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1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लागू अस्थायी प्रतिबंध हटेंगे, केंद्र ने 12 जून का आदेश लिया वापस

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति स्थिति सामान्य होने के बाद 12 जून 2026 को जारी अस्थायी नियंत्रण संबंधी आदेश को वापस लेने का निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार 12 जून […] The post 1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लागू अस्थायी प्रतिबंध हटेंगे, केंद्र ने 12 जून का आदेश लिया वापस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 7:26 pm

पंजीकृत न होने के बावजूद खरगे पर आरएसएस कर सकता है मानहानि का मुकदमा : न्यायालय

बेंगलूरु। बेंगलूरु की एक विशेष अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि पंजीकृत संगठन न होने के बावजूद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के व्यक्तिगत सदस्य मानहानि का मुकदमा कर सकते हैं। न्यायालय ने कहा कि केवल औपचारिक पंजीकरण या सदस्यता के दस्तावेजी सबूत न होने के आधार पर ऐसी शिकायतों को शुरुआत में […] The post पंजीकृत न होने के बावजूद खरगे पर आरएसएस कर सकता है मानहानि का मुकदमा : न्यायालय appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 7:15 pm

बयाना के सरकारी अस्पताल में बोतल में सांप लेकर पहुंचा सर्पदंश पीड़ित

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के बयाना के राजकीय चिकित्सालय में सोमवार को सुबह एक मरीज के हाथ में प्लास्टिक की बोतल में बंद एक जिंदा सांप को देखकर अस्पताल में हड़कंप मच गया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि सालाबाद निवासी जोगेंद्र सिंह (40) को रविवार रात करीब दो बजे सांप ने डस लिया। उसने बिना […] The post बयाना के सरकारी अस्पताल में बोतल में सांप लेकर पहुंचा सर्पदंश पीड़ित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 7:09 pm

हनुमानगढ़ में सगे भाई ने किया नाबालिग बहन का रेप

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के फेफाना थाना क्षेत्र में एक किशोरी ने सगे भाई के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह घटना 26 जून की शाम की है। आरोपी भाई अपनी नाबालिग बहन को ननिहाल गांव से मोटरसाइकिल पर अपने गांव ला रहा था। गांव से करीब दो […] The post हनुमानगढ़ में सगे भाई ने किया नाबालिग बहन का रेप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 7:05 pm

Delhi EV Policy : ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स-रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ, ई-ऑटो होंगे अनिवार्य, क्या है दिल्ली ईवी पॉलिसी

दिल्ली सरकार ने सोमवार को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2.0 को मंजूरी दे दी। नई नीति के तहत 1 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2030 तक लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक दिल्ली में 95 प्रतिशत नए वाहन पंजीकरण इलेक्ट्रिक ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 7:01 pm

श्रीगंगानगर में युवक की हत्या के आरोप में पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के 4 सदस्य अरेस्ट

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में हिंदूमलकोट थाना क्षेत्र में सीमावर्ती खाट लबाना गांव में पिछले हफ्ते एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने पिता पुत्र सहित एक ही परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुनील खोड ने सोमवार को बताया कि प्रेमसिंह, उसके पुत्र […] The post श्रीगंगानगर में युवक की हत्या के आरोप में पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के 4 सदस्य अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 7:00 pm

यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच समझौता

नई दिल्ली/जयपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोमवार को नई दिल्ली में यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इस पत्र पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी […] The post यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच समझौता appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 6:51 pm

कराची हमले के बाद पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान में किए हवाई हमले

इस्लामाबाद/काबुल। पाकिस्तान के कराची शहर में रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हुए हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने पूर्वी अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोमवार को दावा किया कि इस अभियान में 25 आतंकवादी मारे गए है। अफगानिस्तान के अनुसार इन हमलों में 36 […] The post कराची हमले के बाद पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान में किए हवाई हमले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 6:45 pm

श्रीगंगानगर : सीमा क्षेत्र में एक और पाकिस्तानी ड्रोन नेटवर्क का खुलासा, 3 तस्कर अरेस्ट

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के समेजा कोठी थाना क्षेत्र पिछले लंबे समय से भारत-पाकिस्तान तस्करों का पसंदीदा स्थल बना हुआ है। यहां पाकिस्तानी तस्करों द्वारा ड्रोन से गिराये जाने वाले हेरोइन और हथियारों के पैकेटों को स्थानीय संपर्कों के जरिए पंजाब के तस्कर उठाते रहे हैं। अब इस पूरे नेटवर्क का एक और बड़ा […] The post श्रीगंगानगर : सीमा क्षेत्र में एक और पाकिस्तानी ड्रोन नेटवर्क का खुलासा, 3 तस्कर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 6:40 pm

चूरू के तारानगर में 1200 वर्ष पुराने जैन मंदिर में 13 अष्टधातु मूर्तियां चोरी

चूरू। राजस्थान में चूरू जिले के तारानगर थाना क्षेत्र में 1200 वर्ष पुराने जैन श्वेतांबर मंदिर में रविवार को रात चोरों ने मंदिर के गर्भगृह से 13 बेशकीमती अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां चुरा लीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर में कुल 17 अष्टधातु मूर्तियां थीं, जिनमें से 13 चोरी हो गयीं। आज सुबह जब पुजारी […] The post चूरू के तारानगर में 1200 वर्ष पुराने जैन मंदिर में 13 अष्टधातु मूर्तियां चोरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 6:34 pm

CBSE की नई भाषा नीति लागू, जानिए किन छात्रों पर नहीं होंगे नए नियम और किसे पढ़नी होगी अतिरिक्त भारतीय भाषा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को तीन-भाषा नीति (Three-Language Policy) को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा 10 में पढ़ रहे छात्रों पर नई भाषा व्यवस्था लागू नहीं ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 5:59 pm

सीबीएसई ने जारी किए त्रिभाषा नीति के दिशा-निर्देश, कक्षा 10 के मौजूदा छात्रों को नहीं देनी होगी तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप त्रिभाषा नीति को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि कक्षा 10 के मौजूदा छात्रों के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे केवल दो भाषाओं के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे व बोर्ड परीक्षा देंगे।

देशबन्धु 29 Jun 2026 5:35 pm

अब चुटकी बजाते ही निकलेगा PF का पैसा: EPFO जल्द ला रहा है ATM और UPI से विड्रॉल की सुविधा, पर जल्दबाजी में खाली न हो जाए बुढ़ापे की तिजोरी!

देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों (Salaried Employees) के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से एक बेहद क्रांतिकारी और बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है. भविष्य में पीएफ (Provident Fund) से इमरजेंसी फंड निकालने के लिए लगने वाली लंबी-चौड़ी कागजी कार्रवाई, ऑनलाइन क्लेम का लंबा प्रोसेस और हफ़्तों तक बैंक खाते में पैसे आने का इंतजार पूरी तरह खत्म होने वाला है.जिस तरह आप Google Pay, PhonePe या किसी भी UPI ऐप और एटीएम (ATM) से चुटकी बजाकर पैसा ट्रांसफर कर लेते हैं या कैश निकाल लेते हैं, ठीक उतनी ही आसानी से अब आप अपने पीएफ खाते से भी फंड निकाल सकेंगे. ईपीएफओ अपने सबसे आधुनिक और अपग्रेड वर्जन 'EPFO 3.0' के तहत बहुत जल्द एटीएम और यूपीआई के जरिए पीएफ निकासी (PF Withdrawal) की हाई-टेक सुविधा लॉन्च करने की तैयारी में है. हालांकि, इस आसान डिजिटल सिस्टम के जहां अनगिनत फायदे हैं, वहीं वित्तीय विशेषज्ञों ने इसके दूरगामी नुकसानों को लेकर भी कर्मचारियों को आगाह किया है.आसान विड्रॉल से क्या रिटायरमेंट फंड के मुख्य मकसद को लगेगा झटका?पीएफ फंड मूल रूप से आपकी नौकरी खत्म होने के बाद या रिटायरमेंट के बाद आपके बुढ़ापे को आर्थिक सुरक्षा (Financial Security) की गारंटी देने और एक मोटी जमापूंजी तैयार करने के मकसद से बनाया गया है. वर्तमान में यह फंड मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की उच्च शिक्षा या घर बनाने जैसी बेहद बड़ी जरूरतों के समय ही काम आता है.तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि पीएफ निकासी जितनी आसान और डिजिटल फ्रेंडली होती जा रही है, उससे पैसा निकालने की रफ्तार भी उतनी ही तेजी से बढ़ सकती है. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या बेहद आसान विड्रॉल सिस्टम से पीएफ के लॉन्ग-टर्म सेविंग (Long-term Savings) के मुख्य उद्देश्य को ठेस पहुंचेगी? हालांकि, ईपीएफओ का स्पष्ट कहना है कि इस नए सिस्टम को लाने का मकसद सब्सक्राइबर्स के लिए एक पारदर्शी और डिजिटल फ्रेंडली प्लेटफॉर्म तैयार करना है, न कि प्री-मैच्योर विड्रॉल (समय से पहले पैसा निकालने) को बढ़ावा देना. त्वरित और आसान लेनदेन से वित्तीय प्रणाली पर लोगों का भरोसा और पीएफ में युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी.बुढ़ापे की लाठी कमजोर होने का खतरा: जल्दी पीएफ निकालने के 3 बड़े नुकसानयूपीआई और एटीएम के जरिए कुछ ही मिनटों में पीएफ का पैसा हाथ में आ जाने की सहूलियत मिलने से लोग छोटी-मोटी इच्छाओं या गैजेट्स खरीदने के लिए भी अपना रिटायरमेंट फंड खाली कर सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इसके 3 सबसे बड़े और गंभीर नुकसान हो सकते हैं:पेंशन फंड को तगड़ा झटका: आपके पीएफ कंट्रीब्यूशन का एक निश्चित हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है. यदि आप नौकरी के दौरान ही बार-बार पीएफ का पैसा निकालते रहते हैं, तो रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली आपकी मंथली पेंशन की राशि में भारी कमी आ जाएगी, जिससे बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा कमजोर होगी.कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) का भारी नुकसान: पीएफ पर मिलने वाला ब्याज कंपाउंडिंग के जादुई फॉर्मूले पर काम करता है. आपका पैसा जितने लंबे समय तक ईपीएफओ के पास सुरक्षित रहेगा, उस पर उतना ही बड़ा और मोटा ब्याज मिलता जाएगा. बीच में ही पैसा निकाल लेने से आप इस बंपर कंपाउंडिंग प्रॉफिट से हाथ धो बैठेंगे.महंगाई (Inflation) से लड़ने की ताकत खत्म: बुढ़ापे में बढ़ती महंगाई का सामना करने के लिए पीएफ एक स्टेबल और सुरक्षित आय का जरिया है. यदि आप अपनी फाइनेंशियल परिस्थितियों और लॉन्ग-टर्म रिटायरमेंट लक्ष्यों को दरकिनार कर इसे जल्दी खर्च कर देते हैं, तो भविष्य में महंगाई की मार झेलना बेहद मुश्किल हो जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 5:24 pm

थर्मामीटर पर 43°C एक, फिर भी भारत में सामान्य और यूरोप में क्यों मची है मौत की हाहाकार? समझें इसके पीछे की 8 खौफनाक वजहें

ग्लोबल वार्मिंग और तेजी से बदलते जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के इस दौर में पूरी दुनिया भीषण और जानलेवा गर्मी की चपेट में आ चुकी है. इस समय दक्षिणी और मध्य यूरोप के कई देश एक ऐसी विनाशकारी और अभूतपूर्व हीटवेव (लू) का सामना कर रहे हैं, जिसने वहां की सरकारों और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की नींद उड़ा दी है. फ्रांस, स्पेन और पुर्तगाल जैसे ठंडे माने जाने वाले देशों में थर्मामीटर का पारा 43 डिग्री सेल्सियस को छू रहा है.सबसे चौंकाने वाली और हैरान करने वाली बात यह है कि यही 43C तापमान भारत के लोगों के लिए गर्मियों के मौसम में एक बहुत ही आम बात होती है, जिसे लोग हंसते-खेलते झेल जाते हैं. लेकिन यूरोप में इसी तापमान के कारण चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची हुई है और अकेले फ्रांस में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की तड़पकर मौत हो चुकी है. आखिर ऐसा क्यों है कि थर्मामीटर पर एक जैसा दिखने वाला नंबर (43C) भारत के मुकाबले यूरोप में इतना ज्यादा जानलेवा, बेरहम और विनाशकारी साबित हो रहा है? विज्ञान, भूगोल और आर्किटेक्चर के विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कोई थर्मल रीडिंग का अंतर नहीं, बल्कि 8 ऐसी बड़ी और बुनियादी वजहें हैं जो यूरोप की गर्मी को इंसानों के लिए दमघोंटू बना देती हैं.1. 17 घंटे का लंबा टॉर्चर और सूरज का खास तिरछा एंगलयूरोप का ज्यादातर भौगोलिक हिस्सा भारत के मुकाबले पृथ्वी पर काफी उत्तर (North) में स्थित है. उदाहरण के तौर पर समझें तो पेरिस की लोकेशन कनाडा के टोरंटो शहर से भी अधिक उत्तर में है. गर्मियों के दिनों में यहां सूरज का एंगल ऐसा होता है कि धूप सीधे सिर पर पड़ने के बजाय तिरछी पड़ती है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि आसमान में 15 से लेकर 17 घंटे तक दिन की रोशनी रहती है. इतने लंबे समय तक लगातार धूप रहने के कारण शहरों की कंक्रीट की इमारतें, डामर की सड़कें और फुटपाथ दिनभर सोलर एनर्जी (तापमान) सोखते रहते हैं, जिसके चलते ये रात के समय भी ठंडे नहीं हो पाते और रातें भी भट्टी की तरह तपती हैं.2. प्रदूषण मुक्त साफ आसमान: सीधे त्वचा पर वार करती तीखी किरणेंभारत के शहरों में हवा के भीतर धूल-मिट्टी के कण और प्रदूषण का स्तर थोड़ा ज्यादा होता है, जो एक सुरक्षा कवच की तरह सूरज की सीधी किरणों को वायुमंडल में ही बिखेर (Scatter) देते हैं, जिससे धूप की चुभन थोड़ी कम हो जाती है. इसके विपरीत, यूरोप में कड़े नियमों के कारण आसमान बिल्कुल साफ और प्रदूषण मुक्त होता है. हवा में धूल के कण न होने से सूरज की पराबैंगनी (Ultraviolet) और तीखी किरणें सीधे इंसानी स्किन पर वार करती हैं, जिससे 43C तापमान में भी वहां की धूप भारत से कहीं ज्यादा झुलसाने वाली और तेज महसूस होती है.3. हवा का बिल्कुल थम जाना और 'हॉट एयर बैलून' का बननाहालिया हीटवेव और मौसम के बिगड़े पैटर्न के दौरान यूरोप के वायुमंडल में हवा की गति पूरी तरह से ठप यानी रुक गई है. जब हवा बिल्कुल नहीं चलती, तो घने बसे शहरों के ऊपर गर्म हवा का एक अदृश्य गुब्बारा बन जाता है. हवा न चलने के कारण इंसानी शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम (पसीना सूखने की वाष्पीकरण प्रक्रिया) पूरी तरह काम करना बंद कर देता है, जिससे बन्द कमरों के भीतर लोगों का दम घुटने लगता है.4. सूखी गर्मी और 'साइलेंट डिहाइड्रेशन' का जानलेवा खेलभारत में गर्मी के साथ अक्सर उमस (Humidity) होती है, जिससे हमारे शरीर से लगातार पसीना निकलता है और हमें प्यास का अहसास होता रहता है, जिससे हम पानी पीते हैं. लेकिन यूरोप के अंदरूनी मैदानी हिस्सों में पड़ने वाली गर्मी बेहद सूखी (Dry Heat) होती है. यहां शरीर से निकलने वाला पसीना तुरंत हवा में उड़ जाता है, जिससे इंसान को यह अंदाजा ही नहीं हो पाता कि उसका शरीर कितनी डरावनी तेजी से पानी खो रहा है. यह 'साइलेंट डिहाइड्रेशन' (Silent Dehydration) अचानक से शरीर के अंगों को फेल (Multi-Organ Failure) कर रहा है और बुजुर्गों की मौत का सबसे बड़ा कारण बन रहा है.5. 'थर्मस' और ओवन जैसे घर, जो बाहर नहीं निकलने देते गर्मीयूरोप के घरों का इतिहास और आर्किटेक्चर देखें, तो इन्हें सदियों से कड़ाके की ठंड, भारी बर्फबारी और लंबी सर्दियों को ध्यान में रखकर खास तौर पर डिजाइन किया गया है. इन घरों की दीवारें बेहद मोटी और इंसुलेशन वाली होती हैं, खिड़कियां आकार में छोटी होती हैं और छतें गहरे रंग की होती हैं ताकि बाहर की थोड़ी सी भी गर्मी अंदर फंसी रहे और घर गर्म रहे.सर्दियों का यही वरदान अब इस ग्लोबल वार्मिंग के दौर में वहां के लोगों के लिए सबसे बड़ा अभिशाप बन गया है. कंक्रीट के ये घर एक बार गर्म होने के बाद अंदर किसी ओवन (Oven) की तरह चौबीसों घंटे तपते रहते हैं. इसके उलट, पारंपरिक भारतीय घरों में ऊंची छतें, खुले बरामदे, टाइल्स की ठंडी फ्लोरिंग और क्रॉस-वेंटिलेशन को ध्यान में रखकर बनाया जाता है ताकि गर्मी तुरंत बाहर निकल सके.6. बुनियादी ढांचे में एयर कंडीशनिंग (AC) और पंखों का न होनायूरोपियन लाइफस्टाइल और संस्कृति में एसी (Air Conditioner) कभी भी उनकी प्राथमिकता या जरूरत का हिस्सा नहीं रहा. पेरिस, बर्लिन या लंदन जैसे बड़े शहरों में अमूमन गर्मियों का औसत तापमान 25C के आसपास ही रहता था, इसलिए वहां के अधिकांश घरों में न तो सीलिंग फैन (छत के पंखे) होते हैं और न ही एसी की फिटिंग. अब अचानक आई इस अभूतपूर्व और जानलेवा गर्मी से निपटने के लिए वहां का घरेलू इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्कुल भी तैयार नहीं है, जबकि भारत में कूलर, पंखे और एसी गर्मियों की बुनियादी और अनिवार्य जरूरत माने जाते हैं.7. ऐतिहासिक शहरों की खूबसूरती के कड़े और अजीब कानूनयूरोप के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहरों (जैसे पेरिस, रोम या फ्लोरेंस) के पुराने और मुख्य रिहायशी इलाकों में 'आर्किटेक्चरल एस्थेटिक्स' (शहरी सुंदरता) को बनाए रखने के लिए बेहद कड़े कानून हैं. इन नियमों के तहत किसी भी ऐतिहासिक या पुरानी इमारत के बाहरी हिस्से पर एसी का आउटडोर कंप्रेसर या डक्ट लगाने पर पूरी तरह से कानूनी रोक है ताकि पैदल चलने वाले रास्तों और वहां के आउटडोर कैफे कल्चर का विजुअल लुक खराब न हो. सुंदरता को बचाने के लिए बनाए गए ये सरकारी नियम आज के इस आपातकाल में लोगों के लिए काल साबित हो रहे हैं.8. 'बायोलॉजिकल एडप्टेशन': शरीर का मौसम के अनुकूल न ढलनाभारत के लोग जन्म से ही बचपन से 40C से लेकर 45C के ऊपर का प्रचंड तापमान हर साल झेलने के आदी (Acclimatized) होते हैं. बार-बार अत्यधिक गर्मी का सामना करने से हमारा बायोलॉजिकल सिस्टम इसके अनुकूल ढल जाता है, जिससे हमारा दिल और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम विपरीत परिस्थितियों में भी बेहतर काम करता है और शरीर तुरंत पसीना बहाकर खुद को इंटरनली ठंडा कर लेता है. इसके विपरीत, यूरोपियन लोगों का शरीर और जेनेटिक्स इस तरह के गर्म मौसम के बिल्कुल आदी नहीं हैं, जिसके चलते उनका ब्लड प्रेशर और दिल इतनी भीषण गर्मी में अचानक से कड़ा रिस्पॉन्स नहीं दे पाता और लोग हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाते हैं.यह सोचना कि भारतीय लोग केवल शारीरिक रूप से बेहतर हैं, पूरी तरह सही नहीं है; बल्कि इसके पीछे दोनों महाद्वीपों की भौगोलिक और ढांचागत बनावट का बहुत बड़ा हाथ है. भारत की उमस वाली गर्मी जहां चिपचिपी और थका देने वाली होती है, वहीं यूरोप की सूखी गर्मी, तपती कंक्रीट की इमारतें, हवा का थमा होना और लगातार 17 घंटे तक सूरज का आग उगलना वहां की रातों को भी नरक बना रहा है. यही वजह है कि जब यूरोप का पारा 43 डिग्री पहुंचता है, तो वह किसी भीषण प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster) की तरह हजारों मासूम जिंदगियों को लीलने लगता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 5:22 pm

बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड 2026: स्टार पावर फेल, सिर्फ कंटेंट हुआ पास; 'धुरंधर' और 'बॉर्डर 2' ने उड़ाया गर्दा, आमिर के प्रोडक्शन को लगा बड़ा झटका!

साल 2026 की पहली छमाही (First Half) खत्म होने के साथ ही हिंदी सिनेमा का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड सामने आ गया है. इस साल की शुरुआत बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की फिल्म 'इक्कीस' से हुई थी, और अब जून का महीना अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पटानी और जैकलीन फर्नांडीज स्टारर मल्टीस्टारर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' की ग्रैंड रिलीज के साथ विदा हो रहा है.अगर पिछले 6 महीनों के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों और ट्रेंड्स पर नजर डालें, तो एक बात बिल्कुल साफ हो चुकी है कि भारतीय दर्शकों का मिजाज और फिल्म देखने की पसंद अब पूरी तरह बदल चुकी है. पिछले कुछ सालों से बॉक्स ऑफिस पर राज करने वाली 'पैन इंडिया फिल्मों', भारी-भरकम बजट और सिर्फ बड़े सुपरस्टार्स के नाम पर चलने वाली फिल्मों का दबदबा अब कमजोर पड़ता दिख रहा है. साल 2026 में केवल मजबूत स्क्रिप्ट, अनोखी कहानी और दमदार कंटेंट वाली फिल्मों ने ही बॉक्स ऑफिस की जंग में बाजी मारी है. इस साल स्टार पावर और पीआर (PR) के भरोसे थिएटर्स में उतरीं कई बड़ी फिल्में औंधे मुंह गिरी हैं, जबकि शानदार कहानियों ने कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं.'धुरंधर' और 'बॉर्डर 2' का ऐतिहासिक दबदबा: यहां देखें टॉप 5 फिल्मों की कमाईइस साल जून के अंत तक बॉक्स ऑफिस पर सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सफलता रणवीर सिंह, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल की तिकड़ी वाली फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' ने हासिल की है. इस फिल्म ने कमाई के ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जो आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होंगे.साल 2026 की टॉप 5 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों की सूची इस प्रकार है:फिल्म का नामबॉक्स ऑफिस कलेक्शन (कुल कमाई)1. धुरंधर: द रिवेंज₹1,813.11 करोड़ (ब्लॉकबस्टर)2. बॉर्डर 2₹464.50 करोड़3. भूत बंगला₹287.26 करोड़4. राजा शिवाजी₹114.00 करोड़5. ओ' रोमियो₹95.60 करोड़कमाई के मामले में दूसरे नंबर पर सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी की देशभक्ति से लबरेज सीक्वल फिल्म 'बॉर्डर 2' रही, जिसने दर्शकों को थिएटर्स तक खींचने में बड़ी सफलता पाई. वहीं, तीसरे पायदान पर अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित हॉरर-कॉमेडी 'भूत बंगला' ने बेहतरीन प्रदर्शन किया.ट्रेड एक्सपर्ट्स की दो टूक: सिर्फ थिएटर्स में फिल्में रिलीज करना काफी नहींबॉक्स ऑफिस के इन बदलते और चौंकाने वाले आंकड़ों को देखते हुए देश के मशहूर ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श कहते हैं, मैं यह नहीं कहूंगा कि इंडस्ट्री के लिए यह साल बहुत शानदार रहा है. कुछ बड़ी फिल्में चलीं तो कुछ बुरी तरह नाकामयाब साबित हुईं. अगर आप गहराई से देखें तो सफल फिल्मों का अनुपात (Success Ratio) काफी कम रहा है. 'धुरंधर 2', 'बॉर्डर 2', 'मर्दानी 3' और 'भूत बंगला' जैसी फ्रेंचाइजी फिल्में जरूर हिट साबित हुईं, लेकिन इनकी संख्या उंगलियों पर गिनने लायक है. इस साल फिल्में कम रिलीज हुईं और जो आईं भी, वे दर्शकों के बड़े वर्ग को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रहीं. कई फिल्में तो थिएटर्स में दर्शकों के लिए तरसती नजर आईं. उनका साफ मानना है कि अब दर्शकों को ऐसा कंटेंट चाहिए, जो उन्हें घर से निकलकर टिकट खरीदने पर मजबूर कर सके.वहीं, प्रसिद्ध ट्रेड विशेषज्ञ अतुल मोहन का भी मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में स्टार सिस्टम आज भी मौजूद है, लेकिन फिल्म की असली लाइफलाइन उसका कंटेंट ही है. उनके मुताबिक, इस साल 'धुरंधर' की चारों तरफ जो तारीफ हुई, उसकी मुख्य वजह उसकी कड़क कहानी और बेहतरीन डायरेक्शन (Treatment) था, जबकि कई नामी सितारों की बड़ी फिल्मों के कमजोर कंटेंट को दर्शकों ने पहले ही दिन सिरे से नकार दिया.आमिर खान के प्रोडक्शन को लगा झटका, सलमान के कैमियो ने जीता दिलइस साल बॉक्स ऑफिस पर एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला. बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्टनिस्ट आमिर खान की इस साल बतौर एक्टर कोई फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज नहीं हुई, लेकिन उनके होम प्रोडक्शन के बैनर तले बनी दो फिल्में 'हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस' और 'एक दिन' बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के विपरीत औंधे मुंह गिर गईं. फिल्म 'एक दिन' से आमिर खान के बेटे जुनैद खान और साउथ स्टार साई पल्लवी को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट के कारण फिल्म दर्शकों को रिझा नहीं सकी. दूसरी तरफ, बॉक्स ऑफिस की चौथी सबसे बड़ी फिल्म 'राजा शिवाजी' में बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान एक धमाकेदार कैमियो (विशेष भूमिका) करते हुए दिखाई दिए, जिसे उनके फैंस ने खूब पसंद किया.हॉलीवुड फिल्मों की धाक और सिनेमाघरों के डिस्काउंट ऑफरभारतीय दर्शकों के बीच अब विदेशी सिनेमा की स्वीकार्यता भी तेजी से बढ़ रही है. इस साल बॉलीवुड की सुस्ती के बीच हॉलीवुड की कई फिल्मों ने भारतीय बाजार में शानदार बिजनेस किया और नए रिकॉर्ड बनाए. इनमें 'आब्सेशन' (Obsession), 'हेल मैरी' (Project Hail Mary) और 'माइकल' (Michael) जैसी बड़ी हॉलीवुड फिल्में शामिल हैं, जिन्होंने भारत के मल्टीप्लेक्सों में छप्परफाड़ कमाई की.आजकल सिनेमाघर मालिक और मेकर्स दर्शकों को आकर्षित करने के लिए 'एक टिकट पर एक फ्री' (Buy 1 Get 1) और 'ट्यूजडे डिस्काउंट' (मंगलवार को टिकटों पर भारी छूट) जैसे लुभावने ऑफर्स दे रहे हैं. लेकिन बॉक्स ऑफिस के इस ताजा रिपोर्ट कार्ड ने साबित कर दिया है कि अगर फिल्म का कंटेंट दमदार नहीं है, तो कोई भी डिस्काउंट या सुपरस्टार दर्शकों को थिएटर की कुर्सी तक नहीं ला सकता.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 5:10 pm

ट्रेन या मछली बाजार? रात में फुल वॉल्यूम पर रील्स और सुबह 4:30 बजे लाइट ऑन; सह-यात्री की बदतमीजी पर भड़का सोशल मीडिया!

भारतीय रेलवे (Indian Railways) में सफर का आनंद तब तक ही लिया जा सकता है, जब तक आपके आस-पास बैठे सह-यात्री समझदार और तमीजदार हों. सोचिए, आप एक लंबे और थका देने वाले ओवरनाइट सफर के बाद ट्रेन की बोगी में सुकून से सोने की कोशिश कर रहे हों और अचानक कोई पैसेंजर आधी रात को मोबाइल पर फुल वॉल्यूम में रील्स (Reels) या शॉर्ट वीडियो बजाना शुरू कर दे. ऐसा ही एक बेहद परेशान करने वाला और सिरदर्द पैदा करने वाला वाकया इन दिनों इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है. एक महिला की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत से तंग आकर एक सह-यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर अपनी भड़ास निकाली है, जिसके बाद इंटरनेट पर भारतीयों में 'सिविक सेंस' (Civic Sense) की कमी को लेकर एक नई और तीखी बहस छिड़ गई है.'सुहाने सफर में विलेन बनी महिला': सह-यात्री ने रेडिट पर खोला दुखों का पिटाराएक परेशान रेल यात्री ने रेडिट के एक कम्युनिटी फोरम पर अपने इस बेहद खराब और थका देने वाले सफर का पूरा कच्चा चिट्ठा साझा किया है. यात्री ने बताया कि वह जिस थर्ड एसी (3AC) कोच में सफर कर रहा था, वहां शुरुआत में सब कुछ बेहद शांत और व्यवस्थित था. रात के वक्त लगभग सभी लोग आराम से सो चुके थे और बोगी में मौजूद छोटे बच्चे भी कोई शोर नहीं मचा रहे थे. लेकिन बोगी का यह सुकून ज्यादा देर तक नहीं टिक सका.कोच में एक महिला अपने पति और बच्चे के साथ सफर कर रही थी. यात्री ने लिखा कि उस महिला में बुनियादी सामाजिक समझ (Civic Sense) नाम की कोई चीज नहीं थी. वह शुरुआत से ही बेहद चिड़चिड़े स्वभाव में छोटी-छोटी बातों पर अपने पति से बोगी के बीच कटकट और बहस कर रही थी.आधी रात को फुल आवाज में रील्स: सबका सिरदर्द बनी महिला की जिदयात्री के मुताबिक, महिला का पति और बच्चा ऊपर की बर्थ पर सो रहे थे, जबकि महिला को साइड अपर बर्थ मिली हुई थी. बिना किसी ठोस वजह के उसने आधी रात को अपने पति से सीट बदलने की जिद पकड़ ली और बोगी में हंगामा खड़ा कर दिया. पति के सीट बदलने के बाद जो हुआ, उसने पूरे कोच के पैसेंजर्स का जीना मुहाल कर दिया. सीट पर बैठते ही महिला ने आधी रात के सन्नाटे में अपने स्मार्टफोन पर बिना ईयरफोन (Earphones) लगाए, फुल आवाज में फेसबुक और इंस्टाग्राम की रील्स देखना शुरू कर दिया. मोबाइल की तेज आवाज और लगातार बदलती रील्स के शोर के कारण आस-पास की सीटों पर सो रहे लोगों की नींद पूरी तरह खराब हो गई.परेशानी का क्लाइमेक्स: सुबह 4:30 बजे जबरन जला दी बोगी की लाइट!सह-यात्रियों की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई, बल्कि सुबह होते-होते यह और ज्यादा बढ़ गई. वह महिला रात में सिर्फ 3-4 घंटे ही सोई और सुबह ठीक 4:30 बजे उठकर बैठ गई. उठते ही उसने फिर से कोच के एसी की कूलिंग और बाकी इंतजामों को लेकर अपने पति से बोगी में जोर-जोर से बहस शुरू कर दी. हद तो तब हो गई जब उसने बिना सोचे-समझे पूरे कंपार्टमेंट की मेन लाइट ऑन कर दी, जबकि बाहर अंधेरा था और बाकी सभी पैसेंजर्स गहरी नींद में थे.जब उसके खुद के पति और अन्य सह-यात्रियों ने उससे बेहद तमीज और शालीनता से लाइट बंद करने का अनुरोध किया, तो वह उन पर ही भड़क गई और बड़बड़ाने लगी. उसने साफ मना करते हुए लाइट बंद नहीं की, जिससे बोगी में मौजूद लोग बेहद असहज हो गए.'इतनी ही दिक्कत है तो प्राइवेट जेट खरीद लो': रेडिट पोस्ट पर फूटा लोगों का गुस्सापरेशान यात्री ने गुस्से में अपनी पोस्ट में लिखा, मुझे समझ नहीं आता कि ऐसे गंवार और बदतमीज लोगों को ट्रेन में कन्फर्म टिकट कैसे मिल जाता है. अगर आपको पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आम लोगों के साथ तालमेल बिठाने में इतनी ही दिक्कत है, तो अपना प्राइवेट जेट खरीद कर उससे सफर किया करो. जब जेब में पैसा नहीं है तो एटीट्यूड भी उसी हिसाब से मर्यादित रखना चाहिए. यात्री ने तंज कसते हुए आगे लिखा कि उस बोगी में सफर कर रहे छोटे बच्चे उस महिला से कहीं ज्यादा समझदार और मैच्योर थे, जो कम से कम दूसरों की शांति का ध्यान रख रहे थे.इस रेडिट पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है और लोग रेलवे में ऐसे यात्रियों के खिलाफ कड़े एक्शन की मांग कर रहे हैं. कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने अपना दुखड़ा रोते हुए लिखा, मैं भी आज एक ट्रेन से सफर कर रहा हूं और मेरे बगल वाली फैमिली सुबह 4 बजे उठकर मोबाइल पर जोर-जोर से लाउडस्पीकर में भजन बजा रही है. जब मैंने उन्हें टोकने की हिम्मत की, तो वे बोले कि पूरी दुनिया जाग गई है, तुम कितने आलसी हो जो अब तक सो रहे हो. वहीं, एक अन्य यूजर ने तीखा तंज कसते हुए लिखा, कुछ लोगों को लगता है कि पूरी भारतीय रेलवे उनके बाप की जागीर है. चाहे बस हो, ट्रेन हो या फ्लाइट—आप कुछ भारतीयों के साथ कभी भी शांति और सुकून से सफर की उम्मीद नहीं कर सकते.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 5:08 pm

Guru Hargobind Jayanti 2026: गुरु हरगोविंद सिंह जयंती: जानें उनके बताए सिद्धांत, जो आज भी हैं प्रासंगिक

Sikh Guru Hargobind Sahib: सिख धर्म के छठे गुरु श्री गुरु हरगोविंद सिंह जी, अधिक प्रचलित नाम गुरु हरगोबिंद साहिब जी का जीवन आध्यात्मिकता, साहस, सेवा और न्याय का अद्भुत संगम माना जाता है। उन्होंने यह संदेश दिया कि धर्म की रक्षा केवल उपदेशों से नहीं, ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 5:03 pm

एक देश, एक कानून: सुवेंदु सरकार ला रही है ऐतिहासिक UCC बिल, जानिए लिव-इन और संपत्ति के नियमों पर क्या पड़ेगा असर!

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज (29 जून 2026) का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है. सूबे की नई भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार विधानसभा के विशेष सत्र में देश के सबसे चर्चित और वैचारिक रूप से संवेदनशील 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code-UCC) से जुड़ा बहुप्रतीक्षित विधेयक पेश करने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस बड़े फैसले ने राज्य की राजनीति से लेकर आम जनता के बीच एक नई बहस छेड़ दी है.भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने 'संकल्प पत्र' में वादा किया था कि सरकार बनने के छह महीने के भीतर बंगाल में यूसीसी लागू किया जाएगा. उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब पश्चिम बंगाल देश का अगला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून होगा. आइए एक्सपर्ट रिपोर्टर की नजर से ग्राउंड रियलिटी को समझते हैं कि इस ऐतिहासिक कानून के लागू होने के बाद बंगाल के सामाजिक और पारिवारिक ताने-बाने पर क्या सीधा असर पड़ेगा.शादी के नियमों में एकरूपता: मजहब चाहे जो हो, कानून होगा एकसमान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद सबसे पहला और बड़ा प्रभाव विवाह (Marriage) से जुड़े व्यक्तिगत नियमों पर पड़ेगा. वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग धर्मों के लोग अपने-अपने पर्सनल लॉ (जैसे हिंदू मैरिज एक्ट या मुस्लिम पर्सनल लॉ) के तहत शादी करते हैं. लेकिन यूसीसी आने के बाद शादी की न्यूनतम कानूनी उम्र (लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष), एक से अधिक विवाह पर पूर्ण प्रतिबंध (पॉलीगैमी का अंत) और शादी का अनिवार्य सरकारी पंजीकरण (Mandatory Registration) सभी समुदायों के लिए समान रूप से लागू हो जाएगा. इससे शादी से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी.तलाक और गुजारे भत्ते (मैंटनेंस) के नियम होंगे बेहद कड़ेअभी तक देश में अलग-अलग मजहबों में तलाक (Divorce) लेने के तौर-तरीके और उसके बाद महिलाओं को मिलने वाले गुजारे भत्ते (Alimony) की व्यवस्था अलग-अलग है. यूसीसी के कानून के दायरे में आते ही तलाक लेने की कानूनी प्रक्रिया सभी धर्मों के पति-पत्नी के लिए एक जैसी हो जाएगी. सबसे महत्वपूर्ण बदलाव महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को लेकर होगा. तलाक की स्थिति में पत्नी और बच्चों को मिलने वाले भरण-पोषण और गुजारे भत्ते के नियम बेहद सख्त और एक समान बनाए जाएंगे, जिससे किसी भी वर्ग की महिला का उत्पीड़न न किया जा सके.बेटा-बेटी को संपत्ति में बराबर का हक, वसीयत के नियम भी बदलेंगेयदि विधानसभा में यह विधेयक पास होता है, तो उत्तराधिकार (Inheritance) और पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़े पुराने नियमों में क्रांतिकारी फेरबदल देखने को मिलेगा:समान अधिकार: पिता की संपत्ति पर बेटे और बेटी का बिल्कुल एक समान कानूनी अधिकार होगा, चाहे बेटी शादीशुदा हो या अविवाहित.एक जैसा ढांचा: वसीयत बनाने, गोद लेने (Adoption) और संपत्ति के हस्तांतरण के लिए एक ही कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा.आदिवासियों को छूट की संभावना: सरकारी सूत्रों और उत्तराखंड के मॉडल के अनुसार, बंगाल की सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए आदिवासी (Tribal) समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा जा सकता है.लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: लापरवाही पर हो सकती है जेल!पश्चिम बंगाल के प्रस्तावित यूसीसी ड्राफ्ट में सबसे आधुनिक और चर्चा का विषय 'लिव-इन रिलेशनशिप' (Live-in Relationship) को लेकर बनाया गया कानून है. नए नियमों के अनुसार, यदि कोई भी बालिग जोड़ा (कपल) बिना शादी किए एक साथ लिव-इन में रहने का फैसला करता है, तो उन्हें स्थानीय निर्धारित अथॉरिटी के पास जाकर इसका अनिवार्य रूप से पंजीकरण (Registration) कराना होगा.इतना ही नहीं, यदि भविष्य में वे आपसी सहमति या किसी विवाद के कारण इस रिश्ते को खत्म करते हैं, तो उस 'ब्रेकअप' या रिश्ते के समापन का भी आधिकारिक पंजीकरण कराना जरूरी होगा. सरकार का तर्क है कि इस नियम से लिव-इन में रहने वाली महिलाओं को कानूनी सुरक्षा मिलेगी, उनके अधिकारों की रक्षा होगी और किसी भी प्रकार के आपराधिक या धोखेबाजी के मामलों पर लगाम कसी जा सकेगी.बंगाल में क्यों ममाचा राजनीतिक घमासान?सुवेंदु अधिकारी सरकार जहां इसे महिलाओं के सशक्तिकरण और 'एक देश, एक विधान' के संकल्प की ओर ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष (TMC) ने इस पर तीखा हमला बोला है. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि सरकार इस कानून के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक विविधताओं पर प्रहार कर रही है. हालांकि, सरकार विधानसभा के पटल पर इसे कानूनी प्रक्रिया (जज की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों) के तहत ही लागू करने की बात कह रही है. इसके साथ ही सरकार लोक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 'एंटी-सोशल एक्टिविटी बिल' भी पेश कर रही है, जिससे बंगाल की राजनीति आने वाले दिनों में और गरमाने वाली है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 5:01 pm

रेलवे में JE बनने का बड़ा मौका: जारी हुए RRB JE CBT 2 के एडमिट कार्ड, 2 जुलाई को 3 शिफ्टों में होगी परीक्षा; ऐसे करें तुरंत डाउनलोड

रेलवे में जूनियर इंजीनियर (JE) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण खबर है. रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने जूनियर इंजीनियर (सीबीटी-2) परीक्षा 2026 के लिए एडमिट कार्ड (Hall Ticket) आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं. इस मुख्य परीक्षा का आयोजन 2 जुलाई 2026 को देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा. परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार अपने संबंधित आरआरबी रीजन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डायरेक्ट लिंक के जरिए तुरंत अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. बोर्ड ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए वे समय रहते अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर लें और उसका प्रिंट आउट निकाल लें, क्योंकि बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी.2 जुलाई को तीन शिफ्टों में होगा एग्जाम: नोट कर लें अपनी टाइमिंगआरआरबी जेई सीबीटी-2 परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT) होगा और इसे 2 जुलाई को तीन अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित किया जा रहा है. उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड पर रिपोर्टिंग टाइम को ध्यान से देख लें. परीक्षा का शेड्यूल इस प्रकार है:शिफ्टपरीक्षा का समयपहली शिफ्ट (First Shift)सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तकदूसरी शिफ्ट (Second Shift)दोपहर 12:45 बजे से 02:15 बजे तकतीसरी शिफ्ट (Third Shift)शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तकइन महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती के लिए हो रही है परीक्षायह मुख्य परीक्षा रेलवे के केंद्रीयकृत रोजगार अधिसूचना (विज्ञापन संख्या CEN 05/2025) के तहत आयोजित की जा रही है. इस भर्ती अभियान के जरिए भारतीय रेलवे में निम्नलिखित पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाना है:जूनियर इंजीनियर (JE)केमिकल सुपरवाइजर (Chemical Supervisor)डिपो मटीरियल सुपरिटेंडेंट (DMS)मेटालर्जिकल असिस्टेंट (Metallurgical Assistant)इस कंप्यूटर आधारित टेस्ट-2 (CBT 2) में क्वालीफाई करने वाले शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को ही चयन प्रक्रिया के अगले और अंतिम चरण (दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण) के लिए बुलाया जाएगा.इन 5 आसान स्टेप्स में डाउनलोड करें अपना RRB JE CBT 2 हॉल टिकटउम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस को फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं:स्टेप 1: सबसे पहले रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की आधिकारिक रीजनल वेबसाइट (जैसे rrbkolkata.gov.in, rrbpatna.gov.in आदि) पर जाएं.स्टेप 2: वेबसाइट के होमपेज पर एक्टिव 'CEN 05/2025 Junior Engineer CBT 2 Admit Card' के लिंक पर क्लिक करें.स्टेप 3: अब आपके सामने एक नया लॉगिन पेज खुलेगा, जहां आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) और जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करनी होगी.स्टेप 4: स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी कैप्चा कोड डालें और 'Submit' बटन पर क्लिक करें.स्टेप 5: आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा. इसमें दिए गए सभी विवरण (नाम, फोटो, एग्जाम सेंटर) को अच्छे से चेक करें और भविष्य के लिए इसका एक प्रिंट आउट जरूर निकाल लें.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:35 pm

प्रेगनेंसी की खबर सुनते ही मकान मालिक ने बढ़ाया $10,000 किराया! बेघर हुए कपल ने खटखटाया अदालत का दरवाजा, जानें क्या है पूरा मामला

रोजगार और बेहतर जिंदगी की तलाश में अपना शहर छोड़कर दूसरे शहरों या देशों में बसने वाले लोगों के लिए किराए का मकान ढूंढना और वहां शांति से रहना किसी चुनौती से कम नहीं है. देश-दुनिया में लगातार बढ़ती महंगाई और आसमान छूते किराए ने आम लोगों की कमर तोड़ रखी है. इस बीच, अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को (San Francisco) से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने किराएदारों के अधिकारों और मकान मालिकों की संवेदनशीलता पर एक नई बहस छेड़ दी है. यहां एक कपल को अपने मकान मालिक को प्रेगनेंसी (गर्भावस्था) की खुशखबरी देना बेहद भारी पड़ गया. आरोप है कि जैसे ही मकान मालिक को पता चला कि उनके घर में एक नया मेहमान आने वाला है, उसने सीधे किराए में $10,000 (करीब 8.3 लाख रुपये) की भारी-भरकम बढ़ोतरी कर दी, ताकि कपल खुद-ब-खुद घर खाली करने पर मजबूर हो जाए. परेशान होकर अब इस पीड़ित कपल ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.खुशखबरी मिलते ही बदल गए मकान मालिक के सुर: $14,000 से सीधे $24,000 हुआ किरायास्थानीय मीडिया आउटलेट 'सैन फ्रांसिस्को स्टैंडर्ड' की रिपोर्ट के अनुसार, ओनी परिवार (Oni Family) सैन फ्रांसिस्को के एविला स्ट्रीट पर स्थित एक शानदार तीन-बेडरूम और तीन-बाथरूम वाले घर में पिछले 10 महीनों से किराए पर रह रहा था. परिवार में 42 वर्षीय सबाह (Sabah), जो एक बायोटेक स्टार्टअप की सीईओ (CEO) हैं, और उनके 36 वर्षीय पति गोक्सल (Goksal) शामिल हैं, जो नौकरी के साथ-साथ फैमिली और मैरिज थेरेपी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे हैं.सबाह जब दूसरी बार प्रेग्नेंट हुईं, तो उन्होंने अपनी लीज रिन्यू कराने से पहले मकान मालिक जेमी पैटन को मैसेज कर यह खुशखबरी साझा की कि वे अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं. शुरुआत में मकान मालिक ने उन्हें बधाई दी और कहा कि उनका फिलहाल सैन फ्रांसिस्को लौटने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन वे इस प्रॉपर्टी को बेचने का मन बना रहे हैं. इसके कुछ ही हफ्तों बाद जब नया रेंट प्रपोजल आया, तो कपल के होश उड़ गए. मकान मालिक ने अगले एक साल के लिए मासिक किराया $14,000 (लगभग 11.6 लाख रुपये) से बढ़ाकर सीधे $24,000 (लगभग 20 लाख रुपये) प्रति महीना कर दिया. बीच का रास्ता निकालते हुए जनवरी तक के लिए $18,000 का अस्थाई विकल्प भी दिया गया, लेकिन इतनी बड़ी रकम अचानक चुकाना कपल के लिए असंभव था.घर खाली कराने की सोची-समझी साजिश: पीड़ित कपल ने कोर्ट में दर्ज कराया केसइस अप्रत्याशित और बेतहाशा रेंट हाइक (Rent Hike) से हैरान-परेशान ओनी परिवार को आखिरकार भारी मानसिक तनाव के बीच वह घर छोड़ना पड़ा. हालांकि, उन्होंने मकान मालिक की इस मनमानी के आगे घुटने टेकने के बजाय कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया. ओनी परिवार ने अपने मकान मालिक पैटन परिवार के खिलाफ अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है.कपल ने कोर्ट में आरोप लगाया है कि मकान मालिक का असली मकसद सिर्फ किराया बढ़ाना नहीं था, बल्कि वे जानबूझकर इतना ज्यादा किराया मांग रहे थे जिससे थक-हारकर परिवार घर खाली कर दे. ऐसा करने के पीछे मकान मालिक की मंशा यह थी कि घर बिना किसी किराएदार के (Vacant Property) खाली हो जाए, ताकि वे उसे रियल एस्टेट मार्केट में बेहद आसानी से और ऊंची कीमत पर बेच सकें.'रेंट हाइक' बना किराएदारों को निकालने का नया हथियार: वकीलों का बड़ा दावाइस पूरे मामले पर पीड़ित कपल के वकील ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए एक चौंकाने वाला ट्रेंड उजागर किया है. उनके वकील के मुताबिक, कानूनी फर्मों के पास अब ऐसे मामलों की बाढ़ आ गई है, जहां मकान मालिक किराएदारों को सीधे निकालने के कानूनी झंझटों और कड़े नियमों से बचने के लिए 'रेंट हाइक' को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.वे किराया इतना ज्यादा बढ़ा देते हैं कि किराएदार के पास घर छोड़ने के अलावा कोई दूसरा रास्ता ही नहीं बचता. सैन फ्रांसिस्को के इस अनोखे और हैरान करने वाले मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं और लोग किराएदारों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों को और सख्त बनाने की मांग कर रहे हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:33 pm

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में शर्मनाक हार: साउथ कोरियाई कोच का इस्तीफा, राष्ट्रपति ने 'भाई-भतीजावाद' पर लगाई कड़ी फटकार!

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज से ही साउथ कोरियाई फुटबॉल टीम के अचानक बाहर होने के बाद देश के खेल जगत में जबरदस्त भूचाल आ गया है. टूर्नामेंट में टीम की इस नाकामी के बाद हेड कोच होंग म्युंगबो पर गाज गिरी है और उन्होंने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है. दिलचस्प बात यह है कि साउथ कोरिया ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी और पहले मैच में चेकिया को 2-1 से पटखनी दी थी. लेकिन इसके बाद टीम की किस्मत ने ऐसी करवट बदली कि उसे मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार 1-0 के अंतर से दो दर्दनाक हार का सामना करना पड़ा. इन हार के चलते टीम ग्रुप में तीसरे स्थान पर खिसक गई और सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली 8 टीमों में भी जगह बनाने में नाकाम रहकर वर्ल्ड कप की रेस से पूरी तरह बाहर हो गई.कोच होंग म्युंगबो ने ली नाकामी की पूरी जिम्मेदारी, फैंस से मांगी दिल से माफीइस करारी हार और टूर्नामेंट से जल्दी बाहर होने के बाद 57 वर्षीय हेड कोच होंग म्युंगबो ने एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में साउथ कोरिया टीम की असफलता की पूरी जिम्मेदारी अपने सिर ली. देश के करोड़ों फुटबॉल फैंस से माफी मांगते हुए होंग ने कहा, 'मैं उन सभी कोरियाई लोगों से दिल से माफी मांगता हूं, जिन्होंने हमारी नेशनल टीम का हमेशा बिना शर्त समर्थन किया. मैंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाने की कोशिश की, लेकिन मैं वो नतीजा नहीं दे सका जिसकी देश को उम्मीद थी. एक हेड कोच के रूप में अंतिम नतीजा ही सबसे मायने रखता है और मैं इसमें असफल रहा, इसी वजह से मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं.'दिग्गज खिलाड़ी से कोच बनने तक का सफर: कैसा रहा होंग का पूरा कार्यकाल?होंग म्युंगबो कोच बनने से पहले साउथ कोरिया के फुटबॉल इतिहास के सबसे दिग्गज और सम्मानित खिलाड़ियों में शुमार रहे हैं. उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर में देश के लिए रिकॉर्ड 136 मैच खेले थे. साल 2009 में उन्होंने अपने कोचिंग करियर की शुरुआत की थी. इससे पहले वह 2013 और 2014 में भी नेशनल टीम के हेड कोच रह चुके हैं. साल 2024 में उन्होंने दूसरी बार साउथ कोरिया की नेशनल टीम की कमान संभाली थी. उनके इस दूसरे कार्यकाल में टीम ने कुल 26 मैच खेले, जिनमें से 15 में टीम को जीत मिली, 6 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा और 5 मैच ड्रॉ रहे. अपने विदाई संदेश में होंग ने कहा कि भले ही वह कोच का पद छोड़ रहे हैं, लेकिन कोरियाई फुटबॉल के प्रति उनका प्यार कभी कम नहीं होगा और वह एक सच्चे समर्थक के रूप में हमेशा टीम के साथ खड़े रहेंगे.राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का फूटा गुस्सा: 'काबिलियत की जगह भाई-भतीजावाद से चुनी गई टीम'साउथ कोरिया के वर्ल्ड कप से इतनी जल्दी बाहर होने पर देश के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर एक बेहद तीखा पोस्ट साझा करते हुए कोच होंग म्युंगबो और टीम मैनेजमेंट को बुरी तरह लताड़ा है. राष्ट्रपति ने टीम सेलेक्शन में पक्षपात और 'भाई-भतीजावाद' को इस शर्मनाक हार की मुख्य वजह बताया है. उन्होंने खेल मंत्रालय की देखरेख में नेशनल टीम के खराब प्रदर्शन और टीम चयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कड़े शब्दों में कहा, 'मैं इस अप्रत्याशित नतीजे से न सिर्फ हैरान हूं, बल्कि पूरी तरह से चकरा गया हूं. उम्मीद थी कि हमारी टीम इस अपेक्षाकृत आसान ग्रुप से आसानी से आगे बढ़ जाएगी. लेकिन एक बार फिर यह साबित हो गया है कि टीम सेलेक्शन से जुड़े फैसले ही सबसे अहम होते हैं. जब काबिलियत के बजाय 'हम बनाम वे' (पक्षपात) को प्राथमिकता दी जाती है और किसी अयोग्य व्यक्ति को लीडर चुन लिया जाता है, तो नतीजा बिल्कुल ऐसा ही साफ और विनाशकारी होता है.' उन्होंने आगे कहा कि ऐसी गलत नियुक्तियों में सार्वजनिक भलाई के बजाय निजी फायदे को प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए ऐसे अधिकारियों की जांच करना और उन्हें जवाबदेह ठहराना बेहद जरूरी है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:30 pm

धन की तिजोरी पर कंगाली का साया! अलमारी के अंदर भूलकर भी न रखें ये 4 चीजें, रूठ जाएंगी लक्ष्मी

घर की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आर्थिक उन्नति का सीधा संबंध वास्तु शास्त्र से होता है. वास्तु विज्ञान के सबसे प्रामाणिक ग्रंथ 'विश्वकर्मा प्रकाश' के अनुसार, हमारे घर में पैसा टिकेगा या पानी की तरह बहेगा, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी अलमारी और तिजोरी की स्थिति कैसी है. अक्सर लोग इंटरनेट पर यह तो खोज लेते हैं कि अलमारी को किस दिशा में रखना शुभ होता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अलमारी के अंदर रखा सामान भी हमारी किस्मत बदल या बिगाड़ सकता है.वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अलमारी की सही दिशा जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी उसके अंदर रखी चीजों का सही होना भी है. अगर आपकी धन रखने वाली अलमारी या लॉकर के भीतर कुछ ऐसी चीजें जमा हैं जो वास्तु के लिहाज से वर्जित हैं, तो यह आपके घर की बरकत को पूरी तरह ब्लॉक कर सकती हैं. आइए जानते हैं कि विश्वकर्मा प्रकाश के नियमों के अनुसार अलमारी से तुरंत किन चीजों को बाहर निकाल देना चाहिए.1. फटे-पुराने या बदबूदार कपड़े: धन के देवता कुबेर हो जाते हैं नाराजहममें से कई लोग अनजाने में अलमारी के निचले खानों या तिजोरी के ठीक पास वाले हिस्से में उन कपड़ों को ठूंस देते हैं जो फटे-पुराने हो चुके हैं या जिनसे सीलन की बदबू आती है. 'विश्वकर्मा प्रकाश' ग्रंथ में इस आदत को सबसे बड़ा वास्तु दोष माना गया है. अलमारी या लॉकर के पास फटे-पुराने और गंदे कपड़े रखने से धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी अत्यंत क्रोधित हो जाती हैं. इसके अलावा, कुछ लोग पहने हुए या बिना धुले कपड़े भी अलमारी में वापस रख देते हैं, जिससे वहां नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का वास होने लगता है. यह छोटी सी लापरवाही हंसते-खेलते परिवार को भारी कंगाली और पैसों की तंगी की तरफ धकेल सकती है.2. कोर्ट-कचहरी के कागज और पुरानी रद्दी: बढ़ता है कर्ज का बोझजिस स्थान पर आप अपनी गाढ़ी कमाई के नोट और सोने-चांदी के जेवर रखते हैं, वहां कभी भी फालतू की रद्दी या रसीदें जमा न होने दें. आमतौर पर लोग पुराने मेडिकल बिल, बिजली के बिल, कोर्ट-कचहरी के मुकदमों के दस्तावेज या बंद हो चुके बैंक खातों की पासबुक भी तिजोरी वाले लॉकर में ही भरकर रख देते हैं.वास्तु नियमों के अनुसार, तिजोरी के अंदर केवल साफ-सुथरे, पवित्र और अत्यंत आवश्यक कीमती दस्तावेज (जैसे रजिस्ट्री या सोने के बिल) ही रखने चाहिए. बेकार और विवादित कागजातों को धन के स्थान पर रखने से घर में कर्ज की स्थिति पैदा होने लगती है और आपके बनते हुए काम भी ऐन वक्त पर बिगड़ने लगते हैं.3. टूटा हुआ शीशा या प्लास्टिक के डिब्बे: दरिद्रता को सीधा न्यौतावास्तु शास्त्र के मूलभूत सिद्धांतों के अनुसार, अलमारी के अंदर का वातावरण हमेशा स्वच्छ और सकारात्मक होना चाहिए. यदि आपकी अलमारी के अंदर कोई टूटा हुआ छोटा आईना, प्लास्टिक का चटका हुआ डिब्बा या बंद पड़ी घड़ियां रखी हैं, तो इन्हें आज ही बाहर का रास्ता दिखाएं. कई लोग तिजोरी के कोने में पुरानी टूटी-फूटी चाबियां या चलन से बाहर हो चुके खोटे सिक्के भी संभालकर रख देते हैं. ये तमाम चीजें सीधे तौर पर दरिद्रता और दुर्भाग्य को आमंत्रित करती हैं.4. नुकीली चीजें: रुक जाता है धन का प्रवाह और बढ़ती है कलहअलमारी के उस खास लॉकर या दराज में, जहां नगदी और गहने रखे जाते हैं, वहां भूलकर भी कोई नुकीली या धारदार चीज जैसे कैंची, नेल कटर, सुरक्षा पिन (सेफ्टी पिन) या छोटा चाकू न रखें. वास्तु के अनुसार, नुकीली वस्तुएं धन के प्रवाह (Cash Flow) को काट देती हैं. इसके प्रभाव से परिवार के सदस्यों के बीच हर समय फिजूलखर्ची और पैसों के नुकसान को लेकर बहस और गृह क्लेश होने लगता है.तिजोरी को हमेशा पैसों से भरा रखने के लिए अपनाएं ये आसान उपायअगर आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा बरकत बनी रहे, तो अलमारी के अंदर कपड़ों की ढेरी को हमेशा सलीके से तह करके व्यवस्थित रखें. वहां कभी भी कबाड़ जैसा माहौल न बनने दें. विश्वकर्मा प्रकाश में सलाह दी गई है कि धन रखने वाले स्थान पर कपूर की गोलियां, लौंग या हल्की खुशबू वाली चीजें अवश्य रखनी चाहिए. इससे वहां हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहता है और धन का आगमन बढ़ता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:29 pm

अनिरुद्ध संग बजने वाली है शहनाई? SRH की मिस्ट्री गर्ल काव्या मारन की शादी पर अंकल ने खोल दिया बड़ा राज, जानें करोड़ों की मालकिन की नेटवर्थ!

Kavya Maran and Anirudh Ravichander Wedding Rumors : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैचों के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को स्टैंड्स से अपनी दिलकश मुस्कान और अनोखे रिएक्शन्स से चीयर करने वाली 'नेशनल क्रश' काव्या मारन एक बार फिर देश भर में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गई हैं. इस बार सोशल मीडिया पर उनके किसी रिएक्शन या क्रिकेट स्ट्रैटेजी की नहीं, बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ और शादी को लेकर बड़ी खबर वायरल हो रही है. मीडिया गलियारों में दावा किया जा रहा है कि देश के सबसे पॉपुलर और हिट म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर के साथ काव्या मारन की शादी की बात काफी आगे बढ़ चुकी है. इस चर्चा को तब और ज्यादा हवा मिल गई, जब अनिरुद्ध के अंकल और साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता वाई. जी. महेंद्र ने एक इंटरव्यू में इस हाई-प्रोफाइल शादी की बात पर अपनी मुहर लगा दी. हालांकि, इस पूरे मामले पर काव्या मारन की टीम ने इन खबरों को सिर्फ एक अफवाह बताते हुए इसे खारिज किया है.अनिरुद्ध के अंकल ने इंटरव्यू में क्या कहा? जानिए शादी की इनसाइड स्टोरीम्यूजिक डायरेक्टर अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन के अफेयर और शादी की अफवाहें सोशल मीडिया पर काफी समय से तैर रही थीं, लेकिन हाल ही में अनिरुद्ध के करीबी रिश्तेदार और अभिनेता वाई. जी. महेंद्र के एक बयान ने इसे पूरी तरह से लाइमलाइट में ला दिया. उन्होंने अपने इंटरव्यू में अनिरुद्ध की तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहद शांत और सुलझे हुए लड़के हैं. शादी की खबरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जहां तक उन्हें जानकारी मिली है, यह शादी बिल्कुल पक्की बात है. उन्होंने काव्या मारन की तारीफ में कहा कि वह कोई साधारण लड़की नहीं हैं, बल्कि उनके भीतर अपने पिता के बिजनेस जींस हैं और वह इतनी बड़ी क्रिकेट टीम (SRH) को बखूबी संभाल रही हैं. दोनों की जोड़ी बेहद शानदार है और उन्हें साथ में मिलकर म्यूजिक बिजनेस में आगे बढ़ना चाहिए. हालांकि, काव्या मारन की टीम और खुद अनिरुद्ध ने पहले भी इन चर्चाओं को केवल अफवाह करार दिया है.500 करोड़ की पर्सनल नेटवर्थ: बिजनेस की दुनिया का एक बड़ा और सफल चेहराअगर बात देश की सबसे अमीर बिजनेस विमेन में शुमार काव्या मारन की करें, तो वह महज एक क्रिकेट टीम की ओनर नहीं हैं, बल्कि खुद सैकड़ों करोड़ की मालकिन हैं. कॉर्पोरेट जगत और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काव्या मारन की व्यक्तिगत कुल संपत्ति (Personal Net Worth) लगभग 400 से 500 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है. उनकी इस बंपर कमाई का जरिया सिर्फ पारिवारिक बिजनेस नहीं है, बल्कि सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड में बतौर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिलने वाली भारी-भरकम सैलरी, अलग-अलग कॉर्पोरेट कंपनियों से मिलने वाला डिविडेंड और लग्जरी रियल एस्टेट प्रॉपर्टी होल्डिंग्स हैं. इसके साथ ही काव्या मारन की अपने फैमिली ट्रस्ट के जरिए सनराइजर्स हैदराबाद की फ्रेंचाइजी में एक मजबूत पर्सनल हिस्सेदारी भी है.खूबसूरती में बॉलीवुड हसीनाओं को मात: सोशल मीडिया पर है गजब की फैन फॉलोइंगकाव्या मारन की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आईपीएल मैच के दौरान जैसे ही कैमरा उनकी तरफ मुड़ता है, सोशल मीडिया पर उनका नाम ट्रेंड करने लगता है. बेहद खूबसूरत और सादगी पसंद काव्या की फैन फॉलोइंग किसी बड़े फिल्म स्टार से कम नहीं है. पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो काव्या मारन देश के दिग्गज बिजनेसमैन और सन ग्रुप के मालिक कलानिधि मारन की इकलौती बेटी हैं. इसके अलावा, वह देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन की भतीजी भी हैं. राजनीति और बड़े कॉर्पोरेट घराने से ताल्लुक रखने के बावजूद काव्या हमेशा जमीन से जुड़ी रहती हैं, जो उनके फैंस को सबसे ज्यादा पसंद आता है.एमबीए की पढ़ाई और सन टीवी में इंटर्नशिप: कैसे बनीं SRH की पावरफुल CEO?काव्या मारन को बिजनेस भले ही विरासत में मिला हो, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद की कमान संभालने के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और बेहतरीन एजुकेशन है. 33 साल की काव्या ने अपनी एमबीए (MBA) की पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे पिता के साम्राज्य में कोई बड़ा पद नहीं लिया. उन्होंने बिजनेस की बारीकियों और ग्राउंड रियलिटी को समझने के लिए सन टीवी नेटवर्क में बाकायदा एक इंटर्न की तरह काम किया और काफी अनुभव हासिल किया. मौजूदा समय में वह सन ग्रुप के मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म 'सन नेक्स्ट' (Sun NXT) और सन म्यूजिक के ऑपरेशन्स को पूरी तरह संभाल रही हैं.ग्लोबल लेवल पर चमकाया सनराइजर्स का नाम: 1,300 करोड़ से ज्यादा है टीम की वैल्यूकाव्या मारन की लीडरशिप में सनराइजर्स हैदराबाद ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि ग्लोबल स्तर पर क्रिकेट जगत में अपनी मजबूत धाक जमाई है. उनके सीईओ बनने के बाद से फ्रेंचाइजी की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है, जो अब बढ़कर लगभग 1,290 से 1,330 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. काव्या की दूरदर्शी सोच का ही नतीजा है कि उन्होंने 'सनराइजर्स' ब्रैंड का विस्तार विदेशों में भी किया, जिसके तहत साउथ अफ्रीका की टी20 लीग (SA20) में 'सनराइजर्स ईस्टर्न केप' और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख टूर्नामेंट 'द हंड्रेड' में 'नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स' टीम को खरीदकर इंटरनेशनल स्पोर्ट्स मार्केट में अपना परचम लहराया है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:23 pm

जेब पर सीधा असर: 1 जुलाई से बदल रहे हैं ये 6 बड़े नियम, लापरवाही की तो लगेगा तगड़ा झटका!

नए महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों के पर्सनल फाइनेंस और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई नियमों में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है. 1 जुलाई 2026 से टैक्स फाइलिंग, आइडेंटिटी कार्ड्स, क्रेडिट कार्ड बेनिफिट्स और बैंकिंग सिक्योरिटी से जुड़े 6 महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहे हैं. इन नए नियमों का सीधा असर आपकी जेब और बैंक अकाउंट पर पड़ेगा. अगर आप समय रहते सतर्क नहीं हुए, तो आपको वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. आइए एक्सपर्ट रिपोर्टर की नजर से जानते हैं कि अगले महीने से क्या-क्या बदलने जा रहा है और आपको किन बातों का विशेष ध्यान रखना है.ITR फाइलिंग की उल्टी गिनती शुरू: 31 जुलाई के बाद लगेगा भारी जुर्मानाटैक्सपेयर्स के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है. अगर आप इस अंतिम तिथि से चूक जाते हैं, तो न सिर्फ आपको ₹5,000 तक का भारी जुर्माना (लेट फीस) देना होगा, बल्कि आप अपनी पसंद का टैक्स रिजीम (Tax Regime) चुनने का मौका भी गंवा सकते हैं. इसके साथ ही, देरी से रिटर्न भरने पर चालू वर्ष के बिजनेस या कैपिटल लॉस (वित्तीय नुकसान) को अगले वर्षों के लिए कैरी फॉरवर्ड करने की सुविधा भी छिन जाएगी. इसलिए आखिरी दिनों की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए तुरंत अपना आईटीआर फाइल करें.आधार कार्ड यूजर्स के लिए खुशखबरी: ईमेल आईडी अपडेट कराना हुआ बिल्कुल मुफ्तभारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आम नागरिकों को एक बड़ी राहत दी है. 1 जुलाई से लेकर 31 दिसंबर 2026 तक यानी पूरे छह महीनों के लिए आधार मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी को अपडेट कराना पूरी तरह निशुल्क (फ्री) कर दिया गया है. इससे पहले इस जरूरी डिजिटल सेवा का लाभ उठाने के लिए यूजर्स को ₹75 का शुल्क देना पड़ता था. ऑनलाइन सुरक्षा और फ्रॉड से बचने के लिए अपने आधार में चालू ईमेल आईडी लिंक रखना बेहद जरूरी है, ऐसे में इस सीमित समय के ऑफर का फायदा उठाकर आप बिना कोई पैसा खर्च किए अपना डेटा अपडेट कर सकते हैं.क्रेडिट कार्ड पर लगाम: SBI और HDFC बैंक ने बदले रिवॉर्ड्स और लाउंज एक्सेस के नियमक्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले शौकीनों के लिए झटका देने वाली खबर है. 1 जुलाई 2026 से PhonePe SBI क्रेडिट कार्ड पर्पल और PhonePe SBI क्रेडिट कार्ड सेलेक्ट ब्लैक के रिवॉर्ड पॉइंट सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब इन कार्ड्स पर मिलने वाले मंथली रिवॉर्ड पॉइंट्स की एक अधिकतम सीमा (कैपिंग) तय कर दी गई है, साथ ही इंश्योरेंस और कुछ अन्य ट्रांजैक्शंस पर मिलने वाले पॉइंट्स को बंद या सीमित कर दिया गया है.दूसरी तरफ, HDFC बैंक ने भी अपने चुनिंदा प्रीमियम क्रेडिट कार्ड्स जैसे रेगुलीया गोल्ड पर मिलने वाले मुफ्त घरेलू एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के नियमों को और सख्त कर दिया है. अब ग्राहकों को किसी तिमाही में फ्री लाउंज का फायदा तभी मिलेगा, जब उन्होंने उसकी ठीक पिछली तिमाही में न्यूनतम ₹60,000 का खर्च किया हो. यानी जुलाई-सितंबर तिमाही में एयरपोर्ट लाउंज का आनंद लेने के लिए अप्रैल-जून के दौरान ₹60k की स्पेंडिंग लिमिट पूरी होना अनिवार्य है.अंतरराष्ट्रीय यात्रा होगी महंगी: 14 साल बाद बढ़ने जा रही है पासपोर्ट की फीसअगर आप विदेश घूमने या पढ़ाई के लिए नया पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं, तो आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है. विदेश मंत्रालय ने लगभग 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पासपोर्ट (संशोधन) नियम 2026 के तहत सामान्य (Normal) और तत्काल (Tatkaal) दोनों श्रेणियों की फीस में भारी बढ़ोतरी का फैसला किया है. 1 जुलाई से देश और विदेश दोनों जगह नए संशोधित रेट्स लागू हो जाएंगे. इसके तहत साधारण 36 पेज के नए पासपोर्ट की फीस ₹1,500 से बढ़कर ₹2,500 होने जा रही है, जबकि तत्काल सेवा के लिए अब ₹3,500 की जगह ₹5,000 चुकाने होंगे.बैंकिंग सेक्टर में बड़ा सुधार: मिस-सेलिंग पर बैंकों को देना होगा पूरा रिफंड और मुआवजाबैंक ग्राहकों को वित्तीय धोखाधड़ी और धोखेबाजी से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 1 जुलाई 2026 से एक बेहद कड़ा और नया एंटी-मिस-सेलिंग फ्रेमवर्क लागू करने जा रहा है. अक्सर देखा जाता है कि बैंक कर्मचारी अपने टारगेट पूरे करने के लिए ग्राहकों को गलत या अधूरी जानकारी देकर बीमा पॉलिसी या अन्य इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स बेच देते हैं. नए नियमों के अनुसार, यदि किसी ग्राहक के साथ ऐसी 'मिस-सेलिंग' साबित होती है, तो संबंधित बैंक को न केवल ग्राहक की पूरी मूल राशि वापस (Full Refund) करनी होगी, बल्कि इस दौरान ग्राहक को हुए किसी भी प्रकार के वित्तीय नुकसान की पूरी भरपाई (मुआवजा) भी करनी होगी. इसके अलावा, बैंक अब सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के तय दायरे के बाहर कोई भी प्रमोशनल या सेल्स कॉल नहीं कर सकेंगे.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:21 pm

जयपुर के अरावली पैलेस में दीवार गिरी, 3 की मौत, ठेकेदार पर FIR दर्ज

Jaipur Aravali Palace Wall Collapse: जयपुर ग्रामीण के आमेर थाना क्षेत्र स्थित 'अरावली पैलेस' (तालामोड़) रिसॉर्ट में हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। मलबे को हटाने के लिए रात-दिन जारी युद्धस्तर के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचाव दल ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 4:20 pm

उत्तर भारत का अनोखा अजूबा: क्या सच में पांडवों ने रातों-रात पहाड़ों को काटकर बनाया था यह रहस्यमयी मंदिर?

हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत और वादियों से घिरी कांगड़ा घाटी में एक ऐसा ऐतिहासिक चमत्कार छिपा है, जिसे देखकर आधुनिक इंजीनियर भी दांतों तले उंगलियां दबा लेते हैं. हम बात कर रहे हैं 'मसरूर रॉक कट मंदिर' की, जिसे उत्तर भारत का 'एलोरा' भी कहा जाता है. आम तौर पर दुनिया भर के मंदिर ईंट, सीमेंट और पत्थरों को आपस में जोड़कर ऊंचे खड़े किए जाते हैं, लेकिन मसरूर मंदिर के निर्माण की कहानी बिल्कुल जुदा और हैरान करने वाली है.यह उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें कहीं भी कोई जोड़ नहीं है. एक बहुत विशाल बलुआ पत्थर (सैंडस्टोन) की पूरी पहाड़ी को ऊपर से नीचे की तरफ तराशते हुए इस भव्य मंदिर का आकार दिया गया है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के दस्तावेजों और मशहूर इतिहासकार एच. शटलवर्थ के शोध में भी इस प्राचीन कलाकृति को भारतीय वास्तुकला का सबसे बेजोड़ और दुर्लभ नमूना माना गया है.इतिहास और लोककथाओं का अनोखा संगम: राजा जशपाल या पांडवों का अज्ञातवास?इस मंदिर के इतिहास को लेकर दो बेहद दिलचस्प कहानियां प्रचलित हैं. जहां एक तरफ इतिहासकारों का एक बड़ा वर्ग यह मानता है कि इस अद्भुत परिसर का निर्माण 8वीं शताब्दी में राजा जशपाल के शासनकाल के दौरान हुआ था, वहीं दूसरी तरफ कांगड़ा के स्थानीय समाज में सदियों से एक अलग ही मान्यता चली आ रही है. स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, द्वापर युग में जब पांडव अपना अज्ञातवास काट रहे थे, तब उन्होंने इस बेहद दुर्गम और शांत जगह पर इस मंदिर का निर्माण शुरू किया था.कहा जाता है कि समय की कमी के कारण पांडव इस पूरे मंदिर परिसर का निर्माण कार्य पूरा नहीं कर सके. आज भी यदि आप मसरूर मंदिर के दर्शन करने जाएंगे, तो आपको कई हिस्सों में अधूरी नक्काशी और अधूरा काम साफ तौर पर देखने को मिल जाएगा, जो इस ऐतिहासिक स्थल के रहस्य को और ज्यादा गहरा कर देता है.15 मंदिरों का जादुई समूह और अजंता-एलोरा जैसी बेजोड़ नक्काशीअगर बात इस मंदिर की बनावट और वास्तुकला की करें, तो पूरा परिसर किसी प्राचीन नगरी जैसा प्रतीत होता है. इस रॉक-कट परिसर में छोटे-बड़े कुल 15 मंदिरों का एक समूह है, जिसके केंद्र में मुख्य और सबसे बड़ा मंदिर स्थित है. इस मुख्य गर्भगृह के भीतर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता की अत्यंत सुंदर और प्राचीन मूर्तियां विराजमान हैं.इतिहास के पन्नों को खंगालने पर पता चलता है कि मसरूर मंदिर के खंभों और दीवारों पर की गई महीन नक्काशी काफी हद तक महाराष्ट्र की विश्वप्रसिद्ध अजंता और एलोरा की गुफाओं से मेल खाती है. पहाड़ों और जंगलों के बीच सदियों तक छिपे रहने के बावजूद, देश-विदेश से आने वाले इतिहासकार और कला प्रेमी इसे भारत की सबसे अनमोल सांस्कृतिक धरोहरों में से एक मानते हैं.मसरूर झील का जादू: पानी में तैरता पत्थरों का इतिहासमसरूर रॉक कट मंदिर की खूबसूरती को जो चीज सबसे ज्यादा जादुई और जीवंत बनाती है, वह है इसके ठीक सामने स्थित एक विशाल और ऐतिहासिक तालाब, जिसे स्थानीय लोग मसरूर झील के नाम से पुकारते हैं. दिन के समय जब आसमान साफ होता है और सूरज की तेज किरणें इन प्राचीन नक्काशीदार पत्थरों पर पड़ती हैं, तो इस पूरे विशालकाय मंदिर की एक अद्भुत परछाई सामने वाले शांत पानी में तैरती हुई दिखाई देती है.झील के पवित्र और निश्चल पानी के भीतर मंदिर के ऊंचे शिखरों के इस उल्टे प्रतिबिंब को देखना सैलानियों के लिए किसी दैवीय और जादुई अहसास से कम नहीं होता. देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक यहां घंटों बैठकर इस अलौकिक और सुकून देने वाले नजारे को अपनी यादों में समेटते हैं.1905 का भयंकर कांगड़ा भूकंप भी नहीं हिला पाया जिसकी नींवसाल 1905 में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा क्षेत्र में एक विनाशकारी और भीषण भूकंप आया था, जिसने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई थी. इस प्राकृतिक आपदा ने मसरूर की इस ऐतिहासिक धरोहर को भी थोड़ा-बहुत नुकसान पहुंचाया था, जिसके निशान आज भी देखे जा सकते हैं. लेकिन चमत्कार की बात यह रही कि मंदिर का मुख्य गर्भगृह और इसका केंद्रीय हिस्सा इस भीषण झटके के बाद भी पूरी तरह सुरक्षित बच गया.आज सदियों बाद भी यह जादुई रॉक-कट मंदिर अपनी पूरी मजबूती और भव्यता के साथ सीना ताने शान से खड़ा है. यदि आप भी देवभूमि हिमाचल प्रदेश की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो कांगड़ा के इस प्राचीन और रहस्यमयी अजूबे को अपनी लिस्ट में शामिल करना बिल्कुल न भूलें. पत्थरों को काटकर लिखा गया यह इतिहास हमें याद दिलाता है कि हमारे पूर्वजों के पास विज्ञान, सोच और कला का कितना अद्भुत भंडार था.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:19 pm

अमरनाथ यात्रा 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पवित्र गुफा में हुई प्रथम पूजा, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सबसे पहले किए दर्शन

जयेष्ठ पूर्णिमा पर होने वाली अमरनाथ यात्रा की प्रथम पूजा को इस बार भी पवित्र गुफा में आयोजित किया गया। 3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा से पहले सोमवार को पवित्र में प्रथम पूजा की गई। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा ने सबसे पहले ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 4:00 pm

पश्चिम बंगाल विधानसभा में दो महत्वपूर्ण ओबीसी आरक्षण विधेयक पारित, टीएमसी काल की ओबीसी सूची रद्द

पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयक सोमवार को विधानसभा में ध्वनि मत से पारित हो गए। इसके साथ ही, राज्य सरकार के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पिछली सरकार के दौरान तैयार की गई ओबीसी सूची को रद्द करने का रास्ता साफ हो गया है।

देशबन्धु 29 Jun 2026 3:56 pm

सिया ने मंगेतर केतन से शॉपिंग के नाम पर 1 करोड़ रुपये लेकर प्रेमी चेतन को दिए थे, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा खुलासा। पुलिस के अनुसार सिया गोयल ने शादी की शॉपिंग के नाम पर लिए 1 करोड़ रुपये प्रेमी चेतन चौधरी को दे दिए। हत्या की साजिश और भविष्य की योजना का भी खुलासा।

देशबन्धु 29 Jun 2026 3:45 pm

अकाल तख्त का भगवंत मान सरकार को बड़ा अल्टीमेटम, 1 महीने में बेअदबी कानून बदलने का दिया आदेश

पंजाब की भगवंत मान सरकार के 9 मंत्री और 30 विधायक नंगे पांव श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचे और बेअदबी कानून पर लिखित में अपना स्पष्‍टीकरण दिया। अकाल तख्त ने मान सरकार से एक माह में बेअदबी कानून में संशोधन करने को कहा। इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब की ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 3:06 pm

भोपाल में HIV पॉजिटिव युवक ने 50 से ज्‍यादा लोगों को जाल में फंसाकर बांटा मौत का वायरस, चौंकाने वाला खुलासा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहाँ एक HIV पॉजिटिव युवक ने कथित तौर पर जानबूझकर 50 से ज्यादा लोगों को इस जानलेवा वायरस से संक्रमित कर दिया। जब इस पूरे मामले का खुलासा ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 2:48 pm

मध्यप्रदेश कांग्रेस में दिग्विजय सिंह बनाम जीतू पटवारी की सियासी जंग, जमीन पर खुलकर आई गुटबाजी

मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर बड़े नेताओं के बीच की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। इस बार विवाद वीर भारत न्यास को लेकर है, जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा लगाए गए आरोपों को पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 2:09 pm

चढ़ावा चोरी के आरोपियों को झटका, अयोध्या का कोई वकील नहीं करेगा पैरवी

Ayodhya Ram Mandir theft: राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी मामले में एक बड़ा और अभूतपूर्व मोड़ आया है। अयोध्या बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि राम मंदिर से जुड़े इस चोरी के मामले में पकड़े गए आरोपियों की पैरवी अयोध्या का कोई भी ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 1:42 pm

पुणे कोर्ट का बड़ा फैसला: मासूम से दरिंदगी और हत्या के दोषी भीमराव कांबले को फांसी

नसरापुर में साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुणे की विशेष अदालत ने आरोपी भीमराव कांबले को भारतीय न्याय संहिता (BJS) और पॉक्सो (POCSO) कानून की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 1:16 pm

अरुणाचल के आदिवासी समुदाय का बड़ा दावा, कहा- भारत की जमीन पर चीन ने किया कब्जा

अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में नाह आदिवासी समुदाय ने चीन पर भारतीय जमीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाया है। प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

देशबन्धु 29 Jun 2026 12:42 pm

21 राज्यों में बारिश-तूफान, दिल्ली में 4 जुलाई तक मानसून की दस्तक, यहां लू का अलर्ट

Weather Updates 29 June : मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश और महाराष्‍ट्र समेत 21 राज्यों में आंधी-बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 12:39 pm

सरोगेसी पर मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, इस वर्ष की महिला मानी जाएगी पात्र

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि 50 वर्ष की महिला, जब तक वह 51 वर्ष की नहीं हो जाती, सरोगेसी के लिए पात्र मानी जाएगी। कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द करते हुए सरोगेसी कानून की उद्देश्यपरक व्याख्या पर जोर दिया।

देशबन्धु 29 Jun 2026 12:04 pm

एक्शन में झारखंड सीएम हेमंत सोरेन, जल्द लौटेंगे तमिलनाडु में फंसे मजदूर

तमिलनाडु के एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में झारखंड के एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य श्रमिकों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मजदूरों की गुहार पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 12:02 pm

दिल्ली भाजपा के ओबीसी मोर्चा ने किया डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की सह प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर के राज्य सभा सदस्य चुने जाने पर रविवार को पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने डॉ. गुर्जर द्वारा विगत चार […] The post दिल्ली भाजपा के ओबीसी मोर्चा ने किया डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 11:43 am

जिम्स प्रशासन की कर्मचारियों से अपील, कहा- मरीजों के हित में काम पर लौटें, मांगों पर बनेगी समिति

राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स), ग्रेटर नोएडा के प्रशासन ने पिछले 15 दिनों से आंदोलनरत कर्मचारियों से तत्काल कार्य पर लौटने की भावुक अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि कर्मचारियों की अधिकांश मांगों के प्रति वह पूरी सहानुभूति रखता है और जिन मुद्दों का समाधान संस्थान स्तर पर संभव होगा, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। वहीं शासन स्तर से जुड़े विषयों को तत्काल कार्रवाई के लिए सरकार को भेजा जाएगा।

देशबन्धु 29 Jun 2026 11:42 am

राजस्थान में पुलिस का बड़ा एक्शन! 25 हजार का इनामी मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला हथियारों के साथ दबोचा

राजस्थान में अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शातिर बदमाश के पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। इस हार्डकोर अपराधी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह बदमाश इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था।गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल, घेराबंदी कर दबोचास्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस की स्पेशल इनपुट टीम को मुखबिर से इस बात की पुख्ता जानकारी मिली थी कि इनामी बदमाश अनिल उर्फ लीला अवैध हथियारों की खेप के साथ इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही थाना अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष कमांडो टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए संदिग्ध ठिकाने पर अचानक दबिश दी। पुलिस को देखकर हिस्ट्रीशीटर ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया और उसकी एक न चलने दी।तलाशी में मिली देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस, खंगाला जा रहा है क्रिमिनल रिकॉर्डगिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम ने अनिल उर्फ लीला की गहनता से तलाशी ली, तो उसके पास से एक अवैध देशी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने हथियारों को तुरंत जब्त कर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक नया मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़ा गया बदमाश अनिल एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट, डकैती और अवैध हथियार तस्करी जैसे दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे इस अपराधी पर पुलिस मुख्यालय ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।गैंग के नेटवर्क और मददगारों का पर्दाफाश करेगी पुलिसहिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला की इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान राज्य में सक्रिय अन्य बड़े गैंगस्टरों, हथियारों के सप्लायरों और उसे फरारी काटने में मदद करने वाले स्थानीय सफेदपोश मददगारों के नामों का खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराधियों के बारे में बिना डरे पुलिस को सूचित करें, उनका नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:29 am

राजस्थान में मानसून की धमाकेदार एंट्री! 2 जुलाई से बढ़ेगी बारिश की रफ्तार, इन जिलों में भारी बरसात का ऑरेंज अलर्ट

मरुधरा के लोगों को भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। राजस्थान में मानसून का इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है और मानसूनी हवाएं तेजी से आगे बढ़ते हुए प्रदेश की सीमा के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) से मिली ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, जिससे पारे में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि आगामी 2 जुलाई से राजस्थान में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिसके बाद प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार और भारी बारिश का नया दौर शुरू होने का अनुमान है।इन जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, बादलों की आवाजाही तेजमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून की पहली जोरदार दस्तक पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के रास्ते होने जा रही है। कोटा, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, और बारां जिलों में 2 जुलाई से भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इन इलाकों के लिए मौसम केंद्र ने विशेष चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही राजधानी जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और टोंक सहित आसपास के मैदानी इलाकों में भी आसमान में घने बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिससे उमस भरी गर्मी से परेशान स्थानीय निवासियों को ठंडी हवाओं का अहसास होने लगा है।पश्चिमी राजस्थान को थोड़ा और इंतजार, जोधपुर और बीकानेर में कब बरसेंगे बादलजहां एक तरफ पूर्वी राजस्थान में मानसून झमाझम बरसने के लिए तैयार है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों यानी जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, और जैसलमेर में रहने वाले लोगों को मानसून की मुख्य धारा के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन रेतीले इलाकों में स्थानीय चक्रवाती सिस्टम और अरब सागर से आ रही नमी के कारण धूलभरी आंधी के साथ हल्की छितराई बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे तापमान नियंत्रण में रहेगा।किसानों के चेहरे खिले, खरीफ की फसलों के लिए अमृत बनेगी यह बारिशराजस्थान में मानसून के इस सक्रिय दौर की खबर आते ही प्रदेश के अन्नदाताओं (किसानों) के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान खेतों को तैयार करने और खरीफ की मुख्य फसलों जैसे बाजरा, मक्का, ग्वार और मूंग की बुवाई के काम में तेजी से जुट गए हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के पहले हफ्ते में होने वाली यह बारिश फसलों के लिए अमृत का काम करेगी। प्रशासन ने भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जलभराव वाले निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जल स्रोतों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:28 am

शेखावाटी की बदलेगी किस्मत! 30 साल पुराने यमुना जल समझौते पर आज दिल्ली में मुहर, जानें कब और कैसे पहुंचेगा पानी

राजस्थान के शेखावाटी अंचल और आसपास के प्यासे इलाकों के लिए आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। पिछले तीन दशकों यानी 30 साल से फाइलों में दबे पड़े बहुप्रतीक्षित यमुना जल समझौते को लेकर आज देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं और सीकर जैसे जिलों के करोड़ों लोगों का दशकों पुराना सपना सच होने की राह आसान हो गई है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मौजूदगी में होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक और एमओयू के बाद शेखावाटी की सूखी धरती को यमुना के पानी से सींचने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।तीन दशकों का लंबा इंतजार और कानूनी अड़चनें हुईं दूरगौरतलब है कि साल 1994 में राज्यों के बीच यमुना नदी के पानी के बंटवारे को लेकर एक शुरुआती समझौता हुआ था, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी, रूट के चयन और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था। राजस्थान के हिस्से का पानी हरियाणा से होकर आना था, जिसे लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबे समय तक तकनीकी और कानूनी खींचतान चलती रही। अब केंद्र सरकार की मध्यस्थता और दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार बैठकों के बाद सभी विवादित बिंदुओं को सुलझा लिया गया है, जिसके बाद आज इस अंतिम एमओयू पर अंतिम मुहर लग रही है।शेखावाटी के इन जिलों को मिलेगा पीने और सिंचाई का भरपूर पानीइस महत्वाकांक्षी यमुना जल परियोजना के धरातल पर उतरने से सबसे बड़ा फायदा राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र को मिलेगा। चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों में भूमिगत जल स्तर खतरनाक रूप से नीचे जा चुका है और कई इलाके डार्क जोन में तब्दील हो चुके हैं। इस प्रोजेक्ट के जरिए पाइपलाइन और नहरों का एक विशाल नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे न केवल इन जिलों के लाखों घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा, बल्कि कृषि प्रधान इस इलाके के किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इससे क्षेत्र में खेती-किसानी और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत होगी।दिल्ली में होने वाली इस बैठक पर पूरे राजस्थान की निगाहेंआज दिल्ली में आयोजित होने जा रहे इस एमओयू कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री समेत दोनों राज्यों के जल संसाधन विभागों के आला अधिकारी शामिल हो रहे हैं। इस समझौते के तुरंत बाद प्रोजेक्ट के बजट आवंटन, सर्वे और निर्माण कार्य की समयसीमा तय की जाएगी। जनप्रतियोगियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सिर्फ पानी का समझौता नहीं है, बल्कि यह शेखावाटी की लाइफलाइन साबित होने वाला प्रोजेक्ट है। अब देखना यह होगा कि इस एमओयू के बाद धरातल पर काम कितनी तेजी से शुरू होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:27 am

अमृतसर एयरपोर्ट जाने वाले सावधान! 2 जुलाई को लगेगा भारी जाम, लाखों की संगत जुटने के कारण एडवाइजरी जारी

अगर आप आगामी 2 जुलाई को अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले हैं या किसी को रिसीव करने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 2 जुलाई को अमृतसर और आसपास के रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम और संगतों की भारी भीड़ देखने को मिल सकती है। धार्मिक मान्यता के केंद्र बाबा जवंद सिंह जी की सालाना बरसी के उपलक्ष्य में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु अमृतसर पहुंचने वाले हैं। इस विशाल धार्मिक समागम के मद्देनजर एयरपोर्ट अथॉरिटी और स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।बाबा जवंद सिंह जी की बरसी पर उमड़ेगा आस्था का सैलाबधार्मिक गुरु बाबा जवंद सिंह जी की याद में आयोजित होने वाले इस सालाना समागम में हिस्सा लेने के लिए पंजाब के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों और विदेशों से भी लाखों की संगत अमृतसर पहुंचती है। 2 जुलाई को मुख्य मार्ग और एयरपोर्ट रोड के आसपास संगतों के काफिले, गाड़ियों की कतारें और पैदल मार्च निकलने की संभावना है। आस्था के इस बड़े सैलाब के कारण सामान्य यातायात पूरी तरह प्रभावित रहेगा, जिसके चलते एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो सकती है।एयरपोर्ट अथॉरिटी की सलाह: फ्लाइट छूटने के डर से बचने के लिए पहले निकलेंअमृतसर एयरपोर्ट प्रशासन और स्थानीय जिला पुलिस ने यात्रियों से विशेष अपील की है कि वे अपनी निर्धारित फ्लाइट के समय से काफी अतिरिक्त समय लेकर अपने घरों से बाहर निकलें। यदि कोई यात्री ऐन वक्त पर निकलता है, तो रास्ते में होने वाली भारी नाकेबंदी और रूट डायवर्जन के कारण उसकी फ्लाइट छूटने का गंभीर खतरा बना रहेगा। अथॉरिटी ने एयरलाइंस कंपनियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने यात्रियों को मैसेज और ईमेल के जरिए इस जाम और भीड़ की स्थिति के बारे में पहले से सूचित कर दें ताकि किसी को परेशानी न हो।ट्रैफिक पुलिस ने तैयार किया रूट डायवर्जन प्लान, इन रास्तों का करें इस्तेमाललाखों की संगत की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए अमृतसर ट्रैफिक पुलिस ने एयरपोर्ट रोड और समागम स्थल की तरफ जाने वाले रास्तों के लिए एक विशेष रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया है। भारी वाहनों और ट्रकों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा, जबकि वीआईपी और सामान्य गाड़ियों को वैकल्पिक लिंक रोड से होकर निकाला जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे गूगल मैप्स और ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स पर लाइव ट्रैफिक अपडेट्स देखकर ही अपने सफर की शुरुआत करें ताकि जाम में फंसने से बचा जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:25 am

पंजाब में आसमान से बरसी आग! 45.7 डिग्री पारे के साथ दिन में दिखे तारे, बिजली संकट के बीच मानसून पर बड़ा अपडेट

पंजाब में गर्मी और लू (हीटवेव) के तीखे तेवरों ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। सूबे के कई जिलों में पारा 45.7 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने से लोगों को दोपहर के वक्त घरों से बाहर निकलना मुहाल हो गया है। इस जानलेवा तपिश और उमस के कारण राज्य में बिजली की मांग ने इतिहास के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में खेतों की सिंचाई और घरों में चल रहे एसी-कूलर के कारण पावर ग्रिड पर भारी दबाव है। इसी बीच मौसम विभाग की तरफ से आया मानसून का नया अनुमान भी लोगों की चिंता बढ़ाने वाला है, जिससे राहत की उम्मीदें फिलहाल दूर नजर आ रही हैं।रिकॉर्ड तोड़ पारे से तपा पंजाब, लू के थपेड़ों से जनजीवन ठपमौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पंजाब के बठिंडा, पटियाला, लुधियाना और अमृतसर समेत अधिकांश हिस्से इस वक्त भट्टी की तरह तप रहे हैं। अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री ऊपर चल रहा है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं शरीर को झुलसा रही हैं, जिसके कारण सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों ने इस भीषण लू को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लगातार तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।बिजली की मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पावर कॉरपोरेशन के फूले हाथ-पांवइस ऐतिहासिक गर्मी का सीधा असर पंजाब के पावर सेक्टर पर पड़ा है। पंजाब राज्य पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में बिजली की दैनिक मांग अपने उच्चतम स्तर को पार कर चुकी है। धान की बुवाई का सीजन होने के कारण ग्रामीण अंचलों में कृषि फीडरों को लगातार बिजली देनी पड़ रही है, वहीं शहरी इलाकों में भी लोड बढ़ने से कई सब-स्टेशनों में तकनीकी खामियां आ रही हैं। अघोषित बिजली कटौती (पावर कट) ने इस उमस भरी गर्मी में स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है।मानसून का इंतजार बढ़ा, कब मिलेगी इस चिलचिलाती गर्मी से राहतपंजाब वासियों के लिए सबसे ज्यादा परेशान करने वाली खबर मौसम विभाग के पूर्वानुमान से आ रही है। पहले जहां जून के आखिरी हफ्ते में प्री-मानसून की फुहारों की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं की सुस्त रफ्तार के कारण यह इंतजार और लंबा हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक पंजाब और आसपास के मैदानी इलाकों को इसी तरह शुष्क और गर्म मौसम का सामना करना पड़ेगा। उमस का ग्राफ बढ़ने से आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा परेशान कर सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:24 am

युवाओं के लिए बड़ी चेतावनी! अमृतसर एयरपोर्ट पर नौकरी के नाम पर चल रहा है बड़ा फर्जीवाड़ा, अथॉरिटी ने जारी की जरूरी एडवाइजरी

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नौकरी पाने का सपना देख रहा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। इन दिनों सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अमृतसर एयरपोर्ट पर विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती को लेकर कई फर्जी विज्ञापन और लेटर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए अमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एक सख्त एडवाइजरी जारी कर बेरोजगार युवाओं को इन ठगों और फर्जी विज्ञापनों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। अथॉरिटी ने साफ किया है कि कुछ असामाजिक तत्व युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ठगने की कोशिश कर रहे हैं।पैसे लेकर थमाए जा रहे फर्जी जॉइनिंग लेटरअमृतसर एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, उन्हें लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ अज्ञात गिरोह और फर्जी कंसलटेंसी कंपनियां युवाओं को सुरक्षा गार्ड, ग्राउंड स्टाफ, कस्टमर सर्विस और लोडर जैसे पदों पर शत-प्रतिशत नौकरी लगवाने का झांसा दे रही हैं। ये ठग सीधे-साधे युवाओं से रजिस्ट्रेशन फीस, मेडिकल चेकअप और यूनिफॉर्म के नाम पर मोटी रकम वसूल लेते हैं और बाद में उन्हें एयरपोर्ट अथॉरिटी के नाम का फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा देते हैं। जब पीड़ित युवा नौकरी के लिए एयरपोर्ट पहुंचते हैं, तब उन्हें अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास होता है।एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया भर्ती का असली और सही तरीकाअमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस भ्रम को दूर करने के लिए आधिकारिक बयान जारी कर भर्ती की सही प्रक्रिया की जानकारी दी है। एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) या अमृतसर एयरपोर्ट प्रशासन कभी भी किसी भी पद के लिए सीधे नकद पैसों की मांग नहीं करता है और न ही इसके लिए किसी प्राइवेट एजेंट या बाहरी एजेंसी को अधिकृत किया गया है। एयरपोर्ट पर सभी तरह की सरकारी और अनुबंधित भर्तियां केवल एएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले ऑफिशियल नोटिफिकेशन और निर्धारित चयन प्रक्रिया (परीक्षा/इंटरव्यू) के माध्यम से ही की जाती हैं।साइबर ठगों से बचने के लिए इन बातों का रखें विशेष ध्यानप्रशासन ने युवाओं और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत वेबसाइट, व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल पर आने वाले जॉब लिंक्स पर भरोसा न करें और न ही अपनी निजी जानकारियां और बैंक डिटेल्स उनके साथ साझा करें। किसी भी विज्ञापन पर यकीन करने से पहले एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें। इसके साथ ही अथॉरिटी ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति नौकरी के बदले पैसों की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम सेल में दर्ज कराएं ताकि इन ठगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:23 am

शहनाई बजने से पहले पसरा मातम! बिहार में शादी वाले घर पर बेखौफ बदमाशों का तांडव, महिला की हत्या कर दुल्हन के जेवर लूटे

बिहार में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अपराधियों ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को ताउम्र के आंसुओं में बदल दिया है। सूबे में एक शादी वाले घर में जहां कुछ घंटों बाद ही शहनाई गूंजने वाली थी और मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अचानक हथियारों से लैस बदमाशों ने धावा बोल दिया। लुटेरों ने न सिर्फ शादी के लिए तैयार रखे गए दुल्हन के कीमती जेवर और नकदी लूट ली, बल्कि विरोध करने पर परिवार की एक महिला की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।मांगलिक गीतों के बीच गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहटचश्मदीदों और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, घर में शादी की रस्में चल रही थीं और रिश्तेदार व महिलाएं उत्सव के माहौल में डूबे हुए थे। इसी बीच देर रात आधी रात के बाद अचानक आधा दर्जन से अधिक नकाबपोश बदमाश हथियारों से लैस होकर घर की दीवार फांदकर भीतर दाखिल हो गए। बदमाशों ने आते ही बंदूक की नोंक पर सबको बंधक बना लिया। जब घर की महिलाओं ने तिजोरी की चाबी देने और दुल्हन के गहने ले जाने का विरोध किया, तो अपराधियों ने बिना सोचे-समझे सीधे फायरिंग झोंक दी, जिसमें एक महिला को गोली लग गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।दुल्हन की विदाई के गहने और लाखों का कैश समेटकर हुए फरारगोलीबारी की घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई, जिसका फायदा उठाकर लुटेरों ने इत्मीनान से लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश शादी के लिए विशेष तौर पर बनवाए गए सोने-चांदी के भारी आभूषण, कीमती कपड़े और भारी-भरकम नगदी समेटकर रफूचक्कर हो गए। जो घर कुछ समय पहले तक रोशनी से जगमगा रहा था, वहां अब खून के धब्बे और रोने-बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं। सूचना मिलने के काफी देर बाद पहुंची स्थानीय पुलिस के रवैये को लेकर भी परिजनों में गहरा गुस्सा है।इलाके में भारी तनाव, अपराधियों की धरपकड़ के लिए नाकेबंदी तेजइस सनसनीखेज वारदात की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी भारी बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है और जिले के सभी बॉर्डर सील कर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, इस वारदात ने एक बार फिर बिहार में स्थानीय स्तर पर एक्टिव अपराधी गिरोहों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:19 am

बिहार में बंगला पॉलिटिक्स चरम पर! राबड़ी देवी को मिला अल्टीमेटम आज खत्म, क्या खाली होगा 'पूर्व सीएम' का आशियाना

बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकारी बंगले को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की एनडीए सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने के लिए दिया गया अल्टीमेटम आज समाप्त हो रहा है। इस समय सीमा के खत्म होने के साथ ही पटना के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या राबड़ी देवी आज अपना यह सरकारी आवास खाली कर देंगी या फिर आरजेडी और सरकार के बीच इस मुद्दे पर कोई नया कानूनी या राजनीतिक गतिरोध पैदा होगा।सम्राट चौधरी सरकार का सख्त रुख, नियमों का दिया हवालाबिहार के उपमुख्यमंत्री और भवन निर्माण विभाग का जिम्मा संभाल रहे सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही साफ कर दिया था कि नियमों के विपरीत जाकर किसी भी नेता को सरकारी संपत्तियों पर काबिज रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का तर्क है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को जीवनभर बंगला देने के पुराने नियम में बदलाव हो चुका है, इसलिए वर्तमान पद या पात्रता के हिसाब से ही आवास आवंटित किए जाएंगे। सरकार की तरफ से राबड़ी देवी को बकाये और आवास आवंटन रद्द होने से जुड़े नोटिस के बाद आज तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया था, जिससे आरजेडी खेमे में भारी नाराजगी है।आरजेडी का पलटवार: विपक्ष को जानबूझकर परेशान करने का आरोपइस पूरे मामले पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ताओं और नेताओं ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरजेडी का कहना है कि राबड़ी देवी सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि वे बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। विपक्ष का आरोप है कि सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है और लालू परिवार को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए जानबूझकर ऐसे नोटिस भेजे जा रहे हैं। आरजेडी नेताओं के मुताबिक, नियमों के दायरे में रहकर ही आगे का फैसला लिया जाएगा।पटना के वीवीआईपी जोन में बढ़ेगी प्रशासनिक हलचल?इस अल्टीमेटम की समय सीमा आज खत्म होने की वजह से पटना के वीवीआईपी सुरक्षा वाले 10 सर्कुलर रोड और उसके आसपास के प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई है। यदि आज शाम तक बंगला खाली करने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, तो भवन निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की टीम आगामी कानूनी कदम उठाने पर विचार कर सकती है। बिहार की राजनीति में पहले भी रामकृपाल यादव, तेजस्वी यादव और चिराग पासवान के दौर में 'बंगला पॉलिटिक्स' पर जमकर लाठियां और बयान चले हैं, ऐसे में राबड़ी देवी के इस आवास को लेकर होने वाला घटनाक्रम आने वाले दिनों में और दिलचस्प मोड़ ले सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:17 am

यूसीसी पर कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी बोले- 'कुछ प्रावधान सकारात्मक पर पूरा बिल पढ़ना बाकी'

कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने अभी तक बिल को पूरी तरह पढ़ा या देखा नहीं है

देशबन्धु 29 Jun 2026 11:04 am

वेकेशन भूल जाइए! युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है 'स्टेकेशन' का नया क्रेज, जानें क्यों बजट फ्रेंडली है यह ट्रेंड

भागदौड़ भरी जिंदगी और ऑफिस के वर्क प्रेशर से ब्रेक लेने के लिए लोग अक्सर घूमने का प्लान बनाते हैं। पहले ब्रेक का मतलब सिर्फ 'वेकेशन' होता था, जिसके लिए महीनों पहले से प्लानिंग, भारी-भरकम बजट और लंबी दूरी का सफर तय करना पड़ता था। लेकिन आज के समय में, खासकर वर्किंग प्रोफेशनल्स और युवाओं के बीच एक नया शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिसे 'स्टेकेशन' (Staycation) कहा जाता है। ट्रैवल इंडस्ट्री में आए इस नए बदलाव ने लोगों के छुट्टियां बिताने के अंदाज को पूरी तरह बदल दिया है। आइए जानते हैं कि यह नया कॉन्सेप्ट क्या है और यह ट्रेडिशनल वेकेशन से कितना अलग और मजेदार है।आखिर क्या है स्टेकेशन और यह वेकेशन से कैसे अलग हैसरल शब्दों में कहें तो 'वेकेशन' (Vacation) का मतलब होता है अपने शहर या देश से दूर किसी नए डेस्टिनेशन पर जाकर छुट्टियां बिताना, जिसमें फ्लाइट-ट्रेन की बुकिंग, होटल और साइटसीइंग शामिल होते हैं। इसके विपरीत, 'स्टेकेशन' दो शब्दों 'स्टे' (Stay) और 'वेकेशन' (Vacation) से मिलकर बना है। इसका मतलब है कि आप अपने ही शहर या उसके आसपास के किसी खूबसूरत रिजॉर्ट, बुटीक होटल या होमस्टे में रुकते हैं। इसमें आपको लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ती, बल्कि आप एक ही जगह रहकर आराम करते हैं, अच्छा खाना खाते हैं, पूल साइड वक्त बिताते हैं और खुद को रीचार्ज करते हैं।भागदौड़ से दूर सुकून की तलाश: क्यों युवाओं को भा रहा है यह कॉन्सेप्टआज की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी (Gen-Z) और मिलेनियल्स के बीच स्टेकेशन का क्रेज बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है 'नो ट्रैवल फैटीग' यानी सफर की थकान से आजादी। वीकेंड पर बिना किसी लंबी प्लानिंग के बस बैग पैक किया और शहर के ही किसी शांत कोने में चले गए। इसके अलावा, कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले युवाओं के लिए यह मानसिक शांति (Mental Peace) पाने का सबसे बेस्ट तरीका बन गया है। यहां न तो आपको सुबह जल्दी उठकर टूरिस्ट स्पॉट्स पर भागने की जल्दी होती है और न ही कैब बुक करने की झंझट। बस आराम से सोचना, किताबें पढ़ना या स्पा का आनंद लेना ही इसका मुख्य उद्देश्य होता है।जेब पर नहीं पड़ता भारी: बजट और समय दोनों की बड़ी बचतट्रेडीशनल वेकेशन पर जाने का मतलब है जेब पर एक बड़ा आर्थिक बोझ, लेकिन स्टेकेशन पूरी तरह से बजट फ्रेंडली होता है। चूंकि इसमें महंगे हवाई टिकट या लंबी दूरी के सफर का खर्च शून्य हो जाता है, इसलिए पूरा पैसा सिर्फ एक अच्छे लग्जरी स्टे और लजीज व्यंजनों पर खर्च होता है। समय की कमी से जूझ रहे लोग, जिन्हें ऑफिस से लंबी छुट्टियां नहीं मिलतीं, वे शनिवार और रविवार के 2 दिनों का इस्तेमाल करके एक बेहतरीन स्टेकेशन प्लान कर लेते हैं। सोमवार को वे बिना किसी ट्रैवल हैंगओवर या थकान के बिल्कुल फ्रेश माइंड के साथ दोबारा अपने काम पर लौट आते हैं।डिजिटल डिटॉक्स और वर्कवेकेशन का भी मिल जाता है मौकाआजकल कई युवा स्टेकेशन का इस्तेमाल 'डिजिटल डिटॉक्स' के लिए कर रहे हैं, जहां वे कुछ समय के लिए सोशल मीडिया और गैजेट्स से दूरी बना लेते हैं। वहीं दूसरी ओर, 'वर्क फ्रॉम एनीव्हेयर' करने वाले लोगों के लिए यह 'वर्कवेकेशन' का रूप ले चुका है, जहां वे शहर के किसी आलीशान होटल के शांत माहौल में बैठकर अपना काम भी निपटाते हैं और शाम को वेकेशन का मजा भी लेते हैं। यही वजह है कि होमस्टे, लग्जरी विला और नेचर रिजॉर्ट्स अब युवाओं की पसंद को ध्यान में रखकर विशेष स्टेकेशन पैकेज ऑफर कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:00 am

राम मंदिर: सात्विकता, सुशासन और सनातन की अग्निपरीक्षा

अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण केवल शिल्पकला का दर्शन नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की सदियों पुरानी अगाध आस्था, तप और संकल्प की पूर्णाहुति है। इस पावन काज में देश-विदेश के रामभक्तों ने अपनी गाढ़ी कमाई का अंश समर्पित किया ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 10:51 am

LIVE: चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार

Latest News Today Live Updates in Hindi : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जल्द सुनवाई से इनकार किया। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 10:51 am

झारखंड में हड़कंप! सरकारी आवासीय स्कूल में दूषित खाना खाने से 100 से अधिक छात्राएं बीमार, अस्पताल में बेड पड़े कम

झारखंड के एक सरकारी आवासीय विद्यालय (रेसिडेंशियल स्कूल) से बेहद हैरान और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। स्कूल के हॉस्टल में रात का खाना खाने के बाद 100 से भी अधिक छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। देखते ही देखते छात्राओं को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की गंभीर शिकायतें होने लगीं, जिससे पूरे स्कूल परिसर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में बीमार बच्चियों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और अस्पताल परिसर में भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।रात के खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, फूड पॉइजनिंग की आशंकास्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, छात्राओं को रात के भोजन में जो खाना परोसा गया था, उसके कुछ ही देर बाद बच्चियों ने बेचैनी की शिकायत की थी। आधी रात बीतते-बीतते एक के बाद एक कई छात्राओं की हालत बेहद नाजुक होने लगी। हॉस्टल प्रबंधन ने स्थिति को बिगड़ता देख तुरंत एम्बुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से सभी पीड़ित छात्राओं को जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों का शुरुआती तौर पर मानना है कि यह सीधे तौर पर फूड पॉइजनिंग (दूषित भोजन) का मामला है, जो उमस और गर्मी के मौसम में खाने की खराबी या साफ-सफाई की कमी की वजह से हो सकता है।अस्पताल में मची चीख-पुकार, प्रशासन और डॉक्टरों की टीम अलर्ट परएक साथ सौ से ज्यादा बच्चियों के अस्पताल पहुंचने के कारण बेड कम पड़ गए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त बिस्तरों और डॉक्टरों की तैनाती की। कई बच्चियों का इलाज फर्श और स्ट्रेचर पर ही ड्रिप लगाकर शुरू करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी, उपायुक्त (डीसी) और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया है और डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि बच्चियों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। राहत की बात यह है कि अधिकांश छात्राओं की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।स्कूल की रसोई और राशन की जांच शुरू, दोषियों पर गिरेगी गाजइस गंभीर लापरवाही के बाद झारखंड शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने स्कूल के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग (फूड सेफ्टी टीम) ने हॉस्टल के किचन से खाने के सैंपल, पीने के पानी और इस्तेमाल किए जा रहे राशन को सील कर जांच के लिए लैब भेज दिया है। अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है; उनका आरोप है कि हॉस्टल में बच्चों को लंबे समय से घटिया क्वालिटी का खाना दिया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आते ही हॉस्टल वार्डन, मेस संचालक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:36 am

पेंशनरों का फूटा गुस्सा! करनाल में लंबित मांगों को लेकर सरकार से लगाई गुहार, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री के गृह जिले करनाल में रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की ओर से अपनी जायज मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया गया है। लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रहे बुजुर्ग पेंशनरों ने एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन कर सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। पेंशनभोगी कल्याण संघ के बैनर तले जुटे इन बुजुर्गों ने साफ शब्दों में कहा कि जीवन भर सरकार और जनता की सेवा करने के बाद भी उन्हें अपने ही हक के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पेंशनरों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी लंबित मांगों को तुरंत पूरा करने की पुरजोर अपील की है।इन प्रमुख और लंबित मांगों को लेकर अटकी है बातपेंशनरों की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। उनकी मुख्य मांगों में छठे और सातवें वेतन आयोग के बकाया एरियर का जल्द से जल्द भुगतान करना, बढ़ती महंगाई को देखते हुए मासिक चिकित्सा भत्ते (मेडिकल अलाउंस) को बढ़ाकर ₹3000 करना और 65, 70 तथा 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर मिलने वाली अतिरिक्त पेंशन पेंशनरों के खातों में समय पर ट्रांसफर करना शामिल है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे टिकटों में मिलने वाली पुरानी रियायत को भी फिर से बहाल करने की मांग तेजी से उठाई गई।बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार पर दिया जोरएसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि बढ़ती उम्र और शारीरिक दिक्कतों के कारण बुजुर्गों का मेडिकल खर्च काफी ज्यादा बढ़ गया है, लेकिन सरकार द्वारा दिया जा रहा मौजूदा चिकित्सा भत्ता ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में याद दिलाया कि पेंशन कोई खैरात या दान नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों का कानूनी और सामाजिक अधिकार है। यदि प्रदेश सरकार ने बजट और कैबिनेट बैठकों में उनकी इन जायज मांगों पर तुरंत सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो वे आने वाले दिनों में सड़कों पर उतरकर राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।करनाल जिला प्रशासन को सौंपा मांग पत्र, मुख्यमंत्री से उम्मीदेंबैठक के समापन के बाद बड़ी संख्या में बुजुर्ग पेंशनर सचिवालय पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का पुलिंदा सौंपा। करनाल के स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने भी बुजुर्गों की इस मांग का समर्थन किया है। पेंशनरों का कहना है कि करनाल मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्षेत्र होने के कारण यहां से उठी आवाज का असर सीधे चंडीगढ़ तक होता है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनके साथ न्याय करेगी। अब देखना यह होगा कि चुनावी साल के इस माहौल में सरकार इन बुजुर्ग वोटरों और वरिष्ठ नागरिकों को खुश करने के लिए क्या कदम उठाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:16 am

हरियाणा में बड़ा सियासी धमाका! नवीन जयहिंद ने मुंडन कराकर दी भरत तिवारी को श्रद्धांजलि, बोले- सरकार मेरा भी करा सकती है एनकाउंटर

हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर से सनसनीखेज मोड़ आ गया है। अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाने वाले छात्र नेता और हरियाणा 'आप' के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपना मुंडन करवा लिया है। जयहिंद ने हाल ही में सुर्खियों में रहे भरत तिवारी को अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने सीधे प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और एक ऐसा चौंकाने वाला दावा कर दिया, जिससे पूरे राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। नवीन जयहिंद ने आशंका जताते हुए कहा कि सरकार आने वाले दिनों में उनका भी एनकाउंटर करवा सकती है।मुंडन कराकर जताया विरोध, भरत तिवारी को बताया व्यवस्था का शिकारनवीन जयहिंद ने अपने सिर के बाल मुंडवाकर सरकार की नीतियों और हालिया घटनाक्रमों के खिलाफ अपना कड़ा रोष प्रकट किया। उन्होंने भरत तिवारी की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक आम मौत या कानूनी कार्रवाई नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। जयहिंद ने भरत तिवारी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि वह समाज और अपनों के हक की लड़ाई लड़ रहे थे। इस मुंडन के जरिए उन्होंने साफ संदेश दिया कि वे इस दमनकारी नीति के आगे झुकने वाले नहीं हैं और न्याय की यह जंग आगे भी जारी रहेगी।एनकाउंटर की आशंका पर जयहिंद का बेबाक बयान, कहा- मैं डरने वाला नहींप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब नवीन जयहिंद से उनके इस आक्रामक रुख के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर खुद की जान को खतरा बताया। जयहिंद ने कहा कि जिस तरह से राज्य में आवाज उठाने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उसे देखते हुए उन्हें पूरा अंदेशा है कि सरकार उनके खिलाफ भी कोई बड़ा और आत्मघाती कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा, सरकार चाहे तो मेरा भी एनकाउंटर करवा सकती है, लेकिन मैं हरियाणा की जनता और सच के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहूंगा। गोलियों या फर्जी मुकदमों से जयहिंद को डराया नहीं जा सकता।हरियाणा की कानून व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली पर दागे गंभीर सवालइस पूरे घटनाक्रम के बाद हरियाणा की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। नवीन जयहिंद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का राज खत्म हो चुका है और प्रशासन केवल सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर काम कर रहा है। भरत तिवारी मामले को लेकर स्थानीय जनता में पहले से ही काफी आक्रोश है, और अब जयहिंद के इस नए एलान और मुंडन प्रदर्शन ने इस मामले को पूरे हरियाणा में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। आने वाले दिनों में इस बयानबाजी को लेकर सियासी पारा और चढ़ना तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:13 am

बेमेतरा में रफ्तार का कहर! ट्रक की टक्कर से दो सगे दोस्तों की दर्दनाक मौत, साइकिल सवार दंपती गंभीर हालत में रायपुर रेफर

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पिछले 24 घंटों के भीतर दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। तेज रफ्तार और लापरवाही का शिकार हुए दो युवकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि एक अन्य हादसे में गंभीर रूप से घायल साइकिल सवार पति-पत्नी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इन हादसों के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और फरार वाहन चालकों की तलाश की जा रही है।काल बनकर आया ट्रक, मौके पर ही थमी दो युवकों की सांसेंपहला दिल दहला देने वाला हादसा बेमेतरा के मुख्य मार्ग पर हुआ, जहां अपनी बाइक से घर लौट रहे दो युवकों को सामने से आ रहे एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक उछलकर सड़क से दूर जा गिरे। सिर और छाती में गंभीर चोट आने के कारण दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची बेमेतरा थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मृतकों की शिनाख्त स्थानीय निवासियों के रूप में हुई है, जिससे उनके परिवारों में मातम पसर गया है।साइकिल सवार दंपती को रौंदा, नाजुक हालत में रायपुर किया गया रेफरअभी पुलिस पहले हादसे की कार्रवाई में जुटी ही थी कि जिले के दूसरे हिस्से से एक और दर्दनाक दुर्घटना की खबर सामने आ गई। एक अधेड़ दंपती अपनी साइकिल से बाजार से लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात चार पहिया वाहन ने उन्हें पीछे से बेरहमी से रौंद दिया। हादसे के बाद राहगीरों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और घायल पति-पत्नी को बेमेतरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने दोनों की नाजुक हालत, अंदरूनी ब्लीडिंग और मल्टीपल फ्रैक्चर को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए तुरंत रायपुर मेकाहारा (मेडिसीन कॉलेज अस्पताल) रेफर कर दिया है।स्थानीय लोगों में बढ़ा गुस्सा, भारी वाहनों की एंट्री बैन करने की मांगबेमेतरा जिले में लगातार बढ़ते रोड एक्सीडेंट्स को लेकर अब स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रिहायशी इलाकों और बस्तियों के बीच से गुजरने वाले भारी वाहन तय गति सीमा से कहीं ज्यादा रफ्तार में चलते हैं, जिन पर ट्रैफिक पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीक आवर्स के दौरान भारी वाहनों की नो-एंट्री कड़ाई से लागू की जाए और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) और साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि भविष्य में मासूमों की जान बचाई जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:12 am

लोकतंत्र के नायकों को सलाम! सीएम विष्णु देव साय ने किया 'आपातकाल के योद्धा' का विमोचन, सेनानियों का हुआ भव्य सम्मान

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आपातकाल स्मृति दिवस के मौके पर एक गरिमामय और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने वाले और यातनाएं सहने वाले लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आपातकाल के दौर के कड़े संघर्षों और दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले वीर सपूतों की गाथा पर आधारित विशेष पुस्तक 'आपातकाल के योद्धा' का भव्य विमोचन भी किया। इस कार्यक्रम ने एक बार फिर 1975 के उस दौर की यादें ताजा कर दीं जब देश में नागरिक अधिकारों को कुचल दिया गया था।मुख्यमंत्री साय बोले: लोकतंत्र सेनानी हमारे असली नायक हैंसमारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि साल 1975 में लगाया गया आपातकाल स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उस दौर में जिन लोगों ने बिना डरे तानाशाही के खिलाफ बिगुल फूंका और लोकतंत्र की बहाली के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, वे हमारे असली नायक हैं। सीएम साय ने जोर देकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना बेहद जरूरी है कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए इन योद्धाओं ने कितनी बड़ी कुर्बानियां दी हैं। 'आपातकाल के योद्धा' पुस्तक इसी संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।भावुक हुए लोकतंत्र के प्रहरी, साझा किए जेल के वो कठिन दिनसम्मान समारोह के दौरान मंच पर मौजूद कई बुजुर्ग लोकतंत्र सेनानी उस दौर को याद कर भावुक हो उठे। सेनानियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे बिना किसी अपराध के उन्हें महीनों तक काल कोठरी में रखा गया, लेकिन उनके हौसले कभी नहीं डगमगाए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए मीसा बंदियों और उनके परिवारों ने हिस्सा लिया। राज्य सरकार द्वारा दिए गए इस सम्मान और सम्मान निधि के प्रति आभार जताते हुए सेनानियों ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारत के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान है।'आपातकाल के योद्धा' पुस्तक में दर्ज हैं संघर्ष की अनकही कहानियांविमोचित की गई पुस्तक 'आपातकाल के योद्धा' में छत्तीसगढ़ अंचल के उन तमाम आंदोलनकारियों और नेताओं के संस्मरणों को संकलित किया गया है, जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया था। इस किताब में तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों, पुलिसिया दमन और भूमिगत रहकर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनकही कहानियों को प्रामाणिक दस्तावेजों और तस्वीरों के साथ पेश किया गया है। इतिहासकारों और विश्लेषकों का मानना है कि यह पुस्तक छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास और नागरिक अधिकारों के संघर्ष को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:10 am

बस्तर में दिखा बड़ा चमत्कार! सुकमा के मासूम गणेश और सैकड़ों बच्चों को ऐसे मिली कुपोषण से नई जिंदगी

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और धुर अंदरूनी क्षेत्र सुकमा से एक बेहद सुकून देने वाली मानवीय तस्वीर सामने आई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' योजना जमीनी स्तर पर बड़ी उम्मीद बनकर रंग ला रही है। इस मुहिम के तहत सुकमा जिले के सुदूर वनांचल गांवों में रहने वाले सैकड़ों कुपोषित और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को न सिर्फ नया जीवन मिल रहा है, बल्कि उनके परिवारों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। इसी सफलता की एक जीती-जागती मिसाल बना है नन्हा गणेश, जो कभी बेहद गंभीर कुपोषण की स्थिति में था, लेकिन आज पूरी तरह स्वस्थ होकर खिलखिला रहा है।गंभीर कुपोषण की कगार से सामान्य श्रेणी तक का सफरसुकमा के स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमों ने जब अंदरूनी इलाकों में सर्वे किया, तब मासूम गणेश का वजन उसकी उम्र के हिसाब से बेहद कम था और वह गंभीर कुपोषण (SAM - Severe Acute Malnutrition) से जूझ रहा था। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत एक्टिव हुई मेडिकल टीम ने गणेश को तुरंत चिन्हित किया। इसके बाद उसे नजदीकी पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराकर विशेष डाइट, जरूरी दवाइयां और चौबीसों घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। नियमित थेरेपी और पौष्टिक आहार का नतीजा यह रहा कि कुछ ही हफ्तों में गणेश का वजन सामान्य हो गया और वह खतरे से बाहर आ गया।सुदूर वनांचल गांवों तक पहुंच रही हैं चलती-फिरती मेडिकल टीमेंसुकमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन सुदूर और संवेदनशील इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अंदरूनी हाट-बाजारों और गांवों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और माताओं के स्वास्थ्य की भी मुफ्त जांच की जा रही है। गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के माता-पिता को स्थानीय भाषा में पोषण आहार तैयार करने की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि बच्चों को घर पर भी सही कैलोरी और प्रोटीन मिल सके।बस्तर के आंगनबाड़ियों और एनआरसी केंद्रों की बदली सूरतइस योजना की सफलता के पीछे सुकमा के स्थानीय प्रशासन, मितानीन बहनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की चौबीसों घंटे की कड़ी मेहनत है। डॉक्टरों का कहना है कि गणेश अकेला ऐसा बच्चा नहीं है; बस्तर संभाग के हजारों बच्चों को इस अभियान के जरिए कुपोषण के जाल से बाहर निकाला गया है। स्वास्थ्य विभाग अब इन बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि वे दोबारा कुपोषण का शिकार न हों। बस्तर के आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य और पोषण के स्तर पर आ रहा यह सकारात्मक बदलाव आने वाले दिनों में जिले की पूरी तस्वीर बदलने की ताकत रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:08 am

पूर्वांचल में सियासी भूचाल! बाहुबली बृजेश सिंह ने किया चुनाव लड़ने का एलान, इस बड़ी पार्टी से मिला ग्रीन सिग्नल

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल की सियासत में एक बार फिर से भारी सरगर्मी बढ़ गई है। वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली और जौनपुर समेत पूरे इलाके की राजनीतिक गोटियां सेट करने वाले बाहुबली और पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह ने आगामी चुनाव लड़ने का खुला एलान कर दिया है। जेल से बाहर आने के बाद से ही शांत दिख रहे बृजेश सिंह के इस अचानक फैसले ने विपक्षी खेमों में खलबली मचा दी है। पूर्वांचल के बाहुबल और धनबल के समीकरणों में बृजेश सिंह का नाम बेहद खास माना जाता है, ऐसे में उनके चुनावी मैदान में उतरने की खबर से स्थानीय स्तर पर कई बड़े नेताओं के समीकरण बिगड़ना तय माना जा रहा है।पर्दे के पीछे की कहानी: क्या चुन ली है मनपसंद पार्टीबृजेश सिंह के चुनाव लड़ने के आधिकारिक एलान के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि वे किस दल के सिंबल पर चुनावी मैदान में उतरेंगे। हालांकि, उन्होंने अभी तक किसी खास राजनीतिक दल के नाम का खुलकर खुलासा नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि सत्तारूढ़ दल या उसके किसी मजबूत सहयोगी दल से उनकी अंदरूनी बातचीत अंतिम दौर में है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बृजेश सिंह हमेशा से परदे के पीछे रहकर सत्ता के करीबी रहे हैं, इसलिए इस बार भी वे किसी मजबूत और जिताऊ समीकरण के साथ ही अपनी नई सियासी पारी की शुरुआत करेंगे।वाराणसी और गाजीपुर के सियासी समीकरणों पर सीधा असरबृजेश सिंह का चुनावी मैदान में उतरना सीधे तौर पर वाराणसी, गाजीपुर और जौनपुर की सीटों पर असर डालेगा। पूर्वांचल में लंबे समय से सिंह परिवार और मुख्तार अंसारी के कुनबे के बीच वर्चस्व की जंग जगजाहिर रही है। मुख्तार अंसारी के निधन के बाद बदले हुए राजनीतिक हालातों में बृजेश सिंह खुद को पूर्वांचल के सबसे बड़े चेहरे के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। स्थानीय मतदाताओं और राजपूत लॉबी के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए कई छोटे और क्षेत्रीय दल भी उन्हें अपने पाले में लाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।जेल से रिहाई के बाद पहली बार सीधे चुनावी दंगल मेंवाराणसी केंद्रीय कारागार से जमानत पर रिहा होने के बाद बृजेश सिंह काफी समय तक मीडिया और सीधे राजनीतिक बयानों से दूरी बनाए हुए थे। उनके भतीजे सुशील सिंह और परिवार के अन्य सदस्य पहले से ही राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन खुद बृजेश सिंह का सीधे तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला यह साफ करता है कि वे पूर्वांचल की कमान अब पूरी तरह अपने हाथों में लेना चाहते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में वे किस पार्टी का झंडा थामते हैं और उनके इस कदम का जवाब विरोधी दल किस रणनीति से देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:04 am

पैसे के बंटवारे ने खोला राज! अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी में पवन पांडेय का सबसे बड़ा खुलासा

अयोध्या में रामलला के दरबार से करोड़ों रुपये के चढ़ावे और चंदे की चोरी का मामला इन दिनों देश की सियासत में भूचाल ला चुका है। इस पूरे महाघोटाले को सबसे पहले उजागर करने वाले समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने अब एक और सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने परत-दर-परत उस घटनाक्रम से पर्दा उठाया है कि कैसे सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव तक इस चोरी की खबर सबसे पहले और पुख्ता तरीके से पहुंची। पवन पांडेय के मुताबिक, इस महापाप का भांडाफोड़ किसी जांच से नहीं, बल्कि चोरों के बीच ही पैसे के बंटवारे को लेकर हुई आपस की लड़ाई की वजह से हुआ।जब आपस में ही भिड़ गए चढ़ावा चुराने वालेसपा नेता पवन पांडेय ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया कि राम मंदिर के दानपात्र से करोड़ों रुपये की नगदी और कीमती आभूषणों को गायब करने का खेल काफी समय से सुनियोजित तरीके से चल रहा था। लेकिन इस खेल का अंत तब शुरू हुआ जब चोरी की गई एक बड़ी रकम के मालिकाना हक और हिस्सेदारी को लेकर आरोपियों में आपसी कलह पैदा हो गई। पैसों के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि इसकी गूंज मंदिर परिसर से बाहर निकलकर स्थानीय गलियारों तक पहुंच गई।अखिलेश यादव तक ऐसे पहुंची महाघोटाले की सटीक 'इनपुट'पवन पांडेय ने खुलासा किया कि जब आरोपियों के बीच विवाद चरम पर था, तभी कुछ बेहद विश्वसनीय और जमीनी सूत्रों ने इसकी सटीक जानकारी उन तक पहुंचाई। चूंकि यह मामला सीधे तौर पर करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं की आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के दरबार से जुड़ा था, इसलिए बिना वक्त गंवाए पूरी रिपोर्ट और सबूतों के इनपुट समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजे गए। अखिलेश यादव ने तथ्यों की गंभीरता को देखते हुए इस मुद्दे पर तुरंत स्टैंड लिया और सोशल मीडिया से लेकर हर स्तर पर इस आवाज को बुलंद किया, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया।एसआईटी जांच और कोर्ट से बड़ी उम्मीदेंइस पूरे चंदा चोरी प्रकरण में अब चौतरफा दबाव के बाद एसआईटी (SIT) की जांच चल रही है और मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ तक भी पहुंच चुका है। विपक्ष का आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर हो रही हेराफेरी को दबाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन आपसी फूट ने इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया। पवन पांडेय और अखिलेश यादव लगातार इस मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं ताकि भगवान के घर में सेंध लगाने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:02 am

राम मंदिर चंदा चोरी: दो नए गुनाहगारों का सनसनीखेज खुलासा, जानें कैसे रत्नेश और गगनदीप रचते थे पूरा खेल

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से मिले दान (चंदा) में सेंधमारी करने वाले गिरोह का जाल लगातार गहराता जा रहा है। राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अब दो नए मास्टरमाइंड के नामों का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस की तफ्तीश और पकड़े गए आरोपियों के बयानों में रत्नेश और गगनदीप नाम के दो शातिर अपराधियों का नाम सामने आया है, जिन्होंने इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए बैक-एंड पर एक बेहद चालाक नेटवर्क तैयार कर रखा था।आरोपियों की जुबानी, नए चेहरों की कहानीइस बड़े घोटाले की परतें तब खुलीं जब पुलिस ने चंदा चोरी के आरोप में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सीधे तौर पर रत्नेश और गगनदीप का नाम उगल दिया। पुलिस के अनुसार, ये दोनों ही इस पूरे रैकेट के असली सूत्रधार हैं, जो सीधे तौर पर बैंक खातों को मैनेज करने और फर्जी रसीदों के जरिए मोटी रकम ठिकाने लगाने का काम देख रहे थे। आरोपियों ने कुबूल किया है कि इन दोनों के इशारे के बिना चंदे की रकम को डायवर्ट करना मुमकिन नहीं था।डिजिटल सेंधमारी और शातिराना खेल का तरीकाजांच में यह बात सामने आई है कि रत्नेश और गगनदीप का काम करने का तरीका बेहद हाईटेक और शातिराना था। ये लोग सीधे तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स, फर्जी क्यूआर कोड (QR Codes) और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। श्रद्धा और आस्था के नाम पर जब भी कोई श्रद्धालु ऑनलाइन चंदा देने की कोशिश करता, तो यह शातिर जोड़ी तकनीक का सहारा लेकर उस पैसे को सीधे अपने फर्जी खातों में ट्रांसफर करवा लेती थी। इसके बाद उस रकम को तुरंत अलग-अलग छोटे खातों में बांट दिया जाता था ताकि किसी को शक न हो।पुलिस की धरपकड़ और आगे की कार्रवाईइन दोनों नए नामों के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और जांच एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं। रत्नेश और गगनदीप की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनके पकड़े जाने के बाद इस बात का भी खुलासा हो सकेगा कि इस चंदा चोरी के खेल में कुल कितने करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है और इनके तार किन-किन बड़े शहरों या अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:52 am

केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी सगाई से कुछ सप्ताह पहले उदयपुर की यात्रा पर साथ गए थे। इतना ही नहीं सगाई से पहले केतन से 1 करोड़ रुपए लेकर ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 9:44 am

टीम इंडिया में हाहाकार! पहली ही टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर के नाम जुड़ा बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट के गलियारों से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और निराशाजनक खबर सामने आ रही है। जिम्बाब्वे दौरे के बाद आयरलैंड के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज में भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) के प्रदर्शन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डब्लिन के स्थानीय मैदान पर खेले गए मुकाबले में आयरिश गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी के आगे अय्यर पूरी तरह बेबस नजर आए। इस खराब फॉर्म के चलते उनके नाम अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट का एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जिसे कोई भी बल्लेबाज कभी अपने करियर में नहीं जोड़ना चाहेगा। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद आलोचकों ने उनके टीम में चयन पर भी तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।पहली ही सीरीज में टूटा फैंस का भरोसा: आयरलैंड के गेंदबाजों ने किया बेहालसीरीज के इस बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में श्रेयस अय्यर से सभी को एक कप्तानी या अनुभवी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे क्रीज पर आते ही संघर्ष करते नजर आए। आयरलैंड के तेज गेंदबाजों ने पिच की अतिरिक्त उछाल और स्विंग का फायदा उठाते हुए अय्यर को लगातार परेशान किया। श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले या बेहद कम स्कोर पर पवेलियन लौट गए, जिसके चलते वे इस दौर की पहली ही टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा बार फ्लॉप होने वाले या अनचाहे रिकॉर्ड की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गए हैं। आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ इस तरह घुटने टेकने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और नेटिजेंस उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।अय्यर के नाम दर्ज हुआ ये अनचाहा रिकॉर्ड: दिग्गजों की लिस्ट में सबसे पीछे छूटेक्रिकेट सांख्यिकी और आधुनिक खेल विश्लेषकों के अनुसार, श्रेयस अय्यर अब भारत के उन चुनिंदा मध्यक्रम बल्लेबाजों की श्रेणी में आ गए हैं जिनका विदेशी धरती पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में प्रदर्शन बेहद साधारण रहा है। इस मैच में आउट होते ही उनके नाम टी20 सीरीज के शुरुआती मैचों में सबसे कम स्ट्राइक रेट से रन बनाने या लगातार सिंगल डिजिट पर आउट होने का एक बेहद खराब रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। टीम इंडिया के पूर्व दिग्गजों का मानना है कि शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ अय्यर की कमजोरी एक बार फिर खुलकर दुनिया के सामने आ गई है, जिसका फायदा अब आयरलैंड जैसी एसोसिएट और उभरती हुई टीमें भी आसानी से उठा रही हैं।क्या खतरे में है श्रेयस अय्यर का टी20 करियर? जेनेरेटिव एआई और सेलेक्टर्स की पैनी नजरइस शर्मनाक रिकॉर्ड के बाद श्रेयस अय्यर के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। जेनेरेटिव एआई (AI Search) और खेल कूटनीति के जानकारों का मानना है कि भारतीय टीम में इस समय सूर्यकुमार यादव, रिंकू सिंह और अन्य युवा बल्लेबाजों के आने से कॉम्पिटिशन अपने चरम पर है। ऐसे में अगर अय्यर आगामी मैचों में कोई बड़ा चमत्कार नहीं करते हैं, तो सिलेक्टर्स उन्हें टी20 फॉर्मेट से हमेशा के लिए ड्रॉप करने का कड़ा फैसला ले सकते हैं। अब देखना यह होगा कि इस भारी दबाव और आलोचनाओं के बीच श्रेयस अय्यर अपनी कमियों को सुधारकर अगले मैच में किस तरह वापसी करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:30 am

टीम इंडिया में हाहाकार! पहली ही टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर के नाम जुड़ा बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड, आयरलैंड के आगे घुटने टेकने पर हुए मजबूर

भारतीय क्रिकेट के गलियारों से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और निराशाजनक खबर सामने आ रही है। जिम्बाब्वे दौरे के बाद आयरलैंड के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज में भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) के प्रदर्शन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डब्लिन के स्थानीय मैदान पर खेले गए मुकाबले में आयरिश गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी के आगे अय्यर पूरी तरह बेबस नजर आए। इस खराब फॉर्म के चलते उनके नाम अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट का एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जिसे कोई भी बल्लेबाज कभी अपने करियर में नहीं जोड़ना चाहेगा। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद आलोचकों ने उनके टीम में चयन पर भी तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।पहली ही सीरीज में टूटा फैंस का भरोसा: आयरलैंड के गेंदबाजों ने किया बेहालसीरीज के इस बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में श्रेयस अय्यर से सभी को एक कप्तानी या अनुभवी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे क्रीज पर आते ही संघर्ष करते नजर आए। आयरलैंड के तेज गेंदबाजों ने पिच की अतिरिक्त उछाल और स्विंग का फायदा उठाते हुए अय्यर को लगातार परेशान किया। श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले या बेहद कम स्कोर पर पवेलियन लौट गए, जिसके चलते वे इस दौर की पहली ही टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा बार फ्लॉप होने वाले या अनचाहे रिकॉर्ड की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गए हैं। आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ इस तरह घुटने टेकने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और नेटिजेंस उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।अय्यर के नाम दर्ज हुआ ये अनचाहा रिकॉर्ड: दिग्गजों की लिस्ट में सबसे पीछे छूटेक्रिकेट सांख्यिकी और आधुनिक खेल विश्लेषकों के अनुसार, श्रेयस अय्यर अब भारत के उन चुनिंदा मध्यक्रम बल्लेबाजों की श्रेणी में आ गए हैं जिनका विदेशी धरती पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में प्रदर्शन बेहद साधारण रहा है। इस मैच में आउट होते ही उनके नाम टी20 सीरीज के शुरुआती मैचों में सबसे कम स्ट्राइक रेट से रन बनाने या लगातार सिंगल डिजिट पर आउट होने का एक बेहद खराब रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। टीम इंडिया के पूर्व दिग्गजों का मानना है कि शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ अय्यर की कमजोरी एक बार फिर खुलकर दुनिया के सामने आ गई है, जिसका फायदा अब आयरलैंड जैसी एसोसिएट और उभरती हुई टीमें भी आसानी से उठा रही हैं।क्या खतरे में है श्रेयस अय्यर का टी20 करियर? जेनेरेटिव एआई और सेलेक्टर्स की पैनी नजरइस शर्मनाक रिकॉर्ड के बाद श्रेयस अय्यर के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। जेनेरेटिव एआई (AI Search) और खेल कूटनीति के जानकारों का मानना है कि भारतीय टीम में इस समय सूर्यकुमार यादव, रिंकू सिंह और अन्य युवा बल्लेबाजों के आने से कॉम्पिटिशन अपने चरम पर है। ऐसे में अगर अय्यर आगामी मैचों में कोई बड़ा चमत्कार नहीं करते हैं, तो सिलेक्टर्स उन्हें टी20 फॉर्मेट से हमेशा के लिए ड्रॉप करने का कड़ा फैसला ले सकते हैं। अब देखना यह होगा कि इस भारी दबाव और आलोचनाओं के बीच श्रेयस अय्यर अपनी कमियों को सुधारकर अगले मैच में किस तरह वापसी करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:28 am

मीठा खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! गलत समय पर खाई गई मिठाई बढ़ा देगी ब्लड शुगर और वजन, जानें स्वीट क्रेविंग का सही आयुर्वेदिक समय

भारतीय संस्कृति में भोजन के बाद कुछ मीठा खाना हमारी सदियों पुरानी आदत और परंपरा का हिस्सा रहा है। चाहे शादी-ब्याह का मौका हो या कोई आम दिन, थाली में मिठाई का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस मीठे को आप बड़े चाव से खाते हैं, उसे खाने का भी एक सही समय और वैज्ञानिक तरीका होता है? जी हां, गलत समय और गलत मात्रा में खाई गई चीनी या मिठाई आपके शरीर में अचानक इंसुलिन स्पाइक कर सकती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल और वजन तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं कि सेहत को बिना नुकसान पहुंचाए मीठा खाने का सही समय और हेल्दी तरीका आखिर क्या है।कब खाने से बढ़ सकता है ब्लड शुगर और वजन? जानें गलत समय का विज्ञानस्वास्थ्य विशेषज्ञों और आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के अनुसार, रात को सोने से ठीक पहले या खाली पेट मीठा खाना सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। जब आप रात के समय या भारी डिनर के तुरंत बाद आइसक्रीम, पेस्ट्री या पारंपरिक मिठाइयां खाते हैं, तो शरीर की शारीरिक निष्क्रियता के कारण वह शुगर फैट के रूप में जमा होने लगती है। खाली पेट मीठा खाने से शरीर में ग्लूकोज का स्तर अचानक बहुत ऊपर चला जाता है, जिसके बाद शरीर को भारी मात्रा में इंसुलिन रिलीज करना पड़ता है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे आपको प्री-डायबिटीज और मोटापे की ओर धकेल देती है।क्या मीठा खाने का भी होता है सही समय? आयुर्वेद और साइंस का बड़ा खुलासाआयुर्वेद और आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस दोनों ही मीठा खाने के एक खास और अचूक समय की वकालत करते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, यदि आपको मीठा खाना ही है, तो उसे भोजन की शुरुआत में या फिर दोपहर के लंच के साथ खाना सबसे बेहतर माना जाता है। भोजन की शुरुआत में मीठा खाने से हमारे शरीर की जठराग्नि (पाचन रस) उत्तेजित होती है और यह आसानी से पच जाता है। वहीं, साइंस के मुताबिक वर्कआउट या भारी एक्सरसाइज करने के ठीक बाद मीठा खाना सबसे सुरक्षित समय है, क्योंकि उस वक्त शरीर को तुरंत एनर्जी (ग्लाइकोजन) की जरूरत होती है और खाई गई शुगर फैट में बदलने के बजाय सीधे मांसपेशियों को रिकवर करने में इस्तेमाल हो जाती है।स्वीट खाने के हेल्दी तरीके: बिना बीमारी के ऐसे शांत करें अपनी शुगर क्रेविंगअगर आप अपनी मीठा खाने की आदत को पूरी तरह छोड़ नहीं पा रहे हैं, तो कुछ स्मार्ट और हेल्दी तरीके अपनाकर आप अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं। रिफाइंड सफेद चीनी से बनी मिठाइयों के बजाय गुड़, शहद, खजूर या पके हुए ताजे फलों (जैसे आम, केला) को अपनी डाइट में शामिल करें। जब भी तेज स्वीट क्रेविंग हो, तो मिठाई को अकेले खाने के बजाय उसे प्रोटीन या फाइबर युक्त भोजन (जैसे नट्स या चिया सीड्स) के साथ खाएं, ताकि ब्लड शुगर अचानक से न बढ़े। स्थानीय वेलनेस एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि मीठा खाने के बाद कम से कम 15 से 20 मिनट की वॉक जरूर करें ताकि बढ़ा हुआ ग्लूकोज तुरंत बर्न हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:25 am

सुबह उठते ही पेट एक बार में शीशे की तरह हो जाएगा साफ! रात को सोने से पहले पी लें यह जादुई घरेलू ड्रिंक

आज के इस भागदौड़ भरे आधुनिक दौर में खराब खान-पान, मैदे और जंक फूड का अत्यधिक सेवन, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव की वजह से पेट से जुड़ी बीमारियां हर दूसरे व्यक्ति की बड़ी समस्या बन चुकी हैं। देश के लाखों लोग सुबह उठते ही घंटों शौचालय में बिताते हैं, फिर भी उनका पेट ठीक से साफ नहीं होता। कब्ज (Constipation) और पेट का भारीपन न केवल आपके पूरे दिन के मूड को खराब करता है, बल्कि यह शरीर में कई अन्य गंभीर बीमारियों की जड़ भी बन जाता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान दोनों का मानना है कि जिसका पेट साफ है, उसकी आधी बीमारियां वैसे ही खत्म हो जाती हैं। अगर आप भी पुरानी से पुरानी कब्ज और गैस की समस्या से परेशान हैं, तो रात को सोने से पहले रसोई में मौजूद चीजों से बनी यह एक जादुई ड्रिंक आपकी इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है।पेट की हर बीमारी की जड़ है कब्ज: जानिए रात की इस ड्रिंक के पीछे का आयुर्वेदिक विज्ञानआयुर्वेद के अनुसार, हमारे शरीर में पाचन क्रिया का सुचारू रूप से चलना बेहद जरूरी है। रात के समय हमारा शरीर रीइमेजिन और डिटॉक्सिफिकेशन मोड पर होता है, यानी वह दिनभर की गंदगी को बाहर निकालने की तैयारी करता है। जब आप सोने से ठीक पहले गुनगुने पानी या दूध के साथ विशेष आयुर्वेदिक तत्वों से भरपूर इस घरेलू ड्रिंक का सेवन करते हैं, तो यह सीधे आपकी आंतों (Intestines) में जाकर वहां जमा सूखे और कड़े मल को ढीला कर देती है। यह ड्रिंक आंतों के पेरिस्टालसिस मूवमेंट (भोजन आगे बढ़ाने की प्रक्रिया) को तेज करती है, जिससे सुबह आंख खुलते ही बिना किसी प्रेशर या दर्द के पेट एक ही बार में पूरी तरह और शीशे की तरह साफ हो जाता है।कैसे तैयार करें यह जादुई नाइट डिटॉक्स ड्रिंक? यह है सबसे आसान घरेलू विधिइस चमत्कारी ड्रिंक को बनाने के लिए आपको बाजार से कोई महंगी दवा लाने की जरूरत नहीं है, इसका सामान आपकी रसोई में ही मौजूद है। आपको बस एक गिलास गुनगुना पानी या हल्का गर्म दूध लेना है और उसमें आधा चम्मच शुद्ध देसी घी और आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण (Triphala Churn) या जीरा-अजवाइन का पाउडर मिलाना है। इसके अलावा, एक और बेहतरीन विकल्प यह है कि आप एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंफ और आधा चम्मच मेथी दाना उबाल लें और गुनगुना होने पर इसे छानकर पी लें। इन तीनों ही ड्रिंक्स में प्रचुर मात्रा में नेचुरल लैक्सेटिव और फाइबर पाए जाते हैं, जो आंतों की लुब्रिकेशन को बढ़ाते हैं और गैस, एसिडिटी व ब्लोटिंग को जड़ से मिटाते हैं।सुबह पेट साफ होने के अन्य बड़े फायदे: एआई सर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स की रायजेनेरेटिव एआई (AI Search) और आधुनिक स्लीप व गट हेल्थ थेरेपिस्ट्स के अनुसार, एक स्वस्थ पेट सीधे तौर पर हमारे मानसिक स्वास्थ्य और स्किन ग्लो से जुड़ा हुआ है। जब सुबह पेट एक बार में साफ हो जाता है, तो शरीर के टॉक्सिंस (विषाक्त पदार्थ) बाहर निकल जाते हैं, जिससे चेहरे पर मुंहासे नहीं होते, आलस्य दूर होता है और दिनभर गजब की एनर्जी बनी रहती है। स्थानीय स्तर पर योग और वेलनेस एक्सपर्ट्स भी यही सलाह देते हैं कि इस ड्रिंक को पीने के साथ-साथ रात का डिनर हमेशा हल्का रखें और सोने से कम से कम दो घंटे पहले कर लें, ताकि यह ड्रिंक आंतों पर अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सके और आपको बिना किसी साइड इफेक्ट के परमानेंट राहत मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:24 am

बिस्तर पर लेटते ही आएगी घोड़े बेचकर नींद! रातभर करवटें बदलने वाले आज ही आजमाएं यह जादुई 4-7-8 ब्रीदिंग ट्रिक

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस के काम का तनाव और देर रात तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने की आदत ने इंसानी शरीर के नेचुरल स्लीप पैटर्न को बुरी तरह बिगाड़ दिया है। देश के लाखों युवा और कामकाजी लोग रात को बिस्तर पर जाने के बाद भी घंटों करवटें बदलते रहते हैं और चाहकर भी गहरी नींद नहीं सो पाते। नींद न आने (Insomnia) की यह समस्या धीरे-धीरे मानसिक तनाव, थकान और कई गंभीर बीमारियों की वजह बन जाती है। अगर आप भी रातभर जागने की इस समस्या से तंग आ चुके हैं, तो चिकित्सा विज्ञान और प्राचीन योग विज्ञान के अनूठे मेल से बनी '4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक' (4-7-8 Breathing Technique) आपके लिए एक वरदान साबित हो सकती है। यह जादुई तरीका मात्र 5 मिनट के भीतर आपके दिमाग को शांत कर आपको गहरी और सुकून भरी नींद की आगोश में सुला सकता है।क्या है यह चमत्कारी 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक? जानें इसके पीछे का पूरा विज्ञानइस बेहद प्रभावशाली और वैज्ञानिक तकनीक को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के डॉ. एंड्रयू वेल (Dr. Andrew Weil) द्वारा पूरी दुनिया के सामने लाया गया था। यह प्राचीन भारतीय प्राणायाम विधियों पर आधारित एक गहरी सांस लेने का अभ्यास है, जो हमारे शरीर के पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम (Parasympathetic Nervous System) को तुरंत एक्टिवेट कर देता है। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारी सांसें उथली और तेज हो जाती हैं, जिससे दिमाग अलर्ट मोड पर आ जाता है। यह 4-7-8 तकनीक हमारे दिल की धड़कन को धीमा करती है, मांसपेशियों के खिंचाव को कम करती है और मस्तिष्क में ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाकर नेचुरल कूटनीति के तहत शरीर को शांत करती है, जिससे देखते ही देखते गहरी नींद का अहसास होने लगता है।स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: जानिए कैसे करना है इस ब्रीदिंग एक्सरसाइज का अभ्यासइस तकनीक को आजमाना बेहद आसान है और इसके लिए आपको किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं है। रात को सोने से ठीक पहले अपने बिस्तर पर आरामदायक मुद्रा में सीधे लेट जाएं। सबसे पहले अपनी जीभ की नोक को ऊपर के दांतों के ठीक पीछे मसूड़े से सटाकर रखें। अब अपने मुंह से पूरी तरह सांस बाहर छोड़ें, जिससे एक 'शू' की आवाज निकले। इसके बाद अपना मुंह बंद करें और नाक से धीरे-धीरे मन में 4 तक गिनती गिनते हुए गहरी सांस अंदर खींचें। अब अपनी सांस को रोक लें (Hold Your Breath) और मन में 7 तक गिनती गिनें। आखिर में, अपने मुंह से पूरी तरह से सांस को बाहर छोड़ते हुए मन में 8 तक गिनती गिनें। इस पूरे चक्र को लगातार 4 से 5 बार दोहराएं।मात्र 5 मिनट में दिमाग को रिलैक्स करेगी यह ट्रिक: सेहत के लिए इसके अन्य बड़े फायदेजेनेरेटिव एआई (AI Search) और आधुनिक स्लीप थेरेपिस्ट के अनुसार, यह 4-7-8 ब्रीदिंग एक्सरसाइज सिर्फ अनिद्रा को ही दूर नहीं करती, बल्कि इसके नियमित अभ्यास से रोजमर्रा की एंग्जायटी (Anxiety) और अचानक होने वाले पैनिक अटैक की समस्या में भी भारी कमी आती है। जब आप 7 सेकंड के लिए सांस रोकते हैं, तो शरीर में ऑक्सीजन का स्तर संतुलित होता है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलने के लिए तैयार होती है, जिससे ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है। स्थानीय स्तर पर योग और वेलनेस एक्सपर्ट्स भी इस बात की सलाह देते हैं कि यदि बिना दवाओं के प्राकृतिक रूप से एक स्वस्थ जीवन जीना है, तो रात को सोने का एक सख्त टाइम-टेबल बनाएं और बिस्तर पर लेटते ही इस 5 मिनट के जादुई सांस के खेल को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:22 am

बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खबर! कल ज्येष्ठ पूर्णिमा पर अमरनाथ यात्रा की प्रथम पूजा, गर्मी से 40% पिघला हिमलिंग

भोलेनाथ के भक्तों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है और पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2026) का शंखनाद होने वाला है। कल यानी ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी की विधिवत 'प्रथम पूजा' संपन्न की जाएगी। इस पूजा के साथ ही इस वर्ष की पवित्र तीर्थयात्रा की आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी। हालांकि, इस बार बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए उत्सुक श्रद्धालुओं के लिए एक चिंताजनक खबर भी सामने आ रही है। पिछले कुछ हफ्तों से उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में पड़ रही भीषण गर्मी और ग्लोबल वार्मिंग के असर के कारण गुफा के भीतर मौजूद प्राकृतिक हिमलिंग (Ice Lingam) लगभग 40 फीसदी तक पिघल चुका है। इस बड़े बदलाव के बावजूद स्थानीय प्रशासन और श्राइन बोर्ड यात्रा को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियों में मुस्तैद हैं।ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा का विशेष महत्व: कल से शुरू होगा भक्ति का महासंगमअमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की परंपरा के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा के शुभ संयोग पर पवित्र गुफा के भीतर विशेष वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ प्रथम पूजा आयोजित की जाती है। इस पूजा में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली या व्यक्तिगत रूप से शामिल होकर बाबा अमरनाथ से यात्रा के निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना करते हैं। हिंदू धर्म में इस पूजा का अत्यंत ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है, क्योंकि इसी दिन से पवित्र गुफा के कपाट आध्यात्मिक रूप से तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिए जाते हैं और पूरे वातावरण में 'बम बम भोले' के जयकारे गूंजने लगते हैं।ग्लोबल वार्मिंग का सीधा प्रहार: 40 फीसदी तक सिमटा बाबा बर्फानी का आकारइस साल पहाड़ों पर पड़ी कम बर्फबारी और जून के महीने में मैदानी इलाकों के साथ-साथ ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में दर्ज किए गए रिकॉर्ड तोड़ तापमान ने बाबा बर्फानी के स्वरूप पर बड़ा असर डाला है। ताजा ग्राउंड रिपोर्ट और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि गुफा के भीतर बनने वाला हिमलिंग अपनी पूरी क्षमता से करीब 40 प्रतिशत तक पिघल गया है। रक्षा और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून की बारिश समय पर नहीं हुई या पहाड़ों पर गर्मी इसी तरह बरकरार रही, तो हिमलिंग के आकार में और तेजी से गिरावट आ सकती है। यही वजह है कि शुरुआती जत्थों में जाने वाले श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के पूरे स्वरूप के दर्शन मिलने की संभावना सबसे अधिक जताई जा रही है।भौगोलिक चुनौतियां और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी: यात्रियों के लिए गाइडलाइन जारीअमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के स्थानीय प्रशासन और भारतीय सेना ने दोनों मुख्य रूटों— पहलगाम (Pahalgam) और बालटाल (Baltal) पर सुरक्षा और सुविधाओं का अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है। इस बार एआई सर्च (GEO) और आधुनिक तकनीक के जरिए मौसम के पल-पल के बदलावों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर ऑक्सीजन बूथ, मेडिकल कैंप और रहने के लिए टेंटों की व्यवस्था को पहले से ज्यादा हाई-टेक किया गया है। श्राइन बोर्ड ने सभी अमरनाथ यात्रियों से अपील की है कि वे अपने साथ जरूरी गर्म कपड़े, रेनकोट और फिटनेस सर्टिफिकेट अवश्य लाएं और बदलते मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:20 am

मानसून आते ही घरों में क्यों बनने लगती है दाल-पूड़ी, खीर और आम? जानें आर्द्रा नक्षत्र का वो वैज्ञानिक सच जो होश उड़ा देगा

भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं में प्रकृति, मौसम और खान-पान का एक बेहद गहरा और अटूट संबंध रहा है। जैसे ही देश के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और गर्मी के बाद मानसून की पहली फुहारें पड़ती हैं, वैसे ही उत्तर और मध्य भारत के घरों में एक विशेष पारंपरिक थाली तैयार होने लगती है। इस थाली में खासतौर पर गरमा-गरम दाल भरी पूड़ी, मलाईदार चावल की खीर और पके हुए रसीले आम शामिल होते हैं। स्थानीय समाज में इसे 'अद्रा (आर्द्रा) का भोजन' कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दाल-पूड़ी, खीर और आम के इस खास कॉम्बिनेशन का सीधा संबंध आकाशमंडल के आर्द्रा नक्षत्र (Ardra Nakshatra) से है? यह केवल कोई अंधविश्वास या पुरानी रीत नहीं है, बल्कि इसके पीछे का वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व बेहद हैरान करने वाला है।आर्द्रा नक्षत्र से क्या है इस लजीज थाली का सीधा कनेक्शन?खगोल विज्ञान और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं और आर्द्रा नक्षत्र का उदय होता है, तो भारत में वर्षा ऋतु यानी मानसून की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है। आर्द्रा का शाब्दिक अर्थ होता है 'नमी' या 'गीलापन'। इस दौरान हवा में आर्द्रता (Humidity) अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और मौसम पूरी तरह करवट ले लेता है। ग्रामीण और स्थानीय लोक संस्कृति में सदियों से यह माना जाता रहा है कि आर्द्रा नक्षत्र के प्रवेश करते ही धरती मां रजस्वला होती हैं और नई फसलों के अंकुरण के लिए तैयार होती हैं। इसी खुशी और उत्सव के रूप में प्रकृति को धन्यवाद देने के लिए इस विशेष पकवान को बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।इस पारंपरिक भोजन के पीछे छिपा है आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का अनोखा राजवैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो मौसम के इस अचानक बदलाव का हमारे पाचन तंत्र (Digestive System) पर सीधा असर पड़ता है। मानसून की शुरुआत में इंसानी शरीर की जठराग्नि (भूख और पचाने की शक्ति) थोड़ी मंद पड़ जाती है, जिसके कारण मौसमी बीमारियां, पेट दर्द और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, इस समय शरीर में 'वात' दोष कुपित होता है। खीर में मौजूद दूध और चावल शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं, जबकि दाल भरी पूड़ी में इस्तेमाल होने वाले मसाले और घी शरीर को जरूरी ऊर्जा और स्निग्धता देते हैं। यह पूरा भोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity Boost) को बढ़ाने और पेट को संतुलित रखने के लिए एक अचूक टॉनिक की तरह काम करता है।आम खाने का यही है सबसे सही समय: सेहत के लिए क्यों है जरूरी?इस थाली का सबसे मुख्य और आकर्षक हिस्सा है फलों का राजा 'आम'। विज्ञान कहता है कि आर्द्रा नक्षत्र के शुरू होने से पहले तक (यानी भीषण गर्मी में) जो आम बाजारों में मिलते हैं, उनमें गर्मी और एसिड की मात्रा अधिक होती है। लेकिन मानसून की पहली बारिश की बूंदें पड़ते ही आम का प्राकृतिक कसैलापन और अत्यधिक गर्मी शांत हो जाती है, जिससे वह पूरी तरह पककर सुपाच्य हो जाता है। खीर और आम को एक साथ मिलाकर खाने से शरीर को प्रचुर मात्रा में विटामिन-ए, सी और आवश्यक एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं, जो बदलते मौसम में त्वचा और आंखों की सेहत को दुरुस्त रखते हैं। यही वजह है कि हमारे पूर्वजों ने इस वैज्ञानिक संतुलन को एक खूबसूरत परंपरा का रूप दे दिया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:18 am

साल की सबसे बड़ी पूर्णिमा आज! ज्येष्ठ पूर्णिमा पर बन रहा दुर्लभ महासंयोग, जानें सत्यनारायण पूजा का महामुहूर्त

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष और अत्यंत पूजनीय स्थान माना गया है, लेकिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि (Jyeshtha Purnima) अपने आप में कई मायनों में बेहद खास और चमत्कारी मानी जाती है। आज देश भर में ज्येष्ठ पूर्णिमा का पावन पर्व बेहद हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। इस बार की पूर्णिमा इसलिए भी अधिक फलदायी हो गई है क्योंकि आज के दिन कई अत्यंत शुभ और दुर्लभ योगों का महासंयोग बन रहा है। ज्योतिषविदों के अनुसार, आज के शुभ योगों में की गई पूजा-अर्चना, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करने से साधक को जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।ज्येष्ठ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व: क्यों बेहद खास है आज का दिन?पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था और इसी पावन तिथि पर भगवान विष्णु के अवतार सत्यनारायण भगवान की पूजा का विधान शुरू हुआ था। इस दिन पवित्र गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से अनजाने में हुए सभी पाप धूल जाते हैं। विवाहित महिलाओं के लिए भी यह दिन सौभाग्य लेकर आता है क्योंकि इसी कालखंड में वट सावित्री व्रत का समापन भी होता है। आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के अनुसार, लोग इस दिन मानसिक शांति और चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए विशेष रूप से चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं, जिससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।सत्यनारायण भगवान की पूजा का सबसे शुभ समय और महामुहूर्तआज ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर घर-घर में सुख-शांति के लिए भगवान सत्यनारायण की कथा कराने की प्राचीन परंपरा है। ज्योतिष गणना के अनुसार, आज पूजा के लिए कई श्रेष्ठ चौघड़िया और शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। सुबह के समय अमृत और शुभ के चौघड़िया में पूजन करना सर्वोत्तम रहेगा। वहीं, जो श्रद्धालु संध्या काल में प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा पर पूजा करना चाहते हैं, उनके लिए शाम का समय भी बेहद फलदायी है। राहुकाल के समय को छोड़कर पूरे दिन में किसी भी शुभ वेला में श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी का सामूहिक पूजन संपन्न किया जा सकता है, जिससे घर की दरिद्रता का हमेशा के लिए नाश होता है।संपूर्ण पूजा विधि, नियम और इस चमत्कारी मंत्र का करें जापज्येष्ठ पूर्णिमा की पूजा को सफल बनाने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। अपने घर के मंदिर या स्थानीय पूजा स्थल (Local Temple) की अच्छे से साफ-सफाई करें। एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। भगवान को पीले फूल, पीले फल, पंचामृत और विशेष रूप से तुलसी दल अर्पित करें क्योंकि बिना तुलसी के श्रीहरि भोग स्वीकार नहीं करते। पूजा के दौरान ॐ नमो भगवते वासुदेवाय और ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः मंत्रों का कम से कम 108 बार श्रद्धापूर्वक जाप करें। इसके बाद सत्यनारायण भगवान की कथा सुनें या पढ़ें और अंत में कपूर से आरती कर सभी में चरणामृत और पंजीरी का प्रसाद वितरित करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:17 am

मुख्यमंत्री योगी का सख्त आदेश, विकास कार्यों में खामी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता सर्वोपरि

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा मंडल में हो रहे विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग की प्रस्तावित कार्ययोजना की गहन समीक्षा की। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 8:50 am

पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

जिन अमीर देशों में बीते 35 साल में आप्रवासन की दर ज्यादा रही है, उनकी अर्थव्यवस्था को इससे बड़ा फायदा हुआ है। एक नए शोध के मुताबिक, ऐसे देश अब भी अधिक कामगारों को अपने ढांचे में पिरो सकते हैं। कैलिफोर्नियां यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर के इस शोध को ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 8:16 am

Top News : सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में PM मोदी, असम में बाढ़ का कहर

Top News 29 June: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल। असम में बाढ़ से हाहाकार। ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारतीय महिला टीम टी-20 विश्वकप से बाहर हो गई। आयरलैंड ने भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज 2-0 से जीती। कनाडा फीफा वर्ल्ड ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 7:50 am

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: चंदा चोरों ने अय्याशी के बजाय जमीन-गाड़ियों में खपाया काला धन, रिश्तेदारों के नाम खरीदी संपत्ति

जमीन और कारोबार में खपाया चोरी का पैसा अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आरोपियों के काले कारनामों की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस और एसआईटी की जांच में यह साफ हो गया है कि आरोपियों ने चोरी की रकम का इस्तेमाल दिखावटी अय्याशी के बजाय संपत्ति बनाने में किया। उन्होंने अयोध्या और फैजाबाद के आसपास न केवल बेशकीमती प्लॉट खरीदे, बल्कि खेती की जमीनें भी अपने और अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज कराईं। पुलिस को यह भी पता चला है कि कई आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों के कारोबार में भारी निवेश किया ताकि अवैध पैसों को वैध बनाकर छिपाया जा सके।दो साल में ही बदल गई आरोपियों की किस्मत हैरानी की बात यह है कि ये सभी आरोपी मंदिर निर्माण कार्य से पिछले महज दो से ढाई साल के भीतर ही जुड़े थे। लेकिन इतने कम समय में ही इनके रहन-सहन में आया बदलाव किसी की भी नजरों से नहीं बचा। कुछ आरोपियों ने साधारण बाइक से शुरुआत की और देखते ही देखते कार के मालिक बन गए। मुख्य आरोपी टिन्नू यादव से लेकर अनुकल्प मिश्रा तक, सभी के वित्तीय व्यवहार में संदिग्ध उछाल देखा गया। कौशलपुरी में अनुकल्प मिश्रा द्वारा हाल ही में खरीदा गया 40 लाख का आलीशान घर इस बात का प्रमाण है कि मंदिर के चढ़ावे का पैसा पानी की तरह बहाया गया।पुलिस की छापेमारी और संपत्ति का आकलन रविवार को पुलिस ने सभी सात मुख्य आरोपियों के ठिकानों पर सघन छापेमारी की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बहुत ही सुनियोजित तरीके से पैसों को ठिकाने लगाया था। टिन्नू यादव का मामला तो और भी पेचीदा है; उसके नाम पर अयोध्या में 14 कमरों का एक हॉस्टल भी है, जिसे उसने निर्माण एजेंसी को किराए पर दिया था। वहीं दूसरी तरफ, रमाशंकर मिश्रा जैसे आरोपियों ने अपने परिवार की बेहद सामान्य स्थिति बनाए रखी ताकि किसी को शक न हो, जबकि वे अंदरखाने पैसे खपाने की जुगत में लगे थे। फिलहाल, पुलिस अब उन सभी संपत्तियों और बैंक खातों की सूची तैयार कर रही है जो इन आरोपियों ने मंदिर के पैसे से बनाई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 7:18 am

टीईटी पेपर लीक से लेकर राम मंदिर विवाद तक, हुसैन दलवाई ने भाजपा को घेरा

महाराष्ट्र में टीईटी पेपर लीक मामले पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नीट पेपर लीक हुआ और अब महाराष्ट्र में भी पेपर लीक हो गया

देशबन्धु 29 Jun 2026 6:50 am

राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय का इस्तीफा नैतिकता की मिसाल: विहिप

राम मंदिर चढ़ावा में कथित अनियमितताओं के मामले में चल रही जांच के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र जैन ने ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय के इस्तीफे को नैतिक जिम्मेदारी बताया

देशबन्धु 29 Jun 2026 6:00 am

पीएम मोदी के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है दिल्ली सरकार: सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं

देशबन्धु 29 Jun 2026 2:52 am

कराची आतंकी हमले के आरोपों पर भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- दूसरों पर नहीं, अपने गिरेबान में झांके पाकिस्तान

Karachi terror attack Case : भारत ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर शनिवार रात को हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 11:41 pm

प्रधानमंत्री जी भारतीय संस्कृति, महापुरुषों की विरासत और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को संरक्षित एवं समृद्ध कर रहे हैं, केशव प्रसाद मौर्य

गाजियाबाद में 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकारें भारतीय संस्कृति, महापुरुषों की विरासत और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को संरक्षित एवं समृद्ध करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है।श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण जनभागीदारी का महाअभियान बनना चाहिए। प्रत्येक नागरिक यदि अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल का संकल्प ले, तो यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक जनआंदोलन सिद्ध होगा।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री चैनपाल सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री मयंक गोयल, सांसद श्री अतुल गर्ग, विधायक श्री नन्द किशोर गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के आदर्शों पर चलकर समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 10:30 pm

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कल नई दिल्ली में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में करेंगे प्रतिभाग

उप मुख्यमंत्री प्रातः 09:45 बजे सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा, नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विशेषज्ञ सहभागी होंगे। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचारों, सतत ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।श्री मौर्य उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं उपलब्धियों से भी सम्मेलन को अवगत कराएंगे। साथ ही, ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केंद्र एवं राज्य सरकारों के मध्य बेहतर समन्वय तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी अपने विचार व्यक्त करेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 10:08 pm

गर्मी में तेजी से पिघल रहा अमरनाथ हिमलिंग, श्रद्धालुओं और प्रशासन की बढ़ी चिंता

Baba Amarnath Yatra : कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग इस वर्ष अपेक्षाकृत अधिक गर्म मौसम के कारण तेजी से पिघल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही हिमलिंग के आकार में आई कमी ने श्रद्धालुओं, ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 8:58 pm

फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत

पेरिस। फ्रांस के नैन्सी शहर के पास एक नागरिक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार सभी 11 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार टॉमब्लेन हवाई अड्डे के समीप यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें स्काईडाइवर सवार थे जो एक प्रशिक्षण उड़ान पर थे। यह विमान पहली बार पैराशूट जंप […] The post फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 7:19 pm

भजनलाल ने जोधपुर एयरपोर्ट के बन रहे नए टर्मिनल के उद्घाटन की तेयारियों का लिया जायजा

जोधपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जोधपुर हवाई अड्डे का दौरा करके आगामी चार जुलाई को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान शर्मा ने नवीन टर्मिनल का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नवीन टर्मिनल का निरीक्षण […] The post भजनलाल ने जोधपुर एयरपोर्ट के बन रहे नए टर्मिनल के उद्घाटन की तेयारियों का लिया जायजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 7:02 pm

महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा देहात कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित अंबेडकर सर्किल पर छात्र समस्याओं को लेकर एक विशाल जनजागरण कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। हजारों छात्रों की उपस्थिति में कलाकारों ने महंगी शिक्षा, शिक्षा के निजीकरण, बढ़ते मानसिक तनाव, पेपर लीक और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं को प्रभावशाली […] The post महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:50 pm

उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या

उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में रविवार को गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर एक युवती ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि सुबह गोवर्धन सागर पाल से ग्रामीणों ने एक युवती को तालाब में छलांग लगाते हुए देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर नागरिक […] The post उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:44 pm

भजनलाल ने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सुना ‘मन की बात’कार्यक्रम

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षा-2025 में चयनित राजस्थान के अभ्यर्थियों के साथ रविवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के ‘135वें संस्करण’ को सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रक्षा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता, वैश्विक परिस्थितियों के बीच […] The post भजनलाल ने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सुना ‘मन की बात’ कार्यक्रम appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:38 pm

ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला

तेहरान। ईरान ने चेतावनी दी है कि भविष्य में अमरीका की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा तथा हाल में हुए युद्धविराम समझौते इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत चल रही सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएं स्थगित की जा सकती हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन […] The post ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:35 pm

मोदी ने मिट्टी से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने की अपील की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आप यह प्रयास करें कि आपके घर, सोसायटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो वह हमारे देश की मिट्टी से बनी हो, वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन […] The post मोदी ने मिट्टी से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने की अपील की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:27 pm

'आतंक की फैक्ट्री बंद करो', कराची धमाके पर भारत ने पाकिस्तान को दिया कड़ा जवाब; कहा—दूसरों पर इल्जाम लगाने से पहले खुद को देखो

पाकिस्तान के निराधार आरोपों पर भारत की दो-टूक कराची में हाल ही में हुए आत्मघाती आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी पुरानी आदत दोहराते हुए भारत पर उंगली उठाने की कोशिश की है। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के इन बेबुनियाद आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को कड़े शब्दों में कहा कि इस्लामाबाद को अपनी जमीन पर फल-फूल रहे आतंकवाद पर 'आत्मनिरीक्षण' करने की सख्त जरूरत है। भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय अपने यहां मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।क्या है कराची हमले का सच? शनिवार देर रात कराची स्थित अर्धसैनिक बल 'बार्डर रेंजर' के मुख्यालय पर हुए इस आत्मघाती हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सीधे मुख्यालय की इमारत से टकरा दिया गया, जिसके बाद भारी गोलीबारी हुई। इस हमले में पाकिस्तान के चार जवान मारे गए हैं। वहीं, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में तीन हमलावरों को ढेर कर दिया है और एक संदिग्ध को घायल अवस्था में पकड़ा है, जिसकी पहचान अफगान नागरिक के रूप में हुई है। हमले की गूंज इतनी तेज थी कि आसपास के विश्वविद्यालय और सरकारी कार्यालयों के इलाके में हड़कंप मच गया।बढ़ते हमलों से घिरे पाकिस्तान की 'ब्लैम गेम' पॉलिटिक्स पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों में पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाले आतंकवादी हमलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। एक तरफ जहां पाकिस्तान अपनी विफलताओं का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश करता है, वहीं दूसरी ओर काबुल और इस्लामाबाद के बीच सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनाव भी बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान बार-बार अफगान क्षेत्र पर हमलों का आरोप लगाता है, जिसे काबुल ने हमेशा खारिज किया है। भारत का स्पष्ट मानना है कि पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ करने वाले आतंकी समूहों को पनाह देना बंद करे। भारत ने एक बार फिर दुनिया को याद दिलाया है कि आतंक का साथ देना और दूसरों पर आरोप लगाना पाकिस्तान की एक पुरानी और विफल रणनीति रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 6:10 pm

केतन अग्रवाल मर्डर केस: बर्थडे का बहाना, रची गई खौफनाक साजिश; FIR में खुला सिया और चेतन की साजिश का पूरा सच

असामान्य व्यवहार और बिगड़ते रिश्ते की कहानी पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी अब पूरी तरह खुलती दिख रही है। 18 जून को लोहागढ़ किले में हुई केतन की संदिग्ध मौत अब एक सोची-समझी हत्या में तब्दील हो चुकी है। केतन के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, मंगेतर सिया गोयल का व्यवहार पिछले कुछ समय से बेहद असामान्य हो गया था। केतन ने खुद अपने परिवार को बताया था कि सिया न केवल छोटी-छोटी बातों पर बेवजह झगड़ती थी, बल्कि उसका चिड़चिड़ापन और नखरे दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे थे। विवाद की जड़ 4 जून को लोहगढ़ किले की रद्द हुई एक यात्रा बनी, जिसके बाद से सिया का व्यवहार और अधिक आक्रामक हो गया था।बर्थडे का बहाना और मौत का जाल FIR की डिटेल्स के मुताबिक, सिया गोयल ने पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए जन्मदिन का इस्तेमाल एक 'ट्रैप' (Trap) की तरह किया। 17 जून की रात सिया ने केतन के साथ-साथ उसकी मां राखी अग्रवाल को भी फोन कर जन्मदिन के बहाने लोहगढ़ चलने के लिए राजी कर लिया। मां के पहले इनकार के बावजूद, सिया की जिद के आगे परिवार को झुकना पड़ा। अगले दिन 18 जून को केतन अपनी मंगेतर को साथ लेकर लोहगढ़ रवाना हुआ, लेकिन कुछ ही घंटों बाद सुबह 10:45 बजे सिया का वह मनहूस फोन आया कि 'केतन खाई में गिर गया है'।घटनास्थल का सच: महज दुर्घटना या सोची-समझी हत्या? केतन की मौत के बाद जब परिवार और उनके दोस्तों ने 21 जून को घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो उन्हें दाल में कुछ काला लगा। चट्टान और आसपास के इलाके का मुआयना करने के बाद उनके दोस्तों का यह मानना है कि उस जगह से किसी का फिसलकर गिरना लगभग नामुमकिन है। परिवार का सीधा आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस की जांच और FIR में दर्ज आरोपों के अनुसार, मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को मौत के घाट उतारा, क्योंकि केतन उनके अवैध प्रेम संबंधों के बीच सबसे बड़ा कांटा बन गया था। अब पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि हत्या की इस पूरी स्क्रिप्ट को अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 6:08 pm