भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कच्चे तेल और गैस के आयात (Import) पर अत्यधिक निर्भर है। अपनी कुल आवश्यकता का लगभग 80 से 85 फीसदी तक कच्चा तेल भारत विदेशों से खरीदता है, जिस पर हर साल भारी-भरकम विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) खर्च होती है। लेकिन आपको यह जानकर बेहद गर्व होगा कि विदेशों से कच्चा तेल खरीदने वाले भारत ने पेट्रोलियम एक्सपोर्ट (Petroleum Export) के मोर्चे पर दुनिया भर में एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।भारत विदेशों से कच्चा तेल आयात तो करता है, लेकिन देश की आधुनिक रिफाइनरियों में उसे प्रोसेस (रिफाइन) करके पेट्रोल, डीजल, एटीएफ (हवाई ईंधन) और अन्य मूल्यवान पेट्रोलियम उत्पाद बनाकर दुनिया के कई बड़े देशों को भारी मात्रा में निर्यात भी करता है।पेट्रोलियम रिफाइनर प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट में भारत का दबदबा, बना नया रिकॉर्डग्लोबल मार्केट में पेट्रोलियम रिफाइनर प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्टर के तौर पर आज भारत का जबरदस्त दबदबा कायम हो चुका है। बीते वित्तीय वर्ष के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने रिकॉर्ड 46.8 अरब डॉलर का पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट किया है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का दावा है कि आने वाले दिनों में भारत के इस कुल एक्सपोर्ट में करीब 25 फीसदी तक की और बंपर बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।जिस तेजी से देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) अपनी विभिन्न रिफाइनरियों की क्षमता का विस्तार कर रही है, उससे भारत की ग्लोबल रिफाइनिंग ताकत सुपरफास्ट स्पीड से बढ़ रही है। वर्तमान में भारत की कुल रिफाइनिंग कैपेसिटी करीब 258.1 मिलियन टन है, जबकि देश की आंतरिक पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कुल खपत 239 मिलियन टन के आसपास है।₹75,000 करोड़ का मेगा बजट: IOCL बढ़ा रही है अपनी ताकतभारत सरकार की ओर से देश की रिफाइनिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। दिसंबर 2026 तक आईओसीएल (IOCL) की कई नई रिफाइनिंग इकाइयां पूरी तरह से चालू होने वाली हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट के जमीन पर उतरने के बाद IOCL की कुल रिफाइनिंग क्षमता 80.75 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) से लंबी छलांग लगाकर सीधे 98.05 MMTPA के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगी।इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने इस महत्वाकांक्षी क्षमता विस्तार प्रोजेक्ट के लिए 75,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है, जिसमें से अब तक 53,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सफलता पूर्वक खर्च की जा चुकी है।एक्सपोर्ट से रेवेन्यू में होगी 3 गुना बढ़ोतरी, पानीपत और वड़ोदरा में काम तेजसरकारी तेल कंपनियां अपनी इस नई और आधुनिक क्षमता का इस्तेमाल सबसे पहले घरेलू बाजार की जरूरतों को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए करेंगी। इसके बाद जो अतिरिक्त (Surplus) कैपेसिटी बचेगी, उसका उपयोग पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के अंतरराष्ट्रीय निर्यात के लिए आक्रामक रूप से किया जाएगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस कदम से कंपनी के कुल रेवेन्यू (राजस्व) में पेट्रोलियम एक्सपोर्ट का हिस्सा वर्तमान के 5% से तीन गुना बढ़कर सीधे 15% के पार पहुंच सकता है।वर्तमान में कंपनी द्वारा हरियाणा के पानीपत, गुजरात के वड़ोदरा और बिहार की बरौनी रिफाइनरी में क्षमता को अपग्रेड करने की तैयारी अंतिम चरण में है।जानिए किस रिफाइनरी की क्षमता कितनी बढ़ेगी?देश की तीन प्रमुख रिफाइनरियों में क्षमता विस्तार का पूरा गणित इस प्रकार है:रिफाइनरी का नामवर्तमान क्षमता (Current Capacity)विस्तार के बाद क्षमता (Post Expansion)पानीपत रिफाइनरी15 MMTPA25 MMTPAवड़ोदरा रिफाइनरी13.7 MMTPA18 MMTPAबरौनी रिफाइनरी6 MMTPA9 MMTPAइस शानदार क्षमता विस्तार के बाद भारत न केवल अपनी घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को पूरी तरह से आत्मनिर्भर और मजबूत बना लेगा, बल्कि दुनिया के नक्शे पर एक बड़े ग्लोबल पेट्रोलियम हब के रूप में उभरकर सामने आएगा, जिससे देश के खजाने में अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा की एंट्री होगी।
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले करोड़ों शिव भक्तों और अमरनाथ तीर्थयात्रियों के लिए एक बेहद बड़ी और सुखद खबर सामने आ रही है। पवित्र अमरनाथ गुफा (Amarnath Cave) तक पहुंचने की दुर्गम यात्रा को अब और अधिक सुरक्षित, सुगम और आसान बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने द्रास (Drass) के रास्ते एक तीसरे और नए मार्ग के विकास की पुरजोर वकालत की है।बीजेपी की लद्दाख यूनिट द्वारा रखा गया यह ऐतिहासिक प्रस्ताव 14.15 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी 'जोजिला सुरंग' (Zojila Tunnel) के निर्माण कार्य के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद आया है। यह ऑल-वेदर टनल लद्दाख के करगिल जिले में स्थित द्रास के मिनिमाग इलाके तक हर मौसम में निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करती है। इसी कनेक्टिविटी का लाभ उठाकर अब अमरनाथ यात्रा को एक ही दिन में पूरा करने का मेगा प्लान तैयार किया जा रहा है।मिनिमाग से महज 5 किलोमीटर की होगी चढ़ाई, बचेगा भक्तों का समयबीजेपी के वरिष्ठ नेता ताशी ग्यालसन ने इस नए रूट का पूरा खाका समझाते हुए सुझाव दिया है कि द्रास में जोजिला सुरंग के पूर्वी छोर के पास स्थित मिनिमाग से पवित्र गुफा तक केवल 5 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई का एक नया वैकल्पिक रास्ता तैयार किया जा सकता है। यह मार्ग वर्तमान के बालटाल वाले रास्ते की तुलना में बहुत छोटा, सीधा और अत्यधिक सुरक्षित साबित होगा।ग्यालसन ने 'ज़ी न्यूज़' से विशेष बातचीत में बताया, मिनिमाग पहले से ही समुद्र तल से लगभग 10,800 फीट की भारी ऊंचाई पर स्थित है। इस वजह से पारंपरिक बालटाल और पहलगाम मार्गों की तुलना में तीर्थयात्रियों को बहुत कम ऊंचाई चढ़नी पड़ेगी। यह केवल 5 किलोमीटर का आसान ट्रैक होगा, जिसमें बालटाल मार्ग की तरह कोई खतरनाक खड़ी चढ़ाई नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि इस रास्ते के खुलने से भक्त श्रीनगर या लेह से सुबह चलकर मात्र 1 से 2 घंटे में पवित्र गुफा तक की चढ़ाई पूरी कर सकेंगे और शाम तक वापस लौट आएंगे, जिससे यह पूरी यात्रा महज एक दिन की रह जाएगी।वर्तमान में अमरनाथ गुफा के लिए हैं दो प्रमुख रास्तेअभी तक पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए देश भर के श्रद्धालुओं के पास केवल दो ही रास्ते उपलब्ध हैं, और दोनों ही मार्गों पर ट्रैकिंग करना काफी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण माना जाता है:बालटाल मार्ग: यह छोटा रास्ता (14 किमी) है, लेकिन बेहद खड़ा और ऊबड़-खाबड़ है। इसमें यात्रियों को समुद्र तल से करीब 8,999 फीट की ऊंचाई से शुरू करके 12,756 फीट की ऊंचाई पर स्थित गुफा तक खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है।पहलगाम मार्ग: इसे अमरनाथ यात्रा का सबसे पारंपरिक मार्ग माना जाता है। यह काफी लंबा (34 किमी) है, जिसमें श्रद्धालुओं को समुद्र तल से लगभग 5,702 फीट की ऊंचाई से शुरू करके पवित्र गुफा तक पहुंचना होता है। इस रास्ते से यात्रा पूरी करने में भक्तों को 2 से 4 दिन का लंबा समय लग जाता है।इसके विपरीत, प्रस्तावित नया तीसरा रास्ता केवल 5 किलोमीटर का होगा, जिसमें समुद्र तल से महज 1,956 फीट की मामूली चढ़ाई करनी होगी, जिसे कोई भी सामान्य व्यक्ति आसानी से 2 घंटे में पूरा कर सकता है।लद्दाख के उपराज्यपाल ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट, पर्यावरण को भी मिलेगी राहतइस तीसरे मार्ग के निर्माण से न केवल हर साल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी, बल्कि बालटाल और पहलगाम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर पड़ने वाले पर्यावरणीय दबाव (Environmental Pressure) को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।अमरनाथ श्राइन बोर्ड और केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, लद्दाख के उपराज्यपाल (LG) ने इस नए रूट को खोलने की वास्तविक संभावनाओं और सुरक्षा का बारीकी से पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय विस्तृत रिपोर्ट (Detailed Project Report) मांगी है। लद्दाख प्रशासन का मानना है कि जोजिला टनल के चालू होते ही यह मार्ग गेम-चेंजर साबित होगा। इससे न केवल अमरनाथ यात्रियों को एक सुरक्षित और सुगम यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और वहां की अर्थव्यवस्था को भी एक बड़ा बूस्ट मिलेगा।
भारतीय ओटीटी (OTT) स्पेस में क्राइम-थ्रिलर और गैंगवार पर आधारित कई ऐसी वेब सीरीज हैं, जिनकी कहानियां और दमदार किरदार दर्शकों के दिलो-दिमाग पर हमेशा के लिए छप जाते हैं। ऐसी ही एक ब्लॉकबस्टर और बहुप्रतीक्षित सीरीज है 'रक्तांचल' (Raktanchal)। पूर्वांचल की खूनी सियासत, कोयला माफिया और वर्चस्व की जंग पर बनी इस सीरीज ने अपने पिछले दो सीजन से दर्शकों के बीच एक खास और मजबूत पहचान बनाई है। अब फैंस का लंबा इंतजार खत्म होने जा रहा है, क्योंकि मेकर्स ने 'रक्तांचल सीजन 3' का ट्रेलर रिलीज करने के साथ ही इसकी ऑफिशियल रिलीज डेट की भी घोषणा कर दी है।इस नए सीजन में एक बार फिर पुराने और सबसे खतरनाक किरदार अपनी पूरी ताकत के साथ वापसी कर रहे हैं। बॉलीवुड और ओटीटी के जाने-माने अभिनेता निकितिन धीर (Nikitin Dheer) एक बार फिर अपने खूंखार और आइकॉनिक किरदार 'वसीम खान' के रूप में दर्शकों को डराने और रोमांचित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।बदले और वर्चस्व का खूंखार खेल: निकितिन धीर ने किया बड़ा खुलासासीरीज के तीसरे सीजन में अपनी वापसी और किरदार को लेकर उत्साहित निकितिन धीर ने मीडिया से बातचीत में कहा, वसीम खान जैसे बेहद ताकतवर और क्रूर किरदार को स्क्रीन पर दोबारा जीना मेरे लिए बतौर एक्टर बहुत संतोषजनक अनुभव रहा है। यह एक ऐसा विलेन का किरदार है जिसकी कई छिपी हुई परतें हैं। वह जिस भी महफिल या इलाके में कदम रखता है, वहां अपनी खौफनाक मौजूदगी दर्ज करा देता है। लेकिन रक्तांचल 3 में उसे अपने जीवन की अब तक की सबसे बड़ी और कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा। पिछले दो सीजन से जिस दुश्मनी को दर्शक देखते आ रहे हैं, वह इस बार बिल्कुल नए और जानलेवा स्तर पर पहुंचने वाली है।शुक्रवार को मेकर्स द्वारा जारी किए गए 'रक्तांचल सीजन 3' के ऑफिशियल ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया है। ट्रेलर में एक बार फिर उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र की खूनी रंजिश, सत्ता की मलाई के लिए होने वाली तकरार और बदले की दहकती हुई आग को दिखाया गया है। इस बार कहानी का मुख्य मोड़ तब आता है जब मुख्य किरदार विजय सिंह की 4 साल के लंबे अज्ञातवास के बाद अचानक वापसी होती है। चार साल तक दुनिया की नजरों से छिपकर रहने के बाद विजय सिंह अब अपने पुराने और सबसे बड़े दुश्मन वसीम खान को मिट्टी में मिलाने के मकसद से लौटा है। इसके बाद दोनों बाहुबलियों के बीच होने वाला सीधा टकराव पहले से कहीं ज्यादा खूंखार और हिंसक नजर आ रहा है।क्रांति प्रकाश झा की वापसी: फ्रेंचाइजी का सबसे बड़ा महामुकाबलासीरीज में नायक और बाहुबली विजय सिंह का मुख्य किरदार निभा रहे टैलेंटेड अभिनेता क्रांति प्रकाश झा (Kranti Prakash Jha) ने भी इस धमाकेदार वापसी पर अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा, विजय सिंह हमेशा से अपनी फौलादी हिम्मत, सिद्धांतों और मजबूत इरादों के लिए जाना जाता रहा है। इतने सालों के लंबे गैप के बाद दोबारा इस कैरेक्टर के जूते में पैर रखना मेरे लिए बेहद खास और इमोशनल रहा। इस सीजन में कहानी विजय सिंह को ऐसे मुश्किल हालातों के बीच ले जाती है, जहां हर एक मोड़ पर उसकी जान और उसके हौसले की कड़ी परीक्षा होती है। दर्शकों को इस बार स्क्रीन पर जबरदस्त सस्पेंस और एक्शन देखने को मिलेगा, क्योंकि पूरी कहानी इस फ्रेंचाइजी के अब तक के सबसे बड़े महामुकाबले की तरफ आगे बढ़ेगी।स्टारकास्ट, डायरेक्टर और जानिए कब और कहां स्ट्रीम होगी यह सीरीज?'रक्तांचल सीजन 3' का बेहतरीन और थ्रिलिंग निर्देशन एक बार फिर रितम श्रीवास्तव ने किया है, जबकि इस पूरे सीजन की मुख्य कहानी को सिद्धार्थ मिश्रा ने अपने कलम से लिखा है। इस बार भी सीरीज की मुख्य पृष्ठभूमि पूरी तरह पूर्वांचल की माटी पर ही आधारित रखी गई है, जहां राजनीति, असीमित महत्वाकांक्षा, पैसे की हवस, बदलते पारिवारिक रिश्ते और खतरनाक विश्वासघात का एक अनोखा ताना-बाना दर्शकों को बांध कर रखेगा।इस सीजन में निकितिन धीर और क्रांति प्रकाश झा की मुख्य जोड़ी के अलावा टीवी के बड़े स्टार करण पटेल, नेशनल अवॉर्ड विनर माही गिल, मशहूर एक्टर राजेश कुमार और विक्रम कोचर भी बेहद अहम और नए किरदारों में अपनी दमदार एक्टिंग का जलवा बिखेरते नजर आएंगे। सस्पेंस, एक्शन और थ्रिल से भरपूर 'रक्तांचल सीजन 3' का ग्रैंड प्रीमियर आगामी 16 जुलाई को सीधे अमेजन एमएक्स प्लेयर (Amazon MX Player) पर बिल्कुल मुफ्त में स्ट्रीम होने जा रहा है।
Corona Alert : 4 साल बाद Covid-19 से मौत, आंध्रप्रदेश में नए मामलों ने बढ़ाई चिंता
आंध्रप्रदेश में लगभग 4 वर्षों बाद कोविड-19 (Covid-19) से पहली पुष्ट मौत दर्ज की गई है। राज्य के कडप्पा (Kadapa) जिले में 46 वर्षीय एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। हाल के दिनों में जिले में कोविड-19 के मामलों में दोबारा बढ़ोतरी दर्ज ...
आज के समय में अपना खुद का स्टार्टअप (Startup) शुरू करना हर दूसरे युवा का सपना बन चुका है। लेकिन सच तो यह है कि एक सफल एंटरप्रेन्योर या बिजनेसमैन बनना कोई बच्चों का खेल नहीं है। इसमें आपको एक साथ सौ काम संभालने पड़ते हैं, जैसे सही बिजनेस स्ट्रेटजी बनाना, फंडिंग या पैसों का जुगाड़ करना और पूरी टीम को एक लीडर की तरह गाइड करना।जब हर दिन नए और कड़े फैसले लेने हों, तो दिमाग का एक्टिव और दूरदर्शी रहना बहुत जरूरी है। ऐसे में बिजनेस को सही दिशा दिखाने के लिए आचार्य चाणक्य से बेहतर मार्गदर्शक कोई दूसरा नहीं हो सकता। चाणक्य ने ही अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर एक साधारण से लड़के चंद्रगुप्त को भारत का सबसे महान सम्राट बनाया था। अगर आप भी नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो चाणक्य नीति (Chanakya Niti) के ये 5 कड़वे सबक आपके बहुत काम आएंगे।1. अपनी प्लानिंग को हमेशा तिजोरी में बंद रखेंबिजनेस का पहला सबसे बड़ा नियम यही है कि अपनी अगली चाल के बारे में किसी को कानों-कान खबर न होने दें। ठीक वैसे ही जैसे एक जादूगर अपना जादू दिखाने से पहले उसकी ट्रिक किसी को नहीं बताता।जब तक आपकी प्लानिंग पूरी तरह जमीन पर न उतर जाए, उसे पूरी तरह गुप्त रखें। अगर आप जोश में आकर अपना सीक्रेट प्लान हर किसी से शेयर करने लगेंगे, तो मार्केट में बैठे आपके प्रतिस्पर्धी (Competitors) उसका फायदा उठा सकते हैं। इससे आपकी महीनों की मेहनत पर एक पल में पानी फिर सकता है, इसलिए काम पूरा होने तक चुप्पी साधे रखना ही समझदारी है।2. रोज कुछ नया सीखने की आदत डालेंआचार्य चाणक्य कहते हैं कि एक सफल इंसान बनने के लिए सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए। चाहे कोई अमीर घर में पैदा हुआ हो या गरीब, यह नियम सब पर बराबर लागू होता है।जो व्यक्ति यह सोच लेता है कि उसे सब कुछ आता है, उसका डूबना तय है। चाणक्य नीति के मुताबिक, आपको हर दिन कुछ न कुछ नया जरूर सीखना चाहिए, भले ही वह एक छोटा सा अक्षर ही क्यों न हो। आज के समय में भी एलन मस्क और वॉरेन बफेट जैसे दुनिया के सबसे अमीर लोग हर दिन घंटों किताबें पढ़ते हैं और नई चीजें सीखते हैं।3. गलत पार्टनर चुनना पड़ सकता है भारीबिजनेस में आप अकेले पूरी सेना नहीं बन सकते, आपको लोगों के साथ और मदद की जरूरत पड़ेगी ही। लेकिन यहां सबसे बड़ा खेल यह है कि आप अपना पार्टनर किसे चुनते हैं।चाणक्य ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि एक गलत या धोखेबाज पार्टनर खुले दुश्मन से भी ज्यादा खतरनाक होता है। दुश्मन को तो आप सामने से आते हुए देख सकते हैं, लेकिन एक छुपा हुआ गद्दार आपको सीधे खाई में धकेल देता है। इसलिए चाहे अपनी कंपनी में किसी को ऊंचे पद पर रखना हो या किसी को बिजनेस पार्टनर बनाना हो, आंख बंद करके भरोसा बिल्कुल न करें।4. जरूरत पड़ने पर कड़ा रुख अपनाना है जरूरीजब आप एक कंपनी चलाते हैं, तो कई बार ऐसी सिचुएशन आती है जहां आपको एक सख्त बॉस बनना पड़ता है। सहकर्मियों या काम करने वालों के साथ कभी-कभी कड़वी और दो-टूक बातचीत भी करनी पड़ती है।ऐसी स्थिति में ज्यादा सीधा बनना नुकसानदेह हो सकता है। चाणक्य ने एक बहुत बढ़िया व्यावहारिक उदाहरण दिया है कि एक बिना जहर वाला सांप भी अगर फुफकारना छोड़ दे, तो लोग उसे कुचल देंगे। इसलिए खुद को बचाने के लिए सांप को भी जहरीला होने का नाटक करना पड़ता है। बिजनेस में भी अपनी बात मनवाने और मार्केट में अपनी इज्जत बनाए रखने के लिए समय पर कड़क होना बहुत जरूरी है।5. नुकसान के डर से भागें नहीं, उस पर वार करेंस्टार्टअप की दुनिया में हमेशा सब कुछ अच्छा ही होगा, ऐसा सोचना बेवकूफी है। बिजनेस में उतार-चढ़ाव और नुकसान (Business Loss) होना आम बात है। कई लोग नुकसान के डर से अपने कदम पीछे खींच लेते हैं, जो कि सबसे बड़ी गलती है।चाणक्य कहते हैं कि डर को खुद पर हावी मत होने दो, बल्कि उस पर सामने से हमला करके उसे खत्म कर दो। अगर कभी बिजनेस में घाटा हो भी जाए, तो निराश होकर बैठना नहीं है। उस गलती से सीखें कि कहां चूक हुई, ताकि भविष्य में वह गलती दोबारा न हो और आप आगे बड़ा मुनाफा (Profit) कमा सकें।
शुक्रवार को गोरखपुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदित्यनाथ शनिवार 11 जुलाई को गोरखपुर और कुशीनगर जिले को 1283 करोड रुपये की सौगात देंगे। वह कुशीनगर में 525 करोड़ रुपये की लागत वाली 464 और गोरखपुर में करीब 758 करोड़ रुपये की 24 विकास ...
योगी सरकार ने गन्ना किसानों के हितों की सुरक्षा और खेती की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश की सभी चीनी मिलें किसानों को केवल प्रमाणित और गुणवत्ता परीक्षण से गुजरे उर्वरक, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व एवं कीटनाशक ही ...
असम सरकार ने राज्य में सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। असम विधानसभा में शुक्रवार को पेश किए गए राज्य के बजट में एक बड़ा और चौंकाने वाला प्रस्ताव रखा गया है। नए नियमों के मुताबिक, जो भी पुरुष एक से ज्यादा शादी (बहुविवाह) करेगा, उसे असम सरकार की किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना (Government Welfare Schemes) का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही, अगर कोई राज्य सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे सीधे नौकरी से बर्खास्त (निकाल) किया जा सकता है।राज्य का पहला बजट पेश करते हुए असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य सिर्फ जरूरतमंदों तक आर्थिक मदद पहुंचाना नहीं है, बल्कि इन योजनाओं के जरिए समाज में समावेशिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को भी मजबूती से बढ़ावा देना है।महिलाओं के सम्मान और लैंगिक न्याय के लिए उठाया कदमवित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने बजट भाषण के दौरान विशेष जोर देते हुए कहा, राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय (Gender Justice) को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब से एक से ज्यादा शादियां करने वाला कोई भी पुरुष सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना का फायदा उठाने के योग्य नहीं माना जाएगा।इसके अलावा, सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर शुचिता बनाए रखने के लिए 'असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1964' में एक बड़े संशोधन का प्रस्ताव भी रखा है। इस नए संशोधन के लागू होने के बाद, यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी कानून का उल्लंघन कर एक से अधिक विवाह करते हुए पाया जाता है, तो उसे नियमों के अनुसार तुरंत सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा।अपराधियों को भी नहीं मिलेगा फायदा, अगस्त से शुरू होंगी योजनाएंईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता की वकालत करते हुए वित्त मंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक कानून के तहत अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया व्यक्ति भी सरकार की अधिसूचित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह अयोग्य होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया के चलते नियमित बजट उपलब्ध नहीं हो पाया था, इसलिए सरकार आगामी अगस्त महीने से सभी रुकी हुई कल्याणकारी योजनाओं को नए सिरे से फिर शुरू करने जा रही है।असम सरकार ने समाज के अलग-अलग वर्गों के कल्याण के लिए कई नई योजनाओं की भी रूपरेखा तैयार की है। इन सभी लाभार्थी-आधारित योजनाओं को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल सिस्टम के जरिए लागू किया जाएगा। इसके लिए 'डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर डीबीटी स्कीम्स' (DIDS) का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें लाभार्थियों के प्रमाणीकरण (Authentication) की मजबूत व्यवस्था शामिल होगी। इन विभिन्न योजनाओं के लिए सरकार ने 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी-भरकम बजट अलग-अलग मदों में आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है।वित्त मंत्री ने पेश किया ₹2.85 लाख करोड़ का बजट, वैट (VAT) में कटौतीवित्त मंत्री बरुआ ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 2,85,084 करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश किया। इस बजट में राज्य के छोटे चाय उत्पादकों को बड़ी राहत देते हुए टैक्स छूट की सीमा को सीधे चार गुना बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर लगने वाले वैट (VAT) को लगभग 10% तक कम करने का एक बेहद लोक-लुभावन प्रस्ताव रखा गया है।सरकार ने पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई अपनी सभी प्रमुख और सफल कल्याणकारी योजनाओं को आगे भी जारी रखने की घोषणा की है। साथ ही, वित्तीय अनुशासन को मजबूत करते हुए इस साल बजट घाटे को घटाकर महज 419 करोड़ रुपये करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फैसले को बताया ऐतिहासिकराज्य का यह ऐतिहासिक बजट पेश होने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सरकार के इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया। मुख्यमंत्री सरमा ने ट्वीट कर दोहराया, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समाज में लैंगिक समानता लाने के लिए हमारी सरकार ने यह ऐतिहासिक नीतिगत फैसला लिया है। बहुविवाह करने वाला कोई भी पुरुष या किसी भी अपराध में दोषी पाया गया व्यक्ति अब असम सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेगा। हम राज्य में एक पारदर्शी और नैतिक समाज का निर्माण करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
पैसा कमाना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी उसे सही तरीके से मैनेज करना होता है। कई बार लोग दिन-रात एक करके बहुत मेहनत से पैसा कमाते हैं, लेकिन अनजाने में पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी कुछ ऐसी बुनियादी गलतियां कर बैठते हैं जिससे उनकी सारी जमा-पूंजी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। नतीजा यह होता है कि भविष्य के बड़े और महत्वपूर्ण लक्ष्य अधूरे रह जाते हैं।चूंकि जुलाई का महीना शुरू हो चुका है, ऐसे में यह साल के बचे हुए महीनों के लिए अपने खर्चों, बजट और निवेश (Investment) के तौर-तरीकों का आकलन करने का सबसे सही और सटीक समय है। आइए विस्तार से जानते हैं पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी उन 6 बड़ी गलतियों के बारे में, जिनसे आपको अपने सुरक्षित भविष्य के लिए हर हाल में बचना चाहिए।1. मंथली बजट न बनाना और फिजूलखर्चीअक्सर लोग सैलरी आते ही बिना किसी ठोस प्लानिंग के अंधाधुंध खर्च करना शुरू कर देते हैं। बिना लिखित या डिजिटल बजट के यह ट्रैक करना नामुमकिन हो जाता है कि आपका पैसा आख़िर कहां जा रहा है। आपको पता ही नहीं चलता कि आप कब अपनी जरूरत से ज्यादा और गैर-जरूरी चीजों पर फिजूलखर्ची कर चुके हैं। इसका सबसे सीधा समाधान यह है कि हर महीने की शुरुआत में एक बजट बनाएं। इसमें अपनी फिक्स्ड जरूरतों (किराया, बिल), इनवेस्टमेंट और पर्सनल खर्चों का हिस्सा पहले ही तय कर लें।2. निवेश को कल पर टालना और आलस करनाबहुत से युवाओं की सोच होती है कि 'जब मेरी सैलरी बढ़ेगी या जब मेरे पास बहुत सारा पैसा इकट्ठा होगा, तब मैं निवेश शुरू करूंगा।' यह वित्तीय दुनिया की सबसे बड़ी भूल मानी जाती है। निवेश में जितनी देरी करेंगे, आप कम्पाउंडिंग (Compounding) की जातुई ताकत का फायदा उठाने से उतना ही चूक जाएंगे। रकम चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, जैसे- ₹500 या ₹1,000 की मंथली एसआईपी (SIP), जितनी जल्दी हो सके अपनी उम्र के शुरुआती दौर में ही निवेश की शुरुआत कर दें।3. सारा पैसा सिर्फ बैंक के सेविंग्स अकाउंट में छोड़नाअपने पूरे फंड या एक्स्ट्रा सेविंग्स को सिर्फ बैंक के साधारण सेविंग्स अकाउंट में पड़े रहने देना बिल्कुल भी समझदारी नहीं है। सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाला सालाना ब्याज बेहद कम होता है, जो लगातार बढ़ती महंगाई (Inflation) का मुकाबला नहीं कर पाता। इसका असर यह होता है कि समय के साथ आपके पैसे की वास्तविक वैल्यू कम होती जाती है। इसलिए इमरजेंसी फंड के अलावा बाकी के पैसों को सही म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या अन्य सरकारी स्कीमों में निवेश करें जहां महंगाई से ज्यादा रिटर्न मिल सके।4. क्रेडिट कार्ड और लोन का अंधाधुंध इस्तेमालआजकल क्रेडिट कार्ड, ईएमआई (EMI) और 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) जैसे डिजिटल विकल्पों के कारण लोग अपनी वित्तीय क्षमता से कहीं ज्यादा खर्च करने लगे हैं। बिना उचित प्लानिंग के लिया गया यह कर्ज आपको भारी-भरकम ब्याज के जाल में फंसा देता है। समय पर भुगतान न करने से आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) भी बुरी तरह खराब होता है, जिससे भविष्य में होम लोन या कार लोन मिलना मुश्किल हो जाता है। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ रिवॉर्ड्स या सहूलियत के लिए करें, लोन लेकर शौक पूरे करने की आदत से बिल्कुल बचें।5. किसी भी तरह का इमरजेंसी फंड तैयार न करनाजिंदगी में अनपेक्षित बीमारियां, नौकरी जाना या कोई भी बड़ा संकट बिना बताए आता है। बहुत से लोग इसके लिए अलग से कोई बैकअप फंड नहीं रखते। अचानक कोई बड़ी जरूरत आने पर लोग अपनी लॉन्ग-टर्म सेविंग्स जैसे- बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट का पैसा बीच में ही तोड़ देते हैं या फिर महंगे ब्याज पर पर्सनल लोन लेते हैं। आपके पास हमेशा कम से कम 6 महीने के जरूरी घरेलू खर्च के बराबर की रकम 'इमरजेंसी फंड' (Emergency Fund) के रूप में लिक्विड या सुरक्षित रूप में होनी चाहिए।6. अपने फाइनेंशियल गोल्स की समय पर समीक्षा न करनासमय के साथ आपकी नौकरी बदलती है, सैलरी बढ़ती है और पारिवारिक जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। लेकिन कई लोग सालों पहले शुरू किए गए महज ₹2,000 के निवेश को वैसे ही चलने देते हैं। अपनी बदलती आय के हिसाब से निवेश राशि (Step-up Investment) न बढ़ाने के कारण आप अपने लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों को समय पर हासिल नहीं कर पाते। साल में कम से कम एक या दो बार अपने पूरे पोर्टफोलियो और वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा जरूर करें और आमदनी बढ़ने पर निवेश की राशि भी बढ़ाएं।अमीर बनने या अपने पैसों को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए किसी बहुत जटिल फॉर्मूले की जरूरत नहीं है। बजट बनाने, फिजूलखर्ची रोकने और समय पर अनुशासन के साथ निवेश करने जैसी छोटी और अच्छी आदतें ही आपकी फाइनेंशियल हेल्थ को लाइफटाइम मजबूत बना सकती हैं।
देश में इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करने का सीजन शुरू होते ही अधिकांश नौकरीपेशा लोग बिना सोचे-समझे सीधे ITR-1 (सहज फॉर्म) को चुन लेते हैं। माना कि यह टैक्स विभाग का सबसे आसान फॉर्म है, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार इसे सिर्फ इसलिए नहीं चुनना चाहिए क्योंकि यह भरने में बहुत सरल है।मुंबई के जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सुरेश सुराना के मुताबिक, अगर आपने पूरे सालभर के दौरान शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट या विदेशी संपत्ति से जुड़ा कोई भी छोटा-बड़ा लेन-देन किया है, तो आप ITR-1 फॉर्म भरने के लिए पूरी तरह अयोग्य हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको नियमों के अनुसार ITR-2 या ITR-3 फॉर्म ही चुनना होगा। अगर आप गलती से भी गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग आपको 'डिफेक्टिव रिटर्न' (दोषपूर्ण रिटर्न) का नोटिस भेज सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं वे 10 बड़े मामले, जिनमें आपके लिए ITR-1 फॉर्म भरना कानूनी रूप से मना है।1. शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG)अगर आपने शेयर बाजार में लिस्टेड शेयर्स या इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स को खरीदकर 1 साल की अवधि पूरा होने से पहले ही बेच दिया है और उस पर आपको शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। इस कमाई को घोषित करने के लिए आपको ITR-2 फॉर्म चुनना अनिवार्य होगा।2. ₹1.25 लाख से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG)अगर लिस्टेड शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को लंबे समय तक रखने के बाद बेचने पर आपको आयकर अधिनियम की धारा 112A के तहत एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से अधिक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आपके लिए ITR-1 का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है।3. जमीन, मकान, कमर्शियल प्रॉपर्टी या सोना बेचनायदि आपने सालभर में कोई प्रॉपर्टी (जैसे खाली जमीन, फ्लैट या कमर्शियल बिल्डिंग), ज्वेलरी या फिर डेट म्यूचुअल फंड बेचा है, तो उससे होने वाली कुल कमाई को आपको 'कैपिटल गेन्स शेड्यूल' (Capital Gains Schedule) में दिखाना होता है। यह विशेष शेड्यूल ITR-1 फॉर्म में उपलब्ध नहीं होता है, इसलिए इसके लिए ITR-2 भरना अनिवार्य है।4. बिजनेस या स्वतंत्र प्रोफेशन से होने वाली आमदनीअगर आप सैलरीड एम्प्लॉई होने के साथ-साथ फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, किसी अन्य तरह के स्वतंत्र प्रोफेशन या खुद के छोटे-मोटे बिजनेस से भी कमाई करते हैं, तो आप ITR-1 नहीं चुन सकते। ऐसे मामलों में आपको सीधे ITR-3 फॉर्म भरना पड़ता है, बशर्ते आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत ITR-4 के योग्य न हों।5. F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday/Derivative Trading)शेयर बाजार में रोजाना की जाने वाली इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग से होने वाली कमाई या घाटे को टैक्स की भाषा में 'बिजनेस इनकम' (स्पेक्युलेटिव/नॉन-स्पेक्युलेटिव) माना जाता है। इस तरह के वित्तीय लेन-देन को भी ITR-1 में नहीं दिखाया जा सकता।सैलरी के अलावा इन 5 तकनीकी स्थितियों में भी बदल जाएगा आपका फॉर्म6. अनलिस्टेड शेयरों (Unlisted Shares) में निवेशअगर आपने किसी ऐसी स्टार्टअप या कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं जो फिलहाल घरेलू शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, तो आप पूरे वित्तीय वर्ष में कभी भी ITR-1 फाइल करने के पात्र नहीं रहते हैं।7. किसी कंपनी में डायरेक्टर का पद संभालनाअगर आप किसी भी छोटी, बड़ी या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टर (Director) के पद पर कार्यरत हैं, तो आप अपनी सैलरी रिटर्न के लिए ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते। आपको विस्तृत विवरण के लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म ही भरना होगा।8. विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाता होनाअगर आपके पास भारत की सीमाओं के बाहर कोई रियल एस्टेट प्रॉपर्टी है, किसी विदेशी कंपनी के शेयर्स (जैसे अमेरिकी शेयर बाजार के स्टॉक्स) हैं, या किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग ऑथोरिटी है, तो आपको ITR-1 के बजाय अन्य फॉर्म्स में मौजूद विस्तृत 'Schedule FA' (फॉरेन एसेट्स) भरना अनिवार्य होगा।9. विदेश से होने वाली कोई भी अन्य कमाईयदि आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, सेविंग्स पर ब्याज या किराए के रूप में कोई भी सोर्स इनकम हो रही है, तो उसकी जानकारी ITR-1 में सबमिट नहीं की जा सकती। इसके लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म के साथ 'Schedule FSI' और 'Schedule TR' भरना पड़ता है।10. ₹50 लाख से ज्यादा की कुल कमाई या पुराना घाटायदि आपकी कुल सालाना टैक्सेबल इनकम (Taxable Income) सभी स्रोतों को मिलाकर ₹50 लाख से अधिक हो जाती है, तो आप ITR-1 फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसके अलावा, अगर आपका कोई पुराना बिजनेस या कैपिटल लॉस है जिसे आप इस साल के मुनाफे से एडजस्ट (Set-off/Carry forward) करना चाहते हैं, या फिर लॉटरी व घुड़दौड़ जैसी स्पेशल केटेगरी से बड़ी कमाई हुई है, तो भी आपके लिए ITR-1 मान्य नहीं होगा।टैक्स एक्सपर्ट की अंतिम सलाह: इनकम टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही ITR फॉर्म का चुनाव करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समय पर रिटर्न फाइल करना। अगर आप अनजाने में गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को इनवैलिड या डिफेक्टिव घोषित कर देगा, जिससे आपका टैक्स रिफंड आने में महीनों की देरी होगी और आपको दोबारा जुर्माना या बिना जुर्माने के 'रिवाइज्ड रिटर्न' दाखिल करना पड़ सकता है। इसलिए फाइनल फाइलिंग से पहले अपने फॉर्म 26AS, AIS और सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा अपने सीए से जरूर करा लें।
CM योगी की सख्ती का असर, एम डैशबोर्ड रैंकिंग में शाहजहांपुर बना नंबर-1, रामपुर-बरेली भी टॉप-3 में
योगी सरकार द्वारा पिछले नौ वर्षों से प्रदेश में सुशासन और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर धरातल पर साफ देखा जा सकता है। सीएम डैशबोर्ड की जून माह की रैंकिंग में शाहजहांपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया ...
एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) और हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर आ रही है। अकासा एयर (Akasa Air) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच अपनी बहुप्रतीक्षित नॉन-स्टॉप सीधी फ्लाइट सर्विस को शुरू होने के महज दो सप्ताह बाद ही अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। आपको बता दें कि इन दोनों नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी देने वाली अकासा एयर इकलौती एयरलाइन थी।कंपनी ने बीते 16 जून 2026 को इस खास रूट पर अपनी दैनिक नॉन-स्टॉप उड़ान 'QP 2017' की शुरुआत की थी। लेकिन यात्रियों की बेहद खराब प्रतिक्रिया और अन्य चुनौतियों के चलते यह सेवा जून के अंत तक ही संचालित हो पाई और 1 जुलाई से इस पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया गया।नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन और पैसेंजर्स की भारी कमी बनी वजहअकासा एयर ने इस रूट को बंद करने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण गिनाए हैं। एयरलाइन प्रबंधन के मुताबिक, नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन, दोनों तरफ से यात्रियों की भारी कमी (Low Passenger Load), खराब मौसम और एयरपोर्ट्स तक पहुंचने के लिए कमजोर लोकल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए यह कड़ा फैसला लिया गया है।हालांकि, अकासा एयर ने साफ किया है कि यह रोक पूरी तरह से अस्थायी है। एयरलाइन का प्लान है कि आगामी फेस्टिव सीजन को देखते हुए नोएडा-नवी मुंबई डायरेक्ट फ्लाइट को 1 अक्टूबर 2026 से एक बार फिर से री-लॉन्च किया जाएगा। अकासा एयर का यह कदम इस बात का सीधा संकेत है कि भारत में वर्ल्ड क्लास सुविधाओं वाले नए एयरपोर्ट्स विकसित होने के बावजूद वहां पर्याप्त यात्री संख्या और लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित करना एयरलाइंस के लिए आज भी एक बड़ी परीक्षा है।बेंगलुरु-नोएडा फ्लाइट भी बंद, मुंबई के लिए शुरू कीं 2 एक्स्ट्रा उड़ानेंइस पूरे नेटवर्क बदलाव के बीच अकासा एयर ने नवी मुंबई की जगह पुराने छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (मुंबई) से नोएडा के बीच दो अतिरिक्त डेली उड़ानें शुरू कर दी हैं, ताकि मुंबई-दिल्ली रूट के यात्रियों को साधा जा सके। इसके साथ ही एयरलाइन ने बेंगलुरु-नोएडा नॉन-स्टॉप सेवा को भी 1 जुलाई से पूरी तरह बंद कर दिया है।एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि नोएडा और नवी मुंबई दोनों ही नए एयरपोर्ट्स इस समय शहर से जुड़ने वाली मजबूत सड़क और रेल कनेक्टिविटी की भारी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन नए एयरपोर्ट्स तक पहुंचने के लिए यात्रियों को भारी-भरकम टैक्सी किराया चुकाना पड़ रहा है। साथ ही फिलहाल वहां समर्पित मेट्रो और रैपिड रेल कनेक्टिविटी का अभाव है। इसके ऊपर से इन एयरपोर्ट्स की ऊंची पार्किंग और लैंडिंग फीस (Airport Charges) के चलते यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम रही।ऊंची फीस को लेकर एईआरए (AERA) के सामने जताई थी चिंताविभिन्न एयरलाइंस पहले ही एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) के सामने नोएडा एयरपोर्ट की महंगी फीस और कमजोर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं जाहिर कर चुकी हैं। इस बीच, जहां अकासा एयर ने अपने रूट्स में कटौती की है, वहीं दूसरी तरफ देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 1 जुलाई से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 31 नई दैनिक उड़ानें शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही नोएडा से इंडिगो का नेटवर्क अब देश के 15 प्रमुख शहरों तक पहुंच गया है।बता दें कि जब 16 जून को नोएडा एयरपोर्ट से कमर्शियल ऑपरेशन्स की ऐतिहासिक शुरुआत हुई थी, तब इंडिगो और अकासा एयर मिलकर कुल 12 दैनिक उड़ानें संचालित कर रही थीं, जिनमें इंडिगो की 8 और अकासा की 4 उड़ानें शामिल थीं। फिलहाल सीधी उड़ान बंद होने से नोएडा और नवी मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स या दिल्ली-मुंबई के पुराने पारंपरिक हवाई अड्डों का सहारा लेना होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इन दिनों अरेंज्ड मैरिज की एक ऐसी अनोखी और तनावपूर्ण मीटिंग की कहानी वायरल हो रही है, जिसने इंटरनेट यूजर्स को दो गुटों में बांट दिया है। स्वाक्ष त्रिपाठी नाम के एक यूजर की पोस्ट के मुताबिक, उनके एक दोस्त की सगाई सिर्फ इसलिए टूट गई क्योंकि उसने लड़की की लाइफस्टाइल पर एक सीधा सवाल पूछ लिया था। ओरिजिनल पोस्ट में इस पूरी घटना को पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों और आधुनिक महिला सशक्तिकरण के बीच के एक बड़े टकराव के रूप में पेश किया गया है, लेकिन अब लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं कि यह मामला आदतों से ज्यादा आपसी सम्मान और पर्सनल चॉइस (निजी पसंद) का था।साइबरहब के कैफ़े में क्या हुआ था? जिसने बदल दिया पूरा सीनवायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि नोएडा की एक नामी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) में बतौर टेक लीड काम करने वाले एक युवक की मुलाकात अरेंज्ड मैरिज के सिलसिले में गुरुग्राम के मशहूर साइबरहब में होने वाली दुल्हन से हुई। मीटिंग के दौरान लड़की ने अपने लिए कॉकटेल ऑर्डर किया और साथ ही सिगरेट जलाई। जब युवक ने बेहद सामान्य तरीके से उससे पूछा कि क्या वह अक्सर स्मोकिंग और ड्रिंकिंग करती है, तो लड़की को यह बात चुभ गई।उसने हंसते हुए लड़के का मजाक उड़ाया और उसे पिंड का गंवार कह दिया। लड़की ने आगे कहा, यह साल 2026 है, थोड़े बड़े हो जाओ। अगर तुम एक पढ़ी-लिखी और सशक्त महिला को नहीं संभाल सकते, तो जाकर किसी घरेलू मेड (कामवाली) से शादी कर लो। लड़की का यह रवैया लड़के को नागवार गुजरा और उसने तुरंत शादी का यह रिश्ता हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला कर लिया।घमंड और टॉक्सिक लत को सशक्तिकरण का नाम मत दो - यूजर का फूटा गुस्साइस घटना से नाराज होकर लड़के के दोस्त स्वाक्ष ने एक्स पर अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज की कुछ आधुनिक महिलाएं अपनी घटिया आदतों, टॉक्सिक लत और बेइंतहा घमंड को 'महिला सशक्तिकरण' का नाम देकर सही ठहराती हैं। अच्छी उच्च शिक्षा और कॉर्पोरेट जगत के मोटे पैसों ने तुम्हें अपनी जड़ों से जुड़े और अच्छे पुरुषों को नीची नजर से देखने का कोई लाइसेंस नहीं दे दिया है। ऐसी सोच रखने वाली महिलाएं कोई बोल्ड या आजाद ख्यालात की नहीं होतीं, बल्कि वे सिर्फ शादी के लायक न रहने वाली और एक बोझ जैसी टॉक्सिक महिला हैं।सोशल मीडिया पर जनता की राय: रेड फ्लैग पहचान कर सही कियाइस पोस्ट के वायरल होते ही कमेंट्स की बाढ़ आ गई। हालांकि, बहुसंख्यक यूजर्स ने इस बात पर जोर दिया कि यहां असली मुद्दा स्मोकिंग या ड्रिंकिंग करने का था ही नहीं, बल्कि बात बातचीत के दौरान किए गए अपमान और घमंड की थी।एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, आपको खुश होना चाहिए कि आपका दोस्त ऐसी लड़की से शादी करने से बच गया। समस्या यह नहीं थी कि वह स्मोकिंग कर रही थी, बल्कि समस्या यह थी कि उसे दूसरों की पसंद और उनकी सीमाओं का सम्मान करना नहीं आता। अरेंज्ड मैरिज की पहली मीटिंग में इस तरह का असभ्य व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। एक अन्य यूजर ने भी इसी सुर में कहा, अगर वह अपनी सेहत खराब करना चाहती है, तो उसकी मर्जी। लेकिन उस आदमी ने बिल्कुल सही समय पर लड़की का रेड फ्लैग (Red Flag) पहचान कर रिश्ता तोड़ दिया।कम्पैटिबिलिटी (तालमेल) है सबसे ज्यादा जरूरी, यूजर्स ने शेयर किए अनुभवबहस के बीच कई लोगों ने अपनी पर्सनल लाइफ के अनुभव भी साझा किए। एक यूजर ने दिल्ली के कनॉट प्लेस (CP) के एक मशहूर बीयर बार का किस्सा सुनाते हुए कहा, मैं भी एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए एक लड़की से सीपी के बार में मिला था। मैं ड्रिंक करता था पर स्मोकिंग नहीं। हमारी मुलाकात बहुत अच्छी रही, लेकिन जैसे ही हम बाहर निकले, लड़की ने सिगरेट जला ली। मुझे उस वक्त अहसास हो गया कि मैं किसी स्मोकर पार्टनर के साथ अपनी पूरी जिंदगी नहीं बिता सकता, भले ही वह स्वभाव से कितनी भी अच्छी क्यों न हो। इसलिए किसी को जज करने से ज्यादा जरूरी लाइफस्टाइल कम्पैटिबिलिटी होती है।दूसरी तरफ से भी आए तर्क: महिलाओं को ही क्यों किया जाता है टारगेट?वहीं, इंटरनेट का एक धड़ा ऐसा भी था जिसने ओरिजिनल पोस्ट के सख्त लहजे का कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि इस आलोचना में पूरी महिला जाति को गलत तरीके से निशाना बनाया गया है, जबकि ध्यान सिर्फ उस व्यक्ति के निजी व्यवहार पर होना चाहिए था।एक यूजर ने लिखा, अच्छा हुआ कि यह रिश्ता यही टूट गया। सच तो यह है कि अगर पुरुष एक मजबूत और आत्मनिर्भर महिला के विचारों को नहीं संभाल सकते, तो उन्हें उनसे दूरी ही बना लेनी चाहिए। ज्यादा सैलरी होने का मतलब रूढ़िवादी सोच बदलना नहीं होता। वहीं एक अन्य महिला यूजर ने सवाल उठाया, पुरुष तो सदियों से खुलकर स्मोकिंग और ड्रिंकिंग करते आ रहे हैं, तब तो समाज को कोई दिक्कत नहीं होती। फिर महिलाओं के ऐसा करने पर बवाल क्यों? अगर लड़के को स्मोकिंग नापसंद थी, तो वह आराम से मना करके आगे बढ़ सकता था, सोशल मीडिया पर लड़की को इस तरह जज करने की कोई जरूरत नहीं थी।
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के रियल एस्टेट मार्केट में इस समय एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के एक छोटे से सैटेलाइट टाउनशिप के रूप में प्लान की गई नवी मुंबई (Navi Mumbai) अब पहले से कहीं ज्यादा आगे निकल चुकी है। नाइट फ्रैंक इंडिया (Knight Frank India) की गुरुवार को जारी हुई ताजा छमाही रियल एस्टेट रिपोर्ट के मुताबिक, नवी मुंबई अब बहुत तेजी से मुंबई के तीसरे सबसे बड़े और सबसे मजबूत ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में तब्दील हो रही है।'द इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित नाइट फ्रैंक की इस आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, नवी मुंबई में घरों की लगातार बढ़ती मांग और आसमान छूती कीमतों ने अब मुख्य ग्रेटर मुंबई को भी पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नवी मुंबई में आया यह नया प्रॉपर्टी बूम सिर्फ कम कीमतों या किफायती घरों की वजह से नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई बड़े ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स काम कर रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर क्यों घर खरीदार और बड़े निवेशक मुंबई को छोड़कर नवी मुंबई का रुख कर रहे हैं।पनवेल और खारघर में सबसे तेज उछाल: क्या हैं लेटेस्ट प्रॉपर्टी रेट्स?नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल के दौरान पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में नवी मुंबई के पनवेल (Panvel) इलाके में घरों की कीमतों में सबसे आक्रामक और तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते एक साल में पनवेल और आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की औसत दरों में पूरे 9 प्रतिशत का बंपर उछाल आया है। पनवेल के ठीक बगल में स्थित वीआईपी इलाके खारघर (Kharghar) में भी इसी समयावधि के दौरान घरों की कीमतें 6 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं, जिसने पुराने निवेशकों को मालामाल कर दिया है।क्यों बढ़ रहा है क्रेज? इन मेगा प्रोजेक्ट्स ने बदला कनेक्टिविटी का गेमएक्सपर्ट्स के मुताबिक, नवी मुंबई के इस चमत्कारी विकास के पीछे सबसे बड़ी ताकत यहां का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी है। निम्नलिखित बड़े प्रोजेक्ट्स ने इस पूरे क्षेत्र की वैल्यू और किस्मत को पूरी तरह बदल कर रख दिया है:मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL / अटल सेतु): भारत के इस सबसे लंबे समुद्री पुल ने दक्षिण मुंबई (South Mumbai) से नवी मुंबई की दूरी और समय को बेहद कम कर दिया है। अब यह सफर महज 30 मिनट का रह गया है।नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट: इस नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आगामी संचालन को देखते हुए पूरे नवी मुंबई क्षेत्र के कमर्शियल और रेजिडेंशियल रेट्स में भारी तेजी आ गई है।अपकमिंग मेट्रो कॉरिडोर: आगामी नई मेट्रो लाइनों के जाल से नवी मुंबई की इंटरनल और एक्सटर्नल कनेक्टिविटी सुपरफास्ट होने जा रही है।मल्टीमॉडल प्रोजेक्ट्स: विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर और पनवेल-कर्जत रेलवे दोहरीकरण परियोजना ने भी देश-विदेश के बड़े निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में नवी मुंबई नंबर-1, ग्रेटर मुंबई पिछड़ीसाल 2026 के पहले छह महीनों (जनवरी से जून) के ताजा रियल एस्टेट आंकड़ों को देखें तो बाजार का पूरा केंद्र अब बदल चुका है। नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को लॉन्च करने के मामले में नवी मुंबई पूरे एमएमआर रीजन में टॉप पर पहुंच गया है। कुल नए लॉन्चेस में सबसे बड़ी हिस्सेदारी 21 प्रतिशत के साथ नवी मुंबई की रही।इसके मुकाबले वसई और विरार जैसे बाहरी पश्चिमी उपनगर 19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर रहे। वहीं कल्याण, डोंबिवली, भिवंडी और कर्जत जैसे बाहरी मध्य उपनगरों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत दर्ज की गई। हैरान करने वाली बात यह है कि कभी सबसे आगे रहने वाले ग्रेटर मुंबई के पश्चिमी उपनगर इस रेस में पिछड़ गए और उनकी हिस्सेदारी महज 17 प्रतिशत पर सिमट कर रह गई।पिछले 10 सालों में ऐसे बदला नवी मुंबई का दबदबापिछले एक दशक (साल 2014 से 2026) के लंबे सफर के दौरान एमएमआर क्षेत्र के भीतर नवी मुंबई का दबदबा लगातार बढ़ा है। साल 2014 में कुल आवासीय लॉन्चेस में नवी मुंबई की हिस्सेदारी जहां सिर्फ 18 प्रतिशत थी, वह 2026 की पहली छमाही में बढ़कर 21 प्रतिशत हो गई है। इसी अवधि में नवी मुंबई की सेल्स (बिक्री) हिस्सेदारी भी 16 प्रतिशत से लंबी छलांग लगाकर सीधे 22 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। रिपोर्ट से यह साफ संकेत मिलता है कि बाजार में नई सप्लाई आने की तुलना में यहां बने-बनाए रेडी-टू-मूव घरों की मांग बहुत तेजी से मजबूत हो रही है।ऑफिस लीजिंग में 33% का भारी उछाल, जेपी मॉर्गन की बड़ी डीलवैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026 की पहली छमाही में रियल एस्टेट मार्केट बेहद स्थिर और मजबूत बना रहा। डेवलपर्स ने साल के पहले छह महीनों में रिकॉर्ड 49,161 नए घर लॉन्च किए हैं, जो पिछले साल की समान अवधि से 8 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कुल बिक्री 47,355 यूनिट्स रही और बाजार में अनसोल्ड इन्वेंट्री (बिना बिके घर) में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है।कमर्शियल प्रॉपर्टी सेगमेंट (Commercial Property) के लिए भी यह साल ब्लॉकबस्टर साबित हो रहा है। 2026 की पहली छमाही में ऑफिस स्पेस की लीजिंग सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 7.3 मिलियन स्क्वायर फीट पर पहुंच गई है। इसमें सबसे बड़ी डील ग्लोबल दिग्गज जेपी मॉर्गन (JPMorgan) की रही, जिसने पवई में अकेले 2.2 मिलियन स्क्वायर फीट का विशाल ऑफिस स्पेस लीज पर लिया है। नाइट फ्रैंक इंडिया का अनुमान है कि एंड-यूजर डिमांड और बड़े रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के दम पर नवी मुंबई का रेजिडेंशियल मार्केट आगे भी इसी तरह रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार से भागता रहेगा।
बॉलीवुड के दिग्गज कमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) के लिए कानूनी मोर्चे से एक बेहद बुरी खबर आ रही है। दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस (Cheque Bounce Case) के एक पुराने मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अभिनेता को बहुत बड़ा झटका दिया है। अदालत ने इस मामले में राजपाल यादव को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को न सिर्फ बरकरार रखा है, बल्कि उनके कानूनी आचरण और व्यवहार को भी बेहद संदिग्ध बताया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि राजपाल यादव को तुरंत हिरासत में लेकर दोबारा जेल भेजा जाए।यह मामला पिछले कई सालों से अदालत में चल रहा है और इस ताजा आदेश के बाद अभिनेता की मुश्किलें एक बार फिर काफी ज्यादा बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।आखिर क्या है राजपाल यादव से जुड़ा यह पूरा विवाद?इस पूरे कानूनी विवाद की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। उस वक्त राजपाल यादव बतौर डायरेक्टर अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म 'अता पता लापता' (Ata Pata Laapata) बना रहे थे। इस फिल्म के निर्माण और बजट के लिए राजपाल यादव ने दिल्ली की एक कंपनी 'M/s मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' से करीब 5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लोन (उधार) लिया था।हालांकि, रिलीज होने के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई और राजपाल यादव भारी घाटे में आ गए। फिल्म के डूबने के बाद जब वे कंपनी के पैसे समय पर नहीं चुका पाए और उनके द्वारा दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए, तो यह मामला एक लंबी और पेचीदा कानूनी लड़ाई में तब्दील हो गया।2018 से चल रहा है सजा का सिलसिला, वादे निभाने में रहे नाकामइस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस के जुर्म में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी करार दिया था। तब अदालत ने उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने भी इस सजा को सही माना, जिसके खिलाफ अभिनेता ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।जून 2024 में हाई कोर्ट ने मानवीय आधार पर उनकी सजा पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी और उन्हें ब्याज समेत लगभग 9 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज चुकाने के लिए ईमानदार और सच्चे कदम उठाने की मोहलत दी थी। हालांकि, वे पैसे चुकाने के अपने वादों को पूरा करने में बार-बार नाकाम रहे। इसी के चलते इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें कड़ा रुख अपनाते हुए कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया था।मेरे पास पैसे नहीं हैं... इमोशनल होकर तिहाड़ जेल पहुंचे थे अभिनेताअदालत के आदेश के बाद सरेंडर करने से ठीक पहले राजपाल यादव ने मीडिया पोर्टल 'बॉलीवुड हंगामा' से बातचीत में बेहद भावुक बयान दिया था। उन्होंने निराशा जाहिर करते हुए कहा था, सर, मैं अब क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं और मुझे आगे कोई और उपाय दिखाई नहीं दे रहा है। सरेंडर करने के बाद पुलिस ने उन्हें दिल्ली की हाई-सिक्योरिटी वाली तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में डाल दिया था।हालांकि, इस मुश्किल समय में फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गज कलाकार और दोस्त राजपाल यादव के समर्थन में खुलकर आगे आए थे। बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन, सलमान खान, सोनू सूद और गुरमीत चौधरी जैसे बड़े सितारों ने उन्हें आर्थिक मदद देने का फैसला किया था और इंडस्ट्री के अन्य लोगों से भी मदद की अपील की थी। कई सिंगर्स और फिल्ममेकर्स ने उन्हें अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में कास्ट करते हुए एडवांस पेमेंट भी दी थी, जिसके बाद बीते 16 फरवरी को उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी। लेकिन अब हाईकोर्ट के ताजा फैसले ने उन्हें एक बार फिर जेल की दहलीज पर ला खड़ा किया है।
जब भी हमें कोई नई नौकरी मिलती है, तो हमारा पूरा ध्यान सालाना सीटीसी (CTC) और इन-हैंड सैलरी पर होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सीटीसी का एक छोटा सा हिस्सा, जो प्रोविडेंट फंड (EPF) में जाता है, आपके रिटायरमेंट के बाद की पूरी आर्थिक तस्वीर को बदल सकता है?अक्सर कई कंपनियां ईपीएफ योगदान की गणना के लिए बेसिक सैलरी की एक न्यूनतम सरकारी सीमा तय कर देती हैं, जिसके कारण लंबे समय में आपका रिटायरमेंट फंड बहुत छोटा रह जाता है। लेकिन अगर आप सही फाइनेंशियल प्लानिंग के साथ कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) का सही तालमेल बिठाएं, तो बुढ़ापे में मिलने वाला फंड 5 गुना तक बढ़ सकता है और आप आसानी से करोड़ों रुपये के मालिक बन सकते हैं। आइए समझते हैं इसका पूरा गणित।कैसे मामूली अंतर से बन जाएगा ₹1.9 करोड़ का फंड?मान लीजिए एक कर्मचारी की सालाना सीटीसी ₹12 लाख है। अब ईपीएफ योगदान दो अलग-अलग तरीकों से तय होता है और दोनों का अंतर आपको चौंका देगा:केस 1: न्यूनतम सीमा पर योगदान (मंथली सेविंग ₹3,600)ज्यादातर कंपनियां बेसिक सैलरी की सरकारी सीमा यानी ₹15,000 प्रति महीने पर ही 12% ईपीएफ काटती हैं। इस स्थिति में आपके और कंपनी के हिस्से को मिलाकर हर महीने कुल ₹3,600 ईपीएफ में जमा होंगे। अगर वर्तमान ब्याज दर 8.25% और निवेश की अवधि 30 साल मान लें, तो रिटायरमेंट पर आपको मिलेंगे करीब ₹57 लाख।केस 2: वास्तविक बेसिक सैलरी पर योगदान (मंथली सेविंग ₹12,000)अब मान लीजिए आपकी कंपनी आपकी वास्तविक बेसिक सैलरी, जो सीटीसी का 50% यानी ₹50,000 महीना है, उस पर 12% पीएफ काटती है। ऐसे में आपका और कंपनी का मिलाकर हर महीने कुल योगदान ₹12,000 हो जाता है। इसी 8.25% ब्याज दर और 30 साल की अवधि में आपका कुल फंड बढ़कर ₹1.9 करोड़ हो जाएगा!यानी सिर्फ बेसिक सैलरी पर पीएफ कैलकुलेट करवाने से आपकी जेब में बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के ₹1.3 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त फंड जुड़ जाता है। यह है पीएफ पर मिलने वाली कंपाउंडिंग की असली ताकत।VPF कराएगा रिटायरमेंट फंड को सीधे ₹3.2 करोड़ के पारअगर आप अपने बुढ़ापे को और भी सुरक्षित और आलीशान बनाना चाहते हैं, तो आप वीपीएफ (Voluntary Provident Fund) का विकल्प चुन सकते हैं। वीपीएफ आपको अनिवार्य 12% की सीमा से अधिक अपनी मर्जी से पीएफ में निवेश करने की पूरी छूट देता है।ऊपर दिए गए उदाहरण में अगर आप ईपीएफ के ₹12,000 के योगदान के साथ हर महीने वीपीएफ के जरिए ₹8,000 का अतिरिक्त निवेश करते हैं, तो आपकी कुल मासिक बचत ₹20,000 हो जाएगी। 30 साल बाद 8.25% ब्याज के हिसाब से आपका यह फंड बढ़कर करीब ₹3.2 करोड़ हो जाएगा! यह शुरुआती ₹57 लाख के मुकाबले 5 गुना से भी ज्यादा है।नौकरी बदलते या जॉइन करते समय इन 3 बातों का रखें विशेष ध्यानहर कंपनी का पीएफ काटने का नियम और सैलरी स्ट्रक्चर अलग होता है। इसलिए नई नौकरी जॉइन करते समय या सैलरी डिस्कशन के वक्त ये बातें जरूर जांचें:पीएफ कैलकुलेशन का आधार: कंपनी के एचआर से साफ पूछें कि वे पीएफ का योगदान ₹15,000 की न्यूनतम सीमा पर कर रहे हैं या आपकी वास्तविक बेसिक सैलरी पर।बेसिक सैलरी का हिस्सा: आपकी सीटीसी में बेसिक सैलरी का कुल हिस्सा कितना है, क्योंकि आपका पीएफ फंड इसी से तय होता है।VPF की सुविधा: क्या कंपनी आपको वीपीएफ के जरिए अपनी सैलरी से अतिरिक्त निवेश करने की अनुमति देती है।महत्वपूर्ण नोट: ज्यादा पीएफ और वीपीएफ काटने का एक ही सीधा असर होता है कि इससे आपकी हर महीने हाथ में आने वाली (Take-Home) सैलरी कम हो जाती है। इसलिए भविष्य के लिए निवेश बढ़ाने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि आपके पास पर्याप्त इमरजेंसी फंड तैयार है और आपके मंथली घरेलू खर्चे आसानी से पूरे हो रहे हैं।
देशभर में रसोई गैस (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और काम की खबर है। सरकारी और निजी गैस कंपनियों ने एलपीजी कनेक्शन ट्रांसफर करने, रिफिल बुकिंग कराने और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) में शिफ्ट होने को लेकर नई और सख्त गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। अगर आप आने वाले दिनों में अपना घर बदल रहे हैं, किसी दूसरे शहर में शिफ्ट हो रहे हैं या फिर एलपीजी सिलेंडर को छोड़कर परमानेंट पीएनजी गैस पाइपलाइन कनेक्शन लेना चाहते हैं, तो आपके लिए इन 6 नए नियमों को जानना बेहद जरूरी है।अधिकारियों और कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने साफ तौर पर सलाह दी है कि गैस कनेक्शन ट्रांसफर या पीएनजी में शिफ्ट होने के दौरान मिलने वाले सभी आधिकारिक दस्तावेज और वाउचर को बेहद सुरक्षित रखें। स्थानीय गैस एजेंसियों (Indane, HP Gas, Bharat Gas) द्वारा इन नियमों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी और बेहतर सेवाएं मिल सकें।1. घर बदलने से पहले गैस एजेंसी को देना होगा अपडेटअगर आप अपना वर्तमान घर बदलने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी मौजूदा गैस एजेंसी को इसकी लिखित जानकारी देनी होगी। नए नियमों के मुताबिक, कनेक्शन ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए ग्राहकों को अपना वैध पहचान पत्र (ID Proof), नए पते का प्रमाण (Address Proof), गैस पासबुक या कंज्यूमर कार्ड और मूल कनेक्शन वाउचर (Original Connection Voucher) जैसे जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।2. उसी इलाके में शिफ्ट होने पर सबसे आसान है प्रक्रियायदि आपका नया मकान उसी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के सर्विस एरिया (कार्यक्षेत्र) के अंतर्गत आता है, तो आपके लिए राहत की बात है। ऐसी स्थिति में गैस ट्रांसफर की प्रक्रिया बेहद आसान और तेज होती है। डिस्ट्रीब्यूटर के पास जरूरी दस्तावेज ले जाते ही वह सिस्टम में आपका नया पता अपडेट कर देगा, जिससे बिना किसी रुकावट के आपके नए घर पर एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी जारी रहेगी।3. दूसरा इलाका होने पर लेना होगा टीटीवी (TTV)अगर आपका नया आशियाना किसी दूसरी गैस एजेंसी या दूसरे डिस्ट्रीब्यूटर के सर्विस एरिया में आता है, तो आपको अपनी मौजूदा गैस एजेंसी से ट्रांसफर टर्मिनेशन वाउचर (TTV) लेना अनिवार्य होगा। इस आधिकारिक दस्तावेज के बिना आपका कनेक्शन ट्रांसफर नहीं हो सकेगा। आपको यह टीटीवी और अन्य आवश्यक कागजात ले जाकर नए इलाके के डिस्ट्रीब्यूटर के पास जमा कराने होंगे, जिसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।4. दूसरे शहर या राज्य में शिफ्ट होने का नियम बदलायदि आप नौकरी या किसी अन्य कारण से एक शहर से दूसरे शहर या राज्य में शिफ्ट हो रहे हैं, तो आपको अपनी मौजूदा गैस एजेंसी को अपना एलपीजी सिलेंडर और रेगुलेटर पूरी तरह वापस (Surrender) करना होगा। इसके बाद गैस एजेंसी आपको एक फाइनल टर्मिनेशन वाउचर (TV) जारी करेगी और कनेक्शन लेते समय जमा की गई आपकी पूरी सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) राशि रिफंड कर देगी। नए शहर में जाने के बाद, इन पुराने दस्तावेजों की जांच के आधार पर आपको नया कनेक्शन तुरंत जारी कर दिया जाएगा।5. ट्रांसफर के बाद मिलेगा बिल्कुल नया कंज्यूमर नंबरजैसे ही आप नई गैस एजेंसी में अपना पुराना टर्मिनेशन वाउचर जमा करेंगे, वह एजेंसी आपके टीटीवी को ट्रांसफर सब्सक्रिप्शन वाउचर (TSV) में बदल देगी। इसके तुरंत बाद विभाग द्वारा आपको एक नया उपभोक्ता नंबर (New Consumer Number) आवंटित कर दिया जाएगा। इसके बाद आप अपने नए पते पर आसानी से एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग करा सकेंगे।6. एलपीजी से पीएनजी (PNG) कनेक्शन में शिफ्ट होने की शर्तेंघरेलू ऊर्जा वितरण को मजबूत करने के लिए देश में तेजी से पीएनजी कनेक्शन बांटे जा रहे हैं। पिछले छह महीनों में रिकॉर्ड 13.4 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जो कि इस साल की शुरुआत में सरकार द्वारा तय किए गए 60 लाख नए पीएनजी कनेक्शन के बड़े लक्ष्य का लगभग 20% है।यदि आप भी गैस सिलेंडर के झंझट से मुक्ति पाकर एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट होना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने स्थानीय गैस डिस्ट्रीब्यूटर से मिलकर सभी जरूरी नियम व शर्तों की जानकारी ले लें। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि हालांकि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आ रहे बदलावों से थोड़ी राहत है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सर्विस को पारदर्शी बनाने के लिए लोकल डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा इन नियमों को सही ढंग से लागू करना बेहद आवश्यक होगा।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली महिला यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और जरूरी खबर है। आगामी 1 अगस्त से दिल्ली में मुफ्त बस सेवा का लाभ उठाने की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है। अगर महिलाओं ने तय समय-सीमा के भीतर अपना नया 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड नहीं बनवाया, तो वे 1 अगस्त से इस फ्री बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगी। दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अब इस योजना के लिए स्मार्ट कार्ड को पूरी तरह अनिवार्य करने का फैसला लिया है।एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, महिलाओं द्वारा इस नए कार्ड को बनवाने की रफ्तार फिलहाल काफी धीमी है। महिलाओं को जागरूक करने और जल्द से जल्द कार्ड बनवाने के लिए डीटीसी ने बसों में एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत बस कंडक्टर और अधिकारी यात्रा कर रही महिलाओं को 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के लिए तुरंत आवेदन करने की सलाह दे रहे हैं।1 अगस्त से पेपर टिकट बंद, बस में चढ़ते ही करना होगा कार्ड 'टैप'दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अपने आधिकारिक आदेश में स्पष्ट कहा है, 1 अगस्त से बसों में मिलने वाले पेपर-बेस्ड (कागज वाले) पिंक टिकट की व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। नए नियम के तहत पिंक टिकट सिर्फ उन्हीं महिला यात्रियों को जारी किए जाएंगे, जिनके पास एक वैलिड 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड होगा। बस में सफर शुरू करते समय महिलाओं को इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर यह कार्ड टैप करना अनिवार्य होगा।परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को डिजिटल और हाई-टेक बनाने के लिए मौजूदा कागजी टिकट सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म करके पूरी तरह स्मार्ट कार्ड-बेस्ड ट्रांजिट सिस्टम में बदला जा रहा है। जिन महिलाओं के पास यह कार्ड उपलब्ध होगा, वे पहले की तरह ही योजना के नियमों के अनुसार मुफ्त यात्रा का लाभ उठाती रहेंगी।बिना कार्ड के सफर करने पर जेब से देना होगा पूरा किरायाअगर कोई महिला यात्री 1 अगस्त के बाद बिना 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के डीटीसी या DoT (क्लस्टर) बसों में यात्रा करती है, तो उसे कोई मुफ्त पिंक टिकट नहीं दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में महिला यात्रियों को एक सामान्य यात्री की तरह दूरी के हिसाब से लागू किराया चुकाकर साधारण टिकट खरीदना होगा।इस व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने पूरी दिल्ली में 50 ऑथराइज्ड सेंटर (अधिकृत केंद्र) बनाए हैं। सभी योग्य महिलाएं परिवहन विभाग और डीटीसी द्वारा निर्धारित इन काउंटरों पर जाकर बेहद आसानी से अपना 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड प्राप्त कर सकती हैं।जुलाई के आखिर तक 13 लाख कार्ड बांटने का बड़ा लक्ष्यदिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक पूरे शहर में लगभग 11 लाख 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड बांटे जा चुके हैं। सरकार ने जुलाई के आखिर तक इस संख्या को 13 लाख तक पहुंचाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। जैसे ही यह लक्ष्य पूरा होगा, अगस्त की शुरुआत से ही इस डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। दिल्ली की महिला यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की भीड़ और परेशानी से बचने के लिए नजदीकी केंद्र पर जाकर तुरंत अपना कार्ड रीन्यू या नया अप्लाई कर लें।
म्यूचुअल फंड के जरिए शेयर बाजार से बड़ी वेल्थ क्रिएट करना पूरी तरह से अनुशासन (Discipline) और धैर्य का खेल है। जब कोई निवेशक लंबे समय तक बिना रुके निवेश जारी रखता है, तो कंपाउंडिंग की ताकत से कैसा जादुई रिटर्न मिलता है, इसका एक जीता-जागता और शानदार उदाहरण सामने आया है। मिराए एसेट म्यूचुअल फंड (Mirae Asset Mutual Fund) की एक धाकड़ स्कीम ने बाजार में अपने सफल 16 साल पूरे कर लिए हैं।फंड हाउस द्वारा जारी किए गए ताजा और प्रमाणित आंकड़ों के मुताबिक, जिन दूरदर्शी निवेशकों ने इस फंड की शुरुआत से ही हर महीने महज 10,000 रुपये की एसआईपी (SIP) जारी रखी थी, उनका फंड 31 मई 2026 तक बढ़कर लगभग 97 लाख रुपये हो चुका है। आइए विस्तार से समझते हैं निवेशकों को मालामाल करने वाली इस स्कीम के रिटर्न का पूरा रिपोर्ट कार्ड।₹19 लाख का कुल निवेश और मिले पूरे ₹97 लाखमिराए एसेट लार्ज एंड मिडकैप फंड (Mirae Asset Large & Midcap Fund) के आधिकारिक डेटा के अनुसार, लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न डिलीवर किया है। पिछले 16 वर्षों के सफर में ₹10,000 प्रति माह की एसआईपी के हिसाब से एक निवेशक ने कुल ₹19 लाख जमा किए। 31 मई 2026 तक यह ₹19 लाख का निवेश बढ़कर ₹96.9 लाख (करीब 97 लाख रुपये) के विशाल फंड में तब्दील हो गया। इस एसआईपी निवेश पर फंड ने 18.44% का बेहद जोरदार XIRR (एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न) डिलीवर किया है, जो पारंपरिक निवेश विकल्पों के मुकाबले कहीं ज्यादा है।लंपसम (एकमुश्त) निवेश करने वाले भी हुए मालामालसिर्फ एसआईपी ही नहीं, बल्कि जिन लोगों ने इस स्कीम में एकमुश्त पैसा लगाया था, वे भी अमीर बन चुके हैं। अगर किसी निवेशक ने 9 जुलाई 2010 को इस फंड के 'रेगुलर प्लान-ग्रोथ' ऑप्शन में सिर्फ ₹10,000 का लंपसम निवेश किया होता, तो वह रकम आज 15 गुना से ज्यादा बढ़कर ₹1,50,690 हो चुकी होती। इसके मुकाबले, अगर यही पैसा इस स्कीम के मुख्य बेंचमार्क में लगाया गया होता, तो वह सिर्फ ₹76,908 ही बन पाता, यानी फंड ने बेंचमार्क से दोगुना मुनाफा कमा कर दिया।बेंचमार्क और सेंसेक्स को बुरी तरह पछाड़ापिछले 15 वर्षों के ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखें तो इस फंड ने अपने बेंचमार्क और मेन इंडेक्स के मुकाबले काफी तगड़ा आउटपरफॉर्म किया है। पिछले 15 सालों में इस फंड ने 18.85% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है। इसके मुकाबले इस स्कीम के आधिकारिक बेंचमार्क 'Nifty LargeMidcap 250 TRI' ने इसी अवधि में केवल 14.60% का रिटर्न दिया। वहीं, देश के सबसे प्रमुख एडिशनल बेंचमार्क 'BSE Sensex TRI' की बात करें तो वह इस दौरान सिर्फ 11.22% का रिटर्न ही दे पाया, जो मिराए एसेट के मुकाबले बहुत कम है।₹42,000 करोड़ से ज्यादा का फंड मैनेजमेंट और एक्सपर्ट टीमयह सुपरहिट स्कीम एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना (Open-Ended Equity Scheme) है, जो मुख्य रूप से भारतीय शेयर बाजार की लार्ज-कैप (बड़ी कंपनियां) और मिड-कैप (मझोली कंपनियां) के बेहतरीन शेयरों में पैसा लगाती है। 31 मई 2026 तक यह फंड ₹42,792.20 करोड़ के विशाल एसेट बेस (AUM) को मैनेज कर रहा है। इस फंड की ऐतिहासिक सफलता के पीछे इसके अनुभवी फंड मैनेजर नीलेश सुराना का दिमाग है, जो इसकी शुरुआत से ही इससे जुड़े हैं। जनवरी 2019 से अंकित जैन भी सह-फंड मैनेजर के रूप में उनके साथ मिलकर इस फंड की कमान बखूबी संभाल रहे हैं।निवेशक ध्यान दें: हालांकि इस फंड का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड असाधारण रहा है, लेकिन फंड हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह स्कीम भविष्य में किसी भी प्रकार के गारंटीड रिटर्न का वादा नहीं करती है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश पूरी तरह से बाजार के जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए कोई भी नया निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद जरूर लें।
साइबर ठगों ने मंत्री संजय शर्मा के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया
अलवर। राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा के नाम और फोटो का दुरुपयोग करके साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बना लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस फर्जी अकाउंट के जरिए आम लोगों को संदेश भेजकर पैसे कमाने, निवेश योजनाओं से जुड़ने और विभिन्न समूहों में शामिल होने का […] The post साइबर ठगों ने मंत्री संजय शर्मा के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया appeared first on Sabguru News .
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर है। शनिवार, 11 जुलाई को दिल्ली के कई प्रमुख और वीआईपी इलाकों में कई घंटों तक बिजली की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित रहने वाली है। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह कटौती बिजली ग्रिड में किसी खराबी या तकनीकी फॉल्ट की वजह से नहीं हो रही है, बल्कि मानसून के सीजन को देखते हुए जरूरी मेंटेनेंस (रखरखाव) और पावर सिस्टम अपग्रेड करने के लिए की जा रही है।दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली प्रमुख कंपनी बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सब-स्टेशनों के रखरखाव से जुड़े जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। इसके चलते शनिवार को अलग-अलग समय पर विभिन्न डिवीजनों के अंतर्गत आने वाले रिहायशी इलाकों में पावर कट की समस्या रहेगी। बिजली विभाग ने स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि वे इस तय शेड्यूल के हिसाब से ही अपने दिनभर के जरूरी कामों की योजना बनाएं और बिजली कटौती से पहले पानी भरने जैसे आवश्यक इंतजाम कर लें।द्वारका, नजफगढ़ और छतरपुर डिवीजन का शेड्यूलबीएसईएस द्वारा जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, दिल्ली के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में बिजली की कटौती कुछ इस प्रकार रहेगी:पालम डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ब्लॉक-P राज नगर एक्सटेंशन और सेक्टर-8, द्वारका के आसपास के इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो सकती है।मोहन गार्डन: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक ब्लॉक C, सेवक पार्क, द्वारका के क्षेत्रों में करीब तीन घंटे का पावर कट रहने की संभावना है।नजफगढ़ डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक कंगनहेड़ी गांव और इससे जुड़े ग्रामीण इलाकों में बिजली की घोषित कटौती रहेगी।छतरपुर डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक राजपुर खुर्द एक्सटेंशन, छतरपुर के रिहायशी इलाकों में लोगों को पावर कट का सामना करना पड़ सकता है।टैगोर गार्डन और खानपुर डिवीजन में भी बंद रहेगी सप्लाईमध्य और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के भी कुछ प्रमुख पॉकेट्स में मेंटेनेंस का काम तेजी से चलेगा, जिसकी समय-सीमा नीचे दी गई है:टैगोर गार्डन डिवीजन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 02:07 बजे तक ब्लॉक S, ख्याला, विष्णु गार्डन और नजदीकी कॉलोनियों में करीब तीन घंटे तक बिजली की सप्लाई पूरी तरह बंद रखी जाएगी।खानपुर डिवीजन (शिफ्ट 1): सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ब्लॉक C, विश्वकर्मा कॉलोनी, पुलपेह्लादपुर और खानपुर गांव के आंतरिक हिस्सों में बिजली कटौती रहने वाली है।खानपुर डिवीजन (शिफ्ट 2): दोपहर 02:00 बजे से दोपहर 03:30 बजे तक पॉकेट C, दुग्गल कॉलोनी, खानपुर और जे जे कॉलोनी दुग्गल कॉलोनी के रिहायशी मकानों में बिजली की आवाजाही प्रभावित रहेगी।गर्मी और उमस के इस मौसम में अचानक होने वाली परेशानी से बचने के लिए उपभोक्ता बीएसईएस के हेल्पलाइन नंबरों या आधिकारिक ऐप के जरिए भी अपने फीडर की लाइव लोकेशन और मेंटेनेंस से जुड़ी ताजा जानकारियां हासिल कर सकते हैं।
आरएसएस ने बेलगावी में शताब्दी विस्तार का रोडमैप लॉच किया
बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के विस्तार अभियान के तहत संगठन की रणनीति बनाने और संघ के 100वें वर्ष के समारोहों की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक का शुभारंभ किया। आरएसएस की सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक संगठनात्मक गतिविधियों में से एक मानी जाने वाली इस उच्च-स्तरीय […] The post आरएसएस ने बेलगावी में शताब्दी विस्तार का रोडमैप लॉच किया appeared first on Sabguru News .
पटना। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार बंटी के नामांकन वापस लेने की घोषणा के बाद नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव […] The post बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव : भाजपा उम्मीदवार अभिषेक ने की नाम वापस लेने की घोषणा, नीरज कुमार सिन्हा पार्टी के नए उम्मीदवार appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में
मुंबई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लगभग छह सांसद भारतीय जनता पार्टी में अवसर तलाश रहे हैं। चव्हाण का यह बयान कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार के सात जुलाई के उस बयान […] The post कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में appeared first on Sabguru News .
वाशिंगटन। अमरीकी नौसेना ने वाणिज्यिक जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से दक्षिणी शिपिंग गलियारे का उपयोग करने का अपना आग्रह जारी रखा है। अमरीकी नौसेना ने यह बात इस मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों पर हाल ही में हुए ईरानी हमलों और तेहरान की ओर से बार-बार मिलने वाली उन चेतावनियों के बावजूद […] The post अमरीकी नौसेना ने जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए दक्षिणी गलियारे का उपयोग करने का आग्रह किया appeared first on Sabguru News .
अजमेर में रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
अजमेर/ब्यावर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को कार्यालय राजस्थान स्टेट इण्डट्रियल डेवलपमेन्ट एण्ड इन्वेस्टमेन्ट कॉपरेशन लिमिटेड (रीको) अजमेर के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अजय विशश्वकर्मा को 50 हजार रुपए एवं कार्यालय रीको उप इकाई ब्यावर में कनिष्ठ सहायक कमलेश गुर्जर को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक […] The post अजमेर में रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी आलाकमान ने दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट कर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। संगठन में लंबा कामकाज का अनुभव रखने वाले आशुतोष तिवार को बीजेपी ने जब अपना उम्मीदवार बनाया तो वह दतिया से 400 ...
दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से अलग होकर गत वर्ष 17 मई को मुकेश गोयल के नेतृत्व में गठित हुई इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में विलय हो गया। गोयल ने गुरुवार को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष 16 निगम पार्षदों वाली इन्द्रप्रस्थ विकास […] The post दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139 appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में याचिकाकर्ता ने डाला खलल, कागज फेंके और अदालत को अपशब्द कहे
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ के कक्ष में शुक्रवार को उस समय बेहद अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली, जब व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए एक याचिकाकर्ता ने कथित तौर पर मामले के कागजात न्यायाधीशों की तरफ फेंके और मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करके भारी हंगामा किया। यह घटना न्यायाधीश केवी […] The post सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में याचिकाकर्ता ने डाला खलल, कागज फेंके और अदालत को अपशब्द कहे appeared first on Sabguru News .
भरतपुर में दो पटवारी 30 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
भरतपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को भरतपुर में भू प्रबंध विभाग में पटवारी प्रदीप सिंह एवं दिगम्बर सिंह को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी भरतपुर को परिवादी ने शिकायत की कि उसके एवं उसके परिवारजनों […] The post भरतपुर में दो पटवारी 30 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को दी चेतावनी, 'आवाज का नमूना दें, वरना सुरक्षा हटेगी'
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी को निर्देश दिया कि वह बिधाननगर अदालत में पेश हों और आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों को अपनी आवाज के नमूने दें। अदालत ने कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो एकल न्यायाधीश की पीठ उन्हें पुलिस की कार्रवाई से मिली सुरक्षा को वापस ले सकती है।
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपना नामांकन वापस लेने की का ऐलान किया। हालांकि ...
दतिया से भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटा, आशुतोष तिवारी को बनाया प्रत्याशी
दतिया में भाजपा आलाकमान ने चौंकने वाले फैसला करते हुए दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कर आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने इस बार पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटते हुए आशुतोष तिवारी पर भरोसा ...
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के पूर्व सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्व. मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण किया और उस पर पुष्पार्चन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य परिवार में जन्मे मुन्ना ...
सस्ता Electric Scooter, 187Km की रेंज और कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान
हीरो मोटोकॉर्प के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ब्रांड VIDA ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए नया VIDA EVOOTER VX2 Plus 4.4 kWh लॉन्च कर दिया है। लंबी दूरी तय करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस नए वेरिएंट की दिल्ली ...
दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने बैंक फ्रॉड मामले में दायर उनकी अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही निचली अदालत द्वारा सुनाई गई तीन साल की सजा को बरकरार रखा गया है। राजेंद्र भारती को बैंक ...
शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (पीसीएमसी) में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया।
पश्चिमी प्रशांत महासागर में बना सुपर टाइफून 'बावी' (Bavi) एशिया के कई देशों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं और लगभग 1,000 किलोमीटर तक फैले इस विशाल तूफान को हाल के वर्षों के सबसे बड़े उष्णकटिबंधीय ...
12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी
नई दिल्ली। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि अब 12 प्रतिशत से अधिक इथाइल अल्कोहल युक्त दवाओं की बिक्री बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं की जा सकेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज बताया कि सरकार ने अधिक मात्रा में इथाइल अल्कोहल युक्त औषधीय उत्पादों के दुरुपयोग पर रोक […] The post 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी appeared first on Sabguru News .
हिम शिवलिंग के अंतर्धान के बाद भी कायम है श्रद्धा, अमरनाथ यात्रा को लेकर उत्साह बरकरार
हिम शिवलिंग के अंतर्धान होने के बाद भी अमरनाथ यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार है। शिवभक्त गुफा दर्शन और अमरगंगा के जल को ही अपने लिए सौभाग्य मान रहे हैं।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली मंजूरी, 17 जुलाई को हो सकता है शुभारंभ
भारतीय रेलवे की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द जींद-सोनीपत रेलखंड पर दौड़ेगी। स्वदेशी तकनीक से बनी यह ट्रेन स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम है।
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर सीधा प्रहार करते हुये कहा कि आस्था का दिखावा करने वाले लोगों ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था, लेकिन क्या वे जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा सकते हैं। यदि […] The post हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाले क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा करा पाएंगे : योगी appeared first on Sabguru News .
महादेव ऑनलाइन बेटिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई, 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच
महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 940.77 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। यह कार्रवाई ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की है।
'हमने भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले समिति गठित की है। अटकाने-लटकाने-भटकाने का समय गया। अंग्रेज गए और कांग्रेस छोड़ गए। कांग्रेस केवल काम अटकाती थी। आज समय आगे बढ़ने का है। अतिथि विद्वान समिति के माध्यम से जिस भी राज्य का मॉडल लागू करवाना चाहें, उसका ...
सेंसर बोर्ड और आधिकारिक पाबंदियों के बावजूद विवादों में घिरी फिल्म 'सतलुज' को लेकर पंजाब की सियासत और सामाजिक गलियारों में एक नया मोड़ आ गया है। कड़े विरोध और सरकारी रोक के बाद भी पंजाब के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों के गुरुद्वारों में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है। फिल्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सिख श्रद्धालु जुट रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।प्रतिबंध के बाद भी गुरुद्वारों के परिसरों में उमड़ी भारी भीड़सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म की रिलीज और प्रदर्शन पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए कुछ स्थानीय कमेटियों और धार्मिक संगठनों ने इसे सीधे जनता के बीच ले जाने का फैसला किया है। पंजाब के विभिन्न जिलों के गुरुद्वारों के सामुदायिक हॉलों और खुले परिसरों में प्रोजेक्टर लगाकर फिल्म 'सतलुज' को दिखाया जा रहा है। आयोजकों का तर्क है कि यह फिल्म पंजाब के इतिहास, पानी के संकट और सामाजिक सच्चाई को बयां करती है, इसलिए इसे लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।फिल्म देखकर रो पड़े दर्शक, पंजाब के पुराने जख्म हुए हरेइस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान बेहद भावुक कर देने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं। पंजाब के काले दौर और सामाजिक त्रासदियों पर आधारित दृश्यों को देखकर हॉल में मौजूद बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की आंखें नम हो गईं। फिल्म देखकर बाहर निकले दर्शकों ने अपनी प्रतिक्रिया में बेहद संजीदगी से कहा कि पंजाब ने अतीत में जो संताप और दर्द झेला है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोगों ने हाथ जोड़कर दुआ की कि भगवान करे पंजाब की धरती पर वो खौफनाक और काला दौर कभी दोबारा वापस न आए।कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद, शांति बनाए रखने की अपीलबिना अनुमति के हो रही इस स्क्रीनिंग ने स्थानीय प्रशासन और पंजाब पुलिस की चिंताएं बढ़ा दी हैं। संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी कीमत पर राज्य का माहौल या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। खुफिया तंत्र भी इस बात की जांच कर रहा है कि फिल्म के प्रदर्शन के पीछे किन संगठनों का हाथ है, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों से भी शांति और कानून का पालन करने की लगातार अपील की जा रही है।
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। चुनावी तैयारियों और संगठन के पुनर्गठन के बीच पार्टी के भीतर एक बड़े गुट ने अपनी ही लीडरशिप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हालांकि, इस सियासी घमासान के बीच राहत की बात यह है कि बगावत का झंडा बुलंद करने वाले बागी नेता फिलहाल कांग्रेस आलाकमान से सीधा टकराव मोल लेने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। वे अपनी बात को लोकतांत्रिक तरीके से दिल्ली दरबार के सामने रखने की कोशिश में जुटे हैं।हाईकमान से टकराव से बच रहे बागी नेता, बदलाव की मांग पर अड़ेपार्टी के भीतर उभरे असंतुष्ट और बागी धड़े के नेताओं की ओर से आ रहे बयानों से साफ है कि उनका विरोध प्रदेश स्तर की कार्यप्रणाली को लेकर है, न कि केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ। बागी गुट के एक वरिष्ठ नेता ने गोपनीय बैठक के बाद संकेत दिए कि वे सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के फैसलों का पूरा सम्मान करते हैं और हाईकमान से किसी भी तरह का टकराव नहीं चाहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य केवल पंजाब संगठन में जमीनी हकीकत के हिसाब से जरूरी सुधार और बदलाव करवाना है ताकि आने वाले चुनावों में पार्टी को मजबूत किया जा सके।चन्नी गुट की दोटूक: यह वक्त नए एक्सपेरिमेंट करने का बिल्कुल नहीं हैदूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के वफादार और उनके गुट के नेताओं ने इस अंदरूनी कलह पर बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। चन्नी गुट के दिग्गज नेताओं ने बागी धड़े को नसीहत देते हुए साफ कहा कि पंजाब की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह समय पार्टी के भीतर किसी भी तरह के नए एक्सपेरिमेंट (प्रयोग) करने का बिल्कुल नहीं है। चन्नी समर्थकों का मानना है कि इस नाजुक मोड़ पर नेतृत्व या रणनीति में किसी भी तरह का बदलाव करने से विपक्षी दलों को फायदा पहुंच सकता है और पार्टी का ग्राफ नीचे गिर सकता है।पंजाब कांग्रेस के इस अंदरूनी दंगल पर दिल्ली की पैनी नजरविपक्ष को घेरने के बजाय आपस में ही उलझ रहे पंजाब कांग्रेस के इस नए घटनाक्रम ने दिल्ली में बैठे आलाकमान की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पंजाब प्रभारी लगातार दोनों गुटों के नेताओं से संपर्क साध रहे हैं ताकि इस विवाद को सार्वजनिक होने से रोका जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर इस अंदरूनी कलह और 'चन्नी बनाम बागी गुट' की इस जंग को समय रहते शांत नहीं किया गया, तो पंजाब में कांग्रेस की अंदरूनी बगावत एक बार फिर पार्टी के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बिगाड़ सकती है।
साइबर क्राइम के गढ़ के रूप में बदनाम हो रहे झारखंड में ऑनलाइन ठगों ने मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने के लिए एक बेहद शातिर और नया पैंतरा अपनाया है। अब तक आपने ओटीपी (OTP) या बैंक फ्रॉड के मामले सुने होंगे, लेकिन इस बार साइबर अपराधियों ने सिर्फ एक साधारण सी फाइल शेयरिंग के जरिए एक युवती को अपना शिकार बना लिया। इस नए और आधुनिक तरीके के डिजिटल फ्रॉड ने पुलिस प्रशासन और साइबर सेल के भी कान खड़े कर दिए हैं।सिर्फ एक अनजान फाइल डाउनलोड करते ही हैक हुआ फोनजानकारी के मुताबिक, पीड़ित युवती के सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर साइबर अपराधियों ने एक लुभावनी या जरूरी दिखने वाली फाइल भेजी थी। जैसे ही युवती ने उस अज्ञात फाइल पर क्लिक करके उसे अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड और शेयर किया, वैसे ही उसके फोन का पूरा कंट्रोल रिमोटली हैकर्स के पास चला गया। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फाइल कोई साधारण डॉक्यूमेंट नहीं, बल्कि एक खतरनाक मैलवेयर (Malware) या स्पाईवेयर एपीके (APK) फाइल थी, जिसने बैकग्राउंड में बिना पता चले युवती के फोन का सारा सेंसिटिव डेटा चोरी कर लिया।पलक झपकते ही युवती का बैंक अकाउंट हुआ खालीफोन का एक्सेस मिलते ही साइबर अपराधियों ने युवती के बैंकिंग ऐप्स, पासवर्ड और मैसेजिंग सिस्टम को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद युवती के बैंक खाते से जुड़े सारे पैसे पलक झपकते ही दूसरे फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान युवती को कोई अलर्ट या ओटीपी तक नहीं मिल सका, क्योंकि हैकर्स ने मैसेज फॉरवर्डिंग सिस्टम के जरिए ओटीपी को पहले ही अपने पास डाइवर्ट कर दिया था। जब तक युवती को कुछ समझ आता, उसका खाता पूरी तरह साफ हो चुका था।साइबर सेल की चेतावनी: भूलकर भी न करें ये गलतीइस अनोखे मामले के सामने आने के बाद झारखंड पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने राज्य भर के स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक गंभीर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी अनजान नंबर या सोशल मीडिया हैंडल से आई पीडीएफ, एपीके या किसी भी अन्य संदिग्ध फाइल को बिना जांचे-परखे बिल्कुल भी डाउनलोड या आगे शेयर न करें। इसके साथ ही, अपने फोन में हमेशा आधिकारिक गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप्स इंस्टॉल करें और अज्ञात स्रोतों (Unknown Sources) से डाउनलोडिंग को हमेशा बंद रखें।
झारखंड के लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिलने जा रही है। राज्य में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से एक्टिव हो गया है, जिसके कारण मौसम विभाग ने आज प्रदेश के एक बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। मौसम केंद्र रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज राजधानी रांची और कोयलांचल धनबाद समेत कई प्रमुख जिलों में आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा।रांची और धनबाद में सुबह से ही छाए बादल, दोपहर बाद भारी बारिश की उम्मीदराजधानी रांची और आसपास के इलाकों में सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही हैं और बादलों की आवाजाही जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और जमशेदपुर में दोपहर के बाद तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। इस मानसूनी बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिलेगी।कई जिलों में वज्रपात और तेज आंधी-तूफान की चेतावनीमौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ राज्य के कई संवेदनशील जिलों के लिए आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का विशेष अलर्ट जारी किया है। संथाल परगना और उत्तरी झारखंड के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम केंद्र ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे मकानों से दूर रहें। विशेष रूप से किसानों को हिदायत दी गई है कि जब बादल गरज रहे हों, तो वे खेतों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।खेती-किसानी के लिए संजीवनी बनेगी यह मानसूनी बारिशझारखंड में मानसून की इस रफ्तार से सबसे ज्यादा खुशी किसानों के चेहरे पर देखने को मिल रही है। जून और जुलाई के शुरुआती दिनों में कम बारिश होने की वजह से धान की रोपनी प्रभावित हो रही थी, लेकिन आज होने वाली इस व्यापक बारिश से खेतों को भरपूर पानी मिलेगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आगामी कुछ दिनों तक राज्य में इसी तरह झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो इस सीजन में फसलों की पैदावार काफी बेहतर हो सकती है। ग्रामीण और शहरी इलाकों के जलस्तर में भी इससे बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड को एक ग्लोबल औद्योगिक हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के विशेष 'ग्लोबल निवेश मिशन' (Global Investment Mission) के सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। देश-विदेश के बड़े कॉर्पोरेट घराने और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल अब झारखंड का रुख कर रहे हैं। इस अभियान के तहत सिंगापुर से आए उच्चस्तरीय निवेशकों से लेकर देश की दिग्गज ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) तक ने झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भारी निवेश करने की गहरी दिलचस्पी दिखाई है।सिंगापुर के निवेशकों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंगझारखंड में औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिंगापुर के एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की। इस बैठक के दौरान राज्य की नई उद्योग नीति और निवेशकों को दी जाने वाली सहूलियतों पर विस्तार से चर्चा हुई। सिंगापुर के निवेशकों ने मुख्य रूप से झारखंड के सस्टेनेबल डेवलपमेंट, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काम करने की इच्छा जताई है। यह निवेश न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर लाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगा।मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) के साथ पर्यटन क्षेत्र का होगा कायाकल्पऔद्योगिक निवेश के साथ-साथ झारखंड के पर्यटन (Tourism) क्षेत्र को भी एक नया पंख लगने वाला है। देश की अग्रणी ट्रैवल टेक कंपनी मेकमायट्रिप ने झारखंड सरकार के साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी राज्य के खूबसूरत जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक जंगलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करेगी। इसके तहत राज्य में इको-टूरिज्म, होमस्टे नेटवर्क और डिजिटल ट्रैवल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को सीधे तौर पर आजीविका मिल सकेगी।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन: झारखंड बनेगा औद्योगिक लीडरइस बड़ी कामयाबी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सिर्फ खनिज संपदा का राज्य नहीं है, बल्कि यहां हर उस सेक्टर के लिए अपार संभावनाएं हैं जो एक आधुनिक और प्रगतिशील राज्य के लिए जरूरी हैं। सरकार की नीतियां उद्योगों के अनुकूल हैं और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को हर संभव मदद दी जा रही है। सिंगापुर और मेकमायट्रिप जैसे बड़े ब्रांड्स का झारखंड पर भरोसा जताना इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था में एक ऐतिहासिक उछाल आने वाला है।
गुलाबी नगरी में अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए जयपुर पुलिस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए 'एरिया डॉमिनेशन' (Area Domination) अभियान की शुरुआत की है। इस विशेष ऑपरेशन के तहत पुलिस ने पूरी रात शहर के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश दी। इस बड़े एक्शन के नतीजे चौंकाने वाले रहे, जहां पुलिस ने एक साथ 313 संदिग्धों और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।अपराधियों की धरपकड़ के लिए चला सघन ऑपरेशनपुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में सैकड़ों जवानों और अधिकारियों ने एक साथ मिलकर काम किया। शहर के हॉटस्पॉट्स, आपराधिक गतिविधियों वाले इलाकों और संदिग्ध ठिकानों को टारगेट किया गया। पकड़े गए 313 लोगों में से कई ऐसे अपराधी हैं जो लंबे समय से फरार चल रहे थे या विभिन्न मामलों में वांछित थे। पुलिस का यह कदम न केवल अपराधियों में डर पैदा करने के लिए है, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बहाल करने के उद्देश्य से भी उठाया गया है।गैंग के सदस्य दबोचे, भारी मात्रा में अवैध शराब जब्तइस ऑपरेशन के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अभियान के दौरान कई सक्रिय गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जो शहर में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की फिराक में थे। साथ ही, अलग-अलग थाना क्षेत्रों से भारी मात्रा में अवैध शराब का जखीरा भी बरामद किया गया है, जिसे पुलिस ने मौके पर ही जब्त कर लिया है। शराब के अवैध कारोबारियों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई जयपुर में अवैध नशा तस्करी पर करारा प्रहार मानी जा रही है।क्या है पुलिस का अगला कदम?एरिया डॉमिनेशन अभियान की सफलता के बाद जयपुर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि यह एक सतत प्रक्रिया है जो आने वाले दिनों में और तेज की जाएगी। शहर के हर कोने पर कड़ी नजर रखने के लिए पुलिस ने पेट्रोलिंग का दायरा बढ़ा दिया है। गिरफ्तार किए गए अपराधियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके नेटवर्क और अन्य साथियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने साफ कर दिया है कि जयपुर में किसी भी तरह की गुंडागर्दी या गैर-कानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गुलाबी नगरी जयपुर को झकझोर देने वाले चर्चित 'अमायरा केस' में एक ऐसा नया मोड़ आया है जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। स्कूल परिसर के भीतर से सामने आए एक नए सीसीटीवी फुटेज ने इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है। इस वीडियो को जब जांच अधिकारियों ने अमायरा के माता-पिता को दिखाया, तो वे अपने आंसू नहीं रोक पाए और न्याय की मांग करते हुए कैमरे के सामने ही फफक पड़े।दर्द से कराहती मासूम मांगती रही मदद, पर नहीं पिघला दिलसामने आए नए फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि मासूम अमायरा बेहद असहज स्थिति में थी और वह लगातार अपनी स्कूल शिक्षिका (टीचर) के पास जाकर कुछ बताने और मदद मांगने की कोशिश कर रही थी। फुटेज के दृश्यों के मुताबिक, बच्ची दर्द या घबराहट में अपनी बात रखने की कोशिश करती रही, लेकिन आरोप है कि शिक्षिका ने उसकी बात को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और उस पर ध्यान नहीं दिया। माता-पिता का कहना है कि अगर समय रहते उनकी बच्ची की बात सुन ली जाती या उसे प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो शायद आज हालात कुछ और होते।स्कूल प्रशासन और टीचर के रवैये पर खड़े हुए गंभीर सवालइस सीसीटीवी फुटेज के सार्वजनिक होने के बाद स्कूल प्रबंधन और वहां मौजूद स्टाफ की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। बच्चों की सुरक्षा और देखभाल का दावा करने वाले बड़े स्कूलों की इस कथित लापरवाही ने अभिभावकों के मन में डर पैदा कर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रशासन शुरू से ही इस मामले में लीपापोती करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इस नए वीडियो साक्ष्य ने उनकी लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है।पुलिस जांच तेज, इंसाफ के लिए सोशल मीडिया पर फूटा गुस्साजयपुर पुलिस ने इस नए फुटेज को अपने कब्जे में लेकर जांच के दायरे को बढ़ा दिया है। संबंधित शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन के अन्य सदस्यों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। वहीं, इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर और सोशल मीडिया पर आम जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोग 'जस्टिस फॉर अमायरा' अभियान चलाकर दोषी स्टाफ के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी मासूम के साथ ऐसा व्यवहार न हो।
राजस्थान में मानसून की सक्रियता के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भीषण गर्मी झेलने के बाद अब प्रदेशवासियों को झमाझम बारिश की राहत तो मिल रही है, लेकिन इसके साथ ही मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी आफत की चेतावनी भी जारी कर दी है। बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के बीच मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य के कई जिलों के लिए तेज आंधी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है।हनुमानगढ़ में ऑरेंज अलर्ट: प्रशासन और आम जनता सतर्कमौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राजस्थान के उत्तरी हिस्से में स्थित हनुमानगढ़ जिले के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इसका मतलब है कि इस क्षेत्र में अत्यंत भारी बारिश होने और आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल संभावना है। बदलते मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। अचानक होने वाली इस तेज बारिश से जलभराव और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।जयपुर सहित कई जिलों में येलो अलर्ट, धूलभरी आंधी का सायाराजधानी जयपुर समेत प्रदेश के एक बड़े हिस्से में 'येलो अलर्ट' प्रभावी किया गया है। इसका असर जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में देखने को मिलेगा। इन इलाकों में मध्यम से तेज दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों के गरजने के साथ ही कुछ स्थानों पर वज्रपात (बिजली गिरने) की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं, इसलिए खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी गई है।50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंमौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस मानसूनी सिस्टम के असर से प्रदेश में केवल बारिश ही नहीं बल्कि तेज रफ्तार हवाओं का तांडव भी देखने को मिलेगा। कुछ संवेदनशील इलाकों में हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (KMPH) तक पहुंच सकती है। इतनी तेज रफ्तार हवाओं के कारण कच्चे मकानों, टिन शेड, पेड़ के पत्तों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। वाहन चालकों को भी सलाह दी गई है कि वे तेज हवा और आंधी के दौरान सफर करने से बचें और अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें।
बिहार सरकार का बड़ा तोहफा! 97.84 लाख लोगों के खाते में पहुंचे ₹1100, क्या आपको मिली पेंशन
बिहार सरकार ने राज्य के लाखों पेंशनधारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके बैंक खातों में पेंशन की राशि भेज दी है। सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत बिहार के करीब 97.84 लाख लोगों के खातों में ₹1100 की एकमुश्त राशि सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दी गई है। अगर आप या आपके परिवार का कोई भी सदस्य सरकार की किसी पेंशन योजना का लाभार्थी है, तो अब अपना बैंक खाता चेक करने का समय आ गया है।डीबीटी (DBT) के जरिए सीधे बैंक खातों में पहुंचा पैसाराज्य सरकार ने सरकारी योजनाओं में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस तकनीक के माध्यम से ₹1100 की राशि सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजी गई है। सरकार की इस डिजिटल पहल से 97 लाख से अधिक जरूरतमंदों को बिना किसी बिचौलिए के सीधा आर्थिक संबल मिला है। महीनों से अपनी पेंशन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि पैसा अब सुरक्षित तरीके से उनके खाते में क्रेडिट हो चुका है।किन-किन योजनाओं के लाभार्थियों को मिला लाभ?समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी किए गए इस भारी-भरकम फंड में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, विधवा (निराश्रित महिला) पेंशन योजना और दिव्यांग पेंशन योजना के लाभार्थी शामिल हैं। विभाग की ओर से जिलों के अनुसार पूरी लिस्ट तैयार करने और वेरिफिकेशन के बाद ही यह ₹1100 की राशि एक साथ जारी की गई है। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर योग्य व्यक्ति को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।आपके खाते में पैसे आए या नहीं? ऐसे करें तुरंत चेकअगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपके बैंक खाते में पेंशन की यह राशि आई है या नहीं, तो इसे चेक करने के कई आसान तरीके हैं। सबसे पहले आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए बैंक के एसएमएस (SMS) को चेक करें। अगर मैसेज नहीं आया है, तो आप अपने नजदीकी एटीएम, ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) या अपनी बैंक शाखा में जाकर पासबुक अपडेट करा सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, वे इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप या यूपीआई (UPI) के जरिए तुरंत अपना बैलेंस देख सकते हैं। यदि फिर भी पैसा नहीं दिखा रहा है, तो लाभार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बिहार सरकार के ई-लाभार्थी (e-Labharthi) पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करवा सकते हैं।
राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चेक बाउंस मामले में जाना होगा जेल
फिल्म अभिनेता राजपाल यादव को शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने चेक बाउंड के कई मामलों में उनकी सजा बरकरार रखी है। अदालत के इस फैसले के बाद उन्हें फिर जेल जाना होगा।
गंगा आरती, झूला पुल और सुकून के पल: ऋषिकेश की वो जगहें जहां मिलता है रूह को असली आराम
अगर आप भीड़-भाड़ भरी जिंदगी से दूर कहीं सुकून की तलाश में हैं, तो ऋषिकेश से बेहतर जगह और कोई नहीं हो सकती। उत्तराखंड के पहाड़ों की गोद में बसा यह शहर न केवल 'योग की राजधानी' के रूप में विश्व प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ का आध्यात्मिक माहौल और प्राकृतिक सुंदरता सैलानियों को एक अलग ही शांति का एहसास कराती है। ऋषिकेश की गलियों में कदम रखते ही आपको ऐसा लगेगा जैसे आप दुनिया की भागदौड़ से बहुत दूर आ गए हों। यहाँ के शांत आश्रमों से लेकर गंगा की लहरों तक, हर कोना एक अनोखा सुकून देता है। चलिए जानते हैं ऋषिकेश की उन खासियतों के बारे में जो इसे हर पर्यटक का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनाती हैं।माँ गंगा की अलौकिक आरतीऋषिकेश में होने वाली गंगा आरती इस शहर की आत्मा है। परमार्थ निकेतन या त्रिवेणी घाट पर जब शाम ढलती है और गंगा आरती शुरू होती है, तो पूरा माहौल मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। हाथ में जलती हुई दीपों की थालियां, गूंजते हुए मंत्र और गंगा नदी में बहती हुई रोशनी की लकीरें—यह अनुभव आपकी आंखों को नमी और मन को अद्भुत शांति दे जाता है। यहाँ बैठकर आपको ऐसा महसूस होगा जैसे आप ब्रह्मांड की किसी दूसरी दुनिया में आ गए हों। अगर आप ऋषिकेश जा रहे हैं, तो गंगा आरती को मिस करना एक बड़ी भूल हो सकती है।झूला पुलों का रोमांच और खूबसूरतीऋषिकेश की पहचान यहाँ के प्रसिद्ध झूला पुल—लक्ष्मण झूला और राम झूला हैं। गंगा नदी के आर-पार बने ये पुल न केवल कनेक्टिविटी का जरिया हैं, बल्कि यहाँ से दिखने वाला नजारा भी लाजवाब है। पुल पर खड़े होकर बहती हुई गंगा और ऊंचे पहाड़ों को निहारना एक अलग ही अनुभव है। शाम के वक्त जब पुलों पर रोशनी होती है, तो यह इलाका बेहद खूबसूरत और फोटोजेनिक हो जाता है। यहाँ पैदल चलना और नीचे बहती गंगा की गर्जना सुनना आपको प्रकृति के बेहद करीब महसूस कराता है।आश्रमों में ठहरने का सुकूनऋषिकेश को दुनिया भर में अपने शांत आश्रमों के लिए जाना जाता है। यहाँ के आश्रम सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि आत्म-खोज और शांति के केंद्र हैं। बीटल्स आश्रम से लेकर विभिन्न योग केंद्रों तक, यहाँ आपको ध्यान लगाने और खुद से जुड़ने का भरपूर मौका मिलता है। अगर आप शहर के शोर-शराबे से दूर कुछ दिन सादगी से बिताना चाहते हैं, तो इन आश्रमों की शांति आपको गहराई तक सुकून देगी। यहाँ का खान-पान भी पूरी तरह शुद्ध और सात्विक होता है, जो आपके शरीर और मन को एक नई ताजगी देता है। ऋषिकेश सिर्फ एक टूरिस्ट स्पॉट नहीं, बल्कि एक ऐसा एहसास है जिसे आपको अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार जरूर जीना चाहिए।
बरसात का मौसम आते ही एक कप गर्मागर्म चाय की तलब हर किसी को होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसून में आपकी साधारण दूध वाली चाय सेहत के लिए भारी पड़ सकती है? उमस और नमी के इस मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और आयुर्वेद चिकित्सक इस मौसम में 'तुलसी की चाय' पीने की सलाह देते हैं। तुलसी को 'जड़ी-बूटियों की रानी' कहा जाता है, और मानसून में इसका सेवन आपको बीमारियों से कोसों दूर रख सकता है। आइए जानते हैं तुलसी की चाय के वो 7 जादुई फायदे, जो आपको हर हाल में जानने चाहिए।1. इम्यूनिटी का पावरहाउस है तुलसीमानसून में बैक्टीरिया और वायरस का प्रकोप सबसे अधिक होता है। तुलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को जबरदस्त तरीके से बढ़ाते हैं। रोजाना एक कप तुलसी की चाय पीने से आपका शरीर बाहरी संक्रमणों से लड़ने के लिए तैयार रहता है, जिससे आपको बार-बार बीमार पड़ने की चिंता नहीं सताती।2. सर्दी, खांसी और जुकाम से तुरंत राहतबारिश के मौसम में बदलते तापमान के कारण सबसे पहले गले में खराश और जुकाम की शिकायत होती है। तुलसी की चाय में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो गले के संक्रमण को कम करने और बंद नाक को खोलने में बेहद प्रभावी हैं। यह प्राकृतिक तरीके से कफ को बाहर निकालती है और फेफड़ों को राहत पहुंचाती है।3. तनाव मुक्त और शांत दिमागआज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव आम है। तुलसी एक 'एडाप्टोजेन' (Adaptogen) के रूप में काम करती है, जो शरीर के स्ट्रेस लेवल को नियंत्रित करने में मदद करती है। तुलसी की चाय पीने से न केवल दिमाग शांत होता है, बल्कि कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर कम होता है, जिससे आप बेहतर नींद ले पाते हैं और दिनभर ऊर्जावान महसूस करते हैं।4. पाचन तंत्र में सुधारबारिश के दौरान अक्सर पाचन संबंधी समस्याएं जैसे अपच, गैस और पेट फूलने की शिकायतें बढ़ जाती हैं। तुलसी की चाय पेट में मौजूद एंजाइम्स को सक्रिय करती है, जिससे भोजन का पाचन बेहतर होता है। मानसून में चटपटी चीजों के सेवन के बाद अगर आप तुलसी की चाय पीते हैं, तो यह एसिडिटी को कम करने और पेट को हल्का रखने में मदद करती है।5. ब्लड शुगर और मेटाबॉलिज्म का नियंत्रणतुलसी के पत्ते मेटाबॉलिज्म को तेज करने के लिए जाने जाते हैं। यह न केवल शरीर के वजन को नियंत्रित रखने में सहायक है, बल्कि रक्त में शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को भी स्थिर रखने में मदद कर सकती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए मानसून में साधारण चाय के बजाय तुलसी की चाय एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प है।6. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारीतुलसी में यूजेनॉल (Eugenol) नामक तत्व पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। यह धमनियों में होने वाली रुकावट को रोकने और हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को घटाने में प्रभावी है। नियमित रूप से तुलसी की चाय का सेवन आपके दिल को स्वस्थ रखने में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।7. प्राकृतिक डिटॉक्स और चमकती त्वचातुलसी शरीर से टॉक्सिन्स (विषैले पदार्थ) को बाहर निकालने का काम करती है। जब आपका शरीर अंदर से डिटॉक्स होता है, तो इसका असर सीधे आपकी त्वचा पर दिखता है। कील-मुंहासों और अन्य स्किन समस्याओं को कम करने में तुलसी का एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण बेहद कारगर है। बारिश के चिपचिपे मौसम में भी आपकी त्वचा को प्राकृतिक चमक देने के लिए तुलसी की चाय से बेहतर कुछ नहीं हो सकता।
बरसात का मौसम अपने साथ नमी और ढेर सारी परेशानियां लेकर आता है। इस उमस भरे मौसम में सबसे ज्यादा दिक्कत पैरों की होती है—कभी पसीने के कारण बदबू तो कभी इंफेक्शन का डर। क्या आपके पैरों से भी बारिश में बदबू आती है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट का मानना है कि इस मौसम में पैरों में पसीना अधिक आता है और जूते-मोजों में नमी रहने के कारण बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो बदबू और फंगल इंफेक्शन की मुख्य वजह बनते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे एक्सपर्ट टिप्स बता रहे हैं जो आपके पैरों को रखेंगे पूरी तरह फ्रेश और सुरक्षित।क्यों आती है पैरों से बदबू? डर्मेटोलॉजिस्ट का नजरियाएक्सपर्ट्स के अनुसार, हमारे पैरों के तलवों में शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में पसीने की ग्रंथियां बहुत अधिक होती हैं। बारिश के दौरान हवा में नमी (Humidity) अधिक होने के कारण पसीना सूखता नहीं है, जिससे बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिलता है। ये बैक्टीरिया जब पसीने के साथ मिलते हैं, तो एक अजीब सी दुर्गंध पैदा करते हैं। यदि आप लंबे समय तक गीले जूते या मोजे पहनते हैं, तो यह न केवल बदबू का कारण बनता है, बल्कि एथलीट फुट जैसे फंगल इंफेक्शन को भी न्योता देता है।कैसे रखें पैरों को फ्रेश और इंफेक्शन-फ्री?पैरों की दुर्गंध से बचने के लिए स्वच्छता ही एकमात्र उपाय है। सबसे पहले, अपने पैरों को दिन में कम से कम दो बार एंटी-बैक्टीरियल साबुन से अच्छी तरह धोएं और उंगलियों के बीच की जगह को मुलायम तौलिये से सुखाएं। बारिश के मौसम में कोशिश करें कि जूते पहनते समय सूती (Cotton) मोजे ही पहनें, क्योंकि ये पसीना सोखने में सहायक होते हैं। एक महत्वपूर्ण टिप्स यह भी है कि अपने जूतों को रोजाना बदलें, ताकि उन्हें पूरी तरह सूखने का समय मिल सके। घर में आते ही जूतों को उतारें और पैरों को हवा लगने दें।अपनाएं ये आसान घरेलू उपायअगर बदबू ज्यादा है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट फिटकरी (Alum) या टी-ट्री ऑयल (Tea Tree Oil) का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। रात को सोने से पहले गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक और टी-ट्री ऑयल की कुछ बूंदें मिलाकर उसमें पैर 10-15 मिनट तक डुबोकर रखें। यह न केवल बैक्टीरिया का सफाया करेगा बल्कि आपको राहत भी देगा। इसके अलावा, जूतों के अंदर थोड़ा सा एंटी-फंगल पाउडर या बेकिंग सोडा छिड़कने से नमी कम होती है और दुर्गंध पैदा करने वाले कीटाणु मर जाते हैं। याद रखें, पैरों को सूखा रखना ही आपको इंफेक्शन से बचाने की सबसे बड़ी चाबी है।
'गिरफ्तार करें या मार दें, फिर भी बांग्लादेश लौटूंगी'— शेख हसीना का बड़ा ऐलान
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर में भारत से बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब अपने देश लौटने का समय आ गया है। वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, मुझे मार भी सकते हैं। लेकिन फिर भी मैं लौटूंगी।
चेहरे की झाइयां, लगातार निकलने वाले पिंपल्स और सुबह उठते ही चेहरे पर दिखने वाली सूजन न केवल आपकी सुंदरता को कम करती हैं, बल्कि आपका आत्मविश्वास भी गिरा देती हैं। महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट के बाद भी अगर मनचाहा निखार नहीं मिल रहा, तो अब समय है प्राकृतिक उपचार की ओर लौटने का। रसोई में मौजूद कुछ साधारण चीजों से तैयार किया गया यह आयुर्वेदिक 'जादुई तेल' न केवल आपकी स्किन की समस्याओं को जड़ से खत्म करेगा, बल्कि आपके चेहरे पर एक ऐसा प्राकृतिक ग्लो लाएगा कि हर कोई आपसे उसका राज जरूर पूछेगा।झाइयां और पिंपल्स के लिए क्यों खास है यह घरेलू तेल?झाइयां (Pigmentation) और पिंपल्स अक्सर खराब जीवनशैली, प्रदूषण और असंतुलित खान-पान का नतीजा होते हैं। बाजार में मिलने वाली ज्यादातर क्रीम्स में केमिकल्स होते हैं, जो लंबे समय में स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके विपरीत, घर पर बना यह हर्बल तेल स्किन के अंदर जाकर मेलेनिन के स्तर को नियंत्रित करता है, सूजन (Inflammation) को कम करता है और पोर्स को गहराई से साफ करता है। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती है, जो कील-मुंहासों के बैक्टीरिया को खत्म करने में रामबाण की तरह काम करती है।कैसे तैयार करें यह चमत्कारी स्किनकेयर तेल?इस तेल को बनाना बेहद आसान है। इसके लिए आप बेस के रूप में कोल्ड-प्रेस्ड नारियल तेल या बादाम के तेल का उपयोग करें। इसमें कुछ कलियां लहसुन की, थोड़ा सा शुद्ध हल्दी का टुकड़ा और मुलेठी का पाउडर मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। जब तेल का रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तो इसे छानकर एक कांच की शीशी में रख लें। यह मिश्रण आपकी स्किन की गहराई में जाकर नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। रात को सोने से पहले चेहरे को साफ करके इस तेल की केवल 3-4 बूंदों से हल्के हाथों से मालिश करें। नियमित रूप से एक हफ्ते तक उपयोग करने के बाद, आप खुद अपनी स्किन के टेक्सचर में अद्भुत बदलाव महसूस करेंगे।इस्तेमाल करने का सही तरीका और सावधानियांयाद रखें कि कोई भी नुस्खा रातों-रात चमत्कार नहीं करता, लेकिन निरंतरता से इसके परिणाम बेहद शानदार मिलते हैं। इस तेल को लगाने से पहले एक 'पैच टेस्ट' जरूर करें ताकि आपकी स्किन के प्रकार के अनुसार यह अनुकूल हो। ऑयली स्किन वाले लोग तेल को पूरी रात न लगाकर, मसाज के 20 मिनट बाद माइल्ड क्लींजर से चेहरा धो सकते हैं। इसके साथ ही पर्याप्त पानी पिएं और रात में जल्दी सोने की आदत डालें। इस प्राकृतिक तेल के साथ जब आप अपनी दिनचर्या में सुधार करेंगे, तो पिंपल्स, सूजन और जिद्दी झाइयां धीरे-धीरे गायब होने लगेंगी और आपका चेहरा किसी चमकते सितारे की तरह खिल उठेगा।
घर के मुख्य द्वार पर लगा लें ये 4 जादुई पौधे, वास्तु दोष होगा छूमंतर और बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार यानी मेन गेट को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। यदि आप घर में सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि चाहते हैं, तो मुख्य द्वार पर कुछ खास पौधों का होना सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। वास्तु के अनुसार, इन पौधों में इतनी सकारात्मक शक्ति होती है कि ये न केवल वास्तु दोषों को दूर करते हैं, बल्कि मां लक्ष्मी के आगमन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। आज हम आपको उन 4 विशेष पौधों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें घर के प्रवेश द्वार पर लगाते ही आपको सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगेंगे।तुलसी का पौधा: साक्षात लक्ष्मी का वासमुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा लगाना सबसे उत्तम माना गया है। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, जिस घर के मुख्य द्वार के पास तुलसी का पौधा होता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा टिक ही नहीं सकती। यह न केवल घर की शुद्धता बनाए रखती है, बल्कि मां लक्ष्मी को भी अत्यंत प्रिय है। कोशिश करें कि मुख्य द्वार के दाहिनी ओर तुलसी का पौधा रखें। यह परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के साथ ही मानसिक शांति प्रदान करता है और घर में सुख-समृद्धि का संचार करता है।मनी प्लांट: धन और तरक्की का प्रतीकमनी प्लांट को लेकर अक्सर भ्रम रहता है कि इसे कहां रखें, लेकिन मुख्य द्वार के पास मनी प्लांट लगाना धन वृद्धि के लिए बहुत शुभ होता है। वास्तु के अनुसार, यह पौधा घर में तेजी से तरक्की और धन के नए स्रोत खोलता है। हालांकि ध्यान रखें कि मनी प्लांट की बेल नीचे की ओर न लटके, बल्कि इसे किसी धागे या डंडे के सहारे ऊपर की ओर चढ़ाएं। मुख्य द्वार पर इसकी हरी-भरी पत्तियां न केवल घर की सुंदरता बढ़ाती हैं, बल्कि सकारात्मकता के प्रवाह को भी सुगम बनाती हैं।शमी का पौधा: शनि दोष और वास्तु दोष का नाशकअगर आपके घर में बार-बार आर्थिक तंगी या क्लेश की स्थिति बनी रहती है, तो मुख्य द्वार के बाहर बाईं ओर शमी का पौधा लगाना अत्यंत लाभकारी होता है। शमी के पौधे को शनि देव का प्रिय माना जाता है, जिससे यह शनि दोष के साथ-साथ वास्तु दोषों को भी खत्म करने की क्षमता रखता है। यह पौधा न केवल घर की सुरक्षा करता है, बल्कि घर के सदस्यों की प्रगति में आने वाली बाधाओं को भी दूर करता है। वास्तु जानकारों का मानना है कि घर से निकलते समय शमी के पौधे के दर्शन करने से हर कार्य में सफलता मिलती है।क्रासुला (Crassula): धन को चुंबक की तरह खींचने वाला पौधाक्रासुला को 'मनी ट्री' के नाम से भी जाना जाता है और वास्तु में इसे धन को अपनी ओर खींचने वाला पौधा माना गया है। अगर आप अपने करियर या व्यापार में नई ऊंचाइयां पाना चाहते हैं, तो इसे मुख्य द्वार के पास सही दिशा में रखें। इसकी पत्तियां चौड़ी और चमकदार होती हैं, जो देखने में बेहद आकर्षक लगती हैं। वास्तु के अनुसार, इसे घर के प्रवेश द्वार पर लगाने से घर में धन का ठहराव होता है और फिजूलखर्ची पर लगाम लगती है। यह पौधा कम रखरखाव में भी फलता-फूलता है, जो इसे घर के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है।
Sawan 2026: कब से शुरू हो रहा है पवित्र सावन? जानें इस बार कितनी हैं सोमवारी और क्या है खास तारीखें
शिवभक्तों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र महीना 'सावन' आने वाला है। 2026 में सावन की शुरुआत को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है। भगवान शिव की भक्ति में लीन रहने के लिए यह महीना सबसे उत्तम माना जाता है। इस बार सावन में कितनी सोमवारी पड़ रही हैं और इसकी सही तिथियां क्या हैं, इसे लेकर हर कोई उत्सुक है। अगर आप भी महादेव की आराधना की तैयारी कर रहे हैं, तो इस बार के सावन के कैलेंडर पर एक नजर डालना बेहद जरूरी है।सावन 2026 की महत्वपूर्ण तिथियांइस वर्ष सावन का महीना शिवभक्तों के लिए विशेष रहने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन 2026 का शुभारंभ जुलाई के अंत में होने की संभावना है। महादेव का प्रिय महीना होने के कारण, इस दौरान मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है और कांवर यात्रा का भी विशेष महत्व होता है। भक्त पूरे महीने भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ-साथ व्रत रखते हैं और उनकी कृपा पाने के लिए रुद्राभिषेक जैसे अनुष्ठान करते हैं।इस बार कितनी हैं सोमवारी?सावन की सोमवारी का अपना एक अलग ही महत्व है। 2026 के सावन में सोमवारी की संख्या को लेकर पंचांग गणना के अनुसार विशेष योग बन रहे हैं। इस बार सावन के दौरान कुल सोमवारी की संख्या भक्तों के लिए महादेव की भक्ति के अधिक अवसर लेकर आएगी। भक्त अक्सर पहली सोमवारी से लेकर सावन की अंतिम सोमवारी तक व्रत का संकल्प लेते हैं। सोमवारी व्रत का पालन करने से न केवल मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, बल्कि पूरे परिवार पर शिव की विशेष कृपा बनी रहती है।सावन की पूजा और महत्वसावन के दौरान पूरे भारत में 'ओम नमः शिवाय' के मंत्रों से गूंजते मंदिर एक अलग ही ऊर्जा का संचार करते हैं। सावन 2026 के इस दौरान, मौसम और नक्षत्रों का विशेष संयोग बन रहा है, जो पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। कांवरियों की यात्रा और शिव मंदिरों में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों के कारण पूरे देश में एक धार्मिक माहौल देखने को मिलता है। इस बार सावन में अपनी भक्ति को और अधिक सार्थक बनाने के लिए शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना भी जरूरी है, ताकि पूजा का पूरा लाभ प्राप्त हो सके।
आज के दौर में स्टार्टअप की दुनिया किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं है, जहां हर कदम पर अनिश्चितता और चुनौती है। ऐसे में भारतीय इतिहास के महान अर्थशास्त्री और रणनीतिकार आचार्य चाणक्य के विचार आज के आधुनिक बिजनेस वर्ल्ड में भी उतने ही सटीक बैठते हैं। यदि आप एक नया स्टार्टअप शुरू करने जा रहे हैं या अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं, तो चाणक्य की नीतियां आपके लिए एक मार्गदर्शक का काम कर सकती हैं। इन 5 कड़वे लेकिन जरूरी सबकों को अपनाकर कोई भी एंटरप्रेन्योर अपनी सफलता की नींव मजबूत कर सकता है।चाणक्य का पहला मंत्र: सही टीम का चुनावचाणक्य के अनुसार, कोई भी साम्राज्य तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक उसके सेनापति और सैनिक वफादार न हों। एक स्टार्टअप के लिए भी आपकी टीम ही आपकी सबसे बड़ी संपत्ति है। चाणक्य कहते हैं कि किसी को भी अपनी टीम में शामिल करने से पहले उसकी नैतिकता और कार्यक्षमता की परख जरूर करें। केवल योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि कंपनी के विजन के साथ जुड़ने की क्षमता के आधार पर लोगों को चुनें। एक गलत व्यक्ति पूरी मेहनत पर पानी फेर सकता है, इसलिए 'सही व्यक्ति को सही काम' पर लगाना ही सफलता की कुंजी है।दूसरा सबक: गुप्त रखें अपनी रणनीतिएक बिजनेस मंत्र जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है, वह है—अपने अगले कदम को तब तक उजागर न करें जब तक वह पूरा न हो जाए। चाणक्य नीति कहती है कि आपकी योजनाओं का शोर तब होना चाहिए जब काम सफल हो जाए। स्टार्टअप की दुनिया में अत्यधिक पारदर्शिता कभी-कभी आपकी कमजोरी बन सकती है। अपने कंपटीटर्स को अपनी रणनीति का पता न चलने दें और काम को पूरी गोपनीयता के साथ अंजाम दें। यह आपको बाजार में एक बढ़त (Competitive Advantage) प्रदान करता है।तीसरा सबक: संसाधनों का सही प्रबंधनचाणक्य का स्पष्ट मानना था कि धन का प्रबंधन ही राज्य का आधार है। एक एंटरप्रेन्योर के लिए पूंजी (Capital) को बचाना और उसे सही जगह निवेश करना सबसे जरूरी है। स्टार्टअप्स अक्सर दिखावे में अपना बजट खत्म कर देते हैं। चाणक्य के अनुसार, फिजूलखर्ची से बचें और हर पैसे का हिसाब रखें। संसाधनों की कमी को अपनी बाधा न बनने दें, बल्कि अपने सीमित संसाधनों का अधिकतम उपयोग (Optimization) करना ही एक सच्चे उद्यमी की पहचान है।चौथा सबक: असफलता से न डरें, रणनीति बदलेंआचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि एक रास्ता बंद हो जाए, तो दूसरे रास्ते की तलाश में समय बर्बाद न करें, बल्कि अपनी रणनीति में बदलाव करें। बिजनेस में कभी-कभी 'पिवट' (Pivot) करना जरूरी होता है। यदि आपका प्रोडक्ट मार्केट में नहीं चल रहा है, तो अहंकार में आकर उसी पर अड़े रहने के बजाय ग्राहक की जरूरत के हिसाब से खुद को ढालें। जो उद्यमी परिस्थितियों के अनुसार अपनी योजनाएं बदल लेते हैं, वही लंबे समय तक टिक पाते हैं।पांचवां सबक: लक्ष्य पर अर्जुन जैसी नजरअंत में, चाणक्य का सबसे बड़ा सबक है—लक्ष्य प्राप्ति तक न रुकना। स्टार्टअप शुरू करना आसान है, लेकिन उसे टिकाए रखना तपस्या के समान है। कई एंटरप्रेन्योर शुरुआती सफलता के बाद सुस्त पड़ जाते हैं। चाणक्य सिखाते हैं कि जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए, तब तक अपना ध्यान पूरी तरह उसी पर केंद्रित रखें। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना और अपने उद्देश्य के प्रति अडिग रहना ही एक सफल स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनाने का एकमात्र रास्ता है।
रियलिटी शो 'Lock Upp' के घर में ड्रामा और खुलासों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया एपिसोड में उस समय हड़कंप मच गया जब श्रेया ने शिवांगी जोशी से जुड़ा एक ऐसा राज खोल दिया, जिसके बारे में एक्ट्रेस काफी समय से खामोश थीं। इतना ही नहीं, इस विवाद में टीवी के हैंडसम हंक कुशल टंडन का नाम भी घसीटा गया, जिसने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। आखिर कुशल टंडन के साथ ऐसा क्या हुआ था और शिवांगी जोशी क्यों इस बात को पूरी दुनिया से छिपाकर रखना चाहती थीं? आइए जानते हैं इस गरमा-गरम विवाद की पूरी इनसाइड स्टोरी।क्या है कुशल टंडन और शिवांगी के बीच का कनेक्शन?श्रेया के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर कयासों का बाजार गर्म है। सूत्रों के मुताबिक, श्रेया ने संकेत दिए कि कुशल टंडन और शिवांगी जोशी के बीच एक ऐसी घटना घटी थी जिसे एक्ट्रेस ने अपनी निजी जिंदगी का सबसे बड़ा राज मानकर दबा रखा था। हालांकि इस पर अभी तक शिवांगी ने खुलकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके चेहरे के हाव-भाव और घबराहट यह साफ बता रहे थे कि श्रेया ने किसी ऐसी नब्ज को छेड़ दिया है जो काफी दर्दनाक है। कुशल टंडन का इस पूरे मामले में नाम आना न केवल फैंस के लिए चौंकाने वाला है, बल्कि शो के अंदर भी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।क्यों छिपाना चाहती थीं एक्ट्रेस ये राज?शिवांगी जोशी ने अपनी इमेज को हमेशा एक 'बबली' और सुलझी हुई एक्ट्रेस के तौर पर रखा है। ऐसे में श्रेया का यह दावा कि उन्होंने अपनी पिछली जिंदगी के एक अध्याय को पूरी तरह से दुनिया की नजरों से छिपा लिया है, एक्ट्रेस के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। जानकारों का कहना है कि यह कोई छोटा-मोटा झगड़ा नहीं, बल्कि करियर और निजी रिश्तों से जुड़ी कोई पुरानी कड़वी सच्चाई है। शो में श्रेया का इस तरह से राज खोलना जहां उनकी रणनीति को दर्शाता है, वहीं शिवांगी के लिए यह किसी 'अग्निपरीक्षा' से कम नहीं है। अब देखना यह है कि क्या आने वाले एपिसोड्स में शिवांगी अपनी चुप्पी तोड़ती हैं या फिर यह राज शो का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा।
काजोल-शाहरुख की ब्लॉकबस्टर केमिस्ट्री: 6 यादगार फिल्में और OTT पर मौजूद रोमांस का खजाना
बॉलीवुड में शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी को 'आइकॉनिक' माना जाता है। इनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा है, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी एक खास जगह बनाई है। क्या आपको याद है 2015 की वो फिल्म जिसमें उनकी रोमांटिक छवि के उलट एक दमदार रिवेंज स्टोरी (प्रतिशोध की कहानी) देखने को मिली थी? शाहरुख और काजोल ने अपनी हर फिल्म में अभिनय के नए मानक स्थापित किए हैं। अगर आप भी वीकेंड पर इस जोड़ी की बेहतरीन फिल्में देखने का मन बना रहे हैं, तो OTT प्लेटफॉर्म्स पर उनकी चुनिंदा रोमांटिक और ड्रामा फिल्मों का पूरा कलेक्शन मौजूद है।2015 की वो फिल्म और रिवेंज का नया रंगशाहरुख-काजोल की 2015 वाली फिल्म ने तब सबको चौंका दिया था जब फैंस को उनकी चिर-परिचित रोमांटिक कहानी के बजाय एक गहरे बदले (रिवेंज) की पटकथा देखने को मिली। इस फिल्म में दोनों ने अपने अभिनय की गहराई को साबित किया और बताया कि वे सिर्फ रोमांस ही नहीं, बल्कि किसी भी गंभीर विषय को पर्दे पर जीवंत कर सकते हैं। यह फिल्म उनकी बाकी रोमांटिक ड्रामा से काफी अलग और तीव्र थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को बांधे रखा। आज भी यह फिल्म ओटीटी पर खूब सर्च की जाती है और नई पीढ़ी इसे उनके करियर के एक साहसी प्रयोग के रूप में देखती है।OTT पर देखें सदाबहार रोमांटिक सफरआज के दौर में जब सब कुछ ऑनलाइन है, तो इस जोड़ी की बेहतरीन फिल्में भी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से उपलब्ध हैं। 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से लेकर 'कुछ कुछ होता है' और 'कभी खुशी कभी गम' जैसी उनकी कालजयी रोमांटिक फिल्में आज भी हर किसी की पसंदीदा लिस्ट में शुमार हैं। अगर आप उनके काम को फिर से जीना चाहते हैं, तो नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम और अन्य ओटीटी ऐप्स पर जाकर आप उनकी बेहतरीन फिल्मों को एक साथ देख सकते हैं। ये फिल्में न केवल आपको पुरानी यादों में ले जाएंगी, बल्कि यह भी दिखाएंगी कि क्यों शाहरुख और काजोल की जोड़ी आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और लोकप्रिय जोड़ी बनी हुई है।
मिलिए 69 वर्षीय विंसेंट जॉन से, जिसने सिर्फ अखबार से भरे दो बैगों के दम पर देश के सैकड़ों आलीशान लक्जरी होटलों को 30 साल तक चकमा दिया। जानिए इसकी दिलचस्प इनसाइड स्टोरी।
New Drug Rules News : नशे के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खबरों के अनुसार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज ड्रग्स रूल्स (दसवां संशोधन) नियम, 2026 में बदलाव कर 12 प्रतिशत से ज्यादा इथाइल अल्कोहल वाली और 30 ...
अधिक अल्कोहलयुक्त दवाओं की बिक्री के लिए लाइसेंस और डॉक्टर के पर्चे की होगी अनिवार्यता : सरकार
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अधिक मात्रा में एथिल अल्कोहल (इथेनॉल) युक्त औषधीय फॉर्मूलेशनों (दवाओं) के नियमन को सख्त कर दिया। सरकार ने ऐसे उत्पादों की बिक्री के लिए लाइसेंस और डॉक्टर के पर्चे को अनिवार्य कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य इन दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाना और साथ ही वास्तविक चिकित्सीय जरूरतों के लिए उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
यूक्रेन के लिए ₹7.6 लाख करोड़ का मास्टरस्ट्रोक, NATO ने क्यों लगाया इतना बड़ा दांव
रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच NATO ने यूक्रेन की मदद के लिए अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय और सैन्य पैकेज जारी कर दिया है। ₹7.6 लाख करोड़ (लगभग 90 बिलियन डॉलर) का यह भारी-भरकम पैकेज न केवल यूक्रेन की युद्ध क्षमता को मजबूती देगा, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति में भी एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। दुनिया भर के विशेषज्ञ यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर NATO ने इस स्तर का बड़ा दांव क्यों खेला है और क्या यह युद्ध का रुख मोड़ने के लिए पर्याप्त होगा? इस निवेश के पीछे छिपा है NATO का एक बड़ा सुरक्षा एजेंडा, जो आने वाले समय में यूरोप की सुरक्षा के नए आयाम तय करने वाला है।क्यों महत्वपूर्ण है यह ₹7.6 लाख करोड़ का पैकेज?यह कोई सामान्य आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि यूक्रेन को 'लॉन्ग-टर्म डिफेंस' देने की तैयारी है। इस पैकेज में अत्याधुनिक हथियार, एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे की मरम्मत को भी प्राथमिकता दी गई है। NATO का यह कदम सीधे तौर पर रूसी प्रभाव को कम करने और यूक्रेन को एक आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति बनाने की दिशा में है। सैन्य जानकारों का मानना है कि इस फंडिंग के जरिए यूक्रेन न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा कर पाएगा, बल्कि लंबी अवधि तक चलने वाले इस संघर्ष में अपनी पोजीशन को और अधिक मजबूत कर लेगा।NATO का गेम प्लान: सिर्फ युद्ध नहीं, सुरक्षा घेराइस बड़े निवेश के पीछे NATO का मुख्य उद्देश्य अपनी एकता का प्रदर्शन करना और रूस को यह संदेश देना है कि वह यूक्रेन के साथ लंबी रेस के लिए तैयार है। यह पैकेज न केवल गोला-बारूद के लिए है, बल्कि यूक्रेन के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक (Modernization) बनाने में भी मदद करेगा। NATO का यह मानना है कि यूक्रेन की मजबूती ही पूरे यूरोप की स्थिरता की गारंटी है। हालांकि, इतने बड़े दांव के बाद रूस की प्रतिक्रिया क्या होगी और क्या यह युद्ध को और अधिक भड़काएगा, यह अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले समय में, यह पैकेज युद्ध के मैदान में पलड़ा भारी करने का निर्णायक कारक साबित हो सकता है।
यूरोप की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, ट्रेड बैन की धमकी से मचा हड़कंप; क्या अब और गहराएगा आर्थिक संकट
पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी गिरती साख के बीच यूरोप ने एक बड़ा और सख्त रुख अपना लिया है। हालिया घटनाक्रम में यूरोपीय देशों ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मानकों का पालन नहीं हुआ, तो व्यापारिक रियायतें खत्म कर दी जाएंगी। जहाँ एक तरफ अमेरिका के साथ पाकिस्तान के राजनयिक संबंध फिर से गर्माते दिख रहे हैं, वहीं यूरोप की इस 'धमकी' ने इस्लामाबाद की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूरोप ने व्यापारिक प्रतिबंध लगाए, तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए खुद को संभालना लगभग नामुमकिन होगा।GSP+ स्टेटस पर मंडरा रहा खतरायूरोप ने मुख्य रूप से पाकिस्तान को मिलने वाले 'जीएसपी प्लस' (GSP+) स्टेटस को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। मानवाधिकारों के उल्लंघन, श्रम कानूनों की अनदेखी और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा न उतरने के कारण यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान को कड़े सुधार करने का अल्टीमेटम दिया है। यदि पाकिस्तान तय समय सीमा में अपनी नीतियों में सुधार नहीं करता है, तो उसे यूरोप में अपने उत्पाद निर्यात करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति सीधे तौर पर पाकिस्तान के टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट सेक्टर को तबाह करने के लिए काफी है, जो पहले ही विदेशी मुद्रा की कमी से जूझ रहा है।अमेरिका की दोस्ती बनाम यूरोप की सख्तीदिलचस्प बात यह है कि एक ओर अमेरिका के साथ पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा और कूटनीतिक संबंध चर्चा में हैं, वहीं यूरोप का यह रुख पाकिस्तान के लिए 'दोहरी मुसीबत' बन गया है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका भले ही सामरिक हितों के लिए पाकिस्तान को समर्थन दे रहा हो, लेकिन आर्थिक स्तर पर यूरोप की नाराजगी उसे और कंगाल बना सकती है। पाकिस्तान का एक बड़ा निर्यात बाजार यूरोप में है, और वहां से व्यापारिक मदद बंद होने का मतलब होगा देश की पूरी अर्थव्यवस्था का डगमगा जाना। अब देखना यह है कि क्या पाकिस्तान अपनी नीतियों में सुधार करेगा या फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के जाल में और अधिक फंस जाएगा।
हाल ही में हुए NATO शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन का एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला अंदाज देखने को मिला। एर्दोगन ने वहां मौजूद शीर्ष वैश्विक नेताओं को जो उपहार भेंट किए, उन्होंने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने नेताओं को विशेष रूप से तैयार की गई एक 'सिक्सर' रिवॉल्वर और उसके साथ 6 गोलियां तोहफे में दीं। एर्दोगन के इस कदम ने न केवल प्रोटोकॉल की सुर्खियों को हवा दी, बल्कि इसके पीछे के कूटनीतिक संदेश और उपहार की खासियत को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।क्या है एर्दोगन की इस 'सिक्सर' की खासियत?तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा दी गई यह रिवॉल्वर सामान्य नहीं है। इसे तुर्की की रक्षा तकनीक और निर्माण कौशल का प्रतीक माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह रिवॉल्वर तुर्की की स्वदेशी शस्त्र निर्माण क्षमता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे बेहद बारीकी से डिजाइन किया गया है। एर्दोगन का यह कदम तुर्की के डिफेंस सेक्टर को वैश्विक मंच पर प्रमोट करने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। 6 गोलियों का सेट भी इसी रिवॉल्वर का हिस्सा था, जो इस उपहार की पूरी किट को एक 'कलेक्टर आइटम' के रूप में पेश करता है।क्या डोनाल्ड ट्रंप ने यह बंदूक ली?इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस उपहार को स्वीकार किया? कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा आम है कि एर्दोगन के इस सख्त और पावरफुल गिफ्ट को लेकर नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं थीं। सुरक्षा प्रोटोकॉल और कूटनीतिक नियमों के कारण ऐसे उपहारों को लेकर काफी सतर्कता बरती जाती है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि एर्दोगन ने इस मंच का उपयोग न केवल दोस्ती जताने के लिए किया, बल्कि दुनिया को तुर्की की 'पावर' और उसकी रक्षा तैयारियों से अवगत कराने का भी कोई मौका नहीं छोड़ा।
सेंसेक्स-निफ्टी में जबरदस्त बहार, 700 अंक उछला बाजार; Vedanta Aluminium के शेयरों ने पकड़ी रफ्तार
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। हफ्ते के कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख सूचकांकों ने जोरदार छलांग लगाई है, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक की तूफानी तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 24,150 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आई इस खरीदारी के पीछे ग्लोबल संकेतों और घरेलू बाजार के मजबूत प्रदर्शन को बड़ी वजह माना जा रहा है।Vedanta Aluminium का दिखा कमालबाजार की इस तेजी में मेटल सेक्टर के दिग्गज शेयरों का खास योगदान रहा है। आज के सत्र में Vedanta Aluminium के शेयरों ने निवेशकों का दिल जीत लिया है। कंपनी के शेयर 3% से ज्यादा की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि एल्युमीनियम की बढ़ती वैश्विक मांग और कंपनी के बेहतर परिचालन प्रदर्शन के कारण निवेशकों का भरोसा इस शेयर पर फिर से बढ़ा है। मेटल और कमोडिटी सेक्टर में आई इस हलचल ने आज निफ्टी को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।क्यों चढ़ रहा है बाजार?बाजार के जानकारों के अनुसार, निफ्टी का 24,150 के पार निकलना तकनीकी रूप से बेहद मजबूत संकेत है। आज के कारोबार में बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर में हुई चौतरफा खरीदारी ने इंडेक्स को सहारा दिया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सक्रियता और सकारात्मक घरेलू आर्थिक आंकड़ों ने बाजार में जोश भर दिया है। यदि निफ्टी इस स्तर पर खुद को टिकाए रखने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में और भी नई रिकॉर्ड ऊंचाई देखने को मिल सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बाजार में किसी भी निवेश से पहले स्टॉप लॉस का ध्यान जरूर रखें।
ब्रिटेन से लग्जरी कारें मंगाना हुआ सस्ता, नई ट्रेड डील से भारतीय खरीदारों की मौज
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से चर्चा में रही भारत-यूके (UK) ट्रेड डील की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए नए नियमों का ऐलान कर दिया है। इस बदलाव के बाद अब ब्रिटेन से आयात होने वाली लग्जरी कारों पर लगने वाले टैक्स और शुल्क में कटौती की गई है, जिससे प्रीमियम वाहनों के शौकीनों के लिए अब इनका सपना पूरा करना आसान हो गया है। जानकारों का मानना है कि यह फैसला न केवल लग्जरी कारों की कीमतों को कम करेगा, बल्कि भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ाएगा।क्या बदलेंगे लग्जरी कारों के दाम?सरकार द्वारा जारी किए गए नए नियमों के अनुसार, ट्रेड डील के तहत आयातित लग्जरी वाहनों पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी और अन्य शुल्कों को तर्कसंगत बनाया गया है। अब तक भारी टैक्स के कारण जो कारें भारत में काफी महंगी मिलती थीं, उनकी कीमतों में अब उल्लेखनीय कमी देखने को मिल सकती है। लग्जरी कार निर्माताओं के लिए भारत एक बड़ा मार्केट रहा है, और इस डील के बाद प्रीमियम सेगमेंट की कारों की बिक्री में उछाल आने की पूरी संभावना है। ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल कीमतों में गिरावट आएगी, बल्कि लेटेस्ट मॉडल्स की उपलब्धता भी पहले से बेहतर होगी।डील का भारत पर क्या होगा असर?यह ट्रेड डील केवल कीमतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगी। भारत में 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के साथ-साथ विदेशी तकनीक और लग्जरी ब्रांड्स के लिए आसान पहुंच से भारतीय ऑटो सेक्टर को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इससे घरेलू निर्माताओं के बीच भी मुकाबला बढ़ सकता है, लेकिन अंततः इसका सीधा लाभ भारतीय ग्राहकों को मिलेगा, जो अब प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की लग्जरी कारें खरीदने में सक्षम होंगे। फिलहाल, बाजार के जानकारों ने नई दरों के आने के बाद कारों के वेटिंग पीरियड में कमी आने की भी उम्मीद जताई है।
क्या है मुनाफे का गणित? AI बिजनेस की रफ्तार और ₹3000 के टारगेट पर दिग्गज ब्रोकरेजों की क्या है राय
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के बाद से ही शेयर बाजार में हलचल तेज है। आईटी सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी ने अपने प्रदर्शन से निवेशकों का ध्यान खींचा है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सेवाओं में कंपनी की बढ़ती पकड़ ने बाजार का भरोसा मजबूत किया है। ग्लोबल मार्केट में छाई अनिश्चितता के बावजूद, TCS ने जिस तरह से अपने मार्जिन और डील विन-रेशियो को मैनेज किया है, वह भविष्य के लिए अच्छे संकेत दे रहा है। एक्सपर्ट्स अब इस शेयर को लॉन्ग टर्म के लिए एक मजबूत विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।AI का दम और नई डील से कंपनी को फायदाTCS के तिमाही नतीजों में सबसे अधिक चर्चा AI-संचालित समाधानों की है। कंपनी ने अपनी ऑर्डर बुक में जो बढ़ोतरी दिखाई है, उसमें जेनरेटिव एआई (GenAI) प्रोजेक्ट्स का बड़ा योगदान है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि कंपनी जिस तरह से अपने ग्राहकों को एआई के जरिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में मदद कर रही है, उससे आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ को और मजबूती मिलेगी। क्लाउड एडॉप्शन और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी की स्थिति काफी बेहतर बनी हुई है, जो इसे प्रतिस्पर्धियों से आगे खड़ा करती है।क्या ₹3000 का लक्ष्य हासिल करना मुमकिन है?ब्रोकरेज हाउस इस शेयर को लेकर काफी आशावादी नजर आ रहे हैं। कई बड़ी वित्तीय संस्थाओं ने TCS के लिए ₹3000 के आसपास का टारगेट रखा है। हालांकि, बाजार की मौजूदा चाल को देखते हुए निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या अभी खरीदारी का सही मौका है? एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए इसमें 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनानी चाहिए। TCS का मजबूत बैलेंस शीट और डिविडेंड देने का रिकॉर्ड इसे एक 'डिफेंसिव' स्टॉक के रूप में पेश करता है, जो पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।
केतन हत्याकांडः पिता विशाल अग्रवाल की राष्ट्रपति से गुहार, त्वरित न्याय की मांग
केतन अग्रवाल हत्याकांड में उनके पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और शीघ्र न्याय की मांग की है।
चीन के एक जूता कारखाने में आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत
बीजिंग। चीन के जिंजियांग शहर में एक जूता कारखाने में भीषण आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। यह विनाशकारी आग गुरुवार को हुइतेंग फुटवियर कारखाने में लगी। स्थानीय मीडिया के अनुसार जब आग भड़की तब कारखाने के भीतर लगभग 240 लोग मौजूद थे। सूचना मिलते ही 500 से अधिक […] The post चीन के एक जूता कारखाने में आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
चंपत राय समेत 3 दिग्गजों की डिजिटल ID ब्लॉक, आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?
Champat Rai digital ID blocked: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा और दान चोरी प्रकरण के बाद अब एक और बड़ा भूचाल आ गया है। राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बेहद कड़ा और अप्रत्याशित कदम उठाते हुए ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल ...
पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुष्मिता देव और दो अन्य राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित
कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार रात पूर्व तृणमूल कांग्रेस राज्यसभा सदस्यों सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बारिक को आगामी 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में […] The post पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुष्मिता देव और दो अन्य राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित appeared first on Sabguru News .
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भले ही अब तक बीजेपी और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नामों का एलान नहीं किया हो लेकिन कांग्रेस के अंदर टिकट को लेकर दावेदारों के बीच सिरफुटौव्वल सामने आ गया है। कांग्रेस की चुनाव तैयारियों से जुड़ी बैठक मं संभावित ...
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में अयोध्या के विकास की उपेक्षा की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अतीत में ऐसे कदम उठाए गए, जिन्हें वे धार्मिक भावनाओं के प्रतिकूल मानते हैं।
अलवर : विवाहिता का घर से अपहरण कर जंगल में गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में एक महिला से दुष्कर्म करके उसे कुंए में फेंकने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना गत तीन जुलाई की रात करीब 11 बजे की है जब महिला अपने पीहर में थी और घर में उसके पिता भी मौजूद थे। देर रात […] The post अलवर : विवाहिता का घर से अपहरण कर जंगल में गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका appeared first on Sabguru News .
अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक
मशहद। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को गुरुवार देर रात को मशहद शहर के इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ईरान की समाचार एजेंसी इरना के अनुसार देर रात खामेनेई के बड़े बेटे हुज्जतुलइस्लाम सैय्यद मुस्तफा हुसैनी खामेनेई की अगुवाई में लाखों लोगों ने […] The post अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक appeared first on Sabguru News .
सीएम योगी का सपा और कांग्रेस से सवाल, क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीस कराएंगे?
राम मंदिर दान चोरी विवाद के बीच अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा पर हमला करते हुए कहा कि इन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था। क्या ये जामा मस्जिद में हनुमान चालीस कराएंगे?
सरकार ने कड़े किए नियम, 12% से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब केवल डॉक्टर के पर्चे पर मिलेंगी
केंद्र सरकार ने 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली मौखिक दवाओं को शेड्यूल H1 में शामिल कर दिया है। अब इन्हें खरीदने के लिए डॉक्टर का पर्चा अनिवार्य होगा।
World Population Day History: बढ़ती आबादी, सीमित संसाधन और वैश्विक संतुलन को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल की तरह इस साल भी 11 जुलाई 2026 को दुनिया भर में 'विश्व जनसंख्या दिवस' मना जा रहा है। यहां जानें वर्ल्ड पॉप्युलेशन डे की तारीख, ...
कोचिंग विवाद मामले में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर पटना अदालत में सुनवाई
पटना की एक सिविल अदालत शुक्रवार को चर्चित कोचिंग शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगी। यह मामला कोचिंग संचालक रोशन आनंद से जुड़े विवाद से संबंधित है।
उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के करीबी लोग उनसे मिलने और फोटो खिंचवाने के नाम पर कार्यकर्ताओं से पैसे वसूल रहे हैं।
शरद पवार की शिंदे के कक्ष में बैठक से महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई, संजय राउत ने उठाए सवाल
Maharashtra Politics : विधान भवन में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में शरद पवार द्वारा ली गई बैठक के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुलाकात को लेकर संजय राउत ने निशाना साधा, जबकि एकनाथ शिंदे और जितेंद्र आव्हाड ने सफाई दी।
नई साप्ताहिक इंसुलिन थेरेपी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि मरीजों को पूरे वर्ष में रोजाना 365 इंजेक्शन लगाने के बजाय केवल 52 इंजेक्शन लगाने होंगे। इससे उपचार की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनने की संभावना है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस को रकम को शेयर, सूदखोरी और अन्य कारोबारों में लगाने के संकेत मिले हैं। जांच अब पूरे वित्तीय नेटवर्क और संभावित मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर केंद्रित है।
देशभर में सक्रिय हुआ मानसून, दिल्ली-एनसीआर समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट
देशभर में मानसून सक्रिय होने के साथ दिल्ली-एनसीआर समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी, कई क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित।

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