रेडियो रिसीवर, एंटीना और रोमांटिक रिलेशन... यूं दबोचे गए चीन के 2 जासूस
चीन दक्षिण कोरिया की आर्थिक और सैन्य गतिविधियों पर शार्प निगाह रखता है. दक्षिण कोरिया में दो चीनी जासूसी की गिरफ्तारी चीन की इसी बदनाम कोशिश का नतीजा है. दक्षिण कोरिया का मिलिट्री कम्युनिकेशन सिस्टम इन जासूसों के रडार पर था.
'सुप्रीम कोर्ट ने जो दरवाजा बंद किया...', सुशील कुमार को बेल से इनकार
ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को छत्रसाल स्टेडियम हत्याकांड में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने सागर धनखड़ की हत्या के मामले में उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने अपराध की गंभीरता, गवाहों को प्रभावित करने की आशंका, गिरफ्तारी से पहले के आचरण और सुप्रीम कोर्ट की पिछली टिप्पणियों को अहम माना.
85 साल के चंदर ने 250 KM उठाई कांवड़, वायरल हुआ वीडियो
फरीदाबाद के 85 वर्षीय चंदर ने हरिद्वार से अपने पैतृक गांव सागरपुर तक करीब 250 किलोमीटर कांवड़ यात्रा पूरी की. चंदर पिछले 35 वर्षों से लगातार कांवड़ ला रहे हैं. उनका कहना है कि इस बार भी भोले बाबा का बुलावा आया, इसलिए यात्रा पर निकल पड़े. वीडियो में जानें पूरी कहानी.
पति वही, मंडप नया, 1 लाख के चक्कर में दोबारा दुल्हन बनने चलीं महिलाएं
आगरा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1201 आवेदन आए, लेकिन सत्यापन में करीब एक हजार आवेदन अयोग्य मिले. इनमें कई महिलाएं पहले से शादीशुदा थीं. कुछ की शादी चार से आठ महीने पहले ही हुई थी. कुछ आवेदिकाएं नाबालिग थीं और कुछ की सालाना आय तीन लाख रुपये से ज्यादा थी. प्रशासन ने अयोग्य आवेदन निरस्त कर दिए.
शिक्षा-स्वास्थ्य और रोजगार... देश की मौजूदा सियासत पर क्या है Gen-Z की राय
सी-वोटर के सर्वे में 18 से 35 वर्ष के युवाओं की राजनीतिक प्राथमिकताओं का विश्लेषण किया गया है. सर्वे में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा माना गया, जबकि महंगाई को भी कई युवाओं ने प्राथमिकता दी.
फिरोजपुर में 30.672 किलो हेरोइन बरामद, 3 तस्कर गिरफ्तार
फिरोजपुर में ANTF ने 30.672 किलो हेरोइन के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक ड्रग्स की खेप सीमा पार से भेजी गई थी. चार दिन में यह दूसरा क्रॉस-बॉर्डर नारकोटिक्स मॉड्यूल पकड़ा गया है. पढ़ें पूरी कहानी.
40 हजार की सैलरी में बना लेंगे ₹50 लाख का घर, अपनाएं ये फॉर्मूला!
अगर आपकी सैलरी 40 हजार रुपये है और आप दिल्ली एनसीआर जैसी जगहों पर एक बड़ा घर लेना चाहते हैं तो आपका ये सपना पूरा हो सकता है, बशर्ते आपको कुछ सख्त नियम का पालन करना होगा. आइए जानते हैं आपको क्या-क्या करना होगा...
109 साल बाद पोतों ने अंग्रेज़ों को भेजा कानूनी नोटिस
MP के सीहोर के रूठिया परिवार का दावा है कि उनके दादा ने 1917 में ब्रिटिश सरकार को ₹35 हजार कर्ज दिया था. 109 साल बाद परिवार ने ब्याज समेत रकम लौटाने का कानूनी नोटिस भेजा. ब्रिटिश सरकार की ओर से पुराने दस्तावेज और परिवार की जानकारी मांगी गई है.
अरुणाचल हमारा हिस्सा है और रहेगा, सच्चाई कोई नहीं बदल सकता; चीन को भारत की खरी-खरी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चीन की आपत्ति पर पूछे गए सवालों के जवाब में कहा कि अरुणाचल भारत का एक अटूट और अभिन्न अंग है। यह एक ऐसी सच्चाई है जो खुद-ब-खुद साफ है और इसे कोई नहीं बदल सकता।
Mirzapur The Movie Trailer: मिर्जापुर की गद्दी के लिए फिर होगी जंग, देखें मिर्जापुर फिल्म का ट्रेलर
Mirzapur The Movie Trailer: ट्रेलर में पंकज त्रिपाठी फिर से कालीन भैया के रोल में हैं. दिव्येंदु मुन्ना भैया और अली फजल गुड्डू पंडित के किरदार में वापस आए हैं. जितेंद्र कुमार भी कास्ट में शामिल हैं.
कौन हैं अभिषेक पोरेल? रेप केस में गिरफ्तारी, IPL में बदल दिया था गेम
दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को रेप के आरोप से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक-मेडिकल छात्रा ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और निजी पलों को रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है. 23 वर्षीय पोरेल 2023 में ऋषभ पंत के रिप्लेसमेंट के तौर पर DC से जुड़े थे और IPL में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाई.
तेलंगाना सरकार ने रेवंत रेड्डी के भाई से जुड़ी कंपनी को 200 करोड़ की जमीन 7 करोड़ में दी: बीआरएस
केटीआर ने आरोप लगाया कि सरकार पहले CM के भाई का इस कंपनी से कोई संबंध होने से इनकार कर चुकी है। हालांकि, उनके मुताबिक कोंडल रेड्डी ने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल पर खुद को टेसरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स का चेयरमैन बताया है।
साल का आखिरी सूर्य ग्रहण कल, जानें भारत में सूतक मान्य होगा या नहीं
Surya Grahan 2026 Kab Lagega: 12 अगस्त को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है. यह सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार, रात 09.04 बजे होगा. इस सूर्य ग्रहण का मध्य समय (पीक टाइम) रात 11.16 बजे पर होगा. ग्रहण का समापन 13 अगस्त को देर रात 01.27 बजे होगा. सूर्य ग्रहण कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा.
प्रोस्टेट कैंसर का मिला बेहतर इलाज, क्या है HIFU तकनीक
ब्रिटेन के 14 केंद्रों में 3,477 मरीजों पर 10 साल तक हुए अध्ययन में पता चला कि HIFU तकनीक से प्रोस्टेट कैंसर का इलाज हो सकता है. इस फोकल थेरेपी में कैंसर वाले हिस्से को निशाना बनाकर इलाज किया जाता है.
Indian Railways News: गोरखपुर से दिल्ली और मुंबई के बीच दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें (Amrit Bharat Express Train) चलाने को रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दी है।
गुलशन कुमार के नाम पर आज क्या-क्या है? 'कैसेट किंग' की मौत के 29 साल बाद भी कायम है ये विरासत
गुलशन कुमार ने अपने जीवन में संगीत जगत को नई ऊंचाई दी थी लेकिन उनकी मौत के 29 साल बाद उनकी सबसे बड़ी कमाई शायद किसी दुकान, कैसेट या फिल्म से नहीं बल्कि एक ऐसे माध्यम से हो रही है
कांगो में इबोला से 2011 मौतें, नए स्ट्रेन ने बढ़ाई चिंता
फरवरी से फैल रहा इबोला वायरस से अब तक कांगो में 2000 से ज्यादा मौतें हुई हैं. अब दूर-दराज के इलाकों में कम स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच संक्रमण रोकना बड़ी चुनौती बन गया है.
दोहरे मापदंडों पर राहुल गांधी को घेरने की तैयारी... क्या है बीजेपी की नई रणनीति?
मंगलवार को मकर द्वार पर भी विपक्ष और एनडीए के सांसद आमने-सामने आ गए. एनडीए का कहना रहा कि कांग्रेस झारखंड में सरकार में शामिल है, ऐसे में राहुल को बताना चाहिए कि छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ.
प्रेमी के लिए पति छोड़ा, उसी ने हत्या कर शव सूटकेस में छिपाया
बिहार की 20 वर्षीय युवती ने प्रेमी ऋषभ कुमार सिंह के लिए पति को छोड़ दिया और उसके साथ सिलवासा जाकर शादी कर ली. शादी के बाद विवाद बढ़ा तो ऋषभ ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. शव को प्लास्टिक में लपेटकर सूटकेस में बंद कर कमरे में ताला लगाया और फरार हो गया. दो महीने बाद वाराणसी से गिरफ्तार हुआ.
प्रशांत किशोर ने मांगे CV, बांकीपुर के 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने का वादा
बांकीपुर से जीत के बाद प्रशांत किशोर ने बड़ा रोजगार प्लान सामने रखा है. उन्होंने कहा कि अगले एक-दो साल में 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की कोशिश करेंगे. साथ ही पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा.
हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी अभिनय के दिग्गजों की बात आती है, तो 'ट्रेजेडी किंग' दिलीप कुमार का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। धर्मेंद्र से लेकर मनोज कुमार और इंडस्ट्री की कई पीढ़ियों के कलाकार उनके अभिनय के मुरीद और कायल रहे हैं। दिलीप कुमार ने अपनी अनूठी मेथड एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों के दिलों पर राज किया। उन्होंने अपने करियर में गिनी-चुनी फिल्में कीं, लेकिन उनका प्रभाव ऐसा था कि आज भी उन्हें भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा स्तंभ माना जाता है। लेकिन जरा सोचिए, जिस महान अभिनेता से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी के कलाकारों ने अभिनय की बारीकियां सीखीं, उसी लीजेंड पर कभी शाहरुख खान की नकल करने का बेतुका आरोप लग गया था। आइए जानते हैं क्या है इस चौंकाने वाले किस्से का पूरा सच।जब नई पीढ़ी के एक युवक ने कह दी थी बेहद हैरान करने वाली बातयह हैरान करने वाला वाकया डायरेक्टर उमेश मेहरा की फिल्म 'किला' से जुड़ा है, जो दिलीप कुमार के करियर की आखिरी रिलीज फिल्म थी। डीडी उर्दू को दिए गए एक इंटरव्यू में निर्देशक उमेश मेहरा ने उस दर्दनाक अनुभव का जिक्र किया था जब उन्हें यह अहसास हुआ कि एक लंबी गैप के बाद दर्शक इस महान अभिनेता को भूला चुके हैं।उमेश मेहरा ने बताया कि जब फिल्म 'किला' के दौरान सिनेमाघर में इंटरवल हुआ, तो वहां बैठे एक युवा दर्शक ने जो कहा, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया था। उस लड़के ने अपने पिता से कहा कि पर्दे पर अभिनय कर रहे दिलीप कुमार असल में 'शाहरुख खान' की नकल कर रहे हैं या उन्हें कॉपी कर रहे हैं। निर्देशक ने बताया कि जब उन्होंने खुद अपने कानों से यह बात सुनी, तो उन्हें बेहद दुख हुआ कि जिस शख्स ने पूरी इंडस्ट्री को अभिनय सिखाया, आज की नई पीढ़ी उन्हें ही किसी और की नकल करने वाला समझ रही है।दिलीप कुमार और शाहरुख खान का खास रिश्ता और सम्मानभले ही नासमझी में उस युवा दर्शक ने दिलीप कुमार पर शाहरुख खान की नकल करने का आरोप लगा दिया हो, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट थी। शाहरुख खान खुद 'ट्रेजेडी किंग' दिलीप कुमार के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं और उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।एक पुराने अवॉर्ड फंक्शन के दौरान शाह रुख खान ने अपने शुरुआती दिनों का एक बेहद खूबसूरत किस्सा शेयर किया था। किंग खान ने बताया था कि जब वह फिल्म इंडस्ट्री में नए-नए आए थे, तब दिलीप कुमार ने उनके गालों को प्यार से थपथपाते हुए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी थी। शाहरुख का कहना था कि दिलीप साहब के प्यार से मारे गए उस एक थप्पड़ ने ही उन्हें हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाने और कुछ कर दिखाने की प्रेरणा दी थी।
JPC के पास भेजा सकता है FCRA बिल, विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ले सकती है फैसला
FCRA बिल 2026 को लेकर संसद में सियासी बहस तेज हो गई है. विपक्ष के विरोध के बीच सरकार इस विधेयक को जांच और विचार के लिए JPC के पास भेज सकती है.
हम भी डंडा लेकर दौड़ाएंगे! 10 अगस्त की बर्बरता पर फूटा गुस्सा
10 अगस्त की रात रांची में पुलिस द्वारा JPSC और JSSC अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज ने युवाओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है. प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस की बर्बरता के खिलाफ अनशन और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. रूपेश कुमार पाल, हबीबा और राहुल कुमार जैसे अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर दृढ़ हैं और न्यायपूर्ण वार्ता की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर एक नया मील का पत्थर हासिल कर लिया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने भारत को अपने सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया है। इस ऐतिहासिक पहल का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर इंसानों की पहली स्थायी चौकी यानी परमानेंट आउटपोस्ट तैयार करना है, जिसमें भारत अब अमेरिका का एक अहम साझीदार बन सकता है।बेंगलुरु में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सामने आया बड़ा ऐलानयह बड़ा प्रस्ताव 5 और 6 अगस्त को बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के मुख्यालय में आयोजित 9वीं भारत-अमेरिका अंतरिक्ष संयुक्त कार्य समूह (Space Joint Working Group) की बैठक के दौरान दिया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान इसे भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष सहयोग का सबसे बड़ा और नया अध्याय माना जा रहा है।यह घोषणा ऐसे वक्त में सामने आई है जब भारत दुनिया की अग्रणी अंतरिक्ष ताकतों में शुमार हो चुका है। चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता के बाद, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा एक ऐसे सामरिक क्षेत्र में इसरो के साथ मिलकर काम करने के लिए बेहद उत्सुक है, जो भविष्य के अंतरिक्ष अन्वेषण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।क्या है NASA का मून बेस प्रोग्राम और भारत की भूमिका?नासा द्वारा तैयार किया जा रहा यह मून बेस प्रोग्राम असल में चांद के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) के पास एक ऐसी जगह होगी जहां अंतरिक्ष यात्री रहकर वैज्ञानिक खोज करेंगे और काम करेंगे। इस बेस को कई मानवयुक्त और मानवरहित अभियानों के जरिए विकसित किया जाएगा ताकि चांद की सतह पर लंबे समय तक इंसानी बस्तियों या गतिविधियों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार किया जा सके।इस मिशन में भारत की भूमिका सबसे खास इसलिए भी है क्योंकि भारत इकलौता ऐसा देश है जिसने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर अपने अंतरिक्षयान की सफल सॉफ्ट लैंडिंग कराई है। अगस्त 2023 में चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर ने चांद के सबसे दुर्गम इलाके पर उतरकर इतिहास रचा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस लैंडिंग साइट का नाम 'शिव शक्ति पॉइंट' रखा था, जो आज चांद पर भारत की वैज्ञानिक शक्ति का प्रतीक है।भविष्य के मंगल मिशन और आर्टेमिस समझौते की नई राहइस मून बेस मिशन का असली मकसद केवल चांद पर कदम रखना भर नहीं है, बल्कि वहां लंबे समय तक टिकना, स्थानीय संसाधनों का उपयोग सीखना, नई तकनीकों को विकसित करना और भविष्य में मंगल ग्रह (Mars) पर इंसानी मिशन भेजने की तैयारी करना है।यह पूरा प्रस्तावित सहयोग उस 'आर्टेमिस समझौते' (Artemis Accords) की नींव पर आधारित है, जिस पर भारत ने 21 जून 2023 को हस्ताक्षर किए थे और वह इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला 27वां देश बना था। अब इस नए खुलासे के बाद अंतरिक्ष की दौड़ में भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हो गई है।
Kitchen Vastu: सिंक में जूठे बर्तनों के बीच रखी ये चीजें बढ़ा सकती हैं घर की परेशानी, आज ही हटाएं
Vastu Tips for Kitchen: वास्तु के अनुसार सिंक में जूठे बर्तनों के साथ चाकू-कैंची, दूध और पूजा के बर्तन, दवा की शीशी व प्लास्टिक सामान नहीं रखना चाहिए. इसके अलावा, रात में सिंक साफ रखना शुभ माना जाता है.
स्काईरूट का कमाल: विक्रम-1 की कामयाबी से खुले नए व्यापार के नए द्वार
इस साल जुलाई में रॉकेट विक्रम-1 ने उपग्रह 'SCOPE' को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया था. इस कारनामे को कर दिखाने वाली निजी क्षेत्र की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ केरल की एक कंपनी ने तीन उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने का करार किया है.
नसीरुद्दीन शाह पर भड़कीं कंगना रनौत, कहा- देश का खाते हैं, पड़ोसी के लिए लड़ते हैं
एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनौत सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर राय देती रहती हैं.
क्या 'इस्लामिक नाटो' अमेरिका की बड़ी चाल है? मक्का समझौते में अभी और किन देशों की होगी एंट्री
पश्चिम एशिया की राजनीति में इन दिनों एक बहुत बड़ा भूचाल आया हुआ है। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' को दुनिया भर में 'इस्लामिक नाटो' की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। नाटो की तर्ज पर तैयार किए गए इस सैन्य और रक्षा समझौते के तहत यदि किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो उसे सभी देशों पर हमला माना जाएगा। इस नए और ताकतवर गठबंधन को लेकर दुनिया भर के रणनीतिक विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई है कि क्या इसके पीछे अमेरिका की कोई सोची-समझी चाल है?क्या मक्का समझौते के पीछे छिपी है अमेरिका की कोई बड़ी रणनीति?सऊदी अरब के राजनीतिक वैज्ञानिक मंसूर अलमार्जूकी का मानना है कि यह मक्का समझौता किसी बहुत बड़ी वैश्विक व्यवस्था की एक मजबूत नींव है। वहीं, रणनीतिक विशेषज्ञ तारा कार्था ने भी इस समझौते में अमेरिका की भूमिका को लेकर बड़ा सवाल उठाया है। अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मक्का समझौते को कराने में पर्दे के पीछे से पूरी मदद की थी।सांसद जो विल्सन के मुताबिक, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान का यह आपसी रक्षा समझौता मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की ट्रंप प्रशासन की कोशिशों का ही एक हिस्सा है। हालांकि, इस समझौते को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। शिया विद्वान आगा सैयद जवाद नकवी के नेतृत्व में कई शिया मौलवियों ने इसे सीधे तौर पर 'अमेरिका-अरब की खतरनाक साजिश' करार दिया है। उनका आरोप है कि इस समझौते का असली मकसद पाकिस्तान को ईरान के साथ चल रहे तनाव और भविष्य के पश्चिम एशिया युद्धों में मोहरे की तरह इस्तेमाल करना है।मक्का समझौते में अभी किन-किन नए देशों की हो सकती है एंट्री?तुर्की की तरफ से हाल ही में ऐसे स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि यह समझौता केवल सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। आने वाले समय में इस सैन्य गठबंधन का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कई अन्य देशों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा।रणनीतिक जानकारों के अनुसार, अफ्रीका की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में शुमार मिस्र इस गठबंधन में शामिल होने वाला अगला सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। मिस्र के पास 4.4 लाख से ज्यादा सक्रिय सैनिक, आधुनिक टैंक और एक मजबूत वायु व नौसेना है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में कतर और कुवैत को भी इस समूह का हिस्सा बनने के लिए सबसे आगे माना जा रहा है। जॉर्डन, अजरबैजान और सीरिया के भी इस नए रक्षा ढांचे में शामिल होने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं।सऊदी का पैसा, तुर्की के हथियार और पाकिस्तान की परमाणु ताकतइस समय मक्का समझौते में शामिल तीनों देश अपनी-अपनी खासियतों के साथ योगदान दे रहे हैं। सऊदी अरब इस गठबंधन को अपनी बेजोड़ आर्थिक ताकत और पश्चिम एशिया की सबसे आधुनिक वायु सेना दे रहा है, जबकि तुर्की के पास नाटो से प्रशिक्षित एक बेहद मजबूत सेना है। इसके अलावा, पाकिस्तान के पास परमाणु हथियारों की ताकत है।यदि आने वाले दिनों में मिस्र, कतर और कुवैत जैसे देश भी इस गठबंधन से जुड़ जाते हैं, तो इसकी सैन्य और रणनीतिक ताकत में बेतहाशा इजाफा हो जाएगा। मिस्र की विशाल सेना और स्वेज नहर के पास उसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति इस पूरे समूह को वैश्विक स्तर पर एक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर सकती है।
दिखते तो नहीं हैं... फिर ताजमहल में कहां हैं 22 रहस्यमयी कमरे?
ताजमहल के 22 बंद कमरों को लेकर सोशल मीडिया पर लंबे समय से कई तरह के दावे किए जाते रहे हैं. कोई इन्हें रहस्यमयी बताता है तो कोई इनके अंदर छिपे राज की बात करता है. लेकिन ये कमरे आखिर कहां हैं, क्यों बंद हैं और इनके बारे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई और इतिहासकार क्या कहते हैं? आइए जानते हैं इसका पूरा सच.
इबोला का भयंकर कहर! कांगो में 2000 से ज्यादा मौतें, रिकॉर्ड तेजी से फैल रहा खतरनाक वायरस
मध्य अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप एक बार फिर जानलेवा रूप ले चुका है। यह महामारी इतिहास की सबसे तेजी से फैलने वाली इबोला लहर बन गई है। सरकार द्वारा जारी किए गए हालिया और डरावने आंकड़ों के अनुसार, देश में इस खतरनाक वायरस से मरने वालों की संख्या 2,000 के आंकड़े को पार कर गई है, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।अब तक 4000 से ज्यादा मामले और तेजी से बढ़ता आंकड़ाआधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में अब तक इबोला के कुल 4,381 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 2,011 मरीजों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके अलावा, वर्तमान में 704 से अधिक मरीजों का विभिन्न आइसोलेशन वार्डों और अस्पतालों में इलाज जारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रकोप पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए बेहद खतरनाक गति से आगे बढ़ रहा है।महज 3 हफ्तों में दोगुनी हो गईं मौतें, क्या है इस लहर की असल वजह?इस साल 15 मई को घोषित किए गए इस इबोला प्रकोप को अभी तीन महीने ही बीते हैं, लेकिन इसकी रफ्तार ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। इस महामारी की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआती 1,000 मौतें होने में करीब 9 हफ्तों का समय लगा था, लेकिन अगले 1,000 मरीजों की मौत महज तीन हफ्तों के भीतर ही हो गई।राहत एजेंसियों और मेडिकल टीमों का मानना है कि देश के दूरदराज और दुर्गम इलाकों में समय पर मेडिकल सहायता, दवाइयां और बचाव दल का न पहुंच पाना इस तेजी से बढ़ती तबाही की मुख्य वजह है।बुंडीबुग्यो वायरस: न कोई वैक्सीन और न ही कोई सटीक इलाजयह मौजूदा इबोला प्रकोप पिछले सभी प्रकोपों से काफी अलग और ज्यादा घातक साबित हो रहा है। इतिहास में 2014-16 और 2018 के दौरान फैले 'जायर इबोला' (Zaire Ebolavirus) के लिए आज कारगर वैक्सीन (Ervebo) और इलाज उपलब्ध हैं, लेकिन 2026 की इस मौजूदा लहर का कारण 'बुंडीबुग्यो वायरस' (Bundibugyo Virus) है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस नए स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई भी स्वीकृत वैक्सीन या सटीक इलाज उपलब्ध नहीं है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, यह वायरस मई में औपचारिक रूप से सामने आने से पहले ही फरवरी महीने से कांगो के सबसे दूरस्थ और असुरक्षित इलाकों में पैर पसार चुका था। साल 1976 में जब सबसे पहले कांगो की इबोला नदी के पास इस वायरस की पहचान हुई थी, तब से लेकर अब तक कांगो के इतिहास में यह 17वां और सबसे बड़ा प्रकोप बन चुका है। फिलहाल डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) और डब्ल्यूएचओ की टीमें संक्रमण की चेन को तोड़ने में जुटी हैं, लेकिन अप्रूव्ड वैक्सीन की कमी ने संकट को और गहरा कर दिया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब अमेरिका की सुरक्षा को लेकर एक बिल्कुल नए मोर्चे से बड़ी चिंता सामने आ रही है। इस बार निशाना पारंपरिक मिसाइलें नहीं, बल्कि अमेरिका की बुनियादी जरूरत यानी उसका जल सिस्टम (Water System) है। मिनेसोटा समेत कम से कम सात अमेरिकी राज्यों के पेयजल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर समन्वित साइबर हमलों (Coordinated Cyber Attacks) की रिपोर्टों ने अमेरिकी प्रशासन की नींद उड़ा दी है। आइए जानते हैं कि इस खतरनाक साइबर हमले के पीछे आखिर क्या सच है और इसमें ईरान का नाम क्यों उछाला जा रहा है।अमेरिका के कई राज्यों के वाटर प्लांट पर कोऑर्डिनेटेड साइबर अटैकअमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के माहौल के बीच अमेरिकी जल संयंत्रों पर साइबर हमलों की खबरे तेजी से फैली हैं। मिनेसोटा राज्य ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि वहां के कम से कम 30 नगरपालिका जल सिस्टम इन समन्वित साइबर हमलों का शिकार हुए हैं। जुलाई के अंत में सामने आई इस चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए बताया कि दुर्भावनापूर्ण साइबर एक्टर्स ने अमेरिका के कम से कम सात अलग-अलग राज्यों में पेयजल और अपशिष्ट जल (Wastewater) प्रणालियों में सेंध लगाने की कोशिश की है।इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जॉर्जिया, न्यू जर्सी और साउथ डकोटा जैसे राज्यों से भी इसी तरह की साइबर घटनाओं की सूचनाएं मिलने लगी हैं। हालांकि, अभी तक यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये सभी घटनाएं एफबीआई द्वारा चिह्नित सात राज्यों के हमलों का ही हिस्सा हैं या नहीं। शुरुआती दौर में कुछ चर्चाओं में ईरान से जुड़े हैकर्स पर इन हमलों का शक जताया गया था, लेकिन अमेरिकी प्रशासन की तरफ से अभी तक किसी भी देश या संगठन को इसके लिए औपचारिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।कैसे काम करती है अमेरिकी जल प्रणाली और कैसे हो रहा है सेंधमारी का खेलसरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका भर में लगभग 1,52,000 सार्वजनिक पेयजल सिस्टम और 16,000 से अधिक वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट सुविधाएं मौजूद हैं। आम तौर पर ये नगरपालिकाएं झीलों, नदियों या भूजल स्रोतों से पानी लेकर इलेक्ट्रिक पंपों के जरिए उसे ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाती हैं, जहां पानी को फिल्टर और डिसइंफेक्ट करने के बाद स्टोरेज टैंकों के रास्ते घरों और व्यवसायों तक वितरित किया जाता है। लेकिन अब साइबर अपराधी इसी पूरी प्रक्रिया में सेंध लगा रहे हैं।साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, हमलावर मुख्य रूप से इंटरनेट-फेसिंग प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (PLC) को अपना निशाना बना रहे हैं। ये वही डिजिटल डिवाइस हैं जो पानी के बहाव, दबाव और केमिकल डोजिंग जैसी बेहद संवेदनशील औद्योगिक प्रक्रियाओं को कंट्रोल और मॉनिटर करते हैं। अमेरिकन यूनिवर्सिटी के ग्लोबल सिक्योरिटी असिस्टेंट प्रोफेसर विलियम अकोटो का कहना है कि ये हैकर्स रिमोट एक्सेस पाने के लिए बाहरी कंपनियों और कंट्रोलर्स के इंटरनेट पतों को स्कैन करते हैं। इसके बाद वे डिफॉल्ट या चोरी किए गए पासवर्ड के जरिए सिस्टम में लॉगिन करके पासवर्ड बदल देते हैं या फिर सीधे कमांड जारी कर पूरी प्रणाली का दुरुपयोग करने की कोशिश करते हैं।क्या वाकई इन खतरनाक हमलों के पीछे ईरान का हाथ है?सीबीएस न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से छानबीन कर रही हैं कि क्या ये साइबर हमले वाकई ईरानी हैकर्स से जुड़े हुए हैं। हाल ही में एक कैबिनेट बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिनेसोटा के अधिकारियों पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि ऐसी लापरवाही के कारण ही हैकर्स को मौका मिला। हालांकि, उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि ईरान के पास इस वक्त अपनी खुद की इतनी बड़ी समस्याएं हैं कि उसे मिनेसोटा की चिंता करने की फुर्सत नहीं होगी।राहत की बात यह है कि अभी तक इन हमलों के चलते किसी भी वाटर सिस्टम में पानी के प्रदूषण या उसकी गुणवत्ता बिगड़ने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसके बावजूद, सुरक्षा के एहतियाती तौर पर कई जगहों पर मैनुअल हस्तक्षेप यानी मैन्युअल रूप से सिस्टम को संभालना पड़ा है और कई इलाकों में नागरिकों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। फिलहाल अमेरिकी एजेंसियां इस पूरे हाई-टेक खतरे से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर काम कर रही हैं।
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कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को कोयला खदान आवंटन मामले में उच्चतम न्यायालय से मिली क्लीन चिट का स्वागत करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। सोनिया गांधी ने कहा कि इतिहास मनमोहन सिंह को एक मृदुभाषी, सौम्य लेकिन देश के सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में से एक के रूप में याद रखेगा। उन्होंने पूर्व पीएम की ईमानदारी और जवाबदेही के रिकॉर्ड को मौजूदा सरकार के कामकाज के बिल्कुल विपरीत बताया है।सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सोनिया गांधी का बड़ा बयानएक अंग्रेजी अखबार में लिखे अपने लेख में सोनिया गांधी ने कहा कि 29 जुलाई 2026 का दिन भारतीय राजनीतिक इतिहास का एक बहुत महत्वपूर्ण दिन था, जब सुप्रीम कोर्ट ने कथित कोयला घोटाला मामले में मनमोहन सिंह को सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर मिली क्लीन चिट को पूरी तरह बरकरार रखा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को भी गलत ठहराया जिसमें बिना किसी ठोस आधार के तत्कालीन प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी की गई थी। सोनिया गांधी ने इसे हमारे सार्वजनिक विमर्श के सबसे दुखद अध्यायों में से एक का अंत बताया।मनमोहन सिंह के खिलाफ चलाया गया था सुनियोजित अभियानसोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के खिलाफ एक बहुत ही सुनियोजित और समन्वित अभियान चलाया गया था, जिसमें नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका, नागरिक संगठन, आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोग शामिल थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए 8 फरवरी 2017 को राज्यसभा में दिए गए उस बयान का जिक्र किया जिसमें पीएम मोदी ने मनमोहन सिंह पर 'रेनकोट पहनकर नहाने की कला' वाली टिप्पणी की थी। सोनिया गांधी ने इसे संसदीय इतिहास के सबसे निचले स्तर का बयान करार दिया।मनमोहन सरकार के 10 सालों का आर्थिक रिकॉर्ड और उपलब्धियांसोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सरकार के 10 वर्षों के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि जीडीपी गणना के मौजूदा तरीकों के मुकाबले भी पिछले 12 वर्षों से कहीं अधिक बेहतर रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया। इसके अलावा शिक्षा का अधिकार, उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी आरक्षण और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून जैसी ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गईं। सोनिया गांधी ने अंत में कहा कि मनमोहन सिंह हमेशा संसद और मीडिया के प्रति जवाबदेह रहते थे और उन्होंने अपने कार्यकाल में 100 से अधिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थीं।
अभिनेत्री तृषा को लेकर विपक्ष की फिर फटी जुबान, क्या अब थलपति विजय करेंगे कोई कड़ा एक्शन?
तमिलनाडु की सियासत में अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर विपक्ष की अभद्र टिप्पणियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के बाद अब एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आरबी उदयकुमार ने मुख्यमंत्री थलपति विजय और अभिनेत्री तृषा को लेकर एक बेहद विवादित और तंज कसने वाला बयान दिया है। इस राजनीतिक बयानबाजी के बाद एक बार फिर राज्य का सियासी पारा हाई हो गया है और फैंस में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।एआईएडीएमके नेता आरबी उदयकुमार का विवादित तंजएआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता आरबी उदयकुमार ने पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जोसेफ थलपति विजय पर निशाना साधते हुए बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा कि विजय की करीबी कही जाने वाली अभिनेत्री तृषा को तमिलनाडु का उपमुख्यमंत्री कब बनाया जाएगा? उन्होंने यह भी कहा कि पूरा तमिलनाडु इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।उदयकुमार दरअसल हाल ही में सिनेमा इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को सरकार में दी जा रही अहम जिम्मेदारियों और नियुक्तियों पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार मुख्यमंत्री के करीबी लोगों और उनकी फिल्मों में काम करने वाले निर्माताओं तथा तकनीकी दल के सदस्यों को मंदिर ट्रस्टी, दिल्ली में विशेष प्रतिनिधि, निजी सचिव और फिल्म प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर नियुक्त कर रही है। इसी कड़ी में उन्होंने तृषा का नाम घसीटते हुए निशाना साधा।तृषा के फैंस का फूटा गुस्सा और मदुरै में लगे पोस्टरविपक्षी नेता द्वारा अभिनेत्री तृषा को लेकर की गई इस अभद्र टिप्पणी के बाद उनके फैंस और समर्थक भड़क उठे हैं। नेता की इस भाषा और अपमानजनक बयानों के खिलाफ तृषा फैन्स एसोसिएशन ने पूरे मदुरै शहर में विरोध प्रदर्शन करते हुए कई जगह तीखे पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर्स के जरिए नेता की इस घटिया बयानबाजी की पुरजोर आलोचना की गई है।खास बात यह है कि यह पहला मौका नहीं है जब अभिनेत्री तृषा को इस तरह राजनीतिक निशाने पर लिया गया हो। मुख्यमंत्री विजय के साथ उनके संबंधों की अफवाहों की आड़ में सियासतदान और कई लोग अक्सर इस तरह की ओछी टिप्पणियां करते आए हैं। हालांकि, इस ताज़ा विवाद पर अभी तक मुख्यमंत्री थलपति विजय या अभिनेत्री तृषा की तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।पहले भी उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी पर हुआ था बड़ा बवालइससे कुछ दिन पहले, तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन भी अभिनेत्री तृषा को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक और द्विअर्थी टिप्पणी के बाद बड़े विवाद में घिर गए थे। कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान जब भीड़ से 'तृषा' के नारे लगे थे, तब उदयनिधि ने मुस्कुराते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी।उस मामले में सत्तारूढ़ पार्टी टीवीके की शिकायत के बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उदयनिधि स्टालिन को उनके घर से हिरासत में लिया था और थाने में कई घंटों तक उनसे लंबी पूछताछ की गई थी, जिसके बाद उन्हें देर रात छोड़ा गया था। अब एक बार फिर AIADMK नेता के इस बयान ने राजनीति में भूचाल ला दिया है और देखना यह होगा कि इस बार प्रशासन या पार्टी स्तर पर क्या एक्शन लिया जाता है।
37 साल तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाला यह शो रविवार की सुबह का सबसे बड़ा आकर्षण हुआ करता था. हेमा मालिनी, शर्मिला टैगोर से लेकर मधु तक कई सितारों ने इससे जुड़कर इसकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.
12वीं पास और ग्रेजुएट छात्रों के लिए स्कॉलरशिप पाने का बेहतरीन मौका है. अजीम प्रेमजी, यू-गो, महिंद्रा और यूपी स्कॉलरशिप के जरिए सालाना आर्थिक मदद मिल रही है. ज्यादातर स्कॉलरशिप की लास्ट डेट 20 से 31 अगस्त 2026 के बीच है. जानिए डिटेल्स..
कोलंबिया में भूकंप से भीषण तबाही, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
कोलंबिया में सोमवार को आए ज़रदार भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है...130 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 700 से ज़्यादा लोग घायल हैं..मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है..फिलहाल युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में चल रहे हैं..7.4 तीव्रता के भूकंप से कम से कम 32 शहर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.
एयर इंडिया टर्बुलेंस: फुकेट-दिल्ली फ्लाइट हादसे पर सरकार सख्त, CEO कैंपबेल विल्सन तलब
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट (AI2379) में हवा के बीच हुए भीषण टर्बुलेंस और सुरक्षा से जुड़ी लगातार आ रही चिंताओं पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय ने एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन को दिल्ली मुख्यालय तलब कर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की है, जिसमें एयरलाइन के कामकाज और सुरक्षा मानकों को लेकर तीखे सवाल किए गए।उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा मानकों की हुई गहन समीक्षानागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस आपातकालीन समीक्षा बैठक में एविएशन सेक्टर के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में नागरिक उड्डयन सचिव, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के शीर्ष अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।बैठक के दौरान एयर इंडिया के बेड़े में सुरक्षा मानकों, रखरखाव प्रोटोकॉल और हाल ही में सामने आई घटनाओं से निपटने की एयरलाइन की कार्यप्रणाली की बेहद गहन समीक्षा की गई। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यात्रियों की जान के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से सख्ती से निपटा जाए।क्या है 4 अगस्त की AI2379 फुकेट-दिल्ली फ्लाइट का पूरा मामला?यह पूरा विवाद 4 अगस्त 2026 को एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI2379 (एयरबस A320) के दौरान हुए भयानक हादसे के बाद गहराया है। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट तक नीचे आ गया था, जिसके बाद यात्रियों में भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई थी। इस विमान में तीन बच्चों समेत कुल 137 यात्री और आठ क्रू मेंबर सवार थे।शुरुआत में एयर इंडिया ने इस घटना को मामूली अशांति और ऊंचाई में आए छोटे बदलाव के तौर पर पेश किया था। हालांकि, हालात की गंभीरता को देखते हुए डीजीसीए ने इसे गंभीर घटना घोषित कर इसकी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को सौंप दी। फिलहाल विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को सुरक्षित रखकर उनके तकनीकी विश्लेषण का काम तेजी से किया जा रहा है।यात्रियों की इंजरी और एयरलाइन का आधिकारिक बयानइस भयानक टर्बुलेंस के कारण लैंडिंग के बाद कुल 13 यात्रियों और चार केबिन क्रू सदस्यों को तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा था। एयर इंडिया की तरफ से बाद में जानकारी दी गई कि पांच यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य का इलाज और डॉक्टरी निगरानी अभी भी जारी है।ओपन-सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से भी यह पुष्टि हुई है कि उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक खतरनाक गिरावट आई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में विमान के केबिन के भीतर हुआ नुकसान साफ देखा जा सकता है। यात्रियों ने रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव साझा करते हुए बताया कि विमान अचानक नीचे गिरा और कई मिनट तक लगातार जोरदार झटके लगते रहे। एयरलाइन ने कहा है कि वह सभी प्रभावित यात्रियों और क्रू सदस्यों को हर संभव सहायता मुहैया करा रही है और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।
उज्जैन की हेमलता सूर्यवंशी ने तैरना नहीं आने के बावजूद शिप्रा नदी में डूब रही 14 वर्षीय किशोरी की जान बचाकर मिसाल पेश की. उनके साहस और सूझबूझ की सराहना करते हुए राष्ट्रपति भवन ने स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित 'एट होम' कार्यक्रम में विशेष आमंत्रण भेजा है.
तृषा को लेकर विपक्ष ने फिर की बदजुबानी, इस बार क्या ऐक्शन लेंगे थलपति विजय?
तमिलनाडु में अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर विपक्ष की बदजुबानी थमने का नाम नहीं ले रही है। नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि के बाद इस बार एआईएडीएमके के नेता ने तृषा का नाम लेते हुए सीएम थलपति विजय पर तंज कसा है।
₹13 लाख महीने की नौकरी छोड़ी, की AI की पढ़ाई, मिला 1.5 करोड़ का ऑफर
सोचिए आपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली हो और आपकी नौकरी की शुरुआत 13 लाख रुपये के सालाना के पैकेज से हो. ज्यादातर छात्र इसकी अहमियत अच्छे से जानते होंगे लेकिन कई बार जब आपके दिमाग में कुछ और मजबूत करने का प्लान हो तो आपके लिए इन चीजों को छोड़ना आसान हो जाता है. इतने बड़े पैकेज को छोड़कर आदित्य अरेपल्ली ने AI से जुड़ी पढ़ाई करने का फैसला किया, जिसके लिए उन्होंने अमेरिका जाकर मास्टर्स किया. पढ़ाई के साथ कोडिंग और प्रोजेक्ट्स पर काम किया. अब उनकी सैलरी इतनी बढ़ गई है कि इसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है.
Cyril Shroff-IIMA GC Leadership Academy:
Cyril Shroff-IIMA GC Leadership Academy:
देश एक तरफ जहां अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न की तैयारियों में पूरी तरह जुटा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर खबर सामने आ रही है। घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडितों पर एक बार फिर लक्षित हत्याओं यानी 'टारगेटेड किलिंग' का बड़ा खतरा मंडराने लगा है। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के सामने इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। आइए जानते हैं कि आखिर सरकार को ऐसा कड़ा निर्देश क्यों जारी करना पड़ा है।आतंकी संगठन की धमकी के बाद सरकार का एहतियाती कदमरिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक कथित मुखौटा संगठन 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' की तरफ से कश्मीरी पंडितों को एक खुली धमकी मिली है। 7 अगस्त 2026 को जारी किए गए इस कथित धमकी भरे संदेश में कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्यों के नाम और उनके निजी टेलीफोन नंबरों का खुलेआम खुलासा किया गया है।इस गंभीर खतरे के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सैकड़ों कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों को 25 अगस्त तक दफ्तर न आने और वर्क फ्रॉम होम करने या सीधे छुट्टी पर चले जाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्हें स्वतंत्रता दिवस के राजकीय कार्यक्रमों की ड्यूटी से भी तत्काल प्रभाव से छूट दे दी गई है। हालांकि, धमकी भरे इस पत्र की प्रामाणिकता की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।लीक हुईं निजी जानकारियां और सुरक्षा बलों का बड़ा एक्शनपनुन कश्मीर संगठन के अनुसार, इस बार धमकियों में विशिष्ट कर्मचारियों के नाम, उनके कार्यस्थल, फोन नंबर और यहां तक कि उनके परिवारों की सटीक जानकारियां भी ऑनलाइन लीक की गई हैं। इस खुलासे के बाद घाटी में दहशत का माहौल बन गया है और कई कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए पहले ही सुरक्षित ठिकाने यानी जम्मू की तरफ रवाना हो चुके हैं।इस स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों ने युद्धस्तर पर अभियान छेड़ दिया है। घाटी में 22 जुलाई से चलाए जा रहे एक विशाल सुरक्षा अभियान के तहत अब तक 3,000 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि ये सभी 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' यानी ओजीडब्ल्यू हैं जो छिपे तौर पर आतंकवादियों की मदद कर रहे थे। इसके अलावा, अमरनाथ यात्रा को भी सुरक्षा और अन्य कारणों के चलते समय से पहले 9 अगस्त को ही समाप्त कर दिया गया है।साल 2022 के डरावने जख्म और ताजा हालातआपको बता दें कि साल 2010 में 'प्रधानमंत्री स्पेशल रोजगार पैकेज' के तहत करीब 6,000 कश्मीरी पंडितों को घाटी में सरकारी नौकरियां दी गई थीं ताकि उनका पुनर्वास किया जा सके। हालांकि, साल 2022 में भी आतंकवादियों ने इन कर्मचारियों को निशाना बनाया था, जिसमें 5 लोगों की जान चली गई थी। इसके विरोध में कश्मीरी पंडितों ने करीब 7 महीने तक लंबा धरना-प्रदर्शन किया था।हाल ही में 22 जुलाई को अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी की हत्या और कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर हुए हमलों ने इस डर को और ज्यादा गहरा कर दिया है। फिलहाल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और पंडित बस्तियों तथा अल्पसंख्यकों के रिहायशी इलाकों में गश्त को बेहद कड़ा कर दिया गया है।
Delimitation Lok Sabha Seats: भारत की भावी राजनीति और संसदीय व्यवस्था को लेकर इन दिनों एक बड़ा सवाल चर्चा में है—क्या लोकसभा की सीटों का नए सिरे से बंटवारा करने के लिए संसद से नया संवैधानिक संशोधन पारित कराना अनिवार्य है?
इस ऐप से रेल टिकट बुक करने पर मिलेगा सस्ता, रेलवे का ऐलान
General Train Ticket Online Booking: अब आपको जनरल ट्रेन टिकट लेने के लिए स्टेशन पर मौजूद काउंटर पर लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं है. इंडियन रेलवे के RailOne App के जरिए घर बैठे टिकट बुक कर सकते हैं और वो भी डिस्काउंट के साथ.
स्कूटी पर क्यों 2 सिलेंडर लेकर निकले 60 साल के शिवभक्त?
मुजफ्फरनगर के 60 वर्षीय परशुराम शर्मा फेफड़ों की गंभीर बीमारी के बावजूद 2 ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे स्कूटी से हरिद्वार से कांवड़ लेकर पहुंचे. 24 घंटे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहने वाले परशुराम अब शिव चौक पर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे. उन्होंने कहा कि परेशानियां जिंदगी का हिस्सा हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच के साथ इंसान आगे बढ़ सकता है.
'4 बार सरकार में रहकर भी कुछ नहीं किया', CM योगी का सपा-कांग्रेस पर तंज
संतकबीरनगर में सीएम योगी ने सपा-कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इंसेफ्लाइटिस से निपटने को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया. उन्होंने 684 करोड़ की 201 परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था, आवास, शौचालय, किसान सम्मान निधि समेत कई योजनाएं गिनाईं.
'मेरे लोगों को मारना बंद करो...', लंदन की सड़कों पर UAE के शासक से भिड़ा शख्स
लंदन के नाइट्सब्रिज में एक सूडानी व्यक्ति ने दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम का विरोध करते हुए यूएई पर सूडान में लोगों की हत्या का आरोप लगाया और अपने लोगों को मारना बंद करने की अपील की.
सूजी और दही से बनाएं ये कुरकुरा नाश्ता, मिनटों में होगा तैयार
Crispy Suji Rings Recipe: शाम की हल्की भूख में अगर कुछ चटपटा और नया खाने का मन है तो सूजी रिंग्स ट्राई कर सकते हैं. आज हम आपको सूजी, दही और सब्जियों से बनने वाली सूजी रिंग्स की आसान रेसिपी बताएंगे.
टिटागढ़ की कई मस्जिदों से हटाए गए लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन
पश्चिम बंगाल के टिटागढ़ में कई मस्जिदों से पुलिस ने लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन हटा दिए. इसके पीछे ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत कार्रवाई का दावा किया गया. लेकिन मौखिक आदेश का हवाला दिए जाने पर मुस्लिम संगठनों ने लिखित आदेश और SOP की मांग की है. पढ़ें पूरी कहानी.
हाल ही में हुई AI2379 की उड़ान के दौरान की घटना और कामकाज से जुड़ी कई चिंताओं के बाद, सरकार ने एयरलाइन की जांच-पड़ताल बढ़ा दी है। इसी सिलसिले में, मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुख्यालय ने एयर इंडिया के निवर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन को तलब किया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के सूत्रों के अनुसार, यह कदम नागरिक उड्डयन सचिव, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई एक बैठक के बाद उठाया गया। अधिकारियों से उम्मीद थी कि वे एयर इंडिया से जुड़े सुरक्षा और कामकाज से जुड़े बड़े मुद्दों की समीक्षा करेंगे, जिसमें फुकेत-दिल्ली उड़ान के दौरान हुई टर्बुलेंस (हवा के झटकों) की घटना भी शामिल है, जिसमें 17 यात्री और क्रू मेंबर घायल हो गए थे। यह घटनाक्रम एयर इंडिया की फ़्लाइट AI2379 (एयरबस A320) के साथ हुई एक घटना के कुछ दिनों बाद सामने आया है। 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली जा रही इस फ़्लाइट की ऊंचाई अचानक लगभग 300 फ़ीट कम हो गई थी, जबकि यह सामान्य रूप से उड़ रही थी। इस फ़्लाइट में 137 यात्री (जिनमें तीन छोटे बच्चे शामिल थे) और आठ क्रू मेंबर सवार थे। शुरुआत में एयर इंडिया ने इस घटना को टर्बुलेंस (हवा के झोंकों) से जुड़ी एक छोटी-सी घटना बताया था, जिसकी वजह से विमान की ऊंचाई में थोड़ी देर के लिए बदलाव आया था। हालांकि, बाद में DGCA ने इसे गंभीर घटना माना और इसकी जांच AAIB को सौंप दी। जांच के लिए विमान के 'फ़्लाइट डेटा रिकॉर्डर' और 'कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर' को सुरक्षित रख लिया गया है। इसे भी पढ़ें: ईरान के डर से अपना एयरफोर्स-1 विमान छोड़-छाड़ झट से ली सीक्रेट फ्लाइट, Turkey से गुप्त तरीके से भागे ट्रंप? लैंडिंग के बाद तेरह यात्रियों और चार केबिन क्रू सदस्यों को अस्पताल ले जाया गया। बाद में एयर इंडिया ने बताया कि पांच यात्रियों को छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी का इलाज और निगरानी जारी है। एयरलाइन ने कहा कि वह प्रभावित लोगों को हर ज़रूरी मदद दे रही है और जांच करने वालों का पूरा सहयोग कर रही है। ओपन-सोर्स फ़्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि उड़ान के दौरान ऊंचाई में थोड़ी कमी आई थी, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में केबिन के अंदर नुकसान दिखाई दे रहा था। यात्रियों ने बताया कि अचानक ऊंचाई कम हुई और कई मिनट तक ज़ोरदार झटके महसूस हुए। इसे भी पढ़ें: Air India Flight Safety Crisis: टर्बुलेंस से पहले ही फेल हुआ Autopilot, जांच में पायलट का Psychoactive टेस्ट निकला पॉजिटिव घटना की जांच का दायरा बढ़ाया गया जांच का दायरा तब बढ़ाया गया जब ऐसी खबरें आईं कि उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी आ सकती है, जिसमें ऑटोपायलट का डिस्कनेक्ट होना और हाइड्रोलिक सिस्टम की समस्याएं शामिल हैं। इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांचकर्ताओं के विमान के सिस्टम, उड़ान के डेटा और कॉकपिट की रिकॉर्डिंग की जांच करने की उम्मीद है ताकि घटनाओं के क्रम का पता लगाया जा सके। इस घटना ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों की अनिवार्य साइकोएक्टिव पदार्थ स्क्रीनिंग की गई थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि पायलट-इन-कमांड की शुरुआती स्क्रीनिंग के नतीजे के लिए कन्फर्मेटरी लैबोरेटरी टेस्टिंग की ज़रूरत थी और अंतिम रिपोर्ट का इंतज़ार था। DGCA ने जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया है।
LAC पर शांति के बगैर मजबूत नहीं होंगे संबंध, भारत का चीन को साफ संदेश
भारत-चीन सीमा मामलों पर 6 अगस्त 2026 को WMCC की 36वीं बैठक हुई. दोनों पक्षों ने LAC पर शांति बनाए रखने पर जोर दिया. मौजूदा मुद्दों को सुलझाने पर सहमति जताई.
Sansad Diary: Rajya Sabha ने Tribunal Reforms Bill पास किया, Lok Sabha में Keralam Bill पर मुहर
मंगलवार को लोकसभा ने बिना किसी बहस के दो और बिल पास किए। हंगामे के बीच ही सदन ने केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को चर्चा के बिना ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस दौरान सदस्यों ने सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी की मांग करते हुए नारे लगाए और प्लेकार्ड लेकर सदन के वेल में आ गए। दोनों बिल बिना किसी चर्चा के पास कर दिए गए, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा ने देश भर के विभिन्न ट्रिब्यूनलों के लिए चेयरपर्सन और सदस्यों का चयन करने के लिए एक राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग गठित करने वाला विधेयक पारित किया। यह विधेयक लोकसभा द्वारा सोमवार को पारित किया गया था। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Assembly में घमासान, Hemant Soren बोले- BJP कर रही छात्र आंदोलन से राजनीति! आज क्या कुछ हुआ केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि मनरेगा की जगह लागू किए गए विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी’ (वीबी-जीराम-जी) अधिनियम के लागू होने के एक महीने के भीतर ही 9.69 करोड़ से अधिक ‘श्रम दिवस’ (काम के दिन) सृजित किए गए हैं। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वीबी-जीराम-जी अधिनियम, 2025 को लागू कर दिया गया है और वीबी-जीराम-जी योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण इलाकों में शुरू कर दिया गया है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के दलों ने मंगलवार को दोपहर बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को उपसभापति हरिवंश द्वारा बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने पर विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया। जब विपक्षी दलों के सदस्यों ने बहिर्गमन किया तब उच्च सदन में ‘न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026’ पर चर्चा हो रही थी। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मल्लिकार्जुन खरगे की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा कि वह हमेशा विपक्ष के नेता के दबाव में रहते हैं। राधाकृष्णन यह बात एक बार के स्थगन के बाद उच्च सदन की बैठक दोपहर बारह बजे पुन: शुरू होने पर कही। इसे भी पढ़ें: जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही BJP-Congress, Mayawati ने बताया सोची-समझी Conspiracy लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जब छात्रों के आंदोलन पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग पर सरकार ने सहमति दे दी है तो फिर विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए। उन्होंने सदन की बैठक आरंभ होने के बाद यह भी कहा कि जब कार्यवाही बाधित होती है तो उनका मन दुखी होता है। बिरला ने सदन में कहा कि सदन सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को मिलकर चलाना चाहिए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
सऊदी-PAK संग रक्षा समझौते पर तुर्की ने तोड़ी चुप्पी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तीन ताकतवर देशों का साथ आना अहम है. एक के पास परमाणु ताकत, दूसरे के पास आधुनिक सैन्य तकनीक और तीसरे के पास अपार आर्थिक संसाधन हैं. ईरान-अमेरिका-इजरायल टकराव के बाद बदले क्षेत्रीय हालात में यह साझेदारी नई रणनीतिक तस्वीर बना सकती है.
वर्क फ्रॉम होम करें या छुट्टी पर जाएं कश्मीरी पंडित, सरकार ने क्यों दिया ऐसा आदेश?
सरकार द्वारा जारी निर्देश में कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों को 25 अगस्त तक दफ्तर न आने की सलाह दी गई है और स्वतंत्रता दिवस के राजकीय कार्यक्रमों की ड्यूटी से भी तत्काल छूट दे दी गई है
JPSC महाघोटाले में कौन-कौन 8 लोग शामिल, क्या था उनका रोल, जानें सबकुछ
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान आठ लोगों के नाम सामने आए हैं. इनमें TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी, JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते सहित कई नाम शामिल हैं.
'10-10 लाख में बेचीं कब्रें,' UP वक्फ बोर्ड पर 1000 करोड़ के घोटाले का आरोप
उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर करीब 1000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगा है जिसमें अवैध तरीके से वक्फ संपत्तियों और कब्रों की बिक्री शामिल है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य में कथित शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। ED के रायपुर ज़ोनल ऑफिस ने इस मामले में पूछताछ के बाद अग्रवाल को गिरफ्तार किया, जो चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एक बड़ी कार्रवाई है। यह कदम ED द्वारा इस मामले में 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति अटैच करने के लगभग दो महीने बाद उठाया गया है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत 28 मई को जारी तीन प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) के बाद की गई थी, जिसमें लगभग 200 करोड़ रुपये की डीड वैल्यू और 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की अनुमानित मार्केट वैल्यू वाली संपत्तियों को निशाना बनाया गया था। ED ने कहा कि यह जांच रायपुर के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग और एंटी-करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) द्वारा दर्ज FIR से जुड़ी है। इसे भी पढ़ें: ममता बनर्जी को SC से अब क्या झटका लगा? TMC के बैंक खाते फ्रीज मामले में बड़ा अपडेट आ गया एजेंसी के अनुसार, बिज़नेसमैन अनवर ढेबर और पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा की अगुवाई वाले शराब सिंडिकेट ने कथित तौर पर 2019 और 2023 के बीच राज्य की आबकारी व्यवस्था में हेरफेर किया। ED का दावा है कि इस नेटवर्क ने शराब की खरीद की बढ़ी हुई दरों, बिना हिसाब-किताब वाली शराब के अवैध उत्पादन और चुनिंदा कंपनियों को दिए गए FL-10A लाइसेंस के ज़रिए कमीशन वसूलकर 2,883 करोड़ रुपये से ज़्यादा की अवैध कमाई की। इसे भी पढ़ें: Delhi में उच्च शिक्षा का नया दौर! कैबिनेट ने Private University बिल को दी मंजूरी, जानें इसके बारे में संपत्ति ज़ब्त करने का पहला आदेश विकास अग्रवाल और अनवर ढेबर से जुड़ी संपत्तियों से संबंधित है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि अग्रवाल ने मुख्य वित्तीय हैंडलर के तौर पर काम किया, डिस्टिलरी और लाइसेंस धारकों से कमीशन इकट्ठा किया और उस पैसे को ढेबर तक पहुँचाया। अग्रवाल के परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्तियों को उनकी कथित अवैध कमाई के बराबर ज़ब्त किया गया है।
वाराणसी में परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, एक साथ 3 मौत
वाराणसी में महाराष्ट्र के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिवार के मुखिया की बीएचयू में मौत के बाद उनकी पत्नी और बेटे की भी होमस्टे में मौत हो गई. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है. परिवार वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आया था.
अपनी आजादी की वर्षगाँठ मनाने से ठीक पहले पाकिस्तान को एक बार फिर अपने ही विभाजन के दर्द का सामना करना पड़ रहा है। बलूचिस्तान में आज यानि 11 अगस्त को ‘स्वतंत्रता दिवस’ के रूप में मनाने का ऐलान किया गया है और बलूच राष्ट्रवादी समूह इसे राष्ट्रीय उत्सव के तौर पर देख रहे हैं। पाकिस्तान जहां 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं उसके सबसे बड़े प्रांत में एक आंदोलन यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि उसके लिए 11 अगस्त ही स्वतंत्रता की तारीख है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बलूचिस्तान स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है और वह अभी पाकिस्तान का हिस्सा है, लेकिन इस वर्ष की घोषणा ने 1947-48 के उस पुराने विवाद को फिर दुनिया के सामने ला दिया है, जिसकी आग सात दशक से अधिक समय बाद भी बुझी नहीं है। हम आपको याद दिला दें कि बलूच राष्ट्रवादी आंदोलन का ऐतिहासिक आधार कलात रियासत से जुड़ा है। 11 अगस्त 1947 को कलात के शासकों और ब्रिटिश सरकार के बीच हुए समझौते को बलूच राष्ट्रवादी समूह अपनी अलग राजनीतिक पहचान और स्वतंत्रता के आधार के रूप में पेश करते हैं। उनका आरोप है कि पाकिस्तान ने बाद में इस स्थिति को बदलते हुए मार्च 1948 में सैन्य दबाव और राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए कलात को अपने साथ मिला लिया। दूसरी ओर पाकिस्तान का आधिकारिक पक्ष है कि खान-ए-कलात ने अंततः 27 मार्च 1948 को पाकिस्तान के साथ विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। यानी विवाद केवल आज का राजनीतिक संघर्ष नहीं, बल्कि 1947-48 की घटनाओं की दो बिल्कुल अलग व्याख्याओं पर टिका हुआ है। इसे भी पढ़ें: बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गंवाया, खैबर को तालिबान ने कब्जाया, PoK में गोलियों से आवाज को दबाया, किस पाकिस्तान पर हुकूमत कर रहे मुनीर-शहबाज? दिलचस्प बात यह है कि मोहम्मद अली जिन्ना स्वयं कभी खान-ए-कलात के कानूनी सलाहकार रहे थे। बताया जाता है कि 1946 में कैबिनेट मिशन के समक्ष जिन्ना ने कलात को एक स्वतंत्र और संप्रभु राज्य के रूप में प्रस्तुत किया था तथा यह तर्क दिया था कि ब्रिटिश संधि समाप्त होने के बाद कलात अपनी पूर्ण स्वतंत्र स्थिति में आ जाएगा। अगस्त 1947 में हुए राजनीतिक संवादों में भी कलात की स्थिति को लेकर अलग व्यवस्था की चर्चा हुई थी। लेकिन इसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और पाकिस्तान ने रक्षा, विदेश नीति तथा संचार जैसे क्षेत्रों में अधिकार अपने हाथ में लेने की शर्त रखी। बलूच राष्ट्रवादी इसे उस वादे से पीछे हटना मानते हैं, जिसे वे पाकिस्तान के गठन से पहले की राजनीतिक समझ का हिस्सा बताते हैं। आज का सबसे बड़ा सवाल यह है कि पाकिस्तान बलूचिस्तान को लेकर इतना असहज क्यों है। जवाब उसके भूगोल और संसाधनों में छिपा है। पाकिस्तान के कुल भूभाग का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा बलूचिस्तान में है, जबकि उसकी आबादी देश की करीब पांच प्रतिशत है। ईरान और अफगानिस्तान से लगती सीमाएं, अरब सागर तक लंबा समुद्री तट, खनिज संपदा, ऊर्जा संसाधन और ग्वादर बंदरगाह इसे असाधारण सामरिक महत्व देते हैं। ग्वादर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का भी अहम हिस्सा है। ऐसे में बलूचिस्तान पर नियंत्रण केवल पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति का विषय नहीं, बल्कि चीन, अरब सागर, ईरान और व्यापक पश्चिम एशिया तक फैले भू-राजनीतिक समीकरण का मुद्दा बन जाता है। यही वजह है कि 11 अगस्त के आसपास पाकिस्तान की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्वेटा और बलूचिस्तान के कई इलाकों में मोबाइल तथा इंटरनेट सेवाएं लगातार बाधित हैं। नुश्की में 5 अगस्त से वाणिज्यिक और वित्तीय सेवाओं के बंद रहने की बात सामने आई है, जिसके 31 अगस्त तक जारी रहने की आशंका बताई गई है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ा है। सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी वेतन नहीं निकाल पा रहे, कारोबार प्रभावित है और विद्यार्थियों को फीस तथा रोजमर्रा के खर्चों के लिए कठिनाई हो रही है। इस बीच, बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान इन प्रतिबंधों के जरिए 11 अगस्त के कार्यक्रमों को रोकना चाहता है। उनका दावा है कि क्वेटा, कलात, खुजदार और अन्य इलाकों में सैन्य प्रतिष्ठानों तथा पुलिस ठिकानों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है, जबकि ड्रोन, हेलीकॉप्टर और वायुसेना की निगरानी जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इंटरनेट बंद होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर लोग स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। इस संघर्ष का सबसे गंभीर पहलू मानवाधिकारों से जुड़ा है। बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने, मनमानी गिरफ्तारियों, लंबे समय तक हिरासत और लक्षित हत्याओं के आरोप लंबे समय से सामने आते रहे हैं। इन घटनाओं ने स्थानीय आबादी में अविश्वास और असुरक्षा को बढ़ाया है। दूसरी तरफ पाकिस्तान इसे सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियान के रूप में पेश करता है। हालात की भयावहता का अंदाजा पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज के आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है। जुलाई में बलूचिस्तान में कुल मौतों की संख्या जून के 109 से बढ़कर 372 हो गई यानि 241 प्रतिशत की छलांग। सुरक्षा बलों की मौतें 6 से बढ़कर 62 और कथित आतंकियों की मौतें 75 से बढ़कर 238 हुईं। नागरिक मौतें भी 28 से बढ़कर 54 हो गईं। यानी पाकिस्तान की सैन्य शक्ति बढ़ने के बावजूद जमीन पर अस्थिरता कम होने की बजाय और गहरी होती दिख रही है। बलूचिस्तान का संकट इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह केवल एक प्रांत में कानून-व्यवस्था का संकट नहीं रह गया है। एक तरफ पाकिस्तान की सत्ता है, दूसरी तरफ अलगाववादी और राष्ट्रवादी आंदोलन और इनके बीच आम नागरिक हैं जो बंद इंटरनेट, बंद बैंकिंग, हिंसा, गिरफ्तारियों और असुरक्षा की कीमत चुका रहे हैं। बलूच राष्ट्रवादी समूह अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र, यूरोप, ASEAN, अफ्रीकी संघ और OIC से अपनी आवाज सुनने और अपने राजनीतिक दावे पर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं। बहरहाल, पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा रणनीतिक खतरा यही है कि जिस बलूच प्रश्न को वह वर्षों तक केवल सुरक्षा समस्या मानकर दबाने की कोशिश करता रहा, वह अब अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दे का रूप ले रहा है। 11 अगस्त का ‘स्वतंत्रता दिवस’ इसी बदलती तस्वीर का प्रतीक है। पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाएगा, लेकिन उससे पहले बलूचिस्तान की आवाज यह सवाल पूछ रही है कि किसी राज्य की सीमाएं केवल नक्शे से तय होती हैं या वहां रहने वाले लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं का भी कोई महत्व है। यही सवाल आने वाले दिनों में इस्लामाबाद की सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। -नीरज कुमार दुबे
एयर इंडिया टर्बुलेंस: फुकेट-दिल्ली फ्लाइट कांड पर सरकार ने CEO कैंपबेल विल्सन को तलब किया
बैठक के दौरान एयर इंडिया के बेड़े में सुरक्षा मानकों, रखरखाव प्रोटोकॉल और हाल की घटनाओं से निपटने की एयरलाइन की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की गई।
जंतर-मंतर का जवाब रांची... अमित शाह की शैली में GROK ने लिखी पूरी स्पीच!
मॉनसून सत्र गतिरोध का शिकार बना हुआ है. विपक्ष जंतर-मंतर पर हुए लाठी चार्ज के मामले में लगातार गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा है. हंगामे के बीच अमित शाह सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं. यदि वे जवाब देते हैं तो क्या कहेंगे. इसी कल्पना को ‘Grok AI’ ने अमित शाह की शैली में शब्द दिए हैं.
पहाड़ों से मैदान तक... सैलाब ने मचाई भीषण तबाही, देखें भयावह तस्वीरें
अगस्त का महीना चल रहा है और देश लेकर विदेश तक कोहराम मचा हुआ है.. जहां एक तरफ उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते हालात काफी खराब हो गए है.. चमोली में बादल फटने के बाद पहाड़ों से आए मलबे ने एक लोहे के पुल को भी नहीं छोड़ा और अपने साथ बहा ले गया. वहीं पहाड़ों के साथ-साथ मैदान तक बारिश से हालात काफी खराब हो गए हैं..एमपी से लेकर राजस्थान तक बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है.
CM Revanth Reddy के भाई को 200 Crore की जमीन सिर्फ 7 Crore में? KTR के आरोपों से मचा हड़कंप
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष KT रामा राव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि तेलंगाना सरकार ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भाई कोंडल रेड्डी से जुड़ी एक कंपनी को 200 करोड़ रुपये की ज़मीन सिर्फ़ 7 करोड़ रुपये में गिफ्ट कर दी। उन्होंने इस कथित लेन-देन को लेकर सरकार से सवाल भी किए। रामा राव ने आरोप लगाया कि कोंडल रेड्डी 'टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड' नाम की कंपनी से जुड़े हैं। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी पेड-अप कैपिटल 1 लाख रुपये है और इसमें एक भी कर्मचारी नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि राज्य सरकार ने लगभग 200 करोड़ रुपये की कीमत वाली ज़मीन ऐसी कंपनी को 7 करोड़ रुपये में क्यों आवंटित की। इसे भी पढ़ें: TGCSB ने Delhi में फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क का पर्दाफाश कर 22 को गिरफ्तार किया KTR ने कहा रेवंत रेड्डी के भाई कोंडल रेड्डी ने 'टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड' नाम की कंपनी बनाई, जिसकी पेड-अप कैपिटल 1 लाख रुपये है। सालाना रिपोर्ट के अनुसार, इसमें एक भी कर्मचारी नहीं है। रेवंत रेड्डी सरकार ने उस कंपनी को 200 करोड़ रुपये की ज़मीन 7 करोड़ रुपये में गिफ्ट कर दी। BRS नेता ने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के भाई और कंपनी के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि कोंडल रेड्डी ने खुद को टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स का चेयरमैन बताया था और अमेरिकी कॉन्सल जनरल के साथ बैठकों में हिस्सा भी लिया था। उन्होंने कहा एक तरफ तो आप कहते हैं कि उनके भाई का इस कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है, और दूसरी तरफ वे अपनी लिंक्डइन प्रोफ़ाइल पर लिखते हैं कि वे इस कंपनी के चेयरमैन हैं। सच सामने आना चाहिए। हम रेवंत रेड्डी जी से सच बताने के लिए कहना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Telangana High Court ने मुफ़्त योजनाओं पर जताई चिंता, कहा खजाने पर पड़ रहा वित्तीय बोझ रामा राव ने सवाल उठाया कि क्या कम पेड-अप कैपिटल वाली दूसरी स्टार्टअप कंपनियों को भी इसी तरह के फ़ायदे दिए जाएंगे और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के परिवार के लिए अलग नियम लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा अगर कल कोई और स्टार्टअप 1 लाख रुपये की इक्विटी के साथ कंपनी बनाता है, तो क्या आप उन्हें बिना किसी तय प्रक्रिया का पालन किए 200-300 करोड़ रुपये की ज़मीन दे देंगे? या फिर आपके भाइयों के लिए अलग कानून और नियम हैं? आपको इसका जवाब देना होगा।
'आप लीचड़ किस्म के आदमी हैं', राहुल गांधी की फोटो लेकर गिरिराज सिंह पर भड़कीं सुप्रिया श्रीनेत
सुप्रिया श्रीनेत ने गिरिराज सिंह पर पलटवार करते हुए एक्स पर लिखा, 'आप लीचड़ किस्म के आदमी हैं, जो महिला-पुरुष को साथ देख कर घटिया ही सोच सकते हैं। तस्वीर में जो महिला और बच्चा हैं, वह राहुल जी के मित्र की पत्नी और बच्चा हैं।'
स्किन पर खुजली हो रही है? डॉक्टर से जानें इलाज
बारिश के मौसम में बढ़ती नमी और पसीने के कारण स्किन पर खुजली, लाल चकत्ते और फंगल इंफेक्शन की समस्या आम हो जाती है. डॉ सौम्या सचदेवा के अनुसार, इस मौसम में स्किन की सही देखभाल जरूरी है.
सस्ते में खरीदना चाहते हैं बाइक-स्कूटर, Amazon सेल में है मौका
नई बाइक या स्कूटर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो ऐमेजॉन सेल का फायदा उठा सकते हैं. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ग्रेट फ्रीडम सेल चल रही है, जिसमें मल्टीपल बाइक और स्कूटर्स पर डिस्काउंट मिल रहा है. इसका फायदा उठाकर आप कई हजार रुपये की बचत कर सकते हैं. आइए जानते हैं यहां से आप कैसे टू-व्हीलर शॉपिंग कर सकते हैं.
'क्या यह भी राजस्थान की तस्वीर है?' हरभजन सिंह का AAP पर पलटवार
राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने पंजाब के नशे के मुद्दे पर एक और वीडियो शेयर कर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है. पिछले वीडियो को राजस्थान का बताए जाने के बाद ट्रोल हुए हरभजन ने अब कहा कि मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश नहीं चलेगी. उन्होंने सरकार से राजनीतिक खींचतान छोड़कर नशामुक्ति और पुनर्वास पर काम करने की अपील की.
धर्म से ऊपर इंसानियत, जनाज़े के लिए रुक गए कांवड़िए
बिजनौर के स्योहारा में जनाजे के सम्मान में कांवड़ियों ने अपना काफिला रोक दिया और DJ बंद कर रास्ता दिया. पूर्व शिक्षक नसीम जफर के जनाजे के दौरान सामने आए इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, ये घटना स्योहारा की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सम्मान की मिसाल पेश करती है.
मुख्यमंत्री धामी ने जनसुनवाई में सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर जन सुनवाई में लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकार
'धांधली में यूपी-बिहार के साथ लखनऊ के लोग शामिल', छात्र मुद्दे पर CM सोरेन का BJP पर हमला
झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आंदोलन पर बयान देते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की पूरी जांच कराई जाएगी. उन्होंने लखनऊ की एक कंपनी पर परीक्षाओं में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार की मंशा साफ है. मुख्यमंत्री ने भाजपा पर छात्रों की आड़ में राजनीति करने का आरोप भी लगाया. उनके संबोधन के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.
Independence Day 2026: आजादी के लिए लड़े ये 10 महान क्रांतिकारी, इनके बलिदान से मिली स्वतंत्रता
15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। भारत की स्वतंत्रता किसी एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि यह मातृभूमि के प्रति अनगिनत वीरों के समर्पण, साहस और बलिदान का परिणाम थी। ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने और देश को आजादी की दहलीज तक ...
परीक्षा में टॉप किया, घास-मिट्टी खाने को मजबूर! केरल में अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन
एसोसिएशन की सचिव वलरमथी एस की 13 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बाद 11 अगस्त को राज्य के शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।
क्यों सड़कों पर उतर रहे Gen-Z? क्या शुरू हो गई नई लहर?
झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब तक JSSC-CGL को लेकर उनकी मांग पर फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा. वहीं सरकार पहले ही बातचीत और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कह चुकी है. अब लाठी चार्ज के बाद छात्रों के घायल होने के आरोपों ने आंदोलन को और ज्यादा गरमा दिया है. रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर रात के अंधेरे में बर्बरता हुई जिसकी वजह से दिल्ली से लेकर रांची तक राजनीति गर्म है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अनिल झा वत्स पर निशाना साधा। एक वायरल वीडियो में उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए दस्तावेज़ों पर साइन करते हुए सिर्फ़ अंडरगारमेंट्स (बनियान और शॉर्ट्स) में बैठे देखा गया। सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में, उत्तर-पश्चिम दिल्ली के किराड़ी से AAP विधायक कुर्सी पर पालथी मारकर बैठे हैं। उन्होंने बनियान और शॉर्ट्स पहने हुए हैं और उनकी गोद में केसरिया रंग का कपड़ा रखा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो तब रिकॉर्ड किया गया था जब झा महिलाओं को आर्थिक मदद देने वाली दिल्ली सरकार की एक योजना के लिए लोगों के आवेदन फ़ॉर्म पर साइन कर रहे थे। वीडियो में झा की डेस्क के सामने महिलाओं समेत कई लोगों को लाइन में इंतज़ार करते हुए देखा जा सकता है। इसे भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस से पहले Delhi Police अलर्ट: 19 आतंकियों के पोस्टर जारी, Red Fort पर AI Surveillance का कड़ा पहरा दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान इस वीडियो का ज़िक्र करते हुए रेखा गुप्ता ने विधायक के पहनावे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जन-प्रतिनिधियों को मर्यादा बनाए रखनी चाहिए, खासकर तब जब वे अपने निर्वाचन क्षेत्र की महिलाओं से मिल रहे हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपका व्यवहार शर्मनाक है। जब महिलाएं अपने कागज़ों पर साइन करवाने के लिए आपके पास आएं, तो कम से कम आपको ठीक से कपड़े पहनने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि उनसे कहिए कि ऐसी स्थिति में साइनबोर्ड हटवा दें। मैंने उनकी रील देखी है। दिल्ली के लोग आपसे सवाल पूछ रहे हैं। आपको शर्म आनी चाहिए। मैंने रिकॉर्डिंग देखी है। एक जन-प्रतिनिधि को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। बीजेपी नेता ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की गरिमा और सम्मान की रक्षा की जानी चाहिए और महिलाओं के प्रति अभद्र व्यवहार या आपत्तिजनक इशारे लोकतांत्रिक मूल्यों और सदन की गरिमा के खिलाफ हैं। इसे भी पढ़ें: Air India Flight Safety Crisis: टर्बुलेंस से पहले ही फेल हुआ Autopilot, जांच में पायलट का Psychoactive टेस्ट निकला पॉजिटिव उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा की रक्षा करना सभी चुने हुए प्रतिनिधियों की सामूहिक ज़िम्मेदारी है और दिल्ली सरकार महिलाओं के अधिकारों और गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। रेखा ने झा पर विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अश्लील इशारे करने का आरोप भी लगाया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। Meet Aam Aadmi Party's MLA : Anil Jha Vats!! > MLA from Kirari Assembly > Wears Kacha and Baniyan > Sits outside his home > Signs documents without even reading them > Claims to be an MLA from Padhi-Likhi Political Party!! pic.twitter.com/xYozn5liVH — Rohit (@Iam_Rohit_G) August 10, 2026
ये हैं भारत की 5 खास ऐतिहासिक जगहें, इस 15 अगस्त पर बच्चों को घुमाएं
15 अगस्त की छुट्टी में अगर परिवार के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ऐसी ऐतिहासिक जगहों का रुख करें जहां बच्चों को देश की आजादी और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष के बारे में जानने का मौका मिले. लाल किले से जलियांवाला बाग तक, ये जगहें ट्रिप को यादगार बनाएंगी.
भारत के मॉनसून के बादलों को खा रहा है चीन का 'डॉल्फिन'! 3 लाख लोग हटाए गए
टाइफून डॉल्फिन ने बंगाल की खाड़ी से कई मॉनसून सिस्टम छीन लिए और नमी सोख रहा है. फिर भी स्थानीय लो प्रेशर सिस्टम बन सकते हैं, जो अगस्त के बाकी दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश लाएंगे.
Vande Mataram Bill बना कानून, राष्ट्रपति Murmu ने दी मंजूरी; राष्ट्रगान जैसा ही अब होगा सम्मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को 'वंदे मातरम बिल' को मंज़ूरी दे दी, जिससे राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण मिल गया है। संसद ने पिछले महीने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पास किया, जिसमें 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' में संशोधन किया गया। इस कानून का मकसद 'वंदे मातरम' को भी राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' जैसी ही कानूनी सुरक्षा देना है। इसे भी पढ़ें: CM बाल-बाल बचे: मंत्री Irfan Ansari का BJP पर बड़ा हमला, हत्या की साजिश का लगाया आरोप राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिलने के बाद यह विधेयक अब कानून बन गया है। अब ऐसे अपराधों के लिए तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सज़ा हो सकती है। इससे पहले, 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' के तहत राष्ट्रीय गान ('जन गण मन') को गाने से जानबूझकर रोकना या इसे गाते समय किसी सभा में बाधा डालना मना था। इन अपराधों के लिए तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सज़ा का प्रावधान था, जबकि दूसरी बार और उसके बाद हर बार दोषी पाए जाने पर कम से कम एक साल की जेल की सज़ा होती थी। पुराने कानून में राष्ट्रीय गीत के लिए वैसी सुरक्षा नहीं थी। बिल में कहा गया है कि अभी 'वंदे मातरम' के गायन के अपमान को रोकने के लिए कोई खास कानूनी प्रावधान नहीं है, जबकि इसे राष्ट्रीय गीत का सम्मान प्राप्त है। इसलिए, किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत गाने से जानबूझकर रोकने या ऐसे गायन में लगी किसी सभा में बाधा डालने से रोकने के लिए, उक्त अधिनियम की धारा 3 में संशोधन करके राष्ट्रीय गीत को भी इसके दायरे में लाने का प्रस्ताव है, ताकि ऐसे कार्यों को दंडनीय बनाया जा सके। इसे भी पढ़ें: ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को', आकाश आनंद के नये नारे ने उड़ा दी UP में सारे राजनीतिक दलों की नींद बिल में आगे कहा गया है कि संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 24 जनवरी, 1950 को कहा था कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित गीत 'वंदे मातरम' - जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी - को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान ही सम्मान दिया जाएगा और उसे उसके बराबर का दर्जा प्राप्त होगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
'वीकेंड पर काम नहीं होगा, चाहे क्लाइंट चले जाएं'... रूल वायरल
क्या कोई कंपनी अपने कर्मचारियों की छुट्टी बचाने के लिए क्लाइंट्स छोड़ सकती है? एक बिजनेसवुमन ने ऐसा करके दिखाया. अब उनकी लिंक्डइन पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.
150 साइबर ठग पकड़े गए, फिर 9 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
लखनऊ के समिट बिल्डिंग से अमेरिका में साइबर ठगी के मामले में करीब 150 लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग ने अपने ही 9 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है. साइबर क्राइम पुलिस के 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और 6 को लाइन हाजिर किया है. आरोप है कि कार्रवाई के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने पैसे लेकर कुछ आरोपियों को छोड़ दिया था.
टाइगर श्रॉफ के साथ एक्शन फिल्म के सेट से पश्मीना रोशन ने साझा की झलकियां
मुंबई। अभिनेत्री पश्मीना रोशन इन दिनों अभिनेता टाइगर श्रॉफ के साथ अपनी आगामी एक्शन फिल्म को लेकर चर्चा में हैं। पश्मीना रोशन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर पश्मीना रोशनफिल्म के सेट से कुछ बिहाइंड-द-सीन्स तस्वीरें साझा कीं, जिनमें उनके शूटिंग रूटीन की झलक देखने को मिली है। तस्वीरों में पश्मीना शूटिंग के बीच […] The post टाइगर श्रॉफ के साथ एक्शन फिल्म के सेट से पश्मीना रोशन ने साझा की झलकियां appeared first on Sabguru News .
ममता बनर्जी को SC से अब क्या झटका लगा? TMC के बैंक खाते फ्रीज मामले में बड़ा अपडेट आ गया
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा फ्रीज़ किए गए तीन बैंक अकाउंट्स को ऑपरेट करने की इजाज़त देने से मना कर दिया गया था। हालांकि, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने TMC को दो हफ़्ते के अंदर स्पेशल ऑफ़िसर के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की छूट दी। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी से पूछा था कि क्या पार्टी के रोज़मर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट के फ्रीज़ किए गए बैंक अकाउंट्स से कुछ रकम कोर्ट द्वारा नियुक्त स्पेशल ऑफ़िसर को जारी की जा सकती है। इसे भी पढ़ें: सीरिया के तानाशाह रहे बशर अल-असद को मौत की सजा, लाखों लोगों की मौत के जिम्मेदार पाए गए यह मामला तब सामने आया जब ED ने TMC के तीन बैंक अकाउंट्स को फ्रीज़ कर दिया, जिनमें कुल 440.42 करोड़ रुपये थे। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की गई, जो पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज FIR से जुड़ी थी। FIR में कथित तौर पर बेईमानी से किए गए वित्तीय लेन-देन, गैर-कानूनी तरीके से पैसे इकट्ठा करने और कुछ पार्टी अकाउंट्स के ज़रिए संदिग्ध फंड को इधर-उधर करने का आरोप लगाया गया था। इससे पहले, हाई कोर्ट ने ममता के नेतृत्व वाले गुट को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ED की ओर से डेबिट-फ्रीज़ किए गए तीन अकाउंट्स के अलावा, पार्टी के नाम पर 36 और अकाउंट्स थे जिनमें 164 करोड़ रुपये जमा थे। इसे भी पढ़ें: Cybercrime और महिलाओं की सुरक्षा पर Supreme Court गंभीर, केंद्र सरकार से डिजिटल नुकसान रोकने के लिए मांगा प्रभावी Mechanism अधिकारियों के अनुसार, ED की शुरुआती जांच में पता चला है कि अप्रैल 2023 और जून 2026 के बीच TMC के बैंक अकाउंट्स से केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनी को लगभग 160 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। आरोप है कि कंपनी ने (2023 और 2026 के बीच) 82.96 करोड़ रुपये एक और नई बनी कंपनी को ट्रांसफर किए। यह दावा किया गया था कि इस कंपनी को काफी बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि इसमें से 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एम्ब्रेयर लिगेसी 600 बिज़नेस जेट और अगस्तावेस्टलैंड 109SP हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए किया गया था।
धौला कुआं के पास सड़क हादसे में महिला की मौत, सड़क पर जाम
दिल्ली के धौला कुआं के पास सड़क हादसे में जयवती नाम की महिला की मौत के बाद लोगों ने सड़क जाम कर दिया. मेहराम नगर से धौला कुआं तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा है. लोग स्पीड ब्रेकर की मांग कर रहे हैं. जानें क्या है पूरा मामला.
कौन बनेगा राम मंदिर ट्रस्ट का CEO? 5200 आवेदनों में से 18 शॉर्टलिस्ट
Ram Mandir CEO Recruitment: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या की व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भर्ती प्रक्रिया अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। देशभर से आए 5200 आवेदनों में से कड़ी छंटनी के बाद अंतिम चरण के ...
गांवों के स्कूलों की बदलेगी तस्वीर! क्या है CJP का "सरपंच चैलेंज" अभियान
कॉकरोच जनता पार्टी 15 अगस्त को देशभर के ग्राम विद्यालय अभियान शुरू करेगी. इस अभियान में सरपंचों और अभिभावकों से गांव के स्कूलों में मौजूद बुनियादी सुविधाओं की जांच करने की अपील की जाएगी. साथ ही अभियान के तहत स्कूलों की सामाजिक ऑडिट कराई जाएगी. साथ ही, स्कूलों में सुधार करने वाले लोगों और प्रयासों को सार्वजनिक तौर पर पहचान दिलाई जाएगी. इसका उद्देश्य ग्रामीण स्कूलों की सुविधाओं और व्यवस्था पर लोगों की निगरानी बढ़ाना है.
2 करोड़ की प्रॉपर्टी, ₹12 लाख का रिटर्न, फाउंडर ने बताया कैसे हो रही कमाई
गोवा में रियल एस्टेट निवेश और Airbnb से होने वाली कमाई को लेकर चल रही बहस के बीच बिजनेसमैन अक्षत श्रीवास्तव ने अपनी प्रॉपर्टी का रेवेन्यू ब्रेकडाउन सार्वजनिक किया है.
Samrat Choudhary ने भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, करोड़ों पेंशनर्स को बड़ी सौगात
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 अगस्त को उन सात युवा स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी, जो 1942 में 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान पटना सचिवालय पर भारतीय तिरंगा फहराने की कोशिश करते हुए ब्रिटिश पुलिस की गोली का शिकार हुए थे। बिहार के आज़ादी के संघर्ष के इतिहास में एक अहम दिन पर, चौधरी ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने और उनके बलिदान को याद करने के लिए पटना के शहीद स्मारक परिसर का दौरा किया। उन्होंने याद किया कि कैसे ब्रिटिश पुलिस ने पटना सचिवालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश कर रहे छात्रों के एक समूह पर गोलीबारी की थी, जिसमें सात युवा मारे गए थे। इसे भी पढ़ें: Bihar Military Police जवान की Bodh Gaya में ट्रेनिंग के दौरान मौत, हार्ट अटैक की आशंका शहीद होने वालों में उमाकांत प्रसाद सिंह, रामानंद सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगपति कुमार, देवीपद चौधरी, राजेंद्र सिंह और रामगोविंद सिंह शामिल थे। यह घटना, अगस्त 1942 में महात्मा गांधी द्वारा भारत से अंग्रेजों के जाने की मांग को लेकर शुरू किए गए 'भारत छोड़ो आंदोलन' का हिस्सा थी और बिहार की सबसे अहम घटनाओं में से एक मानी जाती है। 11 अगस्त को बिहार उन सात छात्रों के बलिदान को याद करता है जिन्होंने देश की आज़ादी और राष्ट्रीय पहचान के लिए अपनी जान दे दी थी। मुख्यमंत्री चौधरी ने 'बिहार पेंशन दिवस' पर राज्य भर के लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ देने के बाद उन्हें श्रद्धांजलि दी। उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए 1 करोड़ 1 लाख 33 हज़ार सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों के बैंक खातों में ₹1,157 करोड़ और ₹72 लाख की राशि ट्रांसफर की गई। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में, मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन को ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 कर दिया गया है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पेंशन की राशि हर महीने की 10 तारीख तक लाभार्थियों तक पहुँच जाए। चौधरी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी पात्र बुजुर्ग व्यक्ति, दिव्यांग व्यक्ति, विधवा या वंचित नागरिक सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित न रहे। इसे भी पढ़ें: Bihar के 4 जिले शीर्ष 15 Cyber Crime केंद्रों में शामिल, नवादा दूसरे स्थान पर डायरेक्ट ट्रांसफर सिस्टम का मकसद कल्याणकारी सहायता समय पर पहुंचाना और बिचौलियों पर निर्भरता कम करना है। इन दो घटनाओं भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों को सम्मान देना और एक करोड़ से ज़्यादा लाभार्थियों को पेंशन ट्रांसफर करना ने बिहार में 10 और 11 अगस्त को ऐसे दिनों के तौर पर चिह्नित किया, जिनमें राज्य के आज़ादी के संघर्ष की याद और सरकार की सामाजिक कल्याण की प्रतिबद्धता, दोनों शामिल थीं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
ऑक्सीजन सपोर्ट के बीच कांवड़ यात्रा, बुजुर्ग के हौसले को सलाम!
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था और हौसले की मार्मिक तस्वीर सामने आई है. फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग परशुराम शर्मा 24 घंटे ऑक्सीजन पर रहने के बावजूद दो सिलेंडर लेकर स्कूटी से हरिद्वार से मुजफ्फरनगर तक कांवड़ लेकर पहुंचे.
'सरकार तानाशाही रास्ते पर...', झारखंड लाठीचार्ज पर बोले सपा सांसद
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने झारखंड सरकार पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को लेकर तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी. उन्होंने सरकार के अड़ियल रुख की आलोचना की और छात्रों के हित को सर्वोपरि बताया.

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