'भारत में बनेगी राफेल की दूसरी असेंबली लाइन', रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का बड़ा बयान
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का सौदा भारत में लड़ाकू विमान उत्पादन की दूसरी शृंखला स्थापित करने में मदद करेगा।
भारत मंडपम की तर्ज पर कर्नाटक मंडपम: इन शहरों में खोजी जा रही जमीन, मुख्यमंत्री ने बताया निर्माण का मकसद- Karnataka Mandapam modeled after Bharat Mandapam Land being scouted CM explains why government is building it
SIR विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की खबर झूठी, चुनाव आयोग ने दावों को किया खारिज
चुनाव आयोग ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित त्यागपत्र को फर्जी करार दिया है। राष्ट्रपति को संबोधित यह पत्र सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा था, जिसमें उनके इस्तीफे की घोषणा की गई थी।
SIR मुद्दे पर राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, मैदान में उतरे 12 राज्यों के मुख्यमंत्री
भाजपा ने राहुल गांधी के मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का खंडन करने के लिए अपने 12 मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतारा।
रायगढ़ के महाड MIDC में जोरदार धमाका, 4 KM तक महसूस हुए झटके, 3 लोग घायल
रायगढ़ के महाड MIDC में एक कंपनी में जोरदार धमाका हुआ है. धमाके के झटके कई किलोमीटर दूर तक महसूस किए गए. हादसे के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड, पुलिस और एंबुलेंस पहुंची.
ओडिशा: गांव में पहले बरसे बम, फिर ग्रामिणों ने पुलिस पर किया था पथराव; पांच महिलाओं समेत 13 गिरफ्तार
ओडिशा: गांव में पहले बरसे बम, फिर ग्रामिणों ने पुलिस पर किया था पथराव; पांच महिलाओं समेत 13 गिरफ्तार- villagers from Kukudakhandi Ganjam Odisha pelting stones police 13 arrested including five women
Virgo Aaj Ka Rashifal: सुबह रिश्तों में तालमेल जरूरी, दोपहर बाद आर्थिक मामलों में बढ़ेगी सावधानी
Virgo Horoscope Today 28 September 2028, Kanya Rashifal: व्यापार में बातचीत का परिणाम आपके व्यवहार पर काफी निर्भर करेगा. संयुक्त धन, ऋण, निवेश या परिवार से जुड़े किसी आर्थिक मामले में अतिरिक्त सावधानी रखें.
Leo Aaj Ka Rashifal: पुराने सौदे और आर्थिक फैसलों में सावधानी, बाद में मिल सकता है नया दृष्टिकोण
Leo Horoscope Today 28 September 2028, Singh Rashifal: दूर स्थान से जुड़ी कोई खबर भी उत्सुकता बढ़ा सकती है. कार्यस्थल पर ऐसी सूचना मिल सकती है जो आपकी मौजूदा योजना में बदलाव कराए.
Cancer Aaj Ka Rashifal: ज्ञान और सलाह से शुरुआत, बाद में काम से जुड़ा कोई अहम फैसला संभव
Cancer Horoscope Today 28 September 2028, Kark Rashifal: दोपहर बाद अपने काम की प्राथमिकता बार-बार बदलने से बचें. सुबह किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपको किसी उलझन का दूसरा पहलू समझा सकती है.
Gemini Aaj Ka Rashifal: जिम्मेदारियों के बीच मिलेगी राहत, पुराने संपर्क से उपयोगी सूचना संभव
Gemini Horoscope Today 28 September 2028, Mithun Rashifal: आपकी सहज बातचीत को कोई व्यक्ति अपने हित में इस्तेमाल कर सकता है. काम की निरंतरता ही आपकी विश्वसनीयता को मजबूत करेगी.
Taurus Aaj Ka Rashifal: पुराने संपर्क खोल सकते हैं नए रास्ते, निवेश में जल्दबाजी से बचना होगा
Taurus Horoscope Today 28 September 2028, Vrishabh Rashifal: आज किसी मित्र या परिचित के साथ भविष्य की योजना पर बातचीत हो सकती है. यदि किसी भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो उसके संबंध में सूचना मिलने की संभावना है.
'असम पुलिस ने आशुतोष रांका समेत 40 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया', अभिजीत दीपके का दावा
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि असम पुलिस ने सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और 40 कार्यकर्ताओं को गुवाहाटी में हिरासत में लिया है।
एलपीयू में थम नहीं राह छात्रों का गुस्सा, कैंपस में सुने गए धमाके; जलाईं पुलिस की गाड़ियां
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को यूनिवर्सिटी के कैंपस में धमाका सुना गया। इसमें कई पुलिसवाले भी घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस के तीन वाहनों में भी आग लगा दी।
त्रिपुरा में आज ग्राम समिति चुनाव: 1,095 केंद्रों पर 6.65 लाख मतदाता डालेंगे वोट, 7,300 मतदानकर्मी तैनात- Tripura Gram Samiti elections today 6.65 lakh voters to cast ballots 7300 polling personnel deployed
पश्चिम बंगाल: कोलकाता के एसआरएफटीआई में भिड़े एसएफआई और ग्राहक पंचायत के लोग, जानें किस बात पर हुआ विवाद?- SFI and Grahak Panchayat members clash at West Bengal Kolkata SRFTI find out what sparked the dispute
यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार रूस और जर्मनी के विदेश मंत्रियों की हुई मीटिंग, क्या हैं इसके मायने
जर्मनी में AfD के बढ़ते कदमों से अब सरकार रूस के मामले में नरम रुख अपनाने पर बाध्य हो रही है. ये यूक्रेन के लिए खतरे की बात है, क्योंकि जर्मनी यूक्रेन का सबसे बड़ा समर्थक अब तक इस युद्ध में रहा है. अगर उसने भी अपने पैर खींच लिए तो फिर अन्य देश भी पीछे हटने से नहीं चूकेंगे.
गेमिंग ऐप RummyCulture ऐप मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 442 करोड़ की संपत्तियां अटैच की
यूजर्स को आकर्षित करने के लिए बोनस, रेफरल इंसेंटिव, फ्री टूर्नामेंट एंट्री और प्रमोशनल रिवॉर्ड जैसे ऑफर दिए जाते थे. ED का आरोप है कि इन ऑफर्स का मकसद यूजर्स को लगातार गेम खेलने और ज्यादा पैसा जमा करने के लिए प्रेरित करना था.
लद्दाख हिंसा का एक साल: सोनम वांगचुक ने कर दी बड़ी मांग, पुलिस एक्शन पर उठाए सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख हिंसा के एक साल बाद न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने, पीड़ितों को अधिक मुआवजा देने और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
'राम जन्मभूमि आंदोलन से देश को जोड़ा', अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह में बोले चंपत राय
चंपत राय ने अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके योगदान और राष्ट्र को एकजुट करने के प्रयासों को याद किया।
UP में AI और Semiconductor हब बनेगा नया आधार, सुनील शर्मा बोले- कृषि से जुड़ेगा तकनीक का भविष्य
उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण का केंद्र नहीं बल्कि कृत्रिम मेधा (एआई), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। शर्मा ने ‘यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में एआई और आईटी का कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ाव प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि 52 स्टार्टअप के साथ हुई बैठक में सामने आया कि अधिकतर स्टार्टअप खाद्य आपूर्ति क्षेत्र से जुड़े हैं, जबकि कृषि में एआई के इस्तेमाल वाले स्टार्टअप की संख्या कम है। शर्मा ने कहा कि यह एक बड़ा अवसर है और तकनीक आधारित समाधानों से किसानों की आय तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए नीतियों में लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेश प्रोत्साहन की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है और पिछले एक वर्ष में करीब 500 से 600 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए गए हैं।
ड्यूटी पर तैनात महिला SI से बदसलूकी, फिटनेस क्लब के मालिक के खिलाफ केस दर्ज
हैदराबाद में गणेश विसर्जन बंदोबस्त ड्यूटी कर रही एक महिला सब-इंस्पेक्टर (एसआई) के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप में एक फिटनेस क्लब के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
युवाजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने आंध्र प्रदेश में तेदेपा-नीत गठबंधन सरकार द्वारा सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों के मुद्रीकरण और बिक्री के निर्णय का कड़ा विरोध किया है।
AIIMS Jodhpur के कार्यकारी निदेशक का दिल्ली तबादला, रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म
राजस्थान के जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन पुरी का रविवार को तत्काल प्रभाव से दिल्ली तबादला किये जाने के बाद प्रथम वर्ष के एक रेजिडेंट चिकित्सक की मौत को लेकर पिछले पांच दिन से प्रदर्शन कर रहे रेजिडेंट चिकित्सकों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली। एम्स-जम्मू के निदेशक डॉ. संजीव सिन्हा को एम्स-जोधपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि रेजिडेंट चिकित्सकों के प्रतिनिधियों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ बातचीत के बाद सरकार ने चिकित्सकों की मांगें मान लीं। एनेस्थीसिया विभाग के प्रथम वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. राज नरेश यादव (29) गत 22 सितंबर को चिकित्सकों के विश्राम कक्ष के शौचालय में मृत पाए गए थे। आशंका जताई गई थी कि ड्यूटी के दौरान उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद करीब 450 रेजिडेंट चिकित्सकों ने 24 सितंबर से हड़ताल शुरू कर दी थी। वे एम्स प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई और कामकाज की परिस्थितियों से जुड़े अन्य उपायों को लागू करने की मांग कर रहे थे। शेखावत ने कहा कि रेजिडेंट चिकित्सक शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे और जोधपुर के प्रतिनिधि के तौर पर इसका समाधान निकालना उनकी जिम्मेदारी थी, खासकर इसलिए क्योंकि इससे मरीज भी प्रभावित हो रहे थे। शनिवार को शेखावत ने एम्स-जोधपुर का दौरा किया और रेजिडेंट चिकित्सकों से बातचीत की। उन्होंने नड्डा के सामने उनकी मांगों की सूची रखी और रेजिडेंट चिकित्सकों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की। रविवार दोपहर को मंत्री ने खुद प्रदर्शनकारियों को सरकार के फैसलों के बारे में जानकारी दी। डॉ. पुरी के तबादले के अलावा, सरकार ने काम के अधिक बोझ और तनाव को देखते हुए रेजिडेंट चिकित्सकों के लगातार ड्यूटी के घंटों को ज्यादा से ज्यादा 12 घंटे तक सीमित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही एम्स-जोधपुर का पुस्तकालय भी छात्रों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे खुला रहेगा।
कल से होने वाली बैंकों की हड़ताल टली, मीटिंग के बाद देर रात फैसला; तीन दिन बैंक बंद का था ऐलान
तीन दिन तक होने वाली बैंकों की हड़ताल टाल दी गई है। रविवार रात इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच हुई बैठक के बाद बैंक हड़ताल फिलहाल के लिए स्थगित कर दी गई है।
बेंगलुरु में बड़ा हादसा टला, रनवे से टकराया IndiGo का विमान, हादसे के बाद रोकी प्लेन की उड़ान
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान आज इंडिगो की एक फ्लाइट के साथ बड़ा विमान हादसा टल गया। गुवाहाटी से आ रही फ्लाइट 6E 6542 को पहली बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान को वापस ऊपर उठाना पड़ा। दूसरी बार लैंडिंग करते समय विमान की पूंछ रनवे से टकरा ...
भोपाल के DB मॉल के सामने खंभे में उतरा करंट, BJYM नेता की तड़पकर मौत
भोपाल के एमपी नगर इलाके में रविवार रात करंट लगने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई. वह परिवार के साथ डीबी मॉल पहुंचे थे. सड़क पार करते समय खंभा पकड़ते ही उन्हें करंट लग गया. उनकी पत्नी भी चपेट में आईं, लेकिन अलग हो गईं. पुलिस ने CPR के बाद अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया.
रामदास आठवले ने CEC ज्ञानेश कुमार का बचाव किया, SIR को बताया चुनावी शुचिता के लिए जरूरी
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को अनुचित बताया।
CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा पत्र फर्जी, Election Commission ने किया स्पष्ट
निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के कथित त्यागपत्र को रविवार को ‘फर्जी’ करार दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित और कुमार के कथित हस्ताक्षर वाले एक पत्र को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद से उनके इस्तीफे की घोषणा का दावा किया गया था। इस कथित ‘‘त्यागपत्र’’ पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने इसे ‘‘फर्जी’’ बताया। विपक्ष, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर निर्वाचन आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी तथा कुमार के बीच कथित मतभेदों की खबर के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को बताया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सभी आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद ही जारी किए गए हैं। आयोग ने यह भी बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।
भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया, गिल-कोहली का शतक
भारत ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। कप्तान शुभमन गिल ने 110 रन की पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने नाबाद 139 रन बनाए।
भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने पर जुटा, Rajnath Singh ने चुनौतियों के बीच जताया अडिग संकल्प
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है और इस राह में चुनौतियां होंगी, लेकिन देश का संकल्प अडिग है। सिंह ने कहा कि भारत अगले दो दशकों के युद्ध को ध्यान में रखते हुए अपनी क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहा है। पाकिस्तान की ओर परोक्ष इशारा करते हुए सिंह ने यह भी कहा कि जब तक ‘‘हमारा पड़ोसी देश आतंकवाद को सरकार की नीति के रूप में जारी रखता है, तब तक भारत उसके खिलाफ हर तरह की कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।’’सिंह ‘एनडीटीवी रक्षा सम्मेलन’ के एक सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस सत्र में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सशस्त्र बलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज का युद्ध केवल सैनिक बनाम सैनिक का मामला नहीं है, बल्कि यह कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि इसमें जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सूचना युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन और सटीक मारक हथियार शामिल हैं। सिंह ने यह भी कहा कि भारत एक ऐसी सभ्यतागत शक्ति है, जिसका उदय टकराव या व्यवधान के बजाय समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य बिना किसी विघटन के आगे बढ़ना और संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव लाना है। अपने संबोधन के दौरान सिंह ने यह भी कहा कि जो राष्ट्र प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेतृत्व करेगा, उसे युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल होगी। उन्होंने पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति के साथ-साथ सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए उठाए गए कुछ कदमों को भी रेखांकित किया। विश्व व्यवस्था में भारत की स्थिति पर सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हम एक सभ्यतागत शक्ति हैं। हमारे उत्थान का उद्देश्य किसी दूसरे देश को पीछे छोड़ना या मौजूदा व्यवस्था को खत्म करना नहीं है; बल्कि यह सामूहिक और समावेशी विकास के बारे में है। हमारा लक्ष्य है - बिना विघटन के उत्थान, संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी दुनिया की कल्पना करते हैं, जहां भारत आगे बढ़े और पूरी दुनिया भी हमारे साथ आगे बढ़े।
बैंक यूनियनों ने टाली अपनी हड़ताल, आम लोगों के लिए बड़ी राहत
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार को हुई बैठक के बाद प्रस्तावित बैंक हड़ताल टाल दी गई है.
आगजनी-तोड़फोड़ और दहशत, तस्वीरों में देखें LPU छात्रों के प्रदर्शन का मंजर
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की अफवाह फैलने के बाद से ही छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की पुलिस से झड़प भी हुई. छात्रों ने पुलिस की कई गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया.
'शांति चाहते हैं तो युद्ध के लिए तैयार रहें', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि वह अपनी 'सरकारी नीति के तहत आतंकवाद' जारी रखता है, तो भारत किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
बाप-बेटे को पीटा, डेढ़ लाख रुपये और चेन लूटी... 2 इनामी आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के धौलपुर में नमकीन फैक्ट्री संचालक पिता-पुत्र पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित था. 21 अगस्त को बदमाशों ने फैक्ट्री में घुसकर लाठी-डंडे और बेसबॉल बैट से हमला किया था. वारदात CCTV में कैद हुई थी.
प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक नीति से खुल रहे उ0प्र0 में दुनिया के बाजार: केशव प्रसाद मौर्य
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत होती आर्थिक पहचान का लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों, उद्यमियों और व्यापारियों को मिल रहा है। दुनिया के अनेक देशों के साथ भारत के बढ़ते व्यापारिक संबंधों ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के नए द्वार खोले हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 इसी बदलते भारत और बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है।उत्तर प्रदेश मंडप में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 (यूपीएफपीपी-2023) के अंतर्गत लाभान्वित उद्यमियों के लगभग 50 स्टॉल स्थापित किए गए हैं।खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न देशों के साथ किये गये व्यापारिक समझौते इस प्रकार हैं -1 किसान मल्टीपर्पज प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, मेरठ द्वारा एस्टोनिया की एवीटेरा (AVETERA) के साथ गुड़/चीनी उत्पादों के संबंध में जापान के साथ बेकरी एवं गुड़ उत्पादों के संबंध में व्यापारिक समझौता हुआ।2 भगवती गुड़ उद्योग, बिजनौर द्वारा ताइवान की इंडिया शॉप के साथ लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते हुआ।3 जैंक्रिकेशन एलएलपी, लखनऊ द्वारा ऑस्ट्रेलिया की हरिओम फूड प्राइवेट लिमिटेड के साथ लगभग 5,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते हुआ।4 बेसिक आयुर्वेदा लिमिटेड, गाजियाबाद द्वारा यूरोप की केपीएम ग्रुप के साथ लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते का विवरण।5 अनुभी एंटरप्राइजेज, मेरठ द्वारा वियतनाम की ए. तुआन खान्ह ज्वाइंट स्टॉक कंपनी के साथ व्यापारिक समझौता।6 अमृत एग्रो फूड प्रोडक्ट्स, गोरखपुर द्वारा क्यूबा की सांता क्लारा, क्यूबा स्थित व्यापारिक संस्था के साथ व्यापारिक समझौता।
Pravesh Verma के थप्पड़ मारने पर BJP ने जताया खेद, आप विधायक पर लगाया उकसाने का आरोप
तिलक नगर में एक सड़क निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारे जाने की घटना पर खेद जताते हुए भाजपा की दिल्ली इकाई ने रविवार को दावा किया कि उक्त व्यक्ति आदतन अपराधी है और पहले नगर निगम (एमसीडी) के एक कर्मचारी के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने एक बयान में यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह निरीक्षण के दौरान पार्टी के 50 कार्यकर्ताओं को साथ लाकर वर्मा को उकसाने और ‘‘अशोभनीय एवं असभ्य’’ व्यवहार करने लगे थे। इससे पहले वर्मा ने दावा किया था कि सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के दौरान जरनैल सिंह के सहयोगी बताए जा रहे साहेब सिंह ने उनके परिवार के खिलाफ अपशब्द कहे थे। भाजपा ने आरोप लगाया कि साहेब सिंह ‘‘आदतन अपराधी’’ है और उसके खिलाफ एमसीडी के एक कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। कपूर ने कहा, ‘‘विकासपुरी में जो हुआ, वह गलत था और पीडब्ल्यूडी मंत्री ने भी इसे स्वीकार किया है। हम सभी को इसका खेद है। लेकिन विधायक जरनैल सिंह को बताना चाहिए कि मंत्री द्वारा पहले से सूचित किए जाने के बावजूद वह 45 मिनट देर से क्यों पहुंचे और भीड़ के साथ क्यों आए?’’कपूर ने आरोप लगाया कि जरनैल सिंह ने जिस तरह “जानबूझकर वर्मा को उकसाया”, उससे उन्हें याद आया कि आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इसी तरह की “साजिश” के जरिए दिल्ली के मुख्य सचिव और अपनी ही पार्टी की एक सांसद के साथ मारपीट करवाई थी।
36 हजार करोड़ के गंगा एक्सप्रेसवे पर भरा पानी, मछली पकड़ने पहुंचे लोग
Ganga Expressway Waterlogging Unnao: 36 हजार करोड़ की लागत से बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक (उन्नाव) टोल प्लाजा पर भरा पानी. जलमग्न रोड पर जाल डालकर मछली पकड़ते दिखे लोग. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की अफवाह को लेकर छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. छात्रों और पुलिस के बीच झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया. देर रात तक विश्वविद्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा.
'ई-रिक्शा ले लो, नौकरी छोड़ो', UP के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के वायरल वीडियो का क्या है सच?
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का ई-रिक्शा वाला वीडियो वायरल हुआ. एनडीटीवी की पडताल में इसका सच सामने आया.
नहीं टूटेंगे बाल, जावेद हबीब ने हेयरफॉल के लिए बताए 4 मैजिकल तरीके
Jawed Habib Hair Care Tips: अगर आप भी टूटते, गिरते और खराब हो रहे बालों से परेशान हैं तो यहां हम आपको हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब के बताए कुछ ट्रिक्स बता रहे हैं जिन्हें फॉलो कर आप अपने बालों को हेल्दी रख सकते हैं.
कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट में झड़प; कई छात्र और प्रोफेसर घायल, भारी पुलिस तैनात
छात्रों ने आरोप लगाया कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने बेहद भड़काऊ भाषण दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो संगठन के सदस्यों ने उनकी पिटाई कर दी।
ईरान ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए 7 दिन का प्रस्ताव दिया है, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और संपत्ति जारी करने की शर्तें शामिल हैं।
Election Commission के खिलाफ शिवाजी पार्क में कॉजपा के प्रदर्शन पर Mumbai Police की रोक
मुंबई पुलिस ने रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के दो अक्टूबर को शिवाजी पार्क में निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने उच्च न्यायालय के निर्देशों, नगर निकाय की अनुमति न होने और यातायात में बाधा की आशंका का हवाला देते हुए ऐसा किया। एक अधिकारी ने बताया कि अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाले संगठन के विरोध प्रदर्शन की अनुमति के लिए 26 सितंबर को सामाजिक कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे द्वारा एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था। शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन द्वारा जारी औपचारिक पत्र में कहा गया कि उच्च न्यायालय के मौजूदा आदेशों और राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के तहत पुलिस विभाग को इस मैदान में सार्वजनिक सभाओं की अनुमति देने का अधिकार नहीं है। पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आवेदक मैदान के उपयोग के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) का अनिवार्य अनुमति पत्र प्रस्तुत करने में विफल रहा। पुलिस ने कहा कि शिवाजी पार्क एक घोषित शांत क्षेत्र है, जो आवासीय क्षेत्रों से घिरा हुआ है, जिससे ध्वनि प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा होती हैं। इसके अलावा, अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से भारी यातायात जाम होने और आसपास स्थित कई प्रमुख अस्पतालों के लिए आपातकालीन वाहनों (जैसे एम्बुलेंस) की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। आयोजक को मुंबई में अन्य वैकल्पिक स्थानों की तलाश करने की सलाह देते हुए पुलिस ने कहा कि यदि किसी अन्य स्थान के लिए नया आवेदन प्रस्तुत किया जाता है, तो सक्षम प्राधिकार लागू नियमों और विनियमों के अनुसार उस पर विचार करेगा। कॉजपा ने पहले घोषणा की थी कि वह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिवाजी पार्क से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह लामबंदी एक समाचार रिपोर्ट के बाद सामने आई है, जिसमें कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से संबंधित निर्णयों और आदेशों पर कई अवसरों पर आपत्तियाँ जताई थीं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतभेद और अलग-अलग विचार संस्थागत चर्चाओं का एक सामान्य हिस्सा हैं, और उसके सभी आदेशों को पूर्ण कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।
असम पुलिस की हिरासत से छूटे कॉकरोच के आशुतोष रांका, क्यों कहा- सॉरी शक्तिमान
कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संस्थापक आशुतोष रांका रविवार को असम पुलिस की हिरासत से छूट गए। इसको लेकर उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया। आशुतोष ने लिखा कि असम पुलिस की गैरकानूनी हिरासत खत्म हो गई।
देश भर में डिजिटल पेमेंट की रीढ़ बन चुके यूपीआई (UPI) के कमर्शियल मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर खुदरा व्यापारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने आगामी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर देशव्यापी 'नो यूपीआई डे' (No UPI Day) मनाने की घोषणा की है। इस दिन देश भर के लाखों मोबाइल रिटेलर्स अपनी दुकानों पर लगे फोनपे, गूगल पे, पेटीएम और भारतपे जैसे सभी यूपीआई क्यूआर कोड्स (QR Codes) को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे और दिन भर किसी भी ग्राहक से यूपीआई के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। यह विरोध 15 अक्टूबर से लागू होने वाले उस नए नियम के खिलाफ है, जिसमें 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया गया है।2 अक्टूबर को क्यूआर कोड क्यों ढक रहे हैं मोबाइल रिटेलर्स?एसोसिएशन के अनुसार, यह कदम सरकार या डिजिटल इंडिया के खिलाफ नहीं, बल्कि कम मार्जिन पर काम करने वाले खुदरा व्यापारियों की आजीविका को बचाने का एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध है।काले कपड़े से ढकेंगे क्यूआर कोड: 2 अक्टूबर को मोबाइल स्टोर्स पर क्यूआर स्टैंड्स को काले कपड़े से कवर किया जाएगा, ताकि ग्राहकों और सरकार का ध्यान इस नए वित्तीय बोझ की ओर आकर्षित किया जा सके।नकद और कार्ड से ही होगा काम: इस एक दिन के लिए मोबाइल फोन विक्रेता केवल कैश (नकदी) या पारंपरिक माध्यमों से ही भुगतान लेंगे, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि यदि डिजिटल भुगतान महंगा हुआ, तो व्यापारी पुनः नकदी की ओर लौटने को मजबूर हो जाएंगे।15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है: 0.4% MDR का पूरा गणितनए भुगतान फ्रेमवर्क के तहत, 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ऊपर के कमर्शियल पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शंस पूरी तरह निःशुल्क नहीं रहेंगे:0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट: ₹2,000 से अधिक की खरीदारी पर मर्चेंट को 0.4 प्रतिशत का शुल्क चुकाना होगा। उदाहरण के लिए, यदि ग्राहक ₹5,000 का स्मार्टफोन एक्सेसरी खरीदता है तो दुकानदार को ₹20 कटेंगे। यदि ₹50,000 का फोन खरीदा जाता है, तो दुकानदार के खाते से सीधे ₹200 का एमडीआर काट लिया जाएगा।अधिकतम सीमा (Cap): ₹75,000 या उससे अधिक के किसी भी बड़े बिल पर एमडीआर की अधिकतम सीमा ₹300 तय की गई है।छोटे वेंडर्स सुरक्षित: महीने में ₹1 लाख तक का टर्नओवर लेने वाले छोटे रेहड़ी-पटरी वालों और किराना दुकानदारों (P2PM श्रेणी) तथा आम नागरिकों के आपसी ट्रांसफर (P2P) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।मोबाइल विक्रेताओं का तर्क: स्मार्टफोन रिटेल में मार्जिन पहले से ही बेहद कममोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजे अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन बिक्री का बिजनेस बहुत पतले ग्रॉस मार्जिन (2% से 4%) पर चलता है:सीधा मासिक नुकसान: यदि एक सामान्य छोटा दुकानदार महीने में 5 लाख से 30 लाख रुपये का फोन स्टॉक यूपीआई से बेचता है, तो उसे ₹2,000 से लेकर ₹12,000 प्रति माह का शुद्ध नुकसान केवल एमडीआर शुल्क के रूप में उठाना पड़ेगा।सालाना 500 करोड़ का बोझ: एसोसिएशन का अनुमान है कि 0.4% का यह मामूली दिखने वाला शुल्क देश भर के मोबाइल दुकानदारों पर सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये का असहनीय वित्तीय बोझ डाल देगा।'जीरो एमडीआर' की मांग: रिटेलर्स की साफ मांग है कि यदि डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना है, तो यूपीआई मर्चेंट भुगतानों को हमेशा की तरह 0% एमडीआर के दायरे में ही रखा जाना चाहिए।सरकार और वित्त मंत्रालय का पक्ष: आम जनता की जेब से नहीं कटेगा पैसाइस विवाद के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और बैंकिंग तंत्र ने साफ किया है कि यह शुल्क कोई सरकारी टैक्स या सेस नहीं है और इसका पैसा भारत सरकार के खजाने में नहीं जाएगा। यह पेमेंट इकोसिस्टम (जैसे अधिग्रहणकर्ता बैंक, ग्राहक का बैंक और यूपीआई नेटवर्क प्रदाता) के बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए तय की गई सेवा लागत है। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि इसका भार अंतिम उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा।हालांकि, मोबाइल रिटेलर्स का कहना है कि दुकानदारों के मार्जिन से पैसा कटना सीधे तौर पर उनके मुनाफे पर चोट है, जिसके चलते 2 अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे' के जरिए वे अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
विमान में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया है। इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि विमान के मेंटेनेंस की जांच की जा रही है।
लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन यानी बड़ा फंड बनाने की बात आते ही भारतीय खुदरा निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अनुशासित तरीके से म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) करें या फिर सीधे चुनिंदा मजबूत कंपनियों के शेयर (Direct Stocks) खरीदकर पोर्टफोलियो बनाएं।दोनों ही रास्तों की अपनी खूबियां और जोखिम हैं। जहां म्यूचुअल फंड पेशेवर फंड मैनेजर के अनुभव और डायवर्सिफिकेशन के साथ स्थिर कंपाउंडिंग देते हैं, वहीं सही शेयरों का चुनाव असाधारण (Multibagger) रिटर्न देकर दौलत को कई गुना तेजी से बढ़ा सकता है। लेकिन 20 साल की लंबी अवधि में ₹5,000 प्रति माह के निवेश पर कौन सा विकल्प असली वेल्थ बनाएगा, इसे ठोस वित्तीय गणित और आंकड़ों से समझना जरूरी है।20 साल बाद कॉर्पस का पूरा कैलकुलेशन: समझिए चक्रवृद्धि का अंतरयदि आप हर महीने ₹5,000 का निवेश लगातार 20 वर्षों (240 महीनों) तक जारी रखते हैं, तो आपकी जेब से जाने वाली कुल मूल राशि होगी:$$ ext{कुल निवेश} = ₹5,000 imes 240 = ₹12,00,000 ext{ (12 लाख रुपये)}$$परिदृश्य 1: इंडेक्स / डाइवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड SIP (13% औसत रिटर्न)भारत के ब्रॉड मार्केट इंडेक्स (जैसे Nifty 50 या Nifty 500) और अच्छे एक्टिव फ्लेक्सी-कैप फंड्स ने ऐतिहासिक रूप से 12% से 14% के बीच सीएजीआर (CAGR) दिया है।अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 13%20 साल बाद कुल वेल्थ: ₹57,28,980 (लगभग ₹57.3 लाख)शुद्ध वेल्थ गेन (मुनाफा): ₹45,28,980परिदृश्य 2: डायरेक्ट इक्विटी पोर्टफोलियो (16% औसत रिटर्न)यदि कोई निवेशक बैलेंस शीट, कैश फ्लो और बिजनेस मोटो को समझकर 10-15 दिग्गज लार्ज और मिड-कैप कंपनियों का पोर्टफोलियो बनाकर टिके रहता है:अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 16%20 साल बाद कुल वेल्थ: ₹87,41,600 (लगभग ₹87.4 लाख)शुद्ध वेल्थ गेन (मुनाफा): ₹75,41,600अंतर का असर: मात्र 3% के अतिरिक्त रिटर्न से 20 साल के अंत में कुल कॉर्पस में ₹30.12 लाख से अधिक का सीधा फासला बन जाता है।दोनों विकल्पों की विस्तृत तुलना: रिस्क, रिटर्न और मेहनतपैरामीटरम्यूचुअल फंड SIPडायरेक्ट स्टॉक्स (सीधे शेयर)अनुमानित ऐतिहासिक रिटर्न12% – 14% CAGR15% – 20% CAGR (सफल चुनाव पर)पोर्टफोलियो रिस्कमध्यम (40-60 कंपनियों में बंटा)उच्च (गलत शेयर चुनने पर पूंजी घटने का खतरा)समय और शोध की जरूरतनगण्य (फंड मैनेजर संभालता है)अत्यधिक (तिमाही नतीजे, बैलेंस शीट, सेक्टर ट्रैकिंग)लागत (Expense Ratio)0.5% – 1.5% सालानाकेवल ब्रोकरेज, एसटीटी व डीपी चार्जअनुशासन और साइकोलॉजीऑटो-डेबिट के जरिए आसानबाजार की गिरावट में घबराहट (Panic Selling) का भारी जोखिमशुरुआती पूंजी का फैलाव₹5,000 में ही 50 कंपनियों का एक्सपोजर₹5,000 में महंगे शेयर (जैसे MRF, पेज इंडस्ट्रीज) के 1 शेयर भी नहीं आतेडायरेक्ट स्टॉक्स में क्या हैं सबसे बड़ी जमीनी चुनौतियां?कागजों पर 16% या 18% का रिटर्न बेहद आकर्षक लगता है, लेकिन ₹5,000 प्रति माह से सीधे शेयर खरीदने में खुदरा निवेशकों के सामने तीन बड़ी अड़चनें आती हैं:डायवर्सिफिकेशन की सीमा: हर महीने मात्र ₹5,000 में 10-12 अलग-अलग मजबूत कंपनियों के शेयर एक साथ खरीद पाना संभव नहीं होता। इसके चलते शुरुआती वर्षों में पोर्टफोलियो 1 या 2 शेयरों पर ही केंद्रित रह जाता है।बिहेवियरल रिस्क (मनोवैज्ञानिक दबाव): जब बाजार में 20-30% का बड़ा करेक्शन आता है, तो सीधे खरीदे गए शेयरों की कीमत 40-50% तक गिर जाती है। पर्याप्त अनुभव न होने पर अधिकांश खुदरा निवेशक निचले स्तरों पर शेयर बेचकर भारी नुकसान उठा लेते हैं।कंपनियों का पतन: पिछले 20 सालों का इतिहास गवाह है कि कई शीर्ष कंपनियां (जैसे रिलायंस कम्युनिकेशंस, यस बैंक, डीएचएफएल, यूनिटेक) बाजार से साफ हो गईं। यदि आपके पोर्टफोलियो का कोई बड़ा हिस्सा ऐसे शेयर में फंस गया, तो कंपाउंडिंग का गणित बिगड़ जाता है।म्यूचुअल फंड SIP क्यों बन जाता है सुरक्षित वेल्थ क्रिएटर?प्रोफेशनल वेल्थ मैनेजमेंट: आपके ₹5,000 के छोटे निवेश को सेबी-पंजीकृत फंड मैनेजर और पूरी रिसर्च एनालिस्ट टीम ट्रैक करती है।ऑटो-रीबैलेंसिंग: यदि किसी कंपनी के फंडामेंटल खराब होते हैं, तो फंड मैनेजर उसे तुरंत पोर्टफोलियो से बाहर कर अच्छी कंपनी को शामिल कर लेता है।रुपी कॉस्ट एवरेजिंग: जब बाजार गिरता है तो आपको ज्यादा एनएवी यूनिट्स मिलती हैं, और जब बाजार चढ़ता है तो पोर्टफोलियो की वैल्यू तेजी से बढ़ती है।20 साल में असली धनवान बनने का सबसे सटीक फॉर्मूलायदि आपके पास वित्तीय बाजारों का गहरा ज्ञान नहीं है और आप रोजाना कंपनियों की खबरें व बैलेंस शीट नहीं पढ़ सकते, तो म्यूचुअल फंड एसआईपी आपके लिए सबसे सुरक्षित, तनावमुक्त और सुनिश्चित वेल्थ क्रिएटर साबित होगा।एक समझदारी भरी रणनीति यह हो सकती है:80% कोर पोर्टफोलियो (₹4,000/माह): 1 निफ्टी 50 इंडेक्स फंड और 1 फ्लेक्सी-कैप एक्टिव फंड में SIP करें।20% सैटेलाइट पोर्टफोलियो (₹1,000/माह): इस बची हुई राशि से अपनी समझ की 2-3 दिग्गज कंपनियों के शेयर सीधे खरीदें, ताकि आप बाजार को प्रैक्टिकली सीख भी सकें और कोर पूंजी सुरक्षित भी रहे।
भारतीय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (Consumer Durables) और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग आने वाले वर्षों में अभूतपूर्व विकास के नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। उद्योग विश्लेषकों और हालिया बाजार अध्ययन रिपोर्टों के अनुसार, देश का कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बाजार साल 2030 तक लगभग 10 से 11 प्रतिशत की मजबूत सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ते हुए ₹3.25 लाख करोड़ (लगभग 38 से 40 अरब डॉलर) के विशाल आकार तक पहुंचने का अनुमान है।बढ़ती प्रति व्यक्ति आय, तेजी से होता शहरीकरण, बिजली की सुलभता और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों में होम अप्लायंसेज की बढ़ती स्वीकार्यता ने इस सेक्टर को भारतीय मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल का सबसे तेज इंजन बना दिया है।बाजार में इस बड़ी छलांग के पीछे के मुख्य विकास चालक (Growth Drivers)भारतीय परिवारों की प्राथमिकताओं में आए संरचनात्मक बदलाव के कारण एयर कंडीशनर (AC), रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और स्मार्ट टीवी अब विलासिता के साधन न रहकर बुनियादी दैनिक आवश्यकता बन चुके हैं। बाजार के इस तेज विस्तार को निम्नलिखित कारक गति दे रहे हैं:प्रीमियम और स्मार्ट अप्लायंसेज का बढ़ता क्रेज: भारतीय उपभोक्ता अब केवल बुनियादी फीचर्स वाले सस्ते मॉडल नहीं खोज रहे, बल्कि वे ऊर्जा-कुशल (5-स्टार इन्वर्टर), आईओटी-सक्षम (IoT-enabled) और एआई-संचालित स्मार्ट उपकरणों के लिए अतिरिक्त खर्च करने को तैयार हैं।आसान उपभोक्ता ऋण (Easy Consumer Financing): नो-कॉस्ट ईएमआई (No-Cost EMI), 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) और क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले आसान विकल्पों ने मध्यम और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 30,000 से 60,000 रुपये तक के बड़े उपकरण खरीदना बेहद सुलभ बना दिया है।टियर-2, 3 और ग्रामीण बाजारों का उभार: मेट्रो शहरों में बाजार परिपक्वता (Saturation) की ओर बढ़ रहा है, जबकि गैर-महानगरीय कस्बों और ग्रामीण भारत में पैठ (Penetration Rate) अभी भी वैश्विक औसत से काफी कम है। ग्रामीण विद्युतीकरण और जल जीवन मिशन जैसी पहलों ने इन इलाकों में वाशिंग मशीन और फ्रिज की मांग को अप्रत्याशित बढ़ावा दिया है।जलवायु परिवर्तन और गर्मी के रिकॉर्ड: भारत में लंबे होते ग्रीष्मकाल और भीषण लू के दौर के चलते एयर कंडीशनर की मांग मौसमी न रहकर लगभग 8-9 महीने की नियमित जरूरत बन चुकी है।सरकारी नीतियां और 'मेक इन इंडिया': आयात निर्भरता से निर्यात का सफरघरेलू उत्पादन को सशक्त करने के लिए भारत सरकार की नीतियां इस बाजार को आत्मनिर्भर बनाने में रीढ़ की हड्डी साबित हुई हैं:उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI Scheme): व्हाइट गुड्स (मुख्य रूप से एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स) के लिए लाई गई पीएलआई योजना के तहत अरबों रुपये का नया पूंजीगत निवेश आया है। पहले जहां कंप्रेसर, कॉपर ट्यूबिंग और पीसीबीए (PCBA) जैसे महत्वपूर्ण पुर्जों के लिए देश पूरी तरह चीन या दक्षिण-पूर्व एशिया पर निर्भर था, वहीं अब इनका स्थानीय विनिर्माण 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ चुका है।वैश्विक निर्यात का हब बनने की तैयारी: घरेलू मांग पूरी करने के साथ-साथ वोल्टास, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, हैवेल्स, एलजी इंडिया और सैमसंग जैसी कंपनियां भारत को मध्य पूर्व, अफ्रीका और सार्क देशों के लिए एक वैश्विक निर्यात आधार (Export Hub) के रूप में विकसित कर रही हैं।किस उत्पाद श्रेणी में दिखेगी सबसे तेज बढ़ोतरी?2030 तक 3.25 लाख करोड़ रुपये के इस लक्ष्य में अलग-अलग श्रेणियों की हिस्सेदारी तेजी से बदल रही है:एयर कंडीशनर (RAC): इस श्रेणी में 14 से 16 प्रतिशत की सर्वाधिक सालाना वृद्धि दर दर्ज किए जाने का अनुमान है। वर्तमान में भारत में एसी की घरेलू पैठ महज 8 से 9 प्रतिशत है, जो 2030 तक बढ़कर 18 से 20 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।रेफ्रिजरेटर (Refrigerators): सिंगल डोर से फ्रॉस्ट-फ्री और साइड-बाय-साइड बड़े क्षमता वाले रेफ्रिजरेटर्स की ओर उपभोक्ताओं का माइग्रेशन तेजी से हो रहा है।वॉशिंग मशीन (Washing Machines): अर्ध-स्वचालित (Semi-Automatic) मशीनों के स्थान पर फुली-ऑटोमैटिक और फ्रंट-लोड मशीनों की मांग टियर-2 और टियर-3 शहरों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ रही है।स्मार्ट और कनेक्टेड होम एंटरटेनमेंट: बड़ी स्क्रीन वाले 4K/8K स्मार्ट टीवी और कनेक्टेड होम अप्लायंसेज घर-घर में मुख्यधारा का हिस्सा बन रहे हैं।ई-कॉमर्स बनाम ऑफलाइन रिटेल: ओमनीचैनल मॉडल की जीतरिपोर्ट के अनुसार, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की बिक्री में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (Amazon, Flipkart) की हिस्सेदारी बढ़ी जरूर है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में 'टच एंड फील' अभी भी भारतीय खरीदार के लिए निर्णायक पहलू है। यही कारण है कि रिलायंस डिजिटल, क्रोमा, विजय सेल्स और स्थानीय मल्टी-ब्रांड शोरूम्स जैसे बड़े रिटेलर्स अब ओमनीचैनल (Omnichannel) मॉडल पर काम कर रहे हैं, जहां उपभोक्ता ऑनलाइन शोध करके स्टोर से व्यक्तिगत अनुभव और तत्काल डिलीवरी के साथ उत्पाद खरीद रहा है।कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्र का यह अभूतपूर्व विस्तार न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स और आफ्टर-सेल्स सर्विस नेटवर्क में लाखों नए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
देश भर के 100 करोड़ से अधिक प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने प्रीपेड रिचार्ज प्लान्स के नियमों में ऐतिहासिक संशोधन करते हुए 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (13वां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026' जारी कर दिया है। इस नए नियम के तहत अब टेलीकॉम कंपनियों (Jio, Airtel, Vi, BSNL) को 28 दिनों के कथित 'मंथली पैक' के बजाय पूरे 30 दिनों की वैलिडिटी वाले रिचार्ज प्लान और हर महीने की समान तारीख पर रिन्यू होने वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने होंगे। इसका सीधा असर यह होगा कि उपभोक्ताओं को अब साल भर में 13 बार के बजाय केवल 12 बार ही मोबाइल रिचार्ज कराना पड़ेगा। संसद में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा द्वारा 28 दिन की वैलिडिटी के इस खेल के खिलाफ आवाज उठाए जाने के बाद ट्राई ने यह कड़ा कदम उठाया है।28 दिनों का गणित: कैसे एक साल में चुपके से कटता था 13वां रिचार्ज?लंबे समय से भारत की प्रमुख निजी टेलीकॉम कंपनियां अपने मंथली प्रीपेड प्लान्स में 30 या 31 दिन के बजाय महज 28 दिनों की वैधता देती आ रही थीं। आम उपभोक्ता इसे महीने का प्लान समझकर रिचार्ज कराता था, लेकिन इसके पीछे कंपनियों का एक बड़ा वित्तीय गणित छिपा था।एक वर्ष में 365 दिन होते हैं। यदि 365 दिनों को 28 दिन के चक्र से विभाजित किया जाए, तो कुल 13 चक्र बनते हैं और 1 दिन शेष बचता है ($$28 imes 13 = 364$$दिन)। यानी हर महीने के 2 से 3 दिन काटकर कंपनियां साल के अंत तक उपभोक्ता से अनजाने में एक अतिरिक्त महीने का यानी 13वां रिचार्ज वसूल लेती थीं। राघव चड्ढा ने संसद के उच्च सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा था कि यह 125 करोड़ प्रीपेड ग्राहकों की जेब पर बिना उनकी जानकारी के डाला गया एक बड़ा अप्रत्यक्ष वित्तीय बोझ है। ट्राई के नए 30-दिवसीय और मासिक रिन्यूअल नियमों से अब उपभोक्ताओं को साल भर में सीधे-सीधे एक महीने के रिचार्ज की बचत होगी।राघव चड्ढा ने संसद में उठाया था मुद्दा, अब गिनाए फैसले के बड़े फायदेसंसद में आम जनता के इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ट्राई और केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया और वीडियो संदेश के जरिए इसके बड़े फायदे गिनाए हैं:13 की जगह सिर्फ 12 रिचार्ज: अब ग्राहकों को 28 दिन के चक्र से मुक्ति मिलेगी और कैलेंडर वर्ष के अनुसार साल में सिर्फ 12 बार ही रिचार्ज कराना होगा।सस्ते वॉयस और SMS-ओनली प्लान: वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और कम आय वर्ग के करोड़ों लोग ऐसे हैं जो सिर्फ फोन पर बात करने या ओटीपी/एसएमएस के लिए मोबाइल रखते हैं, उन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं होती। नए नियमों के बाद कंपनियों को बिना बंडल डेटा वाले सस्ते 'वॉयस + एसएमएस' स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) लॉन्च करने होंगे।सेकेंडरी सिम एक्टिव रखना होगा आसान: कई लोग एक से ज्यादा सिम कार्ड केवल बैंकिंग या पर्सनल नंबर के तौर पर एक्टिव रखते हैं। उन्हें जबरन 200-300 रुपये का महंगा डेटा पैक नहीं लेना पड़ेगा, बल्कि वे बहुत कम खर्च में सिम चालू रख सकेंगे।फिक्स्ड रिन्यूअल डेट: ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित तारीख (जैसे हर महीने की 1 तारीख या बिलिंग डेट) पर रिन्यूअल का विकल्प मिलेगा, जिससे बार-बार रिचार्ज की तारीख याद रखने की झंझट खत्म होगी।ट्राई के 13वें संशोधन रेगुलेशन 2026 में क्या-क्या है खास?ट्राई द्वारा अधिसूचित नए फ्रेमवर्क में टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं:30-डे वैलिडिटी अनिवार्य: टेलीकॉम कंपनियों को अपने टैरिफ बास्केट में 30 दिनों की स्पष्ट वैलिडिटी वाले वाउचर्स शामिल करने होंगे।मासिक रिन्यूअल वाउचर: एक ऐसा प्लान देना होगा जिसकी रिन्यूअल डेट हर महीने वही रहेगी जिस दिन पहली बार रिचार्ज किया गया था। यदि किसी महीने में वह तारीख नहीं है (जैसे 31 तारीख), तो वह उस महीने के अंतिम दिन रिन्यू होगा।कैलेंडर मंथ प्लान्स का विस्तार: बंडल डेटा प्लान के साथ-साथ केवल कॉलिंग वाले लंबी अवधि (जैसे 84 दिन या 365 दिन) के प्लान्स में भी वॉयस-ओनली विकल्प आनुपातिक रूप से कम कीमत पर उपलब्ध कराने होंगे।आम उपभोक्ताओं की जेब पर कितना पड़ेगा सकारात्मक असर?वर्तमान में एक सामान्य 28-दिवसीय प्रीपेड प्लान (जिसमें डेली 1.5GB डेटा और कॉलिंग मिलती है) की औसत कीमत लगभग 299 रुपये से 349 रुपये के बीच होती है। साल भर में 13 बार रिचार्ज कराने पर एक यूजर को औसतन लगभग 3,900 से 4,500 रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब साल में केवल 12 रिचार्ज होने से सीधे तौर पर 300 से 350 रुपये की सालाना बचत होगी। वहीं ग्रामीण इलाकों में बुजुर्गों और सामान्य फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के लिए वॉयस-ओनली प्लान आने से उनका मासिक टेलीकॉम खर्च 50 से 60 प्रतिशत तक घट जाएगा।ट्राई के इस सख्त फैसले से भारतीय टेलीकॉम बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों को अपनी वास्तविक जरूरत के मुताबिक ही भुगतान करने की पूरी आजादी मिलेगी।
एक ही गड्ढा, दो हादसे... रात में बस खाई में पलटी, सुबह कार भी गिरी-VIDEO
आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर एक ही जगह कुछ घंटों के भीतर दो वाहन हादसे का शिकार हो गए. शनिवार रात श्रद्धालुओं से भरी बस क्षतिग्रस्त सड़क के गड्ढे में जाकर खाई में पलट गई, जिसमें 13 लोग घायल हो गए. सुबह करीब 5:13 बजे उसी स्थान पर एक कार भी गड्ढे में जा गिरी. दोनों घटनाएं CCTV में कैद हुई हैं.
‘वोट चोरी’ केवल नतीजा नहीं, बल्कि उसके बाद का अहंकार भी लाती है : राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक नौजवान को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। उसका गुनाह? वो वीडियो बना रहा था। मंत्री के सामने सड़क खोदकर दिखाई जा रही थी, और उसके हाथ में कैमरा था।
नौकरी बदलने या करियर में कुछ समय का ब्रेक लेने पर ज्यादातर कर्मचारी केवल अपने प्रोविडेंट फंड (PF) का बैलेंस ट्रांसफर करने या उसे निकालने पर ही ध्यान देते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के एकीकृत पोर्टल पर लॉगिन करके पीएफ पासबुक का स्टेटस चेक करना और ऑनलाइन क्लेम फाइल करना अब बेहद आसान हो चुका है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में 90 प्रतिशत से अधिक नौकरीपेशा लोग एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। इस दस्तावेज का नाम है 'स्कीम सर्टिफिकेट' (Scheme Certificate)।वित्तीय और पेंशन मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय में यह एक कागज आपके पीएफ फंड से भी कहीं अधिक मूल्यवान साबित होता है। यदि आप नौकरी छोड़ रहे हैं, दूसरी कंपनी ज्वाइन करने में वक्त है या किसी कारणवश कुछ साल के लिए काम से ब्रेक ले रहे हैं, तो स्कीम सर्टिफिकेट न लेना आपके बुढ़ापे की पेंशन को हमेशा के लिए खतरे में डाल सकता है।क्या होता है EPFO का स्कीम सर्टिफिकेट (Scheme Certificate)?ईपीएफओ के तहत हर महीने आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12 प्रतिशत हिस्सा ईपीएफ में कटता है, और इतनी ही राशि नियोक्ता (कंपनी) द्वारा दी जाती है। कंपनी के इस 12 प्रतिशत अंशदान में से 8.33 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस (EPS - Employee Pension Scheme, 1995) में जाता है, जबकि शेष 3.67 प्रतिशत ईपीएफ में जुड़ता है।स्कीम सर्टिफिकेट ईपीएफओ द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक प्रमाणपत्र है, जो फॉर्म 10C के माध्यम से प्राप्त होता है। यह सर्टिफिकेट इस बात का पक्का कानूनी और प्रमाणित रिकॉर्ड होता है कि आपने कितने वर्षों और महीनों तक ईपीएस में योगदान दिया है। सरल शब्दों में कहें तो यह आपकी पेंशन सेवा अवधि (Pensionable Service Period) को सुरक्षित रखने वाली एक पासबुक है।नौकरी बदलने पर क्यों है यह पीएफ से भी ज्यादा जरूरी?जब आप एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में जाते हैं, तो आमतौर पर ऑनलाइन पोर्टल से आपका पीएफ बैलेंस ट्रांसफर हो जाता है। लेकिन कई मामलों में—विशेष रूप से जब पिछली और नई कंपनी के ट्रस्ट अलग हों, बीच में सर्विस ब्रेक आ जाए, या आप तुरंत कोई नई नौकरी ज्वाइन न कर रहे हों—पेंशन का सर्विस रिकॉर्ड अधूरा रह जाता है।पेंशन के लिए 10 साल की अनिवार्य शर्त: ईपीएस नियमों के अनुसार, 58 वर्ष की आयु के बाद आजीवन मासिक पेंशन पाने के लिए किसी भी कर्मचारी का कुल सेवा काल (Total Service) कम से कम 10 वर्ष (120 महीने) होना अनिवार्य है।सर्विस पीरियड का क्लब होना: यदि आपने पहली कंपनी में 4 साल काम किया और दूसरी में 6 साल, तो इन दोनों अवधियों को जोड़ने के लिए पेंशन रिकॉर्ड का ट्रांसफर होना जरूरी है। स्कीम सर्टिफिकेट पिछली सर्विस को नई सर्विस के साथ जोड़ता है।रिकॉर्ड खोने से बचाव: यदि बीच में कंपनी बंद हो जाए या उसका रिकॉर्ड ईपीएफओ पोर्टल पर मिसमैच हो जाए, तो स्कीम सर्टिफिकेट आपके पास मौजूद ठोस कानूनी साक्ष्य होता है जिसके आधार पर ईपीएफओ आपकी पुरानी सर्विस को खारिज नहीं कर सकता।9.5 साल से कम और ज्यादा सर्विस पर क्या हैं नियम?ईपीएस नियमों के तहत नौकरी छोड़ने पर सर्विस की अवधि के आधार पर नियम पूरी तरह बदल जाते हैं:10 साल से कम की सेवा (Service Less than 9.5 Years): यदि आपकी कुल सेवा 9.5 साल से कम है और आप बेरोजगार हैं, तो आपके पास दो विकल्प होते हैं—या तो फॉर्म 10C भरकर पेंशन का पैसा एकमुश्त विड्रॉ (Withdraw) कर लें, या फिर 'स्कीम सर्टिफिकेट' ले लें। जानकारों की सलाह होती है कि कभी भी पेंशन का पैसा बीच में न निकालें, बल्कि स्कीम सर्टिफिकेट लें ताकि भविष्य में जब भी नई नौकरी लगे, यह अवधि अगली नौकरी में जुड़ सके और आप 10 साल की पात्रता पूरी कर सकें।10 साल से अधिक की सेवा (Service 10 Years or More): यदि आपकी कुल सेवा 10 साल पूरी हो चुकी है, तो नियम के तहत आप ईपीएस से पैसा निकाल ही नहीं सकते। ऐसी स्थिति में स्कीम सर्टिफिकेट लेना कानूनन अनिवार्य हो जाता है। यह सर्टिफिकेट इस बात की गारंटी देता है कि 50 या 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर आपको आजीवन पेंशन मिलेगी।परिवार और नॉमिनी के लिए सबसे बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवचस्कीम सर्टिफिकेट केवल कर्मचारी के लिए ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के लिए भी एक बड़ा ढाल है।यदि किसी कारणवश कर्मचारी के साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो वैध स्कीम सर्टिफिकेट होने पर उसके आश्रित जीवनसाथी (विधवा/विधुर पेंशन) और दो बच्चों (25 वर्ष की उम्र तक) को तुरंत पारिवारिक पेंशन (Family Pension) मिलने लगती है। यदि कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने के बाद पेंशन का पैसा निकाल लिया होता और नई नौकरी में सर्विस नहीं जोड़ी होती, तो परिवार इस आजीवन सुरक्षा कवच से पूरी तरह वंचित रह जाता।स्कीम सर्टिफिकेट के लिए कैसे करें आवेदन?स्कीम सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित है और इसे ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से लिया जा सकता है:फॉर्म 10C का उपयोग: ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य सेवा पोर्टल (Member Portal) पर जाएं।ऑनलाइन क्लेम: 'Online Services' टैब के तहत 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' पर क्लिक करें।विकल्प का चयन: जब फॉर्म 10C का चयन करें, तो 'Withdrawal Benefit' चुनने के बजाय 'Scheme Certificate' का विकल्प चुनें।दस्तावेज: अपने बैंक खाते का कैंसिल्ड चेक, सर्विस हिस्ट्री और परिवार/नॉमिनी का विवरण सबमिट करें।सर्टिफिकेट प्राप्ति: सत्यापन के बाद संबंधित क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय द्वारा आपके पंजीकृत पते पर भौतिक सर्टिफिकेट भेजा जाता है या पोर्टल से डिजिटल रूप से जारी किया जाता है।नई कंपनी में ज्वाइन करते समय आपको केवल इस स्कीम सर्टिफिकेट का नंबर और कॉपी नए एचआर को देनी होती है, जिससे आपकी पुरानी पेंशन सेवा बिना किसी रुकावट के नए यूएएन (UAN) खाते से सीधे जुड़ जाती है।
बेंगलुरु में इंडिगो के एयरबस A321 विमान में 'गो-अराउंड' के दौरान टेल स्ट्राइक की घटना सामने आई, हालांकि दूसरी कोशिश में विमान सुरक्षित उतर गया।
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ऐसा क्या हुआ कि लैंड करते ही रनवे से टकरा गया इंडिगो विमान? बाल-बाल बचे यात्री
इंडिगो का एक विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से टकरा गया. ये हादसा बेंगलुरु के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ. गनीमत रही कि दुर्घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई.
विदेश यात्रा की योजना बनाना जितना रोमांचक और सुखद अनुभव होता है, उतनी ही इसमें बारीक योजना और सतर्कता की आवश्यकता होती है। कई बार यात्री फ्लाइट टिकट और होटल बुकिंग के उत्साह में ऐसी छोटी-छोटी बुनियादी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो परदेस पहुंचते ही उनके पूरे ट्रिप का मजा किरकिरा कर देती हैं। दूसरे देश की धरती पर भाषा, मुद्रा, संस्कृति और कानूनी कायदे भारत से बिल्कुल अलग होते हैं। एक छोटी सी दस्तावेजी कमी या स्थानीय नियम की अनदेखी आपको एयरपोर्ट पर डिटेन करवा सकती है या भारी आर्थिक दंड का शिकार बना सकती है। यदि आप भी विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, तो उड़ान भरने से पहले ये 10 गोल्डन टिप्स अच्छी तरह समझ लें, ताकि आपका अंतरराष्ट्रीय सफर सुरक्षित, तनावमुक्त और यादगार बन सके।पासपोर्ट की 6 महीने वाली वैधता और ब्लैंक पेज चेक करेंअंतरराष्ट्रीय उड़ानों का सबसे प्राथमिक और अनिवार्य नियम पासपोर्ट की वैधता है। दुनिया के अधिकांश देश (जैसे थाईलैंड, यूएई, सिंगापुर, यूरोपीय शेंगेन देश आदि) यह अनिवार्य शर्त रखते हैं कि आपके पासपोर्ट की एक्सपायरी डेट यात्रा की वापसी तिथि से कम से कम 6 महीने बाद की होनी चाहिए। यदि पासपोर्ट में 5 महीने या उससे कम की वैलिडिटी बची है, तो भारतीय हवाई अड्डे पर ही एयरलाइन स्टाफ आपको बोर्डिंग पास देने से मना कर देगा। इसके अलावा, पासपोर्ट में इमिग्रेशन स्टैंपिंग और वीजा स्टीकर के लिए कम से कम 2 से 3 खाली पन्ने (Blank Pages) होना आवश्यक है।व्यापक ट्रैवल इंश्योरेंस (Travel Insurance) कभी न छोड़ेंविदेश यात्रा के दौरान अक्सर लोग पैसे बचाने के चक्कर में ट्रैवल इंश्योरेंस नहीं लेते, जो सबसे बड़ी वित्तीय भूल साबित हो सकती है। अमेरिका, यूरोप या खाड़ी देशों में सामान्य चिकित्सकीय आपातकाल या अस्पताल में एक दिन का खर्च लाखों रुपये में बैठता है। एक व्यापक ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी मेडिकल इमरजेंसी, अस्पताल में भर्ती होने, फ्लाइट कैंसिलेशन, बैगेज गुम होने और पासपोर्ट खोने जैसी आपात स्थितियों में लाखों रुपये का वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करती है। कई देशों (जैसे शेंगेन जोन) में वीजा के लिए न्यूनतम 30,000 यूरो का इंश्योरेंस अनिवार्य है।फॉरेक्स कार्ड बनाम कैश: 70:30 का स्मार्ट अनुपात अपनाएंविदेश में केवल भारतीय क्रेडिट या डेबिट कार्ड पर निर्भर रहना भारी पड़ सकता है, क्योंकि उन पर 3.5% से 5% तक का भारी फॉरेक्स मार्कअप चार्ज और डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) शुल्क कटता है।मल्टी-करंसी फॉरेक्स कार्ड: यात्रा से पहले बैंक या मान्यता प्राप्त फिनटेक कंपनियों से जीरो-फॉरेक्स मार्कअप वाला कार्ड लें। इसमें स्थानीय मुद्रा पहले से लॉक-इन रहती है, जिससे विनिमय दर में उतार-चढ़ाव का नुकसान नहीं होता।कैश रिजर्व: कुल बजट का लगभग 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा हमेशा कैश (अमेरिकी डॉलर या स्थानीय मुद्रा) में रखें, क्योंकि स्ट्रीट वेंडर्स, छोटे टैक्सी चालक या सार्वजनिक शौचालयों में कार्ड स्वीकार नहीं किए जाते। एयरपोर्ट के बजाय शहर के अधिकृत मनी एक्सचेंजर्स से करेंसी बदलवाना ज्यादा किफायती होता है।ई-सिम (eSIM) या इंटरनेशनल रोमिंग का पहले से प्रबंधनए देश में कदम रखते ही कैब बुक करने, गूगल मैप्स देखने और परिवार से संपर्क साधने के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट डेटा की तुरंत जरूरत होती है।लोकल सिम या ई-सिम: यदि आपका स्मार्टफोन ई-सिम सपोर्ट करता है, तो भारत से ही एयरलो (Airalo) या नोमैड (Nomad) जैसी विश्वसनीय सेवाओं से डेस्टिनेशन देश का ई-सिम डाउनलोड कर लें।एयरपोर्ट वाई-फाई का जोखिम: एयरपोर्ट के सार्वजनिक वाई-फाई पर पूरी तरह निर्भर न रहें, क्योंकि कई देशों में वहां एसएमएस ओटीपी की आवश्यकता होती है जो भारतीय नंबर पर रोमिंग बंद होने के चलते नहीं आता।इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए यूनिवर्सल ट्रैवल एडेप्टरभारत में आमतौर पर टाइप-डी और टाइप-सी प्लग सॉकेट का उपयोग होता है, जबकि यूके में टाइप-जी, अमेरिका में टाइप-ए/बी और यूरोप में टाइप-सी/एफ सॉकेट प्रचलन में हैं। कई यात्री होटल पहुंचकर देखते हैं कि उनका भारतीय चार्जर दीवार के सॉकेट में फिट ही नहीं बैठ रहा। इसलिए अपने हैंड बैगेज में एक अच्छी क्वालिटी का यूनिवर्सल ट्रैवल एडेप्टर (जिसमें मल्टीपल यूएसबी और टाइप-सी पोर्ट्स हों) हमेशा साथ रखें। साथ ही, 20,000 mAh तक का पावर बैंक हमेशा केबिन बैगेज में रखें; इसे चेक-इन लगेज में रखना अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत सख्त वर्जित है।डेस्टिनेशन देश के कानून और सांस्कृतिक शिष्टाचार की पड़तालहर देश के अपने सख्त सामाजिक और कानूनी नियम होते हैं जिनकी अनदेखी भारी पड़ सकती है:दवाइयों पर प्रतिबंध: कई सामान्य भारतीय दवाएं (जैसे कोडीन युक्त कफ सिरप, ट्रामाडोल या नींद की गोलियां) यूएई, जापान और सिंगापुर जैसे देशों में नशीले पदार्थों की श्रेणी में प्रतिबंधित हैं। हमेशा डॉक्टर के मूल प्रिस्क्रिप्शन के साथ ही जरूरी दवाएं सीमित मात्रा में ले जाएं।स्थानीय कायदे: सिंगापुर में चिंगम चबाना या थूकना अपराध है, थाईलैंड में राजपरिवार का अपमान जेल भेज सकता है और खाड़ी देशों में सार्वजनिक स्थलों पर अमर्यादित कपड़े पहनना या फोटोग्राफी करना दंडनीय है। जाने से पहले गंतव्य देश की गाइडलाइंस का अध्ययन जरूर करें।जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल और फिजिकल बैकअप कॉपीयात्रा के दौरान किसी भी समय पासपोर्ट या वीजा गुम होने की स्थिति से निपटने के लिए बैकअप तैयार रखें:डिजिटल स्टोरेज: पासपोर्ट के पहले और आखिरी पन्ने, वैध वीजा, फ्लाइट टिकट, होटल वाउचर और कोविड/टीकाकरण प्रमाणपत्र की स्पष्ट पीडीएफ कॉपियां अपने ईमेल, गूगल ड्राइव या डिजीलॉकर में सुरक्षित रखें।फिजिकल जेरोक्स: इन सभी दस्तावेजों की कम से कम दो-दो फोटोकॉपी अपने मुख्य चेक-इन बैग और हैंड बैग में अलग-अलग सुरक्षित रखें।भारतीय दूतावास (Indian Embassy) के संपर्क सूत्र नोट करेंकिसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट, पासपोर्ट खोने, कानूनी अड़चन या प्राकृतिक आपदा के समय आपका सबसे बड़ा सहारा उस देश में स्थित भारतीय दूतावास या उच्चायोग (Indian Embassy/Consulate) होता है। जिस देश में आप जा रहे हैं, वहां स्थित भारतीय दूतावास का आपातकालीन फोन नंबर, ईमेल आईडी और पूरा पता अपनी डायरी और फोन के ऑफलाइन नोट्स में पहले से सहेज कर रखें।होटल की लोकेशन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटीसस्ते होटल के लालच में अक्सर लोग शहर के मुख्य केंद्र या मेट्रो स्टेशन से 20-25 किलोमीटर दूर बाहरी इलाकों में कमरा बुक कर लेते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि आने-जाने में टैक्सी का भारी खर्च हो जाता है और समय बर्बाद होता है। हमेशा ऐसा होटल चुनें जो मेट्रो स्टेशन, ट्राम या बस टर्मिनल से पैदल दूरी (Walking Distance) पर हो। अधिकांश यूरोपीय और एशियाई शहरों में टूरिस्ट डे-पास (Metro Tourist Pass) मिलते हैं, जो आवागमन के खर्च को 70% तक कम कर देते हैं।मौसम का पूर्वानुमान और पैकिंग का सही संतुलनयात्रा की तारीख से 3 दिन पहले गंतव्य शहर के मौसम का 7-दिवसीय पूर्वानुमान जरूर जांचें। यूरोपीय देशों में गर्मियों में भी अचानक बारिश और ठंड हो सकती है, जबकि रेगिस्तानी देशों में रातें ठंडी होती हैं। उसी आधार पर लेयरिंग वाले कपड़े, आरामदायक वॉकिंग शूज और एक हल्का वाटरप्रूफ विंडचीटर साथ रखें। याद रखें कि विदेशी शहरों को पैदल चलकर ही सबसे बेहतर तरीके से एक्सप्लोर किया जा सकता है, इसलिए हील्स या असहज जूतों के बजाय अच्छी ग्रिप वाले स्नीकर्स आपकी यात्रा को सुखद बनाएंगे।
UP Budget: सीएम Yogi Adityanath ने दो माह में 70 फीसदी वित्तीय स्वीकृतियां देने का दिया निर्देश
लखनऊ 27 सितंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट प्रावधानों के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और खर्च की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने रविवार शाम एक महत्वपूर्ण बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के बजट प्रावधानों, वित्तीय स्वीकृतियों और वास्तविक व्यय की समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक, बैठक में प्रदेश के सर्वाधिक बजट वाले 30 प्रमुख विभागों के कार्यों और वित्तीय प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि आदित्यनाथ ने कहा कि वित्तीय वर्ष की पहली छमाही समाप्त होने वाली है, ऐसे में जिन विभागों में बजट खर्च की गति अपेक्षित नहीं है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले दो माह में हर हाल में 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जाएं और कुल आवंटित बजट के सापेक्ष कम से कम 60 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल धनराशि आवंटित करना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करते हुए उसका लाभ जनता तक पहुंचाना है। आदित्यनाथ ने बैठक में मौजूद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को निर्देश दिए कि विभागीय मंत्रियों के साथ बैठक कर बजट खर्च की नियमित और बिंदुवार समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में नीतिगत, प्रक्रियात्मक या तकनीकी कारणों से स्वीकृतियों अथवा व्यय में अड़चन आ रही है, उनका तत्काल समाधान कराया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) अनुपात में सुधार पर भी जोर दिया। केंद्र सहायतित योजनाओं की समीक्षा के दौरान आदित्यनाथ ने कहा कि जिन योजनाओं में भारत सरकार से धनराशि प्राप्त होनी है, उनमें विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से सीधे संवाद कर लंबित धनराशि और स्वीकृतियों से जुड़े विषयों का समाधान कराएं, ताकि केंद्रीय सहायता से संचालित योजनाओं की गति प्रभावित न हो। समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश का कुल बजट 9,99,056.48 करोड़ रुपये है, जिसमें विकास योजनाओं के लिए 5,01,957.09 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक शासन स्तर से 5,15,918.44 करोड़ रुपये यानी 51.6 प्रतिशत की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं।
विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में किया ये कारनामा!
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर खेला गया. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में हुआ .
गर्भवती महिला को पीट-पीटकर किया बेहोश, बीड से अपहरण कर धुले में जिंदा जलाया
महाराष्ट्र के धुले में गर्भवती महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.
मोबाइल रिटेलर्स 2 अक्टूबर को यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के विरोध में 'नो यूपीआई डे' मनाएंगे। इस दिन वे अपने यूपीआई क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढककर डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिये 51 वॉच टॉवर लगाये गये थे. इतने बड़े आयोजन को संभालने के लिये सत्यनारायण चौधरी के पास सिर्फ ट्रैफिक पुलिस के कुल मिलाकर सिर्फ 3800 कर्मचारी ही थे. फिर भी ये सफलता से हो गया.
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) को लेकर वेतनभोगी वर्ग के बीच यह बहस अक्सर देखने को मिलती है कि जब हर महीने कटने वाला अंशदान कर्मचारी की अपनी मेहनत की कमाई है, तो इसे निकालने की तारीख, सीमा और शर्तें तय करने का अधिकार सरकार या ईपीएफओ (EPFO) के पास क्यों होना चाहिए। बहुत से कर्मचारियों का मानना है कि बैंक में जमा साधारण बचत की तरह पीएफ खाते पर भी उनका पूर्ण और बिना शर्त नियंत्रण होना चाहिए। हालांकि, नीति निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और सामाजिक सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ईपीएफ केवल एक नियमित बचत खाता (Savings Account) नहीं है, बल्कि यह एक 'अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा तंत्र' (Mandatory Social Security Scheme) है। सरकार द्वारा निकासी के नियम तय करने के पीछे कई दीर्घकालिक वित्तीय, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण हैं।ईपीएफ बचत खाता नहीं, बल्कि वैधानिक रिटायरमेंट सुरक्षा कवच हैकर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत ईपीएफ का गठन आम उपभोग के लिए नहीं, बल्कि वृद्धावस्था सुरक्षा (Old-Age Financial Security) के उद्देश्य से किया गया था। भारत में अधिकांश संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के पास कोई अन्य सरकारी पेंशन सुरक्षा नहीं होती। यदि पीएफ निकासी को एटीएम की तरह पूरी तरह लचीला बना दिया जाए, तो अधिकांश लोग अपनी कार्यशील उम्र (Working Age) के दौरान ही उपभोक्ता खर्चों, गैजेट्स या छुट्टियों में यह पूंजी खर्च कर बैठेंगे।अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के सिद्धांतों के तहत प्रत्येक कल्याणकारी राज्य की यह जिम्मेदारी होती है कि वह अपने नागरिकों के लिए रिटायरमेंट के बाद जीवन यापन का एक न्यूनतम वित्तीय सहारा सुनिश्चित करे। यही कारण है कि कानूनन इसे लंबे समय के लिए लॉक-इन रखा जाता है।कंपाउंडिंग का जादुई फायदा और सुरक्षित रिटर्न का संरक्षणईपीएफ पर मिलने वाला सालाना ब्याज (जो आमतौर पर 8% से अधिक रहता है) पूरी तरह सरकारी गारंटी से सुरक्षित होता है। जब पैसा लगातार खाते में बना रहता है, तो उस पर चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) काम करता है।समय से पहले निकासी का नुकसान: यदि कोई कर्मचारी 30-35 वर्ष की आयु में 5 या 10 लाख रुपये निकाल लेता है, तो वह केवल उस मूल राशि को ही नहीं गंवाता, बल्कि अगले 20-25 वर्षों में उस पर बनने वाले 40 से 50 लाख रुपये के संभावित कंपाउंडिंग रिटर्न को भी खो देता है।रिटायरमेंट पर आर्थिक संकट: सरकार का प्रयास रहता है कि 58 या 60 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते कर्मचारी के पास इतना बड़ा रिटायरमेंट फंड (Corpus) तैयार हो जाए कि उसे वृद्धावस्था में किसी पर निर्भर न रहना पड़े।यदि पूरी छूट दे दी जाए, तो क्या होगा?बिहेवियरल इकोनॉमिक्स (व्यवहारवादी अर्थशास्त्र) के अनुसार, इंसान स्वभाव से भविष्य की तुलना में वर्तमान जरूरतों और इच्छाओं को ज्यादा प्राथमिकता देता है।यदि पीएफ से मनचाही निकासी की खुली छूट दे दी जाए:उपभोग में पैसा खर्च होना: तात्कालिक आकर्षणों या गैर-जरूरी खर्चों के चलते रिटायरमेंट फंड समय से पहले समाप्त हो जाएगा।अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य संकट: उम्र के आखिरी पड़ाव में जब आय बंद हो जाती है और मेडिकल खर्च कई गुना बढ़ जाते हैं, तब बिना फंड वाले बुजुर्ग नागरिकों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार और समाज पर आ जाती है।आर्थिक अनुशासन: ईपीएफ अनिवार्य बचत की आदत डालता है, जिससे आपात स्थिति के अलावा पैसे को छूने से बचा जा सके।क्या सरकार बिल्कुल पैसा नहीं निकालने देती? जानिए आपातकालीन निकासी के नियमयह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि सरकार पैसे को पूरी तरह फ्रीज कर देती है। जीवन की वास्तविक जरूरतों और संकटों को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ ने कई परिस्थितियों में आंशिक निकासी (Partial Withdrawal/Advance) की छूट दी हुई है:घर खरीदने या निर्माण के लिए: 5 वर्ष की सेवा के बाद घर या जमीन खरीदने के लिए पीएफ से बड़ा हिस्सा निकाला जा सकता है।बच्चों की उच्च शिक्षा व शादी: 7 वर्ष की न्यूनतम सेवा पूरी होने पर बच्चों की शादी या उच्च शिक्षा के लिए निकासी की अनुमति है।गंभीर बीमारी के इलाज के लिए: स्वयं या परिवार के सदस्यों (माता-पिता, जीवनसाथी, बच्चे) के गंभीर चिकित्सीय उपचार के लिए बिना किसी न्यूनतम सेवा शर्त के तुरंत एडवांस लिया जा सकता है।बेरोजगारी या नौकरी छूटने पर: नौकरी छूटने के 1 महीने बाद 75% तक और 2 महीने से अधिक बेरोजगार रहने पर पूरा 100% फंड निकालने का अधिकार कर्मचारी के पास होता है।भविष्य निधि के इन नियमों का संतुलन क्यों जरूरी है?संक्षेप में, पीएफ के पैसों पर सरकारी नियमों का नियंत्रण किसी पर पाबंदी लगाने के लिए नहीं, बल्कि व्यक्ति के भविष्य को उसके वर्तमान के अनियोजित खर्चों से सुरक्षित रखने का एक कानूनी ढाल है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी तर्क है कि निकासी की ऑनलाइन प्रक्रिया को कागजी अड़चनों और तकनीकी रिजेक्शन से मुक्त कर और अधिक पारदर्शी व तेज बनाया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरत के समय कर्मचारी को अपने ही पैसे के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को यहां कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक से उनके आवास पर मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ युवाओं में मादक पदार्थों की बढ़ती लत समेत गंभीर सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा की। यह बैठक उत्तर कश्मीर की गुरेज घाटी में प्रस्तावित ‘तंत्र इन साइलेंस’ रिट्रीट को लेकर दोनों नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से साझा चिंताएं जताए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। इसके बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि इस कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। मीरवाइज ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘‘महबूबाजी आज मुझसे मिलने आईं। हमने हमारे सामने मौजूद सामाजिक चिंताओं और चुनौतियों तथा सभी हितधारकों को साथ लेकर मिल-जुलकर उनका समाधान करने की आवश्यकता पर बातचीत की। हमने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। कुल मिलाकर यह एक अच्छी बातचीत रही।’’पीडीपी प्रमुख के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्होंने कश्मीर के युवाओं, विद्वानों, महिलाओं, हितधारकों, कलाकारों और सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ घाटी के सामने मौजूद सामाजिक मुद्दों को लेकर प्रमुख धार्मिक नेता से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री की चिंताओं को उचित स्तर पर उठाया जा रहा है और मीरवाइज को वर्तमान में कश्मीर के सामने मौजूद सामाजिक मुद्दों से अवगत कराया गया। यह बैठक कश्मीर में मादक पदार्थों और युवाओं के सामने मौजूद अन्य चुनौतियों को लेकर धार्मिक एवं सामुदायिक नेताओं के बीच बढ़ती चिंता की पृष्ठभूमि में भी हुई है। यह बैठक गुरेज में प्रस्तावित रिट्रीट को लेकर महबूबा और मीरवाइज के बीच हाल में सार्वजनिक रूप से बनी सहमति के बाद हुई। मीरवाइज ने गुरेज घाटी में 24 से 27 सितंबर के बीच ‘तंत्र इन साइलेंस’ नामक कार्यक्रम आयोजित करने की खबरों पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों से कश्मीर के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक लोकाचार का दोहन रोकने की अपील की थी। महबूबा मुफ्ती ने भी इससे पहले एक पोस्ट में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पुलिस से मामले में हस्तक्षेप करने और उचित कार्रवाई करने की अपील की थी।
सनातन धर्म और पौराणिक आख्यानों में भगवान श्री गणेश की लीलाएं जितनी बालसुलभ और रोचक हैं, उतनी ही वे जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक और नैतिक संदेशों से परिपूर्ण हैं। बाल गणेश के रूप में उनकी भूख, उनकी बाल लीलाओं और अहंकार के विनाश की ऐसी ही एक प्रसिद्ध कथा जनमानस में सदियों से प्रचलित है, जिसे ग्रामीण व लोक कथाओं में 'अढ़ैया का भोजन' या धनपति कुबेर के अहंकार भंजन की लीला के नाम से जाना जाता है। जब देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर को अपने अकूत धन, सोने-चांदी के महलों और विशाल अन्न भंडारों पर घमंड हो गया, तब प्रथम पूज्य श्री गणेश ने एक ही क्षण में उनके सारे वैभव और अहंकार को धूल में मिला दिया था।जब धनपति कुबेर को हुआ अपनी अकूत संपत्ति का अहंकारपौराणिक कथा के अनुसार, यक्षराज कुबेर तीनों लोकों के कोषाध्यक्ष थे। स्वर्ग से लेकर पाताल तक सारा धन और रत्न उन्हीं के नियंत्रण में था। अपनी तपस्या के बल पर जब उन्होंने स्वर्ण नगरी अलकापुरी का निर्माण किया, तो धीरे-धीरे उनके मन में यह अहंकार घर कर गया कि तीनों लोकों में उनसे बड़ा धनवान और कोई नहीं है।अपने इस विशाल वैभव और संपन्नता का प्रदर्शन करने के लिए कुबेर ने एक भव्य महाभोज (महायज्ञ) का आयोजन किया। उन्होंने स्वर्ग के सभी देवी-देवताओं, यक्षों, गंधर्वों और ऋषियों को निमंत्रण भेजा। कुबेर ने सोचा कि जब तक देवाधिदेव महादेव भगवान शिव उनके महल में अतिथि बनकर नहीं आएंगे, तब तक उनके इस ऐश्वर्य की कीर्ति पूरी तरह स्थापित नहीं होगी। इसी अहंकार में चूर होकर कुबेर सीधे कैलाश पर्वत पहुंचे।कैलाश पर आमंत्रण: शिव जी ने अपने स्थान पर भेजा बाल गणेश कोकैलाश पहुंचकर कुबेर ने अत्यंत गर्व के साथ हाथ जोड़कर महादेव से कहा, हे प्रभु! मैंने अपनी नगरी अलकापुरी में तीनों लोकों के लिए एक विशाल महाभोज का आयोजन किया है। मैंने ऐसा अढ़ैया अन्न भंडार और स्वादिष्ट पकवान तैयार करवाए हैं, जो आज तक किसी ने नहीं देखे होंगे। मेरी प्रार्थना है कि आप माता पार्वती सहित मेरे महल पधारें और मेरा आतिथ्य स्वीकार कर मुझे कृतार्थ करें।त्रिकालदर्शी महादेव शिव जी कुबेर के मन में छिपे दंभ और दिखावे को एक क्षण में भांप गए। भोलेनाथ मुस्कुराए और अत्यंत शांत भाव से बोले, हे कुबेर! मैं तो वैरागी हूं। मेरा यह कैलाश ही मेरा वास है और मुझे इस तरह के आयोजनों में जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। लेकिन यदि तुम्हारा इतना ही आग्रह है, तो तुम मेरे छोटे पुत्र गणेश को अपने साथ ले जाओ। यदि तुमने उसे तृप्त कर दिया, तो समझो मुझे तुम्हारा आतिथ्य मिल गया।कुबेर ने बालक गणेश को देखा और मन ही मन हंसे कि यह छोटा बालक भला कितना ही खा लेगा। उन्होंने तुरंत महादेव की बात स्वीकार कर ली और बाल गणेश को आदरपूर्वक अपने रथ में बैठाकर अलकापुरी ले आए।अलकापुरी में महाभोज: गणेश जी का विराट रूप और चट होता अन्न भंडारअलकापुरी पहुंचते ही कुबेर ने सोने-चांदी की थालियों में छप्पन भोग, अढ़ैया प्रकार के मिष्ठान, व्यंजन और पकवान बाल गणेश के सामने परोसने शुरू कर दिए। बाल गणेश भोजन करने बैठे और उन्होंने एक के बाद एक थालियां खाली करनी शुरू कर दीं।देखते ही देखते महल की रसोई में पके सभी पकवान समाप्त हो गए। रसोइयों ने अतिरिक्त भोजन बनाना शुरू किया, लेकिन गणेश जी की भूख शांत होने का नाम नहीं ले रही थी। वे केवल एक ही बात दोहराते रहे, मुझे और भोजन दो! मेरी भूख अभी शांत नहीं हुई है!कुछ ही घंटों के भीतर कुबेर के अन्न भंडारों में रखे अनाज, फल, सूखे मेवे और राशन के सारे गोदाम खाली हो गए। जब सारा पका और कच्चा अन्न समाप्त हो गया, तो गणेश जी ने कुबेर के सोने-चांदी के बर्तन, मेज-कुर्सियां और महल के खंभों को चबाना शुरू कर दिया। वे क्रोधित होकर बोले, कुबेर! यदि तुम्हारे पास मुझे खिलाने के लिए भोजन नहीं था, तो तुमने मुझे क्यों बुलाया? अब मैं तुम्हारी इस पूरी स्वर्ण नगरी को ही खा जाऊंगा!थर-थर कांपे कुबेर, दौड़े पहुंचे कैलाश: शिव जी का रहस्यमयी समाधानयह भयानक दृश्य देखकर कुबेर का सारा अहंकार हवा में उड़ गया। उनका चेहरा पीला पड़ गया और वे कांपते हुए अपनी जान बचाकर सीधे कैलाश की ओर भागे। कैलाश पहुंचकर कुबेर महादेव के चरणों में गिर पड़े और रोते हुए बोले, त्राहिमाम प्रभु! त्राहिमाम! आपके पुत्र ने मेरा पूरा अन्न भंडार, बर्तन और संपत्ति चट कर ली है। अब वे मुझे और मेरी पूरी नगरी को खाने के लिए दौड़ रहे हैं। मेरी रक्षा कीजिए, मुझे क्षमा कर दीजिए!भगवान शिव ने मुस्कुराते हुए कुबेर से कहा, कुबेर! तुम धन के मद में अंधे हो गए थे। तुम भूल गए थे कि संपूर्ण ब्रह्मांड का भरण-पोषण करने वाली जगदंबा पार्वती का पुत्र केवल तुम्हारे अन्न से तृप्त नहीं हो सकता। तुमने भक्ति और प्रेम से नहीं, बल्कि अपने अहंकार के प्रदर्शन के लिए भोजन का आयोजन किया था। अहंकार से परोसा गया छप्पन भोग भी किसी की क्षुधा शांत नहीं कर सकता।शिव जी की रसोई और एक तुलसी दल से शांत हुई भूखइसके बाद महादेव और माता पार्वती ने स्वयं अपने हाथों से प्रेमपूर्वक रसोई तैयार की। माता अन्नपूर्णा (पार्वती जी) ने श्रद्धा और वात्सल्य से पके हुए सात्विक चावल (भात) की एक छोटी सी कटोरी तैयार की और भगवान शिव ने उस पर एक 'तुलसी का पत्ता' (तुलसी दल) रखकर गणेश जी के सामने अर्पित करने का निर्देश दिया।जब कुबेर अत्यंत विनम्रता, पश्चाताप और हाथ जोड़कर वह कटोरी लेकर बाल गणेश के पास पहुंचे, तो गणेश जी ने जैसे ही उस तुलसी दल और प्रेम से बने भात का एक दाना ग्रहण किया, उनका पेट तुरंत भर गया। उन्होंने एक लंबी और तृप्त डकार ली और उनकी वर्षों की भूख शांत हो गई।इस पौराणिक कथा से मिलने वाली जीवनोपयोगी सीखयह पावन कथा केवल एक पौराणिक घटना नहीं है, बल्कि मानव जीवन के लिए गहरे नैतिक और व्यावहारिक संदेश देती है:अहंकार का पतन निश्चित है: धन, दौलत या पद प्रतिष्ठा कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उसका घमंड इंसान को अंततः लज्जित और असहाय ही करता है।दिखावे से बड़ा है प्रेम और श्रद्धा: ईश्वर को महंगे उपहारों या छप्पन भोग के दिखावे से प्रसन्न नहीं किया जा सकता; वे केवल सच्चे प्रेम, विनम्रता और एक पत्ते (तुलसी दल) से भी तृप्त हो जाते हैं।अतिथि सत्कार का सच्चा मर्म: किसी की सेवा या आतिथ्य सत्कार अपनी हैसियत दिखाने के लिए नहीं, बल्कि हृदय की शुद्धता और सेवा भाव से किया जाना चाहिए।
राजमा भिगोना भूल गए? कैसरोल 1 घंटे में करेगा काम, जानें ट्रिक
How To Soak Rajma Without Soaking Overnight: अगर आप राजमा भिगोना भूल गए हैं तो अब 7-8 घंटे इंतजार करने की जरूरत नहीं है. उबले पानी और कैसरोल के इस आसान किचन हैक से सिर्फ 1 घंटे में राजमा अच्छी तरह फूल जाएगा. जानिए पूरा तरीका.
'आंटी ऊपर जाइए...', 16 लाख फॉलोअर्स वाली इन्फ्लुएंसर ने क्यों दी जान
Nidhi Tiwari Singrauli Case: सिंगरौली में 16 लाख फॉलोअर्स वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने फांसी लगाकर दी जान. फोन पर बात करते समय उठाया कदम. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
राजधानी दिल्ली के तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य के निरीक्षण के दौरान भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा का एक युवक को सरेआम थप्पड़ जड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही दिल्ली की सियासत में भूचाल आ गया है। कथित तौर पर घटिया सड़क निर्माण की पोल खोलने और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने के दौरान मंत्री जी का आपा खोने का यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे भाजपा का 'गुंडाराज' और सत्ता का अहंकार करार देते हुए मंत्री की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर दी है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए इसे युवाओं की आवाज दबाने की तानाशाही कोशिश बताया है।तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान क्या हुआ: पूरी घटना का सचयह पूरा घटनाक्रम दिल्ली के पश्चिमी इलाके तिलक नगर (विकासपुरी रिंग रोड) में उस समय हुआ, जब पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा स्थानीय अधिकारियों के साथ हाल ही में बनी सड़क का जायजा लेने पहुंचे थे।प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो फुटेज के अनुसार, सड़क निरीक्षण के दौरान स्थानीय आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर साहिब सिंह अपने मोबाइल कैमरे से सड़क की स्थिति को रिकॉर्ड कर रहे थे। युवक का दावा था कि हाल ही में बनी सड़क की ऊपरी परत हाथों से ही उखड़ रही है और डामरीकरण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब युवक सड़क की खराब गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा था और मंत्री की तरफ कैमरा घुमाया, तो प्रवेश वर्मा भड़क गए। उन्होंने पहले युवक का मोबाइल नीचे किया और फिर आवेश में आकर उसके चेहरे पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में हुई इस हाथापाई के बाद मौके पर भारी हंगामा शुरू हो गया।पीड़ित युवक का आरोप: भ्रष्टाचार उजागर करने पर हाथ उठाया और मिली धमकियांथप्पड़ का शिकार हुए युवक साहिब सिंह ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उसने केवल सच दिखाने की कोशिश की थी।युवक ने कहा:पीडब्ल्यूडी विभाग ने हमें सड़क निरीक्षण के लिए बुलाया था। मैंने मंत्री जी को दिखाया कि कैसे नई बनी सड़क उखड़कर बिखर रही है। इस पर मंत्री जी अपना आपा खो बैठे और उन्होंने पुलिस के सामने ही मुझे थप्पड़ मार दिया।युवक ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि थप्पड़ मारने के बाद मंत्री के साथ मौजूद समर्थकों ने उसे जान से मारने की धमकियां दीं।युवक और स्थानीय विधायक की टीम ने मामले को लेकर स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए मंत्री के खिलाफ एफआईआर और निलंबन की मांग की है।प्रवेश वर्मा की सफाई: 'मेरे परिवार को दी गई गाली, आवेश में आकर उठा हाथ'सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और चौतरफा घिरने के बाद मंत्री प्रवेश वर्मा ने अपने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था।प्रवेश वर्मा ने अपनी सफाई में कहा:विकासपुरी रिंग रोड पर कई दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा था। वहां के स्थानीय आप विधायक जरनैल सिंह पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों पर ठेकेदारों से कमीशन दिलवाने का दबाव बना रहे थे। जब उन्हें कमीशन नहीं मिला, तो वे रात में बनी सड़क को उखाड़कर झूठा करप्शन वीडियो बनाने की साजिश कर रहे थे।मंत्री ने आगे दावा किया, मैंने खुद विधायक को मौके पर बुलाया था। जब वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ आए तो उन्होंने आते ही बदतमीजी शुरू कर दी। उनके एक कार्यकर्ता ने मेरे परिवार के बारे में अत्यंत अभद्र और गंदी गालियां दीं। जब कोई आपके परिवार को सरेआम गाली देगा, तो किसी को भी गुस्सा आ सकता है और उसी आवेश में यह घटना घटी। लेकिन सरकारी काम में बाधा डालने और कमीशनखोरी को हमारी सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।केजरीवाल का मोदी सरकार पर सीधा हमला: 'मंत्री को तुरंत गिरफ्तार करो'इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोल दिया है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा।केजरीवाल ने पोस्ट किया:मोदी जी के एक मंत्री ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल खोलने पर सरेआम एक नौजवान लड़के को थप्पड़ जड़ दिया। ऐसे अहंकारी मंत्री को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मैं खुद कल तिलक नगर जाऊंगा और उस सड़क के निर्माण की जांच करूंगा।वहीं आप नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंत्री के आचरण को कायरतापूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस सुरक्षा के घेरे में एक निहत्थे युवक पर हाथ उठाना भाजपा की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। विपक्ष ने यह भी तंज कसा कि एक तरफ मोदी सरकार Gen-Z (युवा पीढ़ी) तक पहुंचने की बात करती है, और दूसरी तरफ उनके मंत्री सवाल पूछने वाले युवाओं पर हाथ छोड़ रहे हैं।दिल्ली की सड़कों पर गरमाई राजनीति: भ्रष्टाचार बनाम कमीशनखोरीइस थप्पड़ कांड ने दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। जहां आम आदमी पार्टी इसे बुनियादी ढांचा निर्माण में भारी घोटाले, कमीशनखोरी और सरेआम गुंडागर्दी का प्रमाण बताकर सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है, वहीं भाजपा इसे अपने विकास कार्यों को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश बता रही है। तिलक नगर की इस सड़क को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने की चौखट और कानूनी कार्रवाई तक पहुंच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होना तय माना जा रहा है।
सेंचुरी वाला संडे... एक ही दिन में 6 शतक, कोहली-गिल का बड़ा धमाका
एक ही दिन में खेले गए अलग-अलग मुकाबलों में बल्लेबाजों ने कोहराम मचाते हुए कुल 6 शानदार शतक जड़ दिए. लेकिन इन सभी शतकों में विराट कोहली द्वारा लगाए गए शतक ने फैन्स को सबसे ज्यादा प्रभावित किया.
हापुड़ में पकौड़े की दुकान पर पैसों के लिए भारी बवाल!
पकौड़े की दुकान पर चले लाठी-डंडे, उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पकौड़े की दुकान के बाहर पैसों के मामूली लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी झड़प हो गई.
Maharajganj District Court में महिला पर हमले के आरोप में पति और देवर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में पारिवारिक विवाद की सुनवाई के लिए जिला अदालत आई एक महिला का कथित रूप से गला घोंटने का प्रयास करने और उसे पीटने के आरोप में उसके पति व देवर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 24 सितंबर को पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के समरधीरा चौराहा निवासी प्रिया त्रिपाठी अपने पति मनीष कुमार मिश्रा से जुड़े भरण-पोषण के मामले की सुनवाई के लिए अपने पिता लक्ष्मीकांत और बहन प्रियंका के साथ अदालत आई थी। पुलिस के मुताबिक, सुनवाई के बाद जब प्रिया अपने पिता व बहन के साथ अदालत कक्ष से बाहर निकली और नीचे पहुंची, तभी वहां उसका पति मनीष, देवर प्रिंस मिश्रा व सतीश मिश्रा नामक एक अन्य व्यक्ति पहुंचे और उसपर हमला कर दिया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया, जिसमें एक व्यक्ति एक महिला के बाल खींचकर उसे घसीटता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक, प्रिया द्वारा दर्ज कराई गयी शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने उसका गला घोंटने का प्रयास किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पर उसके पिता और बहन के साथ भी मारपीट की गई। हंगामा होने पर अदालत परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप किया। पुलिस ने बताया कि प्रिया ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने मामला आगे बढ़ाने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मनीष और उसके भाई प्रिंस को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रिया ने पहले अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था तथा महराजगंज कुटुम्ब अदालत में भरण-पोषण का मामला भी जारी है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के कड़े संघर्ष, कानूनी दबाव और अनवरत विरोध-प्रदर्शन के आगे आखिरकार भर्ती चयन आयोग को झुकना ही पड़ा है। भर्ती प्रक्रिया के परिणाम और मेरिट सूची में गंभीर विसंगतियों, पात्र अभ्यर्थियों के नाम गायब होने और आरक्षण व कट-ऑफ नियमों की अनदेखी को लेकर उपजे भारी विवाद के बाद आयोग ने अपनी चूक सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर ली है। आयोग ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि परिणाम तैयार करने के दौरान सॉफ्टवेयर स्तर पर तकनीकी और लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) हुई थी, जिसके चलते मेरिट में स्थान पाने वाले कई मेधावी अभ्यर्थियों के नाम अंतिम चयन सूची से छूट गए थे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही संशोधित मेरिट सूची (Revised Merit List) प्रकाशित कर सभी वंचित पात्र अभ्यर्थियों के नाम जोड़े जाएंगे।छात्रों का अनवरत धरना और आयोग के गेट पर फूटा आक्रोशविवाद की शुरुआत तब हुई जब आयोग द्वारा जारी किए गए परिणाम में भारी गड़बड़ी के आरोप सामने आए। कट-ऑफ से अधिक अंक हासिल करने के बावजूद दर्जनों अभ्यर्थियों के नाम सूची में नहीं थे, जबकि उनसे कम अंक वाले उम्मीदवारों का चयन दर्शाया गया था। इस विसंगति के सामने आते ही छात्रों में तीव्र असंतोष फैल गया।राजधानी में आयोग मुख्यालय के बाहर हजारों अभ्यर्थियों ने भीषण गर्मी और बारिश की परवाह किए बिना अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी 'रिजल्ट सुधारो' और 'आयोग जवाब दो' जैसे हैशटैग कई दिनों तक ट्रेंड करते रहे। छात्रों का सीधा तर्क था कि वर्षों की कठिन तपस्या, कोचिंग का खर्च और पारिवारिक उम्मीदें आयोग की एक तकनीकी लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ सकतीं।कोर्ट की सख्त फटकार और प्रशासनिक जांच का बढ़ा दबावसड़क पर प्रदर्शन के साथ-साथ पीड़ित अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया। कोर्ट में दाखिल याचिका में ओएमआर शीट, आंसर-की और नॉर्मलाइजेशन के फार्मूले पर गंभीर सवाल उठाए गए।अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग से बिंदुवार जवाब-तलब किया और यह सख्त टिप्पणी की कि किसी भी संवैधानिक या स्वायत्त भर्ती संस्था की चूक के कारण योग्य युवाओं का भविष्य अंधकार में नहीं डाला जा सकता। न्यायालय द्वारा दिए गए कड़े अल्टीमेटम और शासन स्तर से गठित उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी परिणाम संकलन के दौरान सॉफ्टवेयर खामियों की पुष्टि हुई। कानूनी और प्रशासनिक घेराबंदी बढ़ने के बाद आयोग के पास अपनी गलती स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।आयोग ने क्या दी सफाई: कैसे हुई इतनी बड़ी मानवीय व तकनीकी चूकआयोग के वरिष्ठ अधिकारियों और परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में स्वीकार किया गया है कि डेटा प्रोसेसिंग और डिजिटल स्क्रूटनी के दौरान कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण कुछ श्रेणियों के डेटा का सही मिलान नहीं हो सका था।आयोग ने स्पष्ट किया:सॉफ्टवेयर मैपिंग में त्रुटि: नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया और विभिन्न पालियों के स्कोरकार्ड को मर्ज करते समय कुछ विशेष रोल नंबर कोड्स का डेटा फिल्टर से बाहर रह गया।दस्तावेज सत्यापन का मिसमैच: कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अपलोड किए गए आरक्षण, जाति या ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों के सत्यापन में गलत कोडिंग के कारण उनके अंक कट-ऑफ से ऊपर होने के बावजूद अनक्वालिफाइड मार्क हो गए थे।निगरानी में चूक: परिणाम जारी करने से पहले होने वाले अनिवार्य क्रॉस-वेरिफिकेशन और ऑडिट में इस विसंगति को समय रहते नहीं पकड़ा जा सका, जिसे आयोग ने अपनी प्रशासनिक भूल माना है।संशोधित मेरिट लिस्ट का प्रारूप: किसी चयनित अभ्यर्थी का नहीं कटेगा नामआयोग ने आंदोलनकारी छात्रों और पहले से चयनित उम्मीदवारों के बीच संतुलन साधते हुए स्पष्ट किया है कि सुधार प्रक्रिया के दौरान किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।अतिरिक्त पूरक सूची (Supplementary List): जिन पात्र उम्मीदवारों के नाम गलती से छूटे हैं, उन्हें शामिल करने के लिए एक विशेष अनुपूरक या संशोधित मेरिट सूची जारी की जाएगी।पहले से चयनित सुरक्षित: आयोग ने स्पष्ट किया है कि वैध रूप से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, बल्कि छूटे हुए योग्य अभ्यर्थियों को समायोजित करने के लिए नियमों के तहत अतिरिक्त पद या वेटिंग क्लीयरेंस का प्रावधान किया जाएगा।पारदर्शी स्कोरकार्ड: सभी अभ्यर्थियों के वास्तविक अंक, नॉर्मलाइज्ड अंक और श्रेणीवार संशोधित कट-ऑफ को दोबारा आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह के संशय की गुंजाइश न रहे।छात्र शक्ति और लोकतांत्रिक विरोध की बड़ी जीतइस फैसले के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और युवा संगठनों में उत्साह की लहर है। छात्र नेताओं ने इसे पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और लोकतांत्रिक विरोध की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि वे तब तक सतर्क रहेंगे जब तक आयोग की वेबसाइट पर उनके रोल नंबर और नामों के साथ संशोधित सूची आधिकारिक रूप से अपलोड नहीं हो जाती।विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से देश और राज्यों के सभी भर्ती बोर्डों को यह कड़ा सबक मिला है कि डिजिटल युग में परिणाम निर्माण की प्रक्रिया को फुल-प्रूफ और त्रि-स्तरीय ऑडिट से गुजारे बिना सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए, ताकि लाखों युवाओं के करियर और मानसिक स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
एमपी के ग्वालियर में 12वीं की एक छात्रा से दुष्कर्म का मामला सामने आया है. आरोपी ने पीड़िता को मिलने के बहाने बुलाया था लेकिन फिर होटल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया.
'बाहुबली की तरह लड़ेंगे', UN में पेजेश्कियन के तीखे तेवर; ईरानी दूतावास ने शेयर किया वीडियो
ईरानी दूतावास ने हैदराबाद में एक वीडियो साझा किया है, जिसमें ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण की तुलना बाहुबली फिल्म के युद्ध दृश्यों से की गई है।
मध्य पूर्व (Middle East) की भू-राजनीति में सऊदी अरब और ईरान के बीच की प्रतिद्वंद्विता दशकों से शक्ति संतुलन के केंद्र में रही है। अगर सैन्य खर्च और अत्याधुनिक हथियारों की बात करें, तो सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े रक्षा खरीदारों में शुमार है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब का सालाना सैन्य खर्च 70 से 83 अरब डॉलर के आसपास रहता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान का आधिकारिक रक्षा बजट महज 7 से 8 अरब डॉलर के करीब सीमित है। यानी कागजों पर सऊदी अरब का सैन्य बजट ईरान से लगभग 11 गुना ज्यादा है। इसके बावजूद जब यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध और सीमा पार से होने वाले हमलों की बात आई, तो सऊदी अरब के सामने गंभीर रणनीतिक चुनौतियां खड़ी हो गईं।बजट का विरोधाभास: 83 अरब डॉलर बनाम 7.4 अरब डॉलर का खर्चसऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन से खरीदे गए आधुनिक हथियारों पर निर्भर रहा है। सऊदी वायुसेना के पास F-15SA, यूरोफाइटर टाइफून जैसे उन्नत लड़ाकू विमान और जमीन पर अमेरिकी पैट्रियट (Patriot PAC-3) और थाड (THAAD) मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं।दूसरी ओर, ईरान दशकों से कड़े अमेरिकी व अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, वित्तीय सीमाओं और पुरानी वायुसेना के साथ काम कर रहा है। इस भारी आर्थिक और तकनीकी असमानता के बावजूद युद्ध के मैदान में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के तेल रिफाइनरी प्रतिष्ठानों (जैसे अरामको), हवाई अड्डों और सैन्य अड्डों को सटीक निशाना बनाए जाने ने रक्षा विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या केवल भारी रक्षा बजट से आधुनिक युद्ध जीता जा सकता है।असिमेट्रिक वॉरफेयर: सस्ते ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का घातक जालइस सैन्य असमानता के पीछे सबसे बड़ा कारण 'असिमेट्रिक वॉरफेयर' (Asymmetric Warfare) यानी असममित युद्ध रणनीति है।ईरान का स्वदेशी मॉडल: महंगे पारंपरिक लड़ाकू विमान खरीदने में असमर्थ ईरान ने अपनी पूरी ताकत कम लागत वाली बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और 'कामिकेज़' (आत्मघाती) ड्रोन्स (जैसे शहाब, कुद्स और समद सीरीज) के विकास में झोंक दी।हूतियों को तकनीकी ट्रांसफर: ईरान ने इस तकनीक और पुर्जों को यमन के हूती विद्रोहियों तक पहुंचाया, जिन्होंने स्थानीय वर्कशॉप्स में इन्हें असेंबल कर सऊदी अरब के खिलाफ रणनीतिक हथियार बना लिया।लागत का विनाशकारी खेल: हूती विद्रोही जिस ड्रोन से हमला करते हैं, उसकी निर्माण लागत महज 15,000 से 20,000 डॉलर (लगभग 15 से 20 लाख रुपये) होती है। वहीं, सऊदी अरब को उस एक ड्रोन को हवा में नष्ट करने के लिए अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल दागनी पड़ती है, जिसके एक इंटरसेप्टर रॉकेट की कीमत 30 लाख से 40 लाख डॉलर (लगभग 25 से 35 करोड़ रुपये) होती है।आर्थिक रूप से घाटे का सौदा: 20 हजार डॉलर के ड्रोन को गिराने के लिए 40 लाख डॉलर का हथियार खर्च करना लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में किसी भी देश के खजाने के लिए टिकाऊ नहीं हो सकता।भौगोलिक जटिलता और यमन के बीहड़ पहाड़ों की चुनौतीयमन का भूगोल किसी भी पारंपरिक और आधुनिक सेना के लिए सबसे बड़ा दुस्वप्न माना जाता है।गुरिल्ला रणनीति: हूती विद्रोही यमन के उत्तरी पहाड़ी इलाकों (जैसे सादा और सना) की गुफाओं, संकरी घाटियों और बीहड़ों में छिपे रहते हैं। वे आधुनिक सेना की तरह किसी बैरक या छावनी में नहीं रहते, बल्कि छोटे-छोटे दस्तों में बंटकर मोबाइल लॉन्चर्स से मिसाइल दागते हैं और तुरंत गायब हो जाते हैं।हाई-टेक हथियारों की सीमाएं: अरबों डॉलर के स्टील्थ फाइटर जेट्स और सैटेलाइट गाइडेड मिसाइलें उन लक्ष्यों पर बहुत कम प्रभावी होती हैं जो ठोस चट्टानों और गहरी गुफाओं के भीतर छिपे हों। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हजारों हवाई हमले किए, लेकिन वे हूतियों की मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता को पूरी तरह समाप्त नहीं कर पाए।आर्थिक बुनियादी ढांचे की संवेदनशीलता और तेल बाजार का दबावसऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार उसका तेल उद्योग और बुनियादी ढांचा है। देश के विजन 2030 के तहत रियाद अंतरराष्ट्रीय निवेश, पर्यटन और बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स (जैसे नियोम सिटी) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।सऊदी के पास खोने के लिए बहुत कुछ: सऊदी अरब जैसे संपन्न देश में यदि एक भी ड्रोन किसी रिफाइनरी या एयरपोर्ट पर गिरता है, तो वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच जाता है। 2019 में सऊदी अरामको के अबकैक (Abqaiq) और खुरैस संयंत्रों पर हुए ड्रोन-मिसाइल हमलों ने दुनिया की 5 प्रतिशत तेल आपूर्ति को एक झटके में रोक दिया था।हूतियों के पास खोने के लिए कुछ नहीं: युद्धग्रस्त और मानवीय संकट से जूझ रहे यमन में हूतियों के पास ऐसा कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक संपत्ति नहीं थी जिसके नष्ट होने का उन्हें डर हो। इस मनोवैज्ञानिक और आर्थिक लाभ ने हूतियों के हाथ में बढ़त बनाए रखी।प्रॉक्सी वॉर और डायरेक्ट टकराव से बचने की ईरानी कूटनीतिईरान ने इस पूरे संघर्ष में 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' (Axis of Resistance) के जरिए प्रॉक्सी रणनीति को अपनाया। ईरान ने कभी भी सऊदी अरब से सीधा युद्ध नहीं लड़ा, जिससे वह पश्चिमी प्रतिबंधों और सीधे सैन्य जवाबी हमले के जोखिम से बचता रहा।यमन के हूतियों, लेबनान के हिजबुल्लाह और इराक-सीरिया के मिलिशिया समूहों को हथियार, प्रशिक्षण और खुफिया जानकारी देकर तेहरान ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को उनके ही घर की सीमाओं पर घेर कर रखा। सऊदी अरब को अपनी 1,400 किलोमीटर लंबी दक्षिणी सीमा की रक्षा के लिए अरबों डॉलर की सेना और एयर डिफेंस तैनात रखने पड़े, जबकि ईरान को इस पूरे ऑपरेशन के लिए अपने वार्षिक बजट का एक बहुत छोटा हिस्सा ही खर्च करना पड़ा।सामरिक सीख: तकनीक से बड़ा सबक बना आधुनिक युद्ध का यह टकरावयमन संघर्ष और हूती हमलों ने वैश्विक सैन्य विश्लेषकों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि 21वीं सदी के युद्ध केवल सबसे महंगे फाइटर जेट्स, टैंक और विशाल रक्षा बजट से नहीं जीते जा सकते। सस्ते मानवरहित ड्रोन (UAV), हाइपरसोनिक व क्रूज मिसाइलों के स्वदेशी भंडार और असममित रणनीतियों ने आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की कमजोरियों को उजागर किया है। यही वजह रही कि सऊदी अरब ने अंततः सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक रास्तों, संघर्ष विराम और क्षेत्रीय स्थिरता के विकल्पों को प्राथमिकता देना शुरू किया।
बाइक से टक्कर, मौत और फिर खुला राज... पत्नी समेत 3 पुलिस हिरासत में
महाराष्ट्र के जालना में 26 वर्षीय शुभम वाघ की मौत को पहले सड़क हादसा माना गया था. मृतक के पिता की शिकायत के बाद पुलिस जांच में हत्या का मामला दर्ज किया गया. शिकायत में पत्नी के कथित प्रेम संबंध को हत्या की वजह बताया गया है. पुलिस ने शुभम की पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 30 सितंबर तक हिरासत में भेजा है.
देश भर में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा निरंतर प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में प्राकृतिक खेती, जैविक तकनीक, फसल विविधीकरण (Crop Diversification) और जल संरक्षण जैसे नवाचार अपनाने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने के लिए विशेष पुरस्कार योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत चयनित उत्कृष्ट किसानों को 25,000 रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। यदि आप भी पारंपरिक खेती से इतर वैज्ञानिक व टिकाऊ तरीके अपनाकर बेहतर उत्पादन ले रहे हैं, तो 15 सितंबर की अंतिम तिथि से पहले अपना आवेदन संबंधित कृषि विभाग के पोर्टल या कार्यालय में जमा कर सकते हैं।योजना का मुख्य उद्देश्य: आधुनिक और नवाचारी खेती को बढ़ावा देनारासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से घटती मिट्टी की उर्वरा शक्ति और गिरते भूजल स्तर के दौर में टिकाऊ खेती वक्त की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। सरकार का मुख्य मकसद उन जमीनी किसानों को मंच और आर्थिक प्रोत्साहन देना है जिन्होंने सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कार्य किया है।इस योजना के तहत निम्नलिखित श्रेणियों में काम करने वाले कृषकों को प्राथमिकता दी जा रही है:प्राकृतिक एवं जैविक खेती: रसायनों का पूर्ण त्याग कर जीवामृत, बीजामृत और कंपोस्ट खाद के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली फसल तैयार करना।सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation): ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम का उपयोग कर कम से कम पानी में अधिकतम पैदावार लेना।फसल अवशेष प्रबंधन: पराली या कृषि अपशिष्ट को जलाने के बजाय इन-सीटू या एक्स-सीटू प्रबंधन कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना।बागवानी एवं नकदी फसलें: पारंपरिक गेहूं-धान चक्र से निकलकर फल, फूल, औषधीय पौधों या सब्जियों की सफल व्यावसायिक खेती करना।₹25,000 नकद राशि और मिलने वाले अन्य लाभचयनित किसानों को मिलने वाले लाभ केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उन्हें सामाजिक प्रतिष्ठा और कृषि विशेषज्ञ का दर्जा भी दिलाते हैं:सीधे खाते में ₹25,000 की राशि: पुरस्कार राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाएगी।राज्य व जिला स्तर पर सम्मान: जिला कृषि महोत्सव या किसान दिवस (23 दिसंबर) के अवसर पर जिला कलेक्टर और कृषि मंत्रियों द्वारा प्रशस्ति पत्र व मेडल प्रदान किया जाएगा।कृषि मास्टर ट्रेनर बनने का अवसर: पुरस्कृत किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और आत्मा (ATMA) योजना के तहत मास्टर ट्रेनर बनाया जाता है, जिससे वे अन्य किसानों को प्रशिक्षण देकर अतिरिक्त मानदेय भी अर्जित कर सकते हैं।सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता: कृषि यंत्र सब्सिडी, पॉलीहाउस निर्माण या कोल्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में ऐसे प्रगतिशील किसानों के आवेदनों को वरीयता दी जाती है।कौन कर सकता है आवेदन: पात्रता और आवश्यक शर्तेंइस पुरस्कार योजना के लिए आवेदन करने हेतु आवेदक को कुछ निर्धारित मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:सक्रिय किसान होना जरूरी: आवेदक के नाम पर वैध कृषि भूमि होनी चाहिए और वह स्वयं सक्रिय रूप से खेती करता हो।नवाचार का प्रमाण: किसान ने पिछले कम से कम 2 से 3 वर्षों से जैविक, प्राकृतिक या उन्नत कृषि पद्धति को सफलतापूर्वक लागू किया हो।उत्पादन और आय का रिकॉर्ड: अपनाई गई तकनीक से लागत में कमी और शुद्ध आय में बढ़ोतरी का स्पष्ट ब्योरा होना चाहिए।स्थानीय निवासी: आवेदक संबंधित राज्य का मूल निवासी होना चाहिए और उसके पास वैध किसान पंजीकरण (Farmer ID) होना चाहिए।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Checklist)15 सितंबर से पहले आवेदन फॉर्म भरते समय इन दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य है:आधार कार्ड और मूल निवास प्रमाण पत्रभूमि संबंधी दस्तावेज (खतौनी, खसरा या जमाबंदी की नकल)बैंक पासबुक की प्रति (खाता आधार और एनपीसीआई से लिंक होना चाहिए)किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या राज्य किसान पंजीकरण संख्याखेत और फसल के वास्तविक फोटोग्राफ या वीडियो लिंकग्राम प्रधान, सरपंच या स्थानीय कृषि प्रसार अधिकारी (ADO Ag) की अनुशंसा रिपोर्ट15 सितंबर तक कैसे करें ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन?योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं:ऑनलाइन प्रक्रिया:राज्य कृषि विभाग के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल (जैसे उत्तर प्रदेश में upagriculture.com, बिहार में dbtagriculture.bihar.gov.in या संबंधित राज्य पोर्टल) पर जाएं।होमपेज पर 'प्रगतिशील किसान पुरस्कार योजना / नवाचार प्रोत्साहन' लिंक पर क्लिक करें।अपनी किसान आईडी दर्ज कर फॉर्म में अपनी फसल, अपनाई गई तकनीक और वार्षिक आय का विवरण भरें।आवश्यक दस्तावेज और खेत के फोटो अपलोड कर फाइनल सबमिट करें और रसीद सुरक्षित रख लें।ऑफलाइन प्रक्रिया: जो किसान ऑनलाइन आवेदन में असमर्थ हैं, वे अपने ब्लॉक के 'कृषि बीज भंडार', उप-कृषि निदेशक (DD Agriculture) कार्यालय या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में जाकर निशुल्क फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म भरकर 15 सितंबर को शाम 5 बजे से पहले भौतिक रूप से जमा कराएं।चयन प्रक्रिया: कैसे तय होंगे विजेता किसान?15 सितंबर को आवेदन की समय सीमा समाप्त होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और उप-कृषि निदेशक की अध्यक्षता में एक तकनीकी मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। यह समिति आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद चुनिंदा किसानों के खेतों का औचक निरीक्षण (Physical Verification) करेगी। निरीक्षण के दौरान फसल की गुणवत्ता, मिट्टी की सेहत और किसान के दावों की सत्यता परखी जाएगी। इसके बाद जिलेवार मेरिट सूची तैयार कर अंतिम विजेताओं की घोषणा की जाएगी।
सड़कों पर सफर करने वाले राहगीरों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार और नगर प्रशासन ने एक ऐतिहासिक व जनहितैषी कदम उठाया है। अब देश भर के किसी भी छोटे-बड़े होटल, रेस्तरां, ढाबे या पेट्रोल पंप पर आम नागरिक बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी शुल्क के शौचालय (Washroom/Toilet) और पीने के साफ पानी की सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। अक्सर यह देखा जाता था कि सड़कों पर सार्वजनिक शौचालयों की कमी के चलते राहगीरों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता था। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान या होटल यह कहकर लोगों को प्रवेश देने से मना कर देते थे कि वे उनके ग्राहक नहीं हैं। सरकार द्वारा जारी नए सख्त दिशा-निर्देशों के बाद अब यह बहाना पूरी तरह गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है।सराय अधिनियम और स्वच्छ भारत मिशन की संयुक्त पहल का बड़ा फैसलाइस आदेश की कानूनी जड़ें भारत के ऐतिहासिक 'द सराय एक्ट, 1867' (The Sarais Act, 1867) और आधुनिक 'स्वच्छ भारत मिशन' (शहरी व ग्रामीण) की गाइडलाइंस में निहित हैं। सराय अधिनियम के तहत किसी भी होटल, सराय या धर्मशाला के लिए यह अनिवार्य वैधानिक शर्त है कि वह किसी भी राहगीर को मुफ्त में पीने का स्वच्छ पानी और शौचालय का उपयोग करने की अनुमति दे।शहरी विकास मंत्रालय और विभिन्न राज्य सरकारों के नगर विकास विभागों ने स्वच्छता और नागरिक अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए इस प्रावधान को नए सिरे से कड़ाई से लागू करने का आदेश जारी किया है। नगर निगमों के अनुसार, शहर की स्वच्छता, खुले में शौच से मुक्ति (ODF++) और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जनहित में अपनी बुनियादी सुविधाओं को सार्वजनिक रूप से साझा करना होगा।पेट्रोल पंपों पर पहले से अनिवार्य है नियम: जानिए क्या हैं 'मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस'पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की 'मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस' (MDG) के तहत देश के सभी अधिकृत पेट्रोल पंपों (IOCL, BPCL, HPCL, Reliance आदि) पर निम्नलिखित सुविधाएं आम नागरिकों को पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराना अनिवार्य है:साफ और स्वच्छ शौचालय: महिला एवं पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग, सुव्यवस्थित और स्वच्छ वॉशरूम होना अनिवार्य है।पेयजल की उपलब्धता: आरओ या साफ पीने के पानी की निरंतर व्यवस्था होनी चाहिए।इमरजेंसी कॉल और फर्स्ट एड: आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा किट और फोन कॉल की सुविधा।मुफ्त हवा: वाहनों के टायरों में हवा भरने की निःशुल्क सुविधा।यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक शौचालय पर ताला लगाकर रखता है या 'आउट ऑफ सर्विस' का झूठा बोर्ड लगाकर आम जनता को उपयोग करने से रोकता है, तो इसे डीलरशिप समझौते का सीधा उल्लंघन माना जाता है।क्या होटल में बिना खाना ऑर्डर किए शौचालय जाना कानूनी अधिकार है?सरकार के हालिया आदेश ने स्थिति को बिल्कुल शीशे की तरह साफ कर दिया है। किसी भी व्यक्ति को किसी 5-स्टार, 3-स्टार, बजट होटल, कैफे या रेस्टोरेंट में केवल शौचालय का उपयोग करने या पानी पीने के लिए कोई भोजन या पेय पदार्थ खरीदना जरूरी नहीं है।यदि आप किसी बाजार, हाईवे या मुख्य मार्ग से गुजर रहे हैं और आपको प्राकृतिक क्रिया के लिए जाना है, तो आप सीधे किसी भी नजदीकी प्रतिष्ठान में जा सकते हैं। कोई भी बाउंसर, सुरक्षा गार्ड या होटल स्टाफ आपको गेट पर यह कहकर नहीं रोक सकता कि यह सुविधा सिर्फ 'डाइनिंग कस्टमर्स' के लिए आरक्षित है। ऐसा करना न केवल प्रशासनिक आदेश की अवहेलना है, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों और मानवीय गरिमा का भी खुला हनन है।मना करने या बदसलूकी करने पर प्रतिष्ठान पर होगा भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्दनए प्रशासनिक आदेश में यह स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जो भी होटल, रेस्टोरेंट या पेट्रोल पंप आम जनता को वॉशरूम का उपयोग करने से रोकेगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी:ट्रेड और हेल्थ लाइसेंस का निलंबन: नगर निगम या स्थानीय निकाय संबंधित होटल या रेस्टोरेंट का ट्रेड लाइसेंस और फूड सेफ्टी (FSSAI) लाइसेंस निलंबित कर सकते हैं।आर्थिक जुर्माना: पहली बार शिकायत मिलने पर प्रतिष्ठान पर 10,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर दुकान या आउटलेट को सील किया जा सकता है।पेट्रोल पंप की डीलरशिप पर एक्शन: पेट्रोल पंप द्वारा सुविधा न देने पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा पंप की सप्लाई अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है और जुर्माने की राशि सीधे डीलर के कमीशन से काटी जा सकती है।यदि कोई उपयोग करने से रोके, तो तुरंत कहां और कैसे करें शिकायत?यदि किसी नागरिक को किसी होटल, रेस्टोरेंट या पेट्रोल पंप पर शौचालय का उपयोग करने से मना किया जाता है या उनसे बदसलूकी की जाती है, तो वे तुरंत इन माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:स्वच्छता ऐप (Swachhata App): केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के 'स्वच्छता ऐप' पर उस प्रतिष्ठान की लोकेशन और फोटो के साथ तत्काल शिकायत दर्ज की जा सकती है, जिस पर नगर निगम की टीम को 24 घंटे के भीतर संज्ञान लेना होता है।स्थानीय नगर निगम हेल्पलाइन: अपने शहर के नगर निगम, नगर पालिका या जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम नंबर पर कॉल करके प्रतिष्ठान के नाम और पते की सीधी शिकायत दर्ज कराएं।पेट्रोल पंप शिकायत निवारण पोर्टल: पेट्रोल पंप की रसीद या बोर्ड पर लिखे ऑयल कंपनी के टोल-फ्री नंबर (जैसे IOCL: 1800 2333 555, BPCL: 1800 22 4344) अथवा पेट्रोलियम मंत्रालय के 'CPGRAMS' पोर्टल पर सीधी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।सरकार के इस आदेश से आम लोगों, विशेषकर कामकाजी महिलाओं, गर्भवती माताओं, बच्चों और लंबी यात्रा करने वाले मुसाफिरों को शहरों और राजमार्गों पर एक बड़ी मानसिक व शारीरिक राहत मिली है।
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की टेल स्ट्राइक, रनवे से टकराया पिछला हिस्सा और फिर...
गुवाहाटी से बेंगलुरु आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 6542 रविवार को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंडिंग के दौरान टेल स्ट्राइक का शिकार हो गई। विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया। अच्छी बात ये रही कि प्लेन सुरक्षित उतर गया।
सिर्फ ₹1 में सिम कार्ड के साथ 24GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और SMS! जानिए कंपनी का धमाकेदार प्लान
भारतीय टेलीकॉम बाजार में ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कंपनियों के बीच डेटा और कॉलिंग वॉर हमेशा चर्चा में रहता है। निजी टेलीकॉम ऑपरेटरों द्वारा रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में समय-समय पर किए जाने वाले बदलावों के बीच कई सरकारी और निजी कंपनियां ऐसे प्रमोशनल ऑफर्स पेश करती हैं, जो पहली नजर में किसी को भी हैरान कर दें। ऐसा ही एक बेहद चर्चा में रहने वाला ऑफर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उपभोक्ता मात्र 1 रुपये की टोकन कीमत पर नया सिम कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्राहकों को 24GB तक हाई-स्पीड इंटरनेट डेटा, देश भर के किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और डेली मुफ्त एसएमएस की सुविधा दी जा रही है। ऐसे में करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि इस आकर्षक ऑफर का पूरा सच क्या है, यह किस नेटवर्क पर लागू है और इसे कैसे एक्टिवेट कराया जा सकता है।1 रुपये का सिम कार्ड ऑफर: क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं ग्राहकों को?टेलीकॉम सेक्टर में सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और कुछ चुनिंदा टेलीकॉम प्लेयर्स समय-समय पर नए ग्राहकों को जोड़ने और पोर्ट-इन (MNP) को बढ़ावा देने के लिए ऐसे टोकन प्लान जारी करते हैं। इस खास प्रमोशनल ऑफर के तहत:टोकन सिम चार्ज: नए सिम कार्ड की लागत को घटाकर महज 1 रुपये या नाममात्र का रखा गया है, ताकि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के नए उपभोक्ता आसानी से डिजिटल नेटवर्क से जुड़ सकें।24GB हाई-स्पीड डेटा: एक्टिवेशन के बाद उपयोगकर्ता को कुल 24GB डेटा का बंडल उपलब्ध कराया जाता है। यह डेटा कई मामलों में एकमुश्त या फिर रोजाना सीमित आधार पर (जैसे 1GB या 2GB प्रतिदिन) उपयोग के लिए क्रेडिट होता है।अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी कॉलिंग: देश भर में किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर के नेटवर्क (Jio, Airtel, Vi या BSNL) पर बात करने के लिए पूरी तरह फ्री और अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग दी जाती है।100 फ्री एसएमएस रोजाना: बैंकिंग ओटीपी, सामान्य मैसेजिंग और जरूरी संवाद के लिए प्रतिदिन 100 लोकल व नेशनल एसएमएस की सुविधा भी इस पैक में शामिल रहती है।नए ग्राहकों और MNP (पोर्टेबिलिटी) यूजर्स के लिए विशेष व्यवस्थाकंपनियों द्वारा इस तरह के अल्ट्रा-अफोर्डेबल ऑफर्स आमतौर पर दो श्रेणियों के ग्राहकों के लिए पेश किए जाते हैं। पहला, वे लोग जो पहली बार संबंधित ऑपरेटर का नया सिम कनेक्शन खरीद रहे हैं। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण वर्ग वे उपभोक्ता हैं, जो अपनी मौजूदा टेलीकॉम कंपनी के महंगे टैरिफ प्लान्स या नेटवर्क समस्याओं से परेशान होकर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के जरिए नेटवर्क स्विच करना चाहते हैं।निजी ऑपरेटरों के बढ़ते टैरिफ के दौर में सेकेंडरी सिम के तौर पर नंबर एक्टिव रखने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए ऐसे कम लागत वाले प्लान किसी वरदान से कम नहीं हैं। ग्राहक अपने पुराने नंबर को बरकरार रखते हुए महज 1 रुपये के सिम शुल्क और प्रमोशनल फर्स्ट रिचार्ज कूपन (FRC) के साथ नए नेटवर्क का अनुभव ले सकते हैं।ऑफर पाने के लिए जरूरी नियम, शर्तें और वैलिडिटी का गणितयद्यपि हेडलाइन और विज्ञापनों में 1 रुपये में सिम और फ्री डेटा का प्रचार काफी आकर्षक दिखता है, लेकिन इसके पीछे कुछ तकनीकी और परिचालन नियम (Terms & Conditions) होते हैं जिन्हें समझना आवश्यक है:वैलिडिटी की मियाद: यह 24GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा आमतौर पर 28 दिनों या 30 दिनों की निर्धारित वैधता के साथ आती है। वैधता समाप्त होने के बाद ग्राहक को नियमित टैरिफ प्लान से रिचार्ज कराना अनिवार्य होता है।फर्स्ट रिचार्ज कूपन (FRC): कुछ सर्किलों में सिम कार्ड की कीमत तो 1 रुपये रखी जाती है, लेकिन 24GB डेटा और कॉलिंग का लाभ पाने के लिए न्यूनतम प्रमोशनल FRC रिचार्ज कराना अनिवार्य हो सकता है, जिसे कंपनी पहले महीने के लिए सब्सिडी रेट पर देती है।सर्कल आधारित उपलब्धता: यह ऑफर देश के सभी टेलीकॉम सर्किलों में एक साथ लागू न होकर चुनिंदा राज्यों (जैसे यूपी पूर्व, यूपी पश्चिम, बिहार-झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या पश्चिम बंगाल) के विशेष कस्टमर सर्विस सेंटर्स (CSC) या अधिकृत रिटेलर्स पर ही सीमित समय के लिए उपलब्ध कराया जाता है।1 रुपये में नया सिम कार्ड और 24GB डेटा कैसे हासिल करें?यदि आप भी इस तरह के किफायती टेलीकॉम ऑफर का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है:नजदीकी अधिकृत रिटेलर या सीएससी केंद्र जाएं: अपने नजदीकी टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक सेवा केंद्र (CSC) या अधिकृत मोबाइल स्टोर पर जाएं।केवाईसी (e-KYC) दस्तावेज: भारत सरकार और दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों के अनुसार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य है। इसके लिए अपना मूल आधार कार्ड साथ लेकर जाएं।फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन: स्टोर पर एजेंट आपके आधार कार्ड का बायोमेट्रिक या फेस स्कैन के जरिए ई-केवाईसी करेगा।तुरंत एक्टिवेशन: वेरिफिकेशन पूरा होते ही नया सिम कार्ड हैंडओवर कर दिया जाता है, जो टेली-वेरिफिकेशन के बाद कुछ ही घंटों में सक्रिय हो जाता है और फ्री डेटा व कॉलिंग का लाभ शुरू हो जाता है।टेलीकॉम कंपनियां ऐसे ऑफर्स के जरिए अपने यूजर बेस को तेजी से विस्तार देने का प्रयास करती हैं। यदि आप भी कम खर्च में बेहतर कॉलिंग और पर्याप्त डेटा का लाभ लेना चाहते हैं, तो अपने नजदीकी रिटेलर से इस प्रमोशनल प्लान की स्थानीय उपलब्धता की पुष्टि कर इसका लाभ उठा सकते हैं।
प्रवेश वर्मा थप्पड़ कांड पर राहुल का हमला, भाजपा को जनता का डर नहीं
दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर निशाना साधा है
'इसे जब्त कर लेना...', जिस बस में खुद बैठे कलेक्टर, उसी को करा दिया सीज
Rewa Collector Narendra Suryavanshi News: रीवा में जिस बस से कलेक्टर पहुंचे सीएम के कार्यक्रम में, खराब हालत देख उतरते ही उसे कराया सीज. RTO को फिटनेस निरस्त करने का आदेश. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
Maharashtra: देवेंद्र फडणवीस किसानों के मुद्दे सुलझाएं या EC के प्रवक्ता बनें, कांग्रेस नेता का तंज
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राहुल गांधी की आलोचना किए जाने पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने रविवार को कहा कि अगर वह सूखा प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते, तो उन्हें इस्तीफा देकर निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता के तौर पर काम करना चाहिए। फडणवीस ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोप को निराधार बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास कमजोर करने और ‘‘अराजकता तथा अव्यवस्था’’ के बीज बोने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। फडणवीस ने निर्वाचन आयोग में मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि तीनों निर्वाचन आयुक्तों ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। मुख्यमंत्री के बयान पर सपकाल ने सवाल किया, ‘‘क्या फडणवीस निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता हैं? कांग्रेस द्वारा निर्वाचन आयोग से पूछे गए सवालों का जवाब वह क्यों दे रहे हैं?’’अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के बाद कांग्रेस और कई अन्य दलों तथा संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। खबर में दावा किया गया था कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीने में कम से कम 14 बार एसआईआर प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग के तरीके पर औपचारिक आपत्ति जताई थी। सपकाल ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों से चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता का मुद्दा केंद्र में आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने के बजाय, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राहुल गांधी की व्यक्तिगत आलोचना कर रहे हैं। सपकाल ने कहा, ‘‘अगर निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए गए हैं, तो आयोग को उनका जवाब देना चाहिए। निर्वाचन आयोग का बचाव करने के बजाय मुख्यमंत्री को महाराष्ट्र की जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।’’कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर वह इन मुद्दों का समाधान नहीं कर सकते, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर पूर्णकालिक रूप से निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता के तौर पर काम करना चाहिए।
इंडिगो फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान असामान्य रनवे संपर्क, जांच जारी
इंडिगो की फ्लाइट 6E 6542 को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को तेज हवाओं के बीच असामान्य रनवे संपर्क का सामना करना पड़ा. सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं. विमान की जांच की जा रही है और SOP के तहत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया है.
प्रवेश वर्मा ने जिसे मारा थप्पड़, उस पर पहले से FIR, बीजेपी बोले- ये AAP का गुंडा
दिल्ली में सड़क निरीक्षण के दौरान PWD मंत्री प्रवेश वर्मा पर एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है. आरोप लगाने वाले युवक की पहचान साहिब सिंह के रूप में हुई है. बीजेपी ने युवक को 'AAP का गुंडा' बताया है.
भारत का उत्थान बिना टकराव और विघटन के समावेशी विकास पर आधारित: Rajnath Singh
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत एक ऐसी सभ्यतागत शक्ति है, जिसका उदय टकराव या व्यवधान के बजाय समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य बिना किसी विघटन के आगे बढ़ना और संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव लाना है। ‘एनडीटीवी’ के रक्षा सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान सिंह ने यह भी कहा कि जो राष्ट्र प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेतृत्व करेगा, उसे युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल होगी। उन्होंने पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति के साथ-साथ सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए उठाए गए कुछ कदमों को भी रेखांकित किया। विश्व व्यवस्था में भारत की स्थिति पर सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हम एक सभ्यतागत शक्ति हैं। हमारे उत्थान का उद्देश्य किसी दूसरे देश को पीछे छोड़ना या मौजूदा व्यवस्था को खत्म करना नहीं है; बल्कि यह सामूहिक और समावेशी विकास के बारे में है। हमारा लक्ष्य है - बिना विघटन के उत्थान, संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी दुनिया की कल्पना करते हैं, जहां भारत आगे बढ़े और पूरी दुनिया भी हमारे साथ आगे बढ़े।’’रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि आज का युद्ध केवल सैनिक बनाम सैनिक का मामला नहीं है, बल्कि यह कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि इसमें जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सूचना युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन और सटीक मारक हथियार शामिल हैं।
40 की उम्र में 20 जैसा ग्लो! आजमाएं कोरियन गर्ल्स के ये 3 देसी नुस्खे
पिगमेंटेशन और समय से पहले दिखने वाली झुर्रियां महिलाओं के लिए बहुत बड़ी टेंशन बनी हुई है. आइए जानते हैं फ्लॉलेस स्किन पाने के लिए कोरियन ब्यूटी टिप्स कैसे आपकी मदद करेंगी.
मिथुन-धनु की बढ़ेगी इनकम, जानें आपकी राशि के लिए कैसा होगा अक्टूबर
अक्टूबर माह की शुरुआत होने वाली है. वैसे तो यह महीना पितृपक्ष में शुरू हो रहा है. लेकिन इसमें कई बड़े त्योहारों की दस्तक भी होगी. अक्टूबर में शारदीय नवरात्र, दशहरा, शरद पूर्णिमा और करवा चौथ जैसे बड़े त्योहार भी आने वाले हैं. ग्रहों की चाल अक्टूबर माह को कई राशियों के लिए शुभ बता रही है.
'पहले ही कर लें EMI पेमेंट...', हड़ताल से ऐन पहले बैंकों का अलर्ट
Bank's Alert To Customers: सोमवार को बैंक यूनियनों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू होने जा रही है. इस बीच कई बड़े बैंकों ने अपने ग्राहकों को अलर्ट किया है कि वे अपनी EMI का भुगतान पहले ही कर लें.
Ganjam में गांव पर हमले और भीड़ हिंसा मामले में 5 महिलाओं समेत 13 गिरफ्तार
ओडिशा पुलिस ने 14 सितंबर को गंजाम जिले के एक गांव पर हमले में शामिल होने के आरोप में रविवार को 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पांच महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह ब्रह्मपुर सदर थाना क्षेत्र के कुकुडाखंडी गांव में छापेमारी के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। ब्रह्मपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव सोनकर ने बताया कि आरोपियों पर भीड़ हिंसा, गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाने, पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ हिंसा और पुलिस के काम में बाधा डालने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर की दोपहर तलवार सहित अन्य हथियारों से लैस 8-10 लोगों की भीड़ मोटरसाइकिल पर सवार होकर कुकुडाखंडी बाउरी साही पहुंची और बम फेंके, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों ने भीड़ में शामिल दो सदस्यों को उनकी मोटरसाइकिल के साथ पकड़ लिया। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद कहा कि इस घटना की वजह पुरानी दुश्मनी हो सकती है। उसने बताया कि एक आरोपी के साथ बुरी तरह मारपीट की गई, जबकि दूसरे को सामुदायिक कक्ष के अंदर बंद कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर एक टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, उसने बताया कि भीड़ ने टीम को अपना कर्तव्य निभाने से रोका, उसके सदस्यों पर पत्थर फेंके और उनके साथ बदसलूकी की। पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी देर रात दो बजे तक सामुदायिक कक्ष में बंद रहा। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल और कुकुडाखंडी के कार्यकारी मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर दखल दिया, व्यक्ति को बचाया और उसे यहां एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में 15 सितंबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

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