Chandra Shekhar Azad Jayanti 2026: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चन्द्रशेखर आजाद का नाम अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने बहुत कम उम्र में अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष का मार्ग चुना और अपने पूरे जीवन को ...
दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन पर राजनीतिक विवाद अब और तेज हो गया है। एक तरफ विपक्ष जहां छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर आपत्ति जताई है। इसी बीच भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के पास किए गए धरने को लेकर निशाना साधा है।
दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के साथ नेता विपक्ष राहुल गांधी के घरने प्रदर्शन की गूंज बुधवार मध्यप्रदेश विधानसभा में सुनाई दी। नीट परीक्षा सहित मध्य प्रदेश में हुई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर विधानसभा में चर्चा कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने ...
Paper Leak Case: राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस LIVE, 152 पेपर लीक, सजा एक को भी नहीं
पेपर मामले और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन पर राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। पेश हैं लाइव अपडेट्स- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा क्यों हो रहा है? हमारे छात्रों ने आखिर ऐसा क्या किया था कि हमारे सुरक्षाकर्मियों ने ...
तेज हुआ आंदोलन, उज्जैन, देवास, धार से भी जुटे छात्र, चरम पर आक्रोश, कहा- कुछ भी कर लो, नहीं झुकेंगे
नीट पेपर लीक में शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के की मांग के साथ शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। इंदौर के साथ ही उज्जैन, धार और देवास के छात्र-छात्राएं भी इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। बुधवार को इंदौर के भंवरकुआ चौराहा ...
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम में कथित अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजधानी रांची में जेपीएससी मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर आयोग परिसर की ओर बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। कुछ देर तक धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी रही।
अगर आप आने वाले दिनों में ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। रेलवे प्रशासन द्वारा रखरखाव और तकनीकी आधुनिकीकरण के कार्यों के चलते बड़े पैमाने पर ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है, जिसके कारण देश के कई रूटों पर ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेलवे की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आगामी 23 और 24 जुलाई को कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें पूरी तरह से रद्द (Cancelled) कर दी गई हैं, जबकि कुछ अन्य गाड़ियों के रूट में बड़ा बदलाव करते हुए उन्हें डायवर्ट किया गया है। यात्रा में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें।किन कारणों से रेलवे को लेना पड़ा यह कड़ा फैसलायात्रियों की सुरक्षा और पटरियों के आधुनिकीकरण को सर्वोपरि रखते हुए रेलवे समय-समय पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम करता है। इसी कड़ी में मौजूदा समय में विभिन्न रेल खंडों पर ट्रैक मरम्मत, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन और सिग्नलिज्म सिस्टम को अपग्रेड करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से सुनिश्चित करने के लिए ही भारी भरकम ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लेना अनिवार्य हो जाता है। हालांकि रेलवे इन कार्यों को कम से कम समय में पूरा करने का प्रयास करता है, लेकिन इसके चलते पटरियों पर गाड़ियों का आवागमन बाधित होता है और यात्रियों को कुछ दिनों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।रद्द और डायवर्ट की गई ट्रेनों की पूरी सूची और वैकल्पिक इंतजामरेलवे अधिकारियों ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सलाह दी है कि वे रेलवे के आधिकारिक पूछताछ केंद्र, एनटीईएस (NTES) ऐप या हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस जरूर पता कर लें। जिन ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, वे निर्धारित समय से अलग रास्तों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी, जिससे यात्रा के समय में कुछ घंटों की देरी भी हो सकती है। रेलवे स्टेशनों पर भी इस संबंध में लगातार घोषणाएं की जा रही हैं ताकि किसी भी मुसाफिर को स्टेशन पर पहुंचने के बाद अचानक परेशानियों का सामना न करना पड़े।सफर पर निकलने से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यानत्योहारों या व्यस्त दिनों के अलावा इस तरह के तकनीकी ब्लॉकों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। यात्रा करने से पहले टिकट बुक कराते समय या यात्रा के दिन आईआरसीटीसी (IRCTC) द्वारा भेजे गए एसएमएस (SMS) और नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लें। यदि आपकी ट्रेन रद्द सूची में शामिल है, तो आप नियमानुसार अपने टिकट का पूरा रिफंड भी प्राप्त कर सकते हैं। समय रहते सही जानकारी जुटाने से आप स्टेशन की भागदौड़ और अनियोजित देरी से आसानी से बच सकते हैं।
छत्तीसगढ़ साय कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा 10% आरक्षण
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के युवाओं और किसानों के हित में एक साथ कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं। मंत्रालय में आयोजित हुई कैबिनेट की उच्चस्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है, जिससे राज्य के नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सरकार के इन फैसलों में देश की रक्षा करने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है, वहीं अन्नदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष हाई-लेवल कमेटी के गठन का भी ऐलान किया गया है। इन ताबड़तोड़ घोषणाओं से छत्तीसगढ़ की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।अग्निवीरों के लिए बड़ा तोहफा, पुलिस और अन्य सेवाओं में मिलेगा आरक्षणमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई इस अहम कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला देश के वीर जवानों यानी अग्निवीरों को लेकर लिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने यह निर्णय लिया है कि सेना से सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न सरकारी नौकरियों और पुलिस भर्ती में सीधी भर्ती के दौरान 10 प्रतिशत का विशेष आरक्षण प्रदान किया जाएगा। सरकार के इस कदम से उन युवाओं को बहुत बड़ा संबल मिलेगा जो देश सेवा के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। इस फैसले से राज्य के युवाओं में देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रोत्साहन मिलने की पूरी उम्मीद है।किसानों के कल्याण के लिए हाई-लेवल कमेटी का गठनयुवाओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने एक और बहुत बड़ा कदम उठाया है। कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने तथा किसानों की आय और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय (हाई-लेवल) समिति का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी कृषि से जुड़े तमाम पहलुओं, सिंचाई, खाद-बीज की उपलब्धता और फसलों के उचित दाम से जुड़ी सिफारिशों पर काम करेगी। सरकार का यह प्रयास है कि राज्य का अन्नदाता आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बने और उसे खेती-किसानी में किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।प्रशासनिक और विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तारसाय कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि अग्निवीरों को आरक्षण देने और किसानों के लिए समिति बनाकर नीतिगत फैसले लेने से सरकार ने समाज के दोनों सबसे बड़े वर्गों को साधने में सफलता हासिल की है। इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से न केवल रोजगार के नए अवसर खुलेंगे बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। बैठक के बाद मंत्रियों ने बताया कि सरकार जनता से किए गए अपने वादों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और आने वाले दिनों में और भी लोक-कल्याणकारी योजनाएं लाई जाएंगी।
गुरुपूर्णिमा पर श्री श्री रविशंकर का संदेश, क्या जीवन में गुरु की आवश्यकता है?
kya jeevan mein guru zaruri hai: जीवन में जो बातें प्रत्यक्ष दिखाई देती हैं, उनके लिए भी हम मार्गदर्शक की आवश्यकता सहज स्वीकार करते हैं। वाहन चलाना सीखने के लिए प्रशिक्षक चाहिए, किसी विषय में दुर्बलता हो तो शिक्षक या कोच की आवश्यकता पड़ती है। जब ...
देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) से न्यायपालिका से जुड़ी एक बहुत बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के न्यायिक अधिकारियों को एक बड़ा झटका देते हुए उनकी सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) की आयु से जुड़े मामले में अहम आदेश जारी किया है। कोर्ट के इस फैसले के अनुसार अब राजस्थान के न्यायिक अधिकारियों को 62 साल के बजाय 60 साल की उम्र में ही अनिवार्य रूप से रिटायर होना होगा। इस महत्वपूर्ण न्यायिक विकास के बाद देश भर के न्यायिक हलकों में हलचल मच गई है, क्योंकि इसका सीधा असर कई अन्य राज्यों के जजों और न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारियों के भविष्य पर भी पड़ने की पूरी संभावना है।क्या है पूरा मामला और क्यों उठा रिटायरमेंट की आयु का यह विवादयह पूरा कानूनी विवाद न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा को लेकर लंबे समय से चली आ रही अलग-अलग व्याख्याओं से जुड़ा हुआ है। राजस्थान हाई कोर्ट और राज्य सरकार के नियमों के बीच आयु सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी, जिस पर उच्च स्तर पर कानूनी लड़ाइयां लड़ी जा रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पहुंची, तो अदालत ने वर्तमान नियमों और प्रावधानों का बारीकी से अध्ययन किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि मौजूदा वैधानिक ढांचे के तहत सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष ही निर्धारित है, जिससे अधिकारियों की उम्मीदों को करारा झटका लगा है।सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों से मांगा विस्तृत जवाबसिर्फ राजस्थान तक ही इस मामले को सीमित न रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने देश के सभी राज्यों और संबंधित उच्च न्यायालयों (High Courts) को नोटिस जारी कर इस विषय पर विस्तृत जवाब तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट यह जानना चाहता है कि अन्य राज्यों में न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र को लेकर क्या नियम और परंपराएं चल रही हैं। इस आदेश के बाद अब देश भर के राज्यों को अपना पक्ष रखना होगा, जिससे भविष्य में जजों की सेवानिवृत्ति की आयु को लेकर पूरे देश में एक समान नीति तय होने का रास्ता साफ हो सकता है।न्यायिक महकमे में मचा हड़कंप, फैसलों के दूरगामी असर की चर्चासर्वोच्च अदालत के इस कड़े रुख और राजस्थान के मामलों में आए इस फैसले के बाद से लीगल फ्रंट पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जो न्यायिक अधिकारी 62 वर्ष तक सेवा में बने रहने की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें अब तय समय सीमा के अनुसार ही रिटायर होना पड़ेगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश से देश की निचली और उच्च न्यायपालिका के प्रशासनिक ढांचे में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बाकी राज्य इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने क्या जवाब दाखिल करते हैं और अदालत का अगला बड़ा कदम क्या होगा।
देशभर में गरमाई राजनीति की तपिश अब राजस्थान की राजधानी जयपुर तक पहुंच गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गई जब बीजेपी कार्यकर्ता मार्च करते हुए कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। दोनों तरफ से बढ़ते तनाव और हालात को बेकाबू होते देख पुलिस और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला तथा उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछारें) का इस्तेमाल किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।कांग्रेस कार्यालय के बाहर कैसे बढ़ा तनाव और हुआ हंगामाविशाल रोष मार्च के रूप में निकले बीजेपी कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते हुए सीधे कांग्रेस मुख्यालय के करीब पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि विपक्षी दल द्वारा लगातार जनविरोधी रुख अपनाया जा रहा है और देश का माहौल खराब किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंचते ही कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वे बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने लगे। इस दौरान सुरक्षा में तैनात भारी पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली, जिससे सड़क पर भारी जाम लग गया और कुछ देर के लिए यातायात ठप हो गया।पुलिस का कड़ा एक्शन, वाटर कैनन का करना पड़ा इस्तेमालस्थिति को हाथ से निकलते देख और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जयपुर पुलिस और आरएएफ (RAF) के जवानों को सख्त कदम उठाना पड़ा। उग्र हो रही भीड़ को नियंत्रित करने और कांग्रेस कार्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया। पानी की तेज बौछारें पड़ने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, हालांकि पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए मुख्य नेताओं को हिरासत में लिया और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।राजस्थान की राजनीति में गरमाया माहौल, सियासी बयानबाजी तेजजयपुर की सड़कों पर हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद से राजस्थान का राजनीतिक तापमान काफी हाई हो गया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि उनका यह विरोध लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाने के लिए था, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन और सत्ताधारी दल पर तानाशाही का आरोप लगाया है। राजधानी के इस संवेदनशील इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि आगे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और स्थिति सामान्य बनी रहे।
गुलाबी नगरी जयपुर को ऐतिहासिक सौगात: आज मुख्यमंत्री करेंगे बहुप्रतीक्षित मेट्रो फेज-2 का भूमि पूजन
राजस्थान की खूबसूरत गुलाबी नगरी जयपुर के विकास के पहिए को और अधिक रफ्तार देने के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक दिन आ गया है। शहर के सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी को पूरी तरह से आधुनिक बनाने के लिए लंबे समय से अटके पड़े जयपुर मेट्रो फेज-2 (Jaipur Metro Phase-2) परियोजना का आज मुख्यमंत्री द्वारा आधिकारिक रूप से भूमि पूजन किया जाने वाला है। इस मेगा प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल शहर के लाखों दैनिक यात्रियों का सफर बेहद सुगम और आरामदायक हो जाएगा, बल्कि यातायात के दबाव से जूझ रहे जयपुर वासियों को भीषण जाम से भी बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मेट्रो का नया फेज, बदल जाएगी सूरतजयपुर मेट्रो के इस दूसरे चरण के प्रोजेक्ट को अत्याधुनिक इंजीनियरिंग और जनसुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नए रूट पर चलने वाली मेट्रो ट्रेनें आधुनिक तकनीक से लैस होंगी, जिससे यात्रियों का सफर तेज, सुरक्षित और पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगा। शहर के प्रमुख और व्यस्ततम व्यापारिक व आवासीय इलाकों को आपस में जोड़ने वाली इस लाइन से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी। भूमि पूजन के बाद से ही निर्माण कार्य तेज गति से शुरू होने की पूरी संभावना है।शहरवासियों और व्यापारियों में खुशी की लहर, विकास को लगेंगे नए पंखमेट्रो फेज-2 के भूमि पूजन की खबर सामने आते ही जयपुर के आम नागरिकों, युवाओं और स्थानीय व्यापारियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय व्यापार मंडलों का मानना है कि मेट्रो के विस्तार से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को भी नया संबल मिलेगा। पिछले काफी समय से इस प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने का इंतजार किया जा रहा था, और अब मुख्यमंत्री के हाथों इसका शिलान्यास होने से शहर के विकास को एक नई दिशा और रफ्तार मिलने की बात कही जा रही है।प्रशासन ने पूरी की तैयारियां, भव्य शिलान्यास समारोह का आयोजनआज होने वाले इस हाई-प्रोफाइल भूमि पूजन समारोह को लेकर जयपुर जिला प्रशासन और मेट्रो कॉरपोरेशन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और शहर के कई प्रमुख स्थानों को भव्य रूप से सजाया गया है। इस अवसर पर कई कैबिनेट मंत्री, स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस महत्वकांक्षी परियोजना के शुरू होने के साथ ही यह माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही वर्षों में जयपुर मेट्रो देश के सबसे आधुनिक और तेज गति से विकसित होने वाले परिवहन नेटवर्क में अपनी एक खास जगह बना लेगा।
याचिका का उल्लेख करते हुए अधिवक्ता ने कहा कि छात्र राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के संचालन और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई से जुड़े वीडियो उपलब्ध हैं।
केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही रणनीतिक नीतियों के खिलाफ पंजाब में एक बार फिर किसानों का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील (व्यापार समझौते) के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के देशव्यापी आह्वान के बाद पंजाब के विभिन्न हिस्सों में किसानों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कई प्रमुख राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा को पूरी तरह से फ्री करवा दिया, जिससे वाहन चालकों को टोल टैक्स नहीं देना पड़ा। किसानों के इस आक्रामक तेवर से स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों में भी हड़कंप मच गया है।संयुक्त किसान मोर्चा का बड़ा प्रदर्शन, टोल प्लाजा पर कब्जासंयुक्त किसान मोर्चा द्वारा दिए गए निर्देश के तहत पंजाब के अलग-अलग जिलों में सुबह से ही किसान संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा होने शुरू हो गए थे। किसानों का आरोप है कि इस ट्रेड डील से देश के छोटे किसानों, कृषि क्षेत्र और घरेलू उद्योगों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने विरोध को दर्ज कराने के लिए किसानों ने टोल प्लाजा पर पहुंचकर बैरिकेडिंग हटा दी और कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान घंटों तक टोल प्लाजा पर वाहनों का आवागमन बिना किसी शुल्क के होता रहा, जिससे यातायात व्यवस्था भी काफी प्रभावित हुई।स्थानीय प्रशासन और पुलिस रही सतर्क, शांति बनाए रखने की अपीलकिसानों के इस अचानक और आक्रामक प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से सतर्क नजर आया। कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने न पाए, इसके लिए टोल प्लाजा और संवेदनशील स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि, किसानों का प्रदर्शन मुख्य रूप से शांतिपूर्ण ढंग से नारेबाजी और धरने के रूप में जारी रहा, लेकिन प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिखा। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि आम जनता और यात्रियों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े।कृषि सेक्टर पर संकट का हवाला देकर सरकार पर बोला हमलाधरना प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने किसानों के हितों के खिलाफ जाकर इस ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। उनका मानना है कि विदेशी समझौतों के कारण देश का कृषि बाजार प्रभावित होगा और स्थानीय उत्पादों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पंजाब से उठी इस विरोध की चिंगारी ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है, और आने वाले दिनों में किसान संगठनों की अगली रणनीतियों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
पंजाब के अबोहर से इस वक्त की एक बड़ी और चौंकाने वाली राजनीतिक खबर सामने आ रही है। नगर निगम के मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) को मिली करारी हार के बाद स्थानीय राजनीति में भूचाल आ गया है। इस असफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अरुण नारंग ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। चुनाव नतीजों के तुरंत बाद आए इस बड़े फैसले से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और यह घटना पंजाब की स्थानीय राजनीति में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है।मेयर चुनाव में हार के बाद क्यों उठाया गया यह कड़ा कदमअबोहर मेयर चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और चुनाव जीतने के लिए रणनीति तैयार की गई थी। हालांकि, जब नतीजे सामने आए तो पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल सकी। इस हार से पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में निराशा छा गई। परिणामों के समीक्षा के बाद पूर्व विधायक अरुण नारंग ने सार्वजनिक रूप से आगे आते हुए इस असफलता की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब पार्टी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पायी, तो नेतृत्व कर रहे व्यक्ति के तौर पर उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने पद से हटकर पार्टी के भीतर आत्मમंथन का मार्ग प्रशस्त करें।राजनीतिक गलियारों में मची खलबली, विरोधियों ने भी साधे निशानेअरुण नारंग के इस्तीफे की खबर सामने आते ही विपक्षी दलों को भी सरकार और आम आदमी पार्टी पर हमला करने का एक बड़ा मौका मिल गया है। विरोधी दलों का कहना है कि यह इस्तीफा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि अबोहर की जनता का जमीनी स्तर पर सत्ताधारी दल से मोहभंग हो चुका है और स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति लोगों में भारी नाराजगी है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद से अबोहर के सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर संगठनात्मक फेरबदल की भी अटकलें तेज हो गई हैं।पार्टी संगठन के सामने खड़ी हुई नई चुनौतियांएक तरफ जहां चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ एक कद्दावर नेता द्वारा इस तरह इस्तीफा दिए जाने से पार्टी संगठन के सामने अब नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच असमंजस की स्थिति को दूर करने के लिए अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। देखना यह होगा कि पार्टी हाईकमान अरुण नारंग के इस इस्तीफे को स्वीकार करता है या उन्हें मनाकर संगठन को मजबूत करने की कोई नई रणनीति तैयार करता है, जिस पर फिलहाल पूरे पंजाब की निगाहें टिकी हुई हैं।
पंजाब के लाल की शहादत: राजौरी में देश की रक्षा करते हुए जवान सुखप्रीत सिंह हुए बलिदान
देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर से एक बेहद झकझोर देने वाली और दुखद खबर सामने आई है। पंजाब के एक जांबाज सपूत सुखप्रीत सिंह ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति दे दी है। इस शहादत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। सबसे दिल दहला देने वाला पहलू यह है कि जिस घर में कुछ ही महीनों बाद यानी नवंबर के महीने में शादी की शहनाइयां गूंजने वाली थीं और खुशियों का माहौल होना था, वहां अब चूल्हा तक नहीं जला है और परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो गया है।देश के लिए समर्पित था जवान का जीवन, राजौरी में हुई घटनाभारतीय सेना में तैनात सुखप्रीत सिंह अपनी कर्तव्यनिष्ठा और बहादुरी के लिए जाने जाते थे। राजौरी सेक्टर में आतंकवादियों या सीमा पर सुरक्षा के दौरान डटे रहने वाले इस वीर जवान ने देश की संप्रभुता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। सेना के अधिकारियों ने जब इस दुखद घटना की सूचना उनके परिजनों को दी, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हर कोई यह विश्वास ही नहीं कर पा रहा था कि देश की रक्षा करने वाला उनका लाडला अब इस दुनिया में नहीं रहा। शहादत की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और रिश्तेदार शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे।घर में चल रही थीं शादी की तैयारियां, खुशियां बदलीं मातम मेंशहीद सुखप्रीत सिंह के घर में इन दिनों आगामी नवंबर महीने में होने वाले उनके विवाह को लेकर जबरदस्त उत्साह और तैयारियां चल रही थीं। शादी की खरीदारी और रिश्तेदारों को न्योता देने की योजनाओं के बीच अचानक आई इस मनहूस खबर ने सब कुछ तबाह कर दिया। जिस सेहरे और घोड़ी चढ़ने के सपनों के साथ परिवार दिन गिन रहा था, अब उसी घर में तिरंगे में लिपटकर उनका पार्थिव शरीर पहुंचने की खबर से हर आंख नम है। मां-बाप और होने वाली दुल्हन का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे क्षेत्र के लोग इस राष्ट्रीय क्षति पर गमगीन हैं।शहीद को अंतिम विदाई देने उमड़ेगा जनसैलाबपंजाब के इस वीर सपूत का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया जा रहा है, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन और सैन्य अधिकारियों द्वारा शहादत को नमन करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दुखद मौके पर क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और हजारों की संख्या में आम लोग अपने लाडले जवान को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचेंगे। सुखप्रीत सिंह की यह शहादत भले ही परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे गई हो, लेकिन उनका यह बलिदान देश के इतिहास में हमेशा अमर रहेगा।
बिहार की राजनीति में जुबानी जंग का दौर हमेशा अपने चरम पर रहता है, और इस बार मुद्दा बना है विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की सदन से गैरमौजूदगी। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही के बीच मुख्य विपक्षी दल के नेता तेजस्वी यादव के सदन में उपस्थित न होने को लेकर सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने बेहद तीखा और तंज कसने वाला हमला बोला है। जेडीयू नेताओं के इस अनोखे और चुटीले तंज ने राज्य की सियासत में एक बार फिर से गर्माहट ला दी है, और यह बयान सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया है।जदयू का तीखा तंज: अंतरराष्ट्रीय मामलों में व्यस्त हैं क्या?विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष के प्रमुख चेहरे की लगातार गैरहाजिरी को मुद्दा बनाते हुए जदयू प्रवक्ता और नेताओं ने उन पर करारा कटाक्ष किया है। जेडीयू ने चुटकी लेते हुए कहा कि क्या तेजस्वी यादव इस समय अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय विवाद को सुलझाने के लिए विदेश गए हुए हैं जो वे इतने महत्वपूर्ण मानसून सत्र से नदारद हैं? सत्ता पक्ष का आरोप है कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के बड़े नेता सदन से गायब रहकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं और केवल बयानों की राजनीति कर रहे हैं।मानसून सत्र की कार्यवाही और विपक्ष की भूमिका पर सवालबिहार विधानसभा का मानसून सत्र जनता के कई अहम सवालों और विकास कार्यों पर चर्चा का प्रमुख मंच होता है। ऐसे में सत्र के दौरान मुख्य विपक्षी नेता का सदन में मौजूद न रहना सत्ता पक्ष को एक बड़ा राजनीतिक हथियार दे देता है। जेडीयू ने इस बात पर जोर दिया कि एक तरफ जहां सदन के भीतर सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार बैठी है, वहीं विपक्ष के नेता सदन से गायब रहकर अपनी ही पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं को निराश कर रहे हैं। इस बयानबाजी के बाद से राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
भारत टेक्स 2026: टेक्सटाइल निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरा उत्तर प्रदेश
नई दिल्ली/लखनऊ, 21 जुलाई: योगी सरकार की नीतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल एक्सपो 'भारत टेक्स 2026' में उत्तर प्रदेश ने देश के अग्रणी टेक्सटाइल और परिधान विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशेष ...
लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य
Lokmanya Tilak Jayanti 2026: इस साल 23 जुलाई 2026 को भारत माता के इस महान सपूत, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 170वीं जयंती है। उन्होंने अपने विचारों, लेखन, पत्रकारिता और सामाजिक आंदोलनों के माध्यम से देशवासियों में स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनका ...
उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां कानून की रक्षा करने की कसम खाने वाला एक खाकीधारी ही अपराधियों का सरगना निकला। सूबे में अपराध पर लगाम कसने का दावा करने वाली पुलिस उस वक्त सन्न रह गई जब पता चला कि 12 लाख रुपये की बड़ी लूट की इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि यूपी पुलिस का ही एक बर्खास्त हेड कांस्टेबल है। इस घटना के खुलासे के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।कैसे रची गई 12 लाख की लूट की साजिशघटना की शुरुआत तब हुई जब दिनदहाड़े हुई इस बड़ी लूट की वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी। पीड़ित ने स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया। जैसे-जैसे पुलिस की इन्वेस्टिगेशन आगे बढ़ी, कड़ियां जुड़ती गईं और जो सच सामने आया उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। इस वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीके से पूरी प्लानिंग की गई थी, जिसमें विभाग की आंतरिक जानकारियों का गलत इस्तेमाल किया गया और आखिरकार इस आपराधिक षड्यंत्र का पर्दाफाश हो गया।बर्खास्त सिपाही निकला गैंग का असली सरगनाजांच के दौरान जब पुलिस ने संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की और उनके संपर्कों को खंगाला, तो पता चला कि इस पूरी लूट के पीछे किसी आम बदमाश का नहीं बल्कि एक ऐसे शख्स का हाथ है जो खुद कभी इसी व्यवस्था का हिस्सा रह चुका था। आरोपी बर्खास्त हेड कांस्टेबल ने अपने रसूख और खाकी के अनुभव का फायदा उठाकर इस आपराधिक वारदात को अंजाम दिया। उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस योजना को इस सफाई से अमलीजामा पहनाया था कि किसी को उस पर शक न हो, लेकिन कानून के लंबे हाथों ने आखिरकार उसके इस खौफनाक चेहरे को बेनकाब कर ही दिया।महकमे में मचा हड़कंप और आगे की कार्रवाईइस हाई-प्रोफाइल खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में भारी खलबली मची हुई है। एक तरफ जहां पुलिस विभाग अपनी छवि बचाने के लिए ऐसे भ्रष्ट और दागदार कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ जनता के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह विभाग का पूर्व कर्मचारी ही क्यों न हो। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत अन्य संलिप्त लोगों को धर दबोचा है और आगे की विधिक कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
भीलवाड़ा : हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट आने से एक महिला की मौत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया थाना क्षेत्र के गिरधरपुरा गांव में बुधवार सुबह खेत जा रही महिला की उस पर अचानक 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन का तार टूटकर गिर जाने से मौत हो गई। तहसीलदार ललित डीडवानिया ने बताया कि गिरधरपुरा निवासी प्रेम देवी धाकड़ (50) सुबह अपने खेत जा रही थीं। […] The post भीलवाड़ा : हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट आने से एक महिला की मौत appeared first on Sabguru News .
वनडे सीरीज खत्म होते ही कहाँ पहुँचे रोहित शर्मा? नीता अंबानी के साथ सीक्रेट मीटिंग ने बढ़ाई हलचल
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा अपनी धाकड़ पारियों और शानदार कप्तानी के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में समाप्त हुई वनडे सीरीज के तुरंत बाद रोहित शर्मा के एक खास जगह पहुंचने और उनकी गतिविधियों ने क्रिकेट गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद रोहित शर्मा की मुलाकात मुंबई इंडियंस की मालकिन नीता अंबानी के साथ हुई है। इस गुप्त बातचीत के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या आईपीएल की दिग्गज फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस (MI) में कोई बहुत बड़ा तख्ता पलट होने जा रहा है।वनडे सीरीज के बाद अचानक क्यों तेज हुई सियासी और क्रिकेट हलचलअंतरराष्ट्रीय सीरीज के तुरंत बाद खिलाड़ियों का ब्रेक लेना आम बात है, लेकिन रोहित शर्मा का इस तरह से अचानक खास मुलाकातों में व्यस्त होना फैंस और विश्लेषकों का ध्यान खींच रहा है। भारतीय क्रिकेट में रोहित के भविष्य और आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ उनके समीकरणों को लेकर पहले भी कई तरह की अटकलें लगती रही हैं। हालिया मुलाकात ने उन पुरानी चर्चाओं को एक बार फिर से हवा दे दी है। फैंस यह जानने के लिए बेताब हैं कि आखिर बंद कमरे में हुई इस बातचीत का मुख्य एजेंडा क्या था और क्या आने वाले समय में फ्रेंचाइजी की कमान या रणनीतिक ढांचे में कोई भारी फेरबदल देखने को मिल सकता है।नीता अंबानी और रोहित शर्मा की सीक्रेट मुलाकात के क्या हैं मायनेआईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस के खेमे में पिछले कुछ समय से काफी उतार-चढ़ाव और अंदरखाने चर्चाएं देखने को मिली हैं। ऐसे में टीम की सह-मालकिन नीता अंबानी और रोहित शर्मा के बीच हुई इस सीक्रेट मीटिंग को बहुत अहम माना जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात टीम के आगामी सीजन की प्लानिंग, खिलाड़ियों के मेगा ऑक्शन या फिर टीम के नेतृत्व से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक दोनों पक्षों की तरफ से इस बैठक के बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से यह खबर बाहर आई है उसने हर किसी को हैरान कर दिया है।क्या मुंबई इंडियंस में होने जा रहा है बड़ा बदलावरोहित शर्मा का मुंबई इंडियंस के साथ एक लंबा और ऐतिहासिक सफर रहा है, जिनकी कप्तानी में टीम ने कई बार खिताब अपने नाम किए हैं। पिछले कुछ महीनों में फ्रेंचाइजी के भीतर हुए फैसलों ने फैंस को काफी चौंकाया था, जिसके बाद से लगातार यह चर्चा बनी हुई है कि टीम प्रबंधन आगे की रणनीति किस प्रकार तैयार कर रहा है। ताजा मुलाकात के बाद फैंस सोशल मीडिया पर यह कयास लगा रहे हैं कि क्या रोहित शर्मा की भूमिका में कोई बड़ा बदलाव होने वाला है या फिर टीम किसी नए प्रशासनिक और रणनीतिक फेरबदल की तैयारी में जुटी है। आने वाले दिनों में इस राज से पर्दा उठना तय माना जा रहा है।
NEET पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का 14 साल पुराना ट्वीट रीपोस्ट कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। बिना कोई अपनी टिप्पणी जोड़े शेयर किए गए इस पोस्ट के बाद सरकार, विपक्ष और बॉलीवुड सितारों के बीच नई बहस छिड़ गई है।जानिए अमिताभ बच्चन के उस पुराने पोस्ट में क्या लिखा थाशशि थरूर द्वारा रीशेयर किया गया यह ट्वीट दिसंबर 2012 का है, जब दिल्ली में निर्भया कांड के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे। उस समय अमिताभ बच्चन ने तत्कालीन यूपीए सरकार के पुलिस एक्शन पर नाराजगी जताते हुए लिखा था कि दिल्ली में जो हो रहा है, उसे देखकर दुख और हैरानी हो रही है कि कैसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन का जवाब आंसू गैस और वॉटर कैनन से दिया जा रहा है। थरूर ने आज के माहौल से इसकी तुलना करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से सरकार की कार्रवाई पर सवाल दागे हैं।विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन और बॉलीवुड का दोफाड़ रुखयह पोस्ट ऐसे समय पर आया है जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव जैसे दिग्गज नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में भी लिया गया। इस आंदोलन को लेकर बॉलीवुड भी बंट गया है; जहाँ शबाना आजमी, प्रकाश राज, हुमा कुरैशी और स्वरा भास्कर जैसे सितारे छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं, वहीं प्रीति जिंटा और भूमि पेडनेकर ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
भारत के खिलाफ मुकाबले से ठीक पहले जिम्बाब्वे ने घोषित की 15 सदस्यीय टीम, इन धुरंधरों पर लगाया दांव
भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाली आगामी टी-20 क्रिकेट सीरीज को लेकर खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सीरीज के शुरू होने से ठीक पहले जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने अपने पत्तों को खोलते हुए भारतीय टीम का सामना करने के लिए 15 सदस्यीय मजबूत स्क्वाड का ऐलान कर दिया है। इस रोमांचक मुकाबले के लिए जिम्बाब्वे की इस टीम में कई युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जो मैदान पर टीम इंडिया को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं।जिम्बाब्वे ने चुनी संतुलित टीम, इन खिलाड़ियों पर होगी खास जिम्मेदारीक्रिकेट के मैदान पर शानदार प्रदर्शन करने के लिए जानी जाने वाली जिम्बाब्वे टीम ने भारत के खिलाफ इस अहम सीरीज के लिए अपनी रणनीति साफ कर दी है। घोषित किए गए 15 खिलाड़ियों के दल में टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी क्रम को संतुलित करने पर पूरा जोर दिया गया है। जिम्बाब्वे के चयनकर्ताओं ने हालिया फॉर्म और घरेलू सर्किट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है ताकि मेहमान टीम अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतरे। टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर यह बड़ी जिम्मेदारी होगी कि वे दबावभरी परिस्थितियों में सही फैसले लें।भारतीय टीम के खिलाफ मैदान पर उतरेगी यह खतरनाक फौजजिम्बाब्वे द्वारा घोषित किए गए इस 15 सदस्यीय स्क्वाड में कई ऐसे मैच विनर खिलाड़ी शामिल हैं जो अपने दम पर खेल का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं। सीरीज शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही टीम के इस ऐलान ने फैंस की उत्सुकता को और अधिक बढ़ा दिया है। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि भले ही कागजों पर भारतीय टीम मजबूत नजर आ रही हो, लेकिन जिम्बाब्वे के इन खिलाड़ियों के तेवर किसी भी बड़े उलटफेर को अंजाम दे सकते हैं। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि मैदान पर यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।
देशभर में गर्माए शिक्षा व्यवस्था सुधार आंदोलन के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा का बड़ा बयान सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन पर अपनी बात रखते हुए प्रीति ने छात्रों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया है, लेकिन साथ ही एक गंभीर चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि युवाओं का यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी हालत में अराजक या देश-विरोधी तत्वों के हाथों में नहीं जाना चाहिए।छात्रों के जायज मुद्दों का समर्थन, लेकिन हाईजैक का डरसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक विस्तृत संदेश में प्रीति जिंटा ने स्पष्ट किया कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा प्रणाली में बदलाव बेहद जरूरी हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि इंटरनेट पर जिस तरह से नफरत और बंटवारा फैलाया जा रहा है, उससे लगता है कि कुछ असामाजिक तत्व छात्रों के आक्रोश का गलत फायदा उठाने की फिराक में हैं। अभिनेत्री ने कहा कि मेहनत, समानता और एक्सीलेंस ही देश की प्रगति का आधार हैं और इनसे कभी समझौता नहीं होना चाहिए।सरकार और छात्रों से सार्थक संवाद की अपीलभारतीय लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था पर अपना भरोसा जताते हुए प्रीति जिंटा ने दोनों पक्षों से बातचीत का रास्ता अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकार और छात्र संगठनों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध एजेंडे से दूर रहकर सीधे मेज पर बैठें और सार्थक चर्चा करें। गौर करने वाली बात है कि इससे पहले भी प्रीति ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन के समय छात्रों और सरकार के बीच संवाद कराने की पहल की मांग की थी।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में साल 2027 के विधानसभा चुनावों का रण अभी से सजने लगा है। राज्य की सत्ता पर काबिज होने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी अपने 'पीडीए' यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण के सहारे लगातार बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं अब भारतीय जनता पार्टी ने भी समाजवादी पार्टी के इस सबसे बड़े सियासी हथियार को मात देने के लिए फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया है। बीजेपी सीधे सपा के गढ़ में घुसकर अखिलेश यादव को ललकारने और उनके सियासी किले को ढहाने की रणनीति पर काम कर रही है, जिससे राज्य का सियासी तापमान काफी हाई हो गया है।क्या है बीजेपी की नई रणनीति और सपा का 'पीडीए' समीकरणसपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनावों में 'पीडीए' फॉर्मूले के जरिए शानदार सफलता हासिल की थी, और वे इसी समीकरण को 2027 के विधानसभा चुनाव में भी अपनी मुख्य ताकत बना रहे हैं। इसे काउंटर करने के लिए बीजेपी अब केवल पारंपरिक हिंदू वोटों पर निर्भर रहने के बजाय नॉन-यादव पिछड़ो और गैर-जाटव दलितों को अपने पाले में लाने के लिए बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। पार्टी के रणनीतिकार ऐसे हर एक विधानसभा क्षेत्र पर फोकस कर रहे हैं जहां पिछले चुनावों में सपा को मजबूत बढ़त मिली थी। इन इलाकों में खास कार्यक्रम आयोजित करके सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुंचाया जा रहा है ताकि जातिगत समीकरणों की काट निकाली जा सके।अखिलेश के गढ़ में जाकर सीधी चुनौती देने की तैयारीराजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि बीजेपी इस बार रक्षात्मक रुख अपनाने के बजाय पूरी तरह से आक्रामक मोड में नजर आएगी। पार्टी के बड़े दिग्गज नेता और रणनीतिकार सीधे उन जिलों और विधानसभा सीटों का दौरा करेंगे जो समाजवादी पार्टी के सबसे सुरक्षित गढ़ माने जाते हैं। वहां जाकर स्थानीय मुद्दों को उठाना और सपा के जनप्रतिनिधियों के कामकाज पर सवाल खड़े करना इस रणनीति का मुख्य हिस्सा है। बीजेपी का यह आक्रामक तेवर बताता है कि वह 2027 के चुनाव में किसी भी तरह का जोखिम मोल लेने के मूड में नहीं है और विपक्ष को उसके ही घर में घेरने का पूरा मन बना चुकी है।2027 का दंगल: क्या बीजेपी भेद पाएगी सपा का यह चक्रव्यूहजैसे-जैसे 2027 का वक्त नजदीक आ रहा है, उत्तर प्रदेश का सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। एक तरफ अखिलेश यादव अपनी सोशल इंजीनियरिंग और पीडीए की धार को और तेज करने में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी के संगठनात्मक कौशल और आक्रामक प्रचार तंत्र के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। राज्य के आम मतदाताओं के मन में भी यही सवाल है कि क्या बीजेपी इस बार वाकई सपा के गढ़ को भेद पाएगी या फिर अखिलेश यादव का यह नया फॉर्मूला भारी पड़ेगा। आने वाले दिनों में यह चुनावी जंग और अधिक तीखी होने की पूरी संभावना है जिस पर देश भर की निगाहें टिकी हुई हैं।
राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और हिंसा में कई युवा घायल हो गए थे। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरी नाराजगी जताई है और सरकार पर तीखे जुबानी हमले किए हैं।अखिलेश यादव ने बताया क्यों नहीं ले रही सरकार इस्तीफाअखिलेश यादव ने दावा किया है कि बीजेपी सरकार चाहकर भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं ले सकती है। सपा प्रमुख ने इसके पीछे बड़ा कारण बताते हुए कहा कि यदि एक मंत्री ने इस्तीफा दिया, तो सरकार के कई अंदरूनी और बड़े राज खुल सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का दबाव और डर ही सरकार को कोई कड़ा कदम उठाने से रोक रहा है, जिससे साफ जाहिर होता है कि व्यवस्था के भीतर कई परतें छिपाई जा रही हैं।पुलिस कार्रवाई की तुलना हिटलरशाही से कीछात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हुए अखिलेश यादव ने इसकी तुलना हिटलर के शासनकाल से कर दी। उन्होंने कहा कि दूर-दूर से आए युवाओं के साथ जिस तरह का अमानवीय बर्ताव किया गया है, वैसा तानाशाही दौर में ही देखा जाता है। लोकतंत्र में इस तरह की बर्बरता स्वीकार नहीं की जा सकती है, जहां युवाओं के सिर फोड़े जा रहे हैं और उन पर अत्याचार किया जा रहा है।
यूपी चुनाव 2027: का कहत बा यूपी? मायावती की खामोशी के पीछे क्या है बीएसपी का बड़ा सियासी दांव
उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से देश की सत्ता का रास्ता तय करने वाली सबसे अहम प्रयोगशाला मानी जाती है। साल 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य में सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में जुट गए हैं। सत्ता पक्ष और मुख्य विपक्षी दल जहां ताबड़तोड़ रैलियां और बयानबाजी कर रहे हैं, वहीं यूपी की सियासत की एक बेहद ताकतवर खिलाड़ी और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती की खामोशी ने राजनीतिक पंडितों की नींद उड़ाई हुई है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर मायावती इस चुप्पी के पीछे कौन सा बड़ा सियासी चक्रव्यूह रच रही हैं।यूपी की सियासत में मायावती की चुप्पी के मायने क्या हैंबीएसपी प्रमुख मायावती का राजनीतिक इतिहास गवाह है कि वे हमेशा अपने फैसलों से सभी को चौंकाती आई हैं। अक्सर वे मीडिया की सुर्खियों से दूर रहकर जमीन पर अपनी रणनीति तैयार करती हैं। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उनका यह शांत अंदाज विरोधियों के लिए भी पहेली बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि मायावती बिना शोर मचाए अपने परंपरागत दलित वोट बैंक के साथ-साथ अन्य पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को साधने के लिए खामोशी से काम कर रही हैं। वे जल्दबाजी में कोई ऐसा बयान देने से बच रही हैं जिससे पार्टी की रणनीति समय से पहले उजागर हो जाए।क्या है 2027 के लिए बीएसपी का गुप्त चुनावी गणितबहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए इस बार पूरी तरह से नए समीकरणों पर काम करना शुरू कर दिया है। पार्टी का मुख्य फोकस बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना और युवाओं तथा महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ना है। मायावती का यह गणित इस बात पर टिका है कि अगर अन्य दलों के बीच वोटों का ध्रुवीकरण होता है, तो बीएसपी का कैडर वोट बैंक किंगमेकर की भूमिका निभा सकता है। पार्टी किसी भी बड़े गठबंधन की बजाय इस बार अकेले ही अपने दम पर मजबूत विकल्प पेश करने की तैयारी में जुटी है, जिससे चुनावी मुकाबला और भी ज्यादा दिलचस्प हो गया है।'का कहत बा यूपी' में मायावती की खामोशी पर क्यों है सबकी नजरउत्तर प्रदेश के आम मतदाताओं के बीच इन दिनों यही चर्चा है कि बहन जी का अगला कदम क्या होगा। दलित बस्तियों से लेकर ग्रामीण चौपालों तक लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या बीएसपी एक बार फिर साल 2007 की तरह सोशल इंजीनियरिंग का कोई नया फॉर्मूला लेकर आएगी। जनता की धड़कनों को भांपते हुए मायावती सोशल मीडिया और जमीनी दौरों के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं, लेकिन चुनावी मैदान में वे अपने पत्तों को बहुत ही सावधानी से खोल रही हैं। आने वाले दिनों में उनकी यह चुप्पी किसी बड़े राजनीतिक भूचाल में बदल सकती है, जिस पर राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
जब लोकसभा में ओम बिड़ला से भिड़ गए अखिलेश यादव, तो पीछे खड़े सपा Avengers का रिएक्शन देखने लायक
भारतीय संसद की कार्यवाही अक्सर अपने तीखे तेवर, राजनीतिक गहमागहमी और दिलचस्प बयानों के लिए जानी जाती है। संसद के सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच होने वाली नोकझोंक कोई नई बात नहीं है, लेकिन कई बार ऐसे पल सामने आ जाते हैं जो सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन जाते हैं। हाल ही में लोकसभा के भीतर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के बीच तीखी बहस छिड़ गई। इस दौरान सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया और सबकी निगाहें इस दिलचस्प वाकये पर टिक गईं।सदन में जब आमने-सामने आए अध्यक्ष और अखिलेश यादवसंसद की कार्यवाही के दौरान जब विभिन्न मुद्दों पर चर्चा चल रही थी, तो माहौल अचानक काफी गंभीर हो गया। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव अपनी बात रखने के लिए उठे। उनके तेवर और तर्कों ने सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इसी दौरान किसी बात पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और अखिलेश यादव के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। अध्यक्ष के कड़े तेवरों और अखिलेश यादव के जवाब देने के अंदाज ने सदन में कुछ पलों के लिए भारी सन्नाटा और तनाव पैदा कर दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सदन के भीतर विपक्ष की आक्रामक रणनीति का हिस्सा होती हैं।पीछे खड़े सपा 'अवेंजर्स' का ऐसा था रिएक्शनइस पूरी बहस के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना अखिलेश यादव के ठीक पीछे खड़े समाजवादी पार्टी के सांसदों का अंदाज। सोशल मीडिया पर इन सांसदों की तुलना मार्वल की मशहूर फिल्म सीरीज 'अवेंजर्स' से की जाने लगी और इन्हें प्यार से 'सपा अवेंजर्स' कहा जाने लगा। जब अध्यक्ष और अखिलेश यादव के बीच नोंकझोंक चल रही थी, तब पीछे खड़े सपा सांसद बेहद चौकन्ने, गंभीर और अपने नेता के समर्थन में चट्टान की तरह खड़े नजर आए। उनके हाव-भाव और एकजुटता को देखकर ऐसा लग रहा था कि वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका यह आक्रामक और अनुशासित रुख सदन में आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया।राजनीतिक हलकों में क्यों हो रही है इस वाकये की चर्चासंसद के भीतर नेताओं के तेवर हमेशा से जनता और मीडिया के बीच उत्सुकता का विषय रहे हैं। अखिलेश यादव और लोकसभा अध्यक्ष के बीच हुई इस गर्मागर्म बहस ने एक बार फिर संसद की कार्यप्रणाली और राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष इसे नियमों के दायरे में रहने की नसीहत मान रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे सदन में मजबूती से अपनी बात रखने के रूप में देख रहे हैं। इंटरनेट पर इस घटना के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, और लोग इस पूरे सियासी ड्रामे पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि से निलंबित
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी को महिला सांसद के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के आरोप में मानसून सत्र की शेष अवधि से निलंबित किया गया। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने दो बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही शुरु की और हंगामे के बीच जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाया। उसके […] The post तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि से निलंबित appeared first on Sabguru News .
टपूकड़ा : झील में मदरसा छात्र का शव मिलने से सनसनी फैली
खैरथल-तिजारा। राजस्थान मेंं खैरथल-तिजारा जिले के टपूकड़ा थाना क्षेत्र में खोहरी पहाड़ियों में बनी झील में एक किशोर का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान दिलशाद (17) पुत्र मोहम्मद इकबाल, निवासी फकरुद्दीन, चौपानकी के रूप में हुई है। वह पिछले दो दिनों से लापता था। थाना प्रभारी आसाराम ने बुधवार […] The post टपूकड़ा : झील में मदरसा छात्र का शव मिलने से सनसनी फैली appeared first on Sabguru News .
रेप आरोपी को नाबालिग साबित करने वाले नायब तहसीलदार समेत 7 पर FIR
भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दर्ज रेप एवं पॉक्सो अधिनियम के एक मामले के आरोपी को कथित रूप से नाबालिग साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार कराने के आरोप में तत्कालीन नायब तहसीलदार, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और तत्कालीन सरपंच सहित सात लोगों के खिलाफ […] The post रेप आरोपी को नाबालिग साबित करने वाले नायब तहसीलदार समेत 7 पर FIR appeared first on Sabguru News .
सारण : छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोप में निजी विद्यालय का शिक्षक अरेस्ट
सारण। बिहार में सारण जिले के भगवान बाजार थाना क्षेत्र में एक निजी विद्यालय के शिक्षक को छात्रा से छेड़छाड़ करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह निजी विद्यालय छपरा शहर में पुलिस अधीक्षक और जिला पदाधिकारी के आवास के सामने स्थित है। इस विद्यालय में कार्यरत आरोपी शिक्षक इमाम राजा जिले […] The post सारण : छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोप में निजी विद्यालय का शिक्षक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
CM योगी आदित्यनाथ ने किए मां पाटेश्वरी के दर्शन, स्वस्थ-समृद्ध UP के लिए की प्रार्थना
CM Yogi Adityanath Maa Pateshwari Temple: गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुप्त नवरात्र में बुधवार सुबह तुलसीपुर में देवी शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन, पूजन-अर्चन किया। उन्होंने मां की आरती उतारी और सुखी, स्वस्थ व समृद्ध ...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रवादी विचारधारा के संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने देश भक्ति के साथ समानता का दर्शन दिया था। वे भारत माता को मिलने जा रही स्वतंत्रता को कायम रखने के महत्व को पहले ...
पठानकोट में बेकाबू निजी बस ने 4 लोगों को कुचला, दो की मौत
पठानकोट। पंजाब के पठानकोट-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में तेज रफ्तार निजी बस की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने बस में आग लगा दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति […] The post पठानकोट में बेकाबू निजी बस ने 4 लोगों को कुचला, दो की मौत appeared first on Sabguru News .
अकासा एयर के नेटवर्क में अक्टूबर में शामिल होगा जयपुर
जयपुर/नई दिल्ली। नवोदित विमान सेवा कंपनी अकासा एयर अक्टूबर में राजस्थान की राजधानी और गुलाबी शहर जयपुर से उड़ानें शुरू करेगी। एयरलाइंस ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वह 11 अक्टूबर से जयपुर से मुंबई और बेंगलूरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानें शुरू करेगी। उसका कहना है कि यह कदम प्रमुख पर्यटन, […] The post अकासा एयर के नेटवर्क में अक्टूबर में शामिल होगा जयपुर appeared first on Sabguru News .
गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार और विधानसभा प्रशासन की ओर से सत्र की तैयारियां ज़ोरों पर शुरू कर दी गई हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, गुजरात विधानसभा का मानसून सत्र सितंबर महीने के दूसरे सप्ताह में आयोजित ...
इटावा में दोस्तों की प्रताड़ना से परेशान मेकअप आर्टिस्ट कोमल मिश्रा ने की आत्महत्या
इटावा। उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित वृंदावन कॉलोनी में मेकअप आर्टिस्ट ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले महिला ने एक वीडियो बनाकर अपने पति को भेजा, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए पांच लोगों को जिम्मेदार ठहराया और अपने पति को […] The post इटावा में दोस्तों की प्रताड़ना से परेशान मेकअप आर्टिस्ट कोमल मिश्रा ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
सरकार ने आयुष दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियामक अनुपालन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेची जाने वाली आयुष दवाओं की निगरानी और नियंत्रण से जुड़े नए प्रावधान भी शामिल हैं।
डेविड वॉर्नर ने शराब पीकर गाड़ी चलाने की बात स्वीकारी
सिडनी। सिडनी थंडर के कप्तान डेविड वॉर्नर शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। वॉर्नर के वकील बॉबी हिल ने बताया कि उन्होंने ईस्टर संडे के दिन शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप को स्वीकार कर लिया है। वॉर्नर को बुधवार को वेवरली स्थानीय कोर्ट में पेश होने की […] The post डेविड वॉर्नर ने शराब पीकर गाड़ी चलाने की बात स्वीकारी appeared first on Sabguru News .
अमेरिका, ब्रिटेन, कतर और पाकिस्तान के प्रमुख समाचार संगठनों ने इस आंदोलन को भारत के समकालीन युवा आंदोलनों में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में पेश किया।
Kangana Ranaut attacks Rahul Gandhi जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच भाजपा सांसद कंगना रनौत ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से सवाल किया कि वे क्यों प्रधानमंत्री के आवास की ओर प्रदर्शन करना चाह रहे थे?
फ्रांस ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दी
पेरिस। फ्रांस की संसद ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दे दी है। बीएफएमटीवी ब्रॉडकास्टर ने यह जानकारी दी है। यह विधेयक एक सितंबर से लागू होगा। बीएफएमटीवी ने मंगलवार रात बताया कि विधेयक के समर्थन में 279 मत डाले गये जबकि […] The post फ्रांस ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दी appeared first on Sabguru News .
भारत की आत्मा हमेशा से एक ही रही है—जब कोई भूखा हो तो अपने हिस्से की रोटी भी बांट देना, जब कोई प्यासा हो तो अपना घड़ा आगे बढ़ा देना। यहां किसी को भोजन कराना केवल पेट भरना नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा और अपनत्व का सबसे पवित्र रूप माना गया है। यही हमारी ...
ब्रिटिश सरकार भारत को क्यों नहीं लौटाएगी सरस्वती प्रतिमा और कोहिनूर हीरा?
Dhar Bhojshala Vagdevi Statue: धार की भोजशाला से ब्रिटेन ले जाई गई जिस वाग्देवी (मां सरस्वती) की मूर्ति को वापस पाने के लिये करोड़ों लोगों की भावनाओं के परिप्रेक्ष्य में भारत सरकार अथक प्रयास करती रही है और लेकिन न तो ब्रिटिश कानून इसकी अनुमति देता ...
उत्तर प्रदेश: गोंडा में मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरे, टला बड़ा हादसा
उत्तर प्रदेश के गोंडा में बुधवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब यार्ड लाइन पर खड़ी एक मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना की सूचना मिलते ही मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) समेत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
म्यूचुअल फंड निवेशकों की चमकेगी किस्मत! SEBI के नए नियम से हाइब्रिड फंड्स में मचेगी धूम
अगर आप भी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव से डरते हैं, तो मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) आपके लिए एक शानदार तोहफा लेकर आया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी जल्द ही हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स (Hybrid Mutual Funds) की कैटेगरी में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। इस नए कदम के बाद एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMCs) बाजार में बिल्कुल नए रंग-रूप और एसेट एलोकेशन वाली स्कीमें लॉन्च कर सकेंगी, जो निवेशकों को इक्विटी और डेट के बीच एक बेहतरीन संतुलन प्रदान करेंगी।क्यों पड़ी हाइब्रिड फंड्स में नए नियमों की जरूरत?फिलहाल मार्केट में मौजूद हाइब्रिड फंड्स के नियम काफी सीमित हैं, जिससे फंड मैनेजर्स को बाजार की बदलती स्थितियों के हिसाब से एसेट बदलने में थोड़ी परेशानी होती है। सेबी का मुख्य उद्देश्य निवेशकों के जोखिम को कम करना और उनके रिटर्न को अधिकतम बनाना है। नए नियमों के आने के बाद हाइब्रिड फंड्स में फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन) काफी बढ़ जाएगी। रिपोर्टर सूत्रों के मुताबिक, नए फ्रेमवर्क के तहत फंड हाउसेज को ऐसी स्कीमें डिजाइन करने की आजादी मिलेगी, जो बाजार के क्रैश होने पर डेट (फिक्स्ड इनकम) में शिफ्ट हो जाएं और मार्केट के बूम होने पर इक्विटी (शेयर) का पूरा फायदा उठा सकें।नई स्कीमें कैसे बदलेंगी निवेश का तरीका?सेबी के इस फैसले के बाद देश के शीर्ष फंड हाउस जैसे एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड नई हाइब्रिड स्कीमें पेश करने की रेस में शामिल होने वाले हैं। इन आगामी स्कीमों में डायनेमिक एसेट एलोकेशन को और अधिक स्मार्ट बनाया जाएगा। इसका सीधा फायदा उन मध्यम जोखिम लेने वाले निवेशकों को होगा जो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं लेकिन शुद्ध रूप से इक्विटी फंड्स जितना जोखिम नहीं उठाना चाहते। यह नया बदलाव भारतीय घरेलू निवेशकों को एक सुरक्षित और ज्यादा संतुलित विकल्प देगा।निवेशकों को क्या होगा सीधा फायदा?विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई हाइब्रिड स्कीमों के आने से निवेशकों का पोर्टफोलियो खुद-ब-खुद रीबैलेंस होता रहेगा, जिससे टैक्स की देनदारी भी कम होगी। जब एक ही फंड में इक्विटी और डेट का सही मिश्रण मिलेगा, तो बाजार की बड़ी गिरावटों में भी आपका पैसा सुरक्षित रहेगा। यदि आप लखनऊ, दिल्ली-एनसीआर या मुंबई जैसे बड़े शहरों से लेकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के एक रिटेल इन्वेस्टर हैं, तो यह नई कैटेगरी आपके लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल गोल्स को पूरा करने में गेमचेंजर साबित हो सकती है। सेबी के इस फैसले पर अंतिम मुहर लगते ही बाजार में नई स्कीमों की बाढ़ आने की उम्मीद है।
तीन घंटे की हिरासत के बाद राहुल गांधी समेत सभी विपक्षी नेता रिहा
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विभिन्न नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के करीब तीन घंटे बाद मंगलवार रात को रिहा कर दिया गया। गांधी को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा किया […] The post तीन घंटे की हिरासत के बाद राहुल गांधी समेत सभी विपक्षी नेता रिहा appeared first on Sabguru News .
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस कार्रवाई को लेकर दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाते हुए संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और छात्रों की मांगों पर सरकार से बातचीत शुरू करने की मांग की। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
CJP Protest : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध के चलते दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा कारणों से 16 स्टेशनों को बंद करने का फैसला किया है। इस वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप के एक फैसले से भारतीय दवा बाजार में हड़कंप! इन 3 बड़े फार्मा शेयरों में भारी गिरावट, जानें वजह
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के एक नए नीतिगत ऐलान ने भारतीय शेयर बाजार, विशेषकर फार्मा सेक्टर (Pharmaceutical Sector) में तहलका मचा दिया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा आयातित जेनेरिक दवाओं (Generic Medicines) पर एक सख्त और चरणबद्ध टैरिफ प्लान (Import Tariff Roadmap) की घोषणा के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में लिस्टेड दिग्गज दवा कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में ही ग्लेनमार्क (Glenmark), बायोकॉन (Biocon) और ऑरोबिंदो फार्मा (Aurobindo Pharma) जैसी कंपनियों के शेयर 3 से 4 प्रतिशत तक टूट गए।ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट और नया टैरिफ प्लानअमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर इस बड़े फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका में जेनेरिक दवाओं के घरेलू उत्पादन (Reshore Generic Production) को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।ट्रंप के नए प्लान के मुताबिक, 1 अगस्त 2026 से अगले दो सालों के लिए अमेरिका में आने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर कोई आयात शुल्क (Zero Percent Tariff) नहीं लगेगा। लेकिन असली झटका इसके बाद शुरू होगा। अगस्त 2028 से इस टैरिफ को बढ़ाकर सीधे 100% कर दिया जाएगा और उसके अगले साल यानी अगस्त 2029 से यह बढ़कर 200% हो जाएगा। हालांकि, पेटेंट और ब्रांडेड दवाओं पर मौजूदा नीतियां पहले की तरह ही बनी रहेंगी।भारतीय दवा कंपनियों में क्यों मची है भगदड़?भारत को दुनिया की फार्मेसी (Pharmacy of the World) कहा जाता है। अमेरिकी बाजार में बिकने वाली लगभग 40% से अधिक जेनेरिक दवाएं भारत से ही निर्यात की जाती हैं। साल 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अमेरिका को 9.7 अरब डॉलर (करीब 81 हजार करोड़ रुपये) की दवाओं का निर्यात किया था, जो भारत के कुल वैश्विक फार्मा निर्यात का 38% हिस्सा है।मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही इस फैसले को लागू होने में अभी दो साल का वक्त है, लेकिन निवेशकों को डर है कि लंबे समय में भारतीय कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर इसका गहरा असर पड़ेगा। कंपनियों को या तो भारी टैक्स चुकाना होगा या फिर अमेरिका में ही भारी-भरकम निवेश कर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने होंगे।शेयर बाजार का हाल: निफ्टी फार्मा सबसे ज्यादा टूटाइस खबर के आते ही दलाल स्ट्रीट पर फार्मा शेयरों को बेचने की होड़ मच गई। शेयर बाजार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 'निफ्टी फार्मा इंडेक्स' (Nifty Pharma Index) करीब 2% तक लुढ़ककर सुबह के कारोबार में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स बन गया।बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ऑरोबिंदो फार्मा का शेयर सबसे ज्यादा 4.13% तक नीचे आ गया। वहीं, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के शेयर में 3.26% और बायोकॉन के शेयरों में 3.18% की बड़ी गिरावट देखी गई। बाजार की अन्य बड़ी कंपनियों जैसे सिप्ला (Cipla) 2.54%, सन फार्मा (Sun Pharma) 1.91% और डॉ. रेड्डीज लैब (Dr Reddy's) में भी करीब 1.86% की गिरावट दर्ज की गई।
LIVE: राहुल गांधी बोले, छात्रों के लिए न्याय की लड़ाई जारी रहेगी, CJP की युवाओं से अपील
Latest News Today Live Updates in Hindi : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना बुधवार को भी जारी। सोनम वांगचुक भी मेदांता अस्पताल में अनशन जारी रखे हुए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस मामले पर संसद में चर्चा चाहती है। सीजेपी ने छात्रों से ...
CJP Protest : जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में फूड डिलीवर कंपनियों के कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं। ये कर्मचारी आंदोलन का हिस्सा नहीं है। ये लोग यहां मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली समेत देशभर से मिले खाने के ऑडर्स की डिलिवरी के लिए ...
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भड़ली नवमी (Bhadli Navami) या 'भड्डरी नवमी' के नाम से जाना जाता है। इसे आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का समापन पर्व भी माना जाता है। हिंदू पंचांग में भड़ली नवमी को अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी की तरह ही एक अत्यंत पवित्र और 'अबूझ मुहूर्त' (Siddha / Un-calculated Auspicious Day) माना गया है। मान्यता है कि इस दिन कोई भी शुभ काम करने के लिए अलग से पंचांग देखने या मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। इसके बाद आषाढ़ देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाता है और भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं।खरीदारी, गृह प्रवेश और नए काम की शुरुआत के लिए उत्तम दिनभड़ली नवमी का दिन नया व्यापार शुरू करने, नया वाहन खरीदने, सोना-चांदी, मकान या जमीन की खरीदारी करने और गृह प्रवेश (Housewarming) के लिए बेहद फलदायी माना जाता है। आज के दिन किए गए दान-पुण्य और खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।गुरु अस्त होने के कारण विवाह और मांगलिक कार्यों पर रोकहालांकि भड़ली नवमी एक अबूझ मुहूर्त है और इस दिन आमतौर पर रिकॉर्ड शादियां होती हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस समय गुरु ग्रह (बृहस्पति) अस्त चल रहे हैं।हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, विवाह और सगाई जैसे मांगलिक कार्यों के लिए देवगुरु बृहस्पति का उदित और शुभ स्थिति में होना अनिवार्य होता है।गुरु के अस्त रहने के कारण इस भड़ली नवमी पर शादी-विवाह, मुंडन और जनेऊ जैसे बड़े संस्कारों पर पूरी तरह से रोक (Saha Break) लगी हुई है।अब शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त देवउठनी एकादशी के बाद ही शुरू होंगे जब चातुर्मास समाप्त होगा और गुरु ग्रह उदित होंगे।आज खरीदारी और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज भड़ली नवमी पर दिनभर पूजा-पाठ और खरीदारी के लिए शुभ योग बने हुए हैं:शुभ/अमृत चौघड़िया (प्रातःकाल): सुबह 07:15 बजे से 10:45 बजे तक (खरीदारी व नए कार्य के लिए श्रेष्ठ)अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक (सर्वश्रेष्ठ कार्य सिद्धि मुहूर्त)संध्या पूजा मुहूर्त: शाम 06:30 बजे से 08:15 बजे तक (मां दुर्गा व भगवान विष्णु की आरती)भड़ली नवमी पर करें ये 2 सरल उपाय:विष्णु-लक्ष्मी पूजा: पीले वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु को तुलसी दल और मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें।पीली वस्तुओं का दान: गुरु ग्रह के शुभ प्रभाव के लिए चने की दाल, बेसन, पीले वस्त्र या हल्दी का दान गरीबों या मंदिर में जरूर करें।
उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के 4,512 सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों और उनसे संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शिक्षा निदेशालय ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के ई-अधियाचन पोर्टल पर कुल 23,899 पदों का अधियाचन (Requisition) अपलोड कर दिया है। शिक्षा विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद आयोग जल्द ही इन रिक्तियों का सत्यापन कर विज्ञापन जारी करने की तैयारी में है।जानिए किन पदों पर होगी कितनी भर्तियां (पदों का विवरण)अधियाचन के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में शिक्षक और प्रशासनिक दोनों श्रेणी के पद शामिल हैं:पद का नामरिक्त पदों की संख्याटीजीटी (TGT - ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर)17,740पीजीटी (PGT - प्रवक्ता)2,615प्राइमरी में सहायक अध्यापक897एडेड हाई स्कूल में प्रधानाध्यापक1,172इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य1,475कुल पद23,899ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा अपलोड: पारदर्शी प्रक्रिया पर जोरUPESSC का नया ई-अधियाचन पोर्टल तैयार होने के बाद सभी संबंधित विभागों को ऑनलाइन रिक्तियों का विवरण भेजने के निर्देश दिए गए थे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक से अनुमति मिलने के बाद निदेशालय ने सभी रिक्त पदों का अंतिम आंकड़ा आयोग को भेज दिया है। आयोग द्वारा इन पदों की जांच और विषयवार (Subject-wise) वर्गीकरण पूरा करने के बाद आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिससे चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।पात्रता और चयन प्रक्रिया की मुख्य बातेंTGT (सहायक अध्यापक): सम्बंधित विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ बीएड (B.Ed) होना अनिवार्य है।PGT (प्रवक्ता): सम्बंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन (Master's Degree) के साथ बीएड अर्हता।चयन का आधार: चयन आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली लिखित परीक्षा और इंटरव्यू (जहाँ लागू हो) के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी।उत्तर प्रदेश में एक साथ इतने बड़े पैमाने पर शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की भर्ती निकलने से राज्य के उन हजारों युवाओं को सीधा फायदा मिलेगा जो पिछले लंबे समय से नई शिक्षक भर्ती के विज्ञापन का इंतजार कर रहे थे।
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की भक्ति और आराधना का समय होता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु सावन सोमवार और पूरे महीने के व्रत रखते हैं। अक्सर उपवास के दौरान सही खान-पान न होने से शरीर में कमजोरी, सुस्ती, डिहाइड्रेशन या एसिडिटी महसूस होने लगती है। ऐसे में ऐसा फलाहार चुनना जरूरी है जो बनाने में आसान और झटपट हो, स्वाद में लाजवाब हो और साथ ही दिनभर शरीर को भरपूर ऊर्जा (Energy) दे।1. मखाना और मूंगफली की कुरकुरी नमकीन (Quick Roasted Makhana Mix)क्यों है खास: मखाना (Fox Nuts) कैल्शियम और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो व्रत में हड्डियों को मजबूती देता है।बनाने की विधि: एक पैन में 1 चम्मच देसी घी गर्म करें। इसमें मखाने, मूंगफली के दाने और काजू-बादाम को धीमी आंच पर कुरकुरा होने तक भूनें। ऊपर से सेंधा नमक (Rock Salt), काली मिर्च पाउडर और भुना जीरा पाउडर मिलाकर एयरटाइट कंटेनर में रख लें। यह चाय के समय के लिए परफेक्ट और लो-कैलोरी स्नैक है।2. साबुदाना और शकरकंद की टिक्की (Sabudana Shakarkand Tikki)क्यों है खास: साबुदाना में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं जो तुरंत एनर्जी देते हैं, जबकि शकरकंद (Sweet Potato) फाइबर से भरपूर होता है जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है।बनाने की विधि: भीगे हुए साबुदाने में उबली और मैश की हुई शकरकंद, हरी मिर्च, बारीक कटा हरा धनिया, भुनी मूंगफली का पाउडर और सेंधा नमक मिलाएं। छोटे-छोटे कबाब या टिक्की का आकार दें और तवे पर थोड़ा सा घी डालकर हल्का शैलो फ्राई (Crispy Shallow Fry) करें। इसे दही या हरी धनिया-पुदीना की फलाहारी चटनी के साथ परोसें।3. सामा के चावल की फलाहारी खिचड़ी (Sama Chawal Khichdi)क्यों है खास: सामा या वरई के चावल बेहद हल्के और सुपाच्य (Easy to digest) होते हैं। यह पेट को भारी किए बिना दिनभर ऊर्जा बनाए रखते हैं।बनाने की विधि: एक कुकर या पैन में घी गर्म करें। उसमें जीरा, हरी मिर्च और कढ़ी पत्ता तड़काएं। अब छोटे कटे आलू, सेंधा नमक और धुले हुए सामा के चावल डालकर 2 मिनट भूनें। जरूरत के हिसाब से पानी डालकर 1-2 सीटी लगाएं। परोसते समय ऊपर से नींबू का रस और हरा धनिया डालें।4. कुट्टू और लौकी का चीला (Kuttu and Lauki Cheela)क्यों है खास: कुट्टू की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसमें कद्दूकस की हुई लौकी मिला देने से यह सुपाच्य, पौष्टिक और पेट के लिए ठंडा हो जाता है।बनाने की विधि: कुट्टू के आटे में कद्दूकस की हुई लौकी, थोड़ा सा दही, सेंधा नमक, काली मिर्च और पानी मिलाकर गाढ़ा बैटर तैयार करें। नॉन-स्टिक तवे पर हल्का घी लगाकर बैटर फैलाएं और दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेकें।व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य 3 हेल्थ टिप्स:पानी की कमी न होने दें: दिनभर में पर्याप्त पानी, नारियल पानी, लस्सी या नींबू पानी पीते रहें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।अत्यधिक तली-भुनी चीजों से बचें: ज्यादा कुट्टू की पूरी या तला हुआ साबुदाना खाने से एसिडिटी हो सकती है, इसलिए रोस्टेड या शैलो-फ्राई फलाहार को प्राथमिकता दें।ताजे फलों का सेवन करें: सेब, केला, अनार और पपीता जैसे फल पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं।
वैश्विक बाजार में मची उथल-पुथल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) पर देखने को मिल रहा है। त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह की तैयारियों के बीच सोने की कीमतों में मिला-जुला रुख बना हुआ है। सर्राफा विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में देख रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं के भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।विभिन्न कैरट के आधार पर सोने के ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम)भारतीय बाजार में आज अलग-अलग शुद्धता (Purity) के हिसाब से सोने के औसत भाव इस प्रकार हैं:24 कैरट सोना (99.9% शुद्ध): 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,44,380 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।22 कैरट सोना (91.6% शुद्ध): ज्वैलरी बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,32,360 प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई है।18 कैरट सोना (75% शुद्ध): 18 कैरेट सोने का रेट ₹1,08,320 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है।(नोट: ऊपर दिए गए दामों में लोकल टैक्स, मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी (GST) शामिल नहीं हैं, इसलिए आपके शहर के ज्वैलर के पास इन भावों में थोड़ा अंतर हो सकता है।)देश के प्रमुख शहरों में 24K और 22K सोने के रेट (प्रति 10 ग्राम)शहर22 कैरट (22K) सोने का भाव24 कैरट (24K) सोने का भावदिल्ली (Delhi)₹1,32,360₹1,44,380मुंबई (Mumbai)₹1,32,250₹1,44,270कोलकाता (Kolkata)₹1,32,250₹1,44,270चेन्नई (Chennai)₹1,32,360₹1,44,380बेंगलुरु (Bengaluru)₹1,32,250₹1,44,270अहमदाबाद (Ahmedabad)₹1,32,300₹1,44,320सोना खरीदते समय इन 3 बातों का जरूर रखें ध्यानहॉलमार्क (BIS Hallmarking) जरूर जांचें: सोना खरीदते समय उस पर बीआईएस हॉलमार्क का निशान और 6 अंकों का एचयूआईडी (HUID) नंबर जरूर देखें। 22 कैरेट पर 916 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।मेकिंग चार्ज और टैक्स का हिसाब लें: आभूषण खरीदते समय सोने के मूल भाव के अलावा मेकिंग चार्ज (Making Charges) और 3% जीएसटी का बिल अलग से जरूर बनवाएं।पक्का बिल मांगें: भविष्य में सोने को बेचने या एक्सचेंज करने में आसानी के लिए ज्वैलर से पक्का जीएसटी बिल लेना न भूलें।
आज के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार (Sensex & Nifty) में सतर्कता और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव, डोनाल्ड ट्रम्प की हालिया घोषणाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। क्रूड ऑयल में उछाल के कारण भारतीय रुपये (Rupee) पर भी दबाव बढ़ता दिख रहा है। इसके अलावा एशियाई बाजारों में मिले-जुले संकेतों के बीच GIFT Nifty भी शेयर बाजार की धीमी या सीमित दायरे में शुरुआत की ओर इशारा कर रहा है।आज इन बड़े स्टॉक्स में दिखेगा जोरदार एक्शन (Stocks to Watch Today):Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी): देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी अपने नए वाहनों के लॉन्च, बिक्री आंकड़ों और तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों के फोकस में बनी हुई है। ऑटो सेक्टर में मांग और प्रोडक्शन अपडेट्स के कारण शेयर में हलचल संभव है।Bandhan Bank (बंधन बैंक): बैंकिंग सेक्टर में जारी तेजी और ब्रोकरेज रिपोर्टों के सकारात्मक रुख के बीच बंधन बैंक का स्टॉक फोकस में रहेगा। बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) और लोन ग्रोथ को लेकर नई अपडेट्स पर बाजार की पैनी नजर है।Zomato / Eternal (जोमैटो / इटर्नल): फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स दिग्गज Zomato (Eternal) के पहली तिमाही (Q1 Earnings) के नतीजों, नए निवेशों और ब्लिंकिट (Blinkit) के विस्तार की खबरों के चलते यह स्टॉक आज भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम देख सकता है।Trident Ltd (ट्राइडेंट): टेक्सटाइल और होम टेक्सटाइल सेगमेंट की इस प्रमुख कंपनी में कॉर्पोरेट एक्शन, बिजनेस विस्तार और निर्यात ऑर्डर की खबरों के आधार पर शेयर विशिष्ट मूवमेंट देखने को मिल सकता है।MedPlus Health Services (मेडप्लस): रिटेल फार्मेसी चेन मेडप्लस में नए स्टोर्स के उद्घाटन और हालिया वित्तीय प्रदर्शन के बाद संस्थागत निवेशकों की खरीदारी की संभावना बनी हुई है।तिमाही नतीजों (Q1 Results) का दिखेगा बड़ा असरआज शेयर बाजार में कॉर्पोरेट अर्निंग्स का दबदबा रहने वाला है। अडानी पावर (Adani Power), नेस्ले इंडिया (Nestle India), बीपीसीएल (BPCL) और डॉ. रेड्डीज (Dr. Reddy's) जैसी कई दिग्गज कंपनियां अपनी जून तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित करने जा रही हैं। कंपनियों के रेवेन्यू, मार्जिन और भविष्य की गाइडलाइंस के आधार पर निफ्टी में सेक्टर-स्पेसिफिक तेजी या गिरावट दर्ज की जा सकती है।निवेशकों के लिए मुख्य रणनीति और सलाहबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए निवेशकों को आज संभलकर ट्रेड करना चाहिए। इंडेक्स स्तर पर आक्रामक दांव लगाने के बजाय सिर्फ मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों (Stock Specific Approach) और तिमाही नतीजों से प्रभावित स्टॉक्स पर ही फोकस करना फायदेमंद रहेगा।
अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत 4 साल की सेवा पूरी करके बाहर निकलने वाले पूर्व अग्निवीरों (Ex-Agniveers) के करियर और रोजगार को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय (MHA) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF - जैसे BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB) और असम राइफल्स में होने वाली भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता देने और 50 प्रतिशत तक आरक्षण व विशेषाधिकार देने की दिशा में संशोधन किए गए हैं। सरकार के इस कदम से 4 साल बाद सेना से सेवानिवृत्त होने वाले युवाओं को एक सुरक्षित और स्थायी करियर विकल्प मिलेगा।उम्र सीमा में छूट: पहले बैच और सामान्य बैच के लिए अलग नियमपूर्व अग्निवीरों के लिए CAPF कांस्टेबल भर्तियों में आयु सीमा (Age Limit) को लेकर भी बड़ा ढील दिया गया है:प्रथम बैच के अग्निवीर: अग्निपथ योजना के पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा में अधिकतम 5 वर्ष की छूट दी जाएगी।भविष्य के बैच के अग्निवीर: पहले बैच के बाद आने वाले सभी अग्निवीरों को आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट का लाभ मिलता रहेगा।इस छूट के कारण, जो अग्निवीर 4 साल की सेवा के बाद बाहर आएंगे, वे बिना किसी परेशानी के CAPF भर्तियों में आवेदन कर सकेंगे।शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से मिलेगी पूरी तरह छूटपूर्व अग्निवीरों के लिए एक और बड़ी राहत यह है कि उन्हें CAPF और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) भर्ती के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test - PET) देने की आवश्यकता नहीं होगी। चूंकि अग्निवीर पहले ही भारतीय थल सेना, नौसेना या वायुसेना में कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें शारीरिक रूप से फिट माना जाएगा और वे सीधे लिखित परीक्षा और अन्य चयन प्रक्रियाओं में भाग ले सकेंगे।देश के प्रमुख अर्धसैनिक बलों ने तैयार किया स्पेशल ब्लूप्रिंटसीआईएसएफ (CISF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), और सीआरपीएफ (CRPF) जैसे प्रमुख अर्धसैनिक बलों के महानिदेशकों ने स्पष्ट किया है कि उनके यहां निकलने वाली कांस्टेबल भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए सीटें आरक्षित रखी जाएंगी। इस फैसले से न केवल युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि अर्धसैनिक बलों को पहले से ही प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवी जवान मिलेंगे, जिससे बलों की दक्षता और परिचालन क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा।
Top News 22 July : पीएम ऑफिस के पास धरना दे रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रिहा किया। दिल्ली में झड़प के बाद गुरुवारा बना घायल प्रदर्शनकारियों का सहारा। छात्र आंदोलन पर पहली बार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान, कहा-राहुल गांधी छात्रों का ...
70 के दशक में जब बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) का जादू देश के सिर चढ़कर बोल रहा था, तब उनका अनोखा ड्रेसिंग स्टाइल हर युवा का फैशन स्टेटमेंट बन गया था। काका का वो ढीला-ढाला 'गुरु कुर्ता' और सफारी सूट पूरे देश में ट्रेंड कर रहा था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि राजेश खन्ना के इन आइकोनिक कपड़ों को सिलने और डिजाइन करने के पीछे मुंबई के एक मशहूर दर्जी बलदेव पाठक (Baldev Pathak) का हाथ था। बलदेव पाठक की कारीगरी का ऐसा जलवा था कि उनके पास रोजाना हजारों कुर्तों के ऑर्डर आते थे और दूर-दूर से लोग उनसे कपड़े सिलवाने मुंबई पहुंचते थे।नसीरुद्दीन शाह और पंकज कपूर से अनूठा पारिवारिक नाताबलदेव पाठक का यह फिल्मी कनेक्शन आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित कलात्मक परिवारों में बदल गया। दरअसल, बलदेव पाठक का रिश्ता बॉलीवुड के दो सबसे महान अभिनेताओं—नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) और पंकज कपूर (Pankaj Kapur) से बना।नसीरुद्दीन शाह की शादी बलदेव पाठक की बड़ी बेटी रत्ना पाठक शाह (Ratna Pathak Shah) से हुई।वहीं पंकज कपूर ने बलदेव पाठक की छोटी बेटी सुप्रिया पाठक (Supriya Pathak) से विवाह किया।इस तरह राजेश खन्ना के कपड़े डिजाइन करने वाले बलदेव पाठक रिश्ते में नसीरुद्दीन शाह और पंकज कपूर दोनों के ससुर (Father-in-law) बने।सास से लेकर बेटियां तक: एक्टिंग की दुनिया में कायम किया राजबलदेव पाठक ने अपने जमाने की दिग्गज और कालजयी अभिनेत्री दीना पाठक (Dina Pathak) से शादी की थी। दीना पाठक ने 'गोलमाल', 'खूबसूरत' और 'मिर्च मसाला' जैसी अनगिनत फिल्मों में मां और दादी के किरदारों से भारतीय सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी।रत्ना पाठक शाह: 'साराभाई वर्सेस साराभाई' में 'माया साराभाई' के किरदार से हर दिल अजीज बनीं और 'जाने तू या जाने ना', 'कपूर एंड संस' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया।सुप्रिया पाठक: 'खिचड़ी' में अपने आइकॉनिक किरदार 'हंसा' और फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' में 'धनकोर बा' के नेगेटिव रोल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराही गईं।काका का करियर ढलान पर आते ही बदला परिवार का वक्तजब 70 के दशक के अंत में राजेश खन्ना का स्टारडम धीरे-धीरे कम होने लगा, तो उसका सीधा असर बलदेव पाठक के टेलरिंग बिजनेस पर भी पड़ा। कुछ समय बाद उनका देहांत हो गया। हालांकि, उनकी पत्नी दीना पाठक और उनकी दोनों बेटियों ने अपने अभिनय और मेहनत के दम पर भारतीय थिएटर, टेलीविजन और हिंदी सिनेमा की दुनिया में एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जो आज मिसाल बन चुका है।
बॉलीवुड में जब भी आइकोनिक विलेन्स (Iconic Villains) और खतरनाक डाकुओं के किरदारों की बात होती है, तो फिल्म 'चाइना गेट' (China Gate) का खूंखार डाकू 'जागिरा' हर सिनेमा प्रेमी के जेहन में उभर आता है। इस खौफनाक और यादगार किरदार को पर्दे पर जीवंत किया था बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता मुकेश तिवारी (Mukesh Tiwari) ने। बहुत कम लोग जानते हैं कि अपनी पहली ही फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाले मुकेश तिवारी ने इस रोल को वास्तविक और डरावना बनाने के लिए किस हद तक त्याग किया था।डाकू 'जागिरा' बनने के लिए 50 दिनों तक नहीं नहाए थे मुकेश तिवारी'चाइना गेट' फिल्म में डाकू जागिरा की बॉडी लैंग्वेज, गंदे कपड़े और भयानक लुक को बिल्कुल रियल दिखाने के लिए मुकेश तिवारी ने लगातार 50 दिनों तक न नहाने का बेहद कठिन फैसला लिया था। राजस्थान और जंगलों के कठोर इलाकों में शूटिंग के दौरान उन्होंने शरीर पर मिट्टी, पसीना और गंदगी जमने दी ताकि किरदार में किसी भी तरह का बनावटीपन या मेकअप का ढोंग न नजर आए। उनकी इस अभूतपूर्व मेहनत और अभिनय का ही नतीजा था कि फिल्म के रिलीज होते ही 'जागिरा' का खौफ दर्शकों के दिलों-दिमाग पर छा गया और उन्हें पहली ही फिल्म से स्टारडम मिल गया।'वसूली भाई' बनकर कॉमेडी से जीता सबका दिलडाकू जागिरा के रूप में भयानक विलेन की भूमिका निभाने के बाद, मुकेश तिवारी ने खुद को एक ही इमेज में बंधने नहीं दिया। रोहित शेट्टी की ब्लॉकबस्टर गोलमाल (Golmaal) सीरीज में उन्होंने 'वसूली भाई' का कालजयी कॉमेडी किरदार निभाया। खूंखार डाकू से लेकर कॉमिक विलेन तक का उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों को खूब रास आया और 'वसूली भाई' का डायलॉग और अंदाज आज भी मीम्स और पॉप कल्चर का हिस्सा बना हुआ है। इसके अलावा उन्होंने 'गंगाजल', 'अपहरण', और 'चेन्नई एक्सप्रेस' जैसी ढेरों हिट फिल्मों में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया।4000 करोड़ी महाकाव्य 'रामायण' में निभाएंगे अगस्त्य मुनि का किरदारमुकेश तिवारी के करियर में अब एक और बहुत बड़ा और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही देश की सबसे भव्य और 4000 करोड़ रुपये के बजट वाली मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' (Ramayana) में वे एक बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आने वाले हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुकेश तिवारी इस फिल्म में महान ऋषियों में श्रेष्ठ 'अगस्त्य मुनि' (Agastya Muni) का किरदार निभाएंगे। अपनी दमदार आवाज और गंभीर अभिनय शैली के लिए जाने जाने वाले मुकेश तिवारी को इस पौराणिक और सम्मानजनक भूमिका में देखना दर्शकों के लिए एक अद्भुत अनुभव होगा।
भारत की पहली मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (Bullet Train Project) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अपडेट सामने आया है। भारत सरकार और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इस प्रोजेक्ट में बड़ा फेरबदल करते हुए जापान की प्रसिद्ध 'E10 शिंकानसेन' (E10 Shinkansen) ट्रेन सेट की जगह स्वदेशी रूप से निर्मित 'B-28' ट्रेन सेट चलाने का फैसला किया है। 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल के तहत लिया गया यह फैसला भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और विदेशी निर्भरता को कम करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।कीमत और शर्तों को लेकर फंसा था पेंच, अब भारत खुद बनाएगा हाई-स्पीड ट्रेनदरअसल, शुरुआती योजना के तहत जापान से E10 सीरीज की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन आयात (Import) की जानी थी। हालांकि, जापानी कंपनियों द्वारा दी जा रही ऊंची कीमतों, डिलीवरी टाइमलाइन में देरी और रखरखाव (Maintenance) की शर्तों को लेकर बातचीत एक लंबे समय से अटकी हुई थी। इसके बाद रेल मंत्रालय और भारतीय इंजीनियरों ने फैसला किया कि देश की अपनी वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat) की सफलता की तर्ज पर ही 250 से 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम बुलेट ट्रेन का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।B-28 ट्रेन सेट की खासियतें और रेलवे को होने वाली भारी बचत'B-28' बुलेट ट्रेन सेट का निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) चेन्नई और देश के अन्य प्रमुख रेल कारखानों में किया जाएगा।320 किमी/घंटा की रफ्तार: यह ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की दूरी को महज 2 घंटे के आसपास समय में पूरा करने में सक्षम होगी।अरबों रुपये की बचत: विदेश से तैयार ट्रेनें आयात करने के मुकाबले देश में निर्माण करने से परियोजना की लागत में हजारों करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी।भारतीय जलवायु के अनुकूल: B-28 ट्रेन सेट को भारत के बढ़ते तापमान, धूल और मानसूनी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विशेष रूप से डिजाइन किया जा रहा है।वर्ल्ड क्लास सुविधाएं: इसमें एयरोडायनामिक डिजाइन, रोटेटिंग सीट्स, आधुनिक सुरक्षा तकनीक (कवच सिस्टम का हाई-स्पीड वेरिएंट) और वाई-फाई/इन्फोटेनमेंट की सुविधाएं मौजूद होंगी।कब तक शुरू होगी देश की पहली बुलेट ट्रेन?गुजरात के सूरत से बिलिमोरा के बीच का पहला सेक्शन ट्रायल के लिए तेजी से तैयार किया जा रहा है। स्वदेशी B-28 ट्रेन सेट के आने से प्रोजेक्ट में तेजी आने की उम्मीद है। यह कदम न केवल भारत को उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल करेगा जो खुद अपनी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन बनाने की क्षमता रखते हैं, बल्कि भविष्य में भारत अन्य विकासशील देशों को भी अपनी बुलेट ट्रेन निर्यात (Export) कर सकेगा।
हमेशा गंभीर क्यों नजर आते हैं शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान? को-एक्टर राघव जुयाल ने खोली दिल की बात
बॉलीवुड के 'किंग खान' यानी शाहरुख खान के लाडले बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपने सख्त और रिजर्व अंदाज के लिए भी हमेशा चर्चा में रहते हैं। आपने भी अक्सर नोटिस किया होगा कि आर्यन खान शायद ही कभी किसी पब्लिक प्लेस या कैमरे के सामने हंसते या मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। वह हमेशा एक गंभीर और शांत मुद्रा में ही दिखाई देते हैं। अब इसी रहस्य से पर्दा उठाते हुए उनके को-एक्टर और करीबी दोस्त राघव जुयाल ने एक इंटरव्यू में इसके पीछे की असली वजह का खुलासा किया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।राघव जुयाल ने बताई आर्यन के पब्लिक में न हंसने की वजहडांसर से बेहतरीन अभिनेता बने राघव जुयाल इन दिनों अपनी प्रोफेशनल सक्सेस के साथ-साथ आर्यन खान के साथ अपनी गहरी दोस्ती को लेकर भी सुर्खियों में हैं। हाल ही में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की अपकमिंग वेब सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में राघव जुयाल को एक अहम किरदार निभाने का मौका मिला है, जिसके बाद से दोनों के बीच काफी अच्छी बॉन्डिंग हो गई है। पिंकविला के साथ हाल ही में हुई एक खास बातचीत के दौरान जब राघव से यह सवाल पूछा गया कि आखिर आर्यन खान हर पब्लिक इवेंट में इतने सीरियस क्यों दिखते हैं और कभी मुस्कुराते क्यों नहीं हैं? तो इस पर राघव ने बहुत ही दिलचस्प जवाब दिया।'वह कोई बनावटीपन नहीं दिखाना चाहता'आर्यन खान के स्वभाव के बारे में खुलकर बात करते हुए राघव जुयाल ने बताया कि, वह दुनिया को दिखाने के लिए कुछ भी नकली या बनावटीपन नहीं करना चाहता। मुझे नहीं लगता कि वह किसी भी तरह का ढोंग करना पसंद करता है। वह जैसा है, बिल्कुल वैसा ही सबके सामने रहता है और मुझे लगता है कि उसे वैसे ही रहने देना चाहिए। अंदर से वह एक बेहद क्रिएटिव, सहज और दयालु किस्म का इंसान है। राघव ने आगे बताया कि मीडिया और कैमरे के सामने रहने पर आर्यन को एक अजीब सा डर या संकोच महसूस होता है, जिसे वह कैमरे का फोबिया भी कह सकते हैं। वह जानबूझकर एटीट्यूड में नहीं रहते, बल्कि उनका स्वभाव ही ऐसा है।क्लोज फ्रेंड ने खोली पोल, घर में करते हैं खूब मस्तीजब राघव से यह पूछा गया कि क्या आर्यन घर या दोस्तों के बीच भी ऐसे ही गंभीर रहते हैं, तो उन्होंने हंसते हुए इसका खंडन किया। राघव ने खुलासा किया कि आर्यन अपनी पर्सनल लाइफ और दोस्तों के बीच बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आते हैं। घर पर वह खुलकर हंसते हैं, मजाक करते हैं और दोस्तों के साथ जमकर मस्ती करते हैं। उनके अंदर एक छोटे बच्चे जैसी मासूमियत छिपी है, जिसे सिर्फ उनके करीबी लोग ही देख पाते हैं। बता दें कि राघव जुयाल ने हाल ही में एक शानदार प्राइवेट बर्थडे पार्टी भी प्लान की थी, जिसमें आर्यन खान और बॉबी देओल समेत उनके कई करीबी दोस्त शामिल हुए थे।
देशभर में चर्चित मेघालय हनीमून मर्डर केस (राजा रघुवंशी हत्याकांड) में सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट की पीठ (जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले) ने मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि वे या तो स्वेच्छा से आत्मसमर्पण (Surrender) कर दें या फिर अदालत राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी जमानत रद्द करने का आदेश पारित करेगी। शीर्ष अदालत मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाई कोर्ट द्वारा सोनम को दी गई जमानत के फैसले को चुनौती दी गई है।टाइप की एक छोटी गलती के आधार पर मिली थी निचली अदालत से राहतपूरा मामला इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हुई संदिग्ध हत्या से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। शिलांग की निचली अदालत और बाद में मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम को इस तकनीकी आधार पर जमानत दे दी थी कि गिरफ्तारी के वक्त तैयार किए गए कागजातों में धारा 103 BNS (हत्या) की जगह गलती से धारा 403 BNS टाइप हो गया था। इसे 'अरेस्ट ग्राउंड्स' की सही जानकारी न देना मानते हुए जमानत दी गई थी।मेघालय सरकार की दलील: 'टाइपो एरर' को आधार बनाकर दी गई राहत गलतसुप्रीम कोर्ट में मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि यह केवल एक क्लर्क की टाइपिंग की गलती थी, जबकि अन्य 6 दस्तावेजों पर स्पष्ट रूप से हत्या के आरोप दर्ज थे और आरोपी ने उन पर दस्तखत भी किए थे। सरकार ने तर्क दिया कि सोनम ने पहली तीन जमानत अर्जियां खारिज होने तक कभी इस बात पर आपत्ति नहीं जताई। गंभीर मर्डर केस में इतनी मामूली प्रक्रियात्मक चूक के आधार पर जमानत देना न्यायसंगत नहीं है।अदालत का संदेश: मुख्य गवाहों के बयान होने तक जेल में रहना बेहतरसुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए आरोपी के वकील से कहा कि अदालत को मामले में कई खामियां दिखी हैं और बेहतर यही होगा कि आरोपी खुद सरेंडर कर दे। पीठ ने संकेत दिया कि मुख्य अभियोजन गवाहों (Prosecution Witnesses) की गवाही और बयान दर्ज होने के बाद ही जमानत याचिका पर दोबारा विचार किया जा सकता है। अदालत ने सोनम के वकील को निर्णय लेने के लिए समय दिया है।
'न्याय में देरी न्याय न मिलने के बराबर है' (Justice delayed is justice denied) की कहावत हम अक्सर सुनते हैं, लेकिन जब न्याय आखिरकार मिलता है, तो वह व्यवस्था पर जनता के विश्वास को और मजबूत कर देता है। कुछ ऐसा ही मामला देश की शीर्ष अदालत (Supreme Court) में देखने को मिला, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक पूर्व अधिकारी को अपने हक और सम्मान के लिए पूरे 25 वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की समीक्षा करते हुए पीड़ित अधिकारी के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें उनके सभी बकाए व सेवा लाभ देने का निर्देश देकर एक मिसाल कायम की है।क्या था पूरा मामला और क्यों शुरू हुई थी कानूनी जंग?यह मामला दो दशक से भी अधिक समय पहले शुरू हुआ था, जब सीआरपीएफ में कार्यरत इस अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई के तहत गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए गए थे। अधिकारी का कहना था कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण, नियमों के खिलाफ और प्रशासनिक खामियों से भरी थी। बिना सही प्रक्रिया अपनाए और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए बिना ही उनके करियर और पेंशन से जुड़े लाभों पर कुठाराघात किया गया था। अपने आत्मसम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने अदालतों का दरवाजा खटखटाया।निचली अदालतों से लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत तक का सफरविभागीय ट्रिब्यूनल से लेकर हाई कोर्ट तक कई सालों तक यह मामला खिंचता रहा। हर मोड़ पर कानूनी पेचीदगियों और तारीखों के दौर से गुजरते हुए आखिरकार यह याचिका देश की सर्वोच्च अदालत पहुंची। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि अधिकारी के खिलाफ की गई विभागीय जांच में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) का घोर उल्लंघन किया गया था। कोर्ट ने माना कि बिना पुख्ता सबूतों और सही प्रक्रिया के किसी निष्ठावान अधिकारी को इस तरह प्रताड़ित नहीं किया जा सकता।सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: सेवा लाभ और पेंशन का भुगतान करने का आदेशसुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक रवैये पर कड़ी टिप्पणी करते हुए आदेश दिया कि पीड़ित अधिकारी को उनके पद से जुड़े सभी बकाया वेतन, पदोन्नति के लाभ और पेंशन संबंधी भत्ते पूरे सम्मान के साथ दिए जाएं। इस ऐतिहासिक फैसले ने यह संदेश दे दिया है कि देश के सुरक्षा बलों में काम करने वाले जवानों और अधिकारियों के अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता, चाहे इसमें कितना भी समय क्यों न लग जाए। न्याय मिलने के बाद पूर्व अधिकारी और उनके परिवार ने न्यायपालिका के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
झारखंड को मिलने जा रहा पहला फिल्म और टेलीविजन संस्थान, SRFTI और JFDCL के बीच आज होगा ऐतिहासिक एमओयू
झारखंड के कला, संस्कृति और फिल्म जगत के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। राज्य में फिल्म निर्माण, अभिनय और इसकी शिक्षा को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए झारखंड सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में आज रांची के प्रोजेक्ट भवन में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह करार राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के अधीन कार्यरत झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDCL) और कोलकाता के प्रतिष्ठित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के बीच संपन्न होगा, जिसके बाद राज्य में पहले फिल्म संस्थान का रास्ता साफ हो जाएगा।राज्य में खुलेगा 'झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (JFTI)इस बहुप्रतीक्षित एमओयू के धरातल पर उतरते ही झारखंड में 'झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (JFTI) की स्थापना का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो जाएगा। आज आयोजित होने वाले इस हस्ताक्षर समारोह के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थाओं के बीच कार्यों का बेहतरीन बंटवारा किया गया है, जहाँ जेएफडीसीएल संस्थान के वित्तीय प्रबंधन और सुचारू संचालन की कमान संभालेगा, वहीं देश का नामी संस्थान एसआरएफटीआई अकादमिक ढांचे को विकसित करने, विश्वस्तरीय पाठ्यक्रम तैयार करने और तकनीकी विशेषज्ञता व फैकल्टी उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी निभाएगा।स्थानीय युवाओं को मिलेगा ग्लोबल स्तर का टेक्निकल ट्रेनिंगइस नए संस्थान के खुलने से झारखंड के प्रतिभाशाली युवाओं को अब फिल्म निर्देशन, अभिनय, सिनेमैटोग्राफी, फिल्म एडिटिंग और अन्य तकनीकी बारीकियों को सीखने के लिए मुंबई या कोलकाता जैसे दूसरे बड़े राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। पाठ्यक्रम को इस प्रकार से डिजाइन किया जाएगा कि राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च कोटि का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके। इससे न केवल झारखंड की छिपी हुई प्रतिभाओं को एक मजबूत मंच मिलेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ फिल्म उद्योग और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी एक नई राष्ट्रीय पहचान हासिल होगी।फिल्मकारों के लिए हमेशा से पसंदीदा डेस्टिनेशन रहा है झारखंडझारखंड की आबोहवा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य लंबे समय से देश-दुनिया के फिल्मकारों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं। इतिहास गवाह है कि महान फिल्मकार ऋत्विक घटक ने अपनी कई चर्चित फिल्मों और वृत्तचित्रों की शूटिंग इसी माटी पर की थी, जबकि लीजेंडरी डायरेक्टर सत्यजीत रे की प्रसिद्ध फिल्म ‘अरण्येर दिनरात्रि’ की शूटिंग पलामू के बेतला और केचकी के जंगलों में हुई थी। इसके अलावा बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्में और वेब सीरीज जैसे ‘काला पत्थर’, ‘मृगया’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘जामताड़ा’ और ‘खाकी’ का नाता भी झारखंड की अद्भुत पृष्ठभूमि और लोकेशंस से गहरा रहा है। अब इस नए संस्थान के आने से इन संभावनाओं को और पंख लगेंगे।
मानसून का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाता है, वहीं अपने साथ कई तरह के स्वास्थ्य जोखिम और त्वचा संबंधी समस्याएं भी लेकर आता है। बारिश के दिनों में अक्सर दफ्तर, स्कूल या बाजार जाते समय जूते-जुराबें पानी में भीग जाते हैं। कई लोग मजबूरी में या आलस के कारण घंटों तक वही गीले जूते और सीली हुई जुराबें पहने रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डर्मेटोलॉजिस्ट्स (त्वचा विशेषज्ञों) के अनुसार, गीले जूते लंबे समय तक पहने रखना पैरों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह आदत न केवल पैरों से बदबू का कारण बनती है, बल्कि गंभीर फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन को भी न्योता देती है।1. फंगल इंफेक्शन और एथलीट फुट (Athlete's Foot) का खतराजब जूते और जुराबें अंदर से गीले होते हैं, तो पैर लंबे समय तक नमी और गर्मी के माहौल में बंद रहते हैं। यह नमी बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद जगह बनाती है। इसके कारण उंगलियों के बीच की त्वचा गलने लगती है, जिसमें तेज खुजली, रेडनेस, छालों और दर्द की समस्या हो जाती है। इसे मेडिकल भाषा में 'एथलीट फुट' या टिनिया पेडिस (Tinea Pedis) कहा जाता है।2. पैरों से भयंकर बदबू (Smelly Feet) और बैक्टीरियल ग्रोथगीले जूतों में हवा का आना-जाना बंद हो जाता है, जिससे पसीना और बारिश का मटमैला पानी मिलकर बैक्टीरिया का घर बन जाते हैं। ये बैक्टीरिया पैरों की त्वचा पर पनपकर बदबूदार गैसें छोड़ते हैं। इसके कारण जूते उतारते ही कमरे में तेज दुर्गंध फैल जाती है, जो व्यक्ति को दूसरों के सामने शर्मिंदा भी कर सकती है।3. ट्रेंच फुट (Trench Foot) और नाखूनों का सड़ना (Onychomycosis)यदि आपके पैर रोजाना कई घंटों तक पानी या गीले जूते में रहते हैं, तो नसों में रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इससे 'ट्रेंच फुट' नाम की स्थिति पैदा हो जाती है, जिसमें पैर सुन्न पड़ जाते हैं और उनमें ऐंठन होने लगती है। इसके अलावा, गीलापन पैरों के नाखूनों के अंदर तक घुस जाता है, जिससे नाखून पीले, मोटे और कमजोर होकर टूटने लगते हैं।बरसात के मौसम में पैरों की सुरक्षा और देखभाल के 5 आसान उपायमानसून के दौरान पैरों को इंफेक्शन से बचाने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:गीले जूते-जुराबें तुरंत उतारें: भीगे हुए जूते या जुराबों में ज्यादा देर न रहें। काम पर पहुंचते ही या घर आते ही इन्हें तुरंत बदल लें।पैरों को अच्छी तरह सुखाएं: पैर धोने के बाद उंगलियों के बीच की जगह को किसी सूखे और साफ तौलिए से पोंछना कभी न भूलें।एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल: जूते पहनने से पहले पैरों पर और जूतों के अंदर एंटी-फंगल या टैलकम पाउडर छिड़कें, ताकि नमी सोखी जा सके।सही फुटवियर का चुनाव: बारिश के दिनों में चमड़े या कैनवास के जूतों के बजाय वॉटरप्रूफ फ्लोटर्स, रबर की सैंडल या ओपन-टो फुटवियर पहनें।नेचुरल ड्रायर का इस्तेमाल: जूतों को सुखाने के लिए उनके अंदर पुराना अखबार ठूंसकर रख दें, अखबार सारी नमी सोख लेगा और जूते जल्दी सूख जाएंगे।
त्रिपुरा के डीजीपी की मौत का राज कब खुलेगा, आज बागपत में राजकीय सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 20 जुलाई को अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में उनका शव मिलने के बाद से ही यह सवाल हर किसी के जेहन में उठ रहा है कि आखिर राज्य के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी ने अपने ही दफ्तर में ऐसा कदम क्यों उठाया। इस सनसनीखेज मामले की जांच त्रिपुरा पुलिस द्वारा बेहद गंभीरता से की जा रही है, ताकि मौत के पीछे छिपे हर एक राज से पर्दा उठाया जा सके।पैतृक जिले बागपत पहुंचा पार्थिव शरीर, आज होगी अंत्येष्टित्रिपुरा के दिवंगत डीजीपी अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात उनके पैतृक जिले बागपत पहुंच गया। त्रिपुरा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) की अगुवाई में एक पुलिस टीम उनके पार्थिव शरीर को लेकर बड़ौत पहुंची। फिलहाल उनका पार्थिव शरीर बड़ौत के गांधी रोड स्थित उनके छोटे भाई रविराज के आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में रिश्तेदार, गणमान्य लोग और स्थानीय निवासी पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। बुधवार सुबह करीब 9 बजे बड़ौत में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें कई प्रशासनिक और पुलिस के बड़े अधिकारी शामिल होंगे।साधारण परिवार से निकलकर आईपीएस बनने तक का सफरमूल रूप से बागपत जनपद के बिहारीपुर गांव के रहने वाले अनुराग धनखड़ की शुरुआती जिंदगी काफी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रही है। उनका जन्म बिहारीपुर गांव की एक पुरानी हवेली में हुआ था और उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा गांव के ही स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद सरूरपुर खेड़की के कॉलेज से इंटरमीडिएट और जनता वैदिक महाविद्यालय बड़ौत से बीएससी (कृषि) की डिग्री हासिल की। अपनी मेहनत के दम पर वे पहले बड़ौत के सिंडिकेट बैंक में फील्ड ऑफिसर के पद पर चयनित हुए, लेकिन उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था। बैंक की नौकरी के साथ तैयारी जारी रखते हुए वे 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बने और त्रिपुरा कैडर पाकर अपने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया।गांव में पसरा मातम, वर्षों से बंद पड़ी है पैतृक हवेलीडीजीपी अनुराग धनखड़ के आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव बिहारीपुर और पूरे बड़ौत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण और सगे-सम्बन्धी दिनभर उनके पार्थिव शरीर के आने का इंतजार करते रहे। गांव के लोगों ने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि उनका पूरा परिवार कभी बिहारीपुर की इसी हवेली में रहता था, लेकिन नौकरी लगने के बाद सभी लोग बाहर बस गए और पिछले कई सालों से इस हवेली पर ताला लटका हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वे करीब 25 साल पहले आखिरी बार किसी शादी समारोह में शामिल होने अपने गांव आए थे। फिलहाल इसtragic घटना से पूरे परिवार और क्षेत्र में गम का माहौल है।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बिजली चोरी की रिपोर्ट करने के लिए ऐप लॉन्च किया
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित विद्युत भवन से एक खास ऐप लॉन्च किया। यह ऐप लोगों को बिजली चोरी की रिपोर्ट करने में मदद करेगा।
बिहार: मैथिली ठाकुर ने बांकीपुर में भाजपा की जीत का किया दावा, सोशल मीडिया पर सख्त कानून का समर्थन
भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाली पोस्ट और सट्टेबाजी के खिलाफ प्रस्तावित कानून का समर्थन किया। साथ ही, उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव, विधानसभा से तेजस्वी यादव की गैर-मौजूदगी और स्कूलों को भगवा रंग में रंगने के मुद्दे पर भी टिप्पणी की।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल किया गया शिफ्ट, अनशन जारी रखने का ऐलान
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में मंगलवार शाम सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया
जंतर-मंतर पर अराजक तत्वों को कब्जा नहीं करने देंगे: भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला
भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष के नेताओं की आलोचना की और आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक फायदे के लिए विघटनकारी ताकतों का समर्थन कर रहा है।
मध्य प्रदेश: यूसीसी विधेयक पारित होने से भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस आमने-सामने आ गई। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ निशाना साधा है।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कल दिनांक 22 जुलाई, 2026 (बुधवार) को बरेली में प्रवास करेंगे, जनपद भ्रमण पर विभिन्न प्रस्तावित किये गये है जिसमें प्रशासनिक बैठक, मीडिया बन्धुओं के साथ प्रेेसवार्ता, गठनात्मक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण एवं अन्य कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। समीक्षा बैठक के उपरांत केशव प्रसाद मौर्य मीडिया प्रतिनिधियों से प्रेस वार्ता करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 11:40 बजेउप मुख्यमंत्री सर्किट हाउस, बरेली में पार्टी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके उपरांत 12:50 बजे श्री मौर्यकलेक्ट्रेट सभागार, बरेली में जनपद के समस्त विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था तथा विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।तत्पश्चात अपराह्न 3:00 बजेकेशव जीनिर्मल रिजॉर्ट, ए- मिनी बाइपास, थाना- इज्जतनगर, बरेली में आयोजित बूथ अध्यक्ष सम्मेलन (124 शहर विधानसभा, बरेली) में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे तथा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।
केशव प्रसाद मौर्य ने आज ग्राम्य विकास विभाग के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से ‘ग्राम चौपाल’ आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम चौपाल जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी मंच बनेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। ग्राम चौपाल में प्राप्त होने वाली शिकायतों एवं समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी विषय का तत्काल निस्तारण संभव न हो तो उसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर संबंधित अधिकारी उसकी नियमित निगरानी करें तथा शिकायतकर्ता को प्रगति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य गांवों में सुशासन, विकास और जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करना है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित ग्राम चौपाल आयोजित होने से प्रशासन और जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा, समस्याओं का समयबद्ध समाधान होगा तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की संतुष्टि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी भावना के साथ ग्राम चौपाल की व्यवस्था को पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने वाले कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नीट छात्रों की कीड़े से तुलना करने के बयान पर मंगलवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हो गया। कैलाश विजयवर्गीय के बयान के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया ...
प्रधानमंत्री आवास के बाहर मंगलवार को विरोध-प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों के नेताओं को पुलिस ने वहां से हटा दिया। प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल थे।
धूम्रपान या सिगरेट पीने की लत न केवल फेफड़ों को अंदर से काला और खोखला बनाती है, बल्कि यह दिल, दिमाग और शरीर के हर अंग को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है। कई बार लोग यह सोचकर स्मोकिंग नहीं छोड़ते कि 'अब तो फेफड़े काफी खराब हो चुके हैं, अब छोड़ने से क्या फायदा होगा?' हालांकि, मेडिकल साइंस और पल्मोनोलॉजिस्ट्स (फेफड़ों के डॉक्टर) का मानना है कि आपका शरीर और फेफड़े खुद को री-जनरेट और हील (Heal) करने में माहिर होते हैं। जैसे ही आप आखिरी सिगरेट पीकर धूम्रपान को अलविदा कहते हैं, महज 20 मिनट के भीतर ही आपके शरीर का रिकवरी मैकेनिज्म एक्टिव हो जाता है और हीलिंग प्रोसेस शुरू हो जाती है।20 मिनट से लेकर 72 घंटे तक: निकोटीन का असर खत्म और सांसों में सुधारस्मोकिंग छोड़ने के शुरुआती कुछ घंटे और दिन शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं:20 मिनट बाद: हृदय गति (Heart Rate) और ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर पर आने लगता है।12 घंटे बाद: खून में मौजूद जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide) का स्तर गिरकर सामान्य हो जाता है और ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है।24 से 48 घंटे बाद: हार्ट अटैक का खतरा कम होने लगता है। शरीर से निकोटीन पूरी तरह बाहर निकल जाता है, जिससे सूंघने और चखने की क्षमता में जबरदस्त निखार आता है।72 घंटे बाद: ब्रोन्कियल ट्यूब्स (श्वसन नलियां) शिथिल होने लगती हैं, जिससे सांस लेना काफी आसान हो जाता है और शरीर की ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है।2 हफ्ते से 9 महीने: फेफड़ों की सीलिया कोशिकाएं होती हैं पुनर्जीवितधूम्रपान छोड़ने के 2 से 12 हफ्तों के भीतर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) में काफी सुधार आता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता (Lungs Capacity) लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। 1 से 9 महीनों के दौरान फेफड़ों के अंदर मौजूद छोटी-छोटी बाल जैसी संरचनाएं जिन्हें 'सीलिया' (Cilia) कहा जाता है, वे फिर से उगने और सक्रिय होने लगती हैं। ये सीलिया फेफड़ों में जमा बलगम, धूल-मिट्टी और टॉक्सिन्स को बाहर धकेलने का काम करती हैं। इस दौरान पुरानी खांसी, सांस फूलने की समस्या और सीने में भारीपन काफी हद तक खत्म हो जाता है।1 साल से 15 साल: कैंसर और हार्ट अटैक का खतरा हो जाता है आधाजैसे-जैसे समय बीतता है, फेफड़ों की हीलिंग और गहरी होती जाती है:1 साल बाद: कोरोनरी हार्ट डिजीज (दिल की बीमारियों) का खतरा धूम्रपान करने वालों की तुलना में आधा (50%) रह जाता है।5 से 10 साल बाद: फेफड़ों के कैंसर (Lungs Cancer), मुंह के कैंसर, गले के कैंसर और स्ट्रोक (पैरालिसिस) का जोखिम घटकर आधा रह जाता है।15 साल बाद: दिल की बीमारियों और असमय मृत्यु का खतरा बिल्कुल एक ऐसे व्यक्ति के बराबर हो जाता है जिसने जिंदगी में कभी सिगरेट को हाथ भी न लगाया हो।इच्छाशक्ति और सही डॉक्टरी सलाह से आसान है निकोटीन की लत छोड़नाहेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्मोकिंग छोड़ने की कोई उम्र या समय देर नहीं होती। आप चाहे 5 साल से स्मोकिंग कर रहे हों या 20 साल से, जिस दिन आप इसे छोड़ेंगे, उसी दिन से आपकी उम्र और सेहत दोनों बढ़ने लगेंगी। शुरुआती कुछ दिनों में निकोटीन विड्रॉल के लक्षण जैसे चिड़चिड़ापन, बेचैनी या लालसा (Craving) हो सकती है, लेकिन गहरी सांस लेने के व्यायाम, पर्याप्त पानी पीने, च्युइंग गम या निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT) की मदद से इस लत पर आसानी से विजय पाई जा सकती है।
भरतपुर : अध्यापक के खिलाफ अश्लील हरकतें करने का केस दर्ज
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के नदबई कस्बे के एक निजी विद्यालय के अध्यापक के खिलाफ स्कूल की एक छात्रा के साथ कथित अश्लील हरकतें करने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक छात्रा के साथ करीब आठ महीने से छेड़छाड़ करने के साथ ही पीछा करते हुए छात्रा के घर पहुंचने […] The post भरतपुर : अध्यापक के खिलाफ अश्लील हरकतें करने का केस दर्ज appeared first on Sabguru News .
आजकल लगभग हर घर में पीने के पानी को साफ करने के लिए RO (Reverse Osmosis) वाटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, पानी सिर्फ साफ होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसमें शरीर के लिए आवश्यक खनिजों (Minerals) का सही संतुलन होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पानी की गुणवत्ता को नापने के लिए 'TDS' यानी Total Dissolved Solids एक मुख्य पैमाना होता है। पानी में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और सोडियम जैसे जरूरी मिनरल्स के साथ-साथ कई तरह के घुले हुए लवण मौजूद होते हैं। यदि आपके RO का TDS बहुत अधिक है, तो पानी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है, वहीं यदि TDS जरूरत से ज्यादा कम (Demineralized Water) हो जाए, तो पानी शरीर के लिए बेअसर और बेस्वाद हो जाता है।डिजिटल TDS मीटर से मिनटों में घर बैठे ऐसे जांचें पानी की शुद्धताअपने घर के RO का TDS चेक करने के लिए आपको किसी एक्सपर्ट को बुलाने की आवश्यकता नहीं है। बाजार या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बेहद कम कीमत में डिजिटल पोर्टेबल TDS मीटर आसानी से मिल जाते हैं। पानी जांचने के लिए सबसे पहले एक कांच या साफ प्लास्टिक के गिलास में अपने RO प्यूरीफायर से पानी भरें। इसके बाद TDS मीटर की कैप (ढक्कन) हटाएं और ऑन (ON) बटन दबाएं। अब मीटर के सेंसर वाले हिस्से को पानी में 2 से 3 सेंटीमीटर गहराई तक डुबोएं। कुछ ही सेकंड में डिजिटल स्क्रीन पर एक नंबर दिखाई देने लगेगा, यही आपके पानी का TDS लेवल है। विश्वास्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार, पीने के पानी का आदर्श TDS 150 से 300 milligram per liter (mg/L) के बीच होना सबसे उत्तम माना जाता है।कब कराएं अपने RO प्यूरीफायर की सर्विस? जानिए ये 4 मुख्य चेतावनी संकेतअक्सर लोग RO खराब होने का इंतजार करते हैं, जबकि प्यूरीफायर पहले से ही कई संकेत देने लगता है कि उसे सर्विसिंग की जरूरत है:पानी के स्वाद और गंध में बदलाव: यदि पानी का स्वाद कड़वा, अजीब या बिना किसी स्वाद का लगने लगे, तो समझ जाएं कि इसके फिल्टर अपनी म्याद पूरी कर चुके हैं।पानी छनने की गति धीमी होना: अगर आपके RO की टंकी भरने में सामान्य से बहुत अधिक समय लग रहा है, तो इसका मतलब है कि सेडीमेंट या प्री-कार्बन फिल्टर धूल और मिट्टी से पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं।प्यूरीफायर से अजीब आवाज या रिसाव: यदि RO की मोटर से तेज गड़गड़ाहट की आवाज आए या नीचे से पानी का रिसाव होने लगे, तो यह तुरंत मैकेनिक को बुलाने का संकेत है।अत्यधिक वेस्ट वाटर (व्यर्थ पानी): अगर शुद्ध पानी की तुलना में ड्रेन पाइप से बहुत ज्यादा रिजेक्ट वाटर बह रहा है, तो RO मेमब्रेन (RO Membrane) खराब हो चुकी है।सही समय पर फिल्टर बदलने के नियम और स्वास्थ्य सुरक्षास्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और भारी धातुओं से बचे रहने के लिए हर 3 से 6 महीने में RO के बाहरी प्री-फिल्टर (Pre-Filter Candile) को जरूर बदलवा लेना चाहिए। वहीं, इसके आंतरिक सेडीमेंट और कार्बन फिल्टर को साल में एक बार बदलना अनिवार्य होता है। अगर आपके क्षेत्र में सप्लाई का पानी बहुत कठोर (Hard Water) है, तो RO की मेमब्रेन को हर 1.5 से 2 साल में बदलना सही रहता है। समय-समय पर सर्विसिंग कराने से न केवल RO प्यूरीफायर की लाइफ बढ़ती है, बल्कि परिवार के सदस्यों को हर दिन शुद्ध, मिनरल-रिच और सेहतमंद पीने का पानी मिलता रहता है।
भारत के जाने-माने यकृत (लीवर) विशेषज्ञ और आईएलबीएस (ILBS) के निदेशक डॉ. एस.के. सरीन की ओपीडी में प्रतिदिन दर्जनों मरीज अपनी लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज कराने पहुंचते हैं। हाल ही में उनकी ओपीडी में एक बेहद दिलचस्प और मजेदार वाकया सामने आया, जिसने न केवल वहां मौजूद सभी लोगों को हंसाया, बल्कि अल्कोहलिक फैटी लीवर की कड़वी सच्चाई भी उजागर कर दी। एक मरीज, जो खुद को केवल 'सामाजिक रूप से कभी-कभार शराब पीने वाला' (Social Drinker) बता रहा था, जब उसकी लीवर जांच और फाइब्रोस्कैन की रिपोर्ट आई तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। हंसी-मजाक के बीच डॉक्टर द्वारा पूछे गए कुछ सीधे सवालों में मरीज की यह पोल खुल गई कि उसकी 'कभी-कभार' की आदत वास्तव में प्रतिदिन की भारी खुराक में बदल चुकी थी।अल्कोहलिक फैटी लीवर क्या है और यह दबे पांव कैसे बनाता है शिकार?डॉक्टरों के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से या अधिक मात्रा में शराब (Alcohol) का सेवन करता है, तो लीवर शराब को मेटाबोलाइज करने में अपनी पूरी ताकत लगा देता है। इस प्रक्रिया के दौरान लीवर की कोशिकाओं में वसा यानी फैट जमा होने लगता है, जिसे 'अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज' (AFLD) कहा जाता है। इस बीमारी का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि शुरुआती चरणों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते। मरीज खुद को बिल्कुल स्वस्थ समझता रहता है, जबकि अंदर ही अंदर उसकी लीवर सेल्स (Liver Cells) तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही होती हैं।फैटी लीवर से लीवर सिरोसिस तक का जानलेवा सफरहेल्थ एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि यदि फैटी लीवर की स्थिति में ही शराब का सेवन बंद नहीं किया गया, तो यह स्थिति आगे चलकर 'अल्कोहलिक हेपेटाइटिस' (Alcoholic Hepatitis) का रूप ले लेती है, जिसमें लीवर में भयंकर सूजन आ जाती है। इसके बाद अंतिम और सबसे खतरनाक चरण 'लीवर सिरोसिस' (Liver Cirrhosis) का होता है, जहां लीवर का स्वस्थ ऊतक पूरी तरह स्कार टिश्यू (घाव) में बदल जाता है और लीवर काम करना बंद कर देता है। भूख न लगना, पेट के दाहिने हिस्से में ऊपरी तरफ हल्का दर्द, अत्यधिक थकान, आंखें पीली होना और वजन घटना इसके मुख्य चेतावनी संकेत हैं।लीवर को री-जनरेट करने की अद्भुत क्षमता: जानिए कैसे करें बचावइस पूरी कहानी का सबसे उम्मीद जगाने वाला पहलू यह है कि हमारे शरीर में केवल लीवर ही एक ऐसा अंग है, जिसके पास खुद को दोबारा ठीक यानी 'री-जनरेट' (Re-generate) करने की अद्भुत क्षमता होती है। यदि फैटी लीवर के शुरुआती चरण में ही शराब का सेवन पूरी तरह से बंद कर दिया जाए, तो लीवर कुछ ही हफ्तों में फिर से बिल्कुल सामान्य और स्वस्थ हो सकता है। इसके साथ ही हरी सब्जियां, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार, नियमित एक्सरसाइज और वजन को नियंत्रित रखकर लीवर को लंबे समय तक सुरक्षित और सेहतमंद रखा जा सकता है।
आमतौर पर कान में हल्की सी खुजली या मैल (Earwax) महसूस होते ही ज्यादातर लोग कॉटन बड्स, माचिस की तीली, हेयरपिन या सेफ्टी पिन का इस्तेमाल करने लगते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और ईएनटी (ENT) डॉक्टरों के अनुसार, कान में ऐसी नुकीली चीजें डालना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इससे कान का मैल बाहर निकलने के बजाय और ज्यादा गहराई में चला जाता है, जिससे कान का पर्दा (Eardrum) फटने, इन्फेक्शन होने या सुनने की क्षमता कम होने का गंभीर जोखिम रहता है। वास्तव में कान में बनने वाला वैक्स एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच होता है, जो धूल-मिट्टी और बैक्टीरिया को कान के अंदर जाने से रोकता है। हालांकि, जब यह मैल बहुत अधिक जमा होकर सख्त हो जाता है, तो इसे सुरक्षित तरीकों से निकालना बेहद जरूरी हो जाता है।जैतून या बादाम का हल्का गुनगुना तेल: वैक्स को मोम की तरह पिघलाने का तरीकाकान के सख्त मैल को बिना किसी दर्द के बाहर निकालने के लिए ओलिव ऑयल (जैतून का तेल) या बादाम का तेल सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका माना जाता है। उपयोग के लिए तेल को हल्का सा गुनगुना कर लें (ध्यान रहे तेल ज्यादा गर्म न हो)। अब सिर को एक तरफ झुकाकर ड्रॉपर की मदद से प्रभावित कान में 2 से 3 बूंदें तेल की डालें। लगभग 5 से 10 मिनट तक इसी मुद्रा में रहें ताकि तेल जमे हुए वैक्स को मुलायम बना सके। इसके बाद सिर को दूसरी तरफ झुकाएं, जिससे पिघला हुआ मैल तेल के साथ आसानी से बहकर बाहर आ जाएगा। फिर किसी सूती कपड़े से कान के बाहरी हिस्से को धीरे से पोंछ लें।सरसों का तेल और लहसुन का प्रयोग: दर्द और इन्फेक्शन में तुरंत राहतभारतीय घरों में कान की सफाई और कान दर्द से राहत पाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। थोड़ा सा सरसों का तेल लें और उसमें लहसुन की एक-दो कलियां डालकर हल्का सा पका लें। जब तेल हल्का गुनगुना रह जाए, तब इसकी 1-2 बूंदें कान में डालें। लहसुन में पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण कान के अंदर पनप रहे बैक्टीरिया और इन्फेक्शन को खत्म करते हैं, साथ ही कान की गंदगी को ढीला करके आसानी से बाहर निकालने में मदद करते हैं।बेकिंग सोडा और गुनगुने पानी का आसान घोलयदि कान में सूखा और बहुत जिद्दी मैल जमा हो गया है, तो बेकिंग सोडा और पानी का मिश्रण बेहद कारगर साबित होता है। आधे कप गुनगुने पानी में एक चौथाई चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। इस घोल की 2 से 3 बूंदें कान में डालें और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। बेकिंग सोडा कान के अंदर जमे सख्त वैक्स को घोलकर ढीला कर देता है। इसके बाद रुई की मदद से कान के बाहरी हिस्से से मैल को साफ कर लें।स्टीम (भाप) और ईयरड्रॉप्स: कब पड़ सकती है डॉक्टर की जरूरत?कान की सफाई के लिए गर्म पानी की भाप (Steam) लेना भी एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है। जब आप भाप लेते हैं, तो कानों के अंदर जमी नमी से सख्त मैल धीरे-धीरे ढीला हो जाता है। इसके अलावा मेडिकल स्टोर से डॉक्टर की सलाह पर ईयर वैक्स सॉफ्टनिंग ड्रॉप्स (Ear Wax Softening Drops) का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। हालांकि, यदि कान में लगातार दर्द हो रहा हो, सनसनाहट या सीटी जैसी आवाज आ रही हो, या फिर कम सुनाई देने की समस्या हो, तो खुद से कोई प्रयोग करने के बजाय तुरंत किसी कुशल ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए।
हनुमानगढ़ : अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने के दोषी पर एक लाख रुपए जुर्माना
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के नोहर में स्थित गुरुनानक मिल्क डेयरी को अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने का दोषी पाये जाने पर न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उम्मेदी लाल मीणा ने डेयरी संचालक पर कुल एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 22 अक्टूबर, 2024 को नोहर […] The post हनुमानगढ़ : अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने के दोषी पर एक लाख रुपए जुर्माना appeared first on Sabguru News .
रोजमर्रा की जिंदगी में नहाना हमारी दिनचर्या का सबसे अहम हिस्सा है, जो हमें तरोताजा और साफ-सुथरा रखता है। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि नहाने का भी एक सही तरीका और विज्ञान होता है। 38 वर्षों के लंबे अनुभव वाले वरिष्ठ डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नहाने की शुरुआत सीधे सिर या धड़ पर पानी डालकर करने के बजाय, सबसे पहले अपनी नाभि (Belly Button) में पानी डालना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। हमारी नाभि केवल शरीर का एक बाहरी हिस्सा नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Nervous System) और ऊर्जा चक्रों का मुख्य केंद्र बिंदु मानी जाती है।शरीर के तापमान को संतुलित करने और थर्मल शॉक से बचाने में मददगारडॉक्टरों के मुताबिक, जब हम अचानक ठंडे या गर्म पानी से नहाते हैं, तो शरीर को एक प्रकार का 'थर्मल शॉक' (Thermal Shock) लग सकता है। नहाने से ठीक पहले नाभि में पानी की कुछ बूंदें या पानी डालने से नाभि के आसपास मौजूद तंत्रिकाएं (Nerves) तुरंत सक्रिय हो जाती हैं। यह प्रक्रिया मस्तिष्क (Brain) को शरीर का आंतरिक तापमान समायोजित करने का एक त्वरित संकेत भेजती है। इससे रक्तचाप (Blood Pressure) अचानक नहीं बढ़ता और दिल का दौरा या सिर में अचानक होने वाले भारीपन जैसी स्थितियों से बचाव होता है।पाचन तंत्र होता है मजबूत और त्वचा में आता है प्राकृतिक निखारआयुर्वेद और आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान दोनों में ही नाभि को शरीर की 72,000 से अधिक नसों का जंक्शन माना गया है। नहाने से पहले नाभि को पानी से भिगोने पर पेट के आंतरिक अंगों जैसे आंतों और यकृत (Liver) को ठंडक और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जिससे पाचन क्रिया (Digestion) दुरुस्त रहती है। इसके अतिरिक्त, इस प्रक्रिया से शरीर का वायु और पित्त दोष संतुलित होता है, जिससे पेट में गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। नियमित रूप से यह तरीका अपनाने से त्वचा की अशुद्धियां दूर होती हैं और चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है।मानसिक तनाव दूर करने और नर्वस सिस्टम को शांत करने का आसान तरीकाभागदौड़ भरी जिंदगी में दिनभर की मानसिक थकान और तनाव को दूर करने में भी यह छोटा सा उपाय काफी असरदार साबित होता है। नाभि में पानी डालने से वेगस नर्व (Vagus Nerve) स्टिम्युलेट होती है, जिससे नर्वस सिस्टम को शांति का अनुभव होता है और मानसिक तनाव या घबराहट कम होती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह है कि नहाते समय सबसे पहले नाभि और पैरों पर पानी डालें, इसके बाद ही पूरे शरीर या सिर पर पानी बहाएं। यह छोटी सी आदत आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकती है।
आज की बिगड़ी जीवनशैली, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी में अकड़न और मानसिक तनाव एक आम समस्या बन चुके हैं। योग विशेषज्ञों के अनुसार, इन सभी समस्याओं से प्राकृतिक रूप से राहत पाने के लिए 'आकर्ण धनुरासन' (Aakarna Dhanurasana) यानी 'बो पोज' (Bow Pose Variant) एक अत्यंत प्रभावी और चमत्कारिक योगासन है। संस्कृत भाषा में 'आकर्ण' का अर्थ होता है कान तक खींचना और 'धनुरासन' का अर्थ है धनुष की मुद्रा। इस आसन को करते समय शरीर की आकृति ठीक उसी प्रकार बनती है जैसे कोई तीरंदाज कान तक प्रत्यंचा खींचकर तीर चलाने के लिए तैयार खड़ा हो।कमर दर्द में राहत और स्पाइन को बनाता है लचीलाआकर्ण धनुरासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी (Spine), कमर के निचले हिस्से और पेल्विक एरिया की मांसपेशियों में गहरा खिंचाव आता है। यह खिंचाव रीढ़ की हड्डी को मजबूत और अत्यधिक लचीला बनाता है, जिससे साइटिका और लंबे समय से चले आ रहे कमर दर्द में अद्भुत आराम मिलता है। इसके अतिरिक्त, इस आसन को करते समय गहरी सांसें लेने और छोड़ने की प्रक्रिया से मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, जिससे दिनभर की मानसिक थकान, तनाव और चिंता (Stress and Anxiety) चुटकियों में दूर हो जाती है।पेट की चर्बी कम करने और पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में मददगारकमर दर्द के अलावा यह योगासन पेट और कोर मसल्स (Core Muscles) पर भी सीधा दबाव डालता है। इसके अभ्यास से पेट की आंतरिक ग्रंथियों और अंगों की हल्की मालिश होती है, जिससे पाचन क्रिया (Digestion System) मजबूत होती है और कब्ज या गैस जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। यह आसन पेट और कमर के आसपास जमी अतिरिक्त चर्बी को बर्न करने और शरीर की ओवरऑल पोश्चर (Body Posture) को बेहतर बनाने में भी काफी मददगार साबित होता है।आकर्ण धनुरासन करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियांइस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर दंडासन में बैठ जाएं और पैरों को सीधा सामने फैलाएं। अब सांस भरते हुए दाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को और बाएं हाथ से दाएं पैर के अंगूठे को पकड़ें। इसके बाद दाएं पैर को मोड़ते हुए उसके अंगूठे को खिंचाव के साथ दाहिने कान के पास तक लाएं, जैसे धनुष की डोरी खींची जाती है। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रुकें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं। यही प्रक्रिया दूसरे पैर से दोहराएं। ध्यान रखें कि यदि आपको गंभीर रीढ़ की हड्डी की समस्या, स्लिप डिस्क, हर्निया या उच्च रक्तचाप (High BP) है, तो योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही इसका अभ्यास करें।
राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के पास धरना, पुलिस ने हिरासत में लिया
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर अचानक धरने पर बैठने के कुछ घंटे बाद ही दिल्ली पुलिस ने वहां कार्रवाई की और गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया। तीन घंटे से अधिक समय तक […] The post राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के पास धरना, पुलिस ने हिरासत में लिया appeared first on Sabguru News .
सनातन धर्म, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में रसोईघर (Kitchen) को केवल भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है। रसोई में धन-धान्य और भोजन की अधिष्ठात्री देवी 'मां अन्नपूर्णा' का वास होता है। प्राचीन काल से ही हमारे शास्त्रों में यह परंपरा चली आ रही है कि कभी भी बिना स्नान किए रसोईघर में प्रवेश नहीं करना चाहिए और न ही भोजन पकाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बिना नहाए भोजन पकाने से रसोईघर की नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे मां अन्नपूर्णा और धन की देवी मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो जाती हैं। ऐसा करने से घर में अकारण ही आर्थिक तंगी, क्लेश और दरिद्रता का वास होने लगता है।अन्न का महत्व और भोजन बनाने वाले के भाव का घर के सदस्यों पर असरशास्त्रों में 'जैसा अन्न, वैसा मन' की कहावत बहुत प्रसिद्ध है। माना जाता है कि भोजन पकाने वाले व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक स्थिति का सीधा असर उस भोजन पर पड़ता है, जिसे परिवार के सभी सदस्य ग्रहण करते हैं। जब कोई व्यक्ति बिना स्नान किए अशुद्ध अवस्था में भोजन बनाता है, तो उसकी सुस्ती, नकारात्मक ऊर्जा और अशुद्धता भोजन में प्रवेश कर जाती है। ऐसा भोजन करने से परिवार के सदस्यों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन, मानसिक अशांति और आपस में मतभेद बढ़ने लगते हैं। यही कारण है कि भोजन बनाने से पहले स्नान करके प्रसन्न मन से ही चूल्हा जलाने की सलाह दी जाती है।वैज्ञानिक दृष्टिकोण: हाइजीन, बैक्टीरिया और सेहत पर पड़ता है सीधा प्रभावबिना नहाए खाना न बनाने के इस नियम के पीछे केवल धार्मिक या वास्तु कारण ही नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे गहरा वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी दृष्टिकोण भी छिपा हुआ है। रात भर सोने के बाद हमारे शरीर, त्वचा और बालों में पसीना, मृत कोशिकाएं (Dead Cells) और सूक्ष्म बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। जब कोई व्यक्ति बिना नहाए सीधे रसोई में जाकर खाना बनाता है, तो हाथों और कपड़ों के जरिए ये हानिकारक जीवाणु खाने की चीजों, बर्तनों और सब्जियों में ट्रांसफर हो जाते हैं। इससे भोजन दूषित हो सकता है, जिससे परिवार के लोगों को पेट की बीमारियां, इंफेक्शन, फूड पॉइजनिंग और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।रसोई के वास्तु उपाय: कैसे बढ़ाएं घर में सुख, शांति और समृद्धियदि आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा आरोग्य, धन और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे, तो रसोई के वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और फिर ईश्वर का स्मरण करते हुए रसोई में प्रवेश करें। भोजन पकाने से पहले गैस चूल्हे और प्लेटफॉर्म की अच्छी तरह सफाई करें। इसके साथ ही, रोज सुबह बनने वाली पहली रोटी गाय के लिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए जरूर निकालें। ऐसा करने से घर के सभी वास्तु दोष और ग्रह दोष समाप्त होते हैं, बीमारियों पर होने वाला अनावश्यक खर्च रुकता है और परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहती है।
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो (Reliance Jio) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के बीच ग्राहकों को लुभाने के लिए होड़ मची रहती है। दोनों कंपनियां लगातार अपने प्रीपेड पोर्टफोलियो में नए और वैल्यू-फॉर-मनी प्लान्स पेश करती रहती हैं। इसी बीच लंबी वैलिडिटी और डेली डेटा की चाहत रखने वाले यूजर्स के लिए एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। जियो का ₹799 वाला प्लान एयरटेल के ₹899 वाले प्लान को कड़ी टक्कर दे रहा है। खास बात यह है कि दोनों ही प्लान्स में एक जैसी डेली डेटा लिमिट और सर्विस वैलिडिटी मिलती है, लेकिन कीमत के मामले में जियो का प्लान एयरटेल से पूरा 100 रुपये सस्ता पड़ता है।जियो का ₹799 वाला प्लान: जानिए क्या-क्या मिलेंगे फायदेरिलायंस जियो का ₹799 वाला प्रीपेड प्लान उन यूजर्स के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है जो 84 दिनों की लंबी वैलिडिटी चाहते हैं। इस प्लान में यूजर्स को प्रतिदिन 1.5GB हाई-स्पीड डेटा मिलता है, यानी पूरी वैलिडिटी के दौरान कुल 126GB डेटा दिया जाता है। इसके अलावा देश भर में किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग (Local, STD और Roaming) तथा रोजाना 100 फ्री SMS की सुविधा भी मिलती है। अतिरिक्त बेनिफिट्स की बात करें तो इसमें जियोटीवी (JioTV), जियोसिनेमा (JioCinema) और जियोक्लाउड (JioCloud) का मुफ्त सब्सक्रिप्शन शामिल है। जहां एलिजिबल सर्कल्स और यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा का एक्सेस भी दिया जाता है।एयरटेल का ₹899 वाला प्लान: जानिए 100 रुपये ज्यादा देने पर क्या मिलता हैदूसरी ओर, एयरटेल का ₹899 वाला प्रीपेड प्लान भी 84 दिनों की ही सर्विस वैलिडिटी के साथ आता है। इस प्लान में भी ग्राहकों को रोजाना 1.5GB डेटा (कुल 126GB डेटा), अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और प्रतिदिन 100 SMS दिए जाते हैं। हालांकि 100 रुपये ज्यादा कीमत होने के पीछे कंपनी इसमें कुछ एडिशनल रिवॉर्ड्स और OTT बेनिफिट्स देती है। इसमें एयरटेल एक्सट्रीम ऐप (Airtel Xstream App) का फ्री एक्सेस, अपोलो 24|7 सर्कल की मेंबरशिप, फ्री हेलोट्यून्स और विंक म्यूजिक (Wynk Music) का फायदा मिलता है। साथ ही एयरटेल के 5G नेटवर्क कवरेज वाले इलाकों में अनलिमिटेड 5G डेटा की सुविधा भी मिलती है।दोनों में से कौन सा प्लान है आपके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद?अगर दोनों ही प्लान्स का सीधा गणित देखा जाए, तो दोनों में ही 84 दिनों की समय सीमा के साथ रोजाना 1.5GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग मिलती है। ऐसे में यदि आपका मुख्य उद्देश्य केवल कॉलिंग, डेली इंटरनेट और पैसे बचाना है, तो जियो का ₹799 वाला प्लान आपके लिए सीधे-सीधे 100 रुपये की बचत कराता है। वहीं दूसरी तरफ, यदि आप एयरटेल के नेटवर्क को प्राथमिकता देते हैं और एक्सट्रीम ऐप के एंटरटेनमेंट कंटेंट तथा अन्य एडिशनल सर्विस का लाभ उठाना चाहते हैं, तो एयरटेल का ₹899 वाला प्लान आपकी पसंद बन सकता है।

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