बंगाल में 27 लाख नाम हटने पर Election Commission का बचाव, सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को घेरा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच निर्वाचन आयोग का बचाव किया और राज्य में 27 लाख नाम हटाए जाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नामों को हटाए जाने के लिए न तो भाजपा और न ही निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। अधिकारी ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी के बीच हुई बैठक और उसके बाद निर्वाचन आयोग की ओर से जारी बयान का भी हवाला दिया। उन्होंने इस आरोप को खारिज किया कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़े फैसले सीईसी ने एकतरफा तरीके से लिए थे। उन्होंने कहा कि तीनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक से स्पष्ट होता है कि ये फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। अधिकारी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘27 लाख नाम हटाए जाने की जिम्मेदारी ममता बनर्जी की है, भारतीय जनता पार्टी या निर्वाचन आयोग की नहीं। उनके द्वारा दायर एक मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद न्यायिक अधिकारियों ने यह फैसला लिया था।’’अधिकारी का यह बयान बनर्जी द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर अपना हमला तेज किए जाने के एक दिन बाद आया। बनर्जी ने आरोप लगाया था कि एसआईआर का इस्तेमाल भाजपा को बंगाल पर कब्जा करने में मदद करने के लिए किया गया और उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी। इस पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘‘तीनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक और उसके बाद जारी बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि एसआईआर से जुड़े फैसले किसी एक व्यक्ति ने नहीं लिए थे।’’वह 26 सितंबर को नयी दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में हुई बैठक का जिक्र कर रहे थे। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि एसआईआर से संबंधित सभी आदेशों को तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी मिली थी और मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा था। आयोग ने यह स्पष्टीकरण निर्वाचन आयोग में फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की चिंताओं के बीच दिया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्तों के बीच मतभेद होने की खबरों के बाद हुई अपनी पहली बैठक के बाद आयोग ने एक बयान में कहा कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी से संबंधित थे, न कि नीतिगत या सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) प्रभाग से जुड़े मामलों से। निर्वाचन आयोग की ये टिप्पणियां अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की उस खबर की पृष्ठभूमि में आया, जिसमें कहा गया था कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर कई मौकों पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान मतभेद सामने आना सामान्य है और उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग के भीतर सामने आए कथित मतभेदों और आयोग की ओर से सार्वजनिक रूप से दिखाई गई एकजुटता के बीच अंतर को अपने पक्ष में इस्तेमाल करने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि आयोग की एकजुटता विपक्ष के इस दावे को कमजोर करती है कि एसआईआर की प्रक्रिया केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इशारे पर आगे बढ़ाई गई। इस मुद्दे के राजनीतिक मायने काफी महत्वपूर्ण हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा उच्चतम न्यायालय में दाखिल आंकड़ों के अनुसार, बंगाल में एसआईआर के दौरान हटाए गए 27.16 लाख मतदाताओं में से 22 लाख से अधिक ने अपने नाम बहाल करने के लिए अपील की है। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि मृत, स्थानांतरित और दोहरे नाम जैसी श्रेणियों तथा अन्य विसंगतियों के सत्यापन के बाद ये नाम हटाए गए। हालांकि, शुभेंदु अधिकारी ने इस मुद्दे को मुख्य रूप से 2026 के विधानसभा चुनाव के जनादेश को लेकर राजनीतिक लड़ाई के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर केरलम में एसआईआर अच्छा है, तो पश्चिम बंगाल में यह खराब क्यों है? हमने 208 सीट जीती हैं, जबकि दोनों पक्षों (तृणमूल कांग्रेस और उसके सहयोगियों) के पास 80 सीट हैं। ममता बनर्जी जनता के फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।
परिदृश्य/ झारखंड – बिहार वर्ष 2000 की एक ठंडी नवंबरी शाम, जब झारखंड ने बिहार से अपनी अलग पहचान बनाई, तो दोनों के बीच बंटवारे में घर, जमीन, खनिज और नौकरियां बंटीं लेकिन एक चीज अधूरी रह गई: सोन नदी का पानी। अगले 25 साल तक यही अधूरापन दो भाई राज्यों के बीच की सबसे […]
DRI का बड़ा एक्शन, 475 करोड़ के 318 किलो सोने की तस्करी का खुलासा
मुंबई DRI ने 'ऑपरेशन बॉर्डर बुलियन बस्ट' के तहत 475 करोड़ रुपये के 318 किलो सोने की तस्करी का खुलासा किया है. मामले में 11 आरोपी गिरफ्तार और 6.61 किलो सोना बरामद हुआ है. पढ़ें इस खास ऑपरेशन की पूरी कहानी.
नेपाल के पानी से डरने की जरूरत नहीं! बिहार का जल संसाधन विभाग दे रहा गारंटी
बिहार में हर साल मानसून के दौरान नेपाल से आने वाली नदियों के पानी और उससे पैदा होने वाली बाढ़ की विभीषण स्थिति से हर कोई वाकिफ है। उत्तर बिहार के लाखों लोग हर साल बाढ़ के तांडव और अपनी उपजाऊ जमीन के कटाव का दर्द झेलते हैं। लेकिन इस बार राज्य के जल संसाधन विभाग ने एक बहुत बड़ा और भरोसा देने वाला बयान जारी किया है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलती दिख रही है। विभाग का साफ तौर पर कहना है कि नेपाल की ओर से आने वाले पानी और भारी उफान से अब डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार ने इस बार बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए पहले से ही चाक-चौबंद और अत्याधुनिक तैयारियां कर ली हैं। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए जल संसाधन विभाग ने कमजोर तटबंधों को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक से निगरानी रखने और संवेदनशील इलाकों में युद्ध स्तर पर सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए हैं, जिससे किसी भी आपदा का डटकर मुकाबला किया जा सके।नेपाल से आने वाले पानी का सटीक आकलन और आधुनिक तकनीक से निगरानीबिहार की मुख्य नदियां जैसे कोसी, गंडक, बागमती और कमला बलान नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों से होकर बहती हैं, और वहां होने वाली भारी बारिश का सीधा असर बिहार के मैदानी इलाकों पर पड़ता है। पारंपरिक रूप से नेपाल में अचानक आने वाले बाढ़ के पानी से राज्य में हाहाकार मच जाता था, क्योंकि समय रहते जलस्तर की सटीक जानकारी मिलना मुश्किल होता था। लेकिन इस बार जल संसाधन विभाग ने नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में मौसम और जलस्तर की सटीक निगरानी के लिए अत्याधुनिक टेलीमेट्री सिस्टम और रियल-टाइम डेटा शेयरिंग नेटवर्क को मजबूत किया है। इसके माध्यम से बिहार के इंजीनियरों को कई घंटे पहले ही पानी के डिस्चार्ज और उसके बहाव की सटीक जानकारी मिल जाती है, जिससे प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आकर निचले इलाकों को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त समय पा लेता है।तटबंधों की मजबूती और संवेदनशील बिंदुओं पर इंजीनियरों की चौबीसों घंटे पहरेदारीबिहार में बाढ़ नियंत्रण का सबसे बड़ा आधार राज्य के हजारों किलोमीटर लंबे तटबंध (Embankments) हैं, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इस साल मानसून से पहले ही जल संसाधन विभाग ने राज्य के सभी संवेदनशील, अतिसंवेदनशील और मध्यम संवेदनशील तटबंधों की विशेष जांच कराई और जहां कहीं भी थोड़ी सी भी कमजोरी या कटाव की आशंका थी, वहां जियो-बैग्स (Geo-bags), पाइलिंग और स्टोन पिचिंग के जरिए उन्हें पूरी तरह मजबूत कर दिया है। इसके अलावा, बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और डिजिटल मॉनिटरिंग का इस्तेमाल किया गया है। विभाग ने बाढ़ के दिनों में इंजीनियरों और तकनीकी अमले की 24 घंटे की शिफ्ट में तैनाती की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति या रिसाव की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके और किसी भी बड़े खतरे को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।उत्तर बिहार के जिलों में प्रशासनिक सतर्कता और मॉक ड्रिल का आयोजननेपाल के पानी के खतरे को देखते हुए उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों जैसे सुपौल, मधुबनी, अररिया, पूर्णिया, पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर के जिला प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान और मॉक ड्रिल (Mock Drill) आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आपातकाल के समय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों पर तैनात किया गया है। नाविकों और लाइफ जैकेट्स की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है ताकि नदी पार के इलाकों से तुरंत संपर्क साधा जा सके और किसी भी अनहोनी की स्थिति में जनजीवन को सुरक्षित रखा जा सके।जल संसाधन विभाग की गारंटी से आम जनता के मन में जगा विश्वासबिहार के जल संसाधन विभाग द्वारा उठाए गए इन ठोस और समयबद्ध कदमों के बाद अब बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के मन से नेपाल के पानी का खौफ धीरे-धीरे कम होने लगा है। सरकार की तरफ से दी गई इस गारंटी का उद्देश्य न केवल लोगों की जान-माल की रक्षा करना है, बल्कि किसानों की फसलों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हर साल होने वाले करोड़ों रुपये के नुकसान से बचाना भी है। हालांकि प्रकृति के आगे मनुष्य की सीमाएं होती हैं, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण, बेहतर इंजीनियरिंग और प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ इस बार बिहार सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह किसी भी आपदा का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर यह पुख्ता व्यवस्था धरातल पर इसी तरह काम करती रही, तो इस बार उत्तर बिहार के लोगों को बाढ़ के प्रकोप से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
पंचायत चुनाव में चुनावी खर्च की लिमिट फाइनल, उम्मीदवारों के लिए नए नियम और जरूरी शर्तें
राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों (Rajasthan Panchayat Chunav) को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां पूरी तेज कर दी हैं। चुनाव के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने और बढ़ते खर्चों पर लगाम कसने के उद्देश्य से आयोग ने विभिन्न पदों के लिए चुनाव प्रचार और चुनावी खर्च की नई सीमाएं (Election Expense Limit) तय कर दी हैं। ग्रामीण इलाकों में होने वाले इन चुनावों को लेकर उम्मीदवारों के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं कि वे प्रचार में कितना पैसा खर्च कर सकते हैं और उनके लिए क्या नए नियम व शर्तें लागू की गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के इन दिशानिर्देशों के बाद अब भावी प्रत्याशियों के लिए अपनी चुनावी रणनीति तय करना काफी हद तक आसान हो गया है, साथ ही तय सीमा से अधिक खर्च करने वालों पर कड़ी नजर भी रखी जाएगी।विभिन्न पदों के लिए तय की गई नई चुनावी खर्च की सीमाएंमहंगाई और चुनाव प्रचार की बदलती शैली को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए खर्च की सीमाओं में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अब पहले के मुकाबले अधिक बजट के साथ मैदान में उतर सकेंगे। इसी प्रकार पंचायत समिति सदस्यों और सरपंच पद के लिए भी निर्वाचन व्यय की नई सीमाएं स्पष्ट कर दी गई हैं ताकि छोटे स्तर के चुनावों में भी वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे। जानकारों का मानना है कि खर्च की इन सीमाओं के दायरे में रहकर ही प्रत्याशियों को अपने प्रचार-प्रसार का पूरा लेखा-जोखा निर्धारित समय के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, अन्यथा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।चुनाव आयोग के कड़े नियम और हिसाब-किताब जमा करने की प्रक्रियापंचायती राज चुनाव लड़ने वाले हर एक उम्मीदवार के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद निर्धारित दिनों के भीतर अपने संपूर्ण चुनावी खर्च का ब्योरा आधिकारिक रूप से जमा कराएं। आयोग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा धन का इस्तेमाल न कर सके, जिससे चुनाव में धनबल के प्रभाव को कम किया जा सके। इसके लिए वीडियोग्राफी, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल, वाहन अनुमति और बैठकों के आयोजनों पर भी प्रशासनिक अमले की पैनी नजर रहेगी। यदि कोई प्रत्याशी आयोग द्वारा निर्धारित वित्तीय सीमाओं का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसकी उम्मीदवारी रद्द करने के साथ-साथ भविष्य के चुनावों के लिए भी अयोग्य घोषित किए जाने का प्रावधान है।ग्रामीण विकास और स्थानीय मुद्दों पर आधारित होगा इस बार का चुनावराजस्थान के गांवों की सरकार चुनने के लिए होने वाले इन चुनावों में इस बार विकास, सड़क, पानी, बिजली और स्थानीय बुनियादी समस्याएं मुख्य मुद्दा बनने जा रही हैं। खर्च की सीमा तय होने से अब आम और छोटे आय वाले जमीनी कार्यकर्ता भी बिना किसी आर्थिक दबाव के मजबूती के साथ चुनाव में अपनी किस्मत आजमा सकेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रशासन की इस पारदर्शिता से बाहुबल और धनबल की राजनीति पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। चुनाव आयोग के इन सख्त नियमों और बदली हुई गाइडलाइंस के बीच गांवों के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं और हर कोई अपने अपने क्षेत्र में जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में जुट गया है।
कोयला चोरी और अवैध खनन को बढ़ावा देने के लिए MMDR का विरोध
झारखंड की राजनीतिक फिजा इन दिनों गरमाई हुई है, और चुनावी व प्रशासनिक मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता अन्नपूर्णा देवी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और कांग्रेस पार्टी पर बेहद गंभीर और तीखे हमले किए हैं। अन्नपूर्णा देवी ने आरोप लगाया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस नीत गठबंधन सरकार राज्य में कोयले की अवैध चोरी, माफिया राज और बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन को संरक्षण देने के लिए एमएमडीआर (MMDR - Mines and Minerals Development and Regulation) अधिनियम के संशोधनों और नियमों का विरोध कर रही है। केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद से राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है, क्योंकि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड में अवैध खनन लंबे समय से एक संवेदनशील और बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है।MMDR अधिनियम और खनिज संसाधनों के प्रबंधन को लेकर छिड़ा सियासी संग्रामखान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम यानी एमएमडीआर एक्ट केंद्र सरकार द्वारा देश में खनिज संपदा के दोहन, पारदर्शिता और पर्यावरण सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। इस कानून में समय-समय पर किए गए सुधारों का उद्देश्य अवैध खनन पर लगाम लगाना और खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का तर्क है कि झारखंड सरकार जिस प्रकार से इन केंद्रीय नियमों या संशोधनों का विरोध कर रही है, उसके पीछे राज्य के प्रशासनिक सुधार की मंशा नहीं, बल्कि उनके चहेते खनन माफियाओं और सिंडिकेट्स के स्वार्थ छिपे हुए हैं। उनका कहना है कि यदि पारदर्शी नियम सख्ती से लागू हो जाएं, तो अवैध सिंडिकेट्स की दुकानें बंद हो जाएंगी, जो राज्य के वर्तमान शासकों को कतई मंजूर नहीं है।कोयला चोरी और अवैध खनन से झारखंड को हो रहे आर्थिक नुकसान का मुद्दाझारखंड को भारत का पावर हाउस कहा जाता है क्योंकि देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा यहाँ की खदानों से निकलने वाले कोयले और खनिजों पर निर्भर है। लेकिन विडंबना यह है कि इतनी अपार प्राकृतिक संपदा होने के बावजूद राज्य के कई हिस्से और आम लोग कुपोषण और गरीबी से जूझ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण बड़े पैमाने पर होने वाली कोयला चोरी और अवैध खनन है। अन्नपूर्णा देवी ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में जेएमएम और कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान राज्य में अवैध खनन का कारोबार फूला-फूला है। खुली गाड़ियों और ट्रकों के जरिए रातों-रात कोयले की अवैध तस्करी की जाती है, जिससे न केवल केंद्र और राज्य के खजाने को भारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुंचती है। प्रशासन की कथित मिलीभगत के बिना इस स्तर पर अवैध धंधा चलना असंभव माना जाता है।केंद्र सरकार की पारदर्शी नीतियां बनाम राज्य सरकार की राजनीतिक आपत्तियांभारतीय जनता पार्टी का हमेशा से यह रुख रहा है कि देश के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग देश और राज्य के विकास के लिए होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दल के नेताओं या बिचौलियों की जेब भरने के लिए। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए प्रावधानों का उद्देश्य खदानों के आवंटन में भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करना है। इसके विपरीत, झारखंड की मौजूदा सरकार इन नियमों को संघीय ढांचे में दखल या अपने अधिकारों का हनन बताकर इसका विरोध करती रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य सरकार अपने ऊपर उठने वाले इन सवालों से बचने के लिए अक्सर केंद्र पर असहयोग का आरोप मढ़ देती है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि खनिज माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए जितने कड़े प्रशासनिक कदमों की जरूरत है, वे राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण उठाए नहीं जा रहे हैं।आने वाले चुनावों पर इस तीखे राजनीतिक टकराव का पड़ेगा गहरा असरझारखंड में जैसे-जैसे राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं, भ्रष्टाचार, कोयला चोरी और अवैध खनन जैसे मुद्दे जनता के बीच सबसे बड़े चुनावी हथियार बनते जा रहे हैं। अन्नपूर्णा देवी द्वारा इस आक्रामक अंदाज में राज्य सरकार को घेरना इस बात का संकेत है कि बीजेपी इस मुद्दे को छोड़ने के मूड में बिल्कुल नहीं है। आम जनता भी अब यह भली-भांति समझ रही है कि उनकी धरती के संसाधनों की लूट के पीछे किन लोगों का संरक्षण काम कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार इन गंभीर आरोपों का क्या जवाब देती है और क्या केंद्रीय नियमों के अनुपालन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई कड़ा बदलाव देखने को मिलता है या फिर यह राजनीतिक बयानबाजी यूं ही जारी रहती है।
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों बयानबाजी का दौर अपने चरम पर है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हर मुद्दे पर तीखी तकरार देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर एक बेहद तीखा और करारा राजनीतिक प्रहार किया है। सीएम योगी ने विपक्ष के उस रवैये पर जमकर निशाना साधा जिसमें वे चुनावी हार-जीत के लिए संवैधानिक संस्थाओं और विशेषकर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हैं। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष का दोहरा चरित्र अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है, क्योंकि वे जब चुनाव जीतते हैं तो उसे अपने 'पुरुषार्थ' और ताकत का नतीजा बताते हैं, लेकिन जब जनता उन्हें नकार देती है और वे हार जाते हैं, तो अपनी नाकामी छुपाने के लिए वे सीधे तौर पर चुनाव आयोग और ईवीएम (EVM) पर झूठे आरोप मढ़ने लगते हैं।विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल और लोकतंत्र का अपमानमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान विपक्ष के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाएं देश के लोकतंत्र की रीढ़ होती हैं, लेकिन अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख कुछ दल लगातार इन संस्थाओं की विश्वसनीयता पर बट्टा लगाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश की जनता अब इतनी समझदार हो चुकी है कि वह विपक्ष के इस ओछे राजनीतिक ड्रामे को अच्छी तरह समझती है। जब चुनावी परिणाम उनके पक्ष में आते हैं, तो वे निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हैं, लेकिन जैसे ही जनता उन्हें नकार देती है, वे तुरंत आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगते हैं। मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र और संविधान का प्रत्यक्ष अपमान करार देते हुए कहा कि हार की बौखलाहट में इस तरह के मनगढ़ंत आरोप लगाना विपक्षी नेताओं की पुरानी और आदत बन चुकी है, जिससे वे अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बचाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।डबल इंजन सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर जनता का अटूट विश्वाससीएम योगी ने आगे बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमेशा जनता के कल्याण, सुरक्षा और राज्य के सर्वांगीण विकास को सर्वोपरि रखा है। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बुनियादी ढांचे में हुए ऐतिहासिक सुधारों के कारण आज प्रदेश की जनता पूरी तरह से विकास के साथ खड़ी है। डबल इंजन सरकार की पारदर्शी नीतियों और योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग तक पहुंच रहा है, जिसके चलते जनता का विश्वास लगातार बीजेपी पर मजबूत हो रहा है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दलों के पास जनता को दिखाने के लिए न तो कोई ठोस विजन है और न ही विकास का कोई मॉडल, यही कारण है कि वे चुनाव आने से पहले ही अपनी हार के बहाने ढूंढना शुरू कर देते हैं और अपनी कमियों का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं के सिर फोड़ देते हैं।उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीतिक संस्कृति और जनता की जागरूकतापिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां जाति और तुष्टिकरण की राजनीति की जगह अब विकास, सुरक्षा और सुशासन ने ले ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश की जनता अब गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के दौर को पीछे छोड़ चुकी है। विपक्षी दल भले ही जनता को बरगलाने और भ्रामक प्रचार करने की कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जनता ने विकास के पहिये को आगे बढ़ाने का मन बना लिया है। मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर से जुबानी जंग तेज हो गई है, और विपक्षी दलों की तरफ से भी इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे आने वाले चुनावी माहौल में गर्माहट बनी हुई है।
हर दिन चाय की जगह पुदीना समेत 5 हर्बल टी पिएं, गैस और ब्लोटिंग होगी दूर
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और खानपान की अनियंत्रित आदतों के कारण गैस, एसिडिटी, पेट फूलना (ब्लोटिंग) और कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याएं आम बात हो गई हैं। सुबह की शुरुआत या दिनभर में कई कप दूध वाली कैफीनयुक्त चाय पीने की आदत हमारे मेटाबॉलिज्म और पेट की सेहत को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है। यदि आप भी पेट की इन तमाम परेशानियों से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं, तो अपनी दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव करने की जरूरत है। दूध वाली चाय की जगह यदि आप प्राकृतिक गुणों से भरपूर हर्बल टी (Herbal Tea) को अपनी डाइट का हिस्सा बना लें, तो न केवल आपका पाचन तंत्र मजबूत होगा, बल्कि गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं भी जड़ से खत्म हो जाएंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और न्यूट्रिशनिस्ट्स का मानना है कि नेचुरल जड़ी-बूटियों से बनी ये चाय शरीर को डिटॉक्स करने के साथ-साथ ऊर्जावान बनाए रखती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही पांच बेहतरीन हर्बल टी के बारे में जो पेट के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।पुदीना की चाय (Peppermint Tea): पेट की गैस और ऐंठन के लिए सबसे असरदार उपायपुदीना हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। पुदीने की पत्तियों से बनी हर्बल टी पेट की कई गंभीर समस्याओं का रामबाण इलाज मानी जाती है। इसमें मौजूद मेंथॉल (Menthol) और अन्य एंटी-स्पास्मोडिक गुण पेट की मांसपेशियों को आराम पहुंचाते हैं, जिससे गैस, अपच और पेट की ऐंठन तुरंत दूर होती है। यदि खाना खाने के बाद आपको अक्सर ब्लोटिंग या भारीपन महसूस होता है, तो एक कप पुदीने की चाय पीना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यह पाचन एंजाइमों के स्राव को भी तेज करती है, जिससे खाया हुआ भोजन आसानी से पच जाता है और शरीर हल्का महसूस करता है।अदरक की चाय (Ginger Tea): डाइजेशन को बूस्ट करने और एसिडिटी भगाने का नुस्खाअदरक का इस्तेमाल भारतीय रसोई में सदियों से औषधीय रूप में किया जाता रहा है। अदरक की हर्बल टी पीने से गैस्ट्रिक जूस का उत्पादन बेहतर होता है, जो भोजन को पचाने में बहुत मदद करता है। जिन लोगों को अक्सर खट्टी डकारें, सीने में जलन या गैस की समस्या परेशान करती है, उन्हें दूध वाली चाय के बजाय अदरक की सादी हर्बल टी का सेवन करना चाहिए। यह शरीर में बल्ड सर्कुलेशन को सुधारने के साथ-साथ आंतों की सूजन को भी कम करती है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से मेटाबॉलिज्म मजबूत होता है और वजन नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है।कैमोमाइल टी (Chamomile Tea): तनाव को कम करने और पाचन सुधारने का बेहतरीन विकल्पकैमोमाइल के फूलों से बनने वाली यह हर्बल टी अपनी शांत करने वाली खुशबू और बेहतरीन गुणों के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। यह चाय न केवल मानसिक तनाव और एंग्जायटी को दूर करती है, बल्कि पेट की सेहत के लिए भी उतनी ही गुणकारी है। कैमोमाइल टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो आंतों की अंदरूनी परतों को शांत करते हैं। जिन लोगों को तनाव के कारण पेट में गड़बड़ी या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) की शिकायत रहती है, उनके लिए कैमोमाइल टी का सेवन एक बेहतरीन प्राकृतिक चिकित्सा है।सौंफ की चाय (Fennel Tea): ब्लोटिंग और पेट के भारीपन से तुरंत दिलाए राहतसौंफ को हमारे देश में बेहतरीन माउथ फ्रेशनेर और डाइजेशन बूस्टर माना जाता है। भोजन के बाद सौंफ चबाने की परंपरा पुरानी है, लेकिन यदि इसकी चाय बनाकर पी जाए तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। सौंफ की हर्बल टी पेट में गैस बनने की प्रक्रिया को रोकती है और आंतों में जमी हुई हवा को बाहर निकालने में मदद करती है। जिन लोगों को अक्सर खाने के बाद पेट फूलने यानी ब्लोटिंग की समस्या सताती है, वे गुनगुनी सौंफ की चाय का सेवन करके तुरंत राहत पा सकते हैं। यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर पेट को ठंडा रखती है।ग्रीन टी (Green Tea): मेटाबॉलिज्म को तेज करने और वजन घटाने में मददगारआज के दौर में फिटनेस प्रेमियों की पहली पसंद बन चुकी ग्रीन टी पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी बहुत आगे है। इसमें भरपूर मात्रा में कैटेचिन (Catechins) और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पाचन क्रिया को सुचारू बनाते हैं और हानिकारक बैक्टीरिया से आंतों की रक्षा करते हैं। नियमित रूप से दिन में एक या दो बार ग्रीन टी पीने से शरीर की चर्बी तेजी से घटती है और पेट की चर्बी पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ता है। दूध और चीनी से बनी भारी चाय को छोड़कर यदि इन पांचों नेचुरल हर्बल टी को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए, तो सेहत में चमत्कारी बदलाव देखने को मिलते हैं।
CJP की मीटिंग से पहले पुलिस का एक्शन, कई नेता हिरासत में
असम के गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी की प्रस्तावित स्वयंसेवक बैठक शुरू होने से पहले पुलिस ने सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कई लोगों को हिरासत में लिया. बैठक 27 सितंबर को आयोजित होनी थी. सीजेपी के मुताबिक, पुलिस ने कार्यक्रम स्थल तक पहुंच रोक दी और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. संगठन ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. वहीं रांका असम में मतदाता सूची पुनरीक्षण और सरकारी स्कूलों से जुड़े मुद्दे उठाने पहुंचे थे.
सड़क चौड़ीकरण के लिए सीएम मोहन यादव ने खुद अपना पैतृक घर तोड़ा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में विकास की एक अनूठी मिसाल पेश की है. उज्जैन में साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है. इस सड़क चौड़ीकरण की जद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक निवास भी आ रहा था. आम तौर पर जहां वीआईपी कल्चर के तहत नियम बदल दिए जाते हैं, वहीं मुख्यमंत्री ने एक मिसाल पेश करते हुए खुद अपने पैतृक मकान पर पहला हथौड़ा और कुदाल चलाई.
कमाई को तरसी अंजलि अरोड़ा की रामायण, 2 दिन में बुरा हाल
अंजलि अरोड़ा वाली रामायण शुक्रवार 25 सितंबर को रिलीज हुई थी, जिसका बॉक्स ऑफिस पर इस समय बुरा हाल होता दिखाई दे रहा है. फिल्म की कमाई हर रोज 1 करोड़ के पार भी नहीं जा पा रही है.
बैंकॉक में 48 घंटे लगातार बारिश, 50 जिलों में इमरजेंसी लागू
बैंकॉक में भारी बारिश के बाद बाढ़ आपदा घोषित हुई. करीब 48 घंटे की बारिश से घर, दुकानें और सड़कें जलमग्न हो गईं. प्रधानमंत्री लंदन से वापस लौटे. 50 जिलों में आपदा घोषणा की गई. पानी निकालने के प्रयास जारी हैं.
जानिए कब है अहोई अष्टमी का व्रत, सही तारीख, शुभ मुहूर्त और संतान की लंबी उम्र के लिए इसका खास महत्व
सनातन धर्म में माताएं अपनी संतानों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य के लिए साल भर में कई कठिन व्रत रखती हैं, जिनमें 'अहोई अष्टमी' का व्रत सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाने वाला यह व्रत माता और संतान के अटूट प्रेम का प्रतीक है। इस साल यानी 2026 में अहोई अष्टमी का यह पावन व्रत कब है और इसकी सही तिथि क्या है, इसे लेकर माताओं में अभी से उत्सुकता बनी हुई है। पंचांग गणना के अनुसार, इस वर्ष अहोई अष्टमी का व्रत 1 नवंबर 2026, रविवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन माताएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और प्रदोष काल में माता अहोई की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं।अहोई अष्टमी 2026 की सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्तवैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 1 नवंबर 2026 को दोपहर के समय होगी और इसका समापन अगले दिन यानी 2 नवंबर को दोपहर में होगा। उदयातिथि और परंपरा के अनुसार, मुख्य व्रत 1 नवंबर 2026 (रविवार) को ही रखा जाएगा। इस दिन पूजा के लिए मिलने वाला शुभ मुहूर्त शाम 05:36 बजे से लेकर शाम 06:54 बजे तक रहेगा। पूजा की कुल अवधि करीब 1 घंटा 18 मिनट की होगी, जिसमें माताएं अपने परिवार और बच्चों की खुशहाली के लिए प्रार्थना करेंगी।तारा दर्शन और चंद्रोदय का समय: जानें कब खुलेगा व्रतअहोई अष्टमी के व्रत में तारों या चंद्रमा को देखने का विशेष विधान होता है। इस दिन माताएं दिनभर भूखे-प्यासे रहकर व्रत रखती हैं और शाम के समय तारों को अर्घ्य देने के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं। वर्ष 2026 में अहोई अष्टमी के दिन संध्या बेला में तारे दिखने का समय लगभग शाम 06:00 बजे का है। इसके अलावा, इस दिन चंद्रमा का उदय काफी रात में यानी लगभग 11:40 बजे होने की संभावना है। चूंकि चंद्रोदय बहुत देर से होता है, इसलिए अधिकांश महिलाएं शाम को तारों के दर्शन करके और उन्हें जल अर्पित करके अपना उपवास पूर्ण करती हैं।अहोई माता की पूजा विधि और व्रत का धार्मिक महत्वधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अहोई अष्टमी के दिन दीवार पर गेरू या रंगों से अहोई माता का चित्र बनाया जाता है, जिसमें सेह और उसके बच्चों की आकृति भी होती है। माताएं विधि-विधान से रोली, चावल, दूध और भाटे (पुए) का भोग लगाकर अहोई माता की कथा सुनती हैं। इस व्रत को करने से संतान के जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और उनकी आयु लंबी होती है। इसके अलावा, जो महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना रखती हैं, उनके लिए भी यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है। पूजा के दौरान चांदी की अहोई ( जिसे '्यार' भी कहा जाता है) की पूजा करने का भी विशेष विधान है, जिसे बाद में गले में पहना जाता है।राधा कुंड स्नान का महत्व और इस व्रत से जुड़ी खास बातेंकार्तिक मास के इस पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित पवित्र 'राधा कुंड' में स्नान करने का भी अत्यंत धार्मिक महत्व है। अहोई अष्टमी की अर्धरात्रि को देश भर से लाखों श्रद्धालु और वे दंपत्ति जो संतान सुख से वंचित हैं, राधा कुंड में मध्यरात्रि की डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि इस विशेष रात्रि में जो भी दम्पति श्रद्धा भाव से स्नान करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। कुल मिलाकर, अहोई अष्टमी का यह पर्व माताओं के त्याग, समर्पण और बच्चों के प्रति असीम स्नेह का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है।
चैटिंग से डेटिंग तक, जानिए जेन जी की भाषा के 20 जरूरी शब्द
सोशल मीडिया और चैटिंग ने जेन जी की भाषा को भी काफी बदल दिया है. आज रिज, स्ले, डेलुलु, घोस्टिंग और एफओएमओ जैसे शब्द रोजमर्रा की ऑनलाइन बातचीत का हिस्सा बन चुके हैं. लेकिन इनका सही मतलब हर किसी को पता हो, यह जरूरी नहीं. आखिर जेन जी की डिजिटल दुनिया में इस्तेमाल होने वाले इन पॉपुलर शब्दों का मतलब क्या है?
चुनाव आयोग पर बरसे ओवैसी, फॉर्म 6 पर उठाए गंभीर सवाल.
असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयुक्तों के बीच तालमेल की भारी कमी है. ओवैसी के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्तों द्वारा कई बार अपनी असहमति दर्ज कराने के बावजूद लिए गए फैसलों में पारदर्शिता नहीं दिखती. उन्होंने फॉर्म 6 के डिक्लेरेशन नियमों पर भी आपत्ति जताई और इसे देश में पिछले दरवाजे से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी लागू करने की कोशिश करार दिया.
₹25000 की सैलरी लिमिट, अब आपकी सैलरी से कितना PF कटेगा?
EPFO Salary Limit Change के तहत जो बदलाव होने वाला है, उसे आसान भाषा में समझें, तो अगर आपका पीएफ पहले 15,000 रुपये के आधार पर कटता था, तो अब अब सैलरी लिमिट बढ़ने से 25,000 रुपये के बेस पर कटेगा, जिससे आपकी इन-हैंड सैलरी कम हो सकती है.
Gorakhpur में जलभराव पर MP Ravi Kishan और BJP पार्षद में फोन पर नोकझोंक, Video सामने आया
गोरखपुर में भारी बारिश और जलभराव को लेकर स्थानीय सांसद एवं अभिनेता रवि किशन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच फोन पर हुई ‘‘नोकझोंक’’ का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। वीडियो में त्रिपाठी शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए किशन से पूछते रहे हैं कि वह कहां हैं। सांसद जवाब देते हैं कि वह तारामंडल में हैं और पार्षद से पूछते हैं कि वह कहां हैं। त्रिपाठी विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव का जिक्र करते हुए आरोप लगाते हैं कि तरकुलही और पाम पैराडाइज के पास बाढ़ नियंत्रण के लिए लगाए गए रेगुलेटर (नियामक) ठीक से काम नहीं कर रहे और वह सांसद से इस संबंध में हस्तक्षेप करने को कहते हैं। रवि किशन यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह इस मामले को देखेंगे और वह पहले से ही क्षेत्र में रहकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। बातचीत के दौरान सांसद कथित मजाकिया लहजे में त्रिपाठी से पूछते हैं कि क्या वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं जिसके जवाब में त्रिपाठी किशन से पूछते हैं कि क्या वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो गए हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद इस बातचीत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह बातचीत किसने रिकॉर्ड की या इसे सोशल मीडिया पर किसने साझा किया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान वह स्थानीय लोगों के साथ बैठे थे और सिंचाई विभाग के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की पहुंच में नहीं थे तथा उनकी शिकायतों का जवाब नहीं दे रहे थे। इसी वजह से उन्होंने सांसद को फोन किया। रवि किशन ने कहा कि वह खुद सड़कों पर उतरकर स्थिति पर नजर रख रहे थे और प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे थे। उन्होंने बारिश को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि गोरखपुर में लगभग दो दशक में इतनी भारी बारिश नहीं हुई और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में असामान्य रूप से अधिक वर्षा हुई है। सांसद ने कहा कि संकट के दौरान प्राथमिकता लोगों की शिकायतों का समाधान करना और सामान्य स्थिति बहाल करना है तथा ऐसी स्थिति का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। इस विवाद पर समाजवादी पार्टी (सपा) की भी प्रतिक्रिया आई। सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने कहा कि भाजपा की नीतियों से असंतुष्ट और सत्तारूढ़ दल का विरोध करने वालों के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपाठी पहले सपा के टिकट पर पार्षद चुने गए थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री सत्येंद्र सिन्हा ने कहा कि मामले में कोई भी कार्रवाई पार्टी की अनुशासन समिति तय करेगी। उन्होंने हालांकि कहा कि यह मुद्दा सोशल मीडिया के बजाय पार्टी मंच पर उठाया जाना चाहिए था। सिन्हा ने भारी बारिश को प्राकृतिक आपदा बताते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और सरकारी एजेंसियों ने रातभर काम किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों से पानी निकाला गया और रविवार सुबह तक बारिश थमने के बाद अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव खत्म हो गया।
सासाराम में दरक रहा शेरशाह सूरी का मकबरा, प्रदूषण और अतिक्रमण से झील बदहाल
सासाराम में शेरशाह सूरी के मकबरे की स्थिति को लेकर ASI की RTI जानकारी से कई सवाल उठे हैं. ASI के रिकॉर्ड के मुताबिक, 9 अगस्त 2026 को मकबरे के गुंबद से पत्थर टूटकर गिरा था, जबकि झील को पानी देने और निकालने वाली नहरें ASI के अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं.
बीजेपी में अकेला महसूस कर रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थन में आए सुनील जाखड़
पंजाब की राजनीति के गलियारों में इन दिनों एक नया सियासी भूचाल आया हुआ है, जिसने राष्ट्रीय राजधानी से लेकर चंडीगढ़ तक के राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कभी कांग्रेस पार्टी के दो दिग्गज और पंजाब की सियासत के मुख्य स्तंभ माने जाने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ के बीच का रिश्ता एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। हाल ही में ऐसी राजनीतिक चर्चाएं जोर पकड़ रही थीं कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर खुद को थोड़ा अलग-थलग या असहज महसूस कर रहे हैं। इन तमाम कयासबाजियों और राजनीतिक गलियारों की सुगबुगाहट के बीच पंजाब बीजेपी के प्रमुख चेहरे सुनील जाखड़ खुलकर कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थन में सामने आ गए हैं। सुनील जाखड़ ने मीडिया से बातचीत करते हुए न केवल कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक कद की खुलकर प्रशंसा की, बल्कि यह भी कहा कि वे उनके बहुत बड़े प्रशंसक हैं और पार्टी में उनके योगदान का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।पंजाब की राजनीति में कैप्टन अमरिंदर सिंह का प्रभाव और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्यकैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम भारतीय राजनीति और विशेष तौर पर पंजाब के इतिहास में एक मजबूत और प्रभावशाली नेता के रूप में दर्ज है। दशकों तक कांग्रेस पार्टी की रीढ़ रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी साहसी नीतियों और प्रशासनिक पकड़ के दम पर पंजाब की राजनीति में एकछत्र राज किया है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में उनके राजनीतिक सफर में आए बड़े U-टर्न के बाद उन्होंने कांग्रेस से नाता तोड़कर अपनी पार्टी बनाई और बाद में उसे भारतीय जनता पार्टी में विलय कर दिया। वर्तमान समय में जब वे सक्रिय चुनावी राजनीति से थोड़ा पीछे हटते नजर आ रहे हैं और केंद्र या राज्य के संगठनात्मक मामलों में उनकी उपस्थिति पहले जैसी मुखर नहीं दिख रही है, तो राजनीतिक पंडितों द्वारा यह कयास लगाए जाने लगे कि वे पार्टी के भीतर खुद को उपेक्षित या अकेला महसूस कर रहे हैं। इन चर्चाओं ने पंजाब के राजनीतिक बाजार में गर्मजोशी बनाए रखी है।सुनील जाखड़ का बड़ा बयान: 'मैं उनका फैन, उनका कद राजनीति में बहुत बड़ा है'कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर चल रही इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए पंजाब बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने बहुत ही स्पष्ट और दो टूक अंदाज में अपनी बात रखी है। सुनील जाखड़ ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह का राजनीतिक कद इतना बड़ा है कि उन्हें किसी भी पार्टी के भीतर छोटा या अकेला महसूस करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है। जाखड़ ने आगे कहा, मैं व्यक्तिगत रूप से उनका बहुत बड़ा फैन रहा हूं। संकट के समय पंजाब और देश के लिए उन्होंने जो कड़े और साहसिक फैसले लिए हैं, वे इतिहास में हमेशा याद रखे जाएंगे। सुनील जाखड़ का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में बीजेपी अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है और पार्टी के भीतर अनुभवी नेताओं के अनुभवों का सही इस्तेमाल करने को लेकर आंतरिक चर्चाएं चल रही हैं।बीजेपी में दिग्गजों के समायोजन और क्षेत्रीय क्षत्रपों की भूमिका पर मंथनभारतीय जनता पार्टी जैसी अनुशासित और कैडर-बेस्ड पार्टी में जब अन्य दलों से बड़े और स्थापित चेहरे शामिल होते हैं, तो उनके समायोजन और पार्टी में उनकी भूमिका को लेकर अक्सर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं होती हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ दोनों ही ऐसे नेता हैं जो कभी कांग्रेस पार्टी की पंजाब इकाई के मुख्य चेहरे हुआ करते थे और आज बीजेपी का हिस्सा हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब जैसे सीमावर्ती और राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील राज्य में पार्टी को मजबूत करने के लिए इन अनुभवी नेताओं की सूझबूझ और मार्गदर्शन की बहुत आवश्यकता है। सुनील जाखड़ का कैप्टन के समर्थन में खुलकर सामने आना इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के बीच का तालमेल और सम्मान अभी भी पूरी तरह बरकरार है।पंजाब के आगामी राजनीतिक समीकरणों पर इस बयान का क्या होगा असरसुनील जाखड़ द्वारा कैप्टन अमरिंदर सिंह की खुलकर सराहना किए जाने के बाद पंजाब के राजनीतिक समीकरणों में एक नया सकारात्मक संदेश गया है। इससे उन तमाम विपक्षी दलों के दावों की हवा निकल गई है जो बीजेपी के भीतर अंदरूनी कलह या वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा का प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश कर रहे थे। पंजाब में आने वाले दिनों में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और सांगठनिक विस्तार को देखते हुए पार्टी के सभी बड़े नेताओं का एक मंच पर एकजुट दिखना बेहद जरूरी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक अनुभव और सुनील जाखड़ की आक्रामक कार्यशैली का यह मेल यदि पूरी क्षमता से धरातल पर उतरता है, तो यह पंजाब में बीजेपी के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में पार्टी इन वरिष्ठ नेताओं के प्रभाव का उपयोग किस प्रकार करती है।
प्रेमानंद महाराज के आश्रम में शिष्य की मौत से मचा हड़कंप
वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य दीपक लोधी की मौत का मामला चर्चा में है. शुक्रवार सुबह गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई. घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है. परिजनों ने घटना की जानकारी मिलने और दीपक के आश्रम से जुड़े रहने को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं. मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है.
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बना मांगे रुपये
साइबर ठगों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे देश और राज्यों के वीवीआईपी (VVIP) लोगों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला हरियाणा से सामने आया है, जहां राज्य विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के नाम और तस्वीर का दुरुपयोग करके एक फर्जी फेसबुक आईडी तैयार की गई। इस फर्जी अकाउंट के जरिए साइबर अपराधियों ने उनके परिचितों, रिश्तेदारों और आम लोगों को मैसेज भेजकर पैसे की मांग करनी शुरू कर दी। ठगों ने झांसा दिया कि घर का कुछ घरेलू सामान बेचना है, इसलिए जिसे भी जरूरत हो वह तुरंत खरीद ले और पैसे सीधे गूगल पे (Google Pay) या अन्य डिजिटल वॉलेट के जरिए ट्रांसफर कर दे। जैसे ही इस धोखाधड़ी का यह मामला सामने आया, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई।वीवीआईपी और नेताओं को निशाना बनाने का नया पैंतराआजकल साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाना और उसके जरिए ठगी करना एक बेहद आम अपराध बन गया है, लेकिन जब निशाना किसी राज्य के संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर साधा जाए तो यह मामला बेहद गंभीर हो जाता है। ठगों ने बहुत ही चालाकी से हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर की असली प्रोफाइल से तस्वीरें और जानकारियां चुराकर एक हूबहू मिलती-जुलती फर्जी फेसबुक आईडी (Fake Facebook ID) तैयार की। इसके बाद उन्होंने डिप्टी स्पीकर की फ्रेंड लिस्ट में जुड़े लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजनी शुरू कर दी और जब लोग इसे असली अकाउंट समझकर स्वीकार कर लेते थे, तो चैटिंग के माध्यम से पैसों का खेल शुरू किया जाता था। इस तरह की वारदातों से न केवल राजनेताओं की छवि धूमिल होती है, बल्कि आम जनता में भी एक गलत संदेश जाता है कि इंटरनेट पर कोई भी सुरक्षित नहीं है।घरेलू सामान बेचने का झांसा और डिजिटल पेमेंट का खेलफर्जी आईडी के जरिए ठगी करने वाले शातिर अपराधियों ने लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए एक बहुत ही शातिर कहानी गढ़ी। उन्होंने पीड़ितों को मैसेज भेजा कि वे अपने घर का कुछ पुराना या नया घरेलू सामान (Household Items) जैसे कि फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स या अन्य उपयोग की वस्तुएं बहुत सस्ते दामों में बेचना चाहते हैं। चूंकि मैसेज भेजने वाला अकाउंट किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति का था, इसलिए लोग आसानी से उस पर भरोसा कर बैठे। ठगों ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि सामान तुरंत डिलीवर कर दिया जाएगा, लेकिन उसके पहले भुगतान ऑनलाइन यानी गूगल पे या फोनपे के जरिए करना होगा। कई लोग जब तक इसकी सच्चाई समझ पाते, तब तक ठगों ने अपने यूपीआई (UPI) हैंडल के जरिए पैसे ऐंठने की पूरी तैयारी कर ली थी।मामले का खुलासा और साइबर सेल द्वारा त्वरित कार्रवाईशुक्र है कि समय रहते इस फर्जीवाड़े की भनक असली अधिकारियों और डिप्टी स्पीकर के सोशल मीडिया प्रबंधकों को लग गई, जिससे एक बड़ा वित्तीय नुकसान होने से बच गया। तुरंत ही इस बात की सूचना हरियाणा पुलिस के साइबर क्राइम विंग (Cyber Crime Wing) को दी गई। पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए उस फर्जी फेसबुक आईडी को ब्लॉक या रिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही आईपी एड्रेस और उन यूपीआई आईडी (UPI IDs) की भी गहनता से जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल पैसे मंगवाने के लिए किया जा रहा था। साइबर पुलिस ने इस मामले में एक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है और अपराधियों को जल्द से जल्द दबोचने के लिए तकनीकी सर्विलांस की मदद ली जा रही है।सोशल मीडिया पर सतर्कता और इस तरह के साइबर फ्रॉड से बचने के उपायइस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय कितनी सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि आपके पास भी किसी जाने-माने राजनेता, अधिकारी या परिचित के नाम से ऐसी कोई फेक प्रोफाइल से पैसे मांगने या सामान बेचने का मैसेज आता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। बिना पुष्टि किए कभी भी किसी ऑनलाइन लिंक पर क्लिक न करें और न ही गूगल पे या पेटीएम के जरिए पैसे भेजें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अपने नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर दें। डिजिटल युग में तकनीक जितनी मददगार है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है, इसलिए जागरूकता ही इस प्रकार के साइबर अपराधियों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आयोजित चतुर्थ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 दूसरे दिन भी कारोबार और वैश्विक व्यापारिक संवाद का ...
कौन हैं गुरुदेवश्री राकेशजी? जिनके आगे रणबीर कपूर ने झुकाए शीष
बॉलीवुड के जाने-माने सुपरस्टार रणबीर कपूर हाल ही में मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरु पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी के 60वें जन्मोत्सव (अहो गुरुदेव समारोह) में शिरकत की। इस दौरान अभिनेता ने न केवल उनके समक्ष अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए, बल्कि उन्हें खुले मंच से 'यूथ मैग्नेट' (Youth Magnet) की उपाधि से भी नवाजा। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के बाद से ही देश भर में लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हो गए हैं कि आखिर आध्यात्मिक जगत की यह प्रसिद्ध हस्ती कौन हैं और उनकी शिक्षाओं का दायरा कितना व्यापक है। आइए विस्तार से जानते हैं गुरुदेवश्री राकेशजी के जीवन, उनके कार्यों और उनके प्रभाव के बारे में।कौन हैं पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी और उनका शुरुआती जीवनपूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी का जन्म 26 सितंबर 1966 को मुंबई में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उन्हें बचपन से ही अध्यात्म और संतों की जीवनशैली के प्रति गहरी रुचि थी। महज़ आठ वर्ष की उम्र में उनके जीवन में एक ऐसा आध्यात्मिक मोड़ आया जब 19वीं सदी के महान संत और दार्शनिक श्रीमद् राजचंद्रजी की एक तस्वीर को देखकर वे तीन दिनों तक लगातार गहरे ध्यान और समाधि की स्थिति में चले गए थे। उनकी विलक्षण प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने दर्शनशास्त्र (Philosophy) में एम.ए. की डिग्री स्वर्ण पदक (Gold Medal) के साथ हासिल की और बाद में श्रीमद् राजचंद्रजी की प्रसिद्ध रचना 'श्री आत्मीय सिद्धि शास्त्र' पर व्यापक शोध करते हुए पीएचडी (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त की।श्रीमद् राजचंद्र मिशन धरमपुर की स्थापना और वैश्विक प्रसारआध्यात्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार और समाज सेवा के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने वर्ष 1994 में 'श्रीमद् राजचंद्र मिशन धरमपुर' (Shrimad Rajchandra Mission Dharampur) की स्थापना की। दक्षिण गुजरात के धरमपुर में स्थित इसका मुख्य आश्रम आज देश-विदेश के साधकों के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। वर्तमान समय में इस मिशन के केंद्र दुनिया भर के छह महाद्वीपों और 130 से अधिक देशों में फैले हुए हैं। गुरुदेवश्री भगवान महावीर के सिद्धांतों और श्रीमद् राजचंद्रजी के मार्ग का अनुसरण करते हुए लोगों को आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक शांति का मार्ग दिखा रहे हैं। उनके अनुयायी उन्हें बेहद आदर से 'बापा' और 'गुरुदेव' कहकर संबोधित करते हैं।युवाओं के बीच क्यों इतने लोकप्रिय हैं गुरुदेवश्री राकेशजीरणबीर कपूर द्वारा उन्हें 'यूथ मैग्नेट' कहे जाने के पीछे एक बहुत बड़ा कारण है। गुरुदेवश्री ने आधुनिक पीढ़ी की भाषा और उनकी जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए अध्यात्म को बेहद सरल और व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया है। युवाओं को सही दिशा देने के लिए मिशन द्वारा '5 एस' (सत्संग, साधना, सेवा, संस्कृति और खेल) का एक अनूठा ढांचा तैयार किया गया है। दुनिया भर में युवाओं के लिए विशेष केंद्र चलाए जाते हैं, जहां वे अपनी आंतरिक ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाना सीखते हैं। यही वजह है कि देश-विदेश के तमाम युवा, पेशेवर और फिल्मी हस्तियां उनकी सादगी और विचारों से आकर्षित होकर उनके आश्रम से जुड़ती हैं।समाज सेवा, स्वास्थ्य और मानवीय कार्यों में अभूतपूर्व योगदानगुरुदेवश्री राकेशजी केवल प्रवचन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका संगठन बड़े पैमाने पर परोपकारी और मानवीय कार्य करता है। उनके मार्गदर्शन में दक्षिण गुजरात और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। उनके द्वारा संचालित विशाल मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों और मेडिकल कैंपों के माध्यम से लाखों वंचित लोगों का मुफ्त इलाज और ऑपरेशन किया जाता है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण के तहत आदिवासी महिलाओं को आजीविका का प्रशिक्षण देना, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा का प्रसार और आपदा राहत कार्यों में यह मिशन हमेशा सबसे आगे रहता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसी देश की कई दिग्गज हस्तियों ने भी उनके द्वारा किए जा रहे इन निस्वार्थ सेवा कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है।रणबीर कपूर का आध्यात्मिक जुड़ाव और 'बियॉन्ड' पुस्तक का विमोचनमुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन Center में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान अभिनेता रणबीर कपूर ने अपने जीवन के निजी अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि पिता बनने के बाद उनका झुकाव अध्यात्म की ओर और अधिक बढ़ गया है। इस विशेष अवसर पर रणबीर कपूर ने गुरुदेवश्री राकेशजी के जीवन और दर्शन पर आधारित एक प्रेरणादायक पुस्तक 'बियॉन्ड' (Beyond) का विमोचन भी किया। इस कार्यक्रम में सिनेमा जगत और देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। गुरुदेवश्री राकेशजी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि कैसे आधुनिक युग में प्राचीन भारतीय संस्कृति और मूल्यों को सहेजते हुए मानवता की सेवा की जा सकती है।
आतंकवाद पर किसी भी स्ट्राइक के लिए तैयार है भारत, राजनाथ ने पाक को चेताया
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत बातचीत में विश्वास करता है, लेकिन अगर कोई देश आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो बातचीत वहीं खत्म हो जाएगी। भारत सहयोग चाहता है, लेकिन राष्ट्रीय हित की कीमत पर नहीं।
सिंहस्थ की राह में आया CM मोहन यादव का पुश्तैनी घर, खुद तोड़ने पहुंचे
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए अपने पैतृक मकान का एक हिस्सा खुद तोड़ा.
दिल्ली के पास की ये 5 जगहें हैं बेहद खूबसूरत, वीकेंड पर बनाएं प्लान
Best One Day Trips Near Delhi: अगर दिल्ली की भागदौड़ से एक दिन के लिए ब्रेक लेना चाहते हैं तो दूर जाने की जरूरत नहीं है. दिल्ली-एनसीआर के आसपास कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जहां आप कुछ ही घंटों में पहुंचकर नेचर, इतिहास, आध्यात्मिकता और एडवेंचर का मजा ले सकते हैं.
घर बनाने से पहले खरीद लें 2 रुपये की ये चीज, सालों छत नहीं देखनी पड़ेगी
घर बनाने से पहले, खासकर छत और नींव ढलाई में छोटी से छोटी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है. ऐसी ही एक छोटी सी चीज जिसकी कीमत सिर्फ 2 रुपये होती है. उसका इस्तेमाल कई बार लापरवाही की वजह से मिस्त्री नहीं करते हैं और ऐसे में पूरा घर हमेशा के लिए कमजोर हो सकता है.
उपचुनाव के बीच नवजातों को 1 ग्राम सोना! CM विजय की योजना पर EC में शिकायत
तमिलनाडु में उपचुनाव के दौरान सरकार की एक नई योजना ने विवाद खड़ा कर दिया है. विजय सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं को 1 ग्राम सोने की अंगूठी मुफ्त देने की योजना शुरू की है. एक सोशल एक्टिविस्ट ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया है और चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है.
'फिर पैदा हो गए हैं जिन्ना', SIR पर उठाए सवाल तो असदुद्दीन ओवैसी पर आगबबूला हो गए केंद्रीय मंत्री
गिरिराज सिंह ने असदुद्दीन ओवैसी और राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश में फिर से कई जिन्ना पैदा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी देश में शरिया कानून लागू करवाना चाहते हैं।
'राहुल को खुद नहीं पता EC पर हमले की वजह,' BJP नेता ने कसा तंज
BJP नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ने राहुल गांधी पर EC और CEC को जबरन निशाना बनाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को खुद नहीं पता कि वे चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त पर हमला क्यों बोल रहे है.
सीएमआरएल रिश्वत मामला: सिर्फ ED के कहने पर FIR दर्ज नहीं कर सकती सरकार, बोले रमेश चेन्निथला
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने रविवार को कहा कि केवल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कहने पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती। चेन्निथला ने कहा कि सीएमआरएल कथित रिश्वत मामले में कुछ मुद्दों पर स्पष्टता नहीं होने के कारण सरकार ने प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के खिलाफ नहीं है, लेकिन महाधिवक्ता की सलाह के अनुसार पहले प्रारंभिक जांच कराने का फैसला किया गया। पत्रकारों से बातचीत में चेन्निथला ने कहा कि शनिवार को केरल उच्च न्यायालय के समक्ष सरकार का पक्ष रखा गया था। उन्होंने कहा, ‘‘हम मामला दर्ज करने के खिलाफ नहीं हैं। हालांकि, महाधिवक्ता से मिली कानूनी राय के आधार पर हमने फैसला किया कि कुछ मामलों में स्पष्टता नहीं होने के कारण प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है।’’केरल के गृह विभाग ने बुधवार को सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और उनके पति (एवं पूर्व मंत्री) पीए मोहम्मद रियास के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। ईडी ने कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल), जो एक निजी खनन कंपनी है और वीणा की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक के बीच कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर विजयन, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। वीण की कंपनी अब बंद हो चुकी है। चेन्निथला ने कहा कि केवल प्रवर्तन निदेशालय के प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी अनुरोध के आधार पर मामला दर्ज नहीं किया जा सकता और सरकार ने प्राप्त कानूनी राय के अनुसार ही कदम उठाया है।
विकाराबाद के घर में लगी भीषण आग, 20 लाख कैश और सोने के गहने जलकर खाक
तेलंगाना के विकाराबाद में घर में लगी भीषण आग में करीब 20 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण और घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गए. पुलिस मामले की जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
रवि किशन का गोरखपुर में 'राजमहल', अंदर से आलीशान है बंगला
Ravi Kishan Gorakhpur Bungalow Tour: भोजपुरी सुपरस्टार और सांसद ररवि किशन आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं. वो लैविश लाइफ जीते हैं. गोरखपुर के रामगढ़ताल स्थित नौका विहार इलाके में उनका आलीशान बंगला है.
प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच योगी सरकार ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उ.प्र. पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लेसा समेत सभी वितरण निगमों के अधिकारियों को बिजली ...
राइज एंड फॉल 2 में सारा ने खोला क्रिकेटर्स के DM का राज!
रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल 2' की प्रीमियर नाइट में सारा गुरपाल ने ऐसा खुलासा किया कि वीरेंद्र सहवाग भी हैरान नजर आए. सारा ने बताया कि कई क्रिकेटर्स उन्हें संदेश भेजते हैं. इसके बाद सहवाग ने उनका फोन देखने की बात कही और चैट देखकर मजेदार अंदाज में प्रतिक्रिया दी. सहवाग की टिप्पणी वाला वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और शो की चर्चा बढ़ गई है.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने महाराष्ट्र के 75 फीसदी हिस्से में सूखा घोषित होने पर चिंता जताते हुए सरकार की डेटा सेंटर परियोजना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि डेटा सेंटर पानी का उपयोग करते हैं, ऐसे में पहले से ही पानी की समस्या से जूझ रहे राज्य के लिए यह योजना ठीक है।
अब NTA की सुरक्षा CISF के पास, नए बदलाव के साथ करेगा काम
पेपर लीक के आरोपों और नीट यूजी परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों के बाद अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े बदलाव किए हैं. इसके लिए CISF की तैनाती भी की जा रही है.
17 अक्टूबर तक 6 राशियों पर मेहरबान सूर्य, बरसेगा पैसा
Surya Gochar 2026: सूर्य के कन्या राशि में गोचर से 17 अक्टूबर तक 6 राशियों के लिए समय खास माना जा रहा है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार नौकरी, करियर और धन के मामले में लाभ मिल सकता है.
अगर आप सोच रहे हैं कि रविवार यानी 27 सितंबर को बैंक क्यों खुले हैं, तो इसकी वजह प्रस्तावित बैंक हड़ताल है। सरकार ने ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाओं में होने वाली संभावित परेशानी से बचाने के लिए रविवार को बैंक शाखाएं खोलने का फैसला किया ...
बंगाल में SIR से 27 लाख नाम कटने पर Suvendu Adhikari ने Mamata Banerjee को ठहराया जिम्मेदार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान राज्य की मतदाता सूची से 27 लाख नाम हटाए जाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया तथा कहा कि इन नामों को हटाए जाने के लिए न तो भाजपा और न ही निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। अधिकारी ने कहा कि ये नाम खुद बनर्जी द्वारा दायर एक मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत न्यायिक अधिकारियों ने हटाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद बनर्जी अब इसका ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘27 लाख नाम हटाए जाने की जिम्मेदारी ममता बनर्जी की है, भारतीय जनता पार्टी या निर्वाचन आयोग की नहीं। उनके द्वारा दायर एक मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद न्यायिक अधिकारियों ने यह फैसला लिया था।’’मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी के बीच आई है। बनर्जी की पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं और उसने इन नामों को बहाल करने की मांग की है। अधिकारी ने एसआईआर को लेकर जारी राजनीतिक बहस को चुनावी जवाबदेही के व्यापक मुद्दे से जोड़ने की भी कोशिश की और बनर्जी पर मतदाताओं के फैसले को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर केरलम में एसआईआर अच्छा है, तो पश्चिम बंगाल में यह खराब क्यों है? हमने 208 सीट जीती हैं, जबकि दोनों पक्षों (तृणमूल कांग्रेस और उसके सहयोगियों) के पास 80 सीट हैं। ममता बनर्जी जनता के फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।’’मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी बनर्जी द्वारा श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर निर्वाचन आयोग तथा भाजपा पर नए सिरे से हमला किए जाने के एक दिन बाद आई। अधिकारी ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और दो निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी के बीच हुई बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि बैठक और उसके बाद निर्वाचन आयोग की ओर से जारी बयान से स्पष्ट होता है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़े फैसले केवल सीईसी ने अकेले नहीं लिए थे। उनका यह दावा तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर जारी विवाद की पृष्ठभूमि में आया है। अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर में बताया गया था कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर कई मौकों पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान मतभेद सामने आना सामान्य है और उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
Sambhal में भड़काऊ बयानबाजी पर चार नेताओं को नोटिस, कोर्ट में 3 अक्टूबर को पेशी
संभल में कथित तौर पर राजनीतिक लाभ के लिए भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में पुलिस की रिपोर्ट पर नगर मजिस्ट्रेट न्यायालय ने चार लोगों को तीन अक्टूबर को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि नोटिस पाने वालों में शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली, समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता शकील अहमद शामिल हैं। नगर मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस रिपोर्ट के आधार पर चारों लोगों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126/135 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोतवाली और थाना नखासा की आख्या रिपोर्ट पर भाजपा नेता राजेश सिंघल (निवासी कोट पूर्वी), दीपा सराय निवासी ममलूकुर्रहमान बर्क, रुकनुद्दीन सराय निवासी शकील अहमद, अशर्फी चौराहा और शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जफर अली को तीन अक्टूबर को न्यायालय में तलब किया गया है। अधिकारियों के अनुसार आरोप है कि जफर अली ने राजनीतिक लाभ के लिए सोशल मीडिया पर भड़काऊ और अनावश्यक भाषण देकर दो समुदायों के बीच शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की। प्रशासन के अनुसार पूर्व में भी उनके बयानों से शांति भंग हुई थी और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनको जेल भेजा जा चुका है। नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी नोटिस में चारों से पूछा गया है कि छह माह तक शांति बनाए रखने के लिए उनसे 20,000 रुपये की जमानत या इतनी ही राशि का निजी मुचलका क्यों न भरवाया जाए। गौरतलब है कि बीते बुधवार को तहसील संभल के थाना हजरत नगर गढ़ी क्षेत्र के गांव रहटौल में रामलीला मंच से संबोधन में भाजपा नेता राजेश सिंघल ने कहा था, ‘‘संभल में हरिहर मंदिर पर चढ़ाई करने जाओगे तो गोली नहीं चलेगी, योगी सरकार पुष्प वर्षा करेगी। अब संभल की धरती पर मस्जिद नहीं, मंदिर बनेंगे।”इस बयान के बाद सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने औकात दिखाने की धमकी दी, जबकि एआईएमआईएम नेता शकील अहमद ने कड़ी आपत्ति जताई। बयानबाजी से माहौल गरमाने पर पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को खूब खरी-खरी सुनाई। अपने सरकारी आवास पर रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह लोग भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने, राजनीतिक स्वार्थ ...
पहली बार 5-Star होटल पहुंचा डिलीवरी राइडर, चेहरे की खुशी ने जीता दिल
एक कंटेंट क्रिएटर ने Swiggy Instamart के एक डिलीवरी राइडर को 5-Star होटल में मिल्कशेक पिलाने के लिए बुलाया. होटल पहुंचने और वहां का माहौल देखकर राइडर के रिएक्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उसकी खुशी और उत्साह देखकर लोग भी इस वीडियो को पसंद कर रहे हैं.
Lata Mangeshkar Song: रजिया सुल्तान का गाना ऐ दिल-ए-नादान को भारतीय सिनेमा की बेहतरीन गजलों में से एक माना जाता है. इसमें बहुत ही कम संगीत के साथ गहरी उर्दू शायरी का मेल है. कमाल अमरोही की 1983 की ऐतिहासिक फिल्म 'रजिया सुल्तान' के लिए महान गायिका लता मंगेशकर ने आवाज दी थी. इसे हेमा मालिनी पर फिल्माया गया था.
बुजुर्ग ने नदी में लगा दी छलांग लगा दी, पुलिस ने बचाई जान, VIDEO
आंध्र प्रदेश के ताडेपल्ली में 64 साल के एक बुजुर्ग ने कृष्णा नदी में छलांग लगा दी. रात करीब 10:30 बजे हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही ट्रैफिक SI नारायण मौके पर पहुंचे. नदी में तेज बहाव था, लेकिन उन्होंने स्थानीय तैराकों पीता मल्लेश्वर राव और पीता गोपी की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. छोटी नाव के सहारे तीनों नदी में उतरे और बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इसके बाद उन्हें प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा गया.
राम बने रणबीर, रावण के रूप में यश, रामायण के पोस्टर में क्या खास?
मिस्टर बीस्ट संग पॉडकास्ट के अलावा मेकर्स ने रामायण की मार्केटिंग की भी शुरुआत की, जिसमें उन्होंने फिल्म से जुड़े कुछ नए पोस्टर्स रिलीज किए.इन पोस्टर्स में कई चीजें थीं, जिन्हें कुछ हद तक लोगों ने मिस किया. तो कुछ नोटिस कर गए. क्या आपने रामायण का नया पोस्टर देखा?
मेरी हत्या की कोशिश की जा रही, Beleghata हमले के बाद बोले TMC नेता Kunal Ghosh
तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने रविवार को बेलेघाटा में अपनी कार पर कथित हमले का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बाइक सवार लोगों ने उनकी कार को घेरने की कोशिश की और ईंट-पत्थर फेंके। इससे पहले शनिवार को भी उत्तरपाड़ा में उनकी कार को रोके जाने की खबर सामने आई थी। कुणाल घोष के मुताबिक, बेलेघाटा में एक कार्यक्रम में जाने से पहले उनकी कार पर हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नारकेलडांगा पुलिस थाने पहुंचने के बाद भी बदमाश नहीं रुके और बम व गोलियों के साथ पुलिस थाने के बाहर खड़े रहे। जब मैं फूल बागान चौराहे से गुजरा... कुणाल घोष ने कहा, “कल उत्तरपाड़ा में मुझ पर हमले के बाद से ही हालात ठीक नहीं थे। मुझे यकीन है कि मेरी हत्या की कोशिश की जा रही है।” उन्होंने बताया कि रविवार सुबह वह बेलेघाटा गए थे। उनके मुताबिक, यह कोई पहले से तय राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि वार्ड नंबर 34 में कुछ विकास कार्य होने थे। कुणाल घोष ने कहा, “मेरे घर के सामने से ही मेरा पीछा किया जा रहा था। सिर्फ मैं ही नहीं, मेरे साथी भी सुरक्षित नहीं हैं।” उन्होंने दावा किया कि आगे बढ़ने के बाद कई बाइक सवार लोग उनके साथ जुड़ते गए और उनका रास्ता रोकने लगे। उन्होंने कहा, “वे सब मेरा रास्ता रोक रहे थे... हाथों में हथौड़े थे।” कुणाल घोष के मुताबिक, “इस बार जब मैं फूल बागान चौराहे से गुजर रहा था, तो उन्होंने मेरी कार को घेरने की कोशिश की। जब मुझे एहसास हुआ कि मेरी कार को घेरा जा रहा है, तभी... ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे।” उन्होंने आगे कहा कि जब वह कोकोनट डांगा मेन गेट में दाखिल हुए, तो बाइक सवार लोगों ने उन्हें घेर लिया। #WATCH | Kolkata, West Bengal: The damaged vehicle of Trinamool Congress (TMC) MLA Kunal Ghosh was brought to the Narkeldanga Police Station. This comes after the MLA alleged a fresh targeted attack on his car in the Phoolbagan area today. pic.twitter.com/MDboF860IO — ANI (@ANI) September 27, 2026 इसे भी पढ़ें: West Bengal: चुनाव हारने के बाद SIR पर अफवाह फैला रहा विपक्ष, Suvendu Adhikari का आरोप वे मुझे किसी भी दिन मार डालेंगे पत्रकारों से बात करते हुए कुणाल घोष ने कहा, “मैं अपनी जान बचाने के लिए अपने साथियों के साथ अंदर आया; देखिए गाड़ी कैसे खड़ी है।” उन्होंने दावा किया कि जब वह नारकेलडांगा पुलिस थाने में घुस रहे थे, तब उनके पीछे रिवॉल्वर लिए लोग थे। उन्होंने कहा कि उनके सुरक्षाकर्मियों को अपनी रिवॉल्वर निकालनी पड़ी। कुणाल घोष ने कहा, “वे मुझे किसी भी दिन मार डालेंगे। वे मेरी लाश की तस्वीरें लेंगे। वे इसकी तैयारी कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मेरी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। मैं मर जाऊंगा, लेकिन मेरा नाम कुणाल घोष है, मैंने यह बात रिकॉर्ड पर कही है।” इसे भी पढ़ें: BJP अध्यक्ष Nitin Nabin का दो दिवसीय West Bengal दौरा, संगठनात्मक बैठकों में लेंगे हिस्सा उत्तरपाड़ा में भी कार रोकने का दावा कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि शनिवार को उत्तरपाड़ा में भी उनकी कार को रोका गया था। इसके अगले दिन उन्होंने बेलेघाटा में अपनी कार पर कथित हमले का आरोप लगाया है।
गोरखपुर में भारी बारिश, सांसद रवि किशन की बढ़ी मुश्किलें
गोरखपुर में लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया है. सांसद रवि किशन के रामगढ़ताल स्थित आवास के बाहर भी सड़क पर पानी जमा होने का वीडियो सामने आया है. इसी बीच जलनिकासी की समस्या को लेकर सांसद और भाजपा पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच फोन पर हुई बातचीत का वीडियो वायरल हुआ. बातचीत में सपा और बसपा को लेकर टिप्पणियां सुनाई देती हैं. बाद में रवि किशन ने जलभराव वाले इलाकों का जायजा लिया.
महंगी ड्राई क्लीन छोड़ें, ऐसे साफ करें मोटे-मोटे ब्लेजर और स्वेटर
How to Clean Warm Clothes: मौसम बदलने के साथ ही हर कोई महीनों से बंद पड़े मोटे और ऊनी ब्लेजर और स्वेटर्स की ड्राई क्लीनिंग में जुट जाता है. लेकिन इसमें बहुत पैसे खर्च होते हैं. यहां हम आपको घर पर ही साफ करने के ट्रिक्स बता रहे हैं.
Mujhse Shaadi Karogi All Songs: 2004 में बॉलीवुड में भारत के 8 जाने माने क्रिकेटर्स के कैमियो वाली फिल्म आई, जिसने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी. इस फिल्म के नाम सिर्फ स्टार्स के करियर को एक ऊंची उड़ान मिली. बल्कि सोनू निगम, उदित नारायण, अलका याग्निक, सुनिधि चौहान और सुखविंदर सिंह जैसे नाम सिंगर्स के गानों को कल्ट बना दिया.
मायावती ने BSP में किया बड़ा फेरबदल, पार्टी को 3 सेक्टर में बांटा
मायावती ने पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए इसे तीन सेक्टरों में बांटा है. इनकी जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है. सेक्टर-1 में 10 राज्यों की जिम्मेदारी रामजी गौतम और सुरेश राव को दी गई है, जबकि सेक्टर-2 में 9 राज्यों की जिम्मेदारी राजाराम और अतरसिंह यादव को दी गई है.
द ग्रेट इंडियन कपिल शो की सीजन 5 के साथ नेटफ्लिक्स पर वापसी हो गई है. वहीं पहले एपिसोड में दृश्यम 3 की टीम यानी अजय देवगन, श्रेया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, जयदीप अहलावत और डायरेक्टर अभिषेक पाठक पहुंचे.
West Bengal: चुनाव हारने के बाद SIR पर अफवाह फैला रहा विपक्ष, Suvendu Adhikari का आरोप
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य विधानसभा चुनाव में हार के बाद हताश विपक्षी दल एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं और मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर उनका विरोध ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ है। अधिकारी ने एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि कुछ समाचार संगठन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत को ‘‘अभी तक स्वीकार नहीं कर पाए हैं’’ तथा वे ‘‘अफवाहें फैला रहे हैं।’’उन्होंने निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की आलोचना को लेकर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और दावा किया कि यह प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से तथा सभी पक्षों की उचित भागीदारी के साथ की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘बंगाल में हार के बाद हताश विपक्षी दल एसआईआर को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं।’’केरलम से तुलना करते हुए अधिकारी ने कहा कि कांग्रेस वहां एसआईआर का समर्थन कर रही है क्योंकि उसने इस दक्षिणी राज्य में चुनाव जीता है, जबकि पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद पार्टी इस प्रक्रिया का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि कांग्रेस ने केरलम में चुनाव जीता है, इसलिए पार्टी वहां एसआईआर का समर्थन कर रही है, लेकिन बंगाल में इसका विरोध कर रही है क्योंकि कांग्रेस और उसके सहयोगी यहां चुनाव हार गए।’’अधिकारी ने यह भी दावा किया, ‘‘बंगाल में एसआईआर के दौरान 27 लाख नाम हटाए जाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जिम्मेदार थीं, भाजपा या निर्वाचन आयोग नहीं।’’भाजपा नेता ने निर्वाचन आयोग की इस प्रक्रिया के विरोध को लेकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद उनकी पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) अब ‘‘एक ही सुर में बोल रही हैं।’’अधिकारी ने वाम मोर्चा के शासनकाल से जुड़े राजनीतिक हिंसा के मामलों का भी जिक्र किया, जिनमें साईबाड़ी और नंदीग्राम की घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और माकपा के बीच कथित राजनीतिक समझौते को लेकर भी सवाल उठाया।
बार में गरजी AK-47; दक्षिण अफ्रीका के दो बड़े शहरों में अंधाधुंध फायरिंग 27 की मौत, मचा हड़कंप
दक्षिण अफ्रीका के दो शहरों में हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में 27 लोगों की मौत हो गई है. एक जगह लोग बार में मस्ती कर रहे थे, तभी अचानक वहां किसी ने एके-47 से फायरिंग की. जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई है.
नोट-सिक्कों में छिपा है राज्य का नाम, 10 सेकंड में दें आंसर
Optical Illusion: आपके सामने एक तस्वीर दी गई है, जिसमें आपको 5 अंतर को खोजना है. इसके लिए आपको 10 सेकंड का समय दिया जाएगा.
Mann Ki Baat: PM मोदी बोले- सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने बार-बार अपना रुख स्पष्ट किया है कि आतंकवादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर आगे बढ़ रहा है।
5 दिन में बिखरी चांदी, जानें 10 ग्राम 22 और 24 कैरेट सोना कितने का?
सोना-चांदी सस्ता हो गया है. वायदा कारोबार से लेकर घरेलू बाजार तक Gold-Silver Rates में बीते सप्ताह के पांच कारोबारी दिनों में बड़ी गिरावट आई है. 20, 22 से लेकर 24 कैरेट सोने की कीमत तक काफी कम हो गई है.
राम वनवास के बाद क्या थी शत्रुघ्न की भूमिका? जानें इस किरदार की कथा
Ramayan: नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म 'रामायण पार्ट 1' के गाने 'जय जय राम' ने रिलीज होते ही धूम मचा दी है. इस गाने में श्रीराम के सबसे छोटे भाई शत्रुघ्न के रूप में एक्टर नितेश शर्मा की झलक देखने को मिली है. तो आइए जानते हैं शत्रुघ्न जी के योगदान के बारे में.
LPU Protest Updates: एलपीयू में बवाल के बाद FIR और SIT, पांच छात्र भी जांच टीम में शामिल
पंजाब के जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्र अभी भी यूनिवर्सिटी परिसर में इकट्ठा हैं। इस बीच यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों के साथ पुलिस की बैठक चल रही है। छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी एसआईटी भी बनाई गई है। इस टीम में पांच छात्रों को शामिल किया गया है। वाइस चांसलर ने क्या कहा? एलपीयू के वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह संधू ने कहा, “पुलिस ने छात्रों के आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। हर जरूरी मदद दी जाएगी। जांच करने वाली एसआईटी में पांच छात्रों को शामिल किया गया है।” उन्होंने कहा कि अगर घटना सही पाई जाती है, तो उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वाइस चांसलर ने बताया कि छात्रों की कुछ और मांगें भी हैं, जिनमें जरूरी सुविधाओं से जुड़ी मांगें शामिल हैं। इन पर यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारी बैठकर चर्चा करेंगे। डॉ. जसपाल सिंह संधू ने कहा, “मुझे तो इस घटना के बारे में पता भी नहीं था।” #WATCH | Jalandhar, Punjab: Students hold protest at Lovely Professional University (LPU) Dr. Jaspal Singh Sandhu, Vice Chancellor of LPU, says, The police registered an FIR based on the students' allegations. All necessary support will be provided. Five students have been… https://t.co/IEWXNrr3Rz pic.twitter.com/EJlAYzYRvs — ANI (@ANI) September 27, 2026 इसे भी पढ़ें: LPU में रातभर हंगामा, सुबह फिर हाईवे जाम; रेप के दावे पर Punjab Police ने क्या कहा? पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रतिनिधियों की बैठक जारी जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रों की कुछ मांगें हैं और फिलहाल यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों के साथ अंदर बैठक चल रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों में हॉस्टल और दूसरे सामान्य मुद्दों से जुड़ी मांगें शामिल हैं, जिन पर चर्चा की जा रही है। डीआईजी ने कहा, “हमने एफआईआर दर्ज कर ली है और एसआईटी बना दी है। हम उनके प्रतिनिधियों के साथ मिलकर जांच करेंगे, जिसमें वैज्ञानिक जांच भी शामिल होगी।” उन्होंने कहा कि अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो पुलिस उसे जरूर पकड़ेगी। इसे भी पढ़ें: LPU Phagwara: सोशल मीडिया पर दुष्कर्म की अफवाह के बाद छात्रों का उग्र प्रदर्शन सीसीटीवी और वैज्ञानिक सबूतों की होगी जांच नवीन सिंगला ने बताया कि पुलिस की टीम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई सुराग मिलता है, तो उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी के मुताबिक, छात्रों ने बताया कि कमरा नंबर 504 में एक लड़की थी। उन्होंने कहा, “हम जांच करेंगे कि वह लड़की कौन थी या असल में क्या हुआ था।” उन्होंने बताया कि इसका पता सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी व वैज्ञानिक सबूतों के जरिए लगाया जाएगा।
छत से कूदकर संत प्रेमानंद के शिष्य ने की थी खुदकुशी, VIDEO देख रोंगटे खड़े हो जाएंगे
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी ने गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना की सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि दीपक अचानक छत से गिरते हैं, जिससे आसपास के लोग दंग रह गए.
नेपाल में हिमलुंग हिमाल बेस कैंप में एवलांच, 10 पर्वतारोही लापता
नेपाल के मनांग जिले में हिमलुंग हिमाल बेस कैंप पर एवलांच से 10 लोग लापता हैं. भारी बर्फबारी और बारिश के बीच यह हादसा हुआ. बचाव कार्य जारी है. मौसम खराब होने से मिशन प्रभावित हुए हैं.
Odisha Flood: CM Mohan Charan Majhi ने किया बाढ़ प्रभावित दक्षिणी जिलों का हवाई दौरा
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को गंजाम, कोरापुट और नबरंगपुर के उन इलाकों का हवाई सर्वेक्षण शुरू किया जहां भारी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आ गई है। भारी बारिश से राज्य के 13 जिले प्रभावित हुए हैं और स्थानीय प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है। इस बीच, हीराकुंड बांध ने जलाशय में आ रहे अतिरिक्त पानी को निकालने के लिए रविवार को दो और गेट खोल दिए गए। अब 22 गेट के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है। जलाशय का मौजूदा जलस्तर 628.29 फुट है जबकि जलाशय का अधिकतम स्तर 630 फुट तक है। राज्य सरकार ने शनिवार तक निचले इलाकों से 70,000 से अधिक लोगों को निकालकर 395 राहत शिविरों में पहुंचाया था। माझी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ स्थिति की समीक्षा करने का फैसला किया। हालांकि हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण उनका हवाई सर्वेक्षण करीब दो घंटे देर से शुरू हुआ। मुख्यमंत्री दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, कोरापुट और नबरंगपुर के प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद कोरापुट जिले के जयपुर पहुंचेंगे और वहां समीक्षा बैठक करेंगे। दोपहर में वह नबरंगपुर के बारिश प्रभावित इलाकों का भी दौरा करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरी, क्योंझर, नयागढ़, कंधमाल, बलांगीर और जगतसिंहपुर में भारी बारिश और बाढ़ आई है। बालासोर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में है, जहां तीन प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर सुबह छह बजे जलेश्वर के राजघाट में 11.68 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है। इससे भोगराई, जलेश्वर, बालीपाल और बस्ता प्रखंडों के गांवों में बाढ़ आ गई। मयूरभंज में सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों ने कई जलधाराओं और नालों में पानी बढ़ने के कारण पर्यटक स्थल देवकुंड को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
सपेरे ने बताया सांप भगाने का मंत्र, घर में सांप निकल जाए तो क्या करें, जानिए यहां
घर में छिपे हुए सांप को कैसे पकड़े? सांप घर में घुस गया है तो सपेरे ने बताया कि वह कैसे सांप को पकड़ते हैं और सांप सामने आ जाए तो क्या करें. जानिए यहां
SIR और वोट चोरी पर सियासी घमासान, Rekha Gupta ने विपक्ष को घेरा
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को विपक्ष पर हमला बोला। सीएम ने कहा कि देश में ऐसी परिस्थितियां पैदा करने की कोशिश हो रही है, जिनका मकसद सिर्फ जनता को गुमराह करना है। चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर निशाना रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष आज मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें रही हैं, क्या वहां चुनावी प्रक्रिया में इस तरह की पारदर्शिता और जवाबदेही देखने को मिली थी? एसआईआर की प्रक्रिया को बताया पारदर्शी सीएम ने कहा कि केवल एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाना कितना उचित है, इस पर भी सवाल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने खुद पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दिया है और अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है। रेखा गुप्ता ने कहा कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, एसआईआर के तहत फॉर्म-6 के साथ एक अलग घोषणा-पत्र यानी एनेक्सचर-डी की व्यवस्था की गई है। #WATCH | Delhi CM Rekha Gupta says, The opposition is attempting to create a situation in the country that has no basis in reality. Their sole objective is to mislead the public and divert attention away from ongoing development work, away from their own failures, and away from… pic.twitter.com/2zixJxSifh — ANI (@ANI) September 27, 2026 इसे भी पढ़ें: लखनऊ में CM Yogi की पीसी, विपक्ष से पूछा- हार के बाद आयोग को दोष देना कितना सही? वोट कटने के आरोपों पर दिया जवाब रेखा गुप्ता ने विपक्ष के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें बड़ी संख्या में वोट काटे जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में ऐसे लोगों के नाम हटाए जाते हैं, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया को ही ‘वोट चोरी’ बताकर पेश करना सही नहीं है। इसे भी पढ़ें: Rajeev Chandrasekhar का राहुल गांधी पर हमला, पीएम मोदी और चुनाव आयोग से माफी की मांग की ‘वोट चोरी’ के आरोपों को बताया बेबुनियाद सीएम रेखा गुप्ता ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पूरी पारदर्शिता के साथ उठाए गए सवालों पर अपना पक्ष जनता के सामने रखा है।
जंतर-मंतर पर सीईसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन! वायरल वीडियो निकला 'पुराना', दिल्ली पुलिस ने दी चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वायरल हो रहा वीडियो पुराना है और भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जंग के मैदान में 'योद्धा' ही सबसे जरूरी, जमीन पर जीत का कोई विकल्प नहीं: NDTV समिट में आर्मी चीफ
NDTV Defence Summit LIVE: आर्मी चीफ धीरज सेठ ने कहा कि जमीन पर जंग जीतना सबसे महत्वपूर्ण है और इसकी सफलता का कोई विकल्प नहीं है. तकनीक युद्ध की अवधि कम करती है लेकिन जमीन पर नियंत्रण निर्णायक होता है.
ब्रेन फॉग यानि छोटी-छोटी बातों को भूल जाना, धुंधला सा महसूस होना जैसी स्थिति आपके हार्ट पर भी असर डाल सकती है. यहां इस विषय को अच्छे से समझते हैं-
2016 Surgical Strike आतंकवाद पर भारत का निर्णायक जवाब थी: PM Narendra Modi
(फाइल फोटो के साथ जारी)नयी दिल्ली, 27 सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि 2016 में की गई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ आतंकवादी हमलों का दर्द झेल रहे भारत का निर्णायक जवाब थी और इसने आतंकवाद से निपटने की देश की नीति का एक साहसिक उदाहरण दुनिया के सामने पेश किया। मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चलता है और देश ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद का कड़ा एवं निर्णायक जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के उरी में सेना के एक शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद 28-29 सितंबर 2016 को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार आतंकवादियों के ठिकानों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी। उन्होंने कहा कि भारत के वीर जवानों ने जिस तरह नियंत्रण रेखा पार कर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की, उससे पूरी दुनिया हैरान रह गई थी। मोदी ने कहा, ‘‘भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने आतंकवाद से निपटने की भारत की नीति का एक नया साहसिक उदाहरण पूरी दुनिया के सामने पेश किया।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकवादी हमलों का दर्द लंबे समय तक सहा और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ इसका निर्णायक जवाब थी। उन्होंने कहा, ‘‘भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चल रहा है।’’भारतीय सेना ने उरी में सेना के शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों के ठिकानों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी। मोदी ने जारी जनगणना प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है और इसमें हर नागरिक की भूमिका है। उन्होंने लोगों से जनगणना के दौरान ऑनलाइन गणना सुविधा का लाभ उठाने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवा नशे के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के माध्यम से युवा रचनात्मक अभियानों और गतिविधियों के जरिए जागरूकता फैला रहे हैं।’’मोदी ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के दौरान देशभर में लाखों युवाओं ने नशे और मादक पदार्थों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं ने खुद नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है और इस संदेश को दूसरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है।’’प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के दिवंगत नेता अशोक सिंघल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी और कहा कि उन्होंने समाज के बीच रहते हुए भी एक तपस्वी जैसा जीवन जिया। मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन को जो दिशा दी और उसमें जो ऊर्जा भरी, उसी का परिणाम आज हम अयोध्या में भव्य मंदिर के रूप में अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं।
DIY Musical Instrument: पीएम मोदी के खंजरी बजाने के बाद यह देसी वाद्य यंत्र चर्चा में है. घर में पड़े वेस्ट सामान, बांस के टुकड़े और पुराने लोहे के छल्लों की मदद से आप आसानी से DIY खंजरी बना सकते हैं.
मुजफ्फरपुर में नहर का तटबंध 40 फीट टूटा, सैकड़ों एकड़ खेतों में घुसा पानी
बिहार के मुजफ्फरपुर में रविवार तड़के तिरहुत बैतरणी नहर का करीब 40 फीट हिस्सा टूट गया. इसके बाद पानी आसपास के खेतों और चबड़ में फैलने लगा. सैकड़ों एकड़ जमीन जलमग्न हो गई. ग्रामीणों का दावा है कि तटबंध खुद नहीं टूटा, बल्कि उसे काटे जाने के निशान दिखाई दे रहे हैं. जिलाधिकारी ने भी ग्रामीणों की सूचना पर तटबंध से छेड़छाड़ की आशंका जताई है.
एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट कबड्डी चैंपियंस पुष्पा और पूजा से खास बातचीत
एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश को गौरवान्वित किया है. इस विशेष इंटरव्यू में हमारे साथ भारतीय कबड्डी टीम की कप्तान पुष्पा और स्टार रेडर पूजा मौजूद हैं. इन दोनों चैंपियन खिलाड़ियों ने खेल के मैदान से लेकर अपने निजी जीवन के संघर्षों तक के सफर को साझा किया है.
आशुतोष रांका समेत कई CJP वर्कर्स हिरासत में, हिमंता सरकार पर भड़के अभिजीत दिपके
गुवाहाटी में CJP के को-कन्वीनर आशुतोष रांका और उनकी टीम को पुलिस ने हिरासत में लिया. CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने दावा किया कि टीम एक छोटे वॉलंटियर्स मीटअप के लिए जा रही थी और पुलिस उन्हें अज्ञात स्थान पर ले गई.
बंगाल SIR में 27 लाख नाम कटने की जिम्मेदार ममता बनर्जी, शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर फोड़ा ठीकरा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल में वोटर लिस्ट से 27 लाख नाम कटने के पीछे ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं। उन्होंने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं थी।
Bareilly में नाबालिग से दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने का आरोपी Nirdesh Rathore गिरफ्तार
बरेली (उप्र) 27 सितंबर बरेली के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म, उसका अश्लील वीडियो सार्वजनिक करने और इससे आहत होकर पीड़िता के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार किया गया और उसकी पहचान निर्देष राठौर के रूप में हुई है। वह थाना बिथरी चैनपुर के साजनपुर का निवासी है। पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेश सिंह ने बताया कि आरोपी निर्देष राठौर के खिलाफ 22 जुलाई 2026 को बिथरी चैनपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक घटना 21 जुलाई की शाम करीब सात बजे की है। आरोपी पर नाबालिग से दुष्कर्म करने तथा उसका अश्लील वीडियो बनाकर सार्वजनिक करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक वीडियो वायरल होने से आहत नाबालिग ने 21 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी राठौर को 26 सितंबर, को नवदिया झादा पुल के नीचे से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में पहले से कई मामले दर्ज हैं। सिंह ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मध्य प्रदेश ने 2025 में 21.05 करोड़ से अधिक आगंतुकों को दर्ज किया, उज्जैन, इंदौर और भुवनेश्वर जैसे प्रमुख स्थलों पर घरेलू
रोटी या चावल क्या खाने से बढ़ता है वजन?
क्या आपके मन भी अक्सर ये सवाल आता है कि रोटी या चावल क्या खाने से बढ़ता है वजन, तो इस आर्टिकल में जानें सही जवाब.
रामपाल के सतलोक आश्रम में 11 साल के बच्चे से छेड़छाड़, सेवादार गिरफ्तार
हरियाणा के सोनीपत स्थित सतलोक आश्रम धनाना में 11 साल के बच्चे से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश से परिवार के साथ सेवा करने आए बच्चे ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की काउंसलिंग के दौरान घटना की जानकारी दी. इसके बाद पिता ने बरौदा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
असम: पुलिस ने आशुतोष रांका को हिरासत में लिया; अभिजीत दीपके का आरोप- वकीलों को मिलने नहीं दिया जा रहा
'15 साल सीएम रहीं, बैठक में आए 150 लोग': एसआईआर विवाद पर सीएम शुभेंदु का ममता बनर्जी पर वार, दे डाली ये चुनौती suvendu-adhikari-challenges-mamata-banerjee-sir-row-over-logical-discrepancies-west-bengal-says-no-protest
इस बार दशहरा-दीवाली पर नहीं लगेगी सेल? 1 अक्टूबर से 8% तक महंगे हो जाएंगे इलेक्ट्रॉनिक्स सामान?
Festive Season:
लखनऊ में CM Yogi की पीसी, विपक्ष से पूछा- हार के बाद आयोग को दोष देना कितना सही?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर चुनाव आयोग, संवैधानिक संस्थाओं और ईवीएम को लेकर सवाल उठाने पर निशाना साधा। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर भी बात की। एसआईआर को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है। संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कांग्रेस और विपक्षी दलों का रवैया हमेशा से ऐसा रहा है कि वे अपने राजनीतिक हितों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की हर साजिश का हिस्सा बनते रहे हैं, जिससे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सकता है।” उन्होंने कहा कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन से जुड़े अन्य दलों के मौजूदा काम और बयान “बेहद गैर-जिम्मेदाराना” हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: UP में भारी बारिश और बाढ़ पीड़ितों को तत्काल मिले मुआवजा, CM Yogi Adityanath का आदेश एसआईआर पर योगी ने क्या कहा? एसआईआर को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि मौजूदा चुनाव आयोग ऐसी प्रक्रिया कराने वाला पहला आयोग है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी, अक्सर कांग्रेस की सरकारों के समय, 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में ऐसी प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं। उनके मुताबिक, इस इतिहास के बावजूद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी और दूसरी पार्टियों का मौजूदा एसआईआर प्रक्रिया को लेकर हंगामा करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। चुनाव आयोग और ईवीएम पर उठाए सवालों को लेकर बोले योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही हैं। उन्होंने कहा, “अगर वे चुनाव जीतती हैं, तो इसका श्रेय वे अपनी कोशिशों को देती हैं, लेकिन अगर जनता उन्हें उनके भ्रष्टाचार, वित्तीय गड़बड़ियों, गलत नीतियों और अराजक कामों की वजह से नकार देती है, तो चुनाव आयोग या ईवीएम को दोष देना कितना सही है?” उन्होंने विपक्षी दलों से इस पर सोचने और आत्म-मंथन करने की बात कही। योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर शक करने की कोशिश करता है और चुनाव आयोग पर हमला कर रहा है। राहुल गांधी और न्यायपालिका का भी किया जिक्र योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कैम्ब्रिज में भारत की न्यायपालिका पर सवाल उठाए और भारतीय न्यायिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर शक करने की कोशिश की। उन्होंने 2019 में राफेल मामले पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की टिप्पणियों को लेकर उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया। इसे भी पढ़ें: Ram Mandir चढ़ावा मामले पर राजनीति बंद हो, VHP ने UP Election 2027 से पहले दी चेतावनी ईवीएम को ब्लैक बॉक्स कहना दुर्भाग्यपूर्ण ईवीएम के मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन्हीं मशीनों के जरिए केंद्र और कई राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बनीं। उन्होंने कहा कि इन ईवीएम को ब्लैक बॉक्स कहना और इस तरह भारत की चुनावी व्यवस्था तथा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर शक करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
LIVE: भारत-वेस्टइंडीज के बीच पहला वनडे, किसने जीता टॉस?
India (IND) vs West Indies (WI) Live Cricket Score: तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज की टीम्स आमने-सामने हैं. इस मुकाबले में सबकी निगाहें विराट कोहली और रोहित शर्मा पर हैं, जो केवल वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं.
'सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद शांति के लिए खतरा', UN में जयशंकर का पाकिस्तान पर हमला
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक मंच से दुनिया को एक बेहद जरूरी और कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने अपने संबोधन में वैश्विक संघर्षों, आतंकवाद और ग्लोबल साउथ की चुनौतियों पर विस्तार से बात की. भारत ने साफ तौर पर कहा कि आतंकवाद और दोस्ती कभी भी एक साथ नहीं चल सकते. पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने पड़ोसी देश को फटकार लगाई और कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.
कुणाल घोष पर हमले से भड़के अभिषेक बनर्जी, BJP पर लगाया डराने-धमकाने का आरोप
टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर कथित हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को पाला बदलने से इनकार करने पर निशाना बनाया गया और राज्यपाल आरएन रवि से मामले में हस्तक्षेप की अपील की.
समंदर ने 70 साल तक छिपाए रखा रेडियोएक्टिव कचरा, अब दिखी असली हालत
दशकों पहले अटलांटिक महासागर में डाला गया रेडियोएक्टिव कचरा अब वैज्ञानिकों की जांच के घेरे में है. समुद्र की 4700 मीटर गहराई में मिले हजारों जंग लगे बैरल से कचरा लीक होता मिला है, जबकि इनके आसपास कई समुद्री जीव भी पनप रहे हैं.
सलमान ने वीकेंड का वार से फिर जीता फैंस दिल, दिखा पुराना अवतार
बिग बॉस के इस हफ्ते वाला वीकेंड का वार एपिसोड भी लोगों के बीच सुर्खियों में रहा है. सलमान ने जिस तरह रीति तिवारी की क्लास लगाई, और कनिका मान की टांग खींची, वो देख सबको पुराने वाले सलमान खान की याद आई. सोशल मीडिया सिर्फ उनकी तारीफ से भरा हुआ है.
पहाड़, नदी और हरियाली... घूमने के लिए बेस्ट हैं हिमालय की ये 11 जगहें
Best Places in Himalayas: शहर की भागदौड़ से दूर कुछ दिन सुकून से बिताना चाहते हैं तो हिमालय की ये खूबसूरत जगहें आपके लिए परफेक्ट हो सकती हैं. यहां कम भीड़ के बीच पहाड़, नदियां और हरियाली के बीच लंबी छुट्टी का मजा ले सकते हैं.
KSRTC के लिए ADS फंड से बसें खरीद सकेंगे केरल के विधायक, वित्त वर्ष 2026-27 में अधिकतम 3 की अनुमति
केरलम सरकार ने विधायकों को परिसंपत्ति विकास योजना (एडीएस) के तहत अपनी निधि से केरलम राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) के बेड़े के लिए बसें खरीदने की अनुमति दी है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। वित्त विभाग की ओर से शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधायक एडीएस के तहत अधिकतम तीन बसों की खरीद के लिए निधि मंजूर कर सकेंगे। सरकार ने कहा कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को मजबूत करना और केएसआरटीसी के सार्वजनिक बस बेड़े का विस्तार करना है। बसों की सीट क्षमता, ‘बॉडी’ और ईंधन के प्रकार का निर्धारण केएसआरटीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) से परामर्श के बाद किया जाएगा। संबंधित विधानसभा क्षेत्र के यात्रियों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। विधायकों को 15 अक्टूबर तक संबंधित जिला कलेक्टर को प्रस्ताव देना होगा। कलेक्टर निधि उपलब्धता सुनिश्चित करने के बाद सात दिन के भीतर प्रशासनिक मंजूरी देंगे। इसके बाद केएसआरटीसी सीएमडी एकल निविदा के जरिए बसों की खरीद करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि ईंधन, कर्मचारियों के वेतन, रखरखाव और मरम्मत समेत सभी परिचालन खर्च केएसआरटीसी वहन करेगा। यह फैसला निगम की वित्तीय दिक्कतों और पुराने बस बेड़े को बदलने की जरूरत को देखते हुए लिया गया है।
दक्षिण अफ्रीका में बार में अंधाधुंध फायरिंग, 17 लोगों की मौत, AK-47 लेकर आए थे हमलावर
दक्षिण अफ्रीका के गौतेंग प्रांत के वेडेला टाउनशिप में शनिवार रात एक बार में AK-47 राइफल और पिस्तौल से हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी की.
पानी की टंकी में Filter क्यों जरूरी?
पानी की टंकी में फिल्टर लगाने से पानी के साथ आने वाली मिट्टी, रेत और दूसरी गंदगी को आगे जाने से रोकने में मदद मिल सकती है. जानिए टंकी में फिल्टर लगाने के फायदे और इसे लेकर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

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