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Meta के नए AI Smart Glasses पर बड़ा खुलासा, हर आवाज और हर दृश्य को समझेंगे, प्राइवेसी को लेकर उठे सवाल

सोशल मीडिया कंपनी Meta अपने अगली पीढ़ी के AI स्मार्ट ग्लास पर काम कर रही है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, ये स्मार्ट ग्लास सिर्फ फोटो या वीडियो लेने तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि आसपास की आवाज और दृश्यों को लगातार समझकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 5:40 pm

ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ED ने फ्रीज किए 440 करोड़, क्या होगा TMC पर इसका असर

ED Freeze TMC Bank Accounts: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 5:22 pm

Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

Rainy Season Beauty Tips: बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन अपने साथ उमस, चिपचिपाहट और त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां भी लेकर आता है। इस मौसम में हवा में नमी बढ़ने के कारण मुंहासे/ पिंपल्स, ब्लैकहेड्स और फंगल इन्फेक्शन का खतरा काफी बढ़ ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 5:02 pm

ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ईडी ने फ्रीज किए टीएमसी से जुड़े 3 खातों में जमा 440 करोड़ रुपये

टीएमसी से जुड़े कथित फंड मामले में ईडी ने 440 करोड़ रुपये वाले खातों पर रोक लगाई और संदिग्ध लेन-देन की जांच तेज कर दी है। पार्टी ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

देशबन्धु 8 Jul 2026 4:32 pm

विवाद : यूपी विधानसभा चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल में जुटे भाजपा-आरएसएस

लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) उत्तर प्रदेश में व्यापक जनसंपर्क अभियान की तैयारी में जुट गए हैं। पार्टी नेतृत्व को आशंका है कि यह विवाद आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विपक्ष का बड़ा मुद्दा बन सकता है और इसका […] The post विवाद : यूपी विधानसभा चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल में जुटे भाजपा-आरएसएस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 4:16 pm

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस के सरकार से तीखे सवाल, चंपत राय की गिरफ्तारी की मांग

कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तुरंत भंग करने के साथ ही शंकराचार्य जी, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज, निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि और साधु-संत मिलकर एक नए ट्रस्ट का निर्माण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 4:09 pm

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

आज हमारे पास सुविधाएं अधिक हैं, लेकिन मन की शांति कम होती जा रही है। संपर्क बहुत हैं, लेकिन मन की बात कहने वाले लोग कम हैं। घर बड़े हो रहे हैं, पर साथ बैठने का समय घट रहा है। कमाई बढ़ रही है, लेकिन चिंताएं भी साथ-साथ बढ़ती जा रही हैं। समस्या आगे ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 3:50 pm

केजरीवाल ने 29 ऑटो कंपनियों को लिखा पत्र, E20 पेट्रोल पर मांगा जवाब

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर, हीरो मोटोकॉर्प समेत 29 ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर E20 पेट्रोल को लेकर लिखित जवाब मांगा। उन्होंने 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E20 के इस्तेमाल और संभावित नुकसान पर सवाल ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 3:39 pm

ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौता समाप्त घोषित किया, परमाणु वार्ता पर जताई निराशा

अंकारा। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तीन सप्ताह पहले हुए युद्धविराम समझौते को समाप्त घोषित करते हुए कहा है कि यह समझौता अब प्रभावी नहीं रहा। इसके व्यावहारिक परिणामों को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। ट्रंप ने अंकारा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि युद्धविराम समझौता अब […] The post ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौता समाप्त घोषित किया, परमाणु वार्ता पर जताई निराशा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 3:32 pm

सारण में नाबालिग लड़की के साथ प्रेमी समेत दो दोस्तों ने किया रेप

छपरा। बिहार में सारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि मगाईडीह गांव की एक नाबालिग लड़की अपने प्रेमी से मिलने चंवर में गई थी। जहां उसके प्रेमी ने जब गलत […] The post सारण में नाबालिग लड़की के साथ प्रेमी समेत दो दोस्तों ने किया रेप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 3:15 pm

महाराष्ट्र के सतारा जिले में करंट लगने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

कोल्हापुर/सतारा। महाराष्ट्र के सतारा जिले में बुधवार सुबह बिजली की ओवरहेड लाइन के संपर्क में आने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में पति पत्नी और उनके दो बच्चे शामिल हैं। पुलिस के अनुसार जिले की फलटण तहसील के खामगांव गांव में यह घटना तब हुई जब परिवार के […] The post महाराष्ट्र के सतारा जिले में करंट लगने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 3:06 pm

भीलवाड़ा में खातन खेड़ी विद्यालय की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य द्वार पर जड़ा ताला

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा क्षेत्र के खातन खेड़ी राजकीय विद्यालय की बदहाली से बुधवार को छात्रों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय की बदहाल स्थिति, जर्जर भवन और शिक्षकों की भारी कमी से नाराज विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन […] The post भीलवाड़ा में खातन खेड़ी विद्यालय की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य द्वार पर जड़ा ताला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:58 pm

वर्किंग वुमन हैं तो सावधान! सेहत को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, साल में एक बार जरूर कराएं ये 5 जरूरी टेस्ट

भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का डेडलाइन प्रेशर और घर-बाहर की दोहरी जिम्मेदारी के बीच आज की कामकाजी महिलाएं अपनी सेहत को सबसे पीछे छोड़ देती हैं। समय की कमी के चलते कई बार छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याएं गंभीर बीमारियों का रूप ले लेती हैं। डॉक्टर्स का मानना है कि 30 की उम्र पार करते ही वर्किंग महिलाओं को अपनी हेल्थ को लेकर 'प्रोएक्टिव' होने की जरूरत है। आज हम आपको उन 5 अनिवार्य हेल्थ चेकअप्स के बारे में बता रहे हैं, जो हर कामकाजी महिला के लिए साल में एक बार बेहद जरूरी हैं, ताकि आप न केवल स्वस्थ रहें बल्कि अपनी कार्यक्षमता भी बरकरार रख सकें।1. थायराइड फंक्शन टेस्ट (TFT): वजन और ऊर्जा के लिए जरूरीज्यादातर वर्किंग महिलाएं अक्सर थकान, अचानक वजन बढ़ने या घटने और बालों के झड़ने की समस्या से जूझती हैं। इसे अक्सर काम का तनाव मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यह थायराइड असंतुलन का लक्षण हो सकता है। साल में एक बार टीएसएच (TSH), टी3 (T3) और टी4 (T4) टेस्ट कराना अनिवार्य है ताकि थायराइड ग्रंथि सही से काम कर रही है या नहीं, इसका पता चल सके।2. बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan): हड्डियों की मजबूती की जांचऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने और धूप की कमी के कारण महिलाओं में विटामिन-डी और कैल्शियम की भारी कमी देखी जा रही है। उम्र के साथ महिलाओं की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। डेक्सा स्कैन (DEXA Scan) के जरिए आप अपनी हड्डियों के घनत्व की जांच करा सकती हैं और भविष्य में होने वाले फ्रैक्चर या जोड़ों के दर्द से बच सकती हैं।3. पैप स्मीयर और ब्रेस्ट स्क्रीनिंग (Mamography): कैंसर से बचाव के लिएमहिलाओं में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन शुरुआती स्टेज में पकड़े जाने पर इनका इलाज पूरी तरह संभव है। 30-35 वर्ष की आयु के बाद हर महिला को साल में एक बार गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लेकर 'पैप स्मीयर टेस्ट' और 'मेमोग्राफी' करानी चाहिए। यह छोटी सी सतर्कता जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा कवच का काम करती है।4. लिपिड प्रोफाइल और ब्लड शुगर टेस्ट: दिल की सेहत के लिएवर्कप्लेस का स्ट्रेस सीधे आपके दिल और ब्लड शुगर लेवल पर असर डालता है। खराब लाइफस्टाइल और बाहर के खाने की वजह से कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना और डायबिटीज का खतरा आम है। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट से आपको अपने हार्ट हेल्थ की स्थिति पता चलेगी, वहीं HbA1c टेस्ट के जरिए आप अपने पिछले तीन महीनों के शुगर लेवल का सही आकलन कर सकती हैं।5. विटामिन प्रोफाइल और हीमोग्लोबिन चेक: एनीमिया से मुक्तिक्या आपको काम के दौरान बार-बार चक्कर आते हैं या सांस फूलती है? यह एनीमिया यानी खून की कमी का सीधा संकेत है। कामकाजी महिलाओं में हीमोग्लोबिन और विटामिन-बी12 की कमी सबसे आम है, जो आपकी प्रोडक्टिविटी को घटाती है। साल में एक बार सीबीसी (CBC) और विटामिन प्रोफाइल टेस्ट करवाकर आप अपनी एनर्जी लेवल को हमेशा हाई रख सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:52 pm

ईरान ने कुवैत एवं बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर किए हमले

तेहरान। ईरान ने बुधवार को कहा कि उस पर अमरीकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर हमला किया है। अमरीका के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार रात कहा था कि अमरीका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में ईरान के खिलाफ सिलसिलेवार हमले […] The post ईरान ने कुवैत एवं बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर किए हमले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:52 pm

मानसून की बेवफाई से तप रहा पंजाब: पारा चढ़ने से बढ़ी उमस, मौसम विभाग ने दी 12 जुलाई से भारी बारिश की बड़ी चेतावनी

पंजाब में मानसून की एंट्री तो हो चुकी है, लेकिन बादलों की सुस्ती ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। राज्य के कई हिस्सों में मानसून पहुंचने के बाद भी उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हो रही है, जिससे उमस और गर्मी ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब के औसत तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इस भीषण उमस के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक राहत भरी खबर दी है। विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों के लिए 12 जुलाई तक भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में कोई मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव न होने के कारण मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। स्थानीय स्तर पर बन रहे बादलों की वजह से छिटपुट बूंदाबांदी तो हो रही है, लेकिन वह गर्मी से राहत दिलाने के बजाय उमस को और अधिक बढ़ा रही है। चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर और पटियाला सहित पंजाब के अधिकांश मुख्य शहरों में सुबह से ही तेज धूप और उमस का मिलाजुला असर देखा जा रहा है, जिससे बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।मानसून आया पर बादल क्यों नहीं बरस रहे? समझें इसके पीछे का बड़ा कारणपंजाब के किसान इस समय धान की रोपाई के काम में पूरी तरह जुटे हुए हैं, ऐसे में मानसून का इस तरह रूठना उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ तो रही हैं, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbiance) का मजबूत सपोर्ट न मिलने के कारण वे पंजाब के मैदानी इलाकों में पूरी तरह से बरस नहीं पा रही हैं।तापमान में आई 1.3 डिग्री की इस बढ़ोतरी ने मैदानी इलाकों को हीट पॉकेट में बदल दिया है। भटिंडा और फिरोजपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में पारा एक बार फिर 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। डॉक्टरों ने भी इस मौसम में उमस जनित बीमारियों और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने और अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी है।12 जुलाई तक के लिए मौसम विभाग का नया अलर्ट: इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिशचंडीगढ़ मौसम केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, पंजाब की जनता को इस चिपचिपी गर्मी से बहुत जल्द निजात मिलने वाली है। 10 जुलाई की रात से मानसूनी हवाएं एक बार फिर सक्रिय होंगी, जिसका असर 12 जुलाई तक पूरे राज्य में दिखाई देगा। मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है।इस आगामी स्पेल (दौर) के दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए खेतों में पानी के प्रबंधन की उचित व्यवस्था कर लें ताकि धान की नई फसलों को कोई नुकसान न पहुंचे। आने वाले 48 घंटे पंजाब के मौसम के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:50 pm

पंजाब पुलिस पर लगा अंतरराष्ट्रीय दाग: NRI परिवार से मांगी 3 करोड़ की रंगदारी, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की एंट्री से मचा हड़कंप

पंजाब पुलिस के एक सीनियर इंस्पेक्टर पर अमेरिकी नागरिक (NRI) परिवार को डरा-धमकाकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह विवाद अब सिर्फ पंजाब या भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें दुनिया की सबसे बड़ी जांच एजेंसियों में से एक अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की एंट्री हो गई है। एफबीआई ने पंजाब पुलिस के इस बदनाम इंस्पेक्टर को अपनी जांच में नामजद किया है, जिसके बाद से ही पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।आरोप है कि आरोपी इंस्पेक्टर ने पंजाब के एक मूल निवासी, जो अब सिएटल (अमेरिका) में सपरिवार बस चुके हैं, उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और भारत आने पर जेल भेजने की धमकी दी थी। इस धमकी के बदले इंस्पेक्टर ने सीधे 3 करोड़ रुपये की मोटी रंगदारी की मांग की थी। पीड़ित परिवार ने इस पूरी ब्लैकमेलिंग की शिकायत अमेरिकी प्रशासन और एफबीआई से की, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब पुलिस की साख दांव पर लग गई है।एनआरआई परिवार को झूठे केस की धमकी और 3 करोड़ की डिमांड: समझें पूरा खेलजांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला मोहाली और जालंधर से जुड़े एक जमीन विवाद से शुरू हुआ था। पीड़ित एनआरआई परिवार की पंजाब में कुछ पुश्तैनी संपत्ति है, जिस पर स्थानीय भूमाफिया की नजर थी। आरोप है कि आरोपी इंस्पेक्टर ने भूमाफिया के साथ साठगांठ करके इस एनआरआई परिवार पर दबाव बनाना शुरू किया। इंस्पेक्टर ने अमेरिका फोन करके पीड़ित को धमकाया कि अगर उन्होंने पंजाब में दर्ज एक फर्जी शिकायत को रफा-दफा करने के लिए 3 करोड़ रुपये नहीं दिए, तो उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवा दिया जाएगा।इतना ही नहीं, इंस्पेक्टर ने यह भी धमकी दी कि यदि परिवार का कोई भी सदस्य भारत की धरती पर पैर रखेगा, तो उन्हें एयरपोर्ट से ही सीधे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर पीड़ित परिवार ने अमेरिका में ही कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया और सारे कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल सबूत एफबीआई को सौंप दिए।अमेरिकी धरती पर जांच: एफबीआई (FBI) ने कैसे कसा पंजाब के इंस्पेक्टर पर शिकंजा?चूंकि रंगदारी और धमकी के लिए अमेरिकी टेलीकॉम नेटवर्क और इंटरनेशनल कॉल्स का इस्तेमाल किया गया था, इसलिए अमेरिकी कानूनों के तहत यह मामला सीधे एफबीआई के अधिकार क्षेत्र में आ गया। एफबीआई ने शुरुआती तकनीकी जांच और डिजिटल फॉरेंसिक के बाद पाया कि धमकियां वास्तव में पंजाब से ही दी जा रही थीं। अमेरिकी जांच एजेंसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर को अपनी ऑफिशियल चार्जशीट/जांच डायरी में नामजद कर लिया है।इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के बाद अमेरिकी दूतावास के जरिए भारत सरकार और पंजाब के गृह मंत्रालय को भी एक सीक्रेट इनपुट भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री और पंजाब पुलिस महानिदेशक (DGP) ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी इंस्पेक्टर को तुरंत सस्पेंड करने और उसके खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू करने के आदेश दे दिए हैं। इस मामले ने एक बार फिर विदेशों में रहने वाले पंजाबियों (NRIs) की सुरक्षा और पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:48 pm

पंजाब कांग्रेस में बड़ा धमाका: 'राजा' ही रहेंगे बॉस! अंदरूनी कलह के बीच भूपेश बघेल का दिल्ली से कड़ा फरमान

पंजाब कांग्रेस के भीतर पिछले कई दिनों से चल रही खींचतान और बगावती सुरों पर आलाकमान ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी भूपेश बघेल ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि पंजाब में लीडरशिप को लेकर किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के 'राजा' बने रहेंगे। दिल्ली में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद आए इस फैसले ने जहां विरोधी गुट के हौसले पस्त कर दिए हैं, वहीं राजा वड़िंग के समर्थकों में जश्न का माहौल है।पंजाब में लगातार मिल रही चुनावी चुनौतियों और नेताओं की आपसी बयानबाजी के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि हाईकमान राज्य इकाई में कोई बड़ा फेरबदल कर सकता है। लेकिन छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ शब्दों में अनुशासनहीनता बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी का पूरा फोकस आगामी रणनीतियों पर है, न कि आंतरिक गुटबाजी को हवा देने पर।सिद्धू और वड़िंग गुट में आर-पार! क्यों सुलग रही थी पंजाब कांग्रेस की सियासत?पंजाब कांग्रेस में कलह कोई नई बात नहीं है, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से राजा वड़िंग और नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक बयानबाजी तेज हो गई थी। विरोधी खेमे का तर्क था कि राज्य में पार्टी को नए और आक्रामक चेहरे की जरूरत है। इस खींचतान के बीच कई वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली दरबार में डेरा डाल दिया था।नेताओं को उम्मीद थी कि प्रभारी बदलने के बाद पंजाब संगठन के ढांचे में भी बदलाव होगा। हालांकि, भूपेश बघेल ने सभी असंतुष्ट नेताओं की क्लास लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना सही है, लेकिन पार्टी लाइन से बाहर जाकर अनुशासन तोड़ना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस कड़े रुख के बाद साफ है कि आलाकमान राजा वड़िंग के सांगठनिक काम और उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा जता रहा है।भूपेश बघेल का 'मिशन पंजाब': गुटबाजी खत्म करने के लिए बनाया नया 'पावर प्लान'पंजाब का प्रभार संभालते ही भूपेश बघेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिखरी हुई कांग्रेस को एक मंच पर लाना था। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हुई बंद कमरे की बैठक में बघेल ने दोटूक कहा, पार्टी एक व्यक्ति से नहीं, संगठन से चलती है। जिन्हें राजा वड़िंग के नेतृत्व से दिक्कत है, वे अपनी शिकायत सीधे मुझसे करें, न कि मीडिया के सामने जाकर तमाशा बनाएं।इस फैसले के जरिए कांग्रेस आलाकमान ने राज्य के कैडर को एक मजबूत संदेश दिया है कि लीडरशिप पूरी तरह स्थिर है। अब राजा वड़िंग के पास संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने की पूरी छूट होगी। जानकारों का मानना है कि इस कड़े फैसले से पंजाब कांग्रेस का आंतरिक क्लेश कुछ समय के लिए शांत जरूर हो सकता है, लेकिन असंतुष्ट गुट की अगली रणनीति क्या होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:47 pm

PK की एंट्री से पलटा बांकीपुर का खेल? समर्थकों का दावा- '1 लाख वोटों से जीत तय

बिहार की सियासत में इस समय सबसे बड़ा भूचाल पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर आ चुका है। जहां एक तरफ भाजपा इस क्षेत्र को अपना अभेद्य किला मानती रही है, वहीं जन सुराज पार्टी के चुनावी मैदान में उतरने और खुद प्रशांत किशोर (PK) के यहां से सीधे ताल ठोकने के बाद पूरी बाजी पलटती हुई दिख रही है।चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही बांकीपुर की गलियों में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। प्रशांत किशोर के समर्थकों ने अभी से एकतरफा माहौल का दावा करते हुए नारा बुलंद कर दिया है कि 'इस बार जीत 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से होगी।' यह दावा महज एक चुनावी नारा है या जमीनी हकीकत, इसने भाजपा और राजद (RJD) दोनों खेमों की नींद जरूर उड़ा दी है।प्रशांत किशोर का 'फर्स्ट इलेक्शन' और भाजपा के किले में सेंध की तैयारीचुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर पहली बार खुद किसी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में जनता के सामने हैं। बांकीपुर सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि यहां से लगातार 5 बार जीत दर्ज करने वाले भाजपा के कद्दावर नेता नितिन नवीन को राज्यसभा भेजकर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय कर दिया गया है।भाजपा ने इस सीट को बचाने के लिए युवा चेहरे अभिषेक कुमार को मैदान में उतारा है, जबकि राजद की ओर से रेखा गुप्ता चुनौती दे रही हैं। लेकिन प्रशांत किशोर की सीधी एंट्री ने इस पारंपरिक मुकाबले को त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प बना दिया है। पीके के समर्थकों का कहना है कि बांकीपुर की जनता अब जाति और धर्म की पुरानी राजनीति से ऊब चुकी है और इस बार बदलाव के लिए रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग करेगी।बांकीपुर उपचुनाव: नीतीश-सम्राट सरकार के लिए 'लिटमस टेस्ट'प्रशांत किशोर ने इस चुनाव को महज एक विधानसभा सीट का मुकाबला नहीं, बल्कि बिहार की मौजूदा एनडीए (NDA) सरकार के कामकाज पर एक 'रेफरेंडम' यानी जनमत संग्रह करार दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह उपचुनाव साख की लड़ाई बन चुका है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चूंकि बांकीपुर पटना का सबसे शिक्षित और शहरी इलाका माना जाता है, इसलिए यहां का वोटर जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर वोट करता रहा है। यही वजह है कि भाजपा जहां अपने पुराने विकास कार्यों और मेट्रो जैसे प्रोजेक्ट्स के दम पर जीत का दावा कर रही है, वहीं जन सुराज पार्टी शिक्षा, रोजगार और व्यवस्था परिवर्तन के मुद्दे पर सीधे वोटरों के दिलों में जगह बनाने की कोशिश कर रही है।क्या त्रिकोणीय मुकाबले में बिखर जाएगा विपक्ष का वोट बैंक?बांकीपुर का चुनावी इतिहास गवाह है कि यहां भाजपा को हमेशा करीब 60% के आसपास एकमुश्त वोट मिलते रहे हैं, जबकि विपक्ष 30% के फेर में फंसा रहता है। इस बार आरजेडी की रेखा गुप्ता और जनशक्ति जनता दल की ओर से वीना मानवी भी मैदान में हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशांत किशोर भाजपा के पारंपरिक शहरी वोट बैंक (विशेषकर कायस्थ और वैश्य मतदाता) में सेंध लगा पाएंगे, या फिर विपक्ष के वोटों का बिखराव एक बार फिर भाजपा के लिए राह आसान कर देगा?फिलहाल, समर्थकों का '1 लाख वोटों से जीत' का यह बड़ा दावा जमीन पर कितना तब्दील होता है, यह तो आने वाली 3 अगस्त को नतीजों के साथ ही साफ हो पाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:45 pm

बरुईपुर में नाबालिग से रेप एवं मर्डर केस का मुख्य आरोपी भागने की कोशिश में मारा गया

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में नाबालिग के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रभास मंडल घटनास्थल से भागने की कोशिश करने के दौरान पुलिस की गोली से मारा गया। पुलिस के अनुसार इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किए गए मंडल को जांच के लिए बुधवार देर रात करीब […] The post बरुईपुर में नाबालिग से रेप एवं मर्डर केस का मुख्य आरोपी भागने की कोशिश में मारा गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:44 pm

ऐन वक्त पर राहुल गांधी का पटना दौरा रद्द! कांग्रेस ने बताई यह वजह, लेकिन राजनीतिक गलियारों में शुरू हुआ कयासों का दौर

बिहार की सियासत और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर राजधानी पटना से सामने आ रही है। कांग्रेस के फायरब्रांड नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बहुप्रतीक्षित पटना दौरा अचानक रद्द (स्थगित) कर दिया गया है। राहुल गांधी पटना के मुसल्लहपुर हाट में युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद करने के लिए एक बड़ी पदयात्रा और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले थे। ऐन वक्त पर इस हाई-प्रोफाइल दौरे के टलने से बिहार कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में निराशा है, तो वहीं दूसरी तरफ सियासी गलियारों में कयासों और अंदरखाने की चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म हो गया है।कांग्रेस ने दी आधिकारिक सफाई, तारीखों में बदलाव की कही बातदौरा टलने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर सुर्खियां बनी, कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व तुरंत एक्टिव मोड में आ गया। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों और संगठनात्मक व्यस्तताओं के चलते इस कार्यक्रम की तारीखों में आंशिक बदलाव किया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी अब नई तारीख (संभावित 15 जुलाई) को पटना आएंगे और छात्रों के साथ उनका संवाद कार्यक्रम पहले से भी अधिक भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। पार्टी ने साफ किया है कि इसे दौरा रद्द होना नहीं, बल्कि तारीख आगे बढ़ना माना जाए।अंदरखाने की चर्चा कुछ और, क्या सीट शेयरिंग और अंदरूनी कलह बनी वजह?भले ही पार्टी इसे केवल तारीखों का फेरबदल बता रही हो, लेकिन राजनीति के जानकारों और अंदरूनी सूत्रों का दावा कुछ और ही है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस दौरे के टलने के पीछे इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के भीतर सीटों के तालमेल को लेकर चल रही खींचतान और बिहार कांग्रेस की हालिया अंदरूनी गुटबाजी एक मुख्य कारण हो सकती है। हाल ही में प्रदेश कांग्रेस की बैठकों में नेताओं के बीच आपसी तनातनी और टिकटों के बंटवारे को लेकर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए थे। माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान पहले राज्य इकाई के इन आपसी मतभेदों को सुलझाना चाहता है, ताकि राहुल गांधी के दौरे के वक्त एकजुटता का संदेश दिया जा सके।'छात्रों की गूंज' और पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरने की थी तैयारीआपको बता दें कि राहुल गांधी का यह बिहार दौरा राज्य के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को साधने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। देश में नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधलियों को लेकर राहुल गांधी पटना के मुसल्लहपुर हाट जैसे बड़े कोचिंग हब में जाकर छात्रों से सीधा संवाद करने वाले थे। इस रणनीति के जरिए कांग्रेस देश और प्रदेश की सरकार को युवाओं के रोजगार और परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर चौतरफा घेरने की तैयारी में थी। अब देखना यह होगा कि नई तारीखों के ऐलान के बाद बिहार में कांग्रेस इस फ्लैगशिप कार्यक्रम को किस तरह जमीन पर उतारती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:43 pm

सीमांचल में कुछ तो बहुत बड़ा होने वाला है! गृह मंत्री अमित शाह की इस अहम बैठक से अचानक गरमाया सियासी पारा

बिहार के सीमांचल क्षेत्र को लेकर देश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल के सुरक्षा, जनसांख्यिकी और विकास से जुड़े मुद्दों पर एक बेहद अहम और हाई-प्रोफाइल बैठक करने जा रहे हैं। इस अचानक बुलाई गई बैठक के बाद से ही राजनीतिक पंडितों के बीच कयासों का दौर शुरू हो गया है कि आखिर सीमांचल में क्या बड़ा होने वाला है। इस बैठक में गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख भी शामिल हो सकते हैं।आखिर क्यों गृह मंत्री अमित शाह की रडार पर है सीमांचल?बिहार का सीमांचल क्षेत्र (जिसमें पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया जैसे जिले शामिल हैं) भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के नजदीक होने के कारण इस इलाके में घुसपैठ, अवैध प्रवासन और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य एजेंडा सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना और आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से उठ रहे गंभीर मुद्दों की समीक्षा करना है।विकास कार्यों की समीक्षा या कोई बड़ा रणनीतिक फैसला?इस अहम बैठक को लेकर यह भी चर्चा है कि केंद्र सरकार सीमांचल के विकास को लेकर कोई बड़ा रोडमैप तैयार कर रही है। पिछले कुछ समय से इस पिछड़े इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और रोजगार को लेकर मांगें उठती रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह इस बैठक में केंद्रीय योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा ले सकते हैं। हालांकि, जिस तरह से अचानक इस बैठक की रूपरेखा तैयार हुई है, उससे साफ संकेत मिलते हैं कि इसमें सिर्फ विकास ही नहीं, बल्कि कुछ कड़े और दूरगामी रणनीतिक फैसले भी लिए जा सकते हैं।राजनीतिक हलकों में मची खलबली, टिकी सबकी नजरेंविधानसभा चुनाव के समीकरणों और क्षेत्र की बदलती डेमोग्राफी को लेकर सीमांचल हमेशा से ही बिहार की राजनीति का केंद्र बिंदु रहा है। ऐसे में देश के गृह मंत्री द्वारा इस क्षेत्र को लेकर सीधी दिलचस्पी दिखाने से विपक्षी दलों के खेमे में भी बेचैनी बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन और खुफिया तंत्र को भी इस बैठक के इनपुट्स को लेकर अलर्ट पर रखा गया है। बहरहाल, अमित शाह की इस बैठक की मेज से क्या निकलकर सामने आता है, इस पर न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:41 pm

47 साल पुराना नर्मदा जल विवाद खत्म! राजस्थान सरकार गुजरात को देगी ₹550 करोड़

राजस्थान और गुजरात के बीच पिछले करीब पांच दशकों से चला आ रहा नर्मदा नदी के पानी और बिजली से जुड़ा बड़ा विवाद आखिरकार पूरी तरह से सुलझ गया है। 47 साल पुराने इस जटिल कानूनी और प्रशासनिक गतिरोध के खत्म होने से मरुधरा, विशेषकर पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लिए विकास के नए द्वार खुल गए हैं। दोनों राज्यों के बीच बनी इस ऐतिहासिक सहमति के तहत राजस्थान सरकार गुजरात को ₹550 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। इस बड़े फैसले के बाद जालोर और बाड़मेर जिले के लाखों किसानों और आम जनता के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है।आखिर क्या था 47 साल पुराना यह नर्मदा नदी विवाद?इस विवाद की शुरुआत दशकों पहले नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण (NWDT) के फैसलों और उसके बाद नहर निर्माण की लागत व बिजली उत्पादन के हिस्सेदारी को लेकर हुई थी। राजस्थान को नर्मदा मुख्य नहर से अपने हिस्से का पानी तो मिल रहा था, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत, रखरखाव और गुजरात द्वारा किए गए दावों के वित्तीय सेटलमेंट को लेकर दोनों राज्यों के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी। यह मामला लंबे समय से फाइलों और बैठकों में अटका हुआ था, जिसके कारण कई तकनीकी काम और पानी की सुचारू आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।जालोर और बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाकों को कैसे मिलेगा बड़ा फायदा?इस विवाद के हमेशा के लिए खत्म होने का सबसे सीधा और बड़ा फायदा पश्चिमी राजस्थान के जालोर और बाड़मेर जिलों को मिलने जा रहा है। इन दोनों ही जिलों के सैकड़ों गांवों की प्यास बुझाने और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई के लिए नर्मदा नहर ही एकमात्र सबसे बड़ा सहारा है। अब विवाद सुलझने के बाद नहर की क्षमता बढ़ाने, सिल्ट सफाई और टेल एंड (आखिरी छोर) तक पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट्स बिना किसी बाधा के पूरे हो सकेंगे। इससे क्षेत्र में ड्रिप इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) को बढ़ावा मिलेगा और रबी व खरीफ की फसलों का उत्पादन कई गुना बढ़ जाएगा।₹550 करोड़ के भुगतान के साथ ऐतिहासिक समझौते पर लगी मुहरदोनों राज्यों के शीर्ष अधिकारियों और सरकारों के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद इस सेटलमेंट पर अंतिम मुहर लगी है। तय समझौते के अनुसार, राजस्थान सरकार गुजरात को बकाया और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग के रूप में ₹550 करोड़ रुपये अदा करने के लिए राजी हो गई है। राजनीतिक और प्रशासनिक पंडितों का मानना है कि यह फैसला न केवल दो राज्यों के बीच बेहतर अंतःराज्यीय संबंधों की मिसाल है, बल्कि यह देश के विकास में वाटर मैनेजमेंट और जनहित को सर्वोपरि रखने का एक बेहतरीन उदाहरण भी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:39 pm

हाड़ौती में आसमान से बरसेगी आफत! कोटा-झालावाड़ और बारां के लोग रहें सावधान, अगले 48 घंटे बेहद भारी

राजस्थान में मानसून की एंट्री के बाद अब मेघों ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के लिए बेहद डराने वाली चेतावनी जारी की है। खासकर हाड़ौती अंचल के कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों में प्रकृति का सबसे भारी प्रहार देखने को मिल सकता है। मौसम केंद्र जयपुर ने इन तीनों जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए आम जनता से बेहद सतर्क रहने और बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।कोटा, बारां और झालावाड़ में मूसलाधार बारिश का कहरमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से हाड़ौती क्षेत्र में बादलों का भारी जमावड़ा हो रहा है। इसके प्रभाव से बारां, कोटा और झालावाड़ में अगले दो दिनों तक मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इस दौरान कुछ इलाकों में 8 इंच से भी ज्यादा पानी बरस सकता है, जिससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।नदी-नाले उफान पर, प्रशासन ने जारी की एडवायजरीलगातार हो रही बारिश के चलते चंबल, कालीसिंध और परवन जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF) को अलर्ट मोड पर रख दिया है। जिला कलेक्टर्स ने लोगों से अपील की है कि वे उफनते हुए नालों, रपटों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित पक्के स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाओं की भी चेतावनीरेड अलर्ट वाले जिलों के अलावा जयपुर, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कई जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। मौसम विभाग ने साफ किया है कि इस बारिश के दौरान तेज रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी पूरा खतरा बना हुआ है। बिजली कड़कने के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। इस झमाझम बारिश से जहां एक तरफ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ आम जनजीवन के अस्त-व्यस्त होने का संकट भी मंडरा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:37 pm

SMS मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक HOD डॉ. एनएल डिसानिया ने की खुदकुशी, फंदे से लटका मिला शव, मेडिकल जगत स्तब्ध

राजस्थान की राजधानी जयपुर से इस वक्त की एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे देश के चिकित्सा जगत और पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। जयपुर के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष (HOD) डॉ. एनएल डिसानिया का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ मिला है। जो डॉक्टर खुद सालों से हत्या और आत्महत्या जैसे पेचीदा मामलों की गुत्थी सुलझाने के लिए फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम करते थे, उनकी इस तरह अचानक मौत की खबर से हर कोई हैरान है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और साथी डॉक्टर मौके पर पहुंच गए हैं।कमरे में इस हाल में मिला शव, अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंपमिली जानकारी के अनुसार, घटना की भनक तब लगी जब डॉ. डिसानिया काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकले और न ही किसी का फोन उठाया। अनहोनी की आशंका होने पर जब उनके कमरे के दरवाजे को खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। डॉ. एनएल डिसानिया का शव फंदे से झूल रहा था। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। देखते ही देखते एसएमएस अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर में साथी डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और स्टाफ की भारी भीड़ जमा हो गई।पुलिस जांच में जुटी, मौके पर बुलाई गई फोरेंसिक और FSL की टीमघटना की गंभीरता को देखते हुए जयपुर पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। चूंकि मामला खुद फोरेंसिक विभाग के इतने बड़े डॉक्टर की मौत से जुड़ा है, इसलिए पुलिस बेहद बारीकी से हर पहलू की जांच कर रही है। साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाया गया है, जो कमरे से उंगलियों के निशान और अन्य तकनीकी सबूत इकट्ठा कर रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कमरे से कोई सुसाइड नोट मिला है या इस आत्मघाती कदम के पीछे की असली वजह क्या है।मेडिकल जगत में शोक की लहर, उठ रहे हैं कई गंभीर सवालडॉ. एनएल डिसानिया राजस्थान के चिकित्सा जगत के एक बेहद सम्मानित और अनुभवी डॉक्टर थे। उन्होंने अपने करियर में कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में फोरेंसिक जांच कर न्याय दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। उनके इस तरह अचानक दुनिया छोड़ जाने से उनके साथी डॉक्टर्स और छात्र गहरे सदमे में हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वह पिछले कुछ समय से किसी मानसिक तनाव या काम के भारी दबाव से गुजर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है और विस्तृत जांच व रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:35 pm

छत्तीसगढ़ में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी! 19 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारियों का बंपर तबादला

छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य शासन ने ब्यूरोक्रेसी में कसावट लाने और मैदानी स्तर पर कामकाज को और अधिक पारदर्शी व गतिशील बनाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के 19 वरिष्ठ अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया गया है। अचानक जारी हुई इस बड़ी सूची के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में भारी हलचल देखने को मिल रही है।मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक बदले गए कई चेहरेमहानदी भवन (नवा रायपुर) स्थित मंत्रालय से जारी इस तबादला सूची में कई वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सरकार ने इस फेरबदल के जरिए न केवल मंत्रालय स्तर के विभागों को री-स्ट्रक्चर करने का प्रयास किया है, बल्कि कई जिलों में अनुविभागीय अधिकारी (SDM), संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के पदों पर भी नए चेहरों की तैनाती की है। तबादला नीति के तहत कई ऐसे अफसरों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है जो लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए थे।इन प्रमुख अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में हुआ अहम बदलावशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारी राजीव कुमार पांडेय को उच्च शिक्षा संचालनालय में नई पोस्टिंग दी गई है। वहीं, प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए भारती चंद्राकर को मार्कफेड और दिनेश कुमार नाग को छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर भेजा गया है। इसके अलावा, नयनतारा सिंह तोमर को चिकित्सा शिक्षा संचालनालय की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि आशुतोष चतुर्वेदी को जिला पंचायत बलरामपुर-रामानुजगंज और अभिषेक कुमार गुप्ता को जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर विभागों में भी नए चेहरों की एंट्रीइस प्रशासनिक सर्जरी के तहत प्रभाकर पांडेय को खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ किया गया है, जहां उन पर युवाओं से जुड़ी खेल योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। दूसरी तरफ, शशांक पांडेय को छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में नई जिम्मेदारी दी गई है। सरकार के इस कड़े कदम से साफ संकेत मिलता है कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी 19 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पुराने प्रभार सौंपकर नए स्थानों पर ज्वाइन करने का सख्त निर्देश जारी किया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:33 pm

प्रशासनिक महकमे में भारी फेरबदल! छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर IAS अफसरों के तबादले, 5 जिलों के जिला पंचायत CEO बदले

छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और अधिक गतिशील बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में एक बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी ताजा आदेश के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के कई वरिष्ठ और युवा अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इस बड़े फेरबदल की सबसे खास बात यह है कि राज्य के पांच महत्वपूर्ण जिलों के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) को बदल दिया गया है, जबकि कई अन्य वरिष्ठ आईएएस अफसरों को नई और बड़ी जिम्मेदारियों से नवाजा गया है।प्रशासनिक कसावट लाने के लिए राज्य सरकार का बड़ा कदममुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी इस आधिकारिक सूची के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मैदानी स्तर पर विकास कार्यों में तेजी लाने, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कसावट को मजबूत करने के लिए ही यह कदम उठाया गया है। तबादला सूची में शामिल सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदों का कार्यभार संभालने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।इन पांच जिलों के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बदलेशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिन पांच जिला पंचायतों के सीईओ बदले गए हैं, उनमें राज्य के प्रमुख विकासखंड और ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इन पदों पर नए और ऊर्जावान आईएएस अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को जमीनी स्तर पर नई गति दी जा सके। इसके साथ ही, कुछ जिलों के सीईओ को प्रमोट करके मंत्रालय और अन्य विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को मिली नई और अतिरिक्त जिम्मेदारीइस प्रशासनिक सर्जरी के तहत न केवल मैदानी स्तर के अधिकारियों के तबादले हुए हैं, बल्कि मंत्रालय (महानदी भवन) स्तर पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कुछ वरिष्ठ आईएएस अफसरों के विभागों में फेरबदल करते हुए उन्हें अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं। सरकार का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई न हो और नए विजन के साथ अधिकारी अपनी भूमिका निभाएं। आने वाले दिनों में कुछ और विभागों में भी इसी तरह के आंशिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:30 pm

हरियाणा पुलिस का ईएसआई हनी ट्रैप मामले में दो लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

फरीदाबाद। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने हरियाणा पुलिस के एक एक्सटेंडेड सहायक पुलिस निरीक्षक(ईएसआई) को दो लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। ब्यूरो के अनुसार शिकायतकर्ता हरियाणा पुलिस के सेवानिवृत्त ईएसआई हैं। वर्ष 2023 […] The post हरियाणा पुलिस का ईएसआई हनी ट्रैप मामले में दो लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:30 pm

दुबई के बाद ओमान में दबोचा गया सट्टेबाजी किंग! महादेव ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार

करोड़ों रुपये के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप (Mahadev Betting App Case) घोटाले से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आ रही है। भारत की केंद्रीय जांच एजेंसियों की रडार पर चल रहे ऐप के मुख्य संचालक और मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान में कानून के रखवालों ने दबोच लिया है। लंबे समय से लुकआउट नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस का सामना कर रहे इस भगोड़े आरोपी पर इस बार फर्जी दस्तावेजों के सहारे सीमा पार करने का गंभीर आरोप लगा है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने राहत की सांस ली है और उसे भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है।फर्जी पासपोर्ट का जाल बिछाकर ओमान में मारी थी एंट्रीमिली जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर अपनी पहचान छिपाने और वैश्विक जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगातार नए-नए पैंतरे बदल रहा था। वह दुबई से भागकर फर्जी नाम और जाली पासपोर्ट के जरिए ओमान में दाखिल होने की फिराक में था। हालांकि, ओमान के सुरक्षा अधिकारियों और एयरपोर्ट इमिग्रेशन को उसके दस्तावेजों पर गहरा शक हुआ। जब कड़ाई से जांच की गई तो उसकी असली पहचान का खुलासा हो गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया।भारतीय जांच एजेंसियां अलर्ट, प्रत्यर्पण के लिए दस्तावेज तैयारजैसे ही सौरभ चंद्राकर की ओमान में गिरफ्तारी की सूचना इंटरपोल के माध्यम से भारत पहुंची, वैसे ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम पूरी तरह सक्रिय हो गई है। विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर भारतीय खुफिया एजेंसियां ओमान सरकार से संपर्क साध रही हैं। चूंकि चंद्राकर के खिलाफ भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और करोड़ों की धोखाधड़ी के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, इसलिए उसे जल्द से जल्द भारत डिपोर्ट या प्रत्यर्पित (Extradite) कराने की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं ताकि उसे भारतीय अदालत के सामने पेश किया जा सके।फिल्म सितारों से लेकर सट्टेबाजों तक, सबकी बढ़ेगी मुश्किलेंसौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से भारत के कई रसूखदारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। महादेव ऐप मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि सट्टेबाजी के इस काले पैसे का इस्तेमाल बॉलीवुड के कई बड़े अभिनेताओं, मशहूर हस्तियों और राजनेताओं को प्रमोट करने और इवेंट्स आयोजित करने में किया गया था। चंद्राकर के भारत आते ही इस सिंडिकेट के कई बड़े और नए राज खुलेंगे, जिससे आने वाले दिनों में देश के कई बड़े चेहरों पर कानून का शिकंजा कसना बिल्कुल तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:28 pm

शराब घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन! रांची दफ्तर पहुंचे कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव, केंद्रीय एजेंसी के तीखे सवालों का कर रहे हैं सामना

झारखंड की सियासत और ब्यूरोक्रेसी से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर राजधानी रांची से सामने आ रही है। राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले (Liquor Scam Case) की जांच की आंच अब कांग्रेस के बड़े नेताओं तक पहुंच चुकी है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और सूबे के पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव आज रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे हैं। ईडी की टीम उनसे इस पूरे कथित घोटाले के सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं को लेकर गहन पूछताछ कर रही है, जिसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।सुबह ही ईडी दफ्तर पहुंचे रामेश्वर उरांव, बढ़ाई गई सुरक्षामिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी द्वारा जारी समन के बाद कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव निर्धारित समय पर रांची के हिनू स्थित ईडी दफ्तर पहुंचे। उनके आगमन को देखते हुए ईडी कार्यालय के बाहर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। रामेश्वर उरांव के दफ्तर के भीतर जाते ही अधिकारियों की एक विशेष टीम ने उनसे पूछताछ का सिलसिला शुरू कर दिया, जो पिछले कई घंटों से लगातार जारी है।आखिर क्या है झारखंड का यह बहुचर्चित शराब घोटाला?यह पूरा मामला झारखंड में नई उत्पाद नीति (Liquor Policy) के लागू होने के दौरान हुए करोड़ों रुपये के कथित राजस्व नुकसान और अवैध कमाई से जुड़ा हुआ है। ईडी का आरोप है कि इस नीति को तैयार करने और लागू कराने में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं, जिसका फायदा कुछ खास सिंडिकेट और बिचौलियों को पहुंचाया गया। इस मामले में जांच एजेंसी पहले भी कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है और कुछ प्रमुख आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर ही अब रामेश्वर उरांव को पूछताछ के दायरे में लिया गया है।राजनीतिक बयानबाजी तेज, अगले कदम पर टिकी सबकी नजरेंझारखंड विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े राज्य में इस तरह की कार्रवाई ने राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सत्ताधारी गठबंधन जहां इसे विपक्ष को परेशान करने वाली केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बता रहा है, वहीं विपक्षी दल बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रही है। बहरहाल, ईडी कार्यालय के भीतर रामेश्वर उरांव से हो रही इस पूछताछ से क्या नए तथ्य निकलकर सामने आते हैं और जांच एजेंसी का अगला कदम क्या होगा, इस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:26 pm

रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में विस्फोट, 3 श्रमिकों की मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में मंगलवार की शाम भीषण विस्फोट से तीन श्रमिकों की मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि एक श्रमिक का पैर कटकर करीब 10 फीट दूर जा गिरा। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अनुसार, हादसे की […] The post रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में विस्फोट, 3 श्रमिकों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:25 pm

झारखंड में आज आसमान से बरसेगी आफत! रांची-देवघर समेत 15 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

झारखंड के कई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की ओर से एक बेहद जरूरी और बड़ी चेतावनी सामने आई है। राज्य में मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। रांची स्थित मौसम केंद्र ने प्रदेश के 15 जिलों में झमाझम बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और खतरनाक आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी आज घर से बाहर निकलने वाले हैं, तो मौसम का हाल और अपने जिले की स्थिति को जानना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।इन 15 जिलों में जारी हुआ हाई अलर्ट, छाए रहेंगे काले बादलमौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, जिन जिलों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, उनमें राजधानी रांची, बाबा नगरी देवघर, दुमका, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, हजारीबाग, जामताड़ा, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। इन इलाकों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो चुकी है और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है।वज्रपात को लेकर मौसम विभाग की खास अपील, भूलकर भी न करें ये गलतीझारखंड में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से हर साल जान-माल का बड़ा नुकसान होता है। इसे देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। चेतावनी में साफ कहा गया है कि जब मौसम खराब हो या बिजली कड़क रही हो, तो किसान और आम नागरिक खेतों में जाने से बचें। इस दौरान भूलकर भी ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे मकानों के नीचे शरण न लें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बंद कर दें और सुरक्षित पक्के मकानों के अंदर ही रहें।खेती-किसानी के लिए राहत, तापमान में आएगी भारी गिरावटजहां एक तरफ वज्रपात का डर बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ इस बारिश से झारखंड के अन्नदाताओं के चेहरे खिल उठे हैं। धान की रोपनी के सीजन में इस बारिश को फसलों के लिए अमृत माना जा रहा है। लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पूरे राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय प्रशासन ने भी प्रभावित जिलों के अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:22 pm

बादलों के घर 'मेघालय' में मानसून का मज़ा कहीं न बन जाए सजा! निकलने से पहले नोट कर लें ये 5 सबसे जरूरी बातें

दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश के लिए मशहूर मेघालय मानसून के दौरान किसी जन्नत से कम नहीं लगता। चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियां, बादलों की लुकाछिपी और पहाड़ों से गिरते दूधिया झरने हर किसी को अपनी ओर खींचते हैं। यही वजह है कि बरसात शुरू होते ही देश-विदेश से सैलानी शिलांग, चेरापूंजी और मावलिननोंग की तरफ रुख करने लगते हैं। लेकिन याद रखिए, मानसून में पूर्वोत्तर (North East India) का यह खूबसूरत राज्य जितना आकर्षक होता है, उतनी ही चुनौतियां भी पेश करता है। अगर आप भी इस मौसम में मेघालय का दीदार करने जा रहे हैं, तो इन 5 बेहद जरूरी बातों को बिल्कुल न भूलें।1. अत्यधिक और अनप्रेडिक्टेबल बारिश के लिए रहें तैयारमेघालय का नाम ही 'मेघों का आलय' यानी बादलों का घर है। मानसून के महीनों में यहां इतनी मूसलाधार बारिश होती है जिसका अंदाजा लगाना आम मैदानी इलाकों के लोगों के लिए मुश्किल है। यहां मिंटों में धूप गायब हो जाती है और घने बादल पूरे रास्ते को ब्लॉक कर देते हैं। इसलिए अपने साथ मजबूत छाता, हाई-क्वालिटी रेनकोट और वाटरप्रूफ बैग कवर हमेशा रखें। आपकी पैकिंग ऐसी होनी चाहिए कि भारी से भारी बारिश में भी आपका मोबाइल, कैमरा और कपड़े पूरी तरह सुरक्षित रहें।2. लैंडस्लाइड और रास्तों के लाइव अपडेट पर रखें नजरभारी बारिश के चलते मेघालय के पहाड़ी रास्तों, खासकर शिलांग-गुवाहाटी हाईवे और चेरापूंजी के अंदरूनी रूटों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा काफी बढ़ जाता है। कई बार सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थर गिरने से ट्रैफिक घंटों ठप रहता है। यात्रा पर निकलने से पहले और सफर के दौरान स्थानीय समाचारों, सोशल मीडिया ट्रैफिक अपडेट्स और मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।3. विजिबिलिटी की समस्या और ड्राइविंग की चुनौतियांबरसात के दिनों में मेघालय की सड़कों पर अचानक इतना घना कोहरा और बादल छा जाते हैं कि चंद मीटर आगे का देख पाना भी नामुमकिन हो जाता है। अगर आप खुद गाड़ी ड्राइव कर रहे हैं या बाइक ट्रिप पर हैं, तो बेहद सतर्क रहें और गाड़ी की फॉग लाइट्स व इंडिकेटर्स को दुरुस्त रखें। पहाड़ों पर घुमावदार और फिसलन भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने का अनुभव न होने पर, स्थानीय टैक्सी या अनुभवी लोकल ड्राइवर की मदद लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।4. वाटरप्रूफ ट्रैकिंग शूज और एक्स्ट्रा नकद (Cash) साथ रखेंमेघालय की सबसे खूबसूरत जगहें जैसे डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज या प्रसिद्ध गुफाएं (Caves) तक पहुंचने के लिए आपको काफी पैदल चलना और ट्रैकिंग करनी पड़ती है। मानसून में इन रास्तों और सीढ़ियों पर काई जम जाती है, जिससे भारी फिसलन होती है। इसलिए सामान्य जूतों के बजाय अच्छी ग्रिप वाले वाटरप्रूफ ट्रैकिंग शूज ही पहनें। इसके अलावा, अंदरूनी इलाकों में नेटवर्क की भारी समस्या के चलते ऑनलाइन पेमेंट (UPI) फेल हो जाते हैं, इसलिए अपने पास पर्याप्त कैश जरूर रखें।5. एडवांस बुकिंग और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालनमानसून के सीजन में भी मेघालय में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसके कारण अच्छे होटल्स और होमस्टे जल्दी फुल हो जाते हैं। ऐन वक्त पर भटकने से बचने के लिए अपनी बुकिंग पहले से कन्फर्म करके ही घर से निकलें। इसके साथ ही मेघालय टूरिज्म और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए सेफ्टी रूल्स और हेल्पलाइन नंबरों को अपने पास नोट करके रखें ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:05 pm

कांच जैसा साफ पानी और जन्नत सा नजारा! लद्दाख से सिक्किम तक ये हैं भारत की 6 सबसे खूबसूरत झीलें

भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रदूषण से दूर अगर आप किसी ऐसी जगह जाने की सोच रहे हैं जहां कुदरत का असली जादू देखने को मिले, तो भारत की ये खूबसूरत झीलें आपका दिल जीत लेंगी। हमारे देश में प्राकृतिक सौंदर्य का ऐसा खजाना छुपा है, जिसे देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं। लद्दाख के बर्फीले पहाड़ों से लेकर सिक्किम की हरी-भरी वादियों तक, भारत में कई ऐसी झीलें हैं जिनका पानी इतना साफ और पारदर्शी है कि आप उसमें अपना चेहरा तक देख सकते हैं। आइए जानते हैं देश की उन 6 सबसे स्वच्छ और जादुई झीलों के बारे में, जिन्हें हर ट्रैवलर को अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए।1. पैंगोंग त्सो झील (लद्दाख) - रंगों को बदलता कुदरत का अजूबालद्दाख में स्थित पैंगोंग त्सो झील दुनिया की सबसे खूबसूरत और मशहूर झीलों में से एक है। लगभग 14,270 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस झील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका पानी दिन के अलग-अलग समय पर अपना रंग बदलता नजर आता है। नीले, हरे और हल्के भूरे रंग की दिखने वाली यह झील सर्दियों में पूरी तरह जम जाती है। इसका साफ और क्रिस्टल क्लियर पानी चारों तरफ फैले पहाड़ों के साथ मिलकर एक अकल्पनीय दृश्य पैदा करता है।2. गुरुडोंगमार झील (सिक्किम) - पवित्रता और सौंदर्य का बेजोड़ संगमउत्तरी सिक्किम में स्थित गुरुडोंगमार झील भारत की सबसे ऊंची झीलों में शुमार है। लगभग 17,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस झील को बेहद पवित्र माना जाता है। इस झील का पानी इतना पारदर्शी और शुद्ध है कि कड़ाके की ठंड में भी इसका एक हिस्सा कभी नहीं जमता। बौद्ध और सिख धर्म के लोगों के लिए आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ यह जगह एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।3. उमंगोट झील (मेघालय) - जहां हवा में तैरती हुई दिखती हैं नावेंमेघालय के दावकी कस्बे में स्थित उमंगोट झील को भारत की सबसे साफ झील का दर्जा प्राप्त है। इस झील का पानी इस कदर पारदर्शी है कि जब इस पर नावें चलती हैं, तो ऐसा भ्रम होता है जैसे वे किसी कांच के ऊपर या हवा में तैर रही हों। झील के नीचे पड़े पत्थर, कंकड़ और मछलियां सतह से बिल्कुल साफ नजर आती हैं। स्वच्छता के मामले में इस जगह का मुकाबला पूरी दुनिया में कोई नहीं कर सकता।4. त्सोमगो झील (सिक्किम) - पहाड़ों के बीच छुपी एक जादुई दुनियापूर्वी सिक्किम में स्थित त्सोमगो झील, जिसे स्थानीय लोग 'चांगू लेक' भी कहते हैं, अपनी अलौकिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। बर्फ से ढकी चोटियों के बीच घिरी यह झील सर्दियों में पूरी तरह बर्फ की सफेद चादर में तब्दील हो जाती है, जबकि गर्मियों में इसके आसपास खिले रंग-बिरंगे फूल इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। इस झील का पानी पहाड़ों के ग्लेशियर से आता है, जिसके कारण यह बेहद शुद्ध और साफ रहता है।5. पराशर झील (हिमाचल प्रदेश) - तैरते हुए द्वीप का रहस्यहिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित पराशर झील अपने आप में एक बड़ा रहस्य और आकर्षण का केंद्र है। चारों तरफ से धौलाधार की पहाड़ियों से घिरी इस गहरी नीली झील के बीच में एक छोटा सा घास का द्वीप है, जो समय-समय पर अपनी जगह बदलता रहता है यानी पानी पर तैरता है। इस झील के किनारे तीन मंजिला भव्य पैगोडा शैली का मंदिर भी स्थित है, जो इस जगह को बेहद शांत और आध्यात्मिक बनाता है।6. डल झील (श्रीनगर, कश्मीर) - धरती का स्वर्ग और साफ पानी का सम्मोहनकश्मीर की वादियों का जिक्र हो और डल झील का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। हालांकि पर्यटन के कारण इस पर दबाव बढ़ा है, लेकिन इसके कुछ अंदरूनी हिस्से आज भी बेहद साफ और शांत हैं। सुबह के वक्त जब सूरज की किरणें इसके साफ पानी पर पड़ती हैं, तो तैरते हुए शिकार और हाउसबोट्स का नजारा देखने लायक होता है। यह झील कश्मीर की संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का सबसे बड़ा प्रतीक है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:04 pm

गुजरात में 5 वेदर सिस्टम सक्रिय होने से भारी आफत, समंदर में बदला नवसारी शहर

Navsari floods: गुजरात पर एक साथ पांच शक्तिशाली मौसम प्रणालियों (Weather Systems) के सक्रिय होने से दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र में प्रकृति ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। मूसलाधार बारिश के चलते नवसारी शहर पूरी तरह जलमग्न होकर समंदर में तब्दील हो गया ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 1:55 pm

गौरव खन्ना से तलाक के बाद आकांक्षा चमोला का बड़ा बयान, कहा- 'अब पूरी जिंदगी अकेली ही रहूंगी, दोबारा शादी का सवाल नहीं

टीवी इंडस्ट्री के लोकप्रिय कपल गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के अलग होने की खबर ने उनके फैंस को हैरान कर दिया है। लंबे समय तक एक साथ रहने के बाद, आकांक्षा ने अब अपनी निजी जिंदगी को लेकर चुप्पी तोड़ी है। एक हालिया इंटरव्यू में आकांक्षा का दर्द साफ छलक उठा, जब उन्होंने अपने तलाक और गौरव खन्ना के साथ बिताए पलों पर बात की। उन्होंने न केवल अपने टूटे रिश्ते का दर्द बयां किया, बल्कि अपने भविष्य को लेकर एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है।'मैं अब अकेली ही खुश हूं'तलाक की कड़वाहट के बीच आकांक्षा चमोला ने अपनी जिंदगी को नए सिरे से जीने का फैसला किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अब वे अपनी जिंदगी पूरी तरह से अकेले ही बिताना चाहती हैं। आकांक्षा के अनुसार, शादी के बंधन और उसके टूटने के दर्द से गुजरने के बाद उनका नजरिया बदल गया है। उन्होंने कहा कि अब मैं अकेली रहने वाली हूं और उन्हें किसी और पार्टनर की जरूरत महसूस नहीं होती। उनका यह बयान उनके उन फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं है जो उन्हें फिर से किसी के साथ खुश देखना चाहते थे।दोबारा शादी करने से किया साफ इनकारजब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में वे दोबारा शादी के बारे में सोच सकती हैं, तो आकांक्षा ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए शादी का अध्याय अब हमेशा के लिए बंद हो चुका है। वे अपने करियर और खुद की मानसिक शांति पर ध्यान देना चाहती हैं। आकांक्षा की यह दृढ़ता दर्शाती है कि इस रिश्ते ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है और अब वे किसी भी प्रकार के भावनात्मक बंधन से दूर रहना चाहती हैं। गौरव खन्ना के साथ अपनी यात्रा को उन्होंने एक सीख बताया, लेकिन अब वे अपनी अलग पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।फैंस के लिए है यह चौंकाने वाला मोड़गौरव खन्ना, जो 'अनुपमा' जैसे शो से घर-घर में मशहूर हैं, और आकांक्षा चमोला की जोड़ी को टीवी इंडस्ट्री में एक आदर्श कपल माना जाता था। इनके अलग होने की खबर किसी को भी पच नहीं रही है। हालांकि, आकांक्षा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अब किसी भी तरह की गॉसिप या अटकलों में नहीं पड़ना चाहतीं। उन्होंने फैंस से गुजारिश की है कि वे उनके निजी फैसले का सम्मान करें। अब देखना यह है कि गौरव खन्ना की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि आकांक्षा ने अपनी जिंदगी को अपने शर्तों पर जीने का संकल्प ले लिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:37 pm

बॉक्स ऑफिस पर 'ऐल्फा' का जलवा! 5वें दिन पकड़ी ऐसी रफ्तार कि 70 करोड़ के पार पहुंची कमाई

स्पाई थ्रिलर फिल्म 'ऐल्फा' ने सिनेमाघरों में आते ही धमाल मचा दिया है। रिलीज के पांचवें दिन इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ और भी मजबूत कर ली है। आंकड़ों की मानें तो फिल्म की कमाई में 10 फीसदी का जबरदस्त उछाल देखने को मिला है, जिसने ट्रेड पंडितों को भी हैरान कर दिया है। न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर के बाजारों में इस फिल्म का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। महज कुछ ही दिनों में 'ऐल्फा' का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 70 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर चुका है, जो इस स्पाई थ्रिलर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।क्यों 'ऐल्फा' बनी दर्शकों की पहली पसंद?'ऐल्फा' की सफलता के पीछे मुख्य कारण इसका सस्पेंस और हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस हैं। दर्शकों को फिल्म की कहानी इतनी पसंद आ रही है कि वे इसे बार-बार देख रहे हैं, जिसका सीधा असर इसके 'माउथ पब्लिसिटी' पर पड़ा है। पांचवें दिन भी थिएटरों में ऑक्यूपेंसी रेट काफी बेहतर रहा है। फिल्म के एक्शन और किरदारों की दमदार अदाकारी को क्रिटिक्स से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। 'ऐल्फा' का स्पाई थ्रिलर जॉनर हमेशा से दर्शकों को आकर्षित करता रहा है, और इस फिल्म ने उस उम्मीद पर पूरी तरह खरा उतरकर बॉक्स ऑफिस पर अपनी बादशाहत कायम की है।दुनियाभर में 'ऐल्फा' का दमफिल्म का ग्लोबल प्रदर्शन लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। विदेशों में भी भारतीय मूल की इस स्पाई फिल्म को काफी पसंद किया जा रहा है। 70 करोड़ का आंकड़ा पार करने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या फिल्म आने वाले वीकेंड तक 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो पाएगी? ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस गति से फिल्म आगे बढ़ रही है, यह आंकड़ा हासिल करना नामुमकिन नहीं है। सोशल मीडिया पर भी #AlphaMovie को लेकर फैंस लगातार उत्साह दिखा रहे हैं, जिससे फिल्म की लोकप्रियता और बढ़ती जा रही है।वीकेंड पर और बढ़ेगा कारोबार?आने वाले दिनों में 'ऐल्फा' के लिए बॉक्स ऑफिस की राह और भी आसान हो सकती है। अगर फिल्म इसी तरह अपनी रफ्तार बरकरार रखती है, तो यह साल की सबसे बड़ी स्पाई थ्रिलर फिल्मों में से एक बनकर उभरेगी। थिएटर मालिकों का कहना है कि अगले वीकेंड के लिए भी बुकिंग में काफी इजाफा देखा जा रहा है। अगर आप भी अभी तक इस सस्पेंस से भरी फिल्म को नहीं देख पाए हैं, तो सिनेमाघरों में यह फिल्म एक बेहतरीन अनुभव साबित हो सकती है। 'ऐल्फा' ने साबित कर दिया है कि अगर कंटेंट दमदार हो, तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान रच सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:36 pm

नवोदय विद्यालय एडमिशन 2026: कक्षा 6 में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, 28 नवंबर को होगा एंट्रेंस एग्जाम

देश भर के मेधावी छात्रों के लिए खुशखबरी! जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। जो छात्र और अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इन विद्यालयों में एडमिशन की दौड़ शुरू हो चुकी है, और परीक्षा की तारीखों का भी ऐलान कर दिया गया है। 28 नवंबर को आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा के जरिए छात्र नवोदय के सुनहरे सफर की शुरुआत कर सकते हैं।ऐसे करें आवेदन और महत्वपूर्ण तारीखेंनवोदय विद्यालय समिति (NVS) की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नवोदय विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in पर जाकर समय रहते रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें। आवेदन करते समय कक्षा 5 की मार्कशीट, निवास प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज अपने पास रखें। आवेदन की अंतिम तिथि को लेकर किसी भी प्रकार की चूक न करें, क्योंकि निर्धारित समय के बाद किसी भी फॉर्म को स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड भी निर्धारित समय पर वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे।प्रवेश परीक्षा का स्वरूप और तैयारी के टिप्सजवाहर नवोदय विद्यालय सिलेक्शन टेस्ट (JNVST) की परीक्षा में मुख्य रूप से तीन सेक्शन होते हैं: मानसिक योग्यता (Mental Ability), अंकगणित (Arithmetic) और भाषा परीक्षण (Language Test)। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास जरूर करें। परीक्षा पूरी तरह से ओएमआर (OMR) आधारित होगी, इसलिए छात्रों को समय प्रबंधन (Time Management) पर विशेष ध्यान देना चाहिए। चूंकि नवोदय विद्यालयों में दाखिला काफी प्रतिस्पर्धी होता है, इसलिए परीक्षा की तैयारी में पूरी एकाग्रता और नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।क्यों खास है नवोदय विद्यालय में पढ़ाई?नवोदय विद्यालय ग्रामीण इलाकों के प्रतिभाशाली बच्चों को मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। यहाँ पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, आर्ट्स और पर्सनालिटी डेवलपमेंट पर भी उतना ही जोर दिया जाता है। एक बार सिलेक्शन होने के बाद छात्र को कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा, रहने और खाने की सुविधा मिलती है। यह ग्रामीण भारत के छात्रों के लिए एक बेहतरीन अवसर है। अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस मौके को हाथ से न जाने दें और जल्द ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:34 pm

चमत्कार! 13.90 लाख रैंक के बावजूद NIT में पक्का हुआ एडमिशन, केमिकल इंजीनियरिंग में B.Tech का सपना हुआ सच

JEE Main की परीक्षा में लाखों रैंक आने के बाद अक्सर छात्र उम्मीद छोड़ देते हैं, लेकिन एक छात्र की कहानी ने इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया में सबको चौंका दिया है। 13.90 लाख जैसी बड़ी रैंक लाने के बाद भी एक छात्र ने NIT (National Institute of Technology) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सीट हासिल कर ली है। यह खबर उन लाखों युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है जो रैंक कम आने पर हताश हो जाते हैं। इस छात्र ने केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच में दाखिला लेकर यह साबित कर दिया है कि सही गाइडेंस और काउंसलिंग के जरिए नामुमकिन को भी मुमकिन बनाया जा सकता है।कैसे मिली 13 लाख रैंक पर NIT में एंट्री?इंजीनियरिंग के जानकारों के अनुसार, यह कमाल 'स्पेशल राउंड काउंसलिंग' (CSAB) और कैटेगरी कोटा का सही उपयोग करने से संभव हुआ है। अक्सर छात्र मुख्य काउंसलिंग (JoSAA) के बाद रुक जाते हैं, लेकिन CSAB राउंड में कई बार उन सीटों पर भी दाखिला मिल जाता है जो सामान्य राउंड में खाली रह जाती हैं। छात्र ने अपनी कैटेगरी, होम स्टेट कोटा और ब्रांच के प्रति अपनी प्राथमिकता का बेहतर तालमेल बिठाया। यह उदाहरण उन छात्रों के लिए एक बड़ा सबक है जो केवल टॉप ब्रांच या टॉप कॉलेज के चक्कर में अपनी सीट गंवा देते हैं। केमिकल इंजीनियरिंग में सीट का मिलना भी इसी रणनीतिक चुनाव का हिस्सा रहा।'नीची रैंक' वाले छात्रों के लिए काउंसलिंग का महत्वNIT जैसे प्रीमियम संस्थानों में एडमिशन केवल टॉप रैंकर्स का हक नहीं है, बल्कि यह काउंसलिंग की एक कला है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 13.90 लाख रैंक पर सीट मिलना यह दर्शाता है कि छात्र ने चॉइस फिलिंग बहुत ही बारीकी से की थी। इसमें लोअर एनआईटी और कम डिमांड वाली लेकिन करियर के लिहाज से बेहतरीन केमिकल जैसी ब्रांच को चुनने की समझदारी दिखाई गई। अगर आप भी JEE Main में औसत रैंक लाए हैं, तो घबराने के बजाय काउंसलिंग के हर राउंड और वैकेंट सीटों (Vacant Seats) पर अपनी नजर रखें।केमिकल इंजीनियरिंग: भविष्य के लिए एक बेहतरीन विकल्पकेमिकल इंजीनियरिंग आज के दौर में तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है। इसमें न केवल सरकारी नौकरियों के मौके हैं, बल्कि निजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों में भी केमिकल इंजीनियर्स की भारी मांग रहती है। 13.90 लाख रैंक पर भी NIT में दाखिला पाने वाले इस छात्र ने दिखाया है कि डिग्री की अहमियत रैंक से कहीं ज्यादा होती है। यह एडमिशन न केवल उसकी मेहनत का फल है, बल्कि यह भी बताता है कि सही समय पर लिया गया सही निर्णय आपके करियर को एक नई दिशा दे सकता है। अब यह छात्र देश के सबसे बेहतरीन शैक्षणिक माहौल में अपने इंजीनियरिंग सफर की शुरुआत करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:32 pm

क्या एकनाथ खडसे की बीजेपी में होगी 'घर वापसी'? फडणवीस से दूरियां और तावड़े से मुलाकात ने बढ़ाई हलचल

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर पुराने दिग्गज नेता एकनाथ खडसे का नाम चर्चा के केंद्र में आ गया है। देवेंद्र फडणवीस के साथ मतभेदों के चलते बीजेपी छोड़ने वाले खडसे की हालिया मुलाकात पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े से हुई है। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म है कि क्या एकनाथ खडसे एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम सकते हैं? खासकर राज्य में ओबीसी राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच खडसे की संभावित वापसी को पार्टी के लिए एक बड़े रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।खडसे की वापसी: क्या है ओबीसी कार्ड का गणित?एकनाथ खडसे महाराष्ट्र में ओबीसी समुदाय का एक कद्दावर चेहरा माने जाते हैं। जब उन्होंने बीजेपी छोड़ी थी, तो पार्टी को उत्तरी महाराष्ट्र (खानदेश) में एक बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा था। अब जबकि राज्य में आगामी चुनाव और संगठन की मजबूती पर जोर दिया जा रहा है, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को लगता है कि खडसे जैसे अनुभवी नेता की वापसी से ओबीसी वोटबैंक को फिर से एकजुट किया जा सकता है। फडणवीस के साथ उनके विवाद लंबे समय से रहे हैं, लेकिन तावड़े के साथ हुई इस मुलाकात को इस पुराने विवाद को सुलझाने की दिशा में एक 'ब्रोकर' प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।फडणवीस से विवाद बनाम तावड़े से मुलाकातएकनाथ खडसे ने लंबे समय तक फडणवीस के साथ काम किया था, लेकिन बाद में गंभीर मतभेदों के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। हालांकि, अब बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि नाराज नेताओं को साथ लेकर चला जाए। विनोद तावड़े, जो खुद महाराष्ट्र की राजनीति को गहराई से समझते हैं, के साथ खडसे की गर्मजोशी से हुई बातचीत यह संकेत दे रही है कि पार्टी के भीतर 'ऑपरेशन घर वापसी' पर चर्चा शुरू हो चुकी है। अगर यह मुलाकात किसी निष्कर्ष पर पहुंचती है, तो यह महाराष्ट्र बीजेपी में एक बड़ा फेरबदल साबित हो सकता है।पार्टी की अगली रणनीति क्या होगी?सूत्रों का कहना है कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने खडसे को फिर से मुख्यधारा में लाने का मन बना लिया है। सवाल यह है कि यदि खडसे वापस आते हैं, तो उनका फडणवीस खेमे के साथ तालमेल कैसे बैठेगा? खडसे के समर्थक लंबे समय से उनकी वापसी की मांग कर रहे हैं। तावड़े के साथ हुई इस गुप्त मुलाकात ने उन सभी अटकलों को और तेज कर दिया है कि बीजेपी जल्द ही महाराष्ट्र में अपने ओबीसी चेहरों को मजबूत करने के लिए कोई बड़ा ऐलान कर सकती है। राज्य की सियासत पर नजर रखने वालों का मानना है कि खडसे की वापसी बीजेपी को न केवल संगठनात्मक रूप से मजबूती देगी, बल्कि विपक्षी खेमे में भी खलबली मचा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:29 pm

उद्धव ठाकरे को मिली बड़ी राहत! शिवसेना UBT को नहीं लगा और झटका, संजय राउत ने पेश किए सबूत

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के लिए यह दिन बड़ी राहत लेकर आया है। पार्टी और कार्यकर्ताओं में लंबे समय से चल रही खींचतान और कानूनी संकटों के बीच, उद्धव ठाकरे के खेमे को एक बड़ी कामयाबी मिली है। बीते कई दिनों से चल रही अटकलों और राजनीतिक गलियारों में तैर रही चर्चाओं पर उस समय पूर्ण विराम लग गया, जब पार्टी को एक और बड़ा झटका लगने का खतरा टल गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और उद्धव ठाकरे के करीबी, संजय राउत ने इस मौके पर मोर्चा संभाला और पार्टी की तरफ से ठोस सबूत पेश करते हुए तमाम विरोधियों के दावों को बेदम साबित कर दिया।संजय राउत का 'सबूत' बना संजीवनीसंजय राउत ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन सभी कयासों को खारिज कर दिया, जिनमें शिवसेना (UBT) के टूटने या किसी बड़े संकट की बात कही जा रही थी। राउत ने न केवल मीडिया के सामने अपनी बात रखी, बल्कि कुछ ऐसे कागजी दस्तावेज और सबूत पेश किए, जिनसे यह साफ हो गया कि पार्टी का आधार अभी भी मजबूती से उद्धव ठाकरे के साथ टिका हुआ है। इन सबूतों के पेश होने के बाद पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अब मनोबल काफी ऊंचा है। संजय राउत का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि शिवसेना की विचारधारा की लड़ाई है, जिसे वे मजबूती से लड़ रहे हैं।क्या था वो संकट जो टल गया?पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा जोरों पर थी कि उद्धव ठाकरे की पार्टी में एक और बड़ी टूट होने वाली है। विरोधी गुटों द्वारा लगातार किए जा रहे दावों के बाद कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति थी। लेकिन आज की स्थिति के बाद यह साफ हो गया है कि ठाकरे परिवार का प्रभाव अभी भी शिवसेना के पुराने कैडर और कार्यकर्ताओं के बीच बना हुआ है। पार्टी नेतृत्व ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया था, जिसे आज पेश किए गए सबूतों ने पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। राहत की इस खबर के बाद मुंबई से लेकर पूरे महाराष्ट्र में मौजूद उद्धव समर्थकों में खुशी की लहर है।उद्धव ठाकरे का अगला कदम क्या होगा?पार्टी पर अपना दावा और पकड़ मजबूत करने के बाद अब उद्धव ठाकरे आगामी रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। संजय राउत के साथ मिलकर उद्धव अब उन इलाकों में अपनी सक्रियता बढ़ाएंगे, जहां पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की जा रही थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस राहत के बाद अब उद्धव ठाकरे चुनावी मैदान में और आक्रामक तरीके से उतरेंगे। अब देखना यह होगा कि क्या यह सबूत भविष्य की कानूनी और राजनीतिक लड़ाइयों में पार्टी को सुरक्षित रखने में कारगर साबित होते हैं या फिर विरोधी खेमा इसके खिलाफ कोई नई रणनीति तैयार करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:26 pm

पेट्रोल गाड़ियों पर गडकरी का 'ओपन चैलेंज': बोले- 'एक भी कार दिखाओ जो एथेनॉल से खराब हुई हो

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। एक बार फिर उन्होंने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol) को लेकर चल रही सभी अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया है। गडकरी ने देश के वाहन मालिकों और आलोचकों को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि एथेनॉल से इंजन खराब होने की बात केवल एक मिथक है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर कोई एक भी पेट्रोल गाड़ी ऐसी दिखा दे जो एथेनॉल के कारण खराब हुई है, तो वे अपनी बात पर पुनर्विचार करने को तैयार हैं। यह बयान उन लोगों के लिए बड़ा जवाब है जो सरकार की 'ग्रीन फ्यूल' नीति पर लगातार सवाल उठा रहे थे।क्या है एथेनॉल को लेकर आम धारणा?अक्सर कार मालिकों के बीच यह चर्चा रहती है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मिलावट इंजन की उम्र घटाती है या उसके पार्ट्स को नुकसान पहुंचाती है। इसी भ्रांति को दूर करते हुए नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि एथेनॉल एक उच्च गुणवत्ता वाला ईंधन है। सरकार ने न केवल इसकी टेस्टिंग की है, बल्कि इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया के कई विकसित देशों में काफी लंबे समय से उच्च प्रतिशत में एथेनॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है और वहां गाड़ियों के इंजन पूरी तरह से सुरक्षित हैं। एथेनॉल का मुख्य उद्देश्य न केवल प्रदूषण कम करना है, बल्कि आयातित तेल पर भारत की निर्भरता को खत्म करना भी है।एथेनॉल से कैसे होगा देश को फायदा?गडकरी के अनुसार, एथेनॉल नीति केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि एक आर्थिक क्रांति है। भारत हर साल हजारों करोड़ रुपये का कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। एथेनॉल का उत्पादन भारत के किसानों द्वारा गन्ने और अनाज से किया जा रहा है। इसका सीधा फायदा हमारे किसानों को मिल रहा है और देश का बहुमूल्य विदेशी मुद्रा भंडार भी बच रहा है। उनका तर्क है कि जब एथेनॉल सस्ता, इको-फ्रेंडली और देश में ही उपलब्ध है, तो इसके विरोध का कोई ठोस आधार नहीं बचता है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण और बढ़ाया जाए, जिससे ग्रीन मोबिलिटी की ओर भारत तेजी से बढ़ सके।भ्रम फैलाने वालों को मंत्री का सीधा जवाबनितिन गडकरी ने उन लोगों को भी आड़े हाथों लिया जो बिना किसी तकनीकी जानकारी के सोशल मीडिया पर एथेनॉल को लेकर नकारात्मकता फैला रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार ने ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ मिलकर इंजन के डिजाइन में बदलाव किए हैं ताकि वे फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) के अनुकूल बन सकें। गडकरी का यह चैलेंज न केवल विश्वास को बढ़ाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर अब 'सस्टेनेबल एनर्जी' की दिशा में पूरी तरह तैयार है। अगर आप भी पेट्रोल पंप पर 'इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल' को लेकर उलझन में हैं, तो सरकार का यह दावा एक राहत भरी खबर है कि आपकी कार पूरी तरह सुरक्षित है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:25 pm

वांटेड गोल्डी बराड़: अब अमेरिका में भी बढ़ी मुश्किल, FBI ने रखा 50,000 डॉलर का इनाम

कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की मुसीबतें अब भारत से बाहर सात समंदर पार भी बढ़ गई हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) ने गोल्डी बराड़ के खिलाफ शिकंजा कसते हुए उस पर 50,000 डॉलर का भारी-भरकम इनाम घोषित किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब वैश्विक स्तर पर अपराधी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। FBI द्वारा इनाम की घोषणा यह साफ करती है कि अब बराड़ अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है और उसकी गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।क्या है FBI का प्लान और इनाम की शर्तें?FBI ने अपनी आधिकारिक सूचना में गोल्डी बराड़ के ठिकाने की सटीक जानकारी देने वाले को 50,000 डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 40 लाख रुपये से अधिक) देने का ऐलान किया है। एजेंसी ने उसे एक खतरनाक अपराधी के रूप में चिह्नित किया है, जो न केवल भारत में वांछित है, बल्कि अब उसके अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की भी खबरें हैं। इस इनाम के जरिए FBI उन लोगों को प्रेरित कर रही है जो उसकी संदिग्ध गतिविधियों या हालिया ठिकानों के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी रखते हैं। एजेंसियों का मानना है कि इस इनाम के बाद बराड़ का छिपना और भी मुश्किल हो जाएगा।भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीतगोल्डी बराड़ के खिलाफ FBI का यह कदम भारत सरकार और उसकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खालिस्तानी समर्थक और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सबूत साझा कर रहा था। अब अमेरिका द्वारा इनाम घोषित करने का मतलब है कि अमेरिका ने भी यह मान लिया है कि बराड़ का नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून व्यवस्था के लिए खतरा है। यह कार्रवाई भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी, जिससे भविष्य में अन्य वांछित अपराधियों की धरपकड़ भी आसान हो सकती है।कहां-कहां है गोल्डी बराड़ का खौफ?गोल्डी बराड़ का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी आपराधिक घटनाओं और हाई-प्रोफाइल हत्याओं के साथ जुड़ा रहा है। पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में उसके खिलाफ मकोका (MCOCA) और यूएपीए (UAPA) जैसे कड़े कानून लागू हैं। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है। अब अमेरिका में इनाम घोषित होने से बराड़ के लिए दुनिया का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं रह गया है। सुरक्षा जानकारों का कहना है कि जिस तरह से दाऊद इब्राहिम या अन्य अपराधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सक्रिय हुई थीं, वैसा ही अब गोल्डी बराड़ के साथ होता दिख रहा है। उसके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए यह एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:23 pm

शोपियां में मुठभेड़, गौशाला से मिला लश्कर के टॉप कमांडर जाकिर गनी का शव, पुलिस बोली- 'भाग सकते हो, छिप नहीं सकते!'

Kashmir Encounter : कश्‍मीर के शोपियां इलाके में 4 दिनों से जारी मुठभेड़ में लश्‍करे तैयबा का टॉप कमांडर जाकिर गनी मारा गया है। मुठभेड़स्‍थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है।

वेब दुनिया 8 Jul 2026 1:04 pm

गर्भावस्था के आधार पर IPS अधिकारी को प्रशिक्षण से रोकने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने गर्भवती महिला आईपीएस अधिकारियों के प्रशिक्षण पर रोक लगाने वाले 1993 के नियम पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा और मेडिकल फिटनेस के आधार पर निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।

देशबन्धु 8 Jul 2026 1:01 pm

मध्यप्रदेश भाजपा प्रदेश कार्यसमिति बैठक ओरछा में, दतिया उपचुनाव और पार्टी की आगामी रणनीति पर मंथन

हेमंत खंडेलवाल के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने एक साल बाद बीजेपी की पहली कार्यसमिति की बैठक 18 जुलाई से ओरछा में होगी। दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय नितिन नबीन भी शामिल हो सकते है। कार्यसमिति की बैठक ओरछा ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 12:53 pm

स्कूली शिक्षा में चंडीगढ़ सबसे आगे, फिर भी ‘उत्कर्ष’ से दूर; यूपी, बिहार समेत कई राज्य अब भी आकांक्षी श्रेणी में

PGI 2.0 रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ ने 761 से 820 अंकों के दायरे में प्रदर्शन करते हुए ‘उत्तम-3’ ग्रेड प्राप्त किया। यह श्रेणी लगभग 61 से 70 प्रतिशत प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करती है। हालांकि चंडीगढ़ देश में शीर्ष पर रहा, लेकिन वह अब भी सर्वोच्च श्रेणियों से काफी पीछे है। इससे स्पष्ट होता है कि देश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में अभी और सुधार की जरूरत है।

देशबन्धु 8 Jul 2026 12:46 pm

NCERT की नई कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से जुड़े विवादित हिस्से हटाए गए, PIL और ट्रिब्यूनल पर जोड़ा नया पाठ

इस वर्ष न्यायपालिका की छवि को लेकर उठे विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। अदालत ने NCERT को संबंधित पाठ्यपुस्तक वापस लेने और उसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए थे।

देशबन्धु 8 Jul 2026 12:07 pm

मानसून ने पकड़ी रफ्तार: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश, मुंबई से यूपी तक हाल बेहाल, IMD ने जारी किया अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में मानसून सक्रिय हो गया है। अगले सप्ताह तक तेज बारिश, आंधी और तापमान में गिरावट के आसार हैं।

देशबन्धु 8 Jul 2026 11:56 am

बंपर लिस्टिंग: Knack Packaging ने निवेशकों को किया मालामाल, 10% प्रीमियम के साथ हुई धमाकेदार एंट्री

शेयर बाजार में आज नई कंपनी 'नैक पैकेजिंग' (Knack Packaging) ने दमदार शुरुआत की है। आईपीओ के जरिए निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह दिन बेहद खास रहा, क्योंकि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक शानदार रही। लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों के चेहरे खिल गए हैं। बाजार में सुस्ती के बावजूद नैक पैकेजिंग ने निवेशकों को 10% का मुनाफा देकर यह साबित कर दिया है कि बेहतर फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश हमेशा फायदे का सौदा होता है।निवेशकों के लिए मुनाफावसूली का मौका या होल्ड करें?लिस्टिंग के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या निवेशक अपना मुनाफा लेकर बाहर निकल जाएं या लंबी अवधि के लिए बने रहें? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि नैक पैकेजिंग का बिजनेस मॉडल काफी मजबूत है और आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ की संभावनाएं काफी अधिक हैं। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जिन निवेशकों को अलॉटमेंट मिला है, उन्हें फिलहाल घबराहट में शेयर नहीं बेचना चाहिए। कंपनी के कारोबार में जो विस्तार देखने को मिल रहा है, वह संकेत देता है कि यह शेयर आने वाले समय में और भी अच्छी रिटर्न दे सकता है।क्या है कंपनी की मजबूती का राज?पैकेजिंग सेक्टर में अपनी पैठ जमाने वाली नैक पैकेजिंग ने पिछले कुछ समय में अपने वित्तीय प्रदर्शन में निरंतर सुधार दिखाया है। कंपनी जिस सेगमेंट में काम करती है, वहां मांग लगातार बनी रहती है। निवेशकों का भरोसा इस बात पर भी टिका है कि कंपनी का प्रबंधन आने वाले समय में कैपेक्स (CAPEX) पर ध्यान दे रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। तकनीकी रूप से भी शेयर का चार्ट स्ट्रक्चर लिस्टिंग के बाद मजबूत बना हुआ है, जो संकेत दे रहा है कि इसमें आगे भी तेजी का रुझान रह सकता है।एक्सपर्ट्स की आगे की रायमार्केट एनालिस्टों के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद थोड़ी बहुत प्रॉफिट बुकिंग स्वाभाविक है, लेकिन यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो धैर्य रखना फायदेमंद होगा। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि शेयर लिस्टिंग प्राइस से थोड़ा नीचे भी आता है, तो इसे एक मौका मानकर पोर्टफोलियो में बनाए रखें। हालांकि, किसी भी निर्णय से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा कर लेनी चाहिए और स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 11:49 am

इंडोनेशिया में पीएम मोदी की शिव भक्ति, प्रम्बानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय

इंडोनेशिया दौरे के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशियाई राष्‍ट्रपति सुबियांतो के साथ प्रम्बानन मंदिर पहुंचे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी यात्रा से जुड़ा वीडियो शेयर करते हुए ओम नम: शिवाय भी लिखा। इस धरोहर को देखने के बाद ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 11:49 am

Q1 नतीजों में दम दिखाएंगे बैंक शेयर! HDFC और SBI समेत इन स्टॉक्स पर ब्रोकरेज की बड़ी खरीदारी की सलाह

शेयर बाजार में अब पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों का सीजन शुरू होने वाला है, जिसे लेकर निवेशकों और एक्सपर्ट्स में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस तिमाही में बैंकिंग सेक्टर से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार के जानकारों और प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों का मानना है कि लोन ग्रोथ में मजबूती और एसेट क्वालिटी में सुधार के चलते बैंक शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में दिग्गज सरकारी और निजी बैंकों के शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए टॉप पिक के तौर पर देखा जा रहा है।बैंकिंग सेक्टर के लिए कैसी है उम्मीदें?Q1 की रिपोर्ट कार्ड में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर बाजार की पैनी नजर रहने वाली है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय बैंकिंग सिस्टम में क्रेडिट ऑफटेक में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसका सीधा असर बैंकों के मुनाफे पर दिखाई देगा। ब्रोकरेज हाउसों का अनुमान है कि बड़े बैंकों ने अपने ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर किया है, जिससे उनका शुद्ध लाभ उम्मीद से बेहतर रह सकता है। यह तिमाही विशेष रूप से रिटेल और कॉर्पोरेट लोन बुक की सेहत को दर्शाएगी, जो बैंकिंग स्टॉक्स के लिए बड़े ट्रिगर का काम करेगी।HDFC और SBI समेत इन शेयरों पर दांवब्रोकरेज हाउसेज ने Q1 प्रीव्यू के आधार पर कई बैंकिंग स्टॉक्स पर बुलिश रुख अपनाते हुए उन्हें टॉप पिक में जगह दी है। लिस्ट में सबसे ऊपर देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और दिग्गज निजी बैंक HDFC बैंक शामिल हैं। इनके अलावा, ICICI बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक पर भी विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि इन बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट और गिरता एनपीए (NPA) उन्हें मौजूदा बाजार की अस्थिरता में भी निवेश के लिए सुरक्षित और आकर्षक बनाता है।निवेशकों के लिए क्या है संकेत?अगर आप भी नतीजों के सीजन में बैंक शेयरों पर दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो यह समय पोर्टफोलियो की समीक्षा के लिए सही है। ब्रोकरेज की रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग इंडेक्स में आने वाले दिनों में अच्छी रिकवरी देखी जा सकती है। हालांकि, बाजार में किसी भी बड़े निवेश से पहले नतीजों के साथ-साथ बैंकों के प्रबंधन की भविष्य की गाइडेंस को समझना भी बेहद जरूरी है। उम्मीद की जा रही है कि Q1 के नतीजों के बाद बैंकिंग सेक्टर में एक नया मोमेंटम देखने को मिलेगा, जो निवेशकों के लिए लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन का मौका बन सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 11:47 am

बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस पेमेंट, म्यूचुअल फंड नियमों में हुआ अहम बदलाव

भारतीय शेयर बाजार और निवेश जगत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और म्यूचुअल फंड सेक्टर को लेकर नए नियमों का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अब FPIs को अपनी फीस का भुगतान करने के लिए विदेशी मुद्रा पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। यह कदम भारतीय मुद्रा 'रुपये' (INR) की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता बढ़ाने और निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।अब रुपये में होगा FPI फीस का भुगतानअभी तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को अपनी पंजीकरण फीस और अन्य शुल्क का भुगतान आमतौर पर विदेशी मुद्रा में करना पड़ता था। लेकिन अब सेबी ने इसे आसान बना दिया है। नई गाइडलाइन के तहत, FPIs अब भारतीय रुपये में अपना भुगतान कर सकेंगे। इससे न केवल विदेशी निवेशकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि उन्हें करेंसी कन्वर्जन के झंझट और उससे जुड़ी लागत से भी राहत मिलेगी। यह फैसला भारत के पूंजी बाजार को अधिक सुलभ बनाने के लिए लिया गया है।म्यूचुअल फंड नियमों में भी बड़े बदलावFPI नियमों के साथ-साथ म्यूचुअल फंड सेक्टर के लिए भी नई नियमावली जारी की गई है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों के हितों की रक्षा करना है। नए नियमों के अनुसार, फंड हाउसों को अब अपने पोर्टफोलियो और जोखिम प्रबंधन (Risk Management) पर और अधिक स्पष्टता देनी होगी। म्यूचुअल फंड के परिचालन खर्च और निवेश से संबंधित मानदंडों में जो बदलाव किए गए हैं, वे लंबी अवधि में निवेशकों के लिए बेहतर रिटर्न और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।निवेशकों और बाजार पर क्या होगा असर?विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से भारतीय बाजार में निवेश का प्रवाह बढ़ सकता है। जब प्रक्रियाएं सरल होती हैं, तो विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है। रुपये में भुगतान की सुविधा मिलने से FPIs के लिए निवेश की लागत कम होगी। वहीं, म्यूचुअल फंड नियमों में बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे आम रिटेल निवेशकों का म्यूचुअल फंड के प्रति आकर्षण और बढ़ेगा। यह पूरे वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूत और वैश्विक स्तर के अनुकूल बनाने का एक प्रयास है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 11:45 am

एथनॉल मिश्रित ईंधन पर मंथन तेज, पेट्रोल पंपों पर बिना एथनॉल पेट्रोल का विकल्प देने पर विचार

केंद्र सरकार ई-20 पेट्रोल पर उठ रही शिकायतों के बीच पेट्रोल पंपों पर बिना एथनॉल वाले पेट्रोल का विकल्प देने पर विचार कर रही है। कीमत और ढांचे को लेकर मंथन जारी है।

देशबन्धु 8 Jul 2026 11:44 am

बारुईपुर रेप-मर्डर केस: नाबालिग से दरिंदगी का आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर, भागने की कोशिश में मारा गया

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग से रेप और मर्डर का एक आरोपी प्रभास मंडल को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक, एनकाउंटर उस समय हुआ जब आरोपी पूछताछ के दौरान पुलिस कर्मी की बंदूक छिनकर पुलिस हिरासत से भागने ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 10:53 am

पश्चिम बंगाल में बरुईपुर दुष्कर्म-हत्या केस का आरोपी एनकाउंटर में ढेर, 12 साल की बच्ची से की थी दरिंदगी

बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई। 11 वर्षीय बच्ची केस का मुख्य संदिग्ध मुठभेड़ में ढेर, कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार, पुलिस की भूमिका की भी जांच जारी।

देशबन्धु 8 Jul 2026 10:05 am

FBI का लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बड़ा एक्शन, कई देशों में 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी

एफबीआई ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के खिलाफ ऑपरेशन हार्ड बॉल शुरू किया है। एफबीआई ने गैंग के 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी करते हुए 24 लोगों को गिरफ्तार किया है।

वेब दुनिया 8 Jul 2026 9:19 am

PM Modi Indonesia Visit: इंडोनेशिया के प्रंबानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, 90% मुस्लिम आबादी वाले देश में दिखेगा 'सर्वधर्म समभाव' का अद्भुत नजारा

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय दक्षिण-पूर्व एशियाई देश इंडोनेशिया के बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आधिकारिक दौरे पर हैं। कूटनीतिक और सांस्कृतिक लिहाज से आज का दिन (8 जुलाई 2026) भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखने जा रहा है। पीएम मोदी आज इंडोनेशिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतों (Prabowo Subianto) के साथ योग्याकार्ता में स्थित करीब 900 साल पुराने और दुनिया के सबसे भव्य हिंदू मंदिरों में शुमार 'प्रंबानन मंदिर' (Prambanan Temple) का दौरा करेंगे।यह दौरा इसलिए भी पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है क्योंकि इंडोनेशिया वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी (करीब 90 प्रतिशत) वाला मुल्क है। ऐसे में वहां के राष्ट्रपति का भारतीय प्रधानमंत्री के साथ एक प्राचीन हिंदू मंदिर के दर्शन के लिए जाना दुनिया के सामने 'सर्वधर्म समभाव' और धार्मिक सह-अस्तित्व (Religious Co-existence) का एक बेजोड़ उदाहरण पेश करता है।9वीं शताब्दी का दिव्य इतिहास: सनातन धर्म के 'त्रिदेवों' का प्रतीकइतिहासकारों और पुरातत्वविदों के मुताबिक, प्रंबानन मंदिर का निर्माण मध्य जावा में 9वीं शताब्दी (लगभग 850 ईस्वी) के आसपास प्राचीन मातरम साम्राज्य (Mataram Kingdom) के हिंदू राजाओं ने करवाया था। स्थापत्य कला (Architecture) का यह अद्भुत चमत्कार मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है।इस विशाल मंदिर परिसर के केंद्र में तीन मुख्य ऊंचे शिखर बने हैं, जिनमें भगवान शिव के साथ-साथ सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा और पालनहार भगवान विष्णु के भी भव्य मंदिर मौजूद हैं। यही वजह है कि इसे सनातन धर्म की 'त्रिमूर्ति' या त्रिदेवों का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। कई एकड़ में फैले इस ऐतिहासिक परिसर में कभी 200 से अधिक छोटे-बड़े मंदिर हुआ करते थे, जिनमें से कई समय के साथ आए विनाशकारी भूकंपों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन मुख्य मंदिरों की भव्यता आज भी जस की तस बनी हुई है।पत्थरों पर जीवंत है रामायण की गाथा और 'रामायण बैले' की परंपराप्रंबानन मंदिर की सबसे बड़ी और विस्मयकारी विशेषता इसकी दीवारों पर की गई बेहद बारीक और जीवंत नक्काशी है। मंदिर की पत्थरों से बनी दीवारों पर महान ग्रंथ रामायण और कृष्णलीला की पौराणिक कहानियों को दृश्यों के रूप में उकेरा गया है।इंडोनेशिया की सांस्कृतिक पहचान का सबसे खूबसूरत हिस्सा भी इसी मंदिर से जुड़ा हुआ है। इस मंदिर परिसर के ओपन-एयर थिएटर में आज भी सदियों पुरानी परंपरा के तहत प्रसिद्ध 'रामायण बैले' (Ramayana Ballet) का भव्य मंचन किया जाता है। स्थानीय मुस्लिम कलाकार बेहद श्रद्धा और कलात्मकता के साथ पारंपरिक इंडोनेशियाई नृत्य (जावानीस डांस) और संगीत के जरिए भगवान श्री राम, माता सीता और हनुमान जी की पावन कथा को जीवंत करते हैं, जिसे देखने देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहां आते हैं।यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची और भूकंप की त्रासदीइस प्राचीन धरोहर के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को (UNESCO) ने वर्ष 1991 में प्रंबानन मंदिर को 'विश्व धरोहर स्थल' (World Heritage Site) घोषित किया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके संरक्षण और मूल स्वरूप को बनाए रखने के प्रयास तेज हुए। हालांकि, मई 2006 में जावा द्वीप पर आए एक अत्यंत तीव्र भूकंप के कारण इस मंदिर संरचना को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की देखरेख में कई वर्षों तक यहां कड़े पुनर्निर्माण और वैज्ञानिक संरक्षण का काम चलाया गया, जिसके बाद इसे दोबारा पूरी तरह पर्यटकों के लिए खोला जा सका।पीएम मोदी के इस दौरे का वैश्विक संदेश और 'सभ्यतागत कूटनीति'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा को केवल एक सामान्य धार्मिक स्थल का दौरा कहना गलत होगा। भू-राजनीतिक (Geopolitical) नजरिए से इसके पीछे गहरे मायने छिपे हैं:वसुधैव कुटुंबकम का संदेश: वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, जहां दुनिया के कई हिस्सों में धार्मिक और नस्लीय पहचान को लेकर गंभीर संघर्ष चल रहे हैं, वहां एक सबसे बड़े मुस्लिम राष्ट्र में हिंदू मंदिर का यह दौरा पूरी दुनिया को 'वसुधैव कुटुंबकम' (पूरी दुनिया एक परिवार है) का मजबूत संदेश देता है।सभ्यतागत कूटनीति (Civilizational Diplomacy): यह दौरा भारत और इंडोनेशिया के बीच 'सभ्यतागत कूटनीति' को नई दिशा देगा। दोनों देशों के बीच व्यापारिक और समुद्री संबंधों के साथ-साथ हजारों साल पुराने गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं, जो भौगोलिक दूरियों के बाद भी दोनों मुल्कों को आपस में जोड़ते हैं।सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन: यह यात्रा दुनिया को यह भी दिखाएगी कि प्राचीन भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्य किस तरह वैश्विक स्तर पर आज भी बेहद सम्मानित और सुरक्षित हैं, और किस तरह दो अलग-अलग धार्मिक संस्कृतियां एक-दूसरे की विरोधी नहीं बल्कि पूरक बनकर रह सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:53 am

Monsoon Rain Alert: देशभर के 23 राज्यों में भारी बारिश का हाई अलर्ट; महाराष्ट्र में तबाही, MP में नदियां उफान पर और यूपी के 60 जिलों में चेतावनी

दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के लगभग सभी हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय और आक्रामक हो चुका है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई राज्यों में आम जनजीवन को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 8 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार और दिल्ली-एनसीआर सहित देश के 23 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी से अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। कई राज्यों में जलभराव, नदियों के बढ़ते जलस्तर और मुख्य सड़कों के टूटने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।महाराष्ट्र में आसमानी आफत: 2 की मौत, भीमा नदी उफान पर होने से अरवी द्वीप का संपर्क टूटामहाराष्ट्र में मानसून का सबसे विकराल रूप देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से जुड़ी विभिन्न दुर्घटनाओं में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।पालघर में सबसे ज्यादा बारिश: पालघर जिले में रिकॉर्ड 203.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया है। इसके अलावा ठाणे (116.4 मिमी), रायगढ़ (108.7 मिमी), मुंबई उपनगर (90.4 मिमी) और पुणे (70.9 मिमी) में भी भारी वर्षा दर्ज हुई है।तटीय इलाकों में हाई टाइड का खतरा: मुंबई, ठाणे और सिंधुदुर्ग समेत तटीय जिलों के लिए हाई टाइड का अलर्ट जारी किया गया है। खराब मौसम के कारण समुद्र में गए 10 मछुआरों की बहने से मौत हो चुकी है।अरवी द्वीप हुआ अलग-थलग: पुणे और अहिल्यानगर में भारी बारिश के चलते भीमा नदी पूरी क्षमता के साथ उफान पर बह रही है। इसके चलते श्रीगोंडा तालुका का 'अरवी द्वीप' चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है और मुख्य भूमि से उसका संपर्क पूरी तरह कट चुका है। प्रशासन वहां फंसे ग्रामीणों की मदद के लिए नावों का इस्तेमाल कर रहा है।मध्य प्रदेश: शिप्रा नदी के घाट डूबे; भोपाल, इंदौर सहित कई जिलों में अलर्टमध्य प्रदेश में भी लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं।उज्जैन में जलतांडव: उज्जैन में मूसलाधार बारिश के बाद पवित्र शिप्रा नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि रामघाट पर बने कई छोटे और प्राचीन मंदिर पूरी तरह पानी में समा गए हैं।ऑरेंज और येलो अलर्ट: मौसम विभाग ने आज शिवपुरी, सागर, गुना, अशोकनगर, श्योपुरकलां और टीकमगढ़ जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, खंडवा और खरगोन जैसे बड़े शहरों में 'यलो अलर्ट' लागू कर लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।उत्तर प्रदेश: 60 से अधिक जिलों में आज मूसलाधार बारिश की चेतावनीउत्तर प्रदेश में भी मानसून की रफ्तार बेहद तेज है। मंगलवार को लखनऊ, वाराणसी और मुरादाबाद समेत करीब 50 शहरों में भारी बारिश दर्ज की गई। शामली की सड़कों पर पानी भरने से नदियों जैसा नजारा दिखा, वहीं अमरोहा में दिल्ली-लखनऊ हाईवे जलमग्न हो गया।आज के लिए चेतावनी: मौसम विभाग ने बुधवार को यूपी के 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें मुख्य रूप से गौतमबुद्धनगर (नोएडा), बुलंदशहर, संभल, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की भी गंभीर आशंका जताई है।डिप्रेशन का असर: दिल्ली, पंजाब और बिहार समेत इन राज्यों में भी होगी तेज बारिशमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, झारखंड और ओडिशा के ऊपर बना मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र (डिप्रेशन) धीरे-धीरे मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इस मौसमी बदलाव के कारण उत्तर और पश्चिम भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। आने वाले घंटों में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार और छत्तीसगढ़ में तेज आंधी और भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून मेहरबान रहेगा, जबकि दक्षिण भारत के केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। प्रशासन ने सभी प्रभावित राज्यों के नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी गाइडलाइंस का पालन करें और अनावश्यक यात्राओं से बचें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:50 am

Vastu Tips for Clay Items: घर में रखें मिट्टी से बनी ये 5 चीजें, खिंची चली आएगी सुख-समृद्धि; दूर होगा मंगल दोष

सनातन परंपरा में मिट्टी को पंचतत्वों का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है, जिसकी ऊर्जा अत्यंत शुभ और कल्याणकारी होती है। वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में जहां मिट्टी का विशेष महत्व है, वहीं ज्योतिष शास्त्र में इसका सीधा संबंध पराक्रम और ऊर्जा के कारक 'मंगल ग्रह' (Planet Mars) से जोड़ा जाता है। प्राचीन काल से ही हमारे घरों में मिट्टी के बर्तनों का उपयोग स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए किया जाता रहा है। आज के आधुनिक दौर में भी यदि घर के वास्तु दोष और कुंडली के मंगल दोष को दूर करना हो, तो मिट्टी से बनी चीजों को घर में रखना एक अचूक उपाय माना जाता है। आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार घर में मिट्टी से बनी ऐसी कौन सी 5 चीजें रखनी चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो और सौभाग्य की प्राप्ति हो।1. मिट्टी का घड़ा, सुराही या कलश (जल तत्व का संतुलन)वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में मिट्टी का घड़ा या मटका जरूर रखना चाहिए। यह न केवल वास्तु दोषों को मिटाता है बल्कि घर के भीतर 'जल तत्व' को पूरी तरह संतुलित करता है।सही दिशा: मिट्टी के घड़े या सुराही को हमेशा पानी से भरकर घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखना चाहिए।लाभ: इस दिशा में पानी से भरा घड़ा रखने से मानसिक शांति मिलती है, परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है और घर में हमेशा सकारात्मकता बनी रहती है।2. मिट्टी के दीये या दीपक (अग्नि तत्व की शुद्धि)आजकल लोग पूजा-पाठ में धातु के दीयों का इस्तेमाल करने लगे हैं, लेकिन शास्त्रों में मिट्टी के दीये को सबसे उत्तम और सात्विक माना गया है।उपयोग: किसी भी पर्व-त्योहार, नियमित पूजा या व्रत के दौरान मिट्टी के दीपक का ही उपयोग करें।लाभ: नियमित रूप से मिट्टी का दीपक जलाने से घर का 'अग्नि तत्व' शुद्ध होता है। वातावरण का भारीपन दूर होता है और जिस घर का माहौल हल्का व पवित्र रहता है, वहां धन की देवी माता लक्ष्मी स्थायी रूप से वास करती हैं।3. देवी-देवताओं की मिट्टी की मूर्तियां (आर्थिक स्थिति में सुधार)प्लास्टिक या अन्य केमिकल से बनी मूर्तियों के बजाय घर के मंदिर में मिट्टी से निर्मित मूर्तियों को स्थान देना बेहद फलदायी होता है।सही दिशा: भगवान गणेश, माता लक्ष्मी या अन्य पूजनीय देवी-देवताओं की मिट्टी की मूर्तियां घर की उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थापित करनी चाहिए। इसके अलावा मिट्टी से बनी गौमाता, हाथी या घोड़े की प्रतिमा रखना भी बेहद शुभ होता है।लाभ: इन मूर्तियों से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, फंसा हुआ धन वापस मिलता है और जीवन में स्थायित्व (Stability) आता है।4. मिट्टी के गमले में लगा तुलसी का पौधा (आध्यात्मिक शांति)तुलसी का पौधा साक्षात मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है, लेकिन इसकी शुभता तब कई गुना बढ़ जाती है जब इसे सही पात्र में लगाया जाए।नियम: तुलसी के पौधे को कभी भी प्लास्टिक के गमले में न लगाएं। इसके लिए हमेशा मिट्टी के पारंपरिक गमले का ही चुनाव करें।लाभ: मिट्टी के गमले में लगी तुलसी घर के सभी बड़े वास्तु दोषों को सोख लेती है। इससे घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती और पूरे परिवार को उत्तम स्वास्थ्य व आध्यात्मिक शांति का आशीर्वाद मिलता है।5. मिट्टी के बर्तन (मन और सेहत का तालमेल)आज के समय में भी मिट्टी की कड़ाही, हांडी या बर्तनों में भोजन पकाना और खाना बेहद फायदेमंद माना गया है।लाभ: मिट्टी के बर्तनों में बना भोजन पूरी तरह सात्विक और पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिससे परिवार के सदस्यों का शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन दोनों बेहतर रहता है।ज्योतिषीय महत्व: रसोई में मिट्टी के बर्तनों के नियमित उपयोग से कुंडली का 'मंगल दोष' शांत होने लगता है, जिससे व्यक्ति का बेवजह का गुस्सा कम होता है और रिश्तों में मधुरता आती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:49 am

Ind vs Eng T20: कप्तान श्रेयस अय्यर पर लगे 5 गहरे दाग! इंग्लैंड ने भारत को 125 रन से रौंदा, टी20 इतिहास की सबसे शर्मनाक हार

भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) में इन दिनों थोक के भाव बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं, लेकिन मैदान पर टीम का नतीजा सिर्फ और सिर्फ हार के रूप में सामने आ रहा है। पहले आयरलैंड जैसी अंडरडॉग टीम से सीरीज हारने के बाद, अब इंग्लैंड के दौरे पर भी श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम को भारी बेइज्जती झेलनी पड़ रही है। सीरीज के तीसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को इंग्लैंड के हाथों 125 रन की बेहद शर्मनाक और ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा है। बतौर कप्तान श्रेयस अय्यर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी तक केवल 5 मैच ही संभाले हैं, लेकिन इन 5 मैचों के भीतर ही उनके कप्तानी करियर पर 5 गहरे दाग लग चुके हैं। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि क्यों श्रेयस अय्यर को कप्तान चुनने का फैसला फिलहाल टीम इंडिया के लिए पूरी तरह गलत साबित हो रहा है।सूर्यकुमार यादव को हटाकर अय्यर को सौंपी गई थी कमानटी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी कप्तानी से भारतीय टीम को चैंपियन बनाने वाले स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को अचानक आराम या टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया और उनकी जगह श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कमान सौंपी गई। अय्यर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपनी कप्तानी की रणनीतियों से सबको बेहद प्रभावित किया था, लेकिन जब बात टीम इंडिया की आई तो उनका वह जादू पूरी तरह फीका नजर आ रहा है। पहले आयरलैंड के खिलाफ मिली सीरीज हार का धब्बा लगा और अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम का बंटाधार होता दिख रहा है। तीसरे टी20 में इंग्लैंड के गेंदबाजों के आगे भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरी टीम महज 76 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई।दाग नंबर-1: रनों के लिहाज से टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हारश्रेयस अय्यर की कप्तानी पर जो सबसे पहला और बड़ा दाग लगा है, वह है रनों के अंतर से भारत की सबसे बड़ी हार। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम को 125 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी है। इससे पहले साल 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया 80 रन से हारी थी, जो उस समय का सबसे खराब रिकॉर्ड था। लेकिन अब 125 रन की इस शर्मनाक हार का रिकॉर्ड अय्यर की कप्तानी के खाते में जुड़ गया है।दाग नंबर-2: लोएस्ट ऑलआउट टोटल का धब्बा (बाल-बाल बचे)इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे मैच में पूरी भारतीय टीम सिर्फ 76 रन पर ढेर हो गई। टी20 क्रिकेट में भारत के लोएस्ट ऑलआउट टोटल (न्यूनतम स्कोर) की सूची में अब अय्यर की कप्तानी वाली यह टीम दूसरे नंबर पर आ चुकी है। हालांकि, भारत का सबसे न्यूनतम स्कोर 74 रन (बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2008) है। अय्यर की टीम इस सबसे शर्मनाक ऑल-टाइम रिकॉर्ड को तोड़ने से महज 3 रन से चूक गई, अन्यथा यह इतिहास का सबसे बड़ा धब्बा साबित होता।दाग नंबर-3: लगातार 5 मैचों में बिना किसी जीत का अनचाहा रिकॉर्डभारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला है जब लगातार 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले बीत जाने के बाद भी टीम इंडिया को एक भी जीत नसीब नहीं हुई है। इससे पहले साल 2009 और 2021 में लगातार 4-4 मैचों में बिना किसी जीत का खराब दौर आया था, लेकिन श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने उस आंकड़े को भी पीछे छोड़ते हुए लगातार 5 मैचों की हार का नया सिलसिला बना दिया है।दाग नंबर-4: पिछले 12 मैचों का बेहद खराब कप्तानी ग्राफयदि श्रेयस अय्यर के ओवरऑल पिछले 12 टी20 मैचों (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मिलाकर) के कप्तानी रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो आंकड़े बेहद डराने वाले हैं। इन 12 मुकाबलों में से अय्यर को बतौर कप्तान 10 मैचों में करारी हार का सामना करना पड़ा है, जबकि उनके खाते में महज 1 जीत और 1 मैच बेनतीजा (No Result) रहा है। यह ग्राफ दिखाता है कि उनके नेतृत्व में टीम का विनिंग कॉम्बिनेशन पूरी तरह बिखर चुका है।दाग नंबर-5: टीम के भीतर लगातार बदलावों से बढ़ा अविश्वासआयरलैंड के बाद अब इंग्लैंड सीरीज में भी लगातार कप्तानी और टीम कॉम्बिनेशन में किए जा रहे 'एक्सपेरिमेंट' के चलते खिलाड़ियों के भीतर आत्मविश्वास की कमी साफ झलक रही है। वर्ल्ड चैंपियन टीम के कोर ग्रुप को पूरी तरह बदलकर नए लड़कों के साथ बिना किसी ठोस रणनीति के मैदान पर उतरना श्रेयस अय्यर के कप्तानी कौशल पर पांचवां सबसे बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सीरीज के आगामी दो मुकाबलों में भारतीय टीम अपनी लाज बचाने में कामयाब हो पाती है या इंग्लैंड क्लीन स्वीप कर इतिहास रचेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:47 am

Petrol Diesel Price Today 8 July 2026: यूपी के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, जानें आज लखनऊ और कानपुर में क्या है तेल का रेट

रोज सुबह की शुरुआत न केवल सूरज की नई किरणों के साथ होती है, बल्कि वाहन चालकों के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें भी एक बड़ा अपडेट लेकर आती हैं। ईंधन के ये दाम आम आदमी के मासिक बजट और जेब पर सीधा असर डालते हैं। भारत में हर दिन सुबह 6 बजे देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी कर देती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर आधारित होते हैं। उत्तर प्रदेश में आज, 8 जुलाई 2026 को भी तेल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं।लखनऊ, कानपुर से लेकर नोएडा तक: यूपी के शहरों में आज का भावअगर आप आज घर से गाड़ी लेकर निकल रहे हैं या फ्यूल टैंक फुल कराने की सोच रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के प्रति लीटर दाम इस प्रकार हैं:शहर का नाम (UP Cities)पेट्रोल का रेट (₹/लीटर)डीजल का रेट (₹/लीटर)लखनऊ (Lucknow)₹101.86₹95.36कानपुर शहरी (Kanpur)₹101.59₹95.06प्रयागराज (Prayagraj)₹101.96₹95.46नोएडा (Noida)₹101.96₹95.44वाराणसी (Varanasi)₹102.23₹95.72गोरखपुर (Gorakhpur)₹102.13₹95.62मेरठ (Meerut)₹101.99₹95.46अलीगढ़ (Aligarh)₹101.92₹95.38आगरा (Agra)₹101.66₹95.14पिछले दिनों क्यों महंगी हुई तेल की कीमतें?घरेलू बाजार में पिछले कुछ समय में पेट्रोल और डीजल के दामों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 15 मई 2026 को ईंधन की कीमतों में बड़ा संशोधन हुआ था, जिसके तहत पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में सीधे 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था, और उसके बाद भी कीमतों में कई बार बढ़ोतरी देखी गई।केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे की वैश्विक वजहों को स्पष्ट करते हुए बताया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल के कारण तेल कंपनियों पर अंडर-रिकवरी (लागत से कम पर बिक्री) का भारी दबाव है। इस स्थिति के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसके चलते कुल अंडर-रिकवरी बढ़कर लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था।पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, कंपनियों का एक तिमाही घाटा ही करीब 1 लाख करोड़ रुपये के पास पहुंच गया था। दूसरी तरफ, क्रूड ऑयल के दाम भी पहले के $64-$65 प्रति बैरल के निचले स्तर से बढ़कर एक समय लगभग $115 प्रति बैरल तक पहुंच गए थे। हालांकि भारत ने साल 2022 के बाद से एक लंबे समय तक ईंधन की कीमतों को बढ़ने से रोके रखा था और उपभोक्ताओं को राहत दी थी, लेकिन वैश्विक बाजार की इस भीषण मंदी और दबाव के चलते आखिरकार पिछले कुछ दिनों में कीमतों में आंशिक इजाफा करना जरूरी हो गया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:42 am

UP Weather Alert: यूपी के 60 से ज्यादा जिलों में आज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 80 KM की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

उत्तर प्रदेश में मानसून ने अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को राजधानी लखनऊ, नोएडा, मुरादाबाद और प्रयागराज समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हुई झमाझम बारिश के बाद बुधवार यानी 8 जुलाई 2026 की सुबह से ही कई जिलों में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। इस मानसूनी बारिश से जहां तापमान में भारी गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए प्रदेश में बेहद संवेदनशील अलर्ट जारी किया है।आज कैसा रहेगा मौसम? इन जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्टआंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आज बुधवार को उत्तर प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने जिन प्रमुख जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं:गौतमबुद्धनगर (नोएडा), गाजियाबाद, बुलंदशहर, ज्योतिबा फुले नगर (अमरोहा), संभल और अलीगढ़।बदायूं, कांशीरामनगर (कासगंज), महामायानगर (हाथरस), एटा, मथुरा, आगरा और फिरोजाबाद।झांसी, महोबा, हमीरपुर, जालौन और ललितपुर।लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, देवरिया, वाराणसी और प्रयागराज।80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी, वज्रपात की चेतावनीमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बारिश के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की भी गंभीर चेतावनी जारी की है। राजधानी लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है।मंगलवार को हुई बारिश से सड़कों पर दिखा 'नदियों' जैसा नजाराइससे पहले मंगलवार को लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली और मुरादाबाद समेत यूपी के 50 से अधिक शहरों में भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी यूपी के शामली में मूसलाधार बारिश के चलते सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं और वहां नदियों जैसा नजारा देखने को मिला। वहीं, अमरोहा जिले में महज एक घंटे की तेज बारिश के कारण दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर कई फीट तक पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। मथुरा और आगरा में भी जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।क्यों अचानक सक्रिय हुआ मानसून? क्या बोले मौसम वैज्ञानिकआंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत दबाव क्षेत्र (Depression) बना था। यह मौसमी सिस्टम उत्तरी ओडिशा तट को पार करते हुए वर्तमान में दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसमान के पास केंद्रित है। इसी वेदर सिस्टम के असर से पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून अचानक बेहद सक्रिय और आक्रामक हो गया है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का यह भी अनुमान है कि इस शुरुआती तेजी के बावजूद इस साल यूपी सहित पूरे देश में कुल मानसूनी बारिश सामान्य से थोड़ी कम दर्ज की जा सकती है।12 जुलाई तक ऐसा ही रहेगा मौसम, किसानों को विशेष सलाहमौसम विभाग की नई भविष्यवाणी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में आगामी 12 जुलाई 2026 तक मौसम का मिजाज इसी तरह की सक्रियता के साथ बना रहेगा। विशेषकर पश्चिमी यूपी में 8 से 10 जुलाई के बीच अधिकांश स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी यूपी के जिलों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ती रहेंगी। मौसम की इस गंभीरता और तेज आंधी-तूफान को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और विशेषकर किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की विशेष सलाह दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:40 am

Noida-Greater Noida New Expressway: नोएडा के वाहन चालकों की लगी लॉटरी! ₹500 करोड़ से बनेगा 29 KM लंबा एक और नया एक्सप्रेसवे, जानें रूट मैप

उत्तर प्रदेश के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आने वाले हाई-टेक शहरों नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों नौकरीपेशा और वाहन चालकों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) ने मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दिन-प्रतिदिन बढ़ते गाड़ियों के भारी बोझ और ट्रैफिक जाम को हमेशा के लिए खत्म करने का एक नया और फुलप्रूफ मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत यमुना और हरनंदी (हिंडन) नदियों के बीच स्थित विशाल दोआब क्षेत्र में 29 किलोमीटर लंबा, चार लेन का एक बिल्कुल नया और वैकल्पिक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा।₹500 करोड़ का बजट और वर्तमान जाम से मिलेगी मुक्तिवर्तमान में चल रहे आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर हर दिन करीब दस लाख से ज्यादा वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिसके कारण पीक आवर्स के दौरान दफ्तर आने-जाने वालों को घंटों रेंगना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी और तकनीकी समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण ने इस नई समानांतर कनेक्टिविटी पर युद्धस्तर पर काम शुरू करने का फैसला लिया है। इस नए 29 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्ग के निर्माण पर लगभग 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च किया जाएगा।किसानों से जमीन अधिग्रहण का झंझट खत्म, सिंचाई विभाग की भूमि पर बनेगा मार्गइस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी और खास खूबी यह है कि इसके निर्माण के लिए स्थानीय किसानों की कीमती उपजाऊ जमीन के भारी अधिग्रहण की आवश्यकता नाममात्र के लिए ही होगी। दरअसल, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग (UP Irrigation Department) के पास इस नदी दोआब क्षेत्र में पहले से ही 22 से 28 मीटर चौड़ी सरकारी जमीन उपलब्ध है, जिसका उपयोग इस 4-लेन रोड को बिछाने के लिए किया जाएगा। इससे जमीन विवाद और मुआवजे की लंबी कानूनी प्रक्रियाओं में समय बर्बाद नहीं होगा।समझें नए एक्सप्रेसवे का पूरा रूट मैप और कनेक्टिविटीप्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए ब्लूप्रिंट के अनुसार, इस नए रूट को बेहद रणनीतिक तरीके से डिजाइन किया गया है:यमुना दोआब का विस्तार: यमुना नदी के दोआब क्षेत्र को वर्तमान स्थिति से आगे लगभग एक किलोमीटर और बढ़ाया जाएगा।हरनंदी (हिंडन) दोआब का विकास: हिंडन नदी के दोआब के करीब 17 किलोमीटर लंबे हिस्से को आधुनिक चार लेन की सड़क में तब्दील किया जाएगा।कोंडली बांगर से लिंक: यह नया वैकल्पिक मार्ग सीधे नोएडा के तेजी से विकसित हो रहे सेक्टर-150 तक पहुंचेगा, जहां इसे कोंडली बांगर की प्रसिद्ध 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क से सीधे लिंक कर दिया जाएगा।तटबंध रोड का कायाकल्प: इसके अलावा, यमुना तटबंध पर पहले से मौजूद 11.2 किलोमीटर लंबे पुराने मार्ग का भी ₹34 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण और नवीनीकरण किया जा रहा है, जो इस प्रोजेक्ट को अतिरिक्त मजबूती देगा।ग्रेटर नोएडा के 25 सेक्टर्स, 20 गांवों और 75 सोसायटियों की चमकेगी किस्मतयह नया एक्सप्रेसवे नेटवर्क विशेष रूप से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बॉर्डर पर बसी नई रिहायशी बस्तियों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं होने वाला है। इसके पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद अरावली और हिंडन के पास स्थित लगभग 25 प्राइम सेक्टर्स, 20 ग्रामीण इलाकों और 75 से अधिक आलीशान व बड़ी हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले करीब 5 लाख नागरिकों को सीधे तौर पर एक निर्बाध और सिग्नल-फ्री रास्ता मिल जाएगा। सेक्टर-150 स्थित मशहूर स्पोर्ट्स सिटी और जेपी विश टाउन जैसी हाई-प्रोफाइल टाउनशिप में तेजी से बढ़ रही रिहायशी आबादी की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर का ताना-बाना बुना गया है।अधिकारियों को सख्त डेडलाइन: तत्काल कार्ययोजना पेश करने के निर्देशनोएडा प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों ने इस परियोजना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित इंजीनियरिंग विंग और कंसल्टेंट कंपनियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे इस परियोजना की अंतिम विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तत्काल प्रभाव से बोर्ड के सामने प्रस्तुत करें। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि यदि डिजाइन के दौरान कहीं थोड़ी-बहुत अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता पड़ती भी है, तो संबंधित किसानों से आपसी सहमति के आधार पर तुरंत उचित बाजार दर का मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहित की जाएगी ताकि काम में कोई रुकावट न आए। इस एक्सप्रेसवे के बनने से मुख्य एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों का दबाव 40% तक कम होने का अनुमान है, जिससे लोगों का कीमती समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:35 am

Aligarh-Moradabad Greenfield Highway: संभल को मिलेगी बड़ी सौगात, NHAI ने शुरू किया 69 गांवों की जमीन का अधिग्रहण; बदल जाएगी क्षेत्र की सूरत

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को रफ्तार देने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू हो गया है। अलीगढ़ और मुरादाबाद को सीधे जोड़ने वाला नया चार/छह लेन का 'ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे' (Greenfield Access Controlled Highway) संभल जिले की पूरी कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए संभल में भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की आधिकारिक प्रक्रिया तेज कर दी है। इस नए हाईवे के बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक गलियारे को भी एक नई मजबूती मिलेगी।क्यों संभल के लिए गेमचेंजर साबित होगी यह परियोजना?यह नया ग्रीनफील्ड हाईवे केवल अलीगढ़ और मुरादाबाद के बीच के सफर और समय को ही कम नहीं करेगा, बल्कि यह पहले से व्यस्त आगरा-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग का एक सबसे बेहतरीन और आधुनिक विकल्प बनकर उभरेगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण के बाद संभल जिला पहली बार सीधे देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इसके अलावा, इस कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश के ड्रीम प्रोजेक्ट 'गंगा एक्सप्रेसवे' से भी लिंक किया जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को सीधे एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे संभल में हस्तशिल्प, कृषि और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे।संभल और गुन्नौर तहसील के 69 गांव आएंगे हाईवे के दायरे मेंNHAI के सर्वे के मुताबिक, संभल जिले के कुल 69 गांवों की जमीन इस नए ग्रीनफील्ड हाईवे के दायरे में आ रही है। इनमें संभल तहसील के 40 और गुन्नौर तहसील के 29 प्रमुख गांव शामिल हैं। जिला प्रशासन ने इन प्रभावित गांवों के किसानों और भू-स्वामियों को दिए जाने वाले मुआवजे की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, डिजिटल और विवादमुक्त रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।भू-माफियाओं पर नकेल: अनधिकृत निर्माण और रजिस्ट्री पर लगी रोकप्रशासन ने प्रभावित घोषित किए जा चुके 69 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री), भूमि उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) और हाईवे रूट के आस-पास होने वाले किसी भी प्रकार के नए या अनधिकृत निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है और इस पर पैनी नजर रखी जा रही है। इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य सरकारी राजस्व को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाना है। इसके साथ ही, कई बार कुछ लोग मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए हाईवे की जमीन पर रातों-रात अवैध निर्माण कर लेते हैं, जिसे रोकने के लिए प्रशासन ने पहले ही ड्रोन और सेटेलाइट मैपिंग की मदद से स्थिति स्पष्ट कर ली है ताकि भविष्य में मुआवजे के वितरण को लेकर कोई कानूनी अड़चन न आए।मुरादाबाद से अलीगढ़ तक: ये रहेगा हाईवे का पूरा रूट मैपप्रस्तावित ब्लूप्रिंट के अनुसार, यह आधुनिक हाईवे मुरादाबाद की दिशा से आगे बढ़ते हुए संभल जिले के हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के पोटा और धूरा गांवों से संभल की सीमा में प्रवेश करेगा। यहां से यह सीधे प्रसिद्ध कैलादेवी धार्मिक क्षेत्र की ओर आगे बढ़ेगा। इसके बाद गुन्नौर तहसील के रजपुरा इलाके से होते हुए बबराला के जिजोड़ा डांडा के पास यह विशाल गंगा नदी को पार करेगा। गंगा नदी पर एक नए आधुनिक पुल के जरिए यह आगे बुलंदशहर जिले की सीमाओं को छूते हुए सीधे अलीगढ़ तक पहुंचेगा।अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड हाईवे के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद संभल के नागरिकों के लिए दिल्ली, नोएडा, लखनऊ और अलीगढ़ जैसे बड़े शहरों तक की दूरी और सफर का समय आधा रह जाएगा। साथ ही, बेहतर बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के चलते क्षेत्र में नए लॉजिस्टिक हब और फैक्ट्रियां स्थापित होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए साधन विकसित होंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:32 am

Raja Hindustani Fame Pratibha Sinha: 'परदेसी परदेसी' गाने से रातों-रात स्टार बनीं प्रतिभा सिन्हा अब कहाँ हैं? जानें उनकी गुमनामी और विवादों की पूरी कहानी

'गाना परदेसी परदेसी जाना नहीं... मुझे छोड़के, मुझे छोड़के'— यह एक ऐसा सदाबहार गीत है जिसे हर संगीत प्रेमी ने कई बार सुना होगा। साल 1996 में रिलीज हुई आमिर खान और करिश्मा कपूर स्टारर ब्लॉकबस्टर फिल्म 'राजा हिंदुस्तानी' का यह गाना अपने दौर का सबसे बड़ा चार्टबस्टर बना था। लेकिन आज चर्चा इस फिल्म की नहीं, बल्कि इस गाने में बंजारन के भेष में थिरकती नजर आईं उस खूबसूरत एक्ट्रेस की है, जो इस पांच मिनट के वीडियो से रातों-रात देश भर में सनसनी बन गई थीं। वह एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि प्रतिभा सिन्हा थीं। सफलता के शिखर पर पहुँचने के बावजूद वे अचानक गुमनामी के अंधेरे में खो गईं। आइए जानते हैं कि आज प्रतिभा सिन्हा कहाँ हैं और क्या कर रही हैं।करिश्मा कपूर पर भारी पड़ी थीं दिग्गज अभिनेत्री माला सिन्हा की बेटीफिल्म 'राजा हिंदुस्तानी' के इस गाने में प्रतिभा सिन्हा का अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस इतना दमदार था कि कुछ समय के लिए वे फिल्म की मुख्य अभिनेत्री करिश्मा कपूर पर भी भारी पड़ती नजर आईं। बहुत कम लोग जानते हैं कि प्रतिभा सिन्हा बॉलीवुड की दिग्गज और कल्ट एक्ट्रेस माला सिन्हा की बेटी हैं। अपनी मां के पदचिन्हों पर चलते हुए प्रतिभा ने भी अभिनय की दुनिया को चुना और 90 के दशक में बतौर लीड एक्ट्रेस बॉलीवुड में कदम रखा था। इस गाने की बंपर सफलता के बाद उन्हें कई बड़ी फिल्मों के ऑफर मिले, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।अभिनय का सफर: पहली फिल्म से लेकर संन्यास तकप्रतिभा सिन्हा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1992 में आई फिल्म 'मेहबूब मेरे मेहबूब' से की थी, जिसमें उनके अपोजिट अभिनेता सुजॉय मुखर्जी नजर आए थे। हालांकि, शुरुआती कुछ फिल्मों से उन्हें वह खास पहचान नहीं मिल सकी जिसकी उन्हें तलाश थी। आखिरकार साल 1996 में 'परदेसी परदेसी' गाने ने उनकी किस्मत बदल दी। इसके बाद वे साल 1997 में अनुपम खेर के साथ फिल्म 'गुदगुदी' में दिखाई दीं। साल 2000 में आई फिल्म 'ले चल अपने संग' उनके करियर की अंतिम फिल्म साबित हुई, जिसके बाद उन्होंने महज 8 साल के भीतर फिल्म इंडस्ट्री से हमेशा के लिए संन्यास ले लिया।संगीतकार नदीम सैफी से प्यार और चेन्नई में 'नजरबंदी' का वो दौरप्रतिभा सिन्हा के अचानक करियर खत्म होने के पीछे उनकी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा उनकी पर्सनल लाइफ और विवाद जिम्मेदार रहे। 90 के दशक में प्रतिभा सिन्हा और मशहूर संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण के नदीम सैफी के बीच अफेयर के चर्चे आम हो गए थे। नदीम पहले से शादीशुदा थे, इसलिए माला सिन्हा इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थीं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, माला सिन्हा ने अपनी बेटी को नदीम से पूरी तरह दूर करने के लिए उन्हें चेन्नई में एक तरह से नजरबंद कर दिया था और उनके फोन व बातचीत के माध्यमों पर कड़ी नजर रखी थी। इसके बावजूद दोनों ने संपर्क बनाए रखने के लिए खास 'कोड नेम' का सहारा लिया। जब दोनों के घर से भागने की अफवाहें उड़ीं, तो माला सिन्हा ने कथित तौर पर शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे से मदद मांगी, जिसके बाद प्रतिभा को वापस मुंबई लाया गया।वो विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस और गुलशन कुमार हत्याकांड का सायामुंबई लौटने के बाद प्रतिभा सिन्हा को एक बेहद विवादास्पद प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए मजबूर किया गया, जिसने पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतिभा ने नदीम सैफी पर अपहरण और यौन शोषण जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए। दूसरी तरफ, नदीम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पब्लिसिटी स्टंट और खुद का मानसिक उत्पीड़न करार दिया था।यह निजी विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अगस्त 1997 में टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नदीम सैफी का नाम सामने आने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री सन्न रह गई। हालांकि, नदीम ने लगातार इन आरोपों को खारिज किया और अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए लंदन में शरण ले ली। बाद में अदालत ने नदीम के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने की बात कही, लेकिन इस खौफनाक घटनाक्रम ने प्रतिभा सिन्हा के फिल्मी करियर पर हमेशा के लिए पूर्णविराम लगा दिया।दशकों बाद सार्वजनिक रूप से आईं नजर, अब जी रही हैं शांत जीवनगुलशन कुमार केस और नदीम से जुड़े विवादों के बाद प्रतिभा सिन्हा ने खुद को लाइमलाइट, मीडिया और फिल्मी दुनिया की बनावटी चकाचौंध से पूरी तरह दूर कर लिया। दशकों तक गुमनाम रहने के बाद, पिछले साल अगस्त 2025 में मुंबई में आयोजित एक साड़ी प्रदर्शनी (Saree Exhibition) के दौरान प्रतिभा सिन्हा को बेहद सादगी भरे अंदाज में सार्वजनिक रूप से देखा गया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। अपने पुराने और कड़वे विवादों को पीछे छोड़कर, प्रतिभा सिन्हा अब मुंबई में अपनी बुजुर्ग मां माला सिन्हा के साथ एक बेहद शांत, निजी और संतुष्ट जीवन व्यतीत कर रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:30 am

Dia Bukan Ibu OTT Release: रोंगटे खड़े कर देगी 2025 की यह सबसे खौफनाक हॉरर फिल्म, अब जियोहॉटस्टार पर हिंदी में उठाएं मिस्ट्री का लुत्फ

सिनेमा की दुनिया में हॉरर और साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्मों का क्रेज हमेशा से दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता रहा है। इन फिल्मों का गहरा सस्पेंस, पल-पल बदलते मोड़ और अनसुलझी मिस्ट्री लोगों को स्क्रीन से हटने नहीं देती। जब डर के साथ एक गहरी दिमागी पहेली जुड़ जाए, तो दर्शकों की धड़कनें बढ़ना लाजिमी है। यही वजह है कि ‘साइको’ और ‘द कॉन्जुरिंग’ जैसी कल्ट फिल्मों के दीवाने पूरी दुनिया में मौजूद हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली इंडोनेशियाई हॉरर फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अकेले में देखते हुए आपके मुंह से खुद-ब-खुद भगवान का नाम निकल पड़ेगा।इंटरनेट पर वायरल हुई सच्ची कहानी पर आधारित है फिल्मआजकल ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के विस्तार ने वैश्विक सिनेमा को हमारे बेहद करीब ला दिया है। अब दर्शकों को बेहतरीन और डरावनी फिल्मों के लिए सिनेमाघरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, बल्कि वे घर बैठे अपने स्मार्टफोन या टीवी पर इसका मजा ले रहे हैं। दर्शक अब पुरानी घिसी-पिटी भूतिया कहानियों के बजाय कुछ नया और अनोखा देखना पसंद कर रहे हैं। इसी कड़ी में साल 2025 की सबसे चर्चित और डरावनी फिल्म 'ए वुमन कॉल्ड मदर' (इंडोनेशियाई नाम: दिया बुकान इबू / Dia Bukan Ibu) सामने आई है। इस फिल्म का आइडिया इंटरनेट पर वायरल हुई एक बेहद खौफनाक सच्ची कहानी (Thread) से प्रेरित है। बड़े पर्दे पर आने से पहले 19 सितंबर 2025 को 'फैंटास्टिक फेस्ट' में इसका वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था, जहाँ इसके अनूठे टॉपिक ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं।क्या है इस खौफनाक फिल्म की कहानी?रैंडॉल्फ जैनी के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी एक सिंगल मदर (मां) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पति से अलग होने के बाद अपने दो मासूम बच्चों के साथ एक नए घर में रहने आती है। शुरुआत में सब कुछ बेहद सामान्य और खुशनुमा नजर आता है, लेकिन धीरे-धीरे बच्चों को अपनी ही मां के बर्ताव में अजीब, हिंसक और डरावने बदलाव दिखने लगते हैं। मां की हरकतें इतनी भयावह हो जाती हैं कि दोनों बच्चे अपनी जान बचाने और इस रहस्य का पता लगाने में जुट जाते हैं कि आखिर उनकी मां के शरीर और दिमाग पर किसका कब्जा है। फिल्म में आर्टिका सारी देवी, ऑरोरा रिबेरो, अली फिक्री, खिवा इस्काक और फारा शकीला ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।अवॉर्ड शो में मिला सम्मान और ऐसी है IMDb रेटिंगफिल्म का क्लाइमैक्स बेहद डार्क और रूह कंपा देने वाला है, जिसमें कई ऐसे 'जम्प स्केयर्स' हैं जो आपको अंदर तक डरा देंगे। इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से मिली-जुली लेकिन काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। फिल्म को प्रतिष्ठित 'इंडोनेशियन फिल्म फेस्टिवल' में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस और बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स (VFX) जैसी बड़ी श्रेणियों में नामांकन भी हासिल हुआ। लोकप्रिय रेटिंग वेबसाइट IMDb पर इसे 10 में से 6.0 की सम्मानजनक रेटिंग मिली है। मुख्य अभिनेत्री आर्टिका सारी देवी ने मां के डरावने रूप को स्क्रीन पर इतनी शिद्दत से जिया है कि लोग उनकी एक्टिंग के मुरीद हो गए हैं।बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और अब ओटीटी पर कहाँ देखें?कमाई के आंकड़ों की बात करें तो बॉक्स ऑफिस मोजो के मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट और घरेलू थिएटर्स को मिलाकर इंडोनेशिया में इसे देखने के लिए करीब 1,19,767 दर्शक सिनेमाघरों तक पहुंचे थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार से इस फिल्म ने लगभग 29,875 अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 25 से 26 लाख रुपये) का बिजनेस किया था। यदि आप भी इस मानसून के मौसम में बेहतरीन मिस्ट्री और सस्पेंस का आनंद लेना चाहते हैं, तो यह फिल्म अब ओटीटी प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर शानदार हिंदी डबिंग के साथ स्ट्रीम हो रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:19 am

तेल टैंकरों पर हमलों से ट्रंप भड़का, अमेरिका ने ईरान पर बरसाए बम, तेल निर्यात से जुड़ा लाइसेंस भी रद्द

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की।

वेब दुनिया 8 Jul 2026 8:05 am

Top News 8 July: ईरान पर अमेरिका का डबल अटैक, चंपत राय का बड़ा खुलासा

Top News 8 July : अमेरिका के ईरान पर हमले से पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया। चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी। राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने चंपत राय से मुलाकात की। लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी गैंग पर ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 7:41 am

फास्ट ट्रैक अदालतों के लिए जज उपलब्ध कराने को हाईकोर्ट के संपर्क में सरकार: सीएम फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में जानकारी दी कि महाराष्ट्र में स्वीकृत 138 फास्ट ट्रैक अदालतों में से फिलहाल केवल 58 ही कार्यरत हैं। बाकी अदालतों के लिए न्यायाधीश उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार लगातार हाईकोर्ट के साथ संपर्क में है।

देशबन्धु 8 Jul 2026 7:00 am

इंग्लैंड ने भारत को शर्मिंदा करके तीसरा T20I जीता, 125 रन से ज़बरदस्त जीत दर्ज की

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की रोमांचक टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया को एक बेहद शर्मनाक और करारी हार का सामना करना पड़ा है। नॉटिंघम के ऐतिहासिक ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने खेल के हर क्षेत्र में भारत को पूरी तरह पस्त कर दिया। इस बड़ी जीत के साथ ही इंग्लैंड ने सीरीज में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है, जबकि भारतीय टीम के लिए यह हार एक बड़ा मानसिक झटका साबित हुई है।फिल साल्ट और सैम करन का प्रहार: इंग्लैंड ने खड़ा किया 201 रनों का विशाल स्कोरमैच की शुरुआत भारतीय कप्तान द्वारा टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले से हुई। शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने कुछ सफलताएं जरूर हासिल कीं, लेकिन इंग्लिश बल्लेबाजों ने जल्द ही मैच पर अपनी पकड़ बना ली। इंग्लैंड की ओर से फिल साल्ट ने शानदार 70 रनों की आक्रामक पारी खेली, जबकि कप्तान जोस बटलर ने 36 रनों का अहम योगदान दिया। इसके अलावा मध्यक्रम में हैरी ब्रूक ने 16 रन और जैकब बेथेल ने 13 रन जोड़े। पारी के अंतिम क्षणों में सैम करन ने महज 24 गेंदों में नाबाद 41 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर स्कोर को ऊंचाई दी, जिसके दम पर इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 201 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारत की तरफ से गेंदबाजी करते हुए हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट अपने नाम किए, जबकि अक्षर पटेल को एक सफलता मिली।जोफ्रा आर्चर और जोश टंग का कहर: महज़ 76 रनों पर सिमटी पूरी भारतीय टीमविशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की, लेकिन इंग्लिश गेंदबाजों की रफ्तार और स्विंग के आगे भारतीय बल्लेबाज टिक नहीं सके। अभिषेक शर्मा 10 रन और वैभव सूर्यवंशी 13 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद क्रीज पर आए ईशान किशन (13 रन), कप्तान श्रेयस अय्यर (5 रन) और अक्षर पटेल (10 रन) भी पूरी तरह असफल रहे। निचले क्रम में हर्षित राणा ने 9 रन बनाए, लेकिन पूरी टीम महज 76 के स्कोर पर सिमट गई। इंग्लैंड के लिए जोश टंग ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जोफ्रा आर्चर ने 3 शिकार किए, आदिल राशिद ने 2 और विल जैक्स ने 1 विकेट हासिल किया। इस 125 रनों की विशाल जीत के साथ इंग्लैंड अब सीरीज में पूरी तरह हावी नजर आ रहा है, और भारतीय टीम को सीरीज बचाने के लिए आगामी मुकाबलों में चमत्कारिक प्रदर्शन करना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:41 am

नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की शर्मनाक हार के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा, 'बहुत बुरा'

नॉटिंघम: इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम को एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। नॉटिंघम के ऐतिहासिक ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए इस हाई-वोल्टेज मैच में मेजबान इंग्लैंड ने मेहमान टीम इंडिया को खेल के हर विभाग में पूरी तरह पस्त कर दिया। इस करारी शिकस्त के बाद भारतीय टीम के नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने सेंटर स्टेज पर आकर हार की जिम्मेदारी ली और अपनी टीम के इस खराब प्रदर्शन पर गहरी निराशा व्यक्त की है।ट्रेंट ब्रिज में भारतीय बल्लेबाजी ध्वस्त: 201 रनों के जवाब में महज 76 पर सिमटी टीम इंडियाटॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान इंग्लैंड की टीम ने भारतीय गेंदबाजों की क्लास लेते हुए निर्धारित 20 की ओवरों में 201 रनों का विशाल और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में बड़े लक्ष्यों का पीछा करने के लिए मशहूर 'मेन इन ब्लू' का मजबूत बैटिंग ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। इंग्लैंड के तेज और स्पिन गेंदबाजों की घातक लाइन-लेंथ के सामने भारतीय बल्लेबाज क्रीज पर टिकने के लिए संघर्ष करते नजर आए। पूरी भारतीय टीम महज 76 रनों के शर्मनाक स्कोर पर ऑलआउट हो गई, जिसके चलते इंग्लैंड ने 125 रनों के विशाल अंतर से इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया।इस हार के साथ ही कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर के आंकड़े भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। जब से अय्यर ने भारत की टी20 कमान संभाली है, तब से टीम इंडिया एक भी मुकाबला जीतने में कामयाब नहीं रही है। भारतीय टीम ने पहले आयरलैंड के खिलाफ अपने दोनों मैच गंवाए और अब इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों में से दो मुकाबले हार चुकी है, जबकि सीरीज का पहला मैच बेनतीजा रहा था।'यह प्रदर्शन बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं': मैच के बाद कप्तान अय्यर का फूटा दर्दतीसरे टी20 मैच की समाप्ति के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर का दर्द साफ छलक उठा। उन्होंने टीम के खेल को बेहद घटिया करार देते हुए कहा, मुझे लगता है कि हमारा प्रदर्शन बहुत बुरा था। सच कहूं तो, अपनी टीम की इस हालत को बयां करने के लिए मैं इससे बेहतर या हल्का शब्द इस्तेमाल नहीं कर सकता। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इतने बड़े अंतर से मैच गंवाना किसी भी स्थिति में मंजूर नहीं किया जा सकता। हमें बिना किसी बहाने के इस कड़वी हार को स्वीकार करना होगा। अब समय आ गया है कि हम पूरी तरह से ड्राइंग बोर्ड पर वापस जाएं और गहराई से समीक्षा करें कि हमसे कहां और क्या बड़ी गलतियां हुईं।चौथे टी20 में दिखेंगे बड़े बदलाव: ब्रिस्टल में साख बचाने उतरेगी भारतीय सेनासीरीज में लगातार पिछड़ने के बाद कप्तान अय्यर ने आगामी मैच की रणनीति को लेकर भी बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि 9 जुलाई को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले जाने वाले चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में कुछ कड़े और बड़े बदलावों के साथ मैदान पर उतर सकता है।श्रेयस अय्यर ने टीम का हौसला बढ़ाते हुए आगे कहा, अगला मैच हमारे लिए मजबूती से सीरीज में वापसी करने का एक शानदार और आखिरी मौका है। मैदान पर पहले जो कुछ भी गलतियां हुईं, अब खिलाड़ियों को उसके बारे में ज्यादा सोचकर खुद पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। यह सच है कि हमने हाल के मैचों में बहुत ही खराब दर्जे की क्रिकेट खेली है, लेकिन इस नाकामी से हमें बहुत कुछ सीखने को भी मिला है। अब टीम के हर एक खिलाड़ी को मानसिक रूप से यह सोचना शुरू करना होगा कि वे कैसे मैदान पर उतरकर मैच का मोमेंटम बदल सकते हैं और टीम की जीत में अपना वास्तविक प्रभाव छोड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि ब्रिस्टल में भारतीय टीम इस शर्मनाक हार का बदला ले पाती है या सीरीज इंग्लैंड के नाम हो जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:38 am

अचानक क्यों बढ़ने लगे हैं मूवी टिकटों के दाम? समझिए मल्टीप्लेक्स मालिकों की यह नई तरकीब

भारतीय सिनेमाघरों में जाकर ब्लॉकबस्टर फिल्में देखने के शौकीन दर्शकों के लिए पिछले कुछ महीनों से टिकट बुक करना एक महंगा सौदा साबित हो रहा है। बहुत से चालाक दर्शक ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स जैसे 'बुकमायशो' (BookMyShow) पर लगने वाले अतिरिक्त इंटरनेट हैंडलिंग चार्ज से बचने के लिए सीधे PVR या INOX की आधिकारिक वेबसाइट का रुख करते हैं। कुछ लोग तो इससे भी एक कदम आगे बढ़कर सीधे सिनेमाघर के ऑफलाइन टिकट काउंटर पर जाकर लाइन में खड़े होते हैं, ताकि सबसे सस्ते दाम में फिल्म देखने का आनंद मिल सके। लेकिन क्या आपने भी हाल ही में यह गौर किया है कि अब सीधे थिएटर के काउंटर पर जाने के बावजूद आपको टिकटों के लिए बहुत ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं? अगर हां, तो आपको बता दें कि यह कोई इत्तेफाक या गलती नहीं है, बल्कि इसके पीछे मल्टीप्लेक्स नेटवर्क्स की एक बेहद सोची-समझी और एडवांस बिजनेस स्ट्रेटजी काम कर रही है।एयरलाइंस और होटलों वाली तरकीब अब सिनेमाघरों में: क्या है यह पूरा खेल?दरअसल, फिल्म देखने के शौकीनों के लिए नई हकीकत बनता जा रहा यह कड़वा अनुभव मल्टीप्लेक्स चेन द्वारा अपनाई गई एक नई तकनीक का नतीजा है। इस कमर्शियल मॉडल का इस्तेमाल विमानन कंपनियां (Airlines) और बड़े फाइव-स्टार होटल्स काफी लंबे समय से करते आ रहे हैं, जिसे अब भारतीय सिनेमा इंडस्ट्री ने भी पूरी तरह से अपना लिया है।इस तकनीक के तहत, जैसे-जैसे किसी खास शो के लिए ऑडिटोरियम (सिनेमा हॉल) की सीटें बुक होती जाती हैं और उसकी डिमांड बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे उस शो की बची हुई लिमिटेड सीटों के दाम रियल-टाइम में ऑटोमैटिकली बढ़ा दिए जाते हैं। इस एल्गोरिदम के जरिए थिएटर मालिक कम शोज चलाकर भी अपनी बची हुई सीटों से अधिकतम मुनाफा कमाने की क्षमता हासिल कर लेते हैं।पीवीआर के बिजनेस चीफ कमल ज्ञानचंदानी का बड़ा खुलासा: ग्लोबल मॉडल पर हो रहा है कामसिनेमा के इस बदलते और महंगे होते व्यापारिक ढांचे को आधिकारिक तौर पर 'डायनैमिक प्राइसिंग मॉडल' (Dynamic Pricing Model) कहा जाता है। यह एक ऐसी आधुनिक राजस्व प्रणाली है जो बाजार में चल रही तात्कालिक मांग (Demand and Supply) के आधार पर कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की अनुमति देती है। इस विषय पर देश की सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन PVR INOX के बिजनेस प्लानिंग और स्ट्रैटजी चीफ कमल ज्ञानचंदानी ने एक बड़े मीडिया हाउस से बातचीत में इस छिपी हुई रणनीति को स्वीकार किया है।ज्ञानचंदानी ने बताया, “डायनैमिक प्राइसिंग वैश्विक स्तर पर पूरी तरह स्वीकार की जा चुकी एक प्रामाणिक रेवेन्यू मैनेजमेंट प्रोसेस है, जिसे आज के समय में फ्लाइट टिकटों, होटल बुकिंग, बड़े खेल आयोजनों और लाइव कॉन्सर्ट जैसे अलग-अलग मनोरंजन सेक्टरों में सफलतापूर्वक अपनाया जा रहा है। पीवीआर आइनॉक्स में हमने कुछ साल पहले ही अपनी आंतरिक रेवेन्यू मैनेजमेंट स्ट्रैटजी के तहत इस कस्टमाइज्ड मॉडल को लागू किया था, ताकि हम सिनेमाहॉल की ऑक्युपेंसी (सीटें भरने की दर) को बेहतर करते हुए दर्शकों को उनकी पसंद के हिसाब से टिकट की कीमतों के अलग-अलग विकल्प दे सकें।”थिएटर या दर्शक, किसका हो रहा है असली फायदा?मल्टीप्लेक्स प्रबंधन का दावा है कि इस तरकीब का मुख्य उद्देश्य हमारे पूरे थिएटर नेटवर्क में दर्शकों की भीड़ और डिमांड को संतुलित करना है, जिससे ग्राहकों को अपनी सुविधानुसार ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन) मिल सके। इस मॉडल का एक पहलू यह है कि अत्यधिक डिमांड में चल रही सुपरहिट फिल्मों के शोज को पूरी तरह हाउसफुल होने से बचाया जा सकेगा, क्योंकि जो रईस दर्शक अपनी पसंदीदा सीट के लिए ज्यादा प्रीमियम दाम चुकाने को तैयार हैं, उन्हें आखिरी वक्त में भी सीट मिल जाएगी।इसके विपरीत, इस मॉडल का दूसरा पहलू यह भी है कि जिन सुस्त शोज या ऑफ-बीट फिल्मों की टिकटें बिल्कुल नहीं बिक रही हैं, उनकी कीमतें काफी कम कर दी जाएंगी ताकि वे बेहद सस्ते दामों में आम दर्शकों के लिए उपलब्ध हो सकें। हालांकि, इस पूरे समीकरण में दर्शकों की जेब ज्यादा कट रही है या मल्टीप्लेक्स मालिकों की तिजोरी ज्यादा भर रही है, इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। अगली बार जब आप थिएटर के काउंटर पर जाएं और आपको सुबह के मुकाबले शाम की टिकट दोगुनी महंगी मिले, तो समझ जाइएगा कि आप इसी 'डायनैमिक प्राइसिंग' के जाल में फंस चुके हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:37 am

'एक्टर नहीं होता तो अंडरवर्ल्ड में होता', स्टार जिसका नवाजुद्दीन से भी टफ रहा स्ट्रगल

भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में अपनी अमिट पहचान बनाना और सफलता के शिखर पर पहुंचना कोई मामूली बात नहीं है। जब भी संघर्ष और जमीनी स्तर से उठकर स्टार बनने वाले कलाकारों की बात होती है, तो अक्सर नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी और मनोज बाजपेयी जैसे मंझे हुए अभिनेताओं के नाम हमारे जेहन में आते हैं। इन सितारों ने कई मंचों पर अपनी तंगहाली और शुरुआती दिनों के मुश्किल दौर की दास्तां बयां की है। लेकिन हिंदी सिनेमा में एक ऐसा भी लीजेंडरी सुपरस्टार है, जिसकी रोंगटे खड़े कर देने वाली जीवन यात्रा और बचपन का कड़ा संघर्ष इन सभी समकालीन अभिनेताओं से कहीं ज्यादा दर्दनाक और कठिन रहा है। इस बेबाक स्टार ने एक इंटरव्यू में कैमरे के सामने सरेआम यह चौंकाने वाला बयान दिया था कि यदि मैं आज एक एक्टर नहीं होता, तो निश्चित रूप से अंडरवर्ल्ड का हिस्सा होता। हम बात कर रहे हैं अपनी कड़क आवाज और लाजवाब अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले महान अभिनेता नाना पाटेकर की।महज 13 साल की उम्र में नौकरी और ₹35 की तनख्वाह: नाना पाटेकर के बचपन की वो कड़वी हकीकतनाना पाटेकर की स्क्रीन पर दिखने वाली आक्रामकता और उनके बात करने के अनूठे देसी लहजे पर भले ही फिल्म इंडस्ट्री के कुछ आलोचकों ने समय-समय पर सवाल उठाए हों, लेकिन उनकी अभिनय क्षमता का लोहा पूरी दुनिया मानती है। नाना पाटेकर के अभिनय की दुनिया में स्थापित होने से पहले का जीवन इतना त्रासद और चुनौतीपूर्ण था कि उसकी कल्पना करना भी आज के दौर में मुश्किल है।नाना पाटेकर ने अपने जीवन के काले दिनों को याद करते हुए एक बार बताया था कि घरेलू तंगहाली के कारण उन्हें महज 13 साल की छोटी सी उम्र में काम की तलाश में निकलना पड़ा और वे नौकरी करने लगे। नाना के शब्दों में, आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बोझ ने हमारी उम्र को बहुत जल्दी 13 से सीधे 30 वर्ष जैसा गंभीर बना दिया। उस दौर में हमें दिन भर में सिर्फ एक वक्त का खाना नसीब होता था और पूरे महीने की कड़ी मजदूरी के बदले सिर्फ 35 रुपये की तनख्वाह मिलती थी। इसके बाद हमें स्कूल भी जाना होता था। जब हम नौवीं कक्षा में पढ़ रहे थे, तब भी हम पढ़ाई के साथ-साथ कठिन नौकरी कर रहे थे। नाना पाटेकर का मानना है कि जीवन में आपके हालात और आपकी मजबूरियां ही आपकी मानसिक उम्र को तय करती हैं।दौलत के नाम पर घर में थे सिर्फ मां-बाप: पैसों को लेकर नाना के विचारअपने इसी भावुक साक्षात्कार में नाना पाटेकर ने पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा था कि जब उन्होंने होश संभाला, तो उनके पास माता-पिता का प्यार और आशीर्वाद तो पूरा था, लेकिन उनके पास भौतिक सुख-सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं था। पैसों की किल्लत से जूझने के बावजूद क्या नाना पाटेकर यह मानते हैं कि जीवन में बिना पैसों के सब कुछ व्यर्थ है? इसका जवाब नाना बिल्कुल अलग और दार्शनिक अंदाज में देते हैं।नाना पाटेकर के मुताबिक, जीवन की वास्तविक और सच्ची खुशी कभी भी पैसों की तिजोरियों से नहीं आती। उन्होंने पैसों की अहमियत पर तंज कसते हुए कहा था, आप जरूरत से ज्यादा पैसों का आख़िर करोगे भी क्या? इंसानी आंखों के कोई दांत तो होते नहीं हैं जो वह नोटों और पैसों को चबाकर खा सकें। जीवन के उस मोड़ पर जब पैसा आपकी बुनियादी तकलीफों और किसी भूखे की भूख को शांत करने के काम न आए, तो वह सिर्फ कागज के बेजान टुकड़े के समान है। पैसा केवल तभी सार्थक है जब वह किसी लाचार और जरूरतमंद के काम आ सके।'ताजी रोटी खानी है तो पैसे भी ताजे कमाओ यार': बासी पैसे बटोरने के खिलाफ हैं नानाफिल्म इंडस्ट्री में मिलने वाले अंधाधुंध पैसे और आलीशान लाइफस्टाइल पर बेबाकी से बात करते हुए नाना पाटेकर ने कहा कि आज सिनेमा जगत में कलाकारों को जितनी मोटी रकम और शोहरत मिलती है, वास्तव में एक आम इंसान को सम्मान से जीने के लिए उतनी अधिक जरूरत होती ही नहीं है। नाना पाटेकर ने एक बेहद खूबसूरत संदेश देते हुए कहा, जब आपको रोज खाने के लिए एकदम ताजी रोटी और हरी सब्जी चाहिए, तो फिर पैसे भी रोज मेहनत करके ताजे कमाओ यार। उसे बैंकों में बासा करके और जरूरत से ज्यादा ब्लॉक करके क्यों जमा रखे हुए हो?उन्होंने एक बेहद मार्मिक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि एक बार जब उनसे किसी शो में पूछा गया था कि दुनिया की तमाम महंगी परफ्यूम और इत्र में से आपको सबसे बेहतरीन खुशबू किस चीज की लगती है? तो नाना ने बिना एक पल गंवाए जवाब दिया था— तवे पर सिकती हुई ताजी रोटी की खुशबू। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में एक ऐसा भयावह दौर भी देखा है जब उनके पास खाने के लिए दो वक्त की सूखी रोटी तक मयस्सर नहीं होती थी।शहरी जीवन की कृत्रिमता और बहुमंजिला इमारतों के बंद कमरों पर कटाक्ष करते हुए नाना पाटेकर ने कहा कि आज के आधुनिक महानगरों में रहने वाले इंसानों का विशाल आसमान अब उनके घरों की छोटी सी खिड़की जितना सीमित होकर रह गया है। हमने खुद को चार दीवारों के भीतर कैद करके अपनी खुशियों, अपने रिश्तों और अपने पूरे वजूद को बेहद छोटा और संकीर्ण बना लिया है। नाना की यह कहानी हमें सिखाती है कि इंसान का हौसला अगर मजबूत हो, तो वह अंडरवर्ल्ड के अंधेरे रास्तों को छोड़कर कला के जरिए पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:35 am

गौरव खन्ना से तलाक के बाद का प्लान आया सामने, बोलीं- 'अब दोबारा कभी शादी नहीं करूंगी, अकेले जीना है'

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर धूम मचा रहे चर्चित और विवादित रियलिटी शो 'लॉकअप सीजन 2' में हर बीतते दिन के साथ नए-नए ड्रामे और खुलासे देखने को मिल रहे हैं। शो की सबसे लोकप्रिय और लगातार चर्चा में रहने वाली कंटेस्टेंट आकांक्षा चमोला ने एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे सोशल मीडिया पर गॉसिप्स का बाजार गर्म हो गया है। लोकप्रिय अभिनेता और 'बिग बॉस सीजन 19' के विजेता रहे गौरव खन्ना से तलाक लेने की घोषणा के बाद आकांक्षा ने अब अपने भविष्य के इरादे साफ कर दिए हैं। को-कंटेस्टेंट पामेला के साथ बातचीत के दौरान आकांक्षा ने दोटूक शब्दों में कहा कि वह जिंदगी में अब दोबारा कभी भी शादी के बंधन में नहीं बंधेंगी।'24 साल की उम्र में हो गई थी शादी': आत्मनिर्भर बनने की ओर आकांक्षा के कदमशो के लेटेस्ट एपिसोड में आकांक्षा चमोला अपनी निजी जिंदगी के पन्नों को पलटती हुई नजर आईं। साथी खिलाड़ी पामेला से दिल की बात साझा करते हुए आकांक्षा ने बताया कि उनकी शादी बहुत ही कम उम्र में हो गई थी; जब वह महज 24 साल की थीं, तब उन्होंने गौरव खन्ना संग सात फेरे लिए थे। इस पर पामेला ने उन्हें दिलासा देते हुए कहा कि तुम अभी भी बेहद युवा और खूबसूरत हो, तुम्हें जिंदगी में आगे कोई न कोई नया लाइफ पार्टनर जरूर मिल जाएगा।इस बात का तुरंत जवाब देते हुए आकांक्षा ने शादी की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, मुझे जिंदगी में अब दोबारा कभी शादी नहीं करनी है। मुझे लगता है कि शादीशुदा जिंदगी को लेकर मेरा अनुभव पूरा हो चुका है। अब मैं अपनी जिंदगी में पहली बार पूरी तरह से आजाद और अकेली रहने वाली हूं। मैं अब न तो अपने मम्मी-पापा की छत्रछाया में रहूंगी और न ही पति के घर की छत के नीचे। मैं खुद की कमाई से अपना नया आशियाना खरीदूंगी और स्वाभिमान के साथ अपनी जिंदगी अकेले ही गुजारूंगी।बाइसेक्शुअल होने का कबूलनामा: सोशल मीडिया पर पहले ही मचा चुकी हैं हड़कंप'लॉकअप 2' के प्रीमियर एपिसोड से ही आकांक्षा चमोला लगातार सुर्खियों के केंद्र में बनी हुई हैं। इससे पहले उन्होंने नेशनल टेलीविजन पर यह कबूल करके सनसनी फैला दी थी कि वह 'बाइसेक्शुअल' (Bisexual) हैं और उन्हें लड़के व लड़कियां दोनों ही पसंद हैं।उन्होंने बिना किसी झिझक के यह भी साझा किया था कि अतीत में उनके लड़कियों के साथ भी बेहद क्लोज और इंटीमेट रिलेशंस रहे हैं। बाइसेक्शुअल होने के इस बेबाक एलान के बाद जहां एक तरफ रूढ़िवादी लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ एलजीबीटीक्यू (LGBTQ) कम्युनिटी और कई आधुनिक फैन्स उनकी इस ईमानदारी और निडरता की जमकर सराहना कर रहे हैं।क्यों टूट रहा है गौरव-आकांक्षा का रिश्ता? वजह जानकर हैरान रह गए फैन्सआकांक्षा चमोला और गौरव खन्ना टीवी इंडस्ट्री के सबसे प्यारे कपल्स में से एक माने जाते थे। गौरव खन्ना ने अपने पिछले शोज और इंटरव्यूज में हमेशा आकांक्षा के प्रति अपना गहरा प्यार और समर्पण जाहिर किया है। ऐसे में फैन्स लगातार यह जानने को बेताब थे कि आखिर दोनों के हंसते-खेलते रिश्ते में दरार क्यों आई। इस राज पर से पर्दा उठाते हुए आकांक्षा ने बताया कि इस अलगाव के पीछे कोई नफरत या कड़वाहट नहीं है।उन्होंने बताया कि गौरव खन्ना अपनी जिंदगी में बच्चे चाहते हैं और एक पिता बनना चाहते हैं, लेकिन मेरे अंदर से मां बनने की या बच्चा पैदा करने की कोई इच्छा नहीं आ रही है। आकांक्षा के मुताबिक, उन्होंने यह बात बहुत पहले ही गौरव को साफ कर दी थी, और अब दोनों ने आपसी सहमति से सम्मानजनक तरीके से अलग होने का यह ठोस फैसला लिया है। दिलचस्प बात यह है कि शो के भीतर आकांक्षा ने गौरव के खिलाफ एक भी नकारात्मक शब्द नहीं बोला है, और शो के बाहर गौरव खन्ना भी अपनी मशहूर ऑन-स्क्रीन 'अनुज कपाड़िया' वाली जेंटलमैन इमेज को बरकरार रखते हुए लगातार अपनी पत्नी का सपोर्ट करते नजर आ रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:32 am

अंकारा में बदला ट्रंप का मिजाज: जॉर्जिया मेलोनी को बताया 'शानदार महिला', पर ईरान युद्ध में साथ न देने की टीस अभी भी बाकी

अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मंचों पर अपने अप्रत्याशित और चौंकाने वाले बयानों के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर अचानक बदलते हुए दिखाई दिए हैं। तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के इतर तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने ट्रंप से इटली के साथ जारी कड़वाहट पर सवाल पूछा, तो ट्रंप ने बेहद सधे हुए अंदाज में मेलोनी की तारीफों के पुल बांध दिए। ट्रंप ने मेलोनी को एक 'शानदार महिला' (Wonderful Woman) बताते हुए सार्वजनिक रूप से कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर उन्हें बेहद पसंद करते हैं और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं।हालांकि, इस तारीफ के पीछे ट्रंप ने उस कूटनीतिक दर्द को भी बयां किया जिसने हाल ही में दोनों देशों के बीच एक बड़ी दीवार खड़ी कर दी थी। ट्रंप ने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि दोनों के बीच हालिया समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि मेलोनी ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में वाशिंगटन की मदद करने से साफ इनकार कर दिया था। गौरतलब है कि इससे ठीक पहले ट्रंप ने दावा किया था कि मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए गिड़गिड़ा रही थीं, जिसके बाद इटली ने इस पर बेहद आक्रामक और सख्त प्रतिक्रिया दी थी।'मैं खुश नहीं था पर वह बेहतरीन इंसान हैं': ईरान मुद्दे पर ट्रंप ने मेलोनी की गलती सुधारीप्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इटली सरकार पर कोई अनुचित या बड़ा दबाव नहीं डाला था, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर मेलोनी ने ईरान के मामले में अमेरिका का खुलकर साथ देने से मना कर दिया। ट्रंप ने बेबाकी से कहा कि आप खुद सोच सकते हैं कि इटली के इस कदम से मैं बिल्कुल भी खुश नहीं हुआ था, और इसी असहयोग के चलते दोनों महाशक्तियों के बीच कूटनीतिक संबंध थोड़े प्रभावित हुए।इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी तल्खी को थोड़ा कम करते हुए कहा कि भले ही मुझे लगता है कि उन्होंने ईरान नीति पर एक बड़ी रणनीतिक गलती की है, लेकिन इसके बाद भी मैं उनकी शानदार शख्सियत का सम्मान करता हूं और उन्हें एक मजबूत नेता मानता हूं।ट्रुथ सोशल पोस्ट से भड़की थी आग: जी-7 शिखर सम्मेलन की वो 'तस्वीर' और हवाई पट्टियों का विवादइस अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखी थी। ट्रंप ने दावा किया था कि फ्रांस में आयोजित जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने कई बार सुरक्षा घेरा तोड़कर उनके साथ एक आधिकारिक फ्रेम में तस्वीर खिंचवाने का विशेष अनुरोध किया था।बात सिर्फ फोटो तक सीमित नहीं रही; ट्रंप ने सुरक्षात्मक लहजे में इटली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब अमेरिकी वायुसेना ईरान के ठिकानों पर हमला करने की योजना बना रही थी, तब इटली ने अपने सैन्य हवाई अड्डों और रनवे (Runways) का इस्तेमाल करने की अनुमति अमेरिकी लड़ाकू विमानों को नहीं दी। ट्रंप के अनुसार, इस अप्रत्याशित इनकार के कारण अमेरिकी सेना को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि अमेरिका इटली सहित सभी नाटो सहयोगियों की हवाई सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इटली ने पीठ दिखा दी। ट्रंप ने यह दावा भी कर दिया था कि अब ईरान पर अमेरिका की सैन्य बढ़त देखने के बाद सुश्री मेलोनी दोबारा वाशिंगटन के करीब आने की कोशिश कर रही हैं।भीख नहीं मांगता इटली: मेलोनी का वीडियो संदेश और विदेश मंत्री का अमेरिकी दौरा रद्दडोनाल्ड ट्रंप के इन तीखे आरोपों और 'गिड़गिड़ाने' वाले दावों पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद कड़ा और स्वाभिमानी रुख अख्तियार किया था। मेलोनी ने तुरंत एक आधिकारिक वीडियो संदेश जारी कर ट्रंप के दावों को पूरी तरह से काल्पनिक, मनगढ़ंत और सत्य से परे बताया था। मेलोनी ने बेहद कड़े लहजे में वैश्विक मंच से कहा था कि न तो वह व्यक्तिगत रूप से और न ही इटली की संप्रभु सरकार अपनी राष्ट्रीय नीतियों के लिए किसी के सामने भीख मांगती है।इस विवाद का असर तुरंत द्विपक्षीय संबंधों पर भी देखने को मिला, जब इटली के विदेश मंत्री एंतोनियो तजानी ने अमेरिका की अपनी बेहद महत्वपूर्ण और प्रस्तावित आधिकारिक यात्रा को ऐन वक्त पर रद्द कर दिया। तजानी ने रोम में मीडिया से बात करते हुए साफ कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणियां प्रधानमंत्री मेलोनी के व्यक्तिगत सम्मान और पूरे इटली राष्ट्र की संप्रभुता के लिए बेहद अपमानजनक हैं, इसलिए ऐसी परिस्थितियों में वाशिंगटन का दौरा करना उचित नहीं है। हालांकि, अब अंकारा में ट्रंप के बदले हुए नर्म सुरों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों नाटो सहयोगियों के बीच जमी बर्फ जल्द ही पिघल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:31 am

नाटो समिट में ट्रंप का चौकाने वाला रुख: मेलोनी को बताया 'अच्छा इंसान', पर ईरान युद्ध में धोखा देने पर सरेआम लगाई क्लास

तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित हाई-प्रोफाइल नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद आक्रामक और अनूठे तेवर देखने को मिले हैं। शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ अपने उतार-चढ़ाव भरे निजी और कूटनीतिक संबंधों पर खुलकर बात की। ट्रंप ने एक तरफ मेलोनी के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए उन्हें वास्तव में एक 'बेहद अच्छी महिला' बताया, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में अमेरिका का साथ न देने के लिए वैश्विक मीडिया के सामने उनकी तीखी आलोचना भी की। कूटनीतिक गलियारों में मेलोनी को पहले ट्रंप का सबसे मजबूत यूरोपीय सहयोगी माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में दोनों के बीच कड़वाहट काफी बढ़ गई है।अंकारा में पत्रकारों से आमने-सामने की बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने बेबाकी से कहा कि ईरान के खिलाफ चल रही रणनीतिक लड़ाई में जब अमेरिका को इटली की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब मेलोनी सरकार ने हमारी सैन्य मदद करने से साफ इनकार कर दिया था; इसी वजह से वर्तमान में हमारे आपसी संबंध थोड़े खराब हो गए हैं। ट्रंप ने आगे कहा कि व्यक्तिगत तौर पर वह मेलोनी को पसंद करते हैं, लेकिन बतौर प्रधानमंत्री ईरान युद्ध पर पीछे हटकर उन्होंने एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक भूल की है।इस बयान से ठीक एक दिन पहले सोमवार को ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर मेलोनी के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए मजाकिया और तीखे लहजे में लिखा था— इस समय एक निरोधक आदेश (Restraining Order) की सख्त जरूरत है।डेनमार्क को सीधी चुनौती: ग्रीनलैंड पर सिर्फ और सिर्फ अमेरिका का नियंत्रण होना चाहिएनाटो नेताओं की मौजूदगी के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक पुराना और बेहद संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दा दोबारा उठाकर यूरोपीय देशों को चौंका दिया है। तुर्किये के राष्ट्रपति के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक के दौरान ट्रंप ने वैश्विक मीडिया से कहा कि सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण द्वीप 'ग्रीनलैंड' (Greenland) पर डेनमार्क का नहीं, बल्कि हर हाल में केवल अमेरिका का संप्रभु नियंत्रण होना चाहिए।अमेरिकी राष्ट्रपति ने तर्क दिया कि ग्रीनलैंड के भौगोलिक स्वामित्व और नियंत्रण के पुराने विवाद ने अतीत में नाटो के साथ अमेरिका के संबंधों को काफी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप के इस बयान ने आर्कटिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक नियंत्रण की बहस को एक बार फिर गरमा दिया है, और डेनमार्क समेत कई यूरोपीय देशों ने इस पर आंतरिक रूप से आपत्ति जताना शुरू कर दिया है।मिनेसोटा के स्कूल का हिजाब वीडियो शेयर कर भड़के ट्रंप: गवर्नर टिम वॉल्ज ने दिया करारा जवाबअंतरराष्ट्रीय कूटनीति के साथ-साथ ट्रंप ने अमेरिका की आंतरिक राजनीति और धार्मिक पहनावे को लेकर भी अंकारा से एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अमेरिका के मिनेसोटा (Minnesota) प्रांत के एक किंडरगार्टन (प्राइमरी स्कूल) में आयोजित ग्रेजुएशन सेरेमनी का एक संक्षिप्त वीडियो साझा किया। इस वीडियो के साथ ट्रंप ने एक संक्षिप्त लेकिन विवादास्पद टिप्पणी लिखते हुए ध्यान दिलाया कि इस अमेरिकी स्कूल की 'हर छोटी बच्ची हिजाब में' नजर आ रही है।ट्रंप के इस सोशल मीडिया पोस्ट पर अमेरिका के भीतर ही तीखी प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने राष्ट्रपति की इस टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए तुरंत पलटवार किया। गवर्नर वॉल्ज ने कहा कि देश के राष्ट्रपति का एक छोटे किंडरगार्टन के मासूम बच्चों के उस पहनावे को लेकर निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जो वे स्वेच्छा से या अपनी पारिवारिक संस्कृति के अनुसार स्कूल में पहनते हैं। वॉल्ज ने आरोप लगाया कि ट्रंप अंतरराष्ट्रीय मंच पर होने के बावजूद घरेलू स्तर पर केवल ध्रुवीकरण और विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:30 am

8 का रहस्य: PM मोदी ने इंडोनेशिया में अपने भाषण में इस नंबर का जिक्र क्यों किया?

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर अपने अनूठे और दिल जीतने वाले अंदाज के लिए मशहूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए एक नया और बेहद दिलचस्प भू-सांस्कृतिक संवाद स्थापित किया है। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने 'नंबर 8' (अंक 8) के एक रहस्यमयी और सुखद संयोग का जिक्र कर पूरे सभागार को तालियों से गूंजने पर मजबूर कर दिया। प्रधानमंत्री ने इस खास अंक का सहारा लेकर न केवल इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी गहरी व्यक्तिगत केमिस्ट्री को प्रदर्शित किया, बल्कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने और मजबूत होते द्विपक्षीय व सांस्कृतिक रिश्तों को भी एक नई परिभाषा दी।क्या है नंबर 8 का गणित? पीएम मोदी ने समझाया तारीखों का अनोखा संयोगसभागार में मौजूद हजारों भारतवंशियों और इंडोनेशियाई मेहमानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंक ज्योतिष के दो बेहद खास पहलुओं को आपस में जोड़कर दिखाया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले साल 26 जनवरी को बेहद ऐतिहासिक और भव्य अंदाज में अपना गणतंत्र दिवस मनाया था; यदि हम इस तारीख के अंक 2 और 6 को आपस में जोड़ते हैं ($2 + 6$), तो परिणाम 8 आता है।उन्होंने आगे कहा कि भारत के सच्चे दोस्त और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का जन्मदिन 17 तारीख को आता है; यदि हम 1 और 7 को भी आपस में जोड़ते हैं ($1 + 7$), तो भी योग 8 ही आता है। आपको बता दें कि राष्ट्रपति प्रबोवो भारत के उसी ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि (Chief Guest) के रूप में शामिल हुए थे, जिसके चलते यह अंक दोनों देशों के संबंधों के लिए एक शुभ मील का पत्थर बन चुका है।'मुझमें भारत का DNA है': राष्ट्रपति प्रबोवो के इस बयान ने जीता करोड़ों भारतीयों का दिलअपनी पिछली भारत यात्रा की यादों को साझा करते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के एक बेहद भावुक बयान का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा, मिस्टर प्रेसिडेंट, दिल्ली की उस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान आपने जो कहा था, उसे आज आपने फिर से दोहराया है कि आपके भीतर भारत का DNA समाया हुआ है। आपके इस एक वाक्य ने दुनिया भर में रहने वाले करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया है।पीएम मोदी के इस बयान पर जकार्ता के सभागार में काफी देर तक तालियां बजती रहीं। उन्होंने कहा कि यह बात केवल राजनीतिक शिष्टाचार नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच की उस गहरी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जड़ों को दर्शाती है जो सदियों पुरानी हैं।फेंग शुई और मंदारिन से जुड़ाव: एशियाई समाजों में क्यों चमत्कारी माना जाता है अंक 8इंडोनेशिया में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'नंबर 8' पर इतना जोर दिया जाना कूटनीतिक रूप से एक बेहद मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, क्योंकि दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों और चीनी सांस्कृतिक परंपराओं में अंक 8 का बेहद पवित्र व खास महत्व है। फेंग शुई (Feng Shui) और प्राचीन एशियाई मान्यताओं के अनुसार, नंबर 8 को समृद्धि, अपार सफलता, प्रचुर धन और अच्छे भाग्य का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।भाषाई तौर पर देखें तो मंदारिन (Mandarin) भाषा में आठ नंबर का उच्चारण 'बा' (ba) किया जाता है, जो समृद्धि और धन के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्द 'फा' (fa) से बेहद मिलता-जुलता है। यही कारण है कि व्यापार और नए काम की शुरुआत के लिए इस नंबर को एशिया में सबसे शुभ माना जाता है, और पीएम मोदी ने इसी सांस्कृतिक कड़ी को छूकर स्थानीय लोगों से सीधा भावनात्मक जुड़ाव कायम किया।सिर्फ जन्मदिन नहीं, इंडोनेशिया के स्वतंत्रता दिवस में भी छिपा है यही अंकप्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इस अंक के प्रभाव को सिर्फ जन्मदिन और गणतंत्र दिवस तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे इंडोनेशिया के राष्ट्रीय गौरव से भी जोड़ दिया। इंडोनेशिया हर साल 17 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है, जो साल 1945 में डच शासन से देश की आजादी की ऐतिहासिक घोषणा की याद दिलाता है।एक बार फिर, इस स्वतंत्रता दिवस की तारीख 17 के अंकों ($1 + 7$) को जोड़ने पर अंक 8 ही सामने आता है। तारीखों का यह लगातार दिखने वाला संयोग यह साबित करता है कि दोनों लोकतांत्रिक देशों के इतिहास और वर्तमान में यह अंक कितनी गहराई से जुड़ा हुआ है।'कुछ कुछ' से आगे बढ़कर अब 'बहुत कुछ' है भारत-इंडोनेशिया का रिश्ताअपने भाषण के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के लोगों के बीच की दूरी को मिटाने के लिए भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड का सहारा लिया। उन्होंने बेहद हल्के-फुल्के और रोचक अंदाज में कहा, मैंने देखा है कि भारत की तरह ही इंडोनेशिया में भी बॉलीवुड फिल्म का सदाबहार गाना 'कुछ कुछ होता है' बच्चे-बच्चे की जुबान पर है और बेहद लोकप्रिय है।पीएम मोदी ने आगे कहा, आज मैंने राष्ट्रपति प्रबोवो से आमने-सामने की बातचीत में विशेष रूप से कहा है कि जब भारत और इंडोनेशिया जैसे दो विशाल वैश्विक आर्थिक मंच एक साथ मिलकर आगे कदम बढ़ाते हैं, तो हमारे रिश्ते सिर्फ 'कुछ कुछ' तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे बहुत आगे बढ़कर वैश्विक विकास के लिए 'बहुत कुछ' बन जाते हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि वर्तमान में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक आर्थिक विकास को रफ्तार देने में मुख्य भूमिका निभा रही हैं और दोनों का अंतिम लक्ष्य अपने नागरिकों का समान विकास व कल्याण सुनिश्चित करना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:28 am

होर्मुज में जहाजों पर फिर हमला: कतर से गुजरात आ रहे रहे LNG टैंकर पर ड्रोन अटैक

पश्चिम एशिया (Middle East) में शांति और कूटनीतिक सुलह की कोशिशों को मंगलवार तड़के उस समय बहुत बड़ा झटका लगा, जब दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) में तीन कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाकर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। इस हमले की सबसे डरावनी बात यह है कि निशाना बने जहाजों में से एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) से लदा कतर का विशाल टैंकर 'अल रेकयात' है, जो सीधे भारत के गुजरात तट की ओर आ रहा था। इस हाई-रिस्क एलएनजी टैंकर पर चार भारतीय चालक दल (Crew Members) के सदस्य भी सवार थे, जिनकी जान इस हमले के दौरान बाल-बाल बची है।अंतरराष्ट्रीय शिपिंग इंटेलिजेंस और ब्रिटिश नौसेना के सूत्रों के अनुसार, कतर का यह गैस टैंकर हमले के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गैस रिसाव और मलबे के कारण जहाज के भीतर भारी विस्फोट होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसी क्षेत्र में सऊदी अरब का एक कच्चे तेल से लदा सुपर टैंकर 'वेडयान' भी इस जलप्रलय की चपेट में आकर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है।ओमान के तट पर कतर के 'अल रेकयात' ने मांगी मदद: इंजन रूम में लगी भीषण आगरॉयटर्स (Reuters) की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, यह समुद्री हमला ओमान के रणनीतिक तटीय इलाके लिमाह के समीप मंगलवार तड़के अंजाम दिया गया। गैस से लदे 'अल रेकयात' टैंकर पर जब आसमान से एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल या आत्मघाती ड्रोन आकर गिरा, तो जोरदार धमाके के साथ जहाज के मुख्य इंजन रूम में भीषण आग लग गई।खतरे की भयावहता को देखते हुए कैप्टन ने तुरंत अंतरराष्ट्रीय समुद्र में आपातकालीन डिस्ट्रेस सिग्नल भेजकर मदद की गुहार लगाई। राहत की बात यह रही कि आपातकालीन दस्तों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे जहाज पर मौजूद चारों भारतीय नागरिकों सहित पूरा चालक दल पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, जहाज की तकनीकी प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है।कतर और अमेरिका का ईरान पर सीधा शक: रिवोल्यूशनरी गार्ड की मिसाइल एक्टिविटी पर उठे सवालइस अप्रत्याशित और हिंसक हमले के तुरंत बाद कतर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर अभी तक किसी भी विद्रोही संगठन या देश ने आधिकारिक रूप से इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच के तार सीधे तेहरान से जुड़ रहे हैं।अमेरिकी रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने दावा किया है कि कल देर रात ईरान की कुख्यात 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' (IRGC) कोर ने होर्मुज जलमार्ग के बेहद करीब कई गुप्त बैलिस्टिक मिसाइलें और लंबी दूरी के ड्रोन दागे थे। भू-राजनीतिक विश्लेषक इस बात से हैरान हैं कि यह इतिहास में पहली बार हुआ है जब ईरान ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु व कूटनीतिक वार्ताओं में मुख्य मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाने वाले देश कतर के ही वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया है।यूकेएमटीओ की पुष्टि: तीन जहाजों पर एक साथ हुआ प्रोजेक्टाइल हमलाब्रिटिश सेना के नियंत्रण वाले 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स' (UKMTO) सेंटर ने इस समुद्री आतंकी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कुल तीन वाणिज्यिक जहाजों पर एक सोची-समझी रणनीति के तहत हमला किया गया था।पहले जहाज को ओमान के लिमाह के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से उड़ाने की कोशिश की गई, जबकि बाकी के दो जहाजों पर अत्याधुनिक लड़ाकू ड्रोनों के जरिए क्लस्टर बम गिराए गए। यूकेएमटीओ ने स्पष्ट किया है कि इन हमलों में वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन (Global Energy Supply Chain) को अस्थिर करने का बड़ा प्रयास किया गया है, लेकिन किसी भी नाविक के हताहत होने या बंदी बनाए जाने की खबर नहीं है।खामेनेई की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब: कोम की सड़कों पर लगे 'किल ट्रंप' के नारेयह भीषण समुद्री हमला ठीक उसी समय हुआ है जब पूरे ईरान में देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली जा रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की रिपोर्ट के अनुसार, शिया धार्मिक शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र कोम (Qom) शहर में मंगलवार को लाखों की तादाद में काले कपड़ों में लिपटे शोक संतप्त लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।खामेनेई के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे ताबूत को एक विशेष सैन्य वाहन पर रखकर निकाला गया। इस दौरान पूरे शहर में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बेहद आक्रामक और हिंसक नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर दिखाई दिए, जिन पर अंग्रेजी और फारसी भाषा में सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को लक्षित करते हुए 'किल ट्रंप' (Kill Trump) के नारे लिखे हुए थे।आपको बता दें कि पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इसी साल 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक बेहद गोपनीय और विनाशकारी हवाई हमले में हो गई थी। सुरक्षा कारणों और देश के आंतरिक हालातों के चलते उनकी मृत्यु के ठीक चार महीने बाद अब जाकर उनके अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की जा रही हैं। शुक्रवार से शुरू हुआ यह शोक कार्यक्रम आगामी 9 जुलाई को मशहद शहर में स्थित पवित्र इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक (दफन) करने के साथ संपन्न होगा, जिसने पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की चिंगारी को एक बार फिर भड़का दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:26 am

लोहागढ़ किला मर्डर केस में नया मोड़: सिया और चेतन की शादी की खबरों पर वकील का बड़ा बयान

पुणे: महाराष्ट्र के लोनावला क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में हुए हाई-प्रोफाइल रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक बेहद चौंकाने वाला कानूनी और डिजिटल मोड़ सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी 20 वर्षीय सिया गोयल के बचाव पक्ष के वकील विपुल दुशिंग ने उन तमाम मीडिया दावों और स्थानीय खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें यह कहा जा रहा था कि सिया ने मंगेतर की हत्या से पहले ही अपने प्रेमी और सह-आरोपी चेतन चौधरी (22) के साथ गुप्त रूप से विवाह रचा लिया था। एडवर्टाइजिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रही इन खबरों को वकील ने 'पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत' करार देते हुए एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।इससे पहले जांच के शुरुआती दौर में ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि दोनों आरोपियों ने करीब चार महीने पहले अपने-अपने परिवारों से बगावत कर गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि बचाव पक्ष इस समय कोर्ट में आरोपियों की छवि को और बिगड़ने से बचाने के लिए इन वैवाहिक दावों का खंडन कर रहा है, क्योंकि शादी की बात साबित होने पर हत्या की साजिश (Criminal Conspiracy) का मोटिव और ज्यादा मजबूत हो जाता है।क्या है लोहागढ़ किले की वो खूनी दास्तान? मंगेतर को ही धकेल दिया था खाई मेंइस रोंगटे खड़े कर देने वाले आपराधिक घटनाक्रम की शुरुआत इसी साल 18 जून को हुई थी, जब पुणे जिले के प्रसिद्ध ट्रेकिंग और पर्यटन स्थल लोहागढ़ किले की एक गहरी खाई से 25 वर्षीय सफल रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल का शव बरामद किया गया था। शुरुआत में इसे एक दर्दनाक ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था, लेकिन जब स्थानीय पुलिस और साइबर सेल ने गहराई से जांच शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं।फॉरेंसिक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने खुलासा किया कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रूर हत्या थी। पुलिस चार्जशीट के अनुसार, सिया गोयल और उसके गुप्त प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को किले की सबसे ऊंची चोटी पर बुलाया और वहां से उसे सीधे नीचे गहरी खाई में धकेल दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि मृतक केतन और आरोपी सिया की इसी साल नवंबर के महीने में शाही अंदाज में शादी होने वाली थी और दोनों परिवारों में जश्न का माहौल था।स्नैपचैट चैट से खुला सबसे बड़ा राज: 'शादी तो वैसे भी नहीं होने वाली...'इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुणे पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के हाथ अब एक ऐसा अकाट्य डिजिटल सबूत लगा है, जिसने पूरी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया है। तकनीकी विश्लेषकों ने सिया गोयल के स्मार्टफोन से एक डिलीट हो चुका स्नैपचैट (Snapchat) मैसेज रिकवर किया है, जो उसने मर्डर से ठीक एक महीने पहले यानी मई में अपनी एक बेहद करीबी सहेली को भेजा था।इस चैट में सिया ने अपनी सहेली से नवंबर में उदयपुर में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए ट्रैवल और होटल टिकट बुकिंग का बहाना बनाया था। सिया ने सहेली से उसके पहचान दस्तावेज की तस्वीरें मांगते हुए आगे जो लिखा, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। सिया का वह कथित स्नैपचैट मैसेज कुछ इस तरह था—शादी के टिकटों के लिए अपने पहचान दस्तावेज के आगे और पीछे की फोटो भेज दो, जो कि वैसे भी नहीं होने वाली है, लेकिन फिर भी फॉर्मेलिटी के लिए भेज दो। इस मैसेज से साफ जाहिर होता है कि सिया को मई के महीने में ही मालूम था कि नवंबर में होने वाली यह शादी कभी नहीं होगी, क्योंकि वह केतन को रास्ते से हटाने का प्लान बना चुकी थी।सहेली की बढ़ेगी मुश्किलें: तकनीकी फॉरेंसिक जांच में जुटा साइबर सेलपुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, केतन का परिवार उस समय शादी की तैयारियों में पूरी शिद्दत से लगा हुआ था और देश-विदेश से आने वाले मेहमानों व रिश्तेदारों के लिए फ्लाइट और ट्रेन टिकटिंग की एडवांस बुकिंग कर रहा था। इसी प्रक्रिया के तहत अग्रवाल परिवार ने सिया के जरिए उसके दोस्तों की सूची और जरूरी दस्तावेज मंगवाए थे, जिसका फायदा उठाकर सिया ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया।लोकल पुलिस अब सिया की उस सहेली को समन भेजकर कड़ी पूछताछ करने की तैयारी में है, जिसके अकाउंट पर यह मैसेज भेजा गया था। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि क्या उस सहेली को केतन की हत्या की इस खौफनाक प्लानिंग की भनक पहले से थी या वह भी केवल अनजाने में इस पूरी साजिश का हिस्सा बन गई। फिलहाल इस स्नैपचैट डेटा की तकनीकी और सर्वर-स्तरीय प्रामाणिकता की जांच के लिए इसे सरकारी फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेजा गया है।अग्रवाल परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: पोते के गम में दादा ने तोड़ा दमइस भीषण और अकल्पनीय आपराधिक त्रासदी ने हंसते-खेलते अग्रवाल परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। जवान बेटे के मर्डर के गहरे सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि शनिवार की शाम को केतन के 71 वर्षीय दादा देवीचंद अग्रवाल का दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने से एक निजी अस्पताल में दुखद निधन हो गया।पारिवारिक मित्रों और करीबियों ने बताया कि जब से पोते केतन की निर्मम हत्या की खबर सामने आई थी, तब से बुजुर्ग दादा की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी और वे गहरे मानसिक आघात में चले गए थे। पिछले कुछ दिनों से उन्हें आईसीयू में लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन आखिरकार वे जिंदगी की जंग हार गए। इस दोहरी मौत के बाद पूरे इलाके में सिया और चेतन के खिलाफ भारी जन-आक्रोश देखा जा रहा है और लोग फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोनों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:23 am

क्या पंजाब कांग्रेस में होगा कोई बदलाव? पार्टी में टूट के खतरे के बीच भूपेश बघेल का बयान

पंजाब कांग्रेस के भीतरी गलियारों में मची राजनीतिक हलचल और गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है, जिससे पार्टी के भीतर एक और बड़ी टूट का खतरा मंडराने लगा है। राज्य में जारी इस भीषण सियासी कलह को शांत करने के लिए पांच दिवसीय चंडीगढ़ दौरे पर पहुंचे पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ एक आपातकालीन मैराथन बैठक की। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद बघेल ने पंजाब कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे में किसी भी तरह के बड़े फेरबदल की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से नेताओं को भरोसा दिलाया कि मौजूदा नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है, जिसने असंतुष्ट धड़े की उम्मीदों को करारा झटका दिया है।प्रभारी द्वारा बुलाई गई इस रणनीतिक समीक्षा बैठक में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, हाल ही में नियुक्त किए गए तीन कार्यकारी अध्यक्षों में से दो—राजकुमार वेरका और सुखविंदर सिंह डैनी—पार्टी के संगठन महासचिव, कोषाध्यक्ष और कई जिला अध्यक्ष मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के जमीनी संगठन को एकजुट और मजबूत करना था।चन्नी और रंधावा गुट ने बनाई दूरी: बैठक से नदारद रहे कई दिग्गज नेताभूपेश बघेल के कड़े बयानों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बेहद करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता संगत सिंह गिलजियां ने इस पूरी बैठक से दूरी बनाए रखी। इसके अतिरिक्त, दो प्रमुख जिला अध्यक्ष भी इस सांगठनिक चर्चा में शामिल नहीं हुए। पूर्व सीएम चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के इस बैठक में न पहुंचने से कांग्रेस आलाकमान की चिंताएं बढ़ गई हैं।हालांकि, बैठक समाप्त होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस सामूहिक अनुपस्थिति को ज्यादा तूल देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने मीडिया को सफाई देते हुए कहा कि कुछ वरिष्ठ नेता अपने पहले से तय कार्यक्रमों और अनिवार्य निजी कारणों की वजह से हाजिर नहीं हो सके हैं। वडिंग ने दावा किया कि पंजाब कांग्रेस का पूरा कुनबा पूरी तरह एकजुट है और उनका एकमात्र लक्ष्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना है।प्रभारी पर लगे हाईकमान को गुमराह करने के आरोप: राजा वडिंग को हटाने की मांग पर अड़े विद्रोहीपंजाब कांग्रेस का असंतुष्ट चन्नी गुट वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को उनके पद से तत्काल हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है। चन्नी समर्थकों का सीधा और गंभीर आरोप है कि राज्य प्रभारी भूपेश बघेल ने धरातल की वास्तविक राजनीतिक परिस्थितियों का सही फीडबैक न देकर दिल्ली में बैठे कांग्रेस हाईकमान को पूरी तरह गुमराह किया है।विद्रोही धड़े का मानना है कि पिछले बुधवार को आलाकमान द्वारा पंजाब प्रमुख के तौर पर वडिंग के नाम को बरकरार रखना और आगामी 2027 के चुनावों के लिए बनाई गई विभिन्न समितियों की घोषणा एकतरफा थी। विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने के बजाय कांग्रेस के इन शीर्ष नेताओं के बीच सड़क पर आई इस सीधी बगावत ने विपक्षी दलों को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा थमा दिया है।मोहाली में चन्नी की गुप्त बैठक: सुलह की कोशिशों में जुटे बघेल के अगले कदम पर टिकी नजरेंपार्टी के भीतर बगावत की आग कितनी गहरी है, इसका अंदाजा सोमवार को मोहाली में हुई एक समानांतर बैठक से लगाया जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की मौजूदगी में कई मौजूदा और पूर्व कांग्रेसी विधायकों ने एक गुप्त बैठक की थी। इस बैठक में खुलकर मांग उठाई गई कि पंजाब कांग्रेस की कमान राजा वडिंग के बजाय दोबारा चन्नी को सौंपी जानी चाहिए।दूसरी ओर, पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल अपनी तरफ से डैमेज कंट्रोल की कोशिशों में दिन-रात जुटे हुए हैं। उन्होंने असंतोष को दबाने के लिए खुद कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा और वरिष्ठ नेता राजकुमार वेरका के आवास पर जाकर उनसे व्यक्तिगत रूप से लंबी मुलाकात की। सोमवार को जब चंडीगढ़ आगमन पर पत्रकारों ने बघेल से चन्नी गुट की नाराजगी और प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव पर सवाल दागा था, तो उन्होंने दो-तीन दिन का समय मांगते हुए जल्द ही स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। अब देखना यह होगा कि क्या बघेल चन्नी और रंधावा को मनाने में कामयाब होते हैं, या पंजाब कांग्रेस एक बार फिर पुराने 'कैप्टन बनाम सिद्धू' वाले आत्मघाती इतिहास को दोहराने की राह पर चल पड़ी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:21 am

आंध्र प्रदेश ने 9,076 करोड़ रुपए के निवेश वाली 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी

आंध्र प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) ने 9,076 करोड़ रुपए के निवेश वाली 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी।

देशबन्धु 8 Jul 2026 5:00 am

तेलंगाना: भाजपा ने हैदराबाद की मतदाता सूची से उत्तर भारतीयों के नाम हटाने का आरोप लगाया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई ने हैदराबाद में उत्तर भारत के मतदाताओं के नाम व्यवस्थित रूप से हटाने का आरोप लगाया है। भाजपा ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

देशबन्धु 8 Jul 2026 4:00 am

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य आज प्रयागराज में; पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद और मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का करेंगे शुभारंभ

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य आज (बुधवार) प्रयागराज के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे जनपद में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे और पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा जनप्रतिनिधियों से संवाद कर विकास कार्यों एवं संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उप मुख्यमंत्री जी सर्वप्रथम सर्किट हाउस, प्रयागराज पहुंचेंगे। यहाँ वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, ऊर्जावान कार्यकर्ताओं तथा मा० जनप्रतिनिधियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस बैठक में वे कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनेंगे और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।इसके पश्चात, उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे। इस समारोह में वे शिक्षा जगत और शिक्षकों के हित में राज्य सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी पहल 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का विधि-विधान से शुभारंभ करेंगे।इस योजना के शुरू होने से प्रयागराज सहित प्रदेश के हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों को कैशलेस एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा, जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार का एक ऐतिहासिक कदम है। कार्यक्रम में जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक गण उपस्थित रहेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 11:46 pm

2047 तक सपा और कांग्रेस चुनाव लडने लायक नहीं रहेगी, केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस की नकारात्मक और विकास विरोधी राजनीति के कारण देश व प्रदेश की जनता उन्हें पूरी तरह नकार चुकी है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश जिस तेजी से 'विकसित भारत' बनने की ओर अग्रसर है, उसे देखते हुए वर्ष 2047 तक सपा और कांग्रेस चुनाव लड़ने लायक भी नहीं बचेंगी।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास न तो कोई नीति है और न ही देश के विकास का कोई स्पष्ट विजन। कांग्रेस और सपा ने दशकों तक केवल तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति की है, जबकि भाजपा सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र के साथ समाज के हर वर्ग, विशेषकर गरीबों, किसानों और युवाओं के उत्थान के लिए समर्पित है।केशव प्रसाद मौर्य ने जोर देकर कहा कि आज डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सीधे जनता तक पहुंच रहा है। ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे की मजबूती और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। जनता अब विकास और राष्ट्रवाद के साथ है, जिससे घबराकर विपक्ष हताशा में अनर्गल बयानबाजी कर रहा है। आगामी समय में जनता इन परिवारवादी और जातिवादी ताकतों को राजनीतिक रूप से पूरी तरह अप्रासंगिक बना देगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 11:35 pm

व्यापक स्तर पर चलाया जाए अभियान, ‘हर हाथ रोजगार’ के प्रधानमंत्री के संकल्प को करना है साकार केशव प्रसाद मौर्य

हर ब्लॉक में प्रदर्शनी लगाकर युवाओं और महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं से जोड़ें अधिकारी: श्री केशव प्रसाद मौर्य लखनऊ, 7 जुलाई 2026 उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान, सप्रू मार्ग, लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान माननीय उप मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हर ब्लॉक में प्रदर्शनी का आयोजन किया जाए, ताकि ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर युवाओं और महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) की विभिन्न लाभकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा जा सके। मुख्य बिंदु: - वृहद स्तर पर अभियान: उप मुख्यमंत्री जी ने इस अभियान को व्यापक और बड़े स्तर पर चलाने का आह्वान किया। - हर हाथ रोजगार: उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य 'हर हाथ को रोजगार' प्रदान करना है। - प्रधानमंत्री के सपने को साकार करना: श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हमें माननीय प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत और स्वरोजगार के सपने को हर हाल में साकार करना है। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में युवा व महिलाएं उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि प्रत्येक हाथ को रोजगार और प्रत्येक परिवार को आत्मनिर्भरता का अवसर मिले। इसी संकल्प को साकार करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, महिलाओं की सहभागिता और किसानों की मेहनत को आधुनिक तकनीक तथा सरकारी योजनाओं से जोड़कर उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा लाभार्थियों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता एवं विपणन की सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही योजनाओं की नियमित समीक्षा कर उनकी प्रगति का मूल्यांकन भी किया जाए। श्री मौर्य ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता, पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र प्रदेश में आर्थिक विकास का नया अध्याय लिखेगा तथा युवाओं, महिलाओं और किसानों के जीवन में समृद्धि का नया द्वार खोलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 11:29 pm

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान में नवीन मशीनों का किया शुभारंभ, छात्राओं से किया संवाद एवं किया पौधरोपण

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान, सप्रू मार्ग, लखनऊ में आयोजित भव्य कार्यक्रम में संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में स्थापित नवीन मशीनों का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान का निरीक्षण कर खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित आधुनिक तकनीकों एवं नवीन उपकरणों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिससे वे आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बन सकेंगे।कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं से आत्मीय संवाद किया तथा उनके अनुभवों, प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कौशल विकास एवं तकनीकी प्रशिक्षण आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने छात्राओं से प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का उपयोग स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में करने का आह्वान किया तथा कहा कि सरकार युवाओं, विशेषकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।श्री मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार एवं उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। आधुनिक तकनीक, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के युवा एवं महिलाएं न केवल स्वयं रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश देते हुए एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारियों, प्रशिक्षकों, छात्राओं एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 11:20 pm

इंदौर में तेंदुए का आतंक, बाइक सवार पर अचानक झपटा, CCTV में कैद हुई घटना

बिचौली मर्दाना गांव में मंगलवार को तेंदुए की मौजूदगी से इलाके में दहशत फैल गई। एक बाइक सवार पर तेंदुए के अचानक हमले का वीडियो सामने आया है, जो पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 11:18 pm

केशव मौर्य ने अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए बांटे लेटर ऑफ कम्फर्ट, अनुदान चेक और प्रशस्ति पत्र

राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान मेंखाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में प्रोत्‍साहित किये जाने के लिए उत्‍तर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बांटे लेटर ऑफ कम्फर्ट, अनुदान चेक एवं प्रशस्ति पत्र.मैसर्स ए.के. फ्लोर मिल्स, बाराबंकी को मल्टीग्रेन फ्लोर मिल एवं वैल्यू एडेड पास्ता एवं मैकरोनी निर्माण इकाई की स्थापना हेतु ₹3.77 करोड़ का स्वीकृत अनुदान।मैसर्स अशोक कैटल एवं पोल्ट्री फीड्स लिमिटेड, वाराणसी को कैटल फीड निर्माण इकाई की स्थापना हेतु ₹2.38 करोड़ का स्वीकृत अनुदान। मैसर्स पट्टन सॉल्वेन्ट, कुशीनगर को सॉल्वेन्ट एक्सट्रैक्शन इकाई की स्थापना हेतु ₹2.07 करोड़ का स्वीकृत अनुदान, मैसर्स राज इंटरप्राइजेज, लखीमपुर खीरी को पास्ता एवं मैकरोनी निर्माण इकाई की स्थापना हेतु ₹1.78 करोड़ का स्वीकृत अनुदान,मैसर्स दृष्टि प्योर्स, लखनऊ को मस्टर्ड ऑयल इकाई के विस्तारीकरण हेतु ₹77 लाख का स्वीकृत अनुदान।उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को किया सम्मानितमैसर्स डियर फूड्स, गोरखपुर — पास्ता एवं सॉस निर्माण इकाई,मैसर्स सोना गोल्ड एग्रोकेम प्रा. लि., बाराबंकी — फीड निर्माण इकाई,मैसर्स अविराम क्रीमरीज प्रा. लि., बुलंदशहर — दुग्ध आधारित उत्पाद निर्माण इकाई,मैसर्स सुंदरी फूड इंडस्ट्रीज, बाराबंकी — सीरियल्स, पल्सेस एवं ऑयल सीड प्रसंस्करण इकाई।लाभार्थियों को वितरित किए गए अनुदान राशि के डेमो चेकमैसर्स पालीवाल एग्रो प्रोडक्ट्स, आजमगढ़ — मल्टीग्रेन फ्लोर मिल इकाई हेतु ₹250.00 लाख,मैसर्स शारदा फ्रोजन एग्रो प्रोसेसिंग प्रा. लि., जालौन — फ्रोजन फ्रूट एवं वेजिटेबल प्रसंस्करण इकाई हेतु ₹500.00 लाख,मैसर्स फैविना प्रोडक्ट्स प्रा. लि., कौशाम्बी (प्रयागराज) — सोलर पावर प्लांट स्थापना हेतु ₹7.149 लाख,मैसर्स वी.एस.ए.जी. सॉल्यूशन प्रा. लि., जालौन — फ्रोजन फ्रूट एवं वेजिटेबल प्रसंस्करण इकाई हेतु ₹457.260 लाख,मैसर्स तराई फोस्ट प्रा. लि., रामपुर — फ्रोजन फ्रूट एवं वेजिटेबल प्रसंस्करण इकाई हेतु ₹498.409 लाख।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 11:11 pm

केशव प्रसाद मौर्य ने राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान में महिला छात्रावास का किया शिलान्यास

श्री मौर्य ने आजराजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान में महिला छात्रावास का किया शिलान्यास करते हुएकहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए आधुनिक शिक्षण संस्थानों एवं आवश्यक सुविधाओं का विकास समय की आवश्यकता है। महिला छात्रावास का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा और वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने, तकनीकी संस्थानों का आधुनिकीकरण करने तथा युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में शिक्षा, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँच रहा है।कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाने पर बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह छात्रावास प्रदेश की छात्राओं के लिए एक सुरक्षित, आधुनिक एवं प्रेरणादायक आवासीय परिसर के रूप में विकसित होगा। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएँ तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 10:59 pm

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा! चंपत राय ने SIT को बताया- 'बैंक ने नहीं माने सुरक्षा नियम'

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को अपना लिखित बयान सौंप दिया है

देशबन्धु 7 Jul 2026 10:57 pm