Vande Mataram विवाद: J-K CM Omar Abdullah ने Congress से बनाई दूरी, बोले- संवैधानिक दायित्व
'वंदे मातरम' पर कांग्रेस के रुख से खुद को अलग करते हुए, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत गाना एक संवैधानिक ज़िम्मेदारी है और वह इस पर राजनीति करने से बचना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो वह इसे रद्द कर सकती है और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) इस मामले में उस पुरानी पार्टी का समर्थन करके बहुत खुश होगी। हालांकि, NC नेता ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि जब संसद में बिल पेश किया गया था, तभी पार्टी को 'वंदे मातरम' का विरोध करना चाहिए था। इसे भी पढ़ें: BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे संसद के ज़रिए इसे रोक सकते थे। लेकिन कानून पहले से ही लागू है। जब किसी कार्यक्रम में दो गवर्नर, एक उप-राज्यपाल और हमारे हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश शामिल हों, तो ज़ाहिर है कि राष्ट्रगान बजाया जाएगा। अब, कानून के तहत, जहाँ भी राष्ट्रगान बजाया जाता है, वहाँ 'वंदे मातरम' के लिए तय नियम भी अनिवार्य हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि तो, कांग्रेस क्या चाहती है? यह एक कानूनी ज़िम्मेदारी है। अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो वे संसद में इसे रद्द कर सकते हैं। हमें इससे कोई दिक्कत नहीं होगी। एक पार्टी के तौर पर हमने कभी 'वंदे मातरम' को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन हमें संवैधानिक ज़िम्मेदारियों को पूरा करना होगा। जम्मू-कश्मीर में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में वंदे मातरम् के पूरे छह अंतरों के गायन ने जिस तरह कांग्रेस और उसकी सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राजनीतिक खींचतान पैदा की है, उसने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आजादी की लड़ाई के प्रतीकों को भी दलगत राजनीति के चश्मे से देखा जाएगा? हम आपको बता दें कि मामला तब गरम हुआ, जब समारोह में वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाया गया। इसके बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से अपने फैसले पर विचार करने की अपील करते हुए कहा कि विपक्षी INDIA ब्लॉक को वंदे मातरम् की केवल पहले दो अंतरों तक सीमित रहना चाहिए। कांग्रेस का तर्क है कि गीत के बाद के अंतरों में हिंदू धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख है और इसका पूर्ण संस्करण भारत के “समन्वयवादी और बहुलतावादी” चरित्र के अनुकूल नहीं है। यहीं से कांग्रेस से कुछ कड़े सवाल बनते हैं। इसे भी पढ़ें: BRICS पर Chidambaram को BJP का करारा जवाब, कहा- कांग्रेस को हो रहा 'FOMO' और 'नाराज़ फूफा' जैसी बौखलाहट अगर वंदे मातरम् का पूरा संस्करण इतना आपत्तिजनक है तो कांग्रेस के अपने मुख्यमंत्री और नेता अतीत में इसके पूर्ण संस्करण का गायन क्यों करते रहे हैं? हम आपको बता दें कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के दौरान मौजूद रहे और उसके सम्मान में खड़े दिखाई दिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता तनवीर सादिक ने इन्हीं वीडियो को साझा करते हुए जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा से पूछा कि आखिर अपने ही कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के इस आचरण पर उनकी क्या राय है? सवाल इसलिए और गंभीर है क्योंकि 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति ने बाकायदा फैसला किया था कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे गाए जाएंगे। कांग्रेस ने इसके लिए 1937 के अपने फैसले का हवाला दिया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Manipur CM ने संगीतकार Chongtham Vikram के परिवार से मिलकर दिया न्याय का भरोसा
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने बृहस्पतिवार को मारे गए संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह के परिवार को आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन इंफाल पश्चिम जिले के थांगमेइबंद स्थित चोंगथाम के आवास पर पहुंचकर दिया। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से बातचीत करते हुए इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि इसमें एक ऐसे निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई, जिसने कोई गलत काम नहीं किया था। सिंह ने चोंगथाम के माता-पिता, पत्नी और बेटे से मुलाकात की तथा उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता और सहयोग का भरोसा दिया। दिल्ली के किलोकरी इलाके में मंगलवार को 54 वर्षीय संगीतकार की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उन्होंने अपने घर के बाहर एक ढाबे से आ रहे शोर पर आपत्ति जताई थी। पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। किलोकरी में दो दशक से भी अधिक समय से रह रहे सिंह एक जाने-माने संगीतकार और गिटारवादक थे। वह 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर रॉक बैंड फीनिक्स के मुख्य गिटारवादक थे। उन्होंने बाद में दिल्ली में एक संगीत शिक्षक और कलाकार के रूप में काम किया।
ससुर हत्याकांड: जेल में सदमे में है आरोपी बहू, बहन बोली- जीजा कहां
कानपुर के विनीत विनोचा हत्याकांड में आरोपी बहू शालू को जेल भेज दिया गया है. पुलिस का दावा है कि उसने 6 लाख रुपये की सुपारी देकर ससुर का कत्ल कराया. वहीं, शालू के परिवार और वकील ने आरोपों को खारिज करते हुए पति सुब्रत से सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.
Success Story : लगातार असफलताओं के बाद भी नहीं रुके राहुल, आखिरकार बन गए भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
Success Story : अंबाला के राहुल धाकड़ ने सातवीं कोशिश में परीक्षा पास कर लेफ्टिनेंट बनने का सपना पूरा कर लिया. कई असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे. उनकी सफलता पर परिवार और पूरे मोहल्ले ने जोरदार स्वागत कर जश्न मनाया.
मोटे लोगों में भी हो रही पोषण की कमी, खाना छोड़ना कितना सही?
दिल्ली-एनसीआर में 4,000 लोगों पर की गई मेटाबॉलिक हेल्थ स्टडी में पाया गया कि कई लोगों का वजन सामान्य या अधिक होने के बावजूद शरीर में विटामिन, प्रोटीन, आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी है. 55.7 प्रतिशत मिलेनियल्स ओवरवेट हैं और 70.8 प्रतिशत 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में विसरल फैट की समस्या है.
शराब के खिलाफ एक्शन के दौरान बवाल, टीम पर पथराव
बिहार के मुंगेर में शराब के खिलाफ कार्रवाई करने गई उत्पाद विभाग की टीम पर पथराव का मामला सामने आया है. घटना में एक SI समेत पांच लोग घायल हुए और सरकारी वाहन के शीशे टूट गए. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य की भूमिका की जांच जारी है.
PM Narendra Modi के 25 साल पूरे होने पर UP में चलेगा Seva Sankalp Abhiyan
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। आदित्यनाथ ने कहा कि इसमें व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए और केंद्र तथा राज्य सरकारों की उपलब्धियों को लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों के माध्यम से लोगों के सामने रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सेवा काल और विकसित भारत 2047 के संकल्प को जन-जन का संकल्प बनाएगा।’’एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों और विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के लिए सरकार, मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला स्तर पर तीन स्तरीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों और राज्य सरकार द्वारा पिछले 10 वर्षों में किए गए विकास कार्यों का ब्योरा तैयार किया गया है। अभियान के दौरान कल्याणकारी योजनाओं, विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों और जनभागीदारी पर केंद्रित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस : आशीर्वाद का दीया’ मनाया जाएगा। इस दौरान शाम सात बजे लाभार्थियों के घरों और प्रमुख विकास परियोजनाओं पर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके अलावा 17 सितंबर से सात अक्टूबर तक ‘मेरे सपनों का भारत : चित्र सेवा’ कार्यक्रम के तहत शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ‘नमो सेवा : अनकही कहानियां’ के तहत सांस्कृतिक दल नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन, कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को प्रदर्शित करेंगे। सरकार ‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम भी शुरू करेगी, जिसके तहत 25 लाख लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की वास्तविक कहानियों पर आधारित 60 सेकंड की रील तैयार की जाएंगी। इनमें आवास और स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों के साथ-साथ प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े लोगों की कहानियां शामिल होंगी। ‘इन्फ्लुएंसर्स कनेक्ट’ के तहत 150 डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स, पॉडकास्ट संचालक और व्लॉगर प्रमुख विकास परियोजनाओं का दौरा करेंगे और उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव को प्रदर्शित करेंगे। सेवा संकल्प अभियान में रक्तदान, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जांच, शैक्षणिक सहायता, जल संरक्षण और साइबर सुरक्षा जागरूकता जैसी स्वैच्छिक गतिविधियां भी शामिल होंगी। कम से कम 25 मिनट की स्वैच्छिक सेवा करने और उसकी फोटो या वीडियो ‘माई भारत पोर्टल’ पर अपलोड करने वाले नागरिकों को डिजिटल प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। हर विकासखंड में सात दिवसीय ‘सेवा सेतु’ शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लिए जानकारी, आवेदन और पात्रता सत्यापन की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा वाराणसी से विशेष ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’ शुरू की जाएगी, जिसमें 250 मोटरसाइकिलों पर 500 प्रतिभागी गंगाजल लेकर वडनगर जाएंगे। अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ होगा, जिसमें ग्राम प्रधानों से लेकर सांसदों तक जनप्रतिनिधि शामिल होंगे और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को दोहराएंगे।
दिव्यांग का पर्स झपटकर भागे स्नैचर, व्हीलचेयर से ही पीड़ित ने किया पीछा
जीरकपुर में बुधवार सुबह बाइक सवार दो स्नैचरों ने व्हीलचेयर पर जा रहे दिव्यांग सुरेंद्र पाल को निशाना बनाया. आरोपी पर्स झपटकर भाग निकले. इसमें नकदी, मोबाइल और जरूरी दस्तावेज थे. वारदात के बाद सुरेंद्र पाल ने हिम्मत दिखाई और व्हीलचेयर पर ही आरोपियों का पीछा किया, लेकिन दोनों फरार हो गए. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है.
हिमाचल प्रदेश के NH-03 पर पंडोह-टकोली सेक्शन में बनी देओद और हनोगी सुरंगें खुलने जा रही हैं. इनके शुरू होने से मंडी से कुल्लू का सफर लगभग आधा हो जाएगा.
कर्नाटक में सरकारी कार्यक्रमों में गाए जाएंगे वंदे मातरम् के सिर्फ दो स्टैंजा
कर्नाटक सरकार ने राज्य के सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के सिर्फ पहले दो अंतरे गाने का आदेश दिया है. हालांकि, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में इसके सभी छह स्टैंजा गाए जाएंगे. यह फैसला केंद्र के सभी छह स्टैंजा गाने के दिशा-निर्देशों के बीच आया है.
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एक बस में बैठी लड़की ने लड़के से पूछा क्या करते हो? जवाब सुकर उड़ेंगे होश, पढ़िए Viral Jokes
जब आप खुश और टेंशन फ्री होते हैं तो आपके चेहरे पर चमक आ जाती है. हल्की सी मुस्कुराहट किसी की खूबसूरती में चार-चांद लगा देती है. इसलिए हंसना सेहत के लिहाज से जरूरी और फायदेमंद है. आज (10 सितंबर) हम आपके लिए लेकर आए हैं जोक्स का खजाना, जिन्हें पढ़कर आपको आ जाएगी हंसी.
एक्ट्रेस से प्रोड्यूसर बनीं श्वेता त्रिपाठी, TIFF 2026 में पेश करेंगी अपनी पहली फीचर फिल्म
अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी अब अभिनय के साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही हैं. उन्हें वुमन इन फिल्म इंडिया और गोल्ड हाउस की ओर से दिए जाने वाले डब्ल्यूआईएफ इंडिया-गोल्ड हाउस स्कॉलरशिप के लिए चुना गया है.
बिपाशा को प्रोटीन पाउडर में मिले कीड़े, तुकाराम से मांगी मदद
बिपाशा बसु ने महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे को टैग करते हुए एक न्यूट्रिशन प्रोडक्ट में कीड़े मिलने का दावा किया है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर प्रोडक्ट में कीड़े दिखाए.
युवती थाने जा रही थी, रास्ते में लिव-इन पार्टनर ने रास्ते में रोककर रेता गला
इंदौर के पलासिया चौराहे पर तीन साल से लिव-इन में रह रहे युवक ने महिला का रास्ता रोककर धारदार हथियार से उसके गले पर हमला कर दिया. इसके बाद आरोपी ने खुद को भी घायल करने की कोशिश की. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. महिला की हालत खतरे से बाहर है. उपचार के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
ब्रिक्स समिट से पहले रूस में पहले भारतीय विधायक अभय सिंह ने NDTV से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि सबको साथ मिलकर चलना होगा, नहीं तो वेस्ट के चक्कर में पड़ जाएंगे.
पहले चीन की चुप्पी फिर शी जिनपिंग के भारत दौरे की पुष्टि; '48 घंटे' वाले खेल के पीछे क्या?
BRICS 2026: देर से ही सही, चीन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। बिजिंग की ओर से यह घोषणा भारत मंडपम में मुख्य कार्यक्रम शुरू होने से महज 48 घंटे पहले आई है।
भारत में अब चिप्स-कोल्ड ड्रिंक के पैकेट पर भी लगेगी चेतावनी? सुप्रीम कोर्ट जारी करेगा आदेश
इस प्रस्ताव में हालांकि घी, खाद्य तेल, नमक, चीनी, गुड़ और शहद जैसे एकल-सामग्री वाले उत्पादों को छूट देने की बात कही गई है.
मशीनें हारीं, अब इतिहास की बारी! उज्जैन के ‘खड़े हनुमान’ का 1000 साल पुराना राज खुलेगा?
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को हटाने के कई प्रयास सफल नहीं हुए। मंदिर का ढांचा हटाए जाने के बाद भी प्रतिमा अपने स्थान पर बनी हुई है। विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञ इसे मालवा के बेसाल्ट पत्थर से बनी और परमारकाल अथवा राजा भोज के दौर से जुड़ी हो सकने वाली प्रतिमा मान रहे हैं, हालांकि इसकी उम्र पर अंतिम निष्कर्ष अभी नहीं आया है। विशेषज्ञ अब नींव और आसपास की मिट्टी की तकनीकी जांच कर रहे हैं।
इशिता दत्ता के लिए यह दौर बेहद खास और भावनात्मक रहा. एक्ट्रेस ने बताया कि घमासान की शूटिंग के दौरान वह छह महीने की गर्भवती थीं, जबकि दृश्यम 3 की शूटिंग उनके दूसरे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद शुरू हुई.
5.9 मिलियन व्यूज के साथ ‘गांधारी’ का बड़ा कारनामा, कई बड़ी फिल्मों को छोड़ा पीछे
यह देखना कि फिल्म इतने देशों में ट्रेंड कर रही है, जहां शायद लोग हमारी भाषा या संस्कृति को भी नहीं समझते, इस बात की पुष्टि करता है कि अगर कहानी अच्छी हो, तो वह सीमाओं को पार कर पूरी दुनिया में अपनाई जाती है.
Bihar का पानी 30 साल से चोरी! Sanjay Jha ने Bangladesh संधि पर रोक की मांग की
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपील की कि वह दिसंबर में खत्म होने वाली बांग्लादेश के साथ गंगा जल-बंटवारे की संधि को रिन्यू न करे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन दशकों से बिहार के हिस्से का पानी चुराया जा रहा है। 'नीतीश संवाद यात्रा' के पहले चरण के पूरा होने के बाद पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए झा ने कहा कि यह मुद्दा बिहार के लिए अहम है और आरोप लगाया कि राज्य को उसके पानी का बड़ा हिस्सा नहीं दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Bihar में बिजली की Peak Demand 9.5 GW तक पहुंची, आपूर्ति में बड़ा सुधार झा ने कहा कि यह मुद्दा राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जहां भारत के राज्य पानी के बंटवारे के मुद्दों पर आपस में कड़ा संघर्ष करते हैं, वहीं बिहार का पानी 30 वर्षों से चुराकर बांग्लादेश भेजा जा रहा है। यात्रा के पहले चरण में बक्सर, भोजपुर, बेगूसराय और खगड़िया जिले शामिल थे। यह यात्रा कटिहार में खत्म होने से पहले गंगा के किनारे बसे 12 ज़िलों से होकर गुज़रेगी। झा, JD(U) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और पार्टी के दूसरे नेताओं के साथ, यात्रा के अगले चरण में सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार का दौरा करेंगे। राज्यसभा सांसद झा ने कहा कि यात्रा के पहले चरण में पार्टी को लोगों का ज़बरदस्त समर्थन और भागीदारी मिली, जिससे पता चलता है कि यह मुद्दा लोगों के बीच ज़ोर पकड़ रहा है। 12 दिसंबर, 1996 को भारत और बांग्लादेश के बीच हुई गंगा जल-बंटवारा संधि, 30 साल का एक समझौता है जो फरक्का बैराज पर सूखे के मौसम में पानी के बहाव के बंटवारे को तय करता है। इसे भी पढ़ें: Bihar में भवन निर्माण नियमों का Draft तैयार, कम जोखिम वाले भवनों को मिलेगा Self-Certification झा ने दावा किया कि इस समझौते के तहत, बांग्लादेश को 1 जनवरी से 31 मई के बीच 1,500 क्यूमेक पानी पक्का मिलता है, जबकि इसी मौसम में बिहार के बक्सर में सिर्फ़ 400 क्यूमेक पानी ही पहुँचता है। एक क्यूमेक का मतलब है प्रति सेकंड 1,000 लीटर पानी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मतलब है कि बिहार का अपना 1,100 क्यूमेक पानी बांग्लादेश चला जाता है। झा ने केंद्र से अपील की कि इस संधि को आगे न बढ़ाया जाए और कहा कि अगर इसे बढ़ाया जाता है, तो 2050 तक राज्य की पानी की अनुमानित जरूरतों को ज़रूर ध्यान में रखा जाना चाहिए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Supreme Court ने न्यायिक अधिकारी की अनुशासनहीनता पर जताई नाराजगी, अवमानना कार्यवाही पर रोक से इनकार
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोई न्यायिक अधिकारी अदालत में न्यायाधीशों पर चीख नहीं सकता। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ ‘‘अनुचित आक्रोशपूर्ण व्यवहार’’ को लेकर शुरू की गई अवमानना की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय अवमानना की कार्यवाही आगे बढ़ा सकता है, लेकिन 28 सितंबर तक इसपर अंतिम फैसला नहीं करेगा। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के एक सितंबर के उस आदेश को चुनौती देने वाली न्यायिक अधिकारी की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई, जिसमें उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की गई थी। जब पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी करने की बात कही, तो याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने उच्च न्यायालय में चल रही अवमानना कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध किया। पीठ ने कहा, ‘‘एक न्यायिक अधिकारी अदालत में न्यायाधीशों पर चीख नहीं सकता।’’सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अदालत में चीखा नहीं था और अदालत के समक्ष बिना शर्त माफी भी मांगी थी। पीठ ने कहा, ‘‘एक न्यायिक अधिकारी को उच्च न्यायालय से यह कहने का कोई अधिकार नहीं है कि पदों को नहीं भरने के लिए अदालत जिम्मेदार है। उसे अपने शब्दों पर पछतावा होना चाहिए। यह गंभीर अनुशासनहीनता है।’’शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वह उच्च न्यायालय में वापस जाए और वहां बिना शर्त माफी मांगे। सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता पहले ही उच्च न्यायालय के समक्ष माफी मांग चुका है और उसका तबादला नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कर दिया गया है, जो करीब 1,000 किलोमीटर दूर है। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 28 सितंबर तय की। उच्च न्यायालय में यह विवाद त्वरित अदालतों के लिए 179 पदों के सृजन का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली अंतरिम याचिका की सुनवाई के दौरान उठा। उच्च न्यायालय ने पाया था कि राज्य के विधि एवं न्याय विभाग में सचिव और वरिष्ठ कानूनी सलाहकार रहे अधिकारी द्वारा पहले दाखिल किया गया हलफनामा संतोषजनक नहीं था। उच्च न्यायालय ने अपने एक सितंबर के आदेश में कहा था कि उसने अतिरिक्त सरकारी वकील से पूछा था कि अतिरिक्त हलफनामे में कौन-से कथन यह बताते हैं कि त्वरित अदालतों के लिए 179 नए पद सृजित किए गए हैं। उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘हमारे सवाल का जवाब देने के बजाय, हलफनामा देने वाले अधिकारी ने आक्रामक और ऊंची आवाज में बोलना शुरू कर दिया (जो लगभग चीखने जैसा था)। उन्होंने अन्य बातों के अलावा उच्च न्यायालय प्रशासन को दोषी ठहराया और भरी अदालत में कहा कि ‘179 पदों को नहीं भरने के लिए उच्च न्यायालय प्रशासन जिम्मेदार है’।’’उच्च न्यायालय ने अधिकारी को नोटिस जारी करके पूछा था कि उनके खिलाफ क्यों नहीं अवमानना की कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए। उच्च न्यायालय ने मामले को 11 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था।
Tarun Chugh का आरोप, Punjab Police ने जबरन कराया दलित व्यक्ति का अंतिम संस्कार
भाजपा के राज्यसभा सदस्य तरुण चुग ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि पंजाब पुलिस ने संगरूर के एक दलित व्यक्ति का अंतिम संस्कार उसके परिवार की इच्छा के विरूद्ध कराया। संगरूर निवासी गुलजार सिंह (47) ने आत्महत्या कर ली थी। चुग ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर इस समुदाय के प्रति ‘‘अन्याय की सारी हदें’’ पार करने का आरोप भी लगाया। संगरूर जिले के दिरबा निवासी सिंह की सोमवार रात कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई। उनके परिवार का कहना है कि छह सितंबर को दिरबा में हुए एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने (सिंह ने) वित्त मंत्री हरपाल चीमा से इलाके में मादक पदार्थ की आपूर्ति के बारे में सवाल पूछा था। चुग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरदस्ती सिंह का अंतिम संस्कार कराया। उन्होंने कहा, ‘‘आम आदमी पार्टी का शर्मनाक, धोखेबाज और घिनौना चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है।’’सांसद ने सिंह के परिवार का एक वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘‘भगवंत मान के अयोग्य अधिकारियों ने दावा किया कि दलित मजदूर गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार परिवार की सहमति से किया गया था, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उनकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती अंतिम संस्कार कराया।’’उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंह के परिवार को सरकार से उचित मदद या मुआवजा नहीं मिला है। चुग ने कहा कि पंजाब के लोग पूछ रहे हैं कि चीमा को अभी तक बर्खास्त क्यों नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और गुरु द्रोही भगवंत मान सरकार ने पंजाब में दलितों के साथ अन्याय की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पूरा पंजाब पूछ रहा है कि मंत्री हरपाल चीमा को अब तक बर्खास्त क्यों नहीं किया गया है और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चीमा के खिलाफ कोई मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया है।’’सिंह के आखिरी पलों का एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें वह चीमा से अपने इलाके में मादक पदार्थ की उपलब्धता के बारे में सवाल पूछते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होगा और यह भी स्वीकार किया कि उनका बेटा भी मादक पदार्थ का सेवन करता था। सिंह का वीडियो वायरल होते ही विपक्षी दलों ने भगवंत मान सरकार से मामले की जांच तथा चीमा के इस्तीफे की मांग की। सिंह के परिवार की शिकायत के आधार पर, पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
BIS Action: Chennai में बिना हॉलमार्क वाले 804 ग्राम Gold Jewellery जब्त
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने बृहस्पितावर को चेन्नई में 804 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए हैं, क्योंकि उन पर हॉलमार्क नहीं था और उन्हें व्यावसायिक बिक्री के लिए प्रदर्शित किया गया था। सोने के आभूषणों और कलाकृतियों पर अनिवार्य हॉलमार्क की शुरुआत जून 2021 में की गई थी। हॉलमार्क कीमती धातुओं से बने आभूषणों की शुद्धता या गुणवत्ता का आधिकारिक प्रमाण होता है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बीआईएस के चेन्नई शाखा कार्यालय ने एक सितंबर, 2026 को चेन्नई के अंबत्तूर स्थित एक ज्वेलरी दुकान पर प्रवर्तन जांच और जब्ती अभियान के दौरान 803.99 ग्राम बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण जब्त किए। यह कार्रवाई भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत की गई, क्योंकि जांच के दौरान व्यावसायिक बिक्री के लिए बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण प्रदर्शित पाए गए थे। बयान में कहा गया, जब्त किए गए आभूषणों में 175 मंगलसूत्र शामिल हैं, जिनका वजन 671.50 ग्राम है। इसके अलावा 25.02 ग्राम वजन की बच्चों की 12 चूड़ियां, 86.14 ग्राम वजन के 40 कानों के झुमके और 21.33 ग्राम वजन के 10 पेंडेंट भी शामिल हैं। बीआईएस अधिकारियों ने पाया कि अलग-अलग डिजाइन और श्रेणियों के आभूषणों को बिना अनिवार्य हॉलमार्क के बिक्री के लिए रखा गया था। इन आभूषणों को विस्तृत जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए जब्त कर लिया गया है। बीआईएस के चेन्नई शाखा कार्यालय के प्रमुख एस. डी. दयानंद ने कहा, बीआईएस नियमित रूप से बाजार की निगरानी और प्रवर्तन संबंधी गतिविधियां करता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन और हॉलमार्क के दायरे में आने वाले उत्पाद निर्धारित मानकों का पालन करते हों। उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रवर्तन कार्रवाई घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री को रोकती है और बीआईएस मानक चिह्न तथा हॉलमार्क के दुरुपयोग पर भी रोक लगाती है। बीआईएस ने बताया कि हॉलमार्क कीमती धातुओं से बने आभूषणों की शुद्धता या गुणवत्ता की आधिकारिक गारंटी प्रदान करती है। मौजूदा व्यवस्था के तहत हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों पर बीआईएस का लोगो, शुद्धता/गुणवत्ता का स्तर और छह अंकों वाला हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) नंबर अंकित होता है। उपभोक्ता बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से हॉलमार्क वाले आभूषणों के एचयूआईडी (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) की जांच कर सकते हैं।
कैंची धाम से दुनिया भर में गूंजा नाम, फिर वृंदावन में ही क्यों ली नीम करौली बाबा ने महासमाधि?
कैंची धाम की ख्याति आज दुनिया भर में फैल चुकी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नीम करौली बाबा ने अपनी अंतिम महासमाधि के लिए वृंदावन को चुना था. जानिए वृंदावन से उनके गहरे आध्यात्मिक संबंध और इसके पीछे की खास वजह.
BRICS Summit के लिए New Delhi पहुंचेंगे Xi Jinping और Vladimir Putin
विश्व में बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच, भारत शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उपयोग आर्थिक विकास को गति देने के लिए कर रहा है। साथ ही, भारत ग्लोबल साउथ के विकास से जुड़ी मुख्य प्राथमिकताओं, विशेष रूप से खाद्य, ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा की वकालत भी कर रहा है। शिखर सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस बीच, चीन ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भारत आने की पुष्टि कर दी है। सात साल के अंतराल के बाद यह भारत की उनकी पहली यात्रा होगी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और उनके इंडोनेशियाई समकक्ष प्रबोवो सुबियांतो उन प्रमुख नेताओं में शामिल हैं जो राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। शीर्ष अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ग्लोबल साउथ की मुख्य विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स (ब्रिक्स) समूह को एक अहम और पूरक मंच के तौर पर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार विवादों और भू-राजनीतिक बदलावों से पैदा हो रही आर्थिक चुनौतियों के बीच, ‘‘हम खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा स्थिरता और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी प्रमुख कमजोरियों को दूर करने पर ध्यान दे रहे हैं।’’‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, अल्प विकसित या अविकसित के रूप में जाना जाता है। ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं। नयी दिल्ली में यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट (खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी) और (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप प्रशासन की व्यापार व शुल्क (टैरिफ) नीतियों के प्रतिकूल प्रभावों का सामना कर रही है। शिखर सम्मेलन में अब केवल दो दिन बचे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि समूह के सदस्य देश किसी संयुक्त बयान पर आम सहमति बना पाए हैं या नहीं, क्योंकि पश्चिम एशिया संकट को लेकर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच मतभेद बने हुए हैं। यह समूह आम सहमति के आधार पर काम करता है। मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका से मिलकर बने ब्रिक्स का 2024 में विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात तथा सऊदी अरब शामिल हुए, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल हुआ। बेलारूस, बॉलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम पिछले साल ब्रिक्स के साझेदार देश बने थे। ब्रिक्स एक प्रभावशाली समूह के तौर पर उभरा है क्योंकि यह दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है, जो वैश्विक आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा हैं। इस समूह की अध्यक्षता के दौरान भारत का ध्यान चार मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता। अधिकारियों ने बताया कि लचीलापन के तहत भारत स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य, ऊर्जा, आपदा जोखिम कम करने और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सामूहिक सहयोग को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित करता रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना भी शिखर सम्मेलन के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल होगा। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ की थीम से निर्देशित है। यह थीम ‘मानवता सर्वोपरि’ की भावना में निहित जन-केंद्रित रुख के भारत के दृष्टिकोण को दर्शाती है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन क्षेत्रों के अलावा, ब्रिक्स के नेता साझा प्राथमिकताओं पर इस समूह के भीतर सहयोग मजबूत करने के लिए विचार-विमर्श करेंगे और पारस्परिक महत्व के वैश्विक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे। इस साल भारत की अध्यक्षता में, देश भर के 25 से ज़्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनका उद्देश्य ब्रिक्स की रणनीतिक साझेदारी को तीन मुख्य आधार -- राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय, तथा सांस्कृतिक एवं लोगों के बीच आपसी संपर्क -- पर और मजबूत करना है। भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 तथा 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने एक जनवरी 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह शिखर सम्मेलन शनिवार को अपराह्न 2:35 बजे ब्रिक्स सदस्य देशों के लिए ‘‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’’ विषय पर बंद कमरे के सत्र के साथ शुरू होगा। इस सत्र के बाद, नेता ‘भारत इनोवेट्स एग्जिबिशन’ का दौरा करेंगे, जो शाम 4:25 बजे शुरू होगी। शाम 5:05 बजे, सभी नेता शिखर सम्मेलन की जगह -- भारत मंडपम -- के लॉन में सामूहिक रूप से तस्वीरें खिंचवाने के लिए एकत्र होंगे और उसके बाद मिलकर पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे। पहले दिन के कार्यक्रमों का समापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शाम 7:30 बजे आयोजित एक शानदार रात्रिभोज के साथ होगा। रविवार को सुबह 10:35 बजे आधिकारिक सामूहिक तस्वीर ली जाएगी। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, ‘‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता: समावेशी वैश्विक प्रगति के लिए भविष्य को आकार देना’’ विषयक खुला सत्र सुबह 10.50 बजे शुरू होगा। नयी दिल्ली घोषणापत्र जारी किए जाने के साथ इस शिखर सम्मेलन का समापन होगा।
5 साल में 6000 मौतें, हर साल ढह रही हैं 1000 इमारतें : क्या भारत में अब ये 'न्यू नॉर्मल' है?
दिल्ली PG हादसे के बाद बड़ा सवाल. NCRB के आंकड़ों के अनुसार भारत में हर साल 1,000 से ज्यादा इमारतें ढह रही हैं और 2020-2024 के बीच करीब 6,000 लोगों की मौत हुई. क्या भवन हादसे अब 'न्यू नॉर्मल' बनते जा रहे हैं?
5 दिसंबर को मकर राशि में आएंगे राहु, 4 राशियों को डेढ़ साल तक फायदा
Rahu Gochar 2026: राहु 5 दिसंबर 2026 को मकर राशि में प्रवेश करेंगे. जानें किन 4 राशियों को करियर, नौकरी, कारोबार और धन के मामले में लाभ मिल सकता है.
पढ़ें 10 सितंबर 2026 की शाम की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
चीनी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 से 13 सितंबर तक भारत में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
नई दिल्ली में मणिपुर के चर्चित गिटारवादक चोंगथाम विक्रम सिंह की कथित मॉब लिंचिंग ने सिर्फ एक परिवार को नहीं तोड़ा है, बल्कि राजधानी में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले भेदभाव पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हम आपको बता दें कि 55 वर्षीय चोंगथाम विक्रम सिंह की 6 सितंबर की देर रात अश्रम इलाके में कथित तौर पर आठ लोगों ने बेरहमी से पिटाई की। अगले दिन सुबह उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने सात लोगों और एक 15 वर्षीय किशोर को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच मॉब लिंचिंग के तौर पर कर रही है। चोंगथाम विक्रम सिंह की पत्नी जोशना चोंगथाम ने मंगलवार को चाणक्यपुरी में मीडिया के सामने जो घटनाक्रम बताया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। उनके मुताबिक, 6 सितंबर की रात करीब 11.30 बजे चोंगथाम विक्रम सिंह नीचे गए थे। कुछ देर बाद वह आठ लोगों से पीछा छुड़ाते हुए सीढ़ियां चढ़कर घर पहुंचे। हमलावरों ने उन्हें घर के दरवाजे तक पीटा। पत्नी और बेटे के सामने हुई इस हिंसा के बाद चोंगथाम विक्रम सिंह को सांस लेने में तकलीफ हुई और परिवार उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले गया। उनका ब्लड प्रेशर बेहद कम था और करीब सुबह छह बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। जोशना ने कहा कि उन्होंने अपना पति और उनके बेटे ने अपना पिता खो दिया। इसे भी पढ़ें: Kiren Rijiju ने कहा: मणिपुरी संगीतकार हत्याकांड में Delhi Police 8-9 दिन में दाखिल करेगी चार्जशीट पुलिस के मुताबिक विवाद की शुरुआत घर के आसपास स्थित ढाबों से आने वाले तेज शोर को लेकर हुई थी। परिवार का कहना है कि चोंगथाम विक्रम सिंह ने पहले भी इस शोर और इलाके में होने वाली आवाजाही पर आपत्ति जताई थी और कुछ लोगों ने उन्हें धमकाया भी था। बेटे याइफाबा के पुलिस बयान के अनुसार, हमले के दौरान उसके पिता ने बताया था कि वह कुछ हमलावरों को पहचानते हैं और वे पहले भी उन्हें धमका चुके थे। याइफाबा ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने दरवाजा खोलकर हमलावरों को अपने पिता को लात-घूंसों से पीटते देखा था और वह उनके चेहरों की पहचान कर सकता है। अस्पताल ले जाते समय सिंह ने कथित तौर पर बताया कि हमलावर सामने वाले ढाबे की तरफ से आए थे। बताया जा रहा है कि यह परिवार करीब नौ वर्षों से उसी मकान की तीसरी मंजिल पर रह रहा था। पड़ोसी के मुताबिक उस रात अचानक चीख-पुकार सुनाई दी। सामान्य तौर पर सिंह रात के खाने के बाद टहलने या कूड़ा बाहर डालने निकलते थे और माना जा रहा है कि उस रात भी वह इसी तरह नीचे गए थे। लेकिन वापस लौटते समय सीढ़ियां उनके लिए मौत का रास्ता बन गईं। घटना के बाद असली विवाद सिर्फ हत्या के आरोपियों तक सीमित नहीं रहा। पूर्वोत्तर के नागरिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे व्यापक नस्ली भेदभाव के संदर्भ में देखने की मांग की है। मणिपुर वीमेन गन सर्वाइवर्स नेटवर्क की संस्थापक सदस्य बिनालक्ष्मी नेप्राम ने आरोप लगाया कि यह नस्ली हिंसा का मामला है और सवाल उठाया कि आखिर पूर्वोत्तर के लोगों को अपने ही देश की राजधानी में ऐसी हिंसा का सामना क्यों करना पड़ता है। वहीं दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने घटना को भयावह बताते हुए इसमें नस्ली कोण से इंकार किया और विपक्ष पर ‘गंदी राजनीति’ नहीं करने की अपील की। उधर, मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इसे बेहद पीड़ादायक घटना बताते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में निष्पक्ष, समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने पूर्वोत्तर के छात्रों और कामकाजी लोगों की बड़ी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं को महज अलग-थलग अपराध मानकर छोड़ना ठीक नहीं होगा। हत्या के बाद नागरिक संगठनों के विरोध-प्रदर्शन के बीच एफआईआर में मॉब लिंचिंग से संबंधित प्रावधान लगाए जाने की बात सामने आई। दरअसल, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(2) में पांच या उससे अधिक लोगों द्वारा मिलकर किसी व्यक्ति की हत्या करने की स्थिति में, यदि आधार नस्ल, जाति, समुदाय, लिंग, जन्मस्थान, भाषा, व्यक्तिगत विश्वास या अन्य आधार हो, तो कठोर सजा का प्रावधान है, जिसमें उम्रकैद से लेकर मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है। देखा जाये तो चोंगथाम विक्रम सिंह की हत्या ने पूर्वोत्तर के लोगों के बीच पुराने डर और असुरक्षा की भावना को फिर सामने ला दिया है। नागरिक संगठनों ने इस घटना को इसी वर्ष फरवरी में मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की कुछ युवतियों के साथ कथित नस्ली गाली-गलौज जैसी घटनाओं के संदर्भ में देखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर पूर्वोत्तर के लोगों ने सवाल उठाया कि दिल्ली जैसे महानगर में आखिर उनकी सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है। परिवार की मांग हालांकि बेहद साफ है कि बदला नहीं, न्याय चाहिए। उधर पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। दिल्ली बीजेपी ने जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने और सरकार की ओर से मुकदमे को विशेष अदालत में तेजी से चलाने की सिफारिश की बात कही है। अब असली कसौटी यही है कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है, आरोपियों के खिलाफ कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और क्या यह मामला सिर्फ एक और सनसनीखेज खबर बनकर रह जाएगा। क्योंकि सवाल अब सिर्फ चोंगथाम विक्रम सिंह की हत्या का नहीं है। सवाल यह है कि दिल्ली में रहने वाला कोई व्यक्ति अगर अपने आसपास के शोर पर आपत्ति जताता है, तो क्या उसकी शिकायत का जवाब लात-घूंसों और भीड़ की हिंसा से दिया जाएगा? और अगर पीड़ित पूर्वोत्तर से आता है, तो क्या समाज को उसके साथ होने वाली हिंसा के नस्ली पहलू पर भी उतनी ही गंभीरता से विचार नहीं करना चाहिए?
IRCTC Money Laundering: Lalu, Rabri और Tejashwi पर Delhi Court में चार्ज फ्रेम
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव और चार अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया। यह मामला दो IRCTC होटलों के आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का मजबूत संदेह है। अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि जांच राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित थी; अदालत ने कहा कि जांच की प्रकृति, समय और तौर-तरीके ऐसे किसी निष्कर्ष का समर्थन नहीं करते हैं। इसे भी पढ़ें: BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav मुकदमे का सामना कर रहे नौ आरोपियों में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लालू के करीबी सहयोगी प्रेम चंद गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स के निदेशक विनय कोचर और विजय कोचर, लारा प्रोजेक्ट्स और सुजाता होटल्स शामिल हैं। अदालत ने सात आरोपियों को मामले से बरी कर दिया. इनमें लालू प्रसाद के दामाद राहुल यादव, गौरव गुप्ता, नथमल कांकरिया, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, राजीव रेलन और अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। यह मामला 2004 से 2009 के बीच हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जब लालू प्रसाद रेल मंत्री थे। CBI का आरोप है कि रांची और पुरी में रेलवे के BNR होटलों के रखरखाव का कॉन्ट्रैक्ट तय नियमों का उल्लंघन करके सुजाता होटल्स को दिया गया था। आरोपों के मुताबिक, पटना में एक कीमती ज़मीन के बदले सुजाता होटल्स को ये कॉन्ट्रैक्ट दिए गए थे। सुजाता होटल्स के मालिक विनय कोचर और विजय कोचर हैं। करोड़ों रुपये की कीमत वाली यह ज़मीन कथित तौर पर बाज़ार या सर्कल रेट से बहुत कम कीमत पर लालू परिवार से जुड़ी एक कंपनी को ट्रांसफर कर दी गई थी। इसे भी पढ़ें: Sagar में जहरीली शराब से मौतें: Kharge बोले, MP सरकार की लापरवाही ने ली जानें, यह कुशासन है! CBI के मामले में आरोप है कि ज़मीन का यह लेन-देन होटल कॉन्ट्रैक्ट के बदले में किया गया एक तरह का 'क्विड-प्रो-क्वो' (यानी 'कुछ के बदले कुछ') था। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया था कि यह प्रॉपर्टी प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता से जुड़ी एक कंपनी के ज़रिए ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद ED ने CBI के आरोपों के आधार पर 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया और इन लेन-देन से हुई कथित अवैध कमाई की जांच शुरू की। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
खड़े हनुमान मंदिर के पास लंगूरों ने खींचा ध्यान, अब...
उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर के पास कुछ लंगूर पहुंचने से श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित हुआ है. प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बीच पिछले चार दिनों में 8 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचने की बात सामने आई है. मंदिर के आसपास पुलिस और बैरिकेडिंग की गई है.
MHA Serious on Ladakh: अनुच्छेद 371 और Legislative Framework पर बनी सहमति, बोले MP Hanifa Jan
लद्दाख की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर गृह मंत्रालय (MHA) की सब-कमेटी के साथ बातचीत के बाद, सांसद मोहम्मद हनीफ़ा जान ने कहा कि केंद्र सरकार बहुत गंभीर है और विधायी, कार्यकारी और वित्तीय शक्तियों के साथ-साथ अनुच्छेद 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपायों वाला लोकतांत्रिक ढांचा देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। बुधवार को लद्दाख सब-कमेटी और MHA की बैठक हुई, जिसमें एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के नेताओं ने हिस्सा लिया। बातचीत में हुई प्रगति के बारे में ANI से बात करते हुए, लद्दाख के सांसद ने क्षेत्र के शासन ढांचे और वित्तीय व्यवहार्यता पर बनी सहमति के बारे में बताया। इसे भी पढ़ें: Sagar में जहरीली शराब से मौतें: Kharge बोले, MP सरकार की लापरवाही ने ली जानें, यह कुशासन है! जान ने कहा हमने इस बात पर सहमति बनाई थी कि लद्दाख की सीमित वित्तीय आय को देखते हुए, सरकार एक पूरी तरह से काम करने वाली विधानसभा के लिए फंड नहीं दे सकती, भले ही हमने शुरू में पूर्ण राज्य का दर्जा मांगा था। चूंकि लद्दाख की आबादी कम होने के कारण जल्द ही राज्य का दर्जा मिलने की संभावना नहीं थी, इसलिए हमारी संशोधित मांग कम से कम कानून बनाने की शक्तियों वाली विधानसभा की थी। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र ने वित्तीय आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए विधानसभा मॉडल के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया। सरकार विधानसभा के विचार के प्रति काफी हद तक सहमत थी, लेकिन उसने स्पष्ट किया कि वह केंद्रीय बजट से जरूरी फंड नहीं दे सकती; इसे चलाने के लिए लद्दाख को अपना राजस्व खुद जुटाना होगा। इसे भी पढ़ें: NIA का Engineer Rashid की Bail का कड़ा विरोध, High Court ने पूछा- क्या सशर्त रिहा करें? नतीजतन, लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश के स्तर पर एक लोकतांत्रिक व्यवस्था देने पर सहमति बनी, जिसमें विधायी, कार्यकारी और वित्तीय शक्तियां हों। हाल ही में हुई उप-समिति की बैठक के नतीजों पर बात करते हुए, जान ने MHA द्वारा तैयार किए जा रहे रोडमैप को लेकर उम्मीद जताई। सांसद ने कहा, कल की बैठक से यह साफ हो गया कि सरकार बहुत गंभीर है; खासकर MHA बहुत मेहनत कर रहा है। यह भी स्पष्ट किया गया कि इस निकाय के लिए चुने हुए प्रतिनिधि होंगे, परिसीमन की प्रक्रिया होगी, निर्वाचन क्षेत्र बनाए जाएंगे और मूल रूप से, एक विधानसभा स्थापित की जाएगी। उन्होंने संवैधानिक सुरक्षा के बारे में मिले आश्वासन पर भी जोर दिया: इसके अलावा, अनुच्छेद 371 के तहत दी जाने वाली सुरक्षा के बारे में स्पष्ट किया गया; हमें जमीन, संस्कृति, भाषा, पर्यावरण और यहां तक कि खनन के मामले में सुरक्षा का आश्वासन दिया गया; इन सभी पहलुओं को अनुच्छेद 371 के तहत सुरक्षित किया जाएगा।
पत्नी का सिर काटकर जिस फ्रिज में रखा था, पुलिस ने किया जब्त
गुवाहाटी में पत्नी रिया तालुकदार गोस्वामी की हत्या के आरोपी रामानुज गोस्वामी के फ्लैट से पुलिस ने वह फ्रिज जब्त किया है, जिसमें उसने पत्नी का कटा हुआ सिर रखा था. पढ़ें ये सनसनीखेज कहानी.
‘हैवान’ का फर्स्ट रिव्यू OUT! अक्षय-सैफ की जोड़ी ने मचाया तहलका, प्रियदर्शन के डायरेक्शन की तारीफ
अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म ‘हैवान’ 11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। प्रियदर्शन निर्देशित इस क्राइम थ्रिलर को CBFC से UA 16+ प्रमाणपत्र मिला है और इसका रनटाइम 2 घंटे 44 मिनट 7 सेकंड है। सोशल मीडिया पर वायरल कथित फर्स्ट रिव्यू में अक्षय-सैफ की टक्कर और प्रियदर्शन के निर्देशन की तारीफ की गई है, लेकिन फिल्म पर अंतिम राय रिलीज के बाद ही बनेगी।
ATM से निकलेगा नया डेबिट-क्रेडिट कार्ड, SBI समेत ये 9 बैंक कर रहे काम!
एटीएम से अब सिर्फ कैश ही नहीं निकलेगा, बल्कि आप कार्ड भी निकाल सकते हैं. इसपर एसबीआई समेत 9 बैंक काम कर रहे हैं. जल्द ही एटीएम से डेबिट और क्रेटिड कार्ड निकाले जा सकते हैं.
आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा पर साधा निशाना, पूछा- स्पेशल रफ्तार से कैसे बना वोट?
आम आदमी पार्टी ने बीजेपी नेता राघव चड्ढा का दिल्ली में तेजी से बने वोट को लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछा है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अपने अगले कैंपेन 'छात्रों की गूंज' की घोषणा की, जो 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित किया जाएगा। X पर एक पोस्ट के ज़रिए गांधी ने छात्रों, युवाओं और भारत की Gen Z को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा देश उन्हें देख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खराब शिक्षा व्यवस्था ने उनकी उम्मीदों को खत्म कर दिया है और उनके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है। कांग्रेस सांसद ने कहा मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत की Gen Z, पूरा देश आपको देख रहा है क्योंकि आज एक खराब शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ बुझा दी है और आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है। इसे भी पढ़ें: MP STF का बड़ा एक्शन: Fake Passport Racket का भंडाफोड़, Bhopal और Gwalior से 60 पासपोर्ट बरामद उन्होंने कहा कि 'छात्रों की गूंज' कैंपेन के तहत, वे अलग-अलग शहरों में छात्रों से मिलकर उनकी चुनौतियों को समझेंगे। उन्होंने कहा कि सिस्टम में बदलाव लाने के लिए छात्रों की आवाज़, उनकी चिंताओं और उनकी राय को सुनना ज़रूरी है। उन्होंने कहा, 'छात्रों की गूंज' के ज़रिए मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियों को समझ रहा हूँ। इस कैंपेन के तहत, 19 सितंबर को मैं एक बार फिर इंदौर में आपके बीच रहूँगा। लेकिन इस सिस्टम को बदलने के लिए देश के हर छात्र की आवाज़, उनके दर्द और उनकी राय को सुनना ज़रूरी है। अपनी पोस्ट के साथ एक लिंक शेयर करते हुए, गांधी ने छात्रों से अपनी चिंताओं और सुझावों के साथ उनसे संपर्क करने की अपील की। उन्होंने कहा, आपकी समस्याएँ। इसे भी पढ़ें: सरकार के खिलाफ बोलना देशद्रोह! निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के विदेश यात्रा पर प्रतिबंध की मांग की, नेहरू के पत्र का दिया हवाला आपके सुझाव। हम सब मिलकर उम्मीद वापस लाएँगे। कांग्रेस नेताओं द्वारा शुरू किए गए इस कैंपेन का मकसद छात्रों को परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत, भर्ती से जुड़ी समस्याओं और बेरोज़गारी जैसी चिंताओं को उठाने के लिए एक मंच देना है। 'छात्रों की गूंज' कैंपेन पहले पुणे, कोटा, देहरादून और प्रयागराज में भी चलाया जा चुका है, जिसका मकसद छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनाना है।
Donald Trump का वादा: मध्यावधि चुनाव जीते तो हर अमेरिकी वयस्क को मिलेंगे 5,000 Dollar
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को वादा किया कि यदि रिपब्लिकन पार्टी मध्यावधि चुनाव में जीत हासिल कर संसद के दोनों सदनों में नियंत्रण बरकरार रखती है तो प्रत्येक अमेरिकी वयस्क को 5,000 अमेरिकी डॉलर भेजे जाएंगे। नवंबर में होने वाले चुनाव में ट्रंप की पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए इसे असाधारण कदम माना जा रहा है। इस संदिग्ध लग रहे वादे को पूरा करने पर संभवतः 1000 अरब (एक ट्रिलियन) अमेरिकी डॉलर का खर्च आएगा और इसके लिए संसद से मंजूरी लेने की आवश्यकता होगी। इससे देश का लगभग 1800 अरब ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का वार्षिक बजट घाटा और मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं और बढ़ जाएंगी। ट्रंप ने डलास में अपनी पार्टी के एक सम्मेलन में कहा, अगर रिपब्लिकन जीतते हैं, तो आप हमारे साथ जीतते हैं और आपको 5,000 अमेरिकी डॉलर मिल जाएंगे। इसे ट्रंप लाभांश कहा जाएगा। उन्होंने हमारी जबरदस्त ताकत और आर्थिक कामयाबी का हवाला देते हुए भुगतान की तुलना शेयरधारकों को कंपनी द्वारा दिए जाने वाले लाभांश से की। एक घंटे के भीतर ही उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस प्रस्ताव से पैर पीछे खींचने की कोशिश करते दिखे, कम से कम आंशिक रूप से। उन्होंने कहा कि यह लाभांश भुगतान अमीरों को नहीं दिया जाएगा। वेंस ने सुझाव दिया कि इसका भुगतान अमेरिकी टैरिफ (शुल्क) राजस्व द्वारा किया जा सकता है। व्हाइट हाउस ने प्रस्ताव के संबंध में विवरण मांगने वाले संदेश का जवाब नहीं दिया। भुगतान के लिए कांग्रेस से मंजूरी की आवश्यकता होगी। यह राशि अमेरिकी टैरिफ राजस्व से कहीं अधिक होगी। इससे पहले कि उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल राष्ट्रपति के टैरिफ प्रस्ताव को रद्द कर दिया था। पिछले महीने राष्ट्रीय ऋण पहली बार 40 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर को पार कर गया। ट्रंप ने बार-बार इस बात पर अफसोस जताया है कि मौजूदा दौर में राष्ट्रपति की पार्टी लगभग हर बार मध्यावधि चुनाव में में हार जाती है। उन्होंने इस प्रवृत्ति को पलटने के लिए अपरंपरागत तरीकों की तलाश की है, जिसमें इस सप्ताह आयोजित पार्टी सम्मेलन भी शामिल है।
DRI Mega Operation: इंदौर में 1.6 करोड़ का Amphetamine ज़ब्त, बस से तस्करी कर रहे अपराधी पर नकेल
डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने मध्य प्रदेश के इंदौर ज़िले में एक संदिग्ध ड्रग तस्कर को गिरफ़्तार किया है और लगभग 1.6 करोड़ रुपये की कीमत वाली 2.067 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन ज़ब्त की है। यह कार्रवाई इस जानकारी के आधार पर की गई कि दिल्ली से इंदौर बस से यात्रा कर रहा एक यात्री अपने सामान में नशीले पदार्थ ले जा रहा था। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, DRI अधिकारियों ने 9 सितंबर को इंदौर-देवास बाईपास रोड पर इंदौर-देवास टोल प्लाज़ा पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की और उसे रोका। उसके सामान की बारीकी से जांच के दौरान, टीम को चार सलवार-सूट सेट के अंदर छिपाकर रखे गए पीले रंग के चार सीलबंद लिफाफे मिले। इसे भी पढ़ें: CM Pema Khandu बोले- Arunachal Pradesh के सरकारी स्कूलों का ढांचा सुधारेगी सरकार हर लिफाफे में काले रंग की सीलबंद पॉलीथीन की थैली थी, जिसमें सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा पदार्थ था। फील्ड टेस्टिंग में इस पदार्थ में एम्फेटामाइन होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद NDPS एक्ट, 1985 के तहत कुल 2,067 ग्राम एम्फेटामाइन (पैकेजिंग के वजन सहित) वाले चार पैकेट जब्त किए गए। इसके बाद, ड्रग्स की तस्करी के शक में उस व्यक्ति को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया और मामले की आगे की जांच चल रही है। पिछले महीने, इंदौर में एक नाइजीरियाई महिला को गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से लगभग 29 लाख रुपये कीमत की 58 ग्राम कोकीन बरामद की गई थी। आरोपी महिला की पहचान इमैनुएल जॉय के तौर पर हुई थी और उसे जिले की चंदन नगर पुलिस ने पकड़ा था। वह मुंबई से बस के ज़रिए इंदौर आई थी। इसे भी पढ़ें: YS Jagan का Nara Lokesh पर बड़ा प्रहार, DSC Scam में CBI Inquiry और इस्तीफे की मांग तेज एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम ब्रांच) राजेश डंडोतिया ने कहा, जानकारी मिलने पर चंदन नगर पुलिस ने इमैनुएल जॉय नाम की एक नाइजीरियाई महिला को पकड़ा। उसने हमें बताया कि वह सात महीने के बिजनेस वीज़ा पर भारत आई थी और मुंबई से बस के ज़रिए इंदौर पहुंची थी। तलाशी के दौरान, उसके पास से लगभग 29 लाख रुपये कीमत की 58 ग्राम कोकीन बरामद हुई। NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
MP STF का बड़ा एक्शन: Fake Passport Racket का भंडाफोड़, Bhopal और Gwalior से 60 पासपोर्ट बरामद
मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्य में चल रहे एक संदिग्ध नकली पासपोर्ट नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि STF ने ग्वालियर, भोपाल, बैतूल और छिंदवाड़ा से लगभग 60 कथित नकली पासपोर्ट ज़ब्त किए हैं और इस मामले में शामिल दो लोगों को गिरफ़्तार किया है। STF को ग्वालियर के डबरा इलाके में एक ही पते से कई पासपोर्ट जारी होने की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू हुई थी। जांच में बाद में पता चला कि भोपाल के अन्ना नगर में भी एक ही पते से बड़ी संख्या में पासपोर्ट जारी किए गए थे। इसके बाद, टीम ने राज्य की राजधानी के अन्ना नगर इलाके से कथित तौर पर 40 नकली पासपोर्ट ज़ब्त किए और मामले के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया, जिनकी पहचान रियाल चौधरी और बिप्लब अधिकारी के तौर पर हुई है; ये क्रमशः असम और नागालैंड के रहने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: YS Jagan का Nara Lokesh पर बड़ा प्रहार, DSC Scam में CBI Inquiry और इस्तीफे की मांग तेज STF के DIG राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा कुछ समय पहले हमें ग्वालियर के डबरा इलाके में समरिया ताल नाम की जगह से एक शिकायत मिली थी, जहाँ एक ही पते पर लगभग 21-22 पासपोर्ट आवेदन आए थे। इनमें से करीब 17-18 आवेदन मंज़ूर हुए, जबकि कुछ को नामंज़ूर कर दिया गया। जानकारी मिली कि ये फ़र्ज़ी पासपोर्ट हो सकते हैं, जिसके बाद मामले की जाँच की गई। उन्होंने बताया कि शुरुआती जाँच में मामला गंभीर पाया गया। इसके बाद केस दर्ज किया गया और जाँच शुरू हुई। लोढ़ा ने कहा, जाँच के दौरान यह भी पता चला कि भोपाल में एक ही जगह से लगभग 40 पासपोर्ट बनवाए गए थे। इस बारे में भी शिकायत मिली थी कि भोपाल के अन्ना नगर में एक ही पते से कई पासपोर्ट जारी किए गए थे, और इस मामले की भी जाँच की गई। उन्होंने आगे कहा जांच के दौरान हमने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनमें से एक की पहचान रियाल चौधरी के तौर पर हुई है, जो खुद को असम का रहने वाला बताता है। उससे पूछताछ की गई और उसका लैपटॉप ज़ब्त कर लिया गया। लैपटॉप की जांच से जाली दस्तावेज़ तैयार करने से जुड़ी बातें सामने आईं। उसके पास से चार पासपोर्ट भी ज़ब्त किए गए। STF DIG ने बताया कि आरोपी लोगों के लिए जाली पासपोर्ट बनवाने में मदद करता था। ऐसी जानकारी मिली है कि डबरा इलाके में बने पासपोर्ट भी इसी आरोपी (रियाल चौधरी) के ज़रिए बनवाए गए थे। इसे भी पढ़ें: CM Pema Khandu बोले- Arunachal Pradesh के सरकारी स्कूलों का ढांचा सुधारेगी सरकार दूसरे आरोपी के बारे में लोढ़ा ने कहा, दूसरे आरोपी की पहचान बिप्लब अधिकारी के तौर पर हुई है। वह भी नॉर्थ-ईस्ट इलाके, मुख्य रूप से नागालैंड का रहने वाला है और उसके पास से एक नकली पासपोर्ट बरामद हुआ है। वह रियाल चौधरी के ज़रिए यहाँ आया था। अभी जांच चल रही है। पूरे नेटवर्क में शामिल दूसरे लोगों के बारे में जानकारी जुटाने और उन्हें गिरफ़्तार करने की कोशिशें की जा रही हैं। आरोपी द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि करने के लिए एक टीम नॉर्थ-ईस्ट भी गई है।
आम्रपाली दुबे भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्रियों में शामिल हैं। दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया है। दोनों ने साथ में कई हिट फिल्मों में काम किया है। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि वह इस इंडस्ट्री में सिर्फ एक फिल्म करने के इरादे से आई थीं और उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यही एक फिल्म उनके करियर की नई पहचान बन जाएगी।
हूतियों पर हमले की कोई प्लानिंग नहीं... शुरुआती गर्मी दिखाकर पलट गया पाकिस्तान
पाकिस्तान ने सबसे पहले हूती विद्रोहियों पर हमले की वार्निंग दी. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान मक्का पैक्ट के प्रावधानों को एक्टिवेट कर देगा, लेकिन पाकिस्तान कुछ घंटे गुजरते ही पलट गया.
इस 1 विटामिन की कमी से टपकने लगती है लार, जीभ के रंग में भी होने लगते हैं बदलाव
मुंह से लार टपकने के पीछे न सिर्फ बीमारियां बल्कि कुछ विटामिन्स और मिरल्स की कमी से भी हो सकती है. यहां डॉक्टर से समझते हैं इसके बारे में-
Odisha Police ने मंत्रियों का PA बनकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले को Digha से पकड़ा
ओडिशा पुलिस ने, खुद को राज्य के कुछ मंत्रियों का निजी सहायक बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप में पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले से 42 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओडिशा के भद्रक जिले के चुडाकुटी के जगन्नाथ बहालिया ने कथित तौर पर वरिष्ठ राजनेताओं के साथ अपनी तस्वीरों का इस्तेमाल करके युवाओं को यह यकीन दिलाया कि उसकी मजबूत राजनीतिक पहुंच है। उन्होंने बताया कि बहालिया दावा करता था कि उसकी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और यहां तक कि प्रधानमंत्री के निजी सचिव तक पहुंच है। कथित धोखाधड़ी का मामला तब सामने आया जब पड़ोसी बालासोर जिले के सिमुलिया निवासी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी किशोर मोहापात्रा ने सोमवार को बहालिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मोहापात्रा ने आरोप लगाया कि बहालिया ने उसके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का वादा कर उससे 10 लाख रुपये लिए और बाद में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। भद्रक टाउन थाने के प्रभारी प्रभांशु मिश्रा ने बताया, शिकायत मिलने के बाद हमने आरोपी की तलाश शुरू की। उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और पश्चिम बंगाल के दीघा भाग गया, जहां उसे मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि भद्रक शहर के जगन्नाथपुर स्थित उसके किराए के मकान से कथित तौर पर एक डायरी बरामद की गई है, जिसमें बड़ी रकम के लेनदेन का ब्योरा दर्ज है। उसने बताया कि मंत्रियों और उनके पीए की तस्वीरों समेत कई दस्तावेज और कथित फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बहालिया ने नौकरी के इच्छुक कई लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर कथित तौर पर एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई थी। उन्होंने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के बाद, बालासोर, कटक और अन्य इलाकों के कथित पीड़ितों ने शिकायतें लेकर पुलिस से संपर्क करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने बताया कि बहालिया के खिलाफ कटक में भी इसी तरह का एक मामला लंबित है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया, उनसे पैसे लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए। आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बहालिया के ओडिशा के बाहर भी संपर्क थे, जिनमें दीघा और झारखंड का धनबाद शामिल हैं।
एक से ज्यादा बैंक अकाउंट? जानें कितने खाते रखना समझदारी
ज्यादातर लोगों के लिए दो बैंक खाते पर्याप्त हो सकते हैं—एक रोजमर्रा के खर्च और दूसरा बचत या बैकअप के लिए. जरूरत पड़ने पर तीसरा खाता भी रखा जा सकता है, लेकिन हर खाते का स्पष्ट उद्देश्य होना चाहिए. जानें ज्यादा बैंक खाते रखने के फायदे, नुकसान और जरूरी बातें.
स्मृति ईरानी ने भरा था कौन सा फॉर्म कि भड़क गए पिता, आधी रात फोन आने के बाद कर दी पिटाई
स्मृति ईरानी ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में अपनी मिस इंडिया जर्नी को याद किया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इसका फॉर्म भरा और उनके पिता को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने स्मृति की पिटाई कर दी।
1958 की फिल्म ‘साधना’ का ‘औरत ने जनम दिया मर्दों को’ ऐसा गीत था, जिसमें साहिर लुधियानवी ने महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव पर सवाल उठाए. लता मंगेशकर की आवाज और वैजयंतीमाला के अभिनय ने इस गीत को बेहद असरदार बना दिया.
1980 के दशक के अंत में जब कैसेट प्लेयर और रेडियो हर घर की जान थे, तब एक गाने ने पूरे दक्षिण एशिया को झूमने पर मजबूर कर दिया था. यह गाना पाकिस्तान से भारत आया था और हर किसी की जुबान पर छा गया था.
कॉकरोच जनता पार्टी की टीम आखिरकर पंजाब के स्कूल भी दिखाने के लिए पहुंची। गुरुवार को सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने लुधियाना के तीन स्कूलों को दिखाया, जिनमें एक का उद्घाटन 2024 में ही हुआ है। उन्होंने इसकी खूब तारीफ की।
घर की छत पर सोलर पैनल लगवाएं, ₹78 हज़ार तक सब्सिडी
PM Surya Ghar Yojana के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने पर केंद्र सरकार से ₹78 हजार तक सब्सिडी मिल सकती है. पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ भी मिलता है. यूपी, बिहार, झारखंड, राजस्थान और दिल्ली में अतिरिक्त सहायता के प्रावधान बताए गए हैं. वीडियो में जानें इस सब्सिडी के लिए कैसे करें अप्लाई.
iPhone Duo जैसा Samsung Fold 8, सिर्फ ₹72 हजार में खरीदें!
Apple iPhone Duo की कीमत करीब 3 लाख रुपये से शुरू होती है, लेकिन फोल्डेबल फोन लेने वालों के लिए Samsung Galaxy Z Fold 8 एक सस्ता विकल्प बन सकता है. एक्सचेंज और दूसरे ऑफर्स के बाद इसकी कीमत करीब 72 हजार रुपये तक आ सकती है. दोनों फोन में बड़ी फोल्डेबल स्क्रीन, 120Hz रिफ्रेश रेट और दमदार प्रोसेसर जैसे फीचर्स मिलते हैं.
दिल्ली आ रहे जिनपिंग, क्या ग्लोबल समीकरण बदलेंगे भारत और चीन?
कूटनीतिक मामलों के जानकार कमर आगा का मानना है कि शी जिनपिंग का भारत आना बेहद ही महत्वपूर्ण है. पीएम मोदी के पिछले साल चीन दौरे के बाद ये दौरा बताता है कि दोनों देश गलवान से आगे बढ़ चुके हैं.
CM Pema Khandu बोले- Arunachal Pradesh के सरकारी स्कूलों का ढांचा सुधारेगी सरकार
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका प्रशासन सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को लागू करने के लिए एक कार्य बल का गठन किया गया है। खांडू यहां राज्य-स्तरीय स्वर्ण जयंती मेधावी छात्र पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस समारोह में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए तीसरी से 12वीं कक्षा तक के 30 मेधावियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार विद्यालयों में उचित बुनियादी ढांचे और पर्याप्त शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से विषय आधारित शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती पहले ही की जा चुकी है। खांडू ने हाल के वर्षों में राज्य के सरकारी विद्यालयों में नामांकनों में हुई वृद्धि का भी स्वागत किया। उन्होंने इस घटनाक्रम को ऐसे समय में उत्साहजनक बताया जब देश भर के सरकारी विद्यालयों में घटता नामांकन एक चुनौती बना हुआ है। विभिन्न जिला स्तरों पर लगभग 840 छात्रों को मेधावी छात्र पुरस्कार मिला। मुख्यमंत्री ने सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए उनसे अनुशासित, केंद्रित और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ खेलों के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि युवाओं के समग्र विकास के लिए शारीरिक गतिविधियां आवश्यक हैं। खांडू ने कहा कि राज्य भर के सरकारी विद्यालयों में खेल के मैदान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमिता पर जोर देने के अलावा सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के कई रास्ते तैयार कर रही है।
रोहित की ‘Non-Committal’ टी-शर्ट से सनसनी, अगरकर पर निशाना?
रोहित शर्मा की ‘Non Committal’ टी-शर्ट ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. फैन्स इस टी-शर्ट को चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के उस बयान से जोड़ रहे हैं, जिसमें उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर ‘Non-Committal’ होने की बात कही थी. रोहित के टीवी डेब्यू से पहले सामने आए इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर मजेदार मीम्स वायरल हो रहे हैं.
घर में नहीं टिकता पैसा? फेंगशुई के ये 3 उपाय आजमाएं
Vastu Upay: फेंगशुई के इन 3 आसान उपायों से घर में सुख-शांति और पॉजिटिविटी बढ़ाने की मान्यता है. जानें घर की बरकत और सकारात्मक माहौल के लिए क्या करें.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में इंटरनेशनल स्पेस समिट में भारतीय स्पेस सेक्टर और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO) की तारीफ़ की और ग्लोबल सहयोग व सस्टेनेबिलिटी (टिकाऊपन) पर ज़ोर दिया। समिट को वर्चुअली संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश दिया और स्पेस की खोज, इनोवेशन और सुरक्षा में सहयोग का आह्वान किया। ISRO पर दुनिया के भरोसे की तारीफ़ करते हुए उन्होंने बताया कि 34 देशों के 430 से ज़्यादा सैटेलाइट भारतीय रॉकेट से स्पेस में भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, सदियों से स्पेस ने हमारी कल्पना को प्रेरित किया है। आज, यह पृथ्वी पर जीवन को बदल रहा है - मौसम और फ़सलों से लेकर महासागरों और समुदायों तक। स्पेस की संभावनाएं अनंत हैं। हमारी ज़िम्मेदारी सामूहिक है। जैसे-जैसे ऑर्बिट में भीड़ बढ़ रही है, टेक्नोलॉजी ज़्यादा शक्तिशाली हो रही है और इसमें शामिल होने वाले लोग बढ़ रहे हैं, हमारे फ़ैसले साफ़ होने चाहिए: टकराव के बजाय सहयोग, थोड़े समय के फ़ायदे के बजाय सस्टेनेबिलिटी, और अलग-थलग करने के बजाय सबको साथ लेकर चलना। भारत का नज़रिया 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, यानी एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य। यह भावना अब पृथ्वी से आगे जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Beijing की मुहर: PM Modi के निमंत्रण पर Delhi आएंगे President Xi Jinping, BRICS Summit में क्या सुलझेगा रिश्तों का तनाव? उन्होंने कहा कि भारत स्पेस सेक्टर में सुरक्षित और सस्टेनेबल विकास का समर्थन करता है, जो बातचीत और मल्टीलेटरल सहयोग पर आधारित है। हम अंतरराष्ट्रीय कानून, बातचीत और मल्टीलेटरल सहयोग पर आधारित एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सस्टेनेबल स्पेस डोमेन का समर्थन करते हैं। वैज्ञानिक डेटा का इस्तेमाल खुलेपन और ईमानदारी के साथ आम भलाई के लिए किया जाना चाहिए। भारत की स्पेस यात्रा इसी सोच को दिखाती है; ISRO, जो इस यात्रा के केंद्र में है, ने अपनी बेहतरीन परफ़ॉर्मेंस और कम लागत वाले मिशनों के लिए दुनिया भर में तारीफ़ पाई है। इसकी क्षमताएं किसानों और मछुआरों, मौसम की भविष्यवाणी, आपदा प्रबंधन और नेविगेशन में मदद करती हैं। 34 देशों के 430 से ज़्यादा सैटेलाइट भारतीय रॉकेट से स्पेस में भेजे गए हैं। ISRO की टेक्नोलॉजी और पार्टनरशिप न सिर्फ़ भारत, बल्कि पूरी दुनिया के काम आती है। इस ग्लोबल भरोसे के पीछे भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और टेक्नीशियनों का समर्पण और कड़ी मेहनत है। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने सुरक्षित व सतत Space Sector की वकालत की, ISRO की वैश्विक भूमिका को सराहा प्राइवेट सेक्टर के योगदान पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, भारत का प्राइवेट स्पेस सेक्टर भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एंटरप्राइज़ की ऊर्जा ISRO की उत्कृष्टता के साथ जुड़ रही है। 1960 के दशक में थुम्बा में भारतीय स्पेस प्रोग्राम की शुरुआत के समय से ही फ्रांस एक भरोसेमंद पार्टनर रहा है। हम फ्रांस और दुनिया को भारत के अगले स्पेस मिशन में साथ आने के लिए आमंत्रित करते हैं। पेरिस में हो रहा स्पेस समिट एक साफ़ संदेश दे: हम मिलकर खोज करेंगे, मिलकर इनोवेशन करेंगे और पूरी मानवता और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिलकर स्पेस की रक्षा करेंगे।
Review: बच गए अजय! मोहनलाल की 'दृश्यम 3' में नहीं दम
Drishyam 3 Malayalam Review: मोहनलाल की दृश्यम 3 ने निराश किया है. फैंस का मानना है अच्छा ही है अजय ने फिल्म के तीसरे पार्ट के लिए कहानी पूरी तरह बदली है.
महंगे बोटॉक्स को कहें बाय, मुल्तानी मिट्टी के संग लगाएं टमाटर का रस
How to Get Glowing Skin: आजकल के दौर में स्किन पर समय से पहले ही झुर्रियां दिखने लगती हैं जिसकी वजह खराब लाइफस्टाइल, खानपान और तनाव है. अगर आप भी अपनी स्किन को वक्त से पहले बूढ़ा नहीं करना चाहते तो आपको अपनी लाइफस्टाइल बेहतर करनी चाहिए. साथ ही यहां हम आपको अपनी स्किन की देखभाल करने के लिए एक असरदार नुस्खा भी बता रहे हैं जो आपकी स्किन को टाइट और सुंदर रखने में मदद करेगा.
YS Jagan का Nara Lokesh पर बड़ा प्रहार, DSC Scam में CBI Inquiry और इस्तीफे की मांग तेज
पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष YS जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और DSC 2025 की CBI जांच की मांग दोहराई। उनका आरोप है कि इसमें भारी अनियमितताएं हुई हैं और ऐसे उम्मीदवारों को आसानी से नौकरियां दे दी गईं जिन्होंने परीक्षा भी नहीं दी थी। मीडिया से बात करते हुए, YS जगन मोहन रेड्डी ने उन मामलों का ज़िक्र किया जिनमें सभी नियमों और सावधानियों को ताक पर रखकर नौकरियां दी गईं। जगन ने यह भी दावा किया कि DSC का मामला सामने आने के बाद गठबंधन सरकार ने APPSC की परीक्षाएं रोक दीं। जगन ने आरोप लगाया कि उन टूर्नामेंट्स के पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट के आधार पर उम्मीदवारों को नौकरियां दी गईं जो कभी हुए ही नहीं थे। उन्होंने DSC को चंद्रबाबू के घोटालों की सूची में एक बड़ा घोटाला बताया और कहा कि DSC 2025 के मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, जगन ने आगे आरोप लगाया कि जहाँ मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अपने बेटे को बचाने के लिए इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, वहीं अधिकारियों के पास आरोपों का बचाव करने के लिए कोई जवाब नहीं बचा है; और नौकरी देने से पहले सात बार वेरिफिकेशन किए जाने का उनका दावा तो मज़ाक जैसा लगता है। इसे भी पढ़ें: 10 साल से फरार आरोपी Harnek Singh को CBI ने US से प्रत्यर्पण कर दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा जगन ने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे स्पोर्ट्स कोटा के तहत बिना कोई परीक्षा दिए नौकरियां दी गईं। जगन का दावा है कि स्पोर्ट्स कोटा में 39 नौकरियां दी गईं, जिनमें से कुछ लोगों ने ऐसे टूर्नामेंट में भाग लेने के सर्टिफिकेट दिए जो खम्मम में कभी हुआ ही नहीं था। जगन ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति और उसकी बहन को स्पोर्ट्स कोटा के तहत 'फैमिली पैक' की तरह नौकरियां दी गईं; आधार यह बताया गया कि उन्होंने नलगोंडा में हुई खो-खो चैंपियनशिप में मेडल जीते थे, जबकि ऐसी कोई प्रतियोगिता कभी हुई ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना खो-खो एसोसिएशन ने भी इस दावे की पुष्टि की है। जगन ने दावा किया कि कुरनूल जिले में एक और व्यक्ति को TET परीक्षा दिए बिना नौकरी दे दी गई, जबकि ज़रूरी 75% अंकों के बजाय उसे केवल 65% अंक मिले थे। इसे भी पढ़ें: Tarun Chugh ने Punjab में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर Amit Shah से की CBI और NIA जांच की मांग पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, हम इस मुद्दे को लेकर कोर्ट में भी लड़ रहे हैं, क्योंकि ऐसी अनियमितताओं और गड़बड़ियों को छिपाने की कोशिशों से सिस्टम खराब हो रहा है। चंद्रबाबू सरकार ने APPSC परीक्षाओं में स्पोर्ट्स कोटा का इस्तेमाल करके वन विभाग में पद भरने के लिए भी वही तरीका अपनाने की कोशिश की थी, लेकिन DSC घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा। जगन रेड्डी ने आगे कहा, यह घोटाला तब शुरू हुआ जब प्रश्न बैंक तैयार करने और परीक्षा आयोजित करने की ज़िम्मेदारी एक ही व्यक्ति को सौंप दी गई। गड़बड़ी तब सामने आई जब आउटसोर्सिंग पर रखे गए उस व्यक्ति को पेपर मिल गया, उसने पहली रैंक हासिल की, और बाद में मेरिट लिस्ट से उसका नाम हटा दिया गया। हालांकि इस बात के ऑडियो-वीडियो सबूत थे कि नौकरियां दी जा रही थीं, लेकिन मामले की उस तरह से जांच नहीं की गई जैसी की जानी चाहिए थी।
साबुत हरी मूंग से राजस्थानी की मसालेदार सब्जी, खाने मे लगेगी टेस्टी
घर में सब्जी नहीं है और रोज-रोज दाल खाकर बोर हो गए हैं, तो राजस्थानी स्टाइल साबुत मूंग दाल की सब्जी बनाएं. प्याज, टमाटर, लहसुन और देसी मसालों से तैयार यह सब्जी स्वादिष्ट होने के साथ हेल्दी भी है, इसे रोटी, बाजरे की रोटी या चावल के साथ सर्व करें.
चीनी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को पुष्टि की कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 से 13 सितंबर तक राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस बड़े बहुपक्षीय सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के बीच होने वाली बातचीत पर सबकी नज़रें टिकी होंगी। चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर शिखर सम्मेलन के लिए भारत आएंगे। बयान में कहा गया, भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह पुष्टि बीजिंग की तरफ से समिट में शामिल होने को लेकर हफ़्तों से चल रही अटकलों और नई दिल्ली व बीजिंग के बीच फिर से शुरू हुई कूटनीतिक बातचीत के संकेतों के बीच आई है। भारत 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स लीडर्स समिट की मेज़बानी कर रहा है। इस बढ़े हुए ग्रुप के व्यापार और वित्तीय सहयोग से लेकर टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एनर्जी सिक्योरिटी, क्लाइमेट एक्शन और ग्लोबल संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा करने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit से पहले जानिए 4 देशों से 11 सदस्यों तक कैसे पहुंचा यह आर्थिक समूह शी का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि 2019 में दूसरे भारत-चीन अनौपचारिक समिट के लिए मल्लापुरम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई अनौपचारिक बैठक के बाद यह उनकी भारत की पहली यात्रा होगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों पक्ष 'लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) पर सालों से चले आ रहे तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए, ब्रिक्स समिट के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी के बीच किसी भी तरह की बातचीत पर कूटनीतिक नज़रें टिकी होंगी। चीन की तरफ से पुष्टि होने से पहले, चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने दोनों एशियाई ताकतों के बीच सहयोग को और गहरा करने के लिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया था। चीनी अख़बार 'ग्लोबल टाइम्स' में छपे एक लेख में दोराईस्वामी ने कहा कि दुनिया की सबसे ज़्यादा आबादी वाली उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से दो होने के नाते, भारत और चीन के लिए स्थिर संबंध बनाए रखना साझा हित की बात है। उन्होंने स्थिर, अनुमान लगाने योग्य और दोस्ताना भारत-चीन संबंधों को न केवल उनकी कुल 2.8 अरब आबादी के लिए, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को MCD और दिल्ली सरकार से उन इंस्पेक्शन की रिपोर्ट मांगी जो बिल्डिंग गिरने और आग लगने की घटनाओं के बारे में कोर्ट के पहले के आदेशों के तहत किए गए थे। साथ ही, कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि वह सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की दुखद घटना से जुड़ी कार्यवाही की निगरानी जारी रखे; इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हुए थे। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने अधिकारियों द्वारा पहले के आदेशों के तहत उठाए जा रहे कदमों का संज्ञान लिया और सभी पक्षों को अपनी-अपनी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया। यह कार्यवाही मोती बाग के पास सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना से जुड़ी है। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने कई निर्देश जारी किए थे, जिनमें MCD से पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन और हॉस्टल की सुरक्षा से जुड़ी कवायद करने के लिए कहा गया था। इसे भी पढ़ें: Delhi High Court का सख्त आदेश: CJP को 24 घंटे में हटाने होंगे Gaurav Bhatia के खिलाफ पोस्ट अमिकस क्यूरी और सीनियर एडवोकेट अजीत कुमार ने कहा कि यह प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही सिर्फ़ PG अकोमोडेशन की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं लगनी चाहिए। उन्होंने बताया कि दिल्ली के चार इलाकों और लखनऊ के अली गंज में निरीक्षण किए गए थे। इससे पहले दिए गए निर्देशों में दिल्ली के लाजपत नगर, साकेत, मालवीय नगर और सरोजिनी नगर शामिल थे। अमिकस ने सुझाव दिया कि दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित कार्यवाही को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किया जा सकता है और मौजूदा कार्यवाही के साथ जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने सुझाव दिया कि हाई कोर्ट की कार्यवाही जारी रहने दी जाए, और सुप्रीम कोर्ट के 25 मार्च, 2026 और 5 अगस्त, 2026 के आदेशों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट दाखिल की जाए। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने Delhi Metro के 17 स्टेशन बंद करने पर केंद्र और DMRC से मांगा जवाब बेंच ने बाद वाला सुझाव मान लिया और कहा कि वह हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही में दखल नहीं देना चाहती। बेंच ने कहा, हम हाई कोर्ट के सामने चल रही कार्यवाही में दखल नहीं देना चाहते। हम उनसे अनुरोध करते हैं कि वे मामले पर नज़र रखें और इसे किसी नतीजे तक पहुँचाएँ। सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि उसकी मौजूदा कार्यवाही दिल्ली में पहचाने गए खास इलाकों या लखनऊ तक ही सीमित नहीं है। दिल्ली सरकार और MCD की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए।
खड़े हनुमान मंदिर के पास अचानक पहुंचे लंगूर, हजारों भक्त भी जमा, Video
उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर के पास अचानक कुछ लंगूर पहुंच गए हैं. मंदिर की प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बीच यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है. पिछले चार दिनों में करीब 8 हजार से ज्यादा लोग दर्शन के लिए पहुंचे हैं. मंदिर के आसपास पुलिस बल तैनात है और बैरिकेडिंग की गई है.
ट्रंप के प्लेन का अचानक खुल गया इमरजेंसी स्लाइडर, कतर ने गिफ्ट किया था विमान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कतर से मिले विमान में टेक्सास के लिए रवाना होने वाले थे. लेकिन इमरजेंसी स्लाइडर उड़ान से ठीक पहले अचानक खुल गया, जिससे उनकी यात्रा में देरी हुई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्रिंस रहीम आगा खान पंचम से मुलाकात की और स्वास्थ्य सेवा, कृषि, ग्रामीण विकास, युवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के साथ व्यापक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। एक पोस्ट में PM मोदी ने कहा, महामहिम प्रिंस रहीम आगा खान V से मिलकर खुशी हुई। उनके पिता, स्वर्गीय आगा खान IV और विकास कार्यों में उनके अहम योगदान को याद किया। आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के साथ हेल्थकेयर, खेती, ग्रामीण विकास, और युवाओं व महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। शिया इस्माइली मुसलमानों के 50वें वंशानुगत इमाम (आध्यात्मिक नेता) और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के चेयरमैन, प्रिंस रहीम आगा खान V, बुधवार को नई दिल्ली पहुँचे। इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम का पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। इससे पहले, उन्होंने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की। इसे भी पढ़ें: मैदान में पागल हुए चीनी टैंक, बांग्लादेश पर कर दिया हमला! विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह हफ़्ते भर का दौरा भारत और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) के बीच अहम क्षेत्रों - खासकर सामाजिक विकास और विरासत संरक्षण - में चल रहे सहयोग की समीक्षा करने का एक महत्वपूर्ण मौका है। बातचीत में अलग-अलग सामुदायिक पहलों और व्यापक विकास कार्यक्रमों में संयुक्त प्रयासों को बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। 15 सितंबर तक चलने वाले प्रिंस रहीम के दौरे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ आधिकारिक बैठकें और गृह मंत्री अमित शाह के साथ बातचीत भी शामिल है। राजधानी के अलावा, प्रिंस रहीम अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद का दौरा करेंगे और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सामुदायिक और विकास प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण करेंगे। इसे भी पढ़ें: PM Modi का बड़ा Vision: 2035 तक Indian Space Station और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय Astronaut का लक्ष्य विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम का पद संभालने के बाद से प्रिंस रहीम की यह देश की पहली यात्रा है। प्रिंस रहीम ने पारंपरिक शिया इमामी इस्माइली उत्तराधिकार रीति-रिवाजों के अनुसार, अपने पिता प्रिंस करीम अल-हुसैनी आगा खान IV के निधन के बाद फरवरी 2025 में यह पद संभाला था। 14 सदियों पुरानी विरासत के दौरान, दुनिया भर में इस्माइली आबादी—जो 35 से ज़्यादा देशों में लगभग 1.2 से 1.5 करोड़ लोग हैं—ने लगातार एक जीवित, वंशानुगत आध्यात्मिक नेता के प्रति निष्ठा बनाए रखी है। अपनी आध्यात्मिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ, प्रिंस रहीम आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के तहत कई संस्थाओं में बोर्ड के पदों पर हैं और इस्माइली समुदाय की सामाजिक संस्थाओं और 'इंस्टीट्यूट ऑफ़ इस्माइली स्टडीज़' की निगरानी व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहते हैं।
Ladakh को राज्य का दर्जा और 6th Schedule पर Ruckus, Sonam Wangchuk ने दी आंदोलन की चेतावनी
शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने एक हफ़्ते के अंदर लद्दाख से जुड़े सभी मुद्दों पर भरोसा नहीं दिलाया, तो वे 19 से 24 सितंबर तक फिर से आंदोलन करेंगे। यह चेतावनी तब आई है जब वांगचुक ने गुरुवार को नई दिल्ली में लद्दाख के मुख्य समूहों और MHA की सब-कमेटी के बीच हुई बातचीत की प्रगति पर निराशा जताई। लद्दाख में हिंसा के बाद, पिछले साल सितंबर में कड़े नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद वांगचुक ने जोधपुर जेल में छह महीने बिताए। इसे भी पढ़ें: BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav उन्हें पिछले साल 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। यह गिरफ्तारी लद्दाख के लिए ज़्यादा स्वायत्तता की मांग को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के हिंसक होने के दो दिन बाद हुई थी; इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। केंद्र सरकार ने 2018 के मैगसेसे पुरस्कार विजेता और लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने के आंदोलन के प्रमुख नेता वांगचुक पर इन झड़पों को भड़काने का आरोप लगाया था। मार्च 2026 में रिहा होने के कुछ महीनों बाद, वांगचुक ने NEET परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ़ विरोध कर रहे छात्रों का समर्थन किया और 28 जून से 26 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे। इससे पहले गुरुवार को वांगचुक ने कहा कि वह लद्दाख के मुख्य नेताओं और नई दिल्ली में MHA की सब-कमेटी के बीच हुई बातचीत से निराश हैं। बैठक पर तंज कसते हुए, वांगचुक ने मशहूर कॉमेडियन जसपाल भट्टी के शो का एक पुराना क्लिप शेयर किया और कहा कि बातचीत के दौरान शायद ही कुछ नया हुआ हो। इसे भी पढ़ें: Sagar में जहरीली शराब से मौतें: Kharge बोले, MP सरकार की लापरवाही ने ली जानें, यह कुशासन है! गुरुवार को X पर एक पोस्ट में वांगचुक ने कहा कि लेह की एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के नेता नई दिल्ली में लद्दाख भवन में शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। उन्होंने कहा कि 9 सितंबर को नई दिल्ली में हुई सब-कमेटी लेवल की बैठक से नेता काफी निराश थे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
सीएमा क्रिकेट प्रीमियर लीग 3.0 में 15-16 सितंबर को 12 टीमें दिखाएंगी दम
मध्य भारत के इवेंट मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की संस्था कंबाइंड इनिशिएटिव फॉर इवेंट मैनेजर्स वेलफेयर एसोसिएशन (सीएमा) द्वारा अपने सदस्यों के लिए आयोजित की जा रही सीएमा क्रिकेट प्रीमियर लीग (CPL 3.0) का तीसरा सीजन 15 और 16 सितंबर को इंदौर के अभय प्रशाल ...
SC का सुरक्षा कवच हटते ही West Bengal CID का एक्शन, Abhishek Banerjee के PA Sumit Roy गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल CID ने गुरुवार को झारग्राम में ज़मीन घोटाले के मामले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय को गिरफ़्तार किया। यह गिरफ़्तारी तब हुई जब सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन इस मामले में रॉय को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया। गिरफ़्तारी के बाद अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर सुरक्षाकर्मी और मीडिया जमा हो गए। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बोलते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मिली सुरक्षा हटाए जाने के बाद रॉय को 121, कालीघाट रोड स्थित TMC ऑफिस से गिरफ्तार किया गया। इसे भी पढ़ें: Bihar में बिजली की Peak Demand 9.5 GW तक पहुंची, आपूर्ति में बड़ा सुधार अधिकारी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा हटाए जाने के बाद CID ने सुमित रॉय को तृणमूल कांग्रेस के कालीघाट रोड स्थित ऑफिस (121 कालीघाट रोड) से गिरफ्तार किया है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि रॉय, अभिषेक बनर्जी के लिए पैसे इकट्ठा करने में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया, वह उनके भतीजे के लिए पैसे इकट्ठा करने वाले व्यक्ति थे। सुमित रॉय 'टोला भतीजा' के नंबर वन कलेक्टर हैं। पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले की एक अदालत ने 15 जून को सुमित रॉय के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने गिरफ़्तारी से पहले ज़मानत के लिए पहले कलकत्ता हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। इसे भी पढ़ें: Salboni Land Scam: TMC को बड़ा झटका, Abhishek Banerjee के PA Sumeet Roy अरेस्ट 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रॉय को स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) दायर करने की इजाज़त दे दी और अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी। CID की यह कार्रवाई झारग्राम में ज़मीन के कथित घोटाले की चल रही जांच का हिस्सा है।
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम की नरेंद्र मोदी से भेंट
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज नई दिल्ली में शिया इस्माइली मुसलमानों के 50वें वंशानुगत इमाम (आध्यात्मि
महाराष्ट्र सरकार ने रानी मुखर्जी को दिया सम्मान, मंच पर हुईं भावुक
मुंबई में 62वें महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह में रानी मुखर्जी को प्रतिष्ठित राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार मिला. इस दौरान एक्ट्रेस इमोशनल भी हुई. जानिए उन्होंने क्या कहा.
DGCA का बड़ा फैसला: सभी Pilot का होगा Drug Test, यात्री सुरक्षा अब और पुख्ता
एविएशन रेगुलेटर DGCA ने सभी एयरलाइंस के पायलटों के लिए ड्रग टेस्ट का आदेश दिया है। यह प्रक्रिया जुलाई 2027 तक पूरी की जानी है। इसके अलावा, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने गुरुवार को कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के इस महीने के आखिर तक पायलटों के ड्रग टेस्ट के नए नियमों का ड्राफ्ट फाइनल करने की उम्मीद है। यह कदम एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड के ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद उठाया गया है। 4 अगस्त को हुई इस घटना में फ्लाइट अचानक लगभग 300 फीट नीचे गिर गई थी, जिससे कई यात्री घायल हो गए थे। 4 सितंबर को एयर इंडिया ने पायलट-इन-कमांड की सेवाएं खत्म कर दीं। इससे कुछ घंटे पहले ही जांच एजेंसी AAIB की शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि पायलट का ड्रग्स लेना एक गंभीर चिंता का विषय है और एजेंसी ने रेगुलेटर DGCA से उचित कार्रवाई करने को कहा था। गुरुवार को सूत्रों ने बताया कि DGCA ने पिछले महीने सभी एयरलाइंस के पायलटों के लिए ड्रग टेस्टिंग का आदेश दिया था और एयरलाइंस से कहा गया है कि वे अगले साल जुलाई तक यह प्रक्रिया पूरी कर लें। इसे भी पढ़ें: BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav गुरुवार को राजधानी में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान नायडू ने कहा कि साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए पायलटों की टेस्टिंग से जुड़े संशोधित सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) का ड्राफ्ट, स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत के बाद इस महीने के आखिर तक फाइनल होने की उम्मीद है। अभी, पायलटों के लिए ड्रग टेस्ट रैंडम आधार पर किए जाते हैं। DGCA के मौजूदा सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के तहत, हर साल 10 प्रतिशत पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (और अन्य लोगों) के लिए साइकोएक्टिव पदार्थों के रैंडम टेस्ट किए जाने ज़रूरी हैं। अलग-अलग कमर्शियल एयरलाइंस में 12,000 से ज़्यादा पायलट हैं। फुकेत फ़्लाइट की घटना और पायलट-इन-कमांड के ड्रग टेस्ट में पॉज़िटिव पाए जाने के बाद, एयर इंडिया ग्रुप ने अगस्त में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के सभी पायलटों का ड्रग टेस्ट करने का फ़ैसला किया। 4 सितंबर को जारी फुकेत फ़्लाइट घटना की शुरुआती रिपोर्ट में, AAIB ने कहा कि 145 लोगों को ले जा रहे विमान के साथ 36,000 फ़ीट की ऊंचाई पर उड़ते समय लगभग एक साथ तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम खराब हो गए। इससे ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया, थोड़ी देर के लिए स्टॉल की चेतावनी मिली और ऊंचाई में अचानक बदलाव (एल्टीट्यूड अपसेट) हुआ, जिससे 24 लोग घायल हो गए। रिपोर्ट में बताया गया कि फ़्लाइट के बाद किए गए कन्फर्मेटरी टेस्ट में पायलट-इन-कमांड एक साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए नॉन-नेगेटिव (यानी पॉज़िटिव) पाया गया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बाथरूम में रखी 4 चीजें तुरंत हटाएं, घेर लेगी गरीबी!
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के किसी भी हिस्से में टूटा हुआ शीशा या कांच रखना बेहद अशुभ माना जाता है. बाथरूम में अक्सर लोग शेविंग या तैयार होने के लिए कांच का इस्तेमाल करते हैं.
IRCTC होटल मामले में लालू यादव की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने दिया ये आदेश
IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने लालू यादव समेत कुल 9 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के चार्ज फ्रेम किए जाने का निर्देश दिया गया है. यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे. अधिक जानने के लिए देखें Video.
जम्मू-कश्मीर में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में वंदे मातरम् के पूरे छह अंतरों के गायन ने जिस तरह कांग्रेस और उसकी सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राजनीतिक खींचतान पैदा की है, उसने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आजादी की लड़ाई के प्रतीकों को भी दलगत राजनीति के चश्मे से देखा जाएगा? हम आपको बता दें कि मामला तब गरम हुआ, जब समारोह में वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाया गया। इसके बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से अपने फैसले पर विचार करने की अपील करते हुए कहा कि विपक्षी INDIA ब्लॉक को वंदे मातरम् की केवल पहले दो अंतरों तक सीमित रहना चाहिए। कांग्रेस का तर्क है कि गीत के बाद के अंतरों में हिंदू धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख है और इसका पूर्ण संस्करण भारत के “समन्वयवादी और बहुलतावादी” चरित्र के अनुकूल नहीं है। यहीं से कांग्रेस से कुछ कड़े सवाल बनते हैं। अगर वंदे मातरम् का पूरा संस्करण इतना आपत्तिजनक है तो कांग्रेस के अपने मुख्यमंत्री और नेता अतीत में इसके पूर्ण संस्करण का गायन क्यों करते रहे हैं? हम आपको बता दें कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के दौरान मौजूद रहे और उसके सम्मान में खड़े दिखाई दिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता तनवीर सादिक ने इन्हीं वीडियो को साझा करते हुए जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा से पूछा कि आखिर अपने ही कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के इस आचरण पर उनकी क्या राय है? सवाल इसलिए और गंभीर है क्योंकि 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति ने बाकायदा फैसला किया था कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे गाए जाएंगे। कांग्रेस ने इसके लिए 1937 के अपने फैसले का हवाला दिया है। इसे भी पढ़ें: सरकार के खिलाफ बोलना देशद्रोह! निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के विदेश यात्रा पर प्रतिबंध की मांग की, नेहरू के पत्र का दिया हवाला सवाल उठता है कि अगर पार्टी की मौजूदा नीति केवल पहले दो अंतरों की है, तो कांग्रेस शासित राज्यों के संवैधानिक पदों पर बैठे नेता पूर्ण वंदे मातरम् के दौरान क्यों खड़े रहे? क्या कर्नाटक और तेलंगाना में राष्ट्रगीत के लिए अलग राजनीतिक व्याकरण है और जम्मू-कश्मीर में अलग? क्या राष्ट्रीय प्रतीक का सम्मान राज्य की सीमा और राजनीतिक परिस्थिति देखकर तय होगा? मामला यहीं खत्म नहीं होता। 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में भी वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाया गया, जहां सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कांग्रेस के शीर्ष नेता मौजूद थे। यही नहीं, मई 2026 में केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण समारोह में भी पूर्ण वंदे मातरम् बजाया गया था, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कर्नाटक के सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार तथा तेलंगाना के रेवंत रेड्डी समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद थे। सवाल उठता है कि ऐसे में जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं के सामने यही गीत गाया गया तो अचानक यह “सांप्रदायिकता” का सवाल कैसे बन गया? राजनीति में सुविधा के हिसाब से राष्ट्रगीत की स्वीकार्यता तय नहीं हो सकती। कांग्रेस का यह कहना कि स्वतंत्रता सेनानियों के “विवेकपूर्ण निर्णय” का सम्मान होना चाहिए, अपने आप में सही बात है। लेकिन क्या स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार चुनकर प्रस्तुत किया जा सकता है? इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस दोनों INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं, फिर भी एक राष्ट्रगीत के सवाल पर दोनों की राह अलग दिखाई दे रही है। जम्मू-कश्मीर में जहां नेशनल कॉन्फ्रेंस इसे राष्ट्रीय भावना के संदर्भ में देख रही है, वहीं कांग्रेस उसके पूर्ण संस्करण को लेकर असहज है। यह विरोधाभास विपक्षी गठबंधन की वैचारिक एकता पर भी सवाल खड़ा करता है। सवाल उठता है कि क्या INDIA ब्लॉक में राष्ट्रगीत के सम्मान की भी कोई साझा नीति नहीं है? क्या गठबंधन के सहयोगी दल इस बात पर भी सहमत नहीं हो सकते कि देश के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रतीकों का सम्मान दलगत सीमाओं से ऊपर होना चाहिए? और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर देश के करोड़ों लोग वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को सम्मान के साथ सुनना चाहते हैं, तो राजनीतिक दल उन्हें यह बताने वाले कौन होते हैं कि उन्हें राष्ट्रगीत का कौन-सा हिस्सा गाना चाहिए? वंदे मातरम् को लेकर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, ऐतिहासिक विमर्श हो सकता है और संवैधानिक बहस भी हो सकती है। लेकिन किसी राष्ट्रप्रतीक को लेकर सवाल उठाते समय राजनीतिक दलों को अपने ही अतीत और अपने नेताओं के आचरण का भी हिसाब देना होगा। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसका विरोध सैद्धांतिक है या राजनीतिक? क्योंकि यदि पूर्ण वंदे मातरम् गलत है, तो उसके गायन में शामिल रहे अपने नेताओं से भी वही सवाल पूछना होगा। और अगर वह स्वीकार्य है, तो फिर जम्मू-कश्मीर में इसके पूर्ण गायन पर आपत्ति क्यों? बहरहाल, राष्ट्रगीत किसी एक पार्टी की संपत्ति नहीं है। वंदे मातरम् पर राजनीति करने से पहले राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि राष्ट्रभावना को वोट-बैंक की सीमाओं में बांधने की कोशिश अंततः उसी राजनीति पर भारी पड़ सकती है।
मां श्वेता की 10 साल पुरानी ड्रेस में नव्या का 'गोल्डन' अवतार, PHOTOS
मां श्वेता बच्चन की 10 साल पुरानी गोल्डन ड्रेस पहनकर नव्या नवेली नंदा अबू जानी-संदीप खोसला के जश्न में पहुंचीं. उनके ग्लैमरस लुक ने सबका ध्यान खींच लिया.
बिहार में शराब पकड़ने गई टीम पर माफियाओं का हमला, SI समेत 5 घायल
बिहार के मुंगेर में शराब पकड़ने गई उत्पात विभाग की टीम पर शराब माफियाओं ने हमला कर दिया. पथराव में एक एसआई समेत पांच लोग घायल हो गए और वाहन के शीशे टूट गए. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जानें पूरा मामला.
iPhone Duo खरीदना है? बैंकॉक में कीमत भारत से कितनी कम
Apple iPhone Duo की भारत में शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है, जबकि थाईलैंड में इसकी कीमत करीब 2.30 लाख रुपये बताई गई है. दोनों कीमतों में करीब 70 हजार रुपये का अंतर है, लेकिन बैंकॉक की फ्लाइट, होटल और अन्य खर्चों को जोड़कर ही वास्तविक बचत का आकलन किया जा सकता है.
Supreme Court ने Delhi Metro के 17 स्टेशन बंद करने पर केंद्र और DMRC से मांगा जवाब
उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर बृहस्पतिवार को केंद्र, दिल्ली पुलिस और अन्य से जवाब मांगा। जुलाई में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल के आसपास 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और सुरक्षा प्रतिबंध लगाए जाने से मध्य दिल्ली में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। कई जगहों पर यात्रियों को घंटों फंसे रहना पड़ा था और कई लोगों को लंबे तथा अधिक खर्च वाले वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अधिवक्ता स्पर्शकांत नायक की ओर से दायर याचिका पर केंद्र, दिल्ली पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) और अन्य को नोटिस जारी किया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह याचिका आम जनता के संवैधानिक अधिकारों और सार्वजनिक सेवा को बंद करने के संबंध में तय संवैधानिक मानकों से जुड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे आदेश जारी करने के लिए कोई विशेष कानून भी नहीं है। वास्तव में कोई आदेश पारित ही नहीं किया गया था। जनता को फैसले की जानकारी देने के लिए केवल सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए थे।’’न्यायमूर्ति बागची ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि आम तौर पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए संबंधित पुलिस कानूनों के तहत पुलिस आयुक्त या पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देश जारी किए जाते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि मेट्रो रेल अधिनियम के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत किसी मेट्रो स्टेशन को बंद किया जा सके। इसके बाद शीर्ष अदालत ने इस मामले में नोटिस जारी करने पर सहमति जताई।
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक की मुश्किलें बढ़ीं, जमीन घोटाला केस में PA सुमित राय गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित राय को गिरफ्तार कर लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होने के बाद सीआईडी ने ऐक्शन लिया है।
लोहे के तवे को नॉन-स्टिक कैसे बनाएं? जानें Iron Tawa Seasoning Tips, डोसा-चीला नहीं चिपकेगा
क्या लोहे के तवे पर डोसा और चीला बार-बार चिपक जाता है? जानिए प्याज, नमक और तेल की आसान सीजनिंग ट्रिक, जिससे आपका साधारण लोहे का तवा भी नॉन-स्टिक जैसा काम करेगा.
Apple ने आखिरकार अपने पहले फोल्डेबल iPhone iPhone Duo को लॉन्च कर दिया है। यह सिर्फ एक नया iPhone मॉडल नहीं, बल्कि Apple के स्मार्टफोन डिजाइन में बड़ा बदलाव है। भारत में इसकी शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है। 256GB मॉडल के लिए प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर ...
बुलंदशहर रैली पर रार, यूपी सरकार पर बरसे अखिलेश
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने बुलंदशहर में रैली की अनुमति न मिलने, पुलिस कार्रवाई, महंगाई और आगामी चुनावों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए.
मेरा ही चेहरा, मेरा ही नाम-आवाज; पर आपलोग रहना सावधान! प्रियंका गांधी की क्यों ऐसी अपील?
कांग्रेस सांसद ने लोगों से यह भी कहा कि वे ऐसी पोस्ट को तुरंत ब्लॉक करें और उचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को इनकी रिपोर्ट भी करें।
सत्य निकेतन के बाद दिल्ली में बुलडोजर! MCD का एक्शन
दिल्ली में अब सिर्फ नोटिस नहीं... सीधा हथौड़ा चल रहा है..सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद MCD एक्शन मोड में है.जामा मस्जिद से लेकर द्वारका तक... कई इमारतों पर बुलडोजर चल चुका है, और कुछ ऐसी इमारतें हैं जिन्हें पूरी तरह जमीन में मिलाने की तैयारी है..यही नहीं पीजी मालिकों की बढ़ती मनमानी पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार लगाम लगाने की तैयारी कर रही है.
फर्जी अधिकारी, जाली आई-कार्ड और... पटना में जीजा-साले गिरोह का भंडाफोड़
पटना में सरकारी नौकरी के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. सचिवालय थाना पुलिस ने जीजा-साले को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सरकारी अधिकारी बताकर युवाओं को सचिवालय और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे. आरोपियों के पास से वर्दी, फर्जी आई-कार्ड, जाली बैनर, प्रशस्ति पत्र, मोबाइल और लैपटॉप बरामद किए गए हैं.
पुतिन के बाद जिनपिंग ने लगाई भारत आने पर मुहर, दिल्ली में दिखेगा BRICS का मेगा शो
President Xi Jinping India visit in 7 Years for BRICS Summit 2026: शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान भारत और चीन आपसी रिश्तों पर भी बात कर सकते हैं.
घर में एक फ्लोर खाली है, PG खोल लिया! क्या लीगल है ये एक्स्ट्रा इनकम का धंधा?
क्या आपने भी अपने घर के एक हिस्से में पीजी बनाकर कुछ लोगों को रखा है या प्लान कर रहे हैं? तो जान लीजिए घर में पीजी बनाने के नियम क्या है?
BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बढ़ती महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए देश में सांप्रदायिक माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि सत्तारूढ़ दल महिलाओं, पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासियों को आरक्षण देने के खिलाफ है। मुजफ्फरनगर दंगों की 11वीं बरसी मनाने और कुछ स्थानों पर हिंसा से जुड़े पोस्टर लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के जरिए चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश में सांप्रदायिक माहौल बनाना चाहती है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ महंगाई उनके (भाजपा) लिए कोई मुद्दा नहीं है और न ही कोई अन्य मुद्दा। देखिए महंगाई किस तरह बढ़ रही है। ऐसी कौन सी चीज है जो महंगी नहीं हुई है? वे न तो यह स्वीकार कर रहे हैं कि महंगाई है और न ही इस समस्या का समाधान कर रहे हैं।’’उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने लोगों को मुनाफा कमाने और भ्रष्टाचार करने की अनुमति दे रही है, जिसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है। अखिलेश ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए झांसी की एक घटना का जिक्र किया, जिसमें एक गरीब व्यक्ति अपनी पत्नी का शव अस्पताल से घर ले जाने और अंतिम संस्कार करने में कथित तौर पर सक्षम नहीं था तथा उसे शव नदी में फेंकना पड़ा। सपा प्रमुख ने सवाल किया, ‘‘जैसा कि हाल में एक अर्थशास्त्री ने सही कहा था, जीडीपी शून्य है क्योंकि जैसा कि दावा किया जा रहा है, अगर दावे के अनुसार जीडीपी 7.2, 7.8 या 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है तो फिर एक गरीब व्यक्ति अपनी पत्नी को घर क्यों नहीं ले जा पाया या उसका अंतिम संस्कार क्यों नहीं कर पाया?’’लखनऊ को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान मिलने पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि बारिश रुकने और मौसम सामान्य होने के बाद वायु गुणवत्ता की फिर से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2027 में सपा के सत्ता में लौटने पर वायु और जल गुणवत्ता तथा पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर काम किया जाएगा। उन्होंने वाराणसी को क्योटो और गोरखपुर को स्पेन कहकर शहरों में जलभराव को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि जो लोग अपने शहरों से बारिश का पानी नहीं निकाल पा रहे हैं, वे दूसरे स्थानों पर बाढ़ की समस्या का समाधान नहीं कर सकते। सपा प्रमुख अक्सर व्यंग्य के तौर पर वाराणसी को क्योटो और गोरखपुर को स्पेन कहते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार के दौरान बनाए गए राजमार्गों और एक्सप्रेसवे में अनियमितताओं का आरोप लगाया और सत्तारूढ़ दल पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती द्वारा अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निकालने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक फैसला है। उन्होंने कहा, ‘‘यह उनकी पार्टी का फैसला है। दूसरी पार्टियों के लोग इस पर कुछ नहीं कह सकते।’’जब उनसे पूछा गया कि अगर आकाश आनंद सपा में शामिल होना चाहें तो क्या उन्हें पार्टी में शामिल किया जाएगा, तो अखिलेश ने कहा, ‘‘आप उन्हें लेकर आइए, हम उन्हें पार्टी में शामिल कर लेंगे।’’सोशल मीडिया पर भाजपा द्वारा अन्य दलों के नेताओं के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाए गए वीडियो पोस्ट किए जाने के सवाल पर अखिलेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा किसी की सगी नहीं है।’’अखिलेश यादव ने यह भी घोषणा की कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सपा अपने राज्यव्यापी घोषणापत्र के साथ-साथ हर जिले के लिए अलग-अलग घोषणापत्र तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से अक्सर स्थानीय मुद्दे नजरअंदाज हो जाते हैं।

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