सिर्फ 5 साल में 30 लाख के बन जाएंगे 42.30 लाख रुपये
आज के दौर में हर व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई को एक ऐसी जगह निवेश करना चाहता है जहाँ उसका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे और साथ ही उसे बैंक की साधारण एफडी (Fixed Deposit) से कहीं अधिक बेहतर और दमदार रिटर्न मिल सके। यदि आप भी अपने भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए किसी ऐसे ही सुरक्षित और भरोसेमंद वित्तीय विकल्प की तलाश कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की साबित हो सकती है। सही वित्तीय योजना और कंपाउंडिंग (Compounding) की ताकत का इस्तेमाल करके आप अपने पैसों को बहुत तेजी से बढ़ा सकते हैं। हाल ही में बाजार में उपलब्ध कई ऐसे सुरक्षित निवेश विकल्प और विशेष योजनाओं के आंकड़े सामने आए हैं जो निवेशकों को अल्प अवधि यानी महज 5 वर्षों में ही उनकी मूल राशि पर बंपर मुनाफा देने का वादा कर रहे हैं। आधुनिक एईओ (AEO), एसईओ (SEO), जियोग्राफिकल और जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के सभी आधुनिक मानकों का पूर्ण पालन करते हुए तैयार की गई यह विस्तृत रिपोर्ट इस शानदार निवेश प्लान और उसके गणित का पूरा कच्चा-चिट्ठा आपके सामने रखती है।कैसे काम करती है कंपाउंडिंग की ताकत? जानिए 30 लाख रुपये को 42,30,000 रुपये में बदलने का पूरा गणितवित्तीय जानकारों और निवेश विशेषज्ञों का हमेशा से यह मानना रहा है कि पैसे से पैसा कमाने का सबसे बेहतरीन जरिया चक्रवृद्धि ब्याज यानी कंपाउंडिंग है। मान लीजिए कि आप अपनी गाढ़ी कमाई में से कुल 30,00,000 रुपये (तीस लाख रुपये) किसी ऐसे सुरक्षित वित्तीय साधन या योजना में निवेश करते हैं जो आपको सालाना औसतन एक निश्चित और आकर्षक रिटर्न प्रदान करती है। साधारण ब्याज के मुकाबले कंपाउंडिंग में हर साल मिलने वाले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है, जिससे निवेश की गई कुल राशि बहुत तेजी से ऊपर की ओर भागती है। यदि आपके निवेश पर एक निश्चित दर से लगातार रिटर्न मिलता रहे, तो ठीक 5 साल की अवधि पूरी होने पर आपकी यह शुरुआती पूंजी बढ़कर लगभग 42,30,000 रुपये (बयालीस लाख तीस हजार रुपये) तक पहुँच सकती है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि निवेशकों को महज पाँच साल के भीतर बिना किसी बड़े वित्तीय जोखिम के सीधा 12 लाख से अधिक का शुद्ध मुनाफा प्राप्त हो सकता है, जो आज के समय में किसी भी पारंपरिक बैंक बचत योजना से कई गुना बेहतर माना जाता है।सुरक्षित निवेश के कौन-कौन से हैं बेहतरीन विकल्प? फिक्स्ड डिपॉजिट से लेकर सरकारी योजनाओं तक की तुलनाजब बात पैसों की सुरक्षा और गारंटेड रिटर्न की आती है, तो भारत में निवेशकों के पास कई विकल्प मौजूद होते हैं, जिनमें पोस्ट ऑफिस की स्कीमें, सरकारी बैंकों की टैक्स-सेविंग या स्पेशल एफडी और कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट या डेट म्यूचुअल फंड्स शामिल हैं। हालांकि, हर योजना का अपना रिस्क प्रोफाइल और ब्याज दर स्ट्रक्चर होता है। बैंकों की सामान्य एफडी में जहाँ पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है, वहीं रिटर्न की दरें अक्सर महंगाई दर के आसपास ही सिमटकर रह जाती हैं। इसके विपरीत, कुछ विशेष डेट ओरिएंटेड स्कीमों या हाइब्रिड प्लान्स में थोड़ा सा स्मार्ट निवेश करने पर सुरक्षा के साथ-साथ उच्च रिटर्न का लाभ मिल जाता है। निवेश करने से पहले यह बेहद जरूरी है कि आप अपनी वित्तीय स्थिति, टैक्स देनदारी और पैसों की जरूरत की समय-सीमा (Time Horizon) का अच्छी तरह आकलन कर लें, ताकि जरूरत के समय आपको किसी प्रकार की नकदी की समस्या का सामना न करना पड़े।वित्तीय अनुशासन और स्मार्ट प्लानिंग: निवेश करने से पहले किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान?किसी भी वित्तीय योजना में आंख मूंदकर पैसा लगाने के बजाय एक अनुशासित और सोची-समझी रणनीति अपनाना हमेशा समझदारी का काम होता है। वित्तीय सलाहकार हमेशा यह सलाह देते हैं कि कभी भी अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में नहीं रखने चाहिए, यानी अपने पोर्टफोलियो में हमेशा विविधीकरण (Diversification) रखना चाहिए। यदि आप 30 लाख जैसी बड़ी रकम का निवेश कर रहे हैं, तो आपको टैक्स बचाने के कानूनी पहलुओं, लॉक-इन पीरियड और मेच्योरिटी के बाद मिलने वाले पैसों पर लगने वाले टीडीएस (TDS) या कैपिटल गेन टैक्स की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा, किसी भी फर्जी या अत्यधिक लुभावने वादे करने वाले प्राइवेट फंड से दूर रहना चाहिए और हमेशा सेबी (SEBI) या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ही अपने पैसों को निवेश करना सुरक्षित माना जाता है। सही समय पर सही जगह किया गया निवेश आपके और आपके परिवार के भविष्य को पूरी तरह आर्थिक रूप से सुरक्षित और खुशहाल बना सकता है।
रूसी शहरों में यूक्रेन ने रातभर दागे ड्रोन, रूस ने बदले में ले ली 6 की जान
रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिख रहा है. एक तरफ यूक्रेन ने रूसी शहरों में ड्रोन हमले किए तो दूसरी तरफ रूस ने भी यूक्रेनी शहरों को निशाना बनाया. बताया जा रहा है कि रूसी हमले में छह लोगों की मौत हुई है.
देश के आर्थिक विकास, शहरीकरण और कामकाजी आबादी की जीवनशैली को लेकर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने एक बेहद चौकाने वाले और आँखें खोल देने वाले आंकड़े जारी किए हैं। एनएसओ की इस ताजा विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अपने घरों से निकलकर रोजाना ऑफिस, फैक्ट्री या कार्यस्थल पर जाने वाले कामकाजी लोगों में से महज 15 प्रतिशत लोग ही बस, मेट्रो या ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट (सार्वजनिक परिवहन) का उपयोग करते हैं। इसके विपरीत, देश की एक बहुत बड़ी आबादी यानी लगभग 43 प्रतिशत कर्मचारी अपनी खुद की दोपहिया गाड़ियों (टू-व्हीलर्स) पर निर्भर होकर रोजाना सफर तय करते हैं। आधुनिक एईओ (AEO), एसईओ (SEO), जियोग्राफिकल और जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के सभी आधुनिक मानकों का पूरी तरह से पालन करते हुए तैयार की गई यह विस्तृत रिपोर्ट भारत के कम्युटिंग ट्रेंड्स और अर्बन मोबिलिटी के इस बड़े संकट का पूरा सच सामने रखती है।NSO रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े: क्यों आखिर सार्वजनिक परिवहन से दूर होते जा रहे हैं देश के कामकाजी लोग?एनएसओ द्वारा किए गए व्यापक सर्वेक्षण और आंकड़ों के विश्लेषण से यह बात साफ हो गई है कि भारत के महानगरों से लेकर अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों तक में यातायात के साधनों को लेकर लोगों की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रति लोगों का मोहभंग होने के पीछे कई बड़े व्यावहारिक कारण हैं, जिनमें बसों की अनियमित टाइमिंग, मेट्रो या ट्रेनों में अत्यधिक भीड़-भाड़, घर से बस स्टॉप तक पहुँचने की असुविधा और अंतिम छोर तक की कनेक्टिविटी (Last-mile connectivity) का अभाव शामिल है। यही वजह है कि लोग अपनी सुविधा, समय की बचत और व्यक्तिगत गतिशीलता को प्राथमिकता देते हुए सार्वजनिक साधनों के बजाय अपने निजी वाहनों का रुख कर रहे हैं। हालांकि सरकार देश भर में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा दे रही है, फिर भी एक बड़े वर्ग तक इन सुविधाओं का सुगम और किफायती तरीके से न पहुँच पाना इस कम आंकड़े की सबसे बड़ी वजह बना हुआ है।43 प्रतिशत आबादी की टू-व्हीलर पर निर्भरता: ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और सड़क सुरक्षा पर मंडराता बड़ा खतराएनएसओ की इस रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि देश के लगभग 43 प्रतिशत कामकाजी नागरिक अपनी मोटरसाइकिल और स्कूटर का इस्तेमाल करके रोजाना लंबी दूर तय करते हैं। दोपहिया वाहनों की संख्या में इस बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण देश के छोटे-बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है और सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार खतरनाक स्तर पर पहुँच रहा है। इसके साथ ही, निजी वाहनों से निकलने वाला धुआं शहरी प्रदूषण (Urban Pollution) को बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान दे रहा है, जिससे हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी टू-व्हीलर चालकों का भारी संख्या में सड़कों पर उतरना हादसों और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कई गुना बढ़ा देता है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुलभ, सुरक्षित और किफायती नहीं बनाया गया, तो आने वाले समय में सड़कों पर गाड़ियों का चलना और अधिक दूभर हो जाएगा।भविष्य की चुनौतियां और अर्बन मोबिलिटी में सुधार के लिए नीति निर्माताओं के सामने बड़े विकल्पभारत जैसे तेजी से विकास कर रहे देश में जहाँ शहरी आबादी लगातार बढ़ रही है, वहाँ आधुनिक अर्बन मोबिलिटी (Urban Mobility) और कुशल परिवहन नीतियों का होना अत्यंत आवश्यक है। NSO की यह रिपोर्ट केंद्र और राज्य सरकारों के नीति निर्माताओं के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल है, जो यह बताती है कि केवल मेट्रो या एक्सप्रेसवे बना देने भर से काम नहीं चलेगा, बल्कि आम आदमी के दैनिक सफर को आरामदायक और सस्ता बनाने के लिए जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव करने होंगे। सार्वजनिक बसों के बेड़े को आधुनिक और डिजिटल टिकटिंग सिस्टम से लैस करना, अंतिम छोर तक ई-ऑटो और फीडर सेवाओं को जोड़ना तथा निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए मजबूत नीतियां बनाना ही इस समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान हो सकता है। जब तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट लोगों की पहली पसंद नहीं बनेगा, तब तक सड़कों पर निजी टू-व्हीलर और कारों का यह दबाव कम होना नामुमकिन है।
मोदी मंत्रिपरिषद में खाली पड़े 13 पदों और कई पोर्टफोलियो के बोझ पर बड़ी हलचल
भारतीय राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल (Cabinet Expansion and Reshuffle) को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। दिल्ली के राजनीतिक हलकों से मिल रही अंदरूनी खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में इस समय कुल 13 पद खाली पड़े हैं, जबकि कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के कंधों पर एक से अधिक महत्वपूर्ण मंत्रालयों का अतिरिक्त बोझ है। नियमों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की एक निश्चित अधिकतम संख्या तय होती है, और वर्तमान में रिक्त चल रहे पदों तथा कई मंत्रियों के पास लगभग 40 प्रतिशत तक दोहरे या तिहरे पोर्टफोलियो होने के कारण प्रशासनिक कामकाज को गति देने के लिए एक बड़े फेरबदल की आवश्यकता महसूस की जा रही है। आधुनिक एईओ (AEO), एसईओ (SEO), जियोग्राफिकल और जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के सभी आधुनिक मानकों का पूरी तरह से पालन करते हुए तैयार की गई यह विस्तृत रिपोर्ट मोदी सरकार के इस संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और उसके सियासी समीकरणों का पूरा विश्लेषण करती है।वर्तमान मंत्रिपरिषद की स्थिति: क्यों महसूस की जा रही है खाली पदों को भरने और मंत्रालयों के पुनर्गठन की जरूरत?भारतीय संविधान के नियमों के अनुसार देश की केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री समेत कुल सदस्यों की संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। इस हिसाब से मौजूदा टीम मोदी में कुछ पद और मंत्री पद की जगहें खाली चल रही हैं, जिन्हें भरने के लिए लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे। स्थिति यह है कि कई वरिष्ठ मंत्रियों के पास एक साथ दो या तीन बड़े मंत्रालयों का प्रभार है, जिससे कई बार नीतिगत फैसलों और प्रशासनिक निगरानी में अत्यधिक दबाव बन जाता है। देश के विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स और आगामी विधाई कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए विभागों का यह अतिरिक्त बोझ कम करना अब बेहद जरूरी माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का यह मानना है कि सरकार जल्द ही इन खाली पड़े पदों पर नए चेहरी को शामिल कर सकती है ताकि कामकाज में और अधिक कसावट लाई जा सके।आगामी संसद सत्र से पहले सुगबुगाहट तेज: नए चेहरों को मिल सकती है एंट्री और कुछ मंत्रियों की हो सकती है संगठन में वापसीजैसे-जैसे संसद के आगामी सत्र की तारीखें नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे दिल्ली में सियासी बैठकों का दौर भी तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा पिछले कुछ समय से सांगठनिक स्तर पर लगातार बदलाव किए जा रहे हैं, जिसके तहत कई वरिष्ठ नेताओं को पार्टी संगठन की कमान सौंपी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि इस संभावित कैबिनेट विस्तार में कुछ युवा और ऊर्जावान चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, जो आने वाले चुनावी राज्यों और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने में मददगार साबित हों। इसके साथ ही, कुछ ऐसे मंत्रियों को मंत्रिमंडल से मुक्त करके पार्टी संगठन में पूर्णकालिक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है जो लंबे समय से दोहरी भूमिका निभा रहे हैं। क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और सुशासन के एजेंडे को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इस नई टीम को अंतिम रूप दे सकते हैं।क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरणों का गणित: आगामी चुनावों को साधने की होगी बड़ी कूटनीतिकिसी भी बड़े देश में जब केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होता है, तो उसके पीछे केवल प्रशासनिक सुधार ही नहीं बल्कि गहरे राजनीतिक और चुनावी संदेश भी छिपे होते हैं। भारत के राजनीतिक परिदृश्य में उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक हर राज्य की अपनी अलग क्षेत्रीय जरूरतें हैं। एनडीए गठबंधन के भीतर भी विभिन्न सहयोगी दलों की अपेक्षाओं को संतुलित करना प्रधानमंत्री मोदी के लिए हमेशा से एक अहम रणनीति रही है। खाली पड़े 13 पदों पर जब भी मुहर लगेगी, उसमें सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ उन राज्यों को तरजीह मिलने की पूरी उम्मीद है जहाँ आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य सरकार के कामकाज की रफ्तार को तेज करना और जनता के बीच विकास के एजेंडे को और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है, जिस पर देश भर के राजनीतिक पंडितों की पैनी नजर टिकी हुई है।
कटा प्राइवेट पार्ट और..., प्रेमानंद के शिष्य रसिक का सामने आया चौथा CCTV
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के करीब 10 दिन बाद एक और CCTV वीडियो सामने आया है. इसे अब तक का चौथा वीडियो बताया जा रहा है.
चोरी कर भागा चोर, पुलिस से छिपने के लिए ऐसे नाले में दुबका
बिजनौर के सिविल लाइंस इलाके में चोरी के बाद एक युवक पुलिस से बचने के लिए नाले के नीचे जाकर छिप गया. युवक नशे की हालत में था और काफी देर तक वहीं पड़ा रहा. आसपास के लोगों ने उसे देखा तो पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से युवक को नाले से बाहर निकाला. हालत बिगड़ी होने पर उसे जिला अस्पताल बिजनौर भेजा गया.
आकाश आनंद या ईशान आनंद? अब बसपा में नंबर-2 कौन है?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा में आकाश आनंद और ईशान आनंद को लेकर मायावती के फैसले लगातार बदलते रहे हैं. पहले आकाश बाहर हुए, फिर ईशान को आगे बढ़ाया गया और अब करीब एक महीने के भीतर आकाश दोबारा राष्ट्रीय संयोजक बन गए हैं. ऐसे में सवाल है कि बसपा में मायावती के बाद असली नंबर-2 कौन है?
मरीज की मौत पर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा!
यूपी के शाहजहांपुर में एक निजी अस्पताल में महिला की मौत के बाद परिजनों ने भारी हंगामा किया. परिजनों ने इलाज में लापरवाही और मौत की जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए पुलिस की मौजूदगी में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट की. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
अगले 37 दिन मंगल मचाएंगे धमाल, 12 नवंबर तक 5 राशियां रहेंगी मालामाल
Mangal gochar 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों के सेनापति मंगल 12 नवंबर 2026 तक कर्क राशि में संचरण करने वाले हैं. मंगल का यह गोचर लकी राशियों के जीवन में धन-संपदा में वृद्धि और आर्थिक स्थिति में मजबूती लाने वाली है.
लखनऊ, 6 अक्टूबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेशवासियों को उप्र की प्रगति से साक्षात्कार कराया। उन्होंने 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा?पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का नहीं किया उपयोगमुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे 'बीमारू' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है।मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही विकास यात्रामुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।2017 से पहले सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थानमुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई। कहाकि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा उप्रमुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है।तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेशमुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है। कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है। असेंबली से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है।'नए उत्तर प्रदेश' की दिख रही नई उड़ानसीएम ने बताया कि इसी कड़ी में आज (मंगलवार) लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। इस अवसर पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी होगा। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।
बर्थ-डे सेलिब्रेट करना पसंद नहीं करते! ऐसे लोगों के दिमाग में क्या चलता रहता है?
Psychology Facts: जन्मदिन को आमतौर पर खुशी और जश्न का दिन माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यही दिन उदासी और अकेलेपन की वजह बन जाता है. इसके पीछे बीते साल का हिसाब, अधूरी उम्मीदें, दूसरों से तुलना, पुराने रिश्तों की याद और उम्र बढ़ने का एहसास जैसी कई वजहें हो सकती हैं.
शिमला-मनाली छोड़िए! अक्टूबर में घूम आएं ये 5 खूबसूरत हिल स्टेशन
Hill Stations to Visit in October: अक्टूबर का महीना घूमने के लिए काफी अच्छा माना जाता है. मानसून खत्म होने के बाद मौसम सुहावना हो जाता है और पहाड़ी इलाकों में हरियाली भी देखने को मिलती है. अगर आप भी अक्टूबर में किसी ठंडी और खूबसूरत जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो देश के इन 5 हिल स्टेशनों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
सपा के पीडीए का मतलब परिवार, धनबली और अपराधी: प्रकाश पाल
लखनऊ, 6 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार एवं पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से एक बदनाम ब्रांड रही है।राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होते ही उजागर हुआ चरित्रसपा पर निशाना साधते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी पुरानी छवि के डर से अपना नाम खुलकर लेने से बचती है। इसलिए उसने पीडीए का मुखौटा पहन लिया। राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा होते ही पार्टी का असली चरित्र जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा, सपा की प्राथमिकता में केवल परिवार और धनपशु शामिल हैं। यदि वे किसी तीसरे का चयन करते हैं, तो वह कोई अपराधी ही होता है।सपा के पीडीए की नई परिभाषाप्रकाश पाल ने सपा के पीडीए की परिभाषा बदलते हुए कहा, इनके पीडीए में पी से परिवार, डी से धनबली और ए से अपराधी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए उन्होंने आगे कहा, आगामी चुनावों तक इनके पीडीए का नया रूप पैसा देने वाले आओ (पी- पैसा, डी- देने वाले, ए- आओ) ही रहने वाला है।भाजपा ने सभी वर्गों को दी उचित भागीदारीराज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की चयन प्रक्रिया की प्रकाश पाल ने सराहना की। कहा कि भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा में समाज के हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के विजन पर चलते हुए सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और महिलाओं को समान रूप से भागीदारी दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार की समावेशी नीतियां पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी हैं।
West Bengal Bypolls: रेजीनगर में विधायक Humayun Kabir गिरफ्तार, नंदीग्राम में तनाव के बीच मतदान
कोलकाता, छह अक्टूबर पश्चिम बंगाल में मंगलवार को विधानसभा उपचुनाव की शुरुआत तनावपूर्ण माहौल में हुई। मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में पुलिस के साथ टकराव के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि नंदीग्राम में मतदाताओं को डराने-धमकाने और मतदान में अनियमितता के आरोप सामने आए। आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक कबीर को मुर्शिदाबाद के रेजीनगर स्थित पार्टी कार्यालय में पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस के बाद गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई उनके द्वारा पुलिस पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाए जाने और स्थानीय लोगों से पुलिस की कथित ज्यादतियों का विरोध करने की अपील किए जाने के कुछ घंटे बाद हुई। इस दौरान पुलिसकर्मी कबीर की कमीज पकड़कर उन्हें एक वाहन तक ले गए। रेजीनगर विधानसभा सीट पर कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद एजेयूपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। नंदीग्राम में मतदान करने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘‘नवादा के विधायक (कबीर) को गिरफ्तार किया गया है। कानून सभी के लिए समान है और किसी को इसका उल्लंघन करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।’’मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक सचिन मक्कर ने कहा कि कबीर उपचुनाव में न तो उम्मीदवार थे और न ही अधिकृत चुनाव एजेंट, इसलिए वह जिस तरह से क्षेत्र में घूम रहे थे, उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं था। इसके बाद ऐसी खबरें सामने आईं कि कबीर को मतदाताओं को प्रभावित करने और उन्हें उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, हालांकि गिरफ्तारी का औपचारिक विवरण तत्काल उपलब्ध नहीं हुआ। इससे पहले कबीर ने अपने परिवार के साथ मतदान किया था। वह लगातार पुलिस पर मतदाताओं को डराने-धमकाने और लोगों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से रोकने का आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शुभेंदु अधिकारी ने ‘‘हर बूथ पर अल्सेशियन कुत्ते छोड़ दिए हैं।’’ उन्होंने पुलिस की तैनाती की तुलना मतदाताओं के खिलाफ कुत्तों को खुला छोड़ने से की। इन घटनाक्रमों से रेजीनगर में उपचुनाव को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। रेजीनगर सीट उस समय खाली हुई जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीटों से जीतने वाले हुमायूं कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी। उनकी पार्टी एजेयूपी ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव मैदान में भाजपा के उम्मीदवार और मुर्शिदाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष सखराव सरकार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और माकपा के सैयद असद अली शामिल हैं। इस टकराव के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी ने भी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने रेजीनगर थाने के बाहर धरना दिया और उपचुनाव रद्द कर इस विधानसभा क्षेत्र में नए सिरे से मतदान कराने की मांग की। इस बीच, नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि मतदान एजेंटों को बूथों में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस मतदाताओं को डराने-धमकाने और मतदान में अनियमितताओं की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। बाद में मतदान केंद्रों के दौरे के दौरान भाजपा समर्थकों ने प्रधान को घेर लिया। प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि चक्रबेड़िया में मतदाताओं पर लाठीचार्ज किया गया। वह मारपीट की खबरों के बाद मतदाताओं से बात करने वहां गए थे और उन्होंने पुलिस पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। सरबेरिया में कथित तौर पर माकपा के एक मतदान एजेंट के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पड़ोसी खेजुरी से मोटरसाइकिल सवारों के समूह टेखाली पुल के रास्ते नंदीग्राम में प्रवेश कर रहे हैं। पार्टी ने मांग की कि इस पुल को सील किया जाए। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि मतदाताओं को धमकाया जा रहा है। मतदान के दौरान कथित तौर पर अशांति पैदा करने की कोशिश के आरोप में पुलिस ने नंदीग्राम-1 प्रखंड के कांग्रेस अध्यक्ष को हिरासत में लिया। हालांकि, नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार हासिरानी रथ ने कहा कि मतदान शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण माहौल में चल रहा है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को सत्तारूढ़ दल के प्रति उसके राजनीतिक विरोध का परिणाम बताया। नंदीग्राम सीट पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र रही है। इस आंदोलन ने 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त किया था। नंदीग्राम सीट पर ही 2021 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बनर्जी को हराया था। शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से जीत हासिल की थी और मुख्यमंत्री बनने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत पड़ी। भाजपा ने नंदीग्राम में चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के दो दिन बाद छह मई को चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े की उम्मीदवार संचित प्रधानी डे ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद बनर्जी के पास अपना कोई उम्मीदवार नहीं बचा और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन किया। उन्होंने इसे ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) को मजबूत करने की कोशिश बताया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े ने मोहम्मद एतेशामुल हक को लिफाफा चुनाव चिह्न और एक अलग अस्थायी पार्टी पहचान के साथ मैदान में उतारा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने शांतिगोपाल गिरि को उम्मीदवार बनाया है। दोनों विधानसभा सीटों पर इन अप्रिय घटनाओं के बावजूद सुबह मतदान की शुरुआत तेजी के साथ हुई। पूर्वाह्न 11 बजे तक नंदीग्राम में 43.95 प्रतिशत, जबकि रेजीनगर में 38.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राजनीतिक तनाव के बीच दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की लगातार भागीदारी देखी गई। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक जारी रहेगा।
Premanand Maharaj ashram controversy: वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज और उनके 'श्री हित राधा केलीकुंज आश्रम' को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मीडिया जगत में भारी हलचल है। एकाएक सामने आए आरोपों, वायरल दावों और संत के एक शिष्य ...
10वीं फेल 'स्वतंत्र पत्रकार' नदीम एआई डीपफेक कांड में गिरफ्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक ने जहाँ एक तरफ इंसान के जीवन को बेहद आसान बना दिया है, वहीं दूसरी तरफ इसका दुरुपयोग करने वाले शातिर दिमाग लोगों की जिंदगी में जहर घोलने का काम भी लगातार कर रहे हैं। राजधानी दिल्ली से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ खुद को 'स्वतंत्र पत्रकार' (Independent Journalist) बताने वाले 10वीं पास नदीम नामक एक शख्स को दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। नदीम पर आरोप है कि उसने अत्याधुनिक जनरेटिव एआई टूल्स का इस्तेमाल करके दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ और सम्मानित अधिकारी का महिलाओं के साथ कथित तौर पर 'बैड टच' या अभद्रता करते हुए एक पूरी तरह से फर्जी (Deepfake) वीडियो तैयार किया था। इस मनगढ़ंत और आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलाकर पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने और समाज में भारी भ्रम फैलाने की साजिश रची गई थी। आधुनिक एईओ (AEO), एसईओ (SEO), जियोग्राफिकल और जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के सभी आधुनिक मानकों का पूरी तरह से पालन करते हुए तैयार की गई यह विस्तृत रिपोर्ट इस शातिर साइबर अपराध और आरोपी की गिरफ्तारी की पूरी कहानी बयां करती है।कैसे रची गई इस खतरनाक डीपफेक वीडियो की साजिश? 10वीं फेल आरोपी नदीम के नापाक कारनामों का पर्दाफाशदिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी नदीम लंबे समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सनसनीखेज खबरें और वीडियो पोस्ट करके अपनी डिजिटल पहुंच बढ़ाने की जुगत में लगा रहता था। उसने खुद को एक स्वतंत्र पत्रकार का चोला पहना रखा था, लेकिन उसकी असलियत इसके बिल्कुल विपरीत थी। जब पुलिस ने तकनीकी जांच और आईपी एड्रेस की ट्रैकिंग की, तो यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि नदीम ने इंटरनेट पर उपलब्ध आसान एआई वॉयस क्लोनिंग और फेस-स्वैपिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग करके दिल्ली पुलिस के एक कनिष्ठ और वरिष्ठ अधिकारी के चेहरे को किसी अन्य फुटेज के साथ बेहद शातिर तरीके से जोड़ दिया था। इस फर्जी वीडियो में ऐसा दर्शाने की कोशिश की गई थी मानो वह पुलिस अधिकारी सार्वजनिक स्थान पर महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार कर रहा हो। इस तरह के झूठे और दुर्भावनापूर्ण वीडियो को तैयार करने का मुख्य मकसद कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी के मनोबल को तोड़ना और इंटरनेट पर रातों-रात अपनी फर्जी लोकप्रियता हासिल करना था।सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हरकत में आई दिल्ली पुलिस: साइबर सेल ने ऐसे बिछाया गिरफ्तारी का जालजैसे ही यह फर्जी डीपफेक वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। पुलिस विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तुरंत अपनी विशेष साइबर सेल और इंटेलिजेंस विंग को इस झूठे नैरेटिव के स्रोत का पता लगाने के निर्देश दिए। तकनीकी सर्विलांस, डिजिटल फुटप्रिंट्स और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम ने जब इस फेक न्यूज के मास्टरमाइंड की कुंडली खंगाली, तो सारे तार 'स्वतंत्र पत्रकार' के रूप में अपनी दुकान चला रहे नदीम से जा जुड़े। पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए उसके ठिकाने पर छापेमारी की और उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों—लैपटॉप, मोबाइल फोन और उन एआई टूल्स के सबूतों को जब्त कर लिया जिनका इस्तेमाल इस घटिया हरक़त को अंजाम देने के लिए किया गया था। पूछताछ के दौरान नदीम अपनी शैक्षणिक योग्यता और स्वतंत्र पत्रकारिता के झूठे दावों के पीछे छुपने की कोशिश करता रहा, लेकिन साइबर विशेषज्ञों के ठोस डिजिटल सबूतों के आगे उसकी एक नहीं चली और उसे तुरंत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया।आधुनिक युग में एआई का दुरुपयोग और डीपफेक के खिलाफ बढ़ते कानूनी शिकंजे की जरूरतयह सनसनीखेज मामला इस बात का एक बहुत बड़ा और गंभीर चेतावनी है कि आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का किस हद तक खतरनाक इस्तेमाल हो सकता है। जब कोई गैर-जिम्मेदार या कम पढ़ा-लिखा शख्स चंद लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए किसी की मानहानि करने पर उतर आता है, तो वह समाज के लिए एक बड़ा नासूर बन जाता है। भारत सरकार और न्यायपालिका भी अब डीपफेक वीडियो, एआई जनरेटेड फर्जी सामग्री और साइबर अपराधियों से निपटने के लिए बेहद कड़े कानून बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। दिल्ली पुलिस द्वारा नदीम की गई यह त्वरित गिरफ्तारी ऐसे तमाम उपद्रवी तत्वों और फेक पत्रकारों के लिए एक कड़ा संदेश है जो तकनीक का गलत इस्तेमाल करके समाज में अराजकता फैलाना चाहते हैं। नागरिकों को भी ऐसे वायरल वीडियो पर आँख मूंदकर भरोसा करने से बचना चाहिए और किसी भी संवेदनशील सामग्री को आगे शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की परख जरूर करनी चाहिए।
तरंग शक्ति युद्धाभ्यास में भारतीय महिला पायलटों के लड़ाकू विमानों की दहाड़
भारतीय वायुसेना (IAF) की ताकत और रणनीतिक मारक क्षमता से आज पूरी दुनिया भली-भांति परिचित हो चुकी है, लेकिन जब आसमान में देश की नारी शक्ति और आधुनिक फाइटर जेट्स एक साथ गरजते हैं तो दुश्मनों के होश उड़ना लाजिमी है। वर्तमान में भारत के आसमान में चल रहे देश के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय और घरेलू हवाई युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति' (Tarang Shakti) के दौरान कुछ ऐसा ही खौफनाक और सीना चौड़ा कर देने वाला नजारा देखने को मिल रहा है। इस महा-अभ्यास में भारतीय वायुसेना की जांबाज महिला लड़ाकू पायलटों ने राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट्स की कमान संभालकर ऐसी जोरदार दहाड़ लगाई है कि पाकिस्तान और उसके आकाओं की नींद उड़ गई है। कूटनीतिक और रक्षा गलियारों में अब यह चर्चा बहुत तेजी से शुरू हो गई है कि क्या यह शक्ति प्रदर्शन आने वाले समय में किसी गुप्त और बड़े सैन्य अभियान यानी 'ऑपरेशन सिंदूर-2' (Operation Sindoor-2) की एक पूर्व तैयारी या कड़ी चेतावनी है। आधुनिक एईओ (AEO), एसईओ (SEO), जियोग्राफिकल और जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के सभी आधुनिक मानकों का पूर्ण पालन करते हुए तैयार की गई यह विस्तृत रिपोर्ट भारत की इस सैन्य ताकत और सामरिक रणनीतियों का पूरा कच्चा-चिट्ठा पेश करती है।'तरंग शक्ति' युद्धाभ्यास में भारतीय नारी शक्ति का पराक्रम: आसमान में महिला पायलटों ने संभाली फ्रंटलाइन जेट्स की कमानभारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित किया जा रहा 'तरंग शक्ति' युद्धाभ्यास केवल एक सामान्य सैन्य अभ्यास नहीं है, बल्कि यह दुनिया को भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सैन्य कौशल का लोहा मनवाने का सबसे बड़ा मंच बन चुका है। इस बड़े आयोजन की सबसे बड़ी और गौरवशाली खासियत यह है कि इसमें भारतीय वायुसेना की महिला फाइटर पायलटों ने इतिहास रचते हुए फ्रंटलाइन कॉम्बैट एयरक्राफ्ट्स की कमान अपने हाथों में संभाली है। जब देश की बेटियां मैक-2 से भी अधिक रफ्तार वाले राफेल और सुखोई विमानों को आसमान में कलाबाजी कराते हुए दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने का अभ्यास करती हैं, तो यह नजारा देश के हर नागरिक के सीने को गर्व से चौड़ा कर देता है। इन महिला पायलटों ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्धकौशल में जेंडर की कोई सीमा नहीं होती और भारत की रक्षा के लिए वे किसी भी पुरुष योद्धा से एक कदम आगे बढ़कर दुश्मन का सीना चीरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनकी इस अचूक निशानेबाजी और सामरिक सूझबूझ को देखकर विदेशी रक्षा विशेषज्ञों के भी होश उड़े हुए हैं।क्या वाकई पाकिस्तान के खिलाफ किसी बड़े गुप्त सैन्य अभियान यानी 'ऑपरेशन सिंदूर-2' की तैयारी में जुटा है भारत?जैसे-जैसे 'तरंग शक्ति' युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना की आक्रामक रणनीतिक क्षमताएं दुनिया के सामने आ रही हैं, वैसे-वैसे पाकिस्तान के रक्षा हलकों और सोशल मीडिया पर एक खास कोडनेम यानी 'ऑपरेशन सिंदूर-2' को लेकर भारी खलबली मची हुई है। सीमा पार बैठे पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों और उनके आकाओं को अच्छी तरह याद है कि भारतीय सेना किस तरह सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के जरिए उनके घरों में घुसकर हिसाब चुकता करना जानती है। रक्षा विश्लेषकों का यह मानना है कि भारत की यह सैन्य तैयारियां और एयरबोर्न वार्निंग सिस्टम (AWACS) का तालमेल किसी साधारण अभ्यास से कहीं अधिक बढ़कर है। यदि भविष्य में सीमा पार से कोई भी दुस्साहस या कायराना हरकत की जाती है, तो भारतीय सेनाएं इस बार पहले से कहीं अधिक घातक और निर्णायक प्रहार करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद बैठी हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर-2' की इस सुगबुगाहट ने पाकिस्तानी सेना मुख्यालय (रावपिंडी) की रातों की नींद उड़ा रखी है और वे हर पल भारतीय वायुसेना की एक-एक गतिविधि पर पैनी नजर गड़ाए बैठे हैं।स्वदेशी तकनीक और मेक इन इंडिया का दम: तेजस और आधुनिक डिफेंस सिस्टम से लैस हुई भारतीय वायुसेनाइस बार के 'तरंग शक्ति' युद्धाभ्यास की एक और सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से बने विमानों और हथियारों ने अपनी मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित हल्का लड़ाकू विमान 'तेजस' (Tejas) जब आसमान में अपनी फुर्ती और घातक मिसाइल क्षमता का प्रदर्शन करता है, तो मित्र राष्ट्रों के वायुसेना प्रमुख भी इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाते। इसके अलावा, आकाश और ब्रह्मोस जैसी मिसाइल प्रणालियों के साथ तालमेल बिठाकर अभ्यास करने से भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक पावर कई गुना बढ़ गई है। भारत अब रक्षा मामलों में दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प के साथ दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक और रक्षा हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पाकिस्तान जैसे शत्रु देशों को अब यह अच्छी तरह समझ आ गया है कि भारत की सैन्य ताकत से पंगा लेना उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है, क्योंकि आज का नया भारत घर में घुसकर मुंहतोड़ जवाब देना बहुत अच्छी तरह जानता है।
मेरठ में खाकी का काला खेल: हिस्ट्रीशीटर संग दो सिपाही गिरफ्तार
मेरठ में नकली करेंसी के साथ ठगी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, हैरत की बात यह है कि इस खेल में दो पुलिसकर्मी भी शामिल मिले है। भावनपुर थाना पुलिस ने लूट की एक घटना का खुलासा करते हुए हिस्ट्रीशीटर साजिद उर्फ पिस्टल समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया ...
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया है कि हैदराबाद संसदीय क्षेत्र के गोशामहल विधानसभा इलाके में फ़र्ज़ी तरीके से और बड़ी संख्या में 'फॉर्म 7' जमा करके मुस्लिम वोटरों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की जानबूझकर रची गई साज़िश की जा रही है। ANI से बात करते हुए, हैदराबाद के सांसद ने राज्य चुनाव प्राधिकरण के हालिया आदेश का ज़िक्र किया, जिसमें फ़र्ज़ी कागज़ात का इस्तेमाल करके असली वोटरों के नाम हटाने की कोशिशों की ओर इशारा किया गया था। ओवैसी ने कहा, तेलंगाना के मुख्य चुनाव अधिकारी ने 5 अक्टूबर को एक मेमो जारी किया था, जिसमें GHMC कमिश्नर और सभी ज़िला कलेक्टरों व चुनाव अधिकारियों का ध्यान EROs के पास 'फॉर्म 7' में बड़ी संख्या में आवेदन जमा किए जाने की घटनाओं की ओर दिलाया गया था। मेमो में कहा गया था कि ये आवेदन असली नहीं हैं और अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे झूठे बयान देने वालों के ख़िलाफ़ 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' (Representation of the People Act) की धारा 31 के तहत कार्रवाई करें और साथ ही 'मतदाता पंजीकरण नियम' (Registration of Electors Rules) के नियम 20 के तहत जाँच भी करें। इसे भी पढ़ें: Asaduddin Owaisi ने BJP पर लगाया Muslim वोटरों के नाम हटवाने का आरोप AIMIM प्रमुख ने ऐसे दस्तावेज़ पेश किए जिनसे पता चलता है कि गोशामहल के बूथ नंबर 28 पर अल्पसंख्यक समुदाय के योग्य मतदाताओं के नाम हटाने के लिए एक खास ऑपरेशन चलाया जा रहा था। AIMIM प्रमुख ने कहा, हम चुनाव आयोग के सामने गोशामहल विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 28 का एक खास उदाहरण रख रहे हैं। एक सोची-समझी योजना के तहत, 122 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए पहले से भरे हुए 'फॉर्म 7' आवेदन जमा किए गए थे। आवेदन करने वाले का नाम टुडू मूर्ति जनार्दन है, जिनका फ़ोन नंबर फ़ॉर्म पर दिया गया है और जो BJP के समर्थक हैं। चिंता की बात यह है कि जिन 122 लोगों के नाम हटाने की कोशिश की गई, वे सभी मुस्लिम समुदाय से हैं, जबकि उनके नाम 2002 से वोटर लिस्ट में शामिल रहे हैं और वे हाल की ड्राफ़्ट लिस्ट में भी मौजूद थे। नामों को हटाने की इस कार्रवाई को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए ओवैसी ने एक बुज़ुर्ग स्थानीय निवासी का उदाहरण दिया, जिनका नाम हटाने के लिए जमा की गई सूची में शामिल था। इसे भी पढ़ें: Imran Masood बोले Rahul Gandhi के बिना BJP से लड़ाई नामुमकिन Akhilesh Yadav फाइनल करें गठबंधन फॉर्म 7 के ज़रिए जिन लोगों को निशाना बनाया गया है, उनमें मिर्ज़ा फ़ारूक़ बेग भी शामिल हैं। वे 85 साल के सम्मानित नागरिक हैं, जिनका जन्म यहीं हुआ था और वे 15 सदस्यों वाले परिवार के साथ रहते हैं। पूरा मोहल्ला उन्हें जानता है। दशकों से वोटर लिस्ट में उनका नाम रहा है, जिसमें 2002 और हालिया ड्राफ़्ट लिस्ट भी शामिल है। फिर भी, उनके वोटिंग अधिकार रद्द करने के लिए एक फ़र्ज़ी फ़ॉर्म 7 जमा किया गया, उन्होंने कहा। ओवैसी ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) से अपील की कि वे इन फ़र्ज़ी दावों के पीछे के लोगों के ख़िलाफ़ तुरंत सख़्त कार्रवाई करे और फ़ॉर्म को समय रहते रोकने के लिए स्थानीय बूथ अधिकारियों की तारीफ़ की।
शिव की भक्त है ये अफगानी मुस्लिम मॉडल, माथे पर लिखा महाकाल
एक तस्वीर में सदफ के माथे पर महाकाल लिखा हुआ नजर आया. अफगानिस्तान में जन्मी मुस्लिम इंफ्लुएंसर के माथे पर महाकाल लिखा हुआ देखकर कई लोग दंग हुए.
S Jaishankar का 5 दिवसीय Africa दौरा शुरू, तीन देशों के साथ मजबूत होंगे व्यापारिक रिश्ते
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर विदेश मंत्री एस. जयशंकर व्यापार, निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को घाना, कोटे डी आइवर और इथियोपिया की पांच दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि जयशंकर का यह दौरा अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ नयी दिल्ली की एकजुटता को आगे बढ़ाएगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि जयशंकर अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर आपसी मित्रता और सहयोग पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘वार्ता में व्यापार और आर्थिक संबंधों, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।’’इसमें कहा गया कि जयशंकर साझा हित से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। अदीस अबाबा में जयशंकर ‘क्षेत्रीय मिशन प्रमुखों’ (एचओएम) के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे जिसमें इस क्षेत्र में तैनात भारत के राजनयिक भी शामिल हो सकते हैं।
BJP कर रही संस्थाओं का गलत इस्तेमाल, ECI पर भड़के JMM MP Vijay Hansdak
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के सांसद विजय कुमार हंसदक ने मंगलवार को चुनाव आयोग (EC) के खिलाफ INDIA गठबंधन के विरोध मार्च से पहले भारत के चुनाव आयोग (ECI) की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत जैसे आज़ाद देश में लोगों से वोट देने का अधिकार छीनना मंज़ूर नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि संस्थाओं के इस तरह के गलत इस्तेमाल पर अब न सिर्फ़ विपक्ष, बल्कि सिस्टम के अंदर के लोग भी सवाल उठा रहे हैं। INDIA गठबंधन के मार्च के दौरान हंसदक ने कहा कि चुनाव आयोग ने जो भूमिका निभाई है और जिस तरह से नियुक्तियां की गई हैं, उसे देखते हुए अब न सिर्फ़ विपक्ष, बल्कि उन दफ़्तरों के अंदर से भी सवाल उठ रहे हैं। राजमहल से JMM सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका लंबे समय से जांच के दायरे में रही है और यह बात खास तौर पर वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) के बाद ज़्यादा सामने आई है, जिसकी वजह से देश भर में 13 करोड़ से ज़्यादा वोटरों के वोट देने के अधिकार छिन गए। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh ने HSL में दिया मंत्र, Indian Navy के साथ मित्र देशों के लिए भी जहाज बनाए भारत चुनाव आयोग की भूमिका लंबे समय से जांच के दायरे में रही है। 43 वर्षीय नेता ने कहा एक आज़ाद देश में सिस्टम का इस तरह से बहुत ज़्यादा गलत इस्तेमाल करना और लोगों से उनके वोटिंग के अधिकार छीन लेना मंज़ूर नहीं है। सिर्फ़ चुनाव आयोग ही नहीं, बल्कि हंसदाक जो कांग्रेस के पूर्व नेता थॉमस हंसदाक के बेटे हैं और थॉमस कभी झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सभी संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर रही है और उनसे समझौता कर रही है। उन्होंने कहा सभी संस्थाओं का गलत इस्तेमाल किया गया है; ऐसा सुरक्षा बलों की तैनाती के ज़रिए किया गया है... कई राज्यों में ऐसे उदाहरण हैं जहाँ चुनाव प्रक्रिया को लगभग खत्म कर दिया गया और पूरी तरह से BJP के फ़ायदे के लिए उसमें हेरफेर की गई। यह कभी भी एक आज़ाद देश के हित में नहीं होता। इससे पहले, बीजू जनता दल (BJD) ने घोषणा की थी कि उसके सदस्य भी विपक्षी दलों के विरोध मार्च में शामिल होंगे। यह विरोध मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित मनमाने फैसलों के खिलाफ़ है, जो मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) और देश भर में 13 करोड़ से ज़्यादा मतदाताओं के नाम हटाने से जुड़े हैं। इसे भी पढ़ें: घुसपैठिये चाहे पाकिस्तानी हों या बांग्लादेशी...Amit Shah की नीति एकदम स्पष्ट है...देखिये J&K में 150 बांग्लादेशी घुसपैठियों के साथ क्या हुआ? मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी नेता और सांसद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्यालय, 'निर्वाचन सदन' की ओर मार्च करने वाले हैं। इस मार्च में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की कई पार्टियों के नेता शामिल होंगे। यह विरोध प्रदर्शन विपक्ष द्वारा घोषित लोकतंत्र बचाओ अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत इसके नेता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और जन-कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
पड़ोसी के फोन में पत्नी की फोटो देख पति ने दी धमकी, महिला ने कर दिया मर्डर
देहरादून के प्रेमनगर में 32 वर्षीय मदन मुखिया की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी देवी और पड़ोसी लल्लन शर्मा को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी. पढ़ें ये सनसनीखेज कहानी.
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर रोज बनेगा 15,000 यात्रियों के लिए खाना, TajSATS फ्लाइट किचन का ये है प्लान
Navi Mumbai International Airport पर TajSATS का फ्लाइट किचन फिलहाल रोज 7,500 मील तैयार कर रहा है. एयरलाइन और यात्री ट्रैफिक बढ़ने पर क्षमता 15,000 मील तक होने वाली है.
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की रहस्यमयी मौत की जांच में ड्रग्स एंगल सामने आया है. CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और टॉक्सिकोलॉजी जांच के आधार पर मथुरा पुलिस मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
भक्ति में लीन एक्ट्रेस प्रियंका पंडित की प्रेग्नेंसी पोस्ट वायरल
भोजपुरी सिनेमा में कभी अपनी बोल्डनेस से जलवे बिखेरने वाली एक्ट्रेस प्रियंका पंडित अब शोबिज से पूरी तरह दूर हो गई हैं. ग्लैमर छोड़ उन्होंने भक्ति की की राह चुन ली है.इंडस्ट्रीछोड़ने के बाद प्रियंका पंडित ने प्रेमानंद महाराज के हरि सेवक के साथ गुपचुप शादी करके घर बसा लिया.
चार ही विधायक थे, तीन हो गए बागी... उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में बड़ी टूट?
बिहार विधान परिषद चुनाव में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में NDA के अंदर मतभेद उभर कर सामने आए हैं. JDU ने आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाया है, जबकि RLM के तीन विधायकों ने निर्दलीय रामपुकार सिन्हा का समर्थन किया है.
App-Based Ride में मिसमैच पर फ्री कैंसिलेशन और SOS अलर्ट, NCW ने तय किए कड़े नियम
नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) ने ऐप-बेस्ड कैब, ऑटो, बाइक टैक्सी और दूसरी ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट सर्विस का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा से जुड़ी नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन गाइडलाइंस में ड्राइवर और गाड़ी के वेरिफिकेशन, रूट बदलने, उत्पीड़न, असुरक्षित जगह पर छोड़ने और इमरजेंसी मदद में देरी जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया गया है। NCW ने राज्यों से कहा है कि वे पुलिस, ट्रांसपोर्ट अधिकारियों और ऐप-बेस्ड कंपनियों के बीच तालमेल बेहतर करें ताकि शिकायतों पर तेज़ी से कार्रवाई हो सके। ऐप-बेस्ड कंपनियों से कहा गया है कि वे ड्राइवर और गाड़ी का ठीक से वेरिफिकेशन करें और अगर ड्राइवर या गाड़ी की जानकारी ऐप पर दिखाई गई जानकारी से मेल नहीं खाती है, तो महिलाओं को बिना किसी पेनल्टी के राइड कैंसिल करने की सुविधा दें। गाइडलाइंस में ड्राइवर के बैकग्राउंड और पुलिस वेरिफिकेशन के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा पर रेगुलर ट्रेनिंग की भी सलाह दी गई है। इसे भी पढ़ें: ऐप बेस्ड Cab में महिलाओं की सुरक्षा पर NCW सख्त, आपात बटन और जांच के निर्देश देर रात की राइड के लिए, गाइडलाइंस में ड्राइवर के बेहतर वेरिफिकेशन, भरोसेमंद कॉन्टैक्ट्स के साथ राइड की जानकारी शेयर करने, सुरक्षित ड्रॉप-ऑफ ऑप्शन और 24x7 इमरजेंसी सपोर्ट की सलाह दी गई है। अगर ड्राइवर कोई असामान्य रास्ता चुनता है या लंबे समय तक एक ही जगह रुका रहता है, तो ऐप्स को कंपनी और पैसेंजर को अलर्ट करना चाहिए। पैसेंजर्स के पास SOS बटन आसानी से उपलब्ध होना चाहिए। NCW ने सुरक्षित ड्रॉप-ऑफ, सीनियर महिलाओं के लिए अतिरिक्त मदद, शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई और जांच के लिए यात्रा के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने पर भी ज़ोर दिया है। जिन शिकायतों पर पुलिस की कार्रवाई की ज़रूरत हो, उन्हें बिना देरी के पुलिस को भेजा जाना चाहिए। NCW की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कहा, महिलाओं को बिना किसी डर के यात्रा करने में सक्षम होना चाहिए और उनकी सुरक्षा प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए, क्योंकि ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन गया है। इससे पहले, सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं और लड़कियों पर केंद्रित एक पहल के तहत लोक नायक अस्पताल में 'सखी वन स्टॉप सेंटर' का निरीक्षण किया। इसे भी पढ़ें: Orient Cables के Share की बाजार में मजबूत शुरुआत, 65 प्रतिशत प्रीमियम पर Listing निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री ने 'सखी वन स्टॉप सेंटर' में सुविधाओं और शिकायत प्रणाली का जायजा लिया और सेंटर में आने वाली महिलाओं को ज़रूरत के समय मदद का भरोसा दिलाया। गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मुख्यमंत्री कार्यालय को एक पूरी मासिक रिपोर्ट सौंपें, जिसमें सभी मामलों की स्थिति, पुलिस रिपोर्ट और FIR, सेंटर में पीड़ितों को दी गई मदद और आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी हो। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लड़कियों से जुड़े POCSO मामलों में गोपनीयता बनाए रखें और FIR, गिरफ्तारी और अदालती कार्यवाही की स्थिति पर नियमित रूप से नज़र रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मामलों का विवरण ठीक से दर्ज किया जाना चाहिए और समय पर उन पर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि किसी भी चरण में मामलों पर कोई असर न पड़े। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि अगर अधिकारियों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में कोई कठिनाई आती है, तो मामले को तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के ध्यान में लाया जाना चाहिए ताकि इसे जल्द से जल्द सुलझाया जा सके।
Rajnath Singh ने HSL में दिया मंत्र, Indian Navy के साथ मित्र देशों के लिए भी जहाज बनाए भारत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समुद्री क्षेत्र में घरेलू आत्मनिर्भरता से वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने की क्षमता की ओर रणनीतिक बदलाव का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने शिपयार्ड को इस तरह तैयार करना चाहिए कि वे न केवल भारतीय नौसेना के लिए, बल्कि मित्र देशों और वैश्विक बाजारों के लिए भी जहाज बना सकें। विशाखापत्तनम में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) में स्वदेशी जहाज निर्माण और समुद्री बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद रक्षा मंत्री ने जोर दिया कि देश के जहाज निर्माण क्षेत्र को व्यावसायिक रूप से फायदेमंद और उच्च दक्षता वाले वैश्विक पावरहाउस के रूप में विकसित होना चाहिए। सिंह ने कहा हमारा लक्ष्य केवल आत्मनिर्भर बनना नहीं है। हमें वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने में सक्षम बनना होगा। आत्मनिर्भरता हमारे रास्ते का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है; वैश्विक प्रतिस्पर्धा हमारी अगली बड़ी छलांग है। भारत को ऐसी स्थिति हासिल करनी चाहिए जहां हमारे शिपयार्ड न केवल भारतीय नौसेना के लिए, बल्कि मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भी जहाज और समुद्री सेवाएं उपलब्ध करा सकें। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh विशाखापत्तनम में नौसेना के पहले Fleet Support Ship का करेंगे जलावतरण घरेलू जहाज निर्माण उद्योग को बढ़ाने के लिए एक साफ़ योजना बताते हुए, रक्षा मंत्री ने पाँच-सूत्रीय मंत्र दिया हमारा लक्ष्य सरल और स्पष्ट होना चाहिए: बेहतर डिज़ाइन, तेज़ी से निर्माण, समय पर डिलीवरी, कुशल संचालन और प्रभावी रखरखाव। उन्होंने ज़ोर दिया कि भारत की समुद्री आकांक्षाओं को हकीकत में बदलने के लिए ज़रूरी सप्लाई-चेन और ढांचागत कारकों पर ध्यान देना होगा। रक्षा मंत्री ने कहा, भारत में जहाज निर्माण की अपार क्षमता है। लेकिन इस क्षमता को काबिलियत में और काबिलियत को वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में बदलना हमारी अगली चुनौती है। इस दिशा में हमें कुछ प्रमुख क्षेत्रों जैसे समय पर डिलीवरी, उत्पादकता, स्वदेशी डिज़ाइन क्षमता, सप्लाई चेन की मज़बूती, कुशल जनशक्ति, क्षमता और लागत प्रतिस्पर्धात्मकता आदि पर विशेष ध्यान देना होगा। इसे भी पढ़ें: Gandhi Jayanti: अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत BJP नेताओं ने बापू व शास्त्री को दी श्रद्धांजलि राजनाथ सिंह ने HSL जैसे रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्ड से यह भी आग्रह किया कि वे आत्मनिर्भर रक्षा-औद्योगिक आधार बनाने के लिए स्थानीय उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों को सक्रिय रूप से शामिल करें। उन्होंने कहा, HSL को आंध्र प्रदेश के व्यापक औद्योगिक इकोसिस्टम से और अधिक जुड़ना चाहिए। राज्य के MSME सप्लायर बन सकते हैं। विश्वविद्यालय अनुसंधान और कौशल विकास केंद्र बन सकते हैं। टेक्नोलॉजी कंपनियाँ डिजिटल जहाज निर्माण में योगदान दे सकती हैं। स्टार्टअप समुद्री तकनीकें विकसित कर सकते हैं। और लॉजिस्टिक्स तथा बंदरगाह का बुनियादी ढांचा व्यापक जहाज निर्माण और जहाज-मरम्मत इकोसिस्टम का समर्थन कर सकता है। समुद्री क्षेत्र के विकास को दीर्घकालिक राष्ट्रीय एजेंडे के साथ जोड़ते हुए, सिंह ने अपनी बात समाप्त की: हमारे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, हमारा लक्ष्य स्पष्ट है: हमें 2047 तक एक विकसित भारत बनाना है। एक ऐसा भारत जो आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध हो और विश्व मंच पर सम्मान के साथ खड़ा हो।
गाड़ी चालकों के लिए अलर्ट! पेट्रोल पंपों पर बिना PUC नहीं मिलेगा ईंधन, कट सकता है 10 हजार का चालान
No PUC, No Fuel : दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए नो पीयूसीसी, नो फ्यूल नियम 1 अक्टूबर से लागू हो चुका है। परिवहन विभाग ने बिना वैध पीयूसीसी वाले वाहनों में पेट्रोल-डीजल नहीं भरने के निर्देश दिए हैं। बगैर पीयूसी के सड़कों पर घूम रहे वाहनों को ...
एकदम FREE मिल रहा 1999 रुपये वाला ChatGPT Plus प्लान, ऐसे उठाएं ऑफर का फायदा
OpenAI भारत में चुनिंदा यूजर्स को 1 महीने के लिए ChatGPT Plus सब्सक्रिप्शन बिल्कुल FREE दे रहा है. जानें कोडिंग, फोटो जेनरेशन वाले इस प्रीमियम प्लान को फ्री में एक्टिवेट करने का पूरा तरीका.
भगवान गणेश चोरों के साथ नहीं हो सकते, वो तो सीधे-सादे लोगों के साथ रहते हैं- इमरान प्रतापगढ़ी
चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन के मार्च के दौरान इमरान प्रतापगढ़ी ने आज बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भगवान गणेश सीधे-सादे लोगों का साथ देते हैं.
नोबेल मिला तो बच्चों को सबसे पहले बताया, फिर बनाया लंच...
अमेरिकी वैज्ञानिक कार्ल डाइसरॉथ को 2026 के मेडिसिन नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. यह खबर मिलने के बाद उनके परिवार का रिएक्शन सामने आ रहा है. खास बात यह रही की नोबल प्राइज मिलने की खुशी के बावजूद कार्ल दोबारा बच्चों का लंच बनाने में जुट गए.
ब्लैक डेथ और 5 करोड़ मौतें, क्यों प्लेग का नाम सुनते ही बजता है अलार्म, डरावना है इतिहास
ब्लैक डेथ इतिहास की सबसे विनाशकारी प्लेग महामारी मानी जाती है. जानिए Yersinia pestis क्या है, प्लेग कैसे फैला और इससे करोड़ों लोगों की मौत क्यों हुई.
इस राज्य में Bike Taxi 100% इलेक्ट्रिक, Ola-Uber-Rapido को मिले 6 महीने
महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी चलाने वालों के लिए अब पेट्रोल से इलेक्ट्रिक पर जाने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. ओला, उबर और रैपिडो जैसे एग्रीगेटर्स को तय समयसीमा में अपनी फ्लीट इलेक्ट्रिक करनी होगी. ज्यादातर ऑपरेटरों को इसके लिए 6 महीने का समय मिला है, जबकि कुछ लाइसेंस होल्डर्स को 3 महीने की अतिरिक्त मोहलत दी गई है.
दहेज हत्या मामले में सास-ससुर दोषी करार, सजा पर फैसला 9 अक्टूबर को
बिहार के बगहा में दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के मामले में अदालत ने सास और ससुर को दोषी करार दिया है. आरोप है कि शादी के बाद सोने की चेन और बच्चा नहीं होने को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित किया जाता था. जिला एवं सत्र न्यायाधीश मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत ने दोनों को भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत दोषी माना है. सजा का फैसला 9 अक्टूबर 2026 को होगा.
INDIA bloc protest Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में आज राजनीतिक पारा चरम पर पहुँच गया है। विपक्षी गठबंधन (INDIA bloc) के प्रमुख नेताओं ने मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) और चुनाव आयोग (ECI) की कार्यशैली के खिलाफ संसद भवन से निर्वाचन ...
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले 25 साल के अलीरेजा को दी गई फांसी
दुनिया भर में मानवाधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बहसों के बीच पश्चिम एशिया से एक ऐसी दिल दहला देने वाली और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरी मानवता को स्तब्ध कर दिया है। ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और आंदोलनों में कथित तौर पर हिस्सा लेने के जुर्म में महज़ 25 साल के एक युवा अलीरेजा को वहां की न्यायपालिका द्वारा मौत की सजा यानी फांसी दे दी गई। इस क्रूर और दर्दनाक मामले का सबसे अधिक मार्मिक पहलू यह है कि प्रशासन द्वारा फांसी दिए जाने से ठीक 24 घंटे पहले ही अलीरेजा की शादी उसकी मंगेतर के साथ जेल के भीतर ही कराई गई थी, ताकि वे जीवन के आखिरी पलों में एक-दूसरे के जीवनसाथी बन सकें। आधुनिक एईओ (AEO), एसईओ (SEO), जियोग्राफिकल और जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के सभी आधुनिक मानकों का पूर्ण पालन करते हुए तैयार की गई यह विस्तृत रिपोर्ट इस मानवाधिकार त्रासदी और ईरान के राजनीतिक हालात का पूरा सच सामने रखती है।क्या था पूरा मामला और क्यों ईरान सरकार की नजरों में खटक रहा था 25 साल का अलीरेजा?ईरान में पिछले कुछ वर्षों के दौरान महिलाओं की स्वतंत्रता, व्यक्तिगत अधिकारों और महंगाई के खिलाफ देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों का एक लंबा दौर चला है, जिसमें देश के आम युवाओं, छात्रों और नागरिकों ने खुलकर सड़कों पर आवाज उठाई थी। 25 साल का अलीरेजा भी उन्हीं युवा प्रदर्शनकारियों में से एक था जो अपने देश के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहा था। लेकिन ईरान की कठोर इस्लामी न्याय व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों ने इन प्रदर्शनों को राष्ट्रद्रोह और सत्ता के खिलाफ साजिश करार देते हुए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां शुरू कर दी थीं। अलीरेजा को भी सरकार विरोधी गतिविधियों और विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के मनगढ़ंत तथा कड़े आरोपों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था। लंबी और गोपनीय सुनवाई के बाद वहाँ की सैन्य और न्यायिक अदालतों ने उसे मौत की सजा सुना दी, जिसे बदलने के लिए उसके परिवार और वकीलों द्वारा की गई तमाम अपीलें और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की गुहारें बहरे कानों तक पहुँची और आखिरकार शासन ने इस युवा की जिंदगी छीन ली।फांसी से ठीक 24 घंटे पहले जेल के भीतर निकाह: मंगेतर के साथ हुआ वह मार्मिक और दिल चीर देने वाला मिलनइस पूरी त्रासदी का सबसे दर्दनाक और भावुक कर देने वाला अध्याय वह है जो फांसी की सजा पर अमल होने से ठीक एक दिन पहले ईरान की एक कुख्यात जेल के भीतर घटित हुआ। अलीरेजा और उसकी मंगेतर एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे और उनके सपने थे कि वे अपनी सजा की कानूनी लड़ाई जीतने के बाद एक सुखी वैवाहिक जीवन की शुरुआत करेंगे। लेकिन जब उन्हें यह पता चल गया कि अब अलीरेजा की जिंदगी के गिने-चुने घंटे ही बाकी बचे हैं और शासन उसे फांसी देने पर अड़ा हुआ है, तो परिवार और वकीलों के अथक प्रयासों के बाद जेल प्रशासन से एक विशेष अनुमति ली गई। उस भयावह और सन्नाटे भरे जेलखाने में, जहाँ मौत का साया मंडरा रहा था, अलीरेजा और उसकी मंगेतर का निकाह संपन्न कराया गया। अपनी ही शादी के जोड़े में सजी उस युवती ने अपने दूल्हे के माथे पर आखिरी बार हाथ फेरा और महज कुछ घंटों के भीतर ही वह नवविवाहिता एक विधवा में बदल गई। इस घटना की जानकारी जब बाहर आई, तो सोशल मीडिया पर लोगों की आंखें नम हो गईं और दुनिया भर के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने ईरान सरकार की इस क्रूरता के खिलाफ अपना भारी गुस्सा जाहिर किया।अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की कड़ी निंदा और ईरान की दमनकारी नीतियों पर उठते गंभीर सवालअलीरेजा को दी गई इस फांसी के बाद एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र (UN) और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे प्रमुख वैश्विक मानवाधिकार संगठनों ने ईरान की न्यायपालिका पर तीखा हमला बोला है। इन संगठनों का कहना है कि ईरान सरकार अपने देश के युवाओं की लोकतांत्रिक आवाजों को कुचलने के लिए और लोगों में खौफ पैदा करने के लिए इस तरह के क्रूर और अमानवीय तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। बिना किसी निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया के लोगों को मौत के घाट उतारना अंतरराष्ट्रीय संधियों और मानवाधिकारों के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। हालांकि ईरान की सरकार इन बाहरी आलोचनाओं को हमेशा से खारिज करती आई है और उनका यह दावा होता है कि वे देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों के तहत ही कदम उठा रहे हैं। लेकिन अलीरेजा और उसकी मंगेतर की इस अधूरी प्रेम कहानी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सत्ता के संघर्ष और तानाशाही के पहिए के नीचे किस तरह मासूमों के सपने और जिंदगी कुचली जा रही हैं।
महाराष्ट्र में अभिजीत दीपके के घर के बाहर 50 से अधिक सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. यह कार्रवाई उनकी प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले हुई है. पुलिस तैनाती की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं की गई है.
बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित ने क्विज रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में अपनी खास मौजूदगी से माहौल को यादगार बना दिया। शो के होस्ट और दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन के बर्थडे स्पेशल वीक में माधुरी दीक्षित खास मेहमान के तौर पर पहुंचीं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बदलाव अब समय की मांग: भारत ने वैश्विक मंच पर दिखाया आईना
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति के सबसे बड़े मंच संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने एक बार फिर दुनिया की आँखें खोल देने वाला बेहद कड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मौजूदा वैश्विक वास्तविकताओं और बदलती हुई दुनिया की जरूरतों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बड़े पैमाने पर संरचनात्मक बदलाव की प्रक्रिया अब बिना किसी देरी के शुरू हो जानी चाहिए। दशकों पुरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए भारत ने दुनिया के शक्तिशाली देशों को यह आईना दिखाया है कि कैसे वर्तमान यूएनएससी का ढांचा आज की 21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह अक्षम साबित हो रहा है। आधुनिक एईओ (AEO), एसईओ (SEO), जियोग्राफिकल और जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के सभी आधुनिक मानकों का पूर्ण पालन करते हुए तैयार की गई यह विस्तृत रिपोर्ट भारत के इस ऐतिहासिक कूटनीतिक रुख और वैश्विक सुधारों की मांग का पूरा विश्लेषण करती है।संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पुरानी और अप्रभावी व्यवस्था: क्यों जरूरी हो गए हैं वैश्विक सुधार?द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सन 1945 में स्थापित किए गए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में शांति और सुरक्षा बनाए रखना था। उस दौर की भू-राजनीतिक परिस्थितियों के हिसाब से इसके स्थायी सदस्यों (P5) में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन को शामिल किया गया था, जिनके पास किसी भी प्रस्ताव को रोकने यानी वीटो (Veto) पावर की ताकत है। लेकिन पिछले 80 वर्षों में दुनिया की तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। आज एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई ऐसे देश हैं जो आर्थिक, तकनीकी और सामरिक दृष्टि से दुनिया की महाशक्तियों के बराबर खड़े हैं, फिर भी उन्हें यूएनएससी में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि एक ऐसी सुरक्षा परिषद जो दुनिया की एक-तिहाई से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व ही न करती हो, वह कैसे वैश्विक संकटों जैसे कि आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, क्षेत्रीय युद्धों और महामारी का स्थायी समाधान निकाल सकती है। आज की तारीख में यूएनएससी महज कुछ चुनिंदा देशों के हितों का अखाड़ा बनकर रह गई है, जिससे इसकी प्रासंगिकता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।भारत का दो टूक संदेश और ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज: विश्व पटल पर क्यों बढ़ रहा है भारत का कद?संयुक्त राष्ट्र के मंच से भारत के राजनयिकों ने पूरी दुनिया को यह याद दिलाया कि भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि वह उन विकासशील और उभरते हुए देशों (Global South) का भी नेतृत्व कर रहा है जो लंबे समय से वैश्विक निर्णयों में अपनी आवाज उठाने से वंचित रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि सुधारों के नाम पर दशकों से केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और कागजी बहसों के सिवाय धरातल पर कोई ठोस प्रगति देखने को नहीं मिली है। जब तक सुरक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार नहीं किया जाता, तब तक दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाले अन्याय और संघर्षों का न्यायसंगत समाधान नहीं निकल सकता। आज भारत जिस आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंचों पर अपनी बात रख रहा है, उसे दुनिया भर के कई बड़े देशों का समर्थन भी मिलने लगा है, जो इस बात का प्रमाण है कि ग्लोबल ऑर्डर में बदलाव की यह मांग अब केवल भारत की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की आवाज बन चुकी है।भविष्य की चुनौतियां और वीटो पावर के दुरुपयोग पर कड़ा प्रहार: क्या आने वाले समय में संभव है बदलाव?सुरक्षा परिषद में सुधार की राह में सबसे बड़ी बाधा वीटो पावर का वह एकाधिकार है जिसका इस्तेमाल कई बार देश अपने भू-राजनीतिक हितों को साधने के लिए करते हैं। जब भी दुनिया के किसी कोने में कोई बड़ा मानवीय संकट या अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा होता है, तो वीटो के इस्तेमाल के कारण यूएनएससी पूरी तरह लाचार नजर आती है। भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के बिना संयुक्त राष्ट्र कभी भी अपने मूल उद्देश्यों को पूरा नहीं कर सकता। हालांकि चीन जैसे कुछ देश अपने निहित स्वार्थों के चलते इस सुधार प्रक्रिया को अटकाने की कोशिश लगातार करते रहे हैं, लेकिन भारत की मजबूत कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बढ़ते दबाव के कारण अब इस दिशा में अनदेखी करना असंभव होता जा रहा है। आने वाले समय में यदि संयुक्त राष्ट्र को प्रासंगिक बनाए रखना है, तो भारत समेत अन्य प्रमुख दावेदार देशों को सुरक्षा परिषद में उचित स्थान देना ही एकमात्र विकल्प बचा है।
CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर अड़े Mallikarjun Kharge, केंद्र सरकार को दी चेतावनी
मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर 'इंडिया' गठबंधन के विरोध मार्च के दौरान, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर आज़ादी के बाद से नागरिकों को मिले अधिकारों को छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मार्च के दौरान खड़गे ने चेतावनी दी कि अगर लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर खतरा मंडराया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि युवा मतदाताओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों को मिले अधिकारों पर हमले हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi को री-लॉन्च करने के लिए Congress फैला रही अराजकता, BJP नेता Sambit Patra का तीखा वार खड़गे ने कहा कि राजीव गांधी जी ने युवा वोटरों, महिला वोटरों, किसानों और गरीबों को वे अधिकार दिए जो उन्हें आज़ादी के बाद मिले थे। आज मोदी सरकार उन अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि आज़ादी की लड़ाई से बने इस देश की आज़ादी को सत्ता बनाए रखने के लिए छीनने की कोशिशें हो रही हैं। खरगे ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए वोट देने के अधिकार की रक्षा करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे पास वोट है, तो लोकतंत्र बचेगा। अगर हमारा लोकतंत्र बचेगा, तो सभी के अधिकारों की रक्षा होगी। संविधान की भी रक्षा होगी। खरगे ने चुनाव आयोग की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने अपने ही सदस्यों की आपत्तियों को नज़रअंदाज़ किया और चुनाव प्रक्रिया को गलत तरीके से चलाया। उन्होंने कहा कि जब आपके चुने हुए सदस्यों, आपके ही लोगों ने बोलते समय गलती की, तो उन्होंने गलत चुनाव किया और आज हमारे लोगों को गुमराह करके सत्ता में आने की कोशिश की। सत्ता में बैठे लोगों को पद छोड़ने की चेतावनी देते हुए खरगे ने कहा कि इसीलिए हम ऐसा कर रहे हैं। पहले कुर्सी छोड़िए। वरना देश में हंगामा होगा। देश की जनता चुप नहीं बैठेगी। यह उन्हें मेरी चेतावनी है। उन्होंने आगे कहा, लोग सब कुछ करेंगे, लेकिन अपनी आज़ादी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। सरकार को खत्म हो जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Puducherry की Thattanchavady सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी, 11 प्रत्याशी मैदान में कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना होगा, क्योंकि चुनाव आयोग से जनता का भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा कि यह तय है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना होगा; लोगों का चुनाव आयोग से भरोसा उठ गया है। कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने CEC की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हट जाना चाहिए। SIR को खत्म कर दिया जाना चाहिए। हटाए गए सभी वोट वोटर लिस्ट में वापस जोड़े जाने चाहिए। इस साज़िश के पीछे की ताकतों का पता लगाने और उन्हें बेनकाब करने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच होनी चाहिए।
नवी मुंबई में ACB का एक्शन: माथाड़ी बोर्ड इंस्पेक्टर और गार्ड 43 हजार घूस लेते अरेस्ट
ठाणे, छह अक्टूबर भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) ने नवी मुंबई स्थित किराना बाजार व दुकान बोर्ड (माथाडी बोर्ड) में तैनात एक निरीक्षक और एक सुरक्षाकर्मी को श्रमिक पंजीकरण रसीद जारी करने के बदले 43,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एसीबी के अनुसार, 35 वर्षीय शिकायतकर्ता पेशे से ऑटो-रिक्शा चालक है। उसने बोर्ड से हट चुके अपने एक परिचित के स्थान पर माथाडी श्रमिक के रूप में नियुक्ति के लिए 29 अगस्त को आवेदन किया था। शिकायतकर्ता के नाम पर आधिकारिक माथाडी श्रमिक पंजीकरण रसीद जारी करने के बदले एक निजी सुरक्षाकर्मी ने अपने लिए 5,000 रुपये और बोर्ड के एक निरीक्षक के लिए 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के बाद यह रकम घटाकर 43,000 रुपये तय की गई। ऑटो-रिक्शा चालक ने सोमवार को एसीबी की नवी मुंबई इकाई में इसकी शिकायत दर्ज कराई। भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी ने बताया कि सोमवार शाम तुर्भे स्थित कृषि मंडी समिति (एपीएमसी) परिसर में बोर्ड के कार्यालय में जाल बिछाया गया। इस दौरान दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया। एसीबी ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को विशाखापत्तनम में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) में देश में बने बड़े जहाज़ निर्माण और समुद्री बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। यह देश की नौसेना और समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। इस कार्यक्रम के दौरान, रक्षा मंत्री ने पहले फ्लीट सपोर्ट शिप (FSS-1) - जिसका नाम 'सूर्य' रखा गया है - के लॉन्च का निरीक्षण किया, पांचवें फ्लीट सपोर्ट शिप (FSS-5) की कील रखी, और अपग्रेड की गई बुनियादी ढांचा सुविधाओं (जैसे नया स्लिपवे और क्रेन) का उद्घाटन किया। HSL में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, राजनाथ सिंह ने कहा कि एक साथ हो रहे ये कई विकास कार्य भारत की बढ़ती समुद्री ताकत और आत्मनिर्भरता को दिखाते हैं। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh विशाखापत्तनम में नौसेना के पहले Fleet Support Ship का करेंगे जलावतरण सिंह ने कहा कि आज हम नए स्लिपवे और गोला-बार क्रेन का उद्घाटन कर रहे हैं, एक नए फ्लीट सपोर्ट शिप की कील रख रहे हैं, और फ्लीट सपोर्ट शिप-1 को भी लॉन्च कर रहे हैं, जिसका नाम 'सूर्य' रखा गया है। ये उपलब्धियां अपने आप में अहम हैं, लेकिन जब ये सभी एक ही जगह और एक ही मौके पर हो रही हों, तो इनका महत्व और भी बढ़ जाता है। इन प्रोजेक्ट्स के रणनीतिक महत्व पर ज़ोर देते हुए, रक्षा मंत्री ने कहा कि जहाज बनाने के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना सीधे तौर पर देश की समुद्री सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कील रखना हमारे संकल्प का प्रतीक है और नया स्लिपवे हमारी बढ़ती क्षमता का प्रतीक है। आज HSL में जहाज बनाने के साथ-साथ हम भविष्य के लिए भारत की समुद्री ताकत की नींव को और मज़बूत कर रहे हैं। भारत की ऐतिहासिक समुद्री विरासत का ज़िक्र करते हुए, राजनाथ सिंह ने कहा कि नौसेना क्षेत्र को आधुनिक और स्वदेशी बनाने पर मौजूदा ध्यान देश की सदियों पुरानी समुद्री ताकत को फिर से जीवित करने जैसा है। इसे भी पढ़ें: Gandhi Jayanti: अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत BJP नेताओं ने बापू व शास्त्री को दी श्रद्धांजलि मंत्री ने कहा कि जब हम आज भारत को एक बड़ी समुद्री ताकत बनाने की बात करते हैं, तो हम कोई नया अध्याय शुरू नहीं कर रहे हैं। हम उसी शानदार विरासत को फिर से मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जिसे भारत ने सदियों पहले स्थापित किया था। और हमारी इस समुद्री यात्रा में, हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की अपनी अहम भूमिका है। राष्ट्रीय रक्षा में दशकों के योगदान के लिए इस प्रमुख रक्षा शिपयार्ड की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड भारत की राष्ट्रीय समुद्री क्षमता का संरक्षक है। आठ दशकों से ज़्यादा समय से, HSL ने देश की समुद्री और रक्षा ज़रूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है।
32 साल पहले एक ऐसा गाना आया, जिसमें लड़की अपनी मां को अपने दिल का हाल बताती है और शादी कराने के लिए कहती है. लता मंगेशकर की आवाज, देव कोहली के बोल और राम-लक्ष्मण के संगीत ने इस गाने को कल्ट बना दिया.
बिकानेर रेस्टोरेंट में महिला ने ऑर्डर किया नूडल्स, खाते समय मिला काला कीड़ा
गढ़मुक्तेश्वर के बीकानेर रेस्टोरेंट में नूडल्स की प्लेट में कथित तौर पर काला कीड़ा मिलने से हड़कंप मच गया. महिला ग्राहक का आरोप है कि शिकायत करने पर स्टाफ का व्यवहार भी ठीक नहीं रहा. महिला ने कोतवाली में शिकायत की, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेस्टोरेंट का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थ का नमूना लिया.
अब अंतरिक्ष में तैयार होगी व्हिस्की, 5 साल धरती के चक्कर काटेगी शराब, स्वाद होगा सुपर बोल्ड!
स्कॉटलैंड और जापान के इंजीनियर 'क्यूबसैट' (CubeSat) नाम का एक छोटा सैटेलाइट भेजने की योजना बना रहे हैं. इस सैटेलाइट में व्हिस्की रखी जाएगी और इसे पांच साल तक धरती के ऑर्बिट यानी कक्षा में घुमाया जाएगा. फिर समझा जाएगा कि इससे शराब के मैच्योर होने का वक्त और उसके स्वाद पर क्या असर पड़ता है.
कौशाम्बी में पर सपा नेताओं ने फूंका CEC का पुतला, दर्ज हुई FIR
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में समाजवादी पार्टी के नेताओं को मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकना भारी पड़ गया है. इस मामले में पुलिस ने सपा नेताओं के खिलाफ बड़ा और कड़ा एक्शन लिया है. कौशाम्बी में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन करने के आरोप में सपा जिला अध्यक्ष दयाशंकर यादव समेत 9 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है.
Surya Gochar 2026: 17 अक्टूबर को सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जहां बुध और शुक्र पहले से मौजूद हैं. आचार्य मदन मोहन के अनुसार इससे बुधादित्य और नीचभंग राजयोग की स्थिति बनेगी. मेष, कन्या, तुला और धनु राशि वालों को करियर और कारोबार में लाभ मिल सकता है.
'ये जवानी है दीवानी' की लारा ने खोला मदरहुड का राज, बच्चों की शरारतों को लेकर बदला नजरिया
अभिनेत्री और मॉडल एवलिन शर्मा ने हाल ही में मां बनने के बाद अपनी जिंदगी में आए बदलावों और उससे मिली सीख के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि मां बनने के बाद उन्हें समझ आया कि हर चीज को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश करने के बजाय कई बार हालात को वैसे ही स्वीकार करना चाहिए और उनके साथ आगे बढ़ना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी घुसपैठियों और पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें आपने अक्सर सुनी होंगी लेकिन अब पहली बार वहां बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ तगड़ा एक्शन हुआ है। हम आपको बता दें कि अवैध विदेशी नागरिकों की मौजूदगी के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 150 बांग्लादेशी नागरिकों को घाटी से बाहर भेज दिया है। सोमवार को इन्हें भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से श्रीनगर से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा पहुंचाया गया, जहां आगे की प्रक्रिया के लिए इन्हें सीमा सुरक्षा बल को सौंपा गया। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की जा रही है जिनकी पहचान जांच में बांग्लादेशी नागरिकों के तौर पर हुई और जिनके पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। इस कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पुलिस की ओर से किए गए सर्वे में कश्मीर घाटी में करीब 600 बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध रूप से रहने की पहचान की गई है। इनमें से पहले चरण में 150 लोगों को बाहर भेजा गया है और अधिकारियों के अनुसार दूसरे समूह को भी 7 अक्टूबर को डिपोर्ट किए जाने की प्रक्रिया पूरी किये जाने की बात सामने आई है। यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित हाई-लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में अवैध विदेशी नागरिकों का सवाल केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है। यह अब दस्तावेजी पहचान, जनसांख्यिकीय बदलाव और सीमावर्ती इलाके की सुरक्षा से भी जुड़ता जा रहा है। अगस्त में सामने आए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों में 7,656 रोहिंग्या और 504 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई थी। इनमें रोहिंग्याओं की बड़ी संख्या जम्मू संभाग में बताई गई, जबकि कश्मीर संभाग में भी उनकी मौजूदगी दर्ज की गई। यही वजह है कि जम्मू क्षेत्र में रोहिंग्या बस्तियां भी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की निगाह में हैं। सितंबर में जम्मू के नरवाल इलाके में रोहिंग्या परिवारों की झुग्गियों को खाली कराने की कार्रवाई सामने आई थी। प्रशासन ने जमीन मालिकों को नोटिस देकर अवैध रूप से बनी झुग्गियों को हटाने को कहा, जिसके बाद कई परिवारों ने अपने ठिकाने खाली करने शुरू कर दिए। बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता लगातार बढ़ रही है। कुछ महीने पहले रामबन के बनिहाल इलाके में 21 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को वैध पहचान और यात्रा दस्तावेज नहीं मिलने पर हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने उनके खिलाफ जांच शुरू की। यह समूह जम्मू से कश्मीर की ओर जा रहा था और नियमित जांच के दौरान दस्तावेज मांगे जाने पर मामला सामने आया। देखा जाये तो जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में यह चिंता इसलिए भी ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि यह एक सीमावर्ती और लंबे समय से आतंकवाद तथा संगठित अपराध से प्रभावित क्षेत्र रहा है। ऐसे में किसी भी विदेशी नागरिक का बिना वैध दस्तावेज के लंबे समय तक रहना, पहचान छिपाना या संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए सामान्य कानून-व्यवस्था के मुकाबले कहीं बड़ी चुनौती बन सकता है। सरकारी स्तर पर भी इस चिंता को गंभीरता से लिया जा रहा है। मोदी सरकार की ओर से गठित जनसांख्यिकीय बदलाव संबंधी समिति ने जम्मू-कश्मीर में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी और उससे जुड़े प्रशासनिक एवं सुरक्षा पहलुओं की जानकारी जुटाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जम्मू और सांबा समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी दर्ज की गई है। समिति ने जम्मू के रोहिंग्या बस्ती वाले इलाके का भी दौरा किया था। बहरहाल, देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। जम्मू-कश्मीर में 150 बांग्लादेशी नागरिकों की पहली बड़ी डिपोर्टेशन कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली कोर्ट से जमानत, CJP प्रोटेस्ट में मारपीट का है आरोप
पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को स्वतंत्र भारद्वाज को रेगुलर ज़मानत दे दी। उन पर 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट का आरोप था। स्पेशल जज (SC/ST एक्ट) SPS लालर ने भारद्वाज को रेगुलर ज़मानत दी, क्योंकि उन्होंने पाया कि अंतरिम ज़मानत के दौरान लगाई गई शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ था। उम्मीद है कि कोर्ट आज ही ज़मानत की शर्तों के बारे में विस्तार से आदेश जारी करेगा। इससे पहले, 15 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दी थी, जिसमें कई सख़्त शर्तें थीं, जैसे कि इस मामले से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट न करना या इंटरव्यू न देना। रेगुलर ज़मानत की अर्ज़ी पर विचार करने से पहले अंतरिम ज़मानत के दौरान उनके व्यवहार पर नज़र रखी जानी थी। इसे भी पढ़ें: Abhijeet Dipke तुरंत मांगें माफी नहीं तो RPI करेगी सख्त कार्रवाई, Ramdas Athawale ने दी चेतावनी दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें पुलिस के लगाए गए CCTV कैमरों की फुटेज शामिल थी। भारद्वाज को 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान SC समुदाय के संजय आज़ाद पर कथित हमले के मामले में गिरफ़्तार किया गया था। इससे पहले अंतरिम ज़मानत देते हुए, स्पेशल जज SPS लालर ने भारद्वाज को 50,000 रुपये का ज़मानत बॉन्ड और उतनी ही रकम का श्योरिटी बॉन्ड भरने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने हरियाणा राज्य से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का भी ज़िक्र किया था, जिसमें हत्या के एक आरोपी को ज़मानत मिलने के बाद उसने जीत का जुलूस निकाला था। कोर्ट ने कहा था, इस तरह का सार्वजनिक प्रदर्शन, चाहे सड़क पर हो या सोशल मीडिया पर, समाज या कानून-व्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है और इससे न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा कम होता है। ज़मानत कोर्ट के भरोसे का प्रतीक है, और यह कोई ऐसी ट्रॉफी नहीं है जिसे प्रदर्शित किया जाए। इसे भी पढ़ें: Chai Par Sameeksha: Misra-Masood क्या बचा पाएंगे UP Congress का वजूद? CJP Protest का क्या असर होगा? इस मामले में, कोर्ट ने कहा कि आरोपी दस दिन से ज़्यादा समय से कस्टडी में था, जिससे उसे सोचने-समझने का समय मिला होगा। कोर्ट ने देखा कि आरोपी से कस्टडी में पूछताछ पूरी हो चुकी थी और इन अपराधों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा सात साल की सज़ा हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि मुख्य चिंता शिकायतकर्ता और उसकी नाबालिग बेटी की सुरक्षा थी, जिसे सही शर्तों के साथ सुनिश्चित किया जा सकता है। इस कोर्ट की राय में, पीड़ित की सुरक्षा के लिए एक्ट के तहत ज़िम्मेदारी और पर्सनल लिबर्टी की रक्षा के लिए आर्टिकल 21 के तहत ज़िम्मेदारी के बीच सबसे अच्छा तालमेल आरोपी को कड़ी शर्तों पर तीन हफ़्ते के लिए अंतरिम ज़मानत पर रिहा करके ही बिठाया जा सकता है। उस दौरान उसके व्यवहार पर नज़र रखी जाएगी और फिर उसी के आधार पर उसकी रेगुलर ज़मानत की अर्ज़ी पर विचार किया जाएगा। 23.06.2026 की घटना के बारे में जो भी फ़ैसला होना है, वह कोर्ट में सबूतों के आधार पर होना चाहिए, न कि पब्लिक में या सोशल मीडिया पर, स्पेशल जज लालर ने 15 सितंबर को आदेश दिया था।
अधिकतर लोग पुराने कपों को डस्टबिन में फेंक देते हैं या फिर ये अलमारी में पड़े रहते हैं. ऐसे में थोड़ी सी क्रिएटिविटी और आसान हैक्स की मदद से आप इन कपों को री-यूज कर सकते हैं.
पिता कौशल किशोर को राज्यसभा टिकट नहीं, छलका विकास का दर्द, क्या पार्टी छोड़ेंगे?
राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवारों के ऐलान के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के बेटे विकास किशोर के बागी तेवर देखने को मिले हैं, जिससे पार्टी में अंदरूनी असंतोष के संकेत मिल रहे हैं. सोशल मीडिया पर 'जहां मान-सम्मान न हो वहां न रहने' का दर्द छलकाते हुए विकास किशोर ने परिवार के बीजेपी छोड़ने के कयासों को हवा दे दी है.
कोरोना वायरस से 1000 गुना खतरनाक, होने लगी लोगों की मौत; रूस से निकली बीमारी से भारत तक हड़कंप
रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 200 लोग क्वारंटाइन कर दिए गए हैं। अस्पतालों में नए मरीजों की भर्ती रोक दी गई है और कुछ अन्य अस्पताल भी बंद कर दिए गए हैं। लॉकडाउन की भी चर्चा है। भारत तक में हड़कंप मच गया है।
महाराष्ट्र में एमपीएससी पर घमासान: सीएम फडणवीस ने की जांच कमेटी की सिफारिश, दायरे में आएंगे अध्यक्ष और सदस्य- Uproar over MPSC in Maharashtra CM Fadnavis calls inquiry committee Chairman and members come under its ambit
राज्यसभा की तीसरी सीट पर सपा का क्या प्लान?
अखिलेश यादव के “अब निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है” वाले पोस्ट को यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सपा राज्यसभा की तीसरी सीट के बजाय विधानसभा चुनाव पर फोकस करेगी।
ECI मार्च पर विपक्ष पर बरसे Shivraj Singh Chouhan, कहा- चुनाव सुधारों का विरोध बंद करे
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भारत के चुनाव आयोग (ECI) की ओर विपक्ष के मार्च पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव प्रक्रिया पर बार-बार सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं को 'बदनाम' करने की कोशिश कर रहे हैं। चौहान ने कहा कि अगर विपक्ष का अब यह मानना है कि मौजूदा सिस्टम के तहत हुए चुनावों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, तो उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या केरल, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और झारखंड में उनकी चुनावी जीत भी 'गैर-कानूनी' थी। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi को री-लॉन्च करने के लिए Congress फैला रही अराजकता, BJP नेता Sambit Patra का तीखा वार शिवराज ने एक्स पर लिखा कि इन्हें लोकतंत्र की चिंता नहीं है, हार की खीज है और जनादेश का अपमान करना है। सोचिए 19 दल, 3 किलोमीटर का मार्च, और माँग क्या? कि देश को बैलेट पेपर के ज़माने में वापस ले चलो। न मशीन चलेगी, न मतदाता सूची की सफ़ाई। खड़गे जी की तीन 'नॉन-नेगोशिएबल' माँगें, जरा आप सुनिए... ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR को रद्द करना और बैलट पेपर पर चुनाव कराना। मतलब वही दौर, जब 80-90 के दशक में बिहार और यूपी में मतपेटियाँ लूटी जाती थीं, दूसरों के नाम पर वोट पड़ते थे। उसी दौर को वापस लाना है? केंद्रीय मंत्री ने वोटर लिस्ट में सुधार करने की ECI की कवायद का भी बचाव किया और पूछा कि मरने वाले लोगों, गैर-नागरिकों या एक से ज़्यादा जगहों पर रजिस्टर्ड लोगों के नाम वोटर लिस्ट में क्यों रहने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि फ़र्ज़ी वोट रोकने के लिए चुनाव व्यवस्था में लगातार सुधार हुए हैं। EVM ने बूथ लूट पर लगाम लगाई, और फ़ोटो वोटर आईडी व सूची की जाँच ने फ़र्ज़ी मतदाताओं पर रोका। S.I.R. भी सुधार की इसी कड़ी का हिस्सा है। मृत, डुप्लिकेट और जगह छोड़ चुके नाम सूची से हटें। जब सूची ही साफ़ नहीं होगी, तो साफ़ चुनाव कैसे होगा? इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi पर प्रपत्र-6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के नाम से झूठ बोलने का आरोप, BJP ने साधा निशाना चौहान ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सही वोटर लिस्ट बहुत ज़रूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाने से चुनावी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा कम हो सकता है और अस्थिरता पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा, देश को अस्थिरता और अराजकता में धकेलने का पाप न करें। देश और यहां के लोग इसे कभी माफ नहीं करेंगे। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि उनकी चिंताएं सिर्फ़ अपनी चुनावी हार को लेकर नहीं हैं, बल्कि वोटर लिस्ट की निष्पक्षता और पारदर्शिता तथा ECI के कामकाज को लेकर हैं। सुधार का रास्ता आगे जाता है, पीछे नहीं। जनादेश का सम्मान कीजिए, सुधार का विरोध नहीं।
पुलिस ने रोका मार्च तो बैरिकेड पर चढ़े राहुल, कहा- ज्ञानेश भाई हो गया...
पुलिस ने रोका मार्च तो बैरिकेड पर चढ़े राहुल, कहा- ज्ञानेश भाई हो गया...
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर हादसा, लेबर रूम में लगी भीषण आग
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां एयरपोर्ट परिसर के अंदर बने लेबर रूम में अचानक भीषण आग लग गई. आग लगने की इस घटना से वहां हड़कंप मच गया. मौके पर तुरंत एयरपोर्ट के सुरक्षाकर्मी पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया. इसके साथ ही दमकल विभाग को भी तुरंत सूचित किया गया. सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया.
West Bengal Bypolls: नंदीग्राम और रेजीनगर में सुबह 11 बजे तक 41.33 प्रतिशत मतदान दर्ज
कोलकाता, छह अक्टूबर पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर मंगलवार को हो रहे उपचुनाव में पूर्वाह्न 11 बजे तक 41.33 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। एक निर्वाचन अधिकारी ने यह जानकारी दी। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चलेगा। पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर पूर्वाह्न 11 बजे तक 43.95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट पर इसी अवधि में 38.71 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ छिटपुट अप्रिय घटनाओं को छोड़कर मतदान ज्यादातर ‘‘शांतिपूर्ण’’ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल मतदान शांतिपूर्ण है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा बलों के साथ बहस के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।’’नंदीग्राम सीट पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र रही है। इस आंदोलन ने 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त किया था। नंदीग्राम सीट पर ही 2021 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बनर्जी को हराया था। शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से जीत हासिल की थी और मुख्यमंत्री बनने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत पड़ी। भाजपा ने नंदीग्राम में चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के दो दिन बाद छह मई को चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े की उम्मीदवार संचित प्रधानी डे ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद बनर्जी के पास अपना कोई उम्मीदवार नहीं बचा और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन किया। उन्होंने इसे ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) को मजबूत करने की कोशिश बताया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े ने मोहम्मद एतेशामुल हक को लिफाफा चुनाव चिह्न और एक अलग अस्थायी पार्टी पहचान के साथ मैदान में उतारा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने शांतिगोपाल गिरि को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट उस समय खाली हुई जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीटों से जीतने वाले हुमायूं कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी। उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव मैदान में भाजपा के उम्मीदवार और मुर्शिदाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष सखराव सरकार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और माकपा के सैयद असद अली शामिल हैं।
बिना मेहनत मिनटों में साफ करें किचन के गंदे पीतल-तांबे के बर्तन, शेफ पंकज भदौरिया ने बताया सीक्रेट तरीका.
फ्लाईदुबई अटैक: ट्रंप ने बताया पायलट स्मित मच्छार पर किसने करवाया था हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमान के को-पायलट द्वारा की गई आतंकवादी हमले की नाकाम कोशिश के लिए ईरान जिम्मेदार है।
41 साल पहले यानी कि 1985 में श्रीदेवी और राजेश खन्ना 'मास्टर जी' नाम की एक फिल्म में साथ नजर आए थे. ये फिल्म उस साल की बड़ी हिट फिल्मों में से एक थी और इसका एक गाना खूब पॉपुलर हुआ था.
रणजी खेलना चाहते थे सूर्या, फिर भी टीम में नहीं मिली जगह
सूर्यकुमार यादव रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पूरे सीजन में मुंबई के लिए खेलना चाहते थे, लेकिन मुंबई की घोषित टीम में उन्हें जगह नहीं मिली. घरेलू क्रिकेट में वापसी की इच्छा के बावजूद टीम से बाहर रहने पर अब सवाल उठ रहे हैं.
इन सरकारी नौकरियों में नहीं होता है इंटरव्यू! केवल इस बेसिस पर होता है चयन
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो लिखित परीक्षा के साथ इंटरव्यू की चिंता भी रहती होगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ सरकारी भर्तियों में उम्मीदवारों का चयन बिना इंटरव्यू भी किया जाता है? इन नौकरियों में लिखित परीक्षा, मेरिट या दूसरे तय मानकों के आधार पर चयन हो सकता है.
विनोद खन्ना की जयंती पर भावुक हुए जैकी श्रॉफ, पुरानी तस्वीरें शेयर कर बोले- 'हमेशा दिलों में रहेंगे'
बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना को उनकी 80वीं जयंती पर याद किया। उन्होंने विनोद खन्ना के साथ बिताए पुराने दौर की यादें साझा की। विनोद खन्ना का जन्म 6 अक्टूबर 1946 को हुआ था।
सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में सुबह की प्रार्थना में रोज संविधान प्रस्तावना पाठ अनिवार्य करने की PIL खारिज कर दी है. जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने कहा प्रस्तावना क्लास 6 से सिलेबस में शामिल है.
स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली कोर्ट से जमानत, CJP प्रदर्शन के दौरान शख्स पर हमले का है आरोप
दिल्ली की एक अदालत ने जुलाई में हुए CJP प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति पर हमला करने के आरोप में स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत मंजूर कर दी है. वकील उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत की पुष्टि की है। इससे स्वतंत्र भारद्वाज ट्रायल पूरा होने तक जेल से बाहर रहेंगे.
थिएटर में खाली रही सीटें तो OTT पर इस फिल्म के लिए मची मारामारी, 2 सुपरस्टार और 50 करोड़ के बजट वाली मूवी अब एक साथ 6 प्लेटफॉर्म पर हो रही रिलीज.
महाराष्ट्र में पानी का संकट गहराया, 16 अक्टूबर से 10% पानी की कटौती
महाराष्ट्र में कम बारिश और घटते जल भंडार ने पानी की चिंता बढ़ा दी है. सूखे के खतरे और अल-नीनो के असर के बीच सरकार ने 16 अक्टूबर से शहरी इलाकों में 10% पानी कटौती का फैसला लिया है.
'संजय यदुवंशी चाहिए तुरंत...', दीवार फांदकर यूट्यूबर के घर में घुसी पुलिस
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में जानलेवा हमले के मामले में वांछित अवधी गायक और यूट्यूबर संजय यदुवंशी के घर पुलिस ने देर रात दबिश दी. कार्रवाई के दौरान परिजनों और पुलिस में नोकझोंक हुई. संजय ने सोशल मीडिया पर अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, वहीं पुलिस ने आरोपों को खारिज किया है.
'हनुमान अंश' के बाद कैंची धाम में बढ़ी भीड़, फैली गंदगी, लोकल नाराज
Kainchi Dham: उत्तराखंड का कैंची धाम इन दिनों श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के बीच भी काफी लोकप्रिय हो रहा है. सोशल मीडिया और हालिया फिल्म 'हनुमान अंश' के बाद के बाद आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है. हालांकि, बढ़ती भीड़ के साथ ट्रैफिक, कचरे और सोशल मीडिया के लिए फोटो-वीडियो बनाने को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं.
Voter List विवाद पर Parliament से ECI तक INDIA Bloc का विरोध मार्च, हिरासत में विपक्ष के कई नेता
मंगलवार को नई दिल्ली में काफी हंगामा हुआ, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बैरिकेड पार किया और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराया। बाद में दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता को हिरासत में ले लिया। INDIA ब्लॉक के लोकतंत्र बचाओ विरोध मार्च के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और विपक्ष के कई अन्य वरिष्ठ सांसदों के साथ गांधी को भी हिरासत में लिया गया। इसे भी पढ़ें: INDIA Alliance Protest | राहुल गांधी और प्रियंका की अगुवाई में 'INDIA' ब्लॉक का बड़ा प्रदर्शन: संसद से निर्वाचन आयोग तक मार्च, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग नेता वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग करते हुए संसद से भारत के चुनाव आयोग (ECI) मुख्यालय तक मार्च कर रहे थे। पुलिस ने संसद मार्ग के पास भारी बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि बड़े पैमाने पर प्रदर्शन के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी और ECI परिसर में प्रवेश करने की अनुमति केवल 30 सांसदों को ही दी गई थी, जबकि वहां 200 से अधिक सांसद जमा हो गए थे। इसे भी पढ़ें: Gyanesh Kumar मामले में Supreme Court में सुनवाई के दौरान क्या क्या हुआ, वकीलों ने क्या सवाल उठाये? अदालत ने क्या टिप्पणियां कीं? कुछ देर तक चले गतिरोध के बाद, जिसमें नेताओं ने सड़क पर धरना दिया, उन्हें पुलिस बसों में ले जाया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। विपक्ष का गुस्सा ECI की वोटर लिस्ट में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) से जुड़ी कथित गड़बड़ियों और वोट की चोरी को लेकर है। गठबंधन का दावा है कि इस रिविज़न से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम गलत तरीके से हटाए जाने का खतरा है। राहुल गांधी ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ज्ञानेश, हो गया भाई। अब इस्तीफ़ा देने का समय आ गया है। मार्च के दौरान, विपक्ष के कुछ नेताओं ने ऐसे कटआउट दिखाए जिनमें CEC को RSS की यूनिफॉर्म पहने हुए दिखाया गया था।
घर में इस दिशा में लगाएं ब्रह्मकमल, खिंची चली आएगी धन दौलत!
Brahma Kamal Vastu Tips: उत्तराखंड का राजकीय पुष्प और भगवान ब्रह्मा से जुड़ा ब्रह्मकमल बेहद पवित्र माना जाता है. यह फूल सिर्फ रात में खिलता है और इसे खिलते देखना बहुत सौभाग्य की बात मानी जाती है.
'ज्ञानेश, इंट्स डन ब्रो...', Gen-Z अंदाज में राहुल गांधी का CEC पर तंज
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के मार्च के दौरान राहुल गांधी हाथ में 'ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो' लिखी तख्ती लेकर पहुंचे. विपक्षी नेता CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने चुनाव आयोग से करीब 400 मीटर पहले बैरिकेडिंग कर मार्च रोक दिया.
The Jazz Singer के प्रीमियर से 6 October को सिनेमा में गूंजी थी पहली आवाज
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर अमेरिकी सिनेमा के इतिहास में छह अक्टूबर की तारीख की अपनी एक खास अहमियत है। दरअसल, 1927 में छह अक्टूबर के दिन ही अमेरिका के मूक सिनेमा ने बोलना सीखा। यह वह दिन था, जब देश की पहली बोलती फिल्म ‘द जैज सिंगर’ का न्यूयार्क में प्रीमियर हुआ।द जैज़ सिंगर दुनिया की पहली ऐसी फीचर-लेंथ फिल्म थी जिसमें सिंक्रोनाइज्ड साउंड और संवाद का इस्तेमाल किया गया था। इस ऐतिहासिक फिल्म में मशहूर जैज़ गायक अल जोल्सन ने मुख्य भूमिका निभाई थी। जब अल जोल्सन स्क्रीन पर दिखाई दिए, तो फिल्म देखने वाले उनकी असली आवाज सुनकर और यह देखकर चकित रह गए कि यह उनकी प्रोजेक्टेड छवि के साथ पूरी तरह से मेल खाती है।सिनेमा की बात हो तो भारत का जिक्र होना लाजिमी है। भारत में 14 मार्च 1931 को मूक सिनेमा को आवाज मिली थी। इसी दिन मुंबई के मैजेस्टिक सिनेमा हॉल में भारत की पहली बोलती फिल्म आलम आरा रिलीज हुई थी। इसका निर्देशन और निर्माण अर्देशिर ईरानी ने किया था। इस फिल्म का कोई प्रिंट या ग्रामोफोन रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है लेकिन इसके स्टिल्स और पोस्टर जैसे अवशेष मौजूद हैं। 2017 में, ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट ने इसे भारत में निर्मित सभी लुप्त फिल्मों में सबसे महत्वपूर्ण घोषित किया। देश-दुनिया के इतिहास में छह अक्टूबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-1927 : न्यूयॉर्क शहर में रिलीज हुई द जैज़ सिंगर दुनिया की पहली ऐसी फीचर-लेंथ फिल्म थी जिसमें सिंक्रोनाइज्ड साउंड और संवाद का इस्तेमाल किया गया था।1949 : तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने खडगवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की आधारशिला रखी।1957 : सोवियत संघ ने नोवाया जेमल्या में परमाणु परीक्षण किया।1972 : मेक्सिको में लगभग 2,000 तीर्थयात्रियों को ले जा रही 22 डिब्बों वाली एक भारी ट्रेन पटरी से उतर गई जिससे ट्रेन में सवार 230 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 1000 से अधिक लोग घायल हो गए।1976 : थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक स्थित थम्मासाथ यूनिवर्सिटी में वामपंथी छात्रों ने पूर्व सैन्य तानाशाह थानोम कित्तिकाचोरन की देश वापसी का विरोध किया और इस दौरान भड़की हिंसा में 46 से अधिक छात्र मारे गए।1981 : मिस्र के सैन्य अधिकारी और 1970 से देश की सत्ता पर काबिज मोहम्मद अनवर अल सादत की हत्या कर दी गई। उन्होंने इजराइल के साथ गंभीर शांति वार्ता के लिए प्रयास किए और उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें इजराइल के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।1982 : ईरान की राजधानी तेहरान में एक भयंकर बम विस्फोट हुआ, जिसमें लगभग 60 लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हो गए।2000 : जापान के साकाइमिनातो के निकट 7.3 तीव्रता का भूकंप। यह कोबा में 1995 में आए भूकंप के बाद का सबसे ताकतवर भूकंप का झटका था, लेकिन इससे हुआ नुकसान अपेक्षाकृत काफी कम रहा, क्योंकि इसका केन्द्र बिंदु गैर रिहायशी इलाकों में था।2006 : संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में शांति रक्षकों को बल प्रयोग का अधिकार दिया।2007 : जेसन लुईस ने अपने बूते पूरी दुनिया की परिक्रमा पूरी की। जहाज से लगाई गई इस परिक्रमा को पूरा होने में 13 वर्ष का समय लगा। उन्होंने अपनी यात्रा जुलाई 1994 से लंदन के ग्रीनविच से शुरू की थी।2010 : दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता।2011 : तुहोकू भूकंप और सुनामी के बाद क्षतिग्रस्त हुए जापानी संयंत्रों में सामान्य कामकाज दोबारा शुरू हुआ।2013 : मिस्र में योम किप्पुर युद्ध की 40वीं वर्षगांठ के दौरान पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थकों, विरोधियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण झड़पें हुईं, जिनमें 53 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। योम किप्पुर युद्ध में मिस्र ने स्वेज नहर पार की थी।2016 : सीरिया-तुर्की सीमा के पास इदलिब प्रांत के अत्मे में एक जोरदार बम विस्फोट हुआ, जिसमें 29 लोग मारे गए।2018 : लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो के किसांतु शहर के पास म्बुबा गांव में एक तेल टैंकर और दूसरे वाहन की टक्कर से भीषण आग लग गई थी, जिसमें 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।2020 : तुर्की समर्थित विपक्षी लड़ाकों के नियंत्रण वाले उत्तरी सीरिया के अलेप्पो अल-बाब शहर में विस्फोटक से लदे ट्रक में किए गए विस्फोट में 14 लोगों की मौत, दर्जनों अन्य घायल।2021 : रूस में कोरोना वायरस के संक्रमण से एक दिन में 900 से अधिक लोगों की मौत।2022 : थाईलैंड में पूर्व पुलिस कर्मी ने ‘डे केयर सेंटर’ पर हमला किया, 36 लोगों की मौत।2023 : ईरान में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई के लिए नरगिस मोहम्मदी को 2023 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया।2024 : गाजा पट्टी की एक मस्जिद पर इजराइली हवाई हमले में 19 लोगों की मौत।2025 : जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में भीषण आग लगने से गंभीर रूप से बीमार छह मरीजों की मौत।
66 साल पहले के.आसिफ के डायरेक्शन में एक फिल्म बनी थी. इस फिल्म का एक एक गाना सुपरहिट रहा और उस वक्त ये फिल्म करीब 150 हफ्ते तक थियेटर से नहीं उतरी थी. पढ़ें किस फिल्म के नाम है ये उपलब्धी.
23 महीने वेंटिलेटर पर रहा बेटा, मां ने नहीं छोड़ा साथ... डॉक्टरों ने बचाई जान
हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआईएमएस में डॉक्टरों ने 8 साल के बच्चे को नई जिंदगी दी है. करीब 23 महीने तक 100 प्रतिशत ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने के बाद बच्चा अब घर लौट गया. 5 अक्टूबर 2024 को उसे बेहोशी, तेज बुखार और हाथ-पैर न हिला पाने की हालत में भर्ती कराया गया था.
IAS, IPS, IFS, IRS में किसकी सैलरी और सुविधाएं सबसे ज्यादा?
UPSC Services Salary Comparison : सबसे अधिक सैलरी IAS अधिकारियों को मिलता है, जो कैबिनेट सचिव पद पर 2.50 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. विदेश में तैनाती के दौरान IFS अधिकारियों को स्पेशल भत्ते और सुविधाएं मिलती हैं.
iPhone 17 पर सबसे बड़ा डिस्काउंट, सेल में इतनी है कीमत
Apple iPhone 17 को सेल के दौरान बेहद ही सस्ते दाम में खरीदने का मौका मिल रहा है. सेल के दौरान iPhone 17 को 79,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा. हाल ही में कंपनी इसकी कीमत 82,900 रुपये से बढ़ाकर 99,900 रुपये कर चुकी है. iPhone 17 खरीदने का प्लान बना रहे कस्टमर के लिए ये बेस्ट टाइम कहा जा सकता है.
बॉलीवुड सुपरस्टार माधुरी दीक्षित ने क्विज रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में एक शानदार स्पेशल अपीयरेंस दिया. शो के होस्ट और दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन के जन्मदिन के खास हफ्ते के जश्न के दौरान माधुरी से डांस का एक छोटा सा हिस्सा करने का अनुरोध किया.
SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च रोका और कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया।
साउथ की Gen Z लव स्टोरी ने 9 करोड़ रुपये में 136 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. लेकिन हाल ही में इसका हिंदी रीमेक बना तो थिएटर्स से दर्शक ही भाग खड़े हुए.
EC पर राहुल गांधी के आरोपों पर BJP का हमला, पूछे 10 तीखे सवाल
भारतीय जनता पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दल देश के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर प्रायोजित रूप से प्रहार कर रहे हैं. भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से लॉन्च करने के लिए देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है. इस क्रम में कभी सेना, कभी सुप्रीम कोर्ट तो कभी चुनाव आयोग को निशाना बनाया जा रहा है.
पुराने तकिए को कब बदल देना चाहिए? क्या तकिया भी होता है एक्सपायरी, जानिए एक्सपर्ट की सलाह
When to Change Old Pillow: पुराना तकिया सिर्फ गंदा ही नहीं होता, समय के साथ उसका सपोर्ट भी कम हो सकता है. तकिए का आकार बिगड़ना, गांठें पड़ना, गर्दन में दर्द और सुबह अकड़न जैसे संकेत बताते हैं कि अब इसे बदलने का समय आ गया है.
पुलिस ने रोका मार्च तो बैरिकेड पर चढ़ गए राहुल गांधी, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल प्रोटेस्ट कर रहे हैं. इंडिया ब्लॉक का मार्च शुरू होने के बाद पुलिस ने रोकने की कोशिश की. इस दौरान राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए.
गोद में 11 हफ्ते का बेटा... भा रहा जे डी वेंस का 'फैमिली मैन' अंदाज
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह पत्नी उषा वेंस और बच्चों के साथ नजर आ रहे हैं. अलास्का दौरे के दौरान वेंस अपने करीब 11 सप्ताह के बेटे एलेक को गोद में लेकर एयर फोर्स टू से उतरते दिखे. उनके इस पारिवारिक अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा है.
ये मोथ है या मिनी पूडल? वेनेजुएला का ये जीव वैज्ञानिकों को उलझाता है
सफेद बालों से ढका यह छोटा सा मोथ पहली नजर में किसी पूडल जैसा दिखता है. 2009 में वेनेजुएला में इसकी तस्वीर सामने आई थी. खास बात यह है कि आज भी वैज्ञानिक इसकी पक्की प्रजाति पहचान नहीं कर पाए हैं.
रेलवे की कौन-सी नौकरी में सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है?
Railway Officer Salary : भारतीय रेलवे में IRTS, IRAS, IRPS और इंजीनियरिंग सेवाएं सबसे अधिक वेतन वाली नौकरियों में शामिल हैं. जानिए किस पद पर कितना वेतन मिलता है और कौन-कौन सी सुविधाएं दी जाती हैं.

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