न्यूज डायरी: SIR बाधित करने पर ओडिशा के शिक्षा अधिकारी निलंबित; असम में डायन बताकर हत्या, 31 साल बाद उम्रकैद
ब्रिक्स समिट LIVE: रूसी विदेश मंत्री लावरोव दिल्ली पहुंचे, राष्ट्रपति पुतिन समेत कई देशों के मेहमान भी आएंगे
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बर्तन व्यापारी को रास्ते में घेरा, धारदार हथियार से किया हमला... मौत
गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र में बुधवार रात बर्तन व्यापारी पर हमला हुआ. धारदार हथियार से हुए हमले में विनोद साहनी (45) घायल हो गए. इलाज के दौरान लखनऊ के केजीएमयू में उनकी मौत हो गई. पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
माओवादी लिंक केस में TISS छात्र को जमानत, कोर्ट बोला-कोई ठोस सबूत नहीं
मुंबई की कोर्ट ने TISS छात्र अभिरूप अशिम पॉल को माओवादी गतिविधियों और नारेबाजी के आरोप में जमानत दी है. पुलिस ने पॉल पर देश विरोधी गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठन से संबंध के आरोप लगाए थे. लेकिन कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. पॉल को एक लाख रुपये के निजी बॉन्ड पर जमानत मिली है.
BRICS मेहमानों को परोसा जाएगा 'भारत का स्वाद', ये है दिल्ली के टॉप होटलों का खास मेन्यू
ताज महल, द लीला पैलेस और द ललित समेत शहर के प्रमुख होटलों ने ब्रिक्स प्रतिनिधियों के लिए खास मेन्यू तैयार किया है, जो भारतीय मेहमाननवाजी और विविध क्षेत्रीय स्वादों को दर्शाता है।
AI से biological हथियार बना रहे थे Anthropic के साइंटिस्ट! तबाही का प्लॉट बेनकाब, कंपनी ने पकड़ा
हाल ही में एंथ्रोपिक के AI सेफ्टी रिसर्चर ने यह कहते हुए कंपनी से इस्तीफा दिया कि दुनिया इस समय गंभीर खतरे की ओर बढ़ रही है. वैज्ञानिकों ने आगाह किया कि कंपनियां व्यावसायिक होड़ में सुरक्षा पैमानों से समझौता कर रही हैं.
रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि, सागर डिफेंस इंजीनियरिंग को मिला सैन्य जलपोत बनाने का लाइसेंस
महाराष्ट्र स्थित डीप-टेक स्टार्टअप सागर डिफेंस इंजीनियरिंग को सैन्य उपयोग के लिए सतह और पानी के भीतर काम करने वाले पोतों के निर्माण हेतु औद्योगिक लाइसेंस मिला है।
ISRO का LVM3 मिशन: CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल हॉट टेस्ट
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने LVM3 मिशन के लिए CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का 'फ्लाइट एक्सेप्टेंस हॉट टेस्ट' सफलतापूर्वक पूरा किया है।
मौसमी इंफ्लुएंजा के टीके मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध, ICMR ने दी जानकारी
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने स्पष्ट किया है कि मौसमी इंफ्लुएंजा के टीके भारत में प्रमुख दवा दुकानों पर उपलब्ध हैं, खासकर उच्च जोखिम वाले समूहों के लिए।
IES पूजा मीणा की पीली लूगड़ी में तस्वीरें वायरल, क्या देखा आपने उनका यह देसी लुक?
IES पूजा मीणा ने UPSC 2022 में 81 रैंक हासिल की थी. इंस्टाग्राम पर उन्होंने मीणा समाज की पारंपरिक 'पीली लूगड़ी' में तसवीरें शेयर की हैं. उनका देसी अंदाज वायरल हो रहा है.
बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस की जेड प्लस सुरक्षा रहेगी जारी, गृह मंत्रालय का फैसला
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बंगाल के पूर्व राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस की जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा जारी रखने का निर्णय लिया है। बोस के एक करीबी सूत्र ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
पंजाब में मजदूर की आत्महत्या पर गरमाई सियासत, गांव वालों ने BJP नेताओं का काफिला रोका
पंजाब में एक मजदूर ने नशे की समस्या को लेकर आवाज उठाई थी. अब उसकी आत्महत्या पर बीजेपी और आम आदमी पार्टी इस मामले को लेकर आमने-सामने आ गई हैं.
तस्करी का सोना 10 ग्राम पर 8000 रुपये सस्ता, व्यापारियों की उड़ी नींद
उद्योग के अनुमान के मुताबिक इस साल 100 टन से ज्यादा सोना अवैध रास्तों से देश में आ सकता है। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) के सख्त कार्रवाई के बावजूद ग्रे मार्केट सक्रिय है।
उत्तराखंड में फ्लू का डबल अटैक, स्वाइन फ्लू के 408 केस, 2 मौतें, डेंगू और कोविड ने भी बढ़ाई टेंशन
उत्तराखंड में H1N1 स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. राज्य में अब तक 408 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है और 2 लोगों की मौत हो गई है, जबकि अकेले देहरादून में 269 मामले सामने आए हैं.
नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल पर सुनवाई टली
दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई टाल दी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को तय की है
केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास विभाग की ऑनलाइन बैठक आहूत की हुई जिसमे प्रदेश के समस्त मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास तथा उपायुक्त वीबी-जी राम-जी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े साथ ही प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास, मिशन निदेशक एवं संयुक्त मिशन निदेशक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक के मुख्य बिंदु एवं दिशानिर्देश:गांव-गांव तक विस्तृत कार्ययोजना: उपमुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि समस्त खंड विकास अधिकारी (BDO) एवं ग्राम विकास अधिकारी प्रत्येक गांव में प्रस्तावित कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।प्रस्तावित प्रमुख कार्यक्रम: पखवाड़े के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा दाता’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत यात्रा’, ‘सेवा ज्योति इंस्टॉलेशन’, ‘वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’, ‘जनसेवा महाकुंभ’ तथा ‘सुशासन संवाद’ जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।सक्रिय जनभागीदारी: स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), युवाओं, महिलाओं, किसानों तथा आमजन की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। 'सेवा मेरा योगदान' के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया जाए।युवाओं और नवाचार पर ध्यान: ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा भावना को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को 'जॉब सीकर' (नौकरी मांगने वाले) से 'जॉब गिवर' (नौकरी देने वाले) बनने की दिशा में प्रोत्साहित करने तथा नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जाए।नियमित समीक्षा: अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करते हुए उनकी प्रगति रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए।
Delhi में मणिपुरी संगीतकार की मौत का कारण AIIMS Postmortem Report में हुआ स्पष्ट
मणिपुरी संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह की मौत छाती और पेट पर लगी गंभीर चोटों के कारण हुए अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव से हुई थी। बृहस्पतिवार को जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली किलोकरी गांव में रविवार को अपने घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे का विरोध करने पर कुछ लोगों ने 54 वर्षीय सिंह पर कथित तौर पर हमला कर दिया था, जिसके बाद उन्हें ये जानलेवा चोटें आईं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जमीन पर गिरने के बाद कथित हमलावरों ने सिंह के सीने और पेट पर लातों से वार किया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से हमले के दौरान लगी चोटों के स्वरूप की पुष्टि हुई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि सिंह की मौत पेट और छाती पर हुए गंभीर हमले के कारण हुई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। गुप्ता ने कहा, ‘‘व्यक्ति की मौत पेट और छाती पर हुए गंभीर हमले के कारण हुई, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और फिर उनकी मृत्यु हो गई। एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाईं ओर की पहली से 11वीं पसलियों और दाईं ओर की छठी से नौवीं पसलियों में फ्रैक्चर पाया गया, जिसके आसपास रक्तस्राव और खून के थक्के जमे हुए थे। इसके अलावा तिल्ली (स्प्लीन) में घाव भी पाया गया था। पुलिस के अनुसार, हमले के बाद सिंह को उसी रात करीब 12:25 बजे होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया था। शुरुआत में उन पर इलाज का असर सकारात्मक रहा, लेकिन बाद में अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण सुबह करीब 6:32 बजे उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने सात पुरुषों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। आरोपियों की पहचान भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि सिंह द्वारा घर के बाहर शोर और हंगामे का विरोध करने पर वे उन्हें सबक सिखाना चाहते थे, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि हमला जानलेवा साबित होगा। पुलिस एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिंह ने कुछ मौकों पर पास के एक ढाबा मालिक से वहां जुटने वाले लोगों द्वारा किए जाने वाले शोर की शिकायत की थी। हालांकि, पुलिस को इस शोर-शराबे के संबंध में सिंह की ओर से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। पुलिस ने बताया कि ढाबा आधी रात तक खुला रहता था और वहां आस-पास के इलाकों के ग्राहकों के साथ-साथ पास में ही रहने वाले छात्र भी आते थे।। यह घटना रात करीब 11:30 बजे हुई जब सिंह अपने घर के बाहर हंगामा सुनकर नीचे गए। सिंह के 20 वर्षीय बेटे याइफाबा ने अपनी शिकायत में कहा कि जब उसने अपने पिता के चिल्लाने की आवाज सुनी, तो उसने दरवाजा खोला और देखा कि कुछ लोग उन्हें लात-घूंसों से मार रहे थे। सिंह इसके बाद ऊपर लौटे लेकिन उन्होंने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की, जिसके बाद उनका बेटा उन्हें अस्पताल ले गया। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या इसमें कोई नस्लीय कोण था। पुलिस सूत्र ने बताया कि अब तक की जांच में कहासुनी के दौरान सिंह के खिलाफ किसी भी नस्लीय टिप्पणी के इस्तेमाल की बात सामने नहीं आई है। सिंह के बेटे की शिकायत पर सनलाइट कॉलोनी थाने में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(2) का उल्लेख है, जो इस प्रावधान के तहत आने वाली परिस्थितियों में की गई हत्या (भीड़ द्वारा की गई हत्या) से संबंधित है।
सुप्रीम कोर्ट निजी स्कूल शिक्षकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है।
मिर्जापुर का ये गांव कभी बूंद-बूंद को तरसता था, अब 'हर घर नल योजना' से पहुंचा पानी
मिर्जापुर में आजादी के 76 साल बाद लहुरियादह में जल जीवन मिशन के तहत संचालित हर घर नल योजना के तहत पानी पहुंचा है. कभी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने वाले लहुरियादह के लोगों को अब घर में टोटी खोलते ही पानी मिल रहा है. ग्रामीण खुश हैं. यह गांव कभी राष्ट्रीय स्तर पर पानी की समस्या को लेकर सुर्खियों में रहता था.
पाकिस्तान से टिड्डी हमलों के लिए रहें स्थायी रूप से तैयार,अमित शाह का कृषि विभाग को निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कृषि विभाग को पाकिस्तान से आने वाले टिड्डी दल के हमलों से निपटने के लिए 'स्थायी तैयारी' बनाए रखने का निर्देश दिया है।
भारतीयों की जुबान पर चढ़ी जापान की माचा, गूगल सर्च में 1300% का उछाल
जापान की माचा चाय भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जिसकी गूगल सर्च में 1300% तक की वृद्धि देखी गई है।
केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास और कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है,महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए एक लाख रुपये तक के ब्याजमुक्त ऋण की योजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को जमीन पर उतारते हुए सरकार ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। हमारा लक्ष्य है कि महिलाएं सहायता प्राप्त करने वाली नहीं, बल्कि परिवार और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली सशक्त उद्यमी बनें।उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास न कोई सकारात्मक एजेंडा है और न ही जनता के विकास से जुड़ा कोई ठोस मुद्दा। विपक्ष लगातार महिला, युवा और किसान हितों के विरुद्ध राजनीति कर रहा है, जबकि भाजपा सरकार इन वर्गों के सम्मान, स्वावलंबन और समृद्धि के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है।विपक्ष मुद्दाविहीन हो चुका है और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण के कार्यों को देख रही है। प्रदेश में गरीबों को आवास, किसानों को सुविधाएं, युवाओं को अवसर तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।
Bihar Flood: 14 जिलों में नदियां उफान पर, 44 लाख लोग घिरे
बिहार के 14 जिलों में बाढ़ से लगभग 44 लाख लोग प्रभावित हैं और गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि भागलपुर जिले में बाढ़ के कारण एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच व्यक्तियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियां और जलधाराएं उफान पर हैं। भागलपुर जिले के बाइपास थाना क्षेत्र के कोइली खुटाहा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और बक्सर शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में अब तक राज्य में 90 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है। इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वैशाली जिले के राघोपुर स्थित अपने विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने राज्य सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी ममता चौधरी ने मुख्यमंत्री के गृह जिले मुंगेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने सामुदायिक रसोई का निरीक्षण कर राहत व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उनके दौरे के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई, हालांकि ‘पीटीआई भाषा’ उनकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। इस संबंध में भाजपा का कोई नेता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सका। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, विभिन्न जिलों में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कई स्थानों पर वे खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग के बयान के मुताबिक, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अररिया जिलों के 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों में लगभग 43.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 83.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक है। डीएमडी के बुलेटिन के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार सुबह छह बजे 36.72 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.22 मीटर ऊपर है। हालांकि, जलस्तर स्थिर बना हुआ है। गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला, बूढ़ी गंडक खगड़िया तथा गंगा नदी दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में भी खतरे के स्तर से ऊपर है। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 951 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अब तक प्रभावित लोगों के बीच 2.57 लाख पॉलीथीन शीट और 40,600 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 1,932 नाव संचालित की जा रही हैं, जबकि 6,692 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है। बयान के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह छह बजे गंडक बैराज से 77,600 क्यूसेक, कोसी बैराज से 1,40,240 क्यूसेक और इंद्रपुरी बैराज (सोन नदी) से 72,095 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। तीनों स्थानों पर प्रवाह की स्थिति स्थिर बनी हुई है। संभावित बाढ़ और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में 27 एसडीआरएफ और 10 एनडीआरएफ टीम की तैनाती की गई है। बिहार मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया है।
ब्रिक्स समिट 2026 के लिए कब आएंगे मेहमान? जानिए पुतिन से लेकर जिनपिंग की लैंडिंग टाइमिंग
BRICS Summit 2026: ब्रिक्स समिट नई दिल्ली 2026 में हिस्सा लेने के लिए कई देशों से मेहमान आने वाले हैं। ब्राजील के विदेश मंत्री भारत पहुंच चुके हैं। उनके बाद अब रूस के राष्ट्रपति पुतिन का इंतजार किया जा रहा है।
Gonda में सोशल मीडिया विवाद पर बर्तन व्यापारी की हत्या, Police ने 2 आरोपियों को पकड़ा
गोंडा (उप्र) 10 सितंबर गोंडा जिले में बुधवार रात दुकान से घर लौट रहे 45 वर्षीय एक व्यापारी पर कथित रूप से जानलेवा हमला किया गया तथा अगले दिन उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। इस घटना से राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है। हत्या के विरोध में भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी और विपक्षी समाजवादी पार्टी के नेता एक साथ आ गए हैं। पुलिस ने मामले में नामजद 10 आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, वारदात के पीछे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने को लेकर हुई रंजिश सामने आई है। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि परसपुर थानाक्षेत्र के रेक्सड़िया गांव के विनोद कुमार साहनी (45) शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे तथा बुधवार रात दुकान बंद करने के बाद वह मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। राय के अनुसार लल्लन यादव की दुकान के पास पहुंचते ही चार मोटरसाइकिल से आए 10 लोगों ने उनकी बाइक रोक ली और उन्हें घेरकर पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि विनोद गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े जिसके बाद हमलावर उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान विनोद ने तीन हमलावरों को पहचान लिया था। पुलिस का कहना है कि परिजन गंभीर हालत में विनोद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज, गोंडा भेजा गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। इलाज के दौरान बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। राय ने बताया कि विनोद की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह, आकाश सिंह समेत 10 लोगों के खिलाफ पहले जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। व्यापारी की मौत के बाद प्राथमिकी में हत्या की धारा बढ़ाई गई है। राय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में विनोद और आरोपियों के बीच सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस ने शुभम सिंह उर्फ गोलू और सुभाष सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई हैं। इस हत्या के विरोध में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के पोस्टमार्टम गृह में विरोध प्रदर्शन हुआ, जहां कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद, समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप के साथ धरने पर बैठे। मौत की खबर मिलने के बाद केजीएमयू के पोस्टमार्टम गृह पहुंचे निषाद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने पारसपुर के थानाध्यक्ष , शाहपुर पुलिस चौकी प्रभारी और मामले से जुड़े अन्य कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की। निषाद ने मीडिया से कहा, अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो हम 11 सितंबर को गोंडा में पुलिस अधीक्षक के घर और ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साहनी की हत्या की उच्च-स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की। यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि गोंडा में सपा से जुड़े हुए बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में उत्तर प्रदेश में अपराध एवं अराजकता के चरम पर है।
BRICS Summit 2026 से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के राजधानी पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों नेताओं की सुरक्षा के लिए विस्तृत प्लान तैयार किया ...
BRICS Summit पर सवाल उठाने पर BJP का Congress पर तीखा हमला
भाजपा ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लाभों पर सवाल उठाने के लिए बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर हमला बोला और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव को ‘‘पचा नहीं पा रही’’ है। भाजपा ने कांग्रेस नेताओं को ‘नाराज फूफा’ और ‘दिमागी नक्सल’ भी कहा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को नयी दिल्ली स्थित ‘भारत मंडपम’ में आयोजित होगा। इससे पहले दिन में, कांग्रेस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले इस समूह के गठन के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने पहली बार 2012 में शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी और उस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ब्रिक्स विकास बैंक बनाने का विचार रखा था। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि ऐसे समय में जब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होने जा रहा है, कांग्रेस नेताओं के इस तरह के बयान ‘‘बेहद शर्मनाक’’ हैं। नवीन ने उत्तराखंड के रुद्रपुर में पार्टी के एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘कांग्रेस भारत के विकास को पचा नहीं पा रही है। विदेश जाकर भी राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भारत को अपमानित करना जारी रखा है। आज भी जब देश में इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन हो रहा है तो उन्हें इससे पीड़ा हो रही है।’’कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता एक बार फिर विपक्षी पार्टी को ‘‘सजा देगी’’। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ और ‘नाराज फूफा’ कहा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स से जुड़ी टिप्पणियां कांग्रेस नेताओं की उस मानसिकता को दर्शाती हैं, जिन्होंने बार-बार भारत की क्षमताओं को कम आंका है। त्रिवेदी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पर जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने में विफल रहने का भी आरोप लगाया। त्रिवेदी ने कहा कि ब्रिक्स के भीतर सहयोग के क्षेत्रों में से एक ‘मानसिक स्वास्थ्य’ भी है और उन्होंने सुझाव दिया कि कांग्रेस इससे लाभ उठा सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सहयोग का लाभ उठाने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि शायद उन्हें इससे फायदा मिल सके।’’भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस देश के हित में होने वाली हर चीज का विरोध करने वाले ‘नाराज फूफा’ की तरह व्यवहार कर रही है। भंडारी ने कहा, ‘‘आज कांग्रेस के नेता नाराज फूफा बन गए हैं। जब भी देश में कुछ अच्छा होता है, ये नाराज फूफा उसे देखते हैं और उसका विरोध करना शुरू कर देते हैं। यही वह मानसिकता है, जिसके बारे में प्रधानमंत्री ने बात की थी और कांग्रेस पार्टी खुद को उजागर कर रही है।
'कोर्ट में जजों पर नहीं चिल्ला सकते अफसर', न्यायिक अधिकारी के रवैये पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारी द्वारा अदालत में न्यायाधीशों पर चिल्लाने को गलत बताया और बॉम्बे हाई कोर्ट की अवमानना प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
इस देश का क्या होगा? पेट्रोल-डीजल से ब्रेड-बर्गर तक सबकुछ महंगा!
Petrol-Diesel To Bred Price Hike: पड़ोसी देश में जनता पर दनादन महंगाई की मार पड़ रही है. 10 सितंबर के लिए जहां सरकार ने पेट्रोल-डीजल महंगा किया, तो वहीं कुछ समय से आटा महंगा होने से रोटी को मोहताज लोगों के लिए ब्रेड की कीमतों में भी बढ़ गई हैं.
NEET मामले में सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, जांच समिति में बदलाव से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने नीट छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ज्यादती की जांच के लिए गठित उच्च-स्तरीय समिति में बदलाव की मांग को खारिज कर दिया है।
UPI टच एंड पे लॉन्च, अब बिना App खोले कर सकेंगे पेमेंट; QR स्कैन करने का झंझट खत्म
यूपीआई ने मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान 'टैप एंड पे' फीचर लॉन्च किया है, जिससे अब क्यूआर कोड स्कैन या यूपीआई आईडी की जरूरत नहीं होगी।
Sagar Liquor Tragedy: CPI(M) ने लगाया MP सरकार पर शराब माफिया को बचाने का आरोप
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश सरकार पर शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया और सागर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के इस दावे पर सवाल उठाया कि जहरीली शराब उत्तर प्रदेश के ललितपुर से लाई गई थी। सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा बृहस्पतिवार को 16 हो गया, जबकि 32 अन्य लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। मामले में आरोपी बनाए गए 30 लोगों में से 16 को गिरफ्तार किया गया है और एक को हिरासत में लिया गया है। माकपा के प्रदेश सचिव जसविंदर सिंह ने एक बयान में दावा किया कि घटना में 32 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य अस्पतालों में जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सरकार और प्रशासन त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सिंह ने जनवरी 2021 में मुरैना में जहरीली शराब पीने से हुई 24 लोगों की मौत का भी उल्लेख किया और कहा कि उस घटना के बाद इसी पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को हटा दिया गया था। उन्होंने सागर के पुलिस अधीक्षक के ललितपुर से शराब की आपूर्ति किए जाने के दावे पर भी सवाल उठाया। सिंह ने दावा किया कि अडावन गांव के निवासी बृजेश महाराज ने त्रासदी से कई महीने पहले ही अवैध शराब उतारे जाने और बेचे जाने की सीसीटीवी फुटेज पुलिस के अनुविभागीय अधिकारी और एसपी को उपलब्ध कराई थी। माकपा नेता ने दावा किया कि प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त शराब माफिया ने महाराज के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए और उनके खिलाफ झूठा मामला भी दर्ज कराया। सिंह ने आबकारी आयुक्त के कथित ‘‘उज्जैन कनेक्शन’’ पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन मौके पर मौजूद होने के बावजूद आयुक्त ने आबकारी अधिकारियों को निलंबित करने के लिए सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में आई खबरों का हवाला दिया, जो आरोपियों को बचाने की कोशिश का संकेत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद संभागीय आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को बदल दिया, लेकिन एसपी और जिलाधिकारी अपने पदों पर बने हुए हैं। माकपा ने आरोप लगाया कि अब तक सरकार और प्रशासन की कार्रवाई अधिकारियों तथा शराब माफिया के बीच सांठगांठ एवं अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण दिए जाने की ओर इशारा करती है। पार्टी ने कथित गठजोड़ की निंदा करते हुए इसके खिलाफ जनप्रतिरोध का आह्वान किया। इस बीच, सागर के एसपी सुजानिया ने ‘पीटीआई- भाषा’ को बताया कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर के एक गिरोह का सदस्य रवि लखेरा जिले में जहरीली शराब बनाने में कथित तौर पर शामिल था। एसपी ने कहा, ‘‘लखेरा ललितपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र की गंगापुरम कॉलोनी का रहने वाला है और फरार है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का रहने वाला है, जहां उसके माता-पिता अब भी वहां रहते हैं।
भारतीय विज्ञानियों ने तैयार किया किंग कोबरा के जहर का इलाज, लैब में तैयार किया रीकांबिनेंट एंटीवेनम
भारतीय विज्ञानियों ने प्रयोगशाला में एक नया रीकांबिनेंट एंटीवेनम विकसित किया है, जो विभिन्न कोबरा प्रजातियों के जहर को बेअसर करने में सफल रहा है।
कागजी पार्टियां, सैकड़ों का चंदा, बंद दफ्तर... Reality Check में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
आजतक की पड़ताल में देश की कई रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों की जमीनी हकीकत सामने आई है. गुजरात, दिल्ली, बिहार और मध्य प्रदेश में कई पार्टियों के रजिस्टर्ड पते पर या तो दफ्तर बंद मिले, ताले लगे मिले या वहां राजनीतिक पार्टी का कोई बोर्ड तक नहीं था. हैरानी की बात यह है कि इनमें से कई पार्टियों के नाम पर 2019 से 2024 के बीच करोड़ों रुपये का चंदा दर्ज है.
मॉनसून में फट रहे हैं होंठ? देसी घी में मिलाकर लगाएं ये एक चीज
How to Get Soft Lips: अगर आपके होंठ भी बारिश में लगातार ड्राई हो रहे हैं या फट रहे हैं तो बाजार से महंगे लिप बाम या क्रीम खरीदने की जरूरत नहीं है. घर के देसी घी, मलाई, एलोवेरा और शहद जैसी चीजों का सही इस्तेमाल कर आप सुपर सॉफ्ट और गुलाबी होंठ पा सकते हैं.
महान कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और मार्गदर्शक आचार्य चाणक्य ने अपने अमर ग्रंथ 'चाणक्य नीति' में मानव जीवन, समाज, राजनीति और पारिवारिक संबंधों को लेकर कई गूढ़ व्यावहारिक नियम बताए हैं। चाणक्य का मानना था कि रिश्ते बनाना जितना आसान होता है, उन्हें मर्यादा और गरिमा के साथ लंबे समय तक बनाए रखना उतना ही कठिन होता है।अक्सर लोग अपने सगे-संबंधियों, नातेदारों या मित्रों के घर जाते समय कुछ ऐसी बुनियादी सामाजिक व व्यावहारिक गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनका आदर और सम्मान धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है। चाणक्य नीति के अनुसार, एक बुद्धिमान व्यक्ति वही है जो किसी के घर अतिथि बनकर जाते समय अपनी सीमा, समय और मर्यादा का पूरा ध्यान रखे।1. आवश्यकता से अधिक समय तक न रुकें: कम हो जाता है आदरचाणक्य नीति का सबसे बुनियादी और कड़ा सिद्धांत यह है कि किसी के घर अतिथि बनकर जरूरत से ज्यादा समय नहीं बिताना चाहिए:आतिथ्य की एक तय सीमा: चाणक्य कहते हैं कि किसी भी घर में अतिथि का स्वागत पहले और दूसरे दिन देवता के समान होता है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति बिना किसी ठोस वजह के हफ्तों तक वहीं डटा रहे, तो वह मेजबान (Host) के लिए बोझ बन जाता है।दैनिक जीवन में खलल: हर परिवार की अपनी दिनचर्या, निजी व्यस्तताएं और आर्थिक बजट होता है। लंबे समय तक रुकने से मेजबान के व्यक्तिगत जीवन और बजट पर दबाव पड़ता है, जिससे भीतर ही भीतर असंतोष और खटास पैदा होती है।सम्मान बनाए रखने का सूत्र: समझदार व्यक्ति वही है जो काम पूरा होते ही या 1-2 दिन का उचित समय बिताकर सम्मानपूर्वक विदा ले, ताकि अगली बार आने पर भी उसका उसी आत्मीयता से स्वागत हो।2. निजी मामलों और पारिवारिक फैसलों में बेवजह दखलंदाजी से बचेंरिश्तेदारों के घर जाकर सबसे बड़ी भूल यह होती है कि लोग बिन मांगी सलाह देने लगते हैं:घर के आंतरिक विवादों से दूरी: चाणक्य नीति स्पष्ट करती है कि किसी दूसरे के घर के अंदरूनी मसलों, पति-पत्नी के आपसी संवाद, बच्चों के पालन-पोषण या संपत्ति से जुड़े फैसलों में तब तक अपनी राय नहीं देनी चाहिए जब तक आपसे विशेष रूप से मार्गदर्शन न मांगा जाए।बिना मांगे राय देना मूर्खता: बिन मांगी सलाह अक्सर कलह का कारण बनती है। मेजबान को लग सकता है कि आप उनके निजी जीवन पर नियंत्रण करने या उनके फैसलों पर सवाल उठाने की कोशिश कर रहे हैं।3. कमियां निकालने और तुलना करने की आदत न पालेंअतिथि के रूप में सबसे अशोभनीय व्यवहार किसी के रहन-सहन, खान-पान या घर की व्यवस्था में खामियां ढूंढना है:जो परोसा जाए, उसका सत्कार करें: मेजबान अपनी आर्थिक सामर्थ्य और श्रद्धा के अनुसार जो भी भोजन या सुविधा पेश करे, उसे विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करना चाहिए।दूसरों के घर से तुलना करना अपमानजनक: भोजन में नमक कम-ज्यादा बताना, कमरों की साज-सज्जा की आलोचना करना या अपने घर की सुख-सुविधाओं का बखान करके मेजबान को हीन महसूस कराना आपके असंस्कारित होने का प्रमाण माना जाता है। इससे रिश्ते हमेशा के लिए टूट सकते हैं।4. झूठा दिखावा, अहंकार और धन का प्रदर्शन करने से बचेंचाणक्य नीति के अनुसार, अहंकार और अनावश्यक दिखावा इंसान का सबसे बड़ा शत्रु है:अपनी संपन्नता का घमंड न करें: यदि आप अपने रिश्तेदार से आर्थिक रूप से अधिक संपन्न हैं, तो उनके घर जाकर अपने महंगे कपड़ों, गहनों, गाड़ियों या रसूख की डींगें हांकना बेहद अनुचित है। यह मेजबान के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाता है।खाली हाथ कभी न जाएं: चाणक्य नीति में यह भी कहा गया है कि किसी राजा (शासक), गुरु, वैद्य (डॉक्टर) और मित्र या संबंधी के घर कभी पूरी तरह खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। अपनी क्षमता के अनुसार बच्चों के लिए फल, मिठाई या उपहार लेकर जाना सौहार्द और शिष्टाचार का प्रतीक होता है।5. मेजबान के घर की गोपनीय बातें बाहर उजागर न करेंएक सच्चा और विश्वसनीय संबंधी वही है जो किसी के घर की चारदीवारी के भीतर देखी गई बातों को गुप्त रखे:कमियों और रहस्यों को न उछालें: किसी के घर रुकने पर आपको उनकी कमजोरियों, आपसी मतभेदों या आर्थिक तंगहाली का पता चल सकता है। इन बातों को तीसरे व्यक्ति के सामने जाकर गपशप या हंसी का विषय बनाना विश्वासघात कहलाता है।जो व्यक्ति दूसरों के घर के भेदों को समाज में उजागर करता है, समाज उसे कभी सम्मान की दृष्टि से नहीं देखता और अंततः सभी रिश्तेदार उससे दूरी बना लेते हैं।
भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए आज का दिन बेहद खास बन गया है। जब शायरी के शहंशाह गुलजार, प्रयोगधर्मी संगीतकार अमित त्रिवेदी और दर्दभरी आवाज के बेताज बादशाह बी प्राक (B Praak) एक साथ किसी प्रोजेक्ट में आते हैं, तो कालजयी संगीत का जन्म होता है। लंबे इंतजार के बाद उनका नया और बहुप्रतीक्षित ट्रैक 'सच का दायरा' (Sach Ka Daayra) आधिकारिक तौर पर रिलीज कर दिया गया है।रिलीज होते ही यह गाना यूट्यूब, स्पॉटिफाई और अन्य म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिंदगी के कड़वे सच, टूटे रिश्तों की दास्तान और इंसान के भीतर चल रहे द्वंद्व को जिस खूबसूरती से इस गाने में पिरोया गया है, उसने श्रोताओं के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर संगीत समीक्षक और फैंस इसे इस साल का सबसे असरदार और रूहानी गीत करार दे रहे हैं।गुलजार की कलम का जादू: हर शब्द में उतरती जिंदगी की सच्चाईऑस्कर और ग्रैमी विजेता दिग्गज गीतकार गुलजार साहब के बोलों की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी और गहरा दार्शनिक भाव है। 'सच का दायरा' में भी गुलजार ने अपनी चिरपरिचित कलम से ऐसे अल्फाज तराशे हैं जो सीधे दिल में उतरते हैं:गहराई से भरे बोल: गाने के बोल इंसान के मुखौटों, समाज के बनाए दायरों और सच को स्वीकार करने की पीड़ा के इर्द-गिर्द बुने गए हैं।दार्शनिक अंदाज: गुलजार ने दिखाया है कि कैसे इंसान अपनी पूरी जिंदगी झूठ और भ्रम की दीवारों के बीच काट देता है, लेकिन जब सच का सामना होता है, तो वह दायरा कितना तन्हा और दर्दनाक महसूस होता है।अल्फाजों का ठहराव: हर अंतरे में एक नया विचार और ठहराव है, जो आधुनिक दौर के शोर-शराबे वाले गानों से एकदम जुदा और सुकून देने वाला अहसास कराता है।अमित त्रिवेदी का अनूठा कंपोजिशन: क्लासिकल और मॉडर्न संगीत का मेलराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार अमित त्रिवेदी अपने अनोखे इंस्ट्रूमेंटेशन और मेलोडी के लिए जाने जाते हैं। इस गाने में उन्होंने किसी पारंपरिक बीट्स पर निर्भर रहने के बजाय माहौल (Atmospheric Music) तैयार करने पर जोर दिया है:लाइव इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल: गाने में स्ट्रिंग्स, वायलिन के दर्दभरे नोट्स और एकोस्टिक गिटार का बेहद संतुलित उपयोग किया गया है।म्यूजिकल आर्क: ट्रैक की शुरुआत बेहद शांत और धीमी धुन के साथ होती है, लेकिन जैसे-जैसे गाना आगे बढ़ता है, ऑर्केस्ट्रेशन का स्तर बढ़ता जाता है और क्लाइमेक्स तक पहुंचते-पहुंचते यह श्रोता को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लेता है।अमित-गुलजार का तालमेल: अमित त्रिवेदी ने गुलजार के शब्दों को कभी भी संगीत के पीछे दबने नहीं दिया, बल्कि धुन को शब्दों के भाव को ऊपर उठाने का जरिया बनाया है।बी प्राक का पावरफुल वोकल्स: आवाज में छलकता दर्दपंजाबी और हिंदी संगीत में अपनी बुलंदी और दर्दभरी गायकी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले बी प्राक ने इस गाने में अपनी आवाज देकर जान फूंक दी है:आवाज का टेक्सचर: बी प्राक का रफ और इमोशनल वोकल टेक्सचर इस तरह के इंटेंस गानों के लिए मुकम्मल साबित होता है। उच्च सुरों (High Notes) पर जिस तीव्रता के साथ वे गाते हैं, वह श्रोता को भावुक कर देता है।सधी हुई अदायगी: आमतौर पर बी प्राक के गानों में ऊर्जा और आक्रामकता ज्यादा दिखती है, लेकिन 'सच का दायरा' में उन्होंने गुलजार की नजाकत को समझते हुए अपनी गायकी में गजब का संयम और दर्द दिखाया है।दिल को छू लेने वाला आलाप: गाने के बीच-बीच में उनका धीमा आलाप गाने के दर्द को कई गुना बढ़ा देता है।सोशल मीडिया पर मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया: फैंस बोले- 'मास्टरपीस'गाना रिलीज होते ही कमेंट बॉक्स में तारीफों की बाढ़ आ गई है। फैंस का कहना है कि आज के दौर में जब गानों के रीमिक्स और ऑटो-ट्यून का बोलबाला है, ऐसे समय में यह ट्रैक शुद्ध और ओरिजिनल संगीत की महक लेकर आया है। लोग इसे गुलजार, अमित त्रिवेदी और बी प्राक के करियर के सबसे उम्दा कोलेबोरेशंस में से एक मान रहे हैं।
PM मोदी की चिनफिंग के साथ होगी खास मुलाकात, 7 साल बाद भारत आ रहें चीनी राष्ट्रपति
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग सात साल बाद भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस दौरान सीमा विवाद, व्यापार असंतुलन और ब्रिक्स जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
लापता और किडनैप बच्चों के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, केंद्र और सभी राज्यों को नोटिस जारी
सुप्रीम कोर्ट ने लापता और अपहृत बच्चों के मामलों की जांच के लिए एक समान राष्ट्रीय तंत्र की मांग वाली याचिका पर केंद्र, राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों को नोटिस जारी किया है।
TMC सांसद Abhishek Banerjee के निजी सहायक Sumit Roy को CID ने किया गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने बृहस्पतिवार को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी सालबोनी जमीन घोटाला मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के तुरंत बाद की गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रॉय की गिरफ्तारी की घोषणा राज्य विधानसभा में की। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सुमित रॉय राज्य में रंगदारी वसूलने वाला कुख्यात व्यक्ति है। उच्चतम न्यायालय ने उसे मिली सुरक्षा हटा दी है। रंगदारी वसूलने वाले भतीजे के करीबी सुमित रॉय को आज सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया।’’केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद रॉय की गिरफ्तारी तय थी और जांच आगे चलकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘वह अभिषेक के कहने पर सब कुछ करता था। वह व्यावहारिक रूप से पूरी सरकार चलाता था। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। गिरफ्तारी हो गई है, लेकिन अभी सिर्फ कान पकड़ा गया है। अब सिर भी पकड़ा जाएगा। सिर (प्रमुख व्यक्ति) ‘कैमक स्ट्रीट’ में बैठा है।’’भाजपा विधायक सजल घोष ने कहा कि रॉय की गिरफ्तारी केवल शुरुआत है। घोष ने कहा, ‘‘मैं इसका इंतजार कर रहा था। जैसे ही उच्चतम न्यायालय ने सुरक्षा हटाई, सीआईडी ने सुमित रॉय को पकड़ लिया। सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है, अब बंगाल यह देखने का इंतजार कर रहा है कि मुखिया को कब गिरफ्तार किया जाएगा। लोग उन्हें जेल में देखना चाहते हैं। वही असली जश्न होगा।’’मदन मित्रा, जो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस के बागी खेमे के साथ हैं, ने भी अभिषेक पर निशाना साधा। उन्होंने उनकी कथित जीवनशैली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘‘अभिषेक लॉन्ग आइलैंड में एक आलीशान, महल जैसी हवेली में रह रहे हैं। यह न्यू जर्सी का बेहद महंगा इलाका है, जहां दुनिया के कुछ शीर्ष अरबपति रहते हैं। एक तरफ बंगाल में आम लोगों के घर पानी में डूब रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में विशेष विमान और शाही जीवनशैली है। राज्य प्रशासन को तुरंत न्यू जर्सी स्थित इस हवेली की कीमत और इसे खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई आय के स्रोत की जांच करनी चाहिए।’’ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव को निशाना बनाने के लिए उस समय गिरफ्तारी की, जब वह इलाज के लिए विदेश में थे। टीएमसी प्रवक्ता अनिर्बान बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि भाजपा ‘बदले की राजनीति के सबसे निचले स्तर तक गिर गई है’ और आरोप लगाया कि गिरफ्तारी का समय पार्टी नेतृत्व को बदनाम करने के इरादे से तय किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब बनर्जी देश से बाहर हैं और आंखों का इलाज करा रहे हैं। वह उच्चतम न्यायालय की अनुमति से वहां गए हैं। ’’गिरफ्तारी के बाद रॉय को पहले राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। इसके बाद उसे भवानी भवन स्थित राज्य सीआईडी मुख्यालय ले जाया गया। इस मामले के संबंध में रॉय को पहले भी कई बार राज्य सीआईडी मुख्यालय में पेश होने के लिए समन भेजा गया था। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी और उसे जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और छह अगस्त के अपने उस पुराने आदेश को भी वापस ले लिया, जिसके तहत उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी। सूत्रों ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सीआईडी के कर्मी कालीघाट स्थित परिसर पहुंचे और सुरक्षा कर्मियों के साथ कहासुनी के बीच इमारत में प्रवेश किया। अधिकारियों ने बताया कि रॉय को शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
2005 में खरीदा ऑफिस, फिर बोर्ड हटाने पर विवाद, तेली समाज के दो गुटों में मारपीट
महाराष्ट्र के कल्याण पश्चिम में तेली समाज के कार्यालय पर कब्जे को लेकर दो गुटों में विवाद हो गया. देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया. घटना में ठाणे जिला साहू तेली समाज के पदाधिकारी मुरारीलाल गुप्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं. दो अन्य लोगों के मामूली रूप से घायल होने की जानकारी है. पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है.
सोशल मीडिया की चकाचौंध के पीछे छिपी रंजिश और दरिंदगी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। चर्चित डिजिटल क्रिएटर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की नृशंस हत्या की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) और पुलिस के हाथ ऐसे चौंकाने वाले सुराग लगे हैं, जिससे पूरे केस की दिशा ही बदल गई है।शुरुआती जांच में इसे जहां एक सुनसान इलाके में हुई त्वरित हत्या माना जा रहा था, वहीं अब फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल फुटप्रिंट्स और मुख्य आरोपियों की रिमांड पूछताछ से यह साफ हो गया है कि यह पूरी वारदात एक सोची-समझी आपराधिक साजिश (Pre-Planned Conspiracy) का नतीजा थी। पीड़िता का पहले योजनाबद्ध तरीके से अपहरण किया गया, जिसके बाद उसे घंटों बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए जिंदा जला दिया गया।कैसे बदला क्राइम सीन? फॉरेंसिक जांच में हुआ बड़ा भंडाफोड़इस हत्याकांड का सबसे सनसनीखेज पहलू क्राइम सीन को लेकर सामने आया नया खुलासा है:शुरुआती कहानी की हवा निकली: वारदात के पहले दिन जिस हाईवे किनारे या सुनसान झाड़ियों में अधजला शव बरामद हुआ था, पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या वहां नहीं हुई थी। वह केवल 'डंपिंग यार्ड' था, जहां सबूत नष्ट करने के मकसद से शव को लाया गया था।असली क्राइम सीन कोई दूसरा ठिकाना: जांच एजेंसियों को मिले इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और आरोपियों की मोबाइल टावर लोकेशन के मुताबिक, मंजीत को शहर के बीचो-बीच स्थित एक किराए के फ्लैट या निजी फॉर्महाउस में बंधक बनाकर रखा गया था।खून के धब्बे और संघर्ष के निशान: फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम ने प्राथमिक घटनास्थल से खून के नमूने, टूटी चूड़ियां, बालों के गुच्छे और संघर्ष के निशान जुटाए हैं। सूत्रों के अनुसार, हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के बाद उस कमरे को केमिकल और पानी से धोकर साफ करने की कोशिश की थी, लेकिन अत्याधुनिक ल्यूमिनोल टेस्ट (Luminol Test) में खून के गहरे निशान उजागर हो गए।किडनैपिंग से लेकर जिंदा जलाने तक: कड़ियों को जोड़ती पुलिसजांच में शामिल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह वारदात किसी एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दी गई है:प्लानिंग के तहत किडनैपिंग: मंजीत को किसी प्रोजेक्ट, शूट या पुराने परिचित के बहाने एक तय जगह पर बुलाया गया था। वहां पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने जबरन उसे कार में खींचा और उसका मोबाइल तुरंत स्विच ऑफ कर दिया।घंटों तक बेरहमी से टॉर्चर: मेडिकल और पोस्टमार्टम की शुरुआती राय के अनुसार, पीड़िता के शरीर पर लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और भारी ब्लंट ऑब्जेक्ट से वार के गंभीर निशान मिले हैं। पसलियों और सिर पर गहरी चोटें थीं, जिससे संकेत मिलता है कि हत्यारों ने मरने से पहले उससे कुछ कबूलवाने या डिजिटल पासवर्ड हासिल करने के लिए घंटों बर्बर यातनाएं दीं।जिंदा जलाने की खौफनाक पुष्टि: पोस्टमार्टम के प्रारंभिक विसरा और लंग्स (फेफड़ों) की जांच में कार्बन पार्टिकल्स (कालिख) मिलने के संकेत मिले हैं, जिसका सीधा अर्थ यह होता है कि जब पीड़िता को आग के हवाले किया गया, तब उसकी सांसें चल रही थीं। आरोपियों ने पहचान मिटाने के लिए पेट्रोल या ज्वलनशील पदार्थ का छिड़काव किया था।मुख्य संदिग्धों पर शिकंजा: क्या आपसी रंजिश या पैसों का था विवाद?पुलिस ने इस मामले में मंजीत के बेहद करीबी रहे दो संदिग्धों समेत कुल चार लोगों को हिरासत में लिया है:वित्तीय लेन-देन और ब्लैकमेलिंग का शक: सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया से होने वाली मोटी कमाई, ब्रांड डील्स और कुछ निजी वीडियोज को लेकर पीड़िता और मुख्य संदिग्ध के बीच पिछले कुछ महीनों से गहरा विवाद चल रहा था।कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) से मिला सुराग: घटना से ठीक पहले पीड़िता के फोन पर आए अंतिम कॉल और संदिग्धों के लोकेशन डेटा आपस में मेल खा रहे हैं। पुलिस अब आरोपियों के व्हाट्सएप चैट्स, डिलीट किए गए मैसेज और बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि मनी ट्रेल और सुपारी किलिंग (Contract Killing) के एंगल को भी पुख्ता किया जा सके।पुलिस कमिश्नर का बयान: फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केसजिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच टीम के पास वैज्ञानिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों की मजबूत चेन मौजूद है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ हत्या (धारा 103 बीएनएस / 302 आईपीसी), अपहरण, सबूत मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र की सख्त धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की जाएगी। प्रशासन इस पूरे मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराकर आरोपियों को फांसी जैसी सख्त सजा दिलाने की तैयारी में है।
बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार और IT मंत्रालय से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिगों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सुरक्षा उपायों की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और आईटी मंत्रालय से जवाब मांगा है।
अनजान पार्टियां, करोड़ों का चंदा... देखें कागजी दलों के खिलाफ सबसे बड़ी पड़ताल
सबसे पहले बात दलों की जो कागजों पर हैं. जिनके खातों में करोड़ों नहीं अरबों रुपये चुनावी चंदे के रूप में जमा किए जाते हैं. ये वो दल हैं जो नाम के लिए चुनाव लड़ते हैं. जिनका देश में एक भी सांसद-विधायक नहीं है लेकिन फिर भी इनका बैंक बैलेंस बड़े बड़े दलों से कहीं ज्यादा है. आखिर कौन इन गुमनाम दलों को मालामाल कर रहा है. देखें...
हैदराबाद में पेट्रोल पंप में घुसी TGSRTC की बस, दो कार और ऑटो को मारी टक्कर; वीडियो वायरल
हैदराबाद के अब्दुल्लापुरमेट में एक TGSRTC बस अनियंत्रित होकर पेट्रोल पंप में जा घुसी, जिससे दो कारें और एक ऑटो क्षतिग्रस्त हो गए।
CM Yogi Adityanath ने जनप्रतिनिधियों से Seva Sankalp Abhiyan को सफल बनाने का आह्वान किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को सभी जनप्रतिनिधियों से ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ने और अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के साथ मिलकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी सांसदों, जिला पंचायत अध्यक्षों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, महापौरों, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्षों तथा ब्लॉक प्रमुखों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की। एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अभियान के 12 प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल को समर्पित यह अभियान तभी सार्थक होगा, जब इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान की पहुंच गांव से लेकर शहर तक और समाज के हर वर्ग तक होगी। योगी ने 17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में भी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सेवा दिवस के अवसर पर विश्वकर्मा जयंती भी मनाई जाएगी और सभी विधानसभा क्षेत्रों में विश्वकर्मा पूजन के साथ शिल्पकारों को टूलकिट वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत शाम सात बजे लाभार्थी परिवारों के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके अलावा डबल इंजन सरकार की योजनाओं से बने प्रमुख भवनों और विकास परियोजनाओं के स्थलों पर भी दीप जलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों में उपस्थित रहने को कहा। एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम में सभी सरकारी और निजी प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षण संस्थानों को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के साथ शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों और युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि ‘नमो सेवा : अनकही कहानियां’ कार्यक्रम 18 सितंबर से प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को इसकी नोडल भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय कलाकारों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को कार्यक्रम से जोड़ने तथा सेवा, सुशासन और विकास की कहानियों को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। योगी ने ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान तथा हेल्दी बेबी प्रतियोगिता के आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि माताओं तक पोषण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी जरूरी जानकारी भी पहुंचाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम के तहत पिछले साढ़े नौ वर्षों में आए बदलावों को लाभार्थियों की अपनी कहानियों के माध्यम से सामने लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वीडियो रील में लाभार्थी का नाम, ग्राम, जनपद और योजना का नाम अवश्य दिया जाए। इसमें मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को भी शामिल किया जाए। ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि सात अक्टूबर का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन 25 वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जनसेवा की एक नई यात्रा शुरू की थी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रत्येक जिले के एक प्रमुख चौराहे पर ‘सेवा कलश’ स्थापित किया जाएगा और प्रधानमंत्री का विशेष संबोधन होगा। उन्होंने कहा कि ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत नागरिकों को विभिन्न सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाए। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो स्थानों के कायाकल्प का कार्य भी जनभागीदारी से कराया जाए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत प्रत्येक विकासखंड में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य यह होना चाहिए कि नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। एक ही स्थान पर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो सके। इन शिविरों के साथ स्वास्थ्य मेले भी आयोजित किए जाएंगे। योगी ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ की वास्तविक ताकत लोगों की भागीदारी है। इसलिए इसमें सांसदों और विधायकों के साथ ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधि, युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, शिल्पकार, स्वयं सहायता समूह और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जाए। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान को अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा, सुशासन और जनभागीदारी का उत्सव बनाने का आह्वान किया।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत जमा होने वाला प्रोविडेंट फंड (PF) मुख्य रूप से कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद के जीवन को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है। हालांकि, जीवन में अचानक आने वाली वित्तीय जरूरतों और बड़े खर्चों को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ अपने अंशधारकों को नौकरी के दौरान ही पीएफ एडवांस (Non-Refundable Advance) निकालने की सुविधा प्रदान करता है।अक्सर कर्मचारियों के मन में यह संशय रहता है कि वे कब, किस कारण से और कितनी बार अपने खाते से पैसा निकाल सकते हैं। ईपीएफ योजना के प्रावधानों के तहत शादी, बीमारी, बच्चों की उच्च शिक्षा, नया मकान खरीदने या होम लोन चुकाने जैसे अलग-अलग उद्देश्यों के लिए विड्रॉल की सीमाएं, जरूरी सेवा अवधि और निकासी की बारंबारता (Frequency) तय की गई है।किस काम के लिए कितना और कब निकाल सकते हैं पीएफ एडवांस? समझिए पूरा चार्टईपीएफओ द्वारा विभिन्न अनिवार्य जरूरतों के लिए तय किए गए प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:निकासी का कारण (Purpose)न्यूनतम सेवा अवधि (Service Tenure)अधिकतम निकासी सीमा (Withdrawal Limit)कितनी बार निकाल सकते हैं? (Frequency)बीमारी/मेडिकल इमरजेंसी (Illness)कोई न्यूनतम सेवा शर्त नहीं (0 वर्ष)6 महीने का बेसिक + डीए, या कर्मचारी शेयर ब्याज सहित (जो कम हो) / ऑटो-मोड में ₹1-5 लाख तकआवश्यकतानुसार कई बार (गंभीर बीमारी के मामलों में)शादी (Marriage - स्वयं, बच्चे, भाई/बहन)7 वर्ष की कुल सेवाकुल कर्मचारी अंशदान (Employee Share) का 50% ब्याज सहितपूरे सेवाकाल में अधिकतम 3 से 5 बारउच्च शिक्षा (Post-Matriculation Education)7 वर्ष की कुल सेवाकुल कर्मचारी अंशदान का 50% ब्याज सहितउच्च शिक्षा के लिए चरणबद्ध तरीके से (3 से 10 बार तक)घर/प्लॉट खरीदना या निर्माण (Housing)5 वर्ष की सेवा (हाउसिंग स्कीम में 3 वर्ष)24 से 36 महीने का बेसिक + डीए या पीएफ बैलेंस का 90% तकपूरे सेवाकाल में केवल 1 बार (प्लॉट/मकान खरीद हेतु)घर की मरम्मत/रिनोवेशन (Renovation)निर्माण के 5 वर्ष बादमासिक बेसिक सैलरी का 12 गुना तकसेवाकाल में अधिकतम 1 से 2 बारहोम लोन का प्री-पेमेंट/चुकौती3 वर्ष की सेवाकुल पीएफ कॉपर्स (कर्मचारी + नियोक्ता शेयर) का 90% तकसेवाकाल में केवल 1 बार1. मेडिकल इमरजेंसी: बिना किसी सर्विस कंडीशन के तुरंत राहतयदि कर्मचारी, उसके जीवनसाथी, बच्चों या आश्रित माता-पिता को कोई गंभीर बीमारी होती है या अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, तो इसके लिए किसी न्यूनतम सेवा अवधि की बाध्यता नहीं होती।ईपीएफओ ने मेडिकल दावों के लिए ऑटो-क्लेम सेटलमेंट (Auto-Mode Settlement) की सुविधा भी शुरू की है, जिसके तहत पात्र दावों का निस्तारण बिना मानवीय हस्तक्षेप के 3 से 4 कार्यदिवसों के भीतर सीधे बैंक खाते में हो जाता है।इसके तहत कर्मचारी अपने शेयर और ब्याज के बराबर या 6 महीने के मूल वेतन व महंगाई भत्ते के बराबर राशि निकाल सकता है।2. शादी और बच्चों की पढ़ाई: 7 साल की नौकरी के बाद ही मिलेगा लाभपरिवार में शादी या बच्चों की 10वीं के बाद की पढ़ाई (Engineering, Medical, MBA आदि) के लिए फंड निकालने पर कड़े नियम लागू होते हैं:कर्मचारी को कम से कम 7 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करनी आवश्यक होती है।निकासी केवल कर्मचारी के अपने अंशदान और उस पर मिले ब्याज के 50% हिस्से तक ही सीमित होती है (नियोक्ता का हिस्सा इस मद में नहीं निकाला जा सकता)।शादी के लिए यह क्लेम स्वयं की शादी, बेटे/बेटी की शादी या सगे भाई/बहन की शादी के लिए किया जा सकता है।3. घर और जमीन की खरीद: सबसे बड़ा विड्रॉल कोटामकान या फ्लैट खरीदने के लिए ईपीएफओ सबसे बड़ी छूट देता है:5 वर्ष (विशेष हाउसिंग क्लॉज 68BD के तहत 3 वर्ष) की सेवा पूरी होने पर सदस्य अपने कुल फंड का 90% तक निकाल सकते हैं।संपत्ति कर्मचारी के नाम पर, पति/पत्नी के नाम पर या दोनों के संयुक्त नाम पर रजिस्टर्ड होनी अनिवार्य है।यह लाभ केवल एक बार घर खरीदने या निर्माण के लिए ही मिलता है।घर बैठे ऑनलाइन कैसे अप्लाई करें पीएफ एडवांस? (Form 31)पीएफ से एडवांस निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है:स्टेप 1: ईपीएफओ मेंबर ई-सेवा पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर अपना UAN और पासवर्ड डालकर लॉग-इन करें।स्टेप 2: सुनिश्चित करें कि आपका आधार, पैन कार्ड और बैंक खाता विवरण (KYC) पूरी तरह सत्यापित और एक्टिव हों।स्टेप 3: मुख्य मेन्यू में 'Online Services' पर जाएं और 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' विकल्प चुनें।स्टेप 4: अपना बैंक खाता नंबर दर्ज कर 'Verify' करें और 'Proceed for Online Claim' पर क्लिक करें।स्टेप 5: 'I want to apply for' ड्रॉपडाउन में जाकर PF Advance (Form 31) का चयन करें।स्टेप 6: जिस काम के लिए पैसा चाहिए (बीमारी, शादी, शिक्षा, आवास) उसे चुनें, आवश्यक राशि दर्ज करें और चेकबुक/पासबुक की स्पष्ट प्रति अपलोड करें।स्टेप 7: आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज करके क्लेम सबमिट कर दें।पीएफ एडवांस एक गैर-वापसी योग्य (Non-Refundable) निकासी होती है, यानी इसे दोबारा खाते में जमा करने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, वित्तीय सलाहकार हमेशा सुझाव देते हैं कि जब तक कोई बड़ी आपात स्थिति न हो, पीएफ फंड से अनावश्यक निकासी से बचना चाहिए, ताकि रिटायरमेंट पर मिलने वाले 8.25% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) का नुकसान न हो।
सायोनी घोष समेत 20 बागी सांसदों की पार्टी पर EC हुआ मौन? 84 दिन बाद भी नहीं कोई जवाब
ममता बनर्जी गुट वाले तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद साकेत गोखले ने आरोप लगाया है कि 84 दिन से ज्यादा बीत गए हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने NCPI से जुड़े मुद्दे पर RTI में मांगी गई जानकारी पर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।
भारत में अवैध और बिना पंजीकरण के कारोबार कर रहे विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों के खिलाफ केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत कार्यरत वित्तीय खुफिया इकाई (Financial Intelligence Unit - FIU-IND) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। वित्तीय कानूनों की अनदेखी करने वाले 15 अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (VDASPs / Crypto Exchanges) को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 13 के तहत कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है।इसके साथ ही, भारतीय निवेशकों के हितों और देश की वित्तीय अखंडता की सुरक्षा के लिए एफआईयू ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को इन सभी 15 प्लेटफॉर्म्स के आधिकारिक यूआरएल (वेबसाइट्स) और मोबाइल एप्लिकेशन को देश भर में ब्लॉक करने की औपचारिक सिफारिश भेजी है।क्यों हुई यह कार्रवाई? एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग नियमों की खुली अवहेलनामार्च 2023 में केंद्र सरकार ने वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) कारोबारियों और क्रिप्टो एक्सचेंजों को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के कानूनी दायरे में शामिल किया था। इसके तहत भारत में सेवाएं देने वाले प्रत्येक घरेलू और विदेशी प्लेटफॉर्म के लिए कड़े नियम तय किए गए थे:अनिवार्य पंजीकरण (Mandatory Registration): प्रत्येक प्लेटफॉर्म को एक 'रिपोर्टिंग एंटिटी' के रूप में एफआईयू-आईएनडी के साथ पंजीकृत होना अनिवार्य था।सख्त केवाईसी मानक (Strict KYC Compliance): हर ग्राहक की पहचान की पुष्टि और लेन-देन का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड रखना अनिवार्य था।संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग (STR): हवाला, आतंकी वित्तपोषण या काले धन से जुड़े किसी भी संदिग्ध लेन-देन की त्वरित सूचना एफआईयू को देना कानूनन जरूरी था।टैक्स और टीडीएस अनुपालन: भारतीय उपयोगकर्ताओं द्वारा किए जाने वाले क्रिप्टो सौदों पर 1% टीडीएस (TDS under Section 194S) और 30% फ्लैट कैपिटल गेन टैक्स की निगरानी सुनिश्चित करना।जांच में पाया गया कि ये 15 विदेशी कंपनियां भारत में बड़े पैमाने पर अपने ऑपरेशंस चला रही थीं और भारी मात्रा में भारतीय निवेशकों से फंड जुटा रही थीं, लेकिन उन्होंने न तो एफआईयू के साथ पंजीकरण कराया और न ही स्थानीय कानूनों का पालन किया।ब्लॉक होने के बाद भारतीय यूजर्स और उनके फंड्स पर क्या होगा असर?इस सख्त कार्रवाई के बाद देश के उन लाखों निवेशकों में चिंता बढ़ गई है जो इन प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेडिंग कर रहे थे:ऐप स्टोर और वेबसाइट एक्सेस बंद: सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय इन कंपनियों की वेबसाइटों को भारतीय इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) के जरिए ब्लॉक करेगा और गूगल प्ले स्टोर व एप्पल ऐप स्टोर से इनके ऐप्स हटवाए जाएंगे।क्रिप्टो विड्रॉल और ट्रांसफर में अड़चन: यूआरएल ब्लॉक होने पर यूजर्स को अपने अकाउंट लॉगिन करने में तकनीकी कठिनाई आ सकती है। हालांकि, तकनीकी रूप से वॉलेट में मौजूद क्रिप्टो एसेट्स जब्त नहीं होते, लेकिन भारतीय बैंक खातों में सीधे रुपये (INR) की निकासी या फिएट लेन-देन तुरंत रुक जाएगा।घरेलू एक्सचेंजों की ओर रुख: सरकार और नियामकों की सलाह है कि निवेशक केवल उन्हीं भारतीय या विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेड करें जो एफआईयू के साथ रजिस्टर्ड हैं और पूर्ण केवाईसी व टैक्स नियमों का पालन करते हैं।गैर-अनुपालन वाले प्लेटफॉर्म्स पर कानूनी शिकंजा रहेगा जारीएफआईयू-आईएनडी ने स्पष्ट किया है कि भारत के भीतर स्थित ग्राहकों को लक्षित करने वाले किसी भी डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म को देश के कानूनों से छूट नहीं दी जा सकती। यदि नोटिस पाने वाली कंपनियां संतोषजनक जवाब और अनुपालन योजना पेश करने में विफल रहती हैं, तो उनके खिलाफ दंडात्मक आर्थिक जुर्माने और डिजिटल संपत्तियों को फ्रीज करने जैसी अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नेताओं से पहले दिल्ली में जुटीं ब्रिक्स की महिलाएं, व्यापार और डिजिटल शक्ति बनी नई भाषा
ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन ने दिल्ली में शिखर सम्मेलन से पहले महिला-नेतृत्व वाले विकास पर जोर दिया। पैनल चर्चा में महिला उद्यमियों के लिए फंडिंग, डिजिटल शक्ति और स्थायी संस्थागत तंत्र की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया।
ट्रेनों में भीड़भाड़ के दौरान या युवाओं द्वारा सोशल मीडिया रील्स और स्टंट के चक्कर में चलती ट्रेन के दरवाजे (Footboard) पर लटककर सफर करने की आदत पर भारतीय रेलवे ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने देश भर के व्यस्त रेल रूटों, लोकल ट्रेनों और एक्सप्रेस गाड़ियों में अनधिकृत रूप से गेट पर खड़े होने या लटकने वाले यात्रियों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।अक्सर यात्री ताजी हवा लेने, जल्दी उतरने या डिब्बे के भीतर जगह न होने का हवाला देकर दरवाजे पर खड़े हो जाते हैं। लेकिन यह लापरवाही न केवल उनकी खुद की जान के लिए बड़ा खतरा बनती है, बल्कि सिग्नल के खंभों, ओएचई (Overhead Equipment) वायर और पुलों के गार्डर से टकराकर जानलेवा हादसों का कारण भी बनती है। इसी को देखते हुए रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ऐसे यात्रियों पर अब किसी प्रकार की रियायत नहीं बरती जाएगी और उन्हें सीधे जेल की हवा खानी पड़ सकती है।रेलवे एक्ट की धारा 156: 3 महीने की जेल और ₹500 का जुर्मानाट्रेन के दरवाजे, पायदान, छत या इंजन पर यात्रा करना भारतीय रेलवे कानून के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है:रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 156 (Section 156 of Railways Act): इस धारा के अनुसार, यदि कोई यात्री रेलगाड़ी की छत, पायदान (Footboard) या इंजन पर यात्रा करता है या ऐसा करने का प्रयास करता है, और रेलवे कर्मचारी द्वारा चेतावनी दिए जाने के बावजूद वहां से हटने से मना करता है, तो उसे तत्काल ट्रेन से उतारा जा सकता है।सजा और जुर्माने का प्रावधान: दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को 3 महीने तक का कारावास (जेल) या ₹500 तक का नकद जुर्माना, अथवा दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।सह-अपराधियों पर भी एक्शन: यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य यात्री को दरवाजे पर लटकने में मदद करता है या उसे अंदर आने से रोकता है, तो उसके खिलाफ भी रेलवे एक्ट की संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।स्टंटबाजी और रील्स बनाने वालों पर धारा 145 और 153 भी लागूआजकल कई युवा चलती ट्रेन के गेट पर एक हाथ से लटककर मोबाइल से वीडियो या इंस्टाग्राम रील्स बनाने का जोखिम उठाते हैं। रेलवे प्रशासन ने साफ कर दिया है कि स्टंटबाजी करने वालों को केवल धारा 156 तक सीमित नहीं रखा जाएगा:धारा 145 (उपद्रव और अशांति फैलाना): नशे की हालत में या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालकर ट्रेन में उपद्रव करने पर टिकट जब्त करने के साथ जेल की सजा हो सकती है।धारा 153 (अन्य यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना): यदि किसी यात्री के कृत्य से ट्रेन संचालन या अन्य सह-यात्रियों की सुरक्षा को जानबूझकर खतरे में डाला जाता है, तो इसके तहत 5 साल तक की सख्त कैद का प्रावधान है।आरपीएफ का स्पेशल ड्राइव: स्टेशनों पर सीसीटीवी और बॉडी कैमरों से निगरानीनई दिल्ली, मुंबई, हावड़ा, पटना, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख जंक्शनों पर आरपीएफ की विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें तैनात की गई हैं:स्टेशनों से ट्रेन छूटते समय गेट पर लटकने वाले यात्रियों को डिटेन किया जा रहा है।प्लेटफॉर्मों पर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षाकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरों के जरिए डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जिन्हें रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता है।यदि कोई यात्री बार-बार इस नियम का उल्लंघन करता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसका नाम रेलवे के डिफाल्टर डेटाबेस में दर्ज कर भविष्य में सरकारी सेवाओं में पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान प्रतिकूल रिपोर्ट भी भेजी जा सकती है।सुरक्षित सफर के लिए रेलवे की अहम अपीलभारतीय रेलवे ने सभी दैनिक यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न करें:यदि ट्रेन के भीतर अत्यधिक भीड़ है और चढ़ने की सुरक्षित जगह नहीं है, तो अगली ट्रेन का इंतजार करें।चलती ट्रेन में कभी भी चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें।कोच के दरवाजे को केवल चढ़ने-उतरने के लिए खाली रखें और गेट के हैंडल को पकड़कर बाहर की ओर न झुकें।यदि कोई सह-यात्री दरवाजे पर खतरनाक स्थिति में खड़ा दिखे, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें या 'रेल मदद' (RailMadad) ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराएं ताकि अगले स्टेशन पर सुरक्षा बल आवश्यक कदम उठा सके।
टिश्यू से लेकर टॉवल तक की जांच... विदेश में पुतिन का हर Touch रहता है सिक्योर
राष्ट्रपति पुतिन के विदेशी दौरे के वक्त उनकी मोबाइल फूड प्रयोगशाला पहले ही मेजबान देश में पहुंच जाती है. इसमें राष्ट्रपति पुतिन द्वारा चुने गए खास शेफ और वैज्ञानिक होते हैं. और इनका काम होता है 'पानी से लेकर सलाद' तक सबकी जांच करना.
लंबे समय से पेंडिंग पड़े ट्रैफिक चालान (Pending Traffic Challans), बिजली-पानी के बिल विवाद, चेक बाउंस और छोटे दीवानी मुकदमों के त्वरित और सस्ते निपटारे का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक अहम खबर है। दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) और ट्रैफिक पुलिस द्वारा आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) की तारीख को पुनर्निर्धारित (Reschedule) कर दिया गया है।राजधानी में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब यह राष्ट्रीय लोक अदालत 10 अक्टूबर 2026 (दूसरे शनिवार) को सभी जिला अदालत परिसरों में आयोजित की जाएगी। ऐसे में जिन वाहन चालकों को अपने चालान का निस्तारण कराना है, उन्हें अब 10 अक्टूबर का इंतजार करना होगा।10 अक्टूबर को कहां-कहां लगेगी लोक अदालत?10 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:00 बजे से दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों की सभी जिला अदालतों में विशेष बेंच बैठेंगी:दिल्ली के सभी प्रमुख कोर्ट परिसर: तीस हजारी कोर्ट, कड़कड़डूमा कोर्ट, पटियाला हाउस कोर्ट, रोहिणी कोर्ट, साकेत कोर्ट, द्वारका कोर्ट और राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर।इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट, डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT), स्थायी लोक अदालतें, और जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों (Consumer Forums) में भी लंबित मामलों की सुनवाई की जाएगी।ट्रैफिक चालान स्लिप कब से होगी डाउनलोड? नोट कर लें जरूरी तारीखेंलोक अदालत में ट्रैफिक चालान का निपटारा कराने के लिए अग्रिम ऑनलाइन टोकन या चालान स्लिप डाउनलोड करना अनिवार्य होता है। नए शेड्यूल के तहत ट्रैफिक पुलिस ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:स्लिप डाउनलोड की नई तारीख: वाहन चालक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक लोक अदालत पोर्टल से 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:00 बजे से अपनी चालान स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे।दैनिक व कुल सीमा: सर्वर पर लोड और कोर्ट में भीड़ नियंत्रित रखने के लिए प्रति दिन अधिकतम 50,000 चालान स्लिप का कोटा रहेगा, और कुल 2 लाख चालानों की सीमा पूरी होते ही बुकिंग बंद हो जाएगी।कौन से चालान होंगे शामिल: 30 जून 2026 तक के सभी कंपाउंडेबल (शमनीय) पेंडिंग ट्रैफिक चालान इस लोक अदालत के जरिए निपटाए जा सकेंगे।कौन से चालान हो सकते हैं माफ या कम?लोक अदालत में दोनों पक्षों (ट्रैफिक पुलिस और वाहन मालिक) की आपसी सहमति और जज के विवेक के आधार पर चालान का निस्तारण किया जाता है:कंपाउंडेबल उल्लंघन: बिना हेलमेट ड्राइविंग, सीट बेल्ट न लगाना, जेब्रा क्रॉसिंग पार करना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) न होना या वैलिड इंश्योरेंस न होने जैसे चालान लोक अदालत में शामिल होते हैं।जुर्माने में भारी छूट: यदि चालान तकनीकी खामी या कैमरे की गलती से कटा है, तो अदालत उसे पूरी तरह माफ भी कर सकती है। वहीं अन्य मामलों में परिस्थितियों और वाहन चालक की आर्थिक स्थिति को देखते हुए जुर्माने की राशि को घटाकर नाममात्र (जैसे ₹100 से ₹500 तक) कर दिया जाता है।नॉन-कंपाउंडेबल मामलों में छूट नहीं: शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk and Drive), खतरनाक स्टंट करना या जानलेवा दुर्घटना से जुड़े गंभीर मामले लोक अदालत में सीधे तौर पर माफ नहीं होते।लोक अदालत में जाने से पहले कैसे करें ऑनलाइन तैयारी?चालान चेक करें: परिवहन सेवा पोर्टल (echallan.parivahan.gov.in) या राज्य की ट्रैफिक पुलिस वेबसाइट पर जाकर अपने वाहन के पेंडिंग चालान का स्टेटस देखें।5 अक्टूबर को टोकन बुक करें: ट्रैफिक पुलिस की लोक अदालत वेबसाइट पर जाकर 5 अक्टूबर को सुबह 10 बजे अपने वाहन का नंबर दर्ज करें और जिस कोर्ट परिसर का स्लॉट मिले, उसका चयन करें।प्रिंटआउट जरूर लें: डाउनलोड की गई चालान स्लिप का प्रिंटआउट अवश्य निकालें, जिसमें आपकी कोर्ट का नाम, कोर्ट रूम नंबर और समय का स्लॉट दर्ज होगा।10 अक्टूबर को समय पर पहुंचें: तय तारीख (10 अक्टूबर 2026) को अपने वाहन की आरसी (RC), ड्राइविंग लाइसेंस, आईडी प्रूफ और चालान स्लिप लेकर संबंधित अदालत में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश हों। वहां समझौते के आधार पर रसीद कटवाकर अपने चालान को हमेशा के लिए क्लियर करा लें।
रिटायरमेंट के बाद आर्थिक आत्मनिर्भरता बनाए रखने के लिए नेशनल पेंशन प्रणाली (National Pension System - NPS) सबसे प्रभावी और कम लागत वाले निवेश विकल्पों में से एक है। इसमें मिलने वाले मार्केट-लिंक्ड कंपाउंडिंग रिटर्न और टैक्स छूट (धारा 80CCD) के कारण यह युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है।यदि आपका लक्ष्य 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर हर महीने ₹20,000 की निश्चित पेंशन पाना है, तो इसके लिए आवश्यक फंड और एन्युइटी का मानक गणित इस प्रकार काम करता है:जरूरी पेंशन: ₹20,000 प्रति माह (₹2,40,000 सालाना)अनुमानित एन्युइटी दर (Annuity Rate): 6% प्रति वर्षएन्युइटी के लिए जरूरी फंड: $frac{2,40,000}{0.06} =$ ₹40,00,000 (₹40 लाख)कुल NPS रिटायरमेंट कॉपर्स: चूंकि NPS नियमों के तहत 60 की उम्र में कुल फंड का कम से कम 40% हिस्सा एन्युइटी (पेंशन प्लान) में लगाना अनिवार्य होता है (और 60% हिस्सा टैक्स-फ्री लम्पसम निकाला जा सकता है), इसलिए ₹40 लाख की एन्युइटी के लिए आपका कुल कॉपर्स लगभग ₹1 करोड़ (या कम से कम ₹70 लाख से ₹1 करोड़) होना चाहिए।25, 30 और 35 की उम्र के हिसाब से जरूरी मासिक निवेशNPS में इक्विटी (E) और डेट (C व G) के संतुलित पोर्टफोलियो पर लंबी अवधि में 10% का औसत वार्षिक रिटर्न मानकर विभिन्न आयु वर्गों के लिए आवश्यक मासिक अंशदान का तुलनात्मक ब्योरा नीचे दिया गया है:वर्तमान आयुनिवेश की अवधि (60 वर्ष तक)कुल कॉपर्स लक्ष्यजरूरी मासिक निवेश (Monthly Contribution)60 पर एकमुश्त निकासी (60% Lumpsum)25 वर्ष35 वर्ष₹1.05 करोड़₹2,800 - ₹3,000~₹63 लाख30 वर्ष30 वर्ष₹1.02 करोड़₹4,500 - ₹5,000~₹61 लाख35 वर्ष25 वर्ष₹95 लाख - ₹1 करोड़₹7,500 - ₹8,200~₹58 लाख25 वर्ष की उम्र में शुरुआत: अगर आप 25 साल की उम्र में शुरू करते हैं, तो कंपाउंडिंग के 35 वर्षों के प्रभाव के चलते मात्र ₹2,800 से ₹3,000 प्रति माह बचाकर ₹20,000 से अधिक की आजीवन पेंशन और 60 लाख से ज्यादा का लम्पसम फंड तैयार कर सकते हैं।35 वर्ष की उम्र में शुरुआत: यदि आप 10 साल की देरी करते हैं, तो समय घटकर 25 वर्ष रह जाता है और वही कॉपर्स हासिल करने के लिए आपको मासिक निवेश बढ़ाकर लगभग ₹8,000 प्रति माह करना पड़ेगा।NPS के दोहरे फायदे: टैक्स बचत और 60% टैक्स-फ्री फंडअतिरिक्त ₹50,000 की टैक्स छूट: इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C (₹1.5 लाख) के अतिरिक्त, धारा 80CCD(1B) के तहत NPS में सालाना ₹50,000 तक के निवेश पर अलग से कर छूट मिलती है।60% कॉर्पस टैक्स-फ्री: 60 वर्ष की आयु पर मैच्योरिटी फंड का 60% हिस्सा पूरी तरह टैक्स-फ्री विड्रॉल के लिए उपलब्ध होता है, जिससे आप घर, बच्चों के भविष्य या मेडिकल इमरजेंसी के लिए बड़ी पूंजी प्राप्त कर सकते हैं।
शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और बैंकों की बदलती ब्याज दरों के बीच अगर आप बिना किसी जोखिम के हर महीने एक बंधी-बंधाई फिक्स्ड इनकम (Monthly Pension/Income) चाहते हैं, तो डाकघर की पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक बेहतरीन विकल्प है। भारत सरकार द्वारा पूरी तरह गारंटीड (Sovereign Guarantee) होने के कारण इसमें जमा आपका एक-एक पैसा शत-प्रतिशत सुरक्षित रहता है।वरिष्ठ नागरिकों, गृहिणियों और रिटायरमेंट के बाद नियमित खर्च की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह स्कीम सबसे लोकप्रिय बचत साधनों में गिनी जाती है। केंद्र सरकार की इस योजना में वर्तमान में 7.40% वार्षिक ब्याज मिल रहा है। खास बात यह है कि इस ब्याज का भुगतान हर महीने सीधे आपके बचत खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है।₹2,467 की मासिक आय के लिए कितना करना होगा निवेश? समझिए सटीक गणितपोस्ट ऑफिस एमआईएस में ब्याज की गणना सालाना आधार पर होती है, लेकिन इसका वितरण हर महीने 12 समान किस्तों में किया जाता है:$$ ext{मासिक ब्याज} = frac{ ext{मूलधन (Principal)} imes ext{वार्षिक ब्याज दर (\%)}}{12}$$एकमुश्त जमा राशि (Lump Sum Deposit): ₹4,00,000 (4 लाख रुपये)मौजूदा वार्षिक ब्याज दर: 7.40%सालाना कुल ब्याज: ₹4,00,000 का 7.40% = ₹29,600हर महीने मिलने वाली फिक्स्ड इनकम: $frac{29,600}{12} =$ ₹2,466.66 (लगभग ₹2,467)5 साल (60 महीने) में कुल कमाई: ₹2,466.66 60 = ₹1,48,000मैच्योरिटी पर वापसी: 5 साल का कार्यकाल पूरा होते ही आपका पूरा मूलधन ₹4,00,000 सुरक्षित वापस मिल जाएगा।सिंगल और जॉइंट अकाउंट की सीमाएं और अधिकतम कमाईडाकघर की इस स्कीम में अलग-अलग वित्तीय जरूरतों के हिसाब से निवेश की अधिकतम सीमाएं तय की गई हैं:खाता प्रकारअधिकतम जमा सीमामासिक गारंटीड आय (@ 7.4%)5 साल में कुल ब्याज₹4 लाख का निवेश₹4,00,000₹2,467₹1,48,000सिंगल अकाउंट (अधिकतम)₹9,00,000₹5,550₹3,33,000जॉइंट अकाउंट (अधिकतम)₹15,00,000₹9,250₹5,55,000यदि पति-पत्नी मिलकर अधिकतम ₹15 लाख का जॉइंट अकाउंट खोलते हैं, तो उन्हें बिना किसी जोखिम के अगले 5 साल तक हर महीने ₹9,250 की निश्चित आमदनी मिलती रहेगी।स्कीम की प्रमुख शर्तें, नियम और प्री-मैच्योरिटी क्लॉजकार्यकाल (Tenure): यह खाता 5 साल (60 महीने) के लिए लॉक-इन होता है।न्यूनतम निवेश: खाता मात्र ₹1,000 से शुरू किया जा सकता है और इसके बाद ₹1,000 के गुणकों में जमा किया जा सकता है।प्री-मैच्योर क्लोजर (समय से पहले निकासी):खाते के 1 साल पूरे होने से पहले पैसा निकालना प्रतिबंधित है।1 साल से 3 साल के बीच निकासी करने पर मूलधन से 2% की कटौती की जाती है।3 साल से 5 साल के बीच खाता बंद करने पर मूलधन से 1% की कटौती होती है।टैक्स नियम: POMIS में अर्जित ब्याज पर कोई टीडीएस (TDS) नहीं काटा जाता, लेकिन यह ब्याज आपकी कुल वार्षिक आय में जुड़ता है और आपके संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार कर योग्य होता है।
पश्चिम एशिया संकट: कच्चा तेल बिगाड़ सकता है महंगाई का खेल, क्या है सरकार का प्लान?
पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें 102 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है।
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन और महंगाई को मात देने का सबसे अनुशासित वित्तीय जरिया है। यदि आप अनुशासित तरीके से हर महीने ₹20,000 का निवेश 10 साल (120 महीने) के लिए जारी रखते हैं, तो कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) का असर आपके छोटे-छोटे निवेश को एक विशाल फंड में तब्दील कर देता है।इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में ऐतिहासिक रूप से 10 से 15 साल की अवधि में 12% से 15% का औसत वार्षिक रिटर्न देखा गया है। 10 वर्षों के दौरान आपकी जेब से कुल जमा मूलधन ₹24,00,000 (24 लाख रुपये) होगा, लेकिन मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम इससे कहीं ज्यादा होगी।अलग-अलग रिटर्न दरों पर 10 साल का सटीक कैलकुलेशनएसआईपी में मिलने वाला रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। नीचे विभिन्न रिटर्न परिदृश्यों (Scenarios) का तुलनात्मक ब्योरा दिया गया है:औसत वार्षिक रिटर्न (%)आपकी कुल जमा राशि (Invested)अनुमानित मुनाफा (Wealth Gain)10 साल बाद कुल कॉर्पस (Total Value)10% (कंजर्वेटिव - हाइब्रिड फंड)₹24,00,000₹17,30,865₹41,30,865 (~₹41.3 लाख)12% (मॉडरेट - लार्ज/फ्लेक्सी कैप फंड)₹24,00,000₹22,46,782₹46,46,782 (~₹46.5 लाख)15% (एग्रेसिव - मिड/स्मॉल कैप फंड)₹24,00,000₹31,73,149₹55,73,149 (~₹55.7 लाख)12% रिटर्न पर: आपका पैसा लगभग दोगुना होकर ₹46.5 लाख के करीब पहुंच जाता है, जिसमें ₹22.46 लाख सिर्फ रिटर्न के रूप में जुड़ते हैं।15% रिटर्न पर: आपका कुल फंड ₹55.7 लाख से अधिक हो जाता है, जहां मिलने वाला ब्याज आपके मूल निवेश से भी अधिक (132% शुद्ध लाभ) होता है।स्टेप-अप SIP का जादू: फंड को 70 लाख के पार ले जाने का फॉर्मूलायदि आप हर साल अपनी सैलरी या आय में बढ़ोतरी के साथ एसआईपी राशि में केवल 10% का वार्षिक इजाफा (Step-up SIP) कर देते हैं:10 वर्षों में आपका कुल निवेश बढ़कर लगभग ₹38.25 लाख होगा।12% के औसत रिटर्न पर आपका कुल मैच्योरिटी फंड बढ़कर लगभग ₹71.2 लाख हो जाएगा।15% रिटर्न पर यही फंड ₹84.6 लाख के आंकड़े को पार कर सकता है।टैक्स का गणित: नए LTCG नियमों को भी समझेंम्यूचुअल फंड रिडेम्पशन के समय होने वाले मुनाफे पर टैक्स का प्रावधान लागू होता है:बजट नियमों के अनुसार, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर एक वित्तीय वर्ष में ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है।₹1.25 लाख से अधिक के शुद्ध मुनाफे पर 12.5% की दर से LTCG टैक्स देय होता है।एसआईपी को बीच में रोकने या बाजार की गिरावट में घबराकर निकालने के बजाय 10 साल तक निरंतर चालू रखना ही कंपाउंडिंग का असली फायदा दिलाता है।
देश के ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी और रबी फसलों की बुआई की तैयारी के बीच देशभर के 9 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों की नजरें केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 24वीं किस्त पर टिकी हुई हैं। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित देश के सभी राज्यों के किसान यह जानने को उत्सुक हैं कि उनके बैंक खातों में ₹2,000 की अगली सम्मान राशि कब ट्रांसफर की जाएगी।केंद्र सरकार द्वारा 23वीं किस्त का सफल हस्तांतरण 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 9.44 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में किया गया था, जिसके तहत ₹18,880 करोड़ से अधिक की धनराशि जारी की गई थी। पीएम किसान योजना के तय कैलेंडर के मुताबिक, वित्तीय वर्ष की दूसरी चार-मासिक किस्त (अगस्त से नवंबर अवधि) का भुगतान आमतौर पर अक्टूबर महीने में त्योहारी सीजन के आसपास किया जाता है। कृषि मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सरकार अक्टूबर के पहले या दूसरे पखवाड़े में दीपावली और रबी सीजन से ठीक पहले 24वीं किस्त जारी करने की तैयारी में है।24वीं किस्त का लाभ पाने के लिए तुरंत पूरे करें ये 3 अनिवार्य कामहर किस्त के समय लाखों ऐसे किसान होते हैं जिनका नाम पात्रता सूची में होने के बावजूद खाते में ₹2,000 की राशि नहीं पहुंच पाती। इसकी मुख्य वजह तकनीकी और दस्तावेजी कमियां होती हैं। यदि आप चाहते हैं कि 24वीं किस्त बिना किसी रुकावट के आपके खाते में क्रेडिट हो, तो इन तीन प्रक्रियाओं को फौरन पूरा कर लें:1. आधार ई-केवाईसी (e-KYC) का नवीनीकरण व सत्यापन:पीएम किसान पोर्टल पर प्रत्येक लाभार्थी के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। यदि आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो आप इसे पीएम किसान पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर जाकर आधार ओटीपी के जरिए मुफ्त में कर सकते हैं। इसके अलावा, पीएम किसान मोबाइल ऐप पर 'फेस ऑथेंटिकेशन' (चेहरा स्कैन) फीचर या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट देकर भी ई-केवाईसी पूरी कराई जा सकती है।2. बैंक खाते की NPCI मैपिंग और DBT सक्रियता:सरकार अब किसी भी खाते में सीधे आईएफएससी कोड से पैसा नहीं भेजती, बल्कि यह ट्रांसफर आधार-बेस्ड पेमेंट ब्रिज सिस्टम (APBS) से होता है। इसके लिए आपके बैंक खाते का आधार से लिंक होना और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) सर्वर पर डीबीटी (DBT) के लिए सक्रिय होना अनिवार्य है। अपनी बैंक शाखा में जाकर 'Aadhaar NPCI Seeding Form' भरें और सुनिश्चित करें कि आपका खाता डीबीटी-इनेबल्ड है।3. लैंड रिकॉर्ड्स (भू-सत्यापन) का ऑनलाइन स्टेटस:योजना में फर्जीवाड़े और अपात्र लोगों को बाहर करने के लिए राज्य सरकारों द्वारा राजस्व अभिलेखों का डिजिटल सत्यापन (Land Seeding) किया जा रहा है। पोर्टल पर आपके स्टेटस में 'Land Seeding' के आगे 'YES' लिखा होना चाहिए। यदि वहां 'NO' आ रहा है, तो तुरंत अपने ब्लॉक के कृषि समन्वयक या तहसील के लेखपाल/पटवारी से मिलकर अपनी खतौनी और जमीन के दस्तावेज सत्यापित करवाएं।घर बैठे मोबाइल से ऐसे चेक करें पीएम किसान 24वीं किस्त का स्टेटसकिसानों को अपने आवेदन या भुगतान की स्थिति जानने के लिए किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। आप केवल दो मिनट में अपने मोबाइल से स्टेटस चेक कर सकते हैं:सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in खोलें।होमपेज पर दाईं ओर 'Farmers Corner' सेक्शन में जाएं और 'Know Your Status' विकल्प पर क्लिक करें।अपना पीएम किसान रजिस्ट्रेशन नंबर और स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा कोड दर्ज करें।यदि आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है, तो ऊपर दिए गए 'Know Your Registration Number' लिंक पर क्लिक करके आधार या मोबाइल नंबर से इसे प्राप्त कर सकते हैं।आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा, उसे दर्ज करते ही आपकी स्क्रीन पर व्यक्तिगत विवरण, पात्रता स्थिति (eKYC, Land Seeding, Aadhaar Bank Account Seeding Status) और पिछली सभी किस्तों का ब्योरा सामने आ जाएगा।गांव की नई लाभार्थी सूची (Beneficiary List) में नाम कैसे देखें?यदि आप यह जानना चाहते हैं कि आपके गांव या पंचायत में किन-किन किसानों को 24वीं किस्त के ₹2,000 मिलेंगे, तो पोर्टल पर नई ग्रामवार सूची उपलब्ध है:पोर्टल के 'Farmers Corner' में जाकर 'Beneficiary List' पर क्लिक करें।ड्रॉपडाउन मेन्यू से अपना राज्य, जिला, उप-जिला (तहसील), ब्लॉक और गांव चुनें।इसके बाद 'Get Report' बटन दबाएं।आपके गांव के सभी पात्र किसानों की वर्णमाला क्रम में पूरी सूची खुलकर सामने आ जाएगी। यदि इस सूची में आपका नाम मौजूद है और आपके सभी तीन सत्यापन पूरे हैं, तो 24वीं किस्त की राशि सीधे आपके खाते में बिना किसी देरी के जमा हो जाएगी।सहायता और शिकायत के लिए आधिकारिक हेल्पलाइनयदि ई-केवाईसी पूरी होने और बैंक खाता सही होने के बाद भी पिछली किस्त नहीं मिली है या स्टेटस में कोई त्रुटि दिख रही है, तो लाभार्थी किसान भारत सरकार के आधिकारिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155261 या 011-24300606 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पीएम किसान पोर्टल पर 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध एआई चैटबॉट 'किसान ई-मित्र' (Kisan e-Mitra) के माध्यम से भी सीधे संवाद कर समस्या का समाधान पाया जा सकता है।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष के काफिले पर 'आप' कार्यकर्ताओं द्वारा हमले का आरोप। काले झंडे दिखाने और नारेबाजी के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव गहराया।
नगरीय निकाय चुनाव : द्वितीय चरण के लिए मतदान शुक्रवार को
अजमेर। नगरीय निकाय आम चुनाव- 2026 के अन्तर्गत द्वितीय चरण के लिए मतदान शुक्रवार 11 सितम्बर को होगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान द्वारा निर्धारित कार्यक्रमानुसार जिले के नगर निकाय आम चुनाव-2026 के तहत द्वितीय चरण में 11 सितम्बर को अजमेर नगर निगम के 80, किशनगढ़ […] The post नगरीय निकाय चुनाव : द्वितीय चरण के लिए मतदान शुक्रवार को appeared first on Sabguru News .
सुपरमार्केट के शेल्फ पर सजे रंग-बिरंगे चिप्स, बिस्किट, भुजिया, पैकेज्ड जूस और इंस्टेंट नूडल्स के पैकेट अब सिर्फ लुभावने विज्ञापनों और 'हेल्दी' दावों के दम पर ग्राहकों को नहीं लुभा सकेंगे। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश के खाद्य सुरक्षा इतिहास में सबसे बड़ा और कड़ा कदम उठाते हुए पैकेज्ड फूड के लिए फ्रंट-ऑफ-पैक वॉर्निंग लेबल (Front-of-Pack Warning Label) का औपचारिक प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रख दिया है। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार और जस्टिस जे.बी. पारदीवाला की अगुवाई वाली पीठ के कड़े रुख के बाद नियामक ने यह स्पष्ट किया है कि जिन भी खाद्य उत्पादों में चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट तय सीमा से अधिक होगा, उनके पैकेट के सामने के हिस्से पर लाल रंग का बड़ा स्टॉप-साइन जैसा खतरे का निशान (Red Hexagonal Warning) लगाना अनिवार्य किया जाएगा। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना, जयपुर समेत देश के तमाम शहरों में खराब खान-पान की आदतों से बढ़ रही लाइफस्टाइल बीमारियों के बीच यह बदलाव जनस्वास्थ्य के लिहाज से मील का पत्थर साबित हो सकता है।कैसा होगा नया रेड वॉर्निंग लेबल और पैकेट पर क्या लिखा दिखेगा?नियामक द्वारा शीर्ष अदालत में दाखिल किए गए छह पन्नों के अनुपालन हलफनामे के मुताबिक, अब पैकेट के पीछे बारीक अक्षरों में न्यूट्रिशनल चार्ट ढूंढने की जरूरत खत्म हो जाएगी। नया वॉर्निंग लेबल ट्रैफिक के 'STOP' संकेत की तरह छह कोनों वाला लाल हेक्सागोन होगा। इस लाल निशान के भीतर स्पष्ट और बड़े अक्षरों में यह घोषित किया जाएगा कि उत्पाद में कौन सा तत्व स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। खाद्य सामग्री के अनुसार उस पर 'HIGH SUGAR' (अत्यधिक चीनी), 'HIGH SALT' (अत्यधिक नमक), 'HIGH FAT' (अत्यधिक फैट) या 'HIGHLY SWEETENED BEVERAGE' (अत्यधिक मीठा पेय) लिखना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, यह चेतावनी पैकेट के पीछे छपने वाले न्यूट्रिशन टेबल के फॉन्ट साइज से कम से कम एक पॉइंट बड़े फॉन्ट में दर्ज होगी, ताकि किसी भी उम्र का व्यक्ति बिना चश्मा लगाए या बिना उलझे इसे तुरंत पहचान सके।सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद जागी व्यवस्था: बच्चों में मोटापा और डायबिटीज पर चिंतायह ऐतिहासिक पहल तब संभव हुई जब '3S एंड अवर हेल्थ सोसाइटी' नामक गैर-सरकारी संगठन द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नियामक संस्था की ढिलाई पर भारी नाराजगी जाहिर की थी। शीर्ष अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा था कि क्या सरकार और नियामक यह चाहते हैं कि देश के नागरिक और बढ़ते बच्चे अस्वस्थ खान-पान के शिकार होते रहें? देश में बच्चों के भीतर तेजी से बढ़ रहा मोटापा (Childhood Obesity), कम उम्र में टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर की मुख्य वजह प्रोसेस्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में जरूरत से ज्यादा छिपी एडेड शुगर, सोडियम और पाम ऑयल जैसे सैचुरेटेड फैट हैं। चिप्स के एक छोटे पैकेट या कार्बोनेटेड ड्रिंक की एक बोतल में अक्सर पूरे दिन की सुझाई गई नमक या चीनी की सीमा से अधिक सामग्री मौजूद होती है, जिसकी जानकारी आम उपभोक्ता को नहीं मिल पाती थी।दो चरणों में लागू करने की योजना और 80% उपभोक्ताओं का सख्त रुखFSSAI ने सुप्रीम कोर्ट में यह प्रस्ताव रखा है कि इस नए नियम को दो चरणों में लागू किया जाए, ताकि फूड प्रोसेसिंग कंपनियों को अपने उत्पादों का फॉर्मूलेशन बदलने और नए पैकेजिंग डिजाइन तैयार करने का समय मिल सके। पहले चरण में यह लाल वॉर्निंग लेबल केवल उन्हीं प्रोडक्ट्स पर लगाने का प्रस्ताव है जिनमें चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट में से कम से कम दो या उससे अधिक तत्व तय सीमा से ऊपर पाए जाएंगे। वहीं दूसरे चरण में इसे उन उत्पादों पर भी लागू किया जाएगा जिनमें कोई एक पोषक तत्व भी तय सीमा से अधिक होगा। हालांकि, स्वतंत्र कंज्यूमर सर्वे प्लेटफॉर्म 'लोकल सर्कल्स' के एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण में करीब 80% भारतीय उपभोक्ताओं ने मांग की है कि यह चेतावनी पहले दिन से ही लागू होनी चाहिए, भले ही उत्पाद में केवल एक ही हानिकारक तत्व तय सीमा पार कर रहा हो। उपभोक्ताओं का तर्क है कि बिस्किट और मीठे पेय पदार्थों में मुख्य रूप से सिर्फ चीनी अधिक होती है, ऐसे में दो तत्वों की अनिवार्यता से कई अस्वास्थ्यकर चीजें पहले चरण में चेतावनी के दायरे से बाहर रह जाएंगी।किन खाद्य पदार्थों को मिलेगी छूट और रोजमर्रा की थाली पर क्या होगा असर?इस नए नियम के तहत कुछ बुनियादी पारंपरिक सामग्रियों को फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग से बाहर रखने का प्रस्ताव किया गया है। हलफनामे के अनुसार, सिंगल इंग्रीडिएंट (एकल घटक वाले उत्पाद) जैसे शुद्ध देसी घी, सरसों या तिल का खाने का तेल, पिसा हुआ सादा नमक, चीनी, गुड़ और प्राकृतिक शहद को इस लाल हेक्सागोनल वॉर्निंग से छूट दी जाएगी, क्योंकि ये बुनियादी कच्ची सामग्रियां हैं और इनमें कोई अतिरिक्त फ्लेवर या कृत्रिम प्रोसेसिंग नहीं होती। यह नियम पूरी तरह से उन प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड आइटम्स पर लागू होगा जो कारखानों में तैयार होकर तुरंत खाने या पीने के लिए बेचे जाते हैं। इसका सीधा असर बड़ी एफएमसीजी कंपनियों (FMCG Brands) पर पड़ेगा, जिन्हें अब अपने चिप्स, रेडी-टू-ईट नमकीन, चॉकलेट, बेकरी प्रोडक्ट्स और पैकेज्ड ड्रिंक्स में सोडियम और शुगर का स्तर घटाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, अन्यथा पैकेट पर छपा बड़ा लाल निशान उनकी बिक्री को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है।
MCD बिल्डिंग डिपार्टमेंट के 3 इंजीनियर सस्पेंड, अवैध निर्माण पर एक्शन
एमसीडी ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने के आरोप में अपने बिल्डिंग डिपार्टमेंट के तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. सस्पेंड किए गए अधिकारियों में एक असिस्टेंट इंजीनियर (एई) और दो जूनियर इंजीनियर (जेई) शामिल हैं.
ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में वर्षों से जिस गैजेट का सबसे बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था, वह ऐतिहासिक क्षण आखिरकार सामने आ गया है। क्यूपर्टिनो स्थित दिग्गज तकनीकी कंपनी Apple ने फोल्डेबल स्मार्टफोन के बाजार में अपनी बहुप्रतीक्षित एंट्री दर्ज कराते हुए दुनिया का पहला Foldable iPhone आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया है। अब तक प्रीमियम फोल्डेबल सेगमेंट पर दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग और चीनी ब्रांड्स का एकछत्र राज माना जाता था, लेकिन एप्पल के इस कदम ने प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में एक बिल्कुल नई प्रतिस्पर्धा की शुरुआत कर दी है। भारतीय बाजार में भी दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों से लेकर टियर-2 शहरों तक एप्पल प्रेमियों और प्रीमियम टेक यूजर्स के बीच इस मुड़ने वाले आईफोन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।सेल्फ हीलिंग और क्रीज फ्री डिस्प्ले: क्यों सबसे अलग है एप्पल का फोल्डेबल आईफोन?एप्पल हमेशा से ही किसी भी नई तकनीक को बाजार में तब उतारने के लिए जाना जाता है जब वह पूरी तरह परिपक्व और खामियों से मुक्त हो जाए। अन्य कंपनियों के फोल्डेबल स्क्रीन्स में सबसे बड़ी समस्या स्क्रीन के बीच में दिखने वाली क्रीज (Crease) और डिस्प्ले की नाजुकता रही है। एप्पल ने अपने पहले फोल्डेबल आईफोन में एक पेटेंटेड लिक्विड मेटल और टाइटेनियम अलॉय हिंज मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया है, जो फोन को खोलने पर स्क्रीन पर आने वाली क्रीज को लगभग शून्य (Zero Visible Crease) कर देता है। इसके साथ ही कंपनी ने इसमें अत्याधुनिक 'अल्ट्रा थिन ग्लास' (UTG) के साथ एक खास सेल्फ-हीलिंग पॉलीमर लेयर जोड़ी है, जो स्क्रीन पर पड़ने वाले छोटे-मोटे स्क्रैच और दबाव के निशानों को सामान्य तापमान पर खुद ही ठीक करने की क्षमता रखती है। अनफोल्ड होने पर यह लगभग 7.9 से 8.1 इंच के शानदार सुपर रेटिना XDR OLED डिस्प्ले में तब्दील हो जाता है, जिससे यह एक मिनी आईपैड की तरह काम करता है, जबकि बाहर की तरफ 6.3 इंच का प्रोमोशन कवर डिस्प्ले दिया गया है।Apple A20 Pro बायोनिक चिपसेट और खास फोल्डेबल iOS का जबरदस्त तालमेलइस फोल्डेबल डिवाइस की असली ताकत इसका हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन है। कंपनी ने इसे अपने सबसे शक्तिशाली 2-नैनोमीटर आर्किटेक्चर पर आधारित Apple A20 Pro Bionic चिपसेट से लैस किया है, जो न्यूरल इंजन और ऑन-डिवाइस 'Apple Intelligence' (एआई) फीचर्स को बिजली जैसी तेज रफ्तार से प्रोसेस करता है। इसके साथ ही एप्पल ने फोल्डेबल स्क्रीन के लिए खास तौर पर कस्टमाइज्ड ऑपरेटिंग सिस्टम 'iOS Fold' तैयार किया है। इसमें यूजर एक साथ तीन अलग-अलग एप्लिकेशन्स को बिना किसी लैग के स्प्लिट-स्क्रीन मोड में चला सकते हैं। जब यूजर फोन को आधा मोड़कर टेबल पर रखते हैं, तो कैमरा, वीडियो कॉलिंग और मीडिया ऐप्स अपने आप फ्लेक्स मोड में शिफ्ट हो जाते हैं, जहां निचला हिस्सा कंट्रोल पैनल और ऊपरी हिस्सा व्यूफाइंडर बन जाता है।सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड से सीधा मुकाबला: कौन किस पर भारी?फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार का बेताज बादशाह रहे Samsung के Galaxy Z Fold सीरीज को एप्पल के इस नए डिवाइस से सबसे कड़ी चुनौती मिल रही है। सैमसंग अपने फोल्ड में इनर डिस्प्ले पर एस-पेन (S-Pen) स्टाइलस सपोर्ट और डस्ट व वॉटर रेजिस्टेंस (IP48 रेटिंग) की परिपक्व तकनीक पेश करता है। सैमसंग का मल्टी-विंडो मल्टीटास्किंग इकोसिस्टम एंड्रॉयड में बेहद मजबूत है। हालांकि, एप्पल के फोल्डेबल आईफोन की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी क्रीज-रहित फ्लैट स्क्रीन और उसका पतला डिजाइन बताया जा रहा है। जहां सैमसंग फोल्ड थोड़ा भारी महसूस होता है, वहीं एप्पल ने टाइटेनियम चेसिस के जरिए इसके वजन को काफी संतुलित रखा है। फिर भी, सैमसंग की वर्षों पुरानी फोल्डेबल मैन्युफैक्चरिंग एक्सपर्टीज और फ्लेक्स-हिंज ड्यूरेबिलिटी को सीधे तौर पर पछाड़ना एप्पल के लिए आसान नहीं होगा।गूगल पिक्सल फोल्ड और वनप्लस ओपन भी रेस में: जानिए इनके खास फीचर्सगूगल का Pixel Fold और हालिया Pixel Pro Fold अपनी शानदार कैमरा कम्प्यूटेशनल फोटोग्राफी और शुद्ध स्टॉक एंड्रॉयड एआई फीचर्स के लिए जाने जाते हैं। गूगल का आस्पेक्ट रेशियो काफी चौड़ा है, जिससे फोन बंद होने पर भी एक सामान्य स्मार्टफोन की तरह हाथ में कंफर्टेबल लगता है। वहीं दूसरी ओर, OnePlus Open ने अपने बेहद पतले प्रोफाइल, 67W की सुपरफास्ट चार्जिंग, और बेहद किफायती कीमत के साथ प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत पकड़ बना रखी है। वनप्लस का 'ओपन कैनवस' मल्टीटास्किंग फीचर एंड्रॉयड में अब तक का सबसे सहज अनुभव देता है। ऐसे में एप्पल के सामने चुनौती यह है कि वह केवल ब्रांड वैल्यू पर निर्भर न रहे, बल्कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी इन परिपक्व फोल्डेबल्स से बेहतर सॉफ्टवेयर स्थिरता और बैटरी बैकअप दे।भारतीय बाजार में फोल्डेबल आईफोन की संभावित कीमत और उपलब्धताभारत दुनिया में प्रीमियम स्मार्टफोन्स के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बन चुका है। मुंबई के बीकेसी (BKC) और दिल्ली के साकेत स्थित एप्पल के फ्लैगशिप रीटेल स्टोर्स के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी इस फोन को लेकर भारी उत्सुकता है। तकनीकी विश्लेषकों का अनुमान है कि अत्याधुनिक टाइटेनियम बॉडी, लिक्विड मेटल हिंज और कटिंग-एज डिस्प्ले के चलते भारत में इस फोल्डेबल आईफोन के बेस वेरिएंट (256GB स्टोरेज) की शुरुआती कीमत ₹1,79,900 से ₹1,99,900 के आसपास हो सकती है। वहीं इसके 1TB वाले टॉप-एंड प्रो वेरिएंट की कीमत सवा दो लाख रुपये के पार जा सकती है। एप्पल अपने प्रमुख वित्तीय पार्टनर्स जैसे HDFC और ICICI बैंक के जरिए नो-कॉस्ट ईएमआई और भारी ट्रेड-इन एक्सचेंज बोनस की पेशकश कर सकता है, ताकि भारतीय प्रीमियम खरीदारों को आसानी से आकर्षित किया जा सके।फोल्डेबल आईफोन बनाम प्रतिद्वंदी: फीचर्स का त्वरित विश्लेषणतकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार एप्पल के इस फोन में ट्रिपल 48-मेगापिक्सल फ्यूजन रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 5x ऑप्टिकल टेट्राप्रिज्म जूम शामिल है। बैटरी के मामले में कंपनी ने डुअल-सेल सिलिकॉन-कार्बन बैटरी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया है, जो फोन को पतला रखते हुए भी पूरे दिन का बैकअप देने में सक्षम है। कुल मिलाकर, एप्पल का यह नया फोल्डेबल फोन केवल एक तकनीकी प्रयोग नहीं है, बल्कि यह भविष्य के स्मार्टफोन डिजाइन की नई दिशा तय करने वाला डिवाइस साबित होने जा रहा है।
मिशन मुस्कान ने बांटी खुशियां, 50 विद्यार्थियों को मिली नई गणवेश
उदयपुर। शिक्षा के साथ जरूरतमंद विद्यार्थियों के चेहरे पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से लायंस क्लब अजमेर आस्था की ओर से चलाया जा रहा ‘मिशन मुस्कान’ सेवा अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। लायंस क्लब्स इंटरनेशनल 3233 ई-2 के प्रांतपाल लायन निशांत जैन के प्रांतीय स्लोगन ‘फ्लाइट ऑफ ड्रीम’ के तहत आयोजित सेवा गतिविधियों की […] The post मिशन मुस्कान ने बांटी खुशियां, 50 विद्यार्थियों को मिली नई गणवेश appeared first on Sabguru News .
बिग बॉस 20 में दिखाई दिए सिद्धार्थ शुक्ला, छलके कंटेस्टेंट्स के आंसू
JioHotstar ने Bigg Boss 20 का एक इमोशनल प्रोमो जारी किया है, जो फैन्स को याद दिलाता है कि यह शो भारत का सबसे बड़ा रियलिटी टीवी शो क्यों बना हुआ है.
अधिकांश कामकाजी लोग अपनी सक्रिय नौकरी के दौरान बचत और निवेश तो करते हैं, लेकिन रिटायरमेंट के बाद की वास्तविक वित्तीय जरूरतों का सही अनुमान नहीं लगा पाते। व्यक्तिगत वित्त (Personal Finance) में 70 का फॉर्मूला दो अलग-अलग मगर परस्पर जुड़े बुनियादी नियमों का प्रतिनिधित्व करता है:'Rule of 70' (महंगाई और क्रय शक्ति का नियम): यह बताता है कि मौजूदा महंगाई दर (Inflation Rate) पर आपके पैसों की क्रय शक्ति कितने वर्षों में आधी (Half) रह जाएगी।70% इनकम रिप्लेसमेंट रेश्यो (70% Replacement Ratio): वित्तीय सिद्धांतकारों के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद सक्रिय जीवनशैली बनाए रखने के लिए व्यक्ति को अपनी रिटायरमेंट-पूर्व अंतिम इन-हैंड सैलरी के कम से कम 70% मासिक बजट की आवश्यकता होती है।इन दोनों नियमों को एक साथ समझे बिना किया गया कोई भी रिटायरमेंट निवेश भविष्य में गंभीर फंड की कमी का कारण बन सकता है।1. 'रूल ऑफ 70': कैसे आधी हो जाएगी आपके पैसे की कीमत?कंपाउंड इंटरेस्ट में 'रूल ऑफ 72' पैसे दोगुने होने का समय बताता है, वहीं मैक्रोइकोनॉमिक्स में 'रूल ऑफ 70' का उपयोग महंगाई के असर को मापने के लिए किया जाता है:$$ ext{पैसों की वैल्यू आधी होने का समय (वर्ष)} = frac{70}{ ext{वार्षिक औसत महंगाई दर (\%)}}$$6% की औसत महंगाई पर: $frac{70}{6} approx 11.6$ वर्ष। यानी आज जो सामान ₹1,00,000 में आ रहा है, 11-12 साल बाद उसके लिए ₹2,00,000 की जरूरत होगी।7% की औसत महंगाई पर: $frac{70}{7} = 10$ वर्ष। मात्र 10 वर्षों में आपकी वर्तमान क्रय शक्ति घटकर आधी रह जाएगी।यदि कोई व्यक्ति 35 वर्ष की आयु में 60 वर्ष पर रिटायर होने की योजना बना रहा है, तो 25 वर्षों के अंतराल में उसके खर्चों का मूल्य 2.5 गुना से अधिक बढ़ चुका होगा। इसे नजरअंदाज करने वाले अक्सर रिटायरमेंट के 5-10 साल बाद वित्तीय संकट में घिर जाते हैं।2. 70% रिप्लेसमेंट रेश्यो का सटीक कैलकुलेशनकई लोगों को लगता है कि रिटायरमेंट के बाद ऑफिस आने-जाने का खर्च, ईएमआई और बच्चों की शिक्षा का खर्च खत्म होने से केवल 30-40% पैसों में काम चल जाएगा। वास्तविकता इसके उलट होती है:स्वास्थ्य और चिकित्सा खर्च (Healthcare Inflation): बुजुर्गियत में नियमित दवाओं, हेल्थ चेकअप और आपातकालीन हॉस्पिटलाइजेशन का खर्च सामान्य मुद्रास्फीति से लगभग दोगुना (10-12%) बढ़ता है।लाइफस्टाइल और सोशल कमिटमेंट्स: खाली समय मिलने पर यात्राएं, सामाजिक मेलजोल और घरेलू रख-रखाव का खर्च बढ़ता है।इसलिए, यदि आपकी 58-60 वर्ष की आयु में अंतिम मासिक टेक-होम इनकम ₹1,00,000 है, तो पहले साल की पेंशन/कैशफ्लो कम से कम ₹70,000 प्रति माह होनी चाहिए, और इसमें हर साल 6% की वार्षिक वृद्धि भी होनी चाहिए।रिटायरमेंट कॉर्पस का वास्तविक अनुमानएक 30-35 वर्ष के कामकाजी व्यक्ति के लिए 60 की उम्र में ₹70,000 प्रति माह (वर्तमान मूल्य के बराबर) का कैशफ्लो सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कॉर्पस का गणित इस प्रकार समझा जा सकता है:वर्तमान मासिक खर्च: ₹50,00025 वर्ष बाद आवश्यक मासिक खर्च (6% महंगाई पर): लगभग ₹2,15,000 प्रति माह70% फॉर्मूले के तहत जरूरी शुरुआती पोस्ट-रिटायरमेंट पेंशन: ₹1,50,000 प्रति माह25-30 वर्षों के सुरक्षित जीवन के लिए कुल कॉर्पस: लगभग ₹4.5 करोड़ से ₹5.5 करोड़
राशन की नाव देखते ही उमड़ी भीड़, दिखी लोगों की परेशानी
बिहार के दानापुर दियारा की मानस पंचायत में राहत राशन लेकर पहुंची सरकारी नाव के पास बाढ़ पीड़ितों की भीड़ जुट गई. लोग पानी में उतरकर राशन के पैकेट लेने लगे, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ने लगा. SDM के मुताबिक, कर्मचारियों ने सुरक्षा को देखते हुए मौके पर ही राशन बांट दिया.
13 लाख की दो भैंस चोरी, 75 CCTV ने खोला राज, बिजनौर से संभल तक पहुंची पुलिस
बिजनौर में 13 लाख रुपये कीमत की दो भैंस चोरी होने के बाद पुलिस ने 75 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. कैमरों से मिले सुराग पुलिस को संभल तक ले गए, जहां से दोनों भैंसें जीवित बरामद कर ली गईं. पुलिस ने मामले में दो हिस्ट्रीशीटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. विवेचना के दौरान BNS की धारा 317(2) बढ़ाई गई.
फिल्म 'Special 26' की तर्ज पर फर्जी इनकम टैक्स का छापा, 10 गिरफ्तार
मुंबई में फिल्म ‘Special 26’ की तर्ज पर फर्जी इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच रेड करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. आरोपी कारोबारी के घर पहुंचे और उसे पत्नी समेत जबरन ऑफिस ले गए. वहां कर्मचारियों को बंधक बनाकर मोबाइल जब्त किए और 1 करोड़ रुपये मांगे. पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें इनकम टैक्स विभाग के एक निरीक्षक और कर सहायक भी शामिल हैं.
BRICS Summit के दौरान Delhi में नहीं होगी पूर्ण बंदी, VVIP रूटों पर बदलेगा ट्रैफिक
दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कोई पूर्ण बंदी नहीं होगी, लेकिन उन सड़कों पर कुछ वक्त के लिए यातायात को रोकने, मार्ग परिवर्तन और प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं जहां से अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) की गाड़ियों का काफिला गुजरेगा। दिल्ली यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि सुरक्षा आवश्यकताओं और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के आधार पर इन व्यवधानों की अवधि तय होगी। यातायात पुलिस ने 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले एक विस्तृत परामर्श जारी किया। अधिकारियों ने बताया कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही से जुड़े यातायात प्रतिबंध 10 सितंबर से लगभग 14 सितंबर तक लागू रहने की संभावना है। यातायात पुलिस ने कहा कि अधिसूचित नियंत्रित क्षेत्रों और वीआईपी आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे, लेकिन जहां भी सुरक्षा व्यवस्था अनुमति देगी, सामान्य यातायात जारी रहेगा। पुलिस ने कहा कि नियंत्रित क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षा व्यवस्था के अधीन आवाजाही की अनुमति होगी और उन्हें वैध पहचान पत्र तथा पते का प्रमाण साथ रखने एवं वहां तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कहा कि वीआईपी आवाजाही के दौरान यातायात रोकने की कोई निश्चित अवधि नहीं है। सुरक्षा आवश्यकताओं और मौके की स्थिति के आधार पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है या मार्ग बदला जा सकता है। शहर में बुधवार शाम को इस व्यवधान की एक झलक तब देखने को मिली जब गाड़ियों के काफिले की आवाजाही की ‘रिहर्सल’ के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। उनका दावा है कि चंद मिनटों में पूरे होने वाले रास्ते को तय करने में घंटों का वक्त लग रहा है। दिल्ली यातायात पुलिस ने वाहनों के काफिले की आवाजाही की रिहर्सल से पहले बुधवार को एक परामर्श जारी कर शहर की 35 से अधिक सड़कों पर मार्ग परिवर्तन और यातायात प्रतिबंधों की जानकारी दी। प्रभावित होने वाली प्रमुख सड़कों में मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं। इसका प्रभाव विशेष रूप से नोएडा और मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और मध्य क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ द्वारका और पश्चिम दिल्ली से धौला कुआं, हवाई अड्डे और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की उनके साकेत स्थित होटल और मध्य दिल्ली के बीच आवाजाही से दक्षिण दिल्ली के पहले से ही जाम लगने वाले हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर व्यस्त घंटों के दौरान। यातायात पुलिस ने पहले इस मुद्दे को उठाया था और प्रतिनिधिमंडल के ठहरने की जगह को मध्य दिल्ली में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था। अधिकारियों ने कहा कि शिखर सम्मेलन की व्यवस्थाओं के लिए लगभग 4,800 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यातायात व्यवधानों का आकलन करते समय शिखर सम्मेलन के पैमाने को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, क्योंकि भारत ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 भागीदार देशों के नेताओं के साथ-साथ अन्य आमंत्रित प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी कर रहा है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), सम्मिलित रक्षा सेवा (सीडीएस) और अन्य परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने परीक्षा केंद्रों और मार्गों की पहले से जांच कर लें, अपने प्रवेश पत्र तथा पहचान पत्र साथ रखें और पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें। किसी वास्तविक चिकित्सा आपात स्थिति में, यात्रियों को तुरंत नजदीकी यातायात कर्मियों को सूचित करना चाहिए। दिल्ली मेट्रो का परिचालन जारी रहेगा, हालांकि सुरक्षा कारणों से आवश्यकता पड़ने पर कुछ स्टेशनों या प्रवेश और निकास द्वारों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और शहर की बसें भी चलेंगी, लेकिन स्थिति के मद्देनजर इनके मार्गों में बदलाव किया जा सकता है या छोटा किया जा सकता है। अंतर-राज्यीय बसों के भी मार्गों, प्रवेश स्थलों या समापन स्थलों में अस्थायी बदलाव किया जा सकता है। ऑटो, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब सेवाएं चलती रहेंगी, लेकिन नियंत्रित या प्रतिबंधित क्षेत्रों में उनकी आवाजाही और उनके ‘पिक-अप’ तथा ‘ड्रॉप-ऑफ’ व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ‘डिलीवरी’ सेवाओं को भी नियंत्रित क्षेत्रों में इसी तरह के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने कहा कि दूध, दवाइयां और अन्य आपूर्तियों सहित आवश्यक सेवाओं की आवाजाही को लागू व्यवस्थाओं के अनुसार सुगम बनाया जाएगा। ट्रकों और भारी वाहनों को प्रवेश के समय और मार्गों पर विशेष प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। यातायात अधिकारियों ने ऑनलाइन मानचित्र सेवा प्रदाताओं के साथ बैठकें की गई हैं, जो शिखर सम्मेलन के दौरान उनके साथ समन्वय करेंगे और वास्तविक समय में अपने मंचों पर प्रतिबंधों, मार्ग परिवर्तनों और वैकल्पिक मार्गों को शामिल करेंगे। ऑनलाइन कैब सेवा प्रदाताओं के साथ भी बैठकें की गई हैं, जिन्हें वीवीआईपी आवाजाही के दौरान प्रतिबंधित या नियंत्रित क्षेत्रों में ‘पिक-अप’ और ‘ड्रॉप-ऑफ पॉइंट’ न रखने की सलाह दी गई है। प्रतिबंधित और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील सड़कों पर पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। वाहन चालकों को निर्दिष्ट पार्किंग क्षेत्रों का उपयोग की सलाह दी गई है। यातायात पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर दिल्ली बंद या पूर्ण सड़क बंद होने का दावा करने वाले असत्यापित संदेशों को प्रसारित करने के प्रति आगाह किया है और यात्रियों से केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने को कहा है।
BRICS Summit: मेहमानों की थाली में दिखेगा भारत का स्वाद
BRICS समिट 2026 के लिए दिल्ली के होटलों में विदेशी मेहमानों के लिए खास मेन्यू तैयार किया जा रहा है. इसमें किनुआ बिरयानी, मिलेट्स उपमा, सत्तू, जौ और ज्वार जैसे पारंपरिक भारतीय खाद्य शामिल होंगे. मेहमानों की पसंद, डाइट और एलर्जी का भी ध्यान रखा गया है. वीडियो में जानें कहां क्या तैयारी.
बारिश के बाद भारत की इन 7 जगहों की करें सैर, जन्नत जैसे दिखेंगे नजारे!
सितंबर में मानसून के बाद मौसम सुहावना हो जाता है और प्रकृति की खूबसूरती निखर उठती है. अगर आप वीकेंड ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो इन कुछ खास जगहों को आप बकेट लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. यात्रा से पहले मौसम की एडवाइजरी जांचकर अपनी ट्रिप को यादगार और सुरक्षित बनाएं.
अखिलेश यादव से मिली 'हनुमान अंश' की टीम, फोटोज आई सामने
बॉक्स ऑफिस पर इस समय हनुमान अंश गदर काट रही है. 35वें दिन भी इसकी कमाई जारी है. फिल्म 200 करोड़ रुपये के आंकड़ें के करीब पहुंच गई है. इस बीच हनुमान अंश की टीम ने अखिलेश यादव से मुलाकात की है.
BRICS: दिल्ली में पुतिन-जिनपिंग के लिए अभेद्य सुरक्षा इंतजाम, 4 लेयर का सिक्योरिटी प्रोटोकॉल
BRICS सम्मेलन से पहले दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुतिन के मौर्या होटल में चार लेयर का सुरक्षा घेरा रहेगा, जिसमें उनकी अपनी सुरक्षा टीम के साथ दिल्ली पुलिस, कमांडो और अर्धसैनिक बल तैनात होंगे. एयरपोर्ट से होटल और भारत मंडपम तक पूरे रूट पर हाई अलर्ट रहेगा.
CBI की क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट ने स्वीकारी, Nippon Denro को मिली राहत
राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को निप्पॉन डैनरो इस्पात लिमिटेड (एनडीआईएल) को कोयला ब्लॉक के आवंटन में कथित अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर ‘क्लोजर रिपोर्ट’ को स्वीकार कर लिया। अदालत ने कहा कि कंपनी या किसी भी लोक सेवक के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी या भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं मिला। विशेष सीबीआई न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार खार्टा कांग्रेस के दो नेताओं -संदीप दीक्षित और मणिकम टैगोर- द्वारा दायर विरोध याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे, जिन्होंने या तो आरोपियों को समन भेजने या इस मामले में आगे की जांच की मांग की थी। ये याचिकाएं सीबीआई की 23 दिसंबर, 2023 की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ दायर की गई थीं। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया था कि जांच के बाद, एनडीआईएल सहित किसी भी लोक सेवक या निजी संस्था द्वारा साजिश, धोखाधड़ी और आधिकारिक पदों के दुरुपयोग का कोई अपराध नहीं पाया गया। यह मामला 1993 और 1998 के बीच प्रस्तावित 1,000 मेगावाट की बिजली परियोजना के लिए एनडीआईएल को महाराष्ट्र में लोहारा, बरंज, बांदर और किल्होनी सहित विभिन्न कोयला ब्लॉक के आवंटन से संबंधित था। सीबीआई की जांच 2012 में छह सांसदों द्वारा केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में की गई एक शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी। न्यायाधीश ने बुधवार को पारित अपने आदेश में कहा, ‘‘इस अदालत को जांच एजेंसी, सीबीआई द्वारा निकाले गए निष्कर्ष से असहमत होने का कोई कारण नहीं दिखता है। प्रथम दृष्टया वर्तमान मामले में कोई अपराध नहीं किया गया है और प्रस्तावित आरोपियों के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री उपलब्ध नहीं है।’’उन्होंने आगे कहा, ‘‘तदनुसार, सीबीआई की ओर से दायर इस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाता है। विरोध याचिकाओं को खारिज किया जाता है।
पाकिस्तान के हुक्मरानों की नींद उड़ने वाली है। भारत के परमाणु हथियारों के जखीरे को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिका की गैर-लाभकारी संस्था Federation of American Scientists (FAS) के अनुमान के मुताबिक, भारत के पास करीब 190 परमाणु हथियार ...
बैंकिंग में नया बदलाव, ATM से मिलेगा जल्द डेबिट कार्ड
ATM से तुरंत RuPay डेबिट, क्रेडिट और NCMC कार्ड जारी करने वाली नई सुविधा पर काम चल रहा है. SBI समेत 9 बैंक NPCI और ATM निर्माताओं के साथ मिलकर इसका आकलन कर रहे हैं. सफल होने पर कार्ड मिलने का इंतजार कम हो सकता है और ATM पर कई बैंकिंग सेवाएं मिल सकती हैं.
1984 सिख विरोधी दंगों के दोषियों को BJP कभी माफ नहीं करेगी: Nitin Nabin
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि 1984 में हुए सिखों के नरसंहार को न कभी देश भूलेगा और न भाजपा दंगाइयों को माफ करेगी। उत्तराखंड के सिख और पंजाबी बाहुल्य उधमसिंह नगर के जिला मुख्यालय रुद्रपुर में एक कार्यक्रम पंजाबी गौरव सम्मेलन में नवीन ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र किया और कहा कि उस समय हुए नरसंहार की पीड़ा को कोई बयां नहीं कर सकता लेकिन ‘हम लोगों ने उस पीड़ा का भाव आपके सबके चेहरों पर देखा है।’भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उस दौर में दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी कहा था कि कलेजे में कटार गड़ गयी, दूध में दरार पड़ गयी। नवीन ने कहा कि निर्दोष सिख भाइयों के जीवन से खिलवाड़ होने के बाद तीन दशक तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और किसी को कोई सजा नहीं मिली लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में इसके लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी के गठन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए नवीन ने कहा, ‘‘आज मैं इस मंच से दोहराता हूं कि 1984 में हमारे निर्दोष सिख भाइयों के खिलाफ जो अमानवीय पाप किया गया, उसे न कभी देश भूलेगा और न भाजपा दंगाइयों को कभी माफ करेगी।’’भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश के विभाजन की सबसे बड़ी पीड़ा पंजाबी और सिख समाज ने झेली, लेकिन तमाम कठिनाइयों के बावजूद अपने पुरुषार्थ और पराक्रम के बल पर न केवल स्वयं को दोबारा स्थापित किया, बल्कि देश के विकास में भी योगदान दिया। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद तराई में आकर बसे हजारों सिख और पंजाबी परिवारों ने उसे उत्तराखंड का अन्न भंडार बना दिया। उन्होंने कहा, ‘‘तराई में विकास की जो विशाल इमारत दिखाई देती है, उसकी नींव पंजाबी और सिख भाइयों ने रखी है।’’देश की आजादी की लड़ाई से लेकर सीमाओं की रक्षा और देश में हर आवश्यकता के समय सिख समाज को सबसे आगे खड़ा बताते हुए नवीन ने कहा कि सेवा और भाईचारे की सिख परंपरा पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने मोदी सरकार द्वारा सिख समाज से जुड़े लिए गए कई ऐतिहासिक फैसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने करतारपुर साहिब गलियारा का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु नानक देव के जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों से जुड़े करतारपुर साहिब को 70 वर्षों तक श्रद्धालु दूरबीन से ही देखकर नमन करते रहे लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह गलियारा खुलने के बाद आज श्रद्धालु वहां पहुंचकर उसके प्रत्यक्ष दर्शन कर रहे हैं। नवीन ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान दिवस को ‘वीर बाल दिवस’ का सम्मान दिया गया जिससे बच्चाों और युवाओं को उससे प्रेरणा मिले। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में हेमकुंड साहिब की कठिन यात्रा को सुगम बनाने के लिए करीब 2700 करोड़ रुपये की लागत से गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना प्रस्तावित है। भाजपा अध्यक्ष ने खासतौर से पंजाब में नशे की समस्या को बेहद गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि युवा पीढ़ी पर इसके प्रभाव को लेकर पूरे देश को चिंता करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस दृढ़ इच्छाशक्ति से सरकार ने नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौती के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी, उसी संकल्प के साथ देश को नशे की बुराई से भी मुक्त करने की तैयारी है। इस संबंध में उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शुरू किए गए ‘विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा संकल्प अभियान’ का भी उल्लेख किया। नवीन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किए जा रहे कार्यों और उनकी कार्यशैली की भी सराहना की और कहा कि वह समाज के हर वर्ग को आगे लेकर बढ़ रह हैं।
झांसी में रेलवे अधिकारी की AI से बनाई आपत्तिजनक तस्वीर, मांगे 15 लाख
झांसी में रेलवे के एक बड़े अधिकारी की AI से आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में 27 वर्षीय युवती को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला अधिकारी और उसके परिवार से लगातार रुपये मांग रही थी. 31 जुलाई को AI से बनाई तस्वीर भेजकर 15 लाख रुपये मांगे और परिवार की अन्य महिलाओं की तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी.
रेखा ने हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत 1970 में आई फिल्म 'सावन भादों' से की थी. इस फिल्म में उनके साथ नवीन निश्चल नजर आए थे.
ताजा घटनाक्रम में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को यमन के बंदरगाह शहर मोचा पर कब्ज़ा कर लिया और लाल सागर के तट से होते हुए रणनीतिक द्वीपों की ओर आगे बढ़ चुके हैं। इसके साथ ही हूतियों ने बाब अल-मंदेब पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।
टायर फंसे हाथी को देख हैरान हुए लोग, VIDEO वायरल
असम के नुमालीगढ़ के बोकीयाल इलाके में एक जंगली हाथी गले में ट्रैक्टर का टायर फंसा हुआ चाय बागान में दिखाई दिया. तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद हाथी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है. टायर उसके गले में कैसे फंसा, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
धमतरी जिले के नवागांव बेलर में धर्मांतरित महिला के अंतिम संस्कार को लेकर शुरू हुआ विवाद आपसी सहमति से समाप्त हो गया. शव दफनाने को लेकर ग्रामीणों और परिजनों के बीच मतभेद के बाद कई घंटों तक चर्चा चली. परिवार द्वारा घर वापसी स्वीकार किए जाने के बाद महिला का हिंदू रीति-रिवाज से दाह संस्कार किया.
BRICS Summit और Lalu Prasad यादव केस सहित देश-दुनिया के मुख्य समाचार
बृहस्पतिवार रात नौ बजे तक की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है :- दि67 ब्रिक्स पूर्वावलोकनशी, पुतिन सहित कई प्रमुख वैश्विक नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आ रहे हैं नयी दिल्लीनयी दिल्ली, विश्व में बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच, भारत शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उपयोग आर्थिक विकास को गति देने के लिए कर रहा है। साथ ही, भारत ग्लोबल साउथ के विकास से जुड़ी मुख्य प्राथमिकताओं, विशेष रूप से खाद्य, ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा की वकालत भी कर रहा है। दि92 दिल्ली ब्रिक्स यातायात पांबदियाब्रिक्स सम्मेलन: दिल्ली बंद नहीं होगी, वीवीआईपी आवाजाही को लेकर रोका जा सकता है यातायातनयी दिल्ली, दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कोई पूर्ण बंदी नहीं होगी, लेकिन उन सड़कों पर कुछ वक्त के लिए यातायात को रोकने, मार्ग परिवर्तन और प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं जहां से अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) की गाड़ियों का काफिला गुजरेगा। दि51 दिल्ली अदालत लालूअदालत ने लालू प्रसाद, उनके बेटे तेजस्वी के खिलाफ धन शोधन के आरोप तय करने का आदेश दियानयी दिल्ली, दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को कथित आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव और छह अन्य लोगों के खिलाफ धन शोधन के आरोप तय करने का आदेश दिया। दि61 मोदी लीड अंतरिक्षभारत सुरक्षित और सतत अंतरिक्ष क्षेत्र का समर्थन करता है : प्रधानमंत्री मोदीनयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित सुरक्षित और सतत अंतरिक्ष क्षेत्र का समर्थन करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिक आंकड़ों का उपयोग ईमानदारी के साथ एक साझा लक्ष्य की पूर्ति के लिए होना चाहिए। दि46 राहुल छात्रमौजूदा शिक्षा व्यवस्था ने छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेला : राहुलनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि ‘‘चरमराई हुई शिक्षा व्यवस्था’’ ने छात्रों की उम्मीदों को कमजोर कर उनके भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। प्रादे165 उप्र अखिलेश लीड भाजपाईवीएम के खिलाफ हैं, उप्र की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतने पर भी रुख नहीं बदलेगा : अखिलेश यादवलखनऊ, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के खिलाफ है और उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतने के बाद भी उसका रुख नहीं बदलेगा। दि98 दिल्ली इमारत ढही निलंबितएमसीडी ने कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही के लिए तीन अभियंताओं को निलंबित कियानयी दिल्ली, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही के आरोप में बृहस्पतिवार को भवन विभाग के एक सहायक अभियंता और दो कनिष्ठ अभियंताओं को निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रादे31 : उप्र बसपा लीड सिद्धार्थसमधी सिद्धार्थ के संन्यास के बाद मायावती ने भतीजे आकाश को किया पार्टी से पूरी तरह मुक्तलखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ के बृहस्पतिवार को राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने के ऐलान के बाद पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे और सिद्धार्थ के दामाद आकाश आनन्द को पार्टी से पूरे तौर से मुक्त कर दिया। प्रादे152 गुजरात विमान इंडिगोबम धमकी मिलने के बाद लखनऊ से सऊदी अरब जा रहे इंडिगो विमान को अहमदाबाद में उतारा गयाअहमदाबाद, लखनऊ से सऊदी अरब के दम्माम जा रहे इंडिगो के एक विमान को बम धमकी मिलने के बाद बृहस्पतिवार शाम अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आपातकालीन स्थिति में उतारा गया। हालांकि, अभी तक विमान में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। पुलिस ने यह जानकारी दी। वि32 चीन पोत तीसरी लीड आगचीन : मालवाहक जहाज में आग लगने से 25 लोगों की मौतबीजिंग, चीन के पूर्वी बंदरगाह शहर किंगदाओ में मरम्मत के लिए लाए गए विदेशी झंडे वाले एक मालवाहक जहाज में बृहस्पतिवार को आग लगने से कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य बुरी तरह झुलस गए। अर्थ73 फिनटेक टोकन व्यवस्थासेबी ने कॉरपोरेट बॉन्ड के लिए टोकन व्यवस्था शुरू की, एनपीसीआई ने पेश की यूपीआई की नई सुविधाएंमुंबई, बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को कॉरपोरेट बॉन्ड के लिए टोकन व्यवस्था से जुड़ी प्रायोगिक परियोजना ‘डीमैट 2.0’ शुरू करने की घोषणा की। इससे लेनदेन का तत्काल और एक साथ निपटान संभव होगा। खेल9 खेल हॉकी महिला जूनियर भारतपाकिस्तान को 19-0 से रौंदकर भारत महिला जूनियर एशिया कप के सेमीफाइनल मेंमोकी (चीन) : भारत ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बृहस्पतिवार को यहां पाकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त देकर महिला जूनियर एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
'कुछ और नौकरियां चली गईं', हर्ष गोयनका ने शेयर किया मेहंदी लगाने वाली मशीन का वीडियो
आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पर एक अनोखी मशीन का वीडियो शेयर किया है, जो सेकंडों में हाथ पर मेहंदी लगाती नजर आ रही है, हालांकि यूजर्स इसे एआई जनरेटेड वीडियो बता रहे हैं.
ब्रिक्स समिट का रेलवे पर असर, 25 से ज्यादा ट्रेनों का बदलेगा रूट, 26 कैंसल; पूरी लिस्ट
BRICS Summit Delhi: नई दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स समिट को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां की जा रही है। इस समिट का असर रेलवे पर भी देखा जा रहा है। नई दिल्ली को आसपास से जोड़ने वाली करीब 26 ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया है, जबकि लंबी दूरी की कई ट्रेनों के रूट को डायवर्ट किया गया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों को लेकर योगी सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने तीखा हमला बोला है। नेताओं ने सपा पर नकारात्मक राजनीति करने और चुनावी हार के लिए ईवीएम, पुलिस-प्रशासन तथा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने ...
तलाक के 12 साल बाद की शादी, 41 की जेनिफर बनेंगी मां?
जेनिफर विंगेट ने तलाक के 12 साल बाद फिर से शादी कर अपनी खुशहाल जिंदगी शुरू की है. उन्होंने कहा कि शादी के बाद उनकी प्राथमिकताएं बदली हैं, लेकिन करियर में कोई बदलाव नहीं आया.
जी-रामजी योजना ने पकड़ी रफ्तार... 92% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी, अगस्त में कितना हुआ काम?
जुलाई में ग्रामीण रोजगार में गिरावट के बाद, अगस्त में विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत 23.70 करोड़ मानव-दिवस रोजगार सृजित हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 92% अधिक है।

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