'राष्ट्रपति चुनने का हक सिर्फ जनता को', ट्रंप के बयान पर यूक्रेन का पलटवार
ट्रंप ने जेलेंस्की को नया राष्ट्रपति चुनने की सलाह दी, जिस पर यूक्रेन ने पलटवार किया. इस बीच, ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर सीजफायर का ऐलान किया है.
IND vs WI: जरा सी लापरवाही पड़ गई भारी! शर्मनाक तरीके से रन आउट हुए तिलक वर्मा
भारत और वेस्टइंडीज मैच के दौरान तिलक वर्मा अजीब तरीके से रन आउट होकर पवेलियन लौटे. तिलक वर्मा इस बात से अनजान थे कि गेंद बाउंड्री लाइन के अंदर ही है, जिसका फायदा वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने उठाते हुए उन्हें रन आउट कर दिया.
'शेषन को आडवाणी के खिलाफ दिया था टिकट', CM ने कांग्रेस को याद दिलाया इतिहास
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरसिंहपुर में कांग्रेस पर SIR प्रक्रिया को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और नेहरू-गांधी परिवार पर भी निशाना साधा.
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जारी आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की हर तीसरी बाल वधू भारतीय है, जिसमें 9 करोड़ से अधिक लड़कियों की शादी 15 साल से पहले हुई।
UPI पर भरोसे के लिए MDR ढांचे को तर्कसंगत बनाना जरूरी, IIT बॉम्बे की रिपोर्ट
आईआईटी बॉम्बे की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ढांचे को लागू करने से पहले तर्कसंगत बनाना आवश्यक है।
राहुल गांधी के साथ लंच, अगले दिन PM मोदी संग सफर; थलपति विजय का शक्ति संतुलन
थलपति विजय की पार्टी टीवीके के कुछ कार्यकर्ताओं के बीच उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग उठ रही है। ऐसे में राहुल गांधी और पीएम मोदी के साथ उनके अलग-अलग कार्यक्रमों को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
यूपी चुनाव में सीट बंटवारे पर क्या सपा-कांग्रेस के बीच बनेगी सहमति? देखें
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. मुख्य सवाल यह है कि क्या कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन बरकरार रहेगा या सीटों के बंटवारे पर मतभेद खुलकर सामने आएंगे. हाल ही में दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन में दोनों पार्टियां एक साथ नजर आईं, जिससे विपक्ष की एकजुटता का संदेश गया. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के इस विरोध प्रदर्शन को अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी का पूरा समर्थन मिला.
बांग्लादेश में टैगोर की तस्वीर पर कालिख पोतने की कोशिश, 4 गिरफ्तार
ढाका में रवींद्रनाथ टैगोर की दीवार पर बनी तस्वीर पर पर काली स्याही पोतने की कोशिश की गई. इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर देशद्रोह से जुड़ा केस दर्ज किया है. घटना बांग्लादेश शिल्पकला अकादमी के बाहर हुई.
कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद अब नए अभियान की कमर कस ली है। सीजेपी के नेताओं की तरफ से कहा गया है कि वह इस प्रदर्शन को अब राष्ट्रीय स्तर पर लेकर जाएंगे। उन्होंने दिल्ली में बैठे कार्यकर्ताओं से भी टिके रहने की अपील की।
'बॉलीवुड नाना से बड़ा नहीं', सितारों पर भड़के डायरेक्टर
नाना पाटेकर के निधन पर उनके चाहने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा था. लेकिन बॉलीवुड से कुछ चुनिंदा ही चेहरे वहां नजर आए थे. इस बात से मराठी फिल्मों के डायरेक्टर प्रवीण तारडे बड़े खफा हुए हैं.
बर्थडे पर कुमार विश्वास की बेटी अग्रता का दिखा बोल्ड लुक, Photos
कवि कुमार विश्वास की बेटी अग्रता शर्मा ने हाल ही में अपना जन्मदिन मनाया. इस खास मौके की तस्वीरों में वह मेश फैब्रिक वाली स्टाइलिश ड्रेस और चमकदार सीक्विन स्कर्ट में नजर आईं. उनके ग्लैमरस लुक के साथ पति पवित्र खंडेलवाल और परिवार संग केक काटने की तस्वीरें भी चर्चा में हैं.
सऊदी के रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला… टर्मिनल में लगी आग, पिछले अटैक में 12 लोगों की गई थी जान
रियाद एयरपोर्ट पर रविवार को फिर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे टर्मिनल-4 में आग लग गई. इससे एक दिन पहले हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोग घायल हुए थे. हमले के बाद एयरपोर्ट बंद है और कम से कम 11 भारतीयों के घायल होने की जानकारी सामने आई है.
महीने के वो चार-पांच दिन केवल मूड स्विंग्स, बदन दर्द और पेट की ऐंठन तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि कई महिलाओं के लिए यह दौर पेट और पाचन तंत्र की एक अजीबोगरीब जंग बन जाता है। कभी अचानक बार-बार वॉशरूम की तरफ भागना पड़ता है और लूज मोशन की समस्या हो जाती है, तो कभी पेट इतना ज्यादा सख्त और भारी हो जाता है कि गंभीर कब्ज यानी कॉन्स्टिपेशन का सामना करना पड़ता है। अक्सर महिलाएं इसे सामान्य पेट की खराबी समझकर दवाएं खाने लगती हैं या खान-पान की गलती मान लेती हैं, लेकिन मेडिकल साइंस और गायनेकोलॉजी के अनुसार यह कोई आकस्मिक बीमारी नहीं बल्कि शरीर के भीतर होने वाला एक जटिल हार्मोनल खेल है। मासिक धर्म के चक्र के साथ हमारी आंतों का तालमेल बेहद संवेदनशील होता है। गर्भाशय और पाचन तंत्र शरीर में एक-दूसरे के बेहद करीब स्थित होते हैं और जब गर्भाशय में बदलाव होते हैं, तो उसका सीधा असर हमारी आंतों की मांसपेशियों और मल त्याग की प्रक्रिया पर पड़ता है। इस समस्या को साइंटिफिक कम्युनिटी में 'पीरियड पूप' या मेंस्ट्रुअल गट डिस्टर्बेंस कहा जाता है, जिसे समझने के लिए शरीर में होने वाले रासायनिक बदलावों की गहराई में जाना जरूरी है।लूज मोशन का सबसे बड़ा गुनहगार: प्रोस्टाग्लैंडिंस हार्मोन का अति-स्रावपीरियड्स शुरू होते ही अचानक लूज मोशन और बार-बार दस्त लगने की सबसे मुख्य वजह 'प्रोस्टाग्लैंडिंस' (Prostaglandins) नामक लिपिड कंपाउंड्स होते हैं। जब शरीर को गर्भधारण न होने का संकेत मिलता है, तो गर्भाशय की अंदरूनी परत यानी एंडोमेट्रियम को टूटना होता है। इस परत को शरीर से बाहर निकालने के लिए गर्भाशय को सिकुड़ना पड़ता है और इसी संकुचन को ट्रिगर करने के लिए प्रोस्टाग्लैंडिंस बड़ी मात्रा में रिलीज होते हैं। जब ये केमिकल्स गर्भाशय की मांसपेशियों को दबाते हैं, तो शरीर में अत्यधिक मात्रा में बने प्रोस्टाग्लैंडिंस रक्त प्रवाह के जरिए पास मौजूद आंतों (Intestines) तक पहुंच जाते हैं। आंतों की चिकनी मांसपेशियों पर इनका असर ठीक गर्भाशय जैसा ही होता है—ये आंतों को भी तेजी से सिकोड़ने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप आंतों की गतिशीलता यानी पेरिस्टालसिस असामान्य रूप से तेज हो जाती है, जिससे भोजन और अपशिष्ट पदार्थ बिना पानी सोखे बहुत तेजी से मलाशय की ओर बढ़ने लगते हैं। यही कारण है कि पीरियड्स के पहले या दूसरे दिन महिलाओं को तेज मरोड़ के साथ पतला दस्त या लूज मोशन झेलना पड़ता है।पीरियड्स से ठीक पहले कब्ज और भारीपन क्यों घेरता है: प्रोजेस्टेरोन का धीमा असरपीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले की कहानी एकदम उलट होती है और उस समय लूज मोशन नहीं बल्कि असहनीय कब्ज, पेट फूलना और गैस की समस्या सताती है। इसका मुख्य कारण 'प्रोजेस्टेरोन' (Progesterone) हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर है। ओव्यूलेशन के बाद शरीर संभावित प्रेग्नेंसी की तैयारी करता है, जिसके चलते ल्यूटियल फेज में प्रोजेस्टेरोन का लेवल अपने चरम पर पहुंच जाता है। प्रोजेस्टेरोन का मूल स्वभाव मांसपेशियों को शिथिल यानी रिलैक्स करना होता है। यह हार्मोन न केवल गर्भाशय की दीवारों को शांत रखता है बल्कि आंतों की मांसपेशियों की गति को भी बेहद सुस्त कर देता है। जब आंतें धीमी गति से काम करती हैं, तो खाया हुआ खाना और मल आंतों में सामान्य से अधिक समय तक रुका रहता है। इस दौरान बड़ी आंत उस अपशिष्ट से बहुत अधिक पानी सोख लेती है, जिससे मल कड़ा और सूखा हो जाता है। यही वजह है कि डेट आने से 3 से 4 दिन पहले महिलाओं को मल त्याग करने में काफी जोर लगाना पड़ता है, पेट में गैस भर जाती है और भारी बेचैनी महसूस होती है।तनाव और आंतों का न्यूरोलॉजिकल कनेक्शन: गट-ब्रेन एक्सिस की भूमिकापाचन तंत्र में इस उतार-चढ़ाव का एक और महत्वपूर्ण पहलू हमारा दिमाग और तनाव का स्तर है, जिसे मेडिकल भाषा में गट-ब्रेन एक्सिस (Gut-Brain Axis) कहा जाता है। पीरियड्स से ठीक पहले और उस दौरान एस्ट्रोजन और सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर में भारी गिरावट आती है, जिसके कारण महिलाओं में चिड़चिड़ापन, एंग्जायटी और मूड स्विंग्स बढ़ जाते हैं। हमारा पाचन तंत्र शरीर का दूसरा दिमाग माना जाता है क्योंकि इसमें लाखों न्यूरॉन्स मौजूद होते हैं। जब महिला मानसिक तनाव या शारीरिक दर्द से गुजरती है, तो शरीर का ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम पाचन प्रक्रिया को असंतुलित कर देता है। जो महिलाएं पहले से ही इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) या एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं से जूझ रही होती हैं, उनके लक्षण पीरियड्स के दिनों में दोगुने तीव्र हो जाते हैं। तनाव आंतों की संवेदनशीलता को इतना बढ़ा देता है कि मामूली गैस का बुलबुला भी असहनीय मरोड़ और दस्त का कारण बन सकता है।इस हार्मोनल रोलरकोस्टर से कैसे पाएं राहत: अपनाएं ये जरूरी सावधानियांमासिक धर्म के दौरान पाचन तंत्र को शांत और संतुलित रखने के लिए कुछ सामान्य लेकिन बेहद प्रभावी बदलाव किए जा सकते हैं।पीरियड्स से 3-4 दिन पहले जब कब्ज की आशंका ज्यादा हो, तब अपने भोजन में घुलनशील फाइबर जैसे ओट्स, पपीता, हरी पत्तेदार सब्जियां और अलसी के बीज शामिल करें ताकि मल कड़ा न हो।पीरियड्स शुरू होते ही जब लूज मोशन का खतरा हो, तो अत्यधिक तीखे, तले-भुने, जंक फूड और कैफीन यानी चाय-कॉफी से पूरी तरह परहेज करें क्योंकि कैफीन आंतों को और अधिक उत्तेजित करके दस्त को गंभीर बना सकता है।पर्याप्त मात्रा में हल्का गुनगुना पानी पिएं, नारियल पानी या छाछ लें ताकि इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन न बिगड़े और शरीर डिहाइड्रेशन से बचा रहे।पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली यानी हीटिंग पैड से सिकाई करने से गर्भाशय के साथ-साथ आंतों की मांसपेशियों की ऐंठन भी शांत होती है।यदि हर महीने लूज मोशन या कब्ज इतना गंभीर हो जाए कि कमजोरी, चक्कर आना या अत्यधिक खून की कमी महसूस होने लगे, तो इसे केवल सामान्य दर्द न मानकर तुरंत किसी अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए ताकि किसी आंतरिक समस्या का समय पर समाधान हो सके।
'हमें यह फैसला मंजूर नहीं...', 1 रन के लिए हो गया भारी बवाल
भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने 10 ओवर के बाद कमाल का प्रदर्शन करते हुए मैच में वापसी की. लेकिन अंतिम ओवर के दौरान मैदान पर बड़ा ड्रामा देखने को मिला. अंपायर के एक फैसले से वेस्टइंडीज के खिलाड़ी नाखुश नजर आए.
Mumbai के शिवाजी पार्क में Aaditya Thackeray और Amit Thackeray का प्रदर्शन तेज
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन के समर्थन में शुरू हुआ प्रदर्शन रविवार को तेज हो गया। शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अमित ठाकरे सैकड़ों समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया और नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया समेत अनेक लोगों को हिरासत में लिया गया। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पास में स्थित सेना भवन के बाहर महिला समेत शिवसेना (उबाठा) के कार्यकर्ताओं पर हमला किया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। आदित्य ने दावा किया कि इस दौरान पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता की साड़ी फट गई। आदित्य ने कहा, “मैं पूरे मुंबई के लोगों से शिवाजी पार्क आने की अपील कर रहा हूं। अब यह विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा। अगर आपने प्रदर्शनकारियों को हाथ लगाया, तो गद्दार (मुख्य निर्वाचन आयुक्त) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक आंदोलन तेज रहेगा।”मनसे नेता अमित ठाकरे ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के कारण पर सवाल उठाया। अमित ठाकरे ने कहा, “कल से हमारे मनसे कार्यकर्ता वहां (प्रदर्शन करने के लिए) मौजूद रहेंगे।”प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं दमानिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “जब मैं कॉजपा के समर्थन में शिवाजी पार्क पहुंची, तो सादे कपड़ों में आए पुलिस अधिकारियों ने मुझे हिरासत में ले लिया। सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और मुझे नहीं पता कि वे मुझे कहां ले जा रहे हैं।”अधिकारियों ने बताया कि इलाके से हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोगों को शिवाजी पार्क पुलिस थाने में भेज दिया गया है। कुछ लोगों को पास के अन्य पुलिस थानों में ले जाया गया है।
अलार्म बजते ही जैसे ही आंखें खुलती हैं, क्या आपके मुंह के भीतर एक अजीब सा कसैला, सूखा या बेहद कड़वा स्वाद महसूस होता है? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। हमारे देश के अधिकांश शहरों में भागदौड़ भरी जिंदगी, देर रात का भारी डिनर और तनाव की वजह से लाखों लोग हर सुबह इसी कड़वे अनुभव के साथ जागते हैं। कई लोग इसे केवल एक सामान्य सी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर सीधे ढेर सारा पेस्ट लगाकर ब्रश घिसने लगते हैं। असल में यह स्थिति केवल ब्रश न करने की कमी नहीं दर्शाती, बल्कि यह आपके शरीर के भीतर मौजूद पाचन तंत्र और मौखिक स्वास्थ्य का एक सीधा चेतावनी संकेत है। आयुर्वेद के अनुसार रात भर जब हमारा शरीर विश्राम में होता है, तब पाचन प्रक्रिया के दौरान शरीर 'आम' यानी विषैले तत्वों को बाहर निकालने की कोशिश करता है। जब पाचन अग्नि मंद पड़ जाती है या शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता है, तो ये विषैले टॉक्सिन्स हमारी जीभ की सतह, मसूड़ों और लार ग्रंथियों पर जमा होने लगते हैं, जो सुबह उठते ही मुंह में भयानक कड़वाहट, चिपचिपापन और दुर्गंध के रूप में सामने आते हैं। एलोपैथिक नजरिए से भी देखें तो रात में लार का प्रवाह कम होने से एनारोबिक बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं, जो सल्फर यौगिक छोड़ते हैं और मुंह का पीएच स्तर बिगाड़ देते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए आधुनिक माउथवॉश कई बार सिर्फ कुछ मिनटों की खुशबू देते हैं, लेकिन समस्या की जड़ को खत्म नहीं कर पाते। ऐसे में भारतीय आयुर्वेद की हजारों साल पुरानी जीवनशैली पद्धति का एक ऐसा नायाब नुस्खा काम आता है, जो न केवल इस कड़वाहट को जड़ से मिटाता है बल्कि पूरे चेहरे और शरीर को डिटॉक्सिफाई कर देता है।क्या है चमत्कारी आयुर्वेदिक गंडूष क्रिया और यह सामान्य कुल्ले से कैसे अलग हैऋषि चरक और सुश्रुत द्वारा संकलित आयुर्वेद संहिताओं में दैनिक दिनचर्या के अंतर्गत गंडूष क्रिया का विशेष वर्णन मिलता है। आज के आधुनिक दौर में पश्चिमी दुनिया इसे 'ऑयल पुलिंग' का नाम देकर अपना रही है, लेकिन भारतीय परंपरा में इसका विज्ञान अत्यंत गहरा और सटीक है। अधिकांश लोग गंडूष और कवल क्रिया के बीच भ्रमित हो जाते हैं। कवल क्रिया में तरल को मुंह में भरकर धीरे-धीरे घुमाया यानी हिलाया जाता है, जिसे हम आम बोलचाल में कुल्ला करना कहते हैं। इसके विपरीत, गंडूष क्रिया में औषधीय तेल, काढ़े या अर्क को मुंह में पूरी क्षमता के साथ इतनी मात्रा में भरा जाता है कि मुंह के भीतर तरल को हिलाने या घुमाने की बिल्कुल भी जगह न बचे। इस स्थिति में व्यक्ति को मुंह पूरी तरह भरकर शांत मुद्रा में स्थिर खड़े या बैठे रहना होता है। जब तक आंखों और नाक से पानी न आने लगे या मुंह में भारी लार न भर जाए, तब तक उस तरल को मुंह में रोककर रखा जाता है। यह क्रिया केवल दांतों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सूक्ष्म लिम्फैटिक और टिशू ड्रेनेज थेरेपी की तरह काम करती है। मुंह के भीतर मौजूद नाजुक श्लेष्म झिल्ली यानी म्यूकस मेम्ब्रेन के जरिए तेल पूरे ओरल कैविटी के हानिकारक वसा-घुलनशील टॉक्सिन्स को अपनी ओर खींच लेता है। इस तरह मुंह का कड़वापन पैदा करने वाले पित्त और कफ के विषैले अंश पूरी तरह तेल में घुलकर बाहर आ जाते हैं, जिससे मुंह तुरंत ताजा, हल्का और प्राकृतिक मिठास से भरपूर महसूस होने लगता है।गंडूष क्रिया के लिए कौन सा तेल है सबसे असरदार और क्योंगंडूष क्रिया की सफलता पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस प्रकार के माध्यम या तेल का उपयोग कर रहे हैं। पारंपरिक चरक संहिता के अनुसार, तिल का तेल यानी 'तिल तैल' गंडूष के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। तिल का तेल स्वभाव में हल्का गर्म, सूक्ष्म और गहराई तक प्रवेश करने वाला होता है, जो दांतों की जड़ों तक पहुंचकर हड्डियों और मसूड़ों को मजबूती प्रदान करता है। यदि आपके मुंह में अत्यधिक जलन, छाले या खट्टा-कड़वा स्वाद बना रहता है, तो यह बढ़े हुए पित्त दोष का संकेत है। ऐसी स्थिति में शुद्ध नारियल का तेल यानी वर्जिन कोकोनट ऑयल सबसे उपयुक्त विकल्प माना जाता है। नारियल तेल की तासीर शीतल होती है और इसमें लॉरिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया को तुरंत नष्ट करने में सक्षम है। इसके अलावा, जो लोग मसूड़ों से खून आने, पायरिया या अत्यधिक बदबू की समस्या से जूझ रहे हैं, वे इरिमेदादि तैल या त्रिफला के काढ़े का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि इस्तेमाल किया जाने वाला तेल पूरी तरह से शुद्ध, कोल्ड-प्रेस्ड यानी कच्ची घानी का हो और उसमें किसी भी प्रकार का कृत्रिम रसायन, प्रिजर्वेटिव या मिनरल ऑयल न मिला हो। शुद्ध तेल ही मुंह की कोशिकाओं को प्राकृतिक पोषण दे पाता है और टॉक्सिन्स को सोखने की पूरी क्षमता रखता है।स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: सुबह गंडूष क्रिया करने का सबसे सही और वैज्ञानिक तरीकागंडूष क्रिया का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे सही समय और सही विधि के अनुसार किया जाए। सुबह सोकर उठने के बाद सबसे पहले शौच आदि से निवृत्त हों और बिना कुछ खाए-पिए सीधे इस क्रिया की तैयारी करें।अपनी जीभ को तांबे या स्टील के टंग क्लीनर से बहुत हल्के हाथों से साफ करें ताकि जीभ पर जमी सफेद या पीली मैल की परत हट जाए।एक से दो बड़े चम्मच शुद्ध तिल का तेल या नारियल का तेल लें। यदि सर्दी का मौसम है, तो तेल को हल्का सा गुनगुना कर लें ताकि वह मुंह में सहजता से रुक सके।तेल को मुंह में भरें। ध्यान रहे कि तेल को निगलना बिल्कुल नहीं है। मुंह को पूरी क्षमता से भरें ताकि गाल पूरी तरह फूल जाएं।अपनी गर्दन को थोड़ा सीधा रखें, आंखें बंद करें और अपनी सांसों को सामान्य रखते हुए नाक से सांस लेते रहें। मुंह के भीतर तेल को बिना हिलाए शांत भाव से रोककर रखें।शुरुआत में इसे 3 से 5 मिनट तक रोकें। जैसे-जैसे अभ्यास बढ़ेगा, आप इसे 10 से 15 मिनट तक आसानी से रोक सकेंगे।जब आपकी आंखों के कोरों से हल्का पानी आने लगे, नाक बहने जैसी महसूस हो और मुंह के भीतर लार का दबाव बहुत बढ़ जाए, तो समझ लें कि क्रिया पूरी हो चुकी है।अब इस तेल को वॉशबेसिन में या किसी कचरे के डिब्बे में थूक दें। ध्यान रखें कि यह तेल अत्यधिक विषैला हो चुका होता है, इसलिए इसे कभी भी पेट के अंदर न जाने दें। थूकने के बाद तेल का रंग हल्का दूधिया या सफेद दिखाई देगा।अंत में, हल्के गुनगुने पानी में चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर दो से तीन बार अच्छी तरह कुल्ला करें और फिर प्राकृतिक हर्बल मंजन से हल्के हाथों से दांत साफ कर लें।मुंह के कड़वेपन से परे: इस प्राचीन क्रिया से पूरे शरीर को मिलने वाले अद्भुत लाभनियमित रूप से गंडूष करने से केवल मुंह का कड़वापन ही दूर नहीं होता, बल्कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। सबसे पहला प्रभाव जबड़े की मांसपेशियों और चेहरे की त्वचा पर पड़ता है। तेल को मुंह में रोके रखने से चेहरे की सूक्ष्म मांसपेशियों का व्यायाम होता है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है, झुर्रियां कम होती हैं और डबल चिन की समस्या में भी राहत मिलती है। दूसरा सबसे बड़ा लाभ दांतों और मसूड़ों को मिलता है; यह दांतों की संवेदनशीलता यानी सेंसिटिविटी, ठंडा-गर्म लगना और कैविटी की समस्या को पूरी तरह समाप्त कर देता है। मसूड़े मजबूत होते हैं और ढीले दांतों में कसावट आने लगती है। आयुर्वेद के अनुसार मुंह हमारे सिर और इंद्रियों का प्रवेश द्वार है, इसलिए गंडूष क्रिया करने से गले की खराश, आवाज का भारीपन, साइनस की जकड़न और माइग्रेन जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखा जाता है। यह पाचन तंत्र को संकेत भेजकर जठराग्नि को जाग्रत करती है, जिससे भूख खुलकर लगती है और दिनभर ताजगी बनी रहती है। जो लोग प्रतिदिन इस सरल अभ्यास को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लेते हैं, उन्हें न तो दिनभर में किसी कृत्रिम माउथ फ्रेशनर की जरूरत पड़ती है और न ही वे बार-बार होने वाले पेट व गले के संक्रमणों के शिकार होते हैं। यह 5000 साल पुरानी पद्धति आज के तनावपूर्ण जीवन में शरीर को डिटॉक्स करने का सबसे सरल, सस्ता और प्रभावी साधन है।
मध्य प्रदेश स्वामित्व-शैली की योजना लागू कर रहा है ताकि रजिस्ट्री प्रमाणपत्र हस्तांतरित किए जा सकें, जिससे हरदा के
जमानत पर बाहर आए पोते ने दादी को मार डाला, थाने जाकर खुद कबूला जुर्म
पुणे के सांगवी में संपत्ति विवाद के चलते ओंकार शिंगोरे ने अपनी सौतेली दादी मंगला शिंगोरे की चाकू मारकर हत्या कर दी. घटना 9 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई. तीन मंजिला इमारत में हिस्से को लेकर दोनों के बीच वर्षों से विवाद था. हत्या के बाद आरोपी खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और जुर्म कबूल कर लिया. वह दूसरे हत्या मामले में जमानत पर बाहर था.
भारतीय टेलीविजन और डिजिटल ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाले रियलिटी शोज़ अक्सर विवादों, ड्रामे और मर्यादाओं को लांघने के आरोपों से घिरे रहते हैं, लेकिन हाल ही में एक शो के भीतर जो कुछ कैमरे में कैद हुआ, उसने न केवल आम दर्शकों को स्तब्ध कर दिया बल्कि मनोरंजन जगत के वरिष्ठ कलाकारों के सब्र का बांध भी तोड़ दिया। शो के भीतर खुद को बाहर से 'भाई-बहन' जैसा पवित्र रिश्ता बताने वाले एक मशहूर सोशल मीडिया यूट्यूबर और महिला कंटेस्टेंट के बीच की जरूरत से ज्यादा फिजिकल नजदीकियों और कोजी हरकतों को देखकर टेलीविजन इंडस्ट्री की बेबाक अभिनेत्री काम्या पंजाबी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। काम्या पंजाबी ने बिना किसी लाग-लपेट के सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए शो के कंटेस्टेंट्स के पाखंड, मेकर्स की टीआरपी भूख और भारतीय संस्कृति में पारिवारिक रिश्तों की गरिमा को कैमरे के आगे तार-तार किए जाने पर जोरदार प्रहार किया है। उनकी इस दो टूक और तीखी प्रतिक्रिया के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है और यूट्यूबर की इस हरकत पर लोगों का भारी आक्रोश फूट पड़ा है।नेशनल टेलीविजन पर रिश्तों का दिखावा और बंद कमरों की कोजी हरकतेंविवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब रियलिटी शो के 24 घंटे लाइव फीड और मुख्य एपिसोड में देखा गया कि सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स रखने वाला चर्चित यूट्यूबर शो की एक फीमेल कंटेस्टेंट के साथ देर रात एक ही कंबल में बेहद नजदीक और कोजी होता नजर आया। चौंकाने वाली बात यह थी कि शो की शुरुआत में और सोशल मीडिया पर दोनों एक-दूसरे को 'भाई और बहन' जैसा पारिवारिक रिश्ता बताते रहे थे और एक-दूसरे के प्रति रक्षात्मक रुख अपनाते थे। लेकिन जैसे-जैसे शो में गेम का दबाव बढ़ा और नॉमिनेशन की प्रक्रिया नजदीक आई, दोनों के बीच शारीरिक नजदीकियों, आलिंगन और आपत्तिजनक बातचीत का दौर शुरू हो गया। फुटेज हासिल करने और स्क्रीन टाइम बटोरने के लिए दोनों के इस बदले हुए समीकरण ने दर्शकों को असहज कर दिया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने शो के क्लिप्स काटकर वायरल करना शुरू कर दिया, जिसमें दोनों की बॉडी लैंग्वेज भाई-बहन के कथित दावे से कोसों दूर और साफ तौर पर रोमांटिक एंगल गढ़े जाने जैसी दिख रही थी।काम्या पंजाबी का तीखा ट्वीट: टीआरपी और कैमरे के लिए रिश्तों को मत बेचोटेलीविजन अभिनेत्री काम्या पंजाबी, जो रियलिटी शोज़ की बारीकियों को भली-भांति समझती हैं और हमेशा अपनी निष्पक्ष राय रखने के लिए जानी जाती हैं, इस पूरे ड्रामे को देखकर चुप नहीं रह सकीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक कड़ा पोस्ट साझा करते हुए शो के कंटेस्टेंट्स को आड़े हाथों लिया। काम्या ने लिखा कि जब आप बाहर दुनिया के सामने और शो के मंच पर किसी को अपना भाई या बहन घोषित करते हैं, तो उस रिश्ते की एक पवित्र सीमा और मर्यादा होती है। लेकिन चंद मिनटों की फुटेज, दर्शकों का वोट पाने और शो में टिके रहने के लिए रात के अंधेरे में एक ही बिस्तर पर कोजी होना और शर्मनाक हरकतें करना बेहद घिनौना और अस्वीकार्य है। उन्होंने सवाल किया कि क्या आज के तथाकथित सोशल मीडिया स्टार्स इतने गिर चुके हैं कि उन्हें यह भी समझ नहीं आता कि देश के करोड़ों परिवारों में बैठकर लोग अपने माता-पिता और बच्चों के साथ इन शोज़ को देखते हैं? काम्या ने दोहरे चरित्र वाले ऐसे कंटेस्टेंट्स को आत्ममंथन करने की कड़ी नसीहत दी।सोशल मीडिया पर यूट्यूबर की जबरदस्त ट्रोलिंग और दर्शकों का गुस्साकाम्या पंजाबी के इस तीखे बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंटने के बजाय काम्या के समर्थन में मजबूती से खड़े नजर आए। लोगो ने संबंधित यूट्यूबर और कंटेस्टेंट को जमकर लताड़ लगाई। यूजर्स का कहना था कि डिजिटल क्रिएटर्स असल जिंदगी में फॉलोअर्स को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं, लेकिन रियलिटी शो के ग्लैमर और करोड़ों के प्राइज मनी के लालच में वे किसी भी हद तक गिरने को तैयार हो जाते हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि अगर आप दोनों के बीच पहले से रोमांटिक या कैजुअल रिश्ता था, तो पहले भाई-बहन का ड्रामा रचने की क्या जरूरत थी? वहीं कुछ लोगों ने रियलिटी शो के निर्माताओं को भी कटघरे में खड़ा किया कि वे सिर्फ टीआरपी और विवाद पैदा करने के लिए ऐसे आपत्तिजनक दृश्यों को बिना सेंसर किए दर्शकों के सामने परोस रहे हैं, जिससे समाज में रिश्तों की पवित्रता का उपहास उड़ रहा है।रियलिटी शोज़ में गिरते स्तर और फेक बॉन्डिंग का कड़वा सचयह पहली बार नहीं है जब किसी रियलिटी शो में रिश्तों की आड़ में इस तरह का खेल खेला गया हो। पिछले कुछ सालों में रियलिटी टीवी का फॉर्मेट पूरी तरह से ड्रामा, फेक लव एंगल्स और सनसनीखेज झगड़ों पर टिक गया है। कंटेस्टेंट्स को यह अच्छी तरह पता होता है कि शांति से गेम खेलने पर उन्हें स्क्रीन स्पेस नहीं मिलेगा, इसलिए वे घर में घुसते ही या तो जबरन प्रेम प्रहानियां गढ़ते हैं या फिर रिश्तों के नाम पर भ्रम फैलाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया से आने वाले इन्फ्लुएंसर्स अक्सर कैमरे के सामने अपनी सीमाएं भूल जाते हैं। भाई-बहन जैसे सबसे भरोसेमंद और पवित्र सामाजिक बंधन को टीआरपी के तराजू पर तौलना न केवल नैतिक दृष्टि से गलत है, बल्कि यह दर्शकों की भावनाओं के साथ सीधा खिलवाड़ है।काम्या पंजाबी की बेबाकी की हो रही है चारों तरफ सराहनाइस पूरे विवाद में काम्या पंजाबी के इस साहसिक कदम की टीवी इंडस्ट्री के अन्य कलाकारों और आम जनता द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। लोग कह रहे हैं कि इंडस्ट्री में जहां ज्यादातर बड़े सितारे विवादों से बचने के लिए चुप्पी साध लेते हैं, वहीं काम्या ने बिना किसी डर के सच का आईना दिखाया है। उनका यह बयान उन तमाम युवाओं और इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक सख्त चेतावनी है जो फेम और पैसों के लिए भारतीय पारिवारिक मूल्यों की बलि चढ़ाने से नहीं हिचकिचाते। अब देखना यह होगा कि वीकेंड के वार पर शो के होस्ट इस मामले को लेकर यूट्यूबर और उस कंटेस्टेंट की क्लास लगाते हैं या फिर मेकर्स इसे भी टीआरपी का हथियार बनाकर दबा देते हैं।
यूपी कांग्रेस की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना के पदभार ग्रहण में रविवार को भारी हंगामा मचा. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के समर्थक कांग्रेस की ही महिला नेता ममता चौधरी पर बुरी तरह भड़के नजर आए. आखिर ऐसा बवाल क्यों मचा, जानें पूरी कहानी.
बॉलीवुड इंडस्ट्री में यूं तो प्रेम कहानियों और ब्रेकअप के अनगिनत किस्से मशहूर हैं, लेकिन 90 के दशक में एक ऐसा रिश्ता परवान चढ़ा था जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था। यह कहानी थी अपने संजीदा, तीखे और बेबाक अभिनय के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर और उस दौर की सबसे खूबसूरत व कामयाब अभिनेत्रियों में शुमार मनीषा कोइराला की। उम्र में लगभग 20 वर्ष का भारी फासला होने के बावजूद दोनों के बीच पनपे गहरे आकर्षण, प्यार और बाद में टूटे रिश्ते ने फिल्मी पत्रिकाओं के पन्नों पर सालों तक राज किया। दोनों का रिश्ता केवल दोस्ती या अफेयर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों ने कुछ समय तक एक साथ रहकर लिव-इन रिलेशनशिप भी बिताया था। उस दौर में जब बड़े पर्दे पर ज्यादा बोल्डनेस दिखाने से सितारे कतराते थे, तब इन दोनों ने कैमरे के सामने बेहद आक्रामक, भावुक और इंटीमेट सीन्स देकर दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों को भी दंग कर दिया था।फिल्म 'अग्नि साक्षी' के सेट पर जगी थी दोनों के बीच मोहब्बत की चिंगारीसाल 1996 में रिलीज हुई निर्देशक पार्थो घोष की साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म 'अग्नि साक्षी' हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित हुई थी। इस फिल्म में नाना पाटेकर ने एक जुनूनी, सनकी और अपनी पत्नी पर हक जताने वाले पति 'विश्वनाथ' का किरदार निभाया था, जबकि मनीषा कोइराला उनकी प्रताड़ित पत्नी 'शिवांगी' की भूमिका में थीं। फिल्म की पटकथा जितनी आक्रामक और तनावपूर्ण थी, कैमरे के सामने दोनों की अदाकारी उतनी ही जीवंत थी। कहानी की मांग के अनुसार दोनों कलाकारों ने बिना किसी हिचकिचाहट के कई बेहद इंटेंस, भावुक और क्लोज इंटीमेट सीन्स शूट किए थे। शूटिंग के दौरान ही दोनों के बीच की ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री परवान चढ़ने लगी थी। नाना पाटेकर का रौबदार व्यक्तित्व और मनीषा की मासूमियत ने दोनों को एक-दूसरे के बेहद करीब ला दिया और देखते ही देखते यह पेशेवर रिश्ता एक गंभीर प्रेम संबंध में तब्दील हो गया।लिव-इन रिलेशनशिप और दोनों के स्वाभाव का जटिल तालमेलफिल्म 'अग्नि साक्षी' के बाद यह रिश्ता सिर्फ सेट तक सीमित नहीं रहा। 90 के दशक की प्रमुख फिल्मी पत्रिकाओं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। नाना पाटेकर उस समय अपनी पत्नी नीलकांति से अलग रह रहे थे, हालांकि उनका कानूनी रूप से तलाक नहीं हुआ था। मनीषा कोइराला अक्सर नाना के घर पर समय बिताती थीं और दोनों सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी एक-दूसरे की मौजूदगी को छिपाते नहीं थे। नाना पाटेकर का स्वभाव बेहद सादगी पसंद, जमीन से जुड़ा और थोड़ा गुस्से वाला था, वहीं मनीषा शाही नेपाली परिवार से ताल्लुक रखती थीं और उनकी जीवनशैली बेहद ग्लैमरस थी। इसके बावजूद दोनों का प्यार इतना गहरा था कि नाना पाटेकर ने एक बार एक साक्षात्कार में मनीषा की तारीफ करते हुए कहा था कि वह इतनी संवेदनशील और मासूम हैं कि अगर कोई रो दे तो वह भी रोने लगती हैं।जब शादी की जिद और तीसरी अभिनेत्री के आने से टूट गया रिश्ताहर प्रेम कहानी की तरह इस रिश्ते में भी एक ऐसा मोड़ आया जिसने सब कुछ तबाह कर दिया। मनीषा कोइराला नाना पाटेकर के साथ अपने रिश्ते को एक मुकम्मल नाम देना चाहती थीं और उनसे शादी करने की ख्वाहिश रखती थीं। लेकिन नाना पाटेकर पहले से शादीशुदा थे और अपनी पत्नी को औपचारिक तलाक देने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बीच बॉलीवुड गलियारों में यह खबर तेजी से फैली कि नाना पाटेकर की नजदीकियां फिल्म 'आंच' की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री आयशा जुल्का के साथ भी बढ़ने लगी हैं। इस बात को लेकर मनीषा और नाना के बीच तीखे विवाद और मतभेद शुरू हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार एक दिन मनीषा ने नाना पाटेकर और आयशा जुल्का को एक साथ देख लिया था, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ और मनीषा ने इस रिश्ते से हमेशा-हमेशा के लिए अपने कदम पीछे खींच लिए। दोनों का लिव-इन रिश्ता एक कड़वे मोड़ पर आकर बिखर गया।ब्रेकअप के बावजूद पेशेवर मर्यादा: पर्दे पर बने पिता और बेटीरिश्ते में आई भारी कड़वाहट और दिल टूटने के बावजूद दोनों कलाकारों ने कभी अपनी निजी जिंदगी को काम के आड़े नहीं आने दिया। उसी दौर में जब दोनों के ब्रेकअप की खबरें गर्म थीं, निर्देशक संजय लीला भंसाली ने दोनों को अपनी क्लासिक फिल्म 'खामोशी: द म्यूजिकल' (1996) में कास्ट किया। इस फिल्म में दोनों ने प्रेमी-प्रेमिका नहीं, बल्कि मूक-बधिर माता-पिता और बेटी का किरदार निभाया। नाना पाटेकर ने जोसेफ ब्रागांजा (पिता) और मनीषा ने एनी (बेटी) की भूमिका में ऐसा कालजयी अभिनय किया जिसे आज भी भारतीय सिनेमा के बेहतरीन सिनेमाई प्रदर्शनों में गिना जाता है। सेट पर दोनों ने एक-दूसरे के साथ पूरी पेशेवर गरिमा बनाए रखी और अपने निजी दर्द को शानदार अभिनय के पीछे छिपा लिया।आज भी याद किया जाता है 90 के दशक का वो तूफानी अफेयरसमय बीतने के साथ दोनों की राहें पूरी तरह अलग हो गईं। मनीषा कोइराला ने बाद में अपनी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात दी और वेब सीरीज 'हीरामंडी' के जरिए एक बार फिर अपने अभिनय का परचम लहराया। वहीं नाना पाटेकर ने भी फिल्मों के साथ-साथ समाज सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। वर्षों बाद भी जब कभी दोनों से एक-दूसरे के बारे में पूछा जाता है, तो दोनों ने कभी भी एक-दूसरे पर कीचड़ नहीं उछाला, बल्कि एक-दूसरे की अदाकारी और प्रतिभा का सम्मान ही किया। 90 के दशक का यह रिश्ता आज भी बॉलीवुड के इतिहास में सबसे चर्चित, तीव्र और अधूरा रह जाने वाला प्रेम अध्याय माना जाता है।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग बोले- Sachin Pilot टिकट न भी दें, Rahul Gandhi का सिपाही रहूंगा
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के कुछ दिन बाद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने रविवार को कहा कि भले ही वह पद से हट गए हैं या प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट देने से इनकार कर दें, लेकिन वह राहुल गांधी के सिपाही के रूप में कांग्रेस का झंडा बुलंद करते रहेंगे। लुधियाना से लोकसभा सदस्य वडिंग ने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए पार्टी में कई लोग उनके खिलाफ थे और हो सकता है कि वे आगे भी ऐसा करते रहें। उनकी इस टिप्पणी को प्रदेश इकाई में उनके आलोचकों पर निशाने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, वडिंग ने कहा कि वह पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह को पूरा समर्थन देंगे। परगट सिंह ने रविवार को कांग्रेस भवन में आयोजित एक समारोह में कार्यभार संभाला, जिसमें पायलट समेत कई अन्य लोग भी शामिल हुए। समारोह से पहले वडिंग ने सेक्टर 15 स्थित पार्टी मुख्यालय के पास सेक्टर 10 में किराये के एक मकान में बैठक की। इसमें कांग्रेस नेता ब्रह्म मोहिंद्रा, राणा के. पी. सिंह, सुरिंदर डावर, अनिल जोशी, सिमरजीत सिंह बैंस, हरदयाल कंबोज, मालविका सूद और उनके समर्थक शामिल हुए। इस बैठक को वडिंग के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस आलाकमान के 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले नेतृत्व में बदलाव का फैसला करने के बाद, वडिंग ने एक अक्टूबर को पंजाब कांग्रेस प्रमुख का पद छोड़ दिया। रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए वडिंग ने कहा कि पंजाब में अगली सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर कांग्रेस एकजुट है। उन्होंने कहा, इसके अलावा कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है। राजा वडिंग भले ही पद से हट गया हो, लेकिन मेरा काम पार्टी का झंडा बुलंद रखना है। बाद में कांग्रेस भवन में आयोजित समारोह में पायलट की मौजूदगी में वडिंग ने कहा कि वह राहुल गांधी के सिपाही हैं। उन्होंने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि कई लोग राजा वडिंग के खिलाफ थे और आगे भी ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मैं किसी का विरोध नहीं कर रहा हूं।
Akshara Singh Song: अक्षरा सिंह ना केवल शानदार एक्ट्रेस हैं बल्कि एक जबरदस्त सिंगर भी हैं. उनका गाना 'मेरे दुबले पिया' इस बात का सबूत है. साल 2024 में आया ये गाना यूट्यूब पर 50 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है.
भोजपुरी सिनेमा इंडस्ट्री में जब भी सबसे यादगार और स्क्रीन पर आग लगाने वाली ऑनस्क्रीन जोड़ियों की चर्चा होती है, तो उसमें अक्षरा सिंह और पवन सिंह की केमिस्ट्री का नाम सबसे ऊपर आता है। भले ही दोनों सितारे अब अपने-अपने करियर की राहों पर अलग-अलग मुकाम हासिल कर चुके हों, लेकिन यूट्यूब के विशाल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जब भी उनके पुराने क्लासिक म्यूजिक वीडियो दोबारा सतह पर आते हैं, तो दर्शकों का हुजूम उमड़ पड़ता है। हाल ही में प्राकृतिक वादियों और खूबसूरत झरने की पृष्ठभूमि में फिल्माया गया उनका एक ब्लॉकबस्टर रोमांटिक गाना सोशल मीडिया रील्स, शॉर्ट्स और यूट्यूब ट्रेंड्स में अचानक से दोबारा ट्रेंडिंग लिस्ट में दाखिल हो गया है। भोजपुरी गानों के शौकीन दर्शक इस गाने की ताजगी, दिलकश धुनों और अक्षरा सिंह के दिलकश अंदाज को देखकर एक बार फिर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। यह वीडियो साबित करता है कि भोजपुरी संगीत का जादू केवल रिलीज के समय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सालों बाद भी डिजिटल ऑडियंस को अपनी ओर खींचने की जबरदस्त ताकत रखता है।प्राकृतिक वादियों और झरने के बीच फिल्माया गया यादगार रोमांटिक सीक्वेंसइस सुपरहिट गाने की सबसे बड़ी खासियत इसका लोकेशन और सिनेमैटोग्राफी है, जिसे उत्तर भारत और नेपाल के शांत पहाड़ी इलाकों के खूबसूरत झरनों के बीच शूट किया गया था। गाने के विजुअल्स में कलकल बहते ठंडे पानी की फुहारों के बीच अभिनेता और अक्षरा सिंह के बीच बेहद रोमांटिक, भावुक और हाई-एनर्जी सीन्स दिखाए गए हैं। पारंपरिक भोजपुरी फिल्मों के मुकाबले इस गाने का प्रस्तुतीकरण काफी आधुनिक और सिनेमैटिक अंदाज में किया गया था, जिसमें हीरो और हीरोइन के बीच की नोकझोंक और करीबियों को बेहद खूबसूरती से कैमरे में कैद किया गया है। अक्षरा सिंह ने इस गाने में पारंपरिक भारतीय परिधान के साथ-साथ मॉडर्न लुक का ऐसा बेहतरीन संगम पेश किया है जो उनके फैंस को आज भी दीवाना बना देता है। पानी की बूंदों के बीच फिल्माए गए इस डांस सीक्वेंस ने गाने की ऊर्जा को दोगुना कर दिया है, जिसके चलते यह वीडियो आज भी भोजपुरी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय रेन और वाटरफॉल गानों की फेहरिस्त में शीर्ष पर गिना जाता है।अक्षरा सिंह और पवन सिंह की आइकॉनिक जोड़ी का डिजिटल साम्राज्यभोजपुरी सिनेमा के इतिहास में पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जोड़ी को 'गोल्डन पेयर' माना जाता रहा है। दोनों ने साथ में दर्जनों सिल्वर जुबली फिल्में और सैकड़ों चार्टबस्टर गाने दिए हैं। इस विशेष गाने में भी पवन सिंह की जोशीली आवाज और ऑनस्क्रीन स्वैग के साथ अक्षरा सिंह के सधे हुए डांस स्टेप्स और कमाल के फेशियल एक्सप्रेशंस ने ऐसा समां बांधा कि दर्शकों के लिए नजरें हटाना मुश्किल हो जाता है। भोजपुरी संगीत प्रेमियों का मानना है कि इस गाने में दोनों कलाकारों के बीच जो स्वाभाविक कम्फर्ट और सिजलिंग केमिस्ट्री नजर आती है, वह मौजूदा दौर के कई नए गानों में देखने को नहीं मिलती। यही वजह है कि जब भी किसी रोमांटिक गाने का जिक्र होता है, तो भोजपुरी ऑडियंस तुरंत इस वीडियो को सर्च करने लगती है। यूट्यूब पर इस वीडियो के नीचे लाखों प्रशंसकों के भावुक और तारीफों से भरे कमेंट्स इस बात की गवाही देते हैं कि यह जोड़ी आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई है।यूट्यूब पर व्यूज का तूफान और सोशल मीडिया रील्स पर जबरदस्त क्रेजडिजिटल युग में किसी भी गाने की असली सफलता उसके व्यूज और सोशल मीडिया इंगेजमेंट से मापी जाती है। इस गाने को यूट्यूब पर विभिन्न म्यूजिक चैनलों पर अब तक कई करोड़ बार देखा जा चुका है और इसके कुल व्यूज का आंकड़ा 100 मिलियन (10 करोड़) के पार निकल चुका है। केवल फुल वीडियो ही नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम रील्स, फेसबुक वॉच और मोज ऐप जैसे शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर भी इस गाने की ऑडियो क्लिप पर लाखों क्रिएटर्स ने अपने डांस वीडियो बनाए हैं। खासकर गाने के हुक-स्टेप और झरने वाले सीक्वेंस के छोटे-छोटे कट्स रील्स पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी के युवा भी इस क्लासिक गाने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। म्यूजिक एनालिस्ट्स का कहना है कि जब कोई पुराना गाना एल्गोरिदम के जरिए दोबारा पुश पाता है, तो वह यह दर्शाता है कि उसकी संगीत संरचना और विजुअल अपील में कालजयी आकर्षण मौजूद है।दमदार गायकी और कर्णप्रिय संगीत ने बनाया गाने को एवरग्रीनकिसी भी गाने को लंबे समय तक जीवंत रखने में उसके संगीतकार और गीतकार का सबसे बड़ा योगदान होता है। इस गाने की धुन बेहद तेज तर्रार और कानों को भाने वाली है, जिसमें पारंपरिक ढोलक, हारमोनियम और बांसुरी के साथ-साथ आधुनिक सिंथेसाइजर बीट्स का संतुलित प्रयोग किया गया है। पवन सिंह की बुलंद और दिल को छू लेने वाली आवाज ने गाने के भाव को जीवंत कर दिया है, जबकि उनके साथ महिला गायिका की सुरीली तान ने अक्षरा सिंह के स्क्रीन प्रेजेंस को पूरा न्याय दिया है। गाने के बोल बेहद सहज, देहाती रोमांस से भरे और आम बोलचाल की अवधी-भोजपुरी भाषा से जुड़े हुए हैं, जिससे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और नेपाल के तराई क्षेत्रों के श्रोता खुद को सीधे तौर पर इस गीत से जोड़ पाते हैं। यही संगीतमय गहराई इस गाने को सिर्फ एक बार सुनकर भूल जाने वाला ट्रैक नहीं, बल्कि बार-बार रिपीट मोड पर बजाया जाने वाला एवरग्रीन हिट बनाती है।भोजपुरी सिनेमा की बदलती छवि और अक्षरा सिंह का सोलो स्टारडमयह गाना न केवल मनोरंजन का एक बेहतरीन जरिया है, बल्कि यह भोजपुरी सिनेमा के उस दौर का भी प्रतीक है जब इंडस्ट्री ने बड़े बजट, आउटडोर शूटिंग और बेहतरीन प्रोडक्शन वैल्यू की ओर कदम बढ़ाए थे। वर्तमान में अक्षरा सिंह केवल एक सह-कलाकार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भोजपुरी इंडस्ट्री की सबसे बड़ी महिला सुपरस्टार और स्वतंत्र गायिका बनकर उभरी हैं। वे अपने दम पर म्यूजिक वीडियो हिट कराने का माद्दा रखती हैं और उनके सोलो गानों को भी करोड़ों व्यूज मिलते हैं। इसके बावजूद, अपने करियर के शुरुआती और स्वर्णिम दौर के इस झरने वाले रोमांटिक गाने को वे आज भी अपने करियर के खास पलों में से एक मानती हैं। यह गाना आज भी यह साबित करता है कि जब बेहतरीन संगीत, खूबसूरत लोकेशन और दमदार अदाकारी एक साथ मिलते हैं, तो वह इतिहास रच देते हैं और समय बीतने के बाद भी उनका जादू कभी फीका नहीं पड़ता।
AI, परमाणु युद्ध और बायो-वेपन्स अगले 75 सालों में इंसानों के खात्मे का कारण बन सकते हैं: रिपोर्ट
आकलन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहायता में भारी कटौती या उसके बंद होने से 2100 तक 1.5 अरब तक स्वस्थ जीवन-वर्षों का नुकसान हो सकता है. इनमें से लगभग 70% नुकसान सब-सहारा अफ्रीका में हो सकता है.
सूरत के GMC में छात्र आत्महत्या मामले में दो सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अरेस्ट
गुजरात के सूरत स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर (पीजी) के प्रथम वर्ष के एक छात्र की आत्महत्या के दो महीने से अधिक समय बाद पुलिस ने इस सिलसिले में रविवार को दो वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों को गिरफ्तार किया। उन पर छात्र और नौ अन्य लोगों को व्यवस्थित तरीके से प्रताड़ित करने और रैगिंग करने का आरोप है। सहायक पुलिस आयुक्त जेड आर देसाई ने बताया कि आरोपी चिकित्सक दीक्षिता घेवरिया और हिना भट को हर्ष पांड्या की मौत के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार रहने के बाद पकड़ा गया। पांड्या नौ अगस्त को अपने छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका मिला था। पांड्या का शव नौ अगस्त की सुबह मिलने के बाद पुलिस ने न्यू सिविल अस्पताल से संबद्ध सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के द्वितीय वर्ष के चार पीजी छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। देसाई ने कहा, ‘‘चार रेजिडेंट चिकित्सकों में से दो को रविवार को गिरफ्तार किया गया। रैगिंग-रोधी समिति के अनुसार, आरोपी पांड्या की रैगिंग करने में शामिल थे, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।’’उन्होंने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के घरों में छिपे हुए थे और मामले को रद्द कराने के लिए याचिकाएं भी दायर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दो अन्य आरोपियों -निराली वासावे और अनुज माहेश्वरी- को अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। खटोदरा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 54 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। संस्थान की ओर से दर्ज शिकायत के अनुसार, द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सकों को प्रथम वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सकों को कोई काम सौंपने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के प्रथम वर्ष के 10 रेजिडेंट चिकित्सकों को प्रताड़ित किया। देसाई ने कहा कि पांड्या ने मार्च-अप्रैल में दाखिला लिया था और इसके बाद तीन से चार महीने तक उसकी रैगिंग की जाती रही। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी, डॉक्टर पांड्या और अन्य छात्रों को अपमानित करते थे, उन्हें मौखिक रूप से प्रताड़ित करते थे और संकाय सदस्यों से झूठी शिकायत करते थे कि वे अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं कर रहे हैं। शिकायत के अनुसार, पांच अगस्त को वरिष्ठ छात्रों ने व्हाट्सऐप संदेश भेजकर प्रथम वर्ष के छात्रों को सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की सीरोलॉजी प्रयोगशाला में बुलाया। वहां उन्हें कथित तौर पर दो घंटे तक अवैध रूप से रोके रखा गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अभद्र टिप्पणियां कर अपमानित किया गया। मामले की जांच के लिए गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. सुमैया मुल्ला और संकाय सदस्यों डॉ. संगीता राजदे, डॉ. योगिता मिस्त्री तथा डॉ. लतिका पुरोहित को ‘कारण बताओ नोटिस’ भी जारी किए थे। रैगिंग-रोधी समिति ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग में कार्यरत वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, तकनीशियनों और सफाईकर्मियों के बयान दर्ज किए थे। यह कार्रवाई प्रथम वर्ष के नौ रेजिडेंट चिकित्सकों और मृतक छात्र के पिता की शिकायतों के आधार पर की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शारीरिक प्रताड़ना या इस तरह की प्रताड़ना के कारण छात्र की मौत होने का कोई सबूत नहीं मिला।
'द डर्टी पिक्चर 2' पर एकता कपूर की मुहर, कहानी पर भी दिया हिंट
एकता कपूर ने 'द डर्टी पिक्चर 2' बनाने की योजना की पुष्टि की है और इसे एक ऐसी महिला की कहानी बताया है जो अपनी सेक्सुअलिटी को खुलकर अपनाती है. इस प्रोजेक्ट की कास्ट, कहानी और रिलीज़ की तारीख के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.
'कल पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा...', राहुल गांधी बोले- संविधान बचाने को साथ आएं लोग
राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. उन्होंने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है. इस मार्च में INDIA ब्लॉक के कई नेताओं के शामिल होने की संभावना है.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) छात्रों और संकाय सदस्यों के मनोवैज्ञानिक कल्याण के लिए मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों का एक स्थायी संवर्ग बनाने पर विचार कर रहे हैं।
MPSC चेयरमैन के इस्तीफे पर Rohit Pawar ने महाराष्ट्र सरकार को दिया रविवार तक का अल्टीमेटम
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमन्वार के इस्तीफे की मांग को लेकर पुणे में जारी आंदोलन और तेज हो सकता है, क्योंकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-शप) के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार से रविवार शाम तक अपना रुख साफ करने को कहा है। अभ्यर्थी भीमन्वार के इस्तीफे और एमपीएससी में सुधार की मांग को लेकर पुणे में एसएम जोशी पुल पर पिछले दस दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। पवार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आगे की कार्रवाई की घोषणा रविवार शाम को की जाएगी।’’पुणे पुलिस ने बिना इजाजत विरोध-प्रदर्शन करने, यातायात में रुकावट डालने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में आंदोलन के 15 प्रतिनिधियों के खिलाफ दो दिन पहले मामला दर्ज किया था। इसके अलावा, प्रदर्शन स्थल पर ड्रोन उड़ाने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामले दर्ज होने के बाद पवार विश्रामबाग थाने पहुंचे और मांग की कि उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जाए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे कहा कि जांच के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। पवार ने दावा किया कि इस मुद्दे से लगभग 25 लाख छात्र सीधे या परोक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया कि वह ‘‘एमपीएससी अध्यक्ष भीमन्वार के साथ अपनी दोस्ती से ऊपर उठकर’’ अभ्यर्थियों की चिंताओं को प्राथमिकता दें। पवार ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों ने आयोग में सुधार के लिए प्रस्तावित बदलावों का एक मसौदा सौंपा है और छात्रों ने इस दस्तावेज का समर्थन किया है।’’उन्होंने सरकार पर प्रदर्शनकारियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, क्योंकि उनमें से कई गरीब परिवारों से हैं। पवार ने कहा कि अगर छात्र, उनके परिवार के सदस्य और अन्य नागरिक बड़ी संख्या में इसमें शामिल होते हैं, तो आंदोलन एक अलग मोड़ ले सकता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता गोपीचंद पडलकर की आलोचना का जवाब देते हुए पवार ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों को ‘‘अर्बन नक्सल’’, ‘‘इंटेलेक्चुअल नक्सल’’ और विरोध-प्रदर्शन के लिए पैसे लेने वाले लोग कहा गया। राकांपा (शप) के नेता ने सत्ताधारी पक्ष पर आंदोलन का मजाक उड़ाने और उसे महज एक तमाशा बताने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें गरीब छात्रों, किसानों और खेतिहर मजदूरों के बच्चों का मजाक उड़ाने के बराबर हैं। पवार ने कहा कि एमपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए फडणवीस जिम्मेदार हैं और उन्हें इस मामले में फैसला लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आयोग में सुधार के लिए बनाई जाने वाली समिति में एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे जैसे काबिल अधिकारियों को शामिल किया जाए। पवार ने आयोग के कामकाज की व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि इसके चौकीदार से लेकर अध्यक्ष तक, सभी की जांच होनी चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सूखे के हालात के बावजूद किसानों, खेतिहर मजदूरों और छात्रों को आर्थिक मदद न मिलने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना भी की।
विदेशी अंशदान को नियमित करना आज के समय की आवश्यकता
वैश्विक स्तर पर आज विभिन्न देशों के बीच भौगोलिक सीमाएं जैसे समाप्त सी होती दिखाई दे रही हैं। एक तरह से आज हम एक वैश्विक गांव में निवास कर रहे हैं। इन परिस्थितियों के बीच एक देश से दूसरे देश में सहायता के रूप में धनराशि को हस्तांतरित करना भी बहुत आसान बन गया है। […] The post विदेशी अंशदान को नियमित करना आज के समय की आवश्यकता appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
सीएम मोहन यादव ने संदीपनी विद्यालय का उद्घाटन किया, बस सेवाओं की शुरुआत की, पेंशन हस्तांतरित की और 21 विकास परियोजना
'बिना शर्त दें 5110 करोड़ का बकाया', चेन्नई में प्रधानमंत्री के सामने बोले CM विजय
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चेन्नई मेट्रो फेज-3 को जल्द मंजूरी देने की मांग की. विजय ने SSA के तहत तमिलनाडु के लिए 5,110 करोड़ रुपये की पेंडिंग सेंटर राशि जारी करने की भी मांग की.
Virat के अचानक संन्यास पर वसीम जाफर ने तोड़ी चुप्पी!
विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने के फैसले पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर का मानना है कि कोहली इस बात से खुश नहीं थे कि उनके संन्यास के पूरे मामले को कैसे संभाला गया. जाफर ने चयनकर्ताओं के वरिष्ठ खिलाड़ियों से व्यवहार पर भी सवाल उठाए. हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि कोहली की असली वजह वही बता सकते हैं.
12 October History: नवाज शरीफ को हटाकर Pervez Musharraf ने हथियाई थी पाकिस्तान की सत्ता
इतिहास के पन्नों में 12 अक्टूबर का दिन पड़ोसी देश पाकिस्तान में सेना प्रमुख के हाथों सरकार के तख्तापलट के दिन के तौर पर दर्ज है। दरअसल 1999 में इसी दिन देश के तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार का तख्तापलट कर शासन की बागडोर अपने हाथ में ले ली थी। इस रक्तविहीन क्रांति में नवाज पर श्रीलंका से आ रहे मुशर्रफ के विमान का अपहरण करने और आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उन्हें परिवार के 40 सदस्यों के साथ सऊदी अरब निर्वासित कर दिया गया। देश-दुनिया के इतिहास में 12 अक्टूबर की तारीख में दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-1492 : इटली के खोजकर्ता क्रिस्टोफर कोलंबस की ऐतिहासिक खोज यात्रा पर निकले तीन जहाजों में से एक पर सवार लोगों ने बहामा में वाटलिंग द्वीप देखा। इसे एक नयी दुनिया की खोज कहा गया। 1967 : राजनीतिज्ञ और सामाजिक सरोकारों से जुड़े नेता राम मनोहर लोहिया का निधन। लोहिया को उनके नवाचारी विचारों के लिए याद किया जाता है। 1999 : पाकिस्तान में परवेज मुशर्रफ ने रक्तविहीन क्रांति कर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार का तख्ता पलटा और सत्ता हथिया ली। 1999 : संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या कोष के अनुमान के अनुसार, यह 12 अक्टूबर का ही दिन था, जब दुनिया की आबादी ने छह अरब का आंकड़ा छू लिया। 2000 : यमन के बंदरगाह अदन में ईंधन भरने की तैयारी कर रहे अमेरिका के विध्वंसक पोत पर अलकायदा से जुड़े आत्मघाती आतंकवादियों ने हमला किया, 17 नाविकों की मौत। 2001 : संयुक्त राष्ट्र और इसके महासचिव कोफी अन्नान को सदी का पहला नोबेल शांति सम्मान प्रदान किया गया। 2011 : भारत ने मानसून के मिजाज के अध्ययन के लिए एक उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया। 2018 : ओडिशा में ‘तितली’ चक्रवात के कारण भारी बारिश और बाढ़ से 60 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित। 2023: साल 2016 में पठानकोट में वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले के मुख्य षड्यंत्रकर्ता शाहिद लतीफ की पाकिस्तान में हत्या। 2024: कोस्टारिका के प्रशांत महासागर तट पर 6.2 तीव्रता का भूकंप।
CISF की मुस्तैदी से गोवा एयरपोर्ट पर दो ऐसे लोगों को पकड़ गया है, जिनके पास ब्लूटूथ से परीक्षा में नकल करने वाले डिवाइस थे। आरोपियों के पास से दो एडमिट कार्ड भी मिले हैं।
अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी ने इंडीज के खिलाफ भारत को 223 रनों तक पहुंचाया
INDvsWI अभिषेक शर्मा की 67 रनों की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर के होलकर स्टेडियम में 20 ओवर में 10 विकेटों के नुकसान पर 223 रन बना लिए। यह पारी बंद चालू मोटर की तरह रही। एक समय ऐसा लग रहा था भारत रांची टी-20 से ज्यादा रन ...
मैदान के बाहर मंधाना की नई पारी, सचिन ने किया स्वागत
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना अब मैदान के बाहर भी नई जिम्मेदारी निभाएंगी. वह यूनिसेफ इंडिया से सेलिब्रिटी एडवोकेट के तौर पर जुड़ी हैं. इस पहल के जरिए वह बच्चों के अधिकार, लैंगिक समानता और लड़कियों को आगे बढ़ने के समान अवसर दिलाने के लिए आवाज उठाएंगी. सचिन तेंदुलकर ने उनका स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि स्मृति बच्चों के अधिकारों के लिए प्रभावशाली आवाज बनेंगी.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में सक्रिय एक प्रमुख कॉर्पोरेट कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अपनी अब तक की सबसे बड़ी और आक्रामक कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने व्यापक स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी, अवैध फंड डायवर्जन और हवाला नेटवर्क के जरिए धन शोधन के गंभीर आरोपों के आधार पर कंपनी और उसके सिंडिकेट से जुड़े 139 बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज (Freeze) कर दिया है। कोलकाता और आसपास के कई संवेदनशील जिलों में एक साथ की गई इस मैराथन छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों ने कंपनी के कर्ता-धर्ताओं द्वारा अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से खरीदी गई तीन बेहद महंगी लग्जरी गाड़ियां, भारी मात्रा में नकदी, डिजिटल उपकरण और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। एजेंसी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद राज्य के कॉर्पोरेट और राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है।राज्य भर में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी और बरामदगी का पूरा ब्योराएजेंसी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की विशेष टीमों ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF) के कड़े सुरक्षा घेरे में कोलकाता के साल्ट लेक, न्यू टाउन, अलीपुर और पार्क स्ट्रीट सहित हावड़ा और उत्तर 24 परगना स्थित कंपनी के पंजीकृत कॉर्पोरेट कार्यालयों, शाखाओं और निदेशकों के आलीशान निजी आवासों पर एक साथ धावा बोला। जांच टीम ने कई दिनों की रेकी और वित्तीय इंटेलिजेंस इनपुट के बाद यह समन्वित तलाशी अभियान शुरू किया था। घंटों चली सघन जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कंपनी के कर्ता-धर्ता विदेशों और विभिन्न फर्जी कंपनियों में पैसे भेजने के लिए एक समानांतर बैंकिंग व्यवस्था चला रहे थे। छापेमारी स्थल से मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी 3 लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं, जिनका इस्तेमाल फंड हेरफेर के मुख्य आरोपी अपनी बेनामी संपत्तियों के दौरों के लिए कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रॉनिक लॉकर, हार्ड ड्राइव, लैपटॉप और मोबाइल फोन से भारी मात्रा में एन्क्रिप्टेड डेटा बरामद हुआ है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।139 बैंक अकाउंट फ्रीज: शेल कंपनियों और डमी निदेशकों का विशाल मकड़जालजांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा बैंक खातों के विश्लेषण से सामने आया है। एजेंसी ने प्राथमिक जांच में पाया कि इस कंपनी ने साधारण आमदनी वाले गरीब और अनजान लोगों के पैन कार्ड, आधार कार्ड और केवाईसी (KYC) दस्तावेजों का दुरुपयोग कर दर्जनों मुखौटा या शेल कंपनियां (Shell Companies) पंजीकृत करा रखी थीं। इन कंपनियों के नाम पर विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों में 139 अलग-अलग खाते खोले गए थे, जिनमें लेन-देन की कुल मात्रा करोड़ों रुपये तक पहुंचती है। इन खातों में भारी मात्रा में नकद जमा (Cash Deposits) कराया जाता था और फिर लेयरिंग (Layering) की तकनीक के जरिए पैसे को कई खातों में घुमाकर मुख्य कंपनी के बही-खातों में वैध निवेश या अनसिक्योर्ड लोन के रूप में दिखाया जाता था। जांच अधिकारियों ने मनी ट्रेल को और आगे फैलने से रोकने के लिए बैंकिंग तंत्र को नोटिस भेजकर सभी 139 खातों के संचालन पर तत्काल पूर्ण रोक लगा दी है, जिससे कंपनी की करोड़ों रुपये की कार्यशील पूंजी अटक गई है।निवेशकों की गाढ़ी कमाई की ठगी और अवैध डायवर्जन का पूरा खेलईडी की यह कार्रवाई राज्य पुलिस और केंद्रीय वित्तीय जांच एजेंसियों द्वारा दर्ज की गई प्राथमिक प्राथमिकियों (FIRs) और शिकायतों के आधार पर शुरू हुई थी। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने सार्वजनिक तौर पर आकर्षक ब्याज दरों, रियल एस्टेट निवेश और पोंजी-स्टाइल उच्च रिटर्न योजनाओं का झांसा देकर हजारों आम निवेशकों और मध्यमवर्गीय परिवारों से भारी धनराशि जुटाई थी। जब निवेशकों की परिपक्वता (Maturity) का समय आया, तो कंपनी प्रबंधन ने भुगतान में डिफॉल्ट करना शुरू कर दिया और फंड को दूसरी सहयोगी कंपनियों में डायवर्ट कर दिया गया। बैंक ऋणों के मद में स्वीकृत करोड़ों रुपये की पूंजी को भी तय व्यावसायिक परियोजनाओं में लगाने के बजाय निजी विलासिता, महंगी कारों की खरीद और बेनामी अचल संपत्तियों के अधिग्रहण में खर्च कर दिया गया था।हवाला चैनलों और सीमा पार वित्तीय लेन-देन की जांच तेजप्रवर्तन निदेशालय अब इस मामले में अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल और हवाला नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गया है। पश्चिम बंगाल की भौगोलिक स्थिति अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटी होने के कारण एजेंसी को आशंका है कि इन 139 बैंक खातों से निकाली गई नकदी का एक बड़ा हिस्सा अनौपचारिक हवाला ऑपरेटरों के जरिए सीमा पार विदेशी खातों या टैक्स हेवन देशों में ट्रांसफर किया गया हो सकता है। जब्त किए गए कंप्यूटरों से कई विदेशी ट्रांजेक्शन आईडी, बेनामी इनवॉइस और फर्जी बिलिंग के पुख्ता सुराग मिले हैं। ईडी ने कंपनी के मुख्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और वित्तीय सलाहकारों को भी जांच के दायरे में ले लिया है, जिन्होंने इस पूरे शेल कंपनी नेटवर्क को डिजाइन करने में कानूनी और तकनीकी मदद मुहैया कराई थी।निदेशकों को समन और कड़े पीएमएलए प्रावधानों के तहत आगे की तैयारीबैंक खातों को फ्रीज करने और चल संपत्तियों की जब्ती के बाद ईडी ने कंपनी के निदेशकों, शेयरधारकों और प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारियों (KMPs) को पूछताछ के लिए सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex) के जोनल कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए सख्त कानूनी समन जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं करते हैं या जब्त किए गए फंड और लग्जरी वाहनों के खरीद स्रोतों का वैध हिसाब नहीं दे पाते हैं, तो पीएमएलए की धारा 19 के तहत उनकी औपचारिक गिरफ्तारी भी की जा सकती है। इसके साथ ही, एजेंसी द्वारा आने वाले दिनों में कंपनी की बहुमंजिला इमारतों, व्यावसायिक प्लॉट्स और अन्य अचल परिसंपत्तियों को कुर्क (Provisional Attachment) करने के लिए नोटिस तैयार किए जा रहे हैं।
Brezza-Nexon की टेंशन! इस दिन आ रही महिंद्रा की CNG एसयूवी
Mahindra XUV 3XO CNG को हाल ही में टेस्टिंग के दौरान स्पॉट किया गया है. ये महिंद्रा की तरफ से पेश की जाने वाली पहली कंपनी फिटेड सीएनजी कार होगी. जिसे आगामी 15 अक्टूबर को भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा. अब इसकी पहली झलक सामने आई है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था के नाम पर इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने तथा मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार बंद किए जाने की प्रशासनिक कार्यशैली पर देश की सर्वोच्च अदालत ने बेहद कड़ा ऐतराज जताया है। सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ ने इस मुद्दे को नागरिकों के बुनियादी मौलिक अधिकारों और दैनिक जीवन में आवागमन की स्वतंत्रता से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय करार दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी की कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन हर छोटे-बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक परिवहन तंत्र को ठप कर देना और इंटरनेट बंद कर देना आम जनता के लिए अनुचित प्रताड़ना का कारण बन रहा है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के गृह सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को औपचारिक नोटिस जारी कर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: सार्वजनिक असुविधा और संवैधानिक अधिकारों का टकरावसुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली पीठ ने मौखिक टिप्पणियों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में या इसे रोकने के लिए पूरी राजधानी के जनजीवन को बंधक नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने कहा कि लुटियंस दिल्ली, मध्य दिल्ली या संवेदनशील इलाकों में प्रदर्शन के आह्वान मात्र से डीएमआरसी (DMRC) के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को घंटों या पूरे दिन के लिए बंद कर दिया जाता है। इससे अस्पताल जाने वाले मरीजों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा के परीक्षार्थियों और दफ्तर जाने वाले कामकाजी लोगों को भारी जाम और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। अदालत ने सख्त लहजे में पूछा कि क्या कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे और संचार माध्यमों को बंद करना ही एकमात्र प्रशासनिक विकल्प रह गया है?इंटरनेट शटडाउन और मेट्रो स्टेशन सील करने के मानक नियमों पर सवालयाचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष विस्तृत आंकड़े पेश करते हुए तर्क दिया कि दिल्ली जैसे संवेदनशील महानगर में टेलीकॉम सस्पेंशन रूल्स (इंटरनेट निलंबन नियम) और धारा 144 का इस्तेमाल नियमित प्रशासनिक हथियार की तरह किया जाने लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए सवाल किया कि क्या स्टेशन बंद करने या मोबाइल इंटरनेट डेटा ब्लॉक करने से पहले किसी भी स्तर पर 'आनुपातिकता के सिद्धांत' (Doctrine of Proportionality) का परीक्षण किया जाता है? अदालत ने अनुराधा भसीन बनाम भारत संघ के ऐतिहासिक फैसले की नजीर याद दिलाते हुए दोहराया कि इंटरनेट का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अभिन्न हिस्सा है और इसका निलंबन केवल अपरिहार्य राष्ट्रीय सुरक्षा संकट की स्थिति में ही न्यूनतम समय के लिए किया जा सकता है। मेट्रो स्टेशनों की अचानक बंदी से सड़कों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ जाता है, जिससे पूरी दिल्ली में घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।केंद्रीय गृह सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस: किन बिंदुओं पर मांगा जवाब?सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस नेतृत्व को नोटिस जारी करते हुए आगामी सुनवाई से पहले व्यापक जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने प्रमुख रूप से तीन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है:निर्णय लेने की वैधानिक प्रक्रिया: किसी इलाके में मेट्रो स्टेशन बंद करने या टेलीकॉम सेवाएं निलंबित करने का निर्णय किस स्तर के अधिकारी द्वारा लिया जाता है और इसके लिए क्या कोई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) मौजूद है?पूर्व सूचना तंत्र का अभाव: स्टेशनों को बंद करने या रूट डायवर्ट करने की सूचना आम जनता को रियल-टाइम में सही समय पर क्यों नहीं मिल पाती, जिससे लाखों यात्री बीच रास्ते में फंस जाते हैं?वैकल्पिक सुरक्षा रणनीति: क्या राजधानी पुलिस के पास भारी भीड़ और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए ऐसी आधुनिक तकनीक और रणनीतिक उपाय नहीं हैं जिनसे आम नागरिकों की दैनिक आवाजाही प्रभावित न हो?आम जनता, छात्र और कामकाजी वर्ग पर पड़ रहा दोहरा असरयाचिका में इस बात को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है कि राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, आईटीओ, पटेल चौक और उद्योग भवन जैसे प्रमुख इंटरचेंज और केंद्रीय मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) यानी नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से आने वाले दैनिक यात्रियों की पूरी दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो जाती है। ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं, यूपीआई और डिजिटल भुगतान तंत्र, एम्बुलेंस सेवाएं और अस्पतालों की आपातकालीन कनेक्टिविटी इंटरनेट बंदी के कारण बुरी तरह चरमरा जाती है। वकीलों ने दलील दी कि कई मामलों में छात्रों की ऑनलाइन परीक्षाएं छूट गईं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में देरी हुई, जिसकी जवाबदेही प्रशासन को लेनी चाहिए।अदालत की भावी दिशा: राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट एसओपी (SOP) बनाने की तैयारीसुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले में केवल दिल्ली तक सीमित रहने के बजाय पूरे देश के लिए विरोध प्रदर्शनों के दौरान संचार और सार्वजनिक परिवहन को नियंत्रित करने के संबंध में एक राष्ट्रीय स्तर का दिशानिर्देश या एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार कर सकता है। अदालत का मानना है कि सुरक्षा एजेंसियों को आधुनिक भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए, ताकि सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों और सार्वजनिक सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके। मामले की अगली सुनवाई आगामी कुछ हफ्तों में तय की गई है, जिस पर देश भर के कानूनी विशेषज्ञों और आम नागरिकों की निगाहें टिकी हुई हैं।
देशभर के वेतनभोगी कर्मचारियों और नियोक्ताओं (कंपनियों) के लिए 15 अक्टूबर की तारीख बेहद महत्वपूर्ण है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के वैधानिक नियमों के तहत हर महीने की 15 तारीख तक पिछले वेतन माह का भविष्य निधि (PF), पेंशन (EPS) और बीमा (EDLI) अंशदान जमा करने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ECR) दाखिल करना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। सितंबर माह के वेतन से काटे गए पीएफ अंशदान और नियोक्ता के अनिवार्य हिस्से को सरकारी पोर्टल पर जमा करने की अंतिम समय-सीमा 15 अक्टूबर तय की गई है। यदि कोई भी संस्थान, प्रतिष्ठान या कंपनी इस निर्धारित तिथि तक ईसीआर फाइल करने और चालान का भुगतान करने में विफल रहती है, तो ईपीएफओ के कड़े प्रावधानों के तहत कंपनी प्रबंधन पर भारी ब्याज और दंडात्मक हर्जाना (Penal Damages) लगाया जाता है।क्या है ECR फाइलिंग और 15 अक्टूबर की डेडलाइन का अनिवार्य नियम?ईसीआर यानी 'इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न' एक डिजिटल दस्तावेज है, जिसके माध्यम से कंपनी यह प्रमाणित करती है कि उसने किस कर्मचारी के वेतन से कितना पीएफ काटा है और अपनी तरफ से कितना योगदान जोड़ा है। ईपीएफ अधिनियम 1952 के प्रावधानों के मुताबिक, किसी भी वेतन माह (Wage Month) की समाप्ति के बाद अगले महीने की 15 तारीख तक यह राशि ईपीएफओ के खाते में ट्रांसफर हो जानी चाहिए। 15 अक्टूबर तक कंपनियों को न केवल ईसीआर डेटा अपलोड करना होता है, बल्कि बैंक के माध्यम से चालान का सफल भुगतान कर टीआरआरएन (TRRN - Temporary Return Reference Number) भी जनरेट करना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में देरी होने पर पोर्टल पर तकनीकी रुकावटें आ सकती हैं और डिफॉल्ट की स्थिति में कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो जाती है।15 अक्टूबर की चूक पर कंपनियों की जेब होगी खाली: समझें ब्याज और पेनल्टी का पूरा गणितईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि 15 अक्टूबर की समय-सीमा समाप्त होने के बाद हर एक दिन की देरी कंपनी पर भारी आर्थिक बोझ डालेगी:धारा 7Q के तहत 12% वार्षिक ब्याज: यदि कोई कंपनी 15 तारीख के बाद अंशदान जमा करती है, तो ईपीएफ अधिनियम की धारा 7Q के तहत देय तिथि के अगले दिन से लेकर वास्तविक भुगतान के दिन तक बकाया राशि पर 12% प्रति वर्ष की दर से ब्याज वसूला जाता है।धारा 14B के तहत दंडात्मक हर्जाना (Penal Damages): ब्याज के अतिरिक्त, देरी की अवधि के आधार पर ईपीएफओ 5% से लेकर 25% तक का भारी हर्जाना लगाता है। यदि भुगतान में 2 महीने तक की देरी होती है तो 5%, 2 से 4 महीने की देरी पर 10%, 4 से 6 महीने की देरी पर 15%, और 6 महीने से अधिक की देरी पर 25% तक का अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाता है।टैक्स छूट का नुकसान (Income Tax Disallowance): आयकर अधिनियम की धारा 43B और धारा 36(1)(va) के अनुसार, यदि कर्मचारी का पीएफ अंशदान तय समय-सीमा (15 तारीख) तक जमा नहीं होता है, तो कंपनी उस खर्च पर टैक्स छूट का दावा नहीं कर सकती, जिससे कंपनी की कर देनदारी में अप्रत्याशित उछाल आ जाता है।आपराधिक मुकदमा: कर्मचारी के वेतन से पीएफ काटकर ईपीएफओ में जमा न करना भारतीय कानून के तहत आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) माना जाता है, जिसमें कंपनी के निदेशकों पर मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है।कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा सीधा असर?कंपनियों की इस लापरवाही का सीधा और गंभीर असर सीधे कर्मचारियों के वित्तीय भविष्य और सुरक्षा पर पड़ता है:मासिक ब्याज की हानि: ईपीएफओ द्वारा वित्त वर्ष के अंत में घोषित ब्याज (जैसे 8.25%) कर्मचारी के खाते में जमा मासिक शेष राशि (Monthly Running Balance) पर आंका जाता है। यदि कंपनी ने समय पर पैसा जमा नहीं किया, तो कर्मचारी की पासबुक में उस महीने का ब्याज क्रेडिट अटक जाता है या कम हो जाता है।पासबुक अपडेट और दावों में रुकावट: जब तक कंपनी सितंबर माह का ईसीआर फाइल नहीं करती, तब तक कर्मचारी की ऑनलाइन पासबुक में सितंबर महीने का बैलेंस प्रदर्शित नहीं होगा। यदि इस दौरान कर्मचारी पीएफ से एडवांस निकालने, बीमारी के लिए क्लेम करने या नौकरी बदलने के बाद पीएफ ट्रांसफर करने का आवेदन करता है, तो रिकॉर्ड अधूरा होने के कारण क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।पेंशन और ईडीएलआई (EDLI) बीमा कवरेज: ईसीआर फाइल होने से ही कर्मचारी का ईपीएस (EPS) पेंशन सेवा रिकॉर्ड और ईडीएलआई के तहत मिलने वाला 7 लाख रुपये तक का मुफ्त जीवन बीमा कवर सक्रिय रहता है। अंशदान में देरी होने से आपात स्थिति में आश्रितों को बीमा दावा मिलने में प्रशासनिक बाधाएं आ सकती हैं।ईपीएफओ पोर्टल पर ईसीआर फाइल करने की सही प्रक्रियानियोक्ताओं को अंतिम समय में सर्वर पर लोड और पोर्टल क्रैश की समस्या से बचने के लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी गई है:ईपीएफओ के एकीकृत नियोक्ता पोर्टल (Unified Employer Portal) पर अपनी एस्टैब्लिशमेंट आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।'Payment' टैब में जाकर 'ECR / Return Filing' का विकल्प चुनें।सितंबर माह के पे-रोल डेटा के आधार पर तैयार की गई टेक्स्ट फाइल (TXT Format) को अपलोड करें।सिस्टम द्वारा डेटा सत्यापन के बाद टीआरआरएन और चालान जनरेट करें।नेट बैंकिंग के माध्यम से 15 अक्टूबर को रात 11:59 बजे से पहले चालान का भुगतान सुनिश्चित करें और रसीद सुरक्षित रख लें।कर्मचारी कैसे जांचें कि उनका पीएफ जमा हुआ या नहीं?कर्मचारियों को यह सलाह दी जाती है कि वे 15 अक्टूबर के बाद अपनी ईपीएफओ पासबुक अवश्य चेक करें। इसके लिए कर्मचारी ईपीएफओ मेंबर पोर्टल या उमंग (UMANG) ऐप पर अपने 12 अंकों के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। पासबुक में सितंबर माह की कटौती और कंपनी का शेयर जमा दिखने पर ही यह सुनिश्चित होता है कि नियोक्ता ने समय पर अनुपालन पूरा कर लिया है। यदि राशि कटी हुई न दिखे, तो कर्मचारी तुरंत अपने एचआर या वित्त विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का सालाना नवीनीकरण (रिन्युअल) अमूमन लोग केवल प्रीमियम भरकर एक औपचारिक प्रक्रिया की तरह निपटा देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आपातकालीन इलाज के वक्त लाखों रुपये की चपत लगा देती है। स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में तेजी से बदलते नियमों, अस्पताल के बढ़ते शुल्कों और बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के नवीनतम दिशा-निर्देशों के बीच पॉलिसीधारक के लिए यह समझना बेहद जरूरी हो गया है कि वह जिस सुरक्षा कवर का भुगतान कर रहा है, वह वास्तविक इलाज के समय पूरा साथ देगा या नहीं। कई बार लोग पॉलिसी दस्तावेजों में हुए सूक्ष्म संशोधनों को पढ़े बिना रिन्यू कर देते हैं और अस्पताल में भर्ती होते ही पता चलता है कि जिस कमरे में मरीज भर्ती है, उसका पूरा खर्च बीमा कंपनी नहीं उठाएगी। प्रीमियम की किस्त चुकाने से पहले अपनी मेडिकल पॉलिसी की बारीकियों को री-असेस करना वित्तीय समझदारी का सबसे पहला नियम है।रूम रेंट कैपिंग और प्रोपोर्शनल डिडक्शन का जाल समझेंहेल्थ इंश्योरेंस रिन्युअल के वक्त सबसे पहले पॉलिसी में मौजूद रूम रेंट लिमिट (कमरे के किराए की सीमा) की पड़ताल करनी चाहिए। पुरानी पॉलिसियों में अक्सर यह शर्त होती है कि सम इंश्योर्ड (बीमा राशि) का केवल 1% ही दैनिक कमरे के किराए के रूप में मान्य होगा, यानी 5 लाख रुपये के कवर पर केवल 5,000 रुपये प्रतिदिन का कमरा लिया जा सकता है। यदि मरीज किसी ऐसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होता है जहां कमरे का किराया 7,500 रुपये प्रतिदिन है, तो बीमा कंपनी केवल कमरे के अंतर का पैसा ही नहीं काटती, बल्कि डॉक्टर की फीस, नर्सिंग चार्ज, सर्जरी और आईसीयू खर्चों पर भी आनुपातिक कटौती (Proportional Deduction) लागू कर देती है। इसका सीधा मतलब यह है कि 5 लाख के बिल में से मरीज को अपनी जेब से डेढ़ से दो लाख रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं। इसलिए रिन्युअल कराते वक्त यह सुनिश्चित करें कि आपकी पॉलिसी 'नो रूम रेंट कैपिंग' या 'सिंगल प्राइवेट एसी रूम' की सुविधा के साथ अपग्रेड हो।नो क्लेम बोनस (NCB) और सम इंश्योर्ड की बढ़ोतरी का हिसाबयदि बीते वर्ष आपने या आपके परिवार ने पॉलिसी से कोई क्लेम नहीं लिया है, तो बीमा कंपनी आपको नो क्लेम बोनस (NCB) प्रदान करती है। रिन्युअल नोटिस में यह स्पष्ट रूप से देखना आवश्यक है कि कंपनी ने आपके बेस सम इंश्योर्ड में बोनस के रूप में कितनी अतिरिक्त राशि जोड़ी है। आज के समय में कई अग्रणी बीमा कंपनियां बिना प्रीमियम बढ़ाए क्लेम-फ्री वर्ष के लिए 20% से लेकर 50% तक, और कुछ पॉलिसियों में 100% तक संचयी बोनस (Cumulative Bonus) की सुविधा देती हैं। यदि आपकी मौजूदा कंपनी नो क्लेम बोनस में संतोषजनक वृद्धि नहीं दे रही है, या क्लेम करने पर पूरा बोनस एक झटके में घटा देती है, तो आपको रिन्युअल के समय ही सुपर-एनसीबी एड-ऑन लेने या अन्य बेहतर पॉलिसी में पोर्ट कराने का विकल्प तलाशना चाहिए। बढ़ती चिकित्सा महंगाई के दौर में बिना अतिरिक्त खर्च के सम इंश्योर्ड का बढ़ना एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित होता है।को-पेमेंट (Co-Payment) और सब-लिमिट की छिपी शर्तेंपॉलिसी रिन्यू करते समय पॉलिसी वर्डिंग्स में जोड़ी गई किसी भी नई को-पेमेंट या रोग-विशिष्ट सब-लिमिट (Disease-specific Sub-limit) की जांच करना अनिवार्य है। को-पेमेंट का अर्थ है कि अस्पताल के कुल स्वीकृत बिल का एक निश्चित हिस्सा (जैसे 10%, 20% या 30%) बीमाधारक को स्वयं वहन करना होगा। कई कंपनियां सीनियर सिटीजन पॉलिसियों में या प्रीमियम को सस्ता रखने के नाम पर चुपके से को-पेमेंट क्लॉज जोड़ देती हैं। इसी तरह मोतियाबिंद (Cataract), घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement), किडनी स्टोन या हर्निया जैसी सामान्य बीमारियों पर खर्च की एक अधिकतम सीमा यानी सब-लिमिट तय कर दी जाती है। यदि किसी ऑपरेशन का वास्तविक खर्च 1.5 लाख रुपये है और पॉलिसी में सब-लिमिट 40,000 रुपये है, तो बाकी 1.10 लाख रुपये बीमाधारक को खुद देने होंगे। प्रीमियम भरने से पहले यह पक्का करें कि आपकी पॉलिसी में शून्य को-पेमेंट और न्यूनतम सब-लिमिट की व्यवस्था हो।कैशलेस नेटवर्क हॉस्पिटल्स की अद्यतन सूची का मिलानबीमा कंपनियां समय-समय पर अस्पतालों के साथ अपनी दर-सूची (Rate Card) और भुगतान शर्तों के आधार पर नेटवर्क अस्पतालों की सूची में संशोधन करती रहती हैं। ऐसा हो सकता है कि जिस बड़े मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल को ध्यान में रखकर आपने मूल पॉलिसी खरीदी थी, वह इस साल बीमा कंपनी के कैशलेस नेटवर्क पैनल से बाहर हो गया हो। आपात स्थिति में कैशलेस सुविधा न मिलने पर मरीज के परिजनों को पहले अपनी जेब से पूरा बिल चुकाना पड़ता है और फिर रिइंबर्समेंट के लिए हफ्तों तक दस्तावेजों और क्लेम फॉर्म के चक्कर काटने पड़ते हैं। रिन्युअल से पहले अपनी कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने गृह शहर, जिले और नजदीकी प्रमुख मेडिकल सेंटरों की सक्रिय कैशलेस सूची की दोबारा जांच करें ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत बिना नकदी इलाज सुनिश्चित हो सके।मौजूदा बीमारियों (Pre-Existing Diseases) और जीवनशैली में बदलाव का खुलासारिन्युअल प्रक्रिया केवल कागजी नवीनीकरण नहीं है, बल्कि अपनी स्वास्थ्य स्थिति को अद्यतन करने का भी मौका है। यदि पिछले एक वर्ष के दौरान परिवार के किसी सदस्य को उच्च रक्तचाप (Hypertension), मधुमेह (Diabetes), थायराइड या हृदय संबंधी किसी नई समस्या का पता चला है, तो बीमा कंपनी को इसकी लिखित सूचना देना कानूनी और तकनीकी दृष्टि से बेहद सुरक्षित रहता है। यद्यपि रिन्युअल पर नई प्रतीक्षा अवधि (Waiting Period) आमतौर पर नहीं लगती, लेकिन किसी भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बदलाव को छिपाने पर भविष्य में कंपनी नॉन-डिस्क्लोजर ऑफ मैटेरियल फैक्ट्स (महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने) का हवाला देकर क्लेम खारिज कर सकती है। यदि आप अपनी पॉलिसी का दायरा बढ़ाना चाहते हैं, तो रिन्युअल से ठीक 45 दिन पहले ही पॉलिसी पोर्टेबिलिटी (Portability) का आवेदन भी किया जा सकता है, जिससे पुरानी पॉलिसी के तहत बिताया गया वेटिंग पीरियड पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते समय सबसे बड़ी चिंता समय पर बिल भरने और पेनल्टी या भारी ब्याज से बचने की होती है। कई बार ऐसा होता है कि क्रेडिट कार्ड का बिल महीने के उस समय आ जाता है जब बैंक खाते में बैलेंस कम होता है, जबकि सैलरी कुछ दिन बाद आने वाली होती है। ऐसे में वेतनभोगी कर्मचारियों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्या क्रेडिट कार्ड की बिलिंग डेट (Billing Cycle) बदली जा सकती है? इसका सीधा जवाब है—हाँ, बिल्कुल बदली जा सकती है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इसके लिए स्पष्ट और अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं।क्रेडिट कार्ड बिलिंग डेट बदलने पर क्या है RBI का नियम?आरबीआई ने क्रेडिट कार्ड धारकों की सुविधा और अनचाहे डिफॉल्ट से बचाने के लिए अपने मास्टर डायरेक्शन (Master Direction on Credit Card and Debit Card Operations) में विशेष प्रावधान किया है।एकमुश्त विकल्प का अधिकार: आरबीआई के नियमों के अनुसार, प्रत्येक कार्ड जारीकर्ता बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) को अपने ग्राहकों को कम से कम एक बार अपनी बिलिंग साइकिल (बिल जनरेशन की तारीख) बदलने की अनुमति देना अनिवार्य है।बैंक मना नहीं कर सकते: कोई भी बैंक यह कहकर आवेदन खारिज नहीं कर सकता कि सिस्टम में बिलिंग डेट फिक्स है। ग्राहक अपनी वित्तीय सहूलियत या सैलरी चक्र के हिसाब से नई तारीख का चयन कर सकते हैं।कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं: सामान्यतः बिलिंग साइकिल में बदलाव करने के लिए बैंक कोई शुल्क नहीं लेते। हालांकि, बदलाव के दौरान पहले चक्र का प्रो-राटा बिल (कम या ज्यादा दिनों का अंतराल) जनरेट हो सकता है।सैलरी के हिसाब से कैसे चुनें सबसे सही बिलिंग तारीख?क्रेडिट कार्ड का बिलिंग गणित समझना बेहद आसान है। बिलिंग चक्र में दो तारीखें सबसे महत्वपूर्ण होती हैं:बिलिंग डेट (Statement Date): जिस दिन महीने भर के खर्च का बिल जनरेट होता है।देय तिथि (Payment Due Date): बिल जनरेट होने के आमतौर पर 15 से 20 दिन बाद की तारीख, जिस दिन तक बिना किसी ब्याज के बिल चुकाना होता है।यदि आप सैलरी के तुरंत बाद बिना किसी तनाव के बिल भरना चाहते हैं, तो नीचे दी गई समय-सारणी के अनुसार अपनी बिलिंग डेट सेट करनी चाहिए:यदि आपकी सैलरी इस तारीख को आती हैतो बिलिंग डेट (Statement Date) रखेंदेय तिथि (Due Date) लगभग होगीफायदा1 तारीख (1st of month)महीने की 12 से 15 तारीखअगले महीने की 2 से 5 तारीखसैलरी आते ही 24-48 घंटे में बिल चुकता हो जाएगा7 तारीख (7th of month)महीने की 18 से 20 तारीखअगले महीने की 8 से 10 तारीखसैलरी क्रेडिट होने के तुरंत बाद भुगतान संभवमहीने के अंत में (30/31 तारीख)महीने की 10 से 12 तारीखउसी महीने की 30 तारीख या 1 तारीखपूरे महीने अधिकतम ब्याज-मुक्त अवधि (Interest-Free Period) मिलेगीगोल्डन रूल: हमेशा ऐसी बिलिंग डेट चुनें जिससे आपकी पेमेंट ड्यू डेट सैलरी क्रेडिट होने के 2 से 5 दिन बाद पड़े। ऐसा करने से सैलरी आते ही सबसे पहले कार्ड का भुगतान हो जाएगा और पैसे खत्म होने या ईएमआई बाउंस होने का जोखिम शून्य रहेगा।बिलिंग डेट बदलने के 3 सबसे बड़े फायदे45 से 50 दिनों का पूरा ब्याज-मुक्त क्रेडिट: सही बिलिंग साइकिल चुनने पर बड़े खर्चों को बिल जनरेट होने के ठीक 1-2 दिन बाद प्लान किया जा सकता है, जिससे अधिकतम 50 दिनों तक फ्री क्रेडिट पीरियड का लाभ मिलता है।लेट फीस और भारी ब्याज से सुरक्षा: सैलरी आने से पहले बिल ड्यू होने पर अक्सर मिनिमम ड्यू भरना पड़ता है या लेट पेमेंट होती है। 40% से 45% तक के सालाना ब्याज और लेट फाइन से पूरी तरह मुक्ति मिल जाती है।सिबिल (CIBIL) स्कोर में मजबूती: समय पर 100% भुगतान सुनिश्चित होने से पेमेंट हिस्ट्री (जिसका सिबिल में 30% वेटेज है) हमेशा बेदाग रहती है, जिससे क्रेडिट स्कोर 750+ बनाए रखना आसान होता है।बैंक में बिलिंग साइकिल बदलने के लिए आवेदन कैसे करें?बिलिंग डेट में बदलाव करने के मुख्य रूप से तीन तरीके उपलब्ध हैं:मोबाइल बैंकिंग / नेट बैंकिंग ऐप: अधिकांश प्रमुख बैंक (HDFC, SBI Card, ICICI, Axis Bank आदि) अपने ऐप के 'Card Management' या 'Service Request' सेक्शन में 'Change Billing Cycle' का सीधा विकल्प देते हैं।कस्टमर केयर कॉल: बैंक के 24x7 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके प्रतिनिधि से अपनी पसंदीदा बिलिंग डेट अपडेट करने का अनुरोध किया जा सकता है।ईमेल या चैट सपोर्ट: अपने रजिस्टर्ड ईमेल आईडी से बैंक के क्रेडिट कार्ड डिवीजन को कार्ड के आखिरी 4 अंक और नई पसंदीदा स्टेटमेंट डेट लिखकर रिक्वेस्ट भेज सकते हैं।
कमर्शियल किचन कामगारों पर प्रदूषण और गर्मी का खतरा, 70% रसोई में गाइडलाइन से ज्यादा एक्सपोजर
कमर्शियल किचन कामगारों पर प्रदूषण और गर्मी का खतरा The post कमर्शियल किचन कामगारों पर प्रदूषण और गर्मी का खतरा, 70% रसोई में गाइडलाइन से ज्यादा एक्सपोजर appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद के बचाव पर Congress मुख्यालय घेरेगी BJP महिला मोर्चा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला इकाई ने रविवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी यौन उत्पीड़न के आरोपी एक सांसद को बचा रहे हैं, जिसके विरोध में उसके सदस्य यहां कांग्रेस मुख्यालय के बाहर मार्च निकालेंगे। भाजपा महिला मोर्चा ने कहा कि वह कांग्रेस द्वारा इनर मणिपुर से अपने सांसद प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम का बेशर्मी से बचाव करने के खिलाफ सोमवार को नारी शक्ति हुंकार आंदोलन आयोजित करेगा। 11 छात्रों के यौन उत्पीड़न के आरोप में प्रोफेसर को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से बर्खास्त कर दिया गया है। भाजपा ने कहा कि विरोध मार्च दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित आंध्र एजुकेशन सोसाइटी स्कूल से शुरू होकर आईटीओ पर कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन की ओर जाएगा, जहां प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी और प्रभारी दग्गुबाती पुरंदेश्वरी के नेतृत्व में पार्टी की महिला सांसद, विधायक, पार्षद और दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा की हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगी। भाजपा ने कहा कि नौ अक्टूबर को जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति ने यौन उत्पीड़न और ‘अंक देने के बदले यौन संबंध बनाने’ से जुड़े आरोपों को सही पाए जाने के बाद अकोइजम को बर्खास्त कर दिया था। पार्टी ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की चुप्पी दर्शाती है कि कांग्रेस कथित कदाचार के मामले में अपने सांसद के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें संरक्षण दे रही है। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, जो खुद को महिलाओं के अधिकारों का ‘चैंपियन’ बताते हैं और पितृसत्ता को खत्म करने का दावा करते हैं, महिलाओं की सुरक्षा पर सिर्फ खोखले भाषण देते हैं। पार्टी ने कहा, क्या राहुल गांधी, जो पितृसत्ता को खत्म करने की बातें करते रहते हैं, उन्हें इन युवा महिलाओं का दर्द नहीं दिखता? भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कोई इत्तफाक नहीं है, बल्कि अपराधियों को बचाने की लंबे समय से जारी पार्टी की प्रवृत्ति का हिस्सा है। उसने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर पहले भी महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनके अपमान से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कई महिला नेताओं ने पहले भी पार्टी के अंदर की आपत्तिजनक गतिविधियों का खुलासा किया था। उसने दावा किया कि तंदूर कांड से लेकर भंवरी देवी और केरलम की घटनाओं तक, कांग्रेस की प्रवृत्ति अपराधियों को बचाने और तभी कार्रवाई करने की रही है, जब वह बुरी तरह घिर जाती है। भाजपा ने आरोप लगाया कि 2023 में कांग्रेस ने अंकिता दत्ता को पार्टी से निकाल दिया था, जिन्होंने बीवी श्रीनिवास के खिलाफ उत्पीड़न और लिंग-आधारित भेदभाव की शिकायत की थी। उसने कहा कि 2024 में बाड़मेर से कांग्रेस के पूर्व विधायक मेवाराम जैन पर नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के आरोप लगे थे, तब कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था, लेकिन हाल में उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया गया। भाजपा ने कहा कि इस मार्च के जरिये वह साफ कर देना चाहती है कि देश की महिलाएं यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद को बचाने की राहुल गांधी की कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी। पार्टी ने मांग की कि राहुल गांधी आरोपी सांसद को तुरंत कांग्रेस से निकालें, यह सुनिश्चित करें कि वह लोकसभा से इस्तीफा दें और 11 छात्राओं से माफी मांगें।
रूस-यूक्रेन के बीच लागू हुआ एनर्जी सीजफायर, ट्रंप का बड़ा दावा; जेलेंस्की ने रखी 60 दिन की शर्त
रूस-यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर लागू होने का ट्रंप ने दावा किया है। वहीं जेलेंस्की ने चुनाव के लिए रूस से 60 दिन के पूर्ण युद्धविराम की मांग की है।
तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने तीन टेलीमार्केटिंग कंपनियों के खिलाफ धोखाधड़ी वाले SMS भेजने का मामला दर्ज किया है।
'दिपके को तुरंत दी गई थी दादी के निधन की खबर', दिल्ली पुलिस ने जारी किया
अभिजीत दिपके की दादी के निधन को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी किया है. पुलिस का दावा है कि दिपके को निधन की जानकारी दी गई थी और घर जाने की पेशकश भी की गई थी. हालांकि, दिपके ने हिरासत के दौरान फोन और वकील से संपर्क नहीं करने देने के आरोप लगाए हैं.
Pakistan में शहबाज शरीफ का बड़ा एक्शन, लगा आपातकाल!
पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पीटीआई और केंद्र सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 11 अक्टूबर को खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू करने की घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद प्रांतीय सरकार के अधिकारों पर रोक लग गई. सरकार ने आतंकवादी हमलों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को इसकी वजह बताया है. इस बीच इमरान खान की रिहाई और उनसे मुलाकात की मांग को लेकर पीटीआई का मार्च जारी है.
पंजाब: तरनतारन में ASI की गोलियों से भूनकर हत्या, कुछ दिन पहले भतीजे का भी हुआ था मर्डर
Tarn Taran Police ASI Murder: तरनतारन के नौशहरा पन्नूआ में फिरोजपुर पुलिस के ASI इकबाल सिंह की गोलियां मारकर हत्या. गुरुद्वारा साहिब से माथा टेककर लौट रहे थे अफसर. महीने भर पहले भतीजे की भी हुई थी हत्या. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
'प्रेमानंद दुखी...' कोहली पर 5 करोड़ का दावा करने वाले संत ने मांगी माफी
प्रेमानंद महाराज और विराट कोहली पर विवादित बयान देने वाले दिनेश शर्मा फलाहारी महाराज भी बैकफुट पर आ गए हैं. फलाहारी महाराज ने दावा किया था कि प्रेमानंद के आश्रम बुलाने के लिए विराट कोहली को पांच करोड़ रुपए दिए गए थे. हालांकि अपने इस विवादित बयान के लिए अब उन्होंने माफी मांग ली है.
पूर्व IAS Divya Mittal का Mirzapur में भव्य स्वागत, समर्थकों ने लगाए जिंदाबाद के नारे
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा कर चुकीं उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का रविवार को जिगना में समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने इस दौरान ‘दिव्या मित्तल जिंदाबाद’ और ‘दिव्या दीदी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। राजनीति में आने की घोषणा के बाद मित्तल का इस क्षेत्र का यह पहला दौरा था। उनके पहुंचने पर महिलाओं ने गुलाब की मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया, जबकि लोगों ने उनकी गाड़ी पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। मित्तल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आप लोगों ने मुझ पर इतने फूल बरसाये हैं। यह आपका प्यार है।’’उन्होंने कहा, ‘‘आप हर बार मुझे भावुक कर देते हैं। ऐसा लगता है कि मिर्जापुर ने मुझे भावनाओं में रुलाने का ठेका ले लिया है। मिर्जापुर को हमेशा हंसते रहना चाहिए। किसी को रोना नहीं है।’’इसके बाद मित्तल ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। वह दोपहर करीब दो बजे मंदिर पहुंचीं और श्रद्धालुओं के साथ कतार में खड़े होकर पूजा की। उनके लिए इस दौरान कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई थी। पुजारी पंडित विनय महाराज ने कलश स्थापना की रस्म पूरी कर धार्मिक अनुष्ठान शुरू कराया। हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली मित्तल ने 30 अगस्त को आईएएस की सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने 29 सितंबर को राजनीति में आने की घोषणा करते हुए कहा था कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी। मित्तल ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के बजाय स्वतंत्र रूप से काम करेंगी और देश की आजादी के 80 वर्षों का हिसाब मांगेंगी। माना जा रहा है कि मित्तल मिर्जापुर से ही अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकती हैं। मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए अपने प्रशासनिक प्रयासों के लिए चर्चा में रही थीं। उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा के दौरान जिले के लहुरिया दह गांव से जुड़ा एक अनुभव भी साझा किया था, जिसमें एक महिला की बातों ने उन्हें भावुक कर दिया था।
श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ करें श्री दुर्गादेवी की उपासना
हिन्दू धर्म में श्री दुर्गादेवी को आदिशक्ति के स्वरूप में पूजनीय माना गया है। नवरात्र सहित विभिन्न धार्मिक अवसरों पर भक्त देवी की उपासना कर सुख, शांति, शक्ति और कल्याण की प्रार्थना करते हैं। देवी के गुणों तथा पूजा-विधि से संबंधित जानकारी होने से उपासना के प्रति श्रद्धा और भक्ति-भाव बढ़ने में सहायता मिलती है। […] The post श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ करें श्री दुर्गादेवी की उपासना appeared first on Sabguru News .
अभिषेक ने सबसे तेज 2000 रन जड़ रचा इतिहास, तोड़ा धांसू रिकॉर्ड
अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2000 रन पूरे कर लिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने सूर्यकुमार यादव को पछाड़ते हुए नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. तीसरे टी20 में अभिषेक ने बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया.
पुरानी चूड़ियों पर लपेटें धागा, सस्ते में बनेंगे सुंदर कड़े
अलमारी में पड़ी पुरानी और फीकी चूड़ियों को फेंकने के बजाय नया लुक दे सकते हैं. रेशमी धागे, मोतियों और लेस की मदद से घर पर ही बाजार जैसे हैवी और राजशाही डिजाइनर कड़े बनाए जा सकते हैं. इसके लिए पैसे भी ज्यादा खर्च नहीं करने होंगे.
जेपी का बिगुल और अधूरा रह गया सम्पूर्ण क्रांति का सपना
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प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के वेतन से हर महीने भविष्य निधि (PF) की कटौती होती है, लेकिन अधिकांश कर्मचारियों को यह स्पष्ट नहीं होता कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें मासिक पेंशन के रूप में कितनी राशि मिलेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमानुसार, किसी भी कर्मचारी को आजीवन मासिक पेंशन की पात्रता हासिल करने के लिए कम से कम 10 वर्ष की निरंतर सेवा अवधि पूरी करनी होती है।ईपीएफ (EPF) और ईपीएस (EPS) का बुनियादी ढांचानिजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी के वेतन (बेसिक सैलरी + डीए) से 12% की कटौती कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में जमा होती है। कंपनी या नियोक्ता भी बराबर 12% का योगदान देता है, लेकिन नियोक्ता के इस 12% हिस्से का विभाजन दो भागों में होता है:3.67% कर्मचारी के ईपीएफ (EPF) खाते में जमा होता है।8.33% कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस (EPS-95) फंड में जाता है।इसके अलावा 0.5% ईडीएलआई (बीमा योजना) और 0.5% प्रशासनिक शुल्क नियोक्ता वहन करता है।ईपीएस वेज सीलिंग की सीमा: ₹28,000 सैलरी का असल सचयहीं पर सबसे बड़ा तकनीकी पेंच आता है जिसे समझना आवश्यक है। सरकार और ईपीएफओ के नियमों के तहत पेंशन फंड (EPS) में योगदान के लिए सांविधिक वेतन सीमा (Statutory Wage Ceiling) अधिकतम ₹15,000 प्रति माह तय की गई है।भले ही कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹28,000 हो, सामान्य नियमों के तहत नियोक्ता का 8.33% पेंशन अंशदान केवल अधिकतम ₹15,000 की सीमा पर ही काटा जाता है (अर्थात ₹15,000 का 8.33% = अधिकतम ₹1,250 प्रति माह)। इसलिए पेंशन गणना के लिए पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary) ₹28,000 न मानकर अधिकतम ₹15,000 ही गिना जाता है (जब तक कि कर्मचारी और नियोक्ता ने संयुक्त रूप से वास्तविक वेतन पर उच्च पेंशन विकल्प का लाभ न लिया हो)।ईपीएस पेंशन निकालने का आधिकारिक फॉर्मूलाईपीएफओ द्वारा तय किया गया मासिक पेंशन फॉर्मूला इस प्रकार है:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{ ext{पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary)} imes ext{पेंशन योग्य सेवा वर्ष (Service Period)}}{70}$$पेंशन योग्य वेतन: सेवानिवृत्ति से ठीक पहले के पिछले 60 महीनों (5 साल) के औसत मूल वेतन (अधिकतम ₹15,000 की सीलिंग के साथ) को माना जाता है।पेंशन योग्य सेवा वर्ष: कर्मचारी द्वारा पूरी की गई कुल सेवा अवधि (यहाँ 10 वर्ष)।10 साल की सेवा और ₹28,000 सैलरी पर पेंशन की गणनाघटकविवरण / मूल्यवास्तविक वेतन₹28,000 प्रति माहईपीएस सांविधिक वेतन सीमा (Wage Ceiling)₹15,000 प्रति माहपेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary)₹15,000कुल सेवा अवधि10 वर्षन्यूनतम पात्रता शर्त10 वर्ष (पूरी)पेंशन शुरू होने की सामान्य आयु58 वर्ष (सुपरएनुएशन)फॉर्मूले में मान रखने पर:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{15000 imes 10}{70} = frac{150000}{70} approx ext{₹2,143 प्रति माह}$$इस प्रकार, 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद 58 वर्ष की आयु में कर्मचारी को लगभग ₹2,143 प्रति माह की आजीवन मासिक पेंशन प्राप्त होगी।(नोट: यदि किसी विशेष मामले में 2014 के संशोधनों के तहत वास्तविक वेतन ₹28,000 पर उच्च पेंशन का विकल्प वैध रूप से लागू हुआ हो, तब गणना $(28,000 imes 10) / 70 = ext{₹4,000 प्रति माह}$ होगी।)पेंशन से जुड़े अहम नियम और शर्तेंन्यूनतम पेंशन की गारंटी: सरकार द्वारा ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह तय की गई है। गणना यदि ₹1,000 से कम आती है, तब भी कम से कम ₹1,000 मिलते हैं।अर्ली पेंशन (Early Pension) का विकल्प: कर्मचारी 50 वर्ष की आयु के बाद भी पेंशन ले सकता है, लेकिन 58 वर्ष से पहले जितने वर्ष पहले पेंशन शुरू की जाएगी, प्रति वर्ष 4% की कटौती (कटौती दर) लागू होगी।2 वर्ष का बोनस सेवा काल: यदि कोई कर्मचारी 20 वर्ष या उससे अधिक की पेंशन योग्य सेवा पूरी करता है, तो उसे सेवा अवधि में 2 वर्ष का अतिरिक्त वेटेज (Bonus Years) मिलता है (10 वर्ष की सेवा पर यह बोनस लागू नहीं होता)।ईपीएफ का एकमुश्त फंड: यह ₹2,143 केवल मासिक पेंशन है। कर्मचारी और नियोक्ता के ईपीएफ (3.67% + 12%) में जमा हुआ मुख्य मूलधन और उस पर मिलने वाला वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज रिटायरमेंट पर टैक्स-फ्री एकमुश्त (Lump sum) वापस मिलता है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ऐलान किया है कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना प्रदर्शन फिर शुरू करेगी। उन्होंने उन खबरों को गलत बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने और पार्टी के अन्य नेताओं ने ...
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने देश भर के ग्रेजुएट युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का एक बेहद शानदार अवसर पेश किया है। लंबे समय से रेलवे में एक स्थायी और सुरक्षित करियर का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती उम्मीदों की नई रोशनी लेकर आई है। केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न जोनल रेलवे कार्यालयों और उत्पादन इकाइयों में खाली पड़े 3,548 महत्वपूर्ण गैर-तकनीकी एवं प्रशासनिक पदों को भरने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह भर्ती अभियान न केवल युवाओं को एक प्रतिष्ठित पद दिलाने में मदद करेगा, बल्कि बेहतर पे-स्केल, भत्तों और सरकारी सुविधाओं के साथ एक सुरक्षित भविष्य भी सुनिश्चित करेगा। देश भर के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रीय बोर्डों के अंतर्गत आने वाले केंद्रों पर परीक्षा के आयोजन की तैयारी तेज हो गई है, जिससे स्थानीय स्तर के युवाओं को अपने ही नजदीकी शहरों में परीक्षा देने की सहूलियत मिलेगी। इस बड़े अवसर को लेकर प्रतियोगी छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और कोचिंग सेंटरों से लेकर डिजिटल लाइब्रेरी तक तैयारी का माहौल गर्मा चुका है।रेलवे भर्ती बोर्ड का नया आधिकारिक नोटिफिकेशन और रिक्तियों का विस्तृत वर्गीकरणआरआरबी द्वारा जारी किए गए ताजा विज्ञापन के अनुसार कुल 3,548 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों में मुख्य रूप से कमर्शियल अप्रेंटिस, स्टेशन मास्टर, गुड्स ट्रेन मैनेजर (पूर्व में गुड्स गार्ड), सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट, और सीनियर कमर्शियल कम टिकट क्लर्क जैसी प्रमुख श्रेणियां शामिल हैं। रेलवे प्रशासन ने सभी वर्गों के लिए आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए अनारक्षित, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए पदों का स्पष्ट कोटा निर्धारित किया है। रेलवे में पदों का यह विभाजन पूरे देश के प्रमुख रेलवे जोन्स जैसे उत्तर रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे, दक्षिण रेलवे और मध्य रेलवे के अंतर्गत किया गया है। क्षेत्रीय स्तर पर रिक्तियों की उपलब्धता से स्थानीय युवाओं को अपने गृह क्षेत्र या नजदीकी डिवीजनों में सेवा देने का मौका मिल सकेगा। नोटिफिकेशन के अनुसार सभी योग्य उम्मीदवार रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर अपनी रुचि और वरीयता के अनुसार आवेदन जमा कर सकते हैं।कौन कर सकता है आवेदन: शैक्षणिक योग्यता और अनिवार्य शर्तेंइस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों का किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय अथवा संस्थान से किसी भी संकाय में स्नातक (Graduation) होना अनिवार्य है। चाहे अभ्यर्थी ने कला, विज्ञान, वाणिज्य या इंजीनियरिंग में अपनी डिग्री हासिल की हो, वे सभी इस भर्ती के लिए पूरी तरह पात्र हैं। हालांकि कुछ विशिष्ट तकनीकी या लिपिकीय पदों जैसे सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के लिए कंप्यूटर टाइपिंग दक्षता अनिवार्य रखी गई है, जिसमें अंग्रेजी में 30 शब्द प्रति मिनट या हिंदी में 25 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग गति होना आवश्यक है। अंतिम वर्ष के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे ऐसे छात्र जिनका रिजल्ट आवेदन की अंतिम तिथि तक घोषित नहीं होता है, वे इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे। शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के साथ-साथ अभ्यर्थी का मानसिक और शारीरिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना आवश्यक है क्योंकि रेलवे अपने कर्मचारियों के मेडिकल स्टैंडर्ड को लेकर बेहद सख्त रहता है।आयु सीमा, छूट के नियम और महत्वपूर्ण तिथियांरेलवे भर्ती बोर्ड ने सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 33 या 36 वर्ष (नियमों के तहत मिलने वाली सामान्य छूट के आधार पर) तय की है। सरकारी सेवा नियमों के मुताबिक आरक्षित श्रेणियों को ऊपरी आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की गई है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर) के अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की छूट मिलेगी, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को पांच वर्ष की छूट का लाभ दिया जाएगा। दिव्यांगजनों और पूर्व सैनिकों के लिए भी नियमानुसार विशेष आयु रियायतें लागू की गई हैं। आयु की गणना निर्धारित कट-ऑफ तारीख के आधार पर की जाएगी, जिसका स्पष्ट उल्लेख नोटिफिकेशन में किया गया है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आयु सत्यापन के लिए केवल अपनी 10वीं (मैट्रिकुलेशन) की अंकतालिका या मूल जन्म प्रमाण पत्र का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि किसी भी विसंगति पर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।आकर्षक वेतनमान, पे-मैट्रिक्स और मिलने वाले रेलवे भत्तेचयनित उम्मीदवारों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th Pay Commission) के आधार पर बेहद आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा। पदों के अनुसार पे-मैट्रिक्स लेवल-5 और लेवल-6 के तहत नियुक्तियां की जाएंगी। प्रारंभिक मूल वेतन लगभग 29,200 रुपये से लेकर 35,400 रुपये प्रति माह के बीच होगा। मूल वेतन के अलावा चयनित कर्मचारियों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन भत्ता (TA) और रेलवे का विशिष्ट रनिंग अलाउंस या नाइट ड्यूटी अलाउंस भी देय होगा। इन सभी भत्तों को मिलाकर एक नए नियुक्त कर्मचारी की इन-हैंड ग्रॉस सैलरी शुरुआती दिनों में ही 45,000 रुपये से लेकर 60,000 रुपये प्रति माह से अधिक पहुंच सकती है। इसके साथ ही भारतीय रेलवे अपने कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मुफ्त रेलवे पास, पीटीओ, उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं और सरकारी आवास की सुविधा भी प्रदान करता है, जो इस नौकरी को निजी क्षेत्र की तुलना में कई गुना अधिक सुरक्षित और प्रतिष्ठित बनाता है।त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया और कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का प्रारूपरेलवे में चयन की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता आधारित रखी गई है, जिसमें किसी भी प्रकार के साक्षात्कार (Interview) का प्रावधान नहीं है। पूरी भर्ती प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन चरणों में पूरी की जाएगी। प्रथम चरण में कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT-1) होगी, जो सभी पदों के लिए एक स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में काम करेगी। इसमें सामान्य जागरूकता, गणित, और सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति (रीजनिंग) से जुड़े 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा। सीबीटी-1 में मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण यानी सीबीटी-2 के लिए बुलाया जाएगा, जिसमें प्रश्नों का कठिनाई स्तर अधिक होगा और कुल 120 प्रश्न पूछे जाएंगे। सीबीटी-2 के अंकों के आधार पर ही अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी। जिन पदों के लिए टाइपिंग टेस्ट या एप्टीट्यूड टेस्ट (जैसे स्टेशन मास्टर के लिए साइको टेस्ट) अनिवार्य है, उनके लिए अतिरिक्त स्किल टेस्ट आयोजित किया जाएगा। अंत में दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) और कड़े मेडिकल परीक्षण के बाद अंतिम नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। परीक्षा में नकारात्मक अंकन (Negative Marking) भी लागू रहेगा, जहां प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई (1/3) अंक काटा जाएगा।ऑनलाइन आवेदन करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियांइच्छुक और पात्र उम्मीदवारों को केवल रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से ही ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए सबसे पहले उम्मीदवार को पोर्टल पर अपना प्राथमिक पंजीकरण करना होगा, जिसमें मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज कर ओटीपी सत्यापन कराना जरूरी है। इसके बाद व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता और पते का ब्योरा दर्ज करना होगा। अभ्यर्थियों को अपने पासपोर्ट साइज की नवीनतम रंगीन फोटो और हस्ताक्षर निर्धारित साइज व फॉर्मेट में अपलोड करने होंगे। सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये रखा गया है, जिसमें से सीबीटी-1 परीक्षा में शामिल होने पर निर्धारित राशि बैंक खाते में वापस कर दी जाती है। वहीं एससी, एसटी, महिला और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 250 रुपये तय किया गया है, जो परीक्षा में उपस्थित होने पर पूर्णतः रिफंडेबल होता है। आवेदन पत्र को अंतिम रूप से सबमिट करने से पहले सभी प्रविष्टियों को भली-भांति जांच लेना चाहिए और भरे हुए फॉर्म का एक प्रिंटआउट भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लेना चाहिए।
स्त्री-शक्ति के नौ रूप नवजीवन के प्रतीक हैं
स्त्री-शक्ति के नौ रूप The post स्त्री-शक्ति के नौ रूप नवजीवन के प्रतीक हैं appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर पीएम मोदी और अमित शाह पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हमले का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की घोषणा की।
बैंकिंग सेवाओं में तकनीक के विस्तार के बावजूद आज भी लाखों खाताधारकों को बैंकों की लापरवाही और लेटलतीफी का सामना करना पड़ता है। कभी एटीएम से पैसे न निकलने पर खाते से रकम कट जाती है, तो कभी होम लोन चुकाने के महीनों बाद भी प्रॉपर्टी के मूल दस्तावेज (Registry/Sale Deed) नहीं लौटाए जाते। कई बार क्रेडिट कार्ड बंद कराने की अर्जी देने के बाद भी बैंक महीनों तक बिल भेजते रहते हैं। अधिकांश उपभोक्ता इसे अपनी नियति मानकर बैंक शाखाओं के चक्कर काटते रहते हैं, क्योंकि उन्हें यह जानकारी ही नहीं होती कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए सख्त टर्नअराउंड टाइम (TAT) और दैनिक क्षतिपूर्ति (Auto-Compensation) नियम तय कर रखे हैं। यदि बैंक अपनी निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने में विफल रहता है, तो उसे हर दिन की देरी के हिसाब से ₹100, ₹500 और ₹5,000 तक का जुर्माना सीधे ग्राहक के खाते में जमा करना पड़ता है।₹5,000 प्रतिदिन का भारी मुआवजा: लोन चुकता होने के बाद प्रॉपर्टी दस्तावेज में देरी परघर खरीदारों और लोन लेने वालों के लिए यह आरबीआई का अब तक का सबसे सख्त दिशा-निर्देश है। जब आप किसी बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से होम लोन या संपत्ति पर ऋण (LAP) लेते हैं, तो बैंक आपकी रजिस्ट्री और मूल कागजात बंधक रख लेता है।नियम: आरबीआई के सर्कुलर के अनुसार, लोन की आखिरी किश्त चुकने या फुल एंड फाइनल सेटलमेंट होने के अधिकतम 30 दिनों के भीतर बैंक को ग्राहक के सभी मूल प्रॉपर्टी दस्तावेज लौटाने और संपत्ति पर दर्ज सरकारी चार्ज (Lien/Hypothecation) हटाना अनिवार्य है।मुआवजा दर: यदि 30 दिन की सीमा समाप्त होने के बाद 31वें दिन से बैंक दस्तावेज सौंपने में एक भी दिन की देरी करता है, तो बैंक को ग्राहक को ₹5,000 प्रति कैलेंडर दिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा। यह राशि तब तक जुड़ती रहती है जब तक दस्तावेज वापस न मिल जाएं।कागजात खो जाने पर: यदि बैंक से मूल दस्तावेज गुम या नष्ट हो जाते हैं, तो बैंक को डुप्लीकेट या प्रमाणित प्रतियां निकलवाने का पूरा खर्च उठाना होगा और इसके साथ ₹5,000 प्रतिदिन का जुर्माना भी अदा करना होगा।₹500 रोजाना जुर्माना: क्रेडिट कार्ड बंद कराने में 7 दिन से अधिक की देरीक्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बंद करने के बाद खाताधारकों की सबसे आम शिकायत यह होती है कि बैंक महीनों तक कार्ड कैंसल नहीं करते और रिन्यूअल फीस या पेनाल्टी जोड़ते रहते हैं।नियम: आरबीआई मास्टर डायरेक्शन के अनुसार, यदि कार्डधारक ने आधिकारिक चैनल (हेल्पलाइन, ईमेल, इंटरनेट बैंकिंग या लिखित आवेदन) से कार्ड क्लोजर की रिक्वेस्ट दी है और कार्ड पर कोई बकाया राशि नहीं है, तो बैंक/कार्ड जारीकर्ता को ठीक 7 कार्यदिवसों (Working Days) के भीतर कार्ड अकाउंट पूरी तरह बंद करना अनिवार्य है।मुआवजा दर: 7 दिनों की मियाद पूरी होने के बाद यदि बैंक कार्ड बंद नहीं करता है, तो 8वें दिन से खाता पूरी तरह बंद होने तक ग्राहक को ₹500 प्रति कैलेंडर दिन की पेनाल्टी अदा करनी होगी। इस नियम के तहत कई ग्राहकों को लाखों रुपये का मुआवजा बैंकों से मिल चुका है।₹100 प्रतिदिन का ऑटो-कंपनसेशन: फेल्ड एटीएम, यूपीआई और डिजिटल पेमेंट्सडिजिटल ट्रांजेक्शन के फेल होने पर कई बार पैसा खाते से कट जाता है लेकिन सामने वाले को नहीं मिलता या एटीएम से नकदी नहीं निकलती। इसके लिए आरबीआई ने 'हार्मोनाइजेशन ऑफ टर्नअराउंड टाइम' (TAT) नियम बनाया है:एटीएम से कैश न निकलने पर: यदि खाते से डेबिट हो गया और कैश नहीं निकला, तो बैंक को ट्रांजेक्शन वाले दिन को छोड़कर अधिकतम T+5 दिनों के भीतर पैसा स्वतः रिवर्स करना होगा। 5 दिन से अधिक देरी होने पर बैंक को ₹100 प्रति दिन की क्षतिपूर्ति देनी होगी।यूपीआई और आईएमपीएस (UPI/IMPS): यूपीआई ट्रांजेक्शन फेल होने पर ऑटो-रिवर्सल का समय T+1 दिन निर्धारित है। यदि तय समय में पैसा वापस नहीं आता, तो ग्राहक बिना किसी अर्जी के ₹100 प्रतिदिन के मुआवजे का हकदार होता है।क्रेडिट रिपोर्ट/सिबिल (CIBIL) की गड़बड़ी: यदि आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में बैंक की गलती से गलत डिफॉल्ट दर्ज है और आपने शिकायत की है, तो बैंक को 30 दिनों में सुधार करना होगा। 30 दिन बाद सुधार न होने पर भी ₹100 प्रतिदिन का हर्जाना लागू होता है।लॉकर में चोरी या आग लगने पर: 100 गुना तक भरपाई का प्रावधानयदि बैंक लॉकर में चोरी, डकैती, आग लगने या बैंक इमारत ढहने जैसी बैंक की सुरक्षा चूक के कारण ग्राहक के सामान का नुकसान होता है, तो बैंक अपने दायित्व से पल्ला नहीं झाड़ सकता। आरबीआई के नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में बैंक की अधिकतम देनदारी उस लॉकर के सालाना किराए के 100 गुना (100 times of Annual Rent) के बराबर तय की गई है। उदाहरण के लिए, यदि आप लॉकर का सालाना किराया ₹3,000 देते हैं, तो बैंक को ₹3 लाख तक की क्षतिपूर्ति देनी होगी।मुआवजा पाने का सही तरीका: बैंक न सुने तो बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) का दरवाजा खटखटाएंयदि बैंक अपनी गलती या देरी के बावजूद यह मुआवजा देने से आनाकानी करता है, तो ग्राहक इन कानूनी चरणों का पालन कर सकते हैं:शाखा प्रबंधक को लिखित शिकायत: सबसे पहले अपनी बैंक शाखा में लिखित पत्र दें या बैंक के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर टिकट दर्ज करें, जिसमें स्पष्ट रूप से आरबीआई के संबंधित सर्कुलर और TAT का उल्लंघन दर्ज करें।प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर (PNO) को ईमेल: यदि 7 दिनों में हल न निकले, तो बैंक के नोडल अधिकारी को शिकायत फॉरवर्ड करें।आरबीआई ओम्बड्समैन (CMS Portal): यदि शिकायत दर्ज कराने के 30 दिनों के भीतर बैंक समाधान नहीं करता या अनुचित जवाब देता है, तो ग्राहक बिना एक पैसा खर्च किए आरबीआई के शिकायत प्रबंधन पोर्टल cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। लोकपाल न केवल आपका फंसा हुआ पैसा और निर्धारित मुआवजा दिलवाता है, बल्कि मानसिक प्रताड़ना के लिए भी अलग से हर्जाना देने का आदेश दे सकता है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) देश की सबसे बड़ी और आधुनिक रैपिड ट्रांजिट प्रणालियों में से एक है, जिसमें रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। सफर को सुरक्षित, सुगम और सभी के लिए सुविधाजनक बनाए रखने के लिए दिल्ली मेट्रो रेलवे (संचालन एवं रखरखाव) अधिनियम, 2002 (Delhi Metro Railway Act, 2002) के तहत सख्त नियम बनाए गए हैं। अक्सर जानकारी के अभाव में या लापरवाही के चलते यात्री मेट्रो के भीतर फर्श पर बैठ जाते हैं, कोच में खाना खाने लगते हैं, या पुरुष यात्री आरक्षित महिला कोच में प्रवेश कर जाते हैं। फ्लाइंग स्क्वॉड और सुरक्षा जांच दल ऐसे उल्लंघनों पर तुरंत जुर्माना वसूलते हैं। यात्रा के दौरान किसी भी तरह की कानूनी व वित्तीय परेशानी से बचने के लिए डीएमआरसी के प्रमुख नियमों और पेनाल्टी दरों को जानना बेहद जरूरी है।ट्रेन के फर्श पर बैठने और खाना खाने पर ₹200 का जुर्मानामेट्रो कोच में लंबी दूरी तय करते समय कई यात्री सीट न मिलने पर फर्श पर बैठ जाते हैं, जबकि कुछ लोग यात्रा के दौरान ही स्नैक्स या खाना खाने लगते हैं। डीएमआरसी के नियमों के अनुसार, कोच के फर्श पर बैठना अन्य यात्रियों के आवागमन में बाधा पैदा करता है और आपातकालीन स्थिति में निकासी को प्रभावित करता है। वहीं कोच के भीतर खाना खाने या कुछ पीने से गंदगी फैलने और दुर्गंध का खतरा रहता है।फर्श पर बैठना (Sitting on the floor): दिल्ली मेट्रो अधिनियम की धारा 59 के तहत उपद्रव (Nuisance) की श्रेणी में आता है। इसके लिए यात्री पर ₹200 का जुर्माना लगाया जाता है।खाना खाना और गंदगी फैलाना (Eating/Littering/Spitting): मेट्रो के भीतर खुलेआम भोजन करना, कचरा फेंकना या थूकना प्रतिबंधित है। ऐसा करते पाए जाने पर ₹200 का जुर्माना लगाया जाता है और यात्रा टिकट या स्मार्ट कार्ड जब्त किया जा सकता है।महिला आरक्षित कोच में पुरुष यात्रियों के प्रवेश पर ₹250 का चालानदिल्ली मेट्रो की हर ट्रेन का पहला कोच (चलने की दिशा में) विशेष रूप से महिला यात्रियों के लिए आरक्षित होता है।नियम: इस कोच में केवल महिला यात्री और उनके साथ 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चे ही सफर कर सकते हैं। किसी भी वयस्क पुरुष यात्री का इसमें प्रवेश पूरी तरह वर्जित है।जुर्माना: यदि कोई पुरुष यात्री महिला कोच में यात्रा करता हुआ पाया जाता है, तो उस पर धारा 64 के तहत ₹250 का जुर्माना लगाया जाता है। इसके साथ ही उसे अगले स्टेशन पर कोच से उतार दिया जाता है और यदि वह बहस या विरोध करता है, तो सीआईएसएफ (CISF) या दिल्ली मेट्रो पुलिस के हवाले किया जा सकता है।बिना टिकट या पास के सफर करने पर पेनल्टी: ₹50 जुर्माना + अधिकतम किरायामेट्रो परिसर में बिना वैध टिकट या टोकन के यात्रा करना दंडनीय अपराध है। यदि कोई यात्री ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट फांदकर या किसी अन्य अवैध तरीके से सिस्टम में प्रवेश करता है, तो पकड़े जाने पर:यात्री पर ₹50 का सांकेतिक जुर्माना और साथ ही मेट्रो नेटवर्क का अधिकतम किराया (Maximum Fare) वसूला जाता है।इसके अलावा, यदि कोई यात्री तय दूरी या स्टेशन से आगे अनाधिकृत रूप से यात्रा करता है, तो अतिरिक्त दूरी का किराया और अंतर शुल्क लिया जाता है। समय सीमा (Time Limit) से अधिक समय तक स्टेशन परिसर में रुके रहने पर भी प्रति घंटे के हिसाब से ओवरस्टे पेनल्टी लागू होती है।दिल्ली मेट्रो के अन्य प्रमुख अपराध और निर्धारित जुर्माने की सूचीडीएमआरसी परिसर और ट्रेनों के भीतर सुरक्षा व मर्यादा बनाए रखने के लिए विभिन्न उल्लंघनों पर तय जुर्माने का ब्योरा इस प्रकार है:शराब पीकर यात्रा करना या अभद्र व्यवहार (Drunkenness & Misbehaviour): ₹500 तक का जुर्माना और टिकट/पास की जब्ती।मेट्रो ट्रैक पर चलना या अनाधिकृत प्रवेश (Walking on Tracks): ₹500 तक का जुर्माना या 6 महीने तक की जेल।आपत्तिजनक या खतरनाक सामग्री ले जाना (Dangerous Goods): ₹5,000 तक का जुर्माना और 4 साल तक का कारावास।मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या पोस्टर चिपकाना (Defacing Property): ₹1,000 तक का जुर्माना या 6 महीने की जेल।इमरजेंसी अलार्म का दुरुपयोग (Misuse of Alarm/PEB): बिना वैध आपात स्थिति के इमरजेंसी बटन दबाने पर ₹1,000 का जुर्माना या 1 वर्ष की जेल।आरामदायक सफर के लिए इन बातों का रखें ध्यानदिल्ली मेट्रो में सफर करते समय हमेशा निर्दिष्ट सीटों का उपयोग करें और दिव्यांग, बुजुर्ग तथा गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों को खाली छोड़ें। मेट्रो कोच के भीतर हेडफोन लगाकर ही संगीत सुनें ताकि अन्य यात्रियों को असुविधा न हो। स्टेशन परिसर और ट्रेन के भीतर स्वच्छता बनाए रखें तथा किसी भी नियम उल्लंघन या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में 24x7 DMRC हेल्पलाइन 155370 या सुरक्षा हेल्पलाइन 1511 पर तुरंत सूचित करें।
'जेल में भी प्यार से खाना देते है', बिग बॉस 20 में बोले सलमान खान
सलमान खान ने 'बिग बॉस 20' में काजी तौकीर के साथ स्काउट ओपी के 'बेदर्द' बर्ताव के लिए उन्हें खरी-खोटी सुनाई. 'वीकेंड का वार' में जब सलमान ने काजी का साथ दिया, तो काजी की आंखों से आंसू छलक पड़े.
संगम नगरी में आशियाने का सपना होगा पूरा: प्रयागराज में ₹20 लाख से फ्लैट्स की शुरुआत
धार्मिक, ऐतिहासिक और प्रशासनिक पहचान रखने वाले प्रयागराज में अपना घर बसाने की चाहत रखने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों और युवा नौकरीपेशा लोगों के लिए रियल एस्टेट मार्केट से बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की किफायती आवासीय योजनाओं और निजी डेवलपर्स के नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के तहत शहर में मात्र 20 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में 1BHK और कॉम्पैक्ट 2BHK फ्लैट्स की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध कराई जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में कुंभ और महाकुंभ के अंतर्गत हुए बुनियादी ढांचे के कायाकल्प, नए फोर-लेन और सिक्स-लेन फ्लाईओवर्स, गंगा और यमुना पर बने नए ब्रिजों तथा रिंग रोड नेटवर्क ने प्रयागराज के उपनगरीय इलाकों को मुख्य शहर के बराबर ला खड़ा किया है। सीमित बजट वाले खरीदार अब किराए के मकानों पर निर्भर रहने के बजाय खुद की छत हासिल करने के इस मौके का खुलकर लाभ उठा रहे हैं।रेलवे स्टेशनों से शानदार कनेक्टिविटी: सफर हुआ बेहद सुगमप्रयागराज में विकसित हो रहे इन किफायती हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की सबसे बड़ी यूएसपी इनकी सुगम रेल और सड़क कनेक्टिविटी है। ये आवासीय कॉलोनियां मुख्य रेलवे स्टेशनों—जैसेप्रयागराज जंक्शनClick to open side panel for more information,सूबेदार गंजClick to open side panel for more information और छिवकी रेलवे स्टेशन—से मात्र 15 से 25 मिनट की सीधी दूरी पर स्थित हैं। नियमित रूप से लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, वाराणसी या पटना की यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए यह लोकेशन कनेक्टिविटी बेहद मुफीद साबित हो रही है। इन प्रोजेक्ट्स से प्रयागराज एयरपोर्ट (बमरौली) और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रसिविल लाइन्सClick to open side panel for more information तक पहुंचना भी सिग्नल-फ्री चौड़े मार्गों के चलते बेहद आसान हो गया है। ई-रिक्शा, सिटी बस सेवा और कैब की 24 घंटे उपलब्धता ने दैनिक आवागमन की चिंता को पूरी तरह खत्म कर दिया है।किन इलाकों में मिल रहे हैं सबसे सस्ते फ्लैट्स?प्रयागराज के रियल एस्टेट मैप पर तीन प्रमुख इलाके मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़े अफोर्डेबल हब के रूप में उभरे हैं। इनमें सबसे पहला नामनैनीClick to open side panel for more information का है, जो नए यमुना ब्रिज के माध्यम से मुख्य शहर से सीधे जुड़ा हुआ है और यहां औद्योगिक विकास व शैक्षणिक संस्थानों के कारण ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स तेजी से बढ़े हैं। दूसरा प्रमुख क्षेत्रझलवाClick to open side panel for more information और देवघाट का है, जहां ट्रिपल आईटी (IIIT) के आसपास नियोजित कॉलोनियों में 20 से 28 लाख रुपये के दायरे में आधुनिक फ्लैट्स मिल रहे हैं। इसके अलावा कालिंदीपुरम और राजापुर एक्सटेंशन के इलाकों में भी सरकारी और निजी सोसायटियों के तहत किफायती आवास उपलब्ध हैं। इन सोसायटियों में 24 घंटे सुरक्षा, पावर बैकअप, कम्युनिटी हॉल, किड्स प्ले एरिया और ग्रीन पार्क्स जैसी जरूरी बुनियादी नागरिक सुविधाएं भी दी जा रही हैं।त्योहारी सीजन में 18% तक का फ्लैट डिस्काउंट: बिल्डरों के आकर्षक ऑफर्सत्योहारी सीजन (दशहरा, करवा चौथ और दिवाली) के उपलक्ष्य में डेवलपर्स और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों ने घर खरीदारों को आकर्षित करने के लिए ऑफर्स की झड़ी लगा दी है। प्रोजेक्ट्स पर 18 प्रतिशत तक का सीधा एकमुश्त कैश डिस्काउंट (Upfront Discount) दिया जा रहा है। इसके साथ ही कई प्रोजेक्ट्स में 'नो ईएमआई टिल पजेशन' (No EMI till Possession), फ्री मॉड्यूलर किचन, शून्य क्लब मेंबरशिप फीस और मुफ्त कार पार्किंग स्पेस जैसे अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी शामिल किए गए हैं। कुछ बिल्डर्स रजिस्ट्री शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) का खर्च स्वयं वहन करने का ऑफर भी दे रहे हैं, जिससे खरीदार के कुल बजट में 2 से 3 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सीधी बचत हो रही है।₹20 लाख के बजट का वित्तीय गणित और लोन की आसान प्रक्रियामध्यमवर्गीय खरीदार के लिए 20 लाख रुपये के फ्लैट का वित्तीय ढांचा बेहद सुविधाजनक है। राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों द्वारा इस बजट के फ्लैट्स पर कुल लागत का 80 से 90 प्रतिशत तक होम लोन आसानी से स्वीकृत किया जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि खरीदार को मात्र 2 से 3 लाख रुपये का डाउन पेमेंट करना होता है और शेष राशि आसान मासिक किश्तों (EMI) में तब्दील हो जाती है। 8.5% से 9% की मौजूदा ब्याज दर पर 20 साल के कार्यकाल के लिए मासिक ईएमआई लगभग 15,000 से 16,500 रुपये के दायरे में आती है, जो आमतौर पर शहर में 2BHK फ्लैट के किराए के बराबर ही है।घर बुक करने से पहले इन जरूरी सावधानियों का रखें ध्यानसस्ते फ्लैट्स के आकर्षण में आने से पहले खरीदारों को कुछ महत्वपूर्ण कानूनी व तकनीकी पहलुओं की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत हो और उसका वैध रेरा रजिस्ट्रेशन नंबर मौजूद हो। इसके अलावा प्रोजेक्ट के लेआउट प्लान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) से स्वीकृति मिली हो। बैंक से अप्रूव्ड प्रोजेक्ट्स (APF Number) में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है क्योंकि बैंक पहले से ही टाइटल डीड और कानूनी दस्तावेजों की जांच कर चुके होते हैं। सभी दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही टोकन अमाउंट जमा करें ताकि जीवन भर की पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहे।
बैंक खाते में अचानक जमा हुए पैसे? खुशखबरी नहीं, हो सकता है साइबर ठगी का जाल
डिजिटल लेन-देन के इस दौर में अगर आपके बैंक खाते में अचानक 5,000, 10,000 या 50,000 रुपये जमा होने का मैसेज आए, तो इसे अपनी खुशकिस्मती समझकर खर्च करने या बिना सोचे-समझे वापस भेजने की भूल बिल्कुल न करें। देश भर में इन दिनों साइबर अपराधियों का एक नया और बेहद शातिर गिरोह सक्रिय है, जो आम लोगों की ईमानदारी और घबराहट का फायदा उठाकर 'रॉन्ग मनी ट्रांसफर' (Wrong UPI Transfer Scam) के नाम पर खातों को खाली कर रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पीड़ितों के खाते में पहले जानबूझकर रकम ट्रांसफर की गई और उसके बाद एक अनजान कॉल या लिंक के जरिए उनका पूरा बैंक बैलेंस उड़ा लिया गया। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की साइबर विंग ने आम जनता को आगाह किया है कि अनचाहे पैसों के लेन-देन में जरा सी असावधानी आपको न सिर्फ कंगाल बना सकती है, बल्कि कानूनी पचड़े में भी फंसा सकती है।कैसे काम करता है यह नया 'UPI रिवर्सल स्कैम'? समझिए जालसाजों की मोडस ऑपरेंडीइस फ्रॉड की शुरुआत जालसाज द्वारा आपके बैंक या यूपीआई खाते में किसी अनजान खाते से एक तय रकम (जैसे 10,000 या 25,000 रुपये) ट्रांसफर करने से होती है। इसके कुछ ही मिनटों के भीतर आपके फोन पर एक घबराए हुए व्यक्ति का फोन आता है, जो खुद को गरीब छात्र, बीमार मरीज का तीमारदार या मजबूरी में फंसा व्यक्ति बताते हुए गिड़गिड़ाने लगता है। कॉलर कहता है कि उसने अस्पताल के बिल या परीक्षा शुल्क के लिए पैसे भेजने थे, लेकिन गलती से एक अंक गलत टाइप होने से पैसे आपके खाते में आ गए। मानवीय संवेदना के चलते जैसे ही आप पैसे वापस लौटाने की बात कहते हैं, ठग असली खेल शुरू करते हैं। वे आपसे कहते हैं कि उनका पुराना खाता ब्लॉक हो गया है, इसलिए वे एक नया मोबाइल नंबर, नया यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड (QR Code) भेज रहे हैं, जिस पर पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएं। कई मामलों में वे आपको 'पेमेंट रिवर्सल रिक्वेस्ट' या एक दुर्भावनापूर्ण लिंक (Malicious Link) भेजते हैं। जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करके अपना यूपीआई पिन (UPI PIN) दर्ज करते हैं, रिफंड होने के बजाय आपके खाते में जमा जीवनभर की पूरी पूंजी ठगों के खाते में ट्रांसफर हो जाती है।फ्रॉड के पीछे का दूसरा बड़ा खतरा: मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक अकाउंट फ्रीज होने का कानूनी संकटइस स्कैम का एक दूसरा पहलू इससे भी ज्यादा खतरनाक है, जिसे 'मनी म्यूल' (Money Mule) और 'साइबर फ्रॉड मनी ट्रेल' कहा जाता है। कई बार साइबर अपराधी किसी तीसरे पीड़ित से ठगी गई अवैध रकम को पुलिस और जांच एजेंसियों से छिपाने के लिए आपके जैसे किसी निर्दोष नागरिक के खाते में भेज देते हैं। इसके बाद वे आपसे उस रकम को नकद (Cash) में या किसी अन्य यूपीआई खाते पर ट्रांसफर करवा लेते हैं। जब मूल पीड़ित साइबर हेल्पलाइन 1930 या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर एफआईआर दर्ज कराता है, तो जांच एजेंसियां पैसों के ट्रेल को ट्रैक करती हैं। चूंकि पैसा आपके खाते में आया था, इसलिए पुलिस और बैंक आपके खाते को साइबर क्राइम का हिस्सा मानकर तुरंत फ्रीज (Lien Mark) कर देते हैं। इसके बाद बैंक खाता खुलवाने और खुद को निर्दोष साबित करने के लिए आपको महीनों तक पुलिस थानों और कानूनी नोटिसों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।अगर खाते में अचानक आ जाएं अनजान पैसे, तो तुरंत करें ये 4 जरूरी कामकभी भी सीधे पैसे वापस न भेजें: फोन करने वाला चाहे कितनी भी मिन्नतें करे या धमकी दे, कभी भी अपने यूपीआई ऐप से सीधे उसके नंबर या किसी नए क्यूआर कोड पर पैसे ट्रांसफर न करें। सामने वाले से साफ कहें कि वह अपने बैंक से संपर्क करके आधिकारिक 'चार्जबैक' या 'रिवर्सल रिक्वेस्ट' (Chargeback Request) दर्ज कराए। जब उसका बैंक आपके बैंक से संपर्क करेगा, तभी बैंकिंग नियमों के तहत पैसे काटे जाएंगे।आधिकारिक बैंक स्टेटमेंट जांचें: केवल मोबाइल पर आए एसएमएस पर भरोसा न करें, क्योंकि कई बार ठग बैंक के जैसे दिखने वाले फर्जी एसएमएस भेजकर झांसा देते हैं। हमेशा अपने आधिकारिक मोबाइल बैंकिंग ऐप में लॉगिन करके लेन-देन और 12 अंकों के यूटीआर/ट्रांजेक्शन नंबर (UTR Number) की पुष्टि करें।अपनी बैंक शाखा को तुरंत लिखित सूचना दें: यदि वास्तव में अनजान पैसा क्रेडिट हुआ है, तो तुरंत अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करें या निकटतम ब्रांच में जाकर लिखित आवेदन दें। बैंक को बताएं कि आपके खाते में एक अज्ञात लेन-देन हुआ है, ताकि बैंक के रिकॉर्ड में यह दर्ज हो जाए कि आपकी नीयत उस पैसे को हड़पने की नहीं थी।पैसा खर्च या विड्रॉ न करें: जब तक मामला सुलझ न जाए, उस विवादित राशि को न तो एटीएम से निकालें और न ही किसी शॉपिंग में खर्च करें। भारतीय कानून के तहत गलत आए पैसे को जानबूझकर खर्च करना धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति हड़पने (Dishonest Misappropriation) के दायरे में आ सकता है।साइबर हेल्पलाइन और आरबीआई के सुरक्षा नियमयदि आपको संदेह हो कि आप किसी संगठित साइबर फ्रॉड के घेरे में आ चुके हैं या कॉलर आपको धमकी दे रहा है, तो बिना एक पल गंवाए केंद्रीय गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके घटना की जानकारी दें और आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। याद रखें कि यूपीआई प्रणाली में पैसे प्राप्त करने (Receive) के लिए कभी भी यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है। पिन केवल पैसे भेजने (Send) या डेबिट करने के लिए ही इस्तेमाल होती है। सतर्कता, संयम और बैंकिंग नियमों का सही पालन ही आपको साइबर ठगों के इस नए जाल से सुरक्षित रख सकते हैं।
'लोकतंत्र बचाने दिल्ली जा रहा हूं', तेजस्वी यादव ने भरी हुंकार
तेजस्वी यादव रविवार पटना से राहुल गांधी के बुलावे पर दिल्ली रवाना हुए हैं. वह जंतर-मंतर पर विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल होंगे. पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने बीजेपी, आरएसएस और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा. तेजस्वी ने प्रदर्शनकारियों, छात्रों और पत्रकारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप दोहराते हुए संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की.
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन, कॉजपा ने दी देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी
(फोटो के साथ)नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया। इस बीच, नयी दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए और करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया गया। उच्चतम न्यायालय ने रविवार को निर्देश दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने वाले लोगों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए। अदालत ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि दिल्ली मेट्रो का सामान्य रूप से संचालन जारी रहे और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवाओं में कोई बाधा न आए। विशेष सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया। अदालत में एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कॉजपा के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली में मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने के उच्चतम न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन किया गया है। याचिका में इस उल्लंघन के लिए अदालत की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई थी। दिन में इससे पहले, कॉजपा के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। दास ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि सरकार ने अपने ही नागरिकों के खिलाफ पूरे तंत्र को खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि तय जगह पर प्रदर्शन करने की मांग कर रहे लोगों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय अधिकारी एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुला सकते थे। उन्होंने दावा किया कि हिरासत के दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बिना जब्ती नोटिस जारी किए उनके फोन ले लिए। दास ने कहा, हमें आशंका है कि अतीत में कार्यकर्ताओं से जुड़े ऐसे ही मामलों में लगाए गए आरोपों की तरह, उनके फोन भी हैक किए गए होंगे ताकि उनमें दस्तावेज या अन्य सामग्री डाली जा सके और बाद में उसे हमारे खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।”उन्होंने कहा कि कॉजपा का आंदोलन जारी है और प्रदर्शन केवल दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में होंगे। दास ने कहा, “विरोध प्रदर्शन जारी हैं। दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश में प्रदर्शन होंगे।”कॉजपा के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा, “जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा।”रिहाई के समय लगाई गई शर्त का जिक्र करते हुए दास ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि एक साल तक शांति भंग नहीं होनी चाहिए। कॉजपा नेता ने कहा, “शांति भंग करने का काम नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने किया है।”रांका ने कहा कि तय जगह पर विरोध प्रदर्शन करने से शांति भंग नहीं होती। रविवार को सभी मेट्रो स्टेशन खुले रहे और लुटियंस दिल्ली में यातायात पर कोई बड़ा प्रतिबंध नहीं लगाया गया। हालांकि, इस इलाके की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों पर भारी बैरिकेडिंग की गई थी। कॉजपा के आह्वान पर रविवार को दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। नयी दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच करीब 200 छात्रों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। ये लोग नारे लगाते हुए जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस बसों में घसीटकर ले जाते हुए देखा गया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) समेत कई छात्र संगठनों के सदस्यों और कॉजपा समर्थकों को हिरासत में लिया गया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास और आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया। रविवार सुबह कॉजपा के तीन नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा कर दिया गया। तीनों को एक दिन पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लेने के बाद एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद उन्हें रिहा किया गया। कॉजपा ने एक बयान में इन तीनों नेताओं की रिहाई को बड़ी कानूनी जीत बताया। कॉजपा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “आखिरकार दिल्ली पुलिस को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। कॉकरोच कभी नहीं मरते।”वहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा कि एहतियातन गिरफ्तारियां सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए की गई थीं। तीनों नेताओं को रविवार को दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने कहा, “एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छा व्यवहार करने की शर्त पर 50,000 रुपये का जमानती बॉण्ड दाखिल किया गया। इसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया।”यूट्यूबर ध्रुव राठी ने रविवार को दावा किया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सादे कपड़ों में आए लोगों ने उनके घर से उनका ‘‘अपहरण’’ किया और अलग-अलग पुलिस थानों में ले गए। राठी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा कि शनिवार सुबह करीब सात बजे, जब वह सो रहे थे, तब सादे कपड़ों में लगभग 20 लोग उनके घर में घुस आए। राठी ने कहा कि उन्हें अलग-अलग थानों में ले जाया गया और करीब 22 से 23 घंटे तक न तो अपने वकील से संपर्क करने दिया गया और न ही फोन इस्तेमाल करने दिया गया। उन्होंने यह दावा भी किया कि उन्हें अपने शयनकक्ष से बाहर ले जाते समय चोट आईं। राठी ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे हिरासत में नहीं लिया गया था, मेरा अपहरण किया गया था।”उन्होंने उन्हें उनके घर से ले जाने के तरीके पर सवाल उठाए। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने वाले लोगों को अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए। पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को कहा कि दिल्ली मेट्रो ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से किया जाए और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों। उच्चतम न्यायालय ने मेहता से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को उनके पेशेवर कर्तव्यों का पालन करने से न रोका जाए। पीठ ने कहा, ‘‘कानून के अनुसार इंटरनेट सेवाएं निर्बाध जारी रहनी चाहिए। इंटरनेट सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए।’’इसने कहा, ‘‘तय कानूनी प्रक्रिया के अलावा किसी भी तरह से किसी को भी गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए। खास तौर पर उन लोगों के मामले में, जो उस क्षेत्र के बाहर एकत्र होते हैं जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की गई है।”दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक महिला से जुड़े पुराने मामले में कॉजपा के नेताओं को नए नोटिस भी जारी किए। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ये नोटिस जारी किए गए। मामला एक महिला की तस्वीरों से छेड़छाड़ करके आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने और उन्हें इंटरनेट पर प्रसारित करने के आरोपों से जुड़ा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले महिला की याचिका पर कॉजपा के नेताओं को नोटिस जारी किए थे और पुलिस को भी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के विभिन्न नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बंगला साहिब गुरुद्वारे में कथित व्यवधान और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान ‘‘भ्रामक’’ वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है। शनिवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गुरुद्वारे के परिसर में एकत्र हुए थे। हालांकि, पुलिस ने उनकी कोशिश नाकाम कर दी और उन्हें हिरासत में ले लिया। डीएसजीएमसी की शिकायत में आरोप लगाया गया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता और समर्थक गुरुद्वारे के परिसर में घुस आए और वहां प्रदर्शन करने लगे। शिकायत के अनुसार, इससे अफरा-तफरी और अव्यवस्था पैदा हुई। इसमें यह आरोप भी लगाया गया कि उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों के लिए ‘गुरु घर’ की पवित्रता का इस्तेमाल करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक वीडियो जारी कर कॉजपा के इस दावे का खंडन किया कि उसके नेता अभिजीत दीपके को हिरासत में रहने के दौरान उनकी दादी की मृत्यु की जानकारी नहीं दी गई थी। पुलिस ने दोहराया कि दीपके को संवेदनशील तरीके से उनकी दादी के निधन की जानकारी दी गई थी। उन्हें अंतिम संस्कार के लिए अपने गृह नगर जाने में मदद की पेशकश भी की गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। यह वीडियो दीपके की मां के उस आरोप के बाद जारी किया गया, जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उनके बेटे को उसकी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई। कॉजपा ने भी यही दावा किया था। संवाददाता सम्मेलन में पुलिसकर्मियों द्वारा दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी देने से संबंधित वीडियो दिखाते हुए पुलिस उपायुक्त (जनसंपर्क कार्यालय) नेहा यादव ने कहा कि कॉजपा नेता को तुरंत इसकी जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें अंतिम संस्कार का निर्धारित समय भी बताया गया था। पुलिस ने दोहराया कि उन्हें संवेदनशील तरीके से यह खबर दी गई थी और उनके गृह नगर जाकर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सहायता की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव ‘‘ठुकरा दिया’’। राष्ट्रीय राजधानी में इस महीने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इसी बीच, सोमवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया की ओर से एक और मार्च निकालने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्होंने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को शाम चार से पांच बजे के बीच भारत के प्रधान न्यायाधीश से मुलाकात का समय मांगा है और वे ‘‘वोट चोरी’’ के मुद्दे पर प्रधान न्यायाधीश से हस्तक्षेप की मांग करेंगे।
अकासा एयर ने राजस्थान में शुरू किया परिचालन, जयपुर से मुंबई और बेंगलूरु के लिए मिलेंगी सीधी उड़ानें
जयपुर। विमानन कंपनी अकासा एयर ने राजस्थान में अपने परिचालन की शुरुआत करते हुए जयपुर से उड़ान सेवाएं शुरू कर दी हैं। रविवार को जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मुंबई और बेंगलूरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानों का संचालन शुरू किया गया। इन सेवाओं के शुरू होने से जयपुर से देश के दो प्रमुख व्यावसायिक […] The post अकासा एयर ने राजस्थान में शुरू किया परिचालन, जयपुर से मुंबई और बेंगलूरु के लिए मिलेंगी सीधी उड़ानें appeared first on Sabguru News .
नेशनल हाईवे पर घटे हादसे, अब राज्यों की सड़कों को सुरक्षित बनाएगी सरकार; बढ़ेंगे सुरक्षा उपाय
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय राज्यों को स्थानीय सड़कों पर सड़क सुरक्षा उपाय लागू करने में मदद करेगा, क्योंकि कुल हादसों में इनकी हिस्सेदारी सबसे अधिक है।
दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को बीच रास्ते में हैदराबाद डायवर्ट करना पड़ा। विमान के ओवरहेड बिन यानी सीटों के ऊपर बने सामान रखने वाले स्थान में रखे एक यात्री के निजी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने की ...
'रूस-यूक्रेन में हो गया एनर्जी सीजफायर’, ट्रंप बोले- दोनों देश इसे न तोड़ें
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच 'एनर्जी सीजफायर' का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि यह सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने दोनों पक्षों से इसका उल्लंघन नहीं करने की अपील की.
रूस-यूक्रेन युद्ध में ‘एनर्जी सीजफायर’ का ऐलान, ट्रंप बोले- दोनों देश सहमत, तत्काल प्रभाव से लागू
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच 'एनर्जी सीजफायर' का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि यह सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने दोनों पक्षों से इसका उल्लंघन नहीं करने की अपील की.
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ फिर करेंगे प्रदर्शन, किसी बॉण्ड पर दस्तखत नहीं किए: Abhijeet Deepke
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि उन्होंने ऐसे किसी बॉण्ड पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिसमें यह कहा गया हो कि वह और कॉजपा के दूसरे नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर दोबारा प्रदर्शन नहीं करेंगे। दीपके ने नागपुर हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे। हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से नहीं डरते।’’इसके बाद वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र के हिंगोली रवाना हो गए। दीपके ने कहा, ‘‘मुझे सौ बार जेल में डाल दो, हम आपकी तानाशाही से नहीं डरते। हम इस तानाशाही को खत्म करेंगे।’’कॉजपा के संस्थापक की यह टिप्पणी दिल्ली पुलिस द्वारा एक वीडियो जारी किए जाने के कुछ ही समय बाद आई। पुलिस ने यह वीडियो कॉजपा के इस दावे को खारिज करने के लिए जारी किया था कि 10 अक्टूबर को हिरासत में रहने के दौरान दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्हें यह खबर संवेदनशील तरीके से दी गई थी और अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर जाने में सहायता की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव “ठुकरा दिया”। यह वीडियो दीपके की मां द्वारा दिल्ली पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाने के बाद जारी किया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि शनिवार को उनके बेटे को उसकी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई थी।
'डरो मत, कल पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा', बड़ी तैयारी में विपक्षी दल
राहुल गांधी ने शनिवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने पहुंचे युवाओं को पुलिस और BJP के कार्यकर्ताओं ने पीटा।
भाजपा ने कांग्रेस पर विदेशी कंपनियों के साथ खड़े होने और देश में विभाजन फैलाने का आरोप लगाया, साथ ही पीएम मोदी द्वारा तमिल संस्कृति के सम्मान के प्रयासों पर जोर दिया।
सिरोही के रामझरोखा मैदान में 54वें गरबा महोत्सव का आगाज, विधि-विधान से हुई मां जगदम्बा की घट स्थापना
आरासना अंबाजी से लाई गई अखंड ज्योत, माता के जयकारों से गूंजा पंडाल नौ दिनों तक गरबा नृत्य, दुर्गा सप्तशती पाठ और धार्मिक आयोजनों की रहेगी धूम सिरोही। शारदीय नवरात्र के अवसर पर सिरोही के रामझरोखा मैदान में मां दुर्गा की आराधना और भक्ति का माहौल छा गया। जगदम्बे नवयुवक मंडल रामझरोखा के तत्वावधान में […] The post सिरोही के रामझरोखा मैदान में 54वें गरबा महोत्सव का आगाज, विधि-विधान से हुई मां जगदम्बा की घट स्थापना appeared first on Sabguru News .
विजय-मोदी की केमेस्ट्री, एक दिन पहले राहुल गांधी संग दिखी दोस्ती; प्रोटोकॉल या कुछ और?
राजनीतिक दांव-पेच सिर्फ सरकार चलाने तक ही सीमित नहीं हैं. कांग्रेस-DMK गठबंधन ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में तमिलनाडु में जबरदस्त जीत हासिल की थी. 2029 में TVK-कांग्रेस की साझेदारी इस समीकरण को बदल सकती है.
BJP विधायक की कार से MP में हुआ बड़ा सड़क हादसा
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कुरावर में शनिवार सुबह भाजपा विधायक अमर सिंह यादव की फॉर्च्यूनर कार और बाइक की टक्कर हो गई. हादसे में बाइक सवार राघवेंद्र विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके 11 वर्षीय बेटे लक्ष्य को भी चोटें आईं. राघवेंद्र को इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई. पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया है.
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) की दिल्ली में हुए घटनाक्रम पर व्यक्त चिंताओं को सख्ती से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने OHCHR के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए पीओके और फ्रांस में हुई घटनाओं पर उसकी चुप्पी का जिक्र किया।
Uber का One Less Car चैलेंज: एक महीने अपनी गाड़ी छोड़, कैब इस्तेमाल करने का कैसा रहा एक्सपीरियंस?
दिल्ली-NCR में हाल ही में Uber ने One Less Car एक्सपेरिमेंट शुरू किया था. इस दौरान सेलेक्टेड पार्टिशिपेंट को 1 महीने तक अपनी गाड़ी छोड़ Uber कैब और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना था. इसका हिस्सा मुझे भी बनने का मौका मिला. आइए आपको बताते हैं, इस दौरान मेरा एक्सपीरियंस कैसा रहा.
अग्रसेन जयंती पर अजमेर में 160 यूनिट रक्तदान, महिलाओं की भी रही भागीदारी
अजमेर। महाराजा श्री अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित अग्रसेन जयंती महोत्सव के तहत अजमेर में सामाजिक सेवा और जनकल्याण की मिसाल देखने को मिली। श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव समिति-2026 के तत्वावधान में श्री अग्रसेन युवा समिति की ओर से शनिवार को अग्रवाल पाठशाला भवन के सभागार में 22वां विशाल रक्तदान शिविर […] The post अग्रसेन जयंती पर अजमेर में 160 यूनिट रक्तदान, महिलाओं की भी रही भागीदारी appeared first on Sabguru News .
दादी के निधन के बाद फोन को लेकर रार, दीपके vs पुलिस में कौन सही-कौन गलत? वीडियो आया सामने
हिरासत से छोड़े जाने के बाद अभिजीत दीपके ने यह आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने दादी की मौत के बाद भी उन्हें घर पर बात करने के लिए फोन नहीं दिया. अब दिल्ली पुलिस ने उस समय का वीडियो जारी कर पूरी कहानी बताई है.
'सरकार का विरोध करो तो कूल', CJP प्रोटेस्ट के बीच काजोल की बहन का तंज?
तनीषा मुखर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए देशभर में हो रहे CJP आंदोलन पर इशारों-इशारों में अपनी भड़ास निकाली है. उनका गुस्सा उन हिंदुओं पर फूटा है जो पढ़े-लिखे हैं, मगर उनके देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.
अक्टूबर में केरल की इन 5 जगहों का बनाएं प्लान, यादगार बन जाएंगे पल
Best Places to Visit in Kerala: अक्टूबर में केरल में मानसून के बाद की हरियाली, सुहावना मौसम और खूबसूरत प्राकृतिक नजारे देखने को मिलते हैं. साथ ही पीक सीजन की तुलना में भीड़ भी कम मिल सकती है. ऐसे में अगर आप पहाड़, बैकवाटर्स, बीच और जंगल को एक ही ट्रिप में एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो अक्टूबर में केरल घूमने का प्लान बना सकते हैं.
लखनऊ के पिंक बूथ: महिलाओं की हिचक तोड़ रही महिला पुलिस, दर्ज हो रहे अनूठे मामले
लखनऊ के हजरतगंज में मिशन शक्ति के तहत चार पिंक बूथ महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने के साथ सुरक्षित जगह के तौर पर भी काम कर रहे हैं. यहां घरेलू कलह, शराबखोरी, मारपीट और अनचाहे कॉल-मैसेज की शिकायतें आती हैं.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार सूखा प्रभावित क्षेत्रों में अगले छह से आठ महीने तक रोजगार, खाद्यान्न, पेयजल और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने के लिए विस्तृत योजना तैयार कर रही है। फडणवीस ने यहां अपने आधिकारिक आवास पर सूखे की स्थिति का आकलन करने आई केंद्रीय टीम के साथ बैठक में कहा कि फसल की वृद्धि के महत्वपूर्ण चरण में बारिश की कमी से कई क्षेत्रों में सोयाबीन की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है, जबकि कपास, अरहर और गन्ने की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पानी की कमी के कारण रबी की बुवाई की संभावनाएं धूमिल हैं, जिससे किसानों के पास खरीफ की फसल के नुकसान की भरपाई अगली फसल से करने की बहुत कम गुंजाइश बची है। फडणवीस ने कहा कि खेती में मजदूरी करके अपना गुजारा करने वाले छोटे किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार उन्हें रोजगार और खाद्य सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से सहायता देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सूखा प्रभावित गांवों का दौरा करने और किसानों से बातचीत करने वाली केंद्रीय टीम केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया जाएगा। फडणवीस ने कहा, महाराष्ट्र के कई हिस्सों, विशेषकर छोटे ग्रामीण गांवों में पानी के स्रोत सूख गए हैं। ऐसे में टैंकर के जरिये पानी की आपूर्ति के व्यापक इंतजाम करने की जरूरत है। राज्य सरकार टैंकर के माध्यम से पानी का पारदर्शी और व्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि लोगों और पशुओं के लिए पीने के पानी की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी और उपलब्ध पानी को अगस्त 2027 तक पीने के मकसद के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन जरूरतों को पूरा करने के बाद ही अन्य इस्तेमाल के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूखा राहत की मांग के लिए केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप आंकड़ों के आधार पर विस्तृत ज्ञापन सौंपेगी।

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