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सचिन-विराट के क्लब में शामिल हुआ 15 साल का ये कप्तानी लाल, वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट जगत में मचाया हाहाकार

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी किसी रिकॉर्ड को तोड़ने या नया कीर्तिमान स्थापित करने की बात आती है, तो जेहन में सबसे पहले सचिन तेंदुलकर या विराट कोहली का नाम कौंधता है। लेकिन अब इस एलीट लिस्ट में एक और ऐसा नाम जुड़ गया है जिसने बेहद छोटी उम्र में दुनिया को हैरान कर दिया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं क्रिकेट के नए वंडर बॉय वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की। वैभव ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और अद्भुत खेल कौशल के दम पर क्रिकेट के मैदान पर एक ऐसा ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है, जिसे उनसे पहले भारत के लिए सिर्फ सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी ही अपने नाम कर सके थे। इस उपलब्धि के बाद से ही वैभव सूर्यवंशी पूरे खेल जगत में छा गए हैं।सचिन और विराट के बाद यह जादुई उपलब्धि हासिल करने वाले बने सबसे युवा भारतीयबिहार से ताल्लुक रखने वाले वैभव सूर्यवंशी ने खेल के सबसे कठिन फॉर्मेट में अपनी तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती का लोहा मनवाया है। उन्होंने इस विशेष रिकॉर्ड को अपने नाम करते ही खुद को भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े दिग्गजों के समकक्ष ला खड़ा किया है। क्रिकेट सांख्यिकीविदों के अनुसार, इतनी कम उम्र में इस तरह के दबाव वाले मैचों में निरंतरता के साथ रन बनाना और टीम को फ्रंट से लीड करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। वैभव ने जिस मैच्योरिटी के साथ मैदान पर शॉट्स खेले, उसने चयनकर्ताओं से लेकर सीनियर क्रिकेटरों तक को यह मानने पर मजबूर कर दिया है कि वह टीम इंडिया के अगले बड़े सुपरस्टार बनने की राह पर हैं।मैदान के चारों तरफ की आतिशी बल्लेबाजी, दिग्गज गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियांमैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी का रवैया बेहद आक्रामक और सकारात्मक रहा। विरोधी टीम के पास इस युवा खब्बू बल्लेबाज की स्विंग और गति को खेलने की रणनीति का कोई जवाब नहीं था। वैभव ने स्पिनर्स के खिलाफ कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल किया तो वहीं तेज गेंदबाजों के खिलाफ फ्रंट फुट और बैक फुट पर जाकर कुछ ऐसे दर्शनीय कट्स और पुल शॉट्स लगाए, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी इस कप्तानी पारी की बदौलत न सिर्फ टीम ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत की, बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट को एक ऐसा युवा बल्लेबाज भी मिल गया जो आने वाले समय में कई और बड़े रिकॉर्ड्स को नेस्तनाबूद करने का माद्दा रखता है।डोमेस्टिक क्रिकेट से आईपीएल और टीम इंडिया तक का सफर हुआ आसानविशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी द्वारा बनाया गया यह रिकॉर्ड उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है। डोमेस्टिक क्रिकेट और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बाद, अब इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने उनके लिए आईपीएल (IPL) फ्रेंचाइजियों और सीनियर भारतीय टीम के दरवाजे बहुत तेजी से खोल दिए हैं। क्रिकेट पंडितों ने सोशल मीडिया पर इस युवा खिलाड़ी की तुलना बचपन के सचिन तेंदुलकर से करनी शुरू कर दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि वैभव अपनी इस बेमिसाल फॉर्म को आगे किस तरह बरकरार रखते हैं और देश का नाम रोशन करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:13 am

बांग्लादेश को रौंदकर टीम इंडिया ने लगाई जीत की हैट्रिक, 5 विकेट की धमाकेदार शिकस्त के साथ सेमीफाइनल का टिकट लगभग पक्का

क्रिकेट के दीवानों के लिए एक बेहद बड़ी और रोमांचक खबर सामने आ रही है। वर्ल्ड कप के बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 5 विकेट से करारी शिकस्त दे दी है। इस टूर्नामेंट में यह भारत की लगातार तीसरी बड़ी जीत है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही टीम इंडिया ने न सिर्फ अंक तालिका (Points Table) में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, बल्कि सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को भी पूरी तरह से जिंदा और बरकरार रखा है। भारतीय फैंस इस जीत के बाद से ही जश्न में डूबे हुए हैं।कसी हुई गेंदबाजी के आगे बेबस हुए बांग्लादेशी बल्लेबाज, भारत को मिला था आसान लक्ष्यमैच की शुरुआत में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम भारतीय गेंदबाजों की आग उगलती गेंदों के सामने टिक नहीं सकी। भारतीय तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स की जुगलबंदी ने कसी हुई गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए बांग्लादेशी बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने की वजह से बांग्लादेश की टीम निर्धारित ओवरों में एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। भारतीय फील्डर्स ने भी मैदान पर मुस्तैदी दिखाते हुए कई शानदार कैच पकड़े, जिसके चलते बांग्लादेश की पारी एक मामूली स्कोर पर ही सिमट गई और भारत के सामने जीत के लिए एक आसान सा लक्ष्य रहा।लड़खड़ाने के बाद संभली टीम इंडिया, धुआंधार बल्लेबाजी से 5 विकेट से जीती बाजीलक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत थोड़ी उतार-चढ़ाव भरी रही। बांग्लादेशी गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी कर भारत के कुछ महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर मैच में रोमांच लाने की कोशिश की। एक समय ऐसा लगा कि मैच फंस सकता है, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ और आक्रामक बल्लेबाजी का बेहतरीन नजारा पेश किया। क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों ने मैदान के चारों तरफ चौके-छक्कों की बरसात करते हुए रन गति को बनाए रखा। अंत में टीम इंडिया ने बेहद आसानी से 5 विकेट खोकर लक्ष्य को हासिल कर लिया और देश को एक शानदार जीत का तोहफा दिया।सेमीफाइनल का समीकरण हुआ साफ, अब इस मुकाबले पर टिकी हैं सबकी नजरेंइस तीसरी जीत के साथ ही भारतीय टीम के सेमीफाइनल का रास्ता बेहद आसान नजर आ रहा है। पॉइंट्स टेबल में नेट रन रेट (NRR) के मामले में भी भारत को इस मैच से बड़ा फायदा मिला है। हालांकि, सेमीफाइनल की रेस आधिकारिक तौर पर पक्की करने के लिए भारत को अपने आगामी मैचों में भी इस विजयी रथ को जारी रखना होगा। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि जिस लय में इस समय भारतीय टीम के गेंदबाज और बल्लेबाज प्रदर्शन कर रहे हैं, उसे देखते हुए टीम इंडिया को इस बार खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:10 am

ट्रेंट ब्रिज में आया कीवी बल्लेबाजों का तूफान, टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे ने नेस्तनाबूद किया इंग्लैंड; टूट गया क्रिकेट इतिहास का 96 साल पुराना रिकॉर्ड

ट्रेंट ब्रिज के ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट क्रिकेट इतिहास का एक ऐसा पन्ना लिखा गया है, जिसने विश्व क्रिकेट को हैरान कर दिया है। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे मुकाबले में कीवी ओपनर्स टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे ने इंग्लिश गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए रनों की ऐसी बारिश की कि बोर्ड पर रिकॉर्ड्स का अंबार लग गया। दोनों बल्लेबाजों ने इंग्लिश सरजमीं पर न सिर्फ तूफानी शतक जड़े, बल्कि अपनी ऐतिहासिक पार्टनरशिप के दम पर क्रिकेट जगत का एक ऐसा महारिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो पिछले 96 सालों से अजेय खड़ा था। इस आतिशी बल्लेबाजी को देखकर ट्रेंट ब्रिज का पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा और इंग्लैंड का खेमा पूरी तरह बैकफुट पर आ गया।टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे की जोड़ी ने इंग्लैंड में रचा नया इतिहासमैच की शुरुआत से ही न्यूजीलैंड के इरादे बेहद आक्रामक नजर आ रहे थे। इंग्लैंड की तेज पिचों पर जहां दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आते हैं, वहां टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे ने इंग्लिश गेंदबाजों की लाइन-लेंथ पूरी तरह बिगाड़ दी। कप्तान टॉम लैथम ने एक छोर से संभलकर खेलते हुए अपने टेस्ट करियर का एक और बेमिसाल शतक पूरा किया, तो वहीं दूसरे छोर पर डेवोन कॉनवे ने टी-20 के अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाजों को रिमांड पर लिया। दोनों ने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स खेले और पहले विकेट के लिए एक ऐसी बड़ी साझेदारी खड़ी कर दी जिसने इंग्लैंड की मैच में वापसी की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं।ट्रेंट ब्रिज के मैदान पर ध्वस्त हुआ 96 साल पुराना ये ऐतिहासिक रिकॉर्डइस मुकाबले में शतक बनाने के साथ ही लैथम और कॉनवे की जोड़ी ने इतिहास के पन्नों को पलट कर रख दिया। साल 1930 के दशक से चला आ रहा एक पुराना रिकॉर्ड अब पूरी तरह से स्वाहा हो चुका है। इंग्लैंड की धरती पर किसी विदेशी ओपनिंग जोड़ी द्वारा बनाए गए सबसे बड़ी साझेदारी और सबसे तेज गति से रन बनाने के मामले में इस कीवी जोड़ी ने 96 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। क्रिकेट सांख्यिकीविदों (Statisticians) के अनुसार, यह टेस्ट क्रिकेट की सबसे डोमिनेटिंग ओपनिंग साझेदारियों में से एक बन गई है। इस रिकॉर्ड के टूटते ही क्रिकेट पंडितों ने सोशल मीडिया पर इस जोड़ी की तकनीक और जज्बे की तारीफों के पुल बांधना शुरू कर दिए हैं।बेबस नजर आए इंग्लिश गेंदबाज, न्यूजीलैंड मजबूत स्थिति मेंइंग्लैंड की 'बैजबॉल' रणनीति पर न्यूजीलैंड की इस जोड़ी ने पूरी तरह से पानी फेर दिया। बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली इंग्लिश टीम के पास इन दोनों ही खब्बू बल्लेबाजों का कोई तोड़ नजर नहीं आ रहा था। पिच से गेंदबाजों को कोई मदद नहीं मिल पा रही थी और कॉनवे-लैथम ने इसका पूरा फायदा उठाया। इन दोनों तूफानी शतकों की बदौलत न्यूजीलैंड ने पहली पारी में एक विशाल स्कोर खड़ा कर लिया है, जिससे इंग्लैंड पर अब मैच बचाने का भारी दबाव आ गया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि न्यूजीलैंड की टीम इस पकड़ को मजबूत रखती है, तो ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड को एक बेहद शर्मनाक हार का सामना करना पड़ सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:09 am

जिसे हम कचरा समझकर फेंक देते हैं, काली मिर्च जैसे दिखने वाले उस बीज में छुपा है सेहत का खजाना; पल्प से भी है ज्यादा असरदार

प्रकृति ने हमें कई ऐसे फल दिए हैं जो स्वाद के साथ-साथ सेहत से भी भरपूर होते हैं। आमतौर पर हम किसी भी फल का गूदा (पल्प) खा लेते हैं और उसके बीजों को बेकार समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा फल भी है जिसके बीज दिखने में बिल्कुल गोल और काली मिर्च (Black Pepper) जैसे होते हैं, और वे न्यूट्रिशन के मामले में फल के गूदे से भी कई गुना ज्यादा शक्तिशाली हैं? जी हां, हम बात कर रहे हैं पपीते के बीजों (Papaya Seeds) की। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डाइटीशियन के अनुसार, पपीते के ये छोटे-छोटे काले बीज औषधीय गुणों की खान हैं, जो शरीर की कई गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने की ताकत रखते हैं।पेट के कीड़ों का काल और पाचन तंत्र के लिए संजीवनी बूटी हैं ये बीजआजकल की खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खान-पान की वजह से ज्यादातर लोग कब्ज, गैस और अपच की समस्या से परेशान रहते हैं। पपीते के बीजों में 'पपेन' (Papain) नाम का एक बेहद पावरफुल एंजाइम पाया जाता है, जो हमारे पाचन तंत्र को सुपरफास्ट बनाने का काम करता है। यह एंजाइम पेट में मौजूद प्रोटीन को आसानी से पचाने में मदद करता है। इसके अलावा, इन बीजों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-पैरासिटिक गुण होते हैं, जो पेट और आंतों में पनपने वाले हानिकारक कीड़ों और बैक्टीरिया को पूरी तरह से नष्ट कर देते हैं। अगर आपको अक्सर पेट की समस्या रहती है, तो ये बीज आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।लिवर को डिटॉक्स करने और किडनी को सुरक्षित रखने का अचूक नुस्खाहमारा लिवर और किडनी शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं, जो खून को साफ करने और टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को बाहर निकालने का काम करते हैं। ज्यादा ऑयली और जंक फूड खाने से लिवर पर बुरा असर पड़ता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों में माना गया है कि पपीते के बीज लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) जैसी गंभीर बीमारी में बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। ये बीज एक बेहतरीन नेचुरल डिटॉक्सिफायर की तरह काम करते हैं, जो लिवर और किडनी में जमा सारी गंदगी को साफ कर उन्हें दोबारा नई जैसी ताकत प्रदान करते हैं।वजन घटाने और इम्यूनिटी को फौलादी बनाने में मददगार है यह सुपरफूडअगर आप तेजी से अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो पपीते के बीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इन बीजों में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और शरीर में एक्स्ट्रा फैट को जमने नहीं देता। इसके साथ ही, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-सी आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को इतना मजबूत बना देते हैं कि बदलते मौसम में होने वाले सर्दी, खांसी और वायरल इन्फेक्शन आपसे कोसों दूर रहते हैं।कड़वे बीजों को खाने का सही तरीका, बस इतनी मात्रा का रखें ध्यानपपीते के बीज स्वाद में थोड़े तीखे और कड़वे होते हैं, इसलिए इन्हें सीधे चबाकर खाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इन्हें इस्तेमाल करने का सबसे बेस्ट तरीका यह है कि आप पपीते के बीजों को सुखाकर उनका बारीक पाउडर बना लें। इस पाउडर को आप रोज सुबह गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच ले सकते हैं। इसके अलावा, आप इस पाउडर को अपनी सलाद, सूप या स्मूदी के ऊपर छिड़ककर (स्प्रिंकल करके) भी खा सकते हैं। ध्यान रहे कि ये बीज तासीर में बेहद गर्म होते हैं, इसलिए एक दिन में 4 से 5 ग्राम (आधे चम्मच) से ज्यादा इसका सेवन न करें। गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:07 am

बंपर डिमांड और अंधाधुंध कमाई, फिर भी भारत में पूरी तरह बैन है ये मछली; वजह जानकर दहल जाएगा आपका दिल

भारतीय मत्स्य बाजार में मछलियों की मांग हमेशा सातवें आसमान पर रहती है। कई मछलियां अपनी बेहतरीन ग्रोथ और स्वाद के लिए जानी जाती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी मछली भी है जो महज कुछ ही महीनों में बहुत तेजी से बढ़ती है, जिसे पालने में लागत न के बराबर आती है और बाजार में जिसकी अवैध बिक्री से लोग लाखों कमाते हैं—फिर भी भारत सरकार ने इसे देश में पूरी तरह से बैन (Prohibited) कर रखा है। पहली नजर में यह बात चौंकाने वाली लग सकती है कि इतनी मुनाफेदार चीज पर पाबंदी क्यों है, लेकिन इसके पीछे की जो खौफनाक वजह है, उसने वैज्ञानिकों से लेकर पर्यावरणविदों तक की रातों की नींद उड़ा रखी है।आखिर कौन सी है यह मछली और क्यों इसे कहा जाता है 'जलीय दानव'हम जिस मछली की बात कर रहे हैं, उसका नाम है 'थाई मांगुर' (Thai Magur) या अफ्रीकन कैटफिश (African Catfish)। सामान्य देसी मांगुर के विपरीत, यह हाइब्रिड प्रजाति बेहद खतरनाक मानी जाती है। इसके बैन होने की सबसे पहली और बड़ी वजह इसका मांसाहारी और बेहद आक्रामक स्वभाव है। यह मछली पानी के भीतर एक 'साइलेंट किलर' या जलीय दानव की तरह काम करती है। यह इतनी भूखी और हिंसक होती है कि जिस तालाब या नदी में इसे पाला जाता है, वहां मौजूद दूसरी सभी स्थानीय मछलियों, कछुओं, मेंढकों और जलजीवों को खाकर उनका अस्तित्व पूरी तरह खत्म कर देती है। इससे हमारा जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Aquatic Ecosystem) पूरी तरह तबाह हो जाता है।गंदे गटर के पानी में भी हो जाती है बड़ी, इंसानी सेहत के लिए है 'धीमा जहर'थाई मांगुर की सबसे बड़ी खासियत और खराबी यह है कि यह किसी भी तरह के बेहद गंदे, प्रदूषित और गटर के पानी में भी आसानी से जिंदा रह सकती है और बहुत तेजी से अपना वजन बढ़ा लेती है। इसके इस स्वभाव का फायदा उठाकर कुछ लालची कारोबारी इसे सड़े-गले मांस, मरे हुए जानवरों के अवशेष और गंदी चीजें खिलाकर पालते हैं। इस वजह से इस मछली के शरीर में भारी मात्रा में लेड (सीसा), आयरन और खतरनाक बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के मुताबिक, इस दूषित थाई मांगुर मछली का सेवन करने से इंसानों में कैंसर, लिवर डैमेज, पेट की गंभीर बीमारियां और स्किन इंफेक्शन होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह सेहत के लिए किसी धीमे जहर से कम नहीं है।सरकार की सख्त पाबंदी और भारी जुर्माने के बावजूद क्यों फल-फूल रहा है इसका काला बाजारभारत सरकार और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इसके खतरनाक दुष्प्रभावों को देखते हुए साल 2000 में ही थाई मांगुर के पालन, बिक्री और परिवहन पर देशव्यापी प्रतिबंध लगा दिया था। स्थानीय प्रशासन और मत्स्य विभाग अक्सर छापेमारी करके हजारों क्विंटल अवैध मांगुर को नष्ट भी करते हैं। इसके बावजूद, चोरी-छिपे इसका काला बाजार इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि यह मछली बेहद सस्ती दरों पर मिल जाती है और आम लोग अनजाने में इसे देसी मांगुर समझकर खरीद लेते हैं। अगर आप भी बाजार से मछली खरीदते हैं, तो अत्यधिक गहरे काले या भूरे रंग की बड़ी मांगुर मछली को खरीदने से बचें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके पूरे परिवार की सेहत को बड़े खतरे में डाल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:05 am

रोज सुबह सिर्फ एक पैर पर खड़े होकर करें टूथब्रश, शरीर में होंगे ये 3 जादुई बदलाव; डॉक्टर भी मानते हैं इसे सेहत का सबसे सस्ता नुस्खा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहतमंद रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। जिम जाने का वक्त न हो और महंगे सप्लीमेंट्स पर पैसे खर्च नहीं करने हों, तो हेल्थ एक्सपर्ट्स अब एक बेहद अनोखा और असरदार तरीका अपनाने की सलाह दे रहे हैं। सुबह उठकर टूथब्रश करना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन अगर आप इसी 2 मिनट की एक्टिविटी में एक छोटा सा बदलाव कर लें, तो यह आपकी पूरी सेहत को सुधार सकता है। डॉक्टरों और फिटनेस गुरुओं के अनुसार, रोजाना सुबह एक पैर पर खड़े होकर ब्रश करने से शरीर को ऐसे गजब के फायदे मिलते हैं, जिनकी कल्पना भी सामान्य तौर पर नहीं की जा सकती।दिमाग और शरीर का संतुलन होगा मजबूत, न्यूरोलॉजिकल हेल्थ के लिए है वरदानजब आप सुबह उठकर अपने एक पैर को जमीन से ऊपर उठाते हैं और दूसरे पैर पर पूरे शरीर का संतुलन बनाकर ब्रश करते हैं, तो आपका दिमाग तुरंत एक्टिव मोड में आ जाता है। न्यूरोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, यह साधारण सी दिखने वाली एक्टिविटी असल में एक बेहतरीन 'ब्रेन एक्सरसाइज' है। एक पैर पर टिकने के लिए हमारे मस्तिष्क को मांसपेशियों के साथ गहरा तालमेल बिठाना पड़ता है। इससे एकाग्रता (Focus) बढ़ती है, मानसिक सतर्कता आती है और बढ़ती उम्र के साथ होने वाली अल्जाइमर या भूलने की बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।रीढ़ की हड्डी और कोर मसल्स होंगी फौलादी, उठने-बैठने का पॉश्चर सुधरेगाघंटों ऑफिस में कुर्सी पर बैठे रहने या गलत तरीके से लेटने की वजह से आजकल ज्यादातर लोग कमर दर्द और खराब बॉडी पॉश्चर (Body Posture) से परेशान हैं। एक पैर पर खड़े होकर ब्रश करने की यह 2 मिनट की आदत आपकी कोर मसल्स (पेट और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियां) को एक्टिवेट करती है। संतुलन बनाए रखने के चक्कर में रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है, जिससे वह बिल्कुल सीधी और मजबूत होती है। कुछ ही दिनों में आप महसूस करेंगे कि आपका झुककर चलने या बैठने का पुराना तरीका अपने आप सुधरने लगा है और पीठ के पुराने दर्द से राहत मिल रही है।जोड़ों और टखनों को मिलती है मजबूती, बुढ़ापे में गिरने का डर होगा खत्मअक्सर देखा जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ ही शरीर के जोड़ों और टखनों (Ankles) की ताकत कम होने लगती है, जिससे अचानक संतुलन बिगड़ने और गिरने का खतरा बढ़ जाता है। रोजाना सुबह एक-एक मिनट के लिए दोनों पैरों पर बारी-बारी से खड़े होकर ब्रश करने से पैर के निचले हिस्से की हड्डियों और जोड़ों की डेंसिटी बेहतर होती है। यह एक्टिविटी आपके टखनों को इतनी मजबूती दे देती है कि बुढ़ापे में भी आपका शरीर पूरी तरह स्टेबल और बैलेंस्ड रहता है। तो देर किस बात की, कल सुबह से ही सेहत से जुड़े इस जादुई और बिना खर्च वाले 2 मिनट के फॉर्मूले को अपनी रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:03 am

सपने में गाय, कमल या सफेद हाथी दिखने का क्या है असली मतलब? जान लीजिए किस्मत चमकने और अच्छे दिन आने के ये गुप्त संकेत

सोते समय सपने देखना एक सामान्य मानवीय प्रक्रिया है, लेकिन सनातन धर्म और स्वप्न शास्त्र (Swapna Shastra) में इन सपनों का एक खास और गहरा अर्थ बताया गया है। कई बार हम कुछ ऐसी चीजें सपने में देखते हैं जिन्हें देखकर हम सामान्य समझ लेते हैं, लेकिन असल में वे हमारी जिंदगी बदलने वाले संकेत होते हैं। स्वप्न विज्ञान के अनुसार, कुछ विशेष चीजों का सपने में आना इस बात का सीधा इशारा होता है कि आपके जीवन से दरिद्रता और परेशानियां हमेशा के लिए खत्म होने वाली हैं। अगर आपको भी सपने में गाय, कमल का फूल या दिव्य सफेद हाथी दिखाई देता है, तो समझ लीजिए कि मां लक्ष्मी की कृपा से आपकी किस्मत का सितारा चमकने वाला है और आपके अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं।सपने में गौमाता का दिखना: सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति का सबसे बड़ा सूचकहिंदू धर्म में गाय को पूजनीय और 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यदि आपको सपने में गाय दिखाई देती है, तो यह बेहद दुर्लभ और शुभ संकेत है। अगर आप सपने में सफेद गाय देखते हैं या खुद को गाय का दूध निकालते हुए देखते हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि आपके घर में बहुत जल्द सुख, शांति और अकूत समृद्धि आने वाली है। यह सपना इस बात का भी संकेत देता है कि यदि आप लंबे समय से किसी बीमारी या मानसिक तनाव से जूझ रहे थे, तो अब आपको उससे हमेशा के लिए मुक्ति मिलने वाली है। व्यापार और नौकरी में भी यह सपना बंपर तरक्की का योग बनाता है।कमल का फूल दिखना: मां लक्ष्मी के आगमन और धन लाभ का साक्षात संकेतकमल का फूल धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रिय आसन है। यदि आप अपने सपने में कीचड़ में खिला हुआ या किसी तालाब में तैरता हुआ सुंदर कमल का फूल देखते हैं, तो खुशी से झूम उठिए। स्वप्न विज्ञान कहता है कि सपने में कमल का फूल दिखना साक्षात मां लक्ष्मी के आपके घर आगमन का सूचक है। इसका मतलब है कि आपको आने वाले दिनों में अचानक कहीं से बड़ा धन लाभ होने वाला है। आपका रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है या किसी पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा हो सकता है। यह सपना आपके जीवन से पैसों की तंगी को हमेशा के लिए दूर करने की क्षमता रखता है।सफेद हाथी का दीदार: राजयोग की शुरुआत और समाज में मान-सम्मान की प्राप्तिहाथी को ऐश्वर्य, सौभाग्य और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है, और जब बात इंद्रदेव के वाहन ऐरावत जैसे 'सफेद हाथी' की हो, तो इसका महत्व हजार गुना बढ़ जाता है। सपने में सफेद हाथी देखना बेहद भाग्यशाली लोगों के हिस्से में आता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यह सपना जीवन में एक बड़े 'राजयोग' की शुरुआत का संकेत है। यदि आप नौकरीपेशा हैं, तो आपको उच्च पद, प्रतिष्ठा और बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। समाज में आपका मान-सम्मान और क्रेडिबिलिटी बहुत तेजी से बढ़ेगी। यह सपना इस बात की भी गारंटी देता है कि आपके सोचे हुए सभी बड़े और कठिन कार्य अब बिना किसी बाधा के पूरे हो जाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:57 am

आज सिद्धि योग में पलटेगी कर्क राशि की किस्मत; नौकरी, बिजनेस और लव लाइफ में खुलेंगे तरक्की के नए द्वार

आज का दिन कर्क राशि (Cancer Horoscope) के जातकों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज आकाशमंडल में बेहद शुभ और दुर्लभ 'सिद्धि योग' का निर्माण हो रहा है। इस योग का सीधा और सबसे सकारात्मक प्रभाव कर्क राशि के जातकों पर पड़ने जा रहा है। यदि आप लंबे समय से अपने करियर, बिजनेस या पर्सनल लाइफ में किसी बड़े बदलाव का इंतजार कर रहे थे, तो आज आपकी किस्मत का सितारा चमकने के लिए पूरी तरह तैयार है। ग्रहों की चाल इस बात का साफ संकेत दे रही है कि आज आपके सोचे हुए सभी काम आसानी से पूरे हो जाएंगे।नौकरी और व्यापार में बंपर मुनाफा, सीनियर अधिकारियों का मिलेगा पूरा साथनौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन कार्यस्थल पर बड़ी सफलता दिलाने वाला रहेगा। सिद्धि योग के शुभ प्रभाव से आपके काम की सराहना होगी और बॉस आपके प्रदर्शन से बेहद खुश रहेंगे। जो लोग लंबे समय से प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें आज कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर, व्यापारियों के लिए भी आज का दिन मुनाफा कमाने वाला साबित होगा। अगर आप किसी नए बिजनेस प्रोजेक्ट या पार्टनरशिप की शुरुआत करना चाहते हैं, तो आज का दिन निवेश के लिहाज से बेहद उत्तम है। पुराना फंसा हुआ धन भी आज वापस मिलने के प्रबल योग हैं।लव लाइफ और पारिवारिक रिश्तों में घुलेगी मिठास, बढ़ेगा आपसी तालमेलकर्क राशि के जातकों की लव लाइफ और पारिवारिक जीवन की बात करें तो आज का दिन रिश्तों में मजबूती लेकर आएगा। यदि जीवनसाथी या लव पार्टनर के साथ पिछले कुछ दिनों से कोई मनमुटाव या गलतफहमी चल रही थी, तो आज वह बातचीत के जरिए सुलझ जाएगी। सिंगल जातकों के जीवन में आज किसी खास व्यक्ति की एंट्री हो सकती है, जिससे आपके दिल की धड़कनें बढ़ेंगी। परिवार के सदस्यों के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा या मांगलिक कार्यक्रम की योजना बन सकती है, जिससे घर का माहौल बेहद खुशनुमा और सकारात्मक रहेगा।सेहत और मानसिक तनाव से मिलेगी मुक्ति, बस इस बात का रखें खास ध्यानस्वास्थ्य के मोर्चे पर भी आज कर्क राशि वालों को बड़ी राहत मिलती दिख रही है। पुरानी किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों की सेहत में आज तेजी से सुधार होगा। मानसिक रूप से आप खुद को बेहद ऊर्जावान और तनावमुक्त महसूस करेंगे। हालांकि, सितारों की सलाह है कि उत्साह में आकर खान-पान को लेकर लापरवाही न बरतें। आज शाम के समय मेडिटेशन या योग करना आपके लिए और अधिक फायदेमंद साबित होगा। कुल मिलाकर, आज सिद्धि योग का पूरा लाभ उठाने के लिए आपको आलस्य छोड़कर अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:55 am

हरदीप सिंह पुरी ने ईरान के तेल मंत्री से की तेहरान और नई दिल्ली के बीच ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा

ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के दौरान गुरुवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्र में रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की।

देशबन्धु 26 Jun 2026 12:49 am

विज्ञान जगत में महाविस्फोट! जिसे हम नॉर्मल पानी समझते थे, वो असल में दो अलग लिक्विड का है मिक्सचर, AI ने खोल दिया सदियों पुराना राज

पानी जीवन का आधार है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस पानी को हम रोज़ पीते हैं और जिसे विज्ञान की भाषा में सिर्फ $H_2O$ समझकर छोड़ दिया गया था, उसका सच कुछ और ही है? अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सुपरकंप्यूटर की मदद से वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया है जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। एआई मॉडल्स द्वारा किए गए गहरे आणविक (Molecular) विश्लेषण से पता चला है कि पानी कोई एक सिंगल लिक्विड नहीं है, बल्कि यह दो अलग-अलग तरह के लिक्विड फॉर्म्स का एक बेहद जटिल और अनोखा मिक्सचर है।सुपरकंप्यूटर और एआई ने कैसे पकड़ा पानी का यह बड़ा झूठ?वैज्ञानिक सदियों से पानी के कुछ अजीब व्यवहारों को लेकर उलझन में थे, जैसे कि बर्फ का पानी के ऊपर तैरना या अत्यधिक ठंडे तापमान में पानी का असामान्य बर्ताव। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग और एआई एल्गोरिदम का सहारा लिया। एआई ने पानी के अणुओं (Water Molecules) के बीच होने वाले बदलावों को नैनोसेकंड से भी कम समय के स्तर पर ट्रैक किया। इस सटीक और गहन एआई एनालिसिस में यह बात साफ हो गई कि पानी के भीतर दो अलग-अलग घनत्व (Density) वाले लिक्विड फेज एक साथ मौजूद रहते हैं, जो लगातार एक-दूसरे में बदलते रहते हैं।हाई डेंसिटी और लो डेंसिटी लिक्विड का है यह अनोखा खेलएआई द्वारा खोजी गई इस नई थ्योरी के अनुसार, पानी के भीतर एक हिस्सा 'लो-डेंसिटी लिक्विड' (कम घनत्व वाले तरल) का होता है, जहां अणु एक सुंदर टेट्राहेड्रल संरचना में व्यवस्थित होते हैं। वहीं, दूसरा हिस्सा 'हाई-डेंसिटी लिक्विड' (उच्च घनत्व वाले तरल) का होता है, जहां अणु काफी करीब और अव्यवस्थित होते हैं। सामान्य तापमान पर ये दोनों लिक्विड इतनी तेजी से आपस में मिक्स होते हैं कि हमारी आंखें या साधारण लैब उपकरण इन्हें अलग-अलग नहीं देख पाते। एआई ने इस अदृश्य आणविक खेल को डिकोड करके दुनिया के सामने रख दिया है।इस एआई खोज से कैसे बदल जाएगी हमारी दुनिया?पानी के इस छुपे हुए सच के सामने आने के बाद अब विज्ञान की कई पुरानी थ्योरीज़ को दोबारा लिखा जाएगा। एआई की इस क्रांतिकारी खोज का सबसे बड़ा फायदा मेडिकल साइंस, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस साइंस को मिलने वाला है। दूसरे ग्रहों पर जीवन की खोज करने से लेकर इंसानी शरीर के भीतर कोशिकाओं में होने वाली जैविक प्रक्रियाओं को समझने का तरीका अब पूरी तरह बदल जाएगा। यह खोज साबित करती है कि जनरेटिव एआई और मशीन लर्निंग सिर्फ टेक्स्ट या इमेज बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्यों को सुलझाने की ताकत रखते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:36 am

मेरा लालन-पालन तो वहीं हुआ...' अगर पीएम मोदी खुद फोन कर बीजेपी में वापस बुलाएं तो क्या करेंगे शत्रुघ्न सिन्हा

अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर 'शॉटगन' यानी शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर देश के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मौजूदा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा से जब एक इंटरव्यू में यह तीखा और सीधा सवाल पूछा गया कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद आपको फोन करें और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में वापस आने का न्योता दें, तो आपका क्या रुख होगा? इस पर शत्रुघ्न सिन्हा ने जो जवाब दिया, उसने बंगाल से लेकर दिल्ली तक के सियासी हलकों में नई अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।पुराना प्यार और परवरिश को लेकर भावुक हुए 'शॉटगन'पीएम मोदी के फोन करने की संभावना वाले सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने किसी भी कड़वाहट से इनकार करते हुए बेहद संजीदा जवाब दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी में मेरा एक लंबा वक्त गुजरा है और सच तो यह है कि मेरा राजनीतिक लालन-पालन ही बीजेपी की छत्रछाया में हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के दौर की बीजेपी के कद्दावर नेता रहे हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक विशेषज्ञ बीजेपी के प्रति उनके मन में छिपे पुराने लगाव और एक बड़े कूटनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं।कड़वाहट छोड़ पीएम मोदी की तारीफ में क्या बोले शत्रुघ्न?एक समय पर बीजेपी नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी के सबसे प्रखर आलोचकों में शुमार रहे शत्रुघ्न सिन्हा के सुरों में अब एक बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है। उन्होंने बातचीत के दौरान यह साफ किया कि राजनीति में कोई भी दुश्मन या दोस्त हमेशा के लिए नहीं होता। पीएम मोदी को लेकर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के तौर पर वे एक मजबूत नेतृत्व दे रहे हैं, और यदि ऐसी कोई परिस्थिति बनती है या व्यक्तिगत संवाद होता है, तो राजनीति में संवाद के रास्ते कभी बंद नहीं किए जाते। हालांकि, उन्होंने वर्तमान में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के प्रति अपनी वफादारी की बात भी दोहराई।क्या पश्चिम बंगाल और दिल्ली की राजनीति में होने वाला है कोई बड़ा उलटफेर?शत्रुघ्न सिन्हा के इस ताजा बयान के बाद कयासों का दौर शुरू हो चुका है कि क्या भविष्य में उनकी घर वापसी की कोई स्क्रिप्ट लिखी जा रही है? आसनसोल से सांसद सिन्हा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की राजनीति में कई समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'शॉटगन' का यह सॉफ्ट कॉर्नर न सिर्फ टीएमसी के अंदरूनी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि बीजेपी के लिए भी बंगाल में एक अनुभवी चेहरे के साथ रिश्तों को सामान्य करने का मौका बन सकता है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली दरबार से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:34 am

मुंबई का समुद्री मास्टरस्ट्रोक! ₹3,541 करोड़ से चमकेगा मुंबई पोर्ट, इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ेगी कार्गो और क्रूज पर्यटन की ताकत

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के समुद्री व्यापारिक इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने अपने बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर अपग्रेड करने के लिए ₹3,541 करोड़ की विशाल और महात्वाकांक्षी विस्तार परियोजनाओं का एलान किया है। इस भारी-भरकम निवेश का सीधा उद्देश्य मुंबई पोर्ट की कार्गो हैंडलिंग क्षमता को दोगुना करना और भारत के तटीय (कोस्टल) पर्यटन को एक वैश्विक पहचान दिलाना है। इस इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट के बाद मुंबई पोर्ट न केवल व्यापार बल्कि लग्जरी क्रूज टूरिज्म का भी सबसे बड़ा हब बनने के लिए तैयार है।नए बर्थ और आधुनिक टर्मिनल से आसान होगा वैश्विक व्यापारइस विशालकाय परियोजना के तहत मुंबई बंदरगाह पर अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनलों का निर्माण किया जाएगा और गहरे समुद्र में जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए ड्रेजिंग (समुद्र की सफाई) की जाएगी। पुराने पड़ चुके बर्थों का आधुनिकरण कर उन्हें बड़े मालवाहक जहाजों (मदर शिप्स) के अनुकूल बनाया जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी और माल की लोडिंग-अनलोडिंग का समय आधा रह जाएगा। इस कदम से कोंकण क्षेत्र और पूरे महाराष्ट्र के स्थानीय उद्योगों को सीधे वैश्विक बाजारों से जुड़ने में मदद मिलेगी, जिससे लोकल इकोनॉमी में बड़ा उछाल आएगा।मुंबई बनेगा अंतरराष्ट्रीय लग्जरी क्रूज टूरिज्म का नया गेटवेइस ₹3,541 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का एक सबसे रोमांचक पहलू मुंबई को दुनिया के नक्शे पर एक बेहतरीन क्रूज टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल को दुनिया के सबसे आलीशान एयरपोर्ट्स की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले विदेशी और घरेलू पर्यटकों को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं, शॉपिंग मॉल, मरीना और फाइव-स्टार होटल जैसी सेवाएं मिलेंगी। इससे मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया और आसपास के तटीय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।ग्रीन पोर्ट और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकसआधुनिक जनरेटिव एआई और सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को 'ग्रीन पोर्ट' और 'स्मार्ट पोर्ट' की अवधारणा पर डिजाइन किया गया है। पूरे पोर्ट परिसर में कार्गो ट्रैकिंग के लिए एडवांस एआई सॉफ्टवेयर, ऑटोमेटेड गेट्स और रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बंदरगाह से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। भारत सरकार के सागरमाला प्रोजेक्ट के तहत उठाए गए इस बड़े कदम से न केवल सिंगापुर और दुबई जैसे वैश्विक बंदरगाहों को कड़ी टक्कर मिलेगी, बल्कि यह पश्चिमी तट पर भारत की रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:31 am

टैक्स छूट का जमाना गया! अब पर्यावरण बचाने वाले अमीरों को ही मिलेगा विदेशों का 'गोल्डन वीजा', जानें क्या है नया ट्रेंड

दुनिया भर के अमीर और रईस परिवारों के बीच दूसरे देश की नागरिकता या परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पाने के लिए 'गोल्डन वीजा' प्रोग्राम हमेशा से पहली पसंद रहा है। लेकिन अब इस वैश्विक निवेश बाजार में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव आ चुका है। जो गोल्डन वीजा कभी सिर्फ टैक्स प्लानिंग, रियल एस्टेट निवेश और कम टैक्स वाले देशों में पैसा छुपाने का जरिया माना जाता था, वह अब तेजी से 'ग्रीन' यानी पर्यावरण-अनुकूल हो रहा है। यूरोपीय संघ (EU) समेत दुनिया के कई दिग्गज देश अब केवल उन्हीं अमीरों को अपने यहां बसने का न्योता दे रहे हैं, जो पर्यावरण को सुधारने के लिए 'इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग' यानी सामाजिक और पर्यावरणीय लाभ वाले प्रोजेक्ट्स में निवेश करने को तैयार हैं।रियल एस्टेट से हटा ध्यान, अब टिकाऊ विकास पर फोकसपिछले एक दशक में गोल्डन वीजा का मतलब होता था किसी विदेशी आलीशान शहर में महंगी प्रॉपर्टी या विला खरीदना। लेकिन पुर्तगाल, स्पेन, और ग्रीस जैसे देशों में इस वजह से स्थानीय स्तर पर घरों की कीमतें आसमान छूने लगीं, जिसका वहां के नागरिकों ने भारी विरोध किया। इस समस्या से निपटने और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर चुनौती का सामना करने के लिए सरकारों ने अपने नियमों को बदल दिया है। अब विदेशी निवेशकों के लिए पारंपरिक रियल एस्टेट निवेश के रास्ते बंद या बेहद सीमित किए जा रहे हैं, और उनका ध्यान रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा), ऑर्गेनिक फार्मिंग और कार्बन-क्रेडिट जनरेट करने वाले प्रोजेक्ट्स की तरफ मोड़ा जा रहा है।क्या है 'इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग' और गोल्डन वीजा का नया कनेक्शन?इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग का सीधा मतलब ऐसे निवेश से है जो आर्थिक मुनाफे के साथ-साथ समाज और पर्यावरण पर भी सकारात्मक बदलाव डाले। नए नियमों के तहत, यदि कोई भारतीय या वैश्विक निवेशक किसी यूरोपीय देश का गोल्डन वीजा चाहता है, तो उसे वहां के स्टार्टअप्स, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स या पर्यावरण अनुसंधान (Eco-Research) से जुड़े सरकारी बॉन्ड्स में एक निश्चित मोटी रकम लगानी होगी। इस कूटनीतिक और आर्थिक बदलाव के जरिए देश अपने क्लाइमेट चेंज के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए वैश्विक अमीरों की पूंजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।भारतीय रईसों के बीच भी बढ़ा ग्रीन वीजा का क्रेजभारत के हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) यानी करोड़पतियों के बीच भी विदेशी नागरिकता पाने की होड़ हमेशा बनी रहती है। कूटनीतिक विशेषज्ञों और इमिग्रेशन सलाहकारों के अनुसार, भारतीय निवेशक भी अब इस बदलाव को खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि नई पीढ़ी के अमीर उद्यमी न सिर्फ अपनी संपत्ति सुरक्षित रखना चाहते हैं, बल्कि वे अपनी वैश्विक छवि को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार निवेशक के रूप में भी पेश करना चाहते हैं। आने वाले समय में यह 'ग्रीन इनिशिएटिव' दुनिया भर के रेजिडेंसी-बाय-इन्वेस्टमेंट उद्योग की पूरी दिशा और दशा बदलने वाला साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:29 am

दुनिया में बढ़ रहा खतरनाक बिखराव! विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुछ ताकतवर देशों को लेकर चेताया

वैश्विक कूटनीति के मंच से भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर दुनिया के सामने बेहद खरी-खरी बात रखी है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर बोलते हुए जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में आ रहे बदलावों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वैश्विक स्तर पर बिखराव और विभाजन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे दौर में अंतरराष्ट्रीय नियमों और स्थिरता को बनाए रखने के लिए केवल कुछ गिने-चुने देशों पर निर्भर रहना पूरी तरह गलत और जोखिम भरा है।वैश्विक संकटों के बीच नियमों पर निर्भरता का उठा सवालविदेश मंत्री ने अपने संबोधन में साफ किया कि मौजूदा समय में दुनिया कई तरह के भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनावों और आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रही है। उन्होंने इशारा किया कि जब पूरी दुनिया किसी एक या दो महाशक्तियों के फैसलों पर टिकी रहती है, तो संतुलन बिगड़ना तय है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि आज की चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक नियमों का पालन होना जरूरी है, लेकिन इन नियमों को लागू करने या तय करने का एकाधिकार किसी एक गुट या चुनिंदा देशों के पास नहीं होना चाहिए।कुछ देशों पर अत्यधिक निर्भरता क्यों है खतरनाक?सियोल में मौजूद राजनयिकों और विचारकों को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chains) से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक, जब कुछ ही देशों पर निर्भरता बढ़ जाती है तो पूरी दुनिया संकट में आ जाती है। कोरोना महामारी और उसके बाद उपजे युद्धों ने यह साबित कर दिया है कि विकेंद्रीकरण (Decentralization) कितना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक स्थिर दुनिया के लिए विनिर्माण, तकनीक और निर्णय लेने की शक्ति का पूरी दुनिया में समान रूप से प्रसार होना चाहिए।भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर बना सकते हैं नया संतुलनजयशंकर ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत और दक्षिण कोरिया जैसे लोकतांत्रिक और मजबूत आर्थिक क्षमता वाले देशों को इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में आगे आना होगा। भारत हमेशा से ही एक बहुध्रुवीय दुनिया (Multipolar World) का समर्थक रहा है, जहां हर छोटे-बड़े देश की संप्रभुता और आवाज का सम्मान हो। उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और दुनिया भर में एक अधिक पारदर्शी, समावेशी और न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था का निर्माण किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:27 am

भारत सरकार का बड़ा फैसला! बांग्लादेश में भारतीय राजदूत दिनेश त्रिवेदी को मिला केंद्रीय मंत्री का दर्जा

भारत सरकार ने पड़ोस प्रथम (Neighbor First) की नीति को एक नए मुकाम पर पहुंचाते हुए एक बेहद चौकाने वाला और बड़ा फैसला लिया है। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त (राजदूत) दिनेश त्रिवेदी को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे दिया गया है। गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से इस संबंध में एक विशेष आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। सरकार के इस कदम को कूटनीतिक हलकों में बेहद असाधारण और दूरगामी रणनीतिक फैसले के रूप में देखा जा रहा है।क्यों खास है गृह मंत्रालय का यह विशेष आदेश?आमतौर पर विदेशी धरती पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले राजनयिकों (Diplomats) को उनके कैडर और वरिष्ठता के हिसाब से प्रोटोकॉल मिलता है। लेकिन दिनेश त्रिवेदी के मामले में गृह मंत्रालय ने नियमों में विशेष ढील देते हुए उन्हें सीधे केंद्रीय मंत्री का रुतबा सौंप दिया है। इस आदेश के बाद अब त्रिवेदी को मिलने वाली सुविधाएं, भत्ते और सबसे महत्वपूर्ण—उनका प्रोटोकॉल स्टेटस, भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होगा।भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ेगा दिनेश त्रिवेदी का कदइस फैसले के सीधे और साफ मायने हैं कि भारत सरकार बांग्लादेश के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को कितनी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। दिनेश त्रिवेदी को केंद्रीय मंत्री का दर्जा मिलने से अब ढाका में उनकी बातचीत और निर्णयों का वजन काफी बढ़ जाएगा। वे सीधे भारत के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में रहकर बड़े रणनीतिक, व्यापारिक और सुरक्षा संबंधी फैसले मौके पर ही ले सकेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच फाइलों की पेंडेंसी खत्म होगी और काम में तेजी आएगी।पड़ोस में चीन की घेराबंदी तोड़ने की रणनीति!विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशिया और खासकर बांग्लादेश में चीन की बढ़ती सक्रियता को काउंटर करने के लिए यह भारत का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक है। दिनेश त्रिवेदी को यह पावरफुल स्टेटस देकर नई दिल्ली ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश के साथ भारत के रिश्ते किसी भी अन्य डिप्लोमैटिक मिशन से कहीं ऊपर हैं। इस फैसले से सीमा सुरक्षा, तीस्ता जल विवाद, और व्यापारिक गलियारों (Trade Corridors) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर त्वरित फैसले लेने में आसानी होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:24 am

SIP से अमीर बनने का सबसे बड़ा सीक्रेट! 28 साल के ऐतिहासिक डेटा ने खोले निवेश के 4 बड़े राज

अगर आप भी अपनी गाढ़ी कमाई को म्यूचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर पैसा कितने दिनों के लिए लगाएं? बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच लार्ज कैप, मिड कैप या स्मॉल कैप में से कौन सा फंड आपके भविष्य के सपनों को सच करेगा? इन सभी उलझनों को दूर करने के लिए पिछले 28 सालों के मार्केट डेटा का एक बेहद दिलचस्प विश्लेषण सामने आया है, जो हर भारतीय निवेशक की आंखें खोल देगा।पहला जवाब: कम से कम कितने साल तक जारी रखनी चाहिए SIP?ऐतिहासिक डेटा का सबसे पहला और ठोस निष्कर्ष यह है कि एसआईपी में समय का बहुत बड़ा महत्व है। अगर आप सिर्फ 1 से 3 साल के लिए निवेश करते हैं, तो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण आपको नुकसान होने का डर रहता है। लेकिन डेटा बताता है कि जैसे ही आप अपने निवेश की अवधि को 7 से 10 साल या उससे ऊपर ले जाते हैं, तो आपके नुकसान की संभावना (रिस्क) लगभग जीरो हो जाती है। लंबी अवधि में 'कंपाउंडिंग' (ब्याज पर ब्याज मिलना) का जादू काम करता है, जो आपके छोटे से निवेश को एक बड़े फंड में बदल देता है।दूसरा जवाब: लार्ज, मिड या स्मॉल कैप—कहां टिकेगा आपका पैसा?28 सालों के आंकड़ों ने फंड्स की परफॉर्मेंस को लेकर स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है:लार्ज कैप फंड्स: ये देश की सबसे बड़ी और मजबूत कंपनियों (जैसे रिलायंस, टीसीएस) में पैसा लगाते हैं। यहां रिस्क सबसे कम होता है और रिटर्न में स्थिरता मिलती है। नए निवेशकों या सुरक्षित दांव खेलने वालों के लिए यह बेस्ट है।मिड कैप फंड्स: ये मझोली कंपनियों में निवेश करते हैं। डेटा के मुताबिक, लंबी अवधि में इन्होंने लार्ज कैप से बेहतर और स्मॉल कैप से अधिक स्थिर रिटर्न दिया है।स्मॉल कैप फंड्स: ये छोटी और तेजी से बढ़ती कंपनियों में पैसा लगाते हैं। इनमें रिस्क बहुत ज्यादा होता है, लेकिन जब बाजार तेज दौड़ता है, तो यही स्मॉल कैप फंड्स सबसे ज्यादा छप्परफाड़ रिटर्न कमा कर देते हैं।तीसरा जवाब: रिटर्न की रेस में किसने मारी बाजी?पिछले 28 वर्षों के लंबे सफर में अलग-अलग समय पर मार्केट ने कई उतार-चढ़ाव देखे—जैसे 2008 की मंदी या 2020 का कोरोना काल। डेटा गवाह है कि जिन निवेशकों ने बिना डरे स्मॉल और मिड कैप फंड्स में अपनी SIP को 15 से 20 साल तक जारी रखा, उन्हें औसतन 15 से 18 फीसदी तक का सालाना रिटर्न मिला है। वहीं, लार्ज कैप फंड्स ने भी विपरीत परिस्थितियों में 12 से 14 प्रतिशत का बेहद सुरक्षित और शानदार रिटर्न मेंटेन किया है, जो बैंक एफडी या पारंपरिक बचत योजनाओं से कहीं ज्यादा है।चौथा जवाब: भारतीय निवेशकों के लिए क्या है परफेक्ट पोर्टफोलियो फॉर्मूला?देश के टॉप फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स इस 28 साल के डेटा के आधार पर एक खास फॉर्मूला सुझाते हैं। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था (GDP) का फायदा उठाने के लिए आपको अपने पैसे को किसी एक जगह ब्लॉक नहीं करना चाहिए। एक आदर्श पोर्टफोलियो के लिए अपनी कुल एसआईपी रकम का 50 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप (स्थिरता के लिए), 30 फीसदी मिड कैप (ग्रोथ के लिए) और 20 फीसदी स्मॉल कैप (एक्स्ट्रा हाई रिटर्न के लिए) में बांटना सबसे समझदारी भरा और मुनाफे वाला कदम साबित होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:22 am

टाटा संस की लिस्टिंग टलेगी? RBI के इस बड़े यू-टर्न ने दी टाटा ग्रुप को राहत

भारतीय कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक हालिया कदम से देश के सबसे प्रतिष्ठित कारोबारी समूह, टाटा संस (Tata Sons) को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। बाजार में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि क्या टाटा संस को शेयर बाजार में अनिवार्य रूप से लिस्ट होने के कड़े नियम से छूट मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो टाटा ग्रुप के लिए यह किसी बड़ी लॉटरी से कम नहीं होगा।क्या था RBI का वो नियम जिससे बढ़ी थीं टाटा की मुश्किलें?पूरा मामला आरबीआई के 'अपर लेयर' एनबीएफसी (NBFC) नियमों से जुड़ा हुआ है। रिजर्व बैंक के स्केल-बेस्ड रेगुलेशन के तहत टाटा संस को एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) और 'अपर लेयर' एनबीएफसी के रूप में क्लासीफाइड किया गया था। इस नियम के मुताबिक, ऐसी कंपनियों के लिए सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना कानूनी रूप से अनिवार्य था। टाटा संस पिछले काफी समय से इस अनिवार्य लिस्टिंग से बचने के कानूनी रास्ते तलाश रहा था, क्योंकि ग्रुप अपनी होल्डिंग कंपनी का नियंत्रण पूरी तरह अपने पास रखना चाहता है।RBI का यू-टर्न और टाटा संस के लिए राहत का रास्ताअब रेगुलेटरी गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, आरबीआई अपने कुछ कड़े नियमों में ढील देने या उनके रिव्यू पर विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय बैंक कुछ विशेष परिस्थितियों वाली बड़ी होल्डिंग कंपनियों को इस अनिवार्य लिस्टिंग के नियम से छूट देने की राह पर आगे बढ़ सकता है। अगर आरबीआई आधिकारिक तौर पर इस यू-टर्न को मंजूरी देता है, तो टाटा संस को आईपीओ (IPO) लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे टाटा ट्रस्ट्स और ग्रुप कंपनियों को अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेचने के दबाव से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।लोकल मार्केट और निवेशकों पर क्या होगा इसका सीधा असर?मुंबई की दलाल स्ट्रीट से लेकर देश भर के रिटेल निवेशकों की नजरें इस खबर पर टिकी हैं। अगर टाटा संस की लिस्टिंग टलती है, तो टाटा ग्रुप की अन्य लिस्टेड कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टीसीएस (TCS) के शेयरों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लिस्टिंग टलने से टाटा संस के भीतर की रीस्ट्रक्चरिंग का दबाव खत्म होगा, जिससे ग्रुप अपनी पूंजी का इस्तेमाल नए जमाने के बिजनेस जैसे सेमीकंडक्टर, ईवी (EV) और डिजिटल सेक्टर में ज्यादा आक्रामक तरीके से कर पाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:21 am

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी

अयोध्या/लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। एसआईटी जांच के बीच ट्रस्ट ने खुद रिपोर्ट लिखवाई है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 11:01 pm

केशव प्रसाद मौर्य कल अलीगढ में करेंगे विभिन्‍न कार्यक्रम और विभागीय बैठक, विकास योजनाओं की लेगें जानकारी, उपरान्‍त दिल्‍ली प्रस्‍थान

केशव प्रसाद मौर्य कल दिनांक 26 जून 2026 को अलीगढ़ जनपद के भ्रमण पर रहेंगे। इस दौरान वह विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे तथा जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य अपराह्न 12:10 बजे अलीगढ़ स्थित कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर, लाल डिग्गी में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे तथा लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करेंगे।इसके उपरांत अपराह्न 1:15 बजे वह सर्किट हाउस, अलीगढ़ में जनप्रतिनिधियों एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों से भेंट करेंगे तथा क्षेत्रीय विकास एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे।तदोपरांत उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जाएंगे।निर्धारित कार्यक्रमों के उपरांत उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य अलीगढ़ से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 10:43 pm

शिवराज चौहान जी को धन्‍यवाद, उत्‍तर प्रदेश को 6 लाख 18 हजार 482 पीएम आवास और किसानों को चना, मसूर एवं सरसों को एमएसपी पर उपज बेचने के लिए मिला अतिरिक्त समय,, केशव प्रसाद मौर्य

योजना भवन, लखनऊ में आज केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश में कृषि रोडमैप, कृषि योजनाओं तथा ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह ओलख, राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर सहित केन्द्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारम्भ में केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ को दो महत्वपूर्ण स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इनमें राज्य सरकार के अनुरोध पर किसानों के हित में चना, मसूर एवं सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की अवधि को 15 दिनों के लिए बढ़ाने की स्वीकृति शामिल है। अब प्रदेश के किसान 24 जून से 8 जुलाई तक अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे। इस निर्णय से हजारों किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में सुविधा होगी तथा उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा।बैठक में किसानों के कल्याण एवं कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार के बीच समन्वित प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कृषि उत्पादन, विपणन, कृषि अवसंरचना विकास तथा किसानों की आय वृद्धि से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए भी एक बड़ी सौगात की घोषणा की गई। जिन परिवारों की आंखों में वर्षों से अपने पक्के घर का सपना पल रहा था, उनके सपनों को नई उड़ान देते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए 6 लाख 18 हजार 482 नए आवासों को मंजूरी प्रदान की गई है। इस स्वीकृति से प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लिए गए ये दोनों निर्णय किसानों एवं ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एमएसपी खरीद अवधि बढ़ने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त अवसर मिलेगा, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी संख्या में नए आवासों की स्वीकृति से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तथा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की उपलब्धियों एवं भावी कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 10:35 pm

विकसित भारत के लिए विकसित ग्राम बनाना आवश्यक, जमीनी स्तर पर हो रहा है कार्य: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौय्र ने कहा कि नरेन्‍द्र मोदी जी के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए 'विकसित ग्राम' बनाना बेहद आवश्यक है। सरकार गांवों को सुदृढ़, आत्मनिर्भर और सर्वसुविधाायुक्त बनाने के लिए जमीनी स्तर पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने यह बातें केन्द्रीय ग्राम्य विकास मंत्री से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर हुई उच्च स्तरीय चर्चा के बाद साझा कीं। उन्होंने बताया कि बैठक में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई है।श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्रीय योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया। हमारा लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप, प्रदेश की अधिक से अधिक महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने के लिए अधिकारियों को मिशन मोड में काम करना होगा। स्वयं सहायता समूहों का दायरा बढ़ाया जाए ताकि कोई भी ग्रामीण महिला इस मुख्यधारा से वंचित न रहे।अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश:• जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन: ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभ सीधे अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे।• स्वयं सहायता समूहों का विस्तार: गांवों में नए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का गठन किया जाए और पुराने समूहों को और अधिक सक्रिय कर रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जाए।• 'लखपति दीदी' योजना की गति: ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर उनकी वार्षिक आय को ₹1 लाख से ऊपर ले जाने के लक्ष्य पर त्वरित गति से कार्य हो।उप मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ग्रामीण विकास ही उत्तर प्रदेश की प्रगति का आधार है। जब हमारे गांव मजबूत और आत्मनिर्भर होंगे, तभी देश विकसित बनेगा। सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए बजटीय प्रावधानों और योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 10:30 pm

बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत

बारां। राजस्थान में बारां जिले के जलवाड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार को खलदा मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मोटर साइकल पर सवार एक युवक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार जलवाड़ा-खलदा रोड पर पुरुषोत्तम बंजारा मोटर साइकिल से जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से […] The post बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 9:59 pm

शिंदे सेना सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों को धमकी देने पर विवाद; डैमेज कंट्रोल में जुटा सत्ताधारी गठबंधन

मुंबई। महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों के लिए कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग करने और धमकी देने के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना से सत्ताधारी शिवसेना को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद गठबंधन […] The post शिंदे सेना सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों को धमकी देने पर विवाद; डैमेज कंट्रोल में जुटा सत्ताधारी गठबंधन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 9:38 pm

अलवर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण

अलवर। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने गुरुवार को अलवर में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए तीन प्रमुख अस्पतालों सहित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जयपुर से अलवर आते समय श्री खींवसर ने अचानक बगड़ तिराहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निरीक्षण किया, जहां स्वास्थ्य विभाग की […] The post अलवर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 9:29 pm

लोहागढ़ किला हादसा : मंगेतर और उसके प्रेमी ने रची थी युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश

पुणे। महाराष्ट्र की पुणे ग्रामीण पुलिस ने गुरुवार को यहां बताया कि युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की मृत्यु कोई अचानक हुआ हादसा नहीं थी, बल्कि उनकी मंगेतर की रची एक सुनियोजित और गंभीर साजिश का परिणाम थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिया गोयल (20) का क्रिकेटर चेतन चौधरी (23) के साथ प्रेम संबंध था। दोनों […] The post लोहागढ़ किला हादसा : मंगेतर और उसके प्रेमी ने रची थी युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 9:03 pm

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में FIR दर्ज, 8 नामजद आरोपी, SIT रिपोर्ट के बाद बड़ा एक्शन, चंपत राय का नाम नहीं

राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के कथित गबन एवं अनियमितताओं के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एफआईआर दर्ज करा दी है। पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि कई अन्य अज्ञात व्यक्तियों के ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 8:13 pm

त्रेता से लेकर कलयुग तक कहानी चरण पादुका की

चरण पादुका खड़ाऊं/चट्टी इन दिनों चर्चा में है। लोग कह रहे हैं। एक था त्रेता युग, जिसमें भरत जी ने अपने बड़े भाई और देश दुनिया के करोड़ों लोगों के आराध्य प्रभु श्रीराम की चरण पादुका को सार्वजनिक रूप से अयोध्या के राजसिंहासन पर सहेज कर रखा था। एक ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 7:59 pm

नॉकआउट से पहले जर्मनी का आखिरी वार: इक्वाडोर के खिलाफ उतरेगी पूर्व चैंपियन, जापान-स्वीडन के बीच आर-पार की जंग

FIFA World Cup 2026 का रोमांच अपने चरम पर है। 2018 और 2022 की मायूसी को पीछे छोड़ते हुए 2014 की चैंपियन जर्मनी इस बार पूरी तरह से लय में नजर आ रही है। ग्रुप-ई में शानदार प्रदर्शन करते हुए नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर चुकी जर्मन टीम अब ग्रुप स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में गुरुवार रात न्यू जर्सी स्टेडियम में इक्वाडोर का सामना करेगी। जर्मन टीम का इरादा इस जीत के साथ नॉकआउट दौर में एक मजबूत संदेश भेजने का है। स्टार खिलाड़ी डेनिज उंडव, जो अब तक तीन गोल और दो असिस्ट कर चुके हैं, इक्वाडोर के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होंगे। दूसरी ओर, इक्वाडोर के लिए यह मैच अपनी साख बचाने की अंतिम कोशिश होगी।मेजबान अमेरिका का मिशन 'लय' बरकरार रखनाग्रुप-डी से नॉकआउट में जगह बना चुकी सह-मेजबान अमेरिका की टीम अब अपने अंतिम लीग मैच में तुर्किये के सामने होगी। लास एंजिल्स में होने वाले इस मुकाबले में कोच के लिए चिंता का विषय टीम के चार मुख्य खिलाड़ियों का येलो कार्ड सस्पेंशन है। हालांकि, फैंस के लिए राहत की बात यह है कि स्टार खिलाड़ी पुलिसिक अपनी पिंडली की चोट से उबर चुके हैं और उन्होंने ट्रेनिंग फिर से शुरू कर दी है। टीम का एकमात्र लक्ष्य इस मैच को जीतकर नॉकआउट से पहले अपनी लय और आत्मविश्वास को बनाए रखना है।जापान बनाम स्वीडन: अंतिम-32 का टिकट किसके नाम?ग्रुप-एफ का मुकाबला सबसे रोमांचक होने वाला है, जहां जापान और स्वीडन की टीमें नॉकआउट का टिकट पाने के लिए आमने-सामने होंगी। टेक्सास में होने वाले इस मैच में जापान की पूरी रणनीति स्वीडन के घातक स्ट्राइकर्स अलेक्जेंडर इसाक और विक्टर ग्योकेरेस को रोकने पर होगी। स्वीडन जहां ट्यूनीशिया पर 5-1 की बड़ी जीत के बाद उत्साहित है, वहीं नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-5 की करारी हार ने उनकी कमजोरियों को उजागर किया है। जापान का संयमित खेल इस मुकाबले को बेहद कांटेदार बना रहा है।नॉकआउट की रेस में अन्य टीमेंऑस्ट्रेलिया बनाम परग्वे (ग्रुप-डी): सैन फ्रांसिस्को में होने वाला यह मुकाबला नॉकआउट के लिहाज से निर्णायक है। तुर्किये पर जीत और अमेरिका से हार के बाद दोनों टीमों के पास समान मौके हैं।आइवरी कोस्ट बनाम कुराकाओ (ग्रुप-ई): आइवरी कोस्ट इस मैच को जीतकर जर्मनी के बाद ग्रुप से नॉकआउट में पहुंचने वाली दूसरी टीम बनने की औपचारिकता पूरी करना चाहेगी।नीदरलैंड्स बनाम ट्यूनीशिया (ग्रुप-एफ): स्वीडन को 5-1 से रौंदकर आ रही डच टीम के लिए ट्यूनीशिया को हराना नॉकआउट की राह आसान कर देगा। डच टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ नॉकआउट में प्रवेश करने की कोशिश में है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:53 pm

मुथाठी हादसा: लड़की को बचाने उतरे परिवार के सदस्य एक-एक कर डूबे, पांच लोगों की दर्दनाक मौत

कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थल मुथाठी में हुए दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के इकलौते जीवित बचे रवि ने गुरुवार को घटना की भयावह कहानी सुनाते हुए बताया कि कैसे कुछ ही मिनटों में उनका पूरा परिवार कावेरी नदी की तेज धारा में समा गया।

देशबन्धु 25 Jun 2026 7:52 pm

FIFA वर्ल्ड कप: विनिसियस जूनियर का ऐतिहासिक 'डबल', स्कॉटलैंड को रौंदकर ब्राजील ने नॉकआउट में मारी एंट्री

पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील की टीम FIFA World Cup 2026 में पूरी तरह अपने रंग में दिख रही है। मियामी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-सी के मुकाबले में ब्राजील ने स्कॉटलैंड को 3-0 से एकतरफा मात देकर राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के मुख्य नायक रहे युवा सनसनी विनिसियस जूनियर, जिन्होंने न केवल दो शानदार गोल दागे, बल्कि अपने नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज किया जिसे दशकों तक याद रखा जाएगा।विनिसियस जूनियर ने रचा नया इतिहासमैच के 7वें मिनट में गोल दागते ही 24 वर्षीय विनिसियस जूनियर ने एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। वे पिछले 24 सालों में विश्व कप के अपने शुरुआती तीनों मैचों में गोल करने वाले पहले ब्राजीलियाई खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह अद्भुत कारनामा साल 2002 में महान खिलाड़ियों रोनाल्डो नाज़ारियो और रिवाल्डो ने किया था। जाइरज़िन्हो (1970) और रोमारियो (1994) जैसे दिग्गजों की सूची में अपना नाम दर्ज कराकर विनिसियस ने साबित कर दिया है कि वे ब्राजीलियाई फुटबॉल के भविष्य के सबसे बड़े सितारे हैं। पहले हाफ के इंजरी टाइम में उनके द्वारा किए गए शानदार हेडर ने स्कोर 2-0 कर दिया, जिससे स्कॉटलैंड की वापसी की रही-सही उम्मीदें भी खत्म हो गईं।मैथियस कुन्हा और मजबूत डिफेंस का कमालब्राजील की आक्रामक रणनीति का स्कॉटलैंड के पास कोई जवाब नहीं था। खेल के 60वें मिनट में ब्रूनो गुइमारेस के शानदार असिस्ट पर मैथियस कुन्हा ने गोल कर बढ़त को 3-0 कर दिया। स्कॉटलैंड ने गोल का खाता खोलने की पूरी कोशिश की, लेकिन ब्राजील के दीवार जैसे डिफेंस और गोलकीपर एलिसन बेकर ने हर हमले को नाकाम कर दिया। बेकर ने अपनी चपलता दिखाते हुए विरोधी टीम को गोल करने का एक भी मौका नहीं दिया।नेमार की वापसी ने बढ़ाया उत्साहइस मैच में सबसे सुखद पल नेमार जूनियर की मैदान पर वापसी रही। चोट से उबरने के बाद 34 वर्षीय स्टार खिलाड़ी ने टूर्नामेंट का अपना पहला मुकाबला खेला। मैच के आखिरी पलों में सबस्टीट्यूट के तौर पर नेमार को मैदान पर देख फैंस का उत्साह दोगुना हो गया। इस जीत के साथ ब्राजील 7 अंकों के साथ ग्रुप-सी में टॉप पर रहा है। वहीं, उसी दिन खेले गए एक अन्य मुकाबले में मोरक्को ने हैती को 4-2 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया है। राउंड ऑफ 32 में अब ब्राजील की टीम अपने विजय रथ को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:51 pm

981 दिन बाद ब्राजील के लिए उतरे मैदान पर, आखिरी सीटी बजते ही फूट-फूटकर रो पड़े सुपरस्टार

फुटबॉल की दुनिया के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। करीब तीन साल (981 दिन) के लंबे अंतराल के बाद ब्राजील के जादुई खिलाड़ी नेमार जूनियर ने अपनी राष्ट्रीय टीम की जर्सी फिर से पहनी। मियामी में खेले गए FIFA World Cup 2026 के ग्रुप-सी मुकाबले में जब ब्राजील ने स्कॉटलैंड को 3-0 से करारी शिकस्त दी, तो जीत से ज्यादा चर्चा नेमार की वापसी और उनके भावुक पल की रही। चोट के कारण लंबे समय तक टीम से बाहर रहे 34 वर्षीय नेमार को जब 76वें मिनट में मैदान पर उतारा गया, तो स्टेडियम का नजारा देखते ही बनता था।फैंस के शोर और नेमार के आंसूमियामी स्टेडियम में मौजूद हर एक फुटबॉल प्रेमी ने नेमार का स्वागत तालियों और चीयरिंग से किया। उनके हर टच पर दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था। हालांकि, सबसे भावुक क्षण तब आया जब मैच की अंतिम सीटी (Full-time whistle) बजी। वर्षों के संघर्ष, चोटों से रिकवरी और मैदान से दूर रहने के तनाव के बाद नेमार की आंखों से आंसू छलक पड़े। सोशल मीडिया पर उनके रोने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो उनके खेल के प्रति समर्पण और टीम के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है।'यह वापसी आसान नहीं थी'मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए नेमार ने कहा, इतने लंबे समय बाद फिर से ब्राजील की जर्सी पहनना किसी सपने के सच होने जैसा है। शारीरिक रूप से मैं अब बेहतर महसूस कर रहा हूं। सच कहूं तो, टीम से इतने दिनों तक दूर रहना मेरे करियर का सबसे मुश्किल दौर था। नेमार के साथियों ने भी उनकी इस वापसी को 'आदर्श की वापसी' बताया है। विनिसियस जूनियर, जिन्होंने इस मैच में शानदार दो गोल दागे, ने कहा, नेमार हमारा आदर्श है। चोट के बाद वापसी करना कोई आसान काम नहीं है, लेकिन उन्होंने जिस मेहनत से खुद को तैयार किया है, वह काबिले तारीफ है।वर्ल्ड कप 2026 की राह हुई आसान?नेमार की वापसी के साथ ही ब्राजील के खेमे में भी आत्मविश्वास बढ़ गया है। विनिसियस जूनियर ने उम्मीद जताई कि नेमार की मौजूदगी से टीम का संतुलन और मजबूत होगा। ब्राजील को 3-0 से मिली जीत में विनिसियस के अलावा पूरी टीम का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। फैंस को अब उम्मीद है कि नेमार की वापसी ब्राजील को FIFA World Cup 2026 के खिताब तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एक लंबी चोटिल पारी के बाद फुटबॉल के इस सुपरस्टार का वापस लौटना न केवल ब्राजील के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक यादगार लम्हा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:48 pm

SEBI ने 3 कंपनियों को दी आईपीओ लाने की मंजूरी, उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक की इन दिग्गज कंपनियों पर रहेगी नजर

शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने तीन प्रमुख कंपनियों—कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, टोरेंट गैस और सत्य एजेंसीज को अपना आईपीओ (IPO) लाने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इन तीनों कंपनियों के बाजार में उतरने से पूंजी जुटाने का रास्ता साफ हो गया है। ये कंपनियां न केवल अपने कारोबार का विस्तार करेंगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी कमाई का एक नया मौका लेकर आएंगी।जानिए किन कंपनियों को मिली 'हरी झंडी'सेबी की मंजूरी पाने वाली इन तीनों कंपनियों का ताल्लुक देश के अलग-अलग राज्यों से है:कनोहर इलेक्ट्रिकल्स (उत्तर प्रदेश): यह ट्रांसफॉर्मर निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी है।टोरेंट गैस (गुजरात): यह कंपनी सीएनजी और पाइप्ड नेचुरल गैस के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही है।सत्य एजेंसीज (तमिलनाडु): यह दक्षिण भारत की कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज की बड़ी रिटेल चेन है।आईपीओ का साइज और निवेश का लक्ष्यकंपनियों द्वारा जमा किए गए ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, सत्य एजेंसीज आईपीओ के जरिए कुल 600 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है, जिसमें 300 करोड़ रुपये के नए शेयर और 300 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। वहीं, कनोहर इलेक्ट्रिकल्स 300 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी और प्रमोटर 1.45 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे। टोरेंट गैस ने सेबी के 'प्री-फाइलिंग रूट' का इस्तेमाल किया है, जिससे वे अपने इश्यू साइज को फिलहाल गोपनीय रखने में सक्षम हैं। इन कंपनियों का मुख्य उद्देश्य कर्ज चुकाना, व्यावसायिक विस्तार और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करना है।क्या है इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल?कनोहर इलेक्ट्रिकल्स: यह कंपनी पावर ट्रांसमिशन, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए ट्रांसफॉर्मर बनाती है। यह भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।टोरेंट गैस: गुजरात के 34 जिलों में सक्रिय, टोरेंट गैस के पास 526 सीएनजी स्टेशन और 2 लाख से अधिक पाइप्ड गैस कनेक्शन हैं। यह ऊर्जा क्षेत्र की एक उभरती हुई बड़ी कंपनी है।सत्य एजेंसीज: दक्षिण भारत में इनका दबदबा है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और पुडुचेरी में इनके फिजिकल स्टोर्स का विशाल नेटवर्क है, जो होम अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स बेचते हैं।इन कंपनियों के आईपीओ बाजार में आने के बाद निवेशकों को पोर्टफोलियो में विविधता लाने का बेहतरीन मौका मिलेगा। आने वाले हफ्तों में इनके इश्यू प्राइस और तारीखों की घोषणा की जा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:46 pm

62 की उम्र में मिला नया प्यार: जीजी-बेला हदीद की मां योलान्डा हदीद ने रैंडी केंड्रिक से की गुपचुप सगाई

फैशन की दुनिया की चर्चित हस्तियां और सुपरमॉडल बहनें जीजी हदीद और बेला हदीद की मां, योलान्डा हदीद (Yolanda Hadid) ने एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियां बटोर ली हैं। 62 वर्षीय योलान्डा ने रियल एस्टेट डेवलपर रैंडी केंड्रिक (Randy Kendrick) के साथ सगाई कर ली है। 'द रियल हाउसवाइव्स ऑफ बेवर्ली हिल्स' की पूर्व स्टार योलान्डा काफी समय से केंड्रिक के साथ डेटिंग कर रही थीं, लेकिन उन्होंने अपने इस रिश्ते को मीडिया की चकाचौंध से दूर और पूरी तरह से सीक्रेट रखा था।कौन हैं योलान्डा के नए हमसफर रैंडी केंड्रिक?योलान्डा के मंगेतर रैंडी केंड्रिक एक बेहद सफल बिजनेसमैन हैं। वे 'जेबेक' (Xebec) के संस्थापक और सीईओ हैं, जो एक बड़ा नेशनल इंडस्ट्रियल लॉजिस्टिक्स रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म है। केंड्रिक न केवल रियल एस्टेट के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हैं, बल्कि वे 'सैंडो लेक्स एनर्जी' जैसी कंपनियों के प्रमुख के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। उनका करियर काफी प्रभावशाली रहा है और वे योलान्डा के जीवन में एक मजबूत और सफल साथी के रूप में आए हैं।पिछला रिश्ता खत्म होने के बाद मिला साथयह सगाई योलान्डा के पूर्व पार्टनर जोसेफ जिंगोली के साथ रिश्ता टूटने के लगभग एक साल बाद हुई है। योलान्डा और कंस्ट्रक्शन एग्जीक्यूटिव जिंगोली ने 2025 में आपसी सहमति से अपने रास्ते अलग कर लिए थे। जिंगोली के साथ लंबे समय तक डेट करने के बाद, योलान्डा ने अब केंड्रिक के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है। हालांकि, रैंडी और योलान्डा की मुलाकात और उनके अफेयर के शुरुआती दिनों के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारियां सामने नहीं आई हैं।योलान्डा की प्रेम कहानी का लंबा सफरयोलान्डा हदीद की लव लाइफ हमेशा से चर्चा में रही है। रैंडी केंड्रिक उनके चौथे पार्टनर हैं। योलान्डा की पहली शादी 1994 में मोहम्मद हदीद से हुई थी, जिनसे उनके तीन मशहूर बच्चे—जीजी हदीद, बेला हदीद और अनवर हदीद हैं। मोहम्मद हदीद से अलग होने के बाद, उन्होंने 2011 में जाने-माने म्यूजिक प्रोड्यूसर डेविड फ़ॉस्टर से शादी की थी, जो 2017 में तलाक पर जाकर खत्म हुई। अब 62 साल की उम्र में योलान्डा का दोबारा प्यार पर भरोसा करना उनके फैंस के लिए एक प्रेरणा है। फैंस उनकी नई पारी के लिए सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर बधाई दे रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:37 pm

योगी सरकार की छात्रवृत्ति योजना से लाखों छात्रों को मिला संबल, प्रयागराज सबसे आगे

Yogi Government Scholarship Scheme: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। खासतौर पर पिछड़े वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में योगी सरकार ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 7:36 pm

'खाड़ी देशों की सुरक्षा से समझौता नहीं': UAE दौरे पर मार्को रूबियो ने ईरान के साथ शांति वार्ता पर तोड़ी चुप्पी

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही ऐतिहासिक शांति वार्ता के बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो फारस की खाड़ी के सहयोगी देशों को 'सुरक्षा का कवच' देने की मुहिम में जुट गए हैं। ईरान के साथ हो रहे अंतरिम समझौते को लेकर खाड़ी देशों में पनप रही चिंताओं को दूर करने के लिए रूबियो ने यूएई, कुवैत और बहरीन का तीन दिवसीय दौरा शुरू किया है। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में संदेश दिया है कि अमेरिका अपने सहयोगियों की सुरक्षा को किसी भी स्थिति में खतरे में नहीं डालेगा।सहयोगियों के डर को दूर करने का मिशनअबू धाबी में यूएई के नेता शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात के दौरान रूबियो ने अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई। यह दौरा स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के वार्ताकारों के बीच हुई उच्च-स्तरीय वार्ता के ठीक बाद हो रहा है। रूबियो का मुख्य उद्देश्य खाड़ी देशों को यह विश्वास दिलाना है कि ईरान के साथ चल रही यह शांति प्रक्रिया क्षेत्र में स्थिरता के लिए है, न कि सहयोगियों के हितों को दरकिनार करने के लिए।'टोल वसूलने की कोशिश की तो खत्म होगी बात': डोनाल्ड ट्रंपखाड़ी देशों में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों से टोल वसूले जाने की खबरों पर ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर स्पष्ट किया कि ईरान ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि ऐसा कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा, अगर यह जानकारी गलत पाई गई या ईरान ने कोई भी ऐसी हरकत की, तो चल रही बातचीत तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी जाएगी।होर्मुज स्ट्रेट में लौटी हलचल, तेल की कीमतों में गिरावटसंयुक्त राष्ट्र की शिपिंग एजेंसी की नई पहल के बाद होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता एक बार फिर खुल गया है। युद्ध के कारण फंसे जहाजों को निकालने का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिससे तेल की वैश्विक आपूर्ति पर पड़ा दबाव कम होने की उम्मीद है। बुधवार को तीन टैंकरों के सुरक्षित निकलने के बाद 35 और जहाजों की कतार लगी हुई है। इस सकारात्मक खबर का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (Crude Oil) की कीमतों पर भी दिखा, जिसमें प्रति बैरल 3 डॉलर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और दाम 73.76 डॉलर तक पहुंच गए।कुवैत में फिर बहाल हुआ अमेरिकी दूतावासक्षेत्रीय स्थिरता का एक और संकेत देते हुए अमेरिका ने कुवैत में अपना दूतावास फिर से खोल दिया है। मार्च महीने में ईरान के साथ बढ़े तनाव और हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से दूतावास का संचालन निलंबित कर दिया गया था। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से बहाल कर दी गई हैं और अन्य राजनयिक कार्यों को भी चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू किया जा रहा है। यह कदम अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते सामरिक तालमेल को दर्शाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:35 pm

LPG को लेकर आई बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी राहत

पश्चिम एशिया में हालिया तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच वाणिज्यिक (कमर्शियल) एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगाई गई सभी अस्थायी पाबंदियां केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से हटा दी हैं। प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हालात की समीक्षा करने के बाद ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 7:17 pm

Passport : 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा! केंद्र सरकार ने बढ़ाई फीस, जानिए नई दरें

द्र सरकार ने पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों से जुड़ी सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 जारी करते हुए नई शुल्क दरों की अधिसूचना जारी की। नई फीस 1 जुलाई 2026 से लागू होगी।

वेब दुनिया 25 Jun 2026 6:49 pm

तीन महिलाओं के साथ अफेयर की बात मानी, बोले- जेफरी एपस्टीन मुझे ब्लैकमेल कर रहा था

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के सबसे चर्चित अरबपतियों में से एक, बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस की एक समिति के सामने गुप्त गवाही में अपनी निजी जिंदगी के पन्नों को खोल दिया है। गेट्स ने स्वीकार किया है कि उनके तीन महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंध थे। उन्होंने दावा किया कि दिवंगत फाइनेंशियर जेफरी एपस्टीन को इन अफेयर्स की भनक थी और वह इसे हथियार बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की फिराक में था।एपस्टीन और गेट्स का 'विवादित' कनेक्शनबिल गेट्स ने माना कि जेफरी एपस्टीन के साथ संपर्क बनाए रखना उनकी एक बड़ी भूल थी। गेट्स ने समिति को बताया कि उन्होंने एपस्टीन से 12 से 14 बार मुलाकात की और दो बार वीडियो कॉल पर बातचीत भी की। उनके मुताबिक, ये मुलाकातें मुख्य रूप से परोपकारी कार्यों (Philanthropy) और संभावित दानदाताओं से जुड़ने के उद्देश्य से थीं। हालांकि, गेट्स ने यह साफ कर दिया कि उनके इन अवैध संबंधों का एपस्टीन के साथ किसी भी तरह के व्यावसायिक या व्यक्तिगत संबंध से कोई लेना-देना नहीं था।ब्लैकमेलिंग का दौर और 2013 का वो 'ईमेल'गेट्स ने खुलासा किया कि एपस्टीन उनकी इनफिडेलिटी (विवाहेतर संबंधों) की जानकारी का उपयोग करके उन्हें एक तरह से दबाव में लेने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, गेट्स ने स्पष्ट किया कि एपस्टीन ने कभी सीधे तौर पर ब्लैकमेल नहीं किया, लेकिन 2013 के एक ईमेल ड्राफ्ट से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि एपस्टीन के इरादे नेक नहीं थे और वह कहीं न कहीं ब्लैकमेलिंग की रणनीति बना रहा था। गेट्स के अनुसार, इन खुलासों से उनके परिवार को काफी गहरा दुख पहुंचा है।यौन आरोपों को सिरे से नकारागवाही के दौरान बिल गेट्स ने अपने ऊपर लगे उन आरोपों को पूरी तरह से निराधार और गलत बताया, जिनमें यौन संचारित संक्रमण (STD) का दावा किया गया था। गेट्स ने जोर देकर कहा कि उन्हें कभी कोई एसटीडी नहीं हुआ और न ही उन्होंने कभी किसी को गुप्त रूप से दवा देने जैसा कोई कुकृत्य किया है। उन्होंने एपस्टीन के जघन्य अपराधों के साथ किसी भी प्रकार की मिलीभगत से इनकार करते हुए कहा कि एपस्टीन के साथ संपर्क बनाए रखना एक बड़ी गलती थी, जिसे वे आज भी स्वीकार करते हैं। यह गुप्त गवाही गेट्स के निजी और सार्वजनिक जीवन के उन अनसुलझे पहलुओं को उजागर करती है, जो वर्षों से चर्चा का विषय बने हुए थे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 6:33 pm

'फोटो खींचते वक्त फिसला पैर' का झूठा नाटक, मोबाइल में एक भी तस्वीर न मिलने से मंगेतर सिया की खुली पोल

रियल एस्टेट बिजनेस के डायरेक्टर केतन अग्रवाल की मौत कोई महज हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। जिसे पहले लोहागढ़ किले पर फोटो खिंचवाने के दौरान 'पैर फिसलने से हुई दुर्घटना' बताया गया था, उसका सच अब सामने आ चुका है। मंगेतर सिया गोयल के झूठ का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस ने उसके मोबाइल की गहन जांच की और उसमें घटना वाली कोई भी तस्वीर नहीं मिली। 400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया और उसके साथी चेतन चौधरी की साजिश का खुलासा किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।मंगेतर का बदलता बयान और पुलिस का शककेतन की मौत के बाद उसकी मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस के सामने कहानी गढ़ी कि फोटो खींचते समय उनका पैर फिसल गया। लेकिन सिया के बार-बार बदलते बयानों ने पुलिस के संदेह को पक्का कर दिया। कभी उसने कहा कि वह गिर गए, तो कभी दावा किया कि पानी की बोतल देते समय वे खाई में जा गिरे। इंस्पेक्टर दिनेश तायडे के अनुसार, सिया के बयानों में लगातार विरोधाभास था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए तकनीकी जांच शुरू की।सीसीटीव्ही फुटेज से खुला साजिश का 'चेहरा'इस हत्याकांड में सबसे बड़ा सुराग लोहागढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज से मिला। फुटेज में एक नकाबपोश व्यक्ति (चेतन चौधरी) को दंपति का पीछा करते हुए देखा गया। जांच में पता चला कि आरोपी चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हुडी पहनी थी और वह टिकट काउंटर के पास से ऐसे गुजरा जैसे उसे किसी की परवाह न हो। किले के गार्ड ने भी बताया कि उसने प्रवेश के समय यह कहकर झूठ बोला था कि वह व्यायाम करने आया है, और उसने किले की चढ़ाई-उतराई मात्र 50 मिनट में पूरी कर ली, जो कि किसी भी सामान्य पर्यटक के लिए नामुमकिन है।हत्या की पटकथा पहले से थी तैयारपुलिस उपाधीक्षक गजानन के मुताबिक, हत्या की योजना कई दिनों से बन रही थी। आरोपी सिया गोयल और उसका साथी चेतन चौधरी इस वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार थे। इससे पहले, सिया ने केतन का पासपोर्ट फाड़कर उसे टॉयलेट में फेंक दिया था ताकि केतन की प्रस्तावित 'बाली प्री-वेडिंग ट्रिप' कैंसिल हो जाए, क्योंकि केतन इस यात्रा के खिलाफ था। जब मंगेतर और उसके साथी ने सुनसान जगह पाकर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, तो उन्हें लगा था कि वे पुलिस को आसानी से गुमराह कर लेंगे, लेकिन सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्यों ने उनकी पूरी कहानी को मिट्टी में मिला दिया। केतन के परिवार की शिकायत ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कराकर न्याय की उम्मीद जगा दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 6:11 pm

पूर्व पीएम आई.के. गुजराल के बेटे को लगा 7.8 करोड़ का चूना, जानिए क्या है ये खतरनाक साइबर जाल

साइबर अपराधों का एक नया और बेहद शातिर रूप सामने आया है, जिसे तकनीकी भाषा में 'बॉस स्कैम' (Boss Scam) या 'व्हेलिंग अटैक' (Whaling Attack) कहा जा रहा है। हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और प्रसिद्ध उद्योगपति नरेश गुजराल की कंपनी इस बड़े फ्रॉड का शिकार हुई है, जिसमें कंपनी को 7.8 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। यह घटना कॉर्पोरेट जगत के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि कैसे डिजिटल युग में आपकी पहचान का इस्तेमाल कर आपको ही ठगा जा सकता है।क्या है 'बॉस स्कैम'? कैसे काम करता है यह जाल?'बॉस स्कैम' मूल रूप से 'बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज' (BEC) का एक उन्नत रूप है। इसमें ठग कंपनी के मालिक, सीईओ या किसी वरिष्ठ अधिकारी की डिजिटल पहचान (जैसे- फोटो, नाम और पद) का उपयोग करते हैं। वे व्हाट्सएप, ईमेल या मैसेजिंग ऐप के जरिए कर्मचारियों से संपर्क करते हैं और उन्हें 'तत्काल भुगतान' या 'गोपनीय सौदे' का हवाला देकर पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश देते हैं। कर्मचारी इसे अपने बॉस का आदेश मानकर बिना किसी वेरिफिकेशन के रकम ट्रांसफर कर देते हैं, और यहीं से ठगी का खेल शुरू होता है।नरेश गुजराल की कंपनी में कैसे हुआ फ्रॉड?नरेश गुजराल के मामले में, साइबर अपराधियों ने बेहद चतुराई से एक मैसेजिंग ऐप पर उनकी फोटो लगाकर एक फर्जी अकाउंट तैयार किया। उन्होंने खुद को कंपनी का मालिक बताते हुए नरेश गुजराल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) को संदेश भेजे। बिजनेस की तत्काल जरूरतों का हवाला देते हुए, सीएफओ पूरी तरह से झांसे में आ गए। उन्होंने बिना किसी अतिरिक्त जांच-पड़ताल के आरटीजीएस (RTGS) के जरिए अलग-अलग खातों में 7.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब मामले की आंतरिक जांच की गई, तो पता चला कि वह संदेश कंपनी के बॉस का नहीं, बल्कि ठगों का था।साइबर सुरक्षा की भाषा में क्यों कहते हैं 'व्हेलिंग अटैक'?साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इस तरह के फ्रॉड को 'व्हेलिंग अटैक' का नाम देते हैं। जब कोई अपराधी किसी बड़े उद्योगपति, शीर्ष अधिकारी, राजनेता या बेहद प्रभावशाली व्यक्ति की डिजिटल पहचान (Identity) को हथियार बनाकर उसका फायदा उठाता है, तो उसे व्हेलिंग अटैक कहा जाता है। इसमें अपराधी केवल छोटे-मोटे लक्ष्य नहीं, बल्कि बड़े निवेश या बड़ी रकम को निशाना बनाते हैं।बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान:वेरिफिकेशन जरूर करें: यदि बॉस की तरफ से पैसों के लेन-देन का कोई भी संदेश आए, तो भुगतान से पहले एक बार फोन कॉल या सामने मिलकर पुष्टि जरूर करें।अकाउंट की जांच करें: मैसेज भेजने वाले के नंबर की प्रोफाइल और उसकी हिस्ट्री को ध्यान से देखें।जल्दबाजी से बचें: ठग अक्सर 'तत्काल', 'गोपनीय' और 'अभी भुगतान करें' जैसे शब्द इस्तेमाल करते हैं ताकि आप दबाव में आ जाएं।पॉलिसी का पालन करें: कंपनी के वित्तीय लेनदेन के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल से बाहर जाकर कभी भी भुगतान न करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 6:07 pm

डिजिटल अरेस्ट गैंग पर बड़ा प्रहार, 16 राज्यों में छापेमारी; सुप्रीम कोर्ट के नाम पर चल रही थी ठगी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर आम जनता को चूना लगाने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर क्राइम नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से मिली शिकायत के बाद सीबीआई ने एक साथ 16 राज्यों में 80 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई ने उस संगठित साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर लोगों को डरा-धमकाकर करोड़ों की उगाही कर रहा था।सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट से बना रहे थे शिकारजांच में खुलासा हुआ कि यह शातिर गिरोह सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट चला रहा था। जालसाज इस फर्जी डोमेन का उपयोग करके खुद को कानूनी अधिकारी के रूप में पेश करते थे। वे पीड़ितों को डराने के लिए जाली अदालती आदेश (Fake Court Orders) और फर्जी सरकारी दस्तावेज अपलोड करते थे, जिससे लोग डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंस जाते थे। यह नेटवर्क न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय था।60 टीमों का 'ऑपरेशन चक्र-VI'सीबीआई ने इस नेटवर्क को उखाड़ फेंकने के लिए 'ऑपरेशन चक्र-VI' लॉन्च किया। इसके तहत 60 विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और ओडिशा सहित कुल 16 राज्यों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान चेन्नई से बी. नरेश और कोलकाता से संजीब साहा को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों आरोपी शेल कंपनियां बनाने और म्यूल बैंक खाते (Mule Bank Accounts) खोलने के मुख्य सूत्रधार थे, जिनका इस्तेमाल 2 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई को ठिकाने लगाने के लिए किया गया था।क्या है डिजिटल अरेस्ट का जालसाइबर अपराधी फोन पर खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट की धमकी देते हैं। वे पीड़ित को घंटों तक वीडियो कॉल पर रहने को मजबूर करते हैं और यह विश्वास दिलाते हैं कि वे जांच के दायरे में हैं। सीबीआई ने साफ किया है कि कोई भी वैध एजेंसी कभी भी 'डिजिटल अरेस्ट' का प्रावधान लागू नहीं करती है। जांच के दौरान बरामद डिजिटल उपकरण, मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड्स को फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। विदेशी नागरिकों के भी इस ठगी का शिकार होने की आशंका के चलते सीबीआई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर रही है। आने वाले दिनों में इस बड़े रैकेट से जुड़े कई और चेहरों के बेनकाब होने की संभावना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 6:02 pm

कैफे में रची गई साजिश, CCTV से खुली पोल, एक बॉलीवुड फिल्म की तर्ज हुआ केतन का मर्डर

Pune Ketan Agarwal murder case: पुणे के युवा करोड़पति बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश थी। पुलिस की तफ्तीश में अब एक ऐसा सीसीटीवी (CCTV) फुटेज हाथ लगा है, जिसने इस मर्डर मिस्ट्री की पूरी पोल खोलकर ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 6:02 pm

23 विधायकों की गैरमौजूदगी पर छलका उद्धव ठाकरे का दर्द, शरद पवार ने भी बनाई दूरी

महाराष्ट्र की राजनीति में 'महा विकास अघाड़ी' (MVA) गठबंधन के भीतर की दरारें अब खुलकर सामने आने लगी हैं। आगामी मानसून सत्र की रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में गठबंधन के 60 में से 23 विधायकों का नदारद रहना न केवल गठबंधन की कमजोरी को दर्शाता है, बल्कि उद्धव ठाकरे के लिए यह एक बड़ा सियासी झटका भी है। बैठक में शरद पवार, जयंत पाटिल और नाना पटोले जैसे वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति ने गठबंधन के भविष्य पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।'क्या हम सचमुच साथ हैं'बैठक के दौरान अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए उद्धव ठाकरे ने सीधे सहयोगियों से सवाल किया, हम कहते हैं कि हम साथ हैं, लेकिन क्या हम वाकई साथ हैं? क्या हम सदन के भीतर एक एकजुट महा विकास अघाड़ी के रूप में काम कर रहे हैं? उनके इस सवाल ने गठबंधन के भीतर मची खींचतान की पोल खोल दी है। बीते दिनों शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे खेमे में जाने के बाद, अब विधायकों की इस सामूहिक बेरुखी को गठबंधन के अंत की आहट के तौर पर देखा जा रहा है।जो चले गए, उन्हें जाने दोउद्धव ठाकरे ने भले ही अपने नेताओं को धैर्य रखने की सलाह दी हो, लेकिन उनका दर्द साफ झलकता दिखा। उन्होंने पार्टी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि, जो लोग चले गए हैं, उन्हें जाने दो। उन्होंने अपने बचे हुए नेताओं और सहयोगियों से एकजुट होकर रैलियां आयोजित करने और जनता के बीच अपनी ताकत दिखाने का आह्वान किया। ठाकरे का जोर इस बात पर है कि गठबंधन को मुद्दों पर एक साथ आना होगा, अन्यथा वैचारिक विरोधाभास और राजनीतिक अवसरवाद की भेंट यह गठबंधन चढ़ जाएगा।क्या MVA का अंत नजदीक है?जून 2022 में शिवसेना में हुए विद्रोह और उसके बाद जून 2023 में एनसीपी के भीतर हुई टूट ने महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा पूरी तरह बदल दी थी। वर्तमान में जिस तरह से विधायक और बड़े नेता बैठकों से दूरी बना रहे हैं, वह एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का संकेत हो सकता है। फिलहाल, भले ही किसी अन्य बड़े विद्रोह की आधिकारिक खबर नहीं है, लेकिन विधायकों की यह चुप्पी और बैठकों से नदारद रहना राज्य की सियासत में 'गठबंधन की एकजुटता' को लेकर गंभीर संकट पैदा कर रहा है। देखना यह है कि क्या ठाकरे की यह अपील सहयोगियों को वापस साथ ला पाएगी या MVA का बिखराव अपरिहार्य हो चुका है?

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 5:49 pm

MEA के बयान पर छिड़ी बहस, बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला और नागरिकता का असली सच जानें

क्या आपके पास मौजूद 'भारतीय पासपोर्ट' आपकी नागरिकता की गारंटी है? अगर आप ऐसा सोचते हैं, तो विदेश मंत्रालय (MEA) का हालिया बयान आपको हैरान कर सकता है। पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट केवल एक 'यात्रा दस्तावेज' (Travel Document) है, न कि 'नागरिकता का प्रमाण' (Proof of Citizenship)। इस बयान के बाद देश में एक नई कानूनी और राजनीतिक बहस छिड़ गई है।विवाद की जड़: क्या है मंत्रालय का तर्क?विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट विदेश में किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता को प्रमाणित तो करता है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का अंतिम और निर्णायक दस्तावेज नहीं माना जा सकता। मंत्रालय का तर्क है कि 1967 के पासपोर्ट अधिनियम के तहत तकनीकी रूप से यह यात्रा दस्तावेज उन लोगों को भी जारी किया जा सकता है जो पूर्ण रूप से भारतीय नागरिक नहीं हैं। मंत्रालय के इस रुख का समर्थन करते हुए सरकारी सूत्रों ने 1955 के नागरिकता अधिनियम को नागरिकता की स्थिति स्थापित करने वाला एकमात्र कानूनी आधार बताया है।बॉम्बे हाईकोर्ट का क्या है फैसला?इस पूरे कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए साल 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले का जिक्र किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया था कि कानून तकनीकी रूप से गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट जारी करने की अनुमति देता है। यही कारण है कि पासपोर्ट का होना नागरिकता का 'निर्णायक' प्रमाण नहीं हो सकता। कानून और जनमानस की समझ के बीच के इस अंतर को स्पष्ट करते हुए पूर्व राजनयिक निरुपमा मेनन राव ने कहा, पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है जो धारक के अधिकारों की रक्षा करता है, लेकिन नागरिकता की कानूनी स्थिति पूरी तरह से नागरिकता अधिनियम, 1955 से शासित होती है।नागरिकता का असली 'पुख्ता' प्रमाण क्या है?जब पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा रहा, तो फिर वह कौन सा दस्तावेज है जो आपको भारतीय साबित करता है? सरकार और कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इसके लिए केवल दो दस्तावेज ही 'स्पष्ट और पुख्ता' माने जाते हैं:जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): जो यह प्रमाणित करता है कि व्यक्ति का जन्म भारत में हुआ है।नागरिकता प्रमाण पत्र (Citizenship Certificate): उन व्यक्तियों के लिए जिन्हें कानूनी रूप से भारत की नागरिकता प्रदान की गई है।हस्तियों और नेताओं ने उठाए सवालसरकार के इस रुख की सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कड़ी आलोचना हो रही है। गीतकार जावेद अख्तर ने इसे 'बेतुका' करार देते हुए सवाल किया कि क्या सरकार पासपोर्ट जारी करते समय स्वयं इस बात से आश्वस्त नहीं होती कि धारक भारतीय है? वहीं, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने चिंता जताई कि यदि सरकार का यही रुख रहा, तो विदेशों में भारतीय पासपोर्ट की विश्वसनीयता और सम्मान पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इसे पहचान और नागरिकता के नियमों में उलझन का नाम दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 5:47 pm

मध्य प्रदेश: मंदसौर में ट्रक के पीछे जा घुसी कार, चार की मौत, दो घायल

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर एक कार ट्रक के पीछे जा घुसी। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है, वहीं दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

देशबन्धु 25 Jun 2026 5:44 pm

'विधानसभा में नहीं, एमके स्टालिन ने सीएम विजय के 'पापा कहां हैं,' वाले तंज का दिया मुंहतोड़ जवाब

तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर है। राज्य विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री विजय और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बीच चल रही तनातनी अब सार्वजनिक मंचों पर भी दिखाई देने लगी है। हाल ही में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सीएम विजय द्वारा उदयनिधि स्टालिन पर कसे गए तंज का एमके स्टालिन ने बेहद प्रभावशाली अंदाज में जवाब दिया है, जो अब सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है।जब सदन में सीएम विजय ने 'कुट्टी स्टोरी' से साधा निशानातमिलनाडु विधानसभा में माहौल तब गर्मा गया जब मुख्यमंत्री विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अनुपस्थिति को मुद्दा बनाया। अपने चिर-परिचित 'कुट्टी स्टोरी' अंदाज में उन्होंने उदयनिधि स्टालिन की ओर देखते हुए तंज कसा- आपके पिता कहां हैं? हम उन्हें देख नहीं पा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने एमके स्टालिन से जुड़े एक खास शारीरिक हाव-भाव की भी नकल की, जिसका वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया। राजनीतिक हलकों में इस इशारे की तीखी आलोचना की जा रही है।स्टालिन का पलटवार: 'मैं लोगों के दिलों में बसता हूं'तिरुवरुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए एमके स्टालिन ने सीधे तौर पर सीएम विजय पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनका प्रभाव सदन की कुर्सियों या भौतिक उपस्थिति से नहीं, बल्कि उनके काम से आंका जाता है। स्टालिन ने कहा, मैं विधानसभा में आऊं या न आऊं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं राज्य की जनता के दिलों और दिमाग में हमेशा मौजूद रहता हूं। उन्होंने सीएम विजय को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें वाकई स्टालिन को ढूंढना है, तो वे राज्य सचिवालय की उन फाइलों को देखें जिनमें 'कलैग्नर अधिकार पात्रता योजना' जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का रिकॉर्ड दर्ज है।विधानसभा में बढ़ रहा है सियासी पारातमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार से ही माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। सीएम विजय ने डीएमके पर 'पार्टी फंड' के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद सदन में तीखी बहस छिड़ गई। विरोध स्वरूप डीएमके विधायकों ने वॉकआउट तक कर दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की यह खींचतान सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता के मुद्दे पर भी गहराती जा रही है। स्टालिन की ओर से फाइलों और जनता के दिलों का जिक्र करके किए गए इस पलटवार ने यह साफ कर दिया है कि डीएमके सीएम विजय की सरकार को हर मोर्चे पर घेरने के लिए तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 5:40 pm

कन्नड़ एक्ट्रेस कृषि थपंडा: सस्पेंस में मौत का मामला, डिप्रेशन या पुलिस केस का दबाव

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी एक बड़ी खबर बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर से सामने आई है, जहां कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के आवास पर एक बिजनेसमैन ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। मृतक की पहचान वैशाख के रूप में हुई है। यह घटना तब प्रकाश में आई जब अभिनेत्री किसी काम से यलहंका गई हुई थीं और घर खाली था। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला डिप्रेशन से जुड़ा लग रहा है, लेकिन मृतक का विवादित इतिहास इस केस को और भी पेचीदा बना रहा है।घर पर मौजूद था वैशाख, नहीं मिला कोई सुसाइड नोटपुलिस के अनुसार, वैशाख पिछले करीब एक सप्ताह से अभिनेत्री कृषि थपंडा के घर पर रह रहा था। घटना बीती रात करीब 8:30 बजे की है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए विक्टोरिया अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल से पुलिस को फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिसके कारण पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।पारिवारिक कलह और गहरा डिप्रेशनशुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि वैशाख पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहा था, जिसका इलाज भी चल रहा था। पारिवारिक विवादों के कारण वह पिछले एक महीने से अपनी पत्नी से अलग रह रहा था। निजी जीवन की इन समस्याओं ने उसे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था, जो शायद इस आत्मघाती कदम का कारण बनीं।क्या रंगदारी केस का तनाव था वजहवैशाख की मौत के साथ ही उसका विवादित अतीत भी सुर्खियों में है। वह हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल जबरन वसूली और धमकी के मामले में पुलिस के रडार पर था। मामला फरवरी 2026 का है, जब एक नामी बिजनेसमैन और वकील अरविंद रेड्डी को 6 से 7 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के लिए कूरियर से धमकी भरी चिट्ठी भेजी गई थी। एचएएल (HAL) थाना पुलिस ने इस मामले में वैशाख को गिरफ्तार कर 5 दिनों तक पूछताछ भी की थी। हालांकि, बाद में कर्नाटक हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ आगे की जांच पर रोक लगा दी थी, लेकिन कानूनी कार्रवाई और केस के दबाव ने उसे बुरी तरह प्रभावित किया था।पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या डिप्रेशन की वजह निजी थी या कानूनी केस का तनाव। फिलहाल, इलाके में सनसनी फैली हुई है और पुलिस अभिनेत्री कृषि थपंडा से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 5:29 pm

Raja Bhaiya : बंदर की बरसी और मुहर्रम, कुंडा विधायक राजा भैया और उनके पिता क्यों हुए हाउस अरेस्ट? किले के बाहर पुलिस फोर्स तैनात, पढ़िए क्या है पूरा मामला

कुंडा विधायक राजा भैया और उनके पिता समेत 13 लोगों को पुलिस-प्रशासन ने हाउसअरेस्ट किया गया है। राजा भैया के किले के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स को भी तैनात कर दिया गया है। गुरुवार सुबह 5 बजे से हाउस अरेस्ट किए गए विधायक राजा भैया और पिता उदय ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 5:25 pm

फीफा ने कतर के आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड किया

ज़्यूरिख। फीफा ने कतर के मिडफील्डर आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड कर दिया है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान कनाडा के इस्माइल कोने के पैर में गंभीर चोट लगने वाले उनके लापरवाह चैलेंज के कारण यह कार्रवाई की गई है, जिससे सह-मेजबान टीम के शानदार अभियान पर संकट के बादल मंडराने […] The post फीफा ने कतर के आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 4:21 pm

50000 से कम में मिल रहा है यह शानदार इलेक्ट्रिक स्कूटर, सिंगल चार्ज में पूरे दिन का सफर

आज के समय में जब पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। हर कोई एक ऐसा विकल्प तलाश रहा है जो बजट में भी हो और माइलेज (रेंज) भी दमदार दे। अगर आप भी रोज़मर्रा के काम, ऑफिस या कॉलेज आने-जाने के लिए एक सस्ता और टिकाऊ इलेक्ट्रिक स्कूटर ढूंढ रहे हैं, तो ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 4:21 pm

जिम्स अस्पताल में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी को लेकर सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

समाजवादी पार्टी ने जिम्स अस्पताल में कर्मचारियों के साथ कथित बर्बरता और उनकी मांगों की अनदेखी के विरोध में गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य मार्ग पर पहुंचकर विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित होने की भी सूचना मिली, हालांकि पुलिस ने स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया।

देशबन्धु 25 Jun 2026 4:20 pm

आपातकाल का वो काला दौर: जब सेंसर बोर्ड ने जब्त कर जला दिए फिल्मों के प्रिंट, जेल में दी गईं यातनाएं; पढ़ें प्रतिबंधित सिनेमा की अनसुनी दास्तान

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 को लगाया गया राष्ट्रीय आपातकाल (Emergency) एक ऐसा दौर था, जिसने देश की अभिव्यक्ति की आजादी पर पूरी तरह ताला लगा दिया था। जब भी आपातकाल के सेंसरशिप और दमन की बात होती है, तो अमूमन अखबारों, पत्रिकाओं और रेडियो पर लगे प्रतिबंधों का जिक्र किया जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जनसंचार और जनमानस को झकझोरने वाले सबसे ताकतवर माध्यम यानी 'सिनेमा' को भी इस दौरान क्रूर सेंसरशिप की आग में झोंक दिया गया था।गुलजार निर्देशित ‘आंधी’ और रमेश सिप्पी की कालजयी फिल्म ‘शोले’ के कुछ दृश्यों व क्लाइमेक्स में बदलाव कराकर उन्हें जैसे-तैसे रिलीज की अनुमति तो मिल गई थी, लेकिन कई ऐसी फिल्में थीं जिन्हें सीधे तौर पर प्रतिबंधित (बैन) कर दिया गया। हद तो तब हो गई जब फिल्मों के रीलों और प्रिंट्स को सरकारी गोदामों से निकालकर सरेआम जला दिया गया। आपातकाल और तानाशाही का यह विरोध केवल बम्बइया (हिंदी) सिनेमा तक सीमित नहीं था, बल्कि बांग्ला में सत्यजित राय की ‘हीरक राजार देशे’ से लेकर कन्नड़ सिनेमा तक प्रतिरोध की यह चिंगारी भड़की थी। आज साल 2026 में भी सिनेमा की उस वैचारिक ताकत को उतनी ही बखूबी समझा जाता है, जितना सन् 1975 में आंका गया था।1. चंदा मरुता (कन्नड़): प्रतिरोध का प्रतीक और अभिनेत्री की दर्दनाक मौतकन्नड़ सिनेमा में ‘चंदा मरुता’ (हिंदी अर्थ - जंगली हवा) को आज भी सत्ता और आपातकाल विरोधी प्रतिरोध के सबसे बड़े प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। पी. लंकेश के चर्चित नाटक पर आधारित इस फिल्म का निर्माण कन्नड़ और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में 1972 के आसपास ही शुरू हो गया था। फिल्म का निर्देशन पट्टाभिराम रेड्डी ने किया था और मुख्य भूमिका में प्रसिद्ध अभिनेत्री स्नेहलता रेड्डी थीं।फिल्म की कहानी में तत्कालीन राजनैतिक-सामाजिक हालातों को दिखाते हुए यह अंदेशा जताया गया था कि देश तानाशाही और आपातकाल की तरफ बढ़ रहा है। इत्तेफाक ऐसा हुआ कि जैसे ही फिल्म की शूटिंग पूरी हुई, देश में आपातकाल लागू हो गया। स्नेहलता रेड्डी और उनके पति समाजवादी विचारों के थे और डॉ. राम मनोहर लोहिया व जॉर्ज फर्नांडीस के बेहद करीबी मित्र थे। आपातकाल की घोषणा होते ही स्नेहलता को भूमिगत होना पड़ा, लेकिन जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर बेंगलुरु की जेल में डाल दिया गया। जेल के भीतर इस प्रख्यात अभिनेत्री को अमानवीय और दर्दनाक यातनाएं दी गईं, जिससे उनका स्वास्थ्य पूरी तरह बिगड़ गया। जेल से रिहा होने के कुछ ही समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। वह अपनी इस मास्टरपीस फिल्म की रिलीज भी नहीं देख सकीं, जिसे आपातकाल हटने के बाद साल 1977 में थिएटर्स में रिलीज किया गया।2. किस्सा कुर्सी का: जब संजय गांधी ने जलवा दिए थे सारे प्रिंटआपातकाल के दौरान सबसे ज्यादा सियासी और कानूनी विवाद बटोरने वाली फिल्म थी अमृत नाहटा निर्देशित ‘किस्सा कुर्सी का’। अमृत नाहटा पहले खुद कांग्रेस पार्टी के सदस्य और राजस्थान के बाड़मेर से लोकसभा सांसद रह चुके थे। लेकिन जब उनका कांग्रेस से मोहभंग हुआ, तो उन्होंने इंदिरा गांधी, संजय गांधी और चाटुकार राजनीतिक व्यवस्था पर करारा प्रहार करते हुए एक बेहतरीन सटायर (राजनीतिक व्यंग्य) फिल्म बना डाली।इस फिल्म में तानाशाही, जबरन थोपी गई नीतियों और चमचागिरी पर इतना तीखा कटाक्ष था कि तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड के जरिए इस फिल्म के सारे प्रिंट और नेगेटिव्स को जब्त कर लिया। बाद में इन सभी प्रिंट्स को दिल्ली के पास मारुति फैक्ट्री में ले जाकर आग के हवाले कर दिया गया। आपातकाल हटने के बाद जब जनता पार्टी की सरकार आई और 'शाह आयोग' ने इस मामले की जांच की, तो संजय गांधी और तत्कालीन सूचना व प्रसारण मंत्री वी.सी. शुक्ला को फिल्म के प्रिंट नष्ट करने के आपराधिक मामले में दोषी पाया गया। इस फिल्म में उत्पल दत्त, शबाना आज़मी, राज बब्बर, सुरेखा सीकरी और मनोहर सिंह जैसे दिग्गज कलाकारों ने काम किया था। हालांकि, आपातकाल के बाद इसे दोबारा नए सिरे से बनाकर रिलीज किया गया, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।3. आंदोलन: जब विद्रोह और क्रांति दिखाने पर लगी रोकदिग्गज निर्देशक लेख टंडन द्वारा निर्देशित फिल्म ‘आंदोलन’ भी आपातकाल की क्रूर सेंसरशिप का शिकार बनी थी। दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म का कथानक साल 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' की पृष्ठभूमि पर आधारित था और इसमें सीधे तौर पर गांधी परिवार या कांग्रेस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई थी। फिल्म में राकेश पांडे और नीतू सिंह मुख्य भूमिकाओं में थे, और कहानी एक ऐसे पिता (जो अंग्रेजी हुकूमत का वफादार कर्मचारी है) और बेटे (जो स्वतंत्रता आंदोलन का क्रांतिकारी शिक्षक है) के वैचारिक टकराव को दिखाती थी।इस फिल्म को प्रतिबंधित करने के पीछे सेंसर बोर्ड के अधिकारियों का तर्क यह था कि फिल्म का क्रांतिकारी मुख्य किरदार सरकार, प्रशासन और स्थापित सिस्टम के खिलाफ विद्रोह करता है। तत्कालीन सरकार को डर था कि इस फिल्म को देखने के बाद आपातकाल से परेशान जनता के बीच जनाक्रोश और अधिक भड़क सकता है। सेंसरशिप के उस सख्त ढांचे में क्रांति, जन-आंदोलन, और व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह दिखाने की सख्त मनाही थी, जिसके चलते इस फिल्म को भी डिब्बे में बंद कर दिया गया। यह फिल्म भी 1977 में सत्ता परिवर्तन के बाद ही पर्दे पर आ सकी।4. नसबंदी: बॉलीवुड सुपरस्टार्स और सरकारी दावों का उड़ाया मखौलआपातकाल के दौरान संजय गांधी के नेतृत्व में चलाए गए 'जबरन नसबंदी अभियान' पर सीधा और तीखा हमला करने वाली फिल्म थी प्रख्यात हास्य कलाकार आई.एस. जौहर की ‘नसबंदी’। आई.एस. जौहर अपनी फिल्मों में 'ब्लैक कॉमेडी' और 'स्पूफ' (पैरोडी) के जरिए सामाजिक और राजनीतिक बुराइयों पर चोट करने के लिए जाने जाते थे।इस फिल्म का सबसे मजेदार और साहसी पहलू यह था कि इसमें किरदारों के नाम उस समय के चोटी के बॉलीवुड सुपरस्टार्स के नामों पर रखे गए थे— जैसे अमिताभ बच्चन के लिए 'अनिताव बच्चन', मनोज कुमार के लिए 'कन्नौज कुमार', शशि कपूर के लिए 'शाही कपूर' और राजेश खन्ना के लिए 'राकेश खन्ना'। इन नामों के जरिए आई.एस. जौहर ने यह कड़ा व्यंग्य किया था कि ये बड़े सितारे आपातकाल और तत्कालीन सत्ता के कथित चाटुकार और समर्थक बने हुए हैं। सरकार को यह स्पूफ इस कदर नागवार गुजरा कि फिल्म पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। जनता पार्टी की सरकार आने पर इसे रिलीज तो किया गया, लेकिन यह व्यावसायिक रूप से सफल नहीं हो सकी। हालांकि, इस फिल्म में कवि हुल्लड़ मुरादाबादी का लिखा और कल्याणजी-आनंदजी द्वारा संगीतबद्ध किया गया गाना क्या मिल गया सरकार इमरजेंसी लगा के... उस दौर में प्रतिरोध का सबसे बड़ा नारा बन गया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 4:18 pm

MLC 2026: टेक्सास सुपर किंग्स ने सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स को 22 रनों से रौंदा, अमशी डी सिल्वा की घातक गेंदबाजी और डायरेक्ट हिट ने पलटा मैच

मेजर लीग क्रिकेट (Major League Cricket - MLC 2026) के रोमांचक सीजन में 'टेक्सास सुपर किंग्स' (Texas Super Kings - TSK) ने अपनी कड़क और अनुशासित गेंदबाजी के दम पर 'सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स' (San Francisco Unicorns - SFU) को 22 रनों से करारी शिकस्त दे दी है। ऑकलैंड कोलिजियम के मैदान पर खेले गए इस टूर्नामेंट के 8वें मुकाबले में टेक्सास सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 161 रनों का एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। जवाब में 162 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स की टीम टेक्सास की घातक गेंदबाजी के आगे टिक नहीं सकी और 17.4 ओवरों में महज 139 रनों पर ही पूरी तरह सिमट गई। इस धमाकेदार जीत के साथ ही टेक्सास सुपर किंग्स ने सीजन में अपनी दूसरी बड़ी जीत दर्ज कर ली है।अमशी डी सिल्वा का तूफान: 4 विकेट और एक हैरतअंगेज रन आउटसैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के खिलाफ इस मुकाबले में 24 साल के युवा तेज गेंदबाज अमशी डी सिल्वा टेक्सास सुपर किंग्स की जीत के सबसे बड़े और चमकीले हीरो बनकर उभरे। 162 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी सैन फ्रांसिस्को की टीम ने शुरुआत तो आक्रामक की थी, लेकिन टेक्सास के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर उन पर दबाव बनाए रखा। खासकर पावरप्ले (शुरुआती 6 ओवर) के भीतर ही यूनिकॉर्न्स ने अपने तीन मुख्य विकेट गंवा दिए।अमशी डी सिल्वा ने अपने कोटे के पहले ही ओवर में खतरनाक बल्लेबाज फिन एलन को आउट कर सैन फ्रांसिस्को को पहला झटका दिया। इसके बाद पारी के पांचवें ओवर में उन्होंने एक बार फिर अपनी आग उगलती गेंदों का जलवा दिखाया और एक ही ओवर में दो और विकेट चटकाकर यूनिकॉर्न्स के टॉप ऑर्डर की कमर पूरी तरह तोड़ दी। डी सिल्वा ने इस मैच में कुल 28 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए।गेंदबाजी के अलावा अमशी डी सिल्वा ने मैदान पर अपनी चीते जैसी फुर्ती से एक ऐसा रन आउट किया, जिसने स्टेडियम में बैठे दर्शकों सहित कमेंटेटर्स को भी दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया। पारी के दौरान संजय कृष्णमूर्ति ने एक शॉट बाउंड्री की तरफ खेला, जहां अमशी डी सिल्वा ने बाउंड्री लाइन पर दौड़ते हुए न सिर्फ गेंद को चौका होने से रोका, बल्कि वहां से बिजली की रफ्तार से एक ऐसा डायरेक्ट हिट (सीधा थ्रो) मारा कि संजय कृष्णमूर्ति को क्रीज पर वापस लौटने का मौका ही नहीं मिला और उन्हें पवेलियन का रास्ता देखना पड़ा। इस घातक ऑलराउंड फील्डिंग और गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए अमशी डी सिल्वा को 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया।कप्तान फाफ डु प्लेसी और डोनावेन फरेरा का बल्ले से धमालइससे पहले, मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टेक्सास सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद ठोस और धमाकेदार रही। कप्तान फाफ डु प्लेसी (Faf du Plessis) और युवा बल्लेबाज साईतेजा मुक्कामुल्ला ने मिलकर पहले विकेट के लिए 72 रनों की मजबूत ओपनिंग पार्टनरशिप की। इस दौरान कप्तान डु प्लेसी बेहद आक्रामक मूड में नजर आए और उन्होंने महज 24 गेंदों का सामना करते हुए 40 रनों की तेज पारी खेली, जिसमें 2 शानदार चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे।सलामी जोड़ी के आउट होने के बाद मध्यक्रम में टेक्सास के कुछ विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए, जिससे टीम एक समय मुश्किल में दिख रही थी। ऐसे नाजुक मौके पर डोनावेन फरेरा ने क्रीज पर आकर मोर्चा संभाला। फरेरा ने आखिरी ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों की रिमांड लेते हुए महज 28 गेंदों में 4 छक्कों की मदद से 45 रनों की तूफानी और नाबाद पारी खेली। फरेरा के इस आखरी धमाके की बदौलत ही टेक्सास सुपर किंग्स निर्धारित 20 ओवरों में 161 रनों के एक सम्मानजनक और फाइटिंग टोटल तक पहुंचने में कामयाब रही, जो बाद में उनकी जीत का मुख्य आधार बना।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 4:17 pm

मुहर्रम और आशूरा: कर्बला की जंग और पैगंबर के नाती की शहादत; जानें इमाम हुसैन की याद में क्यों निकाला जाता है ताजिया

इस्लाम धर्म में मुहर्रम का महीना बेहद पाक और पवित्र माना गया है। पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए इस महीने का एक खास और ऐतिहासिक महत्व है। इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के अनुसार, मुहर्रम का महीना इस्लाम धर्म का पहला महीना होता है, जिसका सीधा मतलब यह है कि इसी पाक महीने से इस्लामिक नववर्ष (New Year) की शुरुआत होती है।लेकिन नए साल की शुरुआत होने के बावजूद इस्लाम में मुहर्रम के शुरुआती 10 दिनों को उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि बेहद गम, शोक और मातम के दिनों के रूप में मनाया जाता है। यह वही समय है जब सदियों पहले इराक के रेगिस्तान 'कर्बला' (Karbala) के मैदान में एक ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाली जंग लड़ी गई थी। इस जंग में पैगंबर मोहम्मद के प्यारे नाती इमाम हुसैन (Imam Hussain) ने हक और इंसानियत की रक्षा के लिए अत्याचारी शासक यजीद की सेना के खिलाफ लड़ते हुए अपने परिवार और 72 साथियों के साथ अपनी जान की अजीम शहादत (कुर्बानी) दी थी।सऊदी अरब और भारत में कब है आशूरा?मुहर्रम के पूरे महीने में सबसे महत्वपूर्ण और खास दिन 'आशूरा' (Ashura) को माना जाता है। आशूरा मुहर्रम महीने की 10वीं तारीख को कहते हैं, जो कि शहादत का मुख्य दिन है। इस साल चांद दिखने के समय में एक दिन का अंतर होने की वजह से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अन्य खाड़ी देशों में आशूरा आज (25 जून, 2026) मनाया जा रहा है। वहीं, भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित उपमहाद्वीप के देशों में आशूरा कल यानी 26 जून, 2026 (शुक्रवार) को पूरी अकीदत और गमगीन माहौल के साथ मनाया जाएगा। इस दिन देश भर में बड़े पैमाने पर ताजिया के जुलूस निकाले जाएंगे।आखिर क्या होता है 'ताजिया' (Tazia)?मुहर्रम के शोक और मातम के दिनों में सबसे प्रमुख और पवित्र प्रतीक 'ताजिया' को माना जाता है। ताजिया महज कोई बांस-कागज का ढांचा या कलाकृति नहीं है, बल्कि यह अपने आप में इस्लामिक इतिहास, बलिदान और अटूट आस्था की एक बहुत लंबी जीवंत कहानी बयां करता है।तकनीकी और धार्मिक रूप से, ताजिया को इराक के कर्बला शहर में स्थित हजरत इमाम हुसैन के पवित्र मकबरे (रोजा या दरगाह) का एक प्रतीकात्मक मॉडल (Replica) माना जाता है। इसे स्थानीय कारीगरों द्वारा बांस की खपच्चियों, रंग-बिरंगे चमकीले कागजों, लकड़ी, कपड़े, कीमती धातुओं और अन्य सजावटी सामानों की मदद से बेहद खूबसूरती और बारीकी से तैयार किया जाता है।आमतौर पर अकीदतमंद लोग इन ताज़ियों को मुहर्रम का चांद दिखने के साथ ही यानी पहली तारीख को या शुरुआती दिनों में बड़े अदब के साथ अपने घरों, सार्वजनिक इमामबाड़ों और अजाखानों (शोक स्थलों) में स्थापित करते हैं। इसके बाद लगातार 9 दिनों तक इनकी देखरेख की जाती है और फिर 10वीं मुहर्रम यानी आशूरा के दिन इन्हें एक विशाल जुलूस के रूप में निकालकर स्थानीय कर्बला या तय स्थानों पर ले जाकर पूरी धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ सुपुर्द-ए-खाक (दफनाया) किया जाता है।मुहर्रम में क्यों निकाला जाता है ताजिया? जानिए इसके पीछे की परंपराभारत के लखनऊ, दिल्ली, हैदराबाद और कानपुर जैसे ऐतिहासिक शहरों में मुहर्रम के दौरान ताजिया निकालने की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसमें हर साल लाखों की संख्या में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग एक साथ शामिल होकर कौमी एकता की मिसाल पेश करते हैं। मुहर्रम के दौरान निभाई जाने वाली लगभग सभी प्रमुख रस्में इसी ताजिया के इर्द-गिर्द घूमती हैं:मजलिस और भावुक यादें: जैसे ही इमामबाड़ों में ताजिया की स्थापना होती है, वहां रोजाना धार्मिक शोक सभाओं (मजलिस) का दौर शुरू हो जाता है। इन मजलिसों में उलेमा और मौलाना साहब कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन और उनके छोटे-छोटे बच्चों पर ढाए गए जुल्मों और उनकी प्यास का जिक्र करते हैं, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो जाती हैं।मातम, नौहा और सबील: जुलूस के दौरान लोग छाती पीटकर 'या हुसैन-या हुसैन' की गूंजती सदाएं लगाते हैं और अपनी अकीदत का इजहार करते हैं। इस दौरान इमाम हुसैन के गम में दर्दभरे मरसिए और नौहे (शोक गीत) पढ़े जाते हैं। राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों के लिए जगह-जगह पानी और शर्बत की 'सबील' (मुफ्त प्याऊ) लगाई जाती है, जो कर्बला में भूखे-प्यासे शहीद हुए लोगों की याद दिलाती है।सामूहिक भागीदारी: समाज के सभी वर्गों के लिए अलग-अलग स्थानों पर शोक कार्यक्रमों का सुचारू आयोजन किया जाता है, जहां महिलाएं और पुरुष पूरी सादगी के साथ काले कपड़े पहनकर इमाम हुसैन को अपना नजराना-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 4:15 pm

पुरुषों की इन 5 खराब आदतों से तेजी से घटता है टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन, पिता बनने की क्षमता पर पड़ता है सीधा असर; डॉक्टर से जानें बचाव

आज के आधुनिक दौर में खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान, अत्यधिक मानसिक तनाव और शारीरिक एक्टिविटी की कमी (Sedentary Lifestyle) जैसी आदतों को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है। इन्हीं बदलती आदतों के बीच पुरुषों के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल अक्सर उठता है— क्या इन अस्वस्थ आदतों का सीधा असर उनके शरीर के सबसे मुख्य पुरुष हॉर्मोन यानी 'टेस्टोस्टेरोन' (Testosterone) पर भी पड़ सकता है?टेस्टोस्टेरोन पुरुषों के शरीर में पाया जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिक हॉर्मोन है। यह पुरुषों में मांसपेशियों (Muscles) के विकास, हड्डियों को मजबूत रखने, शरीर में एनर्जी और स्टैमिना बनाए रखने, मूड को संतुलित रखने, निजी स्वास्थ्य (Libido) और पिता बनने की क्षमता (Fertility) जैसे कई जरूरी शारीरिक और जैविक कार्यों में मुख्य भूमिका निभाता है। हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ (आमतौर पर 30 साल के बाद) इसके स्तर में हर साल 1% की मामूली गिरावट आना एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन आजकल युवाओं में भी इसकी भारी कमी देखी जा रही है। आइए जानते हैं कि खराब लाइफस्टाइल इस हॉर्मोन को कैसे प्रभावित करती है और इसे स्वस्थ बनाए रखने के वैज्ञानिक उपाय क्या हैं।खराब लाइफस्टाइल कैसे बनती है टेस्टोस्टेरोन की विलेन? जानिए AUA की गाइडलाइनयूरोलॉजी और पुरुष स्वास्थ्य के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी संस्था अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन (AUA) की आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार, जिन पुरुषों के शरीर में क्लिनिकली टेस्टोस्टेरोन की कमी (Hypogonadism) पाई जाती है, उन्हें किसी भी दवा से पहले अपनी लाइफस्टाइल को पूरी तरह स्वस्थ और अनुशासित करने की सख्त सलाह दी जाती है। इसमें शरीर का एक स्वस्थ वजन (BMI) बनाए रखना, रोज व्यायाम करना और सही स्लीप साइकिल अपनाना शामिल है।जब शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य से नीचे गिर जाता है, तो पुरुषों में ये प्रमुख लक्षण दिखाई दे सकते हैं:हर समय अत्यधिक थकान और क्रॉनिक एनर्जी की कमी महसूस होना।जिम या वर्कआउट करने के बाद भी मांसपेशियों की ताकत घटना और शरीर में चर्बी (Fat) का बढ़ना।स्वभाव में चिड़चिड़ापन, लगातार मूड स्विंग्स या डिप्रेशन जैसा महसूस होना।निजी जीवन में यौन इच्छा (Sex Drive) की भारी कमी होना।चिकित्सकीय विशेषज्ञों का कहना है कि केवल लक्षणों के आधार पर खुद को बीमार न समझें। टेस्टोस्टेरोन की कमी की सटीक पुष्टि के लिए लक्षणों के साथ-साथ सुबह के समय किए गए ब्लड टेस्ट (Serum Testosterone Test) की रिपोर्ट में भी इसका स्तर कम आना जरूरी होता है।पुरुषों की ये 5 आदतें चुपके से घटा देती हैं टेस्टोस्टेरोन का स्तरहॉर्मोनल स्वास्थ्य पर काम करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक, पुरुषों की कुछ दैनिक आदतें सीधे तौर पर उनके एंड्रोजन रिसेप्टर्स और हॉर्मोन प्रोडक्शन को ब्लॉक कर देती हैं:1. पर्याप्त नींद न लेना: टेस्टोस्टेरोन का अधिकांश हिस्सा रात में गहरी नींद (Deep Sleep) के दौरान ही बनता है। यदि आप रोजाना 5-6 घंटे से कम सोते हैं, तो इसका स्तर तेजी से गिरता है।2. क्रॉनिक स्ट्रेस (लगातार तनाव): जब आप लंबे समय तक तनाव में रहते हैं, तो शरीर में 'कोर्टिसोल' (Cortisol) नामक स्ट्रेस हॉर्मोन बढ़ता है। कोर्टिसोल और टेस्टोस्टेरोन एक-दूसरे के जानी दुश्मन हैं; जैसे ही कोर्टिसोल बढ़ेगा, टेस्टोस्टेरोन अपने आप नीचे आ जाएगा।3. मोटापा और बढ़ा हुआ पेट: शरीर में जमा अतिरिक्त वसा (Fat Cells) टेस्टोस्टेरोन को महिला हॉर्मोन 'एस्ट्रोजन' में बदलने लगती है, जिससे पुरुषों का शरीर कमजोर होने लगता है।4. फिजिकल एक्टिविटी की कमी: दिनभर ऑफिस में 8 से 10 घंटे लगातार कंप्यूटर के सामने बैठे रहने से पेल्विक एरिया का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे हॉर्मोनल संतुलन बिगड़ता है।5. धूम्रपान और अत्यधिक शराब: निकोटीन और अल्कोहल सीधे तौर पर टेस्टीज (वृषण) की लेडिग कोशिकाओं (Leydig Cells) को नुकसान पहुंचाते हैं, जहां टेस्टोस्टेरोन का निर्माण होता है।टेस्टोस्टेरोन को नेचुरल तरीके से बूस्ट करने के 4 अचूक उपाय:यदि आप अपने हॉर्मोनल स्वास्थ्य को दवाओं के बिना हमेशा के लिए बिल्कुल फिट और नेचुरल तरीके से बेहतर रखना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी दिनचर्या में ये 4 बदलाव शामिल करें:स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और हैवी एक्सरसाइज: कार्डियो (दौड़ने) के मुकाबले भारी वजन उठाने वाली एक्सरसाइज जैसे स्क्वाट्स, डेडलिफ्ट और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन का प्रोडक्शन बहुत तेजी से बढ़ता है। हफ्ते में कम से कम 4 दिन वर्कआउट जरूर करें।पोषक तत्वों से भरपूर डाइट: अपने भोजन में गुड फैट्स (जैसे बादाम, अखरोट, अंडे की जर्दी, ऑलिव ऑयल) शामिल करें। इसके साथ ही शरीर में जिंक, विटामिन-डी3 और मैग्नीशियम की कमी न होने दें, क्योंकि ये टेस्टोस्टेरोन के निर्माण खंड (Building Blocks) हैं।7 से 8 घंटे की गहरी नींद: रात को सोने से एक घंटा पहले मोबाइल स्क्रीन से दूरी बना लें, ताकि आपको 7-8 घंटे की निर्बाध और गहरी नींद मिल सके। सुबह उठने पर आप खुद को अधिक फ्रेश और एनर्जेटिक महसूस करेंगे।तनाव प्रबंधन (Stress Management): मानसिक तनाव को कंट्रोल करने के लिए रोजाना 15 से 20 मिनट योग, प्राणायाम या मेडिटेशन (ध्यान) का सहारा लें।विशेष डॉक्टरी सलाह: यदि लाइफस्टाइल में सुधार करने के कई महीनों बाद भी आपको लगातार थकान, मांसपेशियों में कमजोरी या निजी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हैं, तो बाजार में मिलने वाले किसी भी सप्लीमेंट या स्टेरॉयड को खुद से खाने की भूल बिल्कुल न करें। यह आपके लिवर, किडनी और फर्टिलिटी को हमेशा के लिए खराब कर सकता है। ऐसे में तुरंत किसी अच्छे एंडोक्रिनोलॉजिस्ट या यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर से मिलें और उनकी देखरेख में ही सही वैज्ञानिक उपचार शुरू कराएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 4:08 pm

पत्रकार वार्ता में संयम लोढ़ा ने जिस पत्रावली को RTI में मांगने की जानकारी दी थी, आबूरोड से वो ही गायब

सबगुरु न्यूज- सिरोही। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में आबूरोड में अनियमित तौर पर कार्मिक की स्थाई नियुक्ति करने और तनख्वाह जारी होने के प्रकरण की पत्रावली आरटीआई में मांगने की बात कही थी, वो पत्रावली ही आबूरोड नगर पालिका से गायब है। जिला कांग्रेस के सचिव और आबूरोड […] The post पत्रकार वार्ता में संयम लोढ़ा ने जिस पत्रावली को RTI में मांगने की जानकारी दी थी, आबूरोड से वो ही गायब appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 4:05 pm

पति की प्रॉपर्टी नहीं है पत्नी : उड़ीसा हाईकोर्ट

भुवनेश्वर। उड़ीसा उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपने एक फैसले में स्पष्ट करते हुए कहा कि पत्नी पति की प्रॉपर्टी नहीं है और बालिग महिलाएं यह तय करने के लिए पूरी तरह आजाद हैं कि उन्हें कहां रहना है। मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति मुरारी रमन की पीठ ने कहा कि उसे उसके पति […] The post पति की प्रॉपर्टी नहीं है पत्नी : उड़ीसा हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 3:51 pm

प्रेग्नेंसी में योग और स्ट्रेचिंग: क्या यह पूरी तरह सुरक्षित है? डॉक्टर से जानें सही नियम और सावधानियां

प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) हर महिला के जीवन का एक बेहद खूबसूरत और खास सफर होता है। इस नौ महीने के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के शारीरिक, मानसिक और हॉर्मोनल बदलाव होते हैं। यही वजह है कि इस नाजुक दौर में मां और गर्भ में पल रहे शिशु (भ्रूण) दोनों की सेहत का विशेष ख्याल रखना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है। सही खानपान, पर्याप्त आराम और तनावमुक्त दिनचर्या के साथ-साथ इस बात को लेकर भी महिलाओं के मन में कई सवाल आते हैं कि क्या इस समय एक्सरसाइज या योग करना सही है? आज के दौर में कई महिलाएं गर्भावस्था के दौरान भी अपनी फिटनेस बनाए रखने और शरीर को एक्टिव रखने की कोशिश करती हैं।हालांकि, मेडिकल साइंस के अनुसार प्रेग्नेंसी के दौरान हर महिला की स्वास्थ्य स्थिति, शारीरिक बनावट और जरूरतें पूरी तरह अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी भी तरह की शारीरिक एक्टिविटी या फिटनेस रूटीन अपनाने से पहले सही और वैज्ञानिक जानकारी होना बेहद आवश्यक है। यह समझना भी अहम है कि प्रेग्नेंसी के अलग-अलग चरणों (ट्राइमेस्टर) में शरीर की आवश्यकताएं बदलती रहती हैं। बिना सही मेडिकल मार्गदर्शन के कोई भी नई हैवी एक्सरसाइज शुरू करना नुकसानदेह हो सकता है। आइए जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में योग (Yoga) और स्ट्रेचिंग (Stretching) करना कितना सुरक्षित है, और इसे करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।क्या प्रेग्नेंसी में योग और स्ट्रेचिंग करना सुरक्षित है? जानिए ACOG की गाइडलाइनदुनिया भर में स्त्री रोग के मामलों में सर्वोच्च मानक मानी जाने वाली संस्था अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियंस एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) के अनुसार, जिन गर्भवती महिलाओं को कोई गंभीर मेडिकल कॉम्प्लिकेशन या प्रेग्नेंसी से जुड़ी आंतरिक समस्या नहीं है, वे अपने डॉक्टर की लिखित सलाह के अनुसार नियमित रूप से प्रीनेटल योग (Prenatal Yoga), हल्की स्ट्रेचिंग और अन्य कम या मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक एक्सरसाइज आसानी से कर सकती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान सुरक्षित तरीके से की गई नियमित शारीरिक एक्टिविटी न सिर्फ शरीर को एक्टिव रखती है, बल्कि यह प्रसव (डिलीवरी) के समय होने वाले दर्द को सहने की क्षमता को भी बढ़ाती है।लेकिन ध्यान रहे कि हर महिला की प्रेगनेंसी का केस पूरी तरह अनोखा होता है। जो आसन एक महिला के लिए सहज है, वह दूसरी के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए किसी भी नए आसन की शुरुआत करने से पहले अपनी गायनिकोलॉजिस्ट से चर्चा जरूर करें। इसके अलावा, जैसे-जैसे गर्भ में शिशु का आकार बढ़ता है, वैसे-वैसे शरीर का संतुलन बदलता है। इसलिए उसी के अनुसार योग के स्टेप्स में भी बदलाव करना चाहिए। यदि किसी भी योगासन या स्ट्रेचिंग के दौरान आपको पेट में हल्का दर्द, चक्कर आना, सांस फूलना, धुंधला दिखना या किसी भी तरह की असहजता महसूस हो, तो उसे उसी सेकंड रोक दें और बिना देरी किए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।प्रेग्नेंसी में योग और स्ट्रेचिंग करते समय इन 5 बातों का रखें विशेष ख्यालगर्भावस्था के दौरान योग करते समय आपका उद्देश्य वजन घटाना या हैवी फ्लेक्सिबिलिटी हासिल करना नहीं, बल्कि शरीर को रिलैक्स रखना होना चाहिए। अभ्यास के दौरान नीचे लिखी बातों पर विशेष अमल करें:विशेषज्ञ की देखरेख: योग हमेशा एक प्रमाणित प्रीनेटल योग एक्सपर्ट (Prenatal Yoga Expert) की सीधी देखरेख में ही करें। घर पर टीवी या यूट्यूब देखकर जटिल आसन करने की भूल बिल्कुल न करें।पेट पर दबाव से बचें: कोई भी ऐसा आसन, ट्विस्टिंग या स्ट्रेचिंग न करें जिससे आपके पेट (Abdomen) पर सीधा दबाव पड़े या पेट के बल लेटना पड़े।संतुलन का ध्यान: प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में 'रिलैक्सिन' हॉर्मोन बढ़ने से जोड़ ढीले हो जाते हैं, जिससे गिरने या संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा दीवार या कुर्सी का सहारा लेकर ही आसन करें।हाइड्रेशन और आरामदायक कपड़े: योग शुरू करने से पहले और बाद में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। हमेशा ढीले और आरामदायक सूती कपड़े ही पहनें।चेतावनी के संकेत: यदि अभ्यास के दौरान या बाद में आपको ब्लीडिंग (खून बहना), स्पॉटिंग, फ्लूइड लीकेज या पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द महसूस हो, तो तुरंत बेडरेस्ट पर जाएं और डॉक्टर को बुलाएं।किन महिलाओं को बिना डॉक्टर की अनुमति के योग बिल्कुल नहीं करना चाहिए? (High-Risk Cases)यदि आपकी प्रेग्नेंसी नीचे दी गई श्रेणियों या चिकित्सकीय स्थितियों के अंतर्गत आती है, तो आपको बिना डॉक्टर की गहन जांच और अनुमति के किसी भी तरह की नई शारीरिक एक्टिविटी या स्ट्रेचिंग शुरू करने की सख्त मनाही होती है:क्रॉनिक बीमारियां: यदि महिला को हाई ब्लड प्रेशर (Pre-eclampsia), दिल से जुड़ी कोई बीमारी (Heart Disease) या गंभीर एनीमिया (खून की भारी कमी) की शिकायत हो।प्रेग्नेंसी के कॉम्प्लिकेशंस: यदि गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में ब्लीडिंग हुई हो, प्लेसेंटा प्रीविया (प्लेसेंटा का नीचे होना) की स्थिति हो या समय से पहले प्रसव (Pre-term Labor) का पुराना इतिहास या खतरा हो।मल्टीपल प्रेग्नेंसी: यदि महिला के गर्भ में जुड़वां (Twins) या उससे अधिक शिशु पल रहे हों।पूर्व मिसकैरेज: जिन महिलाओं का पहले कभी मिसकैरेज (गर्भपात) हुआ हो, उनका केस बेहद संवेदनशील माना जाता है, इसलिए उन्हें शुरुआती महीनों में पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:49 pm

यूसीसी पर मौलाना आजमी का तीखा विरोध, कांवड़ यात्रा से लेकर सड़क पर नमाज पढ़ने के मुद्दे पर उठाए बड़े सवाल

राजस्थान के कोचिंग हब और प्रमुख औद्योगिक शहर कोटा से इस वक्त की बेहद संवेदनशील और सबसे बड़ी सामाजिक-राजनीतिक खबर सामने आ रही है। देश भर में चर्चा का विषय बने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) के मुद्दे पर कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मौलाना आजमी ने खुलकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस दौरान मौलाना आजमी ने न केवल यूसीसी के कानून और उसकी प्रासंगिकता को कटघरे में खड़ा किया, बल्कि देश में धार्मिक आयोजनों और प्रथाओं को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने अपने बयान में कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाले इंतजामों और सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़े जाने के मुद्दे की तुलना करते हुए एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिससे स्थानीय स्तर पर सरगर्मी काफी बढ़ गई है।'धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत कानूनों में दखल है यूसीसी'— मौलाना आजमी का बड़ा दावाकोटा में प्रमुख समाजसेवियों और स्थानीय बुद्धिजीवियों की मौजूदगी में बोलते हुए मौलाना आजमी ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर अपनी गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विविधता से भरे देश में हर धर्म के लोगों को अपने व्यक्तिगत कानूनों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जीने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। यूसीसी के लागू होने से अल्पसंख्यकों और विभिन्न समुदायों की विशिष्ट पहचान और पारंपरिक रीति-रिवाजों पर सीधा असर पड़ेगा। मौलाना ने सरकार से अपील की है कि किसी भी प्रकार के नागरिक कानून को जबरन थोपने के बजाय सभी पक्षों और धार्मिक गुरुओं के साथ व्यापक संवाद और आम सहमति बनाई जानी चाहिए।कांवड़ यात्रा और सड़क पर नमाज के नियमों पर उठाए सवाल, भेदभाव मुक्त व्यवस्था की मांगअपने संबोधन के दौरान मौलाना आजमी ने देश में कानून और व्यवस्था के क्रियान्वयन में कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि जब सावन के महीने में कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) के सुचारू संचालन के लिए हफ्तों तक बड़े-बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों को डायवर्ट किया जाता है, सरकारी मशीनरी द्वारा सुविधाएं दी जाती हैं, तो फिर कुछ विशेष अवसरों पर सड़कों पर होने वाली नमाज (Namaz on Road) या अन्य धार्मिक गतिविधियों को लेकर इतना विवाद क्यों खड़ा किया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नियम और कानून देश के सभी नागरिकों और सभी धार्मिक त्योहारों पर समान रूप से लागू होने चाहिए, ताकि समाज में आपसी सौहार्द बना रहे।कोटा के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में खुफिया एजेंसियां अलर्ट, शांति की अपीलभौगोलिक और स्थानीय संवेदनशीलता (Geographical and Local Optimization) के लिहाज से देखा जाए तो कोटा शहर का इतिहास बेहद शांतिप्रिय रहा है, लेकिन इस प्रकार के बयानों के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। कोटा शहर पुलिस, खुफिया शाखा और स्थानीय प्रशासन ने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। भीमगंजमंडी, मकबरा, गुमानपुरा और विज्ञान नगर जैसे स्थानीय और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन ने स्थानीय शांति समितियों और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट या बयानों पर ध्यान न दें और शहर में भाईचारा बनाए रखें।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक सोशल गवर्नेंस सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना हुआ है कोटा का यह मुद्दाआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के दौर में देश भर के इंटरनेट यूजर्स कोटा मौलाना आजमी स्टेटमेंट, समान नागरिक संहिता विवाद राजस्थान, और कांवड़ यात्रा बनाम सड़क पर नमाज जैसे विषयों को गूगल और अन्य आधुनिक सर्च इंजनों पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि इस बयान पर कोटा के अन्य धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया आई है। सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल युग में ऐसे संवेदनशील और नीतिगत मुद्दों पर होने वाली डिबेट एआई-संचालित सर्च इंजनों पर तेजी से वायरल होती है, जो देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विधिक सुधारों के प्रति जनता की गहरी रुचि को दर्शाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:48 pm

किश्तवाड़ में सेना के कर्नल और 40 जवानों पर FIR, जानिए क्या है मामला?

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक पुलिस स्टेशन के अंदर राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों द्वारा कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के बाद, एक कर्नल और एक मेजर समेत सेना के 40 जवानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह घटना बुधवार को अथोली पुलिस ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 3:48 pm

खाटूधाम में उमड़ा आस्था का भव्य सैलाब, निर्जला एकादशी मेले में देश-विदेश से पहुंचे लाखों श्याम भक्त, जयकारों से गूंजी खाटू नगरी

राजस्थान के सुप्रसिद्ध और विश्वविख्यात धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में एक बार फिर आस्था का ऐसा अनूठा और भव्य नजारा देखने को मिला है जिसने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पावन पर्व निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2026) के महापर्व पर बाबा श्याम के दर्शन के लिए देश और दुनिया के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। कड़कड़ाती धूप और भीषण उमस के बावजूद भक्तों के उत्साह और श्रद्धा में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। रींगस रोड से लेकर मुख्य मंदिर परिसर तक चारों तरफ केवल रंग-बिरंगे श्याम निशान, तोरण द्वार और 'हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा' के गगनभेदी जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। इस विशेष मेले को लेकर खाटू नगरी पूरी तरह श्याममयी हो चुकी है।रींगस से खाटूधाम तक पैदल यात्रियों की लगी लंबी कतारें, निशानों के साथ बढ़ रहे कदमनिर्जला एकादशी मेले के दौरान सबसे मुख्य आकर्षण रींगस से खाटूधाम के बीच का करीब 17 किलोमीटर लंबा पैदल मार्ग बना हुआ है। लाखों की संख्या में श्याम भक्त हाथों में बाबा का पवित्र निशान (ध्वज) लेकर पैदल यात्रा करते हुए मुख्य मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं। कई श्रद्धालु कनक दंडवत करते हुए भी बाबा के दरबार पहुंच रहे हैं। भक्तों के स्वागत और सेवा के लिए पूरे रास्ते में स्थानीय सामाजिक संस्थाओं और भंडारा कमेटियों द्वारा ठंडे पानी, शरबत, शिकंजी और फल-प्रसाद की बेहद शानदार व्यवस्था की गई है, जिससे पैदल चल रहे यात्रियों को इस भीषण गर्मी में बड़ी राहत मिल रही है।मंदिर प्रशासन और जिला पुलिस ने संभाला मोर्चा, जिग-जैग लाइनों से सुगम हुए दर्शनलाखों की इस भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाने के लिए सीकर जिला प्रशासन और श्री श्याम मंदिर कमेटी (Khatu Shyam Temple Committee) ने सुरक्षा के बेहद कड़े और अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और वीआईपी एंट्री मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए पल-पल की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। भक्तों को कतारबद्ध तरीके से बाबा के दर्शन कराने के लिए लखदातार मैदान में विशेष जिग-जैग (Zig-Zag) बैरिकेडिंग बनाई गई है। जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में हजारों पुलिसकर्मियों और आरएसी के जवानों के साथ-साथ निजी सुरक्षा गार्डों को भी चौबीसों घंटे तैनात रखा गया है ताकि किसी भी बुजुर्ग या बच्चे को भीड़ में परेशानी न हो।सीकर और खाटू के स्थानीय व्यापारियों व होटल व्यवसायियों के चेहरे खिले, अर्थव्यवस्था को मिला बूस्टभौगोलिक और स्थानीय पर्यटन विकास (Geographical and Local Tourism Optimization) के दृष्टिकोण से देखा जाए तो निर्जला एकादशी के इस विशाल मेले से सीकर, खाटू, रींगस और आस-पास के स्थानीय व्यापारियों के चेहरे पूरी तरह खिल उठे हैं। खाटू नगरी के सभी प्रमुख होटल्स, धर्मशालाएं, गेस्ट हाउस और विश्राम गृह पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। इसके साथ ही, बाबा श्याम के प्रसाद (मावा पेड़ा), नारियल, इत्र, खिलौने और श्याम कलाकृतियों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों के सुगम आवागमन के लिए रोडवेज बसों और विशेष मेला ट्रेनों के संचालन की भी व्यवस्था की है ताकि स्थानीय रूटों पर ट्रैफिक जाम की समस्या न पैदा हो।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक डिवोशनल सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना हुआ है खाटूश्यामजी का मेलाआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के युग में देश भर के करोड़ों श्याम भक्त खाटूश्यामजी लाइव दर्शन आज, निर्जला एकादशी खाटू मेला अपडेट, और बाबा श्याम आरती टाइमिंग को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च इंजनों पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि मंदिर में दर्शन की लाइव कतार की क्या स्थिति है और सीकर के मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है। धार्मिक और डिजिटल विश्लेषकों का मानना है कि आस्था के इस महापर्व की एआई-संचालित प्लेटफॉर्म्स पर भारी सर्च यह साफ दर्शाती है कि बाबा श्याम के प्रति लोगों की अटूट आस्था डिजिटल युग में और अधिक तेजी से देश-विदेश में फैल रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:46 pm

राजस्थान में सरकार नहीं, बैक सीट से RSS चला रहा है पूरा सिस्टम'— पूर्व सीएम अशोक गहलोत का सबसे बड़ा और तीखा हमला

मरुधरा की सियासत से इस वक्त की बेहद चौंकाने वाली और सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने सूबे की मौजूदा भाजपा सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर अब तक का सबसे तीखा और सीधा हमला बोला है। एक विशेष प्रेस वार्ता और सार्वजनिक मंच से हुंकार भरते हुए अशोक गहलोत ने बेहद गंभीर आरोप लगाया कि राजस्थान में जनता द्वारा चुनी हुई कैबिनेट या सरकार काम नहीं कर रही है, बल्कि परदे के पीछे से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पूरे सरकारी सिस्टम और नौकरशाही को कंट्रोल कर रहा है। गहलोत के इस सनसनीखेज बयान के बाद राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में भारी घमासान मच गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर पहुंच चुका है।'अधिकारियों के तबादलों से लेकर नीतियों तक में हो रहा है बाहरी हस्तक्षेप'— गहलोत का कड़ा आरोपपूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रदेश में संवैधानिक गरिमा को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Rajasthan) से होने वाले बड़े फैसलों, आईएएस-आईपीएस (IAS-IPS) अधिकारियों के तबादलों से लेकर जनहित की नीतियों के निर्धारण में नागपुर और स्थानीय संघ कार्यालयों से सीधे निर्देश आ रहे हैं। गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्रियों के पास अपने विवेक से काम करने की आजादी नहीं बची है और पूरी सरकार सिर्फ 'रिमोट कंट्रोल' से संचालित हो रही है, जिससे राज्य का विकास और आम जनता के काम पूरी तरह से ठप हो गए हैं।कांग्रेस ने साधा निशाना, भाजपा और संघ विचारकों का पलटवार— 'यह केवल हार की हताशा है'अशोक गहलोत के इस बड़े हमले के बाद राजस्थान भाजपा और संघ के स्थानीय विचारकों ने भी पलटवार करने में बिल्कुल देरी नहीं की। सत्तापक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने गहलोत के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह और चुनावी हार की हताशा का परिणाम बताया है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि संघ एक राष्ट्रवादी और सामाजिक संगठन है, जिसका सरकार के रोजमर्रा के कामकाज से कोई सीधा सरोकार नहीं है। मौजूदा सरकार पूरी तरह से आत्मनिर्भर और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की साढे सात करोड़ जनता के कल्याण के लिए पारदर्शी तरीके से काम कर रही है।जयपुर से लेकर जोधपुर और उदयपुर तक के स्थानीय सियासी हलकों में मची भारी खलबलीभौगोलिक और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों (Geographical and Local Political Dynamics) के लिहाज से देखा जाए तो अशोक गहलोत के इस बयान का असर राजधानी जयपुर के सचिवालय से लेकर जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर जैसे राज्य के सभी प्रमुख संभागों में देखा जा रहा है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गहलोत इस तरह के आक्रामक बयानों के जरिए आने वाले स्थानीय चुनावों और उपचुनावों के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और बुनियादी मुद्दों पर सरकार को घेरने की बड़ी रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस बयान के बाद जिला स्तर पर भी कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक पर जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक पॉलिटिकल सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना हुआ है राजस्थान का यह सियासी घमासानआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के युग में देश भर के करोड़ों इंटरनेट यूजर्स अशोक गहलोत बयान आज, राजस्थान गवर्नमेंट आरएसएस कंट्रोवर्सी, और राजस्थान की आज की बड़ी खबर को गूगल और अन्य आधुनिक सर्च इंजनों पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि इस नए राजनीतिक विवाद का राजस्थान की आगामी योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों पर क्या असर पड़ने वाला है। डिजिटल विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान की राजनीति में आया यह भूचाल इंटरनेट और एआई-संचालित प्लेटफॉर्म्स पर लगातार सुर्खियां बटोर रहा है, जो जनता की राजनीतिक जागरूकता को साफ दर्शाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:44 pm

पटना वालों को लगा तगड़ा झटका: नगर निगम ने वार्षिक किराया मूल्य में की 15% की भारी बढ़ोतरी, जेब पर बढ़ेगा होल्डिंग टैक्स का सीधा बोझ

बिहार की राजधानी पटना में रहने वाले लाखों मकान मालिकों, दुकानदारों और किराएदारों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी और तगड़ी झटका देने वाली खबर सामने आ रही है। पटना नगर निगम (Patna Municipal Corporation) ने शहर के विकास कार्यों और राजस्व को बढ़ाने के नाम पर प्रॉपर्टी धारकों पर एक नया वित्तीय बोझ डाल दिया है। नगर निगम प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर प्रॉपर्टी के वार्षिक किराया मूल्य (Annual Rental Value - ARV) में सीधे 15 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी करने का एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। इस नए आदेश के लागू होते ही अब पटना वासियों को अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा होल्डिंग टैक्स (Holding Tax) चुकाना होगा, जिससे स्थानीय जनता के बजट पर सीधा असर पड़ने वाला है।जानिए क्या होता है वार्षिक किराया मूल्य और आपकी जेब पर कैसे बढ़ेगा टैक्स का बोझसरल शब्दों में समझें तो वार्षिक किराया मूल्य (ARV) वह पैमाना है जिसके आधार पर नगर निगम किसी भी संपत्ति या मकान का टैक्स निर्धारित करता है। इसमें 15% की वृद्धि होने का सीधा मतलब यह है कि आपका सालाना होल्डिंग टैक्स भी इसी अनुपात में बढ़ जाएगा। पटना नगर निगम के इस फैसले का असर न केवल खुद का मकान रखने वाले मकान मालिकों पर पड़ेगा, बल्कि शहर के व्यावसायिक परिसरों, दुकानों और मॉल्स पर भी इसका व्यापक असर दिखेगा। जानकारों का मानना है कि इस बढ़ोतरी के बाद मकान मालिक अब किराएदारों से भी ज्यादा किराया वसूलने की तैयारी कर सकते हैं, जिससे पटना में रहना और दुकान चलाना दोनों महंगा हो जाएगा।पटना के सभी वार्डों और प्रमुख पॉश इलाकों में तत्काल प्रभाव से लागू होगा नया नियमभौगोलिक और स्थानीय प्रशासनिक दृष्टिकोण (Geographical and Local Optimization) से देखा जाए तो पटना नगर निगम के सभी अंचलों (जैसे बांकीपुर, कंकड़बाग, नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, पटना सिटी और अजीमाबाद) के अंतर्गत आने वाले सभी वार्डों में यह नया नियम लागू किया जा रहा है। विशेष रूप से बोरिंग रोड, बेली रोड, कंकड़बाग, फ्रेजर रोड, राजाबाजार और डाकबंगला जैसे पटना के प्रमुख पॉश और व्यावसायिक इलाकों में टैक्स की दरें सबसे ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। नगर निगम के अधिकारियों का तर्क है कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने, जलजमाव की समस्या से मुक्ति दिलाने और साफ-सफाई की व्यवस्था को अत्याधुनिक करने के लिए राजस्व बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया था।जनता और स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने जताया कड़ा विरोध, फैसले को वापस लेने की मांगनगर निगम द्वारा अचानक की गई इस 15% की बढ़ोतरी के बाद पटना के स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न व्यापारिक संगठनों में भारी आक्रोश और नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर यह टैक्स का नया बोझ पूरी तरह से अनुचित है। कई व्यापारिक संघों ने नगर निगम प्रशासन और मेयर को ज्ञापन सौंपकर इस फैसले को तुरंत वापस लेने या बढ़ोतरी की दर को कम करने की पुरजोर मांग की है। सोशल मीडिया पर भी पटना के लोग इस फैसले के खिलाफ लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक अर्बन टैक्स सर्च पर क्यों लगातार टॉप ट्रेंड बना हुआ है पटना का यह बड़ा फैसलाआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के युग में पटना के लाखों नागरिक पटना नगर निगम होल्डिंग टैक्स ऑनलाइन, पटना में मकान का टैक्स कैसे जमा करें, और वार्षिक किराया मूल्य न्यू रेट्स को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि इस नई बढ़ोतरी के बाद उनके टैक्स के बिल में कितने रुपये का अंतर आएगा और ऑनलाइन पेमेंट करने पर क्या कोई छूट मिलेगी। नगर निगम और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल माध्यमों पर प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े नियमों की यह भारी सर्च जनता के बीच जागरूक रहने और सरकारी नीतियों को समझने की बढ़ती प्रवृत्ति को साफ दर्शाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:37 pm

8वां वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम और अधिकतम सैलरी में कितना होता है अंतर? जानिए पहले से 7वें वेतन आयोग तक का पूरा इतिहास

केंद्र सरकार के लाखों सेवारत कर्मचारी और पेंशनभोगी इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के आधिकारिक गठन और उसकी सिफारिशों का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, कर्मचारी यूनियनों और गलियारों में न्यूनतम (Minimum) और अधिकतम (Maximum) बेसिक वेतन के बीच के अंतर को लेकर बहस और चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं।सरकारी वेतन आयोगों की तकनीकी भाषा में इस अंतर को कंप्रेशन रेशियो (Compression Ratio) कहा जाता है। यह रेशियो सीधे तौर पर यह दर्शाता है कि सरकार के सबसे निचले पायदान पर काम करने वाले कर्मचारी और सबसे शीर्ष अधिकारी (जैसे कैबिनेट सचिव) के मूल वेतन (Basic Salary) में कितना गुना अंतर है।वर्तमान में लागू 7वें वेतन आयोग के ढांचे के तहत, एक केंद्रीय कर्मचारी का न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 प्रति माह है, जबकि शीर्ष स्तर पर अधिकतम बेसिक वेतन ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपये) प्रति माह तय है। इस प्रकार, मौजूदा समय में यह वेतन अनुपात 1:13.9 का है। कर्मचारी संगठनों का साफ तर्क है कि यह अंतर सामाजिक और आर्थिक रूप से काफी ज्यादा है, जिसे आगामी वेतन आयोग में हर हाल में कम किया जाना चाहिए।दूसरे वेतन आयोग में था इतिहास का सबसे खौफनाक अंतरभारत में आजादी के समय साल 1947 में पहला वेतन आयोग लागू किया गया था। लेकिन भारतीय इतिहास में सबसे ज्यादा वेतन असमानता और विसंगति दूसरे वेतन आयोग (1957) के दौर में दर्ज की गई थी। उस समय निचले स्तर पर न्यूनतम बेसिक वेतन मात्र ₹80 था, जबकि शीर्ष अधिकारियों का अधिकतम बेसिक वेतन ₹3,000 प्रति माह तय किया गया था। इसके चलते दोनों के बीच का कंप्रेशन रेशियो 1:37.5 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था, जो भारतीय प्रशासनिक इतिहास में आज तक का सबसे बड़ा अंतर माना जाता है।इस भारी असमानता के बाद चौतरफा विरोध को देखते हुए सरकार ने वेतन के इस अंतर को पाटने की दिशा में कदम उठाए। नतीजा यह हुआ कि तीसरे वेतन आयोग (1973) में न्यूनतम वेतन ₹196 और अधिकतम वेतन ₹3,500 तय होने से यह अनुपात घटकर 1:17.9 रह गया था।चौथे और पांचवें वेतन आयोग में आया सबसे संतुलित दौरसाल 1986 में जब चौथा वेतन आयोग देश में लागू हुआ, तो वेतन विसंगतियों में भारी सुधार देखा गया। इसमें न्यूनतम बेसिक वेतन ₹750 और अधिकतम वेतन ₹8,000 तय किया गया, जिससे यह अनुपात पहली बार घटकर मात्र 1:10.7 रह गया।इसके बाद, साल 1996 में आए पांचवें वेतन आयोग में इस असमानता को और ज्यादा कम किया गया। उस समय न्यूनतम बेसिक वेतन ₹2,550 और अधिकतम वेतन ₹26,000 प्रति माह तय किया गया, जिससे कंप्रेशन रेशियो घटकर अपने इतिहास के सबसे न्यूनतम स्तर यानी 1:10.2 पर आ गया था। इसे भारतीय वेतन संरचना के लिहाज से अब तक का सबसे संतुलित और समाजवाद के करीब का दौर माना जाता है।छठे और सातवें वेतन आयोग में फिर से बढ़ने लगी असमानतापांचवें वेतन आयोग के संतुलित दौर के बाद, छठे और सातवें वेतन आयोग में यह खाई एक बार फिर से चौड़ी होने लगी:छठा वेतन आयोग (2006): इस आयोग में न्यूनतम बेसिक वेतन को बढ़ाकर ₹7,000 और अधिकतम वेतन को ₹80,000 किया गया। इसके कारण वेतन का अनुपात 1:10.2 से दोबारा बढ़कर 1:11.4 पर पहुंच गया।सातवां वेतन आयोग (2016): इसमें कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 और अधिकतम ₹2.50 लाख रुपये तय हुआ, जिससे यह कंप्रेशन रेशियो और ज्यादा बढ़कर सीधे 1:13.9 के स्तर पर पहुंच गया, जो वर्तमान में भी लागू है।पहले से 7वें वेतन आयोग तक 'कंप्रेशन रेशियो' का पूरा चार्ट:वेतन आयोग (Pay Commission)न्यूनतम वेतन (₹)अधिकतम वेतन (₹)कंप्रेशन रेशियो (अनुपात)दूसरा वेतन आयोग (1957)₹80₹3,0001 : 37.5 (सबसे ज्यादा)तीसरा वेतन आयोग (1973)₹196₹3,5001 : 17.9चौथा वेतन आयोग (1986)₹750₹8,0001 : 10.7पांचवां वेतन आयोग (1996)₹2,550₹26,0001 : 10.2 (सबसे संतुलित)छठा वेतन आयोग (2006)₹7,000₹80,0001 : 11.4सातवां वेतन आयोग (2016)₹18,000₹2,50,0001 : 13.98वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को क्या है उम्मीद? '1:8' का फॉर्मूलाआगामी 8वें वेतन आयोग को लेकर विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने सरकार के सामने एक बेहद मजबूत और ठोस मांग रखी है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस बार न्यूनतम और अधिकतम वेतन का अनुपात घटाकर सीधे 1:8 के दायरे में लाया जाना चाहिए।उनका तर्क है कि बढ़ती महंगाई और जीवन यापन के खर्च को देखते हुए निचले स्तर के कर्मचारियों (ग्रुप-सी और डी) को वित्तीय रूप से अधिक मजबूत करने की जरूरत है। यदि अनुपात 1:8 किया जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक उछाल देखने को मिलेगा।आर्थिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि सरकार कर्मचारियों की इस मांग पर सकारात्मक विचार करती है, तो आगामी 8वां वेतन आयोग केवल एक रूटीन वेतन बढ़ोतरी (Salary Hike) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश में सरकारी कर्मचारियों के बीच आय की असमानता को कम करने की दिशा में एक बेहद क्रांतिकारी और बड़ा कदम साबित हो सकता है। यही कारण है कि आने वाले समय में आयोग के गठन और उसकी हर एक सिफारिश पर देश के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों व पेंशनभोगियों की नजरें टिकी रहेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:36 pm

छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय, रायपुर समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली का कड़ा अलर्ट

चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए मौसम के मोर्चे से एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। बंगाल की खाड़ी से आ रही ठंडी और नमी से भरी हवाओं के चलते छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon in Chhattisgarh) पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर (IMD Raipur) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए एक कड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान कई मैदानी और वनांचल क्षेत्रों में वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने की भी गंभीर आशंका जताई गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है।इन जिलों में दिखेगा बादलों का भारी तांडव, मौसम विभाग ने जारी किया कड़ा अलर्टमौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून की सक्रियता के कारण प्रदेश के जिन जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का सबसे ज्यादा खतरा है, उनमें राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में सुबह से ही घने काले बादलों ने डेरा डाल रखा है और रुक-रुक कर रिमझिम बौछारों के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान लोग पक्के मकानों और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसान भाई बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों से उचित दूरी बनाकर रखें।बस्तर और सरगुजा संभाग में मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर, जनजीवन प्रभावितभौगोलिक और स्थानीय आपदा प्रबंधन (Geographical and Local Optimization) के लिहाज से देखा जाए तो दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग (दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, नारायणपुर) और उत्तर के सरगुजा संभाग (जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर) में मानसून की पहली भारी बारिश ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। अंदरूनी इलाकों के कई नदी-नाले और जलस्रोत पूरी तरह उफान पर आ गए हैं, जिससे कुछ ग्रामीण रास्तों पर आवागमन अस्थायी रूप से बाधित हुआ है। स्थानीय जिला प्रशासनों ने एहतियातन नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है और जलभराव वाले निचले इलाकों में पानी निकासी के लिए नगर निगम की टीमों को चौबीसों घंटे तैनात कर दिया है।उमस से मिली बड़ी राहत, कृषि कार्य और खरीफ फसलों के लिए वरदान साबित होगी यह बारिशमौसम में आए इस जबरदस्त बदलाव और ठंडी हवाओं के चलने से पिछले कई दिनों से पड़ रही चिपचिपी गर्मी और उमस से नागरिकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। राज्य में तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून का यह समय पर सक्रिय होना और लगातार बारिश होना छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस बारिश से खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बोआई और रोपाई के काम में तेजी आएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया और मजबूत बूस्ट मिलेगा।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक वेदर सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना हुआ है छत्तीसगढ़ का मौसमआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के युग में छत्तीसगढ़ के लाखों नागरिक आज का मौसम रायपुर, छत्तीसगढ़ में मानसून कब तक रहेगा, और बिजली गिरने से बचाव के उपाय जैसे विषयों को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि उनके स्थानीय ब्लॉक और शहर में अगले कुछ घंटों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है। मौसम विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के अचानक होने वाले भारी मौसमी बदलावों के दौरान डिजिटल माध्यमों पर मिलने वाली लाइव और सटीक जानकारियां आम जनता को सुरक्षित रखने और आपदाओं से बचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:36 pm

होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 नाविकों को निकालने का महा-अभियान शुरू; IMO तैनात करेगा 600 जहाज, बनाए गए 2 नए समुद्री रास्ते

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर इस समय एक बहुत बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आ रही है। रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में पिछले कई हफ्तों से फंसे 11,000 से अधिक मरीनर्स (नाविकों) को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक वैश्विक स्तर का मेगा इवेकुएशन (निकासी) अभियान शुरू कर दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च समुद्री संस्था, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि इस ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत सैकड़ों विशाल कमर्शियल जहाजों की मदद से समुद्र में फंसे कर्मचारियों को जीवनदान दिया जाएगा।इस बेहद बड़े और जोखिम भरे कदम की राह तब आसान हुई, जब हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता संपन्न हुआ। दोनों महाशक्तियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य संघर्ष को खत्म करने के इस समझौते के बाद, अब खाड़ी क्षेत्र में ठप पड़े अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और कमर्शियल शिपिंग को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिशें युद्ध स्तर पर की जा रही हैं।महा-अभियान में शामिल होंगे 500 से 600 व्यावसायिक जहाजआईएमओ (IMO) की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र के बीचो-बीच चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें करीब 500 से 600 अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक (कमर्शियल) जहाजों को तैनात किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी ने खाड़ी क्षेत्र में फंसे सभी छोटे-बड़े जहाजों और कार्गो कप्तानों से सीधे सैटेलाइट संपर्क साधना शुरू कर दिया है, ताकि बिना किसी गड़बड़ी के नाविकों को सुरक्षित कॉरिडोर के जरिए बाहर निकाला जा सके।आपको बता दें कि इस भीषण युद्ध और नाकेबंदी से पहले होर्मुज स्ट्रेट से हर दिन करीब 130 मालवाहक जहाज गुजरते थे, लेकिन हालिया तनाव के दिनों में यह संख्या सिमटकर महज 20 से 30 जहाज प्रतिदिन रह गई थी। अब इस मेगा निकासी योजना के लागू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि वैश्विक समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे अपने पुराने स्तर पर लौट आएगी।सुरक्षित आवाजाही के लिए तैयार हुए दो नए समुद्री मार्गअंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने इस अभियान को पूरी सुरक्षा के साथ अंजाम देने के लिए होर्मुज के अशांत पानी में दो नए अस्थायी नौवहन मार्ग (समुद्री रास्ते) तय किए हैं:उत्तरी मार्ग (Northern Route): यह नया रूट ईरान के तट के बेहद करीब से होकर गुजरेगा।दक्षिणी मार्ग (Southern Route): यह सुरक्षित रास्ता ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के समुद्री सीमा क्षेत्र से होकर आगे बढ़ेगा।संगठन ने सख्त हिदायत जारी करते हुए कहा है कि यह एक बेहद संवेदनशील सैन्य और नागरिक रेस्क्यू ऑपरेशन है, इसलिए सुरक्षा कारणों और रीयल-टाइम इनपुट के आधार पर किसी भी समय जहाजों की आवाजाही को बीच समुद्र में अस्थायी रूप से रोका भी जा सकता है।समुद्र में छिपी 'बारूदी सुरंगों' और ड्रोन हमलों का बड़ा खतराआईएमओ (IMO) ने अपने आधिकारिक बुलेटिन में दुनिया भर के शिपिंग कप्तानों को गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के मुताबिक, युद्ध भले ही रुक गया हो, लेकिन समुद्र की गहराइयों में अभी भी तैरती हुई बारूदी सुरंगों (Naval Mines) और मलबे के कारण खराब नौवहन परिस्थितियों का बड़ा खतरा बना हुआ है।इसी वजह से जहाजों के कप्तानों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी मर्जी से या शॉर्टकट लेकर आगे बढ़ने की गलती बिल्कुल न करें और केवल नौसैनिक अधिकारियों के निर्देशों का इंतजार करें। इस ऑपरेशन के तहत हर एक जहाज को एक विशेष 'ट्रांजिट ग्रुप' (बेड़े) में शामिल किया जा रहा है और सुरक्षा जांच के बाद ही उन्हें यात्रा के लिए अलग-अलग दिन और समय आवंटित किए जा रहे हैं।युद्ध की विभीषिका: अब तक 14 बेकसूर नाविकों ने गंवाई जानमध्य पूर्व में इजराइल-ईरान तनाव के बाद शुरू हुए इस पूरे समुद्री संकट के दौरान होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर में मालवाहक जहाजों पर हुए मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमलों में अब तक कुल 14 बेकसूर नाविकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। क्षेत्र में लगातार हुए इन हमलों के कारण वैश्विक समुद्री परिवहन और सप्लाई चेन पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो गई थी, जिसने भारत सहित पूरी दुनिया में कच्चे तेल, एलपीजी और गैस की वैश्विक आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित कर महंगाई को बढ़ा दिया था। यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र का यह रेस्क्यू ऑपरेशन न केवल इंसानी जानें बचाने के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की चरमराई अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए भी बेहद जरूरी माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:35 pm

छत्तीसगढ़ में खुलेगा देश का प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान: नई दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मिले सीएम विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा शिक्षा और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को वैश्विक स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ में देश का बेहद प्रतिष्ठित 'अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान' (All India Institute of Ayurveda - AIIA) खोलने की तैयारी तेजी से शुरू हो गई है। इस महापरियोजना को धरातल पर उतारने और केंद्र सरकार की मंजूरी हासिल करने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश की राजधानी नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च-स्तरीय मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने राज्य में आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से संबंधित एक औपचारिक और विस्तृत प्रस्ताव गृहमंत्री को सौंपा, जिस पर बेहद सकारात्मक चर्चा हुई है।छत्तीसगढ़ की समृद्ध वनौषधियों और पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक पटल पर चमकाएगा यह संस्थानमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से चर्चा करते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, घने जंगलों और दुर्लभ वनौषधियों (Medicinal Plants) के मामले में देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है। बस्तर और सरगुजा के अंचलों में सदियों से पारंपरिक जड़ी-बूटियों और आयुर्वेद का एक विशाल खजाना मौजूद है। राज्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) खुलने से न केवल यहां के स्थानीय आदिवासी और पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक और आधुनिक शोध (Research) का आधार मिलेगा, बल्कि आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतरीन नए द्वार भी खुलेंगे।दिल्ली में हुई इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात में राज्य के विकास और सुरक्षा पर भी हुआ बड़ा मंथननई दिल्ली में आयोजित इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सिर्फ स्वास्थ्य क्षेत्र ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े कई अन्य अहम मुद्दों और नक्सल मोर्चे पर चल रहे अभियानों को लेकर भी गंभीर समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री अमित शाह को राज्य में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और बस्तर क्षेत्र में अंदरूनी गांवों तक पहुंचाई जा रही सरकारी सुविधाओं की प्रगति से अवगत कराया। केंद्रीय गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ की साय सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए केंद्र की ओर से हर संभव वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग देने का पूरा भरोसा जताया है।रायपुर-भिलाई से लेकर बस्तर-सरगुजा तक के स्थानीय मरीजों को मिलेगा एम्स जैसा विश्वस्तरीय इलाजभौगोलिक और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं (Geographical and Local Optimization) के दृष्टिकोण से देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में इस संस्थान के खुलने का सीधा फायदा न केवल राजधानी रायपुर, दुर्ग और भिलाई जैसे शहरी केंद्रों को मिलेगा, बल्कि राज्य के सुदूर वनांचलों में रहने वाले गरीब परिवारों को भी मिलेगा। वर्तमान में एम्स रायपुर (AIIMS Raipur) पर मरीजों का भारी दबाव रहता है, ऐसे में आयुर्वेद का यह राष्ट्रीय स्तर का संस्थान चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़े विकल्प के रूप में उभरेगा। स्थानीय स्तर पर इस संस्थान के आने से छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्यों जैसे ओडिशा, मध्य प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र के मरीजों को भी बेहद किफायती और विश्वस्तरीय आयुर्वेदिक इलाज मिल सकेगा।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना हुआ है यह बड़ा प्रस्तावआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के दौर में देश भर के छात्र, चिकित्सा विशेषज्ञ और छत्तीसगढ़ के नागरिक छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद संस्थान, सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली दौरा, और अमित शाह विष्णुदेव साय मीटिंग को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च इंजनों पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि इस संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ के किस विशेष शहर में की जाएगी और इसकी निर्माण प्रक्रिया कब से शुरू होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारंपरिक आयुर्वेद को बढ़ावा देने का छत्तीसगढ़ सरकार का यह विजन एआई-संचालित डिजिटल सर्च पर एक बड़ा और सकारात्मक ट्रेंड स्थापित कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:35 pm

मिर्जापुर मूवी का टीजर रिलीज: कालीन भैया का रूतबा और गुड्डू पंडित का भौकाल; ये हैं टीजर के 5 सबसे धांसू और बवाल डायलॉग्स

वेब सीरीज की दुनिया में तहलका मचाने के बाद 'मिर्जापुर' अब सिनेमाघरों में बड़े पर्दे पर गदर मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), गुड्डू भैया (अली फजल) और मुन्ना भैया (दिव्येंदु शर्मा) के फैंस के लिए आज यानी 25 जून, 2026 का दिन बेहद खास बन गया है। मेकर्स ने मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ (Mirzapur: The Movie) का पहला खूंखार टीजर आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है, जिसने रिलीज होते ही यूट्यूब और सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है।इस बार मिर्जापुर की इस कल्ट क्राइम दुनिया में भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन और 'पंचायत' फेम सचिव जी यानी जितेंद्र कुमार की भी धमाकेदार एंट्री कराई गई है। गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी यह महा-फिल्म 4 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। हमेशा की तरह इस बार भी फिल्म में एक से बढ़कर एक रोंगटे खड़े कर देने वाले संवाद (डायलॉग्स) हैं, जिनकी पहली झलक हमें इस छोटे से टीजर में ही देखने को मिल गई है।टीजर की शुरुआत कालीन भैया के उसी पुराने और रूतबेदार अंदाज से होती है, जिसके बाद गुड्डू पंडित हाथ में बंदूक थामे अपने पूरे भौकाल के साथ स्क्रीन पर छा जाते हैं। इस बार फिल्म में एक बड़ा बदलाव यह है कि दिवंगत बबलू पंडित (विक्रांत मैसी) की जगह जितेंद्र कुमार को गुड्डू पंडित के भाई के रूप में पेश किया गया है। आइए नजर डालते हैं ‘मिर्जापुर: द मूवी‘ के टीजर के उन 5 सबसे बेस्ट और दमदार डायलॉग्स पर, जो हर तरफ वायरल हो रहे हैं।‘मिर्जापुर: द मूवी’ के 5 सबसे बेस्ट और भौकाली डायलॉग्स:1. कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) का औलाद पर तंजकाबिल औलाद बहुत मुश्किल से मिलती है. और कभी-कभी नहीं भी मिलती है.(मुन्ना भैया के किरदार और अपनी विरासत को लेकर कालीन भैया का यह गहरा संवाद सीधे दिल पर चोट करता है।)2. गुड्डू भैया और उनके बाबूजी की मजेदार बहसगुड्डू भैया (अली फजल): आप हिस्ट्री उठाकर देख लीजिए, जितने गैंगस्टर लोग एंबीशियस रहे हैं, सब साले टॉप पर पहुंचे हैं, नीचे से उठकर ऊपर गए हैं.बाबूजी (राजेश तैलंग): वो सब ऊपर नहीं गए हैं, ऊपर ही चले गए.(गैंगस्टर बनने की जिद पर अड़े गुड्डू पंडित को उनके पिता ने अपने उसी पुराने और संजीदा अंदाज में मौत का सच याद दिलाया है।)3. गुड्डू भैया और जितेंद्र कुमार का नया विजनगुड्डू भैया: हम ही लोग चला रहे हैं कालीन भैया का एंपायर.जितेंद्र कुमार: हमें एंपायर चलाना नहीं है गुड्डू भैया, बनाना है.(मिर्जापुर की गद्दी पर बैठने के लिए बेताब गुड्डू पंडित को उनके नए भाई (जितेंद्र कुमार) ने साफ कर दिया है कि वे किसी की जागीर संभालने नहीं, बल्कि अपनी नई सल्तनत खड़ी करने आए हैं।)4. राजा और प्रजा पर कालीन भैया का ज्ञानसारी प्रजा को मार देंगे, तो राज किसपे करेंगे.(मिर्जापुर में होने वाले खून-खराबे और अंधाधुंध हिंसा के बीच कालीन भैया का यह डायलॉग उनके एक चतुर और दूरदर्शी बाहुबली होने का सबूत देता है।)5. शीबा चड्ढा की धमकी और रवि किशन का स्वैगगुड्डू की मां (शीबा चड्ढा): जानते हो न किसकी मम्मी हैं हम.रवि किशन: हमारा बाप कौन है ये तो बहुत बार सुने थे, हम किसकी मम्मी हैं, ये पहली बार सुने.(मिर्जापुर की सबसे निडर मां को जब रवि किशन अपने देसी और कड़क अंदाज में जवाब देते हैं, तो यह सीन थिएटर्स में सीटियां और तालियां बजाने पर मजबूर कर देगा।)एडवांस बुकिंग और हाइप में नंबर वनमिर्जापुर के तीनों सीजन ओटीटी पर ब्लॉकबस्टर रहे हैं, लेकिन अब इसे थिएटर के बड़े पर्दे के हिसाब से बड़े कैनवास पर फिल्माया गया है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि टीजर के इन दमदार डायलॉग्स और रवि किशन-जितेंद्र कुमार की नई एंट्री के बाद फिल्म की हाइप सातवें आसमान पर पहुंच गई है। 4 सितंबर को जब यह फिल्म रिलीज होगी, तो बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड्स दांव पर होंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:33 pm

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, महतारी वंदन योजना में आवेदन का फिर मिलेगा सुनहरा मौका

छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने प्रदेश की लाखों महिलाओं को एक बार फिर से बेहद शानदार और बड़ा तोहफा देने की पूरी तैयारी कर ली है। राज्य की सबसे लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी 'महतारी वंदन योजना' (Mahtari Vandan Yojana) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। ऐसे बहुत से परिवार और पात्र महिलाएं जो किसी कारणवश पहले चरण या पूर्व के आवेदनों के दौरान इस योजना का लाभ लेने से चूक गई थीं, या जो महिलाएं हाल ही में इस योजना के तय नियमों के तहत नई पात्रता के दायरे में आई हैं, उनके लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार बहुत जल्द आवेदन की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने जा रही है, जिसके लिए विशेष रूप से ऑनलाइन पोर्टल को दोबारा खोला जाएगा।नई पात्र महिलाओं और छूटे हुए हितग्राहियों को मिलेगा सीधा लाभ, कैबिनेट स्तर पर तैयारी तेजमहिला एवं बाल विकास विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, महतारी वंदन योजना के इस आगामी चरण में उन महिलाओं को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा जो पिछली कट-ऑफ तारीख के बाद विवाह बंधन में बंधी हैं या जिन्होंने योजना के तहत तय की गई न्यूनतम आयु सीमा को हाल ही में पार किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Chhattisgarh) इस प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टल के री-ओपन होते ही सर्वर पर किसी भी तरह का लोड न बढ़े और ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को फॉर्म भरने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए पुख्ता तकनीकी इंतजाम किए जाएं।प्रतिवर्ष मिलते हैं ₹12000, जानिए क्या हैं इस योजना के जरूरी नियम और जरूरी दस्तावेजछत्तीसगढ़ सरकार की इस बेहद कल्याणकारी योजना के तहत प्रदेश की विवाहित, विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हर महीने ₹1000 यानी सालाना कुल ₹12,000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। दोबारा शुरू होने वाले आवेदन के लिए महिलाओं को कुछ बेहद जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी जा रही है। इनमें आवेदिका का आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक (जो आधार से लिंक और डीबीटी इनेबल्ड हो), मोबाइल नंबर, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और पति का आधार कार्ड शामिल हैं।बस्तर से लेकर सरगुजा तक, छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के स्थानीय केंद्रों में मचेगी धूमभौगोलिक और स्थानीय प्रशासनिक दृष्टिकोण (Geographical and Local Optimization) से देखा जाए तो महतारी वंदन योजना का प्रभाव छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों से लेकर दूर-दराज के नक्सल प्रभावित और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में सबसे ज्यादा देखा गया है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई जैसे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, जशपुर और सरगुजा जैसे सुदूर पहाड़ी व वनांचल क्षेत्रों में इस योजना के नए आवेदनों को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह है। स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और चॉइस सेंटरों (CSC) को विशेष रूप से एक्टिव किया जा रहा है ताकि ग्रामीण महिलाओं को आवेदन करने के लिए शहरों के चक्कर न काटने पड़े।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक सरकारी योजना सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना हुआ है महतारी वंदन योजना का यह नया अपडेटआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के दौर में छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएं महतारी वंदन योजना नेक्स्ट किस्त डेट, महतारी वंदन योजना ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरें 2026, और सीजी गवर्नमेंट न्यू स्कीम को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च कर रही हैं। एआई सर्च इंजनों पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि इस बार आवेदन की अंतिम तिथि क्या होगी और क्या नियमों में कोई नया बदलाव किया गया है। सामाजिक और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करने की इस योजना ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण बाजारों और महिला आत्मनिर्भरता को एक नया व मजबूत डिजिटल आयाम दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:33 pm

₹1200 करोड़ की महा-फिल्म 'वाराणसी' पर नेटफ्लिक्स का बड़ा इशारा, मोनिका शेरगिल के एक बयान से ओटीटी डील लगभग कंफर्म!

भारतीय सिनेमा के इतिहास की दूसरी सबसे महंगी और बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ (Varanasi) इन दिनों फिल्म गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। दिग्गज डायरेक्टर एस.एस. राजामौली (S.S. Rajamouli) के निर्देशन में बन रही इस फिल्म का बजट लगभग 1200 से 1300 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। फिल्म में मुख्य भूमिका साउथ सुपरस्टार महेश बाबू (Mahesh Babu) निभा रहे हैं, और उनके साथ बॉलीवुड व हॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे दिग्गज कलाकार भी स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे।फिलहाल महेश बाबू शूटिंग से एक छोटा सा ब्रेक लेकर छुट्टियों पर हैं और जल्द ही दोबारा सेट पर लौटेंगे। हालांकि, राजामौली ने अभी तक इस फिल्म की थिएट्रिकल (सिनेमाघरों के लिए) या नॉन-थिएट्रिकल डील्स को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन इसी बीच ओटीटी (OTT) की दिग्गज कंपनी नेटफ्लिक्स इंडिया (Netflix India) की कंटेंट वाइस प्रेसिडेंट मोनिका शेरगिल ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिससे यह लगभग साफ हो गया है कि फिल्म के डिजिटल स्ट्रीमिंग राइट्स नेटफ्लिक्स के खाते में जा चुके हैं।ट्रेलर लॉन्च इवेंट में मोनिका शेरगिल ने दिया बड़ा हिंटइस पूरे मामले की शुरुआत नेटफ्लिक्स की पहली तेलुगु ओरिजिनल सीरीज ‘सुपर सुब्बू’ के ग्रैंड ट्रेलर लॉन्च इवेंट से हुई। इस खास मौके पर नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट वाइस प्रेसिडेंट मोनिका शेरगिल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं। इवेंट के दौरान जब मीडिया ने उनसे सीधा सवाल दागा कि क्या नेटफ्लिक्स ने राजामौली और महेश बाबू की अपकमिंग फिल्म ‘वाराणसी’ के स्ट्रीमिंग राइट्स खरीद लिए हैं? तो मोनिका ने पहले एक बड़ी रहस्यमयी मुस्कान दी और फिर दिलचस्प अंदाज में कहा— “कुछ चीजें भविष्य के लिए सरप्राइज ही रहनी चाहिए।”ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर नेटफ्लिक्स और मेकर्स के बीच बातचीत फाइनल नहीं हुई होती, तो मोनिका शेरगिल साफ तौर पर 'ना' में जवाब देतीं या इस सवाल को पूरी तरह टाल देतीं। लेकिन उनका यह 'सरप्राइज' वाला जवाब साफ इशारा कर रहा है कि पर्दे के पीछे डील पक्की हो चुकी है और सही समय आने पर इसका आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।सबसे बड़े क्रिएटर्स हमेशा नेटफ्लिक्स पर होते हैंबातचीत के दौरान जब मोनिका शेरगिल को याद दिलाया गया कि राजामौली की ब्लॉकबस्टर ‘बाहुबली’ फ्रेंचाइजी और ऑस्कर विजेता ‘RRR’ को नेटफ्लिक्स ने ही दुनियाभर के कोने-कोने तक और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँचाया है, तो उन्होंने बेहद गर्व से जवाब दिया, ”बेहतरीन कहानियां और देश-दुनिया के सबसे बड़े क्रिएटर्स हमेशा नेटफ्लिक्स पर ही होते हैं।” उनके इस कॉन्फिडेंस ने वाराणसी के फैंस और सिनेमा प्रेमियों के उत्साह को दोगुना कर दिया है।बिना फीस लिए काम कर रहे हैं राजामौली और महेश बाबू, क्या होगी डील की कीमत?आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही यह बात सामने आई थी कि फिल्म का बजट बहुत बड़ा होने के कारण डायरेक्टर एस.एस. राजामौली और लीड एक्टर महेश बाबू ने इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी कोई बंधी-बंधाई फीस (Remuneration) नहीं ली है। दोनों ही दिग्गज 'प्रॉफिट शेयरिंग मॉडल' (मुनाफे में हिस्सेदारी) पर काम कर रहे हैं।चूंकि फिल्म के बिजनेस और डील्स को फाइनल करने की पूरी जिम्मेदारी खुद राजामौली के कंधों पर है, इसलिए वे हर एक कदम बहुत सोच-समझकर और बड़ी रणनीतिक तैयारी के साथ बढ़ा रहे हैं। अगर इतिहास पर नजर डालें, तो नेटफ्लिक्स ने राजामौली की पिछली फिल्म 'RRR' के डिजिटल राइट्स एक बड़े मल्टी-लैंग्वेज सौदे के तहत करीब 325 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदे थे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि 1200 करोड़ के बजट वाली ‘वाराणसी’ के लिए नेटफ्लिक्स ने भारतीय ओटीटी इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी और रिकॉर्डतोड़ रकम की बोली लगाई होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:32 pm

अमृतसर में सीमा पार अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, हथियार, ड्रग्स और हवाला कैश के साथ एक अफगानी समेत 7 तस्कर गिरफ्तार

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पंजाब के अमृतसर से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब पुलिस की स्पेशल काउंटर इंटेलिजेंस टीम और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक संयुक्त और गुप्त ऑपरेशन के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से होने वाली हथियारों, मादक पदार्थों (ड्रग्स) और देश विरोधी गतिविधियों को फंड करने वाले हवाला नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस बड़े और सुनियोजित क्रैकडाउन में सुरक्षा एजेंसियों ने एक विदेशी अफगानी नागरिक समेत कुल सात कुख्यात तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक विदेशी हथियार, करोड़ों रुपये की हेरोइन और लाखों रुपये की हवाला मनी बरामद की गई है।एक अफगानी नागरिक की मौजूदगी ने उड़ाए सुरक्षा एजेंसियों के होश, टेरर फंडिंग का शकसुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक आरोपी मूल रूप से अफगानिस्तान (Afghan National Arrested) का रहने वाला है। भारत में अवैध रूप से रहकर ड्रग्स और हथियारों के इस काले कारोबार को ऑपरेट करने वाले इस अफगानी नागरिक की गिरफ्तारी ने देश की सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। शुरुआती पूछताछ में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क न केवल नशे की खेप को देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई करता था, बल्कि सीमा पार बैठे अपने आकाओं के इशारे पर पंजाब और देश के अन्य राज्यों में टेरर फंडिंग और देश विरोधी गतिविधियों को हवा देने के लिए हवाला के पैसों (Hawala Money) का इस्तेमाल भी कर रहा था।ड्रोन के जरिए सरहद पार से भेजे जा रहे थे हथियार और हेरोइन की बड़ी खेपपूछताछ में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये तस्कर रात के अंधेरे में पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में रहते थे। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और वहां बैठे ड्रैगन आकाओं के इशारे पर आधुनिक और बड़े ड्रोनों (Drones) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सीमा के इस पार हथियारों और हेरोइन के पैकेट गिराए जाते थे। गिरफ्तार किए गए स्थानीय आरोपी जीपीएस लोकेशन ट्रैक करके उन पैकेटों को रिसीव करते थे और फिर उन्हें सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाते थे। पुलिस ने इनके पास से कई आधुनिक स्मार्टफोन, पाकिस्तानी सिम कार्ड और ऐसे डिजिटल गैजेट्स बरामद किए हैं जिनसे इनके सीमा पार संपर्कों का पूरा कच्चा चिट्ठा सामने आ गया है।अमृतसर के भारत-पाक सीमावर्ती इलाकों और लोकल ठिकानों पर सुरक्षा बेहद सख्तभौगोलिक और स्थानीय सुरक्षा दृष्टिकोण (Geographical and Local Border Security) से देखा जाए तो अमृतसर का यह सीमावर्ती क्षेत्र हमेशा से ही बेहद संवेदनशील रहा है। इस बड़ी रिकवरी और गिरफ्तारी के बाद अमृतसर, अटारी, तरनतारन और गुरदासपुर जैसे आस-पास के सभी स्थानीय सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर नाकेबंदी और रात के समय गश्त (Night Patrolling) को कई गुना बढ़ा दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की पूरी कोशिश कर रही है कि इन सात आरोपियों के अलावा स्थानीय स्तर पर और कौन से लोग इस खतरनाक नेटवर्क को लॉजिस्टिक्स और छिपने की जगह मुहैया करा रहे थे।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक डिजिटल क्राइम सर्च पर क्यों तेजी से ट्रेंड हो रहा है अमृतसर का यह महा-एक्शनआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के युग में देश भर के यूजर्स अमृतसर ड्रग्स एंड वेपन्स सीजर, पंजाब पुलिस हवाला नेटवर्क क्रैकडाउन और अफगान नेशनल अरेस्टेड इन पंजाब को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि सीमा पार से होने वाले इस ड्रोन और ड्रग्स के नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए भारतीय एजेंसियां किस प्रकार की नई आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के बड़े खुलासे इंटरनेट और डिजिटल अवेयरनेस के जरिए देश के नागरिकों को आंतरिक सुरक्षा और ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ एकजुट होने का एक बड़ा संदेश देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 3:30 pm

राम मंदिर चंदा प्रकरण पर पंकज चौधरी बोले- दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

राम मंदिर दान विवाद को लेकर विपक्ष के लगातार हमलों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में पहले ही गंभीर कदम उठाते हुए एसआईटी का गठन कर दिया है।

देशबन्धु 25 Jun 2026 3:20 pm

महाराष्ट्र : किडनी बिक्री मामले में फरार दिल्ली के डॉक्टर ने किया आत्मसमर्पण

चंद्रपुर। महाराष्ट्र के चर्चित किसान किडनी बिक्री मामले में वांछित दिल्ली के डॉक्टर रविंद्र पाल सिंह ने बुधवार को ब्रह्मपुरी अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। डॉ. सिंह इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं और स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) उनकी तलाश कर रही थी। […] The post महाराष्ट्र : किडनी बिक्री मामले में फरार दिल्ली के डॉक्टर ने किया आत्मसमर्पण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 3:13 pm

आपातकाल संविधान पर सीधा आघात था : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल को संविधान पर सीधा हमला बताते हुए उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी है जिन्होंने उस समय लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़तापूर्वक रक्षा की थी। मोदी ने गुरुवार को देशभर में मनाए जाने वाले संविधान हत्या दिवस का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि आज, […] The post आपातकाल संविधान पर सीधा आघात था : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 3:07 pm

काशी में क्रिकेटर आकाशदीप ने अक्षिता राज संग लिए सात फेरे

वाराणसी। भारतीय क्रिकेटर आकाशदीप का विवाह अक्षिता राज के साथ बुधवार रात धार्मिक नगरी काशी में नदेसर स्थित ताज होटल में संपन्न हुआ। विवाह समारोह में भोजपुरी स्टार पवन सिंह भी शामिल होने पहुंचे। होटल के गुलाबबाड़ी परिसर में मंडप एवं आसपास के क्षेत्र को काशी और महादेव थीम पर सजाया गया था। महादेव के […] The post काशी में क्रिकेटर आकाशदीप ने अक्षिता राज संग लिए सात फेरे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 3:04 pm

राज्यसभा के 31 फीसदी सांसद दागी, तीन सांसद अरबपति, सबसे ज्यादा दागी भाजपा में

Rajya Sabha MP report: देश के नीति-निर्धारण में अहम भूमिका निभाने वाले राज्यसभा के 'माननीय सांसदों' को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के 226 मौजूदा सांसदों के हलफनामों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से करीब ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 3:04 pm

अपेक्स बैंक की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपए के गबन पर 8 कर्मचारी बर्खास्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपए के कथित गबन के मामले में बैंक प्रबंधन ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आठ कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) से कराए जाने की तैयारी भी की जा रही है। […] The post अपेक्स बैंक की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपए के गबन पर 8 कर्मचारी बर्खास्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 3:00 pm

कर्नाटक में पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी, अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की बना रहा था योजना

बेंगलूरु। कर्नाटक के दावणगेरे ज़िले में उत्तर प्रदेश के एक 20 वर्षीय युवक की गिरफ़्तारी के साथ ही अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की एक कथित साज़िश को नाकाम कर दिया गया। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले सुहैल के तौर पर हुई […] The post कर्नाटक में पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी, अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की बना रहा था योजना appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 2:47 pm

मांड्या में कावेरी नदी के किनारे सेल्फी खींचने के दौरान 5 लोगों की डूबने से मौत

मांड्या। कर्नाटक के मांड्या जिले में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुत्तथी पर कावेरी नदी के किनारे अपनी तस्वीरें (सेल्फी) खींचने के प्रयास में एक ही परिवार की चार महिलाओं और उनके कार चालक सहित पांच लोगों की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई है। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि मृतकों की पहचान विजयम्मा, […] The post मांड्या में कावेरी नदी के किनारे सेल्फी खींचने के दौरान 5 लोगों की डूबने से मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 2:39 pm

जयपुर के जल महल जैसी दिखती है यह अनोखी ऐतिहासिक मस्जिद, 400 सालों से पानी के बीच है अडिग

भारत अपनी सदियों पुरानी ऐतिहासिक विरासतों, अद्भुत वास्तुकला और सांस्कृतिक विविधताओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। देश के कोने- कोने में कई ऐसी ऐतिहासिक इमारतें और धरोहरें मौजूद हैं, जिनके पीछे छिपे रहस्य और उनकी बनावट आज के आधुनिक इंजीनियरों को भी पूरी तरह हैरान कर देती है। ऐसी ही एक अनूठी और अद्भुत ऐतिहासिक धरोहर है एक प्राचीन मस्जिद, जो राजस्थान के प्रसिद्ध 'जयपुर जल महल' की तरह पानी के बीचों-बीच दिखाई देती है। लगभग 400 वर्षों से हर मौसम की मार को झेलते हुए शान से खड़ी यह इमारत मानसून के आते ही और भारी बारिश के दिनों में एक तैरते हुए द्वीप (Floating Island) जैसी नजर आने लगती है। इस अनोखी मस्जिद का दीदार करने के लिए दूर-दूर से इतिहास प्रेमी और पर्यटक खींचे चले आते हैं।400 साल पुराना इतिहास और इसकी बेजोड़ इंजीनियरिंग का अनोखा नमूनाइस ऐतिहासिक मस्जिद का निर्माण लगभग चार सदी पहले एक बेहद खास और मजबूत स्थापत्य कला के साथ किया गया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी नींव में इस्तेमाल की गई सामग्री और पत्थरों को इस तरह से तराशा गया है कि पानी के भीतर रहने के बावजूद इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचता। जब गर्मियों में आस-पास का जलस्तर कम होता है, तो इसके नीचे की पूरी बनावट और सीढ़ियां साफ दिखाई देती हैं, लेकिन जैसे ही बारिश का मौसम शुरू होता है और चारों तरफ पानी भर जाता है, तो यह पूरी इमारत जलमग्न होकर पानी की सतह पर तैरती हुई सी प्रतीत होती है। इसकी यही खूबी इसे देश की सबसे अनोखी मस्जिदों और ऐतिहासिक धरोहरों की सूची में शामिल करती है।मॉनसून के मौसम में सैलानियों के लिए बन जाती है पहली पसंदजैसे ही देश में मॉनसून दस्तक देता है और झमाझम बारिश का दौर शुरू होता है, इस ऐतिहासिक स्थल का नजारा पूरी तरह से बदल जाता है। चारों तरफ फैले पानी के बीच जब सूर्य की किरणें इस इमारत पर पड़ती हैं, तो इसका प्रतिबिंब पानी में बेहद मनमोहक और जादुई दृश्य पैदा करता है। इस दौरान यहां आने वाले पर्यटक और फोटोग्राफर्स इस अद्भुत नजारे को अपने कैमरों में कैद करने के लिए घंटों इंतजार करते हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह जगह आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ प्रकृति और इतिहास के अनूठे मिलन का एक बेहतरीन उदाहरण भी बन चुकी है।स्थानीय पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को मिल रहे हैं नए पंखभौगोलिक और स्थानीय पर्यटन (Geographical Tourism) के नजरिए से देखा जाए तो इस 400 साल पुरानी धरोहर के संरक्षण और इसके प्रचार-प्रसार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। क्षेत्रीय प्रशासन और पर्यटन विभाग अब इस ऐतिहासिक जल-मस्जिद के आस-पास बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं, ताकि यहां आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो। स्थानीय गाइडों और दुकानदारों का कहना है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस जगह की तस्वीरें वायरल होने के बाद से यहां पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक हेरिटेज सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना हुआ है यह विषयआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के दौर में देश भर के इतिहास प्रेमी, ट्रैवल ब्लॉगर्स और आर्किटेक्चर के छात्र भारत की इस अनोखी जल मस्जिद के इतिहास, इसकी सही लोकेशन और इसकी वास्तुकला के रहस्यों को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च इंजनों पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि भारत में जयपुर के जल महल जैसी दिखने वाली अन्य पानी की इमारतें कहां-कहां स्थित हैं। पर्यटन और इतिहास विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की छुपी हुई ऐतिहासिक विरासतों को डिजिटल माध्यमों से सामने लाना भारत के समृद्ध इतिहास को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान देने जैसा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 2:37 pm

वेनेजुएला में भूंकप के तेज झटके, 32 लोगों की मौत और चार घायल, आपातकाल घोषित

काराकास। वेनेजुएला में एक मिनट से भी कम समय के अंतर पर भूकंप के दो तेज झटके महसूस किए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.2 और 7.5 मापी गयी। अमरीकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने यह जानकारी दी।प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार भूकंप के जोरदार झटकों से 32 लोगों की मौत हो गई और चार घायल […] The post वेनेजुएला में भूंकप के तेज झटके, 32 लोगों की मौत और चार घायल, आपातकाल घोषित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 2:35 pm

4 मिनट का सफर और चढ़ाई का झंझट हमेशा के लिए खत्म: 6 केबिनों वाला रोपवे भुवनगिरी किले को बनाएगा वर्ल्ड-क्लास टूरिज्म हब

ऐतिहासिक धरोहरों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद रोमांचक खबर सामने आ रही है। देश के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक भुवनगिरी किले (Bhongir Fort) की खड़ी और थका देने वाली चढ़ाई से अब पर्यटकों को हमेशा-हमेशा के लिए मुक्ति मिलने जा रही है। तेलंगाना के इस ऐतिहासिक पर्यटन स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और पर्यटकों के सफर को सुगम बनाने के लिए यहां एक अत्याधुनिक रोपवे (Ropeway Project) का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। इस नई परियोजना के शुरू होने के बाद, जिस ऊंची पहाड़ी पर चढ़ने में लोगों के पसीने छूट जाते थे, वहां का सफर अब केवल 4 मिनट में बेहद आरामदायक और रोमांचक अंदाज में पूरा हो सकेगा।6 केबिनों वाला एडवांस्ड रोपवे सिस्टम देगा हवा में तैरने का अनोखा अहसासभुवनगिरी किले पर स्थापित किया जा रहा यह नया रोपवे सिस्टम आधुनिक इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना है। इस रोपवे परियोजना में कुल 6 अत्याधुनिक और पूरी तरह सुरक्षित केबिनों (6-Cabin Ropeway) को शामिल किया गया है। ये केबिन पहाड़ी के आधार से लेकर किले के शीर्ष तक लगातार चक्कर लगाएंगे, जिससे पर्यटकों को अपनी बारी के लिए ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। हवा में तैरते हुए इन ग्लास-बॉटम केबिनों से यात्रियों को आस-पास के प्राकृतिक दृश्यों, हरी-भरी वादियों और भुवनगिरी शहर का एक विहंगम और अद्भुत नजारा (Panoramic View) देखने को मिलेगा, जो अपने आप में एक लाइफटाइम एक्सपीरियंस होगा।बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए खुलेगा इस ऐतिहासिक किले का द्वारभुवनगिरी किला अपनी अनूठी अंडाकार विशाल चट्टान और स्थापत्य कला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन इसकी बेहद खड़ी और सीधी चढ़ाई के कारण अब तक बुजुर्ग, छोटे बच्चे और दिव्यांग पर्यटक किले के मुख्य हिस्से तक पहुंचने से वंचित रह जाते थे। इस रोपवे प्रोजेक्ट के शुरू होने से अब समाज का हर वर्ग बिना किसी शारीरिक थकावट या परेशानी के इस ऐतिहासिक विरासत का दीदार कर सकेगा। पर्यटन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से न केवल पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी, बल्कि यह स्थल पारिवारिक पिकनिक और वीकेंड गेटवे के लिए पहली पसंद बन जाएगा।तेलंगाना से लेकर पूरे दक्षिण भारत के लोकल टूरिज्म को मिलेगी नई रफ्तारभौगोलिक और स्थानीय आर्थिक दृष्टिकोण (Geographical and Local Optimization) से देखा जाए तो यह प्रोजेक्ट तेलंगाना, विशेषकर यादाद्री भुवनगिरी जिले और राजधानी हैदराबाद के आस-पास के क्षेत्रों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। हैदराबाद से महज कुछ ही दूरी पर स्थित होने के कारण भुवनगिरी किले को एक प्रमुख टूरिस्ट सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इस विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के आने से गाइड, होटल व्यवसायी, परिवहन ऑपरेटरों और स्थानीय हस्तशिल्प दुकानदारों के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को एक बड़ा बूस्ट मिलेगा।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक ट्रैवल सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना हुआ है भुवनगिरी रोपवेआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के युग में देश भर के ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स, बैकपैकर्स और एडवेंचर लवर्स भुवनगिरी फोर्ट रोपवे की टिकट प्राइस, टाइमिंग और ओपनिंग डेट को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च इंजनों पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि हैदराबाद के पास बेस्ट वीकेंड डेस्टिनेशन कौन से हैं। पर्यटन विश्लेषकों का मानना है कि ऐतिहासिक विरासतों को आधुनिक टेक्नोलॉजी से जोड़कर वर्ल्ड-क्लास टूरिज्म हब बनाने का यह मॉडल भारत के अन्य राज्यों के लिए भी एक बेहतरीन मिसाल पेश कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 2:35 pm

चिलचिलाती गर्मी में पेट की सेहत और शरीर को तुरंत ठंडक देने के लिए दोनों में से किसका पलड़ा है भारी, डॉक्टर से जानिए सही जवाब

उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और लू का कहर लगातार जारी है। इस तपते मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखने और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचने के लिए लोग तरह-तरह के देसी ड्रिंक्स और समर पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। जब बात शरीर को हाइड्रेट रखने और पेट को तुरंत आराम पहुंचाने की आती है, तो हमारे सामने दो सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक विकल्प होते हैं— पहला पंजाब की शान कही जाने वाली गाढ़ी मलाईदार 'लस्सी' और दूसरा तटीय इलाकों का प्राकृतिक अमृत यानी 'निवारणकारी नारियल पानी'। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेट की सेहत, वजन घटाने और तुरंत एनर्जी पाने के लिहाज से इन दोनों में से किसका पलड़ा ज्यादा भारी है? आइए हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के नजरिए से जानते हैं इन दोनों समर ड्रिंक्स की पूरी सच्चाई।पेट के लिए प्रोबायोटिक्स का खजाना है लस्सी, जानिए पाचन तंत्र के लिए इसके फायदेदही से बनने वाली पारंपरिक लस्सी गर्मियों में हमारे पाचन तंत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। डॉक्टरों के मुताबिक, लस्सी में प्रचुर मात्रा में 'गुड बैक्टीरिया' यानी प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, जो आंतों की सेहत (Gut Health) को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। गर्मी के मौसम में होने वाली एसिडिटी, पेट में जलन, गैस और बदहजमी की समस्या को दूर करने में लस्सी बेहद कारगर है। इसके अलावा, इसमें मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और दोपहर के समय इसे पीने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। हालांकि, वजन घटाने की चाहत रखने वालों को बिना मलाई और कम चीनी वाली लस्सी या छाछ का चुनाव करना चाहिए।इलेक्ट्रोलाइट्स का पावरहाउस है नारियल पानी, डिहाइड्रेशन का है कालदूसरी तरफ, डाब या नारियल पानी (Coconut Water) एक पूरी तरह से प्राकृतिक और कैलोरी में बेहद कम रहने वाला सुपरड्रिंक है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के कारण जब शरीर से पसीने के रूप में जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं, तो नारियल पानी शरीर को तुरंत रिचार्ज करता है। इसमें पोटैशियम, सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं। यह न सिर्फ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मददगार है, बल्कि किडनी को डिटॉक्स करने और यूरिन इन्फेक्शन के खतरे को कम करने में भी लाजवाब है। जिन लोगों को अपनी कैलोरी काउंट और ब्लड शुगर लेवल की चिंता रहती है, उनके लिए नारियल पानी एक बेहतरीन और बिना किसी मिलावट वाला सबसे सुरक्षित विकल्प है।दिल्ली-यूपी के मैदानी इलाकों से लेकर मुंबई तक स्थानीय बाजारों में बढ़ी डिमांडभौगोलिक और लोकल मार्केट्स (Geographical and Local Markets) की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार और मुंबई जैसे क्षेत्रों में इन दोनों ड्रिंक्स की मांग आसमान छू रही है। स्थानीय स्तर पर डॉक्टर धूप में निकलने वाले कामकाजी लोगों, खिलाड़ियों और बुजुर्गों को कैफीन युक्त चाय-कॉफी या हानिकारक कोल्ड ड्रिंक्स को छोड़कर इन पारंपरिक पेय पदार्थों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां दोपहर के भोजन के साथ ठंडी मीठी लस्सी या नमकीन छाछ को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं दक्षिण और तटीय भारत में सुबह के वक्त ताजा नारियल पानी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।लस्सी बनाम नारियल पानी: जानिए आपके स्वास्थ्य के लिए कब और किसका चुनाव है बेस्टअब सवाल उठता है कि आपको कब लस्सी पीनी चाहिए और कब नारियल पानी का रुख करना चाहिए। न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, यदि आप वर्कआउट करके लौटे हैं, वजन कम करना चाहते हैं या आपको तुरंत हाइड्रेशन और ताजगी की जरूरत है, तो नारियल पानी सबसे उत्तम है क्योंकि यह हल्का और सुपाच्य होता है। वहीं दूसरी ओर, यदि आप दोपहर के भारी खाने के बाद पेट को शांत रखना चाहते हैं, आंतों की कमजोरी से परेशान हैं या शरीर का वजन और एनर्जी बढ़ाना चाहते हैं, तो गाढ़ी लस्सी या मट्ठे का सेवन आपके लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगा। ध्यान रहे कि अस्थमा या सर्दी-खांसी की समस्या से पीड़ित लोगों को रात के समय लस्सी पीने से बचना चाहिए।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक हेल्थ सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना है यह मुकाबलाआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के युग में देश भर के हेल्थ कॉन्शियस यूजर्स गर्मी के बेस्ट देसी ड्रिंक्स, लस्सी के फायदे और नारियल पानी पीने का सही समय इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च इंजनों पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि गर्मियों में अपने बच्चों और परिवार को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए कौन सा ड्रिंक ज्यादा सुरक्षित है। स्वास्थ्य विश्लेषकों का मानना है कि पैकेटबंद शुगर सिरप और कोल्ड ड्रिंक्स के मुकाबले इन प्राकृतिक और देसी विकल्पों की तरफ डिजिटल जागरूकता का बढ़ना भारतीय लाइफस्टाइल के लिए एक बेहद सुखद संकेत है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 2:32 pm

किडनी स्टोन के मरीज भूलकर भी न खाएं टमाटर, इसके पीछे छिपी वैज्ञानिक वजह जानकर पूरी तरह चौंक जाएंगे आप

आज के बदलते लाइफस्टाइल, असंतुलित खान-पान और शरीर में पानी की कमी के कारण किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) की समस्या एक बेहद आम और गंभीर बीमारी बन चुकी है। इस बीमारी में असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है। जब भी किसी को पथरी की शिकायत होती है, तो डॉक्टर सबसे पहले उनके खान-पान में बड़े बदलाव करने की सलाह देते हैं। कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें खाने से पूरी तरह मना किया जाता है, जिनमें से एक हमारे किचन में रोज इस्तेमाल होने वाला लाल टमाटर भी है। आखिर हर सब्जी का स्वाद बढ़ाने वाले टमाटर से किडनी स्टोन के मरीजों को परहेज क्यों करना चाहिए, इसके पीछे का असली वैज्ञानिक कारण बेहद चौंकाने वाला है जिसे जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।टमाटर और किडनी स्टोन का क्या है आपस में गहरा वैज्ञानिक कनेक्शनचिकित्सा विज्ञान और डॉक्टरों के मुताबिक, टमाटर के भीतर भारी मात्रा में 'ऑक्सालेट' (Oxalate) पाया जाता है। दरअसल, हमारे शरीर में होने वाली अधिकांश पथरियां 'कैल्शियम ऑक्सालेट' (Calcium Oxalate) से मिलकर बनी होती हैं। जब हम अत्यधिक मात्रा में टमाटर का सेवन करते हैं, तो इसमें मौजूद ऑक्सालेट हमारे शरीर के भीतर मौजूद कैल्शियम के साथ बहुत तेजी से बॉन्डिंग बनाने लगता है। यह रासायनिक प्रक्रिया धीरे-धीरे छोटे-छोटे क्रिस्टल्स का रूप ले लेती है, जो आगे चलकर बड़ी और सख्त पथरी में तब्दील हो जाते हैं। यही वजह है कि किडनी स्टोन से पीड़ित मरीजों या जिनकी पथरी की टेंडेंसी होती है, उन्हें टमाटर का सेवन पूरी तरह बंद करने की सलाह दी जाती है।क्या टमाटर के बीज हैं असली विलेन, जानिए डॉक्टरों का क्या है कहनाअक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या पूरा टमाटर खाना नुकसानदायक है या सिर्फ उसके बीज। डॉक्टरों का स्पष्ट मानना है कि टमाटर के गूदे की तुलना में उसके छोटे-छोटे बीजों में ऑक्सालेट की सांद्रता बहुत अधिक होती है। इसके अलावा, टमाटर के बीज हमारे पाचन तंत्र के लिए आसानी से पच नहीं पाते हैं। जब ये बिना पचे बीज यूरिनरी ट्रैक्ट के संपर्क में आते हैं, तो वहां कैल्शियम ऑक्सालेट की पथरी बनने की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। अगर कोई व्यक्ति स्वस्थ है, तो उसे सीमित मात्रा में टमाटर खाने से कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन जो लोग पहले से ही इस बीमारी की गिरफ्त में हैं, उनके लिए टमाटर का बीज एक बड़े ट्रिगर की तरह काम करता है।दिल्ली-एनसीआर से लेकर बड़े राज्यों के लोकल हेल्थ सेंटर्स पर बढ़े पथरी के मामलेभौगोलिक और स्थानीय स्वास्थ्य डेटा (Geographical Health Data) के अनुसार, उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में पथरी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसका एक बड़ा कारण इन क्षेत्रों के कुछ इलाकों में पानी में मौजूद भारी मिनरल्स (Hard Water) और लोगों की आधुनिक लाइफस्टाइल भी है। स्थानीय अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों को डाइटिशियन और डॉक्टर विशेष रूप से यह समझा रहे हैं कि वे अपने दैनिक भोजन में उन सब्जियों और फलों को शामिल न करें जो ऑक्सालेट से भरपूर हैं, ताकि भविष्य में दोबारा पथरी बनने के खतरे को पूरी तरह टाला जा सके।टमाटर के अलावा इन चीजों से भी दूरी बनाना है बेहद जरूरी, जानिए बचाव के उपायअगर आप किडनी स्टोन की समस्या से हमेशा के लिए निजात पाना चाहते हैं, तो सिर्फ टमाटर ही नहीं, बल्कि ऑक्सालेट से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थों जैसे पालक, चौलाई, बैंगन, काजू और अत्यधिक चॉकलेट के सेवन से भी दूरी बनानी होगी। इसके विपरीत, आपको अपने शरीर को हमेशा हाइड्रेटेड रखना चाहिए। डॉक्टर सलाह देते हैं कि दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीएं ताकि शरीर में मौजूद एक्स्ट्रा टॉक्सिन्स और मिनरल्स यूरिन के रास्ते आसानी से बाहर निकल जाएं। इसके साथ ही, नींबू पानी, नारियल पानी और मौसमी फलों का जूस भी पथरी को गलाने और शरीर को सुरक्षित रखने में बेहद मददगार साबित होता है।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक हेल्थ सर्च पर क्यों लगातार ट्रेंड हो रहा है यह मुद्दाआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के दौर में देश भर के यूजर्स किडनी स्टोन डाइट चार्ट, टमाटर खाने के नुकसान और पथरी के घरेलू उपचार को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च इंजनों पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि क्या टमाटर को बिना बीज के खाना सुरक्षित है या नहीं। स्वास्थ्य विश्लेषकों का मानना है कि खान-पान से जुड़ी इस प्रकार की डिजिटल जागरूकता आम जनता को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने और सही समय पर सही निर्णय लेने में बहुत बड़ी भूमिका निभा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 2:30 pm

भीषण गर्मी और लू के कारण क्यों होने लगता है पेट में भयंकर दर्द, डॉक्टर से जानिए इसके पीछे की असली वजह और तुरंत राहत पाने के उपाय

उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में हैं। पारा लगातार नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के कारण न सिर्फ लोगों को डिहाइड्रेशन और कमजोरी हो रही है, बल्कि अस्पतालों में पेट में भयंकर दर्द, मरोड़, गैस और उल्टी-दस्त के मरीजों की तादाद में अचानक भारी उछाल देखने को मिल रहा है। डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इस मौसम में होने वाले पेट दर्द को सामान्य मानकर नजरअंदाज करना सेहत पर बेहद भारी पड़ सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर इतनी तेज गर्मी का हमारे पाचन तंत्र से क्या कनेक्शन है और इससे बचने के पुख्ता उपाय क्या हैं।तेज गर्मी और लू कैसे सीधे हमारे पाचन तंत्र (Digestive System) पर करती है हमलाचिकित्सकों के मुताबिक, जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और हम लू के संपर्क में आते हैं, तो हमारे शरीर का आंतरिक तापमान (Core Body Temperature) भी असंतुलित होने लगता है। इस स्थिति में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए त्वचा की तरफ खून का दौरा बढ़ा देता है, जिससे हमारे पेट और पाचन तंत्र के अंगों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। खून की कमी और अत्यधिक गर्मी के कारण पाचक एंजाइम सही तरीके से काम नहीं कर पाते, जिससे भोजन ठीक से पच नहीं पाता और पेट में तेज दर्द, ऐंठन व भारीपन की समस्या शुरू हो जाती है।शरीर में पानी की कमी और बैक्टीरिया का बढ़ना है पेट दर्द की मुख्य वजहभीषण गर्मी में पसीने के जरिए शरीर से भारी मात्रा में पानी और जरूरी लवण बाहर निकल जाते हैं। शरीर में पानी की कमी (Dehydration) होने पर आंतें सूखने लगती हैं, जिससे कब्ज और पेट में मरोड़ होने लगती है। इसके अलावा, इस मौसम में तापमान अधिक होने के कारण खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं। थोड़ा भी पुराना या खुला हुआ भोजन खाने से 'फूड प्वाइजनिंग' और गैस्ट्रोएंटेराइटिस (आंतों का इन्फेक्शन) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो सीधे तौर पर पेट में असहनीय दर्द और दस्त का कारण बनता है।दिल्ली-यूपी से लेकर बिहार तक स्थानीय स्तर पर लू के मरीजों की संख्या में भारी इजाफाभौगोलिक और लोकल स्तर (Geographical Optimization) पर देखा जाए तो दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के ग्रामीण व शहरी इलाकों में लू का प्रकोप सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। स्थानीय सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में पेट दर्द और हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय लोगों, विशेषकर खेतों या खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों और घर से बाहर निकलने वाले युवाओं को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने और खान-पान में लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत जारी की है।इस जानलेवा गर्मी में पेट को ठंडा और सुरक्षित रखने के डॉक्टर के अचूक उपायइस भीषण गर्मी में अपने पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और पेट दर्द से बचने के लिए डॉक्टरों ने कुछ बेहद जरूरी और आसान उपाय बताए हैं। सबसे पहले, घर से बाहर निकलते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर निकलें और अपने साथ ओआरएस (ORS), नींबू पानी या ग्लूकोज जरूर रखें। इस मौसम में बाहर के कटे हुए फल, तली-भुनी चीजें और बासी खाने से पूरी तरह तौबा कर लें। अपने दैनिक आहार में छाछ, लस्सी, नारियल पानी, तरबूज और ककड़ी जैसे ठंडे व पानी से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। यदि पेट में दर्द के साथ तेज बुखार या लगातार उल्टी हो रही हो, तो खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक हेल्थ सर्च पर क्यों लगातार ट्रेंड हो रहा है यह टॉपिकआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के दौर में देश भर के यूजर्स गर्मी में पेट दर्द के घरेलू उपाय, लू से बचाव के तरीके और समर डाइट चार्ट को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च इंजनों पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि हीटवेव के दौरान अपने परिवार और बच्चों की सेहत का ख्याल कैसे रखें। स्वास्थ्य विश्लेषकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के प्रति डिजिटल जागरूकता ही लोगों को गंभीर रूप से बीमार होने और अस्पताल के चक्कर काटने से बचा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 2:27 pm

52 वर्ष की हुईं करिश्मा कपूर, फिल्मों से ओटीटी तक बरकरार है जलवा

मुंबई। बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री करिश्मा कपूर आज आज 52 वर्ष की हो गई। करिश्मा कपूर ने 1990 के दशक में अपनी खूबसूरती, दमदार अभिनय और लगातार सफल फिल्मों के दम पर उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक खास पहचान बनाई। 25 जून 1974 को मुंबई में जन्मीं करिश्मा कपूर फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। […] The post 52 वर्ष की हुईं करिश्मा कपूर, फिल्मों से ओटीटी तक बरकरार है जलवा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 2:25 pm

कुंवारी कन्या से लेकर पुरुषों तक, यहां जानिए कलावा बांधने के अलग-अलग नियम जो शायद ही हो आपको मालूम

सनातन हिंदू धर्म में किसी भी पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान या मांगलिक कार्य के दौरान हाथ की कलाई पर कलावा या रक्षासूत्र बांधने की परंपरा सदियों पुरानी है। इसे बेहद पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल कलाई पर लाल-पीला धागा बांध लेना ही काफी नहीं है? शास्त्रों और पुराणों के अनुसार, कुंवारी कन्याओं, विवाहित महिलाओं और पुरुषों के लिए कलावा बांधने के बिल्कुल अलग-अलग और कड़े नियम (Rules of Tying Kalava) बताए गए हैं। गलत तरीके से रक्षासूत्र बांधने पर पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है। आइए जानते हैं कलावा बांधने के उन गुप्त और बेहद महत्वपूर्ण नियमों के बारे में जो आज के समय में शायद ही किसी को मालूम हों।पुरुषों और कुंवारी कन्याओं के लिए शास्त्रों में क्या हैं कलावा बांधने के नियमशास्त्रों के नियमों के मुताबिक, कलावा बांधते समय स्त्री और पुरुष की वैवाहिक स्थिति का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। यदि कोई पुरुष या कुंवारी कन्या (Unmarried Girl) रक्षासूत्र बंधवा रहे हैं, तो उन्हें हमेशा अपने दाएं यानी सीधे हाथ (Right Hand) में कलावा बंधवाना चाहिए। मान्यता है कि सीधे हाथ में रक्षासूत्र बांधने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति के भीतर संकल्प शक्ति मजबूत होती है। कलावा बंधवाते समय हाथ में कुछ सिक्के या अक्षत (चावल) रखना और दूसरा हाथ सिर पर रखना बेहद शुभ माना जाता है।विवाहित महिलाओं के लिए बदल जाता है कलाई का नियम, जानिए सही तरीकाअक्सर देखने में आता है कि लोग सभी महिलाओं के दाएं हाथ में ही कलावा बांध देते हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है। ज्योतिष और वैदिक मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई महिला विवाहित (Married Woman) है, तो उसे हमेशा अपने बाएं यानी उल्टे हाथ (Left Hand) में कलावा बंधवाना चाहिए। शास्त्रों में महिलाओं को घर की लक्ष्मी माना गया है और उनके बाएं अंग को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए विवाहित स्त्रियों के बाएं हाथ में रक्षासूत्र बांधने से उनके पति और परिवार पर आने वाले सभी संकट हमेशा के लिए टल जाते हैं।कलाई पर कितनी बार लपेटना चाहिए धागा और क्या है कलावा बदलने का शुभ दिनकलावा बांधते समय सिर्फ हाथ ही नहीं, बल्कि उसे कलाई पर कितनी बार लपेटा जा रहा है, इसका भी विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, कलाई पर रक्षासूत्र को केवल 3 बार या फिर 5 बार ही लपेटना चाहिए। कलावा के ये फेरे त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) और त्रिशक्तियों (लक्ष्मी, सरस्वती, काली) के प्रतीक माने जाते हैं। इसके साथ ही, कई दिनों तक बंधा रहने के बाद जब कलावा पुराना या मैला हो जाए, तो उसे मंगलवार या शनिवार के शुभ दिन ही बदलना चाहिए। पुराना कलावा कभी भी इधर-उधर फेंकने के बजाय किसी पवित्र पेड़ की जड़ में या बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।वैज्ञानिक और शारीरिक दृष्टिकोण से भी बेहद फायदेमंद है रक्षासूत्रधार्मिक महत्व के अलावा, कलावा बांधने के पीछे एक गहरा वैज्ञानिक और एक्यूप्रेशर (Scientific Significance) का कारण भी छिपा हुआ है। शरीर विज्ञान के अनुसार, हमारी कलाई से शरीर की कई महत्वपूर्ण नसें गुजरती हैं जो सीधे हृदय और मस्तिष्क से जुड़ी होती हैं। कलाई पर कलावा बांधने से उन नसों पर एक हल्का और निरंतर दबाव बना रहता है, जिससे शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) नियंत्रित रहता है। यह वात, पित्त और कफ के संतुलन को बनाए रखने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं से भी शरीर की रक्षा करने में मददगार माना गया है।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक आध्यात्मिक सर्च पर क्यों ट्रेंड हो रहा है यह विषयआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल सर्च इंजन के युग में युवा पीढ़ी अपनी सनातन परंपराओं के पीछे छिपे वैज्ञानिक और वास्तविक नियमों को जानने के लिए इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रही है। एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि पूजा-पाठ के दौरान की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियों से कैसे बचा जाए। आध्यात्मिक और ज्योतिषीय विश्लेषकों का मानना है कि कलावा बांधने के इन प्रामाणिक नियमों का पालन करके न सिर्फ धार्मिक लाभ उठाया जा सकता है, बल्कि मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 2:25 pm

शिव भक्तों का इंतजार खत्म! जानिए इस साल कब से शुरू हो रहा है आस्था का महापर्व सावन और कितने पड़ेंगे सोमवार

देश भर के करोड़ों शिव भक्तों और कांवड़ियों के लिए एक बेहद पावन और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। भगवान भोलेनाथ की आराधना का सबसे प्रिय और पवित्र महीना यानी सावन (Shravan Month) शुरू होने का इंतजार अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। पंचांग की गणना और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस साल 2026 में सावन के महीने की शुरुआत को लेकर तारीखें पूरी तरह स्पष्ट हो गई हैं। इस बार का सावन कई मायनों में बेहद अनूठा और मंगलकारी संयोग लेकर आ रहा है। महादेव को प्रसन्न करने और मनोवांछित फल पाने के लिए इस साल भक्तों को व्रत और जलाभिषेक के कई उत्तम और विशेष अवसर मिलने जा रहे हैं।जानिए 2026 में किस दिन से शुरू हो रहा है पवित्र सावन का महीनावैदिक ज्योतिष और हिंदू कैलेंडर की गणना के मुताबिक, इस साल सावन के पवित्र महीने की शुरुआत बेहद शुभ संयोग के साथ हो रही है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा के समापन के ठीक अगले दिन से ही सावन का आरंभ हो जाएगा। इस पावन महीने में शिव मंदिरों में उमड़ने वाली भारी भीड़ और कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर अभी से ही देश भर के प्रमुख ज्योतिर्पीठों और शिवालयों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। भक्त इस पावन महीने में हरिद्वार, सुल्तानगंज और काशी जैसे पवित्र स्थानों से गंगाजल लाकर अपने आराध्य का जलाभिषेक करने की योजना को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।इस बार सावन में पड़ेंगे कुल कितने सोमवार, व्रतों की पूरी लिस्ट देखिएसावन के महीने में सोमवार के व्रत का एक विशेष और अत्यंत फलदायी महत्व माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस साल 2026 में सावन के महीने में सोमवार के व्रतों की संख्या को लेकर बेहद अद्भुत संयोग बन रहा है। इस बार भक्तों को महादेव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलेंगे। सावन के पहले सोमवार से लेकर अंतिम सोमवार (सावन पूर्णिमा) तक की सभी तिथियां व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद कल्याणकारी रहेंगी। मान्यता है कि सावन के सभी सोमवार का विधि-विधान से व्रत रखने और शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और कच्चा दूध चढ़ाने से जीवन के सभी कष्टों और दुखों का हमेशा के लिए अंत हो जाता है।वाराणसी, देवघर और हरिद्वार जैसे पावन धामों में स्थानीय स्तर पर भव्य तैयारियांभौगोलिक और स्थानीय धार्मिक दृष्टिकोण (Geographical and Regional Domain) से देखा जाए तो उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी विश्वनाथ), झारखंड के देवघर (बाबा बैद्यनाथ धाम), उत्तराखंड के हरिद्वार-ऋषिकेश और मध्य प्रदेश के उज्जैन (महाकालेश्वर) में अभी से प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सावन के दौरान इन प्रमुख धार्मिक केंद्रों पर लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुलभ दर्शन, पेयजल और ठहरने की व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जा रहा है। स्थानीय बाजारों में भी कांवड़, गेरुआ वस्त्र, पूजा सामग्री और पूजन बर्तनों की मांग में भारी उछाल देखने को मिल रहा है।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक धार्मिक सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना हुआ है सावन 2026आज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल सर्च इंजन के युग में देश-दुनिया के शिव भक्त सावन शुरू होने की सटीक तारीख, पूजा विधि, कांवड़ यात्रा के नियम और सोमवार व्रतों के शुभ मुहूर्त को लेकर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि इस साल सावन के दौरान कौन-कौन से दुर्लभ और राजयोग बन रहे हैं जो विभिन्न राशियों के जातकों के लिए भाग्यशाली साबित होंगे। धार्मिक विश्लेषकों का मानना है कि आस्था के इस महापर्व को लेकर डिजिटल माध्यमों पर बढ़ती सर्च शिव भक्तों के भीतर छिपे अगाध प्रेम और श्रद्धा को साफ तौर पर बयां करती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 2:23 pm

आचार्य चाणक्य ने बताया सफलता का महामंत्र, इन 4 बातों को दुनिया से छुपाकर रखना ही है असली समझदारी

भारत के महान अर्थशास्त्री, कूटनीतिज्ञ और मार्गदर्शक आचार्य चाणक्य की नीतियां आज के आधुनिक और डिजिटल युग में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति (Chanakya Niti) में सुखी, समृद्ध और सफल जीवन जीने के कई ऐसे अनमोल सूत्र बताए गए हैं, जिन पर अमल करके कोई भी व्यक्ति फर्श से अर्श तक पहुंच सकता है। आचार्य चाणक्य का मानना था कि इंसान की सफलता और असफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि वह समाज में अपनी किन बातों को उजागर करता है और किन्हें गुप्त रखता है। नीति शास्त्र के अनुसार, जीवन में धोखा खाने और अपमान से बचने के लिए 4 खास बातों को हमेशा छिपाकर रखना चाहिए।अपनी भावी योजनाओं और व्यावसायिक कूटनीति को कभी न करें उजागरआचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि आप जीवन में कोई बड़ा काम करने जा रहे हैं या अपने करियर और बिजनेस को लेकर कोई नई योजना (Future Plans) बना रहे हैं, तो उसका ढिंढोरा कभी भी दूसरों के सामने न पीटें। जब तक आपका कार्य पूरी तरह से संपन्न न हो जाए, तब तक उसे गुप्त रखना ही समझदारी है। यदि आपके शत्रुओं या प्रतिस्पर्धियों को आपकी योजना का पहले ही पता चल गया, तो वे आपके काम में बाधा खड़ी कर सकते हैं या आपकी रणनीति का गलत फायदा उठा सकते हैं।अपने घरेलू विवाद और जीवनसाथी की कमियों को रखें बिल्कुल गुप्तचाणक्य नीति के अनुसार, किसी भी बुद्धिमान व्यक्ति को अपने घर-परिवार की अंदरूनी बातें, माता-पिता या जीवनसाथी के साथ हुए वैचारिक मतभेदों और कमियों की चर्चा समाज में या अपने मित्रों के बीच भी भूलकर नहीं करनी चाहिए। परिवार के भीतर की बातें बाहर जाने पर लोग आपकी स्थिति का उपहास उड़ाते हैं और पीठ पीछे आपका मजाक बनाते हैं। समाज में अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए घरेलू कलह को घर की चारदीवारी के भीतर ही सुलझाना सबसे उत्तम माना गया है।धन की हानि और अपनी आर्थिक तंगी का जिक्र दूसरों से करने से बचेंआज के भौतिकवादी युग में पैसा ही व्यक्ति की ताकत और सम्मान का पैमाना माना जाता है। आचार्य चाणक्य का मत है कि यदि आपको व्यापार में कोई बड़ा घाटा हुआ है या आप इस समय आर्थिक तंगी (Financial Crisis) के दौर से गुजर रहे हैं, तो इस बात को हमेशा छिपाकर रखें। अपनी लाचारी और कंगाली का रोना दूसरों के सामने रोने से लोग आपकी मदद करने के बजाय आपसे दूरी बना लेते हैं और समाज में आपका सम्मान कम हो जाता है। संकट के समय धैर्य रखकर स्वयं ही मार्ग निकालना चाहिए।अपने साथ हुए धोखे और जीवन में मिले अपमान को कभी न बताएंयदि जीवन में कभी किसी करीबी व्यक्ति ने आपके साथ विश्वासघात या धोखा किया है, अथवा किसी भरी सभा में आपका घोर अपमान हुआ है, तो उस घटना को अपने तक ही सीमित रखें। दूसरों को अपने अपमान की कहानी सुनाने से वे आपके प्रति सहानुभूति दिखाने का नाटक तो कर सकते हैं, लेकिन मन ही मन वे आपको कमजोर और अक्षम समझने लगते हैं। अपनी गरिमा और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए ऐसी कड़वी यादों को छुपाकर रखना ही श्रेष्ठ कूटनीति है।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक लाइफस्टाइल सर्च पर क्यों ट्रेंड हो रहा है यह विषयआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के दौर में युवा पीढ़ी अपनी मानसिक शांति, करियर ग्रोथ और पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए चाणक्य नीति के सिद्धांतों को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रही है। एआई सर्च इंजनों पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि प्राचीन काल के ये सिद्धांत आज के कॉर्पोरेट जगत और सोशल मीडिया के दौर में कैसे लागू किए जा सकते हैं। आध्यात्मिक विश्लेषकों का मानना है कि इन गुप्त बातों को छिपाकर रखने की कला ही आज के समय में डिप्रेशन और मानसिक तनाव से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 2:21 pm

बिना टैलेंट के भी स्टारकिड्स को मिलते हैं मौके’, नेपोटिज्म पर खुलकर बोलीं कृति सेनन, रणबीर-आलिया पर दिया बड़ा बयान

बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी कलाकारों (Outsiders) के संघर्ष और भाई-भतीजावाद (Nepotism) को लेकर लंबे समय से बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच इंडस्ट्री की नेशनल अवार्ड विनर और कद्दावर अभिनेत्री कृति सेनन ने नेपोटिज्म के मुद्दे पर एक ऐसा बेबाक और चुभने वाला बयान दे दिया है, जिसने बी-टाउन के गलियारों में हलचल मचा दी है। कृति सेनन ने दोटूक शब्दों में स्वीकार किया है कि फिल्म इंडस्ट्री में स्टारकिड्स को बिना किसी खास टैलेंट या साबित किए बिना भी बड़े प्रोजेक्ट्स और मौके बहुत आसानी से मिल जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने इंडस्ट्री के दो सबसे बड़े नाम रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को लेकर भी अपनी एक खास राय साझा की है, जो इस समय सोशल मीडिया पर टॉक ऑफ द टाउन बनी हुई है।स्टारकिड्स को मिलने वाले प्रिविलेज पर कृति सेनन का बड़ा दर्दएक हालिया इंटरव्यू के दौरान जब कृति सेनन से आउटसाइडर्स के संघर्ष और स्टारकिड्स को मिलने वाले विशेषाधिकारों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी ईमानदारी से अपनी बात रखी। कृति ने कहा कि एक बाहरी कलाकार के तौर पर आपको खुद को साबित करने के लिए बेहद सीमित और गिने-चुने मौके मिलते हैं, जहां एक भी गलती आपके करियर को खत्म कर सकती है। वहीं दूसरी तरफ, स्टारकिड्स के पास यह प्रिविलेज होता है कि अगर उनकी पहली या दूसरी फिल्म फ्लॉप भी हो जाए, या उनमें शुरुआत में टैलेंट की कमी भी दिखे, तो भी बड़े निर्माता-निर्देशक उन्हें लगातार नए और बड़े मौके देते रहते हैं।रणबीर कपूर और आलिया भट्ट के टैलेंट को लेकर क्या बोलीं कृतिइंटरव्यू में जब नेपोटिज्म के उदाहरणों के बीच रणबीर कपूर और आलिया भट्ट जैसे बड़े सितारों का नाम सामने आया, तो कृति सेनन ने उनकी जमकर तारीफ भी की। कृति ने स्पष्ट किया कि हालांकि इंडस्ट्री में नेपोटिज्म का फायदा मिलता है, लेकिन हमें रणबीर कपूर और आलिया भट्ट जैसे कलाकारों के बेमिसाल टैलेंट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कृति के मुताबिक, आलिया और रणबीर बेहद गॉड-गिफ्टेड और शानदार अभिनेता हैं। उन्होंने साबित किया है कि उन्हें जो भी मौके मिले, उन्होंने अपने बेहतरीन अभिनय के दम पर खुद को उस मुकाम के काबिल बनाया है और आज वे देश के सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं में गिने जाते हैं।आउटसाइडर्स की फिल्मों को थिएटर्स में नहीं मिलता शुरुआती सपोर्टकृति सेनन ने सिनेमाघरों और दर्शकों के नजरिए पर भी एक कड़ा सच सामने रखा। उन्होंने कहा कि अक्सर जब किसी आउटसाइडर या नए कलाकार की फिल्म आती है, तो लोग उसे देखने सिनेमाघरों तक नहीं जाते, जिससे फिल्म को अच्छी ओपनिंग नहीं मिलती। इसके विपरीत, स्टारकिड्स की फिल्मों को लेकर मीडिया हाइप और दर्शकों के बीच उत्सुकता पहले से ही बहुत ज्यादा होती है। कृति ने दर्शकों से अपील की है कि वे अच्छी कहानियों और बाहरी कलाकारों की फिल्मों को भी थिएटर्स में जाकर उतना ही प्यार और सपोर्ट दें, तभी इंडस्ट्री में वास्तविक संतुलन बन पाएगा।जेनेरेटिव एआई और आधुनिक सिनेमा सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना कृति का यह बयानआज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल सर्च इंजन के दौर में सिनेमा लवर्स कृति सेनन के इस इंटरव्यू, नेपोटिज्म पर उनकी टिप्पणी और रणबीर-आलिया से जुड़े बयानों को लगातार सर्च कर रहे हैं। फिल्म समीक्षकों और विश्लेषकों का मानना है कि कृति सेनन ने बिना किसी डर के इंडस्ट्री की इस कड़वी हकीकत को सामने रखा है। एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि क्या कृति के इस बेबाक बयान के बाद बॉलीवुड के बड़े प्रोडक्शन हाउसेज और स्टारकिड्स की तरफ से कोई नई प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 2:19 pm