नेपाल में विशाल पत्थर को बहाकर ले गया फ्लैश फ्लड, देखिए Video
नेपाल की बाढ़ ने दिखाई अपनी असली ताकत! तेज बहाव में सिर्फ पानी और मलबा ही नहीं, बल्कि भारी-भरकम पत्थर भी बहता नजर आया. कैमरे में कैद इस वीडियो में नदी की तेज धारा का खतरनाक रूप साफ दिखाई दे रहा है.
दिल्ली के मॉडल मर्डर केस का CCTV फुटेज आया सामने, भागते दिख रहा आरोपी
अब बात देश की राजधानी दिल्ली की करेंगे, जहां एक मॉडल की हत्या कर दी गई है. जिम ट्रेनर ने लड़की के घर में घुसकर चाकुओं से इतना मारा कि उसकी मौत हो गई. हत्या के बाद आऱोपी को भागते हुए देखा गया. जिसका सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आया है. देखें...
नेपाल में बाढ़ से तबाही! पत्नी संग फंसा एक्टर, कैसे लौटेगा घर?
नेपाल की भीषण बाढ़ में बंगाली एक्टर खरज मुखर्जी और उनकी पत्नी प्रतिभा फंस गए हैं. दोनों सुरक्षित हैं और सड़क के रास्ते गोरखपुर होकर कोलकाता लौटने की तैयारी में हैं.
फरीदाबाद में डंपर की टक्कर से दो पुलिसकर्मियों की मौत
फरीदाबाद में ड्यूटी पर जा रहे दो पुलिसकर्मियों की सड़क हादसे में मौत हो गई। सोहना रोड पर तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार नवीन और अभिषेक को पीछे से टक्कर मार दी।
'योगी जी हमारे लिए भगवान', दबंगों के कब्जे से मुक्त हुई जमीन पर बोला किसान
इटावा में करीब चार दशक से दबंगों के कब्जे में रही किसान की जमीन प्रशासन की कार्रवाई के बाद मुक्त कराई गई. मसनाई गांव के रमेश कुमार ने भाजपा कार्यकर्ता शरद तिवारी की मदद और जिला प्रशासन की सक्रियता को इसका श्रेय दिया. किसान का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद योगी सरकार में परिवार को अपनी जमीन वापस मिल सकी और अब भरण-पोषण बेहतर हो रहा है.
किसी की पत्नी-बच्चे बहे, कोई तस्वीर लेकर भाई को ढूंढ रहा... नेपाल बाढ़ के बाद का मंजर
भीषण फ्लैश फ्लड से नेपाल के रसुवा जिले में 270 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. अब तक 1500 से ज्यादा लोग लापता है. बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने कई घरों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है. रेस्क्यू टीम प्रभावित इलाकों में लगातार लोगों की तलाश कर रहे है. हादसे के बाद कई पर्यटक भी लापता हैं, जिनमें भारतीय टूरिस्ट भी शामिल हैं.
जुलाई से ही गरम था ये इलाका... कहीं अल-नीनो तो नहीं है नेपाल में तबाही की वजह?
जुलाई 2026 सबसे गर्म महीनों में रहा है. उसका असर हिमालय पर भी पड़ा है. ऊपर से अल-नीनो का असर. इसकी वजह से ग्लेशियरों का पिघलना जायज है. कहीं ऐसा तो नहीं कि नेपाल हादसे के पीछे ये भी वजह हो.
'2036 ओलंपिक की आज से ही शुरू करें तैयारी', खिलाड़ियों से बोले PM मोदी
पीएम मोदी ने गुरुवार को 'खेलो इंडिया डॉयलॉग' के तहत युवाओं से वर्चुअली संवाद किया. इस दौरान उन्होंने कहा, खेलों को लेकर सरकार गंभीर है. पीएम ने साथ ही 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' का संदेश देते हुए खिलाड़ियों से कहा कि 2036 ओलंपिक की आज से ही तैयारी शुरू करें. देखें वीडियो.
महाराष्ट्र के मंत्री भी समय रैना के फैन, बोले- दो दिन पहले ही उनका शो देखा
महाराष्ट्र सरकार द्वारा कॉमेडियन समय रैना को सम्मान दिए जाने पर मंत्री योगेश कदम ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वह भी समय रैना के बड़े फैन हैं। उन्होंने दो दिन पहले ही समय का शो इंडियाज गॉट लेटेंट देखा था।
'बस सही सलामत लौट आए', नेपाल बाढ़ में लापता पति को तलाश रही पत्नी का छलका दर्द
नेपाल बाढ़ में कई लोग लापता है और काठमांडू के अस्पतालों के बाहर परिजन अपने अपनों की तलाश में जुटे हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और इस बीच एक पत्नी ने अपनी आपबीती सुनाई है. सुबीना नाम की महिला का कहना है कि वो बस अपने पति की सलामती की दुआ कर रही हैं.
नेपाल की जमकर मदद कर रहा भारत, 47 टन भेजी राहत सामग्री, दवाइयां और खाने का सामान शामिल
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) के अधिकारियों और काठमांडू और बीजिंग में भारतीय राजदूतों के साथ एक रिव्यू मीटिंग की। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मीटिंग में शामिल हुए।
घर में घुसकर 21 साल की मुस्कान का मर्डर, 20 घंटे बाद भी आरोपी इमरान फरार
तिलक नगर में 21 साल की छात्रा और पार्ट-टाइम मॉडल मुस्कान की घर में हत्या कर दी गई और आरोपी इमरान करीब 20 घंटे बाद भी फरार है. शुरुआती जांच में दोनों के रिश्ते और विवाद की बात सामने आई है. फिलहाल, CCTV के आधार पर उसकी तलाश जारी है. पढ़ें पूरी कहानी.
मिस यूनिवर्स इंडिया बनीं केजिया तो क्या बोलीं PAK की सुंदरी मिस्बाह
केरल की 19 वर्षीय केजिया लिज मेजो ने मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है. उनकी इस शानदार जीत पर पाकिस्तान की मिस यूनिवर्स मिस्बाह अरशद ने इंस्टाग्राम पर उन्हें खास अंदाज में बधाई दी, उनकी पोस्ट जमकर वायरल हो रही है. अब दोनों सुंदरी प्यूर्टो रिको में होने वाले 75वें मिस यूनिवर्स पेजेंट में एक साथ नजर आने वाली हैं.
नेपाल में लापता हुए अपने, भारत में टकटकी लगाए इंतजार कर रहे परिवार, हर फोन कॉल पर टिकी हैं निगाहें
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और आपदा के बाद पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से यात्रा पर गए छह यात्रियों से संपर्क टूट गया है. इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए दो दंपति भी शामिल हैं.
CJI के विरोध से समझिए कैंपस पॉलिटिक्स की नई तस्वीर
देश की कई प्रमुख यूनिवर्सिटीज में इस वर्ष दीक्षांत समारोह विवादों का केंद्र बन गए हैं. बेंगलुरु के NLSIU ने मुख्य अतिथि के चयन के विरोध में 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया है. छात्रों और पूर्व छात्रों ने CJI सूर्यकांत और BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की उपस्थिति का विरोध किया, इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं. आइए जानते हैं इसकी इनसाइड स्टोरी.
'288 भारतीयों से टूटा संपर्क, तिब्बत सीमा पर भी फंसे 200 नागरिक'; नेपाल बाढ़ पर MEA ने दिया अपडेट
विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण 288 भारतीय नागरिक लापता हैं, जबकि 200 अन्य चीन की तिब्बत सीमा पर फंसे हुए हैं।
बॉलीवुड में एक ऐसा गाना है, जिसकी धुन ने 60 साल बाद भी फिल्मी गानों का पीछा नहीं छोड़ा. कभी पूरा गीत, तो कभी इसकी लाइनें और धुन नए अंदाज में सुनाई देती हैं. अलग-अलग दौर के म्यूजिक डायरेक्टर्स ने इसे अपने अंदाज में इस्तेमाल किया है.
कल रक्षाबंधन पर लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें भारत में सूतक लगेगा या नहीं
Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगने वाला है. भारतीय समयानुसार, यह चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 53 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. इस ग्रहण की कुल अवधि करीब साढ़े पांच घंटे की रहेगी.
'सचिन जैसे दिखते हैं', सोनल की तारीफ में BCCI ने पढ़े कसीदे
भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार रन बना रहे श्रीलंका के सोनल दिनुषा की तारीफ BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने की है. शुक्ला ने दिनुषा की तुलना सचिन तेंदुलकर से करते हुए उन्हें शानदार टेस्ट बल्लेबाज बताया. 25 साल के दिनुषा ने भारत के खिलाफ मौजूदा सीरीज में कुल 3 शतक जड़े.
Kanker में Former Maoists ने बनाईं 1000 से ज्यादा राखियां, पुनर्वास केंद्र में सीखा हुनर
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में आत्मसमर्णण करने वाले माओवादियों की उंगलियां अब बंदूक के ट्रिगर पर नहीं बल्कि रेशम की डोर और मोतियों पर हैं जिससे वह सुंदर राखियां तैयार कर रहे हैं। कांकेर जिले के चौगेल (मुल्ला) गांव में एक सुरक्षा शिविर के भीतर बने पुनर्वास केंद्र में, पूर्व नक्सलियों ने त्योहार से पहले एक हजार से अधिक राखियां तैयार कर ली हैं, जो शुक्रवार को भाइयों की कलाइयों पर सजेंगी। कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित यह केंद्र एक ऐसी जगह बन गया है जहां पूर्व माओवादी सदस्य ऐसे हुनर सीख रहे हैं जो हिंसा का रास्ता छोड़ने के बाद उन्हें रोजी-रोटी कमाने में मदद कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे पुरुषों और महिलाओं ने मिलकर यह राखियां बनाई हैं और इन्हें बाजार में बेचा भी गया है, जिससे प्रशिक्षण लेने वालों को अपने काम से कमाई करने का मौका मिला है। कांकेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल ने कहा, ‘‘पुनर्वास केंद्र में रहने वाले पूर्व माओवादियों के लिए कई गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इस साल होली के दौरान, उन्होंने गुलाल और रंग तैयार किए थे, और अब रक्षाबंधन के लिए उन्होंने एक हजार से अधिक राखियां बनाई हैं।’’उन्होंने कहा कि इसका मकसद आत्मसमर्पण करने वालों को रचनात्मक और कमाई वाली गतिविधियों से जोड़ना और उन्हें मुख्यधारा के समाज का हिस्सा बनकर सम्मान के साथ अपनी जिंदगी फिर से शुरू करने में मदद करना है। अधिकारी ने कहा कि पुनर्वास केंद्र में शुक्रवार को यह त्योहार मनाया जाएगा। पुनर्वास केंद्र में रहने वाले कुछ लोगों के लिए, यह गतिविधि सिर्फ राखी बनाने और बेचने से कहीं अधिक है। यह उनके लिए ऐसे त्योहार को मनाने का पहला अनुभव है जिसके बारे में उन्होंने जंगलों में बिताए सालों के दौरान सिर्फ सुना था। पूर्व माओवादी सुनीता कोवाची ने कहा कि उन्होंने बिना कोई त्योहार मनाए जंगलों में कई साल बिताए थे। सुनीता ने कहा, ‘‘इतने सालों तक हम जंगलों में रहे। हमने कभी कोई त्योहार नहीं मनाया और न ही राखियां बनाईं। इस बार, केंद्र में सभी ने मिलकर राखियां बनाईं। हम सुरक्षाकर्मियों और अपने साथियों को राखी बांधकर त्योहार मनाना चाहते हैं।’’सुनीता ने कहा कि राखी बनाना उनके लिए एक नया अनुभव था। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार राखी बनाई। हम सबने मिलकर काम किया और सिर्फ दो दिनों में एक हजार से अधिक राखियां तैयार कीं। ऐसा लग रहा है जैसे हमें नयी जिंदगी मिली हो।’’संकाई उसेंडी ने बताया कि स्वयं-सहायता समूहों के सदस्यों ने उन्हें सिर्फ एक नमूना राखी दिखायी थी, जिसके बाद प्रशिक्षण लेने वालों ने मिलकर राखी बनाना सीखा। वहीं, देवकी पुरामे ने कहा कि उन्होंने पहले सिर्फ रक्षाबंधन के बारे में सुना था। देवकी ने कहा, ‘‘पहले हमने बस सुना था कि रक्षाबंधन नाम का कोई त्योहार होता है। इस बार, जब स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने हमें राखी बनाना सिखाया और हमने खुद राखियां बनाईं, तो हमें बहुत खुशी हुई।’’अधिकारियों ने बताया कि समर्पण करने वाले नक्सलियों को वाहन चलाने, सिलाई, लकड़ी का काम और इलेक्ट्रीशियन जैसे कामों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही केंद्र में शिक्षा भी दी जाती है। अधिकारियों ने बताया पूर्व नक्सलियों के लिए राखी मनाना शायद सिर्फ एक और त्योहार मनाने से कहीं ज्यादा होगा। यह उन्हें इस बात की याद दिलाएगा कि जिन हाथों का इस्तेमाल कभी हिंसा के लिए किया जाता था, वे हाथ अब कुछ बना भी सकते हैं, कमा भी सकते हैं और फिर से जिंदगी भी संवार सकते हैं। चौगेल पुनर्वास केंद्र पिछले साल नवंबर में शुरू किया गया था, जिसमें आत्मसमर्पण करने वाले 66 माओवादियों और माओवादी हिंसा के पीड़ितों को प्रशिक्षु के रूप में शामिल किया गया था। उन्होंने बताया कि अभी इस केंद्र में 28 पूर्व माओवादी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस साल 31 मार्च को राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ को हथियारबंद माओवादियों से मुक्त घोषित किया था।
जापान में क्यों भालुओं को पकड़- पकड़कर मारा जा रहा, 14 हजार मार दिए
जापान में 14 हजार जंगली भालूओं का शिकार कर उन्हें मार दिया गया. यह कोई अवैध शिकार का आंकड़ा नहीं है. सरकार के सपोर्ट से वहां इतने बड़े पैमाने पर भालुओं का शिकार कराया जा रहा रहा है. ऐसे में जानते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में जंगली जानवर को मारने के पीछे आखिर वजह क्या है?
ट्रेन का टिकट Confirm नहीं हुआ? ये काम कर लिया तो बच जाएंगे Fine से, रेलवे का नियम जान लें
ट्रेन का टिकट कन्फर्म नहीं हुआ है तो बिना सोचे ट्रेन में न चढ़ें। भारतीय रेलवे के नियम के मुताबिक पहले प्लेटफार्म टिकट लेकर TTE से संपर्क करने का तरीका आपको परेशानी और फाइन से बचा सकता है। जानें डिटेल्स:
Maruti-Tata से टक्कर का प्लान तैयार, हुंडई लॉन्च करेगी 26 कारें
हुंडई ने भारतीय बाजार के लिए अपना रोडमैप तैयार कर लिया है. कंपनी 2030 तक 26 नई कारें लॉन्च करेगी. इसमें मौजूदा मॉडल्स के अपडेट और नई मॉडल्स दोनों ही शामिल होंगे. ब्रांड अपनी अब तक की सबसे छोटी एसयूवी भी लेकर आ रहा है. ये कंपनी की इलेक्ट्रिक एसयूवी होगी. इसके अलावा एक मिडसाइज एसयूवी भी भारत के लिए तैयार की जा रही है.
कैंसर के इलाज में नई दवा बनी उम्मीद, ऐसे करेगी फायदा
FDA ने मेटास्टैटिक पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज के लिए नई दवा रासोंक को मंजूरी दी है, जो खासतौर पर उन मरीजों के लिए है जिनका पहले इलाज हो चुका है या जो सामान्य कीमोथेरेपी नहीं ले सकते है.
Shatrughan Sinha ने बागी MPs को घेरा, Lok Sabha स्पीकर के नोटिस का किया समर्थन: 'जवाब देना होगा'
तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने लोकसभा स्पीकर द्वारा 'नेशनल सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (NCPI) में शामिल होने वाले बागी सांसदों को नोटिस जारी करने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सांसदों को इस फ़ैसले के पीछे की वजह साफ़ करनी चाहिए। गुरुवार को बोलते हुए सिन्हा ने इस कदम को बहुत अहम और लंबे समय से प्रतीक्षित कदम बताया और कहा कि मुझे यह सही दिशा में उठाया गया कदम लगता है। बागी गुट के हमारे साथियों को जवाब देना होगा। माननीय स्पीकर ने उनसे उनकी प्रतिबद्धता और देश में शायद ही जानी-पहचानी किसी पार्टी में शामिल होने के उनके कदम के बारे में सवाल पूछे हैं। इसे भी पढ़ें: Haldwani 'शुद्धिकरण' पर Congress का वार, Kharge के अपमान पर PM Modi से मांगा जवाब बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने NCPI से जुड़े 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा। यह कदम TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट में दायर उस याचिका के बाद उठाया गया, जिसमें इन सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी। इससे पहले मंगलवार को, सुप्रीम कोर्ट ने बनर्जी की याचिका पर इन 20 बागी सांसदों से जवाब मांगा था। बनर्जी ने अपनी याचिका में पार्टी की ओर से दायर अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला लेने में हो रही देरी को चुनौती दी थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने सांसदों को नोटिस जारी किया। इस याचिका में कोर्ट से लोकसभा स्पीकर को अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था। TMC का आरोप है कि इन सांसदों ने पार्टी छोड़कर NCPI का दामन थामा है। बनर्जी का कहना है कि उनके इस कदम के कारण संविधान के दलबदल विरोधी प्रावधानों के तहत उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: UP में Ganga Expressway की गुणवत्ता पर सवाल, Akhilesh Yadav ने BJP को घेरा! याचिका में लोकसभा अध्यक्ष और सदन महासचिव को प्रमुख प्रतिवादी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है और इसमें वे 20 सांसद भी शामिल हैं जिनकी अयोग्यता की मांग की गई है। सांसद हैं काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, सताबदी रॉय, प्रसून बनर्जी, रचना बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, पार्थ भौमिक, अरूप चक्रवर्ती, अधिकारी दीपक देव, सयानी घोष, बापी हलदर, एमडी अबू ताहेर खान, कालीपदा सारेन खेरवाल, असित कुमार मल, जून मालिया, मिताली बाग, खलीलुर रहमान, माला रॉय, शर्मिला सरकार और यूसुफ पठान। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
NLSIU ने रद्द किया अपना दीक्षांत समारोह, CJI और BCI चेयरमैन की मौजूदगी पर मचा था बवाल
NLSIU Convocation Cancelled: नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के कई छात्रों ने बार काउंसिल के चेयरमैन मनन मिश्रा का विरोध किया था और उनसे माफी मांगने की मांग की थी. इसी विवाद के बीच अब यूनिवर्सिटी ने दीक्षांत समारोह को रद्द किया है.
नेपाल के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से भारी तबाही मचाने के बाद अब जलप्रलय का खतरा भारतीय सीमाओं की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नेपाल की नारायणी नदी (भारत में गंडक) अपने रौद्र रूप में आ चुकी है। पहाड़ों से उतर रहा भारी जलप्रवाह तेजी से भारत के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का भयंकर संकट पैदा हो गया है। केंद्रीय जल आयोग और मौसम विभाग के अनुसार, गंडक नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ रहा है और जलधारा में तीन मीटर तक ऊंची तूफानी लहरें उठने की प्रबल संभावना है। खतरे की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार के आपदा प्रबंधन विभागों ने कई संवेदनशील जिलों में 'रेड और हाई अलर्ट' घोषित कर दिया है।गंडक बैराज से भारी जल डिस्चार्ज, 3 मीटर तक उठ सकती हैं लहरेंभारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकि नगर गंडक बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान को पार करने के करीब पहुंच गया है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में लगातार हो रही बारिश की वजह से बैराज के सभी फाटकों को खोलकर लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जल विशेषज्ञों और इंजीनियरों ने चेतावनी दी है कि पानी के इस भारी बहाव और तेज गति के कारण नदी के बीच में 3 मीटर यानी करीब 10 फीट तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। यह स्थिति नदी के दोनों किनारों पर बने तटबंधों (Embankments) पर भीषण दबाव बना रही है। प्रशासन ने नदी के जलमार्ग और निचले इलाकों में नावों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।बिहार के चंपारण, गोपालगंज और सारण जिलों में युद्धस्तर पर तैयारीगंडक के उफान का सबसे पहला और सीधा प्रभाव बिहार के सीमावर्ती जिलों पर देखने को मिल रहा है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण जिलों में प्रशासनिक अमला 24 घंटे अलर्ट मोड पर है। दियारा (नदी तटीय) क्षेत्रों में बसे सैकड़ों गांवों को खाली कराने का काम तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारियों ने अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और स्थानीय स्तर पर लाउडस्पीकर से मुनादी करवाकर ग्रामीणों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की कई मोटरबोट्स और रेस्क्यू टीमों को संवेदनशील बिंदुओं पर तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और महराजगंज में तटबंधों पर कड़ी निगरानीउत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में भी गंडक नदी के जलस्तर में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि से हड़कंप मचा हुआ है। महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया और गोरखपुर जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका बढ़ गई है। कुशीनगर के छितौनी बांध और पिपरा-पिपरासी तटबंध सहित अन्य संवेदनशील रिंग बांधों पर सिंचाई विभाग के इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीम रात-दिन निगरानी कर रही है। तटबंधों में किसी भी प्रकार के कटाव या रिसाव को रोकने के लिए लाखों बालू की बोरियां, बोल्डर और जीओ बैग्स पहले से तैयार रखे गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है और आपातकालीन चिकित्सा टीमों को एंटी-वेनम, जीवनरक्षक दवाओं और क्लोरीन की गोलियों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।सुरक्षा एडवाइजरी और राहत-बचाव के पुख्ता इंतजामप्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें। मवेशियों और घरेलू सामान को पहले ही ऊंचे स्थानों, राहत शिविरों या पक्के सरकारी भवनों में पहुंचाने की सलाह दी गई है। मोबाइल चार्जिंग, टॉर्च, सूखा राशन, पीने का साफ पानी और जरूरी दस्तावेजों को वाटरप्रूफ बैग में सुरक्षित रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री कार्यालय स्थिति की पल-पल की समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित जिलों के कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे चालू रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त सहायता भेजी जा सके।
Nepal Floods में फंसे Kerala के 53 नागरिक, NORKA Roots ने दी जानकारी
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद केरलम के बच्चों समेत करीब 53 लोगों के नेपाल में फंसे होने का अनुमान है। ‘नोर्का रूट्स’ ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। नोर्का रूट्स केरल सरकार की वह एजेंसी है, जो विदेशों में रहने वाले केरल वासियों से जुड़े मामलों और उनके कल्याण से संबंधित सेवाओं का समन्वय करती है। नोर्का रूट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजेश माधवन ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बाढ़ के कारण फंसे केरलम वासियों से संबंधित 17 सूचनाएं मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। इन सूचनाओं को बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे तक एकत्र कर उन पर कार्यवाही शुरू कर दी गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘इन सूचनाओं के आधार पर हमने परिवार के सदस्यों, वयस्कों और बच्चों समेत करीब 53 केरलम वासियों की पहचान की है।’’माधवन ने बताया कि नोर्का रूट्स के पास इन सभी 53 लोगों के मोबाइल नंबर हैं, लेकिन फिलहाल नेटवर्क की समस्या के कारण उनसे सीधे संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। माधवन ने बताया कि 53 लोगों के अलावा कासरगोड के कन्हांगड से 36 लोगों का एक अन्य समूह और कोट्टायम से 16 लोगों का एक समूह सुरक्षित है। ये लोग नेपाल के दूसरे हिस्सों की यात्रा पर गए थे और इनसे संपर्क हो गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नोर्का रूट्स के विकास अधिकारी राहत एवं संपर्क प्रयासों में समन्वय कर रहे हैं और उन्होंने रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय के संपर्क में रहते हुए भारतीय दूतावास को सीधे जानकारी उपलब्ध कराई है। माधवन ने कहा कि अगला कदम फंसे हुए लोगों के आखिरी ज्ञात स्थानों का पता लगाना है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन परिवार के सदस्यों से दोबारा संपर्क किया, जिन्होंने हमसे मदद के लिए संपर्क किया था, ताकि जानकारी की पुष्टि की जा सके। हमने उपलब्ध नवीनतम जानकारी जुटाई, जैसे कि उन्होंने हाल में फोन किया था या किसी खास जगह जाने की बात कही थी।’’उन्होंने बताया कि इन जानकारियों को संबंधित अधिकारियों के साथ साझा किया गया है, ताकि फंसे हुए लोगों के आखिरी ज्ञात स्थान का पता लगाया जा सके। माधवन ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम उनसे सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे और पूरी जानकारी जुटा पाएंगे।’’उन्होंने बताया कि 53 लोगों की पहचान होने के बाद फंसे हुए केरलम वासियों के संबंध में कोई नयी सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी तक उनसे सीधे संपर्क स्थापित नहीं कर पाए हैं, लेकिन सामान्य तौर पर हमें जानकारी है कि वे सुरक्षित हैं।’’माधवन ने बताया कि 53 लोग अलग-अलग माध्यमों से नेपाल गए थे। इनमें से कुछ लोग संगठित टूर समूहों के साथ गए थे, जबकि कुछ परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के लिए नेपाल गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास सभी लोगों का सटीक डेटाबेस नहीं है, क्योंकि कई लोगों ने हमारे पास अपना पंजीकरण नहीं कराया है। इसलिए केवल आधिकारिक रिकॉर्ड पर पूरी तरह निर्भर रहना मुश्किल है।’’उन्होंने बताया कि कई स्रोतों से मिली जानकारी का मिलान करने और एक ही व्यक्ति की दो बार दर्ज हुई जानकारी को हटाने के बाद 53 लोगों का आंकड़ा सामने आया है। माधवन ने कहा, ‘‘अब तक मिली जानकारी के आधार पर घबराने की कोई वजह नहीं है। हमें इनमें से किसी के हताहत होने या गंभीर परेशानी में होने की जानकारी नहीं मिली है, इसलिए हम मान रहे हैं कि वे सुरक्षित हैं।’’उन्होंने बताया कि आपदा के बाद प्रभावित इलाकों में सामान्य संचार व्यवस्था और अन्य सेवाएं बाधित हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार स्थानीय सेना को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मौके पर तैनात किया गया है और भारत सरकार की ओर से सहायता भी प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच रही है। माधवन ने कहा, ‘‘इसलिए हमारा मानना है कि कुल मिलाकर स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है।’’इस बीच, त्रिकरिपुर के विधायक संदीप जी. वारियर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में बताया कि कासरगोड जिले में उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों समेत नेपाल गए पर्यटकों का एक समूह बृहस्पतिवार तड़के करीब ढाई बजे एक सुरक्षित आश्रय स्थल पहुंच गया। उन्होंने बताया कि इस समूह के पास 29 अगस्त की वापसी की टिकटें हैं और राज्य सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि हर परिस्थिति में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों के लगातार संपर्क में है। वारियर ने कहा, ‘‘कल रात भी मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने मुझसे और नेपाल में फंसे लोगों से बात की थी।
आंध्र प्रदेश के पलनाडू जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक तेज रफ्तार अनियंत्रित प्राइवेट ट्रैवल्स बस ने सामने से आ रहे ऑटो-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और वह सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरा। इस भयावह दुर्घटना में 6 महिलाओं सहित कुल 7 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के तुरंत बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मदद के लिए दौड़ पड़े।खेतों में काम करने जा रही थीं महिलाएं, पल भर में उजड़ गए परिवारशुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऑटो में सवार ज्यादातर लोग कृषि मजदूर थे जो सुबह-सुबह काम की तलाश में पास के गांव जा रहे थे। जब ऑटो मुख्य मार्ग से गुजर रहा था, तभी विपरीत दिशा से आ रही अनियंत्रित प्राइवेट बस ने उसे सीधी टक्कर मार दी। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए। मृतकों में शामिल 6 महिलाएं अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाली मुख्य सहारा थीं। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मृतकों के परिजनों में मातम पसरा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।स्थानीय लोगों और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशनदुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से ऑटो के मलबे में फंसे शवों और घायलों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। कुछ घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर किया गया है।पुलिस ने शुरू की जांच, बस चालक के खिलाफ मामला दर्जघटना के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू कराया। पुलिस अधिकारियों ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों के परिजनों को आधिकारिक सूचना दे दी गई है। शुरुआती जांच में हादसे का मुख्य कारण बस की अत्यधिक रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग को माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी बस चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
45 साल पहले ‘क्रांति’ के गाने ‘चना जोर गरम’ में फांसी के फंदे पर खड़े दिलीप कुमार और मनोज कुमार ने चने की पुकार में ऐसा देशभक्ति का संदेश छिपाया कि यह गीत आज भी अनोखा माना जाता है.
सनातन धर्म में रक्षाबंधन का पर्व केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह ईश्वर और भक्त के बीच अटूट विश्वास और समर्पण का भी पावन उत्सव है। इस दिन सबसे पहले घर के मंदिर में विराजमान लड्डू गोपाल, भगवान शिव और श्रीगणेश को रक्षासूत्र अर्पित करने का विधान सदियों से चला आ रहा है। लड्डू गोपाल को साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप माना जाता है और भक्त उन्हें अपने परिवार के सबसे प्रिय सदस्य, पुत्र अथवा सखा रूप में पूजते हैं। रक्षाबंधन के दिन कान्हा जी को राखी बांधने से जीवन के समस्त संकट दूर होते हैं और परिवार में सुख, शांति, समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह बना रहता है। जब भक्त पूर्ण भाव और निष्ठा से लड्डू गोपाल को रक्षासूत्र बांधते हैं, तो स्वयं जगन्नाथ पूरे परिवार की रक्षा का संकल्प लेते हैं।लड्डू गोपाल को राखी बांधने की संपूर्ण और शास्त्रीय विधिरक्षाबंधन के शुभ दिन प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की अच्छी तरह साफ-सफाई करें और स्वयं स्नान करके स्वच्छ पीले, नारंगी या लाल वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर पवित्र करें और लड्डू गोपाल को बड़े प्रेम और आदर के साथ उनके आसन से उठाकर स्नान पात्र में विराजमान करें। सबसे पहले बाल गोपाल को पंचामृत यानी कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद और गंगाजल से विधिपूर्वक स्नान कराएं। इसके पश्चात उन्हें शुद्ध एवं हल्के गुनगुने जल से अभिषेक कराएं और एक साफ, मुलायम तौलिए से पोंछें।स्नान के बाद लड्डू गोपाल का नवीन और सुंदर वस्त्रों से नटखट बाल रूप में श्रृंगार करें। उन्हें पीले अथवा रेशमी वस्त्र पहनाएं, चंदन और कुमकुम का तिलक लगाएं, अक्षत अर्पित करें और उनके सिर पर मुकुट के साथ मोरपंख सजाएं। अब पूजा की थाली में एक सुंदर कोमल राखी, रोली, चंदन, अक्षत, धूप, घी का दीपक और ताजे फूल रखें। सबसे पहले लड्डू गोपाल के मस्तक पर रोली और चंदन का तिलक लगाएं और अक्षत लगाएं। इसके बाद अत्यंत वात्सल्य भाव से उनके दाहिने हाथ की कलाई पर रक्षासूत्र या राखी बांधें। राखी बांधने के बाद उन्हें उनके सबसे प्रिय भोग माखन-मिश्री, मौसमी ताजे फल और शुद्ध देशी घी से बनी मिठाइयां अर्पित करें। ध्यान रहे कि कान्हा के किसी भी भोग में ताजी तुलसी का पत्ता अवश्य शामिल होना चाहिए, क्योंकि तुलसी दल के बिना लड्डू गोपाल भोग ग्रहण नहीं करते हैं। अंत में धूप-दीप जलाकर प्रेमपूर्वक उनकी आरती उतारें और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।राखी के चयन में इन बातों का रखें विशेष ध्यानलड्डू गोपाल बाल स्वरूप में होते हैं, इसलिए उनके लिए राखी का चयन करते समय अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए। बाजार में मिलने वाली भारी, लोहे, कांटेदार प्लास्टिक या तीखे किनारों वाली राखियों का प्रयोग करने से बचें, क्योंकि इससे विग्रह की त्वचा या रंगत को खरोंच आ सकती है। कान्हा जी के लिए सदैव शुद्ध रेशमी धागे, सूती धागे, जरी, गोटे या हल्के मोतियों से निर्मित कोमल और मुलायम राखी का ही चयन करें।रंगों का चुनाव भी इस पूजा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लड्डू गोपाल को पीला, लाल, केसरिया, गुलाबी, हरा और सफेद रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इन्हीं शुभ रंगों की राखी उन्हें अर्पित करें। काले, गहरे नीले, भूरे या स्लेटी रंग की राखियों का प्रयोग भूलकर भी न करें, क्योंकि सनातन परंपरा में इन रंगों को मांगलिक कार्यों में अशुभ माना गया है।भद्रा काल और शुभ मुहूर्त का पालन करना अनिवार्यज्योतिष शास्त्र और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में रक्षासूत्र बांधना पूर्णतः वर्जित और अशुभ फलदायी माना जाता है। इसलिए रक्षाबंधन के दिन पूजा करने से पहले पंचांग के अनुसार भद्रा रहित शुभ मुहूर्त का समय अवश्य जान लें। सबसे पहले शुभ चौघड़िया या अभिजीत मुहूर्त में लड्डू गोपाल को राखी अर्पित करें। भगवान को राखी बांधने और उनका आशीर्वाद लेने के बाद ही घर के अन्य सदस्यों, भाइयों और बहनों को रक्षासूत्र बांधने का क्रम शुरू करना चाहिए। यदि आप लड्डू गोपाल को राखी बांध रहे हैं, तो मन में किसी प्रकार का अहंकार या दिखावा न रखें, केवल निश्छल भक्ति और प्रेम भाव ही रखें, क्योंकि कान्हा केवल भाव के भूखे होते हैं।
अगर PM बने तेज प्रताप, क्या करेंगे? जवाब से इंप्रेस हुईं मल्लिका
भोजपुरी बवाल शो में तेज प्रताप यादव ने अपनी चटपटी बातों और सिंपल अंदाज से दर्शकों का दिल जीता है. मल्लिका शेरावत के साथ उनकी केमिस्ट्री चर्चा का विषय बनी हुई है.
नेपाल बाढ़ में 288 भारतीय अब भी लापता, MEA ने बताया- तमिलनाडु के 21 लोग सुरक्षित निकाले गए
नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में कितने भारतीय फंसे हैं? इसके बारे में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज आधिकारिक जानकारी प्रेस कॉफ्रेंस में दी है. उन्होंने बताया कि अभी तक 288 भारतीय नागरिक लापता है.
पड़ोसी मुल्क नेपाल में कुदरत के कहर ने एक बार फिर भयानक तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, उफनती नदियों और जगह-जगह हुए जानलेवा भूस्खलन के चलते हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इस आपदा की चपेट में आने से अब तक 178 भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 300 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राजधानी काठमांडू से लेकर भारत-नेपाल सीमा तक चारों तरफ पानी और मलबे का साम्राज्य दिख रहा है।तबाही का आलम यह है कि कई प्रमुख राजमार्ग, पुल और संपर्क मार्ग पूरी तरह से बह गए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों और खराब मौसम के चलते बचाव दलों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित इलाकों में फंसे हजारों लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं और अपनों की तलाश में लोग बदहवास नजर आ रहे हैं।भारतीय नागरिकों पर टूटा कुदरत का कहरनेपाल में हर साल बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक, तीर्थयात्री और व्यापारी जाते हैं। इस प्राकृतिक आपदा के वक्त भी कई भारतीय अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद थे। काठमांडू घाटी, धादिंग, मकवानपुर और सिंधुपालचोक जैसे इलाकों में अचानक आई बाढ़ और लैंडस्लाइड ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं।दूतावास द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर भारत के अलग-अलग राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से लगातार परिजनों के फोन आ रहे हैं। कई परिवार अपने प्रियजनों से संपर्क टूटने की वजह से गहरे सदमे में हैं। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में फंसे हर नागरिक को सुरक्षित बाहर निकालना पहली प्राथमिकता है।राहत और बचाव कार्य में जुटी नेपाली सेना और भारतीय दलग्राउंड जीरो पर नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवान 24 घंटे मोर्चा संभाले हुए हैं। जहां सड़कें टूट गई हैं, वहां हेलीकॉप्टरों के जरिए लोगों को एयरलिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है। भारत सरकार ने भी अपने स्तर पर नेपाल को हरसंभव तकनीकी और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की है।भारतीय आपदा प्रबंधन दल भी अलर्ट मोड पर हैं ताकि जरूरत पड़ने पर सीमावर्ती क्षेत्रों में तुरंत मोर्चा संभाला जा सके। कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क टावर और बिजली के खंभे गिर जाने की वजह से संचार पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे लापता लोगों की सटीक जानकारी जुटाने में वक्त लग रहा है।भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरानेपाल की पहाड़ियों से निकलने वाली नदियां जैसे कोसी, गंडक, घाघरा और बागमती उफान पर हैं। इनका सीधा असर उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों पर पड़ रहा है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के दर्जनों जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।नेपाल के बैराजों से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण तराई क्षेत्रों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।चिकित्सा और बुनियादी सुविधाओं का भारी संकटआपदा प्रभावित क्षेत्रों में इस समय पीने के साफ पानी, दवाओं और भोजन का भारी संकट पैदा हो गया है। अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। गैर-सरकारी संगठन और स्थानीय स्वयंसेवक भोजन के पैकेट और आवश्यक दवाएं पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन टूटी सड़कों के कारण राहत सामग्री पहुंचाने में काफी देरी हो रही है। महामारी और जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्लोरीन की गोलियां और जीवनरक्षक दवाएं बांटी जा रही हैं।
Mallikarjun Kharge ने Nepal Floods पीड़ितों के लिए केंद्र से मांगी मदद, PM को लिखेंगे पत्र
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद करने का आग्रह किया और संकट की इस घड़ी में राष्ट्रीय एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखेंगे। खरगे ने यहां संवाददाताओं से कहा, नेपाल में एक बड़ी त्रासदी आई है... इस त्रासदी में कई भारतीयों की जान गई है। तीर्थयात्रा या पर्यटन के लिए गए सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस घटना से हम सभी दुखी हैं। संकट की इस घड़ी में हम सभी को एकजुट रहना चाहिए। यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने लापता और फंसे हुए लोगों का पता लगाने, बचे हुए लोगों को सुरक्षित वापस लाने और मृतकों के शवों को स्वदेश वापस भेजने के लिए तेजी से कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा, बाढ़ में बह गए या फंसे हुए लोगों का पता लगाने और यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए कि वे अपने घर पहुंच सकें। मैं आग्रह करता हूं कि जरूरतमंद लोगों को वित्तीय सहायता सहित हर जरूरी मदद दी जाए। नेपाल में आई भीषण बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है और अधिकारी 300 भारतीय पर्यटक समेत हजारों लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है।
डोप टेस्ट में फेल हुआ स्टार क्रिकेटर, ICC ने लगा दिया बैन
36 वर्षीय आसिफ खान यूएई के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं. आसिफ अब इस साल अक्टूबर में ट्रेनिंग पर लौट सकेंगे, लेकिन 8 दिसंबर 2026 से पहले प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे. आसिफ खान ने यूएई के लिए अब तक 94 मुकाबले खेले हैं.
हर्ष गोयनका ने शेयर की 'घास से चलने वाली अनोखी बाइक', फीचर्स सुनकर रोक नहीं पाएंगे अपनी हंसी
इस वीडियो को देखने के बाद कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में लिखा है कि ये EV से GV की तरफ बढ़ने का परफेक्ट उदाहरण है.
फिल्म की डायरेक्टर गीतू मोहनदास ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि वह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से पूरी तरह बंधकर काम करने में विश्वास नहीं रखतीं. उनका कहना था कि वह पहले कहानी लिखती हैं, लेकिन शूटिंग के दौरान फिल्म में बदलाव होते रहते हैं.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि संपर्क से बाहर इन 288 भारतीय नागरिकों में त्रिशूली-I पावर प्रोजेक्ट पर काम करने वाले लोग, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के कई ग्रुप, केरल का एक ग्रुप और अलग-अलग टूर ऑपरेटरों के जरिए यात्रा करने वाले भारतीय शामिल हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच सुलह कराने की कोशिशें फिर तेज, देखें US टॉप-10
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिशें फिर तेज हो गई हैं. मध्यस्थता कर रहे कतर ने कहा है कि उसके अधिकारी दोनों देशों के संपर्क में हैं. और रोजाना बातचीत के जरिये रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा बयान दिया है. यूएस टॉप 10 में देखें ऐसी ही टॉप 10 खबरें.
नई दिल्ली: स्मार्टफोन आज सिर्फ कॉल और मैसेज करने का साधन नहीं रहा, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। दुनिया में हर साल करोड़ों मोबाइल फोन बिकते हैं, लेकिन कुछ मॉडल ऐसे होते हैं जिनकी बिक्री बाकी फोन से काफी आगे निकल जाती है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन कौन सा है और क्या आपका फोन भी टॉप 10 में शामिल है? Apple के iPhone से लेकर Samsung के Galaxy मॉडल तक कई फोन ने दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है।कौन सा फोन है दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला?दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले फोन की बात करें तो अलग-अलग रिपोर्ट और अध्ययन अलग समयावधि के आंकड़ों का इस्तेमाल करते हैं। खास तौर पर सालाना बिक्री, किसी एक मॉडल की कुल बिक्री और किसी विशेष अवधि में सबसे ज्यादा बिकने वाले फोन के आंकड़े अलग हो सकते हैं। इसलिए “दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला फोन” तय करते समय यह देखना जरूरी है कि रैंकिंग किस साल और किस स्रोत के आंकड़ों पर आधारित है।हाल के वर्षों में Apple के iPhone मॉडल लगातार दुनिया के सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन में शामिल रहे हैं। प्रीमियम कीमत के बावजूद iPhone की मजबूत ब्रांड पहचान, कैमरा, प्रोसेसर, सॉफ्टवेयर अपडेट और Apple ecosystem इसकी बिक्री को मजबूती देते हैं। दूसरी ओर Samsung ने Galaxy सीरीज के जरिए दुनिया के अलग-अलग कीमत वाले सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।iPhone का जलवा क्यों बरकरार है?Apple का iPhone लंबे समय से स्मार्टफोन बाजार में चर्चा के केंद्र में रहा है। कंपनी हर साल नए मॉडल के साथ डिजाइन, कैमरा, प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर में बदलाव करती है। हालांकि iPhone की कीमत कई Android फोन की तुलना में ज्यादा होती है, फिर भी बड़ी संख्या में ग्राहक इसे खरीदना पसंद करते हैं।iPhone की लोकप्रियता के पीछे केवल हार्डवेयर ही वजह नहीं है। Apple का iOS ऑपरेटिंग सिस्टम, लंबे समय तक मिलने वाले सॉफ्टवेयर अपडेट, सुरक्षा फीचर्स, Apple Watch, AirPods, Mac और iPad के साथ कनेक्टिविटी भी ग्राहकों को एक ही ecosystem में बनाए रखती है।यही वजह है कि iPhone के नए मॉडल लॉन्च होते ही दुनिया के कई बाजारों में उनकी भारी मांग देखने को मिलती है।Samsung भी टॉप लिस्ट में मजबूतस्मार्टफोन बाजार में Samsung Apple की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों में से एक है। दक्षिण कोरिया की यह कंपनी बजट से लेकर प्रीमियम और फोल्डेबल फोन तक अलग-अलग श्रेणियों में मॉडल पेश करती है।Samsung Galaxy S सीरीज और Galaxy A सीरीज को दुनिया के कई देशों में काफी लोकप्रियता मिली है। कंपनी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार अलग-अलग विकल्प चुन सकते हैं।इसके अलावा Samsung की Galaxy Z Fold और Galaxy Z Flip जैसी फोल्डेबल सीरीज ने भी मोबाइल बाजार में अलग पहचान बनाई है। प्रीमियम सेगमेंट में इन फोन की चर्चा लगातार बनी रहती है।दुनिया के टॉप 10 में कौन-कौन से फोन?टॉप 10 की सूची साल और बाजार के हिसाब से बदल सकती है। हाल के वर्षों की वैश्विक बिक्री रैंकिंग में Apple के कई iPhone मॉडल लगातार शीर्ष स्थानों पर रहे हैं, जबकि Samsung के Galaxy फोन भी प्रमुख स्थान बनाते रहे हैं।ऐतिहासिक रूप से सबसे अधिक बिकने वाले मोबाइल फोन की बात करें तो Nokia 1100 और Nokia 1110 जैसे फीचर फोन भी अपनी शानदार बिक्री के कारण दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल सफलता की कहानियों में शामिल रहे हैं। लेकिन आधुनिक स्मार्टफोन बाजार में तस्वीर अलग है और यहां iPhone तथा Galaxy जैसे मॉडल प्रमुख भूमिका निभाते हैं।यानी अगर आपके हाथ में iPhone या Samsung Galaxy का लोकप्रिय मॉडल है, तो काफी संभावना है कि आपका फोन भी वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल की चर्चित सूची में रहा हो।फोन खरीदते समय लोग क्या देखते हैं?आज ग्राहक सिर्फ फोन के ब्रांड को देखकर फैसला नहीं करता। कैमरा क्वालिटी, बैटरी बैकअप, डिस्प्ले, प्रोसेसर, 5G कनेक्टिविटी, AI फीचर्स, स्टोरेज और सॉफ्टवेयर अपडेट जैसे कई कारक खरीदारी के फैसले को प्रभावित करते हैं।भारत जैसे बाजार में कीमत भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही वजह है कि मिड-रेंज स्मार्टफोन में शानदार स्पेसिफिकेशन देने वाली कंपनियों को बड़ी सफलता मिली है।दूसरी तरफ प्रीमियम ग्राहक बेहतर कैमरा, डिजाइन, प्रोसेसर, ब्रांड वैल्यू और लंबे समय तक चलने वाले ecosystem को ज्यादा महत्व देते हैं। यही कारण है कि महंगे फोन भी बड़े पैमाने पर बिकते हैं।iPhone बनाम Samsung Galaxy, कौन आगे?iPhone और Samsung Galaxy के बीच तुलना लंबे समय से स्मार्टफोन प्रेमियों की पसंदीदा चर्चा रही है। iPhone अपने iOS ecosystem, performance और video capabilities के लिए जाना जाता है, जबकि Samsung Galaxy फोन Android की flexibility, display technology, camera options और अलग-अलग price range में उपलब्धता के कारण लोकप्रिय हैं।दोनों कंपनियां लगातार अपने flagship फोन में AI features, बेहतर कैमरा और नई processing technology ला रही हैं। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए यह तय करना कि कौन सा फोन सबसे अच्छा है, उनकी जरूरत और बजट पर निर्भर करता है।क्या पुराना मॉडल भी सबसे ज्यादा बिक सकता है?बिल्कुल। किसी फोन की कुल बिक्री सिर्फ उसके लॉन्च के बाद शुरुआती महीनों की सफलता से तय नहीं होती। कुछ मॉडल वर्षों तक बिकते रहते हैं और इसी वजह से उनकी कुल बिक्री बहुत ज्यादा हो जाती है।इसी कारण फीचर फोन के दौर में Nokia के कुछ मॉडल बिक्री के मामले में अविश्वसनीय ऊंचाई तक पहुंचे थे। बाद में स्मार्टफोन बाजार में Apple और Samsung जैसे ब्रांडों ने इस तस्वीर को बदल दिया।इससे यह भी समझ आता है कि “सबसे ज्यादा बिकने वाला फोन” और “इस समय सबसे ज्यादा बिकने वाला फोन” दो अलग-अलग सवाल हैं।भारत में किस तरह के फोन सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं?भारत में स्मार्टफोन की मांग काफी विविध है। यहां एक तरफ बजट और मिड-रेंज Android फोन बेहद लोकप्रिय हैं, वहीं दूसरी ओर प्रीमियम सेगमेंट में iPhone की मांग भी मजबूत बनी हुई है।युवा ग्राहक कैमरा, gaming performance, display और fast charging को महत्व देते हैं। वहीं कामकाजी उपयोगकर्ता battery, connectivity, security और long-term software support को प्राथमिकता दे सकते हैं।इसी वजह से भारत में Xiaomi, Samsung, Vivo, Oppo, OnePlus, Realme, Motorola और Apple जैसे अलग-अलग ब्रांडों के फोन ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हैं।क्या आपका फोन भी टॉप 10 में है?अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका स्मार्टफोन दुनिया के टॉप 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले फोन में शामिल है या नहीं, तो सबसे पहले उसका exact model name और उस रैंकिंग का वर्ष देखना जरूरी है। कई बार एक ही सीरीज के अलग-अलग मॉडल अलग रैंक पर होते हैं और कुछ लिस्ट कुल बिक्री के बजाय किसी खास तिमाही की बिक्री बताती हैं।इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल “टॉप 10 फोन” की किसी भी सूची को सीधे सच मानने के बजाय उसके आंकड़ों का स्रोत देखना बेहतर है।स्मार्टफोन बाजार में आगे क्या होगा?अब स्मार्टफोन की अगली बड़ी लड़ाई केवल कैमरा और प्रोसेसर तक सीमित नहीं है। Artificial Intelligence यानी AI तेजी से मोबाइल अनुभव का हिस्सा बन रही है। फोटो एडिटिंग, लाइव ट्रांसलेशन, सर्च, वॉयस असिस्टेंट, ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग और व्यक्तिगत सुझाव जैसे फीचर्स आने वाले वर्षों में फोन की पहचान बदल सकते हैं।इसके साथ फोल्डेबल फोन, बेहतर battery technology, satellite connectivity और अधिक शक्तिशाली mobile processors भी बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ा रहे हैं।ऐसे में आने वाले समय में दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले फोन की सूची भी तेजी से बदल सकती है।सबसे जरूरी बातदुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला फोन कौन है, इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप कुल बिक्री, किसी वर्ष की बिक्री या किसी खास अवधि की बिक्री की बात कर रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से Nokia के कई फीचर फोन ने रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की, जबकि आधुनिक स्मार्टफोन बाजार में Apple iPhone और Samsung Galaxy के मॉडल लगातार शीर्ष श्रेणी में दिखाई देते हैं।यानी आपके हाथ में मौजूद फोन की रैंकिंग जानने के लिए सिर्फ ब्रांड ही नहीं, बल्कि सटीक मॉडल और संबंधित वर्ष के बिक्री आंकड़े देखना जरूरी है।
Haldwani 'शुद्धिकरण' पर Congress का वार, Kharge के अपमान पर PM Modi से मांगा जवाब
कांग्रेस ने उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर हल्द्वानी में उस जगह पर हुए 'शुद्धिकरण' कार्यक्रम का बचाव करने का आरोप लगाया है, जहां पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक रैली को संबोधित किया था। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी, छुआछूत का कथित तौर पर बचाव करने के लिए भट्ट के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी। खबरों के मुताबिक, भट्ट ने कहा कि धार्मिक स्थल के लिए अनुपयुक्त नारों से वहां का माहौल अशुद्ध हो गया था। उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित शुद्धिकरण समारोह की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए ये बातें कहीं। इसे भी पढ़ें: सच्चाई vs भ्रम: मनुस्मृति में नारी को लेकर ऐसा लिखा क्या है? जिस पर होता है बवाल कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भट्ट के बयानों का एक वीडियो शेयर किया और RSS-बीजेपी पर जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। खेड़ा ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि नड्डा जी ने खड़गे जी की रैली के बाद हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। सच तो यह है कि RSS-बीजेपी की रगों में खून की तरह भेदभाव दौड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भट्ट ने अब खुलेआम इस समारोह को सही ठहराया है। खेरा ने कहा कि 21वीं सदी में भी दलितों के साथ ऐसी अमानवीय प्रथाएं अपनाई जाती हैं। यह अपने आप में एक दुखद बात है। उन्होंने आगे कहा कि अगर खड़गे के साथ ऐसी घटना हो सकती है - जो राज्यसभा में विपक्ष के नेता और एक प्रमुख दलित नेता हैं - तो इससे आम दलितों के साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल उठते हैं। खेड़ा ने पूछा कि अब जब पार्टी के अपने ही राज्य अध्यक्ष ने खुलेआम छुआछूत का बचाव किया है, तो क्या पार्टी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी? क्या मोदी उन्हें हटाएंगे? इसे भी पढ़ें: Kriti Sanon के कपड़ों वाले बयान पर भड़कीं Kangana Ranaut, कहा त्योहारों के अपने नियम और मर्यादाएं होती हैं कांग्रेस की प्रवक्ता और सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने भी भट्ट की टिप्पणी का वीडियो शेयर किया। श्रीनेत ने कहा कि ये उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट हैं। वे हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे जी की रैली के बाद हुई शुद्धि की रस्म को सही ठहरा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यही असली बीजेपी है — दलितों के प्रति उनके मन में यही नफ़रत है। बाकी सब तो बस दिखावे की बातें हैं। इससे पहले कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने कथित शुद्धि समारोह की निंदा की थी और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
काठमांडू/नेपाल: नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों से उनका सब कुछ छीन लिया। तबाही के बीच एक शख्स की कहानी सामने आई है, जिसने अपनी पत्नी और बेटे को अपनी आंखों के सामने पानी के तेज बहाव में बहते देखा। वह उन्हें बचाने की कोशिश करता रहा, लेकिन हालात इतने भयावह थे कि देखते ही देखते परिवार उससे हमेशा के लिए बिछड़ गया। उसकी आपबीती नेपाल में आई तबाही की उस तस्वीर को सामने लाती है, जिसे आंकड़ों में समझना मुश्किल है।कुछ ही मिनटों में बदल गया सबकुछशख्स के मुताबिक हादसे से पहले तक सबकुछ सामान्य लग रहा था। अचानक पानी का बहाव तेज हुआ और हालात बेकाबू होने लगे। देखते ही देखते आसपास का इलाका पानी की चपेट में आ गया। लोग सुरक्षित जगह की तलाश में भागने लगे, लेकिन अचानक आई इस आफत ने किसी को संभलने का मौका तक नहीं दिया।उसने बताया कि परिवार के साथ वह भी बचने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान तेज बहाव ने उसके पत्नी और बेटे को अपनी चपेट में ले लिया। उसने पूरी ताकत से उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन पानी का दबाव इतना ज्यादा था कि उसका हाथ छूट गया।पत्नी-बेटे को बचाने की कोशिश में बेबस रह गया पितापीड़ित शख्स की आंखों के सामने पत्नी और बेटे के बह जाने का दृश्य उसकी जिंदगी का सबसे भयावह पल बन गया। उसने मदद के लिए आसपास मौजूद लोगों को पुकारा, लेकिन तेज पानी और लगातार बिगड़ते हालात के कारण तत्काल सहायता पहुंचाना बेहद मुश्किल था।प्राकृतिक आपदा के दौरान अक्सर कुछ सेकंड ही जिंदगी और मौत के बीच का फर्क बन जाते हैं। यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ। परिवार का एक सदस्य अपनी आंखों के सामने अपनों को खोता रहा और चाहकर भी कुछ नहीं कर सका।उसकी कहानी सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है। नेपाल की इस आपदा ने बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापित किया, कई घरों को नुकसान पहुंचाया और अनेक परिवारों को अपनों की तलाश में भटकने के लिए मजबूर कर दिया।तबाही के बीच अपनों की तलाशहादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती उन परिवारों के लिए सामने आई, जिनके परिजन लापता हो गए। कई स्थानों पर राहत और बचाव दल लोगों की तलाश में जुटे रहे। स्थानीय लोग भी अपने स्तर पर मलबे, पानी और प्रभावित इलाकों में अपनों को खोजते दिखाई दिए।ऐसे हालात में किसी परिवार के लिए हर गुजरता घंटा उम्मीद और डर के बीच गुजरता है। कहीं से किसी के सुरक्षित मिलने की खबर आती है तो कहीं लापता व्यक्ति के बारे में जानकारी न मिलने से चिंता और बढ़ जाती है।जिस शख्स ने पत्नी और बेटे को खोया, उसकी आपबीती भी इसी दर्द को दर्शाती है। हादसे के बाद उसकी सबसे बड़ी कोशिश यही रही कि किसी तरह परिवार के सदस्यों का पता चल सके।नेपाल में क्यों इतना भयावह हुआ संकट?नेपाल भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील देश है। ऊंचे पहाड़, दुर्गम इलाके, तेज ढलान और कई हिस्सों में नदियों का उफान प्राकृतिक आपदाओं के दौरान खतरा और बढ़ा देता है। भारी बारिश के दौरान अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़क संपर्क टूटने से प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाना चुनौती बन जाता है।जब तेज बारिश के साथ नदी और नाले उफान पर आते हैं, तो निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद होने से प्रभावित गांवों तक पहुंचना और मुश्किल हो जाता है।नेपाल में ऐसी घटनाओं के दौरान केवल लोगों की जान ही खतरे में नहीं पड़ती, बल्कि बिजली, सड़क, पुल, संचार और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि किसी भी बड़ी प्राकृतिक आपदा का असर कई दिनों तक बना रहता है।एक परिवार की कहानी, लेकिन दर्द हजारों काआपदा के बाद सामने आने वाली व्यक्तिगत कहानियां अक्सर पूरी त्रासदी का मानवीय चेहरा बन जाती हैं। इस शख्स की कहानी भी ऐसी ही है। समाचारों में मौतों की संख्या, क्षतिग्रस्त घरों और प्रभावित क्षेत्रों के आंकड़े सामने आते हैं, लेकिन हर संख्या के पीछे किसी न किसी परिवार की कहानी छिपी होती है।किसी ने माता-पिता खोए, किसी ने बच्चे, किसी का जीवनसाथी अचानक उससे दूर हो गया। कई परिवार ऐसे भी होते हैं जिन्हें अंतिम समय तक यह पता नहीं होता कि उनका अपना सुरक्षित है या नहीं।यही वजह है कि प्राकृतिक आपदा सिर्फ तत्काल नुकसान नहीं पहुंचाती। इसका असर लंबे समय तक मानसिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर दिखाई देता है।राहत और बचाव अभियान के सामने बड़ी चुनौतीप्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य सबसे कठिन चरण होता है। पानी का तेज बहाव, मलबा, टूटे हुए रास्ते और संचार व्यवस्था बाधित होने से बचाव दलों के लिए हर कदम चुनौतीपूर्ण बन जाता है।सबसे पहले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना, घायल लोगों को चिकित्सा सहायता देना और लापता लोगों की तलाश करना प्राथमिकता होती है। इसके बाद भोजन, पानी, दवाइयां और अस्थायी आश्रय की जरूरत सामने आती है।नेपाल की इस त्रासदी में भी राहत एजेंसियों के सामने यही चुनौती रही कि दूरदराज और प्रभावित क्षेत्रों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जाए।दर्द भरी आपबीती ने झकझोर दियापत्नी और बेटे को आंखों के सामने खोने वाले इस शख्स की कहानी इसलिए भी झकझोर देने वाली है क्योंकि इसमें आपदा का वह चेहरा दिखाई देता है, जिसे केवल तस्वीरों या आंकड़ों से महसूस नहीं किया जा सकता।एक पल पहले जो परिवार साथ था, अगले ही पल बिखर गया। बचाने की कोशिश कर रहा पिता खुद बेबस हो गया। यह उस भयावह स्थिति की याद दिलाता है जिसमें इंसान अपनी पूरी ताकत लगाने के बावजूद प्रकृति के सामने असहाय हो जाता है।नेपाल में आई इस तबाही के बीच ऐसी कहानियां लगातार सामने आ रही हैं। प्रत्येक कहानी के पीछे किसी परिवार की उम्मीद, संघर्ष और अपनों को बचाने की कोशिश जुड़ी है।अब सबसे बड़ी जरूरत क्या है?प्राकृतिक आपदा के बाद शुरुआती बचाव अभियान के साथ-साथ प्रभावित लोगों का पुनर्वास भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। जिन लोगों ने अपने घर और परिवार के सदस्य खो दिए हैं, उन्हें तत्काल राहत के साथ लंबे समय तक सहायता की जरूरत पड़ती है।लापता लोगों की पहचान और खोज, परिवारों को सही जानकारी उपलब्ध कराना, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा तथा प्रभावित इलाकों में जरूरी सुविधाएं बहाल करना राहत व्यवस्था की प्रमुख प्राथमिकताएं बन जाती हैं।इस त्रासदी की सबसे दर्दनाक तस्वीर उस शख्स की आंखों में दिखाई देती है, जिसने अपनी पत्नी और बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के सामने उन्हें खो दिया। उसकी कहानी नेपाल में हुई तबाही को एक मानवीय दर्द में बदल देती है—एक ऐसा दर्द जिसे कोई आंकड़ा पूरी तरह बयान नहीं कर सकता।
फरीदाबाद में डंपर ने बाइक सवार दो पुलिसकर्मियों को कुचला, दोनों की मौत
फरीदाबाद के सोहना रोड पर तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी. इसमें ट्रैफिक पुलिसकर्मी नवीन की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनके साथी अभिषेक को घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान अभिषेक ने भी दम तोड़ दिया. इस हादसे का सीसीटीवी सामने आया है.
आपका गुम फोन वापस करना है... सामने आया हाइब्रिड साइबर फ्रॉड, ऐसे बचें
Hybrid Cyber Fraud Kya Hai: साइबर ठगों ने लोगों का बैंक खाता खाली करने का एक नया तरीका खोज निकाला है. अब वे पहले शख्स का स्मार्टफोन चोरी करते हैं और उसके बाद बैंक खाता खाली करते हैं. पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लोगों को इस तरह के केस से सावधान रहने को कहा है.
उसने कभी बुरा नहीं किया: Shamli में Ankit Baliyan की हत्या पर माँ ने माँगा इंसाफ
उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद उनकी माँ ने गहरा दुख जताया है और न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उनके बेटे ने कभी किसी का बुरा नहीं किया। इस घटना के बारे में बात करते हुए बालियान की माँ ने कहा कि हमें न्याय चाहिए। उसने कभी किसी का बुरा नहीं किया। दिवंगत गायक के रिश्तेदारों ने पुष्टि की कि उन्हें हमलावरों की पहचान और गोलीबारी से जुड़ी जानकारी नहीं है; यह घटना एक जिम के बाहर हुई थी। इसे भी पढ़ें: सच्चाई vs भ्रम: मनुस्मृति में नारी को लेकर ऐसा लिखा क्या है? जिस पर होता है बवाल एक रिश्तेदार ने कहा कि पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। हमें खुद भी पूरी जानकारी नहीं थी। हम घर पर भी नहीं थे। आज तक हमें नहीं पता कि वे कौन थे या यह सब कैसे हुआ; हमें कुछ भी पता नहीं है। पुलिस जो भी कार्रवाई करेगी, हम उसे मानेंगे। इस घटना पर राजनीतिक नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस हत्या की निंदा करते हुए इसे बेरहम बताया और उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति की आलोचना की। X पर एक पोस्ट में यादव ने लिखा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह खत्म हो चुकी है, जिस तरह शामली में मशहूर गायक अंकित बालियान की 18 राउंड गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। उन्होंने सड़क पर अपने बेटे के शव को गोद में लेकर बिलखती बालियान की मां के दृश्य को दिल दहला देने वाला बताया। यादव ने कहा कि जाट समुदाय ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़कों पर विरोध जताया है। यूपी का पूरा जाट समुदाय इसे खुद पर हमला मानता है और बहुत गुस्से में है। उन्होंने इस हत्या की हर नज़रिए से जांच करने की भी मांग की, जिसमें राजनीतिक दुश्मनी भी शामिल है, और कहा कि ऐसी कोई भी वजह बेहद निंदनीय है। इसे भी पढ़ें: Kriti Sanon के कपड़ों वाले बयान पर भड़कीं Kangana Ranaut, कहा त्योहारों के अपने नियम और मर्यादाएं होती हैं शामली जिले में एक जिम से निकलते समय अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में, जिसका संबंध कथित तौर पर गोगी गैंग से बताया जा रहा है, इस हत्या की जिम्मेदारी ली गई है। शामली पुलिस उस पोस्ट की जांच कर रही है, जिसमें दावा किया गया है कि बालियान ने गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या का ज़िक्र करते हुए एक गाना बनाया था; गोगी की हत्या रोहिणी कोर्ट के अंदर गोली मारकर की गई थी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
कैरेक्टर पर उंगली उठाने वालों पर भड़कीं कंगना, कहा- दुख होता है
कंगना रनौत ने कहा कि लोग उनके राजनीति में आने पर सवाल उठाते हैं. उन्हें ट्रोल किया जाता है. उनके संघर्ष को कम आंका जाता है. एक्ट्रेस ने कॉकरोच जनता पार्टी पर भी कमेंट किया.
अमेरिका को मिलेगा सबक... भारत-चीन मिलकर करेंगे खेल, बड़ी डील की तैयारी!
भारत और चीन मिलकर नया निवेश फ्रेमवर्क तैयार करने पर विचार कर रहे हैं. दोनों देश अपने रिश्ते सुधारने के साथ ही व्यापार को बढ़ावा देने की लक्ष्य पर काम कर रहे हैं. अगर ये दोनों देश साथ आ गए तो अमेरिकी व्यापार को झटका लग सकता है.
कानपुर: फुफेरे भाई की ब्लैकमेलिंग से तंग, NEET छात्रा ने किया सुसाइड
कानपुर में रक्षाबंधन से ठीक दो दिन पहले एक फुफेरे भाई की हरकतों के कारण नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. आरोपी गुजरात में रहकर एआई से फर्जी वीडियो-मैसेज बनाकर छात्रा के दोस्तों को भेजता था और बदनामी की वजह से छात्रा ने यह आत्मघाती कदम उठाया.
रिपोर्ट के मुताबिक, BJP के एक नेता ने कहा कि अगर BJP NCPI के साथ मिलकर चुनाव लड़ती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा। तब TMC के भ्रष्ट लोग, जिनके खिलाफ हमने सालों तक लड़ाई लड़ी, BJP के समर्थन से चुनकर आ जाएंगे। क्या यह संभव है?
'जो किसान बाजार के साथ किया, वही JPNIC के साथ...', BJP सरकार पर भड़के अखिलेश
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जेपीएनआईसी की लीज को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोला है. अखिलेश यादव ने सरकार पर तंज करते हुए कहा कि ये बीजेपी भी बेच दें.
कल सुबह जल्दी लग जाएगा चंद्र ग्रहण, अभी नोट कर लें टाइमिंग
Chandra Grahan 2026 Timing: कल साल का दूसरा व आखिरी चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगा, जिसकी अवधि लगभग साढ़े 5 घंटे की होगी. यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा. लेकिन फिर भी इसका प्रभाव भारत के जनजीवन पर पड़ेगा.
सुरक्षित बचाए गए दो चीनी नागरिक, ओडिशा तट के निकट डूबे जहाज पर थे सवार
ओडिशा तट के निकट डूबे जहाज पर सवार दो चीनी नागरिकों को सुरक्षित रूप से बचा लिया गया है। गुरुवार को उन्हें पारादीप बंदरगाह पर लाया गया। यहां से चीनी एम्बेसी को संपर्क करके उन्हें वापस उनके देश भेजने का प्रबंध किया जा रहा है।
नेपाल पर बरसा कुदरत का क्रोध, हर तरफ तबाही, देखें दुनिया आजतक
नेपाल में महाविनाश के चलते ना सड़कें बचीं हैं ना पुल, ना कोई साधन है. नेपाल में कल तिब्बत से आई तबाही में 177 लोगों की जान चली गई. 1500 से ज्यादा लोगों का पता नहीं है. दुनिया की ताजातरीन और अहम खबरों के लिए देखें दुनिया आजतक.
नेशनल लॉ स्कूल ने रद्द किया दीक्षांत समारोह, बतौर मेहमान आने वाले थे CJI!
नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी बेंगलुरु ने 12 सितंबर को होने वाला अपना 34वां सालाना दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया है. यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को निमंत्रण भेजने को लेकर हुए विवाद के बाद लिया गया है.
थ्रेडिंग-वैक्सिंग छोड़ें, चावल के आटे से ऐसे हटाएं अनचाहे बाल
Remove Hair Naturally: अगर आपके पास भी अपने पार्लर जाकर थ्रेडिंग और वैक्सिंग कराने का टाइम नहीं है तो यहां हम आपको घर बैठे चेहरे, अपर लिप्स और हाथों के अनचाहे बालों को साफ करना का नेचुरली तरीका बता रहे हैं. इसके लिए आपको न ही पार्लर और न ही रेजर की जरूरत पड़ेगी.
दिल्ली में H1N1 के केस 2600 पार, अस्पतालों की तैयारियां तेज
राजधानी में फ्लू के लगातार बढ़ते मामलों ने चिंता जरूर बढ़ाई है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और सावधानी के साथ स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है.
सब्जी नहीं बनाई तो पत्नी की हत्या कर दी! आंगन में जलाया शव
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक पति पर पत्नी की हत्या का आरोप लगा है. पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद शव जला दिया, फिर गुमराह करने के लिए गुमशुदगी की झूठी कहानी रच दी. दरअसल, 16 अप्रैल की रात सब्जी बनाने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था. आरोप है कि इसी दौरान पति ने पत्नी का गला दबा दिया. इसके बाद शव को आंगन में जलाकर हड्डियां जमीन में दबा दीं.
क्या आप भी खुला तेल खाते हैं? इससे इन बीमारियों का खतरा
महाराष्ट्र में FDA ने खुले तेल की बिक्री पर रोक लगा दी है क्योंकि इसमें मिलावट और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे होते हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने इस समस्या से निपटने के लिए एक स्ट्रैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं. खुले तेल में जहरीले केमिकल्स और बैक्टीरिया होने की संभावना होती है.
सोनल दिनुषा ने रच दिया इतिहास, ऐसा करने वाले पहले श्रीलंकाई
बाएं हाथ के बैटर सोनल दिनुषा का यह प्रदर्शन उनके छोटे से टेस्ट करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बन गया है. भारतीय टीम के खिलाफ लगातार चार टेस्ट पारियों में 50 प्लस स्कोर बनाकर उन्होंने रिकॉर्ड बुक में अपना नाम अंकित करा लिया है.
नेपाल में तबाही के बीच पोखरा में फंसे किसान नेता राकेश टिकैत
नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बीच किसान नेता राकेश टिकैत अपने 8 से 9 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल के साथ पोखरा में फंसे हुए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद के सुरक्षित होने की जानकारी दी. रास्ते बंद होने के कारण वे गाड़ियां छोड़कर फ्लाइट से दिल्ली वापस लौटेंगे.
कहानी नेपाल के उन 3 जिलों की, जिन्होंने भोटेकोशी रौद्र रूप करीब से झेला
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में भारी तबाही मचा दी. तेज बहाव के साथ आया मलबा बाजारों, घरों, सड़कों और पुलों को बहा ले गया. 19 पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हुई, जबकि 270 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
'दो मिनट और यहां रुकते तो...', नेपाल महाप्रलय के एपिसेंटर से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट
आजतक की एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि नेपाल में भारी बाढ़ और भूस्खलन से भयंकर तबाही हुई है. 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों अब भी लापता हैं. नुवाकोट और तैमूर जैसे इलाकों में सड़कें टूट चुकी हैं और रेस्क्यू का एकमात्र सहारा हेलीकॉप्टर बन गए हैं. नदी का पानी 60 से 70 फीट तक ऊंचा उठा, जिसने पूरे बाजार और रिहायशी इलाकों को मलबे में बदल दिया.
Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ
नेपाल में अचानक बाढ़ आने के एक दिन बाद बिहार में उफनाई गंडक नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को घटने लगा, जिससे राज्य के उत्तरी हिस्से के निचले इलाकों के लोगों को राहत मिली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर स्थित गंडक बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी नदी के जलस्तर में कमी आने के साथ घट गयी है। पश्चिम चंपारण बिहार का सबसे उत्तरी जिला है, जिसकी सीमा नेपाल से लगती है। नेपाल से आए बाढ़ के पानी के गंडक नदी में पहुंचने के बाद बुधवार को बिहार में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए वाल्मीकि नगर गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए थे। वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़ा जाने वाला पानी रात 11 बजे के 1.50 लाख क्यूसेक से घटकर बृहस्पतिवार 12 बजे तक 1.04 लाख क्यूसेक रह गया। जल संसाधन विभाग ने एक बयान में कहा, वाल्मीकि नगर गंडक बैराज पर बुधवार रात 11 बजे जलप्रवाह 1.50 लाख क्यूसेक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, जिसके बाद नदी का जलस्तर घटने लगा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गंडक नदी में जलस्तर घटने की प्रवृत्ति देखी गई, लेकिन नेपाल के देवघाट क्षेत्र में देर रात हुई बारिश के कारण जलस्तर में फिर हल्की बढ़ोतरी शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अब तक तटबंधों पर किसी तरह के प्रतिकूल प्रभाव की सूचना नहीं है और जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है तथा पूरी तरह सतर्क है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर भी घट रहा है, हालांकि कुछ स्थानों पर एक-दो सेंटीमीटर की मामूली वृद्धि दर्ज की जा सकती है। उन्होंने कहा, विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और बाढ़ से सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की थी और आज हवाई सर्वे कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया है। अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने, आवश्यक कदम तत्काल उठाने और स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, इस वर्ष बैराज से सर्वाधिक 2.24 लाख क्यूसेक जल प्रवाह 14 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था, जबकि 28 सितंबर 2024 को 5.625 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसलिए फिलहाल स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्ष में सभी टीमें अलर्ट पर हैं। विभागीय अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति के मद्देनजर सभी तैयारियां सुनिश्चित करने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में जिला प्रशासन सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से समय पर लोगों को सतर्क कर रहा है। इस बीच, नेपाल पुलिस के अनुसार भोटेकोशी नदी में बुधवार को आई बाढ़ से तीन जिलों में मची तबाही में मरने वालों की संख्या 160 से अधिक हो गई है।
'मदद के नाम पर शेखी न बघारें', नेपाल को मिली भारत की राहत पर थरूर ने किसे दी सलाह?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत द्वारा दी गई त्वरित राहत की सराहना की। उन्होंने भारतीय मीडिया को 2015 के भूकंप कवरेज की 'शेखी बघारने' जैसी गलतियों को न दोहराने की सलाह दी है।
भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2026) हमारे जीवन में ढेर सारी खुशियां और उमंग लेकर आता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और लंबी उम्र की कामना करती हैं, बदले में भाई उन्हें जीवनभर रक्षा का वचन और खूबसूरत उपहार देते हैं। आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में जब पूरा परिवार एक साथ मिलकर त्यौहार का आनंद उठाना चाहता है, तो सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि केवल एक दिन की छुट्टी (One Day Holiday) में बच्चों और परिवार के साथ कहां घूमने जाया जाए। यदि आप भी इस रक्षाबंधन पर दिल्ली एनसीआर में रहकर अपने परिवार या स्पेशल दोस्तों के साथ कम समय में एक बेहतरीन आउटिंग का प्लान बना रहे हैं, तो राजधानी दिल्ली में ऐसी कई शानदार और ऐतिहासिक जगहें मौजूद हैं जो आपके एक दिन के सफर को हमेशा के लिए यादगार बना सकती हैं। आइए जानते हैं दिल्ली की उन चुनिंदा जगहों के बारे में जहाँ आप कम समय में बेहतरीन आनंद उठा सकते हैं।पहली जगह: सुंदर नर्सरी, निजामुद्दीन – हरियाली और ऐतिहासिक वास्तुकला का अद्भुत संगमयदि आप और आपका परिवार प्रकृति की गोद में शांति और सुकून भरे कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो दक्षिण दिल्ली में स्थित सुंदर नर्सरी (Sunder Nursery) आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। हुमायूं मकबरे के पास स्थित यह विशाल हेरिटेज पार्क और बोटैनिकल गार्डन अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहाँ आपको सैकड़ों प्रजातियों के पेड़-पौधे, सुंदर फव्वारे, रंग-बिरंगे फूल और मुगल कालीन ऐतिहासिक स्मारक एक ही जगह पर देखने को मिल जाते हैं। रक्षाबंधन के खुशनुमा मौसम में यहाँ परिवार के साथ टहलना, खुले आसमान के नीचे पिकनिक मनाना और शानदार तस्वीरें क्लिक करवाना बच्चों और बड़ों दोनों को बेहद पसंद आता है। इसके अलावा, यहाँ स्थित कैफे में बैठकर गर्मागर्म कॉफी और स्नैक्स का आनंद लेते हुए गपशप करना आपके पूरे दिन की थकान को छूमंतर कर देगा।दूसरी जगह: कर्तव्य पथ और इंडिया गेट – देशभक्ति और शाम की सुहाना सफरदिल्ली की यात्रा तब तक पूरी नहीं मानी जाती जब तक आप देश की शान कहे जाने वाले इंडिया गेट और नए बने कर्तव्य पथ (Kartavya Path) का दीदार न कर लें। रक्षाबंधन के दिन शाम के समय यहाँ का माहौल देखने लायक होता है। चारों तरफ फैली हरियाली, विशाल राष्ट्रध्वज, पानी के फव्वारे और लाइटिंग से जगमगाता नजारा हर किसी का दिल मोह लेता है। आप यहाँ अपने परिवार के साथ आइसक्रीम खाते हुए लंबी वॉक का लुत्फ उठा सकते हैं। बच्चों के खेलने के लिए खुला मैदान और आसपास बोटिंग का आनंद लेने की सुविधा भी यहाँ मिल जाती है। इसके पास ही बने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) पर जाकर देश के वीर सपूतों को नमन करना आपके इस त्योहार को एक देशभक्ति और गर्व के अहसास से भर देगा।तीसरी जगह: वेस्ट टू वंडर्स पार्क, सराय काले खां – दुनिया के अजूबे एक ही जगह परअगर आपके परिवार में छोटे बच्चे हैं और आप उन्हें कुछ अनोखा व मनोरंजक दिखाना चाहते हैं, तो वेस्ट टू वंडर्स पार्क (Waste to Wonders Park) एक आदर्श स्थान है। इस पार्क की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि यहाँ दुनिया के सात अजूबे (Seven Wonders of the World) जैसे एफिल टॉवर, ताजमहल, पीसा की मीनार और स्टैचू ऑफ लिबर्टी जैसी भव्य आकृतियों को कबाड़ और बेकार पड़ी वस्तुओं (Waste Materials) से बहुत ही कलात्मक तरीके से तैयार किया गया है। रक्षाबंधन की छुट्टी के दिन कम समय में दुनिया भर की सैर करने का अहसास करने के लिए यह जगह एकदम परफेक्ट है। शाम के समय जब इन सभी कलाकृतियों पर रंग-बिरंगी लाइटें जलती हैं, तो इनकी खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है, जिसे देखकर बच्चे खुशी से झूम उठते हैं।चौथी जगह: कनॉट प्लेस (CP) और आउटर सर्किल – शॉपिंग और फूड लवर्स के लिए बेस्ट हबदिल्ली के दिल यानी कनॉट प्लेस (Connaught Place) का क्रेज कभी कम नहीं होता। यदि आपके परिवार को घूमना, खरीदारी करना और लजीज व्यंजनों का स्वाद लेना पसंद है, तो आप रक्षाबंधन के दिन सीपी का रुख कर सकते हैं। ब्रिटिशकालीन गोल इमारतों और सफेद रंग के स्ट्रक्चर वाले इस बाजार में आपको दुनिया के तमाम ब्रांडेड स्टोर्स, किताबों की दुकानें और बेहतरीन कैफे मिल जाएंगे। यहाँ के सेंट्रल पार्क में बैठकर ठंडी हवा का आनंद लेना और आसपास के प्रसिद्ध रेस्तरां में फैमिली डिनर या लंच करना आपके दिन को पूरी तरह से खास बना देगा। कनॉट प्लेस मेट्रो स्टेशन से आसानी से जुड़े होने के कारण यहाँ पहुँचना भी बेहद आसान है, जिससे आपका सफर बिना किसी ट्रैफिक की परेशानी के आरामदायक हो जाता है।पाँचवीं जगह: अक्षरधाम मंदिर, यमुना बैंक – आध्यात्मिकता और भव्यता का केंद्ररक्षाबंधन जैसे पवित्र और पारंपरिक पर्व की शुरुआत यदि भगवान के दर्शन और आशीर्वाद के साथ की जाए, तो पूरा दिन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। पूर्वी दिल्ली में स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर (Akshardham Temple) अपनी भव्य वास्तुकला, विशाल परिसरों और आध्यात्मिक शांति के लिए पूरी तरह दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहाँ आप अपने परिवार के साथ मंदिर के भव्य दर्शन कर सकते हैं, सुंदर उद्यानों में समय बिता सकते हैं और शाम के समय होने वाले प्रसिद्ध वाटर शो (Musical Fountain Show) का आनंद ले सकते हैं। कम समय में एक दिन की छुट्टी का सदुपयोग करने और परिवार के साथ एक संस्कारी व आनंददायक दिन बिताने के लिए यह जगह सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। दिल्ली की ये तमाम जगहें आपके रक्षाबंधन के त्योहार को बेहद खास और हमेशा के लिए यादगार बनाने का पूरा दम रखती हैं।
TMC ने West Bengal में कार्यकर्ताओं पर हमले का लगाया आरोप, पूछा राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं?
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं पर बर्बर हमले हो रहे हैं। साथ ही उसने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और पूछा कि यहां राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए। टीएमसी के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इस सप्ताह की शुरुआत में पार्टी के विष्णुपुर प्रखंड के अध्यक्ष ज्ञानानंद सामंता पर पुलिस की मौजूदगी में अज्ञात लोगों ने बर्बर हमला किया। पीटीआई वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकता। वीडियो में एक व्यक्ति घायल और परेशान हालत में दिखाई दे रहा है, जिसे कथित तौर पर पीटा गया और बाद में पुलिसकर्मी घसीटकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया, ‘‘ये स्पष्ट संकेत हैं कि पूरे राज्य में राजनीतिक अत्याचार के साथ-साथ हमारे कार्यकर्ताओं पर पुलिस की ज्यादती भी जारी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। क्या ये ऐसे हालात नहीं हैं, जिनमें बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए? अगर ऐसा किसी गैर-भाजपा शासित राज्य में हुआ होता तो अब तक राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया होता।’’इस घटना के संबंध में पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भाजपा ने ममता बनर्जी नीत टीएमसी को सत्ता से हटाकर राज्य में सरकार बनाई थी।
Suvendu Adhikari ने कुशल पेशेवरों से बंगाल लौटने की अपील की, IT क्षेत्र में देंगे अवसर
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को देश के अन्य हिस्सों और विदेशों में काम कर रहे राज्य के कुशल और शिक्षित पेशेवरों से वापस लौटने की अपील की और उन्हें ‘‘डबल इंजन सरकार’’ के तहत अवसर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। न्यू टाउन में एलटीएम के नए आईटी कैंपस ‘आनंद निकेतन’ के पहले चरण के उद्घाटन के अवसर पर शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता राज्य के बड़ी संख्या में शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और पश्चिम बंगाल को फिर से निवेश के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘बड़ी संख्या में शिक्षित युवा बेरोजगार हैं। उन्हें नौकरियों की जरूरत है और वे बंगाल में काम करने के लिए काफी इच्छुक हैं।’’मुख्यमंत्री ने लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) समूह का हिस्सा एलटीएम को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए कंपनी को अतिरिक्त 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि कंपनी ने करीब दो महीने पहले सरकार को पत्र लिखकर जमीन की मांग की थी। एलटीएम के आनंद निकेतन आईटी कैंपस के पहले चरण में करीब आठ लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली दो इमारतें शामिल हैं। इनमें लगभग 5,800 इंजीनियरों और पेशेवरों के बैठने की क्षमता है। एल एंड टी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एसएन सुब्रह्मण्यन और उनकी टीम को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार कंपनी के विस्तार और राज्य में भविष्य के निवेश के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा, ‘‘एलटीएम एक बहुत अच्छी और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कंपनी है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि यह समूह बार-बार यहां आएगा और अधिक निवेश करेगा। हम आपकी टीम के साथ सहयोग करेंगे।’’उन्होंने कहा कि सरकार विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सुरक्षा, चिप डिजाइन, ऑटोमेशन और डिजिटल विनिर्माण जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अवसर पैदा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। शुभेंदु अधिकारी ने युवाओं के वास्ते रोजगार पैदा करने के लिए शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच साझेदारी की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार छोटे कारोबारियों के लिए ऋण और अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
Bihar Flood: Ganga और Kosi समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बिहार के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और सीमावर्ती जिलों में कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान को छू चुकी हैं या उससे ऊपर बह रही हैं। विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार गंडक, कोसी, गंगा, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियां राज्य के कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुछ जगहों पर जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंच गया है। बुलेटिन के मुताबिक, गोपालगंज और सिधवलिया में गंडक नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। वहीं खगड़िया, कटिहार और कुरसेला में कोसी नदी खतरे के निशान को छू रही है। बूढ़ी गंडक भी खगड़िया में खतरे के निशान पर बह रही है। गंगा नदी पटना के दीघा, गांधीघाट और हथीदह तथा भागलपुर के कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं सिवान जिले के दरौली में घाघरा नदी का जल स्तर भी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। अधिकारी ने बताया कि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। मौसम विभाग के जिला-वार वर्षा बुलेटिन के अनुसार बृहस्पतिवार को पटना, पूर्णिया, भागलपुर, पश्चिम चंपारण, नालंदा और सिवान समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
Bhagwant Mann की दो टूक: Punjab में हड़ताल खत्म होने के बाद ही होगी बातचीत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को हड़ताल कर रहे सरकारी कर्मचारियों से स्पष्ट कहा कि उनसे बातचीत तभी की जाएगी, जब वे अपनी हड़ताल खत्म कर देंगे। मान को बृहस्पतिवार को जालंधर में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों और समस्याओं पर चर्चा करने के लिए बैठक करनी थी। पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए बृहस्पतिवार को राज्यव्यापी हड़ताल की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित महंगाई भत्ता (डीए) जारी करना भी शामिल है। सरकारी कर्मचारियों की ‘महा हड़ताल’ के कारण विभिन्न सरकारी विभागों का कामकाज प्रभावित हुआ और अस्पतालों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं भी बाधित रहीं। मान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी सरकार कर्मचारियों की हर जायज मांग और चिंता सुनने के लिए तैयार है, लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकती। मान ने कहा, “कर्मचारी हमारे परिवार का अहम हिस्सा हैं और उनकी हर जायज मांग सुनने के लिए हम तैयार हैं। लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकतीं। सरकार हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी, जब हड़ताल खत्म की जाएगी।”पंजाब सांझा मुलाजिम मंच के बैनर तले 150 से अधिक कर्मचारी संगठनों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ‘महा हड़ताल’ में हिस्सा लिया। कर्मचारी संगठनों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी करना, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करना और संविदा कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। कर्मचारियों ने कहा कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद राज्य सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने में “विफल” रही है।
Nepal बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की मदद के लिए CMO ने शुरू किया कंट्रोल रूम
नेपाल में बाढ़ के बीच महाराष्ट्र के करीब 80 पर्यटकों के फंसे होने का अनुमान है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि जानकारी जुटाने का काम जारी है और यह संख्या बदल सकती है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) की बृहस्पतिवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 57 लोग एक टूर एजेंसी के माध्यम से गए थे, जबकि बाकी लोग स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रहे थे। अब तक चार नागरिकों के सुरक्षित होने की सूचना मिली है। बुधवार को नेपाल के तीन जिलों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इसमें 165 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत कई लोग लापता हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे भीषण आपदाओं में से एक है। एसईओसी ने बताया कि वह 57 लोगों की यात्रा आयोजित करने वाली ऋचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के संपर्क में है। वह आगे की जानकारी के लिए नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के एकीकृत नियंत्रण कक्ष-आपात प्रतिक्रिया केंद्र के साथ भी समन्वय कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods में 165 लोगों की मौत, 300 से अधिक भारतीय पर्यटक लापता राज्य के अधिकारी यात्रा आयोजित करने वाली संबंधित ट्रैवल एजेंसी के साथ भी समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि एसईओसी और जिला प्रशासन वहां फंसे लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। कुछ मामलों में नाम दोहराए जाने की बात सामने आई है और अंतिम संख्या तय करने के लिए उनका सत्यापन किया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नेपाल में फंसे अपने रिश्तेदारों या अन्य लोगों की जानकारी साझा करने की अपील की है। विभाग ने एक हेल्पलाइन डेस्क भी स्थापित किया है और समन्वय एवं सहायता के लिए लोगों से विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। एसईओसी ने लोगों की जानकारी जुटाने के लिए एक वेब आधारित लिंक तैयार किया है और इसे मीडिया के माध्यम से साझा किया है। इसे भी पढ़ें: भीषण बाढ़ पर दलाई लामा ने जताया दुख, आपदा के पीछे Climate Change का जताया अंदेशा जिला कलेक्टरों को भी जानकारी जुटाने और उसका सत्यापन करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बुधवार को बताया कि मंत्रालय में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। महाराष्ट्र के जिन लोगों को सहायता की आवश्यकता है, उनसे आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की गई है।
शामली में मारे गए YouTuber अंकित बालियान के पोस्टमार्टम में बड़ा खुलासा, शरीर से निकलीं 8 गोलियां
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में ताबड़तोड़ गोलियां लगने से जान गंवाने वाले हरियाणवी गायक एवं यूट्यूबर अंकित बालियान कुछ महीने पहले हरियाणा छोड़कर अपने गांव में रहते थे और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। बालियान के परिजन को शक है कि उनकी हत्या का असल कारण हरियाणा से ही जुड़ा कोई विवाद है और हत्या हरियाणा के सोनीपत के लोगों ने ही की है। उनके एक परिजन ने पीटीआई—को बताया कि पूर्व में कबड्डी के खिलाड़ी रहे बालियान ने बाद में पैरों में परेशानी की वजह से खेल छोड़कर वर्ष 2022 में यूट्यूब पर अपना चैनल खोला था। उन्होंने बताया कि बालियान ने अपने यूट्यूब चैनल पर भरी कोर्ट में गोली मारेंगे जैसे कई गीत डाले जो खासे लोकप्रिय हुए। उसके बाद वह हरियाणा के सोनीपत में रहने लगे, मगर पिछले करीब आठ महीने से वह शामली के अपने पैतृक गांव बंतीखेड़ा में रह रहे थे और रोजाना जिम में कसरत करने जाते थे। परिजन ने बताया कि बालियान जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे और इलाके में उनके होर्डिंग, बैनर और पोस्टर भी लगे थे। इसे भी पढ़ें: Shamli में YouTuber अंकित बालियान की हत्या मामले में पुलिस को मिले कई अहम सुराग उनका ऐसा कोई राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नहीं था जिससे उन्हें जान का खतरा हो। उन्होंने बताया कि बालियान की हत्या हरियाणा में ही हुए किसी मामले को लेकर हुई है और हत्या को भी वहीं के हमलावरों ने अंजाम दिया है। परिजन के मुताबिक, बालियान का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: “भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान गीत गाने वाले Ankit Baliyan की हत्या मामले में हुए बड़े खुलासे ने चौंकाया उन्होंने बताया कि बालियान शारीरिक शिक्षा में स्नातक थे और सरकारी नौकरी के लिये प्रयास भी किये थे। उन्होंने बताया कि बालियान की पत्नी दिल्ली में सरकारी शिक्षिका है और उनका भाई राजीव कोटा में रहता है जबकि उसके पिता सतवीर सिंह सेवानिवृत्त सैनिक हैं। परिजन ने बताया कि हरियाणा के गोगी गैंग के एक गुर्गे ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर बालियान की हत्या की जिम्मेदारी ली है। हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। परिजन के मुताबिक, पोस्टमार्टम के दौरान उनके शव से आठ गोलियां निकाली गयीं जिनमें से तीन सिर से, इतनी ही हाथ में, एक पेट में और एक पैर में लगी है। उन्होंने बताया कि बालियान का अंतिम संस्कार बंतीखेड़ा गांव में ही होगा।
काठमांडू पहुंचे Tharoor ने Nepal में आई विनाशकारी बाढ़ पर जताई चिंता, भारत की मदद का किया समर्थन
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से अनभिज्ञ कांग्रेस सांसद शशि थरूर बुधवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे। हालांकि काठमांडू पहुंचने पर उन्होंने उत्तरी नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई जान-माल की भारी तबाही पर चिंता जताई। थरूर ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं कल काठमांडू पहुंचा लेकिन मुझे पर्वतीय क्षेत्रों में हुई तबाही और भारी नुकसान के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था।’’ कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य थरूर ने बताया कि काठमांडू पहुंचने के बाद उन्हें आपदा की भयावहता का पता चला। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods में 165 लोगों की मौत, 300 से अधिक भारतीय पर्यटक लापता बाढ़ में मरने वालों की संख्या 160 तक पहुंच गई है और अनुमान है कि करीब 2,000 या उससे अधिक लोग लापता हैं। तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा, ‘‘काठमांडू पहुंचने पर पता चला कि कई लोगों की जान गई है (अब तक 160 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है) और अनुमान है कि लगभग 2000 या उससे अधिक लोग लापता हैं।’’ उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास अचानक जबरदस्त बाढ़ आ गई जिससे भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई। थरूर के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी या फिर तिब्बत में आए भूकंप के कारण ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिर गया होगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ के तेज पानी के बहाव में कम से कम 19 ऐसे पुल नष्ट हो गए जिन पर गाड़ियां चल सकती थीं, बेत्रावती-रसुवागढ़ी राजमार्ग का लगभग 40 किलोमीटर हिस्सा बाढ़ के पानी में बह गया और संचालनरत आठ पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा। थरूर ने कहा, ‘‘तुरंत राहत सहायता प्रदान करने के भारत सरकार के संकल्प का मैं पूरी तरह से समर्थन करता हूं। नेपाल को हर संभव मदद की जरूरत है।’’ आपदा से प्रभावित भारतीय पर्यटकों पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मेरी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। इसे भी पढ़ें: भीषण बाढ़ पर दलाई लामा ने जताया दुख, आपदा के पीछे Climate Change का जताया अंदेशा इनमें बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक शामिल हैं, जिनमें से सौ लोग कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए थे।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘जो लोग लापता हैं, उनकी सलामती की प्रार्थना करता हूं और उम्मीद है कि उन्हें जल्द बचा लिया जाएगा।’’ नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार, बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के कुछ हिस्सों में अचानक आई बाढ़ के कारण हजारों लोग लापता हो गए हैं, जिनमें लगभग 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। इस बाढ़ से हिमालयी देश के तीन जिलों में भारी तबाही मची है।
Nepal Floods में फंसे तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर नजर, बचाव अभियान जारी
तमिलनाडु के मंत्री ए. राजमोहन ने बृहस्पतिवार को विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण फंसे राज्य के तीर्थयात्रियों के बचाव कार्य पर करीब से नजर रख रही है और चेन्नई से गए 49 अन्य लोगों की स्थिति का पता भी लगाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के 10 जिलों से 54 लोग और पुडुचेरी से तीन लोग तीर्थयात्रा पर गए थे। इसके अलावा सरकार को पता चला है कि चेन्नई के एक ‘टूर ऑपरेटर’ ने 49 तीर्थयात्रियों को मानसरोवर भेजा था जिससे तीर्थयात्रा पर जाने वाले लोगों की संख्या 106 हो गई है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ विपक्ष की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों के बचाव कार्य और उनकी स्थिति पर हर घंटे नजर रख रही है और बचाए गए 20 लोगों को वर्तमान में काठमांडू के रास्ते वापस लाने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने बताया कि इन 57 लोगों के अलावा चेन्नई की एक ट्रैवल एजेंसी 49 तीर्थयात्रियों को मानसरोवर यात्रा पर ले गई थी और अभी उनकी यात्रा योजना तथा वे कहां हैं, इस बारे में पता लगाने की कोशिशें की जा रही हैं।
भीषण बाढ़ पर दलाई लामा ने जताया दुख, आपदा के पीछे Climate Change का जताया अंदेशा
तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने बृहस्पतिवार को नेपाल और तिब्बत में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। दलाई लामा ने कहा कि इस क्षेत्र में पहले भी प्राकृतिक आपदाएं आती रही हैं और ये निश्चित रूप से किसी गहरे अंतर्निहित कारण के संकेत हैं, चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो या कोई अन्य वजह। दलाई लामा ने कहा, ‘‘नेपाल के रसुवा क्षेत्र और तिब्बत के क्यिरोंग में आई विनाशकारी बाढ़ के बारे में जानकर मुझे बहुत दुख हुआ है। इस आपदा में लोगों की जान गई है और बड़े पैमाने पर ढांचागत नुकसान हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस आपदा में जान गंवाने वालों के लिए प्रार्थना करता हूं और शोक संतप्त परिवारों तथा इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना और शोक व्यक्त करता हूं।’’ बुधवार को नेपाल के तीन जिलों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इसमें 165 लोगों की मौत हुई है। आपदा में 300 भारतीय पर्यटक लापता हैं। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, तिब्बत में 558 लोग लापता हैं।
P Chidambaram बोले, संसद का मजाक बन रहा है; FCRA-Delimitation पर सरकार को घेरा
सीनियर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने गुरुवार को मॉनसून सत्र के दौरान संसद के कामकाज की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्र में कोई सार्थक कामकाज नहीं हुआ और केंद्र सरकार ने बिना पर्याप्त चर्चा के ही बिल पास कर दिए। चेन्नई में कांग्रेस की एक बैठक में बोलते हुए, चिदंबरम ने कहा कि संसद की तुलना में राज्य विधानसभाओं में बहस ज़्यादा असरदार होती है। उन्होंने इसके लिए तमिलनाडु विधानसभा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही देखने के बाद, कभी-कभी मुझे लगता है कि मुझे सांसद के बजाय विधायक होना चाहिए था। इसे भी पढ़ें: सच्चाई vs भ्रम: मनुस्मृति में नारी को लेकर ऐसा लिखा क्या है? जिस पर होता है बवाल उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले 12 सालों में संसद में अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव (adjournment motions) क्यों नहीं लाए गए; क्या इस दौरान कोई गंभीर मामला नहीं था? मॉनसून सत्र का ज़िक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन – जिसमें पुलिस की कार्रवाई हुई और एक छात्र की एक आँख की रोशनी चली गई – पर स्थगन प्रस्ताव के ज़रिए चर्चा नहीं की गई। चिदंबरम ने बिना उचित चर्चा के 12 बिल पास किए जाने की भी आलोचना की और कहा कि दिन-ब-दिन संसद मज़ाक और हंसी का पात्र बनती जा रही है। फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) बिल के बारे में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधनों से उन संगठनों पर बुरा असर पड़ेगा जो सामाजिक कार्यों के लिए विदेशी चंदा लेते हैं। शिवगंगा के एक कैथोलिक बिशप का उदाहरण देते हुए, जिनका FCRA रजिस्ट्रेशन तीन साल पहले रद्द कर दिया गया था, चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने बिशप को कानूनी रास्ता अपनाने की सलाह दी थी। उन्होंने दावा किया कि इन संशोधनों का मकसद ईसाई और मुस्लिम संगठनों को निशाना बनाना है। उन्होंने कहा कि हजारों ईसाई बिशप, पादरी और अन्य लोगों ने भारतीय समाज के लिए काम किया है और बहुत बड़ी सेवा की है। यह कानून ऐसे संगठनों को खत्म करने के लिए लाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बिल का मकसद इन संगठनों के फंड और संपत्ति को ज़ब्त करना है और इसे सबसे बुरे कानूनों में से एक बताया। इसे भी पढ़ें: Kriti Sanon के कपड़ों वाले बयान पर भड़कीं Kangana Ranaut, कहा त्योहारों के अपने नियम और मर्यादाएं होती हैं परिसीमन के मुद्दे पर चिदंबरम ने कहा कि यह देश के सामने मौजूद सबसे अहम मुद्दों में से एक है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनसंख्या के आंकड़ों पर आधारित किसी भी प्रक्रिया से लोकसभा में दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है। उन्होंने दक्षिणी राज्यों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीतिक पार्टियों से इस प्रस्ताव का विरोध करने के लिए एकजुट होने की अपील की। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
'मेरे सामने मेरा परिवार बह गया...' नेपाल की बाढ़ देखने वालों ने क्या बताया?
नेपाल और तिब्बत सीमा के पास आई इस तबाही में मौत और लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कई इलाकों में बचाव अभियान जारी है और हेलीकॉप्टरों से लोगों तक राहत पहुंचाई जा रही है. लेकिन इस बड़ी त्रासदी के बीच कुछ ऐसे चेहरे भी हैं, जो मौत के बेहद करीब जाकर लौटे हैं. आइए जानते हैं उनकी आपबीती, जिसे जानकर आप भी सिहर उठेंगे.
संजीव कपूर स्टाइल में घर पर बनाएं मलाई कोफ्ता, नोट करें रेसिपी
Malai Kofta Recipe: मलाई कोफ्ता खाने में बेहद स्वादिष्ट और शाही डिश मानी जाती है. अगर आपको भी रेस्टोरेंट जैसा मलाई कोफ्ता पसंद है तो शेफ संजीव कपूर की यह आसान रेसिपी घर पर जरूर ट्राई करें. इसमें पनीर-आलू के कोफ्तों के साथ ड्राई फ्रूट्स की स्टफिंग और क्रीमी ग्रेवी का स्वाद मिलेगा.
ममता बनर्जी से कौन सी किताब मांग रही शुभेंदु सरकार, वॉर्निंग तक दे डाली
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी से कुछ किताबों की मांग की है। हालांकि, खबरें ये भी हैं कि बनर्जी ने किताबों उनके पास नहीं हैं। फिलहाल, पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।
इस विशाल और सुंदर पृथ्वी पर अनगिनत ऐसी अद्भुत जगहें मौजूद हैं, जिनकी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक वास्तुकला देखकर इंसान की आंखें खुली की खुली रह जाती हैं। जीवन की भागदौड़ भरी इस दैनिक चर्या से थोड़ा वक्त निकालकर जब कोई व्यक्ति नई जगहों की यात्रा करता है, तो उसका मानसिक और आत्मिक विकास होता है। यात्रा करना केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह दुनिया को करीब से जानने और विभिन्न संस्कृतियों के बीच की गहराइयों को समझने का एक बेहतरीन जरिया भी है। दुनिया भर में फैले अनगिनत पर्यटन स्थलों में से कुछ शहर ऐसे हैं जिनकी खूबसूरती, वहाँ की आबोहवा और अनूठा सौंदर्य यात्रियों के दिलों पर हमेशा के लिए अपनी गहरी छाप छोड़ जाता है। यदि आप भी एक सच्चे घुमक्कड़ हैं और अपने जीवन में कुछ ऐसी यादें संजोना चाहते हैं जो ताउम्र आपके साथ रहें, तो दुनिया के इन 5 सबसे खूबसूरत और बेमिसाल शहरों को अपनी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए।पहला शहर: पेरिस, फ्रांस – प्यार और कला की अद्भुत नगरीयूरोप के दिल में बसा फ्रांस की राजधानी पेरिस (Paris) दुनिया भर के सैलानियों के लिए हमेशा से सपनों का शहर रहा है। इस शहर को दुनिया भर में 'सिटी ऑफ लव' यानी प्रेम की नगरी और फैशन की राजधानी के रूप में जाना जाता है। पेरिस की सड़कों पर टहलना, वहाँ के ऐतिहासिक कैफे में बैठकर कॉफी की चुस्कियां लेना और सीन नदी (Seine River) के किनारे शाम के वक्त सूर्यास्त का नजारा देखना एक ऐसा अनुभव है जो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। दुनिया के सात अजूबे में शुमार एफिल टॉवर (Eiffel Tower), ऐतिहासिक लौवर संग्रहालय जहाँ मोना lisa की प्रसिद्ध पेंटिंग रखी है, और गॉथिक वास्तुकला का बेजोड़ नमूना नॉट्रे-डेम कैथेड्रल इस शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। यहाँ की फ्रेंच वास्तुकला, पेस्ट्री शॉप्स और कलात्मक माहौल हर साल करोड़ों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है, और जीवन में कम से कम एक बार इस शहर को देखना हर ट्रैवलर का सपना होता है।दूसरा शहर: क्योटो, जापान – परंपरा और प्रकृति का अदभुत संगमएशिया महाद्वीप में स्थित जापान का प्राचीन शहर क्योटो (Kyoto) आधुनिकता की चकाचौंध से दूर अपनी पारंपरिक जापानी संस्कृति, शांत बौद्ध मंदिरों और प्राचीन महलों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यदि आप शांति, प्रकृति और इतिहास से गहरा लगाव रखते हैं, तो क्योटो आपके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। इस शहर में हजारों की संख्या में पारंपरिक शिंतो मंदिर, जेन गार्डन और लकड़ी के पुराने जापानी घर देखने को मिलते हैं, जो आपको सदियों पुराने इतिहास में ले जाते हैं। विशेषकर बसंत ऋतु के दौरान जब यहाँ चेरी ब्लॉसम (Sakura) के फूल खिलते हैं और पूरा शहर गुलाबी रंग की चादर में लिपट जाता है, तो उसकी खूबसूरती देखने लायक होती है। यहाँ का प्रसिद्ध बांस का जंगल (Arashiyama Bamboo Grove) और पारंपरिक चाय समारोह पर्यटकों को एक बेहद आध्यात्मिक और सुकून भरा अनुभव प्रदान करता है, जो जीवन की सारी थकान मिटा देता है।तीसरा शहर: केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका – महासागर और पहाड़ों का मिलनअफ्रीका महाद्वीप के दक्षिणी छोर पर बसा केप टाउन (Cape Town) दुनिया के सबसे खूबसूरत तटीय शहरों में शुमार किया जाता है। इस शहर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ आपको एक ही जगह पर विशाल महासागरों का नीला पानी और बादलों से घिरे ऊंचे-ऊंचे पहाड़ देखने को मिल जाते हैं। शहर के ठीक पीछे खड़ा टेबल माउंटेन (Table Mountain) अपनी समतल चोटी के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहाँ केबल कार से जाने पर पूरे शहर और तट का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। इसके अलावा, यहाँ का केप पेनिनसुला, अटलांटिक महासागर के किनारे बने खूबसूरत बीच और रंग-बिरंगे घरों वाला बो-काप (Bo-Kaap) इलाका पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए केप टाउन एक ऐसा जादुई ठिकाना है जहाँ हर पल रोमांच और सुंदरता का अनूठा अहसास होता है।चौथा शहर: प्राग, चेक गणराज्य – परियों की कहानियों सा जादुई शहरमध्य यूरोप में स्थित चेक गणराज्य की राजधानी प्राग (Prague) को 'सिटी ऑफ ए हंड्रेड स्पायर्स' यानी सौ मीनारों का शहर भी कहा जाता है। इस शहर में कदम रखते ही ऐसा महसूस होता है कि आप किसी परियों की कहानी (Fairytale) की दुनिया में आ गए हैं। प्राग की पुरानी शहर की गलियां, गोथिक और बैरोक् शैली की ऐतिहासिक इमारतें, और शहर के बीचों-बीच बहती वलतावा नदी इस जगह की खूबसूरती को चार चांद लगाती हैं। शहर का ऐतिहासिक चार्ल्स ब्रिज (Charles Bridge), जो सदियों पुराना पैदल पुल है, और दुनिया की सबसे पुरानी चालू खगोलीय घड़ी (Prague Astronomical Clock) यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं। शाम के समय जब पुराने प्राग की ऐतिहासिक इमारतों पर पीली लाइटें जलती हैं, तो यह शहर किसी खुली हुई पेंटिंग की तरह बेहद जादुई और सम्मोहक नजर आता है, जिसे देखकर कोई भी शख्स इसमें खो जाए।पांचवां शहर: सिडनी, ऑस्ट्रेलिया – आधुनिकता और समुद्र तट का बेजोड़ मेलऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा और चमकीला शहर सिडनी (Sydney) अपनी आधुनिक वास्तुकला, शानदार हार्बर और खूबसूरत समुद्र तटों (Beaches) के लिए पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखता है। सिडनी ओपेरा हाउस (Sydney Opera House) की अनोखी और शेल जैसी बनावट इस शहर की वैश्विक पहचान है, जो रात के समय रोशनी में जगमगाती हुई बेहद खूबसूरत दिखती है। इसके पास ही बना विशाल सिडनी हार्बर ब्रिज और यहाँ की बॉन्डी बीच (Bondi Beach) पर सर्फिंग का आनंद लेने वाले सैलानियों का उत्साह इस शहर को एक जीवंत और ऊर्जावान पर्यटन स्थल बनाता है। यहाँ के रॉयल बॉटनिकल गार्डन में टहलना और नीले पानी के बीच फेरी की सवारी करना पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव होता है। दुनिया के ये पांचों शहर अपनी अलग-अलग विशेषताओं और अद्वितीय सौंदर्य के कारण हर यात्री के दिल पर राज करते हैं, और जीवन में कम से कम एक बार इन जगहों का दीदार करना हर किसी के लिए एक बेहतरीन और समृद्ध अनुभव साबित हो सकता है।
कैबिनेट विस्तार के लिए करना होगा अभी और इंतजार, विदेश यात्रा पर निकल रहे हैं PM मोदी, कब लौटेंगे?
cabinet expansion: आपको बता दें कि पीएम मोदी 31 अगस्त से एक सितंबर के बीच किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
Nepal Flood और PM Modi के बयान समेत दोपहर की बड़ी राष्ट्रीय और वैश्विक खबरें
नयी दिल्ली, 27 अगस्त की विभिन्न फाइल से बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: वि27: नेपाल तीसरी लीड बाढ़नेपाल बाढ़: मृतक संख्या 177 हुई, 300 भारतीय लापताकाठमांडू, नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है और इस त्रासदी में 300 भारतीय पर्यटकों समेत सैंकड़ों लोग लापता हैं जिनकी तलाश युद्धस्तर पर जारी है। खेल18: खेल खेलो लीड मोदीहम ओलंपिक के आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेते, इसमें सुधार की जरूरत : प्रधानमंत्री मोदीनयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ओलंपिक में शामिल आधे खेलों में भारत की भागीदारी नहीं होने पर अफसोस जताया और कहा कि देश की पदक संख्या तभी बढ़ सकती है जब सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग जैसे उन खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी तैयार हों जिनमें अब तक उन्होंने हिस्सा नहीं लिया है। प्रादे56: बिहार नेपाल बाढ़ गंडकबिहार में उफनाई गंडक का जलस्तर घटने लगा: अधिकारीपटना, नेपाल में अचानक बाढ़ आने के एक दिन बाद बिहार में उफनाई गंडक नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को घटने लगा, जिससे राज्य के उत्तरी हिस्से के निचले इलाकों के लोगों को राहत मिली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रादे18: कश्मीर वायरल वीडियो एफसीआईजम्मू कश्मीर: भारत-विरोधी टिप्पणी संबंधी महिला ‘कर्मचारी’ के वायरल वीडियो की जांच के आदेशजम्मू, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने बुधवार को उस वीडियो की जांच के आदेश दिए जिसमें कथित तौर पर निगम की एक महिला कर्मचारी भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करती नजर आ रही है। निगम ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो के संबंध में वह बृहस्पतिवार को कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। प्रादे7: गोवा धर्मांतरण रोधी विधेयकगोवा मंत्रिमंडल ने धर्मांतरण रोधी विधेयक को दी मंजूरी, आगामी विधानसभा सत्र में होगा पेशपणजी, गोवा मंत्रिमंडल ने धर्मांतरण के खिलाफ एक विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसमें अन्य कड़े प्रावधानों के साथ आजीवन कारावास की सजा का प्रस्ताव किया गया है। प्रादे3: उप्र यूट्यूबर हत्या पुलिसहरियाणवी गायक की हत्या का मामला पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण, जल्द गिरफ्तार होंगे हत्यारे : एडीजीशामली (उप्र),मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर ने शामली जिले में हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के सनसनीखेज मामले को पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा है कि पुलिस ने इस मामले में कई सुराग हासिल किए हैं और जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वि21: आईएईए भारतभारत वाणिज्यिक पोतों में परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल की आईएईए की पहल में शामिलवाशिंगटन, भारत समुद्री क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने वाली वैश्विक पहल में बुधवार को शामिल हो गया जिसके तहत तैरते परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण और असैन्य पोतों को परमाणु ऊर्जा से चलाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। वि20: अमेरिका सोशल मीडिया सुनवाईसमझौते के बावजूद मेटा को मुकदमों से राहत नहींवाशिंगटन, मेटा और अमेरिका के कई राज्यों के बीच बुधवार को घोषित समझौते से कंपनी के खिलाफ चल रही सबसे बड़ी कानूनी लड़ाइयों में से एक खत्म हो गई। हालांकि, सोशल मीडिया कंपनी को अभी भी युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर उसके उत्पादों के प्रभाव को लेकर अन्य जगहों पर मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। अर्थ7: सीतारमण सीईओसीतारमण ने कनाडा की वित्तीय कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से की मुलाकातवॉशिंगटन,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को सन लाइफ फाइनेंशियल और कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (सीपीपीआईबी) समेत कनाडा की विभिन्न वित्तीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में उनके निवेश को बढ़ाने का आग्रह किया। अर्थ14: गेल विस्तारगैस, पेट्रोरसायन और स्वच्छ ऊर्जा कारोबार का बड़े स्तर पर विस्तार करेगी गेल: चेयरमैननयी दिल्ली, सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार करने, एलएनजी की खरीद और जहाजरानी में विविधता लाने, पेट्रोरसायन तथा एलपीजी बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में निवेश करने की योजना बना रही है। खेल3: खेल न्यूजीलैंड भारत टिकटभारत के न्यूजीलैंड दौरे के टिकटों की रिकॉर्ड शुरुआती बिक्रीवेलिंगटन, भारत के बहु प्रारूप के आगामी न्यूजीलैंड दौरे को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है और मेजबान क्रिकेट बोर्ड द्वारा सदस्यों के लिए शुरू की गई टिकटों की बिक्री के शुरुआती 48 घंटे में 26,000 टिकट बिक गए।
कितने कॉल आए? थलपति विजय को स्टालिन ने घेरा, नेपाल बाढ़ में लापता हुए 57 तमिल
नेपाल में बुधवार को आए बाढ़ में भारत के भी सैकड़ों लोग लापता हैं। नेपाल के विदेश मंत्री ने बताया है कि 300 से ज्यादा भारतीयों की तलाश जारी है। इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को स्टालिन ने घेरा है।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के पटल पर समय-समय पर ऐसे कई प्रेरणादायक और संघर्षपूर्ण किस्से सामने आते हैं जो खेल प्रेमियों को गहराई से झकझोर देते हैं। ऐसा ही एक बेहद चर्चित और प्रेरणास्पद नाम अनाया बांगर (Anaya Bangar) का है, जो भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और कोच संजय बांगर की संतान हैं। अनाया ने अपने जीवन में न केवल व्यक्तिगत स्तर पर एक बहुत बड़ा और साहसिक बदलाव अपनाया है, बल्कि खेल के मैदान पर एक प्रोफेशनल क्रिकेटर के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए भी लंबी कानूनी व सामाजिक लड़ाइयों का सामना किया है। हाल ही में अनाया बांगर के क्रिकेट करियर को लेकर एक बहुत बड़ी अपडेट सामने आई है, जिसने खेल जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। भारत और घरेलू सर्किट में तमाम तरह की प्रशासनिक बाधाओं और चयन से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण जब उन्हें उम्मीद के मुताबिक अपनी टीम में जगह नहीं मिल पाई, तब उन्होंने हार मानने के बजाय क्रिकेट के मुकाम को हासिल करने के लिए एक बिल्कुल नया और अनूठा रास्ता चुन लिया है।क्यों नहीं मिल पा रहा था भारत में मौका और क्या थीं प्रशासनिक चुनौतियांअनाया बांगर पिछले काफी समय से महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने के लिए अपनी कड़ी मेहनत और पसीना बहा रही हैं, लेकिन नियमों, जेंडर एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया (Gender Eligibility Criteria) और प्रशासनिक अड़चनों के चलते उन्हें घरेलू क्रिकेट में वो मंच नहीं मिल पा रहा था जिसकी वे हकदार थीं। दुनिया भर के विभिन्न क्रिकेट बोर्ड्स के अपने अलग-अलग नियम होते हैं, जिसके कारण ट्रांसजेंडर्स या जेंडर-अफर्मिंग एथलीटों को प्रोफेशनल टीमों में शामिल करने को लेकर आज भी कई तरह की पेचीदगियां बनी हुई हैं। भारत के घरेलू ढांचे में इन जटिलताओं के चलते अनाया को लगातार निराशा का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि उनकी प्रतिभा होने के बावजूद केवल तकनीकी और कानूनी बाधाओं की वजह से उन्हें मुख्यधारा की टीमों में जगह नहीं दी जा रही थी। इस तरह की हताशा भरे माहौल के बीच किसी भी युवा खिलाड़ी का टूट जाना स्वाभाविक होता है, लेकिन अनाया ने इस मुश्किल वक्त में हार मानने के बजाय एक नई दिशा की तलाश करने का दृढ़ संकल्प लिया।ऑस्ट्रेलिया की खेल संस्कृति और खुले माहौल ने दिखाया नया रास्ताभारतीय क्रिकेट गलियारों से निराशा मिलने के बाद अनाया बांगर ने अपनी नजरें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन देशों की ओर घुमाईं जहाँ खेल के मैदान पर समावेशन (Inclusion), विविधता और खिलाड़ियों के अधिकारों को सबसे ऊपर रखा जाता है। इसमें सबसे पहला और प्रमुख नाम ऑस्ट्रेलिया का आता है, जिसकी क्रिकेट संस्कृति और वहां के घरेलू बोर्ड क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (Cricket Australia) की नीतियां ट्रांसजेंडर्स और महिला क्रिकेटरों के लिए तुलनात्मक रूप से अधिक समावेशी और स्पष्ट मानी जाती हैं। ऑस्ट्रेलिया के घरेलू सर्किट और स्थानीय क्लब क्रिकेट में खिलाड़ियों की प्रतिभा को उनकी व्यक्तिगत पहचान के बजाय उनके खेल कौशल के आधार पर प्राथमिकता दी जाती है। इस बात को गहराई से समझने के बाद अनाया ने यह महसूस किया कि यदि उन्हें अपने सपनों को जिंदा रखना है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी गेंदबाजी व बल्लेबाजी का लोहा मनवाना है, तो उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट तंत्र और वहां के खुले माहौल का रुख करना चाहिए।अनाया बांगर का मास्टर प्लान और भविष्य का बड़ा लक्ष्यऑस्ट्रेलिया से मिले इस सकारात्मक रास्ते और प्रेरणा के बाद अनाया बांगर ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी जोरदार वापसी के लिए एक ठोस और रणनीतिक प्लान तैयार कर लिया है। उनके इस प्लान के तहत वे अब ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न स्थानीय क्लबों और डिविजनल क्रिकेट लीग्स के जरिए वहां की परिस्थितियों में खुद को ढालने और अपनी फिटनेस व स्किल्स को और अधिक निखारने की योजना बना रही हैं। उनका मानना है कि एक बार यदि वे वहां के घरेलू सर्किट में अपनी छाप छोड़ने में सफल हो जाती हैं, तो उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के द्वार स्वतः खुल जाएंगे। अनाया का यह संघर्ष केवल उनके खुद के करियर की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह उन तमाम उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए भी एक मिसाल बन रहा है जो समाज और व्यवस्था की रूढ़िवादी दीवारों को तोड़कर अपनी असली पहचान और सपनों के साथ जीना चाहते हैं। खेल जगत में उनके इस जज्बे की सराहना की जा रही है, और हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि उनका यह नया ऑस्ट्रेलियाई प्लान जल्द ही रंग लाएगा और वे एक बार फिर क्रिकेट की पिच पर चौके-छक्के लगाते हुए नजर आएंगी।
भोली सूरत, शातिर दिमाग! ट्रेटर्स 2 की हसीना पलट रही पूरा गेम
क्रिस्टल डिसूजा ने 'ट्रेटर्स 2' में मासूमियत के पीछे छुपी चालाकी से सबको चौंका दिया है. उन्होंने सीक्रेट गठबंधन बनाकर, विरोधियों को भ्रमित कर और रणनीतिक खेल से गेम को अपने पक्ष में मोड़ा. सोशल मीडिया पर उनकी इस रणनीति की खूब तारीफ हो रही है, जबकि कुछ प्लेयर्स उन पर शक करने लगे हैं.
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी महान खिलाड़ियों की बात आती है, तो वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) और राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) का नाम सबसे ऊंचे पायदान पर लिया जाता है। इन दोनों दिग्गजों ने अपने आक्रामक और धैर्यवान खेल से भारत को कई ऐतिहासिक मैच जिताए हैं और विश्व क्रिकेट में देश का परचम लहराया है। समय का पहिया जैसे-जैसे आगे बढ़ा है, वैसे-वैसे इन दिग्गजों की अगली पीढ़ी ने भी क्रिकेट के मैदान पर अपनी अमिट छाप छोड़नी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति ने एक बहुत बड़ा और रोमांचक ऐलान करते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं के लिए भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम (India Under-19 Team) की घोषणा कर दी है। इस नई चयन सूची में सबसे बड़ा और हैरान करने वाला आकर्षण यह रहा है कि वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग (Aryavir Sehwag) और राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ (Anvay Dravid) को भारतीय अंडर-19 टीम में आधिकारिक रूप से चुन लिया गया है। इस घोषणा के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर खेल प्रेमियों के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई है और हर कोई यह जानने के लिए बेताब है कि इन दोनों युवा स्टार किड्स का घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन कैसा रहा है।आक्रामक बल्लेबाज आर्यवीर सहवाग ने अपने दम पर बनाई टीम में जगहवीरेंद्र सहवाग के बड़े बेटे आर्यवीर सहवाग ने पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली और घरेलू आयु वर्ग के क्रिकेट में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। जिस तरह से उनके पिता वीरेंद्र सहवाग अपनी विस्फोटक ओपनिंग और पहली ही गेंद से गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए जाने जाते थे, कुछ वैसी ही आक्रामक शैली आर्यवीर के खेल में भी देखने को मिलती है। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आर्यवीर ने केवल अपने पिता के नाम के सहारे नहीं, बल्कि विभिन्न आयु वर्ग (Age-Group Tournaments) के मुकाबलों में लगातार बड़े स्कोर बनाकर और अपनी तकनीकी क्षमता को मजबूत करके इस मुकाम को हासिल किया है। दिल्ली की तरफ से खेलते हुए उन्होंने कूच बिहार ट्रॉफी और अन्य घरेलू प्रतियोगिताओं में शानदार पारियां खेलीं, जिसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। अंडर-19 टीम में उनके चयन से भारत की बल्लेबाजी क्रम को और अधिक मजबूती और गहराई मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ की विकेटकीपिंग और शांत स्वभाव ने खींचा ध्यानदूसरी तरफ, भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच और महान दीवार के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ ने भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर भारतीय अंडर-19 टीम में अपनी पक्की जगह बना ली है। अपने पिता राहुल द्रविड़ के ठीक विपरीत, अन्वय मैदान पर विकेट के पीछे जिम्मेदारी संभालते हैं और एक शानदार विकेटकीपर-बल्लेबाज (Wicketkeeper-Batsman) के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। कर्नाटक और घरेलू सर्किट में खेलते हुए अन्वय ने न केवल अपनी विकेटकीपिंग स्किल्स से बल्कि दबाव की परिस्थितियों में शांतचित होकर बल्लेबाजी करने की क्षमता से सबका दिल जीता है। राहुल द्रविड़ ने हमेशा अपने बेटों को लाइमलाइट और मीडिया की चकाचौंध से दूर रखकर सामान्य बच्चों की तरह क्रिकेट का ककहरा सीखने की सलाह दी थी, और आज उसी कड़ी मेहनत का परिणाम है कि अन्वय ने अपनी योग्यता के बल पर नेशनल जर्सी पहनने का गौरव हासिल किया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि अन्वय की विकेटकीपिंग तकनीक और क्रीज पर टिककर खेलने का संयम टीम के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।दिग्गजों के बेटों पर रहेगा भारी दबाव और उम्मीदों का बोझभले ही आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ को उनकी अपनी कड़ी मेहनत और प्रदर्शन के आधार पर भारतीय अंडर-19 टीम में चुना गया हो, लेकिन यह भी एक कड़वी सच्चाई है कि महान क्रिकेटर्स के बेटे होने के नाते उन पर हमेशा से अतिरिक्त दबाव बना रहेगा। जब भी वे मैदान पर उतरेंगे, तो दुनिया भर की नजरें उनके हर एक शॉट और प्रदर्शन पर टिकी होंगी, और उनकी तुलना सीधे उनके दिग्गजों पिताओं से की जाएगी। हालांकि, क्रिकेट के जानकारों का यह मानना है कि राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग जैसे अनुभवी पिताओं का मार्गदर्शन इन युवाओं के सबसे बड़ी ताकत बनेगा, जो उन्हें शुरुआती सफलताओं या असफलताओं के बीच मानसिक रूप से मजबूत रहने की सीख देगा। भारतीय अंडर-19 टीम का यह नया दौर न केवल देश के भविष्य के क्रिकेट सितारों को गढ़ेगा, बल्कि यह साबित करेगा कि प्रतिभा और अनुशासन ही खेल के मैदान पर असली पहचान दिलाते हैं। खेल प्रेमियों को अब बेसब्री से उस पल का इंतजार है जब ये दोनों युवा खिलाड़ी भारतीय जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेंगे और अपने खेल से इतिहास के पन्नों में एक नई शुरुआत करेंगे।
भविष्य बताते-बताते बनी 9,500 करोड़ की कंपनी, 9 साल में किया कमाल
नोएडा की स्पिरिचुअल-टेक कंपनी एस्ट्रोटॉक ने भारत के यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री कर ली है. कंपनी की वैल्यूएशन अब 1 अरब डॉलर पहुंच गई है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में 1,176 करोड़ रुपये रेवेन्यू और 285 करोड़ रुपये प्रॉफिट बिफोर टैक्स कमाया.
बीसीसीआई के राजीव शुक्ला ने की युवा श्रीलंकाई बल्लेबाज की सीधे महान सचिन तेंदुलकर से बड़ी तुलना
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर जब भी भारत और श्रीलंका (SL vs IND) के बीच भिड़ंत होती है, तो मुकाबले हमेशा रोमांच, संघर्ष और रिकॉर्ड्स से भरे होते हैं। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें हमेशा दोनों टीमों के दिग्गजों और बड़े खिलाड़ियों पर टिकी रहती हैं, लेकिन कई बार ऐसे मुकाबले दुनिया को कुछ ऐसे नए और उभरते हुए युवा सितारे दे जाते हैं जो भविष्य के महान खिलाड़ी बनने का माद्दा रखते हैं। भारत और श्रीलंका के बीच हाल ही में खेली गई एक रोमांचक सीरीज के दौरान श्रीलंकाई खेमे से एक ऐसा ही युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज उभरकर सामने आया है, जिसने अपनी शानदार तकनीक, गजब के संयम और शॉट खेलने के अनूठे अंदाज से विरोधी गेंदबाजों के साथ-साथ क्रिकेट जगत के दिग्गजों का भी दिल जीत लिया है। इस युवा खिलाड़ी के खेल को देखने के बाद से ही खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि क्या श्रीलंका को क्रिकेट के इस फॉर्मेट में उसका अगला सबसे बड़ा सुपरस्टार मिल चुका है।बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने की सचिन तेंदुलकर से की गई बड़ी तुलनाइस युवा श्रीलंकाई बल्लेबाज की तकनीकी दक्षता और मैदान पर दिखाए गए गजब के आत्मविश्वास ने सिर्फ आम दर्शकों को ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ राजनेता राजीव शुक्ला (Rajeev Shukla) को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। मैच के दौरान इस बल्लेबाज के शॉट्स और क्रीज पर बिताए गए समय को बारीकी से देखने के बाद राजीव शुक्ला ने खुलकर इस खिलाड़ी की तारीफ की और उसकी तुलना सीधे क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) से कर डाली। राजीव शुक्ला के इस बड़े बयान के सामने आते ही खेल जगत में हलचल मच गई, क्योंकि सचिन तेंदुलकर से किसी युवा खिलाड़ी की तुलना करना बहुत बड़ी बात मानी जाती है। उन्होंने कहा कि इस युवा खिलाड़ी की बल्लेबाजी शैली, स्ट्रेट ड्राइव लगाने का तरीका और विपरीत परिस्थितियों में भी कूल रहने का अंदाज सीधे तौर पर उनके शुरुआती दिनों के महान सचिन तेंदुलकर की याद दिलाता है।युवा खिलाड़ी की तकनीक और संयम ने जीता पूरी दुनिया का दिलक्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक दौर के टी20 और आक्रामक क्रिकेट के बीच इस युवा श्रीलंकाई बल्लेबाज ने जिस तरह से पारंपरिक क्रिकेटिंग शॉट्स का प्रदर्शन किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। जब श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने संकट में थी और विकेट लगातार गिर रहे थे, तब इस बल्लेबाज ने बिना किसी दबाव में आए क्रीज पर टिककर खेलना मुनासिब समझा। उसने भारतीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों दोनों का बेहद करीने से सामना किया और अपने पैरों के मूवमेंट से यह साबित कर दिया कि वह लंबी रेस का घोड़ा है। उसके स्ट्रेट ड्राइव, फ्लिक शॉट और कवर ड्राइव देखकर मैदान पर कमेंट्री कर रहे पूर्व दिग्गज खिलाड़ी भी दंग रह गए। यही वजह है कि आज सोशल मीडिया से लेकर खेल के गलियारों तक इसी युवा खिलाड़ी के नाम की चर्चा हो रही है और हर कोई उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है।भविष्य के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का नया पावरहाउस बनने की ओर कदमश्रीलंका क्रिकेट टीम पिछले कुछ समय से अपने दौर के सबसे बड़े बदलाव और संक्रमणकाल से गुजर रही है, जहाँ टीम को कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने जैसे दिग्गजों के संन्यास के बाद से लगातार एक ऐसे भरोसेमंद बल्लेबाज की तलाश थी जो टीम की धुरी बन सके। इस युवा खिलाड़ी के रूप में श्रीलंका को शायद वह नायाब हीरा मिल गया है जिसकी उन्हें लंबे समय से तलाश थी। राजीव शुक्ला द्वारा की गई सचिन तेंदुलकर से तुलना इस खिलाड़ी पर दबाव तो जरूर बढ़ाएगी, लेकिन साथ ही उसे दुनिया का एक महान खिलाड़ी बनने के लिए जबरदस्त प्रेरणा भी देगी। जैसे-जैसे यह खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में और अधिक मैच खेलेगा, इसकी परीक्षा और कठिन होगी, लेकिन इसकी शुरुआत ने यह बता दिया है कि आने वाले समय में यह बल्लेबाज वैश्विक क्रिकेट के पटल पर अपनी एक अलग और लंबी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर NDTV से बातचीत में ग्लेशियोलॉजिस्ट डॉ मनीष मेहता ने इसे इस सदी की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, संभावित लैंडस्लाइड और ग्लेशियर गतिविधियां इस आपदा के पीछे प्रमुख कारण हो सकती हैं.
Rakhi Mehndi Designs: यहां आपको रक्षाबंधन के लिए एक से बढ़कर एक मेहंदी डिजाइन्स मिलेंगे. अगर, आप इस साल के लिए राखी मेहंदी डिजाइन देख रहे हैं, तो ये लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन की फोटो आपके लिए बहुत काम आ सकती हैं.

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