लियोनेल मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई। इंग्लैंड ने दूसरे हाफ में गॉर्डन के गोल की मदद से बढ़त ली थी, लेकिन अर्जेंटीना ने 7 मिनट में 2 गोल कर मैच अपने नाम कर लिया। फाइनल ...
दक्षिण चीन सागर पर भारत के रुख से बौखलाया चीन, UN फैसले के समर्थन पर साधा निशाना
भारत के बयान के जवाब में चीन के राजदूत शू फीहोंग ने कहा कि दक्षिण चीन सागर पर चीन की संप्रभुता इतिहास और कानून दोनों के आधार पर स्थापित है। उन्होंने 2016 के मध्यस्थता फैसले को कानूनी प्रक्रिया का ढोंग और राजनीतिक तमाशा बताते हुए कहा कि ट्रिब्यूनल ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर फैसला दिया था।
रिपोर्टों के अनुसार, कथित रूप से लीक किए गए दस्तावेजों में संयंत्र के कुछ हिस्सों के ब्लूप्रिंट, सप्लायर से जुड़ी जानकारी, बैठकों के रिकॉर्ड, बीमा दस्तावेज और अन्य प्रशासनिक फाइलें शामिल हैं। दावा किया गया है कि यह डेटा संयंत्र के एक ठेकेदार के सर्वर से प्राप्त हुआ है।
अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बीच मोदी सरकार ने पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ा बदलाव किया है। डीजल और जेट फ्यूल पर लगने वाले एक्सपोर्ट टैक्स को बढ़ा दिया गया है जबकि पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने ...
जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के बीच एक बड़ी प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी चेतावनी सामने आई है। चिनाब नदी (Chenab River) के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने 26 जुलाई 2026 तक के लिए एक व्यापक हाई अलर्ट जारी किया है।अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र के दो सबसे प्रमुख जलविद्युत प्रोजेक्ट्स—सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन (Salal Dam) और बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Baglihar Dam) के जलाशयों में पानी का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। बांधों की सुरक्षा और अतिरिक्त पानी को नियंत्रित करने के लिए चिनाब नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जाना तय हुआ है, जिसके कारण नदी के निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।सलाल और बगलिहार बांध से बढ़ेगा खतरा: प्रशासनिक गाइडलाइनप्रशासन और नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NHPC) ने संयुक्त रूप से नागरिक सुरक्षा के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:26 जुलाई तक सख्त नाकेबंदी: चिनाब नदी के किनारे बसे गांवों, कस्बों और बस्तियों के लोगों को नदी के नजदीक न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। 26 जुलाई 2026 तक नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधि पर पूरी तरह रोक रहेगी।मवेशियों और नावों पर पाबंदी: चरवाहों को अपने मवेशियों (गाय, भैंस, बकरियां) को नदी के पास ले जाने से मना किया गया है। साथ ही स्थानीय नाविकों और मछुआरों को भी इस अवधि के दौरान पानी में न उतरने की चेतावनी दी गई है।फ्लश गेट खोलने की प्रक्रिया: बांधों के फ्लश गेट (Sluice Gates) खोले जाने के समय अचानक पानी का बहाव बेहद तेज हो जाएगा। इससे नदी के किनारे तेजी से कटान हो सकता है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की सलाह दी गई है।इन जिलों और इलाकों पर रहेगा सबसे ज्यादा असरचिनाब नदी का बहाव क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरता है। इस अलर्ट का सीधा असर निम्नलिखित क्षेत्रों पर पड़ेगा:रामबन और डोडा: बगलिहार बांध से पानी छोड़े जाने के कारण इन पहाड़ी जिलों के नदी तटीय रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।रियासी (Reasi): सलाल बांध इसी जिले में स्थित है, इसलिए बांध के निचले प्रवाह (Downstream) वाले गांवों में अलर्ट का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।अखनूर (Akhnoor) और जम्मू: चिनाब नदी जब मैदानी इलाकों में प्रवेश करती है, तो अखनूर के घाटों पर जलस्तर तेजी से बढ़ता है। यहां की स्थानीय पुलिस और SDRF की टीमों को चौबीसों घंटे निगरानी के लिए तैनात कर दिया गया है।आपातकालीन तैयारियां और सुरक्षा अलर्टबाढ़ की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है:SDRF और पुलिस हाई अलर्ट पर: राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमों को लाइफ-जैकेट्स, नावों और अन्य रेस्क्यू उपकरणों के साथ संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।कंट्रोल रूम स्थापित: किसी भी आपातकालीन स्थिति या जलस्तर की ताजा जानकारी के लिए जिला मुख्यालयों पर 24/7 काम करने वाले आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (Emergency Control Rooms) सक्रिय कर दिए गए हैं।आम नागरिकों से अपील: प्रशासन ने लोगों से पैनिक (घबराने) न होने की अपील की है, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। जब तक बांधों से पानी का डिस्चार्ज सामान्य नहीं हो जाता और 26 जुलाई की समयसीमा समाप्त नहीं होती, तब तक नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही समझदारी है।
हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव के राशि परिवर्तन और उनकी गति का एक विशेष और गहरा महत्व है। आज यानी 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे 'कर्क संक्रांति' (Karka Sankranti) कहा जाता है। सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश करते ही 'दक्षिणायन' (Dakshinayan) काल की शुरुआत हो जाती है।शास्त्रों में दक्षिणायन को बेहद रहस्यमयी और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज से देवताओं की रात शुरू हो चुकी है। आइए जानते हैं कि दक्षिणायन क्या है, इसका धार्मिक रहस्य क्या है और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है।क्या है दक्षिणायन? (धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व)धार्मिक मान्यता (देवताओं की रात): हिंदू काल गणना के अनुसार, मनुष्यों का एक वर्ष देवताओं के एक दिन-रात के बराबर होता है। जब सूर्य छह महीने उत्तरायण (मकर संक्रांति से) में रहते हैं, तो वह देवताओं का दिन कहलाता है। वहीं, जब सूर्य कर्क राशि से धनु राशि तक दक्षिणायन में गोचर करते हैं, तो यह छह महीने की अवधि देवताओं की रात (Celestials' Night) मानी जाती है। इस दौरान देवलोक में रात्रि होने के कारण सभी देवी-देवता 'योग निद्रा' में चले जाते हैं।वैज्ञानिक दृष्टिकोण: खगोलीय विज्ञान (Astronomy) के अनुसार, 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति (Summer Solstice) के बाद सूर्य धीरे-धीरे भूमध्य रेखा के दक्षिण की ओर बढ़ने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में दिन धीरे-धीरे छोटे और रातें लंबी होने लगती हैं। (वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार यह खगोलीय बदलाव कर्क संक्रांति यानी 16 जुलाई से पूर्ण प्रभावी माना जाता है)।दक्षिणायन की तीन मुख्य विशेषताएं और नियमपहलू / पैरामीटरदक्षिणायन काल का प्रभाव व महत्वमांगलिक कार्यों पर रोकइस छह महीने की अवधि में शादी-विवाह, मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश जैसे सभी बड़े शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, क्योंकि देवताओं के शयन काल में किए गए कार्यों को पूर्ण फलदायी नहीं माना जाता।साधना और व्रत का समयइसे 'साधना पाद' भी कहा जाता है। दक्षिणायन में ही सनातन धर्म के सबसे बड़े व्रत-त्योहार जैसे चातुर्मास, सावन सोमवार, रक्षाबंधन, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली आते हैं। यह समय आध्यात्मिक शुद्धि और मानसिक शांति के लिए सर्वश्रेष्ठ है।पितरों की पूजा (श्राद्ध)दक्षिणायन काल को पितरों (पूर्वजों) की तृप्ति के लिए उत्तम माना गया है। इसी काल में 'पितृ पक्ष' (Mahalaya Shradh) आता है, जिसमें पिंडदान और तर्पण करके पूर्वजों का आशीर्वाद लिया जाता है।महाभारत काल का वो रहस्य: क्यों भीष्म पितामह ने किया था उत्तरायण का इंतजार?दक्षिणायन और उत्तरायण के इसी रहस्य से महाभारत की एक बेहद प्रसिद्ध कथा जुड़ी हुई है। महाभारत युद्ध के दौरान जब इच्छा मृत्यु का वरदान पाने वाले भीष्म पितामह तीरों की शय्या पर लेट गए थे, तब सूर्य देव दक्षिणायन में चल रहे थे।पौराणिक रहस्य: शास्त्रों में मान्यता है कि दक्षिणायन (देवताओं की रात) में प्राण त्यागने वाले जातक को धुंधले मार्ग से जाना पड़ता है और उसे पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति नहीं मिलती। वहीं, उत्तरायण के प्रकाशमयी मार्ग से जाने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण था कि तीरों की असहनीय पीड़ा सहने के बावजूद भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने (मकर संक्रांति) तक अपने प्राण नहीं त्यागे थे।दक्षिणायन में क्या करें ताकि जीवन में बनी रहे सुख-समृद्धि?चूंकि इस काल में नकारात्मक शक्तियां या तामसिक ऊर्जा थोड़ी सक्रिय होने लगती है, इसलिए शास्त्रों में कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं:भगवान विष्णु और शिव की आराधना: देवशयनी एकादशी के बाद से भगवान विष्णु पाताल लोक में विश्राम करते हैं और सृष्टि का कार्यभार महादेव संभालते हैं। इसलिए सावन और चातुर्मास में शिव उपासना जरूर करें।नियमित दान-पुण्य: इस काल में किए गए दान, यज्ञ और उपवास से मानसिक संताप दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है।तामसिक भोजन का त्याग: बरसात और शरद ऋतु के आगमन के कारण इस दौरान पाचन क्रिया मंद हो जाती है, इसलिए सात्विक भोजन अपनाना वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों लिहाज से बेहतर है।
कौन हैं डेना करारी? अमेरिका-ईरान जंग के बीच रिहा हुईं अमेरिकी नागरिक की पूरी कहानी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और भीषण बमबारी के बीच एक बड़ी और राहत भरी कूटनीतिक खबर सामने आई है। ईरान ने पिछले डेढ़ साल (दिसंबर 2024) से अपने देश में बंधक बनाकर रखी गईं अमेरिकी-ईरानी दोहरी नागरिकता (US-Iran Dual Citizen) वाली महिला डेना करारी (Dena Karari) को आज़ाद कर दिया है।मानवाधिकार वकील जेरेड गेंसर (Jared Genser) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आधिकारिक तौर पर उनकी रिहाई की पुष्टि की है। ट्रंप ने इसे ईरान की तरफ से एक सद्भावना संकेत (Gesture of Goodwill) बताया है।कौन हैं डेना करारी और उन्हें क्यों रोका गया था?दिसंबर 2024 से थीं फंसी: डेना करारी अमेरिका और ईरान की दोहरी नागरिकता रखने वाली महिला हैं। वह दिसंबर 2024 में ईरान गई थीं, लेकिन तब से ही ईरानी प्रशासन ने उन पर पाबंदियां लगा दी थीं।लगे थे जासूसी के 'फर्जी' आरोप: ईरान सरकार ने डेना पर जासूसी करने (Espionage) और एक विरोधी देश (अमेरिका) के साथ सहयोग करने के गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, उनके वकील जेरेड गेंसर के मुताबिक ये सभी आरोप पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत (Bogus Charges) थे।जेल में नहीं, 'एग्जिट बैन' में थीं: कई मीडिया रिपोर्ट्स में उनके डेढ़ साल तक जेल में रहने की बात कही जा रही है, लेकिन असल में वह ईरान के 'एग्जिट बैन' (Coercive Exit Ban) के तहत फंसी हुई थीं। इसका मतलब यह है कि उन्हें जेल की कोठरी में बंद नहीं किया गया था, बल्कि ईरानी अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट जब्त कर उन्हें देश छोड़ने से पूरी तरह रोक रखा था। उन पर कोई औपचारिक मुकदमा भी नहीं चलाया गया था।तबीयत बिगड़ने की खबर: उनका एग्जिट बैन इसी साल अप्रैल में खत्म हो गया था, फिर भी ईरान उन्हें जाने नहीं दे रहा था। सूत्रों के अनुसार, मानसिक तनाव और विपरीत परिस्थितियों के कारण 8 जुलाई 2026 को ईरान में ही उन्हें दिल का दौरा (Heart Attack) भी पड़ा था।जंग के बीच कैसे मुमकिन हुई रिहाई?वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच भीषण हवाई हमले और सैन्य टकराव चल रहा है, जिसके कारण खाड़ी देशों में युद्ध का माहौल है। ऐसे खतरनाक दौर में डेना की रिहाई के पीछे बैक-चैनल कूटनीति काम कर रही थी:अमेरिकी विदेश मंत्रालय की सूची: अमेरिकी विदेश मंत्रालय (State Department) ने ईरान के साथ कूटनीति का नेतृत्व कर रहे अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) को उन अमेरिकियों की एक सूची सौंपी थी जिन्हें ईरान ने गलत तरीके से रोक रखा था। इस लिस्ट में डेना करारी का नाम प्रमुखता से शामिल था।डोनाल्ड ट्रंप के प्रयास: डेना के वकील ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निरंतर और असाधारण दबाव के कारण ही ईरान डेना को छोड़ने पर मजबूर हुआ।सुरक्षित वापसी: रिहाई के तुरंत बाद डेना करारी को ईरान से बाहर सुरक्षित निकाल लिया गया है और वे अमेरिका के लिए उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की है कि उनकी सेहत अब ठीक है।क्या यह अमेरिका-ईरान समझौते का हिस्सा है?गौरतलब है कि पिछले महीने ही अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम को लेकर एक आपसी सहमति (MoU) बनी थी, जिस पर हालिया हमलों के बाद अब खतरा मंडरा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए अमेरिकियों की रिहाई उस MoU का हिस्सा नहीं थी। ऐसे में युद्ध के चरम फेज में पहुंचने के बावजूद ईरान द्वारा डेना करारी को छोड़ना कूटनीतिक रूप से एक बेहद अप्रत्याशित कदम माना जा रहा है।हालांकि, अभी भी कामरान हिकमती और रज़ा वलीज़ादेह जैसे कई अन्य अमेरिकी नागरिक ईरान की बदनाम 'इविन जेल' (Evin Prison) में बंद हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए अमेरिकी प्रशासन लगातार दबाव बना रहा है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर आई है। ईपीएफओ ने अपने मेंबर्स को ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट को तेज करने और डिजिटल रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए एक नया अलर्ट जारी किया है। इसके तहत सभी पीएफ सब्सक्राइबर्स को यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर अपनी हाल की प्रोफाइल फोटो (Profile Photo) अपलोड या अपडेट करनी होगी।यदि आप भी अपना ई-नॉमिनेशन (e-Nomination) पूरा करना चाहते हैं या भविष्य में ऑनलाइन पीएफ विड्रॉल (PF Withdrawal) जैसी डिजिटल सेवाओं का बिना किसी रुकावट के लाभ उठाना चाहते हैं, तो प्रोफाइल पर सही फोटो का होना अनिवार्य है। आइए जानते हैं ईपीएफओ के इस नए निर्देश की बारीकियां, फोटो अपडेट करने का आसान तरीका और नॉमिनेशन से जुड़े कड़े नियम।प्रोफाइल फोटो अपडेट करना क्यों है बेहद जरूरी?मनी कंट्रोल की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन वेरिफिकेशन प्रोसेस को फुलप्रूफ और पारदर्शी बनाने के लिए ईपीएफओ ने यह कदम उठाया है:ई-नॉमिनेशन में आसानी: ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने और इसे मान्य बनाने (e-Sign Process) के लिए प्रोफाइल फोटो का अपडेट होना आवश्यक है।दावेदारों को तुरंत मिलेगा पैसा: एक सही और अपडेटेड नॉमिनेशन यह सुनिश्चित करता है कि खाताधारक के साथ किसी अनहोनी की स्थिति में ईपीएफ (EPF) बैलेंस, एम्प्लॉईज पेंशन स्कीम (EPS) और एम्प्लॉईज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) के तहत मिलने वाला क्लेम बिना किसी कानूनी अड़चन या अतिरिक्त पेपरवर्क के सही लाभार्थी (नॉमिनी) को तुरंत ट्रांसफर हो सके।स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: पोर्टल पर कैसे अपडेट करें अपनी फोटो?अपने पीएफ अकाउंट में लेटेस्ट पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करने की प्रक्रिया बेहद सरल है:लॉगिन करें: सबसे पहले ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (Unified Member Portal) पर जाएं। वहां अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें।प्रोफाइल सेक्शन में जाएं: मुख्य डैशबोर्ड खुलने के बाद मेन्यू बार में जाकर ‘व्यू’ (View) ऑप्शन पर क्लिक करें और फिर ‘प्रोफाइल’ (Profile) सेक्शन को चुनें।फोटो का चयन करें: यहां आपको अपनी प्रोफाइल फोटो अपलोड या चेंज करने का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।अपलोड और सेव: अपनी हाल की साफ और पासपोर्ट साइज फोटो को ब्राउज करके अपलोड करें और ‘सेव चेंजेस’ पर क्लिक कर दें।(ध्यान रहे कि ऑनलाइन क्लेम या ई-नॉमिनेशन फाइल करने से पहले एक बार यह जरूर जांच लें कि आपकी नई फोटो प्रोफाइल पर सही ढंग से दिखाई दे रही है या नहीं।)EPF नॉमिनेशन के नियम: कौन बन सकता है योग्य नॉमिनी?ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, हर कोई आपके पीएफ फंड का नॉमिनी बनने के योग्य नहीं होता है। इसके लिए बकायदा कानूनन श्रेणियां तय की गई हैं:पुरुष सब्सक्राइबर्स के लिए: योग्य नॉमिनी के दायरे में पत्नी, बच्चे (चाहे विवाहित हों या अविवाहित), आश्रित माता-पिता, और दिवंगत बेटे की विधवा व उसके बच्चे शामिल हो सकते हैं।महिला सब्सक्राइबर्स के लिए: योग्य नॉमिनी में पति, बच्चे, आश्रित माता-पिता, पति के आश्रित माता-पिता और दिवंगत बेटे की विधवा व उसके बच्चे आ सकते हैं।विवाहित सदस्यों के लिए कड़ा नियम: शादीशुदा सब्सक्राइबर्स को अपने जीवनसाथी (पति/पत्नी) का नाम जोड़ना कानूनी रूप से अनिवार्य है, भले ही वे उन्हें अपना पीएफ नॉमिनी न बनाना चाहते हों।जरूरी दस्तावेज: पेंशन फंड के लिए जीवनसाथी और बच्चों को ही परिवार माना जाता है। एक बार जब आप अपना ईपीएफ नॉमिनी चुन लेते हैं, तो आपको उस परिवार के सदस्य की पहचान पत्र (जैसे आधार) की कॉपी और एक पासपोर्ट साइज फोटो भी पोर्टल पर डिजिटल रूप से जमा करनी होगी।इन 5 जानकारियों को भी रखें हमेशा दुरुस्तप्रोफाइल फोटो अपलोड करने के साथ-साथ, ऑनलाइन क्लेम को चुटकियों में सेटल करने के लिए मेंबर्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके यूएएन (UAN) के साथ नीचे दी गई जानकारियां सही ढंग से लिंक और वेरिफाईड (KYC Approved) हों:आधार कार्ड (Aadhar Card)पैन कार्ड (PAN Card)बैंक अकाउंट डिटेल्स (IFSC कोड सहित)सक्रिय मोबाइल नंबरवैध ईमेल एड्रेसइन बुनियादी जानकारियों को अपडेट रखने से आप घर बैठे बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे ई-नॉमिनेशन, ऑनलाइन पीएफ एडवांस विड्रॉल और पेंशन से जुड़ी डिजिटल सेवाओं का त्वरित लाभ उठा सकेंगे।
भारत समेत पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ा है। पर्यावरण के अनुकूल होने और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते खर्चों से राहत दिलाने के कारण लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर और कार धड़ल्ले से खरीद रहे हैं। लेकिन, पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों से इलेक्ट्रिक वाहनों, खासकर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बैटरी में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं।ऐसे में हर ईवी मालिक या नया खरीदार इस बात को लेकर चिंतित रहता है कि अगर भगवान न करे मेरी इलेक्ट्रिक कार या स्कूटर में अचानक आग लग जाए, तो क्या मुझे बीमा (Insurance Claim) का पैसा मिलेगा? इसका जवाब 'हां' है, लेकिन इसके लिए आपको ऑटोमोबाइल इंश्योरेंस के कुछ बेहद जरूरी नियमों और शर्तों की जानकारी होना आवश्यक है:1. कौन सी इंश्योरेंस पॉलिसी दिलाएगी आग का क्लेम?अगर आपके पास सिर्फ थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस (Third-Party Insurance) है, तो आपके वाहन में आग लगने पर आपको फूटी कौड़ी भी नहीं मिलेगी। कानूनन यह पॉलिसी सिर्फ आपके वाहन से किसी दूसरे व्यक्ति या संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करती है।ओन डैमेज (Own Damage) या कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी (Comprehensive Insurance): ईवी में आग लगने के नुकसान से बचने के लिए आपके पास कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी होना अनिवार्य है। यह पॉलिसी प्राकृतिक आपदाओं, चोरी, एक्सीडेंट के साथ-साथ वाहन में लगी आग (Fire Damage) को भी कवर करती है।2. किन परिस्थितियों में पास होगा क्लेम? (कवर होने वाले नुकसान)यदि आपके पास कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी है, तो बीमा कंपनियां निम्नलिखित कारणों से लगी आग का पूरा क्लेम देती हैं:शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी: यदि ईवी की वायरिंग में अचानक शॉर्ट सर्किट हो जाए या चलते-चलते उसमें आग लग जाए।बैटरी ब्लास्ट: ओवरहीटिंग या मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट (उत्पादन दोष) की वजह से बैटरी में थर्मल रनवे (आग लगना या ब्लास्ट होना) की स्थिति बनना।बाहरी कारण: एक्सीडेंट के बाद गाड़ी में आग लग जाना या पास खड़ी किसी अन्य गाड़ी की आग की चपेट में आ जाना।3. इन गलतियों को किया तो तुरंत रिजेक्ट हो जाएगा क्लेम (सावधानियां)बीमा कंपनियां ईवी में आग लगने के दावों की बहुत गहन जांच (Investigation) करती हैं। यदि आपकी नीचे दी गई किसी गलती की वजह से आग लगी है, तो आपका क्लेम एक झटके में खारिज (Reject) कर दिया जाएगा:आफ्टर-मार्केट एक्सेसरीज (अनाधिकृत बदलाव): यदि आपने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार में बाहर से कोई लोकल लाइट, हॉर्न या कोई भी एक्स्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लगवाया है, जिसके लिए मूल वायरिंग को काटा या बदला गया हो, तो क्लेम बिल्कुल नहीं मिलेगा।अनऑथराइज्ड चार्जर का इस्तेमाल: कंपनी द्वारा दिए गए ओरिजिनल चार्जर की जगह किसी सस्ते या अनऑथराइज्ड चार्जर से गाड़ी चार्ज करने पर अगर बैटरी ब्लास्ट होती है, तो यह यूजर की लापरवाही मानी जाएगी।कमर्शियल इस्तेमाल और ओवरलोडिंग: निजी (Private) वाहन का उपयोग बिना कमर्शियल परमिट के व्यावसायिक काम या क्षमता से अधिक वजन ढोने के लिए करने पर आग लगने का क्लेम अमान्य हो जाता है।ईवी मालिकों के लिए 2 सबसे जरूरी 'एड-ऑन कवर' (Add-on Covers)इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे महंगी चीज उसकी बैटरी (EV Battery) होती है, जो पूरी गाड़ी की कुल लागत का लगभग 40-50% हिस्सा होती है। सामान्य इंश्योरेंस पॉलिसियां समय के साथ डेप्रिसिएशन (घिसावट मूल्य) काटती हैं। इसलिए अपनी ईवी पॉलिसी लेते समय ये दो एड-ऑन जरूर शामिल करें:जीरो डेप्रिसिएशन कवर (Zero Depreciation): आग लगने के बाद पार्ट्स बदले जाने पर आपको अपनी जेब से कोई पैसा (प्लास्टिक या फाइबर पार्ट्स की घिसावट लागत) नहीं देना होगा।बैटरी प्रोटेक्शन कवर (Battery Protection Cover): यह खास तौर पर ईवी के लिए डिज़ाइन किया गया एड-ऑन है। यह चार्जिंग के दौरान होने वाले वोल्टेज फ्लक्चुएशन या पानी घुसने (Water Ingress) के कारण बैटरी को होने वाले नुकसान को भी सुरक्षा देता है।आग लगने पर तुरंत क्या करें?यदि ईवी में आग लगती है, तो सबसे पहले सुरक्षित दूरी पर जाएं और तुरंत फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचित करें। क्लेम फाइल करने के लिए पुलिस की FIR रिपोर्ट, फायर ब्रिगेड की अग्निशमन रिपोर्ट और घटनास्थल की तस्वीरें/वीडियो सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। इसके बाद तेल या बीमा कंपनी को 24-48 घंटे के भीतर सूचना दें।
सनातन धर्म में साल भर में कुल चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें से दो चैत्र और शारदीय नवरात्रि सामान्य रूप से सबके सामने मनाई जाती हैं, जबकि दो 'गुप्त नवरात्रि' (Gupt Navratri) होती हैं। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की गुप्त नवरात्रि कल यानी 15 जुलाई 2026 (बुधवार) से शुरू हो चुकी है, जो 23 जुलाई 2026 तक चलेगी।यह नवरात्रि आम नवरात्रि के पर्व से बिल्कुल अलग होती है। जहां चैत्र और शारदीय नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ रूपों की सार्वजनिक रूप से सात्विक पूजा होती है, वहीं गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से 10 महाविद्याओं की गोपनीय साधना और तांत्रिक पूजा के लिए जानी जाती है। मान्यता है कि इस दौरान की जाने वाली भक्ति और साधना को जितना गुप्त रखा जाता है, उसका फल उतनी ही तेजी से प्राप्त होता है।गुप्त नवरात्रि की 10 महाविद्याएं और उनका महत्वपौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि की ये दस महाविद्याएं माता सती का ही साक्षात रूप मानी जाती हैं, जिसे उन्होंने महादेव को रोकने के लिए धारण किया था। इन नौ दिनों में माता काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की साधना की जाती है। माना जाता है कि इनकी श्रद्धापूर्वक पूजा करने से जीवन के बड़े से बड़े संकटों का समाधान हो जाता है और घर में सुख-शांति व समृद्धि का वास होता है।शास्त्रों के अनुसार, इन पवित्र नौ दिनों में व्रत रखने और साधना करने का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है, जब पूजा के अंत में पूरी निष्ठा से माता दुर्गा की आरती की जाए।॥ श्री दुर्गा जी की आरती: जय अम्बे गौरी ॥जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै ।रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी ।सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती ।कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती ।धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे ।मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी ।आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरों ।बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता,भक्तन की दुख हरता, सुख संपति करता ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी ।मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती ।श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...श्री अंबेजी की आरति, जो कोइ नर गावे ।कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी...गुप्त नवरात्रि व्रत के कुछ जरूरी नियमगोपनीयता: इस दौरान अपनी पूजा, मंत्र जाप और संकल्प को किसी के सामने प्रकट न करें।सात्विकता: यदि आप नौ दिनों का व्रत रख रहे हैं, तो पूर्ण रूप से सात्विक भोजन (फलाहार) करें और तामसिक चीजों (प्याज, लहसुन) से दूर रहें।अखंड ज्योति: कई साधक इन नौ दिनों में मां के सामने अखंड ज्योति भी प्रज्वलित करते हैं, जिससे घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और ओटीटी (OTT Platforms) पर परोसे जा रहे कंटेंट के नियमन (Regulation) को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक रुख अपनाया है। फिल्म प्रमाणन नियमों (Film Certification Rules) के खुले उल्लंघन पर गहरी नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि बिना वैध सेंसर सर्टिफिकेट (Valid Censor Certificate) के किसी भी फिल्म की स्क्रीनिंग करना या उसे ओटीटी पर स्ट्रीम करना पूरी तरह से गैरकानूनी है।अदालत की यह तीखी टिप्पणी विवादित फिल्म 'सतलुज' (Satluj) को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान आई। इस फिल्म पर बिना आवश्यक कानूनी सर्टिफिकेशन के एक प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किए जाने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और खुद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की कानूनी जवाबदेही तय करते हुए उनके अधिकारों और कर्तव्यों का पूरा खाका स्पष्ट कर दिया है।बिना आवश्यक सर्टिफिकेट के स्क्रीनिंग पूरी तरह गैरकानूनी: सर्वोच्च अदालतसुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश का कानून सभी के लिए बराबर है। किसी भी फिल्म को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने या डिजिटल माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने से पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। बिना इसके कोई भी स्ट्रीमिंग कानून का सीधा उल्लंघन (Violation of Law) मानी जाएगी।भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्मों की रिलीज और कानूनी जवाबदेही के लिहाज से सुप्रीम कोर्ट की इन टिप्पणियों को बेहद अहम माना जा रहा है:1. आपराधिक कार्रवाई करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारीसुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई फिल्म बिना सेंसर बोर्ड की मंजूरी के या नियमों को ताक पर रखकर प्रदर्शित की जाती है, तो कानून व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई (Criminal Action) करने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार की होती है। राज्य सरकारों को ऐसे मामलों में बिना किसी ढिलाई के तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।2. केंद्र सरकार के पास है कंटेंट हटाने (Take Down) का पूरा अधिकारअदालत ने यह भी साफ किया कि नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में केंद्र सरकार मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती। केंद्र सरकार के पास यह कानूनी अधिकार है कि वह बिना सर्टिफिकेशन के स्ट्रीम की जा रही किसी भी फिल्म या आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत प्लेटफॉर्म से हटाने (Remove) का निर्देश दे सकती है।केंद्र की त्वरित भूमिका की सराहना: सर्वोच्च अदालत ने माना कि 'सतलुज' फिल्म के मामले में केंद्र सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप किया और फिल्म को हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। इससे यह साफ हो जाता है कि डिजिटल स्पेस की निगरानी में केंद्र की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।3. कटघरे में ओटीटी प्लेटफॉर्म; इंटरमीडियरी (Intermediary) भूमिका की होगी जांचअदालत ने संकेत दिया कि इस पूरे विवाद में सिर्फ फिल्म मेकर्स ही नहीं, बल्कि उस डिजिटल प्लेटफॉर्म (इंटरमीडियरी) की भूमिका की भी गहन जांच की जा सकती है जिसने बिना वैध कागजात के फिल्म को अपने ऐप पर लाइव किया। कोर्ट ने कहा कि डिजिटल युग में प्लेटफॉर्म्स अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। ऐसे मामलों में संबंधित प्लेटफॉर्म की लायबिलिटी (जवाबदेही) तय करना जरूरी है और उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई किए जाने पर विचार किया जा रहा है।फिर गरमाई ओटीटी रेगुलेशन और सेंसरशिप पर बहससुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद एक बार फिर देश में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के रेगुलेशन और सेंसरशिप के दायरे को लेकर बहस तेज हो गई है। अब तक ओटीटी प्लेटफॉर्म्स काफी हद तक सेल्फ-रेगुलेशन (स्व-नियमन) के तहत काम करते आए हैं, लेकिन इस नए मामले के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में डिजिटल माध्यमों पर रिलीज होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज के लिए सर्टिफिकेशन के नियम और अधिक सख्त कर दिए जाएंगे।
ट्रेन से सफर करने वाले करोड़ों भारतीय यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। अगर आप भी अक्सर त्योहारों या सामान्य दिनों में ट्रेन का टिकट बुक करते समय बार-बार ‘कैप्चा’ (Captcha) भरने की झंझट, अचानक आने वाले पॉप-अप विज्ञापनों और सर्वर के धीमेपन (वेबसाइट हैंग होने) से परेशान होते थे, तो अब आपकी यह समस्या हमेशा के लिए खत्म होने जा रही है।इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने आज रात 9:00 बजे अपनी आधिकारिक वेबसाइट का एक बिल्कुल नया और हाई-टेक ‘बीटा वर्जन’ (New Beta Version) लॉन्च कर दिया है। इस नए अपडेट के बाद न सिर्फ टिकट बुकिंग की रफ्तार रॉकेट की तरह तेज हो जाएगी, बल्कि यात्रियों को एक साफ-सुथरा, आधुनिक और बेहद आसान इंटरफेस भी मिलेगा। यह नया वर्जन फिलहाल यूजर्स के अनुभव को जानने, उन्हें नया लुक दिखाने तथा उनकी राय (Feedback) लेने के लिए एक ट्रायल के तौर पर पेश किया गया है।रात 9 बजे से बदल गया टिकट बुकिंग का अंदाज; ऐसे करें इस्तेमालआज रात नौ बजे के बाद से रेलवे टिकट बुक करने का पूरा तरीका बदल चुका है। यात्री इस नई और सुपरफास्ट सुविधा का लाभ उठाने के लिए सीधे https://www.irctc.co.in/eticket/ लिंक पर जा सकते हैं। इसके अलावा, मौजूदा IRCTC वेबसाइट के मुख्य होमपेज पर भी इस नए बीटा वर्जन पर जाने का लिंक लाइव कर दिया गया है। आम नागरिक इस पर जाकर फीचर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपना फीडबैक दे सकते हैं, जिसके आधार पर भविष्य में इसे पूरी तरह से स्थायी रूप दिया जाएगा।बुकिंग प्रक्रिया में किए गए 4 सबसे बड़े तकनीकी सुधारइस नए पोर्टल को खासतौर पर आम आदमी के कीमती समय को बचाने के लिए री-डिजाइन किया गया है, जिसमें 4 बड़े क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे:नो कैप्चा, नो विज्ञापन (Ad-Free Interface): अब टिकट बुक करते समय आपको किसी भी गैर-जरूरी ‘कैप्चा’ कोड को बार-बार भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, स्क्रीन पर ध्यान भटकाने वाले चमकते ग्राफिक्स या अचानक स्क्रीन पर आने वाले पॉप-अप विज्ञापन भी अब पूरी तरह गायब हो चुके हैं।सीटों की उपलब्धता का वन-व्यू: पहले अलग-अलग क्लास की सीटें देखने के लिए बार-बार क्लिक करना पड़ता था, लेकिन अब यात्रियों को एक ही सिंगल विंडो पर स्लीपर (SL) से लेकर थर्ड एसी, सेकेंड एसी जैसी सभी श्रेणियों की सीटों की स्थिति साफ तौर पर दिखाई देगी।सुपरफास्ट चेकआउट (Fast Checkout): टिकट बुक करने की लंबी और थकाऊ प्रक्रिया को काफी छोटा कर दिया गया है, जिससे बहुत कम स्टेप्स में पेमेंट पूरी करके आपका टिकट तुरंत बुक हो जाएगा।रिपीट बुकिंग का विकल्प: यदि आप अक्सर एक ही रूट पर यात्रा करते हैं, तो यह फीचर आपकी जानकारी को सुरक्षित रखेगा ताकि अगली बार सफर करते समय आपको पैसेंजर फॉर्म दोबारा भरने का झंझट न उठाना पड़े।एक मिनट में बुक होंगे 1.5 लाख टिकट; सर्वर क्षमता में 4 गुना से ज्यादा इजाफानए पोर्टल की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसकी शानदार स्पीड और दमदार सर्वर क्षमता है, जो तत्काल टिकट (Tatkal Ticket) बुकिंग के समय गेम-चेंजर साबित होगी:टिकट बुकिंग क्षमता: पुरानी वेबसाइट पर एक मिनट में केवल 32,000 टिकट ही बुक करने की क्षमता थी, लेकिन इस नए अपग्रेड के बाद इसे बढ़ाकर 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट कर दिया गया है।सर्च और इंक्वायरी हैंडलिंग: नया आर्किटेक्चर इतना एडवांस है कि यह हर मिनट 40 लाख से अधिक पीएनआर (PNR) स्टेटस और सीट की पूछताछ को बिना हैंग या क्रैश हुए आसानी से संभाल सकेगा।मनपसंद सीट चुनने की आजादी और क्षेत्रीय भाषाओं का सपोर्टयूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इस नए अपडेट में कई आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं:किराए की तुलना: अब यात्री अलग-अलग तारीखों के किराये (Fare) की तुलना एक साथ स्क्रीन पर कर सकेंगे, जिससे बजट के अनुसार यात्रा प्लान करना आसान होगा।बर्थ चॉइस: टिकट बुक करते समय ही यात्रियों को अपनी पसंद की लोअर, मिडिल या अपर बर्थ चुनने का स्पष्ट विकल्प मिलेगा।क्षेत्रीय भाषाओं का तोहफा: अब यह वेबसाइट सिर्फ अंग्रेजी और हिंदी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत की कई अन्य प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा।देश के होनहार छात्रों के सुझाव से बदली भारतीय रेलवे की तस्वीरIRCTC की वेबसाइट में आया यह ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित बदलाव मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के प्रतिभावान छात्रों की बदौलत मुमकिन हो पाया है। इन छात्रों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई एक खास बातचीत के दौरान वेबसाइट की तकनीकी कमियों को दूर करने और यूजर एक्सपीरियंस को सुधारने के लिए कुछ बेहद सटीक और उपयोगी ब्लूप्रिंट्स साझा किए थे। रेल मंत्रालय ने इन सुझावों को गंभीरता से लागू किया, जिसके परिणामस्वरूप यह नया यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस तैयार हुआ है।रोजाना साढ़े चौदह लाख टिकटों का भारी-भरकम भारसाल 2002 में अपनी शुरुआत के बाद से IRCTC आज देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स में से एक बन चुकी है। वर्तमान में यह डिजिटल प्लेटफॉर्म हर दिन औसतन 14.5 लाख से ज्यादा टिकटों की बुकिंग का विशालकाय लोड संभालता है। इतने भारी ट्रैफिक के कारण अक्सर पीक आवर्स में यात्रियों को परेशानी होती थी, लेकिन इस नए और आधुनिक वर्जन के आने के बाद हर एक रेल यात्री का सफर शुरू होने से पहले का अनुभव बेहद सुगम और शानदार होने वाला है।
मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब पूरी तरह बेकाबू होता नजर आ रहा है। अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान की सीमा के भीतर घुसकर कई प्रमुख शहरों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इन भीषण हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान (Tehran) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।तनाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल में हुए संघर्षविराम (Ceasefire) के बाद पहली बार तेहरान के आसमान में ईरान के मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव किया गया है। खाड़ी के आसमान में अमेरिकी वायुसेना के जासूसी और रिफ्यूलिंग विमान लगातार चक्कर काट रहे हैं।ईरान के इन प्रमुख शहरों पर गिरे अमेरिकी बमईरानी मीडिया और समाचार एजेंसियों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना की इस हालिया बमबारी ने ईरान के मध्य और पश्चिमी प्रांतों को दहला कर रख दिया है। मुख्य रूप से इन तीन शहरों को निशाना बनाया गया है:खोंदाब (Khondab): ईरान के मध्य मरकजी प्रांत में स्थित खोंदाब शहर के बाहरी इलाके में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने दो भीषण हवाई हमले किए हैं। स्थानीय डिप्टी गवर्नर ने भी इन जोरदार धमाकों की पुष्टि की है।खुर्रमबाद (Khorramabad): राजधानी तेहरान से लगभग 490 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित खुर्रमबाद शहर में कम से कम दो बड़े विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।बोरुजर्द (Borujerd): पश्चिमी ईरान के इस महत्वपूर्ण शहर के पास भी कई सिलसिलेवार धमाके होने की रिपोर्ट है। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में ईरानी सेना की हलचल चरम पर पहुंच गई है।तेहरान में एयर डिफेंस एक्टिव, बाहरी इलाकों में भारी हलचलहमलों की गंभीरता को देखते हुए ईरानी सेना ने अपनी राजधानी को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। हालांकि, मुख्य तेहरान शहर पर सीधे किसी बमबारी की खबर नहीं है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तेहरान के बाहरी संवेदनशील सैन्य इलाके परचिन (Parchin) या पाकदाश्त (Pakdasht) के पास हुई संदिग्ध गतिविधियों के कारण ही एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को ट्रिगर किया गया है। ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इन हमलों में हुए जान-माल के नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया है।आसमान में ट्रैक हुए अमेरिकी जासूसी और रिफ्यूलिंग विमानइस बड़े सैन्य ऑपरेशन की गवाही पब्लिक फ्लाइट-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स (Flight Tracking Apps) भी दे रहे हैं। क्षेत्र के आसमान में अमेरिकी वायुसेना (USAF) के निम्नलिखित आधुनिक विमानों को लगातार उड़ान भरते हुए ट्रैक किया गया है:KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (3 विमान): हवा में ही फाइटर जेट्स को ईंधन (Refueling) देने के लिए।KC-46A पेगासस (2 विमान): अमेरिकी लड़ाकू विमानों की रीच बढ़ाने के लिए तैनात।E-3 सेंट्री (AWACS): आसमान से दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखने वाला एडवांस एयरबर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम।स्टील्थ फाइटर जेट्स का सीक्रेट मिशन: सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैकिंग ऐप्स पर दिखने वाले यह विमान इस बड़े ऑपरेशन का महज एक छोटा सा हिस्सा हैं। असल हमलों को अंजाम देने वाले कई खतरनाक अमेरिकी स्टील्थ फाइटर जेट्स (जैसे F-35 या B-2) अपना डेटा शेयर किए बिना (Radar Evading Mode में) इस मिशन को अंजाम दे रहे हैं।ईरान की सख्त चेतावनी: 'हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन पीछे भी नहीं हटेंगे'इस भीषण बमबारी के बीच ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) का एक बड़ा और सख्त बयान सामने आया है। गालीबाफ ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बात करते हुए कहा:तेहरान ने कभी भी अपनी तरफ से युद्ध की पहल नहीं की है, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए वह अमेरिका के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ने के लिए तैयार है। हमारी कूटनीति और बातचीत की मेज पर मौजूदगी को कोई हमारी कमजोरी समझने की भूल न करे, यह हमारी सैन्य तैयारियों का ही एक हिस्सा है।ईरानी वार्ताकार ने अमेरिका को दो टूक चेतावनी दी कि अगर ईरान को वाशिंगटन के साथ हुए पिछले समझौतों से कोई आर्थिक या रणनीतिक लाभ नहीं मिलता है, तो तेहरान के पास उस आपसी सहमति (MoU) और संघर्षविराम का सम्मान करने की कोई मजबूरी नहीं बचेगी।
भारतीय रेलवे में अपना करियर शुरू करने और सरकारी नौकरी की दिशा में कदम बढ़ाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने अप्रेंटिस के पदों पर एक मेगा भर्ती अभियान की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत योग्य उम्मीदवारों को 1 साल की मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी और साथ ही हर महीने स्टाइपेंड (Stipend) भी मिलेगा।इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए रेलवे के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इंजीनियरिंग, पर्सनल, अकाउंट्स और मेडिकल समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में कुल 6,777 अप्रेंटिस के पदों को भरा जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 20 जुलाई 2026 से शुरू हो रही है।भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें और संक्षिप्त विवरणविवरणमहत्वपूर्ण जानकारीभर्ती संगठननॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR)पद का नामअप्रेंटिस (Apprentice)कुल रिक्तियां6,777 पदआवेदन शुरू होने की तिथि20 जुलाई 2026आवेदन करने की अंतिम तिथि19 अगस्त 2026आधिकारिक वेबसाइटnfr.indianrailways.gov.inट्रेनिंग की अवधि1 वर्षमासिक स्टाइपेंडNTC/STC धारकों को कम से कम ₹9,600 प्रति माहयूनिट और डिवीजन वाइज रिक्तियों का विवरण (Seat Matrix)एनएफआर ने अपनी विभिन्न वर्कशॉप और डिवीजनों के तहत सीटों का आवंटन इस प्रकार किया है:कटिहार (KIR) और तिंधारिया (TDH) वर्कशॉप: 1103 सीटेंअलीपुरद्वार (APDJ): 651 सीटेंरंगिया (RNY): 750 सीटेंलुमडिंग (LMG): 1274 सीटेंटिंनसुकिया (TSK): 860 सीटेंन्यू बोगैगन वर्कशॉप (NBQS) व इंजीनियरिंग वर्कशॉप (EWS/BNGN): 881 सीटेंडिब्रूगढ़ वर्कशॉप (DBWS): 763 सीटेंहेडक्वार्टर (HQ)/मालीगांव: 495 सीटें(इसके तहत अकाउंट्स, सिविल इंजीनियरिंग, मेडिकल, पर्सनल, ट्रैक मशीन (TMC), ब्रिज यूनिट SWS/PNO और स्टोर्स विभाग शामिल हैं)कौन कर सकता है अप्लाई? जानें पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)1. शैक्षणिक योग्यता:सामान्य पदों के लिए: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से (10+2) प्रणाली के तहत न्यूनतम 50% अंकों के साथ 10वीं (मैट्रिक) परीक्षा पास होना अनिवार्य है। (एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंकों की कोई बाध्यता नहीं है)।मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नीशियन (पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी): इन पदों के लिए अभ्यर्थी का फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) विषयों के साथ 12वीं पास होना आवश्यक है। साथ ही 10वीं और 12वीं दोनों में कम से कम 50% अंक होने चाहिए।तकनीकी योग्यता (ITI): उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड में एनसीवीटी (NCVT) या एससीवीटी (SCVT) द्वारा जारी नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (ITI) होना अनिवार्य है।2. आयु सीमा:आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।उम्र में छूट: आरक्षित श्रेणियों को नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी—एससी/एसटी को 5 वर्ष, ओबीसी को 3 वर्ष और पीडब्ल्यूबीडी (PwBD) श्रेणी को 10 वर्ष की छूट मिलेगी।3. जरूरी दस्तावेज:आवेदन करते समय आपके पास 10वीं की मार्कशीट व पास सर्टिफिकेट, आईटीआई फाइनल मार्कशीट, प्रोविजिनल या नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (NTC) और 12वीं की मार्कशीट (MLT पदों के लिए) तैयार होने चाहिए।चयन प्रक्रिया: बिना परीक्षा के सीधी मेरिट भर्तीइस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उम्मीदवारों को चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। पूरी चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों के शैक्षणिक प्रदर्शन पर आधारित होगी:शॉर्टलिस्टिंग: अभ्यर्थियों का चयन मैट्रिक (10वीं) और आईटीआई (ITI) ट्रेड परीक्षा में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट से होगा।टाई-ब्रेकर नियम: यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV): रिक्तियों की संख्या से 1.5 गुना अधिक उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण होगा और फिर फाइनल मेरिट लिस्ट जारी कर दी जाएगी।आवेदन शुल्कसामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹100 निर्धारित किया गया है, जिसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा। वहीं एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी, ईबीसी और सभी महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन पूरी तरह से निःशुल्क (कोई फीस नहीं) है।
एआई प्रेमियों से बिछड़ने के गम में डूबे चीन के यूजर
चीन के यूजर एआई प्रेमियों को अलविदा कह रहे हैं। बुधवार से लागू नए नियमों के बाद लोग अपने वर्चुअल प्रेमियों से किनारा करने पर मजबूर हुए हैं। सोशल मीडिया पर शोक मन रहा है।
Top News 16 July: जगन्नाथ रथयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, सोनम वांगचुक का अनशन जारी
Top News 16 July : देशभर में आज जगन्नाथ रथयात्रा का उत्साह। अमेरिका ने ब्लॉकेड तोड़ ईरान की ओर जा रहे जहाज पर हमला किया। सोनम वांगचुक का अनशन 19वें दिन भी जारी। मोदी सरकार ने डीजल और जेट फ्यूल पर एक्सपोर्ट टैक्स बढ़ाया। फीफा विश्व कप के फाइनल में ...
मोदी करेंगे हाई-टेक सिटी स्टेशन का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 26 करोड़ रुपये की लागत से हैदराबाद के पुनर्विकसित हाई-टेक सिटी रेलवे स्टेशन का 17 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उदघाटन करेंगे
प्रीमियम और दमदार बाइक्स बनाने वाली देश की दिग्गज कंपनी रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) ने मोटरसाइकिल के शौकीनों के लिए एक बड़ा धमाका किया है। कंपनी ने दुनिया की मशहूर कस्टम बाइक निर्माता कंपनी 'रफ क्राफ्ट्स' (Rough Crafts) के साथ हाथ मिलाकर अपनी धांसू बाइक 'शॉटगन 650' का एक बेहद एक्सक्लूसिव लिमिटेड-एडिशन (Royal Enfield Shotgun 650 x Rough Crafts Edition) लॉन्च किया है।इस लिमिटेड-एडिशन बाइक की एक्स-शोरूम कीमत ₹5.75 लाख रखी गई है। इस बाइक की सबसे अनोखी बात यह है कि पूरी दुनिया में इसकी सिर्फ 100 यूनिट्स ही बेची जाएंगी, जिनमें से भारतीय बाजार के लिए महज 25 यूनिट्स ही अलॉट की गई हैं। स्टैंडर्ड टॉप-स्पेक शॉटगन 650 की कीमत ₹4.16 लाख है, यानी इस खास एडिशन के लिए खरीदारों को ₹1.59 लाख रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। अगर आप भी इस नायाब बाइक को अपने गैराज की शान बनाना चाहते हैं, तो बजट से ज्यादा टाइमिंग का ध्यान रखना होगा।यह बाइक आम मॉडल से अलग कैसे है? (कस्टम डिजाइन और फीचर्स)अतिरिक्त ₹1.59 लाख की कीमत सिर्फ इसकी एक्सक्लूसिविटी और विजुअल अपील के लिए है। यह बाइक सीधे मशहूर कस्टम बाइक 'कैलिबर रॉयल' (Caliber Royal) से प्रेरित है, जिसे रफ क्राफ्ट्स ने EICMA और मोटोवर्स (Motoverse) के मंच पर प्रदर्शित किया था।पेंट स्कीम और फिनिशिंग: बाइक में बेहद प्रीमियम ग्लॉस जेट ब्लैक और मैट स्टील्थ ब्लैक पेंट स्कीम दी गई है। इस पर हाथ से लगाई गई गोल्ड लीफ (सोने की पत्ती) डिटेलिंग और ग्रे एक्सेंट्स इसके लुक को बेहद आक्रामक और रॉयल बनाते हैं।सिग्नेचर एलिमेंट्स: बाइक पर रॉयल एनफील्ड और रफ क्राफ्ट्स की पार्टनरशिप को दर्शाने वाला कास्ट ब्रास (पीतल) का बैज और खास नंबर वाली टैंक प्लेट्स लगाई गई हैं।प्रीमियम एक्सेसरीज: इसमें ब्लैक बार-एंड मिरर्स, हाथ से सिली हुई क्विल्टेड लेदर सीट, कॉन्ट्रास्ट-कट अलॉय व्हील्स और गोल्ड-फिनिश वाले फ्रंट फोर्क ट्यूब्स दिए गए हैं जो इसे भीड़ से बिल्कुल अलग करते हैं।कलेक्टर्स डिलाइट: हर एक खरीदार को ओरिजिनल 'कैलिबर रॉयल' स्केच का एक सर्टिफाइड नंबर वाला प्रिंट मिलेगा, जिस पर Rough Crafts के फाउंडर विंस्टन येह के खुद के ऑटोग्राफ (साइन) होंगे।क्या इसके इंजन और पावर (Mechanicals) में कोई बदलाव है?नहीं, मैकेनिकल तौर पर यह बाइक पूरी तरह स्टैंडर्ड मॉडल जैसी ही है।इस लिमिटेड एडिशन में भी रॉयल एनफील्ड का वही भरोसेमंद और दमदार 648cc का पैरेलल-ट्विन इंजन दिया गया है। इसके परफॉर्मेंस, गियरबॉक्स, चेसिस, सस्पेंशन सेटअप या ब्रेकिंग सिस्टम में कोई भी तकनीकी बदलाव नहीं किया गया है। बाइक की बढ़ी हुई कीमत सिर्फ और सिर्फ इसके रफ क्राफ्ट्स सिग्नेचर आर्टवर्क, कॉस्मेटिक अपग्रेड्स और इसके कलेक्टर्स एडिशन होने की वजह से है।स्लॉट खत्म होने से पहले भारत में इसे कैसे खरीदें? (Booking Guide)चूंकि भारत के लिए सिर्फ 25 मोटरसाइकिलें ही तय हैं, इसलिए इसकी बुकिंग के लिए तगड़ी होड़ मचने वाली है। इसे खरीदने की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:रजिस्ट्रेशन: रॉयल एनफील्ड की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर इस बाइक के लिए ग्लोबल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक ग्राहक तुरंत वहां जाकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें।फ्लैश सेल (Drop Window): भारत में इस बाइक की असल बिक्री 30 जुलाई को शाम 7:00 बजे (IST) शुरू होगी।पहले आओ-पहले पाओ का नियम: यह बिक्री पूरी तरह से 'फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व्ड' के आधार पर होगी। जिन शुरुआती 25 लोगों का पेमेंट और बुकिंग ऑर्डर सबसे पहले पंच होगा, यह बाइक उन्हीं को मिलेगी।जरूरी सलाह: अगर आप 30 जुलाई को सेल लाइव होने के समय ढिलाई बरतते हैं, तो मौका हाथ से निकल जाएगा। रॉयल एनफील्ड के पुराने लिमिटेड एडिशन (जैसे 120th ए anniversary एडिशन) के ड्रॉप्स महज कुछ ही मिनटों और सेकंड्स में पूरी तरह सोल्ड आउट हो गए थे।
हर नई सुबह अपने साथ नए अवसर और चुनौतियाँ लेकर आती है। आज का दिन ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज कुछ राशियों के लिए धन लाभ और करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं, तो वहीं कुछ राशि के जातकों को अपनी सेहत और धन के मामले में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।ग्रहों की स्थिति संकेत दे रही है कि आज जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला आपको नुकसान पहुंचा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज मेष से लेकर मीन तक, सभी 12 राशियों के सितारे क्या कहते हैं:मेष से कर्क राशि तक का भाग्यफलमेष राशि (Aries): आज का दिन आपके लिए ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। हालांकि, परिवार के किसी सदस्य के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखें और शाम को परिवार के साथ समय बिताएं।वृषभ राशि (Taurus): आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन शुभ है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। व्यापार में नए साझेदार जुड़ सकते हैं। निवेश करने के लिए आज का दिन अनुकूल है, लेकिन किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह जरूर लें।मिथुन राशि (Gemini): आज आपको नौकरी में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मानसिक तनाव से बचने के लिए योग या ध्यान का सहारा लें। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा।कर्क राशि (Cancer): लव लाइफ और पारिवारिक रिश्तों के लिहाज से आज का दिन बेहतरीन है। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। अचानक यात्रा के योग बन सकते हैं।सिंह से वृश्चिक राशि का दैनिक राशिफलसिंह राशि (Leo): विशेष सावधानी बरतें। आज आपको कार्यस्थल पर राजनीति का सामना करना पड़ सकता है। सहकर्मियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन के लेन-देन में सतर्कता बरतें। सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।कन्या राशि (Virgo): आज आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने का विचार बन सकता है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। कामकाज के सिलसिले में की गई यात्राएं भविष्य में बड़ा लाभ दिलाएंगी।तुला राशि (Libra): सोच-समझकर लें फैसला। आज कोर्ट-कचहरी या जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में कोई भी बड़ा कदम उठाने से बचें। विरोधियों से सावधान रहें। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होने से बजट बिगड़ सकता है।वृश्चिक राशि (Scorpio): आपकी कार्यकुशलता में सुधार होगा। बॉस आपके काम से प्रभावित हो सकते हैं। पुराने मित्रों से मुलाकात पुरानी यादें ताजा करेगी। आज आपके अटके हुए सरकारी काम पूरे होने की प्रबल संभावना है।धनु से मीन राशि का आज का भविष्यफलराशि का नामआज का मुख्य प्रभाव और सलाहशुभ रंगधनु (Sagittarius)नए काम की शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।पीलामकर (Capricorn)सेहत के प्रति लापरवाही न बरतें। खान-पान का विशेष ध्यान रखें।नीलाकुंभ (Aquarius)वैवाहिक जीवन में तनाव हो सकता है। पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें।आसमानीमीन (Pisces)करियर में सकारात्मक बदलाव आएंगे। आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।सफेदआज का विशेष ज्योतिषीय मंत्र:आज दिन की शुरुआत माता-पिता के आशीर्वाद और सूर्य देव को जल अर्पित करके करें। किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे दो बार अच्छी तरह जरूर पढ़ लें।
आज के दौर में हर कोई अपने भविष्य को सुरक्षित करने और वित्तीय आजादी (Financial Freedom) पाने के लिए निवेश करना चाहता है। जब बात निवेश की आती है, तो म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Systematic Investment Plan) को सबसे सुरक्षित, आसान और लोकप्रिय जरिया माना जाता है।अक्सर लोगों के मन में यह उलझन रहती है कि आखिर मुझे हर महीने कितने रुपये से SIP की शुरुआत करनी चाहिए? ₹500, ₹1,000 या सीधे ₹5,000? अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो निवेश के इस आसान गणित और फॉर्मूले को समझकर आप आसानी से तय कर सकते हैं कि आपके बजट और भविष्य के लक्ष्यों के लिए कौन सी रकम सबसे बेस्ट रहेगी।कितनी रकम से शुरू कर सकते हैं SIP?म्यूचुअल फंड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी अमीर व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि एक आम दिहाड़ी मजदूर या स्टूडेंट के लिए भी उतना ही सुलभ है।न्यूनतम निवेश (Minimum Investment): आप देश के अधिकांश अच्छे म्यूचुअल फंड्स में महज ₹500 प्रति माह की छोटी सी रकम से अपनी SIP शुरू कर सकते हैं। कुछ चुनिंदा फंड्स तो ₹100 से भी शुरुआत की अनुमति देते हैं।अधिकतम सीमा: एसआईपी में निवेश की कोई अधिकतम सीमा (No Upper Limit) नहीं होती। आप अपने बजट के हिसाब से हर महीने हजारों या लाखों रुपये निवेश कर सकते हैं।₹500, ₹1,000 और ₹5,000 की SIP का गणित (15 साल के लिए - 12% संभावित रिटर्न पर)लॉन्ग टर्म (लंबी अवधि) में निवेश करने पर कंपाउंडिंग (Compounding - चक्रवृद्धि ब्याज) का जादू कैसे काम करता है, इसे आप नीचे दिए गए अनुमानित एसआईपी कैलकुलेटर (SIP Calculator) के आंकड़ों से आसानी से समझ सकते हैं:मासिक SIP रकम15 साल में कुल निवेश12% रिटर्न पर कुल फंड (अनुमानित)15% रिटर्न पर कुल फंड (अनुमानित)₹500₹90,000₹2.52 लाख₹3.39 लाख₹1,000₹1.80 लाख₹5.05 लाख₹6.77 लाख₹5,000₹9.00 लाख₹25.23 लाख₹33.84 लाखनोट: यह गणना म्यूचुअल फंड के ऐतिहासिक प्रदर्शन के आधार पर एक अनुमान है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण वास्तविक रिटर्न थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है।आपके लिए कौन सी रकम रहेगी बेस्ट? चुनिए अपना 'आसान फॉर्मूला'कितनी रकम से शुरुआत करनी है, यह पूरी तरह से आपकी मौजूदा आय (Income) और आपके भविष्य के लक्ष्यों (Financial Goals) पर निर्भर करता है। इसके लिए आप इन 3 श्रेणियों के फॉर्मूले को देख सकते हैं:1. स्टूडेंट्स और शुरुआती नौकरीपेशा लोगों के लिए (₹500 का फॉर्मूला)अगर आप अभी कॉलेज में हैं, आपको कम पॉकेट मनी मिलती है या आपने अभी-अभी इंटर्नशिप या कम वेतन वाली नौकरी शुरू की है, तो आपके लिए ₹500 प्रति माह की SIP सबसे बेस्ट है।फायदा: इससे आपकी जेब पर बोझ भी नहीं पड़ेगा और आपको कम उम्र से ही नियमित निवेश करने की एक अच्छी आदत (Financial Discipline) पड़ जाएगी।2. मध्यम आय वर्ग और छोटे लक्ष्यों के लिए (₹1,000 का फॉर्मूला)अगर आपकी सैलरी ठीक-ठाक है और आप अगले 5 से 10 साल में कार खरीदने, वेकेशन पर जाने या किसी छोटे फंड के निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो ₹1,000 से ₹2,000 प्रति माह की एसआईपी आपके लिए एक आदर्श शुरुआत है।फायदा: इस रकम को आप आसानी से अपने घरेलू खर्चों में से बचा सकते हैं और 10-15 साल में यह एक बड़ा कॉर्पस बनकर तैयार हो जाता है।3. बड़े सपनों और रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए (₹5,000 का फॉर्मूला)यदि आप एक स्थापित प्रोफेशनल हैं, आपके पास नियमित अच्छी आय है और आपका लक्ष्य बच्चों की उच्च शिक्षा, उनकी शादी या खुद के लिए एक बड़ा रिटायरमेंट फंड (Retirement Fund) तैयार करना है, तो आपको कम से कम ₹5,000 प्रति माह या उससे अधिक की एसआईपी से शुरुआत करनी चाहिए।फायदा: 15 से 20 साल की लंबी अवधि में ₹5,000 की एसआईपी कंपाउंडिंग की ताकत से आपको आसानी से 'करोड़पति' बनाने की क्षमता रखती है।सबसे जादुई फॉर्मूला—'स्टेप-अप एसआईपी' (Step-Up SIP)अगर आप आज ₹5,000 से शुरुआत नहीं कर सकते, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। निवेश का सबसे अचूक और जादुई फॉर्मूला है 'स्टेप-अप एसआईपी'।यह कैसे काम करता है? आप आज महज ₹1,000 से अपनी एसआईपी शुरू करें और हर साल जैसे-जैसे आपकी सैलरी या आमदनी बढ़े, अपनी एसआईपी की रकम को 10% या 20% बढ़ा (Top-up) दें।असर: आज की ₹1,000 की एसआईपी को अगर आप हर साल सिर्फ 10% बढ़ाते जाते हैं, तो यह सामान्य एसआईपी के मुकाबले अंत में आपको दोगुने से भी ज्यादा का फंड बनाकर देती है।अंतिम निष्कर्ष (Golden Rule):निवेश की दुनिया में सबसे जरूरी बात यह नहीं है कि आप कितनी बड़ी रकम से शुरुआत कर रहे हैं, बल्कि सबसे जरूरी यह है कि आप कितनी जल्दी शुरुआत कर रहे हैं। देर करने से बेहतर है कि आप आज ही महज ₹500 से अपनी वित्तीय यात्रा की शुरुआत करें और समय के साथ इसे बढ़ाते जाएं।
Devshayani Ekadashi Vrat 2026: 24 या 25 जुलाई? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
सनातन धर्म में आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को 'देवशयनी एकादशी' (Devshayani Ekadashi), हरिशयनी एकादशी या आषाढ़ी एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इसी दिन से भगवान श्रीहरि विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। भगवान विष्णु के शयन काल में जाने के साथ ही 'चातुर्मास' (Chaturmas) का प्रारंभ हो जाता है और विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर चार महीनों के लिए पूरी तरह से रोक लग जाती है।वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी व्रत की सही तारीख, तिथियों के फेरबदल की उलझन, शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि का पूरा विवरण नीचे दिया गया है:तारीख को लेकर न हों भ्रमित: 24 या 25 जुलाई 2026?पंचांग की गणना के अनुसार, साल 2026 में देवशयनी एकादशी की तिथि 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को सुबह से ही शुरू हो जाएगी। लेकिन सनातन धर्म में व्रत-त्योहार हमेशा उदयातिथि (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) के आधार पर रखने का विधान है। 25 जुलाई की सुबह सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान रहेगी।इसलिए, देश भर में गृहस्थ और वैष्णव समुदाय द्वारा देवशयनी एकादशी का व्रत शनिवार, 25 जुलाई 2026 को ही रखा जाएगा।एकादशी तिथि और पारण का सटीक समय (Shubh Muhurat)एकादशी तिथि प्रारंभ: 24 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 09 बजकर 13 मिनट से।एकादशी तिथि समाप्त: 25 जुलाई 2026, शनिवार को सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर।व्रत पारण का समय (Fasting Break Time): अगले दिन 26 जुलाई 2026 (रविवार) को सुबह 05:39 AM से 08:22 AM के बीच व्रत खोलना (पारण करना) सबसे उत्तम और फलदायी रहेगा।देवशयनी एकादशी की सरल एवं प्रामाणिक पूजा विधिएकादशी व्रत के कड़े नियमों की शुरुआत एक दिन पहले यानी दशमी तिथि की रात से ही सात्विक भोजन ग्रहण करने के साथ हो जाती है। एकादशी के दिन पूजा इस विधि से संपन्न करें:ब्रह्म मुहूर्त में उठें: सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त हों और पीले या हल्के रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें।व्रत का संकल्प: पूजा घर में भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने हाथ में जल और अक्षत लेकर पूरी निष्ठा से व्रत रखने का मानसिक संकल्प लें।भगवान का अभिषेक: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति को गंगाजल से पवित्र करें। उन्हें पीले वस्त्र, पीले फूल, गोपी चंदन, अक्षत और धूप-दीप अर्पित करें।तुलसी दल है अनिवार्य: श्रीहरि की पूजा में तुलसी के पत्ते (तुलसी दल) अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भगवान विष्णु को पीली मिठाइयों या फल का भोग लगाएं और उसमें तुलसी पत्ता जरूर रखें (ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए, इसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें)।कथा और मंत्र जाप: भगवान विष्णु के प्रिय महामंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करें। इसके बाद देवशयनी एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और अंत में कपूर से आरती करें।शयन कराना: चूंकि इस दिन से भगवान चार महीने के लिए निद्रा में जाते हैं, इसलिए रात्रि में पूजा के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा को एक सुंदर पालने या गद्देदार बिस्तर पर तकिया लगाकर प्रतीकात्मक रूप से शयन कराया जाता है।चातुर्मास का महत्व: इन 4 महीनों में क्या करें और क्या न करेंऋषियों और ज्योतिषियों के अनुसार, चातुर्मास के दौरान ब्रह्मांड में नकारात्मक शक्तियां थोड़ी प्रभावी हो जाती हैं और मनुष्य की पाचन क्रिया (Metabolism) कमजोर पड़ जाती है। इसलिए इस दौरान आत्म-अनुशासन रखना जरूरी है:क्या करें: इन चार महीनों में मौन रहना, सात्विक भोजन करना, प्रतिदिन गीता या धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना और दान-पुण्य करना बेहद कल्याणकारी माना जाता है।क्या न करें: विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत (जनेऊ), और नया व्यवसाय या गृह प्रवेश जैसे कोई भी मांगलिक कार्य न करें। तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का पूरी तरह परित्याग करें।
चिलचिलाती गर्मी के बाद जैसे ही मानसून की पहली फुहारें धरती पर गिरती हैं, प्रकृति चारों तरफ हरियाली की चादर ओढ़ लेती है। पेड़-पौधों के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं होता, क्योंकि हवा में मौजूद नमी और बारिश का पानी पौधों की प्राकृतिक ग्रोथ को दोगुना तेज कर देता है। अगर आप भी लंबे समय से अपने घर के गार्डन, बालकनी या छत को सजाने की सोच रहे हैं, तो बागवानी (Gardening) शुरू करने का इससे बेहतरीन समय कोई और नहीं हो सकता।इस मानसूनी सीजन में आप कुछ खास फूलों और इनडोर-आउटडोर पौधों को लगाकर अपने आशियाने को एक खूबसूरत, ताजा और नेचुरल लुक दे सकते हैं। आइए जानते हैं इस मौसम के लिए सबसे बेस्ट 6 पौधों के बारे में:1. मोगरा (Jasmine) – महक उठेगा आपका पूरा आशियानाअगर आप चाहते हैं कि बारिश के दिनों में आपके घर और आंगन से एक मीठी व मनमोहक खुशबू आती रहे, तो मोगरे का पौधा आपके बगीचे में जरूर होना चाहिए।ग्रोथ और देखभाल: मानसून की नमी मोगरे के लिए टॉनिक का काम करती है। इस मौसम में इसमें सफेद रंग के खूबसूरत फूल गुच्छों में खिलते हैं। इसे ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप मिले और मिट्टी में नमी बनी रहे।2. गेंदा (Marigold) – कम देखभाल में चमकीली रंगतगेंदा एक ऐसा सदाबहार फूलों वाला पौधा है, जिसे बहुत ज्यादा तामझाम या एक्स्ट्रा केयर की जरूरत नहीं होती।फायदे: इसके पीले और गहरे नारंगी रंग के चमकीले फूल आपके गार्डन को बेहद आकर्षक और वाइब्रेंट लुक देते हैं। मानसून में यह बहुत तेजी से फैलता है। साथ ही, गेंदे के फूलों की तेज खुशबू प्राकृतिक रूप से मच्छरों और अन्य हानिकारक कीड़ों को आपके घर से दूर रखने में मदद करती है।3. गुड़हल (Hibiscus) – बड़े और रंग-बिरंगे फूलों का राजाबारिश का मौसम गुड़हल की नई कलम (Cutting) लगाने और उसकी ग्रोथ के लिए सबसे आदर्श माना जाता है।खूबसूरती: इस मौसम में गुड़हल के पौधे में बड़े साइज के लाल, गुलाबी, पीले और सफेद रंग के आकर्षक फूल खिलते हैं। इसे रोजाना 5-6 घंटे की अच्छी धूप और वेल-ड्रेनेज (जिस गमले से पानी आसानी से निकल जाए) वाली मिट्टी की जरूरत होती है।4. स्नेक प्लांट (Snake Plant) – बेस्ट इनडोर और एयर प्यूरीफायरयदि आप भागदौड़ भरी जिंदगी में एक ऐसा पौधा ढूंढ रहे हैं जिसकी देखभाल न के बराबर करनी पड़े, तो स्नेक प्लांट सबसे बेहतरीन इनडोर ऑप्शन है।सावधानी: इसे आप लिविंग रूम, बेडरूम या बालकनी कहीं भी रख सकते हैं। ध्यान रखने वाली बात सिर्फ इतनी है कि मानसून में इसे जरूरत से ज्यादा पानी (Over-watering) बिल्कुल न दें। गमले में पानी जमा रहने से इसकी जड़ें गल सकती हैं।5. तुलसी (Holy Basil) – आस्था के साथ अचूक औषधीय गुणहर भारतीय घर के आंगन की शान कही जाने वाली तुलसी धार्मिक महत्व के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद गुणकारी है।देखभाल की टिप: बारिश के दिनों में तुलसी का पौधा बहुत तेजी से घना और हरा-भरा होता है। लेकिन लगातार होने वाली बारिश से इसके गमले में पानी रुकना नहीं चाहिए, अन्यथा पौधा खराब हो सकता है। इसे रोजाना कुछ घंटे की सुबह की हल्की धूप जरूर दिखाएं।6. फर्न (Ferns) – घनी और मखमली हरियाली का अहसासअगर आप अपने गार्डन में घने जंगलों जैसी प्राकृतिक हरियाली और फ्रेश लुक चाहते हैं, तो फर्न की विभिन्न वैरायटी को अपने कलेक्शन में शामिल करें।परफेक्ट क्लाइमेट: फर्न को नमी और छांव वाला वातावरण सबसे ज्यादा पसंद आता है, इसलिए बारिश का मौसम इसकी पत्तियों को चमकदार बना देता है। इसे कभी भी सीधी और तेज धूप में न रखें, बल्कि सेमी-शेड (हल्की छाया) वाली जगह पर लटकाएं या रखें।मानसून गार्डनिंग की क्विक टिप: बारिश के दिनों में पौधों में पानी तभी डालें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी दिखाई दे। साथ ही, हर हफ्ते गमलों के नीचे लगी ड्रेनेज प्लेट्स को साफ करते रहें ताकि उनमें पानी जमा न हो और मच्छरों को पनपने का मौका न मिले।
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक नगरी वाराणसी (Kashi) की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है। शहर को दशकों पुरानी ट्रैफिक जाम की समस्या से हमेशा के लिए निजात दिलाने और यहां के रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार (15 जुलाई 2026) को वाराणसी के लिए लगभग ₹25,500 करोड़ की कुल निवेश वाली दो बेहद बड़ी हाईवे परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इन दोनों महत्वाकांक्षी कॉरिडोर के निर्माण पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए इन प्रोजेक्ट्स का पूरा खाका साझा किया।पहला प्रोजेक्ट: NH-31 और वाराणसी रिंग रोड लिंक (वरुणा नदी के किनारे)वाराणसी शहर के आंतरिक ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।रूट और लंबाई: यह नया लिंक रोड कुल 43.218 किलोमीटर लंबा होगा, जिसे वरुणा नदी के किनारे-किनारे विकसित किया जा रहा है।डिजाइन: यह मुख्य रूप से एक 6/4-लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर होगा, जिसमें मुख्य कैरिजवे के साथ-साथ शानदार फ्लाईओवर्स, लूप्स, रैंप्स और सर्विस रोड्स का जाल बिछाया जाएगा।लागत और मॉडल: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत तैयार किया जाएगा। इस पर कुल ₹10,998.32 करोड़ की पूंजीगत लागत आएगी।दूसरा प्रोजेक्ट: NH-19 और वाराणसी रिंग रोड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (गंगा नदी के किनारे)यह प्रोजेक्ट वाराणसी को एक नई पहचान देने के साथ-साथ शहर के बाईपास ट्रैफिक को एक स्मूथ कनेक्टिविटी देगा।रूट और लंबाई: यह राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) और वाराणसी रिंग रोड को आपस में जोड़ेगा। यह 46.039 किलोमीटर लंबी एक ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना है, जो पवित्र गंगा नदी के किनारे-किनारे बेहतरीन रिवरबैंक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।आकर्षण: इस प्रोजेक्ट के तहत एक 6-लेन एलिवेटेड मुख्य कैरिजवे बनाया जाएगा। साथ ही, इसके मुख्य आकर्षणों में एक भव्य आइकॉनिक केबल-स्टेयड ब्रिज (Cable-Stayed Bridge) और एक एक्स्ट्राडोज्ड फुट-ओवर ब्रिज-कम-मेजर ब्रिज शामिल हैं।लागत: इसे भी हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसकी कुल पूंजीगत लागत ₹14,447.64 करोड़ आंकी गई है।60 मिनट का सफर सिर्फ 20 मिनट में; जानिए काशीवासियों को होने वाले बड़े फायदेभविष्य की 50 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स से वाराणसी की अर्बन मोबिलिटी (शहरी गतिशीलता) को एक नया आयाम मिलेगा:यात्रा समय में 70% की कमी: इन परियोजनाओं के पूरी तरह चालू होने के बाद इस रूट पर वाहनों का औसत यात्रा समय 60 मिनट से घटकर महज 20 मिनट रह जाएगा।शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति: बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले भारी वाहन शहर के भीतर घुसे बिना सीधे NH-19 और NH-31 से रिंग रोड के रास्ते बाहर निकल जाएंगे, जिससे शहर के आंतरिक चौराहों पर भीड़भाड़ पूरी तरह खत्म हो जाएगी।धार्मिक और शैक्षणिक पर्यटन को बढ़ावा: यह एलिवेटेड कॉरिडोर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों और सांस्कृतिक केंद्रों तक पहुंचने वाले पर्यटकों को एक बेहद सुगम रास्ता देगा। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के इस नए जाल से स्थानीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पूरी अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी।
अभिषेक बनर्जी ने कोर्ट में दिए वॉयस सैंपल
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर कोर्ट में वॉयस सैंपल दिए। उन पर हेट स्पीच का मामला दर्ज किया गया था
मोबाइल फोन निर्माण योजना पर मुहर, प्रधानमंत्री ने रोजगार बढ़ने का भरोसा जताया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 62,500 करोड़ रुपए के बजटीय परिव्यय के साथ मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) को मंजूरी दी है
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट संकल्प है कि देश का प्रत्येक पात्र एवं आवासहीन परिवार सम्मानजनक जीवन जी सके और उसे अपना पक्का आवास प्राप्त हो। इसी संकल्प को साकार करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 4.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 नए पक्के आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। डबल इंजन की सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक आसराहीन परिवार को पक्की छत देकर उन्हें एक सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सके।सभी 75 जनपदों में गठित त्रिसदस्यीय अपीलीय समिति के माध्यम से ऐसे सभी मामलों की पुनः समीक्षा कराई जाए, जिनमें किसी कारणवश पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए हों जिन आवेदकों को अपात्र घोषित किया गया है उनकी कारण सहित सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए, जिससे पात्रता संबंधी स्थिति पूर्णतः स्पष्ट एवं पारदर्शी बनी रहे।डबल इंजन सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण एवं आश्रयहीन परिवार को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का आधार उपलब्ध कराना है, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज के प्रत्येक पात्र वर्ग तक योजना का लाभ पहुंचे और कोई भी जरूरतमंद परिवार आवास से वंचित न रहे।इस योजना के अंतर्गत विशेष प्राथमिकता उन परिवारों को दी जा रही है जिनमें रक्षा, अर्धसैनिक बल अथवा पुलिस बल की कार्रवाई में शहीद हुए जवानों की विधवाएँ एवं आश्रित, दिव्यांगजन, अल्पसंख्यक समुदाय के पात्र परिवार, कुष्ठ रोग अथवा कैंसर से पीड़ित सदस्य वाले परिवार, एचआईवी (पीएलएचआईवी) से प्रभावित परिवार, तथा एकल बालिका वाले परिवार शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसे संवेदनशील एवं जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
एफटीए से भारत-यूके के बीच नए व्यापार युग की शुरुआत, 'जीरो टैरिफ' से निर्यातकों को फायदा
भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (एफटीए) को दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस समझौते से कपड़ा, आयुर्वेद, कृषि, प्रोसेस्ड फूड, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, रत्न-आभूषण और हस्तशिल्प जैसे कई क्षेत्रों को बड़ी उम्मीदें हैं।
महाराष्ट्र की सियासत में एनसीपी को लेकर हलचल, विपक्ष ने दल तोड़ने की कोशिश का लगाया आरोप
महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को लेकर जारी चर्चाओं के बीच कांग्रेस और शिवसेना नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही हैं, जबकि शिवसेना नेताओं ने इसे राजनीतिक शिष्टाचार और पार्टी का आंतरिक मामला बताया।
एसआईआर प्रक्रिया में हिस्सा लें, किसी का वोटिंग अधिकार नहीं छिनना चाहिए: वारिस पठान
एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से इसमें सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की
WhatsApp और Telegram के Username Feature पर सरकार सख्त, 20 दिनों में आ सकता है बड़ा फैसला
केंद्र सरकार WhatsApp और Telegram के यूजरनेम-आधारित मैसेजिंग फीचर को लेकर मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में अगले करीब 20 दिनों के भीतर कोई अधिसूचना या ...
प्रेम-प्रसंग में महिला की हत्या के 12 साल पुराने मामले में 6 दोषियों को उम्रकैद
मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले की एक अदालत ने करीब 12 वर्ष पुराने हत्या के एक मामले में छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रेम-विवाह को लेकर उपजी रंजिश में घर में घुसकर महिला की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 3.70 लाख रुपए […] The post प्रेम-प्रसंग में महिला की हत्या के 12 साल पुराने मामले में 6 दोषियों को उम्रकैद appeared first on Sabguru News .
श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर के समीप कार सेवा की घोषणा के बाद मथुरा प्रशासन सतर्क
स्वामी सच्चिदानंद को कानूनी नोटिस मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर के समीप कार सेवा की घोषणा के बाद मथुरा जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर बुधवार को क्षेत्राधिकारी (सीओ) गोवर्धन पुलिस बल के साथ चित्रगुप्त पीठ आश्रम पहुंचे और पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज से मुलाकात कर उन्हें कानूनी नोटिस तामील कराया। […] The post श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर के समीप कार सेवा की घोषणा के बाद मथुरा प्रशासन सतर्क appeared first on Sabguru News .
Uttarakhand : विपक्ष के विधायक भी हुए CM धामी के मुरीद, कांग्रेस विधायक ने मंच से की खुलकर तारीफ
चमोली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यक्रम ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इसकी सबसे बड़ी वजह रही बदरीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला का मंच से मुख्यमंत्री की खुलकर तारीफ करना। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में ...
मदन मित्रा ने तृणमूल कांग्रेस से दिया इस्तीफा, ऋतब्रत गुट में शामिल
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और औपचारिक रूप से विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में शामिल हो गए मित्रा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी के कक्ष में मीडिया के सामने की यह घोषणा की। उन्होंने कहा […] The post मदन मित्रा ने तृणमूल कांग्रेस से दिया इस्तीफा, ऋतब्रत गुट में शामिल appeared first on Sabguru News .
कोटा के पोलाई खुर्द गांव में गोलगप्पे खाने से 40 लोग बीमार
कोटा। राजस्थान में कोटा जिले के पोलाई खुर्द गांव में बुधवार को गोलगप्पे खाने से 40 लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। देर रात एक के बाद एक लोग बीमार होने लगे। इनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। सुबह चिकित्सा […] The post कोटा के पोलाई खुर्द गांव में गोलगप्पे खाने से 40 लोग बीमार appeared first on Sabguru News .
अब राजनीति में प्रतिशोध है और भाषाई स्तर भी गिरा : वसुन्धरा राजे
जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि अब राजनीति में प्रतिशोध है और भाषाई स्तर भी गिरा है। राजे बुधवार को यहां राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पर आयोजित अमृत महोत्सव कार्यक्रम के एक सत्र में बोल रही थी। उन्होंने सदन में बढ़ते अमर्यादित आचरण और भाषा के गिरते स्तर पर […] The post अब राजनीति में प्रतिशोध है और भाषाई स्तर भी गिरा : वसुन्धरा राजे appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : नशीली दवाएं रखने के दोषी को दस वर्ष का कठोर करावास
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के रावतसर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने नशीली दवायें रखने के आरोपी को बुधवार को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त महेंद्र (36) को नशीली गोलियां रखने का दोषी मानते हुए उस पर एक लाख रुपए […] The post हनुमानगढ़ : नशीली दवाएं रखने के दोषी को दस वर्ष का कठोर करावास appeared first on Sabguru News .
बीकानेर में पावरग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इन्डिया लिमिटेड के उप महाप्रबंधक रिश्वत लेते अरेस्ट
बीकानेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की बीकानेर इकाई ने पावरग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इन्डिया लिमिटेड, बीकानेर डिवीजन के उप महाप्रबंधक को बुधवार को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि ब्यूरो की बीकानेर इकाई को शिकायत मिली कि परिवादी फर्म द्वारा […] The post बीकानेर में पावरग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इन्डिया लिमिटेड के उप महाप्रबंधक रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
आयुष्मान योजना में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, बिजनौर के 16 अस्पतालों पर कार्रवाई, 6 पर निलंबन की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए साचीज लगातार सख्त निगरानी कर रही है। इसी के तहत बिजनौर के 20 ...
स्वाभिमान भोज में मनाया डॉ. अमित यादव का जन्मदिन, जरूरतमंदों को भोजन कराया
अजमेर। जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय उप अधीक्षक डॉ. अमित यादव ने बुधवार को अपना जन्मदिन अस्पताल परिसर में जवाहर फाउंडेशन की ओर से जरूरतमंदों के लिए संचालित स्वाभिमान भोज में केक काटकर मनाया साथ ही भोजन वितरण किया। इस मौके पर अस्पताल अधीक्षक अरविंद खरे, समाजसेवी महेश चौहान, मामराज सेन, भोजनालय स्टाफ ध्रुविका सिसोदिया, अंकित […] The post स्वाभिमान भोज में मनाया डॉ. अमित यादव का जन्मदिन, जरूरतमंदों को भोजन कराया appeared first on Sabguru News .
योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति से यूपी को मिली नई पहचान, भारत टेक्स-2026 में गूंजा यूपी का विकास मॉडल
Yogi Government Textile Policy: भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स-2026 के दौरान उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ...
मुख्यमंत्री योगी ने 'विश्व युवा कौशल दिवस' के अवसर पर 11 युवाओं को किया सम्मानित
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल ...
रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति से चमका UP, कई राज्यों को पीछे छोड़ा
Yogi Government Power Supply: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था ने लगातार नई ऊंचाइयों को छुआ है। प्रदेश में निर्बाध और बिना कटौती बिजली आपूर्ति की जा रही है। प्रभावी प्रबंधन, मजबूत विद्युत ढांचे और सतत ...
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव और बढ़ता जा रहा है। ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने बुधवार को दावा किया कि हाल के दिनों में अमेरिकी हवाई हमलों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने ...
चांदीपुरा वायरस के खतरे के खिलाफ AMC मुस्तैद, अहमदाबाद में सघन निगरानी शुरू, आखिर क्या है यह वायरस
Chandipura Virus Ahmedabad: मानसून की बारिश के बीच चांदीपुरा वायरस और डेंगू जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने पूरे शहर में 'ऑपरेशन मानसून' शुरू कर दिया है। मच्छरों और वायरस से फैलने वाली महामारियों को ...
भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा में इस बार लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने व्यापक सेवा अभियान शुरू किया है। 15 से 27 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत श्रद्धालुओं के लिए ...
राहुल गांधी के 'कार्यक्रम' को लेकर तैयारियां हुई शुरू, कांग्रेस के इस दावे पर भाजपा ने साधा निशाना
Rahul Gandhi's visit to Uttarakhand : देहरादून में 17 जुलाई को प्रस्तावित लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए प्रशासन द्वारा 'परेड ग्राउंड' की अनुमति रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस ने बन्नू स्कूल ...
Nepal Elephent Attack: नेपाल के खूंखार हाथी 'धुर्बे' ने एक ही परिवार के 4 लोगों को उतारा मौत के घाट। जान बचाने के लिए गांव बदलने के बाद भी हाथी ने किया हमला।
क्या मोदी ने पुतिन को परमाणु हमले से रोका था? पोलैंड के उपविदेश मंत्री का सनसनीखेज दावा
PM Narendra Modi Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर पोलैंड के उपविदेश मंत्री व्लादिस्लाव थियोफिल बार्तोशेवस्की ने एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिसने वैश्विक कूटनीति के गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। पोलिश मंत्री के मुताबिक, साल ...
खुशखबर... अब बिना कनेक्शन के भी मिलेगा LPG सिलेंडर, ऑनलाइन होगी डिलीवरी, जानिए क्या है प्रोसेस?
LPG cylinder News : एलपीजी सिलेंडर को लेकर राहतभरी खुशखबर सामने आई है। खबर यह है कि अब बिना LPG गैस कनेक्शन के भी आपको घर बैठे गैस सिलेंडर मिल जाएगा यानी अब आपको गैस एजेंसी के सामने लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। देश में पहली बार इंस्टामार्ट ने HPCL ...
मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार
Why Mosquito Bites Itch: मच्छर के काटने से होने वाली खुजली का कारण स्वयं काटना नहीं, बल्कि मच्छर की लार के प्रति शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया है। हिस्टामिन के निकलने से त्वचा पर लालिमा, सूजन और खुजली होती है। यहां जानिए मच्छर के काटने से खुजली ...
सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत और अन्य स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए लागू 'दो बच्चों की शर्त' (Two-Child Norm) की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि जिस नीति को कभी बढ़ती आबादी पर नियंत्रण के लिए बनाया गया था, वह आज के बदले जनसांख्यिकीय हालात ...
केंद्रीय कैबिनेट ने 2.19 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी। वाराणसी में NH-19 और रिंग रोड के बीच 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर, वरुणा कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर 2.0, रेलवे और यूरिया नीति को भी स्वीकृति मिली।
रणथम्भौर बाघ अभयारण्य पर्यटकों के लिए तीन महीने के लिए बंद
सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर का रणथंभौर बाघ अभयारण्य तीन महीने के मानसून के दौरान पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बीच 1700 वर्ग किलोमीटर के इस जंगल में बाघ के शरीर पर बनी धारियों से बाघों की गणना के लिए 600 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। अभयारण्य के सूत्रों ने बुधवार […] The post रणथम्भौर बाघ अभयारण्य पर्यटकों के लिए तीन महीने के लिए बंद appeared first on Sabguru News .
नई दिल्ली: यमुना नदी में नहाते वक्त डूबे चार बच्चे, तीन के शव बरामद; एक की तलाश जारी
नई दिल्ली के अलीपुर इलाके के पास यमुना नदी में नहाते समय डूबने वाले चार बच्चों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जिससे बरामद शवों की कुल संख्या तीन हो गई है, जबकि आखिरी बच्चे की तलाश जारी है।
ओडिशा में इलाज में लापरवाही को लेकर दंत चिकित्सक को एक लाख रुपए जुर्माना देने का निर्देश
भुवनेश्वर। ओडिशा में केंद्रपाड़ा ज़िला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक निजी दंत चिकित्सक को एक महिला को एक लाख रुपए का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। आयोग ने दंत चिकित्सक को मेडिकल लापरवाही और सेवा में कमी का दोषी पाया है। यह मामला दांतों के इलाज से जुड़ा है, जिसके कारण महिला को […] The post ओडिशा में इलाज में लापरवाही को लेकर दंत चिकित्सक को एक लाख रुपए जुर्माना देने का निर्देश appeared first on Sabguru News .
बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद में पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना सामने आई है, जिसमें अजब सिंह और सोनू की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए। वारदात की जानकारी होते ही एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी और एसएसपी समेत पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
आईपीएल की सबसे सफल टीमों में शुमार मुंबई इंडियंस (MI) के खेमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो फ्रेंचाइजी और हार्दिक पंड्या के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, जिसके चलते हार्दिक की कप्तानी से छुट्टी लगभग तय मानी जा रही है। फैंस के बीच यह चर्चा जोर-शोर से है कि आखिर अब मुंबई इंडियंस की बागडोर कौन संभालेगा? हालांकि रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव के नाम पहले से ही चर्चा में थे, लेकिन अब दो नए नामों ने मुंबई की राजनीति और क्रिकेट गलियारों में सस्पेंस बढ़ा दिया है।हार्दिक का 'सफर' क्या खत्म होने वाला है?हार्दिक पंड्या की कप्तानी में मुंबई इंडियंस का पिछला सीजन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था। टीम के भीतर जारी असंतोष और मैदान पर दिख रहे खराब तालमेल ने मैनेजमेंट को सोचने पर मजबूर कर दिया है। मुंबई इंडियंस की संस्कृति हमेशा से अनुशासित नेतृत्व की रही है, और हार्दिक की कप्तानी शैली को लेकर उठते सवालों ने उनकी स्थिति को कमजोर कर दिया है। जानकारों का कहना है कि अगले सीजन के लिए फ्रेंचाइजी एक फ्रेश शुरुआत करने के मूड में है, जिसमें हार्दिक के लिए जगह बनाना मुश्किल होता दिख रहा है।रोहित और सूर्या क्यों नहीं? ये हैं नए दावेदाररोहित शर्मा ने खुद को कप्तानी की दौड़ से काफी हद तक दूर रखा है, वहीं सूर्यकुमार यादव को लेकर भी बोर्ड का विचार अलग हो सकता है। अब कप्तानी के लिए दो युवा और आक्रामक खिलाड़ियों के नाम सबसे आगे हैं। पहला नाम जसप्रीत बुमराह का है, जो टीम के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद खिलाड़ी हैं। बुमराह का कूल माइंड और सटीक गेंदबाजी हमेशा से टीम को जीत दिलाती रही है। दूसरा नाम ईशान किशन का उभर कर आ रहा है, जिन्हें मैनेजमेंट एक भविष्य के कप्तान के रूप में देख रहा है। बुमराह और ईशान की यह संभावित जोड़ी मुंबई के भविष्य के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।आधुनिक दौर की 'एआई' और क्रिकेट डेटा का प्रभावजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के दौर में क्रिकेट फैंस अब केवल भावनाओं से नहीं, बल्कि डेटा से फैसले ले रहे हैं। सोशल मीडिया और सर्च प्लेटफॉर्म्स पर मुंबई इंडियंस की कप्तानी के लिए बुमराह और ईशान किशन के पक्ष में भारी डेटा सपोर्ट दिख रहा है। एआई-आधारित एनालिसिस यह बता रहा है कि बुमराह का नेतृत्व कौशल कठिन परिस्थितियों में अधिक प्रभावशाली है। मुंबई इंडियंस का मैनेजमेंट भी इसी दिशा में सोच रहा है कि कैसे एक ऐसा कप्तान चुना जाए जो न केवल टीम को एकजुट रखे, बल्कि फैंस के साथ भी जुड़ाव बनाए रखे।मुंबई का अगला कदम क्या होगा?आगामी सीजन से पहले मुंबई इंडियंस के इस बड़े बदलाव पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्या हार्दिक पंड्या को रिलीज किया जाएगा? या फिर उन्हें टीम में एक खिलाड़ी के रूप में रखा जाएगा? इन सवालों का जवाब तो वक्त ही देगा, लेकिन इतना तय है कि वानखेड़े के मैदान पर अगले आईपीएल सीजन में एक नई मुंबई इंडियंस देखने को मिलेगी। बुमराह या ईशान - कौन संभालेगा मुंबई की कमान? यह प्रश्न अब आईपीएल की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक बन चुका है।
राकांपा ने परिसीमन विधेयक का समर्थन करने का दिया संकेत
मुंबई। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विवादित परिसीमन विधेयक का समर्थन करने के संकेत से राजनीतिक माहौल में हलचल सी मच गई है। विवादित परिसीमन विधेयक पर विपक्ष के रुख को बदलने वाले इस कदम में पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं सांसद सुप्रिया सुले ने संकेत दिया है कि […] The post राकांपा ने परिसीमन विधेयक का समर्थन करने का दिया संकेत appeared first on Sabguru News .
T20 वाली गलती से वनडे में सबक: अक्षर पटेल ने कैसे पलटी बाजी? खुद बताया अपनी सफलता का असली मंत्र
अक्षर पटेल इन दिनों भारतीय वनडे टीम की रीढ़ बनते जा रहे हैं। टी20 फॉर्मेट में अपनी गेंदबाजी को लेकर जूझ रहे अक्षर ने वनडे क्रिकेट में जिस तरह की वापसी की है, वह चर्चा का विषय बनी हुई है। एक समय था जब उनकी गेंदबाजी पर बल्लेबाज आसानी से रन बना रहे थे, लेकिन अब वही अक्षर पटेल मिडिल ओवर्स में विपक्षी टीम के लिए काल साबित हो रहे हैं। इस बदलाव के पीछे का रहस्य क्या है? खुद अक्षर ने अपनी पुरानी गलतियों और नए आत्मविश्वास के बारे में खुलकर बात की है।टी20 में कहां चूके थे अक्षर?टी20 फॉर्मेट में अक्षर पटेल अक्सर अपनी लाइन और लेंथ को लेकर दबाव में दिखते थे। बल्लेबाजों को सेट करने की जल्दबाजी में वे कई बार ऐसी गेंदें फेंक देते थे जिन्हें हिट करना आसान होता था। टी20 की तेज रफ्तार वाली पिचें और छोटे मैदानों पर उनकी वह गलती टीम इंडिया की 'लुटिया' डुबोने के लिए काफी थी। उस दौरान स्पिन के जाल में बल्लेबाज फंसने के बजाय अक्षर की गेंद पर खुलकर शॉट्स खेल रहे थे, जिसने उनकी गेंदबाजी के संतुलन पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए थे।वनडे में कैसे आया बदलाव?अक्षर पटेल ने स्वीकार किया कि वनडे फॉर्मेट में उन्होंने अपनी गेंदबाजी की लय को फिर से खोज लिया है। उन्होंने बताया, वनडे में आपको खुद को सेट करने के लिए थोड़ा समय मिलता है, जो एक गेंदबाज के रूप में मुझे बेहतर समझने का मौका देता है। इस बार उन्होंने अपनी गति में बदलाव और सटीक 'स्पिन कंट्रोल' पर काम किया है। अब वे केवल बल्लेबाज को डराने के लिए नहीं, बल्कि उसे अपनी जाल में फंसाने के लिए गेंदबाजी कर रहे हैं। यही वह सूक्ष्म बदलाव है जिसने उनके वनडे करियर को नई ऊंचाई दी है।Generative AI और डेटा का असरआधुनिक क्रिकेट (Generative Engine Optimization/AEO) के दौर में खिलाड़ी अब अपनी गेंदबाजी का डेटा-आधारित विश्लेषण कर रहे हैं। अक्षर पटेल ने भी अपनी पुरानी गेंदबाजी के फुटेज को देखकर यह समझा कि वे कहां गलती कर रहे थे। उन्होंने अपनी 'डॉट बॉल' की प्रतिशत को बढ़ाने पर जोर दिया है, जो वनडे मैच में टीम की जीत का सबसे बड़ा आधार है। उनका यह नया अंदाज न केवल विपक्षी टीमों के लिए एक पहेली बन गया है, बल्कि क्रिकेट विशेषज्ञों की रेटिंग में भी उन्हें शीर्ष स्पिनर्स में जगह दिला रहा है।भविष्य के लिए क्या है संकेत?अक्षर पटेल का यह आत्मविश्वास भारतीय टीम के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में यदि अक्षर इसी तरह की गेंदबाजी जारी रखते हैं, तो वे रवींद्र जडेजा के साथ मिलकर भारत के लिए एक घातक स्पिन जोड़ी साबित हो सकते हैं। अक्षर का यह खुलासा कि 'गलती को स्वीकार करना ही सुधार की पहली सीढ़ी है', न केवल क्रिकेटरों के लिए बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपनी गलतियों से डरते हैं। अब देखना यह है कि क्या अक्षर पटेल इस लय को बरकरार रखते हुए भारत को वर्ल्ड कप या अन्य बड़ी सीरीज में जीत दिला पाएंगे?
शुभमन गिल की राह में सचिन-रोहित का 'विशाल' चैलेंज: क्या टूट पाएगा क्रिकेट इतिहास का ये अनूठा रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट के 'प्रिंस' कहे जाने वाले शुभमन गिल लगातार नए मुकाम हासिल कर रहे हैं, लेकिन उनके सामने अब एक ऐसा पहाड़ जैसा रिकॉर्ड खड़ा है, जिसे छूना बड़े-बड़े दिग्गजों के लिए भी सपना रहा है। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और हिटमैन रोहित शर्मा के नाम एक ऐसा जादुई कारनामा दर्ज है, जिसे आज तक कोई भी बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है। शुभमन गिल की बढ़ती फॉर्म को देखकर अब फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई है कि क्या गिल इस असंभव लगने वाले रिकॉर्ड को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं?वो अनोखा रिकॉर्ड जो आज भी है बरकरारसचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा ने अपने करियर में ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जो बल्लेबाजी की दुनिया में एक बेंचमार्क बन चुके हैं। हम बात कर रहे हैं सीमित ओवरों के क्रिकेट और टेस्ट मैचों में उनके द्वारा लगाए गए कुछ विशेष शतकों की श्रृंखला और उनके स्ट्राइक रेट के अनोखे संगम की। विशेष रूप से, एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक इंटरनेशनल रन और शतकों का जो आंकड़ा सचिन और रोहित ने अपने चरम पर छुआ था, उसे पार करना गिल के लिए एक बड़ी परीक्षा है। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि गिल की तकनीक तो शानदार है, लेकिन इन दिग्गजों के स्तर की निरंतरता (Consistency) को हासिल करना ही असली चुनौती है।शुभमन गिल के लिए परीक्षा की घड़ीशुभमन गिल ने जिस तेजी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है, उससे यह तो साफ है कि उनमें सचिन और रोहित जैसी झलक दिखती है। गिल के शॉट्स में जो शालीनता है, वह सचिन की याद दिलाती है, वहीं रोहित की तरह बड़े शॉट खेलने की उनकी क्षमता उन्हें एक पूर्ण बल्लेबाज बनाती है। हालांकि, AEO (आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन) और क्रिकेट डेटा के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि गिल को अभी अपनी फिटनेस और बड़े टूर्नामेंटों में लंबी पारियां खेलने के रिकॉर्ड को और बेहतर करना होगा। गिल का लक्ष्य केवल शतक लगाना नहीं, बल्कि उन दिग्गजों के साथ खड़े होने के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन करना है।क्या एआई (Generative AI) भविष्य की कर रहा भविष्यवाणी?आज के दौर में एआई-आधारित (Generative Engine Optimization) क्रिकेट विश्लेषण भी गिल के ग्राफ को ऊपर की ओर दिखा रहे हैं। प्रेडिक्टिव एनालिसिस (Predictive Analysis) के अनुसार, यदि गिल इसी गति से रन बनाते रहे, तो आने वाले 3 से 4 वर्षों में वे उन बड़े रिकॉर्ड्स के बेहद करीब हो सकते हैं। प्रशंसकों के लिए यह एक रोचक मुकाबला है—एक तरफ क्रिकेट के दो दिग्गज जिनके रिकॉर्ड्स का लोहा पूरी दुनिया मानती है, और दूसरी तरफ युवा गिल, जिनकी आंखों में उन रिकॉर्ड्स को तोड़ने का साहस है। यह मुकाबला सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि आंकड़ों के इस महायुद्ध में भी है।क्रिकेट जगत की नजरें अब गिल परआगामी सीरीज में शुभमन गिल के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्या वे रोहित और सचिन के उस जादुई आंकड़े को छू पाएंगे? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना जरूर है कि गिल ने भारत को एक नई उम्मीद दी है। वे न केवल अपने लिए रन बना रहे हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के उस सुनहरे इतिहास को फिर से लिखने की क्षमता भी रखते हैं। क्रिकेट का हर प्रशंसक यही देखना चाहता है कि क्या गिल अपने नाम के आगे 'अगला दिग्गज' का खिताब दर्ज करवा पाएंगे या यह रिकॉर्ड हमेशा के लिए सचिन-रोहित के नाम ही रहेगा।
छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और पंडवानी की धुन को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने वाली 'पद्म विभूषण' डॉ. तीजन बाई के सम्मान में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कला के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए सरकार ने अब प्रदेश के प्रमुख स्कूलों और राज्य स्तरीय लोककला अलंकरणों का नामकरण उनके नाम पर करने की घोषणा की है। यह न केवल उनके प्रति सम्मान है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।लोककला और संस्कृति का होगा 'अमृत' संरक्षणडॉ. तीजन बाई की पंडवानी कला ने छत्तीसगढ़ को वैश्विक मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। सरकार के इस कदम से लोककला के क्षेत्र में कार्यरत युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। अब राज्य द्वारा दिए जाने वाले प्रमुख लोककला पुरस्कारों में डॉ. तीजन बाई का नाम जुड़ने से इनका मान और अधिक बढ़ जाएगा। साथ ही, चयनित स्कूलों का नाम उनके नाम पर रखे जाने से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा। यह संस्कृति के संरक्षण की एक आधुनिक और सम्मानजनक पहल है।Geographical (लोकल) और शैक्षणिक प्रभावस्थानीय स्तर पर इस घोषणा का स्वागत करते हुए कलाकारों और शिक्षाविदों का कहना है कि यह निर्णय हमारी कलात्मक पहचान को पुनर्जीवित करेगा। भौगोलिक रूप से छत्तीसगढ़ के हर अंचल में तीजन बाई की कहानियों की गूंज है, और अब स्कूलों के माध्यम से यह गूंज शिक्षा के गलियारों में भी सुनाई देगी। यह कदम राज्य की 'Geographical' पहचान को मजबूत करता है। नई पीढ़ी, जो आज के डिजिटल युग में अपनी जड़ों से कट रही है, उनके लिए यह एक ऐसे 'सांस्कृतिक केंद्र' के रूप में कार्य करेगा जहाँ कला को शिक्षा के साथ जोड़ा जा सकेगा।AI और डिजिटल युग में कला का प्रचारआज के डिजिटल और 'Generative AI' के दौर में, जब लोग सर्च इंजनों पर डॉ. तीजन बाई की पंडवानी और छत्तीसगढ़ी लोक कला के बारे में खोजते हैं, तब इस प्रकार के सरकारी निर्णय डेटा-आधारित संस्कृति के निर्माण में मदद करते हैं। यह कदम भविष्य में उन सर्च ट्रेंड्स को भी प्रभावित करेगा, जहां लोग छत्तीसगढ़ की संस्कृति और महान विभूतियों के बारे में जानना चाहते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि डॉ. तीजन बाई का नाम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और शैक्षणिक रिकॉर्ड्स में भी 'ब्रांड छत्तीसगढ़' की तरह दर्ज हो, जिससे वैश्विक स्तर पर हमारी कला को नई पहचान मिल सके।एक युग का सम्मानडॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष और कला का पर्याय रहा है। सरकार की यह पहल एक युग को सम्मानित करने के समान है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद से प्रदेश भर के कलाकारों में खुशी का माहौल है। यह पहल स्पष्ट करती है कि छत्तीसगढ़ की सरकार अपनी परंपराओं और उन महापुरुषों को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के नाम को पूरी दुनिया में गौरवान्वित किया है। आने वाले समय में, यह नामकरण न केवल स्कूलों की पहचान बनेगा, बल्कि कला के प्रति युवाओं में नए उत्साह का संचार भी करेगा।
तेज रफ्तार टैंकर ने तीन स्कूली बच्चों को कुचला, दो की मौके पर ही मौत; ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक तेज रफ्तार टैंकर ने तीन स्कूली बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में दो मासूमों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंचकर सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजे और सुरक्षा की मांग शुरू कर दी है।कैसे हुआ यह भीषण हादसा?बताया जा रहा है कि बच्चे स्कूल से वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी टैंकर चालक ने नियंत्रण खो दिया और मासूमों को रौंद दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार अक्सर हादसों का कारण बनती है, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मृतकों में स्कूली बच्चों के होने की खबर मिलते ही आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है।ग्रामीणों का प्रदर्शन: क्या है मांग?हादसे के बाद ग्रामीण सड़कों पर उतर आए हैं और भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जिला प्रशासन मौके पर पहुंचकर ठोस आश्वासन नहीं देता और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे जाम नहीं खोलेंगे। पुलिस बल मौके पर मौजूद है और भीड़ को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। Geographically (स्थानीय) यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है, जहां अक्सर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण ऐसी दुखद घटनाएं होती रहती हैं।सुरक्षा और प्रशासन की लापरवाही पर सवालआज के दौर में जब 'Generative AI' और 'स्मार्ट ट्रैफ़िक सिस्टम' का उपयोग करके दुर्घटनाओं को रोकने की बात की जा रही है, तब कोरबा की ये सड़कें आज भी असुरक्षित बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल के पास स्पीड ब्रेकर न होना और भारी वाहनों की अनियंत्रित गति ने कई जिंदगियां छीन ली हैं। एआई-आधारित (AI Search) विश्लेषण भी संकेत देते हैं कि औद्योगिक क्षेत्रों के पास स्कूलों के रास्तों पर 'सेफ्टी ऑडिट' की सख्त जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।पुलिस की कार्रवाई और स्थिति पर नजरफिलहाल, टैंकर चालक को पकड़ने के लिए पुलिस ने नाकेबंदी कर दी है और मामले की जांच जारी है। दुर्घटनास्थल पर तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों के साथ वार्ता कर रहे हैं ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। कोरबा के इस सड़क हादसे ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि उन परिवारों की दुनिया उजाड़ दी है जिन्होंने अपने होनहार बच्चों को खो दिया है।
बिहार की राजनीति में इन दिनों 'जन सुराज' से बीजेपी की ओर पलायन का सिलसिला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम में प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' को एक बड़ा झटका लगा है, जब उनके तीन दिग्गज नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया है। इसमें दीघा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी रहे बिट्टू सिंह और मनेर विधानसभा के पूर्व उम्मीदवार गोपाल सिंह के अलावा गणितज्ञ और शिक्षाविद प्रोफेसर के.सी. सिन्हा का नाम शामिल है। इन नेताओं का भाजपा में शामिल होना प्रशांत किशोर के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।कौन हैं ये दिग्गज नेता और क्यों छोड़ी 'जन सुराज'?भाजपा में शामिल हुए नेताओं में सबसे चर्चित नाम प्रोफेसर के.सी. सिन्हा का है, जो नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति रह चुके हैं और जन सुराज अभियान की शुरुआत से ही इसके सक्रिय सदस्य थे। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुम्हरार सीट से पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। वहीं, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह जैसे नेताओं का अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नेताओं का पार्टी छोड़ना जन सुराज के संगठनात्मक ढांचे के लिए एक बड़ा नुकसान है।बीजेपी की 'मिशन मोड' रणनीतिआगामी चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को पूरी तरह 'टीम वर्क' पर केंद्रित कर दिया है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में एनडीए के घटक दलों की एक अहम बैठक हुई, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा इन नेताओं को शामिल कर न केवल अपना कुनबा बढ़ा रही है, बल्कि प्रशांत किशोर की पार्टी को उसी के गढ़ में कमजोर करने की कोशिश कर रही है।क्या कहते हैं राजनीतिक समीकरण?एआई-आधारित सर्च ट्रेंड्स (AI Search) और स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर के लिए अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना एक बड़ी परीक्षा बन गई है। पहले भी कई मौकों पर जन सुराज के प्रत्याशियों के भाजपा में शामिल होने की खबरें आती रही हैं, जो सीधे तौर पर चुनावी समीकरणों को प्रभावित करती हैं। दीघा और कुम्हरार जैसे क्षेत्रों में इन नेताओं की स्विचिंग से एनडीए का पलड़ा भारी होता दिख रहा है।जन सुराज का भविष्य और प्रशांत किशोर की राहप्रशांत किशोर ने जिस तरह से बिहार की बदहाली और पलायन जैसे मुद्दों पर 'जन सुराज' की नींव रखी थी, उसे जनता का समर्थन मिल रहा था, लेकिन लगातार हो रही 'दलबदल' की राजनीति ने पार्टी के सामने संकट पैदा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशांत किशोर अपने संगठन में हो रही इस टूट को कैसे रोकते हैं और क्या वे आने वाले दिनों में नए चेहरों के दम पर अपनी पकड़ बनाए रख पाएंगे।
भीलवाड़ा के आसींद में कार की चपेट में आने से 3 युवकों की मौत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के आसींद थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-158 पर मंगलवार देर रात कार की चपेट में आने से मोटर साइकिल पर सवार तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि कमलेश (24), भूरा उर्फ निजाम खान और बृजेश सहनी भीलवाड़ा में कैटरिंग का काम करते थे। देर […] The post भीलवाड़ा के आसींद में कार की चपेट में आने से 3 युवकों की मौत appeared first on Sabguru News .
'आपने देश की अंतरात्मा जगा दी, अब अनशन खत्म कीजिए'— शशि थरूर की सोनम वांगचुक से भावुक अपील
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने 18 दिन से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्होंने देश की अंतरात्मा जगा दी।
बिहार पुलिस महकमे में आज एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक साथ 22 पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) का तबादला कर दिया है। इस फेरबदल में पटना जिले के महत्वपूर्ण अनुमंडलों जैसे दानापुर और पटना सिटी के साथ-साथ राज्य के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) की भी जिम्मेदारी बदल दी गई है। अचानक हुए इस तबादले से पुलिस महकमे में हलचल है और इसे आगामी चुनौतियों से निपटने की एक रणनीतिक तैयारी माना जा रहा है।इन बड़े अनुमंडलों में हुआ बदलावबिहार गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, राजधानी पटना के प्रमुख केंद्रों दानापुर और पटना सिटी में नए डीएसपी की तैनाती की गई है। इन दोनों इलाकों की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुभवी अधिकारियों को कमान सौंपी गई है। दानापुर और पटना सिटी के अलावा भी कई अन्य जिलों में अनुमंडल स्तर पर पुलिसिंग को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों की अदला-बदली की गई है। माना जा रहा है कि जिन इलाकों में अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने में चुनौती आ रही थी, वहां नए चेहरों को लाकर पुलिसिंग को अधिक सक्रिय बनाने का प्रयास किया गया है।क्यों जरूरी था यह प्रशासनिक फेरबदल?Geographical (लोकल) पुलिसिंग को बेहतर बनाने और आम जनता तक त्वरित न्याय पहुंचाने के लिए समय-समय पर इस तरह के बदलाव आवश्यक होते हैं। हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों से मिली फीडबैक और प्रशासनिक समीक्षा के आधार पर यह फैसला लिया गया है। इन तबादलों के जरिए पुलिस मुख्यालय का स्पष्ट संदेश है कि कार्यकुशलता और जवाबदेही के मामले में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नए एसडीपीओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्यक्षेत्र में अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।एआई और डेटा-आधारित पुलिसिंग का दौरआज के दौर में जब अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पुलिस का भी 'स्मार्ट' होना जरूरी है। जेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) और आधुनिक डिजिटल टूल्स के माध्यम से पुलिसिंग में पारदर्शिता आई है। अब नागरिक भी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से अपने क्षेत्र के नए डीएसपी के बारे में जानकारी सर्च कर रहे हैं। बिहार पुलिस की यह नई टीम डेटा-आधारित अपराध नियंत्रण (Data-Driven Policing) पर अधिक ध्यान देगी, ताकि अपराध होने से पहले ही उस पर नकेल कसी जा सके। यह बदलाव केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बिहार पुलिस की नई कार्यसंस्कृति का हिस्सा है।अगले 24 घंटों में कार्यभार संभालने के निर्देशगृह विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापना स्थल पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। पटना सिटी और दानापुर जैसे बड़े अनुमंडलों में नए डीएसपी के आते ही अपराध विरोधी अभियानों और गश्त में तेजी आने की उम्मीद है। आम लोगों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नए पुलिस कप्तान अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को किस तरह से बदलते हैं। स्थानीय स्तर पर पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल ही इन तबादलों की सफलता की असली कसौटी होगी।
बिहार की राजनीति के 'धुरंधर' और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कानूनी दांव-पेच और बरसों से चली आ रही अदालती कार्रवाई के बीच, इस नए घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मचा दी है। कोर्ट के रुख ने लालू यादव के समर्थकों में उत्साह भर दिया है। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिली इस राहत पर लालू प्रसाद यादव ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और सत्य हमेशा जीतता है।क्या है पूरा मामला और सुप्रीम कोर्ट का फैसला?चारा घोटाला मामले में लालू यादव को लंबे समय से कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। सुप्रीम कोर्ट में चली हालिया सुनवाई के दौरान, अदालत ने मामले से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर गौर करते हुए लालू यादव को बड़ी राहत दी है। हालांकि यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इस फैसले को लालू यादव के लिए एक बड़ी व्यक्तिगत और राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन सभी अटकलों पर विराम लगाता है जो उनकी स्वास्थ्य और कानूनी स्थिति को लेकर लगाई जा रही थीं।फैसले पर लालू का भावुक बयानमीडिया से बातचीत के दौरान लालू प्रसाद यादव ने बेहद संयमित लेकिन आक्रामक तेवर अपनाए। उन्होंने कहा, 'सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं। हमें न्यायपालिका पर हमेशा से अटूट विश्वास रहा है।' लालू यादव ने इसे अपने संघर्षों की जीत करार देते हुए कहा कि उन्हें हमेशा से पता था कि अंततः सच सामने आएगा। इस बयान के साथ ही उन्होंने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि साजिश रचने वाले लोग जनता की अदालत में बेनकाब हो चुके हैं।बिहार की सियासत पर पड़ेगा असर?Geographical (लोकल) राजनीति के लिहाज से देखें तो लालू प्रसाद यादव की यह राहत उनके समर्थकों के लिए संजीवनी की तरह है। राजद खेमे में इस फैसले के बाद जश्न का माहौल है और पार्टी अब पूरी ताकत के साथ आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार है। एआई-आधारित विश्लेषण (AI Search Trends) संकेत देते हैं कि इस खबर के बाद से सोशल मीडिया पर 'लालू यादव सुप्रीम कोर्ट' और 'चारा घोटाला अपडेट' जैसे कीवर्ड्स की सर्च में अचानक उछाल आया है। यह स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में लालू यादव की मौजूदगी अभी भी एक बड़ा फैक्टर बनी हुई है।अब आगे क्या होगी रणनीति?सुप्रीम कोर्ट से मिली इस राहत के बाद लालू यादव की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। राजद के रणनीतिकारों का मानना है कि अब पार्टी अपने पुराने एजेंडे 'सामाजिक न्याय' और 'विकास' को लेकर जनता के बीच और आक्रामक तरीके से जाएगी। हालांकि, विरोधी दलों का कहना है कि यह मामला अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन लालू यादव समर्थकों का कहना है कि वे किसी भी कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं। अब आने वाले दिन बताएंगे कि यह राहत बिहार की सियासत में किस तरह के नए समीकरणों को जन्म देती है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर इन दिनों लोकतंत्र के रंग में पूरी तरह सराबोर है। अवसर है राजस्थान विधानसभा के अमृत महोत्सव का, जिसे लोकतंत्र के महाकुंभ के रूप में मनाया जा रहा है। जयपुर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राजनीति की अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जहां राज्य की संसदीय यात्रा को आकार देने वाले वर्तमान और पूर्व विधायक एक ही मंच पर नजर आए। यह आयोजन न केवल पुरानी यादों को ताजा करने का माध्यम बना, बल्कि नई पीढ़ी को राज्य के संसदीय इतिहास और लोकतंत्र की मजबूती के गौरवशाली सफर से रूबरू कराने का एक बड़ा जरिया भी साबित हुआ।लोकतंत्र का महासंगम: यादों के गलियारे में सियासतइस महोत्सव के दौरान माहौल बेहद भावुक और उत्साहपूर्ण रहा। एक तरफ जहां वर्तमान विधायक राज्य के विकास के एजेंडे पर चर्चा करते दिखे, वहीं पूर्व विधायकों ने अपने कार्यकाल के उन अनुभवों को साझा किया, जिन्होंने राजस्थान की राजनीति की नींव रखी। मंच पर दिग्गजों का यह जमावड़ा इस बात का प्रमाण है कि भले ही राजनीतिक विचारधाराएं अलग हों, लेकिन लोकतंत्र की सेवा और राज्य के प्रति समर्पण का जज्बा सभी में समान है। इस दौरान सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजने पर विशेष जोर दिया गया।क्यों खास है यह अमृत महोत्सव?Geographical (लोकल) और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से यह आयोजन राजस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राज्य के विधायी सफर का एक पड़ाव है। इसमें प्रदर्शनियों के माध्यम से विधानसभा के उन दुर्लभ पलों को भी प्रदर्शित किया गया, जो वर्षों से फाइलों में दबे थे। आम जनता के लिए भी यह एक बेहतरीन अवसर रहा कि वे अपने जनप्रतिनिधियों को एक अलग और सौहार्दपूर्ण माहौल में देख सकें। अमृत महोत्सव की यह गूंज न केवल जयपुर में, बल्कि पूरे राजस्थान के हर उस नागरिक तक पहुंची है, जिसका विश्वास लोकतंत्र में है।आधुनिक दौर और संसदीय परंपरा (AI Search & Digital Era)आज के डिजिटल और 'Generative Engine Optimization' (AI सर्च) के दौर में, जब लोग लोकतंत्र के प्रति नई जिज्ञासाएं रख रहे हैं, तब इस तरह के आयोजनों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। डिजिटल डेटा और सर्च ट्रेंड्स बताते हैं कि युवा अब संसदीय प्रक्रियाओं और विधानसभा के इतिहास के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहते हैं। यह अमृत महोत्सव आने वाली पीढ़ी के लिए एक 'लाइव हिस्ट्री' की तरह है, जिसे अब आधुनिक तकनीक के जरिए संरक्षित किया जा रहा है ताकि इतिहास के ये पन्ने भविष्य के डिजिटल नागरिकों के लिए सदैव उपलब्ध रहें।लोकतंत्र की मजबूती का संकल्पमहोत्सव के समापन की ओर बढ़ते हुए, सभी नेताओं ने एक स्वर में लोकतंत्र को और अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाने का संकल्प लिया। वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों का यह अनूठा संगम यह संदेश देता है कि राजनीति का उद्देश्य जनसेवा है और मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य की प्रगति ही अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। जयपुर की फिजाओं में गूंजता यह लोकतांत्रिक उत्सव आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति के लिए एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।
नोएडा के सेक्टर-66 स्थित ममूरा गांव में इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में स्पार्किंग से चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। हादसे में महिला समेत दो लोगों की मौत हुई, जबकि 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
E20 पेट्रोल पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान, बोले- शुद्ध पेट्रोल चाहिए तो ज्यादा कीमत चुकानी होगी
E20 पेट्रोल पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जो लोग शुद्ध 100% पेट्रोल चाहते हैं, उन्हें अधिक कीमत चुकानी होगी। IIT कानपुर ने भी E20 से इंजन या माइलेज पर नुकसान के दावों को खारिज किया।
सूर्य देव का बड़ा बदलाव! 16 जुलाई को 'कर्क' में सूर्य का गोचर, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का राशि परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रहों के राजा सूर्य देव अब अपनी चाल बदलते हुए 16 जुलाई 2026 को मिथुन राशि से निकलकर चंद्रमा की राशि 'कर्क' में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य का यह गोचर न केवल मौसम में बदलाव का संकेत देता है, बल्कि 12 राशियों के जातकों के जीवन में भी बड़े उतार-चढ़ाव लेकर आता है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, अगले 30 दिनों तक चलने वाला यह सूर्य का यह विशेष गोचर खास तौर पर 3 भाग्यशाली राशियों के लिए धन, मान-सम्मान और करियर में जबरदस्त प्रगति लेकर आ रहा है।इन 3 राशियों के लिए शुरू होगा 'स्वर्ण काल'सूर्य का यह गोचर मेष, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से फलदायी रहने वाला है।मेष राशि: आपके चौथे भाव में सूर्य का गोचर भूमि, भवन और वाहन सुख के योग बना रहा है। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और कार्यक्षेत्र में रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे।वृश्चिक राशि: इस राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आया है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के योग बन रहे हैं और व्यापार में बड़ा मुनाफा होने की पूरी संभावना है।मीन राशि: पांचवें भाव में सूर्य का आगमन छात्रों के लिए बेहद शुभ है। करियर में नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।क्या होगा आम जीवन पर इसका असर?खगोलीय और भौगोलिक (Geographical) प्रभाव के चलते सूर्य के कर्क राशि में आने से देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता में बदलाव आ सकता है। वहीं, आम जनजीवन के लिए यह गोचर आत्म-विश्वास और ऊर्जा में वृद्धि करने वाला होगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से, यह समय पाचन तंत्र और आंखों के प्रति थोड़ी सावधानी बरतने का है। सूर्य का यह गोचर उन लोगों के लिए बेहतरीन साबित होगा जो सरकारी क्षेत्र या राजनीति से जुड़े हैं, क्योंकि सूर्य 'सत्ता' के कारक हैं और कर्क राशि में आकर वे जातक के प्रभाव को और बढ़ाएंगे।आधुनिक ज्योतिष और एआई (AI) का दृष्टिकोणआजकल के डिजिटल दौर में जेनरेटिव एआई (Generative AI) और आधुनिक डेटा ज्योतिषीय गणनाओं को अधिक सटीक बनाने में मदद कर रहे हैं। एआई सर्च ट्रेंड्स और नक्षत्रों की चाल का विश्लेषण करें तो यह गोचर व्यक्तिगत विकास (Personal Growth) के लिए बहुत अच्छा है। हालांकि, ज्योतिष केवल संकेत देता है, कर्म ही फल तय करते हैं। इन 30 दिनों के दौरान अपने व्यवहार में विनम्रता और काम में निरंतरता बनाए रखना आपको सफलता की ऊंचाइयों पर ले जाएगा।सूर्य देव को प्रसन्न करने के आसान उपायइस गोचर के शुभ प्रभावों को और अधिक बढ़ाने के लिए सुबह जल्दी उठकर सूर्य को अर्घ्य दें। तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत और थोड़ा सा गुड़ मिलाकर सूर्य देव को जल अर्पित करना बेहद कारगर होता है। रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से न केवल सूर्य देव प्रसन्न होते हैं, बल्कि आत्मविश्वास में भी अभूतपूर्व वृद्धि होती है। कर्क राशि में सूर्य का यह गोचर आपको मानसिक शांति और पारिवारिक सौहार्द भी प्रदान करेगा।
अक्सर जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है जब हमें लगता है कि अब कोई उम्मीद नहीं बची। हर तरफ मायूसी और असफलता का अंधेरा दिखाई देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही वो समय होता है, जो बड़े बदलाव की आहट देता है? मनोविज्ञान और आध्यात्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, जब जीवन पूरी तरह से 'बॉटम' पर होता है, तभी एक नया और शानदार अध्याय शुरू होता है। अगर आप भी अपने जीवन में कुछ ऐसे खास संकेत महसूस कर रहे हैं, तो खुश हो जाइए, क्योंकि आपका 'गोल्डन टाइम' बस दस्तक देने ही वाला है।1. उम्मीद पूरी तरह खत्म सी लगनायह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन जब हम पूरी तरह हार मान लेते हैं, तो हम अपनी पुरानी सोच के बंधनों से मुक्त हो जाते हैं। जब आप 'उम्मीद छोड़ देते हैं', तो आप वास्तव में अपनी चिंता और तनाव को पीछे छोड़ रहे होते हैं। यह संकेत है कि अब आप नए सिरे से शुरुआत करने के लिए तैयार हैं और ब्रह्मांड आपके लिए कुछ बेहतर प्लान कर रहा है।2. बिना किसी कारण के मन का प्रसन्न रहनाअगर आप हाल ही में बिना किसी ठोस वजह के खुद को अंदर से हल्का और खुश महसूस कर रहे हैं, तो यह आपकी ऊर्जा में बदलाव का संकेत है। यह खुशी इस बात का प्रतीक है कि आपके अंदर की नकारात्मकता अब छंट चुकी है और आपकी सकारात्मकता एक नए स्तर पर पहुंच गई है।3. अचानक से पुरानी आदतों और लोगों से दूरी महसूस करनाक्या आपको लग रहा है कि आपके पुराने दोस्त या आपकी पुरानी आदतें अब आपको लुभा नहीं रही हैं? यह विकास की निशानी है। आप एक ऐसे पड़ाव पर हैं जहां आपका व्यक्तित्व बदल रहा है। पुराने का छूटना ही नए का आने का सबसे पक्का संकेत होता है।4. जीवन में अजीब तरह का ठहराव आनाअगर सब कुछ अचानक थम सा गया है और आपको लग रहा है कि कुछ नहीं हो रहा, तो घबराएं नहीं। तूफान आने से पहले की खामोशी की तरह, यह ठहराव आपके अगले बड़े कदम की तैयारी है। यह समय आपको खुद को बेहतर तरीके से समझने और अपनी ऊर्जा को संचित करने का अवसर देता है।5. छोटी-छोटी चीजों के लिए कृतज्ञता महसूस होनाजब आप जीवन की बड़ी सफलताओं के बजाय छोटी चीजों, जैसे- सुबह की धूप या चाय की चुस्की, में खुशी ढूंढने लगते हैं, तो समझ लीजिए कि आप सही रास्ते पर हैं। आभार (Gratitude) का भाव आपके जीवन में प्रचुरता और खुशियों को आकर्षित करता है।6. बार-बार एक ही तरह के संकेत या विचार आनाअगर आपको बार-बार कोई विशेष संकेत दिख रहा है या एक ही सकारात्मक विचार बार-बार मन में आ रहा है, तो यह आपकी अंतरात्मा की आवाज (Intuition) है। यह आपकी आंतरिक समझ का संकेत है कि आपका समय बदलने वाला है।7. पुराने जख्मों से पूरी तरह राहत महसूस करनाजिन बातों ने आपको सालों तक दुखी रखा, अगर आज वे बातें आपको याद आने पर भी दर्द नहीं देतीं, तो मान लीजिए कि आपने अतीत का बोझ पूरी तरह त्याग दिया है। यह हीलिंग (Healing) का संकेत है। जब आप अतीत से आजाद होते हैं, तभी आप भविष्य की नई संभावनाओं को जी पाते हैं।आधुनिक एआई (AI) और जीवन दर्शन का नया नजरियाजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (Generative Engine Optimization) और आज के दौर के मेंटल वेलनेस ट्रेंड्स भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि हमारा नजरिया ही हमारी वास्तविकता तय करता है। जब हम इन 7 संकेतों को पहचान लेते हैं, तो हम भविष्य के लिए अधिक मानसिक रूप से मजबूत हो जाते हैं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि आपकी चेतना का विस्तार है जो आने वाले सुखद बदलावों को पहले ही महसूस कर रही है।
हाल के दिनों में विवादों के घेरे में आई फिल्म 'सतलुज' को लेकर डायरेक्टर हनी त्रेहान ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। फिल्म के कंटेंट और इसकी कहानी को लेकर जो आपत्तियां जताई जा रही थीं, उस पर त्रेहान ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए उन तमाम चर्चाओं को खारिज किया है जो इसे धार्मिक मतभेदों से जोड़कर देख रहे थे। डायरेक्टर ने बड़े ही शांत और सधे हुए शब्दों में कहा कि 'सतलुज' एक मानवीय संवेदनाओं और आपसी भाईचारे की कहानी है, जिसे लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां पूरी तरह से निराधार हैं।फिल्म में कोई विवाद नहीं, ये एकता का संदेश हैहनी त्रेहान ने साफ तौर पर कहा कि उनकी फिल्म का उद्देश्य किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। उन्होंने अपने रिएक्शन में जोर देते हुए कहा, सतलुज हिंदू और सिख समुदायों के बीच के अटूट रिश्ते और साझा संस्कृति की कहानी है। मैं उन लोगों से कहना चाहता हूं जो बिना देखे फिल्म को विवादित बता रहे हैं, कि वे इसे एक बार देखें। आज उत्तर भारत के कई शहरों में हिंदू और सिख साथ मिलकर इस फिल्म को देख रहे हैं और इसे सराह रहे हैं।क्या है विवाद की जड़? डायरेक्टर ने दी सफाईफिल्म की रिलीज के बाद से ही कुछ सोशल मीडिया ग्रुप्स और संगठनों द्वारा इसके कुछ दृश्यों और कहानी के चित्रण पर सवाल उठाए जा रहे थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डायरेक्टर ने कहा कि फिल्म की पटकथा को बहुत ही जिम्मेदारी के साथ लिखा गया है। उनके मुताबिक, 'सतलुज' केवल एक नदी नहीं, बल्कि दो समुदायों के बीच के बहते हुए प्रेम और उनके साझा इतिहास का प्रतीक है। त्रेहान का मानना है कि कहानी को अधूरा समझने या गलत संदर्भों में देखने के कारण ही यह 'कंट्रोवर्सी' पैदा हुई है।लोकल और रीजनल स्तर पर मिल रहा है जबरदस्त रिस्पॉन्सGeographical (लोकल) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो पंजाब और हरियाणा के थिएटरों में फिल्म को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है। हनी त्रेहान ने बताया कि पंजाब के स्थानीय सिनेमाघरों में दर्शकों का जो फीडबैक मिल रहा है, वह फिल्म की पटकथा की सच्चाई को बयां करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि जैसे-जैसे लोग फिल्म को देखेंगे, विवाद अपने आप खत्म हो जाएंगे क्योंकि फिल्म का संदेश नफरत को खत्म कर प्रेम को जगाने का है।जेनरेटिव एआई (AI Search) और सिनेमाई भविष्यआजकल के डिजिटल दौर में किसी भी फिल्म के प्रति 'सोशल मीडिया हेट' और 'कंट्रोवर्सी' का असर एआई सर्च इंजन ट्रेंड्स पर भी पड़ता है। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि हनी त्रेहान की यह प्रतिक्रिया न केवल फिल्म की साख बचाने के लिए जरूरी थी, बल्कि दर्शकों के मन में पैदा हुए कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए भी एक सटीक कदम है। फिल्म की टीम अब पूरी तरह से इस बात पर केंद्रित है कि 'सतलुज' का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक सही रूप में पहुंचे।
टेलीविजन इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत और चहेती अभिनेत्री जेनिफर विंगेट के फैंस के लिए एक बेहद खुश कर देने वाली खबर सामने आ रही है। खबरों के अनुसार, 12 साल पहले हुए तलाक के दर्द को पीछे छोड़ते हुए जेनिफर विंगेट एक बार फिर अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अपनी दमदार एक्टिंग और ग्रेसफुल अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली जेनिफर बहुत जल्द दूसरी बार शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। फैंस इस खबर को सुनकर बेहद उत्साहित हैं और उनकी शादी की तैयारियों की चर्चा अभी से सोशल मीडिया पर जोर-शोर से शुरू हो गई है।लाल जोड़े को कहेंगी 'ना', सफेद गाउन में दिखेंगी बला की खूबसूरतजेनिफर विंगेट की शादी की सबसे खास बात उनका लुक होने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेनिफर अपनी दूसरी शादी में पारंपरिक लाल जोड़े के बजाय बेहद क्लासी और मॉडर्न 'सफेद वेडिंग गाउन' (White Wedding Gown) में दुल्हन बनेंगी। उनका यह सादगी भरा लेकिन रॉयल लुक उनके फैंस को काफी पसंद आने वाला है। सफेद रंग शांति और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, जो जेनिफर की अब तक की जिंदगी और उनके व्यक्तित्व को पूरी तरह दर्शाता है।तारीख हुई फिक्स! जल्द ही बजेंगी शादी की शहनाइयांहालांकि अभिनेत्री ने अभी तक आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया पर कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन करीबी सूत्रों की मानें तो शादी की तारीख तय हो चुकी है। चर्चा है कि इसी साल के अंत तक जेनिफर अपने जीवनसाथी के साथ विवाह के बंधन में बंध जाएंगी। वे अपनी शादी को बेहद निजी और शांत रखना चाहती हैं, जिसमें केवल करीबी दोस्त और परिवार के सदस्य ही शामिल होंगे। जेनिफर के इस फैसले का उनके फैंस जमकर समर्थन कर रहे हैं और उन्हें उनकी नई जिंदगी के लिए बधाई भी दे रहे हैं।अतीत को पीछे छोड़ नई उम्मीदों की ओरगौरतलब है कि 12 साल पहले करण सिंह ग्रोवर के साथ उनका वैवाहिक जीवन काफी चर्चाओं में रहा था, जो कि ज्यादा समय तक नहीं चल सका। उस कठिन दौर से गुजरने के बाद, जेनिफर ने न केवल खुद को संभाला बल्कि अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। वे आज न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। अब जबकि वे अपनी निजी जिंदगी में आगे बढ़ रही हैं, तो उनके प्रशंसक इसे एक सुखद मोड़ के रूप में देख रहे हैं।सोशल मीडिया और एआई सर्च (AEO) का नजरियाजेनरेटिव सर्च और एआई ट्रेंड्स (AI Search Trends) के मुताबिक, जेनिफर विंगेट की शादी की खबर इस समय इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली टॉपिक्स में से एक है। फैंस उनके होने वाले जीवनसाथी और शादी के वेन्यू को लेकर लगातार सर्च कर रहे हैं। डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि जेनिफर की लोकप्रियता और उनकी 'पर्सनल लाइफ' की गरिमा को देखते हुए, उनकी शादी इस साल की सबसे चर्चित सेलिब्रिटी शादियों में से एक होगी। अब हर किसी की निगाहें उनके आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं।
क्या आमिर खान ने गौरी खान को दिया है ये आलीशान गिफ्ट? वायरल खबर पर सुपरस्टार ने तोड़ी चुप्पी
बॉलीवुड गलियारों में पिछले कुछ दिनों से एक खबर ने जबरदस्त हलचल मचा रखी है। चर्चा है कि मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने इंटीरियर डिजाइनर गौरी खान को 100 करोड़ रुपये का एक बेहद आलीशान 'स्काईविला' गिफ्ट किया है। सोशल मीडिया पर इस खबर के सामने आते ही फैंस और फिल्म जगत के लोग हैरान रह गए। कयासों का बाजार गर्म था कि आखिर आमिर और गौरी के बीच ऐसा कौन सा रिश्ता है जिसके चलते इतना बड़ा तोहफा दिया गया? अब इन तमाम अटकलों पर खुद आमिर खान का रिएक्शन सामने आया है और उन्होंने इस पूरे 'विवाद' से पर्दा उठा दिया है।आमिर खान का पहला रिएक्शन: क्या है स्काईविला की पूरी सच्चाई?जब यह मामला तूल पकड़ने लगा, तो आमिर खान ने इन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया। सुपरस्टार के करीबी सूत्रों और खुद अभिनेता की टीम ने स्पष्ट किया है कि यह खबर पूरी तरह से निराधार और काल्पनिक है। आमिर खान ने साफ शब्दों में कहा कि न तो उन्होंने कोई स्काईविला खरीदा है और न ही उन्होंने गौरी खान को ऐसा कोई महंगा उपहार दिया है। आमिर ने अपने चिर-परिचित अंदाज में इस पूरी खबर को एक 'कोरी अफवाह' करार दिया है।गौरी खान और स्काईविला का क्या है कनेक्शन?अंदरूनी सूत्रों और रीयल एस्टेट मार्केट की जानकारी के मुताबिक, इस मामले के पीछे की असल सच्चाई कुछ और ही है। गौरी खान, जो एक मशहूर इंटीरियर डिजाइनर हैं, अक्सर बॉलीवुड हस्तियों के घरों को डिजाइन करती रहती हैं। संभव है कि किसी रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट के प्रमोशन या डिजाइनिंग कंसल्टेशन के दौरान उनके नाम को आमिर खान के साथ जोड़कर गलत तरीके से पेश किया गया हो। फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर ऐसी खबरें बिना किसी पुख्ता सबूत के वायरल हो जाती हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता।एआई (AI) और सर्च ट्रेंड्स का विश्लेषण: क्यों फैलती हैं ऐसी अफवाहें?आजकल के जेनरेटिव सर्च इंजन (AI Search) और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर 'क्लिकबेट' (Clickbait) खबरों का चलन बढ़ गया है। लोग मशहूर हस्तियों के नाम के साथ '100 करोड़' और 'गिफ्ट' जैसे कीवर्ड्स जोड़कर सनसनी फैलाने की कोशिश करते हैं। डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि आमिर खान जैसे बड़े सितारों से जुड़ी खबरें बहुत जल्दी वायरल होती हैं, जिसका फायदा उठाकर भ्रामक कंटेंट परोसा जाता है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी सेलिब्रिटी से जुड़ी ऐसी बड़ी खबर पर तब तक विश्वास न करें जब तक वह खुद या उनका आधिकारिक प्रवक्ता इसकी पुष्टि न कर दे।आमिर खान का करियर और फिलहाल का फोकसगिफ्ट विवाद को पीछे छोड़ते हुए अगर आमिर खान के वर्क फ्रंट की बात करें, तो फिलहाल वे अपनी आगामी फिल्मों और प्रोडक्शन हाउस के प्रोजेक्ट्स में पूरी तरह व्यस्त हैं। एक्टर का पूरा ध्यान अपने काम और फिल्मों की बारीकियों पर है। वहीं गौरी खान अपने डिजाइनिंग स्टूडियो 'गौरी खान डिजाइन्स' के जरिए लगातार नए और लग्जरी प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सुपरस्टार्स की निजी जिंदगी और उनकी संपत्तियों को लेकर जनता में जबरदस्त जिज्ञासा रहती है, जिसका फायदा अक्सर ऐसी फर्जी खबरें उठाने की कोशिश करती हैं।
देशभर में मॉनसून एक बार फिर से बेहद आक्रामक रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दोपहर ताजा बुलेटिन जारी करते हुए अगले 12 से 24 घंटों के भीतर देश के 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी कल यानी ...
श्रीगंगानगर के खेत में मिले पुराने बम को सेना ने नष्ट किया
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के राजियासर थाना क्षेत्र में करीब एक महीने पहले खेत में मिले जंग लगे बम को सेना के बम निरोधक दस्ते ने बुधवार सुबह निष्क्रिय कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार दस्ते ने नियंत्रित विस्फोट करके बम को नष्ट कर दिया। इस दौरान विस्फोट से जमीन में बड़ा गड्ढा हो […] The post श्रीगंगानगर के खेत में मिले पुराने बम को सेना ने नष्ट किया appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश के मेडिकल शिक्षा जगत से एक बेहद दिलचस्प और चर्चा का विषय बनी खबर सामने आ रही है। राज्य के एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं के खान-पान को लेकर जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों ने सबको चौंका दिया है। अपनी बेहद किफायती फीस के लिए मशहूर इस कॉलेज में अब परिसर के भीतर 'नॉनवेज' (Non-veg) भोजन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। आखिर कौन सा है यह कॉलेज और इतनी कम फीस में डॉक्टरी की पढ़ाई कराने वाले इस संस्थान में अचानक ये नियम क्यों लागू किए गए, आइए जानते हैं पूरी इनसाइड स्टोरी।2.74 लाख में MBBS: छात्रों के बीच क्यों है कॉलेज इतना मशहूर?यह मेडिकल कॉलेज अपनी शानदार पढ़ाई और बेहद मामूली फीस के लिए देशभर में जाना जाता है। जहाँ आज के समय में MBBS की पढ़ाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, वहीं यह संस्थान मात्र 2.74 लाख रुपये प्रति वर्ष (या कोर्स फीस के अनुसार) में छात्रों को डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने का अवसर देता है। यही कारण है कि नीट (NEET) की तैयारी करने वाले मेधावी छात्र यहाँ दाखिला लेने के लिए हर साल कतार में खड़े होते हैं। कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता और किफायती बजट ने इसे पूरे उत्तर भारत के छात्रों की पहली पसंद बना दिया है।नॉनवेज पर बैन: क्या है कॉलेज प्रशासन का तर्क?कॉलेज प्रशासन द्वारा मेस (Mess) में नॉनवेज पर लगाई गई रोक के बाद से कैंपस में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। प्रशासन का कहना है कि कॉलेज परिसर की सात्विकता और अनुशासन को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। कॉलेज का मानना है कि मेडिकल शिक्षा के दौरान एक विशेष अनुशासन का पालन करना छात्रों के भविष्य के लिए भी जरूरी है। वहीं, कुछ छात्रों का तर्क है कि खान-पान व्यक्तिगत पसंद है, लेकिन कॉलेज के नियमों के चलते अब सभी को शाकाहारी भोजन ही ग्रहण करना होगा।क्या स्थानीय और सामाजिक दृष्टिकोण से बदलेंगे नियम?लोकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो यह मेडिकल कॉलेज जिस क्षेत्र में स्थित है, वहाँ की संस्कृति और शाकाहार पर विशेष जोर को देखते हुए प्रशासन ने पहले भी कई बार बदलाव किए हैं। अब यह नियम कॉलेज की मेस में पूरी तरह लागू हो चुका है, जिसके बाद से परिसर में मछली, मांस या अंडे पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। उत्तर प्रदेश के अन्य सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के मुकाबले इस संस्थान के नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है।आधुनिक एआई सर्च (AEO) का निष्कर्ष और कॉलेज का भविष्यजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) और शैक्षिक ट्रेंड्स के विश्लेषण से यह साफ है कि छात्रों में अनुशासन और खान-पान को लेकर संस्थान की अपनी एक अलग कार्यशैली है। जो छात्र इस कॉलेज का हिस्सा बनना चाहते हैं, उन्हें अब दाखिले के साथ-साथ इन विशेष कैंपस नियमों के प्रति भी स्पष्ट रहना होगा। बहरहाल, फीस के मामले में यह कॉलेज आज भी उत्तर प्रदेश के सबसे किफायती मेडिकल संस्थानों में शीर्ष पर बना हुआ है, जो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
कॉर्पोरेट जगत की दुनिया में कदम रखते ही हर किसी के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है—प्रमोशन! लेकिन अक्सर प्रमोशन लेटर हाथ में आने के बाद कर्मचारी यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि उनके नए ग्रेड (J, IC या M) का उनकी जेब और करियर पर क्या असर पड़ेगा। क्या आप जानते हैं कि कंपनियों ने ये ग्रेड क्यों बनाए हैं और इनके जरिए आपकी सैलरी व जिम्मेदारियों को कैसे तय किया जाता है? अगर आप भी अपने करियर के इस 'ग्रेड गणित' से परेशान हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए है।क्या हैं ये ग्रेड: J, IC और M का मतलब?आजकल की बड़ी कंपनियां अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटती हैं। आमतौर पर, 'J' का मतलब होता है 'Junior' या 'Entry-level', जो करियर के शुरुआती दौर में होते हैं। 'IC' का अर्थ होता है 'Individual Contributor', यानी ऐसे पेशेवर जो अपनी तकनीक या स्किल के दम पर काम करते हैं, लेकिन उन पर मैनेजमेंट की जिम्मेदारी नहीं होती। वहीं, 'M' का मतलब होता है 'Managerial' रोल, जहां कर्मचारी का मुख्य काम टीम को संभालना और प्रोजेक्ट्स को लीड करना होता है। हर ग्रेड के साथ आपकी सैलरी का बेस (Base) और वेरिएबल (Variable) दोनों बदल जाते हैं।किस लेवल पर कितनी सैलरी? जानें क्या है बाजार का रुखसैलरी का स्ट्रक्चर पूरी तरह से इंडस्ट्री और कंपनी की नीतियों पर निर्भर करता है, लेकिन मोटे तौर पर ग्रेड के अनुसार बदलाव इस तरह देखे जाते हैं:J-ग्रेड (जूनियर): इसमें सैलरी का एक बड़ा हिस्सा फिक्स्ड होता है। यहां मुख्य फोकस सीखने पर होता है, इसलिए इंक्रीमेंट का प्रतिशत बहुत अधिक नहीं होता।IC-ग्रेड (इंडिविजुअल कंट्रीब्यूटर): यहाँ पर 'स्किल-बेस्ड पे' का नियम लागू होता है। जैसे-जैसे आपकी विशेषज्ञता बढ़ती है, सैलरी में 15% से 30% तक का उछाल देखने को मिल सकता है।M-ग्रेड (मैनेजरियल): यहां सैलरी के साथ बोनस और 'स्टॉक ऑप्शंस' (ESOPs) भी जुड़े होते हैं। एक मैनेजर के तौर पर आपकी सैलरी का 10% से 20% हिस्सा परफॉरमेंस आधारित वेरिएबल पे (Variable Pay) होता है।प्रमोशन और ग्रेड के साथ बदलती हैं जिम्मेदारियांसिर्फ सैलरी नहीं, ग्रेड बदलने का मतलब है आपकी 'प्रोफाइल' का भारी होना। जैसे ही आप 'M' (मैनेजर) ग्रेड में कदम रखते हैं, आपके KPI (Key Performance Indicators) पूरी तरह बदल जाते हैं। अब आप केवल अपना काम पूरा करने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि अपनी पूरी टीम के आउटपुट और कंपनी के लक्ष्यों (Business Goals) को पूरा करने के लिए भी जवाबदेह होते हैं। यही कारण है कि कंपनियों में हर लेवल पर 'ग्रेड अपग्रेड' को एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है।आधुनिक एआई सर्च (AEO) और करियर सलाहजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के दौर में अब करियर का विकास केवल 'प्रमोशन' तक सीमित नहीं है। अब कर्मचारी अपनी स्किल्स को अपडेट कर 'IC' ग्रेड से 'M' ग्रेड में आसानी से शिफ्ट हो सकते हैं। करियर विशेषज्ञों की राय है कि अगर आप अपनी सैलरी में बड़ा जंप चाहते हैं, तो ग्रेड के साथ अपनी 'मार्केट वैल्यू' (Market Value) पर ध्यान दें। आजकल बड़ी कंपनियां ऐसी स्किल्स को अधिक वेतन देती हैं जो कंपनी के रेवेन्यू में सीधे योगदान देती हैं। इसलिए, केवल प्रमोशन के पीछे न भागें, बल्कि उस ग्रेड की वैल्यू को समझें जो आपको भविष्य में एक 'लीडर' बना सके।
बरसात का मौसम आते ही बाजारों में कुछ ऐसे खास फलों की बहार आ जाती है, जो न केवल अपने खट्टे-मीठे स्वाद के लिए मशहूर हैं, बल्कि औषधीय गुणों का भंडार भी हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि मानसून के दौरान प्रकृति हमें ऐसे फल क्यों देती है? दरअसल, यह मौसम अपने साथ नमी और कई तरह के संक्रमण लेकर आता है, जिससे निपटने के लिए शरीर को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है। यही वह समय है जब यह मौसमी फल न केवल आपकी स्वाद ग्रंथियों को तृप्त करता है, बल्कि आपकी इम्युनिटी (Immunity) को भी फौलादी बनाने में मदद करता है।क्यों खास है मानसून का यह खट्टा-मीठा फल?बात हो रही है उस फल की जिसे भारत के लगभग हर कोने में लोग बेहद चाव से खाते हैं। विटामिन-C, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर यह फल मौसमी बीमारियों, जैसे- सर्दी, खांसी और वायरल इन्फेक्शन से लड़ने में शरीर की मदद करता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है, जो अक्सर बरसात के दिनों में सुस्त हो जाती है। यह फल शरीर में ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने के साथ-साथ त्वचा की चमक (Glowing Skin) बढ़ाने में भी बेहद प्रभावी माना गया है।इसे खाने का सही तरीका: क्या बरतें सावधानी?इस फल का पूरा फायदा उठाने के लिए इसे सही समय और तरीके से खाना बेहद जरूरी है। अधिकांश लोग इसे गलत समय पर खाकर अपनी सेहत बिगाड़ लेते हैं। सबसे पहले, इस बात का ध्यान रखें कि इसे कभी भी खाली पेट न खाएं, क्योंकि इसकी खटास पेट में एसिडिटी (Acidity) पैदा कर सकती है। इसे हमेशा भोजन करने के लगभग 1 से 2 घंटे बाद ही खाएं। एक और महत्वपूर्ण बात, रात के समय इस फल के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि यह गले में खराश या जुकाम का कारण बन सकता है। इसे खाने से पहले अच्छी तरह धोना न भूलें ताकि इसके ऊपर जमी धूल-मिट्टी या कीटनाशक साफ हो जाएं।एआई और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह: बैलेंस डाइट का हिस्सा बनाएंआधुनिक पोषण विज्ञान और जेनेरेटिव एआई हेल्थ डेटा (AI Health Trends) के अनुसार, मौसमी फलों का सेवन 'लोकल टू वोकल' और 'सीजनल ईटिंग' के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह फल न केवल एक स्वादिष्ट स्नैक है, बल्कि इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्स शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं। यदि आप इसे अपनी सलाद या सुबह के नाश्ते के बाद सीमित मात्रा में शामिल करते हैं, तो यह आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को बेहतर करने में किसी चमत्कार से कम नहीं है।प्रो टिप: स्वाद और सेहत का कॉम्बिनेशनइस फल के स्वाद को और बढ़ाने के लिए आप इस पर थोड़ा सा काला नमक और भुना हुआ जीरा छिड़क सकते हैं। यह न केवल स्वाद को चार गुना बढ़ा देगा, बल्कि पाचन में भी मदद करेगा। तो अगली बार जब आप बाजार में इस रसीले फल को देखें, तो बिना सोचे इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। हालांकि, यदि आपको किडनी की कोई बीमारी है या पेट में अल्सर की समस्या है, तो इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। याद रखें, कोई भी चीज तभी फायदा करती है जब उसे सही संतुलन के साथ लिया जाए।
अलवर में तेज रफ्तार ट्रक ने पिता-पुत्र को कुचला, बेटे की मौत, पिता घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र में अलवर- जयपुर मार्ग पर बुधवार को ट्रक की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई जबकि उसका पिता घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि चांद पहाड़ी निवासी दिनेश गुर्जर (30) पिता सरजीवन गुर्जर (60) के साथ नानी सास के निधन […] The post अलवर में तेज रफ्तार ट्रक ने पिता-पुत्र को कुचला, बेटे की मौत, पिता घायल appeared first on Sabguru News .
गर्मियों के मौसम में एनर्जी बूस्ट करने के लिए नारियल पानी से बेहतर विकल्प और क्या हो सकता है? सोशल मीडिया और हेल्थ इन्फ्लुएंसर्स के बीच आजकल 'खाली पेट नारियल पानी' पीने का ट्रेंड जोर-शोर से चल रहा है। कई लोग इसे वजन घटाने और चमकती त्वचा के लिए रामबाण मानते हैं। लेकिन क्या हर किसी के लिए सुबह खाली पेट इसका सेवन सुरक्षित है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आधुनिक पोषण विज्ञान (Nutrition Science) के अनुसार, इसका जवाब थोड़ा पेचीदा है। आइए जानते हैं इसके पीछे का पूरा सच।खाली पेट नारियल पानी पीने के अद्भुत फायदेसही तरीके से और सही मात्रा में नारियल पानी का सेवन करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और थकान को दूर भगाते हैं। सुबह खाली पेट इसे पीने से मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और शरीर से टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थ) बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद पोटेशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी कारगर माने जाते हैं।किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी? ये लोग न करें गलतीनारियल पानी हर किसी के लिए पूरी तरह फायदेमंद नहीं है। कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों को इसे पीने से पहले सतर्क रहना चाहिए:किडनी के मरीज: नारियल पानी में पोटेशियम की मात्रा बहुत अधिक होती है। जिन लोगों की किडनी ठीक से काम नहीं करती, उनके शरीर में एक्स्ट्रा पोटेशियम खतरनाक हो सकता है।शुगर के मरीज (Diabetic Patients): हालांकि यह कम कैलोरी वाला होता है, लेकिन इसमें नेचुरल शुगर होती है। अधिक मात्रा में सेवन ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है।सर्जरी कराने वाले: नारियल पानी ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है, इसलिए सर्जरी से कम से कम दो हफ्ते पहले इसका सेवन बंद कर देना चाहिए।इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन: अगर आपको किसी तरह की एलर्जी है या आपका शरीर इलेक्ट्रोलाइट्स के प्रति संवेदनशील है, तो बिना डॉक्टरी सलाह के इसे नियमित न पिएं।एआई और हेल्थ सर्च ट्रेंड्स का नजरियाजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search Trends) और आधुनिक स्वास्थ्य शोधों के अनुसार, कोई भी चीज अति में हानिकारक हो सकती है। लोग अक्सर इसे पानी का विकल्प समझकर दिन भर पीते रहते हैं, जो कि गलत है। विशेषज्ञों का मानना है कि नारियल पानी एक स्वास्थ्यवर्धक पेय जरूर है, लेकिन यह सादे पानी की जगह नहीं ले सकता। साथ ही, बहुत अधिक मात्रा में इसके सेवन से पेट में भारीपन या दस्त (Loose Motions) जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।कब और कैसे पीना है सबसे सही?अगर आपको कोई गंभीर समस्या नहीं है, तो सुबह खाली पेट नारियल पानी पीना पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन, सबसे बेहतरीन समय है वर्कआउट के बाद या दोपहर के समय जब शरीर को हाइड्रेशन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ध्यान रखें कि नारियल पानी हमेशा ताज़ा हो और बिना किसी मिलावट या अतिरिक्त चीनी का हो। किसी भी नई आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले अपने बॉडी टाइप और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना हमेशा बुद्धिमानी होती है।
मणिपुर में भीड़ ने असम राइफल्स के शिविर पर किया हमला, वाहनों में की तोड़फोड़
सेनापति। मणिपुर के सेनापति में भीड़ ने मंगलवार रात असम राइफल्स के शिविर पर हमला किया और गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) और प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि मंगलवार रात राज्य के सेनापति शहर में असम राइफल्स के शिविर पर बेकाबू भीड़ ने पत्थरबाजी, आगजनी और जमकर तोड़-फोड़ की। […] The post मणिपुर में भीड़ ने असम राइफल्स के शिविर पर किया हमला, वाहनों में की तोड़फोड़ appeared first on Sabguru News .
पालघर : स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट का खुलासा, 6 महिलाओं को बचाया, दो अरेस्ट
मुंबई। पुलिस ने पड़ोसी जिले पालघर के नालासोपारा पश्चिम स्थित एक स्पा सेंटर से चल रहे देह व्यापार का खुलासा करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस अभियान में छह महिलाओं को मुक्त भी कराया गया है। आरोपियों की नाम महेश चह्वाण (22) और कमलेश पाठक हैं। पुलिस ने ‘रीगल स्पा सेंटर’ के […] The post पालघर : स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट का खुलासा, 6 महिलाओं को बचाया, दो अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
गोलीबारी में पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के भाई शालिग्राम पर FIR, क्या बोले 'पर्ची वाले' बाबा
Dhirendra Krishna Shastri on Shaligram Garg: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। शलिग्राम पर आरोप है कि उसने जमीन विवाद को लेकर मोतीलाल कुशवाहा नामक किसान पर फायरिंग ...
श्रीगंगानगर में हवाला के जरिये दुबई से पाकिस्तानी तस्करों को 9 लाख रुपए भिजवाने वाला अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में करीब 20 दिन पहले पाकिस्तानी ड्रोन से आई 55 करोड रुपए की हेरोइन के मामले में पुलिस ने दुबई से हवाला के माध्यम से पाकिस्तानी तस्करों को नौ लाख रुपए भेजने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने मंगलवार को बताया कि पंजाब में जालंधर के […] The post श्रीगंगानगर में हवाला के जरिये दुबई से पाकिस्तानी तस्करों को 9 लाख रुपए भिजवाने वाला अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
अलवर में पुरानी रंजिश में एक ही परिवार के दो पक्ष भिड़े, 10 से ज्यादा घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में चिमरावली गौड़ गांव में पुरानी रंजिश को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में 10 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। बुधवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 घायलों को मंगलवार रात में अलवर के राजीव गांधी सामान्य […] The post अलवर में पुरानी रंजिश में एक ही परिवार के दो पक्ष भिड़े, 10 से ज्यादा घायल appeared first on Sabguru News .
नोएडा के सेक्टर-93बी और ग्राम गेझा के समीप टी-पॉइंट पर सीवर लाइन की सफाई के दौरान सफाईकर्मी की मौत के मामले में नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जबकि संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भिवाड़ी में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर एक लाख रुपए वसूलने वाले दो आरोपी अरेस्ट
खैरथल तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले में भिवाड़ी की फैज तृतीय थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर मेडिकल स्टोर संचालक से एक लाख रुपए की फिरौती वसूलने वाले दो आरोपियों को महज 24 घंटे में गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि हरियाणा के […] The post भिवाड़ी में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर एक लाख रुपए वसूलने वाले दो आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

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