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सावधान! यदि ये दोनों समस्याएं 2-3 सप्ताह तक बनी रहती हैं, तो यह मुंह का कैंसर

मुंह के कैंसर के लक्षण: राष्ट्रीय मुख कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार, भारत में हर साल मुख कैंसर के 60,000 नए मामले सामने आते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर घंटे 5 से अधिक लोग मुख कैंसर से अपनी जान गंवाते हैं। यह कैंसर 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में अधिक आम है। ऐसे में, मुख कैंसर के लक्षणों की समय पर पहचान करना और उपचार शुरू करना आवश्यक है। फोर्टिस अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. अम्बेस सिंह ने मुख कैंसर में होने वाली दो मुख्य समस्याओं के बारे में बताया है।मुंह के कैंसर के इन दो लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें।डॉक्टर कहते हैं कि इन दो लक्षणों को कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। ये मुंह के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।पहला लक्षण:मुंह में ऐसे घाव या छाले जो दो से तीन सप्ताह तक ठीक न हों या बार-बार हों।दूसरा लक्षण:मुंह में सफेद या लाल धब्बे, गांठें या लगातार खून आना।इन लक्षणों पर भी नजर रखें।भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार, मुंह के कैंसर में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:मुंह, चेहरे या गाल पर ऐसा घाव जो ठीक न हो।मुंह खोलने में समस्यागले में अटकनमुंह में दर्द, जबड़े और दांतों में दर्दचबाने या निगलने में समस्यामुंह के अंदर, होंठों या मसूड़ों पर सूजन और छाले पड़ना।त्वचा पर गांठबिना किसी कारण के मुंह से खून आना।आवाज में बदलाव।ढीले दांतबिना किसी कारण के वजन कम होना।यह लक्षण किसी भी बीमारी या किसी प्रकार के कैंसर में देखा जा सकता है। यदि ऐसे लक्षण लगातार दो सप्ताह तक दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच करवाना आवश्यक है।मुंह के कैंसर का खतरा किन लोगों को अधिक होता है?तंबाकू का सेवन करने वाले और सिगरेट पीने वाले लोगों को मुंह के कैंसर का खतरा अधिक होता है। शराब पीने वाले लोग भी जोखिम में होते हैं। खराब खान-पान रखने वाले, ह्यूमन पैपिलोमावायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और एड्स रोगियों को कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। सूर्य की पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आने से होंठ के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।अपने मुंह के कैंसर की जांच स्वयं करें।आईसीएमआर के अनुसार, आप स्वयं जांच करके देख सकते हैं कि आपके मुंह में कोई संदिग्ध निशान या असामान्य लक्षण तो नहीं हैं। इसके लिए, इन चरणों का पालन करें-सबसे पहले, अपने हाथ धो लें।अब अपनी उंगली से मुंह के अंदर जांच करें कि कोई गांठ तो नहीं है।अपना सिर पीछे की ओर झुकाएं और अपने मुंह के ऊपरी हिस्से को देखें कि क्या कोई गांठ बन रही है।अपनी जीभ बाहर निकालें और उंगली से उसे ऊपर उठाएं। जीभ के नीचे देखें कि सब कुछ सामान्य है या नहीं।गर्दन के दोनों तरफ जांच करें कि कहीं कोई गांठ या उभार तो नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 2:37 pm

दिल्ली में शानदार

नई दिल्ली। केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने तालकटोरा स्टेडिय

स्वतंत्र आवाज़ 5 Sep 2026 2:36 pm

कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, लश्कर का पाकिस्तानी कमांडर ढेर

कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, लश्कर का पाकिस्तानी कमांडर ढेर

आज तक 5 Sep 2026 2:34 pm

बिहार में बाढ़ और एमपी-राजस्थान समेत 19 राज्यों में भारी बारिश, जानें देशभर के मौसम का हाल

Weather Update : बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड, तमिलनाडु, ...

वेब दुनिया 5 Sep 2026 2:32 pm

Saharanpur Collectorate परिसर में अवैध घोषित मस्जिद पर चला प्रशासन का बुलडोजर

सहारनपुर, पांच सितंबर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अवैध मस्जिद को शनिवार तड़के गिरा दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस उपमहानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने पत्रकारों को बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा अवैध घोषित किए जाने के बाद आज प्रशासन ने इसे हटाने की कार्रवाई शुरू की। सिंह ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद जिला अदालत में अपील की गई थी लेकिन अपील खारिज होने के बाद सरकारी भूमि को खाली कराने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। मामले के अनुसार, वर्ष 2025 में इस मस्जिद को अवैध बताते हुए बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक विकास त्यागी ने नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को नगर मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध माना और अपने फैसले में इसे हटाने का आदेश दिया। मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला अदालत में अपील की और करीब डेढ़ माह की सुनवाई के बाद जिला न्यायाधीश ने नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को बहाल रखते हुए मामले में दखल देने से इनकार कर दिया। सिंह ने कहा कि पूरी कार्यवाही निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है, और साथ ही प्रशासन की ओर से किसी भी स्थिति से निपटने एवं शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि मौके पर पांच बटालियन पीएसी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, साथ ही संवेदनशील स्थानों पर पुलिस अधिकारियों की निगरानी बराबर बनी हुई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘ सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आए दिन मस्जिदों को काफी आपाधापी में अवैध बताकर ध्वस्त करने का जो सरकारी अभियान चल रहा है, वह ठीक नहीं है। सरकार को ऐसे नकारात्मक हालात से बचने के लिए इस पर तत्काल रोक लगाकर समाधान के अन्य उपाय करने चाहिए।’’उन्होंने कहा, ‘‘एक संवैधानिक धर्मनिरपेक्ष सरकार का दायित्व है कि वह सभी धर्मों के मानने वालों और उनके धार्मिक स्थलों का समान रूप से सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करे।’’मायावती ने कहा कि बसपा सरकार की तरह ‘कानून द्वारा कानून का राज’ कायम रखना जरूरी है। सांसद इमरान मसूद, पूर्व सांसद फजलुरहमान और सांसद इकरा हसन ने इस मस्जिद को हटाए जाने की आलोचना की। सांसद हाजी फजलुरहमान ने कहा कि प्रशासन का फैसला जल्दबाजी में लिया गया है और यह बेहद पीड़ादायक है।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 2:32 pm

प्रीडायबिटीज: प्रीडायबिटीज, डायबिटीज की पहली चेतावनी है, क्या आप जानते हैं कि प्रीडायबिटीज को कैसे ठीक किया जा सकता है?

प्रीडायबिटीज को कैसे रोकें:भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मधुमेह रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 30-35 वर्ष की आयु के लोग भी मधुमेह की चपेट में आ रहे हैं। मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो एक बार हो जाने पर जीवन भर साथ रहती है और इससे कई जोखिम भी जुड़े होते हैं। हालांकि, मधुमेह रोगी बनने से पहले ही व्यक्ति को एक चेतावनी मिल जाती है। चिकित्सा भाषा में इस चेतावनी को प्रीडायबिटीज कहते हैं। यदि व्यक्ति प्रीडायबिटीज के प्रति सतर्क हो जाए और अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करे, तो वह मधुमेह से बच सकता है।प्रीडायबिटीज हो सकती है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, प्रीडायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जो वास्तव में डायबिटीज नहीं है, बल्कि शरीर का एक संकेत है कि अगर समय रहते इसका ध्यान रखा जाए तो डायबिटीज से बचा जा सकता है। यानी, प्रीडायबिटीज को ठीक किया जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति डायबिटीज पर ध्यान नहीं देता है, तो डायबिटीज विकसित हो जाती है और फिर उसे ठीक नहीं किया जा सकता। इसीलिए जब शरीर प्रीडायबिटीज का संकेत दे, तो सतर्क हो जाएं।प्रीडायबिटीज का महत्वपूर्ण समयडॉक्टरों के अनुसार, मधुमेह में भी रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक रहता है, लेकिन इतना अधिक नहीं बढ़ता कि उसे मधुमेह कहा जा सके। इस अवस्था में, यदि व्यक्ति जीवनशैली और आहार में आवश्यक बदलाव करे, तो मधुमेह के खतरे से बचा जा सकता है। लेकिन यदि प्रीडायबिटीज के लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो मधुमेह के साथ-साथ अन्य गंभीर जोखिम भी उत्पन्न हो सकते हैं।प्रीडायबिटीज को कैसे ठीक करें?स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, प्रीडायबिटीज को ठीक करने के लिए किसी बड़े बदलाव की आवश्यकता नहीं है। दैनिक जीवनशैली और खान-पान में छोटे-मोटे बदलाव भी प्रीडायबिटीज को ठीक कर सकते हैं। यदि प्रीडायबिटीज का पता चलने के समय से ही कुछ बदलाव किए जाएं, तो कुछ ही महीनों में रक्त शर्करा का स्तर सामान्य हो सकता है।- अपने आहार में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम करें।- अपने भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएँ।- सोने से दो से तीन घंटे पहले खाना खाएँ।- रात के खाने और नाश्ते के बीच 12 घंटे का अंतर रखें।- रात को देर से फास्ट फूड खाने से बचें।- दिन में 30 मिनट तक किसी भी प्रकार का व्यायाम करें और अपने शरीर को सक्रिय रखें।- यदि आपकी दिनचर्या निष्क्रिय है, तो हर दो घंटे में 10 से 15 मिनट तक टहलें।- प्रतिदिन आठ घंटे की नींद लेना अनिवार्य है। - यदि आपका वजन अधिक है, तो वजन कम करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 2:31 pm

JPSC पेपर 'लीक' नहीं, 'लूट' थी: Sudhanshu Trivedi का Congress पर जोरदार हमला

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 5 सितंबर को झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। उन्होंने इस घटना को पेपर लीक नहीं, बल्कि पेपर की लूट बताया और इस मुद्दे पर पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाए। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने कहा कि JPSC परीक्षा प्रक्रिया की जांच से पता चला है कि परीक्षा के आयोजन और सुरक्षा में गंभीर खामियां थीं। इसे भी पढ़ें: Rajasthan में निकाय चुनाव को लेकर BL Santhosh ने BJP कार्यकर्ताओं को दिए जीत के मंत्र त्रिवेदी ने कहा कि ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि असिस्टेंट कंज़र्वेटर ऑफ़ फ़ॉरेस्ट और फ़ॉरेस्ट रेंज ऑफ़िसर की परीक्षा के दौरान, स्ट्रॉन्ग रूम का ताला तोड़कर प्रश्न-पत्र निकाले गए और बाद में उनमें बदलाव किए गए। दूसरे शब्दों में कहें तो, झारखंड में जो हुआ वह पेपर लीक नहीं, बल्कि पेपर की लूट थी। त्रिवेदी ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष परीक्षा के लिए दिए गए आश्वासनों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे यह भी साबित होता है कि उनके स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा कितनी कमज़ोर थी, और यह छात्रों के लिए सुचारू और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के कांग्रेस के तथाकथित दावों की पोल भी खोलता है। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी उन हालात के बारे में साफ-साफ बताएं जिनकी वजह से यह कथित घटना हुई। उन्होंने कहा कि कम से कम राहुल गांधी को—जिनके मंत्री सरकार में ऊंचे पदों पर हैं—यह साफ़ करना चाहिए कि इस लूट-पाट को किसने होने दिया। बीजेपी सांसद ने दिल्ली की राजनीतिक पार्टियों पर यह आरोप भी लगाया कि परीक्षा में हुई दूसरी गड़बड़ियों पर ज़ोर-शोर से विरोध करने के बावजूद, वे झारखंड के मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली की सभी राजनीतिक पार्टियां, जो पहले परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर बहुत शोर-शराबा कर रही थीं, वे अचानक झारखंड के मामले पर चुप हो गई हैं। इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान बॉर्डर के पास 40,000 फीट की ऊंचाई पर भारत का 'शक्ति प्रदर्शन'! भारतीय वायु सेना के NOTAM जारी करते ही इस्लामाबाद में हड़कंप आलोचना करते हुए त्रिवेदी ने राहुल गांधी के संदर्भ में महात्मा गांधी के तीन बंदरों का ज़िक्र किया और कहा कि बचपन में हम गांधी जी के तीन बंदरों के बारे में सुनते थे। अब लगता है कि राहुल गांधी के भी अपने तीन बंदर हैं—एक जो आंखें बंद करके बैठा है और देखना नहीं चाहता; एक जिसने कान बंद कर रखे हैं और सुनना नहीं चाहता; और एक जिसने अपना मुंह बंद कर रखा है और बोलना नहीं चाहता। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 2:29 pm

भारत का यह राज्य नेपाल जैसी भीषण आपदा के खतरे में है! 16 झीलें अचानक फट सकती हैं, बाढ़ का खतरा मंडरा रहा

सिक्किम, जिसे भारत के सात राज्यों में से एक माना जाता है, नेपाल की तरह ही किसी भी समय आपदा की चपेट में आ सकता है। सिक्किम में 40 हिमनदी झीलों की पहचान की गई है, जिनसे बाढ़ का खतरा हो सकता है। इनमें से 16 झीलें 'अत्यंत खतरनाक श्रेणी 'ए' में आती हैं। यदि जल दबाव बढ़ता है या भूकंप आता है, तो झील अचानक फट सकती है और नीचे के क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले सकती है।नेपाल में बाढ़ के बाद चिंताएं बढ़ गईं।यह बताना जरूरी है कि सिक्किम से मिली यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब पड़ोसी देश नेपाल में 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक ग्लेशियर के टूटने से अचानक बाढ़ आ गई थी। इस घटना में 1200 से अधिक लोगों की जान चली गई और कई लोग लापता हैं। हालांकि नेपाल में आई यह बाढ़ ग्लेशियर विस्फोट (ग्लोबल लैंड फायर) जैसी नहीं थी, लेकिन इसने हिमालय में बढ़ते खतरे को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।ग्लेशियर झील (GLOF) क्या है?ग्लेशियर के पिघलने और पिघले हुए पानी के ग्लेशियर की सतह के नीचे जमा होने से ग्लेशियर झील बनती है। ग्लेशियर झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) एक ऐसी घटना है जिसमें किसी भी कारण से झील अचानक फट जाती है। यह अतिरिक्त पानी के जमाव या भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाओं के कारण हो सकता है। यह मानवीय गतिविधियों के कारण भी संभव है।2023 में सिक्किम में भीषण तबाही मची।पीटीआई के अनुसार, अक्टूबर 2023 में सिक्किम में एक हिमनदी झील टूट गई। इस घटना में कम से कम 60 लोगों की जान चली गई। मंगन, गंगटोक, पाकयोंग और नामची जिलों में भारी तबाही हुई। बाढ़ से चुंगथांग बांध को भी नुकसान पहुंचा, जो एक बड़ी जलविद्युत परियोजना का हिस्सा था।सिक्किम में गुरुवार को ग्लोफ जोखिम न्यूनीकरण पर आयोजित एक मीडिया कार्यशाला में बोलते हुए, प्रधान सचिव संदीप तांबे ने कहा कि ग्लेशियरों में होने वाले परिवर्तनों की निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग और उपग्रह इमेजरी का उपयोग किया जा रहा है।सिक्किम हिमालय के 16 जिले खतरनाक हैं।उन्होंने बताया कि चिन्हित 40 उच्च जोखिम वाले जिलों में से 16 को अत्यंत खतरनाक (ए-उच्चतम जोखिम), 2 को अधिक खतरनाक (बी-उच्च जोखिम) और 9 को मध्यम या कम जोखिम वाले (सी-मध्यम से कम जोखिम) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। शेष 13 जिलों की श्रेणी अभी तय नहीं की गई है।सिक्किम हिमनद विस्फोट (GLOF) के जोखिम से निपटने के लिए देश का पहला जोखिम प्रोटोकॉल तैयार कररहा है। इस प्रोटोकॉल का उद्देश्य GLOF की भविष्यवाणी करने के लिए एक वैज्ञानिक प्रोटोकॉल तैयार करना है, ताकि इसके जोखिम को कम किया जा सके।सिक्किम सरकार के अनुसार, तैयार किया जा रहा यह प्रोटोकॉल हिमालय या अन्य क्षेत्रों के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकता है।तांबे ने कहा कि सभी जिलों के लिए एक ही रणनीति नहीं अपनाई जा सकती। इसलिए, ल्होनाक कॉम्प्लेक्स, शाको चे झील और गुरुदोंगमार कॉम्प्लेक्स के लिए अलग-अलग प्रस्ताव हैं।यह झील सबसे खतरनाक है।सिक्किम सरकार ने ग्लेशियरों के टूटने से आने वाली बाढ़ के लिहाज से शाको चो झील को सबसे खतरनाक झील घोषित किया है। यानी, यह झील बहुत ही नाजुक है और किसी भी समय इसके टूटने का खतरा बना रहता है। इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा बल (एनडीआरएफ) को भेजी जा चुकी है और जल शक्ति मंत्रालय को एक प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट भी सौंपी जा चुकी है।प्रारंभिक चेतावनी प्रस्ताव केसंबंध में सिक्किम के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव डीजी श्रेष्ठ के अनुसार, गुरुवार को केंद्रीय गृह सचिव ने हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ इन खतरों और हिमस्खलन से संबंधित जोखिमों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।इस बैठक में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर के मुख्य सचिवों के साथ-साथ राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारी, गृह मंत्रालय, एडीएए, केंद्रीय जल आयोग, मौसम विज्ञान विभाग और रक्षा भू-सूचना अनुसंधान प्रतिष्ठान के अधिकारी भी उपस्थित थे।नेपाल में आई बाढ़ ने चिंताएं बढ़ा दीं।26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित एक ग्लेशियर के ढहने से विनाशकारी बाढ़ आ गई। सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग अभी भी लापता हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि नेपाल में हुई यह तबाही ग्लेशियर भूस्खलन (ग्लोबल लैंड फायर) से संबंधित नहीं है। लेकिन नेपाल में हुई इस अप्रत्याशित त्रासदी ने हिमालय में हो रही गतिविधियों के कारण हो रहे बड़े बदलावों को उजागर कर दिया है। इन गतिविधियों के कारण ग्लेशियर अपनी जगह से खिसक रहे हैं, वहां नई झीलें बन रही हैं और मौजूदा झीलों का आकार बढ़ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 2:27 pm

तमिलनाडु में सत्ताधारी गठबंधन को मिलेगा नया नाम, 9 सितंबर को कर सकती है ऐलान

TVK गठबंधन की 9 सितंबर को दूसरी बैठक होगी. इसमें कांग्रेस समेत सहयोगी दल शामिल होंगे. बैठक में गठबंधन के नाम का ऐलान होने की उम्मीद है.

आज तक 5 Sep 2026 2:26 pm

नरेंद्र मोदी के 'गुरु' कौन थे? जानिए उस 'वकील साहब' के बारे में जिन्होंने जीवन को नई दिशा दी

आज देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन महान शिक्षाविद और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। जीवन में शिक्षकों का बहुत महत्व होता है। जो आपका मार्गदर्शन करते हैं, अंधकार में भटकते समय प्रकाश की किरण बनकर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन में कौन से गुरु रहे हैं, जिन्होंने उनके जीवन को रोशन किया... आज हम आपको बताएंगे नरेंद्र मोदी के जीवन पर गहरा प्रभाव डालने वाले उस व्यक्ति के बारे में, जिन्होंने एक साधारण आरएसएस कार्यकर्ता से देश के प्रधानमंत्री पद तक का सफर तय किया।वकील के बारे में...बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके गुरु कौन थे जिन्होंने नरेंद्र मोदी को सामाजिक सेवा और राष्ट्रीय सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।लक्ष्मणराव इनामदार को प्रधानमंत्री मोदी का गुरु और मार्गदर्शक बताया जाता है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक और स्वतंत्रता सेनानी थे।सभी लोग उन्हें वकील साहब के नाम से जानते थे।रिपोर्ट के अनुसार, नरेंद्र मोदी का आरएसएस से पहला संपर्क कम उम्र में वडनगर में हुआ था।वडनगर में मोदी अपने पिता की चाय की दुकान पर मदद किया करते थे और आरएसएस शाखा में भी जाया करते थे।वहीं पर उनकी पहली मुलाकात संघ के प्रांतीय प्रचारक लक्ष्मणराव इनामदार से हुई थी।उस वकील के विचारों ने नरेंद्र मोदी के मन में देशभक्ति, सेवा और अनुशासन की भावना पैदा की।सही राह दिखाई।किशोरावस्था के बाद, नरेंद्र मोदी 1969 में घर छोड़कर लगभग दो साल तक आध्यात्मिक शांति की खोज में हिमालय, बेलूर मठ और देश के अन्य आश्रमों में विचरण करते रहे और फिर अहमदाबाद लौट आए। पुरस्कार विजेता ने नरेंद्र मोदी के लिए अहमदाबाद स्थित संघ कार्यालय, हेडगेवार भवन में ठहरने की व्यवस्था की। पुरस्कार विजेता ने उनकी प्रतिभा, संगठनात्मक कौशल और नेतृत्व क्षमता को पहचाना। उन्होंने उनके भाषण शैली को निखारा और संघ के लिए सब कुछ बलिदान करने के उनके संकल्प को साकार करने का मंत्र दिया।मुखोपाध्याय ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि उस समय नरेंद्र मोदी अपने भविष्य को लेकर बहुत असमंजस में थे। लेकिन इनामदार की प्रेरणा और मार्गदर्शन ने उनके सभी संदेह दूर कर दिए। हेडगेवार भवन में चाय बनाने से लेकर सफाई और संघ के काम में कड़ी मेहनत करने तक, मोदी ने इनामदार के साथ मिलकर हजारों युवा संघ कार्यकर्ताओं का नेटवर्क बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नरेंद्र मोदी कभी-कभी अहमदाबाद में हेडगेवार भवन स्थित आरएसएस कार्यालय के कमरा नंबर 3 से संघ प्रचारक के रूप में काम करते थे। इनामदार के मार्गदर्शन में उन्हें संघ के मूल मंत्र - संगठन, अनुशासन और समर्पण - को आगे बढ़ाने का अवसर मिला।राजस्व अधिकारी के पुत्र इनामदार लक्ष्मणराव इनामदार काजन्म 1917 में पुणे के पास खाटव गांव में हुआ था। उनके पिता राजस्व अधिकारी थे। उनके दस पुत्र-पुत्रियों में से एक का नाम भी इनामदार था। इनामदार ने 1943 में पुणे विश्वविद्यालय से विधि की शिक्षा प्राप्त की और आरएसएस में शामिल हो गए। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भी भाग लिया और हैदराबाद के निज़ाम के विरुद्ध अभियान चलाया, जिन्होंने भारत में विलय करने से इनकार कर दिया था। संघ प्रचारक के रूप में उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का व्रत भी निभाया।इनामदार के प्रति बहुत आदर और सम्मान था।नरेंद्र मोदी की जीवनी 'द मैन' (द टाइम्स) के लेखक निलंजन मुखोपाध्याय ने उनके बारे में विस्तार से लिखा है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी इनामदार का बहुत आदर करते थे। वे अपनी बातों से लोगों को प्रभावित करते थे और उनके व्यक्तित्व को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करते थे। संघ के प्रांतीय प्रवक्ता इनामदार 1960 के दशक में आरएसएस की शाखाओं का दौरा करते थे और युवाओं को शाखा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करते थे। वड़नगर में हुई उनकी सभाओं में मोदी उनके जोशीले भाषण और प्रस्तुति के तरीके से बहुत प्रभावित हुए थे।सफेद धोती-कुर्ता पहने नजर आने वाले इनामदार के व्यक्तित्व का गहरा प्रभाव था।इनामदार अपने खाली समय में किताबें पढ़ते थे और रेडियो से देश-विदेश की जानकारी प्राप्त करते थे। शाखा में मोदी ने अन्य स्वयंसेवकों के साथ कबड्डी, खो-खो और योग प्राणायाम भी सीखा। मोदी इनामदार की सादगी और संगठन के लिए सब कुछ त्यागने की भावना से बहुत प्रभावित थे। अथक परिश्रम के बाद, नरेंद्र मोदी को 1972 में संघ प्रचारक बनाया गया।जीवनी में उल्लेख हैकि इनामदार ने प्रधानमंत्री मोदी को आगे की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। नरेंद्र मोदी: एक राजनीतिक जीवनी पुस्तक के लेखक एंडी मैरिनो ने भी उल्लेख किया है कि लक्ष्मणराव इनामदार ने न केवल गुजरात में आरएसएस की नींव मजबूत की, बल्कि इसे एक विशाल वृक्ष में तब्दील करके इसकी छवि भी बदल दी। इसने इसे हिंदुत्व का एक अभेद्य किला बना दिया। जब भी मोदी असमंजस में होते थे, इनामदार एक पिता की तरह उन्हें सही राह दिखाते थे।आपातकाल के दौरान भी सक्रिय रहेआरएसएस को 1975 में आपातकाल लागू होने के साथ ही प्रतिबंधित कर दिया गया था। संघ कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बीच मोदी और उनके गुरु इनामदार भी भूमिगत हो गए। वे भेष बदलकर घूमते रहे। मोदी कई बार सिख और साधु का वेश धारण करके गिरफ्तारी से बच निकले। कई समर्पित आरएसएस कार्यकर्ताओं ने घर पर ही समय बिताया। उन्होंने आपातकाल के दौरान संघ को सक्रिय रखने का प्रयास किया। जिसके कारण उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई। मोदी को वडोदरा जिले का संभागीय प्रचारक बनाया गया। बाद में 1979 में वे पंचमहल, नाडियाड और दांग जिलों के प्रचारक बने।इनामदार का निधन कैंसर से हुआ।1980 के दशक में उन्हें कैंसर का पता चला था। उनका निधन 1984 में हुआ। लेकिन उन्होंने जीवन भर संघ के लिए काम करना जारी रखा। नरेंद्र मोदी ने अपने गुरु द्वारा लिखी कई पुस्तकें अपने पास रखीं। 2014 में प्रधानमंत्री बनने से पहले, उन्होंने 2001 में प्रधानमंत्री आवास का दौरा किया था। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे और मोदी दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव थे। 18 अगस्त 2001 को, नरेंद्र मोदी गुरु लक्ष्मणराव इनामदार की पुस्तक के विमोचन के लिए प्रधानमंत्री आवास गए थे। 13 साल बाद, प्रधानमंत्री बनने के बाद वे उसी प्रधानमंत्री आवास पहुंचे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 2:26 pm

भारत में 24% लोग कर रहे बिना सैलरी के काम! रिपोर्ट में खुलासा

एडीपी की रिसर्च के मुताबिक, भारत में करीब 25% कर्मचारी हर हफ्ते 16 घंटे या उससे ज्यादा बिना सैलरी के काम करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, बिना पैसे के ज्यादा काम करने से प्रेशर बढ़ता है, काम की क्षमता घटती है और नौकरी तलाशने की संभावना बढ़ती है.

आज तक 5 Sep 2026 2:25 pm

बांका में चोरी के शक में तीन युवकों को बांधकर पीटा

बिहार के बांका के रजौन में ट्रैक्टर की बैटरी चोरी के शक में ग्रामीणों ने तीन युवकों को पकड़कर रस्सी से बांध दिया और उनकी पिटाई की। बताया जा रहा है कि खुशहालपुर गांव में लगातार चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश था।

आज तक 5 Sep 2026 2:25 pm

'BJP को हराना इतना आसान नहीं', सपा सांसद इमरान मसूद का बड़ा बयान

उत्तर प्रदेश में अगले साल यानि 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. यूपी की 4 अहम पार्टियों- बीजेपी, कांग्रेस, सपा और बसपा ने चुनाव के मद्देनजर अपनी अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है. साथ ही साथ हर दल अपने अपने सहयोगियों के साथ भी बातचीत में लगा हुआ है ताकि पहले से ही पूरी तैयारी के साथ चुनाव में उतरा जाए.

आज तक 5 Sep 2026 2:22 pm

पेशाब से पिघल रहा है एवरेस्ट का ग्लेशियर, आ सकती है भयंकर तबाही

everest urine glacier impact: संसार की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) को छूने का सपना हर साल हज़ारों पर्वतारोहियों को नेपाल खींच लाता है। लेकिन इस साहसिक सपने का एक स्याह और खौफनाक पहलू सामने आया है।

वेब दुनिया 5 Sep 2026 2:20 pm

एक दिन में ट्रैफिक चालान कितनी बार आ सकता है? अगर एक बार चालान कट चुका है, तो क्या वह दोबारा नहीं कटेगा? नियम जानें

ट्रैफिक चालान नियम: सड़क पर गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करना आवश्यक है। ट्रैफिक पुलिस नियमों का उल्लंघन करने पर चालान जारी कर सकती है। लेकिन कई ड्राइवरों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर एक दिन में किसी गलती के लिए चालान जारी हो चुका है, तो क्या उसी दिन उसी गलती के लिए दोबारा चालान जारी नहीं किया जा सकता? जानिए नियम क्या कहते हैं।एक बार चालान जारी हो जाने के बाद, क्या कोई बिना किसी चिंता के पूरे दिन नियमों का उल्लंघन कर सकता है? इस बारे में सोचना थोड़ा परेशान करने वाला हो सकता है। कुछ यातायात नियमों के अनुसार दूसरा चालान जारी नहीं किया जा सकता, जबकि तेज गति से वाहन चलाने और कुछ अन्य उल्लंघनों के लिए उसी दिन दोबारा मुकदमा चलाया जा सकता है।क्या हर नियम में एक ही प्रावधान है?यह आम धारणा है कि एक बार चालान जारी हो जाने के बाद, उसी अपराध के लिए दिन भर में दोबारा कार्रवाई नहीं की जा सकती। हालांकि, यह नियम सभी प्रकार के यातायात उल्लंघनों पर लागू नहीं होता। दोबारा चालान जारी होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस यातायात नियम का उल्लंघन किया गया है।किन मामलों में चालान की दोबारा कटौती नहीं की जाती है?मोटर वाहन अधिनियम के तहत, कुछ प्रकार के उल्लंघनों के लिए एक ही दिन में दूसरा चालान जारी नहीं किया जाता है। यानी, यदि किसी चालक को पहले ही नियम तोड़ने के लिए चालान जारी किया जा चुका है और कुछ समय बाद उसी दिन उसी उल्लंघन के लिए उसे दोबारा पकड़ा जाता है, तो कुछ मामलों में दूसरा चालान जारी नहीं किया जाता है।क्या कुछ नियमों के आधार पर एक दिन में कई लेन-देन हो सकते हैं?कुछ यातायात नियम ऐसे भी हैं, जिनका बार-बार उल्लंघन करने पर एक ही दिन में कई चालान हो सकते हैं। इसलिए, यह मान लेना गलत होगा कि एक दिन में एक बार चालान होने के बाद, पूरे दिन किसी भी यातायात नियम को तोड़ने पर कोई और कार्रवाई नहीं की जाएगी।ओवरस्पीडिंग के परिणामस्वरूप जुर्माना दोबारा काटा जा सकता है।यदि कोई चालक निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है और उसका चालान काट लिया जाता है, तो भी उसे उसी दिन दोबारा गति सीमा का उल्लंघन करने के लिए चालान जारी किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी सड़क पर गति सीमा 60 किमी प्रति घंटा है और चालक इससे अधिक गति से वाहन चलाता है, तो पहली कार्रवाई के बाद भी उसे गति सीमा का पालन करना होगा। यदि वह दोबारा गति सीमा का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे एक और चालान जारी किया जा सकता है।सीट बेल्ट न पहनने पर भी कार्रवाई की जा सकती है।वाहन चलाते समय सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य है। यदि किसी चालक को सीट बेल्ट न लगाने पर एक बार चालान जारी किया गया है और वह फिर भी सीट बेल्ट नहीं लगाता है, तो कुछ परिस्थितियों में उसी दिन दोबारा चालान जारी किया जा सकता है। इसलिए, यह सोचना गलत है कि पहले चालान के बाद पूरे दिन सीट बेल्ट न लगाने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।हेलमेट के बिना साइकिल चलाने के बारे में क्या नियम है?बाइक या स्कूटर चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य है। हालांकि, हेलमेट न पहनने पर चालान होने की स्थिति अलग हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति को उसी दिन बिना हेलमेट के बाइक चलाने के लिए पहले ही चालान मिल चुका है, तो उसी उल्लंघन के लिए दोबारा चालान जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि, चालान मिलने के बाद नियमों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 2:19 pm

'भारत-US रिश्तों में स्थिरता की वजह मोदी' बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो

भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बड़ा बयान दिया है. गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध इस वक्त ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं- देखिए आजतक से अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर खास बातचीत.

आज तक 5 Sep 2026 2:19 pm

34357 रन, 1347 विकेट... वो 4 महारिकॉर्ड्स जिन्हें तोड़ना नहीं आसान

इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा जगजाहिर है. सचिन तेंदुलकर, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा के नाम बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं. भारतीय खिलाड़ियों ये आंकड़े इंटरनेशनल क्रिकेट में उनकी असाधारण निरंतरता और लंबे योगदान को दर्शाते हैं.

आज तक 5 Sep 2026 2:18 pm

PM Modi ने छात्रों के बढ़ते Screen Time पर जताई चिंता, देश-दुनिया की बड़ी खबरें

नयी दिल्ली, पांच सितंबर की विभिन्न फाइल से शनिवार अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है :- दि8 शिक्षक दिवस लीड मोदीछात्रों में नशे की लत और अधिक ‘स्क्रीन टाइम’ को लेकर सतर्क रहें शिक्षक : मोदीनयी दिल्ली, पांच सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षकों से छात्रों में नशे की लत को लेकर सतर्क रहने और खेलकूद, शारीरिक गतिविधियों एवं रचनात्मक कार्यों के जरिए बच्चों का ‘स्क्रीन टाइम’ (मोबाइल फोन और अन्य स्क्रीन पर बिताया जाने वाला समय) कम करने में मदद करने की अपील की है। दि7 राहुल शिक्षकदेश की शिक्षा व्यवस्था खड़े कर रही है गंभीर सवाल: राहुलनयी दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वर्तमान समय में देश की शिक्षा व्यवस्था कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है और अब ऐसी व्यवस्था बनाने की जरूरत है, जहां हर छात्र को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक उज्ज्वल भविष्य मिले। प्रादे25 केरलम तीसरी लीड दुर्घटनाकेरलम के त्रिशूर में खड़ी लॉरी से टकराई कार, तमिलनाडु के आठ इंजीनियरिंग छात्रों की मौतत्रिशूर (केरलम), पांच सितंबर केरलम के त्रिशूर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर एक कार के सड़क किनारे “अवैध रूप से” खड़ी लॉरी से टकरा जाने से तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के आठ छात्रों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। प्रादे41 उप्र सहारनपुर लीड मस्जिदसहारनपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अवैध मस्जिद को गिराया गयासहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अवैध मस्जिद को शनिवार तड़के गिरा दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वि11 संरा भारत लीड विश्व मानचित्रभारत ने विश्व मानचित्र में सुधार से जुड़े संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान कियासंयुक्त राष्ट्र: भारत ने महाद्वीपों के भूभाग को ‘‘अधिक सटीकता से प्रदर्शित’’ करने के उद्देश्य से विश्व मानचित्र में सुधार से जुड़े संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। वि8 नेपाल बाढ़ मृतक संख्यानेपाल में भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,344 हुईकाठमांडू: नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 1,344 हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। प्रादे35 असम धोखाधड़ी गिरफ्तारअसम में गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, करीब 330 आरोपी गिरफ्तार: डीजीपीगुवाहाटी: असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह ने कहा कि राज्य पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ शनिवार तड़के चलाए गए एक विशेष अभियान में लगभग 330 लोगों को गिरफ्तार किया है। अर्थ2 टाटा चेयरमैन चयनटाटा संस उत्तराधिकार की दौड़ में नरेंद्रन, अग्रवाल और एनएसई के आशीष चौहान शामिलनयी दिल्ली: टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश तेज कर दी है और इसके लिए तीन प्रमुख कॉरपोरेट दिग्गजों -टाटा स्टील के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) टी वी नरेंद्रन, टाटा संस के कार्यकारी निदेशक एवं समूह सीएफओ सौरभ अग्रवाल, और एनएसई के एमडी एवं सीईओ आशीष चौहान के नाम उभरकर सामने आए हैं। मामले से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी। प्रादे38 उत्तराखंड हनुमान अंश कर मुक्तमुख्यमंत्री धामी ने ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड में कर-मुक्त करने की घोषणा कीदेहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम आश्रम के बाबा नीब करौरी महाराज के आध्यात्मिक जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड में कर-मुक्त करने की घोषणा की है। खेल5 खेल हॉकी एशियाड मारिनएशियाई खेलों में रक्षात्मक और आक्रामक खेल का मिश्रण बड़ा अंतर पैदा कर सकता है: मारिनबेंगलुरु: भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन ने कहा कि टीम बेहतर रक्षात्मक खेल और गोल करने के कौशल को निखारने पर काम कर रही है जो आगामी एशियाई खेलों में उनकी टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 2:17 pm

बिट्टू तबाही को इस बड़ी कंपनी के CEO ने दिया नौकरी का ऑफर, गंदगी से भरी नदी को किया था साफ

अजनार नदी की सफाई करने वाले 'बिट्टू तबाही' की हर कोई तारीफ कर रहा हैं. इस बीच 'द ओशन क्लीनअप' के फाउंडर और CEO बोयन स्लैट ने'बिट्टू तबाही' कोअपनी संस्था के साथ काम करने की न्योता दिया है.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 2:16 pm

स्वतंत्र भारद्वाज को 1 दिन की Police Custody, बुलंदशहर से किया गया था गिरफ्तार

स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। उन्हें कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में संबंधित जज के आवास पर पेश किया गया था। यह मामला उस मारपीट की घटना से जुड़ा है जिसमें भारद्वाज ने 14 साल के CJP एक्टिविस्ट के पिता संजय आज़ाद के साथ मारपीट की थी। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटों बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया। यह गिरफ़्तारी नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), इंडियन यूथ कांग्रेस और लोकसभा सांसद चंद्र शेखर व राजेश रंजन के विरोध-प्रदर्शन के बाद हुई। इसे भी पढ़ें: Kharge विवाद में Zero FIR दर्ज, BJP ने Congress पर ओछी राजनीति का लगाया आरोप दिल्ली पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (POCSO) एक्ट के तहत एक नई FIR दर्ज की है, साथ ही उनके खिलाफ पहले से दर्ज FIR में 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति' (SC/ST) एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। 21 साल के 'इन्फ्लुएंसर' और अन्य लोगों पर संजय आज़ाद नाम के व्यक्ति पर हमला करने का आरोप है, जो 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में अपनी नाबालिग बेटी के साथ गए थे। इसे भी पढ़ें: सोनिया गांधी की किताब Belonging: A Journey of Love पर विवाद खत्म! पेंगुइन के इनकार के बाद अब HarperCollins India छापेगा संस्मरण हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान, भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने पीड़ित का सिर फोड़ दिया था और कहा कि उन्हें कई राजनीतिक नेताओं का समर्थन हासिल था, जिनमें बीजेपी नेता कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शामिल हैं। मैंने निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था। क्या आपको पता है कि इस अपराध के लिए कौन सी धारा लगती है? धारा 307। उन्हें 60 टांके लगे थे। उस व्यक्ति को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था। भारद्वाज ने दावा किया कि इस घटना के बावजूद, वह जेल नहीं गए और आजादी से घूमते रहे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। Delhi | Swatantra Bhardwaj remanded to one-day Police custody. He was produced at the residence of concerned judge at Karkardooma Court complex. This is in connection with the assault incident during which Bharadwaj physically assaulted Sanjay Azad, the father of 14-year-old CJP… — ANI (@ANI) September 5, 2026

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 2:14 pm

मिठाई लेने के लिए उतरा शख्स, स्टार्ट कार लेकर भाग गया बदमाश!

हापुड़ में बच्चों के लिए मिठाई लेने उतरे एक शख्स की स्टार्ट कार कथित तौर पर एक युवक लेकर फरार हो गया. कार में उसका वर्कर भी बैठा था, जिसे आरोपी हाजी नौशाद की फैक्ट्री के पास उतारकर भाग गया. कार लूट की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया और मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू कर दी गई.

आज तक 5 Sep 2026 2:09 pm

भारतीय सेना के ल‍िए छोड़ी MNC की नौकरी, दादा-परदादा, मां-बाप के बाद स्पर्श क्षेत्री भी बना अफसर

चौथी पीढ़ी की सैन्य विरासत को आगे बढ़ाते हुए बटालियन अंडर ऑफिसर स्पर्श क्षेत्री ने शानदार कॉर्पोरेट करियर छोड़ भारतीय सेना को चुना. थापर यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट और राष्ट्रीय स्तर के घुड़सवार स्पर्श की सक्‍सेस स्‍टोरी.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 2:05 pm

एक माह पहले हादसे का शिकार एयर इंडिया की फ्लाइट के पायलट का

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-2379 में 4 अगस्त को 36 हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में दबाव कम हो गया। इसके बाद ऑटोपायलट बंद हुआ, स्टॉल की चेतावनी आई और विमान अपनी तय ऊंचाई से पहले 372 फीट ऊपर गया और फिर 292 फीट नीचे आया। हालांकि चालक दल ने स्थिति संभाल ली और विमान दिल्ली में सुरक्षित उतरा, लेकिन 20 यात्रियों और चार केबिन क्रू समेत 24 लोगों को चिकित्सकीय सहायता की जरूरत पड़ी।

तहलका 5 Sep 2026 2:00 pm

स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से गिरफ्तार, आज पटियाला हाउस कोर्ट में होगी पेशी

स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से गिरफ्तार, आज पटियाला हाउस कोर्ट में होगी पेशी

आज तक 5 Sep 2026 1:59 pm

18 प्रतिशत वोट का इतना भी क्या डर? ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर फिर साधा निशाना

राजभर नेअखिलेश से पूछा कि कैसे खुद को यदुवंशी कहते हैं महाराज. इतना भी क्या वोट का डर कि अपने भगवान का नाम तक खुलकर न ले सको, उनके दर्शन करने, उनकी जन्मस्थली तक न जा सको?

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:59 pm

तमिलनाडु के स्कूल में युवक ने सांभर में मिलाया गोबर पाउडर

तमिलनाडु के ईरोड में सरकारी स्कूल के मिड-डे मील के सांभर में गोबर पाउडर मिलाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने अरुमुगम को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पत्नी को स्कूल की नौकरी से हटाए जाने का बदला लेने के लिए उसने एक छात्र पर दबाव डालकर ऐसा करवाया।

आज तक 5 Sep 2026 1:59 pm

'किसी के तो सगे बन जाइए... न राम के, न कृष्ण के, न यदुवंश के!' ओपी राजभर का अखिलेश पर तीखा हमला

'किसी के तो सगे बन जाइए... न राम के, न कृष्ण के, न यदुवंश के!' ओपी राजभर का अखिलेश पर तीखा हमला'भगवान कृष्ण का नाम लेने में डर और खुद को कहते हैं यदुवंशी!', राजभर ने अखिलेश पर बोला हमलाराजभर का अखिलेश पर तंज- यही हाल रहा तो एक दिन अपनी बिरादरी ही पूछेगी, वाकई यदुवंशी हो?'न राम के न कृष्ण के, आपका मन केवल एक ही तरफ', अखिलेश पर राजभर का नया हमलाकृष्ण का नाम लेने में झिझक, दूसरे मजहबी कार्यक्रम पर खुलकर शुभकामना... राजभर ने अखिलेश को घेरालखनऊ। सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। इस बार राजभर ने अखिलेश के एक इंटरव्यू का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख के उनके कृष्णवंशी और यदुवंशी होने के दावे पर ही सवाल खड़े कर दिए। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव कम से कम भगवान कृष्ण के तो बनकर रहें।'जय श्री राम या जय श्री कृष्ण', सवाल आया तो बदल दी बातराजभर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश यादव के एक इंटरव्यू का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि पत्रकार ने अखिलेश से सीधा सवाल पूछा था- 'जय श्री राम बोलूं या जय श्री कृष्ण?' लेकिन सवाल का जवाब देने के बजाय अखिलेश ने तड़ाक से बात ही बदल दी।राजभर ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि वह माइक पर एक बार भी जय श्री राम या जय श्री कृष्ण बोलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर खुद को यदुवंशी कहने वाले अखिलेश को अपने भगवान का नाम लेने में इतना डर क्यों लगता है।'इतना भी क्या 18 प्रतिशत वोट का डर?'ओपी राजभर ने आगे लिखा कि इतना भी क्या 18 प्रतिशत वोट का डर है कि अपने भगवान का नाम तक खुलकर न लिया जा सके। उन्होंने अखिलेश को घेरते हुए कहा कि वह न सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण का नाम खुलकर नहीं ले पाते, बल्कि उनके दर्शन करने और उनकी जन्मस्थली तक जाने से भी दूरी बनाए रखते हैं।राजभर ने यहां तक कहा कि अगर यही हाल रहा तो एक दिन अखिलेश की अपनी बिरादरी भी पूछ सकती है कि क्या आप लोग वाकई यदुवंशी हैं?पैगम्बर-ए-इस्लाम के कार्यक्रम का जिक्र कर साधा निशानाराजभर ने अखिलेश यादव पर धार्मिक मुद्दों को लेकर दोहरे रवैये का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पैगम्बर-ए-इस्लाम के जन्मोत्सव पर लखनऊ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की सफलता की कामना अखिलेश खुलकर करते हैं और टोपी तक पहन लेते हैं।राजभर ने इसी को आधार बनाते हुए कहा कि सच तो यह है कि आपका मन केवल एक ही तरफ लगता है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि अखिलेश न राम के हुए, न कृष्ण के और न ही यदुवंश के।'अरे महाराज, किसी के तो सगे बन जाइए!'अपने चिर-परिचित तीखे अंदाज में राजभर ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला करते हुए लिखा कि अरे महाराज, किसी के तो सगे बन जाइए! पोस्ट के आखिर में राजभर ने अखिलेश को कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भी दीं। साथ ही तंज कसते हुए उम्मीद जताई कि किसी दिन उनका जमीर जागेगा और वह भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर की मांग का समर्थन करेंगे। राजभर ने लिखा कि यह तभी होगा, जब भगवान श्रीकृष्ण की उन पर कृपा होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:59 pm

नेपाल में चौलानी नदी में भूस्खलन से बना मलबे का बांध, तबाही और फ्लैश फ्लड की आशंका से अलर्ट पर निचले इलाके

Nepal darchula landslide: नेपाल में जारी मूसलाधार बारिश के बीच एक नए और भयंकर प्राकृतिक संकट ने दस्तक दे दी है। सुदूर पश्चिम प्रांत के दार्चुला जिले में एक विशालकाय पहाड़ टूटने से चौलानी नदी का बहाव बाधित हो गया है। नदी में गिरी विशाल मलबे की ...

वेब दुनिया 5 Sep 2026 1:58 pm

बेकरी के लॉकर से गायब हुए 24 लाख रुपए, राज खुला तो हर कोई रह गया हैरान

हैदराबाद की एक बेकरी के ऑफिस में रखे 24.49 लाख रुपए चोरी हुए तो पुलिस ने जांच शुरू की. CCTV और तकनीकी जांच से शक के बाद पुलिस ने पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया गया. घर से नकदी बरामद होने पर आरोपी ने चोरी की बात कबूली.

आज तक 5 Sep 2026 1:57 pm

बादशाह संग तलाक के बाद दर्द में एक्ट्रेस, रचाएगी दूसरी शादी?

बादशाह संग ईशा की भले ही शादी टूट गई है. लेकिन उन्होंने कहा कि प्यार को लेकर उनका भरोसा नहीं उठा है.

आज तक 5 Sep 2026 1:56 pm

खार्ग आइलैंड में सुनाई दिए धमाके; ईरानी मीडिया का दावा टैंकर पर मिसाइल हमले, ईरान का 90% तेल निर्यात यहीं से

ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि खार्ग द्वीप के पास एक ईरानी तेल टैंकर को मिसाइल से निशाना बनाया गया. फारस की खाड़ी में धमाकों की आवाजें सुनी गईं.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:55 pm

सपा सांसद इकरा हसन को क्यों किया गया हाउस अरेस्ट?

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट यानी नजरबंद कर दिया गया है. यह बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सामने आ रही है, जहां इकरा हसन जाने की कोशिश कर रही थीं. दरअसल, सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में बनी एक मस्जिद को अवैध बताकर ढहा दिया गया था. इसी घटना के बाद वहां तनाव का माहौल था और इकरा हसन पीड़ित पक्ष से मिलने और स्थिति का जायजा लेने के लिए सहारनपुर जा रही थीं.

आज तक 5 Sep 2026 1:54 pm

‘कब्र से शव तक निकाल दिया’ पश्चिम बंगाल में ईसाइयों की प्रार्थना सभाओं पर हमलों से क्यों बढ़ा डर?

ताजा मामला हावड़ा के उलुबेरिया का है, जहां एक घर में चल रही प्रार्थना सभा पर उग्र भीड़ ने हमला कर दिया। इसके अलावा पूर्व बर्धमान में अंतिम संस्कार रोकने और दक्षिण 24 परगना के सुभाषग्राम में निर्माणाधीन चर्च में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 1:54 pm

सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण: इमरान-इकरा समेत दूसरे नेताओं ने क्या कहा

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अवैध घोषित मस्जिद को प्रशासन द्वारा बुलडोजर से ध्वस्त करने के बाद राज्य में बड़ा सियासी घमासान छिड़ गया है. सपा सांसद इकरा हसन, विधायक आशु मलिक और इमरान मसूद समेत कई नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताते हुए कोर्ट जाने का ऐलान किया है.

आज तक 5 Sep 2026 1:53 pm

रामेश्वरम की 7 खास बातें और भगवान राम के चरणों से जुड़ी पावन कथा, IRCTC के इस शानदार टूर पैकेज से करें कम खर्च में दर्शन

भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर दक्षिण भारत के छोर पर बसा रामेश्वरम एक ऐसा पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ कदम रखते ही हर श्रद्धालु को एक अलग ही आध्यात्मिक शांति और ईश्वरीय ऊर्जा का अहसास होने लगता है। हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी के नीले पानी के बीच टापू की तरह स्थित यह पावन नगरी देश के चार धामों में से एक है और हिंदुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र मानी जाती है। रामायण काल से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थान का कण-कण भगवान श्रीराम और उनके महाकाव्य की गाथाओं की गवाही देता है, जहाँ त्रेता युग में प्रभु राम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले भगवान शिव की आराधना की थी। देश के कोने-कोने से आने वाले यात्रियों और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे की आधिकारिक पर्यटन इकाई IRCTC समय-समय पर विशेष टूर पैकेज संचालित करती है, जिसके जरिए श्रद्धालु बेहद कम बजट में बिना किसी यात्रा की भागदौड़ के इन पावन स्थलों का दीदार कर सकते हैं। यदि आप भी अपनी जीवनयात्रा में कम से कम एक बार इस धार्मिक और वास्तुकला के अद्भुत संगम को करीब से देखना चाहते हैं, तो रामेश्वरम से जुड़ी इन सात खास बातों और IRCTC के इस बेहतरीन अवसर के बारे में आपको जरूर जान लेना चाहिए।Ramanathaswamy Temple Corridors and Architectural Marvelरामेश्वरम की सबसे पहली और सबसे प्रमुख विशेषता यहाँ का विश्व प्रसिद्ध रामनाथस्वामी मंदिर है, जो अपनी भव्य वास्तुकला और विशालता के लिए पूरी दुनिया में एक अलग पहचान रखता है। इस प्राचीन मंदिर के लंबे और अनंत दिखाई देने वाले गलियारे (Corridors) दुनिया के सबसे लंबे गलियारों में गिने जाते हैं, जिन्हें ग्रेनाइट के पत्थरों को बेहद बारीकी से तराशकर बनाया गया है। मंदिर के अंदर कुल मिलाकर 1200 से अधिक विशालकाय नक्काशीदार खंभे खड़े हैं, जिनकी शिल्प कला देखकर आधुनिक युग के बड़े-बड़े इंजीनियर भी हक्के-बक्के रह जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन गलियारों में टहलने मात्र से ही मन के सारे विकार दूर हो जाते हैं और भक्तों को एक अलौकिक मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। मंदिर की दीवारों और छतों पर की गई पौराणिक नक्काशी भारतीय सनातन संस्कृति के गौरवशाली इतिहास को दर्शाती है, जिसे देखने के लिए दुनिया भर से इतिहासकार और फोटोग्राफर भी विशेष रूप से रामेश्वरम आते हैं।The Sacred Tirthas and Holy Bath at Agni Theerthamरामेश्वरम मंदिर के भीतर और आसपास कुल मिलाकर 64 पवित्र तीर्थ (कुंड) मौजूद हैं, जिनमें स्नान करने का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व सनातन धर्म में बताया गया है। इन सभी कुंडों में समुद्र तट के किनारे स्थित 'अग्नि तीर्थ' को सबसे मुख्य और पहला तीर्थ माना जाता है, जहाँ श्रद्धालु अपनी यात्रा की शुरुआत करने से पहले पवित्र डुबकी लगाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण वध के बाद जब माता सीता की पवित्रता को लेकर समाज में बातें उठीं, तो उन्होंने अग्नि परीक्षा दी थी और भगवान राम ने अपने पापों के प्रायश्चित व शांति के लिए इसी स्थान पर स्नान कर भगवान शिव की पूजा की थी। समुद्र की शांत लहरों के बीच स्थित इस तट पर सुबह-सुबह सूर्योदय के समय स्नान करना और अपने पितरों का तर्पण करना बेहद पुण्य का काम माना जाता है। यहाँ आने वाले हर तीर्थयात्री के लिए इन पवित्र कुंडों का जल अपने ऊपर छिड़कना या उसमें स्नान करना अनिवार्य धार्मिक अनुष्ठान का एक अहम हिस्सा होता है।Dhanushkodi Ghost Town and Ram Setu End Pointरामेश्वरम शहर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित धनुषकोडी एक ऐसा रहस्यमयी और बेहद खूबसूरत स्थान है जिसे भारत का 'अंतिम छोर' या घोस्ट टाउन भी कहा जाता है। साल 1964 में आए एक भयानक चक्रवाती तूफान में पूरा शहर तबाह हो गया था, जिसके बाद सरकार ने इसे रहने के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया था, लेकिन आज यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के कारण पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। इसी स्थान से बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर आपस में मिलते हैं, और समुद्र के पानी का रंग यहाँ साफ तौर पर दो अलग-अलग रंगों में बंटा हुआ दिखाई देता है। किंवदंतियों के अनुसार, भगवान राम ने यहीं पर अपने धनुष की कोटि से उस पुल का शुरुआती स्थान चिन्हित किया था जिसे आज 'राम सेतु' या आदम्स ब्रिज के नाम से पूरी दुनिया जानती है। चार तरफ से नीले समुद्र से घिरे इस वीरान और ऐतिहासिक स्थल पर खड़े होकर लहरों की आवाज सुनना पर्यटकों के लिए एक बेहद रोमांचक और रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव होता है।Gandamadana Parvatham and Floating Stone Wonderरामेश्वरम आने वाले पर्यटकों के लिए गंधमादन पर्वत एक ऐसा दर्शनीय स्थल है जहाँ से पूरे शहर और समुद्र का विहंगम 360 डिग्री नजारा एक साथ देखा जा सकता है। यह स्थान शहर का सबसे ऊंचा बिंदु है और यहीं पर एक छोटे से मंदिर में भगवान श्रीराम के पैरों के निशान (चरणारविंद) एक चक्र पर अंकित हैं, जिनकी पूजा दूर-दूर से आने वाले भक्त पूरी श्रद्धा के साथ करते हैं। ऐसा विश्वास किया जाता है कि रावण की लंका पर चढ़ाई करने से पहले हनुमान जी ने इसी पहाड़ी से छलांग लगाई थी और लंका का जायजा लिया था। इसके अलावा, रामेश्वरम के पास ही स्थित कलाम नेशनल मेमोरियल और वह जादुई 'तैरने वाले पत्थर' (Floating Stones) भी पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं, जिनका उपयोग राम सेतु के निर्माण के दौरान किया गया था। पानी में बिना डूबे तैरने वाले इन पत्थरों को छूकर देखना और उनके पीछे के विज्ञान व इतिहास को समझना हर आयु वर्ग के सैलानियों के लिए एक बेहद कौतूहल और आश्चर्य से भरा पल होता है।IRCTC Tour Packages and Travel Convenience for Pilgrimsआम लोगों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए रामेश्वरम तक की यात्रा को बेहद सुगम, सुरक्षित और किफायती बनाने का बीड़ा भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी IRCTC ने उठाया है। IRCTC द्वारा देश के विभिन्न प्रमुख शहरों जैसे चेन्नई, मदुरै, बेंगलुरु, दिल्ली और हैदराबाद से रामेश्वरम के लिए विशेष ट्रेन और फ्लाइट टूर पैकेज लगातार संचालित किए जाते हैं। इन पैकेजों की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि इसमें यात्रियों को ट्रेन या फ्लाइट का रिजर्व टिकट, ठहरने के लिए एसी या नॉन-एसी होटल, स्थानीय स्तर पर घूमने के लिए कैब या बस की सुविधा और शुद्ध शाकाहारी भोजन एक ही किराए में मिल जाते हैं। यात्रियों को अलग से टिकट बुकिंग या होटल तलाशने की कोई सिरदर्दी नहीं उठानी पड़ती, जिससे वे बिना किसी मानसिक तनाव के पूरी तरह से अपनी तीर्थयात्रा पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। बजट के अनुकूल ये पैकेज हर वर्ग के परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं, जिनकी बुकिंग आप IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत ऐप के जरिए आसानी से कर सकते हैं।Local Culture Delights and Best Time to Visit Rameshwaramरामेश्वरम की अपनी इस धार्मिक यात्रा को और अधिक यादगार बनाने के लिए यहाँ की स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और खान-पान का अनुभव करना भी उतना ही जरूरी है। दक्षिण भारतीय शैली में पके हुए पारंपरिक व्यंजन, नारियल पानी और समुद्र के किनारे मिलने वाले स्थानीय प्रसाद इस यात्रा के स्वाद को और अधिक बढ़ा देते हैं। यहाँ के स्थानीय बाजारों में आपको तमिलनाडु की पारंपरिक हस्तशिल्प वस्तुएं, शंख से बनी कलाकृतियाँ और धार्मिक पुस्तकें बेहद किफायती दामों पर मिल जाएंगी, जिन्हें आप यादगार के रूप में अपने साथ घर ले जा सकते हैं। जहाँ तक मौसम की बात है, तो अक्टूबर से लेकर मार्च तक का समय रामेश्वरम घूमने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि इस दौरान यहाँ का मौसम बेहद सुहावना, ठंडी हवाओं से युक्त और यात्रा के अनुकूल होता है। भगवान राम के चरणों की इस पवित्र भूमि पर बिताए गए पल आपके जीवन भर की एक ऐसी अमूल्य पूंजी बन जाते हैं, जिन्हें आप कभी नहीं भूल पाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:52 pm

ताजमहल जाने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी, भीड़ और जाम से बचने के ये गुप्त रास्ते कोई नहीं बताएगा

उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर चमकने वाले शहर ताजनगरी आगरा में जब भी कोई पर्यटक घूमने के लिए आता है, तो उसके मन में सबसे बड़ा डर वहां की भारी भीड़, लंबी कतारों और शहर के जाम में फंसने का होता है। दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल का दीदार करने के लिए रोजाना देश-विदेश से हजारों की संख्या में सैलानी पहुंचते हैं, जिसके कारण मुख्य मार्गों और स्मारक के आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या आम बात बन चुकी है। पर्यटकों को अक्सर इस बात की शिकायत रहती है कि उनका आधा समय तो गाड़ियों के जाम में ही बर्बाद हो जाता है, जिससे उनकी पूरी यात्रा का उत्साह फीका पड़ जाता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए और पर्यटकों को एक सुगम व तनावमुक्त अनुभव प्रदान करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विशेषज्ञों ने कुछ ऐसे वैकल्पिक रास्तों और गुप्त मार्गों की खोज की है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यदि आप भी आने वाले दिनों में ताजमहल के दीदार की योजना बना रहे हैं, तो इन खास और भीड़-भाड़ से दूर वाले रास्तों को अपनाकर आप बिना किसी परेशानी के सीधे बिना जाम के स्मारक तक पहुंच सकते हैं, और यह जानकारी आपके बेहद काम आने वाली है।Agra Traffic Bypass and Alternative Routes for Taj Mahal Touristsआगरा शहर के अंदरूनी हिस्सों खासकर सदर बाजार, कचहरी रोड और विक्टोरिया पार्क के आसपास पर्यटकों की गाड़ियों का भारी दबाव हमेशा बना रहता है, जिससे शहर की मुख्य धमनियां अक्सर घंटों जाम से जूझती रहती हैं। यदि आप दिल्ली या लखनऊ एक्सप्रेसवे के रास्ते अपनी निजी गाड़ी या टैक्सी से आगरा पहुंच रहे हैं, तो शहर के अंदर घुसने के बजाय रिंग रोड और पूर्वी बाइपास का उपयोग करना आपके लिए सबसे समझदारी भरा कदम साबित होगा। यह रिंग रोड सीधे फतेहाबाद रोड और शमसाबाद रोड से जुड़ती है, जो ताजमहल के पूर्वी और दक्षिणी गेट के बिल्कुल नजदीक ले जाती है, जहां वाहनों की आवाजाही शहर के मुकाबले काफी कम और नियंत्रित होती है। इसके अलावा, यदि आप रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से आ रहे हैं, तो ऑटो या ई-रिक्शा चालकों के पारंपरिक लंबे रूटों के बजाय इनर रिंग रोड के सर्विस लेन का इस्तेमाल करें, जो आपको बिना किसी ट्रैफिक सिग्नल के सीधे शिल्पिग्राम पार्किंग तक पहुंचा देता है। इस वैकल्पिक मार्ग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ ट्रैफिक पुलिस की चौकसी भी कड़ी रहती है और अवैध पार्किंग या जाम लगाने वाले वाहनों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है, जिससे आपकी यात्रा का सफर पूरी तरह से सुगम और बिना किसी तनाव के कट जाता है।Best Parking Spots and Secret Entry Points Near Taj Mahalताजमहल घूमने आने वाले सैलानियों के सामने दूसरी सबसे बड़ी चुनौती गाड़ी पार्क करने की होती है, क्योंकि मुख्य पूर्वी और पश्चिमी गेट के पास बने पार्किंग स्थल सुबह होते ही पूरी तरह भर जाते हैं। ज्यादातर पर्यटकों को लगता है कि उन्हें अपनी गाड़ियां स्मारक के ठीक सामने ही पार्क करनी होंगी, जिसके चक्कर में वे संकरी गलियों में फंस जाते हैं और स्थानीय चालकों के साथ उलझ जाते हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, यदि आप शिल्पिग्राम पार्किंग या ताज ईस्ट गेट पार्किंग का उपयोग करते हैं, तो वहाँ आपको न केवल पर्याप्त और सुरक्षित जगह मिलेगी, बल्कि वहाँ से ताजमहल की पैदल दूरी भी काफी कम है। इसके अलावा, जो पर्यटक भीड़-भाड़ से बचना चाहते हैं, वे ताजमहल के पश्चिमी गेट के बजाय दक्षिण गेट या पूर्वी गेट का टिकट काउंटर चुन सकते हैं, क्योंकि पश्चिमी गेट पर अमूमन देशी और विदेशी पर्यटकों की सबसे लंबी कतारें लगती हैं। पूर्वी गेट (शिल्पिग्राम की तरफ से) का रास्ता सुबह के समय बेहद शांत, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त रहता है, जहाँ आपको संगमरमर के इस मकबरे तक पहुँचने के लिए एक बेहद सुकून भरा पैदल या गोल्फ कार्ट का सफर करने का मौका मिलता है। स्थानीय गाइड भी इस बात की सलाह देते हैं कि यदि आप सुबह सूरज निकलने के ठीक बाद (Sunrise View) ताजमहल पहुंचते हैं, तो उस समय न तो कोई ट्रैफिक जाम होता है और न ही लंबी लाइनें, जिससे आप पूरी शांति के साथ इस ऐतिहासिक धरोहर की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।Local Insider Tips and Avoiding Tourist Traps in Agraआगरा आने वाले पर्यटकों को केवल ट्रैफिक और रास्तों की ही नहीं, बल्कि कई बार स्थानीय स्तर पर बिचौलियों और फर्जी गाइडों की वजह से भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जो उन्हें गलत रास्तों पर भटका देते हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं और अपने नेविगेशन मैप या आधिकारिक पर्यटन ऐप का ही पूरी तरह से उपयोग करें। आगरा विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों पर पर्यटक सहायता केंद्र (Tourist Information Kiosks) भी स्थापित किए गए हैं, जहाँ से आप सही रास्तों और पार्किंग की लाइव स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप खाने-पीने या खरीदारी के लिए जाना चाहते हैं, तो ताजमहल के ठीक बाहर के महंगे रेस्टोरेंट के बजाय शहर के भीतरी इलाकों या सदर बाजार के प्रतिष्ठित और प्रमाणित आउटलेट्स को चुनें, जहाँ आपको उचित दरों पर बेहतरीन चीजें मिल जाएंगी। इन छोटे-छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण स्थानीय सुझावों और वैकल्पिक रास्तों को अपनाकर आप अपनी आगरा यात्रा को भीड़भाड़ से कोसों दूर एक बेहद यादगार, आरामदायक और शानदार अनुभव में बदल सकते हैं, जिसे आप हमेशा याद रखेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:51 pm

इकरा हसन और पुलिस अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक तीखी बहस देखने को मिल रही है. इस वीडियो में बातचीत के दौरान एक व्यक्ति दूसरे से थोड़ा रुकने और कुछ प्रेजेंट करने के लिए कह रहा है. हालांकि, दूसरी तरफ से तुरंत जवाब आता है कि आदेश इसमें कभी नहीं होता और हर बार यही बात सामने आती है. इस नोकझोंक में बात क्या है, इस पर स्पष्टता मांगी जा रही है.

आज तक 5 Sep 2026 1:50 pm

सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद पर चला बुलडोजर, कोर्ट के फैसले के बाद हुआ एक्शन; इकरा हसन का हाउस अरेस्ट का दावा

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जिला जज की अदालत द्वारा 4 सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट के पुराने आदेश को बरकरार रखने के एक दिन बाद हुई। अदालत ने मस्जिद से जुड़े भूमि विवाद में जमीन को सरकारी जमीन माना था और ढांचे को हटाने का आदेश कायम रखा था।

तहलका 5 Sep 2026 1:48 pm

SP सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट में लिया गया

समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. सहारनपुर जाने की कोशिश में थीं इकरा हसन. कलेक्टरेट परिसर में मस्जिद तोड़े जाने के को लेकर सहारनपुर जा रहीं थी इकरा हसन. यूपी कैराना से समाजवादी पा्टी सांसद हैं इकरा हसन सांसद है.

आज तक 5 Sep 2026 1:47 pm

Coal Crisis: देश में गहराया कोयला संकट, सिर्फ 9 दिनों का स्टॉक बचा, 50 संयंत्रों में स्थिति खराब

कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी संवेदनशील संयंत्रों की एक अंतर-मंत्रालयी टीम द्वारा रोजाना निगरानी की जा रही है और उन्हें लगातार ईंधन भेजा जा रहा है।

दैनिक जागरण 5 Sep 2026 1:46 pm

भारत के इन 5 खूबसूरत रेलवे रूट्स पर सफर है मंजिल से भी ज्यादा हसीन, खिड़की वाली सीट मिल जाना किसी बड़े जैकपॉट से कम नहीं

भारतीय रेलवे का नेटवर्क न केवल दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क्स में शुमार है, बल्कि यह देश के उन भौगोलिक अंचलों से होकर गुजरता है जहाँ की प्राकृतिक सुंदरता देखकर किसी का भी दिल मचल उठता है। जब बात लंबी दूरी के सफर की आती है, तो ज्यादातर लोग केवल अपनी मंजिल तक पहुंचने की जल्दी में रहते हैं, लेकिन क्या आपने कभी उन चुनिंदा रेल मार्गों का अनुभव किया है जहाँ ट्रेन की खिड़की के बाहर का नजारा खुद मंजिल से भी ज्यादा खूबसूरत और मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। अगर आपको ट्रेन की खिड़की वाली यानी विंडो सीट मिल जाए, तो समझ लीजिए कि आपने यात्रा का असली जैकपॉट जीत लिया है, क्योंकि चलती ट्रेन से दिखने वाले झरने, घाटियां, बादलों से ढके पहाड़ और गहरी खाइयां किसी स्वप्नलोक जैसी प्रतीत होती हैं। भारत की विविधतापूर्ण भौगोलिक स्थिति के कारण यहाँ के रेलवे रूट्स दुनिया भर के पर्यटकों और ट्रैवल व्लॉगर्स के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं, जो हर साल विशेष तौर पर इन रेल यात्राओं का आनंद लेने के लिए खिड़की वाली सीटों की बुकिंग पहले ही करवा लेते हैं।Konkan Railway Route Scenic Beauty and Coastal Magicभारतीय रेलवे के सबसे जादुई और रोमांचक मार्गों की सूची में कोंकण रेलवे का नाम सबसे ऊपर आता है जो महाराष्ट्र के रोहा से शुरू होकर कर्नाटक के मंगलोर तक लगभग सात सौ किलोमीटर से अधिक लंबी दूरी तय करता है। पश्चिमी घाट और अरब सागर के नीले पानी के बीच से गुजरने वाला यह रेल मार्ग किसी एडवेंचर फिल्म के सेट जैसा नजर आता है, जहां ट्रेन की पटरियां अनगिनत सुरम्य सुरंगों और विशाल पुलों को पार करती हुई आगे बढ़ती हैं। इस मार्ग पर सफर करते समय जब ट्रेन कोंकण क्षेत्र के हरे-भरा मानसून परिदृश्य, नारियल के ऊंचे पेड़ों के बागानों और छोटे-छोटे गांवों से गुजरती है, तो खिड़की से बाहर झांकने पर ऐसा अनुभव होता है जैसे प्रकृति ने अपनी सारी सुंदरता यहीं बिखेर दी हो। इस रूट पर दुनिया का दूसरा सबसे ऊंचा पियर ब्रिज और भारत की सबसे लंबी रेल सुरंगों में से एक करबुड़े टनल भी स्थित है, जो इस सफर के रोमांच को कई गुना बढ़ा देती है। मानसून के दौरान जब झमाझम बारिश के बीच अनगिनत झरने पहाड़ों से नीचे गिरते हैं और ट्रेन उनके ठीक सामने से गुजरती है, तो उस दृश्य को कैमरे में कैद करने के लिए यात्रियों में विंडो सीट पाने की होड़ सी मच जाती है।Mandapam to Pamban Bridge Train Journey Over Arabian Seaसमुद्र की लहरों के ऊपर तैरती हुई ट्रेन का अनुभव करना चाहते हैं, तो तमिलनाडु के मंडपम से रामेश्वरम को जोड़ने वाला पंबन ब्रिज रूट आपके लिए दुनिया का सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के मिलन स्थल पर बने इस ऐतिहासिक और भारत के पहले समुद्री रेल पुल पर जब ट्रेन धीमी गति से आगे बढ़ती है, तो ऐसा महसूस होता है जैसे यात्री सीधे समुद्र के पानी के ऊपर हवा में तैर रहे हैं। खिड़की से बाहर देखने पर दोनों तरफ दूर-दूर तक फैला नीला समंदर और पानी के बीच से गुजरती ठंडी हवाएं यात्रियों के मन-मस्तिष्क को तरोताजा कर देती हैं, और मछुआरों की छोटी-छोटी नावें इस नजारे को और भी अधिक जीवंत बना देती हैं। पंबन ब्रिज का यह सफर न केवल रोमांच से भरपूर है बल्कि यह देश की इंजीनियरिंग का एक ऐसा नायाब नमूना है जिसे देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। शाम के समय जब ढलता हुआ सूरज समुद्र के पानी पर अपनी सुनहरी किरणें बिखेरता है और ट्रेन उसी के समांतर आगे बढ़ती है, तो उस जादुई पल को देखने के लिए हर कोई अपनी खिड़की से आंखें हटाने को तैयार नहीं होता है।Kalka to Shimla Toy Train UNESCO World Heritage Mountain Rideहिमालय की गोद में बसे देवदार के लंबे पेड़ों और बर्फीली वादियों के बीच से गुजरने वाली कालका-शिमला टॉय ट्रेन का सफर हर ट्रेवलर की विश लिस्ट में सबसे ऊपर शुमार होता है। नैर गेज पर चलने वाली यह छोटी सी ऐतिहासिक ट्रेन जब पहाड़ों की घुमावदार पटरियों पर छुक-छुक करती हुई आगे बढ़ती है, तो ऐसा लगता है जैसे कोई पुरानी कहानी की किताब जीवंत हो उठी हो। इस मार्ग पर कुल मिलाकर 100 से अधिक सुरंगें और 800 से ज्यादा छोटे-बड़े पुल आते हैं, जिनमें से हर एक सुरंग के बाहर निकलते ही एक नया और बेहद खूबसूरत पहाड़ी नजारा यात्रियों का स्वागत करता है। खिड़की की सीट पर बैठकर बाहर देखने पर गहरी घाटियां, बादलों की ओट में छिपते पहाड़ और स्थानीय पहाड़ी गांवों की रंग-बिरंगी छतें इतनी मनमोहक लगती हैं कि समय का पता ही नहीं चलता। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त यह टॉय ट्रेन सफर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ले आता है, और सर्दियों के मौसम में जब इन पहाड़ियों पर बर्फबारी होती है, तो यह रूट किसी परी कथा के संसार जैसा दिखने लगता है।Vivaan and Scenic Wonders of Kashmir Valley Railway Routeभारतीय रेलवे का एक और ऐसा उभरता हुआ और बेहद आश्चर्यजनक मार्ग कश्मीर घाटी में बारामुला से बनिहाल तक फैला हुआ रेल नेटवर्क है, जो कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती को बेहद करीब से दिखाने का काम करता है। पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला की बर्फीली चोटियों और चारों तरफ फैली बर्फ की सफेद चादर के बीच जब आधुनिक वंदे भारत या अन्य एक्सप्रेस ट्रेनें पटरियों पर दौड़ती हैं, तो यह नजारा किसी यूरोपीय देश के अल्प्स पर्वतों जैसा प्रतीत होता है। इस मार्ग पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज यानी चिनाब ब्रिज भी स्थित है, जो नदी तल से सैकड़ों मीटर की ऊंचाई पर बादलों के बीच अपनी इंजीनियरिंग का लोहा मनवाता है। खिड़की वाली सीट से जब यात्री कश्मीर के सेब के बाग, कलकल बहती नदियां और पारंपरिक लकड़ी के घरों को देखते हैं, तो वे इस अविस्मरणीय यात्रा के प्रेम में पड़े बिना नहीं रह पाते हैं। सरकार और रेलवे प्रशासन द्वारा इस मार्ग पर टूरिस्ट विजन विस्टा डोम कोच भी चलाए जा रहे हैं, जिनकी कांच की छतों और बड़ी खिड़कियों से यात्री आसमान और पहाड़ों के नजारों का 360 डिग्री लुत्फ उठा सकते हैं। भारत के इन तमाम अनोखे रेल रूट्स ने साबित कर दिया है कि मंजिल तक पहुंचना जितना रोमांचक है, उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत और यादगार वह सफर होता है जो पटरियों के रास्ते तय किया जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:45 pm

मृत भालू के नाखून चुराने वाले शातिर शिकारी गिरफ्तार, डॉग स्क्वॉड की मदद से वन विभाग के हत्थे चढ़े आरोपी

छत्तीसगढ़ के मरवाही वन क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक मृत भालू के शव से बेशकीमती नाखून चुराने वाले दो शातिर आरोपियों को वन विभाग की टीम ने धर दबोचा है। इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में सक्रिय तस्करों और वन्यजीव अंगों के अवैध कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरवाही के घने जंगलों में जब वन कर्मियों को एक भालू का शव मिलने की सूचना मिली, तो मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई, लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी कि भालू के पंजे से नाखून गायब थे। इसके बाद हरकत में आए वन विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए आधुनिक तकनीक और डॉग स्क्वॉड की मदद ली, जिसके परिणाम स्वरूप कुछ ही घंटों के भीतर इन दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और वन्यजीव प्रेमियों के बीच रोष का माहौल है, क्योंकि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं पर्यावरण संतुलन के लिए खतरे की घंटी साबित हो रही हैं।Pendra Forest Division Operation and Dog Squad Investigationछत्तीसगढ़ के पेंड्रा और मरवाही वनमंडल के अंतर्गत आने वाले सुदूर वनांचल इलाके में मृत भालू के मिलने की सूचना मिलते ही स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई थी। सूचना मिलते ही तुरंत एक विशेष जांच दल का गठन किया गया और घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया। जब वन्यजीव विशेषज्ञों ने मृत भालू के शव का मुआयना किया, तो पाया कि उसके चारों पंजे के नाखून बेहद शातिर तरीके से काटकर निकाले गए थे, जिससे यह साफ हो गया कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि वन्यजीव अंगों की तस्करी से जुड़ा मामला है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए वन विभाग ने छत्तीसगढ़ पुलिस के विशेष डॉग स्क्वॉड की मदद लेने का फैसला किया। प्रशिक्षित श्वान दस्ते ने घटनास्थल से गंध के आधार पर ट्रैकिंग शुरू की और जंगलों के रास्तों से होते हुए आरोपियों के ठिकानों तक अधिकारियों को जा पहुंचाया। डॉग स्क्वॉड की इस सटीक और सराहनीय कार्रवाई के चलते वन विभाग की टीम ने कुछ ही घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को धर दबोचा और उनकी निशानदेही पर मृत भालू के चुराए गए चारों नाखून भी शत-प्रतिशत बरामद कर लिए।Postmortem Report Confirms Death Due to Lung Infection in Bearवन विभाग की गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों से जब कड़ी पूछताछ की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने भालू का शिकार नहीं किया था, बल्कि जंगल में घूमते हुए उन्हें भालू का शव मृत अवस्था में मिला था। लालच में आकर उन्होंने अंधविश्वास या अवैध तस्करी के चक्कर में भालू के पंजे से नाखून निकाल लिए थे ताकि बाजार में उन्हें ऊंची कीमतों पर बेचा जा सके। इस बीच, वन विभाग द्वारा मृत भालू के शव का विधि-विधान और पशु चिकित्सकों के एक पैनल द्वारा बकायदा वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद सभी अटकलों पर विराम लग गया है, जिसमें डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया है कि भालू की मौत किसी भी प्रकार के शिकार, जहर या हिंसा के कारण नहीं हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, भालू के फेफड़ों में गंभीर संक्रमण यानी लंग्स इन्फेक्शन हो गया था, जिसके चलते उसकी सांसें थम गईं और उसकी प्राकृतिक रूप से मौत हो गई। हालांकि, मौत चाहे प्राकृतिक हो या कृत्रिम, लेकिन मृत वन्यजीव के अंगों के साथ छेड़छाड़ करना और उन्हें चुराना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके तहत दोनों आरोपियों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।Strict Action Under Wildlife Protection Act and Local Security Measuresमरवाही और पेंड्रा के इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके अंगों की अवैध तस्करी के काले कारोबार को उजागर कर दिया है। स्थानीय बुद्धिजीवियों और पर्यावरणविदों का कहना है कि भले ही इस मामले में भालू की मौत बीमारी से हुई हो, लेकिन मृत जानवरों के अवशेषों तक तस्करों की पहुंच होना वन विभाग की गश्त पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जंगलों के संवेदनशील इलाकों में गश्त को और अधिक तीव्र किया जाएगा तथा खुफिया तंत्र को मजबूत किया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है कि यदि उन्हें जंगल में किसी भी वन्यजीव का शव मिलता है, तो वे तुरंत वन विभाग को सूचित करें न कि किसी लालच में आकर उसके अंगों के साथ खिलवाड़ करें, अन्यथा कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:44 pm

चीनी और प्‍याज ही नहीं अब अंडे के भी बढ़ गए दाम, जानिए बाजार में कौन सा आइटम कितना महंगा

चीनी और प्याज के बाद अब अंडों की कीमतों में 40% तक का उछाल आया है. खुदरा बाजार में एक अंडा 9 से 10 रुपये तक बिक रहा है. जानिए क्यों महंगे हो रहे हैं अंडे और दिसंबर तक कितना बढ़ेगा दाम...

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:43 pm

हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी कितनी गंभीर होती है? डॉक्टर से जानें जोखिम, रिकवरी और खर्च की पूरी डिटेल

हार्ट डिजीज से जूझ रहे मरीजों को कुछ स्थितियों में हार्ट वॉल्व रिप्लेमेंट की जरूरत पड़ती है. यहां जानते हैं इस सर्जरी की कब होती है जरूरत, लागत और रिस्क-

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:42 pm

प्रधानमंत्री की शिक्षकों से उत्साहपूर्ण बातचीत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हैकि शिक्षक दिवस हमारे समाज में शिक्षकों के अहम योगदान की सराहना करने

स्वतंत्र आवाज़ 5 Sep 2026 1:42 pm

70 साल पुराना वो गीत, जो लिखा गया था विरह के दर्द में, लेकिन वायरल हुआ तो लोग करने लगे डांस, लता मंगेशकर की आवाज ने बना दिया सदाबहार

70 साल पुराने इस गाने की दर्द भरी धुन ने सोशल मीडिया पर डांस ट्रेंड बनकर नई पीढ़ी को भी अपना दीवाना बना लिया.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:40 pm

ठगी का नया हथियार 'IAS' बनना ! तृप्ति सिंह से लेकर मनीष गुप्ता तक एक जैसे पैटर्न की वजह क्या है?

मध्य प्रदेश की तृप्ति सिंह से लेकर बिहार के मनीष गुप्ता तक, हाल के महीनों में कई फर्जी IAS मामले सामने आए हैं. आखिर क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड? UPSC के आंकड़ों, बेरोजगारी और सामाजिक मानसिकता के जरिए समझिए पूरा खेल.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:39 pm

इस ऑटो रिक्शा के आगे BMW कार भी फेल! युवक बोला- 3 KM के सफर ने मूड बदल दिया

लग्जरी सुविधाओं से लैस एक ऑटो रिक्शा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ऑफिस जा रहे एक पैसेंजर ने 3 किमी की राइड का वीडियो शेयर कर ड्राइवर की सोच की जमकर तारीफ की.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:39 pm

2 मिनट में बनेगा छोटे बच्चों का नीला Aadhar Card! जानें कौन से कागजात हैं जरूरी

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नीला आधार कार्ड जारी करता है, जिसे बाल आधार कहा जाता है. जानिए नवजात शिशु और 5 साल से छोटे बच्चों का बाल आधार बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होती है और इसकी आवेदन प्रक्रिया क्या है?

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:38 pm

सिंधु नदी पर भारत का 'मास्टरस्ट्रोक', लद्दाख में खड़ी की ऐसी 'दीवार', बूंद-बूंद को तरसेगा पाकिस्तान

India First Rock Dam Ladakh: सिंधु नदी पर भारत अपना पहला रॉक चेक डैम लद्दाख में बना रहा है. जिससे यहां के किसानों को खेती के लिए आसानी से पानी मिलेगा. भारत ने पाकिस्तान से सिंधु जल समझौता तोड़ दिया था.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:38 pm

खुजली मिटाने के लिए हमारी मस्जिद नहीं गिरा सकते, सहारनपुर कलेक्ट्रेट में चला बुलडोजर तो भड़के ओवैसी

सहारनपुर कलेक्ट्रेट में बनी मस्जिद को कोर्ट ने अवैध करार दिया था. इसके बाद मस्जिद के एक हिस्से के ध्वस्तीतरण की कार्रवाई शनिवार को की गई. इस पर सपा, कांग्रेस और एआईएमआईएम ने तीखी आपत्ति जताई.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:35 pm

विधायक और समर्थकों का थाने में 10 घंटे हाई वोल्टेज ड्रामा, एक गिरफ्तारी ने बढ़ाई सियासी हलचल

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इन दिनों राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भूचाल आया हुआ है, जहां एक स्थानीय मामले को लेकर थाने के भीतर और बाहर जो कुछ भी देखने को मिला उसने पूरे प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। एक मामूली गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते इतना बड़ा रूप ले चुका है कि पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल चुके हैं। थाने के अंदर और बाहर पिछले दस घंटों से स्थानीय विधायक और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण व पार्टी समर्थक धरने पर बैठे हुए हैं और लगातार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि जब स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस आमने-सामने आते हैं, तो किस तरह का प्रशासनिक संकट खड़ा हो जाता है। इस घटना की गूंज अब केवल रायगढ़ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी रायपुर तक इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं और हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के पीछे की असल वजह क्या है।Raigarh Police Station Dangal and MLA Protest Detailsघटना की शुरुआत रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले एक स्थानीय पुलिस थाने से हुई, जहां पुलिस ने एक संदिग्ध मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही इलाके के विधायक अपने समर्थकों के साथ आगबबूला होकर थाने पहुंच गए और उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह से एकतरफा और राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित करार दिया। विधायक का साफ तौर पर आरोप है कि पुलिस सत्ता के दबाव में आकर निर्दोष लोगों को निशाना बना रही है और बिना किसी पुख्ता सबूत के उनके समर्थकों को परेशान किया जा रहा है। थाने के भीतर जब पुलिस अधिकारियों ने विधायक के तर्कों को दरकिनार करते हुए कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया, तो मामला और अधिक बिगड़ गया और देखते ही देखते थाने का परिसर अखाड़े में तब्दील हो गया। विधायक और उनके साथ आए हजारों ग्रामीण थाने के फर्श पर ही धरने पर बैठ गए और उन्होंने मांग की कि जब तक गिरफ्तार व्यक्ति को सशर्त रिहा नहीं किया जाता और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे यहां से टस से म मस नहीं होंगे।Political Tensions Rise in Chhattisgarh Over Arrestइस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ताधारी दल के भीतर भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। स्थानीय विधायक के नेतृत्व में चल रहे इस अनिश्चितकालीन धरने ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। पिछले दस घंटों से लगातार जारी इस गतिरोध को खत्म करने के लिए कई दौर की बंद कमरे में बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई भी ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका है। पुलिस बल को एहतियात के तौर पर थाने के आसपास भारी मात्रा में तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था की समस्या से निपटा जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्थानीय स्तर पर वर्चस्व की लड़ाई और आगामी राजनीतिक समीकरणों का भी बड़ा हाथ है। ग्रामीण इलाकों में इस बात की चर्चा आम हो चुकी है कि पुलिस प्रशासन किस तरह से राजनीतिक दबाव के आगे झुकता है या फिर अपनी स्वतंत्र कार्यशैली को बनाए रखने के लिए संघर्ष करता है।Local Impact and Administration Response on Raigarh Clashरायगढ़ के इस चर्चित थाने वाले दंगल का असर अब आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है, जहां लोग इस पूरे मामले को लेकर दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह कानून के दायरे में रहते हुए इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले को कैसे शांत करे, क्योंकि जरा सी चूक से स्थिति बेकाबू हो सकती है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और लगातार दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराने का प्रयास कर रहे हैं ताकि किसी तरह का बड़ा सामाजिक तनाव न फैले। स्थानीय जनता और प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि पुलिस थानों में इस तरह का सियासी दबाव और हंगामा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक खतरनाक संकेत है, जिससे आम आदमी का प्रशासनिक तंत्र से भरोसा उठने लगता है। आने वाले कुछ घंटों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस हाई-प्रोफाइल धरने को समाप्त कराने में किस तरह की कूटनीति का इस्तेमाल करता है और क्या विधायक अपनी मांगों को मनवाने में कामयाब हो पाते हैं या पुलिस अपने रुख पर कायम रहती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:35 pm

ईरान के ऑयल टैंकर पर अमेरिकी सेना का मिसाइल अटैक! खार्ग द्वीप के पास जोरदार धमाका

ईरान के खार्ग द्वीप के पास शनिवार को धमाकों की आवाजें सुनी गईं. स्थानीय सूत्रों के हवाले से ईरानी टैंकर को अमेरिकी मिसाइल से निशाना बनाए जाने की अपुष्ट रिपोर्ट है. हालांकि, धमाकों की वजह की पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी अधिकारियों ने तत्काल कोई बयान नहीं दिया.

आज तक 5 Sep 2026 1:35 pm

UP में सरकारी स्कूलों को लेकर सियासत तेज, SP का योगी सरकार पर हमला

यूपी में सरकारी स्कूलों को लेकर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी ने शिक्षक दिवस के बहाने बीजेपी के घेरने का प्लान तैयार किया है. आज से 11 सितंबर तक समाजवादी पार्टी प्रदेश में पाठशाला अभियान चला रही है. बड़ी बात ये है कि स्कूलों के लेकर समाजवादी पार्टी का ये अभियान कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं से मुलाकात के बाद शुरू हुआ है, ऐसे में इसे लेकर बीजेपी का हमला और भी तेज हो गया है.

आज तक 5 Sep 2026 1:33 pm

UP: बुजुर्ग पर भरभराकर गिरी मिट्टी की दीवार, हुई मौत

सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के खालिसपुर डिंगुर गांव में शुक्रवार रात मिट्टी की दीवार गिरने से 72 वर्षीय हरीश नारायण मिश्रा की मौत हो गई. खाना खाने के बाद वह कच्चे मकान में खाट पर आराम कर रहे थे, तभी अचानक दीवार उनके ऊपर गिर गई.

आज तक 5 Sep 2026 1:32 pm

Assam Police का बड़ा एक्शन, फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले 330 आरोपी गिरफ्तार

गुवाहाटी, पांच सितंबर असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह ने कहा कि राज्य पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ शनिवार तड़के चलाए गए एक विशेष अभियान में लगभग 330 लोगों को गिरफ्तार किया है। सिंह ने कहा कि खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी के खिलाफ यह कार्रवाई अभी जारी है और गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़ सकती है। सिंह ने कहा कि कुछ संदिग्धों का पता असम के बाहर भी चला है। इनमें हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में मौजूद लोग शामिल हैं। उन्हें भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में लाया जाएगा। पुलिस महानिदेशक ने कहा, “शनिवार तड़के से चलाए जा रहे विशेष अभियान में विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी में शामिल होने के आरोप में करीब 330 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।”उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों पर पुलिस से जुड़े मामलों को निपटाने का झांसा देकर लोगों को फंसाने, खुद को पुलिस अधिकारी बताकर और फोन पर लोगों को धमकाकर उनसे पैसे ऐंठने जैसी धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है। सिंह ने कहा, “पुलिस धोखाधड़ी के इस तरह के मामलों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 1:32 pm

वैभव सूर्यवंशी के निशाने पर लुआन ड्रे प्रीटोरियस का वर्ल्ड रिकॉर्ड, अफगानिस्तान सीरीज में इतिहास रच सकते हैं 15 साल के युवा स्टार

क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों केवल एक ही नाम की गूंज सबसे ज्यादा सुनाई दे रही है और वह नाम है भारतीय टीम के महज 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी का। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और बेखौफ अंदाज से दुनिया भर के गेंदबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले वैभव ने बहुत कम समय में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसके लिए बड़े-बड़े खिलाड़ियों को सालों-साल मेहनत करनी पड़ती है। हाल ही में साउथ अफ्रीका के युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज लुआन ड्रे प्रीटोरियस ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पटल पर एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया है, जिसने पूरी क्रिकेट बिरादरी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। प्रीटोरियस के इस कारनामे के बाद अब हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि क्या भारत के यह युवा किशोर खिलाड़ी आगामी सीरीज में इस रिकॉर्ड को ध्वस्त करने में कामयाब हो पाएंगे। क्रिकेट के जानकारों और आंकड़ों पर गौर करें तो वैभव के पास इस बड़े मुकाम को हासिल करने का सुनहरा मौका बेहद करीब आ चुका है, जिसे लेकर फैंस में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।Lhuan-dre Pretorius World Record in T20I Cricketसाउथ अफ्रीका के उभरते हुए और आक्रामक बल्लेबाज लुआन ड्रे प्रीटोरियस ने कुछ दिन पहले ही नामीबिया के खिलाफ खेली गई एक रोमांचक टी20 ट्राई सीरीज के दौरान इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। इस मुकाबले में प्रीटोरियस ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए महज 53 गेंदों में ही अपनी शतकीय पारी पूरी कर ली। यह उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का पहला शतक था और इस शानदार पारी के साथ ही वह आईसीसी के फुल-मेंबर देशों के बीच टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। प्रीटोरियस ने जब यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, तब उनकी उम्र 20 साल और 161 दिन थी। इस जादुई पारी के साथ उन्होंने अफगानिस्तान के धुरंधर बल्लेबाज हजरतुल्लाह जजई के सात साल पुराने उस रिकॉर्ड को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया, जो उन्होंने साल 2019 में 20 साल 337 दिन की उम्र में आयरलैंड के खिलाफ बनाया था। इस रिकॉर्ड के बनने के बाद से ही वैश्विक स्तर पर युवा खिलाड़ियों की फेहरिस्त में एक नई प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है, जिसमें अब भारतीय prodigy वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है।Vaibhav Suryavanshi Chasing Historic Milestone in Upcoming Seriesभारतीय क्रिकेट टीम के नन्हे जांबाज वैभव सूर्यवंशी की उम्र फिलहाल महज 15 साल कुछ महीने ही है, जो कि साउथ अफ्रीका के रिकॉर्डधारी बल्लेबाज लुआन ड्रे प्रीटोरियस से उम्र के लिहाज से लगभग पांच साल छोटे हैं। कम उम्र में ही अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने वाले वैभव के पास अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट इतिहास का सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाला बल्लेबाज बनने के लिए लंबा वक्त मौजूद है। आगामी 13 सितंबर से भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की बहुप्रतीक्षित टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज होने जा रहा है, जिसका पहला मैच नई दिल्ली में खेला जाएगा। इस आगामी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सीरीज को वैभव के लिए अपने करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। जिम्बाब्वे दौरे पर अपने बल्ले का जौहर दिखाते हुए वैभव ने शानदार प्रदर्शन किया था और उनका अब तक का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर टी20 फॉर्मेट में 81 रनों का रहा है, जिसे उन्होंने महज कुछ ही गेंदों पर हासिल कर लिया था। यदि वह अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी मुकाबलों में अपनी नेचुरल आक्रामक फॉर्म को बरकरार रखते हुए एक भी शतकीय पारी खेलने में सफल हो जाते हैं, तो वह प्रीटोरियस के इस ताजा विश्व रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ते हुए एक ऐसा नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे, जिसे तोड़ना आने वाली कई पीढ़ियों के लिए बेहद कठिन चुनौती साबित होगा।Exceptional Rise and Future Prospects of India Teen Sensationवैभव सूर्यवंशी का क्रिकेट सफर किसी परी कथा से कम नहीं रहा है, जहां उन्होंने घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल और फिर सीनियर नेशनल टीम तक का सफर बहुत ही कम समय में तय किया है। हाल ही में दलीप ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में ईस्ट जोन की तरफ से खेलते हुए इस बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज ने अपनी तकनीकी दक्षता और लाल गेंद के क्रिकेट में भी टिककर खेलने की अद्भुत क्षमता का शानदार परिचय दिया है। फर्स्ट क्लास और लिस्ट ए क्रिकेट के साथ-साथ टी20 फॉर्मेट में उनकी निरंतरता ने विरोधी टीमों के रणनीतिकारों की नींद उड़ा रखी है। राजस्थान जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी के साथ अपने आईपीएल अभियान के दौरान भी उन्होंने दुनिया भर के दिग्गज गेंदबाजों की जमकर खबर ली थी और कई मैच जिताऊ पारियां खेली थीं। खेल प्रेमियों और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह का आत्मविश्वास और टेंपरामेंट इस 15 साल के खिलाड़ी के भीतर नजर आता है, वह आधुनिक युग के सबसे खतरनाक और उपयोगी बल्लेबाजों में से एक बनने की पूरी क्षमता रखता है। अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए जब भारतीय स्क्वाड मैदान पर उतरेगी, तो करोड़ों देशवासियों की निगाहें इसी युवा स्टार पर टिकी होंगी कि क्या वह अपने बल्ले की धमक से एक बार फिर पूरी दुनिया को हैरान करते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम सबसे ऊपर दर्ज करा पाते हैं या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:31 pm

महिला एशिया कप 2026: भारत और पाकिस्तान की महामुकाबले से पहले जानिए हेड-टू-हेड आंकड़े और पिच रिपोर्ट

क्रिकेट के गलियारों में एक बार फिर से रोमांच अपने चरम पर है क्योंकि महिला एशिया कप के सबसे बड़े और रोमांचक मुकाबले में आज भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने हैं। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले इस हाई-वोल्टेज मैच को लेकर दोनों देशों के फैंस में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है और सेमीफाइनल का टिकट पहले ही पक्का कर चुकी है। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तानी टीम भी इस मुकाबले में अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार है।महिला एशिया कप में भारत बनाम पाकिस्तान की ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विताभारत और पाकिस्तान का जब भी क्रिकेट के मैदान पर आमना-सामना होता है, तो रोमांच अपने तय मानकों को पार कर जाता है। महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास पर नजर डालें तो दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 17 मुकाबले खेले गए हैं। इन आंकड़ों में भारतीय टीम का पलड़ा पूरी तरह से भारी रहा है। टीम इंडिया ने इन 17 में से 14 मैचों में शानदार जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान की टीम सिर्फ 3 बार ही बाजी riuscire (सफल) हो पाई है। कुल मिलाकर देखा जाए तो इस पारंपरिक और हाई-प्रेशर मैच में भारतीय टीम मनोवैज्ञानिक रूप से काफी मजबूत स्थिति में मैदान पर उतरेगी।दोनों टीमों का मौजूदा प्रदर्शन और खिलाड़ियों का फॉर्मविमेंस एशिया कप के मौजूदा संस्करण में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद आक्रामक और शानदार रहा है। भारतीय ओपनर बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते नजर आई हैं। खासकर स्मृति मंधाना ने पिछले मैचों में रिकॉर्डतोड़ शतकीय पारी खेलकर अपनी बेहतरीन फॉर्म का सबूत दिया है। गेंदबाजी की बात करें तो स्पिनर दीप्ति शर्मा लगातार विकेट चटकाकर टीम के लिए सबसे बड़ी मैच विनर साबित हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तानी टीम को अपने पिछले मुकाबलों में मिलीजुली सफलता मिली है और उन्हें इस महामुकाबले में टिके रहने के लिए अपनी बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण दोनों में सौ फीसदी से ज्यादा देना होगा।दुबई की पिच रिपोर्ट और मैच से जुड़ी मुख्य बातेंदुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच हमेशा से ही स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाती रही है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, पिच धीमी होती जाएगी और टर्न लेने वाली गेंदों को खेलना बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होगा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम बोर्ड पर एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा करके विरोधी टीम पर दबाव बनाना चाहेगी। इस मुकाबले का लाइव प्रसारण भारतीय समयानुसार शाम 8:00 बजे से सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनीलिव ऐप पर किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को इस ऐतिहासिक जंग का लुत्फ उठाने का पूरा मौका मिलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:30 pm

WhatsApp वालों के लिए गुड न्यूज, FASTag रिचार्ज से बिल पेमेंट तक होगी

WhatsApp Se Recharge Kaise Kare : WhatsApp ने बिल पेमेंट की सर्विस लॉन्च कर दी है, जिसके बाद यूजर्स मैसेजिंग ऐप की मदद से बिजली बिल, पानी बिल, और पाइप्ड लाइन से आने वाले गैस की पेमेंट कर सकते हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

आज तक 5 Sep 2026 1:28 pm

भारत-पाकिस्तान का दुबई में महामुकाबला आज: जानिए कैसी रहेगी पिच और टॉस की भूमिका

क्रिकेट जगत के सबसे रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबले का इंतजार आखिरकार खत्म हो चुका है। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। जब भी मैदान पर ये दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंदी उतरते हैं, तो करोड़ों फैंस की धड़कनें तेज हो जाती हैं। इस मुकाबले को लेकर दोनों देशों के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मैच की शुरुआत से पहले ही सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक केवल इसी महामुकाबले की चर्चा हो रही है। तनाव, रोमांच और भावनाओं से भरे इस मुकाबले में हर एक गेंद के साथ खेल का रुख बदल सकता है, जिसके लिए दोनों टीमें अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं।दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच हमेशा से ही खेल प्रेमियों और रणनीतिकारों के लिए खासी दिलचस्प रही है। इस मैदान की प्रकृति को देखें तो शुरुआत में बल्लेबाजों को क्रीज पर गेंद की टप्पा खाने की गति को समझने में थोड़ा समय लग सकता है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, पिच धीमी होती जाती है और स्पिन गेंदबाजों को यहाँ काफी मदद मिलने की उम्मीद है। मैच के दूसरे हाफ में पुरानी गेंद से टर्न हासिल करना गेंदबाजों के लिए आसान हो जाता है, जिससे मध्यक्रम के बल्लेबाजों की परीक्षा तय मानी जा रही है। जो टीम पिच के मिजाज को भांपते हुए संभलकर शुरुआत करेगी, वही बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल हो पाएगी।इस ऐतिहासिक मैदान पर टॉस की भूमिका बेहद अहम होने वाली है। टॉस जीतने वाली कप्तान या टीम पहले बल्लेबाजी करने को प्राथमिकता दे सकती है, क्योंकि इस वेन्यू पर स्कोर बोर्ड पर रन टांगना और बाद में उसका बचाव करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जाता है। शाम ढलने के साथ ओस (Dew) का प्रभाव यहाँ अमूमन कम ही देखने को मिलता है, लेकिन पिच की सुस्त होती चाल दूसरी पारी में लक्ष्य का पीछा करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना सकती है। यही वजह है कि टॉस के समय कप्तान के मुँह से जो फैसला निकलेगा, मैच के परिणाम की दिशा तय करने में उसकी बहुत बड़ी हिस्सेदारी होगी।दुबई के मौजूदा मौसम की बात करें तो यहाँ मैच के दौरान आसमान पूरी तरह साफ और गर्मी भरा रहने का अनुमान है। बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिसका मतलब है कि फैंस को बिना किसी रुकावट के पूरे 40 ओवर का रोमांचक खेल देखने को मिलेगा। हालांकि, यहाँ की चिलचिलाती गर्मी और उच्च नमी (Humidity) खिलाड़ियों की शारीरिक सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा लेगी। मैदान पर टिके रहने के लिए खिलाड़ियों को न सिर्फ अपनी तकनीक का शानदार प्रदर्शन करना होगा, बल्कि अपनी ऊर्जा और फिटनेस का भी पूरा ख्याल रखना होगा ताकि भीषण गर्मी के बीच वे अपना शत-प्रतिशत दे सकें।मैदान पर उतरने से पहले दोनों ही टीमों ने अपनी-अपनी रणनीतियों पर बारीक काम किया है। भारतीय खेमा अपनी शानदार फॉर्म और मनोवैज्ञानिक बढ़त के साथ मैदान पर उतरेगा, जबकि विपक्षी टीम इस मुकाबले में अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर नए जोश के साथ चुनौती पेश करेगी। दोनों ही पक्षों के पास कुछ ऐसे मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं जो अपने दम पर अकेले मैच का नक्शा पलटने का माद्दा रखते हैं। कप्तान के फैसलों और खिलाड़ियों के मैदान पर दिखाए गए संयम से ही तय होगा कि आज बाजी किसके हाथ लगती है।इस ब्लॉकबस्टर भिड़ंत को लेकर दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों में गजब का क्रेज है। स्टेडियम के खचाखच भरने की उम्मीद है और इसके टिकटों की मांग आसमान छू रही है। जो दर्शक स्टेडियम में मौजूद नहीं हैं, वे टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए पल-पल के अपडेट्स पर नजर बनाए हुए हैं। ब्रॉडकास्टर्स ने भी इस महामुकाबले के प्रसारण के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की है ताकि खेल प्रेमियों को घर बैठे स्टेडियम जैसा अहसास मिल सके। अब देखना यह है कि कागजी दावों और उम्मीदों के इस समंदर में कौन सी टीम मैदान पर बेहतर प्रदर्शन कर बाजी अपने नाम करती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:28 pm

घर में लगाएं 5 पौधे, धन-समृद्धि के साथ बढ़ेगी पॉजिटिविटी!

Vastu Tips: वास्तु के अनुसार घर में कुछ पौधों को सुख-समृद्धि और धन लाभ से जोड़कर देखा जाता है. जानें मनी प्लांट, जेड प्लांट, तुलसी समेत कौन-से 5 पौधे घर में लगाना शुभ माना जाता है, इन्हें कहां रखें.

आज तक 5 Sep 2026 1:26 pm

बिहार के 12 साल की वैष्णवी ने जन्मदिन पर जीता सबका दिल

बिहार के सहरसा की 12 वर्षीय वैष्णवी आनंद ने जन्मदिन पर अपनी छह महीने की बचत खुद पर खर्च करने के बजाय नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देने का फैसला किया। 4 सितंबर को जन्मदिन और जन्माष्टमी के दिन उसने यह नेक पहल की।

आज तक 5 Sep 2026 1:21 pm

पटना में बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे पप्पू यादव, लोगों को बांटे 500-500 रुपये

पटना के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे पप्पू यादव ने परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने मौके पर राहत व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए लोगों की मदद की.

आज तक 5 Sep 2026 1:21 pm

'मस्जिद पहले बनी, बाद में कलेक्ट्रेट आया', Saharanpur बुलडोजर कार्रवाई पर Owaisi का तीखा हमला

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 5 सितंबर को सहारनपुर कलेक्ट्रेट में एक मस्जिद को गिराए जाने की आलोचना की। उन्होंने 1911 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि यह जगह लंबे समय से पूजा-स्थल रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ इसलिए कि आपका मन किया, आप हमारी मस्जिद पर बुलडोज़र नहीं चला सकते। ओवैसी ने मस्जिद गिराए जाने के बाद मुसलमानों की धार्मिक आज़ादी की सुरक्षा पर सवाल उठाए; यह कार्रवाई सुबह लगभग 5 बजे शुरू हुई थी। X पर एक पोस्ट में उन्होंने पूछा कि क्या धर्म की आज़ादी की संवैधानिक गारंटी अब मुसलमानों पर लागू नहीं होती? ऐसा क्यों है कि कमज़ोर वजहों से हमारे पूजा-स्थलों पर लगातार बुलडोज़र चला दिया जाता है? इसे भी पढ़ें: Kharge विवाद में Zero FIR दर्ज, BJP ने Congress पर ओछी राजनीति का लगाया आरोप उन्होंने कहा कि मस्जिद कमेटी ने मस्जिद के अस्तित्व को साबित करने के लिए 1911 के दस्तावेज़ पेश किए हैं और बताया कि वहाँ एक सदी से भी ज़्यादा समय से लगातार नमाज़ पढ़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह 'इस्तेमाल के आधार पर वक्फ़' (waqf by user) की सही परिभाषा है, जिसे कानून के तहत वक्फ़ के तौर पर सुरक्षा मिली हुई है। ओवैसी ने लिमिटेशन एक्ट और अचल संपत्ति पर कब्ज़े से जुड़े मुद्दों का ज़िक्र करते हुए संपत्ति पर सरकार के दावे को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि लिमिटेशन एक्ट आम तौर पर सरकार को यह छूट नहीं देता कि वह किसी भी दिन अचानक जागे और अचल संपत्ति पर कब्ज़े का दावा कर दे। उन्होंने आगे तर्क दिया कि लंबे समय से चले आ रहे कब्ज़े को कानूनी मान्यता मिलनी चाहिए: वहाँ एक सदी से भी ज़्यादा समय से खुला, लगातार और सार्वजनिक कब्ज़ा रहा है। सरकार यह नहीं कह सकती कि यह कब्ज़ा कल ही शुरू हुआ है, इसलिए अगर हम सरकार के तर्कों को मान भी लें, तब भी 'एडवर्स पज़ेशन' (adverse possession) का सिद्धांत लागू होगा। इसे भी पढ़ें: सोनिया गांधी की किताब Belonging: A Journey of Love पर विवाद खत्म! पेंगुइन के इनकार के बाद अब HarperCollins India छापेगा संस्मरण उन्होंने कहा कि मस्जिद कलेक्टर ऑफिस से पहले बनी थी, पहले मस्जिद बनी, बाद में कलेक्टर ऑफिस। ओवैसी ने आगे कहा कि कुछ लोगों को शायद मस्जिद को देखना ही बुरा लगता है। यह उनकी समस्या है, हमारी नहीं। अगर चाहें तो नज़रें फेर लें। सिर्फ़ इसलिए कि आपको खुजली हो रही है, आप हमारी मस्जिद पर बुलडोज़र नहीं चला सकते। मेरी धार्मिक आज़ादी आपकी दया पर निर्भर नहीं है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 1:21 pm

बिहार में मूसलाधार बारिश से उफनाई गंगा, पटना के गांधी घाट पर जलस्तर ने पार किया उच्चतम बाढ़ स्तर

बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार तेजी से ऊपर चढ़ रहा है और इसने पटना के प्रमुख गांधी घाट पर 'उच्चतम बाढ़ स्तर' (Highest Flood Level) के पुराने रिकॉर्ड को पार कर लिया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि नदी के किनारे बसे निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में पानी तेजी से फैलने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों की सांसे अटक गई हैं। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और लगातार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है, लेकिन कुदरती आपदा के आगे जनजीवन अस्त-व्यस्त होता दिखाई दे रहा है।गांधी घाट पर इस वक्त जो नजारा देखने को मिल रहा है, वह किसी भी आम इंसान को डराने के लिए काफी है। मूसलाधार बारिश और ऊपर के जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार आ रहे पानी के सैलाब ने गंगा के तेवर को बेहद आक्रामक बना दिया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की रिपोर्ट के अनुसार, पटना में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को बहुत पीछे छोड़ते हुए अपने उच्चतम ऐतिहासिक स्तर के करीब पहुंच चुका है और कई बिंदुओं पर इसे पार भी कर गया है। घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह डूब चुकी हैं और पानी अब सड़कों और बस्तियों की ओर रुख कर रहा है। नाविकों और स्थानीय दुकानदारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दे दिए गए हैं, क्योंकि गंगा का यह प्रचंड प्रवाह किसी भी समय विकराल रूप ले सकता है।गांधी घाट के पास के इलाकों के साथ-साथ पटना के कलेक्ट्रेट घाट, महेंद्रू घाट, दीघा और बांकीपुर क्षेत्र के निचले हिस्सों में पानी का रिसाव शुरू हो चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जिन बस्तियों में पानी घुसने का सबसे ज्यादा खतरा है, वहां के लोगों को सुरक्षित ठिकानों और राहत शिविरों में जाने की अपील की जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ेगा, इसका अनुमान उन्हें नहीं था। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही वृद्धि ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। किसान और पशुपालक सबसे ज्यादा परेशान हैं क्योंकि उनके सामने अपने मवेशियों और चारे को बचाने की बड़ी चुनौती आन खड़ी हुई है।भौगोलिक दृष्टिकोण से देखें तो पटना का भूगोल ऐसा है कि गंगा के जलस्तर में हल्की सी भी वृद्धि शहर के बड़े हिस्से को प्रभावित करती है। वर्तमान स्थिति में पटना जिले के दियारा क्षेत्र, मनेर, दानापुर, दीघा, पटना सिटी के कंगन घाट और खाजेकलां जैसे इलाके सबसे ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं। इन क्षेत्रों में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा है। संपर्क मार्ग कट चुके हैं जिसके कारण आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने नाव चालकों को हिदायत दी है कि वे ओवरलोडिंग न करें, क्योंकि तेज बहाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ सकती है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है ताकि आपात स्थिति में तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके।बिहार सरकार और पटना जिला प्रशासन इस संभावित आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। मुख्यमंत्री स्तर से भी लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों की समीक्षा की जा रही है। पटना के जिलाधिकारी खुद मैदानी स्तर पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। राहत शिविरों में बिजली, पानी, दवा और भोजन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विस्थापित लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मेडिकल टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जलजनित बीमारियों से समय रहते निपटा जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन की गोलियों और ओआरएस के पैकेट का वितरण बड़े पैमाने पर किया जाए।मौसम विज्ञान केंद्र और जल संसाधन विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ और दिनों तक स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है। नेपाल और उत्तर बिहार की अन्य नदियों से लगातार आ रहे पानी का दबाव अभी गंगा पर बना रहेगा। ऐसे में पटना वासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अनावश्यक रूप से नदी के घाटों की तरफ जाने से बचने की अपील की जा रही है। सोशल मीडिया और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से लगातार अपडेट साझा किए जा रहे हैं ताकि जनता तक सही समय पर सटीक जानकारी पहुंच सके। इस आपदा की घड़ी में नागरिकों का सहयोग और प्रशासन की मुस्तैदी ही इस संकट से पार पाने का एकमात्र जरिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:20 pm

President Droupadi Murmu ने शिक्षकों से वैज्ञानिक सोच और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना जगाने का किया आह्वान

(फाइल फोटो के साथ जारी)नयी दिल्ली, पांच सितंबर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की ऐसी पीढ़ियां तैयार करने का शनिवार को आह्वान किया जिनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण हो और जो ‘‘राष्ट्र सर्वोपरि’’ की भावना से आगे बढ़ें। मुर्मू ने शिक्षक दिवस के अवसर पर लिखे एक लेख में कहा कि विद्यार्थियों को अच्छा व्यक्ति बनाना शिक्षक का पावन कर्तव्य है। राष्ट्रपति ने कहा कि नैतिकता के पथ पर चलते हुए समृद्धि और यश प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ही शिक्षक की सफलता के जीवंत प्रतिमान होते हैं। उन्होंने कहा कि देश सामाजिक समावेश के साथ विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘‘मैं चाहूंगी कि विकास यात्रा के इस क्रम में हमारे शिक्षकगण ऐसी पीढ़ियों का निर्माण करें जो हमारी संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझें, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ मानवता के हित में कार्य करें, अंत्योदय के आदर्शों को आत्मसात करें, पर्यावरण और सभी जीव-जंतुओं के संरक्षण में सक्रिय रहें, व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों में उत्कर्ष प्राप्त करें तथा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना से आगे बढ़ें।’’‘शिक्षक गढ़ते कल का भारत’ शीर्षक वाले लेख में राष्ट्रपति ने कहा कि माता-पिता और अभिभावक बड़े विश्वास के साथ अपने बच्चों को शिक्षकों के पास भेजते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे यह मानकर चलते हैं कि शिक्षक अपनेपन की भावना से बच्चों की सुरक्षा और प्रगति पर ध्यान देंगे। इस पवित्र आस्था की रक्षा करना प्रत्येक शिक्षक का धर्म है।’’राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षक की भावना, आचरण और व्यवहार ऐसा होना चाहिए जिससे बच्चों में भय और आशंका पैदा न हो, उनका मनोबल न टूटे तथा उनमें हीन भावना विकसित न हो। उन्होंने कहा कि अच्छे शिक्षक यह सुनिश्चित करते हैं कि विद्यार्थी अपने सर्वोत्तम स्वरूप को प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन को प्रोत्साहित करना, उनमें जिज्ञासा उत्पन्न करना, प्रश्न करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना, उनकी तर्क और निर्णय क्षमता को विकसित करना तथा उनके स्वतंत्र व्यक्तित्व के निर्माण में मदद करना शिक्षण के सबसे उपयोगी और प्रेरक आयामों में शामिल हैं। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ऐसी प्रेरक शिक्षा से ही सफल उद्यमियों, प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों, सृजनशील कलाकारों और उभरती चुनौतियों के नवीन समाधान प्रस्तुत करने वाले नागरिकों की पीढ़ियां तैयार होंगी।’’राष्ट्रपति मुर्मू अपने शिक्षकों की भूमिका का उल्लेख करते हुए ने कहा कि स्नेही और समर्पित शिक्षक विद्यार्थियों में असीम क्षमता और प्रेरणा का संचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रोत्साहन से विद्यार्थियों में जीवन की कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करने का साहस और बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल करने का आत्मविश्वास पैदा होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम ही नहीं पढ़ाते, बल्कि अपने आचरण और उदाहरण से विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मेरा सभी देशवासियों से अनुरोध है कि वे निष्ठावान और समर्पित शिक्षकों के प्रति सदैव सम्मान की भावना रखें। मेरी कामना है कि हमारे समर्पित शिक्षकों के योगदान से भारत पढ़े और बहुत आगे बढ़े।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 1:17 pm

दही-हंडी खत्म होते ही हादसे में महिला की मौत, परिवार ने केस करने से किया इनकार

पुणे के ओल्ड सांगवी इलाके में दही-हंडी कार्यक्रम के बाद लोहे का अस्थायी ढांचा हटाते समय हादसा हो गया. जहां शुक्रवार देर रात हुए हादसे में 45 वर्षीय सलमा सलाउद्दीन पठान के सिर पर लोहे के ढांचे का भारी हिस्सा गिर गया और उनकी मौत हो गई.

आज तक 5 Sep 2026 1:13 pm

Yes Milord: असली रम या सिर्फ दिखावा! ओल्ड मोंक पर बोतल हाथ में लेकर क्या बोले जज?

महाराष्ट्र में केवल महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एफएसएसएआई ने ओल्ड मोंक रम की बिक्री पर रोक लगाई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई में रम की बिक्री पर लगाई गई रोक पर अंतरिम स्टे लगाने से कोर्ट ने इंकार कर दिया। एफएसएसएआई ने ओल्ड मक की बोतल पर मिसलीड करने वाली लेबलिंग और गलत दावों को लेकर महाराष्ट्र में इसकी बिक्री पर रोक लगा दी थी और इस पर इस बिक्री पर अंतरिम स्टे लगाने को लेकर कोर्ट से सुनवाई हुई कोर्ट में लेकिन कोर्ट ने मना कर दिया। इसे भी पढ़ें: Supreme Court के जस्टिस Ujjal Bhuyan बोले, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का बल प्रयोग चिंताजनक क्या है पूरा मामला एक्टिंग चीफ जस्टिस रविंद्र वी गुघे और जस्टिस गौतम ए अखांड की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने ओल्ड मॉक की बोतल पर लिखे से इयर्स ओल्ड ब्लेंडेड और वेरी ओल्ड वेटेड ये दो शब्द जो हैं इस पर सख्त ऐतराज जताया। कोर्ट ने कहा आप जनता को गुमराह कर रहे हैं। 7 साल पुरानी का मतलब 7 साल ही होना चाहिए। अगर आप 7 साल का दावा कर रहे हैं तो 7 साल होना चाहिए। कोर्ट ने पैकेजिंग पर बेहद छोटे अक्षरों में लिखी जानकारी पर भी सवाल उठाए। जस्टिस गुगे ने बोतल को हाथ में लेकर कहा कि मैग्नीिफाइंग ग्लास लगाने के बाद भी उन्हें फ्लेवरिंग की जानकारी ठीक से नहीं दिख रही है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने खुद ओल्ड मॉक की बोतल हाथ में लेकर देखी। बोतल पर आर्टिफिशियल फ्लेवरिंग की बेहद बारीक लिखावट थी। इस पर नाराजगी जताते हुए जस्टिस गुगे ने कहा मैंने अपने मैग्नीिफाइंग ग्लास का इस्तेमाल किया फिर भी मुझे नहीं दिखा। मैंने हर कोने से देखने की कोशिश की लेकिन मुझे यह लिखावट नहीं मिली। अब दोनों पक्षों की दलीलें जान लेते हैं। इसे भी पढ़ें: Bombay HC का बड़ा आदेश: सीवर में मौत पर 30 लाख मुआवजा दे सरकार कंपनी ने कोर्ट में क्या कहा रम बनाने वाली कंपनी मोहन रॉकी स्प्रिंग वाटर की ओर से एडवोकेट नवरोज सिरावाई दलील दे रहे थे। एफएसएसएआई के नियम न्यूट्रल स्पिरिट में तय फ्लेवर मिलाने की इजाजत देते हैं। ऐसा उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि सभी सामग्री जो सभी कंटेंट्स हैं वो पैकेजिंग पर लिखे गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दूसरी कॉम्पिटिटिव ब्रांड्स भी यही प्रोसेस अपनाती हैं। लेकिन सिर्फ ओल्ड मॉक को टारगेट किया जा रहा है। तो इसके जवाब में एडिशनल सॉललीिसिटर जनरल अनिल सिंह ने दलील दी कि रूल्स के तहत रम का असली टेस्ट गन्ने के फर्मेंटेशन से आना चाहिए। FSSAI को क्या आपत्ति है कोर्ट में FSSAI का पक्ष साफ़ है। जांच के दायरे में आए 'ओल्ड मोंक' के वैरिएंट्स मुख्य रूप से न्यूट्रल स्पिरिट (एक बहुत शुद्ध, बिना स्वाद वाला इथेनॉल) से बनाए जाते हैं, जिसमें मैच्योर रम स्पिरिट का हिस्सा बहुत कम होता है। रम का खास स्वाद और खुशबू, गन्ने से बने वॉश के फर्मेंटेशन, डिस्टिलेशन और लकड़ी के बैरल में एजिंग (पुराना करने की प्रक्रिया) से नहीं, बल्कि बाहर से रम फ्लेवरिंग मिलाकर लाई जाती है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (अल्कोहलिक बेवरेजेज) रेगुलेशंस, 2018' के तहत, रम के तौर पर बेचे जाने वाले प्रोडक्ट में रम से जुड़ा खास स्वाद और खुशबू होनी चाहिए। यह स्वाद और खुशबू स्टैंडर्ड प्रोडक्शन तरीकों से आनी चाहिए, न कि ऐसे फ्लेवरिंग से जो इन खूबियों की नकल करते हों। खबरों के मुताबिक, रेगुलेटर की लैब टेस्टिंग में कई पॉपुलर ब्रांड्स में आर्टिफिशियल या नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवरिंग पदार्थ पाए गए। इनमें ओल्ड मोंक रम वैरिएंट्स, मैकडॉवेल्स नंबर 1 रम, बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की, ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम, एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की और रॉयल चैलेंज व्हिस्की शामिल हैं। इन नतीजों के आधार पर, FSSAI ने कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के खिलाफ बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए। साथ ही, यह तर्क दिया कि कंज्यूमर्स को गुमराह करने से बचने के लिए ऐसे प्रोडक्ट्स को रम-फ्लेवर्ड स्पिरिट या व्हिस्की-फ्लेवर्ड स्पिरिट के तौर पर रीक्लासिफाई किया जाना चाहिए। एक खास विवाद का मुद्दा कुछ ओल्ड मोंक लेबल्स पर 7 इयर्स ओल्ड ब्लेंडेड का दावा है। FSSAI का कहना है कि इसमें बिना एजिंग वाली न्यूट्रल स्पिरिट मुख्य सामग्री है, जबकि मैच्योर रम ब्लेंड का 5% से भी कम हिस्सा है। लेबलिंग नियमों के अनुसार, उम्र का दावा मिक्स में मौजूद सबसे कम उम्र की स्पिरिट के आधार पर होना चाहिए; इसलिए, उम्र का यह दावा गुमराह करने वाला हो सकता है। कोर्ट ने अभी मामले के गुण-दोष पर कोई फैसला नहीं सुनाया है। कोर्ट ने मोहन मीकिन (और संबंधित मैन्युफैक्चरर्स) द्वारा जमा किए गए संशोधित लेबल मॉकअप की जांच के लिए FSSAI को और समय दिया और अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 के लिए तय की।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 1:13 pm

गांजे ने रोक द‍िया LIVE मैच, स्टार ख‍िलाड़ी हुईं तेज बदबू से परेशान

US Open में आर्यना सबालेंका और कामिला राखिमोवा के मुकाबले के दौरान अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई. एक दर्शक के गांजा पीने की शिकायत के बाद सबालेंका ने अंपायर से खेल रुकवाने को कहा. तेज बदबू से परेशान वर्ल्ड नंबर-1 की शिकायत पर स्टेडियम स्टाफ को स्टैंड्स में भेजा गया. हालांकि, सबालेंका ने मैच जीतकर चौथे दौर में जगह बना ली.

आज तक 5 Sep 2026 1:12 pm

Saharanpur Bulldozer Action: Mayawati भड़कीं, बोलीं- मस्जिदें गिराना ठीक नहीं

सहारनपुर के ज़िला मजिस्ट्रेट के ऑफ़िस कॉम्प्लेक्स में बनी एक अवैध मस्जिद को शनिवार को गिरा दिया गया। अदालत ने इसे हटाने के पहले के आदेश को सही ठहराया था। राजनीतिक नेताओं के विरोध के बीच कलेक्ट्रेट में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था। शुक्रवार को ज़िला जज की अदालत ने मस्जिद कमेटी की अपील खारिज कर दी और सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा, जिसके बाद सुबह-सुबह बुलडोज़र से उस ढांचे को हटाने का काम शुरू हुआ। इसे भी पढ़ें: Kharge विवाद में Zero FIR दर्ज, BJP ने Congress पर ओछी राजनीति का लगाया आरोप BSP प्रमुख मायावती ने भी पूरे राज्य में कथित तौर पर अवैध मस्जिदों को गिराने के उत्तर प्रदेश सरकार के कदम की आलोचना की और इसे रोकने की अपील की। X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि सरकार बहुत जल्दबाजी में मस्जिदों को अवैध घोषित कर उन्हें गिरा रही है, और ऐसे विवादों को सुलझाने के लिए वैकल्पिक तरीकों को अपनाने की बात कही। मायावती ने कहा कि एक संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी धर्मों के मानने वालों का सम्मान करे और उनके धार्मिक स्थलों की रक्षा करे। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को इस्लामी धार्मिक प्रथाओं में मस्जिदों के महत्व पर विचार करना चाहिए। BSP प्रमुख ने अलग से आरोपियों के घरों को गिराए जाने पर चिंता जताई और कहा कि कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना परिवारों को सामूहिक रूप से सजा नहीं दी जानी चाहिए या बेघर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कानून के जरिए कानून का शासन बनाए रखने की बात कही और सरकार व न्यायपालिका से इस मुद्दे पर ध्यान देने और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की। तोड़-फोड़ की कार्रवाई के दौरान SDM और सिटी मजिस्ट्रेट समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। कलेक्टर ऑफिस के परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसमें प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) के जवान भी शामिल थे, और एहतियात के तौर पर कॉम्प्लेक्स के सभी गेट बंद कर दिए गए थे। इसे भी पढ़ें: सोनिया गांधी की किताब Belonging: A Journey of Love पर विवाद खत्म! पेंगुइन के इनकार के बाद अब HarperCollins India छापेगा संस्मरण सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पाया था कि मस्जिद सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी और इस आदेश के खिलाफ की गई अपील को खारिज कर दिया गया था। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 17 जुलाई को मस्जिद को अवैध घोषित कर दिया था और उसे गिराने का आदेश दिया था। साथ ही, सरकारी ज़मीन पर कथित अवैध कब्ज़े और उसके गलत इस्तेमाल के मामले में वहां मौजूद लोगों पर लगभग 6.41 करोड़ रुपये का मुआवज़ा भी लगाया था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 1:11 pm

अजमेर के एक प्रसिद्ध स्कूल परिसर में कैसे ताश के पत्तों की तरह ढह गई भारी-भरकम और लंबी दीवार

राजस्थान के ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी कहे जाने वाले अजमेर शहर से एक बेहद चौंकाने वाली और प्रशासनिक लापरवाही को बेनकाब करने वाली घटना सामने आई है, जिसने वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। अजमेर के एक प्रतिष्ठित स्कूल की भारी-भरकम और पुरानी चारदीवारी अचानक से आधी रात को या तड़के ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर नीचे आ गिरी, जिसकी चपेट में वहां पार्क की गई कई महंगी और शानदार गाड़ियां आ गईं। जिस समय यह हादसा हुआ, उस दौरान आसपास कोई इंसान मौजूद नहीं था, वरना एक बहुत बड़ा जानी नुकसान भी हो सकता था, लेकिन गाड़ियों की जो दुर्गति हुई उसे देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह दीवार काफी समय से जर्जर हालत में थी और इसके रख-रखाव को लेकर स्कूल प्रबंधन तथा स्थानीय प्रशासन को कई बार चेताया भी गया था, लेकिन किसी ने समय रहते इस पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। जब सुबह के वक्त आसपास के लोगों ने इस भयंकर मलबे का ढेर और उसके नीचे दबी हुई गाड़ियों को देखा, तो उनके होश उड़ गए और तुरंत इसकी सूचना पुलिस तथा संबंधित अधिकारियों को दी गई।500 रुपये की भारी-भरकम पार्किंग फीस चुकाकर गाड़ी खड़ी करने वाले चालकों पर क्या बीती?इस हादसे का सबसे दर्दनाक और हैरान करने वाला पहलू यह था कि जिन लोगों की गाड़ियां इस मलबे के नीचे दबकर कबाड़ बन चुकी हैं, उन्होंने कोई मुफ्त में अपनी गाड़ियां वहां नहीं खड़ी की थीं। वाहन चालकों ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा और संरक्षा का भरोसा जताते हुए संबंधित पार्किंग प्रबंधकों को पूरे 500 रुपये की भारी-भरकम पार्किंग फीस (Parking Fee) चुकाई थी, यह सोचकर कि उनकी गाड़ियां पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी। लेकिन सुबह जब वे अपनी गाड़ियां लेने पहुंचे, तो उन्हें पार्किंग की जगह केवल ईंटों, पत्थरों और मलबे का एक विशाल ढेर दिखाई दिया, जिसके नीचे उनकी गाड़ियां बुरी तरह पिचक चुकी थीं। अपनी गा गाड़ियों की इस हालत को देखकर वाहन मालिकों के सिर पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और वे गुस्से से आगबबूला हो गए कि जब पैसे वसूलने के बाद भी गाड़ियों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है, तो ऐसी अवैध या लापरवाह पार्किंग चलाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।प्रशासनिक लापरवाही और स्कूल प्रबंधन की सुस्ती के खिलाफ स्थानीय लोगों और वाहन मालिकों का क्यों फूटा गुस्सा?घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने स्कूल प्रबंधन तथा पार्किंग ठेकेदारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शहर के बीचों-बीच इस तरह के जर्जर निर्माणों की समय पर जांच न होना और मानसून या बारिश के मौसम में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना नगर निगम और प्रशासन की बड़ी कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है। लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा दिन के वक्त हुआ होता जब स्कूल के बच्चे या आम राहगीर इस रास्ते से गुजरते हैं, तो कई मासूमों की जान भी जा सकती थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए क्रेन की मदद से मलबे को हटवाने का काम शुरू किया, साथ ही यह आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करके दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।इस बड़े हादसे से शहर के अन्य स्कूलों और सार्वजनिक परिसरों के जर्जर निर्माणों को लेकर क्या सबक मिलता है?अजमेर की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे राज्य के प्रशासनिक अमले को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या शहर के अन्य पुराने स्कूलों, सरकारी इमारतों और सार्वजनिक परिसरों की चारदीवारी भी इसी तरह खतरे के साए में जी रही हैं। बारिश के मौसम में नमी और सीलन के कारण पुरानी ईंटों की पकड़ कमजोर हो जाती है, और यदि समय रहते उनकी मरम्मत या प्लास्टर न कराया जाए, तो वे कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने शहर के सभी स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों के जर्जर भवनों का सर्वे कराने के निर्देश जारी किए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। 500 रुपये की पार्किंग फीस के बदले गाड़ियों के मलबे में तब्दील हो जाने की यह घटना भले ही वाहन मालिकों के लिए एक आर्थिक और मानसिक झटका हो, लेकिन यह पूरे सिस्टम के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि जनसुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अब और सहन नहीं किया जाना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:10 pm

बलोच लिबरेशन आर्मी का बड़ा हमला, मारे गए पाकिस्तानी फोर्स के 25 जवान

पाकिस्तान के बलोचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों के खिलाफ दो अलग-अलग हमलों को लेकर बलोच लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने बड़ा दावा किया है. संगठन का कहना है कि 3 सितंबर को हुए इन हमलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 25 जवान मारे गए.

आज तक 5 Sep 2026 1:10 pm

ना बजट, ना मशीन... 21 साल के ‘बिट्टू तबाही’ ने बदल दी एक नदी की तस्वीर

मध्य प्रदेश के ब्यावरा में रहने वाेल 21 साल के छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी ने अकेले नदी साफ करने का बीड़ा उठाया. फावड़े से शुरू हुई इस मुहिम ने अजनार नदी की तस्वीर बदल के रख दी है.

आज तक 5 Sep 2026 1:10 pm

कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी किए गए इस नए घोषणा पत्र में आम जनता और गरीबों के लिए कौन-सी बड़ी घोषणाएं की गई

भारतीय राजनीतिक गलियारों में चुनावी सरगर्मी जैसे-जैसे तेज होती जा रही है, वैसे-वैसे सभी राजनीतिक दल जनता को लुभाने के लिए अपने तरकश से एक से बढ़कर एक तीर छोड़ रहे हैं। इसी क्रम में विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने अपना एक नया और बेहद महत्वाकांक्षी घोषणा पत्र (Manifesto) सार्वजनिक किया है, जिसमें समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े गरीब, मजदूर, सफाई कर्मचारी और आम शहरी नागरिकों को साधने के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं। इस घोषणा पत्र की सबसे खास बात यह है कि इसमें बुनियादी नागरिक सुविधाओं जैसे कि हर घर से बिल्कुल मुफ्त कचरा उठाव (Free Garbage Collection) और शहरी बस्तियों में रहने वाले गरीबों को मात्र 500 रुपये की न्यूनतम और प्रतीकात्मक कीमत पर जमीन के पट्टे (Land Lease) देने की गारंटी दी गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस घोषणा पत्र को जारी करते हुए दावा किया है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वे आम आदमी के जीवन को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक भ्रष्टाचार को खत्म करेंगे और जनता के अधिकारों को पूरी पारदर्शिता के साथ उनके हाथों में सौंपेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक नया बदलाव देखने को मिल सके।सफाईकर्मियों की रेगुलर भर्ती और उनके पक्के रोजगार को लेकर घोषणा पत्र में क्या ठोस प्रावधान रखे गए हैं?देश के शहरी स्थानीय निकायों और नगर निगमों में वर्षों से अपनी जान जोखिम में डालकर शहर को साफ-सुथरा रखने वाले सफाई कर्मचारियों की स्थिति हमेशा से दयनीय और उपेक्षित रही है, जिन्हें ज्यादातर जगहों पर ठेका प्रथा (Contract System) के तहत बेहद कम मानदेय पर काम करना पड़ता है। कांग्रेस के इस नए घोषणा पत्र में सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बहुत ही बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सभी संविदा और ठेके पर काम करने वाले सफाईकर्मियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित (Regularize) करने और उनकी सीधी रेगुलर भर्ती करने का पुख्ता वादा किया गया है। पार्टी का यह तर्क है कि जो कर्मचारी शहर की गंदगी साफ करके हमारे जीवन को स्वच्छ बनाते हैं, उन्हें सामाजिक सुरक्षा, भविष्य निधि (PF), स्वास्थ्य बीमा और एक सम्मानजनक वेतन पाने का पूरा कानूनी अधिकार मिलना चाहिए। इस घोषणा के सामने आते ही राज्यभर के सफाई कर्मचारी संगठनों और श्रमिक यूनियनों में एक प्रकार की उम्मीद की किरण जग गई है, क्योंकि लंबे समय से वे अपने पक्के रोजगार और बेहतर कार्यदशाओं के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे।हर घर से मुफ्त कचरा उठाव और शहरी बुनियादी ढांचे को सुधारने की इस योजना के क्या होंगे जमीनी मायने?आज के आधुनिक दौर में शहरीकरण के बढ़ने के साथ-साथ कचरा प्रबंधन (Waste Management) नगर पालिकाओं और स्थानीय प्रशासनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जिससे निपटने के लिए शहरवासियों से अक्सर भारी-भरकम टैक्स या मासिक शुल्क वसूला जाता है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में हर घर से मुफ्त कचरा उठाने का जो वादा किया गया है, उसका सीधा फायदा मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को मिलेगा जिनके मासिक बजट पर इन छोटे-छोटे शुल्कों का भी असर पड़ता है। इसके साथ ही, इस योजना के तहत आधुनिक कचरा पृथक्करण (Segregation) और रीसाइक्लिंग यूनिट्स स्थापित करने की बात कही गई है ताकि शहरों को पूरी तरह से स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। जब जनता से जुड़े इन बुनियादी मुद्दों पर कोई राजनीतिक दल खुलकर बात करता है, तो आम मतदाता के मन में यह विश्वास पैदा होता है कि प्रशासन उनकी दैनिक परेशानियों के प्रति संवेदनशील है, जो चुनाव के मैदान में वोटों की फसल काटने के लिए एक बहुत बड़ा मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है।500 रुपये में जमीन के पट्टे देने के इस लोकलुभावन वादे पर राजनीतिक गलियारों और जनता की क्या प्रतिक्रिया है?झुग्गी-झोपड़ियों और अनधिकृत कॉलोनियों में दशकों से अपनी छत के लिए तरस रहे गरीबों को मात्र 500 रुपये में जमीन का मालिकाना हक देने का वादा कांग्रेस पार्टी का सबसे बड़ा और चर्चा का विषय बनने वाला चुनावी दांव साबित हो रहा है। पट्टे मिलने से न केवल गरीबों को बेघर होने का डर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा, बल्कि वे बैंक से लोन लेकर अपने कच्चे मकानों को पक्का भी करवा सकेंगे। हालांकि, विरोधी दलों ने इस घोषणा पत्र पर तंज कसते हुए इसेरी केवल चुनावी जुमला और अव्यवहारिक वादा करार दिया है, जिनका कहना है कि सरकार बनने के बाद ऐसे वादे कभी धरातल पर नहीं उतरते। इसके बावजूद, आम जनता और झुग्गीवासियों के बीच इस वादे ने एक गहरी उत्सुकता पैदा कर दी है, और यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आगामी चुनावों में जनता कांग्रेस के इन वादों पर कितना भरोसा जताती है और यह घोषणा पत्र राजनीतिक समीकरण को किस हद तक बदल पाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:09 pm

बीजेपी संगठन में बढ़ती अंदरूनी कलह और बगावत को रोकने के लिए बीएल संतोष ने कौन-सा बड़ा मंत्र दिया

भारतीय राजनीति के गलियारों में चुनावी तैयारियों का दौर जैसे-जैसे परवान चढ़ता है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर होने वाली खींचतान और असंतोष भी खुलकर सामने आने लगता है। देश की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर इस प्रकार की आंतरिक गुटबाजी और बगावत के सुरों पर समय रहते लगाम लगाने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने एक बेहद महत्वपूर्ण और दो टूक संदेश दिया है। पार्टी की एक उच्च स्तरीय संगठनात्मक बैठक के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में यह बात कही कि 'कोई तेरा मेरा नहीं है, जिसे भी पार्टी हाईकमान ने चुनाव मैदान में टिकट दिया है, वह किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरी पार्टी और हर कार्यकर्ता का उम्मीदवार है।' उनका यह मंत्र इस बात का प्रतीक है कि चुनाव के समय व्यक्तिगत पसंद और नापसंद को दरकिनार करके केवल और केवल पार्टी की जीत और कमल के निशान को सर्वोपरि रखना ही हर सच्चे कार्यकर्ता का सबसे बड़ा धर्म होना चाहिए। जब भी पार्टी में टिकट वितरण के बाद स्थानीय स्तर पर कुछ असंतुष्ट चेहरे विरोध का झंडा उठाते हैं, तो इस प्रकार के कड़े और स्पष्ट संगठनात्मक निर्देश ही संगठन की एकजुटता को बनाए रखने का सबसे बड़ा आधार बनते हैं।टिकट बंटवारे के बाद राजनीतिक दलों में बगावत और भीतरघात की समस्या क्यों एक गंभीर चुनौती बन जाती है?किसी भी बड़े राजनीतिक दल के लिए चुनाव के वक्त सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा टिकट वितरण के बाद शुरू होती है, क्योंकि सैकड़ों दावेदारों में से टिकट किसी एक को ही मिल पाता है और बाकी के समर्थकों में निराशा होना स्वाभाविक है। जब पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ बागी तेवर अपना लेते हैं या भीतरघात (Sabotage) करना शुरू कर देते हैं, तो इससे मजबूत से मजबूत संगठन की नींव भी अंदर से हिल जाती है। बीएल संतोष ने इस हकीकत को भली-भांति समझते हुए पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों को यह नसीहत दी कि यदि संगठन को किसी भी राज्य या चुनाव क्षेत्र में विजय हासिल करनी है, तो सबसे पहले व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और आपसी मनमुटाव को तिलांजलि देनी होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का भी यह मानना है कि चुनाव हारने या जीतने से ज्यादा खतरनाक पार्टी के भीतर का वह असंतोष होता है जो छुपे तौर पर नुकसान पहुंचाता है। इस तरह की बगावत को कुचलने के लिए केवल डंडे या अनुशासन के डरे हुए रवैये से काम नहीं चलता, बल्कि कार्यकर्ताओं को यह समझाना पड़ता है कि पार्टी की सामूहिक जीत ही व्यक्तिगत राजनीतिक भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।संगठन को मजबूत करने और अनुशासन का पाठ पढ़ाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व किस प्रकार की रणनीतियों पर काम कर रहा है?भारतीय जनता पार्टी अपनी अनुशासित कार्यशैली और मजबूत बूथ प्रबंधन के लिए दुनिया भर में जानी जाती है, और इस अनुशासन को बनाए रखने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री जैसे पदों पर बैठे वरिष्ठ नेताओं के कंधों पर होती है। बीएल संतोष ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि पार्टी का कोई भी नेता या कार्यकर्ता संगठन से बड़ा नहीं हो सकता है, चाहे उसका कद कितना भी ऊंचा क्यों न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी को गिले-शिकवे भुलाकर एक टीम के रूप में मैदान में उतरना होगा, जहाँ हर कार्यकर्ता का लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ पार्टी के उम्मीदवार को जिताना होना चाहिए। केंद्रीय नेतृत्व द्वारा समय-समय पर इस तरह की समीक्षा बैठकें आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि चुनाव के मैदान में उतरने से पहले ही पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की फूट या असंतोष के बीज को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके। जब पार्टी का कैडर एकजुट होकर पूरी ताकत के साथ काम करता है, तो विरोधी दलों के तमाम सियासी समीकरण अपने आप ध्वस्त होने लगते हैं।इस अचूक मंत्र का आगामी चुनावों और पार्टी के कार्यकर्ताओं पर कितना व्यापक असर देखने को मिल सकता है?बीएल संतोष द्वारा दिए गए इस 'सबका उम्मीदवार' वाले मंत्र ने बीजेपी के भीतर चल रही तमाम सुगबुगाहटों और अंदरूनी कलह पर एक प्रकार से विराम लगाने का काम किया है। जब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इतनी स्पष्टता और दृढ़ता के साथ अनुशासन का संदेश देता है, तो नीचे स्तर तक के कार्यकर्ताओं और टिकट के दावेदारों को यह संदेश साफ मिल जाता है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे न केवल चुनावी मैदान में भितरघात की संभावना कम होती है, बल्कि कार्यकर्ताओं का वह मनोबल भी ऊंचा उठता है जो टिकट कटने के बाद निराश हो गया था। राजनीति के इस महासमर में अनुशासन और एकजुटता ही वे दो सबसे बड़े अस्त्र हैं जो किसी भी दल को फर्श से अर्श तक पहुँचा सकते हैं, और बीएल संतोष की यह सीख आने वाले सभी चुनावों के लिए बीजेपी के सांगठनिक ढांचे की एक बहुत बड़ी ताकत साबित होने जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:08 pm

लंच हो या डिनर बनाएं नारियल वाली भिंडी, इसका चटपटा स्वाद सबको भाएगा!

Coconut Bhindi Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसी भिंडी की सब्जी खाकर बोर हो गए हैं तो इस बार नारियल के साथ बनने वाली यह खास रेसिपी ट्राई करें. स्वाद में लाजवाब यह डिश लंच या डिनर, दोनों के लिए बेहतरीन ऑप्शन है.

आज तक 5 Sep 2026 1:08 pm

एथलीट के शक से घोटाले का खुलासा, नौकरी के लिए बांटे गए फर्जी सर्टिफिकेट

पुणे सिटी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सरकारी नौकरी में 5 प्रतिशत स्पोर्ट्स कोटा का फायदा दिलाने के लिए फर्जी खेल प्रमाणपत्र बनाने और बेचने वाले कथित रैकेट का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, इन प्रमाणपत्रों को 3 लाख से 5 लाख रुपये तक में बेचे जाने का शक है जिससे करीब 500 से 600 लोगों को फायदा मिला है.

आज तक 5 Sep 2026 1:05 pm

PAN Card खोने का नो टेंशन! मोबाइल से 2 मिनट में डाउनलोड करें डिजिटल कॉपी

क्या आपका पैन कार्ड खो गया है या आप कहीं ले जाना भूल गए हैं? अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. दरअसल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की Protean यानी NSDL की वेबसाइट से आप बेहद कम शुल्क में कभी भी अपना डिजिटल E-PAN Card डाउनलोड कर सकते हैं. जानिए e-PAN डाउनलोड करने का पूरा ऑनलाइन प्रोसेस, जरूरी दस्तावेज और फीस की पूरी जानकारी.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:03 pm

Teacher Day Special: दृष्टि IAS के फाउंडर विकास दिव्यकीर्ति ने बताया आखिर कौन होता है अच्छा टीचर, वायरल हो रहा वीडियो

आखिर एक अच्छी टीचर कौन होता है? इस सवाल का जवाब देते हुए दृष्टि IAS के फाउंडर विकास दिव्यकीर्ति ने कहा, एक अच्छा टीचर वो है जो फालतू का ज्ञान न दे और सिर्फ नोट्स बनवाए.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 1:03 pm

Mumbai में Dahi Handi का उत्साह, मानव पिरामिड बनाकर मटकियां फोड़ने उतरे Govinda

मुंबई, पांच सितंबर मुंबई और आसपास के शहरों में शनिवार को कई जगह दही हांडी का आयोजन किया गया और हजारों ‘गोविंदा’ ने मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकाई गई दही से भरी मटकियां फोड़ने की कोशिश की। इस दौरान मध्य मुंबई के लालबाग और दादर की संकरी गलियों से लेकर ठाणे के बड़े आयोजन स्थलों तक ढोल की थाप गूंजती रही। महीनों के अभ्यास के बाद युवक और युवतियों की ‘गोविंदा’ टोलियां शहर एवं उपनगरों के अलग-अलग हिस्सों में दही हांडी आयोजनों में भाग लेने और लाखों रुपये के इनाम जीतने पहुंचीं। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर शुक्रवार आधी रात के बाद महानगर की कई आवासीय सोसाइटी, व्यस्त चौराहों और खुले मैदानों में फूलों तथा गुब्बारों से सजाई गई सैकड़ों ‘हांडियां’ ऊंचाई पर लटकाई गईं। दही हांडी के तहत युवक और युवतियां कई स्तरों वाले मानव पिरामिड बनाकर जमीन से कई मीटर ऊपर लटकाई गई दही से भरी मटकी फोड़ते हैं। रंग-बिरंगी पोशाक पहने ‘गोविंदा’ टोलियां सुबह से ही खुले ट्रकों और टेंपो में सवार होकर शहर के प्रमुख आयोजन स्थलों की ओर निकल पड़ीं। नगर निकाय अधिकारियों ने हांडी फोड़ते समय घायल होने वाले ‘गोविंदाओं’ के उपचार के लिए अस्पतालों में 100 से अधिक बिस्तर और आपात चिकित्सा दल तैयार रखे हैं। परेल, लालबाग, वर्ली, दादर, भांडुप, मुलुंड, जोगेश्वरी और अंधेरी के अलावा पड़ोसी ठाणे तथा नवी मुंबई में स्पीकर पर लोकप्रिय हिंदी और मराठी गीत बजाए गए जिससे उत्सव का माहौल और जोशीला हो गया। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में नेताओं द्वारा आयोजित दही हांडी कार्यक्रम पिछले कुछ वर्षों में आकर्षण के मुख्य केंद्र के रूप में उभरे हैं। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने हांडी फोड़ने के दौरान घायल होने वाले ‘गोविंदाओं’ के उपचार के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। महानगरपालिका ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि उसके 16 उपनगरीय अस्पतालों के अलावा सायन स्थित लोकमान्य तिलक महानगरपालिका सामान्य अस्पताल, परेल के केईएम अस्पताल और मुंबई सेंट्रल स्थित नायर अस्पताल में 100 से अधिक बिस्तर तैयार रखे गए हैं।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 1:02 pm

सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण पर गरमाई सियासत, क्या बोले इकरा हसन और इमरान मसूद?

सहारनपुर/शामली। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने प्रशासन की कार्रवाई पर तीखा हमला बोलते हुए इसे संविधान और कानून के खिलाफ बताया है। सांसद ने कहा ...

वेब दुनिया 5 Sep 2026 1:01 pm

कायरों के झुंड के खिलाफ रेस कर रहा था... ओलंपिक चैम्पियन का फूटा गुस्सा

ऑस्ट्रेलिया के कैमरन मायर्स के लिए यह जीत उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई. 20 वर्षीय मायर्स नेजून में पेरिस डायमंड लीग के दौरानराष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था. अब डायमंड लीग फाइनल का खिताब उनके खाते में जुड़ गया है. मायर्स ने बताया कि उन्होंने रेस के दौरान जल्दबाजी करने के बजाय सही मौके का इंतजार किया और आखिरी हिस्से में मिली जगह का फायदा उठाया.

आज तक 5 Sep 2026 1:00 pm

अकाल मृत्यु के बाद क्यों जरूरी है 'नारायण बलि'? गरुण पुराण से जानें

Garud Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु दुर्घटना, असामान्य परिस्थितियों में या अकाल होती है तो उसका सामान्य रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार संभव नहीं हो पाता है. ऐसी स्थिति में दिवंगत आत्मा की शांति और सद्गति के लिए 'नारायण बलि' का विशेष कर्मकांड किया जाता है.

आज तक 5 Sep 2026 1:00 pm

क्यों चीन के घरों और होटलों में नहीं होता 4 नंबर का फ्लोर?

चीन घूमकर लौटे मोहित के मन में पिछले कुछ दिनों से एक सवाल खटक रहा है. दरअसल, चीन के एक होटल में ठहरने के दौरान उन्होंने लिफ्ट में एक दिलचस्प बात नोटिस की. वहां 3 के बाद सीधे 5 नंबर का फ्लोर था. 4 नंबर का फ्लोर कहीं दिखाई नहीं दिया.मोहित लिफ्ट में खड़े होकर यही सोचते रहे कि आखिर 4 नंबर को क्यों गायब कर दिया गया है?

आज तक 5 Sep 2026 12:57 pm

14 की उम्र में अधेड़ आदमी से शादी, 450 फिल्मों में काम करने वाली सुपरस्टार की 35 में दर्दनाक मौत, हत्या या आत्महत्या के बीच उलझी गुत्थी

सिल्क स्मिता मौत से एक रात पहले वह क्या कहना चाहती थीं? यह एक ऐसा सवाल है, जिसके बारे में आज भी उनके फ्रेंड्स और फैंस जानना चाहते हैं.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 12:56 pm

'सिर्फ खुन्नस मिटाने के लिए मस्जिद पर बुलडोजर...' भड़के ओवैसी

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी अवैध घोषित मस्जिद को शनिवार तड़के प्रशासन ने चार बुलडोजर लगाकर ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई के बाद सपा सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट किया गया और असदुद्दीन ओवैसी समेत कई राजनीतिक नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है.

आज तक 5 Sep 2026 12:53 pm

EAM S Jaishankar 26 सितंबर को UNGA को करेंगे संबोधित, दुनिया की निगाहें भारत पर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सालाना हाई-लेवल सेशन को संबोधित करेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सेशन 8 सितंबर को शुरू होगा। इसमें 22 से 28 सितंबर के बीच होने वाली आम बहस (जनरल डिबेट) के दौरान दुनिया भर के नेता 193 सदस्यों वाले इस संगठन को संबोधित करेंगे। शुक्रवार को जारी स्पीकर्स की बदली हुई अस्थायी लिस्ट के अनुसार, जयशंकर 26 सितंबर को दोपहर के सेशन में आम बहस को संबोधित करेंगे। उन्होंने पिछले साल भी संयुक्त राष्ट्र के मंच से दुनिया भर के नेताओं को संबोधित किया था। इसे भी पढ़ें: Rajasthan में निकाय चुनाव को लेकर BL Santhosh ने BJP कार्यकर्ताओं को दिए जीत के मंत्र 22 सितंबर को जब आम बहस (जनरल डिबेट) शुरू होगी, तो परंपरा के अनुसार ब्राज़ील सबसे पहले बोलेगा और उसके बाद अमेरिका की बारी होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी 22 सितंबर को दुनिया भर के नेताओं को संबोधित करेंगे; यह उनके दूसरे कार्यकाल के दौरान UN जनरल असेंबली में उनका दूसरा संबोधन होगा। साल भर चलने वाले इस 81वें सत्र की अध्यक्षता बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान करेंगे, जिन्हें जून में 193 सदस्यों वाले इस संगठन का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था। UN मुख्यालय में साल के सबसे व्यस्त राजनयिक दौर के तौर पर देखे जाने वाले इस उच्च-स्तरीय सत्र का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब कई भू-राजनीतिक संघर्ष जारी हैं, जिनमें ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल का महीनों से चल रहा टकराव भी शामिल है। इस टकराव का असर 'ग्लोबल साउथ' के देशों और सबसे कम विकसित देशों पर भी पड़ा है, क्योंकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रुकावटों के कारण भोजन और ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान बॉर्डर के पास 40,000 फीट की ऊंचाई पर भारत का 'शक्ति प्रदर्शन'! भारतीय वायु सेना के NOTAM जारी करते ही इस्लामाबाद में हड़कंप UNGA सत्र के दौरान कई हाई-लेवल बैठकें होनी हैं, जिनमें 'विकास के अधिकार पर घोषणापत्र' की 40वीं वर्षगांठ मनाने के लिए एक बैठक और क्लाइमेट एक्शन व 'न्यायपूर्ण बदलाव' (just transition) पर एक अन्य बैठक शामिल है। अन्य बैठकों में समुद्र का जलस्तर बढ़ने से पैदा होने वाले खतरों, महामारी की रोकथाम और तैयारी, तथा परमाणु हथियारों को पूरी तरह खत्म करने के प्रयासों पर ध्यान दिया जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 12:53 pm

EPFO का खुलासा: 31 लाख खातों में पड़े हैं 9000 करोड़, ऐसे निकालें अपना पैसा!

नई EPF Scheme 2026 के लागू होने के बीच एक RTI खुलासे से पता चला है कि देश में करीब 31 लाख से ज्यादा निष्क्रिय पीएफ खातों में करीब 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की लावारिस राशि जमा है. अगर आपका भी पुराना पीएफ फंड अटका हुआ है, तो जानिए इसे घर बैठे ऑनलाइन क्लेम करने और बैंक खाते में ट्रांसफर करने की पूरी प्रक्रिया.

NDTV इंडिया 5 Sep 2026 12:52 pm

शिक्षक दिवस पर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि: जानिए क्यों देश भर में 5 सितंबर को ही मनाया जाता है यह खास दिन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने शासकीय आवास पर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सीएम धामी ने भारतीय शिक्षा और संस्कृति को दिशा देने में उनके योगदान को याद किया और ...

वेब दुनिया 5 Sep 2026 12:50 pm