सर्राफा बाजार में सोने-चांदी में कमजोरी, पांच दिन में 8,900 रुपये की भारी गिरावट
सर्राफा बाजार में सोने-चांदी में कमजोरी, पांच दिन में 8,900 रुपये की भारी गिरावट
कर्नाटक: बैंकों में कन्नड़ भाषा और स्थानीय युवाओं को नौकरी की मांग
कर्नाटक के कन्नड़ और संस्कृति मंत्री शिवराज एस. तंगडागी ने राज्य के सभी बैंकों में कन्नड़ में सेवाएं देने और भर्ती में कन्नड़ भाषा जानने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की मांग की है. उन्होंने इसे कन्नड़ लोगों का भाषाई अधिकार और संस्थाओं की जिम्मेदारी बताया.
'सभी राज्य जजों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करें', सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने पर विचार करने को कहा।
मंगलवार को बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने सभी 16 डीपीएसयू के प्रदर्शन और उपलब्धियों का आकलन किया और भारत के रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर भाजपा की खास तैयारी, वडनगर से वाराणसी तक निकाली जाएगी बाइक रैली
भाजपा ने पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन (17 सितंबर) को मनाने के लिए महीने भर के कार्यक्रमों की योजना बनाई है।
भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक स्थायी समिति के पास भेजा गया, बिल की बारीकियों पर होगी चर्चा
भारतीय सांख्यिकी संस्थान को वैधानिक ढांचा प्रदान करने के प्रविधान वाले विधेयक को संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति के विचारार्थ भेज दिया गया है।
पुणे स्थित सरकारी पालिटेक्निक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर हटाने के मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
केरल हाईकोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाले मामले में स्पष्ट कर दिया है कि कानून और बच्चों की सुरक्षा से ऊपर कोई भी धार्मिक मान्यता या निजी प्रथा नहीं हो सकती।
भाजपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ आबूरोड ब्राह्मण समाज ने दिया नया नारा, आज करेंगे प्रदर्शन
सबगुरू न्यूज-सिरोही। भाजपा के कोर वोट बैंक रहे ब्राह्मण समाज में भाजपा के जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। परशुराम भवन में मंगलवार को हुई बैठक के बाद नगर पालिका चुनावों में आबूरोड में भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा ब्राह्मण समाज को दरकिनार करने को लेकर रोष जताया गया। बैठक में […] The post भाजपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ आबूरोड ब्राह्मण समाज ने दिया नया नारा, आज करेंगे प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक विवाद: न्यायपालिका पर आपत्तिजनक अध्याय का मामला सुप्रीम कोर्ट में बंद
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कक्षा आठ की एनसीईआरटी सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े आपत्तिजनक अध्याय के मामले में स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई कार्यवाही बंद कर दी।
अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने शुरू की जवाबी कार्रवाई, मिसाइलों और ड्रोन से किया हमला
अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने शुरू की जवाबी कार्रवाई, मिसाइलों और ड्रोन से किया हमला
मानहानि मामला: 'सावरकर ने मुसलमानों से कभी नफरत नहीं की', राहुल गांधी के आरोप पर कोर्ट में परपोते ने क्या कहा?
नेपाल: त्रिशूली हाइड्रोपावर से बचे मजदूर का चीनी सुपरवाइजर पर बड़ा आरोप
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर की नंबर-3 टनल से बचकर निकले श्रमिक राज क्षेत्री ने भयावह हालात की आपबीती सुनाई. उन्होंने दावा किया कि टनल में करीब 265 श्रमिक काम कर रहे थे, जिनमें कई की मौत हो गई और कुछ मदद के लिए चिल्ला रहे थे.
चीनी को लेकर सरकार हुई और सख्त, व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट हुई आधी!
चीनी को लेकर सरकार हुई और सख्त, व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट हुई आधी!
पढ़ें 2 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज
Latest and Breaking News - Read today's latest and breaking news in hindi on Amarujala. यहां पढ़ें देश, दुनिया, खेल, मनोरंजन, धर्म, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और आर्थिक जगत की खबरों का लाइव अपडेशन
भारत ने हासिल की 7.8% GDP ग्रोथ, पीएम मोदी ने देश को दिया मूल मंत्र
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए विकास गति बनाए रखने के लिए स्वदेशी का मंत्र दिया।
अभी और भी बड़ा हमला होगा... ईरान पर अटैक के बाद ट्रंप की नई धमकी; तेहरान बोला- आपको पछताना पड़ेगा
अमेरिका ने ईरान के IRGC ठिकानों पर नए हमले शुरू किए हैं, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि किसी भी जवाबी कार्रवाई पर अमेरिका और भी बड़ा सैन्य हमला करेगा.
पीएम मोदी ने एक हाथ से पुतिन को संभाला, दूसरे से चिनफिंग; पाकिस्तान को क्यों लगी मिर्ची?
पीएम मोदी ने बिश्केक में एससीओ शिखर बैठक के दौरान शी चिनफिंग और व्लादिमीर पुतिन से एक साथ हाथ मिलाया।
सिरोही में भाजपा को निर्विरोध मिला सभापति उम्मीदवार, अब सिर्फ पार्षदों की जंग बाकी
सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही में भाजपा को अपना सभापति पद का प्रबल दावेदार मिल गया है। ऐसे में अब वहां पर भाजपा को सिर्फ अपने पार्षद जिताने की कवायद करनी है जो निविरोध जीते सभापति पद के दावेदार को अपना समर्थन देकर इस पद पर काबिज करने में सहयोग दे दे। सिरोही नगर परिषद के वार्ड […] The post सिरोही में भाजपा को निर्विरोध मिला सभापति उम्मीदवार, अब सिर्फ पार्षदों की जंग बाकी appeared first on Sabguru News .
शंघाई शिखर सम्मेलन में दिखा भारत का प्रभाव: एसपी वैद
जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने पाकिस्तान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एससीओ शिखर सम्मेलन में दिए बयानों, भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ, आतंकवाद, पाकिस्तान में हिंदू मंदिर गिराए जाने और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी
'हाथ-पैर में बेड़ियां डालकर ले जाना...', यूपी पुलिस से डरा अंकित का हत्यारा
अंकित बालियन हत्याकांड में आरोपी राकेश उर्फ पम्पू ने यूपी पुलिस की कस्टडी से पहले सुरक्षा की मांग की है. उसने हाथ-पैर में बेड़ियां लगाने, पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराने की बात कही है.
माउण्ट आबू कांग्रेस में बवाल, टिकिट वितरण के बाद सामूहिक त्यागपत्र का दौर
सबगुरु न्यूज-सिरोही। नगर निकाय चुनावों के टिकिट वितरण के बाद राजनीतिक पार्टियों में विवादों का दौर शुरू हो गया है। माउण्ट आबू में कांग्रेस में विवाद सामने आया है। वहां पर एक दर्जन से ज्यादा पदाधिकारियों ने प्रेसनोट जारी करके संगठन से सामूहिक त्यागपत्र दे दिए हैं। इन लोगों के त्यागपत्र संगठन के पदों से […] The post माउण्ट आबू कांग्रेस में बवाल, टिकिट वितरण के बाद सामूहिक त्यागपत्र का दौर appeared first on Sabguru News .
टाइम्स स्क्वायर चाकूबाजी में बैंक ऑफ अमेरिका की वाइस प्रेसिडेंट की हत्या
सोमवार को टाइम्स स्क्वायर पर हुई चाकूबाजी की घटना में बैंक ऑफ अमेरिका की वाइस प्रेसिडेंट एरिन पियासेंटी की मौत हो गई है. बैंक ऑफ अमेरिका ने उनकी मौत पर दुख जताया है.
पीएम मोदी ने एससीओ के 26वें राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक के दौरान उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के नेताओं को भारतीय पारंपरिक शिल्प, वस्त्र, चाय, संगीत वाद्ययंत्र और साहित्यिक कृतियों के रूप में कई खास उपहार दिए।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में खामियों के बाद बड़ा एक्शन, हर परत की मंजूरी जरूरी; मांगे 21 सुझाव
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में खामियों के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने हाईवे निर्माण में एआइ-एमसी तकनीक के सफल उपयोग के लिए एसओपी बनाने की तैयारी की है।
गुरुग्राम में एप्पल कस्टमर केयर बनकर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले 11 गिरफ्तार
गुरुग्राम, एक सितंबर गुरुग्राम पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए साइबर धोखाधड़ी में शामिल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि ये आरोपी खुद को एप्पल कंपनी की ग्राहक सेवा का प्रतिनिधि बताकर अमेरिकी नागरिकों को सहायता देने के बहाने उनके साथ साइबर धोखाधड़ी करते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से नौ लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, दो हेडसेट/माइक्रोफोन, दो कार, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटर जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, साइबर पुलिस को सूचना मिली थी कि गुरुग्राम के पालम विहार में एक ठिकाने से फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। यहां कथित तौर पर एप्पल ग्राहक सेवा का प्रतिनिधि बनकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था और उनके साथ साइबर धोखाधड़ी की जा रही थी। इस मामले में गुरुग्राम के साइबर अपराध थाने (पश्चिम) में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सूचना के आधार पर सोमवार को छापेमारी की। इस दौरान आरोपी लैपटॉप, हेडसेट और मोबाइल फोन के जरिए विदेशी नागरिकों से अंग्रेजी में बातचीत करते मिले। पुलिस ने बताया कि मौके से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान प्रीतपाल सिंह, मोहम्मद रिजान अंसारी, चैतन्य गोयल, शाहरुख अंसारी, संजीव पांडे, शिवम, आदित्य, दीपक त्रिवेदी और वरुण गौतम के रूप में हुई है। ये सभी दिल्ली के रहने वाले हैंपुलिस ने बताया कि ओडिशा निवासी मनीष और हरियाणा के रहने वाले नीरज को भी गिरफ्तार किया गया है।
B&W: भारत-चीन-रूस के 'Troica' से कैसे घूमी ग्लोबल पॉलिटिक्स की धुरी?
आज सबसे पहले हम आपको बिश्केक में हुई SCO समिट से आई उस तस्वीर के बारे में बताएंगे... जिसकी वजह से ग्लोबल पॉलिटिक्स की धुरी घूमती हुई नजर आई. जब भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रशिया के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'Three Way Handshake' किया... तो ग्लोबल पॉलिटिक्स के तमाम समीकरण बदलते नजर आए. इस Handshake को महज एक औपचारिकता कहना भूल होगी, क्योंकि ये तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के उन तमाम समीकरणों को नया आकार दे रही हैं, जिन पर पश्चिमी देशों की गहरी नजरें टिकी थीं. देखें...
जिनपिंग-पुतिन के बीच अमेरिकी दूत की एंट्री, क्या है ट्रंप का बड़ा दांव?
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर का SCO शिखर सम्मेलन के दौरान बिश्केक पहुंचना चर्चा में है. उन्होंने वर्ल्ड नोमैड गेम्स में अमेरिकी दल का समर्थन करने की वजह बताई, लेकिन इस दौरान मध्य एशियाई देशों के राष्ट्रपतियों से उनकी मुलाकातें भी हुईं.
दिल्ली में कल इन रास्तों से बचकर निकलें, BRICS समिट से पहले आई ट्रैफिक एडवाइजरी
दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत 2 सितंबर को VIP काफिले की मॉकड्रिल होगी. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 10 बजे से 3 बजे तक रिहर्सल के दौरान लुटियंस दिल्ली और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित रहने की एडवाइजरी जारी की है. इसके तहत 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं और 35 से ज्यादा सड़कों पर आवाजाही नियंत्रित की जाएगी.
ट्रेन में एसी बर्थ पर यात्री ने जलाया 'दीया', रेलवे पुलिस ने भुसावल स्टेशन पर उतारा
सेंट्रल रेलवे के अधिकारी ने बताया कि यह घटना 31 अगस्त को हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12782) के एसी कोच में हुई। सूचना मिलने पर कोच ए-1 में एक टीटीई को भेजा गया।
SIR का हाल के चुनावों पर कितना असर? बंगाल इलेक्शन भी हो गया पूरी तरह डीकोड
पिछले कुछ महीनों में देखें तो पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए थे. वहीं पिछले साल बिहार और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में भी विधानसभा चुनाव हुए थे.
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मंदिरों और घरों में पूजा-पाठ, कान्हा के जन्मोत्सव, अभिषेक और भोग की तैयारियां जोरों पर होती हैं। जन्माष्टमी की पूजा में तांबे और पीतल के बर्तनों, दीपकों, घंटियों, थालियों और लड्डू गोपाल की पीतल की मूर्तियों का विशेष उपयोग किया जाता है। हालांकि, हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी (ऑक्सीकरण) के संपर्क में आने के कारण तांबे और पीतल के बर्तन बहुत जल्दी काले या हरे पड़ने लगते हैं और उनकी चमक फीकी पड़ जाती है। अधिकांश लोग इन्हें रगड़-रगड़ कर साफ करने में काफी समय और मेहनत गंवा देते हैं, जिससे बर्तनों पर खरोंच भी आ जाती है। यदि आप बिना किसी मेहनत और बिना घिसे कुछ ही मिनटों में इन्हें सोने की तरह चमकाना चाहते हैं, तो घर की रसोई में मौजूद आसान और जादुई नुस्खों को आजमा सकते हैं।1. सिरका और नमक का जादुई घोल (Instant Dip Method)यह नुस्खा अत्यधिक काले पड़ चुके छोटे बर्तनों, दीयों और पूजा की घंटियों के लिए सबसे अचूक और तेज तरीका है।सामग्री: 1 कप सफेद सिरका (White Vinegar) और 2 बड़े चम्मच सादा नमक।विधि: एक बड़े बर्तन में सिरका लें और उसमें नमक डालकर अच्छी तरह घोल लें। अब इस मिश्रण को तांबे या पीतल के काले बर्तनों पर एक सूती कपड़े या ब्रश की मदद से लगाएं या सीधे बर्तनों को इस घोल में 2 से 3 मिनट के लिए डुबोकर छोड़ दें। सिरके का एसिटिक एसिड और नमक का सोडियम क्लोराइड आपस में मिलकर तुरंत कॉपर ऑक्साइड की काली परत को पिघला देते हैं।अंतिम चरण: 2 मिनट बाद बर्तन को सामान्य साफ पानी से धोएं और सूखे साफ कपड़े से पोंछ लें। बर्तन बिना किसी मेहनत के बिल्कुल नए जैसे चमकने लगेंगे।2. नींबू और बेकिंग सोडा का झागदार पेस्ट (Foaming Paste)पीतल की बड़ी थालियों, कलश और बर्तनों के नक्काशीदार कोनों से जमी हुई मैल निकालने के लिए यह पेस्ट बेहद कारगर है।सामग्री: आधा कटा नींबू और 1 बड़ा चम्मच बेकिंग सोडा।विधि: एक कटोरी में बेकिंग सोडा लें और उस पर नींबू का रस निचोड़ें। जब इसमें झाग उठने लगे, तो आधे कटे नींबू के छिलके से इस पेस्ट को लेकर बर्तन या मूर्ति पर हल्के हाथों से चारों तरफ फैला दें।असर: इसे केवल 5 मिनट तक लगा रहने दें। रासायनिक क्रिया से सारा कालापन खुद ब खुद छूट जाएगा। इसके बाद हल्के स्पंज से पानी डालते हुए धो लें और मुलायम तौलिए से सुखा लें।3. इमली का पल्प या खट्टी छाछ का पारंपरिक तरीकाआयुर्वेद और पारंपरिक भारतीय घरों में सदियों से इमली का उपयोग धातु के बर्तनों को चमकाने के लिए किया जाता रहा है।सामग्री: थोड़ी सी पकी इमली (पानी में भिगोई हुई) या 1 कप खट्टी छाछ/दही।विधि: इमली को थोड़े से गुनगुने पानी में मसलकर गाढ़ा पल्प (गूदा) बना लें। इस पल्प को तांबे और पीतल के बर्तनों पर लेप की तरह लगा दें और 10 मिनट के लिए छोड़ दें। इमली में मौजूद प्राकृतिक टार्टरिक एसिड धातु की मूल चमक को तुरंत वापस ले आता है।धोने का तरीका: 10 मिनट बाद सादे पानी से धोकर सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें।4. गेहूं का आटा, नमक और सिरके का उबटनयदि पीतल या तांबे की मूर्तियों पर महीन डिजाइन बनी हुई है और आप नहीं चाहते कि किसी भी प्रकार की खरोंच आए, तो यह क्लींजिंग उबटन सबसे सुरक्षित है।सामग्री: 2 चम्मच गेहूं का आटा, 1 चम्मच नमक और पेस्ट बनाने लायक सिरका।विधि: तीनों चीजों को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं और इसे पूजा के बर्तनों व मूर्तियों पर लगाकर 10 से 15 मिनट तक सूखने दें।सफाई: जब लेप हल्का सूख जाए, तो गुनगुने पानी की धार के नीचे उंगलियों से सहलाते हुए इसे धो लें। यह धातु को बिना नुकसान पहुंचाए गहरी सफाई देता है।सफाई के बाद चमक को लंबे समय तक बरकरार रखने का सीक्रेटपूरी तरह सुखाना अनिवार्य: तांबे और पीतल के बर्तनों को धोने के बाद कभी भी खुद से सूखने के लिए गीला न छोड़ें। हवा और पानी की बूंदों से उन पर फिर से पानी के धब्बे और कालापन आ जाता है। धोने के तुरंत बाद एक सूखे माइक्रोफाइबर या सूती कपड़े से रगड़कर पूरी नमी सुखा लें।नारियल तेल की पतली परत: पूरी तरह सूख जाने के बाद एक बूंद शुद्ध नारियल तेल को रुई के फाहे पर लेकर बर्तनों और मूर्तियों पर हल्की सी पॉलिश कर दें। यह बर्तनों पर एक सुरक्षात्मक परत बना देता है, जिससे हवा की नमी धातु तक नहीं पहुंच पाती और जन्माष्टमी के कई हफ्तों बाद तक बर्तन बिल्कुल चमचमाते रहते हैं।
भोपाल, एक सितंबर मध्यप्रदेश में विपक्षी कांग्रेस ने मंगलवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मंत्री विजय शाह के खिलाफ सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अभियोजन की मंजूरी संबंधी प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर कार्रवाई करने का आग्रह किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सिंघार ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि कर्नल कुरैशी का अपमान केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि सेना, महिलाओं और देश का अपमान है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी देने और उन्हें पद से हटाने का अधिकार है तो मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा सरकार अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी किरकिरी से बचने के लिए राज्यपाल को इस मामले में ला रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है तथा राज्यपाल से प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर सरकार को मंत्री के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी देने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। कांग्रेस नेता ने बताया कि राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर सरकार से चर्चा करेंगे। सोमवार को उच्चतम न्यायालय को बताया गया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद कर्नल कुरैशी को लेकर शाह की टिप्पणी के मामले में उनके खिलाफ अभियोजन की मंजूरी अभी लंबित है। कर्नल सोफिया कुरैशी उन सैन्य अधिकारियों की टीम का हिस्सा थीं, जिन्होंने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान मीडिया को अभियान की जानकारी दी थी। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शाह की कर्नल कुरैशी को लेकर की गई टिप्पणी को उनकी धार्मिक पहचान को पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों के समुदाय से जोड़ने के तौर पर देखा गया था। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। शाह ने बाद में उच्चतम न्यायालय का रुख किया। शीर्ष अदालत ने उनकी टिप्पणियों की निंदा करते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया था। एसआईटी की रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद उच्चतम न्यायालय ने मध्यप्रदेश सरकार को मंत्री के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी पर दो सप्ताह के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया था।
वेश्यालय जाने वालों पर भी कसेगा कानून का शिकंजा, केरल HC का बड़ा फैसला
केरल हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि वेश्यालय में यौन सेवाओं के लिए जाने वाले ग्राहक को भी अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 के तहत आरोपी के रूप में मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है।
ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया पर कानूनी शिकंजा, फर्जी NOC जमा करने का आरोप
ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया(DFI) पर कानूनी संकट गहरा गया है. एक जांच रिपोर्ट में संस्था के कामकाज पर सवाल उठे हैं. इसमें DGCA के नाम से कथित फर्जी NOC जमा करने का मामला भी शामिल हैं.
नीले रंग का मनमोहक अपराजिता फूल (Butterfly Pea Flower / Clitoria Ternatea), जिसे आमतौर पर धार्मिक पूजा-पाठ और हर्बल 'ब्लू टी' के लिए जाना जाता है, आपकी त्वचा की खूबसूरती निखारने के लिए किसी आयुर्वेदिक वरदान से कम नहीं है। आधुनिक कॉस्मेटोलॉजी और पारंपरिक आयुर्वेद दोनों में अपराजिता को एक शक्तिशाली एंटी-एजिंग और स्किन-ब्राइटनिंग तत्व माना गया है। इसमें प्रचुर मात्रा में 'एंथोसायनिन' (Anthocyanins), फ्लेवोनोइड्स, पॉलीफेनोल्स और विटामिन C पाए जाते हैं, जो त्वचा में कोलेजन का स्तर बढ़ाते हैं और फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। यदि आप भी महंगे केमिकल प्रोडक्ट्स की जगह कुदरती तरीके से त्वचा में कसाव और निखार लाना चाहते हैं, तो अपराजिता के फूल से बना सीरम और फेस पैक बेहतरीन विकल्प हैं।त्वचा के लिए क्यों खास है अपराजिता का फूल?अपराजिता के फूलों में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड्स त्वचा की कई समस्याओं को एक साथ दूर करने में सक्षम हैं:कोलेजन बूस्ट और एंटी-एजिंग: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की इलास्टिसिटी को बनाए रखते हैं, जिससे समय से पहले चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियां और फाइन लाइन्स हल्की होने लगती हैं।दाग-धब्बे और पिगमेंटेशन से राहत: यह मेलेनिन के अत्यधिक उत्पादन को नियंत्रित कर धूप से हुई टैनिंग, डार्क स्पॉट्स और अनइवन स्किन टोन को सुधारता है।मुंहासे और जलन को शांत करना: इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और चेहरे की लालिमा व सूजन को कम करते हैं।डीप हाइड्रेशन और नेचुरल टोनिंग: यह त्वचा की प्राकृतिक नमी को लॉक करके स्किन बैरियर को मजबूत बनाता है।1. घर पर बनाएं अपराजिता फेस सीरम (DIY Aparajita Face Serum)यह सीरम त्वचा को टोन करने, खुले पोर्स को टाइट करने और चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाने के लिए बहुत असरदार है।आवश्यक सामग्री:ताजे या सूखे अपराजिता के 8-10 फूलआधा कप शुद्ध गुलाब जल या डिस्टिल्ड वॉटर2 चम्मच शुद्ध एलोवेरा जेल1 कैप्सूल विटामिन E ऑयल3-4 बूंदें बादाम का तेल या जोजोबा ऑयल (वैकल्पिक)बनाने की विधि:आधा कप गुलाब जल या पानी को हल्का गुनगुना करें और उसमें अपराजिता के फूलों की पंखुड़ियों को 15 से 20 मिनट के लिए भिगो दें, जब तक कि पानी गहरा नीला न हो जाए।इसके बाद इस नीले अर्क को छानकर एक साफ कांच की कटोरी में निकाल लें।अब इसमें 2 चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल, 1 विटामिन E कैप्सूल का तेल और 3-4 बूंदें बादाम का तेल मिलाएं।सभी सामग्रियों को अच्छी तरह फेंटें (Whisk करें) ताकि यह एक स्मूद सीरम जैसी कंसिस्टेंसी में आ जाए।इसे ड्रॉपर वाली एक कांच की शीशी में भरकर फ्रिज में स्टोर करें (यह 10-12 दिन तक सुरक्षित रहता है)।इस्तेमाल का तरीका: रोज रात को चेहरा धोने के बाद 3-4 बूंदें चेहरे और गर्दन पर लगाएं और हल्के हाथों से डैब करते हुए मसाज करें।2. ग्लोइंग स्किन के लिए अपराजिता फेस पैक (DIY Face Pack)टैनिंग हटाने और चेहरे पर तुरंत निखार लाने के लिए यह फेस पैक अत्यंत लाभकारी है।आवश्यक सामग्री:5-6 अपराजिता के ताजे फूल (या 1 चम्मच अपराजिता पाउडर)1 चम्मच बेसन या चावल का आटाआधा चम्मच शुद्ध शहद1-2 चम्मच कच्चा दूध या ताजा दहीबनाने की विधि:अपराजिता की पंखुड़ियों को थोड़े से कच्चे दूध के साथ मिलाकर मिक्सी या सिलबट्टे पर महीन पीस लें।इस पेस्ट में 1 चम्मच बेसन और आधा चम्मच शहद मिलाएं।सारी चीजों को मिलाकर एक चिकना और गाढ़ा लेप तैयार कर लें।इस्तेमाल का तरीका: चेहरे को साफ पानी से धोकर सुखाएं और इस पैक को चेहरे व गर्दन पर समान रूप से लगाएं। 15 से 20 मिनट तक सूखने दें, फिर हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में मसाज करते हुए ताजे पानी से धो लें। इसे हफ्ते में 2 बार इस्तेमाल किया जा सकता है।इस्तेमाल से पहले जरूरी सावधानीयद्यपि अपराजिता पूरी तरह से प्राकृतिक है, फिर भी यदि आपकी त्वचा अत्यधिक संवेदनशील (Sensitive Skin) है या आपको परागकणों व फूलों से एलर्जी की समस्या रहती है, तो पूरे चेहरे पर लगाने से पहले कलाई या कान के पीछे पैच टेस्ट (Patch Test) जरूर कर लें। 24 घंटे तक किसी प्रकार की जलन या खुजली न होने पर ही इसका नियमित उपयोग करें।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, वर्क प्रेशर, पर्सनल लाइफ के उतार-चढ़ाव और अनिद्रा के चलते 'सीवियर एंजाइटी' (गंभीर चिंता) एक आम मानसिक समस्या बन चुकी है। लोग अक्सर एंजाइटी को केवल सिरदर्द, घबराहट या दिल की तेज धड़कन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन त्वचा और बाल रोग विशेषज्ञों (Dermatologists) का कहना है कि अत्यधिक मानसिक तनाव का सीधा असर आपकी स्कैल्प और बालों के रोमछिद्रों (हेयर फॉलिकल्स) पर पड़ता है। कई बार लोग महंगे शैंपू, तेल और सप्लीमेंट्स बदलने में लगे रहते हैं, जबकि उनके तेजी से बाल झड़ने की असली जड़ दिमाग में चल रहा तनाव और घबराहट होती है।तनाव और बालों का वैज्ञानिक संबंध: शरीर में कोर्टिसोल का खेलजब कोई व्यक्ति अत्यधिक मानसिक दबाव, पैनिक अटैक या लंबे समय तक क्रॉनिक एंजाइटी से जूझता है, तो शरीर का 'फाइट या फ्लाइट' सिस्टम सक्रिय हो जाता है। इसके चलते एड्रिनल ग्रंथियां भारी मात्रा में कोर्टिसोल (Cortisol - स्ट्रेस हार्मोन) का स्राव करने लगती हैं। कोर्टिसोल का बढ़ा हुआ स्तर स्कैल्प की रक्त धमनियों को संकुचित कर देता है, जिससे बालों की जड़ों तक आवश्यक ऑक्सीजन, विटामिन और प्रोटीन युक्त पोषण पहुंचना बंद हो जाता है। जब हेयर फॉलिकल्स लंबे समय तक पोषण से वंचित रहते हैं, तो उनकी ग्रोथ साइकिल बाधित हो जाती है और बाल कमजोर होकर अचानक तेजी से झड़ने लगते हैं।एंजाइटी से होने वाले हेयर फॉल के मुख्य प्रकारडर्मेटोलॉजिस्ट्स के अनुसार, अत्यधिक चिंता और डिप्रेशन मुख्य रूप से तीन अलग-अलग तरीकों से बालों को नुकसान पहुंचाते हैं:1. टेलोोजेन एफ्लुवियम (Telogen Effluvium): यह तनाव के कारण होने वाला सबसे सामान्य हेयर फॉल है। हमारे बालों का एक बड़ा हिस्सा हमेशा ग्रोथ फेज (Anagen) में रहता है। अचानक गंभीर मानसिक आघात, लंबे समय की चिंता या बीमारी के बाद बड़ी संख्या में बाल समय से पहले रेस्टिंग फेज (Telogen) में चले जाते हैं। इसके 2 से 3 महीने बाद कंघी करते समय, बाल धोते समय या तकिए पर गुच्छों के रूप में बाल गिरने लगते हैं।2. एलोपेसिया एरीटा (Alopecia Areata): अत्यधिक चिंता और तनाव शरीर के इम्यून सिस्टम को असंतुलित कर देते हैं, जिससे एक ऑटोइम्यून स्थिति उत्पन्न होती है। इसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक कोशिकाएं खुद अपने ही बालों के रोम पर हमला करने लगती हैं, जिसके कारण सिर या दाढ़ी में गोल-गोल पैच (सिक्के के आकार में) बनकर बाल अचानक गायब हो जाते हैं।3. ट्राइकोटिलोमेनिया (Trichotillomania): यह एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और व्यवहारिक विकार है, जिसमें व्यक्ति घबराहट, अत्यधिक तनाव या अकेलेपन के दौरान अनजाने में अपने ही सिर, भौंहों या पलकों के बालों को खींचकर उखाड़ने लगता है।क्या तनाव कम होने पर वापस आ जाते हैं बाल?राहत की बात यह है कि एंजाइटी और तनाव से जुड़ा हेयर फॉल (विशेष रूप से टेलोोजेन एफ्लुवियम) आमतौर पर अस्थायी (Reversible) होता है। जब व्यक्ति अपने तनाव को प्रबंधित कर लेता है, हार्मोनल संतुलन वापस लौटता है और न्यूट्रिशन बेहतर होता है, तो 6 से 9 महीनों के भीतर बालों की नई ग्रोथ फिर से शुरू हो जाती है। हालांकि, यदि तनाव का इलाज न किया जाए और यह सालों तक बना रहे, तो हेयर फॉलिकल्स स्थायी रूप से सिकुड़ सकते हैं, जिससे बाल हमेशा के लिए पतले हो जाते हैं।डर्मेटोलॉजिस्ट्स के जरूरी सुझाव: तनाव से बालों को कैसे बचाएंमाइंडफुलनेस और मेडिटेशन: रोजाना 15 से 20 मिनट का प्राणायाम, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज या योग करने से तंत्रिका तंत्र शांत होता है और कोर्टिसोल का स्तर घटता है।7-8 घंटे की गहरी नींद: नींद के दौरान शरीर और स्कैल्प के सेल्स रिपेयर होते हैं। अनियमित और अधूरी नींद बालों की जड़ों को और कमजोर करती है।पोषक तत्वों से भरपूर डाइट: अपनी थाली में प्रोटीन (अंडे, दालें, पनीर), बायोटीन, आयरन, जिंक, ओमेगा-3 फैटी एसिड और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें ताकि तनाव के दौरान भी बालों को पोषण की कमी न हो।स्कैल्प की जेंटल मसाज: सप्ताह में दो बार हल्के गुनगुने तेल (जैसे बादाम या नारियल तेल) से उंगलियों के पोरों से स्कैल्प की मालिश करें, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।एक्सपर्ट से सलाह लें: यदि दिन में 100 से अधिक बाल लगातार झड़ रहे हैं या सिर में खाली पैच दिखने लगे हैं, तो बिना देर किए किसी योग्य डर्मेटोलॉजिस्ट और थेरेपिस्ट/मनोचिकित्सक से परामर्श लें ताकि मानसिक स्थिति और हेयर केयर दोनों का एक साथ सही उपचार हो सके।
न्यूयॉर्क में राधिका अंबानी का कूल लुक, जान्हवी संग की पिज्जा पार्टी
अंबानी परिवार की छोटी बहू राधिका अंबानी अपनी सादगी और एलिगेंट लुक के लिए जानी जाती हैं. उनकी कुछ तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं जिनमें राधिका अपने कुछ दोस्तों संग न्यूयॉर्क में घूमती-फिरती दिख रही हैं. एक्ट्रेस जान्हवी कपूर और कुछ और सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड हुई तस्वीरों में राधिका काफी कूल लुक में नजर आ रही हैं.
कन्या-मीन की आय बढ़ेगा, जानें आपकी राशि के लिए कैसा है सितंबर
ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्रा का कहना है कि सितंबर का महीना सभी राशियों के लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आने वाला है. कन्या और मीन राशि के जातकों की आय में वृद्धि इस महीने संभव है. हालांकि कुछ लोगों को आर्थिक मोर्चे पर सावधानी से काम लेने की सलाह भी दी गई है.
चलती ट्रेन में फिर दीपक जलाने की घटना; उतारा गया शख्स, किन धाराओं में केस?
चलती ट्रेन में अपनी बर्थ पर पूजा करते समय दीपक जलाने की एक और घटना सामने आई है। आरोपी 55 वर्षीय यात्री पर क्या कार्रवाई की गई। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…
उत्तर प्रदेश में पुलिस जांच की गिरती गुणवत्ता, केस डायरी और निर्देशों को अदालत में पेश करने में होने वाली अत्यधिक देरी तथा अदालती आदेशों की लगातार हो रही अनदेखी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेहद तल्ख रुख अपनाया है। हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्णा को व्यक्तिगत रूप से अदालत में तलब किया। मंगलवार को अदालत में उपस्थित हुए डीजीपी से पीठ ने सीधे तौर पर जवाब-तलब किया कि आखिर राज्य के पुलिस अधिकारी न्यायिक आदेशों का पालन करने में बार-बार आनाकानी और अनिच्छा क्यों दिखाते हैं। अदालत ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया कि पुलिस तंत्र की इस शिथिलता और दूषित कार्यशैली के कारण हत्या जैसे गंभीर मामलों में भी आरोपियों की जमानत अर्जियां महीनों तक अदालतों में बेवजह लटकी रहती हैं, जिससे नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सीधा हनन होता है।जस्टिस समीर जैन की तल्ख टिप्पणी: यह केवल एक केस नहीं, व्यवस्थागत सड़ांध का मामला हैलाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के दौरान जस्टिस समीर जैन ने डीजीपी को स्पष्ट किया कि यह मामला सिर्फ उसी एक याचिका तक सीमित नहीं है, जिसके चलते उन्हें समन जारी किया गया था। पीठ ने कहा कि लगभग हर दैनिक सुनवाई में यह देखने को मिलता है कि अदालत द्वारा समयसीमा तय किए जाने के बावजूद पुलिस अधिकारी न तो समय पर निर्देश भेजते हैं और न ही आवश्यक रिकॉर्ड्स कोर्ट के समक्ष पेश करते हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि कई आपराधिक मामलों में जांच बहुत ही लचर, पक्षपातपूर्ण और भ्रष्ट तरीके से की जाती है। अदालत ने डीजीपी को याद दिलाया कि पूरे राज्य की पुलिस फोर्स के मुखिया होने के नाते यह उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश भर में निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिहीन जांच सुनिश्चित की जाए।कन्विक्शन रेट के दावों पर कोर्ट का तीखा सवाल: हम गड़बड़ जांचों की जमीनी हकीकत जानते हैंअदालत द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में डीजीपी राजीव कृष्णा ने राज्य में पुलिस की दोषसिद्धि दर (Conviction Rate) में आए सुधार के आंकड़े पेश करने की कोशिश की। हालांकि, जस्टिस समीर जैन ने इन आंकड़ों को खारिज करते हुए बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि कनविक्शन रेट के आंकड़े अदालत की इन बुनियादी चिंताओं का समाधान नहीं हो सकते।जस्टिस जैन ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, आप दोषसिद्धि दर के बारे में बात कर रहे हैं, जबकि हम यहां रोज अदालतों में गड़बड़ और दूषित जांचों से निपटते हैं। आप जिन आंकड़ों का जिक्र कर रहे हैं, उनका जमीनी स्तर पर क्या मतलब है? हम हाईकोर्ट के न्यायाधीश होने के नाते थानों और जांच अधिकारियों की असल सच्चाई को बहुत अच्छी तरह जानते हैं।हलफनामे में सब कुछ, लेकिन गायब हो जाती है सीसीटीवी फुटेजसुनवाई के दौरान अदालत ने डिजिटल साक्ष्यों, विशेषकर अपराध स्थल और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज को गायब करने या समय पर पेश न करने की पुलिस की प्रवृत्ति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि कई मामलों में पुलिस के हलफनामों और केस डायरी में सब कुछ दर्ज होता है और फुटेज का दावा किया जाता है, लेकिन जब वास्तविक रूप से अदालत उन डिजिटल रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी फुटेज की मांग करती है, तो संबंधित जांच अधिकारी कोई न कोई बहाना बनाकर फुटेज न मिलने की बात कह देते हैं। अदालत ने कहा कि वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को अदालत से छिपाना अथवा समय पर पेश न करना न्याय के पहिये को रोकने के समान है।व्यक्तिगत स्वतंत्रता और 3 दिन का नियम: डीजीपी से पूछा रोडमैपव्यक्तिगत स्वतंत्रता (Personal Liberty) से जुड़े मामलों में पुलिस की लेटलतीफी का हवाला देते हुए जस्टिस समीर जैन ने कहा कि पहले जमानत याचिकाओं पर पुलिस को निर्देश मंगाने के लिए 10 दिनों का समय दिया जाता था। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी नागरिक की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में निर्देश पेश करने के लिए अधिकतम 3 दिन का समय ही पर्याप्त है। पीठ ने डीजीपी से तीखा सवाल पूछा कि वे यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि अधीनस्थ पुलिस अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के इस 3 दिन के नियम का कड़ाई से पालन करें और सभी आवश्यक निर्देश व रिकॉर्ड्स तय समय पर अदालत की मेज पर पहुंच जाएं। इसके जवाब में डीजीपी ने अदालत को आश्वस्त किया कि पुलिस विभाग इस दिशा में मुस्तैद है और मामलों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए विशेष समितियों का गठन किया गया है जो समयबद्ध अनुपालन की निगरानी कर रही हैं।किस मामले में डीजीपी को किया गया था तलब?दरअसल, यह पूरा मामला हत्या के संगीन आरोपों में जेल में बंद आरोपी पुष्पराज सिंह उर्फ बबलू की जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान उपजा था। पिछले महीने जब जस्टिस समीर जैन की पीठ के समक्ष इस जमानत अर्जी पर सुनवाई हो रही थी, तब संबंधित पुलिस अधिकारियों ने बार-बार दिए गए न्यायिक आदेशों के बावजूद आवश्यक रिकॉर्ड्स और स्पष्ट निर्देश पेश करने में घोर लापरवाही और हीलाहवाली दिखाई थी। पुलिस के इस ढुलमुल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने डीजीपी को व्यक्तिगत रूप से तलब कर स्पष्टीकरण मांगा था कि अदालती आदेशों के प्रति पुलिसकर्मियों में यह 'अनिच्छा' और उपेक्षा का भाव क्यों पनप रहा है। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब राज्य के पुलिस महकमे में जवाबदेही और जांच की गुणवत्ता सुधारने को लेकर हलचल तेज हो गई है।
पणजी, एक सितंबर गोवा विधानसभा ने राज्य के उस कानून में संशोधन से जुड़े विधेयक को मंगलवार को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य चिकित्सा सेवा कर्मियों के खिलाफ हिंसा और स्वास्थ्य संस्थानों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को रोकना है। इसके तहत कानून के एक महत्वपूर्ण प्रावधान में “दोषी” शब्द को “आरोपी” शब्द से बदल दिया गया है। गोवा चिकित्सा सेवा कर्मी और चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा की रोकथाम और संपत्ति को नुकसान या हानि) (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत वर्ष 2013 के अधिनियम की धारा 6(3) में संशोधन प्रस्तावित किया गया। संशोधन के बाद अब इस प्रावधान में उस व्यक्ति के लिए ‘‘दोषी’’ की जगह ‘‘आरोपी’’ शब्द का इस्तेमाल होगा। इससे किसी व्यक्ति के खिलाफ अदालत से दोष सिद्ध होने का इंतजार किए बिना कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। सरकार के अनुसार, यह बदलाव मौजूदा कानून में मौजूद एक ‘‘स्पष्ट त्रुटि’’ को सुधारने के उद्देश्य से किया गया है। उसके अनुसार 2013 के अधिनियम का मसौदा तैयार करते समय गलती से ‘‘आरोपी’’ की जगह ‘‘दोषी’’ शब्द का इस्तेमाल हो गया था। सरकार ने कहा कि ‘‘दोषी’’ शब्द के इस्तेमाल से कानूनी असंगति पैदा हो रही थी, क्योंकि किसी व्यक्ति को अदालत द्वारा उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत अपराध साबित किए जाने के बाद ही दोषी ठहराया जा सकता है। उसने कहा कि किसी अपराध के आरोप का सामना कर रहे व्यक्ति के लिए, दोष सिद्ध होने से पहले की कार्यवाही में ‘‘आरोपी’’ शब्द का इस्तेमाल अधिक उपयुक्त माना जाता है। सरकार ने कहा कि इस संशोधन का उद्देश्य चिकित्सा सेवा कर्मियों और संस्थानों की सुरक्षा से जुड़े कानून के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कानूनी स्पष्टता और सटीकता सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने विधेयक पेश किया। संशोधित कानून इसके लागू होने की तिथि से प्रभावी होगा।
डिजिटल युग में स्मार्टफोन और इंटरनेट जहां पढ़ाई का जरिया बने हैं, वहीं कम उम्र के बच्चों में स्क्रीन की लत, रील्स का नशा और मानसिक तनाव एक गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है। विभिन्न स्वास्थ्य और तकनीकी सर्वेक्षणों के अनुसार, देश के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में लगभग हर 10 में से 9 बच्चे रोजाना 3 से 5 घंटे स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस चिंताजनक स्थिति के बीच भारत में 13 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और 13 से 16 वर्ष के किशोरों के लिए रात में सोशल मीडिया ब्लॉक करने की मांग ने कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर जोर पकड़ लिया है।दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका: 13 साल से कम उम्र पर बैन और रात में रिस्ट्रिक्शन की मांगदिल्ली हाईकोर्ट में हाल ही में दाखिल एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका (PIL) में यह मांग उठाई गई कि 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों की पहुंच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब और स्नैपचैट) पर पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए। याचिकाकर्ताओं ने यह भी गुहार लगाई कि 13 से 16 वर्ष के बच्चों के लिए देर रात (नाइट-टाइम) सोशल मीडिया लॉग-इन और नोटिफिकेशन पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश बनाए जाएं।दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) को इस पूरे विषय पर विचार करने और कानून के तहत उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार को यह छूट भी दी है कि वह नीतिगत फैसला लेते समय याचिकाकर्ताओं के प्रतिनिधियों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दे सकती है।राज्यों की पहल: कर्नाटक और आंध्र प्रदेश का कड़ा रुखकेंद्र सरकार के स्तर पर नीतिगत मंथन के साथ-साथ कई राज्य सरकारों ने भी अपने स्तर पर सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है।कर्नाटक: राज्य सरकार ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पेश किया है।आंध्र प्रदेश: राज्य सरकार ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के एक्सेस पर रोक लगाने की समयसीमा तय की है।वैश्विक प्रभाव: भारत में यह बहस ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील जैसे देशों द्वारा बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन के सख्त कानून लागू करने के बाद और तेज हुई है।बच्चों पर सोशल मीडिया का प्रभाव: डोपामाइन लूप और मेंटल हेल्थ क्राइसिसबाल रोग विशेषज्ञों और मनोचिकित्सकों के अनुसार, सोशल मीडिया ऐप्स के एल्गोरिदम खास तौर पर बच्चों के दिमाग को बांधकर रखने (Dark Patterns & Infinite Scroll) के लिए डिजाइन किए गए हैं। इससे बच्चों के दिमाग में डोपामाइन का कृत्रिम उछाल आता है, जिसके कारण:एकाग्रता और पढ़ाई में गिरावट: लगातार रील्स और शॉर्ट वीडियो देखने से बच्चों का अटेंशन स्पैन घटकर कुछ ही सेकंड्स का रह गया है।नींद का पैटर्न खराब होना: देर रात तक मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली 'ब्लू लाइट' मेलाटोनिन हार्मोन को रोकती है, जिससे बच्चों में अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और स्वभाव में आक्रामकता बढ़ रही है।साइबर बुलिंग और बॉडी डिस्मॉर्फिया: सोशल मीडिया पर लाइक्स, कमेंट्स और ब्यूटी फिल्टर्स के चलते 10 से 15 साल के बच्चों में हीनभावना और डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़े हैं।मौजूदा कानून: DPDP एक्ट 2023 और पैरेंटल कंसेंट के नियमभारत सरकार ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 में कड़े प्रावधान किए हैं। इस कानून के तहत:18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को 'बच्चा' माना गया है।सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को बच्चों का डेटा प्रोसेस करने से पहले माता-पिता की स्पष्ट सहमति (Verifiable Parental Consent) लेना अनिवार्य किया गया है।प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों को टारगेट करके विज्ञापन दिखाने (Targeted Ads) और उनके ऑनलाइन व्यवहार की ट्रैकिंग करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाली टेक कंपनियों पर 200 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान है।ग्रेडेड रेगुलेशन मॉडल: भारत में आगे क्या हो सकता है?विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पूर्ण प्रतिबंध लगाने से बच्चे वीपीएन (VPN) या फर्जी जन्मतिथि का सहारा ले सकते हैं। इसलिए भारत सरकार एक 'ग्रेडेड रेगुलेशन मॉडल' पर भी विचार कर रही है:8 से 12 वर्ष: सोशल मीडिया पर लगभग पूर्ण प्रतिबंध और केवल सुरक्षित एजुकेशनल ऐप्स का एक्सेस।12 से 16 वर्ष: दिन में अधिकतम 1 से 2 घंटे की समय सीमा, रात 10 बजे के बाद ऑटोमैटिक स्क्रीन लॉक और माता-पिता के अकाउंट से लिंक अनिवार्य।16 से 18 वर्ष: संवेदनशील कंटेंट पर सख्त फिल्टर और डिफ़ॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स।बच्चों को डिजिटल खतरे से बचाने के लिए तकनीकी प्लेटफॉर्म्स, सरकार, स्कूल और माता-पिता चारों के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है ताकि बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास सुरक्षित रह सके।
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मानसूनी बारिश ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 18 घंटों के दौरान मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। मौसम की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राहत व बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ (SDRF) तथा एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे के मद्देनजर तीन प्रमुख जिलों में सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।नैनीताल और अल्मोड़ा में रेड अलर्ट: इन इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंकामौसम विभाग ने कुमाऊं मंडल के नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। अनुमान है कि इन क्षेत्रों में बादलों की भीषण गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने के साथ-साथ अत्यंत तीव्र बारिश का दौर देखने को मिलेगा। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अल्मोड़ा के चौखुटिया, भिकियासैंण, रानीखेत, द्वाराहाट, भनोली और जैती सहित नैनीताल के रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी, मुक्तेश्वर और भवाली क्षेत्रों में मौसम अत्यधिक खराब रह सकता है। स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित पक्के मकानों में रहने की सख्त हिदायत दी गई है।10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: देहरादून से लेकर चमोली तक आफत की बारिशरेड अलर्ट के अलावा प्रदेश के 10 अन्य पर्वतीय और मैदानी जिलों के लिए मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इसमें राजधानी देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल और चमोली जैसे जिले शामिल हैं। इन जिलों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने और संवेदनशील ढलानों पर मिट्टी खिसकने (Landslides) का भारी जोखिम बना हुआ है। विशेष रूप से मसूरी-देहरादून मार्ग और चारधाम यात्रा से जुड़े मुख्य राजमार्गों पर मलबा आने की आशंका को देखते हुए जेसीबी और बुलडोजर तैनात किए गए हैं।3 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित: प्रशासन ने जारी किए सख्त आदेशछात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कदम उठाए हैं। नैनीताल, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। संबंधित जिलाधिकारियों ने सभी नोडल अधिकारियों, राजस्व उप-निरीक्षकों और पुलिस टीमों को 24 घंटे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मुस्तैद रहने का आदेश दिया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड से 17 सड़कें बंद, 400 से ज्यादा वाहन फंसेसीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुन्ना बैंड के पास भारी मात्रा में पहाड़ का मलबा और विशाल बोल्डर गिरने से सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। जिले के ग्रामीण और मुख्य संपर्कों सहित कुल 17 प्रमुख सड़कें बंद हो चुकी हैं। इस मार्ग अवरोध के कारण आवश्यक सामान ले जा रहे ट्रकों, बसों, टैक्सियों और स्थानीय यात्रियों के 400 से अधिक वाहन विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) और बीआरओ (BRO) की मशीनरी युद्धस्तर पर मलबा हटाकर यातायात बहाल करने के प्रयास में जुटी हुई है।उफान पर काली, सरयू और गोरी नदियां: नदी तटों से दूर रहने की एडवाइजरीलगातार हो रही बारिश से राज्य की प्रमुख नदियों—काली, रामगंगा, सरयू, गोरी और पिंडर का जलस्तर चेतावनी रेखा के बेहद करीब पहुंच गया है। कई स्थानीय बरसाती गदेरे (नाले) उफान पर हैं, जिससे निचले रिहायशी इलाकों में पानी और कीचड़ घुसने का खतरा उत्पन्न हो गया है। राज्य आपदा कंट्रोल रूम ने आम जनता, चरवाहों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे नदियों, झरनों और कटाव वाले तटों के बिल्कुल नजदीक न जाएं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय कंट्रोल रूम या 112 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि दोपहर या रात का भोजन भरपेट करने के महज आधे से एक घंटे के भीतर ही उन्हें दोबारा भूख का अहसास होने लगता है या फिर कुछ मीठा और स्नैक्स खाने की तीव्र इच्छा (Cravings) जाग उठती है। कई बार लोग इसे केवल अपनी आदत या पेट न भरने का भ्रम समझ लेते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, खाने के तुरंत बाद भूख लगना शरीर में असंतुलित हार्मोन, पोषण की कमी या जीवनशैली से जुड़ी गलतियों का संकेत हो सकता है। यह स्थिति न केवल वजन बढ़ाने का कारण बनती है, बल्कि लंबे समय में मेटाबॉलिज्म को भी धीमा कर देती है।1. सिंपल कार्बोहाइड्रेट्स का अत्यधिक सेवन और इंसुलिन स्पाइकयदि आपकी थाली में रिफाइंड कार्ब्स जैसे सफेद चावल, मैदा, सफेद ब्रेड, मीठे ड्रिंक्स या प्रोसेस्ड फूड की मात्रा अधिक है, तो ये शरीर में जाकर बहुत तेजी से ग्लूकोज में बदल जाते हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल में अचानक तीव्र उछाल (Spike) आता है, जिसके जवाब में अग्न्याशय (Pancreas) तेजी से इंसुलिन रिलीज करता है। इंसुलिन की अधिकता के कारण कुछ ही देर में शुगर लेवल एकदम से नीचे गिर (Crash) जाता है। ब्लड शुगर के अचानक कम होते ही दिमाग को संकेत मिलता है कि शरीर को तुरंत ऊर्जा चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप भरपेट खाने के बावजूद दोबारा तेज भूख महसूस होने लगती है।2. भोजन में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स की भारी कमीपेट का भरा होना केवल भोजन की मात्रा (Volume) पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि आपने क्या खाया है। प्रोटीन और डायटरी फाइबर युक्त भोजन पाचन क्रिया को धीमा करते हैं और 'लेप्टिन' व 'पेप्टाइड YY' जैसे तृप्ति (Satiety) देने वाले हार्मोन्स को सक्रिय करते हैं। जब आहार में दालें, पनीर, अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद और मेवे नदारद होते हैं और केवल कार्ब्स की भरमार होती है, तो पेट बहुत जल्दी खाली हो जाता है और तृप्ति का अहसास लंबे समय तक नहीं टिक पाता।3. लेप्टिन रेजिस्टेंस और हंगर हार्मोन्स का असंतुलनहमारे शरीर में भूख और तृप्ति को नियंत्रित करने वाले दो मुख्य हार्मोन होते हैं—'घ्रेलिन' (जो भूख बढ़ाता है) और 'लेप्टिन' (जो दिमाग को पेट भरने का संदेश देता है)। जो लोग अत्यधिक तैलीय, जंक फूड या प्रोसेस्ड चीनी का सेवन करते हैं, उनके शरीर में 'लेप्टिन रेजिस्टेंस' की समस्या हो जाती है। इसमें फैट सेल्स द्वारा लेप्टिन पर्याप्त मात्रा में बनने के बाद भी दिमाग के रिसेप्टर्स उस सिग्नल को ठीक से पकड़ नहीं पाते, जिससे पेट भरा होने के बावजूद दिमाग को लगता है कि शरीर भूखा है।4. डिहाइड्रेशन और प्यास को भूख समझनामानव मस्तिष्क का हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) हिस्सा भूख और प्यास दोनों के सिग्नलों को नियंत्रित करता है। कई बार जब शरीर में पानी की कमी (Dehydration) होती है, तो दिमाग प्यास के संकेत को भूख समझ बैठता है। यदि आप भोजन से पहले या दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो शरीर डिहाइड्रेशन के लक्षण को खाने की तलब के रूप में प्रस्तुत करता है। ऐसे में भोजन के आधे घंटे बाद एक गिलास गुनगुना पानी पीने से कई बार यह अवांछित भूख तुरंत शांत हो जाती है।5. नींद की कमी, मानसिक तनाव और डिस्ट्रैक्टेड ईटिंगरात में 7 से 8 घंटे की गहरी नींद न लेने पर शरीर में स्ट्रेस हार्मोन 'कोर्टिसोल' और हंगर हार्मोन 'घ्रेलिन' का स्तर बढ़ जाता है, जिससे दिनभर कुछ न कुछ चबाते रहने की इच्छा होती है। इसके अलावा टीवी, मोबाइल या लैपटॉप देखते हुए तेजी से भोजन निगलने की आदत (Distracted Eating) के कारण दिमाग भोजन के स्वाद और मात्रा को पूरी तरह प्रोसेस नहीं कर पाता। जब तक मस्तिष्क को पेट भरने का सिग्नल पहुंचता है, तब तक व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खा चुका होता है और कुछ ही देर में उसका ध्यान दोबारा खाने की ओर भटक जाता है। भोजन को हमेशा शांत वातावरण में धीरे-धीरे चबाकर खाएं ताकि माइंडफुल ईटिंग से दिमाग को सही समय पर तृप्ति का संदेश मिल सके।
दिल्ली के एक व्यक्ति ने इंस्टाग्राम पर एक क्रिएटर और मेटा प्लेटफॉर्म्स को कानूनी नोटिस भेजा है। आरोप है कि एक कैफे में रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लास का इस्तेमाल कर उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसकी गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्डिंग की गई।
क्या 2027 में पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी? इस्लामाबाद को मिली SCO की कमान
पाकिस्तान को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की अध्यक्षता सौंपी गई है, जिसके तहत अगले एक वर्ष में लगभग 30 बैठकें पाकिस्तान में होंगी।
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में बजट और मिड-रेंज फ्लैगशिप सेग्मेंट के भीतर रेडमी की 'नोट सीरीज' हमेशा से सबसे लोकप्रिय लाइनअप में से एक रही है। अब शाओमी अपने फैंस के लिए एक ऐसा डिवाइस पेश करने की तैयारी में है जो स्मार्टफोन इंडस्ट्री में बैटरी लाइफ के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकता है। रेडमी इंडिया ने सोशल मीडिया और अपनी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए Redmi Note 17 Pro Max 5G के भारत आगमन का टीजर जारी कर दिया है। ग्लोबल मार्केट में हलचल मचाने के बाद यह फोन जल्द ही भारतीय बाजार में दस्तक देने जा रहा है। इस हैंडसेट की सबसे बड़ी यूएसपी इसमें मिलने वाली 10,000mAh की विशालकाय सिलिकॉन-कार्बन बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है, जो यूजर्स को बार-बार चार्जर ढूंढने के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाएगी।10,000mAh की मॉन्स्टर सिलिकॉन-कार्बन बैटरी और 100W हाइपरचार्जिंगरेडमी नोट 17 प्रो मैक्स 5G में अगली पीढ़ी की सिलिकॉन-कार्बन (Si-Carbon) बैटरी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें 16% सिलिकॉन कंटेंट होने के कारण इतनी विशाल क्षमता के बावजूद फोन की मोटाई और वजन पूरी तरह संतुलित बनाए रखा गया है। कंपनी के दावों के अनुसार, यह 10,000mAh की बैटरी सामान्य उपयोग पर लगातार 3 से 4 दिन और आउटडोर मोड में 14 दिनों तक का बैकअप दे सकती है। इसके साथ 40 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक और 21 घंटे तक नॉन-स्टॉप गेमिंग टाइम मिलता है। इस मॉन्स्टर बैटरी को तेजी से चार्ज करने के लिए बॉक्स में 100W का फास्ट वायर्ड चार्जर मिलेगा, जो महज कुछ ही मिनटों में फोन को पूरे दिन के इस्तेमाल लायक पावर दे देगा। इसके अलावा यह रिवर्स वायर्ड चार्जिंग को भी सपोर्ट करेगा, जिससे आपका फोन एक पावरबैंक की तरह अन्य गैजेट्स को भी चार्ज कर सकेगा।6.83-इंच की 1.5K CrystalRes AMOLED स्क्रीन और 3500 निट्स की ब्राइटनेसडिस्प्ले के मामले में यह स्मार्टफोन मल्टीमीडिया लवर्स और गेमर्स के लिए एक ट्रीट साबित होने वाला है। इसमें 6.83-इंच का 1.5K CrystalRes AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 3200Hz के इंस्टेंटेनियस टच सैंपलिंग रेट के साथ आता है। धूप में स्क्रीन देखने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए इसमें 3,500 निट्स की पीक ब्राइटनेस और डॉल्बी विजन का सपोर्ट मिलता है। स्क्रीन की मजबूती के लिए इस पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 का प्रोटेक्शन दिया गया है, जो 3 मीटर तक के फॉल डैमेज को झेलने में सक्षम है। इसके साथ ही पानी और धूल से सुरक्षा के लिए इसे IP66, IP68 और IP69K जैसी मल्टी-लेवल वाटरप्रूफ रेटिंग दी गई है।4nm स्नैपड्रैगन 6 Gen 5 प्रोसेसर और हाइपरओएस 3 का दमदार परफॉर्मेंसस्मूद मल्टीटास्किंग और हाई-एंड गेमिंग के लिए इस फोन में 4nm आर्किटेक्चर पर तैयार क्वालकॉम का ऑक्टा-कोर Snapdragon 6 Gen 5 चिपसेट दिया गया है। यह डिवाइस 8GB / 12GB रैम और 256GB / 512GB तक के फास्ट UFS स्टोरेज ऑप्शंस में उपलब्ध होगा। सॉफ्टवेयर के मोर्चे पर यह फोन आउट-ऑफ-द-बॉक्स एंड्रॉइड 16 पर आधारित नए Xiaomi HyperOS 3 पर रन करेगा। इसमें एडवांस AI राइटिंग, रियल-टाइम AI इंटरप्रेटर, AI डायनामिक वॉलपेपर्स और सर्कल टू सर्च जैसे मल्टीमॉडल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर्स इन-बिल्ट मिलेंगे।50MP OIS अल्ट्रा-क्लियर कैमरा और 4K वीडियो रिकॉर्डिंगफोटोग्राफी के शौकीनों के लिए फोन के रियर में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें f/1.8 अपर्चर और ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS) के साथ 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर मौजूद है। इसके साथ 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन के फ्रंट में 32 मेगापिक्सल का हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा मिलेगा। फ्रंट और बैक दोनों कैमरों से 30fps पर क्रिस्टल क्लियर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकेगी।संभावित कीमत और भारत में कब होगा उपलब्धरेडमी इंडिया ने अपनी वेबसाइट पर इस फोन का 'गेट नोटिफाइड' लैंडिंग पेज लाइव कर दिया है, जिससे यह साफ है कि भारतीय बाजार में इसका आधिकारिक लॉन्च इसी महीने के मध्य तक हो सकता है। कीमत की बात करें तो ग्लोबल मार्केट में यह फोन करीब 47,000 रुपये के रेंज में देखा गया है, लेकिन भारतीय बाजार की प्रतिस्पर्धी प्रकृति को देखते हुए इसे 30,000 से 35,000 रुपये के आकर्षक प्राइस ब्रैकेट में लॉन्च किए जाने की पूरी संभावना है। जो यूजर्स प्रीमियम लुक्स, लंबी बैटरी लाइफ और पावरफुल परफॉर्मेंस वाला ऑल-राउंडर 5G फोन चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित होगा।
शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और बैंकों द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरों में समय-समय पर होने वाले बदलावों के बीच सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB) एक पसंदीदा विकल्प बनकर उभरा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा भारत सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले ये बॉन्ड्स 100% सॉवरेन गारंटी के साथ आते हैं, जिसका अर्थ है कि इसमें पूंजी डूबने का शून्य जोखिम होता है।क्या होते हैं RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB)?आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स भारत सरकार द्वारा समर्थित एक सरकारी ऋण पत्र (Government Debt Instrument) है। 'फ्लोटिंग रेट' का अर्थ है कि इस पर मिलने वाली ब्याज दर पूरी अवधि के दौरान स्थिर या फिक्स नहीं रहती, बल्कि समय-समय पर बदलती रहती है।इसकी ब्याज दर सीधे तौर पर राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC - National Savings Certificate) की प्रचलित ब्याज दर से जुड़ी होती है। नियम के अनुसार, FRSB पर मिलने वाला ब्याज हमेशा तत्कालीन NSC दर से 0.35% (35 बेसिस पॉइंट्स) अधिक तय किया जाता है। सरकार द्वारा हर 6 महीने में (1 जनवरी और 1 जुलाई को) इसकी ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है और छमाही आधार पर निवेशकों के बैंक खाते में ब्याज क्रेडिट किया जाता है।प्रमुख फीचर्स और नियम: अवधि, निवेश सीमा और लॉक-इनन्यूनतम व अधिकतम निवेश: इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये (अंकित मूल्य) से निवेश शुरू किया जा सकता है। अधिकतम निवेश की कोई ऊपरी सीमा (No Upper Limit) नहीं है।परिपक्वता अवधि (Maturity Period): इन बॉन्ड्स का लॉक-इन पीरियड 7 वर्ष का होता है।ब्याज भुगतान चक्र: ब्याज का भुगतान केवल अर्धवार्षिक (हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को) किया जाता है। इसमें संचयी (Cumulative) विकल्प उपलब्ध नहीं है।पात्रता (Eligibility): भारत का कोई भी एकल नागरिक, संयुक्त खाताधारक या नाबालिग की ओर से अभिभावक इसे खरीद सकते हैं। हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) भी पात्र हैं, लेकिन अनिवासी भारतीय (NRI) इसमें निवेश नहीं कर सकते।समय पूर्व निकासी (Premature Withdrawal): 60 वर्ष से कम आयु के सामान्य निवेशकों के लिए 7 साल से पहले निकासी की अनुमति नहीं है। हालांकि वरिष्ठ नागरिकों को आयु वर्ग के आधार पर रियायत दी गई है—60 से 70 वर्ष के निवेशकों के लिए 6 साल बाद, 70 से 80 वर्ष के लिए 5 साल बाद और 80 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए 4 साल बाद निकासी की अनुमति होती है।ट्रेडेबिलिटी और ट्रांसफर: ये बॉन्ड्स शेयर बाजार में ट्रेडेबल नहीं होते और न ही इन्हें किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सकता है (सिवाय नॉमिनी के उत्तराधिकार के मामले में)।टैक्स नियम: टीडीएस और आयकर देनदारीआरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से कर योग्य (Taxable) होता है। प्राप्त ब्याज राशि को निवेशक की कुल वार्षिक आय में जोड़कर उनके संबंधित इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स काटा जाता है। आयकर अधिनियम की धारा 194A के तहत यदि एक वित्तीय वर्ष में अर्जित कुल ब्याज निर्धारित सीमा (सीनियर सिटीजन्स के लिए 50,000 रुपये और अन्य के लिए 10,000 रुपये) से अधिक होता है, तो बैंक भुगतान के समय स्रोत पर कर कटौती (TDS) काटते हैं। टैक्स छूट सीमा के दायरे में आने वाले निवेशक फॉर्म 15G या फॉर्म 15H जमा कर सकते हैं।RBI फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स खरीदने का पूरा प्रोसेस (Online & Offline)निवेशक इन बॉन्ड्स को डिजिटल माध्यम से घर बैठे या बैंक शाखा में जाकर ऑफलाइन खरीद सकते हैं:1. RBI रिटेल डायरेक्ट (RBI Retail Direct Portal) के जरिए ऑनलाइन प्रोसेस:भारतीय रिजर्व बैंक के आधिकारिक पोर्टल rbiretaildirect.org.in पर जाएं।अपना 'रिटेल डायरेक्ट गिल्ट (RDG) अकाउंट' खोलने के लिए पैन कार्ड, आधार, सेविंग्स बैंक खाता और डिजिटल केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें।खाता एक्टिवेट होने के बाद 'Primary Market' सेक्शन में जाकर 'Floating Rate Savings Bonds (FRSB)' का चयन करें।जितनी राशि निवेश करनी है उसे दर्ज करें और नेट बैंकिंग या यूपीआई (UPI) के जरिए भुगतान पूरा करें। बॉन्ड आपके बीएलए (Bond Ledger Account) में इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी हो जाएंगे।2. अधिकृत बैंकों के जरिए ऑनलाइन/ऑफलाइन प्रोसेस:भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक सहित अधिकांश प्रमुख सरकारी व निजी बैंक FRSB जारी करने के लिए अधिकृत हैं।यदि आपके पास इन बैंकों की नेट बैंकिंग सुविधा है, तो 'Investments' या 'Govt Schemes' टैब में जाकर 'RBI Floating Rate Bonds' विकल्प चुनें और फॉर्म भरकर ऑनलाइन अप्लाई करें।ऑफलाइन आवेदन के लिए अधिकृत बैंक शाखा में जाएं, FRSB आवेदन फॉर्म (Form A) भरें, पहचान प्रमाण (पैन/आधार), चेक और रद्द चेक (कैंसिल्ड चेक) संलग्न करके जमा करें। प्रक्रिया पूरी होने पर बैंक द्वारा 'होल्डिंग सर्टिफिकेट' (Certificate of Holding) जारी किया जाता है।किसे करना चाहिए इसमें निवेश?यह योजना उन निवेशकों के लिए सबसे मुफीद है जो बिना किसी बाजार जोखिम के अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना चाहते हैं और जिन्हें 7 साल तक पैसे की तत्काल आवश्यकता नहीं है। विशेष रूप से नियमित छमाही पेंशन जैसी अतिरिक्त आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों और लंबे समय के लिए सरकारी गारंटी वाला निवेश तलाश रहे निवेशकों के लिए यह एक भरोसेमंद विकल्प है।
अमेरिका ने दूसरे दिन ईरान पर दागी मिसाइलें, कई अहम ठिकानों पर हमले
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है. अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान में IRGC के कई ठिकानों पर हवाई हमला कर दिया है. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागी हैं.
गुजरात के टेक्सटाइल व डायमंड हब 'सूरत' और राजस्थान के ऐतिहासिक पर्यटन केंद्र 'उदयपुर' के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। रेल मंत्रालय ने सूरत से उदयपुर सिटी के बीच नई 8-कोच वाली सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। यह पहली ऐसी वंदे भारत ट्रेन होगी जो सूरत स्टेशन से बनकर शुरू होगी और वहीं अपनी यात्रा समाप्त करेगी। अब तक जहां इस रूट पर अन्य सुपरफास्ट ट्रेनों या सड़क मार्ग से 10 से 12 घंटे का समय लगता था, वहीं अब यह दूरी महज 7 घंटे 30 मिनट में पूरी हो जाएगी।सूरत-उदयपुर वंदे भारत का शेड्यूल और टाइमिंग: कब चलेगी ट्रेन?रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन नंबर 26903/26904 सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में 6 दिन चलाई जाएगी (हर मंगलवार को रखरखाव के चलते इसका संचालन बंद रहेगा):सूरत से उदयपुर (ट्रेन नंबर 26903): यह ट्रेन सूरत रेलवे स्टेशन से सुबह 06:10 बजे रवाना होगी और दोपहर 01:40 बजे उदयपुर सिटी स्टेशन पहुंचेगी।उदयपुर से सूरत (ट्रेन नंबर 26904): वापसी में यह ट्रेन उदयपुर सिटी से दोपहर 03:35 बजे प्रस्थान करेगी और रात 11:00 बजे सूरत पहुंचेगी।इस ट्रेन का प्राथमिक रखरखाव (Primary Maintenance) सूरत में किया जाएगा, जबकि वडोदरा और असारवा (अहमदाबाद) स्टेशनों पर इसमें वाटरिंग की सुविधा रहेगी।रूट और प्रमुख स्टॉपेज: किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी यह सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनयह नई वंदे भारत एक्सप्रेस गुजरात के मध्य और दक्षिण हिस्सों को राजस्थान के दक्षिणी क्षेत्र से सीधे जोड़ेगी। सूरत से रवाना होकर यह ट्रेन भरूच, वडोदरा, आणंद, मणिनगर, असारवा (अहमदाबाद), हिम्मतनगर, शामलाजी रोड, डूंगरपुर और जावर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।अहमदाबाद शहर के भीतर मणिनगर और असारवा दोनों उपनगरीय स्टेशनों पर ठहराव मिलने से स्थानीय यात्रियों, व्यापारियों और छात्रों को तेज यात्रा का दोहरा विकल्प मिलेगा।उदयपुर-असारवा वंदे भारत होगी बंद, नया कॉरिडोर हुआ अपग्रेडइस नई सेवा के विस्तार के साथ ही रेलवे बोर्ड ने एक अहम परिचालन बदलाव किया है। पहले से चल रही ट्रेन नंबर 26963/26964 उदयपुर सिटी–असारवा वंदे भारत एक्सप्रेस को स्थायी रूप से बंद किया जा रहा है। इसी रूट को दक्षिण गुजरात के सूरत तक विस्तारित और अपग्रेड करके अब सीधे सूरत-उदयपुर वंदे भारत के रूप में संचालित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बिना ट्रेन बदले सीधी लंबी दूरी की प्रीमियम यात्रा का लाभ मिल सकेगा।पर्यटन, व्यापार और डेस्टिनेशन वेडिंग्स को मिलेगा बड़ा बूस्टसूरत और दक्षिण गुजरात से हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक झीलों की नगरी उदयपुर, कुंभलगढ़ और श्रीनाथजी (नाथद्वारा) के दर्शन के लिए जाते हैं। इसके अलावा राजस्थान में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग्स और कपड़ा-हीरा कारोबारियों के इंटर-स्टेट मूवमेंट के लिहाज से यह ट्रेन गेम-चेंजर साबित होगी। आरामदायक एर्गोनॉमिक सीट्स, पैनोरमिक विंडोज, ऑटोमैटिक प्लग डोर्स और ऑन-बोर्ड कैटरिंग के साथ यह सफर न सिर्फ समय बचाएगा बल्कि बेहद सुविधाजनक भी होगा। आगामी त्योहारी सीजन और नवरात्रि से ठीक पहले इस सेवा के पटरी पर उतरने की पूरी तैयारी है।
नेपाल बाढ़ में 163 भारतीय सुरक्षित निकाले गए, चिलिमे सुरंग में राहत अभियान जारी
नयी दिल्ली, एक सितंबर विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को कहा कि नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद बचाए गए भारतीय नागरिकों की संख्या 163 हो गई है और भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय के तहत राहत और बचाव अभियान जारी रखे हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने एक बयान के साथ भारत की 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम की भी जानकारी साझा की, जिसने रविवार को काठमांडू में काम शुरू कर दिया। साथ ही नेपाल में तैनात सुरंग बचाव दल के बारे में भी जानकारी दी। बयान में कहा गया है, ‘‘चिलिमे में जलविद्युत सुरंगों तक पहुंच बनाने के बाद भारतीय बचाव दल को बेहद सीमित जगह, भौगोलिक स्थिति के कारण विशेष उपकरणों के इस्तेमाल में परेशानी और सुरंग के फर्श पर दलदली स्थिति जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।’’बयान में कहा गया है, ‘‘नए तरीकों और उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए दल सुरंग के अंदर अधिक गहराई तक पहुंचने में सफल रहा। सुरंग के अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को बचाने के लिए उसके प्रयास कल भी जारी रहेंगे।’’इस बीच अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 1,003 हो गई। सुरक्षा बलों ने देश के आठ जिलों से और शव बरामद किए हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने बताया कि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं, जबकि लगभग 12,000 लोगों को बचाया जा चुका है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के शहरों तथा गांवों को तबाह कर दिया। जायसवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नेपाल में भारतीय नागरिकों और भारत के राहत एवं बचाव प्रयासों के फलस्वरूप 1 सितंबर 2026 को रात 7:30 बजे तक बचाए गए भारतीय नागरिकों की संख्या 163 हो गई है। आज 151 भारतीय चीन से रवाना हुए।’’उन्होंने कहा कि भारत की फोरेंसिक टीम ने मंगलवार को नेपाल के अपने समकक्षों के साथ समन्वय कर गतिविधियों का विस्तार किया। टीम डीएनए की जांच और विश्लेषण जैसे काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे नेपाल में डीएनए नमूनों की जांच की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी।
थलपति विजय ने दिया खास तोहफा, सनग्लास लगा बुजुर्ग बोलीं-जैसा फिल्मों देखा वैसे ही हैं
फिल्मों से दूरी बना लेने के बावजूद विजय आज भी आम जनता के बीच सुपरस्टार हैं। इसकी एक झलक, तब देखने को मिली जब विजय ने एक महिला को अपना स्टाइलिश सनग्लास तोहफे में दे दिया।
भीलवाड़ा : स्कूल में बैठे बच्चों के अपहण का प्रयास से सनसनी फैली
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बदनोर थाना क्षेत्र में ग्राम पंचायत में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय गायत्री नगर में मंगलवार काे सुबह बच्चों के अपहरण के प्रयास से सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े सात बजे छह बच्चे स्कूल के बरामदे में बैठे थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति स्कूल […] The post भीलवाड़ा : स्कूल में बैठे बच्चों के अपहण का प्रयास से सनसनी फैली appeared first on Sabguru News .
नाबालिग से शादी का दावा नहीं आया काम, केरल HC ने कहा- POCSO में चलेगा केस
केरल हाईकोर्ट ने 17 साल की लड़की से रेप के आरोपी की याचिका खारिज कर दी. आरोपी ने मुस्लिम रीति-रिवाज से शादी और लड़की को पत्नी बताते हुए केस खत्म करने की मांग की थी. कोर्ट ने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की के साथ यौन संबंध पर POCSO लागू होगा. वैवाहिक रिश्ता आरोपी को आपराधिक जिम्मेदारी से नहीं बचा सकता.
डर दिखाकर आवाज नहीं दबा सकते… SC के फैसले के बाद कॉकरोचों ने फिर भरी हुंकार, कर दी एक और मांग
CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का भी केंद्र को निर्देश दिया है। इसे अमली जामा पहनाने की मांग CJP ने की है।
बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि नेता सुबह से रात तक अपना प्रचार करने में व्यस्त रहते हैं। वे संगठन को मजबूत करने के बजाय सोशल मीडिया पर रील्स बनाने, फॉलोअर बढ़ाने और प्रशंसक क्लब बनाने में अधिक दिलचस्पी रखते हैं।
भिवाड़ी में करीब 4 करोड़ रुपए की दवाइयां और दवा बनाने का कच्चा सामान जब्त
जयपुर। राजस्थान के भिवाड़ी में करीब चार करोड़ रुपए कीमत की दवाइयां और दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान जब्त किया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि विभाग को मिली सूचना के आधार पर आयुक्तालय मुख्यालय जयपुर, अलवर और दौसा के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने […] The post भिवाड़ी में करीब 4 करोड़ रुपए की दवाइयां और दवा बनाने का कच्चा सामान जब्त appeared first on Sabguru News .
नाबालिग से शादी पॉक्सो के तहत कार्रवाई से नहीं बचा सकती: केरल उच्च न्यायालय
कोच्चि, एक सितंबर केरल उच्च न्यायालय ने 17 वर्षीय एक किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म करने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि भले ही उसकी शादी मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों से हुई हो, फिर भी यह उसे पॉक्सो कानून के तहत आपराधिक मामले से नहीं बचाएगा। न्यायमूर्ति जोबिन सेबेस्टियन ने मन्नारक्कड़ पुलिस थाने में दर्ज मामले के पहले आरोपी द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। यह मामला पट्टाम्बी की त्वरित विशेष अदालत में लंबित है। इंडिपेंडेंट थॉट मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा तय किए गए कानून का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि जो व्यक्ति 18 साल से कम उम्र की लड़की के साथ यौन संबंध बनाता है, उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत दुष्कर्म का मुकदमा चलाया जा सकता है, भले ही पीड़िता उसकी पत्नी हो और उसकी उम्र 15 से 18 साल के बीच हो। अदालत ने 19 अगस्त के अपने आदेश में कहा, ‘‘इसलिए, इस मामले में आरोपी आईपीसी की धारा 375 के अपवाद 2 की मदद से मुकदमे से बच नहीं सकता।’’आरोपी के वकील की इन दलीलों को खारिज करते हुए कि किशोरी उसकी कानूनन विवाहिता पत्नी है और उनकी शादी इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार तब हुई थी जब वह 17 साल एक महीने की थी, अदालत ने कहा कि बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम तब लागू होता है जब शादी करने वालों में से कोई एक नाबालिग हो, भले ही शादी पर्सनल लॉ के तहत वैध हो। अदालत ने कहा कि आरोपी शादी के रिश्ते का हवाला देकर कानूनी कार्रवाई से बच नहीं सकता। उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘अगर बहस के लिए यह मान भी लिया जाए कि शादी मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार हुई थी, तो भी इससे याचिकाकर्ता की आपराधिक जवाबदेही खत्म नहीं होगी, खासकर इसलिए क्योंकि कथित शादी और उसके बाद हुए यौन अपराधों के समय लड़की की उम्र 17 साल थी।’’अदालत ने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं कि अगर शादी करने वाले जोड़े में से कोई एक नाबालिग है, तो पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे, भले ही पर्सनल लॉ के तहत शादी वैध हो या नहीं।’’आरोपी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 528 के तहत कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 23 अक्टूबर 2021 को आरोपी किशोरी को कार में अपने घर ले गया और 23 से 26 अक्टूबर के बीच कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। दूसरे और तीसरे आरोपी ने कथित तौर पर इस अपराध में मदद की। अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि किशोरी के माता-पिता को पहले आरोपी द्वारा किए गए कथित अपराध के बारे में पता होने के बावजूद, उन्होंने न तो उसे मायके वापस बुलाया और न ही अधिकारियों को इस मामले की सूचना दी।
राजस्थान में निकाय चुनाव में भाजपा की होगी प्रचण्ड जीत : मदन राठौड़
जयपुर। राजस्थान भारतीय जनता पार्टी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने निकाय चुनाव में भाजपा को जनता का अभुतपूर्व समर्थन मिलने और प्रचण्ड जीत का दावा किया है। राठौड़ ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि कार्यकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक एवं जनता के मध्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के द्वारा किये जा रहे […] The post राजस्थान में निकाय चुनाव में भाजपा की होगी प्रचण्ड जीत : मदन राठौड़ appeared first on Sabguru News .
2022 में मिली हार से कांग्रेस ने लिया सबक, यूपी चुनाव में अब 'पैसे वालों' पर दांव
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में इस बार कांग्रेस आर्थिक रूप से मजबूत उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की तैयारी कर रही है. 2022 में मिली हार के बाद और अनुभवों से सीखते हुए पार्टी उम्मीदवारों से फंड योगदान की उम्मीद भी कर रही है. इसके साथ ही, सपा के साथ गठबंधन जारी रखते हुए कांग्रेस 50-50 के अनुपात में सीटें बांटने पर जोर दे रही है.
नेपाल में भीषण बाढ़ में 'ग्रीन हाउस' कैसे बच गया? देखें विशेष
नेपाल का दर्द इतना बड़ा है कि जिसकी भरपाई हो ही नहीं सकती.. कुदरत ने नेपाल को तबाह कर दिया.. बर्बाद कर दिया... कहानियां ऐसी हैं कि रोंगटे खड़े हो जाएं... एक एक घर से 24-24 शव मिल रहे हैं... पिता के सामने बेटा बह गया.. पति के सामने पत्नी बह गई... परिवार के परिवार बिखर गए.. हजारों लोगों को जीवन भर का दर्द मिला है... और ऐसी ही कहानियों के बीच कुछ लोग ऐसे भी थे... जो भीषण बाढ़ में घिरने के बाद भी बच गए.
शक्ति शर्मा कौन? वायुसेना में रचा इतिहास, बनीं पहली गैर-चिकित्सकीय महिला एयर वाइस मार्शल
भारतीय वायुसेना की अधिकारी एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने मंगलवार को देश के सशस्त्र बलों के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया। वह भारतीय रक्षा बलों में एयर वाइस मार्शल या समकक्ष दो-स्टार रैंक हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं...
4 गोल्ड जीतने वाला खिलाड़ी सब्जी बेचने और कैब चलाने को मजबूर, CM ने लिया संज्ञान
चार इंटरनेशनल गोल्ड जीत चुके झारखंड के थ्रोबॉल खिलाड़ी अमरदीप सरकारी नौकरी नहीं मिलने के कारण सब्जी बेचने और कैब चलाकर परिवार पाल रहे हैं. उनकी कहानी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया और खेल विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए. खेल मंत्री ने कहा कि सरकार पॉलिसी के आधार पर नौकरी और रोजगार के अन्य विकल्प तलाश रही है.
उज्जैन में चिता पर शव के साथ कृत्य का वीडियो वायरल करने वाला आरोपी अरेस्ट
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में जीवाजीगंज थाना क्षेत्र स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर चिता पर जल रहे मानव शव के साथ कथित अमानवीय एवं आपत्तिजनक कृत्य कर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार साडूमाता की बावड़ी के आगे आउटर […] The post उज्जैन में चिता पर शव के साथ कृत्य का वीडियो वायरल करने वाला आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
नयी दिल्ली, एक सितंबर दिल्ली यातायात पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 से पहले वाहनों के काफिले की रिहर्सल को लेकर यातायात परामर्श जारी किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दो सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी की कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन लागू रहेंगे। उन्होंने बताया कि रिहर्सल सुबह 10 बजे से अपराह्न तीन बजे तक होगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। यातायात पुलिस के परामर्श में कहा गया है कि रिहर्सल के दौरान 22 स्थानों पर यातायात का मार्ग परिवर्तन किया जाएगा और 35 से अधिक सड़कों पर यातायात का संचालन नियंत्रित रहेगा। वाहन चालकों वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। परामर्श के अनुसार, जिन प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है उनमें सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, मथुरा रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, सत्य मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, रंजीत सिंह फ्लाईओवर, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, कमाल अतातुर्क मार्ग, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम रोड और प्रेस एन्क्लेव रोड शामिल हैं। यातायात पुलिस ने कई मार्ग परिवर्तन स्थालों की पहचान की है। इनमें डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक, राम चरण अग्रवाल चौक (आईटीओ), मीर दर्द चौक, कस्तूरबा गांधी मार्ग-आउटर सर्किल, जनपथ-कनॉट प्लेस, पटेल चौक, आरएमएल अस्पताल गोलचक्कर, धौला कुआं फ्लाईओवर, मोती बाग फ्लाईओवर, लोधी रोड और मंदिर हाउस शामिल हैं, जहां आवश्यकतानुसार यातायात का मार्ग परिवर्तन किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी, जबकि वीआईपी आवाजाही के दौरान बसों का मार्ग बदला जा सकता है। टैक्सी और ऑटो-रिक्शा को निर्धारित स्थानों को छोड़कर सड़कों के किनारे खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी।
मध्यमवर्गीय परिवारों और नौकरीपेशा युवाओं के लिए बचत करना और सही जगह निवेश करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। ज्यादातर लोग हर महीने एक तय रकम की एसआईपी (SIP) शुरू तो कर देते हैं, लेकिन अपनी बढ़ती आय के अनुपात में निवेश की रकम को नहीं बढ़ाते। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई दर को मात देने और भविष्य के लिए एक बड़ा वेल्थ फंड तैयार करने में साधारण एसआईपी के मुकाबले 'स्टेप-अप एसआईपी' कहीं अधिक प्रभावशाली साबित होती है। यदि कोई निवेशक अपनी मासिक बचत में हर साल मात्र 1,000 रुपये का मामूली इजाफा करता जाए, तो 20 से 25 साल के कार्यकाल में वह 2.56 करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा कॉर्पस तैयार कर सकता है।क्या है Step-Up SIP और यह सामान्य एसआईपी से कैसे अलग हैस्टेप-अप एसआईपी, जिसे टॉप-अप एसआईपी भी कहा जाता है, एक ऐसी निवेश सुविधा है जिसमें निवेशक को अपनी मौजूदा मंथली एसआईपी में हर साल एक निश्चित रकम या तय प्रतिशत जोड़ने की छूट मिलती है। आमतौर पर नौकरीपेशा लोगों का वेतन हर साल इंक्रीमेंट या प्रमोशन के जरिए बढ़ता है। इसके साथ ही उनकी खर्च करने की क्षमता और बचत का दायरा भी बढ़ जाता है। अधिकांश लोग साधारण एसआईपी में 15-20 साल तक एक ही फिक्स्ड अमाउंट जमा करते रहते हैं, जिससे कंपाउंडिंग का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। स्टेप-अप एसआईपी में आपका निवेश आपकी आमदनी की गति से बढ़ता है, जो लंबी अवधि में आपके रिटर्न को कई गुना तेज कर देता है।₹1,000 का वार्षिक इजाफा और ₹2.56 करोड़ का सटीक कैलकुलेशनगणितीय दृष्टि से समझें तो स्टेप-अप का असर शुरुआत में भले ही छोटा लगे, लेकिन 15 साल बाद इसका असर तेजी से दिखने लगता है। मान लीजिए एक 25 वर्षीय निवेशक शुरुआती दौर में 5,000 रुपये प्रति माह की एसआईपी शुरू करता है। वह हर साल अपनी मासिक किस्त में केवल 1,000 रुपये की बढ़ोतरी (Step-up) करने का संकल्प लेता है। इसका मतलब है कि पहले साल मासिक निवेश 5,000 रुपये, दूसरे साल 6,000 रुपये, तीसरे साल 7,000 रुपये और इसी क्रम में आगे बढ़ता रहेगा। यदि म्यूचुअल फंड इक्विटी पर औसतन 12% का वार्षिक अनुमानित रिटर्न (CAGR) माना जाए, तो 25 वर्षों के भीतर यह साधारण सा निवेश कुल 2.56 करोड़ रुपये से अधिक का फंड तैयार कर देता है। इस पूरी अवधि में निवेशक द्वारा जमा की गई कुल मूल राशि लगभग 51 लाख रुपये होगी, जबकि कंपाउंडिंग रिटर्न से मिला शुद्ध मुनाफा 2.05 करोड़ रुपये से अधिक निकलकर आएगा।कंपाउंडिंग की जादुई ताकत कैसे बदलती है पूरा गेमअल्बर्ट आइंस्टीन ने कंपाउंडिंग को दुनिया का आठवां अजूबा कहा था, और स्टेप-अप एसआईपी इसी सिद्धांत पर सबसे बेहतर काम करती है। साधारण एसआईपी में जहां रिटर्न केवल जमा पूंजी और समय पर निर्भर करता है, वहीं स्टेप-अप में हर साल फ्रेश कैपिटल का फ्लो बढ़ता जाता है। शुरुआत के 5 से 10 सालों में रिटर्न सामान्य दिखता है, लेकिन जैसे ही समय 15 साल के पार जाता है, आपके पुराने मुनाफे पर भी नया मुनाफा बनने लगता है। इसे 'स्नोबॉल इफेक्ट' कहा जाता है, जहां छोटी सी बर्फ की गेंद लुढ़कते-लुढ़कते विशालकाय रूप ले लेती है।भारतीय निवेशकों के लिए सही एसेट एलोकेशन और फंड्स का चयनभारतीय शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में फ्लेक्सी-कैप, लार्ज-एंड-मिड कैप और इंडेक्स फंड्स को लंबी अवधि के निवेश के लिए संतुलित माना गया है। यदि आपका लक्ष्य 15 से 25 साल का है, तो एक्टिवली मैनेज्ड डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स या निफ्टी 50 इंडेक्स फंड्स में स्टेप-अप एसआईपी सेट करना जोखिम को कम करता है। मेट्रो शहरों से लेकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ऑटो-पे मैकेनिज्म के जरिए सीधे स्टेप-अप फीचर को एक्टिवेट कर रहे हैं, जिससे बैंक से हर साल तय महीने में एसआईपी राशि खुद ब खुद अपडेट हो जाती है।महंगाई और लाइफस्टाइल खर्चों को मात देने का अचूक हथियारमुद्रास्फीति यानी महंगाई हर साल आपकी क्रय शक्ति को कम करती है। आज जो खर्च 50,000 रुपये में चल रहा है, 20 साल बाद उसी लाइफस्टाइल के लिए 1.5 लाख रुपये से अधिक की जरूरत होगी। यदि आपका निवेश स्थिर रहेगा, तो भविष्य में वह महंगाई के सामने छोटा पड़ जाएगा। स्टेप-अप एसआईपी न केवल आपके पोर्टफोलियो को महंगाई से आगे रखती है बल्कि बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी और रिटायरमेंट जैसे बड़े वित्तीय लक्ष्यों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय तनाव के समय से पहले पूरा करने का मार्ग प्रशस्त करती है। अनुशासित निवेश, समयबद्धता और वार्षिक टॉप-अप की यह छोटी सी आदत किसी भी सामान्य निवेशक को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाने में पूरी तरह सक्षम है।
इस पेड़ की लकड़ी से बनवाएं फर्नीचर, सालों नहीं लगेगी दीमक
घर के लकड़ी के फर्नीचर में बार-बार दीमक लगने से परेशान हैं? दीमक धीरे-धीरे बेड, अलमारी, टेबल और दरवाजों को अंदर से खोखला कर देती है. ऐसे में जानिए मिलिया अजेडराक यानी महानीम और बकायन की लकड़ी की खासियत, जिसमें मौजूद कुछ नेचुरल तत्व कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकते हैं.
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का 20वां संस्करण अगले वर्ष जनवरी में होगा
जयपुर। विश्व प्रसिद्ध साहित्य उत्सव जयपुर साहित्य महोत्सव (जेएलएफ) का 20वां संस्करण अगले वर्ष जनवरी में राजधानी जयपुर में आयोजित होगा। जेएलएफ के आयोजकों के अनुसार जेएलएफ इस संस्करण के आयोजन की तैयारी कर रहा है और राजस्थान सरकार के सहयोग से यह संस्करण 14 से 18 जनवरी तक जयपुर में आयोजित होगा, जिसमें साहित्य, […] The post जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का 20वां संस्करण अगले वर्ष जनवरी में होगा appeared first on Sabguru News .
त्योहारों पर अब नहीं सताएगी बिजली कटौती! यूपी सरकार चलाएगी अभियान
नवरात्र, दशहरा और दीपावली से पहले यूपी में बिजली व्यवस्था ठीक करने के लिए 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक खास अभियान चलेगा. इस दौरान खराब तार, उपकरण और ट्रांसफॉर्मर ठीक किए जाएंगे, पेड़ों की डालियां भी काटी जाएंगी.
ममता बनर्जी की भांजी वृष्टि मुखर्जी ने अपने आवास में कथित तौर पर सुसाइड की
रामपुरहाट। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भांजी वृष्टि मुखर्जी का शव मंगलवार दोपहर यहां घर पर फांसी के फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। वृष्टि (28 वर्ष), ममता बनर्जी के मौसेरे भाई और रामपुरहाट ब्लॉक नंबर एक के पूर्व तृणमूल […] The post ममता बनर्जी की भांजी वृष्टि मुखर्जी ने अपने आवास में कथित तौर पर सुसाइड की appeared first on Sabguru News .
'रील बनाने में बिजी', BJP विधायक ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ खोला मोर्चा
पश्चिम बंगाल के बीजेपी विधायक अमरनाथ साखा ने पार्टी के कुछ नेताओं पर पार्टी को कमजोर करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कुछ लोग CPI(M) का मुकाबला करने की बजाय रील्स बनाने और फॉलोअर्स बढ़ाने में लगे हैं.
यूक्रेन में मारे गए भारतीय के पार्थिव शरीर को लाने की कोशिशें तेज, रूसी हमले में हुई थी मौत
यूक्रेन में भारत के दूतावास ने कहा है कि हमले में मारे गए भारतीय नागरिक के शव को जल्द से जल्द वापस लाने के लिए हर संभव मदद किया जा रहा है. इस संबंध में दूतावास उनकी कंपनी और यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में है.
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर दुनिया के सबसे ताकतवर वैश्विक सम्मेलनों में से एक 'ब्रिक्स समिट' (BRICS Summit) की मेजबानी के लिए पूरी तरह सज-धज कर तैयार हो रही है। विश्व के शीर्ष राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी राजनयिकों, सुरक्षा सलाहकारों, अंतरराष्ट्रीय उद्योगपतियों और वैश्विक मीडिया के जमावड़े के चलते दिल्ली-एनसीआर का पूरा माहौल कूटनीतिक हलचलों से भर गया है। इस महा-आयोजन का सीधा और सबसे बड़ा असर दिल्ली के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। सम्मेलन शुरू होने से काफी पहले ही राजधानी के शीर्ष 5-स्टार और 7-स्टार लक्जरी होटलों में कमरे पूरी तरह बुक हो चुके हैं और जो कुछ गिने-चुने सुइट्स बचे हैं, उनके किराए में रिकॉर्ड तोड़ उछाल दर्ज किया गया है।होटल बुकिंग पोर्टल्स और लक्जरी होटल नेटवर्क्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मध्य दिल्ली और आईजीआई एयरपोर्ट के पास स्थित चुनिंदा लक्जरी सुइट्स का एक रात का किराया 2.4 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। सामान्य दिनों में जो कमरे 15,000 से 30,000 रुपये प्रति रात में उपलब्ध होते थे, उनके दाम आज 80,000 से 1.2 लाख रुपये के बीच चल रहे हैं। लुटियंस दिल्ली, चाणक्यपुरी डिप्लोमैटिक एन्क्लेव और एरोसिटी के प्रमुख होटलों ने भारी मांग के चलते बुकिंग विंडो बंद कर दी हैं।₹2.4 लाख प्रति रात तक पहुंचा किराया: लुटियंस से एरोसिटी तक मची होड़दिल्ली के प्रीमियम होटल हब जैसे चाणक्यपुरी, सरदार पटेल मार्ग, जनपथ, मानसिंह रोड और एरोसिटी हॉस्पिटैलिटी डिस्ट्रिक्ट में स्थिति यह है कि ज्यादातर संपत्तियों में 95 से 100 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी दर्ज की जा चुकी है। विभिन्न देशों के दूतावासों, विदेशी मंत्रालयों और वैश्विक प्रतिनिधिमंडलों ने महीनों पहले ही पूरे-पूरे फ्लोर और प्रेसिडेंशियल सुइट्स आरक्षित कर लिए थे।ताज मानसिंह, आईटीसी मौर्य, द लीला पैलेस चाणक्यपुरी, द ओबेरॉय नई दिल्ली, द इंपीरियल, शांग्री-ला इरोज और एरोसिटी स्थित जेडब्ल्यू मैरियट व पुलमैन जैसे लक्जरी होटलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के वीवीआईपी सुइट्स की मांग चरम पर है। आईटीसी मौर्य का मशहूर 'ग्रैंड प्रेसिडेंशियल सुइट' और लीला पैलेस का 'महाराजा सुइट' हमेशा से राष्ट्राध्यक्षों की पहली पसंद रहे हैं। इन विशेष सुइट्स के लिए प्रति रात का किराया 2.4 लाख रुपये से अधिक कोट किया जा रहा है, जिसमें बुलेटप्रूफ खिड़कियां, निजी शेफ, निजी बटलर, अत्याधुनिक सुरक्षा नियंत्रण और निजी बोर्डरूम जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं।कॉरपोरेट जगत और आम यात्रियों का बदला रुख: गुरुग्राम और नोएडा शिफ्ट हो रही बुकिंग्सब्रिक्स सम्मेलन के चलते दिल्ली के मुख्य इलाकों में सामान्य पर्यटकों और बिजनेस यात्रियों के लिए कमरे मिलना लगभग असंभव हो गया है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपनी नियमित कॉरपोरेट बैठकों और बिजनेस ट्रैवल्स की तारीखें आगे बढ़ानी पड़ी हैं या फिर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अन्य हिस्सों का रुख करना पड़ रहा है।लुटियंस जोन और दक्षिण दिल्ली में होटलों की भारी कमी के कारण गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड, साइबर सिटी और नोएडा के प्रीमियम होटलों में भी कमरे तेजी से भरने लगे हैं। जो विदेशी सैलानी दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों जैसे लाल किला, कुतुब मीनार और इंडिया गेट को देखने आ रहे थे, वे अब दिल्ली की बजाय जयपुर, आगरा या एनसीआर के बाहरी रिसॉर्ट्स में रुकने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही दिल्ली आने-जाने वाली प्रमुख उड़ानों के बिजनेस क्लास के टिकटों की कीमतों में भी तेज उछाल देखा जा रहा है।7-लेयर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल, बुलेटप्रूफ गाड़ियां और विशेष वीवीआईपी बंदोबस्तब्रिक्स जैसे विशाल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए केवल कमरों की बुकिंग ही काफी नहीं होती, बल्कि सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए जाते हैं जो किसी किले से कम नहीं होते। दिल्ली पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्रालय, एसपीजी, एनएसजी और संबंधित देशों की सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त समन्वय से चाणक्यपुरी और होटल परिसरों को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है।होटल के कर्मचारियों का पूर्ण पुलिस सत्यापन, चौबीसों घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम, बायोमेट्रिक एंट्री और चौतरफा सीसीटीवी सर्विलांस सक्रिय कर दिया गया है। वीवीआईपी मेहमानों के आवागमन के लिए सैकड़ों की संख्या में लक्जरी और बुलेटप्रूफ मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी गाड़ियों का काफिला तैयार किया गया है। इसके अलावा, विदेशी मेहमानों के खान-पान के लिए दुनिया भर से आए मास्टर शेफ और भारत के चुनिंदा क्षेत्रीय व्यंजनों को परोसने की विशेष व्यवस्था की गई है।दिल्ली की अर्थव्यवस्था और एमआईसीई (MICE) टूरिज्म को मिलेगा ऐतिहासिक बूस्टइस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों से न केवल हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी मुनाफा होता है, बल्कि पूरे स्थानीय सेवा क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलती है। कैब एग्रीगेटर्स, प्रीमियम कार रेंटल एजेंसियां, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां, ट्रांसलेटर व इंटरप्रेटर सर्विसेज, आर्ट व हैंडीक्राफ्ट आउटलेट्स और उच्च-स्तरीय खान-पान उद्योग में करोड़ों रुपये का सीधा कारोबार होता है।विशेषज्ञों का मानना है कि जी-20 सम्मेलन की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब ब्रिक्स सम्मेलन दिल्ली को वैश्विक 'माइंस टूरिज्म' (Meetings, Incentives, Conferences, and Exhibitions) के सबसे प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। इससे भारत की वैश्विक छवि एक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे वाले देश के रूप में और अधिक मजबूत होती है।
सुप्रीम कोर्ट केंद्र की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है, जिसमें ओबीसी क्रीमी लेयर के मानदंडों पर 11 मार्च के अपने फैसले पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
EPFO Pension: 10 साल की नौकरी और ₹20,000 बेसिक सैलरी पर कितनी मिलेगी पेंशन? समझें पूरा गणित
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत आने वाले हर संगठित क्षेत्र के कर्मचारी की सैलरी का एक हिस्सा हर महीने भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS - Employee Pension Scheme, 1995) में जमा होता है। नौकरी के 10 साल पूरे करने के बाद कर्मचारी न्यूनतम पेंशन पाने का पात्र हो जाता है।अक्सर प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के मन में यह सवाल रहता है कि यदि उनकी बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता (DA) ₹20,000 प्रति माह है और उन्होंने 10 साल की सेवा पूरी की है, तो 58 वर्ष की आयु के बाद उन्हें मासिक पेंशन के रूप में कितनी राशि मिलेगी। ईपीएस पेंशन का निर्धारण एक तय फॉर्मूले से किया जाता है:मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन पेंशन योग्य सेवा अवधि) / 70पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service): कर्मचारी द्वारा नौकरी में बिताए गए कुल वर्ष (न्यूनतम 10 वर्ष अनिवार्य)।पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary): नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट से पहले के अंतिम 60 महीनों (5 वर्षों) का औसत मूल वेतन (बेसिक + डीए)।₹20,000 बेसिक पर ₹15,000 की वेज सीलिंग का नियमईपीएस पेंशन की गणना करते समय सबसे महत्वपूर्ण कारक वेज सीलिंग (Wage Ceiling) है। कर्मचारी पेंशन योजना (संशोधित 2014) के मौजूदा नियमों के अनुसार, ईपीएस में योगदान के लिए अधिकतम पेंशन योग्य वेतन सीमा ₹15,000 प्रति माह तय की गई है।भले ही आपकी वास्तविक बेसिक सैलरी ₹20,000, ₹30,000 या ₹50,000 हो, लेकिन यदि आपका ईपीएस योगदान मानक ₹15,000 की सीमा पर ही काटा जाता रहा है (अर्थात ₹15,000 का 8.33% = ₹1,250 प्रति माह), तो पेंशन गणना के लिए आपका पेंशन योग्य वेतन ₹20,000 नहीं बल्कि अधिकतम ₹15,000 ही माना जाएगा।10 साल की नौकरी और ₹20,000 बेसिक पर पेंशन का वास्तविक गणितयदि आपकी वास्तविक बेसिक सैलरी ₹20,000 है लेकिन योगदान ₹15,000 की वैधानिक सीमा पर गया है:पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary): ₹15,000 (अधिकतम सीमा)पेंशन योग्य सेवा अवधि (Service Period): 10 वर्षगणना: (15,000 10) / 70 = ₹2,142.85 प्रति माहअर्थात, इस स्थिति में कर्मचारी को 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर लगभग ₹2,143 प्रति माह की आजीवन मासिक पेंशन मिलेगी।यदि किसी कर्मचारी ने सुप्रीम कोर्ट के 2022 के फैसले के तहत उच्च पेंशन (Higher Pension on Actual Salary) का विकल्प चुना है और उसका पूरा ईपीएस योगदान वास्तविक ₹20,000 के वेतन पर कटा है:पेंशन योग्य वेतन: ₹20,000पेंशन योग्य सेवा अवधि: 10 वर्षगणना: (20,000 10) / 70 = ₹2,857.14 प्रति माहइस स्थिति में कर्मचारी को लगभग ₹2,857 प्रति माह की पेंशन मिलेगी।20 साल से अधिक सेवा पर 2 साल का बोनस वेटेजईपीएफओ के नियमों के तहत जो कर्मचारी 20 साल या उससे अधिक की पेंशन योग्य सेवा पूरी करते हैं, उन्हें सेवा अवधि में 2 वर्ष का अतिरिक्त वेटेज (बोनस) दिया जाता है।उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी ने 33 वर्ष की सेवा पूरी की है, तो उसकी पेंशन योग्य सेवा 33 + 2 = 35 वर्ष मानी जाएगी। ऐसे में ₹15,000 की सीलिंग पर उसकी मासिक पेंशन: (15,000 35) / 70 = ₹7,500 प्रति माह (जो कि मौजूदा ₹15,000 सीलिंग के तहत अधिकतम संभव सामान्य पेंशन है) हो जाएगी।EPF बनाम EPS: आपका 12% योगदान कहां जाता है?ईपीएफओ व्यवस्था के तहत कर्मचारी और नियोक्ता (कंपनी) दोनों का योगदान निर्धारित होता है:कर्मचारी का योगदान: कर्मचारी की बेसिक + डीए का पूरा 12% हिस्सा सीधे कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाते में जाता है।कंपनी (नियोक्ता) का योगदान: कंपनी के 12% योगदान में से 8.33% हिस्सा ईपीएस (EPS) खाते में जाता है (अधिकतम ₹1,250 प्रति माह, ₹15,000 की सीलिंग पर) और शेष 3.67% हिस्सा ईपीएफ (EPF) खाते में जाता है।न्यूनतम पेंशन गारंटी: सरकार ने ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह सुनिश्चित की हुई है।अर्ली पेंशन और पेंशन क्लेम करने की शर्तेंन्यूनतम पात्रता: पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 वर्ष (120 महीने) की निरंतर सेवा आवश्यक है।सामान्य रिटायरमेंट आयु: ईपीएस पेंशन का पूरा लाभ 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर मिलता है।अर्ली पेंशन (Early Pension): 50 वर्ष की आयु के बाद और 58 वर्ष से पहले भी पेंशन ली जा सकती है, लेकिन 58 वर्ष से जितने वर्ष पहले पेंशन शुरू करेंगे, प्रति वर्ष 4% की दर से पेंशन राशि में कटौती (Early Reduction) की जाएगी।10 साल से कम नौकरी: यदि कुल सेवा 10 साल से कम है, तो कर्मचारी फॉर्म 10C भरकर पेंशन फंड की पूरी जमा राशि एकमुश्त वापस निकाल सकता है।
वायु सेना की शिक्षा शाखा की अधिकारी शक्ति शर्मा बनीं पहली महिला एयर वाइस मार्शल
नई दिल्ली। एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा भारतीय रक्षा बलों के गैर-चिकित्सा वर्ग से एयर वाइस मार्शल या समकक्ष पद हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। एयर वाइस मार्शल शर्मा की पदोन्नति को सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा मंत्रालय […] The post वायु सेना की शिक्षा शाखा की अधिकारी शक्ति शर्मा बनीं पहली महिला एयर वाइस मार्शल appeared first on Sabguru News .
ISI का 'मरकज सुभानअल्लाह' प्लान लीक, PoK में जुट रहे जैश, लश्कर और हिजबुल के खूंखार आतंकी
ISI जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा है, जिसके तहत जैश, लश्कर और हिजबुल के खूंखार आतंकी PoK में इकट्ठा हो रहे हैं।
सस्ता हुआ प्याज! सरकार ने 19 शहरों में ₹35/किलो की दर से शुरू की बफर स्टॉक बिक्री, चेक करें लिस्ट
त्योहारी और आगामी शादियों के सीजन से पहले रसोई के बजट को बिगड़ने से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर सख्त कदम उठाया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने देश के प्रमुख उपभोग केंद्रों पर प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए अपने बफर स्टॉक से चरणबद्ध तरीके से प्याज जारी करने का दायरा 19 प्रमुख शहरों तक बढ़ा दिया है। आम उपभोक्ताओं को महंगे प्याज से सीधे राहत दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने खुदरा बिक्री के लिए ₹35 प्रति किलोग्राम का रियायती भाव तय किया है।देश में प्याज का कुल उत्पादन लगभग 307 लाख मीट्रिक टन के आरामदायक स्तर पर बना हुआ है, इसलिए मंडियों में कमी की कोई गुंजाइश नहीं है। बिचौलियों और मौसमी जमाखोरी से निपटने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत सुरक्षित किए गए स्टॉक को सीधे खुदरा स्तर पर उतारा जा रहा है। सरकार के इस हस्तक्षेप का असर मंडियों में दिखने लगा है और कई इलाकों में दाम स्थिर होने लगे हैं।19 शहरों में 'कांदा एक्सप्रेस' और ट्रकों से पहुंच रहा प्याजसप्लाई चेन को तेज और सुचारू बनाने के लिए सरकार ने रेलवे और सड़क परिवहन का हाइब्रिड मॉडल तैयार किया है। महाराष्ट्र के नासिक से 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेन के विशेष रैक के जरिए हजारों टन प्याज बड़े शहरों में पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही लगभग 1,000 मीट्रिक टन प्याज 30 से अधिक विशेष ट्रकों के माध्यम से सड़क मार्ग से सीधे उन शहरों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां कीमतों पर दबाव अधिक देखा जा रहा था।जिन 19 प्रमुख शहरों में यह रियायती बफर स्टॉक प्याज पहुंचाया गया है, उनमें दिल्ली-एनसीआर, जयपुर, जम्मू, देहरादून, शिमला, अमृतसर, चंडीगढ़, कोलकाता, गुवाहाटी, लखनऊ, वाराणसी, पटना, भोजपुर, बिहार शरीफ, भुवनेश्वर, चेन्नई, मदुरै, त्रिशूर और कोच्चि शामिल हैं। तमिलनाडु में चेन्नई पहुंचे प्याज के बड़े स्टॉक को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) यानी राशन कार्ड के जरिए 1 किलो प्रति परिवार वितरित करने की योजना भी बनाई गई है।NAFED, NCCF और मोबाइल वैन से कैसे खरीदें सस्ता प्याजउपभोक्ताओं तक बिना किसी बिचौलिए के सीधा लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों को मैदान में उतारा है। नेशनल एग्रीकल्चरल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED), नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (NCCF) और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स पर ₹35/किलो की दर से प्याज मिलना शुरू हो गया है।इसके अलावा, प्रमुख रिहायशी इलाकों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में मोबाइल वैन तैनात की गई हैं, ताकि आम नागरिकों को लंबी लाइनों या दूर की यात्रा किए बिना घर के पास ही उचित मूल्य पर प्याज मिल सके। थोक खरीदारों और मंडियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ई-एनएएम (e-NAM) पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी बफर स्टॉक का प्याज उपलब्ध करा रही है, जिससे थोक कीमतों में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।किसानों को सीधा भुगतान और स्टोरेज का पुख्ता मॉडलकीमतों को नियंत्रित करने के साथ-साथ सरकार ने किसानों के हितों का भी पूरा ख्याल रखा है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बफर स्टॉक के लिए प्याज की सीधी खरीद प्रणाली के जरिए लगभग 3,400 किसानों को 210 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष भुगतान किया जा चुका है। इससे किसानों को न केवल अपनी उपज का सही मूल्य मिला है बल्कि बिचौलियों का दखल भी पूरी तरह खत्म हुआ है।इसके अलावा, पहली बार सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (CWC) को प्याज के भंडारण और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि लंबी दूरी के परिवहन और मानसूनी मौसम के दौरान प्याज के सड़ने या खराब होने के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। सरकार के इस समन्वित प्रयास से न सिर्फ आम जनता को महंगाई से सुरक्षा मिल रही है, बल्कि आने वाले महीनों में कीमतों के पूरी तरह स्थिर रहने की उम्मीद है।
भोपाल, एक सितंबर मध्यप्रदेश में विपक्षी कांग्रेस ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने से करीब 1.50 लाख कार्यरत शिक्षकों के प्रभावित होने का दावा करते हुए इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव को मंगलवार को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर उनका ध्यान आकर्षित किया है। सिंघार ने पत्र में कहा कि प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता के कारण उनकी सेवा-निरंतरता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों को लेकर गंभीर एवं विषम स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘इस पूरे मामले से प्रदेश के करीब 1.50 लाख शिक्षक और उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं।’’सिंघार ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के एक सितंबर 2025 और 29 मई 2026 के फैसलों के परिप्रेक्ष्य में टीईटी का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि टीईटी पास करना सभी नए शिक्षकों और पहले से सेवा में कार्यरत उन शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगा, जो पदोन्नति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई शिक्षक नई नियुक्ति या पदोन्नति चाहता है तो टीईटी उत्तीर्ण किए बिना उसका दावा स्वीकार्य नहीं होगा। सिंघार ने इन फैसलों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ऐसे में प्रदेश सरकार को शिक्षकों के भविष्य और उनके परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।’’नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में तमिलनाडु विधानसभा द्वारा 25 अगस्त 2026 को पारित प्रस्ताव का भी उल्लेख किया। इसमें 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने तथा उनके सेवा एवं पदोन्नति संबंधी हितों के संरक्षण का प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि जब अन्य राज्य अपने शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए विधानसभा के माध्यम से पहल कर सकते हैं, तो मध्यप्रदेश सरकार को भी शिक्षकों की समस्या का स्थायी और न्यायसंगत समाधान निकालने के लिए आगे आना चाहिए। सिंघार ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शिक्षकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र शीघ्र बुलाया जाए, ताकि टीईटी से संबंधित समस्या पर व्यापक चर्चा हो सके और प्रदेश के करीब 1.50 लाख प्रभावित शिक्षकों तथा उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक निर्णय लिया जा सके।
राम मंदिर ट्रस्ट की कल अहम बैठक, नए CEO समेत बड़े पदाधिकारियों के नाम पर लगेगी मुहर!
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की मंगलवार को अहम बैठक होगी. इसमें ट्रस्ट के पहले CEO के नाम पर फैसला हो सकता है. सर्च कमेटी तीन नामों का पैनल सौंप चुकी है. इसके अलावा ट्रस्टियों के तीन खाली पदों, महासचिव समेत कई अहम पदों पर भी निर्णय लिया जा सकता है.
इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग को लेकर हर साल करदाताओं के बीच भारी गहमागहमी देखने को मिलती है। वित्त वर्ष के खत्म होते ही असेसमेंट ईयर के तहत अपनी आय का ब्योरा विभाग को देना अनिवार्य होता है। कई करदाता समय पर अपना रिटर्न दाखिल कर निश्चिंत हो जाते हैं, वहीं कुछ लोग जरूरी कागजात जुटाने या तकनीकी दिक्कतों के चलते तय समयसीमा तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते हैं। अगर आपकी भी सामान्य डेडलाइन छूट गई है, तो बिल्कुल घबराएं नहीं क्योंकि आयकर विभाग ऐसे करदाताओं को पेनल्टी और ब्याज के साथ सुधार करने का मौका देता है।विभाग के नियमों के अनुसार व्यक्तिगत करदाताओं, वेतनभोगी कर्मचारियों और गैर-ऑडिट मामलों वाले हिंदू अविभाजित परिवारों के लिए सामान्य अंतिम तिथि आमतौर पर 31 जुलाई निर्धारित होती है। इसके अलावा कुछ विशेष वर्गों के लिए तय की गई शुरुआती डेडलाइन भी अब निकल चुकी है। अगर आप इन शुरुआती पड़ावों को पार करने से चूक गए हैं, तो आपको तुरंत आगामी महत्वपूर्ण तारीखों का ध्यान रखना होगा ताकि किसी भारी कानूनी नोटिस या वित्तीय नुकसान से बचा जा सके।Belated और Revised ITR फाइल करने का अंतिम अवसरयदि आप नियमित समयसीमा तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 139(4) के तहत आपको 'बिलेटेड रिटर्न' यानी विलंबित रिटर्न फाइल करने की सुविधा मिलती है। इसके लिए अंतिम तारीख 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। हालांकि, बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने पर आपको धारा 234F के तहत लेट फीस देनी होगी। यदि आपकी कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक है, तो 5,000 रुपये तक की पेनल्टी लग सकती है, जबकि 5 लाख से कम आय वाले करदाताओं के लिए यह लेट फीस 1,000 रुपये तय है। इसके साथ ही बकाए टैक्स पर धारा 234A के अंतर्गत 1 प्रतिशत प्रति माह की दर से ब्याज भी लागू होता है।दूसरी ओर, जिन करदाताओं ने समय पर रिटर्न तो दाखिल कर दिया था लेकिन उसमें कोई वित्तीय जानकारी, बैंक खाता विवरण, डिडक्शन या आय की गणना गलत दर्ज हो गई थी, वे धारा 139(5) के तहत 'रिवाइज्ड रिटर्न' फाइल कर सकते हैं। रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख भी 31 दिसंबर ही होती है। इस समयसीमा के बाद आप सामान्य तरीके से अपने रिटर्न में कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे, इसलिए सभी विवरणों का मिलान फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) से करना बेहद जरूरी है।टैक्स ऑडिट और कॉरपोरेट रिटर्न से जुड़ी जरूरी तारीखेंवे करदाता, कंपनियां, फर्म या पेशेवर जो टैक्स ऑडिट के दायरे में आते हैं, उनके लिए समयसीमा व्यक्तिगत वेतनभोगियों से अलग होती है। यदि किसी कारोबारी का टर्नओवर निर्धारित सीमा से अधिक है और उस पर आयकर अधिनियम की धारा 44AB के तहत ऑडिट अनिवार्य है, तो उसके लिए ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि सामान्यतः 30 सितंबर होती है।ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने के बाद ऐसे ऑडिट वाले मामलों के लिए अंतिम आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन 31 अक्टूबर निर्धारित रहती है। इसके अतिरिक्त, जिन व्यापारिक संस्थानों या कंपनियों का अंतरराष्ट्रीय लेन-देन या निर्दिष्ट घरेलू लेन-देन होता है और जिन पर धारा 92E के तहत ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट लागू होती है, उनके लिए रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर और आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर होती है। यदि आप इन श्रेणियों में आते हैं, तो अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ समन्वय बनाकर समय पर औपचारिकताएं पूरी करें।ITR-U (Updated Return): दो साल तक सुधार का विशेष प्रावधानयदि किसी कारणवश आपकी 31 दिसंबर वाली बिलेटेड रिटर्न की डेडलाइन भी मिस हो जाती है, तो सरकार ने बजट में धारा 139(8A) के तहत 'अपडेटेड रिटर्न' (ITR-U) का एक बेहद उपयोगी विकल्प दिया है। इसके अंतर्गत करदाता संबंधित असेसमेंट ईयर के समाप्त होने के बाद से अगले 24 महीनों यानी 2 साल के भीतर अपना अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आईटीआर-यू का उपयोग केवल छूटी हुई आय घोषित करने या अतिरिक्त टैक्स चुकाने के लिए किया जा सकता है। आप इसके जरिए रिफंड क्लेम नहीं कर सकते, नुकसान (लॉस) को आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकते और न ही टैक्स देनदारी घटा सकते हैं। इसके अलावा इसमें 25 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक का अतिरिक्त टैक्स और ब्याज भी चुकाना पड़ता है।समय पर रिटर्न दाखिल न करने के बड़े नुकसानअंतिम तारीखों की अनदेखी करने पर करदाताओं को कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष समस्याओं का सामना करना पड़ता है:रिफंड में देरी: यदि आपका टीडीएस कटा हुआ है और आप रिफंड के पात्र हैं, तो जब तक रिटर्न दाखिल नहीं होगा तब तक रिफंड जारी नहीं किया जाएगा।घाटे को कैरी फॉरवर्ड न कर पाना: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या बिजनेस में हुए घाटे को अगले वर्षों के मुनाफे से सेट-ऑफ करने की सुविधा केवल तभी मिलती है जब रिटर्न मूल डेडलाइन पर भरा गया हो।लोन और वीजा में रुकावट: होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन या विदेश यात्रा के लिए वीजा आवेदन में पिछले 2 से 3 वर्षों की आईटीआर रसीद प्रमुख दस्तावेज मानी जाती है।आयकर नोटिस का जोखिम: हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन होने और रिटर्न न भरने की स्थिति में विभाग द्वारा धारा 148 या 142(1) के तहत नोटिस जारी किया जा सकता है।आगामी डेडलाइन्स का कैलेंडर30 सितंबर: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (फॉर्म 3CB-3CD / 3CA-3CD) जमा करने की अंतिम तारीख।31 अक्टूबर: टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं और कॉरपोरेट असेसी के लिए ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख।31 अक्टूबर: ट्रांसफर प्राइसिंग मामलों (धारा 92E) के लिए रिपोर्ट सबमिट करने की तारीख।30 नवंबर: ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट के दायरे में आने वाले करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख।31 दिसंबर: सामान्य करदाताओं के लिए बिलेटेड (विलंबित) और रिवाइज्ड (संशोधित) ITR दाखिल करने का आखिरी मौका।
बिहार में गंगा का तांडव, चेतावनी स्तर के पार पहुंचा जलस्तर
मुंगेर में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 18 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने से निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है. कुतलुपुर पंचायत के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है. वहीं सीताकुंड और लक्ष्मीपुर बिंद टोली में तेज कटाव से घरों की नींव कमजोर होने का खतरा है. ग्रामीण खुद जियो बैग लगाकर जमीन बचाने में जुटे हैं. प्रशासन ने कटावरोधी काम और राहत तैयारियां जारी रखने की बात कही है.
देशभर के सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) में वित्तीय कामकाज कराने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए सितंबर और अक्टूबर का महीना भारी परेशानी भरा साबित हो सकता है। 9 प्रमुख बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी यूनियनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ चरणबद्ध देशव्यापी आंदोलन और हड़ताल (Nationwide Bank Strike) का बिगुल फूंक दिया है।यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो पहले 1 दिन की सांकेतिक हड़ताल होगी, उसके बाद 3 दिनों तक बैंकों में तालाबंदी रहेगी और अंततः 26 अक्टूबर से पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए ठप कर दी जाएंगी।बैंक हड़ताल का पूरा शेड्यूल: कब-कब बंद रहेंगे बैंक?यूनियनों द्वारा घोषित आंदोलन की रूपरेखा इस प्रकार है:फेज 1 (11 सितंबर 2026): शुक्रवार को 1 दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल। चूंकि 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है (साथ ही 14 सितंबर को कई राज्यों में गणेश चतुर्थी की छुट्टी है), ऐसे में देश के कई हिस्सों में लगातार 4 दिन बैंक बंद रह सकते हैं।फेज 2 (28 से 30 सितंबर 2026): महीने के अंत और अर्ध-वार्षिक क्लोजिंग (Half-Yearly Closing) के दौरान लगातार 3 दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल।फेज 3 (26 अक्टूबर 2026 से): यदि तब भी समाधान नहीं निकला, तो दिवाली से ठीक पहले 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल (Indefinite Strike) शुरू होगी।आखिर किन 4 प्रमुख मांगों पर अड़े हैं बैंक कर्मचारी?बैंक यूनियनों के अनुसार, वे लंबे समय से इन 4 मूलभूत मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण वार्ताएं कर रहे थे, लेकिन सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण उन्हें हड़ताल का कड़ा रास्ता चुनना पड़ा है:1. 5-डे बैंकिंग (5-Day Work Week) को तुरंत मंजूरीयूनियनों की सबसे बड़ी और पुरानी मांग है कि सभी शनिवारों को आधिकारिक बैंक अवकाश घोषित करके बैंकों में 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते के तहत रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के फॉर्मूले के साथ इसे सरकार को भेज दिया था, लेकिन यह फाइल पिछले दो सालों से वित्त मंत्रालय की अंतिम मंजूरी के इंतजार में अटकी हुई है।2. परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम में विसंगति का विरोधयूनियनें वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा प्रस्तावित नई पीएलआई व्यवस्था का कड़ा विरोध कर रही हैं। यूनियनों का आरोप है कि इस नए नियम के तहत स्केल-IV और उससे ऊपर के सीनियर अफसरों को 365 दिन तक के बेसिक पे के बराबर इंसेंटिव मिल सकता है, जबकि सामान्य कर्मचारियों व जूनियर अफसरों को अधिकतम 15 दिनों के बेसिक तक ही सीमित रखा गया है। यूनियनें सभी संवर्गों के लिए बैंक के समग्र मुनाफे पर आधारित एक समान इंसेंटिव नीति की मांग कर रही हैं।3. पेंशन अपडेशन और एक समान महंगाई राहत (Uniform DA)बैंक पेंशनर्स की बेसिक पेंशन को पिछले कई वेतन समझौतों से अपडेट नहीं किया गया है। यूनियनों की मांग है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तर्ज पर कमर्शियल बैंक पेंशनर्स की पेंशन का भी नियमित अपडेशन किया जाए और सभी पुराने व नए पेंशनर्स के लिए 100% डीए न्यूट्रलाइजेशन (एक समान महंगाई राहत फॉर्मूला) लागू हो।4. NPS खत्म कर पुरानी पेंशन (OPS) का विकल्पबैंक कर्मचारी संगठन लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि 1 अप्रैल 2010 के बाद बैंक सेवा में शामिल हुए सभी कर्मचारियों को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से बाहर निकालकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का एकमुश्त विकल्प (Option to Switch) दिया जाए, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक व वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।आम जनता और ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?चेक क्लीयरेंस और ब्रांच सेवाएं ठप: हड़ताल के दिनों में चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना, नया खाता खुलवाना, सरकारी चालान जमा करना और लोन डिस्बर्सल जैसे काउंटर कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहेंगे।एटीएम में कैश की किल्लत: लगातार 3-4 दिन बैंक शाखाएं बंद रहने से एटीएम मशीनों में समय पर कैश रीफिलिंग न होने से नकदी संकट पैदा हो सकता है।डिजिटल बैंकिंग रहेगी चालू: हालांकि यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एनईएफटी/आरटीजीएस (NEFT/RTGS) जैसे ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स सामान्य रूप से काम करते रहेंगे।बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार 11 सितंबर से पहले उनकी इन 4 मांगों पर सकारात्मक अधिसूचना जारी करती है, तो वे हड़ताल वापस लेने पर विचार कर सकते हैं, अन्यथा त्योहारी सीजन में वित्तीय कामकाज पूरी तरह ठप होना तय है।
जयपुर/नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है।यह फैसला राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के कामकाज पर उपजे विवाद के बाद आया है। दरअसल, सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को तीन पत्र लिखकर कार्यवाहक मुख्य […] The post राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पर विवाद के बीच, कॉलेजियम ने संजय अग्रवाल को मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की appeared first on Sabguru News .
बॉय कट बाल और मुंहबोले भाई का घर आना... पिता से घोंटा बेटी का गला, मौत
MP Crime News: ग्वालियर के डबरा में मुंहबोले भाई को घर लाने से नाराज पिता ने 21 साल की बेटी नंदिनी यादव की गला घोंटकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लिया है.
केशव प्रसाद मौर्य ने दूरभाष पर ग्राम्य विकास विभाग के उच्च अधिकारियों से प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासों के निर्माण एवं पंजीकरण की प्रगति की विस्तृत जानकारी लेते हुए निर्देश दिये कि 4 सितम्बर, 2026 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत पंजीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा लगभग 10 हजार शेष आवासों को प्राथमिकता के आधार पर सितम्बर, 2026 तक पूर्ण कराया जाए।उपमुख्यमंत्री ने ब्लाक स्तर के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित करें कि पात्रता सूची की जानकारी संबंधित लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जाए और मोबाइल एप के माध्यम से भी उन्हें अपनी सूची एवं आवेदन से संबंधित जानकारी से अवगत कराया जाए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा पात्र परिवारों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। श्री मौर्य ने जनपद स्तर एवं विभागीय मुख्यालय के मध्य आवासों के पंजीकरण, सत्यापन अथवा अन्य प्रक्रियाओं में आ रही तकनीकी खामियों पर निर्देश दिया कि जनपदों और मुख्यालय के मध्य समन्वय स्थापित कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से समस्याओं का तत्काल समाधान करायें, ताकि तकनीकी कारणों से पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिलने में देरी न हो।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही अथवा अनावश्यक विलम्ब स्वीकार नहीं किया जाएगा, निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए।
जयपुर : अमरसर थाने का हेड कांस्टेबल एवं दलाल 40000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को जयपुर ग्रामीण जिले में अमरसर थाने के हेड कांस्टेबल रतन लाल आर्य एवं उनके दलाल को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी जयपुर नगर-प्रथम, जयपुर इकाई को शिकायत मिली कि परिवादी […] The post जयपुर : अमरसर थाने का हेड कांस्टेबल एवं दलाल 40000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
महाराष्ट्र SIR वोटर लिस्ट विवाद: राहुल का वोट चोरी का आरोप, खरगे बोले- बीजेपी कुर्सी बचाओ आयोग
कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाने पर चुनाव आयोग और भाजपा पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया है।
24 अगस्त को भारत ने बांग्लादेश को आपूर्ति की जाने वाली बिजली पर 0.005 रुपये प्रति यूनिट का SNA शुल्क प्रस्तावित किया था। यह शुल्क भारत के केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के एक फैसले के बाद लगाया गया था।

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