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Wildlife SOS के 12 केंद्रों की होगी जांच, CZA ने छह राज्यों को दिया निरीक्षण का निर्देश

(अलिंद चौहान)नयी दिल्ली, 24 सितंबर केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य वन्यजीव वार्डन (सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू) से कहा है कि वे दिल्ली के प्रमुख एनजीओ ‘वाइल्डलाइफ एसओएस’ द्वारा चलाए जा रहे केंद्रों का निरीक्षण करें जिन पर ‘वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972’ का उल्लंघन करने का आरोप है। ‘पीटीआई-भाषा’ को मिले सीजेडए के पत्रों के अनुसार, ‘वाइल्डलाइफ एसओएस’ के केंद्रों पर मुख्य रूप से सीजेडए की आवश्यक मंजूरी या कानूनी मान्यता के बिना चिड़ियाघर की तरह काम करने, बचाए गए जंगली जानवरों को लंबे समय तक देखभाल के लिए जरूरी मंजूरी के बिना रखने और तय समय-सीमा के भीतर जानवरों की सूची जमा न करने के आरोप हैं। सीजेडए के ये पत्र 12 सितंबर की तारीख के हैं और हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू को भेजे गए थे। इन राज्यों में मौजूद कुल 12 केंद्र जांच के दायरे में हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के तहत आने वाली वैधानिक संस्था सीजेडए ने सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू से कहा है कि वे पत्र जारी होने के सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपें। सीजेडए को सवालों के जवाब का इंतजार है। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इन नियमों का उल्लंघन जानवरों के मूल स्थान, माइक्रोचिपिंग और कानूनी संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे जानवरों की मौत, जन्म और उन्हें हासिल करने के मामलों में भी पूरी तरह से अंधेरा बना रहता है।’’ये चिट्ठियां तब भेजी गई हैं जब मध्य प्रदेश में तेंदुए के शिकार के एक कथित मामले में ‘वाइल्डलाइफ एसओएस’ का नाम आने की खबरें सामने आईं। इस महीने की शुरुआत में, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने इस मामले में एनजीओ के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कार्तिक सत्यनारायण को मिली अंतरिम सुरक्षा वापस ले ली थी, लेकिन मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने वह सुरक्षा बहाल कर दी। वर्ष 1995 में स्थापित इस संगठन ने पिछले कुछ वर्षों में भारत के लुप्तप्राय जानवरों और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिए कई पहल शुरू की हैं, जिनमें शिकार-रोधी गतिविधियां, बचाव और पुनर्वास केंद्र आदि शामिल हैं। हालांकि, हाल की घटनाओं, जिनमें सीजेडए के पत्र भी शामिल हैं, ने इस एनजीओ के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 8:33 pm

एक तरफ उठी अर्थी, आधी रात गूंजी किलकारी... पिता की मौत के बाद जन्मी बेटी

लखनऊ में गणपति विसर्जन के दौरान सई नदी में डूबे हरिप्रसाद के परिवार में मातम के बीच एक नन्हीं जिंदगी ने दस्तक दी. बुधवार दोपहर पति की चिता शांत भी नहीं हुई थी कि आधी रात करीब 12 बजे गर्भवती पत्नी श्यामावती ने बेटी को जन्म दिया. जिस घर से कुछ घंटे पहले अर्थी निकली थी, वहीं अब नवजात की किलकारी गूंज रही है.

आज तक 24 Sep 2026 8:22 pm

नहीं रहे वेलकम एक्टर मुश्ताक खान, 56 साल की उम्र में हुआ निधन

'वेलकम', 'गदर: एक प्रेम कथा' और 'जोड़ी नंबर 1' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिका के लिए मशहूर अनुभवी एक्टर मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन हो गया है.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 8:19 pm

देश की राजनीति में बढ़ता मध्यप्रदेश का दबदबा, भाजपा ने चार नेताओं को सौंपी बड़े राज्यों की कमान

मध्यप्रदेश की राजनीति में सक्रिय भाजपा नेताओं की भूमिका अब प्रदेश की सीमाओं से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में मध्यप्रदेश के चार नेताओं को देश के महत्वपूर्ण राज्यों की जिम्मेदारी मिलना इसी बदलाव का संकेत है। भाजपा के ...

वेब दुनिया 24 Sep 2026 8:19 pm

रद्दी अखबार को न फेंकें! पौधों के 3 बड़े काम करेगा आसान; जानें

Old Newspaper For Plants: रोज घर आने वाला पुराना अखबार रद्दी में फेंकने से पहले संभाल लें. किचन गार्डन में इसका इस्तेमाल मिट्टी की नमी बनाए रखने, बीज उगाने के लिए पेपर पॉट बनाने और गमलों के नीचे बिछाने में किया जा सकता है.

आज तक 24 Sep 2026 8:18 pm

अलविदा मुश्ताक खान: ‘वेलकम’ से मिली पहचान, महेश भट्ट की फिल्मों से शुरू हुआ सफर, 46 साल का करियर और 400 से ज्यादा फिल्में

कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन हो गया. छोटे किरदारों में भी अपनी अलग छाप छोड़ने वाले एक्टर को ‘वेलकम’ समेत कई चर्चित फिल्मों के लिए याद किया जाएगा.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 8:15 pm

जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर को मिली पैरोल, कंबोडियाई प्रेमिका से रचाई शादी

गैंगस्टर मैनपाल ढिल्ला को शादी के लिए 12 घंटे की कस्टडी पैरोल दी गई. उसने कंबोडिया की अपनी प्रेमिका से झज्जर के एक फार्महाउस में शादी की. मैनपाल 2018 में पैरोल के दौरान फर्जी पहचान के जरिए भारत से भागकर कंबोडिया पहुंचा था, जहां वह मेटा चान के साथ रहने लगा और उनके बच्चे भी हुए.

आज तक 24 Sep 2026 8:12 pm

...तो अमेरिकी में होगा चीनी कंपनियों का दबदबा, इतनी होगी बिक्री

चीनी कारें दुनियाभर में पॉपुलर हो रही हैं. ऐसे में क्या हो अगर किसी ऐसे मार्केट में इन कारों को उतारा जाए, जहां इनकी एंट्री पर कई सारी पाबंदियां हों. इस स्थिति को लेकर एक मार्केट रिसर्च सामने आई है. मोबिलिटी ग्लोबल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अगर चीनी कार कंपनियों को अमेरिकी बाजार में एंट्री मिलने लगे, तो जल्द ही ये बड़े मार्केट पर कब्जा कर लेंगी.

आज तक 24 Sep 2026 8:11 pm

2024 में हारे, 2027 में सफाया होगा... रथयात्रा पर अखिलेश का BJP पर हमला, बोले- CEC खुद दे दें इस्तीफा

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को बीजेपी पर बड़ा हमला किया. उन्होंने दावा किया कि 2024 हारने वालों का 2027 में सफाया हो जाएगा.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 8:04 pm

‘लव एंड वॉर’ में रणबीर के बैक-टू-बैक पोस्टर, आलिया की भी आने वाली है बारी! आखिर में अपना लुक आने से नाराज हैं विक्की कौशल?

‘लव एंड वॉर’ के पोस्टर्स को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है, जिसमें विक्की कौशल की कथित नाराजगी की खबर सामने आ रही है. रणबीर कपूर के बाद आलिया भट्ट का पोस्टर आने की चर्चा के बीच विक्की के लुक का फैंस इंतजार कर रहे हैं.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 8:03 pm

घने कोहरे में जोरदार टक्कर! सूरत में NH-48 पर टकराईं दो लग्जरी बसें

Surat NH-48 Luxury Bus Accident: सूरत के कोसंबा में घने कोहरे के कारण नेशनल हाईवे-48 पर दो लग्जरी बसें आपस में भिड़ीं. बड़ा हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित. पढ़ें पूरी खबर...

आज तक 24 Sep 2026 8:03 pm

Cauvery Water: तमिलनाडु को 4,000 क्यूसेक पानी देने के निर्देश पर कर्नाटक करेगा अपील, बोले DK Shivakumar

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार तमिलनाडु को रोजाना कावेरी का 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश के खिलाफ अपील दायर करेगी। शिवकुमार ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा कर आगे की कार्रवाई पर अंतिम फैसला लेगी। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि बारिश में कमी और जलाशयों में पानी की आवक घटने के कारण राज्य के लिए पानी छोड़ना बेहद मुश्किल हो रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कावेरी जल नियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) ने बृहस्पतिवार को सिफारिश की थी कि कर्नाटक अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए रोजाना 4,000 क्यूसेक पानी का प्रवाह सुनिश्चित करे। बाद में कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने भी इस सिफारिश को बरकरार रखा। शिवकुमार ने एक सवाल के जवाब में पत्रकारों से कहा, हम (इस आदेश के खिलाफ) अपील दायर करेंगे। अगर हमारे पास पानी होगा, तभी तो हम छोड़ेंगे। हमारे पास पानी नहीं है और जलाशयों में पानी की आवक पूरी तरह रुक गई है। हम पर काफी दबाव है और बारिश भी थम चुकी है। मैं पूरी स्थिति की समीक्षा करूंगा। जल संसाधन मंत्री के साथ भी इस पर चर्चा करूंगा और फिर हम आगे उठाए जाने वाले कदम की जानकारी देंगे।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 8:03 pm

सिर्फ स्किनकेयर नहीं, बॉडी केयर भी है जरूरी, सोने से पहले करें ये Body Care, मिलेगी सुकून भरी नींद

ResMed के एक सर्वे के अनुसार, लोग हर हफ्ते लगभग तीन बार अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं और लगभग 49% भारतीयों ने बताया है कि उन्हें हफ्ते में कम से कम तीन बार सोने में मुश्किल होती है.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 8:02 pm

नुसरत साहब की कव्वाली पर बना था माधुरी दीक्षित का ये गोदभराई सॉन्ग, 32 साल से आज भी घर-घर गूंजती है लता मंगेशकर की आवाज

1994 में रिलीज हुई फिल्म हम आपके हैं कौन..! का सुपरहिट गाना जो आज भी गोदभराई और शादी-ब्याह के फंक्शनों की शान बना हुआ है. दिलचस्प बात ये है कि इसकी धुन पर नुसरत फतेह अली खान की मशहूर कव्वाली का असर माना जाता है.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 8:01 pm

देखते ही देखते 35% टूट गया शेयर, एक ही दिन में तबाही, ये है वजह

Policy Bazaar Share Crash: एक ओर जहां शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी गुरुवार को क्रैश हुए, तो वहीं कुछ कंपनियों के शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखर गए. इनमें सबसे ऊपर पॉलिसी बाजार क शेयर रहा, जो एक ही दिन में 35% से ज्यादा टूट गया.

आज तक 24 Sep 2026 8:00 pm

'अमेरिका-जापान में भी होता है', समस्तीपुर छेड़छाड़ के सवाल पर भड़के मंत्री

बिहार के समस्तीपुर में छात्रा के साथ छेड़छाड़ के मामले पर सवाल करने पर मंत्री अशोक चौधरी भड़क गए. उन्होंने कहा कि बिहार में अनपढ़ और देहाती लोग हैं जो राज्य को बदनाम करने की साजिश करते हैं.

आज तक 24 Sep 2026 7:59 pm

सीएम डॉ. मोहन ने देखीं मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के कार्यक्रम की तैयारियां, कहा- सरकार का ये कदम क्रांतिकारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 सितंबर को भोपाल के भेल दशहरा मैदान पहुंचे। उन्होंने यहां 25 सितंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर ...

वेब दुनिया 24 Sep 2026 7:58 pm

जिनपिंग की मेजबानी को व्हाइट हाउस तैयार... मेलानिया ट्रंप ने शेयर किया डिनर मेन्यू

एक दशक से भी ज्यादा समय के बाद चीनी राष्ट्रपति पहली बार अमेरिका पहुंचे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया व्हाइट हाउस में जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के लिए स्टेट डिनर की मेजबानी करेंगे.

आज तक 24 Sep 2026 7:57 pm

मिसाइल-ड्रोन बनाने में इस छोटे से देश से भी पीछे है भारत, रक्षा सचिव ने जताई चिंता

रक्षा सचिव राजेश कुमार ने कहा है कि भारत इस समय मिसाइल और ड्रोन निर्माण के क्षेत्र में यूक्रेन से कहीं पीछे है। यूक्रेन की एक कंपनी महीने भर में 100 मिसाइलें और 1000 ड्रोन बना देती है, जबकि हम साल भर में 200 से 300 मिसाइलें बना पाते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Sep 2026 7:55 pm

पैकेज्ड फूड पर चेतावनी लेबलिंग कब तक, कैसे होंगे नियम? FSSAI ने SC को सब कुछ बताया

FSSAI ने देश में 'फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग' लागू करने को लेकर हलफनामा पेश किया. जिसमें बताया गया कि पैकेज्ड फूड पर नमक, चीनी और वसा की अधिकता दर्शाने वाले चेतावनी लेबल को नियम बनाने में 4 महीने का समय लगेगा. इसके बाद व्यापारियों को 365 दिन की छूट दी जाएगी.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 7:54 pm

चाय की दुकान चलाता है समस्तीपुर छेड़छाड़ केस का एक आरोपी, दूसरा PDS डीलर, शराब मामले में भी दो का इतिहास

समस्तीपुर में युवती से छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जांच में सामने आया है कि एक आरोपी चाय की दुकान चलाता है, दूसरा पीडीएस डीलर है, जबकि दो अन्य के खिलाफ पहले से शराब से जुड़े मामले दर्ज हैं.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 7:53 pm

खेत में महिला पर सियार का हमला, पालतू कुत्तों ने रोका

बहराइच के असरौरा गांव में खेत पर काम कर रही महिला सालिया पर सियार ने हमला कर दिया. सियार ने उसके पैर और दोनों हाथों में काट लिया. इसी दौरान पिटबुल कुत्ते टाइगर और मोटा वहां पहुंचे और सियार पर हमला कर उसे मार डाला. महिला का इलाज जारी है.

आज तक 24 Sep 2026 7:52 pm

राम-रामायण, लोकधारा और गंगा के रंगों से सजेगा यूपी: अयोध्या, लखनऊ व काशी में जुटेंगे देशभर के दिग्गज कलाकार

उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक धरा पर सनातन संस्कृति, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक वैभव का एक अनूठा संगम देखने को मिलने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार प्रदेश की समृद्ध कला, विरासत और प्राचीन परंपराओं को नई पीढ़ी की चेतना से जोड़ने तथा देशभर के स्थापित व नवोदित कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करने के लिए एक वृहद सांस्कृतिक अभियान शुरू करने जा रही है। इस विशेष कार्ययोजना के तहत उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों—अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी—में तीन भव्य कला कार्यशालाओं एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शिविरों का आयोजन तय किया गया है। राज्य ललित कला अकादमी, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों के जरिए प्रभु श्री राम व रामायण के आदर्शों, सदियों पुरानी लोक चित्रकला शैलियों और मोक्षदायिनी मां गंगा व अविनाशी काशी की अलौकिक आध्यात्मिक धरोहर को कैनवास पर साकार किया जाएगा।अयोध्या में राम की पैड़ी पर सजेगा कैनवास: 22 से 26 अक्टूबर तक राष्ट्रीय कार्यशालाइस सांस्कृतिक श्रृंखला का पहला भव्य पड़ाव मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मस्थली अयोध्या धाम बनेगी। 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से अयोध्या के प्रसिद्ध राम की पैड़ी और पवित्र गुप्तार घाट के सुरम्य तटों पर ‘राम, रामायण और अयोध्या’ शीर्षक से एक राष्ट्रीय कार्यशाला एवं अकादमिक व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है। इस पांच दिवसीय प्रतिष्ठित आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से 25 मूर्धन्य चित्रकार और 10 प्रमुख कला व संस्कृति विशेषज्ञ शिरकत करेंगे। इस राष्ट्रीय शिविर का मूल ध्येय रामचरित और रामायण कालीन प्रसंगों की सांस्कृतिक महत्ता को आधुनिक कलात्मक दृष्टि से प्रस्तुत करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय युवा पीढ़ी को अयोध्या की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा, त्याग और मर्यादा के दर्शन को कला के माध्यम से गहराई से समझने का अवसर मिल सके।लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक 'लोकधारा': पद्मश्री कलाकारों संग जुटेंगे पारंपरिक साधकराजधानी लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी परिसर में 'लोकधारा' नामक पांच दिवसीय लोक एवं पारंपरिक कला शिविर का भव्य आयोजन होगा। इस विशिष्ट मंच का प्राथमिक उद्देश्य भारत की विलुप्तप्राय लोक कलाओं और जनजातीय शैलियों को एक सक्रिय व जीवंत मंच प्रदान करना है, जहां कला साधक, शोधार्थी और आम कला प्रेमी एक साथ बैठकर पारंपरिक कलाओं के मूल तकनीकों का प्रत्यक्ष अभ्यास कर सकें। इस शिविर में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शुमार पद्मश्री से अलंकृत दिग्गज कलाकारों, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं समेत लगभग 35 से 40 पारंपरिक लोक कला साधकों की गरिमामयी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय, गोयल इंस्टीट्यूट, टेक्नो इंस्टीट्यूट और वामसी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स एंड डिजाइन के 25 मेधावी कला विद्यार्थियों को इन दिग्गजों के सानिध्य में लाइव काम करने का दुर्लभ अवसर मिलेगा।गोंड, भील, मधुबनी और पिथौरा का संगम: 5 दिनों में मास्टरक्लास और लाइव प्रदर्शन'लोकधारा' शिविर में भारत की मिट्टी से जुड़ी पारंपरिक चित्रकला शैलियों जैसे मध्य प्रदेश की गोंड व भील कला, बिहार की विश्वविख्यात मधुबनी व गोदना पेंटिंग, गुजरात-मध्य प्रदेश की पिथौरा, राजस्थान की लघु चित्रकला तथा मिथिला व अवध के कोहबर जैसी समृद्ध विधाओं का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। इस आयोजन में पद्मश्री दुर्गाबाई, पद्मश्री भूरीबाई, पद्मश्री शिवम पासवान, पद्मश्री परेश रावुआ, पद्मश्री महावीर स्वामी और पद्मश्री श्याम शर्मा जैसे प्रतिष्ठित कला गुरु अपने जीवन भर के अनुभवों को युवा कलाकारों के साथ साझा करेंगे। पांच दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा के अनुसार, 18 नवंबर को उद्घाटन व स्टूडियो की शुरुआत के साथ कला निर्माण का आगाज होगा; 19 नवंबर को वरिष्ठ कलाकारों द्वारा लाइव प्रदर्शन और तकनीकी संवाद सत्र आयोजित होंगे; 20 नवंबर को मास्टरक्लास व मार्गदर्शन अभ्यास होगा; 21 नवंबर को पारंपरिक रंगों व तकनीकों के इस्तेमाल पर प्रश्नोत्तर व प्रायोगिक कार्यशाला होगी; और 22 नवंबर को तैयार कृतियों की एक भव्य प्रदर्शनी के साथ शिविर का औपचारिक समापन होगा।वाराणसी के गंगा तट पर 'काशी फ्लो': दिसंबर में अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनीइस सांस्कृतिक त्रिवेणी का तीसरा और अंतिम चरण दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में धर्मनगरी वाराणसी में संपन्न होगा। गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी के संयुक्त सहयोग से गंगा के पावन घाटों पर चार दिवसीय ‘काशी फ्लो’ अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय शिविर का मुख्य उद्देश्य काशी की अमर आध्यात्मिक चेतना, अविरल गंगा, घाटों की सांस्कृतिक जीवनशैली और बनारस के जीवंत लोकाचार को वैश्विक कला जगत के सामने दस्तावेजीकृत करना है। इस आयोजन में वाराणसी, वृंदावन, देहरादून, मथुरा, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, ओडिशा, लखीमपुर, सिरसा, मऊ और मेरठ समेत देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित कलाकार हिस्सा लेंगे। ‘काशी फ्लो’ के माध्यम से अयोध्या के भव्य राम मंदिर, श्री काशी विश्वनाथ धाम के नव्य स्वरूप और प्रयागराज की महाकुंभ परंपरा जैसे सांस्कृतिक प्रतीकों को कैनवास पर एक नई दार्शनिक ऊंचाई दी जाएगी।'हमारी संस्कृति, हमारी ताकत': संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और प्रमुख सचिव का विजनप्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस वृहद पहल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं है, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कला को केवल संग्रहालयों की चारदीवारी और सरकारी अभिलेखों तक सीमित रखने के बजाय उसे आम जनमानस, युवाओं और विद्यार्थियों की रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ा जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि अयोध्या, लखनऊ और काशी के ये शिविर वरिष्ठ कलाकारों के अनुभव को नई प्रतिभाओं तक हस्तांतरित करने और यूपी की सांस्कृतिक आभा को विश्व पटल पर स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होंगे। वहीं, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने रेखांकित किया कि इन तीनों आयोजनों का मूल लक्ष्य परंपरा, समकालीन रचनात्मकता और नई पीढ़ी के बीच एक अखंड संवाद स्थापित करना है। ‘लोकधारा’ से जहां युवा कलाकारों को पारंपरिक कला का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और लोक तकनीकों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण होगा, वहीं इसे भविष्य में एक वार्षिक कैलेंडर उत्सव के रूप में विकसित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे ताकि ‘हमारी संस्कृति, हमारी ताकत’ का संदेश पूरे राष्ट्र में गुंजायमान हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 7:49 pm

मक्का डिफेंस अलायंस के पहले सेक्रेटरी जनरल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद कौन हैं?

लेफ्टिनेंट जनरल महमूद ने नवंबर 2021 में XI कॉर्प्स की कमान छोड़ी और इसके बाद उन्हें इस्लामाबाद में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी का प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया, जिससे वे इस संस्थान के 35वें प्रमुख बने. वे अप्रैल 2023 में सेना से रिटायर होने तक इस पद पर रहे.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 7:48 pm

यूपी की जेलों में घटी ओवरक्राउडिंग: योगी सरकार के 9.5 वर्षों में 1.77 से घटकर 1.03 हुई दर, 6 नई हाईटेक जेलें जल्द

उत्तर प्रदेश के कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं को आधुनिक, सुरक्षित और मानवीय रूप देने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दशकों से उत्तर प्रदेश की जेल व्यवस्था के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती बैरकों में क्षमता से अधिक कैदियों का जमावड़ा यानी ओवरक्राउडिंग रही है। जेलों में जरूरत से ज्यादा भीड़ न केवल आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी में बाधा उत्पन्न करती थी, बल्कि बंदियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, मानवाधिकारों और पुनर्वास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती थी। इस दीर्घकालिक समस्या के स्थाई समाधान के लिए राज्य सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे के विस्तार और आधुनिक जेल परिसरों के निर्माण की एक व्यापक कार्ययोजना पर काम किया। परिणामस्वरूप प्रदेश की जेलों में ओवरक्राउडिंग की दर में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य की सुधारात्मक व्यवस्था एक नए और सुदृढ़ मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है।साढ़े 9 वर्षों में ऐतिहासिक सुधार: ओवरक्राउडिंग दर 1.77 से घटकर 1.03 पर सिमटीसांख्यिकीय विश्लेषण और कारागार विभाग के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2017 में जब प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था का पुनर्गठन शुरू हुआ, उस समय उत्तर प्रदेश की 70 जेलों की कुल स्वीकृत बंदी क्षमता मात्र 58,400 थी, जबकि वास्तविक कैदियों की संख्या कहीं अधिक होने के कारण ओवरक्राउडिंग अनुपात 1.77 के चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया था। इसका सीधा मतलब यह था कि जेलों में उनकी निर्धारित क्षमता से लगभग पौने दो गुना अधिक कैदियों को रखने की विवशता बनी हुई थी। विगत साढ़े नौ वर्षों में निरंतर बजटीय आवंटन, व्यवस्थित निर्माण कार्यों और प्रशासनिक पुनर्संरचना के दम पर वर्ष 2026 तक प्रदेश की कुल जेल क्षमता बढ़कर 77,673 बंदियों तक पहुंच गई है। क्षमता में दर्ज की गई इस भारी वृद्धि का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 के स्तर पर आ चुकी है, जो लगभग सामान्य और संतुलित क्षमता के बेहद करीब है।वर्तमान में 77 कारागारों का मजबूत नेटवर्क: 7 नई जेलों से मिली 10,495 की अतिरिक्त क्षमतामौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के भीतर कुल 77 कारागारों का एक सुदृढ़ और व्यापक नेटवर्क सक्रिय रूप से संचालित हो रहा है। इस संगठनात्मक ढांचे में 7 केंद्रीय कारागार, 2 विशेष महिला केंद्रीय कारागार, 64 जिला कारागार, 1 विशेष कारागार, 2 उप कारागार तथा किशोर बंदियों के सुधार हेतु 1 आदर्श किशोर सदन शामिल हैं। योगी सरकार ने वर्ष 2017 के बाद से अब तक सात बिल्कुल नई और आधुनिक जेलों का विधिवत संचालन शुरू कराया है। इनमें चित्रकूट, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, इटावा केंद्रीय कारागार, प्रयागराज, श्रावस्ती तथा पुरानी जिला कारागार बरेली का आधुनिक पुनरुद्धार शामिल है। इन सात नई जेलों के शुरू होने से अकेले 10,495 बंदियों की नई और अतिरिक्त क्षमता विकसित हुई, जिसने आसपास के तमाम घनी आबादी वाले जनपदों की पुरानी जेलों पर से कैदियों का भारी दबाव पूरी तरह समाप्त कर दिया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती दी।7,732 कैदियों के लिए 6 नई जिला जेलों की योजना: कानपुर और मुरादाबाद में बनेंगे बड़े परिसरराज्य में भविष्य की जनसंख्या वृद्धि और न्यायिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार अब छह और नई आधुनिक जिला जेलों के निर्माण की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इन प्रस्तावित छह जिला जेलों के पूर्ण होने से उत्तर प्रदेश की कुल जेल प्रणाली में 7,732 अतिरिक्त बंदियों के सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवासन की क्षमता विकसित होगी। इस नई कार्ययोजना के तहत कानपुर नगर में 2,030 बंदियों की विशाल क्षमता वाली नई आधुनिक जेल, मुरादाबाद में 2,000 क्षमता, शाहजहांपुर में 1,520 क्षमता, औरैया में 1,056 क्षमता, ज्ञानपुर-भदोही में 574 क्षमता तथा ललितपुर में 552 बंदियों की क्षमता वाली नई जिला जेल का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं द्वारा इन सभी छह जेल परियोजनाओं की प्रशासनिक, तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृतियों का विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, जिस पर शीघ्र ही कैबिनेट स्तर से अंतिम स्वीकृति की मुहर लगने वाली है।अमेठी और महोबा जेल का काम 90% से अधिक पूरा: 6 निर्माणाधीन जेलें वर्ष 2026 तक होंगी तैयारशासन की प्राथमिकता केवल नई जेलों के प्रस्ताव तैयार करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वर्तमान में निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा कराया जा रहा है। बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र के तहत अमेठी और महोबा में बन रही नई जिला जेलों का सिविल और इलेक्ट्रिकल निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, अमेठी जिला जेल का निर्माण कार्य 98 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, जबकि महोबा जेल का कार्य 93 प्रतिशत से अधिक संपन्न कर लिया गया है। इन दोनों परियोजनाओं के अतिरिक्त हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ जनपदों में भी अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों वाली नई जेलों का निर्माण तेजी से जारी है। इन छह निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं की कुल स्वीकृत क्षमता 6,156 बंदियों की होगी। राज्य सरकार ने निर्माण एजेंसियों को सख्त समय-सीमा तय करते हुए निर्देश दिया है कि इनमें से अधिकांश परियोजनाएं वर्ष 2026 के भीतर पूरी तरह पूर्ण कर कारागार विभाग को हस्तगत करा दी जाएं।संभल, शामली और बलिया समेत 6 जिलों में भूमि अधिग्रहण तेज: मानवीय सुधारों पर विशेष बलजेल अवसंरचना के समग्र विस्तार के क्रम में योगी सरकार उन सीमावर्ती और नवगठित जनपदों में भी नई जेलों की स्थापना की ठोस तैयारी कर रही है, जहां अब तक स्वतंत्र जिला कारागार उपलब्ध नहीं थे। इस योजना के अंतर्गत संभल, शामली, बलिया, सहारनपुर, अमरोहा और चंदौली जनपदों में नई जेलों की स्थापना हेतु भूमि क्रय, भू-अधिग्रहण और आधिकारिक रजिस्ट्री की विधिक प्रक्रिया पूरी गति से आगे बढ़ाई जा रही है। इनमें से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए शासन स्तर पर प्रारंभिक भूमि अधिग्रहण हेतु करोड़ों रुपये की विशेष बजट धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है। कारागार विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि जेलों में अत्यधिक भीड़ कैदियों के बुनियादी मानवाधिकारों, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता और पुनर्वास कार्यक्रमों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती है। इसी मानवीय और सुरक्षात्मक चुनौती का स्थायी समाधान निकालने के लिए योगी सरकार ने जेलों की क्षमता वृद्धि, नई बैरकों के निर्माण, पुराने परिसरों के आधुनिकीकरण, हाई-टेक सीसीटीवी निगरानी और आधुनिक सुरक्षा संसाधनों को शीर्ष प्राथमिकता दी है, ताकि प्रत्येक बंदी को जेल मैनुअल के निर्धारित मानकों के अनुरूप आवासीय वातावरण मिल सके और जेलें वास्तव में सच्चे सुधार गृह बन सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 7:48 pm

मां ने कूड़ा बीनकर मुझे पढ़ाया! IFS अफसर ने ल‍िखी भावुक पोस्ट

सोशल मीडिया पर छाई यह तस्वीर हर उस मां की जीत है जो अपने बच्चे के लिए अपनी ज़िंदगी न्योछावर कर देती है. मुंबई के स्लम से निकलकर IIT मद्रास और फिर IFS अफसर बनने वाले गौतम पाडीभार ने जब अपनी कबाड़ चुनने वाली मां को सरकारी कुर्सी पर बिठाया, तो वो लम्हा इतिहास बन गया. जानिए बिना पैसों और सुविधाओं के कैसे लिखी गई यह ऐतिहासिक कामयाबी!

आज तक 24 Sep 2026 7:47 pm

Bihar CS Pratyaya Amrit ने DMs और SPs के साथ की बैठक, Crime Free Bihar बनाने के दिए सख्त निर्देश

पटना- राज्य में कानून-व्यवस्था, जन सुरक्षा और सुशासन को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा सत्र में राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DMs), पुलिस अधीक्षकों (SPs) की अनिवार्य भागीदारी रही। 'अपराध मुक्त समाज' के मुख्य लक्ष्य के साथ, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व को एक स्पष्ट और सख्त संदेश दिया: “प्रशासन के 'इकबाल' से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कानून हाल में कायम रहना चाहिए और जमीन पर तुरंत बदलाव दिखने चाहिए।” बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय और रणनीतिक निर्देश: इसे भी पढ़ें: Kosi बाढ़ प्रबंधन और Buxar Bhagalpur Expressway में तेजी लाएं, Bihar CM का निर्देश 1. अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और सख्त फील्ड मॉनिटरिंग * मुख्य सचिव ने रेखांकित किया कि अपराधियों में कानून का डर होना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि शिथिल कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। * पुलिस अधीक्षक (SP) बल के वास्तविक लीडर के रूप में कार्य करें और अपने-अपने जिलों की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी लें। * सघन गश्त और फील्ड विजिट बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अनुमंडल स्तर तक कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। * बैठक में निर्देश दिया गया कि खराब प्रदर्शन करने वाले या गैर-गंभीर पुलिस अधिकारियों को उनके पदों से तुरंत हटाया जाए और उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। 2. त्वरित कार्रवाई और रिपोर्टिंग व्यवस्था * सड़कों पर एक्टिव रहे पुलिस: पुलिस इकाइयों को हमेशा गतिशील और अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए रणनीतिक स्थानों पर तुरंत चेकपोस्ट लगाए जाएं। * त्वरित कार्रवाई की मिसाल: मुख्य सचिव ने हालिया घटनाओं में पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि जमुई पुलिस ने तत्परतापूर्वक कार्य कर एक उदाहरण पेश किया है, जिसका अनुसरण अन्य जिलों को भी करना चाहिए। * अधिकारियों द्वारा फील्ड विजिट : रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए मुख्यालय के पुलिस अधिकारियों को जिलों के साथ टैग किया जाएगा जिन्हें जिलों में जा कर फील्ड विजिट के साथ साथ वही पर रात्रि विश्राम करने का निर्देश दिया गया है ताकि जमीनी हकीकत पर पैनी नजर रखी जा सके। 3. आगामी त्योहारों को लेकर विशेष सतर्कता * आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए सभी DMs और SPs को अतिरिक्त सतर्कता बरतने, स्थानीय इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करने और सार्वजनिक सुरक्षा में कोई ढील न छोड़ने के आदेश दिए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Maithili Thakur बोलीं- बिहार में सुरक्षित हूं, तो भड़के लेखक Neeraj Pandey ने याद दिला दी जमीनी हकीकत! 4. फेक न्यूज पर त्वरित कानूनी कार्रवाई * सामाजिक सद्भाव या शांति भंग करने के उद्देश्य से फैलाई जाने वाली भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने 'रैपिड एक्शन पॉलिसी' अपनाई है। फेक न्यूज को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उच्च स्तरीय बैठक के समापन पर, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने दोहराया कि प्रत्येक जिले के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के कामकाज का मूल्यांकन उनकी त्वरित प्रतिक्रिया, जनता से मिलने वाले फीडबैक और धरातल पर दिखने वाली सुरक्षा के आधार पर लगातार किया जाएगा।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 7:47 pm

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में छठ पूजा की धूम, लाल साड़ी-सिंदूर में सजीं तुलसी की बहुएं

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में अब छठ महापर्व की रौनक देखने को मिलेगी. लाल साड़ी, सिंदूर और पारंपरिक अंदाज में सजीं तुलसी की बहुओं का खूबसूरत लुक सामने आया है.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 7:46 pm

IRCTC पर चुटकियों में बुक हुआ कन्फर्म तत्काल टिकट, AI ने अपने आप किया सारा काम, यूजर्स हैरान

IRCTC पर AI ने ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है. ChatGPT 6 Astra ने सुबह 11 बजे सर्वर हैंग होने के बावजूद IRCTC Wallet का यूज करके बिना किसी इंसानी मदद के कंफर्म तत्काल टिकट बुक कर दिया.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 7:46 pm

'बेटा हुआ है...', नवजात चुराकर सजाया घर, फिर कैमरों ने खोल दिया राज

UP News: सहारनपुर के जिला महिला अस्पताल से चोरी हुआ नवजात पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया. आरोपी महिला आशु को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें संतान नहीं होने के चलते बच्चे को चोरी करने की बात सामने आई.

आज तक 24 Sep 2026 7:43 pm

नहीं रहे ‘वेलकम’ फेम मुश्ताक खान, 56 की उम्र में कैंसर से निधन

मशहूर अभिनेता मुश्ताक खान का निधन हो गया है. ‘वेलकम’, ‘आशिकी’ और ‘मुझसे शादी करोगे’ जैसी फिल्मों में नजर आए एक्टर 15 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे.

आज तक 24 Sep 2026 7:42 pm

कुल्लू-मनाली में एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू, इन जगहों पर घूमना न भूलें

मॉनसून के बाद हिमाचल प्रदेश में राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज फिर शुरू हो गई हैं. अगर आप दोस्तों के साथ ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो कुल्लू-मनाली, सोलंग वैली, बीर-बिलिंग और तत्तापानी जैसी जगहों पर एडवेंचर का मजा ले सकते हैं. ट्रिप से पहले मौसम और स्थानीय निर्देश जरूर चेक करें.

आज तक 24 Sep 2026 7:42 pm

कैंसर की ₹2700 की दवा ₹27 हजार में बिक रही? दिल्ली के मार्केट से रियलिटी चेक

दिल्ली के सबसे बड़े दवा बाजार में पहुंचकर जीवनरक्षक और कैंसर की दवाओं की MRP और PTR के बीच अंतर की आजतक ने पड़ताल की. दिल्ली ड्रग ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव ने बताया कि दवाओं की कीमत का मसला काफी पुराना है. यह स्थिति सिर्फ कैंसर ही नहीं, बल्कि लगभग सभी दवाओं के साथ है.

आज तक 24 Sep 2026 7:40 pm

'आप हमेशा ऐसे फैसले क्यों लेते हैं जिनसे विवाद खड़ा होता है?' ज्ञानेश कुमार को एक और झटका, EC पर भड़के मीलॉर्ड

आईएसएफ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने तर्क दिया कि मतदाताओं में भ्रम से बचने के लिए 'लिफाफा' चिन्ह को फ्रीज कर दिया जाना चाहिए था, खासकर तब जब आईएसएफ 2021 और 2024 के चुनावों में इसी चिन्ह का उपयोग करता आया है।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Sep 2026 7:38 pm

वैक्सिंग, रेजर नहीं... शरीर से अनचाहे बाल हटाने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खा, मुलायम हो जाएगी त्वचा

आज हम आपको एक ऐसा घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप शरीर के अनचाहे बालों से छुटकारा पा सकते हैं. ये उपाय न सिर्फ बालों को हटाने में मदद कर सकता है, बल्कि समय के साथ बालों की ग्रोथ को भी कम कर सकता है.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 7:38 pm

घर की सफाई का खेल बदलने आया Dyson V16, ऐप से होगा कनेक्ट

Dyson ने भारत में एक नया वैक्यूम क्लीनर लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि ये बेहद पावरफुल और स्मार्ट है. इसे ऐप से कनेक्ट कर सकते हैं और खास तौर पर जिस घर में एनिमल हैं उन्हें ध्यान में रख कर बनाया गया है. आइए जानते हैं इसमें क्या है खास.

आज तक 24 Sep 2026 7:38 pm

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने देखा पिनाका-धनुष की ताकत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत सुरेश देशपांडे ने महाजन में युद्ध अभ्यास 2026 के दौरान संयुक्त फायर पावर देखा. पिनाका, एम777, धनुष, अपाचे और हिमार्स शामिल रहे.

आज तक 24 Sep 2026 7:38 pm

ग्लेशियर पिघल रहे हैं, अब देरी की गुंजाइश नहीं... एनडीटीवी पर बोले चिंतन फाउंडेशन के प्रेसिडेंट शिशिर प्रियदर्शी

नेपाल की हालिया आपदा को जलवायु संकट को देखते हुए दिल्ली में आयोजित प्री-COP31 संवाद में विशेषज्ञों ने जलवायु कार्रवाई और ऊर्जा बदलाव पर चर्चा की.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 7:38 pm

ब‍िहार के शैलेश कुमार ने अमेर‍िका में रचा इत‍िहास, डेथ वैली में मौत को मात देकर पहले भारतीय बने!

बिहार के सारण जिले के कमालपुर गांव के रहने वाले भारतीय नौसेना के जवान शैलेश कुमार ने अमेरिका की डेथ वैली में आयोजित दुनिया की सबसे कठिन अल्ट्रामैराथन बेडवाटर 135 जीतकर इतिहास रच दिया. 217 किलोमीटर की इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में उन्होंने नया कोर्स रिकॉर्ड भी बनाया.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 7:33 pm

Lakhimpur Kheri में निजी स्कूल परिसर में शिक्षिका की हत्या, प्रशासन ने जारी की 16 सूत्री सुरक्षा सूची

लखीमपुर खीरी जिले में एक निजी स्कूल के परिसर में एक महिला शिक्षिका की गोली मारकर की गयी हत्या के बाद जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उसे मजबूत करने के निर्देश दिये हैं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बुधवार को स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ बैठक में सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई। सिंह ने कहा कि बच्चों और स्कूल कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने सुरक्षा में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस अधीक्षक ने स्कूलों के लिए 16 बिंदुओं वाली सुरक्षा जांच सूची जारी की जिसके तहत स्कूल समय में केवल एक प्रवेश द्वार खोलने, आगंतुकों का फोटो पहचान पत्र सहित विवरण दर्ज करने, तलाशी लेने और स्कूल बैग की औचक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सूची में दी गयी हिदायतों में स्कूलों में सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात करने, बच्चों को लेने आने वाले लोगों की पहचान पत्र देखने तथा चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने तथा सीसीटीवी रिकॉर्डिंग वाले डीवीआर को सुरक्षित और बंद कमरे में रखने का भी निर्देश दिया गया है। गर्ग ने बताया कि शिक्षकों, कर्मचारियों और स्कूल वाहन के कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने के साथ ही स्कूलों में आपातकालीन अलार्म लगाने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि हेल्पलाइन नंबर 1098 और 112 तथा पॉक्सो संबंधी शिकायत की जानकारी भी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करनी होगी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रत्येक स्कूल का प्रबंधन एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा, जबकि पुलिस की ओर से प्रत्येक स्कूल के लिए बीट स्तर का एक अधिकारी नोडल अधिकारी होगा। उन्होंने बताया कि निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पुलिस अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने और छुट्टी के समय पुलिस गश्त भी बढ़ाई जाएगी।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 7:33 pm

Review: नानी की पैराडाइज है असली सिरदर्द! इसे देख होगा अफसोस

तेलुगू स्टार नानी की नई फिल्म 'द पैराडाइज' गुरुवार 24 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई. इसका कोई ट्रेलर नहीं आया था, लेकिन तब भी ऑडियंस भीड़ लगाकर पहुंचती नजर आई. वजह अनिरुद्ध का म्यूजिक और नानी का स्टारडम. एक्टर की ये पैन इंडिया फिल्म अब मैंने देख ली है, तो कैसा है डायरेक्टर श्रीकांथ ओडेला का 'सिनेमा'? पढ़िए पूरा रिव्यू...

आज तक 24 Sep 2026 7:31 pm

DM ने कलेक्ट्रेट में धरना रोका तो किसान बोले- अधिकारी जहां बैठेंगे, प्रदर्शन वहीं होगा

बिजनौर के नवागत डीएम उमेश प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी है. अब संगठनों, किसान यूनियनों और राजनीतिक दलों को अनुमति लेकर इंदिरा बाल भवन में प्रदर्शन करना होगा. डीएम ने कलेक्ट्रेट में भीड़ और लाउडस्पीकर से काम प्रभावित होने का हवाला दिया है. वहीं किसान संगठनों ने आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी कलेक्ट्रेट में बैठेंगे तो प्रदर्शन भी वहीं होगा.

आज तक 24 Sep 2026 7:31 pm

हाइड्रोजन से चलेगी MARUTI की फैक्ट्री! मेगा प्रोजेक्ट शुरू

मानेसर में 300 kW ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट की शुरुआत मारुति सुजुकी के क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो में एक और महत्वपूर्ण कदम है. कंपनी अब सोलर, बायोगैस, CBG, बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अलग-अलग विकल्पों को मिलाकर अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस को ज्यादा बेहतर करने में लगी है.

आज तक 24 Sep 2026 7:31 pm

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महुआ मोइत्रा की शिकायत

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है. मोइत्रा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, वोटर लिस्ट और फैसलों में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि आयोग के दो चुनाव आयुक्तों की असहमति के बावजूद कुछ फैसले लिए गए. ये आरोप ऐसे समय आए हैं जब चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची और SIR को लेकर मतभेद सार्वजनिक हुए हैं.

आज तक 24 Sep 2026 7:30 pm

चोल वंश का वो शासक जिसने इंडोनेशिया में भेजी थी नौसेना; पूरी कहानी

राजेंद्र चोल ने चोल साम्राज्य को दक्षिण भारत से बंगाल तक फैलाया और श्रीलंका व मालदीव पर भी विजय प्राप्त की।

जागरण 24 Sep 2026 7:30 pm

3.5 घंटे तक मंडराता रहा विमान, किशनगढ़ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

Kishangarh Airport Emergency Landing Case: अजमेर के किशनगढ़ एयरपोर्ट पर अवन्या एविएशन के ट्रेनी प्लेन का टायर डैमेज हुआ. 3.5 घंटे हवा में फ्यूल जलाकर पायलट ने कराई सेफ लैंडिंग. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

आज तक 24 Sep 2026 7:28 pm

कुछ कैश निकाल लें... 3 दिन तक बैंक हड़ताल, SBI ने कहा- करें ये 4 काम

Bank Strike Alert: बैंक ने साफ कहा है कि वे हड़ताल के दौरान जरूरी बैंकिंग सेवाएं चालू रखने की पूरी कोशिश करेंगे, लेकिन फिर भी शाखाओं में काम पर असर पड़ सकता है.

आज तक 24 Sep 2026 7:23 pm

चुनाव आयोग पर क्यों मचा घमासान? 10 सवालों के जवाब में सब होगा क्लियर

भारतीय चुनाव आयोग में अंदरूनी फैसलों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है, जहां दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार औपचारिक आपत्ति जताई। वहीं अब इस विवाद से जुड़े 10 ऐसे सवाल सामने आये हैं जिन्होंने पूरे मामले को क्लियर कर दिया है।

जागरण 24 Sep 2026 7:21 pm

मुस्लिम विवाह रजिस्ट्रेशन के बदल गए नियम, अब काजी नहीं यहां होगा डायरेक्ट पंजीकरण

असम सरकार ने मुस्लिम शादियों के अनिवार्य और एक समान पंजीकरण के लिए असम मुस्लिम विवाह पंजीकरण नियम, 2026 को मंजूरी दी है। अब काजियों के बजाय सरकारी रजिस्ट्रार द्वारा विवाह का कानूनी पंजीकरण किया जाएगा।

जागरण 24 Sep 2026 7:21 pm

'करेंगे गुंडागर्दी, क्या कर लेगी वर्दी...', अब बांका में लड़की से छेड़छाड़ का Video वायरल

बिहार के बांका जिले के मशहूर मंदार पर्वत पर एक युवती के साथ अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. वीडियो में कुछ युवक युवती के साथ छेड़छाड़ करते और मारपीट की कोशिश करते दिख रहे हैं.

आज तक 24 Sep 2026 7:18 pm

चीन ने ऐसे सैटेलाइट लॉन्च किए, जिससे वो सबकुछ सुन लेगा!

जिसे आंखें नहीं देख पातीं, अब उसका भी पता चलेगा. चीन ने ऐसे सैटेलाइट लॉन्च किए हैं जो अंतरिक्ष से रेडियो सिग्नल पकड़कर समुद्र में छिपे जहाज, रडार और जैमर की लोकेशन खोज सकते हैं.

आज तक 24 Sep 2026 7:17 pm

'न राजनीति की समझ न उन्हें ज्ञान'... राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर BJP का पलटवार

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि दूसरी बात, उन्होंने कहा कि सत्ता-विरोधी लहर इस देश में एक स्थापित सच्चाई है और यह भाजपा के सत्ता में आने के बाद शुरू हुई। मुझे लगता है कि राहुल गांधी, जिन्हें राजनीति की समझ और ज्ञान बिल्कुल नहीं है।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Sep 2026 7:14 pm

पुणे के Bharati Vidyapeeth थाने के 18 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, हिरासत में प्रताड़ना का आरोप

महाराष्ट्र में पुणे के भारती विद्यापीठ पुलिस थाने से संबद्ध 18 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिरासत में मारपीट करने, अवैध रूप से हिरासत में रखने और हत्या के मामले में आरोपी नाबालिगों समेत कई लोगों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के आरोप में दो प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (एमएसएचआरसी) के निर्देशों पर बृहस्पतिवार को यह प्राथमिकियां दर्ज की गई। यह मामले महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संकेत सतीश गोसावी की शिकायतों पर दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई एमएसएचआरसी के नौ सितंबर के फैसले और उसके बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत हुई है। मानवाधिकार आयोग ने नौ सितंबर को कथित तौर पर हिरासत में प्रताड़ित करने, अवैध रूप से हिरासत में रखने और 21 जुलाई को कानून का उल्लंघन करने वाले नाबालिगों को पुलिस वाहन के बोनट से बांधकर उनका सार्वजनिक जुलूस निकालने के मामले में पुणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की थी। इस घटना के दौरान तीन नाबालिगों को रस्सियों से पुलिस गाड़ी के बोनट से बांधा गया था और आंबेगांव पठार पुलिस चौकी से भारती विद्यापीठ पुलिस थाने की ओर सड़क पर उनका जुलूस निकाला गया। इन नाबालिगों को भारती विद्यापीठ पुलिस थाने में दर्ज हत्या के एक मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। शिकायत के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने बच्चों पर बांस के डंडों और लाठियों से हमला किया। वहीं वरिष्ठ निरीक्षक मानसिंह पाटिल और अन्य पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर बच्चों की पहचान हत्या के मामले में आरोपी या हत्यारे के रूप में की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस सार्वजनिक अपमान के दौरान मृतक की मां ने बच्चों में से एक पर हमला करने की कोशिश भी की थी। प्राथमिकी से पहले तैयार की गई एमएसएचआरसी की तथ्य-अन्वेषण रिपोर्ट में दर्ज किया गया था कि गाड़ी के बोनट पर जुलूस निकालने की बात की पुष्टि मौखिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से हुई है। आयोग ने इस घटना के वीडियो सामने आने और उनके व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद स्वतः संज्ञान लिया था। दूसरी प्राथमिकी 20 से 24 जुलाई के बीच कानून का उल्लंघन करने वाले आठ बच्चों को अवैध रूप से हिरासत में रखने और उनके साथ मारपीट करने के आरोपों से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बच्चों को निर्धारित अवधि से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रखा गया और उन्हें 25 जुलाई को ही किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। प्राथमिकी में कहा गया है कि हिरासत में रहते हुए बच्चों पर बांस के डंडों और लाठियों से हमला किया गया था। हालांकि पुलिसकर्मियों ने दस्तावेज तैयार कर यह दिखाया कि उनमें से कुछ को माता-पिता या रिश्तेदारों को सौंप दिया गया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और आयोग के समक्ष दिए गए बयानों से संकेत मिला कि वे पुलिस हिरासत में ही थे। इनमें से चार बच्चों को बोनट जुलूस के दौरान सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और उनसे मारपीट की गई। शिकायत में कहा गया है कि चार बच्चे अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के थे, जिसके कारण मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। एक अन्य प्राथमिकी भारती विद्यापीठ पुलिस थाने से संबंधित मामले में गिरफ्तार चार वयस्कों से जुड़ी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हालांकि चारों ने पांच जुलाई को दोपहर लगभग तीन बजे पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन उनकी गिरफ्तारी औपचारिक रूप से रात 10.30 बजे दर्ज की गई। इन चारों को पुलिस हिरासत में डंडों और लाठियों से पीटा गया और बाद में सात जुलाई को लेक टाउन के पास एक एसआरए (झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण) कॉलोनी में ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उन्हें घुटनों के बल बिठाया गया, पीटा गया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में कहा गया है कि हिरासत में लिए गए चार लोगों को एसआरए कॉलोनी ले जाने के संबंध में पुलिस थाने की जनरल डायरी या वाहन लॉगबुक में कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं है। इन दोनों प्राथमिकियों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम और बच्चों से संबंधित मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान शामिल किए गए हैं।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 7:13 pm

राहुल गांधी के गढ़ से अखिलेश यादव की यात्रा, किसको क्या संदेश?

यूपी के रायबरेली में आज काफी चुनावी सरगर्मी है. आज कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से अखिलेश यादव अपनी रथयात्रा की शुरूआत की है. रायबरेली में बड़ी संख्या में लोगों ने अखिलेश यादव का स्वागत किया. अखिलेश यादव के स्वागत की तैयारी भी जोर शोर से की गई थी. रायबरेली में बड़ी संख्या में अखिलेश के समर्थन में पोस्टर लगाए गए थे. इस दौरान अखिलेश यादव कई नेताओं से भी मिलने वाले हैं.

आज तक 24 Sep 2026 7:11 pm

जिंदगी खत्म करना चाहती थीं वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम, बच्चों ने संभाला

ग बॉस 20 में मैरी कॉम ने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि एक वक्त पर वह पूरी तरह टूट गई थीं और बच्चों ने उन्हें संभलने की हिम्मत दी.

आज तक 24 Sep 2026 7:11 pm

Odisha में भारी बारिश का कहर: 8,000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के चलते राज्य सरकार ने निचले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारी बारिश के कारण दक्षिणी जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका के बीच राज्य सरकार ने पंचायत राज मंत्री रबी नारायण नाइक और मत्स्य मंत्री गोकुलानंद मल्लिक को क्रमश: कोरापुट और गजपति भेजा है ताकि वे स्थिति से निपटने की तैयारियों की निगरानी कर सकें। दक्षिणी जिलों से और बारिश तथा जलभराव की खबरों के बीच परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना और स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड को क्रमश: गंजाम और नबरंगपुर जाने को कहा गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि जेना बृहस्पतिवार शाम गंजाम पहुंचेंगे जबकि गोंड विधानसभा में प्रश्नकाल में हिस्सा लेने के बाद शुक्रवार को नबरंगपुर के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि राहत कार्यों की निगरानी और नुकसान का आकलन करने के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रभावित जिलों में भेजा गया है। पुजारी ने कहा कि बारिश से गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ और नबरंगपुर प्रभावित हुए हैं। पुजारी ने बताया कि सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रभावित क्षेत्रों के विधायकों को अपने-अपने इलाकों का दौरा कर स्थानीय प्रशासन की मदद करने को कहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई जनहानि नहीं हो। पुजारी ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार दोपहर तक 8,082 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है। जिला कलेक्टरों को जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने के निर्देश दिए गए हैं।’’पुजारी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। प्रभावित जिलों से पेड़ उखड़ने, भूस्खलन, जलभराव, सड़कें अवरुद्ध होने और सड़कों पर बारिश का पानी बहने की खबरें मिली हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक किसी के घायल होने या जनहानि की खबर नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। आईएमडी के सूत्रों के अनुसार राज्य में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में औसतन 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोरापुट जिले के सेमिलीगुड़ा में सबसे अधिक 193.9 मिलीमीटर बारिश हुई। राज्य में कम से कम 17 स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। मौसम विभाग ने नबरंगपुर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश का अनुमान जताया है। बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है जहां अगले 24 घंटे में 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश की संभावना है। बालासोर, संबलपुर, झारसुगुड़ा, क्योंझर, मयूरभंज, सुबर्णपुर, बौध, कंधमाल और रायगढ़ा में सात से 11 सेंटीमीटर बारिश के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि भारी बारिश के मद्देनजर राज्यभर में रणनीतिक स्थानों पर रात में गश्त और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। आईएमडी ने तटीय इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है और मछुआरों को शुक्रवार सुबह तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने बताया कि मलकानगिरी-छत्तीसगढ़ मार्ग पर स्थित पुल भी पानी में डूब गया है। बालीमेला, सतीगुड़ा और जालापुट जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ा है। बाढ़ और भूस्खलन के खतरे के कारण बालीमेला-चित्रकोंडा घाट मार्ग बंद कर दिया गया है। कोरापुट में भी पिछले 24 घंटे में भारी बारिश हुई लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और यातायात पर भी कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। कोरापुट के जिलाधिकारी मनोज सत्यवान महाजन ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अधिकारियों को सतर्क रखा गया है। परिवहन प्रभावित नहीं हुआ है। मंत्री रबी नारायण नाइक ने जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 7:03 pm

'हताश नेता की झूठी गूंज', भाजपा ने CEC-SIR विवाद पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का उड़ाया मजाक

राहुल गांधी की CEC ज्ञानेश कुमार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद BJP ने उन पर निशाना साधा है। BJP नेता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल के राजनीतिक ज्ञान पर सवाल उठाते हुए उनके बयानों को गलत बताया।

जागरण 24 Sep 2026 7:02 pm

भिंडी काटने का झंझट खत्म! इस ट्रिक से मिनटों में कटेंगी ढेरों

Easiest And Fastest Trick To Cut Ladyfinger: भिंडी को एक-एक करके काटने में आलस आता है तो ये खबर आपके लिए है. इस खबर में हम आपको एक साथ ढेर सारी भिंडी काटने की आसान ट्रिक बताने वाले हैं. इस ट्रिक में रबरबैंड की मदद से आप10-12 भिंडियों को एक साथ बांधकर मिनटों में काट सकते हैं. ये ट्रिक घंटों का काम झटपट निपटाने में मदद करती है.

आज तक 24 Sep 2026 7:00 pm

पितृपक्ष में भूलकर भी न खाएं ये 3 दाल, इन 5 सब्जियों से भी करें परहेज

इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर तक रहेगा. क्या आप जानते हैं कि पितृपक्ष के दौरान मसूर, चना और उड़द की दाल खाने से कई जगहों पर परहेज किया जाता है. बहुत सी जगहों पर लोग जड़ों में उगने वाली सब्जियों का सेवन भी नहीं करते हैं. आइए इसकी वजह जानते हैं.

आज तक 24 Sep 2026 7:00 pm

'Vote Chori

Rahul Gandhi Press Conference 10 Key Highlights:

वन इंडिया 24 Sep 2026 6:59 pm

'सरकारी गवाह बन जाएं ज्ञानेश, वोट चोरी से बने सभी कानून अवैध', बोले राहुल गांधी

चुनाव आयोग पर एक खोजी रिपोर्ट के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी CEC ज्ञानेश कुमार पर हमलावर हैं. उन्होंने उन पर धांधली का आरोप लगाया और तत्काल उनके इस्तीफे की मांग की. राहुल ने ज्ञानेश कुमार को 'देशद्रोही' तक कहा है.

आज तक 24 Sep 2026 6:54 pm

Himanta Biswa Sarma का एलान: JK Lakshmi Cement असम में लगाएगी 5 नई यूनिट्स

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को बताया कि असम कैबिनेट ने राज्य में क्लिंकर बनाने वाली एक यूनिट और उससे जुड़ी चार सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट लगाने के लिए JK लक्ष्मी सीमेंट लिमिटेड के 11,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि इस प्रस्तावित निवेश से असम में लगभग 2,000 लोगों को सीधे रोज़गार मिलेगा। सरमा ने कहा कैबिनेट ने असम राज्य में क्लिंकर बनाने वाली एक यूनिट और उससे जुड़ी चार सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट लगाने के लिए JK लक्ष्मी सीमेंट लिमिटेड के 11,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। इससे लगभग 2,000 लोगों को सीधा रोज़गार मिलेगा। इसे भी पढ़ें: Jammu Kashmir में फिर से Sheikh Abdullah बनाम Maharaja Hari Singh ! छुट्टियों को लेकर विधानसभा में घमासान मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कैबिनेट ने असम में कम से कम 102 बेकार पड़ी कम्युनिटी 'बील' (सामुदायिक जल निकायों) के जीर्णोद्धार और पुनर्वास के लिए एक प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी है। उन्होंने कहा कि कुल लागत में से एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) लोन के ज़रिए 637.504 करोड़ रुपये देगा, जबकि असम सरकार का हिस्सा 159.376 करोड़ रुपये होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत, कम से कम 102 बेकार पड़ी कम्युनिटी 'बील' के जीर्णोद्धार और पुनर्वास का काम किया जाएगा। सरमा ने आगे कहा कि कैबिनेट ने गुवाहाटी के उलुबारी में भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत स्पाइसेस बोर्ड की अत्याधुनिक प्रयोगशाला और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए किराए-आधारित मॉडल या प्रो-बोनो मॉडल को मंज़ूरी दी है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत, कृषि विभाग, PWD (B) के साथ मिलकर, स्पाइसेस बोर्ड द्वारा दिए गए डिज़ाइन और स्पेसिफिकेशन के अनुसार इमारत का निर्माण करेगा। इसे भी पढ़ें: Ladakh में ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़कर हुआ 5000 रुपये, 10 साल बाद 233 प्रतिशत इजाफा असम कैबिनेट ने 'उत्तर पूर्व ट्रांसफॉर्मेटिव इंडस्ट्रियलाइज़ेशन स्कीम (UNNATI), 2024' के तहत उन योग्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए 'स्टेट कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी' को भी मंज़ूरी दी, जो 30 सितंबर, 2026 की बढ़ाई गई समय-सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाई थीं। सरमा ने कहा कि कैबिनेट ने दुर्गा पूजा के मौके पर अक्टूबर महीने के लिए लाभार्थियों को 1,500 रुपये का बढ़ा हुआ 'अरुनोदोई' मासिक प्रोत्साहन देने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा, कैबिनेट ने दुर्गा पूजा के तोहफ़े के तौर पर, नियमित 1,250 रुपये की ग्रांट के बजाय अक्टूबर के 'अरुनोदोई' मासिक प्रोत्साहन के हिस्से के रूप में 'अरुनोदोई' लाभार्थियों को 1,500 रुपये देने का फ़ैसला किया है।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 6:53 pm

CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर सियासी घमासान, मक्का पर मिसाइल हमले का अलर्ट; टॉप-5

राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर चुनावों में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारों के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी नहीं आती, जबकि हर सरकार के साथ ऐसा होता है। दूसरी तरफ विदेश में मुसलमानों के पवित्र शहर मक्का पर खतरा मंडरा रहा है। सऊदी ने 10 दिन में दूसरी बार हमले का अलर्ट जारी किया है।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Sep 2026 6:51 pm

Rahul Gandhi में राजनीतिक समझ की कमी, BJP बोली- अकेले चुनाव नहीं जीत सकती Congress

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी में राजनीतिक समझ बिल्कुल नहीं है। यह बयान तब आया जब कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग के कामकाज और 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया पर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस अपने दम पर एक भी चुनाव नहीं जीत पाई। प्रियंका गांधी ने मुस्लिम लीग के समर्थन से वायनाड सीट जीती। इसे भी पढ़ें: Vanakkam Poorvottar: Meghalaya में BJP ने कर दिया बहुत बड़ा खेल, एक झटके में बदल डाला विधानसभा का पूरा गणित त्रिवेदी ने कहा कि बंगाल में 1977 से कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है। बिहार में 1990 से कांग्रेस की सरकार नहीं है। UP में कांग्रेस 1989 से सत्ता से बाहर है। 1999 से ओडिशा में भी कांग्रेस सत्ता में नहीं है। चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के बारे में सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा कि रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों के बयानों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्तों के बयानों के बिना यह रिपोर्ट सही कैसे हो सकती है? सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अभी कुछ देर पहले राहुल गांधी ने आपके सामने फिर से एक PPT पेश किया, जो अक्सर ऐसे अनजान, अजीब और संदिग्ध स्रोतों से आता है जिनके बारे में कोई नहीं जानता। उन्हें भारतीय राजनीति की कोई जानकारी नहीं है। तमिलनाडु में 1967 से कांग्रेस सत्ता में नहीं है। उस समय BJP का अस्तित्व ही नहीं था। बंगाल में 1977 से कांग्रेस की सरकार नहीं रही है। बिहार में 1990 से कांग्रेस की सरकार नहीं है। UP में कांग्रेस 1989 से सत्ता से बाहर है। 1999 से ओडिशा में कांग्रेस सत्ता में नहीं है। राहुल गांधी को इस बात की कोई जानकारी नहीं है... जब से पारदर्शी चुनाव होने लगे हैं, CCTV कैमरे आ गए हैं और स्वतंत्र मीडिया का दौर आया है, तब से उन्हें सत्ता में आना मुश्किल लगने लगा है। उन्होंने कहा कि अभी आपने कुछ ही समय पहले देखा कि भारत की राजनीति के प्रपंच शिरोमणि और हाइड्रोजन बम का उद्घोष करके हाइड्रोजन गैस लाने वाले महान रसायन वैज्ञानिक राहुल गांधी जी ने आपके सामने एक बार फिर एक PPT का प्रदर्शन किया। जब वो कहते हैं कि मैं इसको 50 साल से देख रहा हूं, जिसकी उम्र 56 साल है, वो 50 साल की उम्र से ही सारी चीजें समझ रहे हैं। मुझे लगता है कि 5-6 साल की आयु में राजनीति को समझने की ऐसी अद्भुत प्रतिभा सिर्फ पक्की दाढ़ी वाले नौजवान में ही हो सकती है। भाजपा नेता ने कहा कि दूसरा, उन्होंने कहा कि एंटी-इनकंबेंसी इस देश का established truth है और यह भाजपा के आने के बाद हुआ है। मुझे लगता है कि राजनीतिक दृष्टि से राहुल गांधी विवेक-शून्य और ज्ञान-शून्य हैं। 1967 के बाद से तमिलनाडु में कांग्रेस कभी सत्ता में वापस नहीं लौटी। तब भारतीय जनता पार्टी का नाम तक नहीं था। बंगाल में 1977 के बाद से कांग्रेस सत्ता में वापस नहीं लौटी और 1977 से 2011 तक 34 वर्षों तक कम्युनिस्टों की सरकार रही, लेकिन राहुल गांधी को यह समझ में ही नहीं आता, दिखाई ही नहीं पड़ता। बिहार में 1990 के बाद से कांग्रेस कभी सत्ता में नहीं रही। तीन बार लगातार लालू यादव की सरकार रही, लेकिन राहुल गांधी को इसका भी ज्ञान नहीं है। 1989 के बाद से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं रही, लेकिन उन्हें इसका भी पता नहीं है। 1999 के बाद से ओडिशा में कांग्रेस की सरकार नहीं रही, लेकिन यह भी उन्हें पता नहीं है। इसे भी पढ़ें: Maithili Thakur बोलीं- बिहार में सुरक्षित हूं, तो भड़के लेखक Neeraj Pandey ने याद दिला दी जमीनी हकीकत! उन्होंने कहा कि आज एंटी-इनकंबेंसी इतनी स्ट्रॉन्ग हो गई है कि वह अपनी सीट भी अपने सहयोगी दल की बैसाखी के बिना नहीं जीत सकते। पिछले 25 वर्षों से रायबरेली और अमेठी में समाजवादी पार्टी के समर्थन से कांग्रेस पार्टी जीतती रही है। वरना सोनिया जी और राहुल गांधी जी में इतनी क्षमता नहीं है कि बिना सपा के समर्थन के अपनी खानदानी सीट अपने दम पर निकाल सकें। राहुल गांधी जी और प्रियंका गांधी जी वायनाड में मुस्लिम लीग के समर्थन से जीते हैं, जहां 60 से 65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। इनकी क्षमता नहीं है कि बिना मुस्लिम लीग के समर्थन के वहां अपनी सीट निकाल सकें। इसलिए राहुल गांधी को भारतीय राजनीति के फंडामेंटल ज्ञान की समझ नहीं है।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 6:51 pm

राजसमंद में गणपति विसर्जन से लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 4 की मौत

राजसमंद में गणपति विसर्जन के बाद वापस लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई. इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं.

आज तक 24 Sep 2026 6:50 pm

LoC से लेकर लाइब्रेरियों तक एक्शन ही एक्शन, Jammu-Kashmir में आतंक के खिलाफ चौतरफा कसा शिकंजा

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और प्रशासनिक मोर्चे पर एक साथ कई स्तरों पर कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास सेना ने तीन बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया, वहीं उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने लद्दाख का दौरा कर सुरक्षा स्थिति और सैनिकों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। दूसरी ओर बारामूला में आतंकवाद से जुड़े मामले में एक आवासीय संपत्ति को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत कुर्क किया गया है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर सरकार ने कॉलेजों में करीब 22 लाख पुस्तकों और प्रकाशनों की जांच के बाद 4,700 से अधिक ऐसी किताबों को प्रचलन से हटा दिया है, जिन्हें आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री वाला पाया गया। पुंछ में नियंत्रण रेखा से सटे अग्रिम इलाकों में सेना की सतर्कता ने एक बार फिर संभावित बड़े खतरे को टाल दिया। बुधवार को मेंढर क्षेत्र के फागवाड़ा गली में गश्त कर रहे सैनिकों ने दो जंग लगी बारूदी सुरंगें देखीं। इसके बाद इलाके को तत्काल घेर लिया गया और बम निरोधक दस्ते को बुलाकर दोनों सुरंगों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया। इसी दौरान हवेली तहसील के कस्बा गांव में भी सेना की गश्ती टुकड़ी को एक व्यक्ति-विरोधी बारूदी सुरंग मिली, जिसे भी बिना किसी नुकसान के निष्क्रिय कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: Kshitij Tyagi ने UN में Pakistan को घेरा, PoK खाली करने और आर्थिक संकट सुधारने को कहा यह खतरा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि नियंत्रण रेखा के आसपास पुराने बारूदी सुरंग क्षेत्रों का जोखिम अभी समाप्त नहीं हुआ है। मंगलवार को भी मेंढर के धारणा बसोनी गांव में तीन बारूदी सुरंगों को सेना के बम निरोधक दस्ते ने नष्ट किया था। जुलाई 2025 में पुंछ के कृष्णा घाटी क्षेत्र में क्षेत्र वर्चस्व गश्त के दौरान बारूदी सुरंग विस्फोट में सेना का एक जवान मारा गया था, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। ऐसे में हाल की बरामदगी सुरक्षा बलों की सतर्कता और अग्रिम इलाकों में लगातार निगरानी की गंभीरता को रेखांकित करती है। इसी व्यापक सुरक्षा तस्वीर के बीच उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने लद्दाख का दो दिवसीय दौरा किया। उन्होंने वहां तैनात सैनिकों की सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। उत्तरी कमान के अनुसार, उन्होंने कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण भूभाग में सैनिकों के पेशेवर रवैये और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। नियंत्रण रेखा से लेकर ऊंचाई वाले सीमावर्ती क्षेत्रों तक सेना का संदेश साफ है—सतर्कता में किसी तरह की ढील की गुंजाइश नहीं है। इसके अलावा, जमीन पर सुरक्षा कार्रवाई के साथ आतंकवाद के सहयोगी तंत्र पर भी प्रहार जारी है। बारामूला पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की धारा 25 के तहत शीरी के नंबलन गांव स्थित एजाज अहमद गनी के दो मंजिला मकान को कुर्क किया। पुलिस के मुताबिक जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि इस संपत्ति का इस्तेमाल आतंकवादियों को पनाह देने, जरूरी सहायता उपलब्ध कराने और आतंकवादी गतिविधियों में मदद करने के लिए किया गया था। संपत्ति पर बिक्री, हस्तांतरण, पट्टे या गिरवी रखने सहित किसी तीसरे पक्ष का अधिकार बनाने पर भी रोक लगा दी गई है। दूसरी ओर, शिक्षा के मोर्चे पर सरकार ने कॉलेजों में उपलब्ध पुस्तकों की व्यापक जांच शुरू की है। अब तक 21,81,582 पुस्तकों और प्रकाशनों की जांच की जा चुकी है। इनमें 9,32,941 पुस्तकें जम्मू संभाग और 12,48,641 कश्मीर संभाग की हैं। सरकार के अनुसार 518 प्रतिबंधित प्रकाशनों समेत कुल 4,767 किताबों को प्रचलन से हटाया गया है। इनमें जम्मू की 293 और कश्मीर घाटी की 4,474 किताबें शामिल हैं। इसके अलावा 1,752 किताबों को विशेषज्ञ जांच के लिए भेजा गया है। सरकार का कहना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में संवैधानिक मूल्यों, अकादमिक स्वतंत्रता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिम्मेदार नागरिकता तथा देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है। किताबों की यह जांच जुलाई में जारी निर्देशों के बाद शुरू हुई थी। बहरहाल, देखा जाये तो जम्मू-कश्मीर में मौजूदा कार्रवाई केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है। नियंत्रण रेखा पर बारूदी सुरंगों से निपटने से लेकर लद्दाख में सैन्य तैयारियों की समीक्षा, आतंकवाद को सहयोग देने वाली संपत्तियों पर कार्रवाई और शिक्षण संस्थानों में पुस्तकों की छंटाई तक, प्रशासन और सुरक्षा तंत्र एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय है।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 6:47 pm

पिता अभी भी टीम में सक्रिय, बेटे ने किया इंटरनेशनल डेब्यू: मोहम्मद नबी के 20 वर्षीय बेटे हसन ईसाखिल का पहला मैच रहा फीका

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में बहुत कम ऐसे दुर्लभ और भावुक पल देखने को मिलते हैं जब कोई दिग्गज खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के लिए खेल रहा हो और उसी दौरान उसके बेटे को भी सीनियर टीम की अंतरराष्ट्रीय जर्सी पहनने का ऐतिहासिक मौका मिल जाए। ऐसा ही एक अद्भुत और यादगार नजारा एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) के पुरुष क्रिकेट इवेंट के पहले मुकाबले में देखने को मिला। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के दिग्गज पूर्व कप्तान और स्टार ऑलराउंडर मोहम्मद नबी (Mohammad Nabi) के 20 वर्षीय बेटे हसन ईसाखिल (Hassan Eisakhil) ने आखिरकार अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपना बहुप्रतीक्षित डेब्यू कर लिया है। जापान के खिलाफ खेले गए इस उद्घाटन मुकाबले में हसन को अफगानिस्तान की सीनियर प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया, जिसके साथ ही उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया।इस डेब्यू की सबसे दिलचस्प और ध्यान खींचने वाली बात यह है कि 41 वर्षीय मोहम्मद नबी अभी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पूरी तरह सक्रिय हैं और संन्यास से काफी दूर हैं। नबी ने महज कुछ ही दिन पहले 17 सितंबर को भारत के खिलाफ दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। पिता के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए बेटे का डेब्यू करना खेल जगत में एक विरला संयोग है। हालांकि, डेब्यू का यह बड़ा अवसर व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से युवा बल्लेबाज हसन ईसाखिल के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ और वह अपने पहले ही मुकाबले में बल्ले से कोई खास प्रभाव छोड़ने में पूरी तरह नाकाम रहे।डेब्यू मैच में बल्ला रहा खामोश: 10 गेंद खेलकर मात्र 3 रन बनाकर पवेलियन लौटे हसनशीर्ष क्रम के विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में टीम में शामिल किए गए हसन ईसाखिल से क्रिकेट फैंस और चयनकर्ताओं को काफी उम्मीदें थीं। घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले हसन जब क्रीज पर उतरे तो उन पर अपने दिग्गज पिता के नाम और अपेक्षाओं का भारी दबाव साफ नजर आ रहा था। जापानी गेंदबाजों की अनुशासित लाइन-लेंथ के सामने हसन खुलकर अपने शॉट नहीं खेल सके और रन बनाने के लिए लगातार जूझते दिखे।हसन ईसाखिल ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय पारी में 10 गेंदों का सामना किया, लेकिन वह केवल 3 रन ही जोड़ सके। उनके संघर्ष को जापानी गेंदबाज रेओ सकुरानो-थॉमस ने समाप्त किया, जब उन्होंने हसन को चकमा देकर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में बेहद सस्ते में आउट होने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम प्रबंधन आगामी अहम मुकाबलों में इस युवा खिलाड़ी पर भरोसा बनाए रखता है या अगले मैच की प्लेइंग इलेवन में बदलाव का रास्ता चुनता है।जापान के खिलाफ ऐसा रहा मैच का हाल: 129 रन बनाकर भी अफगानिस्तान ने दर्ज की एकतरफा जीतजापान और अफगानिस्तान के बीच खेले गए इस मुकाबले में टॉस की बाजी जापान ने जीती और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 129 रन ही बना सकी। एशियन गेम्स की पिछली सिल्वर मेडलिस्ट टीम के लिए यह स्कोर थोड़ा मामूली नजर आ रहा था। टीम की ओर से सलामी बल्लेबाज मोहम्मद अकरम ने सबसे अधिक संघर्ष दिखाया और 29 गेंदों में 34 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 2 आकर्षक चौके और 6 विशाल छक्के शामिल रहे। अकरम के अलावा अफगानिस्तान का कोई भी अन्य बल्लेबाज 30 रन के आंकड़े को नहीं छू सका। जापान की ओर से शोमा सुगाया-स्लेटर और इब्राहिम ताकाहाशी ने उम्दा गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए 2-2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।130 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जापान की टीम अफगान गेंदबाजों की धारदार और कसी हुई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी। लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी जापानी टीम 19.3 ओवरों में मात्र 81 रनों पर ढेर हो गई। जापान के लिए ओपनर रेओ सकुरानो-थॉमस ने 3 चौकों की मदद से सर्वाधिक 23 रन बनाए, लेकिन बाकी का बैटिंग ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। टीम का कोई भी अन्य बल्लेबाज 20 रन के आंकड़े को पार नहीं कर सका और कुल 8 खिलाड़ी तो दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। इस तरह अफगानिस्तान ने 48 रनों के बड़े अंतर से यह मुकाबला जीतकर टूर्नामेंट का विजयी आगाज किया।अब नेपाल से होगी अगली कड़ी टक्कर, क्वार्टर फाइनल की राह पर टिकी निगाहेंग्रुप-ए में मजबूत स्थिति में पहुंची अफगानिस्तान की टीम का अगला मुकाबला शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को नेपाल के खिलाफ निर्धारित है। नेपाल की टीम हाल के वर्षों में टी20 प्रारूप में बेहद प्रतिस्पर्धी साबित हुई है, ऐसे में अफगानिस्तान इस मुकाबले को कतई हल्के में नहीं ले सकता। इस मैच में जीत हासिल कर अफगान टीम सीधे तौर पर अगले चरण यानी क्वार्टर फाइनल राउंड के लिए अपनी जगह पक्की कर लेगी।टीम प्रबंधन के सामने अब सबसे बड़ा सवाल युवा हसन ईसाखिल को लेकर होगा। क्या मुख्य कोच और कप्तान उन्हें अपनी लय हासिल करने के लिए नेपाल के खिलाफ एक और मौका देंगे, या फिर नॉकआउट के दबाव को देखते हुए किसी अनुभवी चेहरे को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाएगा। बहरहाल, पहले मैच में नाकामी के बावजूद यह साफ है कि मोहम्मद नबी की विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में हसन ईसाखिल का पहला कदम पड़ चुका है और आने वाले समय में दुनिया की नजरें इस युवा अफगान स्टार पर टिकी रहेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:45 pm

गैंगस्टर Manpal Dhilla को कंबोडियाई साथी से शादी के लिए मिली 12 घंटे की कस्टडी पैरोल

जेल में बंद गैंगस्टर मैनपाल ढिल्ला को अपनी कंबोडियाई साथी से शादी करने के लिए 12 घंटे की कस्टडी पैरोल पर रिहा किया गया है। वह पिछले साल प्रत्यर्पित किए जाने से पहले फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर भारत से फरार होने के बाद कंबोडिया में उससे मिला था। 50 वर्षीय ढिल्ला को बृहस्पतिवार को जिले के एक फार्महाउस में लाया गया, जहां शादी की रस्में हुईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शादी की रस्में पूरी कराने के लिए ढिल्ला को कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया। वह सुबह आठ बजे से 12 घंटे की कस्टडी पैरोल पर बाहर है। अधिकारी ने बताया कि ढिल्ला अपनी कंबोडियाई साथी मेटा चान से शादी करेगा। गैंगस्टर की मुलाकात मेटा चान से उस समय हुई थी, जब वह 2018 में पैरोल से फरार होकर कंबोडिया चला गया था। इसके बाद दोनों साथ रहने लगे और उनके बच्चे हुए। उसके तीन बच्चे भी उसके साथ यहां आए हैं। सितंबर 2025 में हरियाणा पुलिस को वांछित कुख्यात अपराधी ढिल्ला को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा राज्य पुलिस तथा केंद्रीय गृह और विदेश मंत्रालयों के सहयोग से चलाए गए अभियान के तहत कंबोडिया से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। पिछले साल गिरफ्तारी के समय झज्जर जिले के बादली गांव के निवासी ढिल्ला उर्फ मैनपाल बादली के खिलाफ हत्या समेत 22 मामले दर्ज थे। इससे पहले वह हिसार की जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उसे 2007 और 2010 में दर्ज तीन मामलों में दोषी ठहराया गया था। आजीवन कारावास की सजा काटने के दौरान उसे हिसार केंद्रीय जेल से छह सप्ताह की पैरोल पर रिहा किया गया था, लेकिन वह फरार हो गया। अधिकारियों ने पिछले साल उसकी गिरफ्तारी के समय बताया था कि उसे 17 जुलाई, 2018 को पैरोल पर रिहा किया गया था और वह 29 अगस्त, 2018 को सोनू कुमार के नाम से फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर देश से फरार हो गया था। राज्य पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने छह नवंबर, 2024 को इंटरपोल के माध्यम से ढिल्ला के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया और एनसीबी-बैंकॉक से संपर्क किया। एनसीबी-बैंकॉक से पता चला कि वह थाईलैंड से कंबोडिया गया था। अधिकारियों ने पिछले साल बताया था कि आरोपी कोलकाता से बैंकॉक होते हुए कंबोडिया गया था। इसके बाद सीबीआई ने तुरंत एनसीबी-नोम पेन्ह से संपर्क किया और अधिकारियों को सूचित किया कि वांछित अपराधी फर्जी यात्रा दस्तावेजों पर यात्रा कर रहा था। ढिल्ला ने कंबोडिया के सिएम रीप इलाके में अपना ठिकाना बना लिया था। वह एक नाइट क्लब चला रहा था, उसने स्थानीय महिला से शादी कर ली थी और उनके बच्चे भी थे। 26 मार्च, 2025 को इंटरपोल के माध्यम से एनसीबी-नोम पेन्ह को ढिल्ला की अस्थायी गिरफ्तारी का अनुरोध भेजा गया था। एनसीबी-नोम पेन्ह ने 24 जुलाई, 2025 को ढिल्ला की गिरफ्तारी की जानकारी दी और राजनयिक माध्यमों से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया। बाद में कंबोडियाई अधिकारियों ने सूचित किया कि उन्होंने ढिल्ला को भारतीय अधिकारियों को सौंपने का फैसला किया है। इसके बाद हरियाणा विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की एक टीम उसे वापस लाने के लिए कंबोडिया भेजी गई और दिल्ली पहुंचने के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 6:43 pm

एक मैच का ₹4.80 करोड़! BCCI को मिला नया टाइटल स्पॉन्सर, भारत-वेस्टइंडीज सीरीज से शुरू होगा महाकरार

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम इंडिया के घरेलू मुकाबलों के लिए एक बहुत बड़ा वित्तीय और वाणिज्यिक करार सामने आया है। भारत बनाम वेस्टइंडीज एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) सीरीज के आगाज से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट टीम के नए टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स को लेकर अहम जानकारी सार्वजनिक हुई है। खेल जगत की विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स और क्रिकबज द्वारा सूत्रों के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) मुथूट फिनकॉर्प (Muthoot Fincorp) ने अगले दो घरेलू सीजन के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के घरेलू अंतरराष्ट्रीय और प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट्स के बहुप्रतीक्षित टाइटल स्पॉन्सरशिप अधिकार हासिल कर लिए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति और आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन वाणिज्यिक गलियारों में इस डील को अंतिम रूप दिया जा चुका है।प्रति मैच ₹4.80 करोड़ की भारी-भरकम डील, IDFC फर्स्ट बैंक को किया रिप्लेसरिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए टाइटल स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट के लिए प्रति मैच लगभग 4 करोड़ 85 लाख रुपये (₹4.85 करोड़) के बेस प्राइस के इर्द-गिर्द बातचीत शुरू हुई थी, जबकि अंतिम सहमति लगभग 4 करोड़ 80 लाख रुपये प्रति मैच के स्तर पर तय होने की प्रबल संभावना है। यह रकम भारतीय क्रिकेट के मजबूत ब्रांड वैल्यू को एक बार फिर प्रमाणित करती है। इससे पहले भारतीय घरेलू सत्रों का टाइटल स्पॉन्सरशिप अधिकार निजी क्षेत्र के अग्रणी बैंक 'आईडीएफसी फर्स्ट बैंक' (IDFC First Bank) के पास था, जो बीसीसीआई को प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए 4.2 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा था। नए समझौते के साथ बीसीसीआई की प्रति मैच कमाई में करीब 60 से 65 लाख रुपये का सीधा और बंपर इजाफा हुआ है, जो भारतीय बोर्ड के वैश्विक आर्थिक दबदबे को और अधिक सुदृढ़ करता है।टेंडर प्रक्रिया की समय-सीमा और एसोसिएट पार्टनर्स का नया गठबंधनबीसीसीआई द्वारा जारी किए गए इनविटेशन टू टेंडर (ITT) की मूल अंतिम समय-सीमा 13 अगस्त निर्धारित की गई थी। यदि उस समय प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के तहत विभिन्न कॉर्पोरेट घरानों के बीच खुली होड़ हुई होती, तो टाइटल स्पॉन्सर का एलान अगस्त के मध्य में ही हो चुका होता। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, उस दौरान ज्यादा बेस प्राइस और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते कई बड़ी कंपनियां सीधी नीलामी में आगे आने से हिचक रही थीं। जब 13 अगस्त तक कोई औपचारिक प्रतिस्पर्धी बोलीदाता सामने नहीं आया, तब भारतीय बोर्ड के शीर्ष रणनीतिकारों ने संभावित कॉर्पोरेट साझेदारों के साथ बैक-चैनल और द्विपक्षीय बातचीत की शुरुआत की। इसी रणनीति के तहत एसबीआई लाइफ (SBI Life) ने रिलायंस के कैम्पा (Campa) और वैश्विक एआई दिग्गज ओपनएआई के 'ChatGPT' के साथ मिलकर बीसीसीआई के एसोसिएट पार्टनर के रूप में महत्वपूर्ण साझेदारी की है। यह संयुक्त वाणिज्यिक ढांचा आगामी भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज से पूरी तरह प्रभावी होगा।31 मार्च 2028 तक का अनुबंध: 35 घरेलू अंतरराष्ट्रीय मैचों पर मुथूट का कब्जायह ऐतिहासिक अनुबंध आधिकारिक तौर पर 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगा। इस दो साल की अवधि के दौरान भारत की धरती पर खेले जाने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों और घरेलू सर्किट के प्रमुख मुकाबलों (जैसे रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी) के टाइटल अधिकार पूरी तरह मुथूट फिनकॉर्प के पास होंगे। अगर अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर की बात करें, तो इस समयावधि में भारत में लगभग 35 बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित किए जाने हैं, जिनमें 10 बहुप्रतीक्षित टेस्ट मैच, 12 रोमांचक वनडे और 13 फटाफट टी20 इंटरनेशनल (T20I) मैच शामिल हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि बोर्ड को अकेले घरेलू अंतरराष्ट्रीय मैचों से लगभग 170 करोड़ रुपये से अधिक की मोटी कमाई हासिल होने जा रही है।तिरुवनंतपुरम में मुथूट के गृह राज्य से आगाज, रोहित-विराट की वापसी से फैंस में उत्साहएक दिलचस्प संयोग यह भी है कि इस नए वाणिज्यिक समझौते के तहत खेला जाने वाला पहला मुकाबला मुथूट समूह के गृह राज्य केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में 27 सितंबर को आयोजित होगा। भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले इस पहले वनडे मैच को लेकर स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों और देश भर के फैंस में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इस मुकाबले में भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े सुपरस्टार—कप्तान रोहित शर्मा और रन-मशीन विराट कोहली—एक बार फिर नीली जर्सी पहनकर मैदान पर जलवा बिखेरते नजर आएंगे। घरेलू मैदान पर दिग्गजों की मौजूदगी और नए स्पॉन्सरशिप का आगाज भारतीय क्रिकेट के इस नए सीजन को बेहद यादगार और व्यावसायिक रूप से धमाकेदार बनाने के लिए तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:42 pm

कौन से हैं वो जानवर... जो पैदा नर होते हैं बाद में मादा बन जाते हैं

इस धरती पर कई ऐसे जानवर हैं, जो पैदा नर होते हैं और बाद में मादा बन जाते हैं. कुछ ऐसे भी हैं, जरूरत के हिसाब से अपना जेंडर चेंज कर लेते हैं. यह सब प्राकृतिक तैर पर होता है.

आज तक 24 Sep 2026 6:42 pm

NSE IPO लिस्टिंग से पहले Macquarie का बड़ा टारगेट: शेयर को मिला 'आउटपरफॉर्म' टैग

भारतीय प्राथमिक पूंजी बाजार के इतिहास में गुरुवार, 24 सितंबर 2026 का कारोबारी सत्र एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में दर्ज होने जा रहा है। देश के सबसे बड़े वित्तीय बाजार मंच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के इक्विटी शेयर आज दलाल स्ट्रीट पर अपनी औपचारिक शुरुआत करने जा रहे हैं। यद्यपि अनौपचारिक ग्रे मार्केट में इस विशाल निर्गम को लेकर सीमित प्रीमियम देखने को मिल रहा है, लेकिन वैश्विक संस्थागत विश्लेषकों का दीर्घकालिक नजरिया बेहद सकारात्मक बना हुआ है। बाजार में घंटी बजने से कुछ ही घंटे पहले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अनुसंधान फर्म मैक्वायरी (Macquarie) ने एनएसई पर अपनी व्यापक रिसर्च कवरेज शुरू करते हुए आधिकारिक निवेश नोट जारी किया है। ब्रोकरेज ने शेयर को 'आउटपरफॉर्म' (Outperform) रेटिंग प्रदान करते हुए ₹1,965 प्रति शेयर का 12-महीने का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है, जो ₹1,785 के ऊपरी इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 10.1 प्रतिशत की सीधी बढ़त को दर्शाता है।मैक्वायरी ने NSE को बताया 'द डोमिनेटर': मजबूत नेटवर्क और ऑपरेटिंग कैश फ्लो का सहारावैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी ने अपनी प्राथमिक विश्लेषण रिपोर्ट में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को The Dominator की विशिष्ट उपाधि से नवाजा है। ब्रोकरेज का मानना है कि इक्विटी कैश, ऑप्शंस और फ्यूचर्स सेगमेंट में एनएसई की निर्विवाद बाजार हिस्सेदारी इसे घरेलू वित्तीय तंत्र का सबसे अनिवार्य बुनियादी ढांचा बनाती है। रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि एनएसई का व्यापक वित्तीय उत्पाद पोर्टफोलियो, अत्याधुनिक कम-विलंबता वाला तकनीकी ढांचा (low-latency technology stack) और अद्वितीय ट्रेडिंग लिक्विडिटी इसे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की तुलना में असाधारण परिचालन शक्ति प्रदान करते हैं। भारत में घरेलू बचतों के वित्तीयकरण (financialization of savings) की गति तेज होने से ट्रेडिंग वॉल्यूम में होने वाली वृद्धि का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ सीधे इस एक्सचेंज को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, कंपनी के उद्योग-अग्रणी ऑपरेटिंग मार्जिन, मजबूत फ्री कैश फ्लो और कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट दीर्घकालिक निवेशकों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच का काम करते हैं।लिस्टिंग अनुमान और ग्रे मार्केट के संकेत: 1,825 से 1,830 के बीच सीमित शुरुआत के आसारसूचीबद्धता से ठीक पहले अनौपचारिक ग्रे मार्केट से मिल रहे संकेत बहुत आक्रामक प्रीमियम की ओर इशारा नहीं कर रहे हैं। इन्वेस्टरगेन (InvestorGain) द्वारा गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार एनएसई के अनलिस्टेड शेयरों पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹40 प्रति शेयर के आसपास दर्ज किया गया, जो ₹1,825 के स्तर पर एक बेहद संतुलित और नपी-तुली लिस्टिंग का संकेत देता है। यह हालिया हफ्तों में देखे गए प्रीमियम का निचला स्तर है। वहीं दूसरी ओर आईपीओ वॉच (IPO Watch) के ताजा अनुमानों के मुताबिक स्टॉक में लगभग 2.5 प्रतिशत के लिस्टिंग गेन के साथ ₹1,830 के आसपास डेब्यू करने की संभावना जताई गई है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि 22,500 करोड़ रुपये से अधिक के विशाल आकार और संस्थागत आवंटन के कारण ग्रे मार्केट में अत्यधिक सट्टेबाजी सीमित रही है। वित्तीय विशेषज्ञों की स्पष्ट सलाह है कि निवेशकों को क्षणिक जीएमपी के उतार-चढ़ाव के बजाय कंपनी की एकाधिकार जैसी बाजार स्थिति, एक्सचेंज वॉल्यूम विस्तार और आय की स्थिरता को आधार बनाकर अपनी निवेश रणनीति तय करनी चाहिए।वर्ष 2026 का सबसे बड़ा इश्यू: ₹22,561 करोड़ का पूरी तरह से ऑफर फॉर सेलनेशनल स्टॉक एक्सचेंज का यह पब्लिक इश्यू ₹22,561.57 करोड़ के कुल मूल्यांकन के साथ वर्ष 2026 का अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आईपीओ बन चुका है। यह संपूर्ण सार्वजनिक निर्गम 100 प्रतिशत ऑफर फॉर सेल (OFS) संरचना पर आधारित था, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारकों ने अपने लगभग 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों का विनिवेश किया है। इस कारण आईपीओ से प्राप्त होने वाली समूची शुद्ध धनराशि सीधे बिकवाल शेयरधारकों के खातों में जाएगी और कंपनी की बैलेंस शीट में कोई नया फंड शामिल नहीं होगा। एक्सचेंज ने इस इश्यू के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति इक्विटी शेयर का मूल्य दायरा (Price Band) तय किया था, जिसमें खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन लॉट साइज 8 शेयरों का निर्धारित किया गया था। यह निर्गम प्राथमिक बोली के लिए 17 सितंबर को खुला था और 21 सितंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।5.71 गुना कुल सब्सक्रिप्शन: क्यूआईबी ने लगाई 90,000 करोड़ से अधिक की बोलियांतीन दिवसीय आधिकारिक बोली प्रक्रिया के दौरान एनएसई आईपीओ को देश-विदेश के संस्थागत और गैर-संस्थागत निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया प्राप्त हुई और यह निर्गम कुल 5.71 गुना अभिदान हासिल करने में सफल रहा। ऑफर पर रखे गए 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले बाजार से लगभग 50.58 करोड़ शेयरों के लिए वैध बोलियां दर्ज की गईं, जिसका कुल संचयी मूल्य ₹90,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। श्रेणीवार विश्लेषण के अनुसार योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) का कोटा सबसे अधिक 12.68 गुना भरा, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों (NII/HNI) की श्रेणी 6.55 गुना सब्सक्राइब हुई। आम खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (RII) का हिस्सा 1.39 गुना बुक हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निर्गम की मांग का मुख्य आधार बड़े वैश्विक व घरेलू फंड रहे। इससे पूर्व, पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक पहले एनएसई ने शीर्ष अंतरराष्ट्रीय और घरेलू एंकर निवेशकों के माध्यम से करीब ₹6,746 करोड़ की विशाल पूंजी सफलतापूर्वक जुटाई थी, जिसने पहले दिन से ही संस्थागत विश्वास को मजबूत बनाए रखा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:39 pm

पढ़ें 24 सितंबर 2026 की शाम की बड़ी खबरें और अन्य समाचार

शेयर बाजार में गुरुवार को सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार गिरावट के चलते बाजार से निवेशकों की 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम साफ हो गई.

आज तक 24 Sep 2026 6:39 pm

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार देशद्रोही, तुरंत इस्तीफा दें, पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह की भी कराएंगे जांच:राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को देशद्रोही बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत के वोट को बर्बाद किया है। उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

दैनिक जागरण 24 Sep 2026 6:38 pm

वेदांता की नई योजना ESOS 2026 क्या है, बाजार बंद होने के बाद आई बड़ी खबर

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 24 सितंबर को सामान्य कारोबारी सत्र समाप्त होने के उपरांत देश के प्रमुख प्राकृतिक संसाधन और खनन समूह वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) ने स्टॉक एक्सचेंजों को एक अत्यंत महत्वपूर्ण विनियामक स्पष्टीकरण सौंपा है। गुरुवार के कारोबारी सत्र में वेदांता का शेयर 0.83 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ₹267.95 के स्तर पर बंद हुआ था। चूंकि कंपनी की यह विस्तृत फाइलिंग शाम को 4:39:51 बजे बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर आधिकारिक रूप से अपलोड की गई, इसलिए सत्र के दौरान दर्ज की गई इस गिरावट का संबंध इस नई घोषणा से नहीं था। कंपनी ने अपनी प्रस्तावित कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना यानी 'ईएसओएस 2026' (Employee Stock Option Scheme - ESOS 2026) की रूपरेखा और शेयरधारकों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर बिंदुवार स्पष्टीकरण दिया है, जिसका सीधा संबंध कंपनी की कॉर्पोरेट गवर्नेंस और भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन से है।क्या है वेदांता की ईएसओएस 2026 योजना: 100% परफॉर्मेंस से जुड़ेगा शेयर पाने का हकईएसओएस (ESOS) किसी भी कॉर्पोरेट संस्था द्वारा अपने कर्मचारियों और अधिकारियों को तय शर्तों और समयावधि के बाद कंपनी के इक्विटी शेयर प्राप्त करने का अवसर देने वाली एक मानक प्रोत्साहन योजना होती है। आमतौर पर निवेशकों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या कर्मचारियों को केवल संगठन में सेवा के वर्ष पूरे करने के बदले शेयर दे दिए जाएंगे और इससे कंपनी तथा मौजूदा शेयरधारकों को क्या लाभ होगा। वेदांता ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में इस संशय को पूरी तरह से दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि ईएसओएस 2026 के अंतर्गत शेयर पाने की पात्रता यानी वेस्टिंग अधिकार 100 प्रतिशत काम के वास्तविक नतीजों (Key Performance Indicators) से जुड़े होंगे। कंपनी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि महज तीन वर्ष की नियमित नौकरी पूरी कर लेने से किसी भी कर्मचारी को स्वतः शेयर आवंटित नहीं किए जाएंगे। इसके लिए कर्मचारी का कंपनी में बना रहना तो आवश्यक होगा ही, लेकिन साथ ही बोर्ड द्वारा पहले से निर्धारित किए गए कठोर परफॉर्मेंस टारगेट पूरे करने अनिवार्य होंगे। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित न्यूनतम लक्ष्य (Minimum Threshold) को हासिल करने में विफल रहता है, तो उस पैमाने से संबंधित इक्विटी का कोई भी लाभ उसे प्रदान नहीं किया जाएगा।पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली: सीनियर, मिडिल और जूनियर स्तर पर कैसे तय होंगे लक्ष्यकंपनी ने शेयरधारकों को आश्वस्त करने के लिए विभिन्न प्रबंधकीय स्तरों पर कार्य निष्पादन के मूल्यांकन का स्पष्ट ढांचा प्रस्तुत किया है। वेदांता के अनुसार, वरिष्ठ और मध्यम स्तर के प्रबंधन (Senior and Middle Management) के मूल्यांकन में 50 प्रतिशत वेटेज संबंधित बिजनेस यूनिट के समग्र वित्तीय व परिचालन नतीजों को दिया जाएगा, जबकि 40 प्रतिशत वेटेज कर्मचारी के व्यक्तिगत प्रदर्शन को और शेष 10 प्रतिशत वेटेज कंपनी के बड़े रणनीतिक व दीर्घकालिक लक्ष्यों को सौंपा जाएगा। वहीं, कनिष्ठ प्रबंधन (Junior Management) के अधिकारियों के मामले में 50 प्रतिशत वेटेज बिजनेस के नतीजों और 50 प्रतिशत उनके व्यक्तिगत कार्य निष्पादन पर आधारित होगा। समूह के अंतर्गत विभिन्न धातुओं और ऊर्जा क्षेत्रों का कामकाज अलग-अलग प्रकृति का है, इसलिए उत्पादन की मात्रा, परिचालन लागत में कमी, फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) और कार्यशील पूंजी प्रबंधन जैसे सटीक पैमानों का उपयोग किया जाएगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र कर्मचारी को दिए जाने वाले विकल्पों का कुल मूल्य उसके एक वर्ष के फिक्स्ड वेतन से अधिक नहीं होगा। इसके अलावा कंपनी ने आने वाली वार्षिक रिपोर्टों में तय किए गए लक्ष्यों और वास्तविक प्राप्तियों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने का वादा किया है।हिंदुस्तान जिंक के कर्मचारियों को लाभ क्यों: 90% से अधिक ईबीआईटीडीए का मजबूत आधारशेयरधारकों के बीच दूसरा सबसे बड़ा प्रश्न यह था कि वेदांता की मूल शेयर योजना में उसकी सहायक कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) के अधिकारियों को क्यों शामिल किया जा रहा है, जबकि हिंदुस्तान जिंक स्वयं शेयर बाजार में एक स्वतंत्र और सूचीबद्ध इकाई है। वेदांता ने इसके पीछे के वित्तीय तर्क को स्पष्ट करते हुए रेखांकित किया कि हिंदुस्तान जिंक समूह के समूचे कारोबार और नकद आय का सबसे मजबूत स्तंभ है। कंपनी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में वेदांता के जारी परिचालन से अर्जित कंसोलिडेटेड ईबीआईटीडीए (EBITDA - ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पूर्व की आय) में हिंदुस्तान जिंक की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से भी अधिक रही है। वेदांता ने स्पष्ट किया कि हिंदुस्तान जिंक के अधिकारी पहले भी उसकी पुरानी शेयर योजनाओं का हिस्सा रहे हैं और उनके विकल्पों पर आने वाला वित्तीय भार हमेशा हिंदुस्तान जिंक की अपनी बैलेंस शीट द्वारा ही वहन किया गया है। नई योजना के तहत भी जिस कानूनी इकाई के लिए कर्मचारी सेवाएं देगा, उसकी लागत का वहन उसी कंपनी द्वारा किया जाएगा और उनके विकल्पों का मूल्यांकन उनके अपने बिजनेस के स्वतंत्र प्रदर्शन से जोड़ा जाएगा।क्या मौजूदा शेयरधारकों की इक्विटी घटेगी? ट्रस्ट के जरिए सेकेंडरी मार्केट खरीद का मॉडलमौजूदा खुदरा और संस्थागत शेयरधारकों की सबसे बड़ी चिंता 'इक्विटी डाइल्यूशन' यानी हिस्सेदारी घटने को लेकर होती है, जो अक्सर तब होती है जब कोई कंपनी कर्मचारियों को लाभ देने के लिए नए शेयर जारी करती है। वेदांता ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के निष्पादन के लिए एक विशेष ट्रस्ट का गठन किया जाएगा, जो खुले शेयर बाजार यानी सेकेंडरी मार्केट से पहले से मौजूद शेयरों की खरीद करेगा। इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि कंपनी को कोई भी नए फ्रेश शेयर जारी करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिसके परिणामस्वरूप प्रमोटरों और आम शेयरधारकों की वर्तमान प्रतिशत हिस्सेदारी सुरक्षित बनी रहेगी। हालांकि, ट्रस्ट द्वारा बाजार से शेयर खरीदे जाने का यह कतई अर्थ नहीं है कि कर्मचारी को शेयर मिल ही जाएंगे; शेयर तभी हस्तांतरित होंगे जब तय वित्तीय और परिचालन लक्ष्य पूरे होंगे। निवेशकों के लिए व्यावहारिक स्थिति यह है कि कंपनी ने फिलहाल कोई शेयर वितरित नहीं किए हैं बल्कि शेयरधारकों के समक्ष रखे गए प्रस्तावों पर पारदर्शी सफाई दी है। अब आगामी शेयरधारक ई-वोटिंग में लिए जाने वाले फैसले और भविष्य के लक्ष्यों की स्पष्टता पर बाजार की पैनी नजर रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:38 pm

शेयर बायबैक का बड़ा ऐलान: 29 सितंबर को बोर्ड मीटिंग में फैसला लेगी TCI, ट्रेडिंग विंडो तुरंत बंद

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 24 सितंबर को सामान्य कारोबारी सत्र समाप्त होने के ठीक बाद लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सेक्टर की प्रमुख दिग्गज कंपनी ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (TCI) ने अपने शेयरधारकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट घोषणा की है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को औपचारिक नियामक फाइलिंग में सूचित किया है कि उसके निदेशक मंडल की एक अहम बैठक आगामी मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को आयोजित होने जा रही है। इस बहुप्रतीक्षित बोर्ड बैठक में कंपनी के पूर्ण चुकता इक्विटी शेयरों के बायबैक (Share Buyback) के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा और उसे अंतिम मंजूरी प्रदान की जा सकती है। बाजार बंद होने के बाद आई इस बड़ी खबर के चलते दलाल स्ट्रीट के निवेशकों और विश्लेषकों की निगाहें अब 29 सितंबर को होने वाले आधिकारिक फैसलों पर टिक गई हैं।29 सितंबर को बोर्ड मीटिंग में बायबैक प्रस्ताव पर होगा अंतिम मंथनकंपनी द्वारा सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के प्रावधानों के तहत दी गई विनियामक जानकारी के अनुसार, निदेशक मंडल की आगामी बैठक में कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और सरप्लस कैश फ्लो के आकलन के आधार पर बायबैक के दायरे को तय किया जाएगा। यह समूची प्रक्रिया कंपनी अधिनियम, 2013 के संबंधित अनुभागों, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी (बाय-बैक ऑफ सिक्योरिटीज) रेगुलेशंस और केंद्र सरकार के अन्य लागू कॉरपोरेट कानूनों के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पूरी की जाएगी। शेयर बायबैक किसी भी सूचीबद्ध कंपनी द्वारा अपने ही शेयरों को बाजार अथवा मौजूदा शेयरधारकों से प्रीमियम पर वापस खरीदने की एक ऐसी कॉर्पोरेट प्रक्रिया है, जिससे कंपनी के प्रति प्रमोटरों और प्रबंधन का मजबूत भरोसा प्रदर्शित होता है और प्रति शेयर आय (EPS) में सुधार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के तहत ट्रेडिंग विंडो तत्काल प्रभाव से बंदनियामक फाइलिंग में ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (TCI) ने स्पष्ट किया है कि सेबी (प्रोहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग) रेगुलेशंस और कंपनी के अपने 'कोड ऑफ कंडक्ट फॉर प्रिवेंशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग' के कड़े मानकों का पालन करते हुए कंपनी के नामित व्यक्तियों, निदेशकों, प्रमोटरों और उनसे जुड़े नजदीकी रिश्तेदारों के लिए शेयरों में किसी भी प्रकार के लेनदेन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। कंपनी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ट्रेडिंग विंडो की यह पाबंदी केवल 29 सितंबर की बोर्ड बैठक तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के अन-ऑडिटेड वित्तीय परिणामों की घोषणा हेतु आयोजित होने वाली आगामी बोर्ड बैठक के नतीजे सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद तक लगातार प्रभावी रहेगी, ताकि किसी भी तरह की गोपनीय सूचनाओं के अनुचित लाभ की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।एनएसई और बीएसई पर लिस्टेड TCI: कीमत और बायबैक साइज पर निगाहेंट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का इक्विटी शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 'TCI' सिंबल के अंतर्गत और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर स्क्रिप कोड '532349' के साथ सक्रिय रूप से कारोबार करता है। कंपनी ने अपनी प्राथमिक सूचना में यह साफ कर दिया है कि बायबैक के लिए प्रति शेयर ऑफर प्राइस क्या होगा, बायबैक का कुल आकार कितने करोड़ रुपये का होगा, कंपनी कुल कितने इक्विटी शेयर वापस खरीदेगी और यह बायबैक टेंडर रूट के जरिए होगा या ओपन मार्केट परचेज के माध्यम से किया जाएगा, इन तमाम तकनीकी व वित्तीय विवरणों की आधिकारिक घोषणा 29 सितंबर को बोर्ड की औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद ही सार्वजनिक की जाएगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में मजबूत मांग और कंपनी के ठोस फंडामेंटल्स को देखते हुए निवेशक इस बायबैक पर आकर्षक प्रीमियम की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:35 pm

गणेश विसर्जन 2026: अनंत चतुर्दशी पर कल सुबह से रात तक 4 महा शुभ मुहूर्त, नोट करें बप्पा की विदाई की सही विधि

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से प्रारंभ हुआ दस दिवसीय गणेश जन्मोत्सव अपने अंतिम और सबसे भावुक पड़ाव पर पहुंच चुका है। अनंत चतुर्दशी का पावन दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की विदाई और उनके पवित्र विसर्जन का साक्षी बनता है। दस दिनों तक घरों, सोसायटियों और विशाल पंडालों में परिवार के सदस्य और परम पूज्य अतिथि की भांति विराजमान रहने के बाद बप्पा अब अपने दिव्य धाम लौटने की तैयारी में हैं। अनंत चतुर्दशी का धार्मिक महत्व इसलिए भी दोगुना हो जाता है क्योंकि इसी दिन सृष्टि के पालनकर्ता भगवान श्री हरि विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना की जाती है और भक्त अपनी भुजा पर चौदह गांठों वाला रक्षासूत्र यानी अनंता धारण करते हैं। एस्ट्रोपत्री के जाने-माने वैदिक ज्योतिषाचार्य चंद्रेश शर्मा के अनुसार, इस दिन एक साथ दो बड़े धार्मिक पर्व होने के कारण श्रद्धालुओं को समय प्रबंधन और शास्त्रीय मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है, ताकि पूजा-अर्चना और विसर्जन दोनों कार्य पूर्ण निष्ठा और विधि-विधान से संपन्न हो सकें।अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन 2026: 25 सितंबर के 4 सर्वार्थ सिद्धि शुभ मुहूर्तज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर अनंत चतुर्दशी यानी शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को गणपति विसर्जन के लिए दिन और रात में चार बेहद कल्याणकारी चौघड़िया मुहूर्त प्राप्त हो रहे हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार इनमें से किसी भी अनुकूल समय का चयन कर सकते हैं।प्रातः कालीन मुहूर्त (चर, लाभ और अमृत चौघड़िया): सुबह 06 बजकर 11 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 42 मिनट तक का समय विसर्जन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इस समय चर, लाभ और अमृत की अमृतमयी त्रिवेणी सक्रिय रहेगी, जो पारिवारिक सुख, व्यापारिक वृद्धि और आरोग्य के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है।मध्याह्न कालीन मुहूर्त (शुभ चौघड़िया): दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से दोपहर 01 बजकर 44 मिनट तक शुभ का चौघड़िया रहेगा। जो भक्त दोपहर के समय बप्पा की भव्य शोभायात्रा निकालकर विसर्जन करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय मंगलकारी परिणाम देने वाला है।सायंकालीन मुहूर्त (चर चौघड़िया): शाम 04 बजकर 45 मिनट से शाम 06 बजकर 15 मिनट तक चर चौघड़िया रहेगा। गोधूलि वेला से ठीक पहले का यह समय उन परिवारों और सार्वजनिक समितियों के लिए अत्यंत शुभ है जो ढोल-नगाड़ों और गुलाल के साथ शाम को विसर्जन यात्रा पूर्ण करते हैं।रात्रि कालीन मुहूर्त (लाभ चौघड़िया): रात 09 बजकर 14 मिनट से रात 10 बजकर 44 मिनट तक लाभ का चौघड़िया रहेगा। रात के समय विसर्जन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह कालखंड समृद्धि और मनोवांछित फल प्रदान करने वाला सिद्ध होगा।विसर्जन से पूर्व विधिवत षोडशोपचार पूजा और क्षमा प्रार्थना की संपूर्ण विधिगणपति प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाने से पहले घर के मंदिर और पूजा स्थल की गंगाजल से पवित्रता सुनिश्चित करें। विसर्जन से पूर्व भगवान गणेश की षोडशोपचार या पंचोपचार विधि से अंतिम पूजा संपन्न की जानी चाहिए। सबसे पहले बप्पा को रोली, चंदन, अक्षत और सिंदूर का तिलक लगाएं। इसके पश्चात उन्हें अत्यंत प्रिय 21 दूर्वा दल, लाल गुड़हल या गेंदे के ताजे पुष्प और सुगंधित इत्र अर्पित करें। भोग के रूप में मोदक, बेसन के लड्डू, पंचमेवा और ताजे मौसमी फल जैसे केला व अनार निवेदित करें। धूप और दीप प्रज्वलित कर पूरे परिवार के साथ भगवान गणेश की पारंपरिक आरती गाएं। पूजा के समापन पर दोनों हाथ जोड़कर जाने-अनजाने में हुई किसी भी प्रकार की भूल, त्रुटि या अनादर के लिए विनम्रतापूर्वक 'क्षमा याचना' मंत्र या प्रार्थना पढ़ें, ताकि दस दिनों के आतिथ्य में यदि कोई कमी रह गई हो तो भगवान गणेश उसे क्षमा कर अपनी असीम कृपा परिवार पर बनाए रखें।पाथेय पोटली का शास्त्रीय नियम और प्रतिमा का स्थान परिवर्तनगणेश पुराण और सनातन मान्यताओं के अनुसार गणपति बप्पा केवल एक प्रतिमा नहीं बल्कि साक्षात घर आए देव अतिथि होते हैं। जिस प्रकार किसी प्रिय अतिथि को विदा करते समय यात्रा के लिए भोजन और आवश्यक सामग्री सम्मानपूर्वक दी जाती है, उसी परंपरा के अनुसार बप्पा के विसर्जन से पूर्व 'पाथेय' यानी यात्रा भोजन की एक विशेष पोटली तैयार की जाती है। एक साफ पीले या लाल सूती कपड़े में थोड़े अक्षत, दुर्वा, एक सुपारी, हल्दी की गांठ, कुछ दक्षिणा (सिक्के) और मोदक या लड्डू बांधकर उस पोटली को बप्पा की प्रतिमा के साथ सुरक्षित बांधा जाता है, ताकि उनकी यात्रा मंगलमय हो। विसर्जन यात्रा आरंभ करने से ठीक पहले प्रतिमा को उसके स्थापित स्थान से उत्तर दिशा की ओर थोड़ा सा खिसका दिया जाता है, जिसे 'स्थान परिवर्तन' कहा जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि पूजा पूर्ण हो चुकी है और अब विसर्जन की यात्रा प्रारंभ हो रही है।पर्यावरण संरक्षण और कृत्रिम जलाशयों में शांत विसर्जन का संदेशआधुनिक समय में धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति और जलस्रोतों की स्वच्छता का ध्यान रखना भी प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि आपने घर पर मिट्टी के ईको-फ्रेंडली बप्पा स्थापित किए हैं, तो घर की बालकनी या आंगन में किसी बड़े पवित्र जलपात्र अथवा गमले में विसर्जन संपन्न करना सबसे उत्तम माना गया है। बाद में उस पवित्र जल और मिट्टी को घर के तुलसी या अन्य पौधों में समाहित किया जा सकता है। यदि विसर्जन किसी नदी, नहर या सार्वजनिक तालाब में किया जा रहा है, तो प्रतिमा को जल में फेंकने के बजाय दोनों हाथों से धीरे-धीरे और आदरपूर्वक जल के प्रवाह में विसर्जित करें। विसर्जन के समय 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के मंगल उद्घोष के साथ बप्पा से प्रार्थना करें कि वे घर के सारे कष्ट, विघ्न और नकारात्मकता अपने साथ ले जाएं और परिवार को सुख, शांति व अक्षय समृद्धि का वरदान दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:33 pm

शादी सिर्फ प्यार से नहीं चलती: चाणक्य नीति के ये 3 नियम नहीं अपनाए तो बिखर जाएगा रिश्ता

भारतीय चिंतन परंपरा और व्यावहारिक जीवन दर्शन के सबसे बड़े प्रणेता आचार्य चाणक्य ने सदियों पहले मानव स्वभाव, समाज और पारिवारिक व्यवस्था के सूक्ष्म रहस्यों को उजागर किया था। उनकी अमर कृति 'चाणक्य नीति' में न केवल कूटनीति, अर्थशास्त्र और शासन संचालन के सूत्र दर्ज हैं, बल्कि गृहस्थ जीवन को सुखमय, सुदृढ़ और संतुलित बनाए रखने के व्यावहारिक सिद्धांत भी विस्तार से बताए गए हैं। आधुनिक समाज में अक्सर यह मान लिया जाता है कि विवाह केवल भावनात्मक आकर्षण या शुरुआती प्रेम के बल पर जीवन भर चल सकता है, लेकिन चाणक्य इस धारणा को पूरी तरह अपूर्ण मानते हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार विवाह दो आत्माओं का ऐसा पावन अनुबंध है जो ज्ञान, बौद्धिक संतुलन और आपसी सामंजस्य के बिना लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकता। आज के भागदौड़ भरे दौर में जहां छोटी-छोटी बातों पर शादियां टूटने की कगार पर पहुंच जाती हैं, वहां चाणक्य नीति के वे तीन मूलभूत नियम अत्यंत प्रासंगिक हो जाते हैं जिनके अभाव में वैवाहिक संबंध बिखर जाते हैं।पहला नियम: प्रेम को गहरी दोस्ती में बदलना, अहंकार और गलतफहमी से बचावआचार्य चाणक्य का स्पष्ट मानना था कि कोई भी वैवाहिक गठबंधन तभी चिरस्थायी बन सकता है जब पति-पत्नी के बीच का रूमानी प्रेम समय के साथ एक मजबूत, परिपक्व और पारदर्शी मित्रता में रूपांतरित हो जाए। इंसानी फितरत का गहरा अध्ययन करने वाले चाणक्य ने रेखांकित किया कि केवल शारीरिक आकर्षण या शब्दों का प्रेम बिना आपसी विश्वास और खुले संवाद के ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकता। जब दांपत्य रिश्ते में पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ गहरे दोस्तों की तरह पेश आते हैं, तो उनके बीच किसी भी बात को छुपाने का भय समाप्त हो जाता है। ऐसे रिश्ते में दोनों एक साथ खुलकर हंसते हैं, जीवन के सुख-दुख साझा करते हैं और संकट के समय एक-दूसरे की सबसे बड़ी ढाल बनकर खड़े होते हैं। चाणक्य नीति कहती है कि जो दंपती एक-दूसरे को मित्र मानकर व्यवहार करते हैं, उनके स्वभाव में स्वाभाविक धैर्य, परस्पर सम्मान और मानसिक स्थिरता विकसित होती है। यह मित्रता रिश्ते को अहंकार, बेवजह के डर और बाहरी गलतफहमियों से बचाने के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच का कार्य करती है, जिससे रोजमर्रा के छोटे-मोटे मतभेद कभी बड़े विवाद का रूप नहीं ले पाते।दूसरा नियम: परस्पर सम्मान की अटूट मर्यादा, कभी न करें सार्वजनिक या निजी अपमानचाणक्य नीति के अनुसार किसी भी मजबूत और सफल वैवाहिक जीवन की सबसे मुख्य आधारशिला परस्पर सम्मान है। आचार्य चाणक्य आगाह करते हैं कि पति-पत्नी के बीच जब अनादर, कटुता या उपेक्षा की भावना जन्म लेती है, तो वह रिश्ते को अंदर ही अंदर दीमक की तरह खोखला कर देती है। कई बार लोग गुस्से में आकर अपने जीवनसाथी का निजी तौर पर या चार लोगों के सामने सार्वजनिक अपमान कर बैठते हैं। चाणक्य के अनुसार ऐसा अपमान दिल में एक ऐसा गहरा जख्म छोड़ता है जो समय बीतने के साथ कम होने के बजाय और अधिक पीड़ादायी बन जाता है। चाणक्य का अटूट सिद्धांत है कि सच्चा प्रेम केवल वहीं फलता-फूलता है जहां एक-दूसरे के आत्मसम्मान, विचारों और मानवीय गरिमा का पूरा आदर किया जाता हो। सम्मानजनक भाषा का प्रयोग, व्यवहार में विनम्रता और अपने साथी की बातों को बिना टोके ध्यानपूर्वक सुनना ही वह माध्यम है जिससे रिश्ते में अटूट विश्वास का निर्माण होता है। आधुनिक मनोवैज्ञानिक शोध भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि जिन शादियों में सम्मान का स्तर ऊंचा रहता है, वे रिश्ते दशकों तक पूरी तरह शांत, स्थिर और सुरक्षित बने रहते हैं।तीसरा नियम: ईमानदारी पर कोई समझौता नहीं, सच ही बचाता है वैवाहिक नींवचाणक्य नीति का तीसरा और सबसे अनिवार्य नियम है पूर्ण सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता। आचार्य चाणक्य ने चेतावनी दी है कि झूठ, छल और धोखा रिश्ते के लिए धीमे जहर के समान होते हैं जो धीरे-धीरे पूरे दांपत्य को समाप्त कर देते हैं। अपने जीवनसाथी के साथ की गई छोटी सी बेईमानी या वित्तीय व व्यक्तिगत बातों को छुपाने से मन में अविश्वास, डर और शंका के बीज अंकुरित होते हैं, जो आगे चलकर बहुत बड़ी भावनात्मक दूरी पैदा कर देते हैं। चाणक्य का मानना है कि जिस रिश्ते में सच की रोशनी नहीं होती, वहां प्रेम कभी भी सुरक्षित और निश्चिंत महसूस नहीं कर सकता। विश्वास ही वह बुनियादी चट्टान है जिस पर शादी का महल खड़ा होता है, और ईमानदारी उस चट्टान की निरंतर रक्षा करती है। जीवन में जब भी आर्थिक संकट, पारिवारिक उलझनें या कठिन दौर आते हैं, तब कोई भी शादी केवल तभी टिक पाती है जब दोनों साझीदार एक-दूसरे के सच पर भरोसा करते हुए रिश्ते में भावनात्मक रूप से पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:31 pm

Vanakkam Poorvottar: Meghalaya में BJP ने कर दिया बहुत बड़ा खेल, एक झटके में बदल डाला विधानसभा का पूरा गणित

मेघालय की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के आठ विधायक दिल्ली आकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इसके साथ ही विधानसभा में भाजपा की संख्या बढ़कर दस हो गई और वह सत्तारुढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी के बाद सदन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। क्षेत्रीय दल के इतने बड़े समूह का भाजपा के साथ जाना केवल विधायकों के पाला बदलने की घटना नहीं है, बल्कि यह मेघालय की राजनीति में बदलते समीकरणों और 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के बढ़ते प्रभाव का बड़ा संकेत माना जा रहा है। साथ ही यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मेघालय की राजनीति लंबे समय से राष्ट्रीय दलों की सीधी प्रतिस्पर्धा से ज्यादा स्थानीय पहचान, जनजातीय हितों और क्षेत्रीय दलों के प्रभाव के इर्द-गिर्द घूमती रही है। खासकर खासी-जैंतिया पहाड़ियों में क्षेत्रीय राजनीति का अपना मजबूत आधार रहा है। यूडीपी इसी राजनीति की प्रमुख धुरी रही है। अब उसी दल के दो-तिहाई विधायक भाजपा में चले गए हैं। मेघालय के स्थानीय मीडिया ने इसे यूडीपी के लिए बड़ा झटका और राज्य के राजनीतिक नक्शे में निर्णायक बदलाव के रूप में देखा है। इसे भी पढ़ें: समान नागरिक संहिता कोई कानूनी सुधार नहीं बल्कि समाज में ध्रुवीकरण का हथियार: Congress मेघालय का सामाजिक समीकरण भी इस बदलाव को सामान्य राजनीतिक जोड़-घटाव से कहीं बड़ा बनाता है। राज्य में खासी, जैंतिया और गारो समुदायों की राजनीतिक आकांक्षाएं अलग-अलग क्षेत्रीय संदर्भों में प्रभाव डालती हैं। यहां जनजातीय पहचान, जमीन, बाहरी लोगों की आमद, स्थानीय रोजगार, भाषा और सांस्कृतिक अधिकार चुनावी राजनीति के बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं। इसलिए इन आठ विधायकों का भाजपा के साथ जाना केवल विधानसभा की सीटों का हस्तांतरण नहीं है; यह भाजपा के लिए उन इलाकों और सामाजिक आधारों तक सीधी पहुंच का अवसर है, जहां अब तक क्षेत्रीय दलों की पकड़ मजबूत रही है। मेघालय की क्षेत्रीय राजनीति पर किए गए हालिया अध्ययन भी बताते हैं कि खासी-जैंतिया क्षेत्रों में क्षेत्रीय अस्मिता और स्थानीय मुद्दे राजनीतिक समर्थन तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि भाजपा में जाने वाले विधायकों ने जिन मुद्दों को आधार बनाया, वे विशुद्ध रूप से राष्ट्रीय मुद्दे नहीं बल्कि मेघालय की स्थानीय राजनीति की धड़कन हैं। इनमें खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना, कोयला खनन से जुड़ी पाबंदियों में बदलाव, मेघालय निवासी सुरक्षा एवं सुरक्षा कानून में संशोधन तथा थेम इव मावलांग स्थित हरिजन कॉलोनी के पुनर्वास जैसे मुद्दे शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में खासी और गारो भाषाओं की मान्यता तथा स्थानीय लोगों के हितों की सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों का भी उल्लेख है। यही भाजपा की इस रणनीति का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश है। पार्टी मेघालय में केवल राष्ट्रीय नेतृत्व और विकास के नाम पर विस्तार नहीं कर रही, बल्कि क्षेत्रीय अस्मिता से जुड़े मुद्दों को भी अपने राजनीतिक एजेंडे में समाहित करने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेताओं ने भी कहा है कि पूर्वोत्तर में केंद्र सरकार के विकास कार्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रभावित होकर विधायकों ने यह निर्णय लिया। लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होगी। मेघालय में भाजपा पहले से ही एनपीपी के नेतृत्व वाली सरकार की सहयोगी है। एनपीपी के पास 33 विधायक हैं और मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने ताजा घटनाक्रम के बाद सरकार को स्थिर बताया है। मगर भाजपा के दस विधायक हो जाने से गठबंधन के भीतर शक्ति-संतुलन निश्चित रूप से बदला है। अभी भाजपा ने मंत्रिमंडल में अतिरिक्त हिस्सेदारी की मांग नहीं की है, लेकिन दस विधायकों वाली पार्टी का राजनीतिक वजन दो विधायकों वाली भाजपा से बिल्कुल अलग होगा। इसका सबसे बड़ा असर 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी पर दिखाई देगा। भाजपा अब केवल सहयोगी की भूमिका में संतुष्ट रहने की बजाय अपने संगठन और जनाधार के विस्तार का प्रयास कर सकती है। स्थानीय मीडिया में पहले से ही यह चर्चा रही है कि भाजपा 2028 में अपने दम पर सरकार बनाने की महत्वाकांक्षा रखती है। साथ ही, खासी-जैंतिया क्षेत्र में उभर चुकी वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी जैसी क्षेत्रीय ताकतें भी भाजपा के सामने अलग चुनौती पेश करती हैं। दूसरी ओर, इस घटनाक्रम से यूडीपी के सामने अस्तित्व का सवाल खड़ा हो गया है। चार विधायकों तक सिमट चुकी पार्टी के लिए अब अपने पुराने क्षेत्रीय आधार को बचाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। दूसरी ओर भाजपा ने एक ही झटके में विधानसभा में संख्या, प्रभावशाली स्थानीय चेहरे और क्षेत्रीय मुद्दों पर राजनीतिक प्रवेश, तीनों हासिल कर लिए हैं। साथ ही पूर्वोत्तर के व्यापक परिदृश्य में भी इसका महत्व है। असम और त्रिपुरा के बाद मेघालय भाजपा के लिए ऐसा राज्य है जहां विस्तार का रास्ता आसान नहीं रहा है। अब आठ क्षेत्रीय विधायकों का एक साथ भाजपा में जाना बताता है कि पार्टी अब पूर्वोत्तर में केवल चुनावी गठजोड़ पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व को अपने साथ जोड़कर संगठनात्मक विस्तार की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। बहरहाल, दिल्ली में हुआ यह दल-बदल असल में शिलांग की सत्ता के गलियारों से कहीं बड़ा संदेश देता है। मेघालय में क्षेत्रीय राजनीति की जमीन पर अब भाजपा ने अपनी सबसे मजबूत राजनीतिक चौकी बना ली है। आगे की लड़ाई इस बात की होगी कि भाजपा इस विधानसभा संख्या को स्थायी जनाधार में बदल पाती है या नहीं और क्या क्षेत्रीय अस्मिता की राजनीति उसके विस्तार के रास्ते में दीवार बनती है या वही उसके लिए नया रास्ता खोलती है। -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 6:31 pm

बेटे अर्जुन को सचिन ने यूं किया बर्थडे विश, सारा के लुक ने खींचा ध्यान

क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने अपने बेटे अर्जुन तेंदुलकर के 27वें जन्मदिन पर एक बेहद खास और अनसीन फोटो शेयर की है. इस फोटो में सचिन अपने बेटे अर्जुन और बेटी सारा के साथ नजर आ रहे हैं. सचिन ने अर्जुन के लिए एक इमोशनल बर्थडे नोट लिखकर उन्हें बधाई दी है.

आज तक 24 Sep 2026 6:30 pm

शादी में बार-बार आ रही रुकावट कहीं कुंडली का 'पितृ दोष' तो नहीं, ऐसे करें तुरंत पहचान और आसान उपाय

कई बार जीवन में ऐसा दौर आता है जब योग्य वर या वधू होने, उच्च शिक्षा और बेहतरीन करियर के बावजूद विवाह के रिश्ते तय होने में लगातार बाधाएं आती हैं। परिवार के लोग सैकड़ों जगह प्रयास करते हैं, कई बायोडाटा और रिश्तेदार तलाशे जाते हैं, बातचीत अंतिम चरण तक पहुंच जाती है, लेकिन ऐन वक्त पर रिश्ता किसी अज्ञात कारण से टूट जाता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब बिना किसी प्रत्यक्ष सामाजिक या व्यावहारिक कारण के मांगलिक कार्यों में लगातार अवरोध आए, तो यह केवल सामान्य संयोग नहीं बल्कि कुंडली में मौजूद गंभीर 'पितृ दोष' का स्पष्ट संकेत हो सकता है। यह दोष जातक के दांपत्य सुख, वंश वृद्धि और पारिवारिक शांति को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।कुंडली में पितृ दोष का निर्माण और विवाह में लगातार देरी के ज्योतिषीय कारणवैदिक ज्योतिष के मूलभूत सिद्धांतों के अनुसार पितृ दोष का निर्माण तब होता है जब आत्मा के कारक सूर्य देव, मन के कारक चंद्र देव या फिर नवम भाव (जिसे भाग्य, धर्म और पूर्वजों का भाव माना जाता है) पर पापी और छाया ग्रह राहु या केतु का गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। यदि नवम भाव का स्वामी ग्रह निर्बल, अस्त या क्रूर ग्रहों से पीड़ित हो, तो पूर्वजों की असंतुष्टि का प्रभाव कुंडली के शुभ फलों को बांध देता है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य चंद्रेश शर्मा का विश्लेषण है कि जब भाग्य भाव पितृ दोष से आच्छादित हो जाता है, तो व्यक्ति का भाग्य उदय होने में बाधा आती है। इसका सीधा असर जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव यानी विवाह पर पड़ता है, जहां सब कुछ तय होने के बावजूद रिश्ता बनते-बनते अचानक बिगड़ जाता है।कुंडली के सप्तम भाव पर पितृ दोष का घातक प्रहार और रिश्ते टूटने का चक्रजन्म कुंडली में सप्तम भाव को दांपत्य जीवन, वैवाहिक सुख, साझेदारी और जीवनसाथी का कारक स्थान माना गया है। यदि सप्तम भाव में कोई अशुभ योग बन रहा हो अथवा सप्तमेश पीड़ित हो, तो विवाह में असामान्य विलंब होना तय है। स्थिति तब और अधिक विकट हो जाती है जब सप्तम भाव, इसके स्वामी ग्रह अथवा विवाह के नैसर्गिक कारक ग्रहों—पुरुषों की कुंडली में शुक्र देव और स्त्रियों की कुंडली में देवगुरु बृहस्पति—पर शनि, राहु या केतु का पापक प्रभाव पड़ रहा हो और साथ ही जन्म पत्रिका में पितृ दोष भी सक्रिय हो। ऐसा होने पर जातक को सही जीवनसाथी मिलने में अत्यधिक विलंब होता है, सगाई होने के बाद भी संबंध विच्छेद की नौबत आ जाती है, और परिवार में लगातार तनाव व अशांति का माहौल बना रहता है।पितृ दोष के प्रमुख लक्षण: घर में कलह, आर्थिक तंगी और मांगलिक कार्यों में विघ्नविवाह में विलंब के अलावा पितृ दोष के कई अन्य स्पष्ट लक्षण भी व्यक्ति के दैनिक और पारिवारिक जीवन में परिलक्षित होते हैं। यदि परिवार में बिना बात के आए दिन तीव्र कलह-क्लेश होता हो, मांगलिक कार्यों की चर्चा शुरू होते ही घर में किसी सदस्य का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ जाता हो, या फिर आर्थिक स्थिति निरंतर अस्थिर बनी रहती हो और मेहनत के अनुसार धन संचय न हो पाता हो, तो यह समझ लेना चाहिए कि पितरों की शांति आवश्यक है। पितृ दोष किसी भी सकारात्मक कार्य की दिशा को अंतिम क्षण में मोड़कर नकारात्मक बना देता है, जिसके कारण विवाह योग्य युवक-युवती मानसिक अवसाद और हीन भावना के शिकार होने लगते हैं।निवारण के अचूक उपाय: त्रिपुंडी श्राद्ध, नारायण बलि और अमावस्या दानयदि कुंडली विश्लेषण के बाद पितृ दोष की पुष्टि हो जाती है, तो ज्योतिष शास्त्र में इसके अत्यंत सरल, प्रामाणिक और प्रभावी समाधान सुझाए गए हैं। पितरों की आत्मिक शांति और मुक्ति के लिए गया जी, हरिद्वार, नासिक के त्र्यंबकेश्वर या उज्जैन जैसी पवित्र तीर्थस्थलियों पर जाकर 'त्रिपुंडी श्राद्ध' अथवा 'नारायण बलि' और 'नाग बलि' का विशेष अनुष्ठान किसी योग्य वैदिक पुरोहित के मार्गदर्शन में संपन्न कराना चाहिए। यह शास्त्रीय अनुष्ठान कुंडली के समस्त पूर्वज-संबंधी ऋणों को शांत कर देता है और विवाह के मार्ग में आ रहे अवरोधों को पूरी तरह समाप्त कर शुभ विवाह के योगों को सक्रिय करता है।नियमित तर्पण, पंचबली और अमावस्या पर अन्न दान से मिलेगी शीघ्र शांतितीर्थ अनुष्ठान के अलावा जातक दैनिक और मासिक स्तर पर भी आसान ज्योतिषीय उपाय अपनाकर शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक माह आने वाली अमावस्या तिथि को पितरों की तृप्ति के लिए विशेष माना गया है। अमावस्या के दिन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल में काला तिल, कच्चा दूध और कुशा डालकर पितरों को तर्पण अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही किसी जरूरतमंद, निर्धन ब्राह्मण या मंदिर में मौसमी फल, अनाज, सफेद वस्त्र और भोजन का दान करना अत्यंत फलदायी होता है। गाय, कौए, कुत्ते और चींटियों को पंचबली भोजन कराने तथा प्रतिदिन पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करने से पितृ दोष का प्रभाव धीरे-धीरे निष्प्रभावी हो जाता है और विवाह के शुभ संयोग शीघ्र बनने लगते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:29 pm

'पति को झूठे मामले में...', नंदीग्राम कांग्रेस उम्मीदवार की पत्नी के आरोप

नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की पत्नी अर्पिता प्रधान ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर उनके पति की गिरफ्तारी को लेकर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. जेल में बंद मिलन प्रधान प्रचार नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए उनकी पत्नी चुनाव प्रचार करेंगी.

आज तक 24 Sep 2026 6:28 pm

पहले कहासुनी, फिर वर्कशॉप पर लाठी-पत्थर बरसाए... भीड़ का तांडव का VIDEO

फरीदाबाद के आदर्श नगर में मामूली कहासुनी के बाद 30-40 युवकों की भीड़ जुट गई. आरोप है कि भीड़ ने एक वर्कशॉप के बंद शटर पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया. पुलिस के पहुंचने पर भी गाड़ी को निशाना बनाया गया. पूरी घटना CCTV में रिकॉर्ड हुई है. फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी है.

आज तक 24 Sep 2026 6:27 pm

'सिर्फ नॉन-वेज छोड़ना काफी नहीं...': रामायण में रणबीर कपूर के 'राम' बनने पर हनुमान अंश की प्रोड्यूसर का तीखा रिएक्शन

भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी और लगभग 4000 करोड़ रुपये के विशाल बजट में तैयार हो रही बहुचर्चित पौराणिक फिल्म 'रामायण' (Ramayana) को लेकर दर्शकों और फिल्म उद्योग में जबरदस्त कौतूहल बना हुआ है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस भव्य सिनेमैटिक गाथा में बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की केंद्रीय भूमिका को पर्दे पर साकार कर रहे हैं। इस दिव्य किरदार में पूरी तरह ढलने के लिए अभिनेता द्वारा मांसाहार और निकोटिन के त्याग की खबरें लंबे समय से मीडिया की सुर्खियां बनी हुई हैं। हालांकि, अब आध्यात्मिक और पौराणिक पृष्ठभूमि पर आधारित प्रोजेक्ट 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने रणबीर कपूर के इस बहुचर्चित ट्रांसफॉर्मेशन पर अपनी बेबाक राय रखकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भगवान राम जैसे आराध्य का स्वरूप धारण करने के लिए केवल खान-पान से नॉन-वेज हटा देना ही पर्याप्त साधना नहीं है।'हनुमान अंश' के शोभिनव सत्या का उदाहरण देकर समझाई किरदार की गंभीरताहाल ही में वरिष्ठ पत्रकार और पॉडकास्टर सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक विस्तृत बातचीत के दौरान अनुप्रिया नागर ने पौराणिक और आध्यात्मिक किरदारों को जीने की नैतिक व आत्मिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से बात की। उन्होंने अपने प्रोजेक्ट 'हनुमान अंश' में पूज्य संत नीम करोली बाबा (महाराज जी) का पावन स्वरूप निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। अनुप्रिया ने रेखांकित किया कि शोभिनव ने केवल संवाद अदायगी नहीं की, बल्कि महाराज जी की सादगी, पवित्रता और वैराग्य को अपनी निजी जीवनशैली में पूरी तरह उतार लिया था। उन्होंने कहा, 'शोभिनव सत्या ने जब हमारे प्रोजेक्ट में महाराज जी का किरदार निभाया, तो उन्होंने उस चरित्र को आत्मा से जिया और यही कारण है कि आज भी आम लोग और श्रद्धालु उन्हें सामान्य अभिनेता के बजाय साक्षात महाराज जी की छवि मानकर नमन करते हैं। जब आप 'रामायण' जैसी अमर कृति बनाते हैं, तो वहां भी पूरी यूनिट और फिल्म की टीम को उस कलाकार में भगवान राम का साक्षात तेज और निष्कलंक भाव दिखना चाहिए।'प्रेमानंद महाराज के वचनों का हवाला: आचरण, संगति और विनम्रता सबसे बड़ा धर्मअनुप्रिया नागर ने भारतीय सनातन परंपरा और पूज्य संत प्रेमानंद जी महाराज के आध्यात्मिक उपदेशों का संदर्भ देते हुए एक कलाकार के चरित्र पर गंभीर चिंतन साझा किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम का अभिनय करने वाले किसी भी शख्स का आचरण पर्दे के पीछे भी उतना ही निष्कलंक होना चाहिए जितना कि शास्त्र सम्मत चरित्र का होता है। अनुप्रिया ने कहा, 'जैसा कि पूज्य प्रेमानंद महाराज हमेशा कहते हैं, एक कलाकार का केवल खान-पान ही नहीं, बल्कि उसका समूचा चरित्र, उसका उठना-बैठना और उसकी संगत भी अत्यंत शुद्ध होनी चाहिए। आप समाज में किससे मिलते हैं, सार्वजनिक मंचों पर आपकी कैसी छवि दिखाई देती है और आप किन महफिलों में जाते हैं—ये सभी बातें बहुत गहरा असर डालती हैं। भले ही कोई अभिनेता फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और शोहरत के सबसे ऊंचे शिखर पर क्यों न पहुंच गया हो, जब वह प्रभु श्री राम की वेशभूषा धारण करता है तो उसे परम विनम्रता और आत्म-नियंत्रण का पालन करना होता है। इसलिए महज मांसाहार छोड़ देना अपने आप में कोई बहुत बड़ा त्याग नहीं है।'शूटिंग से पहले रोज हनुमान चालीसा का पाठ और दर्शकों का पावन संकल्पअनुप्रिया नागर ने इस दौरान एक भावुक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि एक जागरूक दर्शक ने केवल 'हनुमान अंश' को देखने के लिए पहले से ही मांसाहार का पूर्ण त्याग करने का पावन संकल्प ले लिया था। उन्होंने इस घटना को जोड़ते हुए कहा, 'जरा सोचिए, जब एक आम दर्शक किसी आध्यात्मिक कृति के प्रति इतना गहरा सम्मान रखता है और अपने खान-पान में सात्विकता लाता है, तो फिर उस किरदार को पर्दे पर निभाने वाले मुख्य अभिनेता की नैतिक जिम्मेदारी कितनी गुना बढ़ जाती है। नॉन-वेज छोड़ना तो साधना की केवल एक बहुत छोटी सी शुरुआत है, इसके आगे आपको मानसिक और आत्मिक शुद्धि के लिए कई कठिन संकल्प लेने पड़ते हैं। उदाहरण के तौर पर, जब हमारी टीम 'हनुमान अंश' की शूटिंग कर रही थी, तो हमारी पूरी यूनिट ने काम शुरू करने से पहले रोजाना नियमपूर्वक हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करने का अटूट संकल्प लिया था, जिससे सेट पर एक असीम सात्विक ऊर्जा बनी रहती थी।'दीवाली पर रिलीज होगा 'रामायण' का पहला भाग, रणबीर के त्याग पर टिकीं निगाहेंउल्लेखनीय है कि जब रणबीर कपूर को भगवान राम के रोल के लिए कास्ट किया गया था, तभी से यह खबर सामने आई थी कि अभिनेता ने अपने किरदार की पवित्रता और जनभावनाओं का आदर करते हुए सिगरेट, शराब और सभी प्रकार के नॉन-वेज भोजन से पूरी तरह दूरी बना ली है। दो भागों में बन रही इस महागाथा का पहला भाग इसी साल दीवाली के पावन अवसर पर वैश्विक स्तर पर रिलीज होने वाला है। जहां रणबीर के प्रशंसक पर्दे पर उनके इस सात्विक अवतार को देखने के लिए बेहद उत्सुक हैं, वहीं अनुप्रिया नागर का यह बयान इस बात को स्पष्ट करता है कि भारतीय जनमानस पौराणिक आराध्यों के किरदारों से केवल शारीरिक बनावट या दिखावटी परहेज की नहीं, बल्कि संपूर्ण आध्यात्मिक समर्पण और भीतरी मर्यादा की अपेक्षा रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:27 pm

2490 करोड़ घटी शाहरुख खान की दौलत, फिर भी बने रहे भारत के सबसे अमीर एक्टर; अमिताभ-सलमान छूटे पीछे

भारतीय सिनेमा के इतिहास में चार दशकों से अधिक समय तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड के बादशाह शाह रुख खान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कारोबार और शोहरत की दुनिया में उनका मुकाबला करना किसी के लिए भी आसान नहीं है। हुरुन इंडिया द्वारा जारी की गई प्रतिष्ठित 'हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026' में देश के सबसे रईस उद्योगपतियों, एंटरप्रेन्योर्स और फिल्म हस्तियों की वित्तीय स्थिति का ताजा मूल्यांकन सामने आया है। इस नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वित्तीय वर्ष में शाह रुख खान की कुल अनुमानित संपत्ति में 2,490 करोड़ रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस तीव्र मूल्य संशोधन और नेट वर्थ में आई कमी के बावजूद, किंग खान भारतीय फिल्म उद्योग के सबसे अमीर अभिनेता के रूप में अपनी नंबर-1 की बादशाहत बरकरार रखने में कामयाब रहे हैं।हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026: 10,000 करोड़ रुपये पर पहुंचा शाह रुख खान का साम्राज्यहुरुन इंडिया द्वारा संकलित किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा समय में शाह रुख खान की कुल अनुमानित संपत्ति लगभग 10,000 करोड़ रुपये (लगभग 1.2 बिलियन डॉलर) आंकी गई है। हालांकि यह आंकड़ा बेहद विशाल है, लेकिन पिछले साल की रिपोर्ट से तुलना करने पर इसमें साफ गिरावट नजर आती है। 'हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025' में किंग खान की अनुमानित दौलत 12,490 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। इस तरह वित्तीय बाजार के पुनर्मूल्यांकन और इक्विटी होल्डिंग्स के समायोजन के चलते महज एक साल के भीतर उनकी नेट वर्थ में 2,490 करोड़ रुपये की कमी आई है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजार में मूल्यांकन में उतार-चढ़ाव और खेल व मनोरंजन संपत्तियों के बैलेंस शीट रीस्ट्रक्चरिंग के कारण यह बदलाव देखने को मिला है, लेकिन इसके बावजूद किसी भी अन्य भारतीय फिल्म अभिनेता की संपत्ति शाह रुख खान के इस विशाल वित्तीय साम्राज्य के करीब भी नहीं ठहरती।फिल्मों से लेकर आईपीएल और वीएफएक्स तक: कहां-कहां से होती है किंग खान की अथाह कमाईशाह रुख खान की कुल संपत्ति केवल फिल्मों की एक्टिंग फीस तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक बेहद सफल, दूरदर्शी और चतुर कारोबारी भी हैं। उनकी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उनके प्रमुख प्रोडक्शन हाउस 'रेड चिलीज एंटरटेनमेंट' (Red Chillies Entertainment) से आता है, जो न केवल ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्माण करता है बल्कि देश का सबसे अत्याधुनिक और तकनीकी रूप से संपन्न वीएफएक्स (VFX) स्टूडियो भी संचालित करता है। इसके अलावा, खेल जगत में उनकी रणनीतिक हिस्सेदारी उनकी आय का एक मजबूत स्तंभ है। वे 'नाइट राइडर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' के जरिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के प्रमुख सह-मालिक हैं, जिसकी ब्रांड वैल्यू हाल के वर्षों में कई गुना बढ़ी है। इसके साथ ही कैरेबियन प्रीमियर लीग की ट्रिनबागो नाइट राइडर्स, यूएसए की लॉस एंजिल्स नाइट राइडर्स और अबू धाबी नाइट राइडर्स जैसी वैश्विक क्रिकेट लीग्स में भी उनकी मोटी इक्विटी मौजूद है। साथ ही दर्जनों शीर्ष वैश्विक ब्रांड्स के एंडोर्समेंट, रियल एस्टेट संपत्तियां और विदेशी निवेश उनकी नियमित और मजबूत कमाई के मुख्य साधन हैं।अमिताभ बच्चन दूसरे और सलमान खान तीसरे पायदान पर, नरेश मल्होत्रा सबसे आगेभारतीय सिनेमा के अन्य प्रमुख सितारों की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो सदी के महानायक अमिताभ बच्चन इस सूची में शाह रुख खान के ठीक बाद दूसरे स्थान पर काबिज हैं। बिग बी की कुल अनुमानित संपत्ति लगभग 4,000 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो फिल्मों, टेलीविजन शो 'कौन बनेगा करोड़पति' और विविध रियल एस्टेट निवेशों से संचालित होती है। वहीं, बॉलीवुड के 'दबंग' सलमान खान 3,000 करोड़ रुपये की अनुमानित नेट वर्थ के साथ अभिनेताओं की श्रेणी में तीसरे सबसे अमीर स्टार बने हुए हैं। सलमान की कमाई का मुख्य जरिया उनकी फिल्में, ब्रांड पार्टनरशिप, 'बीइंग ह्यूमन' रिटेल ब्रांड और 'सलमान खान फिल्म्स' प्रोडक्शन हाउस है। हालांकि, मनोरंजन और मीडिया उद्योग के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें तो अभिनेता न होकर विशुद्ध रूप से फिल्म तकनीक और प्रोडक्शन से जुड़े दिग्गज नरेश मल्होत्रा ने इन सभी सितारों को पीछे छोड़ दिया है। भव्य पौराणिक फिल्म 'रामायणम्' के निर्माता नमित मल्होत्रा के पिता और प्राइम फोकस समूह के संस्थापक नरेश मल्होत्रा की कुल अनुमानित संपत्ति 16,000 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इस सूची में पूरे एंटरटेनमेंट सेक्टर में सबसे शीर्ष स्थान पर दर्ज की गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:24 pm

TMC सांसद Mahua Moitra ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद मार्ग थाने में दी शिकायत, FIR की मांग

सांसद महुआ मोइत्रा ने बृहस्पतिवार को यहां संसद मार्ग थाने में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। यह शिकायत उन खबरों के आधार पर की गई है जिनमें कहा गया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान दो निर्वाचन आयुक्तों ने निर्वाचन आयोग के कई फैसलों पर आपत्ति जताई थी। तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट की लोकसभा सदस्य मोइत्रा थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। शिकायत में उन्होंने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस खबर का जिक्र किया, जिसके मुताबिक निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में निर्वाचन आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी। इन फैसलों और आदेशों में मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने के साथ-साथ मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव भी शामिल थे। मोइत्रा ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पास ‘‘अपने दोनों सहयोगियों की दर्ज राय के खिलाफ आयोग की ओर से कोई भी कदम उठाने का अधिकार नहीं है, और न ही उनके पास आयोग के नाम से ऐसे संदेश जारी करने का कोई अधिकार है जिन्हें आयोग ने कभी मंजूरी न दी हो।’’उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के लिए काफी धनराशि मंजूर और जारी किए जाने के बीच सरकारी धन के गलत इस्तेमाल का सवाल भी उठाया। मोइत्रा ने यह भी कहा कि भले ही उन्हें सीईसी और ईसी अधिनियम, 2023 की धारा 16 के तहत सीईसी और ईसी को उनके आधिकारिक काम, बातों या फैसलों के लिए दीवानी या फौजदारी अदालत की कार्यवाही से मिली छूट के बारे में पता है, लेकिन ‘‘इसमें प्राथमिकी दर्ज करने या जांच करने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है, जो पुलिस की कानूनी जिम्मेदारियां हैं और यह अदालत के सामने होने वाली कार्यवाही बिल्कुल नहीं है।’’मोइत्रा ने शिकायत में कहा कि कुमार एक स्वतंत्र निर्वाचन आयुक्त नहीं हैं और सीईसी बाकी दो निर्वाचन आयुक्तों के बिना कोई फैसला नहीं ले सकते। उन्होंने कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार के सभी फैसले निश्चित रूप से बहुमत वाले फैसले नहीं थे। निर्वाचन आयोग की ओर से बताए गए फैसले असल में गलत थे क्योंकि वे बाकी दो लोगों की सहमति के बिना अकेले एक व्यक्ति द्वारा लिए गए थे। इसलिए, उन्हें कोई छूट नहीं मिल सकती और उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है।’’मोइत्रा ने कहा, ‘‘आज पूरे भारत में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। उनके बच्चों का क्या होगा? उन बच्चों का क्या होगा जो 18 साल के हो जाएंगे?’’उन्होंने अपनी शिकायत में कहा, ‘‘ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखते हुए, मैं अनुरोध करती हूं कि प्राथमिकी दर्ज की जाए और अपराधों की जांच हो, इसमें शामिल हर व्यक्ति की भूमिका का पता लगाया जाए, दो निर्वाचन आयुक्तों सहित संबंधित गवाहों से पूछताछ की जाए, और सबूतों को नष्ट होने या हेर-फेर से बचाने के लिए उन्हें बिना देरी के सुरक्षित किया जाए।’’निर्वाचन आयोग के सूत्रों का कहना है कि एसआईआर समेत भारत निर्वाचन आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से और दोनों चुनाव आयुक्तों व सीईसी की मंजूरी से लिए गए हैं।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 6:23 pm

'उड़ता तीर' में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे पर ट्रोल हुए आयुष्मान खुराना, विवाद पर एक्टर ने तोड़ी चुप्पी

बॉलीवुड में हमेशा लीक से हटकर और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्में करने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता आयुष्मान खुराना इन दिनों अपनी आगामी बहुचर्चित फिल्मों को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं। अभिनेता के करियर के लिए यह साल बेहद व्यस्त और अहम माना जा रहा है क्योंकि उनकी दो बड़ी और बहुप्रतीक्षित फिल्में बैक-टू-बैक रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हाल ही में जहां राजश्री प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी उनकी पारिवारिक मनोरंजक फिल्म 'ये प्रेम मोल लिया' का टाइटल ट्रैक रिलीज हुआ और उसे संगीत प्रेमियों ने खूब सराहा, वहीं दूसरी ओर करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी उनकी मेगा बजट स्पाई कॉमेडी फिल्म 'उड़ता तीर' का आधिकारिक ट्रेलर भी दर्शकों के सामने आ चुका है। ट्रेलर के सामने आते ही जहां इसके हास्य और सस्पेंस भरे दृश्यों ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया, वहीं इसके एक खास दृश्य में आयुष्मान के मुंह से 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे सुनकर सोशल मीडिया पर तीव्र प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और अभिनेता को नेटिजन्स की तीखी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।'पाकिस्तान जिंदाबाद' नारे पर सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा और विवादफिल्म 'उड़ता तीर' के ट्रेलर में दिखाए गए एक महत्वपूर्ण और नाटकीय दृश्य में आयुष्मान खुराना का किरदार पूरी शिद्दत के साथ 'पाकिस्तान जिंदाबाद' का नारा बुलंद करता नजर आता है। जैसे ही यह ट्रेलर यूट्यूब और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाइव हुआ, सोशल मीडिया यूजर्स का एक बड़ा वर्ग इस संवाद को लेकर नाराज हो गया। कई यूजर्स ने बिना फिल्म के पूरे संदर्भ और कथानक को समझे अभिनेता की राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए और फिल्म के बहिष्कार तक के ट्रेंड शुरू कर दिए। इंटरनेट पर तेजी से बढ़ते इस विवाद और जनता के गुस्से को देखते हुए फिल्म निर्माताओं और खुद आयुष्मान खुराना के लिए सामने आकर स्थिति को स्पष्ट करना अनिवार्य हो गया, ताकि फिल्म की रिलीज से पहले किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर किया जा सके।ट्रेलर लॉन्च पर आयुष्मान खुराना का दो टूक जवाब: 'यह स्क्रिप्ट की मांग है'मुंबई में आयोजित फिल्म 'उड़ता तीर' के भव्य ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान पत्रकारों ने जब आयुष्मान खुराना से इस विवादित नारे और सोशल मीडिया पर हो रही तीखी ट्रोलिंग को लेकर सवाल पूछा, तो अभिनेता ने बेहद सहज, तार्किक और परिपक्व अंदाज में अपनी बात रखी। आयुष्मान ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि एक पेशेवर कलाकार के तौर पर उनका पहला और सबसे पवित्र धर्म अपनी स्क्रिप्ट और निर्देशक के विजन के प्रति पूरी तरह ईमानदार रहना होता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, जो भी स्क्रिप्ट की डिमांड होगी, वह मैं करूंगा। यह सीन पूरी तरह से कहानी और स्क्रिप्ट का अभिन्न हिस्सा था। एक एक्टर होने के नाते आपको अपने किरदार को पर्दे पर जीवंत करने के लिए कुछ भी करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना पड़ता है। स्पाई जॉनर की फिल्मों में यह सब हमेशा से होता आया है, लेकिन यहां सबसे बड़ा फर्क यह है कि यह कोई गंभीर या तनावपूर्ण ड्रामा नहीं, बल्कि एक स्पाई कॉमेडी और देशभक्ति से भरपूर मनोरंजक फिल्म है। मैं हमेशा स्क्रिप्ट को प्राथमिकता देता हूं। मैं एक डायरेक्टर का एक्टर हूं, जिसे आप डायरेक्टर का बेबी कह सकते हैं, इसलिए निर्देशक मुझे जैसा करने का निर्देश देंगे, मैं पर्दे पर ठीक वैसा ही करूंगा।क्या है फिल्म 'उड़ता तीर' की अनोखी कहानी और बिलाल अहमद का किरदारधर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित फिल्म 'उड़ता तीर' एक अनोखी कॉमेडी-ड्रामा और स्पाई-थ्रिलर है, जो दर्शकों को हंसी और सस्पेंस के रोलरकोस्टर राइड पर ले जाने का वादा करती है। फिल्म में आयुष्मान खुराना ने 'बिलाल अहमद' नाम के एक पाकिस्तानी जासूस का बेहद दिलचस्प किरदार निभाया है। कहानी में अप्रत्याशित मोड़ तब आता है जब एक गुप्त मिशन के दौरान बिलाल अपनी याददाश्त पूरी तरह खो बैठता है। याददाश्त जाने के बाद उसके दिमाग में यह गलतफहमी बैठ जाती है कि वह असल में एक सच्चा और कट्टर भारतीय नागरिक है। अपनी वास्तविक पहचान और इस नई गलतफहमी के बीच उपजे अंतर्विरोधों के चलते कहानी में जबरदस्त हास्य और भ्रम की स्थितियां पैदा होती हैं। इसी पहचान के द्वंद्व और याददाश्त लौटने के क्रम में वह दृश्य सामने आता है जहां वह यह नारा लगाता है, जो वास्तव में फिल्म के एक व्यंग्यात्मक और कॉमिक पहलू का हिस्सा है।सारा अली खान के साथ दोबारा जोड़ी, शानदार स्टारकास्ट और 9 अक्टूबर को रिलीज'पति पत्नी और वो 2' की अपार सफलता के बाद आयुष्मान खुराना एक बार फिर बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के साथ मुख्य भूमिका में स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। सारा के साथ अपने ऑन-स्क्रीन तालमेल और केमिस्ट्री पर बात करते हुए आयुष्मान ने ट्रेलर लॉन्च के दौरान कहा कि सारा के साथ काम करने का उनका अनुभव हमेशा से बेहद ऊर्जावान और सकारात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि सारा शूटिंग सेट पर एक अलग ही स्तर का सकारात्मक माहौल और जीवंत ऊर्जा लेकर आती हैं, जिससे पूरी टीम का उत्साह बना रहता है। इस स्पाई-कॉमेडी फिल्म के निर्देशन की कमान युवा और प्रतिभाशाली निर्देशक आकाश ए कौशिक ने संभाली है, जो इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट के साथ बॉलीवुड में एक निर्देशक के रूप में अपनी नई शुरुआत कर रहे हैं।फिल्म के कलाकारों की फेहरिस्त भी बेहद मजबूत और प्रभावशाली है। आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की मुख्य जोड़ी के अलावा इस फिल्म में मुकुल देव, बॉलीवुड के दिग्गज 'बैडमैन' गुलशन ग्रोवर, मंझे हुए अभिनेता राम कपूर, रंगमंच और सिनेमा के वरिष्ठ कलाकार रघुबीर यादव, सुप्रिया पिलगांवकर, स्मिता तांबे, अपनी लाजवाब कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर ब्रिजेंद्र काला और टीवी व फिल्मों के जाने-माने हास्य अभिनेता संदीप आनंद जैसे अनुभवी चेहरे अहम किरदारों में दिखाई देंगे। यह पूरी स्टारकास्ट मिलकर फिल्म में जबरदस्त हास्य का तड़का लगाने वाली है। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि स्क्रिप्ट की ताजगी और आयुष्मान का कॉमिक अंदाज दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में पूरी तरह कामयाब रहेगा। देशभक्ति, रहस्य और हास्य के इस बेमिसाल तड़के वाली फिल्म 'उड़ता तीर' 9 अक्टूबर 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज होने जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:22 pm

IIT बॉम्बे छात्र सुसाइड केस में नया मोड़, न्याय की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठेंगे माता-पिता

मामले में IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला को छुट्टी पर भेज दिया गया है. उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला भी दर्ज किया गया है.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 6:21 pm

दिल्ली में गणपति विसर्जन के लिए बने 81 कृत्रिम कुंड, देखें

गणेश उत्सव के समापन पर गणपति विसर्जन के लिए दिल्ली सरकार और प्रशासन ने इस बार बेहद विशेष तैयारियां की हैं. दिल्ली में पवित्र यमुना नदी को प्रदूषण से पूरी तरह बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. प्रशासन ने यमुना नदी में सीधे प्रतिमा विसर्जन पर पूरी तरह से रोक लगाने की तैयारी कर ली है. इसके विकल्प के तौर पर राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 81 कृत्रिम विसर्जन कुंडों का निर्माण किया गया है.

आज तक 24 Sep 2026 6:20 pm

इंडियन आइडल में दो बार हुए रिजेक्ट, अब छठी मैया के गीत से छाए विशाल मिश्रा; अरिजीत सिंह से हो रही तुलना

किसी छोटे शहर की तंग गलियों से निकलकर मायानगरी मुंबई के ग्लैमरस फलक पर अपनी अमिट छाप छोड़ना कोई आसान काम नहीं होता। सपनों के इस शहर में हर रोज हजारों की संख्या में युवा अपनी आंखों में हुनर और उम्मीदें संजोए दाखिल होते हैं, लेकिन सफलता का ताज केवल उसी के सिर सजता है जो लगातार मिलने वाली असफलताओं और कड़वे रिजेक्शन से कभी हार नहीं मानता। भारतीय संगीत जगत में आज एक ऐसा ही नाम बेहद मजबूती के साथ उभरा है, जिसने अपनी रूहानी आवाज और संगीत की गहरी समझ से करोड़ों दिलों पर राज कर लिया है। हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से ताल्लुक रखने वाले जाने-माने पार्श्व गायक और संगीतकार विशाल मिश्रा की, जिनकी तुलना आज संगीत के दिग्गज अरिजीत सिंह से की जा रही है और जिनका गाया महापर्व छठ का एक पारंपरिक गीत इन दिनों सोशल मीडिया और यूट्यूब पर व्यूज के तमाम रिकॉर्ड तोड़ रहा है।फिल्म 'द वन' में छठी मैया के गीत ने सोशल मीडिया पर मचाया तहलकाविशाल मिश्रा इन दिनों बॉलीवुड की आगामी बहुचर्चित फिल्म 'द वन' में शामिल छठ पूजा के पारंपरिक गीत को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में बने हुए हैं। तमन्ना भाटिया और सिद्धार्थ मल्होत्रा अभिनीत इस फिल्म में विशाल मिश्रा ने लोक आस्था के महापर्व छठ पर आधारित 'छठी मैया' गीत को अपनी खास सूफियाना और भावुक आवाज में पिरोया है। इस गीत के मार्मिक बोल जाने-माने गीतकार कुशाल किशोर ने लिखे हैं, जबकि इसे गाने के साथ-साथ इसका संपूर्ण संगीत संयोजन और कंपोजिशन भी खुद विशाल मिश्रा ने तैयार किया है। 10 सितंबर को यूट्यूब पर रिलीज किए जाने के बाद से ही यह गीत हर उम्र के श्रोताओं की पहली पसंद बन चुका है और अब तक इसे 4 करोड़ 76 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। पारंपरिक भक्ति भावना और आधुनिक वाद्ययंत्रों के अद्भुत संगम ने इस गाने को इस साल का सबसे बड़ा भक्ति चार्टबस्टर बना दिया है।दो बार इंडियन आइडल के मंच पर झेला कड़वा रिजेक्शनविशाल मिश्रा के लिए बॉलीवुड में अपनी मजबूत पहचान बनाने का सफर कांटों से भरा रहा है। शुरुआत के दिनों में वे छोटे-मोटे काम और स्टूडियोज में स्क्रैच रिकॉर्डिंग करके अपना गुजारा करते थे। अपनी गायकी के सपने को हकीकत में बदलने के लिए उन्होंने मशहूर रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के चौथे सीजन के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन जजों ने उस वक्त उन्हें यह कहकर सीधे बाहर का रास्ता दिखा दिया था कि वे अभी गायकी के लिहाज से बहुत छोटे हैं और उन्हें अभी बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। इस असफलता से टूटने के बजाय विशाल ने अपनी संगीत साधना को और धार दी और विधिवत शास्त्रीय संगीत का कड़ा रियाज शुरू किया। अपनी लगन के दम पर वे एक बार फिर 'इंडियन आइडल' के सीजन 6 में अपनी किस्मत आजमाने पहुंचे, लेकिन किस्मत ने उनका इम्तिहान जारी रखा और उन्हें लगातार दूसरी बार उसी मंच से रिजेक्शन का सामना करना पड़ा।तमिल फिल्म 'देवी' से शुरुआत और 'पहले भी मैं' तक का स्वर्णिम सफरलगातार दो बड़े रियलिटी शो से नकारे जाने के बावजूद विशाल मिश्रा ने कभी संगीत का दामन नहीं छोड़ा। उनके संघर्ष को पहला बड़ा ब्रेक वर्ष 2016 में मिला, जब उन्हें प्रभुदेवा और सोनू सूद अभिनीत द्विभाषी तमिल फिल्म 'देवी' में संगीत देने और गाने का मौका मिला। इस फिल्म के गानों को मिली अपार सफलता ने संगीत निर्देशकों का ध्यान उनकी असाधारण प्रतिभा की ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए। 'करीब करीब सिंगल' का 'जाने दे', शाहिद कपूर की 'कबीर सिंह' का आइकॉनिक गाना 'कैसे हुआ', फिल्म 'एनिमल' का ब्लॉकबस्टर ट्रैक 'पहले भी मैं', फिल्म 'खुदा हाफिज 2' का 'जान बन गए' और देशभक्ति से लबरेज 'घर कब आओगे' जैसे गानों ने उन्हें बॉलीवुड के अग्रिम पंक्ति के गायकों में शामिल कर दिया। आज उनकी दर्दभरी और मखमली आवाज के चलते संगीत प्रेमी उन्हें आधुनिक दौर का सबसे संवेदनशील फनकार मानते हैं, जो साबित करता है कि सच्ची प्रतिभा को कोई भी मंच ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज नहीं कर सकता।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 6:20 pm

राहुल गांधी में दम नहीं है अपने दम पर खानदानी सीट जीत लें: सुधांशु त्रिवेदी

चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. राज्यसभा सांसद और बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को भारतीय राजनीति की समझ नहीं है.

NDTV इंडिया 24 Sep 2026 6:20 pm