NYC Subway Tragedy:
AI का ऐसा डर! एक्सपर्ट्स की उड़ी नींद, इंसानों पर बड़ा खतरा?
AI अब सिर्फ लोगों की नौकरी और काम करने के तरीके को नहीं बदल रहा है, बल्कि इसके बढ़ते असर को लेकर दुनिया भर के एक्सपर्ट्स चिंता जता रहे हैं. Geoffrey Hinton समेत कई जानकारों ने AI के भविष्य और इंसानों पर पड़ने वाले असर को लेकर चेतावनी दी है. कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर AI का विकास इसी रफ्तार से जारी रहा, तो आगे बड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं.
IIM Kozhikode से MBA, डेटा एनालिस्ट में अनुभव, नहीं मिली जॉब
अच्छी नौकरी के लिए अक्सर लोग MBA कोर्स करते हैं. लेकिन अगर इसके बावजूद अगर नौकरी न मिले तो? ऐसा ही एक शख्स के साथ हुआ. IIM Kozhikode से पढ़ाई करने के बाद अच्छी डिग्र होने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिली है.
ऐसे कौन OUT होता है! इस क्रिकेटर के हिटविकेट होने पर बवाल
मैनचेस्टर टी20I में वानिंदु हसारंगा के हिटविकेट होने पर बवाल मच गया. श्रीलंकाई ऑलराउंडर वानिंदु हसारंगा शॉट खेलने के बाद अपने बल्ले से बेल्स गिरा बैठे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस विकेट को लेकर बहस छिड़ गई. खास बात यह रही कि जोफ्रा आर्चर भी शुरुआत में इसे लेकर अनजान नजर आए.
Gurugram के Sector 38 स्थित PG में पुलिस की छापेमारी, 21 लोग हिरासत में
हरियाणा के गुरुग्राम में एक पीजी पर छापेमारी के दौरान कथित देह व्यापार गिरोह का खुलासा हुआ और 13 पुरुषों तथा आठ महिलाओं को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। गुरुग्राम पुलिस और राज्य महिला आयोग की संयुक्त टीम ने सेक्टर-38 स्थित पीजी पर छापा मारा। यह कार्रवाई शहर के सफायर 90 मॉल में कथित अवैध गतिविधियों को लेकर कई स्पा सेंटरों पर छापेमारी के एक दिन बाद हुई। पुलिस ने बताया कि झारसा गांव निवासी साहिल और उसकी पत्नी को मामले में गिरफ्तार किया गया है। शनिवार को बचाई गई एक लड़की से मिली जानकारी के आधार पर पीजी के बारे में पता चला था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि साहिल कथित तौर पर व्हाट्सऐप और कुछ वेबसाइट के जरिए यह गिरोह संचालित कर रहा था और उसके साथ करीब 10-12 लोगों के जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, नाबालिग पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे झारसा स्थित परिसर में जबरन रखा गया था। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम (आईटीपीए) के नोडल अधिकारी एसीपी अभिलाक्ष जोशी की निगरानी में और हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शिनी की मौजूदगी में सेक्टर-38 के पीजी पर संयुक्त छापेमारी की गई। इस दौरान विदेशी नागरिकों समेत 13 पुरुषों और आठ महिलाओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि आईटीपीए और विदेशी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सदर थाने में नई प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। एसीपी जोशी ने कहा, ‘‘मौके से बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों जैसे मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और प्रमुख ग्राहकों की पहचान की जा सके। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
Kalkaji में पड़ोसियों के बीच खूनी संघर्ष, एक व्यक्ति की मौत और भाई AIIMS में भर्ती
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी में एक इमारत के निवासियों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसका भाई घायल हो गया। पुलिस ने यह रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना शनिवार मध्य रात्रि को हुई। पुलिस रात करीब 12 बजकर तीन मिनट पर कालकाजी में झगड़े की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि इमारत की भूतल और तीसरी मंजिल पर रहने वाले लोगों के बीच झड़प हुई थी। पुलिस ने बताया कि घायल भाइयों की पहचान मंजीत सिंह उर्फ बंटी और दिलबाग सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां मंजीत को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि दिलबाग का उपचार हो रहा है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इमारत के बाहर किसी बात को लेकर बहस हुई थी, जिसके बाद कहासुनी बढ़कर झड़प में बदल गई। इस दौरान मंजीत और दिलबाग को कथित तौर पर चोटें आईं। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच करने तथा घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए कई टीम गठित की गई हैं। पुलिस ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कल या परसों परिवर्तिनी एकादशी व्रत कब? नोट कर लें शुभ मुहूर्त
Parivartini Ekadashi 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं और इसी अवधि में आने वाली परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु अपने करवट बदलते हैं.
नमाज पढ़ती है एक्ट्रेस, धर्म बदलकर किया उमराह, कहा- कोई मेरा बाप नहीं
राखी सावंत ने धर्म बदल लिया है. वो अब इस्लाम धर्म मानती हैं. राखी ने बताया कि वो नमाज भी पढ़ती हैं. एक्ट्रेस कई बार उमराह भी कर चुकी है. राखी का बदला अंदाज लोगों को हैरान कर रहा है.
यूक्रेन ने मॉस्को की तेल रिफाइनरी पर किया भीषण ड्रोन हमला, VIDEO
यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा युद्ध अब और भी गंभीर रूप लेता जा रहा है. हाल ही में यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी ड्रोन हमला किया है. जानकारी के अनुसार, यूक्रेन ने रूस पर एक हजार से भी अधिक ड्रोन और पेलिकन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. इस हमले का मुख्य निशाना मॉस्को की एक बड़ी तेल रिफाइनरी थी, जहां हमले के बाद भयानक तबाही देखने को मिल रही है.
गुजरात के Wadia गांव में बच्चियों को देह व्यापार से बचाने के लिए कम उम्र में सगाई की प्रथा
(गुंजन शर्मा)वाडिया (गुजरात), 20 सितंबर बचपन में ‘सगाई’ या देह व्यापार...गुजरात के वाडिया गांव में कई बच्चियों के सामने मानो जीवन की राह इन्हीं दो विकल्पों के बीच सिमटकर रह गई है। देह व्यापार से जुड़ी अपनी पुरानी पहचान का बोझ ढो रहे इस गांव में यह किसी गुजरे दौर की कहानी नहीं, बल्कि आज की हकीकत है। यहां कई परिवार अपनी बेटियों को उस दलदल से बचाने की कोशिश में महज सात साल की उम्र में उनकी सगाई कर देते हैं, जिसमें पीढ़ियों से उनके परिवार की महिलाएं फंसती रही हैं। अहमदाबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित वाडिया उस भारत से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करता है, जहां लैंगिक समानता, शिक्षा और बेहतर भविष्य की आकांक्षाओं की बात होती है। यहां की महिलाएं उन भूमिकाओं की बेड़ियां तोड़ने के लिए संघर्ष कर रही हैं, जिन्हें इतिहास और सामाजिक परिस्थितियों ने पीढ़ियों से उनपर थोप रखा है। परंपरागत रूप से घुमंतू समुदाय के इस गांव में महिलाओं को दशकों से देह व्यापार में धकेला जाता रहा है, जबकि परिवार के पुरुष उनके लिए ‘ग्राहक’ तलाशने का काम करते रहे हैं। यह सिलसिला आज भी पूरी तरह थमा नहीं है। बनासकांठा जिले के करीब 750 लोगों की आबादी वाले इस गांव के कुछ पुरुष हर सुबह पालनपुर-थराद राजमार्ग जाते हैं। वे वहां काम की तलाश में नहीं जाते, बल्कि ट्रक चालकों, राहगीरों और आसपास के गांवों एवं शहरों से आने वाले पुरुषों को अपने गांव की महिलाओं के लिए ‘‘ग्राहक बनाने’’ की कोशिश करते हैं। भारत में बाल विवाह कानूनी रूप से प्रतिबंधित है, लेकिन वाडिया में कई परिवार अपनी बेटियों की कम उम्र में सगाई को एक तरह का सुरक्षा कवच मानते हैं- एक ऐसा रास्ता, जिससे वे शादी के बाद गांव से बाहर जा सकें और देह व्यापार में धकेले जाने से बच जाएं। विडंबना यह है कि एक कुप्रथा से बचने के लिए परिवारों को दूसरी सामाजिक बुराई का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव में पली-बढ़ी 19-वर्षीय एक युवती इस अंतर्विरोध की कहानी अपने भीतर समेटे है। उसकी मां और दादी देह व्यापार से जुड़ी रही हैं, लेकिन वह अब गांव से दूर एक कॉलेज में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। अब उसकी शादी हो चुकी है। उसका विवाह जब तय हुआ था, उस समय उसकी आयु महज 11 साल थी। युवती ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘बचपन से मैंने अपने पिता और रिश्तेदारों को अपनी मां और दादी के लिए पुरुष ‘ग्राहकों’ को लाते देखा। मेरी मां ने मुझे बताया था कि ऐसा नहीं था कि उन्हें जबरन इसमें धकेला गया था। गरीबी के कारण यह यहां की सामान्य व्यवस्था बन गई थी और हर कोई उसी के अनुसार चलता था। इस वजह से मेरी मां को यह भी पक्के तौर पर नहीं पता कि जिन्हें मैं अपना पिता मानती हूं, वही मेरे जैविक पिता हैं।’’युवती ने कहा, ‘‘लेकिन मेरी मां ने तय किया कि वह मुझे इस रास्ते पर नहीं जाने देंगी। मेरी 11 साल की उम्र में सामूहिक समारोह में सगाई कर दी गई और 18 साल की उम्र में मेरी शादी हुई।’’यह किसी एक लड़की की कहानी नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ परिवारों की पहल पर सात से 12 साल तक की लड़कियों की आसपास के गांवों या रिश्तेदारी में बाकायदा सगाई कराई जाती है। गांव में एक तरह का अलिखित नियम बन चुका है कि जिन लड़कियों की सगाई या शादी हो गई है, उन्हें देह व्यापार में नहीं धकेला जाएगा। चंद्रा सरानिया नाम की एक महिला ने कहा, ‘‘जब मैंने अपनी बेटी की शादी कराने की बात कही तो मुझसे कहा गया कि यहां की लड़कियों की यही नियति है और मुझे इसके खिलाफ नहीं जाना चाहिए। मैंने अपनी बेटी की 12 साल की उम्र में सगाई कर दी और 18 साल की उम्र में उसकी शादी हो गई।’’चंद्रा को महज 15 साल की उम्र में देह व्यापार में धकेल दिया गया था। अब वह एक छोटी डेरी चलाती है। सरकार ने उसके परिवार को 1963 में खेती के लिए जमीन आवंटित की थी, लेकिन गांव में सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण खेती आजीविका का भरोसेमंद साधन नहीं बन सकी और चंद्रा को देह व्यापार में शामिल होना पड़ा। चंद्रा ने इसी कमाई से अपने तीन बच्चों- दो बेटों और एक बेटी- की परवरिश की, लेकिन उसने मन में ठान लिया था कि उसका अतीत उसके बच्चों, खासकर बेटी, के भविष्य की दिशा तय नहीं करेगा। गांव में 2012 में उस समय बदलाव की किरण दिखाई दी, जब गैर-सरकारी संगठनों ने कुछ परिवारों को अपनी बेटियों को देह व्यापार में नहीं धकेलने के लिए राजी किया और गांव में पहली बार सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। तब से वाडिया में हर साल इस तरह के विवाह या सगाई समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। गैर-सरकारी संगठन ‘विचरता समुदाय समर्थन मंच’ (वीएसएसएम) की संस्थापक मित्तल पटेल ने कहा कि परिवारों को अपनी बेटियों को देह व्यापार में न धकेलने के लिए राजी करना आसान नहीं था, लेकिन लगातार कोशिशों से बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि सगाई के बाद लड़के का परिवार भी लड़की की सुरक्षा को लेकर सजग हो जाता है और इससे कम उम्र की लड़कियों को देह व्यापार में धकेले जाने से रोकने में मदद मिली है। पटेल के अनुसार, कुछ कार्यकर्ताओं को आशंका है कि कम उम्र में सगाई कराने की यह व्यवस्था बाल विवाह को बढ़ावा दे सकती है, लेकिन देह व्यापार में धकेले जाने और सम्मानजनक जीवन की संभावना से वंचित रह जाने की तुलना में ऐसी सगाई परिवारों को बेहतर विकल्प नजर आती है। वाडिया की यह कहानी केवल आज की परिस्थितियों की नहीं है। इसका एक सिरा इतिहास और लोककथाओं से भी जुड़ा है। लोककथाओं के अनुसार, सरानिया समुदाय एक घुमंतू जनजाति है, जो कभी मेवाड़ के महाराणा प्रताप की सेना के साथ चलता था। पुरुष ढाल और तलवार जैसे हथियारों की धार तेज करते थे जबकि महिलाएं सैनिकों का मनोरंजन करती थीं। कहा जाता है कि 1947 में भारत को आजादी मिलने के बाद सरानिया समुदाय के लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया और दूसरे विकल्पों के अभाव में कई परिवारों ने देह व्यापार का सहारा लिया। दशकों बाद वाडिया बदलाव की ओर बढ़ तो रहा है, लेकिन अतीत की परछाइयां अब भी उसका पीछा कर रही हैं।
आखिर कैसे हुआ Mumbai का BMW Accident? रफ्तार और नशे की जांच में जुटी पुलिस
मुंबई में BMW कार का दर्दनाक हादसा चर्चा में है। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। बताया जा रहा है कि कार मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी, तभी कोस्टल रोड के ऊंचे हिस्से से नीचे गिर गई। हादसे के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें BMW को पुल से नीचे गिरते हुए देखा जा सकता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किस वजह से हुआ। सुबह करीब 5:20 बजे हुआ हादसा तारदेव पुलिस स्टेशन की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मीना जगताप ने बताया कि हादसा रविवार सुबह करीब 5:20 बजे हुआ। उन्होंने कहा, सुबह करीब 5:20 बजे BMW का एक्सीडेंट हुआ। गाड़ी मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर उत्तर दिशा में जा रही थी, तभी वह कोस्टल रोड के ऊंचे हिस्से से नीचे गिर गई। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हादसे के समय कार में कुल चार लोग सवार थे। #WATCH | Mumbai, Maharashtra: Senior Police Inspector, Tardeo Police Station, Meena Jagtap says, A BMW met with an accident around 5:20 AM. The vehicle was traveling northbound from Marine Drive towards Haji Ali when it fell from the elevated section of the Coastal Road. There… https://t.co/l1dyULBflq pic.twitter.com/TKAgvrahx3 — ANI (@ANI) September 20, 2026 इसे भी पढ़ें: वाराणसी में 30 लाख के इनामी नक्सली Brijesh Ganjhu ढेर, जानें कैसे हुआ एनकाउंटर? 3 लोगों की मौत, एक का इलाज जारी मीना जगताप ने बताया कि हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति घायल है और उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा, कार में चार लोग सवार थे... तीन लोगों की मौत हो गई है और एक घायल है। घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसे भी पढ़ें: आकाश के बाद अब दीपिका भी बाहर, Mayawati ने अब ईशान आनंद को दिया मौका नशे में थे या रफ्तार थी वजह? जांच जारी पुलिस अब हादसे की वजह का पता लगाने में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि कार सवार नशे में थे या तेज रफ्तार के कारण वाहन बेकाबू हुआ। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने कहा, वे नशे में थे या गाड़ी बेकाबू रफ्तार में थी, इस बात की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि मृतकों का पोस्टमार्टम चल रहा है। हालांकि, अभी तक नशे की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा, पोस्टमार्टम चल रहा है, लेकिन नशे के बारे में अभी तक कोई पक्की जानकारी नहीं मिली है। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पंजाब से भटक बिहार पहुंचा यह बुजुर्ग, फिर कैसे अपनों से मिला, AI ने सुलझाई 1000km दूर की गुत्थी
तीर्थ यात्रा पर निकला एक बुजुर्ग अमृतसर की जगह गलती से बिहार पहुंच गया. उसे केवल अपने गांव का नाम याद था. बाद में ChatGPT और इंटरनेट से तलाश करके उसे परिवार से मिलवा दिया.
क्यों DUSU में ABVP की जीत से ज्यादा हैं NSUI की हार के चर्चे, सन्नाटे में बदली 'गूंज'
NSUI के दो बागी दीपांशु शौकीन और विशेष यादव ने पलीता लगाकर दिल्ली विश्वविद्यालय में NSUI की 'गूंज' को सन्नाटे में बदल दिया.
‘पत्नी का व्यवहार सामान्य वैवाहिक कलह…’; अब तलाक केस में HC ने भी पति के हक में सुनाया फैसला
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले की सुनवाई के बाद पति के हक में फैसला सुनाते हुए फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। इस मामले में पति-पत्नी दोनों ही वकालत के प्रोफेशन से जुड़े हैं। हाईकोर्ट ने कहा पत्नी का व्यवहार सामान्य वैवाहिक कलह की सीमा पार कर गया था।
'कॉमेडियन, जोकरों की पार्टी कांग्रेस', राहुल के कार्यक्रम में मिमिक्री पर बवाल
स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि के पीएम की नकल करने पर विवाद छिड़ गया है. राहुल गांधी भी मंच पर मौजूद थे, जिससे बीजेपी ने कांग्रेस पर महिलाओं और मातृशक्ति का अपमान करने का आरोप लगाया है. बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस को 'कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी' कहकर निशाना साधा है.
अपना चेहरा दीजिए, पैसे पाइए! चीन में AI ने खोला कमाई का नया रास्ता
चीन में लोग अपने चेहरे के डिजिटल इस्तेमाल का लाइसेंस देकर पैसे कमा रहे हैं. एआई कंटेंट बनाने वाले इन चेहरों का इस्तेमाल विज्ञापन, गेम और शॉर्ट वीडियो जैसे कंटेंट में कर रहे हैं. कुछ लोगों को इसके बदले हजारों डॉलर तक मिलने की बात सामने आई है.
उत्तर कोरिया ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल, US-जापान-साउथ कोरिया के एक्शन से बौखलाया
उत्तर कोरिया ने रविवार को कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्व में समुद्र की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जो जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर जाकर गिरी. मिसाइल लॉन्च के बाद दक्षिण कोरिया ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई और परीक्षण की निंदा करते हुए प्योंगयांग से मिसाइल गतिविधियां रोकने की अपील की.
Varanasi में UP ATS की मुठभेड़, 30 लाख का इनामी Naxalite बृजेश गंजू ढेर
उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने वाराणसी में रविवार सुबह एक मुठभेड़ के दौरान 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली बृजेश गंजू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ सरदार जी को मार गिराया, जबकि उसका साथी बदमाश फरार हो गया। उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार बृजेश गंजू प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी का मुख्य सदस्य था और उसके खिलाफ 50 से अधिक मामले दर्ज थे। एटीएस के अनुसार झारखंड राज्य के चतरा जिले के लावालौंग थानाक्षेत्र निवासी बृजेश गंजू के वाराणसी क्षेत्र में प्रवेश करने और रामनगर थानाक्षेत्र के लंका मैदान की ओर जाने की एक गुप्त सूचना मिली थी। इसके अनुसार इस सूचना के बाद एटीएस की टीम ने मिर्जापुर और सोनभद्र से सटे संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी। उसने बताया कि टीम ने इस दौरान लंका मैदान के पास एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्धों को आते देखा और रोकने का प्रयास किया। बयान के अनुसार दोनों ने एटीएस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी और जवाबी कार्रवाई में एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) विपिन कुमार राय और मुख्य आरक्षी जितेंद्र कृष्णा घायल भी हुए लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट के कारण दोनों सुरक्षित रहे। एटीएस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान नक्सली बृजेश गंजू को गोली लगी जबकि उसका दूसरा साथी मौके से फरार हो गया। एटीएस के अनुसार घायल बृजेश को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एटीएस के अनुसार बृजेश गंजु पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। एटीएस के अनुसार बृजेश गंजू पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, आगजनी, लोक सेवकों पर हमला एवं अवैध हथियार और विस्फोटक रखे जाने सहित 50 से अधिक मामले दर्ज थे। एटीएस के अनुसार वह करीब 20 वर्षों से फरार था। एटीएस ने मौके से दो पिस्तौल, एक कार्बाइन, भारी मात्रा में कारतूस और एक लाख रूपये नकद बरामद किया है। एटीएस के अनुसार मुठभेड़ में शामिल उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम को उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा दो लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।
साहिबाबाद के फर्नीचर शोरूम में लगी भीषण आग, दूर से दिखा गुबार
गाजियाबाद के साहिबाबाद साइट-4 में एक फर्नीचर शोरूम और गोदाम में भीषण आग लग गई. आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दिया, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही फायर डिपार्टमेंट की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया. आग लगने की वजह और हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
हर विधानसभा में 27 हजार वोट... अखिलेश ने 2027 के लिए बनाया ये खास प्लान
समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज कर दी है. अखिलेश यादव ने हर विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने अन्याय और अत्याचार से प्रभावित परिवारों को पार्टी से जोड़ने की बात कही. बैठक में PDA की सातवीं ऑडिट रिपोर्ट भी जारी हुई.
तेलंगाना में डिवाइडर से जा टकराई चलती कार, आग लगने से न्यूरोसर्जन की जिंदा जलकर मौत
हादसे के बाद हुई शुरुआती छानबीन में शक जताया गया है कि ड्राइवर के नींद में होने की वजह से कार हादसा हुआ होगा. हालांकि, ऐक्सिडेंट के पीछे असली वजह की जांच की जा रही है.
बांग्लादेश को हराकर एशियन गेम्स फाइनल में पहुंची भारत
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 114 रन से हराया। भारत ने 195 रन बनाए, जिसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 81 रन पर ऑलआउट हो गई।
DUSU चुनाव में निर्दलीय जीत दर्ज कर इतिहास रचने वाले दीपांशु शौकीन ने राहुल गांधी की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि वे जेन जी और उनके मुद्दों को समझते हैं। हालांकि, उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वे अभी किसी पार्टी में शामिल नहीं होने जा रहे।
छुट्टी में Outing नहीं, बस आराम! Gen Z क्यों कर रही ‘Bed Rotting’?
Gen Z के बीच Bed Rotting एक नया Relaxation Trend बन गया है. इसमें छुट्टी या Free Time में बाहर जाने के बजाय लोग घंटों Bed पर रहना, Reels देखना, Favorite Shows देखना या बस आराम करना पसंद करते हैं. लगातार Productivity और Social Media के Pressure के बीच यs एक Break जैसा लग सकता है, लेकिन क्या यह Habit बन जाए तो परेशानी हो सकती है?
'यूपी में 2017 से पहले बिना सिफारिश और पैसे के नौकरी नहीं मिलती थी', बोले सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राज्य की सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में आए बड़े बदलावों पर बात की. उन्होंने साल 2017 से पहले की स्थिति की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय प्रदेश की व्यवस्था में भारी विसंगतियां थीं. युवाओं के मन में निराशा और हताशा का माहौल था क्योंकि तब नौकरी पाने के लिए भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का बोलबाला था.
घास-फूस समझने की न करें भूल, सड़क किनारे मिलने वाले इस जड़ी-बूटी का है खास महत्व
सड़क किनारे दिखने वाले घास-फूस को अक्सर हम इग्नोर कर देते हैं. लेकिन क्या आज जानते हैं इन घास में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए काफी हेल्दी होते हैं. यहां जानते हैं एक ऐसे ही घास के बारे में-
वाराणसी में 30 लाख के इनामी नक्सली Brijesh Ganjhu ढेर, जानें कैसे हुआ एनकाउंटर?
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार सुबह उत्तर प्रदेश एटीएस और रामनगर पुलिस की टीम ने मुठभेड़ में 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को मार गिराया। मुठभेड़ रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान के पास हुई। पुलिस के मुताबिक, बृजेश प्रतिबंधित संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी यानी टीपीसी का कमांडर था। बृजेश पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसमें झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये और एनआईए की ओर से 5 लाख रुपये शामिल थे। वह कई मामलों में वांछित था। मुगलसराय की ओर जा रहा था बृजेश पुलिस के मुताबिक, एटीएस को बृजेश के वाराणसी में होने की जानकारी मिली थी। वह अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से टेंगरा मोड़ से मुगलसराय की तरफ जा रहा था। टीम ने उसे रोकने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि बृजेश ने रुकने के बजाय गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसे भी पढ़ें: Matoshree के बाहर Disha Salian के पिता सतीश सालियन का हाई-वोल्टेज ड्रामा दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली मुठभेड़ के दौरान एटीएस के उपाधीक्षक विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं। दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाने और मुठभेड़ की पूरी घटना की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीजीपी ने क्या कहा? उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने बृजेश गंझू के एनकाउंटर पर कहा, आज सुबह एक नक्सली कमांडर के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई, जिस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। इसमें दूसरे राज्यों की ओर से 25 लाख रुपये और एनआईए की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम था। इस कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की अपराधियों और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है और इसी नीति के तहत लगातार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। #WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: On the encounter of Brijesh Ganjhu, alias Gopal Singh, the chief of the Tritiya Prastuti Committee (TPC), DGP Rajeev Krishna says, This morning, a police encounter took place with a Naxal commander who carried a total bounty of Rs 30… pic.twitter.com/h4cxAW19uQ — ANI (@ANI) September 20, 2026 इसे भी पढ़ें: मरीन ड्राइव से हाजी अली जा रही BMW पुल से नीचे गिरी, 3 की मौत टीपीसी का कमांडर था बृजेश बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला था और प्रतिबंधित संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी से जुड़ा था। पुलिस और जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह संगठन में कमांडर की भूमिका में था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे। एनआईए भी उसे कई मामलों में वांछित बता चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ हिंसा और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले थे। 30 लाख का था इनाम बृजेश की गिरफ्तारी के लिए झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा एनआईए ने 5 लाख रुपये का इनाम रखा था। इस तरह उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। मुठभेड़ के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल की जांच कर रही हैं। साथ ही बृजेश के साथ मौजूद बताए जा रहे उसके साथी की तलाश भी की जा रही है।
दिल्ली के अलीपुर में बड़ा हादसा, भरभराकर ढहा निर्माणाधीन गोदाम
दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले के अलीपुर के बुधपुर इलाके में निर्माणाधीन गोदाम का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया. हादसे के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं. शुरुआती जानकारी में दो लोगों के मलबे में दबने की बात सामने आई.
डिजनी के CTO बने भारतीय दिग्गज करणदीप आनंद, जानिए कौन हैं
भारतीय मूल के टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ करनदीप आनंद Disney के पहले Chief Technology Officer बने हैं. जानिए IIIT Hyderabad से Disney तक का उनका करियर, एजुकेशन और नई भूमिका क्या है.
अलवर मेयर चुनाव से पहले भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, 37 पार्षदों के साथ फोटो जारी कर दिया बहुमत का संदेश
65 सदस्यीय निगम में बहुमत का आंकड़ा 33, भाजपा का दावा-37 पार्षद साथ; कांग्रेस ने भाजपा के दावे पर उठाए सवाल अलवर। नगर निगम के महापौर चुनाव से ठीक पहले अलवर में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदान से एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने खेमे के पार्षदों की तस्वीर जारी कर […] The post अलवर मेयर चुनाव से पहले भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, 37 पार्षदों के साथ फोटो जारी कर दिया बहुमत का संदेश appeared first on Sabguru News .
हिमाचल के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ट्रेकिंग पर लगे कड़े प्रतिबंध और सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सख्ती
देवभूमि हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक खूबसूरती, ऊंचे-ऊंचे बर्फ से ढके पहाड़ और रोमांचक ट्रैक देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के एडवेंचर प्रेमियों को हमेशा से अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं। लेकिन हाल के दिनों में मौसम के बदलते मिजाज, लगातार हो रहे भूस्खलन, बादल फटने की घटनाओं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्यटकों के फंसने के बढ़ते मामलों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने राज्य में 3000 मीटर यानी लगभग 10,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले सभी ट्रेकिंग रूट्स और पर्वतीय मार्गों पर अग्रिम आदेशों तक पूरी तरह से रोक लगा दी है। पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के शौकीन लोग अक्सर बिना मौसम की स्थिति का आंकलन किए जोखिम भरे रास्तों पर निकल जाते हैं, जिससे उनकी जान पर बड़ा खतरा बन जाता है। इस कड़े फैसले के बाद अब कोई भी व्यक्ति या ट्रेकिंग दल अपनी मर्जी से इन ऊंचाई वाले रास्तों पर सफर नहीं कर सकेगा। पर्यटन विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि पर्यटकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और जब तक मौसम पूरी तरह से अनुकूल नहीं हो जाता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित नहीं किए जाते, तब तक इस प्रतिबंध में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। इस अचानक लगे बैन के बाद से उन हजारों सैलानियों और ट्रेकर्स के बीच हड़कंप मच गया है जिन्होंने महीनों पहले से अपनी बुकिंग करवा रखी थी और अपने गर्मियों या छुट्टियों के प्लान बना चुके थे।यदि आपने गाइड को दे दिए हैं पैसे और बुक कर लिया है पैकेज, तो अब आगे क्या करें और कैसे मिलेगी अनुमतिजो सैलानी पहले ही अपनी ट्रेकिंग की योजना बना चुके हैं, एडवांस बुकिंग करा चुके हैं और स्थानीय गाइड या ट्रेकिंग एजेंसियों को हजारों-लाखों रुपये का भुगतान कर चुके हैं, उनके मन में अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि उनके पैसों का क्या होगा और क्या उन्हें किसी भी स्थिति में यात्रा करने की अनुमति मिल सकती है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों और टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि जिन लोगों ने अधिकृत और पंजीकृत (Registered) एजेंसियों के माध्यम से बुकिंग की है, वे संबंधित एजेंसी से संपर्क करके अपने पैसों की रिफंड पॉलिसी या डेट री-शेड्यूलिंग (Date Rescheduling) के बारे में बात कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि कोई ट्रेकर ग्रुप विशेष वैज्ञानिक या व्यावसायिक शोध के उद्देश्य से या फिर बेहद अनुभवी पर्वतारोही के रूप में जाना चाहता है, तो उसे जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) से लिखित रूप में विशेष अनुमति लेनी होगी। इस अनुमति को पाने के लिए ट्रेकर्स को अपना पूरा फिटनेस सर्टिफिकेट, मेडिकल रिपोर्ट, यात्रा का रूट मैप, आपातकालीन बचाव योजना (Emergency Evacuation Plan) और पंजीकृत गाइड का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रशासन केवल उन्हीं मामलों में सीमित अनुमति देगा जहां सुरक्षा के सभी मानदंडों का शत-प्रतिशत पालन किया जा रहा हो, अन्यथा अनाधिकृत रूप से ट्रेकिंग करते पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।सुरक्षित पर्यटन और साहसिक खेलों के नए नियम, ट्रेकर्स के लिए सरकार की सख्त गाइडलाइंसहिमाचल प्रदेश में बढ़ते पर्यटन के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब पूरी तरह से गंभीर और एक्टिव मोड में नजर आ रही है। आए दिन पहाड़ों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए यह जरूरी हो गया था कि साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) के क्षेत्र में कड़े नियम लागू किए जाएं। नई गाइडलाइंस के तहत अब हर ट्रेकिंग एजेंसी के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे बिना प्रशासन की पूर्व अनुमति के किसी भी पर्यटक को 3000 मीटर से ऊपर के ट्रैक पर न ले जाएं। इसके साथ ही, ट्रेकर्स के पास सैटेलाइट फोन, जीपीएस ट्रैकर और पर्याप्त मात्रा में मेडिकल किट होना भी जरूरी कर दिया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत संपर्क साधा जा सके। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही इस प्रतिबंध से शुरुआती दौर में पर्यटन कारोबार को थोड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा हो, लेकिन यह लंबी अवधि में पर्यटकों की जान बचाने के लिए एक बेहद सराहनीय और जरूरी कदम है। पहाड़ों की यात्रा हमेशा रोमांचक होती है, लेकिन लापरवाही कई बार भारी पड़ जाती है, इसलिए प्रशासन के इन नए नियमों का पालन करना हर पर्यटक और ट्रेकर की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। यदि आप भी आने वाले दिनों में हिमाचल के पहाड़ों की सैर या ट्रेकिंग का प्लान बना रहे हैं, तो यात्रा पर निकलने से पहले ताजा मौसम अपडेट और आधिकारिक दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी जरूर हासिल कर लें, ताकि आपकी छुट्टियां बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और यादगार बन सकें।
भारत के सुरक्षा बलों और छत्तीसगढ़ पुलिस ने लाल आतंक के खिलाफ चलाए जा रहे अपने अभियानों के इतिहास में एक ऐसा सनसनीखेज और अभूतपूर्व अध्याय जोड़ दिया है, जिसके बारे में शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील और माओवादी प्रभावित माने जाने वाले बस्तर क्षेत्र के घने जंगलों और बीहड़ों के भीतर सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने एक ऐसा खुफिया अभियान चलाया, जिसने नक्सलियों की पूरी आर्थिक कमर तोड़कर रख दी है। सुरक्षा बलों को लंबे समय से इस बात की पुख्ता खुफिया जानकारियां मिल रही थीं कि बस्तर के इन अछूते और दुर्गम इलाकों में नक्सलियों के शीर्ष कमांडरों ने भारी मात्रा में अवैध हथियार, गोला-बारूद और बेहिसाब संपत्ति छुपा रखी है। इसी इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों के सैकड़ों जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर जंगलों के भीतर कई किलोमीटर पैदल मार्च किया और नक्सलियों के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों को चारों तरफ से घेर लिया। जैसे ही पुलिस ने चिन्हित स्थानों पर आधुनिक मेटल डिटेक्टर्स और अर्थ-मूविंग टूल्स की मदद से खुदाई शुरू की, तो जमीन के भीतर का ऐसा खौफनाक और हैरान कर देने वाला सच बाहर आया जिसे देखकर खुद ऑपरेशन में शामिल सुरक्षा अधिकारी भी अछंभे में पड़ गए। माओवादी संगठन जो हमेशा गरीबों और आदिवासियों के नाम पर हथियार उठाने का ढोंग करते हैं, वे असल में जंगलों के भीतर अकूत अवैध संपत्ति और खजाने के मालिक बनकर बैठे थे, जिसका पर्दाफाश अब पूरी दुनिया के सामने हो चुका है।जमीन के भीतर गाड़े गए ड्रमों से निकला सोने के बिस्किट का जखीरा और आधुनिक घातक हथियारों का बड़ा जंजालइस सनसनीखेज सर्च ऑपरेशन के दौरान जब सुरक्षा बलों ने बस्तर के जंगलों में एक खास जगह की खुदाई की, तो उन्हें जमीन के कई फीट नीचे प्लास्टिक के भारी-भरकम और एयर-टाइट ड्रम दबे हुए मिले। जब इन ड्रमों को सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर काटा गया, तो अंदर का नजारा किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। उन ड्रमों के भीतर से सोने के चमकदार बिस्किट, करोड़ों रुपये की बेहिसाब नकदी और देश-विदेश में प्रतिबंधित अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए। नक्सलियों के इस खजाने में आधुनिक असॉल्ट राइफलें जैसे कि AK-47, इंसास और अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर के साथ-साथ भारी मात्रा में कारतूस और विस्फोटक सामग्रियां भरी हुई थीं। माओवादी दशकों से इन जंगलों में बैठकर अवैध वसूली, लेवी वसूलने, ठेकेदारों से रंगदारी और सरकारी योजनाओं के फंड को लूटकर जो काला धन इकट्ठा कर रहे थे, उसे उन्होंने इस तरह जमीन के नीचे सुरक्षित छुपा रखा था ताकि आपातकाल के समय या पुलिस की दबिश के दौरान इसका इस्तेमाल किया जा सके। इतने बड़े पैमाने पर सोने के बिस्किट और हथियारों का मिलना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि बस्तर के भोले-भाले आदिवासियों को बरगलाकर नक्सली संगठन केवल अपनी तिजोरी भरने और आपराधिक साम्राज्य को मजबूत करने का काम कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह जब्ती पिछले कई दशकों में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पकड़ी गई सबसे बड़ी संपत्तियों में से एक है, जिससे माओवादियों के शीर्ष नेतृत्व को मानसिक और आर्थिक रूप से बहुत बड़ा आघात लगा है।लाल आतंक के खात्मे की ओर एक और बड़ा कदम, बस्तर की बदलती तस्वीर और सुरक्षा बलों की ऐतिहासिक कामयाबीबस्तर के जंगलों से नक्सलियों के इस गुप्त खजाने और हथियारों के जखीरे का बरामद होना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि अब सुरक्षा बलों की पहुंच उन गुप्त ठिकानों तक भी हो चुकी है जिन्हें नक्सली कभी अपना अजय किला मानते थे। पिछले कुछ वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त रणनीतिक नीतियों, सुरक्षा कैंपों के विस्तार और विकास कार्यों के कारण नक्सलियों का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है, और अब उनके पास न तो सुरक्षित ठिकाने बचे हैं और न ही जनता का समर्थन। जब आदिवासियों को यह सच्चाई पता चलती है कि उनके तथाकथित क्रांतिकारी नेता जंगलों में सोने के बिस्किट और अवैध हथियारों के ढेर दबाकर ऐश की जिंदगी जी रहे हैं, तो उनका मोहभंग तेजी से हो रहा है और वे मुख्यधारा में लौटने लगे हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि इस खजाने को छिपाने में किन-किन बाहरी तस्करों, सफेदपोश सहयोगियों और भूमिगत मददगारों का हाथ था, ताकि उन तक भी कानून का शिकंजा कसा जा सके। बस्तर के इन सुदूर जंगलों में मिली यह सफलता भारतीय सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, उनकी पैनी रणनीति और पक्के इरादों की एक ऐसी मिसाल बन चुकी है जो आने वाले समय में देश से नक्सलवाद के पूर्ण सफाए की इबारत लिखने का काम करेगी।
दिल्ली समेत चार हाईकोर्ट में कुल 14 नए जजों की नियुक्ति
दिल्ली हाईकोर्ट को जल्द सात नए जज मिलने जा रहे हैं. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर सात नामों को मंजूरी दे दी है. सोमवार को शपथ के बाद ये जज न्यायिक जिम्मेदारी संभाल सकते हैं. वहीं, आठवें नाम गुरविंदर पाल सिंह की नियुक्ति फिलहाल लंबित है.
पत्रकार Ravi Nair की गिरफ्तारी पर Gujarat High Court ने सरकार और Adani Enterprises को भेजा नोटिस
गुजरात उच्च न्यायालय ने पत्रकार रवि नायर की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार और ‘अदाणी एंटरप्राइजेज’ को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति एम. के. ठक्कर की एकल पीठ ने शनिवार को प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया और मामले को आगे की सुनवाई के लिए सोमवार को सूचीबद्ध किया। गांधीनगर की एक जिला अदालत ने मानहानि के मामले में नायर की दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई के दौरान पत्रकार के व्यक्तिगत रूप से पेश न होने पर गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद 17 सितंबर को नायर को गिरफ्तार कर लिया गया। मानसा अदालत ने नायर की कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और खबरों को लेकर ‘अदाणी एंटरप्राइजेज’ की ओर से उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मामले में इस साल 10 फरवरी को उन्हें एक साल के कारावास की सजा सुनाई थी। नायर ने गांधीनगर की एक अपीलीय अदालत में अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी थी। अदालत ने इस शर्त पर नौ मार्च को उन्हें जमानत दे दी थी कि वह अपील की सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगे। नायर के वकीलों ने कहा कि खराब स्वास्थ्य के कारण पत्रकार तीन सितंबर को सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, क्योंकि उन्हें अपने गृह राज्य केरलम से यात्रा करनी थी। वकीलों का दावा है कि अपीलीय अदालत ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट देने की उनकी याचिका खारिज कर दी और बिना किसी पूर्व सूचना के उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया जिस पर 17 सितंबर तक अमल किया जाना था। अदालत ने नायर को हिरासत में लेने का निर्देश दिया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। उच्च न्यायालय ने मुख्य न्यायाधीश के समक्ष जल्द से जल्द सुनवाई का अनुरोध किए जाने के बाद शनिवार शाम नायर की याचिका पर सुनवाई की। आवेदन में कहा गया था कि यह मामला संविधान के अनुच्छेद 21 और व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा है। नायर ने अपने वकील रोनित जॉय और अभिक चिमनी के माध्यम से दाखिल हलफनामे में कहा कि जिला अदालत ने पहले समन या जमानती वारंट जारी किए बिना सीधे गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। उन्होंने दावा किया कि यह एक मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश के विपरीत है। उन्होंने उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में कहा कि 17 सितंबर को अदालत के समक्ष उपस्थित होने और वारंट रद्द करने का अनुरोध करते हुए आवेदन दायर करने के बावजूद जिला अदालत ने आवेदन खारिज कर दिया तथा उन्हें हिरासत में लेने का आदेश पारित कर दिया।
एशियन गेम्स के ठीक पहले ट्रेनिंग कैंप में मची अफरा-तफरी, वरुण सान्याल के साथ हुआ बड़ा हादसा
अंतरराष्ट्रीय खेल जगत से भारत के लिए एक बेहद निराशाजनक और दिल तोड़ने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने देश भर के खेल प्रेमियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स यानी एमएमए (MMA) की दुनिया में भारत का नाम रौशन करने वाले स्टार फाइटर वरुण सान्याल (Varun Sanyal) आगामी एशियन गेम्स से आधिकारिक रूप से बाहर हो चुके हैं। उनके इस तरह अचानक बाहर होने की मुख्य वजह उनकी कोई चोट नहीं, बल्कि रिंग में उतरने से ठीक पहले वजन घटाने (Weight Cutting) के लिए की गई बेहद कठिन और खतरनाक ट्रेनिंग प्रक्रिया बनी है। खेल जगत के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रतियोगिता के तय वजन वर्ग (Weight Category) में आने के लिए वरुण पिछले कई दिनों से अत्यधिक पसीना बहा रहे थे और उन्होंने अपने खान-पान पर बेहद कड़ा नियंत्रण रखा हुआ था। इसी अत्यधिक शारीरिक और मानसिक दबाव के बीच अचानक उनका शरीर जवाब दे गया और वे ट्रेनिंग सेशन के दौरान ही बुरी तरह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। जैसे ही यह घटना घटी, वैसे ही कैंप में मौजूद कोचों और सपोर्ट स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए और उन्हें तुरंत बिना किसी देरी के नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया। इस अप्रत्याशित घटना ने एक बार फिर से कॉम्बैट स्पोर्ट्स में खिलाड़ियों द्वारा वजन घटाने के नाम पर उठाए जाने वाले जानलेवा जोखिमों और उसकी वैज्ञानिक सीमाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर खेल विशेषज्ञों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।वजन घटाने का जानलेवा खेल और एमएमए फाइटर्स की शारीरिक सीमाओं का कड़ा इम्तिहानमिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) या बॉक्सिंग जैसे खेलों में यह एक आम चलन है कि खिलाड़ी अपने नेचुरल वेट क्लास से नीचे उतरकर खेलने के लिए कुछ ही दिनों में कई-कई किलोग्राम वजन तेजी से कम करते हैं, जिसे तकनीकी भाषा में 'एक्सट्रीम वेट कटिंग' कहा जाता है। वरुण सान्याल भी अपनी कैटेगिरी के मुताबिक तय वजन सीमा को पार करने के लिए पिछले कुछ हफ्तों से लगातार डिहाइड्रेशन (शरीर से पानी की कमी) और अत्यधिक कठोर वर्कआउट के दौर से गुजर रहे थे। शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी होने के कारण उनके आंतरिक अंगों और तंत्रिका तंत्र पर बहुत अधिक दबाव पड़ गया, जिसे उनका शरीर सहन नहीं कर पाया। जब कोई एथलीट अपने शरीर को भूखा रखकर और बिना पानी पिए घंटों पसीना बहाता है, तो मस्तिष्क और हृदय को मिलने वाला रक्त संचार बाधित हो जाता है, जिससे बेहोशी या कार्डियक अरेस्ट जैसी खतरनाक स्थितियां पैदा हो जाती हैं। वरुण के साथ भी ठीक ऐसा ही हुआ, जहां मेडल जीतने की दीवानगी और देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल करने के जुनून ने उन्हें अपनी शारीरिक क्षमता से कहीं अधिक आगे जाने पर मजबूर कर दिया। इस घटना ने देश भर के खेल अकादमियों और न्यूट्रिशनिस्ट्स को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या खिलाड़ियों की सुरक्षा से समझौता करके उन्हें इस तरह के जानलेवा वजन घटाने के चक्रव्यूह में धकेलना उचित है या नहीं।मेडल की उम्मीदों को लगा करारा झटका, वरुण सान्याल के एशियन गेम्स से बाहर होने का देश को मलालवरुण सान्याल का इस तरह से अचानक एशियन गेम्स से बाहर होना न केवल उनके व्यक्तिगत खेल करियर के लिए एक बहुत बड़ा झटका है, बल्कि यह भारत की मेडल तालिका (Medal Tally) के लिए भी एक अपूरणीय क्षति के समान है। देश को उनसे स्वर्ण पदक जीतने की बहुत अधिक उम्मीदें थीं, क्योंकि वे अपनी बेहतरीन ग्रैपलिंग और स्ट्राइकिंग स्किल्स के लिए जाने जाते हैं। इस प्रतिष्ठित बहु-खेल महाकुंभ में भाग लेने के लिए उन्होंने पिछले कई महीनों से दिन-रात एक करके पसीना बहाया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जब अस्पताल में होश आने के बाद उन्हें यह पता चला कि वे अब इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पाएंगे और उन्हें डॉक्टर की सख्त सलाह पर पूरी तरह से रेस्ट करना होगा, तो उनका और उनके कोचों का दिल टूट गया। खेल मंत्रालय और भारतीय एमएमए महासंघ ने उनके इस स्वास्थ्य संकट पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही, इस घटना के बाद खेल प्रशासन ने भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए खिलाड़ियों के स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक न्यूट्रिशन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसी भी अन्य एथलीट को इस तरह के खतरनाक दौर से न गुजरना पड़े। वरुण सान्याल की यह कहानी हर उस युवा एथलीट के लिए एक बड़ी सीख है जो खेल में सफलता पाने के लिए अपनी सेहत को दांव पर लगा देते हैं, क्योंकि जान है तो जहान है और खेल का मैदान तभी खूबसूरत लगता है जब खिलाड़ी सुरक्षित और स्वस्थ रहता है।
इंदौर में विपक्षी छात्रों के गूंज कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणियों को लेकर बीजेपी ने राहुल गांधी पर हमला बोला है।
जेपी नड्डा बोले- पीएम मोदी ने बदली देश की राजनीतिक संस्कृति
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उनके राजनीतिक सफर और कार्यशैली पर खुलकर बात की. जेपी नड्डा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बेहद करीब से काम करते हुए देखा है. वह एक अद्भुत प्रतिभा के धनी और दूरदर्शी राजनेता हैं, जो देश कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित हैं. नड्डा ने याद किया कि साल 1990 में उनकी पहली मुलाकात नरेंद्र मोदी से हुई थी, जब वे गुजरात से राष्ट्रीय महामंत्री बनकर दिल्ली आए थे. उस समय से ही उनकी कार्यशैली बेहद प्रभावित करने वाली रही है.
गुजरात से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर जमुई पहुंची नाबालिग प्रेमिका और फिल्मी अंदाज में रचाई शादी
प्यार की कोई सरहद नहीं होती और न ही उम्र या दूरी इसके आड़े आती है, इस बात को साबित करती हुई एक बेहद चौंकाने वाली और फिल्मी कहानी इन दिनों बिहार के जमुई जिले से सामने आई है। इस प्रेम प्रसंग की शुरुआत देश के पश्चिमी छोर पर स्थित गुजरात की धरती से हुई, जहां एक नाबालिग लड़की का दिल जमुई जिले के रहने वाले एक युवक पर आ गया। दोनों के बीच फोन पर हुई बातचीत धीरे-धीरे गहरे प्यार में बदल गई और मिलने-मिलाने का सिलसिला शुरू हो गया। जब परिजनों और समाज के पहरे ने उनके इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, तो उस नाबालिग प्रेमिका ने अपने प्यार को पाने के लिए एक बहुत बड़ा और साहसिक कदम उठाने का फैसला किया। उसने घर की चारदीवारी और तमाम दूरियों की परवाह न करते हुए गुजरात से हजारों किलोमीटर लंबा सफर अकेले ही तय किया और सीधे बिहार के जमुई जा पहुंची। जमुई पहुंचने पर उसके प्रेमी ने उसका बाहें फैलाकर स्वागत किया और स्थानीय स्तर पर मंदिर या अन्य रीति-रिवाजों के अनुसार उसके साथ धूमधाम से शादी रचा ली। उस समय दोनों की प्रेम कहानी किसी परीकथा की तरह लग रही थी, जहां हर बाधा को पार करके दो प्रेमी हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो चुके थे, और उनकी इन खुशियों को देखकर ऐसा लग रहा था कि उनकी दुनिया अब पूरी तरह से आबाद हो चुकी है।शादी के जश्न के सात दिन भी पूरे नहीं हुए थे कि खुशियों पर लग गया कानून और समाज का भारी 'ग्रहण'लेकिन कहते हैं कि हकीकत अक्सर सपनों की दुनिया से बहुत अलग और कठोर होती है, और इस प्रेम कहानी के साथ भी कुछ ऐसा ही दर्दनाक अंत सामने आया। जिस लड़की ने अपनी जिंदगी के सबसे हसीन सपने सजाए थे और सात जन्म तक साथ निभाने की कसमें खाई थीं, उसकी यह नई नवेली खुशियां महज सात दिनों के भीतर ही एक काले 'ग्रहण' की तरह बिखर गईं। जैसे ही गुजरात पुलिस और स्थानीय प्रशासन को इस बात की भनक लगी कि एक नाबालिग लड़की अपने घर से भागकर बिहार के जमुई में छिपी हुई है और उसने वहां शादी कर ली है, तो प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। लड़की के परिजनों द्वारा लिखाई गई गुमशुदगी और बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस एक्शन मोड में आ गई। जमुई स्थानीय पुलिस के सहयोग से बाहर से आई पुलिस टीम ने उस ठिकाने पर छापा मारा जहां यह नया जोड़ा अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने की उम्मीद में रह रहा था। पुलिस की गाड़ी और खाकी वर्दी को देखते ही दोनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह सात दिन की सुहागिन पल भर में बेबस होकर रोने बिलखने लगी। इस अचानक हुई कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि कानूनी रूप से नाबालिग होने के कारण उस प्रेम प्रसंग की कोई भी मान्यता नहीं थी, और कानून अपनी सख्त प्रक्रिया के तहत अपना काम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध था।बाल विवाह और कानूनी पेचीदगियों के बीच उलझकर रह गई प्रेम कहानी, अब आगे क्या होगा?इस संपूर्ण घटनाक्रम ने एक बार फिर से समाज के सामने बाल विवाह, कानूनी उम्र सीमा और प्रेम प्रसंग से जुड़े कई गंभीर और संवेदनशील सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय कानून के अनुसार जब तक लड़की की उम्र 18 वर्ष पूरी नहीं हो जाती, तब तक उसकी मर्जी से की गई शादी या इस तरह के कदम को कानूनी रूप से वैध नहीं माना जा सकता, भले ही वे दोनों एक-दूसरे से कितना भी प्रेम क्यों न करते हों। पुलिस ने नाबालिग लड़की को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे मेडिकल जांच तथा बयान दर्ज कराने के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ, जिस प्रेमी युवक ने सात दिन पहले अपनी महबूबा को अपनी दुल्हन बनाकर घर लाया था, वह अब कानूनी शिकंजे और अपहरण तथा पोक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के कानूनी मामलों में उलझता हुआ नजर आ रहा है। जमुई और गुजरात दोनों ही जगहों पर इस अनोखी और दुखद प्रेम कहानी की चर्चा हर चौराहे पर हो रही है, जहां लोग इस बात पर विचार कर रहे हैं किशोरावस्था में लिए गए बिना सोचे-समझे फैसले किस तरह से पूरी जिंदगी को एक झटके में तबाह कर सकते हैं। यह मामला उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है जो कानून की सीमाओं को लांघकर इस तरह के कदम उठाते हैं, क्योंकि अंततः कानून और सच्चाई की ही जीत होती है और भावनाओं के आगे नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।
STF ने मर्डर के आरोपी को घेरा तो फ्लाईओवर से लगाई छलांग
हरियाणा के सोनीपत में हिसार टोल मैनेजर हत्याकांड के फरार आरोपी मनोज उर्फ फिल्मी और सचिन को पकड़ने पहुंची STF ने NH-44 पर घेराबंदी की। पुलिस को सामने देखकर मनोज ने भिगान फ्लाईओवर से छलांग लगा दी और गंभीर रूप से घायल हो गया।
बिना तंदूर घर पर बनाएं रेस्ट्रॉन्ट वाले एकदम स्मोकी और स्पाइसी मोमोज
Tandoori Momos: अगर आपको भी मोमोज खाना पसंद है तो फिर आपने तंदूरी मोमोज जरूर ट्राई किए होंगे. लेकिन इसे खाने के लिए आपको हमेशा बाजार जाने की जरूरत नहीं है. आप घर पर बिना तंदूर के भी तंदूरी मोमोज बना सकते हैं.
आईआरएस अधिकारी निशा उरांव का तीखा हमला और आदिवासियों की संस्कृति पर छिड़ी नई बहस
भारतीय प्रशासनिक सेवा और आयकर विभाग की जानी-मानी वरिष्ठ अधिकारी निशा उरांव एक बार फिर अपने बयानों के कारण देश भर की सुर्खियों में आ चुकी हैं। इस बार उनका गुस्सा किसी प्रशासनिक लापरवाही या विभागीय मनमानी पर नहीं, बल्कि उस मानसिकता पर फूटा है जो अक्सर देश के मूलनिवासी यानी आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को बिना पूरी जानकारी के तोड़-मरोड़कर पेश करती है। अपने तीखे और बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली आईआरएस अधिकारी निशा उरांव ने खुलकर यह आरोप लगाया है कि समाज के एक खास वर्ग और मुख्यधारा के विचारकों की यह पुरानी और दबी हुई आदत बन चुकी है कि वे किसी एक व्यक्ति या घटना की आधी-अधूरी जानकारी को पूरे आदिवासी समाज की पहचान बताकर उसे सार्वजनिक मंचों पर थोपने का काम करते हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में आदिवासी अस्मिता, उनके धार्मिक अधिकारों और रूढ़िवादी परंपराओं को लेकर बौद्धिक और राजनीतिक गलियारों में लगातार बहस छिड़ी हुई है। निशा उरांव ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि किस तरह से फिल्मों, साहित्यों और मीडिया के एक बड़े हिस्से में आदिवासियों को लेकर रूढ़िवादिता फैलाई जाती है, जिससे उनकी वास्तविक पहचान और उनके महान इतिहास के साथ अन्याय होता है। उनके इस मुखर विरोध ने एक बार फिर से इस संवेदनशील मुद्दे को राष्ट्रीय पटल पर ला खड़ा किया है, जिस पर देश भर के बुद्धिजीवी अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।आधी-अधूरी जानकारी को पूरे समाज पर थोपने की प्रवृत्ति पर गहरी आपत्ति और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षाअपने बयानों के जरिए निशा उरांव ने इस बात को बहुत स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है कि आदिवासी समाज कोई एकरंगी (Monolithic) समुदाय नहीं है, बल्कि इसमें सैकड़ों अलग-अलग जनजातियां, उनकी अपनी अनूठी बोलियां, खान-पान, कला और प्रकृति के साथ जीने की बेहद समृद्ध परंपराएं शामिल हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि किसी सुदूर इलाके में घटने वाली किसी व्यक्तिगत घटना या अज्ञानतावश फैलाई गई अफवाह को आधार बनाकर पूरे आदिवासी समाज के चरित्र या उसकी संस्कृति का आकलन करना सरासर गलत और वैचारिक रूप से बेईमानी है। समाज के तथाकथित संभ्रांत वर्ग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी हमेशा से प्रकृति के सबसे बड़े संरक्षक रहे हैं और उनका जीवन दर्शन इंसानियत, समानता और सह-अस्तित्व पर आधारित है, लेकिन इसके बावजूद एक सोची-समझी रणनीति के तहत उनकी पहचान को धुंधला करने का प्रयास किया जाता रहा है। उन्होंने आदिवासी युवाओं और बुद्धिजीवियों से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति के खिलाफ होने वाले ऐसे बौद्धिक हमलों का तथ्यात्मक और मजबूत विरोध करें। जब तक समाज के लोग खुद आगे आकर अपनी सही बात दुनिया के सामने नहीं रखेंगे, तब तक बाहरी लोग उनके बारे में अपनी मर्जी की अधूरी और भ्रामक कहानियां गढ़ते रहेंगे। उनके इस बयान ने आदिवासी समुदायों के बीच एक नई चेतना जगाने का काम किया है, और लोग सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक इस पर अपनी सहमति जता रहे हैं।मुख्यधारा के समाज और आदिवासी अस्मिता के बीच की खाई, भविष्य की दिशा और सुधार की जरूरतIRS अधिकारी निशा उरांव द्वारा उठाया गया यह मुद्दा केवल एक बयान भर नहीं है, बल्कि यह भारत के सामाजिक ताने-बाने में लंबे समय से चली आ रही उस उपेक्षा की कहानी है जो आदिवासी समुदायों को अक्सर हाशिए पर धकेल देती है। मुख्यधारा के समाज को यह समझने की सख्त जरूरत है कि आदिवासियों की अपनी एक स्वायत्त कानूनी, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान है, जिसे संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त है। जब तक देश के नीति-निर्माता, शिक्षाविद और मीडियाकर्मी आदिवासियों को सहानुभूति की दृष्टि से देखने के बजाय उन्हें उनके बराबर के नागरिक और राष्ट्र निर्माता के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे, तब तक इस तरह के वैचारिक टकराव सामने आते रहेंगे। निशा उरांव की यह बेबाक टिप्पणी इस बात की याद दिलाती है कि प्रशासनिक पदों पर बैठे जिम्मेदार अधिकारियों जब अपनी जड़ों और समाज के अधिकारों के लिए मुखर होते हैं, तो वह आवाज दूर तक जाती है। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि उनके इस तीखे हमले के बाद मुख्यधारा की सोच में कितना बदलाव आता है और क्या आदिवासी संस्कृति को लेकर समाज का रवैया अधिक संवेदनशील और तथ्यात्मक बनता है या नहीं।
टी20 में गदर पर टेस्ट में फ्लॉप? वैभव को लेकर भिड़े दो दिग्गज
वैभव सूर्यवंशी को लेकर लगातार चर्चाओं का माहौल गर्म है. अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था. जिसके बाद फैन्स बेहद निराश नजर आए.
यूपी चुनाव के सियासी रण से पहले भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के तीखे और सुरीले बोल
उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में इन दिनों विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के साथ ही फिल्मी दुनिया के सितारों की एंट्री ने राजनीतिक सरगर्मी को और अधिक तेज कर दिया है। इसी कड़ी में भोजपुरी सिनेमा के मेगास्टार और अपनी गायकी से लाखों दिलों पर राज करने वाले खेसारी लाल यादव ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक चौपालों तक हलचल मचा दी है। एक हालिया इंटरव्यू और सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बातचीत करते हुए खेसारी लाल यादव ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जमकर तारीफ की है। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के खुले मंच से यह ऐलान कर दिया कि उनके लिए राजनीति की दुनिया में अखिलेश यादव से बड़ा कोई दूसरा हीरो नहीं है। भोजपुरी बेल्ट में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान रखने वाले किसी लोकप्रिय कलाकार द्वारा इस तरह से किसी राजनेता की खुलकर तारीफ करना और उन्हें अपना आदर्श या हीरो बताना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले यूपी चुनावों में क्षेत्रीय कलाकारों और स्टार प्रचारकों का रुख किस तरफ रहने वाला है। जैसे ही खेसारी लाल का यह बयान सामने आया, वैसे ही राजनीतिक विश्लेಷकों ने इसके सियासी मायने तलाशने शुरू कर दिए, क्योंकि चुनाव के ठीक पहले इस तरह के बयानों का असर सीधे तौर पर वोटर्स और युवाओं के बीच पड़ता है।अखिलेश यादव की कार्यशैली और उनके व्यक्तित्व के मुरीद हुए खेसारी लाल, बताए तारीफ की वजहेंअपनी बेबाक शैली के लिए जाने जाने वाले खेसारी लाल यादव ने सिर्फ अखिलेश यादव को अपना हीरो ही नहीं बताया, बल्कि इसके पीछे की ठोस वजहों का भी खुलकर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सादगी, युवाओं के प्रति उनका विजन और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की उनकी राजनीतिक शैली उन्हें बाकी नेताओं से बिल्कुल अलग और खास बनाती है। भोजपुरी स्टार ने यह भी कहा कि जब वे समाज के विभिन्न मुद्दों पर सोचते हैं और उत्तर प्रदेश के विकास की बात करते हैं, तो उन्हें अखिलेश यादव के काम करने का तरीका सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए और जनता के बीच अपनी पैٹھ का जिक्र करते हुए खेसारी ने कहा कि एक राजनेता के रूप में अखिलेश यादव ने हमेशा आम आदमी और पिछड़ों की आवाज को बुलंद करने का काम किया है, और यही वजह है कि आज युवा पीढ़ी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। इस बयान के जरिए उन्होंने यह साबित करने की कोशिश की है कि उनका यह समर्थन किसी राजनीतिक सौदेबाजी का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक कलाकार की नजर में एक सच्चे जननेता के प्रति सम्मान की भावना है। इस प्रकार की टिप्पणियों से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, और वे इसे आगामी चुनावी समर में एक बड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ मान रहे हैं।भोजपुरी सिनेमा और सियासत का पुराना नाता, क्या चुनाव में रंग लाएगी सितारों की यह जोड़ीउत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीति में सिनेमाई सितारों का आना और उनका किसी खास राजनीतिक दल के पक्ष में समर्थन जताना कोई नया ट्रेंड नहीं है, लेकिन खेसारी लाल यादव जैसे दिग्गज कलाकार का सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो के पक्ष में खड़े होना एक बड़ा संदेश देता है। भोजपुरी गानों और फिल्मों के जरिए पूर्वांचल से लेकर देश के कोने-कोने तक फैले करोड़ों फैंस के बीच खेसारी लाल की जबरदस्त लोकप्रियता है, और उनके इस बयान से उनके चाहने वालों के बीच एक सकारात्मक राजनीतिक संदेश जरूर पहुंचेगा। हालांकि, राजनीति के जानकार मानते हैं कि कला और सियासत का यह संगम चुनावी वैतरणी पार करने में कितना मददगार साबित होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि इस तरह के बयानों से राजनीतिक माहौल में गर्माहट बनी रहती है। विपक्षी दल इस पर अपनी अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, वहीं सपा खेमे में इसे एक बड़ी कूटनीतिक और सांस्कृतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, खेसारी लाल यादव द्वारा अखिलेश यादव की तारीफ के पुल बांधे जाने का यह पूरा एपिसोड आने वाले यूपी चुनावों के रंगमंच पर एक नए और दिलचस्प अध्याय की शुरुआत कर चुका है, जिस पर हर राजनीतिक दल और मीडिया की पैनी नजर बनी रहेगी।
स्लीप पैरालिसिस का भयानक अहसास और नींद के दौरान शरीर के सुन्न पड़ने की यह रहस्यमयी बीमारी
भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली, अत्यधिक मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और पूरी नींद न ले पाने के कारण आज के दौर में लोगों को कई तरह की अजीबोगरीब स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं में से एक बेहद डरावनी और मानसिक रूप से परेशान कर देने वाली स्थिति है 'स्लीप पैरालिसिस' (Sleep Paralysis), जिसे आम बोलचाल की भाषा में सोते समय शरीर का लॉक होना या सुन्न पड़ जाना कहा जाता है। कई बार रात को सोते समय अचानक व्यक्ति की आंखें तो पूरी तरह खुल जाती हैं, उसका दिमाग भी पूरी तरह से जाग चुका होता है, लेकिन उसके शरीर का एक भी अंग हरकत नहीं कर पाता है। वह चाहकर भी अपने हाथ-पैर हिला नहीं पाता, किसी को आवाज नहीं दे पाता और न ही बिस्तर से उठ पाता है। यह अहसास इतना डरावना होता है कि व्यक्ति को ऐसा लगने लगता है कि उसके सीने पर किसी भारी चीज का वजन रखा हुआ है या कोई अदृश्य शक्ति उसे जकड़े हुए है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में यह नींद से जुड़ी एक अवस्था है, जो तब पैदा होती है जब व्यक्ति रैपिड आई मूवमेंट यानी REM स्लीप साइकल के दौरान अचानक जाग जाता है, लेकिन उसका शरीर उस समय गहरी नींद की पक्षाघात अवस्था में ही रहता है। इस अजीबोगरीब स्थिति के कारण लोगों के मन में भारी डर बैठ जाता है, और वे इसे किसी भूत-प्रेत या मानसिक बीमारी से जोड़कर देखने लगते हैं, जबकि इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक कारण छिपे हुए होते हैं।क्यों और कैसे होता है स्लीप पैरालिसिस, दिमाग और मांसपेशियों के बीच के तालमेल का टूटनाइस संपूर्ण प्रक्रिया को वैज्ञानिक नजरिए से समझें तो जब हम नींद में होते हैं, विशेषकर जब हमें सपने आने वाली अवस्था यानी REM स्लीप होती है, तब हमारा मस्तिष्क हमारी मांसपेशियों को अस्थायी रूप से पैरालाइज या निष्क्रिय कर देता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि हम सपने में जो कुछ भी देख रहे हैं, शारीरिक रूप से वैसी हरकतें करके खुद को या अपने पास लेटे व्यक्ति को चोट न पहुंचा सकें। आमतौर पर जब हमारी नींद पूरी हो जाती है, तो दिमाग और मांसपेशियां दोनों एक साथ सामान्य स्थिति में आ जाते हैं और हम आसानी से उठकर खड़े हो जाते हैं। लेकिन स्लीप पैरालिसिस के मामले में यही संतुलन बीच में ही टूट जाता है। आपका दिमाग तो अचानक पूरी तरह से एक्टिव होकर जाग जाता है, लेकिन मांसपेशियों को लकवाग्रस्त रखने वाले न्यूरोट्रांसमीटर का प्रभाव तुरंत खत्म नहीं हो पाता है, जिसके कारण दिमाग जागने के बावजूद शरीर को हिलने-डुलने का आदेश नहीं दे पाता है। इस तकनीकी अंतराल के दौरान व्यक्ति कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनटों तक पूरी तरह लाचार महसूस करता है। इसके पीछे अत्यधिक थकान, नींद का चक्र गड़बड़ा जाना (Sleep Deprivation), सिजोफ्रेनिया का पारिवारिक इतिहास, एंग्जायटी, या सोने की गलत पोजीशन जैसे कई प्रमुख कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। जो लोग रात में बहुत देर तक जागते हैं और सुबह देर तक सोते हैं, उनके शरीर की यह आंतरिक घड़ी (Circadian Rhythm) बिगड़ जाती है, जिससे इस तरह की समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।स्लीप पैरालिसिस से बचने के आसान उपाय, बेहतर नींद और जीवनशैली में बदलाव लाने के जरूरी तरीकेयदि आप या आपके परिवार में से कोई भी व्यक्ति इस डरावनी स्थिति यानी स्लीप पैरालिसिस का बार-बार शिकार हो रहा है, तो घबराने के बजाय अपनी जीवनशैली में कुछ सकारात्मक और अनुशासित बदलाव लाने की बेहद आवश्यकता है। सबसे पहले अपने सोने और जागने का एक निश्चित समय तय करें और हर रोज कम से कम सात से आठ घंटे की गहरी और गुणवत्तापूर्ण नींद अवश्य लें। सोने से ठीक पहले मोबाइल फोन, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल से बचें, क्योंकि इनसे निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) आपके मस्तिष्क को भ्रमित कर देती है और नींद का चक्र बिगड़ जाता है। इसके अलावा, रात के समय अत्यधिक भारी भोजन, कैफीन, अल्कोहल या निकोटीन का सेवन करने से पूरी तरह परहेज करें, क्योंकि ये तत्व आपके तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करके नींद की गुणवत्ता को खराब कर देते हैं। यदि कभी आपको रात में स्लीप पैरालिसिस का अनुभव हो भी जाए, तो उस समय घबराने या पैनिक होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बल्कि खुद को शांत रखने का प्रयास करें और अपनी उंगलियों या पलकों को धीरे-धीरे हिलाने की कोशिश करें। कुछ ही पलों में मांसपेशियों का यह अस्थायी लॉक अपने आप खुल जाता है और आप सामान्य महसूस करने लगते हैं। यदि यह समस्या बहुत अधिक बार होने लगे और आपकी मानसिक शांति को प्रभावित करे, तो किसी अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट या स्लीप स्पेशलिस्ट डॉक्टर से सलाह लेकर उचित चिकित्सीय मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहिए।
रोटी और पराठे बना-बनाकर काला पड़ गया है लोहे का तवा, तो इस ट्रिक से मिनटों में हो जाएगा साफ
बिना ज्यादा मेहनत के तवे को करें बिल्कुल नया, किचन की दो चीजों से चमक उठेगा सालों पुराना काला और गंदा लोहे का तवा.
भारतीय सनातन संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र में इस बात का बहुत गहरा और वैज्ञानिक उल्लेख मिलता है कि मनुष्य का जीवन और उसका परिवेश एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। जब भी हम किसी नए मकान का निर्माण करते हैं या किसी घर में रहने के लिए प्रवेश करते हैं, तो उस मकान की बनावट, उसकी दिशा, वहां आने वाली प्राकृतिक रोशनी और हवा का सीधा संबंध हमारे जन्मकुंडली के ग्रहों से जुड़ जाता है। वास्तु शास्त्र और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, प्रत्येक मकान का अपना एक ऊर्जा क्षेत्र होता है, जो वहां रहने वाले सदस्यों के भाग्य, स्वास्थ्य, करियर और मानसिक शांति को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। यदि आपके मकान की संरचना और ग्रहों की स्थिति के बीच एक बेहतरीन सामंजस्य स्थापित हो जाता है, तो जीवन में आने वाली बाधाएं स्वतः समाप्त होने लगती हैं और सफलता के नए द्वार खुलने लगते हैं। इसके विपरीत, यदि घर का वास्तु और ग्रहों की चाल एक-दूसरे के विपरीत हो, तो तमाम कोशिशों के बावजूद असफलता, मानसिक तनाव और आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ सकता है। यही कारण है कि प्राचीन काल से ही घर खरीदने या बनवाने से पहले ज्योतिषीय सलाह और वास्तु नियमों का पालन करने पर विशेष जोर दिया जाता रहा है, ताकि घर की चारदीवारी के भीतर केवल सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो और नकारात्मक शक्तियां कोसों दूर रहें।ग्रहों के अनुकूल मकान से जीवन में बढ़ती है सुख-शांति, जानें कैसे निर्धारित होती है ग्रहों की दिशाज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि सौरमंडल के नौ ग्रह हमारे जीवन के हर एक पहलू को नियंत्रित करते हैं, और ठीक इसी प्रकार हमारे घर के अलग-अलग कोने और दिशाएं अलग-अलग ग्रहों का प्रतिनिधित्व करती हैं। उदाहरण के लिए, घर की पूर्व दिशा का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है, जो मान-सम्मान और ऊर्जा का प्रतीक है; वहीं उत्तर दिशा का संबंध धन के देवता कुबेर और ग्रहराज बुध से होता है, जो व्यापार और बुद्धि को बल देते हैं। यदि आपका मकान इन ग्रहों की अनुकूल दिशाओं के अनुसार बना हुआ है और वहां स्वच्छता तथा प्राकृतिक प्रकाश का भरपूर संचार है, तो संबंधित ग्रहों के शुभ प्रभाव आपके जीवन में चौगुनी तरक्की लेकर आते हैं। जिन घरों में ग्रहों के अनुकूल कमरे और रसोईघर बने होते हैं, वहां रहने वाले लोगों के बीच आपसी प्रेम, सौहार्द और मानसिक शांति हमेशा बनी रहती है। इसके अलावा, शनि, राहु और केतु जैसे छाया ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने के लिए भी घर के निर्माण में विशेष सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं। जब किसी व्यक्ति की कुंडली के ग्रह उसके निवास स्थान के वास्तु से मेल खाने लगते हैं, तो उसका सोया हुआ भाग्य भी जाग जाता है और उसे हर कार्य में अपार सफलता मिलने लगती है, जिससे जीवन एक सुखी और समृद्ध मार्ग पर अग्रसर हो जाता है।वास्तु और ज्योतिष का सही तालमेल, इस प्रकार अपने आशियाने को बनाएं तरक्की और खुशहाली का जरियाअपने वर्तमान घर या नए बनाए जाने वाले मकान में वास्तु और ज्योतिष के इस अचूक सामंजस्य को स्थापित करने के लिए कुछ छोटे लेकिन बेहद प्रभावशाली बदलाव किए जा सकते हैं। सबसे पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि घर का मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर हो, क्योंकि यहीं से ग्रहों की ऊर्जाएं आपके घर के भीतर प्रवेश करती हैं। घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को हमेशा हल्का और खुला रखना चाहिए, क्योंकि यह देवस्थान माना जाता है और इसका संबंध गुरु ग्रह से होता है, जो ज्ञान और समृद्धि के दाता हैं। इसके अलावा, रसोईघर का दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण में होना अग्नि तत्व को संतुलित रखता है, जिससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य उत्तम रहता है और मंगल ग्रह के शुभ फल प्राप्त होते हैं। यदि आपके जीवन में लगातार परेशानियां बनी हुई हैं, तो किसी योग्य ज्योतिषी या वास्तु विशेषज्ञ से अपने घर की नक्शे की जांच कराकर मामूली बदलाव या रंगों का चयन करके ग्रहों के प्रतिकूल प्रभावों को काफी हद तक अनुकूल बनाया जा सकता है। याद रखिए, आपका घर केवल ईंट और सीमेंट से बनी इमारत नहीं है, बल्कि यह वह ऊर्जावान केंद्र है जहाँ आपका भविष्य आकार लेता है, इसलिए मकान और ग्रहों का यह सामंजस्य आपके जीवन को पूरी तरह से बदलकर रख सकता है।
दिल्ली में ईस्ट से साउथ की कनेक्टिविटी अब और मजबूत होने वाली है. क्योंकि बारापुला फेज-III अब जल्द ही दिल्ली वालों के लिए खुलने वाला है. इस प्रोजेक्ट से दिल्ली और नोएडा के ट्रैफिक पर भी असर पड़ेगा.
Congress का Election Commission पर हमला, SIR प्रक्रिया को बताया मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश
नयी दिल्ली, 20 सितंबर की विभिन्न फाइल से रविवार को अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: दि8 कांग्रेस लीड एसआईआरकांग्रेस ने एसआईआर को शाह के इशारे पर मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया बतायानयी दिल्ली: कांग्रेस ने रविवार को निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि एसआईआर वास्तव में मतदाताओं के नाम हटाने की एक बड़े पैमाने की ‘‘शाह इंस्टीगेटेड रिमूवल’’ (शाह के इशारे पर मतदाताओं के नाम हटाने की) प्रक्रिया तथा ‘‘संविधान पर हमला’’ है। वि1 अमेरिका प.एशिया यात्रा परामर्शअमेरिका ने पश्चिम एशिया के लिए यात्रा चेतावनी फिर जारी कीवाशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में मौजूद या वहां जाने की योजना बना रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए फिर से यात्रा चेतावनी जारी की है। खेल11 खेल एशियाड निशानेबाजी लीड भारतसोनम, एलावेनिल और विदरसा ने भारत को निशानेबाजी की रजत पदक दिलायानागोया: भारत की सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा विनोद ने रविवार को यहां महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर निशानेबाजी में देश के अभियान की शानदार शुरुआत की। अर्थ4 वैष्णव चिप उद्योगसेमीकंडक्टर क्षेत्र में आगे बढ़ते भारत को साइबर, भू-राजनीतिक खतरों से सतर्क रहने की जरूरत: वैष्णवनयी दिल्ली: भारत की बढ़ती सेमीकंडक्टर क्षमता को वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला में स्थापित कुछ हितधारक ‘खतरे’ के रूप में देख सकते हैं। ऐसे में भारत को संभावित साइबर हमलों, भू-राजनीतिक जोखिमों और अन्य व्यवधानों से निपटने के लिए सतर्क रहना होगा। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह बात कही है। वि11 रूस यूक्रेन युद्धयूक्रेन ने रूस पर 1,000 से अधिक ड्रोन दागे, मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा हमलामॉस्को: यूक्रेन की सेना ने रात भर रूस को निशाना बनाकर 1,000 से अधिक ड्रोन हमले किए। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। प्रादे10 महाराष्ट्र लालबाग लीड करंटलालबाग के गणपति पंडाल के पास करंट लगने से आठ वर्षीय लड़की समेत दो लोगों की मौत, चार घायलमुंबई: मुंबई के लालबाग इलाके में शनिवार देर रात गणपति पंडाल के पास पेयजल के अस्थायी स्टॉल पर करंट लगने से आठ वर्षीय लड़की समेत दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। प्रादे9 महाराष्ट्र दुर्घटना कारमुंबई में कोस्टल रोड पर बीएमडब्ल्यू कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से नाबालिग समेत तीन लोगों की मौत, अन्य घायलमुंबई: मुंबई के कोस्टल रोड पर एक तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार एक नाबालिग समेत तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। प्रादे27 बिहार एमएलसी चुनाव जन सुराजजन सुराज पार्टी ने बिहार में आगामी विधान परिषद के चुनाव के लिए पांच उम्मीदवारों की घोषणा कीपटना: जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार विधान परिषद की पांच सीट पर होने वाले चुनाव के लिए रविवार को उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इन सीट पर जल्द चुनाव की घोषणा होने की संभावना है। खेल14 खेल एशियाड भारत स्मृतिस्मृति मंधाना महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बनींनिशिन (जापान): भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना रविवार को यहां बांग्लादेश के खिलाफ एशियाई खेलों के सेमीफाइनल के दौरान न्यूजीलैंड की दिग्गज सूजी बेट्स को पछाड़कर महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं।
20 साल की युवती को सुनसान इमारत में ले गए... अब पकड़े गए आरोपी
महाराष्ट्र के संभाजीनगर में सरकारी घाटी अस्पताल में आंखों के इलाज के लिए आई 20 साल की युवती के साथ जबरदस्ती की कोशिश का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, दो युवक रास्ता दिखाने के बहाने युवती को सुनसान और जर्जर इमारत की छत पर ले गए, जहां एक आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की. पुलिस ने अब दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
Parivartini Ekadashi 2026: परिवर्तिनी एकादशी 2026 का व्रत 22 सितंबर को रखा जाएगा. आचार्य मदनमोहन ने बताया कि एकादशी तिथि 21 सितंबर रात से शुरू होगी. व्रत का पारण 23 सितंबर को सुबह 6:10 से 8:35 बजे तक किया जा सकता है.
मुख्य द्वार पर किस भगवान की फोटो लगानी चाहिए? जानें नियम
Vastu Tips : घर के मुख्य द्वार पर भगवान की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है. जानें गणेश जी, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की मूर्ति रखने के वास्तु नियम और जरूरी सावधानियां.
दक्षिण दिल्ली के सरिता विहार में रविवार को सड़क किनारे खड़ी एक क्रेन और ऑटो-रिक्शा से डंपर ट्रक की टक्कर हो गई। जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत और तीन अन्य लोग घायल हो गए हैं।
नशे के लिए बिक रही थी Pregabalin कैप्सूल! छापेमारी में खुली कई चौंकाने वाली पोल
दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले के पूठ खुर्द इलाके में पुलिस और ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर बिना प्रिस्क्रिप्शन प्रेगाबालिन कैप्सूल बेचने का खुलासा किया. नकली ग्राहक को भेजकर बिना पर्ची दवा खरीदने की पुष्टि की गई.
कौन हैं इलावेनिल वलारिवन? जिन्होंने एशियन गेम्स में जीते 2 सिल्वर
एशियन गेम्स 2026 में भारत की स्टार शूटर इलावेनिल वलारिवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर राइफल में दो रजत पदक अपने नाम किए. जानिए कौन हैं इलावेनिल वलारिवन, उनका शूटिंग करियर, उपलब्धियां, वर्ल्ड नंबर-1 बनने का सफर.
आकाश के बाद अब दीपिका भी बाहर, Mayawati ने अब ईशान आनंद को दिया मौका
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने परिवार के राजनीतिक भविष्य को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला किया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, अब उनके भाई आनंद कुमार की बेटी कुमारी दीपिका आनंद को भी पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी में जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने की बात कही है। मायावती ने अपने फैसले को परिवार से ज्यादा पार्टी और बहुजन समाज के हित से जोड़ते हुए कई पुराने उदाहरण भी दिए हैं। परिवार को लेकर मायावती ने क्या कहा? मायावती ने कहा कि राजनीति में सफल होने और समाज के लिए काम करने के लिए भाई-बहनों और करीबी रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठकर ईमानदारी और निष्ठा से काम करना जरूरी है। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीति में आने के बाद उन्होंने अपने करीबी रिश्तेदारों को राजनीतिक फायदा देने से दूरी बनाए रखी थी। उनके मुताबिक, रिश्तेदारों को केवल पार्टी संगठन में बिना किसी निजी लाभ के काम करने की अनुमति थी। मायावती ने कहा कि उन्होंने भी कांशीराम के इसी रास्ते पर चलने का फैसला किया और अपना पूरा जीवन बहुजन समाज के लिए समर्पित किया। 1. आज मेरा पुनः पार्टी के लोगों से यही कहना है कि मेरे ख़ुद के अनुभव को मद्देनज़र रखते हुये यदि इनको राजनीति में कामयाब होना है और समाज के लिए कुछ करना है तो उन्हें मेरी तरह अपने भाई-बहिनों व नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि के मोह से ऊपर उठकर अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करना… — Mayawati (@Mayawati) September 20, 2026 इसे भी पढ़ें: Chhatron Ki Goonj: इंदौर के मंच पर Rahul Gandhi ने ऐसा क्या किया, जिस पर BJP भड़क गई? आकाश आनंद पर भी मायावती का निशाना मायावती ने अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आनंद कुमार के खास आग्रह पर उन्होंने आकाश आनंद को राजनीति में आगे बढ़ाया था। हालांकि, मायावती के मुताबिक शादी के बाद आकाश के व्यवहार और गतिविधियों में बदलाव आया। मायावती ने कहा कि इसी वजह से उन्हें पार्टी से अलग करना पड़ा। उन्होंने आकाश पर अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आकाश को दोबारा पार्टी में शामिल करना पार्टी के साथ विश्वासघात होगा। अब दीपिका आनंद को भी नहीं मिलेगी जिम्मेदारी मायावती ने अब यह साफ किया है कि दीपिका आनंद को भी पार्टी में कोई राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने परिवार के सदस्यों को जिम्मेदारी देने के मामले में सावधानी बरतने की बात कही है। मायावती का कहना है कि शादी के बाद दीपिका भी आकाश की तरह ससुराल पक्ष के प्रभाव में आ सकती हैं। इसी संभावना को देखते हुए उन्होंने दीपिका को पार्टी की जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला किया है। यह फैसला कुछ दिन पहले के उनके रुख से अलग है। 12 सितंबर को मायावती ने कहा था कि अगर आनंद कुमार को पार्टी के काम में परिवार के किसी सदस्य की मदद की जरूरत हो तो उनकी बेटी दीपिका इसमें मदद कर सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Matoshree के बाहर Disha Salian के पिता सतीश सालियन का हाई-वोल्टेज ड्रामा ईशान आनंद को फिर मिलेगा मौका दीपिका को जिम्मेदारी से दूर रखने के बाद मायावती ने अब ईशान आनंद को फिर से मौका देने की बात कही है। हालांकि, उन्होंने ईशान को भी साफ चेतावनी दी है कि पार्टी विरोधी किसी गंभीर गतिविधि में शामिल होने पर उन्हें भी पार्टी से बाहर किया जा सकता है। मायावती ने कहा कि अगर ईशान के साथ भी ऐसी स्थिति बनती है तो आनंद कुमार के परिवार के किसी दूसरे सदस्य को पार्टी में छोटी या बड़ी कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके बजाय पार्टी में काम कर रहे किसी मिशनरी और वफादार कार्यकर्ता को आगे बढ़ाया जाएगा। कांशीराम और डॉ. आंबेडकर का उदाहरण अपने फैसले को समझाते हुए मायावती ने कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर का उदाहरण दिया। उन्होंने 23 फरवरी 1956 के उस पत्र का भी जिक्र किया, जो उनके मुताबिक डॉ. आंबेडकर ने अपने बेटे यशवंत आंबेडकर को लिखा था। मायावती ने कहा कि इस उदाहरण से यह साफ होता है कि सार्वजनिक काम और आंदोलन के हित में जरूरत पड़ने पर परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी फैसला लिया जा सकता है। बहुजन समाज ही मेरा असली परिवार मायावती ने अपने संदेश के अंत में कहा कि समस्त बहुजन समाज ही मेरा असली परिवार है। उन्होंने कहा कि सत्ता की मास्टर चाबी के जरिए बहुजन समाज को शोषित से शासक वर्ग बनाना और उनके हित व कल्याण को सुनिश्चित करना उनका मिशन है। मायावती ने यह भी कहा कि इस लक्ष्य के लिए वह अपने भाई-बहनों और रिश्तेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगी। 23 सितंबर को अहम बैठक बीएसपी ने 23 सितंबर को लखनऊ में एक और अखिल भारतीय बैठक बुलाई है। यह एक महीने के भीतर पार्टी की दूसरी राष्ट्रीय स्तर की बैठक होगी। इस बैठक से पहले परिवार के सदस्यों की भूमिका को लेकर मायावती के लगातार बदलते फैसले पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
लड़की बनकर आधी रात में दिल्ली निकला शख्स, फिर दिखाया क्या हुआ
एक इंस्टाग्राम क्रिएटर ने महिला का रूप बनाकर रात में दिल्ली की सड़कों पर स्कूटर चलाया और अपने अनुभव को रिकॉर्ड किया. उसका कहना है कि रास्ते में हुए कुछ वाकयों ने उसे डरा दिया और रात के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उसका नजरिया बदल दिया.
एयर होस्टेस की छोड़ी ट्रेनिंग, अब ट्रक चलाकर कर रही कमाई
एयर होस्टेस की ट्रेनिंग छोड़कर हिमाचल प्रदेश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर नेहा की कहानी हर ओर तेजी से वायरल हो रही है. मंडी की रहने वाली नेहा ठाकुर ने बचपन के शौक को अपना करियर बनाया और आज हाईवे पर अपनी अनूठी ड्राइविंग से सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. जानिए उन्होंने करियर बदलने का फैसला क्यों लिया.
Mumbai में Metro निर्माण का बैरिकेड गिरने से 54 वर्षीय बाइक सवार की मौत
मुंबई में मेट्रो निर्माण कार्य के लिए लगाया गया भारी लोहे का बैरिकेड मोटरसाइकिल सवार पर गिरने से 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। यह हादसा शुक्रवार को घाटकोपर के एलबीएस रोड पर हुआ। पार्कसाइट थाने के एक अधिकारी ने बताया कि घाटकोपर के अशोक नगर निवासी वसीम हैदर रिजवी मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी बायोटेक कंपनी की इमारत के पास करीब छह बाई आठ फुट का लोहे का बैरिकेड अचानक उनके ऊपर गिर गया। पुलिस के अनुसार, रिजवी को तत्काल उपचार के लिए सरकारी राजवाड़ी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पार्कसाइट पुलिस ने बाद में मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी। मुंबई में मेट्रो निर्माण परियोजनाओं के दौरान सुरक्षा को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। इससे पहले 14 फरवरी को मुलुंड इलाके में मेट्रो निर्माण स्थल पर कंक्रीट की दीवार का एक हिस्सा वाहनों पर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे।
4 महिलाएं, 3 युवक और कोडवर्ड में बातें... गेस्ट हाउस में स्पेशल सर्विस की कहानी
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक गेस्ट हाउस पर छापेमारी कर 4 महिलाओं और 3 युवकों को पकड़ा है. पुलिस के मुताबिक, कैंट रेलवे स्टेशन के सामने परेड कोठी इलाके में स्थित गेस्ट हाउस में 'स्पेशल सर्विस' के नाम पर कथित तौर पर देह व्यापार चलाया जा रहा था. छापेमारी के दौरान अलग-अलग कमरों से पकड़े गए लोगों के पास से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है.
सीएम योगी ने यूपी पुलिस के 912 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस भर्ती और प्रोन्नत बोर्ड के माध्यम से चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए. इस समारोह में मुख्यमंत्री ने राज्य में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की सराहना की. उन्होंने कहा कि आज उपनिरीक्षक गोपनीय, सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और लेखा के पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन पूरी ईमानदारी के साथ हुआ है.
VIDEO: तालाब में कूदते ही अचेत हुआ युवक और हो गई मौत
गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र स्थित सूरजकुंड तालाब में 35 वर्षीय भरत उर्फ रुदल की डूबने से मौत हो गई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें युवक तालाब से बाहर निकलने की कोशिश करता नजर आ रहा है.
4 दिन में बदली चांदी की चाल, सोने का रेट इतना चेंज, New Rates
Gold-Silver Price Weekly Update: बीते सप्ताह सिर्फ चार दिन कारोबार हुआ और इन चार दिनों में चांदी की कीमत में तगड़ा बदलाव देखने को मिला है. हालांकि, ये कीमती धातु अपने हाई लेवल से अभी भी काफी सस्ती मिल रही है.
नंदीग्राम में मुस्लिम वोटर किस तरफ, शुभेंदु के ‘टेस्ट’ वाले बयान के बाद क्या है माहौल?
एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीधे तौर पर कहा, जो लोग मुझे वोट नहीं देते, जो बीजेपी को वोट नहीं देते... मैं उन अल्पसंख्यकों से अपील करता हूं। आपके पास एक मौका आया है- आप सरकार के साथ रहना चाहते हैं या नहीं?
उड़द दाल से बनाएं हिमाचली खस्ता कचौड़ी, इस आसान रेसिपी से होगी तैयार!
Himachali Kachori Recipe: पहाड़ी खाने का स्वाद पसंद है तो इस बार हिमाचली कचौड़ी जरूर ट्राई करें. उड़द दाल की मसालेदार स्टफिंग से तैयार यह कचौड़ी बाहर से कुरकुरी और अंदर से बेहद स्वादिष्ट होती है. इसे घर पर बनाना भी काफी आसान है.
दलाई लामा के कारण बिगड़ा भारत-चीन का संबंध? पूर्व IFS ऑफिसर ने समझाया तिब्बत का विवाद
उन्होंने कहा कि जब-जब चीन की आर्थिक स्थिति मजबूत होती जाती है, तब-तब वह अपनी विस्तारवाद की नीति को बढ़ावा देता है। आज के समय में चीन की जीडीपी भारत की तुलना में पांच गुना अधिक है।
Jobs 2026 : सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह सप्ताह बेहद खास है, क्योंकि एक साथ कई बड़े विभागों में भर्ती प्रक्रिया चल रही है.
कब से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र? जानें अष्टमी, नवमी और दशहरे की तारीख
Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होंगे. जानें घटस्थापना, अष्टमी, नवमी और दशहरा की सही तारीख और पूजा से जुड़ी जरूरी जानकारी.
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खाम की रिहाई की मांग को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज दिल्ली के जंतर-मंतर में विरोध-प्रदर्शन किया है. इसका वीडियो भी सामने आया है.
DIY Face Scrub: गर्मियों में धूप, पसीने और धूल से त्वचा की समस्याएं बढ़ सकती हैं. घर पर चीनी-शहद, बेसन-दूध और ओट्स-दही से फेस स्क्रब तैयार किया जा सकता है. हालांकि, संवेदनशील त्वचा वालों को पैच टेस्ट और हल्की स्क्रबिंग का ध्यान रखना चाहिए.
AI की रफ्तार पर ब्रेक का आरोप, OpenAI, Google समेत 4 पर केस
AI कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर AI के विकास की रफ्तार धीमी करने की कोशिश की. OpenAI, Google, Anthropic और SpaceXAI के खिलाफ अमेरिका में एंटीट्रस्ट मुकदमा दायर किया गया है. जानिए क्या है पूरा मामला, कंपनियों पर क्या आरोप लगे हैं और AI की तेज होती रफ्तार को लेकर यह केस क्यों चर्चा में है.
करोड़ों की कार में बैठकर ट्रोल हुईं मैथिली, कंगना ने दिया जवाब
मैथिली ठाकुर को कुछ लोग सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल कर रहे हैं क्योंकि वो महंगी रोल्स रॉयस गाड़ी में घूम रही थीं. उन्हें मिल रही नफरत पर कंगना रनौत का गुस्सा फूटता हुआ नजर आया है. उन्होंने अपने अंदाज में ट्रोल्स को फटकारा है.
मुंबई में ब्रिज से नीचे जा गिरी तेज रफ्तार BMW, CCTV में कैद हादसा
मुंबई के कोस्टल रोड पर एक बेहद भयानक सड़क हादसा सामने आया है. मरीन ड्राइव से हाजी अली की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार अनियंत्रित होकर कोस्टल रोड के ब्रिज से नीचे गिर गई. यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार की रफ्तार बहुत तेज थी. ब्रिज की रेलिंग को तोड़ते हुए यह लग्जरी कार सीधे नीचे जा गिरी.
UP: जातीय समीकरण पीछे, संगठन का अनुभव आगे, BJP जिला प्रभारियों की लिस्ट जारी
बीजेपी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 98 जिलों के जिला प्रभारियों की नई सूची जारी की है. इसमें संगठन के पुराने और अनुभवी नेताओं की वापसी हुई है. इस सूची में जातीय संतुलन और महिला-दलित प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं. संगठन ने जातीय समीकरण की बजाय अनुभव को प्राथमिकता दी है.
गुरुग्राम के सेक्टर-38 में बलेनो कार ने कैब को टक्कर मार दी, फिर कैब ने भी बलेनो को टक्कर मारी. आरोप है कि बलेनो ड्राइवर ने युवक को कुचलने की कोशिश की.
भाजपा मंत्री की भतीजी स्वीडन में बनीं सांसद, जानें कौन हैं नीला विखे पाटिल?
नीला के दादा बालासाहेब विखे पाटिल भारत की वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री और आठ बार के सांसद रह चुके हैं. नीला विखे के चाचा राधाकृष्ण विखे पाटिल महाराष्ट्र सरकार में भाजपा के कोटे से मंत्री हैं.
पीठ पर बस्ता, गले में बोतल.. 1976 बैच के दोस्तों ने 50 साल बाद किया स्कूल रीयूनियन
एक शख्स ने और उनके 1976 बैच के दोस्तों ने 50 साल बाद अपने पुराने स्कूल में जाकर बचपन के दिन याद किए. वे स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर बच्चों की तरह खेलते नजर आए.
आज हम प्यासा के उस गाने के बारे में बताने जा रहे हैं , जो आज भी खूब पसंद की जाती है.यह गाना उस मतलबी और स्वार्थी समाज पर करारा कटाक्ष करता है जो केवल धन, शोहरत और दिखावे को महत्व देता है और मानवीय मूल्यों की उपेक्षा करता है.
थर्मल पावर प्लांट में कॉपर चोरी, सुरक्षा में तैनात 3 जवान भी पकड़े गए
महाराष्ट्र के चंद्रपुर स्थित चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन यानी CSTPS में लगातार हो रही कॉपर केबल चोरी के मामले में दुर्गापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने इस मामले में Maharashtra Security Force से जुड़े 3 जवानों समेत कुल 10 आरोपियों को हिरासत में लिया है. आरोपियों के पास से करीब 6 क्विंटल कॉपर वायर और चोरी में इस्तेमाल किया जा रहा ट्रक बरामद हुआ है.
CM योगी का जारी है सेल्फी कनेक्शन, नियुक्ति पत्र बांटने के बाद ली तस्वीर
यूपी में 912 छात्रों का चयम यूपी पुलिस के विभिन्न पदों पर हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और बाद में उन्होंने अभ्यर्थियों और अफसरों के साथ सेल्फी भी ली.
टीम इंडिया गोल्ड से एक कदम दूर, बांग्लादेश को सेमीफाइनल में धो डाला
शेफाली वर्मा के शतक के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर हरमनप्रीत कौर ब्रिगेड ने एशियन गेम्स 2026 में फाइनल का टिकट कटा लिया है. अब गोल्ड मेडल मैच में भारतीय टीम श्रीलंका से भिड़ेगी. भारत ने विमेंस एशिया कप 2026 में श्रीलंका को ही हराकर खिताब जीता था.
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में जोरदार ब्लास्ट, देखें दुनिया आजतक
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में धमाकों की तेज़ आवाज़ सुनाई. एयरपोर्ट के पास आसमान में उठता काले धुएं का गुबार दिखा. कई जिलों में अलर्ट जारी किया. सऊदी अरेबियन सिविल डिफेंस ऑगेनाइजेशन ने वॉर्निंग सिस्टम को एक्टिव फिर किया. सऊदी अधिकारियों ने लोगों को भीड़ से दूर रहने को कहा. देखें दुनिया आजतक.
Dating में भी ‘Maxxing’! Gen Z क्यों कर रही Attraction को अपग्रेड?
Gen Z की Dating में 'Maxxing' Trend तेजी से जगह बना रहा है. इसका मतलब खुद को ज्यादा Attractive और बेहतर बनाने के लिए ट्राय करना है. Looksmaxxing, Smellmaxxing, Aura-maxxing और Voicemaxxing जैसे Terms इसी माइंड सेट से जुड़े हैं. वहीं Solomaxxing में Single रहकर खुद पर Focus करने की बात होती है. लेकिन क्या Dating में खुद को बेहतर बनाना अब इतना इम्पॉर्टेंट हो गया है?
इंदौर में ‘गूंज’, DUSU में झटका; राहुल गांधी के युवा दांव का असली इम्तिहान अब
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने तंज किया, 'मैंने गूंज तो नहीं सुनी, लेकिन धमाका जरूर सुना.' इंदौर में राहुल के कार्यक्रम पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का जवाब था ‘झूठ की गूंज’.
यूपी से गणपति देखने आई थी बच्ची... मृतक बच्ची की मौसी ने बताई पंडाल के पास हुए हादसे की कहानी
किस्मती यादव ने बताया कि दुकानदार ने आगे की तरफ तिरपाल लगाया हुआ था, जिसमें पानी भरा था. भीड़ से तिरपाल पर झटका लगा तो करंट फैल गया. लगता है कि पानी में पहले से ही करंट था.
घर बैठे चेक करें राशन कार्ड से आधार लिंक का स्टेटस, जानिए ईकेवाईसी कराने की पूरी प्रक्रिया
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने सभी राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी कर दिया है. अगर आपने अभी तक अपना केवाईसी पूरा नहीं किया है, तो राशन रुकने का खतरा हो सकता है. जानिए घर बैठे ई-केवाईसी कराने का पूरा तरीका.
'हर नए कस्टमर से डरती हूं...' पटाया में काम कर रही लड़की की आपबीती
पटाया की चमकती नाइटलाइफ के पीछे की जिंदगी उतनी आसान नहीं है. यहां 20 साल से काम कर रही एमिली ने बताया कि हर नए कस्टमर को लेकर उनके मन में डर और सुरक्षा की चिंता रहती है. एएफपी की रिपोर्ट में उन्होंने पटाया में काम करने वाली महिलाओं की जिंदगी, कमाई और जोखिम से जुड़े कई पहलुओं के बारे में बताया.
Matoshree के बाहर Disha Salian के पिता सतीश सालियन का हाई-वोल्टेज ड्रामा
दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा। यह नोटिस दिशा की मौत की दोबारा जांच की मांग को लेकर आदित्य ठाकरे की ओर से की गई कथित टिप्पणी के बाद दिया गया है। सतीश सालियन अपने वकील नीलेश ओझा और कानूनी टीम के साथ मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित कलानगर में मातोश्री पहुंचे। आदित्य ठाकरे के वकील राहुल दिवाते और अनिल जाधव ने नोटिस स्वीकार किया। भारी पुलिस बल के बीच मातोश्री पहुंचे सतीश सालियन सतीश सालियन करीब शाम 4 बजे मातोश्री पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और मीडिया मौजूद था। शिवसेना (यूबीटी) के कई कार्यकर्ता भी वहां जुटे हुए थे। पुलिस ने सतीश सालियन और उनकी कानूनी टीम को कलानगर में प्रवेश की अनुमति दी, लेकिन सुरक्षा कारणों से ठाकरे परिवार के आवास के दरवाजे बंद रखे गए। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई और विधान परिषद सदस्य अनिल परब भी अपनी कानूनी टीम के साथ वहां मौजूद थे। #WATCH | Disha Salian death case | Mumbai: After reaching outside the residence of Shiv Sena (UBT) leader Aaditya Thackeray, Disha Salian's father, Satish Salian, says, The notice concerns defamation. The compensation is Rs 500 crore. He (Aaditya Thackeray) lies every day... pic.twitter.com/Uc6uRjjrQD — ANI (@ANI) September 19, 2026 इसे भी पढ़ें: दिशा सालियान मामले में Sanjay Raut का आरोप, ठाकरे परिवार को फंसाने के लिए दूसरों का इस्तेमाल दिशा सालियन की मौत की फिर से जांच का मामला दिशा सालियन की 2020 में मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। मुंबई पुलिस ने पहले जांच में किसी साजिश की बात से इनकार किया था। इसके बाद उनके पिता सतीश सालियन ने बॉम्बे हाई कोर्ट में उनकी मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच की मांग की। 2 सितंबर 2026 को हाई कोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच करने, सतीश सालियन का बयान दर्ज करने और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। साथ ही अदालत ने कहा था कि जांच में पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाए। सीबीआई ने 14 सितंबर को एफआईआर दर्ज की, जिसमें आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि, हाई कोर्ट के निर्देश के मुताबिक किसी व्यक्ति को पर्याप्त सबूत मिलने तक आरोपी नहीं माना जाना है। आदित्य ठाकरे ने आरोपों से किया इनकार गुरुवार को आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियन को जानने या उनसे कभी मिलने से इनकार किया था। उन्होंने दिशा की मौत से उनका नाम जोड़ने की कोशिशों को राजनीतिक मकसद से की गई कार्रवाई बताया था। सतीश सालियन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, केवल भगवान ही मुझे नियंत्रित कर सकते हैं, कोई और नहीं। उनके वकील नीलेश ओझा ने कहा, आदित्य ठाकरे को माफी मांगनी चाहिए या मानहानि की कार्रवाई का सामना करना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Chhatron Ki Goonj: इंदौर के मंच पर Rahul Gandhi ने ऐसा क्या किया, जिस पर BJP भड़क गई? 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग रिपोर्टों के मुताबिक, मानहानि नोटिस में माफी मांगने, संबंधित बयानों को वापस लेने और 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है। नोटिस में जवाब के लिए सात दिन का समय दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। दिशा सालियन की मौत से जुड़ा मामला फिलहाल सीबीआई जांच के अधीन है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
राधा अष्टमी पर CM शुभेंदु ने भक्तों संग कीर्तन पर झूमें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी राधा अष्टमी पर कोलकाता के बागबाजार स्थित श्री गौड़ीय मठ पहुंचे। उन्होंने पूजा-अर्चना के साथ भक्तों के बीच कीर्तन में हिस्सा लिया। इस दौरान वह भक्ति गीत गाते, तालियां बजाते, ढोलक बजाते और श्रद्धालुओं के साथ नाचते नजर आए।
शादी के लिए बदला मजहब, दीपिका ने घर में बनाया नमाज रूम, रखी कुरान
दीपिका और शोएब यूट्यूब, म्यूजिक वीडियो, ब्रांड एंडोर्समेंट से भी तगड़ी कमाई करते हैं. मुंबई में कपल का आलीशान 5 BHK घर है. आइए आपको उनके घर का हाउस टूर देते हैं.
मृत्यु के 3 दिन बाद ही क्यों चुनी जाती हैं मृतक की अस्थियां? जानें
Garud Puran: अस्थि विसर्जन किसी मृत व्यक्ति के दाह संस्कार के बाद किया जाने वाला एक अनुष्ठान है. इसका अर्थ होता है चिता में जल गए मृत व्यक्ति की हड्डियों और राख को जल में विसर्जन करना. शास्त्रों के अनुसार अस्थियां को पवित्र नदियों में ही विसर्जित करना चाहिए, जिसमें सबसे ज्यादा महत्व गंगा नदी का है. अस्थि विसर्जन में समय का बहुत महत्व होता है, और इसलिए दाह संस्कार के बाद अधिकतम तीसरे या चौथे दिन तक को ही उपयुक्त माना गया है.

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