छत्तीसगढ़ की सियासत और शासन व्यवस्था से जुड़ी इस वक्त की एक बेहद बड़ी, अहम और नीतिगत खबर सामने आ रही है। राजधानी रायपुर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो चुकी है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में उपमुख्यमंत्री द्वय, कैबिनेट के तमाम वरिष्ठ मंत्री और राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अफसर (IAS Officers) मौजूद हैं। एक वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो साय सरकार की यह कैबिनेट बैठक राज्य के विकास की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। बैठक के एजेंडे में युवाओं, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण विकास से जुड़े कई ऐसे कड़े और कल्याणकारी प्रस्ताव शामिल हैं, जिन पर आज अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है। इस बैठक के शुरू होते ही प्रदेश के सभी विभागों और कर्मचारी यूनियनों में उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है।धान बोनस, किसान कल्याण और इनपुट सब्सिडी को लेकर हो सकता है सबसे बड़ा ऐलानइस कैबिनेट बैठक की बैकस्टेज स्टोरी और मुख्य एजेंडे को अगर हम गहराई से समझें, तो साय सरकार का फोकस हमेशा से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों पर रहा है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में खरीफ सीजन के लिए किसानों को दी जाने वाली इनपुट सब्सिडी, धान खरीदी की अग्रिम व्यवस्थाओं और कृषि उन्नति योजना के अगले चरण के बजट आवंटन को लेकर गंभीर चर्चा की जा रही है। सरकार कुछ ऐसे नीतिगत फैसले ले सकती है जिससे सुदूर अंचलों के किसानों के बैंक खातों में सीधे तौर पर राशि (DBT) ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जा सके। किसान संगठनों को भी इस बैठक से काफी उम्मीदें हैं।शासकीय विभागों में खाली पड़े पदों पर बंपर भर्ती और युवाओं के लिए नई रोजगार नीति का खाकामंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस बैठक में राज्य के युवाओं को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में हैं। राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस महकमे में खाली पड़े हजारों पदों पर सीधी और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है। इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं को निजी उद्योगों में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक नई 'रोजगार प्रोत्साहन नीति' के ड्राफ्ट पर भी मंत्रियों के बीच गहन विचार-विमर्श चल रहा है। इस फैसले के बाद युवाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं और नई नौकरियों को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल सकता है।भौगोलिक और बस्तर-सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष रणनीतिक प्रस्तावभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में बस्तर और सरगुजा संभाग जैसे सुदूर जनजातीय क्षेत्र विकास की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। मंत्रिपरिषद की इस बैठक में इन विशेष क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे (Infrastructure Development) को मजबूत करने के लिए सड़कों, पुल-पुलिया और मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरणों को और अधिक वित्तीय अधिकार सौंपने का निर्णय भी लिया जा सकता है, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की फाइलें लालफीताशाही (Administrative Delays) का शिकार न हों और त्वरित गति से काम हो सके।आधुनिक एआई सर्च और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठकआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से 'Chhattisgarh Cabinet Meeting Decisions' इस वक्त इंटरनेट पर राज्य की सबसे बड़ी सर्च की जाने वाली खबरों में शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन (Good Governance) नीति के तहत लिए जाने वाले ये फैसले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सरकार की छवि को और अधिक मजबूत करेंगे। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी बैठक खत्म होने के बाद एक मुख्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी जाएगी, जिसके बाद विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी तेजी आने की उम्मीद है। अब पूरे प्रदेश की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें मंत्रालय से आने वाले अंतिम फैसलों पर टिकी हुई हैं।
नई दिल्ली। तमिलनाडु सरकार ने मदुरै जिले में थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर एक दरगाह के पास पत्थर के खंभे के ऊपर कार्तिगई दीपम जलाने की अनुमति देने वाले मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रूख किया है। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट की मदुरै खंडपीठ के छह जनवरी के फैसले को चुनौती […] The post तमिलनाडु सरकार ने दीप-स्तंभ में दीप जलाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाता खटखटाया appeared first on Sabguru News .
छत्तीसगढ़ की पावन और खनिज संपदा से भरपूर धरती से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज, चौंकाने वाली और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। महासमुंद जिले के सरायपाली (Saraipali Mahasamund) इलाके में भूवैज्ञानिकों के एक विशेष सर्वे और वैज्ञानिक परीक्षण के दौरान हीरों का एक बड़ा भंडार होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच और टेस्टिंग के दौरान वैज्ञानिकों को यहां से 1.22 कैरेट के 5 चमचमाते असली हीरे (Diamonds Discovered in CG) बरामद हुए हैं। इस बड़ी भूवैज्ञानिक खोज के बाद न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के खनिज महकमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है। एक वरिष्ठ खोजी रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह खोज राज्य की आर्थिक तकदीर बदलने वाली साबित हो सकती है। इस महा-खोज पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने भी अपनी बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसने मरुधरा और देश के औद्योगिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।सरायपाली के नीचे आखिर कैसे मिला हीरों का भंडार, जानिए वैज्ञानिकों के महा-सर्वे की इनसाइड स्टोरीइस ऐतिहासिक भूवैज्ञानिक खोज के बैकस्टेज समीकरणों और तकनीकी पहलुओं को समझें तो भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) और राज्य के खनिज साधन विभाग की टीमें लंबे समय से महासमुंद और सरायपाली बेल्ट की मिट्टी और चट्टानों का बारीकी से अध्ययन कर रही थीं। सरायपाली के अंतर्गत आने वाले कुछ चुनिंदा ग्रामीण अंचलों में पाई जाने वाली किम्बरलाइट चट्टानों (Kimberlite Pipes) के सैंपल्स को जब अत्याधुनिक लैबोरेट्रीज में वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया, तो परिणाम बेहद चौंकाने वाले रहे। जांच में न केवल हीरों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, बल्कि सैंपल में से 1.22 कैरेट के 5 उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक हीरे भी रिकवर किए गए। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तो महज एक झांकी है, जमीनी गहराई में हीरों की एक विशाल पाइपलाइन या बेल्ट छिपी हो सकती है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताई भारी खुशी, कहा- 'छत्तीसगढ़ की समृद्धि का खुलेगा नया द्वार'सरायपाली में हीरों की इस खोज पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा हर्ष व्यक्त करते हुए इसे राज्य के विकास के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती रत्नगर्भा है, जहां कोयला, लोहा, बॉक्साइट और टिन के बाद अब हीरों का यह खजाना मिलना प्रदेश की साख को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच इस पूरे क्षेत्र का विस्तृत वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक मानचित्रण (Detailed Mapping) कराया जाए, ताकि बिना किसी प्रशासनिक देरी के आगामी खनन और उत्खनन की रूपरेखा तैयार की जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि इस खोज से होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास और आदिवासियों के उत्थान पर खर्च किया जाएगा।भौगोलिक और स्थानीय स्तर पर महासमुंद और सरायपाली की पूरी तरह बदलने जा रही है किस्मतभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो महासमुंद जिले का सरायपाली क्षेत्र उड़ीसा की सीमा से सटा हुआ है और आर्थिक रूप से मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। इस इलाके में हीरों के भंडार की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद यह पूरा क्षेत्र रातों-रात देश के सबसे बड़े माइनिंग हब के रूप में उभर सकता है। स्थानीय स्तर पर रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा। जैसे ही हीरों के मिलने की खबर फैली, सरायपाली और आसपास के गांवों में भारी कुतूहल का माहौल बन गया है। जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उन सभी क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है और अनाधिकृत रूप से खुदाई या आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।आधुनिक एआई सर्च और देश की अर्थव्यवस्था पर इस महा-खोज का क्या होगा दूरगामी असरआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते पैटर्न्स के लिहाज से 'Saraipali Diamond Discovery Chhattisgarh' इस वक्त इंटरनेट पर नेशनल और ग्लोबल माइनिंग ट्रेंड्स में शीर्ष पर बना हुआ है। भारत वर्तमान में हीरों की प्रोसेसिंग और कटिंग का बड़ा केंद्र है, लेकिन कच्चे हीरों (Rough Diamonds) के लिए हमें दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। अगर सरायपाली की इस खदान से व्यावसायिक स्तर पर हीरों का उत्पादन शुरू होता है, तो यह देश की आयात निर्भरता को कम करने और मेक इन इंडिया (Make in India) अभियान को गति देने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। अब पूरी दुनिया की नजरें भूवैज्ञानिकों की अगली विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हैं कि सरायपाली के गर्भ में और कितने लाख कैरेट का खजाना छिपा हुआ है।
छत्तीसगढ़ की सियासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास से जुड़ी इस वक्त की एक बेहद बड़ी, महत्वपूर्ण और गौरवशाली खबर सामने आ रही है। राजनांदगांव (Rajnandgaon Chhattisgarh) की पावन धरती पर आयोजित विशाल 'किसान सम्मेलन' में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने शिरकत करते हुए क्षेत्र के विकास को एक नई और अभूतपूर्व रफ्तार दी है। मुख्यमंत्री ने मंच से न केवल क्षेत्र की जनता के जीवन को सुगम बनाने वाले कुल 333 बुनियादी विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, बल्कि राज्य के विकास की रीढ़ माने जाने वाले प्रगतिशील किसानों को शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। एक वरिष्ठ प्रशासनिक और राजनीतिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो साय सरकार का यह कदम छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों को सशक्त बनाने और आगामी ग्रामीण एजेंडे को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।करोड़ों रुपये के 333 विकास कार्यों का तोहफा, बदलेगी राजनांदगांव की पूरी सूरतइस भव्य किसान सम्मेलन और विकास उत्सव की इनसाइड स्टोरी को गहराई से समझें तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लोकार्पित और भूमिपूजित किए गए 333 कार्यों में बुनियादी ढांचे का विकास सबसे शीर्ष प्राथमिकता पर रहा है। इन परियोजनाओं के तहत ग्रामीण इलाकों में नई सड़कों का निर्माण, पुल-पुलिया, सिंचाई के आधुनिक साधन, पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत नए कनेक्शन, स्कूलों के नए भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण शामिल है। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनकी सरकार का एकमात्र संकल्प 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' है, और राजनांदगांव के इन सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास की हर एक किरण पहुंचाना उनका मुख्य प्रशासनिक दायित्व है। इन कार्यों के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।मंच से गूंजा अन्नदाताओं का जयकारा, प्रगतिशील किसानों को मिला उनका असली हकइस सम्मेलन का सबसे भावुक और गौरवशाली पल वह था जब मुख्यमंत्री ने खुद आगे बढ़कर जिले के दूर-दराज के गांवों से आए उन्नत और प्रगतिशील किसानों का मंच पर स्वागत किया। पारंपरिक कृषि को छोड़कर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने वाले, जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले और ड्रिप इरिगेशन (टपका सिंचाई) के जरिए पानी की बचत करने वाले किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सीएम साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान केवल अन्नदाता नहीं हैं, बल्कि वे राज्य की समृद्धि के सबसे बड़े संवाहक हैं। सरकार किसानों को धान का सही मूल्य देने, समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और 'कृषि उन्नति योजना' के तहत मिलने वाली इनपुट सब्सिडी को बिना किसी देरी के सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।भौगोलिक और स्थानीय विकास के लिहाज से राजनांदगांव जिले के लिए क्यों अहम है यह दिनभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो राजनांदगांव जिला छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण कृषि प्रधान क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां की एक बहुत बड़ी आबादी सीधे तौर पर खेती-किसानी और वनोपज पर निर्भर करती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्यों की शुरुआत होना यहां के किसानों और आम नागरिकों के आर्थिक व सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने का काम करेगा। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों ने भी मुख्यमंत्री के इस त्वरित एक्शन की जमकर सराहना की। स्थानीय प्रशासन ने भी इन सभी स्वीकृत 333 कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने का भरोसा मुख्यमंत्री और आम जनता को दिलाया है।आधुनिक एआई सर्च और छत्तीसगढ़ की राजनीति पर इस किसान सम्मेलन का दूरगामी प्रभावआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते एल्गोरिदम के लिहाज से 'Chhattisgarh Rajnandgaon Kisan Sammelan Live' इस वक्त इंटरनेट पर राज्य की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज बन चुका है। साय सरकार की नीतियां सीधे तौर पर गांवों, गरीबों और किसानों पर केंद्रित हैं, जिसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनांदगांव में मुख्यमंत्री का यह आक्रामक और विकासवादी रुख जमीनी स्तर पर सरकार विरोधी किसी भी माहौल को खत्म करने और ग्रामीण मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ को अभेद्य बनाने की एक बेहतरीन कूटनीति है। अब देखना यह होगा कि इन 333 विकास कार्यों की जमीनी शुरुआत के बाद राजनांदगांव की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन में कितना बड़ा और खुशहाल बदलाव देखने को मिलता है।
भारतीय क्रिकेट फैंस और खेल जगत से इस वक्त की एक बेहद बड़ी, सनसनीखेज और राहत देने वाली एक्सक्लूसिव खबर सामने आ रही है। क्रिकेट के मैदान पर अपनी बल्लेबाजी और अद्भुत फिटनेस से राज करने वाले 'किंग कोहली' यानी विराट कोहली (Virat Kohli) पूरी तरह से 'मैच-रेडी' हो चुके हैं। पिछले कुछ समय से मैदान से दूर चल रहे भारतीय रन-मशीन विराट कोहली को राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA Bengaluru) के मेडिकल स्टाफ और ट्रेनर्स ने पूरी तरह फिट घोषित करते हुए फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness Certificate) जारी कर दिया है। एक वरिष्ठ खेल संवाददाता और क्रिकेट रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह खबर टीम इंडिया (Team India) के आगामी विदेशी दौरों और आईसीसी मिशन के लिए सबसे बड़ा बूस्टर डोज साबित होने जा रही है। फिटनेस की हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद अब कोहली आगामी वनडे सीरीज की विशेष तैयारियों के लिए बहुत जल्द लंदन (London) रवाना होने वाले हैं।एनसीए में हुआ कड़ा फिटनेस टेस्ट, यो-यो टेस्ट से लेकर मोशन एनालिसिस तक सब कुछ किया पासइस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी को समझें तो विराट कोहली की फिटनेस को जांचने के लिए बैंगलुरू की नेशनल क्रिकेट एकेडमी में एक बेहद कड़ा और वैज्ञानिक पैमानों पर आधारित टेस्ट शेड्यूल तैयार किया गया था। इस टेस्ट के दौरान न केवल उनके पारंपरिक यो-यो टेस्ट (Yo-Yo Test Score) के स्तर को जांचा गया, बल्कि मैदान पर उनकी रनिंग स्पीड, मांसपेशियों की रिकवरी क्षमता और री-स्टार्ट टाइमिंग का भी बारीकी से बायो-मैकेनिकल और मोशन एनालिसिस किया गया। एनसीए के फिजियो और फिटनेस प्रमुख कोहली की फिटनेस रिपोर्ट देखकर बेहद प्रभावित हुए, क्योंकि ३७ की उम्र को छूने के बाद भी उनके फिटनेस पैरामीटर्स युवा खिलाड़ियों से कहीं ज्यादा बेहतर पाए गए। सभी पैमानों पर शत-प्रतिशत खरा उतरने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की लिखित मंजूरी दे दी है।क्यों खास है विराट कोहली का लंदन दौरा, काउंटी कंडीशंस और इंग्लिश पिचों पर करेंगे कड़ा अभ्यासलंदन रवानगी के पीछे विराट कोहली का एक बड़ा रणनीतिक और तकनीकी मकसद छिपा हुआ है। आगामी महत्वपूर्ण एकदिवसीय (ODI Series) और टेस्ट श्रृंखलाओं को ध्यान में रखते हुए कोहली इंग्लैंड की परिस्थितियों में खुद को ढालना चाहते हैं। लंदन और उसके आसपास के हाई-टेक इनडोर और आउटडोर क्रिकेट क्लबों में वे लाल और सफेद गेंद से विशेष अभ्यास सत्रों (Net Sessions) में हिस्सा लेंगे। ब्रिटेन के इस स्पेशल कंडीशनिंग कैंप के दौरान कोहली स्विंग और सीम होती गेंदों के सामने अपने फुटवर्क और शॉट सिलेक्शन को और अधिक अचूक बनाएंगे। उनके इस निजी अभ्यास सत्र के दौरान कुछ चुनिंदा विदेशी नेट बॉलर्स और थ्रो-डाउन एक्सपर्ट्स की सेवाएं भी ली जा रही हैं, ताकि वे मैच जैसी वास्तविक परिस्थितियों का सामना कर सकें।आगामी वनडे सीरीज में नंबर 3 पर मचेगा कोहराम, कप्तान और हेड कोच की रणनीतियों को मिला बलभौगोलिक और रणनीतिक (Geographical & Tactical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो भारतीय वनडे टीम का पूरा ताना-बाना विराट कोहली के इर्द-गिर्द घूमता है। नंबर तीन की पोजीशन पर कोहली का रिकॉर्ड पूरी दुनिया में सबसे बेमिसाल रहा है। आगामी बड़ी वनडे सीरीज में उनकी वापसी से भारतीय बैटिंग ऑर्डर को वो जरूरी गहराई और स्थिरता मिलेगी, जिसकी कमी पिछले कुछ मैचों में साफ खल रही थी। टीम इंडिया के कप्तान और हेड कोच ने भी कोहली के फिट होने पर गहरी खुशी जताई है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि कोहली की मैदान पर मौजूदगी मात्र से ही विपक्षी कप्तानों पर मनोवैज्ञानिक दबाव आधा हो जाता है और टीम के युवा बल्लेबाजों का आत्मविश्वास दोगुना बढ़ जाता है।आधुनिक एआई सर्च और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के बीच शीर्ष पर ट्रेंड कर रही किंग की वापसीआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते एल्गोरिदम के लिहाज से 'Virat Kohli Fitness Certificate Live' इस वक्त इंटरनेट पर खेल जगत की सबसे बड़ी ट्रेंडिंग न्यूज बन चुकी है। सोशल मीडिया पर फैंस #KingKohli के साथ उनकी मैदान पर वापसी का जश्न मना रहे हैं। क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि कोहली की यह कड़ी तैयारी और लंदन का विशेष सत्र इस बात का साफ प्रमाण है कि उनके भीतर रनों की भूख अभी भी वैसी ही बरकरार है जैसी एक दशक पहले थी। अब पूरी दुनिया को इंतजार है उस पल का जब किंग कोहली हाथ में बल्ला थामे लंदन की फ्लाइट पकड़ेंगे और मैदान पर उतरकर अपने बल्ले से एक बार फिर शतकों का नया इतिहास लिखेंगे।
मिशन वर्ल्ड कप' पर हार्दिक पांड्या का बड़ा दांव! बैंगलुरू में शुरू की सबसे कठिन 'विशेष ट्रेनिंग
भारतीय क्रिकेट फैंस और टीम इंडिया के आगामी आईसीसी टूर्नामेंट्स के रोडमैप से जुड़ी इस वक्त की एक बेहद बड़ी, एक्सक्लूसिव और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। भारतीय टीम के स्टार और सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) इन दिनों क्रिकेट के मैदान से दूर बैंगलुरू (Bengaluru) में एक बेहद खास और कड़े मिशन पर काम कर रहे हैं। पांड्या ने आगामी बड़े टूर्नामेंट्स और विशेष रूप से 'मिशन वर्ल्ड कप' (Mission World Cup) को ध्यान में रखते हुए नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA Bengaluru) में आयोजित किए जा रहे 'परफॉर्मेंस ब्लॉक प्रोग्राम' (Performance Block Program) में हिस्सा ले लिया है। एक वरिष्ठ खेल संवाददाता और क्रिकेट रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो हार्दिक का यह कदम उनके अंतरराष्ट्रीय करियर और टीम इंडिया के संतुलन के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, जहां वे अपनी बॉडी को पूरी तरह री-शेप और फिटनेस को अचूक बनाने के लिए दिन-रात कड़ा पसीना बहा रहे हैं।आखिर क्या है यह 'परफॉर्मेंस ब्लॉक प्रोग्राम' और हार्दिक के लिए क्यों है यह संजीवनीक्रिकेट जगत और स्पोर्ट्स साइंस के इस आधुनिक ट्रेनिंग फॉर्मेट को अगर हम गहराई से समझें, तो 'परफॉर्मेंस ब्लॉक प्रोग्राम' कोई सामान्य जिम या नेट सेशन नहीं है। यह एनसीए के शीर्ष स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, फिजियो और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एक्सपर्ट्स द्वारा तैयार किया गया एक कस्टमाइज्ड हाई-इंटेनसिटी प्रोग्राम है। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य किसी भी खिलाड़ी की मांसपेशियों की ताकत बढ़ाना, चोट लगने की संभावना को पूरी तरह खत्म करना (Injury Prevention) और मैच के दौरान उनकी रिकवरी स्पीड को तेज करना होता है। हार्दिक पांड्या का पुराना इतिहास चोटों (Injuries) से भरा रहा है, जिससे टीम इंडिया का संतुलन कई बार बिगड़ा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई (BCCI) ने हार्दिक के लिए यह विशेष विंडो तैयार की है ताकि वे एक पूर्ण ऑलराउंडर के रूप में चार-चार ओवरों के स्पेल और डेथ ओवर्स में विस्फोटक बल्लेबाजी का भार बिना किसी शारीरिक परेशानी के उठा सकें।बैंगलुरू की हाई-टेक लैब में चल रही है खास ट्रेनिंग, हर एक मूवमेंट पर रखी जा रही है पैनी नजरएनसीए के अंदरूनी सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक, बैंगलुरू में हार्दिक पांड्या की इस ट्रेनिंग की पल-पल की मॉनिटरिंग आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और मोशन कैप्चर कैमरों (Motion Capture Technology) के जरिए की जा रही है। ट्रेनिंग के दौरान उनके बॉलिंग एक्शन के लोड, रन-अप के समय पैरों पर पड़ने वाले दबाव और बैटिंग के दौरान उनके फुटवर्क के संतुलन का बारीकी से बायो-मैकेनिकल विश्लेषण किया जा रहा है। नेशनल कोच और ट्रेनर्स हार्दिक के साथ अलग-अलग शिफ्ट्स में काम कर रहे हैं, जिसमें सुबह के समय कार्डियो और कोर स्ट्रेंथ पर ध्यान दिया जाता है, जबकि दोपहर और शाम के सत्र में उनकी स्किल ट्रेनिंग और मैच सिचुएशन के हिसाब से कड़ा अभ्यास कराया जा रहा है। हार्दिक खुद इस प्रोग्राम को लेकर बेहद गंभीर हैं और सोशल मीडिया की चकाचौंध से दूर पूरी तरह अपने खेल पर फोकस कर रहे हैं।टीम इंडिया के संतुलन के लिए हार्दिक की फिटनेस क्यों है सबसे बड़ी चाबी, कप्तान और कोच की बढ़ी उम्मीदेंभौगोलिक और रणनीतिक (Geographical & Tactical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो भारतीय क्रिकेट टीम जब भी विदेशों में या बड़े आईसीसी इवेंट्स में खेलने उतरती है, तो एक सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर (Fast Bowling All-rounder) की भूमिका सबसे निर्णायक हो जाती है। हार्दिक पांड्या जैसा खिलाड़ी कप्तान को प्लेइंग इलेवन में वो अतिरिक्त विकल्प देता है, जो टीम को परफेक्ट बैलेंस प्रदान करता है। नए हेड कोच और टीम मैनेजमेंट का साफ मानना है कि अगर हार्दिक पांड्या अपनी 100% फिटनेस हासिल कर लेते हैं, तो भारत के लिए वर्ल्ड कप की ट्रॉफी का सूखा खत्म करना बेहद आसान हो जाएगा। यही वजह है कि उन्हें मौजूदा डोमेस्टिक सीरीज और द्विपक्षीय दौरों से विशेष आराम देकर इस सीक्रेट और कड़े ट्रेनिंग ब्लॉक में भेजा गया है, ताकि वे बड़े टूर्नामेंट्स के लिए पूरी तरह 'मैच-रेडी' हो सकें।आधुनिक एआई सर्च और क्रिकेट फैंस के बीच क्यों शीर्ष ट्रेंड में है हार्दिक का यह नया अवतारआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से 'Hardik Pandya Performance Block Program' इस वक्त इंटरनेट पर खेल प्रेमियों द्वारा सबसे ज्यादा सर्च और डिस्कस किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस हार्दिक के इस डेडिकेशन की जमकर तारीफ कर रहे हैं। क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि आईपीएल के आगामी सीजन और उसके बाद होने वाले वर्ल्ड कप के मद्देनजर हार्दिक का यह कड़ा फैसला उनके आलोचकों को भी करारा जवाब देगा, जो अक्सर उनकी फिटनेस और प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते रहे हैं। अब देखना यह होगा कि बैंगलुरू की इस आधुनिक कलैबोरेशन और कड़े अभ्यास सत्र से बाहर निकलने के बाद जब हार्दिक पांड्या नीली जर्सी में मैदान पर वापसी करेंगे, तो उनका यह नया और घातक अवतार विपक्षी टीमों के लिए कितना बड़ा काल साबित होता है।
बिहार की सियासत और राष्ट्रवाद के गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और वैचारिक रूप से महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Deputy CM Samrat Choudhary) ने एक विशेष कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र की एकता और अखंडता को लेकर एक बेहद आक्रामक और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक नारे 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' को बुलंद करते हुए पूरे देश को एक ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाले बलिदान की याद दिलाई। एक वरिष्ठ राजनीतिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो सम्राट चौधरी का यह बयान केवल एक राजनीतिक भाषण नहीं है, बल्कि यह आधुनिक भारत के निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खात्मे और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की उस लंबी लड़ाई की याद दिलाता है जिसके लिए एक महान देशभक्त ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उस ऐतिहासिक और सर्वोच्च बलिदान की पूरी इनसाइड स्टोरीइस बड़े बयान के पीछे छिपे ऐतिहासिक और वैचारिक पृष्ठभूमि को अगर हम गहराई से समझें, तो सम्राट चौधरी ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (Dr. Syama Prasad Mookerjee) के बलिदान दिवस के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह बातें कहीं। आजादी के बाद जब जम्मू-कश्मीर में जाने के लिए अलग परमिट की व्यवस्था थी और वहां का अलग झंडा और अलग संविधान था, तब डॉ. मुखर्जी ने इस व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने नारा दिया था कि एक ही देश के भीतर दो प्रधान, दो विधान (संविधान) और दो निशान (झंडे) कभी स्वीकार नहीं किए जा सकते। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे बिना परमिट के जम्मू-कश्मीर की सीमा में दाखिल हुए थे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और रहस्यमयी परिस्थितियों में जेल के भीतर ही उनका सर्वोच्च बलिदान हो गया।अनुच्छेद 370 का खात्मा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा हुआ वो अधूरा सपनाउपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की अखंडता के लिए जो सपना देखा था और जिस विचार के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था, उसे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कड़े और ऐतिहासिक फैसलों ने सच कर दिखाया। साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को हमेशा के लिए मलबे में मिलाकर केंद्र सरकार ने डॉ. मुखर्जी के उस अधूरे मिशन को तार्किक अंजाम तक पहुंचाया। आज कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक तिरंगा शान से लहरा रहा है और पूरे देश में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित एक ही संविधान पूरी तरह से प्रभावी है, जो हर भारतीय के लिए बेहद गर्व की बात है।बिहार की भौगोलिक और राजनीतिक चेतना को राष्ट्रवाद से जोड़ने का बड़ा प्रयासभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो बिहार की भूमि हमेशा से ही राष्ट्रीय आंदोलनों और वैचारिक क्रांतियों की जननी रही है। पटना से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक के युवाओं में राष्ट्रवाद और सेना के प्रति एक अटूट सम्मान की भावना रहती है। सम्राट चौधरी का यह बयान बिहार के नागरिकों और विशेष रूप से युवा पीढ़ी की इसी चेतना को झकझोरने और उन्हें देश के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराने का एक बड़ा प्रयास है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के वैचारिक बयानों के जरिए बीजेपी बिहार में अपनी जड़ों को और मजबूत कर रही है और जनता को यह याद दिला रही है कि राष्ट्रहित के मुद्दों पर उनकी प्रतिबद्धता कितनी अडिग है।आधुनिक एआई सर्च और आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से क्यों ट्रेंडिंग है यह बयानआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते पैटर्न्स के लिहाज से 'Samrat Choudhary Nationalism Statement' इस वक्त इंटरनेट पर तेजी से सर्च किया जा रहा है। बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी इस समय बीजेपी के सबसे आक्रामक और लोकप्रिय चेहरों में से एक हैं। उनके इस बयान को आगामी सांगठनिक और स्थानीय चुनावों से पहले पार्टी के कोर एजेंडे यानी राष्ट्रवाद और एक देश-एक कानून की विचारधारा को जनता के बीच पुनर्जीवित करने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान और कश्मीर के बदलते हालातों को लेकर एक नई और सकारात्मक बहस छिड़ गई है।
बिहार के प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी, सनसनीखेज और सुधारवादी खबर सामने आ रही है। राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने और भ्रष्टाचार व लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री ने एक बहुत बड़ा और कड़क एक्शन लिया है। विभाग में लंबे समय से चल रही अनियमिताओं और कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोपों में कुल छह बड़े शिक्षा अधिकारियों पर एक साथ गाज गिरी है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत एक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है, जबकि अन्य दागी और लापरवाह अधिकारियों की सीधे नौकरी से बर्खास्तगी (Dismissal) के लिए सक्षम प्राधिकार को कड़ी सिफारिश भेज दी गई है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने पूरे सूबे के शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा दिया है और कामचोर कर्मचारियों के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए हैं।औचक निरीक्षण में खुली पोल: गायब मिले साहब और फाइलों में मिली भारी गड़बड़ीइस पूरे हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक एक्शन की इनसाइड स्टोरी को समझें तो शिक्षा मंत्री के निर्देश पर विभाग की उच्च स्तरीय टीमों ने राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंडों (ब्लॉक्स) के शिक्षा कार्यालयों और सरकारी स्कूलों का अचानक औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया था। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान कई चौंकाने वाली हकीकतें सामने आईं। जांच टीम को पता चला कि कई अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक छुट्टी के अपने दफ्तरों से गायब थे, जिससे आम जनता और शिक्षकों के जरूरी काम हफ्तों से लटके पड़े थे। इसके अतिरिक्त, जब कार्यालयों के वित्तीय रिकॉर्ड, छात्रवृत्ति वितरण और मिड-डे मील से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों को खंगाला गया, तो उनमें व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं और गंभीर कमियां पाई गईं। इसी पुख्ता जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा मंत्री ने सीधे एक्शन की फाइल पर अपनी मुहर लगा दी।एक बीईओ तत्काल प्रभाव से निलंबित, बाकी अधिकारियों को नौकरी से हटाने की पुरजोर तैयारीशिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, कर्तव्य में लापरवाही बरतने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और अपने कार्यक्षेत्र में लगातार अनुपस्थित रहने के ठोस सबूत मिलने पर संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को तुरंत सस्पेंड कर विभागीय मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनके खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच (Departmental Inquiry) भी चलाई जाएगी। वहीं, अन्य पांच अधिकारियों का मामला इससे भी अधिक गंभीर पाया गया है। इन अधिकारियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लंबे समय से बिना किसी वैध कारण के ड्यूटी से नदारद रहने (Long Absenteeism) के संगीन आरोप सिद्ध हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री ने इन्हें सेवा से पूरी तरह बर्खास्त करने की अंतिम सिफारिश सामान्य प्रशासन विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी है।बिहार की भौगोलिक और सुदूर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बड़ी कवायदभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों जैसे उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। प्रखंड स्तर के अधिकारियों (BEO) और जिला शिक्षा कार्यालयों की सुस्ती के कारण पटना मुख्यालय से जारी होने वाली जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर सही समय से नहीं पहुंच पाती हैं। शिक्षा मंत्री की इस कड़क कार्रवाई का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों पर पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर इस कड़े संदेश से यह साफ हो गया है कि अब पटना से दूर बैठे अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को भी निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षा विभाग के कार्यों की नियमित समीक्षा करें और गड़बड़ी मिलने पर तुरंत रिपोर्ट भेजें।आधुनिक एआई सर्च और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह कदमआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से 'Bihar Education Department Action' इस वक्त इंटरनेट पर तेजी से सर्च किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर लगातार कड़े कदम उठा रही है। शिक्षा मंत्री के इस हालिया फैसले को राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने और शिक्षकों व अधिकारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षाविदों और आम जनता ने सरकार के इस साहसिक कदम का स्वागत किया है। अब देखना यह होगा कि इस कड़े हंटर के बाद बिहार की चरमराई शिक्षा व्यवस्था की रफ्तार में कितना बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है।
देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट (NEET 2026) को लेकर मचे देशव्यापी बवाल के बीच हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे परीक्षा घोटाले और धांधली की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसियों को एक ऐसा बड़ा सुराग हाथ लगा है, जिसने बिहार की चिकित्सा शिक्षा और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए अधिकारियों को पता चला है कि नीट परीक्षा में हुई इस सुनियोजित गड़बड़ी और लीक की साजिश का मुख्य केंद्र बिंदु पटना का प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित पीएमसीएच (Patna Medical College and Hospital) रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के एक होनहार छात्र की संलिप्तता सीधे तौर पर इस पूरे रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड के साथ पाई गई है, जो कि उसका बेहद करीबी और राजदार माना जा रहा है। एक अपराध और शिक्षा खोजी रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह कोई सामान्य धांधली नहीं, बल्कि एक बेहद हाई-प्रोफाइल और संगठित सिंडिकेट का काम है, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुलनी शुरू हो गई हैं।सॉल्वर गैंग का मुख्य हिस्सा था पीएमसीएच का छात्र, परीक्षा से ठीक पहले तैयार किया गया था ब्लूप्रिंटजांच टीम के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पीएमसीएच का यह संदिग्ध छात्र खुद एक बेहद मेधावी छात्र रहा है और उसने कुछ ही साल पहले अच्छे अंकों के साथ नीट परीक्षा क्रैक की थी। उसकी इसी प्रतिभा का फायदा उठाने के लिए परीक्षा माफिया और पेपर लीक के मुख्य मास्टरमाइंड ने उसे अपने जाल में फंसाया। इस छात्र पर आरोप है कि वह इस अंतरराज्यीय 'सॉल्वर गैंग' (Solver Gang) का एक मुख्य स्तंभ था, जिसका काम मोटी रकम के बदले लीक हुए प्रश्नपत्रों के सटीक उत्तर (आंसर-की) बेहद कम समय में तैयार करना था। परीक्षा से ठीक पहले पटना के एक गुप्त ठिकाने पर इस छात्र और मास्टरमाइंड के बीच कई दौर की गोपनीय बैठकें हुईं, जहां परीक्षा के दिन डिजिटल माध्यमों से उत्तरों को देश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक ट्रांसफर करने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था।इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और भारी कैश बरामद, बैंक खातों के मनी ट्रेल को खंगाल रही जांच एजेंसीजैसे ही तकनीकी सर्विलांस और पकड़े गए अन्य आरोपियों के बयानों के आधार पर जांच एजेंसी ने पीएमसीएच के हॉस्टल और छात्र के ठिकानों पर अचानक छापेमारी की, तो वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। इन उपकरणों में गुप्त ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रो सिम कार्ड और कई परीक्षार्थियों के ओरिजिनल एडमिट कार्ड शामिल हैं। इसके साथ ही, छात्र के बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के संदिग्ध और अचानक हुए लेन-देन का भी पता चला है। जांच एजेंसी अब इस 'Money Trail' (पैसों के लेन-देन के रास्ते) को बारीकी से खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट की वित्तीय जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके पीछे किन बड़े सफेदपोशों और कोचिंग माफियाओं का हाथ है।पटना और बिहार की भौगोलिक जड़ों से जुड़े हैं इस महा-घोटाले के तार, देश भर में फैले नेटवर्कभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो पटना का 'पीएमसीएच' और इसके आसपास का इलाका हमेशा से बिहार के शिक्षा जगत का दिल माना जाता रहा है। लेकिन इस प्रतिष्ठित संस्थान का नाम इस तरह के गंभीर घोटाले में आने से राज्य की साख को बड़ा धक्का लगा है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ पटना तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार पड़ोसी राज्यों जैसे झारखंड, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि दिल्ली-एनसीआर के कई परीक्षा केंद्रों से भी जुड़े हुए थे। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब पटना के कई अन्य लॉज और हॉस्टलों में भी सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि इस छात्र के संपर्क में रहे अन्य संदिग्धों और सहयोगियों को भी समय रहते गिरफ्तार किया जा सके।आधुनिक एआई सर्च और नीट के भविष्य पर क्या होगा इस कड़े खुलासे का दूरगामी असरआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स के लिहाज से 'NEET Exam Controversy' इस वक्त इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले विषयों में शीर्ष पर है। देश भर के लाखों छात्रों और अभिभावकों का भविष्य इस परीक्षा की पवित्रता से जुड़ा हुआ है। पीएमसीएच के छात्र से जुड़े इस सनसनीखेज खुलासे के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय पर सुरक्षा मानकों को लेकर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है। कोर्ट की सख्त निगरानी में चल रही इस जांच के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से फुलप्रूफ बनाने के लिए कड़े प्रशासनिक और डिजिटल सुधार किए जा सकते हैं, ताकि किसी भी होनहार छात्र के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो सके।
राजस्थान की सियासत और प्रदेश के सबसे बड़े जल संकट को दूर करने की दिशा में इस वक्त की एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए देश की राजधानी दिल्ली के दौरे पर हैं। यह दौरा किसी सामान्य राजनीतिक मुलाकात के लिए नहीं, बल्कि दशकों पुरानी और मरुधरा के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली 'यमुना जल परियोजना' (Yamuna Water Project Rajasthan) को धरातल पर उतारने के लिए आयोजित किया जा रहा है। एक वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के तत्वावधान में होने जा रही यह बैठक पूरी तरह से निर्णायक साबित हो सकती है। इस बैठक के सफल होने से राजस्थान के कई सूखाग्रस्त जिलों, विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र के प्यासे कंठों और खेतों तक यमुना का पानी पहुंचने का रास्ता हमेशा के लिए साफ हो जाएगा।दशकों पुराना यमुना जल विवाद और भजनलाल सरकार की कूटनीतिक जीत की बैकस्टोरीइस पूरे मामले की बैकस्टेज स्टोरी को अगर गहराई से समझें, तो राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के बीच यमुना नदी के पानी के बंटवारे को लेकर साल 1994 से ही विवाद और समझौते की फाइलें धूल फांक रही थीं। पूर्व की सरकारों के समय इच्छाशक्ति की कमी के कारण राजस्थान को अपने हक का पानी नहीं मिल पा रहा था। लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सत्ता संभालते ही पड़ोसी राज्य हरियाणा के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत शुरू की और पिछले दिनों एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। अब इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने, पाइपलाइन के रूट मैप को फाइनल करने और इसके लिए आवश्यक भारी-भरकम बजट के आवंटन को लेकर दिल्ली में यह महा-बैठक बुलाई गई है, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों के साथ तीनों राज्यों के शीर्ष नौकरशाह भी शामिल हो रहे हैं।शेखावाटी के तीन जिलों सहित मरुधरा के इन बड़े इलाकों की पूरी तरह बदल जाएगी तकदीरभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह परियोजना राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं और सीकर (शेखावाटी क्षेत्र) के साथ-साथ बियाबान माने जाने वाले कई अन्य इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इन क्षेत्रों में भूजल स्तर खतरनाक रूप से नीचे जा चुका है और पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण स्थानीय आबादी गंभीर बीमारियों से जूझ रही है। यमुना जल परियोजना के तहत हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पाइपलाइनों के जरिए शुद्ध पेयजल और सिंचाई का पानी सीधे राजस्थान के इन जिलों में लाया जाएगा। इस बैठक में पानी की मात्रा, वितरण प्रणाली और स्थानीय स्तर पर बनने वाले विशाल जल भंडारों (Water Reservoirs) के निर्माण को लेकर अंतिम मंजूरी दी जाएगी, जिससे आने वाले समय में यहां की खेती और पीने के पानी की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।हजारों करोड़ का बजट और आधुनिक अंडरग्राउंड पाइपलाइन तकनीक पर लगेगी अंतिम मुहरसचिवालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हो रही इस निर्णायक बैठक में परियोजना की कुल अनुमानित लागत और उसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी (फंडिंग पैटर्न) पर सबसे महत्वपूर्ण चर्चा होगी। पारंपरिक खुली नहरों के बजाय इस बार पूरी परियोजना को 'अंडरग्राउंड कंक्रीट पाइपलाइन' (Underground Pipeline System) के जरिए पूरा करने का प्रस्ताव है। इस आधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रास्ते में पानी की चोरी और वाष्पीकरण (Evaporation) के कारण होने वाले नुकसान को शून्य किया जा सकेगा। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) से जुड़े विवादों में भी भारी कमी आएगी। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इस बैठक में मुख्यमंत्री के सामने अपना फाइनल प्रजेंटेशन देगी ताकि बिना किसी देरी के टेंडर प्रक्रिया की शुरुआत की जा सके।आधुनिक एआई सर्च और राजस्थान के चुनावी समीकरणों पर इस बैठक का दूरगामी असरआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से यह मुद्दा पूरे देश में शीर्ष पर बना हुआ है। 'पानी' राजस्थान की राजनीति का सबसे संवेदनशील और बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। भजनलाल शर्मा सरकार द्वारा यमुना जल परियोजना को हकीकत में बदलना आगामी स्थानीय निकाय और सांगठनिक चुनावों में बीजेपी के लिए एक बहुत बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है। विपक्ष के पास लंबे समय से इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का मौका था, लेकिन मुख्यमंत्री का यह त्वरित और आक्रामक रुख विरोधियों के राजनीतिक एजेंडे को पूरी तरह शांत कर देगा। अब पूरे राजस्थान की नजरें दिल्ली से आने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि कब मरुधरा की प्यासी धरती पर यमुना मैया का आगमन होता है।
राजस्थान की सियासत और सत्ता के गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण रणनीतिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने राज्य में लंबे समय से लंबित पड़ी राजनीतिक नियुक्तियों (Political Appointments in Rajasthan) का पिटारा खोलने की पूरी तैयारी कर ली है। इस महा-कवायद की शुरुआत राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) जैसी शीर्ष संस्थाओं में बड़े स्तर पर महत्वपूर्ण पदस्थापनों के साथ हो चुकी है। एक राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह शुरुआती कदम इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में राज्य के विभिन्न बोर्डों, निगमों और आयोगों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। सचिवालय से लेकर राजनीतिक हलकों तक इस वक्त केवल इसी बात की चर्चाएं तेज हैं।आरपीएससी और आरबीएसई से हुई शुरुआत: प्रशासनिक सुधार और साख बचाने की बड़ी चुनौतीइस पूरी कवायद के बैकस्टेज समीकरणों को समझें तो भजनलाल सरकार ने सबसे पहले राज्य की दो सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील संस्थाओं को चुना है। पिछले कुछ समय में पेपर लीक और विभिन्न प्रशासनिक विवादों के कारण आरपीएससी की साख पर जो सवाल उठे थे, उन्हें सुधारना सरकार की सबसे शीर्ष प्राथमिकता है। आरपीएससी और अजमेर स्थित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) में योग्य और विश्वसनीय चेहरों की ताजपोशी कर सरकार ने यह साफ संदेश दे दिया है कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इन प्रमुख पदों पर नियुक्तियों के बाद अब प्रशासनिक मशीनरी में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जो युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी बेहद अहम है।बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियों की बारी: कार्यकर्ताओं का इंतजार होगा खत्म, रेस में कई बड़े नामआरपीएससी और आरबीएसई का काम पूरा होने के बाद अब बीजेपी के कर्मठ कार्यकर्ताओं, जिला अध्यक्षों और चुनाव के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ नेताओं का लंबा इंतजार खत्म होने जा रहा है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Jaipur) ने विभिन्न बोर्डों और आयोगों (जैसे महिला आयोग, एससी-एसटी आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, आवासन मंडल, और बीज निगम) के लिए संभावित उम्मीदवारों की एक शॉर्टलिस्ट तैयार कर ली है। इस सूची को अंतिम मंजूरी के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय संगठन के पास भी भेजा गया है। माना जा रहा है कि पार्टी के प्रति वफादार रहे उन दिग्गज चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पिछले चुनाव में टिकट से वंचित रह गए थे, ताकि आगामी सांगठनिक समीकरणों को पूरी तरह से साधा जा सके।क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की बड़ी सोशल इंजीनियरिंग: हर वर्ग को साधने का प्रयासभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो राजस्थान में किसी भी राजनीतिक नियुक्ति में सोशल इंजीनियरिंग और जातीय समीकरण सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। भजनलाल सरकार इस बात को लेकर बेहद गंभीर है कि मारवाड़, मेवाड़, ढूंढाड़, हाड़ौती और शेखावाटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों को इन नियुक्तियों में उचित प्रतिनिधित्व मिले। इसके साथ ही, जाट, राजपूत, ब्राह्मण, गुर्जर, दलित और आदिवासी समुदायों के बीच एक सटीक सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर जैसे बड़े संभागों के स्थानीय नेताओं को विशेष तवज्जो देकर जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत करने की यह एक सोची-समझी कूटनीति है।आधुनिक एआई सर्च और आगामी चुनाव समीकरणों के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह कदमआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते पैटर्न्स के लिहाज से यह राजनीतिक हलचल इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली खबरों में शामिल हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस बड़े कदम को आगामी स्थानीय निकाय और अन्य सांगठनिक चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियों के जरिए सरकार न केवल अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचाएगी, बल्कि विपक्ष के उस घेराव का भी कड़ा जवाब देगी जिसमें नियुक्तियों में देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे थे। अब देखना यह होगा कि कैबिनेट की अगली अनौपचारिक बैठक के बाद सूबे की इस नई सूची से किन-किन भाग्यशाली चेहरों के नाम सामने आते हैं।
देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान से इस वक्त की एक बेहद बड़ी, नीतिगत और दूरगामी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने राज्य में यूनीफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) यानी समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में अपने कदम बहुत तेजी से आगे बढ़ा दिए हैं। राजस्थान सरकार ने मरुधरा की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखते हुए यूसीसी का एक बेहद मजबूत और आधुनिक ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नए कानून के आने के बाद विवाह, तलाक, गोद लेने की प्रक्रिया और पैतृक संपत्ति के बंटवारे जैसे संवेदनशील मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू हो जाएगा। एक वरिष्ठ राजनीतिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो भजनलाल सरकार का यह फैसला उत्तराखंड के बाद देश में यूसीसी लागू करने वाला दूसरा बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जिसने पूरे राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है।लिव-इन रिलेशनशिप का होगा कड़ा सरकारी रजिस्ट्रेशन: नियम तोड़ा तो मिलेगी सीधी जेलभजनलाल सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे यूसीसी ड्राफ्ट का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू 'लिव-इन रिलेशनशिप' (Live-in Relationship Rules) को लेकर आ रहा है। नए प्रावधानों के तहत अब राजस्थान में रहने वाले किसी भी लिव-इन कपल के लिए स्थानीय प्रशासन या संबंधित पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया जाएगा। यदि कोई जोड़ा बिना रजिस्ट्रेशन के एक साथ रहता हुआ पाया जाता है, तो उसे कानूनी रूप से अवैध माना जाएगा और इसके लिए भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी कड़ा प्रावधान किया जा रहा है। इसके अलावा, यदि लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान किसी बच्चे का जन्म होता है, तो उसे माता-पिता की संपत्ति में पूरी तरह से वैध उत्तराधिकारी माना जाएगा, जिससे महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को एक नया और मजबूत कानूनी आधार मिलेगा।महिलाओं के अधिकारों में होगी ऐतिहासिक क्रांति: पैतृक संपत्ति और गोद लेने पर समान हकराजस्थान यूसीसी बिल में आधी आबादी यानी महिलाओं के अधिकारों (Women Rights in UCC) को सबसे शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। अब तक विभिन्न पर्सनल लॉ के कारण महिलाओं को संपत्ति और गोद लेने के मामलों में पुरुषों के मुकाबले कम अधिकार मिलते थे, लेकिन नया कानून इस असमानता को जड़ से खत्म कर देगा। चाहे शादीशुदा बेटी हो या अविवाहित, उसे अपने पिता की पैतृक संपत्ति में बेटों के बिल्कुल बराबर का कानूनी अधिकार मिलेगा। इसके साथ ही, तलाक की स्थिति में महिलाओं को मिलने वाले भरण-पोषण (Alimony) की प्रक्रिया को बेहद सरल और सख्त बनाया जा रहा है ताकि कोई भी पुरुष कानूनी पेचीदगियों का फायदा उठाकर बच न सके। सभी धर्मों की महिलाओं को बच्चा गोद लेने और अपनी इच्छा से विवाह करने की पूरी स्वतंत्रता यह कानून सुनिश्चित करेगा।बाल विवाह और बहुविवाह पर लगेगी पूरी तरह रोक: मरुधरा से खत्म होगी ये कुप्रथाभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो राजस्थान के कुछ सुदूर ग्रामीण इलाकों में आज भी आखा तीज जैसे त्योहारों पर बाल विवाह (Child Marriage) की खबरें प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रहती हैं। भजनलाल सरकार का यह नया यूसीसी कानून बाल विवाह की इस सामाजिक कुप्रथा पर हमेशा के लिए पूरी तरह से पूर्णविराम लगा देगा। इसके साथ ही, किसी भी धर्म के पुरुष को पहली पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करने यानी बहुविवाह (Polygamy) पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। विवाह की न्यूनतम आयु को सभी वर्गों के लिए कड़ाई से लागू किया जाएगा और हर शादी का सरकारी रजिस्ट्रेशन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा, जिससे भविष्य में होने वाले पारिवारिक और कानूनी विवादों में भारी कमी आएगी।आदिवासी समाज की सांस्कृतिक अनूठता का रखा जाएगा विशेष ध्यान: ड्राफ्ट में बड़ी छूट संभवराजस्थान में एक बहुत बड़ी आबादी अनुसूचित जनजाति (मीणा, भील, गरासिया आदि) की है, जिनकी अपनी एक बेहद समृद्ध, प्राचीन और अनूठी सांस्कृतिक परंपरा व रीति-रिवाज हैं। आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से यह मुद्दा सबसे संवेदनशील है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भजनलाल सरकार इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि यूसीसी के कारण आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों और उनकी सांस्कृतिक पहचान को कोई ठेस न पहुंचे। इसी वजह से उत्तराखंड की तर्ज पर राजस्थान के इस ड्राफ्ट में भी आदिवासी समाज को कुछ विशेष मामलों में बड़ी छूट दी जा सकती है। सरकार की समिति इस विषय पर विभिन्न जनजातीय संगठनों और खाप पंचायतों से लगातार संवाद कर रही है ताकि एक सर्वमान्य और प्रगतिशील कानून मरुधरा की धरती पर लागू किया जा सके।
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कृत्रिम बारिश से दूरी, असली मानसून में शूट हो रही है ‘तुम्बाड 2’
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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित
नई दिल्ली। सरकार ने देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय बाल सम्मान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश का यह प्रतिष्ठित सम्मान 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने बहादुरी, समाज सेवा, पर्यावरण, खेल, कला […] The post प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित appeared first on Sabguru News .
सीबीआई ने अनिल अंबानी के रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े मामलों की चल रही जांच के सिलसिले में रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के पूर्व डायरेक्टर और सीईओ देवांग मोदी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ रवींद्र सुधालकर को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से सोमवार को दी गई।
साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवाने वाली सुपरस्टार सामंथा रुथ प्रभु (Samantha Ruth Prabhu) आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब उन्हें ओटीटी की दुनिया के सबसे ब्लॉकबस्टर शो 'द फैमिली मैन 2' (The Family Man 2) के लिए चुना गया था, तब इसके मेकर्स उनकी शुरुआती ब्लॉकबस्टर फिल्मों से पूरी तरह अनजान थे? जी हां, सीरीज के मशहूर निर्देशक राज निदिमोरु (Raj Nidimoru) ने हाल ही में सामंथा के स्टारडम और उनके काम करने के तरीके को लेकर एक बेहद ही दिलचस्प और हैरान करने वाला खुलासा किया है। राज ने एक्ट्रेस को 'काम की भूखी' बताते हुए कुछ ऐसी बातें कही हैं, जिसकी चर्चा अब सिनेमाई गलियारों में तेजी से हो रही है।बिना पुरानी फिल्में देखे कैसे मिली 'राजी' की चुनौतीपूर्ण भूमिकाएक वरिष्ठ एंटरटेनमेंट रिपोर्टर के नजरिए से अगर हम इस इनसाइड स्टोरी को समझें, तो राज निदिमोरु और कृष्णा डीके (Raj & DK) जब 'द फैमिली मैन' के दूसरे सीजन के लिए मुख्य विलेन 'राजी' के किरदार की तलाश कर रहे थे, तब उन्हें एक ऐसी एक्ट्रेस की जरूरत थी जो बेहद इंटेंस और स्क्रीन पर पावरफुल नजर आए। राज निदिमोरु ने हालिया इंटरव्यू में स्वीकार किया कि उन्होंने सामंथा की साउथ की शुरुआती रोमांटिक या कमर्शियल फिल्में नहीं देखी थीं। वे उनके किसी बड़े स्टारडम से प्रभावित होकर उनके पास नहीं गए थे, बल्कि जब वे सामंथा से मिले, तो उनके भीतर अभिनय को लेकर जो जूनून और सादगी दिखी, उसने मेकर्स का दिल जीत लिया और उन्हें तुरंत इस रोल के लिए फाइनल कर लिया गया।स्टारडम को पीछे छोड़ जब सामंथा ने चुनी बेहद मुश्किल राहसाउथ सिनेमा में सामंथा एक टॉप लीडिंग लेडी के तौर पर स्थापित थीं, जहां उनका ग्लैमर्स अंदाज फैंस के सिर चढ़कर बोलता था। लेकिन राज एंड डीके के इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने अपने इस बड़े स्टारडम को एक तरफ रख दिया। 'राजी' के किरदार के लिए उन्हें बिना मेकअप के, मिट्टी और पसीने से सने लुक में स्क्रीन पर आना था, जो किसी भी स्थापित कमर्शियल एक्ट्रेस के लिए एक बहुत बड़ा रिस्क हो सकता था। राज निदिमोरु ने एक्ट्रेस की तारीफ करते हुए कहा कि सामंथा एक ऐसी आर्टिस्ट हैं जो सेट पर अपनी स्टार इमेज को पूरी तरह भूल जाती हैं। वे सिर्फ और सिर्फ एक बेहतरीन परफॉर्मेंस देने की भूखी रहती हैं, और यही बात उन्हें बाकी कलाकारों से बिल्कुल अलग और खास बनाती है।'द फैमिली मैन 2' और 'सिटाडेल' के बाद बदला करियर का ग्राफ'द फैमिली मैन 2' में सामंथा के अभिनय ने न सिर्फ दर्शकों को हैरान किया, बल्कि उन्हें पैन-इंडिया लेवल पर एक नई पहचान दी। इस सीरीज की सफलता के बाद राज एंड डीके ने एक बार फिर सामंथा पर भरोसा जताया और उन्हें अपने अगले बड़े इंटरनेशनल स्पाई थ्रिलर प्रोजेक्ट 'सिटाडेल: हनी बनी' (Citadel: Honey Bunny) में वरुण धवन के साथ कास्ट किया। मेकर्स का मानना है कि सामंथा की यह खूबी कि वह हमेशा कुछ नया और चुनौतीपूर्ण करने के लिए तैयार रहती हैं, उन्हें निर्देशकों की पहली पसंद बनाती है। इस बड़े कमेंट के बाद सामंथा के फैंस सोशल मीडिया पर लगातार राज निदिमोरु के बयान की सराहना कर रहे हैं और एक्ट्रेस की मेहनत को सलाम कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP) ने यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) के आयोजन को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस बार सूबे के 60 संवेदनशील और प्रमुख जिलों में कुल 955 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कड़े सुरक्षा घेरे के बीच इस महा-परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। आधिकारिक घोषणा के साथ ही अब अभ्यर्थियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह तैर रहा है कि परीक्षा का एडमिट कार्ड किस दिन आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव होगा। आइए इस विशेष रिपोर्ट में जानते हैं परीक्षा की तारीखों से लेकर एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की पूरी टाइमलाइन और इस बार के नए कड़े नियम।दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा और इतनी बड़ी संख्या में बैठेंगे अभ्यर्थीप्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए रिकॉर्ड तोड़ आवेदन आए हैं। परीक्षा को पूरी तरह शुचितापूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए इसे दो अलग-अलग पालियों (Shifts) में आयोजित करने का फैसला लिया गया है। पहली पाली में प्राथमिक स्तर (Primary Level Class 1-5) के लिए अभ्यर्थी बैठेंगे, जबकि दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर (Upper Primary Level Class 6-8) के लिए परीक्षा का आयोजन होगा। 60 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस कप्तानों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था का खुद जायजा लें, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना या अव्यवस्था को रोका जा सके।इस तारीख को जारी होगा एडमिट कार्ड, ऐसे कर पाएंगे ऑनलाइन डाउनलोडयूपीटीईटी परीक्षा के प्रवेश पत्र (Admit Card) का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर यह है कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी विभाग परीक्षा से ठीक एक सप्ताह पहले आधिकारिक वेबसाइट पर डाउनलोडिंग लिंक एक्टिवेट कर देगा। अभ्यर्थी अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि (Date of Birth) का उपयोग करके सीधे अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकेंगे। विभाग ने साफ कर दिया है कि किसी भी परीक्षार्थी को डाक या अन्य माध्यम से ऑफलाइन एडमिट कार्ड नहीं भेजा जाएगा। एडमिट कार्ड पर अभ्यर्थी का रोल नंबर, परीक्षा केंद्र का सटीक पता, रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा के दौरान पालन किए जाने वाले कड़े दिशा-निर्देश दर्ज होंगे, जिन्हें ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है।सॉल्वर गैंग और पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए अभेद्य सुरक्षा नियमउत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख को देखते हुए इस बार यूपीटीईटी परीक्षा के लिए सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं जिन्हें भेद पाना नामुमकिन होगा। सभी 955 केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी (CCTV) मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है, जिसका सीधा कनेक्शन लखनऊ के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से होगा। परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, ब्लूटूथ डिवाइस या स्मार्टवॉच ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, केंद्रों के मुख्य द्वारों पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस और फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) के जरिए सघन चेकिंग की जाएगी ताकि किसी भी डमी कैंडिडेट या सॉल्वर को एंट्री न मिल सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नए सख्त कानून के तहत रासुका (NSA) और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
CBSE 12वीं के री-इवैल्यूएशन ने पलट दिया पूरा खेल, अब आर्ट्स-कॉमर्स और साइंस के सभी टॉपर्स झारखंड से
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन यानी कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन के नतीजों ने इस बार देश के पूरे शिक्षा जगत को हैरान कर दिया है। स्क्रूटनी और दोबारा जांच के बाद जो नए आंकड़े सामने आए हैं, उसने टॉपर्स की पुरानी लिस्ट को पूरी तरह से पलट कर रख दिया है। इस उलटफेर के बाद अब इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सीबीएसई 12वीं के तीनों प्रमुख संकायों—आर्ट्स (मानविकी), कॉमर्स (वाणिज्य) और साइंस (विज्ञान) के नेशनल टॉपर्स एक ही राज्य से निकलकर सामने आए हैं, और वह राज्य कोई और नहीं बल्कि झारखंड है। झारखंड के होनहारों ने री-इवैल्यूएशन के बाद नंबरों की ऐसी छलांग लगाई है कि दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों के दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए देश की मेरिट लिस्ट में टॉप पर अपना कब्जा जमा लिया है।पुनर्मूल्यांकन में बढ़े नंबर और रातों-रात बदल गई देश की मेरिट लिस्टसीबीएसई की मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद कई मेधावी छात्र अपने मिले हुए नंबरों से संतुष्ट नहीं थे, जिसके बाद झारखंड के कई स्कूलों के विद्यार्थियों ने बोर्ड के नियमानुसार री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था। कॉपियों की दोबारा बारीकी से हुई जांच और टोटलिंग की गलतियों को सुधारे जाने के बाद छात्रों के स्कोर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुछ छात्रों के तो ३ से लेकर ५ नंबर तक बढ़ गए, जिसने नेशनल लेवल पर पूरा गणित ही बदल दिया। इस नंबर गेम के बाद मुख्य परीक्षा के दौरान टॉप टेन की रेस से बाहर या थोड़े पीछे रहे झारखंड के छात्र अब सीधे नंबर वन की कुर्सी पर जा बैठे हैं, जिससे राज्य के शिक्षण संस्थानों और परिवारों में जश्न का माहौल है।आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस में झारखंड के सूरमाओं का जलवाइस बार के नतीजों की सबसे खास बात यह रही कि किसी एक स्ट्रीम में नहीं, बल्कि तीनों संकायों में झारखंड का परचम लहराया है। साइंस स्ट्रीम में जहां रांची और बोकारो के छात्रों ने फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे कड़े विषयों में री-इवैल्यूएशन के बाद पूरे अंक हासिल किए हैं, वहीं कॉमर्स में जमशेदपुर और धनबाद के होनहारों ने अकाउंटेंसी और इकोनॉमिक्स में बाजी मारी है। आर्ट्स की बात करें तो इतिहास और राजनीति विज्ञान में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर हजारीबाग और रांची की छात्राओं ने देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। यह अनूठा संयोग है कि किसी एक ही राज्य के छात्रों ने एक साथ तीनों स्ट्रीम में देशव्यापी प्रथम स्थान हासिल कर शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया है।बोर्ड की कॉपियों की चेकिंग पर उठे सवाल या छात्रों की असली मेहनतइस अभूतपूर्व परिणाम के बाद जहां एक तरफ झारखंड के लिए यह बेहद गौरव का क्षण है, वहीं दूसरी तरफ सीबीएसई बोर्ड की शुरुआती कॉपी चेकिंग की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। शिक्षाविदों और अभिभावकों का कहना है कि अगर री-इवैल्यूएशन में इतने बड़े पैमाने पर नंबरों का अंतर आ रहा है, तो इसका मतलब है कि पहली बार में कॉपियों को ठीक से नहीं जांचा गया था। अगर ये छात्र दोबारा जांच के लिए आवेदन नहीं करते, तो उनकी असली प्रतिभा और देश के टॉपर्स बनने का सपना सिस्टम की लापरवाही के कारण हमेशा के लिए दफन हो जाता। हालांकि, इन सब विवादों के बीच झारखंड के इन नए टॉपर्स की कड़ी मेहनत और उनकी इस ऐतिहासिक सफलता की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है।
बैतूल में अंधविश्वास के चलते 15 वर्षीय किशोर की हत्या, आरोपी अरेस्ट
बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में अंधविश्वास की एक दर्दनाक घटना में जादू-टोने के संदेह में एक 15 वर्षीय किशोर की हत्या कर उसका शव खाई में फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुलताई थाना क्षेत्र के ताईखेड़ा निवासी सुदामा इवनाते […] The post बैतूल में अंधविश्वास के चलते 15 वर्षीय किशोर की हत्या, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दिल्ली-एनसीआर, खासकर गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन के निवासियों और इस रूट से गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बहुत ही शानदार और राहत भरी खबर है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) पूरे क्षेत्र को ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्त करने की एक मेगा योजना पर काम कर रहा है। जीडीए अगले महीने से 45 मीटर चौड़े आउटर रिंग रोड का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू कराने की तैयारी में है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। करीब 90.91 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाले इस आउटर रिंग रोड के बनने से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के बीच का सफर बेहद आसान और रफ्तार वाला हो जाएगा।2 लाख की आबादी को मिलेगी रोज-रोज के नरकीय जाम से मुक्तिमौजूदा समय में राजनगर एक्सटेंशन के भीतर 60 से ज्यादा बड़ी आवासीय सोसाइटियां हैं, जिनमें 2 लाख से भी अधिक लोग निवास करते हैं। इस पूरे वीआईपी क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां अभी आने-जाने के लिए केवल एक ही मुख्य मार्ग है, जो जीटी रोड होते हुए एलिवेटेड रोड के जरिए दिल्ली-मेरठ रोड को आपस में जोड़ता है। इस इकलौते रास्ते पर गाड़ियों का सबसे ज्यादा दबाव रहता है क्योंकि गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर से हिंडन एयरफोर्स स्टेशन या एलिवेटेड रोड के रास्ते दिल्ली-नोएडा आने-जाने वाले सारे वाहन इसी संकरे मार्ग से गुजरते हैं। इसके चलते सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में यहां कई किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग जाता है। इसी सिरदर्द को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए जीडीए ने इस नए बाईपास विकल्प पर काम तेज किया है।5.8 किमी लंबा होगा आउटर रिंग रोड, जगमगाएंगी ₹15 करोड़ की लाइट्सजीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, यह नया आउटर रिंग रोड करीब 5.8 किलोमीटर लंबा और बेहद आधुनिक होगा। इसके पूरी तरह चालू होने के बाद गाड़ियां सिटी फॉरेस्ट के पास से बिना किसी चौराहे या बाधा के सीधे एनपीआर (नॉर्न पेरिफेरल रोड) की तरफ फर्राटा भर सकेंगी। इस आउटर रिंग रोड पर मुख्य हाईवे के साथ-साथ दोनों तरफ चौड़ी सर्विस लेन भी बनाई जाएगी। इसके अलावा मजबूत डिवाइडर और जलभराव को रोकने के लिए अत्याधुनिक सीवर सिस्टम का निर्माण होगा। रात के समय सड़क को खूबसूरत और सुरक्षित बनाने के लिहाज से यहां 15 करोड़ रुपये का अलग से बजट पास कर फैंसी और आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी।हरनंदीपुरम, एयरोसिटी और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को मिलेगा डायरेक्ट कनेक्शनइस नए आउटर रिंग रोड का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक फायदा जीडीए की आने वाली बड़ी और महत्वाकांक्षी टाउनशिप योजनाओं को मिलने वाला है। यह रूट सीधे तौर पर हरनंदीपुरम और एयरोसिटी टाउनशिप के साथ-साथ गाजियाबाद में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को भी आपस में जोड़ेगा। इन सभी बड़े प्रोजेक्ट्स की बाउंड्री से गुजरता हुआ यह रोड सीधे एनपीआर में जाकर मिल जाएगा। इसका नतीजा यह होगा कि दिल्ली से मुरादनगर और मोदीनगर की तरफ जाने वाले भारी या हल्के वाहन मुख्य शहर के आंतरिक जाम में फंसे बिना, सीधे इसी बाईपास रूट का इस्तेमाल कर दिल्ली-मेरठ रोड पर आ-जा सकेंगे।जीडीए के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन में आउटर रिंग रोड के प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर रखकर इसकी प्रशासनिक प्रक्रिया को तेज किया गया है। इसके लिए टेंडर निकाल दिया गया है। जैसे ही एजेंसी फाइनल होकर टेंडर की कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी, मौके पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।एलिवेटेड रोड पर 'रामसेतु द्वार' का निर्माण शुरूआउटर रिंग रोड के इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही गाजियाबाद की लाइफलाइन और पहचान बन चुकी एलिवेटेड रोड को लेकर भी एक बड़ा और खूबसूरत अपडेट सामने आया है। अब ‘रामसेतु’ के नाम से मशहूर हो चुकी इस एलिवेटेड रोड की शुरुआत में गाजियाबाद नगर निगम ने एक भव्य ‘रामसेतु द्वार’ (स्वागत गेट) बनाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।नगर निगम ने एनएच-9 (NH-9) के पास जहां से यह एलिवेटेड रोड शुरू होती है, वहां गेट का मजबूत लोहे और कंक्रीट का ढांचा (स्ट्रक्चर) खड़ा कर दिया है। निगम के निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर एन.के. चौधरी ने बताया कि इस आकर्षक गेट को बनाने का काम अगले दो से तीन महीनों के भीतर पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा। बता दें कि जीडीए द्वारा बनाई गई यह एलिवेटेड रोड अब पूरी तरह से नगर निगम को देखरेख के लिए ट्रांसफर की जा चुकी है, जिसके बाद निगम इसकी स्पेशल मरम्मत, ब्यूटीफिकेशन, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर करने में जुटा हुआ है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक ऐसा सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है। जिले के इगलास कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दो बच्चों की मां (40 वर्ष) पर अपने ही पड़ोस में रहने वाले रिश्ते के एक 17 वर्षीय नाबालिग भतीजे का पिछले ढाई साल से शारीरिक शोषण करने का संगीन आरोप लगा है। हद तो तब हो गई जब लोक-लाज को दरकिनार कर महिला ने भरी पंचायत के सामने खुद को ढाई महीने की गर्भवती बताते हुए दावा किया कि यह बच्चा उसी नाबालिग भतीजे का है और वह अब अपने पति को छोड़कर उसी के साथ रहेगी। किशोर की मां की लिखित शिकायत पर पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।ब्लैकमेलिंग का खेल: 'रेप केस में फंसा दूंगी' कहकर ढाई साल से कर रही थी शोषणपीड़ित किशोर ने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को जो आपबीती सुनाई, वह बेहद चौंकाने वाली है। नाबालिग के मुताबिक, रिश्ते की यह चाची पिछले ढाई साल से उसे डरा-धमकाकर उसके साथ जबरन अवैध संबंध बना रही थी। महिला उसे लगातार यह खौफनाक धमकी देती थी कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी या घर पर किसी को कुछ भी बताया, तो वह उस पर बलात्कार (रेप) का झूठा केस दर्ज कराकर उसे जिंदगी भर के लिए जेल भिजवा देगी। समाज में बदनामी और जेल जाने के डर से सहमा हुआ नाबालिग इतने दिनों तक चुपचाप इस प्रताड़ना को सहता रहा। लेकिन पानी तब सिर से ऊपर गुजर गया, जब महिला ने उस पर हमेशा के लिए साथ रहने और शादी करने का मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। घबराए किशोर ने रोते हुए अपनी मां को पूरी बात बताई, जिसे सुनकर पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।पति सब भूलकर अपनाने को था तैयार, लेकिन पत्नी भतीजे की जिद पर अड़ी रहीमामले की गंभीरता और परिवार की प्रतिष्ठा को देखते हुए इगलास थाने के इंस्पेक्टर डीके सिसौदिया की मौजूदगी में ग्रामीणों ने गांव में एक आपातकालीन पंचायत बुलाई। इस पंचायत में महिला का पति और उसके अन्य ससुराल वाले उसे समझाने की हर संभव कोशिश कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि उसका पति इस घिनौनी सच्चाई के सामने आने के बाद भी बच्चों के भविष्य के लिए उसे माफ कर अपने साथ रखने को राजी हो गया था। लेकिन दो बच्चों की मां किसी की भी बात सुनने या समझने को तैयार नहीं थी। वह सबके सामने जिद पर अड़ गई कि उसका रिश्ता अब अपने पति से खत्म हो चुका है और वह सिर्फ और सिर्फ उस नाबालिग किशोर के साथ ही अपना घर बसाएगी।भरी पंचायत में कबूला गुनाह— ‘मैं भतीजे के बच्चे की मां बनने वाली हूं’थाना प्रभारी के मुताबिक, जब पंचायत में उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो महिला ने सरेआम और बिना किसी हिचकिचाहट के यह बात स्वीकार की कि किशोर के साथ बने शारीरिक संबंधों की वजह से वह ढाई महीने की गर्भवती हो चुकी है। वह समाज के किसी भी बंधन को मानने के लिए तैयार नहीं थी। जब पंचायत के तमाम प्रयासों और मान-मनौव्वल का महिला पर कोई असर नहीं हुआ और मामला पूरी तरह से कानून व्यवस्था के दायरे में आ गया, तो पुलिस ने बिना देर किए किशोर की मां की तहरीर (शिकायत) पर मुकदमा दर्ज कर लिया।कानून का शिकंजा: पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत महिला भेजी गई जेलइगलास थाना पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पीड़ित नाबालिग लड़के को मेडिकल परीक्षण और विस्तृत डॉक्टरी जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है। वहीं, आरोपी महिला को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया। महिला के खिलाफ नाबालिगों के संरक्षण के लिए बने सख्त कानून पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता की अन्य संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने महिला को कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के मुताबिक इस संवेदनशील मामले में बेहद सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स (Moody's Ratings) ने भारत में तेजी से गहराते जल संकट को लेकर एक बेहद गंभीर और डराने वाली चेतावनी जारी की है। मूडीज ने भारत की मौजूदा जल प्रबंधन व्यवस्था को बेहद बिखरा हुआ और कम लचीलापन वाला बताया है। वैश्विक एजेंसी का कहना है कि भारत में अलग-अलग सेक्टरों (कृषि, घरेलू और उद्योग) के बीच पानी के सही बंटवारे की प्रक्रिया बहुत धीमी है, जो इस संकट को और तेजी से न्योता दे रही है। इसके अलावा, चुनिंदा क्षेत्रों में पानी और बिजली पर दी जाने वाली भारी सब्सिडी सरकारी खजाने (राजकोष) पर वित्तीय दबाव को लगातार बढ़ा रही है।रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में उपलब्ध कुल मीठे पानी का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा अकेले कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) में इस्तेमाल हो जाता है। चूंकि भारत का जल प्रबंधन संघीय ढांचे के तहत आता है, इसलिए सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और स्थानीय जल संसाधनों की जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य सरकारों के अधीन है। हर राज्य की अपनी अलग जल नीति होने के कारण पूरे देश में जल संसाधनों का कोई एक समान और प्रभावी संतुलन नहीं बन पा रहा है।आखिर भारत में क्यों खड़े हो रहे हैं जल संकट के ये 3 बड़े कारणमूडीज रेटिंग्स और जमीनी आंकड़ों के विश्लेषण से भारत में पानी की किल्लत के तीन सबसे बड़े कारण सामने आए हैं:वितरण व्यवस्था और नीतियों में भारी खामी: विभिन्न राज्यों की अलग-अलग प्राथमिकताएं जल संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल को रोकती हैं। जिन क्षेत्रों में पानी की मांग ज्यादा और उपलब्धता कम है, वहां हालात बदतर हो रहे हैं। कृषि से लेकर घरेलू उपयोग के बीच पानी का पुनर्वितरण बेहद सुस्त है।डिजिटल इकोनॉमी और एआई (AI) उद्योगों का बढ़ता दबाव: भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार बहुत तेजी से हो रहा है। देश में बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उद्योग खड़े हो रहे हैं। इन हाई-टेक सेंटर्स के सर्वर्स को ठंडा रखने (कूलिंग प्रोसेस) के लिए रोजाना लाखों-करोड़ों लीटर मीठे पानी की जरूरत होती है, जिससे सीमित जल स्रोतों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।जलवायु परिवर्तन और भूजल का अंधाधुंध दोहन: भीषण सूखा, अचानक आने वाली बाढ़, अनियमित मानसून, पाइपलाइन नेटवर्क की बर्बादी और जमीन के नीचे से (Groundwater) अत्यधिक पानी खींचना इस संकट को सीधे तौर पर बुलावा दे रहा है। देश के कई राज्यों में भूजल का स्तर डार्क जोन में पहुंच चुका है।देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सिर्फ एक महीने का पानी बचाजल संकट का सबसे खौफनाक और सीधा असर देश के सबसे बड़े महानगरों पर दिखने लगा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय पानी की बूंद-बूंद को तरसने की कगार पर है। मुंबई महानगर को पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों— तानसा, विहार, तुलसी, भातसा, ऊपरी वैतरणा, मोदक सागर और मध्य वैतरणा का संयुक्त जल भंडार घटकर महज 9.33 प्रतिशत रह गया है। पिछले साल इसी समय इन जलाशयों में 12.27 प्रतिशत पानी था। बीएमसी (BMC) के मुताबिक, झीलों में अब मुंबई की प्यास बुझाने के लिए केवल एक महीने का ही स्टॉक बचा है, जिससे मानसून की एंट्री से पहले भारी कटौती का खतरा मंडरा रहा है।देश की राजधानी दिल्ली में बूंद-बूंद को तरस रहे लोगदूसरी तरफ, देश की राजधानी दिल्ली में पानी की उपलब्धता पर लगातार त्राहि-त्राहि मची हुई है। दिल्ली के कई वीआईपी और रिहायशी इलाकों में पिछले 15 से 20 दिनों से नलों में पानी नहीं पहुंचा है और लोग पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हैं। दिल्ली में इस समय सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स, रेनीवेल और ट्यूबवेल को मिलाकर कुल 948 से 950 एमजीडी (Million Gallons per Day) पानी का उत्पादन हो रहा है, जो सामान्य दिनों की मांग से करीब 50 एमजीडी कम है। सप्लाई और डिमांड का यही बड़ा अंतर दिल्ली को बूंद-बूंद के लिए तरसा रहा है।चेन्नई में फिलहाल राहत, लेकिन भविष्य की चुनौती बड़ीदक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई की बात करें तो यहां के मुख्य जलाशयों में फिलहाल लगभग 288 दिनों (करीब 9-10 महीने) का पीने का पानी सुरक्षित है, जो मानसून में देरी होने पर भी शहर की जरूरतों को पूरा कर सकता है। लेकिन चिंता की बात यह है कि चेन्नई में भी भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। साथ ही, चेन्नई आईटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हब बनता जा रहा है, जिससे उद्योगों में पानी की खपत कई गुना बढ़ जाएगी। मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार, अगर चेन्नई ने अभी से पानी के वितरण की व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया, तो आने वाले वक्त में यहां भी मुंबई और दिल्ली जैसे हालात देखने को मिल सकते हैं।मूडीज ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जल संसाधनों का सही प्रबंधन सिर्फ पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के लिए भी बेहद जरूरी हो गया है। बढ़ती आबादी और औद्योगिक विस्तार के बीच भारत को जल्द ही दीर्घकालिक और कड़े कदम उठाने होंगे।
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में अगले महीने से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इस बार सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट नजर आ रही हैं। इसी कड़ी में सोमवार को जम्मू के भगवती नगर स्थित मुख्य यात्री निवास (आधार शिविर) में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक साझा मॉक ड्रिल (युद्ध अभ्यास) का आयोजन किया।अमरनाथ यात्रा के औपचारिक आगाज से ठीक पहले की गई इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी हमले या आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा बलों की तैयारियों और उनकी तुरंत एक्शन लेने की क्षमता को परखना था। अभ्यास के दौरान देश के जांबाज कमांडो और जवानों ने यह प्रदर्शित किया कि अगर किसी दुर्भाग्यपूर्ण आतंकी हमले के दौरान बाबा बर्फानी के श्रद्धालुओं को बंधक बना लिया जाए, तो उन्हें बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से कैसे रेस्क्यू किया जाएगा।बंधकों को सुरक्षित निकालने और आतंकियों को ढेर करने की रणनीतिइस हाई-लेवल ड्रिल के जरिए एनएसजी कमांडो और एसओजी के जवानों ने बेहद संकरे व संवेदनशील इलाकों में आतंकवादियों को तेजी से निष्क्रिय करने, बंधक बनाए गए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने और पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में लेने की अलग-अलग रणनीतियों का सघन अभ्यास किया। जवानों ने दिखाया कि कैसे पलक झपकते ही आधुनिक हथियारों और तकनीक की मदद से बड़े से बड़े खतरे को टाला जा सकता है। इस दौरान अलग-अलग सुरक्षा बलों के बीच बेहतरीन तालमेल और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का भी सफल प्रदर्शन हुआ।सज-धज कर तैयार हुआ भगवती नगर आधार शिविरअमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास को बेहद भव्य तरीके से तैयार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए शिविर के सभी कमरों की मरम्मत, बिजली फिटिंग और रंग-रोगन का काम पूरी तरह से खत्म हो चुका है। प्रशासन के मुताबिक, जल्द ही इस पूरे यात्री निवास को पर्यटन विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा, ताकि विभाग श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और अन्य बुनियादी नागरिक व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप दे सके।3 जुलाई से शुरू होगी पवित्र यात्रा, उपराज्यपाल दिखाएंगे हरी झंडीहर साल होने वाली हिंदुओं की आस्था का केंद्र यह अमरनाथ यात्रा इस साल अगले महीने 3 जुलाई, 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो रही है। यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जम्मू-कश्मीर, विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्गों और बेस कैंपों पर सुरक्षा घेरा बेहद कड़ा कर दिया गया है। भगवती नगर यात्री निवास जम्मू संभाग का सबसे प्रमुख आधार शिविर है, जहां देशभर से आने वाले श्रद्धालु कश्मीर घाटी में प्रवेश करने से पहले रुकते हैं।जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा आगामी 2 जुलाई को इसी भगवती नगर यात्री निवास से अमरनाथ यात्रियों के सबसे पहले जत्थे को पवित्र गुफा की ओर हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके मद्देनजर सेना, अर्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस किसी भी प्रकार की आतंकी या प्राकृतिक चुनौती से निपटने के लिए लगातार अपनी तैयारियों को मुकम्मल कर रही है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : एसआईटी ने शासन को सौंपी 150 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट
लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। एसआईटी के चेयरमैन और लखनऊ मंडलायुक्त आईएएस विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को रिपोर्ट सौंपी। मुख्यमंत्री ने […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : एसआईटी ने शासन को सौंपी 150 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए रूह कंपा देने वाले अग्निकांड के बाद शासन से लेकर प्रशासनिक महकमे तक में हड़कंप मचा हुआ है। 15 मासूम छात्र-छात्राओं की दर्दनाक मौत के बाद गहरी नींद से जागे लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने मंगलवार को उस अवैध तीन मंजिला इमारत को एक बार फिर से जमींदोज करने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही, एक पूरी तरह से रिहायशी (Residential) बिल्डिंग को सालों-साल तक नियमों को ताक पर रखकर गैर-कानूनी तरीके से कमर्शियल स्पेस के रूप में चलने देने के मामले में एलडीए ने अपने ही विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों पर हंटर चलाना शुरू कर दिया है।लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का ऐलान करते हुए बताया कि सोमवार को जिस इमारत में यह भीषण हादसा हुआ, उसे निर्माण संबंधी नियमों के गंभीर उल्लंघन को लेकर फिर से गिराने का नोटिस दिया गया है। उपाध्यक्ष ने साफ किया कि इस जानलेवा लापरवाही में शामिल रहे तत्कालीन और वर्तमान अधिकारियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि इतने वर्षों से चल रहे भ्रष्टाचार और मिलीभगत का पूरा सच सामने आ सके और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।साल 2016 में भी जारी हुआ था ढहाने का आदेश, लेकिन हुआ खेलइस पूरी इमारत का इतिहास सीधे तौर पर सिस्टम के भ्रष्टाचार और प्रशासनिक घोर लापरवाही की गवाही देता है। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक, इस तीन मंजिला अवैध इमारत को साल 2016 में ही पूरी तरह गिराने का अंतिम आदेश पारित किया गया था। लेकिन भ्रष्ट सिस्टम की सांठगांठ का खेल देखिए कि महज दो महीने से भी कम समय के भीतर उस कड़े आदेश को चुपके से वापस (Revoke) ले लिया गया। विभागीय अफसरों और मालिकों की इसी मिलीभगत का नतीजा रहा कि यह ‘डेथ ट्रैप’ (मौत का जाल) सालों तक बिना किसी डर के वीआईपी रिहायशी इलाके में चलता रहा और अंत में 15 हंसते-खेलते परिवारों के चिराग बुझ गए।4 आरोपी सलाखों के पीछे, 4 अधिकारी सस्पेंड और SIT का गठनइस भयावह घटना पर मुख्यमंत्री के बेहद सख्त रुख के बाद पुलिस और प्रशासन ने ताबड़तोड़ एक्शन लिया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस हादसे के चार मुख्य जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रामकृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू के रूप में हुई है। इसके साथ ही, प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर बिजली विभाग, फायर ब्रिगेड और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के चार अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित ऊषा मेहता मार्ग पर हुई इस दर्दनाक घटना की गहराई से जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक हाई-लेवल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस दो सदस्यीय एसआईटी में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) लखनऊ जोन, प्रवीण तिवारी शामिल हैं, जो पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही सीधे शासन को सौंपेंगे।जानिए कैसे हुआ यह दिल दहला देने वाला अलीगंज अग्निकांड?यह हृदय विदारक घटना सोमवार दोपहर लखनऊ के सबसे व्यस्त रिहायशी इलाकों में से एक अलीगंज के सेक्टर-डी (ऊषा मेहता मार्ग, पुरनिया) में घटित हुई। नियमों को कुचलकर खड़ी की गई इस तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में ‘हेड हॉपर 3D आर्ट स्टूडियो’ नाम का एक नामी एनीमेशन सेंटर और कोचिंग हब चल रहा था। इस बिल्डिंग की पहली मंजिल पर एक पेट शॉप (Pet Shop) थी, दूसरी मंजिल पर ग्राफिक एनीमेशन का सेंटर था और सबसे टॉप फ्लोर यानी तीसरी मंजिल पर एक प्राइवेट लाइब्रेरी चलाई जा रही थी, जहां दर्जनों छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।बिजली कटते ही जाम हुआ बायोमेट्रिक थंब-लॉक गेट, बना मासूमों का कालसोमवार दोपहर को अचानक बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर स्थित एनीमेशन सेंटर में शॉर्ट सर्किट हुआ और भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में जहरीला और गाढ़ा काला धुआं फैल गया। इस आधुनिक ऑफिस का मुख्य दरवाजा ‘थंब एम्प्रेशन’ (बायोमेट्रिक अंगूठा प्रणाली) से लॉक और अनलॉक होता था। आग लगते ही जैसे ही पूरी बिल्डिंग की बिजली कटी, वह बायोमेट्रिक सिस्टम पूरी तरह से हैंग हो गया और दरवाजा ऑटोमैटिक लॉक हो गया। इसके चलते अंदर मौजूद छात्रों को बाहर भागने का कोई रास्ता ही नहीं मिला।पूरी बिल्डिंग को बाहर से बड़े-बड़े शीशों से पैक किया गया था, जिसमें कोई भी आपातकालीन निकास द्वार (Emergency Exit) नहीं था और न ही कोई चालू फायर फाइटिंग सिस्टम मौजूद था। नीचे उतरने का इकलौता संकरा रास्ता पूरी तरह आग की लपटों और धुएं की चपेट में आ चुका था। अपनी जान बचाने के लिए बच्चे कमरों और बाथरूम में छिप गए, जहां ऑक्सीजन खत्म होने और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस के कारण अधिकांश बच्चों का दम घुट गया।दीवार तोड़कर किया गया रेस्क्यू, 15 की मौत और 9 जिंदगी के लिए जूझ रहेमौके पर पहुंची दमकल और रेस्क्यू टीम को अंदर फंसे बच्चों तक पहुंचने के लिए कंक्रीट की मजबूत दीवार को तोड़ना पड़ा। इस अग्निकांड में 15 मासूमों की जिंदा जलने और दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर वो छात्र थे जो अपने सुनहरे भविष्य का सपना लेकर यहां कोचिंग करने आए थे। इसके अलावा 9 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका अस्पताल के केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। इस भयावह घटना ने एक बार फिर शहरों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध कमर्शियल बेसमेंट्स, कोचिंग सेंटर्स की सुरक्षा और भ्रष्ट नौकरशाही पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल आया हुआ है। विपक्ष लगातार इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा था। विवाद बढ़ता देख उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गहराई से जांच करने का जिम्मा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंपा था। इस मामले में आज (23 जून, 2026) एक बहुत बड़ा अपडेट आया है। SIT ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है, जिसके बाद से ही प्रशासनिक गलियारों और मंदिर प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।3 सदस्यीय टीम ने गृह विभाग को सौंपी रिपोर्ट, हो सकते हैं चौंकाने वाले खुलासेप्राप्त जानकारी के मुताबिक, 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने अपनी यह शुरुआती रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को सौंप दी है। इस विस्तृत रिपोर्ट में पिछले कई दिनों से चल रही जांच-पड़ताल और दस्तावेजी सबूतों का पूरा ब्यौरा शामिल है। लखनऊ मंडल के आयुक्त और एसआईटी के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने टीम के बाकी दो सदस्यों के साथ मिलकर यह रिपोर्ट शासन को सौंपी। पंत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रिपोर्ट सौंप दी गई है, लेकिन यह एक शुरुआती और बेहद गोपनीय रिपोर्ट है, इसलिए इसके नतीजों के बारे में फिलहाल सार्वजनिक रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही कई रसूखदार लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।आंतरिक व्यवस्था और दान की निगरानी पर खड़े हुए गंभीर सवालविभागीय सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में राम मंदिर में आने वाली दान राशि की गिनती और उसकी निगरानी करने वाली व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों का चयन किस आधार पर किया गया था और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों से उनके क्या संबंध थे। सूत्रों की मानें तो जांच टीम ने कुछ दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी मुकदमा चलाने की संस्तुति (सिफारिश) की है। इसके साथ ही मंदिर की आंतरिक व्यवस्था संभालने वाले कुछ बड़े पदाधिकारियों की भूमिका को भी संदेहास्पद माना गया है।150 पेज की रिपोर्ट में 150 लोगों से पूछताछ का पूरा कच्चा चिट्ठासूत्रों के अनुसार, यह प्रारंभिक रिपोर्ट करीब 150 पन्नों की है, जिसमें मंदिर से जुड़े लगभग 150 व्यक्तियों और सेवादारों से की गई कड़ी पूछताछ का पूरा विवरण दर्ज है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एसआईटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन (दोबारा बनाने) की मजबूत सिफारिश की है। टीम का सुझाव है कि मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए सरकार को किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (IAS लेवल) को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में नियुक्त करना चाहिए। इसके अलावा, एसआईटी ने पिछले 5 वर्षों में मंदिर को मिले देश-विदेश के सभी दानों का फोरेंसिक ऑडिट कराने की बात भी कही है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेंगे अंतिम फैसला, जांच अभी रहेगी जारीउत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि जांच की कार्रवाई अभी भी प्रचलित (जारी) है। एसआईटी ने इस पूरे घोटाले की तह तक जाने के लिए शासन से कुछ और समय और सहयोगी अधिकारियों की मांग की है। रिपोर्ट में भविष्य में ऐसी किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए कर्मचारियों की नए सिरे से पारदर्शी भर्ती करने और प्रशासनिक पहरेदारी को मजबूत करने के कई कड़े उपाय सुझाए गए हैं। अब इस बेहद संवेदनशील मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी, ट्रस्ट में क्या बदलाव किए जाएंगे और किन लोगों पर गाज गिरेगी— इस पर अंतिम फैसला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेंगे।
अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड पर योगी का ताबड़तोड़ एक्शन : 4 आरोपी अरेस्ट, 4 अफसर सस्पेंड
लखनऊ। लखनऊ में अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में हैं। अलीगढ़ में कार्यक्रम रद्द कर सीधे लखनऊ पहुंचे मुख्यमंत्री ने पहले घटनास्थल का जायजा लिया, फिर केजीएमयू में घायलों से मिले। इसके बाद उच्च स्तरीय बैठक कर चार आरोपियों की गिरफ्तारी और चार अफसरों को निलंबित करने के निर्देश […] The post अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड पर योगी का ताबड़तोड़ एक्शन : 4 आरोपी अरेस्ट, 4 अफसर सस्पेंड appeared first on Sabguru News .
गंगा नदी में नाव पर चिकन पार्टी का वीडियो वायरल, पांच अरेस्ट
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा में इफ्तार पार्टी के बाद एक बार फिर नाव पर चिकन पार्टी करने का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो का संज्ञान लेते हुए दशाश्वमेध पुलिस ने जांच शुरू की और सोमवार रात पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में डोमरी निवासी अरुण कुमार साहनी, अनुराग निषाद […] The post गंगा नदी में नाव पर चिकन पार्टी का वीडियो वायरल, पांच अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, छत्तीसगढ़ में एंट्री; 22 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 14 दिन की सुस्ती के बाद फिर रफ्तार पकड़ ली है। छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री हो गई है और 22 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव का खतरा बना ...
मोदी सरकार के मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने किया मंजूर
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सदस्य थे। उनका कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया। 18 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था।
बड़ा IPO, बड़ी कमाई की गारंटी नहीं! निवेश से पहले समझें वैल्यूएशन का असली खेल
जब भी बाजार में कोई बड़ा IPO (इन्िशियल पब्लिक ऑफरिंग) आता है, तो चारों तरफ उसका एक अलग ही बज (Buzz) बन जाता है। रिटेल निवेशकों के बीच उसे खरीदने की होड़ मच जाती है। लोगों को लगता है कि कंपनी जितनी बड़ी होगी, लिस्टिंग गेन और भविष्य का मुनाफा भी उतना ही तगड़ा होगा। लेकिन शेयर बाजार का इतिहास गवाह है कि हर बड़ा IPO कमाई की गारंटी नहीं होता। कई बार 'ऊंची दुकान, फीका पकवान' वाली कहावत सच साबित हो जाती है। निवेश की रेस में उतरने से पहले आपको इसके पीछे के वैल्यूएशन के गणित को गहराई से समझना होगा।ब्रांड की चमक और हकीकत का अंतरअक्सर बड़ी कंपनियां अपनी ब्रांड वैल्यू और भारी-भरकम विज्ञापनों के दम पर बाजार में हाइप क्रिएट करती हैं। निवेशक कंपनी के नाम और उसके बड़े साइज को देखकर आकर्षित हो जाते हैं। लेकिन सच यह है कि बड़ा साइज केवल कंपनी के फैलाव को दिखाता है, उसकी प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफे) को नहीं। कई बार स्टार्टअप्स या नई टेक कंपनियां बिना मुनाफा कमाए ही बड़े वैल्यूएशन पर IPO ले आती हैं। ऐसी स्थिति में, अगर आप सिर्फ नाम देखकर पैसा लगा रहे हैं, तो लिस्टिंग के दिन या उसके बाद आपको बड़ा झटका लग सकता है।वैल्यूएशन का वो गणित जो जानना जरूरी हैकिसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले कंपनी के पीई रेशियो (P/E Ratio), प्राइस-टू-बुक वैल्यू (P/B Ratio) और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) को देखना बेहद जरूरी है। अगर कोई कंपनी अपने समकक्ष (Peer) कंपनियों की तुलना में बहुत महंगे वैल्यूएशन पर शेयर ऑफर कर रही है, तो इसका मतलब है कि भविष्य की ग्रोथ की कीमत पहले ही वसूली जा रही है। ऐसे में रिटेल निवेशकों के लिए टेबल पर कमाई का कोई मार्जिन नहीं बचता। सीधा सा नियम है—महंगे वैल्यूएशन वाले आईपीओ में लिस्टिंग गेन की गुंजाइश बहुत कम हो जाती है।ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के भरोसे न रहेंआजकल नए निवेशक IPO में दांव लगाने के लिए पूरी तरह ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP पर निर्भर हो जाते हैं। याद रखिए, जीएमपी कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह केवल एक अनुमान और बाजार की तात्कालिक भावना होती है। कई बार बड़े आईपीओ का जीएमपी शुरुआत में बहुत ऊपर दिखाया जाता है, लेकिन लिस्टिंग के दिन बाजार के मूड या वैश्विक संकेतों के बदलते ही वह धड़ाम से गिर जाता है। इसलिए, जीएमपी को देखकर नहीं, बल्कि कंपनी के फंडामेंटल्स (Financials) को देखकर फैसला लें।सुरक्षित निवेश के लिए क्या करें रिटेल निवेशक?अगर आप अपने गाढ़े पसीने की कमाई को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो बड़े IPO के झांसे में आने के बजाय कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) को पढ़ें। यह देखें कि कंपनी आईपीओ से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कहां करने वाली है। अगर पैसा कर्ज चुकाने या बिजनेस को बढ़ाने में लग रहा है, तो यह अच्छा संकेत है। लेकिन अगर मौजूदा प्रमोटर्स सिर्फ अपनी हिस्सेदारी बेचकर (OFS - ऑफर फॉर सेल) बाहर निकल रहे हैं, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। समझदारी इसी में है कि हर चमकती चीज को सोना न समझें और वैल्यूएशन का गणित समझने के बाद ही 'अप्लाई' बटन दबाएं।
मोहर्रम को लेकर नोएडा पुलिस अलर्ट, अधिकारियों ने किया फ्लैग मार्च
आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए फुट पेट्रोलिंग की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
लखनऊ अग्निकांड के पीछे कौन जिम्मेदार? जांच में सामने आ रही चौंकाने वाली लापरवाहियां
लखनऊ में तीन मंजिला इमारत में आग में 15 लोगों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में नजर आ रहे हैं। मामले में कार्रवाई करते हुए 4 अफसरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया ...
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कॉमेडी के नाम पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और आपत्तिजनक सामग्री को बढ़ावा दिए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे कंटेंट को सामान्य मान लेना समाज के लिए चिंताजनक है और इससे महिलाओं की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
शिक्षा का महाउत्सव: CM भूपेंद्र पटेल ने PM मोदी के वडनगर स्कूल से किया शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ
गुजरात में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने और बच्चों का स्वागत करने के लिए 'कन्या केलवणी महोत्सव और शाला प्रवेशोत्सव' के 24वें संस्करण का आज (23 जून) से उत्साहपूर्वक शुभारंभ हो गया है। वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र ...
लखनऊ के अलीगंज में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 9 की हालत गंभीर है। मृतकों में कोचिंग के शिक्षक, छात्र और कर्मचारी शामिल है। हादसे की चपेट में कई कुत्ते, बिल्लियां और खरगोश भी जिंदा जल गए। दमकलकर्मियों ने कई ...
राम मंदिर चढ़ावा मामले की SIT जांच के बीच चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू। बिना जेब की वर्दी, मोबाइल पर रोक और सुरक्षा व्यवस्था हुई सख्त।
तेल निर्यात में राहत के बीच ट्रंप की चेतावनी, क्या मुश्किल में पड़ जाएगी US-Iran डील?
Trump Threatens Iran Again: स्विटजरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम बातचीत के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। बातचीत के पहले दौर के खत्म होने के महज एक दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई चेतावनी दे दी है। ट्रंप ने ...
Positive IOD क्या है? कैसे बनता है भारतीय मानसून का 'रक्षक' और El Nino के असर को करता है कमजोर
Positive Indian Ocean Dipole (IOD) Explained: क्या है पॉजिटिव IOD, यह अल नीनो के प्रभाव को कैसे कम करता है और भारतीय मानसून को कैसे मजबूत बनाता है? जानिए आसान भाषा में पूरा विज्ञान।
मानसून ने देशभर में रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर से दक्षिण भारत तक कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी है, जबकि कुछ इलाकों में लू का असर बरकरार है।
TMC में बड़ा सियासी भूचाल: बागी गुट ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाया, अभिषेक सस्पेंड
TMC Political Crisis : ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ने टीएमसी ने खुद को असली पार्टी बताया और पार्टी के सीनियर विधायक अरूप रॉय को चेयरमैन घोषित किया। इसके अलावा बागी गुट ने ममता बनर्जी को पद से हटाते हुए उनके लिए मुख्य सलाहकार पद की ...
पीओके में सैन्य दमन और आर्थिक संकट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। स्कूली बच्चे, महिलाएं और हजारों नागरिक सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।
भारत और मंगोलिया रणनीतिक साझेदार ही नहीं, आध्यात्मिक भाई-बहन भी हैं : एस जयशंकर
मंगोलिया की यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और मंगोलिया रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक रिश्ता भी है।
Top News : लखनऊ अग्निकांड पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 22 राज्यों में बारिश, ममता को बड़ा झटका
Top News 23 June : लखनऊ अग्निकांड मामले में 15 लोगों की मौत के बाद योगी सरकार अब एक्शन में नजर आ रही है। मानसून ने पकड़ी रफ्तार। आज 22 राज्यों में बारिश की संभावना है। ट्रंप ने फिर ईरान को धमकी दी। TMC के बागी गुट ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से ...
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों और रोजाना नोएडा-ग्रेटर नोएडा की तरफ सफर करने वाले लोगों के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली बॉर्डर से जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) तक का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा तेज, सुरक्षित और पूरी तरह से जाम-मुक्त होने वाला है। हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस बेहद महत्वाकांक्षी हाईवे परियोजना को हरी झंडी दे दी गई है। इस नए रूट के बनने से दिल्ली और जेवर एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बेहद सुगम हो जाएगी।क्यों खास है यह नई एक्सप्रेसवे परियोजना? (Route & Length)यह प्रस्तावित एक्सप्रेसवे केवल एक साधारण सड़क नहीं, बल्कि एक आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना होगा। इस प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:लंबाई और लेन: यह पूरा रूट लगभग 35.1 किलोमीटर लंबा होगा, जो पूरी तरह से 8-लेन का एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (जमीन से ऊपर पिलर पर बना हुआ) के रूप में तैयार किया जाएगा।रूट मैप: यह शानदार रास्ता दिल्ली के डीएनडी (DND) फ्लाईवे से शुरू होगा और यमुना नदी के तटबंध (बांध) के समानांतर (Parallel) चलते हुए ग्रेटर नोएडा के घरबरा तक जाएगा।डायरेक्ट कनेक्टिविटी: घरबरा पहुंचने के बाद यह एक्सप्रेसवे सीधे यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) से कनेक्ट हो जाएगा, जिससे दिल्ली से चलने वाले वाहन बिना किसी ट्रैफिक लाइट या जाम के सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भीतर एंट्री कर सकेंगे।NHAI को मिली जिम्मेदारी; स्थानीय लोगों का भी रखा गया ध्यानइस महा-परियोजना के निर्माण और समय पर पूरा करने का जिम्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपा गया है। एक्सप्रेसवे के डिजाइन में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि लंबी दूरी के यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी इसका फायदा मिले। इस स्ट्रक्चर में 8 मुख्य लेन तो होंगी ही, साथ ही 2 अतिरिक्त लेन मौजूदा स्थानीय सड़कों से जोड़ी जाएंगी ताकि आस-पास के गांवों और सेक्टरों में रहने वाले लोग भी आसानी से इस पर चढ़ और उतर सकें।सिंचाई विभाग की आपत्ति के बाद क्यों बदला गया पुराना प्लान?इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन को अपनी शुरुआती योजनाओं में एक बड़ा तकनीकी बदलाव करना पड़ा है:पुरानी योजना: शुरुआत में इंजीनियर्स का प्लान यमुना नदी के बाढ़ नियंत्रण वाले तटबंध (बांध) के ठीक ऊपर ही सड़क बनाने का था।आपत्ति और नया समाधान: उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने बांध की मजबूती, सुरक्षा और बाढ़ के खतरों को देखते हुए इस पुराने प्लान पर एनओसी (NOC) देने से साफ इनकार कर दिया था। विभाग की इस गंभीर आपत्ति के बाद प्लान बदला गया। अब बांध को बिना छुए, उसके बिल्कुल बगल में पिलर खड़े करके एक पूरी तरह एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिससे पर्यावरण और नदी के सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन नहीं होगा।कूटनीतिक जंक्शन बनेगा दिल्ली का DND फ्लाईवेइस एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद दिल्ली का डीएनडी फ्लाईवे देश के सबसे बड़े और प्रमुख हाईवे हब (Junctions) के रूप में तब्दील हो जाएगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेसवे पहले से ही अक्षरधाम के पास से गुजर रहे हैं। अब इन दोनों बड़े हाईवे की लिंक लाइनों को मयूर विहार के रास्ते चिल्ला एलिवेटेड रोड से जोड़ा जाएगा। इस कनेक्टिविटी के चलते यात्रियों को मेरठ, सहारनपुर या पूर्वी दिल्ली से आकर सीधे जेवर एयरपोर्ट जाने के लिए एक सिग्नल-फ्री और सुपरफास्ट रूट मिल जाएगा।समय की होगी भारी बचत, ट्रैफिक जाम से मिलेगी परमानेंट मुक्तिनोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आगामी समय में पूरी तरह शुरू होने के बाद इस रूट पर वाहनों और यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होना तय है। ऐसे में यह नया 8-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे न केवल दिल्ली से एयरपोर्ट के बीच यात्रा के समय (Travel Time) को आधा कर देगा, बल्कि कालिंदी कुंज, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और महामाया फ्लाईओवर पर लगने वाले भयंकर ट्रैफिक जाम से भी हमेशा के लिए मुक्ति दिलाएगा।
भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा स्टार तिलक वर्मा (Tilak Varma) के लिए पिछले कुछ दिन किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहे हैं। रविवार (21 जून) को उन्होंने श्रीलंका के दांबुला में 'इंडिया ए' (India A) टीम की कप्तानी करते हुए श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में एकतरफा बड़ी जीत हासिल की। इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के ठीक अगले ही दिन, वे बिना कोई आराम किए भारत लौटे और सोमवार (22 जून) को घरेलू टी20 लीग में रनों का तूफान खड़ा कर दिया।हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) द्वारा आयोजित किए जा रहे TG20 टूर्नामेंट के मैच नंबर-3 में तिलक वर्मा ने मेदक फाल्कन्स (Medak Falcons) की कप्तानी संभाली। राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (उप्पल) में खेले गए इस मुकाबले में तिलक ने 259 रनों के विशाल और नामुमकिन से दिखने वाले लक्ष्य का पीछा करते हुए एक सनसनीखेज नाबाद शतक जड़ा और अपनी टीम को 2 गेंद शेष रहते एक ऐतिहासिक जीत दिला दी।वारंगल वॉरियर्स ने मचाई थी तबाही: अमन राव का 48 गेंदों में 142 रन का रिकॉर्डइससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी वारंगल वॉरियर्स (Warangal Warriors) के बल्लेबाजों ने मैदान पर चौके-छक्कों की सुनामी ला दी। वारंगल के कप्तान और सलामी बल्लेबाज अमन राव पेराला ने निडर स्ट्रोकप्ले का मुजाहिरा पेश करते हुए महज 48 गेंदों में 142 रनों की आतिशी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 12 चौके और 13 गगनचुंबी छक्के जड़े।अमन ने केवल 32 गेंदों में इस टूर्नामेंट का पहला और सबसे तेज शतक पूरा कर लिया था। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स (RR) के इस नए खिलाड़ी (अमन) के रौद्र रूप की बदौलत वारंगल वॉरियर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में 258/7 का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया।पावरप्ले का नया कीर्तिमान: अमन राव और हर्षित चौधरी (35 रन) की सलामी जोड़ी ने शुरुआती 6 ओवरों (पावरप्ले) में बिना कोई विकेट खोए 101 रन बोर्ड पर टांग दिए, जो इस प्रतियोगिता के इतिहास में पावरप्ले का सबसे बड़ा स्कोर है। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 133 रनों की साझेदारी हुई।मिडिल और डेथ ओवर्स का खेल: अमन के आउट होने के बाद मुरुगन अभिषेक के तेजतर्रार 32 रनों के कैमियो ने वारंगल के स्कोर को 258 तक पहुंचाने में मदद की। मेदक फाल्कन्स के गेंदबाज एन सूर्या तेजा और राहुल कुंटा ने बीच में विकेट लेकर वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।कठिन राह पर फाल्कन्स की पलटवार, तिलक वर्मा का 22 गेंदों में अर्धशतक259 रनों के एवरेस्ट जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेदक फाल्कन्स की शुरुआत अच्छी लेकिन जोमभरी रही। पहले ओवर में नमन अग्रवाल (12 रन) का विकेट गिर गया। इसके बाद भारतीय टी20 टीम के उप-कप्तान तिलक वर्मा क्रीज पर आए और उन्होंने आते ही मैच का पूरा गियर बदल दिया।तिलक ने वारंगल के गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक करते हुए मात्र 22 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। फाल्कन्स ने पावरप्ले के अंत तक 85/2 का स्कोर बना लिया था, हालांकि इस बीच श्रुंजित रेड्डी (25 रन) दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रन आउट हो गए।15वें ओवर का ड्रामा: जब संकट में फंसी मेदक फाल्कन्सएक समय बेहद आसान दिख रहा यह रन-चेस 15वें ओवर में अचानक रोमांचक मोड़ पर आ गया। वारंगल वॉरियर्स के गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए फाल्कन्स के लगातार तीन विकेट चटका दिए, जिससे मेदक का स्कोर 190/3 से अचानक 190/6 हो गया। अब अंतिम 5 ओवरों (30 गेंदों) में जीत के लिए 65 रनों की दरकार थी, और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ यह टारगेट हासिल करना नामुमकिन लग रहा था।42 गेंदों में सेंचुरी और 'नायक' का साथ; दो गेंद रहते रोमांचक जीतजब सब उम्मीद छोड़ चुके थे, तब कप्तान तिलक वर्मा का मास्टरक्लास देखने को मिला। उन्होंने मैदान के चारों ओर रिस्ट-वर्क और टाइमिंग का बेहतरीन मुजाहिरा पेश करते हुए सिर्फ 42 गेंदों में अपना शानदार शतक पूरा किया।क्रीज पर आए नए बल्लेबाज विक्रम नायक ने तिलक का बखूबी साथ निभाया। विक्रम ने महज 12 गेंदों में 27 रनों की कैमियो पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह मेदक की तरफ मोड़ दिया। दोनों के बीच 7वें विकेट के लिए 58 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी हुई। हालांकि विक्रम आखिरी से ठीक पहले ओवर में आउट हो गए, लेकिन तब तक मैच फाल्कन्स की मुट्ठी में आ चुका था।आखिरी ओवर के रोमांच में तिलक वर्मा ने अपना संयम बनाए रखा, सूझबूझ से बाउंड्री निकाली और 56 गेंदों में नाबाद 136 रनों (14 चौके, 8 छक्के) की अविश्वसनीय पारी खेलकर अपनी टीम को 3 विकेट से चमत्कारी जीत दिला दी। तिलक की यह पारी इस टी20 लीग के इतिहास की सबसे महानतम पारियों में हमेशा याद रखी जाएगी।
आज का राशिफल: 23 जून 2026, मंगलवार
आज ज्येष्ठ द्वितीय (शुद्ध) शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शाम 04:40 बजे तक है, जिसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। चंद्रमा पूरे दिन कन्या राशि में संचरण करेगा और मध्यरात्रि 12:53 बजे तुला राशि में प्रवेश कर जाएगा। हस्त नक्षत्र सुबह 11:54 बजे तक रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र की शुरुआत होगी। ग्रहों और नक्षत्रों के इस परिवर्तन के बीच आइए जानते हैं कि सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।मेष राशि (Aries)आज आपके प्रयासों को एक नई और सही दिशा मिलेगी। यदि आप किसी प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त या बड़े निवेश की योजना बना रहे हैं, तो परिणाम आपके पक्ष में आ सकते हैं। युवाओं को अपनी मेहनत का उचित फल मिलेगा। हालांकि, कुछ लोग आपकी प्रगति से जलकर आपके मार्ग में बाधा डाल सकते हैं, इसलिए अपनी योजनाओं को गुप्त रखें।व्यवसाय व नौकरी: मार्केटिंग और मीडिया से जुड़े जातकों को आज कोई बड़ा ऑर्डर या विशेष लाभ मिल सकता है।प्रेम व परिवार: पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा, लेकिन लव पार्टनर के साथ बातचीत की कमी से गलतफहमियां बढ़ सकती हैं।स्वास्थ्य: बीपी और शुगर के मरीजों को आज नियमित जांच करानी चाहिए।उपाय: प्रकृति के करीब थोड़ा समय बिताएं और आत्मचिंतन करें।वृष राशि (Taurus)आर्थिक योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए आज का दिन बहुत शानदार है। निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें। परिवार के बुजुर्गों का स्नेह आपका आत्मविश्वास बढ़ाएगा। आज किसी को भी पैसा उधार देने से बचें, वरना वह डूब सकता है। युवाओं को करियर के प्रति गंभीर होना होगा।व्यवसाय व नौकरी: बिजनेस में नए संपर्क और नेटवर्क का विस्तार होगा। नौकरीपेशा लोगों को आज किसी बड़े प्रोजेक्ट में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।प्रेम व परिवार: परिवार के साथ मनोरंजन और सुखद पल बिताने के अवसर मिलेंगे।स्वास्थ्य: माइग्रेन या तेज सिरदर्द की समस्या आज आपको परेशान कर सकती है।उपाय: जल संरक्षण का संकल्प लें और शुद्ध पेयजल का ही सेवन करें।मिथुन राशि (Gemini)आज किसी प्रभावशाली या राजनीतिक कद वाले व्यक्ति का सहयोग आपके अटके हुए कामों को बना देगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा है, शिक्षा से जुड़ी कोई बड़ी बाधा दूर होगी। आज किसी भी तरह के वाद-विवाद या बहसबाजी से खुद को दूर रखें। पालतू पशुओं के पास जाते समय थोड़ी सावधानी बरतें।व्यवसाय व नौकरी: जो व्यापारिक कार्य लंबे समय से पेंडिंग हैं, उन्हें आज ही निपटाने का प्रयास करें। ऑफिस की कार्यप्रणाली में बदलाव भविष्य में बड़ा लाभ देगा।प्रेम व परिवार: घर में शांति और आपसी सहयोग बना रहेगा। प्रेम संबंधों में ज्यादा उलझकर अपने मुख्य लक्ष्यों से न भटकें।स्वास्थ्य: काम के अत्यधिक बोझ के कारण शारीरिक और मानसिक थकान हावी हो सकती है।उपाय: मार्ग में मिलने वाले किसी सफाई कर्मचारी की आर्थिक या अन्य रूप से सहायता करें।कर्क राशि (Cancer)आपकी सूझबूझ और संतुलित सोच आज किसी बेहद जटिल पारिवारिक या व्यावहारिक समस्या का हल निकाल लेगी। छात्रों की पढ़ाई से जुड़ी दिक्कतें दूर होंगी। हालांकि, आज आलस्य को खुद पर हावी न होने दें, अन्यथा हाथ आया मौका निकल सकता है। भावनाओं में बहकर कोई भी बड़ा फैसला न लें।व्यवसाय व नौकरी: कारोबार में मुनाफे के नए स्रोत बनेंगे, हालांकि धन आने की गति थोड़ी धीमी रह सकती है। सरकारी नौकरी करने वालों को कोई बड़ी जिम्मेदारी या नई ड्यूटी मिल सकती है।प्रेम व परिवार: परिवार में आपसी तालमेल बेहतरीन रहेगा और प्रेम संबंधों में मधुरता घुलेगी।स्वास्थ्य: बदलते मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या और खानपान को संतुलित रखें।उपाय: आज विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना आपके लिए विशेष फलदायी रहेगा।सिंह राशि (Leo)सिंह राशि वालों के लिए आज किसी पुरानी अटकी योजना को दोबारा शुरू करने का बिल्कुल सही समय है। पारिवारिक जीवन की किसी बड़ी समस्या का हल मिलने से मन शांत और तनावमुक्त रहेगा। दूसरों के फटे में टांग अड़ाने से बचें, अन्यथा आपकी मान-हानि हो सकती है। बच्चों की संगति पर नजर रखें।व्यवसाय व नौकरी: बिजनेस में आपको अपनी पुरानी कार्यप्रणाली को बदलना होगा। मल्टीनेशनल (MNC) कंपनियों में काम करने वाले जातकों को पदोन्नति या विशेष सम्मान मिल सकता है।प्रेम व परिवार: घर का माहौल सुखद रहेगा और लव लाइफ में पार्टनर के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी।स्वास्थ्य: एक अनुशासित दिनचर्या के कारण आप खुद को ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे।उपाय: शिवलिंग पर सुगंधित जल या इत्र मिश्रित जल से अभिषेक करें।कन्या राशि (Virgo)आज आपकी मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास आपको कठिन से कठिन परिस्थितियों से बाहर निकाल लाएगा। विद्यार्थियों को अपनी मेहनत के अनुरूप मनचाहा परिणाम मिलेगा। हालांकि, आज गलत संगति या अवांछित लोगों का साथ आपको किसी बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। किसी के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद संभव है।व्यवसाय व नौकरी: व्यापार में नई तकनीक और मॉडर्न तरीकों को अपनाने से बड़ा मुनाफा होगा। नौकरीपेशा लोगों को आज काम के सिलसिले में किसी लाभदायक यात्रा पर जाना पड़ सकता है।प्रेम व परिवार: घर में किसी छोटी सी बात को लेकर मनमुटाव हो सकता है, धैर्य से काम लें।स्वास्थ्य: नकारात्मक विचारों को मन पर हावी न होने दें, यह आपकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।उपाय: अपने इष्ट देव का ध्यान करें और किसी धार्मिक स्थल या मंदिर में गुप्त दान करें।तुला राशि (Libra)आज आपकी अंतरात्मा की आवाज आपको सही रास्ते पर ले जाएगी, अपने अंतर्मन की बात जरूर सुनें। वरिष्ठ और अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन आज आपके डूबते करियर या व्यापार को बचा सकता है। टालमटोल की आदत से आज आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है, इसलिए सक्रिय रहें।व्यवसाय व नौकरी: बिजनेस में आमदनी तो अच्छी होगी, लेकिन उसके साथ ही खर्चों का ग्राफ भी बढ़ेगा। ऑफिस में आज आपको अपनी टीम को बेहतर ढंग से मैनेज करना होगा।प्रेम व परिवार: कार्यक्षेत्र और परिवार के बीच बेहतरीन संतुलन बनाने में सफल रहेंगे। प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी।स्वास्थ्य: छाती में जकड़न या श्वास (सांस) संबंधी किसी भी समस्या को हल्के में न लें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।उपाय: माता लक्ष्मी और भगवान नारायण की संयुक्त आराधना करें।वृश्चिक राशि (Scorpio)आज निवेश से जुड़ी योजनाएं भविष्य में बड़ा मुनाफा देने वाली साबित होंगी। बच्चों के करियर या स्वास्थ्य को लेकर चल रही कोई बड़ी चिंता आज समाप्त होगी। किसी भी प्रकार के कोर्ट-कचहरी के मामले या अनावश्यक बहस से खुद को दूर रखें। आज किसी भी तरह की फालतू यात्रा को टालना ही बेहतर होगा।व्यवसाय व नौकरी: व्यापार में सभी जरूरी दस्तावेज, बिल और टैक्स संबंधी कागजात व्यवस्थित रखें। किसी भी डील में पारदर्शिता रखें। नौकरीपेशा लोगों को मनमुताबिक काम न मिलने से थोड़ी निराशा हो सकती है।प्रेम व परिवार: वैवाहिक जीवन में तालमेल रहेगा, लेकिन प्रेम संबंधों में पार्टनर से थोड़ी भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है।स्वास्थ्य: त्वचा में संक्रमण (Infection) या किसी प्रकार की एलर्जी से सावधान रहें।उपाय: शिव मंदिर जाकर ताजे अनार के रस से भोलेनाथ का अभिषेक करें।धनु राशि (Sagittarius)धनु राशि के जातक आज खुद को नई ऊर्जा और जबर्दस्त उत्साह से भरा हुआ पाएंगे। विशेष रूप से महिलाओं के लिए आज का दिन कोई बड़ी उपलब्धि या सामाजिक सम्मान लेकर आ सकता है। आर्थिक मामलों में हाथ तंग रह सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलें। विदेश जाने की कोशिश कर रहे लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।व्यवसाय व नौकरी: कमीशन, कंसल्टेंसी, एजेंसी या मध्यस्थता (ब्रोकरेज) से जुड़े कामों में आज बंपर मुनाफा होने के योग हैं। सभी महत्वपूर्ण फाइलें संभालकर रखें।प्रेम व परिवार: जीवनसाथी का अटूट सहयोग आपको हर मुश्किल से लड़ने की मानसिक मजबूती देगा। दोस्तों से मिलते समय अपनी मर्यादा न भूलें।स्वास्थ्य: आज वाहन चलाते समय या सीढ़ियां चढ़ते समय चोट लगने या गिरने की आशंका है, सतर्क रहें।उपाय: किसी जरूरतमंद बीमार व्यक्ति को आवश्यक दवाइयों का दान करें।मकर राशि (Capricorn)मकर राशि वालों का लंबे समय से रुका हुआ कोई महत्वपूर्ण कार्य आज दोबारा गति पकड़ेगा। परिवार में किसी योग्य सदस्य के विवाह का पक्का प्रस्ताव आने से घर में उत्सव का माहौल रहेगा। हालांकि, आज अपने कीमती सामान, गैजेट्स और जरूरी दस्तावेजों को संभालकर रखें, खोने या भूलने की प्रबल आशंका है।व्यवसाय व नौकरी: व्यापार में वित्तीय लेनदेन और कोई भी नया निवेश बहुत सोच-समझकर करें। नौकरीपेशा लोगों को आज ऑफिस पॉलिटिक्स या गुटबाजी का शिकार होना पड़ सकता है, इसलिए तटस्थ (Neutral) रहें।प्रेम व परिवार: परिवार के लिए समय निकालें, उन्हें आपके साथ की जरूरत है। प्रेम संबंधों में आपसी विश्वास और निकटता बढ़ेगी।स्वास्थ्य: अत्यधिक भागदौड़ के कारण शारीरिक थकान और मानसिक तनाव हावी हो सकता है, मेडिटेशन करें।उपाय: हनुमान मंदिर जाकर पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करें।कुंभ राशि (Aquarius)आज किसी फोन कॉल, ईमेल या सोशल मीडिया के माध्यम से आपको कोई बेहद महत्वपूर्ण और शुभ सूचना मिल सकती है। परिवार की सुख-सुविधाओं से जुड़ी कोई बड़ी योजना आज हकीकत का रूप लेगी। हालांकि, आज किसी भी तरह का बड़ा आर्थिक लेनदेन करने से पहले सामने वाले की पूरी जांच-पड़ताल कर लें। संतान की ओर से थोड़ी चिंता रह सकती है।व्यवसाय व नौकरी: बिजनेस में नई तकनीक और आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल मुनाफा बढ़ाएगा। साझेदारी (Partnership) के काम में आंख मूंदकर भरोसा न करें, धोखा हो सकता है।प्रेम व परिवार: परिवार के साथ किसी पिकनिक या मनोरंजन के पल बिताने का मौका मिलेगा। प्रेम संबंधों में आपसी संवाद टूटने से अलगाव की स्थिति बन सकती है।स्वास्थ्य: ज्यादा काम करने के कारण कमजोरी और सुस्ती छाई रह सकती है।उपाय: नवग्रह मंत्रों का शांत मन से जाप करना आपके भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।मीन राशि (Pisces)आज किसी पुराने पुश्तैनी जमीन-जायदाद के विवाद या किसी पारिवारिक मामले का शांतिपूर्ण समाधान मिल जाएगा। भविष्य की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए दिन बेहद अनुकूल है। अपनी कार्यशैली और बातचीत के तरीके को और अधिक प्रभावशाली बनाएं। बच्चों पर गुस्सा करने के बजाय उनकी समस्याओं को समझें।व्यवसाय व नौकरी: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलने से आज काम का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ सकता है, लेकिन यह आपके भविष्य के लिए बेहतर है। पार्टनरशिप में चल रहे विवाद आज सुलझ जाएंगे।प्रेम व परिवार: दांपत्य जीवन में किसी बाहरी व्यक्ति के कारण हल्का तनाव हो सकता है, आपस में बातचीत से मामला सुलझाएं। पुराने मित्र से मुलाकात मन खुश कर देगी।स्वास्थ्य: मौसम के बदलने के कारण सर्दी, खांसी या बुखार जैसी छोटी-मोटी मौसमी बीमारियां घेर सकती हैं।उपाय: किसी धार्मिक स्थान पर चने की दाल और गुड़ का दान करें।
चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से तप रहे उत्तर और मध्य भारत के लिए मौसम विभाग से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आज यानी मंगलवार, 23 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) देश के कई नए हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।मौसम विभाग ने 'गुड न्यूज' देते हुए बताया है कि मौसमी परिस्थितियां अनुकूल होने के कारण मानसून ने उत्तर व मध्य भारत की ओर तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। इसके प्रभाव से देश के पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। हालांकि, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को पूरी तरह से सराबोर होने और भीषण लू (Heatwave) से मुकम्मल आजादी पाने के लिए अभी कुछ और दिनों का इंतजार करना पड़ेगा।अगले 48 घंटे बेहद अहम: मुंबई, बिहार और छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तकमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ने 22 जून को मध्य और पूर्वी भारत के कई गतिहीन क्षेत्रों में अच्छी प्रगति की है। आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि अगले 48 घंटों के भीतर मानसून निम्नलिखित राज्यों को पूरी तरह कवर कर लेगा:महाराष्ट्र और मुंबई: मायानगरी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय हो जाएगा।मध्य व पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के जो हिस्से अभी तक अछूते थे, वहां अगले दो दिनों में मानसून पहुंच जाएगा और भारी बारिश का दौर शुरू होगा।दक्षिण भारत: तेलंगाना के बचे हुए हिस्सों में भी मानसून की एंट्री के लिए रास्ते साफ हो चुके हैं।इस सप्ताह इन राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्टआईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे सप्ताह देश के एक बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। विभाग ने कई राज्यों के लिए धूलभरी आंधी और आकाशीय बिजली (Lightning) का अलर्ट जारी किया है:तेज हवाओं का कहर: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इस दौरान इन राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है।तेलंगाना में भारी वर्षा: तेलंगाना के कई जिलों में इस सप्ताह रिकॉर्ड तोड़ व्यापक बारिश होने का अनुमान जताया गया है।दिल्ली-एनसीआर का मौसमी हाल: बादल छाएंगे, पर सताएगी उमसदेश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) के निवासियों के लिए आज का मौसम मिला-जुला रहने वाला है:बारिश का अनुमान: आज, 23 जून को दिल्ली-एनसीआर के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।तापमान में गिरावट: बारिश और तेज हवाओं के चलते अधिकतम तापमान गिरकर 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।उमस करेगी परेशान: तापमान में इस गिरावट के कारण लू के थपेड़ों से तो राहत मिलेगी, लेकिन हवा में नमी (Moisture) का स्तर बढ़ने की वजह से लोगों को भारी उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
बनते काम बिगड़ रहे हैं या लगी है बुरी नजर? किस्मत चमकाएंगे पीली सरसों के ये 5 अचूक और चमत्कारी उपाय
जीवन में कई बार ऐसा दौर आता है जब इंसान लगातार संकटों और दुखों से घिर जाता है। एक समस्या खत्म नहीं होती कि दूसरी सामने आकर खड़ी हो जाती है और घर की सुख-शांति पूरी तरह भंग हो जाती है। मेहनत करने के बाद भी जब काम बिल्कुल आखिरी वक्त पर बिगड़ने लगें और नुकसान की वजह समझ न आए, तो इसके पीछे 'नजरदोष' (Evil Eye) या घर में फैली भारी नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) हो सकती है।सनातन परंपरा और ज्योतिष शास्त्र में इस तरह के दुर्भाग्य को दूर करने और सोई हुई किस्मत को जगाने के लिए पीली सरसों (Yellow Mustard) के कुछ बेहद आसान और अचूक उपाय बताए गए हैं। तंत्र शास्त्र में पीली सरसों को मां लक्ष्मी और मां बगलामुखी से जोड़कर देखा जाता है, जो बुरी शक्तियों को सोखकर घर में धन-धान्य के रास्ते खोलती है। आइए जानते हैं पीली सरसों के उन 5 ज्योतिषीय टोटकों के बारे में, जो आपकी तंगी और परेशानियों को तुरंत दूर कर सकते हैं।1. नौकरी और बिजनेस की बाधाएं दूर करने के लिएयदि आपको कार्यक्षेत्र में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, व्यापार ठप हो गया है या नौकरी छूटने का खतरा मंडरा रहा है, तो रोज सुबह यह आसान उपाय करें:विधि: सुबह की नियमित पूजा के समय गाय के गोबर का एक छोटा उपला (कंडा) सुलगाएं। जब उसमें से धुआं निकलने लगे, तो उस पर पीली सरसों के कुछ दाने डाल दें।असर: अब इस जलती हुई सरसों और उपले के धुएं को अपने पूरे घर के कोने-कोने में दिखाएं। ज्योतिष के अनुसार, इस धुएं से घर की दरिद्रता बाहर निकलती है, सकारात्मकता का संचार होता है और मां लक्ष्मी का घर में स्थायी वास होता है, जिससे रोजगार के नए अवसर बनते हैं।2. भयंकर आर्थिक तंगी और कर्ज से मुक्ति का महाउपाययदि आप लंबे समय से भारी कर्ज के जाल में फंसे हैं या पैसा हाथ में आते ही पानी की तरह बह जाता है, तो मां बगलामुखी की शरण में जाएं:विधि: गुरुवार या किसी भी शुभ दिन पीली सरसों के कुछ दानों को एक साफ पीले रंग के सूती कपड़े में बांधकर एक छोटी पोटली बना लें। अब इस पोटली को पूजा स्थल पर रखकर मां बगलामुखी (दस महाविद्याओं में से एक) को श्रद्धापूर्वक अर्पित करें।असर: मां बगलामुखी की कृपा से बड़ी से बड़ी वित्तीय और आर्थिक समस्याओं का तत्काल समाधान होता है और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं।3. घर के मुखिया की तरक्की और ऊंचा पद पाने के लिएकई बार अथक प्रयासों और योग्यता के बावजूद नौकरी में प्रमोशन (पदोनति) नहीं मिल पाता। इसके लिए घर के कमाऊ सदस्य या मुखिया पर यह टोटका आजमाया जा सकता है:विधि: रविवार या मंगलवार के दिन पीली सरसों के कुछ दानों को हाथ में लें और घर के मुखिया के सिर के ऊपर से घड़ी की सुई की दिशा में (Clockwise) सात बार वार (उसार) लें। इसके बाद इन दानों को ले जाकर घर के मुख्य द्वार से काफी दूर या किसी सुनसान स्थान पर फेंक दें।असर: इस उपाय से मुखिया के ऊपर से सारा नजरदोष खत्म होता है, उनके रास्ते की रुकावटें दूर होती हैं और नौकरी में बड़ा पद व मान-सम्मान हासिल होता है।4. सोए हुए भाग्य को जगाने और धन वर्षा के लिएयदि आपका भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है और हर काम में केवल असफलता मिल रही है, तो कपूर और पीली सरसों का यह मेल आपकी किस्मत बदल सकता है:विधि: रात के समय चांदी या मिट्टी की एक छोटी कटोरी में शुद्ध भीमसेनी कपूर रखें और उसके ऊपर पीली सरसों के दाने डालकर उसे जला दें।असर: इस मिश्रण के जलने से निकलने वाली ऊर्जा घर के वास्तु दोष और पैसों की किल्लत को हमेशा के लिए दूर कर देती है। इससे घर के सदस्यों का भाग्य बहुत तेज होता है और फिजूलखर्ची पर रोक लगती है।5. नजर दोष हटाने और चौतरफा समृद्धि पाने के लिएअगर आपको लगता है कि आपके हंसते-खेलते परिवार या बच्चों को किसी की बुरी नजर लग गई है, जिसके कारण घर में रोज क्लेश और बीमारियां हो रही हैं, तो यह छिड़काव विधि अपनाएं:विधि: किसी भी साफ दिन पीली सरसों के दानों को अपने हाथ में लेकर 'ॐ नमः शिवाय' या गायत्री मंत्र का जाप करते हुए घर के सभी कमरों के कोनों में थोड़ा-थोड़ा छिड़क (बिखेर) दें। इसके साथ ही कुछ दाने घर के मुख्य द्वार के बाहर चारों ओर भी छिड़क दें।असर: यह उपाय घर के चारों तरफ एक सुरक्षा कवच (Protection Shield) बना देता है, जिससे कोई भी बुरी नजर या तांत्रिक अभिचार घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाता और जल्द ही परिवार में शुभ समाचार व समृद्धि का आगमन होता है।
अधिकांश शिवसैनिक शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ खड़े हैं : अजय आलोक
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुई भीषण आग की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया
नीति आयोग के सदस्य ने राजस्थान को 'उपलब्धि हासिल करने वाला राज्य' बताया
नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर केवी राजू ने राजस्थान को 'उपलब्धि संपन्न राज्य' बताते हुए पेयजल आपूर्ति और ग्रामीण विकास में हुई प्रगति की प्रशंसा की।
अजीत डोभाल और वांग यी की मुलाकात, भारत-चीन रिश्तों में बढ़ते भरोसे पर चर्चा
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की
लखनऊ अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई – चार अधिकारी निलंबित, जांच तेज
राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित उषा मेहता मार्ग पर सोमवार को एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। खबरों के मुताबिक इस अग्निकांड में 9 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा ...
CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक, स्वतंत्रता दिवस पर उपलब्धियां बताएंगे प्रभारी मंत्री
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 जून को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर होने वाले कार्यक्रमों में जिलों के प्रभारी मंत्री, जिलों में हुए विकास कार्यों और ...
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में आग लगने की भीषण घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार के अपने सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए
भिवाड़ी : गृहशांति का झांसा देकर बीस लाख रुपए की ठगी
खैरथल-तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोशल मीडिया पर घरेलू समस्याओं के समाधान और गृहशांति का झांसा देकर लाखों रुपए और सोने के आभूषण ठगने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि आरोपी के कब्जे से ठगी की रकम में […] The post भिवाड़ी : गृहशांति का झांसा देकर बीस लाख रुपए की ठगी appeared first on Sabguru News .
UCC पर आगे बढ़ी मोहन यादव सरकार, कमेटी ने आम नागरिकों, धर्मगुरुओं और राजनीतिक दलों से मांगी राय
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) की ओर कदम बढ़ा चुके हैं। इसी सिलसिले में समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों ने 22 जून को प्रशासन अकादमी में राज्य ...
धोखाधड़ी मामले में आरसीएफएल एवं आरएचएफएल के दो अधिकारी अरेस्ट
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) देवांग मोदी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व सीईओ रवींद्र सुधालकर को सरकारी बैंकों से लिए गए ऋण में हेराफेरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरसीएफएल मामले में आरोपियों पर 13 […] The post धोखाधड़ी मामले में आरसीएफएल एवं आरएचएफएल के दो अधिकारी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कल दिनांक 23-06-2026 को करीबसमय 15.15 बजे अयोध्या पहॅुॅुॅुचेगे केशव प्रसाद मौर्य, अयोध्या भ्रमण पर पहले सर्किट हाउस, अयोध्या में पार्टी पदाधिकारियों/कार्यकर्ताओं एवं मा0 जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगेतथा विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के उपरान्त जनपद की विकासशील/निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षणकरीबसमय 16.10 बजेश्री मणिराम दास जी छावनी, अयोध्या के पीठाधीश्वर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महन्त श्री नृत्य गोपाल दास जी महाराज के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।उसके बाद लगभगसमय 17.05 बजेहनुमानगढ़ी, अयोध्या मन्दिर के दर्शन एवं पूजन करेंगे औरसमय 17.45 बजेश्री राम जन्मभूमि परिसर स्थित श्रीशेषावतार मन्दिर ध्वजारोहण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे तथा दर्शन-पूजन करने की जानकारी प्राप्त हुई हैा
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 31 जनपदों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला दुग्ध उत्पादकों को संगठित कर उन्हें दुग्ध व्यवसाय से जोड़कर वर्तमान में महिला समूहों द्वारा ₹5000 करोड़ से अधिक का दुग्ध कारोबार किया जा रहा है, जो ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती आर्थिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और इसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ग्रामीण महिलाओं अर्थात आधी आबादी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना विकास की परिभाषा अपूर्ण प्रतीत होगी। इसलिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और खाद्य प्रसंस्करण संयुक्त रूप से महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को बेहतर नस्ल के दुग्ध पशुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आधुनिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी देने तथा दुग्ध उत्पादों के निर्माण एवं विपणन को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान कर रही है। इसके साथ ही दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन की सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है ताकि महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।श्री मौर्य ने कहा कि जिस प्रकार श्वेत क्रांति में पुरुषों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उसी प्रकार आज आवश्यकता है कि महिलाओं को भी समान अवसर और संसाधन उपलब्ध कराकर उनके योगदान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्वेत क्रांति के पुरुषों के बराबर महिलाओं को खड़ा करना समय की मांग है और यही प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का स्पष्ट उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को शत-प्रतिशत आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। महिलाओं की आर्थिक उन्नति से न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना समृद्ध और विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना अधूरी है।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने आज जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु दूरभाष के माध्यम से जिलाधिकारी उन्नाव, प्रतापगढ़, इटावा, बरेली, फतेहपुर, बहराइच, बाराबंकी एवं अयोध्या से वार्ता की। इसके अतिरिक्त उन्होंने पुलिस आयुक्त प्रयागराज एवं आगरा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या, लखीमपुर खीरी, चन्दौली, शाहजहाँपुर, कुशीनगर एवं अम्बेडकर नगर तथा मण्डलायुक्त अयोध्या से भी संवाद स्थापित कर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे और उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। जनता दर्शन में सड़क, बिजली, पानी, राजस्व, पेंशन, आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से संबंधित अनेक प्रकरण प्राप्त हुए। उप मुख्यमंत्री ने प्राप्त शिकायतों एवं प्रार्थना-पत्रों का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने विद्युत आपूर्ति से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए प्रबन्ध निदेशक, विद्युत पश्चिमांचल से भी दूरभाष पर वार्ता की तथा संबंधित समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पास सुविधा की ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन
अजमेर। सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों ने पास सुविधा की ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में सोमवार को अजमेर स्टेशन पर सैकड़ों पेंशनर्स ने प्रदर्शन किया। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉइज यूनियन अजमेर के सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ ऑल इंडिया रेलवे पेंशनर्स वेलफेयर फेडरेशन के सचिव सुमेर सिंह शेखावत ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद रेल […] The post पास सुविधा की ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
हनुमान सिंह राठौड़ बने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के 41वें अध्यक्ष
अजमेर। शिक्षाविद् हनुमान सिंह राठौड़ ने सोमवार को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के 41वें अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करना बोर्ड की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होगा और इसके लिए शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा शिक्षा जगत के […] The post हनुमान सिंह राठौड़ बने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के 41वें अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .
अलीगंज, लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने जताया गहरा शोक
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने अलीगंज, लखनऊ में हुई दुर्भाग्यपूर्ण अग्नि दुर्घटना में जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक एवं दुःखद है। उन्होंने दिवंगतों के शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहन संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।उन्होंने दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।ॐ शांति!
WhatsApp के नए प्रमुख बने CRED के संस्थापक कुणाल शाह, Meta ने किया बड़ा नेतृत्व परिवर्तन
दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta ने नेतृत्व स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय फिनटेक कंपनी CRED के संस्थापक और सीईओ कुणाल शाह को WhatsApp का नया प्रमुख (Head of WhatsApp) नियुक्त किया है। वह वर्ष 2019 से इस ...
निपुण भारत मिशन को रफ्तार देने में जुटी योगी सरकार, मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का दूसरा चरण शुरू
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए शिक्षकों के क्षमता संवर्धन की मजबूत शृंखला तैयार कर रही है। इसी क्रम में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों में आधारभूत ...
बारां में नाइट्रिक एसिड से भरे टैंकर में रिसाव से हड़कम्प मचा
बारां। राजस्थान में बारां जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर रविवार देर रात नाइट्रिक एसिड से भरे एक टैंकर में अचानक रिसाव होने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग के दल तत्काल मौके पर पहुंच गये और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार टैंकर में तकनीकी […] The post बारां में नाइट्रिक एसिड से भरे टैंकर में रिसाव से हड़कम्प मचा appeared first on Sabguru News .
राजस्व मंडल की ओर से प्रकाशित राविरा के 132वें अंक का विमोचन
अजमेर। राजस्व मंडल अध्यक्ष अजिताभ शर्मा ने राविरा पत्रिका के 132वें अंक का विमोचन सोमवार को किया। राजस्व मंडल की ओर से प्रकाशित इस अंक में राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार, न्यायालय कार्य निष्पादन में व्यावहारिक समस्याएं, उनका समाधान, काश्तकार वर्ग के हितों में ऑनलाइन सेवाओं की सुलभता एवं लाभ, जनसाधारण के लिए […] The post राजस्व मंडल की ओर से प्रकाशित राविरा के 132वें अंक का विमोचन appeared first on Sabguru News .
सेना अधिकारी को थाने में बंद करने के मामले में थानाधिकारी लाइन हाजिर
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के खेड़ली मोड़ थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा सेना अधिकारी मेजर शैलेन्द्र सिंह को रविवार रात गिरफ्तार करके उन्हें हवालात में बंद करने के साथ अपमानित करने के मामले में सोमवार को मचे बवाल के बाद थानाधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार छुट्टियों में अपने गांव […] The post सेना अधिकारी को थाने में बंद करने के मामले में थानाधिकारी लाइन हाजिर appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधारों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी सक्रिय कदम उठा रहा है। भारत ...
लखनऊ में अलीगंज के बिज़नेस कॉम्प्लेक्स में भीषण आग, 12 लोगों की मौत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को तीन मंज़िला इमारत में लगी भीषण आग में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज़्यादा झुलस गए। कुछ मीडिया रिपोर्ट में हालांकि इस हादसे में 14 लोगों की मौत होने की खबरें हैं। मृतकों में ज़्यादातर छात्र […] The post लखनऊ में अलीगंज के बिज़नेस कॉम्प्लेक्स में भीषण आग, 12 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में उस जगह पहुंचे जहां आग लगने की घटना हुई थी, घटना में 14 लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ से कार्यक्रम रद्द कर ...
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे शोध का खुलासा किया है, जो आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में किए ...
इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp एंड्रॉयड यूजर्स के लिए 2 नए फीचर्स पर काम कर रहा है। इन अपडेट्स का उद्देश्य यूजर्स के लिए ऑनलाइन स्टेटस देखना और चैट बैकअप को मैनेज करना पहले से अधिक आसान बनाना है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक कोचिंग-कम-गेमिंग जोन में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। मीडिया खबरों के मुताबिक इसमें 13 लोगों की मौत की आशंका जताई गई है। मृतकों में बच्चे बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ...
जम्मू स्थित माता खीर भवानी मंदिर में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
जम्मू। कश्मीरी पंडितों ने जनीपुर इलाके के भवानी नगर में स्थित रागन्या देवी (माता खीर भवानी) मंदिर में सोमवार को खीर भवानी त्योहार के अवसर पर वैदिक मंत्रों और घंटियों की गूंज के बीच पूजा-अर्चना की। समुदाय के सदस्यों ने मंदिर में इलाके में शांति के लिए प्रार्थना की और आशीर्वाद मांगा। भक्तों ने श्रीनगर […] The post जम्मू स्थित माता खीर भवानी मंदिर में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण, 150 पन्नों की रिपोर्ट तैयार, ट्रस्ट के पुनर्गठन के भी संकेत
अयोध्या में रामलला के दरबार से आई एक ऐसी खबर ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में भूकंप ला दिया है, जिसने आस्था और व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन में हुए 7 करोड़ ...
बिना चीनी-गुड़ के घर पर बनाएं ये पौष्टिक आहार; खाने के नखरे होंगे खत्म
अक्सर माताओं की सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि उनका बच्चा बहुत दुबला-पतला है और बाहर का 'जंक फूड' तो शौक से खाता है, लेकिन घर का पौष्टिक खाना खाने में हजार नखरे करता है। 1 से 5 साल की उम्र बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उन्हें जरूरी पोषक तत्व मिलना बहुत जरूरी है। अगर आप भी इसी समस्या से जूझ रही हैं, तो यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर पूनम देवनानी द्वारा सुझाई गई यह 'मैजिकल लड्डू' रेसिपी आपकी सारी चिंता दूर कर देगी।क्यों खास हैं ये हेल्दी लड्डूइन लड्डुओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें चीनी या गुड़ का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसमें अंजीर, खुबानी, बादाम, छुहारा और किशमिश जैसे सुपरफूड्स का उपयोग किया गया है, जो न केवल बच्चे का वजन बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि उनमें आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन की कमी को भी पूरा करते हैं। गेहूं का आटा बच्चे का पेट भरने और उन्हें लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखने में मददगार है।सामग्री (Ingredients)इन लड्डू को बनाने के लिए आपको चाहिए:1.5 कप गेहूं का आटा10 सूखे अंजीर और 10 सूखी खुबानी30-35 बादाम (ममरा)8-9 छुहारे (बीज निकले हुए)1/2 कप किशमिश1/2 कप शुद्ध देसी घी (1/4 कप + 1/4 कप)बनाने की आसान विधि (Step-by-Step Recipe)भिगोना और पेस्ट बनाना: अंजीर और खुबानी को साफ पानी से धोकर 2-3 घंटे के लिए भिगो दें। फूल जाने के बाद इनका बारीक पेस्ट तैयार कर लें।ड्राई फ्रूट्स का पाउडर: बादाम और छुआरे को मिक्सर में अलग-अलग पीसकर दरदरा पाउडर बना लें।आटा भूनना: एक कड़ाही में घी डालें और गेहूं के आटे को धीमी आंच पर 15-20 मिनट तक सुनहरा होने तक भूनें।मिक्सचर तैयार करना: एक अन्य पैन में घी डालकर अंजीर-खुबानी के पेस्ट को भूनें जब तक कि घी अलग न होने लगे। अब इसमें भुना हुआ आटा, बादाम और छुहारे का पाउडर मिलाएं। अंत में किशमिश डालकर अच्छी तरह चलाएं।लड्डू बांधना: मिश्रण को हल्का ठंडा होने दें और छोटे-छोटे लड्डू तैयार कर लें।कैसे और कब खिलाएंइन लड्डुओं को एक एयरटाइट डिब्बे में भरकर फ्रिज में रखें। रोजाना खिलाने से 15 मिनट पहले इन्हें बाहर निकाल लें। अगर बच्चे की उम्र 5 साल से अधिक है तो एक लड्डू और उससे कम है तो आधा लड्डू देना पर्याप्त है। याद रखें, बच्चे को कभी भी खाली पेट यह लड्डू न दें। यह लड्डू न केवल बच्चे का वजन बढ़ाएंगे, बल्कि उन्हें एक्टिव और हेल्दी भी रखेंगे।
चित्त की चंचल लहरें रोकें, अन्तस आलोक जगाएं हम। आओ साधक! पतंजलि का, अष्टांग योग अपनाएं हम। प्रथम सीढ़ी 'यम' की है भाई, सत्य-अहिंसा मन में लाना। अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह को, तुम जीवन का मूल बनाना। शुचिता, संतोष, तप, स्वाध्याय, 'नियम' की राह दिखाता ...
गुरदासपुर में नहर टूटने से बाढ़ जैसे हालात, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न
गुरदासपुर। पंजाब के गुरदासपुर जिले में अप्पर बारी दोआब (यूबीडीसी) नहर में आई बड़ी टूट के कारण आसपास के गांवों, रिहायशी इलाकों और कृषि भूमि में पानी भर गया, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। घटना के बाद किसानों और स्थानीय निवासियों में भारी चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार सठियाली हेडवर्क्स […] The post गुरदासपुर में नहर टूटने से बाढ़ जैसे हालात, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न appeared first on Sabguru News .
भरत तिवारी मुठभेड़ मामले की जांच डीआईजी शाहाबाद करेंगे, पांच पुलिसकर्मी निलंबित
बिहार के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने सोमवार को भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले और नीट पुनर्परीक्षा में सामने आए फर्जीवाड़े को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी मुठभेड़ प्रकरण की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच के लिए शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को पुलिस मुख्यालय की ओर से अधिकृत किया गया है।
Electric Scooter : बिना लाइसेंस चला सकेंगे यह सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, फीचर्स भी हैं दमदार
कंपनी ने Reo VYB की बैटरी पर 3 साल या 30,000 किलोमीटर (जो पहले पूरा हो) की वारंटी देने की घोषणा की है। Ampere का कहना है कि बैटरी को लंबी उम्र और बेहतर टिकाऊपन को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। किफायती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती मांग के बीच ...
ब्रिटेन : कीर स्टारमर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे का किया ऐलान
लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अपने पद से इस्तीफा देने का एलान किया। इसके साथ ही लेबर पार्टी के नेता का पद भी छोड़ दिया। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने भावुक बयान में स्टारमर ने कहा कि कार्यालय में मेरा लिया हर फैसला अपने प्यारे देश को […] The post ब्रिटेन : कीर स्टारमर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे का किया ऐलान appeared first on Sabguru News .
'बारिश में गल गया सोना, बंदर उठा ले गए', पुलिस की दलील पर कोर्ट सख्त; 18 साल पुराने मामले ने चौंकाया
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 135 किलोमीटर दूर स्थित लखीमपुर खीरी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस ने दावा किया कि मालखाने में सुरक्षित रखी गई लाखों रुपये मूल्य की सोने की पोटली बारिश में गल गई। इसके बाद आभूषणों ...
हरियाणा और राजस्थान में 4 ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव को मंजूरी
नई दिल्ली। रेलवे ने हरियाणा और राजस्थान के में चलने वाली चार ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव को मंजूरी प्रदान की है। रेलवे ने सोमवार को बताया कि स्थानीय यात्रियों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रेल का इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों की मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। रेलवे के अनुसार ट्रेन संख्या […] The post हरियाणा और राजस्थान में 4 ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव को मंजूरी appeared first on Sabguru News .
रणवीर सिंह ने 'डार्क' बताकर ठुकराई थी ये ब्लॉकबस्टर फिल्म
बॉलीवुड गलियारों में अक्सर 'मिस' हुई फिल्मों की कहानियां काफी दिलचस्प होती हैं। ऐसी ही एक कहानी है 2019 में बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाने वाली फिल्म 'कबीर सिंह' की। शाहिद कपूर के करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर मानी जाने वाली इस फिल्म के पीछे एक ऐसा राज छिपा है जिसे जानकर फैंस आज भी हैरान रह जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि संदीप रेड्डी वांगा की इस फिल्म के लिए शाहिद कपूर पहली पसंद नहीं थे, बल्कि यह भूमिका सुपरस्टार रणवीर सिंह को ऑफर की गई थी?रणवीर सिंह को क्यों लगी थी 'डार्क'?फिल्म के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि जब वे 'अर्जुन रेड्डी' की हिंदी रीमेक 'कबीर सिंह' पर काम कर रहे थे, तो उनके दिमाग में सिर्फ रणवीर सिंह का नाम था। निर्देशक ने उन्हें अप्रोच भी किया था, लेकिन रणवीर सिंह ने इस किरदार को निभाने से साफ इनकार कर दिया। इसकी मुख्य वजह फिल्म का 'डार्क' और एग्रेसिव मिजाज था। उस समय रणवीर शायद ऐसे किरदार के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थे, जिसे उन्होंने अपने करियर के लिए बहुत ज्यादा नकारात्मक मान लिया था।शाहिद कपूर का रिस्क और ऐतिहासिक सफलतारणवीर सिंह के बाद यह फिल्म शाहिद कपूर की झोली में गिरी। उस समय शाहिद के करियर का ग्राफ काफी संघर्षपूर्ण था। उनकी कोई भी सोलो फिल्म 100 करोड़ के आंकड़े को छूने में नाकाम रही थी, जिसके चलते फिल्ममेकर्स शाहिद को बड़ी फिल्में देने में हिचकिचा रहे थे। लेकिन शाहिद ने 'कबीर सिंह' का रिस्क लिया और अपने अभिनय से कबीर के कैरेक्टर में जान फूंक दी। फिल्म का परिणाम ऐसा रहा कि महज 60 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में करीब 379 करोड़ रुपये का बिजनेस किया, जो फिल्म की लागत का लगभग 6 गुना था।क्या अर्जुन कपूर भी थे दौड़ में?मीडिया रिपोर्ट्स और कई चर्चाओं के अनुसार, संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म के लिए अर्जुन कपूर का नाम भी सोचा था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी। अंततः, शाहिद कपूर ने इस भूमिका को स्वीकार किया और साबित कर दिया कि वह किसी भी तरह के किरदार को निभाने में सक्षम हैं। आज 'कबीर सिंह' शाहिद के करियर की एक ऐसी फिल्म बन गई है, जिसने उनके स्टारडम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और साबित किया कि कभी-कभी जो फिल्में स्टार्स छोड़ देते हैं, वे इतिहास रच देती हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की तारीख तय करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह रजिस्ट्रार के समक्ष मामले का उल्लेख करे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। इस याचिका में घटना की सीबीआई जांच कराने और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है।

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