बंगाल में बड़ा हादसा, होटल में आग लगने से 6 लोगों की हुई मौत
पश्चिम बंगाल के बीरभूम से इस वक्त की बड़ी खबर एक होटल में लगी भीषण आग आग से 6 लोगों की मौत सावन को लेकर होटल में रुके थे श्रद्धालु शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका तारापीठ पुलिस स्टेशन के पास एक होटल में आग सावन के आखिरी सोमवार की वजह से होटल तीर्थयात्रियों से खचाखच भरा हुआ था. आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी, जब मेहमान सो रहे थे.
एक्टिव हो चुका षडाष्टक योग, 2 राशियों पर टूटेगा मुसीबतों का पहाड़
Shadashtak Yog 2026: आज सूर्य और शनि के आमने-सामने आने से बना षडाष्टक योग कुछ जातकों की नौकरी, सेहत और आर्थिक स्थिति पर बड़ा संकट खड़ा कर सकता है? आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
गोविंदा पर पत्नी ने लगाया लांछन, सपोर्ट में उतरीं सलमान की EX
गोविंदा और सुनीता के बीच का रिश्ता बिगड़ता ही जा रहा है. उम्र में छोटी एक्ट्रेस संग काम करने और उनके साथ घूमने पर सुनीता ने गोविंदा के किरदार पर सवाल उठाए. गोविंदा ने भी पत्नी को फटकार लगाई है. पति-पत्नी के बीच छिड़ी जंग के बीच अब सलमान की एक्स गर्लफ्रेंड सोमी अली ने गोविंदा को सपोर्ट किया है.
Gen-Z को CM योगी ने लिखी पाती, कहा- युवा शक्ति यूपी की सबसे बड़ी पूंजी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से नियमित योग और व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा है कि संकल्प दृढ़ होने पर बड़े से बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं.
आलू चोखा से हो गए हैं बोर? 10 मिनट में बनाएं का चटपटा टमाटर चोखा
यूपी-बिहार में आलू चोखा लोग बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन सावन व्रत के दौरान इतना ज्यादा आलू लोग खा लेते हैं कि उनका मन भर जाता है. ऐसे में इस बार आलू की बजाय टमाटर का चोखा ट्राई करें, जिसका स्वाद आपको बेहद पसंद आएगा. इससे भी अच्छी बात यह है कि इसे बनाना भी बहुत आसान है.
भारत और नेपाल के बीच कूटनीतिक और सैन्य संबंधों को एक नई गति देने के लिए भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ वर्तमान में नेपाल के दौरे पर हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद से भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों की भर्ती के मुद्दे पर नए सिरे से सुगबुगाहट तेज हो गई है। अपनी इस यात्रा के दौरान जनरल सेठ जहां एक ओर नेपाली सेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे, वहीं पिछले चार साल से अटके पड़े भर्ती विवाद के हल की दिशा में भी महत्वपूर्ण बातचीत होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।चार साल से लंबित है अग्निवीर योजना के तहत गोरखा भर्ती का मामलावर्ष 2022 में भारत सरकार द्वारा 'अग्निपथ योजना' की शुरुआत किए जाने के बाद से ही नेपाल में भारतीय सेना के लिए गोरखाओं की भर्ती प्रक्रिया ठप पड़ी है। नेपाल का तर्क था कि नियमों में किए गए बदलाव 1947 के त्रिपक्षीय समझौते (भारत, ब्रिटेन और नेपाल) के प्रावधानों के अनुकूल नहीं हैं, जिसके चलते नेपाल सरकार ने उस समय भर्ती से इनकार कर दिया था और भारतीय सेना के दो प्रमुख भर्ती केंद्र भी बंद हो गए थे। हालांकि, समय के साथ नेपाल के पूर्व गोरखा सैनिकों और कई स्थानीय हलकों से लगातार यह मांग उठ रही है कि नेपाली युवाओं को भी इस सैन्य योजना में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए। ऐसे में जनरल धीरज सेठ के इस नेपाल दौरे को कूटनीतिक हल तलाशने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।मानद उपाधि से सम्मान और पूर्व सैनिकों के साथ संवाद का कार्यक्रमअपनी इस यात्रा के दौरान परंपरा का निर्वहन करते हुए नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के सर्वोच्च और प्रतिष्ठित 'जनरल' की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। भारत और नेपाल के बीच एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को यह मानद पद देने की ऐतिहासिक परंपरा साल 1950 से चली आ रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों मित्र देशों के बीच पारंपरिक रक्षा सहयोग, आपसी विश्वास और सैन्य समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करना है। अपनी यात्रा के अगले चरणों में, जनरल सेठ 18 अगस्त को शिवपुरी स्थित आर्मी कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के प्रशिक्षु अधिकारियों व विदेशी अधिकारियों को संबोधित करेंगे। इसके पश्चात, 19 अगस्त को वे पोखरा में आयोजित होने वाली एक विशाल पूर्व सैनिक रैली में हिस्सा लेंगे और वीर सैनिकों से संवाद करने के बाद स्वदेश लौट आएंगे।
अचानक उलझा मांझा, गर्दन के साथ हड्डी तक कटी… रवि को जिसने देखा दहल गया
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने बाइक सवार रवि राज की जान ले ली. एनएच-9 पर यूपी गेट के पास मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया, जिससे गला और हड्डी तक कट गई. गंभीर हालत में उन्हें मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक और नेतृत्वकारी भूमिका के बीच एक बार फिर देश की राजधानी नई दिल्ली वैश्विक चर्चाओं के केंद्र में आ गई है। आगामी BRICS शिखर सम्मेलन के आयोजन से पहले, 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। भारत की अध्यक्षता में होने वाले इस वैश्विक सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने की रणनीतियों और सतत विकास के लक्ष्यों को लेकर एक मजबूत सामूहिक प्रतिबद्धता तय करना है।वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों से होगी शुरुआतपर्यावरण मंत्रियों की मुख्य बैठक से ठीक पहले, 17 अगस्त को पर्यावरण कार्य समूह (Environment Working Group) तथा जलवायु परिवर्तन एवं टिकाऊ विकास पर संपर्क समूह (Contact Group on Climate Change and Sustainable Development) के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें आयोजित की गई हैं। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 की मुख्य थीम ‘सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग व सतत विकास’ के तहत इन सभी सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। बैठकों के अंत में पर्यावरण संरक्षण और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे अहम विषयों पर एक साझा बयान (Joint Communiqu) जारी किए जाने की भी पूरी संभावना है।इन चार प्रमुख मुद्दों पर टिकी रहेंगी दुनिया की निगाहेंनई दिल्ली में आयोजित हो रहे इस महत्वपूर्ण ब्रिक्स सम्मेलन में मुख्य रूप से चार प्रमुख और ज्वलंत पर्यावरणीय मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया जाएगा:सर्कुलर इकोनॉमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था): यह मुद्दा सदस्य देशों में एक मजबूत 'विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व' नीतिगत ढांचे और नियामक दृष्टिकोण को विकसित कर प्रभावी अपशिष्ट (कचरा) प्रबंधन प्रथाओं को प्रदर्शित करने पर जोर देता है। इसका मुख्य उद्देश्य संसाधनों का कुशल उपयोग और समानता सुनिश्चित करना है।वनीकरण और जंगल की आग का प्रबंधन: जंगलों में लगने वाली आग (Wildfires) की घटनाओं से निपटने के लिए उन्नत डेटा संग्रह, आधुनिक निगरानी प्रणालियों और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को साझा करने पर विचार किया जाएगा। एकीकृत हरित दृष्टिकोण के जरिए इस साझा चुनौती का मुकाबला करने की रणनीति बनेगी।सतत जीवनशैली (Sustainable Lifestyle): प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपभोग और सामुदायिक प्रथाओं के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने पर बल दिया जाएगा। साथ ही सदस्य देशों के बीच सफलता की कहानियां और बेहतरीन कार्यप्रणालियां साझा की जाएंगी।जलवायु अनुकूलन (Climate Adaptation): यह प्राथमिकता पारंपरिक ज्ञान पर आधारित जन-केंद्रित और समुदाय-नेतृत्व वाले जलवायु अनुकूलन प्रयासों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जिससे व्यावहारिक सहयोग और संरचित ज्ञान का आदान-प्रदान संभव हो सके।
पानी में बैक्टीरिया... टॉयलेट-यूरिनल ठीक नहीं, CAG ऑडिट में 458 रेलवे स्टेशन फेल
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए उपलब्ध पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर कैग की ऑडिट रिपोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं. 512 स्टेशनों की जांच में कई वाटर कूलर सैंपल E.coli पॉजिटिव मिले, जबकि 458 स्टेशन अनिवार्य न्यूनतम यात्री सुविधाओं के मानकों पर खरे नहीं उतरे. रिपोर्ट के बाद रेलवे ने सुधार की प्रक्रिया तेज कर दी है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने करीब 20,000 स्थानों पर 'टैंक टू टैप' वाटर फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं.
बंगाल के तारापीठ में बड़ा हादसा: होटल में लगी भीषण आग, सोते वक्त जिंदा जले 6 से अधिक लोग; मचा कोहराम
पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल बीरभूम जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। सावन के पवित्र महीने के दौरान सोमवार तड़के करीब 4 से 5 बजे के बीच तारापीठ मंदिर नगरी स्थित एक चार मंजिला होटल में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयंकर अग्निकांड में होटल के अंदर सो रहे 6 से अधिक लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और चारों तरफ चीख-पुकार व कोहराम मच गया।रिसेप्शन से फैली आग, चारों तरफ फैल गया काला धुआंस्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और चश्मदीद श्रद्धालुओं के अनुसार, आग की शुरुआत कथित तौर पर होटल के भूतल (Ground Floor) यानी रिसेप्शन एरिया से हुई थी। देखते ही देखते आग की विकराल लपटें पूरी इमारत में फैल गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि होटल के रिसेप्शन में इंटीरियर के लिए फाइबर का भारी इस्तेमाल किया गया था, जिसके चलते आग ने बहुत कम समय में भयानक रूप ले लिया और चारों तरफ घने काले धुएं का गुबार छा गया। धुआं इतना ज्यादा था कि शुरुआती दौर में फायर ब्रिगेड और पुलिस कर्मियों को अंदर बचाव कार्य के लिए प्रवेश करने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा।सावन के चलते होटल में ठहरे थे बड़ी संख्या में श्रद्धालुचूंकि इन दिनों सावन का महीना चल रहा है और तारापीठ में माता के दर्शन के लिए देश भर से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए होटल के कमरों में काफी भीड़ थी। घटना के वक्त होटल में ठहरे अधिकांश अतिथि गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक फैले धुएं और आग की तपिश के कारण लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और झुलसे हुए लोगों को तुरंत बाहर निकालकर रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया।शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है हादसे की वजहअस्पताल और पुलिस सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में पहले 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जो बढ़कर 6 से 7 तक पहुंच गई है। वहीं, होटल प्रबंधन और अधिकारियों का शुरुआती तौर पर यह दावा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी, हालांकि प्रशासन द्वारा आग लगने के असली कारणों की आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है। इस दुखद हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश दे दिए हैं और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने की बात कही जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठनात्मक ढांचे में एक बड़े और अहम बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं। इस संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है, क्योंकि इसी साल जनवरी में नितिन नवीन के सबसे युवा बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद से यह पहली बार होगा जब राष्ट्रीय स्तर पर टीम का नए सिरे से गठन किया जाएगा। इस बड़े बदलाव में पार्टी के संविधान में हुए संशोधनों के तहत महिलाओं और युवाओं को विशेष प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है।नई टीम में इन पदों पर हो सकती है ताजपोशीसामने आ रही जानकारियों के अनुसार, बीजेपी के नए संगठनात्मक ढांचे में एक राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के साथ-साथ कई राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय महामंत्री और राष्ट्रीय मंत्रियों की नियुक्ति की जा सकती है। पार्टी के संविधान में हाल ही में किए गए संशोधनों के मुताबिक, संगठनात्मक पदों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत हिस्सेदारी आरक्षित की गई है, जिसका असर इस नई टीम में साफ तौर पर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, सामाजिक संतुलन को साधते हुए हर वर्ग में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से कम से कम तीन पदाधिकारियों को प्रतिनिधित्व दिए जाने की भी चर्चा है।पार्लियामेंट्री बोर्ड और राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी होगा गठनसंगठन के पुनर्गठन के साथ ही पार्टी की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली संस्था 'पार्लियामेंट्री बोर्ड' (संसदीय बोर्ड) और 'केंद्रीय चुनाव समिति' का भी नए सिरे से गठन किया जाना है। नियमों के अनुसार, पार्लियामेंट्री बोर्ड में राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत अधिकतम 11 या 12 सदस्य हो सकते हैं। इसके साथ ही, पार्टी की रणनीतियों और नीतियों पर विचार करने वाली 'राष्ट्रीय कार्यकारिणी' का भी गठन होना है, जिसमें कुल 120 सदस्यों में से कम से कम 40 महिलाओं का होना अनिवार्य है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार की टीम में युवा चेहरों को आगे लाकर पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए एक नई रणनीति तैयार कर रही है।
बुर्के में हिंदू छात्राओं से कराया डांस! गोंडा के स्कूल का वीडियो वायरल
यूपी के गोंडा जिले के एक निजी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में छात्राएं बुर्का पहनकर डांस करती दिख रही हैं. विवाद बढ़ता देख स्कूल प्रबंधक रामकृष्ण मौर्या ने वीडियो संदेश जारी कर करोड़ों बार माफी मांगते हुए सफाई पेश की है.
CA परीक्षा देने की कितनी है अधिकतम उम्र? जानें क्या कहते हैं नियम
CA बनने का सपना आमतौर पर युवा देखते हैं लेकिन कई बार ये सवाल होता है कि अगर आप 50 साल के हो गए हैं, तो क्या आप CA बन सकते हैं या इसके लिए कोई एज लीमिट निर्धारित की गई है. अगर आपके मन में भी इस तरह की दुविधा चल रहा है, तो चलिए जान लेते हैं कि क्या कहते हैं इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के नियम?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने वाला 'फास्टैग' (FASTag) अब केवल टोल टैक्स वसूली तक सीमित नहीं रहने वाला है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए एक बेहद कड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। अब टोल प्लाजा पर लगे फास्टैग और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों के डेटा का इस्तेमाल देश में वाहन चोरी, संगठित अपराध और आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए एक शक्तिशाली हथियार के रूप में किया जाएगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से इस संबंध में नए दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं, जो देश की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव साबित होंगे।सुरक्षा एजेंसियों को मिलेगी डायरेक्ट फीड और रियल-टाइम अलर्टअक्सर यह देखा गया है कि आतंकवादी घटनाओं या हमलों में वाहनों का इस्तेमाल विस्फोटक ले जाने या वाहनजनित आईईडी (VBIED) के रूप में किया जाता है। इसके अलावा अपराधी और वाहन चोर अपनी गाड़ियों की नंबर प्लेट बदलकर या फर्जी प्लेट लगाकर आसानी से एक राज्य से दूसरे राज्य निकल जाते हैं। इस नए प्लान के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों को टोल प्लाजा के डेटा की डायरेक्ट फीड मिलेगी। जैसे ही कोई ब्लैकलिस्टेड या संदिग्ध वाहन किसी भी टोल प्लाजा पर पहुंचेगा, एजेंसियों के पास तुरंत रियल-टाइम अलर्ट पहुंच जाएगा। इससे संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गाड़ियों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी और किसी भी घटना के बाद आतंकियों या अपराधियों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।वाहन चोरी और हिट-एंड-रन मामलों का तुरंत होगा खुलासासरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल औसतन डेढ़ से दो लाख वाहन चोरी होते हैं, जिनमें अकेले दिल्ली-एनसीआर से जुड़े मामलों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक होती है। चोरी किए गए इन वाहनों को अपराधी कुछ ही घंटों में पूर्वोत्तर राज्यों, नेपाल सीमा या जम्मू-कश्मीर की तरफ भगा ले जाते हैं। नए एएनपीआर कैमरे केवल नंबर प्लेट ही नहीं पढ़ेंगे, बल्कि वाहन के रंग, मेक और मॉडल का भी सटीक मिलान करेंगे। यदि फास्टैग और गाड़ी के असली विवरण में कोई अंतर पाया गया, तो टोल प्लाजा पर ही वाहन को दबोच लिया जाएगा। इसके अलावा, हिट-एंड-रन मामलों, लूट, डकैती, अपहरण और हथियारों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों का सटीक रूटमैप और टाइम-स्टैम्प डेटा निकालकर अपराधियों तक पहुंचना अब बेहद आसान हो जाएगा।आम जनता की निजता का रखा जाएगा पूरा ध्यानइस पूरी प्रक्रिया में नागरिकों की गोपनीयता (Privacy) का विशेष ध्यान रखा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह संवेदनशील डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और इसे आम जनता के लिए सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। केवल अधिकृत और प्रमुख कानून प्रवर्तन एजेंसियों जैसे कि पुलिस, एनआईए, ईडी और परिवहन विभागों को ही इसका नियंत्रित एक्सेस मिलेगा। डेटा के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक कनिष्ठ मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तय की गई है, जिसके तहत केवल वरिष्ठ अधिकारियों के औपचारिक अनुरोध पर ही आवश्यक जानकारी साझा की जाएगी।
गोयनका की टीम द हंड्रेड में बनी चैम्पियन, सीफर्ट का बल्ले से तूफान
सुपर जायंट्स फैमिली का आखिरकार खिताब जीतने का सपना पूरा हो गया. मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने वो कर दिखाया, जो आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स नहीं कर पाई थी. दो बार फाइनल में मिली नाकामी के बाद आखिरकार तीसरे प्रयास में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स द हंड्रेड का चैम्पियन बन गया.
'पुरानी गाड़ियों को मिले E10 पेट्रोल...', सरकार के आर्थिक सलाहकार का सुझाव
भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन के अनुसार, पुराने वाहनों के लिए E10 पेट्रोल का ऑप्शन दिया जाना चाहिए. क्योंकि E20 पेट्रोल का असर 8 करोड़ पुराने दोपहिया वाहनों पर पड़ेगा, जिसमें कार्ब्युरेटर का इस्तेमाल होता है. पुराने कार्ब्युरेटर इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल के हिसाब से खुद को एडजस्ट नहीं कर सकते हैं.
हाई टेंशन तारों के चपेट में आया श्रद्धालुओं से भरा कैंटर, देखें
करनाल के घरौंडा में श्रद्धालुओं से भरे कैंटर के हाईटेंशन तारों की चपेट में आने का खौफनाक तस्वीर सामने आई है... हादसे में कई श्रद्धालु झुलस गए, जबकि लोगों को बचाने पहुंचे रिटायर्ड फौजी की करंट लगने से मौत हो गई... फुटेज में दिख रहा है कि कैंटर की बढ़ी हुई ऊंचाई के चलते वह बिजली के तारों के संपर्क में आया और देखते ही देखते वाहन में करंट फैल गया...
सूजे होंठ-शरीर पर पड़े निशान, इंटीमेट सीन में हुई हालत खराब!
एक्ट्रेस नेहल वडोलिया कभी टीवी इंडस्ट्री में काम करती थीं. लेकिन आज वो बोल्ड हीरोइनों में काउंट की जाती हैं.
जंगल में मुठभेड़ या कुछ और?: CM विजय के सवालों से घिरे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार; तमिलनाडु-कर्नाटक आमने-सामने- CM Vijay questions regarding encounter Tamil Nadu poachers Karnataka forests CM Shivakumar gice clarification
बिना चीनी भी चाय लगेगी मीठी और स्वादिष्ट, बस डालें ये चीजें
क्या आप भी बिना चीनी की चाय पीना चाहते हैं, लेकिन स्वाद फीका लगने के डर से अपनी पसंदीदा चाय नहीं छोड़ पा रहे? अगर हां, तो अब आपको चाय की मिठास से समझौता करने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको 6 ऐसे नेचुरल और हेल्दी ऑप्शन बताने वाले हैं, जिन्हें चाय में शामिल करके आप बिना रिफाइंड चीनी के भी कप को मीठा और स्वादिष्ट बना सकते हैं.
तबाही से बचना है, तो आज ही इन 5 लोगों से तोड़ लें सारे रिश्ते!
Quote of The Day: जानिए उन 5 तरह के लोगों के बारे में जिन्हें महात्मा विदुर ने जीवन में शांति, सफलता और तबाही से बचने के लिए तुरंत छोड़ने की सलाह दी है.
'100 लोग जबरदस्ती ठेल दिए', चश्मदीद ने बताई भगदड़ की आंखों देखी
लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में सोमवार को भगदड़ मच गई. इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. चश्मदीद ने बताया कि मौके पर सुरक्षा की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी.
फास्टैग के जरिए अपराधियों की भी होगी धरपकड़, आतंकियों पर भी कसा जाएगा शिकंजा
सरकार अब फास्टैग के जरिए आपराधिक गतिविधियों पर भी निगरानी रखने और अपराधियों को पकड़ने का प्लान कर रही है। इसके लिए कुछ एजेंसियों को फास्टैग का नियंत्रित ऐक्सेस दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हजारों छात्र-छात्राओं के लिए 20 अगस्त का दिन बेहद निर्णायक साबित होने जा रहा है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग (DME MP) द्वारा राज्य कोटे की 85 फीसदी एमबीबीएस और बीडीएस सीटों के लिए पहले राउंड का सीट अलॉटमेंट परिणाम जारी किया जाएगा। इस बार राज्य की कुल 6,020 मेडिकल सीटों पर दाखिले के लिए 17,093 योग्य अभ्यर्थियों ने दावेदारी ठोकी है, जिससे मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक हो गया है। हर एक सरकारी सीट के लिए लगभग तीन से चार दावेदार कतार में हैं, जिससे कटऑफ का ग्राफ ऊपर जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है।स्टेट मेरिट लिस्ट जारी और कड़ा मुकाबलाचिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक स्टेट मेरिट सूची के विश्लेषण से पता चलता है कि इस साल मध्य प्रदेश के छात्रों ने नीट यूजी में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मेरिट लिस्ट में दर्ज 17,093 अभ्यर्थियों में टॉपर्स के बीच अंकों का अंतर बेहद मामूली है। जबलपुर के आर्यमान सिंह सोलंकी ने 696 अंकों (AIR 46) के साथ स्टेट रैंक-1 हासिल की है, वहीं सार्थक साहू ने 680 अंकों के साथ दूसरा स्थान पाया है। टॉप-10 में शामिल उम्मीदवारों के अंक 655 से ऊपर हैं। उच्च अंकों की इस सघनता के कारण राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों की जनरल कैटेगरी की सीटें शुरुआती रैंकों में ही भर जाने का अनुमान है।सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों का सीट मैट्रिक्समध्य प्रदेश में इस समय 20 से अधिक सरकारी और 14 से ज्यादा निजी मेडिकल कॉलेज काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हैं। राज्य के प्रमुख सरकारी संस्थानों में गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) भोपाल, महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (MGM) इंदौर, गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) ग्वालियर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर और श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा छात्रों की पहली पसंद बने हुए हैं। नए खुले सरकारी मेडिकल कॉलेजों—जैसे नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली के जुड़ने से सीटों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिससे ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को भी स्थानीय स्तर पर मेडिकल की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। प्राइवेट कॉलेजों में पीपुल्स कॉलेज भोपाल, अरबिंदो मेडिकल कॉलेज इंदौर, चिरायु और एलएन मेडिकल कॉलेज में भी स्टेट कोटे के तहत भारी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं।चॉइस फिलिंग और अलॉटमेंट का गणितमेरिट सूची में शामिल अभ्यर्थियों द्वारा 15 से 18 अगस्त के बीच कॉलेज प्राथमिकताओं की चॉइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। सीट आवंटन पूरी तरह से अभ्यर्थी की ऑल इंडिया व स्टेट रैंक, आरक्षण श्रेणी (UR, OBC, SC, ST, EWS), महिला कोटा, पीडब्ल्यूडी कोटा और उनके द्वारा लॉक की गई कॉलेज चॉइस के आधार पर सॉफ्टवेयर द्वारा पारदर्शी तरीके से किया जाता है। जिन छात्रों ने अपनी प्राथमिकताओं में टॉप सरकारी कॉलेजों के साथ-साथ बैकअप के तौर पर नए सरकारी व मान्यता प्राप्त प्राइवेट कॉलेजों को सही क्रम में रखा है, उनके सीट पाने के अवसर काफी बढ़ जाते हैं।20 अगस्त को सीट अलॉटमेंट के बाद क्या करें?20 अगस्त को राउंड-1 का आवंटन परिणाम घोषित होते ही चयनित अभ्यर्थियों को आधिकारिक पोर्टल dme.mponline.gov.in पर लॉगिन करके अपना प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करना होगा। इसके बाद 21 अगस्त से 27 अगस्त के बीच छात्रों को आवंटित मेडिकल कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन (Document Verification) कराना होगा और निर्धारित ट्यूशन फीस जमा करनी होगी। जो अभ्यर्थी राउंड-1 में मिली सीट से संतुष्ट हैं, वे एडमिशन लॉक कर सकते हैं, जबकि बेहतर कॉलेज की उम्मीद रखने वाले उम्मीदवार 'अपग्रेडेशन' (Upgradation) का विकल्प चुनकर सेकंड राउंड में भाग ले सकेंगे।एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्टकॉलेज रिपोर्टिंग के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए छात्रों को सभी जरूरी दस्तावेजों के मूल सेट और तीन-तीन स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी तैयार रखनी चाहिए। आवश्यक दस्तावेजों में नीट यूजी 2026 एडमिट कार्ड व स्कोरकार्ड, एमपी नीट रजिस्ट्रेशन रसीद और अलॉटमेंट लेटर, 10वीं और 12वीं की मूल अंकसूची व प्रमाण पत्र, मध्य प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र (MP Domicile Certificate), जाति प्रमाण पत्र (सक्षम अधिकारी द्वारा जारी), आय प्रमाण पत्र (OBC/EWS के लिए), आधार कार्ड/पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट शामिल हैं। जिन छात्रों ने सरकारी स्कूल कोटा या स्वतंत्रता सेनानी कोटे का लाभ लिया है, उन्हें उसका अधिकृत प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।क्या रहेगा कटऑफ का रुझान?विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल मध्य प्रदेश में सरकारी एमबीबीएस सीटों के लिए सामान्य वर्ग (UR) का कटऑफ 600 से 615 अंकों के बीच रहने का अनुमान है, जबकि ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के लिए यह 590 से 605 अंकों के आसपास सिमट सकता है। एससी वर्ग के लिए 490 से 510 और एसटी वर्ग के लिए 390 से 410 अंक सुरक्षित स्कोर माने जा रहे हैं। प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में सरकारी कोटे की सीटों के लिए कटऑफ तुलनात्मक रूप से कम रहेगा। 20 अगस्त को जारी होने वाली अलॉटमेंट लिस्ट के साथ ही हजारों अभ्यर्थियों के डॉक्टर बनने की दिशा में पहला कदम तय हो जाएगा।
स्कूलों में फोटो-वीडियो बनाने वालों खबरदार! राजस्थान में नई गाइडलाइन
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब बिना अनुमति बाहरी लोगों की एंट्री नहीं हो सकेगी. शिक्षा विभाग ने कहा है कि स्टूडेंट्स की सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए फोटो, वीडियो, इंटरव्यू और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए भी प्रिंसिपल की लिखित इजाजत लेनी होगी.
रेलवे स्टेशन पर टैंक से नल तक मिलेगा शुद्ध पानी, कैग की रिपोर्ट के बाद ऐक्शन मोड में रेलवे
कैग कि शिफारिशों के बाद रेलवे ऐक्शन मोड में आ गया है। रेलवे स्टेशनों पर शुद्ध पेय जल को लेकर रोडमैप तैयार किया जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ सतीश कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने एक उच्चस्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की।
बंगाल में बड़ा हादसा, होटल में सो रहे 6 लोग जिंदा जले; सुबह 4 बजे मचा कोहराम
पश्चिम बंगाल के बीरभूम में सोमवार को एक होटल में आग लग गई है। खबर है कि आग की यह घटना अल सुबह 4 बजे हुई है, जिसमें कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है। बचाव कार्य जारी है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
ट्रंप ने दक्षिण कोरिया संग सैन्य अभ्यास कम करने का दिया निर्देश
डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले वार्षिक सैन्य अभ्यास ‘अल्ची फ्रीडम शील्ड’ को कम करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में दक्षिण कोरिया के शामिल न होने पर नाराजगी जताई और अभ्यास को महंगा व उत्तर कोरिया के लिए गलत संकेत बताया।
सावन के तीसरे सोमवार पर भव्य फूलों से काशी विश्वनाथ धाम को सजाया गया
सावन के तीसरे सोमवार पर देशभर के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा है... वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम को भव्य फूलों से सजाया गया है... बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है... वहीं झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भी भक्तों का सैलाब देखने को मिल रहा है... कांवड़ियों की करीब 8 किलोमीटर लंबी कतार लगी है... हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से दोनों ही धाम गूंज रहे हैं.
2 घंटे, 150 थप्पड़ और 15 इंजेक्शन... ऐसे मौत के मुंह से लौटा!
यूपी के हरदोई में एक अनोखा मामला सामने आया है. खेत में पानी लेकर पहुंचे 21 वर्षीय अरुण को जहरीले सांप ने डस लिया. अस्पताल में डॉक्टरों की सलाह पर बड़े भाई ने लगातार 150 से अधिक थप्पड़ मारकर उसे सोने नहीं दिया और 15 एंटी-वेनम डोज से उसकी जान बच गई.
LIVE: गॉल में आज बारिश ना कर दे 'खेल', टीम इंडिया का बिग स्कोर
IND vs SL 1st Test, Day 3 Live Cricket Score: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में टेस्ट मुकाबला जारी है. इस मुकाबले के शुरुआती दो दिन बारिश के बीच भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था. अब तीसरे दिन का खेल मैच की दिशा तय करेगा.
मेडिकल छात्रों में खुदकुशी के विचार आम लोगों से ज्यादा, शोध रिपोर्ट में किया गया दावा
एक शोध रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आम लोगों से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के मन में खुदकुशी के विचार आते हैं। लोग जब बीमार होते हैं तो उन्हें लगता है कि डॉक्टर उन्हें बचा लेंगे। लेकिन जब यही डॉक्टर पढ़ाई कर रहे होते हैं तो वे बेहद मुश्किल दौर से गुजरते हैं।
ऑटो डेस्क ग्राउंड रिपोर्ट: गर्मियों के मौसम में या लंबी दूरी के सफर पर निकलते वक्त अक्सर लोग कार के टायर, ब्रेक और पेट्रोल-डीजल की जांच तो कर लेते हैं, लेकिन इंजन कम्पार्टमेंट में मौजूद कूलेंट (Coolant) के स्तर पर ध्यान देना भूल जाते हैं। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इंजन ऑयल की तरह ही कूलेंट कार के इंजन की लाइफलाइन होता है। जब कार चलती है, तो इंजन के कंबशन चैंबर में ईंधन के जलने से अत्यधिक तापमान पैदा होता है। यदि कूलिंग सिस्टम में कूलेंट का स्तर न्यूनतम निशान (Min Mark) से नीचे चला जाए, तो इंजन का तापमान अनियंत्रित रूप से बढ़ जाता है। लगातार ऐसी स्थिति में गाड़ी चलाने से न केवल माइलेज गिरता है, बल्कि इंजन पूरी तरह डेड होकर लाखों रुपये की चपत लगा सकता है।कार में कूलेंट का असली काम: सिर्फ पानी क्यों नहीं है इसका विकल्प? कई कार चालक यह गलती करते हैं कि कूलेंट कम होने पर उसमें सादा नल का पानी भर देते हैं। कूलेंट मुख्य रूप से एथिलीन ग्लाइकॉल या प्रोपलीन ग्लाइकॉल और डिस्टिल्ड वॉटर का एक विशेष रासायनिक मिश्रण होता है। इसके मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:तापमान नियंत्रण: यह सामान्य पानी की तुलना में काफी ऊंचे तापमान (100C से अधिक) पर भी उबलता नहीं है और इंजन की अत्यधिक गर्मी को सोखकर रेडिएटर के जरिए बाहर निकालता है।एंटी-फ्रीज गुण: अत्यधिक ठंड या पहाड़ी इलाकों में यह माइनस तापमान पर भी इंजन के कूलिंग चैंबर में जमता नहीं है।जंग और स्केलिंग से बचाव: कूलेंट में मौजूद जंग-रोधी (Anti-corrosion) तत्व रेडिएटर, वाटर पंप और इंजन ब्लॉक के आंतरिक हिस्सों में जंग लगने और कैल्शियम जमने से रोकते हैं।कूलेंट कम होने पर इंजन के साथ क्या होता है? यदि कूलेंट का स्तर कम है और आप गाड़ी चलाते जा रहे हैं, तो इंजन पर सिलसिलेवार तरीके से गंभीर प्रभाव पड़ते हैं:इंजन ओवरहीटिंग (Overheating): कूलिंग सिस्टम इंजन की गर्मी को नियंत्रित नहीं कर पाता, जिससे डैशबोर्ड पर टेम्परेचर गेज 'H' (High) मार्क को छूने लगता है।हेड गैस्केट का फटना (Blown Head Gasket): अत्यधिक गर्मी के कारण इंजन ब्लॉक और सिलेंडर हेड के बीच लगी हेड गैस्केट पिघल या फट जाती है। इसके फटने से कूलेंट और इंजन ऑयल आपस में मिल जाते हैं, जिससे इंजन का पूरा इंटरनल लुब्रिकेशन सिस्टम बर्बाद हो जाता है।सिलेंडर हेड का मुड़ना (Warped Cylinder Head): धातु से बना इंजन का ऊपरी हिस्सा (सिलेंडर हेड) अत्यधिक तापमान के दबाव में झुक या विकृत हो जाता है, जिसे ठीक करने के लिए पूरे इंजन को खोलना पड़ता है।इंजन सीज होना (Engine Seizure): जब तापमान चरम सीमा पार कर जाता है, तो पिस्टन फैलकर सिलेंडर की दीवारों के साथ लॉक हो जाते हैं। इसे 'इंजन सीज' होना कहते हैं, जिसके बाद इंजन को पूरी तरह रीबिल्ड या बदलना पड़ता है।कार में कूलेंट कम होने के प्रमुख संकेत और लक्षण ड्राइविंग के दौरान इन संकेतों पर ध्यान देकर बड़े नुकसान से समय रहते बचा जा सकता है:डैशबोर्ड पर टेम्परेचर वॉर्निंग लाइट: मीटर कंसोल में थर्मामीटर या रेडिएटर जैसा लाल/पीला सिंबल जलने लगना।एसी (AC) का सही काम न करना: जब इंजन ओवरहीट होता है, तो सिस्टम खुद को बचाने के लिए एसी कंप्रेसर को कट-ऑफ कर देता है, जिससे ब्लोअर से केवल गर्म हवा आने लगती है।बोनट से भाप या धुआं निकलना: रेडिएटर या कूलेंट टैंक से अत्यधिक दबाव के कारण उबलते कूलेंट की भाप बाहर आना।कार के नीचे मीठी गंध या रंगीन रिसाव: कार के नीचे जमीन पर हरा, गुलाबी या नीला तरल टपकना, जिसकी हल्की मीठी सी गंध होती है।सफर के दौरान कूलेंट कम हो जाए तो क्या करें और क्या न करें? अगर ड्राइविंग के दौरान अचानक ओवरहीटिंग का संकेत दिखे, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:गाड़ी को तुरंत सुरक्षित स्थान पर साइड में खड़ा करें और इंजन बंद कर दें।गर्म इंजन पर रेडिएटर कैप कभी न खोलें: उबलता हुआ कूलेंट फव्वारे की तरह बाहर निकलकर चेहरे और हाथों को गंभीर रूप से जला सकता है। इंजन को कम से कम 30 से 45 मिनट ठंडा होने दें।इंजन ठंडा होने के बाद ही ट्रांसपेरेंट कूलेंट रिजर्वायर टैंक का ढक्कन खोलें।आपात स्थिति में यदि कूलेंट उपलब्ध न हो, तो केवल डिस्टिल्ड वॉटर या सामान्य पीने का साफ पानी डालकर नजदीकी वर्कशॉप तक गाड़ी धीरे-धीरे ले जाएं और वहां तुरंत प्रॉपर कूलेंट फ्लश व रीफिल करवाएं।नियमित अंतराल पर अपनी कार के कूलेंट लेवल और होज पाइप्स में होने वाले लीकेज की जांच करना एक समझदार कार मालिक की पहचान है, जो आपको किसी बड़े वित्तीय नुकसान और बीच रास्ते में फंसने से बचाता है।
टेक डेस्क ग्राउंड रिपोर्ट: एपल की नई सूची से लाखों पुराने आईफोन यूजर्स को झटका ग्लोबल टेक दिग्गज एपल (Apple) ने अपनी आधिकारिक विंटेज और ऑब्सोलिट (Obsolete) प्रोडक्ट्स की सूची को अपडेट करते हुए अपने बेहद लोकप्रिय पुराने आईफोन मॉडल को आधिकारिक तौर पर 'अप्रचलित' यानी ऑब्सोलिट श्रेणी में डाल दिया है। टेक की दुनिया में इस कदम को आम बोलचाल में प्रोडक्ट की 'आधिकारिक विदाई' माना जाता है। एपल की इस नीति के तहत, जब कोई डिवाइस अपनी बिक्री बंद होने के सात साल से अधिक का समय पूरा कर लेता है, तो कंपनी उसे पूरी तरह से हार्डवेयर और सर्विस सपोर्ट से बाहर कर देती है।भारत सहित दुनिया भर के उन लाखों यूजर्स के लिए यह एक बड़ा झटका है जो अपने इस पुराने लेकिन मजबूत आईफोन का इस्तेमाल सेकेंडरी फोन, म्यूजिक प्लेयर या दैनिक कॉलिंग डिवाइस के तौर पर कर रहे थे। अब इस डिवाइस के लिए एपल के आधिकारिक सर्विस सेंटर के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं।क्या होता है 'Obsolete' का मतलब: एपल की पॉलिसी को समझें एपल अपने पुराने प्रोडक्ट्स को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटता है, जिन्हें समझना हर यूजर के लिए बेहद जरूरी है:Vintage (विंटेज श्रेणी): जब किसी डिवाइस की बिक्री बंद हुए 5 साल से अधिक लेकिन 7 साल से कम समय हुआ हो, तो एपल उसे 'विंटेज' घोषित करता है। इस दौरान सर्विस सेंटर में पार्ट्स की उपलब्धता (Inventory) के आधार पर रिपेयरिंग की सुविधा मिलती रहती है।Obsolete (अप्रचलित श्रेणी): जब किसी डिवाइस की बिक्री बंद हुए पूरे 7 साल बीत जाते हैं, तो वह 'ऑब्सोलिट' बन जाता है। इस श्रेणी में आते ही एपल अपने ऑथराइज्ड सर्विस प्रोवाइडर्स और एपल स्टोर्स को उस डिवाइस के लिए स्पेयर पार्ट्स देना और कोई भी हार्डवेयर रिपेयर सर्विस देना पूरी तरह बंद कर देता है। केवल चुनिंदा मैक लैपटॉप की बैटरी के मामलों में ही कुछ सीमित शर्तें लागू होती हैं।मौजूदा यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा: क्या फोन चलना तुरंत बंद हो जाएगा? अगर आपके पास यह आईफोन मॉडल है, तो घबराने की जरूरत नहीं है कि फोन अचानक ऑन होना बंद हो जाएगा। आपका डिवाइस पहले की तरह ही चालू रहेगा और कॉलिंग, बेसिक ऐप्स व मीडिया प्लेबैक का काम करता रहेगा। हालांकि, व्यवहारिक तौर पर आपको इन प्रमुख मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा:कोई आधिकारिक हार्डवेयर रिपेयर नहीं: अगर फोन की स्क्रीन टूट जाती है, बैटरी खराब हो जाती है या मदरबोर्ड में खराबी आती है, तो एपल का कोई भी आधिकारिक सर्विस सेंटर इसे रिपेयर नहीं करेगा।ओरिजिनल पार्ट्स की कमी: मार्केट में इस मॉडल के ओरिजिनल जेन्युइन पार्ट्स मिलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा और यूजर्स को केवल थर्ड-पार्टी या लोकल रिपेयर शॉप्स पर निर्भर रहना होगा।सॉफ्टवेयर और ऐप सपोर्ट का अंत: इस डिवाइस को नए iOS अपडेट और सिक्योरिटी पैच पहले ही मिलना बंद हो चुके हैं। आने वाले समय में व्हाट्सएप, बैंकिंग ऐप्स और यूट्यूब जैसे जरूरी ऐप्स भी पुराने ओएस वर्जन पर काम करना बंद कर देंगे।सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को लेकर बड़ा जोखिम किसी पुराने स्मार्टफोन के आधिकारिक तौर पर रिटायर होने के बाद सबसे बड़ा खतरा उसकी डेटा सुरक्षा को लेकर होता है। चूंकि एपल अब इस डिवाइस के लिए कोई सिक्योरिटी अपडेट या वल्नरैबिलिटी फिक्स जारी नहीं करेगा, ऐसे में यह फोन साइबर फ्रॉड, मैलवेयर और हैकिंग के प्रति संवेदनशील हो जाता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि इस तरह के पुराने और अनसपोर्टेड डिवाइस पर कभी भी नेट बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट्स, पर्सनल ईमेल या संवेदनशील वित्तीय लेनदेन नहीं करने चाहिए।यूजर्स के पास अब क्या हैं विकल्प: अपग्रेड करने का सही समय यदि आप अभी भी इस पुराने आईफोन पर निर्भर हैं, तो आपके पास मुख्य रूप से निम्नलिखित विकल्प बचते हैं:नये मॉडल पर अपग्रेड करें: यदि यह आपका प्राथमिक (Primary) फोन है, तो डेटा बैकअप लेकर नए आईफोन या किसी आधुनिक बजट स्मार्टफोन पर स्विच करना सबसे सुरक्षित फैसला होगा।सेकेंडरी डिवाइस बनाएं: जब तक फोन की हार्डवेयर कंडीशन ठीक है, तब तक इसे बिना किसी संवेदनशील डेटा के घर पर केवल कॉलिंग, अलार्म या ऑफलाइन मीडिया प्लेयर के रूप में इस्तेमाल करें।लोकल रिपेयरिंग का सहारा: अगर बैटरी लाइफ कम हो चुकी है और आप फोन को चालू रखना चाहते हैं, तो किसी भरोसेमंद लोकल रिपेयर सेंटर से थर्ड-पार्टी बैटरी रिप्लेस करवा सकते हैं, हालांकि इसकी परफॉर्मेंस ओरिजिनल जैसी नहीं होगी।एपल द्वारा अपनी विंटेज और ऑब्सोलिट लिस्ट को समय-समय पर अपडेट करना एक नियमित तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है, ताकि कंपनी अपने नए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम पर ध्यान केंद्रित कर सके। जिन यूजर्स के पास यह फोन अभी सुरक्षित चल रहा है, वे इसका सामान्य उपयोग जारी रख सकते हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से एक आधुनिक डिवाइस पर स्विच करने की योजना बनाना अब बेहद जरूरी हो गया है।
15 अगस्त को कर्नाटक के चामराजनगर ज़िले में राज्य वन विभाग द्वारा कथित तौर पर तीन शिकारियों की मौत के बाद तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच भारी राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। मृतकों के परिजनों के कड़े विरोध और तमिलनाडु के प्रमुख राजनीतिक दलों के तीखे बयानों के बाद कर्नाटक सरकार बैकफुट पर आई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा इस घटना की निंदा करने और इसे 'नरसंहार' बताने के बाद विवाद और बढ़ गया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक वन विभाग द्वारा दी गई सफाई 'स्वीकार्य नहीं' है। विजय ने मांग की कि कर्नाटक सरकार को इस घटना पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Ashokdham Temple Stampede | बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, बिजली का तार गिरने के बाद मची भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत इस घटना के बारे में 10 मुख्य बातें यहां दी गई हैं: विजय ने 'X' पर तमिल भाषा में कहा, इस क्रूर घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एक उच्च-स्तरीय जांच समिति बनाई जानी चाहिए और दोषियों को उचित सज़ा दी जानी चाहिए। कर्नाटक सरकार को पीड़ितों के परिवारों को हर ज़रूरी मदद देनी चाहिए। विजय को तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टियों, जिसमें द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) भी शामिल है, का समर्थन मिला। DMK ने निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की। DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने एक बयान में कहा, कर्नाटक वन विभाग द्वारा राज्य के वन क्षेत्र में तीन तमिल लोगों की गोली मारकर हत्या किया जाना बेहद चौंकाने वाला है। डॉ. अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली PMK ने भी कर्नाटक वन विभाग और उसके स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए और मांग की कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस घटना की जांच करे। मृतकों की पहचान एंटनी स्वामी, पीटर और कुमार के रूप में हुई। कर्नाटक वन विभाग के अनुसार, वे दत्ती जंगल में घुस गए थे और कथित तौर पर वन कर्मियों पर गोली चलाई थी, जिसके बाद मुठभेड़ हुई। इसी दौरान वे मारे गए। वन विभाग ने कहा कि उनके पास से बंदूकें और कुछ दस्तावेज़ भी बरामद किए गए। हालांकि, मृतकों के परिवारों ने वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और चामराजनगर में विरोध प्रदर्शन करते हुए माले महादेश्वरा बेट्टा जाने वाली सड़क को जाम कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने कहा, उन्हें हाथ या पैर में गोली मारी जानी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय, उन्होंने गर्दन में गोली मारी और तीनों की जान ले ली। जिन लोगों ने गोली चलाई, उन्हें घटना स्थल पर लाया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसे भी पढ़ें: Ashwini Vaishnaw ने Railway स्टेशनों पर सुरक्षित पेयजल तुरंत सुनिश्चित करने के दिए आदेश मृतकों में से एक की पत्नी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या की सज़ा) के तहत वन अधिकारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई है। दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ने के कारण, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि सरकार मृतकों के परिवार वालों को मुआवज़ा देगी। उन्होंने कहा, वन विभाग के अधिकारियों ने आकर मुझे घटना की पूरी जानकारी दी। शिकारियों की बंदूकें और जंगली जानवरों के मांस से भरे दो बैग ज़ब्त किए गए हैं... मैंने यह भी कहा है कि इस पर सही प्रतिक्रिया और उचित कार्रवाई होनी चाहिए। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
टेक डेस्क ग्राउंड रिपोर्ट: क्यों वक्त के साथ सुस्त पड़ने लगता है आपका लैपटॉप? वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई या ऑफिस के जरूरी काम के दौरान जब लैपटॉप अचानक हैंग होने लगे या लोडिंग का चक्का घूमने लगे, तो काम का सारा फ्लो बिगड़ जाता है। कई लोग लैपटॉप के सुस्त होते ही यह मान लेते हैं कि सिस्टम पुराना हो गया है और तुरंत रैम (RAM) या एसएसडी (SSD) अपग्रेड करने के लिए सर्विस सेंटर की दौड़ लगाने लगते हैं। जमीनी हकीकत यह है कि ज्यादातर मामलों में हार्डवेयर खराब नहीं होता, बल्कि ऑपरेटिंग सिस्टम में जमा होने वाली डिजिटल गंदगी, बैकग्राउंड में चुपचाप चलने वाले अनचाहे ऐप्स और गलत सिस्टम सेटिंग्स इसके धीमेपन की असली वजह होती हैं। अगर आप सही तरीके से विंडोज की इनबिल्ट सेटिंग्स को कस्टमाइज कर लें, तो बिना एक भी रुपया खर्च किए आपका पुराना लैपटॉप भी नए जैसा स्मूथ और तेज चलने लगेगा।स्टार्टअप ऐप्स की मनमानी रोकें: बूट होते ही रैम को करें आजाद जैसे ही आप लैपटॉप का पावर बटन दबाते हैं, विंडोज के साथ-साथ दर्जनों ऐसे सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में एक्टिव हो जाते हैं जिनकी आपको उस वक्त कतई जरूरत नहीं होती। स्पॉटिफाई, स्काइप, स्टीम, एडोब अपडेटर और कई थर्ड-पार्टी क्लाउड ड्राइव्स सिस्टम के चालू होते ही बैकग्राउंड में रैम और सीपीयू को घेर लेते हैं। इसे ठीक करने के लिए सबसे पहले कीबोर्ड पर Ctrl + Shift + Esc एक साथ दबाकर टास्क मैनेजर खोलें। इसके बाद ऊपर दिए गए 'Startup Apps' टैब पर जाएं। यहां आपको वे सभी ऐप्स दिखेंगे जो सिस्टम ऑन होते ही शुरू हो जाते हैं। जिन ऐप्स की तुरंत जरूरत नहीं होती, उन पर राइट-क्लिक करें और 'Disable' चुन लें। इससे लैपटॉप का बूट टाइम आधा हो जाएगा और सिस्टम पर लोड खत्म होगा।सिस्टम की डिजिटल सफाई: कैशे और टेम्परेरी फाइल्स का करें पूरी तरह सफाया हफ्तों और महीनों के इंटरनेट ब्राउजिंग और सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से विंडोज में हजारों अस्थाई (Temporary) फाइलें जमा हो जाती हैं, जो हार्ड ड्राइव की इंडेक्सिंग और रीड-राइट स्पीड को सुस्त कर देती हैं। इन फाइलों को डिलीट करने के लिए आसान शॉर्टकट अपनाएं। कीबोर्ड पर Windows + R दबाकर रन बॉक्स खोलें, उसमें temp टाइप करें और एंटर दबाएं। खुलने वाले फोल्डर की सभी फाइलों को Ctrl + A से सेलेक्ट करके डिलीट कर दें। इसी प्रक्रिया को दोबारा दोहराएं और रन बॉक्स में %temp% लिखकर एंटर करें तथा वहां मौजूद सभी जंक फाइल्स को हटा दें। अंत में रन बॉक्स में prefetch टाइप करके खुलने वाले फोल्डर की फाइलों को भी साफ कर दें। जो फाइलें उस समय बैकग्राउंड में चल रही हों और डिलीट न हों, उन्हें 'Skip' कर दें।स्टोरेज सेंस और डिस्क क्लीनअप: C: ड्राइव को दें सांस लेने की जगह विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को सुचारू रूप से काम करने और वर्चुअल कैशिंग के लिए अपनी प्राइमरी सी ड्राइव (C: Drive) में कम से कम 15 से 20 प्रतिशत खाली स्पेस की जरूरत होती है। जब सी ड्राइव पूरी तरह लाल हो जाती है, तो सिस्टम फ्रीज होने लगता है। विंडोज के सर्च बार में 'Disk Cleanup' लिखकर खोलें, सी ड्राइव सेलेक्ट करें और 'Clean up system files' पर क्लिक करें। यहां पुरानी विंडोज अपडेट फाइल्स, रीसायकल बिन और थंबनेल जैसी भारी फाइलों को टिक करके हमेशा के लिए मिटा दें। इसके अलावा लैपटॉप सेटिंग्स में जाकर 'System' के अंदर 'Storage' पर क्लिक करें और 'Storage Sense' को चालू कर दें। यह फीचर भविष्य में गैर-जरूरी जंक फाइल्स को अपने आप समय-समय पर हटाता रहेगा।विजुअल इफेक्ट्स को करें कस्टमाइज: कमजोर हार्डवेयर पर न डालें लोड विंडोज 10 और विंडोज 11 में दिखने वाले खूबसूरत एनिमेशन, विंडो ओपनिंग ट्रांजिशन और शैडो इफेक्ट्स देखने में अच्छे लगते हैं, लेकिन अगर आपके लैपटॉप में 4GB या 8GB रैम है और कोई डेडिकेटेड ग्राफिक्स कार्ड नहीं है, तो ये इफेक्ट्स प्रोसेसर पर भारी पड़ते हैं। स्पीड बढ़ाने के लिए Windows + R दबाएं और sysdm.cpl लिखकर एंटर करें। खुलने वाली विंडो में 'Advanced' टैब पर जाएं और 'Performance' के नीचे दिए गए 'Settings' बटन पर क्लिक करें। यहां 'Adjust for best performance' का विकल्प चुनें। अगर आप टेक्स्ट को धुंधला नहीं देखना चाहते, तो नीचे लिस्ट में से 'Smooth edges of screen fonts' और 'Show thumbnails instead of icons' को टिक रहने दें और बाकी सभी फैंसी एनिमेशन को बंद करके 'Apply' कर दें।वर्चुअल मेमोरी और पेजफाइल साइज को खुद करें ऑप्टिमाइज़ कम रैम वाले लैपटॉप में जब कई टैब या ऐप्स एक साथ खोले जाते हैं, तो रैम फुल हो जाती है और सिस्टम हैंग करने लगता है। ऐसी स्थिति में विंडोज हार्ड डिस्क या एसएसडी के एक हिस्से को वर्चुअल रैम के तौर पर इस्तेमाल करता है। इसे ऑप्टिमाइज करने के लिए सिस्टम प्रॉपर्टीज (sysdm.cpl) के 'Advanced' टैब में जाएं, परफॉर्मेंस सेटिंग्स खोलें और दोबारा 'Advanced' टैब पर क्लिक करें। नीचे 'Virtual memory' के सामने 'Change' पर क्लिक करें। 'Automatically manage paging file size' का टिक हटाएं, 'Custom size' चुनें और अपनी मौजूदा फिजिकल रैम के आधार पर इनिशियल साइज (रैम का 1.5 गुना) और मैक्सिमम साइज (रैम का 3 गुना) MB में दर्ज करके सेट कर दें। यह तरकीब मल्टीटास्किंग के दौरान लैपटॉप को अचानक अटकने से बचाती है।पावर मोड और बैकग्राउंड प्राइवेसी सेटिंग्स में करें यह जरूरी बदलाव अक्सर लैपटॉप बैटरी बचाने के चक्कर में अपने प्रोसेसर की पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पाते। लैपटॉप को हमेशा हाई परफॉर्मेंस पर चलाने के लिए सेटिंग्स में 'Power & battery' सेक्शन में जाएं और 'Power mode' को 'Balanced' या 'Battery saver' से हटाकर 'Best performance' पर सेट कर दें। इसके अलावा सेटिंग्स के 'Apps' और 'Privacy & security' मेन्यू में जाकर उन फालतू ब्लोटवेयर ऐप्स को तुरंत अनइंस्टॉल कर दें जो लैपटॉप खरीदते समय पहले से इंस्टॉल आए थे और जिनका आप कभी इस्तेमाल नहीं करते।ब्राउज़र की भारी फाइल्स हटाएं और सिस्टम को दें एक फ्रेश रीस्टार्ट अगर आपका लैपटॉप मुख्य रूप से गूगल क्रोम या माइक्रोसॉफ्ट एज पर इंटरनेट चलाते समय अटकता है, तो समस्या ब्राउज़र में हो सकती है। ब्राउज़र के थ्री-डॉट मेन्यू में जाकर 'Extensions' खोलें और जिन एड-ऑन की जरूरत न हो उन्हें हटा दें। ब्राउज़र सेटिंग्स में 'Clear browsing data' पर जाकर कैशे और कुकीज को साफ करें और सेटिंग्स में 'Memory Saver' फीचर को इनेबल रखें। इन सभी सेटिंग्स को सही तरीके से लागू करने के बाद लैपटॉप को स्लीप मोड में डालने के बजाय एक बार पूरी तरह 'Restart' करें। यह पूरी प्रक्रिया आपके लैपटॉप के ऑपरेटिंग सिस्टम को रिफ्रेश कर देगी और बिना किसी अतिरिक्त हार्डवेयर के उसकी स्पीड में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
देश के करोड़ों अन्नदाताओं को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) योजना में व्यापक सुधारों की तैयारी कर रही है। कृषि लागत, खाद-बीज और आधुनिक कृषि यंत्रों की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार KCC के तहत मिलने वाली संशोधित ब्याज छूट योजना (Modified Interest Subvention Scheme - MISS) की समीक्षा कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, किसानों को कम लागत पर संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के लिए ब्याज सब्सिडी के नियमों को और अधिक किसान-हितैषी बनाने पर विचार-विमर्श चल रहा है।वर्तमान में देश भर के सरकारी, सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के जरिए 7.75 करोड़ से अधिक सक्रिय KCC खातों का संचालन हो रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और पंजाब जैसे प्रमुख कृषि राज्यों के छोटे व सीमांत किसानों को सस्ती ब्याज दरों पर ऋण मुहैया कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।ब्याज छूट का मौजूदा गणित: किसानों को कैसे मिलता है सिर्फ 4% पर लोन?किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कृषि ऋण पर ब्याज का ढांचा बेहद पारदर्शी और रियायती है। सामान्य तौर पर बैंक कृषि ऋण पर 9% से 10% तक का वार्षिक ब्याज वसूलते हैं, लेकिन सरकारी सब्सिडी के बाद यह दर बेहद कम हो जाती है:7% बेस रेट: केंद्र सरकार 1.5% से 2% की प्रत्यक्ष ब्याज छूट (Interest Subvention) प्रदान करती है, जिससे किसानों के लिए शुरुआती ब्याज दर 7% निर्धारित होती है।3% समय पर भुगतान प्रोत्साहन (PRI): यदि कोई किसान तय समय सीमा (1 वर्ष) के भीतर अपना ऋण चुका देता है, तो उसे सरकार की तरफ से 3% की अतिरिक्त छूट (Prompt Repayment Incentive) मिलती है।प्रभावी दर मात्र 4%: दोनों छूटों को मिलाकर किसान को प्रभावी रूप से केवल 4% वार्षिक ब्याज ही देना होता है।क्या लोन लिमिट ₹3 लाख से बढ़कर ₹5 लाख तक सब्सिडी के दायरे में आएगी?कृषि बजट में KCC की कुल ऋण सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की घोषणा के बाद से ही किसान समुदाय में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि क्या ब्याज सब्सिडी का लाभ भी ₹5 लाख तक विस्तारित होगा। फिलहाल, 4% की रियायती ब्याज दर मुख्य रूप से ₹3 लाख तक के अल्पकालिक फसल ऋण पर ही लागू होती है। पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को ₹2 लाख तक की सीमा पर यह लाभ मिलता है। यदि सरकार पूरी ₹5 लाख की सीमा पर ब्याज छूट का विस्तार करती है, तो इससे देश के लघु एवं सीमांत किसानों की कार्यशील पूंजी में भारी इजाफा होगा।पशुपालन, डेयरी और मछली पालन के लिए भी KCC का बड़ा सहाराKCC का दायरा अब केवल पारंपरिक खेती और फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है। सरकार ने पशुपालकों, डेयरी संचालकों, मुर्गीपालकों और मछली पालकों को भी संस्थागत ऋण की मुख्यधारा में जोड़ दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आय के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन KCC के तहत पशुओं के चारे, दवाओं, रखरखाव और शेड निर्माण के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है।KCC योजना के लिए पात्रता और आवश्यक शर्तेंकिसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने हेतु निम्नलिखित वर्ग पात्र हैं:स्वयं की कृषि भूमि रखने वाले सभी व्यक्तिगत या संयुक्त भूस्वामी किसान।बटाईदार (Tenant Farmers), मौखिक पट्टेदार और पट्टे पर खेती करने वाले किसान।स्वयं सहायता समूह (SHG) या संयुक्त देयता समूह (Joint Liability Groups - JLG) से जुड़े किसान।पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और बागवानी गतिविधियों से जुड़े किसान।आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 75 वर्ष होनी चाहिए (60 वर्ष से अधिक आयु के आवेदकों के लिए सह-आवेदक अनिवार्य हो सकता है)।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजKCC बनवाने की प्रक्रिया को सरकार ने सरल बना दिया है। आवेदन के समय मुख्य रूप से इन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), या पैन कार्ड।निवास प्रमाण: आधार कार्ड, बिजली बिल या राशन कार्ड।जमीन के रिकॉर्ड: खसरा-खतौनी की नकल, जमीन की जमाबंदी या पट्टा अनुबंध दस्तावेज।पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक खाता विवरण।शपथ पत्र (Affidavit): आवेदक द्वारा यह घोषणा कि उस पर किसी अन्य बैंक में डिफॉल्ट नहीं है।किसान ऋण पोर्टल (KRP) से ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?सरकार ने 'किसान ऋण पोर्टल' (Kisan Rin Portal - fasalrin.gov.in) और 'जन समर्थ पोर्टल' (jansamarth.in) के जरिए आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है।ऑनलाइन प्रक्रिया: किसान आधिकारिक किसान ऋण पोर्टल या जन समर्थ पोर्टल पर जाकर अपना आधार व मोबाइल नंबर दर्ज कर ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा कर सकते हैं। अपनी भूमि का विवरण और फसल चक्र दर्ज करने के बाद नजदीकी बैंक शाखा (SBI, PNB, BoB या ग्रामीण बैंक) का चयन करके फॉर्म सबमिट किया जा सकता है।ऑफलाइन प्रक्रिया: किसान अपनी नजदीकी बैंक शाखा, प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS), या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर एक पेज का सरल KCC फॉर्म भरकर दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं। बैंकों को निर्देश है कि दस्तावेज पूर्ण होने पर 14 दिनों के भीतर कार्ड जारी किया जाए।समय पर पुनर्भुगतान करने वाले किसानों के लिए KCC एक वरदान साबित हो रहा है, क्योंकि यह उन्हें स्थानीय साहूकारों के भारी ब्याज चक्र से बचाकर सुरक्षित और सस्ता ऋण उपलब्ध कराता है। आगामी कैबिनेट बैठकों में ब्याज छूट की नई नीतियों पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है।
मध्य पूर्व में गाजा पट्टी के भविष्य और पिछले कई महीनों से अटके स्थायी सीजफायर समझौते को बचाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और अप्रत्याशित कूटनीतिक पहल की है। अमेरिकी वार्ताकार और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने रविवार को मिस्र की राजधानी काहिरा में हमास के शीर्ष राजनीतिक प्रमुख खलील अल-हय्या (Khalil al-Hayya) के साथ एक दुर्लभ और गोपनीय बैठक की। दो घंटे से अधिक समय तक चली इस उच्च स्तरीय मैराथन वार्ता में मध्यस्थता कर रहे देश—मिस्र, कतर और तुर्किये (तुर्की)—के वरिष्ठ खुफिया और राजनयिक अधिकारी भी मौजूद रहे।जैसा कि Livemint की रिपोर्ट और The Hindu की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15-सूत्रीय नए गाजा रोडमैप (15-point US-backed Roadmap) पर हमास की औपचारिक प्रतिबद्धता सुनिश्चित करना था। इस योजना के तहत गाजा पट्टी में हमास के भारी हथियारों के क्रमिक निरस्त्रीकरण (Disarmament), गाजा से इजरायली रक्षा बलों (IDF) की चरणबद्ध वापसी, विस्थापित फिलिस्तीनियों के पुनर्वास और अंतरराष्ट्रीय मदद से गाजा के पुनर्निर्माण का खाका तैयार किया गया है।आज नेतन्याहू से मिलेंगे कुशनर: टोनी ब्लेयर और बोर्ड ऑफ पीस के चीफ भी होंगे शामिलहमास के शीर्ष नेतृत्व से सहमति के बिंदुओं पर चर्चा करने के बाद जेरेड कुशनर सोमवार, 17 अगस्त 2026 को यरुशलम में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और तनावपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। India Today की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में कुशनर अकेले नहीं होंगे, बल्कि उनके साथ ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और गाजा सीजफायर की निगरानी के लिए अमेरिका द्वारा गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' (Board of Peace) के निदेशक निकोलाय म्लादेनोव भी नेतन्याहू के सामने वार्ता की मेज पर बैठेंगे।यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रंप प्रशासन के इस 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया था। नेतन्याहू के इस कड़े रुख ने वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच एक सार्वजनिक और असहज कूटनीतिक दरार पैदा कर दी है। कुशनर की इस यात्रा का मुख्य मकसद नेतन्याहू पर दबाव बनाकर उन्हें अमेरिकी रोडमैप को स्वीकार करने और गाजा से सेना की वापसी के लिए तैयार करना है।15-सूत्रीय अमेरिकी रोडमैप: क्या हैं समझौते की मुख्य शर्तें?अमेरिकी प्रशासन द्वारा तैयार किया गया यह नया शांति रोडमैप गाजा में करीब 20 लाख लोगों के भविष्य और पुनर्निर्माण को तय करने वाला एक व्यापक ढांचा है। योजना के प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:हमास का चरणबद्ध निरस्त्रीकरण: हमास अपने रॉकेट, मिसाइल, मोर्टार और भारी विस्फोटक हथियारों को एक गैर-राजनीतिक 'फिलिस्तीनी टेक्नोक्रैटिक कमेटी' (Palestinian Technocratic Committee) को सौंपेगा, जो गाजा के दैनिक प्रशासनिक मामलों को संभालेगी।इजरायली सेना की पूर्ण वापसी: समझौते के लागू होते ही इजरायल गाजा में अपने सभी हवाई और जमीनी हमले रोकेगा और अपनी सेना को गाजा के रिहायशी इलाकों से बाहर निकालेगा।अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती: इजरायली सैनिकों और फिलिस्तीनी नागरिक प्रशासन के इलाकों के बीच बफर जोन बनाने और शांति व्यवस्था की निगरानी के लिए तटस्थ अंतरराष्ट्रीय बलों (International Peacekeeping Forces) को तैनात किया जाएगा।14 दिनों की टाइमलाइन वार्ता: सभी पक्षों की आधिकारिक सहमति के बाद 14 दिनों की सीधी बातचीत शुरू होगी, जिसमें सेना की वापसी और राहत सामग्री के वितरण की तारीखें तय की जाएंगी।अरब देशों की मदद से पुनर्निर्माण: सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और खाड़ी देशों के वित्तीय सहयोग से गाजा के बुनियादी ढांचे, अस्पतालों, स्कूलों और रिहायशी कॉलोनियों का बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण शुरू होगा।हमास की दो टूक मांग: 'पहले इजरायल हमले रोके और येलो लाइन तक पीछे हटे'बैठक के बाद हमास के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे शांति योजना पर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन इजरायल को पहले अपनी सैन्य आक्रामकता रोकनी होगी। हमास चीफ खलील अल-हय्या ने वार्ताकारों के समक्ष मुख्य शर्तें रखीं:येलो लाइन तक वापसी की शर्त: हमास ने मांग की है कि किसी भी समझौते के क्रियान्वयन से पहले इजरायली सेना को तथाकथित 'येलो लाइन' (Yellow Line) तक पीछे हटना होगा। गौरतलब है कि इस येलो लाइन की सीमाएं कभी स्पष्ट नहीं थीं और इजरायली सेना वर्तमान में गाजा पट्टी के लगभग 60 प्रतिशत भूभाग पर सीधे नियंत्रण बनाए हुए है।स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की शर्त: हमास के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अपने सबसे भारी हथियारों को पूरी तरह त्यागने के लिए तभी तैयार होंगे जब इसके बदले एक संप्रभु और स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र (Independent Palestinian State) की स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए।मध्यस्थों से अपील: हमास ने आधिकारिक बयान जारी कर अमेरिका, मिस्र, कतर और बोर्ड ऑफ पीस से अपील की है कि वे इजरायल को इस शांति प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए 'मजबूर' (Compel) करें।नेतन्याहू की राजनीतिक मजबूरी: 27 अक्टूबर का चुनाव और गठबंधन का दबावइजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने इस शांति प्रस्ताव को स्वीकार करने में कई घरेलू राजनीतिक और वैचारिक अड़चनें हैं:'पूर्ण निरस्त्रीकरण तक एक कदम भी पीछे नहीं': नेतन्याहू लगातार इस बात पर अड़े हुए हैं कि जब तक हमास पूरी तरह अपने हथियार नहीं डाल देता और उसका सैन्य ढांचा खत्म नहीं हो जाता, तब तक इजरायली सेना गाजा के किसी भी हिस्से से पीछे नहीं हटेगी।27 अक्टूबर के आम चुनाव: आज तक की खबर के अनुसार, इजरायल में आगामी 27 अक्टूबर को महत्वपूर्ण संसदीय चुनाव होने हैं। नेतन्याहू की मौजूदा गठबंधन सरकार में धुर-दक्षिणपंथी और कट्टरपंथी मंत्री (जैसे इतामार बेन-ग्वीर और बेजलेल स्मोट्रिच) शामिल हैं, जिन्होंने धमकी दी है कि यदि गाजा से सेना वापस बुलाई गई तो वे सरकार गिरा देंगे।लिकुड पार्टी का अरब देशों पर पलटवार: रविवार को नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने तीखा बयान जारी करते हुए आरोप लगाया कि अरब देश सीजफायर के बहाने नेतन्याहू को सत्ता से बेदखल करने की साजिश रच रहे हैं। लिकुड ने साफ कहा कि विपक्षी दलों की तरह वे राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।सऊदी अरब और यूएई समेत 8 देशों का साझा बयान: 'शांति में बाधा बना इजरायल'कुशनर और नेतन्याहू की मुलाकात से ठीक पहले अरब और मुस्लिम देशों के एक शक्तिशाली गुट ने इजरायल पर चौतरफा कूटनीतिक दबाव बना दिया है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जॉर्डन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मिस्र, कतर और तुर्किये के विदेश मंत्रियों ने एक साझा और कड़ा बयान जारी किया।साझा बयान में कहा गया कि अमेरिकी रोडमैप को खारिज करके इजरायल गाजा में शांति स्थापित करने के वैश्विक प्रयासों में मुख्य बाधा बन रहा है। इन देशों ने अमेरिका और बोर्ड ऑफ पीस से मांग की है कि वे शांति योजना को रोकने वाले किसी भी पक्ष के खिलाफ तत्काल और ठोस दंडात्मक कदम उठाएं।शांति और युद्ध के दोराहे पर गाजा: क्या सफल होगी ट्रंप की नई रणनीति?जेरेड कुशनर की हमास चीफ से सीधी मुलाकात और उसके तुरंत बाद नेतन्याहू से वार्ता यह दर्शाती है कि व्हाइट हाउस गाजा संकट का स्थायी समाधान निकालने के लिए अपनी पूरी राजनीतिक पूंजी झोंक रहा है। यदि सोमवार को होने वाली बैठक में कुशनर इजरायली नेतृत्व को लचीला रुख अपनाने के लिए राजी कर लेते हैं, तो गाजा में पिछले 10 से अधिक महीनों से जारी तबाही और मानवीय त्रासदी पर स्थायी विराम लग सकता है। हालांकि, नेतन्याहू की राजनीतिक मजबूरियों और हमास की शर्तों के बीच की खाई को पाटना अमेरिकी कूटनीति के लिए सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होने वाला है।
बिहार के लखीसराय ज़िले स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में पवित्र श्रावण मास के सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह-सुबह पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बिजली का तार गिरने से फैली अफ़रा-तफ़री यह हादसा सुबह लगभग 6:45 बजे हुआ। श्रावण मास के पावन अवसर पर तड़के से ही शिव मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्र थी। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर में अचानक बिजली का एक तार टूटकर गिर गया। तार गिरते ही भीड़ में करंट फैलने की आशंका और घबराहट की वजह से चीख-पुकार मच गई, जिसने देखते ही देखते एक भीषण भगदड़ का रूप ले लिया। इसे भी पढ़ें: Israel में भारतीय समुदाय ने धूमधाम से मनाया Independence Day, राजदूत जे.पी. सिंह भी हुए शामिल राहत-बचाव कार्य जारी, घायलों का इलाज अस्पताल में घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तुरंत स्थिति का जायज़ा लेने मौके पर पहुँचे। रेस्क्यू आपरेशन: मंदिर परिसर में फँसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। अस्पताल में भर्ती: सभी घायलों को त्वरित इलाज के लिए लखीसराय के नजदीकी ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। लखीसराय के ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) शैलेंद्र कुमार ने पत्रकारों को बताया, भीड़ बहुत ज़्यादा बढ़ गई थी। सुबह करीब 6.30 से 6.45 बजे के बीच दो ट्रेनें आईं, जिससे भीड़ और बढ़ गई। हमने भीड़ का अंदाज़ा लगाते हुए इंतज़ाम किए थे। फिर हमें पता चला कि भीड़ की वजह से एक तरफ़ की बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। हमने तुरंत 10-15 लोगों को यहाँ भेजा। इसे भी पढ़ें: Ashwini Vaishnaw ने Railway स्टेशनों पर सुरक्षित पेयजल तुरंत सुनिश्चित करने के दिए आदेश प्रशासन की प्रतिक्रिया और जाँच स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जाँच की जा रही है। ज़िला प्रशासन की ओर से जाँच के बाद ही स्थिति और हताहतों की आधिकारिक पुष्टि के साथ विस्तृत ब्योरा जारी किया जाएगा।
संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य-पश्चिमी (Midwest) राज्यों में चक्रवाती तूफान, बवंडर (Tornadoes) और लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे गंभीर और चिंताजनक हालात इंडियाना (Indiana) राज्य में बने हुए हैं, जहां कई दिनों से जारी तूफानी सिस्टम ने ऐतिहासिक बाढ़ का रूप ले लिया है। अधिकारियों और आपातकालीन प्रबंधन एजेंसियों के अनुसार, राज्य के विभिन्न काउंटीज में आई बाढ़, तेज हवाओं और पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिनमें एक 4 वर्षीय मासूम बच्चा भी शामिल है।बाढ़ और तेज आंधी के कारण इंडियाना राज्य भर में बिजली के खंभे और ट्रांसमिशन लाइनें धराशायी हो गई हैं, जिससे लगभग 1,30,000 घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बिजली गुल हो गई है। इससे पहले तूफान के चरम पर रहने के दौरान मिडवेस्ट के चार राज्यों में करीब 10 लाख से अधिक उपभोक्ता बिना बिजली के अंधेरे में रहने को मजबूर हुए थे। Courthouse News की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इंडियानापोलिस के मेयर जो हॉगसेट ने इसे पिछले 30 से अधिक वर्षों में शहर की सबसे भयावह बाढ़ त्रासदी करार दिया है।व्हाइट रिवर में 113 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: जलमग्न हुए सैकड़ों रिहायशी इलाकेराष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) के आंकड़ों के मुताबिक, इंडियाना के कई मध्यवर्ती क्षेत्रों में महज 48 घंटों के भीतर 11 इंच (लगभग 28 सेंटीमीटर) से अधिक की असामान्य बारिश दर्ज की गई है। अत्यधिक जलप्रवाह के कारण इंडियाना की प्रमुख जीवनरेखा कही जाने वाली व्हाइट रिवर (White River) अपने खतरे के निशान को पार कर उफान पर आ गई है।नदी का जलस्तर एंडरसन और नोबल्सविले जैसे रिहायशी इलाकों में 24 फीट (7.32 मीटर) से ऊपर पहुंच गया, जिसने वर्ष 1913 में बने 113 साल पुराने ऐतिहासिक बाढ़ रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। राजधानी इंडियानापोलिस के निचले इलाकों, विशेषकर रेवेनवुड और रिवरफ्रंट कॉलोनियों में सड़कों पर कई फीट पानी भर गया है। रिहायशी बस्तियों में पानी भरने के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए कयाक, रबर की नावों और छतों का सहारा लेने को विवश हो गए हैं। मैरियन काउंटी इमरजेंसी मैनेजमेंट के अधिकारियों ने इसे जीवन में एक बार देखी जाने वाली अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा बताया है।4 साल के बच्चे समेत 6 लोगों ने गंवाई जान: जानिए मौतों का दुखद ब्योराइंडियाना स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी और आपातकालीन राहत केंद्र ने पुष्टि की है कि मौतों का आंकड़ा बढ़कर छह तक पहुंच गया है। मृतकों में तीन महिलाएं, दो पुरुष और एक चार वर्षीय बालक शामिल हैं:जेनिंग्स काउंटी: दक्षिणी इंडियाना के जेनिंग्स काउंटी में तेज आंधी के दौरान एक विशालकाय पेड़ सीधे एक घर की छत को चीरते हुए बेडरूम पर गिर गया, जिससे बिस्तर पर सो रहे 4 साल के मासूम बच्चे की मौके पर ही दबकर मौत हो गई।डेलावेयर काउंटी: डेलावेयर काउंटी में मिसिसिनेवा नदी के तेज बहाव में एक 19 वर्षीय युवक मैथ्यू मोरे की डूबने से मौत हो गई। इसी काउंटी में एक अन्य दुखद घटना में 58 वर्षीय महिला स्टेफनी सैली और उनके पालतू कुत्ते का शव मक्के के खेत में पानी के बीच मिला; माना जा रहा है कि उनकी कार बाढ़ के तेज पानी में बह गई थी।लेक, पोर्टर और लापोर्टे काउंटी: उत्तरी इंडियाना के लेक, पोर्टर और लापोर्टे काउंटीज में भी तूफानी पानी में फंसने और मलबे की चपेट में आने से तीन अन्य लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है।रेस्क्यू बोट्स से सुरक्षित निकाले गए सैकड़ों लोग: राहत और पुनर्वास कार्य जारीजलस्तर के चरम पर पहुंचने के बाद इंडियानापोलिस अग्निशमन विभाग (IFD), राष्ट्रीय गार्ड और स्थानीय बचाव दलों ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। The Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, आपातकालीन दलों ने बोट्स और हेलीकॉप्टर्स की मदद से 95 से अधिक फंसे हुए नागरिकों और 45 पालतू जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।डेलावेयर काउंटी में 350 से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है, जबकि टिप्टन काउंटी में वरिष्ठ नागरिकों के एक मोबाइल होम कम्युनिटी को पूरी तरह खाली कराया गया है। विस्थापित लोगों के ठहरने और भोजन के लिए शहर भर में दर्जनों इमरजेंसी शेल्टर्स सक्रिय कर दिए गए हैं।गवर्नर माइक ब्रॉन की अपील पर राष्ट्रपति ने दी संघीय आपातकाल को मंजूरीप्राकृतिक आपदा के पैमाने को देखते हुए इंडियाना के गवर्नर माइक ब्रॉन ने संघीय सरकार से आपातकालीन घोषणा का औपचारिक अनुरोध किया था। गवर्नर ब्रॉन ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा राज्य के अनुरोध को तुरंत स्वीकार कर लिया गया है, जिससे फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) के राहत फंड और संघीय संसाधनों की मदद का रास्ता साफ हो गया है। फेमा की टीमें राज्य के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण, पुलों के निरीक्षण और पीड़ितों को वित्तीय सहायता पहुंचाने के काम में जुट गई हैं।इलिनोइस, ओहायो और केंटकी में भी मौसम का तांडव: कई राज्यों में हाई अलर्टइंडियाना के अलावा इस चक्रवाती मौसमी तंत्र का प्रभाव मिडवेस्ट के अन्य राज्यों—इलिनोइस, ओहायो और केंटकी—में भी बड़े पैमाने पर महसूस किया गया है। ओहायो के रोजविले में भी बाढ़ के पानी में फंसने से एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पूरे क्षेत्र में सैकड़ों सड़कें बह गई हैं और कई महत्वपूर्ण पुलों को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया है।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भले ही प्रमुख नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे स्थिर होने लगा है, लेकिन दलदली मिट्टी और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण अगले कुछ दिनों तक भूस्खलन और अचानक जलभराव का खतरा बना रहेगा, इसलिए नागरिकों को उफनते जलस्रोतों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।ग्राउंड पर बाढ़ की विभीषिका, रेस्क्यू ऑपरेशंस और आधिकारिक पुष्टि से जुड़े ताजा विजुअल्स देखने के लिए The Daily Jagran Indiana flood report का यह वीडियो बुलेटिन अत्यंत प्रासंगिक है, जो इंडियाना में आई इस ऐतिहासिक बाढ़ के दृश्यों और राहत कार्यों की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करता है।
आज जब सिनेमाघरों में 'रॉकिंग स्टार' यश (Yash) का नाम स्क्रीन पर चमकता है, तो तालियों और सीटियों की गूंज से पूरा थिएटर दहल उठता है। 'KGF चैप्टर 1' और 'KGF चैप्टर 2' जैसी ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्मों के जरिए भारतीय सिनेमा के इतिहास को फिर से लिखने वाले यश आज पैन-इंडिया सिनेमा के सबसे बड़े ब्रांड बन चुके हैं। उनकी आगामी फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' (Toxic) और नितेश तिवारी की महाकाव्य फिल्म 'रामायण' को लेकर पूरे देश में जिस स्तर का रोमांच और उत्सुकता है, वह किसी भी समकालीन अभिनेता के लिए एक सपना हो सकती है।लेकिन चकाचौंध, करोड़ों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और राष्ट्रीय ख्याति के इस मुकाम पर पहुंचने से बहुत पहले यश का सफर अस्वीकृतियों, आर्थिक तंगहाली और कड़वे अनुभवों से भरा हुआ था। अपने करियर के शुरुआती दिनों में जब यश छोटे पर्दे यानी टेलीविजन सीरियल्स में काम कर रहे थे, तब उन्होंने एक ऐसा कठोर और अकल्पनीय फैसला लिया था जिसके चलते पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने उन पर 'घमंडी', 'अहंकारी' और 'अड़ियल' होने का ठप्पा लगा दिया था। यश ने उस दौर में एक साथ सात-सात फिल्मों के ऑफर्स को सीधे तौर पर ठुकरा दिया था।जेब में महज 300 रुपये और आंखों में बड़े सपने: बस ड्राइवर के बेटे की बगावतकर्नाटक के हासन जिले के एक बेहद सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे नवीन कुमार गौड़ा (यश) के पिता कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) में एक साधारण बस ड्राइवर थे और मां एक गृहिणी थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि वे चाहते थे कि उनका बेटा कोई सुरक्षित सरकारी नौकरी या डिग्री हासिल कर परिवार का सहारा बने। लेकिन यश के मन में बचपन से ही अभिनेता बनने का जुनून सवार था।जब उन्होंने अपने माता-पिता के सामने फिल्मों में जाने की इच्छा जाहिर की, तो परिजनों ने इसे बचकानी जिद समझकर खारिज कर दिया। आखिरकार, 16 वर्ष की उम्र में यश अपनी जेब में केवल 300 रुपये लेकर अपने घर से भागकर बेंगलुरु पहुंच गए। अनजान शहर में यश के पास न तो कोई जान-पहचान थी और न ही सिर छुपाने की कोई पक्की जगह। वे बेंगलुरु के मशहूर थिएटर ग्रुप 'बेनाका' (Benaka Drama Troupe) से जुड़े, जहां उन्होंने नाटकों के मंचन के दौरान बैकस्टेज वर्कर, लाइटमैन और चाय लाने जैसे बुनियादी काम किए ताकि वे रंगमंच और अभिनय की बारीकियों को करीब से सीख सकें।टीवी के दिनों में एक साथ 7 फिल्में ठुकराने का किस्सा: क्यों भड़क उठे थे निर्माता-निर्देशक?थिएटर में कड़ी मेहनत के बाद यश को कन्नड़ टेलीविजन धारावाहिकों में छोटे-मोटे रोल मिलने शुरू हुए। साल 2004 के आसपास ईटीवी कन्नड़ और अन्य चैनलों पर प्रसारित धारावाहिकों जैसे 'उत्तरायण' (Uttarayan), 'नंदा गोकुला' (Nanda Gokula) और मशहूर सीरियल 'प्रीति इल्लाद मेले' (Preeti Illada Mele) में यश के अभिनय और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों का दिल जीत लिया। वे बहुत कम समय में कन्नड़ टीवी इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय और चहेते युवा स्टार बन गए।उस दौर में टेलीविजन पर यश की इस जबरदस्त टीआरपी और लोकप्रियता को भुनाने के लिए चंदनवन (कन्नड़ फिल्म उद्योग) के कई बड़े निर्माता और निर्देशक उनके पास अपनी फिल्मों के ऑफर्स लेकर आने लगे। किसी भी नवागंतुक और संघर्षरत कलाकार के लिए टीवी से फिल्मों में मुख्य अभिनेता के रूप में डेब्यू करना एक बहुत बड़ा सपना होता है। अधिकांश युवा अभिनेता फिल्मों में ब्रेक पाने के लिए कोई भी रोल स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन यश का नजरिया बिल्कुल अलग था।यश ने एक के बाद एक लगातार 7 फीचर फिल्मों के ऑफर्स को रिजेक्ट कर दिया। जब उनसे इसकी वजह पूछी गई, तो उन्होंने साफ कहा कि इन सभी फिल्मों की कहानियां घिसी-पिटी और बिना किसी लॉजिक की थीं। निर्माता केवल उनकी टीवी की लोकप्रियता का फायदा उठाकर एक सतही प्रेम कहानी या फॉर्मूला एक्शन फिल्म बनाकर मुनाफा कमाना चाहते थे, जिसमें किरदार के लिए कोई अभिनय की गुंजाइश नहीं थी।यश के इस बोल्ड और बेबाक रुख से उस समय के दिग्गज फिल्ममेकर्स बुरी तरह नाराज हो गए। इंडस्ट्री के गलियारों में यह बातें फैलने लगीं कि एक मामूली टीवी सीरियल का एक्टर खुद को सुपरस्टार समझ रहा है, यह लड़का बहुत घमंडी और बदतमीज है, और यह इंडस्ट्री में कभी टिक नहीं पाएगा।'काम न मिलना मंजूर था, लेकिन खराब काम करना नहीं': यश की वो अटूट जिदसालों बाद एक राष्ट्रीय इंटरव्यू में अपने उस फैसले पर खुलकर बात करते हुए यश ने बताया था कि लोगों ने जिसे उनका 'घमंड' (Ego) समझा, वह वास्तव में उनका अपने क्राफ्ट के प्रति 'स्वाभिमान' (Self-Respect) और विजन था।यश ने कहा था, जब मैं टीवी कर रहा था, तो मुझे अच्छा पैसा और दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा था। मेरे पास खाने के लिए रोटी थी। मैं केवल फिल्मों में आने के नाम पर किसी ऐसी घटिया स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं बनना चाहता था जिसे देखकर मेरे दर्शक ठगा हुआ महसूस करें। मैंने खुद से वादा किया था कि मैं जब भी बड़े पर्दे पर कदम रखूंगा, तो एक ऐसी कहानी के साथ आऊंगा जो लोगों के दिलों पर छाप छोड़े, भले ही इसके लिए मुझे कितना भी लंबा इंतजार क्यों न करना पड़े।यश को इस बात का पूरा भरोसा था कि यदि वे एक बार किसी गलत फिल्म में फंस गए, तो दर्शक उन्हें हमेशा के लिए खारिज कर देंगे। इसलिए उन्होंने निर्माताओं की नाराजगी की परवाह किए बिना अपनी शर्तों पर काम करने का फैसला किया।'मोगिना मनसू' से शुरू हुआ बड़ा धमाका: साबित हुआ कि यश का फैसला सही थालंबे इंतजार और 7 फिल्मों को ठुकराने के बाद साल 2008 में निर्देशक शशांक ने यश को फिल्म 'मोगिना मनसू' (Moggina Manasu) की स्क्रिप्ट सुनाई। यह एक मल्टी-स्टारर फिल्म थी जिसमें मुख्य भूमिका में राधिका पंडित थीं और यश को एक सहायक अभिनेता (Supporting Role) का किरदार ऑफर हुआ था।इंडस्ट्री के कई लोगों ने यश को सलाह दी कि जब वे टीवी के लीड हीरो हैं, तो उन्हें फिल्म में सेकंड लीड या सपोर्टिंग रोल नहीं करना चाहिए। लेकिन यश को इस फिल्म की कहानी और अपने किरदार 'राहुल' की गहराई में दम नजर आया। उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के फिल्म साइन कर ली।जब फिल्म रिलीज हुई, तो यह एक बहुत बड़ी क्रिटिकल और कमर्शियल हिट साबित हुई। यश के संवेदनशील और दमदार अभिनय की इतनी सराहना हुई कि उन्हें उस साल के फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (कन्नड़) के पुरस्कार से नवाजा गया। इस फिल्म की सफलता ने उन सभी आलोचकों और फिल्म निर्माताओं के मुंह पर हमेशा के लिए ताला लगा दिया जो यश को घमंडी कहते थे।'रॉकी भाई' से 'टॉक्सिक' तक: जिद जब राष्ट्रीय क्रांति बन जाती है'मोगिना मनसू' के बाद यश ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 'किराताका', 'ड्रामा', 'गूगली', 'गजाकेसरी' और 'मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी' जैसी बैक-टू-बैक ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने उन्हें कर्नाटक का सबसे बड़ा सुपरस्टार यानी 'रॉकिंग स्टार' बना दिया।लेकिन यश की जिद केवल एक राज्य का स्टार बनने तक सीमित नहीं थी। जब उन्होंने निर्देशक प्रशांत नील के साथ मिलकर 'KGF' (कोलार गोल्ड फील्ड्स) की परिकल्पना की, तब भी पूरी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने इसे पागलपन समझा था। किसी ने यह नहीं सोचा था कि कन्नड़ भाषा की कोई फिल्म पूरे भारत के बॉक्स ऑफिस पर 1200 करोड़ से अधिक की कमाई कर सकती है और बॉलीवुड व हॉलीवुड को हिलाकर रख सकती है। यह यश का वही अटूट आत्मविश्वास और अपनी कहानी पर भरोसा था, जिसने एक बार फिर इतिहास रच दिया।आज यश अपनी आगामी फिल्म 'टॉक्सिक' (Toxic) की शूटिंग में व्यस्त हैं, जिसका निर्देशन मशहूर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक गीतू मोहनदास कर रही हैं। KGF 2 के बाद दो साल तक कोई नई फिल्म साइन न करके सही स्क्रिप्ट का इंतजार करना यह साबित करता है कि यश के भीतर की वह 'कलाकार वाली जिद' आज भी उतनी ही जिंदा और बेदाग है।युवा पीढ़ी के लिए एक अनमोल सीख: अपने विजन पर भरोसा रखेंयश की यह अनसुनी दास्तान यह सिखाती है कि दुनिया अक्सर उन लोगों को 'घमंडी' या 'अड़ियल' समझ लेती है जो भीड़ की तरह चलने से इनकार कर देते हैं और अपनी शर्तों पर अपनी किस्मत लिखना चाहते हैं।यदि उस समय युवा यश ने तात्कालिक लालच या दबाव में आकर उन 7 औसत फिल्मों को स्वीकार कर लिया होता, तो शायद भारतीय सिनेमा को आज वह 'रॉकी भाई' कभी नहीं मिल पाता जिसने दुनिया भर में भारतीय सिनेमा का परचम लहराया। यश का यह सफर साबित करता है कि जब आपकी नीयत साफ हो, मेहनत सच्ची हो और अपने क्राफ्ट पर अटूट भरोसा हो, तो आपकी वही जिद एक दिन पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन जाती है।
अंबेडकरनगर में IPS की मां की संदिग्ध मौत पर सियासी उबाल. अखिलेश यादव ने उठाए गंभीर सवाल
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में लखनऊ पुलिस मुख्यालय में तैनात वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की बुजुर्ग मां इंद्रावती देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उनके शरीर से जेवर गायब होने के मामले ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर एक नया सियासी घमासान छेड़ दिया है। घटना सामने आते ही समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है।अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए। सपा प्रमुख ने लिखा, अंबेडकरनगर में एक आईपीएस अधिकारी की माता जी की हत्या का दुखद समाचार आया है। उत्तर प्रदेश में पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, दुर्भाग्यपूर्ण! अखिलेश यादव के इस बयान के बाद मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि जब राज्य में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का परिवार ही अपने पुश्तैनी घर में सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।घर में संदिग्ध हालात में मिला था 94 वर्षीय इंद्रावती का शव: शरीर से गायब मिले सोने के जेवरघटना अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रूढ़ा धमरूआ की है। उत्तर प्रदेश पुलिस में एसपी (पुलिस भवन कल्याण, लखनऊ) के पद पर तैनात प्रमोटेड आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 94 वर्षीय मां इंद्रावती अपने पैतृक आवास पर अकेली रहती थीं।जैसा कि Jansatta की रिपोर्ट और Navbharat Times की खबर में बताया गया है, रविवार की सुबह जब बुजुर्ग महिला की देखभाल करने वाली घरेलू सहायिका (नौकरानी) काम करने पहुंची, तो घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद (कुंडी लगी हुई) मिला। जब वह अंदर गई तो हॉल में स्थित बेड पर इंद्रावती का शव पड़ा देखकर उसके होश उड़ गए।परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, मृतका के मुंह से खून निकला हुआ था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि बुजुर्ग महिला के शरीर से उनके रोजाना पहनने वाले सभी कीमती आभूषण गायब थे। उनके गले से सोने के दानों वाली तुलसी की माला, नाक की सोने की कील, कान के टॉप्स और पैरों में पहनी जाने वाली चांदी की पायल गायब मिलीं। परिजनों ने आशंका जताई है कि अज्ञात बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से घर में घुसकर मुंह दबाकर या गला घोंटकर उनकी हत्या की और जेवर लेकर फरार हो गए।15 अगस्त को बेटे के साथ कार्यक्रम में हुई थीं शामिल: रात 10 बजे हुई थी आखिरी बातचीतआईपीएस आशुतोष मिश्रा को जब उनके चाचा सचिंद्र मिश्रा ने फोन पर इस अनहोनी की सूचना दी, तो वे आनन-फानन में लखनऊ से अंबेडकरनगर के लिए रवाना हुए। बताया जा रहा है कि शनिवार को स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर आईपीएस आशुतोष मिश्रा अपने गांव आए थे और अपनी मां के साथ गांव के एक स्थानीय स्कूल में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल हुए थे।कार्यक्रम संपन्न होने के बाद आशुतोष मिश्रा शनिवार देर शाम अपनी ड्यूटी के लिए लखनऊ लौट गए थे, जबकि स्कूल में चल रहे कुछ अधूरे निर्माण कार्य की देखरेख के लिए उनकी मां गांव में ही रुक गई थीं। शनिवार रात करीब 10:00 बजे आईपीएस अधिकारी की अपनी मां से फोन पर सामान्य बातचीत भी हुई थी। इसके बाद रविवार सुबह यह दुखद और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई।पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने संभाला मोर्चा: पोस्टमार्टम और विसरा से खुलेगा मौत का राजघटना की गंभीरता और हाई-प्रोफाइल प्रकृति को देखते हुए अयोध्या रेंज के डीआईजी/आईजी सोमेन वर्मा और अंबेडकरनगर की पुलिस अधीक्षक (SP) प्राची सिंह भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड की टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाए हैं।India TV की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस मामले की दोतरफा जांच कर रही है—पहला यह कि क्या यह लूट के इरादे से की गई हत्या है, और दूसरा यह कि क्या वृद्धा की मौत स्वाभाविक थी और उसके बाद किसी ने मौके का फायदा उठाकर जेवर पार किए।मालीपुर थाने में लूटपाट और संदिग्ध परिस्थितियों के तहत तहरीर दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम में मौत की वजह पूरी तरह स्पष्ट न होने पर मेडिकल बोर्ड ने विसरा सुरक्षित कर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजने का फैसला किया है ताकि किसी भी रासायनिक या विषाक्त पदार्थ की मौजूदगी की पुष्टि हो सके।विपक्ष का हमला तेज, पूर्व मंत्रियों ने भी कानून-व्यवस्था पर खड़े किए सवालअखिलेश यादव के अलावा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अंबेडकरनगर में आईपीएस अधिकारी की मां की इस प्रकार की संदिग्ध मौत और घर से जेवर गायब होना अत्यंत स्तब्धकारी और दिल दहला देने वाला है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब राजधानी लखनऊ में बैठे पुलिस अधिकारियों के बुजुर्ग परिजन अपने गृह जनपद में असुरक्षित हैं, तो राज्य सरकार का 'जीरो टॉलरेंस ऑन क्राइम' का दावा पूरी तरह खोखला साबित होता है।दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के लिए कई विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। गांव और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक व पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द इस पूरे मामले का निष्पक्ष खुलासा किया जाएगा।
बीरभूम के होटल में भीषण आग, 6 लोगों की मौत
पश्चिम बंगाल के बीरभूम में सोमवार सुबह तारापीठ पुलिस स्टेशन के पास एक होटल में आग लगने से कम से कम 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. सावन के आखिरी सोमवार के लिए होटल तीर्थयात्रियों से भरा हुआ था, और आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी, जब मेहमान सो रहे थे.
खनौरी-दातासिंह वाला बॉर्डर पर फिर गरमाया माहौल, पदयात्रा रोकने के लिए बहुस्तरीय बैरिकेडिंग
हरियाणा और पंजाब की सीमा पर स्थित खनौरी-दातासिंह वाला बॉर्डर एक बार फिर देश के सबसे बड़े किसान आंदोलन के केंद्र में आ गया है। प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) से कृषि और डेयरी क्षेत्र को बाहर रखने तथा फसलों की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने 228 किलोमीटर लंबी 'किसान बचाओ पदयात्रा' का आह्वान किया था। 16 अगस्त 2026 से पंजाब के दातासिंह वाला गांव से शुरू होकर 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान महापंचायत के साथ समाप्त होने वाले इस पैदल मार्च को रोकने के लिए हरियाणा प्रशासन और जींद जिला पुलिस ने सीमा पर कड़े सुरक्षा प्रबंध लागू कर दिए हैं।रिपोर्ट्स के अनुसार, Hindustan News Report में स्पष्ट किया गया है कि हरियाणा पुलिस ने खनौरी अंतरराज्यीय सीमा पर कंक्रीट के बड़े बोल्डर, 5-लेयर बैरिकेडिंग, कंटेनर और कंटीले तार लगाकर रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है। सीमा पर दंगा नियंत्रण वाहन (Riot Control Vehicles), वाटर कैनन और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि किसानों के पास दिल्ली की ओर मार्च करने की आधिकारिक अनुमति नहीं है, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीमा पर आवाजाही रोकी गई है। इसके चलते पंजाब और हरियाणा के बीच आने-जाने वाले सामान्य वाहनों को आसपास के ग्रामीण संपर्क मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है।हरियाणा के मुख्यमंत्री से बातचीत का प्रस्ताव खारिज: केंद्रीय कृषि मंत्री से बैठक पर अड़े किसानबॉर्डर पर तनाव कम करने और गतिरोध समाप्त करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान हरियाणा प्रशासन के अधिकारियों ने किसान नेताओं को राज्य के मुख्यमंत्री के साथ सीधी बैठक करने और अपनी समस्याएं रखने का औपचारिक प्रस्ताव दिया।हालांकि, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के प्रमुख नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। डल्लेवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनका आंदोलन राज्य सरकार के खिलाफ नहीं है और उनकी मुख्य मांगें सीधे तौर पर केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती हैं।किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मुख्य समस्याओं—विशेषकर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय कृषि को शामिल किए जाने के खतरे और स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले पर आधारित एमएसपी गारंटी कानून—पर केवल केंद्रीय कृषि मंत्री और केंद्र सरकार के नीति-निर्माताओं के साथ ही वार्ता की मेज पर बैठेंगे। डल्लेवाल ने घोषणा की कि जब तक दिल्ली जाने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक किसान खनौरी बॉर्डर प्वाइंट पर ही शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे रहेंगे।'ट्रैक्टर पर भी ऐतराज, पैदल चलने पर भी रोक': डल्लेवाल ने सरकार पर साधा निशानाखनौरी बॉर्डर पर मीडिया से बातचीत करते हुए किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सरकार के रुख पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की यह भारी-भरकम बैरिकेडिंग उसकी किसान-विरोधी मानसिकता को उजागर करती है।डल्लेवाल ने कहा, पहले जब किसान अपनी मांगों को लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ दिल्ली कूच करते थे, तो सरकार को आपत्ति होती थी कि ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर नहीं आ सकते। अब जब देश के अलग-अलग हिस्सों से केवल 51 चुनिंदा किसान शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से पैदल चलकर दिल्ली के जंतर-मंतर जाना चाहते हैं, तब भी सरकार को ऐतराज है और हमें आगे बढ़ने नहीं दिया जा रहा है। इससे साफ साबित होता है कि रास्ते किसान नहीं रोकते, बल्कि सरकार खुद सड़कें और सीमाएं बंद करके आम जनता को परेशान करती है।जैसा कि The Hindu Report में भी उल्लेख किया गया है, किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मार्च शुरू होने से पहले ही हरियाणा पुलिस ने राज्य के कई किसान पदाधिकारियों और सहयोगियों को एहतियातन हिरासत में ले लिया है।क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें? भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्यों मचा है घमासान?संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और भारतीय किसान यूनियन (गुरनाम सिंह चढ़ूनी गुट) द्वारा समर्थित इस 'किसान बचाओ पदयात्रा' के केंद्र में कई बड़े राष्ट्रीय मुद्दे शामिल हैं:भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से कृषि क्षेत्र को बाहर रखना: किसान संगठनों का मुख्य विरोध प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को लेकर है। भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी और डल्लेवाल का कहना है कि यदि कृषि, डेयरी, पोल्ट्री और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों को इस समझौते में शामिल किया गया, तो अमेरिका के विशाल और भारी सब्सिडी प्राप्त कृषि फार्मों के सस्ते उत्पाद भारतीय बाजारों में भर जाएंगे। इससे भारत के छोटे और सीमांत किसान बर्बाद हो जाएंगे और अंतरराष्ट्रीय बहुराष्ट्रीय कंपनियों का भारतीय खाद्य सुरक्षा व कृषि पर नियंत्रण हो जाएगा।एमएसपी की कानूनी गारंटी: डॉ. एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप C2+50 प्रतिशत फॉर्मूले पर सभी फसलों की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का कानूनी अधिकार कानून बनाकर दिया जाए।किसानों की कर्जमुक्ति: देश भर के संकटग्रस्त किसानों को ऋण मुक्त करने के लिए व्यापक नीति बनाई जाए।गन्ने के एफआरपी में बढ़ोतरी: गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) में पर्याप्त वृद्धि की जाए।आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी: दिल्ली और राज्यों में पिछले किसान आंदोलनों के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए सभी पुलिस मामलों को रद्द किया जाए और पूर्व वार्ताओं में दिए गए लिखित आश्वासनों को लागू किया जाए।दातासिंह वाला से जंतर-मंतर तक 228 किमी का रूट: जानिए पदयात्रा का खाकाThe Indian Express Coverage के अनुसार, पदयात्रा का पूरा रूट पंजाब-हरियाणा सीमा के दातासिंह वाला से शुरू होकर नरवाना, उचाना, खटकड़ टोल, जींद, लुदाना, गोहाना, इसराना, समालखा और सिंघु बॉर्डर होते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर तक निर्धारित किया गया था। इस 13 दिवसीय पदयात्रा में 51 मुख्य पदयात्रियों के साथ लगभग 150 से 200 वॉलिंटियर्स शामिल रहने वाले थे।वहीं Aaj Tak Hindi News की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, जींद और नरवाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन किसी भी हाल में किसानों को हरियाणा की सीमा में प्रवेश न करने देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। सीमा पर भारी पुलिस तैनाती और कंटीले तारों की मौजूदगी के कारण खनौरी बॉर्डर पर भारी जाम और गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई है।प्रशासन और किसानों के बीच खींचतान: आगे क्या होगा रुख?फिलहाल खनौरी बॉर्डर पर किसानों का शांतिपूर्ण धरना जारी है। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे न तो कोई हिंसा करेंगे और न ही पीछे हटेंगे। उनका कहना है कि संविधान द्वारा प्रदत्त शांतिपूर्ण मार्च और विरोध प्रदर्शन के अधिकार को दबाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ, हरियाणा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर बॉर्डर पर सख्ती बनाए हुए हैं।आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि क्या केंद्र सरकार किसानों की मांगों और ट्रेड डील की चिंताओं को सुलझाने के लिए केंद्रीय स्तर पर वार्ता की कोई नई पहल करती है, या फिर यह गतिरोध शंभू और खनौरी बॉर्डर पर एक और लंबे धरने में तब्दील हो जाता है। सीमा पर दोनों तरफ से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पश्चिम बंगाल: बीरभूम में होटल में लगी भीषण आग, छह लोगों के मारे जाने की खबर
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बाजार की महंगी राखियां छोड़ें! चावल से 10 मिनट में बनाएं सुंदर राखी
Handmade Rakhi: रक्षाबंधन पर बाजार की महंगी और कमजोर राखियों के बजाय घर पर ही आप खूबसूरत चावल की राखी बना सकते हैं. आज हम आपको रसोई की कुछ आसान चीजों जैसे चावल, मौली और रंगों की मदद से डिजाइनर और इको-फ्रेंडली राखी बनाने का सबसे आसान स्टेप-बाय-स्टेप तरीका बताने वाले हैं.
अमेरिका में बाढ़-तूफान से 6 लोगों की मौत, देखें US TOP-10
अमेरिका के इंडियाना में आए तेज तूफान-बाढ़ से कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में एक चार साल का बच्चा भी शामिल है. राज्य के गवर्नर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की. ट्रंप ने इंडियाना की ओर से मांगी गई राष्ट्रपति आपातकाली घोषणा को मंजूरी देने की बात कही है जिससे राज्य को संघीय मदद मिल सकेगी.
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो शेयर करने का आरोप, महिला SI सस्पेंड
यूपी पुलिस की एक महिला सब-इंस्पेक्टर को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो शेयर करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया. महिला एसआई सोशल मीडिया पर जिम वर्कआउट, फिटनेस टिप्स और अपनी निजी जिंदगी से जुड़े वीडियो शेयर करती थीं.
अखिलेश के ‘चवन्नी’ वाले बयान पर RLD नाराज, कहा- चौधरी चरण सिंह का अपमान
राष्ट्रीय लोक दल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के “चवन्नी को उठाकर रुपया बना दिया” वाले बयान को आपत्तिजनक बताया है. उन्होंने इसे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और पूरे किसान समाज का अपमान बताया है.
17 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि शाम तक रहेगी, जिसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ होगा। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन विशेष माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन नाग पंचमी के साथ सावन सोमवार का तीसरा व्रत, सिंह संक्रांति, स्कंद षष्ठी और अन्य धार्मिक संयोग बन रहे हैं।.....
बिहार के लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़, बिजली का पोल टूटने से मची अफरा-तफरी
Lakhisarai Stampede: बिहार के लखीसराय जिले में सावन के तीसरे सोमवार के दिन अशोक धाम मंदिर में भगदड़ मच गई. इस घटना में 7 लोगों की मौत हुई है. जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं.
नेपाल के 3 दिन के दौरे पर इंडियन आर्मी चीफ, गोरखा भर्ती पर हो सकती है अहम चर्चा
भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं. दोनों देशों के रिश्ते को अक्सर ‘रोटी-बेटी का रिश्ता’ कहा जाता है.
दिल्ली मेट्रो में चोरी छिपे कोई फोटो खींच ले या बदतमीजी करे, तो कहां शिकायत करें महिलाएं?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक सीआईएसफ जवान पर चोरी-छिपे फोटो खींचने का आरोप लगाया जा रहा है. यहां जानते हैं अगर कोई मेट्रो पर छेड़छाड़ या फोटो खींचता है, तो क्या कर सकते हैं?
Russia-Ukraine War: यूक्रेन के क्रिवी रीह शहर में रूसी ड्रोन और मिसाइलों के बड़े हमले में आर्सेलरमित्तल के स्टील प्लांट में दो लोगों की मौत हुई.
'जाने का सवाल ही नहीं उठता', NALSAR का निमंत्रण मिलने पर बोले सीजेआई सूर्यकांत
सीजेआई सूर्यकांत को नालसार के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण मिला था, जिस पर उनका कहना है कि जब उन्होंने निमंत्रण स्वीकार ही नहीं किया तो जाने का सवाल ही नहीं उठता।
इंडिया टुडे तमिलनाडु राउंडटेबल आज, CM विजय करेंगे आगाज
इंडिया टुडे ग्रुप तमिलनाडु राउंडटेबल के पहले सेशन में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय शिरकत करेंगे. सीएम विजय इस आयोजन में इंडिया टुडे तमिल यूट्यूब चैनल भी लॉन्च करेंगे.
धरती पर कैसे हुई नागों का उत्पत्ति? जानें इनके जन्म से जुड़ा रहस्य
Nag Panchami 2026: हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व नाग देवताओं की उपासना का विशेष दिन माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती पर शेषनाग, वासुकि और कर्कोटक जैसे महानागों का जन्म कैसे हुआ? आइए जानते हैं नागों से जुड़े रहस्य के बारे में.
बिहार: लखीसराय के मंदिर में भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत
बिहार के लखीसराय के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में दर्दनाक हादसा हो गया. सावन के तीसरे सोमवार पर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे, इसी दौरान श्रद्धालुओं के बीच बिजली का तार गिरने से अचानक भगदड़ मच गई. इस हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए.
मुझे डायबिटीज नहीं है फिर भी शुगर क्यों बढ़ जाती है? डॉक्टर ने बताया सच!
डायबिटीज न होने पर भी ब्लड शुगर बढ़ सकती है. डॉक्टर से जानिए तनाव, कम नींद, खानपान और एक्सरसाइज कैसे बढ़ाते हैं शुगर लेवल.
मोहसिन अख्तर ने पत्नी निधा संग शेयर की तस्वीरें
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्मिला मतोंडकर के एक्स हसबैंड मोहसिन अख्तर मीर ने कुछ समय पहले ही दूसरी शादी रचाई है. शादी के बाद वो पत्नी संग क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रहे हैं.
Nag Panchami 2026: आज नाग पंचमी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, बढ़ सकती हैं परेशानियां
आज यानी 17 अगस्त को नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है. शास्त्रों के अनुसार नाग पंचमी पर कुछ कार्यों की मनाही होती है. माना जाता है कि अगर इन कार्यों को किया जाए तो जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं.
पहले जबरन घुसे, अब मांग रहे नागरिकता... स्पेन के लिए बना सिरदर्द
स्पेन सरकार ने साफ कर दिया है कि गैरकानूनी तरीके से दाखिल हुए लोगों को न तो स्यूटा में रहने दिया जाएगा, न मुख्य जमीन पर जाने दिया जाएगा, और न ही कानूनी दर्जा मिलेगा. हालांकि, जो लोग मोरक्को से स्पेन में घुसे हैं वे यूरोप के अन्य मुल्कों में भी जाने के फिराक में हैं.
Ashwini Vaishnaw ने Railway स्टेशनों पर सुरक्षित पेयजल तुरंत सुनिश्चित करने के दिए आदेश
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को देश भर के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षित पेयजल पानी सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने के आदेश दिए हैं। वैष्णव का यह आदेश भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग)की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कई स्टेशनों पर पेयजल मुहैया कराने के लिए लगाए गए ‘वाटरकूलर’ में ई-कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया पाए जाने की बात कही गई थी। रेलवे मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, वैष्णव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे दिन मुद्दे की समीक्षा की और कई उपाय करने के आदेश दिए, जिनमें पानी को फिल्टर करने वाली प्रणाली लगाना, पानी की टंकियां बदलना और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच शामिल है। शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ ने सबसे पहले 512 से अधिक रेलवे स्टेशनों की कैग ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी दी थी, जिसमें पानी की खराब गुणवत्ता और यात्रियों के लिए अपर्याप्त सुविधाओं के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किये गए हैं।
BRICS EWG Meeting: भारत आज पर्यावरण पर ब्रिक्स की अहम बैठक की करेगा मेजबानी, किन मुद्दों पर होगा मंथन?
जेलेंस्की के होमटाउन पर रूस का अटैक, यूक्रेन ने जवाब में दागे 822 ड्रोन्स
यूक्रेन ने रूस के 17 क्षेत्रों में सैकड़ों लंबी दूरी के ड्रोन से हमला किया, जिसमें कई लोगों की मौत हुई. रूस ने पलटवार करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के होमटाउन क्रिवी रिह के आर्सेलरमित्तल स्टील प्लांट को मिसाइलों से निशाना बनाया है.
कर्नाटक के बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कुछ युवकों ने एक महिला ट्रैफिक पुलिस ऑफिसर पर गंदे कमेंट्स और धक्का-मुक्की की.
आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा के अंबेडकर नगर जिले के रुधा धम्रुआ गांव स्थित उनके घर में उनकी मां इंद्रावती एक चारपायी पर मृत पाई गई थीं.
मॉनसून ट्रफ खिसका, आने लगीं सूखी हवाएं! दिल्ली-NCR को उमस से मिलेगी राहत
कई दिनों की उमस के बाद दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा के लोगों को मौसम से थोड़ी राहत मिल सकती है. उत्तर-पश्चिमी हवाओं के असर से अगले दो दिनों तक इन इलाकों में नमी कम रहने और मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है. मॉनसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने से पहाड़ी राज्यों में बारिश बढ़ सकती है.
Spiderman Brand New Day Box Office Collection Day 17: स्पाइडरमैन के चाहने वाले दुनियाभर में हैं. लेकिन भारत में फिल्म की 17 दिनों की कमाई देखकर लगता है कि इंडियन ऑडियंस भी टॉम हॉलेंड की स्पाइडरमैन ब्रैंड न्यू डे को देखे बिना नहीं रह पा रही है.
कालसर्प दोष से नागयज्ञ तक... पौराणिक कथाओं में क्यों खास हैं नाग
ज्योतिष में सर्प राहु के साथ भी और नक्षत्रों के साथ भी हैं. 27 नक्षत्रों में अश्लेषा नक्षत्र के देवता भी सर्प ही हैं. अश्लेषा का स्वामी सर्प ही माना गया है.
Assam Flood: 103 लोगों की मौत, सात लाख से ज्यादा विस्थापित; 433 गांव जलमग्न, बाढ़ के बाद कैसे लौटेगी जिंदगी?
फिटनेस फीस, बाइक टैक्सी पर रोक की मांग... ऑटो वालों का हल्लाबोल!
दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ 17 अगस्त को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगा. संघ की प्रमुख मांगों में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए वेलफेयर बोर्ड का गठन, बढ़ी हुई फिटनेस फीस वापस लेना, काम के घंटे तय करना और निजी नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सियों पर रोक लगाना शामिल है.
Avengers Doomsday Hindi Trailer: मार्वल के फैंस का इंतजार खत्म हुआ क्योंकि 18 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने को तैयार हॉलीवुड फिल्म एवेंजर्स डूम्सडे का मोस्ट अवेटेड पहला ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है
नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार पर काशी से देवघर तक गूंजा 'हर-हर महादेव'
सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के मौके पर आज देशभर के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है. यूपी के अयोध्या में भी भक्तों ने नाग पंचमी के अवसर पर नागेश्वर नाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की.
हनीमून के दौरान दुल्हन को आए पीरियड्स, भड़के पति ने होटल में पीटा
गोरखपुर की युवती ने दिल्ली निवासी पति निखिल मिश्रा और ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया. अंडमान में हनीमून पर पीरियड्स आने पर पति ने हैवानियत की. 40 लाख का दहेज देने के बावजूद शादी के 45 दिन बाद पीड़िता को घर से निकाल दिया गया.
जिस मुस्लिम नाटो को ईरान बता रहा था अमेरिका की कमजोरी, उसके बनने से ट्रंप क्यों खुश
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने हाल ही में मक्का सुरक्षा समझौता पर मुहर लगाई है. इस समझौते के अनुसार किसी एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा- यह बात मूल रूप से नाटो समझौते की तरह है.
Dehradun के सहस्रधारा में नदी में बहने से महिला की मौत, Gola River में छात्र हुआ लापता
उत्तराखंड के देहरादून में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्रधारा में फोटो खिंचवाते समय पैर फिसलने से हरियाणा की एक महिला नदी के तेज बहाव में बह गई और उसकी मौत हो गई। वहीं, ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में 11वीं कक्षा का एक छात्र उफनती गोला नदी में बहकर लापता हो गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, पानीपत निवासी 25 वर्षीय नेहा आर्य सहस्रधारा घूमने आई थी। शनिवार शाम करीब छह बजे फोटो खिंचवाते समय उसका पैर फिसल गया और वह नदी के तेज बहाव में बहने लगी। मौके पर मौजूद लोगों और सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस तथा राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने महिला को नदी से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक अन्य घटना ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा के शांतिपुरी क्षेत्र में हुई। यहां गोला नदी में नहाने के दौरान 11वीं कक्षा का एक छात्र तेज बहाव में बहकर लापता हो गया। पुलिस के अनुसार घटना शनिवार को हुई, जब पवन चौहान अपने कुछ दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था। इसी दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते नदी में बह गया। इस घटना के बाद उसके साथ मौजूद दोस्तों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों ने तलाश अभियान शुरू किया। पुलिस ने बताया कि बचाव दल नदी के किनारे और संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक पवन का कोई पता नहीं चला है।
Mathura में बेकाबू dumper ने 5 लोगों को कुचला, बच्ची समेत 2 की मौत
मथुरा के सदर क्षेत्र में तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से छह साल की बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। थाना प्रभारी प्रशांत कपिल ने बताया कि यह मामला औंरगाबाद कस्बे के बाजार का है, जहां कुछ बच्चे किताबें खरीद रहे थे तभी मथुरा शहर की ओर से तेज गति से आ रहे एक डंपर ने पांच लोगों को कुचल दिया। उन्होंने बताया कि इस घटना में छह वर्षीय बच्ची आयरा और 20 वर्षीय युवक प्रशांत कुंतल की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी मां 52 वर्षीय विमला देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कपिल ने बताया कि घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने आगरा-मथुरा मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के समझाने बुझाने और कार्रवाई का आश्वासन देने पर जाम खुल सका। कपिल ने बताया कि दो अन्य व्यक्ति भी घायल हुए थे जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि डंपर को जब्त कर चालक की तलाश की जा रही है।
Kerala में BJYM का विरोध प्रदर्शन, वंदे मातरम् न गाने पर जलाया CM Satheesan का पुतला
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजपा की युवा शाखा) ने स्वतंत्रता दिवस पर केरल में वंदे मातरम् नहीं गाए जाने के विरोध में रविवार को मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के पुतले फूंके। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘क्लिफ हाउस’ तक पहुंचे और सतीशन तथा जिन्ना के पुतले जलाए। भाजपा के प्रदेश महासचिव एस. सुरेश ने प्रदर्शन की शुरुआत करते हुए आरोप लगाया कि भारत के विभाजन का नेतृत्व करने वाले जिन्ना की तरह ही सतीशन भी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और जमात-ए-इस्लामी के दबाव में पाकिस्तान के संस्थापक की तरह का रुख अपना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित अन्य राज्यों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् गाया गया, लेकिन केरल में कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया क्योंकि वह मुस्लिम लीग समेत कट्टरपंथी संगठनों के दबाव से डरती है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी इसी तरह के प्रदर्शन किए गए। प्रदर्शन में सुरेश के अलावा भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज, पार्टी के शहर जिला अध्यक्ष करमना जयन और युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वी. मनुप्रसाद सहित संगठन के अन्य नेता शामिल हुए।
रामायण पर 'डबल स्टैंडर्ड'? डूम्सडे के VFX ने छेड़ा विवाद
एवेंजर्स डूम्सडे के नए स्पेशल ट्रेलर ने कुछ इंडियन ऑडियंस की पोल खोल दी है. वो इस MCU फिल्म के ट्रेलर को देखकर एक्साइटेड नजर आए, जबकि इसका VFX काफी खराब था. ऐसे में सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि रामायण पर सवाल उठाने वाले लोग. डूम्सडे के समय अपना डबल स्टैंडर्ड दिखा रहे हैं.
Odisha DGP YB Khurania ने साइबर अपराध और नशे को बताया पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
ओडिशा के निवर्तमान डीजीपी वाई. बी. खुरानिया ने रविवार को कहा कि गांजा समेत मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना पुलिस के सामने तीन बड़ी चुनौतियां हैं। अपने कार्यकाल के आखिरी दिन यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए खुरानिया ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा ओडिशा को नक्सल मुक्त राज्य घोषित किया जाना उनके दो साल के कार्यकाल के दौरान पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पिछले दो वर्षों में राज्य के विभिन्न जिलों में माओवादियों के खिलाफ ओडिशा पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियानों से संभव हो सकी। इन अभियानों में 29 कट्टर माओवादी मारे गए, 83 ने आत्मसमर्पण किया और 15 को गिरफ्तार किया गया। खुरानिया ने कहा, मादक पदार्थों की तस्करी को रोकना हमारे सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। साइबर अपराध भी एक बड़ी चुनौती है। सड़क सुरक्षा के आंकड़ों में सुधार की काफी गुंजाइश है। ये तीनों क्षेत्र ओडिशा पुलिस की प्राथमिकता में रहे हैं और उभरती परिस्थितियों से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मार्च 2029 तक ‘नशा मुक्त ओडिशा’ बनाने का लक्ष्य रखा है और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 20 नए साइबर थानों को मंजूरी दी है, जिन्होंने इसी साल मार्च से काम करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का धन्यवाद करते हुए खुरानिया ने कहा कि राज्य सरकार के मजबूत समर्थन और मार्गदर्शन के साथ-साथ जरूरी संसाधन मिलने से ओडिशा पुलिस की कार्यक्षमता, बुनियादी ढांचे और संचालन क्षमताओं को और मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने और ओडिशा पुलिस को अधिक कुशल, सशक्त और जन-केंद्रित प्रशासन की ओर ले जाने में उनका (खुरानिया का) नेतृत्व मिसाल कायम करने वाला रहा है।
West Bengal के बांकुरा में कॉजपा स्वयंसेवक के पिता की मौत, पुलिस ने 8 आरोपी गिरफ्तार किए
पश्चिम बंगाल के बांकुरा ज़िले में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के एक स्वयंसेवक के घर पर कथित हमले के बाद उसके पिता की मौत से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। रविवार को पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि भाजपा ने इस घटना से उसका कोई संबंध होने से स्पष्ट इनकार किया। मृत व्यक्ति जनाब माफिक की पत्नी हसीना बेगम ने दिन में इंदस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पांच लोगों के नाम बताए गए और 10-15 हमलावरों के शामिल होने का आरोप लगाया गया। इसके बाद ये गिरफ्तारियां की गईं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि शिकायत में नामजद पांच लोगों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है और पांच अन्य को हिरासत में लिया गया है। बाद में पुलिस ने बताया कि सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा उन्हें को बिष्णुपुर उपसंभागीय मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने उन्हें उसकी हिरासत में भेजने का अनुरोध किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और पांच को टीआई परेड के लिए भेजा जाएगा। गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से तीन के नाम परिवार की ओर से पुलिस शिकायत में शामिल हैं।’’जनाब माफिक की मौत कथित हमले के दो दिन बाद, शनिवार रात बर्दवान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हो गई। गंभीर रूप से घायल पाए जाने के बाद उन्हें पहले इंदस प्रखंड के प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था और हालत बिगड़ने पर 15 अगस्त को उन्हें अस्पताल में पहुंचाया गया। जनाब के बेटे अब्दुल हफीज ने कहा कि कॉजपा के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद वह दिल्ली से लौटा था और उसके बाद स्कूल की खराब हालत का ब्योरा लेने के लिए प्राथमिकी विद्यालय गया था। हफ़ीज़ के अनुसार, उसने शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के बारे में पूछा और एक अध्यापक से कहा कि वह स्थानीय स्तर पर यह अभियान शुरू करना चाहते हैं। आरोप है कि अध्यापक ने उससे अगले दिन आने को कहा। कॉजपा ने आरोप लगाया कि अध्यापक ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को हफीज के दौरे के बारे में जानकारी दी। कॉजपा का दावा है कि उस शाम हथियारबंद लोग हफीज़ के घर में घुस आए और उससे माफी का वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा, जिसमें यह कहा जाए कि उसने किसी और के कहने पर स्कूल की हालत के बारे में बात की थी। जब उसने मना किया, तो हमलावरों ने कथित तौर पर उस पर और उसके पिता पर लाठियों, रॉड और सब्बल से हमला किया। भाजपा ने खुद को आरोपियों से अलग कर लिया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा से संबंध होने के आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि प्राथमिकी में जिन लोगों के नाम हैं, वे अपराधी हैं। उन्होंने राज्य सचिवालय नबान्न में पत्रकारों से कहा, ‘‘इससे भाजपा का कोई संबंध नहीं है। वे सभी अपराधी हैं। कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने उपद्रवियों के नाम बताए हैं और किसी भी भाजपा कार्यकर्ता का नाम नहीं लिया है।’’इससे पहले दोपहर में अधिकारी ने कहा था कि शिकायत में नामजद पांच लोगों में से तीन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी दो को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि हमले के किसी भी आरोप की पुलिस द्वारा जांच की जानी चाहिए तथा आरोप साबित होने पर कार्रवाई की जानी चाहिए। मजूमदार ने कहा, ‘‘अगर ऐसी कोई घटना हुई है, तो प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए और पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए।’’उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कहीं यह घटना किसी स्थानीय विवाद का नतीजा तो नहीं है। मजूमदार ने कहा कि दिल्ली में कॉजपा के हालिया विरोध प्रदर्शन में बंगाल से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने के बावजूद, कहीं और ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई। राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि भाजपा गलत काम का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति का बचाव नहीं करेगी। पॉल ने कहा, ‘‘पूरे भारत में भाजपा के लाखों कार्यकर्ता हैं। हर कार्यकर्ता के चरित्र को परखना न तो संभव है और न ही यह प्रदेश अध्यक्ष या मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है। अगर किसी ने ऐसा कुछ किया है, तो उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’पॉल ने कहा, ‘‘हम ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं करेंगे। कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’’कॉजपा के लिए यह घटना सिर्फ कथित हमले से कहीं अधिक अहम हो गई है; यह उसके ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के मुख्य मकसद से जुड़ी है। सवाल यह उठता है कि क्या नागरिक बिना किसी राजनीतिक धमकी के सरकारी संस्थानों की जांच-पड़ताल कर सकते हैं और कमियों की ओर इशारा कर सकते हैं। कॉजपा संस्थापक और राष्ट्रीय समन्वयक अभिजीत दीपके ने कहा कि कॉजपा की एक टीम पश्चिम बंगाल जाएगी ताकि हफीज और उसके परिवार का साथ दे सके। दीपके ने कहा, “हमें न तो चुप कराया जा सकता है और न ही डराया जा सकता है। हम बेहतर विद्यालयों के लिए लड़ते रहेंगे। कॉजपा हफीज और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। हम उनके पिता की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं। हमारी टीम पश्चिम बंगाल जाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अब्दुल और उनके परिवार को न्याय मिले।”कॉजपा के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि माफिक की मौत उन लोगों के हाथों हुई जो कथित तौर पर भाजपा से जुड़े थे। दास ने कहा, ‘‘अब्दुल, पूरा कॉजपा परिवार आपके साथ है। जब तक उन गुंडों को सज़ा नहीं मिल जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे।’’दीपके ने सरकारी स्कूलों की हालत को उजागर करने और स्कूल के बुनियादी ढांचे एवं शिक्षा में सुधार के लिए दबाव बनाने के मकसद से ‘‘स्कूल ठीक करो’’ अभियान शुरू किया। कॉजपा ने कथित हिंसा, माफिक की मौत से जुड़े हालात और जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू न करने की कथित नाकामी की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बयान के मुताबिक कॉजपा की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसके प्रमुख सह-संयोजक आशुतोष रांका हैं, सोमवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करेगा। प्रतिनिधिमंडल हफीज और उनके परिवार के साथ एकजुटता दिखाने और न्याय व जवाबदेही की मांग करने के लिए वहां जायेगा।
दिल्ली की महिलाओं को राखी का तोहफा, अब 31 तक तारीख तक बनेगा सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड
दिल्ली की महिलाओं के लिए खुश होने वाली खबर सामने आई है. अगर आपने अबतक पिंक स्मार्ट कार्ड नहीं बनवाया है, तो आपको यह मौका 31 अगस्त तक फिर से मिल रहा है. यहां जानते हैं पूरी खबर-
Delhi में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री दर्ज, सोमवार को हल्की बारिश का अनुमान
राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 0.6 डिग्री अधिक है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी के अनुसार, दिल्ली का न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है जबकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 34 और 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। इसी के साथ रविवार शाम साढ़े पांच बजे सापेक्षिक आर्द्रता 62 प्रतिशत दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में रविवार शाम छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 85 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
Youth Congress ने West Bengal हिंसा में व्यक्ति की मौत पर जांच की मांग उठाई
पश्चिम बंगाल के बांकुरा में 13 अगस्त को लोगों के एक समूह के हमले में घायल हुए एक व्यक्ति के दम तोड़ देने के बाद भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) ने रविवार को मामले की जांच कराने की मांग की। कांग्रेस की युवा शाखा के एक बयान के मुताबिक, इस घटना में जनाब माफिक गंभीर रूप से घायल हो गए और हालत बिगड़ने के बाद 15 अगस्त को बर्धमान के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि माफिक के 25 वर्षीय बेटे अब्दुल हफीज बांकुरा के एक सरकारी स्कूल की हालत को लेकर चिंता जताने गए थे, जिसके बाद कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उस पर और उसके परिवार पर हमला किया। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। भारतीय युवा कांग्रेस ने दावा किया कि माफिक के परिवार को दो दिनों तक बांकुरा से बाहर जाने या लोगों से मिलने नहीं दिया गया। उसने कहा कि वे उन्हें इलाज के लिए बर्दवान तभी ले जा पाए जब 15 अगस्त को उनकी हालत और बिगड़ गई। आईवाईसी ने यह भी कहा कि परिवार को प्राथमिकी की प्रति मिल गई है। उसने मांग की कि कथित हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जाए और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए। उसने कहा कि उसकी एक टीम हफीज एवं उसके परिवार की कानूनी एवं अन्य प्रकार की मदद कर रही है। आईवाईसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से इस घटना पर कार्रवाई करने तथा जवाबदेही तय करने की अपील की। अब्दुल हफीज कॉकरोच जनता पार्टी का स्वयंसेवक है।
काजू कतली भूल जाओगे! एक बार ऐसे बना ली सूखे नारियल की बर्फी, ये देखिए वीडियो
इस रक्षाबंधन कुछ मीठे में कुछ अलग खाने का मन है, तो बिना मावा या चाशनी के आप आसानी से घर पर सूखे नारियल की बर्फी बना सकते हैं. नोट करें रेसिपी.
Nag Panchami Bank Holiday: अगर आज किसी काम से आपको बैंक जाना है तो घर से निकलने से पहले चेक कर लें कि 17 अगस्त को नाग पंचमी के मौके पर बैंक खुलेंगे या बंद रहेंगे?जानिए इस हफ्ते 17 से 23 अगस्त के बीच किन-किन दिनों में बैंकों की छुट्टी रहेगी.
Arvind Kejriwal के जन्मदिन पर AAP नेताओं ने सराहा उनका लंबा राजनीतिक सफर
आम आदमी पार्टी (आप) के कई वरिष्ठ नेताओं ने रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने केजरीवाल के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तथा जनसेवा जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी व पार्टी की राजनीति को आकार देने में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। हरियाणा में 16 अगस्त, 1968 को जन्मे केजरीवाल आज 58 वर्ष के हो गए। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केजरीवाल को अपना “बड़ा भाई और पुराना मित्र” बताते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर जीत का जश्न मनाया और राजनीतिक संघर्ष के मुश्किल दौर भी साथ झेले। उन्होंने कहा कि आम लोगों का जीवन बदलने के लिए केजरीवाल का साहस, दृढ़ संकल्प एवं दृष्टिकोण उन्हें और दूसरों को लगातार प्रेरित करता है। ‘आप’ नेता गोपाल राय ने केजरीवाल के साथ अपने 15 साल के जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उनका सफर एक साझा लक्ष्य के साथ शुरू हुआ था, जो देश की राजनीति को बदलना था। राय ने अन्ना हजारे आंदोलन और ‘आप’ के गठन का जिक्र करते हुए कहा कि इस संघर्ष में कई उतार-चढ़ाव आए लेकिन लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई आज भी जारी है। आईआईटी खड़गपुर से स्नातक और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के पूर्व अधिकारी केजरीवाल भ्रष्टाचार विरोधी कार्यों के जरिए लोकप्रिय हुए और हजारे के नेतृत्व में 2011 में चले ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने 2012 में ‘आप’ की स्थापना की और दिसंबर 2013 में दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। केजरीवाल ने बाद में तीन कार्यकाल पूरे किए। केजरीवाल ने 28 दिसंबर 2013 से 14 फरवरी 2014 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने 49 दिन बाद इस्तीफा दे दिया। केजरीवाल ने इसके बाद 14 फरवरी 2015 से 16 फरवरी 2020 तक और फिर 16 फरवरी 2020 से 17 सितंबर 2024 तक मुख्यमंत्री पद संभाला। उन्होंने आबकारी नीति मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद 17 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। ‘आप’ ने 2022 में पंजाब में सरकार बनाई, जिससे दिल्ली के बाहर पार्टी के विस्तार का रास्ता खुला। राय ने यह भी कहा कि केजरीवाल ने यह दिखाकर राजनीति की दिशा बदल दी कि सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और जनसेवा पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि केजरीवाल के साहस, नेतृत्व और प्रतिबद्धता ने उन्हें प्रेरित किया है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल की आम लोगों के संघर्षों को समझने और उनकी पीड़ा को ठोस कदमों में बदलने की क्षमता उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताओं में से एक है। राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने 2005 के आरटीआई आंदोलन के समय से केजरीवाल के साथ अपने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान, अन्ना आंदोलन और आम आदमी पार्टी के गठन के दौरान दोनों ने 21 वर्षों का सफर साथ तय किया है। सिंह ने कहा कि लोग यह भूल गए थे कि राजनीति का ध्यान विद्यालयों और अस्पतालों पर भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल शासन के मॉडल पर पूरे देश में चर्चा होने लगी है।
CBI ने 15 लाख रिश्वत लेते रेलवे इंजीनियर को गिरफ्तार किया; South Central Railway कार्रवाई
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 15 लाख रुपये के रिश्वत मामले में दक्षिण मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजयवाड़ा में दक्षिण मध्य रेलवे के मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (सीएसटीई) प्रोजेक्ट्स कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर बापिराजू और येल्ला कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के बेटे श्रीचंद के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, गणपति इंजीनियरिंग वर्क्स और येल्ला कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त उद्यम को दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा 179.50 करोड़ रुपये का ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रोजेक्ट सौंपा गया था। इस कार्य को समय से पहले पूरा करने के लिए कंपनी ने लगभग सात करोड़ रुपये के बोनस का दावा किया था। सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आरोप है कि दक्षिण मध्य रेलवे (विजयवाड़ा) के सीएसटीई प्रोजेक्ट्स के अधिकारियों ने संयुक्त उद्यम को अनुचित लाभ पहुंचाने और बोनस दावे की मंजूरी को सुगम बनाने के लिए बोनस फाइल से संबंधित तारीखों में हेरफेर व फेरबदल किया। सीबीआई ने दावा किया कि निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक ने आरोपी इंजीनियर को सूचित किया था कि उनका बेटा रविवार को विशाखापत्तनम से विजयवाड़ा यात्रा के दौरान रिश्वत की राशि पहुंचाएगा। जांच एजेंसी के अनुसार, सीबीआई ने जाल बिछाकर इंजीनियर को श्रीचंद से 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह राशि उसके पिता की कंपनी के लिए बोनस की मंजूरी और भुगतान के एवज में दी जा रही थी। प्रवक्ता ने बताया कि कार्रवाई के दौरान 15 लाख रुपये की पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई है। बयान में कहा गया, आरोपियों के विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पिथापुरम और हैदराबाद स्थित परिसरों में छापेमारी की जा रही है।
भारतीय मूल के सिख ने रचा इतिहास, RAF में हासिल की बड़ी कामयाबी
फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्शदीप सिंह डांग दूसरे विश्व युद्ध के बाद रॉयल एयर फोर्स (RAF) में बतौर फाइटर पायलट ग्रेजुएट होने वाले पहले सिख बन गए हैं.

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