ममता बनर्जी के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की FIR, HC की शर्तों के उल्लंघन पर एक्शन
ममता बनर्जी के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की FIR, HC की शर्तों के उल्लंघन पर एक्शन
'पैंट्स नहीं पहनती' जेंडर बदलकर बनी लड़की, बताया कड़वा सच
एला से पूछा गया कि एक इवेंट में आप जींस पहनने में अंकफर्टेबल हो गई थीं. उन्होंने कहा है कि हां. मैं कोई भी ऐसा कपड़ा नहीं पहनती हूं, जहां मेरे पैर डिवाइडेड नजर आएं.
मार्कशीट पर अब नहीं लिखा जाएगा 'फेल' शब्द, छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका
बिहार बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की मार्कशीट से ‘फेल’ शब्द हटाने का फैसला किया है. इस फैसले का मकसद छात्रों पर असफलता का सामाजिक दबाव कम करना और उन्हें स्किल ट्रेनिंग की ओर प्रोत्साहित करना है.
दो गुट भिड़े, जमकर हुई पत्थरबाजी... 3 घायल
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दो गुटों की झड़प के बाद पत्थरबाजी हुई. पथराव में दो लोगों और एक पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और एहतियातन संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की है. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला और पुलिस ने कैसे शांत कराया.
क्या नेपाल की विशानकारी बाढ़ पर चीन कुछ छिपा रहा है?
हिमालय से आई विनाशकारी बाढ़ से चीन में क्या कुछ हुआ? वहां अभी क्या हालात है? इसके बारे में बहुत कम जानकारी सामने आ पाई है. चीनी सरकारी मीडिया जो रिपोर्ट कर रही हैं, उसकी कवरेज में हताहतों की पीड़ा से ज्यादा रेस्क्यू की बाते है.
इन जगहों पर खाना खाने से बचें, हो जाएंगे कंगाल!
Vastu Upay: घर में खाना खाते समय वास्तु के कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. जानें किन जगहों पर बैठकर भोजन करने से बचना चाहिए और इसका घर की सुख-समृद्धि पर क्या असर पड़ सकता है.
खरगे के साथ हुआ छुआछूत? राहुल गांधी ने खोला BJP-RSS के खिलाफ मोर्चा! की FIR की मांग!
Haldwani Purification Controversy:
AIMIM के अब्दुल मन्नान सपा में शामिल, अखिलेश बोले- PDA से घबरा रहे विरोधी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM के नेता अब्दुल मन्नान समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं. इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि PDA की बढ़ती ताकत से विरोधी घबरा रहे हैं.
हरी मूंग से शाही अंदाज में बनाएं मुगलई दाल, सब पूछेंगे रेसिपी
Mughlai Shahi Moong Dal Recipe: अगर आपको लगता है कि हरी मूंग की दाल सिर्फ हेल्दी होती है और इसका स्वाद उतना खास नहीं होता तो एक बार मुगलई स्टाइल शाही हरी मूंग दाल जरूर ट्राई करें. यह दाल मसालों, दही और फ्रेश क्रीम के साथ तैयार की जाती है, जिससे इसका स्वाद काफी टेस्टी हो जाता है.
नेपाल से बहकर भारत की नदियों में आ रहीं लाशें... झकझोरती हैं ये तस्वीरें
नेपाल की भीषण बाढ़ के बाद नारायणी नदी में शव बहकर भारत पहुंच रहे हैं. महराजगंज में चार शव मिले हैं, जबकि नेपाल के नवलपरासी पूर्व में अब तक 158 शव बरामद किए जा चुके हैं.
पति- पत्नी के बीच आई प्रेमिका, फिर कहानी में आया एक्स-बॉयफ्रेंड
भोपाल में पति का अफेयर एक महिला की जिंदगी पर भारी पड़ गया. पति की प्रेमिका ने अपने पुराने बॉयफ्रेंड को बुलाया और महिला की जिंदगी खत्म कर दी. पुलिस का कहना है कि प्रेमिका को पसंद नहीं था कि महिला अपने पति के साथ रहे. इसलिए उसने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.
मल्लिकार्जुन खरगे के मंच के शुद्धिकरण को राहुल गांधी ने दलित एंगल से जोड़ा, डटे रहने का ऐलान
राहुल गांधी ने इस इस मामले में पीएम ने तुरंत FIR करने के आदेश की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि न्याय एक ना एक दिन जरूर मिलेगा और जब तक न्याय नहीं मिलता हम इस मुद्दे को नहीं छोड़ेंगे.
रोबोट वैक्यूम क्लीनर ने पकड़ा पत्नी का अफेयर, लेकिन पति को मिली सजा
रोबोट वैक्यूम क्लीनर में लगे कैमरे और ऑडियो सिस्टम से पति को पत्नी की चीटिंग का लगा. फिर उसने कोर्ट में केस किया और मुकदमा भी जीत लिया. उसके बाद बाजी ऐसी पलटी की उल्टा पति को जेल जाने की नौबत आ गई.
SBI PO Prelims Result 2026 जारी हो गया है. 1500 प्रोबेशनरी ऑफिसर पदों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का रिजल्ट SBI Careers पोर्टल पर उपलब्ध है. जानें रिजल्ट चेक करने का पूरा तरीका.
जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर का एक्टर और डांसर नोरा फतेही को लिखा हाथ से लिखा हुआ लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
31 साल पहले रिलीज हुआ यह गाना आज भी बॉलीवुड रोमांस की पहचान है, जिसने सरसों के खेतों को प्यार का सबसे खूबसूरत प्रतीक बना दिया.
एक्ट्रेस ने बदला धर्म, मक्का पहुंचकर बांटी जानमाज, बुर्के में देख लोग हैरान
एंटरटेनमेंट क्वीन राखी सावंत को आपने ज्यादातर बोल्ड और ग्लैमरस लुक में देखा होगा. लेकिन अब राखी बुर्के और हिजाब में नजर आईं. वो उमराह करने पहुंची हुई हैं. वहां उन्होंने लोगों को जानमाज बांटीं.
तालाब में डूबे 3 बच्चे, बचाने की कोशिश में हुआ हादसा
धनबाद के तोपचांची में तालाब में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई. एक बच्ची गहरे पानी में डूबने लगी तो उसे बचाने गए दो बच्चे भी गहराई में चले गए. स्थानीय लोगों ने तीनों को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
आजादी के नारे लगाते हैं और बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के गुलाम हैं, जेन जी पर बोले बाबा रामदेव
पतंजलि के नाम पर बड़ा बिजनेस खड़ा करने के सवाल पर योग गुरु ने कहा कि कारोबार को हेय दृष्टि से देखना देश का दुर्भाग्य है.
Mahindra ने बदल दिया खेल! अब बस इतने में मिलेगी SUV, बैटरी EMI 6,975 रुपये से शुरू
Mahindra BaaS Program: महिंद्रा का बड़ा ऐलान किया है. अब 11.45 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर आप इलेक्ट्रिक SUV खरीद सकते हैं. इसके साथ6,975 रुपये की EMI पर बैटरी भी मिल जाएगी.
लंच बैग से बदबू कैसे दूर करें? ये 3 देसी जुगाड़ मिनटों में गायब कर देंगे बदबू
कितना भी अच्छे से साफ कर लो, लंच बैग से बदबू आती ही है? नीचे बताए गए ये देसी जुगाड़ आपकी इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।
‘आप भगवान हैं?’ तुकाराम मुंढे के FDA को कोर्ट से फटकार, 5 रेस्टोरेंट फिर से खुलेंगे
हाईकोर्ट ने FDA को कड़ी फटकार लगाते हुए MCA परिसर के 5 रेस्टोरेंट दोबारा खोलने की अनुमति दी। ताजा जांच में रेस्टोरेंट फूड सेफ्टी नियमों के 88% अनुपालन में मिले थे। कोर्ट ने FDA अधिकारियों को अवमानना कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
सिंगर सुनीता राव ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए 1990 के दशक के अपने मशहूर गाने 'परी हूं मैं' के सफर को याद किया और बताया कि कैसे इसके म्यूजिक वीडियो और टेलीविजन पर दिखाए जाने से उनका करियर बदल गया.
नेपाल में आई विनाशकारी आपदा ने पलक झपकते ही हंसती-खेलती वादियों को खंडहर में तब्दील कर दिया. चीख-पुकार और धूल के गुबार के बीच एक स्कूल ताश के पत्तों की तरह ढह गया. उसी मलबे में दब गया 8 साल का एक मासूम, जिसकी तलाश में दिन-रात एक कर दिए गए.
Vastu Tips Broom: वास्तु शास्त्र के अनुसार झाड़ू को घर में सही स्थान पर रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. अगर झाड़ू को गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाए या फिर गलत जगह पर रख दिया जाए, तो अशुभ परिणाम मिल सकते हैं.
हिमालय में अब बर्फबारी का सटीक आकलन संभव, बाढ़ से पहले मिलेगा अलर्ट; कैसे करता है काम
हिमालय में अब इसका 100 फीसदी सटीक आकलन करना संभव हो गया है। वैज्ञानिकों की यह नई खोज बाढ़, जल संकट और जल विद्युत परियोजनाओं के लिए काफी अहम है।
Manoj Jarange ने शुरू की भूख हड़ताल, Maratha Reservation पर सरकार को दी चेतावनी
आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शनिवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर मराठा समुदाय के खिलाफ ‘‘द्वेष’’ रखने और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर उन्हें परोक्ष समर्थन देने का आरोप लगाया। जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनशन शुरू करने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए जरांगे ने जाति सत्यापन समिति को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार मराठा आरक्षण के सभी लंबित मुद्दों को हल नहीं करती है तो वे मुंबई में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘देवेंद्र फडणवीस मराठा समुदाय के खिलाफ द्वेष रखते हैं और एकनाथ शिंदे सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के माध्यम से उन्हें परोक्ष समर्थन दे रहे हैं। यदि वे हमारे मुद्दों का समाधान नहीं करते हैं, तो हम वर्षा बंगले (मुख्यमंत्री आवास) जाएंगे। यदि सरकार की टीम बात करने आती है, तो हम उनसे बात करेंगे। लेकिन यह मेरा अंतिम आंदोलन है... जब तक सभी मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता, मैं नहीं उठूंगा।’’जरांगे पात्र मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता देने की मांग को लेकर कई आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके हैं। कुनबी एक कृषि आधारित समुदाय है जिसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है। ओबीसी श्रेणी के तहत मराठा आरक्षण की मांग को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अगस्त-सितंबर 2023 से अब तक नौ बार भूख हड़ताल की है। आरक्षण कार्यकर्ता ने सरकारी तंत्र पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए दावा किया कि राज्य सरकार नहीं चाहती कि मराठा युवा आगे बढ़ें। कार्यकर्ता ने इस बात पर जोर दिया कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य मराठा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से आग्रह किया कि किश्तवाड़ में किशोरी से दुष्कर्म और बाद में उसकी मौत के मामले को पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच के लिए अपराध शाखा को सौंपा जाए।जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह घटना केवल महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का एक और उदाहरण भर नहीं है, बल्कि “यह हमारे समाज की अंतरात्मा पर एक गहरा आघात है।” उन्होंने कहा, ‘‘दस दिन बीत जाने के बाद भी इस नृशंस अपराध पर चुप्पी पीड़ित परिवार की पीड़ा को बढ़ा रही है और न्याय प्रणाली में जनता के विश्वास को कमजोर कर रही है। यदि अब भी निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई और दोषियों को उनके किए की सजा देकर न्याय के कठघरे में नहीं लाया गया, तो ऐसे घिनौने अपराध बेखौफ जारी रहेंगे।’’ पीडीपी प्रमुख ने उपराज्यपाल सिन्हा से निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए मामले को तुरंत अपराध शाखा को सौंपने की अपील की।किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में जनजातीय समुदाय की 15 वर्षीय एक लड़की का उसके स्कूल शिक्षक द्वारा कई महीनों तक बार-बार कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई।पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर गर्भपात कराने की कोशिश के बाद 20 अगस्त को किशोरी की मौत हो गई।
गोवा: कैसीनो डायरेक्टर पर चली गोलियां, हमलावर फरार
पोरवोरिम में शुक्रवार रात कैसीनो डायरेक्टर पर गोलियां चलीं. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. मौका-ए-वारदात से गोलियों के खोखे बरामद हुए हैं, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
Tibet Flash Flood से भारी तबाही, 7 की मौत और 260 विदेशियों समेत 554 लोग लापता
के जे एम वर्माबीजिंग, 29 अगस्त नेपाल सीमा के पास तिब्बत में आई अचानक बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है और 554 लोग अब भी लापता हैं। तिब्बत आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। तिब्बत आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दल अपने प्रयासों को तेज कर रहे हैं। अचानक आई बाढ़ ने बुधवार को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के जिरोंग काउंटी में कहर बरपाया, जिससे नेपाल सीमा के पास के कई गांव और कस्बे जलमग्न हो गए। विभाग ने बताया कि क्षेत्र में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है और 554 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में से 260 की पहचान विदेशी नागरिकों के रूप में की गई है, हालांकि उनकी राष्ट्रीयता के बारे में जानकारी साझा नहीं की गई है। भारत और चीन के बीच संबंधों में तनाव कम होने के बाद बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा में भाग लेने के लिए तिब्बत की यात्रा कर रहे हैं। खबरों के अनुसार जब अचानक आई बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई, उस वक्त कुछ भारतीय श्रद्धालु तिब्बत-नेपाल सीमा पर स्थित आव्रजन भवन में मौजूद थे। चीन की सरकार भारतीय दूतावास सहित बीजिंग स्थित संबंधित दूतावासों को फंसे और लापता पर्यटकों के बारे में जानकारी देने की प्रक्रिया में है। सरकारी मीडिया की खबरों के अनुसार, तिब्बत के आपदा प्रभावित क्षेत्र में चीन के कुल 2,141 बचाव कर्मियों और प्राकृतिक संसाधनों व अन्य संबंधित क्षेत्रों के 86 विशेषज्ञों को तैनात किया गया है। बचाव अधिकारी जौ मिंगकी ने सरकारी मीडिया को बताया, ‘‘जहां तक मैं देख पा रहा हूं, वहां अब मलबा ही मलबा है।
ममता बनर्जी ने नहीं मानी कलकत्ता हाईकोर्ट की बात, कोलकाता में हो गई FIR
हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्यक्रम के आयोजकों को भी आरोपी बनाया गया है।
आंखों के सामने लहरों में समा गए पिता, नेपाल की बाढ़ से बचकर बेतिया लौटा बेटा, 3 साथी अब भी लापता
Nepal Flood News: नेपाल की बाढ़ में कई परिवार पूरी तरह से बिखर गए. नेपाल में काम करने गए बिहार के कुछ मजदूरों ने इस बाढ़ की रुला देने वाली कहानी सुनाई है. एक बेटे के पिता उसके सामने ही बाढ़ की लहरों में समा गए थे.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों पाकिस्तान क्रिकेट टीम की जो दुर्गति हो रही है, उसने पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों और क्रिकेट पंडितों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में इंग्लैंड के दौरे पर गए पाकिस्तान क्रिकेट दल को लेकर एक ऐसी तीखी और अपमानजनक टिप्पणी सामने आई है, जिसने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी और उसके समर्थकों के होश उड़ा दिए हैं। इंग्लैंड के एक प्रतिष्ठित पूर्व क्रिकेटर और खेल विशेषज्ञ ने पाकिस्तानी टीम के मौजूदा प्रदर्शन, तकनीकी कमजोरी और मैदान पर बिखरे हुए अनुशासन को देखते हुए एक सार्वजनिक बयान में यहां तक कह डाला कि अब इस टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष क्रिकेट खेलने के लायक ही नहीं माना जा रहा है। उस दिग्गज ने बेहद कड़े शब्दों में यह टिप्पणी करते हुए कहा कि मौजूदा पाकिस्तान टीम का स्तर इतना गिर चुका है कि वे अब केवल 'सेकंड डिविजन' यानी दोयम दर्जे की घरेलू टीमों के समकक्ष ही ठहरते हैं। इस बेइज्जती भरे बयान के बाद से सोशल मीडिया पर पाकिस्तान क्रिकेट की जमकर किरकिरी हो रही है और देश-विदेश के खेल प्रेमी इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या वाकई पाकिस्तान क्रिकेट का स्वर्ण काल अब हमेशा के लिए खत्म हो चुका है।खराब प्रदर्शन और इंग्लैंड की धरती पर बढ़ती आलोचनाएंपाकिस्तान क्रिकेट टीम जब भी विदेशी दौरों पर जाती है, तो देश के करोड़ों फैंस की उम्मीदें आसमान पर होती हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से विदेशी पिचों पर इस टीम का प्रदर्शन लगातार निराशाजनक रहा है। इंग्लैंड की मुश्किल और स्विंग लेती पिचों पर पाकिस्तानी बल्लेबाजों और गेंदबाजों का जो हश्र देखने को मिला है, उसने पूर्व क्रिकेटरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इंग्लैंड के पूर्व दिग्गजों का मानना है कि पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ी आधुनिक क्रिकेट की तीव्र गति और तकनीकी बारीकियों के साथ तालमेल बिठाने में पूरी तरह से असफल साबित हो रहे हैं। न तो उनकी तकनीक में वो परिपक्वता नजर आती है और न ही बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने की वह मानसिक क्षमता दिखाई देती है जो एक टेस्ट या उच्च स्तरीय टीम की पहचान होती है। यही वजह है कि ब्रिटिश मीडिया और वहां के खेल विशेषज्ञों ने पाकिस्तानी टीम के इस लचर प्रदर्शन को आधार बनाते हुए उनकी काबिलियत पर खुलकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, जिससे पूरी दुनिया में पाकिस्तान क्रिकेट की साख को करारा झटका लगा है।पीसीबी की नीतियों और घरेलू ढांचे पर खड़े हो रहे गंभीर सवालइस अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती के बाद पाकिस्तान के भीतर भी क्रिकेट प्रशासन और बोर्ड की नीतियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। देश के वरिष्ठ खेल पत्रकारों और पूर्व पाकिस्तानी कप्तानों का यह मानना है कि जब तक घरेलू क्रिकेट ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन नहीं किया जाएगा और पर्ची-परची या सिफारिश के आधार पर चयन बंद नहीं होगा, तब तक टीम का यह पतन रोका नहीं जा सकता। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में लगातार होने वाले चेयरमैन के बदलाव और मनमाने फैसलों ने खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति को पूरी तरह से विचलित कर दिया है। घरेलू पिचों पर सपाट और सपाट विकेट बनाकर टेस्ट मैच खेलने की जो आदत पाकिस्तान ने डाली है, जब वही खिलाड़ी इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी और सीमिंग पिचों पर उतरते हैं, तो वे ताश के पत्तों की तरह बिखर जाते हैं। विदेशी विशेषज्ञों द्वारा कहे गए 'सेकंड डिविजन' वाले ताने ने एक बार फिर से इस कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है कि पाकिस्तानी क्रिकेट महकमा आधुनिक तकनीक और पेशेवर रवैये से मीलों दूर खड़ा है।खिलाड़ियों के खेल में अनुशासनहीनता और फिटनेस की भारी कमीइंग्लैंड में हुई इस किरकिरी के पीछे सिर्फ तकनीकी नाकामी ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस और मैदान पर दिखाई देने वाली अनुशासनहीनता भी एक बहुत बड़ा कारण रही है। आधुनिक क्रिकेट में जहां एक तरफ फिटनेस के स्तर को सबसे ऊपर रखा जाता है और खिलाड़ी चुस्ती के साथ फील्डिंग और रनिंग करते हैं, वहीं पाकिस्तानी टीम के कई खिलाड़ी अपनी लचर फिटनेस और सुस्त रवैये के कारण अक्सर ट्रोलर्स के निशाने पर रहते हैं। कैच टपकाना, साधारण रन आउट छोड़ना और गेंदबाजी में लगातार अतिरिक्त रन लुटाना उनकी आम फितरत बन चुकी है। विदेशी कमेंटेटरों और पूर्व खिलाड़ियों ने इसी बात पर तंज कसते हुए कहा है कि इस टीम के अंदर अंतरराष्ट्रीय स्तर का जज्बा ही गायब हो चुका है। जब मैदान पर लड़ने का माद्दा और जीतने की भूख नजर नहीं आती, तो विरोधी टीमें और उनके पूर्व दिग्गज इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियां करने से बिल्कुल नहीं चूकते, जिससे देश का नाम भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर धूमिल होता है।सोशल मीडिया पर पाकिस्तान फैंस का गुस्सा और मीम्स की बाढ़जैसे ही इंग्लैंड के उस दिग्गज का यह बयान कि 'पाकिस्तान इंटरनेशनल क्रिकेट के लायक नहीं है और ये सेकंड डिविजन वाले हैं' सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इंटरनेट पर मीम्स और तीखी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक तरफ जहां दुनिया भर के क्रिकेट फैंस इस बयान पर मजे ले रहे हैं, वहीं खुद पाकिस्तान के समर्पित फैंस अपने खिलाड़ियों के इस शर्मनाक प्रदर्शन को देखकर अपना सिर पीट रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग पीसीबी के अध्यक्ष और उन चयनकर्ताओं को आड़े हाथों ले रहे हैं जिनके कार्यकाल में टीम का ऐसा पतन देखने को मिला है। फैंस का कहना है कि सुधार के बड़े-बड़े दावे करने वाले अधिकारी सिर्फ बयानबाजी करते हैं, जबकि हकीकत में टीम का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इस तरह के बयानों ने यह साबित कर दिया है कि वैश्विक क्रिकेट मानचित्र पर अब पाकिस्तान को एक मजबूत और खौफनाक टीम के रूप में नहीं बल्कि एक कमजोर प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जाने लगा है, जिससे उबरना पाकिस्तान क्रिकेट के लिए आने वाले दिनों में बहुत बड़ी चुनौती साबित होगा।
BJP अध्यक्ष Nitin Nabin ने की बैठक, 7 राज्यों के चुनाव की तैयारी पर चर्चा
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को पार्टी नेताओं के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें युवाओं तक पहुंचने की पार्टी की योजना पर चर्चा हुई। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात समेत सात राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारी भी इस बैठक का एक मुख्य एजेंडा था। बैठक में भाजपा युवा मोर्चा के नवनियुक्त अध्यक्ष हेमांग जोशी शामिल हुए। पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, पूनम महाजन और तेजस्वी सूर्या भी बैठक में मौजूद थे। बैठक में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ-साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी भी शामिल हुईं। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी बैठक में शामिल हुए।
Bihar Board अंकपत्र पर अब नहीं लिखा होगा अनुत्तीर्ण, मिलेगा कौशल प्रशिक्षण का विकल्प
बिहार सरकार ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र से 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के विद्यार्थियों के अंकपत्र में ‘अनुर्तीण’ शब्द की जगह ‘कौशल प्रशिक्षण के लिए योग्य’ वाक्यांश का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का मकसद विद्यार्थियों को बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम करने में मदद करना है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘शिक्षा विभाग इस बदलाव को लागू करने के लिए नियमों में संशोधन करेगा। विभाग जल्द ही बीएसईबी को जरूरी निर्देश जारी करेगा। प्रमाणपत्र पर ‘अनुर्तीण’ के बजाय ‘कौशल विकास के लिए योग्य’ लिखा होगा।’’तिवारी ने कहा कि सिर्फ इसलिए विद्यार्थियों का हुनर खत्म नहीं हो जाता कि वे परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं ला पाते। उन्होंने कहा,‘‘10वीं कक्षा की बोर्ड पूरक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को तैयारी करने और उनके सफल होने की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद के लिए एक महीने का विशेष सत्र दिया जाएगा।’’तिवारी ने कहा कि यह पहल उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिनका मकसद परीक्षा में असफल रहने के बाद विद्यार्थियों को सुधारात्मक सहायता देना और उन्हें पिछड़ने से बचाना है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार सरकार विद्यार्थियों को पारंपरिक पाठ्यपुस्तक-आधारित पढ़ाई से हटकर अन्य गतिविधियों से भी परिचित कराने के लिए कदम उठा रही है। हाल में उठाए गए कदमों में से एक है सरकारी स्कूलों में शनिवार को नो-बैग डे लागू करना। छह अगस्त को घोषित इस व्यवस्था के तहत, सरकारी स्कूल शनिवार को सुबह 9.30 बजे से दोपहर एक बजे तक चलेंगे, जबकि सोमवार से शुक्रवार तक वे सुबह 9.30 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे।
बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। राज्य के गोपालगंज जिले के एक शांत और व्यस्त ग्रामीण इलाके में उस वक्त कोहराम मच गया जब एक निर्माणाधीन शौचालय और सेप्टिक टैंक की सफाई तथा निर्माण कार्य के दौरान अचानक जहरीली गैस ने चार मासूम और मेहनतकश मजदूरों को अपनी आगोश में ले लिया। इस भयानक और हृदयविदारक हादसे में चारों मजदूरों की मौके पर ही दम घुटने से मौत हो गई, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई। रोज़ की तरह अपने परिवारों का पेट पालने के लिए घर से निकले इन मजदूरों की अचानक इस तरह हुई मौत से उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंच गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक अग्निकांड या यूं कहें कि जहरीली गैस के इस खौफनाक हादसे ने एक बार फिर से निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान बरती जाने वाली गंभीर लापरवाहियों को देश के सामने लाकर खड़ा कर दिया है, जिससे हर कोई स्तब्ध है।अंधेरे कुएंनुमा सेप्टिक टैंक में उतरी थी मजदूरों की टोलीप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली शुरुआती जानकारियों के अनुसार, गोपालगंज के इस विशेष इलाके में एक नए शौचालय की टंकी यानी सेप्टिक टैंक का काम चल रहा था। काम को पूरा करने या उसकी सफाई और ढलाई के सिलसिले में एक-एक करके मजदूर उस गहरे और बंद टैंक के अंदर उतरे थे, जहां वेंटिलेशन का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था। जैसे ही मजदूर टैंक के भीतर पहुंचे, वहां अंदर पहले से ही भरी हुई मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी घातक और जहरीली गैसों ने उनके फेफड़ों पर हमला बोल दिया। ऑक्सीजन की भारी कमी और इन जहरीली गैसों के संपर्क में आते ही एक के बाद एक मजदूरों का दम घुटने लगा और वे बेहोश होकर टैंक के अंदर ही गिरते चले गए। बाहर खड़े अन्य लोग जब तक मा माजरा समझ पाते और कुछ मदद करने की सोचते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और टैंक के भीतर का वातावरण पूरी तरह से प्राणघातक बन चुका था, जिससे वहां मौजूद किसी भी मजदूर को संभलने का मौका तक नहीं मिल सका।एक को बचाने की जद्दोजहद में चली गई चार की जानइस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जब पहले मजदूर की तबीयत टैंक के भीतर बिगड़ी और वह बाहर नहीं आया, तो उसे बचाने के लिए दूसरा मजदूर अंदर उतरा, और इसी तरह एक-एक करके चार मजदूर उस जहरीले कुएंनुमा टैंक के अंदर उतरते चले गए। बचाव करने का यह सिलसिला मौत का ऐसा जाल साबित हुआ कि जो भी अंदर गया, वह जहरीली गैस की चपेट में आकर वहीं अचेत होकर गिरता चला गया। इस तरह के मामलों में अक्सर यह देखा गया है कि उचित सुरक्षा उपकरणों, मास्क या ऑक्सीजन सिलेंडर के बिना लोग बंद टैंकों में उतर जाते हैं, जो अंततः एक बड़े सामूहिक हादसे का रूप ले लेता है। जब तक स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग या रेस्क्यू टीमों को इसकी विधिवत सूचना मिली और उन्होंने बड़ी मशक्कत के बाद चारों मजदूरों को बाहर निकाला, तब तक उनकी सांसे हमेशा के लिए थम चुकी थीं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिससे चिकित्सालय परिसर में भी परिजनों का क्रंदन सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।प्रशासनिक महकमे में खलबली और मुआवजे की मांगइस दर्दनाक हादसे के बाद गोपालगंज जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और उन्होंने पूरे हालात का जायजा लिया। स्थानीय ग्रामीणों और आक्रोशित परिजनों ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि बिना किसी सुरक्षा किट और आधुनिक उपकरणों के इन गरीब मजदूरों से इस तरह के खतरनाक काम कराए जा रहे थे। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और मकान मालिक ने सुरक्षा मानकों की सरासर अनदेखी की, जिसके कारण इतनी बड़ी अनहोनी घटित हो गई। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और इस लापरवाही के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पीड़ित परिवारों को सरकारी नियमों के तहत उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि इस दुख की घड़ी में उनके परिवारों को थोड़ी बहुत राहत पहुंचाई जा सके।सेफ्टी नॉर्म्स की अनदेखी और बार-बार दोहराए जाने वाले हादसेदेश के अलग-अलग हिस्सों में सेप्टिक टैंक और सीवर की सफाई या निर्माण के दौरान जहरीली गैस से मजदूरों की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इस तरह की घटनाएं बार-बार कानून और व्यवस्था की पोल खोलती हैं। सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न अदालतों के सख्त दिशा-निर्देशों के बावजूद मैला ढोने और इस तरह के खतरनाक टैंकों की सफाई बिना सुरक्षा उपकरणों के कराने का अवैध सिलसिला धड़ल्ले से जारी है। गोपालगंज की यह घटना एक बार फिर से इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि जब तक ठेकेदार और नियोजक सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए सख्ती से बाध्य नहीं किए जाते, तब तक गरीब मजदूरों की जान इसी तरह जोखिम में पड़ती रहेगी। जरूरत इस बात की है कि स्थानीय प्रशासन ऐसे सभी निर्माण स्थलों पर औचक निरीक्षण करे और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने तथा जेल की सजा का प्रावधान सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का असहनीय दर्द न सहना पड़े।
'गोल्डन बॉय' का टूटा सपना! एशियन गेम्स में नहीं आएंगे नजर
भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर एथलीट नीरज चोपड़ा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. वह एशियन गेम्स 2026 से चोट के कारण बाहर हो गए हैं. उनके बाहर होने से भारत के पदकों की उम्मीदों को भी तगड़ा झटका लगा है.
बिहार के राजनीतिक गलियारों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के भीतर इन दिनों भूचाल सा आ गया है, जिसने राज्य की राजनीति के तापमान को अचानक से बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने आरक्षण के मुद्दे पर एक ऐसा आक्रामक और सीधा रुख अख्तियार कर लिया है, जिसने सियासी विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है। अपनी मुखर शैली के लिए जाने जाने वाले चिराग पासवान ने केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी तथा उनके बेटे और बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन से खुलकर इस्तीफा मांग लिया है। आरक्षण और संविधान प्रदत्त अधिकारों को लेकर दोनों दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग अब इस मुकाम पर पहुंच गई है कि बात इस्तीफे तक आ टिकी है। एनडीए गठबंधन के भीतर मची इस अंदरूनी कलह और आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर गर्माई सियासत के कारण राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गरमा गया है, और हर कोई यह जानने को बेताब है कि आखिर इस घमासान का आगामी चुनावों पर क्या असर पड़ेगा।आरक्षण के मुद्दे पर तल्ख हुए तेवर और वैचारिक तनातनीइस पूरे विवाद की जड़ में मुख्य रूप से आरक्षण और दलित-शोषित वर्ग के अधिकारों को लेकर चल रही वैचारिक और राजनीतिक बयानबाजी है। चिराग पासवान हमेशा से ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के प्रावधानों, क्रीमी लेयर और संविधान की नौवीं अनुसूची में इसे शामिल करने जैसे मुद्दों पर बहुत सख्त और स्पष्ट स्टैंड लेते रहे हैं। उनका मानना है कि वंचित वर्गों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह राजनीतिक दल के भीतर का मामला क्यों न हो। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री और हम (HAM) पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी भी अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं, जो कई बार ऐसे मुद्दों पर अलग राय रखते हैं जो एलजेपी (राम विलास) के एजेंडे से मेल नहीं खाते। दोनों नेताओं के बीच बयानों का यह सिलसिला पिछले कुछ दिनों से लगातार तेज होता जा रहा था, जो अब खुलकर एक-दूसरे पर सीधे हमले और इस्तीफे की मांग के रूप में सामने आ चुका है।एनडीए के भीतर बढ़ती असहजता और विपक्षी दलों की नजरबिहार में आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनाव की तैयारियों के बीच सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के भीतर इस तरह की सार्वजनिक तनातनी का सामने आना विपक्षी दलों के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्षी पार्टियां इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और वे यह साबित करने में जुटी हैं कि एनडीए के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और विभिन्न दलों के नेता अपने-अपने निजी सियासी फायदों के लिए गठबंधन के अनुशासन को दरकिनार कर रहे हैं। चिराग पासवान द्वारा जीतन राम मांझी और उनके बेटे से इस्तीफा मांगे जाने के बाद से ही गठबंधन के भीतर समन्वय बनाने वाले बड़े नेताओं की सांसें अटक गई हैं, क्योंकि यदि इस विवाद को समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो यह एनडीए के दलित वोट बैंक पर भी गहरा असर डाल सकता है। दोनों ही नेता अपने-अपने समाज के भीतर एक मजबूत और प्रभावी पकड़ रखते हैं, ऐसे में दोनों का इस तरह आमने-सामने आ जाना गठबंधन के केंद्रीय नेतृत्व के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन के इस्तीफे की मांग क्यों?इस पूरे राजनीतिक घमासान में जीतन राम मांझी के साथ-साथ उनके सुपुत्र संतोष सुमन का नाम विशेष रूप से इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि वे वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। चिराग पासवान का यह तीखा प्रहार सीधे तौर पर इस बात पर केंद्रित है कि यदि वैचारिक मतभेद इतने गहरे हैं और आरक्षण के मूल सिद्धांतों को लेकर असहमतियां बनी हुई हैं, तो फिर सत्ता या पदों पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की मांग उठाकर चिराग पासवान ने एक बड़ा सियासी दांव चला है, जिसके जरिए वे यह संदेश देना चाहते हैं कि वे दलित और पिछड़ों के अधिकारों के मुद्दे पर किसी भी तरह के दबाव या समझौते के आगे झुकने वाले नहीं हैं। संतोष सुमन के इस्तीफे की मांग करने से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आने वाले दिनों में दोनों दल एक साथ मिलकर आगे का सफर तय कर पाएंगे या फिर एनडीए के भीतर कोई बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिलेगा।बिहार की सियासत पर पड़ेगा इस टकराव का दूरगामी असरबिहार की राजनीति हमेशा से ही जातिगत समीकरणों, सामाजिक न्याय और आरक्षण के इर्द-गिर्द घूमती रही है, और इस बार का यह ताजा विवाद उसी पुरानी और संवेदनशील धुरी पर दोबारा आकर टिक गया है। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दोनों ही नेता राज्य के दलित और महादलित समुदाय के बड़े और प्रभावशाली चेहरे माने जाते हैं, और दोनों का अपना एक अलग जनाधार है। जब इस वर्ग के दो कद्दावर नेता आपस में ही इस तरह से टकराने लगते हैं, तो इसका सीधा असर जमीन पर मौजूद उनके समर्थकों और मतदाताओं के मन पर पड़ता है। राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि यदि इस विवाद को शीर्ष नेतृत्व द्वारा जल्द ही मध्यस्थता करके शांत नहीं कराया गया, तो यह आने वाले दिनों में गठबंधन की एकता के लिए बहुत भारी पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली और पटना में बैठे एनडीए के मुख्य रणनीतिकार इस बढ़ते हुए सियासी बवंडर को रोकने के लिए क्या कदम उठाते हैं और क्या वाकई कोई समाधान निकल पाता है या फिर यह तल्खी और अधिक गहरी होती चली जाती है।
'टॉक्सिक' में छोटे रोल में छा गईं संजीदा शेख, बोलीं- उम्मीद नहीं थी मेरे किरदार को इतना प्यार मिलेगा
अभिनेत्री संजीदा शेख इन दिनों हालिया रिलीज फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं। शनिवार को अभिनेत्री ने फिल्म में अपने किरदार को मिल रही सराहना के लिए दर्शकों का शुक्रिया अदा किया।
राजस्थान: निकाय चुनाव की जंग देवनानी के लिए बनी चुनौती, विधानसभा अध्यक्ष की दांव पर प्रतिष्ठा
अजमेर उत्तर से विधायक और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की शांति और मौन अपने आप में उनकी राजनीतिक मजबूती दर्शाता है. सियासी गलियारों में यही चर्चा है कि “एक मौन 100 को हराता है”.
मकान मालिक अचानक बढ़ा दे किराया या खाली कराए घर, तो जान लें अपने ये कानूनी अधिकार
क्या आपका मकान मालिक भी अचानक किराया बढ़ा रहा है या घर खाली करने की धमकी दे रहा है? जानिए भारत में किरायेदारों के कानूनी अधिकार, 11 महीने का रेंट एग्रीमेंट और ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत क्या कहते हैं नियम?
PM Narendra Modi SCO Summit में भाग लेने रवाना, आतंकवाद मुक्त क्षेत्र का रखा विजन
नयी दिल्ली, 28 अगस्त की विभिन्न फाइल से शनिवार को दोपहर दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है :- दि6मोदी लीड रवानाआतंकवाद से मुक्त क्षेत्र के भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे: मोदीनयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान और एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान की यात्रा पर रवाना हुए। उन्होंने कहा कि वह इस संगठन के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और आतंकवाद के अभिशाप से मुक्त क्षेत्र के लिए साथी सदस्यों के साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं। दि17राहुल खरगे शुद्धीकरण‘शुद्धीकरण’ मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दें प्रधानमंत्री: राहुलनयी दिल्ली,कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे के सभा स्थल के ‘‘शुद्धीकरण’’ मामले को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ पर निशाना साधा तथा कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निर्देश देना चाहिए कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए। प्रादे13केरल कांग्रेस नेता गिरफ्तारीतिरुवनंतपुरम में मुख्यमंत्री का काफिला रोकने के आरोप में कांग्रेस नेता गिरफ्तारतिरुवनंतपुरम, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का काफिला रोकने के आरोप में कांग्रेस के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। प्रादे30महाराष्ट्र जरांगे लीड प्रदर्शनजरांगे ने शुरू किया अनिश्चितकालीन अनशन, रिकॉर्ड के आधार पर 58 लाख प्रमाणपत्र देने की मांगछत्रपति संभाजीनगर,आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शनिवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय अब सरकार को और अधिक समय नहीं देगा तथा महाराष्ट्र सरकार पूर्व में सत्यापित किए गए 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर तुरंत जाति प्रमाणपत्र जारी करे। वि9नेपाल बाढ़ हालातनेपाल में बाढ़: बचाव अभियान जारी रहने के बीच 163 विदेशियों समेत करीब 2,500 लोगों को निकाला गयाकाठमांडू, नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद जारी तलाश एवं राहत अभियानों के तहत बचाव टीम ने फंसे 163 विदेशियों सहित लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। इस आपदा में 500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वि8नेपाल बाढ़ मृतकनेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या 626 हुईकाठमांडू,मध्य नेपाल में और शव बरामद होने के बाद अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है जबकि आपदा के बाद करीब 2,000 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अर्थ1सीतारमण अमेरिका गोलमेजभारत में विनिर्माण कीजिए, दुनिया के लिए बनाइए: सीतारमणवाशिंगटन,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक निवेशकों को भारत में विनिर्माण आधार तथा प्रौद्योगिकी तथा नवाचार केंद्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। वित्त मंत्री ने उनसे भारत की प्रतिभा और अवसरों का लाभ उठाकर दुनिया के लिए विनिर्माण करने का आग्रह किया। अर्थ3भारत अर्जेंटीना व्यापारअर्जेंटीना भारतीय दवा क्षेत्र के प्रवेश को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध: सरकारनयी दिल्ली,वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि अर्जेंटीना ने अपने यहां भारतीय दवा क्षेत्र के प्रवेश को सुगम बनाने के लिए बाधाओं को कम करने की प्रतिबद्धता जताई है। खेल6खेल स्क्वाश भारतवेलावन सेंथिलकुमार ने बुडापेस्ट ओपन स्क्वाश जीताबुडापेस्ट,भारत के वेलावन सेंथिलकुमार ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए फाइनल में बालाज़ फ़रकास को हराकर हंगरी की राजधानी में खेले गए बुडापेस्ट ओपन स्क्वाश के रूप में अपना पहला पीएसए कॉपर-लेवल का खिताब जीता।
बिहार के ऐतिहासिक और गंगा के तट पर बसे मुंगेर जिले में एक ऐसी हैरान कर देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर आम जनता तक को गहरी सोच में डाल दिया है। राज्य के मुंगेर जिले के एक शांत इलाके में जब शहर के अधिकांश लोग अपनी गहरी नींद में सोए हुए थे और चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था, ठीक उसी समय सड़क के किनारे चुपचाप तरीके से भारी-भरकम मशीनों और मजदूरों के जरिए अवैध खुदाई का खेल चल रहा था। रात के अंधेरे में चल रही इस संदिग्ध गतिविधि की भनक जैसे ही स्थानीय पुलिस महकमे को लगी, महकमे में हड़कंप मच गया। बिना किसी देरी के मुंगेर पुलिस की एक विशेष टीम ने फौरन मौके पर पहुंचकर अचानक ताबड़तोड़ छापा मार दिया। पुलिस की इस अचूक और औचक कार्रवाई के दौरान जैसे ही इस अवैध खुदाई की तहकीकात शुरू हुई, एक के बाद एक ऐसे चौंकाने वाले राज बाहर आने लगे कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। इस रहस्यमयी खुदाई के पीछे छिपा खेल इतना बड़ा और पेचीदा था कि अब यह पूरे जिले में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन चुका है और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर रात के अंधेरे में सड़क किनारे यह सब क्या चल रहा था।आधी रात को शुरू हुआ अवैध खुदाई का यह पूरा खेलरात के बारह बज चुके थे और आम दिनों की तरह सड़काें पर आवाजाही पूरी तरह से थम चुकी थी, तभी मुंगेर के एक खास इलाके में सड़क की पटरी के पास अचानक से जेसीबी और अन्य भारी उपकरणों की गड़गड़ाहट गूंजने लगी। स्थानीय लोगों को पहले तो यह लगा कि शायद कोई सरकारी या नगर निगम का जरूरी मरम्मत कार्य चल रहा होगा, इसलिए किसी ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन धीरे-धीरे जब यह गतिविधियां संदिग्ध लगने लगीं और वहां भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने लगी, तो कुछ जागरूक लोगों ने इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस थाने को दे दी। रात के वक्त इस तरह से बिना किसी आधिकारिक बोर्ड या अनुमति के सड़क किनारे गड्ढे खोदना और मिट्टी या अन्य सामग्री को रातों-रात गायब करने की कोशिश करना इस बात का साफ संकेत दे रहा था कि इसके पीछे कोई बड़ा अवैध सिंडिकेट काम कर रहा है। पुलिस ने बिना एक पल भी गंवाए अपनी एक क्विक रिस्पांस टीम को तुरंत उस स्पॉट के लिए रवाना कर दिया, ताकि तस्करों या अवैध खनन में लगे लोगों को संभलने का मौका न मिल सके।पुलिस की ताबड़तोड़ रेड और मौके से पकड़े गए संदिग्धजैसे ही मुंगेर पुलिस का काफला सायरन बंद करके चुपचाप उस इलाके में दाखिल हुआ, वहां हड़कंप मच गया। पुलिस ने चारों तरफ से उस जगह को पूरी तरह से घेर लिया जहां यह संदिग्ध खुदाई चल रही थी। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद मज़दूरों और ऑपरेटरों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी एक नहीं चली। मौके से पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया और जब उनसे इस आधी रात की खुदाई का लाइसेंस या प्रशासनिक अनुमति मांगी गई, तो वे कोई भी वैध कागजात दिखाने में पूरी तरह असमर्थ रहे। मौके की नजाकत को भांपते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत उन तमाम वाहनों, जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में ले लिया जिनका इस्तेमाल इस अवैध और गुप्त गतिविधि को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि शहर के भीतर अपराधियों द्वारा पुलिस की नजरों से बचकर किस तरह से अवैध कारनामों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी।खुदाई के पीछे छिपे काले कारोबार और बड़े रहस्यों का पर्दाफाशजब पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों से कड़ाई से पूछताछ शुरू की और उस गहरी खोदी गई जगह की बारीकी से जांच की, तो परत-दर-परत कई ऐसे बड़े राज खुलकर सामने आए जिनकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। शुरुआती जांच में यह बात प्रकाश में आई कि इस सुनसान जगह पर सड़क के किनारे से अवैध रूप से कीमती खनिजों, बालू या मिट्टी के अवैध उत्खनन का काला कारोबार चलाया जा रहा था, या फिर इसके जरिए किसी बड़ी भूमिगत चोरी या सिंडिकेट की गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। इस तरह की अवैध खुदाई से न केवल सरकारी संपत्ति और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि आसपास की मुख्य सड़कों और बुनियादी ढांचे के धंसने का भी गंभीर खतरा पैदा हो गया था। पुलिस अब इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि इस पूरे अवैध खेल का असली मास्टरमाइंड कौन है और परदे के पीछे रहकर कौन-कौन से स्थानीय दबंग इस काले धंधे को संरक्षण दे रहे थे।प्रशासनिक सख्ती और मुंगेर पुलिस की लगातार मुस्तैदीमुंगेर जिले में हाल के दिनों में अपराध और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। रात के समय होने वाली इन संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस गश्त को भी काफी तेज कर दिया गया है, जिसका नतीजा यह रहा कि इस तरह के मामलों का समय रहते पर्दाफाश हो पा रहा है। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए हैं कि इस अवैध खुदाई में शामिल एक-एक शख्स को बेनकाब किया जाए और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस अवैध धंधे में किसी विभाग के कुछ भ्रष्ट कर्मियों की भी मिलीभगत थी या नहीं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से मुंगेर के तमाम अवैध कारोबारियों और माफियाओं के बीच सिहरन पैदा हो गई है और वे समझ चुके हैं कि अब पुलिस की नजरों से बचकर निकलना आसान नहीं होगा।
नगर निकाय चुनाव में ननद-भाभी आमने-सामने, एक ही वार्ड से दोनों ने भरा नामांकन
नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया दोपहर 3 बजे तक चलेगी. दूसरे दिन बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के पहुंचने से कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह चुनावी माहौल में नजर आया.
Yes Milord: आदित्य ठाकरे ने जब भरी अदालत में कहा- जज साहब, दिशा सालियन...
मुंबई हाई कोर्ट में दिशा साल्यान मामले की जांच से जुड़ी याचिका पर अहम सुनवाई हुई। जस्टिस सारंग कोटवाल और जस्टिस भोसले की बेंच ने मामले से जुड़े कई सवालों पर सरकारी पक्ष से जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान अदालत ने दिशा के शव की स्थिति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटना स्थल से जुड़े सबूतों पर गंभीर सवाल उठा दिए। लोक अभियोजक शिशिर इहरे ने अदालत को बताया कि अस्पताल में तैयार किए गए पंचनामा में दिशा के शव पर कपड़े नहीं होने का जिक्र था। जिस पर अदालत ने पूछा कि कपड़े किसने हटाए और उससे जुड़े डॉक्टर का बयान क्यों दर्ज नहीं किया गया। हालांकि सरकारी पक्ष ने साफ किया कि यह घटना स्थल नहीं बल्कि अस्पताल का पंचनामा था। अदालत ने साफ कहा कि वह फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहते। कोर्ट के मुताबिक इस स्तर पर मर्डर या रेप की पुष्टि करना जरूरी नहीं बल्कि यह देखना महत्वपूर्ण है क्या जांच में संदेह पैदा करने वाली कोई परिस्थिति मौजूद है। सरकारी अभियोजकों ने अस्पताल से ली गई तस्वीरें भी पेश कर दी। तस्वीरों को देखकर अदालत ने चोटों को लेकर सवाल कर दिया। सरकारी पक्ष ने बताया कि ऊंचाई से गिरने के कारण दिशा के चेहरे, खोपड़ी और जबड़े में गंभीर चोटें आई थी। वहीं जांच में यौन उत्पीड़न के कोई संकेत नहीं मिलने का दावा किया गया। सरकारी पक्ष ने दिशा के पिता सतीश साल्यान, मां बसंती साल्यान और प्रेमी रोहन राय के बयानों का भी हवाला दिया। इसे भी पढ़ें: NIA चार्जशीट पर Delhi Court ने लिया संज्ञान, Red Fort blast में 13 आरोपी आदित्य ठाकरे की ओर से सुदीप पसबोला ने रखा पक्ष आदित्य ठाकरे के वकील सुदीप पसबोला ने याचिका के पीछे राजनीतिक मकसद होने का आरोप लगाया और कहा कि बेटी की जान के मामले पर राजनीति बंद होनी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद मुंबई हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। लेकिन दिशा के मामले में जिस तरह से जज ने सवाल उठाए उससे साफ है कि आदित्य ठाकरे की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कोर्ट ने आदित्य के खिलाफ कोर्ट में हाजिर होने तक का नोटिस जारी करने की बात कही है। यानी अदालत अभी इस पूरे मामले में जो जांच हुई है और जो सबूत पेश किए गए हैं उससे सेटिस्फाइड नहीं है। जिससे साफ़ है कि दिशा साल्यान के मामले में कोर्ट अब एक और बड़ा यहां पर कह सकते हैं इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हो सकता है या इस मामले में नया मोड़ आ सकता है। इसे भी पढ़ें: US Open में Aryna Sabalenka लगातार तीसरा खिताब जीतकर हैट्रिक लगाने उतरेंगी दिशा के पिता और परिवार से पूरी सहानुभूति है, लेकिन… बहस के दौरान आदित्य ठाकरे की ओर से उनके वकील ने दिशा सालियन के परिवार को लेकर भी अपनी बात रखी। पसबोला ने कहा कि दिशा के पिता और उनके परिवार के प्रति उन्हें पूरी सहानुभूति और संवेदना है। उन्होंने अदालत से कहा कि परिवार को इस मामले को खत्म करने का अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी दलील दी कि एक युवा लड़की की दुर्भाग्यपूर्ण मौत को लेकर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, उस पर अब कहीं न कहीं विराम लगना चाहिए। यानी आदित्य ठाकरे की ओर से अदालत में एक तरफ दिशा सालियन के परिवार के प्रति संवेदना जताई गई, तो दूसरी तरफ इस मामले को लेकर हो रही कथित राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाया गया। हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार दिशा सालियन की मौत की जांच से संबंधित याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में अब इस मामले में अदालत के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। फिलहाल, सुनवाई के दौरान आदित्य ठाकरे की ओर से मुख्य जोर इस बात पर रहा कि याचिका कानूनी और तथ्यात्मक आधार पर टिकाऊ नहीं है और दिशा सालियन की मौत को राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
Patience, Discipline, Action: 2027 के यूपी चुनावों से पहले अखिलेश यादव ने दिया PDA का नया फार्मूला
अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 'PDA' का ज़िक्र किया। PDA यानी पिछड़े (backward), दलित और अल्पसंख्यक समाजवादी पार्टी का राजनीतिक आधार रहे हैं। अखिलेश ने X पर एक पोस्ट में इसे धैर्य, अनुशासन और कार्रवाई (Patience, Discipline, Action) के तौर पर नए सिरे से परिभाषित किया और सामाजिक एकता का आह्वान किया। इसे भी पढ़ें: Yes Milord: आदित्य ठाकरे ने जब भरी अदालत में कहा- जज साहब, दिशा सालियन... X पर शेयर किए गए एक ग्राफ़िक में, अखिलेश ने धैर्य, अनुशासन और कार्रवाई को सफलता की तीन कुंजियाँ बताया। उन्होंने लिखा कि PDA की सकारात्मक राजनीति का सुखद परिणाम यह है कि लोग खुद PDA को अलग-अलग सकारात्मक रूपों में परिभाषित कर रहे हैं। सकारात्मकता से सद्भाव पैदा होता है और सद्भाव से सामाजिक एकता आती है, जो देश को 'प्यार, करुणा और अपनापन' के भाव से जोड़ती है और प्रगति व समृद्धि का नया रास्ता बनाती है। अखिलेश यादव ने कई मौकों पर PDA आंदोलन का आह्वान किया है और BJP सरकार पर पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। 22 अगस्त को एक सभा में समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा कि हमारा लक्ष्य समाजवादी विचारधारा और PDA आंदोलन के ज़रिए सामाजिक न्याय स्थापित करने वाली सरकार बनाना है। हालांकि, ऊंची जाति के वोटरों को लुभाने की कोशिश में अखिलेश ने हाल ही में कहा कि PDA में नाराज़ पंडित भी शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Bareilly में BJP leader सचिन कश्यप की चाकू से गोदकर हत्या, इलाके में तनाव 5 अगस्त को समाजवादी पार्टी के दिवंगत नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर अखिलेश ने कहा कि जब से BJP लोकसभा चुनाव में PDA से हारी है, वे PDA की तरह-तरह की परिभाषाएं बना रहे हैं। लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि PDA का मतलब 'पीड़ित पंडित' है। BJP जितना ज़्यादा दर्द देगी और जितनी ज़्यादा तकलीफ़ बढ़ाएगी, PDA उतना ही मज़बूत होगा। अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें समाजवादी पार्टी लगातार दो हार के बाद वापसी की उम्मीद कर रही है। 2022 में, SP ने 403 में से 111 सीटें जीती थीं, जबकि BJP ने 255 सीटें जीतकर चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी। हालांकि, पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों को दोहराने की कोशिश करेगी, जिसमें उसने 80 में से 37 सीटें जीती थीं - जो BJP से चार ज़्यादा थीं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
5 राशियों की मेहनत लाएगी रंग, धन और सफलता के बनेंगे योग, पढ़ें राशिफल
Kal Ka Rashifal 30 August 2026: कन्या राशि वालों के लिए कल का दिन कामकाज और कारोबार के लिहाज से अच्छा रह सकता है. साझा क्षेत्रों में सकारात्मक स्थिति बनी रहेगी. उद्योग-व्यापार में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं
उम्मीद, दहशत और इंतजार... नेपाल बाढ़ में लापता युवकों की कहानी
नेपाल में कुदरत ने जो तबाही मचाई है, उसके निशान बहुत दूर-दूर तक फैले हैं. हरदोई के पिहानी के दो युवक भी इसी बाढ़ के बीच लापता हैं. परिवार से आखिरी बातचीत 25 अगस्त को हुई थी, उसके बाद से कोई अता-पता नहीं है. परिवार एक उम्मीद में जी रहा है कि उनके बच्चे सलामत हों. और बस, सुरक्षित घर लौट आएं... जानिए नेपाल त्रासदी से जुड़ी ये पूरी कहानी.
भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस के गलियारों और राजनीतिक प्रशासनिक हलकों में इन दिनों एक बहुत बड़ी और अहम नियुक्ति को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है, जिसने राजस्थान से लेकर उत्तर पूर्व के संवेदनशील राज्य मणिपुर तक का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राजस्थान कैडर के एक बेहद वरिष्ठ और अनुभवी आईएएस अधिकारी को केंद्र सरकार द्वारा देश के एक महत्वपूर्ण राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था की सर्वोच्च बागडोर सौंपने की पुख्ता तैयारी कर ली गई है। पिछले लगभग एक दशक यानी दस लंबे वर्षों से केंद्र सरकार की विभिन्न प्रतिनियुक्ति और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाल रहे सीनियर आईएएस अधिकारी राजीव सिंह ठाकुर को अब मणिपुर राज्य का नया मुख्य सचिव बनाए जाने का पूरा ताना-बाना बुन लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक फेरबदल के तहत इंटर-कैडर डेपुटेशन के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को केंद्र की सक्षम अधिकार प्राप्त कमेटी द्वारा हरी झंडी दे दी गई है और अब केवल केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग यानी डीओपीटी के आधिकारिक आदेश का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही यह औपचारिक आदेश सार्वजनिक होगा, राजीव सिंह ठाकुर देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की पूरी ब्यूरोक्रेसी के मुखिया के तौर पर कार्यभार संभाल लेंगे और राज्य के प्रशासनिक संचालन की कमान अपने हाथों में ले लेंगे।केंद्र सरकार में लंबी सेवाएं और मजबूत प्रशासनिक पकड़आईएएस अधिकारी राजीव सिंह ठाकुर की गिनती प्रशासनिक महकमे के उन चुनिंदा और दक्ष अधिकारियों में की जाती है, जिन्हें जटिल और नीतिगत मामलों को सुलझाने में महारत हासिल है। मूल रूप से राजस्थान कैडर से ताल्लुक रखने वाले राजीव सिंह ठाकुर पिछले करीब दस वर्षों से केंद्र सरकार में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं पूरी निष्ठा और कुशलता के साथ दे रहे हैं। इस लंबी अवधि के दौरान उन्होंने केंद्र के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कई अहम पदों की जिम्मेदारी संभाली है, जहां उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक सूझबूझ की सराहना उच्च स्तर पर की जाती रही है। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में काम करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की नीतियों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यही कारण है कि उनकी इसी कार्यकुशलता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य के बीच तालमेल बिठाने के लिए उन्हें मणिपुर जैसे सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य के मुख्य सचिव के पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार के रूप में चुना गया है।मणिपुर की प्रशासनिक चुनौतियों के बीच संभालेंगे सर्वोच्च कमानदेश का उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर पिछले कुछ समय से लगातार विभिन्न आंतरिक चुनौतियों, सुरक्षाीयों और सामाजिक-प्रशासनिक संवेदनशीलता के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में वहां की नौकरशाही को एक ऐसे नेतृत्व की सख्त जरूरत है जो अनुभवी होने के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में भी कड़े और सटीक प्रशासनिक निर्णय ले सके। राज्य के मौजूदा हालात को पटरी पर लाने और विकास तथा शांति की बहाली के लिए मुख्य सचिव का पद सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि प्रशासनिक मशीनरी को निर्देश देने और सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने की मुख्य जिम्मेदारी इसी पद पर बैठे अधिकारी के कंधों पर होती है। राजीव सिंह ठाकुर के पास जिस तरह का लंबा प्रशासनिक अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर काम करने की महारत है, उसे देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि उनके कार्यभार संभालने के बाद मणिपुर की ब्यूरोक्रेसी में एक नया अनुशासन और तेजी देखने को मिलेगी। राज्य सरकार और केंद्र के बीच समन्वय स्थापित करने में भी उनका यह अनुभव बेहद कारगर साबित होगा, जिससे प्रशासनिक स्तर पर आ रही अड़चनों को दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी।इंटर-कैडर डेपुटेशन के प्रस्ताव को सेंट्रल कमेटी की मंजूरीकिसी भी अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी को उसके मूल कैडर से हटाकर किसी दूसरे राज्य में डेपुटेशन पर भेजने की प्रक्रिया बेहद लंबी, तकनीकी और कड़ी प्रशासनिक कसौटियों से होकर गुजरती है। राजीव सिंह ठाकुर के मामले में भी राजस्थान कैडर से मणिपुर कैडर में उनके अंतर-राज्यीय प्रतिनियुक्ति यानी इंटर-कैडर डेपुटेशन के प्रस्ताव को तमाम प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं से गुजारा गया है। केंद्र सरकार की सर्वोच्च स्तर की कमेटियों ने इस पूरे प्रस्ताव का बारीकी से अध्ययन करने के बाद इसे अपनी अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस मंजूरी के मिलने के बाद अब केवल औपचारिकताएं शेष रह गई हैं, जिन्हें कार्मिक विभाग द्वारा पूरा किया जा रहा है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के डेपुटेशन देश की संघीय व्यवस्था और अखिल भारतीय सेवाओं की मूल भावना के अनुकूल होते हैं, जहां अनुभवी अधिकारियों को देश के किसी भी हिस्से में उनकी विशेषज्ञता के आधार पर सेवा देने का अवसर प्रदान किया जाता है।राजस्थान कैडर के अधिकारियों के लिए गर्व का क्षणराजीव सिंह ठाकुर को मणिपुर जैसे महत्वपूर्ण राज्य का मुख्य सचिव बनाए जाने की इस खबर से राजस्थान के प्रशासनिक हलकों और उनके बैच के साथियों के बीच भी काफी उत्साह और गर्व का माहौल है। राजस्थान कैडर के अधिकारियों ने हमेशा से ही राष्ट्रीय पटल पर अपनी मेहनत, कर्तव्यनिष्ठा और बेहतरीन प्रशासनिक कौशल का लोहा मनवाया है, और इस सूची में अब एक और नया और बड़ा नाम जुड़ने जा रहा है। राजस्थान में अपनी शुरुआती सेवाओं के दौरान उन्होंने जिन जिलों और विभागों की कमान संभाली थी, वहां उनकी कार्यशैली की छाप आज भी देखने को मिलती है। अब जब वे देश के एक सुदूर और चुनौतीपूर्ण राज्य में मुख्य सचिव के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं, तो राजस्थान के प्रशासनिक तंत्र के लिए भी यह एक गौरवशाली उपलब्धि मानी जा रही है, जो यह दर्शाती है कि यहां के अधिकारी देश के किसी भी कोने में जाकर अपनी नेतृत्व क्षमता का श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं।डीओपीटी के आदेश का इंतजार और भविष्य की रूपरेखाअब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर टिकी हुई हैं कि वह कब इस नियुक्ति का आधिकारिक और अंतिम आदेश जारी करता है। आदेश के जारी होते ही राजीव सिंह ठाकुर औपचारिक रूप से इम्फाल पहुंचकर अपना कार्यभार संभालेंगे और मणिपुर के प्रशासनिक ढांचे की कमान अपने हाथों में ले लेंगे। उनके सामने राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने, विकास कार्यों को गति देने और आम जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत करने जैसी कई बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। जिस तरह से उन्होंने केंद्र में रहते हुए अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया है, उससे यह पूरी उम्मीद की जा रही है कि वे मणिपुर की मौजूदा प्रशासनिक चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटते हुए राज्य को विकास के एक नए मार्ग पर ले जाने में पूरी तरह सफल साबित होंगे।
राजस्थान के सीकर शहर के औद्योगिक और व्यस्त माने जाने वाले इलाके में बीती रात एक ऐसा दर्दनाक और खौफनाक हादसा पेश आया जिसने स्थानीय व्यवसायियों और वाहन चालकों के दिलों में दहशत पैदा कर दी है। सीकर जिले के मुख्य मार्ग पर स्थित दो बड़े और लोकप्रिय इलेक्ट्रिक वाहन यानी ईवी (EV) शोरूमों में अचानक मध्य रात्रि के बाद भीषण आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज और ऊंची थीं कि दूर से ही आसमान लाल नजर आ रहा था और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण अग्निकांड में दोनों शोरूमों के भीतर रखी करीब 40 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक गाड़ियां पलक झपकते ही जलकर पूरी तरह से राख के ढेर में तब्दील हो गईं। शुरुआती आकलन और शोरूम मालिकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस दिल दहला देने वाले हादसे में जलकर नष्ट हुए वाहनों और शोरूम के महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर की कुल कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपए से भी अधिक आंकी जा रही है। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर बर्बाद हो चुका था।मध्य रात्रि अचानक भड़की आग और दमकल की गाड़ियों की दौड़घटना की शुरुआत उस समय हुई जब रात का सन्नाटा पसरा हुआ था और दोनों शोरूम पूरी तरह से बंद थे, तभी अचानक एक शोरूम के अंदर से धुएं का गुबार उठने लगा। जब तक आसपास के लोग या सुरक्षा गार्ड कुछ समझ पाते, तब तक आग ने शॉर्ट सर्किट के जरिए तेजी से पूरे परिसर को अपनी आगोश में ले लिया और बगल वाले दूसरे शोरूम को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्लास्टिक, बैटरी और फाइबर के बने इलेक्ट्रिक वाहनों के कारण लपटें बेकाबू होती चली गईं। तत्काल इसकी सूचना सीकर जिला मुख्यालय पर स्थित दमकल विभाग और पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों से एक के बाद एक कई दमकल गाड़ियां सायरन बजाते हुए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ीं। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही मोर्चा संभाला और आग बुझाने का काम शुरू किया, लेकिन आग इतनी तीव्र थी कि उसे नियंत्रित करने में घंटों का कठिन समय लग गया।ईवी बैटरी के धमाकों से सहमे लोग और आसमान छूती लपटेंइस अग्निकांड का सबसे डरावना पहलू यह था कि आग लगने के दौरान शोरूम के भीतर रखी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की लीथियम-आयन बैटरियों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके होने लगे। इन धमाकों की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे स्थानीय आवासीय बस्तियों और आसपास के बाजारों में रहने वाले लोग बुरी तरह सहम गए और अपने घरों से बाहर सड़कों पर निकल आए। धमाकों की वजह से आग बुझाने में जुटे दमकलकर्मियों और पुलिसकर्मियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि किसी भी समय कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी। आसमान को चीरती हुई आग की तेज लपटों और काले धुएं के गुबार ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे आसपास की इमारतों को भी सुरक्षित दूरी पर खाली कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। लोगों के चेहरों पर इस बात की भारी चिंता साफ झलक रही थी कि यदि आग समय रहते आसपास के अन्य पेट्रोल पंपों या घनी आबादी वाली दुकानों तक पहुंच जाती, तो नुकसान का दायरा और भी कई गुना बड़ा हो सकता था।साढ़े तीन करोड़ से अधिक का वित्तीय नुकसान और मातमसुबह होने के बाद जब आग पूरी तरह बुझ चुकी थी और धुएं के बीच राहत व बचाव कार्य शुरू हुआ, तो अंदर का दृश्य बेहद हृदयविदारक था। दोनों शोरूमों के भीतर जो नई-नवेली इलेक्ट्रिक गाड़ियां ग्राहकों को डिलीवरी देने के लिए चमक रही थीं, वे अब केवल लोहे के जले हुए ढांचे और पिघले हुए अवशेष के रूप में बची थीं। शोरूम के मालिकों और प्रबंधकों का रो-रोकर बुरा हाल है क्योंकि उनकी सालों की मेहनत और पूंजी पल भर में स्वाहा हो गई। प्रारंभिक वित्तीय आकलन के अनुसार, दोनों शोरूमों में खड़े वाहनों, स्पेयर पार्ट्स, कंप्यूटर सिस्टम, फर्नीचर और शोरूम की साज-सज्जा को मिलाकर कुल नुकसान साढ़े तीन करोड़ रुपए से भी अधिक का बैठ रहा है। इस बड़ी क्षति के कारण व्यापारी वर्ग और स्थानीय व्यापार संघों में भी गहरा शोक और चिंता का माहौल है, क्योंकि किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए इस स्तर की तबाही एक बहुत बड़ा आघात साबित होती है।शॉर्ट सर्किट की आशंका और तकनीकी जांच के आदेशघटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें मौके पर पहुंच गईं और उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करना शुरू कर दिया। शुरुआती तौर पर इस भीषण हादसे के पीछे शॉर्ट सर्किट या बिजली के मुख्य पैनल में आई किसी तकनीकी खराबी को ही मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस और जांच एजेंसियां हर एक एंगल से मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या शोरूम के भीतर फायर फाइटिंग के पर्याप्त उपकरण और आधुनिक सुरक्षा मानक मौजूद थे या नहीं। इस हादसे ने एक बार फिर से इस बात को लेकर बहस छेड़ दी है कि आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों के शोरूम और वेयरहाउस में बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिकल वायरिंग को लेकर कितने सख्त नियमों का पालन किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।व्यापारी सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियों पर उठते सवालसीकर में हुई इस घटना ने पूरे राज्य के व्यापारियों और विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों के कारोबार से जुड़े लोगों को अंदर से झकझोर कर रख दिया है। आज के समय में जब सरकार से लेकर आम जनता तक पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दे रही है, तब इस तरह की घटनाएं बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाती हैं। शोरूम संचालकों और इंश्योरेंस कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं ताकि दावों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू की जा सके। इस दुखद हादसे से उबरने में प्रभावित व्यापारियों को लंबा वक्त लगेगा, लेकिन यह घटना प्रशासन और व्यवसायियों दोनों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा उपायों से कभी भी किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
नेपाल के भोटेकोशी बाढ़ में मृतकों की संख्या 626 हुई, 2426 लोग अब भी लापता
काठमांडू। नेपाल के भोटेकोशी में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ और उसके बाद निचले इलाकों में भारी तबाही से मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है, जबकि 2,426 लोग अब भी लापता हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) की शनिवार सुबह 10 बजे जारी नवीनतम जानकारी के अनुसार अब तक […] The post नेपाल के भोटेकोशी बाढ़ में मृतकों की संख्या 626 हुई, 2426 लोग अब भी लापता appeared first on Sabguru News .
राजनीतिक गलियारों और चुनावी बैठकों के अंदर की बंद कमरे की तस्वीरें कई बार ऐसे अनोखे और दिलचस्प किस्से बाहर ले आती हैं, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन जाते हैं। इन दिनों राजस्थान के राजनीतिक पटल पर कुछ ऐसा ही वाकया तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, जहां आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर चल रही एक बेहद गोपनीय और उच्च स्तरीय मंथन बैठक के दौरान मुख्यमंत्री का एक अनूठा अंदाज देखने को मिला। राज्य के पार्टी मुख्यालय में चल रही इस अहम बैठक में जब पार्टी के तमाम दिग्गज नेता और पदाधिकारी टिकट वितरण की गुत्थी सुलझाने में जुटे थे, तभी मुख्यमंत्री ने अनुशासन और गोपनीयता का कड़ा संदेश देते हुए न केवल आम नेताओं बल्कि खुद प्रदेश अध्यक्ष के भी मोबाइल फोन को बैठक कक्ष से बाहर भिजवा दिया। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट निर्देश और मजाकिया लहजे में कहे गए शब्दों—'अध्यक्ष जी का मोबाइल भी बाहर ले जाओ'—ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह पूरा घटनाक्रम अब राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है, जिसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।निकाय चुनावों की सरगर्मी और टिकट वितरण का कड़ा मंथनसूबे में नगर निकाय चुनावों की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, राजनीतिक दलों की धड़कनें और चुनावी तैयारियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। सत्ताधारी पार्टी हो या विपक्ष, हर कोई अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर मजबूत चेहरों की तलाश में जुटा है। टिकट वितरण को लेकर चल रहे इस महामंथन के दौरान पार्टी कार्यालयों में बैठकों का दौर सुबह से लेकर देर रात तक अनवरत चल रहा है। हजारों वार्डों और दर्जनों निकायों के लिए सही और जिताऊ उम्मीदवारों का चयन करना किसी भी पार्टी के लिए लोहे के चने चबाने जैसा साबित हो रहा है, क्योंकि एक छोटी सी गलती भी पार्टी के भीतर बगावत के सुर तेज कर सकती है। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पार्टी आलाकमान ने इस बार बैठकों की पवित्रता, गोपनीयता और आंतरिक चर्चाओं को महफूज रखने के लिए बेहद सख्त नियम लागू किए हैं, ताकि किसी भी तरह की अंदरूनी चर्चा या असहमति बाहर लीक न हो सके।बैठक में मोबाइल के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदीचुनावी बैठकों के दौरान अक्सर यह देखने को मिलता है कि नेता या कार्यकर्ता गोपनीय चर्चाओं के बीच भी अपने फोन पर व्यस्त रहते हैं या कई बार अंदर की बातें अनजाने में या जानबूझकर रिकॉर्ड या लीक हो जाती हैं। इसी खामी को दूर करने और पूर्ण गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस हाई-प्रोफाइल बैठक में पहले से ही यह कड़ा नियम बनाया गया था कि कमरे के अंदर कोई भी व्यक्ति अपना मोबाइल फोन साथ नहीं रखेगा। जैसे ही मुख्यमंत्री इस महत्वपूर्ण बैठक में शिरकत करने के लिए पहुंचे और अपनी निर्धारित कुर्सी पर बैठने लगे, उनकी नजर टेबल पर रखे एक मोबाइल फोन पर पड़ी, जो उस समय चार्जिंग पर लगा हुआ था। वह फोन किसी आम कार्यकर्ता का नहीं बल्कि खुद प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का था। इस दृश्य को देखते ही मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के तुरंत अपने सुरक्षा अधिकारियों और पर्सनल स्टाफ को निर्देश दिया कि नियम सभी के लिए एक समान हैं, इसलिए अध्यक्ष जी का यह मोबाइल भी तुरंत कक्ष से बाहर ले जाया जाए।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और सियासी गलियारों में चर्चाएंमुख्यमंत्री के मुंह से जैसे ही यह वाक्य निकला कि अध्यक्ष जी का मोबाइल भी बाहर कर दिया जाए, वहां मौजूद तमाम नेता मुस्कुराए बिना नहीं रह सके। हालांकि यह एक सहज और अनुशासित प्रशासनिक निर्देश था, लेकिन इसका वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर आया, इसने राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाओं को हवा दे दी। विपक्षी दलों के नेता और सोशल मीडिया यूजर्स इस वाकये पर चुटकी लेते नजर आ रहे हैं कि किस प्रकार पार्टी के भीतर कड़े अनुशासन का पालन कराया जा रहा है, जहां पार्टी के सर्वोच्च प्रदेश अध्यक्ष का फोन भी नियमों के दायरे से बाहर नहीं माना गया। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस प्रकार की सख्ती यह दर्शाती है कि पार्टी नेतृत्व आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर किसी भी स्तर पर कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है और हर हाल में पारदर्शी तथा सटीक टिकट वितरण प्रक्रिया को जमीन पर उतारना चाहती है।आंतरिक कलह और बगावत के डर से फूंक-फूंक कर कदम रख रहा नेतृत्वनगर निकाय चुनावों का रण हमेशा से ही विधानसभा या लोकसभा चुनावों से ज्यादा पेचीदा माना जाता है, क्योंकि यहां हर वार्ड और मोहल्ले स्तर पर कार्यकर्ताओं की अपनी दावेदारी और मजबूत पकड़ होती है। टिकट कटने की स्थिति में कई बार निष्ठावान कार्यकर्ता भी बागी तेवर अपना लेते हैं, जिससे पार्टी को भीतरघात का तगड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। यही वजह है कि बैठकों के दौरान होने वाली हर एक चर्चा, हर एक नाम के नफे-नुकसान पर बेहद गोपनीय तरीके से विचार किया जा रहा है। मोबाइल फोन की पाबंदी और मुख्यमंत्री द्वारा खुद पार्टी अध्यक्ष के फोन को बाहर भिजवाने का यह वाकया इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि इस बार का चुनाव प्रबंधन बेहद सख्त और केंद्रित रूप से चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में जब इन बैठकों के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूचियां सामने आएंगी, तब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि यह कड़ा अनुशासन और गोपनीय मंथन चुनावी मैदान में पार्टी के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।
Kolkata Jail में बंद American Center हमले के दोषी आफताब अंसारी से मिले मोबाइल और नकदी
कोलकाता में 2002 में हुए अमेरिकन सेंटर हमले के मुख्य साजिशकर्ता एवं सजायाफ्ता आफताब अहमद अंसारी की जेल की कोठरी से तीन मोबाइल फोन, वाई-फाई उपकरण और 31,000 रुपये जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। यहां जेल में हुई इस बरामदगी के बाद अधिकारियों ने हेस्टिंग्स थाने में मामला दर्ज कराया गया, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। अमेरिकन सेंटर हमला मामले में दोषी अंसारी आजीवन कारावास की सजा काट रहा है और वह कोठरी नंबर 14 में बंद है। जेल के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि खुफिया जानकारी मिली थी कि अंसारी जेल के अंदर कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है और उसके पास इंटरनेट की सुविधा भी है जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, ‘‘उसके कपड़ों और बिस्तरों से तीन मोबाइल फोन मिले, जबकि दो राउटर, एक वाई-फाई उपकरण, एक पेन ड्राइव और एक इयरफोन भी जब्त किया गया।’’ अधिकारी ने बताया कि उसकी कोठरी से 31,000 रुपये भी बरामद किए गए। इसे भी पढ़ें: CM Vijay का Puzhal Jail में Surprise Visit, कैदियों के कल्याण व सुविधाओं का लिया जायजा उन्होंने कहा कि जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या देश के बाहर अंसारी के संपर्कों पर फोन किए गए थे।
CM Yogi Adityanath ने Major Dhyan Chand को दी श्रद्धांजलि, खेल दिवस पर दी बधाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई प्रमुख नेताओं और समाजवादी पार्टी (सपा) व कांग्रेस ने शनिवार को विश्व प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और लोगों तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं दीं। योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘हॉकी के जादूगर, ‘पद्म भूषण’ मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि तथा ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ की सभी खिलाड़ियों एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।’’ मुख्यमंत्री ने लोगों का आह्वान किया कि वे खेल को जीवन का संस्कार, अनुशासन को अपनी पहचान और तिरंगे की आन-बान-शान को अपना सर्वोच्च लक्ष्य बनाएं। उन्होंने कहा कि यही मेजर ध्यानचंद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘हॉकी के जादूगर पद्म भूषण मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनकी प्रतिभा ने विश्व पटल पर भारत का मान बढ़ाया और खेल प्रतिभाओं को नई प्रेरणा दी।’’ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका जीवन खेल भावना, निरंतर परिश्रम और उत्कृष्टता के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विश्व के महानतम खिलाड़ी, हॉकी के जादूगर, पद्मभूषण से सम्मानित मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर उन्हें शत शत प्रणाम। इसे भी पढ़ें: Meerut Police ने CM Yogi Adityanath का पुतला जलाने की योजना में दो को किया गिरफ्तार सभी खिलाडियों और खेल प्रेमियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।’’ राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर शत-शत नमन।’’ कांग्रेस की उप्र इकाई ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय हॉकी के अमर नायक मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। राष्ट्रीय खेल दिवस के इस पावन अवसर पर देश के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल अनुरागियों को अनंत शुभकामनाएं।’’ कांग्रेस ने पोस्ट में कहा, ‘‘हमारा देश खेल के मैदान में नए कीर्तिमान स्थापित करे, विश्व पटल पर भारत का परचम सदा लहराता रहे और भारत को ऐसे ही गौरवान्वित होने के अवसर मिलते रहें।
NIA चार्जशीट पर Delhi Court ने लिया संज्ञान, Red Fort blast में 13 आरोपी
दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को लालकिला विस्फोट मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा दाखिल 7,500 पन्नों के आरोपपत्र का संज्ञान लिया। पिछले साल 10 नवंबर को लालकिले के पास एक कार में हुए विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। इस कार को डॉ उमर उन नबी चला रहा था। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Sonia Gandhi की किताब बनी सियासी हथियार, कांग्रेस के ‘सरकारी दबाव’ वाले दावे पर उठे सवाल विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने एजेंसी के आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ सितंबर की तारीख तय की। एनआईए ने इस साल 14 मई को 10 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में कहा गया है कि इन 10 आरोपियों में मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी समेत सभी के तार अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े थे। यह संगठन भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा की शाखा है। एजेंसी ने तीन और लोगों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। इनमें एक फरार बाल रोग विशेषज्ञ भी शामिल है, जिसे आतंकवादी मॉड्यूल के संस्थापक सदस्यों में से एक बताया गया है। इसे भी पढ़ें: Shabir Shah को अस्पताल या कोर्ट ले जाते समय न लगाएं अनावश्यक हथकड़ी: NIA Court इन लोगों पर विस्फोट में शामिल होने का आरोप है। इसके साथ ही मामले में आरोपपत्र दाखिल किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
Supreme Court पेट्रोल में Ethanol मात्रा बताने की मांग पर 31 अगस्त को करेगा अहम सुनवाई
उच्चतम न्यायालय 31 अगस्त को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें केंद्र और अन्य संबंधित पक्षों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वे पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में एथनॉल की सटीक मात्रा बताने की प्रणाली सुनिश्चित करें। शीर्ष अदालत की 31 अगस्त के मामलों की सूची के अनुसार, यह याचिका न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए प्रस्तुत की जाएगी। नरेंद्र कुमार गोस्वामी की ओर से दायर याचिका में यह निर्देश दिए जाने का भी अनुरोध किया गया है कि ईंधन संबंधी हर बिल में बेचे गए पेट्रोल में एथनॉल का प्रतिशत साफ़-साफ़ और आसानी से पढ़े जा सकने वाले तरीके से लिखा होना चाहिए। याचिका के अनुसार, प्रतिवादियों (केंद्र और अन्य) को निर्देश दिया जाए कि वे एक तय समय के भीतर वाहनों के लिए एथनॉल के अलग-अलग मिश्रण की उपयुक्तता बताने वाला आधिकारिक और सार्वजनिक डेटाबेस तैयार करें और उसे प्रकाशित करें। इस डेटाबेस में वाहन के हिसाब से जानकारी हो और इसे निर्माता, मॉडल, इंजन के प्रकार और निर्माण के वर्ष के आधार पर खोजा जा सके। इसमें एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति बनाने का भी अनुरोध किया गया है, जिसमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय मानक ब्यूरो और अन्य (जैसे स्वतंत्र ऑटोमोबाइल इंजीनियर) के प्रतिनिधि शामिल हों। इसे भी पढ़ें: Abhishek Banerjee के PA Sumit Roy की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, 31 अगस्त तय याचिका में कहा गया है कि यह समिति मौजूदा गाड़ियों में ‘ई20’ के इस्तेमाल की असल स्थिति की पड़ताल करे और इस संबंध में सार्वजनिक रिपोर्ट सौंपे।
Suvendu Adhikari ने Tarapith Temple में की पूजा, बीरभूम में प्रशासनिक बैठक भी करेंगे
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शनिवार को बीरभूम जिले के तारापीठ मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय भी थे। उन्होंने प्रसिद्ध तीर्थस्थल पर पुजारियों के मंत्रोच्चार के बीच पुष्प अर्पित किए। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari ने दी चेतावनी, कश्मीर पर विवादित नारे लगाने पर होगी गिरफ्तारी इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री का आज बाद में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ प्रशासनिक बैठक करने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंदिर नगरी में विभिन्न लॉज और होटलों में आग से सुरक्षा के इंतजामों का भी जायजा ले सकते हैं। इस शहर में 17 अगस्त को भीषण आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई थी।
Manjeet Kaur की चंडीगढ़ में मौत, अगवा कर जिंदा जलाई गई थीं पंजाबी इन्फ्लुएंसर
पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की यहां एक सरकारी अस्पताल में मौत हो गई। करीब दो महीने पहले कथित तौर पर मारपीट करने के बाद उन्हें आग के हवाले कर दिया गया था। पुलिस ने शनिवार को बताया कि 28 वर्षीय कौर की 26 अगस्त को यहां स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मां की शिकायत के अनुसार, मंजीत कौर को तीन जुलाई को उनके दो परिचितों - शुभी और पिंडा - ने सेक्टर-34 में शराब की एक दुकान के पास बुलाया और कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया। शिकायत में कहा गया है कि मंजीत को पंजाब के मोरिंडा ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई, पेड़ से बांधा गया और आग लगा दी गई। मंजीत के एक दोस्त ने मौके पर पहुंचकर कंबल की मदद से आग बुझाई और उन्हें मोरिंडा के एक अस्पताल ले गया। बाद में उन्हें मोहाली के एक निजी अस्पताल और फिर चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर ले जाया गया। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी पांच अगस्त को होश में आ गई थी, लेकिन मोहाली की खरड़ पुलिस को बयान दर्ज करने के लिए सूचना देने के बावजूद पुलिस वहां नहीं पहुंची। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उसने परिवार को पूरा सहयोग दिया था। पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या) और 140 (1) (अपहरण) समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। चंडीगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र की पुलिस उपाधीक्षक गुरजीत कौर ने कहा कि मामले की जांच जारी है और हमलावरों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस घटना के पीछे के लोगों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। साथ ही, कथित अपहरण से जुड़ी परिस्थितियों का भी पता लगाया जा रहा है। हत्या के पीछे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। मंजीत कौर के इंस्टाग्राम पर करीब 1.46 लाख फॉलोअर थे। वह पंजाबी और हरियाणवी गानों पर वीडियो पोस्ट करती थीं।
देश के आध्यात्मिक परिदृश्य और सोशल मीडिया चर्चाओं में इन दिनों एक अलग ही तरह की हलचल देखने को मिल रही है, जब संत रामपाल महाराज का एक बेहद अनूठा और भव्य अंदाज सामने आया है। हाल ही में जब वे एक आधुनिक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस विशेष हाइड्रोलिक एडवांस गाड़ी में सवार होकर सार्वजनिक रूप से प्रकट हुए, तो उनके दर्शन करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए समर्थकों का तांता लग गया। इस नज़ारे को देखने के बाद वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया, क्योंकि वाहन की बनावट और उसकी सुरक्षा व्यवस्था किसी हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी दौरे जैसी प्रतीत हो रही थी। जिस सड़क या मार्ग से यह हाई-टेक काफिला गुजरा, वहां चारों तरफ श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग अपने गुरु की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए और जैसे ही उनकी गाड़ी नजदीक आई, उनके जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस आयोजन के दौरान खासकर महिलाओं और बुजुर्गों में संतों के चरणों में झुककर आशीर्वाद लेने और उनके पैर छूने की होड़ सी मच गई, जिससे वहां सुरक्षाकर्मियों को भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।अत्याधुनिक हाइड्रोलिक तकनीक से लैस वाहन बनी मुख्य आकर्षण का केंद्रसंत रामपाल के इस हालिया प्रकट होने के दौरान जिस हाइड्रोलिक एडवांस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया, उसने आम जनता के साथ-साथ तकनीकी प्रेमियों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह गाड़ी सामान्य वाहनों से बेहद अलग और उन्नत तकनीक पर आधारित है, जिसमें सुरक्षा के सभी आधुनिक मानकों का बारीकी से ध्यान रखा गया है। इस वाहन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हाइड्रोलिक लिफ्ट प्रणाली है, जिसकी मदद से संत रामपाल बिना किसी शारीरिक कठिनाई के ऊंचाई पर आकर एक साथ हजारों श्रद्धालुओं को आसानी से अपने दर्शन दे सकते हैं और उनका अभिवादन स्वीकार कर सकते हैं। इस तरह की कस्टमाइज्ड और तकनीक से सुसज्जित गाड़ियों का इस्तेमाल आमतौर पर बड़े राजनेताओं या अंतरराष्ट्रीय हस्तियों द्वारा सुरक्षा कारणों से किया जाता है, लेकिन आध्यात्मिक क्षेत्र में इस तरह की हाई-टेक व्यवस्था का दिखना एक नया और अनूठा अनुभव साबित हो रहा है। वाहन की चमक-दमक और उसकी सुरक्षा घेराबंदी को देखने के लिए सड़क के दोनों किनारों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी और लोग अपने मोबाइल फोन में इस वाकये को कैद करने के लिए उत्सुक नजर आए।दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब और अनुशासन की कड़ी परीक्षासंत रामपाल के आगमन की खबर मिलते ही आसपास के जिलों और दूर-दराज के राज्यों से भी उनके अनुयायी भारी संख्या में उस निश्चित स्थान पर पहुंचना शुरू हो गए थे। स्थिति यह हो गई कि कुछ ही घंटों में वहां पैर रखने तक की जगह नहीं बची और वाहनों का लंबा काफिला तथा पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ से रास्ते पूरी तरह पट गए। इस विशाल जनसमूह को व्यवस्थित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों और आयोजकों को खासी कड़ी मेहनत करनी पड़ी। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में भीड़ होने के बावजूद अनुशासन का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जहां लोग कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही हाइड्रोलिक गाड़ी का मंच ऊपर उठा और संत रामपाल ने अपने अनुयायियों को आशीर्वाद देना शुरू किया, तो भीड़ में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और वे पूरी श्रद्धा के साथ भक्ति भाव में लीन हो गए। इस दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी स्थिति पर लगातार अपनी पैनी निगाह बनाए हुए थे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ की स्थिति न पैदा हो सके।महिलाओं और युवाओं में चरण स्पर्श करने की मची होड़इस पूरे आयोजन का सबसे भावुक और ऊर्जावान पहलू यह देखने को मिला कि संत रामपाल के प्रति महिलाओं और युवा वर्ग में अगाध श्रद्धा और उत्साह का माहौल था। जब हाइड्रोलिक गाड़ी थोड़ी धीमी हुई या तयशुदा पड़ाव पर रुकी, तो महिलाओं में उनके पैर छूने और आशीर्वाद लेने के लिए जबरदस्त होड़ सी मच गई। कई महिला अनुयायी अपनी आस्था के आगे सुरक्षा घेरे की परवाह किए बिना आगे बढ़ने की कोशिश कर रही थीं, जिन्हें संभालने के लिए महिला सुरक्षाकर्मियों को काफी मुस्तैद रहना पड़ा। युवाओं ने भी इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और सोशल मीडिया पर इसके वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। जानकारों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों में जिस तरह से समाज के हर वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, वह आधुनिक दौर में बढ़ती धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था के गहरे प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। लोग अपने दैनिक जीवन के तनावों को भूलकर इस आध्यात्मिक समागम में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे और गुरु के एक स्पर्श या दृष्टि मात्र से खुद को धन्य महसूस कर रहे थे।सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम और वीवीआईपी जैसी प्रशासनिक व्यवस्थासंत रामपाल की इस यात्रा और वाहन के मूवमेंट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी ओर से पूरी सतर्कता बरत रखी थी। चूंकि इस तरह के आयोजनों में समर्थकों की संख्या अचानक से बहुत अधिक बढ़ जाती है, इसलिए किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस बल की चप्पे-चप्पे पर तैनाती की गई थी। ट्रैफिक डायवर्शन से लेकर रूट की बैरिकेडिंग तक के तमाम इंतजाम पुख्ता किए गए थे ताकि आम जनता को भी आवाजाही में किसी प्रकार की भारी असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों का कहना था कि भले ही यह एक धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम था, लेकिन भीड़ के भारी दबाव और सुरक्षा के संवेदनशील पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हर एक गतिविधि पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए नजर रखी जा रही थी। इस सफल और नियंत्रित प्रबंधन के कारण पूरा कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया, जिससे आयोजकों और प्रशासन दोनों ने राहत की सांस ली।आधुनिक दौर में बढ़ती आध्यात्मिक जिज्ञासा और संतों के प्रति क्रेजआज की इस भागदौड़ भरी और तकनीकी जीवनशैली के बीच जिस तरह से भारी संख्या में लोग आध्यात्मिक गुरुओं के प्रति अपनी निष्ठा दिखाने के लिए सड़कों पर उतर आते हैं, वह इस बात का प्रमाण है कि इंसान आज भी मानसिक शांति और मार्गदर्शन के लिए आध्यात्मिकता की ओर उतनी ही तेजी से आकर्षित हो रहा है। संत रामपाल और उनके अनुयायियों के बीच का यह जुड़ाव केवल एक साधारण भेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस मजबूत वैचारिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को भी दर्शाता है जो उनके संगठन द्वारा लगातार बुना जा रहा है। जब भी इस प्रकार के हाई-प्रोफाइल और तकनीकी रूप से उन्नत दौरे सामने आते हैं, तो वे आम चर्चा का विषय बन जाते हैं। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया और आधुनिक दौर के संचरण माध्यमों के युग में भी जमीनी स्तर पर जनसमर्थन और श्रद्धा का पैमाना किस हद तक विशाल हो सकता है, जिसकी गवाही रांची से लेकर देश के अन्य कोनों तक गूंजने वाले उनके अनुयायियों के ये दृश्य दे रहे हैं।
देश के सोशल मीडिया जगत और पंजाब के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है, जिसने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर कई बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सक्रियता और रील्स के जरिए खासी पहचान बनाने वाली लोकप्रिय पंजाबी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मंजीत कौर की निर्मम हत्या का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। शुरुआती विवरणों के अनुसार, मंजीत कौर को कुछ अज्ञात या आपसी रंजिश रखने वाले दबंगों द्वारा बेरहमी से एक पेड़ से बांध दिया गया और फिर उन्हें जिंदा आग के हवाले कर दिया गया। इस वीभत्स घटना में गंभीर रूप से झुलसने के बाद आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही पंजाब से लेकर चंडीगढ़ तक हड़कंप मचा हुआ है और मृतका के परिजनों तथा स्थानीय समर्थकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में अब केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के एक थाने में औपचारिक एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जबकि पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, जिससे यह पूरा प्रकरण अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है।घटना की खौफनाक दास्तान और सोशल मीडिया पर सदमे का माहौलमंजीत कौर जो अपनी जिंदादिल शख्सियत और वीडियो कंटेंट के लिए इंटरनेट की दुनिया में जानी जाती थीं, उनके साथ हुई इस अमानवीय हिंसा ने हर किसी को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। अपराधियों ने जिस बेरहमी से उन्हें एक पेड़ के सहारे जकड़कर आग के हवाले किया, वह किसी मध्यकालीन और पैशाचिक कृत्य जैसा प्रतीत होता है। जब इस घटना की तस्वीरें और शुरुआती जानकारियां सोशल मीडिया पर फैलीं, तो उनके चाहने वालों और डिजिटल क्रिएटर्स के बीच शोक की लहर दौड़ गई। लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि सोशल मीडिया पर खुलकर मुस्कुराने वाली एक महिला को इतनी भयानक मौत का सामना करना पड़ा। इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद से ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगातार न्याय की मांग उठाई जा रही है और लोग मांग कर रहे हैं कि इस वीभत्स अपराध को अंजाम देने वाले दरिंदों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में कसकर सबसे कड़ी सजा दी जाए, ताकि समाज में इस तरह के घिनौने अपराधों की पुनरावृत्ति न हो सके।चंडीगढ़ में एफआईआर दर्ज और कानूनी प्रक्रिया की शुरुआतइस मामले के तूल पकड़ने और न्याय की गुहार लगाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जिसके तहत चंडीगढ़ में इस जघन्य हत्याकांड के संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। चूंकि मामला दो राज्यों की सीमाओं और कार्यक्षेत्र से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस महकमे में भी इसको लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। चंडीगढ़ पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि इस खौफनाक वारदात को असल में किस जगह अंजाम दिया गया था और इसके पीछे की असली साजिश क्या थी। मृतका के परिजनों ने चंडीगढ़ प्रशासन से यह उम्मीद जताई है कि उन्हें यहां निष्पक्ष न्याय मिलेगा, क्योंकि स्थानीय स्तर पर उन्हें उचित सहायता नहीं मिल पा रही थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच अधिकारियों ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल्स और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि उन तमाम चेहरों बेनकाब किया जा सके जो इस पूरी साजिश के पीछे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे हैं।पंजाब पुलिस पर लगे गंभीर लापरवाही और मिलीभगत के आरोपइस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि मृतका के परिवारजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पंजाब पुलिस की भूमिका पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि जब इस तरह की धमकियां मिल रही थीं या जब शुरुआती स्तर पर प्रताड़ना का दौर चल रहा था, तब स्थानीय पंजाब पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम उठाने या एफआईआर दर्ज करने में भारी टालमटोल की। आरोप तो यहां तक लगाए जा रहे हैं कि यदि पुलिस प्रशासन ने थोड़ी सी भी तत्परता और संवेदनशीलता दिखाई होती, तो शायद एक उभरती हुई इनफ्लुएंसर की जान इस तरह से नहीं जाती। इस तरह की गंभीर शिकायतों के सामने आने के बाद पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ गया है कि वे अपने मातहत कर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराएं। पुलिस पर लग रहे इन लापरवाही के दागों ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम नागरिकों और विशेषकर सोशल मीडिया पर मुखर रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमारी व्यवस्था कितनी गंभीर है।सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स की सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा का बढ़ता संकटआज के इस डिजिटल दौर में जहां हर दूसरा युवा सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहचान बनाने की जद्दोजहद कर रहा है, वहीं इनफ्लुएंसर्स पर बढ़ते खतरे एक नई चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। मंजीत कौर हत्याकांड ने इस कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है कि वर्चुअल दुनिया में मिलने वाली लोकप्रियता कई बार वास्तविक जीवन में कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। कई बार व्यक्तिगत रंजिश, धमकियों और सोशल मीडिया की वर्चुअल दुश्मनी की आंच असल जिंदगी तक पहुंच जाती है, जिसके शिकार लोग अपनी सुरक्षा के अभाव में हो जाते हैं। इस घटना के बाद से देश भर के कंटेंट क्रिएटर्स और इनफ्लुएंसर्स में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। वे अब मांग कर रहे हैं कि सोशल मीडिया हस्तियों को मिलने वाली धमकियों को गंभीरता से लेते हुए साइबर और लोकल पुलिस थानों में एक विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाना चाहिए, ताकि किसी अन्य को अपनी जान इस तरह से न गंवानी पड़े।न्याय की उम्मीद और इस सनसनीखेज मामले की आगे की दिशामंजीत कौर हत्याकांड में चंडीगढ़ में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस मामले की गुत्थी को कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता के साथ सुलझा पाती है। जनता और उनके प्रशंसक लगातार सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाकर इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, ताकि दोषियों को उनके किए की सजा मिल सके। पुलिस के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह उन सभी आरोपियों को बेनकाब करे जिन्होंने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया और साथ ही उन पुलिसकर्मियों की जवाबदेही भी तय करे जिनकी कथित लापरवाही के कारण यह नौबत आई। न्याय की यह लड़ाई अब सिर्फ एक इनफ्लुएंसर की मौत का बदला लेने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह कानून के राज और पुलिसिया संवेदनशीलता की साख का सवाल बन चुकी है, जिसका फैसला आने वाला वक्त ही करेगा।
भारत सरकार से मदद, मीडिया की रिपोर्टिंग... नेपाल के विदेश मंत्री ने की तारीफ
रसुवा समेत बाढ़ के दूसरे प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव अभियान तेज कर दिया गया है. इनमें से अब तक 163 विदेशी नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला जा चुका है. फिलहाल टनल में फंसे लोगों की तलाश जारी है, इसी बीच नेपाल ने भारत की मदद और सहयोग के लिए आभार जताया है.
एक्सपायरी खाद्य सामग्री की शिकायत के बाद FDA अधिकारी का घेराव, भीड़ ने जबरन खिलाए बिस्किट
छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर इलाके में एक Food and Drug Administration (FDA) अधिकारी को स्थानीय लोगों ने घेर लिया। इस दौरान भीड़ ने अधिकारी के सामने एक्सपायरी बिस्किट रखे और उन्हें खाने के लिए मजबूर किया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बच्चे […]
'खजाने की लूट' के लिए जनता से माफी मांगें Akhilesh Yadav, Deoria में जमकर गरजे CM Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जब उनकी पार्टी सत्ता में थी, तब राज्य के खजाने की कथित लूट के लिए उन्हें जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य अब खराब शासन और असुरक्षा वाली अपनी पुरानी छवि से बाहर निकल चुका है। देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान, जहाँ उन्होंने 305 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत वाली 80 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, आदित्यनाथ ने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकारों की वजह से उत्तर प्रदेश में विकास, समृद्धि और रोज़गार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाओं और पूर्वी उत्तर प्रदेश में एन्सेफलाइटिस (दिमागी बुखार) से निपटने के उपायों पर भी बात की। इसे भी पढ़ें: Sajjan Kumar के घर BJP सांसदों का दौरा, HS Phoolka बोले - 1984 Riots पीड़ितों से धोखा विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि SP का मतलब है लूट और वसूली, SP का मतलब है डकैतों का गिरोह। लखनऊ में जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि SP प्रमुख ने अपनी अय्याशी के लिए राज्य के खजाने की जो लूट की है, उसके लिए उन्हें जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य में माफ़ियाओं की समानांतर सरकार चलती थी, लेकिन अब उत्तर प्रदेश वैसा ही बन गया है जैसा इसके नाम से पता चलता है और अब कोई इसे 'बीमारू' राज्य नहीं कहता। 'बीमारू' शब्द का इस्तेमाल 1980 के दशक के मध्य में डेमोग्राफर आशीष बोस ने देश के कुछ सबसे गरीब राज्यों — बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश — के लिए किया था। आदित्यनाथ ने कहा कि अब यूपी की छवि अच्छी है। माफ़ियाओं का सफाया हो चुका है। जो लोग बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हैं, उनके लिए सिर्फ़ दो ही जगहें हैं — या तो वे जेल में होंगे या फिर नर्क में। अच्छे प्रतिनिधियों को चुनने की अहमियत पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि जब अच्छे जन-प्रतिनिधि चुने जाते हैं, तो अच्छी सरकारें बनती हैं और नतीजे भी अच्छे होते हैं। यह विकास, खुशहाली और रोज़गार उन्हीं जन-प्रतिनिधियों की कड़ी मेहनत का नतीजा है जिन्हें आपने चुना था। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न तो विकास था, न सुरक्षा और न ही सम्मान। उन्होंने कहा कि न तो रोज़गार था और न ही गरीबों के लिए घर, शौचालय, LPG कनेक्शन, बिजली और सड़कें थीं। स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे। इसे भी पढ़ें: Naveen Patnaik ने Odisha के BJP MPs से की अपील, माइनिंग कानून संशोधनों को बताया राज्य विरोधी एन्सेफलाइटिस के बारे में आदित्यनाथ ने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर का समय देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, संत कबीर नगर और बस्ती के लोगों के लिए डर का समय होता था। उन्होंने कहा कि यह कोई बीमारी नहीं थी; यह SP-कांग्रेस सरकारों की बीमार मानसिकता थी। 40 सालों में 50,000 मासूम बच्चों की मौत हुई, लेकिन SP या कांग्रेस का कोई भी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री हालात का जायजा लेने नहीं आया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
गिल ने बहन से बंधवाई राखी, 65 लाख की घड़ी ने लूटी महफिल
रक्षाबंधन के मौके पर भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल भी पूरी तरह से फैमिली के रंग में रंगे नजर आए. गिल की बहन ने सोशल मीडिया पर अपने राखी सेलिब्रेशन की बेहद प्यारी और दिल छू लेने वाली तस्वीरें शेयर की है.
नेपाल में प्राकृतिक आपदा, भारतीय पर्यटकों के लिए रेलवे बना सहारा
नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद फंसे नागपुर के पर्यटकों को सड़क मार्ग से पटना लाया गया। भारतीय रेलवे ने पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त AC-3 कोच लगाकर 100 से अधिक पर्यटकों को नागपुर भेजने की व्यवस्था की।
जब एयर होस्टेस ने दुल्हन को दिया क्यूट सरप्राइज, यादगार बन गई फ्लाइट
एक फ्लाइट में एयर होस्टेस ने सिर्फ एक पैसेंजर के लिए ऐसा सरप्राइज अनाउंसमेंट किया कि दूसरे यात्रियों के लिए भी उड़ान यादगार बन गई. अब यह वाकया वायरल हो रहा है.
तेज प्रताप का फैमिली ड्रामा, पवन सिंह की इमेज पॉलिशिंग में सिमटा शो
Bhojpuri Bawaal Review: भोजपुरी सितारों की मौजूदगी किसी भी शो को हिट कराने की गारंटी समझा जाता है. जब पूरा शो ही भोजपुरी सितारों से सजा हो, तो बवाल मचना तो तय है. यही वजह है कि जब भोजपुरी बवाल शो आया था, तो माना जा रहा था कि ये हर दूसरे रियलिटी शो पर भारी पड़ेगा और टीआरपी में गर्दा उड़ा देगा, लेकिन इतना बवाल मचता नजर नहीं आया.
खड़गे के कार्यक्रम स्थल के ‘शुद्धिकरण’ पर राहुल गांधी का हमला, बोले- यह छुआछूत; FIR की मांग
नई दिल्ली: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान में कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। अब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर BJP और RSS पर निशाना साधते हुए FIR […]
फरवरी में लगेगा ऐसा सूर्य ग्रहण, सूर्य बनेगा आग का छल्ला!
Solar Eclipse 2027: 6 फरवरी 2027 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा. इस दौरान आसमान में रिंग ऑफ फायर यानी आग का छल्ला दिखाई देगा. जानें यह ग्रहण कहां नजर आएगा और इसकी खासियत क्या है.
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शनिवार को राज्य के युवाओं को 2036 तक ज़्यादा कुशल, उद्यमी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक रोडमैप जारी किया। उन्होंने कहा कि 'अरुणाचल ह्यूमन कैपिटल एंड इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन विज़न 2036' और 'अरुण MSME मिशन' का मकसद पूरे राज्य में रोज़गार और उद्यम के नए अवसर पैदा करना है। खांडू ने कहा कि इस योजना का लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार वर्कफ़ोर्स, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमी और इनोवेशन पर आधारित अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने कहा कि 2036 तक का यह सफ़र ऐसी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए है जो टैलेंट, मौकों और वैश्विक पहचान से आगे बढ़ेगी। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Kiren Rijiju की एक डुबकी से आई सियासी सुनामी! Pawan Khera को Half Naked वाले तंज पर मिला करारा जवाब मुख्यमंत्री के अनुसार, इस विज़न का लक्ष्य 1 लाख युवाओं, 10,000 उद्यमियों और 10,000 अप्रेंटिस को ट्रेनिंग देना; 10,000 लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने में मदद करना; 100 इंडस्ट्री पार्टनरशिप बनाना; और सभी 10 ITI को आधुनिक स्किल हब और सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में बदलना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसे हुनर और मौके देने पर ध्यान दिया जाएगा, जिनसे वे न सिर्फ़ राज्य और देश में, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी मुकाबला कर सकें। खांडू ने युवाओं में बढ़ती उद्यमिता की इच्छा पर ज़ोर देते हुए कहा, आज का युवा सिर्फ़ नौकरी ही नहीं, बल्कि रोज़गार के अवसर भी तलाश रहा है। उन्होंने कहा इस उद्यमिता की भावना को मज़बूत करने के लिए हमने 'अरुण MSME मिशन' शुरू किया है। उन्होंने आगे बताया कि हर साल 500 MSME को रिवाइवल और क्षमता अपग्रेडेशन, मार्केट लिंकेज, क्षमता बढ़ाने और निर्यात में मदद के ज़रिए सहायता दी जाएगी। इसे भी पढ़ें: केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने अरुणाचल प्रदेश की वायरल बच्ची Tinkle से वीडियो कॉल पर की बात उन्होंने कहा कि सभी 10 ITI को आधुनिक स्किल हब और सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में बदलने से स्किल डेवलपमेंट के लिए एक मज़बूत आधार मिलेगा, जबकि इंडस्ट्रीज़ के साथ पार्टनरशिप से ट्रेनिंग को नए रोज़गार के मौकों के हिसाब से ढालने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, रोज़गार पैदा होंगे और राज्य में युवाओं के नेतृत्व में आर्थिक बदलाव तेज़ी से आएगा।
Sajjan Kumar के घर BJP सांसदों का दौरा, HS Phoolka बोले - 1984 Riots पीड़ितों से धोखा
दिल्ली के पूर्व विधायक एचएस फूलका ने बीजेपी सांसदों कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया के उस दौरे की निंदा की है, जिसमें वे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की मौत के बाद उनके घर शोक व्यक्त करने गए थे। 'X' पर एक पोस्ट में फूलका ने सांसदों के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि सहानुभूति 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए होनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Naveen Patnaik ने Odisha के BJP MPs से की अपील, माइनिंग कानून संशोधनों को बताया राज्य विरोधी फूलका ने कहा कि मैं बीजेपी के 3 सांसदों - कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया - के सामूहिक हत्यारे सज्जन कुमार के घर जाकर उनकी मौत पर शोक व्यक्त करने के दौरे की कड़ी निंदा करता हूं। यह तब हो रहा है जब बीजेपी ने हमेशा इन दोषियों के खिलाफ न्याय की हमारी लड़ाई का समर्थन किया है और यह सुनिश्चित करने में हमारा साथ दिया है कि वह जेल में ही रहे। फूलका ने हिंसा के लंबे समय तक रहने वाले असर पर ज़ोर देते हुए कहा कि हमदर्दी पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए होनी चाहिए - जिनमें से कई लोग आज भी उन दिनों के खौफ़नाक मंज़र को जी रहे हैं। उन्होंने कुमार के घर जाने वाले तीन सांसदों के बहिष्कार की भी मांग की। पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार, 1984 के सिख-विरोधी दंगों में अपनी भूमिका के लिए उम्रकैद की सज़ा काट रहे थे। 20 अगस्त को 80 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। फूलका 1984 की हिंसा से प्रभावित पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए एक प्रमुख वकील रहे हैं। 20 अगस्त को मरने वाले कुमार, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए सिख-विरोधी दंगों के दौरान सिखों की हत्या के मामले में एक साथ दो उम्रकैद की सज़ा काट रहे थे। शनिवार को नई दिल्ली में उनकी प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi ने हल्द्वानी शुद्धीकरण मामले में PM Modi से FIR दर्ज करने की मांग की ये तीनों सांसद दिल्ली के उन चुनावी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें पहले की 'आउटर दिल्ली' संसदीय सीट से अलग करके बनाया गया था; कुमार ने कांग्रेस नेता के तौर पर लोकसभा में इसी सीट का प्रतिनिधित्व किया था। बिधूड़ी साउथ दिल्ली, सहरावत वेस्ट दिल्ली और चंदोलिया नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं। बीजेपी की यह फटकार ऐसे समय में आई है जब राजधानी में कुमार की एक प्रार्थना सभा होने वाली है और साथ ही 1984 के सिख-विरोधी दंगों और हिंसा में शामिल कांग्रेस नेताओं के मामलों पर पार्टी के पुराने रुख पर फिर से चर्चा हो रही है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
हर सब्जेक्ट में हो गया था फेल, फिर खड़ी कर दी 800 करोड़ की कंपनी
सफलता की राह हमेशा आसान नहीं होती. कई बार असफलता ही इंसान को उस मुकाम तक पहुंचाती है जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होती. ऐसी ही कहानी तमिलनाडु के रहने वाले डॉ. आनंद मेगलिंगम की है. कॉलेज के पहले सेमेस्टर में वह हर विषय में फेल हो गए थे. परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आगे चलकर भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई.
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद, जिनके खेल की दुनिया थी कायल
भारत में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाया जाता है। 1928, 1932 और 1936 ओलंपिक में भारत के लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने में ध्यानचंद की अहम भूमिका रही।
'4 मिनट में सब बह गया...', नेपाल बाढ़ के बाद नवाकोट में अपनों को ढूंढते बेबस लोग
नेपाल की बाढ़ के बाद नुवाकोट में तबाही का मंजर है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई जगहों पर सिर्फ 4 मिनट में हालात बदल गए. लोग अपनों की तस्वीरें लेकर तलाश कर रहे हैं, वहीं कई जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
पेट्रोल पंपों को बतानी होगी एथेनॉल की मात्रा? सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
याचिका में अदालत से यह भी मांग की गई है कि ग्राहकों को दिए जाने वाले ईंधन के हर बिल या रसीद पर भी बेचे गए पेट्रोल में मौजूद एथेनॉल का प्रतिशत स्पष्ट और स्पष्ट अक्षरों में लिखा होना अनिवार्य किया जाए।
केरल के सीएम का कांग्रेस नेताओं ने ही रोका काफिला, सड़क पर हुई तीखी बहस
चेन्थी इलाके में श्री नारायण गुरु जयंती पर कार्यक्रम आयोजित कर रहे स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने वीडी सतीशन के काफिले को बीच रास्ते में रोक दिया।
नेपाल की भीषण बाढ़ में गायब हुए Infosys के CEO, नहीं हो पा रहा कोई कांटेक्ट, कंपनी ने क्या कहा?
Infosys Public Services CEO Missing:
नेपाल में तबाही के बाद अब ‘दूसरे सैलाब’ का डर, दो नई झीलों ने बढ़ाई चिंता
नेपाल में 26 अगस्त को आए सैलाब के बाद नेपाल-चीन सीमा के पास बनी दो नई झीलों ने नया खतरा पैदा कर दिया है। एक झील से पानी निकल रहा है, जबकि दूसरी लगातार फैल रही है। नेपाल पुलिस के अनुसार 616 शव बरामद किए जा चुके हैं और करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं।
'खड़गे को अपनी पार्टी में नहीं मिला शुद्धिकरण मुद्दे पर समर्थन?' राहुल ने दिया जवाब
राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धिकरण किए जाने का मुद्दा उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है. आजतक के सवाल का जवाब देते हुए राहुल ने कहा कि इस मुद्दे पर ज्यादातर कांग्रेस नेताओं ने मल्लिकार्जुन खड़गे का साथ दिया है.
कैसे उत्तर प्रदेश सरकार ने संजोया मेजर ध्यानचंद से जुड़ी यादों को
हॉकी के जादूगर के तौर पर विश्व विख्यात मेजर ध्यानचंद से जुड़ी स्मृतियों को संजोने का काम उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पूरी शिद्दत से किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में झांसी में दद्दा की स्मृतियों से जुड़े 'हीरोज ग्राउंड' को झांसी ...
₹40 lakh Bribery Case: Thane Court ने IRS Officer की गिरफ्तारी को बताया अवैध, CBI को लगा बड़ा झटका
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले में सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (CGST) के एडिशनल कमिश्नर के तौर पर तैनात IRS अफ़सर विनय कुमार कन्हेटी (IRS-2009) को रिश्वत के एक मामले में गिरफ़्तार किया है। उनके साथ CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और एक प्राइवेट व्यक्ति, नरिंदर राजपूत को भी गिरफ़्तार किया गया है। CBI ने 26 अगस्त को CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने शिकायतकर्ता की पत्थर की खदान वाली फ़र्म से जुड़े GST/रॉयल्टी के मामले को निपटाने के लिए 1.50 करोड़ रुपये की अनुचित फ़ायदे की मांग की थी। बातचीत के बाद, रिश्वत की मांग को घटाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया। आरोपी सरकारी कर्मचारियों ने एक प्राइवेट व्यक्ति के ज़रिए रिश्वत लेने का इंतज़ाम किया था और शिकायतकर्ता से उसी व्यक्ति को पैसे देने के लिए कहा था। इसे भी पढ़ें: IRS Officer Bribery Case | CBI ने 40 लाख रुपये की रिश्वत मामले में IRS अधिकारी को किया गिरफ्तार, ठाणे कोर्ट ने गिरफ्तारी को बताया गैर-कानूनी CBI ने जाल बिछाया और उस प्राइवेट व्यक्ति को 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। बाद में, CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और CGST के एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कनहेती ने रिश्वत की रकम लिए जाने की बात स्वीकार की। आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी के दौरान 43 लाख रुपये नकद और लगभग 90 लाख रुपये कीमत के गहने बरामद हुए। इसे भी पढ़ें: JPSC Civil Services Exam में धांधली की गूंज, Supreme Court ने केंद्र और झारखंड सरकार को भेजा नोटिस कोर्ट ने रिमांड की अर्जी खारिज की, गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताया ठाणे की स्पेशल कोर्ट ने CBI ACB मुंबई की रिमांड अर्जी पर सुनवाई करते हुए, CBI की कस्टडी में और पूछताछ की मांग को खारिज कर दिया और आरोपी नंबर 3, IRS अधिकारी और CGST के एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कनहेती की गिरफ्तारी को गैर-कानूनी करार दिया। CBI ने भ्रष्टाचार के एक सुनियोजित मामले का आरोप लगाते हुए पांच दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की कानूनी वैधता को चुनौती दी और सुप्रीम कोर्ट के 'विहान कुमार बनाम हरियाणा राज्य व अन्य' और 'मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य' मामलों के फैसलों का हवाला दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि गिरफ्तारी के आधार और कारण बताना ज़रूरी है और मजिस्ट्रेट की यह ज़िम्मेदारी है कि वह गिरफ्तारी की कानूनी वैधता की जांच करे। रफ्तारी से जुड़े मेमो और केस डायरी की जांच करने पर कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी के रिकॉर्ड से यह साबित नहीं होता कि आरोपियों को उनकी गिरफ्तारी के आधार और कारणों के बारे में ठीक से बताया गया था और वे उन्हें समझ गए थे। कोर्ट ने यह भी पाया कि आरोपियों के रिश्तेदारों को लिखित रूप में सूचित नहीं किया गया था और इसलिए यह माना कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी कानूनी नहीं थी।
RSS का भारी विरोध, क्या संदेश दे गए मोहन भागवत?
Mohan Bhagwat in US: न्यूयॉर्क के इस्कॉन मंदिर में मोहन भागवत ने दुनिया में बढ़ते टकराव के बीच एकता का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि कृष्ण चेतना लोगों को यह समझाती है कि हम सभी एक हैं और यही चेतना दुनिया को बेहतर बना सकती है. भागवत ने कहा कि इसी तरह दुनिया में लोगों के काम और तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन एक साझा उद्देश्य उन्हें जोड़ सकता है.
‘200 करोड़ का काम 864 करोड़ में भी ..’, योगी का सपा पर बड़ा हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में सपा पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में न विकास था, न सुरक्षा और न सम्मान. योगी ने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर आरोप लगाया कि करीब 200 करोड़ की शुरुआती लागत वाली परियोजना पर 864 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी काम अधूरा है.
Mehbooba Mufti ने Kishtwar दुष्कर्म-मौत मामले में Crime Branch जांच की मांग की
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से आग्रह किया कि किश्तवाड़ में किशोरी से दुष्कर्म और बाद में उसकी मौत के मामले को पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच के लिए अपराध शाखा को सौंपा जाए। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह घटना केवल महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का एक और उदाहरण भर नहीं है, बल्कि “यह हमारे समाज की अंतरात्मा पर एक गहरा आघात है।”उन्होंने कहा, ‘‘दस दिन बीत जाने के बाद भी इस नृशंस अपराध पर चुप्पी पीड़ित परिवार की पीड़ा को बढ़ा रही है और न्याय प्रणाली में जनता के विश्वास को कमजोर कर रही है। यदि अब भी निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई और दोषियों को उनके किए की सजा देकर न्याय के कठघरे में नहीं लाया गया, तो ऐसे घिनौने अपराध बेखौफ जारी रहेंगे।’’पीडीपी प्रमुख ने उपराज्यपाल सिन्हा से निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए मामले को तुरंत अपराध शाखा को सौंपने की अपील की। किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में जनजातीय समुदाय की 15 वर्षीय एक लड़की का उसके स्कूल शिक्षक द्वारा कई महीनों तक बार-बार कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई। पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर गर्भपात कराने की कोशिश के बाद 20 अगस्त को किशोरी की मौत हो गई।
29 साल में रिटायरमेंट: पुणे की स्नेहा का 4-स्टेप फॉर्मूला जो बदल दे जीवन की परिभाषा
Sneha Rajguru Retires at 29: पुणे की 29 वर्षीय स्नेहा ने कॉर्पोरेट लाइफ की अंधी दौड़ को छोड़ दिया है. उनका यह अनोखा '4-स्टेप रिटायरमेंट फॉर्मूला' इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है.
‘अब हम नहीं बचेंगे', एक फोन कॉल... फिर खामोशी! नेपाल बाढ़ में भोपाल के एक ही परिवार के 29 लोग लापता
देवकी अधिकारी के लिए गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे आया वह फोन किसी डरावने सपने से कम नहीं था। फोन पर नेपाल में अचानक आई बाढ़ की खबर सुनकर वह घबरा गईं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के लोग अपनी जान बचाने के लिए किसी ऊंची जगह की तलाश कर रहे थे
31 अगस्त 2026 बिजनेस या प्रोफेशन से आय कमाने वाले गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख है. जानिए ITR-3 और ITR-4 में अंतर, कौन-सा फॉर्म किसके लिए लागू है और रिटर्न फाइल करने से पहले किन दस्तावेजों की जांच जरूरी है.
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, बढ़ते प्रदूषण और खानपान की गलत आदतों के बीच अपनी त्वचा और बालों की सेहत को बरकरार रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। सुंदर और चमकदार स्किन तथा घने बाल पाने के लिए लोग अक्सर महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स, केमिकल युक्त सीरम और विज्ञापनों में दिखाए जाने वाले तमाम नुस्खों पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन इसके बावजूद मनचाहा और स्थायी परिणाम नहीं मिल पाता है। स्किन केयर एक्सपर्ट्स और हेल्थ गुरुओं का मानना है कि बाहरी देखभाल से ज्यादा जरूरी है कि शरीर को अंदर से पोषण मिले। आयुर्वेद और नेचुरोपैथी में खानपान को सुंदरता का आधार माना गया है, और इसी कड़ी में चाय की चुस्कियों के जरिए अपनी सुंदरता को निखारने का एक बेहद शानदार और प्राकृतिक तरीका सामने आया है। हम दिनभर में कई कप चाय या कॉफी पीते हैं, लेकिन अगर हम अपनी चाय की आदत में थोड़ा सा बदलाव कर लें और कुछ खास हर्बल या औषधीय चाय को अपनी रूटीन का हिस्सा बना लें, तो यह न केवल हमारे शरीर को डिटॉक्स करेगी बल्कि त्वचा और बालों को ऐसा जादुई निखार देगी जिसकी कल्पना आपने शायद ही की होगी।ग्रीन टी: एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस और एंटी-एजिंग फॉर्मूलात्वचा और बालों की देखभाल की जब भी बात आती है, तो सबसे पहला नाम ग्रीन टी (Green Tea) का ही आता है, जिसे दुनिया भर में सेहत का खजाना माना जाता है। ग्रीन टी में भरपूर मात्रा में कैटेचिन (Catechins) और पॉलीफेनोल्स जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर के अंदर मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और कोशिकाओं को समय से पहले बूढ़ा होने से बचाते हैं। यदि आप नियमित रूप से दिन में एक या दो कप ग्रीन टी का सेवन करते हैं, तो यह आपकी त्वचा की रंगत को साफ करती है, एक्ने और पिंपल्स की समस्या को दूर करती है और चेहरे पर एक नेचुरल ग्लो बनाए रखती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण स्कैल्प के इंफेक्शन और डैंड्रफ को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और उनका टूटना कम हो जाता है।कैमोमाइल टी: तनाव मुक्त मन और चमकती हुई बेदाग त्वचाआज के इस तनावपूर्ण दौर में मानसिक अशांति और एंग्जायटी का सीधा असर हमारे चेहरे और बालों पर पड़ता है, जिससे समय से पहले झुर्रियां और हेयर फॉल होने लगता है। कैमोमाइल टी (Chamomile Tea) एक ऐसी बेहतरीन हर्बल चाय है जो अपने सूदिंग और रिलैक्सिंग गुणों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। रात को सोने से पहले एक कप कैमोमाइल टी पीने से न केवल गहरी और अच्छी नींद आती है, बल्कि यह शरीर के नर्वस सिस्टम को शांत करती है। जब आप तनावमुक्त रहते हैं, तो कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर नियंत्रित रहता है, जिसका सीधा फायदा आपकी त्वचा को मिलता है। कैमोमाइल टी में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो चेहरे की सूजन को कम करते हैं, स्किन को हाइड्रेट रखते हैं और डार्क सर्कल्स को धीरे-धीरे मिटाकर चेहरे पर एक शांत और तरोताजा चमक पैदा करते हैं।व्हाइट टी: त्वचा की कसावट और कोलेजन बूस्टरव्हाइट टी (White Tea) को सभी चायों में सबसे कम प्रोसेस्ड और सबसे शुद्ध रूप माना जाता है, क्योंकि इसे बहुत ही कोमल पत्तियों से तैयार किया जाता है। त्वचा के लिए यह चाय किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि यह हमारे शरीर में कोलेजन (Collagen) के उत्पादन को तेजी से बढ़ाती है, जो स्किन की इलास्टिसिटी और कसावट के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ जब चेहरे पर ढीलापन और झुर्रियां आने लगती हैं, तब व्हाइट टी का सेवन त्वचा की बनावट को टाइट रखने और जवां बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की कोशिकाओं को यूवी किरणों और प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचाते हैं, जिससे स्किन अंदर से चमकदार और बेदाग नजर आती है।हिबिस्कस टी (गुडहल की चाय): बालों की ग्रोथ का सबसे अचूक प्राकृतिक उपायलाल रंग के खूबसूरत गुडहल के फूलों से बनने वाली हिबिस्कस टी (Hibiscus Tea) को बालों के लिए अमृत माना जाता है, और आयुर्वेद में इसे 'बालों का टॉनिक' कहा गया है। इस चाय में विटामिन सी, आयरन, एमिनो एसिड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं। यदि आपके बाल बहुत ज्यादा झड़ते हैं, पतले हो गए हैं या उनकी ग्रोथ रुक गई है, तो हिबिस्कस टी का सेवन आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यह बालों की जड़ों को अंदर से पोषण देती है, नए बालों के उगने में मदद करती है और बालों को नेचुरली मजबूत, काला व घना बनाती है। इसके साथ ही, यह चाय शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर त्वचा के निखार को भी कई गुना बढ़ा देती है।पेपरमिंट टी (पुदीने की चाय): ऑयली स्किन और पाचन का बेहतरीन इलाजअगर आपकी त्वचा बहुत अधिक ऑयली है और आपको बार-बार पिंपल्स, ब्लैकहेड्स या एक्ने की समस्या परेशान करती है, तो पेपरमिंट टी (Peppermint Tea) आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। पुदीने की पत्तियों से बनने वाली यह ताज़ा चाय हमारे पाचन तंत्र को पूरी तरह दुरुस्त रखती है। आयुर्वेद के अनुसार, हमारे पेट की खराबी और खराब डाइजेशन का सीधा असर चेहरे के मुंहासों पर दिखाई देता है, इसलिए जब पेट साफ रहता है तो त्वचा अपने आप साफ होने लगती है। पेपरमिंट टी में प्राकृतिक एंटी-एंड्रोजेनिक गुण होते हैं जो शरीर में हॉर्मोनल असंतुलन को ठीक करते हैं, जिससे ऑयली स्किन की समस्या काबू में आती है। इसके अलावा, इसकी ठंडी और रिफ्रेशिंग तासीर दिमाग को तरोताजा रखती है और शरीर को अंदर से हाइड्रेट करके स्किन पर एक खूबसूरत और नेचुरल चमक छोड़ती है।
शोरूम में लगी आग, इलेक्ट्रिक वाहन जलकर राख
राजस्थान के सीकर में सुबह इलेक्ट्रिक व्हीकल शोरूम में भीषण आग लग गई. शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है. करीब 10-11 दमकल गाड़ियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. कई इलेक्ट्रिक बाइक, ऑटो और सामान जल गए. अग्निशमन अधिकारी लोकेश लुहार के मुताबिक, आग से लाखों रुपये के वाहन और सामान के नुकसान की आशंका है.

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