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IIT दिल्ली में बनी ये डिवाइस घटाएगी पुरानी डीजल गाड़ियों से होने वाला पॉल्यूशन

केंद्र सरकार ने पुराने डीजल ट्रक और बसों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस (RECD) को मंजूरी दी है. यह डिवाइस PM उत्सर्जन में 90% और NOx उत्सर्जन में 60% तक कमी लाने में सक्षम है.

आज तक 5 Sep 2026 10:37 pm

दो साल में 416 करोड़ का चंदा, अब दफ्तर पर ताला... कौन चला रहा है 'सत्यवादी रक्षक पार्टी'?

2023-24 के दौरान गुजरात की गुनमान सी पार्टी सत्यवादी रक्षक पार्टी को 330 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा मिला. जब आजतक की टीम ने पार्टी की अध्यक्ष से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि पार्टी बंद हो गई है.

आज तक 5 Sep 2026 10:36 pm

SRCC के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी का संबोधन, सुनिए भाषण की बड़ी बातें

पीएम मोदी SRCC कॉलेज के 100 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह में शामिल हुए और कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया. पीएम ने संबोधन में कहा कि 'SRCC के एलुमिलाई OG है, धुरंधर न हों लेकिन धूम तो मचाई है.' पीएम मोदी इस दौरान दिल्ली मेट्रो में सफर कर SRCC के शताब्दी समारोह पहुंचे थे. सुनिए भाषण की बड़ी बातें.

आज तक 5 Sep 2026 10:34 pm

Vande Mataram विवाद पर Anurag Thakur का Congress पर तंज, बोले- खुद को संविधान से ऊपर समझता है गांधी परिवार

इंदौर (मध्यप्रदेश), पांच सितंबर कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो अंतरों के गायन के फैसले पर निशाना साधते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने शनिवार को आरोप लगाया कि गांधी परिवार हमेशा खुद को देश के नियमों और संविधान से ऊपर समझता है। ठाकुर ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि इस परिवार के पास पूरा राष्ट्रीय गीत गाने के लिए महज तीन मिनट 10 सेकंड का समय नहीं है और वह सदा अपने आप को देश के नियमों और संविधान से ऊपर समझता है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी कौन-सी मजबूरी है कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में पूरा राष्ट्रीय गीत नहीं गाया जाता? पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा,‘‘बाबा साहेब आम्बेडकर ने देश को संविधान दिया, लेकिन कांग्रेस ने उनका अपमान किया और संविधान को तार-तार कर दिया।’’उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल का काला अध्याय भी कांग्रेस की ही देन है। ठाकुर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी प्रहार किया। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद ने कहा,‘‘जिस दिन राहुल गांधी देश का अपमान करना बंद कर देंगे, सनातन (धर्म) को कोसना बंद कर देंगे और तुष्टीकरण की राजनीति बंद कर देंगे, तब देश के युवा उनको थोड़ी गंभीरता से लेना शुरू कर देंगे।’’बाद में ठाकुर ने एक कार्यक्रम में युवाओं से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में महती भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को चुनौतियों से डरना नहीं चाहिए और अपना ब्रांड स्वयं बनाना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की सराहना की और कहा कि वर्ष 2014 में जहां देश में लगभग 500 स्टार्टअप थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 2.23 लाख से अधिक हो चुकी है।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 10:32 pm

बुर्के में आईं 3 महिलाएं, ज्वेलर्स को बातों में उलझाकर 6 लाख की नथ चुराई

सूरत में ज्वेलरी शॉप को निशाना बनाने वाले तीन महिलाओं के गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. बुर्का और नकाब पहनकर ग्राहक बनकर पहुंचीं महिलाओं ने कारीगर को बातचीत में उलझाया और करीब 6 लाख रुपये की 45 ग्राम सोने की नथ लेकर फरार हो गईं. CCTV और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया.

आज तक 5 Sep 2026 10:29 pm

बिहार में गंगा का तांडव, टूटे पुराने सभी रिकॉर्ड

बिहार में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और 5 से 8 सितंबर के बीच और वृद्धि का अनुमान है. पटना के गांधीघाट और पंडारक में अत्यंत गंभीर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. छह जिलों में गंभीर बाढ़ का खतरा बताया गया है. गंगा के बढ़ते दबाव से सोन, पुनपुन, गंडक और कोसी में बैकवाटर प्रभाव बन रहा है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और निकासी की समस्या बढ़ सकती है.

आज तक 5 Sep 2026 10:24 pm

Bhagwant Mann की पत्नी पर शिअद और Congress का हमला, 5 करोड़ की मांग पर FIR की मांग

चंडीगढ़, पांच सितंबर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और कांग्रेस ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर के खिलाफ उन पर दो दुष्कर्म मामलों को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोपों को लेकर शनिवार को यहां प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मान की पत्नी गुरप्रीत कौर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। गुरप्रीत कौर ने आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें ‘‘बेबुनियाद’’ बताया है। पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास की ओर बढ़ने और उनके आवास का ‘घेराव’ करने के लिए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश को लेकर शिअद सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल तथा अकाली दल विधायक गनीव कौर मजीठिया समेत पार्टी की कई महिला नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। अकाली प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और इलाके में बैरिकेड लगाए गए थे। शिअद की महिला इकाई ‘स्त्री अकाली दल’ ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की योजना बनाई थी। पार्टी के अनुसार, हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में महिला प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड पार करके मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और एक थाने ले गई। अकाली दल के झंडे और तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रही महिला कार्यकर्ताओं ने सेक्टर 28 स्थित अकाली दल कार्यालय के पास सड़क पर बैठकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इससे पहले, महिला प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए हरसिमरत ने मान की पत्नी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने दुष्कर्म के दो मामलों को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की। उन्होंने पुलिस से मान की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। हरसिमरत ने आरोप लगाया, ‘‘मुख्यमंत्री की पत्नी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गुरविंदर सिंह उर्फ ​​गुरी चहल को बचाने के लिए पैसे मांगे थे, जिसके खिलाफ दो महिलाओं ने दुष्कर्म और अपहरण के आरोप लगाए हैं।’’उन्होंने दावा किया कि आरोपी को दो महीने के भीतर ‘‘रिहा’’ कर दिया गया और उसे अमेरिका भी भागने दिया गया। उन्होंने कहा कि कौर की गिरफ्तारी होने तक शिअद पूरे राज्य में जन आंदोलन शुरू करेगा। सांसद ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली दुष्कर्म पीड़िताओं को सुरक्षा देने की भी मांग की। इसके अलावा उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। हरसिमरत को हिरासत में लिए जाने के बाद अकाली विधायक गनीव कौर मजीठिया ने कहा कि उन्हें सच बोलने से नहीं रोका जा सकता। पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने कहा, ‘‘हमें सच के लिए लड़ने से नहीं रोका जा सकता।’’तीन सितंबर को शिअद के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करके इस आरोप की स्वतंत्र जांच के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की थी कि मान की पत्नी ने दुष्कर्म के एक मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगे थे। महिला कांग्रेस की पंजाब इकाई ने भी इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पुलिस ने कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं को मान के आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़ने से रोक दिया। महिला कांग्रेस की पंजाब इकाई की अध्यक्ष बलजीत कौर ने आरोप लगाया कि दुष्कर्म मामले के एक आरोपी की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए पांच करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच और कौर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 10:17 pm

'बाय-बाय, पापा...' चिनाब में कूदने से पहले बेटी का पिता को आखिरी फोन

डोडा में एक 21 वर्षीय युवती ने चिनाब नदी में छलांग लगा दी. नदी में कूदने से पहले उसने अपने पिता को फोन किया और उन्हें आखिरी बार बाय कहा. जिला प्रशासन की टीमें युवती की तलाश में लगी हैं, लेकिन अब तक उसका पता नहीं चल पाया है.

आज तक 5 Sep 2026 10:14 pm

नेपाल में 10 दिन मलबे में दबी महिला को बचाया गया जिंदा

नेपाल में भीषण बाढ़ से 1344 लोगों की मौत और पांच हजार से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है. इस तबाही के बीच नुवाकोट के बिदुर से राहत की खबर सामने आई. यहां 60 वर्षीय चंद्रिका श्रेष्ठ को करीब दस दिनों बाद मलबे में दबी हालत से जिंदा बाहर निकाला गया. परिवार ने उन्हें मृत मानकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया था. बचावकर्मियों ने हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया.

आज तक 5 Sep 2026 10:07 pm

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर बोले सौरभ भारद्वाज, युवाओं को इस्तेमाल कर मुसीबत में छोड़ देते हैं नेता

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने युवा स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा की विचारधारा से प्रभावित युवाओं से स्वतंत्र भारद्वाज के मामले से सबक लेने की अपील की।

देशबन्धु 5 Sep 2026 10:04 pm

ISRO में प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी, कर्मचारियों के 9 संगठनों ने लिखा पत्र; मांगा जवाब

कर्मचारी संगठनों ने आशंका जताई कि कहीं ISRO को रिसर्च और डेवलपमेंट तक सीमित न कर दिया जाए। उन्होंने इन-स्पेस के अध्यक्ष के बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि भविष्य में इसरो प्रक्षेपण यान नहीं बनाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 10:02 pm

पणजी में सोमवार को होगी पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अध्यक्षता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को पणजी में 28वीं पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक होगी। इसमें गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच अंतर-राज्यीय मुद्दों व सहयोग पर चर्चा की जाएगी।

जागरण 5 Sep 2026 10:01 pm

PM नरेंद्र मोदी ने किया दिल्‍ली मेट्रो का सफर, अब तक 12 दफा कर चुके हैं यात्रा, बच्‍चों से ऐसे की गुफ्तगू

पीएम मोदी ने शनिवार के दिल्‍ली मेट्रो का सफर किया। इस दौरान खास अंदाज में वे बच्‍चों से मिले और उनसे गुफ्तगू की। बता दें कि पीएम मोदी के मेट्रो सफर से मेट्रो एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। वे 5 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ ...

वेब दुनिया 5 Sep 2026 10:00 pm

यहां के एल्युमिनाई OG हैं, PM नरेंद्र मोदी की GenZ स्टाइल में स्‍पीच, मोदी जी ने किसे कह डाला नाराज फूफा जी

पीएम मोदी ने विपक्ष को ‘नाराज फूफा’ कहकर तंज कसा। पीएम ने कहा- जब हम दुनिया का सबसे बड़ा स्टेच्यू बना रहे थे तब फूफा जी ने कमर कस ली, इसकी जरूरत क्या है। जब हमने हाई स्पीड ट्रेन पर काम किया तो फूफा जी बोले, इसकी जरूरत क्या है। जब यूपीआई लेकर आए तो ...

वेब दुनिया 5 Sep 2026 10:00 pm

54 साल पुराना गाना, हेमा मालिनी ने प्रेम चोपड़ा के साथ किया रोमांस, धर्मेंद्र को नहीं आया था पसंद, लता मंगेशकर की आवाज ने बनाया सदाबहार

54 साल पुराना वो गाना जिसमें हैं हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की केमेस्ट्री, प्रेम चोपड़ा ने इसमें लगाया छौंक. लता मंगेशकर की मधुर आवाज ने इस गाने को सदाबहार बना दिया.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 9:54 pm

बारिश में बही चप्पल... पकड़ने दौड़ा 12 साल का बच्चा नाले में गिरा, मौत

UP News: बिजनौर के किरतपुर में तेज बारिश के दौरान सड़क पर भरे पानी में खुला नाला दिखाई नहीं दिया. 12 साल का हम्माद नाले में बहा और 500 मीटर दूर पाइप में फंसा मिला, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी.

आज तक 5 Sep 2026 9:50 pm

पाकिस्तान में मुनीर लिख रहे नई पटकथा, निशाने पर जरदारी परिवार, क्या इमरान खान वाला होगा हाल

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि उन्हें PPP की इस दोहरी नीति के पीछे कुछ और दिखाई देता है, और उन्होंने कहा कि सही समय आने पर वे इस मामले की गहराई से पड़ताल करेंगे.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 9:49 pm

अमृतसर से पटना साहिब तक, भारत के 5 सबसे फेमस गुरुद्वारे

भारत में स्वर्ण मंदिर के अलावा भी कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं, जो अपनी धार्मिक मान्यता, सुंदरता और अनोखी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध हैं. यहां जानिए भारत के 5 प्रसिद्ध गुरुद्वारे, जो आस्था, इतिहास और शांति का अनोखा अनुभव देते हैं.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 9:47 pm

होम्योपैथी की गोली देते ही बेनकाब हुए दिमागी नक्सल, PM मोदी का तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोहराया है कि अब भारतीय सेना पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारती है। उन्होंने 'दिमागी नक्सलवाद' पर अपनी टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बयान से ऐसे लोग बेनकाब हो गए हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 9:42 pm

31 साल पहले रिलीज हुआ था वो दिलजला गाना, बेवफा प्रेमिका की शादी में गाता था हर प्रेमी, सोनू निगम की ऐसी दर्दभरी आवाज, आज भी सच्चे आशिकों की प्लेलिस्ट में शामिल

31 साल पहले रिलीज हुआ सोनू निगम का यह दर्दभरा गीत आज भी टूटे दिल वालों की पहली पसंद बना हुआ है. बेवफा प्रेमिका की शादी और बिछड़ने के दर्द को बयां करने वाले इस गाने की भावुक लिरिक्स और सोनू निगम की दिल छू लेने वाली आवाज ने इसे सदाबहार बना दिया.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 9:39 pm

PM मोदी पर बात करते हुए इमोशनल हुईं स्मृति ईरानी, बोलीं- मेरे बाप के गिरेबान तक अगर हाथ पहुंचा तो...

पीएम मोदी के बारे में बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इमोशनल हो गईं। उन्होंने पीएम मोदी को अपने पिता की उम्र का बताते हुए कहा कि मेरे बाप के गिरेबान तक अगर आपका हाथ पहुंचा तो यह मेरी गलती है।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 9:39 pm

'मैं पठान हूं, गोली चला दो', जब अंडरवर्ल्ड के आगे नहीं झुके शाहरुख

डायरेक्टर संजय गुप्ता मुंबई अंडरवर्ल्ड डॉन के दिनों को याद करते हुए शाहरुख खान से जुड़ा एक किस्सा सुना गए. उन्होंने बताया कि कैसे बाकी लोगों की तरह शाहरुख ने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार किया.

आज तक 5 Sep 2026 9:36 pm

Census 2027: यूपी, पंजाब समेत चार राज्यों में 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगी आबादी की गणना

नयी दिल्ली, पांच सितंबर भारत के महापंजीयक ने शनिवार को कहा कि जनगणना 2027 के लिए गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में जनसंख्या की गणना एक दिसंबर, 2026 से चार जनवरी, 2027 तक की जायेगी। अगले साल की शुरुआत में जिन राज्यों में चुनाव होने की संभावना है, वहां जनगणना की यह प्रक्रिया पहले शुरू की जा रही है। भारत के महापंजीयक (आरजीआई) एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने राजपत्र अधिसूचना में कहा कि इन क्षेत्रों के नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना का विकल्प अपना सकते हैं। अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड राज्य के बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर बाकी इलाकों में जनसंख्या की जनगणना एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक की जाएगी। इसके बाद पांच जनवरी 2027 से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण चरण आयोजित किया जायेगा।’’इसमें कहा गया कि गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों के लिए जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि पांच जनवरी 2027 की रात 12 बजे होगी। इसमें कहा गया है, ‘‘केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि एक अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे होगी।’’पिछले महीने जारी एक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों में जनसंख्या की गणना एक सितंबर से 30 सितंबर तक की जाएगी। जून 2025 को जारी एक सरकारी बयान में कहा गया था कि लद्दाख, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च 2027 होगी। गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की विधानसभा का कार्यकाल मई 2027 तक समाप्त हो जायेगा। एक अधिकारी ने कहा कि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी, मुख्य रूप से शिक्षक, जनगणना और चुनावी कार्यों में लगे हुए हैं। ऐसे में इन दोनों प्रक्रियाओं को एक साथ संचालित करना मुश्किल हो जाता है। शनिवार को आरजीआई द्वारा जारी एक अन्य अधिसूचना में कहा गया कि केंद्र सरकार ने मणिपुर में जनगणना 2027 के लिए मकान-सूचीकरण का कार्य भी स्थगित कर दिया है। स्वतंत्रता के बाद होने वाली आठवीं जनगणना दो चरणों में कराई जा रही है—पहले चरण को मकान-सूचीकरण और आवास जनगणना कहा जाता है, जबकि दूसरे चरण को जनसंख्या की गणना कहा जाता है।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 9:32 pm

जिस बेटे का किया पिंडदान, वो कपूरथला जेल में मिला जिंदा

कपूरथला में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. कादूपुर गांव के रवि कुमार को परिवार ने मृत समझकर अंतिम संस्कार और भोग की रस्म पूरी कर दी. करीब 15 दिन बाद पता चला कि रवि जिंदा है और केंद्रीय जेल कपूरथला में बंद है. परिवार ने कपड़ों के आधार पर एक गली-सड़ी लाश की पहचान रवि के रूप में की थी. अब उस अज्ञात शव की पहचान रहस्य बनी.

आज तक 5 Sep 2026 9:20 pm

हिंदी सिनेमा की वो फिल्म जिसने 15 करोड़ के बजट में कमाए 970 करोड़, करियर के पीक पर एक्ट्रेस ने बॉलीवुड को कहा अलविदा

15 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में 900 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर ऐसा इतिहास रचा, जिसे आज भी सबसे बड़े मुनाफे वाली फिल्मों में गिना जाता है.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 9:18 pm

फिर उलझेगी विजय सालगांवकर की रहस्यमयी कहानी, इस दिन रिलीज होगा 'दृश्यम 3' का ट्रेलर

'दृश्यम: द कन्क्लूजन' का ट्रेलर 9 सितंबर को रिलीज होगा. अजय देवगन और श्रिया सरन की फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में आएगी.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 9:18 pm

छोड़ी लाखों की जॉब छोड़ आतंक‍ियों से लड़े, कोबरा कमांडो के आर्मी अफसर बनने की कहानी

ब‍िहार के सॉफ्टवेयर इंजीनियर राघवेंद्र झा को गया ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में कमीशन म‍िला है. इन्‍होंने जावा डेवलपर, सीआरपीएफ सब-इंस्पेक्टर से लेकर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का प्रेरणादायक सफर तय क‍िया है.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 9:18 pm

कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, सचिन पायलट को बनाया पंजाब का प्रभारी, सुरेजवाला को गुजरात का प्रभार

कांग्रेस ने संगठन में बदलाव क‍िया है. पूर्व सीएम भूपेश बघेल को पंजाब राज्‍य प्रभारी पद से हटा द‍िया है. उन्हें असम क‍ी ज‍िम्‍मेदारी म‍िली है.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 9:17 pm

अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले के बाद US सेना का एक्शन, ईरान के 3 तेल टैंकरों पर अटैक

अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया है, जिसमें दो टैंकर पूरी तरह नष्ट हो गए और तीसरे को भी नुकसान पहुंचा का दावा किया है. अमेरिका सेना का कहा है कि ये हमला अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर मिसाइल हमलों के जवाब में किया गया.

आज तक 5 Sep 2026 9:15 pm

चीन में टाइफून का कहर, तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

चीन के तटीय इलाकों में प्राकृतिक आपदा ने भीषण रूप ले लिया है. शक्तिशाली चक्रवाती तूफान टाइफून साउदेल के कारण चीन के तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही देखने को मिल रही है. गवांगडोंग प्रांत में नदियाँ पूरी तरह से उफान पर हैं और वहां जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. इस भारी बारिश और बाढ़ की गंभीर स्थिति के कारण स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है.

आज तक 5 Sep 2026 9:14 pm

रूस ने कीव में सुरक्षा सेवा मुख्यालय को बनाया निशाना

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब और भी गंभीर मोड़ ले चुका है. हाल ही में रूस ने यूक्रेन के सुरक्षा सेवा मुख्यालय को निशाना बनाते हुए एक भीषण हमला किया है. इस हमले के बाद पूरे इलाके में तबाही का मंजर देखा जा रहा है. रूस के इस कड़े कदम से यूक्रेन के साथ-साथ उसके सहयोगी देश भी चिंता में आ गए हैं. इस हमले के बाद यूक्रेन ने वैश्विक मंच पर अपनी आवाज बुलंद की है.

आज तक 5 Sep 2026 9:11 pm

'मैं बेरोजगार हूं... कुछ काम दे दो', जब स्मृति ईरानी ने लगाया था फोन

लंबे वक्त तक टेलीविजन से दूर रहने के बाद अभिनय की दुनिया में लौटना आसान फैसला नहीं था. कभी छोटे पर्दे के सबसे बड़े चेहरों में शुमार रहीं स्मृति के लिए दोबारा कैमरे के सामने खड़ा होना एक नई शुरुआत जैसा था. लेकिन उनका कहना है कि अपने पुराने पेशे में लौटना जितना मुश्किल उन्हें लग रहा था, असल में उतना था नहीं. बल्कि इस वापसी ने उन्हें एक तरह की आजादी का एहसास कराया.

आज तक 5 Sep 2026 9:10 pm

आश्रम 4 की शूटिंग शुरू होते ही विवाद, इंस्टाग्राम पर प्रकाश झा से शिकायत, 'शाम का खाना नहीं मिला, दोपहर का लंच गंदी प्लेट में परोसा गया'

आश्रम सीजन 4 की शूटिंग शुरू हो गई है. बॉबी देओल और मेकर्स ने इस बात का ऐलान कर दिया है. लेकिन ऐलान वाली इस पोस्ट पर एक शख्स ने सेट के हालात बताकर विवाद जरूर छेड़ दिया है.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 9:10 pm

दरभंगा: अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 6.50 लाख की विदेशी शराब बरामद

बिहार के दरभंगा में अवैध शराब के खिलाफ मद्यनिषेध विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. फेकला थाना क्षेत्र के अंदामा में छापेमारी के दौरान करीब 6.50 लाख रुपये की 553.320 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद हुई. मामले में दो आरोपियों के खिलाफ फरार केस दर्ज किया गया है. दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और विभाग की टीम कार्रवाई कर रही है.

आज तक 5 Sep 2026 9:09 pm

मालदा अस्पताल में 89 शिशुओं की मौत पर बड़ा ऐक्शन, बंगाल सरकार ने हटाए दो बड़े अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मालदा अस्पताल में नवजात शिशुओं की मौत का मामला तूल पकड़ने लगा है। इसको लेकर यहां के स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में मालदा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के सुप्रीटेंडेंट व पीडियाट्रिक्स विभाग के प्रमुख को हटा दिया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 9:09 pm

'SRCC के एलुमिलाई OG, धुरंधर न हों लेकिन धूम तो मचाई...', बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी SRCC कॉलेज के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित शताब्दी समारोह में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया. पीएम ने संबोधन में कहा कि 'SRCC के एलुमिलाई OG है, धुरंधर न हों लेकिन धूम तो मचाई है.' पीएम मोदी इस दौरान दिल्ली मेट्रो में सफर कर SRCC के शताब्दी समारोह पहुंचे. देखें Video.

आज तक 5 Sep 2026 9:00 pm

पोहा-पराठा छोड़ें? मूंग दाल और चुकंदर से बनाएं प्रोटीन वाला ढोकला

Beetroot Dhokla: नाश्ते में अगर रोज वही पोहा-पराठा या चीला खाकर आपका दिल भर गया है तो इस बार कुछ हल्का और टेस्टी ट्राई करें. यहां हम आपको चुकंदर और मूंग दाल का टेस्टी ढोकला बनाने का तरीका बता रहे हैं.

आज तक 5 Sep 2026 9:00 pm

पटना में बदलेगी रावण दहन की जगह, मरीन ड्राइव के पास बनेगा भव्य रामलीला मैदान

बिहार की राजधानी पटना में पिछले सात दशकों से चली आ रही परंपरा में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है, क्योंकि अब ऐतिहासिक गांधी मैदान की जगह एक नए और समर्पित रामलीला मैदान में रावण वध और रामलीला का मंचन किया जाएगा। भारतीय संस्कृति, पर्व-त्योहारों और राजधानी पटना के राजनीतिक व सांस्कृतिक इतिहास में गांधी मैदान का नाम हमेशा से सबसे ऊपर रहा है, जहां हर साल विजय दशमी के पावन अवसर पर रावण दहन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। लेकिन अब राज्य सरकार ने एक बड़ा और दूरदर्शी निर्णय लेते हुए यह घोषणा की है कि अगले साल से रावण वध का यह ऐतिहासिक कार्यक्रम गांधी मैदान में आयोजित नहीं किया जाएगा, बल्कि इसके लिए मरीन ड्राइव के पास एक अत्याधुनिक और विशाल रामलीला मैदान का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के गांधी मैदान में जन्माष्टमी के ठीक अगले दिन आयोजित एक भव्य दही-हांडी सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान शिरकत करते हुए इस बात का आधिकारिक ऐलान किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया कि पिछले सात दशकों यानी वर्ष 1955 से लगातार गांधी मैदान में ही दुर्गा पूजा के दौरान रामलीला का मंचन और विजय दशमी पर रावण दहन का यह विशाल आयोजन होता आया है, जिससे शहर की एक खास पहचान जुड़ी हुई है। हालांकि, शहर के लगातार विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन और आयोजनों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए रामलीला समिति के लोगों ने पिछले साल सरकार से यह पुरजोर आग्रह किया था कि रावण वध और धार्मिक आयोजनों के लिए एक अलग और निश्चित जगह आवंटित की जाए। समिति की इसी मांग और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने मरीन ड्राइव के पास जमीन चिह्नित कर ली है और वहां एक नया परिसर विकसित करने का बीड़ा उठाया है। इस फैसले से न केवल गांधी मैदान पर प्रशासनिक दबाव कम होगा, बल्कि राजधानी पटना को एक ऐसा स्थायी और अत्याधुनिक सांस्कृतिक केंद्र मिल जाएगा जो विशेष रूप से धार्मिक और पारंपरिक आयोजनों के लिए समर्पित होगा, जिससे दर्शकों को भी बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा मिल सकेगी।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मरीन ड्राइव के पास बन रहे तीन नए विशाल मैदानों की जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2027 तक यह भव्य रामलीला मैदान बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगाराजधानी पटना के विकास कार्यों को एक नई गति देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह स्पष्ट किया है कि सरकार मरीन ड्राइव के किनारे आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास कर रही है, जिसके तहत बहुत जल्द बड़े प्रोजेक्ट्स जमीन पर उतरने वाले हैं। रामलीला समिति के सदस्यों द्वारा लगातार की जा रही मांग का संज्ञान लेते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि मरीन ड्राइव के बगल में कुल तीन बड़े और विशाल मैदानों का निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाले समय में पटना के सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों का नया केंद्र बनेंगे। इन तीनों विशाल मैदानों में से एक विशेष मैदान को पूरी तरह से 'रामलीला मैदान' के रूप में आरक्षित किया जाएगा, जहां भविष्य के सभी रामलीला मंचन, सांस्कृतिक उत्सव और दशहरा पर होने वाला रावण वध का कार्यक्रम संपन्न होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वस्त किया है कि इस नए रामलीला मैदान में सनातन परंपरा और आयोजनों की भव्यता को ध्यान में रखते हुए सभी आधुनिक सुविधाएं और आधारभूत संरचनाएं विकसित की जाएंगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय दर्शकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने पटना के जिला मजिस्ट्रेट यानी डीएम को भी कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की सुस्ती न बरती जाए और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। सरकार की ओर से जो समयसीमा तय की गई है, उसके अनुसार मार्च 2027 तक यह पूरा रामलीला मैदान बनकर सरकार को आधिकारिक तौर पर हैंडओवर मिल जाएगा, जिसके बाद वहां पर स्थायी मंच, पंडाल और अन्य जरूरी संरचनाओं को विकसित करने का काम तेजी से पूरा किया जाएगा। इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद पटना के लोगों को एक ऐसा आधुनिक और सुसज्जित परिसर मिलने जा रहा है जो धार्मिक आयोजनों की भव्यता को कई गुना बढ़ा देगा।बिहार में बाढ़ की विकराल स्थिति और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने बाढ़ नियंत्रण के लिए एक बहुत बड़ा और ठोस मास्टर प्लान देश के सामने रखा।दही-हांडी के इस सांस्कृतिक मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केवल सांस्कृतिक आयोजनों की ही बात नहीं की, बल्कि वर्तमान समय में बिहार के कई जिलों के सामने मंडरा रहे बाढ़ के गंभीर संकट पर भी बहुत बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले दस सालों में इस बार गंगा नदी में सबसे अधिक पानी आया है, जिसके कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी तबाही और बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह से सतर्क हो चुकी है और मुख्यमंत्री ने खुद यह जानकारी दी है कि सभी संबंधित मंत्रियों और प्रशासनिक पदाधिकारियों को विशेष रूप से गंगा बेसिन वाले जिलों में तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके। केवल गंगा ही नहीं, बल्कि सोन और गंडक जैसी प्रमुख नदियों से भी लगातार पानी गंगा में आ रहा है, जिससे जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस प्राकृतिक आपदा से स्थायी रूप से निपटने के लिए सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से एक बहुत ही व्यापक और वैज्ञानिक योजना तैयार की है, जिसके तहत गंगा, गंडक और कोसी जैसी खतरनाक नदियों का जल प्रबंधन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि बाढ़ के इस स्थायी समाधान के तहत गंगा नदी के दोनों किनारों पर मजबूत सड़कों का निर्माण किया जाएगा और साथ ही वाटर ट्रांसपोर्टेशन यानी जल परिवहन की व्यवस्था को भी शुरू किया जाएगा। इससे न केवल बरसात के दिनों में बाढ़ से घिरे तटीय इलाकों के लोगों को सुरक्षित निकाला जा सकेगा, बल्कि व्यापार और आवागमन के रास्ते भी सुगम हो जाएंगे। उन्होंने भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि बक्सर के रास्ते जब गंगा नदी बिहार में प्रवेश करती है, तब उसका जलस्तर मात्र चौदह हजार क्यूसेक होता है, लेकिन जब वह भागलपुर से आगे निकलती है तो पानी का यह प्रवाह चार गुना से भी अधिक बढ़ जाता है। इसके अलावा नेपाल की तरफ से कोसी और गंडक नदियों में आने वाले भारी पानी के सैलाब को रोकने के लिए भी पुख्ता रणनीति बनाई जा रही है, ताकि बिहार की जनता को हर साल बाढ़ के प्रकोप से बचाया जा सके और राज्य का विकास निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:57 pm

इंग्लैंड में युजवेंद्र चहल का जलवा, काउंटी चैंपियनशिप में 4 विकेट झटककर बल्लेबाजों को किया पस्त

भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार और अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों इंग्लैंड की जमीन पर अपनी फिरकी का ऐसा जादू बिखेर रहे हैं कि विरोधी टीमों के होश उड़े हुए हैं और हर तरफ उनके नाम की चर्चा हो रही है,क्रिकेट के मैदान पर जब भी एक बेहतरीन और कलात्मक रिस्ट स्पिनर की बात की जाती है, तो युजवेंद्र चहल का नाम हमेशा सबसे पहले जुबान पर आता है। पिछले लगभग तीन साल से भारतीय राष्ट्रीय टीम की चयन चर्चाओं और प्लेइंग इलेवन से बाहर चल रहे इस जादुई गेंदबाज ने हार न मानने का जज्बा दिखाते हुए इंग्लैंड की प्रतिष्ठित काउंटी चैंपियनशिप (County Championship 2026) का रुख किया और वहां नॉर्थहैम्पटनशायर (Northamptonshire) की तरफ से खेलते हुए अपने प्रदर्शन से तहलका मचा दिया है। डरहम के खिलाफ खेले जा रहे इस रोमांचक और महत्वपूर्ण मुकाबले में चहल ने अपनी गजब की गेंदबाजी कला का नजारा पेश करते हुए एक ही पारी में चार प्रमुख बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जाल में फंसाया और पूरी विरोधी टीम की बल्लेबाजी लाइनअप की धज्जियां उड़ा कर रख दीं। नॉर्थहैम्पटन के ऐतिहासिक काउंटी ग्राउंड पर खेले जा रहे इस मैच के दौरान जब डरहम की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, तो उन्हें शायद इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि आगे उनका सामना एक ऐसे भारतीय स्पिनर से होने वाला है जो अपनी कसी हुई गेंदबाजी से मैदान पर कहर बरपा देगा। युजवेंद्र चहल ने इस पारी में नॉर्थहैम्पटनशायर के लिए सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज का खिताब अपने नाम किया और यह साबित कर दिया कि जब बात अपनी गेंदबाजी कौशल और क्लास दिखाने की हो, तो वे दुनिया के किसी भी कोने में और किसी भी पिच पर अपनी छाप छोड़ने की पूरी क्षमता रखते हैं। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल उनकी काउंटी टीम को मैच में एक मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है, बल्कि भारत में बैठे उनके करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में एक बार फिर से यह उम्मीद जगा दी है कि इस करिश्माई स्पिनर का अंतरराष्ट्रीय करियर अभी खत्म नहीं हुआ है और वे टीम इंडिया में वापसी करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।डरहम के खिलाफ गेंदबाजी का यह जादुई स्पेल इस बात का प्रमाण है कि युजवेंद्र चहल क्यों दुनिया के सबसे खतरनाक और विकेट लेने वाले लेग स्पिनर माने जाते हैंनॉर्थहैम्पटन के मैदान पर जब डरहम की टीम पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी, तो उनकी शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन जैसे ही युजवेंद्र चहल ने गेंदबाजी की कमान संभाली, मैच का पूरा नक्शा ही बदल गया। डरहम की पूरी पारी महज 205 रनों के छोटे स्कोर पर ढेर हो गई, जिसमें उनकी तरफ से डेविड बेडिंगहम ने 81 रनों की सबसे बड़ी पारी जरूर खेली, लेकिन उनके अलावा टीम का कोई भी अन्य बल्लेबाज 50 रनों के आंकड़े को भी नहीं छू सका और चहल की फिरकी के आगे घुटने टेकने पर मजबूर हो गया। भारतीय स्टार स्पिनर युजवेंद्र चहल ने अपनी घातक गेंदबाजी का मुजाहिदा करते हुए मात्र 15.2 ओवरों की गेंदबाजी में केवल 36 रन खर्च किए और इस दौरान उन्होंने 3 बेहद किफायती मेडन ओवर भी फेंके, जो टेस्ट और काउंटी फॉर्मेट में उनकी बेहतरीन लाइन और लेंथ को साफ दर्शाता है। चहल ने अपनी इस शानदार गेंदबाजी के दौरान डरहम के कई बड़े और खतरनाक बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई, जिसमें कप्तान एलेक्स लीज, बेन स्टोक्स, मैथ्यू पॉट्स और केसी एल्ड्रिज जैसे धाकड़ खिलाड़ी शामिल रहे। इस स्पेल की सबसे बड़ी और खास बात यह रही कि उन्होंने मैथ्यू पॉट्स और दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स जैसे खूंखार बल्लेबाजों को गच्चा देते हुए सीधे बोल्ड आउट किया और उन्हें पवेलियन लौटने पर मजबूर कर दिया। गत 21 जुलाई से ही काउंटी चैंपियनशिप में खेल रहे युजवेंद्र चहल ने इस टूर्नामेंट में जितने भी मुकाबले खेले हैं, लगभग सभी में उन्होंने अपनी विविधता और बेहतरीन फिरकी से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया है। उनकी इस निरंतरता और विकेट लेने की अद्भुत क्षमता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि घरेलू हो या विदेशी पिचें, एक उच्च कोटि का स्पिनर हमेशा अपनी गेंदबाजी के दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखता है, और चहल ने इंग्लैंड की उन पिचों पर यह कमाल करके दिखाया है जहां आमतौर पर तेज गेंदबाजों का बोलबाला माना जाता है।भारत के लिए व्हाइट बॉल क्रिकेट में लंबे समय से बाहर चल रहे चहल के शानदार अंतरराष्ट्रीय आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि वे देश के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक हैं।भले ही युजवेंद्र चहल को पिछले तीन साल से अधिक समय से भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की जर्सी में मैदान पर न देखा गया हो, लेकिन उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रिकॉर्ड इस बात का गवाह है कि उन्होंने देश के लिए कितने बड़े मैच जिताऊ प्रदर्शन किए हैं। भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 फॉर्मेट में खेलने वाले चहल ने इसके बाद से चयनकर्ताओं के रडार से दूर होने के बावजूद कभी अपनी मेहनत और गेंदबाजी के अभ्यास से समझौता नहीं किया। अगर उनके कुल अंतरराष्ट्रीय करियर पर एक नजर डाली जाए, तो उन्होंने भारत के लिए अब तक 72 वनडे और 80 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल लिए हैं, जिसमें उनके आंकड़े बेहद शानदार और चौंकाने वाले हैं। वनडे क्रिकेट की 69 पारियों में गेंदबाजी करते हुए चहल ने 27.13 के बेहतरीन औसत से कुल 121 विकेट चटकाए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 42 रन देकर 6 विकेट लेने का रहा है, और इस दौरान उन्होंने अपने करियर में दो बार 'फाइव विकेट हॉल' यानी पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा भी करके दिखाया है। इसके अलावा, टी-20 इंटरनेशनल मैचों की 79 पारियों में उन्होंने 25.09 की औसत से 96 विकेट अपने नाम किए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 25 रन देकर 6 विकेट चटकाना रहा है और इस छोटे फॉर्मेट में उनकी इकॉनमी भी 8.19 की रही है, जो टी-20 जैसे आक्रामक खेल में बेहद किफायती मानी जाती है। इन आंकड़ों से यह साफ पता चलता है कि चहल ने अपनी फिरकी के दम पर भारत को कितने ही हारे हुए मुकाबले जिताए हैं और जब भी उन्हें टीम के लिए विकेट की जरूरत पड़ी, उन्होंने कप्तान को निराश नहीं किया। यही कारण है कि इंग्लैंड की काउंटी धरती पर उनके द्वारा किया जा रहा यह ताजा प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट गलियारों में एक बार फिर से इस बात की बहस छेड़ रहा है कि क्या देश के इस सबसे सफल रिस्ट स्पिनर को नजरअंदाज करना वाकई सही फैसला था या आने वाले दिनों में उन्हें फिर से नीली जर्सी में गेंदबाजी करते हुए देखा जा सकता है।इंग्लैंड की काउंटी परिस्थितियों में लगातार चमक रहे चहल का यह काउंटी सत्र उनके करियर के लिए एक नया और सुनहरा अध्याय साबित हो रहा हैकिसी भी पेशेवर खिलाड़ी के जीवन में ऐसा समय जरूर आता है जब उसे टीम से बाहर का रास्ता देखना पड़ता है, लेकिन असली चैंपियन वही होता है जो मैदान से दूर बैठने के बजाय अपनी कला को निखारने के लिए विदेश की कठिन लीग्स का रुख करता है और वहां अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाता है। युजवेंद्र चहल ने इंग्लैंड की इन मुश्किल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जिस तरह से नॉर्थहैम्पटनशायर की टीम के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है, उसने यह दिखा दिया है कि उनके अंदर क्रिकेट अभी बहुत बाकी है। काउंटी चैंपियनशिप जैसे लंबे और थका देने वाले टूर्नामेंट में लगातार विकेट चटकाना और अपनी टीम के लिए सबसे भरोसेमंद गेंदबाज बनना किसी भी विदेशी खिलाड़ी के लिए आसान काम नहीं होता, लेकिन चहल ने अपनी सूझबूझ, अनुभव और विविधता के दम पर इसे बेहद मुमकिन बना दिया है। उनके द्वारा फेंके गए वे मेडन ओवर और बल्लेबाजों को रक्षात्मक होने पर मजबूर कर देने वाली उनकी गूगली और लेग स्पिन इस बात का सबूत हैं कि उन्होंने अपनी गेंदबाजी की कमियों पर काम किया है और और अधिक धारदार बनकर उभरे हैं। सोशल मीडिया पर उनके इन चार विकेटों की चर्चा जोरों पर है और भारतीय क्रिकेट फैंस लगातार यह मांग कर रहे हैं कि घरेलू क्रिकेट और इस तरह की विदेशी लीगों में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को कम से कम घरेलू सर्किट में तो पूरा सम्मान मिलना ही चाहिए। आने वाले समय में जैसे-जैसे काउंटी सीजन अपने अंतिम और निर्णायक चरणों में प्रवेश करेगा, फैंस की नजरें एक बार फिर युजवेंद्र चहल के प्रदर्शन पर टिकी होंगी कि वे अपनी टीम के लिए कितने और मैच जिताने में कामयाब होते हैं। उनके इस शानदार खेल ने यह साबित कर दिया है कि सफलता उम्र या टीम से बाहर होने से तय नहीं होती, बल्कि मैदान पर बहाए गए पसीने और अटूट आत्मविश्वास से तय होती है, और चहल इस समय अपनी उसी मेहनत के बल पर इंग्लैंड की धरती पर अपनी सफलता की एक नई और चमकदार इबारत लिख रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:53 pm

NSE और Jio के आईपीओ लाएंगे भारतीय शेयर बाजार में भूचाल, एक्सपर्ट बोले- 3 साल में बदल जाएगी निफ्टी-सेंसेक्स की आधी तस्वीर

भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकता है। देश के वित्तीय बाजारों और तकनीकी जगत के दो सबसे बड़े महारथी यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल आर्म जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ बहुत जल्द भारतीय शेयर बाजार में दस्तक देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इन दोनों दिग्गजों के बाजार में उतरने से केवल पूंजी बाजार में भारी नकदी ही नहीं आएगी, बल्कि देश के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स जैसे निफ्टी 50 और सेंसेक्स की पूरी रूपरेखा ही बदल जाएगी। बाजार के दिग्गज जानकारों और वित्तीय विशेषज्ञों का यह मानना है कि आने वाले तीन वर्षों के भीतर भारत के प्रमुख स्टॉक इंडेक्स में शामिल होने वाली कंपनियों की आधी फेरबदल हो सकती है। इस बड़े बदलाव के पीछे देश की बदलती आर्थिकी, नई तकनीक, रक्षा क्षेत्र और भविष्य की डिजिटल जरूरतों की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है, जो निवेशकों के लिए निवेश के नए और स्वर्णिम द्वार खोलने जा रही है।गुरमीत चड्ढा का बड़ा बयान, अगले 3 सालों में इंडेक्स की 50% कंपनियां हो सकती हैं पूरी तरह से तब्दीलभारतीय वित्तीय बाजार के जाने-माने विशेषज्ञ और कंपलीट सर्किल के मैनेजिंग पार्टनर तथा मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) गुरमीत चड्ढा ने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर अपने विचार रखते हुए भारतीय शेयर बाजार के भविष्य को लेकर एक बहुत बड़ा अनुमान जताया है। उनके अनुसार, एनएसई और जियो के आगामी आईपीओ केवल दो नए शेयर बाजार में लाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये दोनों मेगा इश्यू निफ्टी 50 और सेंसेक्स जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने इंडेक्स को एक अभूतपूर्व नई ऊर्जा और शक्ति प्रदान करेंगे। गुरमीत चड्ढा का यह अनुमान है कि आने वाले दो से तीन वर्षों के भीतर भारत के प्रमुख सूचकांकों में कम से कम 50 प्रतिशत तक का बदलाव देखने को मिल सकता है, यानी आज जो कंपनियां इंडेक्स पर राज कर रही हैं, उनकी जगह भविष्य की नई तकनीक और मजबूत बुनियादी ढांचे वाली कंपनियां ले सकती हैं। इस बदलाव की रफ्तार इतनी तेज होगी कि पारंपरिक निवेशकों को अपनी निवेश रणनीतियों को नए सिरे से परिभाषित करना होगा।पारंपरिक बिजनेस समूहों की सुस्ती और भविष्य के नए सेक्टर्स जैसे डिफेंस, AI और हेल्थकेयर का उभारगुरमीत चड्ढा ने अपने विश्लेषण में इस बात पर भी गहरा प्रकाश डाला है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कई बड़े और स्थापित कारोबारी समूहों ने (कुछ गिने-चुने अपवादों को छोड़कर) भविष्य की आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने को लेकर कोई बहुत बड़ा उत्साह या स्पष्ट इरादा नहीं दिखाया है। यही वजह है कि अब बाजार का नेतृत्व वे कंपनियां करेंगी जो भविष्य की जरूरतों को समझती हैं। आने वाले समय में रक्षा (डिफेंस), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उन्नत स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) और अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी कंपनियों को निफ्टी और सेंसेक्स जैसे प्रमुख इंडेक्स में कहीं अधिक मजबूत और बड़ा प्रतिनिधित्व मिलने की पूरी उम्मीद है। इसका सीधा मतलब यह है कि भारत का शेयर बाजार अब पुरानी पारंपरिक अर्थव्यवस्था से तेजी से शिफ्ट होकर एक हाई-टेक, आधुनिक और भविष्योन्मुखी अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढ़ा रहा है, जिसमें जियो और एनएसई जैसे संस्थान मुख्य धुरी का काम करेंगे।NSE के मेगा आईपीओ को मिली SEBI की मंजूरी, ₹30,000 करोड़ के इस इश्यू पर टिकी हैं निवेशकों की निगाहेंइस पूरे परिदृश्य के केंद्र में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का बहुप्रतीक्षित आईपीओ है, जिसके रास्ते की सबसे बड़ी बाधाएं अब साफ हो चुकी हैं। शेयर बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने आखिरकार एनएसई के इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ को अपनी हरी झंडी दे दी है। हाल ही में 4 सितंबर को सेबी की ओर से ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया गया है, जिसके साथ ही इस विशालकाय इश्यू के बाजार में आने का औपचारिक रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार के जानकारों के मुताबिक, एनएसई का यह प्रस्तावित आईपीओ लगभग 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है, जो भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े इश्यू में से एक होगा। यह पूरा का पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में आ सकता है, जिसमें देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक यानी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपनी एक बहुत बड़ी हिस्सेदारी बेचकर भारी मुनाफावसूली कर सकता है। निवेशकों और ब्रोकरेज हाउस के बीच इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।जियो प्लेटफॉर्म्स का $4 अरब का मेगा आईपीओ भी कतार में, वैश्विक निवेशकों की बढ़ रही है गहरी दिलचस्पीएक तरफ जहां एनएसई का बाजार में उतरना तय माना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) का आईपीओ भी तेजी से अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर भी सेबी से मंजूरी मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। कंपनी ने इस साल जून के मध्य में ही अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया था। प्रतिष्ठित वित्तीय समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का यह प्रस्तावित इश्यू लगभग 4 अरब डॉलर (यानी भारतीय मुद्रा में एक बहुत बड़ी राशि) का हो सकता है, जो वैश्विक स्तर पर निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। चूंकि जियो भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल सेवा प्रदाता कंपनी है, इसलिए इसकी लिस्टिंग पर केवल घरेलू निवेशकों की ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के तमाम बड़े विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की पैनी नजर टिकी हुई है।क्यों खास है इन दोनों दिग्गजों का बाजार में उतरना भारतीय पूंजी बाजार को मिलेंगे नए बिजनेस मॉडलएनएसई और जियो प्लेटफॉर्म्स—ये दोनों ही नाम अपने-अपने व्यावसायिक क्षेत्रों में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। एक तरफ जहां एनएसई भारत के पूरे शेयर बाजार के बुनियादी ढांचे, ट्रेडिंग सिस्टम और वित्तीय समावेशन की रीढ़ है, वहीं दूसरी तरफ जियो ने भारत के डिजिटल और डेटा क्रांति में एक ऐसा क्रांतिकारी बदलाव लाया है जिसने देश के कोने-कोने को इंटरनेट से जोड़ दिया है। जब ये दोनों दिग्गज कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी, तो यह केवल दो नए शेयरों का जुड़ना नहीं होगा, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत होगा कि भारतीय शेयर बाजार में अब भविष्य के नए बिजनेस मॉडल, टेक्नोलॉजी ड्रिवन प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल इकॉनमी का बोलबाला होने जा रहा है। इन दोनों की संभावित लिस्टिंग से बाजार को न केवल भारी-भरकम मार्केट कैपिटलाइजेशन वाले नए स्टॉक्स मिलेंगे, बल्कि खुद म्यूचुअल फंड्स और बड़े निवेशकों के पोर्टफोलियो का स्वरूप भी पूरी तरह से बदल जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:53 pm

UP समेत चार चुनावी राज्यों में पहले होगी जनगणना, 1 दिसंबर से गिनती शूरू

गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में चुनाव के मद्देनजर एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक आबादी की गिनती की जाएगी.

आज तक 5 Sep 2026 8:52 pm

कांग्रेस का बड़ा फेरबदल, भूपेश बघेल को पंजाब से हटाया, सचिन पायलट को जिम्मेदारी

कांग्रेस संगठन में बड़े संगठनात्मक फेरबदल के तहत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब राज्य प्रभारी पद से हटा दिया गया है. अब उन्हें असम की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी बनाया गया है.

आज तक 5 Sep 2026 8:47 pm

47 साल के कप्तान इमरान ताहिर का करिश्मा, कैरेबियन प्रीमियर लीग में गुयाना अमेजन वॉरियर्स ने लगातार 5 मुकाबले जीतकर रचा अनोखा इतिहास

कैरेबियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सीजन में 47 साल के अनुभवी कप्तान इमरान ताहिर की अगुवाई वाली गुयाना अमेजन वॉरियर्स ने अपने शानदार और आक्रामक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। क्रिकेट के खेल में उम्र केवल एक संख्या मात्र है, और इस बात को दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज स्पिनर और वर्तमान में गुयाना अमेजन वॉरियर्स के कप्तान इमरान ताहिर ने मैदान पर अपनी जादुई कप्तानी और बेहतरीन गेंदबाजी से एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने साबित कर दिया है। इन दिनों खेले जा रहे कैरेबियन प्रीमियर लीग यानी सीपीएल 2026 (CPL 2026) के रोमांचक मुकाबलों में गुयाना अमेजन वॉरियर्स की टीम ने अपने खेल से ऐसा जादू बिखेरा है कि हर कोई उनके अनुशासन और जीतने के जज्बे का कायल हो चुका है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत से ही टीम ने जिस प्रकार का दबदबा बनाया है, उसने सभी विरोधी टीमों के खेमे में खलबली मचा दी है। पिछले साल यानी 2025 के सीजन में यह टीम खिताबी मुकाबले तक पहुंचने के बावजूद उपविजेता यानी रनरअप रही थी और ट्रॉफी उठाने से चूक गई थी, लेकिन इस बार कप्तान इमरान ताहिर और उनके धुरंधर खिलाड़ियों ने मैदान पर उतरते ही जिस तरह का आक्रामक तेवर दिखाया है, उससे यह साफ नजर आ रहा है कि इस बार वे किसी भी कीमत पर ट्रॉफी को अपने नाम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शुरुआती पांचों मुकाबलों में टीम ने जिस एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की है, उसने केवल पॉइंट्स टेबल में ही अपना शीर्ष स्थान मजबूत नहीं किया है, बल्कि प्लेऑफ में अपनी जगह लगभग पूरी तरह सुरक्षित कर ली है। क्रिकेट विश्लेषक और खेल प्रेमी इस बात को लेकर हैरान हैं कि 47 साल की उम्र में भी इमरान ताहिर न केवल अपनी फिटनेस का अद्भुत नजारा पेश कर रहे हैं, बल्कि मैदान पर उनकी रणनीतिक फैसलेबाजी और खिलाड़ियों को प्रेरित करने की क्षमता कमाल की है। टीम का हर एक खिलाड़ी अपने कप्तान के नेतृत्व में एक इकाई के रूप में प्रदर्शन कर रहा है, जिससे यह सफर लगातार ऐतिहासिक बनता जा रहा है और पूरी दुनिया की नजरें इस समय गुयाना अमेजन वॉरियर्स के विजय रथ पर टिकी हुई हैं।टूर्नामेंट के पहले और दूसरे मुकाबले में मोहम्मद नबी और मावेंद्र डिंड्याल के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर गुयाना ने अपनी जीत का सिलसिला बहुत ही शानदार अंदाज में शुरू किया थाकैरेबियन प्रीमियर लीग 2026 के अपने अभियान का आगाज करते हुए गुयाना अमेजन वॉरियर्स ने पहले ही मैच में अपनी ताकत का अहसास करा दिया था, जहां उनका मुकाबला जमैका किंग्समेन के साथ हुआ था। उस मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी जमैका की पूरी टीम गुयाना के गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाई और मात्र 19.4 ओवरों में ही 117 के छोटे स्कोर पर ढेर होकर ऑलआउट हो गई। गुयाना की ओर से गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालते हुए अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने अपनी फिरकी का जादू चलाया और विरोधी टीम के सबसे ज्यादा 4 महत्वपूर्ण विकेट झटककर उनकी कमर तोड़ दी। इसके बाद छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुयाना की टीम ने भी शुरुआत में कुछ संभलकर खेला, लेकिन अंततः उन्होंने मात्र 14.1 ओवरों में 4 विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया और धमाकेदार अंदाज में जीत दर्ज की। इस छोटे रनचेज के दौरान टीम के स्टार बल्लेबाज शाई होप ने अपनी क्लास दिखाई और महज 41 गेंदों का सामना करते हुए 2 शानदार चौकों और 4 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 56 रनों की सबसे बड़ी और जिम्मेदार पारी खेली, जिसने टीम की जीत को बेहद आसान बना दिया। इसके ठीक बाद अपने दूसरे मुकाबले में गुयाना अमेजन वॉरियर्स की भिड़ंत मजबूत मानी जाने वाली सेंट लूसिया किंग्स के साथ हुई। इस रोमांचक मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए सेंट लूसिया ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 151 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया, जिसे हासिल करने के लिए गुयाना को थोड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेजन वॉरियर्स के बल्लेबाजों ने सूझबूझ का परिचय दिया और 18.1 ओवरों में ही 3 विकेट गंवाकर मैच अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले की सबसे बड़ी खूबी युवा खिलाड़ी मावेंद्र डिंड्याल की शानदार बल्लेबाजी रही, जिन्होंने दबाव भरे हालात में बेहतरीन खेल दिखाते हुए 51 गेंदों में 50 रनों की सबसे बड़ी और संयमित पारी खेली, जिसमें 5 शानदार चौके और 2 बेहतरीन छक्के शामिल थे, और इस प्रकार टीम ने अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी।शिमरोन हेटमायर की तूफानी पारी और बारिश से प्रभावित रोमांचक मुकाबले में ट्रिनबैगो नाइट राइडर्स को मात देकर टीम ने अपने अजय रथ को और अधिक मजबूत कियाजैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा, गुयाना अमेजन वॉरियर्स की रफ्तार और अधिक खतरनाक होती चली गई और उनके तीसरे तथा चौथे मुकाबले ने तो क्रिकेट प्रेमियों को पूरी तरह झूमने पर मजबूर कर दिया। अपने तीसरे मैच में गुयाना की टक्कर एंटीगुआ एंड बारबुडा फाल्कन्स के साथ हुई, जहां गेंदबाजों ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। पहले बल्लेबाजी करते हुए एंटीगुआ की टीम महज 17 ओवरों में ही 116 रनों पर ढेर हो गई और पूरी टीम पवेलियन लौट गई। इस छोटे लक्ष्य का पीछा करने जब अमेजन वॉरियर्स उतरी तो विस्फोटक बल्लेबाज शिमरोन हेटमायर ने मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश कर दी और विरोधी गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए। हेटमायर ने केवल 19 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ 49 रनों की सबसे बड़ी और तूफानी पारी खेली, जिसमें 1 चौका और आतिशी अंदाज में 6 छक्के शामिल थे, और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट हैरान करने वाला 257.89 का रहा। उनकी इस आंधी जैसी बल्लेबाजी के दम पर गुयाना ने महज 9.5 ओवरों में ही 3 विकेट खोकर लक्ष्य को प्राप्त कर लिया और एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके बाद चौथे मुकाबले में टीम का सामना ट्रिनबैगो नाइट राइडर्स के खिलाफ हुआ, जो बारिश से प्रभावित होने के कारण 16-16 ओवरों का कर दिया गया था। इस छोटे और रोमांचक मैच में पहले बैटिंग करते हुए गुयाना अमेजन वॉरियर्स ने निर्धारित ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर एक विशाल स्कोर यानी 185 रन बोर्ड पर टांग दिए। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी ट्रिनबैगो नाइट राइडर्स की टीम ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन वे 16 ओवरों में 7 विकेट पर 172 रन ही बना सकी और गुयाना ने इस कड़े मुकाबले को भी अपने नाम कर लिया। इन लगातार जीतों ने यह साबित कर दिया कि इस टीम की बेंच स्ट्रेंथ और रणनीति कितनी मजबूत है, जहां हर खिलाड़ी जरूरत पड़ने पर अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन करने का माद्दा रखता है।पांचवें मुकाबले में भी अपनी विजयी लय को बरकरार रखते हुए गुयाना अमेजन वॉरियर्स ने यह साबित कर दिया कि इस सीजन का असली चैंपियन कौन बनने वाला हैअपने शुरुआती चार मुकाबलों में धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद गुयाना अमेजन वॉरियर्स ने अपना पांचवां मुकाबला एक बार फिर जमैका किंग्समेन के खिलाफ खेला, और इस बार भी परिणाम में कोई बदलाव नहीं आया क्योंकि टीम की जीत का सिलसिला पूरी ताकत के साथ जारी रहा। मैच की शुरुआत में पहले बैटिंग करने उतरी जमैका की टीम ने इस बार थोड़ा बेहतर खेल दिखाते हुए 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 159 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिसे पार करने के लिए गुयाना को एक सधी हुई शुरुआत की जरूरत थी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुयाना के बल्लेबाजों ने किसी भी तरह की जल्दबाजी या दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और बेहद करीने से पारी को आगे बढ़ाते हुए मात्र 17.2 ओवरों में ही केवल 2 विकेट गंवाकर आसानी से लक्ष्य को हासिल कर लिया और एक बार फिर मैदान पर अपनी एकतरफा जीत का परचम लहरा दिया। कप्तान इमरान ताहिर की मैदान पर उनकी शानदार कप्तानी, गेंदबाजी बदलाव और खिलाड़ियों का सही इस्तेमाल करने की कला इस पूरे सफर में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई है। उम्र के इस पड़ाव पर आकर भी मैदान पर उनकी ऊर्जा और उत्साह युवाओं के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है, और उनकी अगुवाई में पूरी टीम एक परिवार की तरह मैदान पर उतरकर विपक्षी टीमों पर भारी पड़ रही है। लगातार पांच मैचों में एकतरफा जीत हासिल करने के बाद अब इस बात में कोई दोराय नहीं बची है कि गुयाना अमेजन वॉरियर्स इस साल के कैरेबियन प्रीमियर लीग की सबसे प्रबल विजेता के रूप में उभरकर सामने आई है। टीम का नेट रन रेट और खिलाड़ियों का फॉर्म इस बात की पूरी गवाही दे रहा है कि वे इस बार पिछले साल की अपनी असफलता को पीछे छोड़कर ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। जैसे-जैसे टूर्नामेंट अपने अगले दौर में प्रवेश कर रहा है, क्रिकेट फैंस की निगाहें अब इमरान ताहिर की इस जादुई टीम के अगले मुकाबलों पर टिकी हुई हैं, और हर कोई यह देखने के लिए बेताब है कि क्या यह विजयी रथ इसी तरह बिना रुके फाइनल तक पहुंचता है या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:46 pm

'सभी नाराज फूफाओं को भारत ने जवाब दिया', PM मोदी का विपक्ष पर वार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह में कॉलेज की उपलब्धियों की सराहना की.

आज तक 5 Sep 2026 8:46 pm

RBI ने दी LIC को बड़ी मंजूरी, ICICI Bank में 9.99% तक हिस्सेदारी खरीदने का साफ हुआ रास्ता

भारतीय वित्तीय बाजार और बैंकिंग सेक्टर से एक बेहद बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। देश की सबसे बड़ी और भरोसेमंद सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC को देश के केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से एक बार फिर से भारी-भरकम निवेश की हरी झंडी मिल गई है। हाल ही में एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति मिलने के बाद अब आरबीआई ने एलआईसी को निजी क्षेत्र के दिग्गज बैंक यानी आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) में अपनी कुल हिस्सेदारी को बढ़ाकर 9.99 प्रतिशत तक करने की आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इस नियामकीय अनुमति के मिलने के बाद अब एलआईसी के लिए इस प्रमुख निजी बैंक में निवेश का दायरा बढ़ाने का पूरा रास्ता साफ हो गया है, जिसका असर आने वाले समय में शेयर बाजार और दोनों वित्तीय संस्थानों की चाल पर पड़ना तय माना जा रहा है।RBI की नियामकीय फाइलिंग से हुआ बड़ा खुलासा, एक साल के भीतर पूरी करनी होगी प्रक्रियाभारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दी गई यह मंजूरी एक तय समय सीमा और निश्चित नियमों के दायरे में ही वैध होगी। एक्सचेंज फाइलिंग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरबीआई की यह महत्वपूर्ण मंजूरी उसके औपचारिक लेटर जारी होने की तारीख से ठीक एक साल तक वैध रहेगी। इसका मतलब यह है कि एलआईसी को इस एक साल की निर्धारित अवधि के भीतर ही आईसीआईसीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर 9.99 प्रतिशत के तय दायरे तक ले जाना होगा। यदि किसी कारणवश एलआईसी इस तय सीमा के भीतर यह हिस्सेदारी हासिल नहीं कर पाती है, तो केंद्रीय बैंक द्वारा दी गई यह मंजूरी स्वतः ही रद्द मानी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान एलआईसी को आरबीआई की तरफ से तय की गई तमाम अन्य शर्तों और दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करना होगा।4 सितंबर को मिला केंद्रीय बैंक का आधिकारिक पत्र, चुकता शेयर पूंजी और मतदान अधिकारों पर होगा असरइस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन पर नजर डालें तो आईसीआईसीआई बैंक की ओर से दी गई नियामकीय फाइलिंग में बताया गया है कि बैंक को आरबीआई के इस अनुमति पत्र की आधिकारिक कॉपी 4 सितंबर 2026 को रात 9 बजकर 9 मिनट पर प्राप्त हुई थी। आरबीआई का यह पत्र भी इसी तारीख यानी 4 सितंबर 2026 को ही जारी किया गया था और इसे सीधे तौर पर एलआईसी को संबोधित किया गया था। इस पत्र के माध्यम से केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट रूप से अनुमति दी है कि एलआईसी बैंक की कुल चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Share Capital) या बैंक के कुल मतदान अधिकारों (Voting Rights) में अधिकतम 9.99 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर सकती है। इस निवेश से देश के सबसे बड़े संस्थागत निवेशकों में शुमार एलआईसी की वित्तीय स्थिति और बाजार में उसकी पकड़ और अधिक मजबूत होगी।अन्य सभी कानूनी और नियामकीय प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य, नियमों के दायरे में होगा सौदाकेंद्रीय बैंक द्वारा दी गई यह छूट या अनुमति केवल हिस्सेदारी खरीदने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ कई तरह के विधिक अनुपालन भी जुड़े हुए हैं। आईसीआईसीआई बैंक द्वारा शेयर बाजारों को दी गई जानकारी के अनुसार, यह प्रस्तावित हिस्सेदारी खरीद अन्य सभी लागू होने वाले कानूनी और नियामकीय प्रावधानों के पूर्ण अधीन होगी। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बैंकिंग नियमों और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम या अन्य संबंधित अधिनियमों के तहत तय की गई शर्तें भी शामिल हैं। एलआईसी को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह शेयर बाजार के नियमों, सेबी (SEBI) के दिशा-निर्देशों और बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के दायरे में रहते हुए ही इस पूरी निवेश प्रक्रिया को अंजाम दे, ताकि किसी भी प्रकार के नियामकीय संकट से बचा जा सके।हाल ही में HDFC Bank के लिए भी मिल चुकी है ऐसी ही बड़ी मंजूरी, लगातार आक्रामक हो रही है LICगौर करने वाली बात यह है कि एलआईसी को यह अनुमति ऐसे समय में मिली है जब कुछ समय पहले ही उसे देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक यानी एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में भी अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर 9.99 प्रतिशत तक करने की हरी झंडी आरबीआई से मिल चुकी है। एचडीएफसी बैंक की ओर से अगस्त के महीने में साझा की गई नियामकीय फाइलिंग में यह बात सामने आई थी कि केंद्रीय बैंक ने एलआईसी के उस आवेदन को स्वीकार कर लिया था जिसमें उसने बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की इच्छा जताई थी। वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक में एलआईसी के पास पहले से ही लगभग 4.11 प्रतिशत की हिस्सेदारी मौजूद है, और उस अनुमति के बाद एलआईसी को कुल सीमा 9.99 प्रतिशत तक ले जाने का अधिकार मिल गया था। अब आईसीआईसीआई बैंक में भी इसी प्रकार की मंजूरी मिलने से यह साफ हो गया है कि देश के शीर्ष बीमा दिग्गज का रुझान देश के प्रमुख निजी बैंकों में अपने निवेश को सुरक्षित और दीर्घकालिक रूप से बढ़ाने पर पूरी तरह केंद्रित है।शेयर बाजार और निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने, भविष्य की रणनीतियों पर टिकी निगाहेंएलआईसी और देश के दो सबसे बड़े निजी बैंकों (एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक) के बीच इस प्रकार के बड़े वित्तीय तालमेल का भारतीय पूंजी बाजार पर बहुत बड़ा और सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। चूंकि एलआईसी देश की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक है, इसलिए उसकी ओर से निजी क्षेत्र के बैंकों में इस तरह का बड़ा निवेश इन बैंकों के प्रति बाजार के भरोसे को और अधिक मजबूत करता है। बाजार के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में एलआईसी चरणबद्ध तरीके से ओपन मार्केट या अन्य माध्यमों से इन बैंकों में अपनी हिस्सेदारी को तय सीमा तक पहुंचा सकती है। निवेशकों के लिहाज से यह घटनाक्रम बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता और दीर्घकालिक वृद्धि के मजबूत संकेत देता है, क्योंकि जब देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी किसी बैंक में बड़ा हिस्सा रखती है, तो इससे आम निवेशकों का भरोसा भी उस संस्थान पर और अधिक बढ़ जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:45 pm

मेट्रो से SRCC पहुंचे पीएम मोदी, शताब्दी समारोह में युवाओं को दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। शिक्षक दिवस पर हुए इस कार्यक्रम की खास बात पीएम की यात्रा रही। वह कारों के लंबे काफिले की जगह दिल्ली मेट्रो से कॉलेज पहुंचे और सफर के दौरान बच्चों व सहयात्रियों से बातचीत करते नजर आए।

तहलका 5 Sep 2026 8:45 pm

इस हफ्ते फिजिक्सवाला, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक पर ब्रोकरेज बुलिश, मिल सकता है 58% तक का बंपर रिटर्न

भारतीय शेयर बाजार में हर हफ्ते निवेशकों के लिए नए अवसर और रणनीतियां बनती-बिगड़ती रहती हैं। सितंबर 2026 के इस कारोबारी हफ्ते में देश के जाने-माने और प्रतिष्ठित ब्रोकरेज हाउस ने कुछ चुनिंदा शेयरों पर गहरी रिसर्च के बाद खरीदारी यानी 'Buy' की रेटिंग जारी की है। इन दिग्गज स्टॉक्स में एडटेक सेक्टर से लेकर एफएमसीजी (FMCG) और बैंकिंग सेक्टर के शेयर शामिल हैं। ब्रोकरेज फर्म्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले समय में इन चुनिंदा शेयरों में मौजूदा कीमतों से 40 प्रतिशत से लेकर 58 प्रतिशत तक की शानदार ग्रोथ या तेजी देखने को मिल सकती है। यदि आप भी अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने और लंबी अवधि में तगड़ा मुनाफा कमाने के लिए बेहतरीन शेयरों की तलाश में हैं, तो इन तीनों कंपनियों का फंडामेंटल एनालिसिस और एक्सपर्ट्स की राय आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि किस शेयर पर कितना टारगेट प्राइस दिया गया है और इसके पीछे की मुख्य वजहें क्या हैं।PhysicsWallah Stock Analysis: ₹200 का टारगेट और 58% तक की तगड़ी तेजी की उम्मीदइस हफ्ते ब्रोकरेज रडार पर सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला शेयर एडटेक सेक्टर की प्रमुख कंपनी फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) का है। जाने-माने वित्तीय संस्थान मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) ने इस शेयर पर मजबूत भरोसा जताते हुए 'Buy' की सलाह दी है। ब्रोकरेज हाउस ने इस शेयर के लिए ₹200 का बड़ा टारगेट प्राइस तय किया है, जबकि इसका मौजूदा बाजार भाव करीब ₹126.55 के आसपास चल रहा है। इस लिहाज से देखा जाए तो निवेशकों को इस शेयर में मौजूदा स्तर से लगभग 58 प्रतिशत तक का भारी-भरकम संभावित रिटर्न मिल सकता है। एडटेक बाजार में इस कंपनी की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और इसके पीछे इसके अनूठे बिजनेस मॉडल की बड़ी भूमिका है।मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, फिजिक्सवाला की सबसे बड़ी ताकत और प्रतिस्पर्धी बढ़त छात्रों को अपने साथ जोड़ने की बेहद कम लागत यानी लो कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (CAC) है। कंपनी के लर्निंग ऐप को अब तक 8.3 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है, जो इसकी जबरदस्त लोकप्रियता को दर्शाता है। इसका मार्केटिंग खर्च उन पारंपरिक प्रतिस्पर्धियों की तुलना में संरचनात्मक रूप से काफी कम है जो आज भी मुख्य रूप से महंगे परफॉर्मेंस डिजिटल मार्केटिंग विज्ञापनों पर निर्भर रहते हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि जैसे-जैसे कंपनी का दायरा और पैमाना बड़ा होता जाएगा, इसका कम CAC फायदा और अधिक मजबूत होता जाएगा। हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और इसके ऑफलाइन शिक्षण केंद्रों का प्रदर्शन यदि उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, तो कुछ व्यावसायिक जोखिम बने रह सकते हैं।Godrej Consumer Products Stock Analysis: ₹1,250 का टारगेट, एफएमसीजी सेक्टर के इस शेयर में 42% रिटर्न की संभावनाघरेलू और वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान रखने वाली दिग्गज एफएमसीजी कंपनी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (Godrej Consumer Products - GCPL) पर भी ब्रोकरेज हाउस बुलिश नजर आ रहे हैं। प्रमुख ब्रोकरेज फर्म एमके (Emkay) ने इस शेयर पर अपनी 'Buy' की राय को बरकरार रखा है और इसके लिए ₹1,250 का आकर्षक टारगेट प्राइस तय किया है। वर्तमान में इस शेयर का बाजार भाव करीब ₹880 के आसपास ट्रेड कर रहा है। इस आधार पर यदि आकलन किया जाए तो निवेशकों को इस शेयर में मौजूदा कीमतों से लगभग 42 फीसदी तक की शानदार संभावित तेजी देखने को मिल सकती है। कंपनी के बुनियादी फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं और यह अपने निवेशकों को मध्यम अवधि में अच्छा मुनाफा देने का दम रखती है।ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी के शीर्ष प्रबंधन यानी मैनेजमेंट में हाल ही में हुए कुछ अप्रत्याशित बदलावों की वजह से निकट अवधि में बाजार में हल्की अनिश्चितताएं जरूर पैदा हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स मध्यम अवधि में दो अंकों की मजबूत आय वृद्धि (Earnings Growth) दर्ज करने की बेहतरीन स्थिति में है। एमके ने अपनी आय के अनुमानों में किसी प्रकार की कटौती नहीं की है, लेकिन प्रबंधन में बदलाव से जुड़े अतिरिक्त जोखिमों को ध्यान में रखते हुए इसके वैल्यूएशन मल्टीपल में करीब 10 प्रतिशत की मामूली कटौती की है। इसी वजह से इसका टारगेट प्राइस पहले के ₹1,350 से घटाकर ₹7 फीसदी की नरमी के साथ ₹1,250 किया गया है। ब्रोकरेज का स्पष्ट मानना है कि हाल ही में शेयर में आई गिरावट के बाद मौजूदा स्तर पर जोखिम और मिलने वाले संभावित रिटर्न का संतुलन पूरी तरह से निवेशकों के पक्ष में झुकता हुआ दिखाई दे रहा है।Ujjivan Small Finance Bank Stock Analysis: ₹90 का टारगेट, बैंकिंग सेक्टर के इस शेयर में 40% तक की ग्रोथ का अनुमानबैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank) एक बेहतरीन विकल्प के रूप में सामने आया है। प्रतिष्ठित ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज (ICICI Securities) ने इस स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर पर 'Buy' की सलाह दी है और इसके लिए ₹90 का ठोस टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। शेयर का मौजूदा बाजार भाव लगभग ₹64.43 के आसपास चल रहा है। इस मौजूदा कीमत से तुलना करें तो ब्रोकरेज को इस शेयर में करीब 40 प्रतिशत तक की तेज संभावित उछाल की पूरी उम्मीद है। बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि छोटे वित्त बैंकों की बढ़ती पहुंच और उनकी वित्तीय सेहत इस तरह के शेयरों को लंबी अवधि में मजबूत आधार देती है।ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक के मौजूदा प्रबंध निदेशक के समय से पहले सेवानिवृत्त होने और नेतृत्व स्तर पर चल रहे बदलावों के बावजूद, बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी पिछली गाइडेंस को पूरी तरह से बरकरार रखा है। आने वाले समय में निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की मुख्य नजर बैंक की भविष्य की सक्सेशन प्लानिंग (उत्तराधिकार योजना) पर टिकी रहेगी। ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि शुरुआती संकेतों से संकेत मिलते हैं कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी Q2 इस बैंक के लिए एक बेहद स्थिर और संतोषजनक तिमाही साबित हो सकती है। हालांकि, निवेशकों को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि यदि बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन उम्मीद से कम रहता है या इसके एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) की ग्रोथ में सुस्ती आती है, तो यह बैंक के लिए थोड़ी चुनौती बन सकता है। खास तौर पर असुरक्षित ऋण पोर्टफोलियो (Unsecured Loan Portfolio) की धीमी वृद्धि पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:43 pm

IND vs PAK: हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारत और पाकिस्तान के बीच महिला एशिया कप मैच में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इतिहास रच दिया है. हरमनप्रीत कौर ने कुछ ऐसा कर दिखाया जो आज तक कोई भी कप्तान नहीं कर सका है.

आज तक 5 Sep 2026 8:42 pm

विनाशक भी, रक्षक भी: जानिए भगवान शिव के दोहरे रूप का असली सच और इसका दार्शनिक महत्व

सनातन संस्कृति और हिंदू पौराणिक ग्रंथों में देवों के देव महादेव यानी भगवान शिव की महिमा अपरंपार है। उन्हें ब्रह्मांड की त्रिमुर्ति में सृष्टिकर्ता ब्रह्मा और पालनकर्ता विष्णु के साथ प्रमुख संहारक के रूप में स्थान दिया गया है। आम जनमानस के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि जो देवता महाप्रलय और संहार का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हें दुनिया भर में लाखों-करोड़ों लोग एक दयालु रक्षक, संकटमोचन चिकित्सक और सबसे बड़े आश्रयदाता के रूप में क्यों पूजते हैं। काशी विश्वनाथ की पावन नगरी से लेकर हिमालय की गोद में बसे केदारनाथ के दिव्य धाम तक, हर तरफ शिव के जयकारे गूंजते हैं और यह अगाध प्रेम किसी भय के कारण नहीं, बल्कि उनके प्रति गहरी आस्था और समर्पण से उपजा है। भगवान शिव का यह दोहरा स्वरूप—एक तरफ प्रलयकारी संहारक और दूसरी तरफ परम रक्षक—पहली नजर में कुछ लोगों को भले ही विरोधाभासी लगे, लेकिन जब हम इसके दार्शनिक और आध्यात्मिक पक्षों की गहराई में उतरते हैं, तो हमें जीवन के सबसे बड़े रहस्यों का साक्षात्कार होता है।सृजन और विनाश का अनोखा संतुलन: क्यों जरूरी है पुरानी और व्यर्थ चीजों का अंतभगवान शिव के इस दोहरे स्वरूप को समझने के लिए हमें उनके द्वारा किए जाने वाले विनाश और संरक्षण के असली अर्थ को जानना होगा। हिंदू दर्शन और सनातन परंपराओं में विनाश का मतलब हमेशा कोई नकारात्मक घटना, बर्बादी या डर नहीं होता है। इसी प्रकार संरक्षण का अर्थ केवल निष्क्रिय रूप से किसी चीज को बचाकर रखना नहीं है। भगवान शिव केवल किसी चीज के अंत या बर्बादी का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे पुरानी, व्यर्थ, सड़ चुकी और मानवता के विकास में बाधा बनने वाली प्रणालियों को समाप्त करके नए और सुंदर सृजन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। जिस प्रकार एक कुशल माली पौधे की सूखी और खराब टहनियों को काट देता है ताकि नया और स्वस्थ विकास हो सके, उसी प्रकार शिव का संहारक रूप विकास की राह में आने वाले तमाम अवरोधों और नकारात्मकताओं को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम करता है।अहंकार का नाश और तीसरी आंख का रहस्य: भ्रम को भस्म करने वाली उच्च चेतना के प्रतीक हैं महादेवभगवान शिव के व्यक्तित्व का सबसे गहन और प्रभावशाली पहलू यह है कि वे मानव जीवन के सबसे बड़े शत्रु यानी 'अहकार' का नाश करने वाले माने जाते हैं। हिंदू दर्शन के अनुसार अहंकार मनुष्य की वह स्थिति है जिसमें वह खुद को अपनी भौतिक संपत्ति, उच्च पद, शक्ति या सीमित ज्ञान के साथ गलत तरीके से जोड़ लेता है। यह अहंकार व्यक्ति के भीतर अलगाव पैदा करता है, समाज में दूरियां बढ़ाता है और अंततः संघर्षों का कारण बनता है। शिव की विनाशकारी और प्रचंड शक्तियां मूल रूप से इसी अहंकार की भावनाओं का अंत करती हैं। उनकी मस्तक पर सुशोभित 'तीसरी आंख' कोई सामान्य नेत्र नहीं है, बल्कि यह अज्ञानता और भ्रम को पूरी तरह से भस्म करने वाली उच्च चेतना का प्रतीक है। जब किसी व्यक्ति का अहंकार टूटता है, तो उसे पहली बार में यह किसी बड़े नुकसान, अपमान या दुख जैसा प्रतीत हो सकता है, लेकिन वास्तव में महादेव का यह प्रहार उस जीव को किसी बहुत बड़े नैतिक पतन और आत्मिक विनाश से हमेशा के लिए सुरक्षित कर लेता है।अविद्या और अज्ञानता का अंत: मौन गुरु दक्षिणामूर्ति के रूप में जीवन की सच्चाइयों से कराते हैं अवगतभगवान शिव को केवल प्रलयकारी देवता के रूप में ही नहीं, बल्कि 'महादेव' और 'दक्षिणामूर्ति' यानी आदि गुरु के रूप में भी पूजा जाता है, जो मौन रहकर अपने भक्तों को ज्ञान प्रदान करते हैं। उपनिषदों समेत हमारे तमाम प्राचीन हिंदू धर्म ग्रंथों में 'अविद्या' यानी अज्ञानता को ही समस्त दुखों और कष्टों का मूल कारण माना गया है। यह अविद्या ही है जो मनुष्य की आत्मा को भ्रम, मोह और सांसारिक आसक्ति के अंतहीन चक्र में फंसाए रखती है। इस दार्शनिक संदर्भ में भगवान शिव द्वारा किया जाने वाला संरक्षण इस बात का प्रतीक है कि वे साधक को अंधकार से निकालकर सत्य और प्रकाश की ओर ले जाते हैं। शिव अपने भक्तों को सांसारिक और भौतिक चुनौतियों से हमेशा बचाकर रखने के बजाय उन्हें इतनी मानसिक और आध्यात्मिक जागरूकता प्रदान करते हैं कि वे खुद हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम बन जाएं।रुद्र रूप और ब्रह्मांडीय तांडव: अधर्म और अन्याय का नाश कर संतुलन स्थापित करते हैं महादेववैदिक साहित्य और विशेषकर यजुर्वेद के अंतर्गत आने वाले 'श्री रुद्रम' में भगवान शिव का अत्यंत प्रचंड और शक्तिशाली रूप 'रुद्र' के रूप में प्रकट होता है। यह रुद्र रूप अधर्म, अन्याय और क्रूरता का नाश करने वाली एक ऐसी अजेय शक्ति है जो समाज में न्याय की पुनर्स्थापना करती है। यह प्रचंडता किसी प्रकार की हिंसा या क्रूरता नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था को सुधारने और निखारने का एक आवश्यक माध्यम है। व्यक्तिगत जीवन हो या संपूर्ण समाज, दोनों को ही निरंतर संतुलन की आवश्यकता होती है। जब-जब दुनिया में अन्याय, अहंकार, अत्याचार और अराजकता अपनी सीमाओं को लांघने लगती है, तब-तब ब्रह्मांड में संतुलन की पुनर्स्थापना के लिए विनाश और विध्वंस अनिवार्य हो जाता है। भगवान शिव का प्रसिद्ध 'तांडव नृत्य' इसी ब्रह्मांडीय नृत्य का प्रतीक है, जो पुराने विघटन और नए नवीनीकरण के शाश्वत चक्र को निरंतर गति प्रदान करता है।धर्म की रक्षा और निरंतर विकास: विनाश के बिना अधूरा है संरक्षण का यह पावन चक्रअंततः भगवान शिव के इस दोहरे स्वरूप का निचोड़ यही है कि संरक्षण का अर्थ केवल धर्म की रक्षा करना है, और धर्म वह शाश्वत नैतिक व ब्रह्मांडीय नियम है जो पूरी सृष्टि में सद्भाव और शांति बनाए रखता है। विनाशकारी और विघटनकारी प्रवृत्तियों को जड़ से उखाड़ फेंके बिना संरक्षण का यह कार्य कभी भी पूरा नहीं हो सकता है। महादेव इस बात को भली-भांति सुनिश्चित करते हैं कि ब्रह्मांड में हमेशा उचित संतुलन बना रहे ताकि जीव-जंतुओं और प्रकृति का विकास और स्थिरता लगातार बनी रहे। शिव का संहारक रूप जितना आवश्यक है, उनका पालक रूप भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि वे विनाशक होकर भी सबसे बड़े रक्षक हैं, क्योंकि उनके द्वारा किया गया हर एक अंत असल में एक नई और बेहतर शुरुआत की नींव रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:40 pm

भारत ग्रो भी कर रहा है और रोजगार भी बना रहा... SRCC के शताब्दी समारोह में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई संस्थान 100 साल का होता है, तो वह उपलब्धियों और प्रेरणाओं का महासागर हो जाता है. 100 साल की इस यात्रा में SRCC ने पीढ़ियों को उज्जवल भविष्य से जोड़ा है.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 8:40 pm

शिक्षकों को PM मोदी की सलाह: सिलेबस से बाहर निकल बच्चों के व्यवहार और आदतों पर दें ध्यान

शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर पीएम मोदी ने शिक्षकों से बच्चों में नशे की आदत और बढ़ते स्क्रीन टाइम पर ध्यान देने को कहा।

जागरण 5 Sep 2026 8:40 pm

यूट्यूब पर छाई 90 मिनट की यह दिल छू लेने वाली फिल्म, गोद लेने की कहानी ने जीता सबका दिल

आज के समय में जब दर्शकों का मनोरंजन केवल बड़े बजट की फिल्मों, भारी भरकम एक्शन सीन्स, जटिल सस्पेंस थ्रिलर्स और महंगे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स तक सीमित माना जाता है, तब यूट्यूब पर रिलीज हुई एक बेहद साधारण और जमीन से जुड़ी फिल्म ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसी कहानी में सच्ची भावनाएं और गहराई हो, तो उसे दर्शकों का दिल जीतने के लिए किसी बड़े स्टारडम की आवश्यकता नहीं होती है। यह नवीनतम नब्बे मिनट की फिल्म रिलीज होने के कुछ ही दिनों के भीतर इंटरनेट पर इस कदर वायरल हो चुकी है कि सोशल मीडिया के हर कोने में इसी की गूंज सुनाई दे रही है, और लोग इसके हर एक दृश्य की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें कोई भारी-भरकम मारधाड़, बेवजह का रोना-धोना या जटिल और डरावना सस्पेंस नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी सरल और सहज कहानी है जो सीधे इंसान की आत्मा को झकझोर कर रख देती है। जैसे ही यह फिल्म यूट्यूब पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई गई, दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया और देखते ही देखते यह इंटरनेट की दुनिया का सबसे बड़ा सरप्राइज हिट बन गई। आईएमडीबी (IMDb) जैसी प्रतिष्ठित रेटिंग एजेंसी पर इस फिल्म को 7.7 जैसी बेहद शानदार और सम्मानजनक रेटिंग मिली है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आम दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों ने भी इसकी कलात्मकता और संवेदनशीलता को खुले दिल से स्वीकार किया है। लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस फिल्म के छोटे-छोटे क्लिप्स को शेयर कर रहे हैं और दूसरों को यह सलाह दे रहे हैं कि वे अपने व्यस्त जीवन से नब्बे मिनट निकालकर इस मास्टरपीस को जरूर देखें। यह फिल्म यह सिखाती है कि पारिवारिक प्रेम, अपनापन और मानवीय रिश्ते सरहदों और भाषाओं के मोहताज नहीं होते, और यही वजह है कि यह फिल्म आज हर उम्र के दर्शक की पहली पसंद बनती जा रही है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक भारतीय बच्ची को गोद लेने के सफर और माता-पिता के संघर्ष पर आधारित इस अनोखी फिल्म की मूल कथाआखिर किस अनूठी कहानी पर आधारित है यह फिल्म और इसके निर्माण के पीछे किन कलाकारों और निर्देशकों का हाथ है जो इसे इतना खास बनाता है? इस चर्चित फिल्म का शीर्षक 'ए मॉस्कितो इन द ईयर' (A Mosquito in the Ear) है, जिसे निर्देशक निकोला रिंचियारी (Nicola Rinciari) ने बेहद खूबसूरती के साथ निर्देशित किया है और यह उनके निर्देशन करियर की पहली फिल्म यानी डायरेक्टोरियल डेब्यू है, जिसे उन्होंने अपनी अद्भुत कलात्मक समझ से सजाया है। यह फिल्म किसी ओरिजिनल स्क्रिप्ट पर आधारित नहीं है, बल्कि यह प्रख्यात ग्राफिक नॉवेल 'उना जंकारा नेल ओरेक्चियो' (Una Zanzara nell'Orecchio) पर आधारित है, जिसके हर एक पन्ने को निर्देशक ने परदे पर जीवंत कर दिया है। फिल्म की स्टारकास्ट की बात करें तो इसमें हॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के जाने-माने चेहरे जैसे कि जेक लेसी (Jake Lacy), नाजान बोनियादी (Nazanin Boniadi) और बाल कलाकार रूही पाल (Ruhi Pal) ने अपनी बेहतरीन और स्वाभाविक अदाकारी से इस कहानी में जान फूंक दी है। फिल्म की मुख्य कहानी एक अमेरिकी दंपती के इर्द-गिर्द घूमती है, जो फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं यानी संतान सुख न मिलने के कारण गहरे मानसिक संघर्ष से गुजर रहे होते हैं। इस समस्या के समाधान के रूप में वे भारत के गोवा राज्य के एक अनाथालय से चार साल की एक छोटी सी भारतीय बच्ची को अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया के तहत गोद लेने का फैसला करते हैं। यहीं से इस कहानी का असली और सबसे रोमांचक व भावनात्मक सफर शुरू होता है, जहां दो अलग-अलग संस्कृतियों, दो अलग-अलग महाद्वीपों और दो बिल्कुल भिन्न जीवन शैलियों के लोग एक ही छत के नीचे एक परिवार के रूप में रहने के लिए मजबूर होते हैं। यह कहानी केवल एक बच्चे को गोद लेने की कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दो संस्कृतियों के मिलन और इंसानी संवेदनाओं की एक ऐसी यात्रा है जो देखने वाले की आंखें नम कर देती है और दिल को एक अजीब सा सुकून देती है।जब अमेरिका से आया वह दंपती गोवा के अनाथालय से चार साल की उस नन्ही बच्ची को गोद लेकर अपने घर ले जाता है, तो उनके सामने सबसे बड़ी व्यावहारिक और भावनात्मक चुनौती भाषा की दीवार बनकर खड़ी हो जाती है। बच्ची सिर्फ अपनी मातृभाषा और उस परिवेश को जानती है जिसे उसने अब तक देखा था, वह अंग्रेजी का एक शब्द भी नहीं बोल पाती है, और दूसरी तरफ उन अमेरिकी माता-पिता को हिंदी या स्थानीय भाषा का एक शब्द भी नहीं आता है। इस भाषाई अंतराल के कारण शुरुआती दौर में दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करना लगभग असंभव सा प्रतीत होता है, और यह असमंजस फिल्म के सबसे मार्मिक दृश्यों को जन्म देता है। छोटी सी बच्ची यानी सरवरी अपने उस पुराने घर, अपने जाने-पहचाने समुदाय, अपनी भाषा और अपनी मिट्टी को इतनी शिद्दत से याद करती है कि वह नए माहौल में खुद को आसानी से ढाल नहीं पाती और अपनी जड़ों को छोड़ने से साफ इनकार कर देती है। वह उस अजनबी देश और अजनबी घर में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती, और उसके मन का यह डर और अनिच्छा दर्शकों के दिलों को अंदर तक झकझोर कर रख देती है। फिल्म बहुत ही संवेदनशीलता के साथ यह दर्शाती है कि कैसे वह अमेरिकी दंपती बिना किसी जल्दबाजी या गुस्से के, बेहद धैर्य और असीम प्रेम के साथ उस बच्ची के दिल में अपनी जगह बनाने की कोशिश करता है। उनके बीच की बातचीत भले ही शब्दों की मोहताज न हो, लेकिन उनकी आंखें, उनके स्पर्श और उनका समर्पण एक ऐसा संवाद रचते हैं जो किसी भी भाषा की जरूरत को महसूस नहीं होने देता। फिल्म के कई दृश्य इतने अधिक भावुक और दिल को छू लेने वाले हैं कि दर्शक अपनी हंसी और आंसुओं को रोक नहीं पाते हैं, और यही कारण है कि इसे एक परफेक्ट 'फील-गुड' मूवी माना जा रहा है जो देखने वाले के मन पर एक गहरा और कभी न मिटने वाला सकारात्मक प्रभाव छोड़ जाती है।यूट्यूब पर मुफ्त में उपलब्ध इस मास्टरपीस को दर्शकों से मिल रहे अपार प्यार ने यह साबित कर दिया है कि अच्छी कहानियों को किसी थियेटर या महंगे प्लेटफॉर्म की जरूरत नहीं होतीआज के समय में जब हर छोटी-सी फिल्म या वेब सीरीज को देखने के लिए लोगों को महंगे सब्सक्रिप्शन खरीदने पड़ते हैं, ऐसे में इस बेहतरीन फिल्म का यूट्यूब पर मुफ्त में उपलब्ध होना दर्शकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। निर्देशक और निर्माताओं का यह साहसिक कदम कि उन्होंने अपनी इस कलाकृति को सीधे जनता के बीच यूट्यूब के माध्यम से रखा, पूरी तरह सफल साबित हुआ है क्योंकि आज लाखों लोग इसे बिना किसी बाधा के आसानी से देख पा रहे हैं। इस फिल्म के संवाद, इसकी सिनेमैटोग्राफी, गोवा के समुद्र तटों और अनाथालय के दृश्यों का वास्तविक फिल्मांकन तथा पृष्ठभूमि का शांत संगीत इस पूरी रचना को एक जादुई अनुभव में बदल देता है। जो लोग सस्पेंस और थ्रिलर से भरी फिल्मों से ऊब चुके हैं और अपने परिवार के साथ बैठकर कोई शांत, सुकून भरी और संस्कारी कहानी देखना चाहते हैं, उनके लिए यह नब्बे मिनट का सफर किसी मेडिटेशन से कम नहीं है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार यह लिख रहे हैं कि इस फिल्म ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि गोद लेने जैसी प्रक्रियाएं और बच्चों का मानसिक समायोजन कितना संवेदनशील विषय होता है। इस फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारतीय संस्कृति और बाल मनोविज्ञान को जिस गरिमापूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया है, उसकी जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है। यदि आपने अभी तक इस फिल्म को नहीं देखा है, तो आपको बिना एक भी पल गंवाए यूट्यूब पर जाकर इस अद्भुत सफर का हिस्सा बनना चाहिए, क्योंकि ऐसी फिल्में रोज-रोज नहीं बनतीं बल्कि दशक में एक बार आती हैं जो इंसानियत में हमारे भरोसे को और अधिक मजबूत कर जाती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:37 pm

लंका विजय के बाद संगम तट पर क्यों लेटे थे हनुमान जी, जानिए प्रयागराज के इस दुनिया के इकलौते लेटे हुए हनुमान मंदिर का रहस्य

सनातन संस्कृति और पौराणिक आस्था के केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले पावन तीर्थराज प्रयागराज की धरती रहस्यों, चमत्कारों और अध्यात्म का एक ऐसा अद्भुत संगम है, जहां हर एक कोने से कोई न कोई प्राचीन कथा जुड़ी हुई है। संगम के पवित्र तटों पर बसे इस शहर में आस्था का एक ऐसा केंद्र मौजूद है जो दुनिया भर में अपनी अनूठी बनावट और पौराणिक महत्व के कारण अद्वितीय माना जाता है। हम बात कर रहे हैं प्रयागराज के ऐतिहासिक दारागंज मोहल्ले में स्थित उस प्रसिद्ध और भव्य मंदिर की, जहां बजरंगबली अपनी सामान्य खड़ी मुद्रा में नहीं, बल्कि जमीन पर लेटी हुई मुद्रा में विराजमान हैं। 'लेटे हुए हनुमान जी' के नाम से दुनिया भर में विख्यात यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह त्रेतायुग की उन महागाथाओं का जीवंत प्रमाण है जिन्हें सुनकर आज भी भक्तों की आंखें श्रद्धा से नम हो जाती हैं। लंका दहन और लंका विजय के पश्चात बजरंगबली की थकान मिटाने के लिए संगम तट पर विश्राम करने की यह पौराणिक कथा इस स्थान को अत्यंत दुर्लभ और रहस्यमयी बनाती है।तीर्थराज प्रयागराज के दारागंज में स्थित है 600 से 700 साल पुराना यह ऐतिहासिक और दिव्य लेटे हुए हनुमान मंदिरहिंदू धर्म शास्त्रों और वेदों में प्रयागराज को 'तीर्थराज' यानी सभी तीर्थों का राजा होने का गौरव प्राप्त है। इसी पवित्र नगरी में गंगा और यमुना के पावन मिलन स्थल के समीप स्थित लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर इस तीर्थ की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण पहचान माना जाता है। इस प्राचीन मंदिर के इतिहास और स्थापना को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनके अनुसार इस दिव्य मूर्ति की स्थापना संत समर्थ गुरु रामदास जी द्वारा की गई थी। मंदिर के परिसर में प्रवेश करते ही एक अलग ही प्रकार की सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति का अहसास होने लगता है। इस भव्य मंदिर परिसर में केवल बजरंगबली की ही मूर्ति नहीं है, बल्कि उनके साथ-साथ भगवान शिव, माता पार्वती, प्रथम पूज्य गणेश जी, काल भैरव, मां दुर्गा, मां काली और नवग्रहों की सुंदर और भव्य मूर्तियां भी स्थापित हैं। यहां आने वाले हर एक श्रद्धालु को एक ही स्थान पर इन सभी देवी-देवताओं के दर्शन और पूजन का सौभाग्य प्राप्त होता है, जिससे इस तीर्थ स्थल का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।लगभग 20 फीट लंबी है हनुमान जी की दक्षिणाभिमुखी प्रतिमा, दाएं पैर के नीचे दबा है पापी अहिरावणप्रयागराज के इस प्रसिद्ध मंदिर में विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा अपने आप में बेहद खास और अद्धभुत है। मान्यताओं के मुताबिक हनुमान जी की यह लेटी हुई मूर्ति दक्षिणाभिमुखी है और इसकी कुल लंबाई लगभग 20 फीट है। यह प्रतिमा धरातल से करीब 6 से 7 फीट नीचे गर्भगृह में स्थित है, जिसके दर्शन करने के लिए भक्तों को सीढ़ियों से नीचे उतरना पड़ता है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु इन्हें बड़े हनुमानजी, किले वाले हनुमानजी, लेटे हुए हनुमानजी और बांध वाले हनुमान जी जैसे तमाम नामों से पुकारते हैं। इस पवित्र प्रतिमा के धार्मिक स्वरूप का वर्णन करते हुए विद्वान बताते हैं कि इनके बाएं पैर के नीचे कामदा देवी और दाएं पैर के नीचे पाताल लोक का स्वामी और राम भक्तों का शत्रु अहिरावण दबा हुआ है। इसके साथ ही उनकी प्रतिमा के दाएं हाथ में मर्यादा पुरुषोत्तम राम और माता सीता के छोटे स्वरूप तथा बाएं हाथ में उनकी पारंपरिक गदा सुशोभित है। यहां आने वाले तमाम भक्तों का ऐसा अटूट विश्वास है कि जो भी सच्चे मन से इन चरणों में अपनी अर्जी लगाता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं।त्रेतायुग की पौराणिक कथा: लंका विजय के बाद थकान मिटाने के लिए संगम तट पर क्यों लेटे थे संकटमोचनइस मंदिर से जुड़ी सबसे लोकप्रिय और प्राचीन पौराणिक कथा रामायण काल से जुड़ी हुई है। कथा के अनुसार, जब भगवान श्री राम ने लंका पर विजय प्राप्त कर ली और रावण तथा उसके पूरे राक्षस साम्राज्य का अंत कर दिया, तब लंका से अयोध्या लौटते समय रास्ते में महाबली हनुमान जी को अत्यधिक थकान महसूस होने लगी। युद्ध के दौरान उन्होंने जिस असीम पराक्रम और ऊर्जा का प्रदर्शन किया था, उसके बाद उनके शरीर की थकान को दूर करना आवश्यक था। तब माता सीता के कहने और उनकी इच्छा के अनुसार, हनुमान जी ने विश्राम करने के लिए प्रयाग की इस पावन धरती को चुना और वे संगम के इसी पवित्र तट पर आराम करने के लिए लेट गए। माता सीता के स्नेह और आशीर्वाद से उनकी सारी थकान दूर हो गई और वे यहीं विश्राम की मुद्रा मेंलीन हो गए। इसी पौराणिक प्रसंग को आधार मानते हुए सदियों बाद यहां लेटे हुए हनुमान जी का यह भव्य मंदिर स्थापित किया गया, जो आज कम से कम 600 से 700 साल पुराना माना जाता है।साल में एक बार मां गंगा खुद चलकर आती हैं अपने अनन्य भक्त हनुमान जी को स्नान कराने के लिएइस मंदिर से जुड़ा एक ऐसा रहस्य और चमत्कार भी है जो विज्ञान और आस्था के बीच की रेखा को धुंधला कर देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब हनुमान जी लंका विजय के बाद रामजी की सेवा पूरी करके प्रयागराज के संगम तट पर लेटे थे, तब से लेकर आज तक यह स्थान अत्यंत पवित्र और जागृत माना जाता है। हर साल मानसून के मौसम में जब उत्तर भारत में भारी बारिश होती है और नदियां उफान पर होती हैं, तब मां गंगा का जलस्तर इतना बढ़ जाता है कि बाढ़ का पानी सीधे इस मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर जाता है और लेटे हुए हनुमान जी की पूरी प्रतिमा को अपने आंचल में डुबो लेता है। धार्मिक मत के अनुसार इसे कोई सामान्य आपदा नहीं माना जाता, बल्कि इसे इस बात का प्रतीक माना जाता है कि मां गंगा वर्ष में एक बार स्वयं अपने अनन्य भक्त हनुमान जी का अभिषेक करने और उन्हें स्नान कराने के लिए यहां आती हैं। इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं।वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्राकृतिक कारणों से हर साल मंदिर में प्रवेश करता है बाढ़ का पानीजहां एक ओर इस घटना को पूरी तरह से धार्मिक और चमत्कारी माना जाता है, वहीं अगर वैज्ञानिक नजरिए से इस पर विचार किया जाए तो इसके पीछे भौगोलिक और प्राकृतिक कारण छिपे हैं। प्रयागराज तीन नदियों—गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के मिलन स्थल पर स्थित है। मानसून के दौरान जब लगातार मूसलाधार बारिश होती है, तो गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठने लगता है। चूंकि लेटे हुए हनुमान जी का यह मंदिर संगम के बिल्कुल नजदीक और निचले भू-भाग पर स्थित है, इसलिए जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ का पानी प्राकृतिक रूप से गर्भगृह के अंदर तक भर जाता है। हालांकि प्रशासन और मंदिर समिति इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करती है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए यह प्राकृतिक प्रक्रिया किसी बड़े दिव्य अनुष्ठान से कम नहीं होती है। वे इसे मां गंगा और हनुमान जी के प्रेम का मिलन मानते हैं, जिससे इस स्थान की दिव्यता और अधिक बढ़ जाती है।नकारात्मक ऊर्जा का नाश और सुख-शांति की स्थापना का प्रतीक है मां गंगा का यह पावन अभिषेकधार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से मां गंगा द्वारा हनुमान जी के इस वार्षिक स्नान को बहुत बड़ा वरदान माना जाता है। लोगों का विश्वास है कि जब मां गंगा के पवित्र जल से संकटमोचन हनुमान जी का यह अभिषेक होता है, तो इससे न केवल स्थानीय क्षेत्र बल्कि पूरे देश और समाज से नकारात्मक ऊर्जा, बीमारियां और बाधाएं दूर होती हैं। इस विशेष अवधि के दौरान यहां आने वाले भक्तों को जो आत्मिक शांति और ऊर्जा मिलती है, उसकी तुलना किसी अन्य तीर्थ से नहीं की जा सकती है। यही वजह है कि जब-जब गंगा का पानी मंदिर के अंदर प्रवेश करता है, तब-तब श्रद्धालुओं में एक अलग ही प्रकार का उत्साह, उमंग और गहरी आस्था देखने को मिलती है। लोग इस जल को बहुत ही पवित्र मानते हैं और हनुमान जी के दर्शन मात्र से अपने जीवन को धन्य महसूस करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:37 pm

मेथी दाना या अंडा? जानिए कौन सा DIY हेयर मास्क बनाता है बालों को चमकदार

ग्लास हेयर जैसा चमकदार और मुलायम लुक पाने के लिए मेथी और अंडे का हेयर मास्क इस्तेमाल किया जाता है. जानिए दोनों में से कौन सा बालों के लिए बेहतर है.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 8:35 pm

‘हनुमान अंश’ के सेट पर थे सख्त नियम, न कोई देगा गाली, न चलेगी शराब और नॉन-वेज, जानिए क्यों लिया गया ऐसा फैसला

‘हनुमान अंश’ की शूटिंग सिर्फ एक फिल्म की तरह नहीं हुई, बल्कि सेट पर आध्यात्मिक माहौल बनाए रखने के लिए कलाकारों और क्रू ने खास अनुशासन का पालन किया, जिसका असर अब बॉक्स ऑफिस पर भी दिखाई दे रहा है.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 8:35 pm

अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'दृश्यम 3' का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज डेट का हुआ आधिकारिक ऐलान

भारतीय सिनेमा जगत में जब भी बेहतरीन और रोंगटे खड़े कर देने वाली सस्पेंस थ्रिलर्स की बात होती है, तो 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है और अब इस कड़ी का तीसरा हिस्सा यानी 'दृश्यम 3' पर्दे पर तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। अभिनेता अजय देवगन एक बार फिर से अपने आइकॉनिक और बेहद चतुर किरदार विजय सलगांवकर के रूप में सिल्वर स्क्रीन पर वापसी कर रहे हैं ताकि दर्शकों को एक बार फिर अपनी बेजोड़ एक्टिंग और उलझा देने वाली कहानियों से पूरी तरह अचंभित कर सकें। फिल्म के मेकर्स और खुद अभिनेता अजय देवगन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर इस बात की आधिकारिक घोषणा कर दी है कि इस फिल्म का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर किस दिन दुनिया के सामने आने वाला है। इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह और सनसनी फैल गई है, क्योंकि पिछले कई महीनों से दर्शक यह जानने के लिए बेताब थे कि आखिरकार विजय सलगांवकर इस बार अपनी फैमिली को बचाने के लिए कौन सा नया और अचूक दांव चलने वाले हैं। 'दृश्यम' और 'दृश्यम 2' की अपार सफलता के बाद से ही इस तीसरी फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें आसमान छू रही हैं, और जिस तरह का सस्पेंस पहले के भागों में देखने को मिला था, उससे यह अनुमान लगाना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है कि इस बार क्लाइमैक्स उससे भी कहीं ज्यादा खतरनाक और अप्रत्याशित होने वाला है। फिल्म की रिलीज से पहले आने वाला यह ट्रेलर इस पूरी फ्रेंचाइजी के रहस्य पर से पर्दा उठाने की दिशा में पहला सबसे बड़ा कदम होने जा रहा है, जिसे देखने के लिए पूरा देश पलकें बिछाए बैठा है और हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या इस बार कानून की लंबी हाथ विजय सलगांवकर तक पहुंच पाएंगे या फिर वे एक बार फिर पुलिस और सिस्टम को अपनी तीक्ष्ण बुद्धि से पूरी तरह चकमा देने में कामयाब हो जाएंगे।फिल्म निर्माताओं द्वारा 'दृश्यम 3' का नया और बेहद रहस्यमयी पोस्टर जारी किया गया है, जिसमें विजय सलगांवकर अपने पूरे परिवार के साथ एक बेहद इंटेंस और संशय से भरे हुए लुक में नजर आ रहे हैं।ट्रेलर की रिलीज डेट के ऐलान के साथ-साथ मेकर्स ने फिल्म का एक नया और दिल दहला देने वाला पोस्टर भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसने आते ही इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। इस नए पोस्टर में मुख्य अभिनेता अजय देवगन यानी विजय सलगांवकर अपने पूरे परिवार के साथ बेहद गंभीर, डरे हुए लेकिन किसी गहरी साजिश या बचाव की मुद्रा में नजर आ रहे हैं, जिससे उनके चेहरों पर साफ तौर पर एक नया तनाव और सस्पेंस झलकता है। पोस्टर का विजुअल टोन और रंगों का इस्तेमाल इस बात की पूरी गवाही देता है कि 'दृश्यम 3' पिछली दोनों फिल्मों के मुकाबले और भी ज्यादा डार्क, गंभीर और मनोवैज्ञानिक होने वाली है, जहां हर एक सेकंड पर दर्शक अपनी सीटों से बंधे रहने को मजबूर हो जाएंगे। अजय देवगन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस पोस्टर को शेयर करते हुए एक बेहद पहेलीनुमा और सस्पेंस से भरा कैप्शन भी लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि सवाल अब भी वही पुराने हैं, पर इस बार उनके जवाब और भी ज्यादा नजदीक आ चुके हैं। उनके इस एक छोटे से वाक्य ने इंटरनेट पर फैंस की उत्सुकता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, और लोग तरह-तरह की कहानियां और थ्योरीज सोशल मीडिया पर डिस्कस करने लगे हैं। कोई कह रहा है कि इस बार केस की फाइलें दोबारा खुलेगी, तो कोई अनुमान लगा रहा है कि इस बार परिवार का कोई सदस्य खुद कोई ऐसी गलती कर बैठेगा जिससे बचना नामुमकिन हो जाएगा। पोस्टर में नजर आ रहे किरदारों के भाव और उनकी आंखों में छिपा डर इस बात का साफ संकेत है कि इस बार दांव पर सिर्फ उनकी इज्जत या नौकरी नहीं, बल्कि उनकी पूरी जिंदगी और स्वतंत्रता दांव पर लगी हुई है, जिसके लिए उन्हें अपनी आखिरी सांस तक संघर्ष करना पड़ेगा और यही बात इस फिल्म को इस साल की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित थ्रिलर फिल्म बनाती है।आखिरकार कब रिलीज होने जा रहा है 'दृश्यम 3' का धमाकेदार ट्रेलर और अजय देवगन ने किस खास अंदाज में फैंस के साथ इस बड़ी खबर को साझा किया है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार वह कौन सी तारीख है जिस दिन दर्शकों का इंतजार खत्म होगा और 'दृश्यम 3' यानी 'दृश्यम द कन्क्लूजन' का रोंगटे खड़े कर देने वाला ट्रेलर रिलीज किया जाएगा? आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का ट्रेलर आगामी 9 सितंबर को दुनिया भर के दर्शकों के सामने रिलीज कर दिया जाएगा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर से 'दृश्यम' ट्रेंड करने लगेगा। अजय देवगन ने जैसे ही सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी साझा की, उनके तमाम फैंस और फिल्म प्रेमियों ने कमेंट सेक्शन में अपनी बेताबी और उत्साह का इजहार करना शुरू कर दिया, और कुछ ही घंटों में यह पोस्ट लाखों लाइक्स और शेयर्स के साथ इंटरनेट पर छा गई। फैंस का कहना है कि वे इस ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे क्योंकि वे यह देखना चाहते हैं कि निर्देशक अभिषेक पाठक इस बार कहानी को किस नए और चौंकाने वाले मोड़ पर लेकर जाने वाले हैं। पिछले दोनों भागों में हमने देखा कि कैसे एक साधारण सा केबल ऑपरेटर अपनी सूझबूझ और सिनेमाई ज्ञान के बल पर गोवा पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारियों और आईजी मीरा देशमुख तक को अपनी उंगलियों पर नचाता रहा और सबूतों को इस तरह मिटाया कि कानून भी बेबस नजर आया। अब इस तीसरे और अंतिम अध्याय में यह देखना सबसे ज्यादा रोमांचक और दिलचस्प होगा कि क्या पुलिस के हाथ कोई ऐसा नया और अकाट्य सबूत लग जाता है जिससे विजय सलगांवकर का पूरा किला ढह जाएगा, या फिर इस बार भी कानून की किताबों में दर्ज न हो पाने वाला कोई नया सच सामने आएगा जो सबको हिला कर रख देगा। 9 सितंबर को आने वाला यह ट्रेलर इन सभी सवालों के जवाब तो पूरी तरह नहीं देगा, लेकिन यह जरूर तय कर देगा कि आने वाली 2 अक्टूबर को जब यह फिल्म सिनेमाघरों में उतरेगी, तो बॉक्स ऑफिस पर किस कदर भूचाल आने वाला है और दर्शक किस प्रकार सिनेमाघरों की ओर दौड़ पड़ेंगे।फिल्म की रिलीज के लिए 2 अक्टूबर की तारीख का चुनाव क्यों बेहद खास है और पिछले दो भागों की सफलता के बाद इस फ्रेंचाइजी से दर्शकों की क्या उम्मीदें जुड़ी हुईसिनेमा प्रेमियों के लिए 2 अक्टूबर की तारीख का 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी के साथ एक बहुत ही पुराना, गहरा और अटूट रिश्ता रहा है, और इस बार भी फिल्म के मेकर्स ने इसी खास तारीख को अपनी फिल्म की सिनेमाघरों में रिलीज के लिए चुना है। यह वही तारीख है जिससे इस पूरी कहानी की शुरुआत होती है, यही वह दिन है जिस दिन से फिल्म में सारा रायता फैलता है, मिस्ट्री और सस्पेंस की एक ऐसी आंधी चलती है जो आज तक थमने का नाम नहीं ले रही है। अजय देवगन के अलावा इस फिल्म में एक बार फिर से तब्बू, श्रिया सरन और इशिता दत्ता जैसे मंजे हुए और दिग्गज कलाकार अपनी पुरानी भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं, जिनकी अदाकारी ने पिछले दोनों भागों में जान फूंक दी थी। फिल्म का निर्देशन एक बार फिर से प्रतिभाशाली निर्देशक अभिषेक पाठक के हाथों में है, जिन्होंने 'दृश्यम 2' की भी शानदार कमान संभाली थी और यह साबित कर दिया था कि वे ओरिजिनल मलयालम फिल्म के जादू को हिंदी दर्शकों के सामने पूरी शिद्दत के साथ पेश कर सकते हैं। पिछले दो भागों में विजय सलगांवकर ने अपनी परिवार की रक्षा के लिए जिस चालाकी और गजब की मानसिक तैयारी के साथ पुलिस को हर मोड़ पर चकमा दिया था, उसने दर्शकों को पूरी तरह हैरान कर दिया था। अब इस तीसरे पार्ट में जब खेल अपने सबसे अंतिम और निर्णायक पड़ाव पर पहुंच चुका है, तो हर कोई यह देखने के लिए बेताब है कि क्या इस बार सच की जीत होगी या फिर एक बार फिर से '2 अक्टूबर' की वह तारीख इतिहास रचेगी। फिल्म की स्टार कास्ट, इसका दमदार संगीत, निर्देशक का सटीक विजन और अजय देवगन की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस इस बात की पूरी गारंटी देती है कि यह फिल्म इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित होने वाली है, और दर्शक एक बार फिर से सिनेमाघरों में बैठकर सिनेमा का असली रोमांच महसूस करने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:33 pm

भारतीय संस्कृति में काजल सिर्फ खूबसूरती का नहीं बल्कि बुरी नजर से बचाव का अचूक रक्षा कवच है

भारतीय समाज और सनातन संस्कृति में सदियों से चली आ रही परंपराएं केवल दिखावे का हिस्सा नहीं होती हैं, बल्कि उनके पीछे एक गहरा मनोवैज्ञानिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विज्ञान छिपा होता है। इनमें से ही एक सबसे पुरानी और सर्वमान्य परंपरा है बच्चों, नवविवाहितों और सफलता हासिल करने वाले व्यक्तियों को बुरी नजर से बचाने के लिए काजल या काले टीके का प्रयोग करना। आज के आधुनिक दौर में जहां लोग इसे केवल अंधविश्वास मानकर खारिज करने की कोशिश करते हैं, वहीं हमारी संस्कृति की जड़ें इस बात की गवाही देती हैं कि काजल का यह छोटा सा काला बिंदु सिर्फ आंखों को सजाने का साधन नहीं है, बल्कि यह किसी भी नकारात्मक ऊर्जा को रोकने वाली एक मजबूत ढाल का काम करता है। दादी-नानी के नुस्खों से लेकर पारंपरिक रीति-रिवाजों तक, काजल का यह सांस्कृतिक महत्व आज भी हमारे जीवन में उतनी ही प्रासंगिकता रखता है जितना कि सदियों पहले हुआ करता था।क्या होती है नजर या बुरी नजर, जानिए इसके पीछे की गहरी सामाजिक और मनोवैज्ञानिक मान्यताएंहमारी लोक संस्कृति में 'नजर लगना' या 'बुरी नजर' एक ऐसा शब्द है जिससे हर कोई वाकिफ है। इस मान्यता के अनुसार जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे की सफलता, उसकी सुंदरता, उसके अच्छे स्वास्थ्य या उसकी खुशहाली को देखकर अत्यधिक ईर्ष्या, जलन या यहां तक कि अत्यधिक प्रशंसा का भाव रखता है, तो उस नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव सामने वाले व्यक्ति के जीवन या स्वास्थ्य पर पड़ने लगता है। जब कोई बच्चा बहुत स्वस्थ और सुंदर होता है, कोई युवा नई नौकरी हासिल करता है, या कोई नया वाहन और मकान खरीदा जाता है, तो परिवार के बुजुर्ग तुरंत यह चेतावनी देते हैं कि इसे नजर लग जाएगी। यह अवधारणा केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया की लगभग हर प्राचीन संस्कृति में बुरी नजर से बचने के लिए अलग-अलग उपाय और टोटके अपनाए जाते रहे हैं। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह समाज की उस सोच को दर्शाता है जहां लोग दूसरों की तरक्की से होने वाली ईर्ष्या के मानसिक प्रभाव को एक अदृश्य ऊर्जा के रूप में महसूस करते हैं।लोग बुरी नजर और नकारात्मकता से बचाव के लिए माथे या गाल पर क्यों लगाते हैं काजलबुरी नजर के प्रभाव को निष्प्रभावी करने के लिए चेहरे, कान के पीछे या पैर पर काजल का टीका लगाने की परंपरा बहुत पुरानी है। इसके पीछे सबसे सरल और प्रचलित मान्यता यह है कि यह छोटा सा काला बिंदु एक सुरक्षात्मक आवरण या कवच के रूप में कार्य करता है। लोगों का ऐसा अटूट विश्वास है कि यह काला निशान बुरी नजर के तीखे प्रभाव को अपनी ओर खींच लेता है और उसे मुख्य व्यक्ति तक पहुंचने से रोक देता है। इसके पीछे दो मुख्य तर्क दिए जाते हैं; पहला यह कि काले रंग में नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर को अपने भीतर सोखने की अद्भुत क्षमता होती है, और दूसरा यह कि चेहरे पर एक छोटा सा अपूर्णता का निशान यानी काला टीका व्यक्ति की संपूर्ण सुंदरता या आकर्षण के प्रभाव को थोड़ा कम कर देता है, जिससे किसी की भी बुरी नजर सीधे तौर पर उस पर टिक नहीं पाती। यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है और आज भी तमाम आधुनिकता के बावजूद लोग इस पर पूरा भरोसा करते हैं।बच्चों से लेकर बड़ों तक फैली है काले टीके की यह प्राचीन और अनूठी सांस्कृतिक परंपराआम तौर पर लोगों की यह धारणा होती है कि काजल या काला टीका केवल नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को नजर से बचाने के लिए लगाया जाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इसका दायरा बच्चों से कहीं अधिक बड़ा है। भारतीय परिवारों में बड़े-बुजुर्ग पीढ़ियों से हर उम्र के सदस्यों की सुरक्षा के लिए इसका उपयोग करते आए हैं। उदाहरण के तौर पर, विवाह के तुरंत बाद नई दुल्हन के चेहरे पर या कान के पीछे काजल की एक छोटी सी बिंदी लगाई जाती है ताकि उसे किसी की बुरी नजर न लगे। इसके अलावा यदि परिवार के किसी सदस्य को कोई बड़ी सफलता मिल जाए, नया व्यवसाय शुरू हो जाए या कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो जाए, तो घर की महिलाएं तुरंत उसके माथे या कान के पास काजल का एक हल्का सा निशान लगा देती हैं। यह इस बात का प्रतीक है कि आपकी खुशियों को किसी की नजर न लगे और आपकी तरक्की यूं ही सुरक्षित बनी रहे।प्राचीन मिस्र के कोल से लेकर भारतीय संस्कृति तक, जानिए क्या है काजल का गौरवशाली इतिहासकाजल का इतिहास और इसका उपयोग आज का नहीं है, बल्कि इसके तार हजारों साल पुरानी प्राचीन सभ्यताओं से जुड़े हुए हैं। इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि प्राचीन मिस्र में इसी तरह के सौंदर्य और औषधि उत्पाद का इस्तेमाल किया जाता था जिसे 'कोल' कहा जाता था। मिस्र के लोग अपनी आंखों को धूप और संक्रमण से बचाने के लिए इसका उपयोग करते थे। समय के साथ यह कला और इसका उपयोग मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के विभिन्न हिस्सों में फैल गया और आम जनजीवन का हिस्सा बन गया। जैसे-जैसे समय बीतता गया, अलग-अलग समाजों और संस्कृतियों ने काजल को अपने स्थानीय विश्वासों और अर्थों के साथ जोड़ लिया। भारत में आते ही यह केवल आंखों के सौंदर्य प्रसाधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह लोक परंपराओं, स्वास्थ्य रक्षा और बुरी नजर से मुक्ति पाने का एक अनिवार्य माध्यम बन गया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:33 pm

Video: रूस पहुंचे ट्रंप के दूत, उससे पहले पुतिन ने यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी के हेडक्वार्टर पर बरसाए बम

रूस ने यूक्रेन के दो एयरपोर्ट पर भी हमला किया है. जेलेंस्की ने इसे शांति प्रक्रिया को बाधा पहुंचाने वाला कदम बताया, मगर रूस की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 8:31 pm

रूस अगले 72 घंटों तक कीव पर नहीं करेगा हमला, राष्ट्रपति पुतिन ने दिए आदेश

एयरपोर्ट पर रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव ने इन दूतों का स्वागत किया. दिमित्रिएव ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के विमान से उतरने के दौरान उनसे मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 8:31 pm

इजरायल की धरती पर गूंजे हरे राम हरे कृष्ण के जयकारे, यहूदी भक्तों ने उत्साह से मनाई जन्माष्टमी और चखे 108 भोग

भारत की सीमाओं को पार करके भगवान श्री कृष्ण की भक्ति और उनकी लीलाओं का प्रभाव अब पूरी दुनिया के कोने-कोने में अपनी गहरी छाप छोड़ रहा है। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक उथल-पुथल और तमाम संघर्षों के बीच इजरायल से एक बेहद खूबसूरत और सांस्कृतिक रूप से अद्भुत तस्वीर सामने आई है। इजरायल के ग्रामीण और शांत इलाके मोशाव एविएल में इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत उत्साह, उमंग और गहरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर इजरायल के कोने-कोने से सैकड़ों की संख्या में कृष्ण भक्त एकत्रित हुए, जिनमें से अधिकांश लोग यहूदी समुदाय से ताल्लुक रखते थे। दूरदराज से पहुंचे इन तमाम श्रद्धालुओं ने भगवान कन्हैया के जन्मोत्सव को अपनी अनूठी शैली में मनाकर यह साबित कर दिया कि दिव्य प्रेम, संगीत और भक्ति की कोई भौगोलिक या भाषाई सीमा नहीं होती है। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर से वैश्विक भाईचारे और सांस्कृतिक समन्वय का एक नया और अनूठा उदाहरण पेश किया है।इजरायल के मोशाव एविएल में गूंजे पारंपरिक भजन और पारंपरिक भारतीय वाद्ययंत्रों की थापमोशाव एविएल की वादियों में जब जन्माष्टमी का यह उत्सव शुरू हुआ, तो पूरा वातावरण भारतीय संस्कृति और वैदिक मंत्रोच्चार से सराबोर हो गया। कार्यक्रम स्थल पर चारों तरफ केवल 'हरे राम हरे कृष्ण' के महामंत्र और जयकारे गूंज रहे थे, जिससे वहां मौजूद हर व्यक्ति भक्ति के सागर में गोता लगाने लगा। इस धार्मिक और सांस्कृतिक समागम में भाग लेने वाले स्थानीय इजरायली नागरिकों और यहूदी भक्तों के चेहरे पर एक अलग ही आध्यात्मिक आनंद साफ झलक रहा था। पिछले दो दशकों से अधिक समय से इस आयोजन का हिस्सा बन रही एक स्थानीय निवासी और प्रखर कृष्ण भक्त तमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह पिछले बीस सालों से लगातार हर साल इस जन्माष्टमी समारोह में पूरी निष्ठा के साथ भाग लेती आ रही हैं। उनके जैसे तमाम अन्य स्थानीय लोगों के लिए यह त्योहार केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उनके आध्यात्मिक जीवन का एक ऐसा अनिवार्य हिस्सा बन चुका है जिसका वे पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं।'एलोहिम प्लस' नाटक के मंचन से जीवंत हुई भगवान श्री कृष्ण की अलौकिक और पावन लीलाएंइस भव्य जन्माष्टमी समारोह के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने चार चांद लगा दिए, जिसमें यहूदी भक्तों द्वारा मंचित एक विशेष नाटक मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर 'एलोहिम प्लस' यानी 'ईश्वर प्लस' नामक एक अत्यंत मनमोहक और दार्शनिक नाटक का सुंदर मंचन किया। इस नाटक के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण के जीवन, उनके संदेशों और उनके दर्शन को बेहद आधुनिक और प्रासंगिक तरीके से पेश किया गया। इस नाट्य प्रस्तुति से ठीक पहले, माहौल को पूरी तरह से उत्सवमय बनाने के लिए इजरायली भक्त पारंपरिक भारतीय वाद्ययंत्रों जैसे तबला और ढोलक की थाप पर पूरी ऊर्जा के साथ झूमते-गाते नजर आए। ढोलक की थाप पर थिरकते विदेशी और स्थानीय यहूदी भक्तों का यह दृश्य यह बताने के लिए काफी था कि कृष्ण की बंसी की धुन ने किस प्रकार पूरी दुनिया के दिलों को आपस में पिरो दिया है। कला और संगीत के इस अनूठे संगम ने दर्शकों का मन मोह लिया और हर कोई इस दिव्य आनंद में डूब गया।108 शाकाहारी व्यंजनों के भव्य और दिव्य भोज के साथ हुआ इस ऐतिहासिक आयोजन का समापनकिसी भी भारतीय त्योहार की पूर्णता उसके पारंपरिक प्रसाद और लजीज व्यंजनों के बिना अधूरी मानी जाती है, और इजरायल में हुए इस आयोजन में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया। इस शानदार जन्माष्टमी समारोह का समापन अतिथियों और उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भगवान कृष्ण का महाप्रसाद परोसने के साथ हुआ। इस महाप्रसाद में किसी एक या दो नहीं, बल्कि कुल 108 प्रकार के शुद्ध और स्वादिष्ट शाकाहारी व्यंजनों का एक अत्यंत भव्य और विशाल भोज तैयार किया गया था। पारंपरिक भारतीय पकवानों और स्थानीय स्वादों के बेहतरीन तालमेल वाले इस 108 भोग को पाकर सभी श्रद्धालु गदगद हो गए। भोजन की इस विविधता ने न केवल इजरायली भक्तों को भारतीय खान-पान की संस्कृति से रूबरू कराया, बल्कि सभी ने पूरी श्रद्धा के साथ इसे भगवान का प्रसाद मानकर ग्रहण किया। इस प्रकार, मीठे और नमकीन व्यंजनों की सतरंगी छटा के बीच यह जन्माष्टमी समारोह इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो गया।पड़ोसी देश बांग्लादेश के ऐतिहासिक ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर में भी धूमधाम से मनी जन्माष्टमीएक तरफ जहां मध्य पूर्व के देश इजरायल में यहूदी समुदाय ने भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को अपनी अनूठी शैली में मनाया, वहीं दूसरी ओर हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी कृष्ण जन्मोत्सव की गूंज सुनाई दी। प्रमुख समाचार एजेंसी एएनआई से मिली जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश के हिंदू समुदाय ने राजधानी ढाका के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर में पूरे श्रद्धा भाव और हर्षोल्लास के साथ श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया। इस अवसर पर बांग्लादेश के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालु भगवान कृष्ण के जन्म के इस महान उत्सव का जश्न मनाने के लिए विशेष प्रार्थनाओं, पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर शामिल हुए। मंदिर परिसर को बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया था और पूरा इलाका कृष्ण भजनों से गूंज रहा था।ढाका की सड़कों पर निकली भव्य और विशाल शोभायात्रा, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजामढाका के ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर में आयोजित इन पारंपरिक समारोहों की श्रृंखला में एक बेहद आकर्षक और भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर उतरे, जिनके हाथों में भगवान कृष्ण के चित्र, धार्मिक झंडे और बैनर थे। लोग पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए थे और पूरे रास्ते 'जय कन्हैया लाल की' और 'हथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के नारों से पूरा ढाका शहर गूंज उठा। इस शोभायात्रा और उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। बांग्लादेश में इस तरह के आयोजनों का बड़े पैमाने पर होना यह दर्शाता है कि तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद वहां की आस्था और सांस्कृतिक परंपराएं आज भी पूरी तरह से जीवित और प्रवाहमान हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:28 pm

भोलेनाथ पैटर्न की गणेश मूर्तियों की सबसे ज्यादा मांग, इतनी है कीमत

महाराष्ट्र के जालना में गणेशोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. गणेश आगमन में सिर्फ नौ दिन बाकी हैं और मूर्तिकार दिन-रात बप्पा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. अंबड़ के मठ पिंपलगांव में रंगरोगन और सजावट का काम तेजी से चल रहा है. इस बार भोलेनाथ पैटर्न की मूर्तियों की सबसे ज्यादा मांग है और 95 फीसदी बुकिंग पूरी हो चुकी है.

आज तक 5 Sep 2026 8:28 pm

नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' का यह नया भक्ति गीत इंटरनेट पर मचा रहा है तहलका, लूप पर गाने को सुन रहे हैं लोग

नीम करोली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक दर्शन पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म 'हनुमान अंश' का एक ऐसा मनमोहक गीत इन दिनों सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया में पूरी तरह छा गया है, जिसे सुनकर दर्शक पूरी तरह भक्ति में लीन हो चुके हैं। मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया के गलियारों में इस समय अगर किसी सबसे खास कलाकृति की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह निस्संदेह फिल्म 'हनुमान अंश' का वह शानदार संगीत है जो लोगों के दिलों पर सीधा राज कर रहा है। नीम करोली बाबा के चमत्कारों और उनकी महान आध्यात्मिक विरासत को परदे पर जीवंत करने वाली इस फिल्म की कहानी ने जिस कदर दर्शकों को पहले ही दिन से मंत्रमुग्ध कर रखा था, उसी प्रकार अब इसके soulful और दिल को छू लेने वाले गाने भी हर संगीत प्रेमी की प्लेलिस्ट में सबसे ऊपर अपनी जगह बना चुके हैं। फिल्म के शुरुआती गानों जैसे कि 'आवागमन' और बेहद भावुक कर देने वाले गीत 'मैं तेरे ही भरोसे' को भी दर्शकों से बेशुमार प्यार मिला था, लेकिन इनमें से भी एक खास गाना इस वक्त इंटरनेट के हर कोने पर इस कदर वायरल हो चुका है कि लोग अपनी सुधबुध खो बैठे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस गीत को लेकर लोगों का पागलपन इस हद तक बढ़ गया है कि वे इसे लगातार लूप पर सुन रहे हैं और इसके बावजूद उनका मन नहीं भर रहा है। इस सादगी से भरे और रूहानी गीत ने लोगों के दिलों में भक्ति की एक ऐसी अलख जगाई है जो सीधे आत्मा को छू जाती है, और यह गीत नीम करोली बाबा की अटूट भक्ति के साए में जीने वाली एक समर्पित पत्नी की भावनाओं, उलझनों और उनकी आंतरिक यात्रा को बेहद खूबसूरती से बयां करता है। इंटरनेट की इस अ अंधी दौड़ में जहां रोजाना हजारों गाने रिलीज होते हैं और गायब हो जाते हैं, वहीं 'हनुमान अंश' का यह गाना अपनी गहरी तासीर और अद्वितीय संगीत के कारण हर उम्र के श्रोताओं की पहली पसंद बन गया है, जिससे यह साबित होता है कि आज भी प्रामाणिक और संस्कृति से जुड़े संगीत की समाज में कितनी गहरी भूख और आवश्यकता है।सोशल मीडिया के हर मंच पर इस समय केवल और केवल 'हनुमान अंश' के लोकप्रिय 'पार्वती गीत' की गूंज सुनाई दे रही है, जिसे दर्शक अपनी जुबान पर चढ़ा चुके हैं और इसके दीवाने हो गए हैं।आखिर कौन सा है वह जादुई गाना जो इस समय इंटरनेट की दुनिया में भूचाल लाया हुआ है और हर किसी के मुंह पर छाया हुआ है? जिस लोकप्रिय गीत के बारे में आज पूरा देश बात कर रहा है, वह असल में फिल्म का बेहद मार्मिक 'पार्वती गीत' है, जो 'हनुमान अंश' एल्बम का सबसे बड़ा और चहेता गाना बनकर उभरा है। इस गीत के बोल और इसकी थीम उस 'पार्वती' के चरित्र को बहुत ही संवेदनशीलता के साथ डिस्क्राइब करती है, जो एक ऐसे असाधारण व्यक्ति से बेइंतिहा प्यार करती है जो सांसारिक मोह-माया से दूर एक संत की तरह अपना पूरा जीवन बिताता है। एक पत्नी के रूप में पार्वती के लिए शादी का अर्थ कभी भी अपने पति यानी उस महान बाबा को उनकी आध्यात्मिक राह से रोकना नहीं था, बल्कि उनका जीवन तो एक ऐसी पवित्र आत्मा के साथ चट्टान की तरह खड़े रहना था जो किसी बहुत बड़ी और दिव्य चीज के लिए पूरी तरह समर्पित थी। यह गाना रिलीज होने के कुछ हफ्तों बाद अचानक सोशल मीडिया के एल्गोरिदम पर इस तरह छाया कि देखते ही देखते यह इंटरनेट का सबसे बड़ा ट्रेंड बन गया है। इस गीत की गहराई को महसूस करने वाले लोग खुलेआम यह स्वीकार कर रहे हैं कि वे इस धुन और इसके शब्दों से पूरी तरह 'ऑब्सेस्ड' हो चुके हैं। कुछ संगीत प्रेमियों का कहना है कि वे इस गाने को दिन में दर्जनों बार सुन चुके हैं, लेकिन हर बार सुनने पर यह उतना ही ताजा और जादुई महसूस होता है जितना पहली बार लगा था। इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब शॉर्ट्स जैसे तमाम प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस गाने की लोकप्रियता का यह आलम है कि इस पर बनने वाली रील्स और वीडियोज़ की संख्या देखते ही देखते लाखों के आंकड़े को पार कर चुकी है, और लोग अपनी कला तथा भावनाओं को व्यक्त करने के लिए इसी गीत को अपना माध्यम बना रहे हैं।बुंदेली माटी की सोंधी खुशबू और लोक संगीत के अनूठे ठाठ के साथ रचे गए इस शिव भक्ति गीत को अपनी जादुई आवाज से सजाने वाले कलाकार साधु तिवारी का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है।इस शानदार और वायरल गीत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से एक अनूठा शिव भक्ति गीत है, जिसे बहुत ही खूबसूरती और अपनेपन के साथ ठेठ बुंदेली अंदाज में गाया गया है। इस माटी से जुड़े और दिल को झकझोर देने वाले गीत को अपनी बेहद सुरीली और भारी आवाज से जीवंत करने वाले प्रतिभाशाली कलाकार साधु तिवारी हैं, जिन्होंने न केवल इस गाने को अपनी आवाज दी है बल्कि इसके बेहद गहरे और भावुक बोल भी खुद ही लिखे हैं। इसके साथ ही, इस गाने के संगीत निर्देशन की कमान भी उन्हीं के हाथों में है, जिससे इस रचना में एक ऐसी मौलिकता और पवित्रता आ गई है जो आज के दौर के इलेक्ट्रॉनिक संगीत में बहुत मुश्किल से देखने को मिलती है। साधु तिवारी का यह बुंदेली अंदाज श्रोताओं को सीधे उत्तर भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ देता है, और यही वजह है कि यह गाना इंटरनेट की सरहदों को पार करते हुए हर उस इंसान के दिल में उतर रहा है जो संगीत में सच्चाई तलाशता है। लोग इस गाने के ट्रेडिशनल इंस्ट्रूमेंट्स और इसकी गायकी के अंदाज के इस कदर कायल हो चुके हैं कि वे इसे बार-बार सुनना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं। इंस्टाग्राम पर इस गीत पर आम जनता से लेकर कई जाने-माने क्रिएटर्स तक रील्स बना रहे हैं, जिससे इस गाने की पहुंच और अधिक व्यापक हो गई है। यह सफलता इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि यदि कला में ईमानदारी, संस्कृति की महक और ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति का मेल हो, तो वह बिना किसी भारी-भरकम प्रचार के भी सीधे जनता के दिलों के तारों को झंकृत कर सकती है। फिल्म 'हनुमान अंश' के इस गाने ने यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया के इस आधुनिक युग में भी अगर कोई धुन रूह को छूने वाली हो, तो वह इंटरनेट पर राज करने की पूरी ताकत रखती है और आने वाले लंबे समय तक लोगों की जुबान पर अमर रह सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:27 pm

श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह को संबोधित करने दिल्ली मेट्रो से पहुंचे PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में शामिल होने जाने के दौरान दिल्ली मेट्रो से यात्रा की.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 8:25 pm

निकिता पोरवाल: उज्जैन की एंकर से मिस वर्ल्ड 2026 की स्टेज तक का सफर

मध्य प्रदेश के उज्जैन की रहने वालीं निकिता पोरवाल इस समय भारत की सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हैं। फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 का खिताब जीतने वालीं निकिता वियतनाम के न्हा त्रांग में हो रहे मिस वर्ल्ड 2026 के 73वें संस्करण में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। 5 सितंबर की शाम भारतीय समयानुसार करीब 5:30 बजे से इसका ग्रैंड फिनाले JioHotstar पर लाइव प्रसारित किया गया।

तहलका 5 Sep 2026 8:25 pm

राहुल गांधी को बीआरएस नेता केटीआर की खुली चुनौती, तेलंगाना आकर छात्रों से बात करने और रोजगार के वादों का हिसाब देने को कहा

देशभर की सियासत में अपनी पैठ मजबूत करने और युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करने के दावों के बीच अब तेलंगाना की राजनीति में एक नया और बड़ा भूचाल आ गया है, क्योंकि बीआरएस के वरिष्ठ और आक्रामक नेता केटीआर ने राहुल गांधी को खुलेआम चुनौती दे डाली है कि वे सिर्फ दूर बैठकर या दूसरे राज्यों के मुद्दों पर बयानबाजी करने के बजाय सीधे तेलंगाना आएं और यहां के जमीन से जुड़े छात्रों की गंभीर समस्याओं को खुद अपनी आंखों से देखें व सुनें। कांग्रेस पार्टी और उसकी राज्य सरकार पर युवाओं, छात्रों, रोजगार और शिक्षा से जुड़े तमाम चुनावी वादों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रहने का गंभीर आरोप लगाते हुए केटीआर ने इस राजनीतिक बहस को एक नया ही आयाम दे दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए साफ कहा कि राहुल गांधी जी को सबसे पहले अपने उस सियासी और नैतिक दायित्व को पूरा करना चाहिए जिसके तहत उन्होंने चुनाव से पहले तेलंगाना के नौजवानों को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन तमाम वादों को हवा में उड़ा दिया गया। तेलंगाना की वर्तमान राजनीति में छात्र आंदोलन और युवा आक्रोश अब इस कदर मुखर हो चुका है कि विपक्षी दल इसे सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बनाने में जुट गए हैं। बीआरएस नेतृत्व का यह आक्रामक रुख इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले दिनों में तेलंगाना की राजनीति में छात्र और युवा वर्ग के मुद्दे ही सत्ता और विपक्ष के बीच मुख्य संघर्ष का केंद्र बिंदु रहने वाले हैं, जिससे कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं और राजनीतिक गलियारों में इस चुनौती की गूंज बहुत दूर तक सुनाई दे रही है।राहुल गांधी को सीधे चुनौती देते हुए केटीआर ने उन्हें हैदराबाद के अशोकनगर और करीमनगर आकर छात्रों के बीच समय बिताने और उनकी जमीनी हकीकत का सामना करने की बात कही है।राहुल गांधी के इन दिनों जोरों पर चल रहे 'छात्रों की गूंज' अभियान पर बेहद तीखी और करारी प्रतिक्रिया देते हुए बीआरएस नेता केटीआर ने दो टूक शब्दों में कहा कि अन्य राज्यों के छात्रों के मुद्दों पर राजनीति करने और बयान देने से पहले राहुल गांधी को दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य तेलंगाना की जमीनी हकीकत का सामना करना चाहिए। अपने तीखे तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले केटीआर ने अपने एक आक्रामक बयान में राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल जी, क्या आपको यहां के स्थानीय छात्रों की गूंज और चीखें सुनाई नहीं दे रही हैं? क्या आप इन नौजवानों की आवाज सुनने से कतरा रहे हैं? यदि आप में हिम्मत है तो तेलंगाना आइए, हम हैदराबाद के प्रसिद्ध अशोकनगर या फिर करीमनगर के छात्र चौराहों पर आपकी पूरी मेहमाननवाजी और आवभगत करने के लिए तैयार बैठे हैं, लेकिन आप यहां आइए और हमारे राज्य के पीड़ित छात्रों से आमने-सामने बैठकर बात कीजिए। उन्होंने चुनाव से पहले राहुल गांधी की उन मुलाкаतों और दौरों की याद दिलाई जब वे बड़े उत्साह के साथ बेरोजगार युवाओं और छात्रों से मिले थे और उन्हें ढेरों झूठे आश्वासन दिए थे। केटीआर ने सवाल उठाया कि जब चुनाव का समय था तब कांग्रेस नेताओं को इन युवाओं की याद बहुत सताती थी, लेकिन सरकार बनते ही उन तमाम वादों को कागजों में दफना दिया गया और आज वही छात्र सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को यह बताना होगा कि जब तेलंगाना के छात्र अपनी विभिन्न मांगों और शिक्षा के हकों के लिए सड़कों पर आंसू बहा रहे हैं, तब देश के बड़े नेता बनकर घूमने वाले राहुल गांधी इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी क्यों साधे हुए हैं और वे तेलंगाना के युवाओं को जवाब क्यों नहीं देते।राज्य में हर साल दो लाख सरकारी नौकरियों के बड़े और लोकलुभावन चुनावी वादे का अब क्या हुआ, इस तीखे सवाल के साथ केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार को भी आड़े हाथों लिया।इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान बीआरएस नेता केटीआर ने केवल राहुल गांधी को ही नहीं घेरा, बल्कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली मौजूदा कांग्रेस सरकार को भी कटघरे में खड़ा कर दिया और राज्य प्रशासन की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस पार्टी ने यह बड़ा और आधिकारिक वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर हर साल बिना किसी रुकावट के दो लाख सरकारी नौकरियां युवाओं को दी जाएंगी, लेकिन आज धरातल की स्थिति यह है कि वह वादा पूरी तरह हवा हवाई साबित हो चुका है। केटीआर ने आरोप लगाया कि जिन बेरोजगार युवाओं को चुनाव से पहले कांग्रेस के बड़े-बड़े दिग्गजों ने बड़े चाव से देखा था और उनके वोट बटोरे थे, सरकार बनने के बाद उन तमाम युवाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज और शोषित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बहुप्रचारित जॉब कैलेंडर पर तीखा प्रहार करते हुए केटीआर ने कहा कि चुनाव के वक्त जिस जॉब कैलेंडर के नाम पर बड़े-बड़े ढिंढोरे पीटे गए थे, वह आज जमीन पर कहीं दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है, बल्कि उसकी जगह राज्य में केवल घोटालों और विफलताओं का 'स्कैम कैलेंडर' चल रहा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में काम कम और केवल राजनीतिक बयानबाजी व एक-दूसरे पर छींटाकशी वाला 'गाली-गलौज कैलेंडर' प्रमुखता से चल रहा है, जिससे आम जनता और छात्र वर्ग का मोहभंग हो चुका है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में छात्रों का गुस्सा जिस प्रकार लगातार फूट रहा है और वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में यह राजनीतिक संघर्ष और अधिक तीव्र होने वाला है।तेलंगाना में पॉलीटेक्निक छात्रों का जोरदार विरोध प्रदर्शन और जीओ 97 के खिलाफ गुस्से की आग ने राज्य की कानून-व्यवस्था और शिक्षा नीति को एक बार फिर से राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।आखिर ऐसा क्या हो गया है कि तेलंगाना के छात्र और युवा इस समय सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर हो गए हैं? इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ हाल ही में सामने आया वह सरकारी आदेश है जिसने पूरे राज्य के छात्र समुदाय में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। हाल ही में करीमनगर समेत तेलंगाना के कई प्रमुख जिलों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पॉलीटेक्निक छात्रों ने जीओ 97 (GO 97) के तहत पॉलीटेक्निक शिक्षा को जबरन 'यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी' में विलय किए जाने के विरोध में बेहद जोरदार, उग्र और व्यापक प्रदर्शन किए हैं। छात्रों का स्पष्ट रूप से यह मानना और कहना है कि इस प्रकार के अव्यवहारिक और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से उनकी तकनीकी शिक्षा का भविष्य पूरी तरह से अंधकारमय हो जाएगा और उनके करियर के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। छात्रों के इस बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच अब बीआरएस पार्टी पूरी तरह से छात्रों के समर्थन में खुलकर मैदान में उतर आई है, जिससे सरकार की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। राज्य का युवा वर्ग अपने भविष्य को लेकर अत्यधिक आशंकित और चिंतित है, और विपक्षी दल इसी असंतोष का भरपूर फायदा उठाकर सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस प्रकार एक तरफ जहां राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी के अभियानों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर रेवंत रेड्डी सरकार के खिलाफ छात्रों का यह आक्रोश तेलंगाना की राजनीति का सबसे गर्माता हुआ और प्रमुख मुद्दा बन चुका है, जिसका असर आने वाले आगामी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ना बिल्कुल तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:25 pm

संयुक्त राष्ट्र के 'करेक्ट द मैप' प्रस्ताव से बदलेगा वैश्विक मानचित्र, भारत और अफ्रीकी देशों का आकार अब दिखेगा बिल्कुल सटीक और विशाल

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वैश्विक मानचित्रों को महाद्वीपों और देशों के वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब और सटीक दिखाने वाला यह बहुप्रतीक्षित ‘करेक्ट द मैप’ प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित कर दिया है। अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, कूटनीति और भूगोल के क्षेत्र में इस कदम को बेहद क्रांतिकारी माना जा रहा है क्योंकि सदियों से चली आ रही भौगोलिक विसंगतियों और नक्शों के पारंपरिक भ्रम को दूर करने की दिशा में यह सबसे बड़ा और प्रभावी वैश्विक प्रयास है। टोगो की ओर से आधिकारिक तौर पर पेश किए गए और अफ्रीकी संघ के पूर्ण समर्थन वाले इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव के पक्ष में दुनिया के कुल 164 देशों ने मतदान किया, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वैश्विक समुदाय अब मानचित्रों में समानता और यथार्थता चाहता है। इस प्रस्ताव के विरोध में केवल संयुक्त राज्य अमेरिका खड़ा नजर आया, जबकि एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा, सर्बिया और यूक्रेन जैसे कुछ देशों ने इस संवेदनशीलता और कूटनीतिक नफा-नुकसान को भांपते हुए मतदान से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। भारत ने इस प्रस्ताव का खुलकर स्वागत किया और इसके पक्ष में अपना स्पष्ट वोट देकर यह साबित कर दिया कि वह वैश्विक मंच पर भौगोलिक न्याय और समानता का हमेशा से प्रबल समर्थक रहा है। हालांकि तकनीकी रूप से यह प्रस्ताव किसी भी सदस्य देश पर कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, लेकिन इसके नैतिक और व्यावहारिक प्रभाव दूरगामी होंगे। अब विभिन्न राष्ट्रीय सरकारें, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां, शैक्षणिक संस्थान, मीडिया हाउस, डिजिटल मैप प्लेटफॉर्म और आधिकारिक प्रकाशन स्कूलों, किताबों और डिजिटल नक्शों में मौजूदा पारंपरिक मर्केटर प्रक्षेपण की जगह समान-क्षेत्रफल वाले वैज्ञानिक और यथार्थवादी नक्शों को बढ़ावा दे सकेंगे और उनका खुलकर उपयोग कर पाएंगे। मोटे तौर पर दुनिया के नए डिजिटल और भौतिक नक्शे में अब भारत का नक्शा काफी बड़ा और अधिक वास्तविक दिखेगा, जबकि अफ्रीका और दुनिया के दर्जनों अन्य विकासशील व दक्षिणी गोलार्ध के देशों का सही आकार पहली बार वैश्विक स्तर पर सही तरीके से सामने आ सकेगा।सदियों पुराने दोषपूर्ण मर्केटर नक्शे और उसके ऐतिहासिक प्रभावों की दास्तान बेहद दिलचस्प और भौगोलिक राजनीति से जुड़ी हुई है।यह समझना बेहद आवश्यक है कि आखिर यह प्रस्ताव दुनिया के पटल पर क्यों लाया गया और इसके पीछे की मुख्य ऐतिहासिक वजहें क्या थीं। दरअसल, सदियों से चले आ रहे पारंपरिक मर्केटर नक्शे ने कभी भी दुनिया का सही और वास्तविक चित्र सामने नहीं रखा था। इस नक्शा बनाने की पद्धति का आविष्कार सोलहवीं सदी में मुख्य रूप से शिपिंग और समुद्री नेविगेशन करने वालों के लिए किया गया था, ताकि नाविक समुद्र में आसानी से सीधे रास्तों पर नेविगेट कर सकें। लेकिन इस पद्धति की सबसे बड़ी तकनीकी और व्यावहारिक कमजोरी यह थी कि यह पृथ्वी के ध्रुवों के पास स्थित इलाकों को अत्यधिक बड़ा और भूमध्य रेखा के पास स्थित उष्णकटिबंधीय महाद्वीपों को उनकी वास्तविक क्षमता से काफी छोटा दिखाता था। इसका सबसे बड़ा और चौंकाने वाला परिणाम यह हुआ कि विशालकाय अफ्रीकी महाद्वीप, जो आकार में ग्रीनलैंड से लगभग चौदह गुना बड़ा होने के बावजूद पारंपरिक नक्शों में ग्रीनलैंड से भी छोटा या लगभग बराबर दिखाई देता था। इसी तरह अमेरिका और कई अन्य पश्चिमी और यूरोपीय देश मानचित्र पर अपने वास्तविक क्षेत्रफल से कई गुना ज्यादा विशाल और शक्तिशाली खंड की तरह उभरते थे, जबकि अफ्रीका, दक्षिण एशिया और लैटिन अमेरिका जैसे महत्वपूर्ण भूभागों का आकार बहुत छोटा, संकुचित और सिकुड़ा हुआ पेश किया जाता था। इस प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र के मंच से साफ शब्दों में यह कहा गया है कि नक्शों की यह पुरानी विकृति दुनिया की एक बेहद असंतुलित, पश्चिमी-केंद्रित और भ्रामक छवि बनाती है, जिसे सुधारा जाना आज के आधुनिक और न्यायप्रिय समय की सबसे बड़ी और अनिवार्य मांग बन चुकी है। यद्यपि इस बदलाव से किसी भी देश का वास्तविक भौगोलिक क्षेत्रफल एक इंच भी नहीं बढ़ने जा रहा है, लेकिन सबसे बड़ा और सकारात्मक फर्क यह होगा कि समान-क्षेत्रफल वाले इन नए वैज्ञानिक नक्शों पर भारत और संपूर्ण दक्षिण एशिया यूरोप तथा उत्तरी अमेरिका के मुकाबले कहीं अधिक वास्तविक और न्यायसंगत अनुपात में दिखाई देंगे।वैश्विक कूटनीति, शिक्षा व्यवस्था और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस बड़े बदलाव के क्या होंगे दूरगामी और गहरे प्रभाव।स्कूलों की कक्षाओं, शैक्षणिक पाठ्यक्रमों और समाचारों में अब देश का भौगोलिक वजन और महत्व छोटा या उपेक्षित नहीं लगेगा, बल्कि नई पीढ़ी भूगोल को बिल्कुल सटीक परिप्रेक्ष्य में सीख सकेगी। भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट करते हुए यह दोहराया है कि वह हमेशा से ऐसे नक्शों और वैज्ञानिक पद्धतियों का पुरजोर समर्थन करता है जो महाद्वीपों और देशों का आपसी आकार सही और यथार्थवादी रखें। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघू पुरी ने इस विषय पर अपने विचार रखते हुए बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि नक्शे केवल कागजी टुकड़े नहीं होते, बल्कि वे यह तय करते हैं कि कोई भी समाज भूगोल, अंतरिक्ष और दुनिया के वास्तविक पैमाने को किस नजरिए से समझता है और आत्मसात करता है। यही कारण है कि भारत ने इस प्रस्ताव के मूल इरादे और वैचारिक उद्देश्यों का तहेदिल से स्वागत किया है। उन्होंने अपनी बात को आगे जोड़ते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इसे किसी एक विशेष कार्टोग्राफिक पद्धति या भौगोलिक सॉफ्टवेयर का अंतिम समर्थन नहीं समझा जाना चाहिए, बल्कि यह वैश्विक मानचित्रकला में सुधार की शुरुआत है। आने वाले समय में स्कूल की नई किताबें, सरकारी प्रस्तुतियाँ, डिजिटल मानचित्र और गूगल मैप्स या अन्य नेविगेशन ऐप्स कितनी जल्दी इस बदलाव को अपनाते हैं, यह अब पूरी तरह से विभिन्न सदस्य देशों और संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगा। भौगोलिक न्याय की दिशा में उठाया गया यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए दुनिया को देखने का नजरिया पूरी तरह से बदल देगा और हर देश को वैश्विक मानचित्र पर उसका वास्तविक और गौरवशाली स्थान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:22 pm

दही हांडी उत्सव में बच्चे समेत दो की मौत, मुंबई-ठाणे में 42 'गोविंदा' घायल

महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव के दौरान शनिवार को दर्दनाक हादसों में एक बच्चे सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मुंबई और पड़ोसी ठाणे में मानव पिरामिड बनाते समय कम से कम 42 गोविंदा घायल हो गए.

आज तक 5 Sep 2026 8:22 pm

बेंगलुरु जेल में वार्डन पर जानलेवा हमला, पांच कैदियों ने गला घोंटने का किया प्रयास

बेंगलुरु की परप्पन अग्रहारा केंद्रीय जेल में पांच विचाराधीन कैदियों ने वार्डन मंजूनाथ हावेली पर जानलेवा हमला किया और उनका गला घोंटने की कोशिश की। पुलिस नेहत्या के प्रयास सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया है।

जागरण 5 Sep 2026 8:21 pm

वैश्विक खाद्य कीमतें 2022 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचीं, FAO की चेतावनी से बढ़ी चिंता

दुनिया भर के बाजारों और आम आदमी की रसोई पर महंगाई का एक नया और गहरा संकट मंडराने लगा है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा जारी ताजा और चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में वैश्विक खाद्य कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है और यह सीधा सूचकांक साल 2022 के बाद से अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। खाने-पीने की बुनियादी चीजों के लगातार महंगे होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और आम जनता की जेब पर इसका सीधा असर दिखने लगा है। इस स्थिति ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दुनिया की खाद्य आपूर्ति प्रणाली कितनी संवेदनशील हो चुकी है और जरा सी वैश्वीकृत उथल-पुथल किस तरह से वैश्विक खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।FAO का खाद्य मूल्य सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मचा हड़कंपअंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्यान्न और कृषि उत्पादों के थोक दामों में उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर रखने वाले खाद्य और कृषि संगठन यानी FAO का खाद्य मूल्य सूचकांक अगस्त के महीने में औसतन 133.3 अंक के ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया। अगर इसकी तुलना पिछले महीने यानी जुलाई के 130.8 अंकों से की जाए, तो यह एक महीने के भीतर आई काफी बड़ी और चिंताजनक छलांग है। हालांकि यह बात दीगर है कि वर्तमान आंकड़े रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के तुरंत बाद यानी मार्च 2022 में बने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर से अभी भी लगभग 17 प्रतिशत नीचे हैं, लेकिन अगर नवंबर 2022 के बाद के समय की बात की जाए, तो यह अब तक का सबसे बड़ा सर्वोच्च स्कोर है। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने दुनिया भर के नीति निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और खाद्य आयात करने वाले विकासशील देशों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि इससे घरेलू बाजारों में मुद्रास्फीति के नियंत्रण से बाहर होने का खतरा पैदा हो गया है।जलवायु परिवर्तन, भीषण सूखा और मौसम की मार से तबाह हुई कृषि उपजवैश्विक खाद्य बाजारों में फैली इस मौजूदा अनिश्चितता और आसमान छूती कीमतों के पीछे सबसे बड़ा और प्रमुख खलनायक मौसम का बदलता मिजाज और जलवायु संकट है। इस साल यूरोप के कई प्रमुख कृषि प्रधान देशों में पड़ी भीषण गर्मी और लंबे समय तक चले सूखे ने मक्का, चुकंदर और पशुधन उत्पादन को अंदर से हिला कर रख दिया है। अत्यधिक गर्मी और पानी की कमी के कारण खेतों में फसलें सूख गईं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, मौसम से जुड़ी एक और बड़ी चेतावनी 'अल-नीनो' के मंडराते खतरे ने एशिया महाद्वीप में चिंताएं बढ़ा दी हैं। एशिया में पाम ऑयल और चीनी का उत्पादन करने वाले देशों में अल-नीनो के प्रभाव के चलते पैदावार घटने की गहरी आशंका जताई जा रही है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है। प्रकृति का यह प्रकोप सीधे तौर पर आम आदमी की थाली पर भारी पड़ रहा है।भू-राजनीतिक तनाव और ब्लैक सी क्षेत्र में सप्लाई चेन पर लगे बड़े प्रतिबंधमौसम के अलावा दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष और युद्ध के हालात ने वैश्विक सप्लाई चेन को पूरी तरह से तहस-नहस करके रख दिया है। ब्लैक सी यानी काला सागर के रणनीतिक क्षेत्र में बढ़ते सैन्य हमलों और तनाव के कारण रूस और यूक्रेन से होने वाले अनाज के सुचारू शिपमेंट में भारी रुकावट आई है। दुनिया के ब्रेड-बास्केट के रूप में जाने जाने वाले इस क्षेत्र से गेहूं और अन्य अनाजों का निर्यात रुकने या धीमा होने से वैश्विक बाजारों में खाद्यान्न की भारी कमी पैदा हो गई है। इसके साथ ही, मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बने तनाव और प्रतिबंधों के कारण फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी माने जाने वाले रासायनिक उर्वरकों की सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ा है। खाद और उर्वरक महंगे होने या समय पर न मिलने से किसानों की लागत बढ़ गई है, जिसका असर फसल के अंतिम बाजार मूल्य पर साफ दिखाई दे रहा है।ब्राजील में चीनी का उत्पादन घटने से वैश्विक स्तर पर मंडराया मीठे का संकटखाद्य पदार्थों की इस वैश्विक महंगाई में चीनी और मीठे उत्पादों ने सबसे बड़ा उछाल दर्ज किया है। दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक देशों में शुमार ब्राजील के मुख्य चीनी उत्पादक क्षेत्रों में इस बार मौसम की खराबी और अन्य कारणों से उत्पादन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ब्राजील में पैदावार घटने से वैश्विक स्तर पर चीनी की भारी किल्लत और कृत्रिम तंगी की स्थिति बन गई है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसके दाम आसमान छूने लगे हैं। FAO के विस्तृत आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि अगस्त के महीने में केवल एक या दो नहीं, बल्कि लगभग सभी प्रमुख खाद्य श्रेणियों—चाहे वह अनाज हो, वनस्पति तेल हो, चीनी हो, मांस हो या फिर डेयरी उत्पाद हों—की कीमतों में एक साथ बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई का एक चक्रवात सा आ गया है।प्रमुख खाद्य श्रेणियों में भारी तेजी, अनाज और चीनी की कीमतों ने तोड़े रिकॉर्डFAO की रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त महीने में विभिन्न खाद्य क्षेत्रों की स्थिति बेहद डराने वाली रही है। सबसे पहले बात अगर अनाज की करें, तो वैश्विक अनाज मूल्य सूचकांक में मासिक आधार पर 2.2 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो सीधे तौर पर मई 2024 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। वहीं दूसरी ओर, चीनी के अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में तो भूचाल आ गया है और इसमें एक ही महीने में 11.9 प्रतिशत का भारी-भरकम उछाल रिकॉर्ड किया गया है, जो जून 2025 के बाद सबसे अधिक है। इसके अलावा, रोजमर्रा के खान-पान में इस्तेमाल होने वाला वनस्पति तेल सूचकांक भी 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ जून 2022 के बाद के सबसे ऊंचे मुकाम पर पहुंच गया है। इन सभी आंकड़ों से यह साफ हो जाता है कि महंगाई अब किसी एक वस्तु तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने पूरी खाद्य श्रृंखला को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।मैक्सिमो टोरेरो की चेतावनी, भविष्य में और अधिक सीमित हो सकती है खाद्य आपूर्तिसंयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो ने इस पूरी स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि जलवायु संकट के लगातार गहरे होते प्रभाव और दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक खाद्य बाजारों में जोखिम लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में दुनिया भर में खाद्यान्न की सप्लाई और अधिक सीमित हो जाएगी, जिससे गरीब और विकासशील देशों में भुखमरी और कुपोषण का संकट पैदा हो सकता है। सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को मिलकर ऐसी रणनीति बनानी होगी जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से कृषि को बचा सके और युद्ध प्रभावित सप्लाई चेन को वैकल्पिक रास्तों से बहाल कर सके, अन्यथा आने वाले महीने आम उपभोक्ता के लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण साबित होने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:21 pm

15+ गोलियां दागी और फिर हो गए फरार... नरेला प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का CCTV फुटेज

मामला 3 सितंबर की सुबह करीब 6:50 बजे का है. 42 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद कुमार जिम से वापस लौट रहे थे. तभी दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर कई राउंड फायरिंग कर दी.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 8:20 pm

15 रुपये के आलू-मिर्च से बनाएं मसालेदार सब्जी, स्वाद कर देगा दीवाना

Aloo Mirch Masala Sabji: रोज की आलू की सब्जी से बोर हो गए हैं तो इस बार ट्राई करें शेफ रणवीर बरार की खास आलू-मिर्च मसाला सब्जी. आलू, भावनगरी मिर्च, टमाटर और कुछ मसालों से तैयार होने वाली ये सब्जी स्वाद में बेहद लाजवाब है. जानें कम इंग्रेडिएंट्स में मसालेदार और स्वादिष्ट सब्जी बनाने की आसान रेसिपी, साथ ही वो खास कुकिंग ट्रिक जो साधारण आलू-मिर्च की सब्जी को भी बना देगी बेहद खास.

आज तक 5 Sep 2026 8:18 pm

लाइबेरिया के अभ्यारण्य में हेपेटाइटिस बी टीके के परीक्षण वाले चिंपांजियों की हो रही व्यापक स्वास्थ्य जांच

लाइबेरिया की धरती पर दशकों पहले हुए चिकित्सा इतिहास के एक बड़े और संवेदनशील अध्याय की गूंज आज भी सुनाई दे रही है। पश्चिमी अफ्रीका के इस देश में दशकों पुराने हेपेटाइटिस बी के टीकों के परीक्षण का शिकार बने चिंपांजियों के एक विशेष समूह की सेहत पर इन दिनों वैज्ञानिक और पशु कल्याण विशेषज्ञ विशेष रूप से नजर रख रहे हैं। यह पूरी कवायद केवल एक सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का गहराई से आकलन करने का प्रयास है कि चिकित्सा अनुसंधान के इन कड़े और दर्दनाक दौरों से गुजरने वाले बेजुबान जीवों के शरीर और मानस पर दीर्घकालिक रूप से क्या प्रभाव पड़े हैं। जब इन चिंपांजियों को प्रयोगशाला के पिंजरों से निकालकर सामान्य जीवन का दूसरा अवसर दिया गया, तो उनके व्यवहार, शारीरिक क्षमता और आंतरिक स्वास्थ्य में किस प्रकार के बदलाव आए, इन सभी पहलुओं को वैज्ञानिक रूप से समझने का प्रयास किया जा रहा है।ह्यूमेन वर्ल्ड फार एनिमल्स के अभ्यारण्य में शुरू हुआ व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण अभियानइस ऐतिहासिक और मानवीय पहल की कमान 'ह्यूमेन वर्ल्ड फार एनिमल्स' के प्रतिष्ठित सेकेंड चांस चिंपांजी रिफ्यूज ने संभाल रखी है। इस अभ्यारण्य में इन दिनों पश्चिम अफ्रीकी चिंपांजियों के स्वास्थ्य का विस्तृत और व्यापक मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि उनकी शारीरिक स्थिति की सटीक तस्वीर सामने आ सके। चूंकि चिंपांजियों का स्वभाव और शारीरिक बल बेहद मजबूत होता है, इसलिए उनकी सुरक्षा और पशु चिकित्सकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस व्यापक जांच प्रक्रिया के दौरान उन्हें सुरक्षित तरीके से एनेस्थीसिया दिया जाता है। बेहोशी की इस स्थिति में मेडिकल एक्सपर्ट्स की टीम उनके संपूर्ण शरीर की गहनता से जांच करती है। इस पूरी मेडिकल प्रक्रिया में उनके दांतों की पेशेवर तरीके से सफाई, हड्डियों और आंतरिक अंगों के एक्स-रे के साथ-साथ हृदय की कार्यप्रणाली, फेफड़ों की क्षमता, नर्वस सिस्टम और खून के नमूनों की प्रयोगशाला में विस्तृत जांच शामिल है। इस वैज्ञानिक पद्धति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दशकों पहले झेले गए टीकों के दुष्प्रभावों का पता लगाया जा सके और उन्हें भविष्य के लिए बेहतर चिकित्सा सुरक्षा प्रदान की जा सके।उम्र बढ़ने के साथ आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और बीमारियों की समय रहते हो रही पहचानजैसे-जैसे ये चिंपांजी अपनी उम्र के एक बड़े पड़ाव और बुढ़ापे की ओर बढ़ रहे हैं, उनके शरीर में कई प्रकार की उम्र से जुड़ी बीमारियां और परेशानियां घर करने लगी हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम इन चिंपांजियों में उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियों के शुरुआती और सूक्ष्म संकेतों की समय रहते पहचान करने में जुटी हुई है। हर एक चिंपांजी के पिछले मेडिकल इतिहास और वर्तमान शारीरिक स्थिति का बारीकी से अध्ययन करने के बाद उनके लिए एक अलग और व्यक्तिगत देखभाल की योजना तैयार की जा रही है। अभ्यारण्य के भीतर इन वन्यजीवों को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए नियमित रूप से बूस्टर टीके लगाए जाते हैं, जो उनके कमजोर हो चुके प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूती प्रदान करते हैं। इसके अलावा, उनकी शारीरिक सुगमता और स्वास्थ्य स्वच्छता का ध्यान रखते हुए समय-समय पर उनके नाखून भी काटे जाते हैं। प्रबंधन की योजना यह है कि इस चरणबद्ध स्वास्थ्य जांच अभियान के तहत अभ्यारण्य में रह रहे बाकी सभी चिंपांजियों की भी इसी तरह से व्यापक चिकित्सा जांच पूरी की जाए, ताकि किसी भी छिपी हुई बीमारी का तुरंत इलाज किया जा सके।1970 से 2000 के बीच अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा किए गए थे लगभग 400 चिंपांजियों पर परीक्षणइस पूरे मामले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो यह दर्दनाक सिलसिला आज से कई दशक पहले शुरू हुआ था। अभ्यारण्य की निदेशक लिलियाना पचेको रिकोटे के अनुसार, वर्ष 1970 से लेकर 2000 के लंबे अंतराल के दौरान लाइबेरिया के इन क्षेत्रों में अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा लगभग 400 चिंपांजियों पर हेपेटाइटिस बी और अन्य चिकित्सा टीकों के बड़े पैमाने पर परीक्षण किए गए थे। उस दौर में इन वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए कई चिंपांजियों को बेहद कम उम्र में ही पकड़ लिया गया था और उन्हें इन परीक्षणों का हिस्सा बनना पड़ा था। दशकों तक चली इस शोध प्रक्रिया के बाद, मानवीय संगठनों और पशु अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष के परिणामस्वरूप वर्ष 2015 में इस संस्था को उन तमाम शोध कार्यों से किसी तरह बचे हुए शेष 60 चिंपांजियों की स्थायी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्तमान में इनमें से अधिकांश चिंपांजी प्रकृति के सुंदर और शांत वातावरण से घिरे मैंग्रोव जंगलों के बीच बने एक सुरक्षित द्वीप पर स्थित अभ्यारण्य में स्वतंत्र और सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जहां उन्हें इंसानी दखल से दूर एक बेहतर प्राकृतिक आवास मिल रहा है।वन्यजीव अनुसंधान के इतिहास में चिकित्सा परीक्षणों और उनके दीर्घकालिक प्रभावों का अध्ययनयह पूरा अभियान न केवल एक अभ्यारण्य के स्तर पर चलने वाला स्वास्थ्य परीक्षण है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर वन्यजीव अनुसंधान, चिकित्सा नैतिकता और प्रयोगशालाओं में उपयोग किए जाने वाले जानवरों के पुनर्वास से जुड़ा एक बहुत बड़ा और गंभीर विषय है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में जब कभी भी टीकों या दवाओं का विकास होता है, तो उसका शुरुआती चरण जानवरों पर परीक्षण के जरिए ही पूरा किया जाता है, लेकिन परीक्षण समाप्त होने के बाद उन बेजुबान जीवों की सुध लेने वाले बहुत कम लोग होते हैं। लाइबेरिया के इस सेकेंड चांस रिफ्यूज ने उन उपेक्षित जीवों को न केवल एक नया जीवन दिया है, बल्कि यह साबित कर दिया है कि वैज्ञानिक प्रगति की कीमत चुकाने वाले इन प्राणियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी तब भी खत्म नहीं होती जब अनुसंधान समाप्त हो जाता है। चिकित्सा जगत के विशेषज्ञ इन चिंपांजियों पर हो रहे इस अध्ययन के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि दशकों पुराने वायरल टीकों का प्राइमेट्स यानी वानर प्रजाति के शरीर पर किस प्रकार का दीर्घकालिक और आणविक प्रभाव पड़ता है, जो भविष्य के चिकित्सा विज्ञान के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:17 pm

नेपाल में करिश्मा! जिसकी हुई अंत्येष्टि, 10 दिन बाद वो मलबे से जिंदा निकली

नेपाल में तबाही के बीच 13 हजार लोगों को अब तक जिंदा बचाया गया है. शनिवार को एक 60 वर्षीय महिला को बिदुर के चार मंजिला घर की सबसे उपरी मंजिल से जिंदा बाहर निकाला गया. वे पिछले 10 दिनों से मलबे में फंसी हुई थी.

आज तक 5 Sep 2026 8:17 pm

Teachers Day पर Delhi Government ने 118 शिक्षकों को दिया राजकीय पुरस्कार

नयी दिल्ली, पांच सितंबर दिल्ली सरकार ने शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर करीब 118 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को राजकीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार स्कूलों में बुनियादी ढांचे और पाठ्यक्रम से जुड़ी कमियों को दूर कर शहर की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए काम कर रही है। त्यागराज स्टेडियम में शिक्षक महाकुंभ अवॉर्ड कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद शिक्षा को नयी ऊंचाइयों तक ले जाना है, लेकिन इसकी शुरुआत स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने से करनी होगी। गुप्ता ने कहा, हम शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं और काफी प्रगति करना चाहते हैं, लेकिन पिछली सरकारों ने 12 साल में कुछ नहीं किया। इसलिए सत्ता में आने के बाद हमें बहुत निचले स्तर से काम शुरू करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों में शौचालयों की मरम्मत, पानी की सुविधाएं उपलब्ध कराने, रखरखाव, सफेदी और अन्य जरूरी मरम्मत कार्यों पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, कई स्कूलों में शौचालयों की स्थिति बहुत खराब थी। एक बार मैं एक बहुत अच्छे और प्रतिष्ठित स्कूल के निरीक्षण के लिए गई थी, जिसका पिछली सरकारें काफी तारीफ करती थीं। वहां मैंने देखा कि शौचालय में दरवाजा तक नहीं था। हमारी छात्राएं उसका इस्तेमाल कैसे करती होंगी? मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सरकार पाठ्यक्रम और शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री आशीष सूद इन मुद्दों पर लगातार काम कर रहे हैं और सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज की मज़बूत नींव होते हैं और वे न केवल किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि छात्रों में संस्कार, कौशल, आत्मविश्वास, कर्तव्य-बोध और सही दिशा भी विकसित करते हैं। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,148 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के और संवाद कौशल को मजबूत करने के लिए स्कूलों में 170 आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 70 मुख्यमंत्री श्री स्कूलों में और 100 अन्य सरकारी स्कूलों में बनाई जाएंगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि हजारों शिक्षकों के अथक प्रयास और समर्पण ने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का उद्देश्य केवल बच्चों को स्कूल तक लाना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सीखने, समझ और क्षमताओं के लिए तैयार करना था। दिल्ली सरकार इस नीति को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। सूद ने कहा कि शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 10,417 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। एक बयान के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों में कुल 118 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें 20 स्कूल प्रमुख, शिक्षा निदेशालय और नगर निगम (एमसीडी) स्कूलों के 69 शिक्षक तथा तीन मुख्यमंत्री श्री स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा पुस्तकालयाध्यक्षों, विशेष शिक्षकों और खेल शिक्षकों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 8:17 pm

Jhiram Ghati Maoist Attack में 11 साल बाद न्याय, NIA Court ने 10 आरोपियों को ठहराया दोषी

छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले की एक विशेष NIA अदालत ने शनिवार को 2013 के झीरम घाटी माओवादी हमले के मामले में सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया। इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 29 लोग मारे गए थे। वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसा की सबसे घातक घटनाओं में से एक यह हमला 25 मई, 2013 को हुआ था, जब माओवादियों ने बस्तर जिले के दरभा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत झीरम घाटी में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस की 'परिवर्तन रैली' पर घात लगाकर हमला किया था। इसे भी पढ़ें: Jhiram Ghati Naxal Attack: विशेष NIA Court ने सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान जगदलपुर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी अदालत के विशेष न्यायाधीश अभय सिंह राजपूत ने 2 महिलाओं सहित 10 आरोपियों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि सजा की मात्रा पर आदेश 16 सितंबर के लिए सुरक्षित रखा गया है और कहा कि मुकदमे के दौरान 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। चौधरी ने कहा हम फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। हमें अभी तक फैसले की प्रति नहीं मिली है। हम इसे प्राप्त करने के बाद अपील का आधार बता पाएंगे। इसे भी पढ़ें: Red Fort धमाके के नाम पर डराया, Delhi के बुजुर्ग जोड़े से Cyber Fraud में 30 Lakhs ठगे सुरक्षा बल इसे वामपंथी हिंसा की सबसे बुरी घटना मानते हैं ध्यान देने वाली बात है कि सुरक्षा बलों ने झीरम घाटी हमले को वामपंथी हिंसा की सबसे बुरी घटनाओं में से एक माना है। यह घटना 25 मई 2013 को हुई थी, जब माओवादियों ने बस्तर ज़िले के दरभा पुलिस स्टेशन इलाके में झीरम घाटी में नेशनल हाईवे पर कांग्रेस नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। कुछ कांग्रेस नेता 'परिवर्तन रैली' में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। हमले में मारे गए लोगों में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे, जिनमें तत्कालीन राज्य कांग्रेस प्रमुख नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश, विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्या चरण शुक्ल और पूर्व विधायक उदय मुदलियार शामिल थे। कई आम नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 8:15 pm

PAK नापाक हरकत करता है तो सेना घर में घुसकर मारती है: SRCC में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

दिल्ली स्थित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स अपनी सौवीं वर्षगांठ मना रहा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। उन्होंने कहाकि यहां से पढ़कर निकले लोग हर तरफ धूम मचा रहे हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 8:12 pm

मिस वर्ल्ड में भारतीय सुंदरी का जलवा, निकिता ने बनाई टॉप 40 में जगह

Miss World 2026 Grand Finale में भारत की निकिता पोरवाल ने टॉप 40 में जगह बनाकर देश का मान बढ़ाया. फिनाले के दौरान वह ब्लश पिंक फ्लोरल गाउन में नजर आईं. फूलों की खूबसूरत कारीगरी, मरमेड सिल्हूट और ग्लैमरस अंदाज में निकिता ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा.

आज तक 5 Sep 2026 8:12 pm

Maruti का धमाका, लॉन्च की नई Baleno, इतने रुपये है कीमत

मारुति सुजुकी बलेनो फेसलिफ्ट लॉन्च हो गई है. कंपनी पिछले कई दिनों से इस कार को टीज कर रही थी. नई बलेनो में कंपनी ने नया इंजन दिया है. बलेनो फेसलिफ्ट में मारुति सुजुकी ने सेफ्टी फीचर्स को अपडेट किया है. इसमें ADAS और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे कई नए फीचर्स दिए गए हैं. आइए जानते हैं इस कार में क्या कुछ होने वाला है.

आज तक 5 Sep 2026 8:11 pm

सुभाष चंद्रा पर CBI का शिकंजा: ₹59,000 करोड़ की Net Worth निकली फर्जी? LICHFL को लगा करोड़ों का चूना

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (LICHFL) से लोन लेने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई नेट वर्थ के सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया। बाद में ये लोन डिफ़ॉल्ट हो गए, जिससे लोन देने वाली कंपनी को कथित तौर पर 1,322 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ। यह घटनाक्रम तब हुआ है, जब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने एक अलग पर्सनल इनसॉल्वेंसी मामले में चंद्रा के 6.25 करोड़ रुपये के रीपेमेंट प्लान पर रोक लगा दी थी। सीबीआई का मामला 2018 में कुल 980 करोड़ रुपये की दो क्रेडिट सुविधाएँ पाने के लिए जमा किए गए सर्टिफ़िकेट पर आधारित है। एक सर्टिफ़िकेट में चंद्रा की नेट वर्थ 59,113 करोड़ रुपये बताई गई थी। हालाँकि, बाद में दिवालियापन की कार्यवाही के दौरान, उन्होंने कथित तौर पर कहा कि 2024 में उनकी नेट वर्थ सिर्फ़ 31.79 करोड़ रुपये थी। इसे भी पढ़ें: Mayawati ने GDP आंकड़ों पर उठाए सवाल, केंद्र से संदेह दूर करने की मांग की LICHFL का आरोप है कि ये दो लोन चंद्रा द्वारा दी गई नेट वर्थ सर्टिफ़िकेट और पर्सनल गारंटी के आधार पर मंज़ूर और जारी किए गए थे। ₹500 करोड़ की पहली सुविधा 'वसंत सागर प्रॉपर्टीज़ प्राइवेट लिमिटेड' को दी गई थी, जिसमें 'पैन इंडिया इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' सह-उधारकर्ता (co-borrower) थी। टेकओवर, टॉप-अप और बिज़नेस के विस्तार के लिए मंज़ूर किए गए इस लोन के लिए 28 मार्च, 2018 को चंद्रा द्वारा दी गई एक 'कंटीन्यूइंग गारंटी' (लगातार बनी रहने वाली गारंटी) का आधार लिया गया था। शिकायत के अनुसार, उसी दिन DIM & Co द्वारा जारी एक सर्टिफ़िकेट में चंद्रा की नेट वर्थ ₹59,113 करोड़ बताई गई थी। 480 करोड़ रुपये की दूसरी सुविधा 'डिजिटल सब्सक्राइबर मैनेजमेंट एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' को दी गई, जिसमें 'स्पिरिट इंफ्रा पावर एंड मल्टी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' सह-उधारकर्ता (co-borrower) थी। इसे रेंटल सिक्युरिटाइजेशन स्कीम के तहत मंज़ूरी दी गई थी और इसे चंद्रा की लगातार गारंटी का भी समर्थन प्राप्त था। इसे भी पढ़ें: Shiv Sena Case: SC में शिंदे गुट की दलील, कहा- Uddhav Thackeray ने पार्टी को बनाया 'निजी जागीर' LICHFL ने कहा कि दूसरा लोन आंशिक रूप से एक अन्य प्रमाण-पत्र के आधार पर मंज़ूर किया गया था, जिसे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स MPJ & Co ने 6 जुलाई, 2018 को जारी किया था; इस प्रमाण-पत्र में चंद्रा की कुल संपत्ति (net worth) 40,562 करोड़ रुपये बताई गई थी। बाद में दोनों लोन डिफ़ॉल्ट हो गए।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 8:09 pm

UP के हापुड़ में स्टार्ट कार लेकर फरार हुआ बदमाश, मचा हड़कंप!

हापुड़ के बुलंदशहर रोड पर कार लूट की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया. पीड़ित अकरम के मुताबिक, वह बच्चों के लिए मिठाई लेने कार से उतरे थे और उनका वर्कर वकार अंदर बैठा था. इसी दौरान एक व्यक्ति कार लेकर फरार हो गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. घटना की वास्तविकता जांच के बाद साफ होगी.

आज तक 5 Sep 2026 8:07 pm

PM Modi का SRCC शताब्दी समारोह में संबोधन: आपके छात्र OGs हैं, हर क्षेत्र में मचाई धूम!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली में श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया और उसे संबोधित किया। शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि आज का मौका श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के लिए बहुत ऐतिहासिक है। यह देश के शिक्षा क्षेत्र के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। SRCC से जुड़ी कई पीढ़ियां यहां एक साथ आई हैं। मैं आप सभी को SRCC के शताब्दी समारोह पर बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि अपनी 100 वर्षों की इस यात्रा में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स ने पीढ़ियों को गढ़ा है, उन्हें उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा है। जो आए उन्होंने पढ़ा, जो निकले वो गढ़े हुए निकले। इसे भी पढ़ें: BJP ने Telangana में Konda Surekha की बर्खास्तगी पर Congress को घेरा मोदी ने कहा कि आज भी, जब दिल्ली यूनिवर्सिटी में कोई पूछता है कि आप किस कॉलेज से हैं, तो बस SRCC कह देना ही काफ़ी होता है। सिर्फ़ SRCC कहना ही अपने आप में एक बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि SRCC के पूर्व छात्र भी बहुत खास रहे हैं। आपकी भाषा में कहूँ तो यहाँ के पूर्व छात्र 'OGs' (असली दिग्गज) हैं। उन्होंने दुनिया भर में SRCC का नाम रोशन किया है और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। मोदी ने कहा कि हमारे अरुण जेटली जी ने यहीं पढ़ाई की थी। और मैं कह सकता हूँ कि शायद ही हमारी कोई ऐसी मुलाकात हुई हो जिसमें उन्होंने SRCC के दिनों का कोई किस्सा न सुनाया हो। कभी-कभी तो मैं थक भी जाता था क्योंकि वे मुझे वही किस्सा बार-बार सुनाते थे। आज भी, संजीव सान्याल, जो मेरी टीम का हिस्सा हैं, SRCC के ही पूर्व छात्र हैं। हमारे कई और साथी भी हैं जिन्होंने यहीं पढ़ाई की है। और ऐसा नहीं है कि SRCC से सिर्फ़ अर्थशास्त्र की दुनिया के लोग ही निकले हैं। कलाकारों से लेकर राजनेताओं, वकीलों और जजों तक, हर क्षेत्र के लोग यहाँ से निकले हैं। उन्होंने कहा कि SRCC के छात्र धुरंधर न सही, लेकिन छात्रों ने हर क्षेत्र में धूम मचाई है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में इस कार्यक्रम, खासकर 2013 में मेरे भाषण की काफी चर्चा हुई है। लोगों ने इसे याद किया, दोबारा सुना और फिर से पढ़ा। हो सकता है कि नई पीढ़ी के लोगों ने भी इसे देखा हो। एक तरह से, मैं कह सकता हूं कि उस भाषण ने एक लहर पैदा कर दी थी। एक लहर सी दौड़ गई थी और आज भी, 13-14 साल बाद, उस सभा और उस भाषण का असर बना हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि शायद लोग उम्मीद कर रहे थे कि वह तत्कालीन केंद्र सरकार पर लंबा और कड़ा हमला करेंगे और उन पर कई आरोप लगाएंगे। उन्होंने कहा, शायद लोग उम्मीद कर रहे थे कि मैं तत्कालीन केंद्र सरकार पर लंबा और कड़ा हमला करूंगा और उन पर कई आरोप लगाऊंगा। लेकिन, भले ही मैं विपक्ष में था और उस समय की सरकार की आलोचना करता था, मैंने इस मंच का इस्तेमाल उस मकसद के लिए नहीं किया। मैंने एक विज़न पेश किया। मैंने सकारात्मक बातें कहीं। मैंने जो कुछ भी कहा, वह मेरा पक्का विश्वास था। मैंने हमेशा उन विचारों और सपनों को जिया है। मैं उसी रास्ते पर चलता रहा, पूरे दिल से देश के लिए खुद को समर्पित करता रहा और देश के लिए जीने का जज़्बा बनाए रखा... उस समय, आप सभी शायद स्कूल में रहे होंगे। लेकिन आज, अगर आप इंटरनेट पर जाकर 2013 और उस दौर की खबरें पढ़ेंगे, तो आपको अंदाज़ा हो जाएगा कि तब हालात कैसे थे।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 8:06 pm

करीमनगर में KTR के काफिले का भीषण Road Accident, ट्रक की टक्कर के बाद बाल-बाल बचे BRS नेता

करीमनगर में एक जनसभा में जाते समय BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव की कार को एक लॉरी ने छू लिया, लेकिन वे बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई। यह घटना तब हुई जब KTR अलगुनूर में रुके, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे अपनी कार में लौटे और अपनी यात्रा जारी रखी। तभी साथ चल रही एक लॉरी ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी, जिससे कार का एक दरवाज़ा क्षतिग्रस्त हो गया। उस समय KTR कार के अंदर ही थे, लेकिन उन्हें कोई चोट नहीं आई। यह घटना KTR को ले जाने वाले या उनके काफिले में चल रहे वाहनों से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं की कड़ी में सबसे ताज़ा मामला है। पिछले महीने, जनगाँव ज़िले में स्टेशन घनपुर के पास उनके काफ़िले की दो कारें आपस में टकरा गईं, क्योंकि काफ़िले ने अचानक ब्रेक लगाया था। इसे भी पढ़ें: 10 मिनट के टी ब्रेक ने बचा ली 28 लोगों की जान! Nepal से लौटे तीर्थयात्रियों ने सुनाई खौफनाक कहानी पीछे चल रही दोनों गाड़ियों को आगे और पीछे से नुकसान पहुँचा। उनमें से एक गाड़ी में सवार BRS MLC शम्भीपुर राजू के हाथ में मामूली चोट आई और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। KTR ने काफ़िला रुकवाया और राजू का हाल-चाल जाना, जिसके बाद नेता कन्नपल्ली के लिए अपनी यात्रा पर आगे बढ़े। नवंबर 2023 में KTR और BRS के अन्य नेता एक खुली गाड़ी में प्रचार कर रहे थे, तभी ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया। सुरक्षा रेलिंग टूट गई, जिससे कुछ नेता गिर पड़े। KTR ज़मीन पर नहीं गिरे, लेकिन BRS नेता और राज्यसभा सांसद सुरेश रेड्डी गिर गए। बाद में KTR ने कहा कि उन्हें चोट नहीं आई है और उन्होंने अपना तय रोड शो जारी रखा।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 8:04 pm

कांग्रेस और CJP समर्थकों के बीच क्रेडिट वॉर; युवाओं को अपने पाले में लाने की होड़

यह टकराव उस समय और बढ़ गया, जब कथित हिंदुत्व इंफ्लूएंसर स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े मामले में कार्रवाई हुई। भारद्वाज को शनिवार को छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 8:02 pm

गंगा के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता... पटना समेत 6 जिलों में बाढ़ का खतरा

बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है. पटना के गांधीघाट और पंडारक में अत्यंत गंभीर बाढ़ की स्थिति (Extreme Flood Situation) बनी हुई है. गांधीघाट पर गंगा पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) पार कर चुकी है. 6 सितंबर की सुबह तक जलस्तर 50.62 मीटर पहुंचने का अनुमान है.

आज तक 5 Sep 2026 8:02 pm

दंगल: सहारनपुर मस्जिद को लेकर कानूनी पक्ष को मानेंगे विपक्षी दल?

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बनी एक मस्जिद को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया है... प्रशासन का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने सरकारी जमीन पर बने इस ढांचे को अवैध घोषित करते हुए इसे हटाने का आदेश दिया था और अपील खारिज होने के बाद कार्रवाई की गई। वहीं विपक्ष ने इस कार्रवाई के समय और मंशा पर सवाल उठाए हैं. देखें...

आज तक 5 Sep 2026 8:02 pm

Kerala Congress MLA Ramya Haridas से झड़प मामले में MM Hassan करेंगे जांच

तिरुवनंतपुरम, पांच सितंबर केरलम में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने तिरुवनंतपुरम जिले के चिरायिनकीझु में विधायक रम्या हरिदास और पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की जांच के आदेश दिये हैं। इस बीच, दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। हरिदास ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने उन पर हमला किया और उन्हें धमकी दी जबकि जिला पंचायत सदस्य सजीत मुत्तमबलम तथा पार्टी नेता सजाद ने दावा किया कि विधायक व उनके सहयोगियों ने एक व्हॉट्सऐप पोस्ट को लेकर उनसे सवाल-जवाब किया, जिसके बाद चिरायिनकीझु में उनकी झड़प हो गई। केरलम में कांग्रेस की दलित महिला चेहरा हरिदास शुक्रवार रात हुई घटना में कथित तौर पर घायल हो गईं और उन्होंने चिरायिनकीझु तालुक अस्पताल में इलाज कराया। पुलिस ने बताया कि हरिदास के बयान के आधार पर सजीत और सजाद समेत कांग्रेस के सात कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सजाद की शिकायत पर शुरुआती जांच के बाद एक अलग मामला दर्ज किया गया। इस घटना से पार्टी असहज स्थिति में आ गई और केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) प्रमुख सनी जोसेफ ने मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और अन्य वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरा के बाद वरिष्ठ नेता एमएम हसन को इस मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी। बताया जा रहा है कि यह विवाद विधायक, निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुई प्रखंड पंचायत समिति की बैठक में हरिदास के कर्मचारी पलायम प्रदीप के शामिल होने से जुड़ा है। हरिदास ने कहा कि प्रदीप उनके निजी सहायक के रूप में काम कर रहे हैं जबकि सजाद ने इससे इनकार करते हुए दावा किया कि विधायक के निजी सहायक विमल नाम के एक अन्य व्यक्ति हैं। हरिदास ने पत्रकारों को बताया कि हाल में क्षेत्र में एक बैंक का चुनाव हुआ था, जिसमें कांग्रेस के सदस्य तीन अलग-अलग पैनल से चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने किसी भी पैनल के सम्मेलन में शामिल होने से इनकार कर दिया क्योंकि मैं यह संदेश नहीं देना चाहती थी कि मैं किसी एक गुट का समर्थन कर रही हूं।’’हरिदास ने आरोप लगाया कि इसके बाद सजाद ने व्हॉट्सऐप और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कई बार नकारात्मक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने उनसे इन पोस्ट के बारे में पूछा तो सजाद ने कहा कि उन्होंने सजीत और विश्वनाथन के कहने पर ऐसा किया था।’’हरिदास ने कहा कि बाद में सजाद ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्हें अपने घर बुलाया और वह कुछ अन्य लोगों के साथ वहां गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद सजीत, अदीश, बिनॉय और कई अन्य लोग भी वहां पहुंचे तथा सजीत ने आक्रामक व्यवहार करते हुए उन्हें धमकी दी। हरिदास ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि उन्होंने हमें इस तरह बर्बाद करने की साजिश रची थी।’’उन्होंने आरोप लगाया कि सजीत ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि वह जिस रास्ते से आई हैं, उस रास्ते से वापस जाने के लिए उनके पैर नहीं बचेंगे। हालांकि, सजाद ने घटना के बारे में अलग दावा किया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने पार्टी के एक व्हॉट्सऐप समूह में सवाल किया कि प्रदीप प्रखंड पंचायत समिति की बैठक में क्यों शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘हरिदास के विधायक बनने के बाद से प्रदीप निर्वाचन क्षेत्र में अनुचित रूप से प्रभाव डाल रहे हैं और हमने बैठक में उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाया था।’’सजाद ने कहा कि शुक्रवार शाम करीब चार बजे उनके संदेश पोस्ट करने के बाद हरिदास, प्रदीप और कई अन्य लोग रात में उनकी चिकन की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन लोगों ने उनकी पत्नी एवं बेटी से मिलने की मांग की और फिर उन्हें दुकान से जबरन उनके घर ले जाया गया। सजाद ने कहा कि सजीत समेत कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेता पहले से ही पास के एक चौराहे पर मौजूद थे और उनके घर जाते समय वे भी साथ आ गए। उन्होंने कहा, ‘‘घर पहुंचने के बाद प्रदीप ने अपना मोबाइल फोन निकाला और मेरी बेटी से व्हॉट्सऐप पोस्ट जोर से पढ़ने को कहा। जब मैंने इसका विरोध किया तो हरिदास ने प्रदीप का समर्थन किया।’’सजाद ने दावा किया कि इसके बाद तीखी बहस हुई और सजीत ने इस घटना को लेकर विधायक से सवाल किया। घटना के सामने आए वीडियो में हरिदास वहां मौजूद कुछ लोगों के साथ बहस करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में उन्हें ‘‘मेरा हाथ छोड़ो’’ कहते और ‘‘तुम कौन हो?’’ जैसे सवाल करते सुना जा सकता है। सजाद ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई दे रही झड़प उस समय हुई जब हरिदास घटना की रिकॉर्डिंग कर रहे व्यक्ति की ओर बढ़ीं। उन्होंने हरिदास के इस दावे से इनकार किया कि उन्हें इस मामले पर चर्चा के लिए चाय पर उनके घर बुलाया गया था। इसके बजाय सजाद ने आरोप लगाया कि हरिदास और उनके सहयोगी व्हॉट्सऐप पोस्ट को लेकर उनसे सवाल-जवाब करने के बाद उनके घर पहुंचे थे। सजाद ने कहा कि उन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए शिकायत दी है और उनकी पत्नी ने भी शिकायत दर्ज कराई है। केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि पार्टी इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘मामले की गंभीरता को समझते हुए, हम सभी ने- मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और कार्यकारी अध्यक्षों ने आपस में बातचीत की और पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष एमएम हसन को तुरंत जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है। मैंने उनसे फोन पर बात की।’’जोसेफ ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर संगठनात्मक मामलों के प्रभारी महासचिव नेय्याट्टिनकारा सनल से भी बात की है। उन्होंने कहा, ‘‘जांच की प्रक्रिया कल (रविवार) से ही शुरू हो जाएगी। अनुशासन तोड़ने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त संगठनात्मक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 8:02 pm

IND vs PAK: भारत-पाक कप्तानों के बीच नहीं हुआ हैंडशेक

भारत और पाकिस्तान के बीच महिला एशिया कप के एक अहम मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीत लिया है. पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है.

आज तक 5 Sep 2026 8:01 pm

शिक्षा में राजनीति का कोई स्थान नहीं : सीएम योगी

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कि शिक्षा में राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। राजनीति के चश्मे से देखने वालों को 2017 के बाद प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आया आमूलचूल परिवर्तन दिखाई नहीं देगा। उन्होंने प्रदेशभर के शिक्षकों का ...

वेब दुनिया 5 Sep 2026 7:58 pm

केरल में कांग्रेस की दलित विधायक राम्या हरिदास के साथ मारपीट, पार्टी कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज; बीजेपी ने साधा निशाना

भाजपा ने कांग्रेस पर महिलाओं के सम्मान और भागीदारी पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। केरल में दलित विधायक राम्या हरिदास पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट और झारखंड में प्रश्नपत्र चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा गया।

जागरण 5 Sep 2026 7:57 pm