9 एयरबैग, ADAS और हाइब्रिड इंजन... धांसू लुक वाली SUV लॉन्च
हुंडई ट्यूसॉन को कंपनी ने ग्लोबल मार्केट में लॉन्च कर दिया है. कुछ वक्त पहले ही कोरियन कंपनी ने इस कार को अनवील किया था और अब इसे ब्रांड ने अपने घरेलू मार्केट में लॉन्च कर दिया है. ये एसयूवी चार वेरिएंट्स- एच-पिक, एक्सक्लूसिव, एक्सआरटी और इंस्पिरेशन में आती है.
टेस्ट में 300, वनडे में 200... गेल- सहवाग के क्लब में शामिल हैरी ब्रूक
हैरी ब्रूक ने श्रीलंका के खिलाफ रावलपिंडी में इतिहास रचते हुए महज 114 गेंदों में वनडे क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ दिया है. वह वनडे में 200 रन बनाने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. ब्रूक ने शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए इंग्लैंड के लिए सर्वोच्च व्यक्तिगत वनडे स्कोर भी अपने नाम कर लिया है.
ब्रह्मोस मिसाइल को पूरी तरह स्वदेशी बनाने की तैयारी तेज, CEO ने बताईं बड़ी बातें
भारत की शक्तिशाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने बताया कि इस मिसाइल को अब पूरी तरह से स्वदेशी बनाने के मिशन पर तेजी से काम किया जा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस ने अपनी अचूक मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन के अहम ठिकानों को तबाह कर दिया था. इस सफल प्रदर्शन के बाद वैश्विक स्तर पर ब्रह्मोस की मांग और प्रतिष्ठा में काफी इजाफा हुआ है. ब्रह्मोस मिसाइल की रेंज, सटीकता और ताकत इसे दुनिया के सबसे घातक हथियारों में शामिल करती है. यह मिसाइल थल सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों में सफलतापूर्वक एकीकृत की जा चुकी है. अब ब्रह्मोस के नए और हल्के एयर-लॉन्च वर्जनों के विकास पर काम चल रहा है.
नाना बनेंगे गोविंदा! मां बनने को तैयार आरती, देंगी गुडन्यूज
गोविंदा की भांजी आरती सिंह ने 2024 में बिजनेसमैन दीपक चौहान संग शादी की थी. अब वो मां बनने के सपने देख रही हैं.
US के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका-इजरायल?
अमेरिका और इजरायल ने मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले की रणनीति तैयार की है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों ने साझा युद्धाभ्यास भी तेज कर दिया है ताकि ईरान पर संभावित कार्रवाई का पूर्वाभ्यास किया जा सके. इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है. दूसरी तरफ, भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को पूरी तरह से स्वदेशी बनाने का काम तेजी से शुरू हो चुका है.
रूस ने यूक्रेन पर दागीं 21 मिसाइलें, कीव में दो लोगों की मौत, दर्जनों घायल
यूक्रेन में रूसी मिसाइल हमलों के कारण अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, 35 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. कीव के अलावा अन्य कई क्षेत्रों से भी जान-माल के भारी नुकसान की रिपोर्ट आ रही है. राहत और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने और स्थिति को नियंत्रित करने के कार्य में जुटे हुए हैं.
पहले आगे चल रही कार को मारी टक्कर, फिर बिजली के खंभे से टकराई SUV
हैदराबाद-वारंगल नेशनल हाईवे पर कार की टक्कर के बाद बिजली का खंभा वाहन पर गिर गया. हादसे में दो कारें क्षतिग्रस्त हुईं और 19 वर्षीय चालक को मामूली चोटें आईं हैं. लेकिन इस घटना का सीसीटीवी वीडियो खौफनाक है. पढ़ें पूरी कहानी.
जिस उम्र में स्कूल जाना चाहिए, उस उम्र में ड्रग्स, कपूरथला के वीडियो ने चौंकाया
कपूरथला में करीब 12 से 13 साल के बच्चे के कथित तौर पर नशा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है. प्रशासन के मुताबिक, संबंधित बच्चों को नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवाया गया है. प्राथमिक उपचार के बाद उनके जरूरी टेस्ट होंगे, ताकि नशे के सेवन और स्वास्थ्य पर उसके असर की जानकारी मिल सके.
Sonia Gandhi ने Instagram पर किया डेब्यू, अपनी किताब की पहली झलक की साझा
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया में दस्तक देते हुए अपने ‘इंस्टाग्राम’ पेज की शरुआत की और अपनी पुस्तक की पहली झलक साझा की। उन्होंने पहली बार किसी सोशल मीडिया मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वह अब तक सोशल मीडिया से दूरी बनाए हुए थीं। उनके वीडियो संदेश या बयान पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी किए जाते रहे हैं। इंस्टाग्राम पर आने के तुरंत बाद सोनिया गांधी ने अपने बेटे राहुल गांधी, बेटी प्रियंका गांधी वाद्रा और कांग्रेस के आधिकारिक अकाउंट को ‘फॉलो’ किया। उनके अकाउंट पर फॉलोअर की संख्या तेजी से बढ़ी और कुछ ही घंटों में यह एक लाख को पार कर गई। राहुल गांधी समेत इंस्टाग्राम पर मौजूद कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं ने भी पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के अकाउंट को ‘फॉलो’ किया। कांग्रेस के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर सोनिया गांधी का स्वागत किया और उनकी आगामी पुस्तक को लेकर उत्सुकता जाहिर की। सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर अपनी पहली पोस्ट में आगामी पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की प्रतियां प्राप्त करते हुए अपना एक वीडियो साझा किया। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘सभी को नमस्कार। इस पल को आप सभी के साथ साझा करते हुए मैं वास्तव में बहुत आभारी हूं। यह ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की पहली झलक है।’’सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘यह प्रेम, कर्तव्य, अपनों को खोने और अपनेपन की जगह तलाशने की कहानी है। मैं इसे आप सभी के साथ साझा करने को लेकर उत्सुक हूं।’’वीडियो में सोनिया गांधी अपनी पुस्तक की पहली प्रति लेते हुए दिखाई देती हैं और इस अवसर पर अपनी बेटी प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ मिठाई बांटती नजर आ रही हैं। वह यह भी बताती हैं कि पुस्तक में बहुत सारी तस्वीरें हैं। इंस्टाग्राम पर उनके दस्तक देने के कुछ घंटे के भीतर ही उनके पहले वीडियो को 1.80 लाख लोगों ने लाइक किया। अपनी दूसरी इंस्टाग्राम पोस्ट में सोनिया गांधी ने पुस्तक के पन्ने पलटते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उस वीडियो को पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी का बहुप्रतीक्षित संस्मरण 10 नवंबर को प्रकाशित होगा।’’‘हार्पर कॉलिन्स इंडिया’ ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह सोनिया गांधी का संस्मरण ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ भारत में 10 नवंबर को प्रकाशित करेगा। इस घोषणा के साथ पुस्तक के भारत में प्रकाशन को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई थी। इससे पहले लेखिका के प्रतिनिधियों और ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ के बीच ‘‘गतिरोध’’ की बात सामने आई थी। ‘हार्पर कॉलिन्स इंडिया’ ने एक बयान में कहा था, ‘‘हमारे समय के सबसे बहुप्रतीक्षित राजनीतिक संस्मरणों में से एक ‘बिलॉन्गिंग’ प्रेम, पहचान, कर्तव्य और अपनेपन की एक नाटकीय एवं बेहद निजी कहानी है। यह भारत की यात्रा को भीतर से देखने का एक दुर्लभ अवसर भी प्रदान करती है।’’‘हार्पर कॉलिन्स इंडिया’ की यह घोषणा ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ (पीआरएचआई) से जुड़े विवाद के बाद हुई थी। पीआरएचआई शुरुआत में इस संस्मरण को प्रकाशित करने का इच्छुक था, लेकिन बाद में उसने कहा कि वह भारत में इसका प्रकाशक नहीं होगा। पुस्तक की पांडुलिपि में संपादकीय बदलावों को लेकर प्रकाशक और लेखिका के प्रतिनिधियों के बीच मतभेद की खबरों के बाद विवाद शुरू हुआ था। कांग्रेस के कई नेताओं ने इस दौरान सरकारी दबाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल उठाए थे। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि ‘पेंगुइन इंडिया’ पर पुस्तक से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और मोदी सरकार के दौरान भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जे से संबंधित अंश हटाने का दबाव था। हालांकि, पीआरएचआई ने ‘पीटीआई’ को दिए एक बयान में कहा था कि वह पुस्तक प्रकाशित करने को लेकर ‘‘वास्तव में उत्सुक’’ था और इसे हासिल करना काफी प्रयास से संभव हुआ था, लेकिन एक विशेष मुद्दे पर गतिरोध के कारण अंततः उसने इससे अलग होने का फैसला किया। पीआरएचआई ने इस बात पर जोर दिया था कि उस पर किसी तरह का बाहरी दबाव नहीं था। हालांकि, उसने गोपनीयता संबंधी प्रावधानों और लेखिका के साथ हुए समझौते का हवाला देते हुए गतिरोध की वास्तविक वजह बताने से इनकार कर दिया था। ‘बिलॉन्गिंग’ की शुरुआत इटली में सोनिया गांधी के बचपन से होती है और फिर उनकी कैम्ब्रिज तक की यात्रा का जिक्र करती है, जहां 1965 में उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। संस्मरण में राजीव गांधी से उनके विवाह, अपनी सास एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से परिचय तथा भारत में जीवन के साथ तालमेल बैठाने के उनके प्रयासों का भी उल्लेख है। इनमें हिंदी सीखना, साड़ी पहनना और भारतीय खानपान एवं संस्कृति को अपनाना शामिल है। पुस्तक में गांधी परिवार को झकझोर देने वाली प्रमुख त्रासदियों का भी जिक्र है। इनमें विमान दुर्घटना में संजय गांधी की मृत्यु, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल हैं। संस्मरण में 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत से जुड़ी राजनीतिक घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। उस समय सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और इसके बजाय कांग्रेस तथा उसके गठबंधन का नेतृत्व किया था। इस गठबंधन ने अगले एक दशक तक केंद्र में सरकार चलाई।
गुरुग्राम के कई इलाकों में 'ब्लैक आउट', बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर
गुरुग्राम में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई है. इससे फैक्ट्रियों का कामकाज ठप हो गया है और शहर में अंधेरा छा गया है. बिजली न आने से लोग परेशान होकर सड़कों पर उतर आए हैं.
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के बारे में सबसे अहम बात सिर्फ यह नहीं है कि उन्होंने मई में एक मीम बनाया, जून में एक आंदोलन का नेतृत्व किया और जुलाई में एक मंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया। अहम बात यह है कि वे एक दलित नेता हैं, जिन्हें एक ऐसे आंदोलन के चेहरे के रूप में स्वीकार किया गया है, जो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ है। ये वे युवा हैं जो भारत में 12 साल पहले शुरू हुए भाजपा के वर्चस्व के दौर में बड़े हुए हैं। CJP कोई ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं है जो चुनाव लड़ेगी, लेकिन इसे आज का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक इन्फ्लुएंसर कहा जा सकता है। दिपके की पृष्ठभूमि CJP को ऐसे सामाजिक आधार तक पहुँचने में मदद करती है, जो पारंपरिक रूप से उन लोगों की पहुँच से बाहर रहा है जिन्हें ऐतिहासिक रूप से विशेषाधिकार प्राप्त थे। आसान शब्दों में कहें तो, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर बड़े पैमाने पर लोगों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के भीतर के सूत्रों पर आधारित खबरों के सामने आने और मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मामलों के बढ़ने के बाद, यह मुद्दा एक बड़ा विवाद बन गया है। यूपी चुनाव पर असर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर के विरोध-प्रदर्शनों के अक्सर राजनीतिक परिणाम होते हैं, खासकर तब जब इनमें युवा मतदाता शामिल हों। राष्ट्रीय स्तर के विरोध-प्रदर्शनों से व्यापक चर्चा छिड़ती है और अक्सर इनका असर भी पड़ता है। इस आंदोलन को युवा चला रहे हैं, जिनमें से कई पहली या दूसरी बार वोट देने वाले मतदाता हैं। उनके लिए मुद्दा सबसे अहम है और वे उसी पर केंद्रित हैं। यह मौजूदा सरकारों के लिए एक चुनौती है, खासकर उन पांच राज्यों में जहां आने वाले महीनों में चुनाव होने हैं। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि यह आंदोलन उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी असर डाल सकता है। हालांकि कुछ जानकार ये भी कहते हैं कि चुनावी असर के बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि राजनीतिक नैरेटिव (विमर्श) अक्सर चुनाव के करीब आने पर ही आकार लेते हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान पेपर लीक भी एक मुद्दा था, लेकिन 'संविधान बचाओ' के नैरेटिव ने इसे पीछे छोड़ दिया। 2027 के विधानसभा चुनाव करीब आने पर ही यह साफ हो पाएगा कि कौन सा नैरेटिव मतदाताओं के बीच ज्यादा असर डालता है। राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव इंडिया गठबंधन ने CJP द्वारा बनाई गई जगह को भरते हुए, छात्रों के बिखरे हुए विरोध-प्रदर्शनों को दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में एक संगठित और संस्थागत आंदोलन में बदल दिया है। इसने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को एक स्पष्ट और राजनीतिक रूप से विभाजित लक्ष्य बना दिया है, जो कि केंद्रीय जांच एजेंसियों को लेकर चल रही बहसों जैसा ही है। 'जेन-Z' (Gen-Z) राजनीति की सीमाएं: 'जंतर-मंतर 2.0' की विफलता यह दिखाती है कि डिजिटल माध्यम से लोगों को एकजुट करने की भी एक सीमा होती है। जब तक कोई सीधा और बुनियादी मुद्दा (जैसे पेपर लीक, रेलवे की नौकरियां, या अग्निपथ) सामने न हो, तब तक मध्यम वर्ग के युवा और विश्वविद्यालय के छात्र केवल प्रक्रियागत या संस्थागत शिकायतों को लेकर लंबे समय तक संघर्ष जारी नहीं रखते। सीजेपी असल में क्या चाहते हैं? मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा। इस पूरे आंदोलन की सबसे प्रमुख सार्वजनिक मांग मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि मौजूदा नेतृत्व में मतदाता सूचियों से नाम हटाने की प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण और अपारदर्शी तरीके से चलाई जा रही है। SIR प्रक्रिया को रद्द करना या उसमें पारदर्शी बदलाव पहचान और दस्तावेजों के पूर्वव्यापी (पुराने रिकॉर्ड्स के आधार पर) सत्यापन के नियमों पर तत्काल रोक लगाना, क्योंकि इसका सबसे ज्यादा खामियाजा प्रवासी मजदूरों, गरीबों और वंचित तबके के मतदाताओं को भुगतना पड़ रहा है। हटाए गए मतदाताओं की सूची का सार्वजनिक ऑडिट ड्राफ्ट मतदाता सूची को अंतिम रूप देने से पहले, बूथ स्तर पर काटे गए नामों की सूची को ठोस और सत्यापन योग्य कारणों के साथ सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करना अनिवार्य किया जाए। राजनीतिक जमीन और पहचान सीजेपी (CJP) के संस्थापकों के लिए यह समकालीन युवा राजनीति में अपनी एक अलग और आक्रामक पहचान बनाने की कोशिश है। वहीं 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के लिए यह आगामी चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का एक ऐसा नागरिक मंच तैयार करता है, जिससे वे खुद सीधे तौर पर चुनावी स्वार्थ से प्रेरित नजर न आएं। इसे भी पढ़ें: How was CJP Born |कॉकरोच जनता पार्टी वाले अभिजीत दीपके की पूरी कुंडली | Teh Tak Part 1
एयर प्यूरिफायर कबाड़ हो जाएगा, 99% लोग फिल्टर गलत साफ करते हैं
HEPA फिल्टर की सफाई कैसे करें? दरअसल एयर प्यूरिफायर का मेन फिल्टर यही होता है. अगर गलती से इस फिल्टर को आपने धो दिया तो पैसा बर्बाद हो जाएगा. लेकिन फिर क्या करें? सफाई कैसे करें? आइए जानते हैं.
भूल जाएंगे पकौड़े! बेसन और अजवायन से बनाएं काठियावाड़ी मेथी गोटा
Kathiyawadi Methi Gota: अगर आपको भी शाम की चाय के साथ कुछ क्रिस्पी और टेस्टी खाने का मन करता है तो फिर समोसे-पकौड़े छोड़ें और काठियावाड़ी बेसन गोटा ट्राई कीजिए.
याद कीजिए 2011 का वो दौर जब अन्ना हजारे ने जनलोकपाल बिल के समर्थन में दिल्ली के जंतर मंतर से आंदोलन और आमरण अनशन की शुरुआत की थी। इस आंदोलन ने देश भर में भ्रष्टाचार विरोधी लहर को जन्म दिया और बाद में 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' और आम आदमी पार्टी की नींव रखी गई। इसी जंतर मंतर की धूप में झाड़ू थाम अरविंद केजरीवाल ने आद आदमी पार्टी बनाई। लेकिन इसके साथ ही ये समझा कि अगर सड़क से उठकर सत्ता में आना है तो बिजली, पानी और मोहल्ला क्लीनिक जैसे आम लोगों के जरूरतों को हिट करना जरूरी है। फ्री-बिज मॉडल ने केजरीवाल को दिल्ली में 2013, 2015, 2020 यानी सत्ता की हैट्रिक लगाई। वहीं दूसरी तरफ बिहार की धूल भरी पगडंडियों पर प्रशांत किशोर (पीके) थे, जिन्होंने जन सुराज को किसी रील या हंगामे के सहारे नहीं, बल्कि तीन हजार किलोमीटर की कठोर पदयात्रा, डेटा और बूथ स्तर के संगठन पर खड़ा किया था। अब देश के मुख्यन्यायधीश के व्यंग्य से उपजी कॉकरोच जनता पार्टी की बात करें तो जिसके पास न प्रशांत किशोर जैसा धैर्य था, न आप जैसा कैडर। उनके पास बस सोशल मीडिया की एक लहर थी, जो जितनी तेजी से उठी, उतनी ही तेजी से पुलिस के पहले बैरिकेड के सामने रेत की तरह बिखरती नजर आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) 2011 के ऐतिहासिक 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' (अन्ना आंदोलन) की कोख से निकली पार्टी। यह देश के सबसे बड़े नागरिक असंतोष का चुनावी रूपांतरण थी। भ्रष्टाचार मुक्त शासन, जनलोकपाल और पारंपरिक राजनेताओं के विशेषाधिकारों को खत्म कर एक 'आम आदमी' को संसद और विधानसभा में भेजना। वार्ड स्तर पर 'मोहल्ला सभाएं', बूथ कमेटियां और एक बेहद अनुशासित स्वयंसेवक नेटवर्क। पार्टी में एक स्पष्ट शीर्ष नेतृत्व (पीएसी) है जो चुनावी टिकटों से लेकर संगठन विस्तार के फैसले लेता है। शुरुआत में टोपी, झाड़ू और धरनों के जरिए मध्यम वर्ग को सड़कों पर उतारा। बाद में इसे 'डिलिवरी मॉडल' में बदल दिया यानी मुफ्त बिजली, पानी, बेहतर स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए झुग्गी-झोपड़ियों से लेकर मध्यम वर्ग तक एक पक्का वोटर बैंक बनाया। ल्ली और पंजाब के बाद गुजरात, गोवा, हरियाणा जैसे राज्यों में विस्तार कर खुद को राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के विकल्प के रूप में स्थापित करना और भविष्य में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी तैयार करना। जन सुराज (प्रशांत किशोर) यह कोई आकस्मिक आंदोलन नहीं, बल्कि वर्षों के चुनावी प्रबंधन के बाद सुनियोजित तरीके से बनाई गई एक राजनीतिक पार्टी है। बिहार के पारंपरिक लालू-नीतीश-भाजपा के त्रिकोण को तोड़ना। प्रशांत किशोर ने 3,000 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा कर गांव-गांव जाकर इसे सीधे सत्ता हासिल करने के विकल्प के रूप में खड़ा किया। प्रशांत किशोर सीधे जनता के बीच रात बिताते हैं, सभाएं करते हैं और जातिगत संतुलन को साधते हुए स्थानीय मुद्दों पर बात करते हैं। जन सुराज का एकमात्र लक्ष्य बिहार विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाना और प्रशांत किशोर को एक वैकल्पिक मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित करना है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) यह मुख्य रूप से डिजिटल आक्रोश, मीम संस्कृति और युवाओं के संस्थागत असंतोष से उपजा एक अनौपचारिक छात्र-युवा समूह है। इसका नाम और प्रतीक (कॉकरोच) व्यवस्था पर एक तीखा व्यंग्य है। शुरुआत में पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे सीधे छात्रों से जुड़े मुद्दे थे, जो बाद में चुनाव आयोग (ECI), एसआईआर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे जैसी बड़ी संस्थागत मांगों में बदल गए। पू जिलों में 'जन सुराज अभियान समितियां' बनाई गई हैं। प्रशांत किशोर की टीम ने हर पंचायत और प्रखंड स्तर पर रिटायर्ड नौकरशाहों, डॉक्टरों, शिक्षकों और स्थानीय प्रभावशाली चेहरों को जोड़कर एक ठोस इलेक्टोरल मशीनरी तैयार की है। इसके पास कोई औपचारिक सदस्यता अभियान, बूथ अध्यक्ष या जिला स्तर की कमेटियां नहीं हैं। कोई बड़ा औपचारिक वित्तीय आधार नहीं। क्राउडफंडिंग या विपक्षी दलों और छात्र संगठनों द्वारा दिए जाने वाले तात्कालिक लॉजिस्टिक सहयोग पर निर्भर। इसका मकसद चुनाव लड़ना या सीटें जीतना नहीं है। यह एक 'प्रेशर ग्रुप' (दबाव समूह) है। इसका उद्देश्य सत्ताधारी दल की संस्थागत कमियों को उजागर करना और मुख्य विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) को सड़कों पर एक युवा, आक्रामक नैरेटिव उपलब्ध कराना है। कुल मिलाकर कहे तो सीजेपी 'आक्रोश की क्षणिक लहर' है, जन सुराज 'रणनीति और आंकड़ों से गढ़ी गई चुनावी परियोजना' है, और आम आदमी पार्टी 'सड़क के आंदोलन से निकलकर राजभवन तक पहुंची एक स्थापित सत्ता' है। सीजेपी की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि वह अपने सोशल मीडिया गुस्से को न तो संगठन में बदल पा रही है और न ही आम जनता की बुनियादी जरूरतों से जोड़ पा रही है।
How was CJP Born |कॉकरोच जनता पार्टी वाले अभिजीत दीपके की पूरी कुंडली | Teh Tak Part 1
इस धरती पर एक जीव ऐसा भी है, जिसके बारे में यह माना जाता है कि परमाणु युद्ध होने पर भी इन पर असर नहीं होगा। हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है, ये तो नहीं पता लेकिन हां ये जरूर है कि जब व्यवस्था की सफाई करने के बजाय सिस्टम खुद सड़ने लगता है, तब अंधेरी रातों में, सुनसान राहों पर एक 'मसीहा' निकलता है। जिसे लोग शहंशाह नहीं, बल्कि 'कॉकरोच' कहते हैं! यह एक ऐसा सर्वव्यापी मसीहा है जो कहीं भी प्रकट हो सकता है। आपके चमचमाते किचन में, भारतीय रेल के डिब्बों में, या फिर सरकारी दफ्तर के उस सीलन भरे कमरे में जहां धूल खाती फाइलें सदियों से सो रही हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक इस महान जीव का जिक्र क्यों? तो जनाब, राजनीति के गलियारे से एक ब्रेकिंग न्यूज़ आई। देश की राजनीति में इस वक्त एक ऐसी पार्टी की एंट्री हुई जिसने बिना चुनाव लड़े, बिना रैलियां निकाले और बिना पोस्टर्स लगाए सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। नाम है कॉकरोच जनता पार्टी यानी कि सीजेपी। सीजेपी का नाम इस समय इंटरनेट पर टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है। सुनने में यह किसी मीम या मजाक जैसा आपको लग सकता है लेकिन इंटरनेट पर इसकी लोकप्रियता मजाक से आगे निकलती दिखाई दी। लॉन्च होने के महज कुछ दिनों के भीतर इस पार्टी से हजारों लोग जुड़ गए। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इसके सदस्य खुद को सेकुलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक और लेजी बताते हैं और यही लाइन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। शुरुआती दिनों में कोई इसे युवाओं की हताशा का नया प्रतीक बता रहा था तो कोई इसे मौजूदा राजनीति पर सबसे बड़ा व्यंग मान रहा। लेकिन सवाल सबसे बड़ा यहां पर यह है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी सिर्फ इंटरनेट का मजाक है या फिर सिस्टम से नाराज युवाओं की नई डिजिटल आवाज। दरअसल इस पूरी कहानी की शुरुआत एक विवादित टिप्पणी से हुई जिसमें बेरोजगार युवाओं और एक्टिविस्ट को लेकर कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। पार्टी के नाम कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर भी चर्चा है। यह नाम हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी पर आधारित है। जिसमें उन्होंने यह कहा था कि कुछ युवा कॉकरोच जैसे होते हैं जिन्हें रोजगार नहीं मिलता और वह सोशल मीडिया, मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। हालांकि बाद में सीजीआई ने सफाई भी दी थी और कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। जिस दिन सीजीआई सूर्यकांत ने कॉकरोच वाली टिप्पणी की उसी दिन यानी 16 मई को अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया एक्स पर लोगों से कॉकरोच जनता पार्टी में रजिस्टर करने की अपील की। साफ कर दें कि इस पार्टी का मकसद चुनाव लड़ना नहीं है। यह व्यंग करने वाला एक पॉलिटिकल आउटफिट है। पार्टी में शामिल होने की दिलचस्प शर्तें बताएं। उससे पहले बता दें कि कॉकरोच वाली जो टिप्पणी सीजीआई सूर्यकांत ने की थी, उस पर बाद में उन्होंने साफ किया कि उनकी मौखिक टिप्पणी फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल करके कानून और मीडिया जैसे पेशों में एंट्री करने वाले लोगों के लिए थी ना कि बेरोजगार युवाओं के लिए। क्या थी सीजेआई की कॉकरोच वाली टिप्पणी भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कीड़ों और परजीवियों का उदाहरण देते हुए कहा कि बेरोजगार युवा सोशल मीडिया और सूचना के अधिकार (आरटीआई) का इस्तेमाल करके हर किसी पर हमला करते हैं। ये टिप्पणियां तब आईं जब मुख्य न्यायाधीश कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ एक ऐसे वकील को फटकार लगा रही थी जो वरिष्ठ अधिवक्ता का पदनाम मांग रहा था। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पीठ ने याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील संजय दुबे से कहा कि पूरी दुनिया वरिष्ठ अधिवक्ता बनने के योग्य हो सकती है, लेकिन कम से कम आप तो इसके हकदार नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के वकील द्वारा फेसबुक पर इस्तेमाल की गई भाषा का भी उल्लेख किया। तभी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने समाज के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी मौजूद हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और आप उनके साथ हाथ मिलाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कई युवा हैं, जो तिलचट्टों की तरह हैं, जिन्हें न तो रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई स्थान। उनमें से कुछ मीडिया में चले जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया कार्यकर्ता बन जाते हैं, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता और अन्य कार्यकर्ता बन जाते हैं, और वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं। बाद में अपने बयान पर दी सफाई हालांकि बाद में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने विवादास्पद तिलचट्टे वाले बयान पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने उनके मौखिक कथनों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और उन्हें देश के युवाओं की आलोचना के रूप में पेश किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि मुझे यह पढ़कर बहुत दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरे मौखिक कथनों को गलत तरीके से उद्धृत किया है। मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी जिन्होंने फर्जी और फर्जी डिग्रियों की मदद से वकालत जैसे पेशे में प्रवेश किया है। ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित पेशों में भी घुसपैठ कर चुके हैं, इसलिए वे परजीवी की तरह हैं। यह कहना पूरी तरह निराधार है कि मैंने हमारे देश के युवाओं की आलोचना की है। किसने बनाई सीजेपी कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं। वह 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम में भी वालंटियर रह चुके हैं। द हिंदू अखबार से बात करते हुए अभिजीत ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी माननीय मुख्य न्यायाधीश के उस बयान के खिलाफ युवाओं की असहमति है जिसमें उन्होंने युवाओं को कॉकरोच और परजीवी करार दिया था। भारत जैसे लोकतंत्र में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। जहां संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संरक्षक माने जाने वाले सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई युवाओं की आलोचना कर उनका अपमान करते हैं। वो आगे कहते हैं कि अगर युवाओं को अपनी आवाज पहुंचाने के लिए कॉकरोच बनना पड़े तो हम इस पहचान को अपनाते हैं। इसीलिए हमने अपना नाम रखा है कॉकरोच जनता पार्टी। हमने आपको पहले ही बताया कि एक सिटेरिकल पॉलिटिकल पार्टी है। व्यंग्य के पीछे छिपा ठोस नीतिगत घोषणापत्र मजाकिया अंदाज और व्यंग्य के पीछे इस आंदोलन ने शासन से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को एक औपचारिक मांग-पत्र (चार्टर) में तब्दील कर दिया: पेपर लीक और परीक्षाओं की विश्वसनीयता: NEET जैसी केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधलियों और गड़बड़ियों के खिलाफ सीधा विरोध प्रदर्शन। न्यायपालिका व लोकतंत्र में हितों का टकराव: सेवानिवृत्त जजों को रिटायरमेंट के तुरंत बाद मिलने वाले राजनीतिक पदों (जैसे मनोनीत राज्यसभा सीट) पर रोक लगाने की मांग। दलबदल पर कड़ा प्रहार: अपनी पार्टी बदलकर दूसरी पार्टी में जाने वाले जन-प्रतिनिधियों (सांसदों/विधायकों) पर लंबे समय तक किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव। चुनावी पारदर्शिता और मीडिया सुधार: मतदाता सूचियों के प्रबंधन में कड़ी जवाबदेही तय करने और कॉरपोरेट मीडिया के पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल उठाना।
CJP Protests Timeline | NEET से लेकर जंतर-मंतर तक: CJP के आंदोलन की इनसाइड स्टोरी | Teh Tak Part 2
लोकतंत्र में प्रतिरोध का मतलब है अपने हक की लड़ाई के लिए आवाज उठाना। गलत के खिलाफ बोलना और देश चलाने का जिम्मा लेने वालों से जवाबदेही तलब करना। भारत का इतिहास ऐसे ही सफल जन आंदोलनों से लिखा गया है। आजादी की लड़ाई से लेकर 70 के दशक के जेपी मूवमेंट और फिर निर्भया आंदोलन तक हर बड़े बदलाव की नींव सड़क पर ही रखी गई है। जब देश का नौजवान सड़क पर उतरता है तो उसके सीने में सिस्टम के खिलाफ एक जायज आग होती है। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया कॉकरोच शब्द देते हैं। एक आदमी कॉकरोच के नाम से मीम पेज बनाता है। फॉर्म भरवाता है। इंडिया आता है। 4 500 700 लोग नजर आते हैं। आठ दिन बाद सोनम वांगचुक जैसा चेहरा आता है। एक मीम पेज Instagram पेज सडनली एक बड़ा आंदोलन बन जाता है। देश दुनिया में सबकी निगाहें जाती हैं। भीड़ बढ़ने जा लगती है। हालत यह होती है कि जनता सड़क से संसद जाने को तैयार हो जाती है। नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के सताए लाखों स्टूडेंट्स ने जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डाला तो भारत के मुख्य न्यायाधीश के व्यंग से उपजी कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने इस आंदोलन का नेतृत्व संभालने का जिम्मा लिया था। लोग समर्थन भी कर रहे थे और 20 जुलाई को जब चलो संसद का नारा सीजेपी लीडरशिप ने दिया तो देश भर से छात्र दिल्ली पहुंचे। तब तक भी आंदोलन में एक गजब की मासूमियत थी। बच्चे फूल बांट रहे थे। नीट पेपर लीक से सताए छात्रों को मिला आंदोलन का चेहरा अपनी मांगों को लेकर साफ शब्दों में गुजारिश कर रहे थे। यह सोचकर कि सरकार उनकी सुनेगी। लेकिन जुलाई के आखिरी हफ्ते तक आते-आते इस शांतिपूर्ण प्रतिरोध की तस्वीर अचानक बदल गई। पुलिस और छात्रों के बीच खूनी झड़पें हुई। मीडिया के कैमरे तोड़े गए और पुलिस की गाड़ियों पर तलवारें लहराई गई। सीजेपी का आंदोलन 6 जून को शुरू हुआ था। 28 जून को सोनम वांगचुक के अनशन पर बैठने के साथ ही इसे एक मजबूत नैतिक केंद्र मिल गया। लेकिन सरकार ने हफ्तों तक इन छात्रों की कोई सुध नहीं ली। कोई बातचीत का दरवाजा नहीं खोला गया। इसके उलट 18 जुलाई को पुलिस ने वाकचुक को जबरदस्ती उठाकर अस्पताल पहुंचा दिया। जब आप एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मांग को पुलिस के बूटों तले कुचलने की कोशिश करते हैं तो सड़क पर गुस्सा फटना तय हो जाता है। 20 जुलाई को चलो संसद मार्च के दिन हालात बेकाबू हो गए। 1400 पुलिसकर्मियों की घेराबंदी, बैरिकेड्स और आंसू गैस के गोलों ने दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया। दर्जनों छात्रों के सर फूटे। जब सत्ता संवाद के बजाय डंडे की भाषा बोलती है तो भीड़ का सब्र भी जवाब दे देता है। आधी रात सरकार से क्या हुई बात इस प्रोटेस्ट को और ज्यादा मजबूती तब मिली जब सोनम वांगचुक इस प्रोटेस्ट में शामिल हुए और उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी। एक तरह से कहें तो उस दिन के बाद सोनम वांगचुक इस प्रोटेस्ट की रीड बन गए थे। क्योंकि सोनम वांगचुक के जुड़ने के बाद वो लोग भी इस प्रोटेस्ट में आए जो दरअसल पर्यावरण को बचाने की देख रखते हैं। एक गंभीरता उन्होंने गंभीरता उन्होंने दे दी इस प्रोटेस्ट को। मगर लंबे वक्त के बाद अब लगभग 26 दिन के अनशन के बाद भूख हड़ताल के बाद। अब उन्होंने मतलब जूस पिया वो भी जेपी नड्डा के हाथ से। पिछली बार विरोध प्रदर्शन कैसे खत्म हुआ? सड़कों से उठकर इंटरनेट के सर्वर को हिला देने वाला एक नया युवा विद्रोह भारत की सबसे पुरानी और संवेदनशील व्यवस्था को चुनौती दे रहा है? सोशल मीडिया का 'रील' वाला ज़माना अब सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, यह देश का नया डिजिटल आंदोलन केंद्र बन चुका है। जिस तरह 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने इंस्टाग्राम के ज़रिए ज़मीनी आक्रोश खड़ा किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कुर्सी छोड़ने पर मजबूर कर दिया, उसने विरोध के एक नए दौर की शुरुआत कर दी है। जुलाई 2026 में सड़कों पर हो रहे विरोध प्रदर्शन का अंत अचानक हुआ। यह पुलिस के साथ टकराव और उसके बाद एक बड़ी राजनीतिक रियायत मिलने के कारण खत्म हुआ। जब हज़ारों लोग कड़ी सुरक्षा वाले संसद क्षेत्र की ओर बढ़े, तो दिल्ली पुलिस ने कई परतों वाली भारी बैरिकेडिंग लगा दी। आमना-सामना हाथापाई में बदल गया, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा। कई प्रदर्शनकारी और पुलिस अधिकारी घायल हो गए, और कई छात्र नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया गया। सुरक्षा के लिए मार्च रोकना: झड़पों के तुरंत बाद, दिपके और CJP के प्रवक्ता समूह ने सड़कों पर होने वाले सभी मार्च को रोकने की घोषणा की। दिपके ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध के लिए प्रतिबद्ध रहेगा और छात्रों के गंभीर रूप से घायल होने या उन्हें हिंसक दंगाई करार दिए जाने का जोखिम नहीं उठा सकता। आंदोलन को सीमित धरने में बदल दिया गया। मंत्री का इस्तीफा (25 जुलाई 2026) संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के पांच दिन बाद, जनता के लगातार ध्यान और विपक्ष द्वारा संसद में किए जा रहे हंगामे के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ जो उनकी मुख्य मांग थी, CJP नेतृत्व ने एक बड़ी प्रतीकात्मक जीत की घोषणा की। कड़ी सुरक्षा निगरानी में जंतर-मंतर पर लगे टेंट धीरे-धीरे हटा दिए गए, और आंदोलन सड़कों पर सक्रिय टकराव से हटकर एक डिजिटल निगरानी और नीति वकालत नेटवर्क में बदल गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का मौजूदा आंदोलन एक राष्ट्रीय राजनीतिक आंदोलन में बदलने की कोशिशों की ओर इशारा करता है। यह घटनाक्रम NEET पेपर लीक को लेकर CJP के नेतृत्व में छात्रों और युवाओं के महीने भर चले विरोध प्रदर्शनों के बाद सामने आया है, जिसके परिणामस्वरूप जुलाई में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। CJP नेताओं ने प्रधान के इस्तीफे को इस बात के सबूत के तौर पर पेश किया कि सड़कों पर लगातार दबाव बनाकर सरकार को जवाबदेही के लिए मजबूर किया जा सकता है। हालाँकि, आज़ादी के बाद से देश में हुए बड़े जन-आंदोलनों का इतिहास मिला-जुला रहा है। कुछ आंदोलनों ने सरकारों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया; कुछ अपने तय लक्ष्यों को तो हासिल नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने राजनीति की दिशा बदल दी और कुछ ऐसे भी रहे जो महीनों तक चलने के बावजूद सरकारों से अपनी मुख्य मांगें मनवाने में विफल रहे। सीजेपी के प्रोटेस्ट 1.0 के बाद 10 अक्तूबर को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आयोजित किया गया आंदोंलन 2.0 फ्लॉप शो साबित हुआ। पुलिस की तैयारी होम सेक्रेटरी के साथ मीटिंग के बाद दिल्ली पुलिस मेगा प्लान के साथ काम करती रही और 9 अक्टूबर को उसका 37 पॉइंट का एक ड्रैग्नेट चेक रिव्यू प्रस्तुत किया गया। सेंट्रल दिल्ली में 26,000 पुलिस जवान और अर्धसैनिक बल तैनात। जिला स्तर पर एक दर्जन से ज्यादा डिटेंशन सेंटर। दिल्ली आने जाने वाली 245 ट्रेन रद्द, 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद। दिल्ली के पीजी और हॉस्टल वालों से कहा गया कि लोगों और छात्रों को प्रदर्शन में ना जाने दें। 9 अक्टूबर को रात 10:00 बजे से जंतर-मंतर की 4 किमी की रेडियस में मोबाइल इंटरनेट भी बंद कर दिया गया। फिर आया डी डे 10 अक्टूबर और सुबह से खबरें आने लगी कि दिल्ली पुलिस अपने इस प्लान पर किस तरह से काम कर रही है। जो प्रदर्शनकारी रात में दिल्ली पहुंचे जिन्होंने बंगला साहिब गुरुद्वारे में शरण ली पुलिस ने तड़के वहां दबिश दी। सेंट्रल दिल्ली में कुछ और जगहों पर भी प्रदर्शनकारियों के ग्रुप नजर आए लेकिन पुलिस की संख्या हमेशा उनसे कई गुना ज्यादा रही। नतीजा बसें भरकर प्रदर्शनकारियों को सुबह 8:00 बजे से ही डिटेंशन सेंटर भेजा जाने लगा। पुलिस को 7000 प्रदर्शनकारियों के दिल्ली पहुंचने का इनपुट मिला था। बीती बार के मुकाबले इस बार पहरा बहुत ज्यादा कड़ा था। सुबह के वक्त सेंट्रल दिल्ली की तमाम सड़कें पूरी तरह से बैरिकेडिंग की वजह से खाली नजर आई। आखिरी बार यह नजारा कोविड लॉकडाउन के दौरान देखा था। जहां जो कोई दिखता पुलिस फौरन हिरासत में लेती। ध्रुव राठी ने 9 अक्टूबर की रात इंडिया गेट से दिल्ली में अपनी मौजूदगी का वीडियो डाला था। राठी को गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित उनके घर से डिटेन किया गया। पुलिस सीजेपी की लीडरशिप की भी क्लोज मॉनिटरिंग कर रही थी। उनके लीगल अफेयर्स की हेड रत्ना सिंह को जंगपुरा स्थित उनके घर से बाहर निकलते ही कार में डिटेन कर लिया गया। 9 अक्टूबर को यह तीनों ही मुंबई में मौजूद थे। अलग-अलग मीडिया ग्रुप्स के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे और लगातार वीडियो पोस्ट कर रहे थे कि आंदोलन तो होकर रहेगा। तब उनके हिरासत का अनुमान भी लगाया जा रहा था। दीपके दास और रांका मुंबई एयरपोर्ट से सुबह 10 अक्टूबर के रोज करीब 8:00 बजे फ्लाइट पर सवार होने के लिए पहुंचे और 10:30 बजे फ्लाइट दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर लैंड हुई। लैंडिंग होते ही दिल्ली पुलिस के जवान फ्लाइट के अंदर पहुंचे। तीनों को हिरासत में लिया गया। अलग-अलग अज्ञात जगहों पर ले जाया गया। इन सबके बीच खबर आई कि अभिजीत दीपके की दादी का देहांत हो गया है। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें मानवीय आधार पर पैत्री गांव जाने की मंजूरी दी। इस तरह की खबरें भी आई। क्या सच में जेनजी ने बनाई दूरी? देश में जेन-ज़ी के दम पर बदलाव का दावा करने वाले सीजेपी (CJP) के दूसरे बड़े शक्ति प्रदर्शन में ही युवाओं की दूरी साफ़ नज़र आई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े को लेकर जंतर-मंतर पर बुलाई गई दूसरी मुहिम उस तरह परवान नहीं चढ़ सकी। इसकी एक वजह जहां पुलिस-प्रशासन का कड़ा पहरा रहा, वहीं युवाओं और छात्रों का इस आंदोलन से घटता जुड़ाव भी अहम कारण बना। हालांकि जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) के कुछ चेहरे प्रदर्शन में ज़रूर पहुंचे, मगर अलग-अलग विश्वविद्यालयों और परिसरों से छात्रों की वह ऐतिहासिक भीड़ नदारद रही जिसकी उम्मीद की जा रही थी। साफ है कि सीजेपी के शुरुआती आंदोलन के मुकाबले इस बार न तो ज़मीनी स्तर पर छात्रों का वैसा उत्साह दिखा, और न ही विपक्षी दलों का वह एकजुट राजनीतिक समर्थन जुटाया जा सका। सोशल मीडिया पर भी सुस्त पड़ा समर्थन ज़मीनी स्तर के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी इस बार सीजेपी के पक्ष में छात्रों की वह मुखर मौजूदगी नहीं दिखी, जो पहले नज़र आई थी। हालांकि एनएसयूआई (NSUI) ने कार्यक्रम में भागीदारी दर्ज कराई, लेकिन डीयू, जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, डीटीयू, आईआईटी दिल्ली और आंबेडकर विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों से छात्रों की भारी लामबंदी नहीं हो सकी। दरअसल, इससे पहले पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों से जुड़े मसले सीधे छात्रों के भविष्य से जुड़े थे, जिसने उन्हें स्वतः ही एकजुट कर दिया था। इसके उलट, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग एक विशुद्ध राजनीतिक मुद्दा बन गई, जिसके चलते आम छात्र वर्ग इससे उस तरह भावनात्मक रूप से नहीं जुड़ पाया। सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी 10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट, कई मेट्रो स्टेशनों के गेट और दर्जनों ट्रेनें बंद कर दी गई थीं, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर को आदेश दिया था कि 10 अक्टूबर को बिना नियम के पाबंदियां ना लगाई जाए। खासकर मेट्रो ट्रेनों पर पूरी तरह से रोक ना हो। लेकिन 10 अक्टूबर को दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया। साथ ही दिल्ली पुलिस ने मेट्रो के कई स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद करने की मांग की। इसके बाद आरोप लगा कि अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। 11 अक्टूबर को कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिकाओं पर ध्यान दिया। उसी दिन कोर्ट ने यह भी कहा कि इंटरनेट सेवाओं में कोई रुकावट ना हो। गृह सचिव, पुलिस कमिश्नर और डीएमआरसी की चेयरमैन को अवमानना का नोटिस जारी किया गया। अवमानना का मतलब यह होता है कि कोर्ट के आदेश का पालन ना करना या उसका उल्लंघन करना। गृह सचिव गोविंद मोहन ने अपने हलफनामे में कहा है कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट बंद करने का फैसला शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया था। उनका कहना है कि सीजेपी ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। लेकिन उसके पास जरूरी अनुमति यानी कि इजाजत नहीं थी। पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत भी नहीं दी थी। ऐसे में प्रशासन को डर था कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा हो सकती है और लोगों के बीच अफवाहएं फैल सकती हैं। गृह सचिव ने कहा कि इंटरनेट बंद करने का फैसला किसी आदेश को जानबूझकर ना मानने के लिए नहीं लिया गया था। उन्होंने कोर्ट से इस मामले में उन्हें अवमानना की कारवाई से राहत देने की भी मांग की है। होम सेक्रेटरी गोविंद मोहन और पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार दोनों ने कहा है कि उन्होंने कोर्ट के आदेश को जानबूझकर नहीं तोड़ा। यह लगातार बार-बार कहें। गृह सचिव ने इंटरनेट बंद करने को जरूरी बताया है। वहीं पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने सीजेपी के पुराने प्रदर्शनों और हिंसा का हवाला देते हुए पुलिस की कारवाई का बचाव किया है।
सीनियर सिटिजन सोसायटी की बैठक में हंसी-ठिठोली के बीच मनाए जन्मदिन
अजमेर। शास्त्री नगर स्थित जनक श्री गार्डन में सीनियर सिटिजन सोसायटी ग्रुप-4 की मासिक बैठक हंसी-खुशी और मनोरंजक माहौल के बीच आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सुनील पारख ने की। कार्यक्रम की शुरुआत सचिव अशोक जोशी ने ईश्वर वंदना, ओम मंत्र, हास्य एवं ताली वादन के साथ कराई। सोसायटी के मीडिया प्रभारी डॉ. एसडी मिश्रा […] The post सीनियर सिटिजन सोसायटी की बैठक में हंसी-ठिठोली के बीच मनाए जन्मदिन appeared first on Sabguru News .
भारत की विमानन क्रांति का पहला दशक और
भारत की विमानन क्रांति The post भारत की विमानन क्रांति का पहला दशक और ‘आत्मनिर्भर’ भविष्य का रोडमैप appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
इजरायली फाइटर जेट्स ने ईरान सीमा के पास किया युद्धाभ्यास, बढ़ा तनाव
इजरायल और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इजरायल की वायु सेना के दर्जनों लड़ाकू विमानों ने एक साथ उड़ान भरी और वे ईरान की सीमा के बेहद करीब पहुंच गए. उस समय ईरान में यह गहरा अंदेशा बन गया था कि किसी भी क्षण बमबारी शुरू हो सकती है। दरअसल, यह सैन्य अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह इजरायल की मुख्य सीमा से लगभग 800 मील से भी अधिक दूरी पर आयोजित किया गया था.
अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमले की बनाई योजना, न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद अमेरिका और इजरायल, ईरान पर फिर से बड़ा सैन्य हमला करने की योजना बना चुके हैं. इस मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले उच्च पदस्थ अमेरिकी अधिकारियों और रक्षा मामलों के जानकारों के हवाले से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों ने एक छोटे लेकिन बेहद तीव्र और घातक सैन्य अभियान यानी 'शॉर्ट शार्प ऑपरेशन' की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है.
Dominos के आउटलेट समेत 11 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड, FDA का एक्शन
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर FDA ने Domino's Pizza के दो आउटलेट समेत 11 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं. 21 और 22 अक्टूबर को हुई जांच में गंदे किचन, जंग लगे बर्तन, खाद्य सामग्री के गलत रखरखाव और अन्य खामियां मिलीं.
करीना ने Ex बॉयफ्रेंड शाहिद को लगाया गले, भूलीं ब्रेकअप का दर्द
IIFA अवॉर्ड शुरू होने से पहले मुंबई में इसकी प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई, जिसमें बॉलीवुड, टीवी और साउथ सिनेमा के दिग्गज सितारे शामिल हुए.
सुप्रीम कोर्ट ने बहराइच में 2003 के चाकू-बंदूक हमले के दोषियों को प्रोबेशन पर रिहा करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट को कड़ी फटकार लगाई है।
हिसाब तो देना ही पड़ेगा! धन्नीपुर मस्जिद की फंडिंग पर उठे सवाल, वक्फ बोर्ड पर अनियमितता के आरोप
Dhannipur Mosque Ayodhya: अयोध्या के धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद निर्माण को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। बाराबंकी की सामाजिक संस्था ‘दहेज पर प्रहार’ की टीम ने धन्नीपुर पहुंचकर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ...
हर की पौड़ी सूखी, 18 दिन बंद रहेगी गंग नहर, जानिए कब लौटेगा गंगाजल
हरिद्वार में दशहरे की रात से गंग नहर की 18 दिन की बंदी शुरू हो गई है. इस दौरान नहर की वार्षिक मरम्मत, रखरखाव और कुंभ 2027 से जुड़े निर्माण कार्य किए जाएंगे. सात नवंबर की मध्यरात्रि में नहर दोबारा खोली जाएगी. बंदी के कारण हर की पैड़ी समेत कई घाटों पर गंगाजल कम हो गया है, जिससे स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु निराश हैं.
कीव ब्लास्ट का भयानक मंजर, चश्मदीद ने किया कैमरे में कैद
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कीव में हुए जोरदार धमाके का वीडियो सामने आया है, जिसमें रात के अंधेरे में अचानक आसमान रोशनी से भर जाता है. प्रत्यक्षदर्शी ने इस खौफनाक पल को कैमरे में कैद किया. कीव के दो जिलों पर हमले की जानकारी सामने आई है. वहीं, यूक्रेन की ओर से मॉस्को की दिशा में ड्रोन भेजे जाने की खबर भी तनाव बढ़ने का संकेत देती है.
अब आपके सेविंग अकाउंट पर बढ़ जाएगा चार्ज, इस बड़े बैंक का ऐलान
अगर आपके पास भी आईसीआईसीआई बैंक में खाता है तो अब आपको ज्यादा चार्ज और जुर्माना देना पड़ सकता है, क्योंकि बैंक ने कई तरह के नियमों में बदलाव किया है. यह बदलाव 1 दिसंबर 2026 से लागू होगा.
'छोड़ दी अच्छी सैलरी वाली कॉर्पोरेट जॉब', कंटेंट क्रिएटर ने बताई ये वजह
एक कंटेंट क्रिएटर ने अपनी अच्छी- खासी कॉर्पोरेट जॉब छोड़ दी. फिर भी वह खुद को आर्थिक तौर पर इंडिपेंडेंट बता रहा है. एक वीडियो ने उसने ऐसा करने की बड़ी वजह बताई है.
रेहान वाद्रा की Bikaner House प्रदर्शनी से 70 तस्वीरें हटाई गईं, Congress ने साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा की प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को उस वक्त राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब मुख्य विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि अंग्रेजों की तरह भाजपा और आरएसएस के लोग भी सच से डरते हैंवहीं, ‘बीकानेर हाउस सोसाइटी’ ने कहा कि कुछ तस्वीरें उसकी नीति के अनुरूप नहीं पाए जाने के कारण उन्हें हटाने को कहा गया था और शेष तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं। विवाद के बीच, रेहान ने कहा कि अधिकांश कला राजनीतिक होती है और किसी कला संस्थान को राजनीतिक विषयवस्तु की अनुमति नहीं देने का फैसला नहीं करना चाहिए। रेहान ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि उनकी एकल प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ बुधवार शाम सात बजे शुरू होनी थी और इसके उद्घाटन से करीब 24 घंटे पहले बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उन्हें बताया कि कुछ तस्वीरें आपत्तिजनक हो सकती हैं या संस्थान की नीति के खिलाफ हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रबंधन से आपत्तियां लिखित रूप में देने को कहा, लेकिन अगले दिन दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उन्हें बताया गया कि प्रदर्शनी में शामिल 105 तस्वीरों में से करीब 70 को हटाना होगा। रेहान के अनुसार, उन्होंने पहले ही ऐसी कुछ तस्वीरें अलग कर दी थीं जिनमें स्पष्ट रूप से राजनीतिक नारे थे। कुछ अन्य तस्वीरों में झंडे और राजनीतिक नेता दिखाई दे रहे थे और वह उनके बारे में प्रबंधन से चर्चा करने के लिए तैयार थे। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने दिल्ली में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में कुछ तस्वीरों को ‘राजनीतिक’ बताते हुए उन्हें हटाने को कहा। रेहान ने कहा कि उनकी टीम ने कई तस्वीरें हटा दीं, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज वाली दो तस्वीरों को हटाने की मांग पर उन्होंने आपत्ति जताई। उनका दावा है कि जब वह प्रदर्शनी के उद्घाटन के लिए तैयार होने घर गए थे, तब अधिकारियों ने भारतीय ध्वज वाली एक तस्वीर स्वयं हटा दी। उन्होंने कहा, ‘‘अधिकांश कला राजनीतिक होती है...आप एक कला संस्थान के रूप में काम करते हुए यह नहीं कह सकते कि राजनीतिक विषयवस्तु की अनुमति नहीं है।’’रेहान ने यह भी कहा कि प्रदर्शनी का प्रारूप करीब एक सप्ताह पहले ही बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ साझा किया गया था और यदि तस्वीरों को लेकर आपत्ति थी तो उस पर पहले ही चर्चा की जानी चाहिए थी। दूसरी ओर, बीकानेर हाउस सोसाइटी ने एक बयान में कहा कि वह कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित सार्वजनिक सांस्कृतिक संस्थान है और वहां आयोजित प्रदर्शनियों तथा उनसे जुड़ी गतिविधियों को बीकानेर हाउस प्रबंधन सोसाइटी की नीति का पालन करना होता है। सोसाइटी ने कहा, ‘‘रेहान वाद्रा की प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ के तहत प्रदर्शित कुछ तस्वीरें बीकानेर हाउस प्रबंधन सोसाइटी की नीति के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसलिए उन्हें हटाने का आग्रह किया गया।’’उसने कहा कि नीति के अनुरूप पाई गई अन्य तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं। इस बीच, रेहान के पिता रॉबर्ट वाद्रा ने कहा कि उन्हें अपने बेटे और उसकी मेहनत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि रेहान ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान तस्वीरें ली थीं और प्रदर्शनी के लिए करीब एक सप्ताह पहले ही संबंधित अधिकारियों को विस्तृत सामग्री भेज दी थी। प्रियंका गांधी वाद्रा ने अपने बेटे की प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाए जाने को ‘‘हास्यास्पद’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि देश के युवाओं की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने ‘एक्स’ पर अपने बेटे के नाम संदेश में कहा कि जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी अन्य की अभिव्यक्ति से डरने लगता है तो वह उस ताकत को पहले ही खो चुका होता है, जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा होता है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, ‘‘युवाओं की अभिव्यक्ति के खिलाफ संघ की मानसिकता पूरी तरह सामने आ रही है। जब युवा अपने मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरते हैं और अपनी बात रखते हैं, तो आपको परेशानी होती है। जब वे कला के माध्यम से अपनी बात कहते हैं, तब भी आपको परेशानी होती है। आखिर युवा अपनी बात कैसे रखें और उनकी अभिव्यक्ति से आपको क्या समस्या है?’’उन्होंने कहा, ‘‘भारत के युवाओं की अभिव्यक्ति को लेकर अंग्रेजों को भी यही समस्या थी। युवा अपनी बात रखेंगे। उनकी बात सुनिए और देखिए। यह कला है, आखिर इससे भी आपको क्या समस्या है?’’खेड़ा ने कहा कि असल बात है कि ये लोग सच से डरते हैं।
हर सेकंड एक गाड़ी... नवरात्रि में बिके 11 लाख वाहन! इन गाड़ियों की डिमांड
Navratri Vehicle Sales 2026: पिछले साल नवरात्रि और जीएसटी 2.0 रिफॉर्म दोनों की शुरुआत एक ही दिन यानी 22 सितंबर 2025 हुई थी. जिसका सीधा असर वाहनों की बिक्री पर देखा गया था. लेकिन इस साल ऐसा नहीं है, लेकिन बावजूद इसके 10 दिनों के भीतर 11.23 लाख वाहन बिक गए.
गमले खरीदने की जरूरत नहीं! घर में पड़ी इन 6 चीजों में उगाएं पौधे
घर में हरे-भरे पौधे लगाने के लिए महंगे गमले खरीदने की जरूरत नहीं है. पुरानी प्लास्टिक की बोतल, कांच का जार, बाल्टी, खाली डिब्बे, पुराने टायर और नारियल के खोल जैसी चीजों में भी आसानी से पौधे उगा सकते हैं. इन बेकार पड़ी चीजों को प्लांटर में बदलकर आप अपनी बालकनी, छत या आंगन को हरा-भरा और खूबसूरत बना सकते हैं. जानिए गमलों के अलावा किन 6 चीजों में पौधे लगा सकते हैं और इन्हें इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है.
भाई दूज पर शनि मार्गी, इन 3 राशियों का आने वाला है 'स्वर्णिम काल'
शनि 11 दिसंबर को मीन राशि में मार्गी होने वाले हैं. यानी इस दिन शनि की सीधी चाल शुरू हो जाएगी. इसके बाद शनि की उल्टी चाल 9 अगस्त 2027 को ही शुरू होगी. इस दौरान करीब 8 महीने तक तीन राशियों पर शनि की विशेष कृपा रहेगी.
बेंगलुरु: पत्नी को बेवफा मानता था पति, हत्या कर नाले में फेंक दी लाश; पुलिस ने किया गिरफ्तार
बेंगलुरु पुलिस ने एक प्रवासी मजदूर मोहम्मद इरफाज को अपनी पत्नी रुखसाना की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।
Diljit Dosanjh के JLN Stadium कॉन्सर्ट को Delhi Police ने नहीं दी अनुमति
दिल्ली पुलिस ने विशेष खतरे, सुरक्षा चिंताओं और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए 30 अक्टूबर को जेएलएन स्टेडियम में होने वाले पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के संगीत कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनंत मित्तल ने ‘बुकमाय शो लाइव’ प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अनिल मखीजा को 21 अक्टूबर को लिखे एक पत्र में बताया कि दिलजीत दोसांझ के ‘ऑरा इंडिया टूर दिल्ली’ संगीत कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति के अनुरोध पर गौर किया गया लेकिन इसे मंजूरी नहीं दी जा सकती। पत्र में कहा गया कि खतरे से जुड़ी विशेष जानकारी, त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कई जिम्मेदारियों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी अन्य चिंताओं को देखते हुए संगीत समारोह की अनुमति देना संभव नहीं है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशंसकों के जुटने की उम्मीद थी। आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि सरकार गायक दिलजीत दोसांझ के संगीत कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार क्यों कर रही है? उन्होंने कहा, भारतीय युवा दोसांझ को पसंद करते हैं और पंजाब में भी वह लोगों के चहेते हैं। हालांकि इस फैसले के पीछे के कारणों के बारे में विस्तृत विवरण तुरंत उपलब्ध नहीं हो सका। दिल्ली में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दिलजीत के ऑरा वर्ल्ड टूर के भारत चरण की शुरुआत करता। राष्ट्रीय राजधानी के बाद उन्हें छह शहरों - इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ और चंडीगढ़ जाना था। ‘वर्ल्ड टूर’ के तहत, दिलजीत उत्तर अमेरिका व यूरोप के कई देशों और ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तुति दे चुके हैं।
जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता, ब्रिटिश संसद में सांसदों का प्रस्ताव
ब्रिटेन की संसद में कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पुष्टि करने वाला प्रस्ताव पेश किया है. चार सांसदों के समर्थन वाले इस प्रस्ताव में आतंकवाद, कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा और भारत-ब्रिटेन के मजबूत संबंधों का भी जिक्र है.
जानिए कैसे AI से मदद लेकर साक्षी बनी CA इंटर में ऑल इंडिया टॉपर
महीनों की कड़ी मेहनत, सुबह 5 बजे से शुरू होने वाला दिन और लगातार 12-14 घंटे की पढ़ाई, इसी लगन के दम पर नासिक की साक्षी चांडक ने CA इंटरमीडिएट सितंबर 2026 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR 1) हासिल की है. 600 में से 502 मार्क्स लाने वाली साक्षी ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अपनी फैमिली, कठिन परिश्रम और पढ़ाई में AI के सही इस्तेमाल को दिया है.
Mekedatu Project: 20 बोरहोल से सिर्फ जांच होगी, वन भूमि डायवर्जन नहीं, केंद्र से बोला कर्नाटक
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने केंद्र से आग्रह किया है कि वे प्रस्तावित मेकेदातु पेयजल परियोजना के लिए वन्यजीव मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य अभी केवल भू-तकनीकी जांच के लिए 20 बोरहोल खोदने की अनुमति मांग रहा है, न कि संरक्षित वन भूमि को अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल करने की। शिवकुमार ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ एक बैठक के दौरान यह अनुरोध किया। उन्होंने मंत्री से कहा कि वे 'नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ' की स्थायी समिति से इस प्रस्ताव पर विचार करने और जल्द ही अपनी सिफारिश देने के लिए कहें। शिवकुमार ने अपने प्रतिवेदन में कहा यह प्रस्ताव केवल सर्वेक्षण और जांच गतिविधियों से संबंधित है। इसमें फिलहाल परियोजना के लिए किसी संरक्षित क्षेत्र की भूमि को अन्य उपयोग में बदलने (डायवर्जन) की मांग नहीं की गई है। इसे भी पढ़ें: Dravidian Architecture का बेजोड़ नमूना है Chamundeshwari Temple, शिखर पर हैं 7 स्वर्ण कलश कर्नाटक ने 1 जुलाई को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को एक प्रस्ताव सौंपा, जिसमें कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के भीतर 0.0000352 हेक्टेयर क्षेत्र में 20 बोरहोल (छेद) करने की अनुमति मांगी गई है। इन जांचों का उद्देश्य प्रस्तावित 'मेकेदातू बैलेंसिंग रिज़र्वोयर' (जलाशय) और पेयजल परियोजना के लिए भू-तकनीकी (जियोटेक्निकल) जानकारी जुटाना है। इसलिए, राज्य की यह मांग केवल प्रस्तावित स्थल पर जांच करने की अनुमति के लिए है, न कि जलाशय के निर्माण या परियोजना के लिए अभयारण्य की भूमि को अन्य उपयोग में बदलने की मंजूरी के लिए। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित मेकेदातु से जुड़ी याचिकाओं की स्थिति के बारे में कुछ और दस्तावेज मांगे हैं। शिवकुमार ने कहा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हाल ही में इस मामले से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट में लंबित विभिन्न याचिकाओं की स्थिति के बारे में जरूरी दस्तावेज/जानकारी मांगी है, जो जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएगी। इसे भी पढ़ें: मंत्रियों को रोकने वाले Police अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, DK Shivakumar ने दिए जांच के आदेश मेकेदातु को कावेरी नदी पर एक बैलेंसिंग रिज़र्वोअर (संतुलन जलाशय) और पेयजल परियोजना के रूप में प्रस्तावित किया गया है। कर्नाटक इसका इस्तेमाल बेंगलुरु की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए करना चाहता है। तमिलनाडु ने इस परियोजना पर आपत्तियां जताई हैं, क्योंकि उसे डर है कि इससे नदी के निचले बहाव और कावेरी के पानी के बंटवारे पर असर पड़ सकता है। शिवकुमार ने यादव से आग्रह किया कि वे मेकेदातु प्रस्ताव के साथ-साथ शरावती पंप स्टोरेज परियोजना से जुड़ी राज्य की मांग पर भी विचार करें। उन्होंने कहा, इस संबंध में, NBWL की स्थायी समिति के अध्यक्ष के तौर पर, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया इन दोनों प्रस्तावों की जल्द से जल्द जांच करें और अपनी सिफारिश दें।
योगेंद्र यादव ने कहा है कि लोग अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते, सिर्फ निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। दूसरी ओर नेहा बोरा ने CJP प्रोटेस्ट से खुद को अलग बताया है। वहीं टीम इंडिया ने T20 में सबसे बड़ा लक्ष्य चेज किया।
असम: DSP की होटल में मौत, 4 दिन बाद कमरे में मिला शव
असम के बोंगाईगांव में तैनात पुलिस उपाधीक्षक खरगेश्वर राभा का शव संदिग्ध हालत में एक होटल के कमरे से मिला. फिलहाल अभी तक मौत की वजह साफ नहीं है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही आगे की जानकारी सामने आएगी.
वोट चोरी एक साबित हकीकत, जयराम रमेश बोले- झूठ के जरिए ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला करते हुए, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने गुरुवार को उन पर झूठ फैलाकर लोगों का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का इकोसिस्टम हताशा और घबराहट में है। कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता ने केंद्र सरकार पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया और कहा कि वोट चोरी एक साबित हो चुकी सच्चाई है। एक्स पर एक पोस्ट में जयराम ने लिखा वोट चोरी एक साबित हो चुकी सच्चाई है। ECI (चुनाव आयोग) के अपने आंकड़ों के अनुसार, 10 करोड़ से अधिक भारतीयों के सामने अपना संवैधानिक वोटिंग अधिकार खोने का खतरा है। ECI ने नए मतदाताओं के लिए रुकावटें पैदा करने के लिए 'फॉर्म 6' में गैर-कानूनी तरीके से बदलाव किए हैं। इसने चुनिंदा लोगों के नाम हटाने के लिए 'फॉर्म 7' के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग को बढ़ावा दिया है। इसे भी पढ़ें: शीशे के घरों में बैठकर..., Rahul Gandhi के बयान पर RSS नेता इंद्रेश कुमार का पलटवार, बोले- देश के बंटवारे के लिए Congress जिम्मेदार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर निशाना साधते हुए, उन्होंने कहा कि CEC ने सभी कानूनी सुरक्षा उपायों को दरकिनार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के नागरिकों में भारी गुस्सा है और सत्ताधारी दल के दमन के बावजूद देशभर में विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, CEC ने सभी कानूनी सुरक्षा उपायों को दरकिनार करते हुए, मतदाता सूची पर अपना नियंत्रण केंद्रित करने के लिए ECINET का इस्तेमाल किया है। देश में भारी आक्रोश है। लोगों में बहुत गुस्सा है और दमन के बावजूद विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी पूरी तरह से बेनकाब हो गई है और जनता उनसे जवाब मांगेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का इकोसिस्टम, अपनी हताशा और घबराहट में, अब लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। वे वही कर रहे हैं जो उनके DNA में है झूठ फैलाना। लेकिन वे सफल नहीं होंगे। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है और जनता उनसे जवाब मांगेगी। इस बीच, विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी नकारात्मक राजनीति के कारण 2030 तक भी चुनाव नहीं जीत पाएगी। इसे भी पढ़ें: Maharashtra विधान परिषद की 5 सीटों पर मतदान कल, 182 उम्मीदवार मैदान में उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे केवल घुसपैठियों के वोट बैंक को बचाने के लिए वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को चेतावनी दी कि पंजाब से उनकी पार्टी का सफाया हो जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी में एक सभा को संबोधित करते हुए, गृह मंत्री ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर कांग्रेस पार्टी द्वारा बार-बार उठाए जा रहे सवालों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह पुरानी पार्टी हारने पर हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ही दोष देती है। शाह ने कहा मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि आप 'वोट चोरी' के आरोप लगाकर घुसपैठियों के वोटों को बचाना चाहते हैं। कांग्रेस कई राज्यों में दशकों से चुनाव नहीं जीत पाई है, और यह सिलसिला प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने से बहुत पहले ही शुरू हो गया था। कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर तंज कसते हुए शाह ने आगे कहा आप जिस तरह की नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, उसे देखते हुए मैं कह सकता हूं कि आप 2030 तक भी चुनाव नहीं जीत पाएंगे... जहां आप जीतते हैं, वहां चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहा होता है, लेकिन जब भी आप हारते हैं, तो चुनाव आयोग में ही खोट नजर आने लगता है। अगर आप मेरी बात सुन रहे हैं, तो याद रखें कि अगले 30 सालों तक आपकी बारी नहीं आने वाली है।
Congress देश के बंटवारे के लिए जिम्मेदार, Rahul Gandhi पर भड़के RSS नेता Indresh Kumar
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने RSS को 'संविधान-विरोधी पंथ' (anti-constitutional cult) कहा था। उन्होंने कांग्रेस पर देश के बंटवारे के लिए जिम्मेदार होने और संगठन के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया। ANI से बात करते हुए, कुमार ने कहा कि देश के बंटवारे के बाद से ही कांग्रेस लगातार RSS पर बेबुनियाद आरोप लगाती आ रही है। उन्होंने संगठन के भीतर महिलाओं के साथ बर्ताव को लेकर गांधी के दावों को भी खारिज कर दिया और कहा कि संघ परिवार महिलाओं को कहीं अधिक सम्मान देता है। इंद्रेश कुमार ने कहा कि हकीकत यह है कि देश के बंटवारे के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। तब से ही वे RSS के बारे में लगातार झूठ फैला रहे हैं - न केवल झूठ, बल्कि ऐसे दावे जो पूरी तरह से बेबुनियाद और बकवास हैं... एक तरफ वे दावा करते हैं कि RSS की महिलाएं उनके साथ हैं, तो दूसरी तरफ वे कहते हैं कि RSS में महिलाओं पर अत्याचार होता है। एक RSS स्वयंसेवक और संघ परिवार 'नारी शक्ति' को जितना सम्मान देते हैं, वह कांग्रेस द्वारा दिए जा सकने वाले सम्मान से कहीं अधिक है; कांग्रेस तो इसके आस-पास भी नहीं है। इसे भी पढ़ें: Maharashtra विधान परिषद की 5 सीटों पर मतदान कल, 182 उम्मीदवार मैदान में यह टिप्पणी तब आई जब राहुल गांधी ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट में आरएसएस पर लैंगिक असमानता का आरोप लगाया और इसे केवल पुरुषों वाला, संविधान-विरोधी पंथ बताया। गांधी ने यह भी दावा किया कि RSS से जुड़ी महिलाएं संगठन के खिलाफ उनकी राजनीतिक लड़ाई का समर्थन करती हैं। उन्होंने RSS की विचारधारा की तुलना अपनी विचारधारा से की, जिसे उन्होंने शिव-शक्ति का नाम दिया। गांधी ने कहा कि RSS केवल पुरुषों वाला, संविधान-विरोधी पंथ है, जो मानता है कि महिलाएं पुरुषों की संपत्ति हैं। मैं 'शिव-शक्ति' में विश्वास करता हूं। इसलिए मुझे उनसे लड़ने में बहुत खुशी मिलती है। सबसे अच्छी बात यह है कि उनकी अपनी ही कई महिलाएं मेरे साथ हैं। इस बीच, कुमार ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की टिप्पणी का भी जवाब दिया। उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया और कांग्रेस के अपने ही रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। इसे भी पढ़ें: Jairam Ramesh ने Ram Mandir जमीन खरीद पर PM Modi को घेरा, चंदे में हेरफेर का लगाया आरोप सच तो यह है कि वे कभी संघ का हिस्सा नहीं रहे, और न ही उन्होंने कभी इसे सच में समझा या देखा है। उनके लिए यह एक आदत बन गई है कि वे अपने कांच के घरों में बैठकर दूर से पत्थर फेंकते रहें। हर कोई जानता है कि संघ क्या था, और हर कोई जानता है कि आज संघ क्या है। इसलिए, उनके सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्हें अपने खुद के रिकॉर्ड पर नज़र डालनी चाहिए। गांधीजी ने एक बार कांग्रेस को सलाह दी थी कि वे कांग्रेस को भंग कर दें और एक नई राजनीतिक पार्टी बनाएं। उन्होंने तो अपने खुद के नेताओं की बात भी नहीं सुनी।
Gen Z लड़के का दुख... बार-बार लड़कियों ने किया रिजेक्ट, फिर...
रेडिट पर एक यूजर ने अपने डेटिंग एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि कई सालों से लड़कियों को पसंद करने और डेटिंग ऐप्स यूज करने के बावजूद उसे रिश्ते में कामयाबी नहीं मिली. स्कूल से लेकर कॉलेज और डेटिंग ऐप्स तक, उसे कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा. उसके एक्सपीरियंस ने ये सवाल खड़ा किया है कि क्या आज की जेन जी लड़कियां डेटिंग और रिश्तों में पहले से कम दिलचस्पी ले रही हैं?
यूरोप के कई देशों में प्रदर्शन हो रहे हैं. अमेरिका का रुख रूस के प्रति नरम होता दिख रहा है. ऐसे में यूरोप किस तरह न्यू वर्ल्ड आर्डर को देख रहा है. साथ ही भारत की भूमिका के बारे में वो क्या सोच रहा है. इस पर NDTV World Summit में दुनिया के 4 राजदूतों ने अपनी राय रखी.
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या में दर्शन से लेकर चढ़ावे तक की पूरी व्यवस्था को अब और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और पेशेवर बनाया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट के नवनियुक्त पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने पदभार संभालते ही ...
Maharashtra Drought: सुप्रिया सुले ने किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये मांगे
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता की मांग की है। सुले ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने किसानों को राहत देने का आग्रह करते हुए सरकार को एक पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य सरकार से विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित सहायता राशि जारी करने का आग्रह भी किया। सुले ने कहा, ‘‘हमारा इरादा खोखली राजनीति करने का नहीं है। हमने सहयोग का रुख अपनाया है क्योंकि यह ऐसा समय है जब मानवीय संवेदना मायने रखती है।’’बारामती की सांसद ने कहा कि सूखे और बढ़ती महंगाई के कारण किसान गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की सहायता देने की मांग की। राकांपा (शप) की नेता सुले ने कहा कि बैंकों को किसानों को परेशान नहीं करना चाहिए। सुले ने रोजगार गारंटी के तहत काम शुरू कराने की मांग भी की। सुले ने नमो किसान और महाराष्ट्र सरकार की किसान सहायता योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को केंद्र और राज्य, दोनों सरकारों से सालाना सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि का एक हिस्सा अब तक लंबित है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र की 358 में से 305 तहसीलों में सूखा घोषित किया है। पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि दिवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में पांच-पांच हजार रुपये की शुरुआती राहत राशि सीधे जमा की जाएगी। राज्य विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में कथित अनियमितताओं और पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में कथित बैठक के बारे में पूछे जाने पर सुले ने कहा कि वह टिप्पणी करने से पहले उपलब्ध सामग्री की जांच करेंगी। राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुले ने कहा, ‘‘मैं किसी के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप में नहीं पड़ना चाहती। मेरा कहना है कि एक व्यवस्था है और देश को उसी व्यवस्था के अनुसार चलना चाहिए।’’मराठा आरक्षण आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना पर एक ऑडियो क्लिप के संबंध में लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर सुले ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से न तो वीडियो देखा है और न ही उसके संदर्भ को समझा है। जरांगे ने आरोप लगाया था कि इस ऑडियो क्लिप में उन्हें 500 करोड़ रुपये देने की बात कही गई है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे रेहान वाद्रा की तस्वीरों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुले ने कहा कि उन्हें एक स्वतंत्र फोटोग्राफर के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी नेता के बेटे के तौर पर। सुले ने कहा, ‘‘आप उन्हें केवल प्रियंका गांधी का बेटा क्यों मानते हैं? उन्हें एक प्रतिभाशाली भारतीय फोटोग्राफर के रूप में क्यों नहीं देखते?’’उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा, ‘‘अगर आप राजनीतिक रूप से लड़ना चाहते हैं, तो हमसे लड़िए। लेकिन माता-पिता की वजह से हमारे बच्चों को निशाना बनाना गलत है।’’
हम 2029 तक यमुना को निर्मल बना देंगे-शाह
नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने आज दिल्ली में यमुना पुनरुद्धार से जुड़ी ₹8,941 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शि
वाट्सएप पर पसंद की लड़की, शादी के लिए दिए 2.5 लाख फिर...
बीड के गेवराई में 2.5 लाख रुपये देकर शादी कहाई गई थी. दो दिन बाद दुल्हन ने शादी के रैकेट का खुलासा कर दिया. इसके साथ ही फर्जी आधार कार्ड के जरिए युवकी की उम्र 20 बताई गई थी. पुलिस जांच में युवती के नाबालिग होने की बात सामने आई.
राष्ट्र की सतत चेतना है सनातन The post राष्ट्र की सतत चेतना है सनातन appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
'CEC के खिलाफ महाभियोग आया तो...', स्पीकर ने बताया अगला कदम
यदि जांच समिति की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकलता है कि न्यायाधीश/CEC ने कोई कदाचार किया है या उनमें कोई अक्षमता है, तो उस प्रस्ताव और समिति की रिपोर्ट को संसद के उस सदन (या सदनों) में विचार के लिए रखा जाएगा, जहां वह प्रस्ताव लंबित है. इसके बाद यदि संसद के दोनों सदन, संविधान के अनुच्छेद 124 (या अनुच्छेद 218 के साथ पठित संबंधित खंड) के प्रावधानों के अनुसार इस प्रस्ताव को पारित कर देते हैं, तो यह माना जाएगा कि न्यायाधीश का कदाचार या अक्षमता साबित हो गई है.
नेतन्याहू ने पीएम मोदी से की फोन पर बात, स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए दिया विशेष निमंत्रण
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर बात की, जिसमें दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक संबंधों और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने पर चर्चा हुई।
नेतन्याहू ने पीएम मोदी से की फोन पर बात, स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए दिया विशेष निमंत्रण - Jagran
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रेमंड की टैगलाइन द कंप्लीट मैन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कोई भी कंप्लीट मैन नहीं होता. उनसे पूछा गया था कि आपकी कंप्लीट मैन की परिभाषा क्या है.
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने PM मोदी को लगाया फोन, कैप्टन मच्छार के साथ इजरायल आने का दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पीएम मोदी को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कैप्टन स्मित मच्छार के साथ इजरायल आने का न्योता दिया है। बता दें, इजरायल हिब्रू पंचांग के हिसाब से अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है।
NDTV World Summit: भारत-श्रीलंका आर्थिक सहयोग पर बात करते हुए अबेसिंघे ने कहा कि श्रीलंका की कई कंपनियां भारतीय बाजार में आने की तैयारी कर रही हैं. उन्होंने बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और तकनीक जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग की संभावनाएं बताईं.
'CEC को हटाने के प्रस्ताव पर प्रक्रिया का होगा पालन...', ज्ञानेश कुमार को लेकर बोले स्पीकर ओम बिरला
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की मांग के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि ऐसा कोई प्रस्ताव आने पर निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाएगा. वहीं परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर विशेष सत्र बुलाने का फैसला सरकार करेगी.
AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत
दिल्ली नगर निगम के सदन में विकास निधि और प्रदूषण के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ. सामने आए वीडियो में पार्षद एक-दूसरे से माइक छीनते, धक्का-मुक्की करते और जोर-जोर से बहस करते नजर आ रहे हैं. कुछ पार्षद महापौर की सीट तक पहुंच गए, जिसके बाद महापौर प्रवेश वाही को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
Wings Over Ganga: वाराणसी में 100 विमानों का एयर शो
वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायुसेना के तीन दिवसीय ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो का आगाज हुआ. राफेल, सुखोई, तेजस और सूर्य किरण टीम ने गंगा के आसमान में शानदार करतब दिखाए. 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है. वीडियो में जानें क्यों हो रही ये एक्सरसाइज़.
पिछले हफ्ते, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि भारत, जो अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 80% से अधिक हिस्सा आयात करता है, ने अपने आपूर्ति नेटवर्क का विस्तार करते हुए 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक कर लिया है।
'मुस्कान की आंखों में फांसी का डर', बेटियों को संभालेगा मशहूर कपल
मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में मौत की सजा पाई मुस्कान से कवि दंपती सौरभ सुमन और अनामिका अंबर ने जेल में मुलाकात की. दंपती ने उसकी दोनों बच्चियों की पढ़ाई का खर्च आजीवन उठाने की घोषणा की. अनामिका ने कहा कि अपराध गंभीर है और माफी नहीं होनी चाहिए, लेकिन अदालत बच्चियों के भविष्य पर भी विचार करे.
बिहार की जीविका योजना के तहत मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन से हजारों ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को बढ़ावा, मधुग्राम
पाकिस्तान के नए 'बद्र' रक्षा समझौते पर क्यों नजर रखेगा भारत?
पाकिस्तान ने तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया के साथ बद्र समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर साझा रक्षा उत्पादन, तकनीक, प्रशिक्षण और शोध बढ़ाने की पहल की. यह सैन्य गठबंधन नहीं है, फिर भी पाकिस्तान के हथियार स्रोत बढ़ने और इंडोनेशिया की भागीदारी के कारण भारत इसकी प्रगति पर नजर रखेगा.
VIDEO: भैंसा बुग्गियों की खतरनाक रेस, पलटकर दूसरी बुग्गी से टकराई और...
बागपत की खेकड़ा-बसी रोड पर रात के अंधेरे में भैंसा बुग्गियों की खतरनाक दौड़ का वीडियो वायरल हुआ है. दावा है कि बुग्गियों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा थी. इसी दौरान एक बुग्गी पलटकर दूसरी से टकरा गई. बाइक सवार बाल-बाल बचे. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने संबंधित थाने को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.
दिल्ली की 123 वक्फ संपत्तियों पर किसका हक? रेस कोर्स मस्जिद पर बेदखली का विवाद, 61 L
स्नेहलता | नई दिल्लीदिल्ली की जमीन पर एक बड़ा सवाल खड़ा है—जिस जगह पर मस्जिद है, क्या उस जमीन का मालिकाना हक सरकार के पास है? अगर किसी धार्मिक स्थल को वक्फ संपत्ति के रूप में अधिसूचित किया गया है, तो क्या इससे जमीन के मालिकाना हक का विवाद अपने आप खत्म हो जाता है? […]
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के बयान पर पलटवार किया है। राहुल गांधी की ओर से आरएसएस को लेकर की गई टिप्पणी पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि असल बात यह है: इस देश के बंटवारे के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। तब से लेकर अब तक, वे लगातार RSS के बारे में झूठ फैलाते आ रहे हैं—सिर्फ मामूली झूठ ही नहीं, बल्कि ऐसे दावे जो पूरी तरह से बेबुनियाद और बेतुके हैं... एक तरफ, वे दावा करते हैं कि RSS की महिलाएं उनके साथ हैं, जबकि दूसरी तरफ, वे कहते हैं कि RSS में महिलाओं का उत्पीड़न होता है। RSS स्वयंसेवक और संघ परिवार 'नारी शक्ति' को जो सम्मान देते हैं, वह कांग्रेस द्वारा दिए जा सकने वाले सम्मान से कहीं अधिक है; कांग्रेस तो इसके आस-पास भी नहीं फटकती। इसे भी पढ़ें: VHP नेता पंकज भारतीय ने Bilaspur में सामाजिक भेदभाव मिटाने की अपील की सरसंघचालक मोहन भागवत पर प्रियांक खड़गे की टिप्पणी के बारे में उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि वे कभी संघ का हिस्सा नहीं रहे, और न ही उन्होंने कभी इसे सच में समझा या देखा है। उनकी तो आदत ही बन गई है कि वे अपने 'शीशे के घरों' में बैठकर, दूर से ही पत्थर फेंकते रहें। सब जानते हैं कि संघ क्या था, और सब जानते हैं कि आज संघ क्या है। इसलिए, उनके आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार हैं। उन्हें तो पहले अपना खुद का रिकॉर्ड देखना चाहिए। गांधीजी ने एक बार कांग्रेस को सलाह दी थी कि वे कांग्रेस को भंग कर दें और एक नई राजनीतिक पार्टी बनाएं। उन्होंने तो अपने खुद की नेताओं की बात तक नहीं सुनी। CJP पर, इंद्रेश कुमार ने कहा कि ये विरोध-प्रदर्शन सिर्फ चल ही नहीं रहे हैं, बल्कि इनमें शामिल लोग पुराने मुद्दों को छोड़कर नए मुद्दों को पकड़ते जा रहे हैं। इसलिए, आइए मुख्य सवाल पर ध्यान दें: क्या वे भारत में भी वैसी ही स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं जैसी बांग्लादेश में देखने को मिलती है—जहाँ अराजकता है, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है, सूफी विचारधारा को मानने वालों का कत्लेआम हो रहा है, और आम शरीफ लोगों को विस्थापित होना पड़ रहा है? यह इस समय का सबसे अहम और गंभीर मुद्दा है। मैं सबसे पूछता हूँ: इन युवाओं और इसमें शामिल अन्य लोगों को इसके लिए फंडिंग कहाँ से मिल रही है? यह बात दुनिया के सामने धीरे-धीरे साफ होती जा रही है, और यही वजह है कि इन विरोध-प्रदर्शनों में लोगों की संख्या लगातार कम हो रही है; इसमें भागीदारी साफ तौर पर घट रही है। इसे भी पढ़ें: RSS पथ संचलन के लिए जरूरी मंजूरी ले, पुलिस सेवक नहीं: Priyank Kharge अभियान में राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल पर उन्होंने आगे कहा कि ये लोग पूरे देश में अपने बड़े-बड़े दावों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। भारत सरकार चला रही पार्टी—या यूँ कहें कि पार्टियों का गठबंधन—बस वही दोहरा रही है जो पहले ही किया जा चुका है; 'हर घर तिरंगा' पहल पहले ही करोड़ों घरों तक पहुँच चुकी है। वे आखिर नया क्या पेश कर रहे हैं? यह सब एक दिखावा है। उन्हें लगता है कि वे तिरंगे का इस्तेमाल ब्लैकमेल करने के लिए कर सकते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर जैसे मौकों पर 'हर घर तिरंगा' अभियान ने करोड़ों परिवारों के मन में तिरंगे के प्रति सम्मान को और गहरा किया है। तिरंगा एक ऐसा प्रतीक है जो लोगों को जोड़ता है; लेकिन ये लोग इसका गलत इस्तेमाल करके समाज में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। इससे कुछ हासिल नहीं होने वाला।
संजू- नमन की सुनामी, क्राइस्टचर्च में भारत की जीत मे दिखी ये कमजोरी
संजू सैमसन की 33 गेंदों में 67 रन की पारी के दम पर भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले T20 इंटरनेशनल में रिकॉर्ड चेज करते हुए छह विकेट से जीत दर्ज की. न्यूजीलैंड ने ग्लेन फिलिप्स के नाबाद 82 रन की मदद से 225/8 का स्कोर बनाया. भारत ने श्रेयस अय्यर और नमन धीर की अहम पारियों से दो गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल किया.
बिहार में सरकारी एंबुलेंस की हो सकेगी ऑनलाइन ट्रैकिंग, कंट्रोल रूम मौके पर तुरंत भेजेगी गाड़ी
सभी सरकारी एंबुलेंस की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी और उन्हें ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) से लैस किया जाएगा. इस व्यवस्था से रोड एक्सीडेंट या गंभीर बीमारियों के समय मरीजों को तुरंत एंबुलेंस की सुविधा मिल सकेगी.
पूर्व BJP जिलाध्यक्ष की ऑडी ने पहले टक्कर मारकर गिराया, फिर कुचल डाला, Video
अलीगढ़ में 20 अक्टूबर को मनोज की मौत के मामले में परिजनों ने ऑडी सवार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का दावा है कि हॉर्न बजाने और रास्ते को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद बाइक को टक्कर मारी गई और सड़क पर गिरे मनोज को ऑडी पीछे करके कुचल दिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
PM Modi और Donald Tusk ने रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने का लिया संकल्प, शाम की बड़ी खबरें
भाषा की विभिन्न फाइल से बृहस्पतिवार शाम छह बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं : दि53: मोदी भारत लीड पोलैंडयूक्रेन, पश्चिम एशिया में शांति के हर सार्थक प्रयास का समर्थन करेगा भारत: प्रधानमंत्री मोदीनयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पोलैंड के उनके समकक्ष डोनाल्ड टस्क ने बढ़ती वैश्विक अस्थिरता के बीच दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का बृहस्पतिवार को संकल्प लिया तथा रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर सहमति जताई। दि42: विपक्ष लीड बैठक‘वोट चोरी’ को लेकर बुलाई गई ‘इंडिया’ की ऑनलाइन बैठक स्थगितनयी दिल्ली, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए प्रस्तावित विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं की ऑनलाइन बैठक स्थगित कर दी गई है। दि64: भाजपा कांग्रेस दूसरी लीड प्रदर्शनभाजपा ने कांग्रेस पर ‘सत्ता परिवर्तन की साजिश’ का आरोप लगाया, राहुल गांधी को ‘गद्दार’ कहानयी दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने फ्रांस में हुए दंगों और भारत में हालिया विरोध-प्रदर्शनों के बीच कथित संबंधों वाली एक मीडिया रिपोर्ट का बृहस्पतिवार को हवाला देते हुए दावा किया कि इससे कांग्रेस की “अराजकता और सत्ता परिवर्तन की साजिश” उजागर होती है। भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘गद्दार’ करार दिया। प्रादे112: अदालत टाइगर श्रॉफ आरोपीटाइगर श्रॉफ गोलीबारी : दो महिलाओं समेत चार आरोपी 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजे गएमुंबई, मुंबई की एक अदालत ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में दिल्ली से पकड़े गए चार आरोपियों को बृहस्पतिवार को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इन आरोपियों में दो महिलाएं शामिल हैं। प्रादे82: उप्र अखिलेश आजमआजम खान से मिलने रामपुर पहुंचे अखिलेशरामपुर, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से मिलने के लिए बृहस्पतिवार को रामपुर पहुंचे। पार्टी से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रादे70: बंगाल विपक्ष पार्टी कार्यालयमाकपा, कांग्रेस ने अपने पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ का आरोप लगायाकोलकाता, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कोलकाता के बाहरी इलाके में भाजपा समर्थकों ने उनके पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की। वहीं, सत्तारूढ़ दल के स्थानीय विधायक ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया। प्रादे100: राजस्थान मतदान प्रतिशत तीन बजेराजस्थान में पंचायत चुनाव के लिए मतदान जारी, तीन बजे तक 48.06 प्रतिशत मतदानजयपुर, राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के लिए बृहस्पतिवार को मतदान हो रहा है जहां अपराह्न तीन बजे तक 48.06 प्रतिशत मतदान हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वि33: ब्रिटेन फार्मासिस्ट जेलब्रिटेन: धोखाधड़ी के मामले में भारतीय मूल के फार्मासिस्ट और कर्मचारी को छह साल की जेललंदन, ब्रिटेन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) से करीब 13 लाख पाउंड की धोखाधड़ी के मामले में भारतीय मूल के एक फार्मासिस्ट और उसके कर्मचारी को छह-छह साल कैद की सजा सुनाई गई। वि6: संरा भारत दाऊददाऊद की डी-कंपनी को ‘भारत स्थित’ गिरोह बताने पर नयी दिल्ली ने संरा की रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताईसंयुक्त राष्ट्र, भारत ने संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष प्रतिवेदक द्वारा गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के नेतृत्व वाली डी-कंपनी को ‘‘भारत स्थित’’ आपराधिक गिरोह बताए जाने को सख्ती से खारिज किया है और इस संबंधी एक रिपोर्ट में ‘‘स्पष्ट एवं गंभीर तथ्यात्मक गलतियों’’ की ओर ध्यान दिलाते हुए आगाह किया है कि इस तरह की अक्षमता से विश्व निकाय को भारी नुकसान पहुंचता है। अर्थ29: जीएसटी बदलावएक नवंबर से जीएसटी में बड़े बदलाव की संभावना, छोटे विक्रेताओं का पंजीकरण आसान, रिफंड में तेजीनयी दिल्ली, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए पंजीकरण आसान बनाने, रिफंड में तेजी लाने और नोटिस जारी करने के लिए 10,000 रुपये की न्यूनतम सीमा तय करने जैसे सुधार एक नवंबर से लागू होने की संभावना है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अर्थ17: सरकार आईडीबीआईआईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के बाद सरकार, एलआईसी सार्वजनिक शेयरधारक बनेंगे: दीपम सचिवनयी दिल्ली, निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने कहा कि सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड को प्रस्तावित रणनीतिक बिक्री के बाद आईडीबीआई बैंक में सार्वजनिक शेयरधारक बनाने की योजना है। उनकी हिस्सेदारी अधिकतम 15 प्रतिशत होगी और बैंक के निदेशक मंडल में उनका कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा। खेल43: खेल एशियाड पैरा एथलेटिक्स दूसरी लीड भारतपैरा एथलेटिक्स में भारत को लगातार दूसरे दिन पांच स्वर्ण, पुरुषों की ऊंची कूद में क्लीन स्वीपनागोया, भारत ने एशियाई पैरा खेलों में ट्रैक और फील्ड पर लगातार दूसरे दिन पांच स्वर्ण पदक जीते जब शैलेष कुमार की अगुवाई में पुरुषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में ‘क्लीन स्वीप’ किया तो 400 मीटर टी47 स्पर्धा में महिला और पुरुष वर्ग में अंजनाबेन बुंबाडिया और दिलीप गावित, महिलाओं की चक्काफेंक एफ54 में सुवर्णा राज और पुरुषों की लंबीकूद में सोलाइराज धर्मराज ने पहला स्थान हासिल किया। खेल38: खेल लीड भारतसैमसन और नमन की पारियों से भारत ने न्यूजीलैंड को हरायाक्राइस्टचर्च, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की शुरुआती ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी के बाद आखिरी ओवरों में नमन धीर की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला के पहले मुकाबले में बृहस्पतिवार को यहां न्यूजीलैंड को चार विकेट से शिकस्त दी। ‘द कन्वरसेशन’ से अनुबंध के तहत जारी खबरें :वि28: इजराइल चुनाव फलस्तीनीइजराइल के चुनाव में फलस्तीनी नागरिकों के सामने मुश्किल सवाल : मतदान करें या नहींन्यूयॉर्क, इजराइल में चुनाव आमतौर पर मतदाताओं के लिए विकल्प चुनने का अवसर होते हैं। हालांकि, इजराइल के फलस्तीनी नागरिकों के लिए देश के राष्ट्रीय चुनाव एक विकल्प से ज्यादा दुविधा पेश करते हैं। वि25: फ्रांस प्रदर्शन दृश्यसोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने के दौर में फ्रांस के छात्र बता रहे विरोध-प्रदर्शन का तरीकावेलेंसिया (स्पेन), यूरोप में हाल में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और खुशी के दो ऐसे दृश्य देखने को मिले, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। वि13: एआई शिक्षापढ़ाई के लिए एआई के इस्तेमाल का सही तरीकासिडनी, कृत्रिम मेधा (एआई) ने हाईस्कूल और विश्वविद्यालय के छात्रों को ऐसा संसाधन उपलब्ध कराया है, जो संभावित रूप से ‘‘उनका पूरा काम कर सकता है।’’ इससे असाइनमेंट जमा करने का तत्काल तनाव कम हो सकता है, लेकिन लंबे समय में उनकी सीखने की क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
रडार, टचस्क्रीन और 343KM रेंज, देसी कंपनी ने लॉन्च की धांसू बाइक
अल्ट्रावायलेट ने भारतीय बाजार में अपनी नई इलेक्ट्रिक बाइक को लॉन्च कर दिया है. एक्स-47 वेनम में कंपनी ने दो बैटरी पैक का ऑप्शन दिया है, जिसकी क्लेम्ड रेंज 343 किलोमीटर तक की है. ये बाइक 150 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड के साथ आती है. इस बाइक को कंपनी ने अपने लेटेस्ट प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
ऑनलाइन परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाने पर ही मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस, सरकार बदलने जा रही नियम
सड़क परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन परीक्षा में पास होने का न्यूनतम अंक 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव किया है।
'महाकाल' का टैटू, गोली के निशान और... चंदौली में मिले 2 शव
चंदौली जिले के धीना इलाके में बोरियों में बंद दो अज्ञात युवकों (उम्र 32 व 35 वर्ष) के गोलियों से छलनी शव मिले. एक का गला भी कटा था और दोनों के बाएं हाथ पर 'महाकाल' लिखा है. पुलिस को हत्या कहीं और करके शव यहाँ फेंकने की आशंका है.
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों पर मैक्रों का बड़ा एक्शन, अवैध मार्च पर लगेगा बैन!
फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अवैध प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण मार्च के लिए वैकल्पिक रास्ते सुझाए जाएंगे, जबकि अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. फिलहाल देश में चल रहे प्रदर्शनों पर बात करते हुए मैक्रों ने कहा कि हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.
दिल्ली में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर अमीर शोकीन के एक वायरल वीडियो ने त्रिपुरा समेत पूरे पूर्वोत्तर में नाराजगी पैदा कर दी है। वीडियो में त्रिपुरा के एक युवक की शक्ल-सूरत और पहचान का मजाक उड़ाते हुए उसे ‘चीनी’ कहा गया और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आखिर पूर्वोत्तर के लोगों को उनकी शारीरिक बनावट और पहचान के आधार पर निशाना बनाने वाली सोच कब बदलेगी? यहां सवाल उठता है कि क्या किसी व्यक्ति की आंखों, चेहरे या शारीरिक बनावट के आधार पर उसकी राष्ट्रीयता तय करने का अधिकार किसी को मिल गया है? साथ ही अगर यही व्यवहार मनोरंजन के नाम पर किया जाए, तो क्या अपमान अपने आप जायज हो जाता है? माफी के पीछे ‘स्क्रिप्टेड वीडियो’ की दलील हम आपको बता दें कि विवाद बढ़ने के बाद अमीर शोकीन ने माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने दावा किया कि वीडियो स्क्रिप्टेड था और उसमें दिख रहा युवक उनका परिचित है। उन्होंने कहा कि युवक पहले अहमदाबाद में उनके एक मित्र के कैफे में काम कर चुका था और पूरी बातचीत हास्य सामग्री के रूप में तैयार की गई थी। लेकिन यह सफाई विवाद को खत्म करने के बजाय एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। यदि वीडियो वास्तव में पूर्वनियोजित था, तो क्या इससे उसमें इस्तेमाल किए गए नस्लीय शब्द स्वीकार्य हो जाते हैं? यदि युवक परिचित था, तो क्या उसकी सहमति के नाम पर किसी पूरे समुदाय की पहचान को अपमानित करने का लाइसेंस मिल जाता है? देखा जाये तो हास्य और अपमान के बीच की सीमा समझना मुश्किल नहीं है। मुश्किल तब पैदा होती है, जब किसी की पहचान को ही मजाक का विषय बनाकर लोकप्रियता और सोशल मीडिया पर ध्यान बटोरने की कोशिश की जाती है। इसे भी पढ़ें: 'इस दुष्ट व्यक्ति को सजा मिलेगी': Tripura के युवक पर नस्लीय टिप्पणी करने वाले कंटेंट क्रिएटर पर Kiren Rijiju का कड़ा रुख, सख्त कार्रवाई का वादा दिल्ली से त्रिपुरा तक पुलिस की कार्रवाई हम आपको यह भी बता दें कि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को सदर बाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 192, 196, 352 और 353 के तहत मामला दर्ज किया। ये धाराएं दंगा भड़काने के इरादे से उकसावे, विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने, शांति भंग कराने के उद्देश्य से अपमान और सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयानों से संबंधित हैं। साथ ही दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) इकाई भी जांच में तकनीकी सहायता दे रही है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष पुलिस इकाई SPUNER ने इस मामले में IFSO से सहयोग मांगा था। पुलिस आरोपी की पहचान और घटनाक्रम से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। उधर, त्रिपुरा पुलिस ने भी प्राथमिकी दर्ज की है और दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय के लिए विशेष टीम भेजी है। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक जी.एस. राव ने पुष्टि की कि पीड़ित और आरोपी की पहचान कर ली गई है तथा मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली (TSFD) ने 21 अक्टूबर को SPUNER के संयुक्त पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठन ने नस्लीय टिप्पणियों, अपमानजनक व्यवहार और वीडियो में दिखाई गई घटना की जांच के साथ मूल रिकॉर्डिंग, मेटाडेटा, अकाउंट विवरण तथा अपलोड हिस्ट्री सुरक्षित रखने की मांग की। साथ ही युवक को आगे किसी तरह की धमकी या उत्पीड़न से बचाने की अपील भी की गई। यूथ TIPRA फेडरेशन (YTF) और TIPRA इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन (TISF) ने भी अगरतला के न्यू कैपिटल कॉम्प्लेक्स थाने में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं। केंद्रीय मंत्री की चेतावनी, राजनीति भी आमने-सामने इस बीच, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आरोपी को सजा मिलेगी। उन्होंने शिकायत दर्ज कराने में देरी का उल्लेख करते हुए दिल्ली और त्रिपुरा पुलिस से कठोर कार्रवाई की उम्मीद जताई। उन्होंने यह भी चेताया कि समाज में ऐसे घृणित व्यवहार को सहन करने वाले लोग भी नफरत फैलने के लिए जिम्मेदार हैं। वहीं त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही टिपरा मोथा के संस्थापक प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा समेत अन्य नेताओं ने भी उक्त टिप्पणियों की निंदा की है। उधर, भारतीय जनता पार्टी की त्रिपुरा इकाई ने अमीर शोकीन को कांग्रेस कार्यकर्ता बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। पूर्वोत्तर के लोगों के साथ नस्ली व्यवहार कब होगा बंद? हम आपको यह भी बता दें कि इस विवाद के बीच शोकीन के भाई मोहम्मद वसीम राजा ने भी उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि परिवार ने एक दशक से अधिक पहले ही उनसे संबंध तोड़ लिए थे और उन पर उगाही तथा संपत्ति पर अवैध कब्जे जैसे आरोप हैं। देखा जाये तो इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण सवाल इन आरोपों से भी बड़ा है। पूर्वोत्तर के नागरिकों को बार-बार अपनी भारतीयता साबित करने की नौबत क्यों आए? उनकी शक्ल-सूरत को विदेशी पहचान से जोड़ने वाली सोच को सामान्य मजाक की तरह क्यों लिया जाए? क्या राष्ट्रीय एकता केवल नारों में दिखाई देगी, या रोजमर्रा के व्यवहार में भी नजर आएगी? कानून अपना काम करेगा और दोष तय करने का अधिकार अदालत का है। लेकिन सामाजिक जवाबदेही से कोई नहीं बच सकता। किसी वीडियो को वायरल करने की होड़ में अगर किसी समुदाय की गरिमा कुचली जाती है, तो उसे केवल कंटेंट कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। बहरहाल, पूर्वोत्तर भारत का अभिन्न हिस्सा है, कोई सांस्कृतिक या भौगोलिक परिधि नहीं। उसके लोगों का सम्मान किसी की कृपा नहीं, उनका अधिकार है। अमीर शोकीन प्रकरण का निर्णायक संदेश यही होना चाहिए कि नस्लीय अपमान को मनोरंजन का मुखौटा पहनाकर सामान्य नहीं बनाया जा सकता। माफी अपनी जगह है, लेकिन न्याय, जवाबदेही और मानसिकता में बदलाव उससे कहीं अधिक जरूरी हैं।
Asian Para Games: शीतल ने 2 घंटे में जीते 2 गोल्ड, भारत के 88 मेडल
शीतल देवी ने दो घंटे से भी कम समय में दो गोल्ड मेडल जीतकर भारत को एशियन पैरा गेम्स में बड़ी सफलता दिलाई. भारत के कुल पदकों की संख्या 88 हो गई है, जिसमें 21 गोल्ड, 26 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज शामिल हैं. पैरा एथलेटिक्स में भारत ने 52 पदक जीते हैं, जबकि बैडमिंटन, तीरंदाजी, स्विमिंग और टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया.
छोटा घर लगेगा बड़ा और खूबसूरत, बड़े पत्तों वाले पौधों से सजाएं कोने!
दीवाली पर घर को मॉडर्न और लग्जरी लुक देना चाहते हैं, तो बड़े पत्तों वाले इनडोर प्लांट्स से सजावट कर सकते हैं. जानें पौधों को घर के खाली कोनों, लिविंग रूम और बालकनी में रखने के आसान तरीके, सही गमले चुनने और प्राकृतिक रोशनी का ध्यान रखने के जरूरी टिप्स.
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन पर केवल शिकायतें भेजने के बजाय प्रभावी निगरानी करने का निर्देश दिया है।
यूपी में 217 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड, 66 हजार से ज्यादा घर बनेंगे
उत्तर प्रदेश में जनवरी से सितंबर 2026 के बीच यूपी रेरा में 217 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हुए हैं. इन परियोजनाओं में 66,158 आवासीय यूनिट बनाने की योजना है और इनकी कुल अनुमानित लागत 46,795 करोड़ रुपये है. गौतमबुद्ध नगर 37 प्रोजेक्ट, 18,599 यूनिट और 21,221 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत के साथ सबसे आगे है. वहीं, लखनऊ में सबसे ज्यादा 59 प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हुए हैं.
Rafale-M के ट्रायल से मजबूत होगी INS Vikrant की मारक क्षमता, हिंद महासागर में बढ़ेगी ताकत
गोवा में भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत, INS विक्रांत से राफेल-M (मरीन) लड़ाकू विमानों का परीक्षण किया जा रहा है। इन परीक्षणों का उद्देश्य विमानवाहक पोत से उड़ान भरने और उतरने की विमान की क्षमताओं का आकलन करना है। भारत ने 26 राफेल-M लड़ाकू विमान खरीदने के लिए फ्रांस के साथ एक समझौता किया है। इनमें 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर विमान शामिल हैं। इनकी डिलीवरी 2028 के अंत या 2029 की शुरुआत तक होने की उम्मीद है। नौसेना बेड़े में राफेल-एम (Rafale-M) को शामिल करने से INS विक्रांत की युद्ध क्षमता मजबूत होगी और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री हवाई ताकत को एक नई मजबूती मिलेगी। राफेल-एम एक कैरियर-आधारित, दो इंजन वाला, मल्टीरोल लड़ाकू विमान है, जिसे फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) ने बनाया है। भारत ने अपनी नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए इसे चुना है। इसकी अधिकतम गति लगभग मैक 1.8 (Mach 1.8) है, लंबाई लगभग 15.3 मीटर है, और इसमें सफरान (Safran) कंपनी के दो M88 टर्बोफैन इंजन लगे हैं। यह सिंगल-सीट और ट्विन-सीट, दोनों संस्करणों में उपलब्ध है। इसे भी पढ़ें: Jan Sangh से जन-जन की यात्रा: Nitin Nabin ने PM Modi के विकास Vision पर दिया जोर राफेल-एम की सबसे खास खूबी यह है कि यह एयरक्राफ्ट कैरियर (विमान वाहक पोत) से उड़ान भर सकता है और वहां उतर सकता है। इसमें मजबूत लैंडिंग गियर, एक विशेष लैंडिंग हुक और एक सुदृढ़ एयरफ्रेम लगा है, जो इसे एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरने और 'अरेस्टॉर वायर' (arrestor wire) की मदद से सुरक्षित रूप से उतरने में सक्षम बनाता है। भारत की योजना इस विमान को अपने एयरक्राफ्ट कैरियर, जैसे INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य से संचालित करने की है। इस संदर्भ में, इन भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर पर इसके ऑपरेशनल ट्रायल (परिचालन परीक्षण) बहुत महत्वपूर्ण हैं। राफेल-एम में थेल्स (Thales) कंपनी का RBE2 AESA रडार लगा है, जो हवा और सतह, दोनों तरह के लक्ष्यों का पता लगाने और उन्हें ट्रैक करने में मदद करता है। इसमें 'स्पेक्ट्रा' (SPECTRA) इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम भी है, जो रडार और अन्य खतरों की पहचान करने और उनके प्रति चेतावनी देने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर (बचाव के उपाय) भी प्रदान करता है। इससे दुश्मन की वायु रक्षा प्रणालियों के बीच काम करते समय विमान के सुरक्षित रहने (survivability) की क्षमता बढ़ती है। इसे भी पढ़ें: Election Commission टीम मणिपुर पहुंची, 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हथियारों की बात करें तो, 'मीटियर' (Meteor) और 'माइका' (MICA) जैसी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें राफेल के शस्त्रागार का अहम हिस्सा हैं। 'मीटियर' को दुश्मन के लड़ाकू विमानों को 'बियॉन्ड विजुअल रेंज' (दृश्य सीमा से परे) से निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जबकि 'माइका' भी हवाई युद्ध में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अलावा, राफेल श्रेणी के विमानों की मुख्य क्षमताओं में SCALP जैसी लंबी दूरी की 'एयर-टू-सरफेस' क्रूज़ मिसाइलें और 30mm की तोप शामिल हैं। ज़रूरत पड़ने पर, इनमें जहाज-रोधी (एंटी-शिप) हथियार भी लगाए जा सकते हैं। हालाँकि, यह मान लेने से पहले कि ये सभी हथियार भारतीय नौसेना के राफेल-M पैकेज का हिस्सा हैं, अनुबंध की स्थिति और ऑपरेशनल सर्टिफिकेशन (परिचालन प्रमाणन) की जांच करना ज़रूरी है। राफेल-M उड़ान के दौरान ईंधन भरने (इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग) में भी सक्षम है, जिससे यह लंबे समय तक मिशन पर रह सकता है और इसकी ऑपरेशनल रेंज (परिचालन पहुंच) बढ़ जाती है। अपने उन्नत सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट और नेटवर्क-केंद्रित क्षमताओं के साथ, यह समुद्री हवाई सुरक्षा, दुश्मन के जहाजों के खिलाफ अभियानों और लंबी दूरी के मिशनों में अहम भूमिका निभा सकता है।
रिजीम चेंज का हिस्सा नेहा बोरा, सरकार ने कोर्ट में कहा- बदलाव वोट से हो, गुंडों से नहीं
दिल्ली हाई कोर्ट में गुरुवार को केंद्र सरकार ने कहा कि AISA प्रेसिडेंट नेहा बोरा रिजीम चेंज की मांग वाली एक सभा का हिस्सा थीं। सरकार ने उन पर जारी 10000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड वाले नोटिस का बचाव करते हुए कहा कि सत्ता में बदलाव वोटों से आना चाहिए, नई दिल्ली में इकट्ठा होने वाले गुंडे तत्वों से नहीं।
अब तो कॉन्सर्ट से भी डर गए, दिलजीत दोसांझ के शो को इजाजत न मिलने पर बरसे अभिजीत दीपके
Diljit Dosanjh delhi concert cancelled: दिलजीत दोसांझ का दिल्ली कॉन्सर्ट सिक्योरिटी क्लीयरेंस न मिलने की वजह से कैंसिल हो गया है। इस जानकारी के सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर तंज कसा है।
Tiger Shroff Firing Case: दिल्ली से पकड़े गए 4 आरोपी, 26 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड!
मुंबई की एक अदालत ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दिल्ली से गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों (जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं) को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इन आरोपियों को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट (जिसे किला कोर्ट के नाम से भी जाना जाता है) में पेश किया गया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुणाल (21) और सुमित (19) के रूप में हुई है, जो हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। वहीं, राधा (23) और बबीता (23) उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। इन आरोपियों को राष्ट्रीय राजधानी से शहर लाने के बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: Tiger Shroff की कार पर गोलीबारी मामले में Delhi Police ने दो महिलाओं समेत चार पकड़े आरोपियों ने शूटर्स को हथियार मुहैया कराए पुलिस ने नौ दिन की कस्टडी की मांग करते हुए कहा कि ये चारों आरोपी, इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए लोगों के साथ मिलकर साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शूटर्स को हथियार उपलब्ध कराए थे, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर इस अपराध को अंजाम देने में किया गया। बचाव पक्ष के वकीलों, अजिंक्य मिरगुल और सत्यव्रत जोशी ने रिमांड की अर्जी का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और उन्हें केवल शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस कस्टडी में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है और आरोपियों को न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल कस्टडी) में भेजने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने चारों आरोपियों को 26 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, इनमें से दो आरोपी हथियार लाने के लिए अमृतसर गए थे, जबकि दो महिलाओं ने ट्रेन के जरिए हथियारों की तस्करी की और उन्हें मुंबई लाकर सीधे हमलावरों को सौंप दिया। इसे भी पढ़ें: Tiger Shroff Firing Case | मुंबई के पास की थी शूटिंग की प्रैक्टिस, अंधेरी के होटल में हुई थी 'मिसफायरिंग', पुलिस जांच में बड़े खुलासे टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग का मामला रविवार शाम (18 अक्टूबर) को मुंबई के जुहू इलाके में कम से कम दो लोगों ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर कथित तौर पर फायरिंग की और फिर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। अभिनेता को कोई चोट नहीं आई, जबकि उनके ड्राइवर और वहां मौजूद एक राहगीर घायल हो गए। मुंबई पुलिस के अनुसार, कार पर पांच से छह राउंड फायरिंग की गई। हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बाद में अंधेरी में लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पढ़ें 22 अक्टूबर 2026 की शाम की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
India vs New Zealand 1st T20I: क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में भारत और न्यूजीलैंड की टीम्स आमने सामने हुईं. न्यूजीलैंड की टीम ने भारत के सामने 226 रनों का लक्ष्य रखा था. ये लक्ष्य आसान नहीं था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने बल्लेबाजी पलट दी.
हैदराबाद में शादी के खर्च के लिए चेन स्नैचिंग करने वाला जोड़ा गिरफ्तार, सोने के आभूषण बरामद
हैदराबाद में एक बेरोजगार जोड़े को शादी और रोजमर्रा के खर्चों के लिए चेन स्नैचिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने एक 66 वर्षीय महिला से 30 ग्राम सोने का आभूषण छीना था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
Bikaner House ने Raihan Vadra की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने का किया बचाव, बताया नीति के खिलाफ
बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी ने रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी नो आइडिया इज़ फाइनल से कुछ कलाकृतियों को हटाने के अपने अनुरोध का बचाव किया है। सोसाइटी का कहना है कि कुछ तस्वीरें उनकी नीति के अनुरूप नहीं पाई गईं। सोसाइटी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि जो कलाकृतियां उनके दिशानिर्देशों के अनुरूप हैं, उन्हें प्रदर्शित किया जाना जारी रहेगा। एक आधिकारिक बयान में, सोसाइटी ने इस बात पर जोर दिया कि बीकानेर हाउस एक सार्वजनिक सांस्कृतिक संस्थान है, जो कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। साथ ही, यह भी कहा गया कि प्रदर्शनियों और उनसे जुड़ी गतिविधियों को सोसाइटी की नीति का पालन करना होगा। इसे भी पढ़ें: Jairam Ramesh ने Ram Mandir जमीन खरीद पर PM Modi को घेरा, चंदे में हेरफेर का लगाया आरोप यह बयान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा के आरोपों के बाद आया है। रेहान ने बुधवार को आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उन्हें अपनी प्रदर्शित कलाकृतियों का बड़ा हिस्सा हटाने के लिए कहा। इन कलाकृतियों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों को दिखाया गया था। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में रेहान ने लिखा कि पांच घंटे पहले, बीकानेर हाउस प्रबंधन ने मुझे अपने शो ‘नो आइडिया इज़ फाइनल’ से ज़्यादातर कलाकृतियां हटाने के लिए मजबूर किया। यह शो आज शाम 7 बजे शुरू होने वाला है। इनमें दिल्ली में युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरें थीं। उनके अनुसार, यह कंटेंट ‘आपत्तिजनक’ है। उन्होंने मुझसे तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के लिए भी कहा। मैंने मना कर दिया है। मैं भारतीय ध्वज की तस्वीर नहीं हटाऊंगा। रेहान ने आगे कहा कि फिलहाल प्रदर्शनी आंशिक रूप से जारी रहेगी, और अगर ज़रूरत पड़ी तो वह विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरों के पूरे कलेक्शन को प्रदर्शित करने के लिए कोई दूसरी जगह तलाशेंगे। प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को 'X' पर एक पोस्ट के जरिए अपने बेटे का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे पता भी नहीं चलता कि वह उसी सत्ता को खो चुका है जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा है। तुम सच के साथ खड़े रहो, और हर खूबसूरत चीज़ खुद-ब-खुद तुम्हारे पास आ जाएगी। मुझे तुम पर गर्व है, और हमेशा रहेगा। इसे भी पढ़ें: मोदी मॉडल पर चुनाव लड़ने चले थे ट्रंप, 9 सर्वे में जनता ने किया रिजेक्ट, अब 2 साल कठपुतली बनकर रहेंगे! रेहान के पिता, रॉबर्ट वाड्रा ने भी गर्व जताया और कहा कि परिवार प्रदर्शनी के लिए कोई दूसरी जगह ढूंढ लेगा। उन्होंने यह तो नहीं बताया कि यह फैसला राजस्थान सरकार के दबाव में लिया गया या किसी और वजह से, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके बेटे को अपना काम प्रदर्शित करने से कोई नहीं रोक सकता। ANI से बात करते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि मुझे रेहान पर बहुत गर्व है। उसने देखा है कि पूरे परिवार को किन-किन चीज़ों से गुजरना पड़ा है, और उसके पिता को किन हालात का सामना करना पड़ा है। इसलिए, वह एक बहुत मजबूत इंसान है, बहुत दृढ़ विचारों वाला व्यक्ति है। वह कोई दूसरी जगह ढूंढ लेगा, और हम प्रदर्शनी किसी दूसरी जगह पर आयोजित करेंगे।
'गलती लोगों की है, बारिश में ही भीग जाते', दुर्गा पंडाल भगदड़ पर बोलीं BJP विधायक
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के लिए बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने आम जनता को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि लोगों की मानसिकता में बदलाव जरूरी है. उनके मुताबिक अगर लोग बारिश में ही भीग जाते और पंडाल में नहीं जाते तो ये हादसा नहीं होता.
रोजी-रोटी कमाने UP से आए थे जाहिद और रिहान, करंट लगने से दोनों की मौत
हरियाणा के सोनीपत में ककरोई रोड स्थित देवनगर में वेल्डिंग के दौरान करंट लगने से दो युवकों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान जाहिद और रिहान के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बागपत से रोजी-रोटी कमाने आए थे. दुकानदार सतीश के मुताबिक, शोर सुनकर वह मौके पर पहुंचे तो दोनों नीचे गिरे मिले. पुलिस हादसे की जांच कर रही है.
फोटो प्रदर्शनी पर विवाद की पूरी कहानी, खुद रेहान वाड्रा की जुबानी
दिल्ली के बीकानेर हाउस में प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. रेहान ने आरोप लगाया है कि उनकी प्रदर्शनी शुरू होने से ठीक पहले प्रबंधन ने कई तस्वीरों को हटाने का दबाव बनाया. उन्होंने बताया कि लगभग 70 तस्वीरों को आपत्तिजनक और राजनीतिक बताकर हटाने को कहा गया. रेहान के अनुसार उन्होंने प्रदर्शनी का लेआउट एक हफ्ते पहले ही जमा करा दिया था, जिस पर उस समय कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी. हालांकि, प्रदर्शनी खुलने से कुछ घंटे पहले अधिकारियों ने उनसे तस्वीरें हटाने को कहा.
ड्रिंक और किशमिश के पैकेटों में छिपाई थी 25.65 करोड़ की ड्रग्स, 3 आरोपी गिरफ्तार
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सूरत पुलिस के साथ मिलकर 25.65 करोड़ रुपये की हेरोइन और MD ड्रग्स जब्त की है. इस सिलसिले में दिल्ली और यूपी के तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. पुलिस अब अफगानिस्तान से जुड़े ड्रग्स नेटवर्क की जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
त्रिपुरा के युवक से नस्लीय दुर्व्यवहार मामले में Delhi Police ने दर्ज की FIR
दिल्ली पुलिस ने त्रिपुरा के युवक के साथ कथित रूप से नस्लीय व अपमानजनक व्यवहार किए जाने के वीडियो का स्वत: संज्ञान लेते हुए आरोपी ‘कंटेंट क्रिएटर’ के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। उत्तर दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) निहारिका भट्ट ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “कंटेंट क्रिएटर अमीर शौकीन सदर बाजार क्षेत्र का एक बुरे चरित्र (बीसी) का व्यक्ति है और पहले भी झगड़े के कई मामलों में शामिल रहा है।”उन्होंने कहा कि शौकीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कई टीम गठित की गई हैं। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) इकाई कथित नस्लीय दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि ‘पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष पुलिस इकाई’ (एसपीयूएनईआर) ने आईएफएसओ इकाई को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर वीडियो की जांच करने के लिए कहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने आमिर शौकीन नाम के कंटेंट क्रिएटर के आवास का भी दौरा किया लेकिन वह वहां नहीं मिला। यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर वीडियो की व्यापक निंदा के बीच सामने आया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा ने इस घटना के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रीजीजू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आरोपी को सजा भुगतनी होगी और दिल्ली तथा त्रिपुरा की पुलिस उसे ‘‘कड़ा सबक’’ सिखाएगी। मंत्री ने कहा, ‘‘इस बुरे व्यक्ति को सजा मिलेगी। आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने में थोड़ी देर हुई लेकिन दिल्ली पुलिस और त्रिपुरा पुलिस उसे कड़ा सबक सिखाएंगी।’’त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली (टीएसएफडी) ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष पुलिस इकाई (एसपीयूएनईआर) के संयुक्त पुलिस आयुक्त को 21 अक्टूबर को भेजी एक शिकायत में वीडियो की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इस वीडियो में एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर द्वारा त्रिपुरा के एक व्यक्ति को यौन उत्पीड़न, प्रताड़ना और अपमानजनक व्यवहार का शिकार बनाते हुए दर्शाया गया है। शिकायत में संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट को संचालित करने वाले व्यक्ति के साथ-साथ इसमें शामिल या कथित घटना को रिकॉर्ड करने वाले अन्य लोगों की पहचान और भूमिका के सत्यापन की मांग की गई है। फोरम ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो में उस व्यक्ति के खिलाफ नस्लीय रूप से अपमानजनक टिप्पणियां और त्रिपुरा के बारे में अपमानजनक संदर्भ शामिल हैं, जिससे राज्य के समुदाय के सदस्यों को पीड़ा हुई है। फोरम ने उचित कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से मूल रिकॉर्डिंग, खाता विवरण और अपलोड इतिहास सहित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने का आग्रह किया। शिकायत में तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री साहा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को इस मामले पर दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया था, जबकि विभिन्न दलों के नेताओं ने इस कथित आचरण की निंदा की और कार्रवाई की मांग की।

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