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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा! चंपत राय ने SIT को बताया- 'बैंक ने नहीं माने सुरक्षा नियम'

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को अपना लिखित बयान सौंप दिया है

देशबन्धु 7 Jul 2026 10:57 pm

अल नीनो के संभावित असर को लेकर पीएमओ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, तैयारियों का लिया गया जायजा

खरीफ सीजन की प्रगति और अल नीनो के विभिन्न क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में मंगलवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई

देशबन्धु 7 Jul 2026 10:51 pm

बिहार में नाबालिग से रेप के दोषी पुजारी को उम्र कैद की सजा

पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक विशेष अदालत ने एक नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के जुर्म में मंगलवार को एक मंदिर के पुजारी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा के साथ 50 हजार रुपए का जुर्माना भी किया। दुष्कर्म और बालकों का लैंगिक अपराध से संरक्षण अधिनियम( पॉक्सो ऐक्ट )के मामलों की सुनवाई के […] The post बिहार में नाबालिग से रेप के दोषी पुजारी को उम्र कैद की सजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 10:13 pm

हनुमानगढ़ : कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार 3 लोगों की मौत

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के नोहर थाना क्षेत्र में भादरा मार्ग पर मंगलवार को कार की चपेट में आने से मोटर साइकिल सवार दो महिलाओं सहित तीन लाेगों की मौत हो गई। थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक अजय गिरधर ने बताया कि मृतकों की पहचान विद्यादेवी (50), उसके पोते अनिल (18) और सुमित्रा देवी (65) […] The post हनुमानगढ़ : कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 9:13 pm

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में राम मंदिर चढ़ावा गणना में चोरी और गबन के साक्ष्य मिले

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की गणना के दौरान चोरी और गबन के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के साक्ष्य मिले हैं। एसआईटी के अनुसार उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में गणना कर्मियों को नोटों की गड्डियां और खुले नोट छिपाते हुए देखा गया […] The post एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में राम मंदिर चढ़ावा गणना में चोरी और गबन के साक्ष्य मिले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 9:08 pm

Gujarat : सूरत में बारिश का कहर, 6 घंटे में 10 इंच बारिश से शहर जलमग्न, 2100 लोगों का रेस्क्यू, रेड अलर्ट जारी

सूरत में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सरथाणा इलाके में स्थित आदर्श निर्वासित स्कूल में पानी भर जाने के कारण वहां ३७ बच्चे और स्कूल का स्टाफ फंस गया था, जिन्हें सूरत पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सुरक्षित ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 8:49 pm

ओडिशा में नाबालिग लड़की को जिंदा जलाने वाले व्यक्ति को उम्रकैद

भुवनेश्वर। ओडिशा के कालाहांडी जिले में 2017 में एक 15 वर्षीय लड़की को जिंदा जलाकर मार डालने के मामले में दोषी एक व्यक्ति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। राज्य अपराध शाखा ने मंगलवार को बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इस मामले के संबंध में दोषी ठहराए गए तुमेश्वर दास […] The post ओडिशा में नाबालिग लड़की को जिंदा जलाने वाले व्यक्ति को उम्रकैद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 8:42 pm

योगी सरकार का मेगा ग्रीन मिशन, गंगा-यमुना समेत 13 नदियों के किनारे लगेंगे 3.83 करोड़ से अधिक पौधे

योगी सरकार पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत उत्तर प्रदेश में 13 प्रमुख नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण करेगी। गंगा, यमुना, गोमती, सरयू, समेत कई प्रमुख नदियों के किनारे पौधरोपण होगा। गंगा के किनारे 4495.72 हेक्टेयर में 79.86 लाख से अधिक पौधरोपण ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 8:34 pm

दानपात्र विवाद पर चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी, बोले- एसआईटी रिपोर्ट के बाद सामने आएगा पूरा सच

लखनऊ/अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महामंत्री चंपत राय ने राम मंदिर दानपात्र में कथित चोरी के मामले को लेकर पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। राय ने छह जुलाई को अयोध्या से रामभक्तों के नाम लिखे अपने हस्तलिखित पत्र में कहा है कि 10 जून से दानपात्र की गणना […] The post दानपात्र विवाद पर चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी, बोले- एसआईटी रिपोर्ट के बाद सामने आएगा पूरा सच appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 8:33 pm

रीट की तैयारी का झांसा देकर रेप करने के आरोपी शिक्षक को निलंबित करने के निर्देश

जयपुर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने डीग जिले में रीट की तैयारी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी शिक्षक रणधीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार दिलावर ने यह मामला सामने आने के बाद आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से […] The post रीट की तैयारी का झांसा देकर रेप करने के आरोपी शिक्षक को निलंबित करने के निर्देश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 8:28 pm

जयपुर में ट्रेलर की चपेट में आने फुटपाथ पर खड़े 4 लोगों की मौत, महिला घायल

जयपुर। राजस्थान में राजधानी जयपुर के श्याम नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक ट्रेलर की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन बच्चों सहित चार लोगों की मौत हो गयी, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह करीब पौने नौ बजे 200 फुट बाईपास […] The post जयपुर में ट्रेलर की चपेट में आने फुटपाथ पर खड़े 4 लोगों की मौत, महिला घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 8:22 pm

E20 पेट्रोल से गाड़ियों को नुकसान के दावे 'पेड कैंपेन' का हिस्सा, नितिन गडकरी ने परिवार पर लगे आरोपों कर क्या कहा

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर उठ रहे सवालों पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि E20 पेट्रोल से किसी वाहन को नुकसान हुआ है तो ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 8:18 pm

धौलपुर : दो पक्षों के बीच संघर्ष में गाेलीबारी से तनाव व्याप्त

धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में कोटला मोहल्ले में मंगलवार को दो पक्षों के बीच हुई पत्थरबाजी के साथ हुई गोलीबारी से क्षेत्र में तनाव फैल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में छिप गये। घटना का एक वीडियो भी […] The post धौलपुर : दो पक्षों के बीच संघर्ष में गाेलीबारी से तनाव व्याप्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 8:11 pm

बीकानेर : लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे अधेड की हत्या

बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर के लूणकरणसर थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। लूणकरणसर के थाना प्रभारी गणेश बिश्नोई ने मंगलवार को बताया कि हंसेरा गांव में मूलाराम जाट (50) को सोमवार देर रात विद्यादेवी और उसके परिवार वाले घायल हालत में सरकारी अस्पताल […] The post बीकानेर : लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे अधेड की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 8:07 pm

योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 12 लाख शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, छात्रों के खातों में जाएंगे ₹1320 करोड़

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कार्मिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देने जा रही है। मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी से 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना' का शुभारंभ ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 8:00 pm

बलूचिस्तान में बांध परियोजना की सुरक्षा में तैनात पुलिस दल पर हमला, नौ की मौत

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अरबों रुपए की लागत से बन रही बांध परियोजना की सुरक्षा में तैनात पुलिस दल पर मंगलवार को बंदूकधारियों के हमले में कम से कम नौ पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी, जबकि कई अन्य लापता हैं। बीबीसी उर्दू ने अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी। जियारत जिले के […] The post बलूचिस्तान में बांध परियोजना की सुरक्षा में तैनात पुलिस दल पर हमला, नौ की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 7:58 pm

योगी सरकार का हाईटेक मिशन : साइबर अपराध पर लगाम के लिए उन्नत तकनीक और अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक क्षमता को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में रक्षा लेखा विभाग, क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ के 40 ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 7:52 pm

Champat rai : इस्तीफे के बाद चंपत राय का पहला बयान, क्यों हैं चुप, रामभक्तों को लिखे पत्र में क्या कहा

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर के दानपात्रों से कथित दान चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही वह अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का बिंदुवार जवाब देंगे।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 7:08 pm

योगी सरकार बड़े पैमाने पर स्थापित करेगी बायोगैस संयंत्र, आईआईटी दिल्ली का लेगी सहयोग

Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गो संरक्षण अभियान को आईआईटी दिल्ली की टेक्नोलॉजी से नई गति मिलने वाली है। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और विशेषज्ञों की टीम यूपी में बड़े पैमाने पर बायोगैस संयंत्र स्थापित करने में तकनीकी सहयोग करेगी। ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 7:00 pm

राजनीति से संन्यास की ओर दिग्विजय सिंह, दशहरे से शुरु करेंगे उज्जैन से अयोध्या तक की यात्रा

मध्यप्रदेश कांग्रेस में क्या सब कुछ ठीक नहीं है? उज्जैन में वीर भारत न्यास को जमीन आवंटन विवाद मामले पर अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाने वाले प्रदेश अध्यक्ष सवाल उठाने वाले दिग्विजय सिंह क्या अब राजनीति से संन्यास लेने जा रहे है? क्या दिग्विजय सिंह अब ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 6:31 pm

Ali Khamenei Funeral : खामेनेई की अंतिम यात्रा पर बवाल, रूट बदलने से भड़के समर्थक, ईरान ने भारत को क्यों कहा धन्यवाद

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान अंतिम समय में जुलूस का मार्ग बदल दिए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कई दिनों तक सरकारी प्रचार और आधिकारिक घोषणाओं के बाद अंतिम यात्रा के तय रूट में अचानक बदलाव होने ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 5:59 pm

क्या है आंख से ओझल दुश्मन को ढेर करने वाली BVRAAM तकनीक? इंडोनेशिया खरीद रहा भारत की 'अस्त्र' मिसाइल, जानिए इसकी खौफनाक ताकत

वैश्विक रक्षा बाजार (Global Defence Market) में भारत की स्वदेशी मिसाइल तकनीक का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। ब्रह्मोस (BrahMos) और आकाश (Akash) मिसाइल सिस्टम के सफल निर्यात के बाद अब भारत की एक और घातक मिसाइल दुनिया में तहलका मचाने को तैयार है। दक्षिण-पूर्व एशियाई देश इंडोनेशिया ने भारत में पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित 'अस्त्र मार्क-1' (Astra Mk1) मिसाइल को अपने लड़ाकू विमानों के बेड़े में शामिल करने के लिए बड़ी दिलचस्पी दिखाई है। यह मिसाइल आधुनिक युग की सबसे खतरनाक तकनीकों में से एक 'बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल' (BVRAAM) से लैस है, जो दुश्मन को बिना देखे ही मलबे में तब्दील करने की क्षमता रखती है।क्या होती है बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVRAAM) तकनीक?रक्षा विज्ञान की भाषा में बियॉन्ड विजुअल रेंज (Beyond Visual Range) का सीधा मतलब है 'आंखों की नजर से बिल्कुल दूर'। पारंपरिक हवाई लड़ाइयों में पायलटों को दुश्मन के विमान को देखकर निशाना लगाना पड़ता था, लेकिन BVRAAM तकनीक आ जाने के बाद अब लड़ाकू विमान 37 किलोमीटर से लेकर 100 किलोमीटर से भी ज्यादा की दूरी पर मौजूद दुश्मन के फाइटर जेट को आसानी से मलबे में तब्दील कर सकते हैं। यह तकनीक अत्याधुनिक रडार ट्रैकिंग, कंप्यूटर गाइडेंस और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (Inertial Navigation System) पर काम करती है, जिससे दागी गई मिसाइल हवा में अपना रास्ता बदलते हुए भाग रहे दुश्मन के विमान का पीछा करके उसे नेस्तनाबूत कर देती है।DRDO की अस्त्र मार्क-1 की खौफनाक ताकत और खूबियांअस्त्र मार्क-1 मिसाइल को भारत की शीर्ष रक्षा अनुसंधान संस्था डीआरडीओ (DRDO) ने विकसित किया है। यह भारत की पहली पूरी तरह से स्वदेशी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। इस मिसाइल की मारक क्षमता 110 किलोमीटर से भी अधिक है, और यह आवाज की रफ्तार से चार गुना ज्यादा यानी करीब 4.5 मैक (Mach) की सुपरसोनिक स्पीड से उड़ान भरती है। इसका सीधा मतलब यह है कि दुश्मन के विमान को संभलने या चकमा देने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिलता। यह मिसाइल हर मौसम में, दिन हो या रात, दुश्मन के सुपर-मैन्यूवरेबल (तेजी से मुड़ने वाले) लड़ाकू विमानों और ड्रोनों को मार गिराने में पूरी तरह सक्षम है।इंडोनेशिया क्यों खरीदना चाहता है भारत की अस्त्र मिसाइल?इंडोनेशियाई वायुसेना (TNI-AU) के पास इस समय रूस के सुखोई (Sukhoi) और अमेरिका के F-16 जैसे बेहतरीन लड़ाकू विमान मौजूद हैं। इंडोनेशिया अपने बेड़े की मारक क्षमता को आधुनिक और पश्चिमी प्रतिबंधों से मुक्त बनाने के लिए एक ऐसी मिसाइल की तलाश में था जो बेहतरीन होने के साथ-साथ किफायती भी हो। भारत की अस्त्र मार्क-1 मिसाइल तकनीकी रूप से दुनिया की सबसे महंगी मिसाइलों जैसे कि अमेरिका की 'एमराम' (AMRAAM) और यूरोप की 'मीटियर' (Meteor) को कड़ी टक्कर देती है, लेकिन इसकी कीमत उनकी तुलना में काफी कम है। इंडोनेशिया इस मिसाइल को अपने बेड़े में शामिल कर दक्षिण चीन सागर (South China Sea) के भौगोलिक समीकरणों में अपनी रणनीतिक स्थिति को बेहद मजबूत करना चाहता है।भारत के 'मेक इन इंडिया' और डिफेंस एक्सपोर्ट के लिए बड़ा बूस्टर डोज़इंडोनेशिया के साथ होने जा रही इस संभावित अस्त्र मिसाइल डील को भारत के रक्षा निर्यात (Defence Export) के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। यह सौदा न केवल भारत की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' नीति की सफलता को दर्शाता है, बल्कि यह दुनिया को यह संदेश भी देता है कि भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं बल्कि दुनिया को अत्याधुनिक तकनीक बेचने वाला ग्लोबल डिफेंस हब बन चुका है। भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत होते ये भौगोलिक और कूटनीतिक संबंध आने वाले दिनों में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की नई दिशा तय करेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 5:08 pm

पंजाब कांग्रेस में मची भयंकर 'सिरफुटव्वल' से गदगद हुई बीजेपी, क्या 2027 में 'कमल' खिलने का रास्ता हुआ साफ

पंजाब की सियासत में आगामी विधानसभा चुनावों (Punjab Assembly Elections) की आहट के साथ ही शह-मात का खेल बेहद आक्रामक हो गया है। हमेशा से गुटबाजी और अंदरूनी कलह से जूझती आ रही पंजाब कांग्रेस का घरेलू विवाद एक बार फिर पूरी तरह से चौराहे पर आ चुका है। केंद्रीय आलाकमान द्वारा भेजे गए प्रभारी भूपेश बघेल के सामने ही पार्टी दो फाड़ नजर आ रही है। जहां पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे दिग्गजों ने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाने के लिए खुली बगावत कर दी है, वहीं इस कलह ने विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सूबे की राजनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित मौका दे दिया है।राजा वड़िंग बनाम चन्नी गुट: क्यों आर-पार की जंग पर आमादा हैं कांग्रेसी दिग्गजविवाद की मुख्य जड़ हाल ही में कांग्रेस आलाकमान द्वारा किए गए सांगठनिक फेरबदल और राजा वड़िंग को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला है। चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं का मानना है कि राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी आगामी चुनाव नहीं जीत सकती। इसी नाराजगी के चलते चन्नी और रंधावा के गुट ने प्रभारी भूपेश बघेल की महत्वपूर्ण बैठकों का खुला बहिष्कार कर दिया और अलग से समानांतर बैठकें कर अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया। वरिष्ठ सांसद मनीष तिवारी को भी इन समितियों से बाहर रखा गया है, जिससे पार्टी का एक बड़ा हिंदू चेहरा और उनका समर्थक वर्ग भी नेतृत्व से बुरी तरह नाराज चल रहा है।बीजेपी के लिए क्यों 'गोल्डन चांस' साबित हो रहा है कांग्रेस का यह कलहपंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के कमजोर होने और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ बढ़ते सत्ता विरोधी रुझान (Anti-Incumbency) के बीच, बीजेपी खुद को सूबे में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का इस तरह बिखरना बीजेपी के लिए संजीवनी बूटी जैसा काम कर रहा है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने तुरंत फ्रंटफुट पर आकर राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस की सांगठनिक स्थिरता पर करारे हमले शुरू कर दिए हैं। बीजेपी जनता के बीच यह नैरेटिव सेट करने में सफल हो रही है कि जो पार्टी खुद को और अपने नेताओं को नहीं संभाल सकती, वह पंजाब को स्थिर और सुरक्षित सरकार कैसे देगी।सुखजिंदर रंधावा और अमित शाह की मुलाकात ने बढ़ाई कांग्रेस की धड़कनेंइस पूरे ड्रामे के बीच सबसे बड़ा सियासी झटका तब लगा जब कांग्रेस के दिग्गज नेता और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर ली। हालांकि, रंधावा ने इस मुलाकात को पंजाब की कानून व्यवस्था और सीमावर्ती सुरक्षा से जुड़ा हुआ बताया, लेकिन राजनीति के चतुर खिलाड़ी भली-भांति जानते हैं कि चुनाव से ठीक पहले ऐसी मुलाकातों के क्या मायने होते हैं। इस मुलाकात के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि कांग्रेस आलाकमान ने बागियों को नहीं मनाया, तो कांग्रेस के कई बड़े और कद्दावर चेहरे पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।दलित और हिंदू वोट बैंक खिसकने का बीजेपी को मिलेगा सीधा फायदाभौगोलिक और सामाजिक समीकरणों (Geographical & Social Equations) की बात करें तो पंजाब में दलित और हिंदू मतदाता बेहद निर्णायक भूमिका निभाते हैं। चरणजीत सिंह चन्नी को दरकिनार किए जाने से सूबे का एक बड़ा दलित वर्ग कांग्रेस से छिटक सकता है, जिसका झुकाव हाल के दिनों में बीजेपी की तरफ बढ़ता देखा गया है। वहीं मनीष तिवारी जैसे कद्दावर हिंदू नेता की अनदेखी से पंजाब के शहरी इलाकों का करीब 38 फीसदी हिंदू वोट बैंक भी कांग्रेस के हाथ से निकलकर सीधे तौर पर बीजेपी के पाले में जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो मालवा, मांझा और दोआबा तीनों ही क्षेत्रों में बीजेपी को अभूतपूर्व राजनीतिक बढ़त मिल सकती है।2022 का इतिहास दोहराने की राह पर कांग्रेस, बीजेपी की राह हुई आसानराजनीतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि कांग्रेस बिल्कुल उसी आत्मघाती रास्ते पर आगे बढ़ रही है, जिस पर वह 2022 के विधानसभा चुनावों के वक्त चली थी। तब कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू की लड़ाई ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था और अब राजा वड़िंग बनाम चन्नी-रंधावा की यह जंग बची-कुची उम्मीदों पर भी पानी फेर रही है। विपक्षी खेमे, विशेष रूप से बीजेपी के लिए यह स्थिति बेहद मुफीद है, क्योंकि मजबूत और एकजुट विपक्ष की अनुपस्थिति में बीजेपी के लिए पंजाब की सत्ता के शिखर तक पहुंचने का रास्ता बहुत हद तक आसान होता दिखाई दे रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 5:02 pm

पंजाब में आतंक मचाने वाले शातिर बाइक चोर और स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने दबोचे 4 खूंखार आरोपी

पंजाब में लगातार बढ़ती जा रही स्नैचिंग और वाहन चोरी की वारदातों पर लगाम कसते हुए स्थानीय पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। काफी समय से राहगीरों के नाक में दम करने वाले और पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे एक बेहद सक्रिय और शातिर बाइक चोर व मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने जाल बिछाकर इस गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इलाके में चोरी और छिनैती की घटनाओं में भारी कमी आएगी।लंबे समय से सक्रिय था गिरोह, पुलिस के लिए बना था सिरदर्दस्थानीय पुलिस प्रशासन के मुताबिक, यह गिरोह पिछले काफी समय से पंजाब के अलग-अलग जिलों और शहरी इलाकों में बेहद सुनियोजित तरीके से सक्रिय था। गिरोह के निशाने पर मुख्य रूप से सूने रास्तों पर चलने वाले राहगीर, महिलाएं और बाजारों के बाहर खड़ी मोटरसाइकिलें होती थीं। आरोपी पलक झपकते ही लोगों के हाथों से महंगे स्मार्टफोन झपट लेते थे और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बाइक चोरी कर रफूचक्कर हो जाते थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस कप्तान ने इन अपराधियों को दबोचने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया था।गुप्त सूचना और नाकेबंदी के जरिए पुलिस के जाल में फंसे आरोपीइस गिरोह के खात्मे के लिए पुलिस की खुफिया विंग (Local Intelligence Channel) को लगातार काम पर लगाया गया था। पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि इस गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से इलाके से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रास्तों पर भारी नाकेबंदी कर दी। चेकिंग के दौरान जब संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी करके चारों आरोपियों को धर दबोचा।तलाशी में बरामद हुआ भारी सामान, कई बड़े मामलों के सुराग मिलेगिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की जब मौके पर और उनके ठिकानों पर सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की कई मोटरसाइकिलें और स्नैच किए गए भारी मात्रा में महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुरुआती पूछताछ में ही आरोपियों ने कबूल किया है कि वे इन चोरी के वाहनों और मोबाइलों को फर्जी कागजात तैयार कर या बेहद कम दामों में भोले-भाले लोगों और कबाड़ियों को बेच दिया करते थे। इस खुलासे से क्षेत्र की कई पुरानी अनसुलझी चोरियों के मामले भी एक झटके में हल हो गए हैं।सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज, रिमांड पर लेकर पूछताछ जारीपुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में चोरी, झपटमारी और धोखाधड़ी सहित विभिन्न सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान इनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में इनके साथ और कौन-कौन से सफेदपोश लोग या कबाड़ी शामिल हैं और चोरी के माल को ठिकाने लगाने का इनका पूरा नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:57 pm

चन्नी और रंधावा ने बनाई दूरी! भूपेश बघेल के स्वागत में नहीं पहुंचे दिग्गज, पंजाब कांग्रेस की कलह फिर आई सामने

पंजाब कांग्रेस के भीतर सुलग रही अंदरूनी सियासत की आग एक बार फिर पूरी तरह भड़क उठी है। पार्टी आलाकमान की तमाम कोशिशों के बावजूद राज्य के शीर्ष नेताओं के बीच की कड़वाहट और गुटबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ताजा विवाद कांग्रेस के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के दौरान सामने आया है। पंजाब में पार्टी की कमान और समन्वय को मजबूत करने पहुंचे भूपेश बघेल के स्वागत के लिए आयोजित बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम से सूबे के दो सबसे बड़े कांग्रेसी चेहरों—पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा—ने पूरी तरह दूरी बना ली। इन दोनों दिग्गजों की अनुपस्थिति ने पार्टी के भीतर मचे घमासान को एक बार फिर सरेआम उजागर कर दिया है।बघेल का स्वागत और बड़े चेहरों की रहस्यमयी अनुपस्थितिपार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा पंजाब में गुटबाजी खत्म करने के लिए भेजे गए भूपेश बघेल का स्वागत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कई नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, वहां मौजूद नेताओं और मीडिया की नजरें उन खाली कुर्सियों पर टिक गईं जो चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के लिए सुरक्षित रखी गई थीं। इन दोनों कद्दावर नेताओं का ऐन वक्त पर स्वागत समारोह से नदारद रहना केवल एक संयोग नहीं, बल्कि पार्टी आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व के फैसलों के खिलाफ एक बड़ा और सीधा सियासी संदेश माना जा रहा है।चन्नी और रंधावा की इस नाराजगी के पीछे की असली वजहराजनीतिक गलियारों और अंदरूनी सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस के भीतर टिकट बंटवारे, संगठनात्मक नियुक्तियों और हालिया सांगठनिक फेरबदल को लेकर पुराने दिग्गजों में भारी असंतोष पनप रहा है। चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा का धड़ा पिछले काफी समय से महसूस कर रहा है कि राज्य के महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसलों में उनकी राय को तवज्जो नहीं दी जा रही है। भूपेश बघेल के स्वागत कार्यक्रम से दूरी बनाकर इन दोनों नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे दिल्ली दरबार या केंद्रीय पर्यवेक्षकों के एकतरफा फैसलों को आसानी से स्वीकार करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।केंद्रीय आलाकमान की सुलह की कोशिशों को लगा करारा झटकाकांग्रेस आलाकमान ने भूपेश बघेल जैसे सुलझे हुए और अनुभवी नेता को पंजाब की गुटबाजी पर काबू पाने और आगामी स्थानीय व आम चुनावों के लिए जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन चन्नी और रंधावा के इस खुले 'बायकॉट' ने केंद्रीय नेतृत्व की इन कोशिशों को बहुत बड़ा झटका दिया है। पार्टी के भीतर चल रही यह खींचतान तब और गंभीर हो जाती है, जब सामने आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल जैसे मजबूत सियासी प्रतिद्वंद्वी खड़े हों। नेताओं के इस रवैये से साफ है कि कांग्रेस को बाहर से ज्यादा अपने ही घर के भीतर छिड़े 'अपनों के युद्ध' से निपटना होगा।विपक्षी दलों को मिला बैठे-बिठाए बड़ा राजनीतिक मुद्दापंजाब कांग्रेस के इस ताजा घटनाक्रम ने राज्य की विपक्षी पार्टियों को हमला करने का एक और सुनहरा मौका दे दिया है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और भाजपा ने तंज कसते हुए कहा है कि जो पार्टी अपने शीर्ष नेताओं को एक मंच पर नहीं ला सकती, वह पंजाब की जनता का भला क्या करेगी। बहरहाल, भूपेश बघेल अब पंजाब के इस सियासी हालात की पूरी रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को सौंपने की तैयारी में हैं, जिसके बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी हाईकमान इन नाराज दिग्गजों को मनाने के लिए क्या कदम उठाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:53 pm

पंजाब कांग्रेस में फिर मंचा भीषण घमासान, दिग्गज नेता भूपेश बघेल की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

भारतीय राजनीति में हमेशा चर्चा का केंद्र रहने वाली पंजाब कांग्रेस के भीतर एक बार फिर से गंभीर अंदरूनी घमासान (Internal Conflict) शुरू हो गया है। पार्टी आलाकमान द्वारा राज्य की स्थिति को संभालने और गुटबाजी को खत्म करने के लिए तैनात किए गए वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल की कार्यशैली अब खुद बड़े सवालों के घेरे में आ गई है। पंजाब कांग्रेस के स्थानीय और जमीनी नेताओं के एक बड़े धड़े ने बघेल के फैसलों और उनके काम करने के तौर-तरीकों पर खुलकर असंतोष जताना शुरू कर दिया है, जिससे सूबे की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है।क्यों उठ रहे हैं भूपेश बघेल की कार्यशैली पर गंभीर सवालपंजाब के स्थानीय नेताओं का आरोप है कि केंद्रीय पर्यवेक्षक और वरिष्ठ रणनीतिकार के रूप में भूपेश बघेल राज्य के जमीनी फीडबैक को समझने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। असंतुष्ट गुट का कहना है कि पार्टी के भीतर फैसले लेते समय वरिष्ठ और वफादार नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और कुछ चुनिंदा चेहरों को ही जरूरत से ज्यादा तरजीह दी जा रही है। इस असंतोष ने तब और तूल पकड़ लिया जब हालिया बैठकों में स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय समीकरणों को दरकिनार कर दिया गया, जिससे पंजाब कांग्रेस के भीतर एक बार फिर पुरानी दरारें चौड़ी होने लगी हैं।क्या अतीत की बड़ी और आत्मघाती गलतियां दोहराएगी कांग्रेसइस ताजा विवाद ने राजनीतिक पंडितों और कांग्रेस के शुभचिंतकों को पुराने दौर की याद दिला दी है। इतिहास गवाह है कि पंजाब में कांग्रेस ने जब-जब अपनी अंदरूनी कलह को समय रहते नहीं सुलझाया, तब-तब उसे सत्ता से हाथ धोना पड़ा है। नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच का पुराना विवाद इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसने पार्टी को अर्श से फर्श पर ला खड़ा किया था। अब वर्तमान हालात को देखकर यह बड़ा यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस आलाकमान अपने पुराने जख्मों से सबक लेने के बजाय एक बार फिर उसी आत्मघाती राह पर चल पड़ा है?स्थानीय नेताओं की बगावत और दिल्ली दरबार की खामोशीपंजाब कांग्रेस के कई विधायकों और पूर्व मंत्रियों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दिल्ली में डेरा डालना शुरू कर दिया है। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, असंतुष्ट नेता इस मुद्दे को सीधे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने उठाने की तैयारी में हैं। वे राज्य में नेतृत्व और सांगठनिक स्तर पर तत्काल फेरबदल की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, दिल्ली दरबार यानी कांग्रेस आलाकमान की ओर से इस पूरे मामले पर फिलहाल रहस्यमयी खामोशी अख्तियार की गई है, जिससे राज्य इकाई में भ्रम और आक्रोश का माहौल और ज्यादा गहराता जा रहा है।आगामी चुनावों और आम आदमी पार्टी के खिलाफ रणनीति पर असरपंजाब में इस समय आम आदमी पार्टी (AAP) सत्ता में है और कांग्रेस वहां मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभा रही है। ऐसे में जब पार्टी को एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरना चाहिए था, तब नेता आपस में ही कुर्सी की जंग लड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि अगर इस अंदरूनी कलह को तुरंत नहीं दबाया गया, तो आगामी स्थानीय और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है, जिसका सीधा राजनीतिक फायदा सत्ताधारी दल को मिलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:51 pm

शेयर बाजार में तहलका मचाने आ रही है दिग्गज फिटनेस कंपनी, ₹950 करोड़ का मेगा प्लान तैयार

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में कमाई की उम्मीद लगाए बैठे निवेशकों के लिए कॉर्पोरेट जगत से एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की सबसे लोकप्रिय और अग्रणी फिटनेस व हेल्थकेयर स्टार्टअप कंपनी कल्ट.फिट (Cult.fit) ने दलाल स्ट्रीट पर कदम रखने की पूरी तैयारी कर ली है। बिजनेस जगत के गलियारों से आ रही पुख्ता खबरों के मुताबिक, कंपनी बहुत जल्द अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ (IPO) बाजार में लॉन्च करने जा रही है। इस मेगा पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी का इरादा बाजार से करीब ₹950 करोड़ की मोटी रकम जुटाने का है।शानदार बिजनेस मॉडल और दिग्गज निवेशकों का है भरोसाकल्ट.फिट ने भारत में ट्रेडिशनल जिम और वर्कआउट के तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। कंपनी अपने अनूठे ग्रुप वर्कआउट, योगा, डांस और डिजिटल फिटनेस सेशंस के दम पर देश के युवाओं के बीच एक बड़ा ब्रांड बन चुकी है। कल्ट.फिट को जोमैटो (Zomato), टाटा डिजिटल (Tata Digital) और मिकिन और कंपनी जैसे देश-विदेश के कई बड़े और दिग्गज संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का मजबूत बैकअप हासिल है। यही वजह है कि बाजार के विशेषज्ञ इस आईपीओ को लेकर अभी से ही काफी ज्यादा उत्साहित नजर आ रहे हैं।₹950 करोड़ के आईपीओ फंड का कहां होगा इस्तेमाल?सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कल्ट.फिट इस आईपीओ से मिलने वाली ₹950 करोड़ की भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने बिजनेस के विस्तार (Business Expansion) के लिए करने वाली है। कंपनी देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपने नए फिटनेस सेंटर्स खोलने, अपनी डिजिटल टेक्नोलॉजी और ऐप को और अधिक एडवांस बनाने के साथ-साथ कुछ नए हेल्थकेयर सेगमेंट में भी अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, जुटाई गई रकम का एक हिस्सा कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और पुराने कर्ज को चुकाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।न्यू-एज टेक स्टार्टअप्स की लिस्ट में होगी एंट्रीपिछले कुछ समय में शेयर बाजार में जोमैटो, नायका और पेटीएम जैसे न्यू-एज टेक स्टार्टअप्स की लिस्टिंग के बाद अब कल्ट.फिट भी इसी एलीट क्लब का हिस्सा बनने जा रही है। फिटनेस और वेलनेस सेक्टर से शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली यह देश की चुनिंदा बड़ी कंपनियों में से एक होगी। बाजार विश्लेषकों (Market Analysts) का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद से लोगों में हेल्थ और फिटनेस को लेकर जागरूकता बहुत तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा और बड़ा फायदा कल्ट.फिट के आईपीओ को मिल सकता है और यह निवेशकों को लंबी अवधि में तगड़ा रिटर्न दे सकता है।निवेशकों के लिए क्या हैं कमाई के मौके: कब आएगा आईपीओ?हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर (DRHP) दाखिल करने और आईपीओ के प्राइस बैंड व सटीक तारीखों को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन मर्चेंट बैंकर्स के सूत्रों का कहना है कि इसके लिए अंदरूनी प्रक्रिया बहुत तेजी से चल रही है। रिटेल निवेशकों के लिए इस आईपीओ में दांव लगाने और एक तेजी से बढ़ती फिटनेस इंडस्ट्री का हिस्सा बनने का यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है। यदि आप भी आईपीओ में निवेश कर लिस्टिंग गेन या लॉन्ग टर्म प्रॉफिट कमाना चाहते हैं, तो कल्ट.फिट के इस अपकमिंग आईपीओ पर अपनी नजरें जरूर टिकाए रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:49 pm

1 अगस्त से बदलने जा रहे हैं शेयर बायबैक के नियम, छोटे निवेशकों की जेब पर क्या होगा सीधा असर

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में दांव लगाने वाले आम निवेशकों और लिस्टेड कंपनियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। आगामी 1 अगस्त से शेयर बायबैक के नियमों में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) और सरकार द्वारा लागू किए जा रहे इन नए नियमों का सीधा असर निवेशकों के मुनाफे और कंपनियों की बायबैक स्ट्रेटेजी पर पड़ने वाला है। अगर आप भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग या लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट करते हैं, तो इस बदलाव को बारीकी से समझना आपके पोर्टफोलियो के लिए बेहद जरूरी है।क्या होते हैं शेयर बायबैक और क्यों बदल रही है इसकी व्यवस्थाजब कोई लिस्टेड कंपनी अपने ही मौजूदा शेयरधारकों से अपने शेयरों को वापस खरीदती है, तो उसे शेयर बायबैक कहा जाता है। कंपनियां अक्सर अपने शेयर की वैल्यू बढ़ाने या निवेशकों को रिवॉर्ड देने के लिए ऐसा करती हैं। अब तक कंपनियां बायबैक पर खुद टैक्स चुकाती थीं, जिससे निवेशकों को मिलने वाली रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती थी। लेकिन 1 अगस्त से लागू होने वाले नए नियमों के तहत इस पूरी कर व्यवस्था (Taxation System) को और अधिक पारदर्शी और तर्कसंगत बनाने के लिए बदला जा रहा है, जिससे शेयर बाजार के इस बड़े कॉरपोरेट एक्शन का पूरा ढांचा ही बदल जाएगा।1 अगस्त से क्या बदलेगा: निवेशकों के लिए टैक्स का नया गणितनए नियम के लागू होने के बाद अब शेयर बायबैक से होने वाली कमाई को पूरी तरह से 'डिविडेंड' (लाभांश) की तरह माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि 1 अगस्त के बाद यदि कोई कंपनी बायबैक लाती है, तो उस पर मिलने वाली अतिरिक्त रकम पर सीधे निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि आप 30 फीसदी के टैक्स स्लैब में आते हैं, तो बायबैक से होने वाले मुनाफे पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना होगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन बड़े और खुदरा निवेशकों (Retail Investors) को प्रभावित करेगा जो बायबैक के जरिए टैक्स-फ्री मुनाफा कमाते थे।कंपनियों की बायबैक योजनाओं पर पड़ेगा यह बड़ा असरइस नए नियम का असर सिर्फ निवेशकों पर ही नहीं, बल्कि कंपनियों की सोच पर भी दिखेगा। अब तक कंपनियां डिविडेंड देने के बजाय बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि इसमें टैक्स का बोझ कम बैठता था। लेकिन अब दोनों पर एक जैसा टैक्स नियम लागू होने के कारण कंपनियां शेयर बायबैक लाने से पहले कई बार सोचेंगी। बाजार विश्लेषकों (Market Experts) का मानना है कि इस बदलाव के बाद आने वाले दिनों में शेयर बाजार में कंपनियों द्वारा बायबैक लाने की संख्या में थोड़ी कमी देखी जा सकती है या फिर कंपनियां इसके लिए नई रणनीतियां तैयार करेंगी।छोटे और रिटेल निवेशकों को अब क्या रणनीति अपनानी चाहिएनियमों में होने वाले इस बदलाव को देखते हुए मार्केट एक्सपर्ट्स ने रिटेल इनवेस्टर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। अब किसी भी कंपनी के बायबैक ऑफर में सिर्फ प्रीमियम (ज्यादा कीमत) देखकर आंख मूंदकर निवेश न करें। निवेश करने से पहले अपने व्यक्तिगत टैक्स स्लैब (Tax Slab) की गणना जरूर कर लें, क्योंकि टैक्स कटने के बाद आपका वास्तविक मुनाफा उम्मीद से कम हो सकता है। यह नया नियम पूरी तरह से पारदर्शी है और लॉन्ग टर्म निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में टिके रहने के लिए प्रेरित करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:48 pm

5 हजार साल पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा है सिंधी समुदाय का DNA, BHU के शोध में बड़ा खुलासा, भारत-पाकिस्तान के सिंधी के बीच मजबूत जेनेटिक संबंध

दुनिया में कुछ समुदाय ऐसे हैं जो सदियों पहले अपनी जमीन से बिखर गए, लेकिन आज भी उनका डीएनए उन्हें एक सूत्र में बांधे हुए है। यहूदी समुदाय इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। पूरी दुनिया में फैले यहूदी आज भी अपने प्राचीन डीएनए को पहचानते हैं। ठीक ऐसी ही कहानी ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 4:45 pm

कहीं मूसलाधार आफत तो कहीं धूलभरी आंधी, IMD ने जारी किया 20 से ज्यादा जिलों में हाई अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के लिए एक बहुत बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण वेदर अपडेट जारी किया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते प्रदेश के वायुमंडल में एक मजबूत सिस्टम एक्टिव हो गया है। इसके प्रभाव से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो बेहद चरम रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां कई जिलों में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में तेज रफ्तार आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश: IMD का ऑरेंज अलर्टजयपुर मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहने वाला है। कोटा, बारां, झालावाड़, उदयपुर, बांसवाड़ा, और डूंगरपुर जैसे जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मूसलाधार बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश के चलते नदी-नालों में उफान आने और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी और आकाशीय बिजली का खतरापूर्वी हिस्से के विपरीत, पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहने वाला है। जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही इन रेतीले इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ छिटपुट बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम केंद्र ने विशेष रूप से आकाशीय बिजली (Lightning Strike) को लेकर चेतावनी जारी की है और लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों के भीतर ही रहें।तापमान में आएगी भारी गिरावट, उमस से मिलेगी राहतलगातार होने वाली इस मानसूनी एक्टिविटी के कारण पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण उमस और गर्मी से राजस्थान वासियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आगामी दो-तीन दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो जाएगा, जिससे आम जनजीवन को भीषण गर्मी के टॉर्चर से पूरी तरह निजात मिल सकेगी।किसानों और आम जनता के लिए प्रशासन की जरूरी गाइडलाइनमौसम में अचानक आए इस बड़े बदलाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों में नावों और रेस्क्यू टीमों को तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें ताकि वे भीगने से बच सकें। इसके अलावा आंधी-तूफान के समय बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और कच्चे ढांचों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:41 pm

सलवार-सूट पहनकर बिहार में घूम रही थी यूक्रेन की यह रहस्यमयी हसीना, SSB ने जब रोका तो उड़ गए होश

भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद ही चौंकाने वाले और रहस्यमयी मामले का खुलासा किया है। बिहार के सीमावर्ती इलाके में भारतीय परिधान यानी सलवार-सूट पहनकर घूम रही यूक्रेन की एक महिला को सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने संदिग्ध स्थिति में हिरासत में लिया है। महिला की अजीबोगरीब हरकतों को देखकर जब जवानों ने उससे पूछताछ की, तो जो सच्चाई सामने आई उसे सुनकर सुरक्षा अधिकारी भी दंग रह गए, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।भारतीय वेशभूषा में सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने की कोशिशसुरक्षा सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार विदेशी महिला की पहचान यूक्रेन की नागरिक के रूप में हुई है। वह पूरी तरह से भारतीय रंग-ढंग और सलवार-सूट पहने हुई थी ताकि सुरक्षा बलों या स्थानीय लोगों को उस पर कोई शक न हो। वह बेहद शातिर तरीके से भारत-नेपाल सीमा को पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। एसएसबी की महिला विंग और खुफिया इकाई को उसकी चाल-ढाल पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे बैरिकेडिंग के पास रोककर सघन पूछताछ शुरू की गई।न पासपोर्ट, न वैलिड वीजा; पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासाजब एसएसबी के अधिकारियों ने महिला से भारत में रहने के वैध दस्तावेज, पासपोर्ट और वीजा की मांग की, तो वह कोई भी संतोषजनक कागज नहीं दिखा सकी। जांच में पता चला कि वह बिना किसी वैध दस्तावेज के अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थी। उसके पास से कुछ संदिग्ध सामान और डिजिटल दस्तावेज भी बरामद होने की खबर है। सुरक्षा बलों के कड़े सवालों के सामने वह बार-बार अपना बयान बदल रही थी, जिससे मामला और गहरा गया है।स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटींएसएसबी ने प्रारंभिक पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद यूक्रेनी महिला को स्थानीय पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया है। महिला के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट (विदेशी अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। देश की आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी इस मामले में एक्टिव हो गई हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस रहस्यमयी महिला के तार कहीं किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क या जासूसी सिंडिकेट से तो नहीं जुड़े हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:35 pm

8 जुलाई को बिहार के इन जिलों में आसमान से बरसेगी आफत; IMD ने जारी किया भयंकर आंधी-तूफान और वज्रपात का बड़ा अलर्ट

बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी 8 जुलाई के लिए सूबे के कई हिस्सों में बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटों में बिहार के कई जिलों में सामान्य बारिश नहीं, बल्कि तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का तांडव देखने को मिल सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।इन जिलों के लिए मौसम विभाग की गंभीर चेतावनीपटना मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, 8 जुलाई को उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बिहार के जिलों में मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक रहेगा। विशेष रूप से दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया और सहरसा जिलों में मेघ गर्जन के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दक्षिण बिहार के गया, भागलपुर, बांका, कैमूर और रोहतास में भी मूसलाधार बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।50 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश के साथ-साथ इन प्रभावित इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं। कुछ जगहों पर हवा की गति और भी अधिक हो सकती है, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। उमस भरी गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन आंधी और पानी का यह गठजोड़ राहगीरों और किसानों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।आपदा प्रबंधन और IMD की आम जनता को सलाहआकाशीय बिजली (वज्रपात) के बढ़ते खतरों को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और आईएमडी ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लें। खेतों में काम कर रहे किसान भाई पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखें। अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य भर में मौसम का यह अस्थिर रूप जारी रहने का अनुमान है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:33 pm

बिहार NDA में होने वाला है बड़ा उलटफेर? सम्राट चौधरी ने बुलाई हाई-प्रोफाइल बैठक, 10 जुलाई की मेगा मीटिंग में नीतीश कुमार भी होंगे शामिल

बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। बिहार भाजपा के अध्यक्ष और सूबे के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए (NDA) गठबंधन के सभी प्रमुख घटक दलों की एक बेहद महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस महामंथन को लेकर कयासों का बाजार इसलिए गर्म है क्योंकि आगामी 10 जुलाई को होने वाली इस मेगा मीटिंग में खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी विशेष रूप से मौजूद रहने वाले हैं।सम्राट चौधरी की अगुवाई में एनडीए का महामंथनराजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पटना में आयोजित होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक का एजेंडा बेहद खास है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस बैठक की कमान संभाल रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद और आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गठबंधन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए यह बैठक बुलाई गई है। बैठक में भाजपा और जेडीयू के अलावा एनडीए के अन्य सहयोगी दलों जैसे लोजपा (रामविलास), हम (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के शीर्ष नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।10 जुलाई की मीटिंग में नीतीश कुमार की मौजूदगी के मायनेइस पूरी बैठक में सबसे ज्यादा ध्यान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी पर टिका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 10 जुलाई की यह मेगा मीटिंग केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि इसके जरिए बिहार सरकार के कामकाज, आगामी कैबिनेट विस्तार और गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग व को-ऑर्डिनेशन (समन्वय) को लेकर कोई बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी यह साफ करती है कि एनडीए के भीतर सब कुछ ऑल इज वेल रखने और विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए एक ठोस चक्रव्यूह तैयार किया जा रहा है।क्या बिहार कैबिनेट में होगा बड़ा बदलाव?पटना के सियासी हलकों में यह भी चर्चा तेज है कि इस बैठक के तुरंत बाद बिहार सरकार में कुछ बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। मंत्रियों के विभागों में बदलाव से लेकर संगठन स्तर पर नई जिम्मेदारियां सौंपने का खाका इस मीटिंग में खींचा जाएगा। आरजेडी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की रणनीतियों को नाकाम करने के लिए एनडीए का यह साझा कदम बिहार की राजनीति को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:31 pm

किशनगढ़बास में नकली पेट्रोल-डीजल का भंडाफोड़, 6510 लीटर ज्वलनशील रसायन जब्त

अलवर। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाना क्षेत्र में पुलिस और जिला विशेष दल (डीएसटी) ने कार्रवाई करते हुए कांकरा गांव में संचालित कथित नकली पेट्रोल-डीजल के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि एक गोदाम से 6510 लीटर ज्वलनशील तरल पदार्थ, एक स्कॉर्पियो वाहन, फर्जी नंबर प्लेट, […] The post किशनगढ़बास में नकली पेट्रोल-डीजल का भंडाफोड़, 6510 लीटर ज्वलनशील रसायन जब्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 4:30 pm

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड का नया फरमान: गैर-मुस्लिम से निकाह करने से पहले लेनी होगी वक्फ की NOC

छत्तीसगढ़ में अंतरधार्मिक विवाह (इंटरफेथ शादी) और मुस्लिम पर्सनल लॉ को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने निकाह की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और कानूनी दांव-पेंच से बचने के नाम पर एक नया दिशा-निर्देश जारी किया है। इस नए आदेश के मुताबिक, अब मुस्लिम समुदाय के किसी भी व्यक्ति को गैर-मुस्लिम से निकाह करने से पहले वक्फ बोर्ड से औपचारिक अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी (No Objection Certificate) लेना अनिवार्य होगा।क्या है वक्फ बोर्ड का नया निकाह नियम?छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और आला अधिकारियों द्वारा जारी किए गए इस नए फरमान के तहत राज्य के सभी शहर काजियों, मस्जिदों के इमामों और निकाह कराने वाले मौलवियों को सख्त हिदायत दी गई है। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि दूल्हा या दुल्हन में से कोई भी एक पक्ष गैर-मुस्लिम है और वे मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह करना चाहते हैं, तो वक्फ बोर्ड की एनओसी के बिना उनका निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा। बिना एनओसी के निकाह कराने वाले काजियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही जा रही है।आखिर क्यों पड़ी इस कड़े फरमान की जरूरत?वक्फ बोर्ड के सूत्रों और पदाधिकारियों के अनुसार, इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य अंतरधार्मिक विवाहों के बाद पैदा होने वाले कानूनी विवादों, धर्म परिवर्तन से जुड़े विवादों और वक्फ संपत्तियों के उत्तराधिकार से जुड़े मामलों को सुलझाना है। अक्सर देखा गया है कि शादियों के बाद अदालती विवाद खड़े होते हैं, जिससे बचने के लिए बोर्ड पहले ही दोनों पक्षों के दस्तावेजों और रजामंदी की गहन जांच करना चाहता है। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से भविष्य में होने वाली कानूनी पेचीदगियों से मुस्लिम परिवारों को बचाया जा सकेगा।सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेजछत्तीसगढ़ में आए इस नए फरमान के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे नागरिक अधिकारों और पर्सनल लॉ के बीच का टकराव मान रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर बोर्ड अपने इस फैसले को वक्फ एक्ट के तहत पूरी तरह वैध और न्यायसंगत ठहरा रहा है। आने वाले दिनों में इस फैसले पर राज्य की सियासत और सामाजिक संगठनों का क्या रुख रहता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:29 pm

छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा का बदलेगा चेहरा: 5वीं, 7वीं और 8वीं का सिलेबस बदलने की तैयारी

छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में आने वाले दिनों में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलने वाला है। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में प्रदेश की सरकारी और संबद्ध स्कूलों में कक्षा 5वीं, 7वीं और 8वीं के सिलेबस (पाठ्यक्रम) को पूरी तरह से बदलने का फैसला किया गया है। नए सत्र और आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रोजेक्ट को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।3 महीने का अल्टीमेटम और युद्ध स्तर पर तैयारीशिक्षा विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, नई किताबों को तैयार करने और पुराने पाठ्यक्रम में जरूरी संशोधन करने के लिए केवल 3 महीने का समय तय किया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के विशेषज्ञों की एक विशेष टीम इस काम में जुट गई है। इस सीमित समय में नई पाठ्यपुस्तकों का लेखन, संपादन और छपाई का काम पूरा कर लिया जाएगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और उन पर कोई अतिरिक्त मानसिक दबाव न पड़े।आखिर नए सिलेबस में क्या कुछ बदलेगा?अभिभावकों और शिक्षकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस नए सिलेबस में क्या बदलाव होने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि नए पाठ्यक्रम में रटने की प्रवृत्ति को खत्म करके व्यावहारिक ज्ञान, नैतिक शिक्षा, और छत्तीसगढ़ की स्थानीय संस्कृति व गौरवशाली इतिहास को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही, आधुनिक दौर की जरूरत को देखते हुए गणित, विज्ञान और पर्यावरण के विषयों में नए और रोचक व्यावहारिक अध्यायों को जोड़ा जाएगा, जिससे छात्रों का मानसिक और तार्किक विकास तेजी से हो सके।राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप होगा बदलावविशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मापदंडों के अनुकूल है। नई किताबों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वे बच्चों के लिए बोझिल न हों, बल्कि चित्रों और कहानियों के माध्यम से पढ़ाई को अधिक रोचक और गतिविधि-आधारित बनाया जा सके। इस बदलाव से छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में निजी स्कूलों के छात्रों को कड़ी टक्कर दे सकेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:28 pm

Electric scooter : मेटल बॉडी वाले सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटर, दाम सुनेंगे तो चौंक जाएंगे

भारत में किफायती इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Komaki Electric Vehicles ने 2 नए इलेक्ट्रिक स्कूटर MG Pro V और MG Pro+ लॉन्च किए हैं। इनकी एक्स-शोरूम कीमत क्रमशः ₹73,999 और ₹79,999 रखी गई है।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 4:28 pm

रायपुर में बनेगा देश का अत्याधुनिक 7 मंजिला कैंसर संस्थान, सीएम ने दी ₹103 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट की मंजूरी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री ने राज्य के कैंसर पीड़ितों को विश्वस्तरीय और किफायती इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से रायपुर में एक भव्य 7 मंजिला कैंसर संस्थान (Cancer Institute) के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। कुल 103 करोड़ रुपये के बजट वाले इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी इलाज के लिए बड़े महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।हर फ्लोर पर 64 बेड और हाई-टेक सुविधाएंइस अत्याधुनिक कैंसर संस्थान की रूपरेखा को बेहद वैज्ञानिक और मरीज-अनुकूल तरीके से तैयार किया गया है। सात मंजिला इस भव्य अस्पताल के प्रत्येक फ्लोर पर 64 बेड की व्यवस्था होगी, जिससे एक ही समय पर सैकड़ों गंभीर मरीजों का सुचारू रूप से इलाज किया जा सकेगा। अस्पताल में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, और कैंसर सर्जरी के लिए आधुनिकतम मशीनें और सुसज्जित ऑपरेशन थिएटर (OT) बनाए जाएंगे, ताकि डॉक्टरों को जटिल से जटिल सर्जरी करने में कोई परेशानी न हो।सीएम की बड़ी सौगात से मरीजों को मिलेगी राहतमुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बेहद कम खर्च में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का सटीक इलाज मिल सके। इस संस्थान के शुरू होने से निजी अस्पतालों की महंगी चिकित्सा से त्रस्त आम जनता को बहुत बड़ी आर्थिक और मानसिक राहत मिलने वाली है।मध्य भारत का प्रमुख कैंसर केयर हब बनेगा रायपुरचिकित्सा विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि 103 करोड़ रुपये की यह स्वास्थ्य परियोजना छत्तीसगढ़ के चिकित्सा ढांचे को एक पायदान ऊपर ले जाएगी। एडवांस डायग्नोस्टिक लैब और रिसर्च सेंटर से लैस होने के कारण यह संस्थान आने वाले समय में पूरे मध्य भारत का एक प्रमुख कैंसर केयर और रिसर्च हब बनकर उभरेगा, जहां मरीजों को चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाएं भी मिलेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:26 pm

जस्टिन ग्रीव्स के धमाकेदार 180 रन, इतिहास रचने के करीब वेस्टइंडीज; 4 साल बाद टेस्ट सीरीज जीतने की दहलीज पर कैरेबियाई टीम

वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में कैरेबियाई टीम ने अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। स्टार बल्लेबाज जस्टिन ग्रीव्स की शानदार और जुझारू 180 रनों की शतकीय पारी के दम पर वेस्टइंडीज इतिहास रचने के करीब पहुंच गया है। घरेलू मैदान पर खेल रही वेस्टइंडीज की टीम के पास अब पूरे 4 साल बाद कोई बड़ी टेस्ट सीरीज अपने नाम करने का एक बेहद सुनहरा और ऐतिहासिक मौका है।जस्टिन ग्रीव्स का ऐतिहासिक मैराथन शतकइस मुकाबले में वेस्टइंडीज की पारी के असली हीरो जस्टिन ग्रीव्स रहे, जिन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए 180 रनों की यादगार पारी खेली। ग्रीव्स ने न केवल एक छोर संभाले रखा, बल्कि निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर उपयोगी साझेदारियां कीं और टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया। उनकी इस क्लासिक टेस्ट पारी की बदौलत श्रीलंका के स्पिन और तेज गेंदबाजों का आक्रमण पूरी तरह बेअसर साबित हुआ।4 साल का सूखा खत्म करने की दहलीज पर वेस्टइंडीजकैरेबियाई क्रिकेट फैंस के लिए यह मुकाबला बेहद भावुक और बड़ा बन चुका है। वेस्टइंडीज ने पिछले 4 सालों से अपनी धरती पर कोई बड़ी टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। जस्टिन ग्रीव्स की इस बड़ी पारी के बाद गेंदबाजों ने भी अपनी कमान संभाल ली है, जिससे श्रीलंकाई टीम पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि अगर विंडीज के गेंदबाज अपनी मौजूदा लय बरकरार रखते हैं, तो श्रीलंका की हार तय है।श्रीलंकाई टीम के सामने बड़ी चुनौतीविशाल लक्ष्य और पिच पर आ रहे बदलावों के बीच श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए मैच के अंतिम दिनों में टिक पाना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है। कैरेबियाई तेज गेंदबाजों की कमान और घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर वेस्टइंडीज इस मैच को जीतकर सीरीज पर कब्जा करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:24 pm

अयोध्या में आस्था बरकरार, रामलला दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

Uttar Pradesh news : योगी सरकार के नेतृत्व में विकसित हो रही रामनगरी अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। हाल में सामने आए चोरी प्रकरण के बावजूद राम मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 4:24 pm

संजू सैमसन के बाद अब गौतम गंभीर भी नहीं जाएंगे जिम्बाब्वे दौरा; अचानक बदला पूरा सपोर्ट स्टाफ

टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलावों का दौर शुरू हो चुका है। जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के खेमे से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सीनियर खिलाड़ी संजू सैमसन के शुरुआती मैचों से बाहर होने के बाद, अब नवनियुक्त मुख्य कोच गौतम गंभीर भी इस जिम्बाब्वे दौरे पर टीम इंडिया के साथ उड़ान नहीं भरेंगे। इस अचानक हुए फैसले के बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत का पूरा सपोर्ट स्टाफ बदल दिया गया है।क्यों बदला जिम्बाब्वे दौरे का पूरा कोचिंग स्टाफ?क्रिकेट गलियारों में चल रही चर्चाओं और बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक, गौतम गंभीर को हाल ही में भारतीय टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया है, लेकिन वे जिम्बाब्वे दौरे के बजाय श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी सीमित ओवरों की सीरीज से टीम इंडिया के साथ अपने कार्यकाल की पूर्ण रूप से शुरुआत करेंगे। गंभीर की अनुपस्थिति में बीसीसीआई ने बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के प्रमुख और पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया का स्टैंड-इन हेड कोच नियुक्त किया है। लक्ष्मण के साथ एनसीए का सपोर्ट स्टाफ ही इस दौरे पर कोच की भूमिका निभाएगा।कब मैदान पर दिखेगी 'गौतम की टीम'?फैंस के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर भारतीय क्रिकेट में 'गौतम गंभीर युग' की शुरुआत कब से होगी? रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर जिम्बाब्वे दौरे के दौरान मुंबई में रहकर भारतीय क्रिकेट के भविष्य का पूरा रोडमैप तैयार करेंगे और नए सहयोगी स्टाफ (सपोर्टिंग कोचों) के चयन पर अंतिम मुहर लगाएंगे। जिम्बाब्वे सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद भारतीय टीम को श्रीलंका का दौरा करना है, जहां होने वाली वनडे और टी20 सीरीज में पहली बार गौतम गंभीर मुख्य कोच के रूप में भारतीय ड्रेसिंग रूम में रणनीतियां बनाते नजर आएंगे।युवा ब्रिगेड के कंधों पर होगी जिम्बाब्वे फतह की जिम्मेदारीशुभमन गिल की कप्तानी में जिम्बाब्वे रवाना हो रही युवा भारतीय टीम के लिए यह दौरा बेहद अहम है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इस नई टीम इंडिया पर खुद को साबित करने का बड़ा दबाव होगा। हालांकि संजू सैमसन, शिवम दुबे और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी चक्रवाती तूफान की वजह से बारबाडोस में फंसे होने के कारण पहले दो मैचों का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं, जिनकी जगह बोर्ड ने साई सुदर्शन, जितेश शर्मा और हर्षित राणा को बैकअप के तौर पर टीम में शामिल किया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:22 pm

उज़्बेकिस्तान में केरल के मेडिकल छात्र की हत्या

तिरुवनंतपुरम। उज़्बेकिस्तान में केरल के एक मेडिकल छात्र की कथित रूप से हत्या कर दी गयी है। आरोप है कि उसके एक साथी छात्र ने उसके सिर पर लैपटॉप से वार किया था। सूत्रों ने सोमवार को बताया कि पीड़ित की पहचान केरल के हरिपाद निवासी सावरिया (22) के रूप में हुई है। यह घटना […] The post उज़्बेकिस्तान में केरल के मेडिकल छात्र की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 4:18 pm

नदबई में ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंसकर महिला की मौत

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के नदबई में मंगलवार को पैर फिसलने से उदयपुर–खजुराहो ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसकर गम्भीर रूप से घायल महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी प्रीति सक्सेना (42) के रूप में हुई है। प्रीति पति धीरेंद्र सक्सेना के साथ पुत्री से मिलने नदबई आई थी। […] The post नदबई में ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंसकर महिला की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 4:12 pm

'कब तक बूढ़े लोग फैसला करेंगे...' अन्ना हजारे पर कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके का विवादित बयान, छिड़ा सोशल मीडिया पर युद्ध

राजनीतिक डेस्क: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामले को लेकर देश में सियासी पारा पहले से ही गरमाया हुआ है, लेकिन इसी बीच आंदोलन की अगुवाई कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को लेकर एक ऐसा विवादित बयान दे दिया है, जिसने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी बहस छिड़ गई है।60-70 के लोग रिटायर होकर आश्रम में बैठें - अभिजीत दीपकेदिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभिजीत दीपके अपने गृह जिले छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों के एक प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या वे इस आंदोलन को लेकर अन्ना हजारे से मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने दो टूक मना कर दिया।दीपके ने तल्ख लहजे में कहा, बिल्कुल नहीं! मुझे लगता है कि युवाओं को अब चीजें अपने हाथ में लेनी चाहिए। जो लोग 60-70 के हो गए हैं, उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए—चाहें राजनीति हो या एक्टिविज्म। वे आश्रम में जाकर बैठें। यह हमारे भविष्य का सवाल है, छात्रों का भविष्य है, हमें फैसला करने दो। आखिर कब तक बूढ़े लोग हमारे फैसले करते रहेंगे?बयान पर भड़के लोग, सोनम वांगचुक को लेकर दीपके को घेराअभिजीत दीपके के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है। यूजर्स उनके इस 'एज शेमिंग' वाले बयान पर उन्हें पाखंडी बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ दीपके बुजुर्गों और अन्ना हजारे को किनारे करने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अपने आंदोलन के लिए 59-60 साल के सोनम वांगचुक को आगे कर भूख हड़ताल करवा रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया, अगर बूढ़ों से प्रेरणा नहीं लेनी तो खुद अनशन पर क्यों नहीं बैठते, वांगचुक को आगे क्यों धकेल रखा है?जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन, तेजी से गिर रहा वजनआपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन मंगलवार (7 जुलाई 2026) को 18वें दिन में पहुंच चुका है। आंदोलन के समर्थन में दिग्गज पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पिछले 10 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लगातार अनशन के कारण उनकी सेहत बिगड़ रही है और अब तक उनका वजन 6.9 किलोग्राम कम हो चुका है, जिससे समर्थकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 3:36 pm

फिल्म Mimi के लिए तेजी से वजन बढ़ा रही थीं कृति सैनन, शरीर में होने लगी थी गंभीर समस्या

बॉलीवुड की सुपरस्टार और नेशनल अवॉर्ड विनर एक्ट्रेस कृति सैनन अपनी बेहतरीन एक्टिंग और फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। लेकिन अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'मिमी' (Mimi) के लिए एक सरोगेट मदर का किरदार निभाने के लिए उन्होंने जो कड़ा शारीरिक ट्रांसफॉर्मेशन किया था, उसके पीछे की एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली हकीकत अब सामने आई है। कृति सैनन ने खुलासा किया है कि फिल्म के लिए अचानक 15 किलो से ज्यादा वजन बढ़ाने के दौरान उनके शरीर में कई गंभीर बायोलॉजिकल समस्याएं पैदा होने लगी थीं, जिसके बाद उन्होंने भविष्य की सुरक्षा के लिए अपने एग्स फ्रीज (Egg Freezing) करवाने का एक बेहद समझदारी भरा और साहसिक फैसला लिया।वजन बढ़ाने के सनकी सफर ने बिगाड़ा हार्मोनल बैलेंस: कृति सैनन का संघर्षफिल्म 'मिमी' में गर्भवती महिला के लुक को वास्तविक दिखाने के लिए कृति सैनन ने बिना किसी प्रोस्थेटिक्स के प्राकृतिक तरीके से वजन बढ़ाने की ठानी थी। इसके लिए उन्होंने जमकर हाई-कैलोरी फूड, पिज्जा और बर्गर खाए। लेकिन महज कुछ ही महीनों में अचानक इतना ज्यादा वजन बढ़ाने के कारण उनके शरीर का मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। कृति ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें भारी शारीरिक थकावट, पीरियड्स साइकल में गड़बड़ी और स्वास्थ्य से जुड़ी कई अन्य अंदरूनी दिक्कतों (हार्मोनल इम्बैलेंस) का सामना करना पड़ रहा था, जिसने उन्हें अंदर से डरा दिया था।करियर की ऊंचाइयों के बीच एग फ्रीजिंग का फैसला: समाज की रूढ़ियों को तोड़ाअपने स्वास्थ्य और भविष्य में मां बनने की संभावनाओं को सुरक्षित रखने के लिए कृति सैनन ने डॉक्टरों की सलाह पर एग फ्रीजिंग (Egg Freezing Process) की तकनीक को अपनाने का मन बनाया। आज के समय में जब बॉलीवुड अभिनेत्रियां अपने करियर के पीक पर फैमिली प्लानिंग को लेकर असमंजस में रहती हैं, कृति का यह फैसला बेहद आधुनिक और आत्मनिर्भर सोच को दर्शाता है। उन्होंने साफ किया कि एक महिला के तौर पर अपने करियर और बायोलॉजिकल क्लॉक के बीच संतुलन बिठाने के लिए विज्ञान की इस आधुनिक तकनीक का सहारा लेना बेहद सामान्य और सुरक्षित विकल्प है।महिलाओं की सेहत और एग फ्रीजिंग पर बॉलीवुड में बदलती सोचकृति सैनन से पहले भी प्रियंका चोपड़ा, एकता कपूर और तनीषा मुखर्जी जैसी कई नामी हस्तियां अपने एग्स फ्रीज करवाने की बात खुलकर स्वीकार कर चुकी हैं। कृति के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया और मेडिकल जगत में महिलाओं की प्रजनन क्षमता (Fertility) और करियर गोल्स को लेकर एक नई सकारात्मक बहस शुरू हो गई है। कृति सैनन का यह सफर साबित करता है कि परदे पर किसी किरदार को जीवंत करने के लिए कलाकार किस हद तक जाते हैं, और साथ ही अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना कितना ज्यादा जरूरी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 3:35 pm

यह शर्म की बात है!' लोकल फूड प्रमोट करने पर ट्रोलर्स ने पार की हद, तो एक्ट्रेस भाग्यश्री ने लगा दी क्लास

अपनी सादगी और बेहतरीन फिटनेस लाइफस्टाइल के लिए जानी जाने वाली बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं, बल्कि सोशल मीडिया ट्रोलर्स को दिया गया उनका मुंहतोड़ जवाब है। अपने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स पर भारतीय पारंपरिक और स्थानीय व्यंजनों (लोकल फूड) को बढ़ावा देने के लिए ट्रोल किए जाने पर भाग्यश्री का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने नकारात्मक टिप्पणी करने वालों को सीधे शब्दों में फटकार लगाते हुए उनके रवैए को निराशाजनक बताया है।ट्रोलर्स की बकवास पर भाग्यश्री का फूटा गुस्सा, सरेआम लगाई लताड़दरअसल, भाग्यश्री अक्सर अपने फैंस के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक व्यंजनों और देसी डाइट के फायदे शेयर करती रहती हैं। हाल ही में जब उन्होंने जमीनी स्तर से जुड़े स्थानीय खाने की तारीफ की, तो कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें आधुनिक न होने और 'ओल्ड फैशन' खाना प्रमोट करने की बात कहकर निशाना बनाना शुरू कर दिया। इस पर पलटवार करते हुए भाग्यश्री ने कहा कि अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े भोजन को कमतर आंकना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने साफ किया कि विदेशी खान-पान के पीछे अंधाधुंध भागने से बेहतर अपनी मिट्टी का पौष्टिक खाना है।भारतीय पारंपरिक भोजन की ताकत: फिटनेस क्वीन ने सिखाया सबक50 की उम्र पार करने के बाद भी बेहद फिट नजर आने वाली भाग्यश्री ने ट्रोलर्स को पोषण का पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने अपनी पोस्ट और वीडियो में बताया कि कैसे भारत का लोकल फूड पश्चिमी देशों के प्रोसेस्ड फूड से कहीं ज्यादा सेहतमंद है। उन्होंने फैंस से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने स्थानीय किसानों, जैविक खेती तथा घरेलू खान-पान पर गर्व करें। भाग्यश्री के इस बेबाक अंदाज का सोशल मीडिया पर उनके लाखों फैंस और कई सेलिब्रिटीज जमकर समर्थन कर रहे हैं।सेलिब्रिटीज बनाम सोशल मीडिया ट्रोलिंग: बढ़ता जा रहा है विवादआजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सेलेब्स को उनकी पसंद, पहनावे और यहां तक कि खान-पान के लिए भी बेवजह निशाना बनाना एक ट्रेंड सा बन गया है। भाग्यश्री से पहले भी कई बड़े सितारे इस तरह की मानसिक संकीर्णता के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। भाग्यश्री का यह करारा जवाब उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो इंटरनेट पर बैठकर बिना सोचे-समझे किसी की भी लाइफस्टाइल और सकारात्मक पहलों पर उंगली उठाने का काम करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 3:31 pm

बिना NCET परीक्षा पास किए नहीं मिलेगा दाखिला, शिक्षा मंत्रालय की सख्त एडवाइजरी जारी

देशभर के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में संचालित होने वाले 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) में दाखिले की उम्मीद लगाए बैठे छात्रों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश को लेकर एक नई और बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है। इस नए आदेश के तहत साफ कर दिया गया है कि अब किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में बिना नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET 2026) मेरिट के सीधे या किसी अन्य माध्यम से एडमिशन नहीं दिया जाएगा।नियमों की अनदेखी पर रद्द होगी मान्यता: NCTE का कड़ा रुखएनसीटीई ने अपनी ताजा गाइडलाइन में सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड्स, केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों को चेताया है कि वे मैरिट और तय नियमों का पूरी तरह पालन करें। अगर कोई भी संस्थान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NCET 2026 के स्कोरकार्ड और काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर जाकर पिछले दरवाजे से या डोनेशन बेसिस पर आईटीईपी कोर्स में दाखिला देता है, तो उस छात्र का रजिस्ट्रेशन तो अमान्य होगा ही, साथ ही उस कॉलेज की मान्यता भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। सरकार का यह कदम शिक्षक भर्ती और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।क्या है 4-वर्षीय ITEP कोर्स और क्यों है यह जरूरी?राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शुरू किया गया आईटीईपी (ITEP) एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है। यह कोर्स इंटरमीडिएट (12वीं) के बाद सीधे बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड की कंबाइंड डिग्री देता है, जिससे छात्रों का एक साल बचता है। केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार आने वाले समय में स्कूलों में परमानेंट शिक्षक बनने के लिए इस 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स को अनिवार्य योग्यता बनाया जा रहा है। यही वजह है कि इस कोर्स में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केवल नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पास उम्मीदवारों को ही शॉर्टलिस्ट करने का सख्त फैसला लिया गया है।एडमिशन प्रोसेस और काउंसलिंग को लेकर छात्रों के लिए जरूरी सलाहइस सख्त एडवाइजरी के बाद अब छात्रों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और संबंधित मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ही काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लें। किसी भी निजी संस्थान या कंसलटेंट के झांसे में आकर डायरेक्ट एडमिशन का रिस्क न लें, क्योंकि काउंसिलिंग डेटा का सीधा मिलान एनटीए (NTA) के आधिकारिक परीक्षा परिणामों से किया जाएगा। योग्य उम्मीदवार अपनी रैंक के आधार पर ही कॉलेजों के विकल्पों का चयन करें ताकि भविष्य में उनकी डिग्री पर कोई कानूनी संकट न आए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 3:06 pm

सिंगापुर एयरलाइंस की स्कूट का थीमैटिक सेल, किराया 10,500 रुपए से शुरू

नई दिल्ली। सिंगापुर एयरलाइंस की कम लागत वाली इकाई स्कूट ने मंगलवार को जुलाई थीमैटिक सेल की घोषणा की जिसके तहत किराया 10,500 रुपए से शुरू है। कंपनी बताया कि टिकटों की बुकिंग 07 जुलाई से 12 जुलाई के बीच करायी जा सकती है। इस दौरान ग्राहक भारत से सिंगापुर होते हुए फुकेट के लिए […] The post सिंगापुर एयरलाइंस की स्कूट का थीमैटिक सेल, किराया 10,500 रुपए से शुरू appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 3:03 pm

26 की उम्र में 1.7 करोड़ का पैकेज छोड़ा: हाई-प्रोफाइल नौकरी को लात मार शुरू किया नया सफर

आज के दौर में जहां युवा एक अदद अच्छी नौकरी और बड़े पैकेज के लिए दिन-रात एक कर देते हैं, वहीं एक 26 साल के नौजवान ने इसके बिल्कुल उलट फैसला लेकर पूरी दुनिया को चौंका दिया। इस युवा ने अपनी मेहनत के दम पर महज 26 साल की उम्र में 1.7 करोड़ रुपये सालाना (करीब $200,000+ USD) की ड्रीम सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी हासिल की थी। लेकिन सुख-सुविधाओं और मोटी तनख्वाह वाली इस जिंदगी को छोड़कर उन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया। इस बड़े फैसले के बाद उनके जीवन में जो मोड़ आया और उन्हें जो सबसे बड़ा सबक मिला, वह आज के हर उस कामकाजी पेशेवर के लिए आंखें खोलने वाला है जो सफलता की अंधी दौड़ में भाग रहा है।मोटी सैलरी और आलीशान जिंदगी के पीछे का कड़वा सच: क्यों लिया यह फैसला?बाहर से देखने पर जिस कॉर्पोरेट लाइफ को बेहद ग्लैमरस और आरामदायक माना जाता है, उसकी अंदरूनी हकीकत अक्सर मानसिक तनाव और खालीपन से भरी होती है। इस युवा ने बताया कि 1.7 करोड़ रुपये का यह भारी-भरकम पैकेज अपने साथ 14 से 16 घंटे का कड़ा वर्क प्रेशर, बर्नआउट और व्यक्तिगत जीवन की पूरी तबाही लेकर आया था। बैंक अकाउंट में लाखों रुपये जमा होने के बावजूद मानसिक शांति और खुद के लिए वक्त पूरी तरह खत्म हो चुका था। इसी मानसिक तनाव और अपनी असल जिंदगी के मकसद (Life Purpose) को तलाशने के लिए उन्होंने इस चमचमाती दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कहने का साहसिक कदम उठाया।नौकरी छोड़ने के बाद का संघर्ष और मिला सबसे बड़ा जीवन मंत्रजब उन्होंने इस मोटी नौकरी से इस्तीफा दिया, तो शुरुआती कुछ महीने बेहद अनिश्चितता और सामाजिक दबाव से भरे रहे। लोग उनके इस फैसले को बेवकूफी कह रहे थे, लेकिन इसी दौरान उन्हें अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा और अनमोल सबक मिला। इस युवा ने महसूस किया कि सच्ची खुशी, मानसिक सुकून और आत्म-संतुष्टि को कभी भी किसी बड़े सैलरी पैकेज या महंगे गैजेट्स से नहीं खरीदा जा सकता। पैसा केवल एक साधन हो सकता है, लेकिन वह आपकी मानसिक सेहत और खुशियों की कीमत पर नहीं आना चाहिए। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी हॉबीज को समय दिया, परिवार के साथ वक्त बिताया और खुद के छोटे स्टार्टअप पर काम करना शुरू किया, जिसने उन्हें असल मायनों में अमीर बनाया।आज के युवाओं और कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सीखयह इंस्पिरेशनल स्टोरी आज की उस युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ा संदेश है जो केवल पैकेज और ब्रांड नेम के पीछे भाग रही है। भारत समेत दुनियाभर के टेक और कॉर्पोरेट सेक्टर्स में बढ़ रहे वर्क प्रेशर के बीच यह कहानी हमें याद दिलाती है कि 'वर्क-लाइफ बैलेंस' और मेंटल हेल्थ कितनी ज्यादा जरूरी है। यदि आप भी अपनी वर्तमान नौकरी से खुश नहीं हैं और केवल पैसों के लिए खुद को घिस रहे हैं, तो यह कहानी आपको रुककर अपनी प्राथमिकताओं को दोबारा तय करने और जीवन में एक नया सकारात्मक बदलाव लाने की हिम्मत देती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 3:00 pm

इतिहास पढ़कर IPS बने इस जांबाज अफसर को मिली देश के सबसे बड़े पुलिस ट्रेनिंग संस्थान की कमान

भारतीय प्रशासनिक और पुलिस सेवा के गलियारों से एक बेहद प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। एक ऐसे जांबाज आईपीएस (IPS) अधिकारी को देश के सबसे प्रतिष्ठित और सबसे बड़े पुलिस ट्रेनिंग संस्थान की कमान सौंपी गई है, जिनके रगों में प्रशासनिक सेवा का हुनर बचपन से ही दौड़ रहा है। उनके पिता खुद एक सम्मानित आईएएस (IAS) अधिकारी रहे हैं, और पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए इस होनहार बेटे ने इतिहास (History) विषय को अपना हथियार बनाकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा क्रैक की थी। अब यह शीर्ष अधिकारी देश के होने वाले कप्तानों और पुलिस कप्तानों को कानून-व्यवस्था का पाठ पढ़ाएंगे।पिता की विरासत को बढ़ाया आगे: इतिहास से आईपीएस बनने का सफरइस होनहार अफसर की सफलता की कहानी देश के लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है। एक आईएएस अधिकारी के घर में जन्म लेने के बाद प्रशासनिक माहौल में पले-बढ़े इस युवा ने कभी शॉर्टकट का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने ह्यूमैनिटीज (मानविकी) बैकग्राउंड और इतिहास विषय को अपनी ताकत बनाया, जिसे अक्सर लोग सिविल सेवा के लिए एक कठिन विषय मानते हैं। अपनी कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति के दम पर उन्होंने न सिर्फ यूपीएससी की परीक्षा पास की, बल्कि भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का गौरवशाली खाकी पहनावा चुनकर अपने पिता की विरासत को एक नए मुकाम पर पहुंचाया।देश के सबसे बड़े पुलिस ट्रेनिंग सेंटर को अब मिलेगा नया नेतृत्वकेंद्र सरकार और गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेशों के तहत इस अनुभवी आईपीएस अधिकारी को देश के सर्वोच्च पुलिस प्रशिक्षण अकादमी (जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी या प्रमुख केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान) का नया निदेशक (Director) नियुक्त किया गया है। यह संस्थान पूरे देश के युवा आईपीएस अधिकारियों और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को फील्ड की चुनौतियों, आतंकवाद, साइबर क्राइम और कानून-व्यवस्था से निपटने की अत्याधुनिक ट्रेनिंग देता है। इस शीर्ष पद पर उनकी नियुक्ति उनके शानदार ट्रैक रिकॉर्ड, ईमानदारी और प्रशासनिक पकड़ को देखकर की गई है।देश की आंतरिक सुरक्षा और नए कप्तानों को तैयार करने की बड़ी चुनौतीनए डायरेक्टर के रूप में इस आईपीएस अधिकारी के सामने देश के भावी पुलिस बल को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की एक बड़ी और संवेदनशील जिम्मेदारी होगी। खासकर बदलते दौर में जब एआई (AI) और डिजिटल अपराध बढ़ रहे हैं, तब पुलिस कप्तानों को जमीनी स्तर पर मजबूत करना सबसे बड़ा काम है। अपनी बेदाग सर्विस और प्रशासनिक सूझबूझ के लिए पहचाने जाने वाले इस जांबाज अफसर के नेतृत्व में अब देश की सबसे बड़ी पुलिस अकादमी नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 2:57 pm

ब्रह्मोस, अस्त्र मिसाइल और EVM समेत 20 समझौ

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 2:55 pm

पाला बदलते ही सायोनी घोष के बदले सुर:

Sayoni Ghosh changes her tune after switching sides: Comes to CM's defense over the Baruipur incident.

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 2:54 pm

मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद

इंफाल। मणिपुर में सोमवार को उखरुल जिले के नुंगशांगकोंग के पास अज्ञात हथियारबंद उग्रवादियों ने असम राइफल्स की 40वीं बटालियन के काफिले पर घात लगाकर हमला किया जिससे दो जवान शहीद हो गए। राज्य के गृह मंत्री के गोविंदस सिंह ने इस घटना को बेहद दुखद और राज्य में शांति प्रयासों में बाधा डालने वाला […] The post मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:51 pm

कॉकरोच जनता पार्टी' पोस्ट पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके का एक्स अकाउंट होगा तुरंत अनब्लॉक

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर फ्रीडम ऑफ स्पीच और अकाउंट सस्पेंशन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला सामने आया है। अदालत ने सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके को राहत देते हुए उनके प्रतिबंधित अकाउंट को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया है। यह पूरा मामला एक विवादित राजनीतिक पोस्ट से जुड़ा हुआ है, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के आदेश पर उनके हैंडल को ब्लॉक कर दिया गया था।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत से मिली हरी झंडीइस संवेदनशील मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच की माननीय जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में हुई। याचिकाकर्ता अभिजीत दिपके की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि सरकार द्वारा अकाउंट को पूरी तरह ब्लॉक करना उनके अभिव्यक्ति की आजादी के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिकाकर्ता को बड़ी राहत दी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दिपके के एक्स हैंडल को बिना किसी देरी के अनब्लॉक करें।क्या था 'कॉकरोच जनता पार्टी' से जुड़ा पूरा विवाद?यह पूरा कानूनी विवाद तब शुरू हुआ था जब अभिजीत दिपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से 'कॉकरोच जनता पार्टी' शब्द का इस्तेमाल करते हुए एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट को लेकर काफी हंगामा हुआ और इसे कथित तौर पर मानहानिकारक और आईटी नियमों के खिलाफ मानते हुए केंद्र सरकार ने एक्स (ट्विटर) को इस अकाउंट पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया था। इस सरकारी कार्रवाई के खिलाफ दिपके ने सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाया था।सोशल मीडिया सेंसरशिप और आईटी एक्ट पर कोर्ट का रुखइस फैसले के बाद कानूनी और डिजिटल राइट्स के जानकारों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। अदालत का यह रुख साफ करता है कि केवल राजनीतिक व्यंग्य या आलोचना के आधार पर किसी भी नागरिक का सोशल मीडिया अकाउंट पूरी तरह से ब्लॉक नहीं किया जा सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश भविष्य में आईटी एक्ट की धारा 69ए (Section 69A) के तहत होने वाली अकाउंट ब्लॉकिंग की कार्रवाइयों के लिए एक नजीर साबित हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 2:51 pm

करौली : पांचना बांध के एक गेट में आई तकनीकी खराबी को दूर कर खोला गया

करौली। राजस्थान में करौली जिले के पांचना बांध से सोमवार को बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू करने के बाद एक गेट में आई तकनीकी खराबी को भी दूर कर मंगलवार तड़के उसे भी खोल दिया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश और लगातार निगरानी से पांचना बांध समझौते […] The post करौली : पांचना बांध के एक गेट में आई तकनीकी खराबी को दूर कर खोला गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:37 pm

पंजाब कांग्रेस में 'महायुद्ध': अपनों की बगावत से टूटी पीठ, क्या 2027 में BJP मारेगी बाजी

पंजाब की सियासत में इस समय सबसे बड़ा भूचाल कांग्रेस के अंदर मचा हुआ है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा किए गए हालिया संगठनात्मक फेरबदल ने पंजाब कांग्रेस की सुलगती आग में घी डालने का काम किया है। हाईकमान ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सिर्फ कैंपेन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया। इस फैसले के बाद से ही पंजाब में शह और मात का खेल शुरू हो चुका है और चन्नी गुट ने सीधे दिल्ली दरबार तक मोर्चा खोल दिया है।चन्नी बनाम राजा वडिंग: मोरिंडा में 'शक्ति प्रदर्शन' और दिल्ली की दौड़कांग्रेस आलाकमान ने सोचा था कि सभी गुटों को पदों की मलाई बांटकर वो शांति स्थापित कर लेंगे, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर उनके समर्थकों की एक बड़ी बैठक हुई, जिसे सीधे तौर पर राजा वडिंग और प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। चन्नी समर्थक अब खुलकर उन्हें पंजाब का अगला मुख्य चेहरा घोषित करने की मांग कर रहे हैं। मामला यहीं नहीं रुका; चन्नी गुट के कई नेता इस असंतोष को लेकर दिल्ली कूच कर चुके हैं, जिससे साफ है कि पार्टी के भीतर दरारें अब खाई में बदल चुकी हैं। इसके साथ ही मनीष तिवारी को किसी कमेटी में जगह न मिलना और सुखजिंदर सिंह रंधावा की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने इस सियासी सस्पेंस को और गहरा कर दिया है।बीजेपी के लिए 'लॉटरी': क्या पंजाब में खिलेगा कमल?कांग्रेस की इस भयंकर गुटबाजी को देखकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बेहद गदगद नजर आ रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जालंधर और पठानकोट के दौरों पर सीधे तंज कसते हुए कहा कि आंतरिक कलह तो कांग्रेस के डीएनए (DNA) में है। बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह 2027 के विधानसभा चुनावों में किसी भी क्षेत्रीय दल (जैसे शिरोमणि अकाली दल) से गठबंधन नहीं करेगी, बल्कि सीधे जनता के बीच जाएगी। पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों से नाराज चल रहे शहरी और दलित वोटर्स को अपने पाले में करने के लिए बीजेपी के पास इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता। कांग्रेस का यह बिखराव सीधे तौर पर बीजेपी को राज्य में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरने का स्पेस दे रहा है।आम आदमी पार्टी (AAP) की नजरें: नगर निगम चुनाव की जीत से बढ़े हौसलेदूसरी तरफ, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी इस पूरे ड्रामे पर पैनी नजर रखे हुए है। हाल ही में हुए पंजाब नगर निगम (Civic Body) चुनावों में 'आप' ने बंपर जीत हासिल की है, जिससे भगवंत मान सरकार के हौसले बुलंद हैं। हालांकि, कांग्रेस इस समय 'आप' सरकार पर भी बीजेपी के साथ गुपचुप 'डील' करने के आरोप लगा रही है। खासकर केंद्र की 'विकसित भारत गारंटी' (VB-G RAM G) योजना को पंजाब में लागू करने के फैसले के बाद राजा वडिंग ने सीएम मान पर तीखे हमले किए हैं। लेकिन सच तो यह है कि जब तक मुख्य विपक्षी दल यानी कांग्रेस खुद आपस में लड़ती रहेगी, तब तक सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) का फायदा उठाना उसके लिए नामुमकिन होगा।अब देखना यह होगा कि दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे इस कलह को कैसे शांत करते हैं, या फिर इतिहास खुद को दोहराएगा और 2022 की तरह 2027 में भी कांग्रेस अपनी ही गलतियों से पंजाब की सत्ता से कोसों दूर रह जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 2:35 pm

ईरान की समुद्री मार्ग चेतावनी की अनदेखी के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकर पर हमला

तेहरान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइलें दागी। इससे पहले ईरान ने जहाजों को ओमान के पास अमरीका द्वारा स्वीकृत लेकिन ईरान द्वारा अधिकृत नहीं किए गए समुद्री मार्ग का उपयोग नहीं करने की चेतावनी दी थी। यह दावा द वाल स्ट्री जर्नल की […] The post ईरान की समुद्री मार्ग चेतावनी की अनदेखी के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकर पर हमला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:30 pm

ढाका के पास फिर भड़की हिंसा: शेख हसीना के खिलाफ छात्रों की रैली में जोरदार बम धमाका, मची अफरा-तफरी

बांग्लादेश की राजधानी ढाका के नजदीकी इलाके सावर में एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। सोमवार रात पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर चुके छात्रों की एक रैली को निशाना बनाकर शक्तिशाली बम विस्फोट किया गया। इस अचानक हुए हमले से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और रैली में शामिल लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 2:26 pm

मैहर में ट्रक से टकराई एसयूवी, एक ही परिवार के 5 लोगों की मृत्यु

मैहर। मध्यप्रदेश के मैहर जिले में सोमवार देर रात एक एसयूवी के ट्रक से टकरा जाने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार नादन देहात थाना क्षेत्र के रिगरा गांव के निकट मैहर की ओर जा रही तेज […] The post मैहर में ट्रक से टकराई एसयूवी, एक ही परिवार के 5 लोगों की मृत्यु appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:24 pm

धमाकों से दहला सीरिया, राष्‍ट्रपति मैक्रों की होटल के बाहर जोरदार विस्फोट

सीरिया की राजधानी दमिश्क मंगलवार को एक के बाद एक हुए कई धमाकों से दहल गया। इनमें से एक धमाका फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के होटल के पास हुआ। मैक्रों पूरी तरह सुरक्षित हैं।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 2:23 pm

निम्बाहेड़ा में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 सदस्याें की मौत

चित्तौड़गढ़। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा में सोमवार को वज्रपात से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कनेरा थाना क्षेत्र में लुणखंदा गांव में बद्रीलाल मीणा पत्नी चंद्रीबाई और पोते विशाल के साथ सोमवार रात गांव से दो किलोमीटर दूर अपने खेत पर बनी झोपड़ी में […] The post निम्बाहेड़ा में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 सदस्याें की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:20 pm

कर्नाटक के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण स्कूल बंद

शिवमोगा। कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में मंगलवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण चिक्कमगलूरु और शिवमोगा जिलों के कई तालुकों में एहतियात के तौर पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया। चिक्कमगलूरु जिले में प्रशासन ने कोप्पा, श्रृंगेरी और मुदिगेरे तालुकों के प्राथमिक एवं उच्च विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में […] The post कर्नाटक के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण स्कूल बंद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:13 pm

प्रयागराज में युवकों की सूझबूझ से डीएफसी अपलाइन पर रेल हादसा टला

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार देर शाम दिल्ली-हावड़ा रेल रूट के डीएफसी अपलाइन पर एक बड़ा हादसा टल गया। करछना क्षेत्र के हरदुआ रामपुर गांव के सामने रेलवे ट्रैक की पटरी गर्मी के कारण टूट गई थी। दो स्थानीय युवकों की सूझबूझ से एक ट्रेन को समय रहते रोक लिया गया। यह घटना […] The post प्रयागराज में युवकों की सूझबूझ से डीएफसी अपलाइन पर रेल हादसा टला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:03 pm

झारखंड में इको टूरिज्म को मिलेगी नई रफ्तार, CM सोरेन ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए अहम निर्देश

Chief Minister Hemant Soren : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सोरेन ने अधिकारियों को इको टूरिज्म के विकास, स्पोर्ट्स ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 1:39 pm

OFS शुरू होते ही फिसला Cochin Shipyard का शेयर, 4% से ज्यादा की आई बड़ी गिरावट

सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Ltd) के निवेशकों के लिए आज का दिन निराशाजनक रहा। सरकार द्वारा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए जैसे ही ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो खोली गई, बाजार में इसके शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही कोचीन शिपयार्ड का स्टॉक 4% से अधिक टूट गया, जिससे शेयरधारकों में हड़कंप मच गया है।आखिर क्यों आई कोचीन शिपयार्ड के शेयर में यह गिरावट?बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब भी कोई कंपनी या सरकार डिस्काउंटेड प्राइस पर OFS लाती है, तो शॉर्ट-टर्म में शेयरों पर दबाव बनना स्वाभाविक है। सरकार इस OFS के जरिए अपनी कुछ फीसदी हिस्सेदारी कम कर रही है, जिसका फ्लोर प्राइस मौजूदा मार्केट प्राइस से कम रखा गया है। इसी वजह से रिटेल निवेशकों और ट्रेडर्स ने बाजार में मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयर नीचे आ गया।केरल और कोच्चि समेत देश भर के डिफेंस सेक्टर पर असरकोचीन शिपयार्ड भारत के रक्षा और शिपिंग सेक्टर का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कोच्चि (केरल) में स्थित है। इस भौगोलिक और रणनीतिक महत्व के कारण स्थानीय निवेशकों के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में निवेश करने वाले वैश्विक फंड्स की नजरें भी इस स्टॉक पर टिकी हुई हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि शिपयार्ड के पास मजबूत ऑर्डर बुक है, जिससे लंबी अवधि में यह स्टॉक दोबारा रिकवर कर सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 1:33 pm

116 साल की उम्र में 3550 सीढ़ियां चढ़कर तिरुमला पहुंचीं दादी, भक्ति देख भावुक हुए CM चंद्रबाबू नायडू [VIDEO]

Tirumala Viral Video 116 Old Lady: कहते हैं कि सच्ची आस्था के आगे उम्र भी छोटी पड़ जाती है। इसका जीता-जागता उदाहरण बनीं 116 वर्षीय नवनीतम्मा, जिन्होंने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन के लिए तिरुमला की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर हर किसी को हैरान कर ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 1:33 pm

क्या शादीशुदा थी सिया गोयल? केतन अग्रवाल हत्याकांड में वॉट्सऐप चैट से खुला बड़ा राज

Ketan Agarwal murder case: पुणे के लोहागढ़ किले की ऊंचाइयों से खाई में धकेलकर मार दिए गए केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मोड़ आया है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। केतन अग्रवाल की ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 1:29 pm

फतेहपुर में पत्नी पर पति की हत्या की कोशिश का आरोप, चारपाई से बांधकर बिजली का करंट देने का दावा,मुकदमा दर्ज

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में औंग थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पत्नी पर अपने ही पति की हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है। गंभीर रूप से घायल पति का इलाज कानपुर में चल रहा है जबकि पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

देशबन्धु 7 Jul 2026 12:27 pm

पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान, कई समझौतों पर लगी मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान 'इंडोनेशिया गणराज्य के बिंटांग आदिपूर्णा' प्रदान किया गया। इसके बाद इंडोनेशिया के राष्‍ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर लगी।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 12:26 pm

पडेट के बाद 11% तक टूटा Trent, निवेशकों को लगा बड़ा झटका

भारतीय शेयर बाजार में टाटा ग्रुप की दिग्गज रिटेल कंपनी ट्रेंट लिमिटेड (Trent Ltd) के शेयरों में आज भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1) के बिजनेस अपडेट जारी करने के तुरंत बाद इसके शेयरों में करीब 11% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस अचानक आई गिरावट से रिटेल और संस्थागत निवेशकों को बड़ा झटका लगा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 12:11 pm

Live : पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान

Latest News Today Live Updates in Hindi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान 'इंडोनेशिया गणराज्य के बिंटांग आदिपूर्णा' प्रदान किया गया। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 10:59 am

52,000 करोड़ रुपये के हथियार खरीदेगा भारत

भारतीय रक्षा अधिग्रहण परिषद ने करीब 52,000 करोड़ रुपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इसमें सेना के लिए मिसाइलें और कामिकाजे ड्रोन, नौसेना के लिए निगरानी प्रणालियां शामिल हैं

देशबन्धु 7 Jul 2026 10:46 am

बांग्लादेश के कार्यक्रम में भारत का गलत नक्शा दिखाने पर विवाद, भारतीय राजनयिक ने जताई कड़ी आपत्ति

ढाका में आयोजित सम्मेलन के दौरान भारत का गलत नक्शा दिखाए जाने पर भारतीय राजनयिक ने कड़ी आपत्ति जताई। जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाने पर भारत ने अपना स्पष्ट रुख दोहराया।

देशबन्धु 7 Jul 2026 10:35 am

क्या बीजेपी सरकार की इस पहल से बदलेगी पश्चिम बंगाल में महिला सुरक्षा की तस्वीर?

महिला सुरक्षा के लिहाज से बदतर राज्यों के मामले में पश्चिम बंगाल बीते कई वर्षों से देश के चार शीर्ष राज्यों में शुमार रहा है. लेकिन अब सरकार बदलने के बाद इस तस्वीर को बदलने की पहल शुरू हुई है

देशबन्धु 7 Jul 2026 10:30 am

Maharashtra Rain: मुंबई में भारी बारिश का कहर, नासिक में बादल फटने की चेतावनी

Maharashtra Rain : मुंबई और नासिक समेत महाराष्ट्र में मंगलवार को भारी बारिश का दौर जारी है। मुंबई में भारी बारिश की वजह से पिछले 4 दिनों से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने पूरे राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। नासिक में भारी बारिश ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 9:59 am

Ancient Egypt Discovery: मिस्र के रेगिस्तान में मिला बाइजेंटाइन युग का प्राचीन शहर, 'गोल्डन टंग' और 18 प्राचीन कब्रें देख वैज्ञानिक हैरान

मिस्र (Egypt) के प्राचीन इतिहास और उसकी रहस्यमयी वास्तुकला ने एक बार फिर पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों (Archaeologists) को हैरान कर दिया है। मिस्र के पश्चिमी रेगिस्तान की रेत के नीचे दबा हुआ बाइजेंटाइन युग (Byzantine Era) का एक पूरा का पूरा प्राचीन शहर खोज निकाला गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सदियों तक जमीन में दफन रहने के बावजूद यह शहर बेहद सुरक्षित और बेहतरीन स्थिति में मिला है। इस ऐतिहासिक खोज के दौरान चौथी शताब्दी के आवासीय घर, धार्मिक इमारतें और अलेक्जेंड्रिया के पास 'गोल्डन टंग' (सोने की जीभ) वाली कई प्राचीन रहस्यमयी कब्रें भी हाथ लगी हैं।ग्रिड सिस्टम पर बना था शहर, चौराहे और सड़कों का मिला बढ़िया जालमिस्र के सर्वोच्च पुरातत्व परिषद के महासचिव हिशाम अल-लीथी के अनुसार, 'द गार्जियन यूके' की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई है कि यह प्राचीन शहर बेहद आधुनिक और व्यवस्थित तरीके से बसाया गया था। खुदाई में यह बात सामने आई है कि पूरा शहर 'ग्रिड सिस्टम' पर आधारित था, जहां उत्तर-दक्षिण दिशा की मुख्य सड़कें पूर्व-पश्चिम की ओर जाने वाली सड़कों को समकोण पर काटती थीं। इस बेहतरीन शहरी नियोजन के कारण शहर के बीचों-बीच खुले चौक और बड़े सार्वजनिक स्थानों का निर्माण होता था, जो उस दौर की उन्नत वास्तुकला को दर्शाता है।बस्ती के छोर पर मिला भव्य बेसिलिका चर्च और ऊँची मीनारेंपुरातत्व मिशन के प्रमुख महमूद मसऊद ने इस महत्वपूर्ण खोज की जानकारी देते हुए बताया कि मिट्टी में दबी इस पूरी बसावट के आखिरी छोर पर एक विशाल 'बेसिलिका-शैली' का चर्च मिला है, जिसका मुख्य द्वार शहर की मुख्य सड़कों की ओर खुलता था। इसके साथ ही, बाहरी आक्रमणों और घुसपैठियों से इस पूरे इलाके की सुरक्षा करने के लिए बस्ती की बाहरी सीमा पर दो बेहद विशाल और ऊँची मीनारों (Towers) के अवशेष भी मिले हैं, जो सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को बयां करते हैं।चर्च के पादरी 'तिसौस' का घर और सम्राटों के कांस्य सिक्के बरामदखुदाई के दौरान सुरक्षा के लिए बनाई गई मोटी और मजबूत रक्षात्मक दीवारों वाला एक किला और कई आलीशान घर भी सामने आए हैं। इन घरों के भीतर मेहमानों के स्वागत के लिए बड़े हॉल (स्वागत कक्ष) और प्राचीन मेहराबदार छतें बनी हुई थीं। पुरातत्वविदों को मिले इन घरों में से एक घर 'तिसौस' (Tisous) नाम के व्यक्ति का था, जो उस दौर में इस चर्च के डीकन (पादरी) के रूप में काम करता था। इन घरों से ब्रेड बनाने के ओवन, रसोई, अनाज पिसाई के औजार और बाइजेंटाइन सम्राटों के चित्र वाले दुर्लभ कांस्य सिक्के मिले हैं, जिन पर लैटिन भाषा में शिलालेख और ईसाई धर्म के प्रतीक चिन्ह अंकित हैं।कॉन्स्टैंटियस द्वितीय के काल के सोने के सिक्के और प्राचीन ऑस्ट्राकामिस्र के पुरातत्व मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, खुदाई में स्वर्ण सिक्कों का एक बड़ा समूह भी हाथ लगा है। जानकारों का मानना है कि ये सोने के सिक्के प्रसिद्ध रोमन सम्राट कॉन्स्टैंटियस द्वितीय (Constantius II) के शासनकाल (337-361 ईस्वी) के हैं। इसके अलावा, इस्लामिक, कॉप्टिक और यहूदी पुरातत्व विभाग के प्रमुख दिया जहरान ने बताया कि टीम को मिट्टी के बर्तनों के करीब 200 ऐसे टुकड़े मिले हैं, जिनका इस्तेमाल उस दौर में कागज की जगह लिखने के लिए किया जाता था। इतिहास में इन्हें 'ऑस्ट्राका' (Ostraca) कहा जाता था, और इन पर उस काल के व्यावसायिक लेन-देन, पत्र और दैनिक जीवन के ब्यौरे लिखे हुए हैं।8 मीटर गहरी कब्रें और 'गोल्डन टंग' का रहस्यमयी रिवाजशहर के अलावा, भूमध्यसागरीय बंदरगाह शहर अलेक्जेंड्रिया से लगभग 100 किलोमीटर पश्चिम में स्थित 'मरीना अल-अलेमैन' पुरातत्व स्थल पर कुल 18 प्राचीन कब्रें भी खोजी गई हैं, जिससे इस साइट पर अब तक मिली कुल कब्रों की संख्या 48 हो गई है। मिशन की प्रमुख इमान अब्देल-खालिक ने बताया कि इनमें से 11 कब्रें ठोस चट्टानों को काटकर बनाई गई थीं, जिनकी औसत गहराई 8 मीटर (लगभग 26 फीट) है। इन कब्रों के पास से मिट्टी के बर्तन, एम्फोरा, दीये और 2.5 मीटर लंबा एक विशाल ग्रेनाइट सारकोफैगस (पत्थर का ताबूत) मिला है, जिसके भीतर मानव कंकाल और प्लास्टर से बनी स्फिंक्स मूर्ति के अवशेष मौजूद थे।इस खोज का सबसे रहस्यमयी हिस्सा कुछ मृतकों के कंकालों के जबड़े से मिला। पुरातत्वविदों को कुछ कंकालों के मुंह के भीतर सोने के छोटे-छोटे टुकड़े मिले, जिन्हें वैज्ञानिक भाषा में “स्वर्ण जिह्वा” या 'गोल्डन टंग' (Golden Tongue) कहा जाता है। इतिहासकारों के अनुसार, यह उस ग्रीको-रोमन युग की एक खास धार्मिक और अंतिम संस्कार संबंधी मान्यता थी, जिसके तहत माना जाता था कि सोने की जीभ होने से मृतक परलोक में देवताओं से आसानी से संवाद कर सकेंगे।चौथी शताब्दी के बाद अचानक क्यों गायब हो गया यह शहर?वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ऐतिहासिक स्थल वास्तव में प्राचीन ग्रीको-रोमन बंदरगाह शहर 'ल्यूकास्पिस' (Leukaspis) था, जिसे दूसरी शताब्दी के दौरान समुद्र तट के किनारे व्यापार के उद्देश्य से बसाया गया था। यह शहर चौथी शताब्दी तक व्यापार और समृद्धि के मामले में अपने चरम पर रहा, लेकिन उसके बाद किसी बड़े भूकंप, समुद्री तूफान या महामारी जैसी विभिन्न अज्ञात वजहों के कारण यह पूरा शहर इतिहास के पन्नों से लुप्त हो गया और समय के साथ रेगिस्तान की रेत के नीचे हमेशा के लिए दफन हो गया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 9:25 am

Toxic: यश की फिल्म 'टॉक्सिक' पर हुमा कुरैशी का बड़ा बयान, कहा- 'पुरुष एक्टर्स को महिला निर्देशकों से ऑर्डर लेना पसंद नहीं'

भारतीय सिनेमा में पिछले कुछ सालों में बड़े बजट की पैन-इंडिया फिल्मों का एक नया दौर शुरू हुआ है। जहाँ 300 से 500 करोड़ रुपये के भारी बजट के साथ एक्शन, वीएफएक्स और बड़े सितारों पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, वहीं आज भी फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा सवाल खड़ा है। सवाल यह है कि क्या इतनी विशाल और कमर्शियल फिल्मों की कमान महिलाओं के हाथों में सुरक्षित महसूस की जाती है? इसी विषय पर सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित गैंगस्टर-एक्शन फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' में 'एलिजाबेथ' का किरदार निभा रही मशहूर एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने फिल्म इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई को उजागर किया है।'टॉक्सिक' जैसी फिल्म भारतीय दर्शकों ने पहले कभी नहीं देखीहुमा कुरैशी हाल ही में 'द लल्लनटॉप' के एक पॉडकास्ट में शामिल हुईं, जहाँ दर्शकों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी आगामी फिल्म 'टॉक्सिक' को लेकर बड़ा दावा किया। हुमा ने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि भारतीय दर्शकों ने स्क्रीन पर 'टॉक्सिक' जैसी फिल्म पहले कभी नहीं देखी है। इसलिए थोड़ा इंतजार कीजिए। फिल्म में जितने भी फीमेल कैरेक्टर्स और लीड एक्ट्रेसेस हैं, उन्होंने कमाल का काम किया है। यह फिल्म सिनेमाघरों में आते ही हर किसी को पूरी तरह से हिलाकर रख देगी।कमर्शियल सिनेमा में पुरुष एक्टर्स को महिला डायरेक्टर से निर्देश लेना पसंद नहींहुमा कुरैशी ने फिल्म की नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर गीतू मोहनदास की तारीफ करते हुए फिल्म इंडस्ट्री के पुरुष प्रधान रवैये पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, गीतू मोहनदास मूल रूप से एक आर्ट-हाउस मलयाली फिल्ममेकर हैं, जिनकी फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना मिली है। जब उन्होंने मुझे इस फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाई, तो मैं एक महिला फिल्ममेकर के साथ इतने बड़े स्केल पर काम करने को लेकर बेहद उत्साहित थी।हुमा ने आगे कहा, इस फिल्म इंडस्ट्री में, खास तौर पर बड़ी कमर्शियल फिल्मों के दौर में एक महिला के लिए काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। सच तो यह है कि आज भी मुख्यधारा के ज्यादातर पुरुष एक्टर्स को सेट पर किसी महिला डायरेक्टर से निर्देश या ऑर्डर लेना बिल्कुल पसंद नहीं आता है। लेकिन गीतू मोहनदास ने जिस तरह से इतनी बड़ी एक्शन फिल्म को संभाला है और सुपरस्टार यश के साथ जो तालमेल बिठाया है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। गीतू ने जो सिनेमा रचा है, वह सबकी उम्मीदों से बहुत आगे है।सुपरस्टार यश ने हुमा को बताया 'शांत साहस का प्रतीक'इस बीच, फिल्म के मुख्य अभिनेता और कन्नड़ सुपरस्टार यश ने अपनी को-स्टार हुमा कुरैशी के अभिनय और उनके नए प्रोडक्शन वेंचर की जमकर सराहना की है। हुमा की हालिया रिलीज फिल्म 'बेबी डू डाई डू' (जिसमें हुमा ने मुख्य भूमिका निभाने के साथ ही उसे प्रोड्यूस भी किया है) के लिए यश ने अपने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक नोट लिखा।यश ने लिखा, सफलता का एक रास्ता बहुत आसान होता है, लेकिन हुमा कुरैशी ने हमेशा मुश्किल रास्ता चुना है। फिल्म को प्रोड्यूस करना बिल्कुल भी ग्लैमरस काम नहीं है। इसमें देर रात तक बजट की जोड़-तोड़ करना, ऐसी कहानियों के लिए अकेले लड़ना जिस पर कोई और भरोसा नहीं करता, और चीजें बिगड़ने पर सारी जिम्मेदारी खुद उठाना शामिल है। हुमा ने एक बेहतरीन एक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर इसे सच कर दिखाया है। उनका यह शांत साहस तारीफ के काबिल है और मुझे उन पर बेहद गर्व है।26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी 'टॉक्सिक''टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' एक हाई-ऑक्टेन गैंगस्टर ड्रामा फिल्म है, जिसे केवीएन (KVN) प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले बेहद भव्य स्तर पर बनाया गया है। फिल्म में यश और हुमा कुरैशी के अलावा नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। यह फिल्म इसी साल 26 अगस्त 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में कई भाषाओं में एक साथ रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 9:22 am

Jammu Kashmir Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के डोडा में फटा बादल, मलबे की चपेट में आया मुख्य बाजार; बंद करना पड़ा नेशनल हाईवे-244

देशभर में मानसून की दस्तक के साथ ही पहाड़ी और मैदानी इलाकों में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। इसी बीच केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के थाथरी इलाके से बादल फटने (Cloudburst) की एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। अचानक बादल फटने के कारण आए सैलाब और मलबे की चपेट में आने से थाथरी का मुख्य बाजार (Main Market) और प्रसिद्ध जामिया मस्जिद गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। राहत की बात यह रही कि इस अचानक आई आपदा में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है, लेकिन बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के पानी और मलबे की वजह से कई रिहायशी मकान और गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं।सैलाब के साथ आया भारी मलबा, नेशनल हाईवे-244 को करना पड़ा बंदरिपोर्ट्स के मुताबिक, डोडा के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के चलते अचानक बाढ़ (Flash Flood) जैसी स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद पहाड़ों से भारी मात्रा में कीचड़, बड़े-बड़े पत्थर और मलबा बहकर नीचे थाथरी शहर और रिहायशी बस्तियों में घुस गया। रास्ते में खड़ी कई कारें और दोपहिया वाहन इस मलबे के नीचे दब गए। इस प्राकृतिक आपदा के चलते प्रशासन को एहतियात के तौर पर बटोटे-डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे (NH-244) को तुरंत बंद करना पड़ा है। हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप होने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।युद्धस्तर पर रेस्क्यू और रेस्टोरेशन का काम शुरू, एडवाइजरी जारीघटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर रेस्क्यू और रेस्टोरेशन ऑपरेशन शुरू कर दिया है। नेशनल हाईवे से मलबे और पत्थरों को हटाने और सड़क संपर्क को दोबारा बहाल करने के लिए बड़ी-बड़ी अर्थ-मूविंग मशीनों (JCB) को काम पर लगाया गया है। डोडा जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने कहा है कि जब तक इस संवेदनशील रास्ते को पूरी तरह साफ और सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक लोग इस रूट पर अपनी गैर-जरूरी यात्राओं को टाल दें। फिलहाल अधिकारी नुकसान के सटीक आकलन में जुटे हैं।महाराष्ट्र के नासिक में बादल फटने जैसी बारिश की चेतावनी, हाई अलर्टउत्तर भारत के साथ-साथ पश्चिमी भारत में भी मानसून विकराल रूप ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी और आस-पास के पश्चिमी हिस्सों में बादल फटने जैसी (Cloudburst-like) अत्यंत भारी बारिश की बड़ी चेतावनी जारी की है। इस गंभीर अलर्ट के बाद नासिक जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर, त्र्यंबकेश्वर और सप्तश्रृंगी मंदिर जैसे बड़े और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों सहित सभी स्कूल, कॉलेज और साप्ताहिक बाजारों को अस्थाई रूप से बंद रखने का कड़ा आदेश दिया गया है।ओडिशा में रेड अलर्ट, अरुणाचल प्रदेश में मौसम के दो रंगमौसम विभाग (IMD) ने पूर्वी राज्य ओडिशा में भी आज भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका जताई है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। दूसरी तरफ, उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में मौसम के दो बिल्कुल अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर राज्य के पूर्वी जिलों में मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं, वहीं दूसरी ओर राजधानी ईटानगर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में लोग अत्यधिक उमस और भीषण गर्मी से परेशान हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 9:18 am

Ayodhya Ram Mandir Box Office Case: राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT का सबसे बड़ा खुलासा, 45 दिन में 70 बार हुई चोरी; चंपत राय का इस्तीफा मंजूर

अयोध्या में करोड़ों राम भक्तों की आस्था के सबसे बड़े केंद्र प्रभु श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले ने अब एक नया और बेहद सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। इस पूरे घोटाले की गहराई से जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मंदिर के दानपात्र से नकदी गायब होना कोई एक-दो बार की सामान्य घटना नहीं थी। रिपोर्ट के मुताबिक, यह लंबे समय से बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी जा रही एक बड़ी साजिश थी। इस बड़ी रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के तुरंत बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी आपातकालीन बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के आधिकारिक इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।एसआईटी का दावा: 45 दिनों की सीसीटीवी फुटेज में 70 बार दिखी चोरीजांच एजेंसी (SIT) ने मंदिर परिसर के भीतर लगे कैमरों की लगभग 45 दिनों की व्यापक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को बारीकी से खंगाला है। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि के दौरान सुरक्षा जांच और काउंटिंग रूम के कर्मचारियों की निगरानी में भयंकर लापरवाही और ढील पाई गई। फुटेज के आधार पर जांच टीम का दावा है कि कुछ मुख्य आरोपी मंदिर परिसर से बाहर निकलते समय लाखों की नकदी बड़ी चालाकी से अपने कपड़ों में छिपाकर ले जाते थे। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि इस औचक जांच से ठीक पहले कुछ संदिग्ध कर्मचारियों के पास से लगभग 78.94 लाख रुपये की नकदी पहले ही बरामद की जा चुकी थी। इसके अलावा, 4 जून को काउंटिंग सेंटर से जुड़े एक वाशरूम से भी लावारिस हालत में करीब 2.25 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे।डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका पर उठे सवाल, SOP का नहीं हुआ पालनएसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और उनकी भूमिका पर भी गंभीर उंगलियां उठाई गई हैं। जांच के मुताबिक, जब 20 सितंबर 2024 को उन्हें दान प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की कमान सौंपी गई थी, तब उनके कार्यकाल के दौरान दान की गिनती के लिए बनाए गए कड़े मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन नहीं कराया गया। उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर अपनी पसंद के लोगों की नियुक्तियां कीं और सुभाष श्रीवास्तव को सीधे काउंटिंग सेंटर का नया प्रभारी नियुक्त कर दिया, जिससे पूरी निगरानी व्यवस्था ध्वस्त हो गई।मुख्य आरोपी टिन्नू यादव बिना अनुमति संभाल रहा था हुंडियों की चाबियांरिपोर्ट में इस पूरे रैकेट के मुख्य सूत्रधार और प्रमुख आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर भी कई बड़े खुलासे किए गए हैं। एसआईटी के अनुसार, टिन्नू यादव बिना किसी लिखित आधिकारिक अनुमति या आदेश के ही मुख्य दान पेटियों (हुंडियों) की चाबियां अपने पास रखता था और जब चाहे उसकी पहुंच संभाल रहा था। इतना ही नहीं, टिन्नू यादव की विशेष सिफारिश और प्रभाव के चलते ही मनीष कुमार यादव नाम के एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति को भी दान राशि के मुख्य गिनती कक्ष में बिना उचित वेरिफिकेशन के तैनात किया गया था।दैनिक रूप से गायब हो रही थी नकदी, 22 जुलाई को आएगी फाइनल रिपोर्टसीसीटीवी कैमरों के गहन विश्लेषण के बाद एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि 45 दिनों के भीतर कम से कम 70 बार से ज्यादा बार छोटी-बड़ी चोरियों को अंजाम दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, यह अवैध सिलसिला संभवतः अप्रैल या मई 2025 के आसपास से ही धड़ल्ले से शुरू हो चुका था और इस वर्ष 5 जून को मामला खुलने तक लगातार जारी रहा। जांच एजेंसी का मानना है कि इस पूरी समय अवधि के दौरान लगभग हर दिन किसी न किसी रूप में चढ़ावे की नकदी में भारी हेराफेरी की गई।चंपत राय बाहर, कृष्ण मोहन बने अंतरिम महासचिव; बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटीएसआईटी की यह विस्तृत रिपोर्ट आधिकारिक रूप से सामने आने से कुछ घंटे पहले ही राम मंदिर ट्रस्ट की करीब तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक समाप्त हुई। इस बैठक में ट्रस्ट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के पदों से इस्तीफे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिए हैं। वर्तमान संकट को देखते हुए ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को नया अंतरिम महासचिव नियुक्त किया है। इसके साथ ही मंदिर प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने और एक नए पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस विशेष समिति में देश के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और वरिष्ठ ट्रस्टी सुरेश हावरे को शामिल किया गया है।ट्रस्ट ने कहा- घटना से दुखी हैं, लेकिन सभी 2,926 गैर-नकद चढ़ावे पूरी तरह सुरक्षितबैठक के समापन के बाद ट्रस्ट ने देश के करोड़ों श्रद्धालुओं के नाम एक आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया। ट्रस्ट ने कहा कि मंदिर की दान राशि से जुड़ी इस कथित अनियमितता और चोरी की घटना से पूरे संगठन को गहरा आघात लगा है और वे इससे बेहद दुखी हैं। हालांकि, ट्रस्ट ने देश-विदेश के रामभक्तों को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सभी 2,926 गैर-नकद चढ़ावे (सोना, चांदी, कीमती आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं) पूरी तरह से सुरक्षित लॉकर में हैं और उनका एक-एक रिकॉर्ड पारदर्शी है। ट्रस्ट ने यह भी सूचित किया कि आगामी 22 जुलाई को उनकी अगली बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें एसआईटी की फाइनल क्लोजर रिपोर्ट पर विस्तृत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और नए अतिरिक्त ट्रस्टियों की नियुक्तियों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:54 am

Yogini Ekadashi 2026 Date: 10 या 11 जुलाई? पंचांग से दूर करें योगिनी एकादशी व्रत की तारीख और पारण समय का पूरा कन्फ्यूजन

सनातन धर्म में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को 'योगिनी एकादशी' के नाम से जाना जाता है। हिंदू शास्त्रों और पद्म पुराण में इस एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करता है, उसे 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। यह व्रत समस्त पापों और कष्टों का नाश करने वाला माना गया है। हालांकि, इस साल तिथियों के फेर और क्षय होने के कारण लोग असमंजस में हैं कि व्रत किस दिन रखें। आइए पंचांग की सटीक गणना के आधार पर व्रत की सही तारीख और पारण का समय जानते हैं।योगिनी एकादशी व्रत की तारीख को लेकर क्यों है असमंजस?द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 08 बजकर 16 मिनट पर होने जा रहा है। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 11 जुलाई 2026, शनिवार को सुबह 05 बजकर 22 मिनट पर होगा।इस बार विशेष परिस्थिति यह बन रही है कि 10 और 11 जुलाई, दोनों ही दिन एकादशी तिथि सूर्योदय के समय पूर्ण रूप से व्याप्त नहीं है। इसके अलावा, 11 जुलाई को सुबह 05 बजकर 22 मिनट के तुरंत बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी, जिससे शनिवार को एकादशी तिथि का क्षय (कमी) हो गया है। शास्त्रों के नियमों के अनुसार, जब दोनों दिन सूर्योदय काल में एकादशी तिथि मौजूद न हो, तो पहले दिन ही व्रत रखना शास्त्रसम्मत माना जाता है।गृहस्थ और वैष्णव संप्रदाय के लिए व्रत की अलग-अलग तारीखेंपंचांग के नियमों और धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए इस साल दोनों ही दिन व्रत रखा जा सकेगा, लेकिन इसके वर्ग अलग-अलग होंगे:गृहस्थों के लिए व्रत की तारीख: सामान्य नागरिकों और गृहस्थ जीवन जीने वाले लोगों के लिए 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को योगिनी एकादशी का व्रत रखना पूरी तरह से मान्य और श्रेष्ठ होगा।वैष्णव संप्रदाय के लिए व्रत की तारीख: साधु-संतों और वैष्णव मत को मानने वाले श्रद्धालुओं के लिए 11 जुलाई 2026, शनिवार को व्रत रखना उत्तम रहेगा।नोट कर लें दोनों दिनों के व्रत का सटीक पारण समय (Parana Timing)एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब उसका पारण (व्रत खोलना) शुभ और निर्धारित मुहूर्त के भीतर किया जाए। दोनों दिनों के लिए पारण का समय इस प्रकार है:10 जुलाई को व्रत रखने वालों के लिए: जो श्रद्धालु शुक्रवार को व्रत रखेंगे, वे अगले दिन यानी 11 जुलाई को दोपहर 01 बजकर 50 मिनट से शाम 04 बजकर 36 मिनट के बीच अपने व्रत का पारण कर सकते हैं।11 जुलाई को व्रत रखने वालों के लिए: शनिवार को व्रत रखने वाले वैष्णव समुदाय के लोग अगले दिन यानी 12 जुलाई, रविवार को सुबह 05 बजकर 32 मिनट से सुबह 08 बजकर 18 मिनट के बीच पारण करेंगे।भूलकर भी न करें ये गलतियां, इन नियमों का करें पालनयोगिनी एकादशी व्रत का नियम दशमी तिथि की रात से ही शुरू हो जाता है। व्रतियों को कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है:दशमी के नियम: दशमी तिथि, यानी 9 जुलाई की शाम को, केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करें। भोजन में तामसिक चीजें, जैसे लहसुन, प्याज, बैंगन, मूंग और मसूर की दाल, का प्रयोग भूलकर भी न करें।व्रत के दिन की सावधानियाँ: एकादशी व्रत के दिन बाल और नाखून काटने की पूरी मनाही होती है। इस दिन महिलाओं को बाल धोने से भी बचना चाहिए।खान-पान का तरीका: एकादशी के दिन किसी भी प्रकार के अनाज (अन्न) का सेवन वर्जित है। व्रत के दौरान केवल फलाहार, दूध या जल का सेवन करें और पूर्ण रूप से भगवान विष्णु की भक्ति व मंत्रों के जाप में मन लगाएं।(Disclaimer: यह लेख सामान्य धार्मिक मान्यताओं और उपलब्ध पंचांग गणनाओं पर आधारित है।) विभिन्न क्षेत्रों और परंपराओं के अनुसार तिथियों में मामूली अंतर संभव है। श्रद्धालु अपनी स्थानीय परंपराओं के अनुसार निर्णय लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:51 am

Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर दान चोरी मामले में अब तक 8 गिरफ्तार, आरोपी टिन्नू यादव और अखिलेश यादव की कथित बातचीत पर मचा सियासी घमासान

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के दान और चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन पर मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी और धांधली करने का गंभीर आरोप है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) गठित की जा चुकी है, जो मंदिर के धन प्रबंधन और चढ़ावे की गिनती से जुड़े हर एक व्यक्ति की भूमिका की सघन जांच कर रही है। वहीं, यह आपराधिक जांच तब एक बड़े सियासी भूचाल में बदल गई, जब इस मामले के मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के तार सीधे समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ने के दावे किए जाने लगे।बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के दावे से भड़का नया विवादइस पूरे विवाद को हवा तब मिली जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि गिरफ्तार आरोपी टिन्नू यादव की समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से फोन पर लगातार बातचीत होती थी। दावों में यहाँ तक कहा गया कि गिरफ्तारी वाले दिन भी दोनों के बीच तीन बार फोन पर बात हुई थी। बीजेपी सांसद ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, टिन्नू टिप्पू से बात कर रहा था। इस पोस्ट के सामने आते ही उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।अखिलेश यादव ने दी मानहानि और कानूनी कार्रवाई की सीधी चेतावनीबीजेपी सांसद के इन दावों और सोशल मीडिया पोस्ट पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और अन्य नेताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनके खिलाफ की गई इस विवादित और मनगढ़ंत पोस्ट को तुरंत सोशल मीडिया से नहीं हटाया गया और सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी गई, तो वे देश की अदालत में उनके खिलाफ सख्त कानूनी और मानहानि की कार्रवाई करेंगे।आरोपी की कॉल टाइमलाइन खंगाल रही एसआईटी (SIT)दूसरी तरफ, मामले की जांच कर रही एसआईटी अब इस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन को बेहद बारीकी से खंगाल रही है। दरअसल, मंदिर में दान की कथित चोरी का पहला मामला 5 जून को ही प्रकाश में आ गया था, लेकिन उस दौरान पुलिस द्वारा तुरंत कोई बड़ी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या मामला सार्वजनिक होने और गिरफ्तारी से पहले ही इसकी भनक राजनीतिक दलों के नेताओं तक पहुंच चुकी थी?टेम्पो चालक से विहिप कार्यकर्ता और फिर मंदिर का 'भरोसेमंद' बना आरोपीइस मामले में आरोपी बनाए गए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की पृष्ठभूमि भी बेहद चौंकाने वाली है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू यादव पेशे से एक साधारण टेम्पो चालक है। उसने अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहकर धीरे-धीरे मंदिर प्रशासन और वहां के वरिष्ठ पदाधिकारियों का भरोसा जीत लिया। इसी भरोसे के दम पर उसे राम मंदिर में आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के चढ़ावे को इकट्ठा करने और दानपात्र से निकालकर उसकी गिनती करने वाली कोर टीम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका फायदा उठाकर धांधली को अंजाम दिया गया।सपा प्रमुख ने किया बचाव, कहा- 'फुंगी को फांसी, शाख को माफी'इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोपी टिन्नू यादव का खुलकर बचाव किया है। उन्होंने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद तीखा मुहावरा लिखते हुए लिखा, फुंगी को फांसी, शाख को माफी। अखिलेश यादव का सीधा आरोप है कि इस बड़ी धांधली में मंदिर प्रशासन और संस्थाओं से जुड़े बड़े और प्रभावशाली लोगों को पूरी तरह बचाया जा रहा है, जबकि टिन्नू यादव जैसे बेहद छोटे और गरीब स्तर के लोगों को मोहरा बनाकर उन पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने टिन्नू यादव को पूरी तरह निर्दोष बताया है।क्या यूपी के आगामी चुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगा राम मंदिर का चढ़ावा?वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक राजेंद्र कुमार का मानना है कि यह मामला उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के लिए आने वाले समय में राजनीतिक रूप से काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में अब लगभग छह महीने का ही समय शेष बचा है। ऐसे में विपक्षी दलों को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने का एक बहुत बड़ा हथियार मिल गया है। विपक्ष इस कथित चोरी को सीधे भाजपा और संघ (RSS) से जुड़े संगठनों की प्रशासनिक नाकामी से जोड़कर पेश कर रहा है।चूंकि राम मंदिर देश में सिर्फ करोड़ों लोगों की अगाध आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भाजपा का सबसे बड़ा वैचारिक और राजनीतिक एजेंडा भी रहा है, इसलिए इस पवित्र स्थान पर हुआ वित्तीय घोटाला आने वाले दिनों में देश की राजनीति की दशा और दिशा तय कर सकता है। फिलहाल, एसआईटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी के फोन कॉल्स की सच्चाई का पता लगाना और यह साफ करना है कि इन बातचीत का मंदिर की चोरी से कोई सीधा वास्ता था या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:47 am

Top Performing Gold ETFs: सोने में निवेश करने वालों की लगी लॉटरी! इन 5 गोल्ड ईटीएफ ने 3 साल में दिया 34% तक का बंपर रिटर्न, यूटीआई रहा नंबर-1

भारतीय संस्कृति और वित्तीय बाजारों में सोने (Gold) को हमेशा से संकट का साथी और सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। हालांकि, बदलते डिजिटल दौर में अब लोग फिजिकल सोना यानी भारी-भरकम गहने या सिक्के खरीदकर लॉकर में रखने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में पैसा लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। डिजिटल सोने के इस विकल्प में निवेशकों को न तो मेकिंग चार्ज और शुद्धता की कोई टेंशन होती है और न ही इसके चोरी होने का कोई डर रहता है। सबसे खास बात यह है कि सुरक्षित रहने के साथ-साथ इन फंड्स ने निवेशकों को बेहद दमदार रिटर्न भी कमा कर दिया है।म्यूचुअल फंड्स के हालिया ट्रैकिंग डेटा (ACE MF) के अनुसार, देश के बड़े और स्थापित गोल्ड ईटीएफ ने पिछले 3 वर्षों की अवधि में निवेशकों को 34% तक का शानदार सालाना कंपाउंडेड रिटर्न (CAGR) दिया है। प्रदर्शन की इस रेस में यूटीआई गोल्ड ईटीएफ (UTI Gold ETF) सबसे आगे निकल गया है। आइए समझते हैं कि आखिर गोल्ड ईटीएफ कैसे काम करता है और इस समय रिटर्न के मामले में कौन सी टॉप 5 स्कीम्स बाजार में धमाल मचा रही हैं।आखिर क्या होता है Gold ETF और यह कैसे काम करता है?गोल्ड ईटीएफ (Exchange Traded Fund) मूल रूप से एक म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट ही है, जो सीधे तौर पर भौतिक सोने (Physical Gold) की कीमतों से लिंक होता है। यह फंड शेयर बाजार (NSE और BSE) पर लिस्टेड होता है। जिस तरह आप किसी कंपनी के शेयर को अपने डीमैट अकाउंट के जरिए जब चाहें खरीद और बेच सकते हैं, ठीक उसी तरह गोल्ड ईटीएफ में भी ट्रेडिंग की जा सकती है। इसका ग्राफ घरेलू बाजार में 24 कैरट सोने के वास्तविक भाव को ट्रैक करता है। जैसे ही बाजार में सोने के दाम बढ़ते हैं, आपके ईटीएफ यूनिट्स की वैल्यू भी बढ़ जाती है। इसमें उच्च लिक्विडिटी और बेहद कम ट्रैकिंग डिफरेंस जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं।3 साल के परफॉर्मेंस में UTI Gold ETF बना नंबर-1जुलाई 2026 के ताजा डेटा के मुताबिक, कम से कम ₹1,500 करोड़ से अधिक के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाले बड़े फंड्स की श्रेणी में UTI Gold ETF का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा है:बेंचमार्क को बड़े अंतर से पछाड़ा: बीते 3 साल की अवधि में जहां इसके संबंधित बेंचमार्क ने महज 1.7% का ही मामूली रिटर्न दिया, वहीं यूटीआई गोल्ड ईटीएफ ने 34% का सालाना सीएजीआर (CAGR) रिटर्न देकर अपने बेंचमार्क को 32.2% के भारी अंतर से पछाड़ दिया।1 साल की अवधि का दमदार रिकॉर्ड: सिर्फ दीर्घकालिक ही नहीं, बल्कि पिछले 1 साल की छोटी अवधि में भी यह फंड शीर्ष पर रहा। इसने निवेशकों को 45.6% का बंपर मुनाफा दिया, जबकि इसी दौरान इसका बेंचमार्क इंडेक्स सिर्फ 10.1% की ग्रोथ दर्ज कर सका।देश का सबसे बड़ा गोल्ड फंड: अगर एसेट साइज (फंड साइज) की बात करें, तो वर्तमान में 'ICICI Pru Gold ETF' देश का सबसे बड़ा गोल्ड फंड बना हुआ है, जिसका कुल कॉर्पस ₹27,578.2 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच चुका है।भारत के Top 5 Gold ETFs: रिटर्न और फंड साइज का पूरा रिपोर्ट कार्डयदि आप भी चालू वित्त वर्ष में सोने में डिजिटल और सुरक्षित तरीके से निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो एसेट्स और शानदार रिटर्न के मामले में देश की इन शीर्ष 5 स्कीम्स के प्रदर्शन पर नजर डाल सकते हैं:फंड का नाम (Gold ETF Scheme)3 साल का सालाना रिटर्न (CAGR)1 साल का कुल रिटर्नकुल फंड साइज (AUM)1. UTI Gold ETF34.0%45.6%₹1,500 Cr+2. ICICI Pru Gold ETF33.8%45.1%₹27,578.2 Cr3. HDFC Gold ETF33.5%44.8%₹5,000 Cr+4. SBI Gold Fund/ETF33.2%44.5%₹10,000 Cr+5. Nippon India Gold ETF33.0%44.2%₹9,000 Cr+(नोट: ऊपर दिए गए आंकड़े 2 जुलाई 2026 तक के लेटेस्ट म्यूचुअल फंड डेटा पर आधारित हैं। निवेश करने से पहले स्कीम के दस्तावेज ध्यान से पढ़ें।)

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:45 am

SIT जांच में बड़ा खुलासा, 40 दिनों में 70 बार चढ़ावे की चोरी, गिनती कक्ष में सुरक्षा मानकों की अनदेखी

राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा 70 बार नकदी छिपाने के मामले पाए गए हैं। साथ ही ...

वेब दुनिया 7 Jul 2026 8:45 am

Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, दान चोरी के आरोपों पर दिया यह बड़ा अपडेट

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हुई। करीब तीन घंटे तक चली इस लंबी बैठक में ट्रस्ट ने कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं, जिसकी आधिकारिक घोषणा कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने मीडिया के सामने की। इस बैठक में सबसे बड़ा कदम उठाते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। इसके साथ ही, पिछले कुछ समय से मंदिर के चढ़ावे और कीमती सामानों के गायब होने को लेकर लग रहे आरोपों पर ट्रस्ट ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ करते हुए दान का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है।दान चोरी के आरोपों के बीच पहली बार सामने लाया गया सरकारी रजिस्टरराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए गहने और कीमती सामानों के गायब होने की अफवाहों और आरोपों को खारिज करने के लिए ट्रस्ट ने एक अनोखा कदम उठाया। कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने मीडिया के सामने दान की गई वस्तुओं का आधिकारिक सरकारी रजिस्टर पेश किया। उन्होंने जनता की शंकाओं को दूर करने के लिए बताया कि मंदिर को मिले सभी उपहार और आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका एक-एक विवरण दर्ज है।5 करोड़ की सोने की रामचरितमानस सहित दिखाई गईं ये कीमती चीजेंभ्रम की स्थिति को खत्म करने के लिए ट्रस्ट ने कुछ बेहद मूल्यवान और खास वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित भी किया। इनमें सबसे प्रमुख आकर्षण एक श्रद्धालु द्वारा भेंट की गई सोने की परत चढ़ी 'रामचरितमानस' की अद्भुत प्रति रही, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। स्वामी गोविंद देव गिरि ने साफ किया कि रजिस्टर में अब तक कुल 2,800 से अधिक दान की गई वस्तुओं का पूरा विवरण दर्ज है, जिनमें से कुछ चुनिंदा और मुख्य चीजों को उदाहरण के तौर पर लोगों के सामने लाया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।कुल 2,926 कीमती वस्तुएं मिलीं, श्रद्धालु खुद आकर देख सकते हैं ब्यौराट्रस्ट द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक राम मंदिर को कुल 2,926 मूल्यवान वस्तुएं दान में मिल चुकी हैं। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को एक बड़ा भरोसा देते हुए कहा कि यदि किसी भक्त को अपने द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी या किसी अन्य कीमती सामान की स्थिति जाननी है, तो वह पूरी तरह स्वतंत्र है। इसके लिए श्रद्धालु को ट्रस्ट के अधिकारियों से पहले समय (Appointment) लेना होगा और फिर वे अयोध्या आकर अपने दान का पूरा रिकॉर्ड देख सकते हैं।22 अगस्त को होगी अगली बैठक; SIT रिपोर्ट पर होगी बड़ी कार्रवाईइस पूरे मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब ट्रस्ट ने बताया कि दान की कथित चोरी के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की अंतिम रिपोर्ट जल्द ही सामने आने वाली है। ट्रस्ट की अगली बड़ी बैठक 22 अगस्त को तय की गई है। इस बैठक में न केवल एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट पर गहन चर्चा होगी, बल्कि नए ट्रस्टियों की आधिकारिक नियुक्तियों पर भी मुहर लगाई जाएगी।कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने सख्त लहजे में कहा कि चोरी एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वह फरार आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर कानून के हवाले करे। ट्रस्ट इस मामले में शामिल हर एक व्यक्ति के खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग पर पूरी तरह अडिग है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:37 am

Satluj Controversy: 'सतलुज' लीक विवाद में ZEE5 की एंट्री, दिलजीत दोसांझ के शेयरिंग वाले बयान के बाद मेकर्स ने हाथ जोड़कर की ये खास अपील

मशहूर पंजाबी अभिनेता दिलजीत दोसांझ की विवादित फिल्म 'सतलुज' को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 (ZEE5) पर रिलीज होने के महज दो दिन बाद फिल्म को हटाए जाने और सोशल मीडिया पर इसके लीक होने के बाद अब खुद ZEE5 ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक तरफ जहां मुख्य अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने फैंस से डाउनलोड की गई कॉपियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की अपील की है, वहीं दूसरी तरफ ज़ी5 ने आधिकारिक बयान जारी कर दर्शकों से पायरेसी को बढ़ावा न देने की हाथ जोड़कर गुहार लगाई है।ZEE5 ने जारी किया आधिकारिक पोस्टर, कहा- 'पायरेसी को सपोर्ट न करें'सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'सतलुज' के पायरेटेड वर्जन और डाउनलोड लिंक्स तेजी से वायरल होने के बाद ZEE5 ने सोमवार, 6 जुलाई को एक आधिकारिक बयान और पोस्टर जारी किया। अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पोस्ट शेयर करते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म ने लिखा, हमें पूरी उम्मीद है और हम अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। कृपया पायरेसी को बढ़ावा न दें। हम 'सतलुज' को कानूनी रूप से आप तक वापस पहुँचाने के लिए हर संभव रास्ता तलाशने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। प्लेटफॉर्म ने दर्शकों से अपील की है कि फिल्म को वापस लाने के उनके प्रयासों में फैंस भी अपना योगदान दें और अवैध फाइलों को आगे न भेजें।दिलजीत दोसांझ ने कहा- 'इंटरनेट से अब कुछ भी डिलीट करना नामुमकिन है'ZEE5 की इस अपील के विपरीत, फिल्म के लीड एक्टर दिलजीत दोसांझ इस बात से बेहद संतुष्ट और राहत में नजर आ रहे हैं कि फिल्म आखिरकार जनता तक पहुंच गई है। दिलजीत ने एक बयान में कहा, मुझे अब बहुत राहत महसूस हो रही है कि आखिरकार यह फिल्म दर्शकों तक पहुंच गई है। अब यह लोगों की फिल्म है और इसे किसी भी तरह रोका नहीं जा सकता। जो लोग यह सोचते हैं कि कोई चीज एक बार ऑनलाइन आ जाने के बाद इंटरनेट से पूरी तरह डिलीट की जा सकती है, वे या तो बहुत मासूम हैं या फिर उन्हें तकनीक की जानकारी नहीं है।एक्टर ने की डाउनलोड कॉपियां शेयर करने की वकालतदिलजीत दोसांझ ने उन सभी प्रशंसकों से, जिन्होंने फिल्म को ओटीटी से हटने से पहले डाउनलोड कर लिया था, इसे आपस में शेयर करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, एक बार कोई चीज़ ऑनलाइन आ जाती है, तो वह हमेशा के लिए अमर हो जाती है। मैंने राजस्थान का एक वीडियो देखा जहाँ लोग इस फिल्म को देख रहे हैं, जिसे देखकर मुझे बेहद खुशी हुई। मेरी अपील है कि आप इसे अपने दोस्तों और आस-पास के सभी लोगों को जरूर दिखाएं। दिलजीत के अनुसार, ज़ी5 पर रिलीज किया गया यह वर्जन बिना किसी कट-छाँट (Uncut Version) वाला था, जिसे दर्शक हर हाल में देखें।4 साल की लंबी सेंसरशिप और 'पंजाब 95' का सफरहनी त्रेहान के निर्देशन में बनी यह फिल्म प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और 1990 के दशक में पंजाब में हुए घटनाक्रमों से प्रेरित है। शुरुआत में इस फिल्म का नाम 'पंजाब '95' रखा गया था। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के साथ सर्टिफिकेशन और कट्स को लेकर चली लंबी कानूनी लड़ाई के कारण यह फिल्म लगभग चार सालों तक ठंडे बस्ते में रही थी। RSVP और मैगफिन पिक्चर्स (MacGuffin Pictures) के बैनर तले बनी इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:35 am

Satluj Leaked On X: ज़ी5 से हटने के 24 घंटे बाद ही एक्स पर लीक हुई दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज', अभिनेता ने खुद फैंस से की ये बड़ी अपील

पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित और मशहूर अभिनेता दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 (Zee5) से इस फिल्म को अचानक हटाए जाने के महज एक दिन बाद ही यह फिल्म सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पूरी तरह लीक हो गई है। सेंसरशिप की लंबी और कभी न खत्म होने वाली कानूनी लड़ाई के बाद रिलीज हुई इस फिल्म का पायरेटेड वर्जन अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।सेंसरशिप के साए में 'पंजाब 95' से 'सतलुज' बनी थी फिल्महनी त्रेहान के निर्देशन में बनी यह फिल्म लंबे समय तक विवादों और सेंसर बोर्ड (CBFC) के चक्करों में फंसी रही। शुरुआत में इस फिल्म का नाम 'पंजाब 95' रखा गया था, जिस पर सेंसर बोर्ड ने 120 कट्स लगाने का सुझाव दिया था। काफी कशमकश और नाम बदलकर 'सतलुज' करने के बाद आखिरकार इसे 3 जुलाई को Zee5 पर रिलीज किया गया था। लेकिन रिलीज के महज दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से अचानक हटा दिया गया। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ज़ी5 इस फिल्म को दोबारा अपने प्लेटफॉर्म पर लाएगा या नहीं।ओटीटी से हटते ही नाराज फैंस ने सोशल मीडिया पर किया लीकफिल्म को प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ के फैंस काफी नाराज हैं। फैंस ने एकजुट होकर X जैसी सोशल मीडिया साइट्स पर फिल्म के डाउनलोड किए गए पायरेटेड वर्जन और शेयरिंग लिंक पोस्ट करने शुरू कर दिए हैं। आलम यह है कि लोग इन पोस्ट के कमेंट सेक्शन में जाकर फिल्म के अलग-अलग फॉर्मेट और डाउनलोड लिंक की मांग कर रहे हैं ताकि इसे बिना किसी पाबंदी के देखा जा सके।इंस्टाग्राम लाइव पर दिलजीत दोसांझ ने फैंस से की ये अनोखी अपीलइस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्य अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने खुद इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अपने प्रशंसकों से बातचीत की। जब फैंस ने उन्हें बताया कि उन्होंने ओटीटी से हटने से पहले ही फिल्म को डाउनलोड कर लिया था, तो दिलजीत ने खुशी जाहिर की। उन्होंने फैंस से अपील करते हुए कहा कि वे इस डाउनलोड लिंक को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें ताकि जब तक फिल्म दोबारा आधिकारिक रूप से ज़ी5 पर वापस नहीं आती, तब तक लोग इसे अपने परिवार के साथ देख सकें। दिलजीत ने भावुक होते हुए लिखा कि 'सतलुज' के साथ भी ठीक वही हुआ जो असल जिंदगी में शहीद जसवंत सिंह खालरा के साथ हुआ था।कौन थे जसवंत सिंह खालरा, जिन पर बनी है यह फिल्म?यह फिल्म 1990 के दशक में पंजाब के मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की दर्दनाक और संघर्षपूर्ण कहानी को दर्शाती है। खालरा ने पंजाब पुलिस द्वारा हजारों सिख युवाओं की गैर-न्यायिक हत्याओं और उनके लावारिस शवों को जलाने के बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया था। सरकारी हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले खालरा को 1995 में पुलिस ने अगवा कर लिया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बाद में पंजाब पुलिस के छह अधिकारियों को अदालत द्वारा दोषी भी ठहराया गया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:32 am

Aaj Ka Rashifal 07 July 2026: अंक ज्योतिष से जानें कैसा रहेगा आपका दिन, मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज के खास उपाय और आर्थिक सलाह

अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, हर व्यक्ति की जन्मतिथि का उसके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह न केवल आपके स्वभाव और व्यक्तित्व के छिपे हुए राज उजागर करती है, बल्कि आने वाले समय और भविष्य की घटनाओं का सटीक संकेत भी देती है। आज यानी 07 जुलाई 2026 को ग्रहों और अंकों का विशेष संयोग कई मूलांक के जातकों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलने जा रहा है। हालांकि, आज के दिन किसी भी बड़े प्रोजेक्ट या निवेश में हाथ डालने से पहले बाजार की पूरी जानकारी लेना और अनुभवी लोगों से सलाह लेना बेहद जरूरी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।मूलांक 1: आर्थिक मामलों में मिलेगा बड़ा लाभअगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 1 है। आज का दिन आपके वित्तीय मामलों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। पूर्व में भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं आज आपको बड़ा मुनाफा दे सकती हैं। कार्यक्षेत्र में आज आपको अपने बजट और बचत की नए सिरे से समीक्षा करनी चाहिए। फिजूलखर्ची पर पूरी तरह नियंत्रण रखें और केवल वही निर्णय लें जो आने वाले समय में आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएं।मूलांक 2: नए अवसरों के साथ बरतें थोड़ी सावधानीजिन लोगों का जन्म महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 2 बनता है। आज आपको करियर में तरक्की के कई नए अवसर मिल सकते हैं, विशेष रूप से तकनीकी (Tech) और नए स्टार्टअप से जुड़े क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी। हालांकि, आपको जल्दबाजी में कोई भी बड़ा वित्तीय फैसला लेने से बचना चाहिए। इस समय शॉर्ट-टर्म के बजाय लंबी अवधि के निवेश (Long-term Investment) पर ध्यान केंद्रित करना आपके लिए अधिक फायदेमंद रहेगा।मूलांक 3: बड़े खर्चों और निवेश से आज दूरी बनाएंअगर आपकी जन्मतिथि 3, 12, 21 या 30 तारीख है, तो आपका मूलांक 3 है। आज का दिन आपके लिए थोड़ा संभलकर चलने का संकेत दे रहा है। बेहतर होगा कि आज आप किसी भी तरह के नए निवेश या बड़े खर्चों को टाल दें। यह समय कोई नया जोखिम उठाने का नहीं, बल्कि अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति को समझने और भविष्य के लिए एक मजबूत प्लानिंग तैयार करने का है। धैर्य से काम लें, आने वाला समय आपके पक्ष में होगा।मूलांक 4: बचत बढ़ाने और नई प्लानिंग के लिए उत्तम दिनजिन जातकों का जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 4 है। आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन आपके लिए काफी अनुकूल रहने वाला है। यदि आप लंबे समय से भविष्य के लिए किसी नई योजना पर काम कर रहे हैं, तो आज उसे शुरू करने का सही समय है। अपनी आय और व्यय में संतुलन बनाकर चलें और बचत बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें। समझदारी से लिया गया एक छोटा सा फैसला भी आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर देगा।मूलांक 5: जल्दबाजी से बचें, सोच-समझकर लगाएं पैसाअगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 5 है। आज आपके सामने बिजनेस और नौकरी से जुड़े कुछ बेहतरीन और आकर्षक ऑफर आ सकते हैं। लेकिन किसी भी नए प्रोजेक्ट या स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी पड़ताल जरूर कर लें। बाजार के जोखिमों को समझे बिना निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए केवल उन्हीं योजनाओं को चुनें जो लंबे समय तक स्थिर लाभ देने का वादा करती हों।मूलांक 6: बड़े आर्थिक फैसले आज के लिए टालना ही बेहतरमहीने की 6, 15 या 24 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 6 होता है। आज का दिन आपके लिए गहरी आत्म-समीक्षा और सोच-विचार करने का है। अगर आप आज कोई बड़ा प्रॉपर्टी या शेयर बाजार से जुड़ा फैसला लेने जा रहे हैं, तो उसे फिलहाल कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दें। वर्तमान में अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित रखने, दैनिक खर्चों को प्रबंधित करने और भविष्य की रणनीतियों पर फोकस करें। योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर ही आर्थिक सुधार संभव है।मूलांक 7: बजट की समीक्षा से होगा शानदार मुनाफायदि आपकी जन्मतिथि 7, 16 या 25 तारीख है, तो आपका मूलांक 7 है। वित्तीय मामलों में आज सितारे आपके साथ हैं और दिन आपके पक्ष में रहने वाला है। आज आपको अपने पुराने निवेशों और वर्तमान बजट की गहराई से समीक्षा करनी चाहिए। गैर-जरूरी चीजों पर हो रहे खर्चों से खुद को दूर रखें। आज बनाई गई एक ठोस और अनुशासित वित्तीय योजना आपको भविष्य में उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ा लाभ दिला सकती है।मूलांक 8: तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिलेगी तरक्कीजिन लोगों का जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 8 बनता है। आज का दिन आपके लिए नए व्यापारिक अनुबंध और निवेश के शानदार मौके लेकर आया है। विशेषकर आईटी, सॉफ्टवेयर, गैजेट्स और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के लिए समय बहुत उत्तम है। हालांकि, उत्साह में आकर बिना सोचे-समझे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें। सही रणनीति, उचित मार्गदर्शन और धैर्य के साथ कदम बढ़ाएंगे तो आपका भविष्य सुरक्षित रहेगा।मूलांक 9: निवेश में पूरी सावधानी और सतर्कता है जरूरीअगर आपका जन्म महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 9 है। आज आपको आर्थिक लेन-देन में बहुत ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। आज के दिन किसी को बड़ा कर्ज देने, भारी खर्च करने या नया निवेश करने से पूरी तरह बचें। शॉर्ट-टर्म की लालच में आने के बजाय अपने दीर्घकालिक (Long-term) लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें। समझदारी और सूझबूझ से लिया गया निर्णय ही आपको आने वाले संकटों से बचाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:32 am

Thailand Travel Rules Changed: भारतीय पर्यटकों के लिए थाईलैंड के नए कड़े नियम लागू, यात्रा से पहले जान लें TDAC सहित ये 4 बड़े बदलाव

थाईलैंड सरकार ने भारतीय पर्यटकों के लिए अपने यात्रा और वीजा नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इन सख्त नियमों का उद्देश्य पर्यटन को रोकना नहीं, बल्कि फर्जी यात्रियों, तय समय से ज्यादा रुकने (ओवरस्टे) और नौकरी के नाम पर होने वाले ऑनलाइन घोटालों जैसी गंभीर समस्याओं पर लगाम लगाना है। इसके साथ ही इमिग्रेशन प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए नई तकनीक को भी शामिल किया गया है। अगर आप भी आने वाले दिनों में थाईलैंड घूमने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों को ध्यान से समझना बेहद जरूरी है।थाईलैंड सरकार को क्यों उठाने पड़े ये सख्त कदम?थाईलैंड दुनिया भर के पर्यटकों के साथ-साथ भारतीयों के लिए भी सबसे पसंदीदा हॉलिडे डेस्टिनेशन रहा है। हालांकि, पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई चुनौतियां आ रही थीं। कई लोग टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड जाकर अवैध रूप से काम करने लगे थे, तो कई यात्री वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहाँ छिपकर रह रहे थे। फर्जी दस्तावेजों के सहारे यात्रा करने के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब सरकार ने पूरे सिस्टम को डिजिटल और फुलप्रूफ बनाने का फैसला लिया है, ताकि असली पर्यटकों को कोई परेशानी न हो।थाईलैंड यात्रा के लिए अब ये 4 शर्तें होंगी अनिवार्य6 महीने की पासपोर्ट वैलिडिटी: अब थाईलैंड जाने वाले हर भारतीय यात्री का पासपोर्ट यात्रा की तारीख से कम से कम 6 महीने तक वैध (Valid) होना जरूरी है। अगर वैलिडिटी इससे कम पाई गई, तो एयरपोर्ट से ही वापस लौटाया जा सकता है।कन्फर्म रिटर्न टिकट और होटल बुकिंग: इमिग्रेशन काउंटर पर अब यात्रियों को अपनी वापसी का कन्फर्म हवाई टिकट और ठहरने के लिए होटल की पक्की बुकिंग दिखानी होगी। इससे आपका पूरा ट्रैवल प्लान स्पष्ट होना चाहिए।20,000 थाई बाहत (THB) का फाइनेंशियल प्रूफ: थाईलैंड में अपने खर्चों को संभालने के लिए यात्रियों को वित्तीय रूप से सक्षम होना साबित करना होगा। इसके तहत प्रति व्यक्ति लगभग 20,000 थाई बाहत (या इसके बराबर की विदेशी मुद्रा) कैश या बैंक बैलेंस के रूप में दिखाना पड़ सकता है।इंडिविजुअल ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स: अगर आप ग्रुप या परिवार के साथ भी यात्रा कर रहे हैं, तो भी हर सदस्य के पास पासपोर्ट, होटल बुकिंग और वीजा से जुड़े सभी दस्तावेज अलग-अलग और पूरी तरह तैयार होने चाहिए।क्या है नया TDAC (Thailand Digital Arrival Card) सिस्टम?थाईलैंड सरकार ने पुराने कागजी इमिग्रेशन फॉर्म को पूरी तरह बंद करके अब TDAC (थाईलैंड डिजिटल अराइवल कार्ड) नाम का एक नया ऑनलाइन सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। इसे इस बदलाव का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है। हर यात्री को अपनी फ्लाइट से पहले इस आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर एक डिजिटल फॉर्म भरना होगा।इस डिजिटल फॉर्म में यात्रियों को अपने पासपोर्ट की जानकारी, फ्लाइट नंबर, थाईलैंड में रुकने का पूरा पता और यात्रा का मुख्य उद्देश्य जैसी बुनियादी जानकारियां दर्ज करनी होंगी। इस सिस्टम को लागू करने का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन के दौरान लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करना और यात्रियों के डेटा को सुरक्षित तरीके से ट्रैक करना है।नियम न मानने या गलती करने पर क्या होगी कार्रवाई?यदि कोई यात्री उड़ान भरने से पहले अपना TDAC फॉर्म सही तरीके से नहीं भरता है या इमिग्रेशन काउंटर पर मांगे गए जरूरी दस्तावेज पेश करने में असमर्थ रहता है, तो उसे थाईलैंड एयरपोर्ट पर एंट्री देने से साफ इनकार किया जा सकता है। गंभीर मामलों में यात्री को डिपोर्ट (वापस देश भेजना) भी किया जा सकता है, जिससे भविष्य में थाईलैंड का वीजा मिलने में बड़ी दिक्कत आ सकती है। अगर आपके सभी दस्तावेज वैध हैं और आप केवल घूमने के इरादे से जा रहे हैं, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है—बस समय रहते अपनी डिजिटल तैयारी पूरी रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:30 am

Gold Silver Price Today: सोने की कीमतों में गिरावट जारी, चांदी ₹5,100 तक हुई सस्ती; देखें दिल्ली-मुंबई समेत 10 बड़े शहरों के भाव

ग्लोबल मार्केट में डॉलर की मजबूती और सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग में आई सुस्ती के कारण सर्राफा बाजार में मंदी का रुख देखने को मिल रहा है। देश की राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के दाम नीचे आए हैं। पिछले दो दिनों में 24 कैरट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत में ₹120 और 22 कैरट वाले सोने में ₹110 की कमी आई है। वहीं, औद्योगिक मांग कमजोर होने से चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है और पिछले दो दिनों के भीतर चांदी ₹5,100 प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो चुकी है।देश के 10 बड़े शहरों में आज सोने का ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम)आज 07 जुलाई 2026 को भारत के प्रमुख शहरों में 24 कैरट, 22 कैरट और 18 कैरट शुद्धता वाले सोने के खुदरा रेट इस प्रकार हैं:दिल्ली: 24 कैरट ₹1,46,760 | 22 कैरट ₹1,34,540 | 18 कैरट ₹1,10,110मुंबई: 24 कैरट ₹1,46,610 | 22 कैरट ₹1,34,390 | 18 कैरट ₹1,09,960कोलकाता: 24 कैरट ₹1,46,610 | 22 कैरट ₹1,34,390 | 18 कैरट ₹1,09,960चेन्नई: 24 कैरट ₹1,47,920 | 22 कैरट ₹1,35,590 | 18 कैरट ₹1,12,990बेंगुलुरू: 24 कैरट ₹1,46,610 | 22 कैरट ₹1,34,390 | 18 कैरट ₹1,09,960हैदराबाद: 24 कैरट ₹1,46,610 | 22 कैरट ₹1,34,390 | 18 कैरट ₹1,09,960लखनऊ: 24 कैरट ₹1,46,760 | 22 कैरट ₹1,34,540 | 18 कैरट ₹1,10,110पटना: 24 कैरट ₹1,46,660 | 22 कैरट ₹1,34,440 | 18 कैरट ₹1,10,010जयपुर: 24 कैरट ₹1,46,760 | 22 कैरट ₹1,34,540 | 18 कैरट ₹1,10,110अहमदाबाद: 24 कैरट ₹1,46,660 | 22 कैरट ₹1,34,440 | 18 कैरट ₹1,10,010चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, चेन्नई में सबसे महंगीसोने के साथ-साथ चांदी के खरीदारों के लिए भी राहत की खबर है। दो दिनों तक स्थिर रहने के बाद आज लगातार दूसरे दिन चांदी के दाम टूटे हैं। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में आज चांदी ₹100 प्रति किलो और सस्ती होकर ₹2,44,900 के स्तर पर कारोबार कर रही है। हालांकि, देश के चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है, जहाँ आज एक किलो चांदी का भाव ₹2,49,900 दर्ज किया गया है। इससे पहले जून के आखिरी हफ्ते में चांदी की कीमतों में करीब ₹15,000 की भारी तेजी देखी गई थी, जिसके बाद अब बाजार में सुधार का दौर चल रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:29 am

Global Market Update: एशियाई बाजारों में भारी गिरावट, सैमसंग के रिकॉर्ड मुनाफे के बाद भी क्यों टूटे टेक्नोलॉजी स्टॉक्स?

ग्लोबल स्टॉक मार्केट से आज कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। टेक्नोलॉजी स्टॉक्स (Tech Stocks) में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली और बिकवाली के चलते आज एशियाई बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर दक्षिण कोरिया के बाजार पर देखने को मिला है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने तिमाही मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, लेकिन फिर भी निवेशक एआई (AI) रैली के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।सैमसंग के रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद कोस्पी 4% टूटाएशियाई बाजारों में आज दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) करीब 4% तक टूट गया। वहीं, स्मॉल-कैप इंडेक्स कोस्डैक (Kosdaq) में भी 0.72% की गिरावट देखी गई। टेक जायंट सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर तिमाही ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 19 गुना की भारी बढ़ोतरी की रिपोर्ट के बाद भी 5% से ज्यादा फिसल गए। दरअसल, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी शानदार ग्रोथ के बावजूद यह नतीजा बेहद ऊंची बाजार उम्मीदों से थोड़ा पीछे रह गया। इसके अलावा, एसके हाइनिक्स (SK Hynix) के शेयर भी 1% से ज्यादा गिरे हैं, जिसने हाल ही में अपनी अमेरिकी लिस्टिंग के लिए आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की है।जापान और ऑस्ट्रेलिया के बाजारों का हालजापान के शेयर बाजार में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। निक्केई 225 (Nikkei 225) मामूली गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.60% की बढ़त दर्ज की गई। उधर, ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क इंडेक्स S&P/ASX 200 भी आज 0.12% की कमजोरी के साथ बंद हुआ। हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स (Hang Seng Index) का फ्यूचर्स 23,571 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो इसके पिछले क्लोजिंग स्तर 23,616.32 से नीचे है।कच्चे तेल में नरमी और जापानी येन की स्थितिकमोडिटी मार्केट की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल की कीमतें $69 प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। बाजार में कच्चे तेल की ओवरसप्लाई बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि सऊदी अरब ने हाल ही में तेल की कीमतों में कटौती की है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते शिपिंग गतिविधियों में सुधार होने से भी सप्लाई की चिंता कम हुई है। दूसरी ओर, फॉरेक्स मार्केट में जापानी येन डॉलर के मुकाबले 162.08 के स्तर पर बना हुआ है, जो कि करीब चार दशकों का सबसे निचला स्तर है।अमेरिकी शेयर बाजार में दिखी थी तेजीएशियाई बाजारों के विपरीत, अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। यूएस मार्केट्स में ब्रॉडकॉम जैसी बड़ी चिपमेकर कंपनियों में तेजी के कारण रौनक रही, क्योंकि निवेशकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों पर अपना भरोसा बनाए रखा है। S&P 500 इंडेक्स 0.72% बढ़कर 7,537.43 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 1.12% की उछाल के साथ 26,121.16 पर रहा। इसके अलावा, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.29% की बढ़त के साथ 53,055.91 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। अमेरिका में शॉर्ट-टर्म ट्रेजरी बॉन्ड्स में भी तेजी देखी गई, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी से बच सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:28 am