योगी सरकार का बड़ा तोहफा, लगातार 7वें साल यूपी में नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें
Yogi government electricity rates: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं, किसानों, मध्यम वर्ग और व्यापारियों को बड़ी आर्थिक राहत दी है। सरकार ने इस वर्ष भी बिजली की दरों में एक पैसे की भी बढ़ोतरी न करने का ऐतिहासिक फैसला ...
योगी सरकार ने बनवाए 3.31 करोड़ से ज्यादा शौचालय, अब होली और दिवाली पर मुफ्त रिफिल का तोहफा
Chief Minister Yogi Adityanath : प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद आमजन को सभी केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। वर्ष 2017 से पहले ऐसा नहीं था, क्योंकि पिछली सरकारें राजनीतिक कारणों से केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में रोड़े अटकाती थीं। इतना ...
नोएडा के थाना सेक्टर-126 पुलिस ने पीजी, हॉस्टल, किराये के कमरों और फ्लैटों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के छह लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, एक चोरी की मोटरसाइकिल, 12,500 रुपये नकद, एक आधार कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस तथा एक अवैध चाकू बरामद किया है।
केतन मर्डर मिस्ट्री: वेब सीरीज देखकर बनाया था प्लान, मर्डर से पहले डमी के साथ की थी 'मॉक ड्रिल'
केतन हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया और चेतन ने पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि उन्होंने केतन की हत्या से पहले उसकी 'मर्डर रिहर्सल' की थी। यानी, पहले यह परखा गया कि किसी व्यक्ति को पहाड़ी से धक्का देने पर उसकी मौत हो सकती है या नहीं।
विश्व कप के राउंड ऑफ 32 मुकाबले से ठीक पहले स्पेनिश टीम के फैंस के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। टीम के कोच लुइस डे ला फुएंते ने पुष्टि की है कि युवा स्टार विंगर लामिन यामल अब 90 मिनट तक मैदान पर खेलने के लिए पूरी तरह फिट हैं। स्पेन गुरुवार को ऑस्ट्रिया के खिलाफ अपने नॉकआउट मुकाबले में उतरेगा, जिसमें यामल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्रुप स्टेज के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते यामल को सीमित समय के लिए ही मैदान पर उतारा गया था, लेकिन अब वे पूरी तरह से फिट होकर टीम की जीत का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।नॉकआउट के लिए फुल स्ट्रेंथ में स्पेनस्पेनिश टीम न केवल लामिन यामल की वापसी से खुश है, बल्कि अन्य खिलाड़ियों की फिटनेस भी टीम के मनोबल को बढ़ा रही है। चोट से जूझ रहे येरेमी पिनो और विक्टर मुनोज़ ने भी नॉकआउट से पहले शानदार रिकवरी की है। कोच डे ला फुएंते ने पिनो की फिटनेस को चमत्कारिक बताया है, जो ग्रुप स्टेज में कंधे की चोट का शिकार हो गए थे। हालांकि, निको विलियम्स का ऑस्ट्रिया के खिलाफ खेलना मुश्किल है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि यदि स्पेन राउंड ऑफ 16 में जगह बनाता है, तो निको भी वापसी कर सकते हैं।लामिन यामल के फिटनेस पर कोच का बयानकोच लुइस डे ला फुएंते ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यामल की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, हम खिलाड़ियों की रिकवरी को लेकर बहुत सावधानी बरत रहे हैं, लेकिन लामिन अब बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं। उनमें खेलने की जबरदस्त भूख है और वे पूरे मैच के लिए तैयार हैं। यामल ने अब तक टूर्नामेंट में तीन मैचों में केवल 141 मिनट मैदान पर बिताए हैं और एक गोल किया है। उनके पूर्ण फिटनेस के साथ मैदान पर उतरने से स्पेन की आक्रामक पंक्ति और अधिक खतरनाक हो जाएगी।2010 के बाद पहली नॉकआउट जीत पर नजरस्पेन के लिए यह विश्व कप किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। 2010 में चैंपियन बनने के बाद से टीम लगातार नॉकआउट मैचों में संघर्ष करती नजर आई है। 2014 में टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई थी, जबकि 2018 और 2022 के वर्ल्ड कप में उन्हें अपने शुरुआती नॉकआउट मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी थी। ऐसे में ऑस्ट्रिया के खिलाफ यह मैच स्पेन के लिए अपने पुराने इतिहास को बदलने और खिताब की दौड़ में मजबूती से बने रहने का एक बड़ा अवसर है।
भारत का श्रीलंका टेस्ट दौरा: तारीखें और वेन्यू का हुआ ऐलान, जानें कब से शुरू होगी रोमांचक सीरीज
भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने अगस्त में होने वाले भारत के आगामी टेस्ट दौरे के आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के तहत खेले जाने वाली इस दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए गाले और कोलंबो को मेजबान के रूप में चुना गया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछली सीरीज में मिली हार के बाद, भारतीय टीम इस दौरे पर अपनी लय वापस पाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।सीरीज का पूरा शेड्यूल और वेन्यूघोषणा के मुताबिक, सीरीज का पहला टेस्ट मैच 15 से 19 अगस्त तक गाले अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद, दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो के प्रसिद्ध सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में आयोजित होगा। यह सीरीज साल 2017 के बाद भारत का श्रीलंका में पहला टेस्ट दौरा है, जब भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबानों को 2-0 से शिकस्त दी थी। मौजूदा टीम के लिए यह दौरा अपनी WTC रैंकिंग में सुधार करने का एक बेहतरीन मौका है।T20 सीरीज पर लगा विराम, व्यस्तता बनी कारणइस दौरे को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज के साथ-साथ तीन मैचों की T20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज भी खेली जा सकती है। हालांकि, श्रीलंका क्रिकेट की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में T20 मैचों का कोई उल्लेख नहीं है। खबरों के अनुसार, बीसीसीआई ने व्यस्त अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल का हवाला देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल T20 सीरीज खेलना संभव नहीं है। भारतीय टीम को इसके तुरंत बाद अफगानिस्तान के खिलाफ भी सीरीज खेलनी है, जिसके कारण कार्यक्रम को केवल टेस्ट मैचों तक सीमित रखा गया है।भारतीय टीम के लिए आगे की चुनौतियांभारतीय टीम का आने वाला समय बेहद व्यस्त रहने वाला है। फिलहाल टीम इंग्लैंड दौरे पर टी20 और वनडे सीरीज में व्यस्त है। इसके बाद, टीम जुलाई के अंत में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी और उसके तुरंत बाद श्रीलंका में टेस्ट मिशन की शुरुआत होगी। इस चुनौतीपूर्ण शेड्यूल के बीच, भारतीय टीम के लिए हर फॉर्मेट में लगातार प्रदर्शन बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। फैंस को उम्मीद है कि अगस्त में होने वाली इस टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम अपना दबदबा फिर से कायम करेगी।
तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री थलपति विजय (सी. जोसेफ विजय) की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कषगम' (TVK) ने एक बड़ा राजनीतिक धमाका किया है। गुरुवार को मामल्लापुरम में आयोजित एक कार्यक्रम में विपक्षी दल AIADMK को तगड़ा झटका देते हुए उसके तीन बड़े दिग्गज नेता—डॉ. सी. विजयभास्कर, एम. आर. विजयभास्कर और एम. एस. एम. आनंदन—अपने समर्थकों के साथ TVK में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम ने तमिलनाडु के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है और इसे विजय का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।'कॉरपोरेट कंपनी' बन गई है AIADMK: सेंगोट्टैयनTVK के मुख्य समन्वयक के. ए. सेंगोट्टैयन ने इन नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए AIADMK नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि AIADMK अब एक राजनीतिक संगठन के बजाय 'कॉरपोरेट कंपनी' की तरह काम कर रही है। सेंगोट्टैयन ने पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी को 'विश्वासघात' का प्रतीक बताते हुए कहा कि मौजूदा नेतृत्व ने अपने ही कार्यकर्ताओं के साथ धोखा किया है। उन्होंने सीएम विजय को 'स्थायी मुख्यमंत्री' करार देते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले इन नेताओं ने निराश होकर ही सही दिशा और सही नेतृत्व का चुनाव किया है।DMK ने कसा 'वॉशिंग मशीन' वाला तंजइस बड़े दलबदल पर सत्तारूढ़ DMK ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। DMK की उपमहासचिव कनिमोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तंज कसते हुए इसे 'वॉशिंग मशीन' राजनीति करार दिया। कनिमोई ने लिखा, सुना है उत्तर भारत में भाजपा जिस वॉशिंग मशीन का इस्तेमाल करती थी, वह अब तमिलनाडु भी पहुंच गई है। क्या यह मशीन गुटखा घोटाले जैसे दागों को भी साफ कर सकती है? वहीं, DMK के आईटी सेल ने पूर्व मंत्री एम. आर. विजयभास्कर के खिलाफ चल रहे भूमि हड़पने और धोखाधड़ी के मामलों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री विजय से उनके 'भ्रष्टाचार विरोधी' दावों पर सवाल उठाए हैं।कार्यकर्ताओं की मर्जी से लिया फैसला: पूर्व मंत्रीTVK में शामिल हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर ने स्पष्ट किया कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके समर्थकों, जिला पदाधिकारियों और उनके विधानसभा क्षेत्र की जनता के साथ कई दौर की चर्चा के बाद लिया गया है। वहीं, 45 वर्षों तक AIADMK के साथ जुड़े रहे पूर्व मंत्री एम. एस. एम. आनंदन ने कहा कि मौजूदा नेतृत्व आत्म-केंद्रित हो चुका है और उसने निष्ठावान कार्यकर्ताओं की मेहनत को नजरअंदाज किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे किसी दबाव में नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री विजय की कार्यशैली और भविष्य के प्रति भरोसे के कारण TVK में शामिल हुए हैं।
शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन जश्न: सेंसेक्स-निफ्टी में शानदार तेजी, IT स्टॉक्स ने भरी उड़ान
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 2 जुलाई को लगातार दूसरे दिन सकारात्मक रुख देखने को मिला। निवेशकों के उत्साह और वैश्विक संकेतों के चलते बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए हैं। बाजार के इस प्रदर्शन ने न केवल पिछले सत्र की तेजी को बरकरार रखा है, बल्कि बाजार में नई जान फूंक दी है। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 579.48 अंक (0.75%) की छलांग के साथ 77,502.12 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 169.85 अंक (0.71%) की मजबूती के साथ 24,175.70 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई, जिसमें करीब 2436 शेयरों ने हरे निशान में कारोबार खत्म किया।आईटी सेक्टर बना 'हीरो', 5% की तगड़ी उछालआज के कारोबार में सबसे ज्यादा चमक आईटी (IT) सेक्टर की रही। पिछले चार दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए आईटी इंडेक्स ने लगभग 5% की दमदार छाल मारी। इस तेजी में इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे दिग्गज शेयरों का अहम योगदान रहा। आईटी शेयरों में आई इस रिकवरी को विशेषज्ञों ने 'शॉर्ट कवरिंग' और एंटरप्राइज एआई (AI) के भविष्य को लेकर बढ़ते भरोसे से जोड़कर देखा है। आईटी के अलावा ऑटो, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल इंडेक्स में भी 1% तक की तेजी दर्ज की गई।कच्चे तेल की गिरावट और ग्लोबल संकेतों का सहाराबाजार की इस रौनक के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार, फेड चेयर के नरम रुख वाले बयानों ने वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों के अनुकूल रहने की उम्मीद जगाई है, जिससे बाजार को काफी सहारा मिला है। हालांकि, भारतीय रुपया आज थोड़ा कमजोर नजर आया और 15 पैसे की गिरावट के साथ 95.39 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, मिडकैप इंडेक्स में 0.5% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2% की बढ़त ने छोटे निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।आगे क्या है बाजार की दिशाअब बाजार की नजरें कुछ प्रमुख आंकड़ों और इवेंट्स पर टिकी हैं। आने वाले सत्रों में अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल डेटा, भारत-जापान समिट की खबरें और कंपनियों के वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे बाजार की नई चाल तय करेंगे। आज के टॉप गेनर्स में इन्फोसिस और बजाज फिनसर्व रहे, जबकि मैक्स हेल्थकेयर, एलएंडटी और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में थोड़ा दबाव देखा गया। जानकारों का मानना है कि फिलहाल बाजार में 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति प्रभावी साबित हो रही है।
भगवान शिव की भक्ति का महापर्व कांवड़ यात्रा का नाम आते ही सावन के महीने की यादें ताजा हो जाती हैं। केसरिया रंग में रंगे शिव भक्त, हाथों में जल से भरी कांवड़ और गूंजते 'बम-बम भोले' के जयकारे—यह दृश्य न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, बल्कि करोड़ों शिव भक्तों की गहरी आस्था का प्रतीक भी है। लेकिन क्या कांवड़ यात्रा केवल सावन तक ही सीमित है? अगर आप भी ऐसा मानते हैं, तो आपको इस कठिन तपस्या के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानना चाहिए।सावन के अलावा कब निकलती है कांवड़ यात्राआम धारणा के विपरीत, कांवड़ यात्रा का आयोजन केवल सावन के महीने में नहीं होता। शास्त्रों और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, फाल्गुन मास में आने वाली 'महाशिवरात्रि' पर भी हजारों भक्त कांवड़ यात्रा करते हैं। इस अवसर पर भी हरिद्वार या अन्य पवित्र नदियों से गंगाजल भरकर भक्त अपने स्थानीय शिवालयों तक पैदल यात्रा तय करते हैं। इतना ही नहीं, देश भर में कई ऐसे समर्पित भक्त हैं जो प्रत्येक मास की 'मासिक शिवरात्रि' पर भी कांवड़ लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। यह यात्रा भगवान शिव के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाती है।त्याग और समर्पण की अनूठी यात्राकांवड़ यात्रा महज एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह एक कठिन आध्यात्मिक साधना है। भक्त अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग कर नंगे पांव मीलों की पैदल यात्रा तय करते हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सांसारिक मोह-माया को पीछे छोड़कर परमात्मा की शरण में खुद को पूरी तरह समर्पित करना है। रास्ते में मिलने वाली सेवा को स्वीकार कर भक्त यह सीखते हैं कि अहंकार का त्याग और विनम्रता ही ईश्वर को पाने का सबसे सरल मार्ग है। कांवड़ ले जाते समय 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष का अर्थ केवल शिव का नाम लेना नहीं, बल्कि अपने भीतर की नकारात्मकता को मिटाकर आत्म-अनुशासन को अपनाना है।क्यों खास है यह जल अभिषेककांवड़ यात्रा का वास्तविक अर्थ केवल जल अर्पित करना नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे 'शिव' को जागृत करना है। जब एक कांवड़िया पवित्र गंगाजल लेकर चलता है, तो उसकी पूरी यात्रा एक ध्यान की तरह होती है। सावन का महीना इस यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि प्रकृति स्वयं शिव की आराधना में लीन रहती है। हालांकि, यदि मन में सच्ची श्रद्धा हो, तो साल के किसी भी शिवरात्रि पर्व पर कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया जा सकता है। यह यात्रा व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देती है और उसे शांति, संयम और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ाती है।
हिंदी सिनेमा की 'डांसिंग क्वीन' माधुरी दीक्षित के करियर में कई ऐसे गाने हैं जिन्होंने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया, लेकिन 'धक-धक करने लगा' का रुतबा आज भी सबसे अलग है। साल 1992 में आई अनिल कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बेटा' का यह गाना न केवल उस दौर का सबसे बोल्ड और सुपरहिट ट्रैक साबित हुआ, बल्कि आज भी शादियों और पार्टियों की रौनक बना हुआ है। 34 साल बाद भी यह गाना एक 'कल्ट क्लासिक' के रूप में अपनी जगह बनाए हुए है, जिसके पीछे की कहानी जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।भजन गाने वाली सिंगर ने दी थी 'बोल्ड' गाने को आवाजइस गाने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे अपनी सुरीली आवाज से संवारा है अनुराधा पौडवाल ने, जो मुख्य रूप से अपने भक्ति गीतों और भजनों के लिए जानी जाती हैं। अनुराधा पौडवाल और उदित नारायण की जुगलबंदी और आनंद-मिलिंद के बेहतरीन संगीत ने मिलकर एक ऐसा जादू पैदा किया जिसे समीर के शब्दों ने अमर बना दिया। यह एक सुखद आश्चर्य है कि जिस आवाज ने लाखों लोगों को ईश्वर की भक्ति में लीन किया, उसी आवाज ने माधुरी दीक्षित के सबसे बोल्ड अवतार को भी उतनी ही खूबसूरती से परदे पर जीवंत किया।लास्ट मिनट पर हुआ था एड, सरोज खान की थी सख्त शर्तहैरानी की बात यह है कि यह सुपरहिट गाना मूल फिल्म 'बेटा' का हिस्सा ही नहीं था। माधुरी दीक्षित ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि फिल्म रिलीज के ठीक पहले मेकर्स ने इसे लास्ट मिनट पर शामिल करने का फैसला लिया था। माधुरी अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स में व्यस्त थीं, ऐसे में उनके पास समय की भारी कमी थी। इस चुनौती भरे समय में मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान ने फिल्म के डायरेक्टर इंदर कुमार के सामने एक सख्त शर्त रखी थी। सरोज खान ने कहा था कि अगर वे एक टेक में ओके बोल दें, तो डायरेक्टर दोबारा शूटिंग (वन मोर) के लिए नहीं कहेंगे।तीन रातों का संघर्ष और 'धड़कनें' बढ़ाने वाली परफॉर्मेंससमय की कमी और दबाव के बावजूद, यह पूरा गाना महज तीन रातों के अंदर शूट किया गया था। सेट पर मटके हटाने से लेकर पेंटिंग और लाइटिंग तक में आधा दिन बर्बाद हो गया था, जिसके बाद पूरी टीम ने बिना किसी रुकावट के 'कैमरा, साउंड, एक्शन और कट' के साथ काम को अंजाम दिया। बिना किसी अतिरिक्त रीटेक के, सरोज खान के बेहतरीन निर्देशन और माधुरी दीक्षित के करिश्माई डांस ने इस गाने को भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे आइकॉनिक 'धक-धक' मूवमेंट बना दिया। आज 34 साल बाद भी जब यह गाना बजता है, तो माधुरी की वो अदाएं और अनुराधा पौडवाल की वो जादुई आवाज हर उम्र के लोगों को थिरकने पर मजबूर कर देती है।
बारिश का नाम आते ही बॉलीवुड प्रेमियों के जेहन में सबसे पहले अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी का वो मशहूर गाना 'रिमझिम गिरे सावन' तैरने लगता है। साल 1979 में आई फिल्म 'मंजिल' का यह गाना आज भी मानसून का पर्याय बना हुआ है। 57 साल बीत जाने के बाद भी यह गीत अपनी ताजगी नहीं खो पाया है। क्या आप जानते हैं कि इस गाने को शूट करने के लिए फिल्म के मेकर्स ने न केवल असली बारिश का इंतजार किया था, बल्कि बिना किसी कोरियोग्राफी या डांस स्टेप्स के इसे शूट किया गया था, जो उस दौर में किसी चमत्कार से कम नहीं था।मुंबई की असली बारिश और बासु चटर्जी का 'रिस्क'फिल्म 'मंजिल' के निर्देशक बासु चटर्जी की सादगी और यथार्थवाद के प्रति उनका जुनून इस गाने में साफ झलकता है। आमतौर पर फिल्मों में बारिश के दृश्य कृत्रिम (Artificial) तरीके से शूट किए जाते हैं, लेकिन 'रिमझिम गिरे सावन' को मुंबई की मरीन ड्राइव पर उस वक्त शूट किया गया जब सचमुच आसमान से बारिश हो रही थी। डायरेक्टर चाहते थे कि यह सीन बिल्कुल नेचुरल लगे, इसलिए उन्होंने बिना किसी तामझाम या डांस सीक्वेंस के अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी को सड़कों पर घूमने और भीगने के लिए कहा। उस समय की शूटिंग का किस्सा साझा करते हुए मौसमी चटर्जी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें पता ही नहीं चला कि शूटिंग कब शुरू हो गई थी। वे लंबे समय तक बारिश में भीगती रहीं और इसी दौरान यह खूबसूरत सीक्वेंस कैमरे में कैद हो गया, जिसमें उनका काजल तक बह गया था, जो इसे और अधिक वास्तविक बनाता है।किशोर-लता की आवाज और आरडी बर्मन का जादूइस गाने को सदाबहार बनाने का श्रेय महान संगीतकार आरडी बर्मन और गीतकार योगेश को जाता है। जब किशोर कुमार की मखमली आवाज के साथ लता मंगेशकर की सुरीली धुन मिलती है, तो यह गाना संगीत प्रेमियों के दिलों को छू लेता है। आरडी बर्मन का संगीत और योगेश के बोल इस गाने को न केवल सुनने में सुखद बनाते हैं, बल्कि एक अलग तरह का सुकून भी देते हैं। बिना किसी व्यावसायिक डांस के, केवल बारिश और दो किरदारों के बीच की मस्ती ने इसे भारतीय सिनेमा का सबसे 'रोमांटिक और नेचुरल' बारिश का गीत बना दिया है।आज भी क्यों है यह लोगों की पहली पसंदआज के दौर में जब गानों में भारी प्रोडक्शन और ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल होता है, 'रिमझिम गिरे सावन' सादगी का जीता-जागता उदाहरण है। यही कारण है कि 5 दशक बाद भी हर मानसून में रेडियो से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक यह गाना ट्रेंडिंग लिस्ट में बना रहता है। यह गाना सिर्फ एक धुन नहीं, बल्कि मुंबई की सड़कों की उस पुरानी यादों का सफर है, जिसे हर पीढ़ी अपना मानती है। यह आज भी साबित करता है कि अगर संगीत और प्रस्तुति में सच्चाई हो, तो उसे किसी दिखावे की जरूरत नहीं पड़ती।
बॉलीवुड फिल्मों के कुछ गाने ऐसे होते हैं जो वक्त की धूल में खो जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो एक दशक से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सोशल मीडिया की गलियों में राज करते हैं। अनुराग कश्यप की कल्ट क्लासिक फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का एक गाना इन दिनों इंस्टाग्राम रील्स पर फिर से तहलका मचा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस गाने के न तो कोई अर्थपूर्ण शब्द हैं और न ही इसे किसी मशहूर गायक ने गाया है। यह गाना असल में सिर्फ एक 'डमी' था, जिसे बाद में फिल्म का सबसे आइकॉनिक हिस्सा बना दिया गया।बीट्स चेक करने के लिए तैयार किया था 'डमी'साल 2012 में आई इस फिल्म का वह चर्चित गाना—'टैं टैं टू टू टी टी टैं' (Tai Tai Tu Tu)—आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। फिल्म की म्यूजिक डायरेक्टर स्नेहा खानवलकर ने इसे कंपोज किया था। दिलचस्प किस्सा यह है कि स्नेहा ने इसे किसी प्रोफेशनल रिकॉर्डिंग के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ गाने की बीट्स और रिदम को टेस्ट करने के लिए एक रफ डमी के तौर पर गाया था। लेकिन जब डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने इसे सुना, तो वे इसकी सादगी और अजीबोगरीब धुन के दीवाने हो गए। उन्होंने बिना किसी बदलाव के इसे फिल्म के ओरिजनल स्कोर में शामिल करने का फैसला किया।'टैं टैं टू टू' ने कैसे बदली गैंगस्टर्स की दुनियाफिल्म में जब भी गैंगस्टर ड्रामा, गोलियां या देसी टशन दिखाने का सीन आता था, बैकग्राउंड में बजने वाली यह अजीब सी धुन पूरे माहौल में जान फूंक देती थी। वरुण ग्रोवर द्वारा रैंडम शब्दों के साथ लिखे गए इस गाने ने साबित कर दिया कि म्यूजिक में शब्दों से ज्यादा 'वाइब' मायने रखती है। इसके 'टंग ट्विस्टर' बोल लोगों के दिमाग में ऐसे बसे कि आज 14 साल बाद भी यह गाना इंस्टाग्राम रील्स पर फनी और एटीट्यूड वीडियोज की पहली पसंद बन गया है। हाल ही में एक छोटी बच्ची का इसे गाते हुए वीडियो भी इंटरनेट पर जमकर वायरल हुआ था।सोशल मीडिया पर 'रील्स' का नया किंगआज के दौर में जब गाने महंगे प्रोडक्शन और भारी-भरकम लिरिक्स पर निर्भर हैं, 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का यह डमी सॉन्ग दिखाता है कि क्रिएटिविटी की कोई सीमा नहीं होती। इंस्टाग्राम यूजर्स इसे फनी ट्रांजिशन, देसी स्वैग और क्यूटनेस दिखाने के लिए जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस गाने को कभी फिल्म का एक साधारण हिस्सा माना गया था, आज वह डिजिटल युग की रील्स का 'अनकहा' किंग बन चुका है। यह गाना आज भी साबित करता है कि फिल्म की कहानी और संगीत का सही तालमेल सालों बाद भी दर्शकों को उसी तरह झूमने पर मजबूर कर सकता है।
कफन फाड़ने वाली भीड़ का डर, खामेनेई के जनाजे से पहले क्यों थर-थर कांप रहा ईरान
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम विदाई का समय करीब आते ही तेहरान से लेकर मशहद तक सुरक्षा एजेंसियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। पिछले चार महीनों से कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखे गए उनके पार्थिव शरीर को 9 जुलाई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। लेकिन इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार से पहले ईरान को किसी हमले या राजनीतिक अस्थिरता से ज्यादा उस 'भीड़' का खौफ सता रहा है, जो अक्सर ईरान में कफन तक फाड़ने की नौबत ला देती है।खुमैनी और सुलेमानी के जनाजे का डरावना इतिहासईरानी प्रशासन को 1989 में अयातुल्लाह रूहुल्लाह खुमैनी और 2020 में कासिम सुलेमानी के जनाजे के दौरान हुए जानलेवा हादसों की याद ताजा है। दोनों ही मौकों पर बेकाबू भीड़ के चलते मची भगदड़ में दर्जनों लोगों की जान चली गई थी। इस बार खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरान और इराक में पांच दिनों तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की योजना है, जिसमें लाखों लोगों के उमड़ने की संभावना है। प्रशासन इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि कैसे भीड़ को नियंत्रित किया जाए ताकि कोई अनहोनी न हो।पांच दिनों का महा-अनुष्ठान और दफन का स्थानखामेनेई का शव तीन दिनों तक तेहरान के मोसल्ला नमाज परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को शिया समुदाय के पवित्र शहरों इराक के नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। इराक यात्रा के बाद, शव को वापस ईरान के कोम शहर और अंत में उनके जन्मस्थान मशहद ले जाया जाएगा। उन्हें शिया इस्लाम के आठवें इमाम, इमाम रजा की दरगाह में दफन किया जाएगा। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि जनाजे की नमाज कौन पढ़ेगा, हालांकि चर्चाओं का बाजार गर्म है कि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, जो पिता के निधन के बाद से अब तक सार्वजनिक जीवन से दूर हैं।सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच सस्पेंसईरानी अधिकारियों ने फिलहाल जनाजे की नमाज को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन सुरक्षा घेरा इतना अभेद्य बनाया जा रहा है कि किसी भी चूक की गुंजाइश न रहे। पिछले चार महीनों से शव को बेहद ठंडे तापमान में सुरक्षित रखने के बाद अब उसे अंतिम यात्रा पर निकालने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान इस बार अपनी 'भीड़ प्रबंधन' की परीक्षा में सफल हो पाता है, या फिर यह ऐतिहासिक विदाई किसी त्रासदी में बदल जाएगी।
पेट्रोल-डीजल के दाम कब घटेंगे? केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया पूरा गणित
Petrol Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट के बाद भी देश में पेट्रोल और डीजल के दाम क्यों नहीं घट रहे हैं? इस सवाल का जवाब खुद केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया है।
भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी एक नए और बेहद महत्वपूर्ण अध्याय में प्रवेश कर गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाची के बीच नई दिल्ली में हुई उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता ने भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा परिदृश्य को नई दिशा दी है। इस शिखर सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा, ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा को लेकर एक व्यापक संयुक्त रोडमैप पर मुहर लगाई गई है, जो दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।12.5 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश और 120 नए समझौतेभारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में जापान का अटूट विश्वास इस यात्रा के दौरान साफ नजर आया। 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के समानांतर, जापानी कंपनियां भारत में करीब 12.5 बिलियन डॉलर के भारी-भरकम निवेश की घोषणा करने की तैयारी में हैं। यह निवेश लगभग 120 सहयोग समझौतों के जरिए सेमीकंडक्टर्स, स्वच्छ ऊर्जा, मोबिलिटी, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। यह कदम पिछले साल टोक्यो में हुई उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत जापान ने अगले एक दशक में भारत में 61 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश करने का लक्ष्य रखा है।रक्षा और सुरक्षा: '2+2' वार्ता से मजबूत होगी समुद्री सुरक्षाबदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत और जापान ने रक्षा सहयोग को और अधिक सघन बनाने का निर्णय लिया है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा को लेकर अपनी रणनीति की समीक्षा करेंगे। साथ ही, रक्षा उपकरण हस्तांतरण के लिए जापान के अद्यतन दिशानिर्देशों को स्वीकार करना और इस साल के अंत तक अगली '2+2' (विदेश और रक्षा मंत्री स्तरीय) वार्ता आयोजित करने का निर्णय एक बड़ी उपलब्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्लभ पृथ्वी तत्वों और सप्लाई चेन के मामले में चीन की गैर-बाजार नीतियों के जवाब में यह साझेदारी भारत और जापान को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अधिक आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाएगी।तकनीक और नवाचार: AI और सेमीकंडक्टर में बनेगा नया इकोसिस्टमइस साझेदारी का सबसे अहम स्तंभ 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) है। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जापान की उन्नत विनिर्माण और इंजीनियरिंग क्षमता, भारत के विशाल सॉफ्टवेयर उद्योग और कुशल तकनीकी कार्यबल के साथ मिलकर एक शक्तिशाली इकोसिस्टम बनाएगी। इसके तहत फुजीफिल्म द्वारा सेमीकंडक्टर सामग्री संयंत्र में सहयोग, सुजुकी का बायोगैस प्रोजेक्ट और भारतीय-जापानी एआई स्टार्टअप्स के बीच साझा एप्लिकेशन डेवलपमेंट जैसी परियोजनाएं भविष्य में क्रांति लाएंगी। इसके अलावा, भारत में जापान की प्रसिद्ध शिंकांशेन (बुलेट ट्रेन) तकनीक के विस्तार पर भी चर्चा को गति मिली है।आर्थिक सुरक्षा का रोडमैपप्रधानमंत्री साने ताकाची ने स्पष्ट किया कि अशांत वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत और जापान एक-दूसरे की ताकतों का लाभ उठाकर मजबूत और समृद्ध होने की राह पर हैं। सेमीकंडक्टर्स और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को दूर करने के लिए दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा को अपनी नीति के केंद्र में रखा है। 150 से अधिक जापानी कंपनियों की भागीदारी और भारत-जापान आर्थिक मंच का सक्रिय होना यह दर्शाता है कि यह महज एक राजनयिक समझौता नहीं, बल्कि एक ठोस व्यावसायिक साझेदारी है जो आम नागरिकों के लिए भी बड़े अवसर पैदा करेगी।
घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका
Blood Pressure Check at Home:घर पर ब्लड प्रेशर (बीपी) नापना अपनी सेहत का ख्याल रखने का एक बेहतरीन तरीका है। हां बिलकुल!, लेकिन अगर तरीका सही न हो तो रीडिंग गलत आ सकती है। घर पर सही तरीके से ब्लड प्रेशर नापने के लिए इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी ...
भारत में दोपहिया वाहनों की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी होंडा की प्रतिष्ठित Activa अब इलेक्ट्रिक अवतार में उपलब्ध है। वर्ष 2001 में लॉन्च हुई एक्टिवा ने वर्षों तक भारतीय परिवारों की पहली पसंद बने रहने के बाद अब Honda Activa e के रूप में ...
छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए सरकार ने नौकरियों का पिटारा खोल दिया है। राज्य के कॉलेजों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री ने एक बहुत बड़ा एलान किया है। सरकार जल्द ही प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में 700 प्राध्यापकों (प्रोफेसर्स) की सीधी भर्ती करने जा रही है। इस घोषणा के बाद से ही नेट, सेट और पीएचडी पास कर चुके अभ्यर्थियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस मेगा भर्ती अभियान को लेकर अपनी तैयारियां भी तेज कर दी हैं।उच्च शिक्षा मंत्री के एलान से युवाओं को मिली बड़ी राहतउच्च शिक्षा मंत्री ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस बात की आधिकारिक जानकारी दी कि कॉलेजों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए शिक्षकों की कमी को दूर करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया के नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि इस भर्ती को पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि नए सत्र में छात्रों को सभी विषयों के विशेषज्ञ प्राध्यापक मिल सकें।जानिए क्या होगी इस पूरी भर्ती की चयन प्रक्रियाविभाग से मिल रही शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इन 700 पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) को सौंपी जा सकती है। इसके लिए तय शैक्षणिक योग्यता के तहत उम्मीदवारों का यूजीसी (UGC) के नियमों के अनुसार नेट (NET), सेट (SET) या पीएचडी (Ph.D) पास होना अनिवार्य होगा। भर्ती के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार (इंटरव्यू) के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं को नियमानुसार आयु सीमा और आरक्षण का पूरा लाभ मिलेगा।छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों की बदलेगी सूरतग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित शासकीय कॉलेजों में लंबे समय से प्राध्यापकों की भारी कमी चल रही थी, जिसके कारण अतिथि शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई हो रही थी। इस नियमित भर्ती के होने से न सिर्फ कॉलेजों का एकेडमिक स्तर सुधरेगा, बल्कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की ग्रेडिंग में भी छत्तीसगढ़ के कॉलेजों को बेहतर अंक मिल सकेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री ने साफ किया है कि इस भर्ती के तुरंत बाद अन्य तकनीकी और गैर-शैक्षणिक पदों पर भी नियुक्तियों का रास्ता साफ हो जाएगा।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बेहद अनोखे और ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है। तीन जुलाई को पूरा रायपुर एक साथ कदम से कदम मिलाकर दौड़ता नजर आएगा। राज्य सरकार और सहकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी में भव्य 'सहकार संकल्प दौड़' का आयोजन किया जा रहा है। इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सहकारिता की भावना को बढ़ावा देना और युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करना है। इस महाआयोजन को लेकर रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और हजारों की संख्या में लोगों ने इसके लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है।जानिए कहां से शुरू होगी दौड़ और क्या रहेगा रूट मैपतीन जुलाई की सुबह आयोजित होने वाली इस 'सहकार संकल्प दौड़' के लिए रायपुर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने रूट मैप तैयार कर लिया है। यह दौड़ शहर के प्रमुख और वीआईपी मार्ग से होकर गुजरेगी, जहां धावकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुबह के समय ट्रैफिक को डायवर्ट करने की योजना भी बनाई गई है ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो। दौड़ के मार्ग में जगह-जगह पर मेडिकल कैंप और पीने के पानी के स्टॉल भी लगाए गए हैं ताकि प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।विजेताओं को मिलेंगे नकद पुरस्कार और विशेष प्रमाण पत्रइस 'सहकार संकल्प दौड़' को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए आयोजकों ने विजेताओं के लिए बड़े पुरस्कारों की घोषणा की है। अलग-अलग आयु वर्ग और श्रेणियों (पुरुष एवं महिला) में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को आकर्षक नकद पुरस्कार और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, दौड़ पूरी करने वाले सभी प्रतिभागियों को डिजिटल और फिजिकल सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे। इस पुरस्कार की घोषणा के बाद से ही शहर के स्पोर्ट्स क्लबों, कॉलेजों और स्कूलों के युवाओं ने मैदान पर अपनी प्रैक्टिस दोगुनी कर दी है।सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ का बड़ा संकल्पइस दौड़ के पीछे केवल फिटनेस ही नहीं, बल्कि एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक संदेश भी छिपा है। छत्तीसगढ़ सरकार का मानना है कि राज्य के विकास में सहकारिता (Cooperative) क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान है। इस 'सहकार संकल्प दौड़' के जरिए आम जनता, विशेषकर ग्रामीण और शहरी युवाओं को सहकारिता के सिद्धांतों से जोड़कर प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया जाएगा। आयोजन में मुख्यमंत्री सहित कई कैबिनेट मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और खेल जगत की मशहूर हस्तियां भी शामिल होकर धावकों का हौसला बढ़ाएंगी।
छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत और कानूनी गलियारों से एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में मंत्रोच्चार और विशेष प्रार्थना पाठ को अनिवार्य करने की मांग वाली जनहित याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। संविधान और देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को ध्यान में रखते हुए अदालत का यह फैसला बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है। याचिका खारिज होने के साथ ही माननीय हाईकोर्ट ने इस संवेदनशील विषय पर एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण टिप्पणी भी की है, जिसकी चर्चा अब पूरे देश में होने लगी है।जानिए किस मांग को लेकर दायर की गई थी यह याचिकादरअसल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर यह मांग की गई थी कि राज्य के सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में सुबह की सभा के दौरान कुछ विशेष मंत्रों और धार्मिक प्रार्थनाओं के पाठ को अनिवार्य कर दिया जाए। याचिकाकर्ता का तर्क था कि इससे छात्रों में नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का विकास होगा। हालांकि, इस मांग को लेकर शुरुआती दौर से ही कानूनी और सामाजिक स्तर पर बहस छिड़ गई थी कि क्या किसी लोकतांत्रिक और बहुसांस्कृतिक देश में ऐसा फैसला थोपा जा सकता है।याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने की यह बड़ी टिप्पणीमामले की गहन सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के धर्म को मानने और उसका आचरण करने की स्वतंत्रता देता है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि सरकारी सहायता प्राप्त या किसी भी सामान्य शिक्षण संस्थान में किसी विशेष धार्मिक विचार, मंत्र या प्रार्थना को अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने साफ किया कि स्कूलों का माहौल ऐसा होना चाहिए जहां सभी धर्मों और आस्थाओं के बच्चों को एक समान और सहज वातावरण मिल सके, न कि उन पर कोई विशेष आचरण थोपा जाए।कानूनी और सामाजिक हलकों में क्यों हो रही है इस फैसले की चर्चाबिलासपुर हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद राज्य के शिक्षा विभाग, बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने राहत की सांस ली है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला देश के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों (Secularism) को और मजबूती प्रदान करता है। इस आदेश के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि स्कूलों में प्रार्थना सभाएं पहले की तरह सामान्य और सर्वधर्म समभाव पर आधारित रहेंगी। वहीं, फैसले के आते ही सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में इस बात को लेकर विमर्श शुरू हो गया है कि शिक्षा व्यवस्था में धार्मिक प्रतीकों की सीमा क्या होनी चाहिए।
आरपीएससी ने जारी किया संशोधित परीक्षा कैलेंडर, जानें कौन सी 4 बड़ी परीक्षाओं की तारीखें बदलीं
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आई है। आरपीएससी ने अपनी आगामी भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक नया संशोधित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। आयोग द्वारा जारी किए गए इस आधिकारिक नोटिफिकेशन के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में हलचल तेज हो गई है। इस नए शेड्यूल के तहत आयोग ने प्रशासनिक और अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए चार प्रमुख परीक्षाओं की तारीखों में बड़ा फेरबदल किया है, जिसे जानना हर उम्मीदवार के लिए बेहद जरूरी है।इन चार बड़ी परीक्षाओं की तारीखों में हुआ बड़ा फेरबदलआरपीएससी द्वारा जारी संशोधित कैलेंडर के अनुसार, जिन चार मुख्य परीक्षाओं की तिथियों को बदला गया है, उनमें राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी अहम भर्तियां शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब ये परीक्षाएं पुरानी घोषित तारीखों के बजाय नई निर्धारित तिथियों पर आयोजित की जाएंगी। तारीखों में बदलाव की वजह से अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की रणनीति में भी बदलाव करना होगा। आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे किसी भी तरह के भ्रम से बचने के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी शेड्यूल को ही अंतिम मानें।जानिए किस वजह से आरपीएससी को बदलना पड़ा अपना शेड्यूलराजस्थान लोक सेवा आयोग के सूत्रों के मुताबिक, राज्य में होने वाली अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ तारीखों के टकराव (क्लेश) और कुछ केंद्रों की अनुपलब्धता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, नकल विहीन और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करना है। पूर्व में जारी कैलेंडर को अपडेट करते हुए इस नए नोटिफिकेशन में न सिर्फ परीक्षा की तारीखें बल्कि परीक्षा के आयोजन से जुड़े कुछ अन्य जरूरी दिशा-निर्देश भी साझा किए गए हैं, ताकि उम्मीदवारों को केंद्र पर किसी तरह की परेशानी न हो।आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसे चेक करें नया संशोधित कैलेंडरपरीक्षा की नई तारीखों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचने के लिए आरपीएससी ने अभ्यर्थियों से आधिकारिक पोर्टल का रुख करने को कहा है। उम्मीदवार आरपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट (rpsc.rajasthan.gov.in) के 'न्यूज एंड इवेंट्स' सेक्शन में जाकर नया पीडीएफ कैलेंडर सीधे डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ ही एडमिट कार्ड और परीक्षा के नए पैटर्न से जुड़े अपडेट्स के लिए भी आयोग जल्द ही अलग से नोटिफिकेशन जारी करेगा। इस बदलाव के बाद अब प्रदेश के कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में तैयारी का माहौल एक बार फिर बदल गया है।
राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर एक बार फिर सियासी और कानूनी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने चुनावों में हो रही देरी को लेकर भजनलाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संयम लोढ़ा ने राजस्थान सरकार को एक सख्त लीगल नोटिस भेजकर साफ चेतावनी दी है कि अगर तय समय सीमा के भीतर पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वे सरकार के खिलाफ माननीय न्यायालय में अवमानना याचिका (Contempt Petition) दायर करेंगे। इस कानूनी कदम के बाद से ही राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।चुनावों में लगातार हो रही देरी पर उठाए गंभीर सवालपूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अपने लीगल नोटिस में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पुराने दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि स्थानीय शासन के जनप्रतितिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी चुनाव कराने में जानबूझकर देरी की जा रही है, जो पूरी तरह से संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रशासनिक अधिकारियों के भरोसे निकायों को चलाकर जनता के अधिकारों का हनन कर रही है।जानिए क्या है अवमानना याचिका दायर करने की पूरी कानूनी वजहसंवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, स्थानीय निकायों और पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से पहले या उसके तुरंत बाद चुनाव संपन्न हो जाने चाहिए। संयम लोढ़ा का दावा है कि इस संबंध में न्यायालयों द्वारा पहले ही स्पष्ट आदेश दिए जा चुके हैं कि इन चुनावों को किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक बहाने से टाला नहीं जा सकता। अब इसी को आधार बनाते हुए उन्होंने सरकार को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला और चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द नहीं हुआ, तो सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।राजस्थान के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज, प्रशासन पर बढ़ा दबावइस हाई-प्रोफाइल लीगल नोटिस के सामने आने के बाद राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) में सुगबुगाहट तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष बैकफुट पर नजर आ रहा है क्योंकि कानूनी पचड़े में फंसने से चुनाव प्रक्रिया पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी आ सकती है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्थानीय नेता भी इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि टिकट के दावेदार लंबे समय से चुनाव बिगुल फूंकने का इंतजार कर रहे हैं।
पंजाब सरकार के एक हालिया प्रशासनिक और नीतिगत फैसले ने कश्मीरी परिवारों और वहां के स्थानीय कारोबारियों के बीच अचानक एक बड़ी चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। इस फैसले का जमीनी असर कुछ इस कदर देखा जा रहा है कि कई परिवारों ने अपने घरों में होने वाले मांगलिक कार्यों और शादियों के निमंत्रण पत्र यानी कार्ड बांटने तक पर फिलहाल रोक लगा दी है। शादी-ब्याह के इस सीजन में अचानक आए इस संकट ने घाटी से लेकर पंजाब तक के व्यापारिक और पारिवारिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।इस वजह से कश्मीरी परिवारों के बीच मची है खलबलीदरअसल, पंजाब और कश्मीर के बीच दशकों पुराना व्यापारिक, सामाजिक और पारिवारिक नाता रहा है। पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में अंतरराज्यीय परिवहन, प्रवासन या स्थानीय व्यापारिक नियमों में किए गए कुछ कड़े बदलावों का सीधा असर उन कश्मीरियों पर पड़ा है जो शादियों की खरीदारी, कैटरिंग या लॉजिस्टिक्स के लिए पूरी तरह पंजाब के बाजारों पर निर्भर थे। नियमों के इस नए फेरबदल के कारण ऐन वक्त पर शादियों के बजट और व्यवस्थाओं में बड़ा व्यवधान आ गया है, जिससे लोग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि तय तारीख पर कार्यक्रम कैसे संपन्न होंगे।शादियों के कार्ड बांटने रोकने पर क्यों मजबूर हुए लोग?कश्मीर में शादियों का आयोजन बेहद भव्य और कई दिनों तक चलने वाला होता है, जिसके लिए महीनों पहले से पंजाब के जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों से कपड़ों, ड्राई फ्रूट्स के डिब्बों और विशेष उपहारों की बुकिंग की जाती है। पंजाब सरकार के नए आदेशों के बाद सप्लाई चेन प्रभावित होने और परिवहन पर लगी कुछ पाबंदियों के कारण सामान समय पर घाटी नहीं पहुंच पा रहा है। इसी अनिश्चितता को देखते हुए कई कश्मीरी परिवारों ने शादियों के कार्ड बांटने का काम बीच में ही रोक दिया है ताकि तारीखों में होने वाले संभावित बदलाव से बचा जा सके।कश्मीरी कारोबारियों और स्थानीय बाजारों में भी गहराया संकटइस पूरे घटनाक्रम से केवल आम परिवार ही नहीं, बल्कि कश्मीर और पंजाब दोनों जगहों के स्थानीय व्यापारी भी बेहद परेशान हैं। कश्मीरी कपड़ा व्यापारियों, ड्राई फ्रूट सप्लायर्स और वेडिंग प्लानर्स का कहना है कि पंजाब सरकार के इस अप्रत्याशित कदम से करोड़ों रुपये का कारोबार दांव पर लग गया है। दोनों राज्यों के व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और नियमों में ढील देने की मांग की है ताकि आम जनता को इस शादी के सीजन में और ज्यादा मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंजाब विधानसभा चुनावों की उल्टी गिनती शुरू होते ही सत्ता के गलियारों में सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है। राज्य की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने पंजाब के सबसे बड़े और निर्णायक माने जाने वाले दलित वोट बैंक को साधने के लिए एक बहुत बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। पंजाब की राजनीति में दलित मतदाताओं की भूमिका हमेशा से किंगमेकर की रही है, और इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की नई चुनावी रणनीति विरोधियों की नींद उड़ाने के लिए काफी है।पंजाब की सियासत में क्यों सबसे खास है यह दलित दांव?पंजाब देश का एक ऐसा राज्य है जहां दलित आबादी का प्रतिशत सबसे अधिक है। यहां करीब 32 फीसदी से ज्यादा मतदाता इसी वर्ग से आते हैं। पिछले कुछ चुनावों का इतिहास गवाह रहा है कि जिस भी दल को इस वर्ग का एकमुश्त साथ मिला, सूबे की सत्ता की चाबी उसी के हाथ लगी। कांग्रेस ने इस बार चुनावी कमान और सांगठनिक रणनीतियों में इस वर्ग के कद्दावर चेहरों को आगे करके यह साफ संदेश दे दिया है कि वह अपने इस पारंपरिक वोट बैंक को किसी भी कीमत पर बिखरने नहीं देगी।विरोधियों के चक्रव्यूह को भेदने के लिए कांग्रेस का नया एक्शन प्लानआम आदमी पार्टी, अकाली दल और भाजपा जैसी विपक्षी पार्टियों द्वारा दलित कार्ड खेले जाने से पहले ही कांग्रेस ने अपनी इस नई सोशल इंजीनियरिंग के जरिए बढ़त बनाने की कोशिश की है। पार्टी के रणनीतिकारों ने न सिर्फ टिकट बंटवारे में इस वर्ग को तरजीह देने का मन बनाया है, बल्कि सरकार और संगठन के शीर्ष स्तर पर भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है। कांग्रेस का यह तुरुप का पत्ता सीधे तौर पर विपक्षी खेमे के उन दावों की हवा निकाल सकता है जो लगातार सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगा रहे थे।जमीन पर चुनावी तैयारियां तेज, आलाकमान खुद रख रहा है नजरदलित वोटरों को साधने के इस बड़े फैसले के साथ ही कांग्रेस ने पंजाब के गांव-गांव और कस्बों में सघन जनसंपर्क अभियान शुरू करने का निर्देश जारी कर दिया है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को एक्टिव किया जा रहा है ताकि इस नए सियासी समीकरण का संदेश हर घर तक पहुंचाया जा सके। दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक बैठकों का दौर जारी है, और खुद आलाकमान पंजाब के इस हाई-स्टेक इलेक्शन के हर एक मूव की सीधे मॉनिटरिंग कर रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस का यह मास्टरस्ट्रोक उसे सत्ता की दहलीज तक दोबारा पहुंचा पाता है या नहीं।
पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस आलाकमान द्वारा पदों की घोषणा करते ही पार्टी के भीतर की अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस द्वारा पंजाब चुनावों के लिए महत्वपूर्ण सांगठनिक पदों और जिम्मेदारियों का बंटवारा किए जाने के तुरंत बाद, पार्टी के बेहद वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी (क्रिप्टिक) पोस्ट शेयर कर दिया है। इस पोस्ट के सामने आते ही पंजाब से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजनीतिक पंडित इसे टिकट बंटवारे और संगठन में अनदेखी से उपजे असंतोष के रूप में देख रहे हैं।पार्टी में पद बंटते ही क्यों तल्ख हुए मनीष तिवारी के सुर?कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब चुनाव अभियान को गति देने के लिए जैसे ही नई कमेटियों और अहम पदों की सूची जारी की, उसमें कई गुटीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई थी। लेकिन ऐसा लगता है कि यह फॉर्मूला पूरी तरह सटीक नहीं बैठा। मनीष तिवारी, जो कांग्रेस के बड़े कद्दावर नेताओं में शुमार हैं और पार्टी के 'जी-23' (G-23) ग्रुप के भी अहम सदस्य रहे हैं, का यह पोस्ट ठीक उसी समय आया जब नए पदाधिकारियों के नामों का ऐलान हुआ। जानकारों का मानना है कि पार्टी के इस फैसले से वरिष्ठ नेताओं का एक धड़ा खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है।क्या लिखा है मनीष तिवारी के इस रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट में?मनीष तिवारी ने अपने आधिकारिक हैंडल से जो पोस्ट साझा किया है, उसमें सीधे तौर पर किसी का नाम तो नहीं लिया गया है, लेकिन शब्दों के चयन से साफ है कि उनका निशाना पार्टी के भीतर के ताजा घटनाक्रमों पर ही है। इस तरह के इशारों-इशारों में लिखे गए पोस्ट को राजनीति में बड़े बदलाव या बगावत के संकेत के तौर पर देखा जाता है। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और विपक्षी दल भी इसे लपककर कांग्रेस की अंदरूनी फूट पर तंज कसने लगे हैं।पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी आलाकमान के लिए बनी बड़ी सिरदर्दीयह कोई पहला मौका नहीं है जब पंजाब कांग्रेस में इस तरह का घमासान देखने को मिला है। चुनावों के ठीक मुहाने पर खड़े राज्य में वरिष्ठ नेताओं की इस तरह की नाराजगी पार्टी की चुनावी संभावनाओं को तगड़ा झटका दे सकती है। एक तरफ जहां जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ मनीष तिवारी जैसे कद्दावर चेहरे का यह रुख साफ करता है कि पंजाब यूनिट के भीतर ऑल इज नॉट वेल। अब देखना यह होगा कि आलाकमान इस डैमेज को कंट्रोल करने के लिए क्या कदम उठाता है या फिर यह असंतोष किसी नए सियासी तूफान का रूप ले लेगा।
अलवर में दो दिन से लापता युवक का क्षत-विक्षत शव मिला
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के थानागाजी थाना क्षेत्र में लाहाकाबास गांव में गुरुवार को एक लापता युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक की पहचान रोशन बलाई (32) के रूप में हुई है। उसका शव गांव से करीब 400 मीटर दूर खेत के पास बने नाले में मिला। ग्रामीण जब […] The post अलवर में दो दिन से लापता युवक का क्षत-विक्षत शव मिला appeared first on Sabguru News .
झारखंड में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है और आज प्रदेश के कई हिस्सों में कुदरत का उग्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए आज राज्य में मानसून के 'तांडव' की आशंका जताई है। राजधानी रांची और गुमला सहित झारखंड के 13 महत्वपूर्ण जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दौरान न सिर्फ मूसलाधार बारिश होगी, बल्कि तेज रफ्तार हवाओं के साथ भयंकर तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने लोगों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है।इन 13 जिलों में मौसम विभाग का रेड और ऑरेंज अलर्टमौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, जिन 13 जिलों में आज कुदरत का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, उनमें राजधानी रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, सिमडेगा, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा और लातेहार शामिल हैं। इन इलाकों में घने बादलों की आवाजाही के साथ ही मेघ गर्जन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कई जिलों के लिए ऑरेंज और कुछ खास पॉकेट्स के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ घंटे इन इलाकों के लिए बेहद संवेदनशील साबित हो सकते हैं।तेज तूफान और आसमानी बिजली का डबल खतराइस मानसूनी सिस्टम के कारण केवल बारिश ही नहीं, बल्कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं भी मुसीबत बढ़ाएंगी। सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली यानी वज्रपात को लेकर जताया गया है, जो झारखंड में अक्सर जानलेवा साबित होती है। मौसम वैज्ञानिकों ने साफ चेतावनी दी है कि जब गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो, तो लोग किसी भी हाल में खुले मैदानों, खेतों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट के मकानों के अंदर रहना ही इस मौसम में सबसे सुरक्षित उपाय है।स्थानीय प्रशासन मुस्तैद, जलजमाव और ट्रैफिक को लेकर एडवाइजरीलगातार हो रही बारिश के कारण रांची और आसपास के निचले इलाकों में जलजमाव (वाटर लॉगिंग) की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके मद्देनजर स्थानीय जिला प्रशासनों ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रख दिया है। सड़कों पर दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है। किसानों को भी हिदायत दी गई है कि वे मौसम सामान्य होने तक खेतों में जाने से बचें। इस भारी बारिश से जहां एक तरफ नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ शहरी जनजीवन के भी बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
श्रीगंगानगर में ट्रेन की चपेट में आने से अधेड़ व्यक्ति की मौत
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के सदर थाना क्षेत्र में चक 3-बी के पास रेल लाइन पर गुरुवार को ट्रेन की चपेट में आने से एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार तड़के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को पटरी पर एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना मिली। इस पर रेलवे पुलिस […] The post श्रीगंगानगर में ट्रेन की चपेट में आने से अधेड़ व्यक्ति की मौत appeared first on Sabguru News .
बिहार: गोपालगंज में फूड प्वाइजनिंग से 10 बच्चों समेत 12 लोग बीमार, फेंसा खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
बिहार के गोपालगंज जिले में फूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आया है, जहां पारंपरिक व्यंजन 'फेंसा' खाने के बाद एक ही परिवार के 10 बच्चों समेत कुल 12 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को पहले बैकुंठपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
बदलते दौर में जहां पूरी दुनिया के पैरेंट्स अपने बच्चों को हर सुख-सुविधा देने की होड़ में लगे हैं, वहीं एशिया का एक देश ऐसा भी है जो अपने बच्चों को शुरू से ही आत्मनिर्भर और अनुशासित बनाने पर सबसे ज्यादा ध्यान देता है। हम बात कर रहे हैं टेक्नोलॉजी के बादशाह 'जापान' की। जापानी स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को जो जीवन मूल्य और संस्कार सिखाए जाते हैं, वे वाकई हैरान करने वाले हैं। वहां के स्कूलों में क्लासरूम की सफाई करने के लिए कोई अलग से कर्मचारी नहीं होता, बल्कि बच्चे खुद अपने हाथों से झाड़ू-पोछा लगाते हैं। आइए जानते हैं जापानी बच्चों की उन 7 बेमिसाल आदतों के बारे में, जो उन्हें पूरी दुनिया से अलग और बेहद जिम्मेदार नागरिक बनाती हैं।खुद करते हैं क्लासरूम और स्कूल परिसर की सफाईजापानी स्कूलों में 'ओसॉजी' (Osoji) नाम की एक बेहद खास परंपरा है, जिसके तहत स्कूल की छुट्टी होने से पहले हर दिन बच्चे मिलकर अपने क्लासरूम, गलियारों और यहां तक कि स्कूल के टॉयलेट की भी सफाई खुद करते हैं। इस काम में छोटे बच्चों से लेकर बड़े छात्र तक सभी बराबर योगदान देते हैं। जापानी शिक्षा व्यवस्था का मानना है कि इस आदत से बच्चों के भीतर अहंकार पूरी तरह खत्म हो जाता है और वे सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान करना सीखते हैं। यह आदत उन्हें यह भी सिखाती है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है।लंच टाइम में खुद परोसते हैं खाना और सीखते हैं टीम वर्कजापान के स्कूलों में मिड-डे मील या लंच के समय कोई कैंटीन स्टाफ खाना नहीं परोसता। क्लास के बच्चे ही बारी-बारी से एप्रन, कैप और मास्क पहनकर अपने सहपाठियों को खाना परोसते हैं। खाना खाने के बाद सभी बच्चे अपनी प्लेट्स को खुद साफ करते हैं और कचरे को रीसाइक्लिंग के नियमों के अनुसार अलग-अलग डिब्बों में डालते हैं। इस पूरी प्रक्रिया से बच्चों में गजब का टीम वर्क, लीडरशिप क्वालिटी और जिम्मेदारी का अहसास पैदा होता है, जो आगे चलकर उनके करियर में बेहद मददगार साबित होता है।तीसरी कक्षा तक नहीं होती कोई बड़ी परीक्षा, केवल संस्कारों पर जोरजापान की शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वहां बच्चों के शुरुआती तीन सालों तक यानी तीसरी कक्षा (लगभग 10 साल की उम्र) तक कोई कठिन लिखित परीक्षा नहीं ली जाती। इन शुरुआती सालों में बच्चों के रिपोर्ट कार्ड या नंबरों पर ध्यान देने के बजाय उनके चरित्र निर्माण, अच्छे व्यवहार, पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम, उदारता और बड़ों का सम्मान करने जैसे नैतिक मूल्यों को विकसित करने पर पूरा जोर दिया जाता है। यही वजह है कि जापानी समाज पूरी दुनिया में अपनी शालीनता के लिए जाना जाता है।खुद अकेले स्कूल जाते हैं छोटे बच्चे, आत्मनिर्भरता की बेहतरीन मिसालजापान के स्थानीय शहरों और कस्बों में आपको बहुत छोटे-छोटे बच्चे भी अकेले या अपने दोस्तों के ग्रुप के साथ पैदल स्कूल जाते हुए दिख जाएंगे। वहां पैरेंट्स बच्चों को स्कूल छोड़ने या लेने नहीं जाते और न ही कोई लग्जरी गाड़ियां इस्तेमाल होती हैं। पूरा जापानी समाज बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहता है, जिससे बच्चे बहुत कम उम्र से ही आत्मनिर्भर, साहसी और स्वतंत्र बनना सीख जाते हैं। वे रास्ते के ट्रैफिक नियमों का भी पूरी कड़ाई से पालन करते हैं।समय के पाबंद और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सम्मानजापान में समय की पाबंदी को भगवान की तरह पूजा जाता है और यह आदत बच्चों को बचपन से ही लग जाती है। स्कूल की बस हो, लोकल ट्रेन हो या क्लासरूम की घंटी— जापानी बच्चे कभी लेट नहीं होते। इसके साथ ही, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते समय वे बेहद शांत रहते हैं। मेट्रो या बस में सफर के दौरान जापानी बच्चे कभी शोर-शराबा नहीं करते और न ही दूसरों को परेशान करते हैं, बल्कि वे चुपचाप किताबें पढ़ना या अनुशासन में बैठना पसंद करते हैं।कचरा प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति गजब की जागरूकताजापानी बच्चों को स्कूल के पहले दिन से ही पर्यावरण को बचाने और कचरे को सही तरीके से डिस्पोज करने की ट्रेनिंग दी जाती है। वे कभी भी सड़कों या पार्कों में रैपर्स या खाली बोतलें नहीं फेंकते। अगर आसपास कोई डस्टबिन न हो, तो वे उस कचरे को अपने बैग में रख लेते हैं और घर जाकर ही उसे डस्टबिन में डालते हैं। प्रकृति के प्रति उनका यह जुड़ाव और जागरूकता ही जापान को दुनिया के सबसे साफ-सुथरे देशों की लिस्ट में शुमार करती है।कृतज्ञता की भावना और 'अरिगातो' कहना कभी नहीं भूलतेजापानी बच्चों की डिक्शनरी में धन्यवाद (अरिगातो गोजाईमासु) और माफी (सुमिमासेन) जैसे शब्द सबसे ऊपर होते हैं। वे अपने शिक्षकों, स्कूल के बस ड्राइवरों, खाना बनाने वालों और प्रकृति के प्रति हर पल कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। भोजन शुरू करने से पहले वे 'इतादाकिमासु' कहते हैं, जिसका अर्थ है कि वे इस भोजन को देने वाले सभी लोगों का आभार मानते हैं। यह विनम्रता और कृतज्ञता की आदत उन्हें एक बेहतरीन और संवेदनशील इंसान बनाती है, जिससे वे वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाते हैं।
CS-मैकेनिकल का जमाना गया! आईआईटी ने शुरू किए 10 धांसू न्यू-एज बीटेक कोर्स
देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई को लेकर एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया है। अगर आप भी अब तक कंप्यूटर साइंस (CS) या मैकेनिकल इंजीनियरिंग को ही सबसे बेस्ट करियर ऑप्शन मान रहे थे, तो अब अपनी सोच बदलने का समय आ गया है। बदलती दुनिया और आधुनिक इंडस्ट्री की जरूरतों को देखते हुए विभिन्न आईआईटी संस्थानों ने 10 ऐसे धांसू और न्यू-एज बीटेक कोर्स (New-Age BTech Courses) शुरू किए हैं, जिनकी ग्लोबल मार्केट में भारी डिमांड है। इन कोर्सेज को पूरा करते ही छात्रों को देश-विदेश की बड़ी कंपनियों से लाखों-करोड़ों रुपये के सालाना पैकेज के जॉब ऑफर्स मिल रहे हैं।पारंपरिक इंजीनियरिंग से आगे की सोच और नए जमाने के हाई-टेक कोर्सतकनीकी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस के आने के बाद अब पुरानी स्ट्रीम्स की चमक थोड़ी फीकी पड़ने लगी है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर जैसे शीर्ष संस्थानों ने अपने करिकुलम को पूरी तरह अपग्रेड किया है। नए शुरू किए गए इन 10 पाठ्यक्रमों में डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम इंजीनियरिंग, सस्टेनेबल एनर्जी, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन, साइबर सिक्योरिटी और मैटेरियल्स साइंस जैसे अत्याधुनिक विषय शामिल हैं। ये कोर्स छात्रों को सीधे तौर पर उन स्किल्स से लैस करते हैं जिनकी तलाश आज की गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और टेस्ला जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को है।लाखों की सैलरी और देश-विदेश के जॉब मार्केट में बंपर डिमांडइन न्यू-एज कोर्सेज की सबसे बड़ी खासियत इनका प्लेसमेंट रिकॉर्ड है। शुरुआती बैच के डेटा को देखें तो इन इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (Emerging Technologies) से बीटेक करने वाले छात्रों को पारंपरिक कंप्यूटर साइंस के मुकाबले कई गुना बेहतर और आकर्षक पैकेज मिल रहे हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दशक में इन सेक्टर्स में प्रोफेशनल्स की भारी कमी होने वाली है, जिसके कारण इन क्षेत्रों के ग्रेजुएट्स की शुरुआती सैलरी ही लाखों रुपये से शुरू हो रही है। यदि कोई छात्र इन अत्याधुनिक स्ट्रीम्स में अपनी पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे कैंपस प्लेसमेंट के दौरान ही बेहतरीन डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑफर्स मिल रहे हैं।स्थानीय स्तर पर छात्रों के बीच भारी क्रेज और एडमिशन का नया ट्रेंडआईआईटी के इस कदम के बाद कोटा, दिल्ली, पटना, हैदराबाद और लखनऊ जैसे बड़े एजुकेशनल हब्स में कोचिंग कर रहे जेईई (JEE Advanced) के छात्रों के बीच इन नए कोर्सेज को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब छात्र केवल सीएस या आईटी ब्रांच के पीछे भागने के बजाय इन स्पेशलाइज्ड कोर्सेज को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं। स्थानीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया ट्रेंड भारतीय शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगा। इन कोर्सेज में एडमिशन पाने के लिए छात्रों को जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में बेहतरीन रैंक लानी होती है, जिसके बाद काउंसलिंग के जरिए वे अपनी पसंदीदा न्यू-एज स्ट्रीम चुन सकते हैं।
हरियाणा में बनेगा एक और गुरुग्राम! अब इस जिले में 1200 एकड़ पर बसने जा रहा है बेहद आधुनिक नया शहर
हरियाणा के रियल एस्टेट और शहरी विकास के क्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और धमाकेदार खुशखबरी सामने आ रही है। साइबर सिटी गुरुग्राम की तर्ज पर अब राज्य सरकार एक और बेहद शानदार और आधुनिक नया शहर बसाने की महायोजना पर काम शुरू कर चुकी है। लगभग 1200 एकड़ की विशाल भूमि पर तैयार होने वाले इस नए शहर के प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर से सटे इस खास जिले की किस्मत पूरी तरह चमकने वाली है। इस मेगा प्रोजेक्ट के आने से न केवल विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे।गुरुग्राम-फरीदाबाद के बाद अब इस जिले की पलटेगी कायापलटहरियाणा सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत इस नए शहर को पूरी तरह से स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, गुरुग्राम के बाद अब सोनीपत-पानीपत बेल्ट या नूंह-पलवल से सटे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले को इस बड़े बदलाव के लिए चुना गया है, जो सीधे तौर पर केएमपी (कुण्डली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के करीब स्थित है। इस नए शहर में चौड़ी सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटी टनल, बड़े पार्क और कमर्शियल हब बनाए जाएंगे, जिससे यह इलाका आने वाले दिनों में देश के बड़े कॉरपोरेट घरानों और निवेशकों के लिए पहली पसंद बन जाएगा।1200 एकड़ में दिखेगी जापानी और यूरोपीय शैली की टाउनशिपइस नए शहर की सबसे बड़ी खासियत इसकी अत्याधुनिक प्लानिंग होगी। करीब 1200 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल जोन को पूरी तरह से अलग और व्यवस्थित रखा जाएगा। शहर के भीतर ही बड़े-बड़े आईटी पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स के लिए जमीन आरक्षित की गई है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस टाउनशिप में बड़े पैमाने पर ग्रीन कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे प्रदूषण की समस्या न हो। सरकार का लक्ष्य है कि इस नए शहर को इस तरह डिजाइन किया जाए कि यह भविष्य की सभी आधुनिक जरूरतों को पूरा कर सके।जमीन के दामों में आएगा भारी उछाल और रोजगार की लगेगी झड़ीइस नए शहर के बसने की खबर के बाद से ही संबंधित जिले और उसके आसपास के गांवों में जमीन की कीमतों में भारी उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय प्रॉपर्टी बाजार में अभी से हलचल तेज हो गई है। इस प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से निर्माण क्षेत्र, आईटी सेक्टर और सर्विस इंडस्ट्री में लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। हरियाणा के स्थानीय युवाओं के लिए यह योजना एक बड़ा वरदान साबित होने वाली है क्योंकि उन्हें रोजगार के लिए दिल्ली या गुरुग्राम का रुख नहीं करना पड़ेगा और उनके अपने ही जिले की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
32 साल की लिव-इन पार्टनर की बेरहमी से हत्या, वारदात के बाद खुद थाने पहुंचा 28 वर्षीय प्रेमी
देश की आर्थिक राजधानी के नजदीकी इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 28 साल के युवक ने अपनी 32 वर्षीय लिव-इन पार्टनर प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी प्रेमी को कोई पछतावा नहीं था, बल्कि वह खुद चलकर सीधे स्थानीय पुलिस थाने पहुंच गया। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने जब उसने अपना जुर्म कबूला, तो वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया। आरोपी ने पुलिस के सामने हत्या की जो वजह बताई है, उसने इस पूरे मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है।शक का ऐसा खूनी अंजाम और थाने में आरोपी का बड़ा सरेंडरपुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, 28 वर्षीय आरोपी प्रेमी और उसकी 32 साल की पार्टनर पूजा पिछले काफी समय से एक साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पूजा के व्यवहार में काफी बदलाव आ गया था। उसे शक था कि पूजा किसी अन्य युवक के लगातार संपर्क में थी और उससे छिपकर बातें करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर तीखी बहस और झगड़े होने लगे थे। वारदात की रात भी इसी मुद्दे पर विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर पूजा की जान ले ली।किसी अन्य युवक के संपर्क में होने की बात पर भड़का गुस्साआरोपी ने पुलिसिया पूछताछ में कबूल किया कि वह पूजा के किसी दूसरे लड़के से बात करने की आदत से बेहद परेशान था। उसने कई बार पूजा को उस युवक से दूर रहने की चेतावनी भी दी थी। घटना वाली रात जब पूजा अपने मोबाइल पर व्यस्त थी, तो आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने तैश में आकर पूजा पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घबराने के बजाय सीधे लोकल पुलिस स्टेशन गया और वहां जाकर ऑन-ड्यूटी पुलिस ऑफिसर से बोला कि उसने पूजा को मार डाला है क्योंकि वह किसी और के संपर्क में थी।स्थानीय इलाके में भारी सनसनी और पुलिस की फॉरेंसिक जांच तेजइस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री के सामने आने के बाद स्थानीय रिहायशी इलाके में भारी सनसनी और डर का माहौल है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने मृतका पूजा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही वारदात वाली जगह से फॉरेंसिक साक्ष्य, खून के नमूने और दोनों के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और चैट हिस्ट्री खंगाल रही है ताकि आरोपी के दावों की सच्चाई का पता लगाया जा सके और इस अंधे कत्ल की पूरी कड़ियों को कानूनी रूप से जोड़ा जा सके।
एक बेहद चौंकाने वाले और हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने देश के एक नामचीन पुलिस अफसर को घूसखोरी के संगीन आरोपों में गिरफ्तार किया है। कभी अपनी कुशाग्र बुद्धि और देश के लिए गौरव हासिल करने वाले आईआईटी (IIT) इंजीनियर से आईपीएस (IPS) बने दीपक गहलावत अब कानून के शिकंजे में हैं। सीबीआई की इस बड़ी और अचानक हुई कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक अमले और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जिस अधिकारी को युवा अपना रोल मॉडल मानते थे, उनका नाम इस तरह भ्रष्टाचार के दलदल में सामने आने से हर कोई हैरान है।शानदार करियर और मेडल जीतने वाले जांबाज अफसर का सफरआईपीएस दीपक गहलावत का करियर अब तक बेहद शानदार और प्रेरणादायक रहा था। प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने देश की सबसे कठिन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चुने गए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी उत्कृष्ट सेवाओं और जांबाजी के लिए देश के स्तर पर बड़ा मेडल भी अपने नाम किया था। उनकी इस कामयाबी की वजह से वे सोशल मीडिया और स्थानीय युवाओं के बीच एक बड़ी मिसाल माने जाते थे, लेकिन इस एक केस ने उनकी पूरी छवि को धूमिल कर दिया है।सीबीआई का बड़ा जाल और भारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी का पूरा एक्शनसीबीआई को पिछले काफी समय से दीपक गहलावत के खिलाफ एक मामले को रफा-दफा करने और एक आरोपी को राहत देने के एवज में भारी रकम मांगे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस इनपुट के आधार पर बेहद गोपनीय तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन तय पते पर हुआ, सीबीआई की एंटी-करप्शन विंग ने छापेमारी कर आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मौके से जुड़े कुछ अन्य बिचौलियों और संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक हलचल और विभागीय जांच के कड़े आदेशदीपक गहलावत की इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद उनके तैनाती वाले राज्य और स्थानीय क्षेत्रों में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। जांच एजेंसियां अब अधिकारी के ठिकानों, घर और दफ्तरों पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं ताकि आय से अधिक संपत्ति और इस रैकेट से जुड़े अन्य सुरागों का पता लगाया जा सके। स्थानीय प्रशासन और गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत इस मामले में बेहद सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही उन्हें सस्पेंड भी किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण हो गया है। इस अवसर पर शुभकामनाएं देकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके कार्यकाल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती मिली है ...
यूपी में समय से पहले होंगे विधानसभा चुनाव? इन 2 बड़े कारणों से राजनीतिक गलियारों में मची भारी हलचल
उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। लखनऊ के सियासी गलियारों में यह सुगबुगाहट बेहद तेज हो गई है कि क्या उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अपने तय समय से पहले कराए जा सकते हैं। इस कयासबाजी ने सूबे के सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अमूमन निर्धारित समय पर चुनाव देखने वाले उत्तर प्रदेश में आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि प्री-मैच्योर इलेक्शन (समय से पहले चुनाव) की चर्चाएं शुरू हो गई हैं? राजनीतिक विश्लेषकों और अंदरूनी सूत्रों की मानें तो इसके पीछे 2 बेहद मुख्य और ठोस वजहें सामने आ रही हैं।पहली वजह: समय से पहले बड़े फैसलों की झड़ी और प्रशासनिक फेरबदल का दौरपहली बड़ी वजह शासन और प्रशासन के स्तर पर अचानक बढ़ी तेज हलचल को माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल के दिनों में जिस तेजी से बड़े विकास कार्यों को मंजूरी दी जा रही है, जनता से जुड़े लोक-लुभावन फैसले लिए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर आईएएस-आईपीएस (IAS-IPS) अफसरों के तबादले किए जा रहे हैं, वह किसी बड़े राजनीतिक कदम का साफ इशारा है। आमतौर पर ऐसी प्रशासनिक मुस्तैदी और योजनाओं का ताबड़तोड़ लोकार्पण चुनाव बेहद नजदीक आने पर ही देखा जाता है। जमीनी स्तर पर फीडबैक मैकेनिज्म को मजबूत करना और जिला स्तर पर अधिकारियों को कड़े निर्देश देना इस अटकल को और ज्यादा हवा दे रहा है।दूसरी वजह: राजनीतिक दलों की अंदरूनी रणनीति और समय से पहले गठबंधन का महाप्लानदूसरी सबसे महत्वपूर्ण वजह राजनीतिक दलों की आंतरिक संगठन और चुनावी मोड की तैयारियां हैं। सत्ताधारी दल से लेकर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तक, सभी ने बहुत पहले से ही बूथ स्तर पर अपनी कमेटियों को एक्टिव कर दिया है और उम्मीदवारों के चयन की आंतरिक प्रक्रिया को गति दे दी है। इसके साथ ही, दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व की लखनऊ में बढ़ती दिलचस्पी और लगातार हो रही हाई-लेवल मीटिंग्स से यह संकेत मिल रहे हैं कि सभी दल किसी भी आकस्मिक परिस्थिति या समय से पहले होने वाले चुनावी शंखनाद के लिए खुद को पूरी तरह तैयार रखना चाहते हैं ताकि विपक्ष को संभलने का मौका न मिले।लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा हाई, क्या है इन अटकलों का जमीनी सचइन दो बड़ी वजहों के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, पश्चिम यूपी, अवध और बुंदेलखंड जैसे तमाम स्थानीय क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। स्थानीय नेता और कार्यकर्ता अभी से जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने में जुट गए हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक चुनाव आयोग या सरकार की तरफ से समय से पहले चुनाव कराने को लेकर कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन लोकतंत्र के इस सबसे बड़े सूबे में उड़ रही इन अटकलों ने यूपी की राजनीति को पूरी तरह से गरमा दिया है और हर कोई अब अगले राजनीतिक कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
यूपी चुनाव 2027 से पहले राहुल गांधी का बड़ा दांव, अखिलेश यादव को दिया खास भरोसा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सूबे की सियासत में अभी से बड़ी हलचल शुरू हो गई है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन के भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब खुद राहुल गांधी ने पूर्णविराम लगा दिया है। कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को स्पष्ट रूप से भरोसा दिया है कि आगामी यूपी चुनाव 2027 में दोनों पार्टियों का यह मजबूत गठबंधन पूरी तरह बरकरार रहेगा। इस बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने पार्टी के एक नेता के हालिया विवादित बयान से पैदा हुई कड़वाहट को दूर करने की भी पुरजोर कोशिश की है।राजेंद्र पाल गौतम के बयान से मचे सियासी घमासान को किनारे लगाने की हिदायतदरअसल, पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम के एक बयान के बाद सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमीनी स्तर पर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। इस बयान को लेकर भाजपा भी विपक्षी एकजुटता पर लगातार सवाल उठा रही थी। इसी सियासी तनाव को खत्म करने के लिए राहुल गांधी ने अखिलेश यादव से संपर्क साधा और साफ लफ्जों में कहा कि वे राजेंद्र पाल गौतम के उस बयान को पूरी तरह 'इग्नोर' यानी नजरअंदाज करें। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वह बयान नेता की व्यक्तिगत राय हो सकती है, लेकिन गठबंधन की आधिकारिक नीति और सोच केवल शीर्ष नेतृत्व के फैसलों से तय होती है।यूपी 2027 फतह करने के लिए सपा-कांग्रेस का महाप्लान और सीट शेयरिंग की नींवइस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद दोनों ही दलों के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अब सीट शेयरिंग और चुनावी रणनीति को लेकर आपसी तालमेल और बेहतर होगा। लोकसभा चुनाव में मिले शानदार नतीजों से उत्साहित दोनों दल उत्तर प्रदेश की सत्ता से भाजपा को बेदखल करने के लिए एक साझा मिनिमम प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं। राहुल गांधी और अखिलेश यादव का मानना है कि अगर दोनों पार्टियों के वोट बैंक का बिखराव नहीं हुआ, तो साल 2027 में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। दोनों नेता बहुत जल्द लखनऊ में एक साझा मंच भी साझा कर सकते हैं।उत्तर प्रदेश के स्थानीय समीकरणों और जमीनी कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचारराहुल गांधी के इस सकारात्मक संदेश के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, पश्चिम यूपी, बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र के स्थानीय सपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नया जोश देखने को मिल रहा है। लखनऊ के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा आम है कि दोनों पार्टियां अब जिला स्तर पर समन्वय समितियां बनाने की तैयारी में हैं ताकि किसी भी स्थानीय विवाद को समय रहते सुलझाया जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का अखिलेश यादव को यह सीधा भरोसा गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान को शांत करने और आगामी चुनावों में मिलकर लड़ने के लिहाज से बेहद निर्णायक साबित होगा।
फर्जी शादी कर कुंवारों को ठगने वाले गैंग का पर्दाफाश; पति-पत्नी समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने एक फर्जी शादी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को निशाना बनाकर फर्जी शादियां करवाता था और उनसे बड़ी रकम ठगता था।
दिल्ली दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम, खुफिया एजेंसियों ने दबोचे ISI मॉड्यूल के 4 खतरनाक संदिग्ध
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े आतंकी हमले की साजिश से बाल-बाल बची है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने एक बड़े ज्वाइंट ऑपरेशन में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) समर्थित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 4 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इन संदिग्धों के पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये आतंकवादी दिल्ली-एनसीआर के कई वीवीआईपी (VVIP) इलाकों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की फिराक में थे।त्योहारों और अहम मौकों से पहले राजधानी में बड़े धमाकों की थी प्लानिंगगिरफ्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, सीमा पार बैठे आकाओं के इशारे पर इन आतंकियों को दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में लोन-वुल्फ अटैक (Lone-Wolf Attack) या फिर सिलसिलेवार बम धमाके करने का टास्क दिया गया था। आईएसआई का मकसद देश की राजधानी में दहशत का माहौल पैदा करना और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना था। इनके कब्जे से बरामद किए गए डिजिटल डिवाइस और मोबाइल फोन से कुछ संवेदनशील नक्शे और जीपीएस लोकेशन भी मिली हैं, जिन्हें इन्होंने अपने हैंडलर्स के साथ शेयर किया था।दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का बड़ा खुफिया ऑपरेशन और सटीक रेडइस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कई दिनों से जाल बिछा रखा था। टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इनपुट के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के उत्तर-पूर्वी और मध्य जिलों के संदिग्ध ठिकानों पर देर रात एक साथ छापेमारी की। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के चलते इन संदिग्धों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और इन्हें रंगे हाथों दबोच लिया गया। पुलिस अब इन चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके स्थानीय मददगारों (Sleeper Cells) और देश के अन्य हिस्सों में फैले उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट और स्थानीय इलाकों में सुरक्षा सख्तइस बड़ी कामयाबी के बाद पूरी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। विशेष रूप से दिल्ली के सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और मेट्रो स्टेशनों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने स्थानीय नागरिकों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWA) से भी अपील की है कि वे अपने इलाकों में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु को देखते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट्स को भी पूरी तरह एक्टिव कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह के खतरे को समय रहते टाला जा सके।
बेंगलूरु की पत्थर खदान में चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत
बेंगलूरु। कर्नाटक के बेंगलूरु दक्षिण तालुक में गुरुवार सुबह एक पत्थर की खदान में विशाल चट्टान गिरने से बिहार के सात प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में खुदाई कार्य के दौरान लापरवाही की आशंका जताई गई है। यह हादसा मडापट्टना स्थित कावेरी कंपनी की स्टोन क्रशर […] The post बेंगलूरु की पत्थर खदान में चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत appeared first on Sabguru News .
PM Modi ने सनाए तकाइची को बताया 'छोटी बहन', भारत-जापान के बीच AI और सेमीकंडक्टर समेत कई बड़े समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची (Sanae Takaichi) को अपनी छोटी बहन बताया। उन्होंने कहा कि तकाइची की पहली भारत यात्रा पर उनका स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और एक दूरदर्शी और ...
नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न संगठनात्मक और चुनावी समितियों के गठन के बाद चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का दर्द सोशल मीडिया पर छलकता नजर आया। पंजाब कांग्रेस की नई कमेटियों की घोषणा के बाद तिवारी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा करते हुए लिखा […] The post पंजाब कांग्रेस में जिम्मेदारी न मिलने पर मनीष तिवारी का छलका दर्द, सोशल मीडिया पर साझा किया भावनात्मक पोस्ट appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर ट्रस्ट में कौन-कौन शामिल हैं? जानिए सभी सदस्यों के नाम और उनके अधिकार
Ram Mandir Trust Rules & Members: जानिए अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट (श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र) में कितने सदस्य हैं, कौन हैं सबसे ताकतवर IAS अधिकारी और क्या हैं उनके अधिकार। पूरी सूची यहां देखें।
सेवा भारती समेत 72 एनजीओ को विदेशी चंदे की मंजूरी, नियमों में सख्ती के बीच नई सूची जारी
गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इन संगठनों को अलग-अलग सामाजिक, शैक्षिक, धार्मिक और आर्थिक श्रेणियों के तहत विदेशी फंडिंग प्राप्त करने की अनुमति दी गई है। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कुछ संगठनों सहित कई प्रमुख एनजीओ शामिल हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का एलान, जानें क्या है सीट के सियासी समीकरण?
मध्यप्रदेश की हाईप्रोफाइल विधानसभा सीट दतिया पर चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में दतिया में 30 जुलाई को मतदान होगा। वहीं 3 अगस्त को चुनाव नतीजें आएंगे। गौरतलब है कि दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ...
भरतपुर : ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दो महिला श्रमिकों की मौत, 9 अन्य घायल
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के वैर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह मजदूरी के लिए जा रही महिलाओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट जाने से दो श्रमिक महिलाओं की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य महिला श्रमिक घायल हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार घायलों को पहले वैर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से […] The post भरतपुर : ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दो महिला श्रमिकों की मौत, 9 अन्य घायल appeared first on Sabguru News .
धार : कपड़ा शोरूम में भीषण आग, लाखों रुपए के नुकसान की आशंका
धार। मध्यप्रदेश में धार जिले के ग्राम बड़पुरा में मुख्य मार्ग स्थित एक कपड़ा शोरूम में आज सुबह भीषण आग लगने से कपड़ों का स्टॉक, फर्नीचर और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के […] The post धार : कपड़ा शोरूम में भीषण आग, लाखों रुपए के नुकसान की आशंका appeared first on Sabguru News .
‘टॉक्सिक’के टीज़र में रुक्मिणी वसंत का दमदार अंदाज, सोशल मीडिया पर छाया ‘मेलिसा’का किरदार
मुंबई। फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ के नए ग्लिम्प्स ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ में अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत के दमदार और स्टाइलिश अवतार ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर प्रशंसक रुक्मिणी के ‘मेलिसा’ किरदार की जमकर सराहना कर रहे हैं और उन्हें इस झलक का सबसे बड़ा आकर्षण बता रहे […] The post ‘टॉक्सिक’ के टीज़र में रुक्मिणी वसंत का दमदार अंदाज, सोशल मीडिया पर छाया ‘मेलिसा’ का किरदार appeared first on Sabguru News .
खरगोन : नाबालिग को फिल्मों में काम दिलाने का झांसा देने के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज
खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर स्थित विशेष पॉक्सो न्यायालय ने महेश्वर थाना क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका को फिल्मों में काम दिलाने का झांसा देकर भगाने और उससे विवाह करने के आरोपी मोहम्मद फरमान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश रवि जारोला ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए […] The post खरगोन : नाबालिग को फिल्मों में काम दिलाने का झांसा देने के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज appeared first on Sabguru News .
राजस्थान में 32 जीएसटी पंजीकरण विसंगतिपूर्ण पाए गए
जयपुर। राजस्थान में कर चोरी, अवैध बिलिंग एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से राज्य कर विभाग द्वारा डेटा एनालिटिक्स आधारित एक विशेष सत्यापन अभियान संचालित किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर विसंगतियां देखने को मिली हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेटा एनालिटिक्स एवं जोखिम विश्लेषण के आधार पर […] The post राजस्थान में 32 जीएसटी पंजीकरण विसंगतिपूर्ण पाए गए appeared first on Sabguru News .
मुरादाबाद में किशोरी के साथ रेप के दोषी को उम्रकैद की सजा
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद जिले की एक अदालत ने किशोरी के साथ दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। पॉक्सो न्यायालय-2 मुरादाबाद की न्यायाधीश छाया शर्मा की अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख 40 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष ने बृहस्पतिवार को […] The post मुरादाबाद में किशोरी के साथ रेप के दोषी को उम्रकैद की सजा appeared first on Sabguru News .
महोबा में पेड़ पर फांसी पर झूलते मिले युगल के शव
महोबा। उत्तर प्रदेश मे महोबा जिले के चरखारी क्षेत्र में गुरुवार को एक युगल के शव पेड़ मे फांसी पर झूलते हुए पाए जाने से सनसनी फैल गई। पुलिस उप अधीक्षक दीपक दुबे ने बताया कि सबुआ गांव के बाहर एक खेत की मेड में स्थित पेड़ पर झूलते शवों को देख ग्रामीणों ने पुलिस […] The post महोबा में पेड़ पर फांसी पर झूलते मिले युगल के शव appeared first on Sabguru News .
मोनालिसा नाबालिग विवाह मामले में फरमान खान को बड़ा झटका। विशेष POCSO कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। जन्म प्रमाण पत्र और सरकारी रिकॉर्ड की जांच में नए तथ्य सामने आए।
सोनी सब का नया फैमिली सिटकॉम ‘चुडैल चली ससुराल’जल्द होगा शुरू
मुंबई। सोनी सब ने अपने नए फैमिली सिटकॉम ‘चुडैल चली ससुराल’ की घोषणा की है। फैंटेसी, कॉमेडी और पारिवारिक ड्रामा पर आधारित इस शो में अभिनेत्री हिबा नवाब, राखी विजन और अधिक मेहता मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह शो जादुई दुनिया और आम पारिवारिक जीवन के दिलचस्प मेल के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करेगा। […] The post सोनी सब का नया फैमिली सिटकॉम ‘चुडैल चली ससुराल’ जल्द होगा शुरू appeared first on Sabguru News .
‘मैं वापस आऊंगा’देखकर भावुक हुईं कृति खरबंदा
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री कृति खरबंदा ने इम्तियाज़ अली की फिल्म मैं वापस आऊंगा देखने के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि इस फिल्म ने उन्हें अपने दिवंगत दादाजी और नानाजी की याद दिला दी तथा ‘घर’ के मायने उनके लिए पूरी तरह बदल दिए। कृति ने अपने संदेश में […] The post ‘मैं वापस आऊंगा’ देखकर भावुक हुईं कृति खरबंदा appeared first on Sabguru News .
टी 20 मैच : भारत की उम्मीदों पर भारी पड़ी बारिश, मैच हुआ रद्द
चेस्टर-ली-स्ट्रीट। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (59) और कप्तान श्रेयस अय्यर (68) के बेहतरीन अर्धशतकों तथा शिवम दुबे की नाबाद 42 रन की शानदार पारी से भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी 20 मैच में बुधवार को सात विकेट पर 189 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बना लिया लेकिन अंत में बारिश भारत की उम्मीदों पर […] The post टी 20 मैच : भारत की उम्मीदों पर भारी पड़ी बारिश, मैच हुआ रद्द appeared first on Sabguru News .
बेंगलुरु की मशहूर आईटी कंपनी केपजेमिनी (Capgemini) के HAL कैंपस में बने डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ हैवानियत के वीडियो वायरल हो रहे हैं। कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग अधिकारियों से रिपोर्ट मांगेगा ...
मुंबई में आफत की बारिश, हाईटाइड का अलर्ट, पालघर में स्कूल बंद
मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुंबई में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया। ट्रेफिक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पालघर में आज स्कूल बंद है वहीं मुंबई में दोपहर 1.45 ...
बेंगलुरु की पत्थर खदान में दर्दनाक हादसा, चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत
बेंगलुरु के मदापट्टाना स्थित पत्थर खदान में बड़ा हादसा। विशाल चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत, कई घायल। पुलिस ने जांच शुरू की, सुरक्षा मानकों की भी होगी पड़ताल।
Daily Vastu Tips: घर में हर दिन खुश रहना है तो आज ही अपनाएं ये सरल वास्तु टिप्स
Positive Energy at Home: घर केवल ईंट-पत्थरों का मकान नहीं होता, बल्कि यह हमारी ऊर्जा और भावनाओं का केंद्र होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में मौजूद हर छोटी-बड़ी चीज और दिशा हमारी मानसिक शांति और खुशियों को प्रभावित करती है। अगर आप भी चाहते हैं ...
LIVE: भारी बारिश से मुंबई पानी-पानी, हाई टाइड का अलर्ट
Latest News Today Live Updates in Hindi : मुंबई में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। मूसलाधार बारिश की वजह से कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई। पल पल की जानकारी...
Ayodhya Ram Mandir donation theft : राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में जांच को आगे बढ़ाते हुए विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने बुधवार को आरोपित अविनाश शुक्ल की 48 घंटे की अवधि के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। अविनाश के घर से 1121 अमेरिकी ...
लिव-इन में लंबी सहमति के बाद शादी न होना 'रेप' नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Bilaspur High Court) ने लिव-इन रिलेशनशिप और आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों को लेकर एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. माननीय अदालत ने एक महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि दो बालिग (वयस्क) आपसी रजामंदी के साथ लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हों, तो बाद में किन्हीं कारणों से शादी नहीं होने मात्र से उस रिश्ते को 'रेप' (बलात्कार) की श्रेणी में नहीं डाला जा सकता. बिलासपुर हाईकोर्ट ने मामले की शुरुआती सुनवाई (Admission Stage) में ही पीड़िता की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया और निचली अदालत (Trial Court) द्वारा आरोपी युवक को बालिग और रजामंदी के आधार पर बरी किए जाने के फैसले को शत-प्रतिशत सही ठहराया.रायपुर का है मामला, IIM में पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ था रिश्तायह पूरा विवाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का है. मामले के मुताबिक, साल 2019 में एक 40 वर्षीय तलाकशुदा महिला ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईएम रायपुर (IIM Raipur) में एमबीए (MBA) कोर्स में दाखिला लिया था. यहीं पर पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात एक साथी युवक से हुई और धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई.महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि जुलाई 2019 में युवक ने उसे ग्रुप स्टडी के बहाने अपने फ्लैट पर बुलाया और वहां शादी का पक्का भरोसा देकर पहली बार शारीरिक संबंध बनाए. महिला का दावा था कि इसके बाद दोनों लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे. महिला के अनुसार, जब भी वह आगे बढ़कर शादी करने का दबाव बनाती, तो युवक कोई न कोई बहाना बनाकर बात को टाल देता था.'क्रिश्चियन कम्युनिटी और तलाक' का हवाला देकर पीछे हटा युवकरिश्ते में असली मोड़ अगस्त 2021 में आया, जब युवक ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया. युवक का तर्क था कि महिला के पहले से तलाकशुदा होने और दूसरे धर्म (ईसाई समुदाय) से ताल्लुक रखने के कारण उसके माता-पिता और परिवार वाले इस अंतरधार्मिक विवाह के लिए किसी भी कीमत पर तैयार नहीं हैं. युवक के हाथ पीछे खींचने के बाद महिला ने रायपुर पुलिस और राज्य महिला आयोग में युवक के खिलाफ धोखाधड़ी और बलात्कार की गंभीर धाराओं के तहत शिकायत दर्ज करा दी थी.हाईकोर्ट की दो टूक: आज की महिलाएं आत्मनिर्भर, अपने फैसले खुद लेने में सक्षमइस मामले पर पहले सुनवाई करते हुए निचली अदालत ने दोनों पक्षों को मैच्योर, पढ़ा-लिखा और आपसी सहमति से रिश्ते में मानते हुए आरोपी युवक को बालिग होने के नाते बरी कर दिया था. निचली अदालत के इसी फैसले को महिला ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस संजय एस. अग्रवाल और जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की डिवीजन बेंच ने इस अपील पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के आधुनिक समय में महिलाएं आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर हैं और अपने निजी जीवन के फैसले समझदारी से लेने में सक्षम हैं. केस डायरी और रिकॉर्ड से यह पूरी तरह साफ है कि दोनों पक्षों के बीच एक लंबी अवधि तक आपसी रजामंदी से संबंध बने रहे. ऐसे में सिर्फ शादी के वादे से मुकर जाने के आधार पर इसे जबरन बनाया गया संबंध या रेप का अपराध कतई नहीं माना जा सकता.व्यवहार और रिश्ते की अवधि तय करेगी 'सहमति'हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कानून को और स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में यह तय करने के लिए कि संबंध आपसी सहमति से था या दबाव में, कोर्ट को उस रिश्ते की कुल अवधि और दोनों पक्षों के आपसी व्यवहार को गहराई से देखना जरूरी है. हाईकोर्ट को ट्रायल कोर्ट के पुराने फैसले में कोई भी कानूनी या प्रक्रियात्मक गड़बड़ी नहीं मिली, जिसके चलते बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस अपील को पहली ही नजर में खारिज कर आरोपी को बड़ी राहत दी है.
देशभर में फैली अगाध आस्था, असीम उत्साह और अटूट शिवभक्ति के पावन माहौल के बीच गुरुवार सुबह 'श्री अमरनाथ यात्रा-2026' का विधिवत और भव्य शुभारंभ हो गया है. जम्मू के भगवती नगर स्थित मुख्य 'यात्री निवास बेस कैंप' से भोलेनाथ के भक्तों का पहला जत्था 'बम-बम भोले', 'जय बाबा बर्फानी' और 'हर-हर महादेव' के गगनभेदी जयघोष के साथ पवित्र गुफा की ओर कूच कर गया. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने तड़के बेस कैंप पहुंचकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की और पावन छड़ी मुबारक की अगवानी करते हुए श्रद्धालुओं के इस पहले काफिले को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से रवाना किया.57 दिनों तक चलेगी आस्था की महायात्रा, रक्षाबंधन पर होंगे अंतिम दर्शनश्रद्धालुओं का यह पहला जत्था कश्मीर के दो मुख्य रास्तों— बालटाल और पहलगाम बेस कैंप के लिए रवाना किया गया है. इन दोनों ही ट्रेकिंग रूटों से भक्त शुक्रवार, 3 जुलाई से ऊंचे पहाड़ों के बीच स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर अपनी पैदल या खच्चर से आगे की चढ़ाई शुरू करेंगे. आपको बता दें कि इस वर्ष यह पावन धार्मिक यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक अनवरत चलेगी. पूरे 57 दिनों तक चलने वाला आस्था का यह महापर्व सावन महीने के आखिरी दिन यानी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर संपन्न होगा.'वेकेशन नहीं, बाबा का बुलावा आया है' - जयपुर के युवाओं में दिखा अनोखा क्रेजयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं, खासकर युवाओं में एक अलग ही लेवल का जोश और दीवानगी देखने को मिल रही है. जी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए राजस्थान के जयपुर से आए 'GenZ ग्रुप' के युवा शिवभक्तों ने बेहद दिल छू लेने वाली बात कही. उन्होंने कहा, आजकल की जनरेशन छुट्टियों में मौज-मस्ती करने के लिए अक्सर विदेशों या आलीशान हिल स्टेशंस का रुख करती है, लेकिन हमारे लिए दुनिया का सबसे बड़ा सौभाग्य और एडवेंचर बाबा बर्फानी के दरबार में हाजिरी लगाना है. जब बाबा का बुलावा आता है, तो पहाड़ों की हर मुश्किल आसान हो जाती है.थ्री-लेयर सिक्योरिटी: चप्पे-चप्पे पर CRPF का पहरा और वाहनों की कड़क चेकिंगमिडिल ईस्ट और सीमा पार के मौजूदा हालातों को देखते हुए इस बार यात्रा की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है. श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अभेद्य सुरक्षा कवच के घेरे में रवाना किया गया. बख्तरबंद वाहनों का काफिला पूरे रास्ते यात्रियों के आगे और पीछे मुस्तैद रहा. सुरक्षा मानकों को कड़ा करते हुए यात्रा में शामिल हर एक सरकारी और प्राइवेट गाड़ी की आधुनिक मेटल डिटेक्टरों और स्निफर डॉग्स के जरिए गहन जांच की गई. पूरी तरह ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही गाड़ियों को काफिले में शामिल होने का 'विशेष सत्यापन टैग' जारी किया गया.आसमान से ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की नजर, हाईटेक हुआ कंट्रोल रूमअमरनाथ यात्रा रूट पर इस बार 'थ्री-लेयर' यानी बहु-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड लागू किया गया है. भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के जवान पूरे रूट पर तैनात हैं. संवेदनशील और पहाड़ी इलाकों में चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के लिए हाई-डेफिनिशन ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और किसी भी संदिग्ध हवाई खतरे से निपटने के लिए आधुनिक 'एंटी-ड्रोन सिस्टम' लगाए गए हैं. इसके साथ ही, प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कश्मीर के दुर्गम रास्तों पर दर्जनों बड़े लंगर, अत्याधुनिक मेडिकल कैंप, हाईटेक एम्बुलेंस, स्वच्छ पेयजल और चौबीसों घंटे एक्टिव रहने वाले हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं.RFID कार्ड के बिना नो एंट्री: प्रशासन ने जारी की सख्त गाइडलाइनअमरनाथ श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले सभी यात्रियों से एक बेहद जरूरी अपील की है. अधिकारियों ने साफ किया है कि कोई भी यात्री बिना वैध रजिस्ट्रेशन (Valid Registration) और अनिवार्य बारकोडेड RFID कार्ड के यात्रा रूट पर आगे नहीं बढ़ सकेगा. भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत लोकेशन ट्रैक करने के लिए यह आरएफआईडी कार्ड बेहद जरूरी किया गया है. हिमालय की दुर्गम और बर्फीली चोटियों के बीच प्राकृतिक रूप से निर्मित होने वाले हिम शिवलिंग (Ice Stalagmite) के अलौकिक दर्शन के लिए इस साल भी रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जिसके लिए रेस्क्यू टीमें भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं.
आज के डिजिटल दौर में हमारे पास एंटरटेनमेंट के लिए नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, डिज्नी प्लस हॉटस्टार और लाइव टीवी जैसे ढेरों ऑप्शंस मौजूद हैं. लेकिन आज के समय की सबसे बड़ी समस्या यह है कि आखिर क्या देखें और उसे किस ऐप पर ढूंढें? इसी सिरदर्द को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए देश के पॉपुलर ब्रॉडबैंड सर्विस प्रोवाइडर ACT Fibernet ने भारतीय मार्केट में अपना नया एंटरटेनमेंट हब ACT Stream TV 4K लॉन्च कर दिया है. यह कोई साधारण एंड्रॉइड टीवी बॉक्स नहीं है, बल्कि यह एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत से लैस है, जो आपके कंटेंट खोजने के पारंपरिक तरीके को पूरी तरह से बदल देगा. आइए जानते हैं कि इस छोटे से डिवाइस में क्या कुछ खास फीचर्स छिपे हैं और यह आपको कैसे मिल सकता है.क्या है ACT Stream TV 4K और यह कैसे काम करता है?ACT Stream TV 4K एक नेक्स्ट-जेनरेशन स्मार्ट एंटरटेनमेंट डिवाइस है, जो आपके घर के किसी भी साधारण एलसीडी या एलईडी टीवी को एक सुपरस्मार्ट टीवी में कनवर्ट कर देता है. इस डिवाइस को खास तौर पर उन यूजर्स की दिक्कतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो अलग-अलग ओटीटी (OTT) ऐप्स पर अपनी पसंद की फिल्में या सीरीज ढूंढते-ढूंढते थक जाते हैं और उनका काफी समय बर्बाद होता है. इस बॉक्स को टीवी से कनेक्ट करने के बाद आपको हर एक ऐप को अलग से ओपन करके सर्च करने की कोई जरूरत नहीं होगी.'30 मिनट की कॉमेडी' बोलो और कंटेंट हाजिर, AI सर्च का अनोखा जादूइस डिवाइस की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी खासियत इसका AI-पावर्ड कंटेंट सर्च इंजन है. इसके साथ मिलने वाले स्मार्ट रिमोट की मदद से आप अपनी आम बोलचाल की भाषा में कुछ भी बोलकर कंटेंट की डिमांड कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर रिमोट का बटन दबाकर आप कहेंगे 30 मिनट की कॉमेडी या किसी शो का नाम याद न होने पर सिर्फ इतना कहेंगे चेस वाली लड़की का शो, तो इसका एडवांस एआई एल्गोरिदम तुरंत आपके मतलब को समझ जाएगा और सीधे 'क्वीन ऑफ गैम्बिट' जैसा परफेक्ट रिजल्ट स्क्रीन पर लाकर रख देगा. भारतीय यूजर्स के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि यह वॉयस सर्च फिलहाल हिंदी, इंग्लिश, तेलुगु, कन्नड़, मराठी और तमिल जैसी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं को पूरी तरह सपोर्ट करता है.केबल टीवी का झंझट खत्म, 400+ लाइव चैनल्स और OTT एक ही स्क्रीन परअक्सर हमें लाइव न्यूज, क्रिकेट मैच या डेली सोप देखने के लिए नॉर्मल केबल या डीटीएच पर जाना पड़ता है और वेब सीरीज व फिल्मों के लिए ओटीटी ऐप्स का रुख करना पड़ता है. लेकिन ACT Stream TV 4K ने इन दोनों दुनिया को एक ही जगह समेट दिया है. इसके यूजर इंटरफेस (UI) में आपको इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (EPG) के साथ 400 से ज्यादा लाइव टीवी चैनल्स देखने को मिलते हैं. यानी अब आप बिना किसी झंझट के एक ही रिमोट और एक ही स्क्रीन पर लाइव टीवी से ओटीटी ऐप्स के बीच पलक झपकते ही स्विच कर सकते हैं.कस्टमाइजेबल स्मार्ट रिमोट कंट्रोल और क्विक शॉर्टकट्सइस 4K स्ट्रीमिंग बॉक्स के साथ एक बेहद आधुनिक और कस्टमाइजेबल रिमोट कंट्रोल दिया जा रहा है. इस रिमोट की खासियत यह है कि इसमें आप अपनी सहूलियत और पसंद के अनुसार शॉर्टकट बटन (Custom Shortcuts) सेट कर सकते हैं. अगर आप किसी खास ऐप, लाइव टीवी चैनल या किसी फीचर को दिनभर में बार-बार इस्तेमाल करते हैं, तो आपको मेन्यू में जाने की जरूरत नहीं है, बस एक सिंगल बटन दबाकर सीधे वहां पहुंच सकते हैं. इसके अलावा, इसमें पारंपरिक रिमोट की तरह सीधे चैनल नंबर दबाकर लाइव टीवी चैनल बदलने की क्लासिक सुविधा भी बरकरार रखी गई है.कीमत और रेंटल प्लान्स: मात्र ₹99 में ले जाएं घरACT Fibernet ने इस डिवाइस को मार्केट में उतारते समय अपने ग्राहकों के बजट और सहूलियत का पूरा ख्याल रखा है. इसे हासिल करने के दो बेहद आसान विकल्प दिए गए हैं. अगर आप इस डिवाइस को एकमुश्त पैसा देकर खरीदना नहीं चाहते हैं, तो आप मात्र 99 रुपये प्रति महीने के किराए (Rental Plan) पर इसे अपने घर लाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, अगर आप इसे हमेशा के लिए खरीदना चाहते हैं, तो 4,499 रुपये (प्लस GST) का भुगतान करके इसे अपना बना सकते हैं. ध्यान रखने वाली बात सिर्फ इतनी है कि यह शानदार एंटरटेनमेंट डिवाइस और ऑफर फिलहाल केवल ACT Fibernet के एक्टिव ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स के लिए ही उपलब्ध कराया गया है.
हिंदी सिनेमा को 'जब वी मेट' और 'रॉकस्टार' जैसी बेहतरीन रोमांटिक फिल्मों की सौगात देने वाले मास्टर डायरेक्टर इम्तियाज अली एक बार फिर ऑडियंस के दिलों के तारों को छूने में पूरी तरह कामयाब रहे हैं. उनकी नई इमोशनल-ड्रामा फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार धमाल मचा रही है. आज के दौर की फिल्मों से अलग, इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई मारधाड़, भारी-भरकम एक्शन या मसाला एलिमेंट्स नहीं हैं. इसके बावजूद लोग इस दिल छू लेने वाली कहानी को देखने के लिए थिएटर्स तक खिंचे चले आ रहे हैं. भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के गहरे दर्द को पर्दे पर उकेरती यह फिल्म प्यार, अपनों से बिछड़ने और अपनी मिट्टी से जुड़े रहने के अहसास को बेहद खूबसूरती से बयां करती है.नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ की जोड़ी ने रुलाया, एक्टिंग की हो रही तारीफफिल्म की सफलता की एक बड़ी यूएसपी इसकी दमदार स्टारकास्ट और उनकी सधी हुई एक्टिंग है. दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म में 95 साल के एक बुजुर्ग 'ईशर सिंह ग्रेवाल' का रोल प्ले किया है, जो जीवन के आखिरी पड़ाव पर भी अपने पुराने दिनों और बंटवारे में छूटे अधूरे प्यार की यादों में खोए रहते हैं. वहीं, ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ उनके पोते 'निर्वैर' के किरदार में बेहद सहज और शानदार लग रहे हैं. इन दोनों के अलावा फिल्म में शरवरी वाघ, वेदांग रैना, बानीता संधू, रजत कपूर, संजय सूरी और अंजना सुखानी जैसे कलाकारों ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है. 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म का स्क्रीन प्ले दर्शकों को बांधकर रखने में पूरी तरह सफल रहा है.1 करोड़ की सुस्त ओपनिंग से 50 करोड़ पार, माउथ पब्लिसिटी का दिखा दमशुरुआती आंकड़ों को देखकर ट्रेड एक्सपर्ट्स ने इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप मान लिया था. पहले दिन फिल्म ने महज 1.15 करोड़ रुपये की बेहद ठंडी ओपनिंग की थी और ओपनिंग वीकेंड के बाद पहले पूरे हफ्ते में यह सिर्फ 12.25 करोड़ रुपये का ही बिजनेस कर पाई थी. लेकिन असली यू-टर्न इसके बाद आया. मजबूत माउथ पब्लिसिटी और शानदार रिव्यूज के दम पर दूसरे हफ्ते में फिल्म की कमाई ने ऐसी रॉकेट रफ्तार पकड़ी कि बड़े-बड़े ट्रेड पंडित दंग रह गए. दूसरे हफ्ते में फिल्म का कलेक्शन अचानक 80% से भी ज्यादा उछल गया और इसने सीधे 22.55 करोड़ रुपये का बिजनेस कर डाला.तीसरे हफ्ते में भी बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार, बनी 2026 की सरप्राइज हिटथिएटर्स में रिलीज के 20 दिन बीत जाने के बाद भी फिल्म का क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है. सैकनिल्क के लेटेस्ट बॉक्स ऑफिस ट्रेंड्स के मुताबिक, तीसरे हफ्ते के बुधवार (20वें दिन) को फिल्म ने शानदार पकड़ दिखाते हुए 1.40 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जो इसके तीसरे सोमवार की कमाई (1.50 करोड़) के बिल्कुल करीब है. हैरान करने वाली बात यह है कि तीसरे हफ्ते के शुरुआती 5 दिनों में ही फिल्म ने 16 करोड़ रुपये से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है, जो इसके पहले हफ्ते की कुल कमाई से भी काफी ज्यादा है.लगभग 70 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म के डिजिटल और ओटीटी राइट्स पहले ही महंगे दामों में बिक चुके हैं. मौजूदा बॉक्स ऑफिस नियमों के अनुसार, ओटीटी सपोर्ट के बाद अगर कोई फिल्म थिएटर्स से अपने बजट का 65% हिस्सा (यानी करीब 45 करोड़ रुपये) निकाल लेती है, तो उसे कमर्शियल तौर पर हिट माना जाता है. 'मैं वापस आऊंगा' ने अपने 20 दिनों के सफर में अब तक कुल 50.95 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है. 45 करोड़ के टारगेट को पीछे छोड़ते हुए अब यह फिल्म 51 करोड़ के जादुई आंकड़े को छूने की कगार पर है, जिसके चलते इसे बॉक्स ऑफिस पर एक 'क्लीन हिट' घोषित कर दिया गया है.
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के 'राउंड ऑफ 32' के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड ने डीआर कांगो (DR Congo) को 2-1 से धूल चटाकर प्री-क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है. अब 6 जुलाई को मेक्सिको सिटी स्टेडियम में इंग्लैंड की भिड़ंत मेजबान मेक्सिको से होगी, जो इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला हो सकता है. अटलांटा स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मैच में इंग्लैंड की टीम एक समय एक गोल से पिछड़ रही थी, लेकिन कप्तान हैरी केन ने पने जादुई खेल से पासा पलट दिया. उन्होंने मैच में दो शानदार गोल दागकर टीम की मैच में वापसी कराई और जीत की स्क्रिप्ट लिखी. इस जीत के साथ ही 1966 की चैंपियन इंग्लैंड ने अफ्रीकी टीमों के खिलाफ वर्ल्ड कप इतिहास में कभी न हारने के अपने 10 मैचों के अजेय रिकॉर्ड को भी शान से बरकरार रखा है.हैरी केन ने रचा इतिहास: मेसी-एम्बाप्पे के 'एलीट क्लब' में हुए शामिलअटलांटा के मैदान पर दो गोल दागने के साथ ही इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने फुटबॉल इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है. वे इंग्लैंड के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक से ज्यादा फीफा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में 5 या उससे ज्यादा गोल करने का कारनामा किया है. हैरी केन इस समय मेंस इंटरनेशनल फुटबॉल और फीफा वर्ल्ड कप, दोनों में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले सर्वकालिक महान खिलाड़ी हैं. डीआर कांगो के खिलाफ मिली इस सफलता के बाद फीफा वर्ल्ड कप 2026 में उनके गोल की कुल संख्या बढ़कर 5 हो गई है.गोल्डन बूट विनर का सफर: क्लोज और मुलर के रिकॉर्ड की बराबरीबायर्न म्यूनिख के इस स्टार स्ट्राइकर ने साल 2018 में अपना फीफा वर्ल्ड कप डेब्यू किया था, जहां उन्होंने अकेले 6 गोल दागकर 'गोल्डन बूट' अपने नाम किया था. इसके बाद 2022 वर्ल्ड कप में उन्होंने 2 गोल किए और अब 2026 के टूर्नामेंट में एक बार फिर 5 गोल का जादुई आंकड़ा छू लिया है.दुनिया के महानतम फुटबॉलरों की बात करें तो टेओफिलो कुबिलस (पेरू), मिरोस्लाव क्लोज (जर्मनी), थॉमस मुलर (जर्मनी), लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना) और किलियन एम्बाप्पे (फ्रांस) के बाद हैरी केन दुनिया के सिर्फ छठे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो अलग-अलग वर्ल्ड कप एडिशन में 5 या उससे ज्यादा गोल दागे हैं.मेसी और एम्बाप्पे से चल रही है नंबर-1 की रेसवर्ल्ड कप के इतिहास पर नजर डालें तो जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज ने (2002 और 2006) में 5-5 गोल किए थे, जबकि थॉमस मुलर ने (2010 और 2014) में यह कारनामा दोहराया था. अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने 2022 में अपनी टीम को चैंपियन बनाते समय 7 गोल किए थे और इस साल 2026 वर्ल्ड कप में भी वे अब तक 6 गोल दाग चुके हैं. वहीं फ्रांस के सनसनीखेज स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने पिछले वर्ल्ड कप में 8 गोल किए थे और इस बार भी वे 6 गोल ठोक चुके हैं. हैरी केन अब इन दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं.फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले टॉप खिलाड़ी (All-Time)स्थानखिलाड़ी (देश)कुल गोल1.लियोनल मेसी (अर्जेंटीना)19 गोल2.किलियन एम्बाप्पे (फ्रांस)18 गोल3.मिरोस्लाव क्लोज (जर्मनी)16 गोल4.रोनाल्डो नाजारियो (ब्राजील)15 गोल5.गर्ड मूलर (जर्मनी)14 गोल6.जस्ट फोंटेन (फ्रांस)13 गोल7.हैरी केन (इंग्लैंड)13 गोल
धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र में शमी के पौधे का बेहद विशेष और चमत्कारी महत्व माना गया है। इस पौधे को घर के लिए अत्यंत पवित्र और सौभाग्य लाने वाला माना जाता है. हालांकि, इस पौधे का आपके जीवन और घर-परिवार पर पूरी तरह से सकारात्मक प्रभाव पड़ सके, इसके लिए जरूरी है कि इसकी सही दिशा से लेकर इसके रखरखाव के सभी कड़े नियमों का विशेष रूप से पालन किया जाए. ज्योतिष शास्त्र में शमी के पौधे का सीधा संबंध देवों के देव महादेव और न्याय के देवता शनि देव से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि इस पौधे को सही नियम से घर में लगाने और नियमित रूप से इसकी पूजा-अर्चना करने से भयंकर से भयंकर आर्थिक तंगी भी दूर हो जाती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.अगर आपके घर में भी यह पवित्र पौधा लगा हुआ है, तो आपको वास्तु के कुछ बेहद जरूरी नियमों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपके काम में आ रही तमाम बाधाएं दूर हों और किसी भी तरह का वास्तु दोष न लगे. इन नियमों में सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि शमी के पौधे के आसपास कुछ खास चीजों को रखने की सख्त मनाही होती है. आइए जानते हैं कि वे कौन-सी चीजें हैं जिन्हें शमी के गमले के पास कभी नहीं फटकने देना चाहिए।घर में शमी के पौधे के लिए सबसे परफेक्ट दिशा क्या है?वास्तु शास्त्र के अनुसार, शमी के पौधे का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे बिल्कुल सही दिशा में स्थापित किया जाए. शमी के पौधे को हमेशा घर की दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) या फिर पूर्व दिशा में लगाना सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है. अगर आप इसे अपने घर के मुख्य द्वार (Main Gate) पर लगा रहे हैं, तो इसे इस तरह रखें कि जब आप घर से बाहर निकल रहे हों, तो यह पौधा आपकी दाहिनी (Right Side) तरफ पड़े.शमी के पौधे के पास भूलकर भी न रखें ये चीजें1. कूड़ादान या डस्टबिनअगर आपके घर में शमी का पौधा है, तो उसके आसपास या ठीक बगल में भूलकर भी डस्टबिन यानी कूड़ादान न रखें. चूंकि शमी के पौधे में साक्षात भगवान शिव और शनिदेव का वास माना जाता है, इसलिए इसके पास गंदगी या कूड़ा-कचरा रखने से ये दोनों ही शक्तियां अत्यंत क्रोधित हो सकती हैं. ऐसा करने से घर में एक बड़ा वास्तु दोष पैदा होता है, जिससे घर की बरकत रुक जाती है और आर्थिक स्थिति लगातार खराब होने लगती है।2. जूते-चप्पलवास्तु शास्त्र के अनुसार, शमी के पौधे के आसपास या उसकी छाया में कभी भी जूते-चप्पल नहीं उतारने चाहिए और न ही वहां चप्पल स्टैंड रखना चाहिए. जूते-चप्पल अक्सर लेदर (चमड़े) के होते हैं और उनमें बाहर की गंदगी व धूल लगी होती है. जब इन्हें इस पवित्र पौधे के पास रखा जाता है, तो वहां की सकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह नष्ट हो जाती है और वह नकारात्मकता में बदल जाती है. इस घोर लापरवाही से घर में कंगाली पैर पसारने लगती है।3. कांटेदार पौधेशमी के गमले के ठीक बगल में या उसके साथ टच करते हुए कभी भी कोई दूसरा कांटेदार पौधा (जैसे कैक्टस आदि) नहीं रखना चाहिए. वास्तु के अनुसार, शमी के पास कांटेदार चीजें रखने से घर के भीतर की सुख-शांति भंग होती है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेजी से बढ़ता है. इससे आपके बनते कामों में अचानक रुकावटें आने लगती हैं और धन हानि का सामना करना पड़ता है।4. खाली प्लास्टिक के डिब्बे या बाल्टीकई बार लोग गार्डनिंग के चक्कर में या अनजाने में शमी के गमले के पास खाली प्लास्टिक के डिब्बे, कबाड़ या टूटी-फूटी प्लास्टिक की बाल्टियां रख देते हैं. वास्तु विज्ञान के मुताबिक, ऐसा करने से जीवन में 'खालीपन' और अकेलापन बढ़ता है. यह स्थिति घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को पूरी तरह रोक देती है, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच तनाव और आर्थिक संकट गहराने लगता है।
4 पत्रों का नहीं मिला उचित जवाब, संयम लोढ़ा ने 2 IAS समेत 4 अधिकारियों भेजा नोटिस
सबगुरु न्यूज सिरोही। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने प्रदेश के चार अधिकारियों को विधिक नोटिस भेजा है। इनमें दो आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं। ये नोटिस प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर भेजा गया है जिसमें राजस्थान उच्च न्यायालय ने 31 जुलाई को नगर पालिका के चुनाव करवाने आदेश दिए थे। संयम […] The post 4 पत्रों का नहीं मिला उचित जवाब, संयम लोढ़ा ने 2 IAS समेत 4 अधिकारियों भेजा नोटिस appeared first on Sabguru News .
Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था आज जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हो गया। कल श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन-पूजन करेंगे। शुक्रवार से शुरू हो रही 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा को लेकर ...
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के बजट के अनुसार लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राजस्व जुटाने पर ध्यान दें।
Top News 2 July: अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना, WhatsApp के Username फीचर पर रोक
Top News 2 July : अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था जम्मू से पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ। राम मंदिर ट्रस्ट पर शिकंजा कसा। सरकार ने WhatsAPP के नए फीचर पर रोक लगाई। भारत-इंग्लैंड मैच के बीच पहला टी20 मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया। बेल्जियम, ...
पति की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में पूर्व टीएमसी सांसद पुलिस के समन पर नहीं हुईं पेश
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार बुधवार को सेरामपुर पुलिस स्टेशन में पुलिस के सामने पेश नहीं हुईं। उन पर आरोप है कि जब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी उनके पति और तृणमूल पार्षद शाकिर अली को गिरफ्तार कर रहे थे, तब उन्होंने पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली थी।
जम्मू-कश्मीर: रामसू वायाडक्ट और एटी-03 सुरंग का निर्माण पूरा, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताया आभार
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया है
2 जुलाई को सुबह 11 बजे प्रयागराज पहुॅचेगे केशव प्रसाद मौर्य सबसे पहला कायर्क्रम आडिटोरियम-मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज, प्रयागराज में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा वीबी-जी राम जी योजनान्तर्गत आयोजित कार्यकम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे।दोपहर २ बजे के आस-पास सर्किट हाउस, प्रयागराज में पार्टी पदाधिकारियों / मा० जनप्रतिनिधियों से संवाद कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त हुईाकेशव प्रसाद मौर्य का बार बार प्रयागराज जाना 2027 चुनाव की तैयारियों से जोडकर देखा जा सकता हैा
25,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन होंगे सस्ते, GSTघटाकर 5% करने की सिफारिश
अगर आप स्मार्टफोन खरीदने वाले हैं तो आपके लिए खुशखबर है। 25,000 रुपए से कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स पर GST घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने की सिफारिश की गई है, जबकि महंगे डिवाइसों पर 18 प्रतिशत की दर बरकरार रखी जा सकती है।
श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने विपक्ष पर कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा जैसी योजनाएं केवल जनता की मजदूरी की लूट का एक बड़ा स्रोत बनकर रह गई थीं। पूर्ववर्ती सरकारों में भ्रष्टाचार और बिचौलियों का ऐसा तंत्र हावी था कि गरीब मजदूरों के हक का पैसा सीधे उनके हाथों तक पहुंचने के बजाय चंद भ्रष्ट लोगों की जेबों में चला जाता था.उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी। एकल महिलाओं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर तथा अन्य कमजोर वर्गों को विशेष रोजगार गारंटी कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे तथा उन्हें रोजगार आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।उन्होंने कहा कि योजना की सबसे बड़ी विशेषता रोजगार और मजदूरी की कानूनी गारंटी है। प्रत्येक पात्र परिवार को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। मजदूरी का भुगतान निर्धारित दरों पर अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देय होगा तथा यदि मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं होता है तो श्रमिकों को प्रतिदिन 0-05 प्रतिशत की दर से विलम्ब मुआवजा दिया जाएगा। प्रत्येक श्रमिक को शिकायत दर्ज कराने का भी पूर्ण अधिकार होगा।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपी) विकसित भारत-2047 के विजन पर आधारित स्थानीय विकास योजना होगी, जिसे ग्राम पंचायतें सहभागितापूर्ण एवं साक्ष्य आधारित प्रक्रिया से तैयार करेंगी। इसमें जीआईएस आधारित तकनीक, पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म तथा अन्य डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचनाओं का उपयोग किया जाएगा। ग्राम सभा की स्वीकृति के बाद इसे लागू किया जाएगा तथा विभिन्न केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से ग्राम पंचायतों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि योजना की प्रमुख विशेषताओं में मांग आधारित रोजगार, रोजगार की कानूनी गारंटी, समयबद्ध मजदूरी भुगतान, डिजिटल एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली, ग्राम सभा की सक्रिय सहभागिता, सामाजिक अंकेक्षण, जवाबदेही, ग्रामीण आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, पलायन में कमी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना शामिल है।श्री मौर्य ने बताया कि योजना में डिजिटल एवं पारदर्शी व्यवस्था को विशेष महत्व दिया गया है। इसके अंतर्गत बायोमेट्रिक उपस्थिति, जीपीएस आधारित कार्यस्थल निगरानी, ऑनलाइन एमआईएस, सार्वजनिक सूचना प्रणाली, जियो-टैगिंग तथा डिजिटल मस्टर रोल की व्यवस्था होगी। जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा, मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका एवं कृषि आधारित अवसंरचना तथा आपदा एवं जलवायु परिवर्तन से संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी। एकल महिलाओं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर तथा अन्य कमजोर वर्गों को विशेष रोजगार गारंटी कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे तथा उन्हें रोजगार आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि योजना के अंतर्गत अधिकांश कार्य सीधे ग्राम पंचायतों एवं अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से कराए जाएंगे तथा ठेकेदारों की भूमिका पर प्रभावी प्रतिबंध रहेगा। श्रम आधारित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर ग्रामीण श्रमिकों को अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वी-बी-जी-राम-जी योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली योजना सिद्ध होगी। इससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राम मंदिर चढावा चोरी प्रकरण: आरोपी के किराये के कमरे में मिला ‘रामराज्य कोष’का संदिग्ध बक्सा
अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर के दान चोरी प्रकरण में गिरफ्तार आरोपितों में शामिल अविनाश शुक्ला से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। जिस योग केंद्र में अविनाश शुक्ला अपने भाई अभिषेक शुक्ला के साथ किराये पर रहता था, वहां एक संदिग्ध बक्सा रखा मिला है। बक्से पर ‘रामराज्य कोष’ का स्टीकर और पेटीएम का […] The post राम मंदिर चढावा चोरी प्रकरण: आरोपी के किराये के कमरे में मिला ‘रामराज्य कोष’ का संदिग्ध बक्सा appeared first on Sabguru News .
नादिया में पार्टी बैठक के दौरान महुआ मोइत्रा पर अंडों से हमला
कृष्णनगर। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के कालीगंज में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय पर बुधवार को एस समय अंडे फेंके गए जब पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ अंदर बैठी थीं। मोइत्रा ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने […] The post नादिया में पार्टी बैठक के दौरान महुआ मोइत्रा पर अंडों से हमला appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में 20 लाख रुपए लूट की साजिश का पर्दाफाश, तीन आरोपी अरेस्ट
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में 29 जून को हुई 20 लाख रुपए की लूट का पुलिस ने पर्दाफाश करके तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि आरोपियों में नेशनल फ्रूट कंपनी का ही एक कर्मचारी शामिल है। गत 29 जून को सूचना मिली थी कि […] The post भीलवाड़ा में 20 लाख रुपए लूट की साजिश का पर्दाफाश, तीन आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि दो बालिग लंबे समय तक आपसी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहे हों, तो बाद में विवाह नहीं होने मात्र से उसे दुष्कर्म का मामला नहीं माना जा सकता। अदालत ने ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को बरी किए जाने के फैसले को […] The post लंबे समय तक सहमति से रहे लिव-इन संबंध को केवल शादी नहीं होने पर रेप नहीं माना जा सकता : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में 34 करोड़ रुपए का 24 किलोग्राम तस्करी का सोना जब्त, 7 अरेस्ट
नई दिल्ली। सीमापार से सोने की तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी सफलता दर्ज करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने पश्चिम बंगाल में गिरोह का भंडाफोड़ कर विदेश से गैर कानूनी तरीके से लाया गया 24 किलोग्राम सोना जब्त किया है, जिसका मूल्य 34 करोड़ रुपए आंका गया है। एजेंसी ने इस मामले में सात […] The post पश्चिम बंगाल में 34 करोड़ रुपए का 24 किलोग्राम तस्करी का सोना जब्त, 7 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजीत कुमार बाग ने एसआईआर न्यायाधिकरण से दिया इस्तीफा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजीत कुमार बाग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए गठित न्यायाधिकरण से व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम द्वारा मई में इन्हीं आधारों पर न्यायाधिकरण […] The post सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजीत कुमार बाग ने एसआईआर न्यायाधिकरण से दिया इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
भारत के डिजिटल भविष्य के निर्माण में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका : भजनलाल
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत- विकसित राजस्थान 2047 के विजन को साकार करने के लिए राज्य में डिजिटल ढांचा विकसित किया जा रहा है। शर्मा आज यहां 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के बाद राउण्ड टेबल वार्ता में उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद […] The post भारत के डिजिटल भविष्य के निर्माण में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका : भजनलाल appeared first on Sabguru News .
बीकानेर में पुलिस उप निरीक्षक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर के बीछवाल थाना क्षेत्र में बुधवार को जयपुर में पदस्थ एक पुलिस उप निरीक्षक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उप पुलिस निरीक्षक श्रवण विश्नोई (40) ने करणी नगर स्थित पुलिस कॉलोनी में अपने क्वार्टर में फांसी लगा ली। विश्नोई की कुछ महीने पहले ही पदोन्नति […] The post बीकानेर में पुलिस उप निरीक्षक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
लोकमंथन 2026 राष्ट्र की वैचारिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का महायज्ञ : भजनलाल शर्मा
4 से 6 दिसंबर तक जयपुर में हम भारत के लोग विषय पर होगा राष्ट्रीय लोकमंथन जयपुर। भारतीय ज्ञान परंपरा, लोक संस्कृति एवं राष्ट्रीय चिंतन के प्रतिष्ठित मंच ‘लोकमंथन 2026’ की तैयारियों का औपचारिक शंखनाद बुधवार को राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समारोह में लोकमंथन 2026 की स्वागत समिति एवं […] The post लोकमंथन 2026 राष्ट्र की वैचारिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का महायज्ञ : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
WhatsApp Username फीचर पर सरकार की सख्ती, Meta को नोटिस; भारत में लॉन्च पर फिलहाल रोक
केंद्र सरकार ने भारत में WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर को लेकर Meta को नोटिस जारी किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार ने कंपनी को निर्देश दिया है कि इस फीचर को भारत में तब तक लॉन्च न किया जाए, जब तक इस संबंध में चल रही परामर्श प्रक्रिया ...
20 लाख रुपये और एक टूटता हुआ घर: जब सगी सास ही बन गई दामाद के हंसते-खेलते परिवार की सबसे बड़ी दुश्मन
शरीफ अहमद ,सीतापुर : कहते हैं कि पैसा इंसान की ज़रूरतें पूरी कर सकता है, लेकिन जब यही पैसा अंधा लालच बन जाए, तो सबसे पहले रिश्तों का कत्ल करता है। आज हम आपको एक ऐसी ही कड़वी हकीकत से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आपका अपनों पर से भरोसा उठ जाएगा।सोचिए, क्या कोई पत्नी सिर्फ इसलिए अपने पति को उसके बूढ़े मां-बाप और भाई-बहनों से अलग कर सकती है क्योंकि उसके बैंक अकाउंट में कुछ लाख रुपये जमा हैं? क्या कोई सास-ससुर अपने ही दामाद की गाढ़ी कमाई हड़पने के लिए पूरे परिवार को सड़क पर लाने की साज़िश रच सकते हैं?जी हां, एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 15 से 20 लाख रुपये का बैंक बैलेंस देखते ही एक खुशहाल परिवार को साज़िश की सूली पर चढ़ा दिया गया।कैसे शुरू हुआ रिश्तों में ज़हर घोलने का खेल?यह कहानी एक सीधे-साधे और आम परिवार से शुरू होती है। भाई की शादी बड़े अरमानों के साथ हुई थी। घर में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था, लेकिन तभी पत्नी की नज़र अपने पति के बैंक अकाउंट पर पड़ी। अकाउंट में करीब 15 से 20 लाख रुपये जमा थे। इस बड़ी रकम को देखते ही पत्नी के मन में लालच ने जगह बना ली।पति की इस मेहनत की कमाई की जानकारी पत्नी ने तुरंत फोन पर अपनी मां (लड़के की सास) को दे दी। बस, यहीं से शुरू हुआ रिश्तों के बीच दीवार खड़ी करने का वो घिनौना खेल, जिसने एक बेटे को उसके जन्म देने वाले मां-बाप से दूर कर दिया। सास और ससुर ने दामाद के इस पैसे को हड़पने के लिए जाल बुनना शुरू कर दिया। बेटे को इस कदर भड़काया गया कि वो अपने सगे मां-बाप, अपने भाई अब्दुल रहीम और अपनी अविवाहित बहन को भूलकर उस लालची ससुराल पक्ष की उंगलियों पर नाचने लगा।मुहर्रम के दिन सूने घर में बड़ी वारदातलालच की हद तो तब पार हो गई, जब ताज़िये वाले दिन (मुहर्रम के दिन) पूरा इलाका गमगीन था। हर तरफ लोग मजलिस और जुलूस में व्यस्त थे। इसी सूने मौके का फायदा उठाकर वो भाई अपनी पत्नी और ससुराल वालों के इशारे पर अचानक घर पहुंच जाता है। लेकिन वो परिवार से मिलने नहीं, बल्कि सब कुछ तबाह करने आया था।गहनों पर साफ किया हाथ: घर के अंदर रखे सोने और चांदी के तमाम जेवरात, जो शायद बाकी भाई-बहनों की शादी के लिए जोड़कर रखे गए थे, उन्हें बड़ी चालाकी से निकाल लिया गया।खुशियां समेटकर रफूचक्कर: घर के बाकी सदस्य जब तक कुछ समझ पाते, तब तक वो शख्स अपनी पत्नी के साथ मिलकर पूरे घर की खुशियां और जीवनभर की पूंजी समेटकर भाग चुका था।चोरी खुद की और उल्टा पीड़ित परिवार पर ही केस!इस मामले में साज़िश रचने वाले इतने शातिर निकले कि उन्होंने 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली कहावत को सच साबित कर दिया। घर से सारा सोना-चांदी साफ करने के बाद, अपनी चोरी को छुपाने के लिए ससुराल वालों ने एक खौफनाक कानूनी साज़िश रची।उन्होंने खुद पीड़ित बनकर थाने में एक मनगढ़ंत और झूठी तहरीर (शिकायत) दे दी। इल्जाम लगा दिया भाई अब्दुल रहीम और उनके बूढ़े मां-बाप पर। साज़िश ऐसी रची गई ताकि असली पीड़ित पुलिस और कानून के चक्कर में फंस जाएं और ससुराल वाले मजे से उस रकम और चोरी के सोने पर ऐश कर सकें।एक बड़ा सवाल: इस साज़िश की वजह से उस घर का क्या होगा, जहां अभी दो भाइयों की बारात उठनी बाकी है? उस बहन का क्या होगा जिसके हाथ पीले करने के लिए बूढ़े मां-बाप ने पाई-पाई जोड़कर थी?इंसाफ का इंतज़ार: प्रशासन से गुहारपैसों का लालच इंसान को कितना अंधा बना सकता है, यह घटना उसका जीता-जागता सबूत है। इस वक्त अब्दुल रहीम का पूरा परिवार गहरे सदमे में है। एक तरफ भाई के दूर जाने का गम है, तो दूसरी तरफ घर में हुई चोरी और ऊपर से पुलिस केस का झूठा डर।हम स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों से यह मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स खंगाली जाएं, ताकि सच सामने आ सके। बेकसूर मां-बाप और भाई-बहनों को इस झूठे केस से बचाया जाए और लालची साज़िशकर्ताओं को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
स्वास्थ्य क्षेत्र का हारावल दस्ता बनीं आशा वर्कर, UP में 1.60 लाख से ज्यादा संख्या
National Rural Health Mission: हाल के वर्षों में आशा कार्यकर्ता (एक्रेडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट) भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनकर उभरी हैं। आशा कार्यकर्ता गांव की अपने ही समुदाय से चुनी जाती हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने ...

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