DUSU चुनाव में छात्र गुटों के बीच चले डंडे, एक की हालत गंभीर
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के मतदान से पहले नॉर्थ कैंपस में दो छात्र गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी है. डीसीपी निहारिका भट्ट मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं.
मिर्जापुर-द मूवी में महाराणा प्रताप से जुड़ा गाना इस्तेमाल करने पर विवाद
दिल्ली हाई कोर्ट ने 'Mirzapur: The Movie' के क्लाइमैक्स सीन में महाराणा प्रताप को समर्पित गाने 'शूरवीर' के इस्तेमाल को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई की.
Anant Nag Dadasaheb Phalke Award:
सेंसर बोर्ड में पंकज त्रिपाठी, प्रीति जिंटा और सुनील शेट्टी की एंट्री
सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, केंद्र सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन का पुनर्गठन किया है. जिसके तहत 18 सदस्यों की नई टीम तैयार हुई है.
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ रूस की यात्रा पर हैं, जिसका उद्देश्य भारत-रूस के दशकों पुराने रक्षा संबंधों और सैन्य सहयोग को मजबूत करना है।
ओजोन परत संरक्षण को लेकर एमडीएसयू में जागरूकता कार्यक्रम, 21 टीमों ने लिया क्विज में हिस्सा
वनस्पति विज्ञान विभाग की टीम ने हासिल किया पहला स्थान, पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी को बताया जरूरी अजमेर। अंतर्राष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस के अवसर पर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू), अजमेर में विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। पर्यावरण विज्ञान विभाग की ओर […] The post ओजोन परत संरक्षण को लेकर एमडीएसयू में जागरूकता कार्यक्रम, 21 टीमों ने लिया क्विज में हिस्सा appeared first on Sabguru News .
वर्षों की कटुता छोड़कर ‘मिच्छामि दुक्कडं’ कहना सबसे बड़ी तपस्या : मुनिश्री
अजमेर। पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर पुष्कर रोड स्थित श्री विजय कलापूर्ण सूरि आराधना भवन में क्षमापना पर्व श्रद्धा और आध्यात्मिक भाव के साथ मनाया गया। यू. पन्यास श्री मुक्ति श्रमण विजयजी महाराज, यू. मुनि श्री मुक्ति चरण विजयजी महाराज एवं पूज्य मुनि श्री मुक्तिध्यान विजयजी महाराज आदि की निश्रा में आयोजित कार्यक्रम में […] The post वर्षों की कटुता छोड़कर ‘मिच्छामि दुक्कडं’ कहना सबसे बड़ी तपस्या : मुनिश्री appeared first on Sabguru News .
ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने वित्त मंत्री से 2000 रुपये से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR से पूरी छूट देने की मांग की है।
सिक्किम की रसायन विज्ञान शिक्षिका सुषमा तामांग को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया है।
दिशा सालियान केस में नई एंट्री, अस्पताल लेकर पहुंची थी महिला; खुलेंगे नए राज
दिशा सालियान मौत मामले में एक नया मोड़ आया है, जिसमें एक अज्ञात महिला की भूमिका सामने आई है जो उन्हें अस्पताल ले गई थी। सीबीआई ने इस मामले में आदित्य ठाकरे सहित कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
'हनुमान अंश' को खरीदने की रेस में 3 OTT प्लेटफॉर्म, प्रोड्यूसर हुई भावुक
'हनुमान अंश' की सफलता ने हवाओं का रुख बदल दिया है. जहां पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म ने इसे रिजेक्ट कर दिया था. वहीं, अब फिल्म को खरीदने के लिए कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स लाइन में हैं. फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने खुद इस बात की जानकारी दी है.
वैभव सूर्यवंशी का जलवा तो सबने देखा...अब इन 2 धुरंधरों की बारी
अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम गुरुवार यानी 17 सितंबर को तीसरा और आखिरी टी20 मैच खेलने वाली है. इस मुकाबले से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम में बदलाव का ऐलान किया है.
अनंत नाग का पांच दशक से अधिक लंबा सिनेमाई सफर, 300 से ज्यादा फिल्मों में छोड़ी अभिनय की छाप
नई दिल्ली। कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुने जाने के साथ ही उनके पांच दशक से अधिक लंबे शानदार सिनेमाई सफर की एक बार फिर चर्चा हो रही है। रंगमंच से अभिनय की शुरुआत करने वाले अनंत नाग ने कन्नड़ फिल्मों के साथ-साथ हिंदी […] The post अनंत नाग का पांच दशक से अधिक लंबा सिनेमाई सफर, 300 से ज्यादा फिल्मों में छोड़ी अभिनय की छाप appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में डेडलाइन से पहले जनगणना का पहला चरण पूरा, CM शुभेंदु अधिकारी ने की तारीफ
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनगणना के पहले चरण के पूरे होने पर राज्य प्रशासन की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने लंबे प्रयास के बाद पूरी निष्ठा के साथ इस काम को पूरा किया है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की भी तारीफ की।
करवट बदलेंगे विष्णु! परिवर्तिनी एकादशी से इन 3 राशियों के अच्छे दिन शुरू
Parivartini Ekadashi 2026: परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान विष्णु के योग निद्रा में करवट बदलेंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि परिवर्तिनी एकादशी से कर्क, कन्या और मकर राशि के जातकों खूब लाभ होगा.
मक्का पर मंडरा रहा युद्ध? 27 लाख भारतीयों पर कितना खतरा
सऊदी अरब का दावा है कि मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले हूती ड्रोन को मार गिराया गया. इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मक्का और मदीना की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया, लेकिन उन्होंने हूतियों या ईरान का नाम नहीं लिया. इस वीडियो में समझिए मक्का ड्रोन विवाद, सऊदी का दावा, हूतियों का इनकार, पाकिस्तान के बयान पर उठते सवाल और सऊदी अरब में रहने वाले 27 लाख भारतीयों पर इसका क्या असर पड़ सकता है.
कल का मौसम, 17 सितंबर: गुरुवार को इन राज्यों में झमाझम बारिश, आंधी और बिजली गिरने का भी अलर्ट
मौसम विभाग ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे इलाकों में 17 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान दोपहर से पहले के समय कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है।
अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, कन्नड़ सिनेमा में योगदान के लिए मिलेगा सर्वोच्च सम्मान
नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। केंद्र सरकार ने उनके लंबे फिल्मी सफर और भारतीय सिनेमा, विशेष रूप से कन्नड़ फिल्म जगत में उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए उनके नाम की घोषणा की है। अनंत नाग को […] The post अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, कन्नड़ सिनेमा में योगदान के लिए मिलेगा सर्वोच्च सम्मान appeared first on Sabguru News .
'ये लव जिहाद...', एक्स GF को कार से टक्कर केस में महिला आयोग की एंट्री
लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास एक्स गर्लफ्रेंड को कार से कुचलने के आरोप का मामला अब महिला आयोग पहुंच गया है. पीड़िता ने महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से मुलाकात कर आरोपी शाहनवाज पर पहचान छिपाकर संबंध बनाने और जबरन शादी का दबाव डालने का आरोप लगाया.
DUSU Elections: छात्र संगठनों की भागीदारी के खिलाफ दायर याचिका Delhi High Court में खारिज
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को राजनीतिक दलों के नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जैसे छात्र संगठनों से जुड़े उम्मीदवारों के आगामी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनावों में भाग लेने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि हालांकि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के अधिकारियों और उसके मुख्य चुनाव अधिकारी का यह कर्तव्य है कि वे यह सुनिश्चित करें कि चुनाव किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति की भागीदारी या हस्तक्षेप से मुक्त हों, लेकिन एक छात्र संगठन को उसके राजनीतिक दल से ‘‘अलग’’ माना जाना चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों के सदस्यों को डूसू चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि उच्चतम न्यायालय और केंद्र द्वारा स्वीकार की गई लिंगदोह समिति की रिपोर्ट के तहत चुनावों में राजनीतिक दलों की भागीदारी प्रतिबंधित है। पीठ ने कहा, ‘‘जो प्रतिबंधित है, वह छात्र चुनाव प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की संलिप्तता है। जिन छात्र संगठनों ने उम्मीदवारों की संबद्धता के संबंध में कुछ घोषणाएं की हैं... उन्हें राजनीतिक दल नहीं कहा जा सकता।’’पीठ ने कहा, ‘‘केवल इसलिए कि कोई (उम्मीदवार) किसी राजनीतिक दल की छात्र इकाई का सदस्य है, इसका मतलब यह नहीं होगा कि वह उस राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ है। इसलिए, यह लिंगदोह समिति का उल्लंघन नहीं होगा।’’डूसू चुनाव 18 सितंबर को होने हैं। अदालत ने यह भी कहा कि लिंगदोह समिति की रिपोर्ट स्पष्ट रूप से किसी ऐसे व्यक्ति की भागीदारी पर रोक लगाती है जो वास्तविक छात्र नहीं है और छात्र चुनावों के साथ राजनीतिक दलों के जुड़ाव पर भी रोक लगाती है। पीठ ने डूसू चुनावों में राजनीतिक दलों की भागीदारी और प्रभाव के प्रति आगाह किया और डीयू अधिकारियों से आम आदमी पार्टी (आप) के छात्र संगठन के एक उम्मीदवार द्वारा कथित रूप से पार्टी का नाम और उसका चुनाव चिह्न प्रदर्शित करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट का संज्ञान लेने को कहा। अदालत ने कहा कि इस तरह की गतिविधि पर अधिकारियों और मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा लगाम लगाई जानी चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय के वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि वह केवल अपने छात्रों की उम्मीदवारी स्वीकार करता है और किसी भी छात्र संगठन या राजनीतिक दल को इसमें शामिल नहीं करता है। दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा द्वारा दायर जनहित याचिका में डूसू चुनावों की घोषणा करने और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों की छंटनी करने वाले मुख्य चुनाव अधिकारी के 11 सितंबर और 13 अगस्त के नोटिस को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता के वकील ने 13 अगस्त के चुनाव अधिसूचना नोटिस को इस आधार पर चुनौती दी थी कि इसमें आचार संहिता, लिंगदोह समिति की सिफारिशों और अन्य प्रासंगिक शासी मानदंडों का उल्लेख नहीं था। अदालत ने इस नोटिस में हस्तक्षेप करने से भी यह कहते हुए इनकार कर दिया कि इस तरह के सभी प्रकाशन वेबसाइट पर उपलब्ध बताए गए हैं। याचिकाकर्ता विजेता ने अपनी याचिका में इस बात पर जोर दिया था कि लिंगदोह समिति द्वारा छात्र संघों को राजनीतिक दलों से अलग करने की सिफारिश के बावजूद, एसएफआई-आइसा गठबंधन, आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित विभिन्न डूसू पदों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है। याचिका में दावा किया गया है, ‘‘दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा के रूप में, याचिकाकर्ता ने खुद देखा है कि कैसे राजनीतिक दल विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र संघ चुनावों के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के शैक्षणिक माहौल को राजनीतिक माहौल में बदल रहे हैं।
अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले कॉल सेंटरों पर ईडी की रेड: पटियाला-पुणे में 220 कर्मचारी मिले
नई दिल्ली — 16 सितंबर, 2026 — अमेरिका के नागरिकों को फर्जी कॉल सेंटर के जरिए ठगने वाले नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में एक ऐसा तंत्र सामने आया है, जिसमें ठगी के लिए अलग-अलग कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थी। कोई पीड़ित का भरोसा जीतता था, कोई सरकारी अधिकारी या प्रतिष्ठित कंपनी का कर्मचारी बनकर डर पैदा करता था, तो कोई भुगतान और खाते में रकम की पुष्टि का काम संभालता था। इसके बाद गिफ्ट कार्ड, नकदी और सोने के जरिए हासिल रकम को क्रिप्टोकरेंसी, हवाला और दूसरे बैंक खातों के जरिए घुमाया जाता था। ईडी के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ स्थित चार ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत तलाशी ली। कार्रवाई में तीन सक्रिय फर्जी कॉल सेंटर मिले, जहां करीब 220 लोग काम करते हुए पाए गए।
सांस्कृतिक जागरण, हिंदू स्वाभिमान और राष्ट्रनिष्ठ समर्पण का प्रतीक है लोगो: बजरंग बागड़ा
नई दिल्ली, 16 सितंबर, 2026। श्रद्धेय श्री अशोक सिंघल जी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर उनके जीवन, कार्यों और सांस्कृतिक योगदान को स्मरण करने के लिए विशेष लोगो तैयार किया गया है। इसे जारी करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महा-मंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने कहा यह लोगो उनके आध्यात्मिक संस्कारों, हिंदू समाज के गौरव-जागरण तथा भारतीय संस्कृति के प्रति आजीवन समर्पण को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि लोगो में अंकित “श्रद्धेय अशोक सिंघल” नाम श्रद्धा और सम्मान का भाव प्रकट करता है, जबकि “जन्म शताब्दी वर्ष 1926–2015” उनके जीवन-काल को रेखांकित करता है। 27 सितंबर 2026 को उनके जन्म के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जारी यह लोगो उनके विचारों, संकल्पों और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा। लोगो की भगवा–केसरिया पृष्ठभूमि त्याग, तपस्या, आध्यात्मिक चेतना, शौर्य और राष्ट्रधर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक है। चारों ओर बना स्वर्णिम वलय भारतीय ज्ञान-परंपरा की शाश्वतता, गौरव और प्रकाश को दर्शाता है। लोगो में अंकित श्रीराम मंदिर श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जीवन के एक बड़े ध्येय तथा श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान का प्रतीक है। मंदिर के साथ लहराता भगवा ध्वज सनातन परंपरा, संगठन, त्याग और सांस्कृतिक स्वाभिमान का भाव प्रकट करता है। विहिप महामंत्री ने कहा कि लोगो के केंद्र में स्थित श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का शांत, तेजस्वी और सौम्य व्यक्तित्व उनके आध्यात्मिक संस्कार, दृढ़ संकल्प, संगठन-कौशल तथा पूज्य संतों के प्रति श्रद्धा और हिंदू समाज के प्रति उनकी आत्मीयता को दर्शाता है। उनका तिलक और श्वेत वस्त्र सादगी, आध्यात्मिक आस्था और भारतीय जीवन-मूल्यों के प्रति निष्ठा का प्रतीक है। नाम को उभारता गहरा लाल–मरून पट्ट ऊर्जा, साहस, संकल्प और संघर्षशीलता का भाव व्यक्त करता है, जबकि नीचे का पीताभ–स्वर्णिम आधार ज्ञान, प्रकाश, मंगल और भविष्य के प्रति आशा का संदेश देता है। बागड़ा ने बताया कि यह लोगो केवल एक दृश्य-चिह्न नहीं, बल्कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जीवन-संदेश का प्रतीकात्मक संकलन है। उनका जीवन भारतीय संस्कृति, हिंदू समाज के संगठन, पूज्य संतों के प्रति श्रद्धा तथा सांस्कृतिक स्वाभिमान के लिए समर्पित रहा। जन्म शताब्दी वर्ष उनके योगदान के स्मरण के साथ-साथ सेवा, संगठन, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना के नए संकल्पों को आगे बढ़ाने का अवसर है। विश्व हिन्दू परिषद समेत सम्पूर्ण विश्व के लोग जन्म शताब्दी वर्ष के दौरान इस लोगो का उपयोग विभिन्न कार्यक्रमों, प्रकाशनों, डिजिटल माध्यमों, स्मृति अभियानों और जनसंपर्क गतिविधियों में किया जाएगा। यह लोगो श्रद्धेय अशोक जी के प्रति कृतज्ञ श्रद्धांजलि तथा उनके विचारों और संकल्पों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा का प्रतीक बनेगा।
एआई के दौर में मौलिक अभिव्यक्ति और भाषाई संवेदना को बचाए रखना जरूरी: प्रो. संजय द्विवेदी
भोपाल। हिंदी दिवस के अवसर पर आशा पारस फॉर पीस एंड हारमनी फाउंडेशन, भारत द्वारा मंगलवार को “एआई और भाषायी चुनौतियां” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता एवं भाषा के क्षेत्र से जुड़े विद्वानों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव, भाषाई मौलिकता तथा मानवीय अभिव्यक्ति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. संजय द्विवेदी, पूर्व महानिदेशक, भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली ने कहा कि एआई के दौर में स्वयं की वैचारिक अभिव्यक्ति धीरे-धीरे कम होती जा रही है। आज साहित्य को पढ़कर और समझकर लिखने के बजाय उसे सर्च करके लिखने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी किस प्रकार सक्षम और प्रभावशाली बने, इसकी जिम्मेदारी केवल तकनीक की नहीं बल्कि हम सभी की भी है। हमें हिंदी को डिजिटल माध्यमों पर अधिक समृद्ध और सक्षम बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मुख्य वक्ता प्रो. आनंद वर्धन शर्मा, निदेशक, यूजीसी मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर, बीएचयू, वाराणसी ने कहा कि एआई शब्दों को पकड़ सकता है, लेकिन भाव और भावना को नहीं पकड़ सकता। हालांकि भविष्य में तकनीक किस स्तर तक पहुंचेगी, यह कहना कठिन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भाषाई संवेदना को बचाए रखना अत्यंत आवश्यक है। एआई हमारे लिए उपयोगी उपकरण है और हमें इसका उपयोग करना चाहिए, लेकिन इसका उपयोग करते समय अपनी मौलिकता और रचनात्मकता को नहीं छोड़ना चाहिए। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. आशा शुक्ला, पूर्व कुलपति एवं प्रबंध निदेशक, आशा पारस फॉर पीस एंड हारमनी फाउंडेशन, भारत ने कहा कि एआई ने हमारे समय और श्रम को काफी हद तक बचाया है, लेकिन एआई द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री का सत्यापन करना हमारी बौद्धिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी विषय की सामग्री को सही ढंग से परख और सत्यापित वही व्यक्ति कर सकता है, जिसे उस विषय की गहरी समझ हो। इसलिए हमें एआई का विरोध करने के बजाय उसका स्मार्ट और जिम्मेदार उपयोग करना सीखना चाहिए। विशिष्ट वक्ता श्री पंकज शुक्ला, वरिष्ठ संपादक, सुबह सवेरे एवं सलाहकार, मध्यप्रदेश विधानसभा, भोपाल ने कहा कि आज हम एआई को जितना अधिक और बेहतर इनपुट देंगे, वह उतना ही समृद्ध होता जाएगा। इसलिए हिंदी भाषा की समृद्धि और विविधता को एआई तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिंदी को तकनीकी एवं डिजिटल माध्यमों में मजबूत बनाने के लिए हिंदी भाषी समाज को अधिक सक्रियता से योगदान देना होगा। कार्यक्रम में स्वागत एवं प्रस्तावना वक्तव्य प्रो. अंजली औधिया, प्राचार्य, शासकीय कमला देवी महिला महाविद्यालय, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ द्वारा दिया गया। उन्होंने एआई और भाषाओं के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हुए कहा कि जो भाषाएं एआई की दुनिया से दूर रह जाएंगी, क्या वे धीरे-धीरे विलुप्त होने की स्थिति में पहुंच सकती हैं, यह चिंतन का विषय है। उन्होंने कहा कि तकनीक कितनी भी विकसित हो जाए, लेकिन मानव मस्तिष्क की रचनात्मकता का अपना विशिष्ट महत्व है। मानवीय सोच, संवेदना और सृजनशीलता को तकनीक के साथ संतुलित रखना आवश्यक है। संगोष्ठी में वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानव रचनात्मकता का विकल्प नहीं, बल्कि सहायक उपकरण के रूप में देखा जाना चाहिए। भाषा, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के उपयोग के साथ-साथ मौलिक चिंतन, मानवीय संवेदना, तथ्यपरकता और भाषाई विविधता की रक्षा करना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं भाषा प्रेमियों ने ऑनलाइन सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन लव चावड़ीकर, कार्यकारी प्रबंधक, आशा पारस फॉर पीस एंड हारमनी फाउंडेशन, भारत द्वारा किया गया।
पेड़ पर लटका पति, गंगा किनारे पत्नी की लाश, कपड़े गायब, राज खोलेगी डॉग मैरी
बिजनौर में पति-पत्नी की रहस्यमय मौत का मामला सुलझाने के लिए संभल की गोल्ड मेडलिस्ट डॉग मैरी को बुलाया गया है. पति देशराज की लाश खेत में पेड़ से लटकी मिली, जबकि पत्नी सुषमा का शव डेढ़ किलोमीटर दूर गंगा में पेड़ से बंधा मिला. दोनों अर्धनग्न थे और कपड़े गायब थे. पोस्टमार्टम में पति की हैंगिंग और पत्नी की गला दबाने से मौत हुई.
कौन थीं सुब्बुलक्ष्मी...जिनसे बोले थे नेहरू- आपके सामने मैं मामूली PM
एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की आवाज के महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भी फैन थे. जानिए नेहरू ने उनकी तारीफ में क्या कहा था और गांधी उनसे कौन सा भजन सुनते थे.
श्रीलंका घूमना है? IRCTC लेकर आया 6 दिन का रामायण यात्रा पैकेज, जानिए कीमत समेत जरूरी डिटेल्स
IRCTC के श्रीलंका रामायण यात्रा टूर पैकेज में बेंगलुरु से कोलंबो तक आने-जाने की फ्लाइट, होटल में ठहरने की सुविधा, भोजन, स्थानीय ट्रांसफर और दर्शनीय स्थलों की सैर शामिल है.
अनंत अंबानी ने पूरा किया वादा, तिरुमला को मिलीं 25 इलेक्ट्रिक बसें; श्रद्धालुओं का सफर होगा आसान
तिरुमला आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को ज्यादा आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को 25 इलेक्ट्रिक बसें सौंपी हैं। साथ ही इन बसों के लिए एक अलग EV चार्जिंग स्टेशन भी दिया गया है। ...
'आम ग्राहक की जेब पर नहीं पड़ेगा असर', UPI चार्ज पर Mobikwik की को-फाउंडर उपासना टाकू का बड़ा बयान
UPI ट्रांजैक्शन पर MDR चार्ज को लेकर जारी बहस के बीच मोबिक्विक की को-फाउंडर उपासना टाकू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित शुल्क का असर आम UPI यूजर की जेब पर नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक, पर्सन-टू-पर्सन पेमेंट, बिजली-पानी जैसे बिल और ईंधन जैसी जरूरी सेवाओं के भुगतान पर ग्राहक से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।
दिशा सालियान केस: FIR में 50+ नाम, फिर भी कोई आरोपी नहीं?
दिशा सालियान केस में CBI ने FIR दर्ज कर ली है, जिसमें कई चर्चित लोगों समेत 50 से ज्यादा नाम हैं. लेकिन फिर भी किसी को अभी आरोपी नहीं माना जाएगा. जानिए FIR में नाम होने का क्या मतलब है और जांच में आगे क्या होने की उम्मीद है.
चंद कदम पर पुलिस बूथ, सामने ही CCTV फिर भी डर नहीं... दिल्ली में शख्स से युवती छीन ले गई मोबाइल
दिल्ली के मुखर्जी नगर में पुलिस बूथ से महज 10 मीटर की दूरी पर मोबाइल स्नैचिंग की घटना सामने आई है. बाइक पर आए एक युवक और युवती ने मोबाइल झपटकर फरार हो गए, जबकि पूरी वारदात CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई.
सुंदर हत्यारे... अपने बच्चों को ही भूखा मार देते हैं ये रंगीन तोते
स्कार्लेट मैकॉ तोते अपने सबसे छोटे बच्चों को जानबूझकर भूखा मार देते हैं. वैज्ञानिक इन चूजों को बचाकर कहीं और रखते हैं. इससे प्रजाति को बचाने में मदद मिल रही है. पेरू में सफल प्रयोग हो चुके हैं.
खिड़की के पास बैठकर लेने वाली धूप भी बना सकती है आपको बूढ़ा, डर्मेटॉलोजिस्ट से समझें कैसे?
क्या आपकी स्किन समय से पहले बूढ़ी हो रही हैं? अगर हां, तो इसके पीछे यूवी किरणें हो सकती हैं. यहां जानते हैं इस बारे में डर्मेटॉलोजिस्ट से विस्तार से-
पिता पर हमला होते देख बचाने पहुंची बेटी, हमलावरों ने दोनों को मार डाला
कर्नाटक के बेलगावी में संपत्ति विवाद ने खूनी रूप ले लिया. ग्राम पंचायत ऑफिस के अंदर 67 वर्षीय पूर्व सैनिक और उनकी 26 वर्षीय बेटी की कथित तौर पर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, पिता पर हमला होते देखकर बेटी उन्हें बचाने पहुंची, तो हमलावरों ने उसे भी निशाना बना दिया. घटना का वीडियो भी सामने आया है.
पंकज त्रिपाठी, प्रीति जिंटा, सुनील शेट्टी सेंसर बोर्ड में... सरकार ने नए 18 सदस्यों का किया ऐलान
सीबीएफसी (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) का पुनर्गठन कर दिया गया है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को इस बड़े बदलाव की जानकारी दी है. नए बोर्ड में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हैं.
असम की नागांव लोकसभा सीट पर 2026 के उपचुनाव का मुकाबला बेहद रोचक हो गया है. बीजेपी के पूर्व IAS देवाशीष शर्मा और कांग्रेस की पूर्व विधायक शिवमोनी बोरा आमने-सामने हैं. जानिए प्रद्युत बोरदोलोई के पाला बदलने के बाद नागांव का पूरा सियासी गणित और चुनावी इतिहास.
जेल वार्डर से पुलिस भर्ती तक, पूर्व अग्निवीरों को कहां-कहां मिलेगा 20% आरक्षण?
सरकार का कहना है कि इससे सेना में प्रशिक्षित युवाओं को सेवा पूरी होने के बाद रोजगार का बेहतर अवसर मिलेगा और सरकारी विभागों को अनुशासित व प्रशिक्षित मानव संसाधन भी प्राप्त होंगे.
KCR के Farmhouse की 700 एकड़ जमीन पर विवाद, CM Revanth Reddy ने दिए नोटिस के आदेश
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के फ़ार्महाउस से जुड़ी ज़मीन पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि सरकारी रिकॉर्ड में लगभग 700 एकड़ ज़मीन का कोई ज़िक्र नहीं है। रेड्डी ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट और ज़िला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वे चंद्रशेखर राव को नोटिस जारी करें और पता लगाएं कि उन्होंने कितनी ज़मीन खरीदी थी और असल में उनके कब्ज़े में कितनी ज़मीन है। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि KCR परिवार के पास 430 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन है। इसे भी पढ़ें: Telangana में Semiconductor उद्योग लगाएगा Singapore, CM Revanth Reddy से मिले प्रतिनिधि CM ने ज़मीन के रिकॉर्ड की जांच के आदेश दिए रेवंत रेड्डी के मुताबिक, फ़ार्महाउस इलाके की लगभग 700 एकड़ ज़मीन का ज़िक्र रिकॉर्ड में नहीं है। उन्होंने कहा कि KCR को यह साफ़ करना चाहिए कि क्या पूरी 700 एकड़ ज़मीन उनके कब्ज़े में है। रेड्डी ने कहा मैं रेवेन्यू डिपार्टमेंट और कलेक्टर को निर्देश दे रहा हूं कि वे चंद्रशेखर राव को तुरंत नोटिस जारी करें और पता लगाएं कि उन्होंने कितनी ज़मीन खरीदी थी और असल में वहां कितनी ज़मीन उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 388 एकड़ ज़मीन की पहचान करने का भी निर्देश दिया, जो उनके अनुसार सरकार की है, और उसे वापस सरकारी कब्ज़े में लेने को कहा। इसे भी पढ़ें: Hyderabad Liberation Day पर मुख्य अतिथि होंगे उपराष्ट्रपति C P Radhakrishnan, केंद्र करेगा आयोजन दलित परिवारों को 388 एकड़ ज़मीन दी जाएगी रेड्डी ने कहा कि 388 एकड़ ज़मीन वापस मिलने के बाद, सरकार 'दलित बंधु' कार्यक्रम के तहत 800 दलित परिवारों को पट्टे के तौर पर यह ज़मीन बांटेगी। उन्होंने मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा, विवेक वेंकटस्वामी, ज़िले के प्रभारी मंत्री और राजस्व मंत्री को निर्देश दिया कि वे 30 दिनों के भीतर इस मामले का समाधान करें। रेड्डी ने यह भी कहा कि अगर तय समय-सीमा के भीतर इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ, तो वे संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे।
'मेरी आंखों में आंसू आ गए' बोलीं तमन्ना, छठी मैया से जुड़ा कनेक्शन
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म 'द वन' 25 सितंबर को रिलीज होने वाली है. इस बीच तमन्ना ने छठ पूजा को लेकर बात की है. जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा.
हनुमान जी ने इस जगह तोड़ा था 10,000 हाथियों के बल वाले भीम का घमंड
महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडव राजस्थान के अलवर आए थे. इस दौरान सरिस्का के जंगल स्थित क्षेत्र में भीम का अहंकार तोड़ने के लिए हनुमान जी इसी स्थान पर प्रकट हुए थे. कहते हैं कि यहां भीम ने अपनी गदा से पहाड़ तोड़कर रास्ता भी बनाया था, जिसे पांडुपोल के नाम से जाना जाता है.
बेडरूम की सफाई में न फेंकें ये 6 चीजें, वरना होगा पछतावा!
घर की डीप क्लीनिंग करते वक्त जल्दबाजी में हर पुरानी चीज फेंकना भारी पड़ सकता है. खाली स्टोरेज बॉक्स, सिंगल मोजे और एक्स्ट्रा हैंगर जैसी 6 चीजें बाद में आपके बड़े काम आ सकती हैं. आज हम आपको उन चीजों के बारे में बताएंगे, जिन्हें कभी भी नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि वो बाद में काम आ सकती हैं.
Anbil Mahesh के यहां Raid पर भड़के Stalin, कहा- 100 करोड़ के केस के बहाने ध्यान भटका रहे
डीएमके नेता एम.के. स्टालिन ने बुधवार को कहा कि जब तमिलनाडु कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा है, तब मुख्यमंत्री विजय लंदन में शूटिंग में व्यस्त हैं। उन्होंने तिरुचिरापल्ली में राज्य के पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री और पार्टी सहयोगी अंबिल महेश पोय्यामोझी के यहां सुबह-सुबह हुई छापेमारी के समय पर भी सवाल उठाए। यह छापेमारी 100 करोड़ रुपये के कथित प्राइवेट स्कूल धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में की गई थी। यह छापेमारी विजय की लंदन की पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के समय ही हुई। अपने पूर्व कैबिनेट सहयोगी के यहाँ हुई रेड को लेकर विजय पर निशाना साधते हुए, स्टालिन ने X पर कहा कि इस कार्रवाई का मकसद लोगों का ध्यान राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति से हटाना था। इसे भी पढ़ें: तमिलनाडु में CPI और CPM ने दो सीटों पर उतारे उम्मीदवार, मुकाबला हुआ पांच कोणीय स्टालिन ने तमिलनाडु के सामने मौजूद मुद्दों का ज़िक्र किया सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, स्टालिन ने तमिलनाडु में बिजली कटौती से परेशान लोगों के विरोध-प्रदर्शन, पट्टिनाप्पक्कम में मछुआरों के विरोध और नेपाल में लापता लोगों के रिश्तेदारों द्वारा सचिवालय के बाहर किए गए प्रदर्शन का ज़िक्र किया; इन रिश्तेदारों का कहना था कि उन्हें सही जवाब नहीं मिले थे। उन्होंने 'आविन' दूध (राज्य सरकार के स्वामित्व वाला डेयरी कोऑपरेटिव ब्रांड) की कमी, रामनाथपुरम में दो लोगों की हत्या, चेन्नई में विनायक चतुर्थी जुलूस के दौरान सरकारी बस ड्राइवर की हत्या और अयनवरम में TVK के एक पदाधिकारी और महिला पुलिस अधिकारी से जुड़ी कथित घटना का भी ज़िक्र किया। स्टालिन ने ट्वीट किया, जब राज्य इन और ऐसी ही समस्याओं से जूझ रहा है और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, तब मुख्यमंत्री लंदन में शूटिंग में व्यस्त हैं। इसे भी पढ़ें: CN Annadurai Memorial पर जुटे Tamil Nadu के नेता, MK Stalin और EPS ने दी श्रद्धांजलि एडवाइज़री में कहा गया है, एक्ज़िट बैन लोगों को सऊदी अरब छोड़ने से रोकते हैं। ये बैन कई सालों तक लागू रह सकते हैं। स्थानीय कानूनों के बारे में अमेरिका ने कहा कि अगर अमेरिकियों की सोशल मीडिया पोस्ट या अन्य ऑनलाइन गतिविधियां आलोचनात्मक, आपत्तिजनक या सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने वाली मानी जाती हैं, तो सऊदी अधिकारी उन्हें हिरासत में ले सकते हैं। एडवाइज़री में कहा गया है, अमेरिकी नागरिकों को उनकी पिछली सोशल मीडिया गतिविधियों के लिए गिरफ्तार किया गया है, जिसमें सऊदी अरब से बाहर रहते हुए किए गए कमेंट्स भी शामिल हैं। अमेरिका ने आगे कहा कि सोशल मीडिया गतिविधियों के लिए सज़ा में 45 साल तक की जेल की सज़ा भी शामिल रही है। यमन सीमा के लिए, अमेरिका ने एक अलग 'लेवल 4' की चेतावनी जारी की, जिसमें कहा गया, आतंकवाद के खतरे के कारण यमन सीमा की यात्रा न करें।
महुआ मोइत्रा पर फिर फेंके गए अंडे, काले झंडे दिखाकर लगे 'गो बैक' के नारे
नदिया में TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर फिर अंडे फेंके जाने का आरोप लगा है. यह पहली बार नहीं है जब उन्हें ऐसे विरोध का सामना करना पड़ा है. ताजा घटना के बाद महुआ ने पुलिस की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं.
US में आज ये बड़ा फैसला... शेयर बाजार में असली खेल तो कल होगा!
Fed Interest Rate Decision: अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक रेट में बढ़ोतरी कर सकता है. अगर ये बढ़ोतरी नहीं होती है तो बाजार स्थिर या तेजी पर कारोबार कर सकता है.
लग्जरी गाड़ियां, पिज्जा-बर्गर... कैंपस में छाया DUSU चुनाव
इस बार का DUSU चुनाव केवल पोस्टर, नारों और बड़ी गाड़ियों के शो-ऑफ तक सीमित नहीं है. 'जेन जी' के नाम से जानी जाने वाली नई पीढ़ी इस तमाशे से परे ठोस जवाबदेही मांग रही है. वहीं कैंपस में हर तरफ डूसू चुनाव के रंग साफ नजर आ रहे हैं. यहां डीयू का पारंपरिक चुनाव भी नजर आ रहा है तो वहीं बदलते वक्त के साथ नये चेंजेज भी. पढ़ें- स्पेशल रिपोर्ट.
मक्का पर ड्रोन हमले की कोशिश! हूती विद्रोहियों पर आरोप में कितना दम?
इसी बीच सऊदी अरब ने एक बड़ा आरोप लगया है. सऊदी अरब और ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन ने हूती विद्रोहियों पर पवित्र शहर मक्का पर हमला करने का आरोप लगाया है. AFP न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक सऊदी अरब के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने मक्का पर घिनौना हमला किया है.
रोते ही रुक जाती है बच्ची की सांस, करोड़ों में 1 को होती है ये बीमारी
18 महीने की बच्ची एल्सी को जन्म के बाद एक अजीब डिसऑर्डर हो गया. इसमें अगर वह रोती है तो उसकी सांस कुछ मिनट के लिए रूक जाती है. यह बीमारी माता-पिता से नहीं, बल्कि गर्भ में नए जेनेटिक बदलाव के कारण हुई थी.
Nitin Nabin ने Rahul Gandhi को घेरा, बोले- देश की तरक्की से परेशान है कांग्रेस
UPI MDR ट्रांज़ैक्शन चार्ज पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ट्वीट पर BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पलटवार किया है। नितिन नवीन ने कहा कि विपक्ष की बेचैनी देश की तरक्की की वजह से है। उन्हें BRICS समिट, AI समिट में भी कमियां नज़र आती हैं। आज देश में चल रही विकास योजनाओं को देखिए; इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश 7 लाख करोड़ रुपये का है... वे आयुष्मान भारत या प्रधानमंत्री आवास योजना से फ़ायदा उठाने वाले लाखों-करोड़ों लोगों को नहीं देखते। उनमें इन मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने का नज़रिया नहीं है। इसलिए, सरकार की पहलों पर सिर्फ़ आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय, इस बात पर चर्चा होनी चाहिए कि हम विकास के मॉडल के ज़रिए समाज को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Congress ने हमेशा लोकतंत्र का अनादर किया, निकाय चुनाव विवाद पर बोले Rajasthan BJP अध्यक्ष इससे पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को उस व्यवस्था को तुरंत वापस लेने की मांग की, जिसे उन्होंने UPI टैक्स कहा है। यह व्यवस्था यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से पेमेंट करते समय कुछ मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर लगने वाले शुल्क में बदलाव करती है। नए नियम के तहत, 2,000 से ज़्यादा के कुछ खास मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किया गया है; हालांकि, सरकार का कहना है कि ग्राहकों से MDR नहीं लिया जाएगा। एक्स पर एक वीडियो मैसेज में — जिसका कैप्शन था, मोदी जी, UPI टैक्स वापस लें। अभी राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UPI पर टैक्स लगाकर हर भारतीय पर टैक्स का बोझ डाला है और अमेरिका को भारी रकम दी है। राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में कहा मोदी जी, कृपया अमेरिका के सामने झुकना बंद करें, हिम्मत दिखाएं, सीधे खड़े हों और UPI टैक्स वापस लें। इससे पहले कांग्रेस ने अमेरिकी संसद में भारत समेत अन्य देशों पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव से जुड़े विधेयक को लाए जाने और देश में यूपीआई लेनदेन पर शुल्क की व्यवस्था से संबंधित मुद्दों को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए भारतीय हितों से लगातार समझौता किया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘नोटा’ का नया अर्थ ‘नरेंद्र’स ऑनगोइंग ट्रम्प अपीजमेंट’ (नरेन्द्र मोदी का लगातार ट्रंप को खुश करना) कर दिया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ऐसे समय में जब अमेरिका में भारत पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने वाला विधेयक प्रतिनिधि सभा में विचार के लिए आने वाला है और भारतीय आव्रजकों तथा एच-1बी वीजा धारकों को लेकर अमेरिकी प्रशासन कड़े कदम उठा रहा है, केंद्र सरकार ने यूपीआई पर शुल्क लगाने का फैसला किया है। उन्होंने सवाल किया कि यूपीआई पर 0.4 प्रतिशत ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) क्यों लगाया जा रहा है? इसे भी पढ़ें: मिसाइल दाग दो, मैं अकेला खड़ा रहूंगा..., Asaduddin Owaisi की BJP MLA Rameshwar Sharma को चुनौती रमेश ने पूछा कि क्या इसकी वजह यह है कि डेबिट कार्ड पर भी एमडीआर 0.4 प्रतिशत है और क्या इस कदम से अमेरिकी कार्ड कंपनियों को यूपीआई के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। कांग्रेस महासचिव ने सरकार के इस तर्क पर भी सवाल उठाया कि शुल्क लगाने से यूपीआई व्यवस्था वित्तीय रूप से टिकाऊ बनेगी। उन्होंने कहा कि पूरे यूपीआई तंत्र को चलाने की अनुमानित वार्षिक लागत करीब 20,000 करोड़ रुपये है और यह राशि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केंद्र सरकार को हस्तांतरित किए गए अधिशेष की तुलना में काफी कम है। रमेश ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की ओर से यूपीआई की शून्य-एमडीआर व्यवस्था को लेकर जताई गई आपत्तियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने इस साल की शुरुआत में यूपीआई के मुफ्त होने और उसके कारण वीजा तथा मास्टरकार्ड जैसी कंपनियों के कारोबार प्रभावित होने का मुद्दा उठाया था।
इंदौर के सांवेर में जर्जर मकान गिरा, 3 महिलाओं की मौत, 4 गंभीर घायल
इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में जर्जर मकान को तोड़ने के दौरान बड़ा हादसा हो गया. मकान का हिस्सा अचानक गिरने से तीन महिलाओं की मौके पर मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि चार लोग गंभीर घायल बताए जा रहे हैं. घायलों को एमवाय अस्पताल रेफर किया गया है. मलबे में अभी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है.
'तो कुछ न कुछ सोचना पड़ेगा...', BJP से गठबंधन पर राजभर के बयान से खलबली
2027 के विधानसभा चुनावों के लिए यूपी में खेला शुरू हो गया है. सवाल है कि, क्या यूपी के चुनावी मौसम में सबके समीकरण बदलेंगे? क्या जातियों के आधार पर गठबंधन का मिजाज़ बदलेगा? यूपी में सभी पार्टियों के सियासी मायने दिखने लगे हैं.
पाकिस्तान में बनने वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स भारत में बिक रहे हैं। CDSCO की तरफ से बताया गया है कि इन प्रोडक्ट्स में तय मानकों से ज्यादा हैवी मेटल्स मिले हैं। यह इंसानी त्वचा के लिए खतरनाक हैं। इसके अलावा यह बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज के भारत में बेचे जा रहे हैं।
‘अबकी बार’ से ‘Melodi’ और AI तक! PM मोदी के 12 साल के सफर में ऐसे बदले मीम्स के रंग
नई दिल्ली — 16 सितंबर, 2026 — 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। 2014 में जब नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आए, उसी दौर में भारतीय इंटरनेट पर राजनीतिक मीम्स भी तेजी से अपनी जगह बना रहे थे। ‘अबकी बार, मोदी सरकार’ जैसे चुनावी नारों को लोगों ने फिल्मों, पॉप कल्चर और रोजमर्रा की बातचीत से जोड़कर मीम्स में बदलना शुरू किया। उस समय Facebook और Twitter राजनीतिक हास्य के बड़े मंच थे। 2014 के चुनावों को मीडिया ने भारत का ‘social media election’ भी कहा था।
यूपीआई पर चार्ज लगाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, वहीं दूसरी तरफ खाड़ी देश यूएई ने हजारों बांग्लादेशियों के वीजा अचानक रद्द कर दिए हैं, जिससे तारिक रहमान सरकार बेचैन हो उठी है।
इस घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस दीपांकर दत्ता की पुरानी टिप्पणियों को याद करते हुए उन पर तीखा कूटनीतिक तंज भी कसा है।
अरब सागर में चीन की चाल चल रहा पाकिस्तान, 'ग्रे-जोन रणनीति का कैसे कर रहा इस्तेमाल?
उत्तरी अरब सागर में हुई यह घटना पाकिस्तान द्वारा 'ग्रे-जोन' रणनीति के उपयोग और दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के उपायों पर सवाल उठाती है।
'मजबूरी में मां-बाप को छोड़ना पड़ा था', दर्दभरा रहा रोहित का बचपन
रोहित शर्मा का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया फैन्स के बीच जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में रोहित ने अपने बचपन के दिनों में आने वाले कठिनाइयों पर बात की है. इस दौरान वह बेहद भावुक नजर आए.
पंजाब में हमने खराब स्कूल भी दिखाए; क्यों अचानक गुस्से में आ गए अभिजीत दीपके?
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 17 सितंबर से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान शुरू करने की घोषणा की है। संबंधित प्रेस कांफ्रेंस में उनसे कुछ सवाल भी पूछे गए। इस पर वह तमतमा गए।
UPI MDR Charges: केंद्र सरकार वापस ले फैसला, PMK प्रमुख Anbumani Ramadoss ने उठाई मांग
पट्टली मक्कल काची (PMK) के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने केंद्र सरकार से UPI ट्रांज़ैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज लागू करने के फ़ैसले को वापस लेने की अपील की है। उन्होंने सरकार को डिजिटल पेमेंट को मुफ़्त रखने के अपने शुरुआती वादे की याद दिलाई। चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए, रामदास ने उन आर्थिक बोझों पर चिंता जताई जो प्रस्तावित चार्ज से ग्राहकों और व्यापारियों पर पड़ सकते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि UPI को देश भर में आसान और बिना फ़ीस वाले डिजिटल ट्रांज़ैक्शन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। रामदास ने कहा जब UPI बनाया गया था, तो सरकार ने वादा किया था कि कोई चार्ज नहीं लगेगा। यह मुफ़्त होगा। इसे भी पढ़ें: मिसाइल दाग दो, मैं अकेला खड़ा रहूंगा..., Asaduddin Owaisi की BJP MLA Rameshwar Sharma को चुनौती PMK प्रमुख ने केंद्र सरकार से पॉलिसी अपडेट पर फिर से विचार करने का आग्रह करते हुए कहा, मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि वह इस आदेश को पूरी तरह वापस ले ले। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को एक नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क पेश किया, जिसके तहत 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा, जबकि ग्राहक UPI का इस्तेमाल करके मुफ़्त में ट्रांज़ैक्शन करते रहेंगे। बदला हुआ UPI MDR फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा और चुनिंदा मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर लागू होगा। नए फ्रेमवर्क के तहत, 2,000 रुपये से ज़्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांज़ैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा, जिसमें प्रति ट्रांज़ैक्शन MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी। सरकार ने कहा है कि नए UPI फ्रेमवर्क का पर्सन-टू-पर्सन ट्रांज़ैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसे भी पढ़ें: PMK प्रमुख Anbumani Ramadoss ने नाश्ता योजना का खर्च प्रधानाध्यापकों पर डालने के निर्देश का विरोध किया सरकार ने कहा कि सभी पर्सन-टू-पर्सन ट्रांज़ैक्शन के लिए UPI पूरी तरह मुफ़्त रहेगा, चाहे कितनी भी रकम ट्रांसफर की जाए। लगभग 96% P2M ट्रांज़ैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। MDR सिर्फ़ 2,000 रुपये से ज़्यादा के खास मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर लागू होगा। सरकार ने साफ़ किया कि MDR न तो कोई टैक्स है और न ही कोई वसूला जाने वाला चार्ज है; इसे UPI इकोसिस्टम के कामकाज और लगातार विस्तार को सपोर्ट करने के लिए बैंकों और पेमेंट एप्लीकेशन प्रोवाइडर समेत पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल लोगों के बीच बांटा जाता है।
400 साल पुराना रहस्यमयी मंदिर, जहां सूरज ढलते ही जाना है मना!
Maa Van devi Temple: बिहार की राजधानी पटना से लगभग 35 किलोमीटर दूर बिहटा के पास अमहरा, राघोपुर और कंचनपुर सीमाओं के बीच स्थित मां वन देवी का मंदिर करीब 400 साल पुराना माना जाता है. घने जंगल के बीच स्थित इस मंदिर और इससे जुड़ी लोककथा से प्रेरित होकर बॉलीवुड में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म 'The Vvaan: Force of the Forrest' बनाई गई है. जानें इस रहस्यमयी मंदिर का सच.
UPI पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं, Jyotiraditya Scindia ने समझाया MDR का नया नियम
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने बुधवार को कहा कि किसी टेक्नोलॉजी स्ट्रक्चर के पूरी तरह से स्वतंत्र होने के लिए उसका खुद से चलने लायक (सेल्फ-सस्टेनिंग) होना ज़रूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि UPI ट्रांज़ैक्शन पर सरकार के मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ़ैसले के तहत आम ग्राहकों या नागरिकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। ANI के साथ एक इंटरव्यू में, सिंधिया ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) प्लेटफ़ॉर्म पर MDR स्ट्रक्चर के पीछे की वजह बताई। मंत्री ने कहा कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बनाने और उसे बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने शुरू में कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) और सालाना ऑपरेशनल खर्च के लिए आम टैक्सपेयर्स के पैसे का इस्तेमाल किया था। इस सिस्टम को एक स्वतंत्र मैकेनिज़्म में बदलने के लिए, अब मर्चेंट्स पर एक टियर्ड प्राइसिंग मॉडल (अलग-अलग स्तरों वाला मूल्य निर्धारण मॉडल) सख्ती से लागू किया गया है, जिससे रिटेल एंड-यूज़र्स (आम ग्राहकों) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसे भी पढ़ें: Explained | अब UPI से पेमेंट करना होगा महंगा? जानिए 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए नियम, क्या रहेगा मुफ़्त और कहाँ लगेगा चार्ज नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के अनुसार, नए नियमों के तहत 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगेगा, जबकि ग्राहक UPI का इस्तेमाल करके बिना किसी शुल्क के ट्रांज़ैक्शन कर सकेंगे। UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट का यह नया नियम 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा और चुनिंदा मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर लागू होगा। मंत्री ने बताया कि 2,000 रुपये से 75,000 रुपये के बीच के ट्रांज़ैक्शन के लिए शुल्क 0.4% है, जबकि 75,000 रुपये से ज़्यादा की रकम पर अधिकतम 300 रुपये का फ्लैट शुल्क लगेगा। उन्होंने साफ़ किया कि यह दर सिर्फ़ मर्चेंट पर लागू होगी, न कि आम ग्राहकों पर। उन्होंने कहा, जब कोई टेक्नोलॉजी या सिस्टम पूरी तरह से स्वतंत्र हो जाता है, तो उसे अपने पैरों पर भी खड़ा होना चाहिए। ठीक वैसे ही जैसे हर बच्चा शिक्षा और अनुभव पाने के बाद अपने परिवार में योगदान देता है। इसी सोच के आधार पर, आज UPI सिस्टम पर जो MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाया गया है, वह 0.4% है। इसे भी पढ़ें: UPI Payment Charges और UPI New Rules सामने आते ही जनता खुश, Modi Hai To Sab Mumkin Hai पारंपरिक पेमेंट के तरीकों की तुलना में लागत के बारे में बताते हुए सिंधिया ने कहा कि क्रेडिट कार्ड से ट्रांज़ैक्शन की लागत 1.5% से 2.5% के बीच होती है, जबकि डेबिट कार्ड की लागत 0.9% होती है। इसके उलट, सरकार और रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने तय सीमा के तहत UPI के लिए बेंचमार्क 0.4% तय किया है। सिंधिया ने कहा, ₹2000 तक... उस पर MDR का चार्ज 0% होगा। मैं फिर से कह रहा हूँ, 0%। और आज, UPI के सभी ट्रांज़ैक्शन, यानी ₹360 लाख करोड़ के ट्रांज़ैक्शन में से 96% ट्रांज़ैक्शन ₹2000 से कम के हैं। इसका मतलब है कि सिर्फ़ 4% ट्रांज़ैक्शन पर ही यह लागत लगेगी।
UPI के नए नियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, याचिकाकर्ता ने कहा- MDR से आम आदमी पर पड़ेगा असर
केंद्र सरकार के नए UPI फ्रेमवर्क को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने 2000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होने वाले MDR से आम नागरिकों पर पड़ने वाले असर की आशंका जताई है।
मिक्सर-डिब्बों से भरा रहता है किचन स्लैब? ये 6 ट्रिक्स आएंगी बड़े काम
रसोई छोटी हो या बड़ी, सही स्टोरेज प्लानिंग से आप अपने किचन काउंटर को हमेशा साफ रख सकते हैं. चाय कॉर्नर, एक्टिव ज़ोन और छोटी चीजों के लिए फिक्स्ड बास्केट का इस्तेमाल करके स्लैब पर फैलने वाले बिखराव से छुटकारा पाएं. इन आसान हैक्स से अपनी किचन को नया और व्यवस्थित लुक दे सकते हैं.
PIL की फैक्ट्री खोल रखी है, अखबार में खबर दिखी नहीं कि... वकील पर इतना क्यों भड़क गए मीलॉर्ड?
याचिकाकर्ता वकील ने दलील दी कि किसी फर्जी डॉक्टर के हाथ में जाली डिग्री अस्पताल के भीतर 'लोडेड वेपन' (लोड की गई बंदूक) जैसी है, लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दी।
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झीरम कांड: 27 लोगों के 10 हत्यारों को होगी फांसी, 13 साल बाद आया फैसला
झीरम घाटी नक्सली हमले के 13 साल बाद NIA की विशेष अदालत ने 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है. 25 मई 2013 को हुए इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मारे गए थे.
Golf Course Road Hit-and-Run: गुरुग्राम कोर्ट ने आरोपी Kalyan Bainsla को 2 दिन की रिमांड पर भेजा
वकील ललित बिंदल ने बताया कि गुरुग्राम की एक ज़िला अदालत ने बुधवार को गोल्फ़ कोर्स रोड हिट-एंड-रन मामले में आरोपी कल्याण बैंसला और लवनीश को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। आरोपियों के वकील बिंदल ने ANI से बात करते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस कस्टडी की अर्ज़ी का विरोध किया और तर्क दिया कि पुलिस को पहले ही काफ़ी समय दिया जा चुका है। हालाँकि, अदालत ने उनकी आपत्तियों को दर्ज करने के बाद दो दिन की कस्टडी की मंज़ूरी दे दी। बिंदल ने कहा, अदालत ने दो दिन की पुलिस कस्टडी का आदेश दिया। हमने बस इसका विरोध किया और तर्क दिया कि पुलिस के पास पहले से ही काफ़ी समय था; हमने अपनी आपत्ति दर्ज कराई और अदालत ने अपना फ़ैसला सुनाया। इसे भी पढ़ें: Gurugram में महिला बाइकर को टक्कर मारने वाला आरोपी गिरफ्तार, FIR में हत्या के प्रयास की धारा जुड़ी सिविल जज निधि बेनीवाल के सामने पेश किए जाने के बाद, दोनों आरोपियों को गुरुग्राम ज़िला अदालत से पुलिस कस्टडी में ले लिया गया। यह घटनाक्रम तब हुआ जब पीड़िता, सिया, का मेडिकल टेस्ट किया गया ताकि घटना में लगी चोटों का पता लगाया जा सके। ANI से बात करते हुए, सिया ने कहा कि शरीर में तेज़ दर्द के कारण उन्होंने ECG और X-रे जैसे टेस्ट करवाए। उन्होंने कहा मैंने अभी-अभी टेस्ट करवाए हैं, जिनमें ECG भी शामिल है। मुझे शरीर में, खासकर घुटनों और पेल्विक एरिया में तेज़ दर्द हो रहा है, इसलिए मैंने X-रे भी करवाए। अभी रिपोर्ट का इंतज़ार है; रिपोर्ट आने के बाद हम डॉक्टर से सलाह लेंगे और आगे क्या करना है, इस पर फ़ैसला करेंगे। इसे भी पढ़ें: Gurugram में महिला बाइकर को कार से टक्कर मारने का HSWC ने लिया संज्ञान, पुलिस से मांगी सुरक्षा यह मामला गुरुग्राम के गोल्फ़ कोर्स रोड पर हुई एक घटना से जुड़ा है, जहाँ सिया के टू-व्हीलर और बैंसला की कार के बीच टक्कर हुई थी। यह घटना कैमरे में कैद हो गई थी और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वीडियो वायरल होने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से हिरासत में लिया था। इस घटना ने काफ़ी ध्यान खींचा, जिसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पूर्व IPS अधिकारी किरण बेदी ने भी पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया और आरोपी को कायर बताया, जिसने अपनी मर्दानगी के अहंकार में आकर ऐसा किया।
मैच तो होते हैं, बात भी अच्छी चलती है, फिर भी दिल नहीं लगता! जानिए क्या है Choice Paralysis ट्रेंड
चॉइस पैरालिसिस एक ऐसी मानसिक स्थिति है, जिसमें बहुत ज्यादा ऑप्शन होने की वजह से इंसान किसी एक पर टिक नहीं पाता है.
पढ़ाई-लिखाई पर सियासी लड़ाई! रिपोर्ट कार्ड में क्या कहते हैं आंकड़े
स्कूल-कॉलेज-क्लासरूम-टीचर-पढ़ाई-रोजगार इसकी जितनी चर्चा अब देश में हो रही है...पहले नहीं देखी गई. चाहे वो यूपी में तेजी से स्मार्ट होते प्राइमरी स्कूलों की खबर हो या देश भर में छात्रों की गूंज का प्रोग्राम. अटल बिहारी वाजपेयी के स्कूल चलें अभियान के बाद पहली बार स्कूल सियासी चर्चा का मुद्दा बना है.
PAK का जंगी जहाज अपने से 3 गुना ताकतवर भारतीय युद्धपोत से ले रहा था पंगा!
15 सितंबर शाम उत्तरी अरब सागर में पाकिस्तानी PNS हुनैन ने भारतीय कोलकाता क्लास डेस्ट्रॉयर को टक्कर मारी. पाकिस्तान नेवी युद्धाभ्यास कर रही थी. भारतीय नौसेना गश्त पर थी. भारत ने विरोध जताया. दोनों जहाजों की क्षमता में बड़ा अंतर है.
Telangana में Semiconductor उद्योग लगाएगा Singapore, CM Revanth Reddy से मिले प्रतिनिधि
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सिंगापुर की कंपनियों को तेलंगाना में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है, क्योंकि राज्य सरकार संभावित निवेशकों को हर तरह की मदद देने के लिए तैयार है। सिंगापुर के व्यापार और उद्योग मंत्रालय के तहत ऊर्जा बाजार विभाग के स्थायी सचिव ऑगस्टीन ली के नेतृत्व में सिंगापुर के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज विधानसभा में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक के दौरान सिंगापुर के प्रतिनिधियों ने तेलंगाना में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने की अपनी इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने तेलंगाना में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए सिंगापुर की कंपनियों का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार राज्य में उनके निवेश को पूरा समर्थन देगी। प्रतिनिधियों ने निवेश प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इसे भी पढ़ें: Haryana में Seva Sankalp Abhiyan का आगाज, CM Nayab Saini ने परखीं तैयारियां मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई कई बड़ी विकास परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी और सिंगापुर से आर्थिक मदद मांगी। जारी बयान के अनुसार, सिंगापुर के प्रतिनिधियों को इस साल दिसंबर में 'भारत फ्यूचर सिटी' में होने वाले प्रतिष्ठित 'तेलंगाना ग्लोबल समिट' में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मूसी नदी के कायाकल्प प्रोजेक्ट और 'फ्यूचर सिटी' के विकास की मुख्य विशेषताओं के बारे में बताया। बैठक में मूसी प्रोजेक्ट के पहले चरण के चल रहे कामों - जिसमें मूसी और ईसा नदियों के संगम से गांधी सरोवर तक का हिस्सा शामिल है - और 'नाइट इकोनॉमी' को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने 'भारत फ्यूचर सिटी' को नेट-ज़ीरो शहर के तौर पर विकसित करने और हैदराबाद को पर्यटन स्थल से नॉलेज हब में बदलने पर भी ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल को हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, MIT और लंदन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस जैसे दुनिया के मशहूर विश्वविद्यालयों के साथ तेलंगाना सरकार के उन समझौतों के बारे में बताया, जिनके तहत वे हैदराबाद में अपने ऑफ़शोर कैंपस स्थापित करेंगे। इसे भी पढ़ें: UP में कानून का राज, CM Yogi बोले- अपराधी या तो जेल में हैं या दूसरी दुनिया में बैठक में राज्य सरकार के सलाहकार के. रामकृष्ण राव, दक्षिण एशिया के सीनियर डायरेक्टर डॉ. फ्रांसिस चोंग, कॉन्सल-जनरल विलियम चिक और सिंगापुर के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
जम्मू में रोहिंग्या बस्तियों पर बड़ा एक्शन, नोटिस के बाद खाली होने लगीं झुग्गियां
जम्मू के नरवाल में प्रशासन के नोटिस के बाद रोहिंग्याओं ने अपनी झुग्गियां हटानी शुरू कर दी हैं. मंगलवार से चल रही इस कार्रवाई में लोग सामान समेट रहे हैं. उनका अगला ठिकाना अभी साफ नहीं है.
नया राशन कार्ड बनवाने के लिए अब 6 डॉक्यूमेंट हैं बेहद जरूरी, ऑनलाइन कैसे करें आवेदन
राशन कार्ड बनाने के लिए अब केवल आधार कार्ड आवेदन के साथ अपलोड करने से काम नहीं बनेगा. इसके साथ आपको इनकम से लेकर आवास और जन्म प्रमाण पत्र देने होंगे.
UPI Payment Charges और UPI New Rules सामने आते ही जनता खुश, Modi Hai To Sab Mumkin Hai
देश में डिजिटल भुगतान की सबसे लोकप्रिय व्यवस्था यूपीआई को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस बदलाव को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर निशाना साध रहा है लेकिन सरकार का कहना है कि आम आदमी का हित जरा भी प्रभावित नहीं होगा। लेकिन फिर भी मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक में इस मुद्दे पर भ्रमित करने वाले समाचार और टिप्पणियां दिख रही हैं। जहां तक संभावित बदलाव की बात है तो आपको बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने व्यापारी लेन-देन पर लागू व्यापारी छूट दर के ढांचे में संशोधन किया है, जो 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। नए प्रावधान के तहत दो हजार रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी भुगतान पर शून्य दशमलव चार प्रतिशत की दर से शुल्क लिया जाएगा। हालांकि, यह शुल्क व्यापारी से लिया जाएगा और किसी भी स्थिति में ग्राहक से वसूल नहीं किया जा सकेगा। नए नियम के अनुसार प्रति लेन-देन अधिकतम तीन सौ रुपये शुल्क तय किया गया है। यानी पांच हजार रुपये के भुगतान पर बीस रुपये और पचास हजार रुपये के भुगतान पर दो सौ रुपये शुल्क बनेगा। पचहत्तर हजार रुपये के भुगतान पर शुल्क तीन सौ रुपये तक पहुंचेगा और इसके बाद भी अधिकतम सीमा तीन सौ रुपये ही रहेगी। इसे भी पढ़ें: Explained | अब UPI से पेमेंट करना होगा महंगा? जानिए 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए नियम, क्या रहेगा मुफ़्त और कहाँ लगेगा चार्ज सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आम लोगों के बीच होने वाले व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान इस शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे। रोजमर्रा के अधिकांश छोटे व्यापारी भुगतान भी पहले की तरह निःशुल्क बने रहेंगे। सरकार ने साफ किया है कि यूपीआई प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने वाली कंपनियां भी इन लेन-देन पर कोई अतिरिक्त मंच शुल्क या छिपा हुआ शुल्क नहीं लगा सकतीं। बैंकों को भी यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि व्यापारी इस शुल्क का बोझ ग्राहकों पर न डालें। इस बदलाव में छोटे कारोबारियों को विशेष राहत दी गई है। यूपीआई क्यूआर माध्यम से प्रतिमाह एक लाख रुपये तक भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारी नए शुल्क से पूरी तरह मुक्त रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इससे लगभग 96 प्रतिशत व्यापारी लेन-देन सुरक्षित रहेंगे। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में व्यापारियों को किए जाने वाले यूपीआई क्यूआर भुगतान भी निःशुल्क रहेंगे। शुल्क से प्राप्त राशि का पांच प्रतिशत एक विशेष कोष में जाएगा, जिसका इस्तेमाल छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआई की पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा। साथ ही कुछ आवश्यक सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। रेलवे, दूरसंचार, ईंधन और बीमा जैसे क्षेत्रों में दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर पांच रुपये का स्थिर शुल्क होगा। वहीं, म्यूचुअल फंड और शेयर कारोबार जैसे पूंजी बाजार संबंधी लेन-देन पर केवल शून्य दशमलव शून्य दो प्रतिशत शुल्क लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा तीन सौ रुपये होगी। यूपीआई के विशाल आकार को देखते हुए यह बदलाव खासा महत्वपूर्ण है। वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई के जरिये 24,161.69 करोड़ लेन-देन हुए, जिनका कुल मूल्य लगभग 314 लाख करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2016-17 में यह संख्या केवल 1.78 करोड़ लेन-देन और मूल्य सात हजार करोड़ रुपये के आसपास था। इसी अवधि में यूपीआई से जुड़े बैंकों की संख्या 44 से बढ़कर 703 हो गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक व्यापारी से भुगतान वाले लेन-देन कुल संख्या का 63 प्रतिशत हैं। इनमें लगभग 86 प्रतिशत भुगतान पांच सौ रुपये से कम के हैं। दूसरी ओर, व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान संख्या में 37 प्रतिशत हैं, लेकिन कुल राशि में उनकी हिस्सेदारी 71 प्रतिशत है। इनमें भी लगभग 59 प्रतिशत भुगतान पांच सौ रुपये से कम के हैं। दिलचस्प पहलू यह है कि वित्त वर्ष 2025-26 में केवल लगभग चार प्रतिशत व्यापारी लेन-देन दो हजार रुपये की सीमा से ऊपर थे, लेकिन यूपीआई के कुल भुगतान मूल्य में उनकी हिस्सेदारी करीब दो-तिहाई थी। यानी नया शुल्क व्यापक डिजिटल भुगतान पर नहीं, बल्कि अपेक्षाकृत बड़े व्यापारी लेन-देन पर केंद्रित है। हम आपको यह भी बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के अनुसार, इस व्यवस्था से मिलने वाली आय का इस्तेमाल ढांचागत मजबूती, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने, नवाचार और ग्राहक सेवा में निवेश के लिए किया जाएगा। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बैंकों और भुगतान कंपनियों के लिए आय का नया स्रोत बन सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक आर्थिक प्रभाव लेन-देन की मात्रा, परिचालन दक्षता और अतिरिक्त वित्तीय सेवाओं से आय बढ़ाने की क्षमता पर निर्भर करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे व्यापारियों पर असर सीमित रहने की संभावना है, जबकि बड़े मूल्य वाले व्यापारी भुगतान से डिजिटल भुगतान क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है।
नई दिल्ली — 16 सितंबर, 2026 — भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024 के लिए वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग के नाम की घोषणा की गई है। दादासाहेब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश पर भारत सरकार ने यह निर्णय लिया, जिसमें उनके दशकों लंबे सिनेमाई सफर और भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान को मान्यता दी गई है। यह पुरस्कार 22 सितंबर 2026 को गुजरात के केवडिया में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा।
लारेंस से दुश्मनी, मूसेवाला मर्डर कनेक्शन... SBN बना 'हाइब्रिड टेरर' का नया चेहरा
पाकिस्तान के लाहौर का रहने वाला शाहजाद भट्टी अब भारत की जांच एजेंसियों के रडार पर है. मूसेवाला हत्याकांड, बाबा सिद्दीकी मर्डर और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से दुश्मनी के अलावा उस पर भारत में आपराधिक और कथित आतंकी नेटवर्क चलाने के आरोप हैं.
CCTV में कैद मोबाइल स्नैचिंग, पुलिस बूथ के पास वारदात
दिल्ली के मुखर्जी नगर में पुलिस बूथ से करीब 10 मीटर दूर मोबाइल स्नैचिंग की घटना CCTV में कैद हुई. बाइक सवार युवक और युवती ने फोन पर बात कर रहे युवक से मोबाइल झपटा और मुखर्जी नगर की तरफ फरार हो गए. पुलिस फुटेज के आधार पर जांच कर रही है.
बच्चों के यौन शोषण कंटेंट मामले में META पर शिकंजा, सरकार बोली- अब नहीं मिलेगी कोई छूट
मेटा ने भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट पर अपनी गलती मानी है, जिसके बाद सरकार ने उसे 'सर्विस प्रोवाइडर' मानते हुए कानूनी सुरक्षा खत्म करने की चेतावनी दी है।
सौरव ने इस बात का जवाब देते हुए कहा कि गुरु सर के साथ इससे पहले मैंने फिल्म फोन भूत के लिए मशहूर गाने काली तेरी गुट्ट का एक रीक्रिएटेड वर्जन बनाया था. लेकिन मिर्जापुर में हम एक डांस सीक्वेंस के लिए बिल्कुल ओरिजिनल गाना तैयार कर रहे थे.
यमन बॉर्डर से 1100 KM दूर मक्का पर ड्रोन किसने भेजा? हूतियों के इनकार के बाद बढ़ा सस्पेंस!
मक्का की ओर ड्रोन पहुंचने के सऊदी दावे और हूतियों के इनकार ने पश्चिम एशिया में नया सवाल खड़ा कर दिया है. सऊदी ने हमले के पीछे हूतियों का हाथ बताया, लेकिन विद्रोहियों ने धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने से साफ इनकार किया. ऐसे में सवाल है कि मक्का के आसमान तक पहुंचा ड्रोन आखिर किसने भेजा और उसका असली मकसद क्या था?
PM Modi के 25 साल के जन-सेवा सफर पर बोले Rajnath Singh, चुनौतियों के बाद भी नहीं बदली भावना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'सेवा संकल्प अभियान' के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर पूरे देश में इस अभियान के तहत 12 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो जन-सेवा और राष्ट्र-निर्माण की भावना को दर्शाएंगे। 16 सितंबर को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के घरों में दीये जलाकर की जाएगी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इसमें शामिल होना पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा। इसे भी पढ़ें: Congress ने हमेशा लोकतंत्र का अनादर किया, निकाय चुनाव विवाद पर बोले Rajasthan BJP अध्यक्ष राजनाथ ने कहा कि किसी को भी ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा; हालांकि, यह स्वाभाविक है कि जिन लोगों को सरकारी योजनाओं से फ़ायदा मिला है, वे ख़ुशी महसूस कर सकते हैं और प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीये जलाना चुन सकते हैं। इस अभियान के तहत कई तरह की गतिविधियां होंगी, जिनमें नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल हैं। सिंह ने इन अलग-अलग कार्यक्रमों को राष्ट्र-निर्माण और जन-कल्याण की उसी भावना का प्रतीक बताया जो मोदी के पूरे जीवन में दिखाई देती रही है। उन्होंने कहा, अगर मुझे मोदी जी के पिछले 25 वर्षों के जीवन को एक शब्द में समेटना हो, तो मैं कहूंगा – सेवा। उनका पद बदला है, उनकी जिम्मेदारियां बदली हैं, उनकी भूमिका बदली है और चुनौतियां भी बढ़ी हैं। लेकिन उनके जीवन की मूल भावना नहीं बदली है। उन्होंने आगे कहा कि मोदी का 25 साल का सफर, जो गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शुरू हुआ और प्रधानमंत्री के तौर पर जारी है, उसने न केवल राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि भारत के विकास को एक नई दिशा दी है और वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। सिंह ने 'सेवा संकल्प अभियान' को सिर्फ़ एक कार्यक्रम से कहीं ज़्यादा बताया और इसे सेवा, सहयोग और जन-भागीदारी के ज़रिए समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का एक पक्का संकल्प कहा। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यक्रमों का मुख्य मकसद समाज के ज़रूरतमंद लोगों तक विकास की योजनाओं को पहुंचाना, जन-सेवा के काम करना और देश के प्रति हमारी क्या ज़िम्मेदारी है, इस भावना को मज़बूत करना है। इसे भी पढ़ें: Omar Abdullah और Mirwaiz Umar Farooq ने Modi की Foreign Policy की खुलकर तारीफ की, BRICS Summit को सफल बताया उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए मोदी के नेतृत्व में देश की तरक्की पर भरोसा जताया और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मार्गदर्शन में पश्चिम बंगाल से अहम योगदान की उम्मीद जताई। सिंह ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में पूरा देश तरक्की, सुशासन और विकास के रास्ते पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जी के मार्गदर्शन में, पश्चिम बंगाल एक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य में अहम योगदान देगा।
दुनिया ने दशकों तक यह मानकर चलने की कोशिश की कि अंतरिक्ष मानव सभ्यता की साझा उपलब्धि है, लेकिन अमेरिका के ताजा खुलासे ने इस धारणा की बुनियाद हिला दी है। वाशिंगटन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने अंतरिक्ष की कक्षा में ऐसे हथियार तैनात कर दिए हैं, जिन्हें वह अपने सैन्य बलों को शत्रु की कार्रवाई से बचाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है। अमेरिकी वायु सेना के सचिव ट्रॉय मिंक ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के पास अब कक्षा में तैनात ऐसे अंतरिक्ष-नियंत्रण हथियार हैं, जो संयुक्त सैन्य बलों को शत्रुतापूर्ण कार्रवाई से बचाने में सक्षम हैं। अमेरिकी वायु सेना ने भी पुष्टि की है कि अंतरिक्ष को लेकर उसकी सैन्य तैयारी तेजी से बढ़ रही है और भविष्य के युद्ध में अंतरिक्ष को निर्णायक युद्धक्षेत्र माना जा रहा है। खतरा बढ़ा रहा है अमेरिका देखा जाये तो सबसे खतरनाक बात यह नहीं है कि अमेरिका ने हथियार तैनात किए हैं, बल्कि यह है कि उसने यह नहीं बताया कि वे हथियार आखिर हैं क्या। उनकी संख्या कितनी है, वे किस कक्षा में हैं, उनका लक्ष्य क्या हो सकता है, वे किसी उपग्रह को नष्ट कर सकते हैं या केवल उसकी संचार व्यवस्था बाधित कर सकते हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने केवल इतना संकेत दिया है कि अंतरिक्ष-नियंत्रण अभियान में भौतिक और गैर-भौतिक दोनों प्रकार की क्षमताएं शामिल हो सकती हैं। इनमें संचार बाधित करना, उपग्रहों की क्षमता घटाना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नष्ट करना तक शामिल हो सकता है। यही अस्पष्टता अपने आप में एक सामरिक हथियार बन जाती है। प्रतिद्वंद्वी को यह पता है कि क्षमता मौजूद है, लेकिन यह नहीं पता कि उसकी सीमा क्या है। यह भय, अनिश्चितता और प्रतिरोध, तीनों को एक साथ जन्म देता है। ट्रॉय मिंक ने भी संकेत दिया कि क्षमता की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना उसके प्रतिरोधक प्रभाव को कमजोर कर सकता है। इसलिए अमेरिका ने हथियार दिखाए नहीं, लेकिन दुनिया को यह बता दिया कि वे अंतरिक्ष में मौजूद हैं। इसे भी पढ़ें: जिनपिंग के चीन पहुंचते ही भारत बॉर्डर से हटे सैनिक! ट्रंप रह गए हैरान देखा जाये तो अमेरिका की अंतरिक्ष रणनीति को केवल एक नए हथियार की घोषणा मानना बड़ी भूल होगी। इसके पीछे व्यापक सैन्य पुनर्गठन दिखाई देता है। अमेरिका प्रस्तावित ‘स्वर्ण गुंबद’ मिसाइल रक्षा व्यवस्था के लिए अंतरिक्ष आधारित अवरोधक प्रणालियों को भी आगे बढ़ा रहा है। मिंक ने ऐसी प्रणालियों के लिए उड़ान के लिए तैयार उपकरण उपलब्ध होने की बात कही है, जिनका उद्देश्य अंतरिक्ष में ही आने वाली मिसाइलों को नष्ट करना है। अमेरिकी सैन्य नेतृत्व का संदेश साफ है कि भविष्य का युद्ध केवल जमीन, समुद्र और आकाश में नहीं लड़ा जाएगा। संचार, नेविगेशन, निगरानी, मिसाइल चेतावनी, लक्ष्य निर्धारण और सैन्य सूचना का विशाल हिस्सा उपग्रहों पर निर्भर है। यानी किसी देश की अंतरिक्ष क्षमता को निष्क्रिय कर देना उसके युद्ध तंत्र की नसों पर प्रहार करने जैसा होगा। अमेरिका अब इसी क्षेत्र में बढ़त को निर्णायक मान रहा है। अमेरिकी वायु सेना ने भी कहा है कि उसे तेजी से बदलते खतरों के बीच अपनी युद्ध क्षमता बढ़ानी होगी और नई तकनीकों को तेजी से सैन्य उपयोग में लाना होगा। अंतरिक्ष बन रहा है युद्ध का मैदान? यहां सवाल उठता है कि अंतरिक्ष अब युद्ध का अगला मैदान क्यों बन रहा है? देखा जाये तो सैन्य दृष्टि से उपग्रह अब विलासिता नहीं, युद्ध की अनिवार्य आधारभूत संरचना हैं। किसी आधुनिक सेना की संचार व्यवस्था, खुफिया निगरानी, सटीक लक्ष्य निर्धारण, नौवहन और मिसाइल चेतावनी यदि उपग्रहों पर निर्भर है तो अंतरिक्ष पर नियंत्रण सीधे युद्ध की दिशा प्रभावित कर सकता है। हम आपको यह भी बता दें कि अंतरिक्ष में युद्ध क्षमता विकसित करने की दौड़ केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। चीन और रूस लंबे समय से प्रतिअंतरिक्ष क्षमताओं पर काम कर रहे हैं। रूस ने ऐसी उपग्रह गतिविधियां की हैं जिनके बारे में अमेरिका ने आशंका जताई कि उनका इस्तेमाल दूसरे अंतरिक्ष यानों के विरुद्ध किया जा सकता है। चीन ने भी ऐसी तकनीकों में निवेश बढ़ाया है जो विरोधी उपग्रहों को बाधित या निष्क्रिय कर सकती हैं। कक्षा में एक उपग्रह के निकट जाकर उसका निरीक्षण करने वाली या उसे पकड़कर दूसरी कक्षा में ले जाने वाली प्रणालियां भी भविष्य में दोहरे उपयोग की क्षमता रखती हैं। जिस तकनीक से अंतरिक्ष का मलबा हटाया जा सकता है, वही तकनीक किसी विरोधी उपग्रह को धक्का देकर उसकी कक्षा बदलने के लिए भी इस्तेमाल हो सकती है। रूस और चीन की ऐसी निकट-कक्षीय गतिविधियों ने इसी कारण रणनीतिक विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाई है। अमेरिकी खुलासे पर भड़के चीन और रूस उधर, अमेरिका के खुलासे के बाद चीन ने तत्काल विरोध दर्ज कराया है। चीन ने अमेरिका से अंतरिक्ष में सैन्य विस्तार रोकने और बाहरी अंतरिक्ष को युद्धक्षेत्र बनने से बचाने का आग्रह किया है। चीन ने चेतावनी दी है कि ऐसी गतिविधियां अंतरिक्ष में हथियारों की दौड़ को तेज कर सकती हैं। रूस ने भी अमेरिकी कदम की आलोचना करते हुए इसे अंतरिक्ष की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए चिंता का विषय बताया है। यहां असली खतरा किसी एक हथियार से अधिक उस प्रतिक्रिया-श्रृंखला में छिपा है जो इसके बाद शुरू हो सकती है। एक देश अपनी सुरक्षा के नाम पर नई क्षमता विकसित करता है। दूसरा उसे आक्रामक क्षमता मानकर प्रतिरोधी हथियार तैयार करता है। पहला देश फिर उससे भी अधिक उन्नत प्रणाली विकसित करता है। इस तरह युद्ध की शुरुआत किए बिना ही हथियारों की दौड़ तेज हो सकती है। संधि है लेकिन अमेरिका मानता नहीं हम आपको यह भी बता दें कि वर्ष 1967 की बाहरी अंतरिक्ष संधि कक्षा में व्यापक विनाश के हथियारों की तैनाती पर रोक लगाती है, लेकिन पारंपरिक हथियारों या उपग्रहों को बाधित अथवा नष्ट करने वाली सभी प्रणालियों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाती। यही कानूनी खाली स्थान अंतरिक्ष युद्ध की नई दौड़ को जटिल बनाता है। अमेरिका का कहना है कि उसकी गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानून और युद्ध संबंधी कानूनों के अनुरूप होंगी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का दावा और वास्तविक सामरिक प्रतिस्पर्धा दो अलग विषय हैं। जब अंतरिक्ष में मौजूद कोई प्रणाली दूसरे देश के संचार, निगरानी या सैन्य उपग्रहों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है, तो उसका प्रभाव पृथ्वी पर होने वाले युद्ध से कहीं अधिक व्यापक हो सकता है। भारत के लिए यह क्या मायने रखता है? वहीं भारत के संदर्भ में देखें तो देश पहले ही वर्ष 2019 में ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से अपनी उपग्रह-विरोधी क्षमता का प्रदर्शन कर चुका है। हालांकि भारत ने अमेरिका की तरह कक्षा में तैनात किसी हथियार की सार्वजनिक घोषणा नहीं की है। भारत ने अंतरिक्ष स्थिति की निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसी क्षमताओं में भी प्रगति की है। हालांकि भारत को अपनी उपग्रह व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, विकेंद्रीकृत और बहुस्तरीय बनाना होगा। एक ही उपग्रह या एक ही संचार प्रणाली पर निर्भरता घटानी होगी। अंतरिक्ष में संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए निगरानी क्षमता बढ़ानी होगी। इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप से बचाव, सुरक्षित सैन्य संचार, वैकल्पिक नौवहन व्यवस्था और उपग्रहों की क्षति के बाद तेजी से क्षमता बहाल करने की व्यवस्था को राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकताओं में ऊपर लाना होगा। साथ ही, भारत को अंतरिक्ष युद्ध के लिए केवल रक्षात्मक सोच तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रतिरोधक क्षमता का अर्थ यह भी है कि संभावित विरोधी को पता हो कि भारत की अंतरिक्ष आधारित सैन्य संरचना पर हमला एकतरफा लाभ नहीं देगा। उधर, अमेरिका की घोषणा का सबसे बड़ा संदेश यही है कि अंतरिक्ष अब केवल वैज्ञानिक अनुसंधान या संचार का क्षेत्र नहीं रह गया है। वह सैन्य शक्ति का अगला निर्णायक आयाम बन चुका है। अमेरिका ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर दुनिया को बता दिया है कि वह भविष्य के युद्ध की तैयारी पृथ्वी की सतह पर ही नहीं, पृथ्वी की कक्षा में भी कर रहा है। देखा जाये तो अंतरिक्ष में बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा को नजरअंदाज करना भविष्य के युद्ध की वास्तविकता से आंखें मूंदना होगा। आने वाले संघर्ष में जो देश अपने उपग्रह बचा सकेगा, विरोधी की अंतरिक्ष क्षमता को समझ सकेगा, संचार और निगरानी बनाए रख सकेगा और अंतरिक्ष आधारित हमले के बाद भी अपनी सैन्य मशीनरी को सक्रिय रख सकेगा, उसकी सामरिक स्थिति कहीं अधिक मजबूत होगी। बहरहाल, अंतरिक्ष की ऊंचाई भले ही पृथ्वी से हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन वहां होने वाली सैन्य प्रतिस्पर्धा का असर सीधे सीमा, समुद्र, आकाश और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा। अमेरिका ने अपना अगला कदम दिखा दिया है। अब भारत के सामने चुनौती है कि वह भविष्य के युद्ध को आने से पहले पहचानकर उसकी तैयारी आज से ही शुरू करे। -नीरज कुमार दुबे
सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आया बड़ा बदलाव, स्कूलों में ड्रॉप आउट दर हुई शून्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे निरंतर नवाचारों और सुधारों का सकारात्मक असर भी प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में दिखाई दे रहा है। पिछले 23 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों और गुणवत्तापूर्ण ...
धर्मेंद्र और मीना कुमारी की 1966 में आई ‘फूल और पत्थर’ ने करीब 50 हफ्ते यानी 350 दिनों तक सिनेमाघरों में अपनी पकड़ बनाए रखी. रवि के संगीत और शकील बदायूंनी के गीतों से सजी इस फिल्म के रफी और आशा भोंसले के गाने आज भी लोकप्रिय हैं.
UPI चार्ज वापस लेने का सवाल ही नहीं, विपक्ष की मांग पर सरकार की दो टूक
यूपीआई से 2000 से ज्यादा के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर लगे चार्ज पर सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया है। विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार की तरफ से कहा गया है कि वह पीछे नहीं हटेगी। यह नियम लागू होगा।
130 से ज्यादा पक्षियों की आवाजें निकालता है यह 12 साल का बच्चा, 'बर्ड ऐप' भी खा जाता है धोखा
सैमुअल सिर्फ आवाज की नकल ही नहीं करता, बल्कि लाफिंग गुल, हेरिंग गुल जैसे अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों के बीच का फर्क भी आसानी से समझा देता है.
PM Modi के Birthday पर शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, Kolkata में बोले Rajnath Singh
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को 'सेवा संकल्प अभियान' के बारे में बात की। इस अभियान के तहत गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर देश भर में 12 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान जन-सेवा और राष्ट्र-निर्माण की भावना को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि अभियान की शुरुआत सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के घरों में दीये जलाकर की जाएगी। कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि इस अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम राष्ट्र-निर्माण और जन-कल्याण की उसी भावना को दर्शाते हैं जो मोदी जी के पूरे जीवन में दिखाई देती रही है। इस अभियान के तहत देश भर में बारह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसे भी पढ़ें: PM Modi के 25 साल पूरे होने पर Vadnagar से Varanasi तक निकलेगी बाइक रैली, Amit Shah करेंगे शुरुआत उन्होंने कहा कि अगर मुझे मोदी जी के पिछले 25 सालों के जीवन को एक शब्द में बताना हो, तो मैं कहूंगा - सेवा। उनका पद बदला है, उनकी जिम्मेदारियां बदली हैं, उनकी भूमिका बदली है और चुनौतियां भी बढ़ी हैं। लेकिन उनके जीवन की मूल भावना नहीं बदली है। उन्होंने बताया कि यह अभियान सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के घरों में दीये जलाकर शुरू किया जाएगा और इसमें शामिल होना पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा। रक्षा मंत्री ने कहा, इसकी शुरुआत सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के घरों में दीये जलाकर की जाएगी। किसी को भी ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा; हालांकि, यह स्वाभाविक है कि जिन लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभ मिला है, वे खुश होंगे और प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीये जलाना चाहेंगे। इस अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार के प्रमुख के तौर पर पीएम मोदी की 25 साल की यात्रा ने भारत के विकास को एक नई दिशा दी है और दुनिया में देश का मान बढ़ाया है। इसे भी पढ़ें: PM Modi के 25 साल के जन-सेवा सफर पर बोले Rajnath Singh, चुनौतियों के बाद भी नहीं बदली भावना उन्होंने कहा कि यह सफ़र, जो गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर उनके पद संभालने के साथ शुरू हुआ और प्रधानमंत्री के कार्यकाल में भी जारी रहा, लगभग पच्चीस साल लंबा है। मेरा मानना है कि इस सफ़र ने न सिर्फ़ देश की राजनीति पर असर डाला है, बल्कि भारत के विकास को एक नई दिशा दी है और वैश्विक स्तर पर देश की साख बढ़ाई है। राजनाथ सिंह ने कहा कि 'सेवा संकल्प अभियान' सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सेवा, सहयोग और जन-भागीदारी के ज़रिए समाज के हर वर्ग को जोड़ने का हमारा पक्का संकल्प है। उन्होंने आगे कहा, इन सभी कार्यक्रमों का मुख्य मकसद समाज के ज़रूरतमंद लोगों तक विकास की योजनाओं को पहुँचाना, जन-सेवा के काम करना और देश के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी की भावना को मज़बूत करना है।
शिवसेना विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल, चुनाव आयोग ने क्यों नहीं 'फ्रीज' किया धनुष-बाण?
Shiv Sena Symbol Case: शिवसेना के नाम और उसके आधिकारिक चुनाव चिह्न 'धनुष-बाण' को लेकर जारी कानूनी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की कार्यशैली और फैसले पर ...
UPI चार्ज हटाने के मूड में नहीं सरकार, फैसला वापस न लेने के संकेत; समझिए क्या असर होगा?
अगर आप अपने दोस्त, रिश्तेदार या किसी भी व्यक्ति को पैसे भेजते हैं (P2P), तो यह सेवा पहले की तरह पूरी तरह से मुफ्त रहेगी. चाहे आप 100 रुपये भेजें या 50,000 रुपये आपसे कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा.
पुलिस के सामने एक-दूसरे पर बरसाए लात-घूंसे, छात्रों के बवाल का VIDEO
मेरठ कॉलेज में बुधवार दोपहर छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई. पुलिसकर्मियों के सामने ही छात्र एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाते रहे. बवाल देखकर कॉलेज की छात्राएं सहम गईं. सूचना पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स पहुंची और स्थिति संभाली. पुलिस ने पांच युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
Disha Salian मामले में CBI की FIR पर बोले Aaditya Thackeray, कभी नहीं मिला, यह चरित्र हनन है
शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने बुधवार को कहा कि वह दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और साथ ही कहा कि इस मामले से उनका नाम जोड़ना चरित्र हनन की कोशिश है। आदित्य का यह बयान सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियन की 2020 में हुई मौत की जांच शुरू करने के लिए FIR दर्ज करने के कुछ दिनों बाद आया है। यह FIR दिशा के पिता सतीश सालियन की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें उन्होंने इस मामले में आदित्य ठाकरे समेत कई नेताओं और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की थी। इसे भी पढ़ें: कौन हैं CBI अधिकारी Seema Pahuja? RG कर और हाथरस जैसे मामलों को सुलझाने वालीं लेडी सिंघम अब करेंगी दिशा सालियन केस की निगरानी ध्यान देने वाली बात यह है कि FIR में नाम होने का मतलब यह नहीं है कि इनमें से किसी व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट के फ़ैसले के मुताबिक, FIR में किसी को भी आरोपी के तौर पर लिस्ट नहीं किया गया है। आदित्य ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट में दावा किया कि उनके ख़िलाफ़ निजी स्वार्थ वाले लोगों ने लगातार बदनाम करने का अभियान चलाया है, और कहा कि इसमें सच या सबूत का एक भी अंश नहीं है। UBT के विधायक ने कहा कि आइए, फालतू बातों को छोड़कर एक बार फिर असलियत पर बात करते हैं: मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और न ही उन्हें जानता हूँ। पिछले लगभग 6 सालों से कुछ लोग अपने राजनीतिक और निजी मकसदों के लिए मेरे नाम को इस दुखद मामले से लगातार जोड़ रहे हैं। यह मेरी छवि खराब करने की एक सोची-समझी और बिना सबूत वाली कोशिश है। उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी सबूत या सच्चाई के, कुछ खास मकसदों वाले लोगों द्वारा लगातार बदनाम करने की मुहिम चलाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। टीवी पर ज़ोरदार बहस और मीडिया ट्रायल से सच्चाई नहीं बदलती। आदित्य ने मांग की कि आधिकारिक दोबारा जांच राजनीतिक मकसदों के लिए छवि खराब करने और ध्यान भटकाने वाली बुरी कोशिशों के बिना आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि उन कुछ लोगों से फिर कहना चाहता हूँ जो सोचते हैं कि ऐसी बुरी कोशिशों और राजनीतिक इस्तेमाल से हमें सच्चाई और अपने साथी नागरिकों के लिए लड़ने से रोका जा सकता है - यह एक नाकाम रणनीति है। हम हमेशा सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे और उसके लिए लड़ते रहेंगे। इसे भी पढ़ें: Disha Salian Death Case में CBI ने दर्ज की FIR, CM Devendra Fadnavis बोले- अटकलें न लगाएं यह बात तब सामने आई है जब शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया था कि इस मामले में FIR दर्ज करना ठाकरे परिवार की छवि खराब करने की कोशिश थी। पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि जिस तरह से यह मामला कोर्ट में ले जाया गया और कोर्ट ने (मामला CBI को सौंपने का) आदेश दिया, वह एक साज़िश है। आदेश में खास तौर पर CBI जांच कराने के लिए कहा गया है, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया गया है। फिर भी मीडिया में नाम लिए जा रहे हैं।

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