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Subhash Kapoor को Germany भेजने की तैयारी अटकी, Supreme Court ने HC के आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के 8 सितंबर के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें केंद्र सरकार को निर्देश दिया गया था कि वह अंतरराष्ट्रीय कला तस्करी के आरोपी सुभाष चंद्र कपूर को तिरुचिरापल्ली सेंट्रल जेल से अपनी कस्टडी में ले और उसे जर्मनी वापस भेजने के लिए कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करे। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसने कपूर द्वारा दायर 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका को स्वीकार कर लिया था। हाई कोर्ट ने माना था कि जर्मनी से प्रत्यर्पित किए जाने से पहले कथित तौर पर किए गए अन्य अपराधों के मामले में भारत में कपूर को हिरासत में रखना, जर्मन अधिकारियों की सहमति के बिना जारी नहीं रखा जा सकता। अमेरिकी नागरिक कपूर को 13 जुलाई 2012 को जर्मनी से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। यह मामला तमिलनाडु के उदयारपालयम पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 457 और 380 के तहत दर्ज मूर्ति चोरी के एक मामले से जुड़ा था। यह मामला तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य क्षेत्रों के मंदिरों से मूर्तियां चुराए जाने से संबंधित है। इसे भी पढ़ें: Rohini Court मर्डर केस: उम्रकैद काट रहे Neeraj Bawana गैंग के दोषी को High Court से बड़ा झटका इसके बाद, कुंभकोणम के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले में उन पर मुकदमा चलाया और 1 नवंबर 2022 को उन्हें दोषी ठहराया। उन्हें 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई। उच्च न्यायालय ने गौर किया कि, पहले से काटी गई सजा की अवधि को घटाने (सेट-ऑफ देने) के बाद, प्रत्यर्पण मामले की सजा पूरी हो गई थी। कस्टडी सर्टिफिकेट के अनुसार, उस मामले में उनकी रिहाई की तारीख 22 फरवरी 2023 दर्ज की गई। उच्च न्यायालय के सामने मुख्य सवाल यह था कि क्या कपूर को उन अन्य अपराधों के सिलसिले में हिरासत में रखा जा सकता है, जो कथित तौर पर उनके प्रत्यर्पण से पहले किए गए थे, जबकि वे उस मामले की सजा पूरी कर चुके हैं जिसके लिए जर्मनी ने उन्हें भारत को सौंपा था। उच्च न्यायालय ने भारत-जर्मनी प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद 19 (जिसमें 'रूल ऑफ स्पेशलिटी' शामिल है) और प्रत्यर्पण अधिनियम, 1962 की धारा 21 के तहत इस मामले की जांच की। अनुच्छेद 19 न केवल प्रत्यर्पण से पहले किए गए अपराधों के लिए मुकदमा चलाने पर रोक लगाता है, बल्कि ऐसे अपराधों के लिए हिरासत में रखने या व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर किसी अन्य तरह की पाबंदी लगाने पर भी रोक लगाता है (हालांकि इसमें कुछ अपवाद हैं, जैसे कि प्रत्यर्पण करने वाले देश की सहमति)। इसे भी पढ़ें: Rohini Court मर्डर केस: उम्रकैद काट रहे Neeraj Bawana गैंग के दोषी को High Court से बड़ा झटका अदालत ने गौर किया कि जर्मनी ने मुकदमा चलाने के दायरे को बढ़ाने के प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया था। विदेश मंत्रालय ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि जर्मनी ने इस विस्तार के लिए सहमति नहीं दी है, और 'रूल ऑफ स्पेशलिटी' के सिद्धांत के तहत, भारत में आगे मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। बाद में जर्मनी ने एक अन्य राजनयिक नोट के जरिए भी अपना यही रुख दोहराया। उच्च न्यायालय ने यह भी ध्यान दिया कि तमिलनाडु के मुख्य सचिव ने अक्टूबर 2019 में जर्मन अधिकारियों को आश्वासन दिया था कि 'रूल ऑफ स्पेशलिटी' का उल्लंघन नहीं किया जाएगा और कपूर पर 2008 के 'क्राइम नंबर 65' के अलावा किसी अन्य अपराध के लिए मुकदमा नहीं चलाया जाएगा, जिसके लिए जर्मनी से मंजूरी ली गई थी। राज्य सरकार और अन्य पक्षों ने तर्क दिया कि कपूर के खिलाफ दर्ज अन्य मामले आपस में जुड़े हुए हैं और ये प्राचीन मंदिर की मूर्तियों की चोरी और तस्करी से जुड़ी एक बड़ी, निरंतर चल रही साजिश का हिस्सा हैं। इसे भी पढ़ें: भारत छोड़ो नोटिस, Imran Khan को Bombay High Court से 2 नवंबर तक अंतरिम राहत उन्होंने कपूर के खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता पर भी जोर दिया। हालांकि, हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपों की गंभीरता, संधि और प्रत्यर्पण अधिनियम (Extradition Act) के तहत जरूरी सहमति की जगह नहीं ले सकती। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि जर्मनी की सहमति पाने के लिए लंबित अनुरोध को खुद 'सहमति' नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि कपूर को हिरासत में रखने के लिए वर्तमान में कोई कानूनी आधार होना चाहिए; यह इस संभावना पर आधारित नहीं हो सकता कि भविष्य में सहमति मिल जाएगी। इसके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने माना कि कपूर को हिरासत में रखना कानूनी अधिकार के बिना था और उसकी 'हेबियस कॉर्पस' (habeas corpus) याचिका को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर त्रिची की सेंट्रल जेल से कपूर को अपनी कस्टडी में ले और उसे जर्मनी वापस भेजने के लिए कानून के अनुसार कार्रवाई करे।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:38 pm

UP Chunav से पहले सपा की दो-टूक रणनीति: Chandrashekhar Azad संग गठबंधन से साफ इनकार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों ने अपने प्रचार अभियान को तेज कर दिया है, जबकि गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है। इस राजनीतिक सरगर्मी के बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार (27 अक्टूबर) को चंद्रशेखर आजाद की 'आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)' के साथ गठबंधन की संभावना को खारिज कर दिया और साथ ही AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav ने Election Commission पर उठाए सवाल, आधार से वोटर लिस्ट जोड़ने की रखी मांग चंद्रशेखर आज़ाद के साथ गठबंधन की संभावना पर प्रतिक्रिया देते हुए, यादव ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि समाजवादी पार्टी (SP) उनके समर्थन के बिना भी जीत सकती है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद के साथ गठबंधन क्यों होगा? हम तो उनके बिना भी जीत रहे हैं। उन्होंने ओवैसी का सीधे नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए पतंग का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक खिलाड़ी पर्दे के पीछे से मिलने वाले समर्थन के दम पर ही आगे बढ़ते हैं। यादव ने संकेत दिया कि उनका राजनीतिक प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें कितना समर्थन मिल रहा है। यादव ने कहा कि डोर किसके हाथ में है? पतंग उतनी ही ऊंची उड़ती है जितनी उसे ढील दी जाती है। अगर डोर खत्म हो जाए, तो खेल खत्म। सच तो यह है कि पीछे से जितनी ज्यादा ढील मिलेगी, पतंग उतनी ही ऊंची उड़ेगी। SP प्रमुख ने आगे कहा कि इस बार का चुनावी मुकाबला 80-20 का नहीं, बल्कि 90-10 का होगा, जिसमें 90 प्रतिशत हिस्सा उन लोगों का होगा जो खुद को पीड़ित या परेशान महसूस करते हैं। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav के बयान पर भड़के CM Dhami, कहा- पिता ने गोलियां चलवाईं, बेटा घुसपैठिया कह रहा सोमवार को चंद्रशेखर ने अखिलेश यादव के साथ गठबंधन करने का प्रस्ताव रखा था। आज़ाद ने कहा कि अगर बीजेपी को हराना है, तो समाजवादी पार्टी प्रमुख को सबको साथ लेकर चलना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी दलों को उनका उचित हिस्सा मिले। इससे पहले, AIMIM प्रमुख ओवैसी ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि सपा प्रमुख मुसलमानों के अधिकारों की बात करने वाले किसी भी व्यक्ति को अपना दुश्मन मानते हैं।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:30 pm

Kinetic DX इलेक्ट्रिक स्कूटर, 102KM रेंज और 90KM/H की स्पीड, जानें फीचर्स

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए काइनेटिक DX एक विकल्प हो सकता है। कंपनी से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹1,11,499 है। इसमें 2.6 kWh की LFP ...

वेब दुनिया 27 Oct 2026 4:29 pm

Royal Enfield ने पेश की रंग बदलने वाली बाइक, केवल 125 लोग खरीद सकेंगे इसे

Royal Enfield Classic 650 Hypershift: रॉयल एनफील्ड ने मोटरसाइकिल की दुनिया में अपने 125 साल पूरे करने के जश्न में अपनी मशहूर बाइक Classic 650 के नए एनिवर्सरी एडिशन को लॉन्च किया है.

आज तक 27 Oct 2026 4:25 pm

इसे कहते हैं धोना! अभिषेक-वैभव ने कीव‍ियों को कूटा, टारगेट 80 गेंदों में चेज

अभिषेक शर्मा के 38 गेंदों पर 113 रन और वैभव सूर्यवंशी के 19 गेंदों पर 45 रन की बदौलत भारत ने वेलिंगटन में न्यूजीलैंड को तीसरे टी20 में 6 विकेट से हराया. भारत ने 199 रन का टारगेट 13.2 ओवर में हासिल कर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली. दोनों ने पहले विकेट के लिए 133 रन जोड़े.

आज तक 27 Oct 2026 4:22 pm

गाजियाबाद के एक होटल में भीषण आग लगी, 20 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साइट 4 स्थित 'बनाना ट्री होटल' में भीषण आग लग गई, जिसके बाद दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, दमकलकर्मियों ने होटल के अंदर मौजूद सभी 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार, दमकल विभाग को 27 अक्टूबर को दोपहर 1:29 बजे आग लगने की सूचना मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, तुरंत नौ दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए वैशाली फायर स्टेशन से एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भी भेजा गया। इसे भी पढ़ें: Germany में समूह पर कार चढ़ाने से 5 लोग घायल, Police बोली- जानबूझकर बनाया निशाना पांचवीं मंजिल से शुरू हुई आग ऊपर की ओर फैली मौके पर पहुंचने पर दमकलकर्मियों ने देखा कि आग होटल की पांचवीं मंजिल से शुरू हुई थी और तेजी से ऊपर की ओर फैल रही थी। टीम ने आग को रोकने के लिए तुरंत होटल के आंतरिक अग्निशमन सिस्टम का इस्तेमाल किया। दमकलकर्मियों ने दो होज़ (पानी के पाइप) लगाए और आग को और अधिक फैलने से रोक दिया, जिससे स्थिति को काबू में लाने में मदद मिली। होटल के 12 कमरों से 20 लोगों को सुरक्षित निकाला गया एक अधिकारी ने बताया कि घटना के समय होटल के 12 कमरों में लगभग 20 लोग मौजूद थे। बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए सभी लोगों को होटल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:22 pm

Jan Gan Man: CJI रहते हुए Chandrachud का झुकाव क्या सचमुच मोदी सरकार की ओर था? Justice Kaul के आरोपों से क्या संदेश मिल रहा है?

न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर छिड़ी बहस अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट से निकलकर सियासत के अखाड़े में पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल ने अपनी किताब में पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संजय किशन कौल का आरोप है कि न्यायिक नियुक्तियों के मामले में चंद्रचूड़ केंद्र सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा नरम थे। इन आरोपों पर चंद्रचूड़ की सफाई के बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के शासनकाल में न्यायपालिका की भूमिका और न्यायाधीशों की नियुक्तियों के पुराने विवादों को उठाकर पलटवार किया है। इस तरह अब सवाल इस बात का भी है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर उपदेश देने वाली सियासत अपने अतीत के सवालों का सामना करने को कितनी तैयार है। जस्टिस कौल के मुताबिक, कॉलेजियम की सिफारिशों पर विचार करने से पहले ही सरकार की राय जानने की कोशिश करना संस्थागत स्वतंत्रता के लिहाज से उचित नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सीजेआई चंद्रचूड़ ने एक अवसर पर उनसे पूछा था कि क्या प्रस्तावित नियुक्तियों के बारे में सरकार से फोन पर बात की जानी चाहिए। संजय कौल के अनुसार, नियुक्तियों पर सरकार से परामर्श करने में उन्हें आपत्ति नहीं थी, लेकिन कॉलेजियम के औपचारिक विचार-विमर्श से पहले सरकार की सहमति तलाशना उन्हें चिंताजनक लगता था। इसे भी पढ़ें: स्तरहीनता एवं विरोध की भाषा में उलझती कांग्रेस कौल ने यह भी दावा किया कि कॉलेजियम द्वारा सुझाए गए नामों को मंजूरी देने में केंद्र सरकार की कथित चयनात्मक नीति पर सवाल उठाने वाली उनकी पीठ से एक मामला बाद में हटा लिया गया। नवंबर 2023 में उनकी पीठ ने कॉलेजियम की सिफारिशों पर कार्रवाई में देरी को लेकर केंद्र से सवाल किए थे। कौल के मुताबिक, न्यायिक नियुक्तियों से जुड़े इस मामले का अचानक दूसरी पीठ के पास जाना उन्हें सबसे अधिक परेशान करने वाली घटनाओं में से एक लगा। उन्होंने न्यायिक कार्यवाही के संदर्भ में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से जुड़े फैसले पर पुनर्विचार के सवाल का मामला भी दूसरी पीठ के समक्ष पहुंचने पर आपत्ति जताई। हालांकि, इन आरोपों पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने अलग पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि कौल की पुस्तक पढ़े बिना उसके संदर्भ में विस्तृत प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होगा। चंद्रचूड़ के अनुसार, उनके कार्यकाल में कॉलेजियम की बैठकें सौहार्दपूर्ण माहौल में हुईं और नियुक्तियों से संबंधित प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की याद नहीं है, जिसमें जस्टिस कौल कॉलेजियम की बैठक से उठकर चले गए हों। इस तरह दोनों पूर्व न्यायाधीशों के बयानों ने नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और संस्थागत संवाद को लेकर बहस को और गहरा कर दिया है। दूसरी ओर, इसी विवाद के बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी के राजनीतिक जवाब ने बहस को एक नया आयाम दिया है। उनका सवाल यह है कि यदि न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर चर्चा हो रही है, तो इसकी कसौटी सभी राजनीतिक दलों और सभी सरकारों के लिए समान क्यों नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश की ओर से सोशल मीडिया पर किये गये पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि जयराम जी फिर बग़ैर किसी आधिकारिक दस्तावेज़ के कहानियों के आधार पर ‘निर्देशित होकर’ ज्ञान बाँटना शुरू मत कीजिये। उन्होंने लिखा है कि अगर कहानियों की ही बात करनी है तो दिल्ली के गलियारे में यह बहुत चर्चित कहानियाँ थी की आपके ही शासनकाल में न्यायाधीशों की नियुक्ति कैसे हुआ करती थी, उन कहानियों पर अपनी याददाश्त ताज़ा कर लीजिये। डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने लिखा है कि कहा जाता है कि उस दौर मैं चुनिंदा नामों की सूची पहले अहमद पटेल के पास जाती थी। वहाँ कथित तौर पर न्यायिक योग्यता से अधिक विचार इस सवाल पर होता था कि “ये हमारे लिए क्या करेंगे?'' उन्होंने लिखा है कि कहानियों की माने तो इसके बाद कुछ नामों पर सहमति बनती थी। ये नाम तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास पहुँचते थे। वहाँ से सोनिया गांधी की राय ली जाती थी और फिर नामों को अंतिम रूप दिया जाता था। उन्होंने लिखा है, ''अब कुछ सीधे सवाल हैं, जिनका जवाब शायद आपकी याददाश्त से गायब हो गया है पर देश की याददाश्त में है।'' उन्होंने पूछा है कि आप बतायें कि अहमद पटेल और सोनिया गांधी किस संवैधानिक पद पर बैठी थीं कि किसी भी सरकारी प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका हो। क्या न्यायाधीशों के नामों जैसे गंभीर विषय पर उनकी स्वीकृति में उनकी कोई भी भूमिका थी या नहीं? क्या इस कहानी को सच माना जाए। डॉ. सुधांशु त्रिवेदी आगे लिखते हैं, ''बड़ी विचित्र बात है कि तीन न्यायाधीशों की वरिष्ठता को दरकिनार कर मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने वाले व Committed Judiciary की बात करने वाले आज न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर लंबे-लंबे प्रवचन दिए जा रहे हैं, लेकिन अपने शासनकाल की नियुक्तियों को लेकर उठने वाले इन सवालों पर चर्चा तक नहीं होती।'' उन्होंने आगे लिखा, ''आपने तो कहानी बताई जिसका कोई आधिकारिक दस्तावेज़ न्यायालय में या सरकारी अभिलेखों में नहीं है। लेकिन मैं आपको याद दिलाता हूँ जो सरकारी अभिलेख और न्यायालय के दस्तावेज़ में है। आपने 1967-68 में एक ऐसे व्यक्ति को भारत का मुख्य न्यायाधीश बनाया था जिसके पास कानून की डिग्री ही नहीं थी। यह थे भारत के मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस कैलाशनाथ वांचू।'' उन्होंने पूछा है कि क्या आप देश को बता सकते हैं कि है कौन-सी योग्यता थी जिससे उस समय तमाम बेहतरीन कानूनी डिग्री रखने वाले जजों की बजाय एक ऐसे व्यक्ति को भारत के मुख्य न्यायाधीश बना गया जिस के पास कानून की डिग्री ही नहीं थी। उन्होंने लिखा कि यह कोई किताब या अख़बार में छपी हुई कहानी नहीं बल्कि भारत के आधिकारिक दस्तावेज़ और सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्ति की औपचारिक कहानी है। डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा है कि दूसरों को संवैधानिक मर्यादा का पाठ पढ़ाने से पहले इन गंभीर आरोपों का जवाब भी दीजिए। दूसरी ओर, इस पूरे विवाद का मूल प्रश्न किसी एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश की कार्यशैली तक सीमित नहीं है। सवाल यह है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति में कॉलेजियम की स्वायत्तता कितनी प्रभावी है, सरकार के साथ संवाद की सीमा क्या होनी चाहिए और नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कौन-से संस्थागत सुधार जरूरी हैं। यहां यह भी काबिलेगौर है कि जस्टिस कौल ने स्वयं कॉलेजियम व्यवस्था को अपूर्ण बताया है और स्वीकार किया है कि यह राजनीतिक दबावों से पूरी तरह अलग नहीं रह सकती। वहीं, चंद्रचूड़ की प्रतिक्रिया बताती है कि आरोपों के संदर्भ और उनकी व्याख्या पर मतभेद हैं। ऐसे में इस विवाद को केवल भाजपा बनाम कांग्रेस या एक न्यायाधीश बनाम दूसरे न्यायाधीश के रूप में देखना अधूरा होगा। बहरहाल, राजनीतिक बयानबाजी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर बहस सिद्धांतों के आधार पर होगी या फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने सुविधाजनक इतिहास के सहारे एक-दूसरे को कठघरे में खड़ा करते रहेंगे। न्यायपालिका की विश्वसनीयता के लिए जरूरी है कि आरोपों की जांच प्रमाणों के आधार पर हो, नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी बने और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता किसी भी दल की राजनीतिक सुविधा पर निर्भर न रहे। -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:18 pm

इमरान खान को अंतरिम राहत, कोर्ट ने 'भारत छोड़ो' आदेश पर लगाई रोक

इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है. कोर्ट ने भारत छोड़ो आदेश पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी है.

आज तक 27 Oct 2026 4:15 pm

चुनाव से पहले EC का एक्शन, 5 राज्यों में अफसर बदलेंगे

निर्वाचन आयोग ने गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्य सचिवों को अधिकारियों के तबादले का आदेश दिया है. पिछले चार साल में तीन साल या ज्यादा समय से एक ही जिले में तैनात और गृह जिले में काम कर रहे अधिकारी बदले जाएंगे. इसमें जिला स्तर के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, साथ ही परिवहन, मद्यनिषेध और उत्पाद विभाग के अधिकारी शामिल हैं.

आज तक 27 Oct 2026 4:15 pm

पाकिस्तान के इस शहर में पहली बार मनाई गई वाल्मीकि जयंती

खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिला प्रशासन ने सोमवार को पहली बार वाल्मीकि जयंती समारोह आयोजित किया, जिसमें अधिकारी और हिंदू समुदाय के सदस्य शामिल हुए. कार्यक्रम में धार्मिक आजादी, अल्पसंख्यक अधिकारों और आपसी सम्मान पर जोर देते हुए पाकिस्तान की तरक्की, खुशहाली और सुरक्षा के लिए खास पूजा की गई.

आज तक 27 Oct 2026 4:13 pm

11 छक्के, 9 चौके और 113 रन... वेलिंगटन T20 में अभिषेक ने उड़ाया गर्दा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की है. अभिषेक शर्मा ने महज 38 गेंदों में 113 रनों की तूफानी पारी खेली, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने 19 गेंदों में 45 रन बनाए.इस मुकाबले में अभिषेक ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए.

आज तक 27 Oct 2026 4:12 pm

₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

फरवरी 2024 से अक्टूबर 2026 तक भारत ने ₹7 लाख करोड़ से अधिक के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। यह आंकड़ा बताता है कि भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाने, पुराने उपकरणों की जगह नई तकनीक लाने और घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत करने पर कितना बड़ा जोर दे रहा है। इन […] यह लेख ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 27 Oct 2026 4:07 pm

भारत छोड़ो नोटिस, Imran Khan को Bombay High Court से 2 नवंबर तक अंतरिम राहत

अभिनेता इमरान खान को उनके खिलाफ जारी 'भारत छोड़ो' नोटिस के मामले में अस्थायी राहत मिली है। सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि सुनवाई की अगली तारीख, 2 नवंबर तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Imran Khan की तीन बहनों की detention 30 दिन और बढ़ी, Lahore High Court ने निपटाई अर्जी अमेरिकी नागरिक इमरान खान ने पुलिस के उस नोटिस को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था। यह नोटिस 10 अक्टूबर को हुए एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण जारी किया गया था। दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। उन पर एकतरफा तरीके से काम करने और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया गया था।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:07 pm

'सच्चाई नहीं दिखाई', प्रियंका की फिल्म पर मैरी कॉम का दावा

बिग बॉस से बाहर निकलकर मैरी कॉम ने अपनी बायोपिक पर कुछ दावे किए हैं. उनका कहना है कि प्रियंका की फिल्म में उनकी जिंदगी की पूरी सच्चाई नहीं दिखाई गई थी. उनके मुताबिक, उनका पूरा स्ट्रगल दिखाया ही नहीं गया.

आज तक 27 Oct 2026 4:06 pm

दिवाली का तोहफा! महाराष्ट्र के 4.15 लाख किसानों का हो सकता है कर्ज माफ

महाराष्ट्र में सरकार दिवाली से पहले किसानों को दो बड़ी राहत देने की तैयारी में है. 4.15 लाख किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने के लिए 4,000 करोड़ रुपये की मंजूरी मांगी गई है, जबकि करीब 1.5 करोड़ सूखा प्रभावित किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम आर्थिक सहायता दी जाएगी.

आज तक 27 Oct 2026 4:05 pm

कर्नाटक में फाइनल वोटर लिस्ट जारी, SIR के बाद लगभग 1 करोड़ मतदाता हुए कम

कर्नाटक में SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया में लगभग 99.76 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या 4.54 करोड़ रह गई है।

जागरण 27 Oct 2026 4:05 pm

UP चुनाव से पहले BJP को झटका! पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप बेटी संग सपा में शामिल

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनकी बेटी कीर्ति कश्यप समेत कई नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं. वहीं, अखिलेश यादव ने किसानों से बकाया भुगतान का वादा किया.

आज तक 27 Oct 2026 4:03 pm

Delhi Police ने शाहदरा में 44 लाख की डकैती सुलझाई, 6 आरोपी धरे

दिल्ली पुलिस ने शाहदरा जिले में दिनदहाड़े हुई 44 लाख रुपये की लूट के मामले में मुख्य आरोपी समेत सभी छह लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 26 लाख रुपये से अधिक नकद तथा एक पिस्तौल बरामद की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि लूट की यह घटना 27 अगस्त को मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र में हुई थी, जब पिस्तौल के बल पर शिकायतकर्ता का 44 लाख रुपये से भरा बैग कथित तौर पर छीन लिया गया था। मीणा ने बताया कि मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल को उत्तर प्रदेश से दिल्ली लाए जाने के बाद 16 अक्टूबर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया और अदालत की मंजूरी के बाद चार दिन तक हिरासत में रखकर पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा की निशानदेही पर पुलिस ने लूट में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया। अधिकारी बताया कि पिस्तौल और उसकी मैगजीन 18 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक स्थान पर झाड़ियों से बरामद की गई। आरोपी ने भागते समय इसे कथित तौर पर फेंक दिया था। डीसीपी ने बताया कि मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य पांच आरोपियों की पहचान प्रांजल तिवारी, सरब तिवारी उर्फ ​प्रफुल्ल, अमरीश तिवारी उर्फ ​चंचल, गौरव तिवारी और रामजीत के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक, प्रांजल ने नकदी ले जाने के समय के बारे में अन्य आरोपियों को जानकारी दी, जिससे लूट की वारदात को अंजाम दिया जा सका। पुलिस ने बताया कि सरब ने लूट को अंजाम देने वालों और मुख्य आरोपी के बीच समन्वय का काम किया, जबकि अमरीश लूट के दौरान मुख्य आरोपी के साथ कथित तौर पर मौजूद था। गौरव ने कथित तौर पर आरोपियों के ठहरने की व्यवस्था की और रामजीत ने भागने के लिए कथित तौर पर वाहन मुहैया कराया और उन्हें गिरफ्तारी से बचने में मदद की। मीणा ने बताया कि पुलिस ने शुरू में 3.90 लाख रुपये बरामद किए और अपराध में इस्तेमाल की गई एक कार तथा तीन मोबाइल फोन जब्त कर लिए। अधिकारी ने बताया कि सुल्तानपुर में एक अन्य अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी की 19 वर्षीय बहन के पास से 22.51 लाख रुपये की नकदी बरामद की। आरोपी की बहन को चोरी की रकम छुपाने में मदद करने के आरोप में नामजद किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कुल 26,41,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी को अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों का उत्तर प्रदेश में आपराधिक इतिहास रहा है और वे मारपीट, आपराधिक धमकी और धोखाधड़ी से संबंधित अपराध में शामिल रहे हैं।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:03 pm

समुद्र के बीच बना है भगवान शिव का अनोखा मंदिर, जानिए इसका अनोखा रहस्य

भारत देश अपने धार्मिक स्थलों, पौराणिक कथाओं और अलौकिक रहस्यों से भरा पड़ा है। हमारे देश में भगवान शिव के अनगिनत और ऐतिहासिक मंदिर मौजूद हैं, जिनमें से हर एक की अपनी अनूठी महिमा और चमत्कारी मान्यता है। लेकिन गुजरात के भावनगर जिले के कोलियाक तट पर अरब सागर के बीचों-बीच स्थित 'निष्कलंक महादेव मंदिर' (Nishkalank Mahadev Temple) की बात ही निराली है। यह दुनिया का संभवतः इकलौता ऐसा शिव मंदिर है, जहां भक्त अपनी मर्जी या अपनी सुविधानुसार दर्शन करने नहीं जा सकते, बल्कि खुद देवों के देव महादेव अपने भक्तों के आने और दर्शन करने का समय तय करते हैं। समुद्र के बीचों-बीच पानी की उठती और गिरती लहरों के बीच स्थित इस मंदिर में हर रोज एक ऐसा प्राकृतिक चमत्कार होता है, जिसे देखकर बड़े-बड़े आधुनिक वैज्ञानिक और शोधकर्ता भी दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं। महाभारत काल से जुड़े इस अलौकिक मंदिर में दिन में दो बार ऐसा चमत्कार होता है कि विशाल समुद्र खुद महादेव के शिवलिंगों का जलाभिषेक करने के बाद रास्ता छोड़ देता है। आइए जानते हैं कि इस रहस्यमयी मंदिर का क्या इतिहास है और आखिर क्यों यहां केवल ज्वार-भाटा के समय ही दर्शन संभव हो पाते हैं।#1 समुद्र के बीचों-बीच स्थापित हैं 5 स्वयंभू शिवलिंग: जानिए महाभारत काल से जुड़ी पौराणिक कथापौराणिक मान्यताओं और कथाओं के अनुसार, निष्कलंक महादेव मंदिर की स्थापना किसी साधारण मनुष्य ने नहीं, बल्कि महाभारत के युद्ध के बाद स्वयं पांडवों ने की थी। कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में अपने ही भाइयों (कौरवों) और संबंधियों का वध करने के बाद पांडव भारी पश्चाताप और पापबोध से ग्रसित थे। अपने ऊपर लगे गोत्र हत्या और स्वजन हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए पांडवों ने भगवान श्री कृष्ण से उपाय पूछा। श्री कृष्ण ने पांडवों को एक काली गाय और एक काला ध्वज देकर यात्रा पर निकलने को कहा और निर्देश दिया कि जिस स्थान पर जाकर गाय और ध्वज दोनों का रंग पूरी तरह सफेद हो जाए, वहीं उन्हें महादेव की तपस्या करनी होगी। कई वर्षों की लंबी यात्रा के बाद जब पांडव गुजरात के भावनगर स्थित कोलियाक तट पर पहुंचे, तो काली गाय और ध्वज दोनों सफेद रंग में बदल गए। इसके बाद पांडवों ने समुद्र तट के पास घोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और उन्होंने पांडवों के पापों को निष्कलंक (पाप रहित) कर दिया। इसके बाद पांडवों ने वहां पांचों भाइयों के प्रतीक स्वरूप 5 स्वयंभू शिवलिंगों और उनके सामने वर्गाकार मंच (Platform) की स्थापना की।#1 समुद्र की लहरों का अनोखा रहस्य: दिन में दो बार पूरी तरह जलमग्न हो जाता है मंदिरनिष्कलंक महादेव मंदिर का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक रहस्य यह है कि यह मंदिर तट से लगभग 1.5 किलोमीटर अंदर अरब सागर की लहरों के बीच एक ऊंचे चबूतरे पर स्थित है। दिन के समय जब समुद्र में उच्च ज्वार (High Tide) आता है, तो समुद्र का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ने लगता है। देखते ही देखते मंदिर का पूरा प्रांगण और पांचों शिवलिंग पानी के अंदर 10 से 15 फीट तक जलमग्न हो जाते हैं। उस दौरान मंदिर के ऊपर लगा केवल 20 फीट ऊंचा मुख्य ध्वज (Flag) ही समुद्र के पानी से ऊपर दिखाई देता है। जब तक ज्वार का प्रभाव रहता है, तब तक कोई भी इंसान मंदिर तक पहुंचने की हिम्मत नहीं कर सकता। लेकिन जैसे ही दोपहर या शाम के समय भाटा (Low Tide) की शुरुआत होती है, समुद्र का पानी चमत्कारी रूप से पीछे हटने लगता है और तट से मंदिर तक जाने का पूरा रास्ता साफ हो जाता है। इसी वजह से कहा जाता है कि जब समुद्र रास्ता देता है और महादेव अनुमति देते हैं, तभी भक्त पैदल चलकर मंदिर तक दर्शन के लिए पहुंच पाते हैं।#1 ज्वार-भाटा के समय के अनुसार तय होते हैं दर्शन: पंडित और नाविक देते हैं सही समय की चेतावनीनिष्कलंक महादेव मंदिर में दर्शन का समय पूरी तरह से चंद्र कलाओं और समुद्र के ज्वार-भाटा के प्राकृतिक चक्र पर निर्भर करता है। मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय पंडित हर दिन समुद्र के जलस्तर घटने और बढ़ने के सटीक समय का बोर्ड लगाते हैं। जब दोपहर के समय समुद्र का पानी पीछे हटता है, तब हजारों की संख्या में आए श्रद्धालु नंगे पैर समुद्र की गीली रेत और दलदल पर 1.5 किलोमीटर की दूरी तय करके मंदिर पहुंचते हैं। भक्तों को शिवलिंग पर जल चढ़ाने, पूजा-अर्चना करने और ध्वजा रोहण करने के लिए लगभग 3 से 4 घंटे का समय मिलता है। जैसे ही शाम को दोबारा उच्च ज्वार का समय नजदीक आता है, मंदिर के पुजारी शंखनाद करके और लाउडस्पीकर से घोषणा करके सभी श्रद्धालुओं को तुरंत किनारे पर वापस लौटने की हिदायत देते हैं। अगर कोई व्यक्ति समय रहते वापस नहीं आता, तो वह समुद्र की उफनती लहरों के बीच फंस सकता है।#1 भाद्रपद अमावस्या पर लगता है भव्य 'भादरवी मेला': दूर-दूर से आते हैं लाखों श्रद्धालुयद्यपि निष्कलंक महादेव मंदिर में साल भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन भाद्रपद मास की अमावस्या (Bhadarvi Amavasya) के दिन यहां एक ऐतिहासिक और विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस पावन अवसर पर गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में शिवभक्त और साधु-संत एकत्रित होते हैं। मान्यता है कि भाद्रपद अमावस्या के दिन समुद्र के पानी में स्नान करने के बाद निष्कलंक महादेव के दर्शन करने और अपने परिजनों की अस्थियां या भस्म समुद्र में प्रवाहित करने से मृत आत्माओं को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस विशेष दिन पर तत्कालीन भावनगर के पूर्व राजपरिवार के सदस्यों द्वारा मंदिर के मुख्य स्तंभ पर पहली विशाल ध्वजा फहराई जाती है, जिसके बाद ही आम जनता पूजा शुरू करती है।#1 आस्था, प्रकृति और विज्ञान का बेमिसाल संगम है यह निष्कलंक धामआज के दौर में जहां मनुष्य हर चीज को तकनीक से नियंत्रित करने का दावा करता है, वहीं निष्कलंक महादेव मंदिर यह साबित करता है कि प्रकृति और ईश्वर की सत्ता के आगे इंसानी नियम बौने हैं। अरब सागर की लहरें सदियों से रोज नियमपूर्वक आकर भगवान शिव के पांचों शिवलिंगों का प्राकृतिक जलाभिषेक (Abhishekam) करती हैं और फिर भक्ति भाव से पीछे हट जाती हैं। इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए दुनिया भर से पर्यटक और शोधकर्ता भावनगर पहुंचते हैं। यदि आप भी महादेव के इस अनोखे और चमत्कारी रूप के दर्शन करना चाहते हैं, तो भावनगर के कोलियाक तट की यात्रा करके इस अदम्य आध्यात्मिक अनुभव को अपने जीवन का हिस्सा बना सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 4:02 pm

दिल्ली में राहुल गांधी की हुंकार: कहा- 'जब तक CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, नहीं रुकेगा विपक्ष का आंदोलन

राहुल गांधी ने दिल्ली के त्रिलोकपुरी में 'वोट अधिकार' जन सुनवाई के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि CEC के इस्तीफे तक विपक्ष का आंदोलन नहीं रुकेगा, ऊपर से वोट चोरी हो रही है।

देशबन्धु 27 Oct 2026 4:02 pm

Swachhata Campaign 6:

पेट्रोलियम मंत्रालय विशेष अभियान 6 में प्रगति की रिपोर्ट करता है, 5,593 भौतिक फाइलों की समीक्षा, 500 शिकायत अपीलों का समा

वन इंडिया 27 Oct 2026 4:02 pm

Rohini Court मर्डर केस: उम्रकैद काट रहे Neeraj Bawana गैंग के दोषी को High Court से बड़ा झटका

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक ऐसे दोषी की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जो 2017 में रोहिणी कोर्ट के बाहर हिरासत में मौजूद एक आरोपी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दोषी ठहराया गया था। घटना के समय, दोषी नाबालिग था और उसकी उम्र 17 साल से अधिक थी। उसे मौके से ही पकड़ लिया गया था और जनवरी 2026 में उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोषी नीरज बवाना गैंग से जुड़ा हुआ था। उसने रोहिणी कोर्ट के बाहर राजेश दुर्मथ की हत्या कर दी थी, जो एक विरोधी गैंग का सदस्य था। राजेश को हरियाणा पुलिस कोर्ट की सुनवाई के लिए वहां लाई थी। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की खंडपीठ ने दोषी के वकील की दलीलें सुनने के बाद उसकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के बरी होने पर बोलीं Priyanka Gandhi, सच को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता अदालत ने सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, क्योंकि अपीलकर्ता ने अदालत के बाहर गोली चलाई थी और पुलिस हिरासत में मौजूद एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अदालत को यह भी बताया गया कि अपीलकर्ता का नाम अन्य मामलों में भी शामिल है। उच्च न्यायालय ने फैसले और सजा के खिलाफ दायर अपील को जनवरी 2027 में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। अपीलकर्ता की ओर से पेश वकील परवीन डबास ने कहा कि अपीलकर्ता 7 साल 9 महीने से हिरासत में है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जांच में कमियां थीं; अवशेष के नमूने (रेसिड्यू सैंपल) तो लिए गए, लेकिन उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा गया। दूसरी ओर, अतिरिक्त लोक अभियोजक (APP) रितेश बाहरी ने सजा पर रोक लगाने की अर्जी का विरोध किया। इसे भी पढ़ें: 1 नवंबर की Congress रैली पर बोले Shashi Tharoor, नागरिकों के अधिकारों पर पार्टी चुप नहीं रहेगी उन्होंने बताया कि अपीलकर्ता को हरियाणा पुलिस की हिरासत में मौजूद एक कैदी पर गोली चलाने और उसकी हत्या करने के अपराध में दोषी ठहराया गया था। APP ने यह भी बताया कि दोषी व्यक्ति अन्य मामलों में भी शामिल है और उसका नाम दर्ज है। इस मामले में अंतरिम जमानत पर रहने के दौरान, उस पर हरियाणा के झज्जर में एक और मामला दर्ज किया गया था। इसलिए, उसे जमानत पर रिहा नहीं किया जाना चाहिए। अपीलकर्ता का कहना है कि पुलिस ने 4 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था, लेकिन निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) ने उन सभी को आरोपमुक्त कर दिया।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:02 pm

देश के ये हैं 5 सबसे महंगे होटल, एक रात का किराया जान उड़ जाएंगे होश

भारत केवल अपनी विविधता, संस्कृति और समृद्ध इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी आलीशान और राजसी मेहमाननवाजी (Luxury Hospitality) के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। देश में कई ऐसे ऐतिहासिक महल, हेरिटेज प्रॉपर्टीज और 7-स्टार अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट्स हैं, जहां ठहरने का अहसास किसी राजा-महाराजा से कम नहीं होता। इन होटलों के सुपर-प्रीमियम स्वीट्स में आपको प्राइवेट बटलर, सोने की नक्काशी वाली छतें, प्राइवेट स्विमिंग पूल और हेलीपैड जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के 5 सबसे महंगे होटलों में एक रात रुकने का खर्च कितना आता है? इनका किराया इतना ज्यादा है कि जितने पैसों में एक लग्जरी कार खरीदी जा सकती है, उतने पैसे यहां महज 24 घंटे गुजारने में खर्च हो जाते हैं। आइए जानते हैं देश के 5 सबसे महंगे होटलों की लिस्ट और उनके रॉयल स्वीट्स के रोंगटे खड़े कर देने वाले किराये के बारे में।#1 नंबर 1: सुजान राजमहल पैलेस (जयपुर) – ₹29 लाख प्रति रात का शाही खर्चगुलाबी नगरी जयपुर में स्थित 'सुजान राजमहल पैलेस' (Sujn Rajmahal Palace) भारत का सबसे महंगा और आलिशान होटल माना जाता है। 1727 में बने इस ऐतिहासिक महल में जयपुर के राजपरिवार का निवास रहा है। इस पैलेस के सबसे एक्सक्लूसिव स्वीट में एक रात ठहरने का किराया लगभग ₹29 लाख तक पहुंच जाता है। 4 मंजिला इस हेरिटेज स्वीट में रहने वाले मेहमानों को विंटेज कारों की सवारी, प्राइवेट डाइनिंग और शाही बटलर की सर्विस दी जाती है। इसके इंटीरियर में इस्तेमाल की गई प्राचीन कलाकृतियां और झाड़-फूश (Chandeliers) आपको सीधे राजशाही दौर में ले जाते हैं।#1 नंबर 2: ताज रामबाग पैलेस (जयपुर) – ₹16 लाख प्रति रात का ग्रैंड प्रेसिडेंशियल अनुभव'राजस्थान का गहना' कहे जाने वाले ताज रामबाग पैलेस (Taj Rambagh Palace) का नाम भी दुनिया भर के अमीरों और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की पहली पसंद में शामिल है। जयपुर के पूर्व महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय का यह निवास स्थान अब ताज ग्रुप द्वारा संचालित होता है। इस पैलेस के 'ग्रैंड प्रेसिडेंशियल स्वीट' का एक रात का किराया करीब ₹16 लाख है। हाल ही में अमेरिका के उच्चस्तरीय राजनयिकों और दुनिया भर के बिलेनियर्स ने यहां स्टे किया है। 47 एकड़ में फैले इस परिसर में मोर खुले घूमते हैं और यहां की सुवर्णा महल डाइनिंग में शुद्ध सोने की क्रॉकरी में खाना परोसा जाता है।#1 नंबर 3: द ओबेरॉय अमरविलास (आगरा) – ₹12 लाख में ताज महल का अनूठा दीदारदुनिया के सात अजूबों में शामिल ताज महल के ठीक 600 मीटर की दूरी पर स्थित 'द ओबेरॉय अमरविलास' (The Oberoi Amarvilas) लक्जरी और प्यार का बेमिसाल संगम है। इस होटल का सबसे प्रीमियम 'कोहिनूर स्वीट' अपने प्राइवेट टेरेस और प्राइवेट पूल के लिए जाना जाता है। इस स्वीट का किराया लगभग ₹12 लाख प्रति रात है। इस रूम की सबसे खास बात यह है कि आप अपने प्राइवेट जकूजी में बैठकर या बेड पर लेटे-लेटे सीधे ताज महल का अद्भुत नजारा देख सकते हैं।#1 नंबर 4: द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस (खजुराहो) – ₹11 लाख प्रति रात का रॉयल रिट्रीटमध्य प्रदेश में पन्ना नेशनल पार्क और खजुराहो के पास मणियारगढ़ पहाड़ी पर स्थित 350 साल पुराना 'ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस' (Oberoi Rajgarh Palace) लक्जरी की नई परिभाषा लिख रहा है। इस हेरिटेज पैलेस के कोहिनूर स्वीट में एक रात बिताने की कीमत करीब ₹11 लाख है। टाइम मैगजीन की 'वर्ल्ड्स ग्रेटेस्ट प्लेसेस 2026' में जगह बना चुका यह महल चारों तरफ से घने जंगलों से घिरा है, जहां 24 घंटे पर्सनल शेफ, प्राइवेट पूल और एस्टेट गार्ड्स की सुविधा मिलती है।#1 नंबर 5: ताज लेक पैलेस (उदयपुर) – 10 लाख रुपये में झील के बीच तैरता महलइस लिस्ट में 5वें नंबर पर आता है राजस्थान की झीलों की नगरी उदयपुर में स्थित 'ताज लेक पैलेस' (Taj Lake Palace)। पिछोला झील के बीचों-बीच संगमरमर से बना यह खूबसूरत महल पानी में तैरता हुआ प्रतीत होता है। जेम्स बॉन्ड की मशहूर फिल्म 'ऑक्टोपसी' की शूटिंग का गवाह रहे इस होटल के ग्रैंड रॉयल ग्रैंड स्वीट का एक रात का किराया करीब ₹10 लाख है। यहां तक पहुंचने के लिए मेहमानों को केवल नाव (Boat Transfer) का सहारा लेना पड़ता है, जो इसे दुनिया के सबसे सुरक्षित और प्राइवेट स्टे में से एक बनाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 4:01 pm

अभिषेक के छक्कों से थर्राया NZ, रोहित के धांसू क्लब में मारी एंट्री

वेलिंगटन के मैदान पर भारतीय टीम के खूंखार ओपनर अभिषेक शर्मा ने धमाकेदार बल्लेबाजी से फैन्स का ध्यान खींच लिया. मैदान पर उतरते ही अभिषेक शर्मा ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए भारत को विस्फोटक शुरुआत दिलाई. अभिषेक की पारी के कारण टीम इंडिया ने आसानी से मैच पर कब्जा जमा लिया.

आज तक 27 Oct 2026 4:00 pm

ट्रैवलर्स को जरूर पता होनी चाहिए टिकट बुकिंग के 5 जबरदस्‍त हैक्स

हवाई सफर करने का मन तो हर किसी का होता है, लेकिन जब भी हम फ्लाइट टिकट बुकिंग की वेबसाइट या ऐप खोलते हैं, तो आसमान छूते किराए (Airfare) को देखकर अक्सर अपने प्लान को टालना पड़ जाता है। चाहे किसी बिजनेस ट्रिप पर जाना हो, छुट्टियों में परिवार के साथ घूमना हो या फिर किसी अर्जेंट काम से travel करना हो, हर कोई यही चाहता है कि उसे कम से कम दाम में फ्लाइट की कन्फर्म सीट मिल जाए। अगर आप भी बार-बार महंगे टिकटों से परेशान हो चुके हैं, तो अब आपको ज्यादा जेब ढीली करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। ट्रैवल इंडस्ट्री और एविएशन सेक्टर के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह बात साफ हो चुकी है कि सप्ताह में कुछ खास दिन और समय ऐसे होते हैं जब एयरलाइंस अपने टिकटों के दाम काफी घटा देती हैं। इसके साथ ही कुछ ऐसे स्मार्ट और सीक्रेट हैक्स हैं जिन्हें अपनाकर आप हर बार अपनी फ्लाइट बुकिंग पर हजारों रुपये की सीधी बचत कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि किस दिन सबसे सस्ती फ्लाइट मिलती है और कौन-कौन से 5 जादुई टिप्स आपकी अगली यात्रा को बेहद किफायती बनाने वाले हैं।#1 किस दिन और किस समय मिलती है सबसे सस्ती फ्लाइट? जानिए क्या कहता है एविएशन डेटाअक्सर लोग वीकेंड यानी शुक्रवार, शनिवार और रविवार को अपनी फ्लाइट बुक करते हैं या यात्रा करने का प्लान बनाते हैं। ट्रैवल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वीकेंड्स पर डिमांड ज्यादा होने के कारण एयरलाइंस कंपनियां Dynamic Pricing Algorithms का इस्तेमाल करके किरायों में अचानक 20 से 40 फीसदी तक का इजाफा कर देती हैं। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के डेटा विश्लेषण से यह साबित हुआ है कि हफ्ते का मंगलवार (Tuesday) और बुधवार (Wednesday) सबसे सस्ती फ्लाइट बुक करने के लिए सबसे मुफीद दिन माने जाते हैं। एयरलाइंस आमतौर पर सोमवार की रात या मंगलवार की सुबह अपनी नई दरों और डिस्काउंटेड सीट्स को सिस्टम में अपडेट करती हैं, जिसके चलते मंगलवार दोपहर से लेकर बुधवार तक टिकटों के दाम सबसे निचले स्तर पर होते हैं। इसके अलावा, यदि आप तड़के सुबह (Red-Eye Flights) या देर रात की उड़ानों का विकल्प चुनते हैं, तो आपको सामान्य समय की तुलना में काफी सस्ता टिकट मिल सकता है।#1 हैक 1: 'इनकोग्निटो मोड' का इस्तेमाल करें और ब्राउजर कुकीज को हमेशा क्लियर रखेंक्या आपने कभी गौर किया है कि जब आप किसी फ्लाइट का किराया बार-बार सर्च करते हैं, तो हर 10 मिनट में उसका दाम बढ़ता चला जाता है? ऐसा एयरलाइंस और बुकिंग एग्रीगेटर्स की वेब कुकीज (Cookies) की वजह से होता है। आपकी सर्च हिस्ट्री और बार-बार एक ही रूट देखने के व्यवहार को ट्रैक करके एल्गोरिदम यह भांप लेता है कि आपको टिकट की अर्जेंट जरूरत है, जिससे फेयर बढ़ा दिया जाता है। इस समस्या से बचने के लिए हमेशा अपने वेब ब्राउजर का Incognito Mode (Private Window) ओपन करके ही टिकट सर्च करें। इसके अलावा अलग-अलग ब्राउजर या अलग डिवाइस (जैसे लैपटॉप की जगह मोबाइल) का उपयोग करें और सर्च करने से पहले अपनी ब्राउजिंग हिस्ट्री और कुकीज को डिलीट करना न भूलें। इससे आपको हमेशा रियल-टाइम और सबसे कम किराया ही दिखाई देगा।#1 हैक 2: 'प्राइस अलर्ट' सेट करें और एयरलाइन क्रेडिट कार्ड/रिवॉर्ड पॉइंट्स का सही इस्तेमाल करेंअगर आप अपनी यात्रा से 2 से 3 महीने पहले बुकिंग कर रहे हैं, तो तुरंत टिकट खरीदने के बजाय गूगल फ्लाइट्स (Google Flights), स्काईस्कैनर (Skyscanner) या मेकमायट्रिप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर 'Price Alert' ऑन कर दें। जैसे ही उस रूट पर किसी भी एयरलाइन का किराया नीचे गिरेगा, आपके फोन या ईमेल पर तुरंत नोटिफिकेशन आ जाएगा। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स और को-ब्रांडेड एयरलाइन कार्ड्स (Co-Branded Travel Credit Cards) किसी वरदान से कम नहीं हैं। कई प्रमुख बैंक फ्लाइट बुकिंग पर 10 से 15% का इंस्टेंट डिस्काउंट और फ्री वेब चेक-इन जैसी सुविधाएं देते हैं। यदि आपके पास एम्पल एयर माइल्स (Air Miles) या क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स इकट्ठा हैं, तो आप केवल टैक्स और कन्वीनियंस फीस चुकाकर पूरी तरह से मुफ्त या बेहद नाममात्र के दाम में टिकट हासिल कर सकते हैं।#1 हैक 3: 'फ्लेक्सिबल डेट्स' का विकल्प चुनें और 'वन-वे' वर्सेस 'राउंड ट्रिप' का गणित समझेंयदि आपके पास यात्रा की तारीखों को लेकर थोड़ी सी छूट है, तो बुकिंग करते समय 'Flexible Dates' वाले कैलेंडर व्यू (Month View) का इस्तेमाल करें। इससे आपको पूरे महीने का किराया एक ही स्क्रीन पर दिख जाएगा, जिससे आप सबसे सस्ते दिन का चयन कर सकेंगे। कई बार लोग मान लेते हैं कि हमेशा राउंड ट्रिप (आने-जाने की एक साथ बुकिंग) सस्ती होती है, लेकिन यह हर बार सच नहीं होता। कई मौकों पर दो अलग-अलग एयरलाइंस से दो अलग-अलग 'One-Way' टिकट खरीदना एक ही एयरलाइन की राउंड ट्रिप से काफी किफायती साबित होता है। इसलिए हमेशा दोनों कॉम्बिनेशन की तुलना करने के बाद ही पेमेंट गेटवे तक जाएं।#1 हैक 4: 'फेयर लॉक' फीचर और देश की करेंसी बदलकर स्मार्ट बुकिंग तकनीक आजमाएंआजकल लगभग सभी बड़े ट्रैवल पोर्टल्स 'Fare Lock' या 'Price Lock' का फीचर देते हैं। अगर आपको कोई फ्लाइट बहुत सस्ती दिख रही है लेकिन आपकी छुट्टी या प्लान 100% पक्का नहीं है, तो आप नाममात्र का शुल्क देकर उस किराए को 48 से 72 घंटों के लिए लॉक कर सकते हैं। इससे अगर टिकट का दाम बढ़ता भी है, तो आपको locked रेट पर ही टिकट मिलेगा। एक और मॉडर्न हैक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए है—यदि आप किसी विदेशी एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट से टिकट बुक कर रहे हैं, तो कभी-कभी VPN का इस्तेमाल करके या करेंसी को उस देश की लोकल मुद्रा में बदलकर सर्च करने पर करेंसी कन्वर्जन के अंतर के कारण टिकट काफी सस्ता मिल जाता है।#1 हैक 5: 'छिपे हुए चार्ज' से बचें और डायरेक्ट एयरलाइन वेबसाइट से तुलना जरूर करेंथर्ड-पार्टी ट्रैवल ऐप्स कई बार शुरुआती किराया बहुत कम दिखाते हैं, लेकिन फाइनल पेमेंट पेज पर जाकर भारी-भरकम 'Convenience Fee', सीट सिलेक्शन चार्ज और ऑटो-अप्लाई इंश्योरेंस जोड़ देते हैं। किसी भी थर्ड-पार्टी ऐप पर डील देखने के बाद, एक बार उस संबंधित एयरलाइन की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप पर जाकर सीधे वही फ्लाइट सर्च करें। अक्सर एयरलाइंस अपनी वेबसाइट पर बिना किसी मीडिएटर चार्ज के स्टूडेंट्स, सीनियर सिटीजन्स और आर्म्ड फोर्सेस को एक्सक्लूसिव डिस्काउंट और अतिरिक्त लगेज (Baggage Allowance) की छूट देती हैं। इन आसान और आजमाए हुए 5 हैक्स को अपनी अगली ट्रिप में अपनाकर आप बिना किसी झंझट के हजारों रुपये बचा सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 4:00 pm

देश में शीर्ष स्तर से हो रही वोट चोरी, Rahul Gandhi का CEC पर बड़ा आरोप

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि देश में ‘‘शीर्ष स्तर से वोट चोरी’ की जा रही है तथा करोड़ों लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उन्हें पद से हटाए जाने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में आयोजित एक ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम में शामिल हुए और उन लोगों से संवाद किया किया जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वोट हर भारतीय नागरिक का अधिकार है, लेकिन आज करोड़ों लोगों से उनका अधिकार छीना जा रहा है। हम काफी समय से यह मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन अब पूरा देश समझ रहा है कि ‘वोट चोरी’ शीर्ष स्तर से की जा रही है।’’कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गरीबों को मतदाता सूची से हटाकर उनके अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ‘जन सुनवाई’ के दौरान त्रिलोकपुरी के चार मतदान केंद्रों से 416 मतदाताओं के नाम ‘‘गैर-कानूनी तरीके से’’ हटाए जाने का मामला सामने आया। गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब नहीं देने का आरोप भी लगाया। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सवाल पूछे हैं, लेकिन वह उनका जवाब देने से इनकार करते हैं और सवालों से बचते हैं। हम रुकने वाले नहीं हैं।’’उन्होंने कहा कि विपक्ष तब तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री उन्हें पद से नहीं हटाते। गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रही है जिसमें कुछ चुनिंदा अरबपतियों के हितों को प्राथमिकता मिले और गरीब अपने अधिकारों से वंचित हों। उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी सिर्फ अमीरों का हिंदुस्तान बनाने पर तुले हैं।’’कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि आखिर गरीबों के नाम मतदाता सूचियों से क्यों हटाए जा रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा ‘‘नया भारत’’ बनाने की कोशिश की जा रही है जहां नागरिकों, विशेषकर गरीबों, के अधिकार कमजोर हों और व्यवस्था कुछ चुनिंदा अरबपतियों के हितों के लिए काम करे। इस ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी शामिल हुए।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:00 pm

Jan Suraaj Party के पदाधिकारी देवपालिक गुप्ता का शव Ranchi में रेलवे ट्रैक के पास मिला

प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी के एक पदाधिकारी का शव मंगलवार को रांची में रेलवे की पटरियों के पास मिला। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि जन सुराज पार्टी के डिजिटल संचार प्रबंधक देवपालिक गुप्ता (31) सोमवार को रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान लापता हो गए थे। अंगारा थाना प्रभारी गौतम कुमार राजवार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गुप्ता का शव रांची-मुरी लाइन पर जरवाडीह गांव में रेलवे की पटरियों के निकट मिला। राजवार के मुताबिक, “शुरुआती जांच से संकेत मिला है कि चलती ट्रेन से गलती से गिर जाने के कारण गुप्ता की मौत हो गई।”उन्होंने बताया, “शव को पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेजा जाएगा। मृतक के परिजन के बयान के आधार पर अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया जाएगा।”गुप्ता के सहकर्मी गौतम कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्होंने (गुप्ता) सोमवार को रांची रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ी थी, जो दोपहर करीब 2:25 बजे रवाना हुई थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व छात्र गुप्ता ने करीब 10 मिनट बाद अपने साथियों से कहा कि वह कुछ खाने के लिए पैंट्री कार में जा रहे हैं, लेकिन फिर वापस नहीं लौटे। गुप्ता ने बताया, “इसके बाद हम अपनी सीट से उठे और हमारे कोच के बगल में लगाई गई पैंट्री कार में गए, लेकिन वह हमें वहां नहीं मिले। हमने हर कोच में देखा पर वह पूरी ट्रेन में कहीं नहीं थे।”उन्होंने कहा कि जब ट्रेन मुरी जंक्शन पर रुकी, तो हमने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद तलाशी शुरू की गई।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:00 pm

Omar Abdullah Cabinet में क्षेत्रीय संतुलन नहीं, BJP नेता Sunil Sharma ने लगाए आरोप

जम्मू कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले नए मंत्रिमंडल में ‘‘क्षेत्रीय और सांस्कृतिक असंतुलन’’ है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने कहा कि यह पहली बार है जब कोई क्षेत्रीय और सांस्कृतिक असंतुलन देखने को मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकारों को हर समुदाय को साथ लेकर चलना होता है। उन्हें हर क्षेत्र और हर इलाके को साथ लेकर चलना चाहिए।’’यहां लोक भवन में चार नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद शर्मा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘आपको धार्मिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक संतुलन बनाए रखना होता है। आज, ऐसा कुछ नजर नहीं आया।’’नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के वरिष्ठ नेताओं -अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्ला, शमीम फिरदौस और अल्ताफ अहमद कालू को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पद की शपथ दिलाई। नेकां ने छंब से निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से बाहर रखा है। जम्मू क्षेत्र से केवल उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और जावेद राणा ही मंत्री बने हैं, जबकि आठ मंत्री कश्मीर घाटी से हैं। जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बताया कि नेकां ने मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए उनकी पार्टी से संपर्क किया था, लेकिन कांग्रेस ने इससे दूर रहने का फैसला किया। कर्रा ने कहा, ‘‘इस संबंध में हमारे (नेकां-जेकेपीसीसी) बीच बातचीत होती रहती है। जब भी मंत्रिमंडल के विस्तार की बात आई, तो हमसे संपर्क किया गया। हमने एक बार फिर अपना रुख, अपना घोषित और सैद्धांतिक विचार दोहराया तथा उन्हें बताया कि कांग्रेस ने पहले ही तय कर लिया है कि हम इसका हिस्सा नहीं बनेंगे।’’

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:00 pm

Akhilesh Yadav ने Election Commission पर उठाए सवाल, आधार से वोटर लिस्ट जोड़ने की रखी मांग

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए चुनाव में हेरफेर की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और बायोमेट्रिक सत्यापन लागू करने की मांग की। अखिलेश ने लखनऊ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से अधिकारियों के खिलाफ हाल में की गई कार्रवाई से उनकी पार्टी की चिंताएं दूर नहीं होंगी। उन्होंने आगामी चुनावों को देखते हुए लगातार सतर्क रहने पर जोर दिया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “अब निर्वाचन आयोग जागा है और अपनी निष्पक्षता दिखाने के लिए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। लेकिन हमें इससे तसल्ली नहीं मिलेगी, हमें बहुत सतर्क रहना होगा।”उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के खिलाफ की जा रही छोटी-मोटी कार्रवाइयों के पीछे कोई बड़ी साजिश या ऐसी तैयारी हो सकती है, जिसे राजनीतिक दल समय रहते न समझ पाएं। अखिलेश ने कहा, “क्या इन छोटी कार्रवाइयों के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है, जिसे हम पहचान नहीं पा रहे हैं? वरना बाद में हम यही कहते रह जाएंगे कि देखिए, क्या हो गया।”उन्होंने सवाल उठाया, “विधान परिषद चुनावों की मतगणना के दौरान मतपेटियों के अंदर बिना मुड़े हुए मतपत्र कैसे मिल सकते हैं। क्या किसी ने सोचा भी होगा कि मतपेटियों के अंदर खुले हुए, बिना मुड़े हुए मतपत्र मिलेंगे? ऐसा किसने किया होगा?”अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रशासन या चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना ऐसा होना मुमकिन नहीं है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक निष्पक्ष चुनाव निकाय को राजनीतिक दलों की लगातार निगरानी की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। अखिलेश ने कहा, “निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है। लेकिन हमने जो देखा है, उससे लगता है कि उसने अपनी विश्वसनीयता खो दी है।”मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पात्र मतदाताओं, खासकर सपा का समर्थन करने वालों को निशाना बनाया गया। अखिलेश ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि जिन लोगों ने 2019 में वोट डाला था, उनके नाम 2022 की मतदाता सूची में नहीं थे। सपा प्रमुख ने अन्य राज्यों के चुनावों का जिक्र करते हुए “घुसपैठियों” से जुड़े राजनीतिक विमर्श पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा से पूछा कि वह किसे घुसपैठिया मानती है और किस आधार पर? अखिलेश ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को साफ करना चाहिए कि घुसपैठिये कौन हैं? छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल के चुनावों में भी घुसपैठियों का मुद्दा उठाया गया था। अब जब उत्तर प्रदेश के चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तो वही मुद्दा फिर से सामने आ गया है।”उन्होंने भारतीय क्षेत्र में चीन के कथित अतिक्रमण का भी जिक्र किया और पूछा कि इस मुद्दे को उतनी प्रमुखता से क्यों नहीं उठाया जा रहा है। अखिलेश ने कहा, “अगर चीन भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहा है और कोई कुछ नहीं कह रहा है, तो क्या उन्हें (चीनियों को) घुसपैठिया नहीं कहा जा सकता?”अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया का इस्तेमाल चुनिंदा लोगों के नाम हटाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा, “हम भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे। लेकिन हमें उन ‘प्रीपेड’ पार्टियों और नेताओं से भी सावधान रहना होगा, जिन्हें ‘ओटीपी’ (निर्देश) कहीं और (भाजपा) से मिलते हैं।”अखिलेश ने आरोप लगाया, “भाजपा अपना संचालन ठीक उसी तरह कर रही है, जैसे कॉरपोरेट घरानों का प्रबंधन किया जाता है। देश की वित्तीय संस्थाएं पार्टी के साथ जुड़ जाती हैं और सरकारी संसाधनों एवं बजट का इस्तेमाल किया जाता है।”उन्होंने मांग की कि असली मतदाताओं के नाम हटने से रोकने और अन्य कथित अनियमितताओं को दूर करने के लिए आधार को मतदाता सूची से जोड़ा जाए और बायोमेट्रिक सत्यापन लागू किया जाए।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:00 pm

राजस्थान में नदियों के प्रदूषण पर Supreme Court सख्त, CBI जांच की दी चेतावनी

उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान में जोजरी-बांडी-लूनी नदी क्षेत्र में कथित अवैध खनन को लेकर सोमवार को राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि वह इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे सकता है। यह कड़ी टिप्पणी न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने की, जो जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने बांडी और लूनी नदियों में प्रदूषण के मुद्दे को भी रेखांकित किया। जोजरी नदी जोधपुर से होकर गुजरती है, बांडी नदी पाली से होकर बहती है और लूनी नदी बालोतरा से होकर गुजरती है। बांडी और जोजरी नदियां बालोतरा शहर के पास लूनी नदी में मिल जाती हैं। न्यायालय ने सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान कथित अवैध खनन, खनन पट्टों के नियमितीकरण और बिना आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) के चल रहे उद्योगों से जुड़े मुद्दों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘अगर हम इसकी जांच-पड़ताल शुरू करते हैं, तो इसमें सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच की जरूरत पड़ सकती है।’’न्यायालय ने कहा, ‘‘राज्य के अधिकारियों की आंखों के सामने पूरी नदी प्रणाली नष्ट हो गई है।’’ उसने टिप्पणी की कि राज्य के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियां निभाने में विफल रहे हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि यदि राज्य प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाता है, तो संबंधित पदाधिकारियों को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। न्यायालय ने कहा कि राजस्थान के सांगानेर जैसे इलाकों में कई उद्योग बिना जरूरी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) के चल रहे हैं। पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘बीस लाख लोगों को नरक में रहने के लिए मजबूर करने की तुलना कुछ लोगों की आर्थिक व्यवहार्यता और आर्थिक जीविका से नहीं की जा सकती।’’पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख तय करते हुए राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह नदी प्रणाली को बहाल करने और न्यायालय द्वारा उठाए गए अन्य मुद्दों पर एक प्रस्ताव पेश करे। शीर्ष अदालत ने अगस्त में राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक ‘एकीकृत समन्वय समूह’ (आईसीजी) गठित करे, जो जोजरी, बांडी और लूनी नदियों में प्रदूषण की समस्या से निपट सके।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 4:00 pm

जर्मनी में भीड़ में घुसी BMW, कई लोग घायल, पुलिस ने किया ओपन फायर

एक BMW कार जर्मनी के नॉयश्टाट आम रूबेनबर्गे में भीड़ में घुस गई. इस घटना में 4 से 5 लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. पास में ट्रैफिक जांच कर रही पुलिस टीम ने कार को रोकने की कोशिश में गोली चलाई, लेकिन कार सवार पैदल भाग गए.

आज तक 27 Oct 2026 3:58 pm

7 गांव के लोगों को कराया भोज, मंदिर में गूंजे भजन-कीर्तन

सनातन परंपरा और भारतीय ग्रामीण संस्कृति में पशु-पक्षियों के प्रति अगाध प्रेम और उन्हें परिवार के सदस्य की तर्ज पर पूजने की अनूठी परंपराएं अक्सर देखने को मिलती हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचल में एक ऐसा अनूठा और भव्य नजारा देखने को मिला, जिसने इंसानियत और बेजुबान जीवों के बीच के अटूट रिश्ते की मिसाल कायम कर दी है। यहां एक महावत और ग्रामीणों ने मिलकर नन्हे हाथी (Baby Elephant) के जन्म के छठवें दिन ठीक उसी तरह धूमधाम से 'छठी' का धार्मिक संस्कार मनाया, जैसा कि हिंदू परिवारों में किसी नवजात बच्चे के जन्म पर मनाया जाता है। ढोल-नगाड़ों की थाप, सोहर और मंगल गीतों के बीच नन्हे गजराज का नामकरण संस्कार कर उसका नाम अत्यंत पवित्र और धार्मिक नाम 'काशी' (Kashi) रखा गया। इस अलौकिक और ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए आसपास के 7 गांवों के हजारों लोगों को आमंत्रित कर भव्य भंडारे व प्रीतिभोज (Feast) का आयोजन किया गया, जिसमें लजीज पकवान परोसे गए। वहीं स्थानीय मंदिर परिसर में रात भर भव्य भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। इस अनोखे और दिल छू लेने वाले आयोजन की चर्चा अब पूरे प्रदेश और सोशल मीडिया पर खूब हो रही है।#1 ढोल-नगाड़े और सोहर के बीच हुआ नामकरण संस्कार: जानिए कैसे रखा गया नाम 'काशी'भारतीय संस्कृति में नवजात शिशु के जन्म के छठवें दिन 'छठी पूजन' की प्राचीन परंपरा है, जिसमें शिशु और उसकी मां की सलामती के लिए षष्ठी देवी की पूजा की जाती है। ठीक इसी वैदिक रीति-रिवाज का पालन करते हुए हाथी के बच्चे का नामकरण संस्कार संपन्न कराया गया। सुबह से ही महावत के घर और आसपास के पूरे परिसर को गेंदे के फूलों, आम के पत्तों और रंग-बिरंगी झालरों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। पंडित जी के मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच नन्हे हाथी को गंगाजल से स्नान कराकर नए वस्त्र और हल्दी का टीका लगाया गया। इसके बाद सभी बड़े-बुजुर्गों और महिलाओं ने पारंपरिक 'सोहर' और बधाई गीत गाए। पंडित जी ने ग्रह-नक्षत्रों की गणना के बाद नवजात गजराज का नाम 'काशी' घोषित किया। जैसे ही 'काशी' नाम का ऐलान हुआ, पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय बजरंगबली' के जयकारों से गूंज उठा।#1 7 गांवों के हजारों लोगों ने ग्रहण किया महाप्रसाद: लजीज व्यंजनों से सजा था भव्य भोजइस नामकरण और छठी उत्सव को केवल एक पारिवारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर एक महाउत्सव का रूप दे दिया गया था। आसपास के 7 पड़ोसी गांवों के हर घर में बकायदा निमंत्रण पत्र (Card) भेजकर ग्रामीणों को इस खुशहाली का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया था। आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल लगाया गया था, जहां दूर-दूर से आए साधु-संतों, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने शिरकत की। भोज में पूरी-कचौड़ी, हलवा, जलेबी, मिक्स सब्जी और रायते जैसे स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में किसी जीव के लिए ऐसा भव्य और प्रेमपूर्ण आयोजन पहले कभी नहीं देखा था। महावत और उसके परिवार ने खुद खड़े होकर सभी 7 गांवों के लोगों को आदर-सत्कार के साथ भोजन कराया और नन्हे 'काशी' के उत्तम स्वास्थ्य व लंबी उम्र के लिए सभी से आशीर्वाद मांगा।#1 मंदिर में हुआ भव्य भजन-कीर्तन और सुंदरकांड का पाठ: रात भर झूमते रहे ग्रामीणधार्मिक मान्यताओं में हाथी को प्रथम पूज्य देवता भगवान श्री गणेश का साक्षात स्वरूप (Gajanan) माना जाता है। इसी आस्था को ध्यान में रखते हुए छठी के शुभ अवसर पर गांव के प्राचीन मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। मंदिर में सबसे पहले पंडितों द्वारा श्री सुंदरकांड का सस्वर पाठ किया गया, जिसके बाद रात भर संगीतमय भजन-कीर्तन की महफिल सजी रही। स्थानीय भजन मंडली के कलाकारों ने गणेश वंदना और भगवान शिव के भजनों की ऐसी तान छेड़ी कि उपस्थित ग्रामीण और महिलाएं देर रात तक भक्ति रस में झूमते नजर आए। पूरे गांव का माहौल किसी बड़े त्योहार या मेले जैसा आध्यात्मिक और खुशनुमा बना रहा।#1 महावत और ग्रामीणों का अटूट प्रेम: परिवार के सदस्य की तरह होती है देखभालहाथी के मालिक और महावत का कहना है कि यह गजराज उनके परिवार के लिए केवल एक पशु नहीं, बल्कि साक्षात ईश्वर का आशीर्वाद और घर का कुलदीपक है। नन्हे 'काशी' के जन्म के बाद से ही घर में खुशहाली और समृद्धि का माहौल बना हुआ है। महावत ने बताया कि जिस प्रकार एक मां अपने नवजात बच्चे का लालन-पालन करती है, उसी प्रकार हाथी के बच्चे की देखभाल के लिए विशेष प्राकृतिक आहार, गाय का दूध और डॉक्टर की सलाह से दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। गांव के बच्चे भी नन्हे 'काशी' के साथ खेलने के लिए दिन भर उसके पास मंडराते रहते हैं, और काशी भी अपनी छोटी सी सूंड हिलाकर उनका अभिवादन करता है।#1 इंसानियत और जीव दया की अनूठी मिसाल: सोशल मीडिया पर छा गया 'काशी' की छठी का वीडियोआज के आधुनिक और भागदौड़ भरे दौर में जहां इंसानों के पास एक-दूसरे के लिए वक्त कम पड़ता जा रहा है, वहीं बेजुबान जानवर के प्रति ऐसा अगाध प्रेम, समर्पण और सम्मान देखना हर किसी को भावुक कर रहा है। 'काशी' की छठी पूजन, मंदिर में भजन-कीर्तन और 7 गांवों के महाभोज के इस मनमोहक कार्यक्रम के वीडियो और तस्वीरें अब इंटरनेट व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। देश भर के लोग इस अनोखी पहल की जमकर तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह भारतीय संस्कृति की वह महानता है जो हर सजीव प्राणी में ईश्वर का वास देखती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 3:58 pm

1 नवंबर की Congress रैली पर बोले Shashi Tharoor, नागरिकों के अधिकारों पर पार्टी चुप नहीं रहेगी

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच को एक सफल आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल देशों ने संयुक्त घोषणापत्र को लेकर अपने मतभेदों को आपसी सहमति से सुलझा लिया है। इसके साथ ही, उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस की प्रस्तावित रैली का भी बचाव किया। पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों के सांसद अहम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आए थे और यह आयोजन सकारात्मक रूप से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा संयुक्त घोषणापत्र को लेकर कुछ चर्चा हुई थी। मुझे पता है कि एक देश कुछ और भी चाहता था, जिसे बाकी देश स्वीकार नहीं कर सके। अंत में, सब कुछ आपसी सहमति से सुलझ गया और भारत ने आधिकारिक तौर पर चीन को अध्यक्षता सौंप दी। थरूर ने कहा कि भारत को ब्रिक्स (BRICS) और अन्य मंचों के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संसदीय कूटनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहना चाहिए। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के बारे में थरूर ने कहा कि अगर नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को कमज़ोर किया जा रहा है, तो पार्टी चुप नहीं बैठ सकती। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के बरी होने पर बोलीं Priyanka Gandhi, सच को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता उन्होंने कहा, जब तक सरकार और चुनाव आयोग हमारे नागरिकों के संवैधानिक अधिकार छीन रहे हैं, तब तक हम चुप कैसे रह सकते हैं? रैली का व्यापारियों पर पड़ने वाले असर को लेकर जताई गई चिंताओं का जवाब देते हुए थरूर ने कहा कि कांग्रेस छोटे व्यवसायों का समर्थन करती है और उसका इरादा लोगों की आजीविका में बाधा डालना नहीं है। उन्होंने कहा, व्यापारियों को बस यह संदेश देने के लिए बुलाया गया है कि हम आपके खिलाफ नहीं हैं। असल में, कांग्रेस पार्टी छोटे कारोबारियों और छोटे व्यापारियों का समर्थन करती है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी चाहती है कि व्यापारी सफल हों और वह जनजीवन को परेशान नहीं करना चाहती। हालाँकि, उन्होंने बताया कि अन्य जगहों (जैसे अशोक होटल के लॉन) पर अनुमति न मिलने के बाद, रामलीला मैदान ही पार्टी के पास एकमात्र विकल्प बचा था। थरूर ने कहा आइए हम लोगों की आवाज़ उठाएँ, जो एक विपक्षी दल के रूप में हमारा कर्तव्य है। इसे भी पढ़ें: अपमानजनक भाषा पर Delhi High Court सख्त, Nishikant Dubey केस में Mahua Moitra को समन साथ ही, सरकार को भी यह समझना चाहिए कि अगर इस मामले का समाधान नहीं निकलता है, तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। इस बीच, भाजपा सांसद हेमांग जोशी ने 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच को एक सफल आयोजन बताया। उन्होंने बताया कि इसमें स्थिरता, सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक, कृषि और व्यापार में सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई। जोशी ने कहा कि भारत द्वारा इस मंच की मेज़बानी करने से विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को भारत की 'विविधता में एकता' को करीब से देखने का मौका मिला और इससे उनके भारतीय समकक्षों के साथ भविष्य में और बेहतर जुड़ाव की संभावनाएँ मज़बूत हुई हैं।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 3:58 pm

गोवर्धन पूजा पर अब रहेगी सार्वजनिक छुट्टी, पहले ऐच्छिक अवकाश की सूची में था शामिल

कर्मचारियों, शिक्षकों और आम जनता के लिए राज्य सरकार की ओर से एक बड़ा और राहतभरा फैसला सामने आया है। सरकार ने अपने पूर्व में जारी किए गए छुट्टी के कैलेंडर (Holiday Calendar) में संशोधन करते हुए बड़ा बदलाव किया है। अब लोक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक 'गोवर्धन पूजा' (Govardhan Puja) के पावन अवसर पर प्रदेश भर में पूर्ण 'सार्वजनिक अवकाश' (Public Holiday) रहेगा। सरकार द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के बाद अब राज्य के सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज, बोर्ड, निगम और वित्तीय संस्थान गोवर्धन पूजा के दिन पूरी तरह से बंद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में जारी छुट्टियों की सूची में गोवर्धन पूजा को केवल 'ऐच्छिक अवकाश' (Restricted/Optional Holiday) की श्रेणी में रखा गया था, जिसे लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों, जन प्रतिनिधियों और धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं द्वारा लगातार आपत्ति जताई जा रही थी। जनभावनाओं और धार्मिक महत्व का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर इस पुराने आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर नया शासनादेश लागू कर दिया गया है।#1 पुराने आदेश में क्या था और क्यों उठ रही थी सार्वजनिक छुट्टी की मांग?राज्य सरकार द्वारा वर्ष की शुरुआत में जारी आधिकारिक कैलेंडर में दीवाली के अगले दिन मनाई जाने वाली गोवर्धन पूजा को प्रतिबंधित या ऐच्छिक अवकाश की सूची में दर्ज किया गया था। ऐच्छिक अवकाश होने का सीधा मतलब यह था कि कर्मचारियों को इस दिन छुट्टी लेने के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था और संस्थानों का सामान्य कामकाज जारी रहता था। इस व्यवस्था से प्रदेश भर के लाखों सरकारी और निजी कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। दीवाली की रात देर तक चलने वाले पूजा-अर्चना के बाद अगले ही दिन गोवर्धन पूजा का प्रमुख धार्मिक उत्सव होता है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण और प्रकृति की पूजा का विशेष महत्व है। विभिन्न शिक्षक संघों, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और समाज के प्रबुद्ध वर्गों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस ऐच्छिक अवकाश को अनिवार्य सार्वजनिक अवकाश में बदलने की पुरजोर मांग की थी।#1 शासन का नया फरमान: संशोधित कैलेंडर जारी, इन संस्थानों में रहेगी पूर्ण तालाबंदीकर्मचारी संगठनों और जनप्रतिनिधियों के दबाव तथा धार्मिक मान्यताओं की महत्ता को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलते ही पुराना आदेश वापस ले लिया गया और गोवर्धन पूजा को 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' (NI Act) के तहत पूर्ण सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया। सरकार के इस नए आदेश के लागू होते ही अब गोवर्धन पूजा के दिन राज्य के सभी प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय, बैंक, कलेक्ट्रेट, तहसील दफ्तर और अन्य प्रशासनिक कार्यालय पूरी तरह बंद रहेंगे। शासन ने सभी विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों (DM) को संशोधित आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।#1 गोवर्धन पूजा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व: प्रकृति और पशुधन के संरक्षण का पर्वभारतीय संस्कृति में दीवाली का पांच दिवसीय महापर्व अत्यंत पवित्र माना जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा का त्योहार सीधे तौर पर भगवान श्री कृष्ण द्वारा इंद्र के अहंकार को तोड़ने और ब्रजवासियों को मूसलाधार बारिश से बचाने के लिए 'गोवर्धन पर्वत' को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर धारण करने की पौराणिक घटना से जुड़ा है। इस दिन गांवों से लेकर शहरों तक घर-घर और मंदिरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उनकी पूजा की जाती है, अन्न्कूट का भोग लगाया जाता है और प्रकृति व गोवंश (पशुधन) की सेवा तथा संरक्षण का संकल्प लिया जाता है। उत्तर भारत विशेषकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा में इस पर्व की अभूतपूर्व धूम रहती है, ऐसे में सार्वजनिक छुट्टी घोषित होने से लोग अब अपने परिवार के साथ इस लोक पर्व को संपूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ मना सकेंगे।#1 सरकारी कर्मचारियों और शिक्षक संघों ने सरकार के फैसले का किया जोरदार स्वागत정부 (सरकार) द्वारा पुराने आदेश में बदलाव कर गोवर्धन पूजा पर पूर्ण अवकाश घोषित करने के फैसले का प्रदेश भर के कर्मचारी संगठनों, शिक्षक संघों और आम जनता ने खुलकर स्वागत किया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार ने जनभावनाओं का आदर करते हुए एक अत्यंत सराहनीय और व्यावहारिक निर्णय लिया है। दीवाली के तुरंत बाद काम पर लौटने के दबाव से अब कर्मचारियों और शिक्षकों को मुक्ति मिलेगी, जिससे वे अपने पैतृक गांवों और शहरों में जाकर पूरे परिवार के साथ इस पारंपरिक उत्सव का हिस्सा बन सकेंगे। विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस निर्णय को अपनी सनातन परंपराओं को प्रोत्साहन देने वाला कदम करार दिया है।#1 त्योहारी सीजन में आम जनता को बड़ी राहत, आधिकारिक आदेश की कॉपी सभी जिलों में भेजी गईइस नए संशोधन के बाद अब दीवाली से लेकर भैया दूज तक का त्योहारी सीजन आम जनता और सरकारी अमले के लिए और भी ज्यादा खुशनुमा हो गया है। लगातार पड़ने वाली छुट्टियों के कारण लोगों को अपने परिजनों के साथ त्योहार मनाने और यात्रा करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने आधिकारिक पत्र जारी करते हुए सभी जिला पुलिस अधीक्षकों, मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि इस संशोधन को तुरंत अपने-अपने विभागों के सूचना पट्ट (Notice Board) पर प्रदर्शित करें ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 3:57 pm

CM Yogi को लेकर PM Modi की 1 लाइन और UP में पलट गया सारा खेल!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। वाराणसी में अरविंद टेक्सटाइल्स की महिला कर्मचारियों के साथ बातचीत के दौरान, एक महिला कर्मचारी ने कहा कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की वजह से ही महिलाएं घर से बाहर निकलकर काम कर पा रही हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि वे योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दें, जिससे मुख्यमंत्री के कामकाज पर उनका भरोसा फिर से झलकता है। यह तारीफ उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों से ठीक पहले आई है, जहां कानून-व्यवस्था एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: UP Cabinet ने दी State Livestock Mission को मंजूरी, दो गायों की खरीद पर मिलेगा ₹80000 का अनुदान मोदी ने महिला कर्मचारी से यह भी पूछा कि क्या वह 'अरविंद' (टेक्सटाइल यूनिट का नाम) का अर्थ जानती है, और बताया कि 'कमल' भी इसका एक पर्यायवाची है। जब मोदी ने पूछा कि क्या वह 'कमल' के साथ उनके संबंध के बारे में जानती है, तो महिला कर्मचारी ने जवाब दिया, इससे रोटी मिलती है। एक अन्य महिला ने प्रधानमंत्री से पूछा कि जब वह उनकी उम्र के थे, तब उनके क्या सपने थे। इस पर मोदी ने जवाब दिया कि देश की सेवा करना ही उनका एकमात्र सपना था। वाराणसी के मिर्जामुराद इलाके में स्थित इस यूनिट से निकलने के बाद, प्रधानमंत्री ने अपने X हैंडल पर लिखा: वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की गारमेंट निर्माण यूनिट की सबसे अच्छी बातों में से एक यह है कि इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा! यूनिट में गुजरात की एक कर्मचारी को देखकर और यह जानकर कि वह नवरात्रि समारोह में हिस्सा लेने के बाद काम पर लौटी है, मोदी ने पूछा कि क्या वह अपनी सहकर्मियों को भी 'गरबा' करना सिखाएगी। इस पर उसने हाँ में जवाब दिया। इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में 2030-31 तक 500 नए Global Capability Center खोलने की तैयारी प्रधानमंत्री ने महिलाओं से उनके काम के अनुभवों और उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा। कई महिलाओं ने बताया कि उनकी नौकरियां उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद कर रही हैं, और साथ ही उन्हें नए कौशल भी सिखा रही हैं।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 3:57 pm

हम स्कूल नहीं जाएंगे': पढ़ने से इंकार करने वाले 'सिद्धू' की कहानी बनी मिसाल

शिक्षा जीवन की दिशा और दशा दोनों को बदलने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है, और इस बात को पूरी तरह सच साबित कर दिखाया है एक छोटे से बच्चे सिद्धू ने। कभी अपने परिवार के पारंपरिक काम में हाथ बंटाने और 'हम स्कूल नहीं जाएंगे' की जिद पर अड़े रहने वाले सिद्धू की जीवन यात्रा आज पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है। अभावों, सामाजिक उपेक्षा और शैक्षणिक पिछड़ेपन के बीच सपेरा बस्ती में पले-बढ़े सिद्धू ने न केवल खुद शिक्षा की अहमियत को समझा, बल्कि अपनी अटूट लगन और जिद से अपनी पूरी सपेरा बस्ती के 21 अन्य बच्चों की तकदीर भी बदलकर रख दी। जो बच्चे कल तक हाथों में सांपों की टोकरी या मांगकर जीवन यापन करने के साधनों से घिरे रहते थे, आज वे हाथों में किताबें और बस्ता थामकर मुस्कुराते हुए स्कूल की चौखट पार कर रहे हैं। सिद्धू की यह अविश्वसनीय बदलाव की कहानी आज सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक हलकों तक चर्चा का विषय बनी हुई है।#1 जिद से शुरू हुआ सफर: जब सिद्धू ने कहा था- 'हम स्कूल नहीं जाएंगे'सपेरा समुदाय के लोगों का जीवन हमेशा से अस्थाई, घुमंतू और संसाधनों के भारी अभाव में बीतता रहा है। इस बस्ती के बच्चों के लिए पढ़ाई-लिखाई किसी सपने से कम नहीं थी, क्योंकि उनके परिवार में किसी ने कभी स्कूल का मुंह तक नहीं देखा था। जब एक सामाजिक संस्था और स्थानीय शिक्षकों की टीम बस्ती में बच्चों का नामांकन कराने पहुंची, तो सिद्धू ने सबसे पहले साफ शब्दों में इनकार करते हुए कह दिया था— हम स्कूल नहीं जाएंगे, हमें वहां नहीं जाना। सपेरा बस्ती के अन्य माता-पिता भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि पढ़ाई से उनकी रोटी-रोजी का कोई वास्ता नहीं है। लेकिन शिक्षकों के निरंतर प्रयास, धैर्य और प्यार भरे व्यवहार ने सिद्धू के मन से डर को धीरे-धीरे खत्म कर दिया और उसे स्कूल की चौखट तक खींच लाया।#1 पहली बार थामा बस्ता और बदल गई सोच: सिद्धू बना बस्ती का पहला 'चेंजमेकर'जब सिद्धू ने पहली बार स्कूल की दहलीज पर कदम रखा, तो उसके लिए सब कुछ नया और अचंभित करने वाला था। ब्लैकबोर्ड, रंग-बिरंगी किताबें, अक्षर ज्ञान और साथी बच्चों का साथ देखकर उसकी झिझक गायब हो गई। सिद्धू ने बहुत तेजी से पढ़ना-लिखना सीखा और देखते ही देखते वह कक्षा का सबसे होनहार छात्र बन गया। जब वह शाम को स्कूल से वापस सपेरा बस्ती लौटता, तो अपने माता-पिता और बस्ती के अन्य बच्चों को कहानियां सुनाता और किताब में लिखी बातें पढ़कर सुनाता। सिद्धू के भीतर आए इस सकारात्मक बदलाव और उसके नए आत्मविश्वास को देखकर बस्ती के अन्य लोगों की सोच भी धीरे-धीरे बदलने लगी। जो सिद्धू कभी स्कूल जाने से भागता था, अब वही अपनी बस्ती के बाकी बच्चों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बन चुका था।#1 एक-एक कर जोड़े 21 बच्चे: सपेरा बस्ती में आई शैक्षणिक क्रांतिसिद्धू की सफलता यहीं तक सीमित नहीं रही। उसने ठांन लिया था कि वह अपनी बस्ती के किसी भी बच्चे को अनपढ़ नहीं रहने देगा। सिद्धू ने खुद अपने दोस्तों, पड़ोसियों और बस्ती के 21 बच्चों के घर-घर जाकर उनके माता-पिता को मनाया। वह रोज सुबह उठकर बस्ती के सभी 21 बच्चों को इकट्ठा करता, उनके हाथ-मुंह धुलवाता और उन्हें साथ लेकर स्कूल जाता। उसकी इस अटूट निष्ठा और नेतृत्व क्षमता को देखकर स्थानीय स्कूल प्रशासन और शिक्षकों ने भी विशेष सहयोग दिया। बच्चों के लिए मुफ्त यूनिफॉर्म, किताबें और मिड-डे मील की बेहतर व्यवस्था की गई। आज सपेरा बस्ती के वे 21 बच्चे नियमित रूप से स्कूल जा रहे हैं और गणित, विज्ञान व भाषा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।#1 प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने की सिद्धू के जज्बे की तारीफसपेरा बस्ती में आई इस अभूतपूर्व शैक्षणिक क्रांति की खबर जब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों तक पहुंची, तो वे भी खुद को रोक नहीं पाए। शिक्षा अधिकारियों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने बस्ती का दौरा कर सिद्धू को सम्मानित किया और उसकी बहादुरी व समझदारी की जमकर सराहना की। अधिकारियों का कहना है कि सिद्धू जैसे बाल-प्रेरकों की बदौलत ही समाज के सबसे वंचित और पिछड़े वर्गों तक 'सर्व शिक्षा अभियान' की असली रोशनी पहुंच पा रही है। प्रशासन ने बस्ती में पेयजल, पक्की सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का भी आश्वासन दिया है, ताकि इन बच्चों का भविष्य और अधिक उज्ज्वल हो सके।#1 अंधकार से प्रकाश की ओर: सपेरा बस्ती के सुनहरे भविष्य की नई भोरआज सपेरा बस्ती के माहौल में एक बड़ा बदलाव महसूस किया जा सकता है। जहां पहले सुबह-सुबह केवल लोक वाद्यों या रोजमर्रा के संघर्ष की आवाजें सुनाई देती थीं, वहां अब सुबह की प्रार्थना और बच्चों के पहाड़े याद करने की गूंज सुनाई देती है। सिद्धू की यह कहानी साबित करती है कि अगर एक बच्चे की सोच बदल जाए, तो वह पूरे समुदाय का भाग्य बदलने की ताकत रखता है। 'हम स्कूल नहीं जाएंगे' का नारा देने वाला सिद्धू आज सपेरा बस्ती का नया नायक है, जिसने अपनी हिम्मत से 21 जिंदगियों को अनपढ़ता के अंधेरे से निकालकर ज्ञान के उजालों से भर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 3:56 pm

'दवाओं की कीमत 200 गुना ज्यादा, मरीजों से लूट क्यों?', SC ने केंद्र से पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की दवाओं की एमआरपी, खुदरा कीमत और 30% व्यापार मार्जिन पर केंद्र से कड़े सवाल किए. कोर्ट ने कहा कि अस्पतालों के खर्च का हवाला देकर दवा के लिए मरीजों से लागत से 100 या 200 गुना कीमत वसूलना सही नहीं ठहराया जा सकता.

आज तक 27 Oct 2026 3:55 pm

Rahul Gandhi के बरी होने पर बोलीं Priyanka Gandhi, सच को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक विशेष MP-MLA कोर्ट द्वारा आपराधिक मानहानि मामले में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बरी किए जाने के बाद, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सत्ताधारी प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उनके भाई को बदनाम करने और निशाना बनाने के लिए एक गंदा अभियान चला रहा है, क्योंकि राहुल गांधी ने सत्ता के सामने निडर होकर सच बोला है। एक्स पर एक पोस्ट में प्रियंका ने राजनीतिक और कानूनी दबाव के बावजूद राहुल गांधी के अडिग रहने की तारीफ की और कहा कि कोर्ट का यह फैसला सच की जीत की शुरुआत है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा, सच को कभी भी लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। इस सरकार ने मेरे भाई को बदनाम करने, उनकी छवि खराब करने और उन पर झूठे मुकदमे थोपने के लिए एक 'गंदे अभियान' पर बेहिसाब संसाधन खर्च किए हैं—सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने निडर होकर सच बोला। जिस तरह से उन्होंने झूठ के इस हमले का सामना किया है, उसके लिए बहुत साहस, दृढ़ता और एक सच्चे योद्धा जैसी सहनशक्ति की जरूरत होती है। एक-एक करके, सब कुछ सामने आ जाएगा। सच पूरी तरह से और मजबूती से सामने आएगा। यह तो बस शुरुआत है। इसे भी पढ़ें: UP Assembly Election 2027 | 'लक्ष्य सिर्फ बीजेपी को हराना...', सीट शेयरिंग के बीच अखिलेश यादव का बड़ा बयान, कांग्रेस के साथ फंसा पेच यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर संस्कृत वाक्यांश सत्यम शिवम सुंदरम (सत्य, कल्याण, सौंदर्य) के साथ भगवान शिव के 'त्रिपुंड' तिलक (तीन आड़ी सफेद रेखाएं, जिन्हें एक खड़ी लाल रेखा काटती है) जैसा दिखने वाला एक ग्राफ़िक पोस्ट किया, जिससे राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छिड़ गई। यह प्रतिक्रिया 26 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित MP-MLA कोर्ट में हुए एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम के बाद आई है। 2018 के मानहानि के एक मामले में, स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में एक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायत बेंगलुरु में कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बारे में अपमानजनक बातें कही थीं। सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश शुभम वर्मा, जिन्होंने अक्टूबर की शुरुआत में अंतिम दलीलें सुनी थीं, ने उन्हें बरी करने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि ये टिप्पणियां IPC की धारा 499/500 के तहत कानूनी रूप से 'आपराधिक मानहानि' की श्रेणी में नहीं आती हैं, और शिकायतकर्ता ऐसा पीड़ित व्यक्ति नहीं है जिसे आपराधिक शिकायत दर्ज करने का कानूनी अधिकार हो।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 3:54 pm

चक्रवात के खतरे को देखते हुए बरकुल में नाव संचालन बंद, अलर्ट पर कर्मचारी

चक्रवात के खतरे को देखते हुए बरकुल पंथनिवास में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. ओटीडीसी प्रबंधक सब्यसाची गौर ने बताया कि 3 दिनों के लिए बोट संचालन बंद कर दिया गया है. बारिश और तेज हवाओं के बीच स्टाफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

आज तक 27 Oct 2026 3:52 pm

भारत में लॉन्च हुआ एक और पावरफुल फोन, गेमर्स के लिए बेस्ट

Infinix GT 50 Pro को भारत में लॉन्च कर दिया है, जो एक पावरफुल स्मार्टफोन है. इसके अंदर दमदार प्रोसेसर, इनहाउस नेटवर्क चिपसेट और गेमर्स के लिए कई खास फीचर्स दिए हैं. Infinix GT 50 Pro में डुअल रियर कैमरा और इसकी कीमत 69,999 रुपये है. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

आज तक 27 Oct 2026 3:52 pm

सपा से हटे, कांग्रेस से सटे... स्वामी प्रसाद मौर्य कैसे अपने परिवार को सेट कर पाएंगे

उत्तर प्रदेश की राजनीति में दल-बदल के महारथी माने जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने 2027 चुनाव के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाने की तैयारी कर ली है. क्या वे अपने साथ-साथ बेटे उत्कृष्ट और बेटी संघमित्रा का सियासी भविष्य कांग्रेस में सुरक्षित कर पाएंगे?

आज तक 27 Oct 2026 3:52 pm

BJP सांसद की 2 करोड़ की मानहानि याचिका, महुआ पोस्ट हटाने को राजी

दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के मानहानि मुकदमे में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग को समन जारी किया है. दुबे ने माफी, स्थायी रोक और दो करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है. उनका आरोप है कि गर्ग ने 17 सितंबर को पॉडकास्ट में झूठी बातें कहीं. जस्टिस तुषार राव गेडेला ने गर्ग के इस्तेमाल किए शब्द को अपमानजनक बताया.

आज तक 27 Oct 2026 3:52 pm

ISRO का GSLV-F18 रॉकेट 30 को भरेगा उड़ान, नेविगेशन होगा मजबूत

भारत के अपने नेविगेशन सिस्टम NavIC को मजबूत करने के लिए ISRO नया सैटेलाइट NVS-03 लॉन्च करने जा रहा है. GSLV-F18 रॉकेट से होने वाली यह लॉन्चिंग देश में लोकेशन और नेविगेशन सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम है.

आज तक 27 Oct 2026 3:51 pm

'कोच्चि सिनेगॉग के पास आगजनी कई राज्यों में आतंकी साजिश का टेस्ट रन थी', पुलिस का बड़ा खुलासा

कोच्चि के कदावुम्भागम सिनेगॉग के पास हुई आगजनी एक बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा थी, जिसका खुलासा पुलिस कमिश्नर ने किया है।

जागरण 27 Oct 2026 3:51 pm

जहरीली शराब से मौतों के मामले देवास से सागर तक उठे सवाल, सस्ती जहरीली शराब बन रहीं मौत की वजह, जीतू ने शाह को लिख पत्र

मध्यप्रदेश इन दिनों जहरीली शराब से मौत मामले में लगातार सुर्खियों में है। पहले सागर और अब देवास में जहरीली शराब से हुई मौत की घटनाओं ने अवैध शराब की बिक्री, उसकी आपूर्ति और आबकारी विभाग की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सितंबर में सागर जिले के ...

वेब दुनिया 27 Oct 2026 3:51 pm

बिहार के 'गोल्डमैन' ने सांसद के लिए संभाला स्टियरिंग, वीडियो हुआ वायरल

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और मशहूर भोजपुरी गायक-अभिनेता मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) जब हाल ही में अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत दौरे पर बिहार की राजधानी पटना पहुंचे, तो वहां एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया. पटना की सड़कों पर जब मनोज तिवारी घूमने के लिए निकले, तो उनकी गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठे शख्स को देखकर हर किसी की आंखें फटी की फटी रह गईं. जी हां, सांसद महोदय की गाड़ी का स्टियरिंग संभालने वाला कोई आम ड्राइवर नहीं, बल्कि बिहार के मशहूर 'गोल्डमैन' (Bihar Goldman) प्रेम सिंह थे, जिनके पूरे बदन पर करीब 6 किलोग्राम सोने के भारी-भरकम आभूषण लदे हुए थे. सोशल मीडिया पर इस अनोखे सफर और सांसद-गोल्डमैन की जुगलबंदी का वीडियो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है और लोग इस दिलचस्प वाकये पर तरह-तरह की मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. आइए जानते हैं कि इस पूरे वाकये के पीछे की क्या है पूरी कहानी और वीडियो में क्या कुछ खास देखने को मिला।#1 जब बिहार के 'गोल्डमैन' प्रेम सिंह ने थाम लिया बीजेपी सांसद मनोज तिवारी का स्टियरिंगघटना सोमवार की है जब बीजेपी सांसद मनोज तिवारी पटना की सड़कों पर शहर के भ्रमण और स्थानीय कार्यक्रमों के सिलसिले में निकले थे. उनके साथ कार में कुछ अन्य करीबी सहयोगी और स्थानीय नेता भी मौजूद थे. लेकिन जिस बात ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह थी ड्राइविंग सीट पर बैठे शख्स की शानो-शौकत। बिहार में अपने शौक और भारी-भरकम स्वर्ण आभूषणों के प्रेम के लिए चर्चित 'गोल्डमैन' प्रेम सिंह उस वक्त ड्राइवर की भूमिका में नजर आए. उन्होंने खुद गाड़ी का स्टियरिंग संभाला और सांसद मनोज तिवारी को उनकी मंजिल तक पहुंचाया. सोने के कड़े, चेन, अंगूठियों और भारी लॉकेट से लदे प्रेम सिंह को गाड़ी चलाते देख रास्ते में चलने वाले आम लोग भी एकटक उन्हें देखते रह गए।#1 वीडियो बनाते वक्त मनोज तिवारी ने की बिहार की तारीफ, कहा- 'हमारी गाड़ी भी आज गोल्डन है'इस पूरे सफर के दौरान खुद 'गोल्डमैन' प्रेम सिंह और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस कार सफर का एक वीडियो शेयर किया है, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया. वीडियो में सांसद मनोज तिवारी बेहद मस्तीभरे अंदाज में नजर आ रहे हैं. वीडियो में मनोज तिवारी कहते हुए सुनाई देते हैं— दोस्तों, यह हमारा बिहार है; ज्ञान भी अनंत, विज्ञान भी अनंत, आकार भी अनंत और संस्कार भी अनंत। आज हम लोग पटना में हैं और घूमने के लिए निकल पड़े हैं। इसके बाद कैमरे का रुख अपने ड्राइवर यानी गोल्डमैन प्रेम सिंह की तरफ करते हुए मनोज तिवारी हंसते हुए कहते हैं कि आज तो हमारी गाड़ी भी पूरी तरह 'गोल्डन' हो चुकी है, क्योंकि गाड़ी में खुद 'गोल्डमैन' बैठे हुए हैं. तिवारी ने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रेम सिंह जितना सोना शरीर पर लादकर घूमते हैं, उतना तो शायद किसी सोने की बड़ी दुकान में भी एक बार में देखने को न मिले.#1 कौन हैं बिहार के 'गोल्डमैन' प्रेम सिंह? जो अपनी सोने के प्रति दीवानगी के लिए हैं मशहूरबिहार के पटना और आसपास के इलाकों में प्रेम सिंह को अक्सर 'गोल्डमैन' के नाम से जाना जाता है. वे अपनी शानो-शौकत और शरीर पर हमेशा कई किलोग्राम सोना (चेन, ब्रेसलेट, अंगूठियां) लादकर चलने के अनूठे शौक के कारण अकसर सुर्खियों में रहते हैं. सार्वजनिक आयोजनों, राजनीतिक बैठकों या त्योहारों के दौरान उनका यह रूप लोगों के लिए हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है। जब राजनेता और कलाकार मनोज तिवारी के साथ उनकी यह बॉन्डिंग सामने आई, तो लोगों ने इस पर जमकर मजे लिए। वीडियो के अंत में प्रेम सिंह ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सांसद महोदय के साथ सफर करना उनके लिए बेहद गर्व और आनंद का पल रहा है, और उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि वे हमेशा ऐसे ही प्रगति करते रहें.#1 सोशल मीडिया पर छाया वीडियो, फैंस दे रहे हैं मजेदार रिएक्शंसजैसी ही यह वीडियो इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपलोड हुआ, इस पर लाइक्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई. यूजर्स इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि आखिर 6 किलो सोना पहनकर कोई शख्स इतनी सहजता से गाड़ी कैसे चला सकता है. कुछ यूजर्स ने इसे विशुद्ध 'बिहारी अंदाज' और भौकाल बताया, तो कुछ ने चुटकी लेते हुए लिखा कि यह देश का सबसे महंगा ड्राइवर है जिसके पास खुद करोड़ों का सोना मौजूद है। राजनेता और सेलिब्रिटीज के ऐसे ऑफ-बीट और देसी अंदाज अक्सर जनता को बहुत भाते हैं, और यही वजह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग पेज पर छाया हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 3:50 pm

प्रशांत किशोर की टीम के मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव मिला

बिहार और झारखंड के राजनीतिक-प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया और मातम छा गया जब जन सुराज पार्टी के संस्थापक और प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की कोर टीम के वरिष्ठ मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। देवपालिक गुप्ता पिछले कुछ दिनों से झारखंड की राजधानी रांची से बिहार की राजधानी पटना की यात्रा करते समय अचानक लापता हो गए थे। परिजनों द्वारा अनहोनी की आशंका जताते हुए स्थानीय पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही पुलिस की कई विशेष टीमें उनकी खोजबीन में जुटी हुई थीं। आखिरकार पुलिस को सर्च ऑपरेशन के दौरान उनका शव प्राप्त हुआ है। प्रशांत किशोर की टीम के एक बेहद कुशल और भरोसेमंद साथी की इस तरह से हुई रहस्यमयी मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की उच्च स्तरीय फॉरेंसिक व वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है।#1 रांची से पटना की यात्रा के दौरान अचानक कट गया था संपर्कपारिवारिक सूत्रों और जन सुराज अभियान से जुड़े सहयोगियों से मिली जानकारी के अनुसार, देवपालिक गुप्ता संगठन के कुछ बेहद महत्वपूर्ण प्रशासनिक व लॉजिस्टिक कार्यों के सिलसिले में रांची गए हुए थे। वहां अपने तमाम काम निपटाने के बाद वे चार पहिया वाहन से पटना लौटने के लिए निकले थे। सफर के बीच में ही अचानक उनका मोबाइल फोन बंद आने लगा और परिजनों का उनसे संपर्क पूरी तरह से टूट गया। जब काफी देर तक उनका कोई सुराग नहीं मिला और वे अपने गंतव्य पटना भी नहीं पहुंचे, तो उनके परिवार और जन सुराज की केंद्रीय टीम में हड़कंप मच गया। परिजनों ने बिना किसी देरी के तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में अपहरण या किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया था।#1 फोरेंसिक टीम और पुलिस ने शुरू की जांच, हत्या या हादसा?देवपालिक गुप्ता का शव बरामद होने के बाद स्थानीय पुलिस, सीआईडी (CID) और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के असल कारणों का सटीक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post Mortem Report) आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस दो मुख्य पहलुओं पर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है—पहला, क्या यह कोई सड़क दुर्घटना (Road Accident) है, या फिर इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश या हत्या (Murder) का मामला है? पुलिस राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और देवपालिक गुप्ता के मोबाइल की अंतिम लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच कर रही है।#1 प्रशांत किशोर की कोर टीम में निभाई थी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियांदेवपालिक गुप्ता राजनीतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर की टीम के साथ काफी लंबे समय से जुड़े हुए थे। बिहार में जन सुराज पदयात्रा और संगठन के ढांचागत विस्तार में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती थी। वे अभियान के लॉजिस्टिक्स, मीडिया मैनेजमेंट, इवेंट्स और जमीनी समन्वय का काम बड़ी कुशलता से संभाल रहे थे। जन सुराज से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि देवपालिक गुप्ता बेहद शांत, मेधावी और समर्पित व्यक्ति थे, जिनकी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। उनकी अचानक हुई मौत की खबर से जन सुराज के पूरे कैडर और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।#1 जन सुराज और परिजनों ने की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांगइस दुखद घटना के सामने आने के बाद जन सुराज पार्टी और मृतक के परिजनों ने सरकार तथा पुलिस प्रशासन से मामले की त्वरित और निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों का कहना है कि देवपालिक गुप्ता की मौत के पीछे छिपे पूरे सच को देश और राज्य की जनता के सामने लाया जाना चाहिए। यदि इस मामले में किसी प्रकार की आपराधिक साजिश की पुष्टि होती है, तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी से कडी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्पेशल टास्क फोर्स और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से मामले का बहुत जल्द पर्दाफाश कर दिया जाएगा।#1 राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गहराया शोक का माहौलदेवपालिक गुप्ता के निधन पर बिहार और झारखंड के कई प्रमुख राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडियाकर्मियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रशांत किशोर और उनकी टीम के अन्य सदस्यों ने मृतक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में हर संभव मदद और साथ देने का भरोसा जताया है। फिलहाल हर किसी की नजरें पुलिस की आने वाली जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, ताकि देवपालिक गुप्ता के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी का सच सामने आ सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 3:49 pm

मॉनसून के बाद कैसे आ रहा चक्रवात, बंगाल की खाड़ी में क्या हुआ; अर्नब को लेकर जोरों पर तैयारियां

बंगाल की खाड़ी में मॉनसून के बाद चक्रवात ज्यादा बनने की एक खास वजह समुद्र के पानी की बनावट है। मॉनसून के महीनों में बारिश और नदियों से बड़ी मात्रा में मीठा पानी खाड़ी में पहुंचता है। इससे कम खारे पानी की परत बन जाती है।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Oct 2026 3:49 pm

व्यापार बैन... फिर कैसे पाकिस्तान पहुंच रहा है भारतीय सामान? खुलासा

India Pakistan bilateral trade status: आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में पाकिस्तान द्वारा भारत से किए जाने वाले आयात में 69% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

आज तक 27 Oct 2026 3:48 pm

बीजेपी के एनके यादव की साख दांव पर, नितेश मारेंगे बाजी या PK के रजनीश दिखाएंगे दम

बिहार विधान परिषद के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (Kosi Graduates Constituency) के लिए वोटों की गिनती का काम पूर्णिया स्थित मतगणना केंद्र (पूर्णिया जिला स्कूल परिसर) पर बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। 14 जिलों और 1.34 लाख से अधिक स्नातक मतदाताओं वाले इस विशाल और हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में इस बार का मुकाबला बहुकोणीय और बेहद दिलचस्प हो चुका है। बीजेपी (BJP) ने अपने मौजूदा निवर्तमान विधान पार्षद डॉ. एनके यादव पर दांव लगाते हुए उन्हें हैट्रिक बनाने के लिए मैदान में उतारा है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी डॉ. नितेश कुमार, कांग्रेस के मनोज कुमार जायसवाल और प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी डॉ. रजनीश रंजन के मैदान में उतरने से वोटों के समीकरण पूरी तरह से उलझ गए हैं। 14 टेबल पर 14 राउंड में चल रही मतगणना प्रक्रिया में प्रथम और द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती की जा रही है। आइए जानते हैं कि मतगणना केंद्र से क्या ताजा रुझान निकलकर सामने आ रहे हैं और किस प्रत्याशी की किस्मत का ताला खुलने वाला है।#1 बीजेपी के एनके यादव की साख दांव पर, क्या लगा पाएंगे जीत की हैट्रिक?कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पिछले कुछ कार्यकालों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। बीजेपी प्रत्याशी डॉ. एनके यादव ने 2020 के पिछले चुनाव में आरजेडी के नीतेश कुमार को 6,901 मतों के अंतर से पराजित कर जीत का परचम लहराया था। हालांकि, इस बार एनके यादव के लिए राह उतनी आसान नहीं मानी जा रही है। 14 जिलों—भागलपुर, नवगछिया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा और जमुई में फैले इस निर्वाचन क्षेत्र में एंटी-इंकंबेंसी और बौद्धिक वर्ग की नई अपेक्षाएं उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर रही हैं। एनडीए खेमे को भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन मॉडल और स्नातकों के लिए किए गए कार्यों के बल पर एनके यादव अपनी सीट बचाने में सफल रहेंगे।#1 आरजेडी के नितेश कुमार और कांग्रेस के मनोज जायसवाल की रणनीतिविपक्ष की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक बार फिर डॉ. नितेश कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है। नितेश कुमार ने पिछले चुनाव में भी कड़ी टक्कर दी थी और इस बार वे स्नातकों की बेरोजगारी, उच्च शिक्षा में लेट-लतीफी और स्थानीय मुद्दों को जोर-शोर से उठाकर अपनी स्थिति मजबूत करने का दावा कर रहे हैं। वहीं महागठबंधन के भीतर से ही कांग्रेस प्रत्याशी मनोज कुमार जायसवाल के मैदान में होने से विपक्षी वोटों में बिखराव देखा जा रहा है। इसके बावजूद आरजेडी का मानना है कि इस बार स्थानीय और जातिगत समीकरणों के साथ-साथ युवाओं का रुझान बदलाव के पक्ष में है, जिससे परिणाम उनके पक्ष में आ सकते हैं।#1 प्रशांत किशोर की जन सुराज का पहला बड़ा दांव: रजनीश रंजन बिगाड़ेंगे किसका खेल?बिहार की राजनीति में नए विकल्प के रूप में उभरी प्रशांत किशोर की 'जन सुराज पार्टी' (Jan Suraaj) ने कोसी स्नातक सीट पर डॉ. रजनीश रंजन पर भरोसा जताया है। जन सुराज पहली बार विधान परिषद चुनाव के मैदान में सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर किस्मत आजमा रही है। युवाओं, प्रोफेसरों, डॉक्टरों और पढ़े-लिखे स्नातकों के बीच प्रशांत किशोर के जमीनी अभियानों का असर देखने को मिला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रजनीश रंजन द्वारा काटे जाने वाले वोट सीधे तौर पर बीजेपी और आरजेडी दोनों के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगा रहे हैं। यदि जन सुराज प्रत्याशी प्रथम वरीयता (First Preference Votes) में मजबूत वोट हासिल करते हैं, तो द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती के दौरान मुकाबला किसी भी दिशा में मुड़ सकता है।#1 14 राउंड की गिनती और वरीयता मतों का पेचीदा गणितस्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव आम विधानसभा या लोकसभा चुनावों से बिल्कुल अलग होता है। इसमें मतपत्र (Ballot Paper) पर बैंगनी रंग के स्केच पेन से मतदाताओं को अपनी पसंद (1, 2, 3...) दर्ज करनी होती है। चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को कुल वैध मतों का 50% + 1 का 'कोटा' (Quota) हासिल करना अनिवार्य होता है। पूर्णिया जिला स्कूल परिसर स्थित स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर पर कुल 14 टेबल बनाए गए हैं। यदि 14 राउंड की प्रथम वरीयता की गिनती के बाद कोई भी प्रत्याशी कोटा हासिल नहीं कर पाता है, तो सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों को एलिमिनेट कर उनके द्वितीय वरीयता (Second Preference) के वोट शीर्ष प्रत्याशियों में बांटे जाएंगे। इसी कारण से यह मुकाबला देर शाम या देर रात तक खिंचने के पूरे आसार हैं।#1 पूर्णिया मतगणना केंद्र पर त्रिस्तरीय सुरक्षा और सीसीटीवी से निगरानीसत्यता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी (जिला निर्वाचन पदाधिकारी) स्वयं मतगणना हॉल की निगरानी कर रहे हैं। त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे के भीतर केवल वैध प्रवेश पत्र धारक एजेंटों और गणना कर्मियों को ही जाने की अनुमति दी गई है। पूरे परिसर की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। कोसी अंचल के 14 जिलों के हजारों स्नातकों की नजरें अब मतगणना केंद्र के आधिकारिक लाउडस्पीकर और चुनाव आयोग की राउंड-वार घोषणाओं पर टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 3:48 pm

अपमानजनक भाषा पर Delhi High Court सख्त, Nishikant Dubey केस में Mahua Moitra को समन

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दायर मानहानि के एक दीवानी मुकदमे में, तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) की सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व केंद्रीय वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग को समन जारी किया। जस्टिस तुषार राव गेडेला ने बचाव पक्ष के वकील द्वारा दिए गए आश्वासनों को आधिकारिक तौर पर दर्ज किया और मानहानि के इस मुकदमे में महुआ मोइत्रा तथा सुभाष चंद्र गर्ग को औपचारिक समन जारी किए। जैसे-जैसे मानहानि की कार्यवाही आगे बढ़ेगी, हाई कोर्ट संबंधित पक्षों के तर्कों और उनके लिखित जवाबों पर आगे विचार करेगा। मोइत्रा ने अपने उस ट्वीट को हटाने पर सहमति जताई, जिसमें उन्होंने दुबे को फर्जी डिग्री वाले किस्म का आदमी बताया था। वहीं, गर्ग ने पॉडकास्टर से संपर्क करके यह अनुरोध करने पर सहमति जताई कि वीडियो के उस हिस्से को हटा दिया जाए या ब्लॉक कर दिया जाए, जिसमें उन्होंने दुबे को ब्लैकमेल करने वाले किस्म का आदमी कहा था। इसे भी पढ़ें: Delhi High Court का महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज FIR की जांच रोकने से इनकार सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने दुबे के खिलाफ इस्तेमाल की गई बेहद तीखी और अपमानजनक भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने मोइत्रा और गर्ग दोनों से यह आश्वासन लिया कि वे सोशल मीडिया पोस्ट और पॉडकास्ट के उस हिस्से को हटा देंगे और ब्लॉक कर देंगे। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस तुषार राव गेडेला ने मौजूदा सांसद के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान गर्ग ने दुबे को ब्लैकमेलर कहा था। सार्वजनिक रूप से किसी के चरित्र पर इस तरह के आरोप लगाने की गंभीरता को रेखांकित करते हुए, जस्टिस गेडेला ने कहा अगर वे दुबे कहें कि आप गर्ग एक ब्लैकमेलर हैं, तो क्या आप इसे हल्के में लेंगे? हम इस बात पर चर्चा नहीं कर रहे हैं कि आपसे क्यों पूछा गया। हम आपको अपना जवाब दाखिल करने का मौका देने से मना नहीं कर रहे हैं। ये दोनों ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी अपनी एक प्रतिष्ठा है। क्या आपको लगता है कि हम यह नहीं समझते? आप किसी भी व्यक्ति के लिए 'ब्लैकमेलर' जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते। जज ने आगे कहा कि कोर्ट अपनी आपत्ति को लिखित रूप में दर्ज कर सकता है। उन्होंने कहा कि जहां अन्य राजनीतिक आलोचनाओं पर बहस हो सकती है, वहीं किसी व्यक्ति को ब्लैकमेलर कहना स्वीकार्य टिप्पणी की सीमा को पार करने जैसा है। इसे भी पढ़ें: 2012 Dharmasthala case: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर धर्मस्थल मामले की दोबारा जांच, SIT ने 15 पुलिसकर्मी बुलाए कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों के बाद, गर्ग और मोइत्रा दोनों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील समुद्र सारंगी ने निर्देश लेने पर सहमति जताई और बेंच को उनके फैसलों के बारे में बताया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मोइत्रा के पास यह कानूनी अधिकार है कि वह स्वतंत्र रूप से दुबे की शैक्षणिक योग्यताओं को चुनौती दे सकें और उन पर सवाल उठा सकें। यह कानूनी लड़ाई पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग द्वारा एक पॉडकास्ट चर्चा के दौरान की गई टिप्पणियों से शुरू हुई है, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों पर केंद्रित थी। बेंच के सामने गर्ग की टिप्पणियों के संदर्भ को स्पष्ट करते हुए, वकील समुद्र सारंगी ने कहा, मैं उनके साथ किसी बहस में नहीं उलझा था। मैं एक पॉडकास्ट में था और मैंने GDP के आंकड़ों पर कुछ टिप्पणियां कीं। फिर एक सवाल आया, और मैंने पृष्ठभूमि बताई कि क्यों यह व्यक्ति मेरे खिलाफ व्यक्तिगत दुश्मनी रखता है, जो 2018 से चली आ रही है। सारंगी ने तर्क दिया कि गर्ग का बयान दुबे के साथ उनके पुराने संबंधों की पृष्ठभूमि बताता है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिम राहत के चरण में, दुबे को यह साबित करना होगा कि उनके पक्ष को अधिक महत्व क्यों दिया जाना चाहिए। यह उनके हलफनामे और मेरे हलफनामे के बीच की बात है। उन्हें यह साबित करना होगा कि उनकी विश्वसनीयता कुछ अधिक है।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 3:47 pm

सुप्रीम कोर्ट से आसाराम बापू को बड़ा झटका: पेरोल बढ़ाने से इनकार, मेडिकल ग्राउंड पर राहत की मांग खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की पेरोल बढ़ाने से इनकार कर दिया। इस कारण पिछले 20 दिन से बाहर आसाराम को दोबारा जेल में लौटना पड़ेगा।

देशबन्धु 27 Oct 2026 3:44 pm

CID के प्रोड्यूसर बीपी सिंह का निधन, इमोशनल हुए दया, बोले- शॉक्ड हूं

प्रोड्यूसर और डायरेक्टर बीपी सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे. वे CID जैसे लोकप्रिय क्राइम शो के निर्माता थे. लोग उन्होंने हॉरर सीरीज आहट के लिए भी जानते थे. सेलेब्स और फैंस ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी है.

आज तक 27 Oct 2026 3:44 pm

Samrat Choudhary ने बिहार गति प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की, तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को लंबित विकास परियोजनाओं में तेजी लाने और कल्याणकारी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पटना में ‘बिहार गति’ पहल के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने पटना स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में विज्ञान संबंधी मॉडल एवं उपकरण के निर्माण का काम 2028 तक पूरा करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, उन्होंने आमस-दरभंगा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-119डी) के आमस-शिवरामपुर खंड के 55 किलोमीटर हिस्से का निर्माण 2027 तक पूरा करने को कहा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) की समीक्षा के दौरान चौधरी ने अधिकारियों को सर्वेक्षण और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा 12 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत पात्र जनजातीय परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। चौधरी ने जिला प्रभारी सचिवों को मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना के तहत अंचलवार सरकारी भूमि की उपलब्धता की समीक्षा करने और पात्र लाभार्थियों को आ रही समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए जमीन खरीदने में सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बिहार जलाशय पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ समझौता करने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 3:43 pm

बीमारी के लिए डॉक्टर खोज रहे हैं? इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान

जब बीमारी गंभीर हो या सर्जरी की जरूरत हो, तो डॉक्टर का चयन सोच-समझकर करना बेहद जरूरी है. सिर्फ गूगल रिव्यू पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए. इसके अलावा इन 5 बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है.

आज तक 27 Oct 2026 3:42 pm

पलामू में मडुआ की खेती से बदल रही तस्वीर, 400 से अधिक महिलाएं जुड़ीं

मडुआ की खेती: जिला पलामू के इलाके में महिलाएं सशक्तिकरण का एक बड़ा उदाहरण बनती जा रही हैं और वे पलामू में बदलाव लाने वाली शक्ति के रूप में उभरी हैं। पलामू के इलाके में पहली बार महिलाएं मडुवा की खेती से सीधे तौर पर जुड़ी हैं तथा 400 से अधिक महिलाएं मडुआ की खेती कर रही हैं। मनातू में.

मौसम ब्रेकिंग 27 Oct 2026 3:40 pm

लाल लहंगे में सजीं शाहनवाज हुसैन के बेटे की बेगम, निकाह की तस्वीरें

पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन के बेटे अरबाज की शादी की सुर्खियों में बनी हुई है. अरबाज ने विधायक और हरियाणा के पूर्व मंत्री मोहम्मद अकरम खान की बेटी अफशां से निकाह किया है. दोनों के ग्रैंड निकाह की फोटोज इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रही हैं, जिसमें दुल्हन लाल रंग के लहंगे में बेहद प्यारी लग रही हैं.

आज तक 27 Oct 2026 3:37 pm

2012 Dharmasthala case: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर धर्मस्थल मामले की दोबारा जांच, SIT ने 15 पुलिसकर्मी बुलाए

धर्मस्थल में 2012 के बलात्कार और हत्या के मामले की दोबारा जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने 15 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को तलब किया है। इन लोगों ने मामले की जांच के अलग-अलग चरणों में काम किया था—जिसमें बेल्थंगडी पुलिस की शुरुआती जांच से लेकर, बाद में क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा की गई जांच शामिल है। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया धिकारियों को दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 160 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं, जिसमें उन्हें शुक्रवार को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह पूछताछ SIT द्वारा पिछले 14 वर्षों में की गई जांचों की समीक्षा का हिस्सा है; इन जांचों में से किसी में भी कोई दोषसिद्धि (सजा) नहीं हुई। टीम यह देख रही है कि अलग-अलग एजेंसियों ने इस मामले को कैसे संभाला और अपनी जांच के दौरान क्या सबूत जुटाए। इसे भी पढ़ें: स्तरहीनता एवं विरोध की भाषा में उलझती कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट ने 21 सितंबर को एक नई जांच का आदेश दिया और कर्नाटक सरकार को निर्देश दिया कि वह तीन महीने के भीतर जांच पूरी करके रिपोर्ट सौंपे। आदेश पीड़िता की मां, कुसुमावती की उस याचिका के बाद आया, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की मौत की फिर से जांच कराने की मांग की थी। कोर्ट ने सीबीआई की पिछली जांच को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। SIT की कमान पुलिस महानिरीक्षक (IGP) एन. शशिकुमार के हाथों में है। इसके सदस्यों में मंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त सी. एच. सुधीर कुमार रेड्डी, खुफिया विभाग की पुलिस अधीक्षक (SP) निशा जेम्स और CID के पुलिस अधीक्षक (SP) लोकेश जगलासर शामिल हैं। एक निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए, पिछली जांच में शामिल रहे अधिकारियों को इस नई टीम से बाहर रखा गया है। इसे भी पढ़ें: E20 Fuel विरोध पैसे देकर चलाया गया अभियान था, Ethanol पर बोले Nitin Gadkari टीम ने अक्टूबर में मौजूदा केस रिकॉर्ड की जांच करके और CID तथा CBI से दस्तावेज, सबूत और जांच फाइलें मांगकर अपनी जांच शुरू की। जगलासर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि मंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त मनोज कुमार नाइक उनकी सहायता कर रहे हैं। कई एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने के बावजूद यह मामला अनसुलझा ही रहा। इस अपराध के सिलसिले में आरोपी बनाए गए एकमात्र व्यक्ति, संतोष राव को 16 जून 2023 को एक ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया, क्योंकि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। उजिरे के SDM कॉलेज की 17 वर्षीय छात्रा 9 अक्टूबर 2012 को कॉलेज से घर लौटते समय लापता हो गई थी। अगले दिन धर्मस्थल में नेत्रावती नदी के पास एक जंगली इलाके में उसका शव मिला। पोस्टमार्टम से पुष्टि हुई कि हत्या से पहले उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया था। इस मामले की शुरुआती जांच बेल्थंगडी पुलिस ने की थी, जिसके बाद इसे CID और फिर CBI को सौंप दिया गया। इनमें से किसी भी जांच से कोई दोषी साबित नहीं हो सका। SIT को निर्देश दिया गया है कि वह मामले की नए सिरे से जांच करे, न कि केवल पिछली जांच एजेंसियों के निष्कर्षों को ही दोबारा देखे।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 3:37 pm

Gyanesh Kumar तुरंत दें इस्तीफा, SIR पर ECI के खिलाफ वामपंथी दलों ने Delhi में खोला मोर्चा

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI(M)) ने 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक 'मानव श्रृंखला' बनाकर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में गड़बड़ी का आरोप लगाया और इस प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। यह प्रदर्शन चल रहे आंदोलन का ही एक हिस्सा है। CPI के सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में यह विरोध और तेज होगा। इसे भी पढ़ें: BJP के मार्च पर Congress नेता Pawan Khera का तंज, पूछा- क्या उनके प्रदर्शन से व्यापारियों को फायदा होता है? उन्होंने कहा कि यह असल में हमारे चल रहे आंदोलन का ही हिस्सा है। आने वाले दिनों में हम इसे और तेज करेंगे। यह CPI(M) का विरोध प्रदर्शन है। कई साथी इसमें शामिल हो रहे हैं और 1 नवंबर को एक विशाल रैली निकाली जाएगी। हमारा विरोध मार्च और अन्य कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। CPI के महासचिव डी. राजा ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और अधिकारियों से आग्रह किया कि जंतर-मंतर को फिर से सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन की जगह के रूप में बहाल किया जाए। राजा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए, और जंतर-मंतर को लोगों के विरोध-प्रदर्शन के लिए फिर से खोल देना चाहिए। CPI नेता एनी राजा ने भी SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हमारे देश में जो SIR प्रक्रिया चल रही है, उसे रोका जाना चाहिए। हम चाहते हैं कि सरकार इस SIR प्रक्रिया को रद्द करे और ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। हम यही मांग कर रहे हैं। इससे पहले 27 अक्टूबर को, CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने SIR प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह फैसला स्वीकार्य नहीं है और यह 'मतदाता पंजीकरण नियम, 1960' (Registration of Electors Rules, 1960) का उल्लंघन करता है। इसे भी पढ़ें: सभी SIR आदेश सर्वसम्मति से लिए गए, फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं हुआ: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग का करारा जवाब सुप्रीम कोर्ट में ECI द्वारा दाखिल हलफनामे पर प्रतिक्रिया देते हुए, कुमार ने कहा कि चाहे यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया हो या बहुमत से, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। यह फैसला अनावश्यक था, स्वीकार्य नहीं है, और यह 1960 के मतदाता पंजीकरण नियमों का उल्लंघन है। कुमार ने SIR प्रक्रिया की आवश्यकता पर सवाल उठाया और पूछा कि फॉर्म 6 में बदलाव करने की अनुमति किसने दी।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 3:36 pm

विशाखापट्टनम से टकराएगा चक्रवाती तूफान अर्नब, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में स्कूल बंद

चक्रवात अर्नब: बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान के पूर्वी तट की ओर बढ़ने के साथ ही ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए हैं और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

मौसम ब्रेकिंग 27 Oct 2026 3:35 pm

कानपुर में शरद पूर्णिमा पर टेसू-झांझी की शादी में खूनी खेल

कानपुर के सजेती इलाके में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर टेसू और झांझी की पारंपरिक शादी का जश्न मातम में बदल गया. नशे में धुत एक दबंग ने चाचा की दुनाली बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. गोली लगने से बुजुर्ग रामखेलावन की मौके पर ही मौत हो गई.

आज तक 27 Oct 2026 3:34 pm

पाकिस्तान में धड़ाधड़ बिक रहे भारत के ये सामान, जानें बैन के बाद भी कैसे बढ़ा व्यापार

भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार पर रोक होने के बावजूद भारतीय सामान पाकिस्तान पहुंच रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह सामान वहां कैसे पहुंच रहा है? व्यापार पर लगी पाबंदियों से बचने के लिए भारतीय सामान तीसरे देशों के रास्ते पाकिस्तान भेजा जा सकता है

लाइव हिन्दुस्तान 27 Oct 2026 3:33 pm

नेपाल में चक्रवात अर्नब का हाई अलर्ट, भारी बारिश और बर्फबारी का खतरा

चक्रवात अर्नब: बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'अर्नब' के मजबूत होने के कारण नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने 29 से 31 अक्टूबर तक के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। यह चक्रवात 28 अक्टूबर को भारत में दस्तक देगा और इसका असर नेपाल में गुरुवार रात, 29 अक्टूबर से दिखना शुरू हो जाएगा। मौसम.

मौसम ब्रेकिंग 27 Oct 2026 3:30 pm

नदियों में प्रदूषण को लेकर SC की राजस्थान सरकार को फटकार, कहा- कर्तव्यों का पालन नहीं कर पाए अधिकारी

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को जोजरी-बांदी-लूनी नदी पारिस्थितिकी तंत्र में कथित अवैध खनन और प्रदूषण को लेकर कड़ी फटकार लगाई है।

जागरण 27 Oct 2026 3:30 pm

जेल से कैदी भागे तो थलपति विजय पर हमलावर हुए स्टालिन, विदेशी सीरियल से तुलना

तमिलनाडु में जेल से कैदियों के फरार होने की घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने थलपति विजय की सरकार पर निशाना साधा है। बता दें कि थेनी में जेल से 17 कैदी फरार हो गए।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Oct 2026 3:29 pm

बिना डिग्री नौकरी, छोटे शहरों में रहना... Gen Z ने बदला सक्सेस का तरीका

जेन जी के लिए सक्सेस का मतलब अब सिर्फ अच्छी जॉब, बड़ा घर और मोटी कमाई नहीं है. छोटे शहरों में रहना, घर से काम करना, फ्रीलांसिंग और इनवेस्टमेंट के नए तरीकों को अपनाकर युवा अपनी जिंदगी को नए सिरे से बना रहे हैं. जानिए, कैसे जेन जी सक्सेस की पुरानी परिभाषा बदलकर अपने हिसाब से आगे बढ़ रही है.

आज तक 27 Oct 2026 3:29 pm

1.5 करोड़ खातों में आएंगे ₹5000, सरकार ने किसानों के लिए खोला खजाना

5000 Rupee In Farmers Accounts: देवेंद्र फडणवीस सरकार ने राज्य के करीब 1.5 करोड़ सूखा प्रभावित किसानों के लिए सरकारी खजाना खोल दिया है और दिवाली से पहले उनके खातों में 5000 रुपये जमा कराए जाने का निर्देश दिया है.

आज तक 27 Oct 2026 3:29 pm

तूफानी पारी खेलकर भी वैभव न‍िराश, आउट होते ही हो गए मायूस

न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में तीसरे टी20 इंटरनेशनल में वैभव सूर्यवंशी ने 19 गेंदों पर 45 रन की तूफानी पारी खेली. उन्होंने 4 छक्के और 4 चौके लगाए. सातवें ओवर में जैकरी फिशर की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह आउट हो गए. आउट होने के बाद वैभव न‍िराश द‍िखे.

आज तक 27 Oct 2026 3:29 pm

कल का मौसम 28 अक्टूबर: 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

कल का मौसम: कल का मौसम 28 अक्टूबर 2026 को उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव के कारण 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर ओले भी गिर सकते हैं।

मौसम ब्रेकिंग 27 Oct 2026 3:26 pm

यूपी मौसम: 28 अक्टूबर से बारिश, इन जिलों में अलर्ट

यूपी मौसम: उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 अक्टूबर को प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 28 अक्टूबर से प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट, मिर्जापुर और सोनभद्र समेत दक्षिणी जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। प्रादेशिक मौसम केंद्र लखनऊ की तरफ से.

मौसम ब्रेकिंग 27 Oct 2026 3:25 pm

अंकिता भंडारी केस में CBI का एक्शन, पत्रकार Ashutosh Negi को पूछताछ के लिए किया तलब

सीबीआई सूत्रों ने पुष्टि की है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड के पत्रकार आशुतोष नेगी को पूछताछ के लिए बुलाया है। आशुतोष नेगी, अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य याचिकाकर्ता हैं। यह घटनाक्रम इस मामले में एक वीआईपी की कथित संलिप्तता को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। यह विवाद तब और गहरा गया, जब उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इसे भी पढ़ें: अंकिता भंडारी केस में न्याय दिलाना समाज और प्रशासन का कर्तव्य: CM Pushkar Dhami इस महीने की शुरुआत में, उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट रहीं अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हुई हत्या की जांच के सिलसिले में, CBI की चार सदस्यीय टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अभिनेत्री उर्मिला सनावर के घर का दौरा किया। रविवार को, उत्तराखंड पुलिस ने सहारनपुर के सदर बाजार स्थित गोविंद नगर में अभिनेत्री के घर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में उन्हें CBI कोर्ट में पेश होना था, उससे ठीक पहले यह गिरफ्तारी हुई। पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की शिकायत पर, 24 अक्टूबर की रात हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ अश्लील, अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिसका मकसद उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था। सनावर एक कथित ऑडियो क्लिप और हत्या के मामले से जुड़े एक तथाकथित VIP के जिक्र के कारण चर्चा में आ गई हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें नारको-एनालिसिस टेस्ट कराने के लिए अपनी सहमति या असहमति दर्ज कराने हेतु CBI कोर्ट में पेश होना था। इसे भी पढ़ें: Ankita Bhandari Case: Patiala House Court बाहर प्रदर्शन कर रहे कई लोग हिरासत में लिए गए कोर्ट में पेश होने से ठीक पहले उनकी गिरफ्तारी ने चल रही जांच के बीच सबका ध्यान खींचा है। इस बीच, CBI ने हत्या के मामले से जुड़ी वायरल हो रही ऑडियो क्लिप के संबंध में, सहारनपुर स्थित उनके आवास पर सनावर को एक औपचारिक नोटिस भेजा है। सनावर ने बताया कि 18 अक्टूबर को CBI की एक टीम ने उनसे लगभग चार घंटे तक पूछताछ की।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 3:24 pm

28 या 29 अक्टूबर, करवा चौथ कब है? जानें सही तिथि और चांद निकलने का समय

ज्योतिषाचार्या डॉ. नितीशा मल्होत्रा ने पंचांग देखकर बताया कि इस बार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी. इसका समापन उसी दिन रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा. करवा चौथ के व्रत में चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि का होना महत्वपूर्ण माना जाता है. 29 अक्टूबर को चंद्रमा निकलने के समय चतुर्थी तिथि रहेगी.

आज तक 27 Oct 2026 3:23 pm

दोस्त से मिलने निकली 13 साल की लड़की, आधी रात मां को भेजा ये मैसेज

कोलकाता में 13 साल की लड़की के अपहरण और गैंगरेप का आरोप लगा है. परिवार के मुताबिक, लड़की दोस्त से मिलने निकली थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी. आरोप है कि उसे नशीला पदार्थ पिलाकर कई लोगों ने यौन उत्पीड़न किया और वीडियो के जरिए परिवार को धमकाया. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है.

आज तक 27 Oct 2026 3:23 pm

सावधान! अत्यंत गंभीर तूफान में बदल गया चक्रवात अर्नब, 150 kmph की रफ्तार से होगी टक्कर

चक्रवात अर्नब: चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (नई दिल्ली): बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान 'अर्नब' अत्यंत गंभीर रूप ले चुका है। यह 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश तट से टकराएगा, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश और रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम ब्रेकिंग 27 Oct 2026 3:21 pm

भदोही समेत कई जिलों में 28-29 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज हवा की आशंका

भदोही मौसम चेतावनी: बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती सिस्टम के असर से 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों व आम नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।

मौसम ब्रेकिंग 27 Oct 2026 3:20 pm

रामायण के बीच आदिपुरुष की पब्लिसिटी कर रहे मनोज मुंतशिर? भड़के यूजर्स

रामायण का नया गाना 'मंगल रंग' रिलीज होते ही मनोज मुंतशिर ने 'आदिपुरुष' का गाना शेयर कर दिया. सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनकी पोस्ट की टाइमिंग पर सवाल उठाए और पुराने विवाद की याद दिलाई.

आज तक 27 Oct 2026 3:19 pm

मुंबई में रोज बिक रहे 17 से ज्यादा लग्जरी घर, 50 करोड़ के फ्लैट की डिमांड

मुंबई में लग्जरी आवासीय बाजार में खरीदारी और किराये, दोनों सेगमेंट में महंगी प्रॉपर्टी की मांग बनी हुई है. पिछले 6 महीनों में लोगों ने लग्जरी घरों जमकर खरीदारी की है.

आज तक 27 Oct 2026 3:17 pm

अनंत सिंह के RJD में आने को लेकर तेजस्वी ने क्या कहा?

अनंत सिंह को JDU से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि पार्टी से गद्दारी करने वालों का हाल देख लेना चाहिए और स्पष्ट किया कि अनंत सिंह को RJD की ओर से कोई ऑफर नहीं दिया गया।

आज तक 27 Oct 2026 3:17 pm

थान्ह होआ से दा नांग तक भारी बारिश की चेतावनी, सिंचाई कार्यों की सुरक्षा बढ़ाई गई

भारी बारिश: भारी बारिश और बाढ़ के दौरान स्थानीय अधिकारियों को 24/7 ड्यूटी शिफ्ट आयोजित करनी चाहिए, घटनाओं के जोखिम वाले स्थानों पर स्टैंडबाय कर्मियों को तैनात करना चाहिए और किसी भी असामान्य स्थिति को शुरू से ही तुरंत संभालना चाहिए। 27 अक्टूबर को, सिंचाई कार्य प्रबंधन और निर्माण विभाग ने आधिकारिक आदेश संख्या 19/सीĐ-टीएल-एटीĐ जारी किया, जिसमें स्थानीय निकायों.

मौसम ब्रेकिंग 27 Oct 2026 3:15 pm

इतनी सस्ती हुई DEFENDER की बचे पैसे से खरीद लेंगे दो-दो THAR

Land Rover Defender: जगुआर लैंड रोवर ने अपनी बेस्ट सेलिंग एसयूवी डिफेंडर की लोकल असेंबली शुरू कर दी है. इस दमदार एसयूवी को अब कम्पलिटली नॉक डाउन (CKD) रूट से तैयार किया जाएगा. इससे एसयूवी के चुनिंदा वेरिएंट की कीमत में 34 लाख रुपये तक की कटौती हो गई है.

आज तक 27 Oct 2026 3:13 pm

UP Cabinet ने दी State Livestock Mission को मंजूरी, दो गायों की खरीद पर मिलेगा ₹80000 का अनुदान

उत्तर प्रदेश में पशुपालकों को बढ़ावा देने और उनकी आय दोगुनी करने के लिए मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एक महत्‍वपूर्ण फैसले के तहत राज्‍य पशुधन मिशन (एसएलएम) के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत किसानों को गायों पर अनुदान भी दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने पत्रकारों को मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहली बार उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्‍ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) की तर्ज पर राज्‍य पशुधन मिशन (एसएलएम) का गठन किया है। सिंह ने कहा कि मिशन के तहत किसानों को उन्‍नत किस्‍म की दो गाय देी जाएंगी और उस पर 80 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि इस तरीके से किसान की आय में व‍ृद्धि करने का बड़ा प्रस्ताव आया है। उन्होंने कहा कि एक गाय पर 40 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें बीमा भी करेंगे जिसका 85 प्रतिशत सरकार और 15 प्रतिशत पशुपालन वहन करेगा। उन्होंने कहा कि देसी नस्ल की गायों के पालन के अनुदान के लिए ही यह योजना लायी गई है। सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक पशुपालन हो रहा है और यह दुग्‍ध उत्‍पादन में प्रथम होने के साथ ही पशुधन उत्पादों, अंडा एवं मत्‍स्‍य उत्‍पादन में भी अग्रणी स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि कम उत्पादकता, बिगड़ी हुई बाजार व्यवस्था, मूल्य संवर्द्धन की कमी, कमजोर डिजिटल प्रबंधन आदि की चुनौतियों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री के अभियान के क्रम में पशुपालन को बढ़ावा देने की राज्‍य सरकार की प्राथमिकता गिनाई और कहा कि उत्तर प्रदेश में पहली बार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एसएलएम का गठन किया गया है, जिसे मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास और पशु उत्पादकता में वृद्धि करना है और बाजार उपलब्‍ण कराना है। मंत्री ने बताया कि इसमें उन्नत नस्ल का भी प्रावधान है और जो गाय दो-तीन लीटर दूध देती थी, वह गाय अब कृत्रिम गर्भाधान से 10 लीटर से कम दूध नहीं देगी। उन्होंने कहा कि इसमें साहीवाल, गिर, हरियाणवी और गंगातीरी गाय है और सरकार नस्ल सुधार करने का कार्य कर रही है। उन्होंने मिशन में बकरी, मुर्गी, सुअर, भेड़ पालन को भी प्राथमिकता देने की बात की।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 3:13 pm

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

इंदौर के रानी सराय इलाके में आशियाना बनाकर कई दशकों से रहने वाले कबूतर, तोते और चिड़ियाओं ने जब सुबह दाना पानी के लिए उड़ान भरी तो उन्‍हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि जब शाम को वे अपने पेड़ों की शाखाओं पर लौटेंगे तो उन्‍हें अपने आशियाने उजड़े हुए ...

वेब दुनिया 27 Oct 2026 3:07 pm

दिल्ली एयरपोर्ट पर CM भगवंत मान से मिली थी 70 हजार की शराब! भाजपा नेता रवनीत बिट्टू के दावे पर छिड़ा विवाद, यूजर्स ने लगाई क्लास

चंडीगढ़ पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच राजनीतिक जुबानी जंग अब और तीखी हो गई है। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाते ...

वेब दुनिया 27 Oct 2026 3:07 pm

क्या पेड था पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने का विरोध, नितिन गडकरी ने खोल दी पोल

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने को लेकर हुआ विरोध एक पेड कैंपेन था।

वेब दुनिया 27 Oct 2026 3:07 pm

चक्रवात अर्नब को लेकर पश्चिम बंगाल में मौसम विभाग का अलर्ट जारी

चक्रवात अर्नब: चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (कोलकाता): चक्रवात अर्नब के गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने और आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका के बीच पश्चिम बंगाल में मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

मौसम ब्रेकिंग 27 Oct 2026 3:06 pm

तमिलनाडु में शराब खरीदने के नियम बदले, 1 नवंबर से 1,000 रुपये से ज्यादा की खरीद पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य

तमिलनाडु में एक नवंबर से शराब की खुदरा दुकानों पर 1,000 रुपये से अधिक की खरीद के लिए डिजिटल भुगतान अनिवार्य हो जाएगा।

खबर इंडिया टीवी 27 Oct 2026 3:06 pm

वेलिंग्टन टी20 में सारे रिकॉर्ड हुए धुआं-धुआं, भारत ने रचा इतिहास

भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की शुरुआत की. वैभव सूर्यवंशी को इस मुकाबले में ओपनिंग करने का मौका मिला. वैभव ने अभिषेक के साथ मिलकर टीम को रिकॉर्डतोड़ शुरुआत दिलाई.

आज तक 27 Oct 2026 3:05 pm

क्या चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का राजस्थान में भी दिखेगा असर

बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र के बाद सक्रिय हो रहे नए मौसमी तंत्र और संभावित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने पूरे देश के मौसम वैज्ञानिकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जहां एक ओर देश के पूर्वी और तटीय राज्यों में इस तूफान का भयानक असर देखने को मिल रहा है, वहीं अब पश्चिमी भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान के लोगों के मन में भी यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि क्या इस चक्रवात की तपिश और आंधी-बारिश का असर मरुधरा तक पहुंचेगा? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD Jaipur) ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर 29 और 30 अक्टूबर के लिए एक विशेष और विस्तृत वेदर बुलेटिन जारी किया है। जयपुर मौसम केंद्र की ओर से जारी इस नई चेतावनी में राजस्थान के मौसम में आने वाले अचानक बदलावों, तापमान में गिरावट, तेज ठंडी हवाओं और राज्य के पूर्वी तथा दक्षिणी इलाकों पर पड़ने वाले आंशिक प्रभावों की पूरी तस्वीर साफ कर दी गई है। आइए जानते हैं कि अगले 48 घंटों के दौरान राजस्थान के किन जिलों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है और आम जनता तथा किसानों को किस प्रकार की सावधानियां बरतने की जरूरत है।#1 क्या चक्रवाती तूफान अर्नब का असर राजस्थान तक पहुंचेगा? जानिए मौसम केंद्र जयपुर की रिपोर्टमौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'अर्नब' की मुख्य दिशा देश के पूर्वी और मध्य राज्यों की तरफ बनी हुई है। हालांकि, इस शक्तिशाली सिस्टम के कारण वातावरण में नमी की भारी मात्रा का प्रवाह मध्य भारत के रास्ते राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी-पूर्वी सीमावर्ती जिलों तक पहुंचने की प्रबल संभावना बन रही है। जयपुर मौसम केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को चक्रवात का सीधा और सीधा तांडव तो राजस्थान में नहीं दिखेगा, लेकिन इसके परोक्ष (Indirect Effect) प्रभाव के कारण राज्य के कम से कम एक दर्जन जिलों में आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। हवा में नमी बढ़ने के कारण दिन के तापमान में गिरावट आएगी और कई इलाकों में अचानक तेज ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे हल्की बूंदाबांदी की स्थिति भी पैदा हो सकती है।#1 29 और 30 अक्टूबर को इन जिलों में बदलेगा मौसम, आंधी और ठंडी हवाओं की चेतावनीमौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर के दौरान राजस्थान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से के जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। उदयपुर, कोटा, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बारां, बूंदी और भीलवाड़ा जिलों में बादलों की सघनता बढ़ने का अनुमान जताया गया है। इन इलाकों में उत्तर-पूर्वी दिशा से आने वाली हवाओं की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ इलाकों में भी सुबह के समय धुंध और हल्के बादलों की परत छाई रह सकती है। हालांकि, थार के रेगिस्तानी अंचल यानी जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर में चक्रवात का असर बेहद नगण्य रहेगा और वहां आसमान मुख्यतः साफ रहने का पूर्वानुमान है।#1 तापमान में आएगी भारी गिरावट, राजस्थान में अचानक बढ़ेगी गुलाबी ठंड की ठिठुरनचक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से एक तरफ जहां नमी वाली हवाएं चलेंगी, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही हल्की बर्फबारी और हवाओं का रुख बदलने से राजस्थान के न्यूनतम तापमान (Night Temperature) में अचानक 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। 29 और 30 अक्टूबर के बाद से राज्य में 'गुलाबी ठंड' की जगह कंपकंपी वाली सर्दी का दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। जयपुर, सीकर, चुरु, पिलानी और माउंट आबू जैसे स्थानों पर रात का पारा 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि हवा में नमी और घटते तापमान के कारण आने वाले दिनों में अलसुबह घना कोहरा (Fog) भी देखने को मिल सकता है।#1 किसानों के लिए एडवाइजरी जारी: रबी फसलों की बुवाई और कटी फसल की सुरक्षा पर दें ध्यानमौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव और चक्रवात के कारण बनने वाली नमी को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने राजस्थान के किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि-परामर्श जारी किया है। इस समय प्रदेश में रबी फसलों की बुवाई (गेहूं, सरसों, चना और जौ) का काम जोरों पर चल रहा है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में मूंगफली, सोयाबीन या कपास की फसल की कटाई हो चुकी है, उन्हें खुले आसमान के नीचे रखने के बजाय तुरंत सुरक्षित ढके हुए स्थानों या गोदामों में पहुंचाएं। अचानक होने वाली स्थानीय बूंदाबांदी या ओस के जमाव से कटी हुई फसल के खराब होने का खतरा रहता है। साथ ही सरसों और चने की बुवाई कर रहे किसानों को मिट्टी की नमी के स्तर को ध्यान में रखकर ही बीज डालने की सलाह दी गई है।#1 आने वाले दिनों में कैसा रहेगा पूरे राजस्थान का वेदर?मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 31 अक्टूबर के बाद चक्रवाती तूफान अर्नब कमजोर पड़ना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह से शुष्क और साफ हो जाएगा। हालांकि, चक्रवात के जाते ही उत्तरी हवाओं की रफ्तार तेज होगी, जिससे नवंबर की शुरुआत के साथ ही पूरे राज्य में कड़ाके की ठंड का असर शुरू हो जाएगा। जयपुर मौसम केंद्र ने आम जनता से अपील की है कि वे दिन और रात के तापमान में आ रहे इस अचानक उतार-चढ़ाव को देखते हुए अपनी सेहत का ध्यान रखें और सुबह-शाम के समय गर्म कपड़ों का इस्तेमाल शुरू कर दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 3:04 pm

खातीपुरा-सांतरागाछी नई एक्सप्रेस ट्रेन से इन 6 राज्यों के यात्रियों की खुली किस्मत

पश्चिम भारत से पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत को आपस में जोड़ने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक और बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राजस्थान के जयपुर स्थित खातीपुरा रेलवे स्टेशन से पश्चिम बंगाल के कोलकाता (सांतरागाछी) के बीच एक नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन (Khatipura-Santragachi Express Train) शुरू होने जा रही है। लंबे समय से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बीच सीधी, सुरक्षित और आरामदायक रेल सेवा की मांग कर रहे लाखों यात्रियों के लिए यह खबर किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत इस नई ट्रेन सेवा के शुरू होने से न केवल व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी एक नई दिशा मिलेगी। लगभग 1500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाली यह एक्सप्रेस ट्रेन उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वी भारत के तटीय अंचलों को एक मजबूत धागे में पिरोने का काम करेगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस नई ट्रेन का पूरा शेड्यूल, रूट, ठहराव और किन-किन 6 राज्यों के यात्रियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है।#1 इन 6 राज्यों के लिए लाइफलाइन बनेगी यह नई एक्सप्रेस ट्रेन: जानिए कैसे बदलेगा सफर का अंदाजखातीपुरा (जयपुर) और सांतरागाछी (कोलकाता) के बीच चलने वाली यह नई एक्सप्रेस ट्रेन देश के 6 प्रमुख राज्यों—राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों और पश्चिम बंगाल होकर गुजरेगी। अब तक जयपुर और पश्चिम बंगाल के बीच ट्रेनों में भारी वेटिंग लिस्ट और कंफर्म टिकट न मिलने की समस्या बनी रहती थी। त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में यात्रियों को कनेक्टिंग ट्रेनों के जरिए लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ता था। लेकिन इस सीधी ट्रेन के चलने से व्यापारिक केंद्रों, धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच बेहद आसान और सुगम हो जाएगी। विशेष रूप से मारवाड़ी समुदाय, कपड़ा व्यापारियों, और पूर्वी भारत से राजस्थान में काम करने वाले श्रमिकों के लिए यह ट्रेन एक वरदान साबित होने जा रही है।#1 खातीपुरा (जयपुर) से सांतरागाछी तक का पूरा रूट: जानिए किन-किन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहरावभारतीय रेलवे के उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) और दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) जोन द्वारा तैयार किए गए टाइम-टेबल के अनुसार, यह ट्रेन राजस्थान के खातीपुरा (जयपुर का नया सैटेलाइट स्टेशन) से रवाना होकर दौसा, बांदीकुई, भरतपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी। इसके बाद आगरा फोर्ट, टुंडला, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज और पंडित दीनदयाल उपाध्याय (मुगलसराय) जंक्शन जैसे बड़े स्टेशनों पर इसका ठहराव होगा। इसके बाद ट्रेन बिहार के बक्सर, आरा, पटना और गया से गुजरते हुए झारखंड के पारसनाथ, धनबाद और बोकारो स्टील सिटी पहुंचेगी। झारखंड से आगे बढ़कर यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, खड़गपुर होते हुए अपने अंतिम स्टेशन सांतरागाछी (हावड़ा/कोलकाता) पहुंचेगी। इतने सारे प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक शहरों को कवर करने के कारण यह ट्रेन हमेशा हाउसफुल रहने वाली है।#1 आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगी ट्रेनयात्रियों की सुरक्षा और आरामदायक सफर को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस नई एक्सप्रेस ट्रेन को आधुनिक एलएचबी (Linke Hofmann Busch) रैक से लैस करने का निर्णय लिया है। पुराने पारंपरिक नीले डिब्बों (ICF Coaches) की तुलना में एलएचबी कोच अधिक सुरक्षित, हल्के और उच्च गति (130 किमी/घंटा) पर चलने में सक्षम होते हैं। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी (1st AC), सेकेंड एसी (2nd AC), थर्ड एसी (3rd AC), स्लीपर क्लास (Sleeper) और सामान्य श्रेणी (General Unreserved) के डिब्बे शामिल होंगे। इसके अलावा ट्रेन में पैंट्री कार (Pantry Car) की व्यवस्था होगी ताकि लंबी दूरी के दौरान यात्रियों को ताजा खाना, चाय-नाश्ता और पीन का पानी आसानी से उपलब्ध कराया जा सके। हर कोच में बायो-टॉयलेट, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स और एंटी-थेफ्ट सिक्योरिटी सिस्टम भी मौजूद रहेगा।#1 खातीपुरा स्टेशन बना जयपुर का नया मेगा रेल हब: मुख्य जयपुर जंक्शन पर घटेगा दबावजयपुर के मुख्य रेलवे स्टेशन (Jaipur Junction) पर ट्रेनों और यात्रियों के अत्यधिक दबाव को कम करने के लिए रेलवे प्रशासन ने खातीपुरा को एक आधुनिक सैटेलाइट टर्मिनल (Satellite Terminal) के रूप में विकसित किया है। जयपुर जंक्शन पर अब नई ट्रेनों को जगह देना मुश्किल हो रहा था, इसलिए खातीपुरा से सांतरागाछी ट्रेन को संचालित करने का रणनीतिक फैसला लिया गया है। खातीपुरा स्टेशन पर चमचमाते प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर, बड़ा वेटिंग हॉल और सुगम पार्किंग व्यवस्था बनाई गई है। रिंग रोड और जयपुर मेट्रो के विस्तार से खातीपुरा स्टेशन तक पहुंचना शहरवासियों के लिए बेहद आसान हो गया है। आने वाले दिनों में राजस्थान से चलने वाली कई अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों को भी खातीपुरा स्टेशन से ही संचालित करने की योजना है।#1 व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान: दीवाली और छठ पूजा पर मिलेगी बड़ी राहतइस नई रेल सेवा के शुरू होने से राजस्थान का कपड़ा व्यापार, हस्तशिल्प, और संगमरमर उद्योग सीधे कोलकाता और पूर्वी भारत के बाजारों से जुड़ जाएगा। इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल और बिहार से अजमेर शरीफ, खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी और जयपुर घूमने आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को आवाजाही में काफी सहूलियत होगी। आगामी त्योहारों के सीजन में जब अन्य सभी ट्रेनों में नो-रूम (No Room) की स्थिति होती है, तब यह नई एक्सप्रेस ट्रेन लाखों प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। रेलवे जल्द ही इस ट्रेन के नियमित फेरों (Regular Runs) की आधिकारिक तारीख और टिकट बुकिंग की शुरुआत का ऐलान करने जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Oct 2026 3:03 pm

Maharashtra के 1.5 करोड़ किसानों के लिए ₹5000 सूखा राहत, CM फडणवीस का ऐलान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के लगभग 1.5 करोड़ किसानों के लिए 5,000 रुपये प्रति किसान की अग्रिम सूखा राहत राशि देने की घोषणा की है, जिसके लिए कुल 7,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राज्य के कुछ हिस्सों में सूखे जैसे हालात के बीच, कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि बैंक राहत राशि में से कोई भी कटौती न करें, और इस बात पर जोर दिया कि किसानों को पूरी सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि बैंकों को स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं ताकि अग्रिम सूखा राहत राशि के वितरण में किसी भी तरह की कटौती न हो सके। इसे भी पढ़ें: BJP के मार्च पर Congress नेता Pawan Khera का तंज, पूछा- क्या उनके प्रदर्शन से व्यापारियों को फायदा होता है? यह घोषणा सूखे की स्थिति का खेती करने वाले समुदाय पर पड़ने वाले असर को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच की गई है। वर्धा में पत्रकारों से बात करते हुए, फडणवीस ने महाराष्ट्र के राहत उपायों की तुलना कर्नाटक से की और कहा, हालांकि 5,000 रुपये से किसान के नुकसान की पूरी भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन इससे उन्हें तुरंत मदद और राहत जरूर मिलती है। उन्होंने आगे कहा कि हमने पहली बार किसानों को इस तरह से अग्रिम आर्थिक सहायता दी है। इससे पहले कभी भी महाराष्ट्र के किसानों को दिसंबर से पहले इस तरह की मदद नहीं मिली थी। फडणवीस ने बताया कि पहले कम जमीन वाले किसानों को मुश्किल से 1,000 रुपये मिलते थे, जबकि अब हर पात्र किसान को कम से कम 5,000 रुपये मिलेंगे, और बाकी का मुआवजा बाद में दिया जाएगा। इसके विपरीत, कर्नाटक ने भीषण सूखे का सामना करने के बावजूद केवल 2,500 रुपये ही दिए हैं। विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा कि जब हमने 'लाडकी बहिन' योजना के तहत महिलाओं को 1,500 रुपये दिए, तो कांग्रेस और विपक्ष के इन्हीं नेताओं ने इस राशि की आलोचना की थी। लेकिन महिलाएं 1,500 रुपये की अहमियत जानती हैं, ठीक वैसे ही जैसे हमारे किसान 5,000 रुपये की कीमत समझते हैं। इसे भी पढ़ें: Chandigarh में Congress नेताओं का SUV कारपूल, BJP और AAP ने कसा तीखा तंज उन्होंने आगे कहा कि जो नेता बड़े-बड़े बंगलों में रहते हैं, महंगी कारों में घूमते हैं और कई संस्थानों के मालिक हैं, वे कभी भी 5,000 रुपये की कीमत नहीं समझ पाएंगे। इससे पहले, फडणवीस ने घोषणा की कि राज्य ने 305 तालुकों में सूखे की स्थिति घोषित की है, जबकि पहले यह संख्या 265 थी। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि सूखे की वजह से फसल के नुकसान और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे किसानों की मदद के लिए, सरकार ने पिछले वर्षों की तुलना में इस साल राहत कार्यों में तेजी लाई है।

प्रभासाक्षी 27 Oct 2026 3:03 pm