'जाट समाज को टारगेट...' 'चवन्नी' वाले बयान पर अखिलेश पर बरसे जयंत चौधरी
राष्ट्रीय लोकदल (RLD) प्रमुख जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के बयान पर निशाना साधा है. जयंत चौधरी ने अखिलेश पर पूरे जाट समाज को टारगेट करने का आरोप लगाया है.
सुबह नाश्ते में बनाएं महाराष्ट्रीयन स्टाइल थालीपीठ, रेसिपी है आसान
Maharashtrian Thalipeeth Recipe:महाराष्ट्र की पारंपरिक डिश थालीपीठ स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है. कई तरह के आटे और मसालों से बनने वाला यह हेल्दी नाश्ता कम समय में तैयार हो जाता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद करता है.
कैलिफोर्निया असेंबली का ऐतिहासिक कदम, दिवाली मनाने का प्रस्ताव पारित
कैलिफोर्निया राज्य विधानसभा ने 8 नवंबर को 'दिवाली दिवस' के रूप में मान्यता देने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया है. असेंबली ने नागरिकों से इस उत्सव में भाग लेने का आग्रह करते हुए भारतीय प्रवासियों और दक्षिण एशियाई समुदाय के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया है.
'रिबेल किड' ने छोड़ा इंडिया, न्यूयॉर्क को बनाया घर
अपूर्वा ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि वो अब इंडिया छोड़कर न्यूयॉर्क में पढ़ाई करने जा रही हैं. बीते दिन उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी का टूर किया, और लोगों को अपनी जर्नी के बारे में भी बताया.
त्योहारों से पहले चीनी बेलगाम, सरकार बोली-एथनॉल वजह नहीं
त्योहारी सीजन से पहले देश में चीनी की कीमतें बेलगाम हो गई हैं। पिछले एक महीने में चीनी की कीमत खुदरा बाजार में 48.18 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन 25 अगस्त को, 3 राशियों को 18 दिन तक लाभ
Shukra Nakashatra Parivartan: 25 अगस्त 2026 को शुक्र चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. जानें किन 3 राशियों को 18 दिनों तक नौकरी, कारोबार, धन और रिश्तों में शुभ परिणाम मिल सकते हैं.
पुणे में आज राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम, पुलिस ने लगाई 30 शर्तें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आज शनिवार, 22 अगस्त को 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित होगा
सुप्रीम कोर्ट ने 105 साल के बुजुर्ग को दे दी परमानेंट जमानत, भाई की कर दी थी हत्या
सुप्रीम कोर्ट ने एक 105 साल के हत्या के दोषी बुजुर्ग को परमानेंट जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि अब उन्हें जेल में आने की जरूरत नहीं है। बुजुर्ग रसिक चंद्र मंडल को भाई की हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
परिसीमन पर बदला विजय थलपति का मूड? कांग्रेस ने कर दी एक डिमांड- 25 साल तक...
परिसीमन को लेकर कांग्रेस ने बड़ा रुख अपनाया है। पी चिदंबरम ने कहा कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों और तमिलनाडु की 39 सीटों को अगले 25 वर्षों तक बरकरार रखा जाना चाहिए। कांग्रेस ने तमिलनाडु सरकार के परिसीमन स्टैंड का समर्थन किया।
अर्जुन की WIFE सानिया के पास कौन-कौन सी डिग्री, करती हैं ये बिजनेस
सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की पत्नी सानिया चंडोक ने पेट केयर की दुनिया में एक और उपलब्धि हासिल की है. अब वो एक सर्टिफाइड वेटरनरी टेक्नीशियन हैं. वह मुंबई में Mr. Paws Pet Spa & Store भी चलाती हैं. जानवरों के प्रति उनका प्यार अब उनके प्रोफेशनल करियर का अहम हिस्सा बन चुका है.
भारत में भी पर्यटन की एक ऐसी प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिसमें लोग उन जगहों पर पहुंच रहे हैं जो किसी हत्या, हादसे, युद्ध, आपदा या बड़े मानवीय दुख से जुड़ी हैं। इसे डार्क टूरिज्म कहा जाता है।
सु्ल्तानपुर में स्मार्ट मीटर फटने से हादसा, एक ही परिवार के 3 लोग गंभीर
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में आवास विकास कॉलोनी में बिजली के स्मार्ट मीटर के ध्वस्त होने और आग लगने से एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए. हादसे में सुमित अग्रहरी की पत्नी प्रीति, तीन वर्षीय बेटी राजवी और छोटे भाई की पत्नी कंचन घायल हुईं. तीनों को जिला अस्पताल के बाद निजी अस्पताल रेफर किया गया है.
मानसून खत्म होने से पहले घूमें लोहागढ़ किला, यादगार बन जाएंगे पल
Lohagad Fort Monsoon Trek: पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किला मानसून के दौरान हरियाली, बादलों और झरनों से घिर जाता है, जो इसे ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन बनाता है. इसकी विंचू काटा रिज, आसान ट्रेकिंग रास्ता और आसपास के प्राकृतिक दृश्य इसे शुरुआती ट्रेकर्स और परिवार के साथ घूमने वालों के लिए भी एक शानदार जगह बनाते हैं.
मैं चुनकर आया हूं, इस्तीफा नहीं दूंगा; BCI चेयरमैन मनन मिश्रा ने वकीलों को दिया दो टूक जवाब
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने कहा कि वह चुनकर आए थे और इसलिए इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि 12 से 14 साल तक बार काउंसिल आफ इंडिया के चेयरमैन के तौर पर काम किया है, क्योंकि मैं चुनकर आया था।
ना अपराध का रिकॉर्ड, ना कोई शक! खालिस्तानियों ने बदला भर्ती का तरीका; यहां तलाश रहे ‘शिकार’
खालिस्तान समर्थक आतंकी संगठनों ने भर्ती की रणनीति बदल दी है। अब बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले युवाओं को सोशल मीडिया, ऑनलाइन संपर्क, वैचारिक प्रचार और आर्थिक लालच के जरिए नेटवर्क में जोड़ने की कोशिश हो रही है।
शादी के बीच दुल्हन ने निभाया डॉक्टर का फर्ज! वायरल हो रहा Video
केरल के कन्नूर में अपनी शादी की रस्मों के दौरान डॉक्टर दुल्हन ने मंडप छोड़कर बीमार पड़ीं दो कैटरिंग महिला कर्मचारियों को तुरंत फर्स्ट एड दिया. इनमें से एक महिला की नाक से खून बह रहा था और दूसरी को चक्कर आ रहे थे. शादी के जोड़े में ही मरीजों का इलाज करने का वीडियो वायरल हो रहा है.
दिल्ली-NCR में बदला मौसम का मिजाज, सुबह-सुबह झमाझम बारिश
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार सुबह कई इलाकों में बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने सुबह से दोपहर के बीच कई जगहों पर हल्की बारिश और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
क्या वाकई इमरान खान और आसिम मुनीर के बीच ‘डील’ हुई?
इमरान खान को जेल से अस्पताल भेजे जाने के बाद पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर डील की चर्चा तेज है. सवाल है कि क्या इमरान और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के बीच पर्दे के पीछे कोई समझौता हुआ है? दोनों की पुरानी दुश्मनी, मौजूदा मजबूरियां और पाकिस्तान की बदलती सत्ता व्यवस्था इस सवाल को और दिलचस्प बना रही हैं.
कहीं खुद ही ना फंस जाएं, कांग्रेस के सता रहा किस बात का डर; मुख्यमंत्रियों को किया सतर्क
पेपर लीक और परीक्षाओं को लेकर कांग्रेस देशव्यापी प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। दूसरी तरफ डर यह भी है कि कहीं कांग्रेस शासित राज्य में वह खुद इस मुद्दे का शिकार ना हो जाए। इसलिए पहले खुद को सुधारने का फैसला किया गया है।
CM Mohan Yadav ने Ken Betwa Link Project प्रभावितों की मदद के लिए अफसरों को दिए निर्देश
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को अधिकारियों को पन्ना और छतरपुर जिलों के गांवों का दौरा करने तथा केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित लोगों की समस्याओं को समझने के निर्देश दिए। खजुराहो में परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यादव ने कहा कि यह परियोजना बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और इससे क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल तथा ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि विकास परियोजना के साथ प्रभावित और विस्थापित परिवारों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र विस्थापित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने नए स्थानों पर निवास बना लिया है, वहां स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। यादव ने पन्ना की रूंझ-मझगांव परियोजना के प्रभावित परिवारों को स्वीकृत अतिरिक्त राशि का शीघ्र भुगतान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावितों के पास उम्र संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनकी आयु का निर्धारण मेडिकल परीक्षण के आधार पर किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को परियोजना की नियमित निगरानी करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से जुड़े राज्य के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को भी परियोजना की गांव-गांव निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। यादव ने बताया कि परियोजना पूरी होने पर मध्यप्रदेश में करीब 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और 44 लाख से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद है। परियोजना में 103 मेगावाट जल विद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का भी प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन–बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड एवं मध्य भारत के पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी और दतिया जिलों के करीब 1,382 गांवों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। बैठक में खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, पन्ना, छतरपुर, बिजावर और राजनगर के विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
Tripura में NLFT और ATTF ने 4 सितंबर से दी 72 घंटे की हड़ताल की चेतावनी
त्रिपुरा के हथियार डालने वाले तीन उग्रवादी गुटों ने शुक्रवार को छह-सूत्री मांगों को लेकर चार सितंबर से 72 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल करने की धमकी दी। इन मांगों में उस त्रिपक्षीय समझौते को लागू करना भी शामिल है, जिसके तहत उन्होंने हथियार डाले थे। आत्मसमर्पण करने वाले इन तीन संगठनों में नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) (ओरिजिनल), एनएलएफटी (पीडी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) शामिल हैं। इन संगठनों ने 2024 में केंद्र और राज्य सरकार के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद हथियार डाल दिए थे। एनएलएफटी (ओरिजिनल) के नेता परिमल देबबर्मा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, कई दौर की बातचीत के बाद हमने चार सितंबर, 2024 को केंद्र और राज्य सरकार के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए और शांति के लिए अपने हथियार और गोला-बारूद छोड़ दिए, लेकिन हमारी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। देबबर्मा ने कहा, सरकार ने हमारी जायज मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिये थे और दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। इसके कारण हमें छह-सूत्री मांगों को लेकर चार सितंबर से 72 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान करना पड़ रहा है।
Khargone में बस का Brake Fail, खाई में गिरने से बाल-बाल बचे महाराष्ट्र के 50 छात्र
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक खतरनाक मोड़ पर अचानक ब्रेक फेल होने के बाद महाराष्ट्र के 50 से अधिक कॉलेज छात्रों को लेकर जा रही एक बस खाई में गिरने से बाल-बाल बच गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंडलेश्वर पुलिस थाना क्षेत्र के जाम गेट घाट खंड में शाम करीब सात बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खतरनाक मोड़ पर बस के ब्रेक फेल हो गए, जिससे ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया। उन्होंने कहा कि नतीजतन, वाहन सड़क किनारे की रेलिंग को तोड़ते हुए खाई के पास अटक गया। बस में सवार छात्र महाराष्ट्र के थे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर में एक सेमिनार में भाग लेने आए थे। सेमिनार के बाद वे जाम गेट होते हुए इंदौर से महेश्वर जा रहे थे। अधिकारी ने बताया कि जाम गेट के नीचे घाट में एक खतरनाक मोड़ पर अचानक ब्रेक फेल होने से बस चालक ने उस पर नियंत्रण खो दिया। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे लगे पत्थरों के ढेर से बस खाई में गिरने से बच गई। अधिकारी ने बताया कि अगर बस थोड़ा भी आगे चली जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने सभी छात्रों को आपातकालीन निकास के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना में किसी छात्र के घायल होने की खबर नहीं है। मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी और डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंची तथा सभी छात्रों को निजी वाहनों से सुरक्षित महेश्वर पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में माधव गौशाला स्थित धर्मशाला में प्रशासन द्वारा छात्रों को भोजन और आश्रय प्रदान किया जा रहा है। फंसे हुए बस को निकालने के लिए क्रेन की सहायता ली जा रही है।
Brij Bhushan Sharan Singh ने Baba Ramdev पर साधा निशाना, स्वदेशी अभियान पर उठाए सवाल
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने शुक्रवार को योग गुरु बाबा रामदेव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मूल रूप से स्वदेशी के नाम पर शुरू किया गया अभियान अब नकली उत्पादों और विदेशी सामानों तक फैल गया है। सिंह ने रामदेव को विरोध प्रदर्शन करने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर योग गुरु आंदोलन शुरू करने का इरादा रखते हैं, तो उन्हें इस बार निर्णायक लड़ाई लड़नी चाहिए और ‘‘एक आदमी की तरह’’ ऐसा करना चाहिए। जिला मुख्यालय के एक कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में सिंह ने बाबा रामदेव के आंदोलन के संबंध में एक प्रश्न पर कहा कि रामदेव ने स्वदेशी के मुद्दे को उठाना शुरू किया था, इसलिए, उनका आंदोलन उचित था। हालांकि, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रामदेव अब ‘विदेशी’ अधोवस्त्र भी बनाने लगे हैं। सिंह ने रामदेव के पिछले विरोध प्रदर्शनों को याद करते हुए कहा कि इस बार उनसे कहा जाना चाहिए कि वह सिंदूर लगाकर और सलवार पहनकर न आएं। सिंह ने यह भी दावा किया कि देश में नकली घी के प्रचलन को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं और उन्होंने इसके लिए रामदेव को जिम्मेदार ठहराया।
Karnataka Cabinet ने KPSC Chairman साहूकार के निलंबन की सिफारिश की
कर्नाटक कैबिनेट ने शुक्रवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत से कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार को निलंबित करने की सिफारिश करने का फैसला किया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। यह फैसला कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा साहूकार के पहले के निलंबन को रद्द करने और उन्हें बहाल करने का निर्देश दिए जाने के कुछ दिन बाद लिया गया है। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा है कि अगर तय संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाए, तो नई कार्यवाही शुरू करने की गुंजाइश बनी रहेगी। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 317(2) के तहत राज्यपाल, मंत्रिपरिषद की पूर्व सहायता और सलाह के बिना स्वतंत्र रूप से साहूकार को निलंबित नहीं कर सकते। साहूकार को 13 जुलाई को राज्यपाल ने निलंबित कर दिया था। उनपर आरोप था कि उन्होंने अपनी दो बेटियों को इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ऑफिसर के तौर पर गैर-कानूनी तरीके से चयन में मदद की थी। इसके अलावा पशु चिकित्सकों की भर्ती में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में साहूकार के निलंबन की सिफारिश प्रमुख फैसलों में शामिल रही।
Odisha के Bolangir में तांत्रिक क्रिया के लिए व्यक्ति की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
ओडिशा के बोलांगीर जिले में एक व्यक्ति ने अपनी अलग हो चुकी पत्नी को वापस पाने के लिए तंत्र-मंत्र के तहत कथित तौर पर पड़ोसी गांव के एक निवासी का सिर काटकर उसे अपने पूजा-घर में दफना दिया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह मामला पिछले बृहस्पतिवार को उस समय सामने आया, जब 18 अगस्त से लापता तेबादामुंडा गांव निवासी संतोष खरसेल (45) का सिर कटा शव बगड़ा गांव के एक तालाब से बरामद किया गया। जांच में पता चला कि खरसेल को आखिरी बार शत्रुघ्न साहू (40) के साथ देखा गया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि साहू को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध कबूल कर लिया, लेकिन दावा किया कि हत्या शराब पीने के बाद हुई तीखी बहस का नतीजा थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद की पूछताछ में साहू ने स्वीकार किया कि उसने यह वारदात करीब तीन साल पहले उसे छोड़कर चली गई अपनी पत्नी को वापस पाने के इरादे से की थी। अधिकारी ने बताया कि साहू के अपराध स्वीकार करने के बाद पीड़ित के सिर को उसके घर के पूजा कक्ष से बाहर निकाला गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी ने बताया, हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया है।
Gurugram में Road Rage: युवक ने पिस्तौल दिखाकर दी धमकी, जांच में जुटी पुलिस
हरियाणा के गुरुग्राम में ओल्ड दिल्ली रोड पर शुक्रवार को कार पार्किंग को लेकर हुए मामूली झगड़े के बाद एक व्यक्ति ने पिस्तौल दिखाकर दूसरे व्यक्ति को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आरोपी के पास मौजूद पिस्तौल असली थी या नकली। हालांकि, घटना का वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने इसका संज्ञान लिया है और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी एक पुलिस निरीक्षक का बेटा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना दिनदहाड़े हुई। एक व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया। मौके पर राहगीरों की भीड़ जुटने लगी, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि मामले में अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
Rajasthan High Court का आदेश, पिता की सहमति बिना भी नाबालिग को मिलेगा Passport
राजस्थान उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विदेश में पढ़ाई करने के लिए एक नाबालिग को पासपोर्ट जारी करें, भले ही उसके आवेदन में उसके पिता की सहमति न हो। अदालत ने कहा कि यात्रा करने के संवैधानिक अधिकार से वंचित करने से उसके करियर की संभावनाओं को अपूरणीय क्षति होगी। लड़के के माता-पिता का तलाक हो चुका है और वह अपनी मां के साथ रहता है। नाबालिग ने अपनी मां के माध्यम से उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कहा था कि उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, लेकिन आवेदन में पिता का उल्लेख नहीं होने के कारण अधिकारियों ने पासपोर्ट जारी करने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पासपोर्ट अधिकारियों ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि इसमें पिता की अनिवार्य सहमति शामिल नहीं है। याचिका मंजूर करते हुए न्यायमूर्ति अनूप कुमार धंड ने कहा कि पासपोर्ट देने से इनकार करने का कोई भी यांत्रिक तरीका न केवल आवेदक को प्रभावित करेगा, बल्कि उसके करियर की संभावनाओं को भी अपूरणीय क्षति पहुंचा सकता है।
Pune में Rahul Gandhi के कार्यक्रम से पहले भिड़े ABVP और NSUI छात्र, भारी पुलिस तैनात
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के शनिवार को होने वाले छात्रों की गूंज कार्यक्रम से पहले शुक्रवार को यहां सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के छात्रावास परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के सदस्यों के बीच झड़प हो गई। घटना के बाद परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। एबीवीपी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे (सीओईपी) की छात्राओं पर शनिवार के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने का दबाव बना रहे थे। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि कार्यक्रम का समर्थन करने वाली दो छात्राओं को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने छात्रावास में कथित रूप से बंद कर दिया और उन्हें धमकाया। घटना के बाद छात्रावास पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि एबीवीपी कार्यकर्ता दोनों छात्राओं को धमका रहे थे।
'जनगणना कार्य से इनकार नहीं कर सकते शिक्षक', हाई कोर्ट ने कहा- स्कूल ड्यूटी पर ही माने जाएंगे
कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किए गए शिक्षकों को स्कूल ड्यूटी पर ही माना जाएगा और वे इस जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते।
TOP News: नीरज चोपड़ा का शानदार थ्रो, फिर भी खिताब से चूके; रूस का जेलेंस्की के गढ़ में हमला; पढ़ें सुर्खियां
अमेरिकी आयोग का प्रोपेगैंडा फेल, आरएसएस पर अमेरिकी आयोग की टिप्पणी को भारत ने किया खारिज
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन टिप्पणियों को खारिज करते हुए यूएससीआईआरएफ को पक्षपाती संगठन करार दिया।
वृषभ राशि वालों को प्राप्त होंगे धन लाभ के अच्छे अवसर, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Rashifal 22 अगस्त 2026, Horoscope Today: प्रोफेशन के मामलों में जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें. आपकी मेहनत का पूरा फल प्राप्त होगा. व्यापार के क्षेत्र में लाभ का सुंदर योग बना हुआ है.
22 या 23 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें श्रीहरि का पूजन मुहूर्त
Putrada Ekadashi 2026: श्रावण मास की पुत्रदा एकादशी 2026 में 23 अगस्त, रविवार को मनाई जाएगी. भगवान विष्णु को समर्पित इस एकादशी को धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व दिया गया है.
विशेष संसद सत्र के लिए सरकार सक्रिय: परिसीमन विधेयक अब भी एजेंडे में!दक्षिणी राज्य के दौरे पर शाह ने ली टोह
राजस्थान विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश, लिव-इन में रहने के लिए करना होगा रजिस्ट्रेशन
राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को हंगामे और नारेबाजी के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किया गया। विधेयक पेश होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।
अगर, आप भी अपने बच्चे का स्क्रीन टाइम बिना डांट-फटकार के कम करना चाहते हैं तो कुछ आसान टिप्स आपके काम आ सकती हैं.
नमस्कार! आज है शनिवार, 22 अगस्त। इस खबर के जरिए हम आपको बताएंगे कि आज देश-दुनिया में क्या कुछ होने वाला है? आइए जानते हैं...
Sawan Pradosh Vrat: कब रखा जाएगा भौम प्रदोष व्रत, जानिए तिथि, पूजा मुहूर्त और कथा
सावन 2026 में भौम प्रदोष व्रत मंगलवार, 25 अगस्त को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि 25 अगस्त को सुबह 6:20 बजे शुरू होगी और 26 अगस्त को सुबह 7:59 बजे समाप्त होगी. प्रदोष व्रत मंगलवार को पड़ने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है.
अमेरिका में वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म TikTok ने बच्चों की ऑनलाइन गोपनीयता से जुड़े मामले में 400 मिलियन डॉलर (करीब 3,300 करोड़ रुपये) के समझौते पर सहमति जताई है. अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप था कि प्लेटफॉर्म ने 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का निजी डेटा अभिभावकों की अनुमति के बिना एकत्र किया, जिससे लाखों बच्चों की प्राइवेसी और सुरक्षा खतरे में पड़ी.
दोनों तरफ तैयारियां, ऐन वक्त पर क्यों टल गया बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान का भारत दौरा?
इस बात में कोई संदेह नहीं है कि दोनों ही तरफ तारिक रहमान के भारत दौरे की तैयारियां थीं। हालांकि ऐन वक्त पर उनका दौरा रद्द हो गया। फिलहाल बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान भारत नहीं आ रहे हैं।
बेरोजगारी दूर करना पहला लक्ष्य, पीएम मोदी बोले- नीतियों में हो रहा बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार केवल नियम नहीं बदल रही है बल्कि नियमों से जुड़ी पूरी नीति ही बदल रही हैं। मोदी ने कहा, भारत में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता है। दुनिया आर्थिक विकास को लेकर कई चुनौतियों का सामना कर रही है।
'एथेनॉल की वजह से नहीं बढ़ी चीनी की कीमत', केंद्र सरकार ने गिनाईं इस महंगाई की वजहें
केंद्र सरकार का कहना है कि एथेनॉल के उत्पादन की वजह से चीनी की कीमतें नहीं बढ़ीं हैं बल्कि गन्ने की फसल पर मौसम की मार और त्योहारी सीजन की वजह से चीनी की कीमतों में इजाफा हुआ है।
झारखंड परीक्षा विवाद: 25 दिन के आंदोलन से हाईकोर्ट की रोक तक; कैसे गरमाया पूरा मामला, अब असली चुनौती क्या?
Updates: बंगलूरू में आईआईएस के छात्र ने खुदकुशी की;ऑनलाइन गेमिंग फ्राड में 100 बैंक खाते फ्रीज, 30 लाख जब्त
'धौंस के आगे नहीं झुकेंगे...', अरब सागर में US ऑपरेशन के बीच ईरान की दो टूक
अरब सागर में अमेरिकी युद्धपोत से रात में लड़ाकू विमानों की उड़ानों के बीच ईरान ने तीखे तेवर दिखाए हैं. देश की ओर से साफ कहा गया है कि वे किसी की धौंस में नहीं आएंगे और हमले का करारा जवाब दिया जाएगा.
नागरिक उड्डयन मंत्री किन्जरापु राम मोहन नायडू का कहना है कि केंद्र सरकार उड़ान परियोजना के अगले चरण के तहत 28,840 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ इस महत्वाकांक्षा को नए स्तर पर ले जा रही है।
इलाज के लिए वंतारा पहुंची हथनी 'जायमोती', नगालैंड में बाढ़ से किया गया था रेस्क्यू
नगालैंड में आई भयानक बाढ़ से बचाई गई 53 साल की हथनी जायमोती को खास इलाज के लिए गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
भ्रष्टाचारियों को कड़ा संदेश: रिश्वतखोर आयकर अधिकारी को जेल, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा
अहमदाबाद की विशेष अदालत ने आयकर विभाग के एक अधिकारी को 2013 में चैरिटेबल ट्रस्ट से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने का दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई।
राजस्थान जेल में हड़कंप: आधा दर्जन कैदियों ने ब्लेड से अपने हाथ काटे, अस्पताल में भर्ती
राजस्थान के कोटपुतली जेल में भोजन में प्याज और हरी मिर्च नहीं मिलने से नाराज कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।
हाफिज सईद समेत कई आतंकियों के खिलाफ चलेगा मुकदमा, पुलिस ने गृह मंत्रालय से मांगी इजाजत
मुंबई पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और ज़की-उर-रहमान लखवी समेत छह फरार आरोपितों के विरुद्ध इंटरपोल के जरिये कोर्ट के घोषणा आदेश तामील कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क किया है।
भोपाल के अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगी आग, मरीजों को सुरक्षित निकाला
शहर के बागसेवनिया में विद्यानगर स्थित दीपशिखा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शुक्रवार रात करीब 10 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते धुआं अस्पताल की चारों मंजिलों में फैल गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब तक सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो बंगाल सुरक्षित रह सकता है और न ही भारत। इसलिए देश की सीमाओं को मजबूत बनाना बेहद आवश्यक है।
वैश्विक पटल पर बढ़ता भारत: पीएम मोदी बोले- 'पूरी दुनिया अब भारत को मान रही विकास और उम्मीद का देश'
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सभी क्षेत्रों में सुधार उनकी सरकार की प्रतिबद्धता है और भारत विकास की गति को बनाए रखने के लिए कई कदम उठा रहा है।
योगेश साहू ने छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के छोटे से गांव टेहका से निकलकर देश के सबसे लोकप्रिय क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति'शो में शानदार तरीके से खेलते हुए 50 लाख रुपये जीते
भारत का पाकिस्तान को दोटूक जवाब, कहा- पाक की निराशा पर टिप्पणी करने की वजह नहीं
पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने पर भारत ने शुक्रवार को इस्लामाबाद को आड़े हाथ लिया और कहा कि उसकी निराशा पर टिप्पणी करने की कोई वजह नहीं है।
'क्या हम पाकिस्तानी लगते हैं', जयपुर में सरकारी स्कूल देखने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट
जयपुर जिले के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी प्राथमिक स्कूल को देखने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीणों द्वारा की गई मारपीट पर युवाओं ने शुक्रवार देर शाम जयपुर में नाराजगी जताई।
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पहल: तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत शुरू, पहले दिन 400 मामले निपटाए
सुप्रीम कोर्ट ने 'समाधान समारोह' पहल के तहत आयोजित तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत के पहले दिन शुक्रवार को 400 से अधिक मामलों का निपटारा किया। इस पहल का उद्देश्य विवादों को आपसी सहमति से सुलझाना है।
सरकार और नागरिकों के बीच भरोसे का रिश्ता होना चाहिए, शक का नहीं: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की सरकार और नागरिकों के बीच में रिश्ता भरोसे के आधार पर होना चाहिए, शक के आधार पर नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार देश में नियमों को बदल रही है और व्यापार और तरक्की की परिस्थितियों को आसान कर रही है।
मक्खियों के बीच मिठाइयां, पास बंधी थीं भैंसें... लखनऊ में FDA का एक्शन
लखनऊ की एक मिठाई की दुकान में छापेमारी के दौरान ऐसा नजारा सामने आया, जिसने रक्षाबंधन से पहले खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
महंगाई के बीच फिर क्यों उठी 'लेवी सिस्टम' की मांग?
राशन की दुकानों तक कम कीमत में चीनी पहुंचाने वाला यह सिस्टम करीब एक दशक पहले बंद कर दिया गया था. अब बढ़ती कीमतों के बीच इसकी वापसी की मांग ने पुराने सिस्टम को फिर चर्चा में ला दिया है.
BCI चैयरमैन मनन कुमार मिश्रा पर होगा ऐक्शन? सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चैयरमैन मनन कुमार मिश्रा की परेशानियां बढ़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट में उन्हें पद से हटाने के लिए याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि मनन मिश्रा पिछले एक दशक से ज्यादा समय से इस पद पर हैं।
देश के कई राज्यों में एच1एन1 वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, केरल और मध्य प्रदेश में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है।
ACB को देख पटवारी ने झाड़ी में फेंके रिश्वत के 10000 रुपये, जमीन बंटवारे, तरमीम के लिए हुई थी डील
एसीबी ने लाणेरा के पटवारी मनीष कुमार मीना को जमीन बंटवारे और तरमीम के बदले रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. टीम को देखकर आरोपी ने नोट झाड़ियों में फेंक दिए थे
राजेंद्र नगर में 19 साल की नर्सिंग छात्रा की मौत, हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकी मिली
शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्रा की मौत हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर हुई. हालांकि, छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी साफ नहीं हो पाई है.
सुखबीर बादल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, मानहानि मामले को रद करने की याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की 2017 के मानहानि मामले को रद करने की याचिका खारिज कर दी है।
पैलेट गन पर संग्राम, आखिर कैसे फायर हुए राहुल गांधी? देखें दस्तक
आज दस्तक, पैलेट गन पर छिड़े संग्राम पर. दिल्ली में जंतर मंतर आंदोलन के दौरान छात्रों पर पैलेट गन चलाने के मुद्दे पर राहुल गांधी अड़ गए. जी हां राहुल गांधी ने संसद मार्ग थाने पर धरना दे दिया. राहुल गांधी ने कहा कि, पैलेट गन से साहिल लोचाब नाम के छात्र की आंख चली गई, फिर भी पुलिस F.I.R क्यों नहीं लिख रही है. घंटों तक हंगामा हुआ, और पुलिस ने आखिर में पैलेट गन पर अज्ञात के खिलाफ F.I.R दर्ज कर ली. देखें...
थलपति विजय और अमित शाह की बैठक में ऐसा क्या हो गया? मंत्री को देनी पड़ रही सफाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ थलपति विजय की बैठक के बाद तमिलनाडु में बवाल मचा हुआ है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि विजय सरकार ने अमित शाह से मुलाकात के दौरान परिसीमन बिल पर अपना आधिकारिक रुख बदल दिया है।
'सुरक्षित रखा जाए दक्षिणी राज्यों का संसद में प्रतिनिधित्व', विजय का केंद्र से आग्रह
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार से दक्षिणी राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व की रक्षा करने, नीट से छूट देने और ड्रग्स तस्करी पर राज्यों में तालमेल बनाने का आग्रह किया।
देश के खुदरा और थोक बाजारों में चीनी की कीमतों में आई हालिया तेजी को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। उपभोक्ता मामलों और खाद्य मंत्रालय ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि गन्ने के रस और शीरे (B-Heavy Molasses) को इथेनॉल उत्पादन में डायवर्ट करने की वजह से घरेलू बाजार में चीनी के दाम बढ़े हैं। सरकार ने साफ किया है कि बाजार में मूल्य वृद्धि का असली कारण कुछ प्रमुख उत्पादक राज्यों में गन्ने की पैदावार में कमी और कुछ व्यापारियों द्वारा की जा रही कृत्रिम जमाखोरी है।इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी पर सरकार की दो टूक सफाईमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति और पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण (E20) के लक्ष्य को पूरा करते हुए हमेशा घरेलू खाद्य सुरक्षा और चीनी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।सरकार चीनी सीजन की शुरुआत में ही देश की कुल खपत का सटीक आकलन करती है और बफर स्टॉक सुनिश्चित करने के बाद ही अतिरिक्त गन्ने या शीरे को इथेनॉल निर्माण के लिए आवंटित किया जाता है। इसलिए इथेनॉल कार्यक्रम को चीनी की महंगाई के लिए दोषी ठहराना पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से गलत और निराधार है।उत्पादन में गिरावट और मौसमी मारचीनी की कीमतों में हलचल के पीछे का मुख्य कारण प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों, विशेषकर महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अनियमित मानसून और सूखे जैसी स्थिति के चलते गन्ने की कम रिकवरी और रकबे में आई कमी है।उत्पादन के आंकड़ों में आई इस गिरावट के चलते बाजार में आपूर्ति चक्र को लेकर एक मनोवैज्ञानिक दबाव बना, जिसका फायदा बिचौलियों और बड़े स्टॉकिस्टों ने उठाया। हालांकि, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में उत्पादन संतुलित रहने से देश में कुल उपलब्धता सामान्य स्तर पर बनी हुई है।जमाखोरी और सट्टेबाजी पर केंद्र का सख्त रुखसरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि त्योहारी और मांग वाले सीजन के दौरान कुछ तत्वों द्वारा की जा रही अनुचित जमाखोरी और सट्टेबाजी पर कड़ी नजर रखी जा रही है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वे चीनी मिलों, थोक विक्रेताओं और बड़े रिटेलर्स के स्टॉक की नियमित निगरानी करें।यदि कोई भी व्यापारी या संस्था निर्धारित स्टॉक लिमिट का उल्लंघन करती पाई गई या कृत्रिम कमी पैदा करके मुनाफाखोरी की कोशिश करेगी, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।पर्याप्त बफर स्टॉक, घबराने की जरूरत नहींखाद्य मंत्रालय ने उपभोक्ताओं और उद्योगों को आश्वस्त किया है कि देश में घरेलू खपत के लिए चीनी का पर्याप्त भंडार (Stock) मौजूद है। सरकार के पास मासिक रिलीज कोटा (Monthly Release Quota) तंत्र के माध्यम से बाजार में आपूर्ति नियंत्रित करने की पूरी व्यवस्था है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कोटा जारी करके कीमतों को तत्काल नियंत्रित किया जाएगा, ताकि आम जनता की रसोई के बजट पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।
कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर गिरी गाज, CM मोहन यादव ने किया सस्पेंड
जमीन की खरीद में धोखाधड़ी और दबाव बनाने के आरोपों में फंसी कटनी की CSP नेहा पच्चीसिया को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सस्पेंड कर दिया है. देखिए इस फर्जीवाड़े की पूरी रिपोर्ट...
मुंबई हिट एंड रन: नालासोपारा में रफ्तार का तांडव, कार की टक्कर से एक महिला की मौत; दूसरी घायल
मु्ंबई के नालासोपारा ईस्ट ईलाके में शुक्रवार को तेज रफ्तार कार का कहर देखने को मिला, यहां कार की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
Odisha के Jajpur में बाढ़ से घर डूबा, 18 घंटे छत पर रखा रहा बुजुर्ग का शव
ओडिशा के जाजपुर जिले में एक बुजुर्ग व्यक्ति का शव लगभग 18 घंटे तक उनके घर की छत पर ही पड़ा रहा, क्योंकि बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को नीचे नहीं ला सके। रिश्तेदारों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह घटना बारी पंचायत के चिंतासाही गांव की है, जहां ब्राह्मणी और खरास्रोता नदियों में आई बाढ़ के कारण पिछले छह दिनों से कई परिवार पानी से घिरे हुए हैं। मृतक की पहचान 61-वर्षीय हृषिकेश मल्लिक के तौर पर हुई है; उनकी मौत बुधवार शाम करीब 4:30 बजे हुई। रिश्तेदारों ने बताया कि परिवार ने शव को छत पर रखा, क्योंकि घर की निचली मंजिल लगभग चार फुट पानी में डूबी हुई थी। बृहस्पतिवार को जब पानी का स्तर कम हुआ, तो परिजन शव को नीचे लेकर आए। परिवार का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन को सूचित करने और अंतिम संस्कार के लिए शव को बाहर निकालने में मदद मांगने के बावजूद, उन्हें कोई मदद नहीं मिली। मृतक के भतीजे अनिल मल्लिक ने कहा, हमने अपने चाचा के अंतिम संस्कार के लिए प्रशासनिक सहायता मांगने के लिए बारी प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। इसके बाद हमने मदद के लिए इलाके में बचाव कार्यों में लगी मोटर से चलने वाली एक नाव के संचालक से संपर्क किया, लेकिन उसने कहा कि वह ऊंचे अधिकारियों के आदेश के बिना गांव नहीं जा सकता। बाद में, एक स्थानीय समाज-सेवक ने शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने हेतु शव-वाहन का प्रबंध किया।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए सेवा शुल्क (Service Charges) और कैश निकासी से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन किया है। बैंक की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, ये नए नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। इस बदलाव का सीधा असर बैंक के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) यानी जीरो बैलेंस खाताधारकों पर पड़ेगा। बैंक ने स्पष्ट किया है कि महीने में निर्धारित मुफ्त सीमा समाप्त होने के बाद अतिरिक्त कैश निकासी पर ग्राहकों को सेवा शुल्क चुकाना होगा।1 अक्टूबर से क्या बदलेगा? समझिए नया शुल्क ढांचाबैंक के संशोधित नियमों के तहत, बीएसबीडी (BSBD) खाताधारकों को प्रति माह मिलने वाले पहले 4 कैश विड्रॉल (निकासी) पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे। लेकिन जैसे ही कोई ग्राहक एक कैलेंडर माह में चार बार से अधिक कैश निकालेगा, पांचवें और उसके बाद के प्रत्येक कैश विड्रॉल ट्रांजैक्शन पर ₹15 और उस पर लगने वाला अतिरिक्त जीएसटी (GST) शुल्क के रूप में काटा जाएगा।यह शुल्क शाखा (Branch) काउंटर से निकासी, एसबीआई और अन्य बैंकों के एटीएम से कैश निकालने और आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के जरिए किए जाने वाले कैश ट्रांजैक्शन पर समान रूप से लागू होगा।डिजिटल लेनदेन पर नहीं लगेगा कोई प्रतिबंधएसबीआई ने साफ किया है कि नकदी निकासी के नियमों को कड़ा करने के बावजूद डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को पूरी तरह राहत दी गई है। यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एनईएफटी (NEFT) और आरटीजीएस (RTGS) के जरिए किए जाने वाले सभी प्रकार के डिजिटल ट्रांसफर पूरी तरह से निःशुल्क रहेंगे। डिजिटल लेनदेन की संख्या पर कोई मासिक सीमा नहीं लगाई गई है। बैंक का उद्देश्य ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा कैशलेस और डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रेरित करना है।किन खाताधारकों पर पड़ेगा इसका सीधा असर?यह नया संशोधन मुख्य रूप से बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBD) पर लागू होगा। यह खाता आमतौर पर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बिना किसी मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता के खोला जाता है।रेगुलर सेविंग्स बैंक अकाउंट (सामान्य बचत खाता) धारकों के लिए एटीएम और ब्रांच से जुड़े नियम उनकी मौजूदा कैटिगरी और मेट्रो व गैर-मेट्रो शहरों के हिसाब से पूर्ववत रहेंगे। हालांकि, बीएसबीडी खाताधारकों को अब महीने के अपने कैश खर्चों की योजना पहले से बनानी होगी, ताकि वे अतिरिक्त चार्ज से बच सकें।अतिरिक्त चार्ज से बचने के लिए क्या करें ग्राहक?डिजिटल मोड का इस्तेमाल: दैनिक खरीदारी और बिल भुगतान के लिए यूपीआई (UPI) या रुपे डेबिट कार्ड से ऑनलाइन पेमेंट करें।एकमुश्त निकासी: बार-बार छोटे-छोटे अमाउंट निकालने के बजाय महीने की शुरुआत में ही जरूरत के हिसाब से बड़ी राशि एक बार में निकालें ताकि 4 मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा पार न हो।मिनी स्टेटमेंट और बैलेंस चेक: बैलेंस चेक करने या स्टेटमेंट देखने के लिए एटीएम के बजाय बैंक के व्हाट्सएप बैंकिंग, एसएमएस या योनो (YONO) ऐप का सहारा लें।
उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी, इकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल, पद्म विभूषण श्रद्धेय स्व. कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पांचवीं पुण्यतिथि एवं हिन्दू गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के भव्य मंदिर का निर्माण श्रद्धेय कल्याण सिंह बाबूजी के त्याग, संकल्प और श्रीराम के प्रति उनकी अटूट आस्था की गौरवपूर्ण परिणति है। मुख्यमंत्री पद का त्याग कर उन्होंने जिस प्रतिबद्धता का परिचय दिया, उसने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा दी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की देखरेख में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण पूर्ण हुआ है, जिससे देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं तथा समस्त हिन्दू समाज का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।
मेघालय में भड़की हिंसा, सरकारी संपत्तियों पर आगजनी; पुलिस चौकी पर फेंका पेट्रोल बम
मेघालय में पिछले 24 घंटों में सरकारी संपत्तियों पर आगजनी और पेट्रोल बम से हमले हुए हैं, जो शिलांग में छात्र रैली के बाद भड़की हिंसा का विस्तार है।
भारतीय परिवारों में यह एक आम परंपरा है कि जब कोई व्यक्ति किसी जरूरी काम या यात्रा के लिए घर से बाहर निकल रहा हो, तो उसे पीछे से आवाज देकर रोकना या 'कहां जा रहे हो' पूछना वर्जित माना जाता है। बड़े-बुजुर्गों का मानना है कि ऐसा करने से काम बिगड़ जाता है या रास्ते में कोई अड़चन आ सकती है। हालांकि कई लोग इसे केवल अंधविश्वास मानते हैं, लेकिन गहराई से देखें तो इस प्राचीन मान्यता के पीछे मनोवैज्ञानिक (Psychological) और वैज्ञानिक आधार भी जुड़े हुए हैं।एकाग्रता और मानसिक फोकस का टूटना (Psychological Impact)जब कोई व्यक्ति किसी विशेष कार्य, इंटरव्यू, परीक्षा, बिजनेस मीटिंग या लंबी यात्रा के लिए घर से निकलता है, तो उसका मस्तिष्क उस कार्य की तैयारी और योजना पर पूरी तरह केंद्रित होता है।अचानक पीछे से आवाज देकर टोकने पर व्यक्ति का ध्यान और माइंडसेट अचानक टूट जाता है। इस व्याकुलता (Distraction) के कारण कई बार लोग जरूरी कागजात, वॉलेट, चाबियां या टिकट भूल जाते हैं। इसके अलावा, अचानक रुकावट आने से व्यक्ति के भीतर हल्की झुंझलाहट या घबराहट पैदा हो सकती है, जो उसके आत्मविश्वास को प्रभावित करती है।ऊर्जा और सकारात्मक संकल्प में रुकावटप्राचीन भारतीय परंपराओं और ऊर्जा विज्ञान के अनुसार, जब कोई व्यक्ति किसी शुभ काम के लिए कदम बढ़ाता है, तो वह एक सकारात्मक संकल्प (Positive Momentum) के साथ आगे बढ़ रहा होता है।यात्रा शुरू होते ही रोक-टोक करने से उस सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में अवरोध आता है। इससे व्यक्ति के मन में अनजाने में यह विचार आ सकता है कि शायद समय अनुकूल नहीं है या कोई विघ्न आ सकता है। यह 'सबकॉन्शियस डाउट' (अवचेतन मन का संशय) उसके काम के प्रदर्शन पर नकारात्मक असर डाल सकता है।प्राचीन काल की सुरक्षा और व्यावहारिक आवश्यकतापुराने समय में जब यातायात के आधुनिक साधन नहीं थे, लोग पैदल, बैलगाड़ी या घोड़ों पर लंबी यात्राओं पर जाते थे। उस समय यात्रा का समय, मौसम और ग्रहों के मुहूर्त देखकर निकला जाता था।यदि किसी को पीछे से रोक लिया जाता था, तो उसकी यात्रा में विलंब हो जाता था, जिससे अंधेरा होने से पहले गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था और जंगली जानवरों या डाकुओं का खतरा बढ़ जाता था। इसलिए समय की पाबंदी को बनाए रखने के लिए टोकने की मनाही की गई थी।यदि किसी ने पीछे से टोक दिया हो, तो क्या करें?यदि अनजाने में किसी ने घर से निकलते समय आवाज लगा दी हो, तो घबराने या गुस्सा होने के बजाय इन आसान और व्यावहारिक उपायों को अपनाया जा सकता है:दो मिनट का विराम लें: तुरंत भागने के बजाय 1-2 मिनट शांति से बैठें या खड़े रहें।एक घूंट पानी पिएं: थोड़ा सा जल पीने से मस्तिष्क शांत होता है और ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।ईष्ट देव का स्मरण: अपने मन में सकारात्मक विचार लाएं और अपने आराध्य का ध्यान करके नए सिरे से कदम बढ़ाएं।
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी गैंग्सटर्स एक्ट को बताया मृत कानून, कहा- दुरुपयोग की आशंका
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश गैंग्सटर्स एक्ट को स्टिलबार्न बताते हुए कहा कि इसमें दुरुपयोग की काफी संभावनाएं हैं क्योंकि यह किसी व्यक्ति को केवल गैंग्सटर करार दिए जाने पर दंडित करता है।
महाभारत काल के सबसे बुद्धिमान और धर्मनिष्ठ मार्गदर्शकों में महात्मा विदुर का नाम शीर्ष पर आता है। हस्तिनापुर के महामंत्री के रूप में उन्होंने राजा धृतराष्ट्र को जीवन, शासन और मानव स्वभाव से जुड़े जो उपदेश दिए थे, वे आज सदियों बाद भी उतने ही प्रासंगिक हैं। 'विदुर नीति' केवल प्राचीन ग्रंथ नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन के संकटों से बाहर निकलने और कठिन परिस्थितियों में पक्की सफलता हासिल करने की एक व्यावहारिक गाइडबुक है।1. लक्ष्य को गुप्त रखें और काम पूरा होने पर ही बोलेंविदुर नीति के अनुसार, बुद्धिमान व्यक्ति अपने महत्वपूर्ण निर्णयों, योजनाओं और भावी रणनीतियों को समय से पहले सार्वजनिक नहीं करता। जब तक कोई कार्य पूरी तरह से सफल न हो जाए, तब तक उस पर मौन रहना ही समझदारी है।अक्सर पहले से योजना का ढिंढोरा पीटने से उसमें नकारात्मक रुकावटें आती हैं और विरोधी सतर्क हो जाते हैं। महात्मा विदुर कहते हैं कि व्यक्ति के काम को उसकी योजना से पहले उसके परिणामों के रूप में सामने आना चाहिए।2. अति-क्रोध, अहंकार और ईर्ष्या से खुद को बचाएंविदुर जी का मानना है कि मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसका अनियंत्रित क्रोध और अहंकार होता है। क्रोध बुद्धि का नाश करता है और विवेकहीन मन कभी सही निर्णय नहीं ले सकता।जो व्यक्ति दूसरों की प्रगति देखकर ईर्ष्या करता है या खुद को सर्वोपरि मानकर अहंकार में चूर रहता है, उसका पतन निश्चित होता है। किसी भी विपरीत परिस्थिति में अपने मन को शांत रखकर लिया गया संतुलित फैसला ही विजय का मार्ग खोलता है।3. क्षमता से अधिक दिखावा और आलस्य ही विफलता की जड़सफलता पाने के लिए व्यक्ति को अपनी वास्तविक क्षमताओं, वित्तीय स्थिति और सीमाओं का सटीक ज्ञान होना बेहद जरूरी है। महात्मा विदुर के अनुसार, जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे अपनी आय से अधिक खर्च करता है और केवल दिखावे के लिए जीता है, वह जीवनभर तनाव और कर्ज के जाल में फंसा रहता है।इसके साथ ही, आलस्य और काम टालने की आदत को विदुर जी ने मनुष्य के भीतर छिपा विष माना है। निरंतर अभ्यास और समय की कद्र ही सफलता का असली आधार है।4. अयोग्य और स्वार्थी लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा न करेंविदुर नीति स्पष्ट कहती है कि मनुष्य को मित्र और सलाहकार चुनते समय बेहद सतर्क रहना चाहिए। जो व्यक्ति केवल आपके सामने मीठा बोलता है और पीठ पीछे बुराई करता है, उससे तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए।बिना सोचे-समझे किसी पर अत्यधिक भरोसा करना खुद को संकट में डालने जैसा है। सच्चे मित्र और मार्गदर्शक वही हैं जो संकट के समय सच बोलने का साहस रखें और निस्वार्थ भाव से सही सलाह दें।5. सुख और दुख में समान भाव बनाए रखना ही असली शक्तिसफलता का असली मंत्र यह है कि व्यक्ति अनुकूल समय में अहंकारी न बने और प्रतिकूल समय में विचलित होकर धैर्य न खोए। जो व्यक्ति जीवन के उतार-चढ़ाव को सामान्य प्रक्रिया मानकर अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहता है, दुनिया की कोई भी ताकत उसे सफल होने से नहीं रोक सकती।
धर्मनगरी हरिद्वार और उससे सटे राजाजी नेशनल पार्क के घने जंगलों की तलहटी में कई ऐसे पौराणिक और रहस्यमयी स्थान मौजूद हैं, जिनका संबंध सीधे देवाधिदेव महादेव के अलौकिक स्वरूप से जुड़ा है। इन्हीं में से एक बेहद चर्चित और रहस्यमयी मान्यता उस प्राचीन वटवृक्ष और जंगल के कोने से जुड़ी है, जहां माना जाता है कि भगवान शिव के प्रिय गण, भूत-प्रेत और अदृश्य शक्तियां आज भी वास करती हैं। स्थानीय लोग और साधु-संत इस स्थान को केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष दैवीय ऊर्जा का केंद्र मानते हैं।शिव की बारात और घने जंगलों में भूतों का डेरापौराणिक कथाओं और शिव महापुराण के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती से विवाह करने के लिए कनखल (हरिद्वार) की ओर जा रहे थे, तब उनके साथ देवी-देवताओं के अलावा उनके प्रिय गण, भूत, प्रेत, पिशाच और डाकिनी-शाकिनी की पूरी बारात शामिल थी।कहा जाता है कि कनखल में राजा दक्ष के महल में प्रवेश करने से पहले भगवान शिव ने अपने गणों और बारात के साथ जंगलों के बीच एक विशालकाय वृक्ष की छांव में विश्राम किया था। जब राजा दक्ष और वहां मौजूद लोगों ने शिव के इस भयानक और विचित्र गणों वाले रूप को देखा, तो वे भयभीत हो गए। मान्यता है कि उस विश्राम स्थल पर शिवजी ने अपने गणों को हमेशा के लिए उस वन क्षेत्र की रक्षा करने और वहां वास करने का वरदान दिया था।कनखल और भूतनाथ धाम का रहस्यमयी वटवृक्षहरिद्वार के कनखल क्षेत्र स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर और स्वर्गाश्रम-जंगल सीमा पर स्थित 'भूतनाथ' क्षेत्र में एक अत्यंत प्राचीन वृक्ष मौजूद है। यह पेड़ कई सौ साल पुराना बताया जाता है, जिसकी विशालकाय जटाएं जमीन से लेकर आसमान तक फैली हुई हैं।स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद इस घने जंगली क्षेत्र में एक अजीब सी ऊर्जा और शांति महसूस होती है। मान्यता है कि शिव के गण आज भी सूक्ष्म रूप में इस वृक्ष की शाखाओं और आसपास की प्रकृति में वास करते हैं। यही कारण है कि स्थानीय लोग शाम ढलने के बाद इस क्षेत्र में बिना कारण जाने से बचते हैं और केवल पूर्ण श्रद्धा व शुद्ध मन से ही यहां पूजन-अर्चन किया जाता है।साधु-संतों और तांत्रिकों के लिए सिद्ध साधना स्थलीहरिद्वार का यह जंगली और एकांत क्षेत्र सदियों से अघोरियों, तांत्रिकों और उच्च कोटि के साधकों के लिए गुप्त साधना का केंद्र रहा है। भगवान शिव को 'भूतनाथ' यानी भूतों और आत्माओं का स्वामी कहा गया है।साधकों का मानना है कि इस पवित्र वृक्ष के नीचे बैठकर महामृत्युंजय मंत्र या शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को भय, अकाल मृत्यु के डर और नकारात्मक ऊर्जाओं से तुरंत मुक्ति मिल जाती है। जो ऊर्जा आम इंसान को भयभीत करती है, वही ऊर्जा शिवभक्तों के लिए परम सुरक्षा कवच का काम करती है।दक्षेश्वर महादेव और सती के यज्ञ कुंड से सीधा जुड़ावइस रहस्यमयी स्थान का इतिहास राजा दक्ष के उस ऐतिहासिक यज्ञ से भी अभिन्न रूप से जुड़ा है, जहां देवी सती ने अपने पिता द्वारा महादेव का अपमान किए जाने पर यज्ञ कुंड में आत्मदाह कर लिया था। इसके बाद भगवान शिव के आदेश पर वीरभद्र और उनके गणों ने दक्ष के यज्ञ का विध्वंस किया था।इतिहासकारों और श्रद्धालुओं के अनुसार, हरिद्वार का यह पूरा इलाका केवल आस्था का तीर्थ नहीं है, बल्कि यहां की हरियाली, पर्वत और प्राचीन वृक्ष शिव और शक्ति के उस महाविनाश और पुनर्जन्म की कहानी के जीवंत साक्षी हैं।
भारत केवल आस्था और धर्म का केंद्र नहीं है, बल्कि यह प्राचीन स्थापत्य कला और ऐसे अनसुलझे रहस्यों की भूमि भी है जिन्हें आज का आधुनिक विज्ञान भी पूरी तरह से समझने में असमर्थ रहा है। देश में कई ऐसे ऐतिहासिक मंदिर मौजूद हैं, जिनकी संरचना, प्राकृतिक घटनाएं और चमत्कारी मान्यताएं किसी को भी हैरान कर देती हैं। कहीं हजारों चूहों का राज है, तो कहीं बिना नींव के सैकड़ों टन वजनी पत्थर हवा में टिके हैं।1. करणी माता मंदिर (देशनोक, राजस्थान): 25,000 चूहों का अनोखा धामराजस्थान के बीकानेर से करीब 30 किलोमीटर दूर देशनोक में स्थित करणी माता का मंदिर दुनियाभर में 'चूहों वाले मंदिर' के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर प्रांगण में लगभग 25,000 काले चूहे (जिन्हें 'काबा' कहा जाता है) स्वच्छंद रूप से घूमते हैं।सबसे बड़ा रहस्य यह है कि मंदिर में हजारों चूहों के खुलेआम घूमने और भक्तों द्वारा उनका जूठा किया हुआ प्रसाद खाने के बावजूद आज तक यहां कभी प्लेग या कोई संक्रामक बीमारी नहीं फैली। मंदिर में सफेद चूहे का दिखना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसे स्वयं करणी माता का साक्षात स्वरूप माना गया है।2. अचलेश्वर महादेव मंदिर (धौलपुर, राजस्थान): दिन में तीन रंग बदलने वाला शिवलिंगराजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर धौलपुर के पास स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के सबसे अनोखे धामों में से एक है। इस मंदिर में स्थापित प्राचीन शिवलिंग दिनभर में तीन बार अपना रंग बदलता है।सुबह के समय यह शिवलिंग लाल रंग का दिखाई देता है, दोपहर में इसका रंग केसरिया हो जाता है और शाम होते-होते यह गहरे सांवले या गेहूंए रंग में बदल जाता है। भूवैज्ञानिकों ने पत्थरों की संरचना और सूर्य की किरणों के अपवर्तन पर कई शोध किए, लेकिन इस रंग परिवर्तन का कोई ठोस वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं निकल सका। इसके अलावा, शिवलिंग का निचला सिरा पाताल लोक से जुड़ा माना जाता है, जिसकी गहराई नापने की कई कोशिशें आज तक नाकाम रही हैं।3. लेपाक्षी मंदिर (आंध्र प्रदेश): हवा में झूलता हुआ खंभा (Hanging Pillar)आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थित 16वीं सदी का वीरभद्र (लेपाक्षी) मंदिर अपनी विजयनगर वास्तुकला और रहस्यमयी 'हैंगिंग पिलर' के लिए विश्वविख्यात है।मंदिर परिसर में कुल 70 विशालकाय नक्काशीदार पत्थर के खंभे हैं, जिनमें से एक खंभा जमीन को बिल्कुल नहीं छूता और पूरी तरह हवा में लटका हुआ है। ब्रिटिश शासनकाल में एक इंजीनियर ने इस खंभे के रहस्य को समझने के लिए इसे हिलाने की कोशिश की थी, जिससे पूरा मंदिर ढांचा हिलने लगा था। मान्यता है कि इस खंभे के नीचे से कपड़ा निकालने पर घर में सुख-समृद्धि आती है।4. जगन्नाथ पुरी मंदिर (ओडिशा): हवा के विपरीत लहराता ध्वज और मौन समुद्रचार धामों में से एक ओडिशा का जगन्नाथ मंदिर चमत्कारों की खान माना जाता है। इस मंदिर के शिखर पर लगा ध्वज (पतित पावन) हमेशा हवा की दिशा के विपरीत लहराता है।इसके अलावा, मंदिर के शीर्ष पर स्थित 20 फीट ऊंचा और कई टन भारी 'सुदर्शन चक्र' शहर के किसी भी कोने से देखने पर हमेशा आपकी तरफ ही मुंह किए हुए दिखाई देता है। मंदिर के सिंहद्वार के अंदर कदम रखते ही बाहर की विशाल समुद्र की लहरों की आवाज पूरी तरह गायब हो जाती है, जबकि एक कदम बाहर आते ही गर्जना फिर सुनाई देने लगती है।5. कैलास मंदिर (एलोरा, महाराष्ट्र): ऊपर से नीचे तराशा गया अखंड पाषाण विस्मयमहाराष्ट्र के औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) में स्थित एलोरा की गुफा संख्या 16 में बना कैलास मंदिर मानव इतिहास की सबसे जटिल और रहस्यमयी स्थापत्य कला का उदाहरण है। इस पूरे दो मंजिला विशाल मंदिर को नीचे से ऊपर नहीं, बल्कि एक ही विशालकाय ठोस पहाड़ को ऊपर से नीचे की तरफ काटकर (Top-to-Bottom Carving) बनाया गया है।पुरातत्वविदों के अनुसार, इसे बनाने के लिए लगभग 2 से 4 लाख टन पत्थर को काटा गया था। 8वीं शताब्दी में बिना किसी आधुनिक क्रेन, लेजर तकनीक या कंप्यूटर मॉडलिंग के इतने सटीक अनुपातिक मंदिर का निर्माण करना आज के अत्याधुनिक इंजीनियरिंग युग में भी लगभग असंभव माना जाता है।
Vrindavan में Omaxe Mall की शटरिंग गिरने से 3 मजदूरों की मौत, कई घायल
वृंदावन में शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की शटरिंग गिर जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई तथा कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। ओमैक्स के महाप्रबंधक आर. के. जैन ने बताया कि यह घटना सुबह करीब सात बजे वृंदावन कोतवाली थाना क्षेत्र के रुक्मिणी विहार इलाके में स्थित ओमैक्स मॉल निर्माण स्थल पर हुई। उस समय मजदूर चौथी मंजिल पर बाहर निकले हुए स्लैब के लिए कंक्रीट डालने का काम कर रहे थे। शटरिंग गिर जाने से कई मजदूर उसके नीचे दब गए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचित किया। पुलिस व दमकल विभाग ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से घायलों को मलबे में से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि नेपाल निवासी मजदूर शिवराम (42) की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी पहचान पश्चिम बंगाल के रफीकुल और आलम (दोनों की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच) के रूप में की गई है। दिलदार सिंह (40) की स्थिति बेहद नाजुक देखते हुए उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। अन्य कई मजदूरों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि दमकल विभाग ने घटनास्थल पर छानबीन कर ली है और अब कोई अन्य मजदूर वहां दबा हुआ नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शटरिंग गिरने के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के परिवारों की शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मौजूद ओमैक्स के महाप्रबंधक जैन ने भी परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को चिकित्सा उपचार और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मॉल का निर्माण करने वाली निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि चन्द्रशेखर शुक्ला ने एक बयान में घोषणा की कि कंपनी तीन मृत श्रमिकों में से प्रत्येक के परिजनों को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और सभी घायलों के चिकित्सा उपचार के अलावा, उनके आश्रितों को दो लाख रुपये प्रदान करेगी। मृतकों के परिजन प्रत्येक परिवार के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में, जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण से अनुमोदन के बाद क्रियान्वित की जा रही थी, लेकिन इसकी गहन जांच की आवश्यकता है कि यह घटना कैसे हुई और कहां चूक हुई। उन्होंने कहा कि इस जांच की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी जा रही है। सिंह ने कहा कि जांच में शटरिंग गिरने के कारणों के साथ-साथ निर्माण के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। यह भी सत्यापित किया जाएगा कि क्या शटरिंग तकनीकी विशिष्टताओं के अनुसार स्थापित की गई थी और क्या श्रमिकों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना की जवाबदेही तय की जाएगी।
बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन रामपाल और उनकी लॉन्ग-टाइम पार्टनर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स (Gabriella Demetriades) ने अपने रिश्ते को आधिकारिक नाम दे दिया है। लगभग सात साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने और दो बच्चों के माता-पिता बनने के बाद इस खूबसूरत जोड़े ने बेहद सादगी भरे अंदाज में शादी कर ली है। दोनों ने गोवा में अपनी शादी को कानूनी रूप से रजिस्टर कराया है, जिसकी तस्वीरें और खबरें सामने आते ही बॉलीवुड और फैंस की तरफ से बधाइयों का तांता लग गया है।गोवा में बिना किसी तामझाम के रचाई कोर्ट मैरिजअक्सर बॉलीवुड सेलेब्स की शादियां भारी-भरकम बजट और डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए चर्चा में रहती हैं, लेकिन अर्जुन और गैब्रिएला ने इसके उलट बेहद निजी और सादा रास्ता चुना।मिली जानकारी के अनुसार, दोनों ने गोवा के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में केवल अपने बेहद करीबी दोस्तों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में शादी के कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान कपल बेहद कैजुअल और एलिगेंट लुक में नजर आया। दोनों लंबे समय से गोवा को अपना पसंदीदा ठिकाना मानते रहे हैं, इसलिए उन्होंने इस खास मौके के लिए इसी खूबसूरत जगह को चुना।IPL पार्टी से शुरू हुई थी पहली मुलाकात और प्यार का सिलसिलाअर्जुन रामपाल और साउथ अफ्रीकी मॉडल-फैशन डिजाइनर गैब्रिएला की प्रेम कहानी की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। दोनों की पहली मुलाकात कॉमन दोस्तों के जरिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की एक आफ्टर-पार्टी में हुई थी।शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच खेल, फिटनेस, आर्ट और म्यूजिक को लेकर कई समानताएं सामने आईं। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने एक-दूसरे के साथ समय बिताना शुरू कर दिया। साल 2019 में अर्जुन ने पहली बार सोशल मीडिया पर गैब्रिएला की प्रेग्नेंसी की घोषणा करते हुए अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था।दो बच्चों के माता-पिता हैं अर्जुन और गैब्रिएलाअर्जुन और गैब्रिएला के दो प्यारे बेटे हैं—अरिक (Arik) जिनका जन्म 2019 में हुआ था, और अर्विन (Aravin) जो 2023 में जन्मे।कई साक्षात्कारों में दोनों ने हमेशा इस बात पर जोर दिया था कि रिश्ते की मजबूती के लिए शादी का सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज होना अनिवार्य नहीं है, बल्कि आपसी प्यार, समझ और सम्मान सबसे ज्यादा मायने रखता है। हालांकि, अब सात साल के मजबूत रिश्ते और परिवार के पूरा होने के बाद दोनों ने कानूनी और औपचारिक तौर पर एक-दूसरे का हमसफर बनने का फैसला किया।अर्जुन रामपाल की पिछली शादी और पारिवारिक तालमेलअर्जुन रामपाल की पहली शादी पूर्व मिस इंडिया और सुपरमॉडल मेहर जेसिया (Mehr Jesia) से 1998 में हुई थी। 21 साल की शादी के बाद दोनों ने 2019 में कानूनी रूप से तलाक ले लिया था। पहली शादी से अर्जुन की दो बेटियां हैं—माहिका और मायरा।खास बात यह है कि अर्जुन की दोनों बेटियां भी अपने पिता के नए जीवन, गैब्रिएला और दोनों छोटे भाइयों के साथ एक बेहतरीन और प्यार भरा पारिवारिक बॉन्ड साझा करती हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर पूरे परिवार की साथ में तस्वीरें सामने आती रहती हैं।फैशन और सिनेमा जगत में दोनों की अलग पहचानअर्जुन रामपाल जहां 'रॉक ऑन', 'ओम शांति ओम', 'राजनीति' और 'डॉन' जैसी फिल्मों में अपने संजीदा अभिनय के लिए जाने जाते हैं, वहीं गैब्रिएला एक सफल उद्यमी और फैशन लेबल 'Dm' की फाउंडर हैं। दोनों की शादी की खबर पर फिल्मी हस्तियों ने अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं।
ग्रामीण भारत में इंटरनेट क्रांति लाएगा स्टारलिंक, एलन मस्क की बड़ी पेशकश
एलन मस्क ने भारत के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्टारलिंक इंटरनेट पहुंचाने की पेशकश की है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पारंपरिक नेटवर्क मुश्किल है।
सुपरस्टार रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जेलर' के सीक्वल 'जेलर 2' (Hukum) को लेकर दर्शकों का इंतजार अब बड़े उत्साह में बदल चुका है। फिल्म का पहला धमाकेदार ट्रैक रिलीज कर दिया गया है। पिछली फिल्म में जहां तमन्ना भाटिया के 'कावाला' (Kaavaalaa) गाने ने इंटरनेट पर तहलका मचाया था, वहीं इस बार मेकर्स ने अभिनेत्री और क्लासिकल डांसर शमना कासिम (पूर्णा) को स्क्रीन पर उतारा है। गाना रिलीज होते ही चार्टबस्टर बन गया है, लेकिन इसके साथ ही एक नए विवाद ने भी जन्म ले लिया है।तमन्ना के 'कावाला' के बाद शमना कासिम का जबरदस्त डांस मूव्स'जेलर' के पहले भाग में तमन्ना भाटिया का हुक-स्टेप ग्लोबल ट्रेंड बन गया था। ऐसे में 'जेलर 2' के पहले गाने को लेकर फैंस की उम्मीदें काफी ऊंची थीं। मेकर्स ने इस बार साउथ की लोकप्रिय अभिनेत्री शमना कासिम पर बड़ा दांव खेला है।गाने के विजुअल्स में शमना कासिम का हाई-एनर्जी डांस और एक्सप्रेशंस दर्शकों को काफी पसंद आ रहे हैं। संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर की बीट्स और रजनीकांत की सिग्नेचर स्क्रीन प्रेजेंस ने गाने को रिलीज के कुछ ही घंटों में यूट्यूब पर ट्रेंडिंग लिस्ट में शीर्ष पर पहुंचा दिया है।मलयालम उच्चारण को लेकर सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी बहस?गाने के म्यूजिक और कोरियोग्राफी की जहां जमकर तारीफ हो रही है, वहीं इसके लिरिक्स में इस्तेमाल किए गए मलयालम शब्दों और उच्चारण (Malayalam Pronunciation) को लेकर विवाद शुरू हो गया है।केरल और सोशल मीडिया के तमिल-मलयालम दर्शकों के एक वर्ग का आरोप है कि गाने में शामिल मलयालम पंक्तियों का डिक्शन और उच्चारण सही नहीं है। नेटिजन्स का कहना है कि अनिरुद्ध और गायकों ने शब्दों के टोन को सही तरीके से पेश नहीं किया, जिससे शब्दों का मूल अर्थ और स्थानीय फ्लेवर प्रभावित हुआ है।अनिरुद्ध के म्यूजिक पर मिली-जुली प्रतिक्रियाअनिरुद्ध रविचंदर अपने गानों में अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं और लोक-धुनों (Folk Beats) के फ्यूजन के लिए जाने जाते हैं। कई फैंस का तर्क है कि यह एक फास्ट-पेस्ड कमर्शियल मास ट्रैक है, जिसे सिनेमाई जरूरत के हिसाब से ढाला गया है, इसलिए इसमें भाषा के व्याकरण या कठोर उच्चारण को मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। वहीं, आलोचकों का मानना है कि दक्षिण भारतीय भाषाओं के सही उच्चारण का ध्यान रखा जाना जरूरी है।'जेलर 2' से क्या हैं दर्शकों की उम्मीदें?नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बन रही 'जेलर 2' को लेकर पैन-इंडिया स्तर पर जबरदस्त बज बना हुआ है। 'जेलर' ने बॉक्स ऑफिस पर 600 करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक कमाई की थी। सीक्वल में रजनीकांत के 'मुथुवेल पांडियन' वाले किरदार को और भी अधिक आक्रामक और रोमांचक अंदाज में पेश किए जाने की चर्चा है।गाने को लेकर चल रहे विवाद के बावजूद यह ट्रैक सोशल मीडिया रील्स और शॉर्ट्स पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने फिल्म के प्रचार को एक नई गति दे दी है।
हरियाणा में किसान आंदोलन और प्रदर्शनों के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए साहिल लोचब का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा साहिल और उनके परिवार के समर्थन में पुलिस थाने पहुंचकर धरने पर बैठने के बाद इस पूरे घटनाक्रम ने बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। साहिल लोचब उस दर्द और संघर्ष का चेहरा बन चुके हैं, जिसकी गूंज अब संसद से लेकर सड़कों तक सुनाई दे रही है।कौन हैं साहिल लोचब?साहिल लोचब हरियाणा के रोहतक-जींद क्षेत्र के एक सामान्य किसान परिवार से आने वाले युवा हैं। वे किसान आंदोलन और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।फरवरी-मार्च 2024 के दौरान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच हुए टकराव के दौरान साहिल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आंदोलन स्थल पर सुरक्षा बलों द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चलाए गए पैलेट गन (छर्रे) और रबर बुलेट की सीधी चपेट में साहिल आ गए थे।शरीर में 200 से अधिक छर्रे और आंख की रोशनी पर गहरा आघातअस्पताल में जांच और प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने पाया कि साहिल के चेहरे, सीने, गर्दन और सिर के हिस्से में 200 से अधिक छर्रे (pellets) धंसे हुए थे। सबसे गहरा असर उनकी आंखों पर पड़ा, जहां छर्रों के कारण उनकी एक आंख की लगभग 99% रोशनी चली गई और दूसरी आंख पर भी गंभीर असर पड़ा।लंबे समय तक पीजीआईएमएस (PGIMS) रोहतक और बाद में दिल्ली के उच्च चिकित्सा संस्थानों में साहिल का इलाज चला। कई ऑपरेशनों के बावजूद शरीर के बेहद संवेदनशील और नसों के करीब होने के कारण सभी छर्रों को पूरी तरह से बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। साहिल आज भी शारीरिक असहनीय दर्द और आंशिक दृष्टिहीनता के साथ जीवन जीने को मजबूर हैं।राहुल गांधी के थाने में धरने पर बैठने की पूरी वजहइस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब पीड़ित परिवार और स्थानीय किसान नेताओं ने पुलिस और प्रशासन पर मामले में ढिलाई बरतने, उचित एफआईआर दर्ज न करने और प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।पीड़ित साहिल लोचब से मुलाकात करने पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रशासन के इस रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया। परिवार को न्याय दिलाने, दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और घायल साहिल को उचित मुआवजा व जीवनयापन सहायता दिए जाने की मांग को लेकर राहुल गांधी कांग्रेस नेताओं के साथ स्थानीय पुलिस थाने पहुंचे और जमीन पर बैठकर धरने पर शामिल हो गए।राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उठा सवालराहुल गांधी के इस कदम के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर इस स्तर का घातक बल प्रयोग क्यों किया गया। मानवाधिकार संगठनों ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए हैं।दूसरी ओर, प्रशासनिक और पुलिस सूत्रों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बैरिकेड्स तोड़ने से रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत सीमित बल प्रयोग किया गया था और पुलिस किसी भी तरह की कानूनी प्रक्रिया में पक्षपात नहीं कर रही है।न्याय की उम्मीद में साहिल का परिवारसाहिल लोचब के परिवार का कहना है कि उनका बेटा कोई अपराधी नहीं बल्कि अपने हक की आवाज उठाने गया एक नौजवान था। परिवार की मांग है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि साहिल के भविष्य के लिए स्थायी आर्थिक सुरक्षा, बेहतर मेडिकल सहायता और दोषियों पर जवाबदेही तय की जाए।
रात में खुले आसमान के नीचे कपड़े सुखाना क्यों माना जाता है गलत: जानिए वैज्ञानिक और वास्तु सम्मत कारण
अक्सर घरों में बड़े-बुजुर्ग शाम ढलने के बाद बाहर सूख रहे कपड़ों को अंदर लाने की सलाह देते हैं। कई लोग इसे केवल पुरानी परंपरा या अंधविश्वास मान लेते हैं, लेकिन इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक (Scientific) और वास्तु/ज्योतिषीय (Vastu & Energetic) कारण मौजूद हैं।1. वैज्ञानिक और स्वास्थ्य से जुड़े कारण (Scientific Reasons)बैक्टीरिया और फंगस का खतरा: धूप प्राकृतिक सैनिटाइजर का काम करती है। सूर्य की पराबैंगनी किरणें (UV Rays) कपड़ों में मौजूद कीटाणुओं को नष्ट करती हैं। रात में धूप न होने और नमी अधिक होने के कारण कपड़े देर से सूखते हैं, जिससे उनमें फफूंद (Fungus) और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।कीड़े-मकौड़ों का छिपना: रात के समय कई छोटे कीड़े, मकड़ियां और मक्खियां कपड़ों की तहों या नमी वाली जगहों पर छिप जाते हैं। ऐसे कपड़े पहनने से त्वचा पर खुजली, एलर्जी या रैशेज (Dermatitis) हो सकते हैं।ओस और बदबू: रात में गिरने वाली ओस कपड़ों में सीलन पैदा करती है। इससे कपड़ों से एक अजीब सी दुर्गंध आने लगती है जो धोने के बाद भी आसानी से नहीं जाती।प्रदूषण और धूल के कण: रात के तापमान में गिरावट के कारण वातावरण में धूल और सूक्ष्म प्रदूषक कण नीचे बैठते हैं, जो गीले कपड़ों पर आसानी से चिपक जाते हैं।2. वास्तु और ज्योतिषीय दृष्टिकोण (Vastu & Astrological Aspects)नकारात्मक ऊर्जा का अवशोषण: वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energies) का प्रभाव बढ़ जाता है। गीले कपड़े ऊर्जा को तेजी से सोखते हैं। रात भर बाहर टंगे कपड़ों को पहनने से व्यक्ति के स्वभाव में चिड़चिड़ापन, सुस्ती और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।सूर्य ऊर्जा का अभाव: भारतीय परंपरा में सूर्य को सकारात्मकता, जीवन शक्ति और आरोग्यता का प्रतीक माना गया है। धूप में सूखे कपड़े शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जबकि रात में सूखे कपड़े ऊर्जा स्तर को कमजोर करते हैं।पारिवारिक शांति और समृद्धि पर असर: लोक मान्यताओं और वास्तु के अनुसार, रात में कपड़े खुले में छोड़ने से घर में दरिद्रता और गृह-क्लेश की स्थिति बन सकती है।कपड़े सुखाते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातेंसूर्यास्त से पहले समेटें: कपड़ों को दिन की धूप में सुखाएं और शाम होने से पहले उतार लें।रात में मजबूरी हो तो: यदि रात में कपड़े सुखाना मजबूरी हो, तो उन्हें बाहर खुले में टांगने के बजाय घर के अंदर, हवादार कमरे में पंखे के नीचे सुखाएं।प्रेस (Iron) का उपयोग: यदि कपड़े पूरी तरह नहीं सूखे हैं, तो उन्हें पहनने से पहले अच्छे से आयरन जरूर करें ताकि गर्माहट से बैक्टीरिया खत्म हो जाएं।
देश के कई प्रमुख शहरों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतें ₹100 से ₹105 प्रति किलोग्राम के आंकड़े को छू रही हैं और कुछ इलाकों में पार भी कर चुकी हैं। कभी मध्यम वर्ग और व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए सबसे सस्ता और किफायती विकल्प मानी जाने वाली सीएनजी अब पेट्रोल के दामों को सीधी टक्कर दे रही है। जिन लोगों ने पेट्रोल के भारी खर्च से बचने के लिए लाखों रुपये खर्च करके सीएनजी किट लगवाई थी या सीएनजी गाड़ियां खरीदी थीं, वे अब खुद को असमंजस की स्थिति में पा रहे हैं।सीएनजी के दामों में लगातार आग क्यों? जानिए पूरा गणितप्राकृतिक गैस की खुदरा कीमतों में इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर नीतियों में बदलाव जिम्मेदार हैं। भारत अपनी प्राकृतिक गैस की कुल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलएनजी (LNG) और कच्चे तेल के भाव बदलते हैं, तो उसका सीधा असर स्थानीय गैस वितरण कंपनियों की लागत पर पड़ता है।इसके अलावा, सरकार द्वारा दी जाने वाली घरेलू एपीएम (Administered Price Mechanism) गैस के कोटे में कटौती और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को महंगी आयातित गैस पर निर्भर होना पड़ रहा है। परिणामस्वरूप, गैस वितरण कंपनियों ने बढ़ी हुई इनपुट लागत का पूरा बोझ सीधे अंतिम उपभोक्ताओं की जेब पर डाल दिया है।पेट्रोल बनाम सीएनजी: क्या अब भी बचा है बचत का दायरा?अगर तुलनात्मक रूप से देखा जाए, तो पेट्रोल की मौजूदा कीमतें देश के अधिकांश राज्यों में ₹94 से ₹106 प्रति लीटर के बीच बनी हुई हैं। वहीं कई राज्यों और दूर-दराज के जिलों में सीएनजी ₹95 से ₹105 प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।कागजी तौर पर सीएनजी का माइलेज पेट्रोल के मुकाबले प्रति किलोग्राम कुछ किलोमीटर अधिक जरूर रहता है, लेकिन जब दोनों के खुदरा दामों में अंतर लगभग खत्म हो जाता है, तो वाहन मालिक की कुल बचत न के बराबर रह जाती है। सीएनजी किट का नियमित रखरखाव, बूट स्पेस (डिक्की) की कमी, हाइड्रो टेस्टिंग का खर्च और गैस भराने के लिए घंटों लंबी कतारों में लगने वाला समय जोड़ने के बाद यह सौदा अब पहले जैसा फायदेमंद नहीं दिखता।ऑटो और कैब ड्राइवरों की आजीविका पर सीधा प्रहारइस मूल्य वृद्धि का सबसे गंभीर प्रभाव ओला, उबर जैसी ऐप-आधारित टैक्सियों, ऑटो-रिक्शा चालकों और छोटे मालवाहक वाहन स्वामियों पर पड़ा है। महानगरों में कैब चलाकर गुजारा करने वाले चालकों का कहना है कि उनकी रोजाना की कमाई का लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा केवल ईंधन भराने में निकल जाता है।दूसरी ओर, एग्रीगेटर कंपनियों के किराए और यात्री भाड़े में उस अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे चालकों का दैनिक मुनाफा घटकर आधा रह गया है। कई शहरों में ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने किराया बढ़ाने या ईंधन पर लगने वाले टैक्स को कम करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी भी दी है।वैट और टैक्स का दोहरा मार: जीएसटी के दायरे से बाहर ईंधनसीएनजी की ऊंची कीमतों का एक बड़ा कारण कर ढांचा भी है। पेट्रोल और डीजल की तरह सीएनजी को भी अभी तक वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में नहीं लाया गया है। इसके चलते केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और अलग-अलग राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) दोनों मिलकर इसकी अंतिम कीमत को बहुत ऊंचा बना देते हैं।उदाहरण के तौर पर, दिल्ली-एनसीआर में जहां वैट की दरें अपेक्षाकृत संतुलित हैं, वहां सीएनजी लगभग ₹80-₹84 प्रति किलो के दायरे में है, लेकिन उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में वैट और अतिरिक्त ट्रांसपोर्टेशन लॉजिस्टिक्स जुड़ने के बाद यह दर ₹95 से ₹105 प्रति किलो तक पहुंच जाती है। राज्यों के बीच कीमतों का यह बड़ा अंतर सीधे तौर पर प्रांतीय टैक्स नीतियों को दर्शाता है।क्या कहते हैं ऑटोमोबाइल और ऊर्जा विशेषज्ञ?ऑटोमोबाइल सेक्टर के विश्लेषकों का मानना है कि यदि सीएनजी के दामों में स्थिरता नहीं आई, तो सीएनजी वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट आ सकती है। पिछले तीन वर्षों में कई कार निर्माताओं ने डीजल मॉडल बंद करके फैक्टरी-फिटेड सीएनजी गाड़ियों पर बड़ा दांव लगाया था।अब यदि ग्राहक को पेट्रोल और सीएनजी के परिचालन खर्च में उल्लेखनीय अंतर नहीं दिखेगा, तो वे सीएनजी के बजाय पेट्रोल हाइब्रिड या फिर सीधे इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर रुख करेंगे। हालांकि, देश में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी विकास के चरण में है, जिससे आम उपभोक्ता के सामने किफायती सफर का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।आगे की राह: क्या सरकार से राहत की उम्मीद है?जनता की नजरें अब केंद्र और राज्य सरकारों पर टिकी हैं। ऊर्जा जानकारों का सुझाव है कि सीएनजी को तुरंत जीएसटी के दायरे में लाया जाए, जिससे पूरे देश में एक समान और तर्कसंगत कर व्यवस्था लागू हो सके। साथ ही, घरेलू गैस आवंटन में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को उच्च प्राथमिकता देकर सब्सिडी या टैक्स छूट दी जाए, ताकि सार्वजनिक परिवहन और मध्यम वर्ग को महंगाई के इस दोहरे झटके से बचाया जा सके।
मुंबई: गणेश आगमन से पहले बीएमसी ने गड्ढों की मरम्मत में तेजी लाई, पांच दिनों में 68 फीसदी की कमी
पिछले हफ्ते बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने मेयर रितु तावड़े से मुलाकात कर गणेश मूर्तियों के आगमन से पहले गड्ढे भरने की मांग की थी।

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