जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए - 10 हज़ार, 20 हज़ार, 50 हज़ार, जितनी चाहें बुला लीजिए। राहुल ने आगे कहा कि सारे नेताओं को गिरफ़्तार कर लीजिए। सारे युवाओं को गिरफ़्तार कर लीजिए। हम सबको गिरफ़्तार कर लीजिए। घबराइये मत - हम आपको चारों तरफ़ से घेर रहे हैं, और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। मेरी बात याद रखिए - हमें जो जानकारी चाहिए, वह हमारे पास पहले से है। हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे। हम हिंदुस्तान की जनता की आवाज़ की हिफ़ाज़त करेंगे। और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पिछले 10-15 सालों में हिंदुस्तान के साथ जो हुआ है, वह दोबारा कभी, किसी भी सूरत में न हो। इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar पर Akhilesh Yadav हमलावर, कहा- जनता को रोकना BJP की बड़ी भूल होगी उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है। अपना विरोध जारी रखिए। हम आपके साथ खड़े हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस सरकार और हमारे संविधान पर हमला करने वालों को शिकस्त मिले। ये टिप्पणियां विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच आई हैं।
EPF vs NPS: हर महीने ₹10,000 की बचत पर 30 साल बाद कहां बनेगा सबसे बड़ा फंड? समझें पूरा गणित और नियम
नौकरीपेशा और स्वरोजगार करने वाले हर व्यक्ति के मन में रिटायरमेंट को लेकर यह सवाल जरूर उठता है कि सुरक्षित भविष्य के लिए कौन सा रास्ता चुना जाए। जब बात लंबी अवधि यानी 30 साल के निवेश की आती है, तो कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) सबसे लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरते हैं। यदि आप 25 या 30 वर्ष की उम्र से हर महीने ₹10,000 की बचत शुरू करते हैं, तो 30 साल में आपकी जेब से कुल ₹36,00,000 (36 लाख रुपये) जमा होंगे। लेकिन कंपाउंडिंग और ब्याज के बाद 60 की उम्र में आपके हाथ में कितना फंड आएगा, यह दोनों स्कीमों के निवेश मॉडल पर निर्भर करता है। शुद्ध रिटर्न के नजरिए से एनपीएस में इक्विटी एक्सपोजर के चलते ईपीएफ की तुलना में दोगुने से भी अधिक वेल्थ बनने की संभावना रहती है, जबकि ईपीएफ बिना किसी जोखिम के 100% सुरक्षित रिटर्न की गारंटी देता है।30 साल बाद रिटर्न का सटीक गणित: कहां बनेगा कितना कॉर्पस?कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में ब्याज दर सरकार द्वारा सालाना तय की जाती है, जो वर्तमान में लगभग 8.25% प्रति वर्ष के आसपास स्थिर है। यह पूरी तरह डेट (Fixed Income) आधारित निवेश है। दूसरी ओर, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेशक को एक्टिव या ऑटो चॉइस के तहत इक्विटी (E), कॉरपोरेट बॉन्ड्स (C) और सरकारी प्रतिभूतियों (G) में निवेश का विकल्प मिलता है। ऐतिहासिक रूप से 50% से 75% इक्विटी आवंटन वाले एनपीएस पोर्टफोलियो ने लंबी अवधि में औसतन 10% से 12% तक का सालाना सीएजीआर (CAGR) रिटर्न दिया है।यदि आप हर महीने ₹10,000 का नियमित निवेश 30 वर्षों तक जारी रखते हैं, तो दोनों विकल्पों में फंड की स्थिति इस प्रकार होगी:कुल जमा पूंजी (30 वर्ष): ₹10,000 12 30 = ₹36,00,000 (36 लाख रुपये)EPF (8.25% निश्चित ब्याज दर): 30 साल बाद आपका कुल कॉर्पस लगभग ₹1.50 करोड़ बनेगा, जिसमें ब्याज का हिस्सा करीब ₹1.14 करोड़ होगा।NPS संतुलित पोर्टफोलियो (10% औसत रिटर्न): 30 साल बाद आपका कुल फंड लगभग ₹2.28 करोड़ तक पहुंच जाएगा, जिसमें करीब ₹1.92 करोड़ की शुद्ध वेल्थ ग्रोथ होगी।NPS आक्रामक इक्विटी पोर्टफोलियो (12% औसत रिटर्न): 30 साल बाद आपका कुल फंड लगभग ₹3.53 करोड़ का विशाल रूप ले लेगा, जिसमें केवल रिटर्न का हिस्सा ₹3.17 करोड़ होगा।साफ तौर पर 30 साल की लंबी अवधि में 3% से 4% का अतिरिक्त रिटर्न कंपाउंडिंग के दम पर फंड के आकार को ₹1.50 करोड़ से सीधे ₹3.53 करोड़ तक पहुंचा देता है।निकासी के नियम और लिक्विडिटी: एकमुश्त रकम बनाम अनिवार्य पेंशनफंड का आकार बड़ा होना एक पहलू है, लेकिन रिटायरमेंट पर वह पैसा आपके हाथ में कैसे आएगा, यह समझना बेहद जरूरी है:EPF में 100% एकमुश्त निकासी: ईपीएफ का सबसे बड़ा फायदा यह है कि 58 वर्ष की आयु पूरी होने या सेवानिवृत्ति के समय आप अपने पूरे फंड (मूलधन + ब्याज) को एकमुश्त (Lump Sum) निकाल सकते हैं। आप पर कोई अनिवार्य पेंशन प्लान या एन्युइटी खरीदने का दबाव नहीं होता।NPS में 60:40 का फॉर्मूला: एनपीएस में 60 वर्ष की आयु पर कुल जमा फंड का अधिकतम 60% हिस्सा ही टैक्स-फ्री एकमुश्त निकाला जा सकता है। शेष कम से कम 40% हिस्से से जीवन बीमा कंपनी से एन्युइटी (Annuity) खरीदना अनिवार्य होता है। इस 40% हिस्से से आपको जीवनभर मासिक पेंशन मिलती है। उदाहरण के लिए, यदि आपका फंड ₹2.5 करोड़ बनता है, तो ₹1.5 करोड़ आपको नकद मिलेंगे और ₹1 करोड़ पेंशन प्लान में चले जाएंगे, जिससे आपको हर महीने लगभग ₹55,000 से ₹65,000 की नियमित पेंशन मिलेगी।टैक्स छूट के मोर्चे पर कौन सा विकल्प मारता है बाजी?टैक्स प्लानिंग के लिहाज से दोनों ही योजनाएं बेहतरीन लाभ प्रदान करती हैं, लेकिन उनके प्रावधानों में बारीक अंतर है:EPF (EEE मॉडल): ईपीएफ 'एग्जम्प्ट-एग्जम्प्ट-एग्जम्प्ट' श्रेणी में आता है। धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है, मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री रहता है और मैच्योरिटी पर पूरी निकासी भी कर-मुक्त होती है (बशर्ते सालाना कर्मचारी अंशदान ₹2.5 लाख से अधिक न हो)।NPS में ₹50,000 की अतिरिक्त छूट: एनपीएस में धारा 80CCD(1) के तहत 80C की सामान्य ₹1.5 लाख की सीमा में छूट तो मिलती ही है, साथ ही धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट का विशेष प्रावधान है, जो पुरानी टैक्स रिजीम वालों के लिए काफी फायदेमंद है। इसके अलावा 60% एकमुश्त निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री है, लेकिन 40% एन्युइटी से मिलने वाली मासिक पेंशन आपकी आय में जुड़ती है और उस पर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार कर लगता है।जोखिम क्षमता और उम्र के हिसाब से क्या चुनना चाहिए?यदि आपकी उम्र 20 से 35 वर्ष के बीच है और आप अपने करियर के शुरुआती या मध्य दौर में हैं, तो आपके पास बाजार के उतार-चढ़ाव को झेलने के लिए लंबा समय है। ऐसे में NPS आपके लिए कहीं अधिक शक्तिशाली वेल्थ क्रिएटर साबित होगा क्योंकि लंबी अवधि में इक्विटी का जादू मुद्रास्फीति (महंगाई) को आसानी से मात दे देता है।दूसरी तरफ, यदि आप पूरी तरह रूढ़िवादी निवेशक हैं और शेयर बाजार के किसी भी जोखिम से दूर रहकर 100% गारंटीड सरकारी सुरक्षा चाहते हैं, तो EPF आपका सबसे भरोसेमंद साथी है।वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार सबसे समझदारी भरा कदम यह है कि आप ईपीएफ में अपने वेतन से कटने वाले अनिवार्य अंशदान को सुरक्षित आधार (Safety Net) की तरह जारी रखें, और हर महीने की अतिरिक्त ₹5,000 से ₹10,000 की बचत को एनपीएस में निवेश करें। इससे आपको रिटायरमेंट पर एकमुश्त पूंजी की सुरक्षा और मोटी पेंशन दोनों का संतुलित लाभ मिलेगा।
CJP प्रदर्शन के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, फॉर्म 7 के नए नियम जारी
बीजेपी के भारी विरोध और प्रदर्शन के बीच चुनाव आयोग ने फॉर्म 7 को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है. चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची में संशोधन और नामों को हटाने से संबंधित फॉर्म 7 के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इन नए नियमों के तहत अब कोई भी मतदाता अधिकतम 10 आवेदन ही दाखिल कर सकेगा. इसके साथ ही हर महीने के लिए केवल 5 आवेदन जमा करने की सीमा तय कर दी गई.
मुंबई में महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी हिरासत में लिए गए
मुंबई से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. तुषार गांधी ने दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में दोपहर साढ़े तीन बजे एक जनसभा आयोजित करने का ऐलान किया था. हालांकि, सभा से पहले ही मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. तुषार गांधी ने बताया कि पुलिस उन्हें बांद्रा या सांताक्रूज पुलिस स्टेशन ले जाने के बजाय सीधे डीएन नगर पुलिस स्टेशन ले गई.
पुलिस की बस के आगे डट गई छात्रा, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान दिखा रिया अहीर जैसा नजारा
दिल्ली में छात्र संगठनों के मार्च के दौरान एक छात्रा ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ले जा रही पुलिस बस को रोकने की कोशिश की.
फ्लाईदुबई मामले में NIA ने दर्ज की FIR, एंटी हाइजैकिंग और UAPA एक्ट की धाराएं भी लगाई
फ्लाईदुबई मामले में NIA ने एफआईआर दर्ज कर ली है. NIA ने इस मामले में एंटी-हाइजैकिंग एक्ट और UAPA की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है.
परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु के बाद शोकाकुल परिवार को कई प्रशासनिक और कानूनी जिम्मेदारियों से गुजरना पड़ता है। इनमें से एक सबसे अहम दस्तावेज होता है मृतक का आधार कार्ड। देश में पहचान और वित्तीय लेन-देन के लिए आधार सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है, इसलिए मृत्यु के बाद इसके दुरुपयोग (मिसयूज), पहचान की चोरी (आइडेंटिटी थेफ्ट) या फर्जी लोन व बैंक खातों जैसी धोखाधड़ी की संभावना बनी रहती है। कई लोग यह सोचते हैं कि मृत्यु के बाद आधार कार्ड को नष्ट कर देना चाहिए या इसे सीधे यूआईडीएआई को लौटाना होता है। हालांकि, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) और भारत सरकार के नियमों के तहत इसके निस्तारण और रिपोर्टिंग की एक स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई है।क्या मृत्यु के बाद आधार कार्ड को पूरी तरह 'डिलीट' या सरेंडर किया जा सकता है?यूआईडीएआई के मौजूदा नियमों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति का 12 अंकों का आधार नंबर किसी अन्य व्यक्ति को कभी आवंटित नहीं किया जाता और न ही डेटाबेस से डेटा को तकनीकी रूप से स्थायी डिलीट किया जाता है। हालांकि, इसे निष्क्रिय (Deactivate) या मृत्यु चिन्हित (Marked Deceased) किया जाता है, ताकि उस नंबर के जरिए कोई भी नया प्रमाणीकरण (Authentication), ई-केवाईसी या वित्तीय लेन-देन न किया जा सके। इसलिए परिवार को कभी भी कार्ड को जलाना या फेंकना नहीं चाहिए, बल्कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने तक इसके रिकॉर्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र को सुरक्षित रखना चाहिए।सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) और UIDAI का ऑटोमेटेड इंटीग्रेशनभारत सरकार के रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) और UIDAI के बीच एकीकृत व्यवस्था के तहत अब मृतक का आधार डीएक्टिवेशन काफी हद तक स्वचालित रूप से होता है:मृत्यु पंजीकरण के समय आधार का विवरण: जब परिवार नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत में मृत्यु दर्ज कराने के लिए फॉर्म भरता है, तो वहां मृतक का आधार विवरण और परिवार के मुख्य सदस्य का पहचान पत्र मांगा जाता है।CRS पोर्टल से डेटा सिंक: सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) पर जैसे ही आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जारी होता है, डेटाबेस से यह सूचना यूआईडीएआई को भेजी जाती है।ऑटो-डीएक्टिवेशन: सत्यापन के बाद यूआईडीएआई केंद्रीय डेटाबेस में उस आधार नंबर को ब्लॉक/डीएक्टिवेट कर देता है, जिससे किसी भी तरह की बायोमेट्रिक या ओटीपी आधारित क्लोनिंग की गुंजाइश खत्म हो जाती है।परिवार को तत्काल क्या कदम उठाने चाहिए? दुरुपयोग रोकने का सुरक्षा चक्रयदि किसी कारणवश स्वतः लिंकिंग में समय लग रहा हो, तो परिवार को तुरंत निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए:mAadhaar ऐप से बायोमेट्रिक्स तुरंत लॉक करें: यदि परिवार के पास मृतक के आधार से जुड़ा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर सक्रिय है, तो वे यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट या mAadhaar ऐप पर लॉगिन करके मृतक के बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट और आईरिस) को हमेशा के लिए लॉक कर दें। इससे कोई भी व्यक्ति क्लोन फिंगरप्रिंट से पैसे निकालने या सिम कार्ड जारी कराने में सफल नहीं हो सकेगा।वर्चुअल आईडी (VID) का प्रयोग रोकें: पोर्टल पर जाकर ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री की जांच करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मृत्यु के बाद कोई अनधिकृत गतिविधि तो नहीं हुई।निकटतम आधार सेवा केंद्र (ASK) में सूचना: परिवार का कोई सदस्य मूल मृत्यु प्रमाण पत्र, मृतक का आधार कार्ड और अपना स्वयं का पहचान पत्र लेकर नजदीकी आधार केंद्र या स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर मृत्यु की प्रविष्टि को मैन्युअली सत्यापित करवा सकता है।बैंक, पेंशन और अन्य संस्थानों में आधार का उपयोग और निपटानमृत्यु के बाद आधार का उपयोग तुरंत बंद करने से पहले परिवार को कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं:बैंक खाते और नॉमिनी क्लेम: मृतक के बैंक खातों में जमा राशि निकालने, एफडी तुड़वाने या क्लेम सेटलमेंट के लिए बैंक मृतक के आधार और मृत्यु प्रमाण पत्र की स्व-प्रमाणित प्रति मांगते हैं।बीमा (Insurance) और ईपीएफओ (EPFO): जीवन बीमा, पीएफ और ग्रेच्युटी क्लेम के दौरान केवाईसी मिलान के लिए मृतक के आधार रिकॉर्ड की आवश्यकता होती है।पैन कार्ड और आईटीआर (ITR): आयकर विभाग में अंतिम रिटर्न (लीगल हायर के रूप में) दाखिल करने के लिए भी आधार विवरण की जरूरत पड़ती है। एक बार सभी वित्तीय निपटान पूरे हो जाएं, तो संबंधित विभागों में भी मृत्यु की सूचना दर्ज हो जाती है।मृतक के आधार दस्तावेजों का अंतिम सुरक्षित रखरखावसभी कानूनी, बैंक और बीमा क्लेम पूरे हो जाने के बाद मृतक के आधार कार्ड, पैन कार्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र की 5-10 सत्यापित कॉपियों को परिवार के मुख्य सदस्य को अपनी सुरक्षित फाइल में सहेज कर रखना चाहिए। भविष्य में पैतृक संपत्ति के बंटवारे, वसीयत के क्रियान्वयन या जमीन-जायदाद के नामांतरण (दाखिल-खारिज) के दौरान पुराने रिकॉर्ड के मिलान के लिए इस दस्तावेज की आवश्यकता पड़ सकती है। किसी भी अज्ञात व्यक्ति या गैर-सरकारी संस्था को मृतक का पहचान पत्र सौंपने से बचें।
'कल तक रिहा नहीं किया तो...', CJP प्रोटेस्ट को लेकर सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की दी चेतावनी
सोनम वांगचुक ने भारत के मौजूदा हालात को अघोषित आपातकाल बताया। उन्होंने प्रदर्शन से पहले लोगों से एकजुटता और शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन अंदाजा नहीं था कि आंदोलन से जुड़े नेताओं को ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

31 C
