‘भारत में कोई मुस्लिम न रहे, ऐसा सोचने वाला हिंदू नहीं हो सकता’: न्यूयॉर्क में बोले मोहन भागवत
मोहन भागवत ने कहा, 'धर्मों को बड़े पैमाने पर उनके कर्मकांडों के आधार पर परिभाषित किया जाता है। किसी धार्मिक अनुशासन में शामिल होने और उस मार्ग के जरिए ईश्वरत्व की ओर बढ़ने के लिए कर्मकांडों से जुड़ा अनुशासन जरूरी है।'
'गालियां देना टैलेंट है', अर्चना पूरन सिंह ने समय रैना को क्यों दिया ऐसा जवाब?
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन-2' में बिहारियों और कश्मीरी पंडितों पर की गई टिप्पणियों से विवाद खड़ा हो गया है।
इश्क में पति की हत्या! पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर दबाया गला, फिर शव को...
सोनभद्र में NCL के सीनियर ओवरमैन रमाशंकर मिश्रा की संदिग्ध मौत का राज पुलिस ने 24 घंटे में खोल दिया. 23 अगस्त को सड़क किनारे मिले शव को पहले हादसा माना गया था. जांच में पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी विकास चौहान पर हत्या का आरोप सामने आया. पुलिस ने दोनों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है.
मुंबई: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले 61 लोग लापता
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकला 61 सदस्यीय दल नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद से लापता है. 26 अगस्त के बाद दल से संपर्क नहीं हो पाया है और परिजन उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं.
'पुलिस ने रोने की आवाज सुनी और...', 3 दिन बाद मलबे से जिंदा निकली छह साल की मासूम
नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे में भोटेकोशी बाढ़ के मलबे में दबी 6 साल की बच्ची को सशस्त्र पुलिस बल ने तीन दिन बाद शुक्रवार शाम जिंदा बाहर निकाला. बचाव दल को मिट्टी के नीचे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी थी, जिसके बाद तुरंत तलाश शुरू की गई.
एल्गार परिषद मामले में NIA को झटका, चार आरोपियों की जमानत रद्द करने की अर्जी खारिज
एल्गार परिषद मामले में चार आरोपियों की जमानत रद्द करने की NIA की मांग को विशेष NIA अदालत ने खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आरोपियों की मौजूदगी से जमानत शर्तों के उल्लंघन का प्रमाण नहीं मिलता. कोर्ट ने कहा कि जमानत रद्द करने के लिए ठोस सबूत जरूरी हैं. केवल मौजूदगी को आधार नहीं बनाया जा सकता.
त्रासदी से नेपाल को कितना नुकसान, फिर से बसाने में 2015 में आए भूकंप के मुकाबले कितना होगा खर्च?
इस आपदा के आने से पहले से ही नेपाल की अर्थव्यवस्था दबाव में थी. जेन जी प्रदर्शनों के बाद सत्ता में आई प्रधानमंत्री बालेन शाहकी सरकार सीमित संसाधनों के साथ काम कर रही है. ऐसे में इस आपदा ने अर्थव्यवस्था पर कई गुना बोझ बढ़ा दिया है.
CM शुभेंदु का नया मास्टरस्ट्रोक, जेन-जी खुश पर TMC को गम; 33000 लोगों से ठगी का करेंगे हिसाब-किताब
मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ महीने के बजट में स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में टेबल टेनिस, बैडमिंटन और जिम वाले मॉडर्न मिनी इनडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे।
गन्ना किसानों की एक ही किस्म पर निर्भरता पड़ रही भारी, लाल सड़न रोग से घटी पैदावार
गन्ने की सीओ-0238 किस्म पर अत्यधिक निर्भरता किसानों के लिए रेड राट रोग का कारण बन रही है, जिससे चीनी उत्पादन में संकट गहरा रहा है।
दरभंगा में 200 करोड़ से बनेगा हाईटेक क्रिकेट स्टेडियम, मिलेंगी ये सुविधाएं
दरभंगा में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी है. पुराने नेहरू स्टेडियम की जगह बनने वाले परिसर में डे-नाइट IPL मैचों के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी. साथ ही स्विमिंग पूल, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, जूडो-रेसलिंग, मेडिकल सुविधाएं, हॉस्टल और मल्टी लेवल पार्किंग भी प्रस्तावित है.
Nepal Flood में फंसे कुशीनगर के करन शर्मा, त्रिशूली प्रोजेक्ट से 76 कर्मी लापता
नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही में कुशीनगर निवासी करन शर्मा भी लापता हो गये हैं और परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। शर्मा के परिवार से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि कप्तानगंज तहसील के मलूकही गांव निवासी शर्मा(34) नेपाल के रसुवा जिले के त्रिशूली क्षेत्र में स्थित 216 मेगावाट के अपर त्रिशूली-1 जल विद्युत परियोजना में ‘इलेक्ट्रिशियन फोरमैन’ के पद पर कार्यरत थे। आपदा के बाद से उनका परिवार से संपर्क टूट गया है और उनका कोई पता नहीं चल पा रहा है। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से रसुवा जिले का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। कई जल विद्युत परियोजनाओं,सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जल विद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले ऐसे कर्मचारियों की बड़ी संख्या है जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 216 मेगावाट अपर त्रिशूली-1 परियोजना से जुड़े 76 कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों के अनुसार करन शर्मा से घटना की रात 26 अगस्त को घर वालों की बातचीत हुई थी। उस समय तक परिवार को किसी बड़े खतरे की जानकारी नहीं थी। इसके बाद नेपाल में अचानक आई बाढ़ और तबाही के बीच करन से संपर्क टूट गया। परिवार के लोग लगातार फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनसे बात नहीं हो पा रही है। परिजन लगातार नेपाल में परियोजना से जुड़े अधिकारियों और संबंधित हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। परिवार की चिंता उस समय और बढ़ गई, जब जल विद्युत परियोजना की ओर से आपदा के बाद लापता कर्मचारियों की सूची जारी की गई। परिजनों के अनुसार करन शर्मा का नाम भी लापता लोगों की सूची में शामिल है। इसके बाद परिवार ने स्थानीय स्तर पर प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई है। नेपाल के स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संघ के अनुसार रसुवा क्षेत्र की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में बड़ी संख्या में कर्मचारी बाढ़ के बाद संपर्क से बाहर हैं। अपर त्रिशूली-1 परियोजना में काम करने वाली एंड्रिट्ज हाइड्रो से जुड़े 76 कर्मचारियों का संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई है। परियोजना से जुड़े अन्य कर्मचारियों के भी लापता होने की सूचना है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि देवकली के ग्राम प्रधान ने बीती रात सूचना दी थी। यह सूचना गोरखपुर आयुक्त को लिखित रूप में भेजी जा चुकी है। परिजनों के मुताबिक करन लंबे समय से नेपाल में जल विद्युत परियोजना में काम कर रहे थे। नौकरी के सिलसिले में वह नेपाल के रसुवा जिले के त्रिशूली क्षेत्र में रह रहे थे। परिवार को अब भी उनके सकुशल होने की खबर मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल से सटे पड़ोसी महाराजगंज जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और बचाव एवं राहत दलों को तैनात किया गया है। चौबीसों घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष भी चालू कर दिया गया है। जिले की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, जबकि तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए टीमें तैनात की गई थीं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि सभी तटबंध सुरक्षित हैं और सोहगीबरवा के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 99,800 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली है और इसमें बढ़ोतरी का रुझान दिख रहा है। शनिवार को नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या 626 हो गई है जबकि लगभग 2,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबे के सैलाब ने कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया था, जिसके बाद से नेपाल हालात को संभालने की कोशिश कर रहा है। बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश में दिन-रात काम कर रहे हैं, वे कहीं बारिश का सामना कर रहे हैं तो कहीं सूख चुके कीचड़ को खोदकर लोगों को ढूंढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। रात में नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने अपर त्रिशूली 3ए जल विद्युत परियोजना स्थल पर खुदाई करने वाली मशीनों से मिट्टी हटाए जाने के काम की निगरानी की। यहां विनाशकारी बाढ़ के बाद सौ से अधिक लोग एक सुरंग में फंस गए थे। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने रसुवा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ की तेज धारा और मलबे ने कई बस्तियों, सड़कों, पुलों और बिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है। राहत और बचाव अभियान भी दुर्गम पहाड़ी इलाकों तथा क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों के कारण चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
मैथ्स में AI अच्छा या बुरा? ऑनलाइन पोस्ट वायरल होने के बाद सबसे बेहतरीन गणितज्ञों का आया जवाब
AI से कोई प्रूफ तैयार करने में भले ही कुछ घंटे लगें, लेकिन नए नतीजों को इंसानी ज्ञान का हिस्सा बनने में सालों लग सकते हैं. इस लिहाज से, बड़ा खतरा यह नहीं है कि AI गणितज्ञों की जगह ले लेगा, बल्कि यह है कि यूनिवर्सिटीज इंसानी मेहनत को सपोर्ट करना बंद कर देंगी.
गीले बालों को कसकर बांधा तो फंस जाओगे! टूटेंगे बाल, बढ़ेगा डैंड्रफ!
मानसून में गीले बाल बांधने से बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं. हवा न मिलने से स्कैल्प में फंगल इंफेक्शन, डैंड्रफ और बदबू की समस्या बढ़ जाती है. जानिए गीले बाल बांधने के 4 बड़े नुकसान और बारिश के मौसम में बालों को मजबूत, साफ और स्वस्थ रखने के आसान हेयर केयर टिप्स.
नेपाल में ग्लेशियर टूटने से तबाही के बीच क्या-क्या हुआ? देखें अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय
नेपाल में बाढ़ ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली. अभी भी हजारों लोग लापता हैं. नेपाल में ऐसी त्रासदी आई जिसके निशान सालों तक सालते रहेंगे. सड़कें, पुल, घर सब सैलाब में बह गए. आखिर ऐसा क्या हुआ कि चंद मिनटों में ही सबकुछ तबाह हो गया? क्यों कोई इतनी बड़ी प्रलय को भांप नहीं सका? देखें अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय.
नेपाल बाढ़ में चारों ओर तबाही, लेकिन सैलाब के बीच मजबूती से खड़ा रहा ये घर; वीडियो वायरल
नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन से आई विनाशकारी बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हुई और हजारों प्रभावित हुए, लेकिन एक हरा दोमंजिला मकान सैलाब के बीच सुरक्षित खड़ा रहने से चर्चा में है.
नौकरीपेशा कर्मचारियों, बैंक कर्मियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के लिए नया साल 2026 छुट्टियों और त्योहारों के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा जारी अवकाश तालिकाओं के अनुसार, वर्ष 2026 में कुल 17 अनिवार्य राजपत्रित (Gazetted) अवकाश और 30 से अधिक प्रतिबंधित (Restricted / Optional) छुट्टियां शामिल हैं। इसके साथ ही अगर शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाशों तथा लॉन्ग वीकेंड्स को जोड़ लिया जाए, तो साल भर में लोगों को 50 से अधिक दिनों तक काम से ब्रेक और वेकेशन का शानदार मौका मिलने वाला है।साल 2026 के प्रमुख राजपत्रित अवकाश (Gazetted Holidays List)सरकारी कार्यालयों, बैंकों और शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य रूप से मिलने वाली प्रमुख राष्ट्रीय और धार्मिक छुट्टियों का कैलेंडर इस प्रकार है:गणतंत्र दिवस (Republic Day): 26 जनवरी 2026 (सोमवार)होली (Holi / Dhulivandan): 3-4 मार्च 2026 (मंगलवार/बुधवार)ईद-उल-फितर (Id-ul-Fitr): 21 मार्च 2026 (शनिवार)रामनवमी (Ram Navami): 26 मार्च 2026 (गुरुवार)महावीर जयंती (Mahavir Jayanti): 31 मार्च 2026 (मंगलवार)गुड फ्राइडे (Good Friday): 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima): 1 मई 2026 (शुक्रवार)बकरीद / ईद-उल-जुहा (Id-ul-Zuha): 27-28 मई 2026 (बुधवार/गुरुवार)मुहर्रम (Muharram): 26 जून 2026 (शुक्रवार)स्वतंत्रता दिवस (Independence Day): 15 अगस्त 2026 (शनिवार)ईद-ए-मिलाद (Milad-un-Nabi): 26 अगस्त 2026 (बुधवार)श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami): 4 सितंबर 2026 (शुक्रवार)महात्मा गांधी जयंती (Gandhi Jayanti): 2 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)दशहरा / विजयदशमी (Dussehra): 20-21 अक्टूबर 2026 (मंगलवार/बुधवार)दिवाली / दीपावली (Diwali / Deepawali): 8-10 नवंबर 2026 (रविवार से मंगलवार)गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti): 24 नवंबर 2026 (मंगलवार)क्रिसमस (Christmas): 25 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)2026 में मिलेंगे कई 'लॉन्ग वीकेंड्स' (Long Weekends): पहले से करें टूर प्लानवर्ष 2026 में कई ऐसे राष्ट्रीय और धार्मिक पर्व शुक्रवार या सोमवार को पड़ रहे हैं, जिससे शनिवार और रविवार मिलाकर 3 से 4 दिनों का लगातार अवकाश (Long Weekend) स्वतः मिल रहा है:जनवरी लॉन्ग वीकेंड: 24 जनवरी (शनिवार), 25 जनवरी (रविवार) और 26 जनवरी (सोमवार - गणतंत्र दिवस)।अप्रैल लॉन्ग वीकेंड: 3 अप्रैल (शुक्रवार - गुड फ्राइडे), 4 अप्रैल (शनिवार) और 5 अप्रैल (रविवार - ईस्टर)।मई दिवस वीकेंड: 1 मई (शुक्रवार - बुद्ध पूर्णिमा/मजदूर दिवस), 2 मई (शनिवार) और 3 मई (रविवार)।जून वीकेंड: 26 जून (शुक्रवार - मुहर्रम), 27 जून (शनिवार) और 28 जून (रविवार)।सितंबर जन्माष्टमी वीकेंड: 4 सितंबर (शुक्रवार - जन्माष्टमी), 5 सितंबर (शनिवार) और 6 सितंबर (रविवार)।अक्टूबर गांधी जयंती वीकेंड: 2 अक्टूबर (शुक्रवार - गांधी जयंती), 3 अक्टूबर (शनिवार) और 4 अक्टूबर (रविवार)।दिसंबर क्रिसमस वीकेंड: 25 दिसंबर (शुक्रवार - क्रिसमस), 26 दिसंबर (शनिवार) और 27 दिसंबर (रविवार)।प्रमुख वैकल्पिक एवं प्रतिबंधित अवकाश (Restricted Holidays)कर्मचारियों को अपनी पसंद के अनुसार वर्ष भर में 2 से 3 वैकल्पिक अवकाश (RH) चुनने का अधिकार होता है:नववर्ष दिवस (New Year's Day): 1 जनवरी 2026 (गुरुवार)मकर संक्रांति / पोंगल (Makar Sankranti / Pongal): 14-15 जनवरी 2026बसंत पंचमी (Basant Panchami): 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार)महाशिवरात्रि (Maha Shivratri): 15 फरवरी 2026 (रविवार)होलिका दहन (Holika Dahan): 2-3 मार्च 2026गुड़ी पड़वा / उगादी (Gudi Padwa / Ugadi): 19 मार्च 2026 (गुरुवार)रक्षाबंधन (Raksha Bandhan): 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार)गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi): 14 सितंबर 2026 (सोमवार)करवा चौथ (Karwa Chauth): 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)गोवर्धन पूजा एवं भाई दूज: 9-11 नवंबर 2026छठ पूजा (Chhath Puja): 15 नवंबर 2026 (रविवार)यात्रा और पारिवारिक आयोजनों की योजना बनाने का सही समययदि आप नए साल में परिवार के साथ लंबी यात्रा, धार्मिक तीर्थाटन या वेकेशन पर जाने की सोच रहे हैं, तो अभी से इन तिथियों को ध्यान में रखकर ट्रेन और फ्लाइट टिकट तथा होटलों की बुकिंग कर सकते हैं। बीच के किसी एक कार्यदिवस (जैसे गुरुवार या मंगलवार के आसपास) पर आकस्मिक अवकाश (CL) लेकर आप 4 से 5 दिनों की लंबी छुट्टी का आनंद आसानी से उठा सकते हैं।
Nepal Floods: महाराष्ट्र के 37 पर्यटक सुरक्षित Mumbai पहुंचे, जताया आभार
(फोटो के साथ)मुंबई, 29 अगस्त नेपाल में इस सप्ताह की शुरुआत में आई भीषण बाढ़ में फंसने वाले महाराष्ट्र के पर्यटकों ने शनिवार को मुंबई पहुंचकर राहत की सांस ली। कई लोगों ने कहा कि उन्हें लगा कि भगवान ने उन्हें बचा लिया। उन्होंने सुरक्षित घर लौटने में मदद करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का आभार भी जताया। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ ने कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। इस घटना में मध्य नेपाल में महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान पहुंचा और जलविद्युत केंद्र बह गए। इस आकस्मिक बाढ़ से मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 669 हो गई, जबकि अब भी 2,000 से अधिक लोग लापता हैं। नेपाल से कुल 37 पर्यटक शनिवार शाम मुंबई लौटे। मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद एक पर्यटक ने कहा, हम खुश हैं कि सुरक्षित वापस आ गए हैं। हमें लगता है कि भगवान ने हमें बचा लिया। केंद्र और महाराष्ट्र सरकार ने घर लौटने में हमारी मदद की, इसके लिए हम उनके आभारी हैं। कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए एक अन्य पर्यटक ने उस समय को याद किया, जब उन्हें अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही का पता चला। उन्होंने कहा, भगवान की कृपा से हम सुरक्षित लौट आए। हम 26 अगस्त को सागा (तिब्बत) पहुंच गए थे और उसके बाद हमें पता चला कि अचानक आई बाढ़ ने कितनी तबाही मचाई है। पर्यटक ने बताया कि समूह अपने तय कार्यक्रम से एक दिन देरी से पहुंचा, लेकिन वापसी यात्रा के दौरान उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा, मुश्किल हालात में चीन और नेपाल सरकारों के बीच तालमेल भी अच्छा रहा। एक अन्य महिला पर्यटक ने सुरक्षित वापसी को भगवान का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा, भगवान का पूरा आशीर्वाद हमारे साथ था, इसलिए हम कैलास पर्वत की यात्रा सुरक्षित पूरी कर सके।
कुदरत के कहर और पहाड़ों से बही गगनचुंबी तबाही ने पशुपतिनाथ की पवित्र भूमि नेपाल को पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है। चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार, पसरा हुआ सन्नाटा और अपनों को ढूंढती बेबस निगाहें हैं। इस भयानक मंजर ने किसी मां की गोद सूनी कर ...
'रास्ते सीधे हों या टेढ़े-मेढ़े, सभी ईश्वर की ओर ही जाते हैं', न्यूयॉर्क से मोहन भागवत का संदेश
अमेरिका के न्यूयॉर्क में 'एक दुनिया, एक मानवता' कार्यक्रम को मोहन भागवत को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बताया कि पूजा-पद्धतियां अलग हो सकती हैं, पर अंतिम सत्य और मानवता ही है.
ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर न्यू मदर के लिए नवजात बच्चे को बेबी फीड यानी उसे मां का दूध पिलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसके लिए रेलवे ने नई सुविधा शुरू की है.
GIVA ने खुलकर किया कृति सेनन का सपोर्ट, राखी एड हटाने की बताई असली वजह
ज्वेलरी ब्रांड के फाउंडर इशेंद्र अग्रवाल ने कहा कि कुछ स्टोर के आसपास तनाव के कारण स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा होने पर ब्रांड ने रक्षाबंधन का विज्ञापन हटा लिया.
Kottayam में खुद को IPS बताकर नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने वाला गिरफ्तार
केरलम के कोट्टायम में एक व्यक्ति को खुद को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में पेश करके एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने और कई अन्य लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान वडावथूर के रहने वाले आदित्यन के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि आदित्यन ने सोशल मीडिया पर खुद को आईपीएस अधिकारी के तौर पर पेश करके नाबालिग लड़की से दोस्ती की। अधिकारी के मुताबिक, बाद में आरोपी ने शादी का झांसा देकर लड़की का यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने बताया कि हालांकि, लड़की के गर्भवती होने पर आदित्यन उससे दूरी बनाने लगा, जिसके बाद परिजन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी के अनुसार, कोट्टायम पश्चिम पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आदित्यन ने खुद को आईपीएस अधिकारी के तौर पर पेश करके कई लोगों को ठगा था। पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद आदित्यन के खिलाफ धोखाधड़ी की घटनाओं के लिए अलग-अलग मामले दर्ज किए जाएंगे। पुलिस ने बताया कि आदित्यन को शनिवार को अदालत में पेश किया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
सोशल मीडिया पर कांग्रेस को चौतरफा घेर रही भाजपा की नई आईटी टीम, निशाने पर राहुल गांधी
भाजपा की नई आईटी सेल, दीपक म्हस्के के नेतृत्व में, सोशल मीडिया पर कांग्रेस और राहुल गांधी को मीम्स व व्यंग्य के जरिए आक्रामक रूप से घेर रही है।
सर्दियों का मौसम आते ही अधिकांश घरों में गीजर और वॉटर हीटर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है, जिसके चलते महीने का बिजली बिल अचानक दो से तीन गुना तक उछल जाता है। वहीं दूसरी तरफ, एलपीजी (LPG) गैस गीजर के इस्तेमाल में सिलेंडर जल्दी खत्म होने का आर्थिक बोझ और बाथरूम में वेंटिलेशन न होने पर गैस लीकेज का सुरक्षा जोखिम बना रहता है। इन दोनों समस्याओं का सबसे सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल समाधान है—सोलर वॉटर हीटर (Solar Water Heating System)। अपनी छत पर एक बार सोलर वॉटर हीटर लगवाकर आप न केवल साल भर बिना किसी बिजली या गैस के खर्च के 24 घंटे खौलता हुआ गर्म पानी पा सकते हैं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली आकर्षक सब्सिडी व रिबेट का सीधा फायदा भी उठा सकते हैं।सोलर वॉटर हीटर कैसे काम करता है और यह क्यों है सुपर-इफेक्टिव?सोलर वॉटर हीटर सूरज की सौर तापीय ऊर्जा (Solar Thermal Energy) का उपयोग करके पानी को सीधे गर्म करता है। इसमें फोटोवोल्टिक (PV) बिजली उत्पादन की जरूरत नहीं होती, बल्कि यह 'थर्मोसाइफन सिद्धांत' (Thermosyphon Principle) पर काम करता है:सोलर कलेक्टर्स (Tubes/Panels): छत पर लगी विशेष कांच की ट्यूब्स या कॉपर पैनल्स सूर्य की किरणों को सोखकर ऊष्मा (हीट) में बदलते हैं और उनके अंदर बहने वाले पानी को 60C से 85C तक गर्म कर देते हैं।इंसुलेटेड स्टोरेज टैंक (Insulated Tank): गर्म पानी ऊपर उठकर एक अत्यधिक इंसुलेटेड स्टेनलेस स्टील (SS) या इनर-ग्लास लाइन्ड टैंक में जमा हो जाता है। इस टैंक में पफ (PUF) इंसुलेशन होने के कारण पानी रात भर और अगले दिन भी लगातार 24 से 48 घंटे तक गर्म बना रहता है।बादल वाले दिनों के लिए बैकअप: घने कोहरे या लगातार बारिश वाले दिनों के लिए इसमें एक वैकल्पिक इलेक्ट्रिक बैकअप हीटिंग एलिमेंट (1.5 kW से 2 kW) लगा होता है, जिसे जरूरत पड़ने पर ही ऑन किया जाता है।ETC बनाम FPC: कौन सा सोलर हीटर आपके घर के लिए है बेस्ट?बाजार में मुख्य रूप से दो प्रकार की तकनीकों वाले सोलर वॉटर हीटर उपलब्ध हैं:1. इवैक्युएटेड ट्यूब कलेक्टर (ETC System):खासियत: यह कांच की डबल-लेयर वैक्यूम ट्यूब्स पर आधारित होता है। यह कम धूप और ठंडे मौसम में भी तेजी से पानी गर्म करता है।लागत: यह तुलनात्मक रूप से सस्ता और मेंटेनेंस में आसान होता है।किसके लिए उपयुक्त: सामान्य बोरवेल या कम टीडीएस (TDS) वाले पानी और घरेलू उपयोग के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्प।2. फ्लैट प्लेट कलेक्टर (FPC System):खासियत: इसमें मेटैलिक कॉपर एब्सॉर्बर प्लेट और टफन्ड ग्लास का इस्तेमाल होता है। यह बेहद मजबूत, लंबे समय तक चलने वाला (20+ साल लाइफ) और वेदर-रेसिस्टेंट होता है।लागत: ईटीसी की तुलना में यह थोड़ा अधिक महंगा होता है।किसके लिए उपयुक्त: भारी दबाव वाले प्रेशर पंप (Hydro-pneumatic systems), अत्यधिक खारे पानी और होटलों/अस्पतालों जैसे व्यावसायिक परिसरों के लिए बेस्ट।सोलर वॉटर हीटर पर सरकारी सब्सिडी और बिजली बिल में विशेष रिबेटनवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) और विभिन्न राज्य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसियों (जैसे HAREDA, MEDA, UPNEDA आदि) द्वारा सोलर वॉटर हीटर को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाते हैं:राज्य स्तरीय पूंजीगत सब्सिडी: कई राज्यों में घरेलू उपभोक्ताओं को 100 लीटर से लेकर 500 लीटर क्षमता के सिस्टम पर क्षमता अनुसार ₹4,000 से लेकर ₹10,000 तक की एकमुश्त सब्सिडी सीधे बैंक खाते में दी जाती है।बिजली बिल में मासिक रिबेट (Rebate on Electricity Bill): कई राज्यों के बिजली वितरण निगम (DISCOMs) सोलर वॉटर हीटर लगाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को उनके मासिक बिजली बिल पर प्रति 100 लीटर क्षमता पर ₹100 से ₹300 तक की मासिक छूट (Rebate) प्रदान करते हैं। यह छूट सिस्टम की पूरी लाइफ तक बिजली बिल में मिलती रहती है।प्रॉपर्टी टैक्स में छूट: कुछ नगर निगम सोलर वॉटर हीटर लगे मकानों के हाउस टैक्स / प्रॉपर्टी टैक्स में 5% से 10% की अतिरिक्त वार्षिक छूट भी देते हैं।परिवार के हिसाब से सही कैपेसिटी का चुनाव कैसे करें?3 से 4 सदस्यों का छोटा परिवार: 100 से 150 लीटर प्रति दिन (LPD) क्षमता का सिस्टम पर्याप्त होता है।5 से 7 सदस्यों का मध्यम परिवार: 200 से 250 लीटर प्रति दिन (LPD) क्षमता का सोलर हीटर उपयुक्त है।बड़ा संयुक्त परिवार / विला: 300 से 500 LPD क्षमता की आवश्यकता होती है।लागत, बचत और निवेश की रिकवरी (ROI) का पूरा गणितऔसत शुरुआती लागत: 100 से 200 लीटर के ईटीसी सोलर वॉटर हीटर की अनुमानित कीमत सभी फिटिंग्स और टैक्स मिलाकर लगभग ₹22,000 से ₹38,000 के बीच होती है।वार्षिक बिजली की बचत: एक सामान्य 2 kW का इलेक्ट्रिक गीजर सर्दियों में रोजाना 3 से 4 घंटे चलने पर महीने में 150 से 200 यूनिट बिजली की खपत करता है। सोलर हीटर लगाने से आप सालाना लगभग ₹8,000 से ₹15,000 की शुद्ध बिजली बचाते हैं।पैसा वसूल (Payback Period): बिजली और एलपीजी में होने वाली बचत को मिलाकर मात्र 2 से 3 वर्षों के भीतर सोलर हीटर की पूरी लागत वसूल हो जाती है, जिसके बाद अगले 15 से 18 साल तक बिल्कुल मुफ्त गर्म पानी मिलता रहता है।सोलर वॉटर हीटर लगवाते समय इन बातों का रखें ध्यानधूप की उपलब्धता: छत पर ऐसी खुली जगह चुनें जहां दिन भर में कम से कम 5 से 6 घंटे सीधी धूप आती हो और किसी पेड़ या ऊंची दीवार की छाया न पड़ती हो।पानी की टंकी की ऊंचाई: ओवरहेड कोल्ड वॉटर टैंक का लेवल सोलर हीटर के स्टोरेज टैंक से कम से कम 4 से 6 फीट ऊपर होना चाहिए ताकि ग्रेविटी के जरिए पानी का प्राकृतिक दबाव बना रहे।विश्वसनीय ब्रांड और वारंटी: हमेशा बीआईएस (BIS / MNRE) प्रमाणित कंपनियों से ही उत्पाद खरीदें और कम से कम 5 से 7 साल की टैंक वारंटी जरूर सुनिश्चित करें।
भारत में रहने वाले लगभग हर नागरिक के लिए 12 अंकों का विशिष्ट पहचान पत्र यानी आधार कार्ड दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। बैंक खाता खुलवाने, सिम कार्ड लेने, सरकारी योजनाओं की सब्सिडी प्राप्त करने से लेकर यात्रा के दौरान पहचान दर्ज कराने तक हर जगह आधार का उपयोग किया जाता है। लेकिन आम जनता के बीच लंबे समय से यह गलत धारणा रही है कि आधार कार्ड भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) और जन्मतिथि (Date of Birth) का भी अंतिम और पुख्ता कानूनी प्रमाण है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), केंद्रीय मंत्रालयों और विभिन्न उच्च न्यायालयों व सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी सर्कुलर और आदेशों में यह बात पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है कि आधार कार्ड केवल और केवल 'पहचान का प्रमाण' (Proof of Identity) और 'पते का प्रमाण' (Proof of Address) है, यह किसी भी सूरत में नागरिकता या जन्मतिथि का निर्णायक प्रमाण पत्र नहीं है।यूआईडीएआई के सर्कुलर में क्या लिखा है?यूआईडीएआई द्वारा समय-समय पर जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों और संशोधित सर्कुलर में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि आधार अधिनियम (Aadhaar Act, 2016) की धारा 9 के तहत आधार धारक को आधार संख्या जारी होना उसकी नागरिकता या अधिवास (Domicile) का प्रमाण नहीं है। आधार कार्ड के नए डिजिटल और भौतिक प्रारूपों में भी अब स्पष्ट रूप से यह वैधानिक चेतावनी (Disclaimer) मुद्रित की जा रही है: आधार पहचान का प्रमाण है, नागरिकता या जन्मतिथि का नहीं।प्राधिकरण ने सभी सरकारी विभागों, बैंकों, पासपोर्ट सेवा केंद्रों, शिक्षण संस्थानों और भर्ती बोर्डों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि किसी भी व्यक्ति की नागरिकता या सटीक जन्मतिथि के सत्यापन के लिए केवल आधार पर निर्भर न रहा जाए, बल्कि इसके लिए अन्य वैधानिक दस्तावेजों की मांग की जाए।आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण क्यों नहीं हो सकता?आधार कार्ड को नागरिकता का दस्तावेज न मानने के पीछे कई ठोस वैधानिक और तकनीकी कारण हैं:निवासी स्थिति पर आधारित (Resident-based Document): आधार कार्ड भारत में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को जारी किया जा सकता है, जो आवेदन की तारीख से ठीक पहले के 12 महीनों में कम से कम 182 दिन भारत में रहा हो। इसका मतलब है कि भारत में वैध वीजा या वर्क परमिट पर रहने वाले विदेशी नागरिक भी आधार कार्ड बनवाने के पात्र होते हैं।नागरिकता अधिनियम 1955: भारतीय नागरिकता केवल नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों (जन्म से, वंश से, पंजीकरण से या देशीयकरण द्वारा) के तहत ही तय होती है। चूंकि आधार जारी करते समय विदेशी नागरिकों के नागरिकता दावों की गहन जांच नहीं होती, इसलिए इसे नागरिकता का कानूनी सबूत नहीं माना जा सकता।पासपोर्ट और वोटर आईडी का महत्व: भारत में नागरिकता के प्राथमिक दस्तावेजों के रूप में भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport), मतदाता पहचान पत्र (Voter ID / EPIC) और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी नागरिकता प्रमाण पत्र ही मान्य होते हैं।जन्मतिथि (DOB Proof) के रूप में आधार की मान्यता पर क्यों लगी रोक?स्कूल एडमिशन, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेंशन दावों और भविष्य निधि (EPFO) निकासी के दौरान पहले जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड का व्यापक इस्तेमाल होता था। हालांकि, ईपीएफओ (EPFO), बॉम्बे हाईकोर्ट और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के निर्देशों के बाद जन्मतिथि के सत्यापन के लिए आधार के उपयोग को सीमित कर दिया गया है।घोषित जन्मतिथि (Declared DOB): आधार नामांकन के शुरुआती वर्षों में कई लोगों ने बिना किसी आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र के केवल स्व-घोषणा (Self-declaration) या अनुमान के आधार पर उम्र दर्ज करा दी थी। कई आधार कार्डों में केवल जन्म का वर्ष लिखा होता था, सटीक तारीख और महीना नहीं।दस्तावेजी सत्यापन की कमी: कई मामलों में आधार कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि और स्कूल प्रमाण पत्र की जन्मतिथि में बड़ा अंतर पाया गया, जिससे कानूनी विवाद खड़े हुए। इसी कारण न्यायिक आदेशों में यह तय किया गया कि जन्मतिथि के कानूनी विवाद में आधार कार्ड को अकाट्य साक्ष्य (Conclusive Proof) नहीं माना जाएगा।अब जन्मतिथि और नागरिकता साबित करने के लिए कौन-से दस्तावेज मान्य हैं?सरकारी कामकाज, पासपोर्ट बनवाने, ईपीएफओ क्लेम और नौकरियों में जन्मतिथि व नागरिकता प्रमाणित करने के लिए अब निम्नलिखित अधिकृत दस्तावेजों को प्राथमिकता दी जाती है:जन्मतिथि (DOB) के लिए वैध दस्तावेज:नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी मूल जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)।मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी 10वीं कक्षा (मैट्रिकुलेशन) की मार्कशीट या पासिंग सर्टिफिकेट।सरकारी अस्पताल द्वारा जारी डिस्चार्ज समरी / जन्म रिकॉर्ड।पासपोर्ट और पैन कार्ड (सत्यापित रिकॉर्ड के साथ)।नागरिकता (Citizenship) के लिए वैध दस्तावेज:भारत सरकार द्वारा जारी वैध भारतीय पासपोर्ट।भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर आईडी कार्ड।गृह मंत्रालय द्वारा जारी नागरिकता पंजीकरण प्रमाण पत्र (Registration / Naturalisation Certificate)।आधार कार्ड का सही और सुरक्षित उपयोग कहां-कहां जारी रहेगा?भले ही आधार कार्ड नागरिकता या जन्मतिथि का निर्णायक प्रमाण न हो, लेकिन देश के डिजिटल और वित्तीय बुनियादी ढांचे में इसका महत्व पहले की तरह बरकरार है:बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Biometric Authentication): किसी भी व्यक्ति की वास्तविक पहचान (Proof of Identity) साबित करने के लिए फिंगरप्रिंट, आईरिस या फेस-आरडी प्रमाणीकरण का सबसे सटीक माध्यम आधार ही है।प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT Services): पीएम किसान, एलपीजी सब्सिडी, राशन कार्ड वितरण और सरकारी छात्रवृत्तियों का पैसा सीधे बैंक खाते में प्राप्त करने के लिए आधार सीडिंग अनिवार्य है।सिम कार्ड और बैंक खाता ई-केवाईसी: पेपरलेस डिजिटल केवाईसी के जरिए तुरंत नया बैंक खाता खोलने या नया मोबाइल कनेक्शन लेने के लिए आधार सबसे तेज माध्यम बना रहेगा।पते का प्रमाण (Address Proof): निवास स्थान के सत्यापन के लिए आधार कार्ड को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता रहेगा।आम नागरिकों के लिए जरूरी सुझावयदि आपके आधार कार्ड, 10वीं के सर्टिफिकेट और जन्म प्रमाण पत्र में नाम, जन्मतिथि या माता-पिता के नाम की स्पेलिंग में कोई अंतर है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। जन्मतिथि के लिए अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर वैध जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या 10वीं की मार्कशीट की मूल प्रति अपलोड करके अपनी जन्मतिथि को 'वेरिफाइड' (Verified Status) में अपडेट कराएं ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी या कानूनी प्रक्रिया में रुकावट न आए।
शोक में डूबे नेपाल को फिलहाल राहत, चीन बॉर्डर के पास बनी झील फटने का खतरा टला
चीन-नेपाल सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से बनी झील के अचानक फटने का खतरा फिलहाल कम हो गया है. दरअसल, झील का पानी धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है. इसका आकार घट रहा है. अधिकारी रडार और ड्रोन के जरिए झील पर नजर रख रहे हैं. दूसरी बड़ी झील की भी पहचान हुई है, जिस पर भी नजर रखी जा रही है.
Gorakhpur में बोले Yogi Adityanath, विकास विरोधी लोग जनता को जाति और क्षेत्र में बांट रहे
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर जाति, क्षेत्र और के नाम पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया। गोरखपुर में एक कार्यक्रम में आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘बीआरडी मेडिकल कॉलेज (गोरखपुर में) को उच्चीकृत किया गया है और अब यह सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाएं प्रदान करता है। एक क्षेत्रीय वायरोलॉजी केंद्र की स्थापना की गई है। गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान चालू हो गया है। इसके अलावा, देवरिया,कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच और गोंडा में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं और लोग इसका लाभ उठा रहे हैं।’’आदित्यनाथ ने कहा,‘‘एक अच्छी सरकार आती है और अच्छा प्रदर्शन करती है। इसलिए मैं कहता हूं कि यह काम इसलिए संभव हो सका क्योंकि यह राष्ट्रवाद और राष्ट्र प्रथम पर आधारित है, जहां राष्ट्र सर्वोपरि है। इसी भावना से प्रेरित होकर और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ सरकार ने अपना काम शुरू किया। जो लोग इस विकास को नापसंद करते हैं, जो इन ‘कल्याण मंडपों’ (सामुदायिक हॉल), इन चौड़ी सड़कों, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों और इस उत्सव के माहौल को नापसंद करते हैं- वे एक बार फिर काम कर रहे हैं। लोगों को जाति, क्षेत्र और के आधार पर विभाजित करने में लगे हुए हैं।’’आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘हमें उनसे सावधान रहने की जरूरत है। हमें उन पर भरोसा नहीं करना चाहिए। वे वास्तव में डकैतों का एक गिरोह हैं। जब भी उन्हें मौका मिलता है, वे लूटपाट करते हैं। उन्होंने राज्य और देश को लूटा और अराजकता फैलाई।’’मुख्यमंत्री 130 करोड़ रुपये से अधिक की 170 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के लिए गोरखपुर में थे। उन्होंने कहा,‘‘वे गरीबों और व्यापारियों की जमीन को जब्त करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते थे। हालांकि, यह ‘डबल इंजन’ भाजपा सरकार गरीबों पर अत्याचार नहीं होने देगी, न ही दलितों या हाशिए पर रहने वालों का शोषण होने देगी। यह किसी को भी किसी बेटी या किसी व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं देगी, और जो कोई भी ऐसा करने का प्रयास करेगा उससे इस ‘डबल इंजन’ सरकार द्वारा कानून के दायरे में सख्ती से निपटा जाएगा।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। नताशा स्टेनकोविक से अलग होने के बाद हार्दिक पांड्या का नाम फैशन मॉडल और एक्ट्रेस माहिका शर्मा (Mahieka Sharma) के साथ जुड़ा है। दोनों को कई मौकों पर साथ देखा गया और सोशल मीडिया पर साथ में तस्वीरें साझा करने के बाद फैंस और मीडिया के बीच इस नई जोड़ी को लेकर काफी दिलचस्पी बढ़ गई है।कौन हैं माहिका शर्मा?माहिका शर्मा भारतीय फैशन और ग्लैमर जगत का एक जाना-माना और तेजी से उभरता हुआ नाम हैं:शिक्षा और बैकग्राउंड: दिल्ली की रहने वाली माहिका ने पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और फाइनेंस में ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा उन्होंने कम्युनिटी साइकोलॉजी में भी कोर्स किया है और वह एक सर्टिफाइड योग इंस्ट्रक्टर भी हैं।मॉडलिंग और फैशन करियर: माहिका सब्यसाची मुखर्जी, मनीष मल्होत्रा, तरुण तहिलियानी और अनीता डोंगरे जैसे देश के शीर्ष फैशन डिजाइनरों के लिए रैंप वॉक कर चुकी हैं। वह तनिष्क, वीवो और यूनीक्लो जैसे बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में भी नजर आ चुकी हैं।अवॉर्ड्स और पहचान: उन्हें भारतीय फैशन जगत में 'मॉडल ऑफ द ईयर (न्यू एज)' के खिताब से भी नवाजा जा चुका है और वह एले (Elle) व ग्राज़िया (Grazia) जैसी प्रमुख लाइफस्टाइल मैगजीन्स के कवर्स पर दिखाई दे चुकी हैं।दोनों की उम्र में कितना है अंतर (Age Gap)?हार्दिक पांड्या और माहिका शर्मा की उम्र में लगभग 7 से 8 साल का अंतर है:हार्दिक पांड्या की उम्र: हार्दिक पांड्या का जन्म 11 अक्टूबर 1993 को हुआ था, यानी वह करीब 32 वर्ष के हैं।माहिका शर्मा की उम्र: माहिका शर्मा का जन्म 19 फरवरी 2001 को हुआ था और उनकी उम्र लगभग 24-25 वर्ष है।पहले भी चर्चाओं में रही है हार्दिक की पर्सनल लाइफहार्दिक पांड्या ने साल 2020 में मॉडल और एक्ट्रेस नताशा स्टेनकोविक से शादी की थी। दोनों का एक बेटा अगस्त्य भी है। शादी के चार साल बाद 2024 में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा की थी। इसके बाद अब हार्दिक और माहिका शर्मा की बॉन्डिंग को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बज बना हुआ है।
नोएडा में माफिया का खेल! चोरी की बिजली से हर महीने वसूल रहे थे 1.30 करोड़
नोएडा के छिजारसी डूब क्षेत्र में करीब 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शनों का मामला सामने आने के बाद विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. आरोप है कि निजी सिंडिकेट प्राइवेट मीटर और नेटवर्क के जरिए बिजली पहुंचा रहा था. न्यूनतम 1 हजार रुपये प्रति कनेक्शन के हिसाब से हर महीने करीब 1.30 करोड़ रुपये की वसूली का अनुमान है.
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) ने सख्त रुख अपनाया है। अक्सर वाहन चालक यह सोचते हैं कि ओवर स्पीडिंग (तय गति सीमा से तेज गाड़ी चलाना) पकड़े जाने पर केवल ऑनलाइन ई-चालान भरकर बचा जा सकता है। लेकिन मोटर वाहन संशोधन अधिनियम की धारा 19, केंद्रीय मोटर वाहन नियम और सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति (Supreme Court Committee on Road Safety) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत, ओवर स्पीडिंग के मामले में चालान के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को कम से कम 3 महीने के लिए सस्पेंड (निलंबित) करने का कड़ा कानूनी प्रावधान है।किन-किन गलतियों पर कटता है 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस?यातायात नियमों के अनुसार, केवल ओवर स्पीडिंग ही नहीं, बल्कि कई गंभीर उल्लंघनों पर आरटीओ द्वारा 3 महीने का सस्पेंशन लागू किया जाता है:ओवर स्पीडिंग (Over Speeding): शहर, एक्सप्रेसवे या नेशनल हाईवे पर निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाना।रेड लाइट जंप करना (Jumping Red Light): ट्रैफिक सिग्नल तोड़कर तेजी से गाड़ी निकालना।ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल: वाहन चलाते समय हाथ में फोन लेकर बात करना, टेक्स्ट करना या वीडियो देखना।शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk Driving): पहली बार पकड़े जाने पर न्यूनतम 6 महीने का निलंबन, भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान।कमर्शियल वाहनों में ओवरलोडिंग और खतरनाक ड्राइविंग: क्षमता से अधिक भार ढोना या बिना हेलमेट/सीटबेल्ट बार-बार नियम तोड़ना।कैसे काम करता है ऑटोमैटिक स्पीड कैमरा और लाइसेंस सस्पेंशन का सिस्टम?आजकल देश के सभी प्रमुख नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसवे और बड़े शहरों के मुख्य चौराहों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) और लेजर-बेस्ड हाई-स्पीड कैमरे लगे हुए हैं:ऑटोमैटिक कैप्चर: जैसे ही कोई वाहन तय स्पीड लिमिट (जैसे 60, 80 या 100 किमी/घंटा) से ऊपर निकलता है, कैमरा उसकी गति और गाड़ी की नंबर प्लेट कैप्चर कर लेता है।ई-चालान और आरटीओ को सिफारिश: वाहन स्वामी के मोबाइल पर ई-चालान जेनरेट होता है। यदि गति बहुत अधिक (खतरनाक ड्राइविंग) है या बार-बार ओवर स्पीडिंग की जा रही है, तो ट्रैफिक पुलिस का सिस्टम सीधे संबंधित आरटीओ को लाइसेंस सस्पेंशन की सिफारिश भेज देता है।सारथी पोर्टल पर डिजिटल ब्लॉकिंग: आरटीओ द्वारा नोटिस जारी होने के बाद केंद्रीय 'सारथी' (Sarathi) डेटाबेस में संबंधित ड्राइविंग लाइसेंस का स्टेटस 'सस्पेंडेड' दर्ज कर दिया जाता है।3 महीने के सस्पेंशन के दौरान गाड़ी चलाने पर क्या होगा?यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड हो चुका है और उस 3 महीने की अवधि के दौरान आप दोबारा गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो इसे अत्यंत गंभीर अपराध माना जाता है:धारा 182 के तहत कार्रवाई: सस्पेंशन पीरियड में ड्राइविंग करने पर भारी जुर्माना (₹10,000 तक) और जेल की सजा हो सकती है।स्थायी रद्दीकरण (Permanent Revocation): बार-बार नियमों की अनदेखी करने पर आरटीओ आपके ड्राइविंग लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द कर सकता है, जिसके बाद आप नया लाइसेंस भी नहीं बनवा पाएंगे।बीमा क्लेम खारिज: यदि सस्पेंशन के दौरान कोई दुर्घटना हो जाती है, तो बीमा कंपनी किसी भी तरह के थर्ड-पार्टी या खुद के नुकसान का क्लेम पूरी तरह खारिज कर देती है।सस्पेंशन की अवधि पूरी होने के बाद कैसे बहाल होता है लाइसेंस?निर्धारित 3 महीने की अवधि समाप्त होने और सभी लंबित चालानों का भुगतान करने के बाद सारथी पोर्टल पर स्टेटस स्वतः अपडेट हो जाता है।कुछ राज्यों में लाइसेंस दोबारा एक्टिव कराने के लिए वाहन चालक को ट्रैफिक ट्रेनिंग स्कूल या रिफ्रेशर कोर्स पूरा करने का सर्टिफिकेट आरटीओ में जमा करना होता है।
देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल हेल्थकेयर और ई-फार्मेसी (E-Pharmacy) सेक्टर पर सरकार, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और स्वास्थ्य मंत्रालय का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। लंबे समय से बिना वैधानिक नियमों और वैध ऑनलाइन लाइसेंसिंग व्यवस्था के संचालित हो रहे ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर कड़े प्रतिबंध और नोटिस की कार्रवाई की गई है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और रूल्स 1945 के तहत वर्तमान में ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए कोई अलग से वैधानिक व संहिताबद्ध कानून अधिसूचित नहीं है। इसके चलते कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स द्वारा शेड्यूल्ड दवाओं (Schedule H, H1 और X) की बिक्री, भारी छूट के विज्ञापन और डॉक्टर के वैध पर्चे (Prescription) के बिना दवाओं की होम डिलीवरी को लेकर गंभीर कानूनी व सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताएं खड़ी हो गई हैं।8 लाख से अधिक ऑफलाइन केमिस्टों का विरोध और कानूनी विवादभारत में पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स और दवा विक्रेताओं के सबसे बड़े संगठन 'ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (AIOCD) द्वारा ई-फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ लगातार विरोध दर्ज कराया जा रहा है।अनियंत्रित डिस्काउंट और बाजार पर असर: ऑफलाइन केमिस्टों का आरोप है कि बड़ी ई-फार्मेसी कंपनियां विदेशी निवेश के दम पर 20% से लेकर 70% तक की भारी छूट (Predatory Pricing) देकर स्थानीय दवा दुकानों के कारोबार को खत्म कर रही हैं।दवाओं के दुरुपयोग का खतरा: ऑनलाइन माध्यम से नारकोटिक्स, एंटीबायोटिक्स और डिप्रेशन की हैबिट-फॉर्मिंग दवाओं (Habit-forming drugs) को बिना सख्त सत्यापन के मंगाए जाने का खतरा बना रहता है।अदालतों के अंतरिम आदेश: दिल्ली हाईकोर्ट और अन्य उच्च न्यायालयों में दायर जनहित याचिकाओं में दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने और सख्त ई-फार्मेसी नियम (E-Pharmacy Rules) लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।ई-फार्मेसी कंपनियों का पक्ष: मध्यस्थ मॉडल और मरीजों की सुविधादूसरी तरफ, देश की प्रमुख ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों का कहना है कि वे केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म या 'इंटरमीडियरी' (Intermediary) के रूप में कार्य करती हैं।लाइसेंस्ड रिटेलर्स से सप्लाई: कंपनियों का दावा है कि उनके जरिए बेची जाने वाली 100% दवाएं राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन (State FDA) द्वारा लाइसेंस प्राप्त स्थानीय मेडिकल स्टोर्स से ही डिस्पैच होती हैं और पंजीकृत फार्मासिस्ट की देखरेख में ही बिल बनती हैं।रिमोट एरियाज में लाइफ-सेविंग सपोर्ट: ऑनलाइन दवाओं की होम डिलीवरी से बुजुर्गों, गंभीर रूप से बीमार मरीजों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को घर बैठे किफायती व प्रामाणिक दवाएं प्राप्त करने में बड़ी मदद मिलती है।सरकार के नए ड्राफ्ट रूल्स: क्या होंगी प्रमुख शर्तें?स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे प्रस्तावित नियामक ढांचे के तहत ऑनलाइन दवा बिक्री को पूरी तरह बंद करने के बजाय कड़े नियमों के दायरे में लाने की तैयारी है:केंद्रीय पंजीकरण अनिवार्य: केवल वही ई-पोर्टल दवाएं बेच सकेंगे, जो ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के पास पंजीकृत होंगे।शेड्यूल X और नशीली दवाओं पर पूर्ण बैन: किसी भी प्रकार की नशीली, ट्रांक्विलाइजर और गंभीर साइकोट्रोपिक दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।कड़ा प्रिस्क्रिप्शन वेरिफिकेशन: हर ऑर्डर के साथ रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (RMP) का सत्यापित डिजिटल पर्चा अपलोड करना और रिकॉर्ड मेंटेन करना अनिवार्य होगा।भ्रामक विज्ञापनों पर रोक: दवाओं की बिक्री बढ़ाने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर भ्रामक छूट और विज्ञापन देने पर सख्त जुर्माने का प्रावधान होगा।करोड़ों के ई-हेल्थकेयर स्टार्टअप और निवेश पर असरनियामक अनिश्चितता और कानूनी सख्ती के चलते ऑनलाइन हेल्थकेयर और मेडिसिन डिलीवरी सेक्टर में काम कर रहे स्टार्टअप्स के वैल्यूएशन और पूंजी प्रवाह पर सीधा असर पड़ा है। कई कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करते हुए हाइब्रिड मॉडल (ऑनलाइन + ऑफलाइन स्टोर्स) अपनाना पड़ रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सरकार आधिकारिक ई-फार्मेसी नीति को अंतिम रूप देकर अधिसूचित नहीं कर देती, तब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स पर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहेगी।
दांतों को चमकदार, स्वस्थ और सांसों को ताजा बनाए रखने के लिए रोजाना सुबह और रात को ब्रश करना बुनियादी ओरल हाइजीन का हिस्सा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस टूथब्रश से आप अपने मुंह की सफाई करते हैं, वह खुद कितना साफ और सुरक्षित है? डेंटिस्ट्स और माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स के कई वैश्विक अध्ययनों में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गलत जगह पर रखा हुआ और महीनों पुराना टूथब्रश लाखों खतरनाक बैक्टीरिया, फंगस और वायरस का अड्डा बन सकता है। साफ करने के बजाय ऐसा टूथब्रश आपके मुंह में गंभीर संक्रमण, मसूड़ों की बीमारी और दांतों के क्षरण (Tooth Decay) का मुख्य कारण बन सकता है।बाथरूम में रखा टूथब्रश और टॉयलेट फ्लश का 'एरोसोल इफेक्ट'अधिकांश घरों में वाशबेसिन और टॉयलेट सीट एक ही बाथरूम में अगल-बगल होते हैं। जब टॉयलेट पॉट को बिना ढक्कन (Lid) बंद किए फ्लश किया जाता है, तो पानी के तेज दबाव से हवा में सूक्ष्म जलकण (Airborne Aerosol Droplets) फैलते हैं, जिन्हें 'टॉयलेट प्लम' (Toilet Plume) कहा जाता है। ये कण 6 से 8 फीट की दूरी तक हवा में तैरते हैं और सीधे वाशबेसिन पर खुले रखे टूथब्रश के ब्रिसल्स (Bristles) पर चिपक जाते हैं। इन कणों में ई. कोलाई (E. coli), स्टैफिलोकोकस और स्ट्रेप्टोकोकस जैसे संक्रामक बैक्टीरिया होते हैं, जो अगली सुबह ब्रश करते समय सीधे आपके मुंह के अंदर पहुंच जाते हैं।पुराना और सख्त टूथब्रश: मसूड़ों और इनेमल का सबसे बड़ा दुश्मनबहुत से लोग जब तक टूथब्रश के ब्रिसल्स पूरी तरह टेढ़े या चपटे नहीं हो जाते, तब तक नया ब्रश नहीं खरीदते। लंबे समय तक एक ही ब्रश इस्तेमाल करने से दांतों को भारी नुकसान पहुंचता है:दांतों के इनेमल (Enamel) का घिसना: पुराने और सख्त ब्रिसल्स दांतों की बाहरी सुरक्षात्मक परत (इनेमल) को रगड़कर घिस देते हैं। इससे दांतों में ठंडा-गर्म पानी लगने यानी तेज सेंसिटिविटी (Tooth Sensitivity) की समस्या शुरू हो जाती है।मसूड़ों का पीछे हटना (Gum Recession): कड़े ब्रिसल्स से लगातार जोर लगाकर ब्रश करने से मसूड़ों में घाव, सूजन और खून बहने की दिक्कत (Gingivitis) हो जाती है। समय के साथ मसूड़े अपनी जगह छोड़ देते हैं, जिससे दांतों की जड़ें कमजोर होकर हिलने लगती हैं।प्लाक हटाने में अक्षमता: घिसे हुए और मुड़े हुए ब्रिसल्स दांतों के कोनों और पिछले हिस्से (Molars) तक नहीं पहुंच पाते, जिससे दांतों के बीच बैक्टीरिया और पीला प्लाक जमा होता रहता है।टूथब्रश पर बैक्टीरिया पनपने की 4 आम गलतियांगीले ब्रश को प्लास्टिक कैप में बंद करके रखना: कई लोग सफाई के नाम पर गीले टूथब्रश पर तुरंत कैप चढ़ा देते हैं। नमी और अंधेरा फंगस व बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल बनाते हैं।सभी सदस्यों के टूथब्रश एक ही होल्डर में सटाकर रखना: परिवार के सभी टूथब्रशों के हेड जब आपस में छूते हैं, तो एक व्यक्ति के मुंह के बैक्टीरिया और फ्लू वायरस दूसरे व्यक्ति के ब्रश में आसानी से ट्रांसफर हो जाते हैं।बीमारी (सर्दी-जुकाम, वायरल या गले में इंफेक्शन) के बाद ब्रश न बदलना: फ्लू या वायरल फीवर से ठीक होने के बाद भी पुराने ब्रश का इस्तेमाल करने से री-इंफेक्शन (दोबारा संक्रमण) का खतरा रहता है।सख्त (Hard) ब्रिसल्स वाले ब्रश का चुनाव: अधिकांश लोग सोचते हैं कि सख्त ब्रश से दांत ज्यादा साफ होते हैं, जबकि यह दांतों की जड़ों को पूरी तरह नुकसान पहुंचाता है।टूथब्रश को 100% सुरक्षित और स्वच्छ रखने के आसान नियमडेंटिस्ट्स और ओरल हेल्थ एक्सपर्ट्स आपके टूथब्रश को सुरक्षित रखने के लिए इन जरूरी बातों का पालन करने की सलाह देते हैं:हर 3 महीने में बदलें ब्रश: अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन (ADA) के अनुसार, टूथब्रश को हर 90 दिन (3 महीने) में या ब्रिसल्स के फैलते ही तुरंत बदल देना चाहिए।हमेशा 'अल्ट्रा-सॉफ्ट' या 'सॉफ्ट' ब्रिसल्स चुनें: दांतों और मसूड़ों की सुरक्षा के लिए हमेशा सॉफ्ट ब्रिसल्स वाले ब्रश का ही उपयोग करें और हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में 2 मिनट तक ब्रश करें।धूप और हवादार जगह पर रखें: इस्तेमाल के बाद ब्रश को बहते साफ पानी से अच्छी तरह धोएं और उसे हमेशा सीधा (Upright Position) खुली हवा में सूखने दें।टॉयलेट फ्लश करते समय ढक्कन बंद करें: बाथरूम में फ्लश का बटन दबाने से पहले हमेशा कमोड का ढक्कन जरूर बंद करें और टूथब्रश को कमोड से कम से कम 6 फीट दूर रखें।गर्म पानी या माउथवॉश से सैनिटाइजेशन: हफ्ते में एक बार अपने टूथब्रश के हेड को 30 सेकंड के लिए एंटी-बैक्टीरियल माउथवॉश या हल्के गुनगुने पानी में डुबोकर रखें।
कुमार विश्वास की बेटियों का जलवा, राखी पर ग्लैमरस लुक में दिखीं कुहू
कुमार विश्वास की बेटियां हर बार अपने स्टाइल से लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच ही लेती हैं, रक्षाबंधन पर भी उनका देसी अंदाज लोगों को बहुत पसंद आ रहा है. दोनों बहनों ने अपने पापा को राखी बांधी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं और खासतौर पर छोटी बेटी के ग्लैमरस अवतार लोगों की नजरें ठहर गई हैं.
Gujarat University में पूर्व VC Neerja Gupta पर जांच शुरू, पूर्व जज करेंगे पड़ताल
गुजरात विश्वविद्यालय ने पूर्व कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता के कार्यकाल के दौरान वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश डी. एम. व्यास की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति का शनिवार को गठन किया। कार्यवाहक कुलपति जगदीश जोशी ने कहा कि समिति अनियमित नियुक्तियों, वित्तीय अनियमितताओं, धन के गबन और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारों के दुरुपयोग से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी। जोशी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि न्यायमूर्ति व्यास के साथ चर्चा की गई है और जांच प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले अक्सर अंत में उच्च न्यायालय पहुंच जाते हैं, इसलिए विश्वविद्यालय ने सभी पहलुओं को शामिल करने और जांच को निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित करने के लिए पहले ही एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नियुक्त करने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) समेत छात्र संगठनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पृष्ठभूमि में सामने आया है। इन संगठनों ने डॉ. गुप्ता पर वित्तीय अनियमितताओं, केंद्रीय अनुदान के दुरुपयोग और बहुत अधिक वेतन पर अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति कर विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया मंचों पर आरोपियों की ओर से दिए गए सार्वजनिक स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए जोशी ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय को उनकी ओर से या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई औपचारिक लिखित सूचना नहीं मिली है। इस महीने की शुरुआत में, विश्वविद्यालय ने तीन सदस्यीय तथ्यान्वेषण समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद गुजरात यूनिवर्सिटी स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड रिसर्च फाउंडेशन (आईडीएसआरएफ) के सीईओ समेत 10 अस्थायी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने इन लोगों की नियुक्ति की और उन्हें अत्यधिक अधिक वेतन दिया, जिससे विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान हुआ।
सुभाष घई से भिड़े थे सलमान-दी गालियां, हाथापाई तक पहुंची बात
सुभाष घई ने सलमान संग अपनी पहली फिल्म युवराज का वक्त याद किया, जब उन दोनों की लड़ाई हो गई थी. डायरेक्टर का कहना है कि सलमान संग उनकी हाथापाई हुई थी, जिसके बाद सलीम खान ने सुपरस्टार को फटकार लगाई थी.
नेपाल में त्रासदी के बीच अपनों की तलाश जारी, ग्राउंड जीरो से देखें विशेष
नेपाल में.रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहे हैं. अपनों की तलाश में लोग भटक रहे हैं. नुवाकोट का मानों नक्शा ही बदल गया है. सड़क-दुकान-मकान सब बराबर हो गए हैं. जिन घरों में कभी खुशियां चहकती थीं, आज उन्हीं घरों के बाहर बेबस और लाचार लोगों का दर्द नजर आ रहा है. विशेष में देखें ग्राउंड जीरो से तबाही के निशान.
Bombay High Court की सख्ती: FDA ने Cipla और MCA पर दिए सख्त आदेश वापस लिए
बंबई उच्च न्यायालय ने शनिवार को महराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को दोहरा झटका दिया। अदालत ने “प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों” के खिलाफ काम करने और “व्यावहारिक नजरिये के बजाय किताबी या संकीर्ण नजरिया” अपनाने के लिए एफडीए को फटकार लगाई, जिसके बाद नियामक एजेंसी को दो बड़े कदम वापस खींचने पड़े। मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के परिसर में खाने-पीने की जगहों के मामले में कानून का विश्लेषण किए बिना आदेश जारी करने में “बेवजह जल्दबाजी” दिखाने पर उच्च न्यायालय ने एफडीए को फटकार लगाते हुए पूछा: “क्या आपको लगता है कि आप कोई भगवान हैं और कुछ भी कर सकते हैं?”पहले मामले में एफडीए ने सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड की पुणे स्थित कैरी एंड फॉरवर्डिंग इकाई का दवा बिक्री लाइसेंस निरस्त करने का आदेश शनिवार को वापस ले लिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ ने नियामक एजेंसी को “हद से ज्यादा” आगे बढ़ने और “मनमाना” व्यवहार करने के लिए फटकार लगाई। एजेंसी को एक और झटका उस वक्त लगा, जब एफडीए ने अदालत को बताया कि वह बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित एमसीए परिसर में पांच रेस्त्रां का संचालन निलंबित करने का आदेश भी वापस ले लेगा। अदालत ने अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश देने की चेतावनी दी थी। अदालत ने यह भी कहा कि नये निरीक्षण में पाया गया कि ये खानपान प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा नियमों का 88 प्रतिशत तक पालन कर रहे थे। हालांकि, इन खानपान प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित ही रहे, क्योंकि उनका संचालन एक अन्य संस्था मेसर्स शिर्के इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया जा रहा था, जबकि लाइसेंस एमसीए के नाम पर जारी किए गए थे। अदालत ने कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो इसे रोकता हो। अदालत ने यह भी कहा कि पिछली सुनवाई में उसने एफडीए अधिकारियों से खासतौर पर इस मामले पर सोच-विचार करने और स्थिति को व्यावहारिक नजरिये से देखने के लिए कहा था। अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा, ‘‘इतना स्पष्ट निर्देश देने के बावजूद एफडीए ने हमारे आदेश की अवहेलना की और व्यावहारिक रुख अपनाने के बजाय नियमों की पेचीदगियों पर ही जोर दिया। हम हर बार विभाग और अधिकारियों को फटकारते-फटकारते थक चुके हैं। अब कड़े आदेश पारित करने का समय आ गया है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी। या तो वे हमें संतुष्ट करें या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें।”जब अदालत की अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी दी गई, तो एफडीए ने कहा कि वह एमसीए को एक नया नोटिस जारी करेगा और एसोसिएशन तथा शिर्के इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच हुए अनुबंध के मामले में उन्हें सुनवाई का मौका देगा और फिर ठोस कारणों के साथ आदेश जारी करेगा। अदालत ने इसे मान लिया और कहा कि चूंकि ये खाने-पीने की जगहें अब नियमों का पालन कर रही हैं, इसलिए उनके लाइसेंस निलंबित करने का आदेश रद्द किया जाता है और वे अपनी सेवा फिर से शुरू कर सकती हैं। पीठ ने सवाल किया कि एफडीए “हर बार इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाता है” और कानून के प्रावधानों का ठीक से विश्लेषण किए बिना आदेश क्यों जारी कर देता है। अदालत ने कहा, “विभाग हतोत्साहित महसूस न करे, इसके लिए हम कितनी बार समझाने और हितों में संतुलन बनाने की कोशिश करें? हम यह क्यों कहते हैं कि मच्छर को मारने के लिए तलवार का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए? क्या आप खुद को सर्वेसर्वा समझते हैं और कुछ भी कर सकते हैं?”सिप्ला मामले में, उच्च न्यायालय ने एफडीए के उस ईमेल पर सवाल उठाए जिसमें कंपनी के प्रतिनिधि को राज्य सरकार द्वारा घोषित सार्वजनिक अवकाश के दिन सुनवाई के लिए बुलाया गया था। उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘आप (एफडीए) सराहनीय और प्रशंसनीय काम कर रहे हैं, लेकिन अब आप हद से आगे जा रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। आपसे गलती हुई है और अब आपको इस मुद्दे का समाधान करना होगा।’’अदालत ने कहा कि एफडीए ने “मनमाना” रवैया अपनाया, गलत प्रक्रिया का पालन किया और लाइसेंस रद्द कर दिया। उच्च न्यायालय ने कहा, “यह आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
Hingoli में PSI अमोल गंगालवाड ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की, जांच शुरू
महाराष्ट्र के हिंगोली शहर के बाहरी इलाके में शनिवार सुबह एक पुलिस उपनिरीक्षक (पीएसआई) ने कथित तौर पर तेज रफ्तार ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मृतक अमोल विट्ठलराव गंगालवाड (50) हिंगोली पुलिस नियंत्रण कक्ष से संबद्ध थे। पुलिस ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे हुई। उन्होंने कहा कि अपनी सरकारी वर्दी पहने हुए गंगालवाड खटकली बाईपास इलाके के पास पूर्णा से अकोला जा रही एक पैसेंजर ट्रेन के सामने कूद गए। ट्रेन चालक ने तुरंत रेलवे अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को जानकारी दी गई। हिंगोली शहर थाने के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। पुलिस ने बताया कि आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक, गंगालवाड का कुछ महीने पहले परभणी से हिंगोली पुलिस नियंत्रण कक्ष में तबादला हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है क्योंकि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
Uzbekistan पहुंचे PM Modi, Delhi में CNG के दाम बढ़े; पढ़ें दिनभर के मुख्य समाचार
‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से शनिवार को रात नौ बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं:वि33 मोदी उज्बेकिस्तान लीड आगमनप्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय दौरे पर उज्बेकिस्तान पहुंचेताशकंद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान पहुंचे। अपने दौरे के दौरान वह दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। दि26 राहुल खरगे दूसरी लीड शुद्धिकरण‘शुद्धिकरण’ मामले में एससी-एसटी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दें प्रधानमंत्री: राहुलनयी दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सभा स्थल के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देना चाहिए। वि24 नेपाल बाढ़ लीड मृतकनेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या 669 हुईकाठमांडू: मध्य नेपाल में और शव बरामद होने के बाद अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 669 हो गई है, जबकि आपदा के बाद लगभग 2,000 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। दि45 भाजपा कांग्रेस दलितकांग्रेस हल्द्वानी रैली स्थल पर ‘शुद्धिकरण’ को लेकर झूठ बोल रही है: भाजपानयी दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को कांग्रेस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। राहुल गांधी द्वारा इस महीने की शुरुआत में उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष की रैली स्थल पर किए गए “शुद्धिकरण” कार्यक्रम को लेकर भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधने के बाद पार्टी ने यह प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने कहा कि मोदी सरकार ने दलितों को सर्वोच्च सम्मान दिया है। अर्थ5 सीएनजी कीमतवैश्विक एलएनजी लागत में उछाल से दिल्ली में सीएनजी के दाम 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ेनयी दिल्ली: इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने शनिवार को दिल्ली में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की। कंपनी ने इसके पीछे नए सिरे से उपजे पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य से गैस कार्गो की आवाजाही में आए व्यवधानों के चलते एलएनजी कीमतों में आई भारी तेजी का हवाला दिया। प्रादे120 उप्र नेपाल बाढ़ राजनाथनेपाल में बाढ़ संकट से भारत चिंतित: राजनाथलखनऊ: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि नेपाल में बाढ़ संकट से भारत चिंतित है और बाढ़ प्रभावित पड़ोसी देश में नयी दिल्ली की तरफ से राहत सामग्री भेजी जा रही है। दि39 भाजपा सांसद लीड सज्जनभाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली के तीन सांसदों के सज्जन कुमार के घर जाने पर नाराजगी जताईनयी दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को दिल्ली के पार्टी सांसदों-कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया को तलब किया और पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर जाकर शोक जताने पर नाराजगी जताई। दि27 नेपाल बाढ़ लीड खरगेनेपाल बाढ़ : खरगे का मोदी और शाह को पत्र, भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी का आग्रहनयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर गहरी चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पड़ोसी देश को तत्काल मानवीय एवं आपदा राहत सहायता उपलब्ध कराने तथा वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और जल्द वापसी के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। प्रादे112 उप्र आदित्यनाथ लीड सपासपा का मतलब लूट-खसोट, डकैतों का गिरोह: योगी आदित्यनाथदेवरिया (उप्र): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समाजवादी पार्टी पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया, ‘‘सपा का मतलब है लूट-खसोट, सपा का मतलब है डकैतों का एक गिरोह।’’ प्रादे50 केरलम कांग्रेस नेता तीसरी लीड गिरफ्तारीकेरलम के मुख्यमंत्री का काफिला रोकने के आरोप में कांग्रेस नेता गिरफ्तार, पार्टी से निकाला गयातिरुवनंतपुरम: केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन का काफिला रोकने के आरोप में कांग्रेस के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। अर्थ1 सीतारमण अमेरिका गोलमेजभारत में विनिर्माण कीजिए, दुनिया के लिए बनाइए: सीतारमणवाशिंगटन: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक निवेशकों को भारत में विनिर्माण आधार तथा प्रौद्योगिकी तथा नवाचार केंद्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। वित्त मंत्री ने उनसे भारत की प्रतिभा और अवसरों का लाभ उठाकर दुनिया के लिए विनिर्माण करने का आग्रह किया। खेल14 खेल एथलेटिक्स एशियाड लीड चोपड़ानीरज चोपड़ा चोटिल होने के कारण एशियाई खेलों से बाहरनयी दिल्ली: भारत के एशियाई खेलों में एथलेटिक्स के अभियान को करारा झटका लगा है क्योंकि दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने शनिवार को घोषणा की कि अभ्यास के दौरान उनके टखने के ‘लिगामेंट’ में चोट लगने के कारण वह 2026 के बाकी सत्र में नहीं खेल पाएंगे। खेल6 खेल स्क्वाश भारतवेलावन सेंथिलकुमार ने बुडापेस्ट ओपन स्क्वाश जीताबुडापेस्ट: भारत के वेलावन सेंथिलकुमार ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए फाइनल में बालाज़ फ़रकास को हराकर हंगरी की राजधानी में खेले गए बुडापेस्ट ओपन स्क्वाश के रूप में अपना पहला पीएसए कॉपर-लेवल का खिताब जीता।
जम्मू-कश्मीर का लक्ष्य: 2035 तक 10,969 मेगावाट जलविद्युत क्षमता
रियाज़ वानी श्रीनगर, 28 अगस्त: जम्मू-कश्मीर ने दिसंबर 2035 तक अपनी परिचालन जलविद्युत उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 10,969.65 मेगावाट करने का लक्ष्य रखा है, जो इसकी वर्तमान स्थापित क्षमता 3,540.15 मेगावाट से तीन गुना से भी अधिक है। यह रोडमैप शुक्रवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा […]
बोड़ाकी रेलवे स्टेशन से परीचौक-कासना तक ई-बस सेवा का ट्रायल शुरू
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सबसे तेजी से विकसित होते औद्योगिक और शैक्षणिक हब ग्रेटर नोएडा से कनेक्टिविटी को लेकर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। दिल्ली-एनसीआर आने-जाने वाले यात्रियों, स्थानीय नागरिकों, नौकरीपेशा युवाओं और दूर-दराज से पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए आवागमन को बेहद सुगम और किफायती बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा के उभरते हुए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र बोड़ाकी रेलवे स्टेशन (Bodaki Railway Station) से लेकर व्यस्त व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्र परीचौक होते हुए कासना (Kasna) तक आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों (E-Buses) के संचालन के लिए शनिवार को आधिकारिक तौर पर ट्रायल की शुरुआत कर दी गई है। इस बहुप्रतीक्षित बस सेवा के शुरू होने से न केवल ग्रेटर नोएडा के आंतरिक परिवहन तंत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि यात्रियों को महंगे ऑटो और प्राइवेट वाहनों के झंझट से भी स्थायी रूप से मुक्ति मिल जाएगी।लंबे समय से की जा रही थी बोड़ाकी से कासना तक बस सेवा की मांगग्रेटर नोएडा और दादरी क्षेत्र के बीच स्थित बोड़ाकी रेलवे स्टेशन को आने वाले समय में एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री ट्रेन पकड़ने या उतरने के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा, ग्रेटर नोएडा की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, मल्टीनेशनल कंपनियों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नौकरी करने व पढ़ाई करने के लिए देश के कोने-कोने से युवा रोजाना बोड़ाकी रेलवे स्टेशन पर उतरते हैं। स्टेशन से बाहर निकलने के बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के प्रमुख हिस्सों जैसे परीचौक, सूरजपुर या कासना तक पहुंचने के लिए भारी-भरकम किराए पर ऑटो या अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता था। कई बार तो यात्रियों को मनमाना किराया चुकाने के बाद भी समय पर वाहन नहीं मिल पाते थे, जिससे उनकी ट्रेन छूटने या ऑफिस-कॉलेज लेट होने की चिंता बनी रहती थी। स्थानीय निवासियों, ग्रामीणों और यात्रियों द्वारा पिछले काफी समय से इस रूट पर नियमित सार्वजनिक बस सेवा शुरू करने की जोरदार मांग उठाई जा रही थी, जिसे अब धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।शनिवार को सफलतापूर्वक शुरू हुआ ई-बसों का रूट ट्रायल, ग्रामीणों में खुशी की लहरजनता की इसी गंभीर समस्या और यातायात की मांग को संज्ञान में लेते हुए शनिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और परिवहन विभाग के सहयोग से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन से परीचौक और कासना के रास्ते पर ई-बसों का सफल ट्रायल रन (Trial Run) शुरू किया गया। जैसे ही इस रूट पर इलेक्ट्रिक बसों के पहिए घूमे, वैसे ही स्थानीय ग्रामीणों, यात्रियों और आसपास के इलाकों के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। ट्रायल के सफल होने के बाद ग्रामीणों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के प्रबंधन का तहे दिल से आभार जताया है। लोगों का कहना है कि यह पहल क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी क्योंकि इससे न केवल प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आम जनता की जेब पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हो जाएगा।नौकरीपेशा लोगों, छात्र-छात्राओं और दैनिक यात्रियों को मिलेगी भारी राहतग्रेटर नोएडा में औद्योगिक विकास के साथ-साथ आवासीय बस्तियां भी तेजी से फैली हैं। ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों और सोसाइटियों में रहने वाले तमाम लोग भी अक्सर ट्रेन यात्रा के लिए बोड़ाकी रेलवे स्टेशन का रुख करते हैं। ऐसे में स्टेशन से घर वापसी या घर से स्टेशन जाने के लिए एक सुलभ और सुरक्षित परिवहन माध्यम की सख्त आवश्यकता थी। इस नई ई-बस सेवा के शुरू होने से सबसे बड़ा लाभ नौकरीपेशा वर्ग और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को मिलने वाला है। अब छात्र और कर्मचारी बिना किसी तनाव के किफायती किराए पर समयबद्ध तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं परशुराम और संजय चौधरी ने इस ट्रायल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बस सेवा के नियमित रूप से संचालित होने से न केवल दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के आसपास के ग्रामीण इलाकों की मुख्य शहर से कनेक्टिविटी भी बेहद मजबूत हो जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आवागमन के अवसर और अधिक सुगम हो जाएंगे।पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों से सजी होगी ग्रेटर नोएडा की नई परिवहन व्यवस्थाआज के समय में जब पूरा देश और दुनिया प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है, ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (E-Buses) का इस्तेमाल करना एक दूरदर्शी और पर्यावरण-अनुकूल कदम है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा शुरू की जा रही इन ई-बसों में आधुनिक यात्रियों के लिए आरामदायक सीटें, सुरक्षित सफर और प्रदूषण रहित तकनीक का पूरा ध्यान रखा गया है। यह बसें कम शोर करती हैं और कार्बन उत्सर्जन को पूरी तरह से शून्य रखती हैं। बोड़ाकी से कासना के बीच चलने वाली इन बसों के रूट और टाइम टेबल को अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, ताकि आने वाले कुछ ही दिनों में इसे आम जनता के लिए पूरी तरह से समर्पित किया जा सके। ग्रेटर नोएडा के इस आधुनिक परिवहन विकास से न केवल स्थानीय नागरिकों का जीवन आसान होगा, बल्कि यह शहर देश के अन्य स्मार्ट शहरों के लिए भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है।
'सामने दिख रही थी मौत, फिर हमने...', नेपाल बाढ़ में भारतीय-अमेरिकी जोड़े की ऐसे बची जान
भारतीय मूल के जोड़े अंजना राजा और पट्टाबिरामन वेंकटेसन नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ में बाल बाल बच गए. तिब्बत यात्रा के दौरान उनकी बस के पास पानी की विशाल दीवार आ गई, जिसे देखकर दोनों ने कूदकर 500 सीढ़ियां चढ़ीं और अपनी जान बचाई. रास्ते में उन्होंने पुलिस चौकी और घरों को बहते देखा. दोनों ने रात एक बकरी के बाड़े में गुजारी और अगले दिन हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाले गए.
उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में बच्चों के लिए पोष्टिक और स्वादिष्ट मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) तैयार करने वाले लाखों रसोइयों के लिए इस समय की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने प्रशासनिक फैसलों से एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समाज के सबसे निचले पायदान पर काम करने वाले मेहनतकश और जरूरतमंद वर्ग के हितों का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। प्रधानमंत्री पोषण योजना (Pradhan Mantri Poshan Yojana) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के विभिन्न परिषदीय और सरकारी विद्यालयों में पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे रसोइयों के मानदेय में की गई बढ़ोतरी को अब धरातल पर उतारने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन ताजा और महत्वपूर्ण निर्देशों के मुताबिक, रसोइयों को उनके बढ़े हुए वेतन का यह बड़ा लाभ आगामी सितंबर महीने के वेतन (जिसका भुगतान अक्टूबर के शुरुआती दिनों में किया जाएगा) के साथ ही मिलना शुरू हो जाएगा। इस सौगात से प्रदेश भर के हजारों रसोइयों के परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा और कैबिनेट की मुहर के बाद निर्देश जारीकुछ समय पहले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विद्यालयों में रसोई का जिम्मा संभालने वाली रसोइयों के आर्थिक हालातों को सुधारने और उनके परिश्रम का उचित मूल्य देने के उद्देश्य से उनके मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि किए जाने की महत्वपूर्ण घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद राज्य मंत्रिमंडल (Cabinet) की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी, जिसके बाद से ही रसोइया संघ और संबंधित कर्मचारी इस आदेश के औपचारिक रूप से लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शासन स्तर से मध्याह्न भोजन प्राधिकरण (Mid-Day Meal Authority) को इस संबंध में विस्तृत और स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शासन के इन सख्त और त्वरित निर्देशों में यह कहा गया है कि बिना किसी विलंब के इस बढ़ी हुई मानदेय राशि को लागू किया जाए ताकि जमीनी स्तर पर सेवा दे रहे इन कर्मठ कामगारों को इसका सीधा आर्थिक लाभ जल्द से जल्द मिल सके।अब रसोइयों को मिलेंगे हर महीने 3000 रुपये, जानिए पहले कितना मिलता था मानदेयप्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत स्कूली बच्चों के लिए प्रतिदिन भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को अब तक वित्तीय रूप से बेहद सीमित मानदेय प्राप्त होता था। अब तक शासन की व्यवस्था के अनुसार इन रसोइयों को प्रति माह केवल 2000 रुपये का मानदेय दिया जाता था, जो बढ़ती हुई महंगाई के इस दौर में उनके और उनके परिवारों के भरण-पोषण के लिए नाकाफी साबित हो रहा था। रसोइयों की इस आर्थिक कठिनाई और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को गंभीरता से लेते हुए योगी सरकार ने उनके मानदेय में सीधे तौर पर एक हजार रुपये प्रति माह (1000 Rupees per month) की भारी-भरकम बढ़ोतरी करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब रसोइयों का मासिक मानदेय 2000 रुपये से बढ़कर सीधे 3000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।सालाना आधार पर रसोइयों को मिलेंगे 30 हजार रुपये, 10 महीने के लिए तय है मानदेयशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों में इस बात का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि रसोइयों को दिया जाने वाला यह मानदेय वर्ष में कुल 10 महीनों के लिए देय होता है। इस हिसाब से गणित लगाएं तो अब बढ़ी हुई दर यानी 3,000 रुपये प्रति माह के लिहाज से इन रसोइयों को सालाना कुल 30,000 रुपये (तीस हजार रुपये) का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। पहले जहां उन्हें सालाना 20,000 रुपये के आसपास राशि मिलती थी, वहीं अब इस वृद्धि से उनकी वार्षिक आय में सीधा इजाफा हुआ है। सरकार का यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में काम करने वाली महिलाओं और अन्य कामगारों के लिए एक बड़ी आर्थिक संबल साबित होगा, जो पूरी ईमानदारी से बच्चों के लिए रसोइया का कार्य संभालती हैं।सितंबर के वेतन से लागू होगा बढ़ा हुआ मानदेय, अक्टूबर में खाते में आएगी राशिशासन की ओर से मध्याह्न भोजन प्राधिकरण और जिला स्तर के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जो निर्देश भेजे गए हैं, उनमें इस बात के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि इस नई बढ़ी हुई व्यवस्था का अनुपालन पूरी तत्परता के साथ सुनिश्चित किया जाए। निर्देशों के अनुसार, रसोइयों के मानदेय में एक हजार रुपये प्रति माह की यह वृद्धि इसी साल सितंबर महीने से लागू मानी जाएगी। चूंकि सरकारी कर्मचारियों और योजना के तहत काम करने वाले मानदेय कर्मियों का वेतन अमूमन अगले महीने की शुरुआत में बनता है, इसलिए सितंबर माह का यह संशोधित और बढ़ा हुआ वेतन जब अक्टूबर महीने में प्रोसेस होकर आएगा, तब रसोइयों के बैंक खातों में तीन हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से धनराशि क्रेडिट कर दी जाएगी। सरकार ने यह भी हिदायत दी है कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही न बरती जाए और समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित किया जाए।राज्य की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में रसोइयों की अहम भूमिका और सरकार की संवेदनाउत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चल रही प्रधानमंत्री पोषण योजना केवल भोजन परोसने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ाने और उन्हें कुपोषण से मुक्ति दिलाने का सबसे बड़ा राष्ट्रीय अभियान है। इस पूरी व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी यदि कोई हैं, तो वे हमारी ये रसोइयां हैं जो सुबह सवेरे स्कूल पहुंचकर पूरी साफ-सफाई और समर्पण के साथ बच्चों के लिए ताज़ा और गर्म भोजन तैयार करती हैं। ग्रामीण अंचल से आने वाली ये महिलाएं मानदेय कम होने के बावजूद बरसों से इस कार्य को सेवा भाव से करती आ रही हैं। योगी सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि उन्हें समाज में एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करेगा। शिक्षा विभाग के इस फैसले से पूरे प्रदेश के रसोइया वर्ग में बेहद उत्साह का माहौल है और उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। सरकार के इस जनहितैषी निर्णय से यह साफ जाहिर होता है कि राज्य का प्रशासन अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
ब्लू क्रैब क्या है? इटली में मचाई ऐसी तबाही, उतारनी पड़ी ‘ऑक्टोपस सेना’
Blue Crab Italy:
मणिपुर में ZUF के दो गुटों में हुई गोलीबारी, दो की मौत और छह घायल
जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) के दो गुटों के बीच नोनी जिले में विवाद हो गया. दोनों गुटों के बीच गोलीबारी हुई. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है. वहीं 6 लोग घायल हो गए है. शांति समझौते के बाद भी दोनों गुटों में संघर्ष जारी है.
Nepal Flood: Kailash Yatra पर गए तमिलनाडु के 21 श्रद्धालु सुरक्षित लौटे
तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों के समूह के लिए कैलाश यात्रा धार्मिक आस्था और विश्वास के साथ शुरू हुई थी लेकिन नेपाल के तिमुरे इलाके में अचानक आई बाढ़ के बाद तबाह और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के एक डरावने अनुभव में बदल गयी। शिवरंजनी और उनके साथी यात्रियों के लिए, अचानक आई बाढ़ ने सयाब्रु बेस और केरुंग (जो नेपाल और तिब्बत के बीच ज़मीनी रास्ता और ऊंचाई पर स्थित पड़ाव हैं) के बीच के पहाड़ी दर्रे को मौत के एक भयावह चक्रव्यूह में बदल दिया। फिर भी, चारों तरफ फैले बाढ़ के पानी, भूस्खलन की घटनाओं और भारी दहशत के बीच, कुछ चमत्कारिक संयोगों और निस्वार्थ बहादुरी की वजह से हर कोई सुरक्षित घर पहुंच पाया। शिवरंजनी ने शनिवार को उन पलों को याद करते हुए कहा, ‘‘अगर हमारी गाड़ी इस तरफ या उस तरफ पांच फुट भी आगे-पीछे हो जाती, तो हम निश्चित रूप से बह गए होते। मुझे कहना होगा कि भगवान ने हमें पांच फुट के फासले से बचा लिया।’’उन्होंने बताया कि यह घटना तब हुई थी जब उनकी गाड़ी भारतीय दूतावास की जांच चौकी के पास तीन तरफ से घिर गई थी। शिवरंजनी ने कहा, ‘‘अच्छी बात यह रही कि भगवान शिव की कृपा से, हम दाईं ओर एक मोड़ की तरफ बढ़ पाए। आपने वहां पानी को स्पष्ट रूप से देखा होगा। दूतावास के आस-पास का पूरा इलाका पानी में डूबा हुआ था और हर चीज पानी के नीचे थी। पानी एक ही दिशा में बह रहा था। चूंकि हमारी गाड़ी उस कोने पर थी, इसलिए वह दूसरी तरफ चली गई और हम उस खाली जगह से निकल पाए।’’शिवरंजनी उन 21 तीर्थयात्रियों में शामिल थीं जो शुक्रवार देर रात हवाई अड्डे पहुंचे। राज्य के ग्रामीण विकास और जल संसाधन मंत्री एन. आनंद और मानव संसाधन और प्रबंधन डी. सरथकुमार ने उनका स्वागत किया और उनकी तत्काल देखभाल व घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि जब पहाड़ पर जोरदार बारिश हो रही थी, तो पानी की एक तेज धार उनकी गाड़ी के पास से गुज़री, बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता दाईं ओर चालक की ओर वाला दरवाजा था। कीचड़ में फिसलते-लुढ़कते हुए, तीर्थयात्री तेज़ी से बढ़ते पानी के बहाव के ऊपर बनी खड़ी ढलान पर चढ़ गए। उन्होंने कहा, ‘‘मायावरम के रहने वाले रत्नाकुमार और उनकी पत्नी पूंगुझली पहले ही ऊंची जगह पर सुरक्षित पहुंच चुके थे। लेकिन जब उन्होंने देखा कि चार-पांच महिलाएं कीचड़ वाली ढलान पर नहीं चढ़ पा रही हैं, तो रत्नाकुमार ने कुछ ऐसा किया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी, वह खतरे वाली जगह पर नीचे उतर गए।’’शिवरंजनी ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, ‘‘साड़ी को मजबूती से बांधकर एक कामचलाऊ रस्सी बनाई गई, जिसकी मदद से रत्नाकुमार ने फंसी हुई महिलाओं को एक-एक करके फिसलन भरे किनारे से ऊपर खींचा, जबकि पूंगुझली ऊपर से उनकी मदद कर रही थीं।’’उन्होंने भावुक आवाज में कहा, ‘‘अपनी जान बचाने के लिए जो कोई भी ऊपर चढ़ा था, वह दोबारा नीचे आने में हिचकिचाता, लेकिन वह वापस नीचे उतर गए।’’शिवरंजनी ने कहा, ‘‘उस पल वे हमें पार्वती और परमेश्वर (भगवान शिव का एक नाम)जैसे लगे। हमने कृतज्ञता के साथ उनके सामने सिर झुकाया।’’दो दिनों तक, यह समूह पहाड़ों के मुश्किल हालात में सीमित खाने-पीने के सामान के सहारे और उम्मीद के बल पर जीवित रहा। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने लगातार फोन पर संपर्क बनाए रखा और कई एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव अभियान का समन्वय किया, जिससे तेजी से मदद मिल सकी। स्वदेश लौटने पर श्रद्धालुओं ने अधिकारियों, बचाव दलों और उन हजारों शुभचिंतक नागरिकों का दिल से आभार व्यक्त किया, जिनकी दुआओं ने उन्हें इस मुश्किल समय से उबारा। हालांकि अफरा-तफरी में उनके मूल दस्तावेज खो गए थे, लेकिन उन्हें भरोसा दिलाया गया कि नए पासपोर्ट सीधे उनके घर पहुंचा दिए जाएंगे। बाल-बाल बची शिवरंजनी ने कहा, ‘‘भगवान शिव की कृपा से, हमारी गाड़ी एक छोटी सी जगह में मुड़ गई और हम बच गए। भगवान ने हमें पांच फुट के फासले से बचा लिया।
कूड़े में न फेंके आलू के छिलके, इकट्ठा कर ऐसे करें इस्तेमाल
Potato Peel Uses: आलू एक ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल लगभग हर तरह की सब्जी बनाने में किया जाता है. लेकिन अक्सर आलू छीलते वक्त हम उसके छिलकों को बेकार समझ कचरे में फेंक देते हैं. लेकिन ये कचरा नहीं बल्कि खजाना है. आप इन्हें इकट्ठा कर घर के कई कामों में यूज कर सकती हैं.
यूएस ओपन में रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम पर जोकोविक की नजर, ज्वेरेव और अलकराज बड़ी चुनौती
साल के आखिरी और चौथे प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट यूएस ओपन (US Open) का रोमांच रविवार से फ्लशिंग मीडोज में शुरू होने जा रहा है। इस बार के टूर्नामेंट की पृष्ठभूमि बेहद दिलचस्प और रोमांचक हो गई है क्योंकि खेल जगत की कई बड़ी हस्तियों की गैरमौजूदगी और वापसी ने खिताबी मुकाबले के समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है। दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी जानिक सिनर घुटने की गंभीर चोट के कारण इस साल के अंतिम ग्रैंड स्लैम से बाहर हो चुके हैं, जबकि दूसरी वरीयता प्राप्त स्पेनिश स्टार कार्लोस अलकराज कलाई की समस्या के चलते चार महीने से अधिक समय तक कोर्ट से दूर रहने के बाद इस टूर्नामेंट के जरिए अपनी वापसी कर रहे हैं। इन तमाम परिस्थितियों के बीच टेनिस जगत के महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविक के लिए एक बार फिर से इतिहास रचने का स्वर्णिम अवसर बनता हुआ दिखाई दे रहा है। सर्बियाई दिग्गज जोकोविक की निगाहें अपने करियर के ऐतिहासिक और रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब पर टिकी हुई हैं, जिसे हासिल करने के लिए उन्हें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों की कड़ी चुनौतियों से पार पाना होगा।जोकोविक के सामने इतिहास रचने का मौका, ज्वेरेव और अलकराज से कड़ी टक्करवर्ष 2023 में फ्लशिंग मीडोज के इस प्रतिष्ठित कोर्ट पर शानदार खिताबी जीत दर्ज करने के बाद से ही नोवाक जोकोविक हर ग्रैंड स्लैम में एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उतरते रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में कार्लोस अलकराज और जानिक सिनर ने पुरुष टेनिस पर अपना कड़ा दबदबा कायम किया है और पिछले 11 में से 10 ग्रैंड स्लैम खिताब आपस में ही बांटे हैं। इतिहास के पन्नों में सर्वाधिक ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के मामले में मार्गरेट कोर्ट से आगे निकलने की जोकोविक की हर कोशिश को बार-बार इन युवा खिलाड़ियों ने चुनौती दी है। पिछले छह ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में से पांच में जोकोविक को इनके खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में कार्लोस अलकराज के हाथों मिली हार के बाद जोकोविक के हाथ से एक बड़ा मौका निकल गया था। इसके बावजूद, 39 वर्षीय अनुभवी सर्बियाई खिलाड़ी का हौसला और आत्मविश्वास जरा भी कम नहीं हुआ है। सीमित तैयारी और लगातार बनी हुई शारीरिक फिटनेस की समस्याओं के बावजूद वह अपने करियर का पांचवां यूएस ओपन खिताब अपने नाम करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं।कार्लोस अलकराज की वापसी और अन्य शीर्ष दावेदारों का प्रदर्शनइस साल के यूएस ओपन में एक सबसे बड़ा बदलाव यह देखने को मिला है कि प्रतियोगिता की परिस्थितियां काफी हद तक जोकोविक के अनुकूल होती दिख रही हैं। एक तरफ जहां जानिक सिनर चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ कार्लोस अलकराज लंबे ब्रेक के बाद वापसी कर रहे हैं। हालांकि लंबे समय तक कोर्ट से बाहर रहने के कारण अलकराज की फॉर्म को लेकर भले ही कुछ सवाल उठ रहे हों, लेकिन यह सर्वविदित है कि यह गत चैंपियन बड़े मंचों पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। इसलिए उनकी वापसी को किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसके अलावा, जर्मन स्टार अलेक्जेंडर ज्वेरेव भी शानदार फॉर्म में हैं और वे जोकोविक के रास्ते में सबसे बड़ी और मजबूत बाधा साबित हो सकते हैं। टेनिस के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर का भी यह मानना है कि तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद नोवाक जोकोविक की काबिलियत को कभी भी खारिज नहीं किया जा सकता। ड्रॉ में मौजूद अन्य धुरंधर भी इस बार खिताब की दौड़ को बेहद रोमांचक बना रहे हैं।युवा खिलाड़ियों का उभार और अमेरिकी चुनौती की कमानमुख्य दावेदारों के अलावा इस बार के यूएस ओपन में युवा प्रतिभाओं का जलवा देखने को मिलने की पूरी उम्मीद है। डियन ओपन के विजेता बेन शेल्टन और सिनसिनाटी के उपविजेता फ्रांसेस टियाफो इस बार अमेरिकी चुनौती की अगली कमान संभाल रहे हैं। इसके अलावा 2024 के फाइनलिस्ट टेलर फ्रिट्ज भी पिछले 23 वर्षों से चले आ रहे घरेलू पुरुष चैंपियन के सूखे को इस बार खत्म करने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। विंबलडन के शुरुआती दौर से बाहर होने के बाद इस महीने की शुरुआत में मांट्रियल का खिताब जीतकर बेन शेल्टन ने खुद को एक वास्तविक और खतरनाक दावेदार के रूप में स्थापित कर लिया है। हालांकि, बड़े टूर्नामेंट के दौरान अपने प्रदर्शन के स्तर को लगातार बनाए रखने की उनकी क्षमता को लेकर खेल विशेषज्ञों की अपनी राय है। इनके अलावा आर्थर फिल्स और राफेल जोदार जैसे युवा सितारे भी न्यूयॉर्क के इस कड़े कोर्ट पर अपनी अमिट छाप छोड़ने के लिए बेताब हैं, जबकि पिछले साल के सेमीफाइनलिस्ट फेलिक्स आगर-अलियासिमे अपने पुराने शानदार प्रदर्शन को एक कदम और आगे ले जाने की पुरजोर कोशिश करेंगे।महिला वर्ग में एरिना सबालेंका की नजरें ऐतिहासिक हैटट्रिक परपुरुष वर्ग के साथ-साथ महिला सिंगल्स वर्ग का मुकाबला भी इस बार बेहद रोमांचक होने जा रहा है। विश्व की नंबर एक खिलाड़ी और दो बार की गत चैंपियन एरिना सबालेंका ने पिछले दो वर्षों से यूएस ओपन के महिला वर्ग में अपना एकतरफा दबदबा कायम रखा है। अब उनके पास न्यूयॉर्क के इस ऐतिहासिक कोर्ट पर अपनी खिताबी हैटट्रिक पूरी करने का सुनहरा मौका है। यदि सबालेंका इस बार भी खिताब जीतने में सफल रहती हैं, तो वह वर्ष 2012 से 2014 के बीच दिग्गज सेरेना विलियम्स के बाद लगातार तीन यूएस ओपन खिताब जीतने वाली आधुनिक युग की पहली महिला टेनिस खिलाड़ी बन जाएंगी। लगातार तीसरा खिताब अपने नाम करते ही उनका नाम सेरेना विलियम्स, क्रिस एवर्ट, रोजर फेडरर, इवान लेंडल और जान मैकेनरो जैसे खेल जगत के उन अमर दिग्गजों की सूची में शामिल हो जाएगा जिन्होंने इतिहास में लगातार तीन बार इस टूर्नामेंट की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। महिला वर्ग में उनके अलावा एलिना रयबाकिना, जेसिका पेगुला, कोको गौफ और युवा सनसनी मीरा एंड्रीवा जैसी बेहतरीन खिलाड़ी भी खिताब के लिए कड़ी टक्कर देने को तैयार हैं।टूर्नामेंट के मुख्य खिलाड़ी और पिछले साल के विजेता आंकड़ेइस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दोनों वर्गों के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। पुरुष वर्ग में नोवाक जोकोविक, अलेक्जेंडर ज्वेरेव, कार्लोस अलकराज, फेलिक्स आगर-अलियासिमे और फ्लेवियो कोबोली जैसे नाम शामिल हैं, जो हर मैच में दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे। वहीं महिला वर्ग में एरिना सबालेंका, एलिना रयबाकिना, जेसिका पेगुला, कोको गौफ और मीरा एंड्रीवा अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए कोर्ट पर उतरेंगी। यदि पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वर्ष 2025 के यूएस ओपन के पुरुष सिंगल्स के रोमांचक खिताबी मुकाबले में कार्लोस अलकराज ने जानिक सिनर को मात देकर ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया था। वहीं दूसरी ओर, 2025 के महिला सिंगल्स के फाइनल मुकाबले में एरिना सबालेंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमांडा अनिसिमोवा को सीधे सेटों में करारी शिकस्त दी थी। इस बार भी न्यूयॉर्क की इस लाल बजरी और हार्ड कोर्ट पर टेनिस प्रेमियों को एक से बढ़कर एक बेहतरीन और सांस रोक देने वाले मुकाबले देखने को मिलेंगे, जिन पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
चिली के अटाकामा रेगिस्तान में यूरोपीय सदर्न आब्जर्वेटरी दुनिया का सबसे बड़ा ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड टेलीस्कोप, एक्सट्रीमली लार्ज टेलीस्कोप (ईएलटी) बना रही है।
H1N1 स्वाइन फ्लू का प्रकोप: हल्के लक्षण और गंभीर स्थिति के पीछे की वजह
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में इन दिनों मौसमी बीमारियों के साथ-साथ स्वाइन फ्लू (H1N1 वायरस) के मामलों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। इस खतरनाक संक्रमण से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि, इस वायरस के संदर्भ में एक बेहद हैरान करने वाली और गौर करने योग्य बात यह है कि एक ही वायरस से संक्रमित होने के बावजूद लोगों पर इसका असर बिल्कुल अलग-अलग तरीके से होता है। समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इस वायरस की चपेट में आने के बाद घर पर सामान्य देखरेख और आराम से पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं, जबकि इसके विपरीत कुछ मरीजों की हालत इतनी ज्यादा बिगड़ जाती है कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है और कई बार नौबत आईसीयू (ICU) तक आ जाती है। आखिर ऐसा क्यों होता है कि एक ही प्रकार का यह वायरस किसी के लिए महज मामूली सर्दी-जुकाम साबित होता है, तो किसी के लिए जानलेवा बन जाता है? आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं इस वैज्ञानिक रहस्य और इसके पीछे के तमाम अहम कारणों के बारे में।शरीर की अंदरूनी सेहत और प्रतिरक्षा प्रणाली (Immunity) की भूमिकाकिसी भी व्यक्ति पर H1N1 वायरस का प्रभाव कितना घातक या हल्का होगा, यह पूरी तरह से उस व्यक्ति के शरीर की अंदरूनी सेहत, उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) और पुरानी मेडिकल हिस्ट्री पर निर्भर करता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, वे लोग जिनकी उम्र बहुत अधिक हो चुकी है, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, या ऐसे लोग जो पहले से ही किसी गंभीर पुरानी बीमारी जैसे क्रोनिक अस्थमा, सांस से जुड़ी समस्याएं, डायबिटीज (मधुमेह), हृदय रोग या किडनी की बीमारियों से जूझ रहे हैं, उनका शरीर इस आक्रामक वायरस के खिलाफ उतनी तेजी से और प्रभावी ढंग से मुकाबला नहीं कर पाता है। ऐसे कमजोर या संवेदनशील शरीर वाले लोगों में वायरस आसानी से अपनी पकड़ मजबूत कर लेता है, जिससे साधारण फ्लू भी देखते ही देखते एक गंभीर चिकित्सीय आपातकाल में बदल जाता है। इसके विपरीत, मजबूत इम्युनिटी वाले स्वस्थ युवाओं का शरीर इस वायरस से खुद ही शुरुआती स्तर पर लड़ लेता है, जिससे उन्हें केवल हल्के लक्षण महसूस होते हैं।फेफड़ों में गहराई तक संक्रमण और खतरनाक 'साइटोकाइन स्टॉर्म' की स्थितिसामान्य परिस्थितियों में मौसमी फ्लू या सर्दी-जुकाम का असर केवल नाक, गले और ऊपरी श्वसन तंत्र तक ही सीमित रहता है, और कुछ दिनों की दवा से मरीज ठीक हो जाता है। लेकिन H1N1 वायरस की प्रवृत्ति थोड़ी अलग और खतरनाक होती है। यह वायरस कई बार ऊपरी श्वसन नली को पार करते हुए फेफड़ों में बहुत गहराई तक प्रवेश कर जाता है। जब यह वायरस फेफड़ों के ऊतकों को नुकसान पहुंचाता है, तो शरीर का इम्यून सिस्टम अत्यधिक प्रतिक्रिया देने लगता है, जिसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में 'साइटोकाइन स्टॉर्म' (Cytokine Storm) कहा जाता है। इस अति-सक्रिय प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के कारण फेफड़ों की सूक्ष्म थैलियों में पानी और तरल पदार्थ भरने लगता है, जिससे गंभीर निमोनिया की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और शरीर के रक्त में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरने लगता है। यही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से मरीज को सांस लेने में भारी कठिनाई होती है और उसे तुरंत वेंटिलेटर या आईसीयू सपोर्ट की आवश्यकता पड़ जाती है।सेकेंडरी बैक्टीरियल इन्फेक्शन: H1N1 के बाद बैक्टीरिया का खतरनाक हमलाH1N1 वायरस के संक्रमण से पीड़ित होने पर शरीर की आंतरिक रक्षा प्रणाली पहले से ही काफी हद तक कमजोर और व्यस्त हो चुकी होती है। ऐसे नाजुक समय में शरीर पर 'स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया' (Streptococcus pneumoniae) जैसे खतरनाक बैक्टीरिया हमला करने का अवसर ढूंढ लेते हैं। जब वायरस के साथ-साथ यह बैक्टीरियल इन्फेक्शन भी शरीर को जकड़ लेता है, तो मरीज की शारीरिक स्थिति और अधिक जटिल और गंभीर हो जाती है। इस दोहरे हमले के कारण फेफड़ों को हुआ नुकसान कई गुना बढ़ जाता है, जिससे बीमारी को नियंत्रित करना डॉक्टरों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन जाता है। यही कारण है कि डॉक्टरों का यह सुझाव रहता है कि स्वाइन फ्लू के शुरुआती दौर में ही सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के सेकेंडरी इन्फेक्शन से बचा जा सके।इलाज में जरा सी भी देरी साबित हो सकती है जानलेवा, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाजस्वाइन फ्लू के संक्रमण में सबसे बड़ी और भारी भूल यह की जाती है कि लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और समय पर डॉक्टर की सलाह नहीं लेते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि H1N1 के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली एंटीवायरल दवाएं यदि लक्षण दिखने के शुरुआती 48 घंटों (दो दिनों) के भीतर ले ली जाएं, तो इस वायरस को शरीर में फैलने से सफलताપૂર્વक रोका जा सकता है। लेकिन यदि इलाज शुरू करने में देरी हो जाए, तो फेफड़ों को पहुंच चुके नुकसान की भरपाई करना बेहद मुश्किल हो जाता है। यदि किसी भी व्यक्ति में निम्नलिखित चेतावनी संकेत दिखाई दें, तो उसे बिना एक पल गंवाए तुरंत अस्पताल का रुख करना चाहिए:सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ या लगातार घबराहट होना।सीने में तेज दर्द या लगातार दबाव महसूस होना।अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना या मानसिक भ्रम (कन्फ्यूजन) की स्थिति।शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण होंठों और चेहरे का नीला पड़ना।लगातार उल्टी होना या पेशाब की मात्रा में अचानक भारी कमी आना।स्वस्थ और तंदुरुस्त लोगों को भी रखनी चाहिए पूरी सावधानीएक आम गलतफहमी यह है कि स्वाइन फ्लू केवल बीमार या बुजुर्ग लोगों को ही गंभीर रूप से प्रभावित करता है। वास्तविकता यह है कि H1N1 वायरस पूरी तरह से स्वस्थ और फिट दिखने वाले युवाओं को भी अपनी चपेट में लेकर गंभीर रूप से बीमार कर सकता है, इसलिए किसी को भी इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस संक्रमण से बचने के लिए सबसे असरदार और सुरक्षित तरीका समय पर स्वाइन फ्लू का टीका (Vaccination) लगवाना है। इसके अलावा, भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनना, हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना और खांसते या छींकते समय मुंह को ढकना इस वायरस के प्रसार को रोकने में मदद करता है। शरीर में किसी भी प्रकार के फ्लू जैसे लक्षण नजर आते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना इस संक्रमण को गंभीर रूप लेने से रोकने की दिशा में सबसे समझदारी भरा कदम है।
जल्द सस्ते होंगे iPhone 16 या iPhone 17? कौन सा रहेगा बेस्ट
Apple iPhone 18 Pro की लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है. अब आने वाले दिनों में पुराने आईफोन को सस्ता कर दिया जाएगा. बहुत से लोगों के बीच में कंफ्यूजन है कि कौन सा iPhone खरीदना चाहिए. यहां अगर आप भी iPhone 17 और iPhone 16 को लेकर कंफ्यूज हैं तो इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
आरक्षण पर भिड़े केंद्र के दो मंत्री, चिराग ने मांगा इस्तीफा तो अब मांझी ने भी किया पलटवार
मांझी ने कहा कि आरक्षण के लाभ का न्यायसंगत वितरण हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) का पुराना सिद्धांत रहा है. पार्टी लंबे समय से इस मुद्दे पर अपनी राय रखती आई है और आगे भी इसी नीति पर कायम रहेगी.
10 साल पहले रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा की चुलबुली केमिस्ट्री के साथ रिलीज हुआ 'क्यूटीपाई' आज भी शादी, मेहंदी और हल्दी की रौनक को उसी ताजगी के साथ जिंदा कर देता है.
Palamu में 2.20 करोड़ रुपये का Ganja बरामद, Jharkhand पुलिस ने दो भाइयों को दबोचा
झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने शनिवार को एक घर पर छापा मारकर करीब 2.20 करोड़ रुपये कीमत का 443 किलोग्राम गांजा बरामद किया और दो भाइयों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने नौडीहा बाजार क्षेत्र के महुरांव गांव स्थित घर पर छापेमारी की। पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया, ‘‘हमने दो लोगों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 443 किलोग्राम गांजा बरामद किया। जब्त मादक पदार्थ को 423 प्लास्टिक बोरियों में भर कर रखा गया था। आरोपी आपस में भाई हैं और उनकी पहचान जमशेद आलम (25) और रजा अली (19) के रूप में हुई है।’’उन्होंने बताया कि जब्त गांजे की बाजार कीमत करीब 2.20 करोड़ रुपये है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि यह मादक पदार्थ ओडिशा के संबलपुर जिले से लाया गया था और इसे जिले के विभिन्न हिस्सों तथा पड़ोसी राज्य बिहार में तस्करी करने के लिए जमा किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि दोनों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है।
करीब 30 साल पुराना यह गाना आज भी लोगों के दिलों को छू जाता है, जिसकी दर्द भरी धुन और इमोशनल कहानी ने इसे 90 के दशक के सबसे यादगार गानों में शामिल कर दिया.
एवरेस्ट के हींग पर बैन, लैब टेस्ट में घटिया क्वालिटी के मिले सैंपल; FSSAI ने दी चेतावनी
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और लालजी गोधू को हींग पाउडर बेचने से रोक दिया है
भाजपा ने हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद शुद्धिकरण को अनुसूचित जाति के अपमान से जोड़ने पर कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड! सड़क पर आया मलबा, यात्री बस और कार फंसीं
छत्तीसगढ़ के कोरबा में भारी बारिश के बीच सर्वमंगला-कांबेरी मुख्य मार्ग पर लैंडस्लाइड जैसे हालात बन गए. अचानक सड़क पर मिट्टी और पत्थरों का भारी मलबा आने से यात्री बस और कार फंस गईं. कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा.
प्रेमिका ने भाई के साथ मिलकर की प्रेमी की हत्या, मोनिका का एक साल से चल रहा था प्रेम-प्रसंग
प्रेमी शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी हैं. इसके बाद भी उसका दूसरी महिला से प्रेम प्रसंग था. दोनों शराब के आदी भी थे.
'राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलने से मालिकाना हक नहीं होता खत्म', जमीन विवाद पर SC की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलने से किसी का मालिकाना हक खत्म नहीं होता, क्योंकि नामांतरण मुख्य रूप से राजस्व उद्देश्यों के लिए होता है।
बाथरूम के बहाने भागा, पुलिस एनकाउंटर में घायल हुआ था कुख्यात बदमाश
Ghazipur News: गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती 35 मुकदमों का आरोपी हिस्ट्रीशीटर सुधीर पासी ऑपरेशन से पहले पुलिस को चकमा देकर फरार. गहमर पुलिस समेत कई टीमें तलाश में जुटीं.
हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण पर सियासी विवाद गहरा गया है। राहुल गांधी ने इसे छुआछूत और SC-ST एक्ट के तहत अपराध बताते हुए दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है।
कोरा हल्दी DIY मास्क क्या है? जानिए इसके फायदे, बनाने की रेसिपी और इस्तेमाल का तरीका
इन दिनों सोशल मीडिया पर भुनी हुई हल्दी, शहद और गुलाब जल से बनाया जाने वाला एक DIY फेस मास्क काफी वायरल हो रहा है. इसे चेहरे पर लगभग 15 मिनट तक लगाकर फिर पानी से धोने की सलाह दी जाती है. जानिए क्या सही में यह देसी फेस मास्क चेहरे पर ग्लो लाने के लिए अच्चा है.
VIDEO: फर्राटेदार हिंदी बोल रहे उज्बेकिस्तान के बच्चे, PM मोदी की जमकर तारीफ
पीएम मोदी ने जो वीडियो साझा किया है, उसमें उज्बेकिस्तान के पांच स्कूली बच्चे उनके स्वागत में हिंदी में संदेश दे रहे हैं. इस वीडियो में भारत और उज्बेकिस्तान के सांस्कृतिक रिश्तों की बात हो रही है.
पश्चिम चंपारण के साठी थाना क्षेत्र में तीन माह का मासूम अपनी मां के पास सोते हुए रहस्यमय ढंग से गायब हो गया.
मैं ईश्वर की शुक्रगुजार हूं... नौकरी के 10 साल पूरे होने पर IAS सलोनी राय की दिल छूने वाली पोस्ट
IAS सलोनी राय नॉर्थ दिल्ली की जिला कलेक्टर ने प्रशासनिक सेवा के 10 साल पूरे कर लिए हैं. लगातार 3 बार UPSC क्रैक की. साल 2015 में AIR-22 हासिल की थी.
बॉबी देओल की फिल्म 'बंदर' ने OTT पर मचाया तहलका, मर्दों के दर्द पर छेड़ी नई बहस
भारतीय सिनेमा के गलियारों में और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों अगर किसी एक फिल्म की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह है बॉलीवुड के 'लॉर्ड बॉबी' यानी अभिनेता बॉबी देओल की नवीनतम रिलीज फिल्म 'बंदर' (Bandar)। जब सिनेमाघरों में यह फिल्म रिलीज हुई थी, तब इसने बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का ध्यान खींचा था, लेकिन अब जैसे ही यह ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई है, इसने सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ एक नई बहस छेड़ दी है। फिल्म की कहानी, इसके संवेदनशील विषय और बॉबी देओल के बेजोड़ अभिनय ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। अपने करियर के इस दूसरे चरण में बॉबी देओल जिस तरह के चुनौतीपूर्ण और लीक से हटकर किरदार चुन रहे हैं, उसने उन्हें एक बार फिर से सुर्खियों के केंद्र में ला दिया है। आइए जानते हैं कि इस फिल्म की कहानी क्या है, निर्देशक अनुराग कश्यप ने इसमें किस दर्द को परदे पर उतारा है और जागरण फिल्म फेस्टिवल में बॉबी देओल ने इस प्रोजेक्ट को लेकर क्या बड़े खुलासे किए हैं।OTT प्लेटफॉर्म पर आते ही क्यों चर्चा का विषय बन गई बॉबी देओल की 'बंदर'फिल्म 'बंदर' (जिसे कई जगह 'बंदर: मंकी इन ए केज' के नाम से भी जाना जाता है) के ओटीटी रिलीज होने के बाद से ही यह इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगी है। पिछले कुछ वर्षों में बॉबी देओल ने अपने अभिनय के दायरे को बेहद व्यापक किया है और नकारात्मक से लेकर जटिल किरदारों को पर्दे पर जीवंत किया है। यह फिल्म 5 जून को सिनेमाघरों में आई थी और 28 अगस्त को इसे प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज कर दिया गया। फिल्म के रिलीज होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों और फिल्म समीक्षकों के बीच एक तीखी बहस छिड़ गई है। फिल्म के निर्देशक अनुराग कश्यप हैं, जो अपनी बेबाक और यथार्थवादी कहानियों के लिए जाने जाते हैं। इस फिल्म की पटकथा इतनी गहरी और झकझोर देने वाली है कि यह केवल एक क्राइम थ्रिलर बनकर नहीं रह जाती, बल्कि यह समाज के कई सुलगते हुए सवालों को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा करती है।'बंदर' की कहानी: एक असफल स्टार, झूठे आरोपों का जाल और मर्दों का दर्दफिल्म की कहानी 50 वर्षीय एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है जिसका नाम समर (बॉबी देओल) है। समर एक समय टीवी सीरियल की दुनिया का एक जाना-माना और लोकप्रिय चेहरा हुआ करता था, लेकिन समय के साथ उसका स्टारडम फीका पड़ जाता है और जीविकोपार्जन के लिए उसे शादियों में गाना गाने जैसे छोटे काम करने पर मजबूर होना पड़ता है। समर अपनी जिंदगी की इस उधेड़बुन में व्यस्त है कि तभी एक दिन उसके जीवन में भूचाल आ जाता है। जब वह अपने घर पर सामान्य रूप से मौजूद होता है, तो अचानक पुलिस उसके घर पहुंचती है और उसे गिरफ्तार कर लेती है। पूरी तरह से हैरान-परेशान समर को जब यह पता चलता है कि उसकी गर्लफ्रेंड ने उस पर बलात्कार (Rape) जैसे गंभीर और जघन्य आरोप लगाए हैं, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक जाती है।समर और उसकी उस प्रेमिका की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। आपसी मतभेदों और ब्रेकअप के गम में डूबी प्रेमिका गायत्री इस बात से आहत है, और दूसरी तरफ समर का अपने रिश्तों को लेकर थोड़ा उदासीन रवैया रहा है, जिसके कारण उसे कुछ भी साफ-साफ याद नहीं है कि ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं। समर की बहन सुhani मेहरा (सान्या मल्होत्रा) इस मुश्किल घड़ी में उसका साथ देती है और एक वकील का प्रबंध करती है ताकि उसके भाई को इस झूठे जाल से बचाया जा सके। हालांकि, कानूनी लड़ाई से ज्यादा कठिन सफर जेल के भीतर का होता है। सलाखों के पीछे समर को न केवल शारीरिक और मानसिक यंत्रणा झेलनी पड़ती है, बल्कि जेल के भीतर कैदियों के बीच चलने वाली गुटबाजी और खौफनाक माहौल का भी सामना करना पड़ता है। फिल्म का मुख्य कथानक इसी बात पर केंद्रित है कि कैसे समर इस अदृश्य और जटिल चक्रव्यूह से बाहर निकलने की जद्दोजहद करता है।Jagran Film Festival 2026 में Bobby Deol ने अपने किरदार को लेकर क्या कहा?हाल ही में आयोजित प्रतिष्ठित 'जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026' (Jagran Film Festival) के दौरान जब अभिनेता बॉबी देओल से यह सवाल किया गया कि उनकी फिल्म 'बंदर' को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों की तरफ से किस तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है, तो उन्होंने बेहद खुलकर और दिल से अपनी बात रखी। एक खास बातचीत के दौरान बॉबी देओल ने कहा, इस तरह के अवसर बहुत दुर्लभ होते हैं, और ऐसे जटिल और अनोखे किरदार बहुत ही कम अभिनेताओं के हिस्से आते हैं। इसलिए एक कलाकार के रूप में, जब से मैंने ओटीटी पर अपने इस नए करियर की शुरुआत की है, तब से मेरी हमेशा से यही चाहत रही है कि मुझे ऐसे किरदार मिलें जिनमें मैं अपनी एक्टिंग के अलग-अलग शेड्स और परतों को दुनिया के सामने दिखा सकूं।बॉबी देओल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे 'बंदर' जैसी अनूठी फिल्म में काम करने का मौका मिला। एक ऐसा किरदार निभाना जिसकी किसी ने कल्पना भी न की हो, और विशेषकर जब आपको उसमें थोड़ी सफलता मिलती है, तो आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और इंडस्ट्री में आपके लिए इस तरह के और भी बेहतरीन दरवाजे खुलते चले जाते हैं। फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए समर के किरदार की बेबसी और उसकी आंखों का दर्द दर्शकों के दिलों को चीरकर रख देता है, जिसकी सराहना हर तरफ हो रही है।MeToo, झूठे आरोप और भारतीय जेलों की दयनीय दशा पर आधारित है फिल्म की पटकथाफिल्म 'बंदर' केवल एक सस्पेंस थ्रिलर नहीं है, बल्कि यह मौजूदा दौर के कई संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को गहराई से छूती है। यह फिल्म #MeToo आंदोलन के उस पहलू पर रोशनी डालती है जहाँ झूठे या निराधार आरोपों की संभावनाओं पर भी बहस छिड़ती है, और साथ ही यह भी दिखाती है कि कैसे वास्तविक पीड़ितों को न्याय दिलाना और कानून की सही प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। इसके अलावा, फिल्म में भारतीय जेलों के अंदर की अमानवीय और दयनीय स्थितियों का बेहद डरावना और यथार्थवादी चित्रण किया गया है। कैदियों के बीच होने वाली गुटबाजी, भ्रष्टाचार और मानसिक टॉर्चर को निर्देशक अनुराग कश्यप ने बिना किसी बनावट के परदे पर उतारा है। यही कारण है कि यह फिल्म देखने के बाद दर्शक आसानी से सिनेमा हॉल या अपनी स्क्रीन से उठ नहीं पाते, बल्कि वे गहराई से सोचने पर मजबूर हो जाते हैं।निष्कर्ष: अगर सस्पेंस और यथार्थवादी सिनेमा के हैं शौकीन, तो मिस न करें यह फिल्मकुल मिलाकर देखा जाए तो 'बंदर' एक ऐसी सिनेमाई पेशकश है जो आपको हिलाकर रख देगी। यदि आपने इस फिल्म को सिनेमाघरों में मिस कर दिया था, तो अब आपके पास ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर इसे देखने का सुनहरा मौका है। फिल्म की कसी हुई पटकथा, अनुराग कश्यप का बेबाक निर्देशन, सान्या मल्होत्रा का प्रभावशाली अभिनय और विशेष तौर पर बॉबी देओल की मझा हुआ और परिपक्व अभिनय इसे इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शुमार करता है। यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ आपको सोचने पर मजबूर करती है कि न्याय, सच्चाई और मानवीय रिश्तों की असल परिभाषा क्या होती है।
क्या है हाइड्रो टेस्ट और कंप्लायंस प्लेट? Expire हुई तो नहीं मिलेगी CNG
अगर हाइड्रो टेस्ट और कंप्लायंस प्लेट एक्सपायर हो गया है तो CNG नहीं भरी जाएगी. ऐसे में आपको CNG भरवाने से पहले हाइट्रो टेस्ट और कंप्लायंस प्लेट एक्सपायर की जांच करनी चाहिए.
पॉल वॉकर की याद में सिर्फ 10 मिनट में बने कल्ट गाने 'सी यू अगेन' की दर्दभरी कहानी
संगीत की दुनिया में कुछ धुनें ऐसी होती हैं जो केवल कानों को सुकून देने के लिए नहीं, बल्कि रूह के गहरे जख्मों पर मरहम लगाने के लिए जन्म लेती हैं। जब भी सिनेमा के इतिहास में सच्ची दोस्ती, बिछड़ने के असहनीय दर्द और अमर यादों का जिक्र होता है, तो हॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी 'फास्ट एंड फ्यूरियस' (Fast & Furious) के अभिनेता पॉल वॉकर और उनकी स्मृति में रचे गए गीत 'सी यू अगेन' (See You Again) की दास्तान अनायास ही जुबां पर आ जाती है। यह महज कोई व्यावसायिक साउंडट्रैक नहीं था, बल्कि एक भाई के लिए दूसरे भाई का रोता हुआ दिल था। इस गीत की रचना के पीछे की कहानी इतनी मर्मस्पर्शी और गहरी है कि जब इसे पहली बार स्टूडियो में बजाया गया था, तो बड़े पर्दे पर चट्टान की तरह दिखने वाले अभिनेता विन डीजल बच्चों की तरह फफक कर रो पड़े थे।10 मिनट का जादुई संगीत: चार्ली पुथ के दिल से निकले वो भावुक बोलसाल 2013 में जब फिल्म 'फ्यूरियस 7' (Furious 7) की शूटिंग जोरों पर चल रही थी, तभी 30 नवंबर की मनहूस दोपहर को एक बेहद दर्दनाक कार दुर्घटना में 40 वर्षीय अभिनेता पॉल वॉकर की असामयिक मृत्यु हो गई। इस भयानक हादसे ने न केवल उनके परिवार और प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया, बल्कि पूरी फिल्म यूनिट सदमे में डूब गई। फिल्म के मेकर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वे अपने प्रिय साथी को बड़े पर्दे पर एक ऐसी विदाई दें जो इतिहास में अमर हो जाए। इसके लिए दुनिया भर के कई दिग्गज संगीतकारों से संपर्क किया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। यह जिम्मेदारी उस वक्त के उभरते हुए गायक और संगीतकार चार्ली पुथ के हिस्से आई।चार्ली पुथ के लिए यह सिर्फ एक असाइनमेंट नहीं था, बल्कि उनका अपना व्यक्तिगत दर्द भी था। चार्ली ने भी कुछ समय पहले अपने एक बेहद करीबी दोस्त को एक भीषण सड़क दुर्घटना में खो दिया था। जब वे लॉस एंजिल्स के स्टूडियो में पियानो पर बैठे, तो उनके जेहन में अपने दिवंगत दोस्त का चेहरा और पॉल वॉकर के जाने का गम एक साथ उमड़ पड़ा। उन्होंने पियानो की कुंजियों पर उंगलियां फेरीं और देखते ही देखते महज 10 मिनट के भीतर उस अमर हुक लाइन की रचना कर दी—'इट्स बीन अ लॉन्ग डे विदाउट यू, माई फ्रेंड, एंड आई विल टेल यू ऑल अबाउट इट व्हेन आई सी यू अगेन' (It's been a long day without you, my friend, and I'll tell you all about it when I see you again)। उन दस मिनटों में उपजा दर्द इतना सच्चा और स्वाभाविक था कि उसने स्टूडियो में मौजूद हर शख्स को स्तब्ध कर दिया।विन डीजल और पॉल वॉकर का अटूट रिश्ता: कैमरे के आगे और पीछे का भाईचारा'फास्ट एंड फ्यूरियस' सीरीज में डोमिनिक टोरेटो और ब्रायन ओ'कॉनर की जोड़ी केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं थी। असल जिंदगी में भी विन डीजल और पॉल वॉकर के बीच सगे भाइयों से बढ़कर आत्मीयता थी। विन डीजल हमेशा पॉल को प्यार से 'पाब्लो' कहकर पुकारते थे। जब पॉल का निधन हुआ, तो विन डीजल पूरी तरह से टूट चुके थे और फिल्म की अधूरी शूटिंग को पूरा करना उनके लिए मानसिक रूप से सबसे कठिन दौर था।जब चार्ली पुथ द्वारा कंपोज किया गया यह गीत बनकर तैयार हुआ और पहली बार विन डीजल को सुनाया गया, तो वे अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। गाने का एक-एक शब्द और उसकी रूह कंपा देने वाली धुन सीधे विन डीजल के दिल पर लगी। विन डीजल ने बाद में कई साक्षात्कारों में यह स्वीकार किया कि इस गीत ने उन्हें पॉल के जाने के असहनीय दर्द से जूझने और अपनी भावनाओं को बाहर निकालने की ताकत दी। यह धुन उस अधूरेपन की आवाज बन गई थी जिसे शब्द बयां करने में नाकाम साबित हो रहे थे।विज खलीफा का दमदार रैप और 'फ्यूरियस 7' का वो आइकॉनिक विदाई दृश्यचार्ली पुथ की भावुक आवाज और पियानो की मद्धम तानों को जब प्रसिद्ध रैपर विज खलीफा (Wiz Khalifa) के संवेदनशील रैप वर्सेज के साथ जोड़ा गया, तो यह गीत संपूर्णता के चरम पर पहुंच गया। विज खलीफा के लिखे शब्दों ने दोस्ती, साथ बिताए पलों, संघर्षों और उम्मीद की एक ऐसी गाथा बुनी जिसने हर सुनने वाले की आंखों को नम कर दिया।फिल्म 'फ्यूरियस 7' के क्लाइमेक्स दृश्य में इस गाने का इस्तेमाल दुनिया के सबसे बेहतरीन सिनेमैटिक मोमेंट्स में गिना जाता है। उस दृश्य में जब डोमिनिक टोरेटो (विन डीजल) और ब्रायन ओ'कॉनर (पॉल वॉकर) की कारें एक दोराहे पर आकर समानांतर रुकती हैं, दोनों एक-दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराते हैं और फिर ब्रायन की सफेद टोयोटा सुप्रा बाईं ओर मुड़कर ढलते सूरज की सुनहरी किरणों में ओझल हो जाती है, बैकग्राउंड में बजता यह गाना सिनेमाघरों में बैठे करोड़ों दर्शकों के सीने में हूक उठा देता है। उस दृश्य को देखकर दुनिया भर के थिएटर्स में सन्नाटा छा गया था और हर आंख से आंसू बह रहे थे।कल्ट क्लासिक का दर्जा और दुनिया भर के दिलों में अमर 'सी यू अगेन'रिलीज होते ही 'सी यू अगेन' ने संगीत जगत के तमाम पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया। यह गीत बिलबोर्ड हॉट 100 चार्ट पर हफ्तों तक शीर्ष पर काबिज रहा और यूट्यूब पर अरबों व्यूज हासिल करने वाले शुरुआती वैश्विक गीतों की फेहरिस्त में शामिल हुआ। लेकिन इस गाने की असली उपलब्धि इसके आंकड़े या व्यावसायिक सफलता नहीं थी, बल्कि इसका वह वैश्विक प्रभाव था जिसने इसे पूरी दुनिया के लिए 'शोक और श्रद्धांजलि का सार्वभौमिक गान' बना दिया।आज भी जब दुनिया के किसी कोने में कोई इंसान अपने किसी अजीज दोस्त, भाई या रिश्तेदार को हमेशा के लिए खो देता है, तो 'सी यू अगेन' की धुनें उसके टूटे हुए दिल को सहारा देती हैं। महज दस मिनट के भीतर सच्चे आंसुओं और रूहानी दर्द से निकला यह गीत यह साबित करता है कि जब भावनाएं सच्ची हों, तो कला समय और सीमाओं के पार जाकर इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो जाती है। पॉल वॉकर आज भले ही इस दुनिया में न हों, लेकिन इस गीत के जरिए उनकी मुस्कान और उनकी यादें हमेशा हर सिनेप्रेमी के दिल में जिंदा रहेंगी।
नेपाल में जहां से सबसे ज्यादा मची तबाही, वहां सबसे पहले पहुंचा NDTV, देखें ग्राउंड रिपोर्ट
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद तबाही के केंद्र बने रसुवा जिले तक NDTV की टीम पहुंची. ग्राउंड रिपोर्ट में स्थानीय पत्रकार ने उस भयावह दिन की पूरी कहानी बताई, जब अचानक बादल फटने और ग्लेशियर से आए मलबे ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया.
Nepal Flood Rescue: सुरंगों में फंसे श्रमिकों को बचाने पहुंचा 11 सदस्यीय भारतीय दल
(शिरीष बी प्रधान)काठमांडू, 29 अगस्त विनाशकारी बाढ़ के बाद जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे या लापता हुए श्रमिकों को बचाने के लिए जारी अभियान में विशेष तकनीकी सहायता देने के लिए चिकित्साकर्मियों और बचाव विशेषज्ञों का 11 सदस्यीय भारतीय दल शनिवार को नेपाल पहुंचा। नेपाल सरकार के अनुरोध पर भेजा गया यह दल चिलीमे और लांगटांग क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद त्रिशूली क्षेत्र पहुंचा। नेपाल के अधिकारियों ने बताया कि टीम ने बचाव अभियान के लिए स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास रसुवा जिले में स्थित त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंचने और मलबा हटाने के लिए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के 82 सदस्यीय संयुक्त सुरक्षा दल ने शुक्रवार रात अभियान शुरू किया। सुरंग के प्रवेश द्वार पर जमा मिट्टी व मलबे और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। नेपाल सेना के अनुसार, नेपाली सुरक्षा बलों ने अब तक विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों से 191 श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया है। बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के कारण 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई और मानव बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा जलविद्युत बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में परिवहन सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए भारत और चीन से 42 ‘बेली ब्रिज’ बनाने में मदद का अनुरोध किया था। बेली ब्रिज ऐसे पुल ऐसे होते हैं जिन्हें भारी मशीनरी या विशेष उपकरणों के बिना भी तेजी से जोड़कर तैयार किया जा सकता है।
बुरे वक्त में नेपाल की एक पुकार, मदद को साथ आ गए भारत और चीन
नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई भीषण बाढ़ में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है और 2400 से ज्यादा लोग लापता हैं. विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत, चीन समेत कई देशों की मदद के लिए आभार जताया और नेपाल द्वारा विदेशी मदद ठुकराने की खबरों को गलत बताया. भारत से 57 टन राहत सामग्री और तकनीकी टीम पहुंच चुकी है, वहीं चीन से भी सुरंग बचाव विशेषज्ञ भी पहुंच गए हैं.
समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों से जुड़े मजाक पर विवाद बढ़ गया है. मामले पर बीजेपी विधायक राम कदम और बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नाराजगी जताई है.
बारिश में घर में घुस आते हैं मेंढक? करें ये काम, हो जाएंगे रफूचक्कर
How To Keep Frogs Away From Home: बारिश और मानसून में घर के अंदर बार-बार मेंढक घुसने से परेशान हैं? आज हम आपको दरवाजे और नालियों के रास्ते आने वाले मेंढकों को रोकने के आसान तरीके बताएंगे.
बदल जाएगी इस शहर की गाड़ियों की पहचान... 37 साल बाद बदलेगा कोड
किसी शहर की पहचान कई चीजों से होती है. उनमें से एक होता है गाड़ियों का नंबर प्लेट. किसी भी गाड़ी के नंबर पर उसके राज्य और शहर की पहचान लिखी होती है. 37 साल बाद अब एक शहर की ये पहचान बदलने वाली है. हम बात कर रहे हैं पुणे शहर की, जहां गाड़ियां का रजिस्ट्रेशन तय संख्या तक पहुंच गया है. आइए जानते हैं नंबर प्लेट की ये कहानी.
UP Tourism Spiritual Triangle: उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक एवं पर्यटन विभाग ने 'विजिट माय स्टेट' अभियान के तहत श्रद्धालुओं के लिए 4 रात और 5 दिन का विशेष 'स्पिरिचुअल ट्रायंगल' (Spiritual Triangle) टूर पैकेज लॉन्च किया है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ...
क्या राखी सावंत संग कॉन्ट्रोवर्सी करेंगे समय रैना? दिया जवाब
समय रैना 'इंडियाज गॉट लेटेंट' सीजन 2 के ज्यादा फिल्टर्ड होने की आलोचना पर बात कर रहे हैं. अब उनके अगले एपिसोड में राखी सावंत आने वाली है.
Rajnath Singh बोले Nepal Flood Crisis पर भारत चिंतित, भेजी जा रही मदद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि नेपाल में बाढ़ संकट से भारत चिंतित है और बाढ़ प्रभावित पड़ोसी देश में नयी दिल्ली की तरफ से राहत सामग्री भेजी जा रही है। लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, केवल नेपाल ही नहीं है जो वहां पैदा हुए संकट से चिंतित है, भारत भी चिंतित है। हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत जो भी सहायता की आवश्यकता होगी उसे प्रदान करने के लिए तैयार है। यहां से राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित देश में भेजी जा रही है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या शनिवार को 669 तक पहुंच गई, जबकि लगभग 2,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। युद्ध स्तर पर खोज और बचाव अभियान जारी रहने के बीच सभी आठ प्रभावित जिलों से शव बरामद किए गए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमनद के ढहने के बाद हुए हिमस्खलन के कारण बुधवार को मध्य नेपाल के माध्यम से पानी, कीचड़ और मलबे की एक धारा फूट पड़ी जिससे कई कस्बों और गांवों का सफाया हो गया, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और जलविद्युत केंद्र बह गए। नेपाल में लापता लोगों की तलाश में बचावकर्मी 24 घंटे काम कर रहे हैं, जिन्हें कुछ स्थानों पर बारिश का सामना करना पड़ रहा है तो कई स्थानों पर सूखी मिट्टी में खुदाई करनी पड़ रही है। भारत ने शुक्रवार को बाढ़ से तबाह नेपाल के लिए 10 टन राहत सामग्री की तीसरी खेप भेजी और चिकित्सकों और अन्य कर्मियों का 11 सदस्यीय दल भी भेजा गया है। नयी दिल्ली ने बुधवार को पड़ोसी देश को 10 टन राहत सामग्री भेजी थी, जबकि 37.5 टन राहत सामग्री की एक और खेप बृहस्पतिवार को भेजी गई थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, 10 टन मानवीय सहायता लेकर तीसरी उड़ान काठमांडू के लिए रवाना हो गई है। सहायता में पोर्टेबल जनरेटर सेट, भोजन के पैकेट और जल शोधन टैबलेट शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बात की थी और हालात से निपटने के लिए हर संभव मानवीय मदद मुहैया कराने का भरोसा दिलाया था। इसके कुछ ही घंटों बाद राहत सामग्री की पहली खेप भेजी गई। बातचीत के बाद मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था, इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।
UP चुनाव में क्या फ्रीबीज से ही होगा महिलाओं का सशक्तिकरण? देखें हल्ला बोल
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर महिलाएं सियासत के फोकस में हैं. सत्ताधारी बीजेपी हो या समाजवादी पार्टी, सभी महिला वोटर्स को अपने पाले में लाने के लिए बड़े-बड़े वादे और ऐलान कर रहे हैं. इनमें कैश स्कीम पर सबसे ज्यादा जोर है. ऐसे में सवाल है कि क्या मुफ्त की रेवड़ियों से ही महिलाओं का असल सशक्तिकरण होगा? देखें हल्ला बोल.
कमरे से बदबू कैसे हटाएं? सिरके का एक कटोरा दूर कर सकता है समस्या, जानिए कैसे
सिरका कुछ खास तरह की गंध को कम करने में काफी मददगार हो सकता है, जबकि कुछ दूसरी गंधों पर इसका असर बहुत कम या बिल्कुल नहीं होता. सिरका हर समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन सही परिस्थितियों में यह बदबू कम करने का एक आसान और सस्ता तरीका जरूर साबित हो सकता है.
गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना से पहले घर की सफाई से लेकर पूजा सामग्री और शुभ मुहूर्त तक इन 7 बातों का ध्यान रखें. जानिए गणपति स्थापना की सही तैयारी और पूजा विधि.
पीएम मोदी पहंचे ताशकंद, राष्ट्रपति ने किया जोरदार स्वागत; जानें यात्रा का मकसद
ताशकंद पहुंचने के बाद PM मोदी ने यांगी उज्बेकिस्तान पार्क का दौरा किया और स्वतंत्रता स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे। यह स्मारक उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की 30वीं वर्षगांठ पर बना था।
उज्बेकिस्तान पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी, डिफेंस समेत इन सेक्टर्स में होगी डील
शनिवार को पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के ताशकंद पहुंचे. यहां उन्होंने राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से मुलाकात की. यह उनकी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है. दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी.
कहां के लोगों ने पहली बार गटकी थी वाइन? जानिए क्या कहता है इतिहास
बीयर, शराब, वाइन जैसे ड्रिंक्स आज एक आम चीज है,जो हर जगह आसानी से मिल सकती है. क्या कभी आपने सोचा है आखिर इंसान कब ऐसे एल्कोहलिक ड्रिंक्स का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. चलिए जानते हैं कि आज जिस वाइन को हम एक लग्जरी मानते हैं, उसका स्वाद सबसे पहले कहां के लोगों ने चखा था.
Delhi Fire Safety: इमारतों के लिए नए नियम अधिसूचित, कड़े होंगे सुरक्षा मानक
दिल्ली सरकार ने अग्नि सेवा नियमों में संशोधन करते हुए इमारतों के लिए आग से बचाव और सुरक्षा के व्यापक न्यूनतम मानक तय किए हैं। इनमें आग को रोकने वाले उपकरण, घटनास्थल तक निर्बाध पहुंच, आपातकालीन बिजली व्यवस्था और अलग अग्नि नियंत्रण कक्ष जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा 28 अगस्त को अधिसूचित दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियम, 2026 के अनुसार इमारतों पर लागू होने वाले न्यूनतम सुरक्षा मानक उनकी ऊंचाई और उपयोग की श्रेणी के आधार पर तय होंगे तथा ये भवन उपनियमों के तहत नियंत्रित होंगे। नियमों में यह संशोधन हाल के महीनों में दिल्ली में आग लगने की घटनाओं के बाद किया गया है। इनमें जून में मालवीय नगर के एक होटल में लगी आग भी शामिल है, जिसमें 23 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में ज्यादातर विदेशी नागरिक थे। संशोधित नियमों के अनुसार, जिन इमारतों के लिए भवन उपनियमों में आग से बचाव और सुरक्षा उपायों का उल्लेख नहीं है, वहां दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के निदेशक मालिकों या उपयोगकर्ताओं को अग्नि सुरक्षा शाखा द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार अतिरिक्त उपाय अपनाने के लिए कह सकते हैं। संशोधित नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि सरकार विशेष क्षेत्रों में स्थित कुछ श्रेणी की इमारतों या भवन उपयोग की विशेष श्रेणियों के लिए कुछ आवश्यकताओं में छूट दे सकती है, उनमें बदलाव कर सकती है या उन्हें हटा सकती है। ये नियम उस तारीख से लागू होंगे, जिस दिन दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा संशोधित एकीकृत भवन उपनियम (यूबीबीएल)-2016 को अधिसूचित किया जाएगा।
डीजल नहीं अब गंगा में उतरेगी बैटरी चालित यात्री वेसल, गार्डनरीच में शुरू हुआ निर्माण कार्य
पश्चिम बंगाल सरकार ने गंगा में बैटरी चालित यात्री वेसल के निर्माण का अनुबंध गार्डनरीच शिपबिल्डर्स को सौंपा है। यह पहल पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देगी और 15 महीनों में दो वेसल तैयार होंगे।
चित्रकूट में बाढ़ का भयावह नजारा, मंदाकिनी नदी ने तोड़ा 23 साल का रिकॉर्ड
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रामघाट से लेकर आसपास के इलाकों तक हाहाकार मच गया है. बाढ़ के तेज बहाव में पुल बह गया और दुकानें-मंदिर पानी में डूब गए हैं. कई लोग बाढ़ में फंस गए, जिन्हें हेलीकॉप्टर और नावों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और कांग्रेस नेता मोहम्मद हारिस नलापाद 29 अगस्त को बेंगलुरु की अदालत में पेश हुए। मामले की सुनवाई के बाद 42वीं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें सशर्त ज़मानत दे दी। यह समन सिद्धापुरा के रहने वाले RSS कार्यकर्ता तेजस ए की ओर से दायर एक निजी शिकायत के बाद जारी किया गया था। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar ने BJP पर साधा निशाना, नागेंद्र के इस्तीफे का राजनीतिक इस्तेमाल अदालत ने उन आरोपों को पढ़कर सुनाया जिनमें खड़गे और नलापाद पर मानहानि वाले बयान देने का आरोप लगाया गया था, जिनसे RSS और उसके सदस्यों की प्रतिष्ठा और सम्मान को नुकसान पहुँचा। शिकायत के अनुसार, खड़गे ने 14 अक्टूबर, 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर RSS सदस्यों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। नलापाद पर एक YouTube चैनल पर संगठन के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। दोनों नेताओं को 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरने पर ज़मानत दे दी गई। यह मामला तब शुरू हुआ जब बेंगलुरु कोर्ट ने 29 जून को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 356 के तहत एक प्राइवेट शिकायत का संज्ञान लिया, आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू की और दोनों नेताओं को समन जारी किया। खड़गे ने पहले भी RSS की आलोचना की है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ उसके संबंधों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संगठन से उसकी कानूनी स्थिति, वित्तीय पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। इसे भी पढ़ें: BJP नेता R Ashoka ने Karnataka सरकार को घेरा, B Nagendra के बचाव पर उठाए सवाल X पर एक पहले की पोस्ट में, खड़गे ने कहा था कि जब भी RSS की जांच-पड़ताल होती है तो BJP घबरा जाती है; उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी संगठन से जुड़े सवालों पर बचाव की मुद्रा अपनाती है। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान RSS की भूमिका और नागपुर स्थित मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के उसके इतिहास पर भी सवाल उठाए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
मुख्यमंत्री योगी ने योजनाओं के लाभार्थियों को दिया चेक, चाबी, प्रमाणपत्र व सहायता राशि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र-सहायता राशि, किट व चेक आदि प्रदान किया। इस दौरान लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
ओडिशा के ढेंकानाल जिले में पत्नी को पीट-पीटकर हत्या और उसके शव को सेप्टिक टैंक में छिपाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक पति ने अपनी पत्नी की हत्या सुभद्रा योजना से मिलने वाली राशि नहीं देने पर की।

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