होर्मुज़ पर अमेरिका का कब्ज़ा? ट्रंप ने शेयर किया मैप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मैप शेयर कर इसे ‘NEW U.S. Territory’ बताया. ईरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी बयान जमीनी हकीकत नहीं बदल सकते. ईरान का कहना है कि होर्मुज अभी भी बंद है और उसकी शर्तें स्वीकार किए जाने तक इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा.
किले पर बारिश के बीच 'दंगल', पर्यटकों में जमकर चले लात-घूंसे
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध सिंहगढ़ किले पर पर्यटकों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई. बारिश और धुंध के बीच पर्यटक मारपीट करते नजर आए. उनकी इस लड़ाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस झड़प में कई लोग घायल भी हो गए, जिसके बाद स्थानीय हवेली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
पापा ने पहले मम्मी को मारा, फिर दीदी को, 8 साल के बेटे ने सुनाई दर्दनाक कहानी
इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में अनीता और उनकी बेटी माही की हत्या के मामले में 8 वर्षीय अजय का वीडियो सामने आया है. बच्चे के मुताबिक, घर में विवाद के बाद पिता ने पहले मां और फिर बहन पर हमला किया. बाद में उसे और बहन को तालाब में फेंक दिया गया. अजय ने मरने का नाटक कर झाड़ियों को पकड़कर अपनी जान बचाई.
सूर्य-शनि का षडाष्टक योग! इन 2 राशियों पर टूट सकता है दुखों का पहाड़
Surya Shani Yog 2026: 17 अगस्त को सूर्य के सिंह राशि में गोचर करते ही सूर्य-शनि के बीच एक दुर्लभ स्थिति बन गई है. सूर्य और शनि मिलकर षडाष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं. ज्योतिषविदोंं का कहना है कि यह दुर्लभ संयोग दो राशियों को नुकसान दे सकता है.
पुलिस द्वारा आरोपियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाने पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता का कहना है कि आरोपियों के निष्पक्ष सुनवाई के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। इस याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बैंक लॉकर से चोरी पर कौन करेगा भरपाई, जानिए आरबीआई के नियम
कई बार बैंक में चोरी, डकैती या आगजनी की घटना से लोगों का सामान गायब या उसके नुकसान हो जाता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सामान को हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा? जानें क्या कहता है RBI का नियम...
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने विकास को बढ़ावा देने के लिए नर्मदा मिशन, लाडली बहना और लाडली लक्ष्मी योजनाओं, स्वास्थ्य, कृष
350+ का रनचेज लंका के लिए नया नहीं, क्या गॉल में रिपीट होगा इतिहास?
भारत ने गॉल टेस्ट में श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा है. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम 84/4 पर पहुंची और उसे जीत के लिए 288 रन चाहिए. श्रीलंका का टेस्ट में सबसे बड़ा सफल रन चेज 388 रन है. 372 रन का लक्ष्य हासिल करते ही वह अपने इतिहास के तीसरे सबसे बड़े सफल चेज पर पहुंच जाएगा.
वंदेमातरम क्यों बना राजनीतिक विवाद का विषय?
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फूल गया बाथरूम का दरवाजा? बदलने से पहले आजमाएं ये टिप्स
क्या आपके बाथरूम का लकड़ी या प्लाई का दरवाजा पानी और नमी से फूलने लगा है? अगर हां तो उसे तुरंत बदलवाने की जरूरत नहीं है. आप कुछ आसान तरीकों की मदद से इसे पूरी तरह खराब होने से बचा सकते हैं. आज हम आपको दरवाजे की सीलन को खत्म करने के 4 आसान तरीके बताने वाले हैं.
अचानक भारत की तारीफ, सर्जियो गोर बोले- इस काम में भारत नंबर-1
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारतीय कंपनियों के अमेरिका में 20 अरब डॉलर के निवेश को लेकर सहराहना की और आगे कहा कि अगर आप विदेश में निवेश का प्लान बना रहे हैं तो अमेरिका को चुनें.
बहस के बाद लड़की पर चाकू से हमला, CCTV हुआ वायरल
एमपी के जबलपुर के रेस्टोरेंट में सहकर्मी पवन ने मुस्कान चौधरी पर चाकू से चार वार किए. CCTV में हमला और उसके बाद करीब 40-50 सेकेंड तक आरोपी का घायल लड़की के पास खाना बनाते रहना कैद हुआ. इलाज के दौरान मुस्कान की मौत हो गई. वीडियो में जानें पूरा मामला.
'बच्चों पर लाठी चलाओ, फिर बोल दो कुछ हुआ ही नहीं', रिजिजू पर राहुल गांधी का पलटवार
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पुलिस और प्रशासन की तारीफ की है जबकि विपक्षी नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस हिंसा के गंभीर आरोप लगाए हैं.
'Gen-Z को दीजिए 50% टिकट', चुनाव से पहले गहलोत की डिमांड
राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने चुनावों में युवाओं को मौका देने की बात कही है. उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अपील की है कि इस बार 50 प्रतिशत से ज्यादा टिकट युवा और Gen-Z उम्मीदवारों को दिए जाएं. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी देश में बदलाव ला रही है और टिकट वितरण मेरिट और जमीनी फीडबैक के आधार पर ही होना चाहिए.
यह पब्लिक है, सब देख रही, जब जान रही
देश में छात्रों पर दो जगहों पर लाठी चार्ज The post यहपब्लिकहै,सबदेखरही,जबजानरही appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
Ankit Sharma Murder Case: जावेद की उम्रकैद के खिलाफ अपील पर Delhi High Court ने पुलिस से मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को IB अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में उम्रकैद की सज़ा काट रहे जावेद की अपील पर नोटिस जारी किया। कड़कड़डूमा कोर्ट ने जावेद और ताहिर हुसैन समेत 5 लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें 31 जुलाई को सज़ा सुनाई थी। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर अपील पर जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई नाज़िम और कासिम की दूसरी अपीलों के साथ 2 दिसंबर को होगी। 12 अगस्त को हाई कोर्ट ने नाज़िम और कासिम की उम्रकैद की सज़ा पर रोक लगाने की अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया था। दोषियों के वकील ने कहा कि पुलिस अपील करने वाले जावेद की भूमिका साबित करने में नाकाम रही। इसे भी पढ़ें: Captive Elephants की सुरक्षा के लिए Regulatory System मजबूत करे केंद्र, Supreme Court ने DNA Profiling पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट अपील करने वाले नाज़िम और कासिम ने भी दिल्ली हाई कोर्ट में हत्या और दूसरे अपराधों के लिए अपनी सज़ा और दोषसिद्धि को चुनौती दी है। दोषियों ने वकील बिलाल अनवर खान के ज़रिए अपनी अपील दायर की है। अपील करने वालों, जो सगे भाई हैं, की ओर से एक सीनियर वकील पेश हुए। यह कहा गया कि अपील करने वालों के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं था और न ही गवाहों ने उनके ख़िलाफ़ कोई पुष्टि की थी। इसके बावजूद, उन्हें सिर्फ़ बयानों के आधार पर दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई। 31 जुलाई को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 में IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन और 4 अन्य दोषियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। सज़ा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा था कि यह अपराध बहुत ही घिनौना और बर्बर था, जिसने समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया। हत्या के बाद मृतक को जानवर की तरह घसीटा गया था। इसे भी पढ़ें: Red Fort Blast Case के आरोपी Jasir Bilal Wani की याचिका खारिज, Delhi High Court ने डिफ़ॉल्ट ज़मानत से किया इनकार कोर्ट ने कहा कि हालांकि, यह मामला 'दुर्लभतम से दुर्लभ' (रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर) मामलों की श्रेणी में नहीं आता है। अभियोजन पक्ष किसी भी दोषी की कोई खास भूमिका साबित नहीं कर सका। अभियोजन पक्ष ने अपराध के दौरान बरती गई बर्बरता का हवाला देते हुए सभी दोषियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की थी। यह भी कहा गया कि अपराध को अंजाम देने के लिए भारी काटने वाले हथियार का इस्तेमाल किया गया था। एडिशनल सेशंस जज (ASJ) ने हत्या के अपराध के लिए ताहिर हुसैन, नाज़िम, कासिम, जावेद और अनस को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। कोर्ट ने ताहिर हुसैन पर 5 लाख रुपये और अन्य आरोपियों पर 25-25 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया। उन्हें अपहरण के अपराध के लिए भी 7 साल की सज़ा सुनाई गई और जुर्माना भी लगाया गया। उन्हें दंगा करने, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने आदि अपराधों के लिए भी सज़ा सुनाई गई।
चीन-पाकिस्तान कनेक्शन वाले 'बॉस स्कैम' का पर्दाफाश, दो साइबर ठग अरेस्ट
अहमदाबाद साइबर क्राइम ने 1.50 करोड़ रुपये के 'बॉस स्कैम' मामले में पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में चीन, पाकिस्तान, भारत और हांगकांग तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस ने 1.13 करोड़ रुपये बरामद किए हैं.
27 या 28 अगस्त कब है सावन पूर्णिमा? जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 9 मिनट से शुरू होगी. पूर्णिमा तिथि का समापन 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 47 मिनट पर होगा. उदया तिथि के आधार पर सावन पूर्णिमा का पर्व 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र और 'कैप्टिव एलिफेंट हेल्थ एंड वेलफेयर कमिटी' (CEHWC) को निर्देश दिया कि वे देश भर में कैद में रखे गए हाथियों की देखभाल, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए रेगुलेटरी सिस्टम को मज़बूत करने के कदम उठाएं। कोर्ट ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) से कैद में रखे गए हाथियों की DNA प्रोफ़ाइलिंग पर रिपोर्ट भी मांगी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हाथियों की मेडिकल देखभाल के लिए एक असरदार और पारदर्शी सिस्टम सुनिश्चित करें। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ वन्यजीव बचाव एवं पुनर्वास केंद्र द्वारा बंदी हाथियों के कल्याण से संबंधित दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। अदालत को सूचित किया गया कि 2018 में हाथियों की सुरक्षा के संबंध में न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुपालन में की गई नवीनतम जनगणना में 27 राज्यों में 2,725 बंदी हाथी पाए गए, जिनमें निजी व्यक्तियों, मंदिरों, चिड़ियाघरों, सर्कसों, पुनर्वास केंद्रों, वन विभागों और पर्यटन संचालकों द्वारा रखे गए हाथी शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई हाथियों को वैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लंघन करते हुए बंदी बनाकर रखा जा रहा है और कई हाथियों के निजी कब्जे में आने के स्रोत और तरीके का उचित दस्तावेजीकरण नहीं किया गया है। इसे भी पढ़ें: Balrampur में हाथी दांत तस्करी के आरोप में तीन गिरफ्तार जनहित याचिका में हाथियों की अवैध बिक्री और हस्तांतरण तथा वाणिज्यिक, धार्मिक और मनोरंजक उद्देश्यों के लिए उनके उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता परमेश्वर ने कहा कि याचिका केरल में मंदिर के हाथियों से संबंधित धार्मिक अनुष्ठानों में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि याचिकाकर्ताओं ने त्योहारों के मौसम में इस अदालत का रुख किया है। परमेश्वर ने कहा, केरल एकमात्र ऐसा राज्य है जहां प्रत्येक बंदी हाथी को रेडियो टैग किया गया है ताकि उसकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके। अदालत ने कहा कि इस मुद्दे पर उसका ध्यान इस बात पर है कि बंदी हाथियों के उचित आवास, चिकित्सकीय जांच और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए एक समान तंत्र की आवश्यकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह मंदिरों में हाथियों के उपयोग से जुड़े धार्मिक अधिकारों की जांच नहीं कर रही है। इसे भी पढ़ें: JNU Admission Row: दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने Deprivation Points पॉलिसी के तहत दाखिले को दी मंजूरी अदालत ने कहा, हम धार्मिक अधिकारों या व्यक्तिगत अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं। हमें धार्मिक अधिकारों के साथ सामंजस्यपूर्ण ढंग से व्यवहार करना होगा। अदालत ने कहा कि जहां हाथियों को मंदिरों में रखा जाता है, वहां भी उनके उपयोग को विनियमित किया जाना चाहिए और उनके कल्याण को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा दिव्यता के प्रति सम्मान हाथी तक भी विस्तारित होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायालय का ध्यान विशेष रूप से निजी व्यक्तियों द्वारा रखे गए हाथियों, सर्कसों द्वारा रखे गए हाथियों और रिसॉर्ट्स में मनोरंजक गतिविधियों के लिए उपयोग किए जाने वाले हाथियों पर था।
Nagpur के स्कूलों को मिला धमकी भरा Email, पुलिस खंगाल रही Digital Source और संदिग्धों का सुराग
ईमेल के ज़रिए बम की धमकी मिलने के बाद, वर्धमान नगर के सेंटर पॉइंट स्कूल ने एहतियात के तौर पर पुलिस को सूचित किया और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिसकर्मियों ने बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड और डॉग स्क्वाड के साथ मिलकर क्लासरूम, स्कूल परिसर और बसों की गहन तलाशी ली। स्कूल ने बताया कि तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। हालांकि, कोई जोखिम न लेते हुए, स्कूल ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और बच्चों को असेंबली एरिया में सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया। नागपुर पुलिस के ACP रोहित ओव्हल ने ANI से बात करते हुए कहा, स्कूल प्रशासन को एक धमकी भरा ईमेल मिला। इसके बाद, स्थानीय पुलिस और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) वहां पहुंचे और पूरे परिसर की तलाशी ली। कोई भी संदिग्ध चीज़ नहीं मिली। पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, दोबारा जांच के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी बुलाया गया। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में हाई कोर्ट, जाम नगर हाउस, झंडेवालान बिल्डिंग समेत 6 जगहों पर बम की धमकी, जांच में जुटी पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि यह डिजिटल धमकी कहां से आई है। उन्होंने कहा वरिष्ठ अधिकारी इस ईमेल के स्रोत और इसके पीछे कौन है, इसकी जांच कर रहे हैं। स्कूल के गेट के बाहर जमा हुए चिंतित अभिभावकों की चिंताओं को देखते हुए, अधिकारी ने शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने आग्रह किया, मैं सभी अभिभावकों से अनुरोध करता हूं कि वे घबराहट की स्थिति पैदा न करें। इसे भी पढ़ें: Colombia में नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के अगले दिन Car Bomb विस्फोट पुलिस प्रशासन इससे निपटने में पूरी तरह सक्षम है और हमने इलाके को सुरक्षित कर लिया है। कृपया अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं। एक अधिकारी के अनुसार, शहर के कम से कम दो-तीन स्कूलों को इसी तरह के धमकी भरे संदेश मिले हैं।
धनिया-पुदीना छोड़िए,अब घर पर ट्राई करें काले चने से बनी ये चटपटी चटनी
अगर आप रोज-रोज की एक जैसी चटनी से बोर हो चुके हैं, तो यह काले चने की चटपटी चटनी ज़रूर ट्राई करें. भुने लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और नीबू के स्वाद से भरपूर यह रेसिपी न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि प्रोटीन से भी भरपूर है, इसे बनाना बेहद आसान है.
जमीन में 1000 साल का प्रेशर... बड़े अमेरिकी शहर में है 'भूकंप का गेट'
1000 साल के भूकंप इतिहास को खंगालने के बाद वैज्ञानिकों को कैलिफोर्निया की धरती के नीचे कुछ असामान्य मिला है. दो बड़े फॉल्ट पर प्रेशर रिकॉर्ड स्तर पर है. लॉस एंजेलिस के पास एक जगह है जो अगले बड़े भूकंप का रास्ता तय कर सकती है.
ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री देख पाकिस्तान तिलमिलाया, भारत के खिलाफ करने लगा हवाबाजी
पाकिस्तानी सेना ने डॉक्यूमेंट्री में इस अभियान को सैन्य सफलता बताने के भारत के दावे पर सवाल उठाए हैं। इस सीरीज में भारत के सीनियर राजनीतिक नेतृत्व और सैन्य नेतृत्व ने 88 घंटे तक चले संघर्ष से जुड़ी घटनाओं का जिक्र किया है।
रूस पर यूक्रेन का सबसे भीषण अटैक, 800 से ज्यादा ड्रोन से बरसाए बम, देखें तबाही
यूक्रेन ने पिछले 24 घंटों के दौरान 800 से ज्यादा ड्रोन मॉस्को की तरफ दाग दिए. मॉस्को और आसपास के कई शहरों में इन ड्रोन हमलों की वजह से भारी नुकसान हुआ. इसका बदला लेते हुए खारकीव में रूस ने जबरदस्त एयरस्ट्राइक की, जिसमें 10 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. मिसाइल हमले के बाद कई धमाके हुए और भारी तबाही देखने को मिली. कई इमारतों में इस हमले के बाद आग लग गई. देखें वीडियो.
झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों की बड़ी जीत हुई है। जानिए राहुल गांधी की चिट्ठी का असर, बीजेपी की नाकामी और परीक्षा रद्द होने से उठे 'कहीं खुशी, कहीं गम' के राजनीतिक और सामाजिक मायने।
मिलिट्री ग्रीन कलर... गोरखा अंदाज! Classic Gorkha 350 लॉन्च
Royal Enfield Classic 350 Gorkha: रॉयल एनफील्ड ने भारतीय सेना के गोरखा रेजिमेंट के सम्मान में इस बाइक को लॉन्च किया है. इस बाइक का लुक-डिजाइन काफी हद तक गोरखा से ही इंस्पायर्ड है. लॉन्च के साथ ही इसकी ऑफिशियल बुकिंग भी आज से शुरू कर दी गई है.
अंकित-इसरार को मंदिर में दफना कहां फरार पुजारी? 25 हजार का इनाम
बागपत के लहचौड़ा गांव में दो युवकों की हत्या कर उनके शव मंदिर परिसर में हवन कुंड के पास दफनाने के मामले में मुख्य आरोपी महंत नरेशनाथ फरार है. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में आरोपी की तलाश कर रही हैं.
धर्मकांटे पर वजन का खेल और रास्ते में फटा टायर... कानपुर का 'स्क्रैप घोटाला'
कानपुर बिजली विभाग में स्क्रैप निस्तारण में करोड़ों की धांधली का मामला सामने आया है. ई-ऑक्शन और लोडिंग में अनियमितता के आरोप में जेई मुन्ना यादव पर एफआईआर दर्ज हुई है. पुलिस ने 22,315 किलो स्क्रैप लदा ट्रक सीज कर जांच शुरू कर दी है। अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है.
मरांडी का हेमंत सरकार पर हमला, बोले- छात्रों के हाथ सिर्फ धोखा लगेगा
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नौकरियों में भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए इस नाटक को रचा है. मरांडी ने कहा कि छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसे टाल रही है.
Vastu Tips in Hindi: घर के मंदिर में एक या दो अगरबत्ती जलाना पर्याप्त माना जाता है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि पूजा में संख्या से ज्यादा श्रद्धा, स्वच्छता और मन की एकाग्रता जरूरी है.
क्या सही में जलाकर लगाते हैं घोड़े की नाल? ऐसा करना क्यों है जरूरी
घोड़ों में नाल लगवाने से पहले क्या उनके खुर को गर्म लोहे से जलाया जाता है? घोड़े के पैर में नाल लगाने का प्रोसेस क्या है? चलिए इस पूरी प्रक्रिया पर एक नजर डालते हैं.
अमेरिकी से पढ़कर लौटी तो दादा ने 3 महीने नहीं की बात, 8000 करोड़ की तीन कंपनियां चला रही ये लड़की
Naiyya Saggi Success story: हार्वर्ड की पढ़ाई और अमेरिका की शानदार जिंदगी छोड़कर जब ये लड़की भारत लौटी. बिना किसी खानदानी दौलत के आज इस लड़की ने 8000 करोड़ की तीन कंपनियां खड़ी करके सबको हैरान कर दिया है.
सुबह 4 बजे फोन कर लेते हैं अपडेट, 18-20 घंटे... मंत्री ने बताया CM थलपति विजय का डेली रूटीन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय जोसेफ ने सत्ता में 100 दिन पूरे कर लिए हैं। सियासत में विजय की शानदार एंट्री के बाद यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। विजय सरकार के 100 दिन पूरे होने पर उनके करीबी और मंत्री अधव अर्जुन ने एक अहम बात कही है।
कैमरा घूमते ही खुला टीम इंडिया का राज? गंभीर के पीछे लिखीं बातें लीक
गॉल टेस्ट के चौथे दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया कि LIVE ब्रॉडकास्ट के दौरान टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम का व्हाइटबोर्ड कैमरे में नजर आया. यूजर्स ने इसे भारतीय टीम की रणनीति से जोड़ दिया. हालांकि इस मामले में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले दो महीनों तक पूरे शहर में सख्ती से लागू रहेगा. संयुक्त पुलिस आयुक्त चैतन्य मंडलिक ने बताया कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां शहर की शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही हैं.
बारिश की शाम, तन्हाई का साथ और गुलाम अली की आवाज में यह गजल आज भी टूटे दिलों की कहानी बयां करती है. 26 साल बाद भी 'हम को किसके गम ने मारा' उन लोगों की पहली पसंद बनी हुई है, जो अधूरी मोहब्बत और बिछड़ने के दर्द को महसूस कर चुके हैं.
NHAI ने 121 टोल प्लाजा पर शुरू किया FASTage Local Pass, जानें किसे होगा फायदा
FASTag लोकल पास योग्य यात्रियों को लागू नियमों के अनुसार, महीने के दौरान संबंधित टोल प्लाज़ा से अनलिमिटेड यात्रा करने की सुविधा देता है.
Maulana Razvi की मुसलमानों से अपील: PM Modi, CM Yogi को बुरा-भला न कहें, BJP को हराना हमारा काम नहीं
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ़्ती शहाबुद्दीन रज़वी ने मुसलमानों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुरा-भला कहना बंद करें और इसके बजाय सकारात्मक सोच अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराना सिर्फ़ मुसलमानों की ही ज़िम्मेदारी नहीं है। मीडिया को जारी एक बयान में रजवी ने कहा कि मुसलमानों को विरोध की राजनीति से हटकर अपने विकास और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए। इसे भी पढ़ें: CM Yogi Adityanath ने Gorakhpur में PRD जवानों का भत्ता बढ़ाकर 600 रुपये किया रज़वी ने कहा कि कुछ मुसलमानों की यह आदत बन गई है कि वे जहाँ भी बैठते हैं, मोदी और योगी के बारे में नकारात्मक बातें करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि आज मुसलमानों में यह आदत बन गई है कि वे जहाँ भी बैठते हैं, योगी और मोदी के बारे में नकारात्मक चर्चा शुरू कर देते हैं। मैं सभी मुसलमानों से कहना चाहता हूँ कि 2017 से अब तक हम बीजेपी का विरोध करने की राजनीति करते रहे हैं। लेकिन अब विरोध की राजनीति को खत्म करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की ज़रूरत है। रज़वी ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में, समाजवादी पार्टी और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के कहने पर मुसलमान बार-बार बीजेपी के खिलाफ एकजुट हुए, जबकि इसका राजनीतिक फायदा मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी को मिला और मुस्लिम समुदाय हाशिए पर चला गया। उन्होंने कहा कि 10 साल की इस लंबी अवधि में, मुसलमान समाजवादी पार्टी और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के कहने और उकसावे पर बीजेपी के खिलाफ एकजुट होते रहे। इसका सीधा फायदा समाजवादी पार्टी को मिला, जबकि मुसलमान हाशिए पर धकेल दिए गए। सारा नुकसान मुसलमानों को ही उठाना पड़ रहा है। इसलिए, मुसलमानों को भी सोचने और अपना नज़रिया बदलने की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: UP Police ने जारी किया 'खाकी का सितारा' का पूरा वीडियो, Amitabh Bachchan की आवाज से सजा मुस्लिम नेता ने आरोप लगाया कि तथाकथित सेक्युलर पार्टियों, खासकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आम मुसलमानों को उकसाया और गुमराह किया। रज़वी ने दावा किया कि इन तथाकथित सेक्युलर पार्टियों, खासकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मासूम और सीधे-सादे मुसलमानों को उकसाया और भड़काया। अगर कोई मुसलमान अपने बेटे या बेटी की शादी में बीजेपी के किसी मंत्री या विधायक को बुलाता है, तो एसपी कार्यकर्ता भारी विवाद खड़ा कर देते हैं और यहां तक कि बहिष्कार का ऐलान भी कर देते हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि 'खेल महाकुंभ' आयोजित करने का मकसद उत्तराखंड के युवाओं में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देना, ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच देना और उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के मौके देना है। जारी बयान के अनुसार, युवा कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान खेल महाकुंभ-2026 - मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत प्रतियोगिताओं के आयोजन का खाका तैयार कर लिया है। खेल महाकुंभ का आयोजन न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh ने Commonwealth Games के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों की सराहना की न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों की खेल प्रतियोगिताएं 1 से 10 सितंबर, 2026 तक आयोजित की जाएंगी। विधानसभा क्षेत्र स्तर पर विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 11 से 20 सितंबर तक और उसके बाद संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 21 से 30 सितंबर तक आयोजित होंगी। बयान के मुताबिक, राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 10 सितंबर से 30 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित की जाएंगी। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh ने Commonwealth Games के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों की सराहना की न्याय पंचायत स्तर पर, 14 साल से कम और 19 साल से कम उम्र के लड़के-लड़कियों के लिए कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट्टा जैसे मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। विधानसभा स्तर पर, सीधे तौर पर वॉलीबॉल और पिट्टू के मुकाबले होंगे, साथ ही न्याय पंचायत स्तर से चुने गए खिलाड़ियों के बीच भी मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। संसदीय निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर, मल्लखंब, रस्साकशी, कंचे, फुटबॉल और बैडमिंटन के मुकाबले सीधे तौर पर होंगे, और साथ ही विधानसभा स्तर से चुने गए खिलाड़ियों के बीच अन्य मुकाबले भी आयोजित किए जाएंगे। राज्य स्तर पर, जूडो, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, कराटे, बास्केटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, योगासन, तैराकी, तीरंदाजी, तलवारबाजी, कुश्ती, पेनकैक सिलाट, पावरलिफ्टिंग, वेटलिफ्टिंग, बेसबॉल और लॉन टेनिस के मुकाबले सीधे तौर पर आयोजित किए जाएंगे, साथ ही विधानसभा स्तर से चुने गए खिलाड़ियों के बीच कई मुकाबले भी होंगे।
पेपर लीक और गोलीकांड पर तेजस्वी का हल्ला बोल, कल लोकभवन तक करेंगे मार्च
तेजस्वी यादव ने पेपर लीक और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों के समर्थन में लड़ाई जारी रहेगी और 19 अगस्त को लोकभवन मार्च किया जाएगा. प्रदर्शन करने वाले छात्रों को उन्होंने समर्थन किया.
चीन के सहयोग से तीस्ता प्रोजेक्ट, भारत क्यों है सतर्क?
बांग्लादेश तीस्ता नदी के पुनरुद्धार के लिए चीन के सहयोग से प्रोजेक्ट आगे बढ़ा रहा है. ढाका ने भारत से दोस्ताना रिश्ते बनाए रखने की बात कहते हुए तीस्ता जल बंटवारे में अपने हितों को समझने की अपील की है. अब चीन की भूमिका बढ़ने के बीच तीस्ता परियोजना को लेकर भारत की सतर्कता भी अहम हो गई है.
Delhi LG ने बदली शासन की रूपरेखा, Apex और District Development Committees का हुआ पुनर्गठन
दिल्ली के उपराज्यपाल ने दिल्ली के नेशनल कैपिटल टेरिटरी में 'एपेक्स कमिटी' और 'डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिटी' (DDC) के बड़े पैमाने पर बदलाव और उन्हें फिर से बनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। इसके साथ ही, 15 नवंबर 1999 को बने मूल ढांचे में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, इस बदलाव से दो-स्तरीय गवर्नेंस सिस्टम को अपडेट किया गया है ताकि दिल्ली को 13 रेवेन्यू ज़िलों में बांटने के बाद की स्थिति को इसमें शामिल किया जा सके - यानी डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिटी की संख्या नौ से बढ़ाकर तेरह कर दी गई है। साथ ही, अलग-अलग विभागों के पदों के नाम भी अपडेट किए गए हैं ताकि एजेंसियों के बीच तालमेल और ज़मीनी स्तर पर निगरानी को बेहतर बनाया जा सके। इसे भी पढ़ें: Red Fort Blast Case के आरोपी Jasir Bilal Wani की याचिका खारिज, Delhi High Court ने डिफ़ॉल्ट ज़मानत से किया इनकार नए ढांचे के तहत, प्रमुख सचिव (पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट - PWD) को औपचारिक रूप से 'एपेक्स कमिटी' का स्थायी सदस्य बनाया गया है। चूंकि PWD दिल्ली में बड़ी सड़कों, फ्लाईओवर और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के कामों के लिए मुख्य एजेंसी के तौर पर काम करता है, इसलिए इसे शामिल करने से लंबे समय से चली आ रही एक संरचनात्मक कमी दूर हो गई है। इससे यह पक्का होगा कि प्रोजेक्ट को लागू करने, विभागों के बीच तालमेल और ज़मीनी स्तर की प्लानिंग को उच्च-स्तरीय पॉलिसी समीक्षाओं में आसानी से शामिल किया जा सके। इसे भी पढ़ें: दिल्ली हाई कोर्ट में Habeas Corpus याचिका, AAP MLA Kuldeep Kumar की हिरासत पर Delhi Police से मांगा जवाब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली इस नई बनी शीर्ष समिति (Apex Committee) में सभी कैबिनेट मंत्री, सभी 13 ज़िला विकास समितियों के अध्यक्ष, मुख्य सचिव, स्थायी समिति (MCD) के अध्यक्ष और अहम विभागों के प्रशासनिक प्रमुख शामिल हैं। इन विभागों में वित्त, शहरी विकास, योजना, सामान्य प्रशासन, MCD, NDMC और दिल्ली जल बोर्ड शामिल हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के उपाध्यक्ष को भी नियमित सदस्य बनाया गया है, जबकि सचिव (राजस्व)-सह-मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) सदस्य-सचिव के तौर पर काम करेंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुराने हो चुके पदों, जैसे कि पहले के दिल्ली विद्युत बोर्ड और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, को औपचारिक रूप से हटा दिया गया है। DDC का ढांचा फ़ैसले लेने की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करने, स्थानीय अधिकारियों को अधिकार देने और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी को दूर करने के लिए एक अहम मंच का काम करता है। चुने हुए प्रतिनिधियों, नागरिक एजेंसियों और विभाग प्रमुखों को सक्रिय रूप से एक साथ लाकर, इस नए ढांचे का मकसद दिल्ली के हर ज़िले में नागरिक प्रोजेक्ट्स को तय समय में पूरा करना, शिकायतों का तेज़ी से समाधान करना और बेहतर जन-सेवाएँ पहुँचाना है।
NDTV में भारत की आवाज दुनिया तक पहुंचाने की क्षमता: राहुल कंवल
NDTV के एडिटर-इन-चीफ और CEO राहुल कंवल ने कहा कि उनकी कोशिश NDTV को सिर्फ एक टीवी चैनल नहीं, बल्कि टीवी, डिजिटल, सोशल मीडिया और कई कम्युनिटीज को जोड़ने वाले ‘NDTV Multiverse’ के रूप में विकसित करने की है.
Exclusive: सेना ने साल भर में चलाए 34 ऑपरेशन, दर्जनों आतंकी ढेर
ऑपरेशन महादेव से लेकर शाहजाद भट्टी नेटवर्क तक, एक साल में सेना ने जम्मू-कश्मीर में 34 बड़े ऑपरेशन चलाए. चिनार और व्हाइट नाइट कोर ने घुसपैठ रोकी, ठिकाने तोड़े और आतंकियों को खत्म किया.
लंदन में आंबेडकर का घर खरीदवा कर चर्चा में आए थे विनोद तावड़े, जानें उस घर का क्या है इतिहास
डॉक्टर बीआर आंबेडकर लंदन के 10, किंग हेनरी रोड, एनडब्ल्यू3 स्थित घर में दो बार रहे थे. उस घर को खरीदने में महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री के रूप में विनोद तावड़े ने विशेष योगदान दिया था. उस घर को महाराष्ट्र सरकार ने आंबेडकर संग्रहालय के रूप में विकसित किया था.
पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, आरोपियों पर PMLA और भ्रष्टाचार कानून लगाने को लेकर नोटिस जारी
पेपर लीक मामलों में आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग, भ्रष्टाचार निवारण और बेनामी संपत्ति कानून लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है.
ऋतब्रत बनर्जी रहेंगे नेता विपक्ष, कलकत्ता हाईकोर्ट से ममता गुट को झटका
यह पूरा विवाद विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रथीन बोस के उस फैसले से जुड़ा है, जिसके तहत उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त किया था।
BPSC ने जारी किया शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन, इतने पदों पर निकली वैकेंसी
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने टीचर बहाली के लिए मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी. 32 हजार से ज्यादा खाली पदों के लिए अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे. परीक्षा में देरी से नाराज छात्र मंगलवार को पटना के गर्दनीबाग में धरना देने वाले थे. इससे पहले ही सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया. देखें वीडियो.
एयर मार्शल तेजपाल सिंह, जो एयर स्टाफ के डिप्टी चीफ हैं, ने मंगलवार को कहा कि आज की लड़ाई में जानकारी में बढ़त, नेटवर्क-बेस्ड ऑपरेशन और पलक झपकते ही फैसले लेने की क्षमता सबसे अहम है। उन्होंने दुश्मन से आगे रहने के लिए OODA (ऑब्जर्व, ओरिएंट, डिसाइड और एक्ट) लूप को छोटा करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। एयर फोर्स ऑडिटोरियम, सुब्रतो पार्क में इंडियन मिलिट्री रिव्यू (IMR) के साथ मिलकर आयोजित सर्विलांस, C4I2 और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स पर एक जॉइंट सेमिनार में बोलते हुए, एयर मार्शल सिंह ने कहा कि आज की लड़ाई का तरीका जानकारी को प्रोसेस करने की क्षमता से तय हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Air India की 100% टेस्टिंग में सामने आया सच, 2 Pilot नशीले पदार्थों के इस्तेमाल में पाए गए संदिग्ध! प्लेटफ़ॉर्म और हथियारों की लगातार अहमियत और साथ ही जानकारी और फैसले लेने की बढ़ती अहमियत पर बात करते हुए उन्होंने कहा आज के युद्ध के मैदान में, मुझे लगता है कि हम सभी, जो कई सेमिनार में शामिल होते हैं, प्लेटफ़ॉर्म और हथियारों पर ही ध्यान देते हैं। हालांकि प्लेटफ़ॉर्म और हथियारों की अहमियत कभी खत्म नहीं होगी, लेकिन मुझे लगता है कि आज का युद्ध का मैदान और युद्ध का हवाई क्षेत्र जानकारी में बढ़त, नेटवर्क-बेस्ड ऑपरेशन और सबसे ज़रूरी, पलक झपकते ही फैसले लेने की क्षमता से तय होता है। इसलिए, मल्टी-डोमेन ऑपरेशन में सफलता तभी मिल सकती है जब हम अपने OODA लूप, यानी ऑब्जर्व, ओरिएंट, डिसाइड और एक्ट को छोटा कर सकें। मकसद यह है कि हम अपने OODA लूप को दुश्मन के लूप से छोटा बनाएं ताकि हम उसके कुछ करने से पहले ही फैसला ले सकें और कार्रवाई कर सकें। इसे भी पढ़ें: Varanasi Airport पर पिस्तौल से गोली चलने से 2 कर्मी घायल, यात्री पर केस दर्ज तीनों सेनाओं के लिए एक जैसे डिजिटल इकोसिस्टम की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और मिलकर काम करने की क्षमता (seamless jointness) हासिल करने के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि हमारे प्रोटोकॉल एक जैसे (standardised) हों। हमें आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ज़रूरत है। हमारे सभी कम्युनिकेशन सिस्टम, ज़मीनी सेंसर, प्लेटफॉर्म और हवाई ISR (इंटेलिजेंस, सर्विलांस और टोही) एसेट्स को एक ही नेटवर्क और एक जैसे प्रोटोकॉल पर काम करना चाहिए और एक ही डिजिटल भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए; यह बहुत ज़रूरी है। इसलिए, इंटरऑपरेबिलिटी (अलग-अलग सिस्टम का एक साथ मिलकर काम कर पाना) को डिज़ाइन का एक अहम हिस्सा होना चाहिए, न कि बाद में सोची जाने वाली कोई चीज़। और आखिर में, लेकिन सबसे ज़रूरी बात यह है कि मिलिट्री लीडर्स के तौर पर हमें अपनी युद्ध योजनाओं और ऑपरेशनल प्लान में आधुनिक टेक्नोलॉजी को शामिल करने के लिए तैयार रहना होगा।
एक अभ्यर्थी ने कहा, सरकार के फैसले के बाद, मैं अकेला रह गया हूं. हम एक निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए शामिल हुए थे, तो ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है? हमारा कहना है कि जांच की जाए. अगर जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उन खास लोगों को हटा दिया जाए.
कृत्रिम मेधा (AI) के खतरों से सावधानी जरूरी
कृत्रिम मेधा के खतरों से सावधानी जरूरी The post कृत्रिम मेधा (AI) के खतरों से सावधानी जरूरी appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
'कई निकम्मे हैं, उन्हें मौज लेने दो...', मुंबई छोड़ दिल्ली आने पर बोले CM फडणवीस
जब महाराष्ट्र सीएम से पूछा गया कि उन्हें दिल्ली कौन भेजना चाहता है तो फडणवीस ने हंसते हुए कहा कि कई लोगों को ऐसा लगता है कि उन्हें दिल्ली जाना चाहिए, लेकिन उन सबको वे बताना चाहते हैं कि वे मुंबई में ही रहेंगे.
'होर्मुज अब अमेरिका का नया इलाका...', ट्रंप ने मैप दिखाकर किया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को Truth Social पर Strait of Hormuz का एक नक्शा पोस्ट किया, जिसमें इसे 'NEW U.S. Territory' बताया गया है.
अगर आपका बच्चा 5 या 15 साल का हो गया है तो Aadhaar में उसका Biometric Update कराना जरूरी है। खास बात यह है अभी 30 सितंबर 2026 तक यह अपडेट FREE में कराया जा सकता है।
शाम के नाश्ते में सहजन से बनाएं ये क्रिस्पी नाश्ता, रेसिपी है आसान
Moringa Fry Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो गए हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं तो सहजन (ड्रमस्टिक) की क्रिस्पी स्नैक ट्राई कर सकते हैं. आज हम आपको इसे बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दौरान एक ऐसा ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है, जो आज तक कोई भी भारतीय या एशियाई बल्लेबाज नहीं कर पाया था। गॉल के मैदान पर खेली गई उनकी शानदार अर्धशतकीय पारी न सिर्फ टीम इंडिया के लिए बेहद अहम साबित हुई, बल्कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 छक्के भी पूरे कर लिए। इसके साथ ही वे दुनिया के चुनिंदा दिग्गजों की उस खास सूची में शामिल हो गए हैं, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है।गॉल टेस्ट में पंत का आक्रामक अर्धशतक और अनोखा संयोगश्रीलंका के खिलाफ मुकाबले के चौथे दिन ऋषभ पंत ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 69 गेंदों में 66 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी के दौरान उनके बल्ले से 8 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के निकले। इसी मैच के दौरान उन्होंने अपने टेस्ट करियर का 20वां अर्धशतक पूरा करने के साथ-साथ अपने छक्कों का शतक भी पूरा किया।खास बात यह है कि इस उपलब्धि के साथ एक दिलचस्प संयोग भी जुड़ा है। ऋषभ पंत ने ठीक 8 साल पहले यानी 18 अगस्त 2018 को ही इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था और संयोग देखिए कि ठीक 18 अगस्त को ही उन्होंने अपने 100 टेस्ट छक्के भी पूरे किए। टेस्ट इतिहास में 100 या उससे अधिक छक्के जड़ने वाले वे दुनिया के चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ इंग्लैंड के बेन स्टोक्स (138 छक्के), न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम (107) और ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट (100) ही कर पाए थे।सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा के खास क्लब में एंट्रीइस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही ऋषभ पंत ने भारत के दो सबसे बड़े लेजेंड्स—सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा के साथ एक बेहद अनोखे '100 सिक्स' क्लब में एंट्री मार ली है:ऋषभ पंत: टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने वाले पहले भारतीय और एशियाई बल्लेबाज।सचिन तेंदुलकर: एक समय पर वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में छक्कों का सैकड़ा पूरा करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज।रोहित शर्मा: भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे पहले 100 छक्के लगाने वाले खिलाड़ी (जो वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक 662 छक्कों के साथ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी भी हैं)।लाहिरु कुमारा का शिकार बने पंत, भारत ने रखा बड़ा लक्ष्यअपनी इस तूफानी पारी के दौरान पंत ने श्रीलंका के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा, हालांकि अंततः वह लाहिरु कुमारा की गेंद का शिकार बने। देवदत्त पडिक्कल (44 रन) और ऋषभ पंत की उपयोगी पारियों की बदौलत भारत ने अपनी दूसरी पारी में 193 रन बनाए। पहली पारी के आधार पर मिली 178 रनों की बढ़त को जोड़ते हुए भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रनों का बेहद कठिन लक्ष्य रखा है। गॉल स्टेडियम के इतिहास में चौथी पारी में इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना किसी भी टीम के लिए पहाड़ चढ़ने जैसा रहा है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली फोर्ट ब्लास्ट केस के आरोपी जासिर बिलाल वानी को डिफ़ॉल्ट ज़मानत देने से इनकार कर दिया। उसने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की जांच का समय बढ़ाए जाने के आधार पर डिफ़ॉल्ट ज़मानत मांगी थी। कोर्ट ने NIA की जांच की अवधि बढ़ा दी थी। ट्रायल कोर्ट ने उसकी डिफ़ॉल्ट ज़मानत की अर्ज़ी खारिज कर दी थी। NIA ने 14 मई को चार्जशीट दाखिल की थी। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और विकास महाजन की डिवीज़न बेंच ने जासिर बिलाल वानी उर्फ़ दानिश की अर्ज़ी खारिज कर दी। उसने स्पेशल NIA कोर्ट द्वारा जांच की अवधि को 90 दिन से ज़्यादा बढ़ाने के फ़ैसले को चुनौती दी थी। उसने NIA कोर्ट द्वारा उसकी डिफ़ॉल्ट ज़मानत खारिज करने के आदेश को भी चुनौती दी थी। इसे भी पढ़ें: Vande Mataram के अपमान का आरोप, Sonia Gandhi के खिलाफ Ghaziabad Court में केस दर्ज, क्या बढ़ेंगी कांग्रेस की मुश्किलें? NIA की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) माधव खुराना पेश हुए और उन्होंने नोटिस स्वीकार किया। जासिर बिलाल वानी के वकील ने कहा कि जांच की अवधि को 90 दिन से आगे बढ़ाने का आदेश गैर-कानूनी है। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, डिफ़ॉल्ट ज़मानत से इनकार करने का आदेश भी गैर-कानूनी है। वकील ने तर्क दिया कि NIA ने जांच की अवधि बढ़ाने के लिए 13 फरवरी को आवेदन दिया था। 90 दिन की अवधि 15 फरवरी को खत्म हो रही थी। इसे भी पढ़ें: दिल्ली हाई कोर्ट में Habeas Corpus याचिका, AAP MLA Kuldeep Kumar की हिरासत पर Delhi Police से मांगा जवाब 90 दिन पूरे होने पर UAPA की धारा 43 (D) लागू होती है। अगर 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती है, तो आरोपी डिफ़ॉल्ट ज़मानत का हकदार होता है। दूसरी ओर, NIA ने कहा कि NIA कोर्ट द्वारा पारित दोनों आदेशों में कोई कानूनी खामी नहीं है। जासिर बिलाल वानी पर 11 नवंबर, 2025 के दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले में अन्य आरोपियों के साथ चार्जशीट दाखिल की गई है।
इमरान खान से जेल में मिलेंगी उनकी बहन, पाक सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया है?
पूर्व पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन उनसे जेल में मिलने जाएंगी. उन्होंने कहा कि वह इमरान खान से मिलेंगी और पार्टी वर्कर की ओर से किए जा रहे प्रयास के बारे में बताएंगी.
भारतीय क्रिकेट टीम में समय के साथ बदलाव का दौर शुरू हो चुका है, जहां सीनियर खिलाड़ियों के संन्यास लेने के बाद युवा टैलेंट अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। इस बीच, भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और जाने-माने कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एक ऐसे युवा खिलाड़ी की तारीफ में कसीदे पढ़े हैं, जिसे भारतीय टेस्ट टीम में अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का परफेक्ट उत्तराधिकारी माना जा रहा है। यह 24 वर्षीय युवा खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि अपनी फिरकी और बल्लेबाजी से धूम मचाने वाले मानव सुथार हैं।गॉल टेस्ट में दिखाया दम और बल्ले से भी किया कमालमानव सुथार ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान अपनी शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मैच की पहली पारी में घातक गेंदबाजी करते हुए सुथार ने 4 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इसके बाद आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने उपयोगी 24 रनों का योगदान भी दिया। इसी साल जून में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले मानव ने अपने पहले ही टेस्ट मैच (अफगानिस्तान के खिलाफ) में 7 विकेट झटककर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब अपने नाम किया था।आकाश चोपड़ा ने क्यों कहा 'अपग्रेडेड वर्जन'?अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने मानव सुथार की जमकर सराहना की। जब उनसे पूछा गया कि क्या सुथार ने एशियाई पिचों पर अपनी जगह पक्की कर ली है, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा, बंदा बहुत तगड़ा है। उसके हाथ से जो गेंद निकलती है, वह ड्रिफ्ट भी करती है, बाउंस भी देती है और टर्न भी कराती है। वह बल्लेबाज को डिफेंस करते हुए धूल चटा सकता है।आकाश ने आगे कहा कि 37 वर्षीय रवींद्र जडेजा अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 350 से अधिक विकेट और 4000 से ज्यादा रन बनाए हैं। भविष्य में जब जडेजा संन्यास लेंगे, तो टीम को उनके जैसे ही मैच विनर की जरूरत होगी। आकाश का मानना है कि अगर सिर्फ गेंदबाजी के नजरिए से देखा जाए, तो मानव सुथार रवींद्र जडेजा का 'अपग्रेडेड वर्जन' साबित हो सकते हैं, क्योंकि वह विदेशी परिस्थितियों (Overseas Conditions) में भी टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।क्रिकेट के नक्शे से दूर श्रीगंगानगर से तय किया सफरमानव सुथार की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। राजस्थान के श्रीगंगानगर जैसे शहर से ताल्लुक रखने वाले सुथार ने घरेलू क्रिकेट में लंबी मेहनत की है। श्रीगंगानगर कोई पारंपरिक क्रिकेट हॉटस्पॉट नहीं माना जाता, लेकिन वहां से निकलकर सुथार ने रेड-बॉल क्रिकेट यानी लॉन्ग फॉर्मेट पर अपना पूरा फोकस रखा। दलीप ट्रॉफी से लेकर 'इंडिया ए' के लिए लगातार विकेट चटकाने तक, उनका सफर अनुशासन और कड़ी मेहनत की मिसाल है।बीसीसीआई 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में की थी खास तैयारीश्रीलंका दौरे पर मिली सफलता के पीछे उनकी कड़ी ट्रेनिंग का भी बड़ा हाथ है। टेस्ट सीरीज से ठीक पहले मानव सुथार ने बीसीसीआई के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (COE) में 10 दिनों तक कूकाबुरा गेंद के साथ विशेष अभ्यास किया था। खुले मैदान में तेज हवाओं के बीच किए गए इस अभ्यास ने उन्हें गॉल की मुश्किल पिचों और परिस्थितियों से तालमेल बिठाने में मदद की, जिसका परिणाम आज मैदान पर साफ नजर आ रहा है।
मेमोरी से लेकर एकाग्रता तक बढ़ाता है मेडिटेशन, आयुष मंत्रालय ने बताए बड़े फायदे
आयुष मंत्रालय के अनुसार रोज कुछ मिनट मेडिटेशन करने से तनाव कम हो सकता है, मन शांत रहता है और एकाग्रता व याददाश्त बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. जानिए इसके प्रमुख फायदे.
तमिलनाडु की राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब राज्य के वित्त मंत्री डॉ. एन. मैरी विल्सन ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें सत्ताधारी टीवीके (TVK) को 'नई डीएमके' करार दिया गया था। एक इंटरव्यू के दौरान वित्त मंत्री ने दोनों दलों की कार्यशैली और पारिवारिक राजनीति के बीच एक स्पष्ट लकीर खींचते हुए साफ कर दिया कि टीवीके और डीएमके की राजनीतिक संरचना में जमीन-आसमान का फर्क है।'हम परिवारवाद का समर्थन नहीं करते'बीजेपी के तंज का जवाब देते हुए वित्त मंत्री विल्सन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही कुछ मुद्दों पर राजनीतिक दृष्टिकोण समान हो सकते हैं, लेकिन टीवीके कभी भी डीएमके के पारिवारिक शासन मॉडल का अनुसरण नहीं करती। उन्होंने डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा, उनका परिवार पिछले 40 सालों से सत्ता में है। उनके दादा मुख्यमंत्री रहे, बेटा उपमुख्यमंत्री बना, बहन सांसद रहीं और अन्य रिश्तेदार भी राजनीति के शीर्ष पदों पर काबिज रहे। लेकिन टीवीके में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से पारदर्शी और जनता के लिए समर्पित है।भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख और टेंडर रद्द करने का दावाचेन्नई कॉरपोरेशन में कथित ओवरएस्टिमेशन और लॉबिंग के मामलों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 23,000 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द किए गए हैं क्योंकि पिछली प्रणालियों में भ्रष्टाचार की स्थिति 'बहुत बुरी' थी। विल्सन ने बताया कि पहले 'रिवर्स एडमिनिस्ट्रेटिव सैंक्शन' (Reverse Administrative Sanction) का अत्यधिक दुरुपयोग किया जाता था, जहां 100 करोड़ की परियोजना को बाद में अतिरिक्त मंजूरी के जरिए 150 करोड़ तक पहुंचा दिया जाता था। सरकार अब इस पूरी व्यवस्था को बदलकर 'एक डीपीआर के बाद एक टेंडर' की पारदर्शी नीति लागू कर रही है।आर्थिक विकास और 100 दिनों के भीतर निवेशराज्य की आर्थिक प्रगति पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु सरकार 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। सरकार के शुरुआती 100 दिनों के कार्यकाल में ही राज्य को करीब एक लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश प्राप्त हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र से राजनीति में कदम रखने वाली विल्सन ने वित्तीय अनुशासन और स्थानीय ऑडिट पर जोर देते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का सही उपयोग और पारदर्शिता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।तमिल थाई वजथु पर स्पष्ट रुखसांस्कृतिक और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने 'तमिल थाई वजथु' (राज्य गान) को अनिवार्य बताया। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में सबसे पहले तमिल प्रार्थना ही गाई जानी चाहिए। इस पर विधानसभा में भी प्रस्ताव पारित किया गया है और यह नियम सभी राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच ने मंगलवार को एक अंतरिम आदेश में बदलाव किया, जिसने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की पोस्ट-ग्रेजुएट एडमिशन प्रक्रिया को रोक दिया था। इस बदलाव के साथ यूनिवर्सिटी को अपनी डेप्रिवेशन पॉइंट्स पॉलिसी के तहत एडमिशन जारी रखने की इजाज़त मिल गई है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने निर्देश दिया कि इस पॉलिसी के तहत JNU द्वारा किए गए एडमिशन, सिंगल जज के पास लंबित रिट याचिका के अंतिम फैसले के अधीन होंगे। डिवीज़न बेंच ने सिंगल जज से कार्यवाही में तेज़ी लाने और जल्द से जल्द याचिका पर फैसला करने का भी अनुरोध किया। कोर्ट ने कहा कि JNU अपने 2026-27 के ई-प्रोस्पेक्टस के अनुसार एडमिशन की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है, जिसमें डेप्रिवेशन पॉइंट्स से जुड़ा प्रावधान भी शामिल है, जिसे चुनौती दी गई है। इसे भी पढ़ें: Vande Mataram के अपमान का आरोप, Sonia Gandhi के खिलाफ Ghaziabad Court में केस दर्ज, क्या बढ़ेंगी कांग्रेस की मुश्किलें? बेंच ने गौर किया कि डेप्रिवेशन पॉइंट्स देने की प्रथा 1974 से चली आ रही है और पिछले हफ़्ते जारी किए गए अंतरिम आदेश ने पूरी एडमिशन प्रक्रिया को रोक दिया था। कोर्ट ने एडमिशन की समय-सीमा पर भी ध्यान दिया और देखा कि JNU ने 3 अप्रैल, 2026 को अपना ई-प्रोस्पेक्टस जारी किया था, एडमिशन की प्रक्रिया मई में शुरू हुई और काउंसलिंग का पहला राउंड 25 जून को खत्म हुआ। पोस्टग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्रों की क्लास 30 जुलाई को ही शुरू हो गई थीं। इसे भी पढ़ें: Unnati Hooda का BWF World Championship में धमाकेदार Debut, पहले ही मैच में शानदार जीत यह विवाद JNU के ई-प्रोस्पेक्टस के सेक्शन V से जुड़ा है, जिसके तहत उम्मीदवार 12 तक 'डेप्रिवेशन पॉइंट' (वंचित वर्ग के लिए अतिरिक्त अंक) पा सकते हैं। हर पॉइंट तीन अंकों के बराबर होता है और यह उम्मीदवार की पिछली स्कूली शिक्षा की भौगोलिक स्थिति जैसे कारकों के आधार पर दिया जाता है। सिंगल जज, जस्टिस जसमीत सिंह ने 14 अगस्त को JNU को निर्देश दिया था कि अगली सुनवाई तक डेप्रिवेशन पॉइंट के आधार पर एडमिशन को अंतिम रूप न दिया जाए। कोर्ट ने शुरुआती तौर पर पाया था कि यह तरीका CUET परीक्षा में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों को बदल सकता है और एक प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा की पवित्रता को प्रभावित कर सकता है। डिविजन बेंच के सामने JNU ने कहा कि डेप्रिवेशन-पॉइंट सिस्टम का पालन 1974 से किया जा रहा है, जिसमें समय-समय पर बदलाव किए गए हैं, और इसे यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल ने मंजूरी दी थी। इसे भी पढ़ें: AIIMS मेडिकल बोर्ड ने Twisha Sharma की मौत को आत्महत्या बताया, CBI ने दाखिल किया आरोपपत्र JNU ने यह भी तर्क दिया कि कई एडमिशन पहले ही पूरे हो चुके थे और क्लास शुरू हो गई थीं, जबकि सिंगल जज के आदेश ने एडमिशन प्रक्रिया को असल में रोक दिया था। याचिकाकर्ता, जो पोस्टग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन का इच्छुक छात्र है, ने इस बदलाव का विरोध किया और कहा कि डेप्रिवेशन-पॉइंट सिस्टम उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त CUET स्कोर को कमज़ोर करता है। डिविजन बेंच ने याचिकाकर्ता के अधिकार (locus) और चुनौती देने के समय पर भी सवाल उठाए, और देखा कि याचिका 1 जुलाई को दायर की गई थी, जबकि सिंगल जज ने इसे पहली बार 14 अगस्त को सुना था। बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता को चुनौती दिए गए प्रावधान के खिलाफ शुरुआती मामला (prima facie case) साबित करना होगा और संकेत दिया कि उठाए गए मुद्दों की जांच सिंगल जज द्वारा की जाएगी।
राजस्थान में दौड़ेंगी 71 नई ई-बसें, जयपुर-जोधपुर-उदयपुर समेत 7 शहरों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
सीएम भजनलाल शर्मा ने ई-बस को हरी झंडी दिखाई. जयपुर और भीलवाड़ा के लिए 24, जबकि अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर से 47 ई-बसों की शुरुआत हुई है.
अभिजीत दीपके ने लिखा है कि जब सरकारें विफल होती हैं तो लोग मदद का हाथ बढ़ाते हैं। अब हमारे गांव के स्कूल में भी इस बार कम्प्यूटर लगा है। उन्होंने स्कूल में बुनियादी सुविधाएं मिलने पर खुशी जाहिर की है।
गाज़ियाबाद की MP-MLA कोर्ट में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ एक केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का अनादर किया। इस मामले की सुनवाई मंगलवार दोपहर को होनी है। शिकायत दर्ज कराने वाले हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता का आरोप है कि 15 अगस्त को नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में राष्ट्रगीत गाए जाने के दौरान गांधी ने जानबूझकर दखल दिया। शिकायत में 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' (जिसमें 2026 में संशोधन किया गया था) की धारा 3 और 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' के संबंधित प्रावधानों के तहत आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के बीच मौजूद गांधी ने 'वंदे मातरम' गाए जाने के समय इशारे किए और दखल दिया, साथ ही कथित तौर पर उसे रोकने का निर्देश भी दिया। इसमें कहा गया है कि यह घटना वीडियो फुटेज में कैद हो गई थी और कथित दखल की प्रकृति और असर का पता लगाने के लिए पूरी ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग की न्यायिक जांच की मांग की गई है। ANI से बात करते हुए गुप्ता ने कहा, आज हमने गाजियाबाद की MP-MLA कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ राष्ट्रीय सम्मान, हमारी राष्ट्रीय भावनाओं और हमारे राष्ट्रीय गीत का अपमान करने के लिए एक याचिका दायर की है। इसे भी पढ़ें: गाजियाबाद में 13 से 16 अगस्त तक मौसम का बिगड़ेगा मिजाज! भारी बारिश-वज्रपात का 'yellow alert', एडवाइजरी जारी शिकायत में कहा गया है कि आरोप सिर्फ़ गांधी के गाना न गाने पर नहीं, बल्कि गाना गाए जाने के दौरान कथित तौर पर जान-बूझकर दखल देने पर आधारित है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के 1986 के 'बिजो इमैनुएल और अन्य बनाम केरल राज्य और अन्य' मामले के फैसले का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रगान गाते समय सम्मानपूर्वक शामिल न होना, अपने आप में जान-बूझकर उसे गाने से रोकने या गा रही सभा में बाधा डालने के बराबर नहीं है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान किया गया व्यवहार जान-बूझकर किया गया था और कहा कि वीडियो फुटेज से इस कथित इरादे का पता चल जाएगा। इसे भी पढ़ें: Allahabad HC ने Ghaziabad Police कमिश्नर व अफसरों पर दिए जांच के आदेश, नहीं दर्ज की थी FIR उन्होंने कहा जैसा कि आपने कुछ दिन पहले 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान देखा होगा, जब 'वंदे मातरम' गाया जा रहा था, तो सोनिया गांधी ने पहले से तय रणनीति के तहत बाधा डालने की कोशिश की। शिकायत में 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' की धारा 3 में 2026 के संशोधन का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह राष्ट्रीय गीत को कानूनी सुरक्षा देता है और इसे जान-बूझकर गाने से रोकने या ऐसे गीत गा रही सभा में बाधा डालने को दंडनीय बनाता है। गुप्ता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट मंगलवार दोपहर इस मामले की सुनवाई करेगा और गांधी को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया जाएगा और वह या तो उसका जवाब देंगी या खुद पेश होंगी।
Rahu Dosh Remedies: घर से निकलते समय पीछे से टोकना शुभ नहीं माना जाता है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि इससे काम में रुकावट, नकारात्मकता और एकाग्रता प्रभावित होने की मान्यता है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार को दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने को चुनौती देने वाली 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। सीनियर वकील शादान फरासत ने चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के सामने इस मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग रखी, जिस पर वे आज ही याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गए। यह याचिका AAP के उन आरोपों के बीच आई है जिनमें कहा गया है कि मंगलवार तड़के पुलिस कुलदीप कुमार को तब ले गई, जब वह एक सफाई कर्मचारी की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों का समर्थन कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Delhi to Agra Travel Guide: मानसून की फुहारों के बीच ताजमहल और Baby Taj का दीदार, एक दिन की छुट्टी के लिए परफेक्ट One-Day Trip आप की दिल्ली यूनिट के प्रेसिडेंट सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सुबह करीब 4 बजे सादे कपड़ों में लगभग 20 पुलिसकर्मी आए और पूर्वी दिल्ली के विधायक कुमार को उठा ले गए। भारद्वाज ने दावा किया कि कुमार उन सफाई कर्मचारियों का समर्थन कर रहे थे जो मृतक कर्मचारी के परिवार के लिए मुआवज़े की मांग कर रहे थे और उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से प्रदर्शनकारियों से मिलने का आग्रह किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय कुमार को किसी अज्ञात जगह ले जाया गया। इसे भी पढ़ें: Saurabh Das का Delhi Govt पर बड़ा आरोप: छात्रों पर FIRs रद्द करने में देरी क्यों? AAP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस मृतक सफाई कर्मचारी के परिवार पर अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव डाल रही थी। भारद्वाज के अनुसार, अनिल नाम के मृतक कर्मचारी की कल्याणपुरी में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि हज़ारों सफाई कर्मचारी पिछले दो दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे और अनिल के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवज़े और परिवार के किसी सदस्य के लिए पक्की सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। AAP के अनुसार, अनिल की मौत के बाद सैकड़ों सफाई कर्मचारी और ऑटो-टिपर ड्राइवर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में जमा हो गए थे और अंतिम संस्कार के लिए शव को मुर्दाघर से हटाने का विरोध कर रहे थे। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के विरोध के बावजूद पुलिस शव को अस्पताल से परिवार के घर ले आई। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसे भी पढ़ें: Delhi Police ने Burari में सूटकेस से बरामद किया नाबालिग का शव, आरोपी भाई गिरफ्तार हेबियस कॉर्पस याचिका में विधायक की कथित हिरासत के मामले में अदालत से दखल की मांग की गई है और उम्मीद है कि हाई कोर्ट दिन में इस पर सुनवाई करेगा।
ऋतिक को KISS करने से पहले क्यों झिझकीं कटरीना? जोया ने खोला राज
कटरीना और ऋतिक के KISS सीन को लेकर जोया अख्तर ने बड़ा खुलासा किया. जानिए कटरीना पहले क्यों झिझकीं और आखिर किस वजह से इस सीन के लिए हां कहा.
शादीशुदा जीवन में कैसे साबित होती है मानसिक क्रूरता, ट्विशा शर्मा मामले को लेकर गरमाई बहस
संपत्ति या किसी मूल्यवान वस्तु की अवैध मांग पूरी कराने के लिए उत्पीड़न भी क्रूरता के दायरे में आता है। अदालतों ने अलग-अलग मामलों में स्पष्ट किया है कि मानसिक क्रूरता का आकलन परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है।
अमेठी की हार के बाद स्मृति ईरानी की वापसी क्यों?
Smriti Irani Comeback 2024 में अमेठी की हार... और अब बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में बड़ी वापसी. आखिर स्मृति ईरानी फिर बीजेपी के लिए इतनी जरूरी क्यों हो गई हैं? नितिन नबीन की नई टीम में स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है. कभी अमेठी में राहुल गांधी को हराकर गांधी परिवार के गढ़ में सेंध लगाने वाली स्मृति ईरानी 2024 में उसी सीट से 1.67 लाख से ज्यादा वोटों से हार गई थीं.
UP-RERA के नए नियम, बिल्डर्स पर नकेल, खरीदारों को बड़ी राहत
यूपी-रेरा ने 13 जुलाई 2026 तक हुए 12 संशोधनों को मिलाकर सामान्य नियम जारी किए हैं. घर खरीदारों के पैसे, प्रोजेक्ट के बैंक खाते, एजेंटों और विज्ञापनों को लेकर नियम अब पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट हो गए हैं.
शनि का नक्षत्र परिवर्तन! 20 अगस्त के बाद दुखों से गुजरेंगी 3 राशियां
शनि देव 20 अगस्त को रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ेगा. ऐसे में मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को करियर, धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में विशेष सावधानी बरतनी होगी.
चातुर्मास में इन 6 पवित्र पौधों की पूजा से चमकती है किस्मत, जानिए धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, चातुर्मास का चार महीने का समय भक्ति, तपस्या, व्रत और आत्म-साधना के लिए सबसे पवित्र काल माना जाता है। इस वर्ष चातुर्मास की समाप्ति 20 नवंबर 2026 को होगी। इस अवधि में भगवान विष्णु योग निद्रा मेंलीन रहते हैं, जिसके कारण मांगलिक कार्य भले ही थम जाते हैं, लेकिन आध्यात्मिक साधना और प्रकृति की उपासना का सिलसिला तेज हो जाता है। सनातन संस्कृति में पेड़-पौधों को केवल वनस्पति नहीं, बल्कि देवताओं का वास स्थान और जीवन का आधार माना गया है। चातुर्मास के दौरान वर्षा ऋतु के कारण प्रकृति अपनी पूरी ऊर्जा के साथ विकसित होती है, इसलिए इस समय पौधों की सेवा करना बेहद पुण्यदायी माना जाता है। आइए जानते हैं उन 6 पवित्र पौधों के बारे में, जिनकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।1. तुलसी (Tulsi): भगवान विष्णु की प्रियसनातन धर्म में तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का प्रिय स्वरूप माना जाता है। चातुर्मास के दौरान नियमित रूप से तुलसी के पौधे की पूजा करना, उसमें जल अर्पित करना और संध्या के समय उसके समक्ष घी का दीपक जलाना बेहद शुभ फलदायी होता है। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और साधक को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। चातुर्मास में तुलसी की विशेष सेवा करने से भगवान विष्णु की कृपा सीधे प्राप्त होती है।2. पीपल वृक्ष (Peepal Tree): देवताओं का वासपीपल के वृक्ष को हिंदू धर्म में त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का निवास स्थान माना गया है। चातुर्मास में पीपल के पेड़ की पूजा करने, उसकी परिक्रमा करने और शाम के समय दीपदान करने से पापों का नाश होता है और आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं। धार्मिक महत्व के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टि से भी पीपल का वृक्ष अत्यधिक ऑक्सीजन प्रदान करने वाला जीवनदायी पौधा है, जिसकी सेवा पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती है।3. बरगद या अक्षय वट (Banyan Tree): दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीकबरगद के पेड़ को 'अक्षय वट' भी कहा जाता है, जो दीर्घायु, मजबूती और स्थिरता का प्रतीक है। चातुर्मास के दौरान बरगद के वृक्ष की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति, अखंड सौभाग्य और वंश वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इसकी विशाल शाखाएं और गहरी जड़ें जीवन में स्थिरता का संदेश देती हैं। इस पवित्र महीने में बरगद के पेड़ की सेवा करना परिवार के लिए बेहद मंगलकारी माना गया है।4. आंवला (Amla Tree): स्वास्थ्य और आरोग्यता का वरदानआयुर्वेद में आंवले को अमृत के समान फल माना गया है, वहीं धार्मिक दृष्टि से भी इसका गहरा संबंध भगवान विष्णु से है। चातुर्मास में आंवले के वृक्ष की पूजा करने, उसकी छांव में बैठकर भोजन करने या उसकी सेवा करने से उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु का वरदान मिलता है। आंवले का पौधा घर के आसपास होना और उसकी पूजा करना शारीरिक व मानसिक शुद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।5. केले का पौधा (Banana Plant): समृद्धि और शुभता का प्रतीककेले के पौधे को बेहद पवित्र माना जाता है और इसका संबंध सीधे तौर पर भगवान विष्णु तथा देवगुरु बृहस्पति से है। चूंकि चातुर्मास का पूरा समय भगवान विष्णु की आराधना को समर्पित होता है, इसलिए इस दौरान केले के पौधे की पूजा करना और उसके सामने विष्णु मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसकी सेवा करने से घर में आर्थिक संपन्नता और मांगलिक कार्य के योग बनते हैं।6. शमी का पौधा (Shami Plant): सकारात्मकता और विजय का कारकशमी के पौधे को शुभता, सकारात्मकता और संकट निवारक माना जाता है। चातुर्मास के दिनों में घर के मुख्य द्वार पर शमी का पौधा लगाना और उसकी नियमित देखभाल करना प्रकृति के प्रति प्रेम और धार्मिक आस्था दोनों को दर्शाता है। इसकी पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन की तमाम बाधाएं दूर होती हैं।
बदलते मौसम के हिसाब से किस दिन क्या खाएं और क्या नहीं?
इस हफ्ते कैसा रहेगा दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज? मौसम के हिसाब से बदलिए अपनी थाली, जानिए किस दिन क्या खाएं और क्या नहीं?
चीन में एक ऐसी एनिमेटेड फिल्म सुर्खियों में है जिसे लोग बेहद खराब और अजीब कह रहे हैं, लेकिन यही बात इसे बॉक्स ऑफिस पर सफल बना रही है.
Explainer: आरक्षण वाली क्या मांग है, जिस पर अड़े हैं संजय निषाद; HC ने क्यों खारिज किया था केस
निषाद और उसकी उपजातियों को अनुसूचित जाति में आरक्षण देने की मांग को लेकर अर्जी 2012 में दाखिल हुई थी.
Panoramic Sunroof वाली सस्ती SUVs, फीचर्स भी हैं कमाल
अब Panoramic Sunroof सिर्फ महंगी और लग्जरी SUVs तक सीमित नहीं रह गया है। भारतीय बाजार में कई ऐसी किफायती कारें मौजूद हैं, जिनमें 15 लाख रुपए से कम कीमत में यह प्रीमियम फीचर मिलता है। खास बात यह है कि इस लिस्ट में कॉम्पैक्ट SUV के साथ CNG कार भी ...
1.42 रुपये रनिंग कॉस्ट, 79 हजार कीमत, यामाहा के दो स्कूटर लॉन्च
यामाहा ने अपने 125 सीसी इंजन वाले दोनों स्कूटर्स को अपडेट कर दिया है. फसीनो और रेजेडआर के 2026 एडिशन में कलर और नई स्क्रीन जोड़ी गई है. अब इन स्कूटर्स में टीएफटी स्क्रीन का विकल्प मिलेगा. ये स्क्रीन टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन के साथ आती है. यामाहा ने इन स्कूटर्स की कीमतों को भी अपडेट किया है. आइए जानते हैं इनकी डिटेल्स.
'सांपों से न डर, न झिझक': नागपंचमी पर अपर्णा यादव की बेटी का निडर रूप
नागपंचमी के खास अवसर पर भाजपा नेता अपर्णा यादव की बेटी प्रथमा ने सपेरे के पास मौजूद विषधर सांपों को आजाद कराया. इन सांपों को लखनऊ के आगे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा गया. बेटी का यह जीव-प्रेम देखकर मां अपर्णा यादव भावुक हो गईं और पोस्ट साझा कर तारीफ की.
पति को 17 बार किया फोन... रवीना यादव की मौत से पहले की कहानी
पति, पत्नी और एक तीसरे रिश्ते की कहानी... रात का वक्त था. घर के अंदर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ. आरोप है कि विवाद के बाद पति घर से चला गया. पत्नी कमरे में अकेली रह गई. इसके बाद उसने पति को एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि करीब 17 बार फोन किया. लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. कुछ घंटों बाद उसी कमरे से नवविवाहिता का शव फंदे पर लटका मिला...
5वीं तक पढ़ाई, मां की 4 चूड़ियों से बिजनेस शुरू, आज 11000cr की कंपनी
आर्थिक तंगी के कारण 5वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले किरण कुमार ने महज 12 साल की उम्र में जूलरी कारोबार में कदम रखा था. मां की सोने की चार चूड़ियां गलाकर 6 बालियां बनवाईं और बिजनेस शुरू किया. उनकी कंपनी का वैल्यूएशन आज 11000 करोड़ के पार है. दुनिया के 51 शहरों में उनके स्टोर मौजूद हैं.
प्राइमरी मार्केट में इन दिनों निवेशकों का उत्साह चरम पर है। बिहारी लाल इंजीनियरिंग लिमिटेड (Behari Lal Engineering IPO) के पब्लिक इश्यू पर निवेशकों ने दिल खोलकर दांव लगाया है। शानदार सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और ग्रे मार्केट में लगातार मजबूत होती स्थिति के चलते इस आईपीओ की लिस्टिंग को लेकर बाजार में भारी उत्सुकता बनी हुई है। कंपनी के शेयरों की बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर आधिकारिक लिस्टिंग मंगलवार, 19 अगस्त 2026 को प्रस्तावित है।आईपीओ सब्सक्रिप्शन और प्राइस बैंड की पूरी डिटेलयह आईपीओ निवेशकों के लिए 12 अगस्त को खुला था और 14 अगस्त 2026 तक इस पर बोली लगाई जा सकती थी। कंपनी ने इसके लिए प्राइस बैंड 271 रुपये से 285 रुपये प्रति शेयर तय किया था। एक लॉट में 52 शेयर रखे गए थे, जिसके कारण निवेशकों को न्यूनतम 14,820 रुपये का निवेश करना पड़ा था।तीन दिनों के बोली प्रक्रिया के दौरान इस आईपीओ को कुल मिलाकर 118 गुना से अधिक का बंपर सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ। विभिन्न श्रेणियों की बात करें तो:रिटेल कैटेगरी: 54 गुना सब्सक्राइबसंस्थागत खरीदार (QIB): 222 गुना सब्सक्राइबगैर-संस्थागत निवेशक (NII): 167 गुना सब्सक्राइबइसके अलावा, एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 11 अगस्त को खुला था, जिससे कंपनी ने 90.49 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस कुल 301.62 करोड़ रुपये के आईपीओ साइज में 33 लाख फ्रेश शेयर और ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत 73 लाख शेयर शामिल हैं।ग्रे मार्केट में कंपनी का दबदबा और GMPमार्केट एक्सपर्ट्स और ग्रे मार्केट ट्रैकर्स (Investers Gain) के अनुसार, कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) बेहद मजबूत स्थिति में बना हुआ है। वर्तमान में इस आईपीओ का जीएमपी 110 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है। मौजूदा जीएमपी और 285 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड को देखें तो यह संकेत मिल रहा है कि शेयर बाजार में लिस्टिंग के पहले दिन ही निवेशकों को लगभग 38 प्रतिशत तक का तगड़ा फायदा मिल सकता है।मजबूत वित्तीय स्थिति और ऑर्डर बुकबिहारी लाल इंजीनियरिंग के फंडामेंटल्स भी निवेशकों का भरोसा जीतने में कामयाब रहे हैं। 31 मई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के पास कुल 178.57 करोड़ रुपये के मजबूत ऑर्डर पेंडिंग हैं। वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 546 करोड़ रुपये का राजस्व (Revenue) और 64.64 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया था। मजबूत वित्तीय सेहत और जबरदस्त सब्सक्रिप्शन के दम पर उम्मीद की जा रही है कि कल यानी 19 अगस्त को होने वाली लिस्टिंग निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।
अफेयर, शक, बिग बॉस और कत्ल की साजिश! महिला ने पति-बेटे को कैसे मारा?
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि आरोपी पत्नी हरिणी ने अपने प्रेमी विनय के साथ मिलकर पहले पति का दम घोंटा और फिर राज खुलने के डर से अपने ही 5 साल के बेटे की भी बेरहमी से हत्या कर दी।
केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों '8वें वेतन आयोग' (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आयोग के गठन को 9 महीने से अधिक का समय बीत चुका है और इस दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ देश के अलग-अलग शहरों में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। इसी कड़ी में इसी महीने 8 और 10 अगस्त को दिल्ली में अहम बैठकें आयोजित की गईं। जैसे-जैसे आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, कर्मचारियों की उम्मीदें और माँगे भी लगातार परवान चढ़ती जा रही हैं।फिटमेंट फैक्टर और 69,000 रुपये बेसिक पे की मांग8वें वेतन आयोग के सामने सबसे बड़ी और मुखर मांग 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) को लेकर उठाई जा रही है। दिल्ली में हुई हालिया बैठकों के दौरान कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की जोरदार मांग रखी है। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा और यह बढ़कर सीधे 69,000 रुपये तक पहुंच सकती है। बता दें कि बेसिक पे में बढ़ोतरी पूरी तरह से तय किए जाने वाले फिटमेंट फैक्टर के गुणांक पर ही निर्भर करेगी।फैमिली यूनिट और HRA में बदलाव का प्रस्तावबेसिक सैलरी के अलावा कर्मचारियों से जुड़े संगठनों ने कुछ अन्य बुनियादी बदलावों की भी पुरजोर मांग की है। वर्तमान व्यवस्था के तहत 'फैमिली यूनिट' (Family Unit) की संख्या 3 मानी जाती है, जिसे बढ़ाकर 5 करने का प्रस्ताव दिया गया है। संगठनों का तर्क है कि आधुनिक सामाजिक ढांचे को देखते हुए इसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए मौजूदा हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की गई है। महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी दिलचस्प सुझाव आए हैं, जिसमें कुछ संगठनों ने साल में 4 बार डीए बढ़ाने और डीए 25% तक पहुंचने पर उसे बेसिक सैलरी में मर्ज करने की अपील की है।पहले कितने रुपये थी न्यूनतम बेसिक सैलरी?इतिहास पर नजर डालें तो वेतन आयोगों के जरिए कर्मचारियों के वेतनमान में लगातार सुधार होते रहे हैं। पहले वेतन आयोग की रिपोर्ट (1946-47) लागू होने पर न्यूनतम बेसिक पे मात्र 55 रुपये थी। दूसरे आयोग के बाद यह बढ़कर 80 रुपये, तीसरे के बाद 196 रुपये और 7वें वेतन आयोग के लागू होने पर यह 18,000 रुपये तक पहुंच गई थी। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 8वां वेतन आयोग क्या सिफारिशें लेकर आता है।कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। नियमानुसार आयोग के पास कुल 18 महीने का समय होता है। इसके तहत आयोग को मई 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपनी होगी। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही सरकार इन सिफारिशों पर आधिकारिक मुहर लगाएगी, जिसका इंतजार देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को है।
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजारों में एक बार फिर मंदी का असर देखने को मिला। कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच घरेलू शेयर बाजार लाल निशान के साथ बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 492.70 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,235.46 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 132.75 अंक यानी 0.55 प्रतिशत फिसलकर 24,154.90 के स्तर पर आ गया।शुरुआती कारोबार से ही हावी रहे बिकवालमंगलवार के सत्र की शुरुआत ही सुस्त और नकारात्मक रुख के साथ हुई थी। सेंसेक्स 309 अंकों की कमजोरी के साथ 77,418 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 63 अंक नीचे 24,223 के आसपास खुला। दिन चढ़ने के साथ ही बाजार में गिरावट का दायरा बढ़ता गया और दोपहर आते-आते सेंसेक्स 400 से अधिक अंकों का गोता लगा चुका था। कारोबार के अंत तक बाजार इस रिकवरी से जूझता नजर आया और निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का हालसेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि मात्र 8 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बिकवाली के इस दौर में एशियन पेंट्स और इंफोसिस के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट आई। इसके अलावा, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और टीसीएस के शेयरों पर भी दबाव साफ तौर पर देखा गया। दूसरी ओर, कुछ चुनिंदा शेयरों जैसे एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी (L&T) में खरीदारी का रुझान रहा, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला।ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल का असरभारतीय बाजारों की इस सुस्ती के पीछे प्रमुख वजहें वैश्विक मोर्चे पर बनी उथल-पुथल रहीं। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी मजबूत हुआ, लेकिन जापानी और अन्य बाजार कमजोर स्थिति में रहे। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ब्रेंट क्रूड वायदा बढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे आयातित महंगाई और राजकोषीय घाटे की आशंका गहरी हो गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष विराम की चर्चाओं पर ब्रेक लगने से भी वैश्विक निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है।
सिनेमा जगत की लीजेंड्री अभिनेत्री मीना कुमारी और जाने-माने फिल्मकार कमाल अमरोही की अमर प्रेम कहानी पर बनने वाली बहुप्रतीक्षित बायोपिक 'कमाल और मीना' पिछले दो सालों से लगातार चर्चा में बनी हुई है। साल 2024 में इस फिल्म की आधिकारिक घोषणा के बाद से ही फैंस इसकी शूटिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, लंबे समय से कोई अपडेट न मिलने के कारण ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है। अब इस पूरे मामले पर फिल्म के निर्माता सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने चुप्पी तोड़ी है और इसके पीछे की असली वजह का खुलासा किया है।परिणीति चोपड़ा की वेब सीरीज पर है फोकसनिर्देशक सिद्धार्थ पी मल्होत्रा के अनुसार, मीना कुमारी की बायोपिक के काम में देरी की एक बड़ी वजह उनका वर्तमान प्रोजेक्ट है। इन दिनों वह परिणीति चोपड़ा स्टारर अपकमिंग वेब सीरीज पर पूरी तरह फोकस कर रहे हैं। 'अमर सिंह चमकीला' और 'साइना' जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी का जलवा बिखेर चुकी परिणीति चोपड़ा अब ओटीटी की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं। सिद्धार्थ के प्रोडक्शन में बन रही इस सस्पेंस-थ्रिलर सीरीज का नाम पहले 'तलाश: अ मदर्स सर्च' तय किया गया था, जिसे अब बदलकर 'शक' कर दिया गया है।यह सीरीज कुल 8 एपिसोड की होगी, जिसे जल्द ही नेटफ्लिक्स पर रिलीज करने की योजना बनाई जा रही है। खास बात यह है कि 210 पेज की दमदार स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद परिणीति ने तुरंत इस प्रोजेक्ट के लिए हामी भर दी थी। इस सीरीज में परिणीति के अलावा जेनिफर विंगेट, सोनी राजदान, अनूप सोनी और ताहिर राज भसीन जैसे मंझे हुए कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।क्यों अटकी है मीना कुमारी की बायोपिकबात करें मीना कुमारी की बायोपिक 'कमाल और मीना' की, तो सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ने साफ किया है कि यह प्रोजेक्ट बंद नहीं हुआ है, बल्कि इसमें देरी की वजह इसका बड़ा बजट और परफेक्ट कास्टिंग है। यह फिल्म 1950 से 1970 के दौर के सुनहरे इतिहास पर आधारित एक पीरियड ड्रामा होगी, जो कमाल अमरोही और मीना कुमारी के लगभग 20 साल के उतार-चढ़ाव भरे रिश्ते को बड़े पर्दे पर दिखाएगी।फिल्म का कुल बजट 50 से 60 करोड़ रुपये या उससे अधिक का है। निर्माता का मानना है कि इतने भारी-भरकम बजट के लिए ऐसे बड़े और ग्लोबल अपील वाले कलाकारों की जरूरत है, जो बॉक्स ऑफिस पर निवेश की पूरी भरपाई कर सकें। सही स्टारकास्ट और बड़े निर्माताओं की तलाश अभी भी जारी है, जिस कारण फिल्म की शूटिंग शुरू होने में वक्त लग रहा है। बहरहाल, फैंस के लिए यह राहत की खबर है कि 'कमाल और मीना' का प्रोजेक्ट अभी भी जिंदा है और सही समय आने पर यह सिनेमाघरों में जरूर उतरेगी।
नौकरी के साथ जीवन की तैयारी भी जरूरी है।
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'रेड फ्लैग' कमेंट पर भड़के विजय वर्मा! IFFM स्टेज पर कंटेंट क्रिएटर डॉली सिंह को दिया ऐसा करारा जवाब
बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में शुमार विजय वर्मा का अंदाज हमेशा से जुदा रहा है। हाल ही में 'इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न' (IFFM) 2026 का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें कंटेंट क्रिएटर डॉली सिंह ने उन्हें स्टेज पर 'देश का सबसे बड़ा रेड फ्लैग' कह दिया। यह वाकया तब हुआ जब विजय अपनी हालिया फिल्म 'मटका किंग' के लिए 'बेस्ट परफॉर्मेंस' का अवॉर्ड लेने पहुंचे थे।स्टेज पर डॉली ने क्यों किया ऐसा कमेंटअवॉर्ड लेते समय डॉली सिंह ने विजय को जीत की बधाई दी, लेकिन साथ ही उनकी ऑन-स्क्रीन इमेज पर एक टिप्पणी भी कर दी। उन्होंने कहा कि विजय जब भी किसी फिल्म या सीरीज में नजर आते हैं, तो दर्शकों को पता होता है कि मुसीबत आने वाली है। डॉली ने आगे कहा कि उनकी इसी नकारात्मक और रहस्यमयी स्क्रीन छवि के कारण वे 'देश के सबसे बड़े रेड फ्लैग' हैं। डॉली की यह टिप्पणी वहां मौजूद दर्शकों को काफी अजीब लगी।विजय का मजाकिया और तीखा पलटवारविजय वर्मा ने इस स्थिति को बहुत ही चतुराई और मजाकिया अंदाज में संभाला। उन्होंने डॉली को जवाब देते हुए कहा, बस लाल रंग का कपड़ा खरीदकर घर पर रख लो और जितने चाहो उतने झंडे बना लो। जब डॉली ने उनके जवाब को 'बेकार मजाक' करार दिया, तो विजय ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा, ठीक वैसे ही, जैसे मैंने तुम्हारी बेकार तारीफों को नजरअंदाज कर दिया है। विजय का यह अंदाज वहां मौजूद लोगों को खूब पसंद आया और सोशल मीडिया पर उनकी हाजिरजवाबी की तारीफ हो रही है।फैंस ने डॉली को बताया अनुचितवीडियो के वायरल होने के बाद नेटिजन्स दो गुटों में बंट गए हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने डॉली सिंह के कमेंट को 'अनुचित' और 'अजीब' बताया है। कई प्रशंसकों का मानना है कि किसी अवॉर्ड समारोह में किसी कलाकार के निजी या पेशेवर काम पर ऐसी टिप्पणी करना सही नहीं है। एक यूजर ने लिखा, 'इसे देखना बहुत अजीब था', वहीं दूसरे यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे।'वर्कफ्रंट पर छाए हैं विजयकाम की बात करें तो विजय वर्मा को आखिरी बार नागराज मंजुले द्वारा निर्देशित क्राइम ड्रामा 'मटका किंग' में देखा गया था। इस सीरीज में उन्होंने 'बृज भट्टी' का किरदार निभाया था, जो 1960 और 70 के दशक के मुंबई के मटका जुआ नेटवर्क को दर्शाता है। अपनी शानदार अदाकारी से उन्होंने साबित कर दिया है कि वे स्क्रीन पर किसी भी 'रेड फ्लैग' किरदार को जीवंत करने की क्षमता रखते हैं।
भारतीय सिनेमाघरों में इन दिनों मार्वल के सुपरहीरो का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। 31 जुलाई को रिलीज हुई 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने कमाई के मामले में सभी पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। अब तक हम सभी 'एवेंजर्स एंडगेम' को मार्वल की सबसे बड़ी फिल्म मानते थे, लेकिन 'स्पाइडर-मैन' ने साबित कर दिया है कि भारत में पीटर पार्कर का क्रेज किसी से कम नहीं है।18 दिनों में रचा इतिहाससोनी पिक्चर्स इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, इस फिल्म ने महज 18 दिनों के भीतर 550 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीसरे वीकेंड में भी इसने 22.80 करोड़ रुपये की कमाई की। भारत में इसे हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज किया गया, जिससे फिल्म की पहुंच हर उम्र के दर्शकों तक बनी।बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ाइस ऐतिहासिक सफलता के साथ, 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने भारत में हॉलीवुड फिल्मों की कमाई के टॉप-5 चार्ट में पहला स्थान हासिल कर लिया है। पिछले रिकॉर्ड तोड़ने वाली फिल्मों की लिस्ट कुछ इस प्रकार है:नंबर 1: स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे (550 करोड़+)नंबर 2: अवतार: द वे ऑफ वॉटर (483 करोड़)नंबर 3: एवेंजर्स एंडगेम (438 करोड़)नंबर 4: एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर (438 करोड़)नंबर 5: स्पाइडर-मैन: नो वे होम (268 करोड़)भारत को अपना 'अनोखा रिकॉर्ड'सोनी पिक्चर्स इंडिया ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, दुनिया भले ही पीटर को भूल गई हो, लेकिन भारत ने यह पक्का कर दिया है कि रिकॉर्ड बुक्स उसे कभी नहीं भूलेंगी। फिल्म का सफर अभी जारी है और सिनेमाघरों में इसकी मजबूत पकड़ यह संकेत दे रही है कि यह अभी और भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। 'आवारापन-2' और 'बंटवारा-1947' जैसी फिल्मों के साथ प्रतिस्पर्धा के बावजूद, स्पाइडर-मैन का यह सफर वास्तव में अभूतपूर्व है।
विजय-तृषा पर DMK हमलावर, लेख लिखकर कहा- बेशर्मी की हद
तमिलनाडु सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में तृषा को विजय के माता-पिता के साथ पहली पंक्ति में बैठाया गया था. पीली साड़ी पहने तृषा को विजय के राष्ट्रीय ध्वज फहराने और परेड का निरीक्षण करने के दौरान उन्हें सलामी करते हुए देखा गया. सरकारी कार्यक्रमों में तृषा की लगातार मौजूदगी ने चर्चाओं को और हवा दे दी है.

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