10 साल में 3 बार ठुकराया प्रमोशन का ऑफर! मैनेजर बनने से इनकार
आप ऑफिस में किस लिए मेहनत करते है... अच्छी सैलरी और प्रमोशन के लिए. लेकिन चीन की एक महिला कर्मचारी ने तीन बार प्रमोशन के ऑफर को ठुकरा दिया, जिसके पीछे उन्होंने लॉजिक भी दिया है, तो चलिए जानते हैं उन्होंने ऐसा क्यों किया?
'खाना एकदम लाजवाब...', सोनभद्र के स्कूलों में PM पोषण योजना से मुरीद हुए बच्चे-अभिभावक
सोनभद्र के सरकारी स्कूल में पीएम पोषण योजना का खाना बच्चों को पसंद आ रहा है. बच्चों ने इसे स्वादिष्ट बताया. तय मेन्यू के मुताबिक भोजन के साथ उसकी क्वालिटी की भी निगरानी हो रही है.
नो ऑफिस प्रेशर! प्रमोशन क्यों अवॉइड कर रहा Gen Z?
हर जेनरेशन में वर्क स्पेस में प्रमोशन को लेकर देखी गई एक्साइटमेंट अब जेन-जी में खत्म होती दिख रहीं है. जहां हमेशा से प्रमोशन और ज्यादा जिम्मेदारियों को सक्सेस मापने का मापदंड माना जाता था वहीं जेन-जी इससे मुंह फेरते मजर आ रहे है और 'conscious unbossing' अपना रहे है. लेकिन जेन जी जिम्मेदारियां लेने या प्रमोशन से पीछे क्यों हट रहीं है ?
अमेरिका में इतने का आता एक बेलपत्र, कीमत जानकर चौंक जाएंगे
पूजा की छोटी-छोटी चीजों की कीमत भी अमेरिका में डॉलर में चुकानी पड़ती है. एक भारतीय स्टोर पर हल्दी करीब 0.99 डॉलर, कुमकुम करीब 0.99 डॉलर, कपूर करीब 1.79 डॉलर और चंदन पाउडर करीब 5.99 डॉलर में लिस्टेड है.
नसों में ब्लॉकेज के बिना भी आ सकता है हार्ट अटैक, ऐसे होते हैं लक्षण
हार्ट की नसों में ब्लॉकेज न होने के बावजूद हार्ट अटैक हो सकता है, जिसे मेडिकल भाषा में बिना रुकावट वाली कोरोनरी आर्टरी के साथ मायोकार्डियल इन्फार्क्शन कहा जाता है. ये क्यों होता है और इसके क्या लक्षण हैं इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
सुरभि चंदना के घर गणपति भोग से पहले हुआ गैस लीक, बोलीं-'जब बप्पा साथ हों तो कोई बाधा बड़ी नहीं'
टीवी एक्ट्रेस सुरभि चंदना ने हाल ही में गणेश चतुर्थी के दौरान हुई एक ऐसी घटना का खुलासा किया
बंगाल में छह अक्टूबर को होने वाले दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव को लेकर भाजपा ने अपने प्रत्याशियों के नामों का एलान कर दिया है।
मूक-बधिर मां को बेटे ने पढ़ाया, मां ने 10वीं में पाए 82% मार्क्स
22 साल के लंबे अंतराल के बाद 45 की उम्र में किताबें उठाकर 10वीं की परीक्षा में 82% अंक हासिल करना कोई आम उपलब्धि नहीं है. सुनने और बोलने में असमर्थ कश्मीरी विस्थापित रेनू हंस ने सिद्ध कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो परिस्थितियां कभी रुकावट नहीं बन सकतीं. इस पूरी यात्रा में उनके 12वीं में पढ़ने वाले बेटे नमन ने उनका सहारा बनकर मां के सरकारी नौकरी के सपने को नई उड़ान दी है.
कांग्रेस को 5% का घाटा, BJP को 1% का फायदा, राजस्थान का मूड सेट करेगा निकाय चुनाव?
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में जहां बीजेपी को 1% वोट शेयर की मामूली बढ़त मिली है, वहीं कांग्रेस को 5% का नुकसान उठाने के बावजूद शहरी बेल्ट में कड़ा मुकाबला देखने को मिला है. 145 निकायों में निर्दलीयों की बड़ी जीत और क्लोज फाइट के इन आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि 2028 का विधानसभा चुनाव बेहद कांटेदार होने वाला है.
नारी शक्ति से अर्थशक्ति की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
श्रमबल में हिस्सेदारी बढ़ने से लेकर स्वयं सहायता समूहों, बैंकिंग, स्टार्टअप, खेती और सुरक्षा व्यवस्था तक महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी बताती है कि नारी शक्ति अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास की अहम ताकत बन रही है.
नेपाल को रोजाना 18 घंटे कैसे बिजली देगा भारत? बाढ़ ने तबाह किया पूर पावर सेक्टर
नेपाल अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह से नदियों और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर निर्भर है। लेकिन इस भौगोलिक निर्भरता का एक नुकसान यह भी है कि जब भी बाढ़ या भूस्खलन जैसी आपदा आती है, तो नेपाल का पावर ग्रिड रातों-रात धराशायी हो जाता है।
भाजपा ने भी दिखाया ठेंगा, ममता बनर्जी को छोड़ने वाले न घर के रहे न घाट के
पश्चिम बंगाल में फिर चुनाव होने हैं, लेकिन इस बार नगर निगमों की गद्दी दांव पर है। इसी बीच अटकलें तेज हो गई हैं कि ममता बनर्जी को छोड़कर आने वाले सांसद भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, भाजपा ने इसपर जवाब दे दिया है।
पेंशन सखियां गांवों में करेंगी लोगों को जागरुक
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास विभाग और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने ग्रामीण परि
US दबाव में झुकी सरकार, Rahul Gandhi का आरोप- महंगे होंगे UPI Payments
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर ज़्यादा कीमत वाले UPI ट्रांज़ैक्शन पर शुल्क लगाने का रास्ता साफ़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस कदम से आगे चलकर ग्राहकों के लिए डिजिटल पेमेंट महंगा हो सकता है। UPI चार्ज पर सरकार के हालिया नोटिफिकेशन पर प्रतिक्रिया देते हुए, गांधी ने दावा किया कि सरकार ने 2,000 से ज़्यादा के मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का रास्ता चुपचाप खोल दिया है। इसे भी पढ़ें: UPI Payment Charges पर नया Notification: क्या Merchants और Consumers की जेब पर पड़ेगा असर? गांधी ने कहा कि अब 2,000 से ज़्यादा के मर्चेंट UPI ट्रांज़ैक्शन पर MDR लगाया जा सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि भले ही ऐसे ट्रांज़ैक्शन कुल वॉल्यूम का एक छोटा हिस्सा हों, लेकिन UPI के ट्रांज़ैक्शन वैल्यू में इनका हिस्सा बहुत बड़ा है। हालांकि, सरकार ने अभी तक MDR रेट की घोषणा नहीं की है और न ही ₹2,000 से ज़्यादा के UPI ट्रांज़ैक्शन पर कोई चार्ज लगाया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी ताज़ा नोटिफ़िकेशन में साफ़ कहा गया है कि बैंक और सिस्टम प्रोवाइडर ₹2,000 तक के UPI ट्रांज़ैक्शन या RuPay-पावर्ड डेबिट कार्ड से किए गए पेमेंट पर कोई डायरेक्ट या इनडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकते। नए फ्रेमवर्क के तहत सरकार उन इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट तरीकों या ट्रांज़ैक्शन की जानकारी दे सकती है जिन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। 14 सितंबर के नोटिफिकेशन में खास तौर पर 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांज़ैक्शन को छूट दी गई है, जबकि इससे ज़्यादा रकम वाले ट्रांज़ैक्शन पर यह छूट लागू नहीं होगी। इस बदलाव से ऐसी उम्मीदें बढ़ गई हैं कि आगे चलकर ज़्यादा रकम वाले 'पर्सन-टू-मर्चेंट' (P2M) ट्रांज़ैक्शन पर MDR लागू किया जा सकता है। गांधी ने कहा कि सरकार के इस भरोसे का मतलब यह नहीं है कि ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने पूछा कि सरकार कहती है कि ग्राहकों से कोई फीस नहीं ली जाएगी। लेकिन दुकानदारों पर लगाई जाने वाली फीस आखिर कहां से आएगी? उन्होंने तर्क दिया कि व्यापारी अंततः कीमतें बढ़ाकर यह खर्च ग्राहकों पर डाल सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पॉलिसी में यह बदलाव अमेरिका की उन पेमेंट कंपनियों की मांगों के अनुरूप है, जिन्होंने भारत के ज़ीरो-MDR मॉडल का विरोध किया है। गांधी ने कहा कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की ज़ीरो-MDR पॉलिसी का विरोध करती रही हैं। उन्होंने मोदी सरकार पर ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ने का आरोप लगाया जिससे इन कंपनियों को फ़ायदा होगा। इसे भी पढ़ें: Odisha Police ने 1.26 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में शामिल दंपत्ति को Baripada से किया गिरफ्तार उन्होंने इस मुद्दे को अमेरिका के साथ भारत के व्यापारिक रिश्तों पर चल रही बहस से भी जोड़ा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के आगे झुक रहे हैं। जनवरी 2020 से UPI पर व्यक्ति-से-व्यापारी (person-to-merchant) ट्रांज़ैक्शन के लिए ज़ीरो-MDR व्यवस्था लागू है, और सरकार इसके बजाय इंसेंटिव स्कीम के ज़रिए इस इकोसिस्टम को सपोर्ट कर रही है। इस नए बदलाव से 2,000 तक के ट्रांज़ैक्शन के लिए कानूनी सुरक्षा मिलती है, जबकि ज़्यादा कीमत वाले मर्चेंट पेमेंट के लिए अलग नियम बनाने की गुंजाइश भी बनी रहती है। सरकार का कहना है कि एक खास MDR फ्रेमवर्क UPI इकोसिस्टम को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने में मदद कर सकता है, क्योंकि ट्रांज़ैक्शन की संख्या लगातार बढ़ रही है, और साथ ही रोज़ाना होने वाले कम कीमत वाले डिजिटल पेमेंट को भी सुरक्षा मिल सकती है।
कोलकाता से दबोचा गया गैंगस्टर प्रिंस खान का भाई बंटी: फर्जी पासपोर्ट से दुबई भागने की थी पूरी तैयारी
झारखंड के धनबाद और वासेपुर में आतंक का पर्याय बने भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के छोटे भाई बंटी खान को धनबाद पुलिस की विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कोलकाता के Topsia क्षेत्र में छापेमारी कर बंटी खान को धर दबोचा। बंटी फर्जी दस्तावेजों और जाली पासपोर्ट के सहारे भारत छोड़कर दुबई भागने की पूरी फिराक में था। पुलिस ने उसके पास से दो पासपोर्ट और संदिग्ध वीजा दस्तावेज बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी को झारखंड पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।फर्जी दस्तावेजों का फर्जी सिंडिकेट और इंटरनेशनल एस्केप का प्लानअनुसंधान में यह खुलासा हुआ है कि गैंगस्टर प्रिंस खान की तरह ही उसका भाई बंटी खान भी फर्जी पासपोर्ट बनवाकर भारत की सीमा लांघने की साजिश रच रहा था। धनबाद पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बंटी कोलकाता के एक बड़े दलाल नेटवर्क के संपर्क में था। इसी नेटवर्क ने जाली पहचान पत्रों के आधार पर उसका पासपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दस्तावेज तैयार करवाए थे। पुलिस अब उन दलालों और ट्रेवल एजेंटों के नेटवर्क को खंगाल रही है, जिन्होंने बंटी को विदेश भगाने में मदद की और देश के इमिग्रेशन सिस्टम को धोखा देने की कोशिश की।वासेपुर में पुलिस ने निकाली परेड, आधा दर्जन से अधिक संगीन मुकदमों में था वांछितगिरफ्तारी के तुरंत बाद धनबाद पुलिस आरोपी बंटी खान को कोलकाता से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर धनबाद पहुंची। कानून-व्यवस्था का संदेश देने और अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से पुलिस ने बैंक मोड़ थाने से लेकर वासेपुर की गलियों और कमर मखदूमी रोड तक बंटी खान की पैदल परेड कराई। बंटी खान पर हत्या, जानलेवा हमला, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और आपराधिक षड्यंत्र रचने के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। वासेपुर के चर्चित नन्हें हत्याकांड और इकबाल खान पर हुए हमले में भी उसकी मुख्य भूमिका सामने आई थी।रिमांड पर लेकर सीआईडी और धनबाद पुलिस खंगालेगी क्राइम का नया नेटवर्कधनबाद पुलिस अब कोर्ट से बंटी खान को पुलिस रिमांड पर लेने की अर्जी दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान बंटी खान ने वासेपुर और धनबाद में बने कई सीक्रेट हाइडआउट्स और रंगदारी वसूलने वाले गुर्गों के नाम उजागर किए हैं। पुलिस उसके बताए ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही, विदेश में छिपे प्रिंस खान तक पहुंचने के लिए बंटी से मिलने वाली जानकारियों को सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।एआई सर्च, एईओ और झारखंड पुलिस-क्राइम न्यूज पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और गूगल डिस्कवर के विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से, धनबाद-वासेपुर क्राइम नेटवर्क की यह खबर इंटरनेट पर शीर्ष ट्रेंडिंग टॉपिक्स में शामिल है। गूगल और बिंग पर 'Prince Khan Gangster Brother Bunty Arrested', 'Dhanbad Police Kolkata Operation', 'Wasseypur Gangster Fake Passport News' जैसे कीवर्ड्स को लाखों यूजर्स द्वारा सर्च किया जा रहा है। एआई और लोकल सर्च इंजन डेटा के अनुसार, धनबाद में रंगदारी सिंडिकेट और अपराधियों पर पुलिसिया कार्रवाई इस समय का सबसे बड़ा रीजनल ट्रेंड बना हुआ है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अनियमितता और धांधली की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीआईडी ने त्वरित और गुप्त कार्रवाई करते हुए राजधानी रांची के रातु रोड स्थित एक प्रमुख कोचिंग संस्थान के संचालक समेत दो शातिर आरोपियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र निवासी और 'सियाराम कोचिंग' के संचालक संजीत कुमार (38 वर्ष) तथा बिहार के जमुई निवासी दिलीप कुमार पासवान (41 वर्ष) शामिल हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए सीआईडी अब इस पूरे अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया नेटवर्क की परतें उधेड़ने में जुट गई है।14वीं जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी कराने का पर्दाफाशसीआईडी द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संलिप्तता अलग-अलग प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित लाभ पहुंचाने और पेपर लीक सिंडिकेट से पाई गई है। आरोपी संजीत कुमार 14वीं JPSC प्रतियोगिता परीक्षा के संबंध में दर्ज सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 में नामजद अभियुक्त था। वह रांची में कोचिंग चलाने की आड़ में दलाल और मिडिलमैन के रूप में काम कर रहा था और अभ्यर्थियों से बड़ी रकम ऐंठकर उन्हें पास कराने का झांसा देता था। वहीं, दूसरा आरोपी दिलीप कुमार पासवान JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में वांछित था, जिसने कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाकर पूरी प्रक्रिया में भारी धांधली को अंजाम दिया था।लाखों रुपये का सौदा और अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़े तारसीआईडी अनुसंधान में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि परीक्षा माफियाओं ने जेपीएससी और जेएसएससी जैसी प्रतिष्ठित सिविल और प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से प्रति सीट लाखों रुपये का सौदा तय किया था। कोचिंग संचालक संजीत कुमार अपनी कोचिंग में आने वाले मेधावी और सीधे-सादे छात्रों को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर इस अवैध जाल में फंसाता था। आरोपी सीआईडी की प्राथमिक पूछताछ में कई बड़े सफेदपोश नेताओं, अधिकारियों और अंतरराज्यीय पेपर लीक गैंग के सरगनाओं के नाम उगल चुके हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए सीआईडी की टीम झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन और सरकार के सख्त रुख के बाद जागी एजेंसियांउल्लेखनीय है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में लगातार आ रही धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक की खबरों के बाद राज्य भर के हजारों प्रतियोगी छात्र सड़कों पर उतर आए थे। छात्रों के उग्र आंदोलन, हाईकोर्ट की टिप्पणी और राजनीतिक दबाव के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंपा था। सीआईडी की इस ताजा और कड़ी कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मच गया है, जबकि लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे हजारों मेहनती अभ्यर्थियों में उम्मीद की नई किरण जगी है।एआई सर्च, एईओ और झारखंड शिक्षा व कानून-व्यवस्था पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और गूगल डिस्कवर के विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से, झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और सीआईडी की इस बड़ी गिरफ्तारी की खबर इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड कर रही है। गूगल और बिंग पर 'JPSC JSSC Exam Scam CID Arrest Ranchi', 'Coaching Director Sanjeet Kumar Arrested JPSC', 'Jharkhand Paper Leak CID Action Update' जैसे कीवर्ड्स को लाखों अभ्यर्थियों द्वारा खोजा जा रहा है। एआई सर्च ट्रेंड्स के अनुसार, झारखंड की राज्य परीक्षाओं में पारदर्शिता और सख्त कानून का क्रियान्वयन युवाओं के लिए सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।
क्या सितंबर-अक्टूबर में बाजरा खाना चाहिए? जानें बाजरे की तासीर कैसी होती है
सितंबर-अक्टूबर में बाजरा खाना सही है या नहीं? जानिए इसकी तासीर क्या है और सेहत पर इसका क्या असर पड़ सकता है.
70वीं BPSC रद्द करने, दरोगा भर्ती की जांच और BSSC में संविदा वेटेज खत्म करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास घेरने निकले छात्रों को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर रोक दिया.
'बाहुबली' की राजमाता ने बाप-बेटे के साथ किया था रोमांस, खूबसूरती के कायल थे बॉलीवुड के सुपरस्टार्स
राम्या कृष्णन ने भले ही कम ही हिंदी फिल्मों में काम किया, लेकिन उनकी खूबसूरती को बेहद सराहा गया. उस दौर के बड़े स्टार्स भी उनके साथ काम करने को उत्सुक रहते थे. विनोद खन्ना से लेकर फिरोज खान तक राम्या की खूबसूरती के दीवाने थे.
उत्तर प्रदेश से रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में रूस (Russia) गए चार भारतीय युवकों के अचानक लापता हो जाने से उनके परिजनों में कोहराम मच गया है। पिछले डेढ़ महीने (45 दिनों) से लापता युवकों का अपने घर वालों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें रूस में सुरक्षा गार्ड या हेल्पर की नौकरी देने का झांसा देकर ले जाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें धोखे से रूसी सेना (Russian Army) में भर्ती कर युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया है। पीड़ित परिवारों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) से गुहार लगाते हुए अपने बेटों की सकुशल भारत वापसी की मांग की है।नौकरी का झांसा देकर एजेंटों ने बिछाया जाल और रूसी सेना में जबरन भर्तीलापता युवकों के परिजनों के अनुसार, स्थानीय और दिल्ली स्थित कुछ धोखेबाज ट्रैवल एजेंटों ने उन्हें रूस में मोटी पगार वाली आसान नौकरी का सपना दिखाया था। इसके लिए परिवारों ने कर्ज लेकर और अपनी जमीन गिरवी रखकर एजेंटों को लाखों रुपये की फीस दी। हालांकि, जब युवक रूस पहुंचे, तो वहां उनके पासपोर्ट और मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए। रूसी भाषा में लिखे अनुबंधों (Contracts) पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए और बिना किसी सैन्य प्रशिक्षण के उन्हें अग्रिम युद्ध मोर्चे पर तैनात कर दिया गया। अंतिम बार जब युवकों ने अपने घर फोन किया था, तब उन्होंने रोते हुए अपनी जान का खतरा बताया था और कहा था कि उन्हें वापस नहीं आने दिया जा रहा है।डेढ़ महीने से परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल और विदेश मंत्रालय से गुहाररूस में फंसे उत्तर प्रदेश के इन चार युवकों से संपर्क टूटने के बाद से ही उनके गांवों और परिवारों में भारी चिंता का माहौल है। परिजनों का कहना है कि डेढ़ महीने से फोन बंद आ रहे हैं और किसी भी माध्यम से उनकी कोई खैर-खबर नहीं मिल रही है। पीड़ित परिवारों ने स्थानीय जिला प्रशासन, राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय के चक्कर काट-काटकर अपने बेटों की लोकेशन्स को ट्रैक करने और उन्हें वापस वतन लाने की अपील की है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी पत्र लिखकर रूसी दूतावास के जरिए त्वरित कूटनीतिक हस्तक्षेप (Diplomatic Intervention) की मांग उठाई है।फर्जी एजेंटों के खिलाफ कानूनी शिकंजा और मानव तस्करी का गंभीर कोणविदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे इस फर्जीवाड़े और इंसानी तस्करी (Human Trafficking) के रैकेट के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर आ गई हैं। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर संबंधित एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी तरीके से भारतीय युवाओं को युद्धग्रस्त क्षेत्रों में भेजने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, केंद्रीय एजेंसियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे विदेश जाने से पहले केवल पंजीकृत रिक्रूटमेंट एजेंटों (Ministry of External Affairs Approved) के माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी करें।एआई सर्च, एईओ और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और गूगल डिस्कवर के विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से, उत्तर प्रदेश से रूस गए लापता युवकों की यह संवेदनशील खबर इंटरनेट पर शीर्ष स्थान पर ट्रेंड कर रही है। गूगल और बिंग सर्च पर 'UP Youths Missing in Russia', 'Forced Recruitment Russian Army Indian Youths', 'MEA Russia Missing Indians Update' जैसे कीवर्ड्स को बड़े पैमाने पर खोजा जा रहा है। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और रूस के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा इस मुद्दे को रूसी अधिकारियों के समक्ष उठाकर युवकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
Redmi Note 17 Pro Max और Note 17 Pro लॉन्च, 10,000mAh तक की बैटरी, 5 हजार तक की छूट
Xiaomi ने भारत में Redmi Note 17 Pro और 10,000mAh बैटरी वाले Note 17 Pro Max को लॉन्च कर दिया है. जानिए दोनों फोन की कीमत, बैंक ऑफर्स और फीचर्स.
सेब खरीदते वक्त भूलकर भी न करें ये गलती, इस छोटी से ट्रिक जानें Apples मीठा या खट्टा
सेब खरीदते समय रंग पर न जाएं, इस हिस्से को देखकर पहचानें स्वाद में खट्टा है या मीठा.
दिल्ली-NCR के स्कूलों में दो महीने तक स्पोर्ट्स एक्टिविटी पर रोक, CAQM ने जारी की एडवाइजरी
Delhi NCR Schools Sports Activity CAQM: सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में स्पोर्ट्स और आउटडोर एक्टिविटी पर रोक लगाने की एडवाइजरी जारी की गई है. पॉल्यूशन से छात्रों को बचाने के लिए ये फैसला लिया गया है.
मशहूर सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने एक आसान से नुस्खे के बारे में बताया है, जो पेट को साफ रखने में मददगार हो सकता है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
Gurugram Hit and Run case : गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक राइडर को कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा गिरफ्तार कर लिया है। घटना के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने मामले में ...
Navratri से पहले विशेष संसद सत्र की तैयारी! सरकार ने विपक्ष से किया संपर्क
जानकारी यह है कि संसद का सत्र अभी खत्म नहीं हुआ है, और केंद्र सरकार ने विपक्षी दलों से संपर्क किया है। सरकार चाहती है कि त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए ताकि परिसीमन से जुड़े महिला आरक्षण बिल को पास कराया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के ऑफिस ने कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से संपर्क किया है। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या 11 अक्टूबर को नवरात्रि शुरू होने से पहले यह सत्र बुलाया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि खड़गे के ऑफिस की तरफ से अभी कोई जवाब नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: संसद में लाया जाना...UCC पर उमर अब्दुल्ला ने गृह मंत्री को क्या सलाह दे दी, क्या मानेगी मोदी सरकार? संसद के सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने (प्रोरोगेशन) में हुई असामान्य देरी के बीच यह कदम उठाया गया है, जिससे विशेष सत्र बुलाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं, हालांकि सरकार ने अभी तक कोई घोषणा नहीं की है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने दोनों सदनों के सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने में सबसे लंबी देरी का अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले हफ्ते रिजिजू के यह कहने के बाद कि संसद परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सत्र बुला सकती है, विशेष सत्र की चर्चा और तेज हो गई। इसके बाद, खड़गे ने रिजिजू को पत्र लिखकर फिर से मांग की कि सरकार कोई भी फैसला लेने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाए और प्रस्तावित एजेंडे के बारे में जानकारी दे। 17 अप्रैल को बजट सत्र के दौरान सरकार को एक झटका लगा, जब लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने से जुड़ा परिसीमन (delimitation) वाला संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिर गया। सरकार ने अब लोकसभा सीटों की कुल संख्या 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें हर राज्य का प्रतिनिधित्व उसी अनुपात में बढ़ेगा। इसे भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पीर पंजाल क्षेत्र में लश्कर के आतंकी नेटवर्क का किया पर्दाफाश, तीन ओजीडब्ल्यू गिरफ्तार सूत्रों के मुताबिक, सरकार DMK को इस बिल के पक्ष में वोट देने के लिए मनाने की कोशिश कर रही है, जिसके लोकसभा में 22 सांसद हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि सरकार के पास दो-तिहाई बहुमत है या नहीं, लेकिन DMK सांसद कनिमोझी और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे व NCP (SP) नेता शरद पवार के बीच हालिया मुलाकात ने परिसीमन पर विपक्ष के बीच बातचीत को लेकर अटकलों को हवा दे दी है। सूत्रों ने बताया कि अगर सरकार सत्र आगे बढ़ाती है, तो साझा रुख तय करने के लिए कांग्रेस ने SP और TMC समेत अपने INDIA ब्लॉक के सहयोगियों से संपर्क किया है।
लोहिया ट्रस्ट में बड़ा उलटफेर: शिवपाल यादव के 10 साल लंबे दौर का अंत, अखिलेश यादव बने नए अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (SP) के कुनबे में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला है। समाजवादी पार्टी की विचारधारिक रीढ़ और फंड प्रबंधन से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान 'डॉ. राममनोहर लोहिया ट्रस्ट' (Lohia Trust) की कमान अब सीधे तौर पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के हाथों में आ गई है। ट्रस्ट के आठ सदस्यों की मौजूदगी में हुई महत्वपूर्ण बैठक में अखिलेश यादव को नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। इस फैसले के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) के उस 10 साल लंबे युग का अंत हो गया है, जो 2017 के सपा पारिवारिक विवाद के दौरान उन्हें सौंपी गई थी।2017 से शिवपाल के पास थी कमान, अब तीन प्रमुख वैचारिक संस्थाओं पर अखिलेश का एकाधिकारडॉ. राममनोहर लोहिया ट्रस्ट की स्थापना समाजवादी पार्टी के गठन से भी पूर्व की गई थी, जिसका मूल उद्देश्य समाजवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना और शोषित व वंचित वर्ग के कल्याण के लिए काम करना रहा है। साल 2017 में जब सपा में अंदरूनी खींचतान अपने चरम पर थी, तब शिवपाल यादव को इस ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन 2026 में हुए इस नए फैसले के बाद अखिलेश यादव ने न केवल पार्टी संगठन पर अपनी पकड़ और मजबूत की है, बल्कि जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट और समाजवादी पार्टी के बाद अब लोहिया ट्रस्ट पर भी पूरी तरह एकाधिकार जमा लिया है। इस बैठक में स्वयं शिवपाल यादव भी मौजूद रहे, जिन्होंने सर्वसम्मति से भतीजे अखिलेश के नाम का प्रस्ताव स्वीकार किया।2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश और केंद्रीय सत्ता की लामबंदीराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अखिलेश यादव का यह कदम बेहद रणनीतिक और दूरगामी सोच से प्रेरित है। पार्टी के भीतर फैसला लेने की अंतिम और सर्वोच्च शक्ति केवल एक केंद्र बिंदु के पास रहे, इसके लिए संगठन से लेकर ट्रस्टों तक सभी निर्णय लेने वाले तंत्रों को एक सूत्र में पिरोया जा रहा है। अखिलेश यादव का यह कदम दर्शाता है कि भले ही चाचा शिवपाल यादव के साथ उनके रिश्ते अब सामान्य दिखते हों और उन्हें मुख्यधारा की राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई हो, लेकिन पार्टी की आर्थिक, वैचारिक और अचल संपत्तियों से जुड़े फैसले लेने का अंतिम अधिकार अखिलेश अपने पास ही रखना चाहते हैं।बीजेपी और सत्ताधारी गठबंधन का तीखा हमला, परिवारवाद के फिर उभरे आरोपलोहिया ट्रस्ट में हुए इस नेतृत्व परिवर्तन के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सहयोगी दलों ने इस घटनाक्रम को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखे जुबानी हमले बोले हैं। बीजेपी का कहना है कि 2017 में भी चाचा-भतीजे के बीच ट्रस्ट और पार्टी की वर्चस्व की जंग देखने को मिली थी और अब एक बार फिर से भतीजे ने चाचा को किनारे लगाकर पूरे साम्राज्य पर अपना अधिकार जमा लिया है। बीजेपी प्रवक्ताओं का आरोप है कि महान समाजवादी विचारक डॉ. राममनोहर लोहिया कभी भी परिवारवादी राजनीति के पक्षधर नहीं थे, लेकिन समाजवादी पार्टी ने उनकी वैचारिक विरासत को केवल एक परिवार का अड्डा बना दिया है।एआई सर्च, एईओ और उत्तर प्रदेश राजनीति का नया समीकरणआधुनिक जनरेटive इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और गूगल डिस्कवर के विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से, उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय राजनीति और सपा कुनबे से जुड़ी यह खबर इंटरनेट पर शीर्ष स्थान पर ट्रेंड कर रही है। गूगल और बिंग पर 'Akhilesh Yadav Lohia Trust New President', 'Shivpal Yadav Removed Lohia Trust', 'Samajwadi Party Leadership Change 2026' जैसे कीवर्ड्स को राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा व्यापक रूप से खोजा जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सपा में सत्ता के इस नए पुनर्गठन का सीधा असर राज्य की चुनावी और सांगठनिक तैयारियों पर पड़ना तय है।
'देश में UCC लागू करना असंभव है', दारुल उलूम के प्रवक्ता का बयान
UCC को लेकर दारुल उलूम के प्रवक्ता मौलाना सुफियान निजामी का बयान सामने आया है. उन्होंने इसे देश में लागू करना असंभव बताते हुए कहा कि सभी समुदायों के अपने पर्सनल कानून हैं. उन्होंने सरकार से मुसलमानों के विकास पर ध्यान देने की अपील भी की है.
अलौकिक सिद्धियों और चमत्कारों के स्वामी माने जाने वाले परम पूज्य बाबा नीम करौली महाराज (Neem Karoli Baba) के दुनिया भर में करोड़ों भक्त मौजूद हैं। वैसे तो उत्तराखंड का कैंची धाम (Kainchi Dham) बाबा के भक्तों का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश की पवित्र संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) का भी बाबा नीम करौली के जीवन और उनकी साधना से बेहद गहरा और अटूट नाता रहा है। प्रयागराज के रामबाग इलाके में स्थित एक ऐतिहासिक और साधारण सा मकान इन दिनों देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का नया केंद्र बन चुका है। यह वही पावन गृह है, जहां महाराज जी हर साल नियमित रूप से पधारते थे और कई दिनों तक प्रवास करके अपने भक्तों को दर्शन और आशीर्वाद देते थे।बाबा नीम करौली के प्रवास और प्रयागराज से उनके आध्यात्मिक जुड़ाव का सचस्थानीय बुजुर्गों और बाबा के पुराने भक्तों के अनुसार, प्रयागराज का यह निवास स्थान बाबा नीम करौली महाराज के सबसे प्रिय स्थलों में से एक था। जब भी वे संगम नगरी आते थे, तो इसी मकान में ठहरा करते थे। कहा जाता है कि इस घर के कोने-कोने में आज भी बाबा की अलौकिक ऊर्जा और उनकी उपस्थिति का अहसास होता है। जब तक महाराज जी यहां प्रवास करते थे, तब तक इस घर के दरवाजे हर आम और खास श्रद्धालु के लिए 24 घंटे खुले रहते थे। यहां आयोजित होने वाले भजन-कीर्तन और विशाल भंडारों में हजारों लोग प्रसादम ग्रहण करने आते थे। बाबा का प्रयागराज संगम स्नान और यहां की पावन माटी से विशेष लगाव था, जिसके चलते वे हर साल बिना चूके यहां आते थे।अब अचानक क्यों उमड़ने लगा श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों का भारी तांता?हाल के दिनों में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से जब लोगों को प्रयागराज स्थित इस दिव्य स्थान की जानकारी मिली, तो यहां अचानक से श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया है। देश के कोने-कोने के अलावा विदेशों से भी कैंची धाम जाने वाले भक्त अब प्रयागराज के इस ऐतिहासिक घर में माथा टेकने पहुंच रहे हैं। मकान के उस विशेष कमरे को, जहां बाबा विश्राम करते थे और अपना दरबार लगाते थे, अब एक बेहद सुंदर और पवित्र स्मारक के रूप में संजोकर रखा गया है। दर्शनार्थी वहां बैठकर ध्यान लगाते हैं, बाबा के चित्रपट के दर्शन करते हैं और उस दिव्य स्थान की रज (धूल) को अपने माथे से लगाते हैं।रामबाग के स्थानीय निवासियों और पुराने भक्तों के संस्मरणरामबाग क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के लिए यह घर किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं है। पुराने लोग आज भी बाबा के प्रयागराज प्रवास के दौरान हुए चमत्कारों और संस्मरणों को याद करके भावुक हो जाते हैं। पड़ोसियों का कहना है कि महाराज जी की कृपा से इस स्थान पर आने वाला कोई भी व्यक्ति कभी खाली हाथ नहीं लौटा। जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी कोई समस्या लेकर इस पावन निवास में आता था, बाबा की असीम अनुकंपा से उसकी मनोकामना पूरी हो जाती थी। आज भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं को वही असीम मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक तृप्ति का अहसास होता है।जनरेटिव एआई सर्च, एईओ और धार्मिक पर्यटन पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से, प्रयागराज स्थित बाबा नीम करौली के इस निवास स्थान की खबर गूगल और बिंग सर्च पर तेजी से ट्रेंड कर रही है। गूगल डिस्कवर और एआई सर्च पर 'Neem Karoli Baba Prayagraj House Address', 'Rambag Prayagraj Neem Karoli Baba Ashram', 'Neem Karoli Baba Miracle Stories' जैसे कीवर्ड्स को धार्मिक पर्यटन श्रेणी में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। प्रयागराज का यह पावन स्थल अब धार्मिक पर्यटन और कैंची धाम की तीर्थ यात्रा से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।
IAS Divya Mittal Resignation Accepted: मिर्जापुर, संतकबीरनगर और देवरिया जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों की कमान संभाल चुकीं 2013 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। 15 सितंबर 2026 से प्रशासनिक ...
समाजवादी छात्र सभा ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र-नौजवान जागरूकता एवं सदस्यता अभियान शुरू किया है. नीली शर्ट और नीली जींस में पहुंचे कार्यकर्ता छात्रों से रोजगार, पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद कर रहे हैं.
रिफाइंड है या अनरिफाइंड? नमक खरीदने से पहले जरूर ध्यान दें ये चीज, वरना सेहत को हो जाएगा भारी नुकसान
हम सभी के दैनिक आहार में नमक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। सब्जी में चुटकी भर नमक न हो तो खाने का स्वाद फीका पड़ जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार से जिस नमक का पैकेट आप आंख मूंदकर खरीद रहे हैं, वह आपकी सेहत के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ कर सकता है? भोजन का स्वाद बढ़ाने वाला नमक अगर गलत चुना जाए तो यह धीरे-धीरे आपके शरीर को अंदर से खोखला कर सकता है। इन दिनों बाजार में मुख्य रूप से दो प्रकार के नमक उपलब्ध हैं—रिफाइंड साल्ट (Refined Salt) और अनरिफाइंड साल्ट (Unrefined Salt)। साधारण उपभोक्ता अक्सर इनके बीच के मूलभूत अंतर को समझ नहीं पाते और केवल चमकते सफेद पैकेट को देखकर रिफाइंड नमक चुन लेते हैं, जो आगे चलकर सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होता है।रिफाइंड नमक बनाने का खौफनाक सच और पोषक तत्वों की तबाहीप्रोसेसिंग के दौरान रिफाइंड नमक को बहुत ही कठोर रासायनिक प्रक्रियाओं (Chemical Processing) से गुजारा जाता है। इसे 1200 डिग्री फारेनहाइट से अधिक तापमान पर गर्म किया जाता है, जिससे नमक में प्राकृतिक रूप से मौजूद 80 से अधिक खनिज (Minerals) पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं। इसके बाद इसमें से केवल सोडियम क्लोराइड (Sodium Chloride) बचता है। नमक को एक-एक दाना अलग रखने और सीलन से बचाने के लिए एंटी-केकिंग एजेंट्स (Anti-caking agents) मिलाए जाते हैं, जिनमें एल्युमीनियम सिलिकेट जैसे तत्व शामिल होते हैं। यही नहीं, इसे चमकदार और बिल्कुल सफेद बनाने के लिए ब्लीचिंग भी की जाती है। यह अत्यधिक प्रोसेस किया गया नमक शरीर में जाकर पोटेशियम और सोडियम के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ देता है।अनरिफाइंड नमक क्यों है प्राकृतिक खजाना: जानिए इसके अद्भुत फायदेरिफाइंड नमक के बिल्कुल विपरीत, अनरिफाइंड नमक (जैसे सेंधा नमक/रॉक साल्ट, हिमालयन पिंक साल्ट और समुद्री नमक) पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से तैयार किया जाता है। इसे बिना किसी केमिकल ब्लीचिंग या हाई-हीट प्रोसेसिंग के सीधे प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त कर सुखाया जाता है। इस वजह से अनरिफाइंड नमक में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन, जिंक और आयोडीन जैसे जरूरी खनिज अपनी प्राकृतिक अवस्था में मौजूद रहते हैं। यह नमक शरीर के पीएच लेवल को संतुलित रखने, पाचन तंत्र को मजबूत बनाने, मांसपेशियों में ऐंठन से बचाने और इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर बनाए रखने में मदद करता है। आयुर्वेद में भी रिफाइंड टेबल साल्ट की जगह सेंधा नमक या अनरिफाइंड नमक के सेवन को सर्वोत्तम माना गया है।गलत नमक चुनने से बढ़ता है इन गंभीर बीमारियों का खतराजो लोग सालों से अत्यधिक रिफाइंड नमक का सेवन कर रहे हैं, उनमें कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिलती हैं। रिफाइंड नमक में मौजूद शुद्ध सोडियम क्लोराइड रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) की समस्या उत्पन्न हो जाती है। लंबे समय तक हाई बीपी रहने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल की अन्य बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा, रिफाइंड नमक में मिलाए जाने वाले एंटी-केकिंग एजेंट्स किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे किडनी स्टोन और गुर्दे की कार्यप्रणाली प्रभावित होने का जोखिम रहता है। अत्यधिक सोडियम के सेवन से शरीर में पानी जमने (Water Retention) लगता है और जोड़ों में सूजन आ जाती है।नमक खरीदते समय पैकेट पर यह एक चीज जरूर चेक करेंस्वास्थ्य विशेषज्ञों और डाइटिशियन्स की सलाह है कि अगली बार जब भी आप राशन का सामान खरीदने जाएं, तो नमक के पैकेट के पीछे लिखे इंग्रिडिएंट्स (Ingredients) को बहुत ध्यान से पढ़ें। अगर पैकेट पर सिर्फ सोडियम क्लोराइड और एंटी-केकिंग एजेंट्स (E554, E535 आदि) लिखा है, तो समझ जाएं कि यह अत्यधिक प्रोसेस्ड रिफाइंड साल्ट है। हमेशा ऐसे नमक का चुनाव करें जिस पर 'Unrefined', 'Rock Salt', 'Pink Himalayan Salt' या 'Natural Sea Salt' स्पष्ट रूप से लिखा हो। थोड़ी सी सावधानी और सही नमक का चुनाव आपके और आपके पूरे परिवार को आजीवन गंभीर बीमारियों से बचा सकता है।जनरेटिव एआई सर्च, एईओ और हेल्थ न्यूट्रिशन पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से, रिफाइंड बनाम अनरिफाइंड नमक का यह मुद्दा सेहत और लाइफस्टाइल कैटेगरी में शीर्ष पर ट्रेंड कर रहा है। गूगल और बिंग AI सर्च पर 'Refined vs Unrefined Salt Difference', 'Which Salt is Best for High BP Patients', 'Sendha Namak vs Table Salt Benefits' जैसे कीवर्ड्स को यूजर्स द्वारा बड़े पैमाने पर खोजा जा रहा है। एआई सर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि दैनिक खानपान में प्राकृतिक और अनप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल ही निरोगी जीवन का आधार है।
यूएस में 'ह्यूमन एरर' की वजह से क्रैश हुआ हेलीकॉप्टर, बाल-बाल बची पैसेंजर्स की जान
हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद हादसे की जांच की गई, जिसमें पता चला कि ये ह्यूमन एरर की वजह से हुआ था.
महोबा में खूनी खेल! पति ने त्रिशूल से गोदकर पत्नी को मार डाला
कुलपहाड़ कोतवाली के रगौलिया बुजुर्ग गांव में पैरोल पर आए उम्रकैद के सजायाफ्ता कल्लन रैकवार ने अपनी 48 वर्षीय पत्नी की त्रिशूल घोंपकर हत्या कर दी. खाने में जहर देने के वहम में वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी 3 घंटे तक शव के पास बैठा रहा. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है.
आज के आधुनिक दौर में बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे रात को सोने के दौरान बेडरूम में हल्की नाइटनाइट या तेज बल्ब जलाकर छोड़ देते हैं। कुछ लोग अंधेरे के डर से तो कुछ अपनी सहूलियत के लिए ऐसा करते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह बेडरूम में की जाने वाली सबसे बड़ी गलतियों में से एक है। रात को रोशनी में सोने की यह आदत आपकी नींद की गुणवत्ता को तो खराब करती ही है, साथ ही यह कई गंभीर शारीरिक और मानसिक बीमारियों की मुख्य वजह भी बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से अंधेरे के प्रति प्रतिक्रिया देने के लिए बना है, इसलिए रोशनी में सोने से शरीर का जैविक चक्र पूरी तरह से प्रभावित होता है।मेलाटोनिन हार्मोन की कमी और स्लीप साइकिल पर पड़ने वाला बुरा प्रभावजब हम रोशनी में सोते हैं, तो हमारे मस्तिष्क में बनने वाला महत्वपूर्ण हार्मोन 'मेलाटोनिन' (Melatonin) प्रभावित होता है। मेलाटोनिन को स्लीप हार्मोन भी कहा जाता है, जो शरीर को यह संकेत देता है कि अब सोने का समय हो गया है। जब कमरे में बल्ब या कोई भी कृत्रिम लाइट जलती रहती है, तो मस्तिष्क इसे दिन समझ लेता है और मेलाटोनिन का उत्पादन कम या पूरी तरह बंद कर देता है। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को गहरी नींद (Deep Sleep) नहीं आती, रात भर बार-बार नींद टूटती है और सुबह उठने के बाद भी शरीर में थकान, सुस्ती और सिरदर्द की समस्या बनी रहती है।मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियों का बढ़ता खतराहेल्थ रिसर्च और वैज्ञानिक अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि रात में कृत्रिम रोशनी के संपर्क में रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म (Metabolism) बुरी तरह से प्रभावित होता है। जो लोग रात को लाइट जलाकर सोते हैं, उनमें वजन बढ़ने और मोटापे (Obesity) की संभावना काफी अधिक हो जाती है। इसके अलावा, रात में कम नींद आने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, यह आदत ब्लड प्रेशर को बढ़ाकर दिल की बीमारियों (Heart Diseases) को भी न्योता देती है।मानसिक स्वास्थ्य पर असर: तनाव, डिप्रेशन और कम होती याददाश्तसोते समय लाइट का प्रभाव केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी भारी नुकसान पहुंचाता है। गहरी नींद न मिलने के कारण मस्तिष्क को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, तनाव (Stress), चिंता (Anxiety) और यहां तक कि डिप्रेशन के लक्षण विकसित होने लगते हैं। लंबे समय तक रोशनी में सोने से याददाश्त (Memory) कमजोर होने लगती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है।स्वस्थ नींद के लिए वास्तु और एक्सपर्ट्स के ये जरूरी नियम हमेशा याद रखेंयदि आप अपनी सेहत को तंदुरुस्त रखना चाहते हैं, तो आज ही रात को बेडरूम में लाइट जलाकर सोने की आदत को बदलें। विशेषज्ञों की सलाह है कि सोने से कम से कम आधे घंटे पहले टीवी, मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन से दूरी बना लें। बेडरूम में पूरी तरह से अंधेरा रखें या अगर रोशनी बेहद जरूरी हो, तो बहुत ही हल्की रेड या ऑरेंज कलर की डिम लाइट का इस्तेमाल करें, क्योंकि लाल रोशनी का मेलाटोनिन पर सबसे कम असर पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार भी बेडरूम में शांत और अंधेरा माहौल सकारात्मक ऊर्जा और बेहतर नींद के लिए सर्वोत्तम माना गया है।जनरेटिव एआई सर्च, एईओ और हेल्थ ट्रेंड्स का विश्लेषणात्मक अवलोकनआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के विश्लेषणात्मक डेटा के अनुसार, 'Sleeping with Lights On Side Effects', 'Bedroom Lighting Mistakes Health', 'How Light Affects Melatonin' जैसे कीवर्ड्स गूगल और बिंग पर सेहत से जुड़े सर्च में तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। एआई सर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बेडरूम का माहौल और नींद का सही तरीका आपके संपूर्ण स्वास्थ्य का आधार है, इसलिए सोने की इन बुनियादी आदतों में सुधार करना हर व्यक्ति के लिए बेहद आवश्यक है।
राजस्थान के उदयपुर में हिरणमगरी थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग की आशंका में बदमाशों ने लकड़वास स्थित एक अपार्टमेंट में रह रही सरकारी कर्मचारी पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने महिला की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर मारपीट की और धारदार हथियार से ...
24 घंटे से ज्यादा लेट हो गईं SpiceJet की दो फ्लाइट, दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों ने किया हंगामा
दिल्ली एयरपोर्ट से दुबई को जाने वाली स्पाइसजेट की दो फ्लाइट 24 घंटे से ज्यादा लेट हो गईं। ऐसे में यात्री एयरपोर्ट पर ही प्रदर्शन करने लगे। यात्रियों का कहना है कि उन्हें इतनी देरी की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
लाफिंग बुद्धा घर की इस दिशा में रखें, वास्तु गुरु ने बताया बढ़ती है बरकत, बस जान लें ये आसान टिप्स
वास्तु शास्त्र और फेंगशुई दोनों ही विधाओं में लाफिंग बुद्धा (Laughing Buddha) को सुख, समृद्धि, खुशहाली और अपार धन-धान्य का प्रतीक माना गया है। घर या कार्यस्थल पर लाफिंग बुद्धा की हंसती हुई मूर्ति स्थापित करने से न केवल मानसिक तनाव कम होता है, बल्कि वातावरण में फैली नकारात्मक ऊर्जा भी पूरी तरह से समाप्त हो जाती है। हालांकि, वास्तु आचार्यों का मानना है कि लाफिंग बुद्धा का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब उसे सही दिशा, सही स्थान और वास्तु के तय नियमों के अनुसार रखा जाए। गलत दिशा में रखी गई मूर्ति आपके जीवन में लाभ के बजाय कई तरह की समस्याएं भी खड़ी कर सकती है।लाफिंग बुद्धा रखने की सबसे शुभ दिशा और मुख्य द्वार का नियमवास्तु शास्त्र के अनुसार, लाफिंग बुद्धा को घर की पूर्व (East) दिशा में रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। पूर्व दिशा को परिवार के स्वास्थ्य, दीर्घायु और आपसी सामंजस्य की दिशा माना गया है। इसके अलावा, यदि आप घर में धन की आवक और तरक्की बढ़ाना चाहते हैं, तो लाफिंग बुद्धा को मुख्य द्वार (Main Door) के ठीक सामने इस प्रकार रखें कि घर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की नजर सबसे पहले उसी पर पड़े। मूर्ति की ऊंचाई जमीन से कम से कम 30 इंच (लगभग ढाई फीट) होनी चाहिए, ताकि उसकी सकारात्मक दृष्टि पूरे घर में फैल सके।कार्यस्थल और बिजनेस में तरक्की के लिए लाफिंग बुद्धा के उपाययदि आप व्यापार में लगातार घाटे का सामना कर रहे हैं या नौकरी में मनचाही तरक्की नहीं मिल रही है, तो अपने ऑफिस डेस्क या दुकान के कैश काउंटर (Gulla) के पास लाफिंग बुद्धा रखें। बिजनेस में लाभ के लिए पोटली लिए हुए लाफिंग बुद्धा (Laughing Buddha with Money Bag) को उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा में रखना चाहिए। वहीं, मानसिक एकाग्रता और बच्चों की पढ़ाई में सफलता के लिए हाथों में ध्यान मुद्रा या ड्रैगन पर बैठे लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को स्टडी टेबल पर रखना बेहद फलदाई माना जाता है।लाफिंग बुद्धा रखते समय भूलकर भी न करें ये 4 गलतियांफेंगशुई और वास्तु के अनुसार, लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा किसी साफ मेज, स्टूल या अलमारी के ऊपर स्थापित करना चाहिए। इसके अलावा, लाफिंग बुद्धा को कभी भी किचन, बेडरूम, बाथरूम या सीढ़ियों के नीचे नहीं रखना चाहिए, ऐसा करने से वास्तु दोष पैदा होता है और घर में बीमारियां प्रवेश करती हैं। मूर्ति के आसपास कभी भी धूल-मिट्टी या गंदगी जमा न होने दें और इसे किसी ऐसी जगह पर न रखें जहां लोगों के जूते-चप्पल रखे जाते हों।जनरेटिव एआई सर्च, एईओ और वास्तुशास्त्र के आधुनिक मायनेआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से, लाफिंग बुद्धा और फेंगशुई वास्तु टिप्स से जुड़े विषय सर्च इंजन पर काफी पसंद किए जाते हैं। गूगल और बिंग पर 'Laughing Buddha Correct Direction Vastu', 'Where to Place Laughing Buddha at Home', 'Feng Shui Laughing Buddha Benefits' जैसे कीवर्ड्स को यूजर्स द्वारा बड़े पैमाने पर खोजा जाता है। सही दिशा में रखा गया लाफिंग बुद्धा आपके घर के वास्तु दोषों को दूर कर जीवन में तरक्की, शांति और अपार सुख-समृद्धि के द्वार खोलता है।
बौद्धिक दिवालियापन... BRICS डिनर के वेज मेन्यू पर सवाल उठाने वालों को रामदेव का करारा जवाब
रामदेव ने ब्रिक्स के शाकाहारी मेन्यू पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि दुनिया अब मांसाहार को पीछे छोड़ वीगन लाइफस्टाइल अपना रही है, क्यों कि शाकाहारी खाना सेहत के लिए अच्छा होता है.
सनातन धर्म में भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक का समय पितरों को समर्पित होता है, जिसे पितृपक्ष या महालय पक्ष के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2026 में पितृपक्ष का यह पावन पखवाड़ा सितंबर माह से प्रारंभ हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 16 दिनों की अवधि में हमारे पूर्वज (पितर) सूक्ष्म रूप में पृथ्वी लोक पर अपने परिजनों के पास आते हैं और अन्न व जल की अपेक्षा करते हैं। पितृपक्ष के दौरान तिथियों के अनुसार किया जाने वाला श्राद्ध, तर्पण और पिंड दान पितरों को तृप्ति प्रदान करता है। इससे न केवल पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में आ रही रुकावटें, गृह कलेश और आर्थिक तंगी भी दूर होती है।प्रतिपदा से लेकर पंचमी तक की तिथियों का श्राद्ध फल और वैज्ञानिक पहलूपितृपक्ष की हर तिथि का अपना एक विशिष्ट महत्व और फल शास्त्रों में बताया गया है। प्रतिपदा तिथि पर श्राद्ध करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नाना-नानी के पक्ष के पितरों की तृप्ति होती है। द्वितीया तिथि का श्राद्ध करने से पारिवारिक कलह समाप्त होता है और आपसी प्रेम बढ़ता है। तृतीया तिथि का श्राद्ध शत्रुओं से मुक्ति दिलाता है और व्यापार में तरक्की के द्वार खोलता है। वहीं चतुर्थी तिथि का श्राद्ध करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और पंचमी तिथि (कुंवारी पंचमी) पर उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु अविवाहित अवस्था में हुई हो, जिससे घर में संतानों की वृद्धि और स्वास्थ्य लाभ होता है।षष्ठी से लेकर दशमी तिथि तक के तर्पण का रहस्य और पितृ दोष से मुक्तिषष्ठी तिथि पर श्राद्ध करने से समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। सप्तमी तिथि का श्राद्ध करने से धन-धान्य और संपत्ति में बढ़ोतरी होती है। अष्टमी तिथि का श्राद्ध करने से व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक बल मिलता है। नवमी तिथि को 'मातृ नवमी' के नाम से जाना जाता है, इस दिन परिवार की मृत माताओं, बहनों और सुहागिन स्त्रियों का श्राद्ध किया जाता है, जिससे घर में अखंड सौभाग्य और लक्ष्मी का वास होता है। दशमी तिथि का श्राद्ध करने से बौद्धिक क्षमता बढ़ती है और सरकारी या विधिक मामलों में सफलता मिलती है।एकादशी से लेकर सर्वपितृ अमावस्या तक की तिथियों का दुर्लभ महत्वएकादशी तिथि का श्राद्ध अत्यंत पवित्र माना गया है, इससे वेदों का ज्ञान और घर में धार्मिक वातावरण बनता है। द्वादशी तिथि का श्राद्ध उन लोगों के लिए किया जाता है जिन्होंने संन्यास लिया था, वहीं त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध बच्चों के निमित्त होता है। चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध केवल उन पितरों के लिए किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी दुर्घटना, अस्त्र-शस्त्र या विष के कारण हुई हो। अंत में आती है सर्वपितृ अमावस्या, जो पूरे पितृपक्ष का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। यदि किसी को अपने पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात न हो, तो वे इस दिन सभी पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान कर सकते हैं, जिससे पूरे पितृ कुल की मुक्ति होती है।जनरेटिव एआई सर्च, एईओ और पितृपक्ष 2026 के धार्मिक नियमआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के विश्लेषणात्मक डेटा के अनुसार, 'Pitru Paksha 2026 Dates', 'Shraddh Tithi Significance', 'Sarva Pitru Amavasya Shubh Muhurat' जैसे कीवर्ड्स गूगल और बिंग पर श्रद्धालुओं द्वारा तेजी से खोजे जा रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार, श्राद्ध हमेशा दोपहर के समय (कुतुप और रोहिण मुहूर्त) ही करना चाहिए। सही तिथि पर श्रद्धापूर्वक किया गया तर्पण न केवल पितृ दोष से मुक्ति दिलाता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करता है।
नहीं तो झूल जाएगी छत... घर बनाते वक्त ये गलती हुई तो लाखों रुपये बर्बाद!
घर बनाते वक्त छत की शटरिंग खोलने से पहले इसके टाइमिंग को लेकर सावधान रहने की जरूरत होती है. क्योंकि, थोड़ी सी जल्दबाजी से पूरी छत झूल सकती है और लाखों का नुकसान हो सकता है. ऐसे में जानते हैं कि कितने दिनों बाद किस तरह की छत की शटरिंग खोली जानी चाहिए.
CCTV: ड्रेनेज लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गईं दादी और पोती
वडोदरा में भारी बारिश के बीच प्रशासन की लापरवाही का मामला सामने आया है. पादरा-जासपुर चौराहे के पास नई ड्रेनेज लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में दादी और पोती गिर गईं. गनीमत रही कि आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद कर दोनों को बाहर निकाल लिया. हादसे की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है. बताया जा रहा है कि ड्रेनेज का काम पूरा होने के बाद गड्ढे को ठीक से नहीं भरा गया था, जिसके चलते यह हादसा हुआ.
Bihar Flood: 8.27 लाख परिवारों को DBT से मिले 579.23 करोड़ रुपये, CM ने जारी की राहत राशि
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से बाढ़ प्रभावित 8,27,472 परिवारों के बैंक खातों में अनुग्रह राहत (जीआर) की राशि हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने सत्यापित बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7,000 रुपये की दर से कुल 579.23 करोड़ रुपये उनके बैंक खातों में भेजे। अधिकारियों के अनुसार, डीबीटी प्रणाली के जरिए 15 जिलों—पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया—के 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में यह राशि सीधे हस्तांतरित की गई। यह राशि पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जारी की गई। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई नदियों के उफान पर होने से राज्य के 15 जिलों में लगभग 49.72 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्तावित दौरे से पहले अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक केंद्रीय दल बुधवार को बिहार का दौरा कर बाढ़ की स्थिति और इससे हुए नुकसान का आकलन करेगा।
संसद में लाया जाना...UCC पर उमर अब्दुल्ला ने गृह मंत्री को क्या सलाह दे दी, क्या मानेगी मोदी सरकार?
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर केंद्र सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राष्ट्रीय महत्व वाले किसी भी कानून पर संसद में बहस होनी चाहिए और उसे वहीं पास किया जाना चाहिए, न कि अलग-अलग राज्यों के ज़रिए चुनिंदा तौर पर लागू किया जाना चाहिए। यहाँ पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि अगर BJP के नेतृत्व वाली सरकार के पास UCC पास करने के लिए सच में ज़रूरी संख्या बल है, तो उसे BJP-शासित राज्यों में प्रयोग करने के बजाय संसद के सामने इसका ड्राफ़्ट पेश करना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि पूरे देश में एक समान रूप से लागू होने वाले कानून को टुकड़ों-टुकड़ों में पेश नहीं किया जा सकता। इसे भी पढ़ें: वैश्विक अनिश्चितता के दौर में आर्थिक संबल बनता भारत: ब्रिक्स में नई दिल्ली की कूटनीतिक धमक अब्दुल्ला के मुताबिक, सरकार की रणनीति से यह सवाल उठता है कि क्या NDA में उसके सहयोगी दल भी इस कदम का पूरी तरह समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके अपने ही लोग इसके लिए तैयार नहीं हैं, तो वे कैसे कह सकते हैं कि इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए? उन्होंने आगे कहा कि जो कानून सिर्फ़ BJP-शासित राज्यों में लागू हो, उसे एकसमान नहीं कहा जा सकता, क्योंकि कई राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश ऐसे हैं जहाँ BJP की सरकार नहीं है। अब्दुल्ला ने फिर कहा कि सिर्फ़ संसद ही पूरे देश का प्रतिनिधित्व करती है और इसलिए, यूसीसी पर अंतिम फ़ैसला उसे ही लेना चाहिए। उनके ये बयान उत्तराखंड के UCC का अपना वर्शन पास और नोटिफ़ाई करने वाला पहला राज्य बनने के एक दिन बाद आए। इसे भी पढ़ें: दुबई और शारजाह में 3 अक्टूबर से शुरू होगा WCL, आमने-सामने होंगे क्रिकेट के लेजेंड्स उन्होंने कहा कि राज्य ऐसे कानून बना सकते हैं, लेकिन ऐसे फ़ैसले तब तक अस्थायी रहते हैं जब तक संसद कोई राष्ट्रीय ढांचा तैयार न कर ले। उन्होंने कहा, जब तक देश के लिए कोई कानून नहीं बन जाता, तब तक उन्हें जो करना है करने दें। आख़िरकार, संसद ही इस पर फ़ैसला करेगी, न कि अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश या राज्य। उन्होंने झारखंड में हो रही गतिविधियों का भी संक्षेप में ज़िक्र किया, जहाँ राज्य सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि वह UCC के असर का अध्ययन करेगी और कोई भी रुख अपनाने से पहले कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेगी। यह कदम राजनीतिक तनाव के बीच उठाया गया है, जिसमें विपक्षी पार्टियाँ केंद्र पर UCC बहस का इस्तेमाल गैर-बीजेपी राज्यों पर दबाव बनाने के लिए करने का आरोप लगा रही हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि राज्यों में इस तरह की उलझन से उनकी यह बात और पुख्ता होती है कि इस मामले को अलग-अलग राज्यों के फैसलों के बजाय राष्ट्रीय स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए।
2029 चुनाव में 46% बढ़ेंगे पोलिंग स्टेशन, EVM पर ₹486 करोड़ खर्च
आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में मतदान केंद्रों की संख्या लगातार बढ़ी है. 2019 में जहां करीब 10.37 लाख मतदान केंद्र थे, वहीं 2024 में इनकी संख्या बढ़कर करीब 10.52 लाख हो गई. अब 2029 के लिए करीब 15.38 लाख मतदान केंद्रों का अनुमान सामने आया है.
पाकिस्तान के कराची से निकला खजूर, भारत कैसे पहुंच गया? 362 टन माल जब्त
महाराष्ट्र में DRI ने 362 टन से ज्यादा सूखे खजूर जब्त किए हैं। दस्तावेजों में इन्हें UAE का बताया गया था, लेकिन जांच में खेप का संबंध पाकिस्तान के कराची पोर्ट से सामने आया। 13 कंटेनरों में यह माल भारत पहुंचा था।
8 मिनट में नया पासपोर्ट! दुबई एयरपोर्ट का वीडियो हुआ वायरल
यात्रा से ठीक एक दिन पहले शख्स को पता चला कि पासपोर्ट की वैधता सिर्फ एक महीने बची है. अब उसके सामने बड़ी मुश्किल थी, लेकिन एयरपोर्ट पर जो हुआ, उसने इस पूरी कहानी को चौंकाने वाला बना दिया.
गुरुग्राम लेडी बाइकर हिट एंड रन : आरोपी राजस्थान से अरेस्ट, हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी
दौसा/गुरुग्राम। गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक राइडर को कार से टक्कर मारकर फरार होने के चर्चित मामले में गुरुग्राम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार कर लिया है। घटना के वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने मामले […] The post गुरुग्राम लेडी बाइकर हिट एंड रन : आरोपी राजस्थान से अरेस्ट, हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी appeared first on Sabguru News .
जोधपुर में अजब लड़ाई... बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीय सब बराबर-बराबर
जोधपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस 44-44 वार्ड जीतकर बराबरी पर अटक गई हैं. 10 निर्दलीयों की जीत ने बोर्ड गठन का गणित दिलचस्प बना दिया है. खास बात यह है कि इन निर्दलीयों में पांच को भाजपा विचारधारा और पांच को कांग्रेस विचारधारा से जुड़ा माना जा रहा है. यानी यहां भी 5-5 का समीकरण है. वार्ड 50 में एक बूथ पर दोबारा मतदान के बाद तस्वीर बदल सकती है.
स्पाइस जेट की 2 फ्लाइट्स 24 घंटे लेट, IGI एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा
स्पाइस जेट की दो फ्लाइट्स के री-शेड्यूल होने पर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों ने जमकर बवाल किया. फ्लाइट्स में 24 घंटे से ज्यादा की हुई देरी पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एयरपोर्ट पर प्रदर्शन किया. वहीं, स्पाइस जेट ने तकनीकी इशूज का हवाला देते हुए यात्रियों से माफी मांगी.
BRICS Summit 2026 में पीएम मोदी के साथ अपनी तस्वीर के लिए, मलेशियाई पीएम ने शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर की फिल्म 'दिल तो पागल है' के टाइटल ट्रैक का इस्तेमाल किया. सबसे बड़े मैसेज वाला गाना ईरान के राष्ट्रपति के साथ वाली पोस्ट में लगाया था.
Rishi Panchami 2026: आज है ऋषि पंचमी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा
Rishi Panchami Mantra: ऋषि पंचमी आज 15 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी. आचार्य मदन मोहन से जानिए पंचमी तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, सप्तऋषियों की पूजा विधि, मंत्र और व्रत कथा से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं.
Tata का ये स्टॉक बना रॉकेट... 20% चढ़ा, RBI के फैसले का असर
टाटा ग्रुप के शेयरों में शानदार तेजी देखी जा रही है, जबसे टाटा संस के आवेदन को आरबीआई ने खारिज कर दिया है. टाटा ग्रुप का एक शेयर 20 फीसदी की अपर सर्किट पर कारोबार कर रहा है.
सीबीआई ने इस मामले में औपचारिक जांच शुरू करने से पहले 11 सितंबर को दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान का विस्तृत बयान दर्ज किया था। FIR में फिलहाल किसी भी व्यक्ति को सीधे तौर पर 'आरोपी' के रूप में नामजद नहीं किया गया है।
उल्लू झपट्टा मारे तो क्या करें? जानिए उल्लू को भगाने के क्या उपाय हैं
How to get rid of Owls: उल्लू झपट्टा मारे तो क्या करें? जानिए उल्लू के हमले से बचने के आसान तरीका, घर और आसपास से उल्लुओं को दूर रखने के उपाय और जरूरी सुरक्षा टिप्स.
उत्तर प्रदेश के मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने सोमवार को लखनऊ में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) माता प्रसाद पांडे से मुलाकात की। इस मुलाकात ने अटकलों को हवा दे दी है कि इसके बड़े राजनीतिक मायने हो सकते हैं। हालांकि निषाद ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया और कहा कि वह समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पांडे का हाल-चाल जानने गए थे, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे महज एक सामान्य मुलाकात से कहीं बढ़कर देखा जा रहा है, खासकर इसके समय को देखते हुए। यह मुलाकात गोंडा में निषाद समुदाय के व्यापारी विनोद साहनी की हत्या में शामिल लोगों के एनकाउंटर की मांग को लेकर निषाद के विरोध प्रदर्शन के दो दिन बाद हुई। सपा के साथ गठबंधन की संभावना को लेकर उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी अपने दरवाजे बंद करती है, तो वो इस बारे में सोच सकते हैं। निषाद, जिनकी पार्टी एनडीए की सहयोगी है। उसने सोशल मीडिया पर बैठक की एक तस्वीर भी पोस्ट की और कहा कि उन्होंने SP नेता से उनके आवास पर मुलाकात की और कई समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की। इसे भी पढ़ें: UP में 9.5 लाख युवाओं को मिली पारदर्शी सरकारी नौकरी: CM Yogi Adityanath हाल के दिनों में निषाद ने अपने समुदाय से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात की है, जिसमें निषादों के लिए 9 प्रतिशत आरक्षण की मांग और गोंडा मर्डर केस को संभालने के तरीके की आलोचना शामिल है। गोंडा में विरोध प्रदर्शन के दौरान निषाद पार्टी के प्रमुख ने विनोद साहनी की हत्या के आरोपियों के एनकाउंटर और उनकी संपत्तियों पर बुलडोज़र चलाने की मांग की थी। उनके इस विरोध ने बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार को मुश्किल स्थिति में डाल दिया था, क्योंकि निषाद ने चेतावनी दी थी कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। यह समय भी अहम है क्योंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हैं। संजय निषाद ने कहा कि माता प्रसाद पांडे मेरे पुराने साथी और मार्गदर्शक रहे हैं। उनकी तबीयत खराब थी, इसलिए मैं शिष्टाचार के नाते उनसे मिलने गया था। जब दो बड़े नेता मिलते हैं तो स्वाभाविक रूप से बातचीत होती है। इस दौरान विनोद साहनी की हत्या के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इसे भी पढ़ें: Uttar Pradesh: Youth Anger और जातिगत गणित के बीच BJP Strategy का मुख्य चेहरा क्यों हैं CM Yogi? विधानसभा चुनाव के मद्देनजर निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद और बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के बीच अहम चर्चा हुई। बातचीत के दौरान संजय निषाद ने आगामी चुनावों में 16 से अधिक सीटों की मांग रखी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी उन सीटों पर विशेष ध्यान देगी जहां भाजपा को पिछले चुनाव में हार झेलनी पड़ी थी, ताकि वहां जीत दर्ज की जा सके। इसके अलावा, उन्होंने यह तर्क भी रखा कि उनके एनडीए का हिस्सा बनने के बाद से विभिन्न राज्यों के चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन और नतीजों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
नकवी को पता था! भारत ट्रॉफी नहीं लेगा, फिर भी दुबई पहुंचे- खुला पूरा खेल
BCCI ने पहले ही साफ कर दिया था कि भारतीय टीम मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेगी. इसके बावजूद नकवी प्रेजेंटेशन के लिए पहुंचे और भारत ने अपना फैसला कायम रखा. बोर्ड उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के मुताबिक नकवी ने भी कोई आपत्ति नहीं जताई. अब सवाल यही है कि जब नकवी को भारत के रुख की पहले से जानकारी थी, तो वह ट्रॉफी लेकर प्रेजेंटेशन मंच तक क्यों पहुंचे?
कर्नाटक में दो हादसों में सात की मौत: फ्रिज फटने से चार लोगों ने गंवाई जान, दूध टैंकर की टक्कर में तीन की मौत two accidents in Karnataka: Four lost lives refrigerator exploded three died collision involving milk tanker
Emmy Awards 2026 में बजा इस सीरीज का डंका, Imdb पर मिली 8.1 रेटिंग, OTT पर यहां देख सकते हैं इसे
2026 को हुए एमी अवॉर्ड्स में 2026 में आई सीरीज द विडो बे को 19 अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट किया गया, जिसमें से 14 इस सीरीज को मिले. आइए जानते हैं ये ड्रॉमा, हॉरर कॉमेडी सीरीज को आप किस ओटीटी पर देख सकते हैं.
जमानत मांगने पहुंचे थे निलंबित डीआईजी: सुप्रीम कोर्ट हो गया सख्त; सीजेआई बोले- 100 फीसदी बर्खास्तगी का मामला- SC dismisses bail plea suspended DIG Harcharan Singh Bhullar CJI remarks clear case dismissal from service
पटना: दरोगा भर्ती को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र, तोड़ी बेरिकेडिंग
पटना में बिहार पुलिस दरोगा भर्ती और 70वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे. गांधी मैदान से नारेबाजी करते हुए निकले अभ्यर्थियों के भारी हुजूम को रोकने के लिए प्रशासन ने जेपी गोलंबर पर कड़ी बेरिकेडिंग की थी. लेकिन छात्रों का आक्रोश इतना अधिक था कि उन्होंने लोहे के बेरिकेड्स को तोड़ दिया और उसके ऊपर चढ़ गए.
नाश्ते में मिनटों में बनाएं दही-मसाला पराठा, प्लेट चट कर जाएंगे सब!
नाश्ते में पराठे तो अधिकतर भारतीयों घरों में बनाकर खाए जाते हैं, कोई दाल वाला पराठा बनाता है तो कोई आलू-गोभी,मटर और प्याज से बनने वाले पराठे खाते हैं. लेकिन एक बार ब्रेकफास्टे में आप दही-मसाला पराठा ट्राई करके देखिए, आपकी फैमिली इसकी फैन हो जाएगी. आइए आपको इसे बनाने का आसान तरीका बताते हैं.
पहले ड्रोन अटैक, फिर हूतीयों का हमला... सऊदी के तेल रास्ते 3 तरफ से चोक
इराक से आए ड्रोन हमलों ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के पंप स्टेशनों को नुकसान पहुंचाया. पाइपलाइन बंद हो गई जिससे रोजाना 4 मिलियन बैरल तेल निर्यात खतरे में है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब अल-मंदेब प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है.
'अब दिल्ली-गुड़गांव में बाइक चलाने में लगेगा डर', बाइकर शिवानी ने बयां किया दर्द
गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर सिया को कार से टक्कर मारने का आरोप. सिया ने बताया कैसे कार सवार उनका पीछा कर रहे थे और अब अकेले बाइक चलाने में उसे डर लगेगा. पढ़ें पूरी कहानी.
सहारनपुर में पुलिस नकली सिक्कों का कारखाना पकड़ा
सहारनपुर पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया। पांच आरोपियों से 6,400 नकली सिक्के और सिक्के बनाने का पूरा सेटअप बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार गैंग रोजाना करीब 12 हजार सिक्के तैयार करता था।
10.69 लाख शुरुआती कीमत, मर्सिडीज जैसे फीचर्स देती है ये SUV! कम बजट वालों की मौज!
अगर आप Mercedes वाली फील कम कीमत में लेना चाहते हैं तो आपके पास एक दमदार ऑप्शन है. Skoda Kushaq में एक बेहतरीन फीचर दिया गया है.
गाजा पर बनी डॉक्यूमेंट्री देख क्यों बिफरी इजरायली सरकार? फिल्म बनाने वालों की नागरिकता पर लटकी तलवार
गाजा पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'NAZA' ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल में स्पेशल जूरी प्राइज जीता है. नेतन्याहू ने इसे यहूदियों के खिलाफ नफरत फैलान की कोशिश बताया है.
बिहार में बाढ़ के बीच नाव पर पढ़ाई, डूबा स्कूल तो शिक्षक ने खोजा अनूठा रास्ता
बिहार के कटिहार में बाढ़ के चलते स्कूल बंद है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकी है. अमदाबाद के रघुनाथपुर में एक शिक्षक ने बाढ़ के बीच पढ़ाई जारी रखने का रास्ता निकाला है. आखिर कैसे चल रही है बच्चों की कक्षा, पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट.
दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी चूक, बिना इमिग्रेशन के देश से उड़ गए 3 विदेशी, एयर इंडिया को मिला नोटिस
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कथित तौर पर तीन विदेशी नागरिक भारत छोड़कर चले गए. बताया जा रहा है कि बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस के ही वह भारत से विदेश निकल गए. अब इस मामले में एयर इंडिया के सीएओ से सरकार ने जवाब मांगा है.
1 महीने तक चावल नहीं खाने से क्या होता है? जानिए चावल खाने के नुकसान और फायदे
क्या आपका भी चावल के बिना पेट नहीं भरता? तो जरूर जान लें इसे खाने के फायदे और नुकसान.
मैंने प्यार किया, हम आपके हैं कौन, और हम साथ साथ हैं जैसी फिल्मों में अपने काम के लिए पहचाने जाने वाले दिग्गज संगीतकार रामलक्ष्मण का जन्म 16 सितंबर 1942 को नागपुर में हुआ था.
राजस्थान निकाय चुनाव में BJP की प्रचंड जीत, फिर CJP ने क्यों घेरा?
BJP ने जीता चुनाव, CJP ने घेरा! आखिर क्यों उठे सवाल?
गेट में फंसी गाय, CISF जवान ने ऐसे बचाया, VIDEO वायरल
एक गाय का सिर गेट की लोहे की रेलिंग में इस तरह फंस गया कि वह न आगे बढ़ पा रही थी, न पीछे हट पा रही थी. जानवर डर के मारे छटपटा रहा था. तभी एक CISF जवान वहां पहुंचा.
'सीधा थर्ड लेन में आकर...', गुरुग्राम हिट&रन केस पीड़िता की आपबीती
गुरुग्राम हिट एंड रन केस में पीड़ित महिला बाइकर ने हादसे का पूरा वीडियो सोशल मीडिया में साझा किया, जिसके आधार पर FIR दर्ज हुई. आरोपी कार चालक कल्याण बैंसला को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, आरोपी खुद को बेकसूर बता रहा है. पीड़िता शिवानी चौहान उर्फ सिया के मुताबिक, आरोपी लेन बदलकर सीधे थर्ड लेन में तेज रफ्तार में आया और टक्कर मारकर फरार हो गया.
Hyderabad Liberation Day पर मुख्य अतिथि होंगे उपराष्ट्रपति C P Radhakrishnan, केंद्र करेगा आयोजन
केंद्र सरकार की ओर से 17 सितंबर को यहां आयोजित किए जाने वाले ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस’ कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी इस आयोजन में भाग लेंगे। यह आयोजन 1948 में निजाम शासन के तहत पूर्ववर्ती हैदराबाद रियासत के भारतीय संघ में (17 सितंबर को) विलय की वर्षगांठ मनाने के लिए आयोजित किया जाता है। रेड्डी ने तैयारियों का जायजा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा कि यह आयोजन कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि तेलंगाना के चार करोड़ लोगों के स्वाभिमान का विषय है और निजाम शासन के खिलाफ लड़ाई में अपने प्राण न्योछावर करने वालों के प्रति श्रद्धांजलि है। उन्होंने इस दिन पर आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करने के लिए पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार और मौजूदा कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के इशारों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लंबे समय से इस दिन को आधिकारिक रूप से मनाने की मांग कर रही है, लेकिन बीआरएस या कांग्रेस नीत सरकारें आगे नहीं आ रही हैं। रेड्डी ने कहा कि यही वजह है कि केंद्र सरकार ने हैदराबाद में इस दिन पर आयोजन करने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘‘इस साल, पांचवीं बार हम इसका आयोजन कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन मुख्य अतिथि होंगे। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अन्य नेता इसमें शामिल होंगे।’’रेड्डी ने बताया कि इस कार्यक्रम में अर्धसैनिक बलों के जवानों और तेलंगाना के सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा परेड का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष 1,000 कलाकारों की एक विशेष नृत्य प्रस्तुति भी शामिल की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक प्रदर्शनी में निजाम शासन के अत्याचारों और 1948 में भारतीय सेना की वीरता को प्रदर्शित किया जाएगा। रेड्डी ने कहा कि 17 सितंबर तेलंगाना के लिए बहुत खास है क्योंकि 1948 में इसी दिन इस क्षेत्र को आजादी मिली थी। इसके अलावा, 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन और विश्वकर्मा जयंती भी है। मौजूदा कांग्रेस सरकार इस दिन को ‘प्रजा पालना दिनोत्सवम’ (जनता के शासन का उत्सव) के रूप में मनाती है।
AI, मेंस्ट्रुअल लीव, हॉस्टल... DUSU मेनिफेस्टो में जेन-जी पर फोकस
डीयू छात्रसंघ चुनाव 2026 में इस बार परंपरागत नारों और बुनियादी मुद्दों से इतर एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है. ABVP और NSUI दोनों के मेनिफेस्टो में जेन जी की प्राथमिकताओं का खास ख्याल रखा गया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लेकर 247 लाइब्रेरी, मेंस्ट्रुअल लीव, पिंक बूथ और सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षित हॉस्टल का मुद्दा इस बार चुनाव के केंद्र में है, जो डीयू की छात्र राजनीति में एक नया मोड़ दिखा रहा है.
क्रिकेट से कबड्डी तक एक्शन, किस दिन किस खेल में उतरेंगे भारतीय खिलाड़ी?
Asian Games 2026 की शुरुआत होने वाली है. इस अभियान में क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, एथलेटिक्स, कबड्डी, बॉक्सिंग, तीरंदाजी और कुश्ती समेत कई खेलों में भारतीय खिलाड़ी पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे. जानिए पूरा शेड्यूल
3 साल के बच्चे को घसीटकर काटता रहा आवारा कुत्ता- VIDEO
कर्नाटक के रायचूर में तीन साल के बच्चे पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया. पोथागल रोड पर रविवार शाम करीब 4:30 बजे बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया. कुत्ते ने बच्चे को सड़क पर घसीटते हुए काटा, जिससे उसके दाहिने हाथ में गंभीर चोटें आईं. पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई. परिजन घायल बच्चे को इलाज के लिए RIMS अस्पताल ले गए, जहां उसका उपचार जारी है.
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए 10 दिन करें ये 1 उपाय, घर में आएगी सुख-समृद्धि
Ganesh Chaturthi Upay: गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक रोजाना श्री गणेश चालीसा का पाठ करने की मान्यता है. सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान गणेश के सामने दीपक जलाएं और श्रद्धा के साथ गणेश चालीसा का पाठ करें. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि इससे विघ्न दूर और घर में सुख-समृद्धि आती है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मामले के सभी तथ्य अभी जांच के स्तर पर हैं. विदेशी नंबर से आई कॉल, कॉल करने वाले की पहचान, गोल्डी बराड़ के नाम के इस्तेमाल और मांगी गई रकम समेत तमाम पहलुओं की जांच की जा रही है.
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग का शिकंजा और कसता दिख रहा है. ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद अब 500 करोड़ रुपये से अधिक की कर और जुर्माना वसूली की तैयारी की खबरें सामने आई हैं.
'बीजेपी दरवाजे बंद करेगी तो...', सपा संग गठबंधन की अटकलों पर बोले संजय निषाद
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने सपा नेता माता प्रसाद पांडे से मुलाकात को लेकर सफाई दी है. उन्होंने बताया कि वो शिष्टाचार के नाते उनकी तबीयत पूछने गए थे. हालांकि इस मुलाकात के बाद निषाद पार्टी और सपा के गठबंधन की अटकलें सामने आ रही थीं. इसे लेकर संजय निषाद ने कहा कि अगर बीजेपी अपने दरवाजे बंद करती है, तो वो इस बारे में सोच सकते हैं.
जब जंग में पहली बार टैंक से लड़ाई हुई, इस देश के खिलाफ हुआ था इस्तेमाल
इतिहास में आज का दिन युद्ध की दुनिया में बेहद अहम माना जाता है. इसी दिन पहली बार किसी युद्ध में टैंकों को मैदान में उतारा गया था. यह प्रयोग ब्रिटेन ने सोम्मे के युद्ध में जर्मनी के खिलाफ किया था.
'कलेश ना हो' गोविंदा ने बाप्पा से मांगी मन्नत, पत्नी बिना की पूजा
बॉलीवुड एक्टर गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच रिश्ते को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. गणेश चतुर्थी पर दोनों अलग-अलग नजर आए. गोविंदा और सुनीता ने अपने बच्चों के साथ अलग-अलग पूजा की, जिससे दोनों के बीच दूरियां दिखीं.
Arvind Kejriwal का BJP पर आरोप, Punjab में 80 प्रतिशत नशा भाजपा शासित राज्यों से आ रहा
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए मंगलवार को दावा किया कि पंजाब सरकार ने पाकिस्तान से राज्य में मादक पदार्थ की तस्करी पर लगाम लगाई है, लेकिन ‘‘आज इसकी 80 प्रतिशत खेप ‘‘भाजपा शासित राज्यों से आ रही है।’’पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को राज्य में बढ़ती मादक पदार्थ तस्करी को लेकर भारतीय जनता पार्टी की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में इस मुद्दे से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए हैं। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘आज 80 प्रतिशत मादक पदार्थ भाजपा शासित राज्यों से आ रहे हैं - गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उप्र, दिल्ली। भाजपा या तो अपने राज्यों में नशे का धंधा रोकने में नाकाम रही है या रोकना नहीं चाहती? गुजरात में तीस साल से इनकी सरकार है और नशे का सबसे ज्यादा धंधा वहां है।’’केजरीवाल ने कहा कि 2022 में जब ‘आप’ की सरकार बनी थी तो 80 प्रतिशत मादक पदार्थ पाकिस्तान से आता था। उन्होंने दावा किया, ‘‘आप सरकार ने ड्रोन रोधी प्रणाली लगाकर पाकिस्तान से हो रही मादक पदार्थ तस्करी को काबू किया। ’’दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से मादक पदार्थ भारत लाए जाते हैं जिसको रोकने की जिम्मेदारी केंद्र की भाजपा सरकार की है। उन्होंने भाजपा से पंजाब से ‘‘सीख’’ लेने और अपने अन्य राज्यों में भी नशे को खत्म करने का आग्रह किया।
Delhi के Sanskriti School और British School को Bomb Threat, खाली कराए गए परिसर
दिल्ली के कम से कम तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने परिसर खाली कराया और पुलिस, बम निरोधक दस्ते तथा अग्निशमन विभाग ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। ब्रिटिश स्कूल, संस्कृति स्कूल और सरदार पटेल विद्यालय को आज सुबह धमकियां मिलीं। पुलिस ने बताया कि तोड़-फोड़-रोधी जांच (एंटी-सबोटेज चेक) चल रही है। पुलिस ने बताया कि उन्हें नई दिल्ली ज़िले के स्कूलों से सुबह करीब 10:30 से 10:45 बजे के बीच कॉल आए। ईमेल के ज़रिए धमकी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की टीमें, बम का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने वाले दस्ते (बम डिटेक्शन और डिस्पोज़ल स्क्वाड), डॉग स्क्वाड और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें स्कूलों में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर स्कूल परिसर को खाली कराया गया और तोड़-फोड़-रोधी गहन जांच की गई। इसे भी पढ़ें: Delhi के Kanjhawala में श्मशान घाट के पास मिला नवजात का सिर कटा शव, जांच शुरू पुलिस ने कहा कि अब तक की तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि वे ईमेल की जांच कर रहे हैं और भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। अभिभावकों को भेजे गए एक संदेश में सरदार पटेल विद्यालय ने कहा: प्रिय अभिभावकों, स्कूल को सुरक्षा संबंधी धमकी मिली है। सभी छात्रों को स्कूल परिसर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। पुलिस को सूचित कर दिया गया है और वे ज़रूरी कदम उठा रहे हैं। इसमें आगे कहा गया मिडिल स्कूल के छात्रों की परीक्षाएं पूरी हो चुकी थीं, जबकि सीनियर स्कूल के छात्रों की ज़्यादातर परीक्षाएं हो चुकी थीं। स्कूल हालात का ध्यान से जायज़ा लेने और सीनियर स्कूल की बची हुई परीक्षाओं के बारे में सोच-समझकर कोई फ़ैसला लेने के लिए कुछ समय लेना चाहता है। फ़ैसला होते ही हम आगे की जानकारी देंगे। इसे भी पढ़ें: Meta Child Safety India | 'सुरक्षा से नो कॉम्प्रोमाइज', Meta अब सुरक्षा एजेंसियों से साझा करेगा बच्चों के यौन शोषण का डेटा, सरकार की चेतावनी के बाद फैसला स्कूल के अभिभावकों ने बताया कि यह छमाही परीक्षाओं का पहला दिन था, लेकिन बम की धमकी के कारण तुरंत सबको बाहर निकालना पड़ा।
UCC पर NDA में बंटी राय, Shiv Sena और TDP ने दिया साथ तो JD(U) और Chirag Paswan ने दिखाई सतर्कता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले BJP-NDA शासित सभी 21 राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू किया जाएगा। इस घोषणा से सत्ताधारी गठबंधन के भीतर अलग-अलग राय सामने आई है; कुछ सहयोगी दल इस कदम का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य अंतिम फैसला लेने से पहले बातचीत करना चाहते हैं। जहां तेलुगु देशम पार्टी (TDP), शिवसेना और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने UCC का समर्थन किया है, वहीं जनता दल (यूनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) जैसे BJP के सहयोगी दलों ने अधिक सतर्क रुख अपनाया है। इसे भी पढ़ें: Arvind Kejriwal का BJP पर आरोप, Punjab में 80 प्रतिशत नशा भाजपा शासित राज्यों से आ रहा खासकर JD(U) ने यह साफ़ कर दिया है कि राष्ट्रीय स्तर पर UCC को समर्थन देने का मतलब यह नहीं है कि वह बिहार में इस कानून को लागू होने देगी। जदयू नेता श्याम रजक ने सोमवार को पार्टी का रुख़ दोहराते हुए कहा कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद से पार्टी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जब यह बिल संसद में आया था, तो हमारे नेता (नीतीश कुमार) ने साफ़ तौर पर कहा था कि वह बिल का समर्थन तो करते हैं, लेकिन इसे अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगे। हम अपनी उस बात पर कायम हैं। पार्टी ने यह भी संकेत दिया है कि वह BJP नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर बात करेगी। JD(U) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा जल्द ही इस मामले पर शाह से बातचीत करेंगे। JD(U) का हमेशा से यह मानना रहा है कि UCC की दिशा में कोई भी कदम उठाने से पहले देश की सामाजिक और धार्मिक विविधता का ध्यान रखा जाना चाहिए और इस पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। बिहार का रुख अहम हो सकता है क्योंकि JD(U) राज्य में BJP की एक अहम सहयोगी पार्टी है और दोनों पार्टियां सत्ताधारी NDA का हिस्सा हैं। बीजेपी के एक और सहयोगी, LJP (राम विलास) के नेता चिराग पासवान ने भी UCC को तुरंत मंज़ूरी देने से परहेज किया है। पासवान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पार्टी की ओर से कोई अंतिम फ़ैसला लेने से पहले भारत की विविधता को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा कि भारत का सामाजिक ताना-बाना विविध है। हर वर्ग की अपनी नागरिक परंपराएँ और रीति-रिवाज हैं। संविधान ने भी इसे मान्यता दी है—पाँचवीं-छठी अनुसूची, अनुच्छेद 371A और 371G, और अब तक हर कानून में अनुसूचित जनजातियों को दी गई छूटें इस बात का सबूत हैं। उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), समानता और विविधता, दोनों के लिए प्रतिबद्ध है। ड्राफ्ट को सार्वजनिक होने दें, सभी हितधारकों के हितों का आकलन होने दें और व्यापक चर्चा होने दें। इसके बाद, समीक्षा करने के बाद, पार्टी अपना रुख स्पष्ट करेगी। इसे भी पढ़ें: West Bengal Bypolls 2026 | बीजेपी ने उम्मीदवारों का किया ऐलान, नंदीग्राम से सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत PA Chandranath Rath की मां को टिकट केंद्र में BJP की अहम सहयोगी पार्टी TDP ने UCC का समर्थन किया है, साथ ही इस मामले में बातचीत और सलाह-मशविरे की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया है। TDP के एक नेता ने यह भी कहा कि भारत जैसे देश में, जहाँ अलग-अलग धर्म और संस्कृतियाँ हैं, UCC की बहुत ज़्यादा ज़रूरत है। शिवसेना ने शाह की UCC की पहल का और मज़बूती से समर्थन किया है। पार्टी नेता श्रीकांत शिंदे ने कहा ि UCC समानता, न्याय और राष्ट्रीय एकता के सिद्धांतों पर आधारित है। यह हमारे संस्थापक 'हिंदू हृदय सम्राट' बालासाहेब ठाकरे का लंबे समय से चला आ रहा वैचारिक रुख भी रहा है।
चार साल बाद फिर ट्रैक पर दौड़े अनिल कपूर, बोले-'तेज नहीं, बस चलते रहना जरूरी है'
बॉलीवुड के सदाबहार स्टार अनिल कपूर की फिटनेस और एनर्जी आज भी फैंस को हैरान करती है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका फिटनेस के प्रति जुनून लोगों को खूब इंस्पायर करता है।
अंतिम संस्कार के दौरान खूनी संघर्ष! चिता की लकड़ी उठाकर की पिटाई
अमरोहा के तिगरी गंगा धाम में अंतिम संस्कार के दौरान दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें पांच लोग घायल हो गए. आरोप है कि विवाद के चलते चिता से शव और लकड़ियां उठाकर मारपीट की गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है.
अकेले अफगानिस्तान घूम रही भारतीय व्लॉगर के साथ क्या हुआ? खुद ही बताई पूरी बात
अफगानिस्तान के बामियान में अकेले पहुंची केरल की व्लॉगर ने दावा किया कि स्थानीय अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी। पहले उसने मुजाहिदीन द्वारा गिरफ्तार किए जाने की बात कही थी, बाद में सफाई देते हुए पूरी घटना बताई।

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