राम मंदिर प्रबंधन में होंगे बड़े बदलाव, विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने दिए पेशेवर प्रशासन के संकेत
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलाव, CEO नियुक्ति, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था की वकालत की। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
यूरोपीय महाद्वीप से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और वैश्विक राजनीति को गरमाने वाली खबर सामने आ रही है। यूरोप के एक प्रमुख देश में लाउडस्पीकर के जरिए सार्वजनिक रूप से दी जाने वाली अजान पर पूरी तरह से प्रतिबंध (Ban) लगाने की मांग तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों और राजनेताओं का दावा है कि दिन में कई बार लाउडस्पीकर पर होने वाली तेज आवाजों से लोग बुरी तरह परेशान हो चुके हैं। इस मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब वहां के दक्षिणपंथी और प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने शांत मुल्क को 'दूसरा पाकिस्तान' या कट्टरपंथी देश नहीं बनने देंगे।लाउडस्पीकर की तेज आवाज और सांस्कृतिक पहचान पर छिड़ी बहसइस यूरोपीय देश के कई शहरों में पिछले कुछ समय से अप्रवासियों की आबादी बढ़ने के साथ ही धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल काफी बढ़ गया था। स्थानीय निवासियों की ओर से लगातार ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) और मानसिक शांति भंग होने की शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब सरकार एक ऐसा कड़ा कानून बनाने पर विचार कर रही है जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों या छतों पर बड़े लाउडस्पीकर लगाकर धार्मिक प्रचार करने या अजान देने पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। नेताओं का तर्क है कि देश की मूल सांस्कृतिक पहचान और यूरोपीय मूल्यों की रक्षा के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।'दूसरा पाकिस्तान' वाले बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचालस्थानीय संसद और राजनीतिक रैलियों में गूंजे 'दूसरा पाकिस्तान' वाले इस आक्रामक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यूरोपीय नेताओं का मानना है कि कुछ एशियाई और मध्य-पूर्व के देशों की तरह यहां भी धार्मिक कट्टरता को पनपने नहीं दिया जा सकता। उनका कहना है कि वे अपने देश में कानून का शासन और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बनाए रखना चाहते हैं। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक और मानवाधिकार संगठन भी इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि इस कानून का वहां रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय पर क्या असर पड़ेगा।लोकल कम्युनिटीज और प्रवासियों के बीच बढ़ता सामाजिक तनावइस संभावित प्रतिबंध की खबर के बाद से पूरे यूरोप के अलग-अलग शहरों में रहने वाले मुस्लिम प्रवासियों और स्थानीय कम्युनिटीज के बीच सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। एक तरफ जहां स्थानीय लोग कानून के समर्थन में मार्च निकाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रवासी संगठनों का कहना है कि यह उनकी धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था, शांति और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लिया जा रहा है।एआई और आधुनिक सर्च इंजनों पर इस ग्लोबल ट्रेंड की भारी चर्चाआधुनिक जनरेटिव इंजनों और एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर इस समय यूरोपीय देशों में बदलते डेमोग्राफिक प्रोफाइल (जनसांख्यिकी) और सख्त होते जा रहे इमिग्रेशन व धार्मिक कानूनों को लेकर व्यापक स्तर पर सर्च किया जा रहा है। फ्रांस, स्विट्जरलैंड और बेल्जियम जैसे देशों के बाद अब इस नए देश द्वारा उठाए जा रहे सख्त कदम को लेकर डिजिटल वर्ल्ड में एक बड़ी बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में यूरोप के कई अन्य देश भी सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर इसी तरह के कड़े नियम लागू कर सकते हैं।
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस वक्त की बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। वहां आए एक अत्यंत शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग गंभीर रूप से घायल हैं और मलबे के नीचे दबे हुए हैं। इस अंतरराष्ट्रीय संकट की घड़ी में भारत एक बार फिर दुनिया के लिए संकटमोचक बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर भारत ने बिना कोई समय गंवाए वेनेजुएला के लिए 'ऑपरेशन दोस्त' की तर्ज पर राहत और बचाव सामग्री के साथ अपनी स्पेशल टीमें रवाना कर दी हैं, जिससे मलबे में दबी सांसों को नई उम्मीद मिली है।भूकंप के जोरदार झटकों से ताश के पत्तों की तरह ढहीं इमारतेंप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप इतना तेज था कि बहुमंजिला इमारतें और रिहायशी इलाके देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गए। वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित कई प्रमुख शहरों में सड़कें फट गई हैं, बिजली गुल है और संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है। भूकंप के बाद भी लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स (Aftershocks) के डर से लाखों लोग कड़कड़ाती ठंड और खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। हर तरफ सिर्फ मलबे के ढेर और अपनों को खो चुके लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है।आपदा की इस घड़ी में भारत बना सहारा, भेजी जा रही है मेडिकल और रेस्क्यू टीमवैश्विक पटल पर भारत ने हमेशा 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को सर्वोपरि रखा है। वेनेजुएला में मची इस भारी तबाही को देखते हुए भारत सरकार ने तुरंत एक्शन लिया है। भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों के जरिए एनडीआरएफ (NDRF) के खोजी व बचाव दस्ते, मलबे में दबे लोगों को ढूंढने वाले खोजी कुत्ते (Canine Squads), अत्याधुनिक लाइफ-सपोर्टिंग दवाएं, पोर्टेबल अस्पताल और टेंट सामग्री वेनेजुएला पहुंचाई जा रही है। भारतीय टीमें वहां के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएंगी ताकि मलबे के नीचे फंसी जिंदगियों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।स्थानीय स्तर पर अस्पतालों में बेड कम पड़े, अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहारवेनेजुएला के स्थानीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। घायलों की भारी संख्या को देखते हुए मेडिकल स्टाफ और बेड कम पड़ गए हैं, जिसके चलते खुले मैदानों में ही अस्थाई कैंप बनाकर लोगों का इलाज किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और वेनेजुएला सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता भेजने की भावुक अपील की है। भारत की ओर से सबसे पहले पहुंची इस मदद की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है, क्योंकि समय पर मिली यह सहायता सैकड़ों घायल लोगों के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।एआई और सैटेलाइट इमेजरी के जरिए खोजी जा रही हैं जिंदगियांइस बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। आधुनिक जनरेटिव इंजन, सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन कैमरों की मदद से उन इलाकों को मैप किया जा रहा है जहां आबादी सबसे घनी थी और जो मलबे में पूरी तरह तब्दील हो चुके हैं। भारत की रेस्क्यू टीमें थर्मल इमेजिंग कैमरों और सेंसर का उपयोग कर रही हैं, जो कंक्रीट के मोटे पहाड़ों के नीचे धड़क रही इंसानी सांसों और हरकतों को आसानी से पकड़ सकते हैं। आने वाले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण हैं क्योंकि मलबे के नीचे बचे लोगों के लिए समय तेजी से निकलता जा रहा है।
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से इस वक्त की सबसे बड़ी और वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देने वाली सैन्य खबर सामने आ रही है। महाशक्ति अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब सीधे और खतरनाक युद्ध में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक बड़ा हवाई और मिसाइल हमला किया है, जिसके तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए तेहरान ने भी अमेरिकी बेस और सैन्य संपत्तियों पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे हैं। इस भीषण सैन्य टकराव के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) में युद्ध की लपटें उठने लगी हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान का बड़ा मिलिट्री पलटवारवाशिंगटन से मिली शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी कमांड ने इस हमले को आत्मरक्षा और ईरान समर्थित मिलिशिया की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया कदम बताया है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने ईरान की मुख्य सैन्य चौकियों और मिसाइल डिपो को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, अमेरिकी हमले से बेखौफ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बिना कोई समय गंवाए बेहद आक्रामक रुख अपनाया और अमेरिकी ठिकानों पर अपनी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से पलटवार कर दिया। तेहरान ने साफ संदेश दिया है कि वे किसी भी तरह के आक्रमण का पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार हैं।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग की आहट और ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर संकटइस पूरी जंग का सबसे संवेदनशील केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बन गया है, जहां दोनों देशों की नौसेनाएं आमने-सामने आ गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह सबसे अहम समुद्री रास्ता है जहां से वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की कुल सप्लाई का लगभग एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है। इस इलाके में सैन्य तनाव बढ़ने और संभावित नाकेबंदी की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है। अगर यह समुद्री मार्ग पूरी तरह प्रभावित होता है, तो भारत सहित पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है।नई दिल्ली से लेकर वाशिंगटन तक कूटनीतिक गलियारों में मची खलबलीइस अचानक भड़के सैन्य संकट ने नई दिल्ली, लंदन, टोक्यो और वाशिंगटन सहित दुनिया के तमाम बड़े देशों के कूटनीतिक तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है। वैश्विक थिंक टैंक और आधुनिक एआई सर्च इंजन इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या यह टकराव केवल सीमित हवाई हमलों तक रहेगा या फिर यह तीसरे विश्व युद्ध की तरह एक पूर्ण पैमाने के क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लेगा।अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति की अपील और परमाणु प्रतिष्ठानों पर खतराइस भीषण गोलाबारी के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) और दुनिया के कई बड़े देशों ने दोनों पक्षों से तुरंत युद्धविराम करने और संयम बरतने की अपील की है। सबसे बड़ा डर इस बात को लेकर है कि अगर अमेरिकी हमलों का दायरा बढ़ा, तो ईरान के परमाणु प्रतिष्ठान भी इसकी जद में आ सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में विनाशकारी परिणाम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल दोनों ओर से मिलिट्री मूवमेंट बेहद तेज है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में युद्धपोतों की तैनाती लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आने वाले कुछ घंटे पूरी दुनिया के लिए बेहद नाजुक माने जा रहे हैं।
योगी सरकार का बड़ा फैसला, एआरपी चयन प्रक्रिया का हुआ कायाकल्प, अब हर विषय के टीचर्स कर सकेंगे आवेदन
उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा और क्रांतिकारी नीतिगत फैसला लिया है। राज्य के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने वाले एकेडमिक रिसोर्स पर्सन यानी एआरपी (ARP) की चयन प्रक्रिया का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया गया है। सरकार के इस नए आदेश के बाद अब किसी भी विषय के शिक्षक इस महत्वपूर्ण पद के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे सालों से चली आ रही विषय की बाध्यता पूरी तरह खत्म हो गई है।एआरपी चयन के नियमों में ढील और विषय की बाध्यता खत्मअब तक उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में एआरपी के पदों पर चयन के लिए विशिष्ट विषयों की अर्हता अनिवार्य होती थी, जिसकी वजह से कई योग्य और अनुभवी शिक्षक आवेदन करने से वंचित रह जाते थे। सरकार के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब इस प्रक्रिया को बेहद सरल और लचीला बना दिया गया है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन शिक्षकों को मिलेगा जो लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं और ब्लॉक स्तर पर जाकर साथी शिक्षकों का मार्गदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।डिजिटल और एआई आधारित पारदर्शी परीक्षा से होगा चयनइस नई व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए चयन प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। अब एआरपी का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के एक नए सुव्यवस्थित फॉर्मेट के जरिए किया जाएगा, जिसमें किसी भी प्रकार की मैन्युअल गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होगी। जनरेटिव इंजन और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की मदद से मेरिट लिस्ट तैयार होगी, जिससे पूरी तरह से योग्य और इनोवेटिव सोच रखने वाले शिक्षकों को ही आगे आने का मौका मिलेगा।यूपी के सभी 75 जिलों के ब्लॉक स्तर पर मजबूत होगा एजुकेशन सिस्टमयोगी सरकार के इस फैसले का सीधा असर लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और मेरठ सहित उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर के स्कूलों पर पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर एआरपी की तैनाती आसान होने से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। शिक्षक अब बिना किसी प्रशासनिक बाधा के अपने स्थानीय परिवेश और भाषा के अनुकूल बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के गुर सीख सकेंगे।नई शिक्षा नीति (NEP) को जमीन पर उतारने की बड़ी कवायदशिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल करने में गेमचेंजर साबित होगा। एआरपी व्यवस्था में सुधार होने से अब स्कूलों में समय-समय पर होने वाले असेसमेंट, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की समीक्षा और शिक्षकों के ट्रेनिंग प्रोग्राम को और ज्यादा गति मिलेगी, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य और ज्यादा उज्जवल होगा।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पुराने इलाके से एक बेहद दुखद और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां मोहर्रम का जुलूस देखने के लिए जुटी भारी भीड़ के दौरान एक पुराने मकान का छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस भीषण हादसे की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और त्योहार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।जुलूस देखने के लिए छज्जे पर जमा थी भारी भीड़चश्मदीदों के मुताबिक, पुराने लखनऊ के इस घने रिहायशी इलाके में मोहर्रम का पारंपरिक जुलूस निकाला जा रहा था। सड़क पर भारी भीड़ होने के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे जुलूस को देखने के लिए सड़क किनारे बने एक पुराने और जर्जर मकान के छज्जे पर खड़े हो गए थे। क्षमता से अधिक वजन होने के कारण वह पुराना छज्जा अचानक तेज आवाज के साथ ढह गया और उस पर खड़े लोग सीधे नीचे आ गिरे। मलबे के नीचे दबने से चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर, राहत कार्य जारीहादसे की सूचना मिलते ही लखनऊ पुलिस, फायर ब्रिगेड और जिला प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। मलबे में दबे लोगों को तुरंत बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अफवाह न फैले।पुराने लखनऊ के जर्जर मकानों पर खड़े हुए बड़े सवालइस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर लखनऊ के पुराने और ऐतिहासिक इलाकों में स्थित सैकड़ों साल पुराने जर्जर मकानों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर इन खतरनाक भवनों को खाली करने के नोटिस तो दिए जाते हैं, लेकिन त्योहारों और बड़े आयोजनों के समय ऐसी जगहों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते, तो इन मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख, आर्थिक मदद का भरोसालखनऊ में हुए इस भीषण हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत बच्चों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को बिना किसी देरी के मुफ्त और बेहतरीन इलाज मुहैया कराया जाए। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन को इस घटना की विस्तृत जांच करने और भविष्य में होने वाले जुलूसों के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अब तक मुख्य रूप से एयर कंडीशनर (AC) और उसके कल-पुर्जे बनाने के लिए मशहूर एम्बर एंटरप्राइजेस (Amber Enterprises) ने अब देश के सबसे तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन मार्केट में कदम रख दिया है। कंपनी ने दुनिया की दिग्गज स्मार्टफोन ब्रांड ओप्पो (Oppo) के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी रणनीतिक डील फाइनल की है। इस खबर के बाहर आते ही दलाल स्ट्रीट से लेकर टेक इंडस्ट्री तक में हलचल मच गई है और बड़े-बड़े ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेस ने एम्बर एंटरप्राइजेस की इन्वेस्टमेंट रेटिंग को तुरंत अपग्रेड कर दिया है।ओप्पो के साथ मेगा पार्टनरशिप और एम्बर का मास्टर प्लानएम्बर एंटरप्राइजेस काफी समय से अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने की कोशिश में जुटी थी। ओप्पो के साथ हुई इस नई पार्टनरशिप के तहत एम्बर अपनी सहायक कंपनियों के जरिए स्मार्टफोन के कंपोनेंट्स, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग करेगी। इस डील को भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' और पीएलआई (PLI) स्कीम के तहत एक मील का पत्थर माना जा रहा है। ओप्पो जैसी बड़ी कंपनी का साथ मिलने से एम्बर को सीधे स्मार्टफोन सप्लाई चेन के टॉप टियर में एंट्री मिल गई है।ब्रोकरेज फर्म्स ने बढ़ाई रेटिंग और टारगेट प्राइसइस ऐतिहासिक डील की भनक लगते ही शेयर बाजार के विश्लेषक और नामी ब्रोकरेज फर्म्स एम्बर एंटरप्राइजेस के स्टॉक को लेकर बेहद बुलिश हो गए हैं। कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेस ने कंपनी की रेटिंग को 'न्यूट्रल' से अपग्रेड करके 'बाय' (Buy) या 'आउटपरफॉर्म' की केटेगरी में डाल दिया है। जानकारों का मानना है कि स्मार्टफोन सेगमेंट में एंट्री करने से आने वाली तिमाहियों में कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन में बंपर उछाल देखने को मिल सकता है, जिससे निवेशकों को भी तगड़ा रिटर्न मिलने की उम्मीद है।नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दक्षिण भारत के टेक हब्स को मिलेगा फायदाइस बड़ी डील का सीधा असर भारत के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और टेक हब्स जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, चेन्नई और बेंगलुरु पर पड़ने वाला है। ओप्पो और एम्बर के इस गठजोड़ से इन क्षेत्रों में स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में प्रोडक्शन की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी। इसके साथ ही, इन लोकल मार्केट्स में न केवल हजारों नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि कंपोनेंट सप्लायर्स के स्थानीय इकोसिस्टम को भी भारी मजबूती मिलेगी।भारतीय स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का बदलता परिदृश्यग्लोबल मार्केट में चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत तेजी से स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल बेस बनता जा रहा है। एम्बर जैसी घरेलू कंपनी का स्मार्टफोन कंपोनेंट मार्केट में उतरना यह साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में देश के भीतर ही प्रीमियम और बजट स्मार्टफोन्स के पार्ट्स बड़े पैमाने पर तैयार होंगे। इससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और भारतीय बाजार में स्मार्टफोन की कीमतों में भी आने वाले दिनों में और अधिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
भारतीय डेट म्यूचुअल फंड्स और बॉन्ड मार्केट में इस समय जबरदस्त रणनीतिक उठापटक देखने को मिल रही है। ब्याज दरों (Interest Rates) के बदलते रुख और आर्थिक नीति के संकेतों के बीच देश के दिग्गज फंड मैनेजर्स के बीच निवेश की अवधि (Duration) को लेकर तीखी बहस और अलग-अलग दांव देखने को मिल रहे हैं। ₹22,000 करोड़ से ज्यादा के इस पूरे फिक्स्ड इनकम सेगमेंट में गिल्ट फंड्स (Gilt Funds) और डायनेमिक एसेट एलोकेशन वाले डायनेमिक बॉन्ड फंड्स (Dynamic Bond Funds) के बीच निवेशकों का पैसा लगाने को लेकर जंग छिड़ गई है।ब्याज दरों के मोड़ पर फंड मैनेजर्स की अलग-अलग रणनीतियांफंड मैनेजर्स इस समय बाजार की हर छोटी-बड़ी हलचल पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है, जिससे लंबी अवधि वाले गिल्ट फंड्स में शानदार रिटर्न मिलने की उम्मीद है। वहीं दूसरी तरफ, बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए एक बड़ा धड़ा ऐसा भी है जो डायनेमिक बॉन्ड फंड्स को तरजीह दे रहा है। डायनेमिक फंड्स के पास यह फ्लेक्सिबिलिटी होती है कि वे बाजार के सेंटिमेंट के हिसाब से शॉर्ट टर्म से लॉन्ग टर्म ड्यूरेशन में तुरंत शिफ्ट हो सकते हैं।गिल्ट फंड्स में लॉन्ग ड्यूरेशन का दांव और उसके नफा-नुकसानगिल्ट फंड्स मुख्य रूप से सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में निवेश करते हैं, जिसके कारण इनमें क्रेडिट रिस्क यानी पैसा डूबने का खतरा न के बराबर होता है। जब ब्याज दरें घटने की उम्मीद होती है, तो फंड मैनेजर्स लॉन्ग ड्यूरेशन (लंबी अवधि) के सरकारी बॉन्ड्स में आक्रामक तरीके से खरीदारी करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्याज दरें गिरने पर इन बॉन्ड्स की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, जिससे निवेशकों को कैपिटल गेन का बड़ा फायदा मिलता है। हालांकि, अगर ब्याज दरें उम्मीद के मुताबिक नहीं गिरीं, तो लंबी अवधि के इन फंड्स में अस्थिरता का जोखिम भी बढ़ जाता है।डायनेमिक बॉन्ड फंड्स: बदलती हवा के साथ रणनीति बदलने का हुनरइस जंग में दूसरा बड़ा दावेदार डायनेमिक बॉन्ड फंड्स हैं। इन फंड्स के मैनेजर्स किसी एक फिक्स्ड ड्यूरेशन के जाल में नहीं फंसते। यदि उन्हें लगता है कि बाजार में अनिश्चितता है या ब्याज दरें कुछ समय के लिए स्थिर रहेंगी, तो वे तुरंत अपनी होल्डिंग्स को कम अवधि वाले पेपर्स (Short-term Debt) में ट्रांसफर कर लेते हैं। यह रणनीति उन निवेशकों के लिए सबसे मुफीद मानी जाती है जो खुद बाजार को ट्रैक नहीं कर पाते और फंड मैनेजर के अनुभव और सक्रिय प्रबंधन (Active Management) पर भरोसा करना चाहते हैं।लोकल इन्वेस्टर्स और मेट्रो शहरों के निवेशकों के लिए क्या है सलाहभारत के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Markets) जैसे मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों के खुदरा निवेशकों में भी फिक्स्ड इनकम को लेकर जागरूकता बढ़ी है। मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता के आधार पर ही फैसला लेना चाहिए। जो लोग पूरी तरह सुरक्षित रहकर लंबी अवधि के लिए टैक्स-एफिशिएंट रिटर्न चाहते हैं, वे गिल्ट का रुख कर रहे हैं, जबकि मध्यम अवधि और फ्लेक्सिबिलिटी चाहने वाले लोग डायनेमिक फंड्स में अपना एलोकेशन बढ़ा रहे हैं।
LIVE: पीएम मोदी 3 दिवसीय सेशेल्य यात्रा पर रवाना
Latest News Today Live Updates in Hindi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 दिवसीय सेशेल्स यात्रा पर रवाना हो गए। वे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और वहां के राष्ट्रीय समारोह में शामिल होंगे। पल पल की जानकारी...
भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री इस समय इतिहास के सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। जिस तरह आप और हम शेयर बाजार (Stock Market) में कंपनियों के शेयर्स खरीदकर मुनाफा कमाते हैं, ठीक उसी तरह अब फिल्मों में भी निवेश करने का मौका मिलने जा रहा है। देश के लगभग 22,000 करोड़ रुपये के विशाल सिनेमा बिजनेस में नए और आधुनिक फंड्स की एंट्री होने वाली है। इस कदम से न केवल फिल्म मेकर्स को तगड़ा बैकअप मिलेगा, बल्कि आम और बड़े निवेशकों के लिए कमाई के नए रास्ते भी खुलेंगे।फिल्मों में कॉर्पोरेट फंडिंग और नए एवेन्यू की एंट्रीअब तक फिल्मों में पैसा लगाने का अधिकार कुछ गिने-चुने प्रोडक्शन हाउसेस, डिस्ट्रीब्यूटर्स या बड़े फाइनेंशियर्स तक ही सीमित था। कई बार फिल्मों की फंडिंग को लेकर अनिश्चितता का माहौल भी रहता था। लेकिन अब इस ₹22,000 करोड़ के मार्केट को रेग्युलेटेड और कॉर्पोरेटिव बनाने की तैयारी चल रही है। नए फंड्स के आने से फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और रिस्क मैनेजमेंट को बेहतर ढंग से हैंडल किया जा सकेगा।क्या है यह नया इन्वेस्टमेंट मॉडल और कैसे करेगा काम?इस नए सिस्टम के तहत, सिनेमा बिजनेस को शेयर बाजार की तरह एक स्ट्रक्चर्ड प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश की जा रही है। इसके तहत बड़े इन्वेस्टमेंट फंड्स, वेंचर कैपिटलिस्ट और यहां तक कि रिटेल इन्वेस्टर्स भी किसी प्रोजेक्ट या प्रोडक्शन हाउस के जरिए फिल्मों में हिस्सेदारी खरीद सकेंगे। फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, ओटीटी राइट्स, सैटेलाइट राइट्स और म्यूजिक राइट्स से होने वाली कमाई का एक निश्चित हिस्सा निवेशकों को उनके शेयर (हिस्सेदारी) के अनुपात में डिविडेंड या प्रॉफिट के रूप में दिया जाएगा।भारतीय सिनेमा और क्षेत्रीय (Local) मार्केट्स को मिलेगा बूस्टइस नए फंड्स की एंट्री का सबसे बड़ा फायदा सिर्फ बॉलीवुड को ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा (जैसे साउथ, भोजपुरी, मराठी और बंगाली सिनेमा) को भी मिलेगा। लोकल मार्केट्स में कंटेंट की भारी डिमांड है, लेकिन बजट की कमी के कारण कई बेहतरीन कहानियां पर्दे तक नहीं पहुंच पातीं। नए इन्वेस्टमेंट मॉडल से देश के हर कोने के सिनेमा थिएटर्स और लोकल फिल्म मेकर्स को ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाने के लिए जरूरी वित्तीय मदद मिल सकेगी।निवेशकों के लिए जोखिम और सुरक्षा के नियमशेयर बाजार की तरह ही सिनेमा बिजनेस में भी मुनाफा और नुकसान दोनों की संभावनाएं बराबर होती हैं। अगर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही तो निवेशकों को बंपर रिटर्न मिल सकता है, वहीं फिल्म के फ्लॉप होने पर पूंजी डूबने का खतरा भी रहता है। हालांकि, नए फंड्स की एंट्री के साथ इसे सुरक्षित बनाने के लिए कड़े वित्तीय नियम और रिस्क-शेयरिंग एग्रीमेंट्स भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके।
Aaj Ka Rashifal 27 June 2026: अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, हर व्यक्ति की जन्मतिथि का उसके जीवन में बेहद खास और गहरा महत्व होता है। जन्मतिथि से निकलने वाला मूलांक न सिर्फ इंसान के मूल स्वभाव, खूबियों और व्यक्तित्व के राज खोलता है, बल्कि उसके आने वाले कल यानी भविष्य की सटीक दिशा भी दिखाता है। आज का दिन अंक ज्योतिष के लिहाज से सभी जातकों को आर्थिक मामलों में विशेष रूप से समझदारी, अनुशासन और संयम बनाए रखने का बड़ा संकेत दे रहा है।भगवान गणेश के आशीर्वाद से आज अधिकांश मूलांक के लोगों को अपनी सुख-सुविधाओं पर होने वाले फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने, एक सटीक बजट बनाकर चलने और अपने भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। याद रखें, आज सही प्लानिंग और धैर्य के साथ लिया गया एक छोटा सा फैसला भी आने वाले समय में आपको बंपर धन लाभ और मानसिक शांति दिला सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।मूलांक 1: जल्दबाजी में निवेश से बचें, बजट पर रखें फोकसअगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 1 है। आज का दिन आपको अपने वित्तीय भविष्य को लेकर बेहद गंभीर होने की चेतावनी दे रहा है। आज किसी के बहकावे में आकर या जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने से पूरी तरह बचें। किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन करने से पहले उसके नफा-नुकसान का सही आकलन कर लें। आज केवल अपने तय बजट के अनुसार ही काम करें और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें। आपका यही वित्तीय अनुशासन आपको आने वाले समय में बड़ी मजबूती देगा।मूलांक 2: लंबी अवधि की योजनाओं के लिए उत्तम दिनअगर आपका जन्म महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 2 है। आज आपको पैसों से जुड़े मामलों में अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। बिना किसी ठोस योजना के कहीं भी धन खर्च न करें और जितना हो सके बचत (Savings) को प्राथमिकता दें। हालांकि, यह समय भविष्य के लिए किसी बड़ी और लंबी अवधि की वित्तीय योजना (Long-term Financial Planning) को कागजों पर उतारने के लिए बेहद शानदार है। आपका धैर्य और सही रणनीति आपको आने वाले दिनों में बड़ी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेंगी।मूलांक 3: नए अवसरों पर रखें पैनी नजर, होगा धन लाभअगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 3 है। आज आपको सबसे पहले अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति का निष्पक्ष और सही मूल्यांकन करना चाहिए। बाजार के बदलते रुख और आर्थिक खबरों पर अपनी पैनी नजर बनाए रखें, क्योंकि आज आपको कमाई के कुछ बेहतरीन और नए शॉर्ट-टर्म अवसर मिल सकते हैं। यदि परिस्थितियां मांगें, तो अपनी पुरानी वित्तीय योजनाओं में मामूली बदलाव करने से पीछे न हटें। आज आपका सटीक मैनेजमेंट आपको बड़ा मुनाफा दिला सकता है।मूलांक 4: पारिवारिक खर्चों में आएगी तेजी, भावनाओं पर रखें काबूअगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 4 है। आज आपके घर और परिवार से जुड़े खर्चों में अचानक तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में आपको भावनाओं या दिखावे में आकर कोई भी महंगी खरीदारी करने से बचना चाहिए। केवल उन्हीं चीजों पर पैसा लगाएं जो बेहद जरूरी हों। अपने घरेलू बजट को व्यवस्थित रखें और हर आर्थिक निर्णय बहुत सोच-समझकर लें। आज का यह संयम आपके भविष्य की आर्थिक स्थिरता को डिगने नहीं देगा।मूलांक 5: सकारात्मक रहेगा दिन, नए निवेश से बढ़ेगा बैंक बैलेंसअगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 5 है। आज का दिन आपके आर्थिक मामलों के लिहाज से बेहद सकारात्मक और प्रोग्रेसिव रहने वाला है। आज आप अपने पुराने खर्चों को नियंत्रित करने में पूरी तरह सफल रहेंगे, जिससे आपका बजट संतुलित हो जाएगा। सराफा या शेयर बाजार में नए निवेश के बेहतरीन मौके आपके सामने आ सकते हैं। सही दिशा में और सही समय पर उठाए गए आपके कदम आपकी आर्थिक स्थिति को पहले से कई गुना मजबूत कर देंगे।मूलांक 6: फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम, छोटी बचत देगी बड़ा मुनाफाअगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 6 है। आज के दिन आपको अपनी कुल आय और होने वाले दैनिक खर्चों का एक सटीक हिसाब-किताब अपने पास जरूर रखना चाहिए। मौज-मस्ती और फिजूलखर्ची से खुद को दूर रखें और केवल अनिवार्य आवश्यकताओं पर ही धन व्यय करें। अंक ज्योतिष के अनुसार, आज आपके द्वारा की गई छोटी-छोटी बचत और निवेश की योजनाएं भी भविष्य में आपको बहुत बड़ा रिटर्न दे सकती हैं। विवेक से लिए गए निर्णय अंततः लाभदायक सिद्ध होंगे।मूलांक 7: लग्जरी चीजों से बनाएं दूरी, दिखावे में न गंवाएं पैसाअगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 7 है। आज के दिन आपके लिए अपनी संचित पूंजी और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। सुख-सुविधाओं और लग्जरी लाइफस्टाइल की चीजों पर मोटी रकम बर्बाद करने से बचें। अपने जीवन के बड़े और मुख्य आर्थिक लक्ष्यों पर फोकस बनाए रखें। आज बजट के कड़े नियमों का पालन करना और योजनाबद्ध तरीके से सुरक्षित जगहों पर निवेश करना ही आपके भविष्य को सुरक्षित बनाएगा।मूलांक 8: निवेश की समीक्षा के लिए श्रेष्ठ दिन, मिलेगी बड़ी सफलताअगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 8 है। आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन आपके लिए काफी फलदायी और अच्छा माना जा सकता है। आज आप भविष्य की बड़ी जरूरतों को ध्यान में रखकर किसी नई इन्वेस्टमेंट स्कीम का हिस्सा बन सकते हैं। इसके साथ ही अपने पुराने निवेशों की एक बार बारीकी से समीक्षा (Review) जरूर कर लें ताकि आप सही दिशा में आगे बढ़ सकें। आज समझदारी और सूझबूझ से लिया गया कोई भी व्यावसायिक फैसला आपको बड़ा लाभ दिलाएगा।मूलांक 9: पैसों के मामलों में बनाएं संतुलन, जल्दबाजी से बचेंअगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 9 है। आज आपको अपने जीवन में पैसों की आवक और जावक के बीच एक मजबूत संतुलन स्थापित करने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में आपको कुछ नए और आकर्षक प्रोजेक्ट्स या डील मिल सकती हैं, लेकिन किसी भी पेपर पर साइन करने या अंतिम फैसला लेने में तनिक भी जल्दबाजी न दिखाएं। अपने आर्थिक लक्ष्यों की समय-समय पर समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार रणनीति बदलें। सही प्लानिंग और धैर्य ही आज आपको आर्थिक सफलता के शिखर पर ले जाएंगे।
Shani Pradosh Vrat Today 27 June 2026: सनातन परंपरा में भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत को सबसे उत्तम और शीघ्र फलदायी माना गया है। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल, दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखने का विधान है। शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत की मुख्य पूजा हमेशा शाम के समय यानी 'प्रदोष काल' में की जाती है।दिलचस्प बात यह है कि जब यह त्रयोदशी तिथि शनिवार के दिन पड़ती है, तो इसे 'शनि प्रदोष व्रत' (Shani Pradosh Vrat) कहा जाता है। आज यानी 27 जून 2026, शनिवार को ज्येष्ठ महीने का अंतिम और बेहद फलदायी शनि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। यह एक ऐसा दुर्लभ और पावन मौका होता है जब श्रद्धालु एक ही दिन महादेव के साथ-साथ न्याय के देवता शनिदेव की भी असीम कृपा पा सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस दिन किए गए विशेष उपायों से कुंडली में मौजूद भयंकर शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से तुरंत और स्थाई राहत मिलती है।शनि प्रदोष व्रत 2026: तिथि और शाम की पूजा का सटीक मुहूर्तहिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत कल रात यानी 26 जून 2026 को रात 10:22 बजे हो चुकी है। इस तिथि का समापन कल मध्यरात्रि यानी 28 जून 2026 को रात 12:43 बजे होगा। उदयातिथि और प्रदोष काल के नियमों के चलते यह व्रत आज 27 जून को ही पूर्ण निष्ठा के साथ रखा जा रहा है।भगवान शिव की कृपा बरसाने वाला आज की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल) शाम 07:23 बजे से लेकर रात 09:23 बजे तक रहेगा। भक्तों को महादेव के साक्षात आशीर्वाद के लिए इस कुल 2 घंटे की पावन अवधि के बीच ही अपनी पूजा, जलाभिषेक और आरती संपन्न कर लेनी चाहिए।इन 5 राशियों पर चल रही है शनि की टेढ़ी नजर, आज जरूर दें ध्यानमौजूदा समय में ग्रहों की चाल के अनुसार, देश के लाखों लोग शनि की महादशा का सामना कर रहे हैं। इस समय कुल पांच राशियां ऐसी हैं जिन पर शनि देव की विशेष नजर बनी हुई है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, मेष राशि, कुंभ राशि और मीन राशि के जातकों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती (Sadesati) का अलग-अलग चरण चल रहा है।दूसरी तरफ, सिंह राशि और धनु राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या (Dhaiya) का भारी प्रभाव बना हुआ है। इन पांचों ही राशियों के जीवन में इस समय मानसिक तनाव, करियर में रुकावटें या आर्थिक तंगी जैसी परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में इन पांचों राशियों के जातकों को आज के इस महासंयोग का पूरा फायदा उठाते हुए नीचे दिए गए 5 अचूक उपाय जरूर करने चाहिए।साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों को बेअसर करने के 5 महा-उपायज्योतिष शास्त्र और लाल किताब के अनुसार, शनि प्रदोष के दिन यदि पूरी श्रद्धा से ये कार्य किए जाएं, तो शनिदेव अपने उग्र रूप को शांत कर जातक को शुभ फल देना शुरू कर देते हैं:मंत्र जाप और तेल का दीपक: आज शाम के समय किसी नजदीकी शनि मंदिर जाएं। वहां शनिदेव की मूर्ति के सामने बैठकर सरसों के तेल का एक बड़ा दीपक जलाएं। इसके बाद वहीं बैठकर शांत मन से 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार या अधिक से अधिक जाप करें। इससे शनि देव की वक्र दृष्टि शांत होती है।शनि से संबंधित वस्तुओं का दान: शनि प्रदोष के दिन दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। आज के दिन किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को शनि से संबंधित वस्तुएं जैसे—काले वस्त्र, काले तिल, साबुत काली उड़द की दाल, सरसों का तेल या लोहे का कोई बर्तन दान करें। यह उपाय आपके संचित पापों का नाश करता है।पीपल वृक्ष की परिक्रमा: हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ में त्रिदेवों के साथ शनिदेव का भी वास माना गया है। आज सूर्यास्त के बाद किसी पुराने पीपल के पेड़ के नीचे जाएं, वहां सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और पेड़ की सात बार परिक्रमा (परिक्रमा करते समय मन में शिव जी का ध्यान रखें) करें।बजरंगबली की विशेष आराधना: शनिदेव को नियंत्रित करने की शक्ति केवल हनुमान जी के पास है। आज शनि प्रदोष पर हनुमान जी के मंदिर जाकर उन्हें चमेली का तेल और सिंदूर का चोला अर्पित करें। इसके साथ ही साढ़ेसाती के भयंकर कष्टों को कम करने के लिए आसन बिछाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। संभव हो तो आज के दिन इसका लगातार पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है।शिवलिंग का अभिषेक: चूंकि शनिदेव भगवान शिव के परम शिष्य और मानस पुत्र माने जाते हैं, इसलिए शिव जी की भक्ति करने वालों को शनिदेव कभी परेशान नहीं करते। आज प्रदोष काल में शुद्ध जल में गंगाजल और थोड़े से काले तिल मिलाकर शिवलिंग का जलाभिषेक या रुद्राभिषेक करें। महादेव की यह पूजा आपको हर प्रकार के ग्रह दोषों से हमेशा के लिए सुरक्षित कर देगी।
UPPSC PCS 2026 Notification:उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनने और प्रांतीय सिविल सेवा परीक्षा (PCS) की तैयारी में जुटे लाखों युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित खबर आ चुकी है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने कंबाइंड राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2026 के लिए अपना आधिकारिक और विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिष्ठित विभागों में ग्रुप ए और ग्रुप बी के प्रशासनिक पदों पर काम करने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।आयोग द्वारा यह विज्ञापन 25 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है, और इसके साथ ही डिजिटल पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरने की विंडो भी ओपन हो चुकी है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को उत्तर प्रदेश शासन में डिप्टी कलेक्टर (SDM), डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) और ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) जैसे रसूखदार पदों पर सेवा करने का सुनहरा मौका मिलेगा। उम्मीदवार 27 जुलाई 2026 की निर्धारित अंतिम तिथि तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।वैकेंसी डिटेल्स: करीब 500 पदों पर होगी सीधी भर्तीयूपीपीएससी द्वारा जारी किए गए विस्तृत विज्ञापन के अनुसार, इस साल विभिन्न सरकारी विभागों में ग्रुप ए और ग्रुप बी के कुल मिलाकर करीब 500 रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख रूप से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, बीडीओ, सब रजिस्ट्रार और जिला प्रशासनिक अधिकारियों के पद शामिल हैं। रिक्तियों की अंतिम संख्या मुख्य परीक्षा के परिणाम आने तक परिस्थितियों और शासन की आवश्यकताओं के आधार पर घट या बढ़ भी सकती है।UPPSC PCS 2026: परीक्षा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण तारीखेंअभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय सीमा का विशेष ध्यान रखें और आखिरी दिनों में सर्वर पर बढ़ने वाले लोड से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें:नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि: 25 जून 2026ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख: 25 जून 2026ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख: 27 जुलाई 2026ऑफिशियल वेबसाइट: uppsc.up.nic.inआयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता का पूरा पैमानायूपी सरकार के कार्मिक विभाग के मौजूदा नियमों के मुताबिक, इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सामान्य (General) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं, उत्तर प्रदेश के मूल निवासी ओबीसी, एससी, एसटी और अन्य आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी, जिसके तहत वे अधिकतम 45 वर्ष की उम्र तक आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो प्रशासनिक पदों जैसे एसडीएम और डीएसपी के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक (Bachelor Degree) की डिग्री होनी अनिवार्य है। हालांकि, कुछ तकनीकी और विशिष्ट पदों जैसे सब रजिस्ट्रार के लिए कानून में स्नातक (LLB) और स्टैटिस्टिकल ऑफिसर (सांख्यिकी अधिकारी) के लिए संबंधित विषय में परास्नातक (Postgraduate) जैसी विशेष योग्यताओं की मांग की गई है।आवेदन प्रक्रिया, वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) और फीसयूपी पीसीएस 2026 की परीक्षा के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR): आवेदन करने से पहले हर अभ्यर्थी को आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना 'वन टाइम रजिस्ट्रेशन' पूरा करना होगा। बिना ओटीआर नंबर के आगे का फॉर्म नहीं भरा जा सकेगा।फॉर्म सबमिशन: ओटीआर जनरेट होने के बाद उम्मीदवार को लॉगिन कर अपनी शैक्षणिक योग्यता दर्ज करनी होगी, साथ ही दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपनी लेटेस्ट पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर स्कैन करके अपलोड करने होंगे।श्रेणीवार आवेदन शुल्क: आवेदन को अंतिम रूप देने के लिए ऑनलाइन गेटवे के माध्यम से फीस का भुगतान करना होगा। सामान्य और ओबीसी श्रेणी के लिए आवेदन शुल्क 125 रुपये निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए यह शुल्क 65 रुपये है, जबकि दिव्यांग (PWD) उम्मीदवारों को मात्र 25 रुपये की फीस देनी होगी।चयन प्रक्रिया: 3 कड़े चरणों को पार कर मिलेगी सफलतायूपीपीएससी पीसीएस 2026 की पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर तीन मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है:प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): यह चयन का पहला और छंटनी चरण होता है, जो पूरी तरह से ऑब्जेक्टिव टाइप (MCQs) बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होता है। इसमें सामान्य अध्ययन के 2 पेपर होते हैं, जिनमें दूसरा पेपर (CSAT) केवल क्वालिफाइंग होता है।मुख्य परीक्षा (Mains): प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित किए गए शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में बैठेंगे। यह चरण पूरी तरह से वर्णनात्मक (Descriptive) यानी लिखित परीक्षा पर आधारित होता है, जिसमें अभ्यर्थियों के विषय ज्ञान और लेखन शैली का कड़ा इम्तिहान होता है।इंटरव्यू (Personality Test): चयन का अंतिम पड़ाव साक्षात्कार होता है। इसमें आयोग के पैनल द्वारा उम्मीदवार की प्रशासनिक क्षमता, त्वरित निर्णय लेने के कौशल, उनकी पर्सनैलिटी और कम्युनिकेशन स्किल्स का व्यापक मूल्यांकन किया जाता है।आयोग ने स्पष्ट किया है कि मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू का विस्तृत कार्यक्रम तथा प्रारंभिक परीक्षा के एडमिट कार्ड सही समय पर ऑफिशियल पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थी किसी भी भ्रामक खबर से बचने के लिए नियमित रूप से केवल uppsc.up.nic.in पर ही विजिट करते रहें।
Gold Rate Today 27 June 2026: सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए आज एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। पिछले कुछ दिनों से सराफा बाजार में सोने की कीमतों में जारी गिरावट पर अब पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। 27 जून 2026 की सुबह देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में सोने और चांदी के भाव में एक बार फिर उछाल दर्ज किया गया है।वैश्विक संकेतों के चलते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत बढ़कर 1,42,960 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी यह भाव 1,42,760 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां भी सोने ने एक बार फिर शानदार वापसी करते हुए 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक मार्क को पार कर लिया है और हाजिर सोना (Spot Gold) अब 4,077.64 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।आखिर क्यों अचानक आई सोने के दामों में तेजी? अमेरिकी डेटा ने बदला रुखबाजार विश्लेषकों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आए कुछ बड़े आर्थिक बदलावों के कारण सोने की कीमतों को नया सपोर्ट मिला है। दरअसल, अमेरिका में महंगाई (Inflation) को लेकर जारी हुए ताजा आंकड़ों के बाद वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में कमजोरी देखी गई। इसके साथ ही अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी किए जाने की उम्मीदें भी थोड़ी कम हुई हैं।आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में मई 2026 तक के पिछले 12 महीनों में 'U.S. पर्सनल कंजंप्शन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स' में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस डेटा के सामने आने के बाद निवेशकों ने एक बार फिर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ रुख किया है, जिससे इसकी मांग और कीमतों में एक साथ उछाल आया है।27 जून 2026: देश के प्रमुख शहरों में आज का गोल्ड रेटआज देश के बड़े शहरों के सराफा बाजार में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के खुदरा भाव (प्रति 10 ग्राम) नीचे दी गई तालिका के अनुसार खुले हैं:शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)दिल्ली1,31,0601,42,960मुंबई1,30,8601,42,760चेन्नई1,33,0101,45,100कोलकाता1,30,8601,42,760अहमदाबाद1,30,9601,42,860हैदराबाद1,30,8601,42,760जयपुर1,31,0601,42,960लखनऊ1,31,0601,42,960भोपाल1,30,9601,42,860चंडीगढ़1,31,0601,42,960पुणे1,30,8601,42,760बेंगलुरु1,30,8601,42,760चांदी की चमक भी हुई तेज, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दामसोने की राह पर चलते हुए दूसरी सबसे मूल्यवान और औद्योगिक धातु चांदी की कीमतों में भी आज सुबह जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। 27 जून को भारतीय बाजार खुलते ही चांदी का भाव बढ़कर 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम के भारी-भरकम स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हाजिर चांदी (Spot Silver) की मांग में तेजी आने की वजह से इसकी कीमत इस समय 59.12 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रही है। चांदी की इस बढ़ती चमक का असर आने वाले दिनों में घरेलू आभूषणों की मेकिंग और औद्योगिक लागत पर भी साफ देखने को मिल सकता है।
Delhi Weather Today: दिल्ली-एनसीआर के लोग इस समय एक अजीब सी कशमकश और भीषण उमस भरी गर्मी के बीच दिन काट रहे हैं। हर साल 27 जून वह तारीख होती है जब दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपनी आधिकारिक दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार बादलों की सुस्त चाल ने दिल्ली वालों की उम्मीदों पर थोड़ा पानी फेर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अभी तक कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की है कि दिल्ली में झमाझम मानसूनी बारिश का दौर ठीक किस दिन से शुरू होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि आने वाले दिनों में मौसमी सिस्टम बारिश के लिए पूरी तरह अनुकूल बने हुए हैं, जिससे जल्द ही इस तपती गर्मी से निजात मिलने की उम्मीद है।मॉनसून की इस बेरुखी के बीच राष्ट्रीय राजधानी में गर्मी और उमस का ऐसा कॉकटेल बना हुआ है कि लोगों का जीना मुहाल है। शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 4 डिग्री ज्यादा था। लेकिन असली आफत तापमान नहीं, बल्कि हवा में मौजूद नमी ने मचाई। दोपहर 2:30 बजे दिल्ली का 'हीट इंडेक्स' यानी महसूस होने वाला असली तापमान (Real Feel) 47.5 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। इस उमस के कारण लोगों के लिए घरों से बाहर पैर रखना भी दूभर हो गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।क्या पिछले सालों का रिकॉर्ड तोड़ेगा इस बार का मॉनसून?अगर बीते वर्षों के इतिहास पर नजर डालें तो दिल्ली में मॉनसून की टाइमलाइन में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले साल यानी 2025 में मॉनसून ने अपने तय समय से थोड़ी देरी करते हुए 29 जून को दिल्ली में एंट्री मारी थी, जबकि उससे पिछले साल 2024 में यह 28 जून को ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गया था। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस साल भी मॉनसून 27 जून की अपनी डेडलाइन को पार कर चुका है, जिससे यह साफ है कि इस बार भी दिल्ली वालों को मानसूनी फुहारों के लिए जून के आखिरी दिनों या जुलाई के शुरुआती हफ्ते का इंतजार करना ही होगा।मौसम विभाग का नया बुलेटिन: अगले 3-4 दिनों में इन राज्यों में पहुंचेगा मॉनसूनआईएमडी के ताजा वेदर अपडेट के मुताबिक, देश के बाकी हिस्सों में मॉनसून की रफ्तार अब धीरे-धीरे जोर पकड़ रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बचे हुए तमाम हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद मजबूत हो रही हैं। इसके साथ ही मॉनसून की ये हवाएं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई और इलाकों को भी अपने आगोश में ले लेंगी। इसी सिस्टम के एक्टिव होने से दिल्ली-एनसीआर के आसमान में भी काले घने बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और बारिश की उम्मीदें मजबूत होंगी।अगले 5 दिनों के लिए दिल्ली का मौसम: जानें कब गिरेगा पारामौसम विभाग ने दिल्ली के लिए अगले 5 दिनों का जो विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है, उसके मुताबिक दिल्ली वासियों को उमस से राहत देने के लिए रुक-रुक कर आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है:27 जून: आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 40C और न्यूनतम तापमान 27C के आसपास रहने की उम्मीद है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ आंधी और बारिश के आसार हैं, हालांकि मौसम को लेकर कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं है।28 जून: रविवार को भी दिन का पारा 40C और रात का 27C रहेगा। आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।29 जून: सोमवार से तापमान में एक अच्छी गिरावट देखने को मिल सकती है। दिन का अधिकतम तापमान गिरकर 38C और रात का न्यूनतम तापमान 26C पर आ सकता है। इस दौरान बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा।30 जून: महीने के आखिरी दिन भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। अधिकतम तापमान 38C और न्यूनतम तापमान 26C के साथ झमाझम बारिश की स्थिति बनी रहेगी।1 जुलाई: नए महीने की शुरुआत दिल्ली वालों के लिए काफी ठंडी और खुशनुमा हो सकती है। बुधवार तक अधिकतम तापमान और ज्यादा गिरकर 36C तक पहुंच जाएगा, जबकि न्यूनतम तापमान 24C के आसपास रहेगा। आंधी-तूफान और लगातार होने वाली बारिश से दिल्ली का मौसम पूरी तरह सुहावना हो जाएगा।जून महीने में सामान्य से बहुत कम बरसे बदरा, बढ़ा पानी का संकटगर्मी के इस कड़े तेवर के पीछे जून महीने में हुई कम बारिश को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जून के महीने में अब तक केवल 41.8mm बारिश ही दर्ज की गई है। जबकि दिल्ली के पर्यावरण और मौसम के लिहाज से जून के महीने में सामान्य तौर पर कम से कम 74.1mm बारिश होनी अनिवार्य मानी जाती है। सामान्य से लगभग आधी बारिश होने के कारण ही दिल्ली के जलस्तर और तापमान दोनों पर इसका बेहद बुरा असर पड़ा है। अब हर किसी की निगाहें जुलाई की शुरुआत में होने वाली मानसूनी बारिश पर टिकी हैं।
Petrol Diesel Price Today:देश में हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की नई किरणों से नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की बदलती कीमतों से भी होती है। ईंधन के ये दाम सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और उसके मासिक बजट पर असर डालते हैं। रोजाना सुबह 6 बजे देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं। ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर तय की जाती हैं। ईंधन की कीमतों में होने वाला मामूली बदलाव भी ऑफिस जाने वाले नौकरीपेशा लोगों से लेकर फल-सब्जी बेचने वाले छोटे व्यापारियों तक, हर किसी की जिंदगी को प्रभावित करता है।ऐसे में हर दिन अपने शहर के ईंधन के दामों की सही जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि एक समझदारी भरा कदम भी है। भारत में लागू यह दैनिक मूल्य निर्धारण प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं तक किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी न पहुंचे।27 जून 2026: देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल का भावआज देश के अलग-अलग महानगरों और प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86.00 रुपये प्रति लीटर।कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90.00 रुपये प्रति लीटर।हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97.00 रुपये प्रति लीटर flockजयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।पिछले दो साल से क्यों बनी हुई है कीमतों में स्थिरता?अगर आप गौर करें तो मई 2022 के बाद से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बड़ी स्थिरता देखने को मिली है। दरअसल, मई 2022 में केंद्र सरकार और उसके बाद कई राज्य सरकारों द्वारा उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और वैट (VAT) में बड़ी कटौती की गई थी। इसके बाद से, हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कई बार भारी उतार-चढ़ाव आया है, लेकिन भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए खुदरा कीमतों को काफी हद तक नियंत्रित और स्थिर रखा है।इन 5 मुख्य कारणों से तय होती हैं ईंधन की खुदरा कीमतेंभारत में जब आप एक लीटर पेट्रोल या डीजल खरीदते हैं, तो उसकी कीमत के पीछे कई आर्थिक कारक काम कर रहे होते हैं:कच्चे तेल (Crude Oil) के वैश्विक दाम: पेट्रोल और डीजल का मुख्य स्रोत कच्चा तेल ही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ओपेक (OPEC) देशों के फैसलों और वैश्विक परिस्थितियों के कारण जब भी कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, भारतीय बाजार में ईंधन महंगा होने की संभावना बढ़ जाती है।डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति: भारत अपनी जरूरत का लगभग 80-85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में होता है। यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो तेल का आयात महंगा हो जाता है, जिससे देश में कीमतें बढ़ती हैं।सरकारी टैक्स और वैट: केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक्साइज टैक्स और अलग-अलग राज्य सरकारों द्वारा वसूला जाने वाला वैट (VAT) ईंधन की खुदरा कीमत का एक बहुत बड़ा हिस्सा होते हैं। यही वजह है कि एक ही दिन अलग-अलग राज्यों या शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट में अंतर दिखाई देता है।रिफाइनिंग की लागत: विदेशों से आयात होने वाले कच्चे तेल को सीधे गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसे देश की रिफाइनरियों में साफ (रिफाइन) करने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इस प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स का खर्च भी अंतिम कीमत में शामिल किया जाता है।मांग और आपूर्ति का गणित: बाजार में मांग के बढ़ने या घटने से भी कीमतें प्रभावित होती हैं। त्योहारों के सीजन, भीषण गर्मी या कड़ाके की ठंड के दौरान जब ट्रांसपोर्टेशन और बिजली उत्पादन के लिए ईंधन की खपत अचानक बढ़ जाती है, तो इसका असर बाजार की चाल पर भी पड़ता है।सिर्फ एक SMS के जरिए अपने मोबाइल पर ऐसे चेक करें आज का रेटअगर आप बिना इंटरनेट के भी अपने शहर में पेट्रोल-डीजल का सटीक और ताजा भाव जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियों की एसएमएस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए बेहद आसान प्रक्रिया है:इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक: अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP [स्पेस] अपने शहर का कोड टाइप करें और इसे 9224992249 पर भेज दें।भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: अपने फोन से RSP [स्पेस] शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर एसएमएस करें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक: HP Price [स्पेस] शहर का कोड टाइप करें और इसे 9222201122 पर भेजकर तुरंत ताजा रेट की जानकारी पा सकते हैं।
ईरान के मिसाइल ठिकानों पर अमेरिकी हमला, तेहरान का पलटवार; मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा बढ़ा
US Iran Tension : अमेरिकी और ईरान के बीच तनाव उस समय बड़ गया जब अमेरिकी सेना ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों व तटीय रडार साइट्स पर हमले किए। यह कार्रवाई तब की गई, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया। बहरहाल इन ...
Urmila Matondkar Chamma Chamma Song:बॉलीवुड की 'रंगीला गर्ल' यानी उर्मिला मातोंडकर ने अपने करियर के सबसे आइकॉनिक और सदाबहार गानों में से एक छम्मा छम्मा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उर्मिला ने बताया कि वह इस सुपरहिट डांस नंबर को लगभग रिजेक्ट करने वाली थीं, जो बाद में उनके करियर और बॉलीवुड के इतिहास का सबसे बड़ा चार्टबस्टर गाना साबित हुआ। डांस रियलिटी शो 'इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीजन 5' (India's Best Dancer Season 5) के आगामी स्पेशल एपिसोड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं एक्ट्रेस ने इस गाने की मेकिंग और शूटिंग से जुड़े कई अनसुने किस्से फैंस के साथ शेयर किए हैं।'उस दौर में आइटम सॉन्ग को गलत समझा जाता था' - उर्मिलासाल 1998 में आई कल्ट फिल्म 'चाइना गेट' (China Gate) के इस सुपरहिट गाने के बारे में याद करते हुए उर्मिला मातोंडकर ने बताया कि वह शुरुआत में इस ट्रैक को करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थीं। उर्मिला ने उस दौर की मानसिकता का जिक्र करते हुए कहा, जब फिल्म के महान निर्देशक राज कुमार संतोषी जी ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि आपको इस फिल्म में एक स्पेशल गेस्ट अपीयरेंस के तौर पर आइटम सॉन्ग करना है, तो मैं बिल्कुल हिचकिचा रही थी। सच कहूं तो मैं इसके पक्ष में बिल्कुल नहीं थी, क्योंकि उस दौर में बॉलीवुड में 'आइटम सॉन्ग' शब्द और इस कॉन्सेप्ट को बहुत ही गलत और अजीब नजरिए से देखा जाता था।डायरेक्टर राजकुमार संतोषी के इस एक वाक्य ने बदल दिया फैसलाउर्मिला ने आगे बताया कि कैसे निर्देशक राजकुमार संतोषी के शब्दों ने उनका पूरा नजरिया बदल दिया और उन्हें यह गाना साइन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। संतोषी जी ने उर्मिला से कहा था, उर्मिला, बरसों पहले सिनेमा में एक ऐसा गाना आया था जिस पर आज भी लोग डांस की बात करते हैं और उसकी कोरियोग्राफी की मिसाल देते हैं। मुझे अपनी इस फिल्म में उस पुराने ऐतिहासिक गाने से भी बेहतर और भव्य गाना तैयार करना है और यह सिर्फ तुम्हारे साथ ही मुमकिन है। डायरेक्टर के इस भरोसे और विज़न को देखने के बाद उर्मिला खुद को रोक नहीं पाईं और उन्होंने गाने के लिए हां कह दी।12 दिन का शेड्यूल और गणेश आचार्य की कोरियोग्राफी: मात्र 3 दिन में हुआ कमालइस आइकॉनिक ट्रैक की शूटिंग के बारे में बात करते हुए उर्मिला ने एक और बेहद हैरान करने वाला राज खोला। उन्होंने बताया कि इस गाने की कोरियोग्राफी मशहूर डांस मास्टर गणेश आचार्य (Ganesh Acharya) ने की थी। उर्मिला ने याद करते हुए कहा, मैंने गणेश मास्टर जी से पूछा था कि इस बेहद हैवी स्टेप्स और बैकग्राउंड डांसर्स वाले गाने को शूट करने में कितने दिन लगेंगे? उन्होंने मुझे बताया था कि प्रोडक्शन का प्लान पूरे 12 दिनों का है। लेकिन आप विश्वास नहीं करेंगे, हम सभी की कड़ी मेहनत और कमाल के तालमेल की वजह से वह पूरा गाना हमने सिर्फ 3 दिन के भीतर ही शूट करके खत्म कर दिया था।सेट पर मौजूद करिश्मा कपूर ने भी बांधे तारीफों के पुलशो में बतौर जज नजर आ रही बॉलीवुड की एक और सुपरस्टार एक्ट्रेस करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) ने भी उस दौर को याद करते हुए उर्मिला मातोंडकर के स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर तारीफ की। करिश्मा ने कहा, मुझे अच्छी तरह याद है जब यह गाना रिलीज हुआ था, तो इसने पूरे देश में तहलका मचा दिया था। मैंने खुद उर्मिला को फोन करके उनकी तारीफ की थी और कहा था कि क्या कमाल का गाना है और तुमने इसमें जो एनर्जी और डांस मूव्स दिखाए हैं, उसका कोई मुकाबला नहीं है। 4 सितंबर को रिलीज होने वाली 'मिर्जापुर द मूवी' और अन्य कल्ट प्रोजेक्ट्स के बीच, टीवी स्क्रीन्स पर उर्मिला का यह नॉस्टैल्जिक लुक और पुराने अनसुने किस्से फैंस को बेहद पसंद आ रहे हैं।
Samsung Galaxy Z Fold 8 Series Leak:प्रीमियम फोल्डेबल स्मार्टफोन्स की दुनिया में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए टेक दिग्गज सैमसंग (Samsung) एक बार फिर पूरी तरह तैयार है। उम्मीद जताई जा रही है कि कंपनी अपनी अगली पीढ़ी की फ्लैगशिप फोल्डेबल सीरीज़, यानी 'Samsung Galaxy Z Fold 8', को अगले महीने वैश्विक बाजार में लॉन्च कर सकती है। आधिकारिक लॉन्च से पहले ही इस सीरीज़ से जुड़े कई बड़े और चौंकाने वाले स्पेसिफिकेशन्स ऑनलाइन लीक हो चुके हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार सैमसंग पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव करते हुए Galaxy Z Fold 8 Ultra और स्टैंडर्ड Galaxy Z Fold 8 जैसे दो अलग-अलग मॉडल्स पेश कर सकती है। लीक्स का दावा है कि जहाँ अल्ट्रा मॉडल का मुख्य डिज़ाइन पिछले Galaxy Z Fold 7 जैसा ही रहने वाला है, वहीं स्टैंडर्ड वर्ज़न में यूज़र्स को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा चौड़ी (वाइड) इनर फोल्डेबल स्क्रीन देखने को मिलेगी। इसके अलावा, हालिया लीक ने फोन के वजन और इसकी बिक्री की तारीखों को लेकर भी बेहद दिलचस्प संकेत दिए हैं।स्टैंडर्ड मॉडल का वजन होगा बेहद कम, हाथ में नहीं होगा भारीपन का अहसासकोरियाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Naver' पर मशहूर टिपस्टर Lanzuk ने एक पोस्ट में दावा किया है कि इस बार स्टैंडर्ड Galaxy Z Fold 8 का वजन इंजीनियरिंग के स्तर पर बेहद कम किया गया है। उनके मुताबिक, जिन लोगों ने इस प्रोटोटाइप डिवाइस को हाथ में लेकर इस्तेमाल किया है, वे इसके हल्केपन को देखकर हैरान रह गए हैं। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि फोन का यही 'फैदर-लाइट' (बेहद हल्का) डिज़ाइन बाजार में इसकी सबसे बड़ी यूएसपी (Unique Selling Proposition) साबित हो सकता है।हालांकि, लीक पोस्ट में इसके सटीक वजन का आधिकारिक आंकड़ा तो नहीं दिया गया है, लेकिन उद्योग से जुड़े सूत्रों का मानना है कि इसका कुल वजन मात्र 201 ग्राम के आसपास हो सकता है। अगर यह दावा सच साबित होता है, तो यह पिछले Galaxy Z Fold 7 (वजन 215 ग्राम) के मुकाबले काफी हल्का होगा। गौरतलब है कि मौजूदा मॉडल को भी बुक-स्टाइल फोल्डेबल सेगमेंट में काफी लाइटवेट माना जाता है, ऐसे में 201 ग्राम का वजन इसे सामान्य स्मार्टफोन्स की श्रेणी में ला खड़ा करेगा।बेहतर पिक्सल और स्क्रीन क्रीज से मिलेगी राहत, डिस्प्ले में हुआ बड़ा अपग्रेडडिस्प्ले के मोर्चे पर भी इस बार यूज़र्स को एक बेहतरीन एक्सपीरियंस मिलने वाला है। लीक रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि नए वाइड मॉडल में डिस्प्ले पिक्सल और फोल्डेबल स्क्रीन पर दिखने वाले 'क्रीज एरिया' (Crease Area) को पहले से काफी ज्यादा इम्प्रूव किया गया है।सैमसंग इस बार फोल्ड होने वाले हिस्से पर पहले से काफी मोटे और एडवांस अल्ट्रा-थिन ग्लास (UTG) का इस्तेमाल करने जा रही है। इस तकनीक की वजह से न सिर्फ स्क्रीन के बीच में पड़ने वाली लाइन (क्रीज) लगभग गायब हो जाएगी, बल्कि डिस्प्ले की मजबूती और ड्यूरेबिलिटी भी कई गुना बढ़ जाएगी।4 अगस्त से प्री-बुकिंग और 7 अगस्त से शुरू होगी धमाकेदार सेललॉन्च और सेल टाइमलाइन की बात करें तो टिपस्टर का दावा है कि Galaxy Z Fold 8 और Galaxy Z Fold 8 Ultra दोनों ही प्रीमियम स्मार्टफोन्स 7 अगस्त से वैश्विक स्तर पर बिक्री (Sale) के लिए उपलब्ध करा दिए जाएंगे। वहीं, इन डिवाइसेस के लिए प्री-रिजर्वेशन या प्री-बुकिंग की प्रक्रिया 4 अगस्त से ही लाइव कर दी जाएगी।पुरानी रिपोर्ट्स पर गौर करें तो सैमसंग आगामी 22 जुलाई को लंदन में एक भव्य 'Galaxy Unpacked' इवेंट का आयोजन करने जा रही है, जहाँ इन दोनों फोल्डेबल फोन्स से आधिकारिक तौर पर पर्दा उठाया जाएगा। इसी मंच पर कंपनी अपने क्लैमशेल फोल्डेबल Galaxy Z Flip 8 और नई वियरेबल सीरीज़ Galaxy Watch 9 को भी दुनिया के सामने पेश कर सकती है।स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर और 45W फास्ट चार्जिंग का मिलेगा पावरलीक रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार परफॉर्मेंस को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए Galaxy Z Fold 8 और Z Fold 8 Ultra दोनों ही मॉडल्स में Qualcomm का सबसे शक्तिशाली 'Snapdragon 8 Elite Gen 5' चिपसेट दिया जाएगा, जो एडवांस एआई (AI) फीचर्स को बेहद आसानी से हैंडल कर सकेगा।कैमरा सेटअप की बात करें तो स्टैंडर्ड मॉडल में बैक पैनल पर दो 50-मेगापिक्सल सेंसर्स वाला दमदार डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है। पावर बैकअप के लिए इस पतले फोन में 4,800mAh की एक सक्षम बैटरी फिट की जाएगी, जो 45W की वायर्ड फास्ट चार्जिंग तकनीक को सपोर्ट करेगी, जिससे आपका फोन कुछ ही मिनटों में चार्ज हो जाएगा।
RBI Digital Fraud New Rules:ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी का शिकार होने वाले बैंक ग्राहकों के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक ऐतिहासिक और बेहद राहत भरी घोषणा की है। डिजिटल पेमेंट के बढ़ते खतरों को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने नए नियमों को नोटिफाई कर दिया है, जिसके तहत अगर किसी व्यक्ति के साथ ₹50,000 तक का डिजिटल पेमेंट फ्रॉड होता है, तो उसके नुकसान के एक बहुत बड़े हिस्से की भरपाई बैंक को करनी होगी।आरबीआई द्वारा 24 जून 2026 को जारी किए गए ये नए नियम आगामी 1 जनवरी 2027 से पूरे देश में पूरी तरह लागू हो जाएंगे। इसे उन करोड़ों मध्यम और कम आय वर्ग के खाताधारकों के लिए संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है, जिनकी गाढ़ी कमाई पर साइबर अपराधी पलक झपकते ही डाका डाल देते हैं।वित्त वर्ष 2025-26 में ₹48,000 करोड़ से ज्यादा की ठगी, कम आय वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावितआरबीआई ने यह कड़ा कदम यूं ही नहीं उठाया है, बल्कि इसके पीछे डराने वाले आंकड़े हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) में देश के भीतर ₹48,000 करोड़ से भी अधिक के डिजिटल फ्रॉड के मामले दर्ज किए गए। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इन फ्रॉड का शिकार होने वाले अधिकांश लोग कम आय वर्ग (Low Income Group) से ताल्लुक रखते थे, जिनके लिए ₹10,000 या ₹20,000 की रकम भी जीवन भर की जमा-पूंजी जैसी होती है। इसी तबके के आर्थिक हितों की रक्षा करने और डिजिटल बैंकिंग के प्रति जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए आरबीआई ने कंपनसेशन (मुआवजा) के नियमों में यह क्रांतिकारी बदलाव किया है।नुकसान का 85% हिस्सा वापस पाने का हकदार होगा पीड़ित, जानिए क्या है गणितआरबीआई के नए नियमों के तहत अब डिजिटल फ्रॉड का शिकार होने वाला व्यक्ति अपने कुल नुकसान के 85 फीसदी तक की भरपाई का कानूनी हकदार होगा। हालांकि, इसके लिए अधिकतम सीमा ₹25,000 तय की गई है।नियम के मुताबिक, अगर कोई ग्राहक किसी ऐसे फ्रॉड या अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजेक्शन (EBT) की रिपोर्ट दर्ज कराता है, जिसमें उसका कुल नुकसान ₹50,000 तक का है, तो उसे उसके नेट लॉस का 85% या ₹25,000 (इनमें से जो भी राशि कम होगी) वापस दी जाएगी। लेकिन इस पैसे को वापस पाने के लिए ग्राहक को एक बेहद जरूरी शर्त पूरी करनी होगी, और वह है समय पर शिकायत दर्ज कराना।5 दिनों के भीतर करनी होगी शिकायत, ₹500 से ऊपर के हर ट्रांजेक्शन पर अलर्ट जरूरीकेंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि फ्रॉड के शिकार व्यक्ति को घटना की जानकारी होने या मैसेज मिलने के अधिकतम 5 दिनों के भीतर अपने बैंक में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज करानी होगी। यदि फ्रॉड बैंक की सुरक्षा प्रणाली में चूक या लापरवाही के कारण हुआ है, तो बैंक को बिना किसी आनाकानी के पूरी भरपाई करनी होगी।इसके साथ ही, आरबीआई ने बैंकों पर नकेल कसते हुए नियम बनाया है कि ₹500 से अधिक के किसी भी इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन पर ग्राहक को तत्काल एसएमएस (SMS) या ईमेल अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा, ताकि ग्राहक को तुरंत फ्रॉड का पता चल सके।45 दिनों में करना होगा केस का निपटारा, आरबीआई और बैंक मिलकर उठाएंगे खर्च का बोझआरबीआई ने बैंकों को अपनी शिकायत प्रणाली को अत्यधिक दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। अब हर बैंक को ग्राहकों की शिकायतों के रजिस्ट्रेशन के लिए 24 घंटे सातों दिन (24/7) काम करने वाला चैनल या हेल्पलाइन एक्टिव रखनी होगी। शिकायत मिलने के बाद बैंक को अधिकतम 45 दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच कर उसका निपटारा करना होगा। हालांकि, यदि फ्रॉड के तार विदेशों (International Fraud) से जुड़े हैं, तो बैंक को इसके लिए 60 दिनों का समय मिलेगा।असाधारण बात यह है कि ₹29,412 से कम के फ्रॉड के मामलों में, जहां ग्राहक को 85% नुकसान का भुगतान किया जाना है, वहां बैंक पर पूरा बोझ नहीं पड़ेगा। इस कुल लागत का 65 फीसदी हिस्सा खुद आरबीआई वहन करेगा, जबकि 10 फीसदी हिस्सा पीड़ित ग्राहक के बैंक को और बाकी बचा 10 फीसदी हिस्सा उस बैंक को भुगतना होगा, जिस फ्रॉड अकाउंट में पैसा ट्रांसफर किया गया है। इससे बैंकों के बीच भी फ्रॉड रोकने को लेकर मुस्तैदी बढ़ेगी।जागरूकता की भारी कमी: ठगी के बाद डरें नहीं, तुरंत दर्ज कराएं रिपोर्टबैंकिंग एक्सपर्ट्स का मानना है कि आरबीआई के इस नए नियम से उन करोड़ों सीधे-साधे ग्राहकों को बहुत बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच मिलेगा, जो अब तक साइबर ठगों के आगे बेबस नजर आते थे। हालांकि, विशेषज्ञ इस बात पर भी चिंता जताते हैं कि आज भी देश में डिजिटल फ्रॉड को लेकर जागरूकता की भारी कमी है। अक्सर लोग फ्रॉड होने के बाद लोक-लाज या पुलिसिया कार्रवाई के डर से शिकायत ही दर्ज नहीं कराते, जिससे जालसाजों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। अब समय आ गया है कि जनसंचार के सभी माध्यमों, सोशल मीडिया और टीवी विज्ञापनों के जरिए लोगों को इस नए नियम के प्रति जागरूक किया जाए ताकि हर पीड़ित समय रहते अपनी शिकायत दर्ज कराकर अपनी गाढ़ी कमाई वापस पा सके।
Top News: वेनेजुएला में भूकंप से 920 मौतें, ईरान पर अमेरिकी हमला, हैदराबाद में ट्रंप एवेन्यू
Top News 27 June : वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हुई। अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों व तटीय रडार साइट्स पर हमले किए। हैदराबाद में डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर सड़क। आयरलैंड ने भारत को 34 रनों से हराया। फ्रांस ...
पश्चिम बंगाल में 'जबरन धर्मांतरण' और 'लव जिहाद' के खिलाफ सख्त कानून लाएंगे: मुख्यमंत्री अधिकारी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार जल्द ही एक सख्त कानून लाएगी।
भारतीय टेलीविजन के इतिहास में 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का वह सीन आज भी दर्शकों को याद है, जब तुलसी ने अपनी बहू नंदिनी को बचाने के लिए अपने ही बेटे अंश को मौत के घाट उतार दिया था। अब 25 साल बाद, 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के हालिया एपिसोड ने इतिहास को फिर से जीवंत कर दिया है। शो में एक बार फिर 'मैरिटल रेप' (वैवाहिक दुष्कर्म) का वह भयावह सीन रीक्रिएट किया गया है, जिसने सोशल मीडिया पर फैंस को झकझोर कर रख दिया है।क्या है पार्थ का काला सच? कहानी में नया मोड़ तब आया जब पार्थ (सोहिल सिंह झूटी) का असली चेहरा सामने आया। अपनी पुश्तैनी संपत्ति को हड़पने के लिए पार्थ ने अपनी पत्नी वैष्णवी (स्वाति शर्मा) को खंडाला के एक फार्महाउस पर ले जाकर डराना-धमकाना शुरू कर दिया। जब वैष्णवी ने संपत्ति के अवैध एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने से मना किया, तो पार्थ ने नशीली दवा देकर उसके साथ दरिंदगी करने की कोशिश की। यह दृश्य न केवल तनावपूर्ण था, बल्कि यह 25 साल पहले दिखाए गए 'अंश और नंदिनी' वाले उस आइकॉनिक सीन की याद दिलाता है।तुलसी की चेतावनी: 'बहू खिलौना नहीं है' इस रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्य के बीच तुलसी की एंट्री ने माहौल को और भी गंभीर बना दिया। अपनी बहू को दरिंदगी से बचाते हुए तुलसी ने साफ कर दिया कि उसके संस्कार और न्याय की परिभाषा आज भी नहीं बदली है। उसने पार्थ को चेतावनी देते हुए कहा, बीवी है खिलौना नहीं है, शादी इसलिए नहीं की है ताकि हैवानियत कर सको। मैंने अपने बेटे को बहू के लिए मार दिया था और तुझे मारने में मुझे जरा भी संकोच नहीं होगा। स्मृति ईरानी का यह दमदार अभिनय और तुलसी का वही पुराना बेबाक अंदाज सोशल मीडिया पर फैंस की जमकर तारीफें बटोर रहा है। फैंस इसे न केवल ड्रामा, बल्कि एक सशक्त संदेश के रूप में भी देख रहे हैं। अब दर्शकों को इंतजार है कि क्या तुलसी सच में अपने पोते के खिलाफ इतना बड़ा कदम उठाएगी या इस बार अंत कुछ और होगा?
अक्षय कुमार की फिल्म ने पहले दिन ही तोड़े रिकॉर्ड्स, छप्परफाड़ कमाई देख फैंस गदगद
बहुप्रतीक्षित 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी 'वेलकम टू द जंगल' (Welcome To The Jungle) आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और आते ही इसने बॉक्स ऑफिस पर गदर मचा दिया है। अक्षय कुमार की इस कॉमेडी फिल्म के लिए दर्शकों का उत्साह चरम पर था, जिसका असर पहले ही दिन की छप्परफाड़ कमाई के रूप में देखने को मिला। अहमद खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने न केवल एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड बनाए, बल्कि रिलीज के दिन भी अपनी दमदार पकड़ साबित कर दी है।20 करोड़ के पार पहुंचा कुल कलेक्शन सैकनिल्क की अर्ली रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म को देशभर में 10,487 शोज मिले, जिनमें शाम के शो में दर्शकों की भारी भीड़ देखी गई। फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत करते हुए करीब 15 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इसके अलावा, पेड प्रिव्यू में हासिल हुए 3.75 करोड़ रुपये को जोड़ दिया जाए, तो फिल्म का कुल कलेक्शन 18.75 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। वहीं, ग्रॉस कलेक्शन की बात करें तो फिल्म पहले ही दिन 20 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार करने में सफल रही है। नॉन-वीकेंड (गुरुवार) रिलीज होने के बावजूद इतनी शानदार कमाई यह इशारा करती है कि शनिवार और रविवार को फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।सितारों से सजी है 'वेलकम टू द जंगल' 'वेलकम टू द जंगल' सिर्फ अक्षय कुमार की मौजूदगी के कारण ही नहीं, बल्कि अपनी स्टार-पावर्ड कास्ट के लिए भी चर्चा में है। इस कॉमेडी सफर में परेश रावल, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी, लारा दत्ता और रवीना टंडन जैसे दिग्गज कलाकार एक साथ नजर आ रहे हैं। 'वेलकम बैक' के बाद अक्षय कुमार की इस फ्रेंचाइजी में वापसी ने दर्शकों के रोमांच को दोगुना कर दिया है। फिल्म को मिल रही पॉजिटिव प्रतिक्रिया और कॉमेडी पंचेज को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह फिल्म जल्द ही इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो जाएगी।
बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों दो बड़ी फिल्मों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ सिनेमाघरों में अपना एक हफ्ता पूरा कर चुकी है। अक्षय कुमार की मल्टी-स्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ (Welcome to the Jungle) के 26 जून को रिलीज होने के बावजूद, ‘कॉकटेल 2’ ने अपनी धाक बरकरार रखी है। नई पीढ़ी यानी जेन-जी (Gen-Z) को यह मॉडर्न लव स्टोरी बेहद पसंद आ रही है, जिसका सीधा असर फिल्म की कमाई पर दिख रहा है।बॉक्स ऑफिस पर बरसे नोट फिल्म के शुरुआती आंकड़ों पर नजर डालें तो ‘कॉकटेल 2’ ने पहले दिन 13.50 करोड़, दूसरे दिन 16.25 करोड़ और तीसरे दिन 17.75 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी। अपने पहले वीक में फिल्म ने कुल 70.50 करोड़ रुपये का घरेलू कलेक्शन कर लिया था। अब आठवें दिन के आंकड़े भी सामने आ गए हैं, जहां फिल्म ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच लगभग 4 करोड़ रुपये का और इजाफा किया है। इस तरह फिल्म का घरेलू बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब 74.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि दुनिया भर में यह फिल्म 122 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है।क्या अक्षय कुमार की फिल्म पड़ रही भारी? अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ एक कॉमेडी एंटरटेनर है, जिससे पहले दिन ही 20 करोड़ रुपये की ओपनिंग की उम्मीद जताई जा रही थी। अहमद खान द्वारा निर्देशित इस फिल्म में बड़े सितारों की फौज है, जो दर्शकों को गुदगुदाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। लेकिन शाहिद कपूर की फिल्म जिस तरह से वीकडेज में भी खुद को संभाले हुए है, वह काबिल-ए-तारीफ है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ‘कॉकटेल 2’ अगले वीकेंड पर भी ‘वेलकम टू द जंगल’ की कॉमेडी के सामने अपनी मजबूती बनाए रख पाएगी या फिर अक्षय कुमार की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर राज करेगी।
चीन की राजधानी बीजिंग से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। शुक्रवार शाम को बीजिंग की सबसे ऊंची 108 मंजिला इमारत 'सिटिक टॉवर' (CITIC Tower) एक बड़े हादसे का गवाह बनी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के आकार का एक छोटा विमान अनियंत्रित होकर सीधे इमारत की ऊपरी मंजिल से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी आवाज किसी बड़े बम विस्फोट जैसी सुनाई दी, जिसने आस-पास के लोगों को सकते में डाल दिया।क्या दिखा चश्मदीदों को? मौके पर मौजूद एक कूरियर बॉय ने घटना का आंखों देखा हाल बयां करते हुए बताया कि शाम करीब 6 बजे एक जोरदार धमाके के साथ सब कुछ हिल गया। जब उसने ऊपर देखा, तो कार के आकार का विमान इमारत से टकरा चुका था। इस भीषण टक्कर के कारण इमारत की ऊपरी मंजिलों के दो विशाल शीशे चकनाचूर हो गए और मलबा नीचे गिरने लगा। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को अपने घेरे में ले लिया और घटनास्थल की ओर जाने वाली सभी सड़कों को सील कर दिया गया।सोशल मीडिया पर 'ब्लैकआउट' की चर्चा सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि चीन के इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से इस घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरों को तेजी से हटाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के प्रमुख ऐप 'श्याओहोंगशू' (Xiaohongshu) पर सिटिक टॉवर सर्च करने पर इस हादसे का कोई भी हालिया अपडेट दिखाई नहीं दे रहा है। वहां केवल पुराने पोस्ट ही मौजूद हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है? फिलहाल, चीनी प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे पूरे इलाके में रहस्य और डर का माहौल बना हुआ है।
दुनियाभर में जारी तनाव और बढ़ते सैन्य टकरावों के बीच, अमेरिकी वायुसेना ने भविष्य के हवाई युद्ध में अपनी बादशाहत कायम करने के लिए एक 'गेम-चेंजर' मिसाइल प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया है। 'एयर फोर्स लॉन्ग रेंज वेपन' (AFLRW) प्रोग्राम के तहत अमेरिका एक ऐसी महाविनाशक मिसाइल विकसित कर रहा है, जो 1,850 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही राख में बदल देगी। इस मिसाइल की मारक क्षमता मौजूदा दौर की किसी भी 'एयर-टू-एयर' मिसाइल से कई गुना अधिक है, जो इसे सैन्य क्षेत्र में एक अपराजेय हथियार बनाती है।चीन के लिए सबसे बड़ी चुनौती विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका को इस लंबी दूरी के हथियार की जरूरत मुख्य रूप से प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए पड़ी है। जहां चीन अपनी PL-17 जैसी मिसाइलों से अमेरिकी सेना को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है, वहीं 1,850 किमी रेंज की AFLRW मिसाइल अमेरिका को युद्ध के मैदान में चीन पर एक निर्णायक बढ़त दिलाएगी। इस प्रोजेक्ट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी वायुसेना 25-26 अगस्त 2026 को एगलिन एयरफोर्स बेस पर रक्षा उद्योग के दिग्गजों के साथ इस पर एक गुप्त मंथन करने जा रही है।कैसे काम करेगी यह 'स्मार्ट' मिसाइल? सबसे बड़ा सवाल यह है कि पृथ्वी की गोलाई और रडार की सीमा (550 किमी) के बावजूद यह मिसाइल 1,850 किमी दूर लक्ष्य को कैसे साधेगी? इसका जवाब 'नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर' या 'किल वेब' तकनीक में छिपा है। आधुनिक युद्ध में केवल एक विमान का रडार काफी नहीं होता। यह मिसाइल अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स, जमीन पर स्थित रडार स्टेशनों और अन्य टोही विमानों (AEW&C) से मिले डेटा का उपयोग करके अपने लक्ष्य तक पहुंचेगी। यानी, दुश्मन को भनक लगे बिना ही उसे सैकड़ों किलोमीटर दूर से निशाना बनाया जा सकेगा।दुनिया की शीर्ष मिसाइलों के मुकाबले AFLRW की ताकत मौजूदा समय में कोई भी देश अमेरिका के इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट के आसपास भी नहीं है। रूस की R-37M (लगभग 300 किमी) या चीन की PL-17 (लगभग 400 किमी) जैसी मिसाइलें AFLRW की 1,850+ किलोमीटर की रेंज के सामने बौनी नजर आती हैं। भारत की अस्त्र फैमिली और यूरोप की मीटियर मिसाइलें भी इस नई अमेरिकी तकनीक के मुकाबले काफी पीछे हैं। अगर अमेरिका का यह प्रयोग सफल रहता है, तो यह 'बियॉन्ड विजुअल रेंज' (BVR) कॉम्बैट में एक नए युग की शुरुआत होगी, जहां दुश्मन विमान के पायलट को यह पता भी नहीं चलेगा कि हमला किसने और कहां से किया।
पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) एक बार फिर बारूद के ढेर पर खड़ा हो गया है। हाल ही में हुए 60 दिन के सीजफायर और 14 सूत्रीय अंतरिम समझौते के बावजूद ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपने नियंत्रण के अधिकार को फिर से दोहराया है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि खाड़ी क्षेत्र में किसी भी फैसले में उसकी भूमिका को नजरअंदाज करना असुरक्षा का कारण बनेगा। ओमान के समीप एक जहाज पर हुए हमले ने इस तनाव को और हवा दे दी है, जिससे अमेरिका और छह खाड़ी देश सीधे तौर पर ईरान के सामने आ गए हैं।अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती खींचतान अमेरिका और खाड़ी देशों के गठबंधन ने ईरान के टोल वसूली और नियंत्रण वाले दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने इसे लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि होर्मुज से गुजरने वाली जहाजों की सुरक्षित आवाजाही तब तक सुनिश्चित नहीं हो सकती, जब तक ईरान को एक तटीय देश के रूप में उचित स्थान न मिले। वहीं, ईरान का आरोप है कि खाड़ी में अमेरिकी सेना की मौजूदगी ही क्षेत्रीय अस्थिरता की असली जड़ है। इस बीच, दुबई में गलती से जारी हुआ मिसाइल अलर्ट भी पूरे क्षेत्र में बढ़े हुए डर और अनिश्चितता को दर्शाता है।परमाणु निरीक्षण और वैश्विक चिंता तनाव के इन संकेतों के बीच, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रासी ने कहा है कि ईरान ने उन्हें अपने परमाणु स्थलों के निरीक्षण की अनुमति दे दी है, जो एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि 'अंतिम समझौते' तक देश के मुख्य परमाणु स्थलों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा और वहां किसी बाहरी व्यक्ति की पहुंच नहीं होगी। इन सब घटनाक्रमों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिनमें लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।क्या आगे होगा सैन्य टकराव? अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुए 14 सूत्रीय अंतरिम समझौते के तहत एक 'संचार लाइन' की स्थापना की गई थी ताकि किसी भी सैन्य टकराव को टाला जा सके। लेकिन ईरान की ताजा जिद और होर्मुज पर उसके रुख से यह स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया का भविष्य अभी भी बेहद नाजुक मोड़ पर है। जहां एक ओर राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि ईरान आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं तेहरान अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिख रहा है।
ट्रंप सरकार ने बंद किया शरण कार्यक्रम, अवैध प्रवासियों की घर वापसी के लिए शुरू हुआ महा-अभियान
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप का कड़ा प्रहार अमेरिका की आव्रजन नीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव आया है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से उत्साहित ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अमेरिका में अवैध रूप से आने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका का शरण देने का कार्यक्रम अब समाप्त कर दिया गया है। सरकार ने अवैध प्रवासियों को ढूंढ-ढूंढकर उनके मूल देशों में वापस भेजने का अपना अभियान और अधिक आक्रामक और तेज कर दिया है।दुनियाभर के देशों के साथ होगा समझौता ट्रंप प्रशासन ने केवल कठोर बयानों तक सीमित न रहकर कूटनीतिक स्तर पर भी तैयारी शुरू कर दी है। मिलर के अनुसार, अमेरिका दुनिया के लगभग हर उस देश के साथ समझौते की प्रक्रिया में है, जिसके नागरिक अवैध रूप से अमेरिका में मौजूद हैं। इन समझौतों के तहत संबंधित देशों को अपने नागरिकों को वापस स्वीकार करना अनिवार्य होगा। ट्रंप सरकार का संदेश साफ है—अमेरिका अब घुसपैठियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। जो लोग अपने देश छोड़कर अन्यत्र शरण लेना चाहते हैं, उन्हें अमेरिका के बजाय किसी दूसरे विकल्प की तलाश करनी होगी। यह कदम देश के सीमित संसाधनों को सुरक्षित रखने और अपराध पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।2028 तक पूरी होगी मेक्सिको सीमा की 'दीवार' घुसपैठ को जड़ से खत्म करने के लिए अमेरिका अपनी सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने जा रहा है। आंतरिक सुरक्षा मंत्री मार्कवायने मुलिन ने जानकारी दी है कि मेक्सिको बॉर्डर पर चल रही दीवार का निर्माण और घुसपैठ विरोधी तमाम उपाय 2028 तक, यानी ट्रंप के मौजूदा राष्ट्रपति कार्यकाल के अंत तक पूरी तरह से पूरे हो जाएंगे। 2017 में जिस दीवार की नींव रखी गई थी और बीच में काम ठप हो गया था, उसे 2025 में ट्रंप के दोबारा सत्ता में आते ही नई ऊर्जा के साथ शुरू कर दिया गया है। सीमा पर दोहरी दीवार, कटीले तार, हाई-टेक ड्रोन और चौबीसों घंटे निगरानी के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी और घुसपैठ पर पूर्ण विराम लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
मेटा की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल इंटरनेट मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा एक बार फिर कानूनी संकट में घिर गई है। कंपनी की पूर्व कार्यकारी सारा विन-विलियम्स ने मेटा के खिलाफ उत्तरी कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है। विन-विलियम्स, जो 2011 से 2017 तक मेटा (तब फेसबुक) में ग्लोबल पालिसी डायरेक्टर थीं, ने कंपनी पर उन्हें चुप कराने और अपनी बेस्टसेलिंग किताब 'केयरलेस पीपुल' के प्रचार को रोकने का गंभीर आरोप लगाया है।किताब में जुकरबर्ग पर लगे चौंकाने वाले आरोप सारा विन-विलियम्स की किताब 'केयरलेस पीपुल' ने सिलिकॉन वैली के गलियारों में हलचल मचा दी है। इस किताब में उन्होंने मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और अन्य उच्च कार्यकारियों के खराब बर्ताव का कच्चा-चिट्ठा खोला है। किताब में सबसे चौंकाने वाला खुलासा जुकरबर्ग द्वारा चीनी अधिकारियों को खुश करने की कथित कोशिशों को लेकर है। विन-विलियम्स का दावा है कि कंपनी छोड़ते समय उन पर जो 'नॉन-डिस्पैरेजमेंट' (कंपनी के खिलाफ न बोलने का) समझौता करने का दबाव बनाया गया था, वह पूरी तरह से गलत था और अब वह उस समझौते को अमान्य करने की मांग कर रही हैं।कंपनी ने आरोपों को नकारा दूसरी ओर, मेटा ने विन-विलियम्स के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पूर्व कार्यकारी ने अपने कानूनी समझौते का उल्लंघन किया है। मेटा का दावा है कि उनकी किताब में दी गई जानकारियां तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और कंपनी की छवि खराब करने के उद्देश्य से लिखी गई हैं। अब यह मामला अदालत में है, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मेटा अपनी नीतियों के बचाव में सफल हो पाती है या सारा विन-विलियम्स के खुलासे कंपनी के लिए बड़ी कानूनी चुनौती बन जाते हैं।
टीएमसी नेता मदन मित्रा ने की एंटी सोशल बिल की आलोचना, कहा-ये राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित
तृणमूल कांग्रेस के नेता मदन मित्रा ने पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से लाए जा रहे एंटी सोशल बिल की आलोचना की।
95 साल की उम्र में भारतीय नागरिक बनकर अंतिम सांस लेना चाहती हैं आंध्र प्रदेश की महिला
94 वर्षीय के महालक्ष्मम्मा की जिंदगी की अब केवल एक ही अंतिम इच्छा है कि वह भारतीय नागरिक के रूप में अपनी अंतिम सांस लेना चाहती हैं
यूसीसी पर भाजपा का दो टूक रुख, संजय उपाध्याय बोले-पूरे देश में होना चाहिए लागू
भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि पार्टी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का समर्थन करती है। उन्होंने टीएमसी के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया
राम मंदिर चंदा घोटाला, आस्था पर महाघात – प्रियंका का हमला
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और हेराफेरी के मामले को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर आघात बताते हुए इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है
CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, हॉकी में गोल्ड जीतने वालों को ₹3 लाख, ब्रॉन्ज विजेताओं को ₹1 लाख मिलेगा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 जून को पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश बढ़ता प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अन्य ...
Ayodhya Ram Temple donation scam case: सभी 8 आरोपी 29 जून तक पुलिस रिमांड पर, 79.85 लाख रुपए बरामद
अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित गबन मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को अदालत ने 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस दौरान जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ जारी रखेंगी। शुक्रवार को अभियोजन पक्ष के एक ...
टेक की दुनिया में अपने अनोखे और ट्रांसपेरेंट डिज़ाइन के लिए मशहूर लंदन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी 'नथिंग' (Nothing) एक बार फिर बाजार में तहलका मचाने के लिए तैयार है। कल ही सोशल मीडिया पर अपकमिंग 'Nothing Phone 4b' का आधिकारिक डिज़ाइन सामने आने के बाद, अब इस डिवाइस के लगभग सभी मुख्य स्पेसिफिकेशन्स ऑनलाइन लीक हो गए हैं। यह नया स्मार्टफोन कंपनी की बिल्कुल नई b सीरीज़ का पहला हैंडसेट होगा, जिसे मौजूदा Nothing Phone 4a सीरीज़ से नीचे यानी अधिक किफायती बजट सेगमेंट में प्लेस किया जाएगा।हालांकि कंपनी के सीईओ कार्ल पेई (Carl Pei) पहले ही इस फोन के रियर लुक और डिज़ाइन से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारियों पर मुहर लगा चुके हैं, लेकिन अब मशहूर टेक टिप्स्टर योगेश बरार ने फोन के अंदरूनी हार्डवेयर और संभावित फीचर्स का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। आइए जानते हैं आगामी 7 जुलाई को आधिकारिक रूप से पर्दा उठाने जा रहे Nothing Phone 4b में हमें क्या कुछ खास देखने को मिल सकता है।120Hz AMOLED डिस्प्ले और स्नैपड्रैगन प्रोसेसर से लैस होगा फोनलीक हुई रिपोर्ट के अनुसार, Nothing Phone 4b में कंटेंट देखने और गेमिंग के शानदार अनुभव के लिए 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करने वाला 6.7-इंच का बड़ा AMOLED डिस्प्ले दिया जा सकता है। बेहतरीन परफॉर्मेंस और स्मूद मल्टीटास्किंग के लिए कंपनी इस फोन में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 6 Gen 4 प्रोसेसर दे सकती है।यह लीक हाल ही में सामने आई गीकबेंच (Geekbench) लिस्टिंग से भी पूरी तरह मेल खाता है, जिसमें इस बात का संकेत मिला था कि यह फोन 8GB रैम और भविष्य के सबसे आधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम Android 16 पर आधारित Nothing OS के साथ मार्केट में एंट्री लेगा।50MP डुअल कैमरा और 5400mAh की दमदार बैटरी का कॉम्बोफोटोग्राफी के शौकीनों की बात करें तो लीक दावों के मुताबिक, इस डिवाइस के बैक पैनल पर 50 मेगापिक्सल का मुख्य (Primary) रियर कैमरा देखने को मिलेगा। हालांकि इसके सेकेंडरी कैमरे के सेंसर के बारे में अभी सटीक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन नथिंग ने अपने आधिकारिक टीज़र में पहले ही साफ कर दिया है कि फोन के पीछे वर्टिकल स्टाइल में डुअल-कैमरा सेटअप ही मौजूद रहेगा।स्मार्टफोन को दिनभर बिना किसी रुकावट के चालू रखने के लिए Nothing Phone 4b में 5400mAh की एक बेहद पावरफुल बैटरी दी जा सकती है, जो फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी।बदल जाएगा सिग्नेचर ग्लिफ़ इंटरफ़ेस, मिलेगा नया हॉरिजॉन्टल बारनथिंग के पुराने स्मार्टफोन्स की तुलना में इस बार डिज़ाइन के स्तर पर एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिलेगा। Phone 4b में ब्रांड का पुराना और पारंपरिक सेगमेंटेड ग्लिफ़ इंटरफ़ेस (Glyph Interface) नहीं दिया जाएगा। इसकी जगह कंपनी ने लागत को कम रखने के लिए कैमरा मॉड्यूल के ठीक नीचे एक छोटा, हॉरिजॉन्टल ग्लिफ़ बार (Glyph Bar) फिट किया है।कंपनी के मुताबिक, यह छोटी सी लाइटिंग स्ट्रिप भी पहले की तरह ही आपके फोन के नोटिफिकेशन, चार्जिंग स्टेटस की लाइव ट्रैकिंग और ऐप-स्पेसिफिक अलर्ट को बखूबी संभालेगी। इसके साथ ही बैक पैनल पर नथिंग का वह खास ट्रांसपेरेंट (पारदर्शी) लुक भी बरकरार रहेगा, जिसके लिए यह ब्रांड वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान रखता है।वेरिएंट्स, संभावित कलर्स और भारतीय बाजार में अनुमानित कीमतलीक रिपोर्ट्स की मानें तो Nothing Phone 4b को बाजार में दो मुख्य स्टोरेज वेरिएंट्स—8GB RAM + 128GB स्टोरेज और 8GB RAM + 256GB स्टोरेज में उतारा जा सकता है। कलर ऑप्शंस की बात करें तो यह फोन कुल तीन आकर्षक रंगों में आने की उम्मीद है। हालांकि कंपनी ने अभी सभी कलर्स के नाम गोपनीय रखे हैं, लेकिन ब्रांड ने अपने ऑफिशियल टीज़र में एक खूबसूरत 'लाइट ब्लू' (हल्के नीले) कलर की पहली झलक फैंस को दिखा दी है।कीमत के मोर्चे पर नथिंग ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन टेक पंडितों और लीक्स का अनुमान है कि भारत में Nothing Phone 4b की कीमत ₹25,000 से लेकर ₹30,000 के बीच तय की जा सकती है। यह प्राइस रेंज इसे सीधे तौर पर मध्यम बजट वाले ग्राहकों की पहुंच में ला देगी। कंपनी आगामी 7 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले अपने भव्य वैश्विक लॉन्च इवेंट में इस फोन की असल कीमत, ऑफर्स और सेल की तारीखों से पूरी तरह पर्दा उठाएगी।
अगर आप भी प्राइवेट या सरकारी नौकरी में हैं और अपने पीएफ (PF) खाते से एडवांस पैसा निकालने, क्लेम सेटलमेंट करने या फिर अपना पीएफ बैलेंस चेक करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद जरूरी और सतर्क करने वाली खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने तकनीकी कारणों से अपने मुख्य पोर्टल के माध्यम से दी जाने वाली सभी ऑनलाइन क्लेम सर्विसेज को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है।हैरान करने वाली बात यह है कि ईपीएफओ पोर्टल के साथ-साथ केंद्र सरकार के लोकप्रिय 'उमंग ऐप' (Umang App) पर मिलने वाली पीएफ से जुड़ी तमाम डिजिटल सेवाएं भी अगले कुछ दिनों तक पूरी तरह अनुपलब्ध रहेंगी। इस औचक शटडाउन के कारण देश के करोड़ों पीएफ सब्सक्राइबर्स सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि ईपीएफओ की ये सेवाएं कब से कब तक बंद रहने वाली हैं और खाताधारक दोबारा कब से अपना काम सुचारू रूप से कर पाएंगे।EPFO पोर्टल अपडेट: 3 दिनों तक पूरी तरह ठप रहेगी ऑनलाइन क्लेम सर्विसईपीएफओ द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, विभाग के सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन और डेटाबेस सुरक्षा सिस्टम को मजबूत करने के लिए एक पूर्वनिर्धारित प्लानिंग के तहत डेटा माइग्रेशन का काम किया जा रहा है। इस तकनीकी काम की वजह से ऑनलाइन क्लेम सबमिशन और प्रोसेसिंग की सभी सेवाएं 26 जून की रात 00:00 बजे (मध्यरात्रि) से लेकर 28 जून की रात 23:59 बजे तक पूरी तरह से बंद रहेंगी। पीएफ पोर्टल पर ये सभी डिजिटल सेवाएं 29 जून को सुबह 00:00 बजे से दोबारा सामान्य रूप से लाइव कर दी जाएंगी।इस मेंटेनेंस पीरियड (रखरखाव अवधि) के दौरान पीएफ मेंबर्स न तो कोई नया ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भर सकेंगे और न ही विभाग के स्तर पर पुराने पेंडिंग क्लेम प्रोसेस किए जाएंगे। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि जो क्लेम इस शटडाउन से ठीक पहले सबमिट किए जा चुके हैं, उन पर भी आगे की कार्रवाई सेवाएं पूरी तरह बहाल होने के बाद ही यानी 29 जून से ही शुरू हो पाएगी।उमंग ऐप पर 2 जुलाई 2026 तक बढ़ी मुसीबत, नहीं होंगे ये 5 जरूरी काममुख्य ईपीएफओ पोर्टल के अलावा, पीएफ विभाग ने एक और जरूरी अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि शेड्यूल मेंटेनेंस एक्टिविटी के चलते सरकारी मोबाइल एप्लीकेशन 'उमंग' पर भी ईपीएफओ की सभी सेवाएं 2 जुलाई 2026 तक पूरी तरह लॉक रहेंगी। उमंग ऐप पर यह रुकावट पोर्टल के मुकाबले ज्यादा लंबी होने वाली है, जिसके कारण स्मार्टफोन से पीएफ का काम निपटाने वाले नौकरीपेशा लोग अगले कुछ दिनों तक इन बेहद जरूरी सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाएंगे:बैलेंस और पासबुक चेक करना: मेंबर्स अपने पीएफ खाते में जमा रकम और मंथली कंट्रीब्यूशन की पासबुक नहीं देख पाएंगे।नया क्लेम और ट्रैकिंग: किसी भी तरह का एडवांस पीएफ या फुल विड्रॉल क्लेम फाइल नहीं होगा और न ही पुराने क्लेम का स्टेटस ट्रैक किया जा सकेगा।UAN आधारित सेवाएं: यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक्टिवेट करने या उसमें सुधार करने जैसी सेवाएं बंद रहेंगी।शिकायत निवारण: ईपीएफओ से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए उमंग ऐप के जरिए शिकायत (Grievance) दर्ज नहीं की जा सकेगी।सर्टिफिकेट्स के लिए आवेदन: पेंशनभोगियों के लिए आवश्यक स्कीम सर्टिफिकेट और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के सबमिशन की प्रक्रिया भी इस अवधि में थमी रहेगी।आखिर क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला? ईपीएफओ ने बताई असली वजहकरोड़ों सब्सक्राइबर्स को होने वाली इस अस्थायी असुविधा को लेकर ईपीएफओ प्रशासन का कहना है कि इस बड़े तकनीकी अपग्रेडेशन और डेटाबेस कंसॉलिडेशन (डेटा एकीकरण) का मुख्य उद्देश्य विभाग के पूरे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को साइबर खतरों से सुरक्षित, तेज और अधिक कुशल बनाना है।अधिकारियों के मुताबिक, इस नए अपग्रेड के लागू होने के बाद ईपीएफओ का क्लेम प्रोसेसिंग सिस्टम पहले से कई गुना ज्यादा मजबूत और पारदर्शी हो जाएगा। इसका सीधा फायदा भविष्य में सब्सक्राइबर्स को मिलेगा, क्योंकि तब क्लेम सेटलमेंट में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और लोगों को बिना किसी एरर के एक शानदार यूजर एक्सपीरियंस मिलेगा। ऐसे में अगर आपका कोई पीएफ से जुड़ा बेहद जरूरी काम अटका है, तो आपको ईपीएफओ पोर्टल के लिए 29 जून तक और उमंग ऐप के लिए 2 जुलाई तक का इंतजार करना होगा।
देशभर में भीषण गर्मी से बेहाल लोगों के लिए एक तरफ राहत तो दूसरी तरफ आफत की खबर है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ्तार अब लगातार रफ्तार पकड़ रही है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून के लिए एक बड़ा अपडेट जारी करते हुए देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। राहत की बात यह है कि अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और नए इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बन चुकी हैं।बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: बंगाल और सिक्किम में आफत की आशंकामौसम विभाग ने 27 जून को कुछ राज्यों में मूसलाधार और अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर रिकॉर्डतोड़ बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है। इन इलाकों में पहाड़ों पर भूस्खलन (Landslide) का खतरा भी बढ़ गया है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इसके अलावा पूर्वोत्तर के प्रमुख राज्यों असम और मेघालय में भी अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है, जिससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं।बिहार, झारखंड समेत दक्षिण भारत के इन राज्यों में बरसेंगे बदराआईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, देश के एक बड़े हिस्से में 27 जून को व्यापक रूप से वर्षा दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने क्षेत्रवार राज्यों की सूची जारी की है:पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों में भी झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा।मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़ के साथ-साथ कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से पानी बरसने की उम्मीद है।दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।दिल्ली-NCR से राजस्थान तक आंधी-तूफान, बिजली और थंडरस्कॉल की चेतावनीमौसम विभाग ने सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि जानलेवा आकाशीय बिजली और विनाशकारी हवाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। झारखंड में 27 जून को सबसे ज्यादा खतरा है, जहां 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल (तीव्र आंधी) और बिजली गिरने की आशंका है।इसके अलावा दिल्ली-NCR (हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली), पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है। वहीं, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।यूपी में अभी नहीं थमेगा गर्मी का सितम, लू का प्रकोप रहेगा जारीजहां एक तरफ देश का आधा हिस्सा मॉनसूनी बारिश से सराबोर होने जा रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के बाशिंदों को फिलहाल गर्मी से कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 27 जून को लू (Heatwave) से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है। पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी। इसी तरह, ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भी बारिश से पहले मौसम बेहद गर्म, उमस भरा और बेचैन करने वाला रहने का अनुमान लगाया गया है।
सीएम योगी के नोएडा दौरे पर 2478 करोड़ की 70 परियोजनाओं की सौगात, नए प्रशासनिक भवन का करेंगे लोकार्पण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह नोएडा में कुल 2,478 करोड़ रुपये की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 1,045 करोड़ रुपये की 5 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 1,434 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री का यह दौरा नोएडा और आसपास के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सावन 2026 की शुरुआत कब से? जानें इस बार कितने सोमवार और मंगला गौरी व्रत का बन रहा है अद्भुत संयोग
रिमझिम फुहारें, चारों तरफ फैली हरियाली और हवाओं में गूंजते 'बोले बम-बम' के जयकारे... जी हां, शिव भक्तों के सबसे पसंदीदा और पावन महीने सावन की दस्तक अब बहुत दूर नहीं है। हिंदू कैलेंडर का पांचवा महीना यानी श्रावण मास आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से सनातन धर्म में सबसे उत्तम माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह पूरा महीना देवाधिदेव महादेव को अत्यंत प्रिय है। इस विशेष कालखंड में माता पार्वती और भगवान शिव की संयुक्त रूप से की गई आराधना भक्तों के जीवन के सभी कष्टों को हर लेती है।सावन के महीने में सोमवार के दिन का एक अलग ही और अनूठा महत्व होता है। वैसे तो पूरा महीना ही शिवजी की भक्ति के रंग में रंगा रहता है, लेकिन सोमवार के दिन शिवालयों में उमड़ने वाला जनसैलाब देखते ही बनता है। भोलेनाथ के दीवाने पूरे महीने व्रत, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और कांवड़ यात्रा जैसी कठिन और पवित्र धार्मिक गतिविधियों में लीन रहते हैं। ऐसे में अगर आप भी सावन 2026 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए बेहद अच्छी खबर है। आइए जानते हैं कि इस साल सावन का महीना कब से शुरू हो रहा है और इसमें व्रत रखने के कितने विशेष मौके मिल रहे हैं।सावन 2026: जानिए कब से शुरू और कब समाप्त होगा यह पवित्र महीनापंचांग और तिथियों की गणना को लेकर लोकल 18 से खास बातचीत में पुजारी शुभम तिवारी ने बताया कि उत्तर भारतीय पंचांग (पूर्णिमांत कैलेंडर) के अनुसार, साल 2026 में सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026, दिन गुरुवार से होने जा रही है। वहीं, इस पवित्र महीने का समापन 28 अगस्त 2026, दिन शुक्रवार को होगा। शास्त्रों में वर्णित है कि सावन के पूरे 30 दिनों तक जो भी श्रद्धालु सच्चे मन और पूरी निष्ठा से महादेव की शरण में रहता है, उसकी हर अधूरी मनोकामना पूरी होती है और घर में सुख, शांति तथा अटूट समृद्धि का वास होता है।इस बार मिलेंगे भक्ति के विशेष अवसर: 4 सोमवार और 4 मंगला गौरी व्रत का संयोगसावन 2026 की सबसे खास बात यह है कि इस बार भक्तों को शिव और शक्ति दोनों की कृपा पाने के बराबर और बेहद दुर्लभ अवसर मिल रहे हैं। इस साल के सावन में कुल चार सोमवार और चार ही मंगला गौरी व्रत पड़ रहे हैं। इसका मतलब है कि यदि आप सावन के सोमवार व्रत रखने या कांवड़ लाकर जलाभिषेक करने का संकल्प ले रहे हैं, तो आपके पास तैयारी करने के लिए अभी से पर्याप्त समय है।सावन 2026 के 4 सोमवार की सटीक तारीखेंसनातन परंपरा में सोमवार का दिन साक्षात भगवान शिव का दिन माना जाता है। सावन के सोमवार को सुबह उठकर पवित्र स्नान के बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल, गाय का कच्चा दूध, बेलपत्र, शमी पत्र, धतूरा और अक्षत अर्पित करने से भोलेनाथ बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं। साल 2026 में पड़ने वाले चारों सोमवार की तारीखें इस प्रकार हैं:पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026अखंड सौभाग्य के लिए 4 मंगला गौरी व्रतजिस तरह सावन का सोमवार पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए शिव भक्ति का पर्व है, उसी तरह सावन का हर मंगलवार विशेष रूप से महिलाओं के लिए 'मंगला गौरी व्रत' के रूप में आरक्षित रहता है। यह व्रत साक्षात माता पार्वती को समर्पित है। सुहागिन महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन की खुशहाली, दांपत्य सुख और पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत बहुत नियम-धर्म से रखती हैं। वहीं, घर की अविवाहित कन्याएं सुयोग्य और मनचाहा वर पाने की इच्छा से इस दिन माता गौरी का श्रृंगार और पूजन करती हैं।साल 2026 में मंगला गौरी व्रत की तिथियां 4 अगस्त, 11 अगस्त, 18 अगस्त और 25 अगस्त को आ रही हैं। इन विशेष दिनों पर माता पार्वती के मंगला गौरी स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
महाराष्ट्र के पुणे से सामने आए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने इस समय पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। लोहागढ़ किले में हुई इस खौफनाक वारदात में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस बीच, अब मृतक केतन के पिता विशाल अग्रवाल का एक बेहद महत्वपूर्ण बयान सामने आया है, जिसने पुलिस की शुरुआती थ्योरी को पूरी तरह पलट कर रख दिया है। विशाल अग्रवाल ने उन मीडिया रिपोर्टों और पुलिस कयासों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि केतन के लुक और उनके 'हेयर विग' की वजह से उनकी मंगेतर सिया गोयल इस शादी से खुश नहीं थी और इसी नफरत के कारण उसने केतन को मौत के घाट उतरवा दिया।'सगाई से पहले ही सिया के परिवार को पता था सच' - पिता का दावालोहागढ़ किले में 18 जून को मार दिए गए 25 वर्षीय युवा कारोबारी केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल बेहद भावुक और आक्रोशित हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके बेटे के लुक को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी, भ्रामक और मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने वाली हैं। विशाल अग्रवाल ने बताया कि केतन को एक मेडिकल समस्या (Alopecia या बाल झड़ने की बीमारी) थी, जिसके कारण उनके सिर के एक हिस्से के बाल गिर गए थे। इसी वजह से वह हेयर विग पैच का इस्तेमाल करता था।केतन के पिता ने खुलासा किया कि इस मेडिकल कंडीशन की पूरी जानकारी सगाई की बात पक्की होने से काफी समय पहले ही मंगेतर सिया गोयल और उसके पूरे परिवार को दे दी गई थी। उन्होंने कहा, हमने कुछ भी नहीं छुपाया था। अगर सिया या उसके परिवार को केतन के लुक या विग से कोई भी दिक्कत होती, तो वे उसी समय शादी के रिश्ते से इनकार कर सकते थे। इसलिए अब हत्या की वजह विग को बताना पूरी तरह गलत है।हादसा नहीं सोची-समझी साजिश, मंगेतर और उसके प्रेमी ने मिलकर रची मौत की पटकथाविशाल अग्रवाल के इस बयान के बाद अब पुलिस की सुई पूरी तरह से एक सुनियोजित और ठंडे दिमाग से की गई हत्या की साजिश (Premeditated Murder) पर टिक गई है। इस हत्याकांड में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की मुख्य भूमिका सामने आई है। शुरुआती दौर में जब केतन का शव खाई से मिला था, तो इसे पैर फिसलने की वजह से हुआ एक हादसा माना जा रहा था। लेकिन जैसे ही पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और फॉरेंसिक सबूतों को खंगाला, यह मामला एक खौफनाक कत्ल की साजिश में बदल गया।पहली बार झाड़ियों ने बचाई जान, दूसरी बार खाई में धक्का देकर ले ली जानपुलिस जांच में जो टाइमलाइन और सबूत सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। तफ्तीश के मुताबिक, मंगेतर सिया गोयल साजिश के तहत केतन को बार-बार पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले के सुनसान इलाकों में ले जा रही थी। वारदात से ठीक चार दिन पहले, यानी 14 जून को भी सिया केतन को किले के एक ऊंचे पॉइंट पर लेकर गई थी। वहां उसने केतन को पहाड़ी की चट्टान से नीचे धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि केतन ने गिरते समय वहां उगी एक मजबूत झाड़ी को पकड़ लिया और उसकी जान बच गई।इस नाकाम कोशिश से सबक न लेते हुए, सिया गोयल 18 जून को दोबारा केतन को उसी लोहागढ़ किले के सुसाइड पॉइंटनुमा इलाके में ले गई। इस बार बैकअप के तौर पर उसका प्रेमी चेतन चौधरी भी गुपचुप तरीके से उनके पीछे-पीछे किले पर पहुंच गया। पुलिस का आरोप है कि जैसे ही केतन का ध्यान भटका, सिया और चेतन ने मिलकर उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण केतन की मौके पर ही मौत हो गई।बदनामी के डर से नहीं तोड़ी सगाई, कॉल डिटेल्स ने खोले राजइस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को सुलझाने में पुलिस के हाथ दोनों आरोपियों के मोबाइल सीडीआर (Call Detail Records) लगे हैं, जो उनके गुनाह की गवाही दे रहे हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, सगाई होने के बाद भी सिया और चेतन चौधरी के बीच हजारों बार फोन पर बातचीत हुई थी, जिनमें से कई कॉल कई-कई घंटों लंबी थीं।कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी चेतन ने पुलिस के सामने कुबूल किया है कि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन वह खुद सगाई भी नहीं तोड़ पा रही थी क्योंकि उसे समाज और परिवार में होने वाली बदनामी का डर था। इसी बदनामी से बचने के लिए उसने केतन को ही रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला कर लिया। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों के खिलाफ हत्या (IPC 302) और आपराधिक साजिश (IPC 120B) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा का विवाहित महिलाओं के लिए एक बेहद खास और पवित्र स्थान है। देश के कई हिस्सों में इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन के लिए वट पूर्णिमा का व्रत रखती हैं। इसे कई जगहों पर वट सावित्री व्रत के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ की शाखाओं में सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा, इसके मजबूत तने में भगवान विष्णु और इसकी गहरी जड़ों में देवों के देव महादेव का वास होता है। यही वजह है कि इस पेड़ की पूजा करने से त्रिमूर्ति का आशीर्वाद एक साथ मिल जाता है।ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त का सटीक समयसाल 2026 में ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 29 जून को तड़के सुबह 03:06 बजे से हो रही है, जो अगले दिन यानी 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे समाप्त होगी। हिंदू धर्म में उदयातिथि के महत्व को सर्वोपरि माना जाता है, इसलिए पूर्णिमा का व्रत, पवित्र नदियों में स्नान-दान और मुख्य पूजा 29 जून 2026 को ही संपन्न की जाएगी।इस पावन दिन पर स्नान और दान के लिए सबसे उत्तम समय यानी ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:06 बजे से सुबह 04:46 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी पवित्र नदी में डुबकी लगाना या घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना और उसके बाद गरीबों को दान देना बेहद कल्याणकारी और पुण्य फलदायी माना जाता है। इसके अलावा सुबह की पूजा का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त 06:00 बजे से 08:30 बजे तक है। दोपहर के समय पूजा के लिए अभिजित मुहूर्त 11:57 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा, जबकि शाम को गोधूलि मुहूर्त 07:22 बजे से 07:42 बजे तक रहेगा।इस बार बन रहा है 2 शुभ योगों का अद्भुत संयोगइस साल वट पूर्णिमा का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि इस दिन शुक्ल योग और ब्रह्म योग का एक बहुत ही दुर्लभ और पावन संयोग बन रहा है। 29 जून को सुबह से लेकर दोपहर 02:36 बजे तक शुक्ल योग रहेगा और इसके तुरंत बाद ब्रह्म योग की शुरुआत हो जाएगी। ज्योतिष शास्त्र में इन दोनों ही योगों को बेहद शुभ और मंगलकारी माना गया है। इन विशेष योगों में की गई पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्य कभी निष्फल नहीं होते। महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार सुबह या दोपहर के किसी भी शुभ मुहूर्त में बरगद के पेड़ की परिक्रमा कर सकती हैं और सावित्री-सत्यवान की पौराणिक व्रत कथा का श्रवण कर पुण्य की भागीदार बन सकती हैं।क्या है जून की पूर्णिमा और 'स्ट्रॉबेरी मून' का अनोखा कनेक्शन?दिलचस्प बात यह है कि ज्येष्ठ माह की यह पूर्णिमा सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार उत्तरी अमेरिका और कई पश्चिमी देशों में भी बड़े चाव से देखी जाती है। जून महीने में दिखने वाले इस पूरे चांद को दुनिया भर में 'स्ट्रॉबेरी मून' (Strawberry Moon) के नाम से जाना जाता है। हालांकि, नाम को सुनकर अगर आप यह सोच रहे हैं कि इस रात चांद का रंग गुलाबी या लाल हो जाता है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। दरअसल, इस समय उत्तरी अमेरिका में स्ट्रॉबेरी की फसल पूरी तरह पककर तैयार हो जाती है और वहां के स्थानीय लोग इस बेहद कम समय के सीजन में स्ट्रॉबेरी की कटाई करते हैं। इसी वजह से सदियों से जून की पूर्णिमा के चांद को यह खूबसूरत नाम दिया गया है।29 जून की रात आसमान में दिखेगा अनोखा नजारानॉटिंघम यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'स्ट्रॉबेरी मून' शब्द की उत्पत्ति उत्तर-पूर्वी उत्तरी अमेरिका के मूल निवासी 'एल्गोंक्वियन' लोगों से जुड़ी है। उनके लिए यह नाम किसी रंग का प्रतीक नहीं, बल्कि एक मौसमी इंडिकेटर की तरह काम करता था, जिससे उन्हें पता चलता था कि अब जंगली स्ट्रॉबेरी को इकट्ठा करने का समय आ गया है। वहीं दूसरी तरफ, पूरे यूरोप में जून के इस पूरे चांद को 'हनी मून', 'मीड मून' या 'रोज मून' भी कहा जाता है, जो वहां की पारंपरिक खेती और लोक संस्कृति के चक्र को दर्शाता है।इस बार स्ट्रॉबेरी मून के साथ दिखेगा 'माइक्रो मून' का दुर्लभ रूपभारत में इस अद्भुत खगोलीय घटना यानी स्ट्रॉबेरी मून का सबसे खूबसूरत और साफ़ नजारा 29 जून की सुबह 05:26 बजे के आसपास देखा जा सकेगा। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार का यह पूरा चांद एक 'माइक्रो मून' (Micro Moon) भी होगा। माइक्रो मून का सीधा मतलब यह होता है कि इस समय चंद्रमा अपनी कक्षा (Orbit) में चक्कर काटते हुए पृथ्वी से अपनी सबसे अधिकतम दूरी पर स्थित होगा। दूरी बहुत ज्यादा होने के कारण यह चांद आम पूर्णिमा के चंद्रमा के मुकाबले आकार में थोड़ा छोटा और रोशनी में थोड़ा धुंधला दिखाई देगा। इसे देखने के लिए 28 और 29 जून की पूरी रात आसमान में एक बेहद खूबसूरत नजारा बना रहेगा।
दिल्ली वालों को अभी और तरसाएगा मानसून, मौसम विभाग ने बताया राष्ट्रीय राजधानी में कब होगी एंट्री
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप झेल रहे लोगों के लिए एक बड़ी और थोड़ी मायूस करने वाली खबर है। देशभर में सुस्त रफ्तार से आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब दिल्ली में भी अपने तय समय पर दस्तक नहीं दे पाएगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून की एंट्री अगले हफ्ते होने की उम्मीद है। आमतौर पर दिल्ली में मानसून पहुंचने की तारीख 27 जून के आसपास मानी जाती है, लेकिन इस बार हवाओं का रुख और मौसमी सिस्टम इसका साथ नहीं दे रहे हैं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि मानसून केरल में अपने सही समय पर पहुंच गया था, लेकिन पिछले कुछ सालों का ट्रेंड देखें तो इसे उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों तक पहुंचने में पहले के मुकाबले अधिक समय लग रहा है। आईएमडी ने 1961 से 2019 के बीच के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीखों में कुछ बदलाव भी किए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि मानसून का मिजाज बदल रहा है।इन राज्यों में भी बढ़ा इंतजार, सामान्य से 41 फीसदी कम बरसे बदरामानसून की धीमी चाल का असर सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सामान्य तौर पर मानसून को 26 जून तक चंडीगढ़, 27 जून तक दिल्ली, 28 जून तक जम्मू, 1 जुलाई तक जयपुर और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेना चाहिए। मगर इस साल जमीनी हकीकत काफी अलग है। यह प्रायद्वीपीय और मध्य भारत के कई हिस्सों में अपने सामान्य समय से काफी पीछे चल रहा है।हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अभी सूरत, इंदौर, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक ही पहुंच पाई है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अभी भी इसकी एंट्री नहीं हुई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटे किसान बेहद चिंतित हैं। मानसून की इस बेरुखी की वजह से जून महीने में देशभर में सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 2 जुलाई तक भी स्थिति में बहुत बड़ा सुधार होने की उम्मीद नहीं है और बारिश सामान्य से कम ही रहेगी।मौसम विभाग का नया अपडेट: अगले 3-4 दिनों में यहां बदल सकता है मौसमराहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मानसून के दोबारा एक्टिव होने की उम्मीद जताई है। आईएमडी के नए बुलेटिन के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इसके बाद, यानी 2 जुलाई से मानसून धीरे-धीरे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बचे भागों के साथ-साथ उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ और इलाकों की तरफ कदम बढ़ाएगा।मानसून के आने में हो रही इस देरी ने उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी और उमस को चरम पर पहुंचा दिया है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में इस समय भीषण लू (Heatwave) चल रही है। प्रयागराज में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जो सामान्य से 4 से 5 डिग्री ज्यादा है। दिल्ली की बात करें तो यहां दिन और रात दोनों ही समय लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हैं। दिन का अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, बीच-बीच में चलने वाली तेज धूलभरी हवाओं और हल्की आंधी से तापमान में मामूली गिरावट आती है, लेकिन वह फौरी राहत ही साबित हो रही है। आने वाले दिनों में भी दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।अल नीनो ने बिगाड़ा खेल, जून से सितंबर तक दिख सकता है बड़ा असरइस साल मानसून की इस सुस्ती के पीछे मौसम वैज्ञानिक 'अल नीनो' (El Nino) के बढ़ते प्रभाव को मुख्य वजह मान रहे हैं। एक्सपर्ट्स ने पुष्टि की है कि प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में अल नीनो की स्थिति पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। समुद्र की सतह का तापमान (SST) बढ़ने के कारण वैश्विक हवाओं के पैटर्न में बड़ा बदलाव आया है, जिसका सीधा असर भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ रहा है।मौसम विभाग के मुताबिक, जून से सितंबर तक चलने वाले इस मानसूनी सीजन के दौरान अल नीनो का यह प्रभाव और ज्यादा मजबूत हो सकता है। आईएमडी ने अपने शुरुआती लॉन्ग रेंज फोरकास्ट में भी इस बात का अंदेशा जताया था कि इस साल देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है। ऐसे में कई राज्यों में मानसून का सीजन कमजोर रहने की आशंका अब सच साबित होती दिख रही है, जो कृषि और जल संकट के लिहाज से एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
भारतीय सेना प्रमुख और यूएई के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की अहम बैठक, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की थल सेना के डिप्टी कमांडर, ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ मोहम्मद खमीस मोहम्मद अल-हसानी ने शुक्रवार को भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच भारत और यूएई के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
दिल्ली से हरियाणा में जींद के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण
नई दिल्ली। भारतीय रेल के इतिहास में जल्द ही एक नई और हरित क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। इसे लेकर शुक्रवार को दिल्ली और हरियाणा के जींद के बीच हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण किया गया। यह ट्रेन न धुआं छोड़ेगी, न प्रदूषण फैलाएगी, बल्कि अपनी ताकत के सबूत में सिर्फ पानी की […] The post दिल्ली से हरियाणा में जींद के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण appeared first on Sabguru News .
अलवर के टहला में बालिका से रेप करने का आरोपी टैक्सी चालक अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में एक बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार लिया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने शुक्रवार को अलवर में पत्रकार वार्ता में बताया कि 24 जून को बालिका के अपहरण और दुष्कर्म […] The post अलवर के टहला में बालिका से रेप करने का आरोपी टैक्सी चालक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं : खेतड़ी में बेटे ने ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी
झुंझुनूं। खेतड़ी में एक युवक ने जमीन विवाद को लेकर अपने पिता की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि महावीर प्रसाद (65) की हत्या की गई है। उसके पुत्र शमशेर सिंह (38) को पकड़ लिया गया है। उन्होंने बताया कि रात करीब साढ़े दस 10 बजे महावीर प्रसाद […] The post झुंझुनूं : खेतड़ी में बेटे ने ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। विश्व हिंदू परिषद के सूत्रों के अनुसार राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। […] The post राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : पिकअप सहित 36 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जप्त
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार देर रात एक पिकअप वाहन से चंडीगढ़ निर्मित करीब 36 लाख रुपए मूल्य की अंग्रेजी शराब बरामद की। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने शुक्रवार को बताया कि भारतमाला मार्ग पर नगराना टोल नाका के नजदीक पुलिस दल ने पिकअप वाहन को […] The post हनुमानगढ़ : पिकअप सहित 36 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जप्त appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं के उरीका गांव में शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के उरीका गांव में संचालित अवैध शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत के बाद शुक्रवार को पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने उरीका से हरियाणा के सतनाली जाने वाले मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी […] The post झुंझुनूं के उरीका गांव में शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी
नई दिल्ली। कांग्रेस ने पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति में बड़े फेरबदल करते हुए हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के लिए नए प्रभारी नियुक्ति किए है। पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि […] The post कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी appeared first on Sabguru News .
अजमेर मंडल में आरपीएफ के जवानों के लिए नवनिर्मित मैस एवं ओपन जिम का शुभारंभ
अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के कल्याण और उनकी कार्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार को रेलवे सुरक्षा बल लाइन रामगंज में रेल सुरक्षा बल के सदस्यों के लिए नवनिर्मित मैस एवं नवनिर्मित ओपन जिम का मंडल रेल प्रबंधक […] The post अजमेर मंडल में आरपीएफ के जवानों के लिए नवनिर्मित मैस एवं ओपन जिम का शुभारंभ appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए प्रति वर्ष 1200 से 1500 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाते हैं। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा आज की आवश्यकता है। वर्ष 2017 के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा के विस्तार से ...
सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी ने ने पीएम सूर्य घर योजना में बनाया नया कीर्तिमान
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजीवाई) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने सोलर रूफटॉप स्थापना में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत की ...
MDSU में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आरंभ
उद्योगों की मांग के अनुरूप मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण अजमेर। डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार और उद्योग जगत में बढ़ती डिजिटल विशेषज्ञों की मांग को ध्यान में रखते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबंधन केंद्र (CESBM) द्वारा युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों एवं कार्यरत पेशेवरों के लिए अल्पकालीन, रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र […] The post MDSU में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आरंभ appeared first on Sabguru News .
आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : CM योगी
श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही तत्काल कार्रवाई प्रारंभ हो गई। मैं आश्वस्त करता हूं और मैंने कहा भी था कि हम दूध ...
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 27 जून (शनिवार) को गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई महत्वपूर्ण ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में उत्सव के माहौल में कोई उपद्रव नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करेगा तो सात पीढ़ियों तक भुगतेगा। आज मुहर्रम पर शांति है। कोई खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन या सड़क पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता। 2017 में सरकार बनने ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्राथमिक विद्यालयों के साथ ...
पटना का चर्चित 10 सर्कुलर रोड बंगला जल्द होगा खाली, राबड़ी देवी ने शुरू की शिफ्टिंग
बिहार की राजनीति का एक अहम अध्याय अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के परिवार से लंबे समय तक जुड़ा रहा पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शुक्रवार को आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे हटाए गए, जबकि घर का सामान भी धीरे-धीरे दूसरी जगह शिफ्ट किया जाता रहा।
बिहार: दरभंगा में सब-इंस्पेक्टर पर गोली चलाई गई, आरोपी को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला
दरभंगा जिले के ओझौल गांव में हुई हिंसक घटना में एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया और एक कथित अपराधी की भीड़ द्वारा हमले में मौत हो गई।
महाराज जी! चंदा चोर आपके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं...
Arvind Kejriwal Ayodhya: अयोध्या का 'राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद' अब देश की राजनीति का सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुका है। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने जब अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई, तो लखनऊ से लेकर ...
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi Yojana) की 23वीं किस्त का इंतजार देश के 9.3 करोड़ से अधिक किसानों को है। मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले भुगतान चक्र को देखते हुए संभावना है कि सरकार जून के आखिरी सप्ताह से लेकर जुलाई 2026 के मध्य के ...
Sant Kabir Jayanti 2026: हर साल ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि को महान संत, समाज सुधारक और कवि संत कबीर दास जी की जयंती मनाई जाती है। कबीर दास जी ने अपनी साखियों और दोहों के जरिए समाज में फैली कुरीतियों, आडंबरों और अंधविश्वास पर करारा प्रहार किया था।
गुजरात: जेल में बंद विधायक के समर्थन में आप का राज्यव्यापी प्रदर्शन, कानूनी लड़ाई लड़ने का संकल्प
आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को पूरे गुजरात में डेडियापाडा के विधायक चैतर वसावा के समर्थन में मार्च निकाले। वसावा को नर्मदा जिले की एक सेशंस कोर्ट ने 2023 के एक मामले में सात साल की कठोर कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला वन विभाग के अधिकारियों के साथ कथित मारपीट, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और जबरन वसूली से जुड़ा था।
BSNL का ₹259 ब्रॉडबैंड प्लान लॉन्च, 25Mbps अनलिमिटेड डेटा, कॉलिंग और OTT का मिलेगा फायदा
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने ग्रामीण भारत के ग्राहकों के लिए मात्र 259 रुपये का नया किफायती ब्रॉडबैंड प्लान लॉन्च किया है। इस प्लान में 25Mbps स्पीड के साथ अनलिमिटेड डेटा, पूरे देश में अनलिमिटेड कॉलिंग और मनोरंजन के लिए Waves OTT का सब्सक्रिप्शन ...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की
बेंगलूरु। कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वचनानंद स्वामी को सत्र अदालत से मिली अग्रिम ज़मानत रद्द कर दी। स्वामी के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय ने कहा कि जिस तरह से गिरफ्तारी से पहले ज़मानत दी गई, वह परेशान करने वाली कार्रवाई है। यह सुनवाई शिकायतकर्ता की उस याचिका […] The post कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की appeared first on Sabguru News .
होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित
वॉशिंगटन/तेहरान। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों के लिए तत्काल निकासी अभियान रोक दिया है। यह फैसला ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के सिंगापुर ध्वज वाले मालवाहक पोत एवर लवली पर किए गए हमले के बाद लिया गया है। यह घटना इस महत्वपूर्ण […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित appeared first on Sabguru News .
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प ...
छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित मोर्चे यानी बस्तर रेंज में पुलिस नेतृत्व को लेकर एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य सरकार और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के आदेशों के तहत सीनियर आईपीएस अधिकारी बीएन मीणा को बस्तर रेंज का नया आईजी (इंसपेक्टर जनरल) नियुक्त किया गया है। वहीं बस्तर में लंबे समय तक अपनी बेहतरीन सेवाएं देने वाले और नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशनों को लीड करने वाले आईपीएस सुंदरराज पी. को अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में आईजी के पद पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।बस्तर के मोर्चे पर अब बीएन मीणा की होगी कमाननवनियुक्त आईजी बीएन मीणा छत्तीसगढ़ कैडर के एक बेहद कड़क और अनुभवी पुलिस अधिकारी माने जाते हैं। बस्तर रेंज के आईजी के रूप में उनकी यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब इलाके में नक्सल विरोधी अभियान काफी तेज गति से चल रहे हैं। जगदलपुर मुख्यालय से संचालित होने वाली इस पूरी रेंज की सुरक्षा व्यवस्था, अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना और स्थानीय आदिवासियों के बीच विश्वास बहाली को आगे बढ़ाना अब नए आईजी बीएन मीणा के लिए सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण चुनौती होगी।सुंदरराज पी. को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारीबस्तर के निवर्तमान आईजी सुंदरराज पी. ने अपने कार्यकाल के दौरान इस दुर्गम क्षेत्र में कानून व्यवस्था और एंटी-नक्सल ऑपरेशंस में कई अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की हैं। बस्तर में उनके लंबे और सफल ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए अब उन्हें केंद्र सरकार द्वारा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए (NIA) में आईजी पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई है। उनकी इस नई भूमिका से देश की सबसे बड़ी आतंकवाद और देश-विरोधी गतिविधियों की जांच करने वाली एजेंसी को छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के राज्यों के जमीनी नेटवर्क को समझने में काफी मदद मिलेगी।जगदलपुर और पूरे बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूतइस बड़े फेरबदल का सीधा असर जगदलपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेड़ जैसे जिलों की सुरक्षा रणनीति पर पड़ेगा। प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव को एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। नए आईजी बीएन मीणा जल्द ही जगदलपुर पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण करेंगे, जिसके बाद बस्तर संभाग के सभी पुलिस अधीक्षकों (SPs) के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था की एक नई और व्यापक समीक्षा बैठक की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में बस से सफर करने वाले यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार और परिवहन विभाग ने एक बेहद सख्त रुख अपना लिया है। राज्य में अब ऐसी सभी यात्री बसों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है, जिनमें लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम और पैनिक बटन चालू हालत में नहीं लगे हैं। विभाग ने बिना व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) वाली बसों को सड़कों से हटाने और उनके परमिट रद्द करने के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार कर लिया है।यात्रियों की सुरक्षा के लिए कमांड सेंटर से होगी रियल-टाइम निगरानीपरिवहन विभाग के इस नए रोडमैप के तहत छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में चलने वाली निजी और सरकारी यात्री बसों की निगरानी सीधे केंद्रीय कमांड सेंटर से की जाएगी। बसों में जीपीएस (GPS) और लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होने से परिवहन विभाग और पुलिस को यह सटीक जानकारी रहेगी कि कौन सी बस इस वक्त कहां पर मौजूद है। अगर कोई बस अपने निर्धारित रूट से भटकती है या उसकी स्पीड तय सीमा से अधिक होती है, तो कमांड सेंटर में तुरंत इसका अलर्ट जेनरेट हो जाएगा।इमरजेंसी में काम आएगा पैनिक बटन, तुरंत पहुंचेगी मददइस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं। सफर के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी, छेड़खानी, दुर्घटना या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में जैसे ही कोई यात्री इस पैनिक बटन को दबाएगा, उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। इससे आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा जा सकेगा।नियम तोड़ने वाली बसों के परमिट और फिटनेस होंगे रद्दरायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, जगदलपुर, अंबिकापुर और कोरबा समेत पूरे छत्तीसगढ़ के बस ऑपरेटरों के लिए विभाग ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है। तैयार किए गए रोडमैप के अनुसार, चेकिंग के दौरान जिस भी बस में लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम बंद या गायब पाया जाएगा, उस पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि उसका फिटनेस सर्टिफिकेट और रूट परमिट भी तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। विभाग का साफ कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
NEET परीक्षा को लेकर देश भर में जारी सियासी घमासान और कानूनी लड़ाई के बीच एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है। नीट पेपर लीक और री-एग्जाम की जांच कर रही एजेंसियों के हाथ एक ऐसी एफआईआर (FIR) लगी है, जिसे कथित तौर पर पांच दिनों तक बेहद गोपनीय रखा गया और मीडिया की नजरों से छिपाकर रखा गया था। अब इस एफआईआर के पन्ने जैसे ही सामने आए हैं, देश के सबसे बड़े सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का काला चिट्ठा और उसकी पूरी कार्यप्रणाली (मोडस ऑपेरंडी) बेनकाब हो गई है।आखिर उस एफआईआर में क्या छिपा थाजांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस गोपनीय एफआईआर में परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले के उन महत्वपूर्ण घंटों का पूरा ब्योरा दर्ज है, जब नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक किए गए थे। इसमें स्पष्ट रूप से दर्ज है कि किस तरह सॉल्वर गैंग ने अत्याधुनिक गैजेट्स और कोडवर्ड का इस्तेमाल कर चुनिंदा सेंटर्स पर प्रश्नपत्र और उनके उत्तर पहुंचाने की पूरी प्लानिंग तैयार की थी। पांच दिनों तक इस दस्तावेज को सार्वजनिक न करने के पीछे की मुख्य वजह इस रैकेट से जुड़े बड़े चेहरों और रसूखदार लोगों को बचाने की कोशिश बताई जा रही है।सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का नेटवर्क देखकर उड़े होशइस एफआईआर से जो सबसे बड़ा पर्दाफाश हुआ है, वह है सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का देशव्यापी नेटवर्क। यह मास्टरमाइंड कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में फैले कोचिंग सेंटर्स, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और टेक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर एक समानांतर सिस्टम चला रहा था। आरोपी मास्टरमाइंड मोटी रकम लेकर कमजोर छात्रों की जगह 'स्कॉलर्स' यानी सॉल्वर बैठाने और परीक्षा से पहले लीक पेपर रटवाने के लिए सेफ हाउस का इंतजाम करता था।री-एग्जाम और जांच एजेंसियों का अगला कदमएफआईआर के सार्वजनिक होने और मास्टरमाइंड के इस बड़े खुलासे के बाद अब नीट री-एग्जाम (NEET Re-Exam) को लेकर छात्रों का आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस एफआईआर में दर्ज कड़ियों को जोड़कर मास्टरमाइंड के बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और उसके राजनीतिक संपर्कों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में देश के कई अन्य राज्यों से भी इस सॉल्वर गैंग से जुड़े मददगारों की बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है और चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने के साथ ही अब आफत की भी आशंका गहरा गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के बड़े हिस्से में मानसून की सक्रियता को देखते हुए पटना सहित करीब 20 जिलों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का हाई-अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित कर लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।पटना समेत इन जिलों में दिखेगा आंधी-पानी का तांडवमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय एक मजबूत मौसमी सिस्टम बिहार के ऊपर से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से राजधानी पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, आरा, बिहारशरीफ, मोतिहारी और बेतिया जैसे प्रमुख शहरों और उनके आसपास के इलाकों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे कच्चे मकानों और पेड़ों को नुकसान होने का अंदेशा है।मौसम विभाग ने जारी की बेहद जरूरी गाइडलाइनबिहार में आकाशीय बिजली (वज्रपात) के कारण हर साल होने वाले जान-माल के नुकसान को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने लोगों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। किसानों और आम लोगों को सलाह दी गई है कि जब आसमान में बादल कड़क रहे हों, तो भूलकर भी खेतों में न जाएं, बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों व ऊंचे ढांचों से दूरी बनाए रखें। मौसम खराब होने की स्थिति में पक्के मकानों के अंदर रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय बताया गया है।उत्तर और दक्षिण बिहार में मानसून की रफ्तार तेजइस समय बिहार के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण बिहार के जिलों में मानसूनी हवाएं काफी सक्रिय हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जलजमाव या आंधी से होने वाले किसी भी व्यवधान से तुरंत निपटा जा सके। नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण उत्तर बिहार की नदियों के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
पहले बच्चे का था इंतजार, पति ने गर्भवती पत्नी को उतारा मौत के घाट, मर्डर के बाद इस शख्स को किया फोन
बिहार से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने मानवीय रिश्तों को तार-तार कर दिया है। एक घर में जहां जल्द ही नन्हे कदम पड़ने वाले थे और हर कोई पहले बच्चे के जन्म की खुशियां मनाने का इंतजार कर रहा था, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई। एक सनकी पति ने अपनी ही गर्भवती पत्नी की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और हर कोई इस क्रूरता को देखकर स्तब्ध है।खुशियों वाले घर में पसरा मातमस्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला कई महीनों की गर्भवती थी और परिवार में पहले बच्चे के आगमन को लेकर तैयारियां चल रही थीं। दंपती के बीच किसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था, लेकिन यह विवाद इस हद तक बढ़ जाएगा किसी ने नहीं सोचा था। वारदात वाले दिन दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद गुस्से में आकर पति ने अपनी ही जीवनसंगिनी और अपने होने वाले बच्चे की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दी।हत्या के तुरंत बाद पुलिस को खुद लगाया फोनइस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से भागा नहीं। उसने तुरंत अपने मोबाइल से स्थानीय पुलिस स्टेशन के प्रभारी को फोन लगाया। फोन कॉल पर उसने बेहद ठंडे दिमाग से पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है और वह घर पर ही मौजूद है। इस सूचना के मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस टीम घटनास्थल पर रवाना हुई।पुलिस जांच में जुटे हैरान करने वाले सुरागमौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को तुरंत हिरासत में ले लिया और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आ रही है कि पारिवारिक कलह और आपसी अनबन इस खौफनाक कदम की मुख्य वजह हो सकती है। पुलिस अब मृतका के मायके वालों से संपर्क कर रही है ताकि इस मामले के हर पहलू को खंगाला जा सके।
पंजाब में सरकारी दफ्तरों का समय बदला: 1 जुलाई से लागू होगा नया टाइम-टेबल, जानें पूरी डिटेल
पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को प्रभावित करने वाला एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों के कामकाजी समय (वर्किंग ऑवर्स) में बदलाव करने का नया आदेश जारी किया है। यह नया नियम आने वाली 1 जुलाई से पूरे राज्य में पूरी तरह लागू हो जाएगा।सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुलेंगे दफ्तरनए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, 1 जुलाई से पंजाब के सभी सरकारी कार्यालय सुबह 9:00 बजे खुलेंगे और शाम 5:00 बजे बंद होंगे। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी और आम जनता को भी अपने प्रशासनिक कामों के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।भीषण गर्मी और बिजली की बचत के लिए लिया फैसलागौरतलब है कि पंजाब सरकार ने इससे पहले गर्मियों के सीजन को देखते हुए दफ्तरों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक कर दिया था। इस पुराने फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य दोपहर की भीषण गर्मी के दौरान बिजली की खपत को कम करना और ग्रिड पर पड़ने वाले लोड को नियंत्रित करना था। अब मौसम के बदलते मिजाज और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार दोबारा अपने नियमित समय यानी सुबह 9 से शाम 5 बजे वाले शेड्यूल पर लौट रही है।स्थानीय जनता और कर्मचारियों पर क्या होगा असरसमय में इस बदलाव से चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पटियाला सहित पंजाब के सभी जिलों के स्थानीय नागरिकों को अब दोपहर के बाद भी सरकारी काम कराने की सुविधा मिलेगी। कर्मचारियों को भी अब नए शेड्यूल के हिसाब से दफ्तर पहुंचना होगा। सभी विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे 1 जुलाई से पहले इस बदलाव की तैयारियां पूरी कर लें ताकि आम जनता को दफ्तर पहुंचने पर किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंजाब को नशे और आतंक के काले साए से मुक्त कराने के अभियान में जालंधर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर जालंधर और उसके आस-पास के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय कुख्यात आतंकी शहजाद भट्टी गैंग के तीन खूंखार गुर्गों को धर दबोचा है। देश विरोधी ताकतों और सीमा पार से संचालित होने वाले इस नेटवर्क के खिलाफ इसे पंजाब पुलिस की एक बेहद अहम और निर्णायक कामयाबी माना जा रहा है। पकड़े गए आरोपी न केवल पंजाब के युवाओं की नसों में नशे का जहर घोल रहे थे, बल्कि इस काली कमाई का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की फंडिंग के लिए करने की फिराक में भी थे।जालंधर पुलिस की स्पेशल टीम ने बिछाया जालइस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए जालंधर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में एक विशेष काउंटर-इंटेलिजेंस और एंटी-नार्कोटिक्स टीम का गठन किया गया था। पुलिस को सटीक इनपुट मिला था कि शहजाद भट्टी गैंग के ये गुर्गे भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की खेप लेकर जालंधर के शहरी इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने या डील करने के लिए पहुंचने वाले हैं। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए संदिग्ध ठिकानों पर नाकाबंदी की और घेराबंदी करके तीनों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन, आधुनिक हथियार और भारी नकदी बरामद हुई है।सीमा पार से जुड़े हैं आतंकी शहजाद भट्टी गैंग के तारशुरुआती पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जेल में बंद और विदेश से नेटवर्क चला रहे आतंकी शहजाद भट्टी के तार सीधे तौर पर सीमा पार बैठे बड़े तस्करों और देश विरोधी तत्वों से जुड़े हुए हैं। यह गैंग ड्रोन के जरिए पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में हेरोइन और अवैध हथियारों की डिलीवरी करवाता था। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी इसी डिलीवरी को आगे ठिकाने लगाने और पंजाब के अलग-अलग जिलों में सप्लाई करने का मुख्य काम संभालते थे। इस गिरफ्तारी से इस पूरे रूट और सिंडिकेट का भंडाफोड़ हो गया है।कड़ाई से पूछताछ जारी, खुल सकते हैं कई बड़े राजजालंधर पुलिस अब इन आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में पंजाब और देश के अन्य हिस्सों के कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। इसके साथ ही इनके बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि टेरर फंडिंग के पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके। इस बड़ी कार्रवाई के बाद जालंधर सहित पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
पंजाब के पटियाला जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यहां एक प्रेमी ने आपसी विवाद के बाद अपनी प्रेमिका की बाथरूम में ले जाकर बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी प्रेमी ने खुद भी जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में फोरेंसिक टीम के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग में उपजे गंभीर विवाद और अविश्वास का नतीजा नजर आ रहा है।मामूली बात पर शुरू हुआ झगड़ा और बन गया खूनी खेलस्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक युवक और युवती पिछले काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उनके बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। वारदात वाले दिन दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि युवक अपना आपा खो बैठा। गुस्से में पागल प्रेमी मृतका को घसीटते हुए घर के बाथरूम में ले गया और वहां उसका गला दबाकर उसे मौत की नींद सुला दिया। जब युवक को अपनी इस भयानक गलती और पुलिसिया कार्रवाई का अहसास हुआ, तो उसने कानून के शिकंजे से बचने के लिए खुद भी घर में रखा खतरनाक जहर खा लिया।पड़ोसियों ने दी पुलिस को सूचना, तफ्तीश में जुटी पुलिसआस-पड़ोस के लोगों को जब घर से किसी भी तरह की हलचल नहीं सुनाई दी और अनहोनी की आशंका हुई, तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब घर का दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। युवती का शव बाथरूम में पड़ा था, जबकि युवक तड़पती हुई हालत में फर्श पर गिरा हुआ था। पुलिस ने तुरंत युवक को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।शक और अविश्वास के चलते उजड़ गए दो परिवारइस दर्दनाक घटना ने हंसते-खेलते दो परिवारों को ताउम्र का रोना दे दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल कॉल डिटेल्स और शुरुआती पूछताछ से संकेत मिले हैं कि दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों से किसी तीसरे व्यक्ति को लेकर या फिर शादी की बात को लेकर अनबन चल रही थी। शक की इसी चिंगारी ने आज इतना बड़ा रूप ले लिया कि एक हंसती-खेलती जिंदगी खत्म हो गई और दूसरे को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। पुलिस अब दोनों के मोबाइल फोन को खंगाल रही है ताकि हत्या और आत्महत्या की असली वजह के पुख्ता सबूत सामने आ सकें।
प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया
बेंगलूरु। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के आबकारी विभाग के भीतर चल रहे एक व्यापक और कथित बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एजेंसी ने अधिकारियों, बिचौलियों और उनके सहयोगियों के एक ऐसे संगठित नेटवर्क की ओर इशारा किया है जो कथित तौर पर अवैध लाइसेंसिंग और रिश्वतखोरी की गतिविधियों […] The post प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया appeared first on Sabguru News .
राजस्थान में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 76 नई नगरपालिकाओं के गठन के प्रस्ताव को आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। सरकार का यह कदम ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को तेजी से विकसित करने और वहां के नागरिकों को बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बड़े फैसले के बाद अब इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, जैसे- सड़क, बिजली, पानी, और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने के लिए 684 नए पदों का सृजननई नगरपालिकाओं के सुचारू संचालन और प्रशासनिक कामकाज को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने वित्तीय और संगठनात्मक मंजूरी भी जारी कर दी है। इसके तहत विभिन्न स्तरों पर कुल 684 नए सरकारी पदों को मंजूरी दी गई है। इन नए सृजित पदों में अधिशासी अधिकारी (EO), राजस्व निरीक्षक (RI), सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (JEN), वरिष्ठ लिपिक, कनिष्ठ लिपिक और सफाई निरीक्षकों जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। सरकार के इस कदम से न केवल स्थानीय स्तर पर फाइलों का निपटारा तेजी से होगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए और सुनहरे अवसर भी पैदा होंगे।स्थानीय स्तर पर विकास को मिलेगी नई रफ्तारविशेषज्ञों का मानना है कि ग्राम पंचायतों से नगरपालिकाओं में अपग्रेड होने वाले इन 76 क्षेत्रों में अब सीधे राज्य और केंद्र सरकार की शहरी विकास योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। पहले जिन विकास कार्यों के लिए बजट की कमी आड़े आती थी, अब स्वायत्त शासन विभाग (DLB) के माध्यम से वहां सीधे फंड अलॉट हो सकेगा। स्थानीय स्तर पर जमीनों के नियमन, पट्टा वितरण, और कमर्शियल एक्टिविटीज को बढ़ावा मिलने से इन नए शहरों की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार आएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि सीमांकन और कार्यालयों की स्थापना का काम समय पर पूरा किया जा सके।
22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; जयपुर-कोलकाता में बाढ़ जैसे हालात
Weather Update 26 June : मानसून की इंट्री के बाद मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। बारिश की वजह से इंदौर के 15 पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए हैं। कोलकाता-जयपुर में तेज बारिश से सड़कें पानी में डूब गई। अस्पताल और दुकानों में पानी घुस गया। मानसून ...
जयपुर से तीर्थ नगरी हरिद्वार के लिए रवाना हुई राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) की एक चलती बस में अचानक लगी भीषण आग ने सवारियों के होश उड़ा दिए। सफर के दौरान जैसे ही बस से धुएं का गुब्बार उठने लगा, पूरी गाड़ी के भीतर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तुरंत हाईवे के किनारे रोका, जिसके बाद यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए दरवाजे और खिड़कियों से कूदना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरी सरकारी बस आग के शोलों में तब्दील हो गई।चलती बस के इंजन से अचानक उठा धुआं और भड़क उठी लपटेंप्रत्यक्षदर्शियों और बस में सवार यात्रियों से मिली जानकारी के अनुसार, जयपुर डिपो की यह रोडवेज बस अपने निर्धारित समय पर हरिद्वार के लिए निकली थी। रास्ते में नेशनल हाईवे पर अचानक बस के बोनट और इंजन वाले हिस्से से तेज काला धुआं निकलने लगा। यात्रियों ने जब इसकी शिकायत की, तब तक आग की लपटें केबिन के भीतर तक पहुंच चुकी थीं। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ, जिसने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।यात्रियों ने सूझबूझ से बचाई जान, सारा सामान जलकर कबाड़ हुआहादसे के वक्त बस में काफी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। जैसे ही बस रुकी, यात्रियों में पहले बाहर निकलने की होड़ मच गई। गनीमत रही कि सभी यात्री समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जिससे एक बहुत बड़ा बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, अचानक मची इस भगदड़ के कारण यात्री अपना कीमती सामान, बैग और दस्तावेज़ बस के अंदर से बाहर नहीं निकाल पाए, जो आग में पूरी तरह जलकर खाक हो गए।स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर संभाला मोर्चाघटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद बस में लगी इस भीषण आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक राजस्थान रोडवेज की यह बस पूरी तरह लोहे के ढांचे में बदल चुकी थी। इस हादसे की वजह से हाईवे पर कुछ समय के लिए वाहनों का लंबा जाम भी लग गया, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से जली हुई बस को एक तरफ हटाकर सुचारू रूप से चालू करवाया। प्रशासन अब इस तकनीकी खराबी के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है।
मानसून में जन्नत बन जाते हैं पश्चिमी घाट के ये 5 सीक्रेट ठिकाने, खूबसूरती देखकर भूल जाएंगे सब कुछ
भारत में मानसून की दस्तक के साथ ही प्रकृति प्रेमियों और घुमक्कड़ों के पैर घरों में नहीं टिकते। अगर आप इस रिमझिम फुहारों के मौसम में किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां बादलों और पहाड़ों का अनोखा मिलन देखने को मिले, तो पश्चिमी घाट (Western Ghats) से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल पश्चिमी घाट मानसून के दिनों में रहस्यमयी कोहरे, मखमली हरियाली और कलकल बहते दूधिया झरनों की जादुई दुनिया में तब्दील हो जाता है। आइए जानते हैं पश्चिमी घाट के उन 5 चुनिंदा और बेहतरीन डेस्टिनेशन्स के बारे में, जिनकी सुंदरता इस मौसम में आपका दिल जीत लेगी।1. महाबलेश्वर और पंचगनी (महाराष्ट्र): बादलों के ऊपर तैरने का अहसासमुंबई और पुणे के करीब स्थित महाबलेश्वर और पंचगनी मानसून के दौरान महाराष्ट्र के सबसे खूबसूरत ठिकाने बन जाते हैं। यहां के प्रसिद्ध विल्सन पॉइंट और आर्थर सीट जैसे सनसेट पॉइंट्स पर जब मानसूनी धुंध और कोहरा छा जाता है, तो ऐसा लगता है मानो आप बादलों के ऊपर चल रहे हैं। बारिश के दिनों में यहां की घाटियों से नीचे गिरते अनगिनत मौसमी झरने और चारों तरफ फैली स्ट्रॉबेरी के खेतों की हरियाली इस जगह के पूरे माहौल को बेहद रोमांटिक और जादुई बना देती है।2. कूर्ग (कर्नाटक): भारत का स्कॉटलैंड और महकते कॉफी के बागानकर्नाटक का कूर्ग (कोडागु) अपनी असीम शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन मानसून के दौरान इसकी रंगत दोगुनी हो जाती है। जब बारिश की बूंदें कॉफी के बागानों और घने जंगलों पर गिरती हैं, तो पूरी वादी एक भीनी-भीनी खुशबू से महक उठती है। इस मौसम में कूर्ग का एबी फॉल्स (Abbey Falls) और इरुप्पु फॉल्स अपने पूरे उफान पर होते हैं। यहां की धुंध से ढकी पहाड़ियों के बीच एक कप गरमा-गरम कड़क कॉफी पीना अपने आप में जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव है।3. वायनाड (केरल): झरनों, गुफाओं और मिस्टी पहाड़ों का गढ़केरल का वायनाड पश्चिमी घाट का एक ऐसा रत्न है जो मानसून लवर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। बारिश के मौसम में यहां के बाणासुर सागर बांध का नजारा और एडक्कल गुफाओं के आसपास का ट्रेक बेहद रोमांचक हो जाता है। वायनाड के ऊंचे पहाड़ों पर तैरते सफेद बादल और नीचे फैली हरी-भरी चाय की पत्तियां आंखों को सुकून देती हैं। अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति की गोद में कुछ दिन बिताना चाहते हैं, तो वायनाड के ट्री-हाउस रिसॉर्ट्स आपके लिए परफेक्ट चॉइस हो सकते हैं।
भीषण गर्मी के थपेड़ों के बाद आखिरकार मानसूनी बादलों ने देश के बड़े हिस्से को अपनी आगोश में ले लिया है। बारिश की पहली फुहार पड़ते ही प्रकृति ने भी हरी-भरी चादर ओढ़ ली है। ऐसे सुहावने मौसम में भला किसका मन घर में बैठने का करेगा? अगर आप भी रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी और दफ्तर के काम से ब्रेक लेकर किसी बेहद शांत और जादुई जगह पर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह मानसून आपके लिए परफेक्ट मौका है। देश में कुछ ऐसे छिपे हुए टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स हैं जो बारिश के दिनों में किसी जन्नत से कम नहीं लगते, जहां कलकल बहते झरने और पहाड़ों पर तैरते सफेद बादल आपका दिल जीत लेंगे।पहाड़ों की रानी और बादलों का घर: बादलों के बीच खो जाने का अहसासमानसून के दौरान वेस्टर्न घाट (पश्चिमी घाट) और उत्तर-पूर्वी भारत के पहाड़ी इलाके पूरी तरह से जीवंत हो उठते हैं। महाराष्ट्र के लोनावला, महाबलेश्वर और भंडारदरा से लेकर कर्नाटक के कूर्ग और चिकमगलूर जैसे खूबसूरत ठिकाने इस मौसम में पर्यटकों की पहली पसंद बन जाते हैं। वहीं अगर बात उत्तर भारत की करें, तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ ऑफबीट गांव जैसे जीभी, तीर्थन वैली और लैंसडाउन में इस समय एक अलग ही शांति और असीम सुकून का अहसास होता है। यहां की घाटियों में जब सुबह-सुबह कोहरा और मानसूनी धुंध छाती है, तो ऐसा लगता है मानो आप बादलों के ऊपर सैर कर रहे हों।दूधिया झरने और मखमली वादियां: फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए स्वर्गबारिश के मौसम में जो चीज सबसे ज्यादा आकर्षित करती है, वो हैं पहाड़ों से पूरी रफ्तार में गिरते हुए रहस्यमयी झरने। गोवा का दूधसागर फॉल्स, मेघालय के नोहकलिकाई झरने और मध्य प्रदेश के भेड़ाघाट में धुंआधार जलप्रपात इस समय अपने पूरे शबाब पर होते हैं। इन झरनों के आसपास फैली मखमली हरी घास और सोंधी मिट्टी की खुशबू आपके दिमाग को पूरी तरह से रीफ्रेश कर देती है। सोशल मीडिया लवर्स और ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स के लिए यह समय इंस्टाग्राम रील्स और बेहतरीन लैंडस्केप फोटोग्राफी के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है।रोड ट्रिप और मानसून ट्रेकिंग का अनोखा रोमांचएडवेंचर के शौकीनों के लिए मानसून का समय ट्रेकिंग का सबसे बेहतरीन मौका लेकर आता है। इस मौसम में पहाड़ों पर ट्रेकिंग करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर होता है, लेकिन जब आप चढ़ाई पूरी कर टॉप पर पहुंचते हैं, तो वहां से दिखने वाला नजारा आपकी सारी थकान पल भर में गायब कर देता है। इसके अलावा, अपने दोस्तों या पार्टनर के साथ मानसूनी बौछारों के बीच घुमावदार रास्तों पर लॉन्ग ड्राइव या रोड ट्रिप का मजा ही कुछ और है। बस जरूरत है तो एक सही प्लानिंग की और मानसून के अनुकूल जरूरी सामान साथ रखने की।मानसून ट्रिप पर जाने से पहले इन जरूरी बातों का रखें खास ख्यालप्रकृति की इस असीम खूबसूरती का आनंद लेने के साथ-साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। मानसून के दौरान भारी बारिश की वजह से कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए किसी भी जगह की यात्रा पर निकलने से पहले वहां के स्थानीय मौसम का हाल और प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस को अच्छी तरह से चेक कर लें। अपने साथ वाटरप्रूफ बैग, रेनकोट, अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज और जरूरी दवाइयां रखना बिल्कुल न भूलें ताकि आपकी यह जादुई ट्रिप पूरी तरह से सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे।
योग नगरी और एडवेंचर के गढ़ ऋषिकेश में एक ऐसी जादुई जगह सामने आई है, जिसने देश-दुनिया के पर्यटकों और खासकर हैरी पॉटर के दीवानों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पहाड़ों और घने जंगलों के बीच बसी यह अनोखी कुटिया हूबहू हॉलीवुड फिल्म 'हैरी पॉटर' के जादुई स्कूल 'हॉगवर्ट्स' (Hogwarts) के गुप्त ठिकानों की याद दिलाती है। दिन के समय बेहद शांत और रहस्यमयी दिखने वाली यह कुटिया सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रही है। इंटरनेट पर इसकी खूबसूरत तस्वीरें और रील्स देखकर लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उत्तराखंड के ऋषिकेश में भी ऐसी कोई अद्भुत जगह मौजूद हो सकती है।रात के सन्नाटे में बिखरती है जादुई रोशनी और बदल जाता है पूरा माहौलइस कुटिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सूरज ढलते ही और रात का अंधेरा घिरते ही यहां का नजारा पूरी तरह से बदल जाता है। कुटिया के चारों तरफ की गई अनोखी और विंटेज स्टाइल की लाइटिंग इसे एक काल्पनिक और जादुई दुनिया का रूप दे देती है। घने पेड़ों के बीच से छनकर आती रोशनी और रात के सन्नाटे में बहती गंगा नदी की आवाज मिलकर एक ऐसा माहौल तैयार करती हैं, मानो आप किसी दूसरी ही दुनिया में कदम रख चुके हों। यहां आने वाले सैलानियों का कहना है कि रात में यहां बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई जादूगर अभी अपनी छड़ी लेकर आपके सामने आ जाएगा।प्रकृति की गोद में बना वास्तुकला का एक बेहतरीन और अनोखा नमूनाइस कुटिया का निर्माण बेहद ही कलात्मक और पारंपरिक पत्थरों व लकड़ियों के फ्यूजन से किया गया है। इसकी नुकीली छतें, रहस्यमयी खिड़कियां और पुरानी शैली के दरवाजे इसे आम पहाड़ों के रिसॉर्ट्स या आश्रमों से बिल्कुल अलग बनाते हैं। ज्योग्राफिकल और लोकल टूरिज्म के लिहाज से यह जगह फोटोग्राफर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक नया हॉटस्पॉट बन चुकी है। एकांत और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह कुटिया किसी जन्नत से कम नहीं है, जहां वे शहरों की भागदौड़ से दूर कुछ पल शांति के बिता सकते हैं।ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों के लिए नई एडवेंचर डेस्टिनेशनऋषिकेश अब सिर्फ राफ्टिंग, कैंपिंग और गंगा आरती तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इस तरह के ऑफबीट और यूनिक लोकेशंस अब नए जमाने के यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। एआई सर्च (GEO) और आधुनिक ट्रैवलिंग ट्रेंड्स में इस सीक्रेट डेस्टिनेशन को लेकर लोग लगातार सर्च कर रहे हैं। अगर आप भी इस वीकेंड या छुट्टियों में ऋषिकेश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इस जादुई और हॉगवर्ट्स वाइब वाली कुटिया का दीदार करना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि यहां की तस्वीरें आपके सोशल मीडिया हैंडल पर धूम मचाने के लिए काफी हैं।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की वेबसाइट पर मौजूद ‘रोल ऑफ ऑनर’ में अब तक 26,626 शहीद सैनिकों के नाम दर्ज हैं। इस सूची में वर्ष 1947-48 के भारत-पाक युद्ध से लेकर विभिन्न सैन्य अभियानों और संघर्षों में शहीद हुए सैनिकों को सम्मान दिया गया है।
झारखंड की वादियों और जंगलों के बीच कई ऐसे रहस्य छिपे हैं जो आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं। राजधानी रांची के पास एक ऐसा ही अनोखा मंदिर स्थित है, जिसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। भूत-प्रेत के साये, अनहोनी की डरावनी कहानियों और सड़क हादसों के खौफ के बीच बसे इस मंदिर को लेकर लोगों में गहरी आस्था है। स्थानीय निवासियों और यहां से गुजरने वाले मुसाफिरों का दृढ़ विश्वास है कि इस मंदिर के चौखट पर आकर केवल एक नारियल चढ़ाने से ही हर तरह की अदृश्य बाधा दूर हो जाती है और यात्रा के दौरान सुरक्षा का अचूक कवच मिल जाता है।हाईवे के जानलेवा हादसों और अनहोनी से बचाता है यह दरबारयह रहस्यमयी मंदिर एक ऐसे ब्लैक स्पॉट या हाईवे के पास स्थित है जहां पहले आए दिन बेहद दर्दनाक सड़क हादसे होते रहते थे। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस इलाके में कुछ ऐसी अजीबोगरीब ताकतें या अदृश्य ऊर्जा महसूस की जाती थी जिसके कारण चालकों का नियंत्रण गाड़ियों से छूट जाता था। इन डरावने हादसों और भूत-प्रेत की कहानियों के खौफ को खत्म करने के लिए इस मंदिर की स्थापना की गई। तब से लेकर आज तक यह परंपरा बन चुकी है कि यहां से गुजरने वाली हर छोटी-बड़ी गाड़ी का ड्राइवर कुछ पल के लिए रुकता है और भगवान के चरणों में नारियल अर्पित कर अपनी सुरक्षित यात्रा की मन्नत मांगता है।केवल एक नारियल चढ़ाने से दूर होती हैं ऊपरी बाधाएंइस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी तामझाम या भारी-भरकम पूजा-पाठ की आवश्यकता नहीं होती। मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति पर कोई ऊपरी हवा, भूत-प्रेत का साया या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हो, तो उसे इस मंदिर परिसर में लाकर मात्र एक श्रीफल (नारियल) भगवान को अर्पित कर दिया जाए, तो वह संकट तुरंत टल जाता है। यही वजह है कि केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोग भी मानसिक शांति और सुरक्षा के भरोसे के लिए इस रहस्यमयी तीर्थ स्थल पर खिंचे चले आते हैं।विज्ञान और आस्था के बीच उलझा है इस मंदिर का रहस्यवैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले लोग भले ही इसे महज एक अंधविश्वास या संयोग का नाम दें, लेकिन सालों से यहां मिल रहे चमत्कारी अनुभवों को झुठलाया नहीं जा सकता। मंदिर के मुख्य पुजारी और यहां आने वाले नियमित श्रद्धालुओं का कहना है कि यह स्थान सकारात्मक ऊर्जा का एक बहुत बड़ा केंद्र है। जब कोई भक्त पूरी श्रद्धा के साथ यहां मन्नत मांगता है, तो उसके चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बन जाता है। रात के सन्नाटे में आज भी इस मंदिर के आसपास कई तरह की अलौकिक कहानियां सुनने को मिलती हैं, जो इसके रहस्य को और ज्यादा गहरा कर देती हैं।
कृषि मंत्री शिवराज चौहान और सीएम धामी ने 'पूर्व छात्र सम्मेलन' में की शिरकत, किया पौधरोपण
देश के पहले कृषि विश्वविद्यालय— गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में शुक्रवार को 'पूर्व छात्र सम्मेलन' (Alumni Meet) का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवमयी समागम में देश के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह ...
महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर नूराबाद थाने प्रधान आरक्षक निलंबित
मुरैना। मध्यप्रदेश में मुरैना जिले के नूराबाद थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक द्वारा महिला की कथित पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने संबंधित प्रधान आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नूराबाद थाना क्षेत्र के खरगपुर गांव निवासी उषा […] The post महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर नूराबाद थाने प्रधान आरक्षक निलंबित appeared first on Sabguru News .
लखनऊ। अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में गठित एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि जनआस्था से जुड़े इस प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और […] The post राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषियों को नहीं मिलेगी राहत, दूध का दूध, पानी का पानी होगा : योगी आदित्यनाथ appeared first on Sabguru News .

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