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क्या 1600 और 140 सीरीज से आने वाले कॉल्स हैं फेक? सरकार ने जारी की एडवाइजरी

1600 और 140 सीरीज के फोन नंबरों को लेकर सामने आ रही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने कहा कि इन रिपोर्ट्स से लोगों में गलतफहमी फैल सकती है और इन नंबरों के इस्तेमाल को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 12:06 pm

कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार पुलिस की नई गाइडलाइन, ऊंची कांवड़ और तेज डीजे पर रोक

हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ यात्रा 2026 के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। ऊंची कांवड़, हथियार, तेज डीजे और रेट्रो साइलेंसर पर प्रतिबंध लगाया गया है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 12:01 pm

तेलंगाना में रेप के आरोपी ने जमानत मिलते ही की 6 हत्याएं, पहले पत्नी-बच्चों, फिर पीड़ित और उसके परिवार को मार डाला

तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में एक व्यक्ति पर दो परिवारों के छह सदस्यों की हत्या का आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 11:48 am

AI का नया कारनामा! मास्को में दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने की शादी, रोबोट डॉग लाया ब्रेस्लेट्स

रूस की राजधानी मास्को में पुश्किन लाइब्रेरी में AI आधारित दो ह्यूमनॉइड रोबोट रॉबर्ट और मटिल्डा का अनोखा विवाह समारोह आयोजित हुआ। दोनों ने AI डायलॉग के जरिए शपथ ली, ब्रेसलेट बदले और आधिकारिक तौर पर 'रोबोट कपल' घोषित किए गए।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 11:40 am

LIVE: स्टील्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि नौसेना में शामिल

Latest News Today Live Updates in Hindi : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में छठे प्रोजेक्ट 17ए स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि को शामिल किया। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 10:54 am

Gujarat TAT-HS Exam Date: उच्चतर माध्यमिक शिक्षक बनने का इंतजार खत्म, 2 अगस्त को होगी परीक्षा; जल्द आएंगे एडमिट कार्ड

गुजरात राज्य परीक्षा बोर्ड ने TAT-HS (Teacher Aptitude Test-Higher Secondary) 2026 की मुख्य परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। परीक्षा 2 अगस्त को आयोजित होगी। जल्द ही एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जाएंगे।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 10:23 am

बिना सेंसर सर्टिफिकेट फिल्म रिलीज करना पड़ेगा भारी! CBFC मेंबर राज मिश्रा का बड़ा बयान, बताया 'A' और 'UA' कैटेगरी का असली खेल

भारतीय सिनेमा जगत में किसी भी फिल्म को बड़े पर्दे पर रिलीज होने से पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सेंसर बोर्ड (CBFC) के कड़े नियमों, जांच और रेगुलेशन के दौर से गुजरना अनिवार्य होता है. इसके बिना किसी भी फिल्म को सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने की अनुमति कानूनी रूप से नहीं मिलती. सेंसर बोर्ड (CBFC) के आधिकारिक सदस्य राज मिश्रा ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में साफ किया कि बिना उचित सर्टिफिकेशन के फिल्म को पब्लिक डोमेन में रिलीज करना एक बेहद गंभीर और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि बोर्ड फिल्मों की स्क्रीनिंग और नियमों को लेकर पूरी तरह सख्त है और उल्लंघन करने वालों पर भारी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.प्रसून जोशी संभाल रहे हैं कमान, MIB तय करता है सेंसर बोर्ड का स्ट्रक्चरराज मिश्रा ने सेंसर बोर्ड की आंतरिक कार्यप्रणाली और इसके संगठनात्मक ढांचे (Organizational Structure) पर विस्तार से बात की. उन्होंने बताया कि:अध्यक्ष की नियुक्ति: सेंसर बोर्ड के पूरे कामकाज की देखरेख के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा बोर्ड के अध्यक्ष (Chairman) की नियुक्ति की जाती है. वर्तमान में इस गरिमामयी पद की जिम्मेदारी मशहूर गीतकार और लेखक प्रसून जोशी संभाल रहे हैं.कमेटी का आकार: बोर्ड की मुख्य जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि समाज में दिखाई जाने वाली फिल्में देश की संप्रभुता और तय गाइडलाइंस के अनुकूल हों. इस बोर्ड में अध्यक्ष के अलावा 25 अन्य गैर-सरकारी सदस्य शामिल होते हैं, जो फिल्मों का निष्पक्ष मूल्यांकन करते हैं.क्या है 'A' और 'UA' सर्टिफिकेट का असली मतलब?फिल्मों को मिलने वाली श्रेणियों को लेकर दर्शकों और मेकर्स के बीच अक्सर भ्रम रहता है, जिसे राज मिश्रा ने स्पष्ट किया:'A' (Adult) सर्टिफिकेशन: यह श्रेणी केवल 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वयस्कों के लिए होती है. जिन फिल्मों में अत्यधिक बोल्ड, इंटीमेट सीन्स या जरूरत से ज्यादा खून-खराबा और वीभत्स हिंसा (Crime & Violence) दिखाई जाती है, उन्हें दर्शकों की मानसिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कैटेगरी में डाला जाता है.'UA' (Unrestricted Public Exhibition Under Parental Guidance) सर्टिफिकेशन: इसका सीधा मतलब है कि फिल्म में बहुत कम या हल्की-फुल्की हिंसा/संवाद हैं, जिसे बच्चे अपने माता-पिता या परिवार के किसी बड़े सदस्य की देखरेख और मार्गदर्शन में आसानी से देख सकते हैं. यह बच्चों के मानसिक विकास की सुरक्षा के लिए एक तरह का 'सेफ्टी क्लॉज' है.फिल्म रिजेक्ट होने पर क्या करें मेकर्स? 11 सदस्यों की कमेटी और ट्रिब्यूनल का रास्ताइंटरव्यू के दौरान एक महत्वपूर्ण सवाल यह उठा कि यदि शुरुआत में पांच सदस्यों की प्राथमिक जांच कमेटी (Examining Committee) किसी फिल्म को पास करने से मना कर दे, तो फिल्ममेकर्स के पास क्या कानूनी विकल्प बचते हैं?री-एग्जामिनेशन प्रोसेस: मेकर्स के पास अपनी फिल्म को दोबारा जांच के लिए भेजने का पूरा वैधानिक अधिकार होता है. इस प्रक्रिया के तहत फिल्म को 11 सदस्यों की एक बड़ी 'री-एग्जामिनिंग कमेटी' के सामने दोबारा स्क्रीन किया जाता है.ट्रिब्यूनल का आखिरी रास्ता: यदि यह बड़ी कमेटी भी फिल्म में सुधारों से संतुष्ट नहीं होती और इसे पास करने से इनकार कर देती है, तो निर्माताओं के पास देश की राजधानी दिल्ली में मौजूद अपीलीय ट्रिब्यूनल (Tribunal) का दरवाजा खटखटाने का अंतिम विकल्प होता है. हालांकि, राज मिश्रा ने साफ किया कि व्यावहारिक रूप से ऐसे मामले बहुत ही दुर्लभ होते हैं जहां किसी फिल्म को हर स्तर पर पूरी तरह खारिज कर दिया जाए.क्रिएटिव आजादी का सम्मान, लेकिन राष्ट्र विरोधी कंटेंट पर नो-टॉलरेंसराज मिश्रा ने स्पष्ट किया कि आधुनिक दौर और समकालीन परिस्थितियों के हिसाब से सेंसर बोर्ड के नियमों में भी लचीलापन आया है. आज के समय में कहानी की मांग के अनुसार हल्की-फुल्की हिंसा या यथार्थवाद को स्वीकार कर लिया जाता है. लेकिन अगर फिल्म में बहुत ज्यादा घिनौने, समाज में नफरत फैलाने वाले या खौफनाक दृश्य हैं, तो बोर्ड को जनहित में दखल देना ही पड़ता है.अंत में, उन्होंने रचनात्मक स्वतंत्रता (Creative Freedom) पर बोलते हुए कहा कि फिल्ममेकर्स को पूरी आजादी मिलती है, लेकिन उसकी भी संवैधानिक सीमाएं तय हैं. कोई भी फिल्म देश विरोधी विचारों को बढ़ावा देने वाली, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली या देश की नीतियों को नीचा दिखाने वाली नहीं होनी चाहिए. उन्होंने बोर्ड पर किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि CBFC पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ अपना काम करता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:16 am

Truecaller की मनमानी पर लगेगा ब्रेक! TRAI ने सरकार से मांगी सख्त कार्रवाई की शक्ति, जानें स्पैम कॉल्स की पहचान का असली खेल

आज के डिजिटल युग में जब भी हमारे स्मार्टफोन की घंटी बजती है, हमारी नजरें सबसे पहले स्क्रीन पर जाती हैं. अगर वहां लाल रंग में 'Spam Call' लिखा दिखाई दे, तो हम बिना सोचे-समझे कॉल को काट देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि आपके फोन को कैसे पहले ही पता चल जाता है कि सामने वाली कॉल फ्रॉड या किसी टेलीमार्केटर की है? कौन तय करता है कि किस नंबर को स्पैम घोषित करना है? हाल ही में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने केंद्र सरकार से Truecaller जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स पर लगाम लगाने के लिए सख्त अधिकारों की मांग की है, जिसने इस पूरे सिस्टम की प्राइवेसी और कार्यप्रणाली पर एक नई राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है.TRAI क्यों लेना चाहता है एक्शन और MeitY का क्या है रुख?भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने केंद्र सरकार से एक बेहद महत्वपूर्ण मांग की है. ट्राई चाहता है कि उसे Truecaller जैसी कॉलर आईडी (Caller ID) और कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने और उन पर जुर्माना लगाने का कानूनी अधिकार मिले. इसके लिए ट्राई ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को एक आधिकारिक पत्र लिखा है. मंत्रालय अब इस संवेदनशील मामले पर कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहा है और दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ मिलकर रूपरेखा तैयार कर रहा है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इन ऐप्स की मनमानी और डेटा हैंडलिंग पर कड़ी रोक लग सकती है.बैंकों की बढ़ी बड़ी चिंता: जरूरी कॉल्स भी हो रहे हैं ब्लॉकइस पूरे विवाद की मुख्य शुरुआत तब हुई जब देश के कई बड़े सरकारी और निजी बैंकों ने अपनी गंभीर परेशानी नियामक के सामने रखी. बैंकों का आरोप है कि ग्राहकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए जारी किए गए उनके आधिकारिक और जरूरी नंबर्स (जैसे 140 और 1600 सीरीज वाले कॉल्स) को भी ये ऐप्स ऑटोमैटिकली स्पैम या ब्लॉक लिस्ट में दिखा देते हैं. इसके कारण:महत्वपूर्ण अलर्ट्स हो रहे मिस: ग्राहक अपने लोन की ईएमआई रिकवरी, बैंकिंग फ्रॉड या किसी संदिग्ध ट्रांजैक्शन से जुड़े जरूरी अलर्ट्स और वेरिफिकेशन कॉल्स को नहीं उठा पा रहे हैं.वित्तीय नुकसान: यह स्थिति बैंकों के बिजनेस और ग्राहकों की सुरक्षा दोनों के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हो रही है.कैसे काम करता है Truecaller का स्पैम डिटेक्शन सिस्टम?Truecaller के आधिकारिक दावों के मुताबिक, उनका कॉल मैनेजमेंट सिस्टम मुख्य रूप से तीन स्तंभों पर काम करता है—पहला है व्यापक यूजर्स का लाइव फीडबैक (Crowdsourcing), दूसरा ऑटोमेटेड डिटेक्शन एल्गोरिदम और तीसरा उनका खुद का इन-हाउस डेटा एनालिसिस. जब एक ही नंबर को बहुत से लोग बार-बार स्पैम रिपोर्ट करते हैं, तो उस नंबर का स्पैम स्कोर (Spam Score) बढ़ जाता है और वह लाल रंग में दिखने लगता है. इसके अलावा, कंपनी कॉलिंग पैटर्न, कॉल की अवधि और कॉल की फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) को भी ट्रैक करती है. हालांकि, वैध कंपनियां अपने नंबर को व्हाइटलिस्ट कराने के लिए रिव्यू की मांग भी कर सकती हैं.Airtel का नेटवर्क लेवल दिमाग: बिना ऐप के एआई (AI) सुरक्षाभारती एयरटेल (Airtel) का स्पैम रोकने का तरीका इन थर्ड-पार्टी ऐप्स से बिल्कुल अलग और बेहद सुरक्षित है. एयरटेल अपने टेलीकॉम नेटवर्क के कोर लेयर के अंदर ही इन-बिल्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल करता है. यह एडवांस सिस्टम ग्राहकों के हैंडसेट तक कॉल पहुंचने से ठीक पहले ही मिलिसेकंड्स में उसकी पहचान कर लेता है.सुरक्षा का फायदा: इसके लिए ग्राहकों को अपने फोन में कोई भी असुरक्षित थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होती. खास बात यह है कि एयरटेल का यह एआई सिस्टम कॉल या मैसेज के पर्सनल कंटेंट को कभी नहीं पढ़ता, बल्कि सिर्फ नेटवर्क डेटा और सिग्नलिंग पैटर्न के आधार पर फ्रॉड को पकड़ता है.Google का बिजनेस डेटा और इन-डिवाइस AI तकनीकएंड्रॉइड स्मार्टफोन्स में डिफॉल्ट रूप से मिलने वाला 'Google Phone App' भी स्पैम कॉल्स को रोकने में बेहद कारगर भूमिका निभाता है. गूगल अपने विशाल डेटाबेस में मौजूद वेरिफाइड पब्लिक बिजनेस लिस्टिंग्स से आने वाले नंबरों का तुरंत मिलान करता है. इसके साथ ही, गूगल ने अब पूरी तरह डिवाइस के अंदर ही प्रोसेस होने वाला एक नया 'AI स्कैम डिटेक्शन' (AI Scam Detection) फीचर पेश किया है. यह फीचर कॉल के दौरान बातचीत के पैटर्न और स्कैमर द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले संदिग्ध शब्दों को समझकर यूजर को तुरंत स्क्रीन पर अलर्ट कर देता है कि यह एक फ्रॉड कॉल हो सकती है.Jio का तरीका: जागरूकता और ऑफिशियल चैनल्स पर भरोसादूसरी तरफ, देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) का नजरिया इस मामले में थोड़ा अलग है. जियो ने अभी तक एयरटेल की तरह कोई नेटवर्क-वाइड एआई फिल्टरिंग सिस्टम बड़े पैमाने पर लॉन्च नहीं किया है. जियो का मुख्य फोकस अपने ग्राहकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाने पर है. जियो समय-समय पर अपने यूजर्स को आधिकारिक संदेशों के जरिए सलाह देता है कि वे कभी भी किसी कॉल पर अपनी संवेदनशील बैंकिंग डिटेल्स या ओटीपी शेयर न करें और किसी भी अनजान कॉल या ऑफर की सत्यता की जांच खुद संबंधित कंपनी के ऑफिशियल चैनल के माध्यम से ही करें.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:08 am

करो या मरो का मुकाबला: इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी T20 में साख बचाने उतरेगी टीम इंडिया, कप्तान अय्यर प्लेइंग-XI से काट सकते हैं इन 3 फ्लॉप सूरमाओं का पत्ता

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का पांचवां और आखिरी निर्णायक मुकाबला आज साउथेम्प्टन के ऐतिहासिक 'द रोज बाउल' मैदान पर खेला जाएगा. यह मैच भारतीय समयानुसार आज शाम 7:00 बजे से लाइव शुरू होगा. टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला अपनी इज्जत और साख बचाने का आखिरी मौका है, क्योंकि पांच मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम पहले ही 3-0 से पिछड़कर सीरीज गंवा चुकी है (सीरीज का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था). अब देखना यह है कि क्या कप्तान श्रेयस अय्यर साउथेम्प्टन में सांत्वना जीत दर्ज कर पाते हैं या नहीं.टीम इंडिया में बड़े बदलाव के संकेत: 3 फ्लॉप खिलाड़ी होंगे ड्रॉप!इंग्लैंड के मजबूत गढ़ में अपनी इज्जत बचाने के लिए भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर प्लेइंग इलेवन (Playing XI) में 3 बहुत बड़े और कड़े बदलाव करने का मन बना चुके हैं. लगातार खराब फॉर्म और लचर प्रदर्शन से जूझ रहे युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी, मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज तिलक वर्मा और ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को आज के मुकाबले से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. कप्तान इन तीनों की जगह टीम में नए और आक्रामक चेहरों को मौका देकर इंग्लैंड को चौंकाने की रणनीति बना रहे हैं.संजू सैमसन करेंगे ओपनिंग, ऐसा होगा भारत का नया बैटिंग ऑर्डरआज के मैच में भारतीय टीम एक बिल्कुल नए और आक्रामक टॉप ऑर्डर के साथ मैदान पर उतर सकती है:विस्फोटक ओपनिंग जोड़ी: लगातार फ्लॉप साबित हो रहे वैभव सूर्यवंशी (3 मैचों में महज 42 रन) को बाहर कर उनके स्थान पर ताबड़तोड़ विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की कमान सौंपी जा सकती है.मिडिल ऑर्डर: विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन नंबर-3 पर पारी को संभालेंगे, जबकि खुद कप्तान श्रेयस अय्यर नंबर-4 पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी लेंगे. पिछले 4 मैचों में फ्लॉप रहे तिलक वर्मा (13, 24*, 3, 11 रन) की जगह टीम में शिवम दुबे को नंबर-5 और घरेलू क्रिकेट के खूंखार लोअर-ऑर्डर फिनिशर सूर्यांश शेडगे को नंबर-6 पर ऑलराउंडर के तौर पर प्रमोट किया जा सकता है.गेंदबाजी में दिखेगा दम: बिश्नोई-अक्षर संभालेंगे स्पिन, अर्शदीप पर पेस अटैक का जिम्मासाउथेम्प्टन की पिच को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम मैनेजमेंट दो मुख्य स्पिनरों और तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के कॉम्बिनेशन के साथ उतर सकता है. स्पिन विभाग की कमान स्टार लेग स्पिनर रवि बिश्नोई और अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल के हाथों में होगी. वहीं, तेज गेंदबाजी के मोर्चे पर प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा और यॉर्कर किंग अर्शदीप सिंह इंग्लैंड के बल्लेबाजों की गिल्लियां बिखेरते नजर आएंगे. चौथे तेज गेंदबाज की भूमिका ऑलराउंडर शिवम दुबे निभाएंगे.इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें T20I के लिए भारत की संभावित Playing XI:अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:06 am

महादेव के 10 दिव्य प्रतीक और उनका रहस्य: गले में सांप से लेकर शरीर पर भस्म तक, शिव के हर स्वरूप में छिपा है ब्रह्मांड का गहरा ज्ञान

सनातन धर्म में देवाधिदेव महादेव का स्वरूप अन्य सभी देवी-देवताओं से बिल्कुल अलग, अनूठा और अलौकिक है. शिव जी का रहन-सहन और वेशभूषा सांसारिक आकर्षणों से परे है. उनके गले में लिपटा भयंकर नाग, जटाओं से बहती गंगा, मस्तक पर सजा अर्धचंद्र और शरीर पर रमी भस्म—ये केवल बाहरी रूप नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे ब्रह्मांड, जीवन, मृत्यु और अध्यात्म के बेहद गहरे रहस्य छिपे हैं. यदि आप भी महादेव के सच्चे भक्त हैं, तो आपको भगवान शिव द्वारा धारण किए गए इन 10 मुख्य प्रतीकों (Mahadev Symbols Meaning) के वास्तविक और आध्यात्मिक अर्थ को जरूर समझना चाहिए.1. शिव की जटाएं: अनंत अंतरिक्ष का वासभगवान शिव की बिखरी और विशाल जटाएं साक्षात असीम अंतरिक्ष (Space) का प्रतीक हैं. यह इस बात को दर्शाती हैं कि संपूर्ण ब्रह्मांड और वायुमंडल महादेव के भीतर ही समाया हुआ है. जटाओं से मां गंगा का अवतरण इस बात का संकेत है कि ज्ञान और पवित्रता का प्रवाह हमेशा ऊंचे विचारों से ही होता है.2. मस्तक पर अर्धचंद्र: मन पर पूर्ण नियंत्रण और शीतलतामहादेव के माथे पर विराजमान बालचंद्र (आधा चंद्रमा) समय के चक्र (Time Cycle) को प्रदर्शित करता है. चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है. शिव के मस्तक पर चंद्रमा का होना यह सिखाता है कि विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी व्यक्ति को अपने मन पर पूर्ण नियंत्रण रखना चाहिए और स्वभाव में शीतलता व धैर्य बनाए रखना चाहिए.3. महादेव के त्रिनेत्र: भूत, वर्तमान और भविष्य की दिव्य दृष्टिशिव जी की तीसरी आंख भौतिक संसार के भ्रम से परे हटकर दिव्य दृष्टि, सर्वज्ञान और आत्मज्ञान का प्रतीक है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महादेव के तीन नेत्र तीन मुख्य गुणों (सत्व, रज, तम), तीन कालों (भूत, वर्तमान, भविष्य) और तीनों लोकों (स्वर्ग, मृत्यु और पाताल) के संतुलन को दर्शाते हैं. जब यह तीसरा नेत्र खुलता है, तो अज्ञान और वासना का नाश हो जाता है.4. गले में सर्पहार: तामसी शक्तियों पर विजय और संतुलनसांप जैसा अत्यंत हिंसक और जहरीला जीव महादेव के गले में नागराज वासुकी के रूप में लिपटा रहता है. यह प्रतीक हमें सिखाता है कि अहंकार, क्रोध और हिंसक प्रवृत्तियां (तमोगुण) कितनी भी भयानक क्यों न हों, यदि उन्हें सही दिशा दी जाए तो वे वश में हो सकती हैं. शिव का सर्पहार प्रकृति के खतरनाक जीवों के साथ भी संतुलन और जीव-दया का संदेश देता है।5. मारक शस्त्र त्रिशूल: तीनों तापों का समूल नाशमहादेव के हाथ में मौजूद त्रिशूल केवल एक मारक शस्त्र नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के तीन सबसे बड़े कष्टों—भौतिक (सांसारिक), दैविक (प्राकृतिक) और आध्यात्मिक (मानसिक) तापों को नष्ट करने की परम शक्ति रखता है. यह सृष्टि के तीन मुख्य कार्यों (उत्पत्ति, पालन और संहार) के नियमन का भी सूचक है.6. डमरू का नाद: ब्रह्मांड की पहली ध्वनि और चेतनाभगवान शिव जब तांडव करते हैं, तो उनके हाथ में मौजूद डमरू से एक विशेष नाद (ध्वनि) निकलती है. डमरू की इस ध्वनि को ही 'ब्रह्म रूप' यानी सृष्टि की पहली आवाज माना गया है. यह ब्रह्मांड की लय, निरंतर चेतना और नए जीवन के निर्माण का प्रतीक है. इसी नाद से संसार में सुर और संगीत का जन्म हुआ है.7. मुंडमाला: सती का अटूट प्रेम और मृत्यु पर विजयशिव जी के गले में सुशोभित मुंडमाला माता सती के प्रति उनके अटूट, शाश्वत प्रेम और अमरता की कहानी कहती है. यह माला इस परम सत्य का बोध कराती है कि महादेव ने काल (मृत्यु) को पूरी तरह से अपने वश में किया हुआ है, इसलिए उन्हें 'महाकाल' भी कहा जाता है.8. व्याघ्र चर्म (बाघ की खाल): अहंकार और क्रूरता का दमनमहादेव किसी लक्जरी वस्त्र के बजाय बाघ की खाल धारण करते हैं और उसी पर आसन लगाते हैं. बाघ को पशु जगत में सबसे हिंसक और शक्तिशाली माना जाता है, जो इंसानी अहंकार और क्रूरता का प्रतीक है. इस खाल पर बैठना यह दर्शाता है कि शिव ने संसार की समस्त हिंसक भावनाओं और अहंकार को अपने नीचे दबाकर जीत लिया है.9. शरीर पर भस्म: जीवन की नश्वरता का परम सत्यशिव जी अपने पूरे शरीर पर श्मशान की भस्म (राख) लगाते हैं. भस्म जीवन के सबसे बड़े और कड़वे रहस्य को उजागर करती है—कि यह दृश्यमान संसार नश्वर है. हर खूबसूरत और शक्तिशाली चीज को एक न एक दिन जलकर राख में ही तब्दील होना है. यह हमें मोह-माया से दूर रहने की प्रेरणा देती है.10. नंदी (वृषभ): धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के चार स्तंभमहादेव का परम प्रिय वाहन वृषभ (बैल) यानी नंदी हमेशा उनके साथ रहता है. शास्त्रों में बैल को साक्षात 'धर्म' का रूप माना गया है, जिस पर स्वयं महादेव सवारी करते हैं. बैल के चार पैर जीवन के चार प्रमुख पुरुषार्थों—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को दर्शाते हैं, जिनकी प्राप्ति केवल महादेव की असीम अनुकंपा से ही संभव है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:05 am

वॉशिंग मशीन में पानी आने की रफ्तार हो गई है बेहद धीमी? मैकेनिक को बुलाने से पहले सिर्फ 10 मिनट में खुद ऐसे करें ठीक

क्या आपकी वॉशिंग मशीन भी आजकल पानी भरने में बहुत ज्यादा वक्त लगा रही है? या फिर उसमें पानी आना बिल्कुल ही बंद हो गया है? रुकिए, मैकेनिक को फोन घुमाने और बेवजह हजारों रुपये खर्च करने से पहले इस आसान से घरेलू तरीके को जान लीजिए. अक्सर लोग समझते हैं कि मशीन की मोटर या कोई महंगा इंटरनल पार्ट खराब हो गया है, लेकिन असल में समस्या एक बहुत ही छोटी सी जगह पर होती है, जिसे इनलेट वाटर फिल्टर (Inlet Water Filter) कहा जाता है. यह एक छोटी सी जाली होती है जो पानी की पाइप के जोड़ के पास लगी होती है. इसका काम आपके घर के पानी में आने वाली मिट्टी, जंग और कचरे को मशीन के अंदर जाने से रोकना है. जब यह ब्लॉक हो जाती है, तो मशीन में पानी आना बंद हो जाता है. आइए जानते हैं कि कैसे आप इसे खुद घर पर सिर्फ 10 मिनट में ठीक कर सकते हैं.मानसून के मौसम में क्यों जाम होती है यह जाली?बरसात के दिनों में नगर निगम या बोरवेल के पानी में मिट्टी, सिल्ट, रेत और जंग के कण सामान्य दिनों के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं. जब यह गंदा पानी पाइप के रास्ते आपकी वॉशिंग मशीन में प्रवेश करता है, तो इनलेट फिल्टर इस सारे बारीक कचरे को रोक लेता है. लगातार कुछ हफ़्तों तक ऐसा होने से यह जाली पूरी तरह से चोक (जाम) हो जाती है. यही कारण है कि मानसून में मशीन पानी भरने में दोगुना समय लेती है या फिर बीच में ही 'वॉटर एरर कोड' (Water Error Code) दिखाकर रुक जाती है. अगर समय पर इसे साफ न किया जाए, तो पानी का प्रेशर कम होने के कारण कपड़ों की धुलाई भी ठीक से नहीं हो पाती.इनलेट वाटर फिल्टर साफ करने का स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीकाइसे साफ करना बेहद आसान है और इसके लिए आपको किसी विशेष टूल या तकनीकी ज्ञान की जरूरत नहीं है. बस नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:सुरक्षा सबसे पहले: कोई भी काम शुरू करने से पहले सुरक्षा का ध्यान रखते हुए वॉशिंग मशीन का स्विच ऑफ करें और प्लग को सॉकेट से बाहर निकाल दें.पानी बंद करें: इसके बाद पानी की सप्लाई वाले मुख्य नल को पूरी तरह से बंद कर दें ताकि पाइप खोलते समय पानी घर में न फैले.पाइप को खोलें: अब मशीन के पिछले हिस्से में लगे इनलेट होज (पानी की प्लास्टिक पाइप) को थ्रेड से घुमाकर आराम से खोलें.फिल्टर को निकालें: पाइप हटाते ही आपको मशीन के अंदर एक छोटी प्लास्टिक या स्टील की रंगीन जाली दिखाई देगी. एक सामान्य प्लास (Pliers) या अपनी उंगलियों की मदद से इस फिल्टर को धीरे से बाहर खींच लें. आप देखेंगे कि इस पर भूरे रंग की मिट्टी की मोटी परत जमा होगी.ब्रश से करें सफाई: इस फिल्टर को बहते हुए साफ पानी के नीचे रखें. अगर कचरा ज्यादा पुराना और सख्त है, तो एक बेकार पड़े पुराने टूथब्रश की मदद से जाली को हल्के हाथों से रगड़कर साफ करें.वापस फिट करें: जब जाली बिल्कुल साफ हो जाए और उसके आर-पार रोशनी दिखने लगे, तो उसे वापस उसकी जगह पर सीधा फिट कर दें. पाइप को दोबारा मजबूती से कसें, नल चालू करके लीक टेस्ट करें और फिर मशीन का प्लग लगाकर इस्तेमाल करें.कितने दिनों में करनी चाहिए इस फिल्टर की सफाई?अगर मानसून का महीना चल रहा है या आपके इलाके में खारा/मटमैला पानी आता है, तो आपको हर 3 से 4 हफ्ते में एक बार इस फिल्टर को खोलकर जरूर साफ कर लेना चाहिए. साल के बाकी सामान्य महीनों में, हर 2 से 3 महीने में एक बार इसकी सफाई करना पर्याप्त रहता है. लेकिन अगर आपको कभी भी अचानक पानी का प्रेशर कम लगे या मशीन स्क्रीन पर एरर दिखाए, तो बिना देर किए तुरंत इस फिल्टर को साफ कर लें. ऐसा करने से आपकी महंगी मशीन की उम्र बढ़ेगी, बिजली की बचत होगी और कपड़े भी बिल्कुल साफ धुलेंगे.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:03 am

दतिया में बीजेपी ने क्यों काटा नरोत्तम मिश्रा का टिकट, बवाल कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, टियर गैस का प्रयोग

दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा आलाकमान ने चौंकाते हुए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। 2008 से लेकर 2023 तक दतिया विधानसभा सीट से लगातार 15 साल विधायक रहे भाजपा के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा जो ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 10:03 am

वोटर लिस्ट से अचानक गायब हुए 30% वोटर्स के नाम! चुनाव आयोग के फैसले से दमन-दीव और दादरा नगर हवेली में मची खलबली

केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव, और दादरा और नगर हवेली से एक ऐसी चुनावी खबर सामने आ रही है जिसने पूरे राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के एक बड़े फैसले के बाद जारी हुई नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से अचानक लगभग 29.7% यानी करीब एक-तिहाई वोटर्स के नाम पूरी तरह साफ कर दिए गए हैं. भारतीय चुनावी इतिहास में ड्राफ्ट स्टेज पर इतनी बड़ी तादाद में नाम हटाए जाने का यह देश का अब तक का सबसे बड़ा और पहला मामला है.प्रवासी मजदूरों और औद्योगिक व्यवस्था के कारण आया यह चौंकाने वाला आंकड़ावोटर लिस्ट के इस स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की निगरानी कर रहे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने इस अप्रत्याशित आंकड़े के पीछे की मुख्य वजह इस केंद्र शासित प्रदेश की खास औद्योगिक अर्थव्यवस्था को बताया है.3 लाख प्रवासी आबादी: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे केंद्र शासित प्रदेश (UT) की कुल आबादी लगभग 6.8 लाख के आसपास है.लगातार बदलता है पता: इस आबादी में से करीब 3 लाख लोग बाहरी राज्यों से आकर यहां की विभिन्न कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर हैं. यह फ्लोटिंग पॉपुलेशन (अस्थायी आबादी) रोजगार और बेहतर अवसरों के चलते लगातार अपनी रहने की जगहें बदलती रहती है, जिससे सरकारी रिकॉर्ड में उनका मिलान मुश्किल हो जाता है.बीएलओ (BLO) के बार-बार चक्कर काटने पर भी नहीं मिले लोग, ये हैं नाम कटने के 5 बड़े कारणप्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, वोटर लिस्ट से इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने के पीछे अलग-अलग तकनीकी और व्यावहारिक कारण सामने आए हैं, जो इस प्रकार हैं:एब्सेंट/अनट्रेसेबल (22.5%): बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने जब लोगों के रजिस्टर्ड पतों पर कई बार फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए विजिट किया, तो ये लोग अपने दिए गए पते पर मौजूद नहीं मिले.परमानेंटली शिफ्टेड (4.6%): ये वे वोटर हैं जो नौकरी बदलने, ट्रांसफर होने या किसी अन्य निजी कारण से हमेशा के लिए यह केंद्र शासित प्रदेश छोड़ चुके हैं.मृत्यु (1.7%): जिन रजिस्टर्ड मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, उनके नामों को सूची से आधिकारिक तौर पर हटा दिया गया है.डुप्लिकेट वोटर (0.6%): ये वे लोग थे जिनका नाम एक से अधिक पोलिंग बूथ, विधानसभा क्षेत्र या अलग-अलग राज्यों की सूचियों में एक साथ दर्ज पाया गया.अन्य कारण (0.2%): कुछ अन्य फॉर्मल और तकनीकी कमियों के चलते इन नामों को बाहर किया गया है.घबराएं नहीं! 11 अगस्त को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट, ऐसे जुड़वाएं अपना नामइस केंद्र शासित प्रदेश में कुल 4.28 लाख रजिस्टर्ड वोटर्स का डेटा था, जिनमें से केवल 3 लाख (70.3%) लोगों ने ही 4 जून को शुरू हुए वेरिफिकेशन ड्राइव के दौरान अपना एन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) जमा किया था. जिन लोगों का कोई अता-पता या दस्तावेज नहीं मिला, फिलहाल केवल उनके नाम ही इस ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर किए गए हैं.सुधार का मौका: प्रशासन ने साफ किया है कि जनता को बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह अंतिम सूची नहीं है. जिन जायज वोटर्स के नाम इस लिस्ट से कट गए हैं, वे चुनाव आयोग द्वारा दिए गए 'दावे और आपत्ति' (Claims & Objections) के निर्धारित समय के भीतर अपने जरूरी दस्तावेज दिखाकर नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं. इसके साथ ही, नए पात्र मतदाता भी 'फॉर्म 6' (Form 6) भरकर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं. इन सभी सुधारों और स्क्रूटनी के बाद, अंतिम और शुद्ध वोटर लिस्ट 11 अगस्त, 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जाएगी.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:02 am

आईफोन लवर्स को लगेगा बड़ा झटका! $200 तक महंगी हो सकती है iPhone 18 Pro सीरीज, लेकिन 'iPhone Ultra' में मिलेगी 5000mAh की विशालकाय बैटरी

एप्पल (Apple) के दीवानों के लिए टेक जगत से एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है. कंपनी इस साल सितंबर में अपनी अगली जनरेशन के आईफोन्स को दुनिया के सामने पेश करने की भव्य तैयारी में जुटी हुई है. इस बार एप्पल की प्रीमियम लाइनअप में कुछ ऐसे क्रांतिकारी और चौंकाने वाले बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. टेक मार्केट में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा एप्पल के पहले फोल्डेबल आईफोन को लेकर हो रही है, जिसे 'iPhone Ultra' नाम दिया जा सकता है. इसके साथ ही आईफोन 18 प्रो सीरीज में पहले से कहीं ज्यादा पावरफुल बैटरी और एक बिल्कुल नया लुक मिलने वाला है, हालांकि इन बेहतरीन अपग्रेड्स के लिए ग्राहकों को अपनी जेब काफी ढीली करनी पड़ेगी.महंगे कंपोनेंट्स के कारण कीमतों में होगी ₹16,500 तक की भारी बढ़ोतरी'काउंटरपॉइंट रिसर्च' (Counterpoint Research) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल के आने वाले फ्लैगशिप मॉडल्स को बनाने की लागत (Production Cost) पिछले वेरिएंट्स के मुकाबले काफी ज्यादा आ रही है:महंगे हुए पार्ट्स: अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाल के महीनों में NAND स्टोरेज और DRAM मेमोरी जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स के दाम काफी बढ़ गए हैं.एडवांस 2nm प्रोसेसर: एप्पल का अगला इन-हाउस प्रोसेसर एडवांस 2nm प्रोसेस तकनीक पर आधारित होने वाला है, जिसकी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बहुत अधिक है.वेरिएबल-अपर्चर कैमरा: प्रो मॉडल्स में इस बार बिल्कुल नया वेरिएबल-अपर्चर मेन कैमरा सिस्टम दिया जा सकता है, जो फोटोग्राफी को तो नेक्स्ट लेवल पर ले जाएगा लेकिन कैमरा हार्डवेयर को महंगा बना देगा.इन्हीं कारणों से एप्पल अपने कुछ प्रीमियम और हायर स्टोरेज वेरिएंट्स की कीमतों में $200 (लगभग ₹16,500) तक की बड़ी बढ़ोतरी कर सकता है.'iPhone Ultra' में मिलेगा डुअल-सेल बैटरी सेटअप, सैमसंग को मिलेगी टक्करइस बार की सबसे बड़ी लीक आईफोन अल्ट्रा की बैटरी को लेकर आई है. चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो (Weibo) पर मशहूर टिपस्टर 'डिजिटल चैट स्टेशन' ने खुलासा किया है कि एप्पल के एक प्रमुख बैटरी सप्लायर ने हाल ही में दो अलग-अलग बैटरी सेल्स को एक साथ सर्टिफाई कराया है. ऐसा डुअल-सेल (Dual-Cell) सेटअप आमतौर पर सिर्फ फोल्डेबल फोन्स में ही इस्तेमाल होता है क्योंकि वहां स्क्रीन को बीच से मोड़ा जाता है.रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों बैटरियों की क्षमता क्रमशः 1,921mAh और 2,962mAh है, जो मिलकर कुल 4,883mAh की रेटेड कैपेसिटी बनाती हैं. इसका साफ मतलब है कि लॉन्च के वक्त आईफोन अल्ट्रा की असली मार्केटेड क्षमता लगभग 5,000mAh के आसपास होने वाली है. यह बड़ा अपग्रेड सीधे तौर पर सैमसंग और गूगल के प्रीमियम फोल्डेबल फोंस को कड़ी टक्कर देगा.वजन में भारी होंगे प्रो मॉडल्स, ब्लैक कलर की हो सकती है छुट्टीबैटरी और कैमरे का यह बड़ा अपग्रेड सिर्फ अल्ट्रा मॉडल तक ही सीमित नहीं रहेगा. लीक्स के अनुसार, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में भी बैटरी लाइफ में काफी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.हालांकि, इन भारी-भरकम बदलावों की वजह से इस साल के प्रो मॉडल्स पिछले वेरिएंट्स के मुकाबले काफी भारी हो सकते हैं, यहाँ तक कि प्रो मैक्स मॉडल का वजन 240 ग्राम के पार भी जा सकता है. बड़े कैमरा मॉड्यूल के कारण फोन की मोटाई भी थोड़ी बढ़ सकती है. रंगों (Colors) की बात करें तो इस बार प्रो मॉडल्स में से क्लासिक ब्लैक कलर को हटाया जा सकता है. एप्पल इसकी जगह डार्क चेरी, लाइट ब्लू और सिल्वर जैसे बेहद आकर्षक और नए शेड्स पर अपना पूरा फोकस कर रहा है. एप्पल के सितंबर में होने वाले मेगा इवेंट में इन सभी फीचर्स पर से आधिकारिक तौर पर पर्दा उठ जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:00 am

चीन में बाढ़ के साथ बहकर आए हजारों खतरनाक सांप, रिहायशी इलाकों में मचा हड़कंप, कोबरा के डर से घरों में दुबके लोग

सांप का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं, लेकिन चीन में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद जो खौफनाक नजारा देखने को मिला, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. भारी बारिश के बाद आए सैलाब के चलते चीन के कई रिहायशी इलाकों में अचानक हजारों सांप घुस गए हैं. सड़कों, गलियों और पानी भरे रास्तों पर तैरते जहरीले सांपों ने स्थानीय लोगों की रात की नींद उड़ा दी है. सोशल मीडिया पर इसके डरावने वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें बाढ़ के पानी के बीच सांपों के झुंड रेंगते हुए दिखाई दे रहे हैं.आखिर बाढ़ के पानी में कहां से आए इतने सारे सांप?इस अजीबोगरीब और डरावनी घटना के पीछे की वजह चीन का एक खास इलाका है. दरअसल, चीन का गुआंग्शी क्षेत्र देश का सबसे बड़ा 'स्नेक ब्रीडिंग हब' (Snake Breeding Hub) माना जाता है. यहां पारंपरिक दवाइयों, वैज्ञानिक शोध और लेदर प्रोडक्ट्स के लिए करोड़ों की संख्या में सांप और अन्य रेंगने वाले जीवों को पाला जाता है. हाल ही में आई भीषण बाढ़ के दौरान इस इलाके के एक बड़े स्नेक फार्म की सुरक्षा दीवारें पानी के तेज दबाव के कारण ढह गईं. दीवार टूटते ही फार्म में पाले जा रहे हजारों सांप पानी के तेज बहाव के साथ बहकर सीधे इंसानी बस्तियों और मुख्य सड़कों तक पहुंच गए.कोबरा का सबसे बड़ा खतरा, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्टबाढ़ के पानी में बहकर आए सांपों में 'कोबरा' जैसे बेहद जहरीले सांप भी शामिल हैं, जिससे खतरा कई गुना बढ़ गया है. चीनी प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को चेतावनी दी है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी खतरा टला नहीं है. यह सांप पानी कम होने पर घरों के कोनों, सीढ़ियों के नीचे, दीवारों की दरारों और मलबे में छिप सकते हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे बिना किसी सुरक्षा उपकरण के खुद इन जहरीले सांपों को पकड़ने की गलती बिल्कुल न करें और किसी भी इमरजेंसी में तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचित करें.कमर तक पानी में उतरी रेस्क्यू टीम, जाल और स्टन गन से हो रही धरपकड़हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने विशेषज्ञ स्नैक कैचर्स और 10 अनुभवी लोगों की एक स्पेशल रेस्क्यू टीम को मैदान में उतारा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि रेस्क्यू कर्मचारी और कुछ स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर कमर तक भरे पानी में उतर रहे हैं. ये टीमें मछली पकड़ने वाले बड़े जालों, डंडों, विशेष सुरक्षा सूट और स्टन गन की मदद से इन रेंगते जीवों को पकड़ने की कोशिश में जुटी हैं.चीन में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पहले ही तबाही मचा रखी है, नदियां उफान पर हैं और हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है, लेकिन इस बाढ़ के बीच सांपों के इस नए और जानलेवा संकट ने लोगों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:36 am

पीएफ धारकों को बड़ी राहत! EPFO का पासबुक पोर्टल दोबारा शुरू, लेकिन UAN एक्टिवेशन का बदल गया तरीका; अब चेहरा दिखाना होगा जरूरी

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. पिछले लगभग दो सप्ताह से मेंटेनेंस और सिस्टम अपग्रेडेशन के कारण बंद पड़ा ईपीएफओ पासबुक पोर्टल (EPFO Passbook Portal) आखिरकार दोबारा पूरी तरह लाइव हो गया है. अब पीएफ खाताधारक बिना किसी परेशानी के लॉग इन करके अपना अकाउंट स्टेटमेंट चेक कर सकते हैं.हालांकि, पोर्टल शुरू करने के साथ ही ईपीएफओ ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी यूएएन (UAN) एक्टिवेशन को लेकर एक ऐसा बड़ा झटका दिया है, जिसे हर नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए जानना बेहद जरूरी है.आ रहा है 8.25% ब्याज का पैसा, तुरंत चेक करें अपना पीएफ बैलेंसइस पासबुक पोर्टल का दोबारा शुरू होना सब्सक्राइबर्स के लिए इसलिए भी बहुत मायने रखता है क्योंकि ईपीएफओ आगामी 15 जुलाई से सभी मेंबर्स के खातों में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% की दर से सालाना ब्याज का पैसा क्रेडिट करना शुरू करने जा रहा है.दिखेगा चुनिंदा सालों का डेटा: नए अपग्रेड किए गए पोर्टल पर लॉग इन करने पर एक जरूरी नोटिस दिखाई दे रहा है. इसके मुताबिक, हाल के वित्तीय वर्षों के ट्रांजैक्शन और पीएफ बैलेंस तुरंत देखे जा सकते हैं, लेकिन बहुत पुराने सालों का डेटा अभी सिस्टम में बैकएंड से ट्रांसफर किया जा रहा है. यह एक ऑटोमैटिक प्रक्रिया है, जो अगले कुछ दिनों में पूरी हो जाएगी और पुराना रिकॉर्ड भी दिखने लगेगा.बड़ा झटका: वेबसाइट से हमेशा के लिए बंद हुई UAN एक्टिवेशन की सुविधासिस्टम को पूरी तरह हाईटेक और सुरक्षित बनाने के चक्कर में ईपीएफओ ने पुराना तरीका बंद कर दिया है. अब तक कर्मचारी ईपीएफओ के 'यूनिफाइड मेंबर पोर्टल' की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से अपना यूएएन एक्टिवेट कर लेते थे, लेकिन अब इस वेब-बेस्ड यूएएन एक्टिवेशन सुविधा को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है. अब वेबसाइट पर जाने वाले यूजर्स को एक स्पष्ट नोटिस दिखाया जा रहा है कि यह सर्विस अब उपलब्ध नहीं है.अब चेहरा दिखाकर ही चालू होगा UAN, नोट कर लें यह नया मोबाइल फॉर्मूलाईपीएफओ ने पीएफ खातों में होने वाली धोखाधड़ी और सुरक्षा में सेंधमारी को रोकने के लिए यूएएन एक्टिवेशन की पूरी प्रक्रिया को मोबाइल-बेस्ड और डिजिटल बना दिया है:UMANG ऐप का करना होगा इस्तेमाल: अब किसी भी नए या पुराने कर्मचारी को अपना यूएएन एक्टिवेट करने के लिए अपने स्मार्टफोन में सरकारी उमंग (UMANG) ऐप को डाउनलोड करना अनिवार्य होगा.फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT): उमंग ऐप के जरिए जब आप यूएएन एक्टिवेशन के विकल्प पर जाएंगे, तो वहां अब आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (Face Authentication) का इस्तेमाल करना होगा. यानी अब मोबाइल कैमरा से आपका चेहरा लाइव स्कैन होने के बाद ही यूएएन एक्टिवेट हो पाएगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत हो जाएगी.विभाग ने 3 जुलाई से चरणबद्ध तरीके से अपने नए और आधुनिक 'यूनिफाइड मेंबर पोर्टल' को रोल आउट करना शुरू किया था. ईपीएफओ का कहना है कि इस बड़े टेक्नोलॉजी ओवरहॉल का मुख्य उद्देश्य पीएफ खातों की सुरक्षा को अभेद्य बनाना, सर्वर की तकनीकी गड़बड़ियों को हमेशा के लिए दूर करना और करोड़ों सब्सक्राइबर्स को एक स्मूथ डिजिटल अनुभव प्रदान करना है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:35 am

हर महीने मिलेगी ₹9,250 की बंपर पेंशन! पोस्ट ऑफिस की इस धांसू स्कीम में सुरक्षित रहेगा आपका पैसा, जानें निवेश का पूरा गणित

अगर आप बिना किसी जोखिम के अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए हर महीने एक निश्चित और मोटी कमाई की तलाश में हैं, तो भारतीय डाक विभाग की पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) आपके लिए सबसे बेहतरीन जरिया बन सकती है. केंद्र सरकार द्वारा समर्थित इस स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश करने पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है. वर्तमान में मिल रही 7.4 फीसदी की दमदार सालाना ब्याज दर के हिसाब से यदि आप इसमें जॉइंट अकाउंट खोलकर निवेश करते हैं, तो आपको हर महीने घर बैठे करीब ₹9,250 की नियमित आमदनी होने लगेगी.क्या है पोस्ट ऑफिस MIS और क्यों है यह इतनी लोकप्रिय?पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक बेहद भरोसेमंद सरकारी बचत योजना है. इसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों को हर महीने एक निश्चित आय की गारंटी देना है. यही कारण है कि यह स्कीम देश के वरिष्ठ नागरिकों, नौकरी से रिटायर हो चुके कर्मचारियों और कम जोखिम में फिक्स्ड मंथली इनकम चाहने वाले मिडिल क्लास परिवारों के बीच जबरदस्त लोकप्रिय है. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपकी जमा की गई मूल राशि (Principal Amount) पूरी तरह सुरक्षित रहती है और ब्याज का भुगतान सीधे आपके खाते में हर महीने कर दिया जाता है.₹15 लाख के निवेश पर हर महीने का पूरा गणितइस योजना में कोई भी भारतीय नागरिक सिंगल या जॉइंट अकाउंट के जरिए निवेश कर सकता है. सरकार प्रत्येक तिमाही में इसकी ब्याज दरों की समीक्षा करती है. वर्तमान में लागू 7.4% वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से मुनाफे का कैलकुलेशन कुछ इस प्रकार है:कुल निवेश (जॉइंट अकाउंट): ₹15,00,000ब्याज दर: 7.4% प्रतिवर्षवार्षिक ब्याज की कमाई: ₹1,11,000मासिक आय (Monthly Income): लगभग ₹9,2505 साल में कुल मुनाफा: ₹5,55,000पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल (60 महीने) की होती है. 5 साल पूरे होने पर निवेशक को उसकी ₹15 लाख की पूरी मूल राशि वापस सौंप दी जाती है और इस दौरान वह ₹5.55 लाख सिर्फ ब्याज के रूप में कमा चुका होता है.निवेश की अधिकतम सीमा और प्री-मैच्योर क्लोजर के नियमनियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने सिंगल अकाउंट के जरिए अधिकतम ₹9 लाख तक ही जमा कर सकता है, जबकि जॉइंट अकाउंट (अधिकतम 3 व्यक्ति) के माध्यम से ₹15 लाख तक निवेश करने की खुली छूट है. अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत पड़ती है, तो खाता बंद करने के लिए ये नियम लागू होंगे:खाता खोलने के पहले 1 वर्ष के भीतर आप इसे किसी भी हाल में बंद नहीं कर सकते.1 साल से 3 साल के बीच खाता बंद करने पर आपकी जमा मूल राशि से 2 प्रतिशत की कटौती की जाएगी.3 साल के बाद और 5 साल से पहले खाता बंद करने पर मूल राशि का 1 प्रतिशत काटकर शेष रकम लौटाई जाएगी.टैक्स बेनिफिट्स और खाता खोलने से जुड़ी जरूरी बातध्यान रखने वाली बात यह है कि पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश करने पर आयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है. इस योजना से मिलने वाला मासिक ब्याज आपकी कुल सालाना आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स देय होता है. हालांकि, राहत की बात यह है कि डाक विभाग इस ब्याज राशि पर कोई टीडीएस (TDS) नहीं काटता है. चूंकि यह पूरी तरह डाक विभाग की योजना है, इसलिए इसका खाता केवल आधिकारिक पोस्ट ऑफिस में ही खोला जा सकता है, किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:34 am

10.37 करोड़ की Ferrari 849 Testarossa भारत में लॉन्च! 1050 हॉर्सपावर की इस हाइब्रिड सुपरकार के फीचर्स उड़ा देंगे होश

लग्जरी और तेज रफ्तार कारों के शौकीनों के लिए इतालवी सुपरकार निर्माता फेरारी (Ferrari) ने भारतीय बाजार में अपनी अब तक की सबसे दमदार रोड कार Ferrari 849 Testarossa को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है. 15 मार्च, 2026 को देश में उतरी इस प्लग-इन हाइब्रिड सुपरकार की शुरुआती कीमत ₹10.37 करोड़ (एक्स-शोरूम) रखी गई है. यह नई हाइब्रिड सुपरकार बाजार में फेरारी SF90 स्ट्राडेल (Stradale) की जगह लेगी और सीधे तौर पर लैंबरघिनी रेवुएल्टो (Lamborghini Revuelto) को कड़ी टक्कर देने आ रही है.'रेड हेड' नाम के पीछे छिपा है 70 साल पुराना रेसिंग इतिहासइस कार के साथ फेरारी ने अपने करीब 70 साल पुराने ऐतिहासिक नाम को दोबारा जिंदा किया है. साल 1956 में फेरारी ने अपनी जिन रेसिंग कारों के कैम कवर्स को लाल रंग से रंगा था, उन्हें 'Testarossa' नाम दिया गया था. इटैलियन भाषा में इसका सीधा मतलब रेड हेड (लाल सिर) होता है. इसके अलावा, कार के नाम में शामिल 849 का भी एक खास गणित है, जो इसके इंजन को दर्शाता है—यानी इसमें 8 सिलेंडर का इंजन लगा है और इसके हर एक सिलेंडर की क्षमता 490cc है.1970 के दशक का लुक और जबरदस्त एरोडायनामिक डिजाइनडिजाइन के मामले में यह कार SF90 से काफी अलग और आक्रामक दिखती है. इसके फ्रंट लुक को 1970 के दशक के एंड्योरेंस रेसिंग प्रोटोटाइप और 1980 की क्लासिक टेस्टारोसा से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. कार में बेहद पतली एलईडी हेडलाइट्स दी गई हैं.पहिए और ब्रेक्स: कार के साइड प्रोफाइल में 20 इंच के बड़े अलॉय व्हील्स के साथ हाई-परफॉर्मेंस सिरेमिक ब्रेक कैलिपर्स और स्टैगर्ड टायर्स (अलग-अलग साइज के टायर) दिए गए हैं.1970 की रेसिंग ट्रिक: कार के पिछले हिस्से में ट्विन-टेली डिजाइन है, जो 512S रेसिंग कार की याद दिलाता है. इसमें एक एक्टिव स्पॉइलर लगा है जो 1 सेकंड से भी कम समय में अपनी पोजीशन बदलकर 100 किलोग्राम तक का अतिरिक्त डाउनफोर्स पैदा कर सकता है. 250 किमी/घंटे की रफ्तार पर इसका कुल डाउनफोर्स 415 किलोग्राम तक पहुंच जाता है.1,050 PS की बेमिसाल ताकत और 330 km/h से ज्यादा की टॉप स्पीडफेरारी 849 टेस्टारोसा में 3.9-लीटर का ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है, जो अकेले 830 PS की पावर जेनरेट करता है. इस इंजन का साथ देने के लिए इसमें 3 इलेक्ट्रिक मोटर (दो आगे के पहियों पर और एक पीछे) जोड़ी गई हैं, जो फॉर्मूला-1 की आधुनिक तकनीक पर काम करती हैं.रफ्तार का जादू: यह पूरा सिस्टम मिलकर कुल 1,050 PS की कड़क पावर जनरेट करता है. कार में 7.45 kWh की बैटरी लगी है, जिससे यह सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर 25 किलोमीटर तक चल सकती है. रफ्तार की बात करें तो यह महज 2.3 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा और सिर्फ 6.3 सेकंड में 200 किमी/घंटे की स्पीड पकड़ लेती है. इसकी टॉप स्पीड 330 किमी/घंटे से भी ज्यादा है.कॉकपिट जैसा इंटीरियर और भारत में सर्विस सपोर्टकार के केबिन के अंदर कदम रखते ही आपको किसी फाइटर जेट या रेस कार जैसा अहसास होगा. इसके इंटीरियर में प्रीमियम लेदर, कार्बन फाइबर और अल्कांतारा मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है. ड्राइवर के लिए 16-इंच का बड़ा डिजिटल डिस्प्ले, पैसेंजर के लिए अलग परफॉर्मेंस स्क्रीन, वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto जैसे फीचर्स दिए गए हैं. स्टीयरिंग व्हील पर पुराने हैप्टिक टच की जगह अब सॉलिड फिजिकल स्विच और कार्बन-फाइबर पैडल शिफ्टर्स दिए गए हैं. भारत में फेरारी इस कार को अपने मुंबई और नई दिल्ली के शोरूम के जरिए बेचेगी, जबकि इसका मुख्य सर्विस सपोर्ट बेंगलुरु से संचालित किया जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:31 am

दुनिया में बजा भारतीय वायुसेना का डंका! चीन को पछाड़ IAF बनी तीसरी सबसे बड़ी हवाई ताकत, WDMMA रैंकिंग में रचा इतिहास

भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ाया है. 'वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट' (WDMMA) द्वारा जारी साल 2026 की ग्लोबल एयरपावर रैंकिंग में भारतीय वायुसेना ने दुनिया में तीसरा स्थान हासिल किया है. साल 2022 के बाद से यह लगातार 5वां मौका है जब भारत ने पड़ोसी देश चीन की 'पीपल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स' (PLAAF) को पीछे छोड़ते हुए अपनी बढ़त बरकरार रखी है.अमेरिका और रूस के बाद भारत का दबदबा, ऐसे तय होती है ताकतताजा वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना दुनिया की शीर्ष ताकतों में सिर्फ अमेरिका और रूस से पीछे है. WDMMA कुल 103 देशों की 129 वायु सेनाओं के करीब 48,000 से अधिक विमानों का गहन मूल्यांकन करता है. इसके लिए 'ट्रू वैल्यू रेटिंग' (TVR) प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है. यह रेटिंग सिर्फ लड़ाकू विमानों की गिनती पर नहीं, बल्कि विमानों की आधुनिक मारक क्षमता, लॉजिस्टिक सपोर्ट, स्वदेशी निर्माण की काबिलियत और लड़ाकू विमानों व हेलीकॉप्टरों के सही संतुलन (Fleet Mix) के आधार पर दी जाती है.1,716 विमानों के साथ आसमान में गरज रही है भारतीय वायुसेनाआंकड़ों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना वर्तमान में कुल 1,716 लड़ाकू और सहायक विमानों का संचालन कर रही है. इस शक्तिशाली बेड़े में सात अलग-अलग श्रेणियों के 542 फाइटर जेट शामिल हैं (जिसमें जल्द ही रिटायर होने वाला MiG-21 भी गिना गया है). इसके अलावा आसमानी बेड़े में:हेलीकॉप्टर: 498 (जिसमें 222 Mi-17 और 111 स्वदेशी HAL ध्रुव व रुद्र शामिल हैं)ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट: 282 मालवाहक विमानट्रेनर विमान: 374 (पायलटों की ट्रेनिंग के लिए खास तौर पर तैयार)स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट: 20 (हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर और खोजी विमान)कमियों को दूर करने का मेगा प्लान: 180 तेजस और राफेल की होगी एंट्रीWDMMA ने जहां भारत की ताकत की तारीफ की है, वहीं बेड़े की कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया है. वर्तमान में IAF के पास स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन के मुकाबले 29 फाइटर स्क्वाड्रन ही एक्टिव हैं. इसके साथ ही मिड-एयर रिफ्यूलर और एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (AEW&C) की संख्या बढ़ाने की जरूरत है.वायुसेना इन कमियों को तेजी से दूर करने के लिए पूरी तरह तैयार है. इसके तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को 180 स्वदेशी तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों का भारी-भरकम ऑर्डर दिया जा चुका है. इसके अतिरिक्त, 114 नए राफेल फाइटर जेट्स खरीदने की योजना पर भी काम चल रहा है, जिससे 2030 के दशक में रिटायर होने वाले जगुआर, मिराज 2000 और मिग-29 विमानों की कमी को आसानी से पूरा किया जा सके.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:30 am

गैस सिलेंडर बुक करने से पहले देखें नई रेट लिस्ट: दिल्ली, नोएडा से लखनऊ तक घरेलू और कमर्शियल LPG के आज के दाम जारी

अगर आप आज अपने घर या दुकान के लिए एलपीजी (LPG) सिलेंडर बुक करने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले आज के ताजा रेट जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है. सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज के लिए घरेलू और कमर्शियल दोनों ही गैस सिलेंडरों के दाम अपडेट कर दिए हैं. बीते जून महीने में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से जुलाई में भी कीमतें उसी स्तर पर बनी हुई हैं. वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर ₹942 में मिल रहा है, वहीं फरीदाबाद (हरियाणा) में इसकी कीमत ₹943.50 तय की गई है.घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 KG) के आज के दामविभिन्न राज्यों में लगने वाले स्थानीय टैक्स (वैट) और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट की वजह से देश के अलग-अलग शहरों में कीमतें भिन्न होती हैं. आज के प्रमुख शहरों के भाव इस प्रकार हैं:दिल्ली: ₹942.00नोएडा: ₹939.50मुंबई: ₹941.50लखनऊ: ₹979.50कोलकाता: ₹968.00चेन्नई: ₹957.50जयपुर: ₹945.50पटना: ₹1,031.50चंडीगढ़: ₹951.50असम: ₹991.00दुकानदारों के लिए: 19 KG कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमतेंकमर्शियल गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल करने वाले रेस्तरां और दुकानदारों के लिए भी आज की कीमतें जारी कर दी गई हैं. 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के प्रमुख शहरों के रेट नीचे दिए गए हैं:दिल्ली व नोएडा: ₹2,930.00हरियाणा: ₹2,932.00मुंबई: ₹2,885.50लखनऊ: ₹3,052.50कोलकाता: ₹3,081.50चेन्नई: ₹3,106.00जयपुर: ₹2,957.50पटना: ₹3,227.00हर महीने क्यों घटते-बढ़ते हैं एलपीजी के दाम?आमतौर पर तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं, हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव में इसे महीने के बीच में भी बदला जा सकता है. एलपीजी की कीमतें मुख्य रूप से इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल व एलपीजी की दर, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर, माल ढुलाई की लागत और राज्यों के स्थानीय टैक्स (Local Taxes) के आधार पर तय होती हैं.उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को बड़ी राहत: सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के पात्र लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर पर ₹300 की बंपर सब्सिडी देना जारी रख रही है, जो सीधे उनके लिंक किए गए बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) ट्रांसफर की जाती है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:28 am

पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी: दिल्ली से मुंबई तक बदल गए ईंधन के रेट, घर बैठे 1 मिनट में ऐसे चेक करें अपने शहर का भाव

हर दिन की शुरुआत देश में सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों के साथ होती है. सुबह ठीक 6 बजे देश की दिग्गज तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज के लिए ईंधन की ताजा दरें जारी कर दी हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की उठापटक और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर ये दाम तय होते हैं. चूंकि ईंधन के दाम आम आदमी की जेब से लेकर फल-सब्जी और ट्रांसपोर्टेशन की लागत पर सीधा असर डालते हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले आज का रेट जान लेना बेहद जरूरी है.देश के प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल रेटभारत के अलग-अलग राज्यों और शहरों में सरकारी टैक्स (VAT) और माल ढुलाई की लागत अलग होने के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिलता है. आज के प्रमुख शहरों के भाव इस प्रकार हैं:नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 | डीजल ₹97.83कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 | डीजल ₹99.82चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 | डीजल ₹99.55हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 | डीजल ₹103.82लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 | डीजल ₹95.55नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.56बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 | डीजल ₹98.80मई 2022 से क्यों बनी हुई है कीमतों में स्थिरता?वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होने के बावजूद भारतीय बाजार में पिछले दो वर्षों से ईंधन के दाम तुलनात्मक रूप से स्थिर हैं. दरअसल, मई 2022 में केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों द्वारा एक्साइज ड्यूटी व वैट में की गई भारी कटौती के बाद से तेल कंपनियों ने कीमतों को एक दायरे में रखा है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई के बड़े झटकों से राहत मिली हुई है.किन 4 बड़े कारणों से तय होता है आपकी गाड़ी के ईंधन का दाम?क्रूड ऑयल की कीमत: भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए ग्लोबल मार्केट में इसके रेट बढ़ते ही भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है.डॉलर बनाम रुपया: अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल की खरीदारी डॉलर में होती है. अगर डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो तेल कंपनियों को आयात के लिए ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है.सरकारी टैक्स का बोझ: पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट (VAT) मिलकर खुदरा मूल्य का एक बहुत बड़ा हिस्सा बनाते हैं.मांग और रिफाइनिंग कॉस्ट: कच्चे तेल को रिफाइनरियों में साफ करने की लागत और त्योहारों या मौसम के अनुसार बाजार में ईंधन की मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है.सिर्फ एक SMS से अपने फोन पर पाएं आज का लाइव रेटअगर आप बिना इंटरनेट के भी अपने शहर का सटीक भाव जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियों ने एसएमएस (SMS) के जरिए बेहद आसान सुविधा दे रखी है:Indian Oil (IOCL): अपने फोन से RSP टाइप करें और 9224992249 पर भेज दें.BPCL: अपने मोबाइल से RSP लिखकर 9223112222 पर सेंड करें.HPCL: मोबाइल के मैसेज बॉक्स में HP Price लिखें और इसे 9222201122 पर भेज दें.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:27 am

केंद्रीय कर्मचारियों की मौज! 8वें वेतन आयोग में रॉकेट की तरह बढ़ेगा HRA, जानें फिटमेंट फैक्टर बदलते ही कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर हलचल तेज है. कोलकाता में स्टेकहोल्डर्स और कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठकों का दौर पूरा हो चुका है. इस बैठक में यूनियनों ने न सिर्फ बेसिक सैलरी (Basic Salary) बढ़ाने, बल्कि हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की दरों में भी बंपर बढ़ोतरी की पुरजोर मांग की है. चूंकि एचआरए सीधे तौर पर बेसिक पे का एक निश्चित प्रतिशत होता है, इसलिए फिटमेंट फैक्टर लागू होते ही कर्मचारियों के इन-हैंड वेतन में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिलेगा.कर्मचारी संगठनों की मांग: 40% तक किया जाए HRAफिलहाल 7वें वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, शहरों को तीन श्रेणियों X, Y और Z में बांटा गया है. जनवरी 2024 में महंगाई भत्ता (DA) 50 फीसदी पहुंचने के बाद मौजूदा एचआरए दरें क्रमशः 30% (X शहर), 20% (Y शहर) और 10% (Z शहर) हैं. लेकिन बड़े शहरों में आसमान छूते किराए को देखते हुए NC-JCM, AIDEF और FNPO जैसे संगठनों ने एचआरए स्लैब को बढ़ाकर 40% (X), 35% (Y) और 30% (Z) करने की मांग की है. वहीं AINPSEF ने इसे क्रमशः 36%, 24% और 12% करने का प्रस्ताव रखा है.फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित: कैसे बढ़ेगा आपका पैसा?एचआरए की गणना हमेशा न्यूनतम बेसिक पे पर की जाती है. वर्तमान में दिल्ली (X श्रेणी शहर) में कार्यरत लेवल 1 के कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, जिस पर 30% के हिसाब से ₹5,400 एचआरए मिलता है. 8वें वेतन आयोग में अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर यह गणित पूरी तरह बदल जाएगा:2.0 फिटमेंट फैक्टर पर: न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹36,000 हो जाएगी और 30% के हिसाब से एचआरए सीधे दोगुना होकर ₹10,800 हो जाएगा.2.28 या 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर: यदि सरकार इन उच्च फिटमेंट फैक्टर्स को मंजूरी देती है, तो लेवल 1 से लेकर लेवल 10 तक के कर्मचारियों का वेतन अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाएगा. उदाहरण के तौर पर, दिल्ली जैसे X श्रेणी के शहर में तैनात एक एंट्री-लेवल अफसर (लेवल 10) का सिर्फ मकान किराया भत्ता (HRA) ही बढ़कर ₹43,250 प्रति माह तक पहुंच सकता है.यह बदलाव लागू होते ही कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में अब तक का सबसे बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा, जिससे करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:26 am

दिल्ली में महिलाओं के लिए फ्री बस सफर का बदला नियम! 1 अगस्त से 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' हुआ जरूरी, वरना जेब से ढीला करना होगा किराया

दिल्ली में रहने वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने मुफ्त बस सफर से जुड़े नियमों में बहुत बड़ा बदलाव कर दिया है. आगामी 1 अगस्त से दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और DIMTS क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा करने के लिए अब गुलाबी रंग का कागजी टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि उसकी जगह 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' दिखाना और उसे मशीन पर टैप करना अनिवार्य होगा. अगर 1 अगस्त के बाद आपके पास यह कार्ड नहीं हुआ, तो आपको सामान्य यात्रियों की तरह पूरे पैसे देकर टिकट खरीदना पड़ेगा. हालांकि, राहत की बात यह है कि 31 जुलाई तक पुरानी कागजी टिकट व्यवस्था पहले की तरह ही चलती रहेगी.क्या है पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड और कौन है इसका हकदार?यह कार्ड दिल्ली सरकार की तरफ से जारी किया जाने वाला एक खास NCMC (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) आधारित डिजिटल स्मार्ट कार्ड है. सरकार इस व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाना चाहती है ताकि कागजी टिकटों का खर्च बचे और डेटा बिल्कुल सटीक रहे. यह सुविधा केवल दिल्ली की रहने वाली 12 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं और ट्रांसजेंडर निवासियों के लिए है. बस में चढ़ते ही आपको इस कार्ड को वहां लगी इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर टैप करना होगा, जिसके बाद आपकी फ्री यात्रा मान्य हो जाएगी.मुफ्त में बनेगा पहला कार्ड: ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन का यह है तरीकादिल्ली सरकार ने जनता की सुविधा के लिए इस कार्ड को बनवाने की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा है. पहला कार्ड सभी के लिए बिल्कुल मुफ्त जारी किया जा रहा है, लेकिन अगर यह खो जाता है तो दोबारा बनवाने के लिए तय फीस देनी होगी. आप इसे दो तरीकों से बनवा सकते हैं:ऑनलाइन तरीका: इसके लिए आपको MufinPay के आधिकारिक 'DTC Pink NCMC Card Portal' पर जाना होगा. वहां अपना मोबाइल नंबर और संबंधित पहचान दस्तावेज दर्ज कर ओटीपी (OTP) के जरिए वेरिफिकेशन करना होगा. आवेदन पूरा होने के बाद मिलने वाले क्यूआर (QR) कोड को किसी भी नजदीकी डीटीसी सेंटर पर दिखाकर आप अपना असली स्मार्ट कार्ड ले सकते हैं.ऑफलाइन तरीका: आप सीधे अपने नजदीकी 'पिंक कार्ड डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर' पर जा सकते हैं. वहां अपने जरूरी दस्तावेज और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ जाकर सीधे काउंटर से ही अपना नया पिंक सहेली कार्ड हासिल कर सकते हैं.31 जुलाई से पहले कर लें तैयारी, नहीं तो लगेगा किरायाइस नए नियम को लाने का मुख्य उद्देश्य मुफ्त यात्रा का सही रिकॉर्ड रखना और योजना का लाभ सिर्फ सही लोगों तक पहुंचाना है. सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि मुफ्त यात्रा की गिनती सिर्फ स्मार्ट कार्ड टैपिंग के जरिए ही होगी. इसलिए दिल्ली की सभी महिला और ट्रांसजेंडर यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे 31 जुलाई की आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते अपना कार्ड बनवा लें, ताकि 1 अगस्त से उन्हें बस सफर में किसी भी तरह की परेशानी या बेवजह किराया देने की नौबत न आए.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:21 am

Ladli Behna Yojana 38th Installment: 12 जुलाई को आएगी लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त, सीएम मोहन यादव भिंड से ट्रांसफर करेंगे ₹1500, ऐसे चेक करें स्टेटस

मध्य प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ से अधिक लाडली बहनों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य की सबसे लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी 'लाडली बहना योजना' (Ladli Behna Yojana) की 38वीं किस्त का इंतजार अब पूरी तरह से खत्म होने वाला है। नवीनतम आधिकारिक खबरों के अनुसार, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) भिंड जिले के मेहगांव में 12 जुलाई को आयोजित होने वाले एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान इस योजना की अगली मासिक किस्त जारी करने जा रहे हैं।मुख्यमंत्री 12 जुलाई को मेहगांव विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे, जहां वे क्षेत्र की जनता को करोड़ों रुपये की कई विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे और नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसी विकास मंच से सिंगल क्लिक के जरिए जुलाई महीने की किस्त सीधे पात्र महिलाओं के डीबीटी (DBT) लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने दी जानकारी, मेहगांव में तैयारियां तेजमध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लाडली बहना योजना की 38वीं सम्मान किस्त को महिलाओं के खातों में भेजने का मुख्य कार्यक्रम इस बार भिंड की मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस दौरे और भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं।आपको बता दें कि इससे पहले जून महीने में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने योजना की 37वीं किस्त 14 जून को सागर जिले के केसली में आयोजित एक कार्यक्रम से जारी की थी, जहां राज्य भर की सभी लाडली बहनों के बैंक खातों में 1,500-1,500 रुपये की आर्थिक सहायता भेजी गई थी।इन महिलाओं को मिलता है सरकार की इस योजना का सीधा लाभलाडली बहना योजना मध्य प्रदेश की आर्थिक रूप से कमजोर, मध्यमवर्गीय और जरूरतमंद परिवारों की विवाहित महिलाओं के सशक्तिकरण का एक बड़ा जरिया बन चुकी है। इस योजना के दायरे में राज्य की 21 से 60 वर्ष तक की विवाहित महिलाएं आती हैं, जिनमें समाज की परित्यक्ता, तलाकशुदा और विधवा महिलाएं भी शामिल हैं। सरकार इन सभी पात्र लाडली बहनों के बैंक खातों में हर महीने ₹1,500 की सम्मान राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में जमा करती है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।घर बैठे ऑनलाइन कैसे चेक करें अपनी 38वीं किस्त का 'पेमेंट स्टेटस'?जुलाई महीने की 38वीं किस्त आपके बैंक खाते में जमा हुई है या नहीं, इसे जांचने के लिए आपको किसी बैंक या सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके घर बैठे ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकती हैं:स्टेप 1: सबसे पहले लाडली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं।स्टेप 2: होमपेज पर दिए गए 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' (Application & Payment Status) वाले विकल्प पर क्लिक करें।स्टेप 3: अब खुले नए पेज पर अपनी 9 अंकों की 'समग्र आईडी' (Samagra ID) या अपना ऑनलाइन आवेदन क्रमांक दर्ज करें।स्टेप 4: स्क्रीन पर दिख रहे सुरक्षा कोड यानी कैप्चा (CAPTCHA) को सही-सही भरें और 'ओटीपी भेजें' (Get OTP) पर क्लिक करें।स्टेप 5: आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, उसे दर्ज करके वेरिफाई बटन दबाएं।स्टेप 6: सबमिट करते ही स्क्रीन पर आपके आवेदन की पूरी स्थिति और जुलाई महीने के पेमेंट स्टेटमेंट (Payment Statement) की पूरी जानकारी खुलकर सामने आ जाएगी।जून 2023 में हुई थी शुरुआत, ₹1,000 से बढ़कर ₹1,500 हुई राशिमध्य प्रदेश की इस गेम-चेंजर योजना की शुरुआत राज्य सरकार द्वारा जून 2023 में की गई थी। जब यह योजना लॉन्च हुई थी, तब महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। लेकिन महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को देखते हुए बाद में राज्य सरकार ने इस मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर सीधे 1,500 रुपये प्रति महीना कर दिया था। वर्तमान में यह योजना राज्य की करोड़ों महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 8:18 am

बुलंदशहर से यमुना एक्सप्रेसवे तक बनेगा नया लिंक मार्ग: यीडा ने 57% जमीन खरीदी, जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे से होगी सीधी कनेक्टिविटी

उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई और हाई-स्पीड गति देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIDA) एक और बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) की पहुंच को और बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित नए लिंक एक्सप्रेसवे (Link Expressway) के लिए जमीन खरीदने का काम बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है।प्राधिकरण के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए अब तक करीब 57 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। यीडा के आला अधिकारियों के मुताबिक, बाकी बची हुई जमीन को भी आगामी एक महीने के भीतर आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत खरीद लिया जाएगा। इस शुरुआती भूमि अधिग्रहण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 1,204 करोड़ रुपये का बजट पहले ही मंजूर कर दिया है, जबकि यह पूरी भव्य परियोजना लगभग 4,000 करोड़ रुपये की कुल लागत से बनकर तैयार होगी।कैसा होगा नया लिंक एक्सप्रेसवे? जानिए इसका रूट मैपयह नया लिंक एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यातायात को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। इस प्रोजेक्ट के तकनीकी और भौगोलिक विवरण इस प्रकार हैं:शुरुआत और अंत: यह महत्वपूर्ण लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना (Siana) क्षेत्र से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर वाले बिंदु (जीरो प्वाइंट से दूरी) पर जाकर समाप्त होगा।यीडा क्षेत्र और एलिवेटेड हिस्सा: इस पूरे मार्ग का लगभग 20 किलोमीटर का हिस्सा यीडा (YEIDA) के अधिसूचित क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जिसमें से 9 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह एलिवेटेड (Elevated Road) बनाया जाएगा।सर्विस रोड और गांवों की संख्या: स्थानीय यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक्सप्रेसवे के साथ-साथ चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय ग्रामीणों को आवाजाही में कोई दिक्कत न हो। यह पूरा एक्सप्रेसवे कुल 56 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरेगा।किसे होगा सीधा फायदा? व्यापार और कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्टइस लिंक एक्सप्रेसवे के पूरी तरह निर्मित हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश के कई बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे आपस में इंटरलिंक हो जाएंगे:मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी: इस नए मार्ग के जरिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway), दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आगरा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के बीच सीधे और निर्बाध संपर्क की शानदार सुविधा मिलेगी।औद्योगिक सेक्टर्स को लाभ: यमुना सिटी के प्रमुख औद्योगिक सेक्टरों (जैसे- सेक्टर 28, 29, 32 और 33) को सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इससे मालवाहक कार्गो और भारी कमर्शियल वाहनों की आवाजाही सुपरफास्ट होगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों और उद्योगों को बड़ा लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलेगा।समय की बचत: दिल्ली, नोएडा और पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों के बीच दैनिक सफर करने वाले आम यात्रियों के समय और ईंधन में भारी बचत होगी।जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण पूरा, परिचालन हुआ शुरूकनेक्टिविटी के इस महाजाल को इसलिए भी तेज किया जा रहा है क्योंकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण (Phase 1) पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है और यहां से उड़ानों का परिचालन (Operations) भी शुरू हो गया है।वर्तमान में यह एयरपोर्ट अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है और सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को विश्वस्तरीय सेवाएं देने में पूरी तरह सक्षम है। भविष्य की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस एयरपोर्ट को आगे चलकर कुल चार बड़े चरणों में और अधिक विस्तारित और विशाल बनाया जाएगा।यूपीडा (UPEIDA) संभालेगा निर्माण की कमानयह नया लिंक एक्सप्रेसवे न केवल चालू हो चुके जेवर एयरपोर्ट की उपयोगिता और पहुंच को कई गुना बढ़ा देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के ओवरऑल बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक वैश्विक पहचान दिलाएगा। यीडा द्वारा शत-प्रतिशत जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिए जाने के तुरंत बाद, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को इस प्रोजेक्ट के फिजिकल निर्माण कार्य की कमान सौंप दी जाएगी, जो इसका निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 8:15 am

'अगर मेरी हत्या हुई तो ईरान पर बम गिरा देना', ट्रंप का दावा; मैं लंबे समय से ईरान की हिट लिस्ट में हूं

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा कि मैं काफी समय से उनके निशाने पर हूं। अगर मेरे साथ कुछ होता है तो मैंने ऐसे हमले के निर्देश दिए हैं जैसा ईरान ने पहले कभी देखा नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि अगर मेरी हत्या ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 8:15 am

Top News 11 July: पीएम मोदी ने FTA को बताया मील का पत्थर, ट्रंप का ईरान पर बड़ा बयान

Top News 11 July : अमेरिका राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश, अगर मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना। पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड से एफटीए को मील का पत्थर बताया। आज नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि। दतिया विधानसभा उपचुनाव ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:48 am

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुनिया को चेताया—हिंद महासागर हमारा आंगन, सुरक्षा से नहीं होगा समझौता

वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल और समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव के बीच भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के इरादे पूरी तरह साफ कर दिए हैं। आंध्र प्रदेश के रणनीतिक नौसैनिक शहर विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के जांबाजों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में भारत की नीति किसी भी प्रकार की धौंस या दादागिरी की नहीं, बल्कि पूर्ण शांति, स्थिरता और सह-अस्तित्व की है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र के बाहर की विस्तारवादी ताकतों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यह समूचा समुद्री इलाका भारत का अपना आंगन है और अपने आंगन की संप्रभुता व सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।स्वदेशी युद्धपोत 'महेंद्रगिरि' की आज होगी कमीशनिंग: नौसेना के बेड़े में शामिल होगा ब्रह्मास्त्ररक्षा मंत्री का यह ऐतिहासिक और बेहद आक्रामक बयान भारतीय नौसेना के छठे स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट 'महेंद्रगिरि' (Mahendragiri Frigate) के नौसैनिक बेड़े में आधिकारिक रूप से शामिल होने से ठीक एक दिन पहले आया है। शनिवार यानी 11 जुलाई 2026 को इस अत्याधुनिक, रडार की नजरों से बच निकलने में सक्षम और महाविनाशक हथियारों से लैस युद्धपोत को देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। राजनाथ सिंह ने प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित इस युद्धपोत की युद्धक क्षमताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह भारतीय रक्षा उद्योग के आत्मनिर्भर होने का सबसे बड़ा प्रमाण है और इसके आने से सुरक्षा के मुश्किल होते वैश्विक वातावरण में भारतीय नौसेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।90 फीसदी व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा दांव पर: समुद्री निगरानी को और ज्यादा अभेद्य बनाने का लक्ष्यहिंद महासागर के रणनीतिक और आर्थिक महत्व को रेखांकित करते हुए रक्षा मंत्री ने देश के सामने मौजूद चुनौतियों और प्राथमिकताओं को विस्तार से साझा किया। उन्होंने तकनीकी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत का 90 प्रतिशत से अधिक व्यापारिक टर्नओवर और देश की पूरी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) सीधे तौर पर इन्हीं समुद्री रास्तों पर निर्भर करती है। इसके अतिरिक्त, भारत का विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और रणनीतिक द्वीपीय इलाके हमारी आर्थिक प्रगति की रीढ़ हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों की सुरक्षा को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जा सकता, जिसके लिए नौसेना अपनी चौबीसों घंटे की निगरानी प्रणाली को और अधिक आधुनिक बना रही है।बाहरी ताकतों की मौजूदगी पर भारत की पैनी नजर: नौसेना के अदम्य साहस को राजनाथ ने किया सलामवैश्विक समुद्री थिएटर में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा (Geopolitical Competition) और क्षेत्र के बाहर की कुछ विशिष्ट सैन्य ताकतों की अवांछित गतिविधियों पर चिंता जताते हुए रक्षा मंत्री ने भारतीय नौसेना की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारतीय नौसेना हिंद महासागर में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा कर रही है और समुद्री लुटेरों व मिसाइल हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रही है, उसने भारत को वैश्विक पटल पर एक 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' के रूप में स्थापित कर दिया है। राजनाथ सिंह ने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारतीय नौसेना देश के आर्थिक और सामरिक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है और किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 7:29 am

बंगाल में शुभेंदु अधिकारी का मास्टरस्ट्रोक! आयुष्मान भारत से वंचित परिवारों को मिलेगा ₹5 लाख का नया हेल्थ कवर

पश्चिम बंगाल की राजनीति और लोक कल्याणकारी योजनाओं के मोर्चे पर एक बहुत बड़ा प्रशासनिक उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के इस नए गेम चेंजर प्लान के तहत, राज्य के जो भी नागरिक केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'आयुष्मान भारत योजना' (Ayushman Bharat Yojana) के पात्रता मानदंडों में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें राज्य सरकार अपनी विशेष 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना' के अंतर्गत प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का पूर्ण कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री के इस बड़े कदम को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के लोकतंत्रीकरण और चुनावी मोर्चे पर एक रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।साढ़े छह करोड़ लोगों को आयुष्मान का लाभ: छूटे हुए लोगों के लिए बनेगा नया राज्य सुरक्षा कवचमुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनसभा में उपस्थित जनसैलाब को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस समय पूरे पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना के लिए पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चल रही है। राज्य सरकार के प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, बंगाल के करीब 6.5 करोड़ नागरिकों को सीधे तौर पर इस केंद्रीय योजना के दायरे में लाकर मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। शुभेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि तकनीकी कारणों या पात्रता नियमों की वजह से जिन परिवारों का नाम केंद्र की सूची में नहीं आ पाएगा, उन्हें किसी भी तरह से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार अपनी निधि से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के जरिए उन सभी छूटे हुए परिवारों का ₹5 लाख का बीमा सुनिश्चित करेगी ताकि कोई भी व्यक्ति धन के अभाव में बेहतर इलाज से वंचित न रहे।पोर्टेबिलिटी की ऐतिहासिक सुविधा: अब बंगाल के बाहर भी वैध होगा राज्य का स्वास्थ्य कार्डइस नई स्वास्थ्य नीति की सबसे अनूठी और महत्वपूर्ण विशेषता इसकी भौगोलिक पोर्टेबिलिटी (Portability) है। मुख्यमंत्री ने मंच से यह बड़ी घोषणा की कि राज्य का स्वास्थ्य मंत्रालय इस योजना के लिए एक विशेष अंतर-राज्यीय ढांचा (Inter-State Framework) तैयार कर रहा है। इसके तहत, यदि पश्चिम बंगाल का कोई नागरिक रोजगार, यात्रा या किसी अन्य कारण से देश के दूसरे राज्यों में जाता है और वहां अचानक बीमार पड़ता है, तो वह वहां के सूचीबद्ध अस्पतालों में भी इस मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के जरिए अपना ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज करा सकेगा। इस पोर्टेबिलिटी सुविधा से विशेष रूप से उन लाखों प्रवासी श्रमिकों (Migrant Workers) को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जो काम के सिलसिले में दिल्ली, मुंबई या दक्षिण भारत के राज्यों में निवास करते हैं।रेजिनगर उपचुनाव का शंखनाद: 'फलता मॉडल' की तर्ज पर विकास और 209 विधायकों का महा-लक्ष्यस्वास्थ्य घोषणाओं के साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुस्लिम बहुल रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र से आगामी उपचुनावों का बिगुल भी फूंक दिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या को 209 के जादुई आंकड़े तक पहुंचाने का एक बड़ा सांगठनिक लक्ष्य रखा। मुख्यमंत्री ने नंदीग्राम की ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए कहा कि रेजिनगर का परिणाम राज्य की भावी राजनीति के लिए निर्णायक साबित होने वाला है। उन्होंने स्थानीय जनता से अपील की कि जिस तरह दक्षिण 24 परगना जिले के 'फलता विधानसभा क्षेत्र' के लोगों ने विकास पैकेज पर भरोसा करके भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी, ठीक उसी तर्ज पर रेजिनगर की जनता भी राष्ट्रहित और क्षेत्रीय विकास के लिए भाजपा का समर्थन करे।प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी और रोजगार का वादा: क्षेत्र में बनेंगे दो नए बड़े पुलमुर्शिदाबाद के आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने रेजिनगर की जनता से कई बड़े विकासपरक वादे किए। उन्होंने घोषणा की कि यदि क्षेत्र में भाजपा की जीत होती है, तो यातायात और व्यापार को सुगम बनाने के लिए दो नए अत्याधुनिक पुलों (Bridges) का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही, क्षेत्र के सभी पात्र और जरूरतमंद परिवारों को शत-प्रतिशत 'प्रधानमंत्री आवास योजना' (PMAY) के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। पलायन की गंभीर समस्या पर बोलते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता दूसरे राज्यों में काम कर रहे स्थानीय प्रवासी श्रमिकों को वापस लाकर उनके गृह जिले में ही कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है, ताकि उन्हें अपने परिवार से दूर न जाना पड़े।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 7:27 am

दिल्ली-यूपी समेत 20 राज्यों में भारी बारिश और 80 KMPH की रफ्तार से आंधी का कहर, रहें सावधान

उत्तर भारत समेत पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) अपने चरम रूप में पहुंच चुका है, जिससे जहां एक तरफ भीषण गर्मी से तड़प रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ आसमानी आफत का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 11 जुलाई 2026 की सुबह एक बेहद संवेदनशील और व्यापक मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित कुल 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश और भयंकर आंधी-तूफान का ऑरेंज व रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान इन प्रभावित क्षेत्रों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और व्यापक स्तर पर वज्रपात (Lightning Strikes) होने की गंभीर आशंका है।उत्तर और पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा तबाही के आसार: पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का बड़ा खतरामौसम विशेषज्ञों द्वारा जारी ताजा उपग्रहीय आंकड़ों के मुताबिक, मानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) इस समय बेहद सक्रिय स्थिति में है, जिसका सबसे घातक असर उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में देखने को मिलेगा। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे हिमालयी राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) का खतरा कई गुना बढ़ गया है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। इसके अलावा, समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों को देखते हुए मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने तथा किसानों को खुले आसमान के नीचे खेतों में काम न करने की विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश का वेदर अपडेट: गिरेगा पारा, बादलों की आवाजाही रहेगी जारीदेश की राजधानी दिल्ली और समूचे उत्तर प्रदेश (UP) के निवासियों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिनों तक आसमान में घने काले बादलों का डेरा जमा रहेगा। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी से लेकर पूर्वी यूपी के विभिन्न जिलों में रुक-रुक कर तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर चलता रहेगा। इस सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण उत्तर भारत का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे बना रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, मौसम विभाग ने पूर्वी भारत के कुछ छिटपुट इलाकों में भारी बारिश के साथ बड़े पैमाने पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी आशंका जताई है।देश के इन 20 राज्यों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट: देखें पूरी सूचीमौसम केंद्र ने जिन 20 राज्यों को अगले 24 घंटों के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। इन राज्यों के कुछ विशिष्ट जिलों में अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) दर्ज की जा सकती है।अगले 24 घंटों का संभावित वेदर फोरकास्ट: हल्की से मध्यम और मूसलाधार बारिश का अनुमानमौसम की संभावित गतिविधियों के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होगी। इसके साथ ही, कोंकण एवं गोवा, जम्मू-कश्मीर तथा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बादलों की गर्जना के साथ मानसूनी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 7:25 am

4 साल से राज कर रही टीम इंडिया से आज नंबर-1 का ताज छीन सकता है इंग्लैंड, तख्तापलट का खतरा

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए आज का दिन बेहद संवेदनशील और अग्निपरीक्षा जैसा होने वाला है। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला आज साउथहैंप्टन के मैदान पर खेला जाएगा। यह मैच केवल एक औपचारिक मुकाबला नहीं है, बल्कि टीम इंडिया के लिए अपनी साख और आत्मसम्मान बचाने की आखिरी जंग है। पिछले चार वर्षों से आईसीसी टी20 टीम रैंकिंग (ICC T20I Team Rankings) के सर्वोच्च सिंहासन पर राज कर रही भारतीय टीम पर आज नंबर-1 की गद्दी गंवाने का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अगर आज भी भारतीय टीम को शिकस्त का सामना करना पड़ा, तो वैश्विक टी20 क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा तख्तापलट देखने को मिलेगा।वर्ल्ड कप 2026 की जीत के बाद अर्श से फर्श पर प्रदर्शन: श्रेयस अय्यर की कप्तानी में जीत को तरसी टीमयह बेहद चौंकाने वाला विरोधाभास है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 का ऐतिहासिक खिताब अपने नाम करने के बाद से भारतीय टी20 टीम का ग्राफ लगातार नीचे की ओर जा रहा है। नए कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की अगुवाई में युवा भारतीय टीम मैदान पर पूरी तरह बेअसर और दिशाहीन नजर आई है। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में करारी शिकस्त झेलने के बाद, इंग्लैंड दौरे पर भी भारतीय टीम का बेहद निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। कप्तान श्रेयस अय्यर अब तक अपनी लीडरशिप में टीम इंडिया को एक भी अंतरराष्ट्रीय जीत दिलाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं, जिसके कारण टीम की रणनीतियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।रेटिंग्स का गणित: हार की हैट्रिक से 269 अंकों पर सिमटा भारत, इंग्लैंड बेहद करीब26 जून को जब भारतीय टीम ने अपने यूके (UK) दौरे का आगाज किया था, तब वह 275 की मजबूत रेटिंग के साथ आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज थी। हालांकि, आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में 0-2 की ऐतिहासिक और शर्मनाक हार झेलने के बाद भारत की रेटिंग घटकर 272 पर आ गई। इस बीच, इंग्लैंड का विजय रथ लगातार आगे बढ़ता रहा। अब मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर हार की हैट्रिक (0-4 से पिछड़ने) के बाद भारत की रेटिंग गिरकर 269 अंकों पर सिमट गई है। दूसरी तरफ, शानदार फॉर्म में चल रही मेजबान इंग्लैंड की टीम 267 अंकों के साथ भारत के बिल्कुल नजदीक पहुंच चुकी है और तीसरे स्थान पर 260 अंकों के साथ ऑस्ट्रेलिया बनी हुई है।एक और शिकस्त और छिन जाएगी बादशाहत: हैरी ब्रूक ने जताई क्लीन स्वीप की हुंकारअगर आज साउथहैंप्टन में खेले जाने वाले पांचवें टी20 मैच में भी पासा पलटता है और भारतीय टीम हारती है, तो इंग्लैंड न केवल भारत का 5-0 से पूर्ण सूपड़ा साफ (Clean Sweep) कर देगा, बल्कि नंबर-1 का ताज भी अपने नाम कर लेगा। मैच जीतने और सीरीज जीतने के दोहरे अंकों के चलते इंग्लैंड की रेटिंग में बंपर इजाफा होगा। इंग्लैंड के कार्यवाहक कप्तान हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने मैच से पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुंकार भरते हुए कहा, हमें प्रबंधन द्वारा बताया गया है कि अगला मैच जीतते ही हम दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन जाएंगे और यह एक ऐसा पुरस्कार है जिस पर हमारी पैनी नजरें टिकी हुई हैं। भारत को 4-0 से हराना पहले से ही विशेष है, लेकिन 5-0 के साथ शीर्ष पर पहुंचना हमारे लिए मुख्य मकसद है। आज के मैच में साख और नंबर-1 की पोजिशन बचाने के लिए टीम इंडिया को हर हाल में चमत्कारी प्रदर्शन करना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 7:21 am

'क्रिकेट के मक्का' में मंधाना का महा-धमाका! लॉर्ड्स में विमेंस टेस्ट इतिहास की पहली फिफ्टी जड़ स्मृति ने रचा कीर्तिमान

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट मैच में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जो विमेंस क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गया है। 'क्रिकेट का मक्का' कहे जाने वाले लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lord's) क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे इस मुकाबले में मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक अभूतपूर्व विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। 149 साल के लंबे टेस्ट क्रिकेट इतिहास में यह पहला मौका है जब लॉर्ड्स का मैदान किसी महिला टेस्ट मैच की मेजबानी कर रहा है, और इस पल को मंधाना ने अपनी ऐतिहासिक पारी से हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बना दिया।मंधाना बनीं लॉर्ड्स में टेस्ट फिफ्टी जड़ने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटरइस ऐतिहासिक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना ने धुआंधार शुरुआत दी। मंधाना लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में अर्धशतक (Fasting Fifty) लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। हालांकि, वह अपने इस ऐतिहासिक अर्धशतक को एक यादगार शतक में बदलने से चूक गईं और 83 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गईं। अपनी इस जांबाज पारी के दौरान मंधाना ने केवल 108 गेंदों का सामना किया, जिसमें उन्होंने 11 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़कर इंग्लिश गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी।कप्तान हरमनप्रीत कौर और ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा की शानदार हाफ-सेंचुरीस्मृति मंधाना द्वारा रखी गई मजबूत नींव के बाद भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने भी इंग्लिश कंडीशंस में बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों का सामना करते हुए 7 चौकों की मदद से 58 रनों की कप्तानी पारी खेली। वहीं, शानदार फॉर्म में चल रही दीप्ति शर्मा ने भी 87 गेंदों पर 57 रन बनाए। इन दोनों ही बल्लेबाजों ने भारतीय पारी को संभाला, लेकिन क्रीज पर पूरी तरह सेट होने के बाद ये दोनों भी अपनी फिफ्टी को बड़ी शतकीय पारी में तब्दील करने में नाकाम रहीं।भारतीय पारी 285 रनों पर सिमटी: निचले क्रम का निराशाजनक सरेंडरइन तीन शीर्ष बल्लेबाजों के अर्धशतकों के दम पर भारतीय महिला टीम अपनी पहली पारी में 285 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रही। एक समय मजबूत स्थिति में दिख रही भारतीय टीम का निचला क्रम इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने ताश के पत्तों की तरह ढह गया। टीम के अंतिम 5 बल्लेबाज मिलकर स्कोरबोर्ड में केवल 26 रन ही जोड़ सके, जिसके कारण भारतीय टीम पहले ही दिन ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड को दिन का खेल खत्म होने से ठीक पहले बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरना पड़ा।पहले ही दिन इंग्लैंड को लगा बड़ा झटका: क्रांति गौड़ ने दिलाई भारत को पहली सफलतापहली पारी में 285 रन के जवाब में उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने धारदार गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की स्टार सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट को महज 2 रन के स्कोर पर एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 11 ओवरों में 1 विकेट के नुकसान पर 21 रन बना लिए हैं। इस समय माइया बौशियर और कप्तान हेथर नाइट क्रीज पर टिकी हुई हैं। भारतीय टीम के पास अभी भी पहली पारी के आधार पर 264 रनों की विशाल और मजबूत बढ़त मौजूद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 7:20 am

SEBI ने एक साथ 5 कंपनियों को दी हरी झंडी, जानिए निवेश से पहले हर एक की पूरी कुंडली

भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार (Primary Market) में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आ रही है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने आईपीओ मार्केट में तहलका मचाने के लिए एक साथ पांच दिग्गज कंपनियों के ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों में डिफेंस सेक्टर से लेकर रिटेल, फर्नीचर रेंटल और एडवांस टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। सेबी की इस हरी झंडी के बाद दलाल स्ट्रीट में हलचल काफी ज्यादा तेज हो गई है, और निवेशक अपने फंड को तैयार करने में जुट गए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन पांचों कंपनियों का बिजनेस मॉडल क्या है और वे आईपीओ के जरिए कितना फंड जुटाने की तैयारी में हैं।टोंबो इमेजिंग इंडिया: डिफेंस सेक्टर की इस कंपनी के आईपीओ में 1.81 करोड़ शेयरों का ओएफएससेबी से मंजूरी पाने वाली पहली कंपनी टोंबो इमेजिंग इंडिया (Tombo Imaging India) है, जो मुख्य रूप से डिफेंस-केंद्रित (Defense-Focused) अत्याधुनिक प्रोडक्ट्स बनाने का काम करती है। कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ में ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1.81 करोड़ इक्विटी शेयरों तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। इस ओएफएस के तहत प्रमोटर सेलिंग शेयरहोल्डर्स द्वारा 19.60 लाख इक्विटी शेयर, प्रमोटर ग्रुप द्वारा 3.40 लाख शेयर और बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा 1.56 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में बेचे जाएंगे। इस हाई-प्रोफाइल इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (IIFL Capital Services) को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।मैरी रिटेल लिमिटेड: ₹522 करोड़ के नए शेयर और 10 नए कपड़ों के स्टोर खोलने का मेगा प्लानहैदराबाद आधारित रिटेल चेन मैरी रिटेल लिमिटेड (Mary Retail Limited) भी अपना आईपीओ लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी का यह प्रस्तावित आईपीओ ₹522 करोड़ मूल्य के नए शेयरों (Fresh Issue) और प्रमोटर मैरी वेंकट रेड्डी द्वारा 2.7 करोड़ मौजूदा शेयरों की बिक्री के प्रस्ताव (OFS) का एक बेहतरीन मिश्रण है। कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाली नई पूंजी का इस्तेमाल अपना पुराना कर्ज चुकाने, देश में 10 नए कपड़ों के स्टोर खोलने, ज्वेलरी स्टोर-इन-स्टोर (SIS) के साथ एक हाइब्रिड कपड़ों का आउटलेट शुरू करने, दो नए स्टैंडअलोन ज्वेलरी स्टोर खोलने और मौजूदा गोदामों के लीज किराए का भुगतान करने के लिए करेगी। वर्तमान में कंपनी के पास तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के 26 जिलों में 34 चालू स्टोर्स का मजबूत नेटवर्क है, जिसे नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड (Nuvama Wealth Management) द्वारा मैनेज किया जा रहा है।रेंटोमोजो: ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू और 2.28 लाख एक्टिव सब्सक्राइबर्स का मजबूत भरोसाफर्नीचर और एप्लायंसेज रेंटल मार्केट की जानी-मानी कंपनी रेंटोमोजो (Rentomojo) भी शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए तैयार है। कंपनी के आईपीओ में ₹150 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 2.84 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव (OFS) शामिल किया गया है। ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, रेंटोमोजो इस फंड का उपयोग कॉर्पोरेट ऋणों को चुकाने, अपने विशाल गोदामों (Warehouses) और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल या लाइसेंस फीस का अग्रिम भुगतान करने के लिए करेगी। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल तक कंपनी के पास देश के 22 प्रमुख शहरों में 2.28 लाख से अधिक एक्टिव सब्सक्राइबर थे और कंपनी के पास कुल 4.44 लाख स्क्वायर फीट एरिया वाले 21 अत्याधुनिक वेयरहाउस मौजूद हैं।जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग: ₹5,000 करोड़ तक फंड जुटाने का महा-लक्ष्य, दिग्गज वैश्विक निवेशकों का है साथइस पूरी सूची में सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित नाम जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग (Zetwerk Manufacturing) का है, जो इस आईपीओ के जरिए ₹4,000 करोड़ से ₹5,000 करोड़ के बीच का विशाल फंड जुटाने की बड़ी योजना बना रही है। इस इश्यू के वास्तविक साइज और वैल्यूएशन की जानकारी आने वाले समय में बुक-बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए ही तय की जाएगी। यह कंपनी एक एडवांस टेक्नोलॉजी-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफ़ॉर्म चलाती है, जो ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, एयरोस्पेस और कैपिटल गुड्स जैसे कोर सेक्टर्स में सप्लायर्स के नेटवर्क को वैश्विक इंडस्ट्रियल डिमांड से जोड़ता है। इस कंपनी में खोसला वेंचर्स, बेली गिफ़ोर्ड, राकेश गंगवाल, एक्सेल, पीक XV और लाइटस्पीड जैसे दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित वेंचर कैपिटलिस्ट्स ने भारी निवेश किया हुआ है।गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स: वडोदरा यूनिट के विस्तार और नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग पर फोकसपांचवीं कंपनी गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स (Gujarat Victory Forgings) है, जिसके प्रस्तावित आईपीओ में 65 लाख तक इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और प्रमोटर विजेंद्रकुमार बिशंबर गुप्ता द्वारा 1.32 करोड़ तक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है। यह कंपनी मेटल स्क्रैप की अत्याधुनिक प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग के जरिए नॉन-फेरस मेटल प्रोडक्ट्स (Non-Ferrous Metal Products) बनाने के मुख्य कारोबार में लगी हुई है। कंपनी नए इश्यू से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल गुजरात के वडोदरा में स्थित अपनी मौजूदा यूनिट-III के विस्तार, कॉपर कैथोड की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को दोगुना करने और अपने कार्यशील पूंजी के खर्चों को पूरा करने में करेगी, जिससे आने वाले समय में कंपनी के रेवेन्यू में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 7:18 am

SEBI ने म्यूचुअल फंड नियमों में किया बड़ा बदलाव, अब इंट्राडे उधारी से निपटाए जाएंगे आपके पेमेंट्स

भारतीय शेयर बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के संचालन और लिक्विडिटी मैनेजमेंट से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण नियम में ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा की है। बाजार की कार्यप्रणाली को अधिक सुचारू और निवेशकों के अनुकूल बनाने के लिए सेबी ने कारोबारी सत्र के दौरान ली और चुकाई जाने वाली 'इंट्राडे उधारी' (Intraday Borrowing) के दायरे का व्यापक विस्तार कर दिया है। नियामक द्वारा अधिसूचित यह नया वित्तीय ढांचा आगामी 1 सितंबर 2026 से पूरे देश में आधिकारिक रूप से प्रभावी हो जाएगा। आपको बता दें कि पुराने नियमों के तहत म्यूचुअल फंड हाउसेज को केवल अत्यंत आकस्मिक या अस्थायी कैश जरूरतों को पूरा करने के लिए ही कड़े नियामकीय दायरों में रहकर सीमित लोन लेने की अनुमति प्राप्त थी।पेमेंट्स में आएगी रॉकेट जैसी तेजी: यूनिटहोल्डर्स के रिडेम्पशन और डिविडेंड के लिए इस्तेमाल होगी उधारीसेबी द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के तहत अब सभी म्यूचुअल फंड कंपनियां (AMCs) अपने यूनिटहोल्डर्स को किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के भुगतानों जैसे रिडेम्पशन (पैसा निकालने), IDCW (डिविडेंड पेमेंट) और ब्याज भुगतान को तुरंत निपटाने के लिए इस इंट्राडे उधारी सुविधा का खुलकर लाभ उठा सकेंगी। इसके अलावा, फंड हाउसेज इस अल्पकालिक पूंजी का उपयोग स्कीमों द्वारा किए जाने वाले दैनिक निवेश भुगतानों, मार्क-टू-मार्केट (MTM) देनदारियों को चुकता करने, विदेशी मुद्रा सेटलमेंट (Forex Settlements) और अपने पुराने चल रहे लोंस को रीफाइनेंस करने के लिए भी कर सकेंगे। हालांकि, सेबी ने इस पर एक बेहद सख्त वित्तीय शर्त लागू की है कि कारोबारी सत्र के दौरान ली गई सभी उधारियों को उसी ट्रेडिंग डे के समाप्त होने से पहले हर हाल में चुकता करना होगा। यदि कोई लोन अगले दिन तक कैरी फॉरवर्ड होता है, तो उसे सीधे तौर पर ओवरनाइट उधारी (Overnight Borrowings) माना जाएगा और उस पर कड़े नियामकीय प्रतिबंध लागू हो जाएंगे।निवेशकों पर नहीं पड़ेगा ₹1 का भी बोझ: लिक्विडिटी संकट से निपटने के लिए नियामक का बड़ा एक्शनबाजार नियामक सेबी ने यह बड़ा और साहसिक कदम मुख्य रूप से मार्केट सेटलमेंट टाइमिंग (Market Settlement Timings) में होने वाले अंतर और उसके कारण उत्पन्न होने वाली शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी (नकदी) की कमी को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए उठाया है। यह नया आदेश देश के सभी सक्रिय म्यूचुअल फंडों, एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs), ट्रस्टी कंपनियों, ट्रस्टी बोर्डों और एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। इस पूरे संशोधन की सबसे बड़ी और राहत देने वाली बात यह है कि इस इंट्राडे उधारी पर लगने वाले ब्याज और अन्य सभी प्रशासनिक खर्चों का पूरा वहन खुद म्यूचुअल फंड कंपनी (AMC) अपने कॉर्पोरेट फंड से करेगी। इसका ₹1 का भी अतिरिक्त बोझ म्यूचुअल फंड स्कीम या आम निवेशकों के रिटर्न पर बिल्कुल नहीं डाला जाएगा।रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची देश की एसेट: जून में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश 26% उछलायह ऐतिहासिक नियामकीय बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारतीय शेयर बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड्स पर रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है। एम्फी (AMFI) द्वारा जारी ताजा मासिक आंकड़ों के अनुसार, जून के महीने में इक्विटी (शेयर आधारित) योजनाओं में निवेशकों का इनफ्लो 26 प्रतिशत बढ़कर 28,973 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जो मई में 22,908 करोड़ रुपये था। हालांकि, कॉरपोरेट एडवांस और टैक्स पेमेंट्स के चलते डेट (बॉन्ड आधारित) योजनाओं से 1.09 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी दर्ज की गई, जिसके कारण जून में म्यूचुअल फंड उद्योग से कुल नेट निकासी 52,949 करोड़ रुपये दर्ज की गई। इन तमाम भारी उतार-चढ़ावों के बीच, भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति (AUM) जून के अंत में बढ़कर 82.22 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है, जो मई के अंत में 81.60 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई थी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 7:16 am

1 जुलाई को वैष्णव योगिनी एकादशी का महासंयोग, 3 शुभ योगों के साथ जानें राहुकाल और पारण का सटीक समय

हिंदू सनातन पंचांग के अनुसार आज यानी शनिवार, 11 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ संयोगों से भरा हुआ है। आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रात्रि 02:05 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ होगा। आज के दिन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वैष्णव परंपरा (संन्यासी और विष्णु मंदिरों) के अनुयायी आज महापुण्यदायी 'गौण योगिनी एकादशी' का उपवास रख रहे हैं। इसके साथ ही आज के पंचांग में सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और त्रिपुष्कर योग का एक अनोखा त्रिवेणी महासंयोग बन रहा है, जो किसी भी नए कार्य की शुरुआत और देव आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।तिथि भेद और व्रत पारण का नियम: स्मार्त और वैष्णव परंपरा का पूरा गणित समझेंइस वर्ष योगिनी एकादशी की सही तारीख को लेकर देश भर के श्रद्धालुओं के बीच जो भ्रम बना हुआ था, उसकी मुख्य वजह स्मार्त और वैष्णव मतों के पंचांगीय नियम हैं। गृहस्थों (स्मार्त परंपरा) ने उदयकालीन तिथि के नियमों के तहत कल यानी 10 जुलाई को ही एकादशी का व्रत सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। ऐसे में 10 जुलाई को व्रत रखने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आज, 11 जुलाई को द्वादशी तिथि के दौरान व्रत का पारण (Fasting Breaking Time) करना शास्त्र सम्मत है। आज पारण करने का सबसे शुभ और सटीक समय सुबह 05:21 बजे से लेकर सुबह 09:59 बजे तक रहेगा। दूसरी ओर, जो वैष्णव भक्त आज 11 जुलाई को एकादशी व्रत का संकल्प ले रहे हैं, वे अगले दिन यानी रविवार, 12 जुलाई को सुबह 05:22 बजे से 08:09 बजे के बीच अपने व्रत का पारण करेंगे।ग्रह-नक्षत्रों का गोचर: कृतिका के बाद रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि में चंद्रमा का संचरण11 जुलाई 2026 के पंचांगीय आंकड़ों पर नजर डालें तो सौर गणना के अनुसार आज शक संवत् 20 आषाढ़ 1948 और विक्रमी संवत् 2083 चल रहा है। आज सूर्य देव उत्तरायण की स्थिति में रहेंगे। नक्षत्रों की बात करें तो आज प्रातः 11:04 मिनट तक कृतिका नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद बेहद शुभ और मनमोहक रोहिणी नक्षत्र का प्रवेश होगा। आज रात्रि 12:06 मिनट तक गण्ड योग रहेगा, तत्पश्चात वृद्धि योग की शुरुआत होगी। ग्रहों के राजा सूर्य देव इस समय मिथुन राशि में विराजमान हैं, जबकि मन के कारक चंद्रमा दिन-रात वृष राशि में संचरण करेंगे, जिससे मानसिक शांति और बौद्धिक कार्यों में सफलता के योग बनेंगे।आज के सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त: सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग की समयावधिआज शनिवार को तीन बड़े शुभ योग एक साथ सक्रिय हो रहे हैं, जो निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत फलदायी हैं:त्रिपुष्कर योग: सुबह 05:59 बजे से सुबह 07:33 बजे तक।सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 07:33 बजे से अगले दिन (12 जुलाई) सुबह 04:59 बजे तक।अमृत सिद्धि योग: सुबह 07:33 बजे से अगले दिन (12 जुलाई) सुबह 04:59 बजे तक।अभिजित मुहूर्त: दोपहर 01:24 बजे से दोपहर 02:28 बजे तक (दिन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त)।ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:54 बजे से प्रातः 05:27 बजे तक।गोधूलि मुहूर्त: रात्रि 09:51 बजे से रात्रि 10:07 बजे तक।भूलकर भी न करें इन समयों में शुभ कार्य: राहुकाल और यमगण्ड की सटीक टाइमिंगज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर दिन कुछ समय ऐसा होता है जिसमें नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक रहता है, इसलिए इन अवधियों में किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य या यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए:राहुकाल: प्रातः 09:57 बजे से दोपहर 11:57 बजे तक (इस समय में नया काम न शुरू करें)।यमगण्ड: दोपहर 03:55 बजे से शाम 05:54 बजे तक।गुलिक काल: सुबह 05:59 बजे से सुबह 07:58 बजे तक।वर्ज्य काल: रात्रि 09:50 बजे से रात्रि 11:16 बजे तक।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 7:15 am

योगिनी एकादशी पर बढ़ा तिथि का कन्फ्यूजन! जानें 11 जुलाई को किसे रखना है व्रत और क्या है पारण का सटीक समय

हिंदू सनातन धर्म में व्रतों की राजा कही जाने वाली एकादशी को लेकर इस बार देश भर के श्रद्धालुओं और ज्योतिषाचार्यों के बीच भारी असमंजस (Confusion) की स्थिति देखी जा रही है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की 'योगिनी एकादशी' (Yogini Ekadashi 2026) की सही तारीख को लेकर भक्त उलझन में हैं कि व्रत 10 जुलाई को था या आज यानी 11 जुलाई को भी रखा जा सकता है। पंचांगीय गणना और सूर्योदय के धार्मिक नियमों के चलते इस बार स्मार्त (Smartha) और वैष्णव (Vaishnava) दोनों परंपराओं के अनुयायियों के लिए व्रत की तिथियां अलग-अलग हो गई हैं। यही मुख्य वजह है कि विभिन्न हिंदू पंचांगों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्रत एवं पारण (Parana) को लेकर दो विपरीत जानकारियां सामने आ रही हैं।स्मार्त अनुयायियों के लिए आज पारण का दिन: सुबह 5:21 से शुरू हो चुका है शुभ मुहूर्तधार्मिक नियमों और पंचांग के अनुसार, स्मार्त परंपरा (गृहस्थ जीवन जीने वाले श्रद्धालु) का पालन करने वाले भक्तों ने 10 जुलाई को ही योगिनी एकादशी का उपवास पूर्ण कर लिया है। ऐसे में 10 जुलाई को व्रत रखने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आज यानी शनिवार, 11 जुलाई 2026 को द्वादशी तिथि के भीतर पारण करना अनिवार्य है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, आज पारण करने का सबसे श्रेष्ठ और शुभ समय सुबह 05:21 बजे से लेकर सुबह 09:59 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, कुछ स्थानीय पंचांगों में हरिवासर (Hari Vasara) की समाप्ति के बाद दोपहर 01:24 बजे से शाम 04:09 बजे तक का समय भी पारण के लिए उपयुक्त बताया गया है। मान्यताओं के अनुसार, तय समय सीमा के भीतर पारण करने से ही व्रत का संपूर्ण आध्यात्मिक फल प्राप्त होता है।वैष्णव संप्रदाय आज रख रहा है महा-व्रत: 11 जुलाई को विष्णु मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़इसके विपरीत, वैष्णव परंपरा (संत, संन्यासी और भगवान विष्णु के अनन्य भक्त) से जुड़े श्रद्धालु आज यानी 11 जुलाई को पूर्ण निष्ठा के साथ योगिनी एकादशी का व्रत रख रहे हैं। उदयकालीन तिथि और द्वादशी युक्त एकादशी को प्राथमिकता देने के कारण वैष्णव मत में आज के दिन को ही मुख्य एकादशी स्वीकार किया गया है। इस कारण आज देश के प्रमुख वैष्णव पीठों और श्री हरि विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, मंगला आरती, अखंड भजन-कीर्तन और विष्णु मंत्रों का जाप किया जा रहा है। वैष्णव पद्धति से व्रत रखने वाले ये श्रद्धालु पूरे दिन फलाहार और निर्जला संकल्प के साथ भगवान नारायण की भक्ति में लीन रहेंगे।वैष्णव व्रतधारियों के लिए 12 जुलाई के पारण का समय: जानें कब खुलेगा उपवास11 जुलाई को योगिनी एकादशी का महा-व्रत रखने वाले वैष्णव श्रद्धालुओं के लिए अगले दिन यानी रविवार, 12 जुलाई 2026 को पारण करने की शास्त्रीय व्यवस्था दी गई है। पंचांग के अनुसार, 12 जुलाई को पारण करने का अत्यंत शुभ समय सुबह 05:22 बजे से लेकर सुबह 08:09 बजे तक रहेगा। शास्त्रों में स्पष्ट निर्देश है कि एकादशी व्रत का पारण हमेशा द्वादशी तिथि में और हरिवासर का समय बीत जाने के बाद ही किया जाना चाहिए। यदि किसी अपरिहार्य कारणवश या यात्रा आदि की वजह से कोई श्रद्धालु इस तय समय में पारण नहीं कर पाता है, तो उसे अपने कुलगुरु, ज्योतिषी या पारिवारिक लोकाचार की परंपरा के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।समस्त पापों से मुक्ति दिलाती है योगिनी एकादशी: विष्णु सहस्रनाम के पाठ का है विशेष विधानपौराणिक और धार्मिक ग्रंथों में योगिनी एकादशी के महत्व का अत्यंत विस्तार से वर्णन किया गया है। यह एकादशी साक्षात भगवान श्री हरि विष्णु और ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम दिन मानी जाती है। इस पावन अवसर पर विष्णु सहस्रनाम (Vishnu Sahasranamam) का सामूहिक पाठ करने, तुलसी दल अर्पित करने और जरूरतमंद तथा ब्राह्मणों को अन्न-वस्त्र का दान देने से जातक को अनजाने में हुए बड़े से बड़े पापों से मुक्ति मिल जाती है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में छाई दरिद्रता दूर होती है और मानसिक शांति, पारिवारिक सुख व आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इस वर्ष स्मार्त और वैष्णव गणना के इस सूक्ष्म अंतर को समझकर ही भक्तों को अपनी साधना संपन्न करनी चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 7:13 am

कर्नाटक: मंत्री कुमारस्वामी ने नदी-जोड़ो परियोजना पर सहमति को लेकर सीएम डीके शिवकुमार से किया सवाल

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की आलोचना की। शिवकुमार ने कहा था कि कर्नाटक ने कृष्णा, गोदावरी और कावेरी नदियों को आपस में जोड़ने की प्रस्तावित परियोजना के लिए अपनी सहमति दे दी है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 6:50 am

बिहार में एनडीए की अहम बैठक, सरकार और संगठन के समन्वय पर जोर

बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर गठबंधन की पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की।

देशबन्धु 11 Jul 2026 6:00 am

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करे कर्नाटक सरकार, जीबीए चुनाव कराए : भाजपा नेता नारायणस्वामी

कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने शुक्रवार को राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करने और ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) के चुनाव कराने का आग्रह किया।

देशबन्धु 11 Jul 2026 4:00 am

जम्मू: ओटीटी से हटाने के बाद 'सतलुज' की गुरुद्वारों में होगी स्क्रीनिंग, डीजीपीसी का ऐलान

अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' इन दिनों विवादों में घिरी हुई है

देशबन्धु 11 Jul 2026 3:03 am

राम मंदिर चंदा घोटाले पर मौन हैं सीएम योगी, 2027 में भाजपा की ऐतिहासिक हार होगी: अवधेश प्रसाद

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हनुमानगढ़ी में नमाज, राम मंदिर और समाजवादी पार्टी को लेकर दिए गए हालिया बयानों पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी

देशबन्धु 11 Jul 2026 3:00 am

'हम जुदा नहीं होंगे', फडणवीस संग रिश्तों पर एकनाथ शिंदे ने शेर सुनाकर दिया विपक्ष को जवाब

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को विधान परिषद में अपने संबोधन के दौरान सत्तारूढ़ गठबंधन का जोरदार बचाव किया। उन्होंने विपक्ष पर मीडिया ट्रायल करने का आरोप लगाया और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की उपलब्धियां गिनाईं।

देशबन्धु 10 Jul 2026 11:57 pm

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से समर्थक नाराज, NH-44 पर जाम लगाया, कई पार्षदों ने दिया इस्तीफा

मध्यप्रदेश में दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी पारा गर्म हो गया है। दतिया विधानसभा सीट में हो रहे उपचुनाव में भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया है। टिकट के प्रति आश्वस्त नरोत्तम मिश्रा ने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था। ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 11:50 pm

बिजनौर में मालन नदी का कहर, कुछ घंटों में 3 लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मालन नदी उफान पर पहुंच गई और उसने शुक्रवार को दो अलग-अलग घटनाओं में तीन परिवारों की खुशियां छीन ली। मालन नदी में एक व्यक्ति और दो किशोर तेज बहाव में बहने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 11:34 pm

ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी

येरूशलेम। इजराइल ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साजिशों को लेकर अमेरिका के साथ खुफिया इनपुट साझा किए हैं। इस आशय की रिपोर्ट चैनल 12 ने दी है। मामले से वाकिफ लोगों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) को बताया कि इजराइली खुफिया तंत्र ने अमरीकी राष्ट्रपति की हत्या की नई […] The post ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 11:21 pm

संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के लिए दलाल 30000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

उदयपुर। राजस्थान में भ्रषचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को उदयपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. रतन बिलवाल के लिए उसके दलाल अब्दुल कादिर को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी बांसवाडा को शिकायत मिली कि […] The post संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के लिए दलाल 30000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 11:14 pm

EPF Withdrawal Online Guide 2026: पीएफ से कब और कैसे निकाल सकते हैं पूरा या आंशिक पैसा? क्लेम रिजेक्ट होने से बचने के लिए जान लें ये जरूरी नियम

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) देश के करोड़ों वेतनभोगी (Salary) कर्मचारियों के लिए सरकार समर्थित एक बेहद महत्वपूर्ण रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम है। इस योजना के तहत कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों हर महीने कर्मचारी के बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का 12-12 प्रतिशत हिस्सा ईपीएफ खाते में जमा करते हैं। इससे लंबे समय में रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा और मजबूत फंड तैयार होता है।वैसे तो यह मूल रूप से एक रिटायरमेंट स्कीम है, लेकिन इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) कुछ विशेष और आपातकालीन परिस्थितियों में अपने सदस्यों को समय से पहले आंशिक (Partial) या पूर्ण (Full) पीएफ निकासी की ऑनलाइन अनुमति देता है।क्या है UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) और इसका महत्व?ईपीएफओ (EPFO) द्वारा अपने हर एक सदस्य को 12 अंकों का एक यूनिक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जारी किया जाता है। यह नंबर कर्मचारी के पूरे जीवनभर वैध रहता है। जब भी कोई कर्मचारी अपनी नौकरी बदलता है, तो उसकी नई कंपनी द्वारा जारी की गई नई मेंबर आईडी (Member ID) इसी पुराने यूएएन से लिंक हो जाती है। इसके चलते कर्मचारी के पिछले और वर्तमान के सभी पीएफ खाते एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुड़े रहते हैं, जिससे फंड को मैनेज करना बेहद आसान हो जाता है।EPF निकासी मुख्य रूप से कितने प्रकार की होती है?ईपीएफ खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है:आंशिक निकासी (Partial Withdrawal / PF Advance): इसे पीएफ एडवांस भी कहा जाता है। इसके तहत सदस्य अपनी नौकरी के दौरान ही व्यक्तिगत जरूरतों (जैसे बीमारी या शादी) के लिए तय नियमों के मुताबिक अपने फंड से कुछ हिस्सा निकाल सकते हैं।पूर्ण निकासी (Full Withdrawal): इसके अंतर्गत सदस्य अपने ईपीएफ खाते में जमा पूरी राशि (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का हिस्सा) एक साथ निकाल सकते हैं। यह सुविधा केवल सर्विस से रिटायर होने पर या ईपीएफओ द्वारा निर्धारित विशेष स्थितियों में ही मिलती है।किन परिस्थितियों में निकाल सकते हैं 100% पीएफ (Full Withdrawal)?ईपीएफओ के नियमानुसार निम्नलिखित 4 बड़ी स्थितियों में ही पूरा पीएफ फंड निकाला जा सकता है:रिटायरमेंट होने पर: 58 वर्ष की आयु पूरी करने और नौकरी से पूरी तरह रिटायर होने के बाद सदस्य अपना पूरा फंड निकाल सकते हैं।लंबी बेरोजगारी की स्थिति में: यदि कोई ईपीएफ सदस्य लगातार 12 महीने (1 वर्ष) से अधिक समय तक बेरोजगार रहता है, तो वह पूरी राशि निकाल सकता है। नियम के मुताबिक, नौकरी छूटने के पहले महीने बाद 75% और शेष 25% राशि 12 महीने बाद निकाली जा सकती है।स्थायी रूप से विदेश में बसने पर: अगर कोई कर्मचारी भारत छोड़कर रोजगार या किसी अन्य उद्देश्य से स्थायी रूप से विदेश जा रहा है, तो वह पूरा पैसा विड्रॉ कर सकता है।सदस्य की असमय मृत्यु होने पर: ईपीएफ सदस्य की मृत्यु की दुखद स्थिति में पूरी जमा राशि उसके रजिस्टर्ड नामित व्यक्ति (Nominee) या कानूनी उत्तराधिकारी को सौंप दी जाती है।आंशिक पीएफ निकासी (PF Advance) के लिए कौन सी परिस्थितियां हैं मान्य?यदि आपको नौकरी के दौरान पैसों की सख्त जरूरत है, तो ईपीएफओ निम्नलिखित आपातकालीन या महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आंशिक निकासी की अनुमति देता है:स्वयं, बच्चों या भाई-बहन का विवाहगंभीर बीमारी के इलाज या चिकित्सा उपचार के लिएनया मकान बनाने, फ्लैट खरीदने या जमीन खरीदने के लिएपुराने होम लोन (Home Loan) को समय से पहले चुकाने के लिएपैतृक मकान की मरम्मत या रेनोवेशन कराने के लिएबच्चों की उच्च शिक्षा (Higher Education) के खर्च के लिएदिव्यांगता से संबंधित आवश्यक उपकरण खरीदने, प्राकृतिक आपदा या कंपनी/फैक्ट्री में अचानक तालाबंदी होने पर।PF Withdrawal के लिए कौन-से दस्तावेज और शर्तें हैं जरूरी?ऑनलाइन पीएफ क्लेम (Online PF Claim) फाइल करने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज और विवरण होने अनिवार्य हैं:एक्टिवेटेड यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN)पैन (PAN) कार्ड और पहचान के लिए वैध पहचान पत्रबैंक खाते की पासबुक या नाम छपा हुआ कैंसिल चेक (Cancel Cheque)क्लेम के उद्देश्य के अनुसार जरूरी दस्तावेज (जैसे- मेडिकल सर्टिफिकेट, होम लोन स्टेटमेंट या विवाह प्रमाण पत्र)।विशेष सुरक्षा ध्यान दें: ऑनलाइन पीएफ निकासी के लिए आपकी पहचान का डिजिटल वेरिफिकेशन बेहद जरूरी है। इसके लिए ईपीएफओ पोर्टल पर आपके क्रेडेंशियल्स का सही होना अनिवार्य है।EPF विड्रॉल से जुड़े महत्वपूर्ण FAQs (सवाल-जवाब)सवाल: क्या ईपीएफ से एक से अधिक बार पैसे निकाले जा सकते हैं?जवाब: हां, आप अपनी जरूरत और उद्देश्य के अनुसार ईपीएफ से कई बार एडवांस राशि निकाल सकते हैं। हालांकि, विवाह और उच्च शिक्षा जैसी श्रेणियों में जीवनकाल में निकासी की अधिकतम सीमा (जैसे 3 बार) तय होती है।सवाल: अगर पीएफ निकासी का क्लेम (Claim) बार-बार रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?जवाब: क्लेम रिजेक्ट होने पर सबसे पहले 'EPFO Member e-Sewa' पोर्टल पर लॉग इन करें और 'Track Claim Status' विकल्प पर जाकर रिजेक्शन का सटीक कारण जांचें। कमी को ठीक करने के बाद दोबारा आवेदन करें।सवाल: यदि ईपीएफ खाते में नॉमिनी (Nominee) नहीं जोड़ा है तो क्या होगा?जवाब: ईपीएफ खाते में ई-नॉमिनेशन करना बेहद जरूरी है। अगर नॉमिनी नहीं जोड़ा गया है, तो सदस्य की मृत्यु की स्थिति में परिवार को पैसा निकालने के लिए अदालती चक्कर और लंबी कानूनी उत्तराधिकार प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।सवाल: नौकरी बदलने पर पीएफ निकालना सही है या ट्रांसफर करना?जवाब: फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार, नौकरी बदलने पर पीएफ का पैसा निकालने के बजाय उसे हमेशा नई कंपनी के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर (PF Transfer) करना चाहिए। इससे आपके निवेश पर कम्पाउंडिंग ब्याज का फायदा मिलता रहता है और सर्विस की निरंतरता बनी रहती है।सवाल: ऑनलाइन पीएफ क्लेम रिजेक्ट होने के मुख्य कारण क्या हैं?जवाब: अधूरा या गलत केवाईसी (KYC), बैंक अकाउंट डिटेल्स या आईएफएससी (IFSC) कोड का मिसमैच होना, यूएएन का एक्टिवेट न होना, नाम या जन्मतिथि की जानकारी में स्पेलिंग मिस्टेक, आवश्यक न्यूनतम सेवा अवधि पूरी न होना या गलत विड्रॉल फॉर्म चुनने के कारण अक्सर क्लेम रिजेक्ट हो जाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:44 pm

E20 Petrol Myth vs Reality: क्या इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल आपके वाहन को कर रहा है खराब? केंद्र सरकार ने FAQs जारी कर दूर किए उपभोक्ताओं के 4 बड़े भ्रम

देश भर में गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल में इथेनॉल (Ethanol) मिलाने को लेकर पिछले कुछ समय से आम उपभोक्ताओं के बीच कई तरह की चिंताएं, अफवाहें और गलत धारणाएं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन तमाम आशंकाओं और भ्रामक खबरों पर पूर्णविराम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम को लेकर एक बेहद विस्तृत फ्रेक्वेंटली आस्कड क्वेश्चन (FAQs) जारी किया है।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी इस आधिकारिक दस्तावेज में वाहन की कम्पेटिबिलिटी (अनुकूलता), ईंधन की असली कीमत, उपभोक्ताओं की पसंद और सबसे महत्वपूर्ण— इंजन की सुरक्षा से जुड़े सभी तीखे सवालों के सीधे और तार्किक जवाब दिए गए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इससे पहले 23 जून 2026 को एक विस्तृत प्रेस नोट और 4 जुलाई को ऑटोमोबाइल कंपनियों द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बावजूद कुछ चिंताएं बनी हुई थीं, जिन्हें दूर करना बेहद जरूरी था।आइए जानते हैं सरकार द्वारा जारी FAQs में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर किए गए 4 सबसे बड़े और महत्वपूर्ण खुलासे:1. भ्रम: भारत ने बहुत अचानक और तेजी से बढ़ाई इथेनॉल ब्लेंडिंग?सच: भारत में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर हो रही इस आलोचना पर कि देश ने ब्राजील जैसे देशों की तुलना में बहुत तेजी से ब्लेंडिंग बढ़ाई है, मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने साफ किया कि यह बदलाव रातों-रात या अचानक नहीं हुआ है, बल्कि यह पूरा कार्यक्रम पिछले दो दशकों (20 साल) से अधिक समय में धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से विकसित हुआ है।भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग का पहला पायलट प्रोग्राम साल 2001 में ही शुरू कर दिया गया था। इसके बाद 2006 तक देश के कई राज्यों में 5 प्रतिशत (E5) इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की व्यावसायिक शुरुआत हुई। साल 2013 में इसकी बाकायदा नीतिगत रूपरेखा तैयार की गई और 2018 में लागू की गई 'नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल्स' के तहत बड़े सुधार किए गए। कई वर्षों की लंबी प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, भारी निवेश और ऑटोमोबाइल कंपनियों व टेस्टिंग एजेंसियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद ही चालू वित्त वर्ष में इसे सफलतापूर्वक लगभग 20 प्रतिशत (E20) के स्तर पर पहुंचाया गया है।2. भ्रम: पेट्रोल पंपों पर 100% शुद्ध पेट्रोल, E10 और E20 का अलग विकल्प क्यों नहीं मिलता?सच: कई वाहन चालकों का सवाल है कि उन्हें अपनी पसंद के अनुसार शुद्ध पेट्रोल या कम इथेनॉल वाला तेल चुनने की आजादी क्यों नहीं मिलती? इसके जवाब में मंत्रालय ने बड़ी लॉजिस्टिक और व्यावहारिक चुनौती का हवाला दिया है।सरकार के मुताबिक, भारत में रिफाइनरी, विशाल तेल डिपो, हजारों किलोमीटर लंबी पाइपलाइनों और देश भर में फैले 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंपों का एक बेहद जटिल और विशाल नेटवर्क है। इतने बड़े पैमाने पर एक साथ तीन अलग-अलग ग्रेड के पेट्रोल (शुद्ध पेट्रोल, E10 और E20) की समानांतर सप्लाई चेन (Parallel Supply Chain) बनाए रखना देश के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बेहद पेचीदा और लगभग असंभव होगा। इसीलिए पूरे देश में एक समान मानक ईंधन की सप्लाई की जा रही है।3. भ्रम: इथेनॉल मिलाने के बाद भी E20 पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं है?सच: उपभोक्ताओं का मानना है कि चूंकि इथेनॉल का उत्पादन सस्ता होता है, इसलिए पेट्रोल की कीमतें कम होनी चाहिए। इस पर सरकार ने साफ किया कि पेट्रोल में मिलाया जाने वाला इथेनॉल देश के अन्नदाता किसानों से बेहद लाभकारी और आकर्षक कीमतों पर खरीदा जाता है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।यही वजह है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें काफी नीचे गिर जाती हैं, तब शुद्ध पेट्रोल के मुकाबले इथेनॉल की खरीद लागत थोड़ी अधिक बैठती है। हालांकि, इस ब्लेंडिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे भारत की विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता कम होती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले भू-राजनीतिक उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर नहीं पड़ता। पिछले चार वर्षों में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और पड़ोसी देशों की तुलना में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता इसी नीति के कारण रही है।4. भ्रम: क्या E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन और रबर पार्ट्स खराब हो रहे हैं?सच: सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को सरकार ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि E20 पेट्रोल पुराने E10 वाहनों के इंजन, रबर कंपोनेंट्स या फ्यूल लाइन्स को नुकसान पहुंचा रहा है। मंत्रालय ने दो-टूक शब्दों में कहा कि इन दावों का कोई भी वैज्ञानिक या तकनीकी आधार नहीं है।E20 ईंधन को देश भर में लागू करने से पहले कई वर्षों तक अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं (Lab Testing), कड़े फील्ड परीक्षणों और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) व सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) जैसी शीर्ष तकनीकी संस्थाओं के साथ गहन रिसर्च की गई है। सभी वाहन निर्माता कंपनियां पुराने वाहनों पर भी अपनी वारंटी जारी रखे हुए हैं।माइलेज और परफॉर्मेंस पर सरकारी रिपोर्ट: मंत्रालय ने ईमानदारी से यह जरूर स्वीकार किया है कि बहुत पुराने कुछ वाहनों में इथेनॉल की कम कैलोरीफिक वैल्यू के कारण माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत की मामूली कमी देखी जा सकती है। लेकिन इसके विपरीत, E20 ईंधन से गाड़ी के इंजन को उच्च ऑक्टेन स्तर (Higher Octane Number) मिलता है, जिससे कंबशन (ईंधन का जलना) बेहतर होता है, इंजन का पिकअप व प्रदर्शन सुधरता है और सबसे बड़ी बात— वाहनों से होने वाला खतरनाक कार्बन उत्सर्जन (Emission) बेहद कम हो जाता है, जो पर्यावरण के लिए संजीवनी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:42 pm

FIFA Pledges $1M for Venezuela: भूकंप प्रभावित वेनेजुएला की मदद के लिए आगे आया फीफा, पीड़ितों के लिए 1 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता का किया ऐलान

दुनिया भर में फुटबॉल का संचालन करने वाली सर्वोच्च संस्था 'फीफा' (FIFA) संकट की इस घड़ी में मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए वेनेजुएला के लोगों की मदद के लिए आगे आई है। हाल ही में वेनेजुएला में आए अत्यंत विनाशकारी और भीषण भूकंप से मची भारी तबाही को देखते हुए फीफा की सामाजिक कल्याण शाखा 'फीफा फाउंडेशन' (FIFA Foundation) ने पीड़ित परिवारों की मदद और राहत कार्यों को तेज करने के लिए 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर (यानी करीब 8.3 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम फंड देने का बड़ा ऐलान किया है।फीफा द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस आपातकालीन राशि का प्राथमिक उपयोग प्रभावित इलाकों में संकट से जूझ रहे पीड़ितों तक तुरंत भोजन, जीवन रक्षक दवाइयां, मेडिकल किट्स और रहने के लिए अस्थाई आश्रय (Shelter) जैसी बेहद जरूरी चीजें पहुंचाने के लिए किया जाएगा।जियानी इन्फेंटिनो बोले: 'इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ है पूरा फुटबॉल परिवार'वेनेजुएला में प्राकृतिक आपदा के कारण पैदा हुए दर्दनाक हालातों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए फीफा के वर्तमान अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो (Gianni Infantino) ने एक आधिकारिक संदेश में कहा, इस बेहद कठिन और दर्दनाक समय में दुनिया भर का पूरा फुटबॉल परिवार पूरी मजबूती के साथ वेनेजुएला के नागरिकों के साथ खड़ा है। फुटबॉल सिर्फ मैदान पर खेला जाने वाला एक खेल मात्र नहीं है, बल्कि इसमें संकट के सबसे मुश्किल समय में भी लोगों को आपस में जोड़ने, एकजुट करने और उनके भीतर एक नई उम्मीद की किरण जगाने की अनोखी ताकत मौजूद है। हमें गर्व है कि हम वहां जमीन पर रात-दिन राहत कार्य में जुटी टीमों की मदद करने में अपना योगदान दे पा रहे हैं।कैसे और किन विश्वसनीय माध्यमों से पीड़ितों तक पहुंचेगी यह बड़ी मदद?फीफा फाउंडेशन के कार्यकारी अध्यक्ष मॉरीशस मैक्री (Mauricio Macri) ने इस सहायता राशि के वितरण का खाका समझाते हुए बताया कि यह पैसा सीधे उन चुनिंदा और विश्वसनीय संस्थाओं को ट्रांसफर किया जाएगा जो जमीन पर रहकर लोगों की जान बचाने के रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। फीफा फाउंडेशन अपने विशेष 'ह्यूमैनिटेरियन फंड' (Humanitarian Fund) के जरिए यह रकम सीधे स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय राहत संगठनों (NGOs) के माध्यम से ग्राउंड जीरो पर पहुंचाएगा।वेनेजुएला के किन-किन राज्यों और शहरों में इस राहत फंड से पुनर्निर्माण का काम शुरू होगा, इसकी पूरी विस्तृत सूची वहां की जमीनी स्थिति का सटीक आकलन (Humanitarian Assessment) पूरा होने के बाद जल्द ही जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा, वेनेजुएला का अपना फुटबॉल फेडरेशन (FVF) भी देश के स्थानीय फुटबॉल खिलाड़ियों और फैंस के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से ग्राउंड सपोर्ट दे रहा है।फीफा का 'ह्यूमैनिटेरियन फंड' क्या करता है?फीफा फाउंडेशन का यह विशेष 'ह्यूमैनिटेरियन फंड' (मानवीय कोष) मूल रूप से इसी उद्देश्य के लिए स्थापित किया गया है, ताकि दुनिया के किसी भी कोने में जब कभी अचानक भूकंप, सुनामी, भीषण बाढ़ या कोई अन्य प्राकृतिक व मानव-निर्मित बड़ी मुसीबत आए, तो बिना किसी कागजी देरी के वहां तुरंत आपातकालीन फंड और आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा सके। इससे पहले भी फीफा फाउंडेशन दुनिया के कई संकटग्रस्त देशों में इसी फंड के जरिए त्वरित आर्थिक सहायता पहुंचा चुका है।वेनेजुएला में भूकंप का भयंकर तांडव: हजारों मौतें और लाखों बेघरआपको बता दें कि वेनेजुएला में पिछले महीने 24 जून को कुछ ही सेकंड के बेहद संक्षिप्त अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भीषण 'डबलेट' (Doublet) भूकंप आए थे, जिसने समूचे उत्तरी और मध्य वेनेजुएला को हिलाकर रख दिया। पिछले 125 सालों में आए इस सबसे शक्तिशाली भूकंप के चलते देश की राजधानी काराकास और ला गुआइरा राज्य सहित कई हिस्सों में 80% तक इमारतें, रिहायशी घर और इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं। इस भयावह आपदा में अब तक कम से कम 2,600 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 16,000 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं और मलबे में दबे हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।राहत शिविरों में गहराया मानवीय संकट, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने की बड़ी अपीलभूकंप की इस भयानक विभीषिका से बेघर हुए लाखों लोगों के लिए विभिन्न राज्यों में अस्थाई राहत शिविर (Relief Camps) बनाए गए हैं। लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण इन शिविरों में अब डायरिया, गंभीर त्वचा रोग, शुगर और ब्लड प्रेशर (BP) जैसी बीमारियों के मरीज खतरनाक स्पीड से बढ़ रहे हैं, जिससे देश में मानवीय संकट पहले से कहीं ज्यादा गहरा गया है।हालांकि स्थानीय आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति को नियंत्रित करने में लगी हैं, लेकिन नुकसान का पैमाना बहुत बड़ा है। वेनेजुएला के इस बेहद नाजुक हालात को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक बड़ी भावुक अपील की है। यूएन ने वेनेजुएला के करीब 13 लाख अत्यधिक जरूरतमंद पीड़ितों तक आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए दुनिया भर के अमीर देशों से 30 करोड़ डॉलर (300 Million USD) की भारी-भरकम वैश्विक वित्तीय सहायता जुटाने की मांग की है ताकि इंसानी जिंदगियों को बचाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:40 pm

IRCTC New Website: 15 जुलाई को लॉन्च होगा आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन, रेल मंत्री के निर्देश पर दूर होंगी टिकट बुकिंग की ये 4 बड़ी परेशानियां

देश भर में भारतीय रेलवे के जरिए हर दिन सफर करने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत देने वाली खबर आई है। ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग को पहले से कहीं ज्यादा आसान, पारदर्शी और सुपरफास्ट बनाने के लिए रेलवे जल्द ही आईआरसीटीसी (IRCTC) की बिल्कुल नई और हाई-टेक वेबसाइट का बीटा वर्जन (Beta Version) लॉन्च करने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) के पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुसार, इस बहुप्रतीक्षित नई वेबसाइट को 15 जुलाई 2026 को आम जनता के लिए आधिकारिक तौर पर जारी किया जाएगा।इसी कड़ी में, 10 जुलाई को जयपुर के प्रतिष्ठित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों के सामने आईआरसीटीसी और क्रिस (CRIS) के आला अधिकारियों ने इस नए पोर्टल के बीटा वर्जन का लाइव डेमो दिया और छात्रों से उनका महत्वपूर्ण फीडबैक मांगा। आपको बता दें कि कुछ हफ्ते पहले एमएनआईटी (MNIT) जयपुर के छात्रों ने ही रेल मंत्री से मुलाकात कर मौजूदा वेबसाइट में टिकट बुकिंग की कमियों को उजागर किया था, जिसके बाद रेल मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को 30 दिन के भीतर नया पोर्टल तैयार करने का कड़ा निर्देश दिया था।नई IRCTC वेबसाइट में देखने को मिलेंगे ये 4 बड़े क्रांतिकारी बदलावरेलवे अधिकारियों के मुताबिक, नए रीडिजाइन किए गए पोर्टल में यात्रियों की सहूलियत के लिए मुख्य रूप से चार बड़े तकनीकी सुधार किए गए हैं, जो आपके टिकट बुकिंग के अनुभव को पूरी तरह बदल देंगे:1. अनावश्यक कैप्चा (CAPTCHA) और पॉप-अप से आजादी: अक्सर तत्काल टिकट बुकिंग (Tatkal Ticket Booking) या पीक आवर्स के दौरान यात्रियों को बार-बार आने वाले कैप्चा कोड और विज्ञापन वाले अनचाहे पॉप-अप से भारी परेशानी होती थी, जिससे टिकट बुक होने से पहले ही सीटें फुल हो जाती थीं। नई वेबसाइट में इस तकनीकी समस्या को पूरी तरह हल कर दिया गया है। अब बिना किसी भटकाव और अनावश्यक कैप्चा के तेजी से ट्रांजैक्शन पूरा होगा।2. सिंगल स्क्रीन पर सभी क्लास की सीटों की जानकारी: नई वेबसाइट का इंटरफेस बेहद क्लीन और आधुनिक बनाया गया है। अब यात्रियों को अपनी पसंदीदा ट्रेन में उपलब्ध सीटों की रीयल-टाइम जानकारी (Seat Availability) एक ही मुख्य स्क्रीन पर सभी क्लास (जैसे- 1AC, 2AC, 3AC, Sleeper) में एक साथ दिखाई देगी, जिससे बार-बार अलग-अलग क्लास पर क्लिक करने का समय बचेगा।3. सुपरफास्ट चेकआउट और कम स्टेप्स: नए बुकिंग इंजन को इस तरह ऑप्टिमाइज किया गया है कि आपको टिकट कंफर्म करने के लिए पहले के मुकाबले बहुत कम स्टेप्स (चरणों) को फॉलो करना होगा। मौजूदा व्यवस्था में जहां प्रति मिनट करीब 32,000 टिकट बुक होते हैं, वहीं नया एडवांस सिस्टम क्षमता को बढ़ाकर 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट से ज्यादा प्रोसेस करने में सक्षम होगा।4. पैसेंजर डिटेल सेव करने की सुविधा: टिकट बुक करते समय यात्रियों को बार-बार नाम, उम्र, जेंडर और बर्थ प्रेफरेंस जैसी लंबी जानकारियां नहीं भरनी पड़ेंगी। यूजर प्रोफाइल में पैसेंजर डेटा पूरी तरह सुरक्षित सेव रहेगा, जिससे सिंगल क्लिक में तत्काल टिकट बहुत तेजी से बुक किए जा सकेंगे। इसके साथ ही इसमें 'फेयर कैलेंडर' (Fare Calendar) और एक से ज्यादा भाषाओं का सपोर्ट (Multilingual Interface) भी जोड़ा गया है।40 साल पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) भी होगा अपग्रेडरेलवे सिर्फ बाहरी वेबसाइट का चेहरा ही नहीं बदल रहा है, बल्कि इसके बैकएंड में काम करने वाले करीब 40 साल पुराने पारंपरिक पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को भी पूरी तरह से ओवरहॉल (बदला) जा रहा है। नए और आधुनिक पीआरएस इंजन को आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट के साथ सीधे लिंक किया जा रहा है।इस अपग्रेडेशन के बाद आम यात्रियों को टिकट बुकिंग, रिफंड कैंसिलेशन, पीएनआर (PNR Enquiry) और लाइव ट्रेन स्टेटस की सटीक जानकारी पलक झपकते ही मिल जाएगी। नए सिस्टम की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह पीएनआर पूछताछ की क्षमता को 4 लाख से सीधे 40 लाख पूछताछ प्रति मिनट तक बढ़ा देगा। चूंकि रेलवे को चालू रखते हुए ही यह भारी-भरकम डिजिटल अपग्रेडेशन किया जा रहा है, इसलिए पूरी तरह कार्यात्मक (Fully Functional) फाइनल पोर्टल को पूरी तरह सेट होने में कुछ महीनों का अतिरिक्त समय लग सकता है, लेकिन 15 जुलाई से शुरू हो रहा बीटा वर्जन यात्रियों को बहुत बड़ी राहत देने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:39 pm

भारत के पेट्रोलियम निर्यात ने रचा इतिहास! विदेशी तेल खरीदकर दुनिया को पेट्रोल-डीजल बेच रहा देश, रिफाइनिंग क्षमता में 75,000 करोड़ का मेगा बूस्ट

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कच्चे तेल और गैस के आयात (Import) पर अत्यधिक निर्भर है। अपनी कुल आवश्यकता का लगभग 80 से 85 फीसदी तक कच्चा तेल भारत विदेशों से खरीदता है, जिस पर हर साल भारी-भरकम विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) खर्च होती है। लेकिन आपको यह जानकर बेहद गर्व होगा कि विदेशों से कच्चा तेल खरीदने वाले भारत ने पेट्रोलियम एक्सपोर्ट (Petroleum Export) के मोर्चे पर दुनिया भर में एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।भारत विदेशों से कच्चा तेल आयात तो करता है, लेकिन देश की आधुनिक रिफाइनरियों में उसे प्रोसेस (रिफाइन) करके पेट्रोल, डीजल, एटीएफ (हवाई ईंधन) और अन्य मूल्यवान पेट्रोलियम उत्पाद बनाकर दुनिया के कई बड़े देशों को भारी मात्रा में निर्यात भी करता है।पेट्रोलियम रिफाइनर प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट में भारत का दबदबा, बना नया रिकॉर्डग्लोबल मार्केट में पेट्रोलियम रिफाइनर प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्टर के तौर पर आज भारत का जबरदस्त दबदबा कायम हो चुका है। बीते वित्तीय वर्ष के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने रिकॉर्ड 46.8 अरब डॉलर का पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट किया है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का दावा है कि आने वाले दिनों में भारत के इस कुल एक्सपोर्ट में करीब 25 फीसदी तक की और बंपर बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।जिस तेजी से देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) अपनी विभिन्न रिफाइनरियों की क्षमता का विस्तार कर रही है, उससे भारत की ग्लोबल रिफाइनिंग ताकत सुपरफास्ट स्पीड से बढ़ रही है। वर्तमान में भारत की कुल रिफाइनिंग कैपेसिटी करीब 258.1 मिलियन टन है, जबकि देश की आंतरिक पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कुल खपत 239 मिलियन टन के आसपास है।₹75,000 करोड़ का मेगा बजट: IOCL बढ़ा रही है अपनी ताकतभारत सरकार की ओर से देश की रिफाइनिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। दिसंबर 2026 तक आईओसीएल (IOCL) की कई नई रिफाइनिंग इकाइयां पूरी तरह से चालू होने वाली हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट के जमीन पर उतरने के बाद IOCL की कुल रिफाइनिंग क्षमता 80.75 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) से लंबी छलांग लगाकर सीधे 98.05 MMTPA के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगी।इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने इस महत्वाकांक्षी क्षमता विस्तार प्रोजेक्ट के लिए 75,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है, जिसमें से अब तक 53,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सफलता पूर्वक खर्च की जा चुकी है।एक्सपोर्ट से रेवेन्यू में होगी 3 गुना बढ़ोतरी, पानीपत और वड़ोदरा में काम तेजसरकारी तेल कंपनियां अपनी इस नई और आधुनिक क्षमता का इस्तेमाल सबसे पहले घरेलू बाजार की जरूरतों को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए करेंगी। इसके बाद जो अतिरिक्त (Surplus) कैपेसिटी बचेगी, उसका उपयोग पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के अंतरराष्ट्रीय निर्यात के लिए आक्रामक रूप से किया जाएगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस कदम से कंपनी के कुल रेवेन्यू (राजस्व) में पेट्रोलियम एक्सपोर्ट का हिस्सा वर्तमान के 5% से तीन गुना बढ़कर सीधे 15% के पार पहुंच सकता है।वर्तमान में कंपनी द्वारा हरियाणा के पानीपत, गुजरात के वड़ोदरा और बिहार की बरौनी रिफाइनरी में क्षमता को अपग्रेड करने की तैयारी अंतिम चरण में है।जानिए किस रिफाइनरी की क्षमता कितनी बढ़ेगी?देश की तीन प्रमुख रिफाइनरियों में क्षमता विस्तार का पूरा गणित इस प्रकार है:रिफाइनरी का नामवर्तमान क्षमता (Current Capacity)विस्तार के बाद क्षमता (Post Expansion)पानीपत रिफाइनरी15 MMTPA25 MMTPAवड़ोदरा रिफाइनरी13.7 MMTPA18 MMTPAबरौनी रिफाइनरी6 MMTPA9 MMTPAइस शानदार क्षमता विस्तार के बाद भारत न केवल अपनी घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को पूरी तरह से आत्मनिर्भर और मजबूत बना लेगा, बल्कि दुनिया के नक्शे पर एक बड़े ग्लोबल पेट्रोलियम हब के रूप में उभरकर सामने आएगा, जिससे देश के खजाने में अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा की एंट्री होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:38 pm

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा के लिए खुलेगा द्रास से तीसरा नया रास्ता? मात्र 2 घंटे में हो जाएगी पवित्र गुफा की चढ़ाई, एलजी ने मांगी रिपोर्ट

बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले करोड़ों शिव भक्तों और अमरनाथ तीर्थयात्रियों के लिए एक बेहद बड़ी और सुखद खबर सामने आ रही है। पवित्र अमरनाथ गुफा (Amarnath Cave) तक पहुंचने की दुर्गम यात्रा को अब और अधिक सुरक्षित, सुगम और आसान बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने द्रास (Drass) के रास्ते एक तीसरे और नए मार्ग के विकास की पुरजोर वकालत की है।बीजेपी की लद्दाख यूनिट द्वारा रखा गया यह ऐतिहासिक प्रस्ताव 14.15 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी 'जोजिला सुरंग' (Zojila Tunnel) के निर्माण कार्य के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद आया है। यह ऑल-वेदर टनल लद्दाख के करगिल जिले में स्थित द्रास के मिनिमाग इलाके तक हर मौसम में निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करती है। इसी कनेक्टिविटी का लाभ उठाकर अब अमरनाथ यात्रा को एक ही दिन में पूरा करने का मेगा प्लान तैयार किया जा रहा है।मिनिमाग से महज 5 किलोमीटर की होगी चढ़ाई, बचेगा भक्तों का समयबीजेपी के वरिष्ठ नेता ताशी ग्यालसन ने इस नए रूट का पूरा खाका समझाते हुए सुझाव दिया है कि द्रास में जोजिला सुरंग के पूर्वी छोर के पास स्थित मिनिमाग से पवित्र गुफा तक केवल 5 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई का एक नया वैकल्पिक रास्ता तैयार किया जा सकता है। यह मार्ग वर्तमान के बालटाल वाले रास्ते की तुलना में बहुत छोटा, सीधा और अत्यधिक सुरक्षित साबित होगा।ग्यालसन ने 'ज़ी न्यूज़' से विशेष बातचीत में बताया, मिनिमाग पहले से ही समुद्र तल से लगभग 10,800 फीट की भारी ऊंचाई पर स्थित है। इस वजह से पारंपरिक बालटाल और पहलगाम मार्गों की तुलना में तीर्थयात्रियों को बहुत कम ऊंचाई चढ़नी पड़ेगी। यह केवल 5 किलोमीटर का आसान ट्रैक होगा, जिसमें बालटाल मार्ग की तरह कोई खतरनाक खड़ी चढ़ाई नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि इस रास्ते के खुलने से भक्त श्रीनगर या लेह से सुबह चलकर मात्र 1 से 2 घंटे में पवित्र गुफा तक की चढ़ाई पूरी कर सकेंगे और शाम तक वापस लौट आएंगे, जिससे यह पूरी यात्रा महज एक दिन की रह जाएगी।वर्तमान में अमरनाथ गुफा के लिए हैं दो प्रमुख रास्तेअभी तक पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए देश भर के श्रद्धालुओं के पास केवल दो ही रास्ते उपलब्ध हैं, और दोनों ही मार्गों पर ट्रैकिंग करना काफी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण माना जाता है:बालटाल मार्ग: यह छोटा रास्ता (14 किमी) है, लेकिन बेहद खड़ा और ऊबड़-खाबड़ है। इसमें यात्रियों को समुद्र तल से करीब 8,999 फीट की ऊंचाई से शुरू करके 12,756 फीट की ऊंचाई पर स्थित गुफा तक खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है।पहलगाम मार्ग: इसे अमरनाथ यात्रा का सबसे पारंपरिक मार्ग माना जाता है। यह काफी लंबा (34 किमी) है, जिसमें श्रद्धालुओं को समुद्र तल से लगभग 5,702 फीट की ऊंचाई से शुरू करके पवित्र गुफा तक पहुंचना होता है। इस रास्ते से यात्रा पूरी करने में भक्तों को 2 से 4 दिन का लंबा समय लग जाता है।इसके विपरीत, प्रस्तावित नया तीसरा रास्ता केवल 5 किलोमीटर का होगा, जिसमें समुद्र तल से महज 1,956 फीट की मामूली चढ़ाई करनी होगी, जिसे कोई भी सामान्य व्यक्ति आसानी से 2 घंटे में पूरा कर सकता है।लद्दाख के उपराज्यपाल ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट, पर्यावरण को भी मिलेगी राहतइस तीसरे मार्ग के निर्माण से न केवल हर साल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी, बल्कि बालटाल और पहलगाम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर पड़ने वाले पर्यावरणीय दबाव (Environmental Pressure) को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।अमरनाथ श्राइन बोर्ड और केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, लद्दाख के उपराज्यपाल (LG) ने इस नए रूट को खोलने की वास्तविक संभावनाओं और सुरक्षा का बारीकी से पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय विस्तृत रिपोर्ट (Detailed Project Report) मांगी है। लद्दाख प्रशासन का मानना ​​है कि जोजिला टनल के चालू होते ही यह मार्ग गेम-चेंजर साबित होगा। इससे न केवल अमरनाथ यात्रियों को एक सुरक्षित और सुगम यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और वहां की अर्थव्यवस्था को भी एक बड़ा बूस्ट मिलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:36 pm

Raktanchal Season 3 Trailer: पूर्वांचल के गैंगवार में वसीम खान और विजय सिंह की खूनी जंग फिर शुरू, धमाकेदार ट्रेलर के साथ रिलीज डेट का बड़ा ऐलान

भारतीय ओटीटी (OTT) स्पेस में क्राइम-थ्रिलर और गैंगवार पर आधारित कई ऐसी वेब सीरीज हैं, जिनकी कहानियां और दमदार किरदार दर्शकों के दिलो-दिमाग पर हमेशा के लिए छप जाते हैं। ऐसी ही एक ब्लॉकबस्टर और बहुप्रतीक्षित सीरीज है 'रक्तांचल' (Raktanchal)। पूर्वांचल की खूनी सियासत, कोयला माफिया और वर्चस्व की जंग पर बनी इस सीरीज ने अपने पिछले दो सीजन से दर्शकों के बीच एक खास और मजबूत पहचान बनाई है। अब फैंस का लंबा इंतजार खत्म होने जा रहा है, क्योंकि मेकर्स ने 'रक्तांचल सीजन 3' का ट्रेलर रिलीज करने के साथ ही इसकी ऑफिशियल रिलीज डेट की भी घोषणा कर दी है।इस नए सीजन में एक बार फिर पुराने और सबसे खतरनाक किरदार अपनी पूरी ताकत के साथ वापसी कर रहे हैं। बॉलीवुड और ओटीटी के जाने-माने अभिनेता निकितिन धीर (Nikitin Dheer) एक बार फिर अपने खूंखार और आइकॉनिक किरदार 'वसीम खान' के रूप में दर्शकों को डराने और रोमांचित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।बदले और वर्चस्व का खूंखार खेल: निकितिन धीर ने किया बड़ा खुलासासीरीज के तीसरे सीजन में अपनी वापसी और किरदार को लेकर उत्साहित निकितिन धीर ने मीडिया से बातचीत में कहा, वसीम खान जैसे बेहद ताकतवर और क्रूर किरदार को स्क्रीन पर दोबारा जीना मेरे लिए बतौर एक्टर बहुत संतोषजनक अनुभव रहा है। यह एक ऐसा विलेन का किरदार है जिसकी कई छिपी हुई परतें हैं। वह जिस भी महफिल या इलाके में कदम रखता है, वहां अपनी खौफनाक मौजूदगी दर्ज करा देता है। लेकिन रक्तांचल 3 में उसे अपने जीवन की अब तक की सबसे बड़ी और कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा। पिछले दो सीजन से जिस दुश्मनी को दर्शक देखते आ रहे हैं, वह इस बार बिल्कुल नए और जानलेवा स्तर पर पहुंचने वाली है।शुक्रवार को मेकर्स द्वारा जारी किए गए 'रक्तांचल सीजन 3' के ऑफिशियल ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया है। ट्रेलर में एक बार फिर उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र की खूनी रंजिश, सत्ता की मलाई के लिए होने वाली तकरार और बदले की दहकती हुई आग को दिखाया गया है। इस बार कहानी का मुख्य मोड़ तब आता है जब मुख्य किरदार विजय सिंह की 4 साल के लंबे अज्ञातवास के बाद अचानक वापसी होती है। चार साल तक दुनिया की नजरों से छिपकर रहने के बाद विजय सिंह अब अपने पुराने और सबसे बड़े दुश्मन वसीम खान को मिट्टी में मिलाने के मकसद से लौटा है। इसके बाद दोनों बाहुबलियों के बीच होने वाला सीधा टकराव पहले से कहीं ज्यादा खूंखार और हिंसक नजर आ रहा है।क्रांति प्रकाश झा की वापसी: फ्रेंचाइजी का सबसे बड़ा महामुकाबलासीरीज में नायक और बाहुबली विजय सिंह का मुख्य किरदार निभा रहे टैलेंटेड अभिनेता क्रांति प्रकाश झा (Kranti Prakash Jha) ने भी इस धमाकेदार वापसी पर अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा, विजय सिंह हमेशा से अपनी फौलादी हिम्मत, सिद्धांतों और मजबूत इरादों के लिए जाना जाता रहा है। इतने सालों के लंबे गैप के बाद दोबारा इस कैरेक्टर के जूते में पैर रखना मेरे लिए बेहद खास और इमोशनल रहा। इस सीजन में कहानी विजय सिंह को ऐसे मुश्किल हालातों के बीच ले जाती है, जहां हर एक मोड़ पर उसकी जान और उसके हौसले की कड़ी परीक्षा होती है। दर्शकों को इस बार स्क्रीन पर जबरदस्त सस्पेंस और एक्शन देखने को मिलेगा, क्योंकि पूरी कहानी इस फ्रेंचाइजी के अब तक के सबसे बड़े महामुकाबले की तरफ आगे बढ़ेगी।स्टारकास्ट, डायरेक्टर और जानिए कब और कहां स्ट्रीम होगी यह सीरीज?'रक्तांचल सीजन 3' का बेहतरीन और थ्रिलिंग निर्देशन एक बार फिर रितम श्रीवास्तव ने किया है, जबकि इस पूरे सीजन की मुख्य कहानी को सिद्धार्थ मिश्रा ने अपने कलम से लिखा है। इस बार भी सीरीज की मुख्य पृष्ठभूमि पूरी तरह पूर्वांचल की माटी पर ही आधारित रखी गई है, जहां राजनीति, असीमित महत्वाकांक्षा, पैसे की हवस, बदलते पारिवारिक रिश्ते और खतरनाक विश्वासघात का एक अनोखा ताना-बाना दर्शकों को बांध कर रखेगा।इस सीजन में निकितिन धीर और क्रांति प्रकाश झा की मुख्य जोड़ी के अलावा टीवी के बड़े स्टार करण पटेल, नेशनल अवॉर्ड विनर माही गिल, मशहूर एक्टर राजेश कुमार और विक्रम कोचर भी बेहद अहम और नए किरदारों में अपनी दमदार एक्टिंग का जलवा बिखेरते नजर आएंगे। सस्पेंस, एक्शन और थ्रिल से भरपूर 'रक्तांचल सीजन 3' का ग्रैंड प्रीमियर आगामी 16 जुलाई को सीधे अमेजन एमएक्स प्लेयर (Amazon MX Player) पर बिल्कुल मुफ्त में स्ट्रीम होने जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:35 pm

Corona Alert : 4 साल बाद Covid-19 से मौत, आंध्रप्रदेश में नए मामलों ने बढ़ाई चिंता

आंध्रप्रदेश में लगभग 4 वर्षों बाद कोविड-19 (Covid-19) से पहली पुष्ट मौत दर्ज की गई है। राज्य के कडप्पा (Kadapa) जिले में 46 वर्षीय एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। हाल के दिनों में जिले में कोविड-19 के मामलों में दोबारा बढ़ोतरी दर्ज ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 10:22 pm

गोरखपुर-कुशीनगर के लिए खुशखबरी, CM योगी करेंगे 1,283 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

शुक्रवार को गोरखपुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदित्यनाथ शनिवार 11 जुलाई को गोरखपुर और कुशीनगर जिले को 1283 करोड रुपये की सौगात देंगे। वह कुशीनगर में 525 करोड़ रुपये की लागत वाली 464 और गोरखपुर में करीब 758 करोड़ रुपये की 24 विकास ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 10:11 pm

TCS धर्मांतरण केस में नया मोड़: 5 महीने की गर्भवती निदा खान को मिली जमानत, नासिक कोर्ट ने भगवान कृष्ण के जन्म का जिक्र कर सुनाया बड़ा फैसला

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के चर्चित धर्मांतरण और कार्यस्थल पर उत्पीड़न मामले में एक बेहद बड़ा और नया कानूनी मोड़ सामने आया है। महाराष्ट्र के नासिक की एक अतिरिक्त सत्र न्यायालय (Sessions Court) ने इस मामले की मुख्य आरोपी और कंपनी की पूर्व कर्मचारी निदा खान को आगामी 6 जुलाई को सशर्त जमानत दे दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुनवाई के दौरान माननीय जज ने एक बेहद ऐतिहासिक और मानवीय टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि दुनिया के किसी भी अजन्मे बच्चे को जेल की सलाखों के पीछे पैदा होने का दर्द और समाज की बदनामी का सामना नहीं करना चाहिए। जज ने इस स्थिति की तुलना द्वापर युग में भगवान कृष्ण के जेल में जन्म लेने की ऐतिहासिक घटना से की।न्यूज चैनल News18 की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान अदालत रूम का माहौल काफी भावुक और गंभीर हो गया था, जिसके बाद न्यायाधीश ने अपने विशेष न्यायिक विवेक का इस्तेमाल किया।जज केदार जोशी ने किया भगवान कृष्ण का जिक्र, अजन्मे बच्चे को दी राहतजमानत अर्जी पर अंतिम फैसला सुनाते हुए नासिक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केदार जोशी ने पूरी तरह से मानवीय आधारों और मां-बच्चे के स्वास्थ्य पर जोर दिया। अदालत के सामने यह तथ्य आया कि आरोपी निदा खान वर्तमान में पांच महीने की गर्भवती हैं।न्यायालय ने माना कि जेल की चारदीवारी के भीतर किसी बच्चे को जन्म देने का मानसिक-शारीरिक दर्द और उसके बाद जीवनभर मिलने वाली सामाजिक बदनामी किसी भी महिला और नवजात के लिए असहनीय होती है। जज ने अपने आदेश में साफ तौर पर कहा, हमारे समाज में किसी भी बेकसूर बच्चे को उस मानसिक सदमे या सामाजिक कलंक को नहीं झेलना चाहिए जो जेल में जन्म लेने से जुड़ा होता है, जैसा कि कभी कंस की जेल में भगवान कृष्ण के मामले में हुआ था। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत पूरी तरह से अजन्मे बच्चे की मानसिक और शारीरिक भलाई को ध्यान में रखकर दी जा रही है।आखिर क्या है पूरा टीसीएस (TCS) धर्मांतरण विवाद?इस पूरे कानूनी और सामाजिक विवाद की शुरुआत मई महीने में हुई थी। नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की एक बीपीओ (BPO) यूनिट में काम करने वाली निदा खान को एक महिला सहकर्मी की गंभीर शिकायत के बाद 7 मई 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।पुलिस और अभियोजन पक्ष (Prosecution) द्वारा कोर्ट में लगाए गए आरोपों के मुताबिक, निदा खान और उसके कुछ अन्य साथियों ने मिलकर अपनी एक हिंदू महिला सहकर्मी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने कार्यस्थल पर हिंदू देवी-देवताओं के बारे में बेहद अपमानजनक और आपत्तिजनक बातें कहीं, पीड़ित महिला को जबरन बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया और उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का भारी दबाव बनाया। इतना ही नहीं, जबरन धर्म परिवर्तन (Forced Conversion) की साजिश के तहत उसे इस्लामी रीति-रिवाजों और नमाज पढ़ने की ट्रेनिंग देने की भी कोशिश की गई। इस गंभीर विवाद के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, टाटा ग्रुप की कंपनी टीसीएस ने कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मामलों में अपनी 'जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी' का हवाला देते हुए निदा खान को तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।इन कड़ी और सख्त शर्तों पर कोर्ट ने मंजूर की बेलनासिक सत्र न्यायालय ने निदा खान की जेल से रिहाई के लिए कुछ बेहद कड़े कानूनी नियम और शर्तें तय की हैं। शुरुआत में कोर्ट ने उन्हें ₹75,000 के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का निर्देश दिया था, जिसे बाद में गर्भवती होने की स्थिति को देखते हुए ₹50,000 की प्रोविजनल कैश सिक्योरिटी में बदल दिया गया। इस राहत के साथ आरोपी को निम्नलिखित शर्तों का पालन करना होगा:मामले की मुख्य शिकायतकर्ता महिला या इस केस से जुड़े किसी भी गवाह से सीधे या परोक्ष रूप से संपर्क करने पर पूरी तरह रोक रहेगी।पीड़ित महिला के वर्तमान कार्यस्थल (ऑफिस) या उसके घर के आस-पास के निर्धारित इलाके में जाने पर पूरी तरह पाबंदी होगी।आरोपी निदा खान अदालत की लिखित और साफ मंजूरी के बिना देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकतीं और उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:05 pm

गन्ना किसानों के हित में योगी सरकार सख्त, घटिया खाद-कीटनाशक देने वाली चीनी मिलों पर होगी बड़ी कार्रवाई

योगी सरकार ने गन्ना किसानों के हितों की सुरक्षा और खेती की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश की सभी चीनी मिलें किसानों को केवल प्रमाणित और गुणवत्ता परीक्षण से गुजरे उर्वरक, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व एवं कीटनाशक ही ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 10:05 pm

बहुविवाह करने वालों को नहीं मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ! असम सरकार का बड़ा फैसला, दोषी कर्मचारियों की जाएगी नौकरी

असम सरकार ने राज्य में सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। असम विधानसभा में शुक्रवार को पेश किए गए राज्य के बजट में एक बड़ा और चौंकाने वाला प्रस्ताव रखा गया है। नए नियमों के मुताबिक, जो भी पुरुष एक से ज्यादा शादी (बहुविवाह) करेगा, उसे असम सरकार की किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना (Government Welfare Schemes) का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही, अगर कोई राज्य सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे सीधे नौकरी से बर्खास्त (निकाल) किया जा सकता है।राज्य का पहला बजट पेश करते हुए असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य सिर्फ जरूरतमंदों तक आर्थिक मदद पहुंचाना नहीं है, बल्कि इन योजनाओं के जरिए समाज में समावेशिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को भी मजबूती से बढ़ावा देना है।महिलाओं के सम्मान और लैंगिक न्याय के लिए उठाया कदमवित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने बजट भाषण के दौरान विशेष जोर देते हुए कहा, राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय (Gender Justice) को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब से एक से ज्यादा शादियां करने वाला कोई भी पुरुष सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना का फायदा उठाने के योग्य नहीं माना जाएगा।इसके अलावा, सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर शुचिता बनाए रखने के लिए 'असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1964' में एक बड़े संशोधन का प्रस्ताव भी रखा है। इस नए संशोधन के लागू होने के बाद, यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी कानून का उल्लंघन कर एक से अधिक विवाह करते हुए पाया जाता है, तो उसे नियमों के अनुसार तुरंत सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा।अपराधियों को भी नहीं मिलेगा फायदा, अगस्त से शुरू होंगी योजनाएंईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता की वकालत करते हुए वित्त मंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक कानून के तहत अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया व्यक्ति भी सरकार की अधिसूचित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह अयोग्य होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया के चलते नियमित बजट उपलब्ध नहीं हो पाया था, इसलिए सरकार आगामी अगस्त महीने से सभी रुकी हुई कल्याणकारी योजनाओं को नए सिरे से फिर शुरू करने जा रही है।असम सरकार ने समाज के अलग-अलग वर्गों के कल्याण के लिए कई नई योजनाओं की भी रूपरेखा तैयार की है। इन सभी लाभार्थी-आधारित योजनाओं को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल सिस्टम के जरिए लागू किया जाएगा। इसके लिए 'डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर डीबीटी स्कीम्स' (DIDS) का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें लाभार्थियों के प्रमाणीकरण (Authentication) की मजबूत व्यवस्था शामिल होगी। इन विभिन्न योजनाओं के लिए सरकार ने 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी-भरकम बजट अलग-अलग मदों में आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है।वित्त मंत्री ने पेश किया ₹2.85 लाख करोड़ का बजट, वैट (VAT) में कटौतीवित्त मंत्री बरुआ ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 2,85,084 करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश किया। इस बजट में राज्य के छोटे चाय उत्पादकों को बड़ी राहत देते हुए टैक्स छूट की सीमा को सीधे चार गुना बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर लगने वाले वैट (VAT) को लगभग 10% तक कम करने का एक बेहद लोक-लुभावन प्रस्ताव रखा गया है।सरकार ने पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई अपनी सभी प्रमुख और सफल कल्याणकारी योजनाओं को आगे भी जारी रखने की घोषणा की है। साथ ही, वित्तीय अनुशासन को मजबूत करते हुए इस साल बजट घाटे को घटाकर महज 419 करोड़ रुपये करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फैसले को बताया ऐतिहासिकराज्य का यह ऐतिहासिक बजट पेश होने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सरकार के इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया। मुख्यमंत्री सरमा ने ट्वीट कर दोहराया, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समाज में लैंगिक समानता लाने के लिए हमारी सरकार ने यह ऐतिहासिक नीतिगत फैसला लिया है। बहुविवाह करने वाला कोई भी पुरुष या किसी भी अपराध में दोषी पाया गया व्यक्ति अब असम सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेगा। हम राज्य में एक पारदर्शी और नैतिक समाज का निर्माण करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:03 pm

पर्सनल फाइनेंस की ये 6 बड़ी गलतियां खाली कर सकती हैं आपका बैंक अकाउंट, आज ही बदलें अपनी आदतें नहीं तो बाद में पछताना तय

पैसा कमाना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी उसे सही तरीके से मैनेज करना होता है। कई बार लोग दिन-रात एक करके बहुत मेहनत से पैसा कमाते हैं, लेकिन अनजाने में पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी कुछ ऐसी बुनियादी गलतियां कर बैठते हैं जिससे उनकी सारी जमा-पूंजी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। नतीजा यह होता है कि भविष्य के बड़े और महत्वपूर्ण लक्ष्य अधूरे रह जाते हैं।चूंकि जुलाई का महीना शुरू हो चुका है, ऐसे में यह साल के बचे हुए महीनों के लिए अपने खर्चों, बजट और निवेश (Investment) के तौर-तरीकों का आकलन करने का सबसे सही और सटीक समय है। आइए विस्तार से जानते हैं पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी उन 6 बड़ी गलतियों के बारे में, जिनसे आपको अपने सुरक्षित भविष्य के लिए हर हाल में बचना चाहिए।1. मंथली बजट न बनाना और फिजूलखर्चीअक्सर लोग सैलरी आते ही बिना किसी ठोस प्लानिंग के अंधाधुंध खर्च करना शुरू कर देते हैं। बिना लिखित या डिजिटल बजट के यह ट्रैक करना नामुमकिन हो जाता है कि आपका पैसा आख़िर कहां जा रहा है। आपको पता ही नहीं चलता कि आप कब अपनी जरूरत से ज्यादा और गैर-जरूरी चीजों पर फिजूलखर्ची कर चुके हैं। इसका सबसे सीधा समाधान यह है कि हर महीने की शुरुआत में एक बजट बनाएं। इसमें अपनी फिक्स्ड जरूरतों (किराया, बिल), इनवेस्टमेंट और पर्सनल खर्चों का हिस्सा पहले ही तय कर लें।2. निवेश को कल पर टालना और आलस करनाबहुत से युवाओं की सोच होती है कि 'जब मेरी सैलरी बढ़ेगी या जब मेरे पास बहुत सारा पैसा इकट्ठा होगा, तब मैं निवेश शुरू करूंगा।' यह वित्तीय दुनिया की सबसे बड़ी भूल मानी जाती है। निवेश में जितनी देरी करेंगे, आप कम्पाउंडिंग (Compounding) की जातुई ताकत का फायदा उठाने से उतना ही चूक जाएंगे। रकम चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, जैसे- ₹500 या ₹1,000 की मंथली एसआईपी (SIP), जितनी जल्दी हो सके अपनी उम्र के शुरुआती दौर में ही निवेश की शुरुआत कर दें।3. सारा पैसा सिर्फ बैंक के सेविंग्स अकाउंट में छोड़नाअपने पूरे फंड या एक्स्ट्रा सेविंग्स को सिर्फ बैंक के साधारण सेविंग्स अकाउंट में पड़े रहने देना बिल्कुल भी समझदारी नहीं है। सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाला सालाना ब्याज बेहद कम होता है, जो लगातार बढ़ती महंगाई (Inflation) का मुकाबला नहीं कर पाता। इसका असर यह होता है कि समय के साथ आपके पैसे की वास्तविक वैल्यू कम होती जाती है। इसलिए इमरजेंसी फंड के अलावा बाकी के पैसों को सही म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या अन्य सरकारी स्कीमों में निवेश करें जहां महंगाई से ज्यादा रिटर्न मिल सके।4. क्रेडिट कार्ड और लोन का अंधाधुंध इस्तेमालआजकल क्रेडिट कार्ड, ईएमआई (EMI) और 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) जैसे डिजिटल विकल्पों के कारण लोग अपनी वित्तीय क्षमता से कहीं ज्यादा खर्च करने लगे हैं। बिना उचित प्लानिंग के लिया गया यह कर्ज आपको भारी-भरकम ब्याज के जाल में फंसा देता है। समय पर भुगतान न करने से आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) भी बुरी तरह खराब होता है, जिससे भविष्य में होम लोन या कार लोन मिलना मुश्किल हो जाता है। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ रिवॉर्ड्स या सहूलियत के लिए करें, लोन लेकर शौक पूरे करने की आदत से बिल्कुल बचें।5. किसी भी तरह का इमरजेंसी फंड तैयार न करनाजिंदगी में अनपेक्षित बीमारियां, नौकरी जाना या कोई भी बड़ा संकट बिना बताए आता है। बहुत से लोग इसके लिए अलग से कोई बैकअप फंड नहीं रखते। अचानक कोई बड़ी जरूरत आने पर लोग अपनी लॉन्ग-टर्म सेविंग्स जैसे- बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट का पैसा बीच में ही तोड़ देते हैं या फिर महंगे ब्याज पर पर्सनल लोन लेते हैं। आपके पास हमेशा कम से कम 6 महीने के जरूरी घरेलू खर्च के बराबर की रकम 'इमरजेंसी फंड' (Emergency Fund) के रूप में लिक्विड या सुरक्षित रूप में होनी चाहिए।6. अपने फाइनेंशियल गोल्स की समय पर समीक्षा न करनासमय के साथ आपकी नौकरी बदलती है, सैलरी बढ़ती है और पारिवारिक जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। लेकिन कई लोग सालों पहले शुरू किए गए महज ₹2,000 के निवेश को वैसे ही चलने देते हैं। अपनी बदलती आय के हिसाब से निवेश राशि (Step-up Investment) न बढ़ाने के कारण आप अपने लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों को समय पर हासिल नहीं कर पाते। साल में कम से कम एक या दो बार अपने पूरे पोर्टफोलियो और वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा जरूर करें और आमदनी बढ़ने पर निवेश की राशि भी बढ़ाएं।अमीर बनने या अपने पैसों को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए किसी बहुत जटिल फॉर्मूले की जरूरत नहीं है। बजट बनाने, फिजूलखर्ची रोकने और समय पर अनुशासन के साथ निवेश करने जैसी छोटी और अच्छी आदतें ही आपकी फाइनेंशियल हेल्थ को लाइफटाइम मजबूत बना सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:02 pm

ITR Form Selection Rules: नौकरीपेशा लोग न करें ये बड़ी गलती, इनकम टैक्स का 'डिफेक्टिव रिटर्न' नोटिस आने से पहले जान लें ITR-1 और ITR-2 का ये कड़ा नियम

देश में इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करने का सीजन शुरू होते ही अधिकांश नौकरीपेशा लोग बिना सोचे-समझे सीधे ITR-1 (सहज फॉर्म) को चुन लेते हैं। माना कि यह टैक्स विभाग का सबसे आसान फॉर्म है, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार इसे सिर्फ इसलिए नहीं चुनना चाहिए क्योंकि यह भरने में बहुत सरल है।मुंबई के जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सुरेश सुराना के मुताबिक, अगर आपने पूरे सालभर के दौरान शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट या विदेशी संपत्ति से जुड़ा कोई भी छोटा-बड़ा लेन-देन किया है, तो आप ITR-1 फॉर्म भरने के लिए पूरी तरह अयोग्य हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको नियमों के अनुसार ITR-2 या ITR-3 फॉर्म ही चुनना होगा। अगर आप गलती से भी गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग आपको 'डिफेक्टिव रिटर्न' (दोषपूर्ण रिटर्न) का नोटिस भेज सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं वे 10 बड़े मामले, जिनमें आपके लिए ITR-1 फॉर्म भरना कानूनी रूप से मना है।1. शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG)अगर आपने शेयर बाजार में लिस्टेड शेयर्स या इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स को खरीदकर 1 साल की अवधि पूरा होने से पहले ही बेच दिया है और उस पर आपको शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। इस कमाई को घोषित करने के लिए आपको ITR-2 फॉर्म चुनना अनिवार्य होगा।2. ₹1.25 लाख से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG)अगर लिस्टेड शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को लंबे समय तक रखने के बाद बेचने पर आपको आयकर अधिनियम की धारा 112A के तहत एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से अधिक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आपके लिए ITR-1 का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है।3. जमीन, मकान, कमर्शियल प्रॉपर्टी या सोना बेचनायदि आपने सालभर में कोई प्रॉपर्टी (जैसे खाली जमीन, फ्लैट या कमर्शियल बिल्डिंग), ज्वेलरी या फिर डेट म्यूचुअल फंड बेचा है, तो उससे होने वाली कुल कमाई को आपको 'कैपिटल गेन्स शेड्यूल' (Capital Gains Schedule) में दिखाना होता है। यह विशेष शेड्यूल ITR-1 फॉर्म में उपलब्ध नहीं होता है, इसलिए इसके लिए ITR-2 भरना अनिवार्य है।4. बिजनेस या स्वतंत्र प्रोफेशन से होने वाली आमदनीअगर आप सैलरीड एम्प्लॉई होने के साथ-साथ फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, किसी अन्य तरह के स्वतंत्र प्रोफेशन या खुद के छोटे-मोटे बिजनेस से भी कमाई करते हैं, तो आप ITR-1 नहीं चुन सकते। ऐसे मामलों में आपको सीधे ITR-3 फॉर्म भरना पड़ता है, बशर्ते आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत ITR-4 के योग्य न हों।5. F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday/Derivative Trading)शेयर बाजार में रोजाना की जाने वाली इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग से होने वाली कमाई या घाटे को टैक्स की भाषा में 'बिजनेस इनकम' (स्पेक्युलेटिव/नॉन-स्पेक्युलेटिव) माना जाता है। इस तरह के वित्तीय लेन-देन को भी ITR-1 में नहीं दिखाया जा सकता।सैलरी के अलावा इन 5 तकनीकी स्थितियों में भी बदल जाएगा आपका फॉर्म6. अनलिस्टेड शेयरों (Unlisted Shares) में निवेशअगर आपने किसी ऐसी स्टार्टअप या कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं जो फिलहाल घरेलू शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, तो आप पूरे वित्तीय वर्ष में कभी भी ITR-1 फाइल करने के पात्र नहीं रहते हैं।7. किसी कंपनी में डायरेक्टर का पद संभालनाअगर आप किसी भी छोटी, बड़ी या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टर (Director) के पद पर कार्यरत हैं, तो आप अपनी सैलरी रिटर्न के लिए ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते। आपको विस्तृत विवरण के लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म ही भरना होगा।8. विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाता होनाअगर आपके पास भारत की सीमाओं के बाहर कोई रियल एस्टेट प्रॉपर्टी है, किसी विदेशी कंपनी के शेयर्स (जैसे अमेरिकी शेयर बाजार के स्टॉक्स) हैं, या किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग ऑथोरिटी है, तो आपको ITR-1 के बजाय अन्य फॉर्म्स में मौजूद विस्तृत 'Schedule FA' (फॉरेन एसेट्स) भरना अनिवार्य होगा।9. विदेश से होने वाली कोई भी अन्य कमाईयदि आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, सेविंग्स पर ब्याज या किराए के रूप में कोई भी सोर्स इनकम हो रही है, तो उसकी जानकारी ITR-1 में सबमिट नहीं की जा सकती। इसके लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म के साथ 'Schedule FSI' और 'Schedule TR' भरना पड़ता है।10. ₹50 लाख से ज्यादा की कुल कमाई या पुराना घाटायदि आपकी कुल सालाना टैक्सेबल इनकम (Taxable Income) सभी स्रोतों को मिलाकर ₹50 लाख से अधिक हो जाती है, तो आप ITR-1 फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसके अलावा, अगर आपका कोई पुराना बिजनेस या कैपिटल लॉस है जिसे आप इस साल के मुनाफे से एडजस्ट (Set-off/Carry forward) करना चाहते हैं, या फिर लॉटरी व घुड़दौड़ जैसी स्पेशल केटेगरी से बड़ी कमाई हुई है, तो भी आपके लिए ITR-1 मान्य नहीं होगा।टैक्स एक्सपर्ट की अंतिम सलाह: इनकम टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही ITR फॉर्म का चुनाव करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समय पर रिटर्न फाइल करना। अगर आप अनजाने में गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को इनवैलिड या डिफेक्टिव घोषित कर देगा, जिससे आपका टैक्स रिफंड आने में महीनों की देरी होगी और आपको दोबारा जुर्माना या बिना जुर्माने के 'रिवाइज्ड रिटर्न' दाखिल करना पड़ सकता है। इसलिए फाइनल फाइलिंग से पहले अपने फॉर्म 26AS, AIS और सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा अपने सीए से जरूर करा लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:01 pm

CM योगी की सख्ती का असर, एम डैशबोर्ड रैंकिंग में शाहजहांपुर बना नंबर-1, रामपुर-बरेली भी टॉप-3 में

योगी सरकार द्वारा पिछले नौ वर्षों से प्रदेश में सुशासन और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर धरातल पर साफ देखा जा सकता है। सीएम डैशबोर्ड की जून माह की रैंकिंग में शाहजहांपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 10:01 pm

अकासा एयर का बड़ा झटका: शुरू होने के 2 हफ्ते बाद ही बंद हुई नोएडा-नवी मुंबई डायरेक्ट फ्लाइट, जानिए क्यों एयरलाइन को अचानक रोकना पड़ा ऑपरेशन

एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) और हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर आ रही है। अकासा एयर (Akasa Air) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच अपनी बहुप्रतीक्षित नॉन-स्टॉप सीधी फ्लाइट सर्विस को शुरू होने के महज दो सप्ताह बाद ही अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। आपको बता दें कि इन दोनों नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी देने वाली अकासा एयर इकलौती एयरलाइन थी।कंपनी ने बीते 16 जून 2026 को इस खास रूट पर अपनी दैनिक नॉन-स्टॉप उड़ान 'QP 2017' की शुरुआत की थी। लेकिन यात्रियों की बेहद खराब प्रतिक्रिया और अन्य चुनौतियों के चलते यह सेवा जून के अंत तक ही संचालित हो पाई और 1 जुलाई से इस पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया गया।नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन और पैसेंजर्स की भारी कमी बनी वजहअकासा एयर ने इस रूट को बंद करने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण गिनाए हैं। एयरलाइन प्रबंधन के मुताबिक, नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन, दोनों तरफ से यात्रियों की भारी कमी (Low Passenger Load), खराब मौसम और एयरपोर्ट्स तक पहुंचने के लिए कमजोर लोकल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए यह कड़ा फैसला लिया गया है।हालांकि, अकासा एयर ने साफ किया है कि यह रोक पूरी तरह से अस्थायी है। एयरलाइन का प्लान है कि आगामी फेस्टिव सीजन को देखते हुए नोएडा-नवी मुंबई डायरेक्ट फ्लाइट को 1 अक्टूबर 2026 से एक बार फिर से री-लॉन्च किया जाएगा। अकासा एयर का यह कदम इस बात का सीधा संकेत है कि भारत में वर्ल्ड क्लास सुविधाओं वाले नए एयरपोर्ट्स विकसित होने के बावजूद वहां पर्याप्त यात्री संख्या और लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित करना एयरलाइंस के लिए आज भी एक बड़ी परीक्षा है।बेंगलुरु-नोएडा फ्लाइट भी बंद, मुंबई के लिए शुरू कीं 2 एक्स्ट्रा उड़ानेंइस पूरे नेटवर्क बदलाव के बीच अकासा एयर ने नवी मुंबई की जगह पुराने छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (मुंबई) से नोएडा के बीच दो अतिरिक्त डेली उड़ानें शुरू कर दी हैं, ताकि मुंबई-दिल्ली रूट के यात्रियों को साधा जा सके। इसके साथ ही एयरलाइन ने बेंगलुरु-नोएडा नॉन-स्टॉप सेवा को भी 1 जुलाई से पूरी तरह बंद कर दिया है।एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि नोएडा और नवी मुंबई दोनों ही नए एयरपोर्ट्स इस समय शहर से जुड़ने वाली मजबूत सड़क और रेल कनेक्टिविटी की भारी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन नए एयरपोर्ट्स तक पहुंचने के लिए यात्रियों को भारी-भरकम टैक्सी किराया चुकाना पड़ रहा है। साथ ही फिलहाल वहां समर्पित मेट्रो और रैपिड रेल कनेक्टिविटी का अभाव है। इसके ऊपर से इन एयरपोर्ट्स की ऊंची पार्किंग और लैंडिंग फीस (Airport Charges) के चलते यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम रही।ऊंची फीस को लेकर एईआरए (AERA) के सामने जताई थी चिंताविभिन्न एयरलाइंस पहले ही एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) के सामने नोएडा एयरपोर्ट की महंगी फीस और कमजोर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं जाहिर कर चुकी हैं। इस बीच, जहां अकासा एयर ने अपने रूट्स में कटौती की है, वहीं दूसरी तरफ देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 1 जुलाई से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 31 नई दैनिक उड़ानें शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही नोएडा से इंडिगो का नेटवर्क अब देश के 15 प्रमुख शहरों तक पहुंच गया है।बता दें कि जब 16 जून को नोएडा एयरपोर्ट से कमर्शियल ऑपरेशन्स की ऐतिहासिक शुरुआत हुई थी, तब इंडिगो और अकासा एयर मिलकर कुल 12 दैनिक उड़ानें संचालित कर रही थीं, जिनमें इंडिगो की 8 और अकासा की 4 उड़ानें शामिल थीं। फिलहाल सीधी उड़ान बंद होने से नोएडा और नवी मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स या दिल्ली-मुंबई के पुराने पारंपरिक हवाई अड्डों का सहारा लेना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 9:36 pm

मुंबई को पछाड़ आगे निकली नवी मुंबई! पनवेल-खारघर में घरों के रेट आसमान पर, नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के रियल एस्टेट मार्केट में इस समय एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के एक छोटे से सैटेलाइट टाउनशिप के रूप में प्लान की गई नवी मुंबई (Navi Mumbai) अब पहले से कहीं ज्यादा आगे निकल चुकी है। नाइट फ्रैंक इंडिया (Knight Frank India) की गुरुवार को जारी हुई ताजा छमाही रियल एस्टेट रिपोर्ट के मुताबिक, नवी मुंबई अब बहुत तेजी से मुंबई के तीसरे सबसे बड़े और सबसे मजबूत ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में तब्दील हो रही है।'द इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित नाइट फ्रैंक की इस आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, नवी मुंबई में घरों की लगातार बढ़ती मांग और आसमान छूती कीमतों ने अब मुख्य ग्रेटर मुंबई को भी पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नवी मुंबई में आया यह नया प्रॉपर्टी बूम सिर्फ कम कीमतों या किफायती घरों की वजह से नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई बड़े ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स काम कर रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर क्यों घर खरीदार और बड़े निवेशक मुंबई को छोड़कर नवी मुंबई का रुख कर रहे हैं।पनवेल और खारघर में सबसे तेज उछाल: क्या हैं लेटेस्ट प्रॉपर्टी रेट्स?नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल के दौरान पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में नवी मुंबई के पनवेल (Panvel) इलाके में घरों की कीमतों में सबसे आक्रामक और तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते एक साल में पनवेल और आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की औसत दरों में पूरे 9 प्रतिशत का बंपर उछाल आया है। पनवेल के ठीक बगल में स्थित वीआईपी इलाके खारघर (Kharghar) में भी इसी समयावधि के दौरान घरों की कीमतें 6 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं, जिसने पुराने निवेशकों को मालामाल कर दिया है।क्यों बढ़ रहा है क्रेज? इन मेगा प्रोजेक्ट्स ने बदला कनेक्टिविटी का गेमएक्सपर्ट्स के मुताबिक, नवी मुंबई के इस चमत्कारी विकास के पीछे सबसे बड़ी ताकत यहां का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी है। निम्नलिखित बड़े प्रोजेक्ट्स ने इस पूरे क्षेत्र की वैल्यू और किस्मत को पूरी तरह बदल कर रख दिया है:मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL / अटल सेतु): भारत के इस सबसे लंबे समुद्री पुल ने दक्षिण मुंबई (South Mumbai) से नवी मुंबई की दूरी और समय को बेहद कम कर दिया है। अब यह सफर महज 30 मिनट का रह गया है।नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट: इस नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आगामी संचालन को देखते हुए पूरे नवी मुंबई क्षेत्र के कमर्शियल और रेजिडेंशियल रेट्स में भारी तेजी आ गई है।अपकमिंग मेट्रो कॉरिडोर: आगामी नई मेट्रो लाइनों के जाल से नवी मुंबई की इंटरनल और एक्सटर्नल कनेक्टिविटी सुपरफास्ट होने जा रही है।मल्टीमॉडल प्रोजेक्ट्स: विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर और पनवेल-कर्जत रेलवे दोहरीकरण परियोजना ने भी देश-विदेश के बड़े निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में नवी मुंबई नंबर-1, ग्रेटर मुंबई पिछड़ीसाल 2026 के पहले छह महीनों (जनवरी से जून) के ताजा रियल एस्टेट आंकड़ों को देखें तो बाजार का पूरा केंद्र अब बदल चुका है। नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को लॉन्च करने के मामले में नवी मुंबई पूरे एमएमआर रीजन में टॉप पर पहुंच गया है। कुल नए लॉन्चेस में सबसे बड़ी हिस्सेदारी 21 प्रतिशत के साथ नवी मुंबई की रही।इसके मुकाबले वसई और विरार जैसे बाहरी पश्चिमी उपनगर 19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर रहे। वहीं कल्याण, डोंबिवली, भिवंडी और कर्जत जैसे बाहरी मध्य उपनगरों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत दर्ज की गई। हैरान करने वाली बात यह है कि कभी सबसे आगे रहने वाले ग्रेटर मुंबई के पश्चिमी उपनगर इस रेस में पिछड़ गए और उनकी हिस्सेदारी महज 17 प्रतिशत पर सिमट कर रह गई।पिछले 10 सालों में ऐसे बदला नवी मुंबई का दबदबापिछले एक दशक (साल 2014 से 2026) के लंबे सफर के दौरान एमएमआर क्षेत्र के भीतर नवी मुंबई का दबदबा लगातार बढ़ा है। साल 2014 में कुल आवासीय लॉन्चेस में नवी मुंबई की हिस्सेदारी जहां सिर्फ 18 प्रतिशत थी, वह 2026 की पहली छमाही में बढ़कर 21 प्रतिशत हो गई है। इसी अवधि में नवी मुंबई की सेल्स (बिक्री) हिस्सेदारी भी 16 प्रतिशत से लंबी छलांग लगाकर सीधे 22 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। रिपोर्ट से यह साफ संकेत मिलता है कि बाजार में नई सप्लाई आने की तुलना में यहां बने-बनाए रेडी-टू-मूव घरों की मांग बहुत तेजी से मजबूत हो रही है।ऑफिस लीजिंग में 33% का भारी उछाल, जेपी मॉर्गन की बड़ी डीलवैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026 की पहली छमाही में रियल एस्टेट मार्केट बेहद स्थिर और मजबूत बना रहा। डेवलपर्स ने साल के पहले छह महीनों में रिकॉर्ड 49,161 नए घर लॉन्च किए हैं, जो पिछले साल की समान अवधि से 8 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कुल बिक्री 47,355 यूनिट्स रही और बाजार में अनसोल्ड इन्वेंट्री (बिना बिके घर) में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है।कमर्शियल प्रॉपर्टी सेगमेंट (Commercial Property) के लिए भी यह साल ब्लॉकबस्टर साबित हो रहा है। 2026 की पहली छमाही में ऑफिस स्पेस की लीजिंग सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 7.3 मिलियन स्क्वायर फीट पर पहुंच गई है। इसमें सबसे बड़ी डील ग्लोबल दिग्गज जेपी मॉर्गन (JPMorgan) की रही, जिसने पवई में अकेले 2.2 मिलियन स्क्वायर फीट का विशाल ऑफिस स्पेस लीज पर लिया है। नाइट फ्रैंक इंडिया का अनुमान है कि एंड-यूजर डिमांड और बड़े रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के दम पर नवी मुंबई का रेजिडेंशियल मार्केट आगे भी इसी तरह रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार से भागता रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 9:34 pm

नमो भारत रैपिड रेल का मेगा प्लान! अब हर 3 मिनट में मिलेगी ट्रेन, सराय काले खां और मेरठ के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर सफर करने वाले लाखों नौकरीपेशा और आम यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर आई है। नमो भारत (Namo Bharat Rapid Rail) नेटवर्क पर यात्रियों की लगातार बढ़ती रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने भविष्य के लिए एक मेगा एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। पीटीआई (PTI) को दिए एक खास इंटरव्यू में एनसीआरटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) शलभ गोयल ने खुलासा किया है कि वर्तमान में नमो भारत कॉरिडोर पर रोजाना करीब 1 लाख से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है।शलभ गोयल ने बताया कि इस समय कॉरिडोर पर ट्रेनें करीब 10 मिनट के गैप (अंतराल) में चल रही हैं। लेकिन आगामी दिनों में यात्रियों की भारी डिमांड और जरूरत के हिसाब से इस वेटिंग टाइम और फ्रीक्वेंसी को घटाकर सिर्फ 3 मिनट किया जा सकता है। इस पूरे रैपिड रेल कॉरिडोर को इस एडवांस तरीके से डिजाइन किया गया है कि इसमें भविष्य की जरूरतों के मुताबिक क्षमता और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की पूरी गुंजाइश मौजूद है।जरूरत पड़ने पर हर 3 मिनट में मिलेगी नमो भारत ट्रेन, बढ़ाई गईं 18 एक्स्ट्रा ट्रिप्सएनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल ने बताया कि उनकी टीम लगातार पूरे कॉरिडोर पर यात्रियों की आवाजाही और मांग का बारीकी से आकलन करती है और उसी के आधार पर परिचालन व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में 10 मिनट का अंतराल यात्रियों के लिहाज से काफी आरामदायक है, लेकिन भविष्य में जैसे ही भीड़ बढ़ेगी, इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी को बढ़ाकर 3 मिनट करने की पूरी फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन) सिस्टम में मौजूद है। यात्रियों की इसी बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कॉर्पोरेशन ने हाल ही में सराय काले खां और मेरठ साउथ (Meerut South) के बीच पीक आवर्स के दौरान 18 एक्स्ट्रॉ ट्रिप्स की शुरुआत कर दी है, जिससे यात्रियों का समय बच रहा है।अब तक 3.5 करोड़ यात्रियों ने किया सफर, 100% 'मेक इन इंडिया' ट्रेनेंएमडी ने राइडरशिप के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस सेमी-हाई-स्पीड नेटवर्क पर यात्रियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। हर दिन करीब 1 लाख यात्री इस आधुनिक नेटवर्क के जरिए अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं। इस कॉरिडोर की शुरुआत से लेकर अब तक रिकॉर्ड 3.5 करोड़ यात्री नमो भारत से सफर तय कर चुके हैं। एक और गर्व की बात यह है कि नमो भारत की 100 प्रतिशत ट्रेनसेट पूरी तरह से भारत में, गुजरात के सावली में बनाई गई हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' विजन का एक बेहतरीन उदाहरण हैं।सराय काले खां में ट्रेवलेटर लगते ही 30% बढ़े यात्री, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी ने बदला अंदाजNCRTC का मुख्य फोकस नमो भारत स्टेशनों को सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों जैसे भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो सिस्टम, आईएसबीटी (ISBT) और सिटी बस सेवाओं के साथ सीधे तौर पर इंटिग्रेट करने पर रहा है। मई 2026 में सराय काले खां नमो भारत स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले अत्याधुनिक ट्रेवलेटर (Travellator) से लैस फुट ओवर ब्रिज के चालू होने के बाद से यहां यात्रियों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत का बंपर उछाल देखा गया है।इसी तरह न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद नमो भारत स्टेशनों को भी विशेष फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से सीधे मेट्रो स्टेशनों के साथ जोड़ दिया गया है। वहीं आनंद विहार स्टेशन एक ही जगह पर रेलवे, आईएसबीटी, दिल्ली मेट्रो और बसों के लिए सबसे बेहतरीन इंटरचेंज की सुविधा देता है। इन प्रयासों से व्यस्त सड़कों पर पैदल चलने वालों की आवाजाही कम हुई है और जाम का एक सुरक्षित और लंबे समय का समाधान मिला है। ऐसे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी वाले स्टेशनों का कॉरिडोर की कुल राइडरशिप में लगभग 40 प्रतिशत का बड़ा योगदान है।दुनिया की पहली सबसे एडवांस सिग्नलिंग तकनीक का इस्तेमालतकनीक के मामले में भी नमो भारत ने दुनिया भर में अपना लोहा मनवाया है। एनसीआरटीसी ने इस कॉरिडोर में कई विश्वस्तरीय तकनीकों का पहली बार इस्तेमाल किया है। इसमें वैश्विक रेल नेटवर्क के इतिहास में पहली बार LTE रेडियो सिग्नलिंग टेक्नोलॉजी पर 'ETCS लेवल 2 हाइब्रिड लेवल 3' सिग्नलिंग सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। यह भारतीय परिस्थितियों के पूरी तरह अनुकूल और बेस्ट-इन-क्लास स्टैंडर्ड पर आधारित है। इस बेहतरीन तकनीकी अनुभव के दम पर अब एनसीआरटीसी देश के साथ-साथ विदेशों में भी ऐसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अपना योगदान देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 9:33 pm

राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चेक बाउंस केस में सजा बरकरार, कोर्ट ने कहा- दोबारा भेजा जाए जेल

बॉलीवुड के दिग्गज कमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) के लिए कानूनी मोर्चे से एक बेहद बुरी खबर आ रही है। दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस (Cheque Bounce Case) के एक पुराने मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अभिनेता को बहुत बड़ा झटका दिया है। अदालत ने इस मामले में राजपाल यादव को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को न सिर्फ बरकरार रखा है, बल्कि उनके कानूनी आचरण और व्यवहार को भी बेहद संदिग्ध बताया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि राजपाल यादव को तुरंत हिरासत में लेकर दोबारा जेल भेजा जाए।यह मामला पिछले कई सालों से अदालत में चल रहा है और इस ताजा आदेश के बाद अभिनेता की मुश्किलें एक बार फिर काफी ज्यादा बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।आखिर क्या है राजपाल यादव से जुड़ा यह पूरा विवाद?इस पूरे कानूनी विवाद की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। उस वक्त राजपाल यादव बतौर डायरेक्टर अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म 'अता पता लापता' (Ata Pata Laapata) बना रहे थे। इस फिल्म के निर्माण और बजट के लिए राजपाल यादव ने दिल्ली की एक कंपनी 'M/s मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' से करीब 5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लोन (उधार) लिया था।हालांकि, रिलीज होने के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई और राजपाल यादव भारी घाटे में आ गए। फिल्म के डूबने के बाद जब वे कंपनी के पैसे समय पर नहीं चुका पाए और उनके द्वारा दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए, तो यह मामला एक लंबी और पेचीदा कानूनी लड़ाई में तब्दील हो गया।2018 से चल रहा है सजा का सिलसिला, वादे निभाने में रहे नाकामइस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस के जुर्म में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी करार दिया था। तब अदालत ने उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने भी इस सजा को सही माना, जिसके खिलाफ अभिनेता ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।जून 2024 में हाई कोर्ट ने मानवीय आधार पर उनकी सजा पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी और उन्हें ब्याज समेत लगभग 9 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज चुकाने के लिए ईमानदार और सच्चे कदम उठाने की मोहलत दी थी। हालांकि, वे पैसे चुकाने के अपने वादों को पूरा करने में बार-बार नाकाम रहे। इसी के चलते इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें कड़ा रुख अपनाते हुए कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया था।मेरे पास पैसे नहीं हैं... इमोशनल होकर तिहाड़ जेल पहुंचे थे अभिनेताअदालत के आदेश के बाद सरेंडर करने से ठीक पहले राजपाल यादव ने मीडिया पोर्टल 'बॉलीवुड हंगामा' से बातचीत में बेहद भावुक बयान दिया था। उन्होंने निराशा जाहिर करते हुए कहा था, सर, मैं अब क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं और मुझे आगे कोई और उपाय दिखाई नहीं दे रहा है। सरेंडर करने के बाद पुलिस ने उन्हें दिल्ली की हाई-सिक्योरिटी वाली तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में डाल दिया था।हालांकि, इस मुश्किल समय में फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गज कलाकार और दोस्त राजपाल यादव के समर्थन में खुलकर आगे आए थे। बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन, सलमान खान, सोनू सूद और गुरमीत चौधरी जैसे बड़े सितारों ने उन्हें आर्थिक मदद देने का फैसला किया था और इंडस्ट्री के अन्य लोगों से भी मदद की अपील की थी। कई सिंगर्स और फिल्ममेकर्स ने उन्हें अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में कास्ट करते हुए एडवांस पेमेंट भी दी थी, जिसके बाद बीते 16 फरवरी को उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी। लेकिन अब हाईकोर्ट के ताजा फैसले ने उन्हें एक बार फिर जेल की दहलीज पर ला खड़ा किया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 9:31 pm

EPF vs VPF Calculation: नौकरी बदलते ही करें ये एक छोटा सा काम, रिटायरमेंट पर 5 गुना बढ़ जाएगा आपका पीएफ फंड, जानिए पूरा गणित

जब भी हमें कोई नई नौकरी मिलती है, तो हमारा पूरा ध्यान सालाना सीटीसी (CTC) और इन-हैंड सैलरी पर होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सीटीसी का एक छोटा सा हिस्सा, जो प्रोविडेंट फंड (EPF) में जाता है, आपके रिटायरमेंट के बाद की पूरी आर्थिक तस्वीर को बदल सकता है?अक्सर कई कंपनियां ईपीएफ योगदान की गणना के लिए बेसिक सैलरी की एक न्यूनतम सरकारी सीमा तय कर देती हैं, जिसके कारण लंबे समय में आपका रिटायरमेंट फंड बहुत छोटा रह जाता है। लेकिन अगर आप सही फाइनेंशियल प्लानिंग के साथ कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) का सही तालमेल बिठाएं, तो बुढ़ापे में मिलने वाला फंड 5 गुना तक बढ़ सकता है और आप आसानी से करोड़ों रुपये के मालिक बन सकते हैं। आइए समझते हैं इसका पूरा गणित।कैसे मामूली अंतर से बन जाएगा ₹1.9 करोड़ का फंड?मान लीजिए एक कर्मचारी की सालाना सीटीसी ₹12 लाख है। अब ईपीएफ योगदान दो अलग-अलग तरीकों से तय होता है और दोनों का अंतर आपको चौंका देगा:केस 1: न्यूनतम सीमा पर योगदान (मंथली सेविंग ₹3,600)ज्यादातर कंपनियां बेसिक सैलरी की सरकारी सीमा यानी ₹15,000 प्रति महीने पर ही 12% ईपीएफ काटती हैं। इस स्थिति में आपके और कंपनी के हिस्से को मिलाकर हर महीने कुल ₹3,600 ईपीएफ में जमा होंगे। अगर वर्तमान ब्याज दर 8.25% और निवेश की अवधि 30 साल मान लें, तो रिटायरमेंट पर आपको मिलेंगे करीब ₹57 लाख।केस 2: वास्तविक बेसिक सैलरी पर योगदान (मंथली सेविंग ₹12,000)अब मान लीजिए आपकी कंपनी आपकी वास्तविक बेसिक सैलरी, जो सीटीसी का 50% यानी ₹50,000 महीना है, उस पर 12% पीएफ काटती है। ऐसे में आपका और कंपनी का मिलाकर हर महीने कुल योगदान ₹12,000 हो जाता है। इसी 8.25% ब्याज दर और 30 साल की अवधि में आपका कुल फंड बढ़कर ₹1.9 करोड़ हो जाएगा!यानी सिर्फ बेसिक सैलरी पर पीएफ कैलकुलेट करवाने से आपकी जेब में बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के ₹1.3 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त फंड जुड़ जाता है। यह है पीएफ पर मिलने वाली कंपाउंडिंग की असली ताकत।VPF कराएगा रिटायरमेंट फंड को सीधे ₹3.2 करोड़ के पारअगर आप अपने बुढ़ापे को और भी सुरक्षित और आलीशान बनाना चाहते हैं, तो आप वीपीएफ (Voluntary Provident Fund) का विकल्प चुन सकते हैं। वीपीएफ आपको अनिवार्य 12% की सीमा से अधिक अपनी मर्जी से पीएफ में निवेश करने की पूरी छूट देता है।ऊपर दिए गए उदाहरण में अगर आप ईपीएफ के ₹12,000 के योगदान के साथ हर महीने वीपीएफ के जरिए ₹8,000 का अतिरिक्त निवेश करते हैं, तो आपकी कुल मासिक बचत ₹20,000 हो जाएगी। 30 साल बाद 8.25% ब्याज के हिसाब से आपका यह फंड बढ़कर करीब ₹3.2 करोड़ हो जाएगा! यह शुरुआती ₹57 लाख के मुकाबले 5 गुना से भी ज्यादा है।नौकरी बदलते या जॉइन करते समय इन 3 बातों का रखें विशेष ध्यानहर कंपनी का पीएफ काटने का नियम और सैलरी स्ट्रक्चर अलग होता है। इसलिए नई नौकरी जॉइन करते समय या सैलरी डिस्कशन के वक्त ये बातें जरूर जांचें:पीएफ कैलकुलेशन का आधार: कंपनी के एचआर से साफ पूछें कि वे पीएफ का योगदान ₹15,000 की न्यूनतम सीमा पर कर रहे हैं या आपकी वास्तविक बेसिक सैलरी पर।बेसिक सैलरी का हिस्सा: आपकी सीटीसी में बेसिक सैलरी का कुल हिस्सा कितना है, क्योंकि आपका पीएफ फंड इसी से तय होता है।VPF की सुविधा: क्या कंपनी आपको वीपीएफ के जरिए अपनी सैलरी से अतिरिक्त निवेश करने की अनुमति देती है।महत्वपूर्ण नोट: ज्यादा पीएफ और वीपीएफ काटने का एक ही सीधा असर होता है कि इससे आपकी हर महीने हाथ में आने वाली (Take-Home) सैलरी कम हो जाती है। इसलिए भविष्य के लिए निवेश बढ़ाने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि आपके पास पर्याप्त इमरजेंसी फंड तैयार है और आपके मंथली घरेलू खर्चे आसानी से पूरे हो रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 9:30 pm

LPG Gas Connection Transfer Rules 2026: एलपीजी ग्राहकों के लिए बड़ी खबर, गैस सिलेंडर ट्रांसफर और पीएनजी शिफ्टिंग को लेकर जारी हुए 6 नए नियम

देशभर में रसोई गैस (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और काम की खबर है। सरकारी और निजी गैस कंपनियों ने एलपीजी कनेक्शन ट्रांसफर करने, रिफिल बुकिंग कराने और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) में शिफ्ट होने को लेकर नई और सख्त गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। अगर आप आने वाले दिनों में अपना घर बदल रहे हैं, किसी दूसरे शहर में शिफ्ट हो रहे हैं या फिर एलपीजी सिलेंडर को छोड़कर परमानेंट पीएनजी गैस पाइपलाइन कनेक्शन लेना चाहते हैं, तो आपके लिए इन 6 नए नियमों को जानना बेहद जरूरी है।अधिकारियों और कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने साफ तौर पर सलाह दी है कि गैस कनेक्शन ट्रांसफर या पीएनजी में शिफ्ट होने के दौरान मिलने वाले सभी आधिकारिक दस्तावेज और वाउचर को बेहद सुरक्षित रखें। स्थानीय गैस एजेंसियों (Indane, HP Gas, Bharat Gas) द्वारा इन नियमों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी और बेहतर सेवाएं मिल सकें।1. घर बदलने से पहले गैस एजेंसी को देना होगा अपडेटअगर आप अपना वर्तमान घर बदलने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी मौजूदा गैस एजेंसी को इसकी लिखित जानकारी देनी होगी। नए नियमों के मुताबिक, कनेक्शन ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए ग्राहकों को अपना वैध पहचान पत्र (ID Proof), नए पते का प्रमाण (Address Proof), गैस पासबुक या कंज्यूमर कार्ड और मूल कनेक्शन वाउचर (Original Connection Voucher) जैसे जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।2. उसी इलाके में शिफ्ट होने पर सबसे आसान है प्रक्रियायदि आपका नया मकान उसी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के सर्विस एरिया (कार्यक्षेत्र) के अंतर्गत आता है, तो आपके लिए राहत की बात है। ऐसी स्थिति में गैस ट्रांसफर की प्रक्रिया बेहद आसान और तेज होती है। डिस्ट्रीब्यूटर के पास जरूरी दस्तावेज ले जाते ही वह सिस्टम में आपका नया पता अपडेट कर देगा, जिससे बिना किसी रुकावट के आपके नए घर पर एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी जारी रहेगी।3. दूसरा इलाका होने पर लेना होगा टीटीवी (TTV)अगर आपका नया आशियाना किसी दूसरी गैस एजेंसी या दूसरे डिस्ट्रीब्यूटर के सर्विस एरिया में आता है, तो आपको अपनी मौजूदा गैस एजेंसी से ट्रांसफर टर्मिनेशन वाउचर (TTV) लेना अनिवार्य होगा। इस आधिकारिक दस्तावेज के बिना आपका कनेक्शन ट्रांसफर नहीं हो सकेगा। आपको यह टीटीवी और अन्य आवश्यक कागजात ले जाकर नए इलाके के डिस्ट्रीब्यूटर के पास जमा कराने होंगे, जिसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।4. दूसरे शहर या राज्य में शिफ्ट होने का नियम बदलायदि आप नौकरी या किसी अन्य कारण से एक शहर से दूसरे शहर या राज्य में शिफ्ट हो रहे हैं, तो आपको अपनी मौजूदा गैस एजेंसी को अपना एलपीजी सिलेंडर और रेगुलेटर पूरी तरह वापस (Surrender) करना होगा। इसके बाद गैस एजेंसी आपको एक फाइनल टर्मिनेशन वाउचर (TV) जारी करेगी और कनेक्शन लेते समय जमा की गई आपकी पूरी सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) राशि रिफंड कर देगी। नए शहर में जाने के बाद, इन पुराने दस्तावेजों की जांच के आधार पर आपको नया कनेक्शन तुरंत जारी कर दिया जाएगा।5. ट्रांसफर के बाद मिलेगा बिल्कुल नया कंज्यूमर नंबरजैसे ही आप नई गैस एजेंसी में अपना पुराना टर्मिनेशन वाउचर जमा करेंगे, वह एजेंसी आपके टीटीवी को ट्रांसफर सब्सक्रिप्शन वाउचर (TSV) में बदल देगी। इसके तुरंत बाद विभाग द्वारा आपको एक नया उपभोक्ता नंबर (New Consumer Number) आवंटित कर दिया जाएगा। इसके बाद आप अपने नए पते पर आसानी से एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग करा सकेंगे।6. एलपीजी से पीएनजी (PNG) कनेक्शन में शिफ्ट होने की शर्तेंघरेलू ऊर्जा वितरण को मजबूत करने के लिए देश में तेजी से पीएनजी कनेक्शन बांटे जा रहे हैं। पिछले छह महीनों में रिकॉर्ड 13.4 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जो कि इस साल की शुरुआत में सरकार द्वारा तय किए गए 60 लाख नए पीएनजी कनेक्शन के बड़े लक्ष्य का लगभग 20% है।यदि आप भी गैस सिलेंडर के झंझट से मुक्ति पाकर एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट होना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने स्थानीय गैस डिस्ट्रीब्यूटर से मिलकर सभी जरूरी नियम व शर्तों की जानकारी ले लें। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि हालांकि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आ रहे बदलावों से थोड़ी राहत है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सर्विस को पारदर्शी बनाने के लिए लोकल डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा इन नियमों को सही ढंग से लागू करना बेहद आवश्यक होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 9:20 pm

दिल्ली की महिलाओं के लिए बड़ी खबर: 1 अगस्त से बंद हो सकती है मुफ्त बस यात्रा! बिना 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के नहीं मिलेगा फ्री सफर का फायदा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली महिला यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और जरूरी खबर है। आगामी 1 अगस्त से दिल्ली में मुफ्त बस सेवा का लाभ उठाने की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है। अगर महिलाओं ने तय समय-सीमा के भीतर अपना नया 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड नहीं बनवाया, तो वे 1 अगस्त से इस फ्री बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगी। दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अब इस योजना के लिए स्मार्ट कार्ड को पूरी तरह अनिवार्य करने का फैसला लिया है।एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, महिलाओं द्वारा इस नए कार्ड को बनवाने की रफ्तार फिलहाल काफी धीमी है। महिलाओं को जागरूक करने और जल्द से जल्द कार्ड बनवाने के लिए डीटीसी ने बसों में एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत बस कंडक्टर और अधिकारी यात्रा कर रही महिलाओं को 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के लिए तुरंत आवेदन करने की सलाह दे रहे हैं।1 अगस्त से पेपर टिकट बंद, बस में चढ़ते ही करना होगा कार्ड 'टैप'दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अपने आधिकारिक आदेश में स्पष्ट कहा है, 1 अगस्त से बसों में मिलने वाले पेपर-बेस्ड (कागज वाले) पिंक टिकट की व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। नए नियम के तहत पिंक टिकट सिर्फ उन्हीं महिला यात्रियों को जारी किए जाएंगे, जिनके पास एक वैलिड 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड होगा। बस में सफर शुरू करते समय महिलाओं को इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर यह कार्ड टैप करना अनिवार्य होगा।परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को डिजिटल और हाई-टेक बनाने के लिए मौजूदा कागजी टिकट सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म करके पूरी तरह स्मार्ट कार्ड-बेस्ड ट्रांजिट सिस्टम में बदला जा रहा है। जिन महिलाओं के पास यह कार्ड उपलब्ध होगा, वे पहले की तरह ही योजना के नियमों के अनुसार मुफ्त यात्रा का लाभ उठाती रहेंगी।बिना कार्ड के सफर करने पर जेब से देना होगा पूरा किरायाअगर कोई महिला यात्री 1 अगस्त के बाद बिना 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के डीटीसी या DoT (क्लस्टर) बसों में यात्रा करती है, तो उसे कोई मुफ्त पिंक टिकट नहीं दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में महिला यात्रियों को एक सामान्य यात्री की तरह दूरी के हिसाब से लागू किराया चुकाकर साधारण टिकट खरीदना होगा।इस व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने पूरी दिल्ली में 50 ऑथराइज्ड सेंटर (अधिकृत केंद्र) बनाए हैं। सभी योग्य महिलाएं परिवहन विभाग और डीटीसी द्वारा निर्धारित इन काउंटरों पर जाकर बेहद आसानी से अपना 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड प्राप्त कर सकती हैं।जुलाई के आखिर तक 13 लाख कार्ड बांटने का बड़ा लक्ष्यदिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक पूरे शहर में लगभग 11 लाख 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड बांटे जा चुके हैं। सरकार ने जुलाई के आखिर तक इस संख्या को 13 लाख तक पहुंचाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। जैसे ही यह लक्ष्य पूरा होगा, अगस्त की शुरुआत से ही इस डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। दिल्ली की महिला यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की भीड़ और परेशानी से बचने के लिए नजदीकी केंद्र पर जाकर तुरंत अपना कार्ड रीन्यू या नया अप्लाई कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 9:18 pm

म्यूचुअल फंड का महा-धमाका! ₹10,000 की मंथली SIP से बने ₹97 लाख, मिराए एसेट के इस फंड ने 16 साल में दिया छप्परफाड़ रिटर्न

म्यूचुअल फंड के जरिए शेयर बाजार से बड़ी वेल्थ क्रिएट करना पूरी तरह से अनुशासन (Discipline) और धैर्य का खेल है। जब कोई निवेशक लंबे समय तक बिना रुके निवेश जारी रखता है, तो कंपाउंडिंग की ताकत से कैसा जादुई रिटर्न मिलता है, इसका एक जीता-जागता और शानदार उदाहरण सामने आया है। मिराए एसेट म्यूचुअल फंड (Mirae Asset Mutual Fund) की एक धाकड़ स्कीम ने बाजार में अपने सफल 16 साल पूरे कर लिए हैं।फंड हाउस द्वारा जारी किए गए ताजा और प्रमाणित आंकड़ों के मुताबिक, जिन दूरदर्शी निवेशकों ने इस फंड की शुरुआत से ही हर महीने महज 10,000 रुपये की एसआईपी (SIP) जारी रखी थी, उनका फंड 31 मई 2026 तक बढ़कर लगभग 97 लाख रुपये हो चुका है। आइए विस्तार से समझते हैं निवेशकों को मालामाल करने वाली इस स्कीम के रिटर्न का पूरा रिपोर्ट कार्ड।₹19 लाख का कुल निवेश और मिले पूरे ₹97 लाखमिराए एसेट लार्ज एंड मिडकैप फंड (Mirae Asset Large & Midcap Fund) के आधिकारिक डेटा के अनुसार, लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न डिलीवर किया है। पिछले 16 वर्षों के सफर में ₹10,000 प्रति माह की एसआईपी के हिसाब से एक निवेशक ने कुल ₹19 लाख जमा किए। 31 मई 2026 तक यह ₹19 लाख का निवेश बढ़कर ₹96.9 लाख (करीब 97 लाख रुपये) के विशाल फंड में तब्दील हो गया। इस एसआईपी निवेश पर फंड ने 18.44% का बेहद जोरदार XIRR (एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न) डिलीवर किया है, जो पारंपरिक निवेश विकल्पों के मुकाबले कहीं ज्यादा है।लंपसम (एकमुश्त) निवेश करने वाले भी हुए मालामालसिर्फ एसआईपी ही नहीं, बल्कि जिन लोगों ने इस स्कीम में एकमुश्त पैसा लगाया था, वे भी अमीर बन चुके हैं। अगर किसी निवेशक ने 9 जुलाई 2010 को इस फंड के 'रेगुलर प्लान-ग्रोथ' ऑप्शन में सिर्फ ₹10,000 का लंपसम निवेश किया होता, तो वह रकम आज 15 गुना से ज्यादा बढ़कर ₹1,50,690 हो चुकी होती। इसके मुकाबले, अगर यही पैसा इस स्कीम के मुख्य बेंचमार्क में लगाया गया होता, तो वह सिर्फ ₹76,908 ही बन पाता, यानी फंड ने बेंचमार्क से दोगुना मुनाफा कमा कर दिया।बेंचमार्क और सेंसेक्स को बुरी तरह पछाड़ापिछले 15 वर्षों के ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखें तो इस फंड ने अपने बेंचमार्क और मेन इंडेक्स के मुकाबले काफी तगड़ा आउटपरफॉर्म किया है। पिछले 15 सालों में इस फंड ने 18.85% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है। इसके मुकाबले इस स्कीम के आधिकारिक बेंचमार्क 'Nifty LargeMidcap 250 TRI' ने इसी अवधि में केवल 14.60% का रिटर्न दिया। वहीं, देश के सबसे प्रमुख एडिशनल बेंचमार्क 'BSE Sensex TRI' की बात करें तो वह इस दौरान सिर्फ 11.22% का रिटर्न ही दे पाया, जो मिराए एसेट के मुकाबले बहुत कम है।₹42,000 करोड़ से ज्यादा का फंड मैनेजमेंट और एक्सपर्ट टीमयह सुपरहिट स्कीम एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना (Open-Ended Equity Scheme) है, जो मुख्य रूप से भारतीय शेयर बाजार की लार्ज-कैप (बड़ी कंपनियां) और मिड-कैप (मझोली कंपनियां) के बेहतरीन शेयरों में पैसा लगाती है। 31 मई 2026 तक यह फंड ₹42,792.20 करोड़ के विशाल एसेट बेस (AUM) को मैनेज कर रहा है। इस फंड की ऐतिहासिक सफलता के पीछे इसके अनुभवी फंड मैनेजर नीलेश सुराना का दिमाग है, जो इसकी शुरुआत से ही इससे जुड़े हैं। जनवरी 2019 से अंकित जैन भी सह-फंड मैनेजर के रूप में उनके साथ मिलकर इस फंड की कमान बखूबी संभाल रहे हैं।निवेशक ध्यान दें: हालांकि इस फंड का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड असाधारण रहा है, लेकिन फंड हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह स्कीम भविष्य में किसी भी प्रकार के गारंटीड रिटर्न का वादा नहीं करती है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश पूरी तरह से बाजार के जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए कोई भी नया निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद जरूर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 9:16 pm

साइबर ठगों ने मंत्री संजय शर्मा के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया

अलवर। राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा के नाम और फोटो का दुरुपयोग करके साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बना लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस फर्जी अकाउंट के जरिए आम लोगों को संदेश भेजकर पैसे कमाने, निवेश योजनाओं से जुड़ने और विभिन्न समूहों में शामिल होने का […] The post साइबर ठगों ने मंत्री संजय शर्मा के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 9:12 pm

आरएसएस ने बेलगावी में शताब्दी विस्तार का रोडमैप लॉच किया

बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के विस्तार अभियान के तहत संगठन की रणनीति बनाने और संघ के 100वें वर्ष के समारोहों की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक का शुभारंभ किया। आरएसएस की सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक संगठनात्मक गतिविधियों में से एक मानी जाने वाली इस उच्च-स्तरीय […] The post आरएसएस ने बेलगावी में शताब्दी विस्तार का रोडमैप लॉच किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:56 pm

Retirement Planning: हर महीने ₹5000 की SIP और PPF में निवेश से तैयार करें ₹2 करोड़ का मजबूत रिटायरमेंट फंड; टैक्स कटने के बाद का पूरा गणित समझें

क्या आपने अपने बुढ़ापे को सुरक्षित करने के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) शुरू कर दी है? यदि आपका जवाब 'ना' है, तो इसे आज ही पूरा कर लें। पर्सनल फाइनेंस का सबसे बड़ा नियम है कि लंबी अवधि में नियमित रूप से निवेश करने पर चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) का ऐसा जादू चलता है कि एक बड़ा फंड आसानी से तैयार हो जाता है। कई लोग बहुत देर से निवेश की शुरुआत करते हैं, जिससे उनके पैसे को बढ़ने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।लेकिन घबराइए मत, आज हम आपको एक ऐसा बेहतरीन और व्यावहारिक फॉर्मूला बताने जा रहे हैं, जिसके तहत आप हर महीने ₹5,000 की म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP) और ₹12,500 के पीपीएफ (PPF) निवेश के तालमेल से आसानी से ₹2 करोड़ का रिटायरमेंट फंड खड़ा कर सकते हैं। आइए जानते हैं टैक्स कटने के बाद के इस पूरे कैलकुलेशन को आसान शब्दों में।पीपीएफ (PPF): टैक्स के लिहाज से सबसे सुरक्षित और अट्रैक्टिव स्कीमपब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश के लिए एक बेहतरीन सरकारी योजना है। इस स्कीम में एक वित्त वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख (यानी ₹12,500 प्रति माह) तक का निवेश किया जा सकता है।EEE कैटेगरी का महालाभ: यह स्कीम एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट (EEE) की श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि इसमें पैसा जमा करने पर, मिलने वाले ब्याज (Interest) पर और मैच्योरिटी की पूरी राशि पर सरकार को एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ता।15 साल का कैलकुलेशन: मशहूर टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन के अनुसार, पीपीएफ स्कीम 15 साल में मैच्योर होती है। यदि आप हर महीने ₹12,500 का निवेश करते हैं:कुल निवेश: ₹22,50,000अनुमानित ब्याज: ₹18,18,209मैच्योरिटी पर कुल राशि (पूरी तरह टैक्स फ्री): ₹40,68,209म्यूचुअल फंड इक्विटी SIP: ₹5,000 मासिक का दमपीपीएफ के साथ ही आपको म्यूचुअल फंड की एक अच्छी इक्विटी स्कीम में हर महीने ₹5,000 की एसआईपी (SIP) शुरू करनी है और इसे भी 15 साल तक लगातार जारी रखना है।15 साल का एसआईपी रिटर्न: 15 वर्षों में आपका कुल निवेश ₹9,00,000 होगा। यदि हम सालाना औसतन 12 फीसदी का रिटर्न ($12\% Return$) भी मानकर चलें, तो 15 साल बाद आपका यह पैसा बढ़कर ₹23,79,657 हो जाएगा।15 साल बाद कुल फंड: अब अगर पीपीएफ के ₹40,68,209 और एसआईपी के ₹23,79,657 को आपस में मिला दिया जाए, तो आपके पास कुल ₹64,47,866 का एक बड़ा कॉर्पस तैयार हो जाता है।ऐसे तैयार होगा 25 साल में ₹2 करोड़ का महा-फंडअब इस रणनीति का सबसे दिलचस्प हिस्सा शुरू होता है। आपको 15 साल बाद निवेश करना पूरी तरह बंद कर देना है। इसके बाद, दोनों योजनाओं से मिले कुल ₹64,47,866 को आपको म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में एकमुश्त (Lump sum) 10 साल के लिए और छोड़ देना है।10 साल का कम्पाउंडिंग मैजिक: सालाना 12 फीसदी रिटर्न के अनुमान के हिसाब से यह ₹64,47,866 की एकमुश्त राशि अगले 10 वर्षों में बढ़कर ₹2,00,26,093 (2 करोड़ रुपये से ज्यादा) हो जाएगी। यानी आपको निवेश सिर्फ 15 साल करना है, लेकिन ₹2 करोड़ का यह फंड 25 साल में पूरी तरह मैच्योर होकर आपके हाथ में आ जाएगा।लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) टैक्स का नया पेंच भी समझेंनिवेश करते समय टैक्स के व्यावहारिक नियमों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। म्यूचुअल फंड से होने वाले मुनाफे पर आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स (LTCG) चुकाना होगा। सरकार के मौजूदा नियमों के अनुसार, एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से ज्यादा के मुनाफे पर 12.5% की दर से टैक्स लगता है।अंतिम निष्कर्ष: टैक्स कटने के बाद आपके पास शुरुआत में ₹61,47,866 बचेंगे। जब आप इस शुद्ध राशि को म्यूचुअल फंड में एकमुश्त निवेश करेंगे, तो 10 साल और कुछ महीनों के भीतर आपका शुद्ध ₹2 करोड़ का फंड तैयार हो जाएगा। यह रणनीति उन युवाओं के लिए सबसे अचूक है जो अपने बुढ़ापे में बिना किसी पर निर्भर रहे एक स्वाभिमानी और सुखद जीवन जीना चाहते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:38 pm

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव : भाजपा उम्मीदवार अभिषेक ने की नाम वापस लेने की घोषणा, नीरज कुमार सिन्हा पार्टी के नए उम्मीदवार

पटना। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार बंटी के नामांकन वापस लेने की घोषणा के बाद नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव […] The post बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव : भाजपा उम्मीदवार अभिषेक ने की नाम वापस लेने की घोषणा, नीरज कुमार सिन्हा पार्टी के नए उम्मीदवार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:37 pm

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में

मुंबई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लगभग छह सांसद भारतीय जनता पार्टी में अवसर तलाश रहे हैं। चव्हाण का यह बयान कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार के सात जुलाई के उस बयान […] The post कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:30 pm

अमरीकी नौसेना ने जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए दक्षिणी गलियारे का उपयोग करने का आग्रह किया

वाशिंगटन। अमरीकी नौसेना ने वाणिज्यिक जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से दक्षिणी शिपिंग गलियारे का उपयोग करने का अपना आग्रह जारी रखा है। अमरीकी नौसेना ने यह बात इस मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों पर हाल ही में हुए ईरानी हमलों और तेहरान की ओर से बार-बार मिलने वाली उन चेतावनियों के बावजूद […] The post अमरीकी नौसेना ने जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए दक्षिणी गलियारे का उपयोग करने का आग्रह किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:24 pm

अजमेर में रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

अजमेर/ब्यावर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को कार्यालय राजस्थान स्टेट इण्डट्रियल डेवलपमेन्ट एण्ड इन्वेस्टमेन्ट कॉपरेशन लिमिटेड (रीको) अजमेर के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अजय विशश्वकर्मा को 50 हजार रुपए एवं कार्यालय रीको उप इकाई ब्यावर में कनिष्ठ सहायक कमलेश गुर्जर को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक […] The post अजमेर में रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:19 pm

दतिया से बीजेपी उम्मीदवार बनने के बाद बोले आशुतोष तिवारी, नरोत्तम मिश्रा परिवार के मुखिया, उनका आशीर्वाद मेरे साथ

दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी आलाकमान ने दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट कर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। संगठन में लंबा कामकाज का अनुभव रखने वाले आशुतोष तिवार को बीजेपी ने जब अपना उम्मीदवार बनाया तो वह दतिया से 400 ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 8:14 pm

दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से अलग होकर गत वर्ष 17 मई को मुकेश गोयल के नेतृत्व में गठित हुई इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में विलय हो गया। गोयल ने गुरुवार को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष 16 निगम पार्षदों वाली इन्द्रप्रस्थ विकास […] The post दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139 appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:13 pm

भरतपुर में दो पटवारी 30 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

भरतपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को भरतपुर में भू प्रबंध विभाग में पटवारी प्रदीप सिंह एवं दिगम्बर सिंह को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी भरतपुर को परिवादी ने शिकायत की कि उसके एवं उसके परिवारजनों […] The post भरतपुर में दो पटवारी 30 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 8:01 pm

7,100mAh बैटरी, Snapdragon 8 Gen 5 और 144Hz डिस्प्ले Motorola Edge 70 Max लॉन्च से पहले सामने आए बड़े फीचर्स

Motorola ने अपने आगामी फ्लैगशिप स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Max की लॉन्च डेट की आधिकारिक घोषणा कर दी है। कंपनी इस स्मार्टफोन को 15 जुलाई दोपहर 12 बजे लॉन्च करेगी। लॉन्च के तुरंत बाद यह डिवाइस Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। लॉन्च से पहले ही ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 7:14 pm

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को दी चेतावनी, 'आवाज का नमूना दें, वरना सुरक्षा हटेगी'

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी को निर्देश दिया कि वह बिधाननगर अदालत में पेश हों और आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों को अपनी आवाज के नमूने दें। अदालत ने कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो एकल न्यायाधीश की पीठ उन्हें पुलिस की कार्रवाई से मिली सुरक्षा को वापस ले सकती है।

देशबन्धु 10 Jul 2026 6:32 pm

Bankipur Bypoll में BJP को बड़ा झटका, उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने नामांकन के अगले ही दिन वापस लिया नाम, जानिए कौन है नया उम्मीदवार

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपना नामांकन वापस लेने की का ऐलान किया। हालांकि ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 6:23 pm

दतिया से भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटा, आशुतोष तिवारी को बनाया प्रत्याशी

दतिया में भाजपा आलाकमान ने चौंकने वाले फैसला करते हुए दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कर आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने इस बार पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटते हुए आशुतोष तिवारी पर भरोसा ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 6:23 pm

CM योगी ने पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का किया अनावरण, वीर-वीरांगनाओं के परिधानों में सजे बच्चों को दिया उपहार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के पूर्व सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्व. मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण किया और उस पर पुष्पार्चन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य परिवार में जन्मे मुन्ना ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 6:01 pm

सस्ता Electric Scooter, 187Km की रेंज और कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

हीरो मोटोकॉर्प के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ब्रांड VIDA ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए नया VIDA EVOOTER VX2 Plus 4.4 kWh लॉन्च कर दिया है। लंबी दूरी तय करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस नए वेरिएंट की दिल्ली ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 5:52 pm

दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं, बैंक फ्रॉड मामले में 3 साल की सजा बरकरार, उपचुनाव का रास्ता साफ

दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने बैंक फ्रॉड मामले में दायर उनकी अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही निचली अदालत द्वारा सुनाई गई तीन साल की सजा को बरकरार रखा गया है। राजेंद्र भारती को बैंक ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 5:41 pm

महाराष्ट्र: संजय राउत ने स्कूल किट खरीद में करोड़ों के घोटाले का किया दावा, सीएम को पत्र लिख जांच की मांग

शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (पीसीएमसी) में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया।

देशबन्धु 10 Jul 2026 4:57 pm

Super Typhoon Bavi : सुपर टाइफून 'बावी' का असर भारत तक, चीन-ताइवान-जापान में हाई अलर्ट, देश के कई राज्यों में भी घट सकती है बारिश

पश्चिमी प्रशांत महासागर में बना सुपर टाइफून 'बावी' (Bavi) एशिया के कई देशों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं और लगभग 1,000 किलोमीटर तक फैले इस विशाल तूफान को हाल के वर्षों के सबसे बड़े उष्णकटिबंधीय ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 4:52 pm

PM Kisan Samman Nidhi की 24वीं किस्त कब आएगी खाते में, पूरा करें यह काम नहीं तो अटक जाएगा आपका पैसा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) के तहत केंद्र सरकार हर वर्ष 6000 रुपए प्रति किसान को मदद करती है। इस योजना की अभी तक 23 किस्त जारी हो चुकी हैं। हालांकि पिछले महीने जारी हुई पीएम किसान की 23वीं किस्त के पैसे कुछ किसानों के बैंक ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 4:35 pm

12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी

नई दिल्ली। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि अब 12 प्रतिशत से अधिक इथाइल अल्कोहल युक्त दवाओं की बिक्री बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं की जा सकेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज बताया कि सरकार ने अधिक मात्रा में इथाइल अल्कोहल युक्त औषधीय उत्पादों के दुरुपयोग पर रोक […] The post 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 4:18 pm