'होर्मुज में जहाजों पर फायरिंग बंद करो, तभी बातचीत...' ईरान को वेंस की दो टूक
जेडी वेंस ने कहा कि ईरान की क्षमताएं हर दिन कमजोर हो रही हैं. होर्मुज पर भी उनका नियंत्रण प्रभावी रूप से खत्म हो चुका है. अब वहां से कई जहाज गुजर रहे हैं.
दुश्मन की हर हलचल पर नजर... EOS-05 से बढ़ेगी भारत की सर्विलांस ताकत
भारत की अंतरिक्ष निगरानी क्षमता को एक और बड़ा सहारा मिलने वाला है. EOS-05 बड़े इलाके की बार-बार तस्वीरें ले सकेगा. यही क्षमता सीमा, समुद्री इलाकों और संवेदनशील जगहों पर हो रहे बदलावों पर नजर रखने में सुरक्षा एजेंसियों के लिए काम आ सकती है.
जानिए उस रॉकेट के बारे में, जो बना EOS-05 सैटेलाइट की सवारी
रात के आसमान में एक और बड़ी उड़ान भरने को तैयार है GSLV-F17. तीन स्टेज, चार स्ट्रैप-ऑन बूस्टर और क्रायोजेनिक इंजन से लैस यह रॉकेट EOS-05 को अंतरिक्ष तक पहुंचाएगा. जानिए जमीन से उड़ान भरने के बाद इसकी ताकत कैसे काम करती है.
एक्सप्लेनर: इसरो की बड़ी सफलता, धरती पर हो रहे हर बदलाव को बताएगा ईओएस-05, ये कैसे करेगा काम और क्यों है खास?
ISRO EOS-05 Mission: इसरो ने अंतरिक्ष में भेजा ईओएस-05 उपग्रह, श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण; वी नारायणन क्या बोले?
इसरो ने अंतरिक्ष में भेजा 'नॉटी बॉय', दुश्मन की हरकतों पर रखेगा नजर... आपदा में भी मदद
इसरो ने 4 सितंबर 2026 को जीएसएलवी-एफ17 से ईओएस-05 यानी जीआईसैट-1ए सैटेलाइट लॉन्च किया. यह 36,000 किलोमीटर ऊंचाई से भारत का हर 30 मिनट में फोटो लेगा. आपदा प्रबंधन और कृषि निगरानी के लिए महत्वपूर्ण मिशन है.
मुंबई: गेटवे ऑफ इंडिया के पास अरब सागर में फेरी बोट खराब, 38 लोगों की अटकी सांसें
मुंबई में गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। गेटवे आफ इंडिया के पास अरब सागर में 38 लोगों को ले जा रही एक फेरी बोट अचानक खराब हो गई। इसमें 34 यात्री और चार क्रू मेंबर सवार थे।
बांग्ला सिनेमा के महान अभिनेता महानायक उत्तम कुमार की जन्मशती (100वीं जयंती) के अवसर पर गुरुवार को कोलकाता में भव्य पदयात्रा निकाली गई।
'किसी को भी छूट नहीं ': तेलंगाना कैबिनेट से कोंडा सुरेखा की छुट्टी पर कांग्रेस ने क्या-क्या कहा? क्या है विवाद
एनटीए ने शुरू की नीट- 2027 की तैयारी, लीक फ्री परीक्षा कराने पर रहेगा जोर; AICTE से मांगी मदद
मेडिकल के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की परीक्षा नीट- यूजी के पेपर लीक मामले में फजीहत के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अगले साल यह परीक्षा कंप्यूटर के जरिये कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
वरिष्ठ आईपीएस अफसर जग मोहन आईबी के विशेष निदेशक नियुक्त, कई ऑपरेशन में निभा चुके हैं अहम भूमिका
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी जग मोहन को खुफिया ब्यूरो (आईबी) का विशेष निदेशक नियुक्त किया गया है। वह 1995 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।
एफसीआरए विधेयक पर 31 सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन, भाजपा के संजय जायसवाल होंगे अध्यक्ष
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार के लिए 31-सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति का गठन कर दिया गया है। इसकी अध्यक्षता भाजपा के लोकसभा सदस्य संजय जायसवाल करेंगे।
भारत की कंपनी से डील, एक चूक... चली गई इस देश के रक्षा मंत्री की कुर्सी
इस डिफेंस डील को लेकर एस्टोनिया में भी सवाल उठे. एस्टोनिया के सेंटर फॉर डिफेंस इनवेस्टमेंट्स के डायरेक्टर ने कहा कि यह सौदा नहीं किया जाना चाहिए था.
राजस्थान: बांसवाड़ा में भीड़ ने आदिवासी महिला के मुंडवाए बाल, लाठियों से जमकर पीटा; पति हिरासत में
राजस्थान के आदिवासी जिला बांसवाड़ा में महिलाओं की भीड़ ने एक आदिवासी महिला के सिर के बाल मुंडवा दिए, उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे घेरकर लाठियों से बेरहमी से पीटा।
बायजू की पैरेंट कंपनी को झटका, 90% कम दाम पर संपत्तियां नीलाम करने का आरोप
ट्रिब्यूनल ने कहा कि नीलाम की गई कई वस्तुओं के स्वामित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. साथ ही आशंका जताई कि तीसरे पक्ष की संपत्तियों को भी नीलामी में शामिल किया गया हो सकता है.
Toll प्लाजा पर फर्जीवाड़ा, बिना FASTag वाली गाड़ियों से अवैध एप से टोल वसूली
ईडी ने देशभर के करीब 100 टोल प्लाजा पर बिना फास्टैग वाले वाहनों से 'माबडाटा' और 'एनी' नामक अवैध ऐप के जरिए करोड़ों की गैरकानूनी टोल वसूली का खुलासा किया है।
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DGP नियुक्ति पर एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट में सोरेन सरकार की खिंचाई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, राज्य सरकारों को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग को भेजने होते हैं. उनको तीन अधिकारियों का पैनल शॉर्टलिस्ट करता है. लेकिन हेमंत सरकार ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया.
गांधीनगर में तीन बेटियों के पिता एक युवक ने संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी करने के लिए सौ रुपये का नोट निगल लिया। हालांकि, निगले हुए नोट को बाहर निकालने की कोशिश में उस व्यक्ति ने अपने पेट में चाकू मार लिया।
प्रधानमंत्री मोदी और बेल्जियम के पीएम डी बीवर ने द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर व्यापक चर्चा की, जिसमें रक्षा, व्यापार और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में 10 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
सरकारी अधिकारी अब हो जाएं सतर्क, सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त नियम बना सकती है केंद्र सरकार
केंद्र सरकार अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जल्द ही सख्त 'सोशल मीडिया आचार संहिता' जारी करने पर विचार कर रही है। यह कदम इंटरनेट मीडिया पर रील्स, वीडियो और निजी राय पोस्ट करने के बढ़ते चलन को रोकने के लिए उठाया जा रहा है।
मणिपुर: कांग्रेस लेजिस्लेचर पार्टी के नेता के. मेघाचंद्र के घर के पास बम विस्फोट, सुरक्षा बल मुस्तैद
मणिपुर में बदमाशों के निशाने पर राजनेता हैं. थौबल जिले में कांग्रेस लेजिस्लेचर पार्टी नेता के. मेघाचंद्र के घर के पास अज्ञात बदमाशों ने हैंड ग्रेनेड से धमाका किया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
उत्तर प्रदेश का वाराणसी सबसे ज्यादा प्रभावित है. हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों से बात कर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से पूछा- टोल प्लाजा पर कैमरे लगा हाईवे की निगरानी क्यों नहीं की जा सकती
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण और वाहनों की पार्किंग पर चिंता जताई, NHAI से टोल प्लाजा पर कैमरा निगरानी प्रणाली लगाने को कहा।
UP: बीजेपी ने क्षेत्रीय टीमों का किया ऐलान, इन नेताओं को अहम जिम्मेदारी
नई टीम के जरिए बीजेपी की आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने की रणनीति है. इस तरह यूपी बीजेपी चीफ पंकज चौधरी ने चुनावी तैयारियों को तेज करने का संकेत दे दिया है.
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पर अल्वी की टिप्पणी से भड़की भाजपा, कांग्रेस को बताया 'दिमागी नक्सली'
भाजपा ने राम मंदिर ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी की टिप्पणी की निंदा की। भाजपा ने अल्वी के बयान को कांग्रेस की 'दिमागी नक्सल' सोच बताया, जो सेना और राम मंदिर का अपमान है।
स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में अधिक फैट, शुगर वाले फूड बेचने पर प्रतिबंध की तैयारी
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) स्कूलों और कॉलेजों के 50 मीटर के दायरे में अधिक फैट, शुगर और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है।
सीएम योगी की शिलान्यास पॉलिटिक्स, 2027 में होगी नैया पार? देखें दस्तक
कैसे यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए, एलान-ए-जंग शुरु हो गया है? आज हम आपको, योगी, अखिलेश और मायावती का पूरा प्लान दिखाएंगे. लेकिन पहले बात सीएम योगी आदित्यनाथ की। क्योंकि, यूपी में योगी सरकार के लिए तीसरे टर्म की चुनौती है, 10 वर्षों की सत्ता विरोधी लहर से भी निपटना है. ऐसे में सीएम योगी यूपी के अलग अलग ज़िलों के धुआंधार दौरे कर रहे हैं. शिलान्यास, लोकार्पण और नई नई योजनाओं का एलान कर रहे हैं. देखें...
'त्रिभाषा नीति पर सुझावों पर कर रहे काम', केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए सीबीएसई की त्रिभाषा नीति पर उसके सुझावों पर काम कर रही है।
तमिलनाडु की एक महिला ने कुवैत से एक संदेश भेजकर अपनी जान बचाने की गुहार लगाई है। महिला ने रोते हुए बताया कि उसके नियोक्ता उसे शारीरिक और मानसिक यातना दे रहे हैं और वह वहां बंधक जैसी जिंदगी जी रही है।
अंडों में मिले कीड़े तो ऐक्शन में स्वास्थ्य विभाग, मैंगलोर के ब्लिंकिट स्टोर पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
अंडों में कीड़े मिलने की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को मैंगलोर के फाल्नीर स्क्वायर स्थित ब्लिंकिट आउटलेट पर छापा मारा। एक उपभोक्ता ने स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की थी कि त्वरित डिलीवरी प्लेटफॉर्म से खरीदे गए अंडों में कीड़े पाए गए।
नई दुल्हन के साथ घर बसाने का सपना टूटा, बाढ़ में बहा आशियाना और...
भागलपुर के सबौर की इंग्लिश बस्ती में गंगा की बाढ़ ने नवविवाहित प्रियम कुमार का घर उजाड़ दिया. रात करीब 2 बजे पक्का मकान अचानक नदी में समा गया. घर का कोई सामान नहीं बचा, सिर्फ एक साइकिल और गाय सुरक्षित रह गई. अब परिवार पंचायत भवन में रह रहा है और गाय का दूध बेचकर गुजारा कर रहा है.
Modi Rubber की 59 एकड़ जमीन के अवैध ट्रांसफर पर Allahabad High Court ने दिए नए सिरे से जांच के आदेश
लखनऊ, तीन सितंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने सरकारी अनुदान अधिनियम के तहत मोदी रबर लिमिटेड को दी गई 117 एकड़ में से 59 एकड़ जमीन के कथित गैर-कानूनी अंतरण की नये सिरे से जांच का आदेश दिया है। अदालत ने ‘बोर्ड ऑफ रेवेन्यू’ के अधिकारियों की एक समिति को छह हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। पीठ ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट मिलने के तीन हफ्ते के अंदर इस पर फैसला ले। पीठ ने अपने पहले के निर्देशों का पालन करने में हुई देर पर सख्त नाराजगी जताते हुए राज्य पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है और यह रकम जनहित में मामला लड़ रहे याचिकाकर्ता को दी जाएगी। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने लोकेश कुमार खुराना की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर यह आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई की तारीख आगामी 18 नवंबर नियत की गयी है। राजस्व विभाग की प्रमुख सचिव अपर्णा पिछले आदेश के पालन में दो सितंबर को पीठ के सामने पेश हुईं और अदालत को बताया कि जिला स्तर की शुरुआती जांच में जमीन अंतरण के आरोप सही पाए गए थे और चूंकि राज्य स्तर पर निर्णय लिया जाना था इसलिए 24 फरवरी 2024 को बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के अधिकारियों को जांच का काम सौंपा गया था। अपर्णा ने बताया कि जांच रिपोर्ट तीन जून 2025 को मिली थी लेकिन वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई थी। इसके बाद तीन दिसंबर 2025 के एक पत्र के माध्यम से समिति के सदस्यों को एक और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। हालांकि याद दिलाने के बावजूद अब तक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकारी अनुदान अधिनियम के तहत मोदी रबर लिमिटेड को दी गई 117 एकड़ ज़मीन में से लगभग 59 एकड़ जमीन राज्य सरकार की मंजूरी लिए बिना अंतरित कर दी गई थी। हालांकि, इस मामले पर कंपनी का अपना पक्ष है। मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि आठ अक्टूबर 2025 के आदेश के बावजूद पूरक जवाबी हलफनामा दाखिल न करने का कोई उचित कारण नहीं हो सकता। पीठ ने ‘बोर्ड ऑफ रेवेन्यू’ के अधिकारियों वाली जांच समिति द्वारा समय पर रिपोर्ट न सौंपने और मामले को लटकाए रखने के लिए भी कोई उचित कारण नहीं पाया। पीठ को बताया गया कि नई जांच समिति में उत्तर प्रदेश के राजस्व परिषद के विशेष अधिशासी अधिकारी राज कुमार द्विवेदी, मेरठ के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), मेरठ के मुख्य कोषागार अधिकारी और सरधना के उप जिलाधिकारी शामिल हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, अब सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में हालिया चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद हुई ट्रस्ट की अहम बैठक में संचालन व्यवस्था को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र ...
Film wrap: 'हनुमान अंश' देख हैरान सहवाग, स्वरा की जुबान काटने की धमकी
हनुमान अंश की तारीफ में वीरेंद्र सहवाग ने पोस्ट लिखी है. बिग बॉस 20 के कफंर्म कंटेस्टेंट्स की लिस्ट सामने आई है.जानें एंटरटेनमेंट की दुनिया में गुरुवार को और क्या खास हुआ.
भोलेश्वर मंदिर में धूमधाम से मनेगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, फूल बंगले में सजेगा मंदिर
अजमेर। भोलेश्वर मंदिर सेवा ट्रस्ट की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को जनता कॉलोनी, वैशाली नगर स्थित भोलेश्वर मंदिर में भव्य जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है और श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए […] The post भोलेश्वर मंदिर में धूमधाम से मनेगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, फूल बंगले में सजेगा मंदिर appeared first on Sabguru News .
Rajya Sabha चेयरमैन CP Radhakrishnan ने गठित की विभिन्न समितियां, खरगे भी शामिल
नयी दिल्ली, तीन सितंबर राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को उच्च सदन के कुछ नवनिर्वाचित सदस्यों को विभिन्न संसदीय समितियों में नियुक्त किया। इनमें सामान्य प्रयोजन समिति भी शामिल है, जिसके सभापति राधाकृष्णन हैं। राधाकृष्णन ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कुछ संसदीय समितियों के अध्यक्षों को सामान्य प्रयोजन समिति के लिए नामित किया। इस समिति का काम सदन के कामकाज से जुड़े उन मामलों पर विचार करना और सलाह देना है, जिन्हें समय-समय पर सभापति इसके पास भेजते हैं। सामान्य प्रयोजन समिति में सभापति, उपसभापति, उपसभापतियों के पैनल के सदस्य, राज्यसभा की सभी संसदीय स्थायी समितियों के अध्यक्ष, राज्यसभा में मान्यता प्राप्त दलों और समूहों के नेता तथा सभापति द्वारा नामित किए गए अन्य सदस्य शामिल होते हैं। राज्यसभा के सभापति इस समिति के पदेन अध्यक्ष होते हैं। सभापति ने खरगे के अलावा उपसभापतियों के पैनल में शामिल एम. थंबी दुरई (अन्नाद्रमुक) को भी समिति के लिए नामित किया। इसके अलावा संसदीय स्थायी समितियों के अध्यक्षों में से मुकुल वासनिक (कांग्रेस), तिरुचि शिवा (द्रमुक), मेधा विश्राम कुलकर्णी (भाजपा), के. लक्ष्मण (भाजपा), राघव चड्ढा (भाजपा) और रंजीत रंजन (कांग्रेस) को भी सामान्य प्रयोजन समिति में शामिल किया गया है। मान्यता प्राप्त दलों के नेताओं में से मानस रंजन मंगराज (बीजद) को तथा अन्य सदस्यों के रूप में सना सतीश बाबू (तेदेपा) और राजीव शुक्ला (कांग्रेस) को नामित किया गया है। सभापति ने सना सतीश बाबू को कार्य मंत्रणा समिति के लिए नामित किया। इसके अलावा लक्ष्मीकांत बाजपेयी (भाजपा) और सुखेंदु शेखर रे (भाजपा) को नियम समिति में तथा तरुण चुग (भाजपा), मिथिलेश कुमार (भाजपा), भीम सिंह (भाजपा), अखिलेश प्रसाद सिंह (कांग्रेस) और तिरुचि शिवा को राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति में नामित किया गया है। राधाकृष्णन ने एस. कल्याणसुंदरम (द्रमुक), मस्तान राव यादव बीदा (तेदेपा) और एल. के. सुदीश (डीएमडीके) को सदन समिति के लिए नामित किया। इसके अलावा हरीस बीरन (आईयूएमएल) और राजीव शुक्ला को सरकारी आश्वासन समिति में तथा सुष्मिता देव (भाजपा), चुन्नीलाल गरासिया (भाजपा), स्वाति मालीवाल (भाजपा), हर्ष महाजन (भाजपा), नीरज डांगी (राजस्थान) और आई. एस. इंबादुरई (एआईएडीएमके) को अधीनस्थ विधान समिति के लिए नामित किया गया। इसके अलावा, एम. नागराज (भाजपा), मानसिंह मेरामन परमार (भाजपा), अजीत माधवराव गोपचड़े (भाजपा), खियांग्ते ललतलुआंगकिमा (जेडपीएम) और जेम्स पांगसांग कोंगल संगमा (एनपीपी) को सदन में प्रस्तुत पत्रों की समिति के लिए नामित किया गया। वहीं एस. आर. शिवलिंगम (द्रमुक) और संजय सेठ (भाजपा) को राज्यसभा की आचार समिति में तथा जॉन ब्रिटास (माकपा), जोस के. मणि (केसी(एम)) और उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम) को सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) समिति के लिए नामित किया गया है। राज्यसभा सचिवालय की अधिसूचना में कहा गया, ‘‘राज्यसभा के सभापति ने तीन सितंबर को राज्यसभा सदस्य मानस रंजन मंगराज को आचार समिति का सदस्य नामित किया है। वह इसमें डॉ. सस्मित पात्रा के स्थान पर शामिल होंगे।
जैसलमेर। ‘हम भारत के लोग’-संविधान की प्रस्तावना के ये शब्द केवल औपचारिक शुरुआत नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक चरित्र और नागरिकों की सामूहिक शक्ति का परिचायक हैं। लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब स्वतंत्रता, समानता और अधिकारों के साथ समाज में बंधुत्व और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा सुनिश्चित होगी। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान क्षेत्र […] The post ‘हम भारत के लोग’ केवल शब्द नहीं, लोकतंत्र की आत्मा है : जसवंत खत्री जैसलमेर में लोक मंथन यात्रा के तहत संगोष्ठी appeared first on Sabguru News .
यूपी 2027 में फिर बनाएगा डबल इंजन की सरकार: सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2027 में यूपी में बीजेपी की वापसी का भरोसा जताया. ‘पंचायत आजतक’ में उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पाने वाला युवा, किसान, महिला, गरीब और वंचित वर्ग फिर डबल इंजन सरकार बनाएगा.
उधम सिंह नगर में भारी बारिश से बिगड़े हालात
उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है. क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. विशेष रूप से गौला नदी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी देखी गई है. खतरे को देखते हुए गौला नदी से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, जिसके कारण नदी के तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा काफी बढ़ गया है.
नेपाल की तबाही से भारत के पहाड़ों के लिए खतरे की घंटी
नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक तबाही ने एक बार फिर इंसानी बस्तियों और पर्यावरण के बीच के संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस भीषण आपदा के बाद अब भारत के लिए भी खतरे की घंटी बज चुकी है, विशेषकर उन राज्यों के लिए जो हिमालयी क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं. नेपाल की भौगोलिक स्थिति और भारत के पहाड़ी इलाकों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और सिक्किम की बनावट में काफी समानताएं हैं.
पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद एक्शन में प्रशासन, लापरवाही पर 8 कर्मचारी सस्पेंड
यूपी के कौशाम्बी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद प्रशासन ने लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है. डीएम अमित पाल शर्मा के निर्देश पर तहसील और राजस्व विभाग के कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है. अग्निशमन विभाग के दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी गई है. प्रशासन ने जांच में हर स्तर पर जवाबदेही तय करने की बात कही है.
दिल्ली में बदला मौसम का मिजाज, IMD ने जारी की चेतावनी!
दिल्ली में गुरुवार को मौसम बदला और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई. राजधानी का अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अयानगर में सबसे ज्यादा 3.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई. मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को मध्यम बारिश का अनुमान जताया है. दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. बारिश के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही और शाम चार बजे एक्यूआई 74 दर्ज हुआ.
नैनीताल में भारी बारिश, लबालब हुई नैनी झील
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बिगड़ चुका है. नैनीताल में सुबह से ही लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है और लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं. पिछले दो दिनों से लगातार हो रही इस भारी बारिश की वजह से प्रसिद्ध नैनी झील पूरी तरह से लबालब भर चुकी है. इसके साथ ही क्षेत्र के तमाम नदी, नाले और पहाड़ी गधेरे उफान पर बह रहे हैं.
आ रहे हैं कान्हा! क्या आपने बनाया है मोहन थाल, फटाफट नोट करें रेसिपी
कल जन्माष्टमी है और अगर आप भी रात में कान्हा के जन्म के बाद भोग के लिए बाजार से मिठाई खरीदने की सोच रहे हैं तो रुक जाइए. यहां हम आपको लड्डू गोपाल के भोग के लिए घर में ही शुद्ध और उनकी प्रिय मिठाई मोहन थाल की आसान रेसिपी बता रहे हैं. घर की ये मिठाई न केवल शुद्ध होगी बल्कि इसमें मिलावट का भी डर नहीं होगा.
बॉलीवुड में अपने संजीदा और महिला-केंद्रित किरदारों के लिए मशहूर अभिनेत्री तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज को लेकर सोशल मीडिया और फिल्मी गलियारों में चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। अपनी नई प्रोजेक्ट 'गांधारी' (Gandhari) के प्रमोशन के सिलसिले में दिए गए एक हालिया इंटरव्यू में तापसी ने आज के मुख्यधारा सिनेमा और बॉक्स ऑफिस पर हावी ट्रेंड्स को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि मौजूदा समय में जिस तरह की फिल्में थिएटरों में चल रही हैं, वैसी फिल्में करने के बजाय वह एक्टिंग से संन्यास (Retirement) लेना अधिक पसंद करेंगी। तापसी का यह बयान सामने आते ही इंटरनेट पर वायरल हो गया और इसने एक नई बहस छेड़ दी है।'गांधारी' के प्रमोशन के दौरान पुराने दौर को किया यादफिल्म समीक्षक सुचीन मेहरोत्रा के साथ बातचीत के दौरान तापसी से पूछा गया कि करीब एक दशक पहले (2015 के आसपास) जिस तरह की अलग-अलग कहानियों वाली फिल्में बनती थीं, क्या आज सिनेमा का पूरा परिदृश्य बदल चुका है? इस पर तापसी ने अतीत को याद करते हुए कहा कि वह खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हैं कि उनका करियर उस दौर में शुरू हुआ जब बॉलीवुड में विविध विषयों, सशक्त महिला किरदारों और अलग जॉनर की फिल्मों के लिए पर्याप्त जगह थी। उन्होंने कहा कि यदि वह आज के समय में इंडस्ट्री में कदम रखतीं, जहां केवल एक ही तरह का फॉर्मूला और शॉक वैल्यू हावी है, तो शायद उनके जैसी अभिनेत्री के लिए अपनी जगह बना पाना असंभव होता।परिवार से की थी रिटायरमेंट पर चर्चा: तापसी का छलका दर्दतापसी ने इंटरव्यू में बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों के दौरान रिलीज हुई कुछ बड़ी फिल्मों को देखने के बाद वह अपने परिवार के साथ बैठी थीं और गंभीर बातचीत कर रही थीं। उन्होंने अपने परिजनों से मजाक और गंभीरता के बीच कहा— कहीं मेरे रिटायर होने का समय तो नहीं आ गया है? तापसी के अनुसार, वह यह अच्छी तरह समझती हैं कि हर तरह के सिनेमा का अपना दर्शक वर्ग होता है और लोग एक्शन व हिंसा से भरी फिल्में देखना पसंद करते हैं, लेकिन एक कलाकार के तौर पर वह बिना सोचे-समझे सिर्फ ट्रेंड और कमर्शियल सफलता के पीछे नहीं भाग सकतीं। उन्होंने कहा कि वह अपने काम से प्यार करती हैं, लेकिन यह प्यार इतना अंधा नहीं है कि वह अपनी पसंद के विपरीत जाकर ऐसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन जाएं।क्या कियारा आडवाणी और यश की फिल्म 'टॉक्सिक' पर था निशाना?तापसी का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर यूजर्स ने इसे हालिया रिलीज पैन-इंडिया फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' (Toxic) से जोड़ना शुरू कर दिया। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कन्नड़ सुपरस्टार यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी और तारा सुतारिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। रिलीज के बाद से ही फिल्म में दिखाए गए अत्यधिक हिंसक दृश्यों और महिला किरदारों के चित्रण को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं और आलोचनाएं देखने को मिल रही थीं। ऐसे में यूजर्स ने दावा किया कि तापसी का निशाना सीधे तौर पर 'टॉक्सिक' और उसमें काम करने वाली अभिनेत्रियों पर था।क्या तापसी ने वाकई किसी फिल्म या कलाकार का नाम लिया?हालांकि सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों के बीच असल तथ्य यह है कि तापसी पन्नू ने अपने पूरे इंटरव्यू में न तो फिल्म 'टॉक्सिक' का नाम लिया और न ही कियारा आडवाणी या किसी अन्य सह-कलाकार का कोई सीधा जिक्र किया। उनका बयान किसी एक विशेष प्रोजेक्ट के खिलाफ व्यक्तिगत हमला होने के बजाय सिनेमा के बदलते रुझान, स्क्रिप्ट के चयन और एक कलाकार के रूप में अपनी निजी प्राथमिकताओं को लेकर था। फिर भी, चूंकि 'टॉक्सिक' हालिया दिनों की सबसे चर्चित और विवादास्पद रिलीज रही है, इसलिए नेटिज़न्स ने तापसी की टिप्पणी को इस फिल्म की आलोचना के तौर पर ही देखा।'10 साल बाद जॉनर बदल जाएगा, लेकिन मेरी फिल्में रहेंगी'तापसी ने आगे बात करते हुए अपनी फिल्मोग्राफी को सबसे अहम धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि दर्शक और सिनेमा का दौर हर दशक में बदल जाता है। आज जिस तरह की फिल्मों का बोलबाला है, जरूरी नहीं कि 10 साल बाद भी लोग उसी तरह का सिनेमा देखें। तापसी ने स्पष्ट किया, समय बदलेगा और शैलियां भी बदल जाएंगी, लेकिन मेरी फिल्मोग्राफी हमेशा वैसी ही दर्ज रहेगी। मैं चाहती हूं कि आने वाले सालों में जब कोई मेरे काम को देखे या मैं खुद अपने करियर पर नजर डालूं, तो मुझे अपने फैसलों पर किसी तरह की शर्मिंदगी महसूस न हो। यही कारण है कि वह बॉक्स ऑफिस के तात्कालिक दबाव में आकर अपने उसूलों से समझौता करने के पक्ष में नहीं हैं।सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटे फैंस: ट्रोलिंग बनाम समर्थनतापसी के इस बयान के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। जहां एक वर्ग तापसी के इस स्टैंड की तारीफ कर रहा है कि वह आज भी कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा और मजबूत महिला किरदारों को प्राथमिकता दे रही हैं, वहीं कई यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथों लिया। कुछ आलोचकों ने तापसी की पिछली फिल्मों जैसे 'जुड़वा 2' और ओटीटी फिल्म 'हसीन दिलरुबा' की याद दिलाते हुए उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। कई फैंस का कहना था कि हर जॉनर की अपनी जरूरत होती है और कमर्शियल फिल्मों में मुख्यधारा की अभिनेत्रियों के काम को नीचा दिखाना अनुचित है।'पिंक' से 'गांधारी' तक: तापसी का अलग सफरतापसी पन्नू ने अपने करियर में 'पिंक', 'नाम शबाना', 'मुल्क', 'मनमर्जियां', 'बदला', 'थप्पड़' और 'रश्मि रॉकेट' जैसी फिल्मों से इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अब वह अपनी आगामी फिल्म 'गांधारी' के साथ आ रही हैं, जिसका निर्देशन देवाशीष मखीजा ने किया है और इसकी पटकथा कनिका ढिल्लों ने लिखी है। इस फिल्म में वह एक दृष्टिबाधित मां की भूमिका निभा रही हैं, जो अपने बच्चे के लिए विपरीत परिस्थितियों से लड़ती है। तापसी का यह ताजा बयान एक बार फिर साबित करता है कि वह किसी भी ट्रेंड का अंधानुकरण करने के बजाय हमेशा अपनी शर्तों पर काम करना पसंद करती हैं।
यदि आपका कल बैंक शाखा जाकर नकदी जमा करने, चेक क्लियर कराने, नया खाता खुलवाने या ड्राफ्ट बनवाने का कोई जरूरी काम है, तो घर से निकलने से पहले यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आधिकारिक बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, कल शुक्रवार 4 सितंबर को देश के कई राज्यों और प्रमुख शहरों में सरकारी, निजी और ग्रामीण बैंकों की शाखाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। यह अवकाश भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Jayanthi) के पावन अवसर पर घोषित किया गया है।आरबीआई की आधिकारिक अवकाश सूची के मुताबिक, कल शुक्रवार को उत्तर प्रदेश (लखनऊ, कानपुर), बिहार (पटना), राजस्थान (जयपुर), गुजरात (अहमदाबाद), पश्चिम बंगाल (कोलकाता), तेलंगाना (हैदराबाद), तमिलनाडु (चेन्नई), केरल (तिरुवनंतपुरम, कोच्चि), छत्तीसगढ़ (रायपुर), झारखंड (रांची), हिमाचल प्रदेश (शिमला), जम्मू, ओडिशा (भुवनेश्वर), मिजोरम (आइजोल) और मेघालय (शिलांग) समेत कई प्रमुख सर्किलों में बैंक शाखाओं में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इन शहरों में स्थित बैंकों के सभी काउंटर बंद रहेंगे और वहां किसी भी प्रकार का भौतिक लेन-देन नहीं हो सकेगा।आरबीआई का नियम: नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत कैसे तय होती हैं छुट्टियांरिजर्व बैंक ऑफ इंडिया देश भर के बैंकों में छुट्टियों का निर्धारण 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881' (Negotiable Instruments Act) के तहत करता है। केंद्रीय बैंक की हॉलिडे सूची तीन श्रेणियों में विभाजित होती है: पहली 'हॉलिडे अंडर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट', दूसरी 'रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) हॉलिडे', और तीसरी 'बैंक अकाउंट्स क्लोजिंग'।आरबीआई का यह नियम है कि सभी राज्यों में छुट्टियां एक समान नहीं होती हैं। स्थानीय परंपराओं, क्षेत्रीय त्योहारों, राज्य के महापुरुषों की जयंती और चुनावी गतिविधियों के आधार पर अलग-अलग राज्यों और सर्किलों के लिए स्थानीय अवकाश तय किए जाते हैं। यही वजह है कि कल 4 सितंबर को जहां उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में बैंक बंद रहेंगे, वहीं कुछ अन्य पूर्वोत्तर या दक्षिण-पश्चिम राज्यों के चुनिंदा शहरों में बैंक नियमित रूप से खुले रह सकते हैं।शाखाएं बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं: ग्राहकों को नहीं होगी परेशानीबैंक शाखाओं में ताला लटकने के बावजूद ग्राहकों के दैनिक और आवश्यक वित्तीय लेन-देन प्रभावित नहीं होंगे। आधुनिक बैंकिंग प्रणाली और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते आज अधिकांश सेवाएं 24 घंटे और सातों दिन उपलब्ध रहती हैं। यदि आपको तत्काल धन हस्तांतरण या लेन-देन की आवश्यकता है, तो आप निम्नलिखित सेवाओं का उपयोग बिना किसी रुकावट के कर सकते हैं:एटीएम और कैश रीसाइक्लर मशीनें (ATM & CRM): नकदी निकासी और नकद जमा के लिए देश भर के सभी बैंक एटीएम सामान्य दिनों की तरह 24 घंटे काम करते रहेंगे।इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग: बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप और नेट बैंकिंग पोर्टल के माध्यम से आप किसी भी समय अपने खाते का बैलेंस चेक कर सकते हैं, बिल भुगतान कर सकते हैं और निवेश से जुड़े कार्य निपटा सकते हैं।यूपीआई (UPI) पेमेंट्स: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम, भीम और अन्य यूपीआई ऐप के जरिए रोजमर्रा की खरीदारी और त्वरित फंड ट्रांसफर की सुविधा पूरी तरह सुचारू रहेगी।आईएमपीएस और एनईएफटी (IMPS / NEFT): डिजिटल माध्यम से होने वाले एनईएफटी और आईएमपीएस ट्रांसफर चौबीसों घंटे चालू रहेंगे, जिससे आप किसी भी बैंक खाते में तत्काल पैसे भेज सकते हैं।कस्टमर केयर और एआई चैटबॉट: बैंक की हेल्पलाइन सेवाएं और डिजिटल कस्टमर सपोर्ट सिस्टम ग्राहकों की तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए एक्टिव रहेंगे।हालांकि, जिन कार्यों के लिए बैंक शाखा में व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य होती है—जैसे बड़ी रकम के चेक की भौतिक क्लीयरेंस, लॉकर एक्सेस, गोल्ड लोन मूल्यांकन, डीडी बनवाना या केवाईसी अपडेशन—वे सभी काम अगले कार्य दिवस पर ही पूरे हो सकेंगे।सितंबर महीने में कुल 14 दिन बंद रहेंगे बैंक: देखें पूरी हॉलिडे लिस्टसितंबर का महीना त्योहारों और विशेष आयोजनों से भरा हुआ है। इस महीने में गणेश चतुर्थी, नुआखाई, कर्म पूजा और इंद्रजात्रा जैसे कई बड़े त्योहार पड़ रहे हैं। इसके अलावा दूसरे और चौथे शनिवार तथा रविवार के साप्ताहिक अवकाश को मिलाकर सितंबर में कुल 14 दिन बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा।सितंबर 2026 की महत्वपूर्ण बैंक छुट्टियों की सूची इस प्रकार है:4 सितंबर (शुक्रवार): श्रीकृष्ण जन्माष्टमी / कृष्ण जयंती (लखनऊ, पटना, जयपुर, अहमदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता आदि कई सर्किलों में बैंक बंद)।6 सितंबर (रविवार): देश भर में सभी बैंकों का साप्ताहिक अवकाश।11 सितंबर (शुक्रवार): स्थानीय चुनाव / प्रशासनिक अवकाश (जयपुर सर्किल के चिन्हित क्षेत्रों में बैंक बंद)।12 सितंबर (शनिवार): महीने का दूसरा शनिवार (देश भर के सभी बैंक बंद) तथा असम में श्रीमंत शंकरदेव की तिरोभाव तिथि।13 सितंबर (रविवार): देश भर में सभी बैंकों का साप्ताहिक अवकाश।14 सितंबर (सोमवार): गणेश चतुर्थी / विनायक चतुर्थी (महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, गोवा आदि में बैंक बंद)।15 सितंबर (मंगलवार): संवत्सरी / नुआखाई / गणेश चतुर्थी का दूसरा दिन (अहमदाबाद, भुवनेश्वर, पणजी आदि में अवकाश)।20 सितंबर (रविवार): देश भर में सभी बैंकों का साप्ताहिक अवकाश।21 सितंबर (सोमवार): श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव / श्री नारायण गुरु समाधि (गुवाहाटी, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद)।22 सितंबर (मंगलवार): कर्म पूजा (रांची सर्किल में बैंक बंद)।23 सितंबर (बुधवार): महाराजा हरि सिंह जी की जयंती (जम्मू और श्रीनगर सर्किल में बैंक बंद)।25 सितंबर (शुक्रवार): इंद्रजात्रा (गंगटोक सर्किल में अवकाश)।26 सितंबर (शनिवार): महीने का चौथा शनिवार (देश भर के सभी बैंक बंद)।27 सितंबर (रविवार): देश भर में सभी बैंकों का साप्ताहिक अवकाश।ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह: वीकेंड और छुट्टियों को देखते हुए बनाएं योजनाचूंकि कल 4 सितंबर (शुक्रवार) को कई राज्यों में बैंकों का अवकाश है और इसके ठीक बाद 6 सितंबर (रविवार) को साप्ताहिक छुट्टी रहेगी, इसलिए लंबी कतारों और देरी से बचने के लिए अपने बैंकिंग कार्यों की पहले से योजना बना लें। यदि आपका कोई चेक जमा होना है या किसी लोन की औपचारिकता पूरी करनी है, तो उसे अगले कार्य दिवस पर प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। इसके अलावा, लंबी छुट्टियों के दौरान कई बार एटीएम मशीनों में नकदी की कमी (Cash Crunch) देखने को मिलती है, इसलिए आपातकालीन खर्चों के लिए पहले से कुछ जरूरी नकदी अपने पास रखना समझदारी होगी।
एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच की लंबी कतारों से पाएं छुटकारा: बस बदलें अपनी पैकिंग स्टाइल
हवाई यात्रा का रोमांच उस समय तनाव में बदल जाता है जब एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच (Security Check) के दौरान लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता है। अक्सर सुरक्षा कर्मियों द्वारा बैग को दोबारा खोलने, एक-एक सामान बाहर निकालने और फिर से री-पैक करने में न केवल काफी समय बर्बाद होता है, बल्कि फ्लाइट छूटने का डर भी सताने लगता है। अधिकांश मामलों में यह देरी सुरक्षा प्रोटोकॉल की वजह से नहीं, बल्कि यात्रियों की अनियोजित और अव्यवस्थित पैकिंग (Unorganized Packing) के कारण होती है। यदि आप बैग पैक करते समय कुछ बुनियादी नियमों और अंतरराष्ट्रीय विमानन दिशा-निर्देशों का ध्यान रखें, तो आप सुरक्षा जांच से पलक झपकते ही बाहर निकल सकते हैं।स्मार्ट लेयरिंग तकनीक: एक्स-रे स्कैनर को दें साफ विजनएयरपोर्ट सुरक्षा स्कैनर (X-Ray Baggage Scanner) उच्च-घनत्व वाली वस्तुओं को आसानी से स्कैन करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। जब आप बैग में कपड़े, मेटल के सामान, जूते और इलेक्ट्रॉनिक तारों को एक साथ उलझाकर ठूंस देते हैं, तो स्क्रीन पर काली परछाई (Opaque Silhouette) बन जाती है, जिससे सीआईएसएफ (CISF) या सुरक्षा अधिकारियों को बैग संदिग्ध लगता है और वे मैनुअल चेकिंग के लिए बैग खुलवाते हैं। इससे बचने के लिए लेयरिंग तकनीक (Layering Method) अपनाएं। बैग के सबसे निचले हिस्से में कपड़े और भारी सामान रखें, फिर जूते व दस्तावेज रखें और सबसे ऊपरी हिस्से में आसानी से निकलने वाले सामान को जगह दें।इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और पावर बैंक को रखें सबसे ऊपर या अलग कंपार्टमेंट मेंसुरक्षा जांच में सबसे ज्यादा समय लैपटॉप, टैबलेट, ई-रीडर और कैमरों को निकालने में लगता है। नियमों के अनुसार, सुरक्षा ट्रे में लैपटॉप और बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अलग से रखना अनिवार्य होता है। अगर आपका लैपटॉप बैग के सबसे नीचे दबा होगा, तो उसे निकालने में पूरा बैग बिखर जाएगा। हमेशा ऐसे कैरी-ऑन बैग (Hand Baggage) का चयन करें जिसमें बाहर की तरफ एक समर्पित और त्वरित एक्सेस वाला लैपटॉप कंपार्टमेंट (Quick-Access Pouch) हो। इसके अलावा, ध्यान रखें कि पावर बैंक और अतिरिक्त लीथियम-आयन बैटरी को कभी भी चेक-इन बैगेज में न डालें, इन्हें हमेशा हैंड बैगेज में ही रखें क्योंकि चेक-इन में पावर बैंक पाए जाने पर आपका सामान रोक दिया जाता है।3-1-1 लिक्विड रूल को समझें: पारदर्शी पाउच का करें इस्तेमालतरल पदार्थों (Liquids, Aerosols, and Gels - LAGs) को लेकर विमानन सुरक्षा नियम बेहद सख्त हैं। केबिन बैगेज में किसी भी तरह का लिक्विड, परफ्यूम, लोशन, शैम्पू, टूथपेस्ट या सैनिटाइजर 100 मिलीलीटर (100ml) से बड़े कंटेनर में ले जाने की अनुमति नहीं होती है। भले ही 200ml की बोतल में केवल 50ml शैम्पू बचा हो, सुरक्षा गार्ड बोतल के आकार को देखकर उसे जब्त कर सकते हैं। इसके लिए '3-1-1 नियम' का पालन करें: 100ml तक के छोटे कंटेनर लें और उन सभी को एक पारदर्शी, सील-बंद ज़िपलॉक बैग (Transparent Ziploc Pouch) में रखें। चेकिंग ट्रे में यह पाउच एक बार में बाहर निकाला जा सकता है, जिससे बैग खोलने की नौबत ही नहीं आती।तारों और चार्जर्स के लिए 'केबल ऑर्गनाइजर' का करें इस्तेमालबैग के अंदर बिखरे हुए चार्जिंग केबल्स, ईयरफोन, एडेप्टर और पावर कॉर्ड्स एक्स-रे मशीन में संदिग्ध वायरिंग जैसे नजर आते हैं, जिससे स्कैनर ऑपरेटर का ध्यान तुरंत उस ओर खिंच जाता है। तारों को आपस में उलझने से बचाने के लिए एक छोटा केबल ऑर्गनाइजर पाउच (Electronics Travel Pouch) खरीदें। सभी चार्जर्स, पेन ड्राइव और एडॉप्टर को व्यवस्थित तरीके से इस पाउच में रखें। इससे स्कैनर स्क्रीन पर चीजें बिल्कुल स्पष्ट दिखाई देती हैं और अनावश्यक बैग सर्चिंग से बचाव होता है।एयरपोर्ट ड्रेस कोड: मेटल के सामान और जटिल जूतों से बचेंसिक्योरिटी गेट (DFMD - Door Frame Metal Detector) से गुजरते समय बीप की आवाज बजना देरी का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। यात्रा के दिन कपड़े और जूते पहनते समय समझदारी दिखाएं। भारी मेटल बकल वाले बेल्ट, मेटल बटन वाली जैकेट, घड़ियां और भारी आभूषण पहनने से बचें या सुरक्षा जांच लाइन में लगने से पहले ही इन्हें उतारकर अपने हैंड बैग की बाहरी जेब में सुरक्षित रख लें। ऐसे जूते पहनने से बचें जिनमें लेसेस (फीते) बहुत ज्यादा हों या जिन्हें उतारने में वक्त लगे। स्लिप-ऑन जूते या सामान्य स्नीकर्स हवाई यात्रा के लिए सबसे मुफीद माने जाते हैं।डॉक्यूमेंट्स और बोर्डिंग पास के लिए डेडिकेटेड पॉकेट बनाएंसिक्योरिटी जांच और बोर्डिंग गेट पर बार-बार पहचान पत्र (Aadhaar/Passport) और बोर्डिंग पास दिखाना होता है। अक्सर लोग लाइन में खड़े होकर अपनी जेबों या बैग के गहरे खानों में टिकट और आईडी ढूंढने लगते हैं, जिससे कतार में पीछे खड़े लोगों का समय भी खराब होता है। इसके लिए एक छोटा स्लिंग बैग, ट्रैवल वॉलेट या जैकेट की जिप वाली सुरक्षित जेब का इस्तेमाल करें, जहां से आप बिना किसी हड़बड़ाहट के एक सेकंड में अपने दस्तावेज निकाल सकें। यदि आप 'डिजी यात्रा' (DigiYatra) सुविधा का उपयोग कर रहे हैं, तो आपका फेस ही आपका बोर्डिंग पास बन जाता है, जिससे समय की भारी बचत होती है।केबिन बैग के वजन और साइज लिमिट का रखें पूरा ध्यानएयरलाइंस के हैंड बैगेज नियमों (सामान्यतः 7 किग्रा तक) का उल्लंघन करने पर कई बार सुरक्षा जांच के बाद भी एयरलाइन स्टाफ आपको वापस चेक-इन काउंटर पर भेज देता है, जिससे आपकी फ्लाइट छूटने का गंभीर खतरा बन जाता है। घर से निकलने से पहले पोर्टेबल वेइंग स्केल से अपने केबिन बैग का वजन जरूर जांच लें। बैग को जरूरत से ज्यादा न भरें (Overstuffing से बचें), क्योंकि अगर सुरक्षा कर्मी को कोई संदिग्ध चीज देखने के लिए बैग खुलवाना पड़ा, तो फूले हुए बैग को दोबारा बंद करने में पसीने छूट जाएंगे।
यूक्रेन की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां आपस में ही भिड़ गईं, गोलीबारी में कई घायल
यह घटना जेलेंस्की के लिए एक नाज़ुक समय पर हुई है. हाल ही में उन्हें बर्खास्त किए गए रक्षा मंत्री की ओर से युद्ध के समय चुनाव कराने की मांग का सामना करना पड़ा था.
केशव प्रसाद मौर्य ने देश व प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की दी हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं
केशव प्रसाद मौर्य ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन एवं पुनीत पर्व पर देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण जी की कृपा से देश व प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली आए और समाज में प्रेम,सौहार्द, भाईचारे तथा आपसी विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हो।शुभकामना देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी का जीवन मानवता के लिए प्रेरणा का महान स्रोत है। उन्होंने अपने जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से सम्पूर्ण मानव समाज को सत्य, धर्म, कर्तव्य, कर्म और न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। गीता में भगवान श्रीकृष्ण जी द्वारा दिया गया ज्ञानयोग,कर्मयोग और भक्तियोग का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है,जितना हजारों वर्ष पूर्व था।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी ने हमें सिखाया कि व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा,ईमानदारी और समर्पण के साथ करना चाहिए तथा परिणाम की चिंता किए बिना सतत कर्म करते रहना चाहिए। उनका कर्मयोग का संदेश जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में मनुष्य को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।श्री मौर्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी ने अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष करते हुए धर्म की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करना चाहिए। श्रीकृष्ण का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने,चुनौतियों का साहस पूर्वक सामना करने और समाज एवं राष्ट्र के हित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।
बॉलीवुड की 'बेबो' का बड़ा खुलासा: पढ़ाई अधूरी छोड़ने का आज भी है मलाल
हिंदी सिनेमा की सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) ने अपने फिल्मी करियर में अपार शोहरत और कई प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल किए हैं। दो दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, लेकिन इस भारी सफलता के बावजूद उनकी जिंदगी में एक ऐसी कमी रह गई है, जिसे वह आज भी नहीं भूल पाई हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान करीना कपूर का दर्द खुलकर सामने आया, जहां उन्होंने स्वीकार किया कि फिल्मों में करियर बनाने की जल्दबाजी में 11वीं कक्षा के बाद औपचारिक शिक्षा छोड़ देने का पछतावा उन्हें आज भी सताता है।'मैंने अपने दिल की सुनी, लेकिन शिक्षा अधूरी रहने का अफसोस हमेशा रहा'पॉडकास्टर हनुमान दास के साथ एक विशेष बातचीत के दौरान करीना कपूर ने अपने शुरुआती जीवन और पढ़ाई के दिनों को याद किया। उन्होंने बेहद ईमानदारी से अपनी बात रखते हुए कहा कि भले ही उनके पास अच्छी शिक्षा पूरी करने के तमाम अवसर मौजूद थे, लेकिन कम उम्र में अभिनय के प्रति उनका जुनून इतना हावी हो गया कि उन्होंने 11वीं क्लास के बाद स्कूल को अलविदा कह दिया। करीना ने कहा कि उन्हें पता है कि बहुत से लोग इस बात का मजाक उड़ा सकते हैं या अपनी राय रख सकते हैं, लेकिन उस समय वह सिर्फ खुद को एक अभिनेत्री के तौर पर साबित करना चाहती थीं और अपने दिल की आवाज पर चल रही थीं। हालांकि, उम्र और अनुभव के इस पड़ाव पर उन्हें गहराई से एहसास होता है कि औपचारिक शिक्षा का जीवन में क्या महत्व होता है।बेटों तैमूर और जेह के लिए तय किया घर का सबसे कड़ा नियमअपने इस व्यक्तिगत पछतावे का असर करीना कपूर की पेरेंटिंग स्टाइल पर भी साफ तौर पर दिखाई देता है। सैफ अली खान और करीना कपूर के दोनों बेटे तैमूर अली खान और जहांगीर अली खान (जेह) अक्सर सोशल मीडिया और पैपराजी के बीच छाए रहते हैं, लेकिन करीना ने उनके भविष्य को लेकर एक सख्त फैसला ले रखा है। करीना का कहना है कि उन्होंने अपने दोनों बेटों को साफ निर्देश दिया है कि वे जो भी बनना चाहते हैं बनें, लेकिन उन्हें अपनी पढ़ाई हर हाल में पहले पूरी करनी होगी। चाहे वे खेल जगत में जाएं या सिनेमा में, उच्च शिक्षा की डिग्री हासिल करने के बाद ही वे अपने जुनून को पेशेवर रूप से अपना सकेंगे।तैमूर के स्पोर्ट्स करियर पर बोलीं: जरूरी नहीं कि खानदान की तरह एक्टर ही बनेइंटरव्यू के दौरान जब करीना से उनके बड़े बेटे तैमूर के भविष्य के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वह खुद को एक 'फुटबॉल और क्रिकेट मॉम' मानती हैं। तैमूर खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए क्रिकेट या फुटबॉल खेलना चाहते हैं। करीना ने स्पष्ट किया कि कपूर और पटौदी खानदान का हिस्सा होने का मतलब यह कतई नहीं है कि उनके बच्चों को जबरन एक्टिंग की दुनिया में ही आना पड़ेगा। वह अपने बच्चों के सपनों का पूरा समर्थन करेंगी, बशर्ते उनकी बुनियादी और उच्च शिक्षा में कोई समझौता न हो।यूनिसेफ (UNICEF) और बालिकाओं की शिक्षा से जुड़ाव की असल वजहकरीना कपूर वर्ष 2014 से यूनिसेफ इंडिया (UNICEF India) के साथ एक सेलिब्रिटी एडवोकेट और नेशनल एंबेसडर के रूप में जुड़ी हुई हैं। वह देश भर में लड़कियों की बुनियादी शिक्षा, जेंडर इक्वालिटी और बच्चों के सीखने के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाती रही हैं। करीना ने भावुक होते हुए खुलासा किया कि जब यूनिसेफ ने उनसे बालिकाओं की शिक्षा के अभियान से जुड़ने का आग्रह किया था, तो यह मुद्दा उनके दिल के बेहद करीब इसलिए लगा क्योंकि वह खुद अपनी पढ़ाई बीच में छूट जाने का दर्द अच्छी तरह समझती थीं। वह चाहती हैं कि देश की हर बच्ची को अपनी पढ़ाई पूरी करने का पूरा अवसर और अधिकार मिले।कैसा रहा करीना कपूर का शुरुआती शैक्षणिक सफर?करीना कपूर ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा मुंबई के प्रतिष्ठित जमनाबाई नरसी स्कूल और उसके बाद देहरादून के प्रसिद्ध वेल्हम गर्ल्स स्कूल से पूरी की थी। उन्होंने बाद में मुंबई के मिठीबाई कॉलेज में कुछ समय पढ़ाई की और हार्वर्ड समर स्कूल से माइक्रो कंप्यूटर का एक अल्पकालिक कोर्स भी किया। इसके बाद उन्होंने गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में दाखिला भी लिया था, लेकिन वर्ष 2000 में जे.पी. दत्ता की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रिफ्यूजी' से महज 19 साल की उम्र में डेब्यू करने के चलते उनकी औपचारिक उच्च शिक्षा पूरी तरह अधूरी रह गई।आने वाली फिल्में: मेघना गुलजार की 'दायरा' में दिखेंगी नए अंदाज मेंफिल्मी मोर्चे पर करीना कपूर आने वाले दिनों में निर्देशक मेघना गुलजार की आगामी बहुचर्चित क्राइम-थ्रिलर फिल्म 'दायरा' (Daayra) में नजर आने वाली हैं। सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म में करीना एक पुलिस अधिकारी (DCP अजूनी कोहली) की बेहद गंभीर और दमदार भूमिका निभा रही हैं, जिसमें उनके साथ साउथ सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन भी मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे।
AISA ने छात्र आंदोलनों को एकजुट करने के लिए बनाया National Platform
नयी दिल्ली, तीन सितंबर ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने बुधवार को देशभर के छात्र आंदोलनों के प्रतिनिधियों को एक साथ लाकर राष्ट्रीय मंच बनाने की पहल की। संगठन का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक, शैक्षिक संस्थानों में हिंसा, जातिगत भेदभाव और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे भारत के युवाओं के सामने मौजूद एक साझा संकट का हिस्सा हैं। दिल्ली में ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब’ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन और जन सम्मेलन के दौरान, आइसा के ‘जेन जी राइजिंग’ अभियान के पहले चरण के समापन पर झारखंड, गुजरात, तेलंगाना, केरल, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों के छात्र आंदोलनों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। छात्र संगठन ने इन अलग-अलग दिखने वाले आंदोलनों के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश की। आइसा ने कहा कि यह अभियान जंतर-मंतर पर हुए उन विरोध प्रदर्शनों से निकला है, जिनमें शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे की मांग की गई थी। संगठन ने कहा कि इस आंदोलन ने यह दिखाया कि छात्र अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर एकजुट हो सकते हैं और इसके बाद इसने विभिन्न परिसरों और राज्यों में होने वाले प्रदर्शनों को भी प्रेरित किया। आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने कहा, ‘‘हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि छात्र आंदोलन एक-दूसरे से अलग-थलग नहीं हैं। ये सभी एक बड़े आंदोलन का हिस्सा हैं, जिसमें युवा अपने भविष्य से जुड़े सवाल उठा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं।’’सभा को संबोधित करने वालों में हबीबा भी शामिल थीं, जो झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन से जुड़ी थीं। अन्य छात्र आंदोलनों के प्रतिनिधियों ने भी शैक्षणिक परिसरों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति पर कथित पाबंदियों के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के बारे में अपने विचार रखे। नालसार आंदोलन से जुड़े एक प्रतिनिधि ने हालिया विवाद का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में हुए घटनाक्रम के खिलाफ प्रदर्शन करने पर छात्रों को दबाव का सामना करना पड़ा। प्रतिनिधि ने कहा कि कानूनी हस्तक्षेप और जनता की प्रतिक्रिया के बाद निर्देशों को वापस लिया जाना इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकता कि फैसले किस तरीके से लिए गए, इसे लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में एक छात्र की आत्महत्या के बाद हुए प्रदर्शनों का मुद्दा भी सम्मेलन में उठाया गया। प्रतिनिधियों ने संस्थागत स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता, शैक्षणिक प्रक्रियाओं और मानसिक तनाव से जूझ रहे छात्रों के प्रति प्रशासनिक रवैये को लेकर चिंताएं जताईं।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के चलते दिल्ली में बड़ा ऐलान: 11 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आगामी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (18th BRICS Leaders' Summit) के भव्य आयोजन और अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (DoPT) तथा दिल्ली के उपराज्यपाल के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने आगामी 11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को दिल्ली में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। चूंकि 11 सितंबर को शुक्रवार है और इसके ठीक बाद 12 सितंबर (शनिवार) और 13 सितंबर (रविवार) का सप्ताहांत है, इसलिए राजधानी के सरकारी कर्मचारियों और लाखों निवासियों को लगातार तीन दिनों का लंबा ब्रेक मिलने जा रहा है। यह सम्मेलन प्रगति मैदान स्थित प्रतिष्ठित भारत मंडपम में 11 से 13 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 30 सदस्य देशों और साझेदार राष्ट्रों के शीर्ष नेता, राष्ट्राध्यक्ष एवं वैश्विक प्रतिनिधि शिरकत करेंगे।लगातार 3 दिनों की छुट्टी: दिल्ली वालों को मिलेगा लंबा वीकेंडसितंबर के दूसरे सप्ताह में दिल्लीवासियों को एक मिनी वेकेशन जैसा माहौल मिलने वाला है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, दिल्ली और नई दिल्ली क्षेत्र में स्थित सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालय, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (GNCTD) के प्रशासनिक दफ्तर, स्वायत्त निकाय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) 11 सितंबर को पूरी तरह बंद रहेंगे। शुक्रवार के इस अवकाश के बाद शनिवार और रविवार की नियमित छुट्टी के चलते लगातार तीन दिनों तक सरकारी कामकाज नहीं होगा। सरकार का मानना है कि कार्य दिवस पर कार्यालय बंद रखने से सड़कों पर आम वाहनों का दबाव भारी मात्रा में घटेगा, जिससे विदेशी राजनयिकों, राष्ट्राध्यक्षों और वीवीआईपी प्रतिनिधिमंडलों के सुगम काफिले (Motorcades) के संचालन में आसानी होगी और शहरवासियों को भी जाम की भारी किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा।क्या-क्या रहेगा बंद: जानिए किन संस्थानों पर लागू होगा अवकाशसरकार के इस आदेश का दायरा नई दिल्ली और केंद्रीय दिल्ली के प्रशासनिक तंत्र पर व्यापक रूप से लागू होगा। 11 सितंबर को बंद रहने वाली प्रमुख सेवाओं और संस्थानों में ये शामिल हैं:केंद्र सरकार के सभी कार्यालय: नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, शास्त्री भवन, निर्माण भवन और सीजीओ कॉम्प्लेक्स सहित दिल्ली में स्थित सभी मंत्रालयों और विभागों के केंद्रीय कार्यालय पूर्णतः बंद रहेंगे।दिल्ली सरकार के प्रशासनिक विभाग: दिल्ली सचिवालय, विभिन्न निदेशालय, नगर निगम (MCD) के प्रशासनिक कार्यालय और दिल्ली सरकार के अधीनस्थ सभी स्वायत्त संस्थाएं बंद रहेंगी।सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs): दिल्ली-एनसीआर में स्थित सरकारी कंपनियों और उपक्रमों के कॉर्पोरेट व क्षेत्रीय कार्यालयों में भी अवकाश लागू रहेगा।सरकारी शिक्षण संस्थान: सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल और कॉलेज सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा आवागमन प्रतिबंधों के चलते बंद रखे जा सकते हैं, जिसके लिए शिक्षा निदेशालय द्वारा अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।रजिस्ट्री व आरटीओ सेवाएं: वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट और संपत्ति रजिस्ट्री से जुड़े सार्वजनिक सेवा केंद्र 11 सितंबर से 13 सितंबर तक बंद रहेंगे।कौन सी सेवाएं रहेंगी पूरी तरह चालू: आम जनता को नहीं होगी असुविधातीन दिनों के इस अवकाश के दौरान आम नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं (Essential & Emergency Services) को पूरी तरह छूट दी गई है। दिल्ली प्रशासन और पुलिस ने सुनिश्चित किया है कि सामान्य जीवन में कोई व्यवधान न आए:अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं: एम्स (AIIMS), सफदरजंग, आरएमएल, जीटीबी और लोक नायक (LNJP) सहित दिल्ली के सभी प्रमुख सरकारी व निजी अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर और आपातकालीन वार्ड 24 घंटे पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। एम्बुलेंस सेवाओं के लिए विशेष ग्रीन कॉरिडोर और अप्रतिबंधित रूट उपलब्ध रहेंगे।दिल्ली मेट्रो रेल (DMRC): दिल्ली मेट्रो नेटवर्क शहर की जीवनरेखा के रूप में सभी प्रमुख लाइनों पर अपनी नियमित सेवाएं जारी रखेगा। हालांकि, सुरक्षा कारणों से भारत मंडपम के निकटवर्ती स्टेशन जैसे 'सुप्रीम कोर्ट' और लुटियंस दिल्ली के चुनिंदा स्टेशनों के कुछ गेटों पर अस्थायी निकास नियंत्रण लागू किया जा सकता है।दवा और किराना दुकानें: स्थानीय बाजारों में स्थित मेडिकल स्टोर, दूध के बूथ, सुपरमार्केट, फल-सब्जी और किराना की सामान्य रिटेल दुकानें सामान्य दिनों की तरह खुली रहेंगी।फायर ब्रिगेड, बिजली और जल आपूर्ति: दिल्ली जल बोर्ड, बीएसईएस, एनडीपीएल और दमकल विभाग के इमरजेंसी कंट्रोल रूम बिना किसी रुकावट के लगातार काम करते रहेंगे।हवाई अड्डा व रेलवे कनेक्टिविटी: नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों तथा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी सुचारू रहेगी, बशर्ते यात्रियों को अपनी वैध यात्रा टिकट साथ रखनी होगी।भारत मंडपम में जुटेगा दुनिया का शीर्ष नेतृत्व: वीवीआईपी सुरक्षा का कड़ा पहराभारत के पास वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता है, जिसका विषय 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' रखा गया है। इस 18वें शिखर सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका सहित नए शामिल सदस्य देशों और 30 से अधिक वैश्विक साझेदार देशों के शीर्ष नेता हिस्सा लेने आ रहे हैं। विदेशी मेहमानों के ठहरने के लिए मध्य दिल्ली और दक्षिण दिल्ली (साकेत) के 10 प्रमुख लग्जरी होटलों को चिन्हित किया गया है। 11 सितंबर को अधिकांश विदेशी प्रतिनिधिमंडल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इस दौरान एयरपोर्ट से लेकर होटलों और प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम तक लगातार सुरक्षा काफिले गुजरेंगे। सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो और विदेशी मेहमानों की आवाजाही निर्बाध रहे, इसी उद्देश्य से दिल्ली पुलिस ने 4,800 से अधिक अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है।ट्रैफिक एडवाइजरी और 22 प्रमुख कॉरिडोर पर डायवर्जनदिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सम्मेलन को लेकर एक विस्तृत ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के कम से कम 22 प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, तीन मूर्ति मार्ग, मथुरा रोड, भैरों मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, रिंग रोड (सराय काले खां से मोती बाग) और इंडिया गेट के आसपास के रास्तों पर वीवीआईपी मूवमेंट के समय कुछ देर के लिए यातायात रोका जा सकता है। बाहरी राज्यों से आने वाले भारी ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा। जो लोग एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें प्राइवेट कैब या पर्सनल कार के बजाय दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का उपयोग करने की पुरजोर सलाह दी गई है।जरूरी सरकारी काम 11 सितंबर से पहले निपटा लें नागरिकलगातार तीन दिनों के सरकारी अवकाश को देखते हुए आम जनता और कारोबारियों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे अपने आवश्यक प्रशासनिक कार्य समय से पहले पूरे कर लें। यदि आपका बैंक, टैक्स, पासपोर्ट कार्यालय, आधार केंद्र, नगर निगम या न्यायालय से जुड़ा कोई जरूरी काम लंबित है, तो उसे 10 सितंबर (गुरुवार) की शाम तक अनिवार्य रूप से निपटा लें। 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के दफ्तरों में सार्वजनिक कामकाज पूरी तरह स्थगित रहेगा, और नियमित कामकाज अब 14 सितंबर (सोमवार) से ही दोबारा शुरू हो सकेगा।
'कॉफी पर कुरुक्षेत्र' कार्यक्रम में यूपी विधानसभा को लेकर बातचीत हुई। कार्यक्रम में सीएम योगी के मथुरा दौरे को लेकर भी बात की गई।
मानसून का रौद्र रूप: 4 सितंबर को देश भर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
देश भर में सक्रिय मानसूनी हवाओं और गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure System) के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी 4 सितंबर 2026 को मध्य भारत से लेकर उत्तर और पूर्वोत्तर के 25 से अधिक राज्यों में व्यापक वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं की कड़ी चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी से उठी मानसूनी हलचल और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से सटे इलाकों में बने चक्रवाती तंत्र के कारण अगले 24 घंटों के दौरान कई हिस्सों में बारिश का दौर नहीं थमेगा। कई इलाकों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।मध्य प्रदेश में भारी तबाही की आशंका: इन संभागों में रेड और ऑरेंज अलर्टमध्य प्रदेश में मानसूनी सिस्टम इस समय अपने चरम पर है। आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश की सीमा पर बना वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 4 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल और आसपास के इलाकों में अति भारी से अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है। लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों में उफान आ गया है और कई प्रमुख बांधों के गेट खोले जाने की स्थिति बन रही है। निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश: गिरेगा पारादेश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम व फरीदाबाद में 4 सितंबर को दिनभर बादलों का डेरा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इस दौरान 15 से 25 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी, जहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन सुबह और शाम के व्यस्त समय में सड़कों पर जलभराव के चलते यातायात प्रभावित होने की पूरी संभावना है।उत्तर प्रदेश में मौसम का तेवर सख्त: पश्चिमी और पूर्वी यूपी में चेतावनीउत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 4 सितंबर को झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य प्रदेश से सटे बुंदेलखंड और दक्षिणी यूपी के जिलों जैसे झांसी, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर और प्रयागराज में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद और सहारनपुर में मध्यम से तेज बारिश होगी। राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और अयोध्या समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) जैसी स्थिति बन सकती है।पहाड़ी राज्यों में आफत: उत्तराखंड और हिमाचल में लैंडस्लाइड का खतराउत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में मानसूनी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल और पिथौरागढ़ में 4 सितंबर को भीषण बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन (Landslide) और चट्टानें खिसकने का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात बाधित हो सकता है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।बिहार, झारखंड और राजस्थान में भी दिखेगा सिस्टम का असरमानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) सक्रिय रहने से बिहार और झारखंड में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। बिहार के पटना, गया, भागलपुर, रोहतास और कैमूर में तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना के साथ मध्यम बारिश का अनुमान है। झारखंड के पलामू, गढ़वा और लातेहार में भारी बारिश के चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दूसरी ओर, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों जैसे कोटा, उदयपुर, जयपुर, दौसा और भरतपुर संभाग में भी 4 सितंबर को हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।मौसम विभाग की सुरक्षा एडवाइजरी: नागरिक इन बातों का रखें ध्यानखराब मौसम और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आंधी-तूफान के समय किसी भी हाल में पेड़ों या जर्जर मकानों के नीचे शरण न लें। खुले मैदानों, जलभराव वाले क्षेत्रों और बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। गरज-चमक के समय घरों में मौजूद टीवी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग बिजली के बोर्ड से निकाल दें। किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि वे मौसम सामान्य होने तक खेतों में खुले स्थानों पर न जाएं और अपनी फसलों को जलभराव से बचाने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। वाहन चालकों को गीली सड़कों पर सावधानीपूर्वक धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है।
दिल्ली बस रेप केस के बाद कानपुर पुलिस का 'ऑपरेशन अलर्ट', स्लीपर बसों में चेकिंग अभियान
कानपुर पुलिस ने ऑपरेशन अलर्ट अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत स्लीपर और लंबी दूरी की बसों की सख्त जांच की जा रही है. इसमें ड्राइवर और कंडक्टर के दस्तावेजों की भी वेरिफिकेशन शामिल है. पुलिस ने बसों में लगे काले पर्दों को हटाने का निर्देश दिया है ताकि अंदर की गतिविधियां साफ तौर से देखी जा सकें.
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के कंधों पर सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन, टेंडर और दर्शन व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी है. जानिए उनके प्रशासनिक मॉडल, पृष्ठभूमि और मंदिर ट्रस्टी मदन मोहन पांडेय के बयान से जुड़ी पूरी खबर.
त्रिशूली में अपनों की तलाश, नेपाल में उफनती नदी में लाशें ढूंढ रहीं नावें, NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी के किनारे बड़े पैमाने पर राहत और खोज अभियान जारी है. उफनती नदी, खराब मौसम और भारी मलबे के बीच बचाव दल नावों और स्निफर डॉग्स की मदद से लापता लोगों और शवों की तलाश कर रहे हैं.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE 2027) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल gate2027.iitm.ac.in पर शुरू कर दी है। देश के प्रमुख इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम के उच्च शिक्षण संस्थानों में मास्टर और डॉक्टरेट (Ph.D.) प्रोग्राम में प्रवेश तथा कई प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में सरकारी नौकरी पाने के इच्छुक अभ्यर्थी इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस बार परीक्षा का आयोजन कुल 30 विषयों (Test Papers) के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में फरवरी महीने के विभिन्न सप्ताहांतों में किया जाएगा।आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां और शेड्यूलआईआईटी मद्रास द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, गेट 2027 के लिए सामान्य आवेदन विंडो 27 सितंबर 2026 तक खुली रहेगी। जो छात्र इस अवधि तक आवेदन नहीं कर पाएंगे, वे 5 अक्टूबर 2026 तक अतिरिक्त विलंब शुल्क देकर अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इसके बाद 14 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 के बीच फॉर्म में सुधार (Application Rectification Window) की सुविधा मिलेगी। परीक्षा का आयोजन 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी 2027 को दो पालियों में किया जाएगा, जबकि परीक्षा परिणाम 19 मार्च 2027 को घोषित किए जाने का कार्यक्रम है।कौन कर सकता है अप्लाई: विस्तृत पात्रता मानदंडगेट 2027 में शामिल होने के लिए शैक्षणिक योग्यता से जुड़े स्पष्ट नियम निर्धारित किए गए हैं। कोई भी भारतीय या विदेशी नागरिक जो न्यूनतम योग्यता पूरी करता हो, इस परीक्षा में बैठ सकता है।अंडरग्रेजुएट छात्र: किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज से इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी (B.E./B.Tech/B.Pharm), आर्किटेक्चर (B.Arch), साइंस, कॉमर्स अथवा आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज के कम से कम 3 वर्षीय या 4 वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के तीसरे वर्ष (3rd Year) या उससे उच्च वर्ष/सेमेस्टर में अध्ययनरत छात्र सीधे आवेदन कर सकते हैं।स्नातक डिग्री धारक: वे सभी उम्मीदवार जिन्होंने इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, बेसिक साइंस (B.Sc), कॉमर्स (B.Com) या आर्ट्स (B.A./BCA) में अपनी स्नातक डिग्री सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।पोस्ट ग्रेजुएशन और इंटीग्रेटेड डिग्री: M.Sc, M.A, MCA, 5-वर्षीय इंटीग्रेटेड M.E/M.Tech, डुअल डिग्री या प्रोफेशनल मेडिकल डिग्री (MBBS, BDS, BVSc) के छात्र भी इसके लिए पूरी तरह पात्र हैं।प्रोफेशनल सोसाइटी सर्टिफिकेशन: वे उम्मीदवार जिन्होंने मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल सोसाइटीज (जैसे AMIE, AMICE आदि) की सेक्शन 'A' या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की है, बशर्ते उनकी डिग्री को AICTE, MoE या UPSC द्वारा मान्यता प्राप्त हो।आयु सीमा और प्रयास: गेट परीक्षा के लिए कोई भी न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। उम्मीदवार जितनी बार चाहें उतनी बार परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।कौन नहीं कर सकता अप्लाई: इन उम्मीदवारों पर रहेगा प्रतिबंधगेट 2027 के नियमों के तहत निम्नलिखित श्रेणियों के उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए अयोग्य माने जाएंगे।अंडरग्रेजुएट के शुरुआती वर्षों के छात्र: 4-वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के प्रथम वर्ष (1st Year) या द्वितीय वर्ष (2nd Year) में पढ़ाई कर रहे छात्र आवेदन नहीं कर सकते। इसी तरह 3-वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के प्रथम या द्वितीय वर्ष के छात्र भी पात्र नहीं हैं।गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों के छात्र: ऐसे छात्र जिनके संस्थान या डिग्री को यूजीसी (UGC), एआईसीटीई (AICTE) या संबंधित सरकारी विनियामक संस्था से मान्यता प्राप्त नहीं है, वे अयोग्य हैं।केवल डिप्लोमा धारक: जिन छात्रों के पास केवल 3 साल का पॉलिटेक्निक डिप्लोमा है और उन्होंने लेटरल एंट्री के जरिए बीई/बीटेक के तीसरे वर्ष में प्रवेश नहीं लिया है या स्नातक पूरा नहीं किया है, वे आवेदन करने के पात्र नहीं हैं।अमान्य प्रोफेशनल सोसाइटी से सर्टिफाइड: ऐसी किसी प्रोफेशनल संस्था का प्रमाणपत्र रखने वाले अभ्यर्थी, जिसके कोर्स को भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय या यूपीएससी ने बीई/बीटेक के समकक्ष स्वीकार नहीं किया है।इस बार का सबसे बड़ा बदलाव: डिजीलॉकर वेरिफिकेशन अनिवार्यआईआईटी मद्रास ने गेट 2027 पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सभी भारतीय नागरिकों के लिए डिजीलॉकर (DigiLocker) अनिवार्य कर दिया है। आवेदन करने से पहले प्रत्येक भारतीय अभ्यर्थी को अपने डिजीलॉकर खाते को सक्रिय और अपडेट रखना होगा। रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर लॉग इन करते समय डिजीलॉकर से ही अभ्यर्थी का नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और आधार अथवा पहचान पत्र सीधे सत्यापित किए जाएंगे, जिससे फर्जी विवरण या स्पेलिंग की गलतियों की संभावना समाप्त हो जाएगी।नया टेस्ट पेपर और दो पेपर चुनने का विकल्पइस वर्ष आईआईटी मद्रास ने पाठ्यक्रम में एक नया टेस्ट पेपर 'रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन' (Robotics and Automation - RA) शामिल किया है, जिससे अब कुल पेपरों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। अभ्यर्थियों को अधिकतम दो टेस्ट पेपर चुनने की अनुमति दी गई है, बशर्ते दूसरा पेपर परीक्षा प्राधिकरण द्वारा जारी अनुमत दो-पेपर संयोजन (Permitted Two-Paper Combination) की सूची के अनुसार ही हो।आवेदन शुल्क का विवरणगेट 2027 के लिए आवेदन शुल्क श्रेणीवार तय किया गया है।महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग (PwD) उम्मीदवार: प्रति टेस्ट पेपर 1,000 रुपये (विलंब शुल्क के साथ 1,500 रुपये)।अन्य सभी उम्मीदवार (सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस) व विदेशी नागरिक: प्रति टेस्ट पेपर 2,000 रुपये (विलंब शुल्क के साथ 2,500 रुपये)।शुल्क का भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन माध्यमों जैसे नेट बैंकिंग, यूपीआई (UPI), डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड के जरिए किया जा सकता है।गेट 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?इच्छुक उम्मीदवार घर बैठे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं।सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट gate2027.iitm.ac.in पर जाएं।होमपेज पर दिए गए GOAPS/Application Portal लिंक पर क्लिक करें।डिजीलॉकर (DigiLocker) ऑथेंटिकेशन के माध्यम से रजिस्ट्रेशन शुरू करें और अपना नाम, ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर दर्ज कर एनरोलमेंट आईडी बनाएं।अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक योग्यता और पते का पूरा विवरण दर्ज करें।अपने पसंदीदा गेट पेपर और परीक्षा शहर के केंद्रों का चयन करें।निर्धारित प्रारूप में हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और जाति/दिव्यांग प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) अपलोड करें।अपनी श्रेणी के अनुसार लागू आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।आवेदन फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें और भरे हुए कंफर्मेशन पेज का प्रिंटआउट निकालकर भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।
गंगा में उफान, मंदिर से लेकर श्मशान तक सब डूबे, देखें विशेष
यूपी बिहार में इस वक्त बाढ़ का कहर है.. खास तौर पर गंगा नदी के किनारे वाले जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.. गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है... खतरे के निशान को पार कर रहा है.. यूपी की बात करें, तो वाराणसी, प्रयागराज और फर्रुखाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित है.. वाराणसी में तो हालात ये हो गए हैं कि घाटों के किनारे अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो गया है.
गोवा सरकार का बड़ा तोहफा: हर साल परिवारों को मिलेंगे 3 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर
तटीय राज्य गोवा में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी राहत भरी सौगात की घोषणा की है। महंगाई के दौर में आम जनता के घरेलू बजट को संतुलित करने और गरीब परिवारों की रसोई को धुएं से पूरी तरह मुक्त रखने के उद्देश्य से सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने का फैसला लिया है। इस योजना के अंतर्गत पात्र कार्डधारक परिवारों को वित्तीय वर्ष में कुल तीन एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कल्याणकारी कदम से राज्य के लाखों परिवारों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचेगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण और तटीय इलाकों में महिलाओं के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।9 सितंबर से खातों में आएगी राशि: डीबीटी के जरिए ट्रांसफर होंगे ₹3000सरकारी घोषणा के अनुसार, इस योजना के वित्तीय लाभ का हस्तांतरण सीधे लाभार्थियों के सक्रिय बैंक खातों में किया जाएगा। योजना के पहले चरण के तहत 9 सितंबर से पात्र परिवारों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से 3000 रुपये की एकमुश्त या किस्तों में निर्धारित सब्सिडी राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिचौलियों और कमीशनखोरी की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए पूरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। खाते में पैसा पहुंचते ही लाभार्थी संबंधित एलपीजी वितरण एजेंसी से अपनी जरूरत के अनुसार सिलेंडर बुक कराकर रीफिल प्राप्त कर सकेंगे।मुख्यमंत्री देवदर्शन और अंत्योदय योजना के तहत किसे मिलेगा लाभ?गोवा सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों तक सीधी आर्थिक मदद पहुंचाना है। योजना का लाभ मुख्य रूप से अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और बीपीएल (BPL) राशन कार्डधारकों को दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वे परिवार जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय सरकार द्वारा तय की गई सीमा के दायरे में आती है, वे भी इस सब्सिडी योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी का गोवा का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। परिवार के नाम पर पहले से किसी अधिकृत तेल कंपनी (जैसे इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस) का वैध घरेलू एलपीजी कनेक्शन होना अनिवार्य है।योजना के मुख्य पात्रता मानदंड और शर्तेंगोवा की मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने कुछ बुनियादी नियम निर्धारित किए हैं। परिवार का राशन कार्ड राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के डिजिटल डेटाबेस में सक्रिय और सत्यापित होना चाहिए। आवेदक परिवार के किसी भी सदस्य के पास कमर्शियल गैस कनेक्शन नहीं होना चाहिए। घरेलू गैस कनेक्शन उसी व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत होना चाहिए जिसका नाम राशन कार्ड में परिवार के मुखिया या प्रमुख सदस्य के तौर पर दर्ज है। बैंक खाता आधार कार्ड से अनिवार्य रूप से लिंक (Aadhaar Seeding) होना चाहिए ताकि डीबीटी के माध्यम से भेजे जाने वाले 3000 रुपये बिना किसी तकनीकी रुकावट के खाते में जमा हो सकें।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज: पहले से रखें तैयारइस सरकारी योजना का निर्बाध लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। इनमें गोवा राज्य का वैध अंत्योदय या बीपीएल राशन कार्ड, परिवार के मुखिया का आधार कार्ड, वर्तमान निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट या वोटर आईडी), घरेलू गैस कनेक्शन की उपभोक्ता पासबुक (जिसमें एलपीजी आईडी और कंज्यूमर नंबर स्पष्ट लिखा हो), सक्रिय बैंक बचत खाते की पासबुक की प्रतिलिपि तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर शामिल हैं। इन सभी दस्तावेजों की डिजिटल और हार्डकॉपी सही पाए जाने पर ही बैंक खाते को डीबीटी सूची में शामिल किया जाता है।गोवा मुफ्त एलपीजी गैस सिलेंडर योजना के लिए आवेदन कैसे करें?इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया को अत्यंत सरल और जनसुलभ बनाया गया है, जिससे आम नागरिक बिना किसी परेशानी के पंजीकरण करा सकें।ग्राम पंचायत और नागरिक सुविधा केंद्रों से संपर्क: ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवार अपनी स्थानीय ग्राम पंचायत, नगर पालिका कार्यालय या नजदीकी सीएससी (Common Service Center) केंद्र पर जाकर योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं।दस्तावेजों का संलग्नक: फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारियां जैसे राशन कार्ड नंबर, एलपीजी कंज्यूमर आईडी और बैंक खाता विवरण सावधानीपूर्वक भरें और सभी जरूरी दस्तावेजों की छायाप्रति साथ में संलग्न करें।खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में सत्यापन: भरे हुए आवेदन पत्र को अपने क्षेत्र के तालुका नागरिक आपूर्ति निरीक्षक (Civil Supplies Inspector) या संबंधित कार्यालय में जमा करें, जहां अधिकारी डेटा का डिजिटल मिलान करेंगे।गैस एजेंसी पर ई-केवाईसी: उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर अपना बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) अवश्य पूरा करा लें ताकि गैस सब्सिडी सीधे खाते में आने में कोई तकनीकी अड़चन न आए।पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को नई दिशागोवा सरकार का यह कदम केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके गहरे सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव भी हैं। ग्रामीण इलाकों में लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों के उपयोग से होने वाले जानलेवा धुएं से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ता है। हर साल 3 मुफ्त सिलेंडर मिलने से गरीब परिवार पूरी तरह स्वच्छ ऊर्जा की ओर अग्रसर होंगे, जिससे सांस संबंधी बीमारियों के मामलों में कमी आएगी और घरेलू काम-काज में महिलाओं का समय और श्रम दोनों बचेगा।हेल्पलाइन और समाधान डेस्क की व्यवस्थायदि किसी पात्र परिवार को 9 सितंबर के बाद अपने बैंक खाते में योजना की राशि प्राप्त नहीं होती है, तो वे नागरिक आपूर्ति विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने भुगतान की स्थिति जांच सकते हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए टोल-फ्री कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर या स्थानीय तालुका कार्यालय में स्थापित हेल्पडेस्क पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जहां तकनीकी खामियों को तत्काल सुधार कर लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
छात्रों के बड़े आंदोलन के बीच नागालैंड के संसदीय कार्य मंत्री और विशेष समिति के अध्यक्ष के. जी. केन्ये (KG Kenye) ने NSF अध्यक्ष को एक आधिकारिक पत्र लिखकर सरकार की दुविधा और रुख स्पष्ट किया है।
भारत और बांग्लादेश के बीच 30 साल पहले हुई फरक्का जल संधि दिसंबर में खत्म होने वाली है. इससे पहले बिहार ने सरकार से एक मांग की है. इस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि सभी चिंताओं को ध्यान में रखा जाएगा.
एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने कहा कि उनके पति के निधन का दर्द सबसे ज्यादा परिवार समझता है. साथ ही जांच एजेंसियों, कानून और संविधान पर भरोसा जताते हुए सभी से संयम बरतने की बात कही.
भारत-US व्यापार समझौते में किसी भारतीय हित से नहीं होगा समझौता, पीयूष गोयल की दो टूक
पीयूष गोयल ने कहा कि मैंने अब तक इनमें से किसी भी समझौते की एक भी आलोचना नहीं देखी है। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, इसलिए कुछ लोग पूरी तरह झूठी बातें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
Manipur Assembly में कुकी MLA Kimneo Haokip ने की जरूरी चीजों की सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग
इंफाल, तीन सितंबर कुकी समुदाय की विधायक किमनेओ हाओकिप हैंगशिंग ने बृहस्पतिवार को मणिपुर सरकार से राज्य के हर हिस्से में आवश्यक वस्तुओं, भोजन, दवाइयों और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया। कुकी बहुल कांगपोकपी जिले के लोगों को हो रही कठिनाइयों के बारे में विधानसभा में हैंगशिंग ने कहा कि वह समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और स्थिति को सामान्य बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करती हैं। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के कुशल नेतृत्व में सभी समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और सामान्य स्थिति बहाली के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे ईमानदार प्रयासों की मैं सराहना करती हूं। कुकी पीपुल्स एलायंस की विधायक ने निर्दलीय विधायक हाओखोलेट किपगेन के साथ बुधवार को मणिपुर विधानसभा के सत्र में हिस्सा लिया था। मई 2023 में राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से हैंगशिंग और किपगेन भौतिक रूप से विधानसभा सत्र में भाग लेने वाले पहले कुकी विधायक हैं। हाओकिप ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से जारी संघर्ष के कारण कुकी-जो समुदाय के कई छात्र सफर के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाए हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि केंद्र सरकार की नौकरियों की परीक्षाओं के लिए कांगपोकपी जिला मुख्यालय में परीक्षा केंद्र बनाए जाएं। विधायक ने सरकार से पूरे राज्य में आवश्यक वस्तुओं, भोजन, दवाइयों और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, विभिन्न संगठनों और समुदायों द्वारा की गई नाकेबंदी के कारण साइकुल विधानसभा क्षेत्र में पिछले साढ़े तीन महीने से भी अधिक समय से आवश्यक वस्तुओं और जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। राज्य की कुकी जनजाति के शीर्ष निकाय कुकी इंपी मणिपुर (केआईएम) ने विधायकों हाओकिप और किपजेन के इंफाल जाने तथा कथित तौर पर उसके निर्देशों की पूरी तरह से अनदेखा करते हुए विधानसभा सत्र में शामिल होने के फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की है। एक बयान में केआईएम ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि दोनों विधायकों ने कुकी-जो समुदाय की भावनाओं और आकांक्षाओं को नजरअंदाज करने का रास्ता चुना, खासकर ऐसे समय में जब समुदाय एक अलग प्रशासन की अपनी राजनीतिक मांग के लिए संघर्ष कर रहा है। केआईएम ने इस बात को दोहराया कि अलग प्रशासन की मांग कुकी-जो लोगों की सामूहिक राजनीतिक आकांक्षा का प्रतिनिधित्व करती है। संगठन ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे उन लोगों की भावनाओं, आकांक्षाओं और सामूहिक रुख का सम्मान करें तथा उसका पालन करें, जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं।
चांदनी चौक के कारोबार पर संकट? प्रतिबंध के खिलाफ कारोबारी निकालेंगे मौन मार्च
पुरानी दिल्ली के बाजारों में लोडिंग-अनलोडिंग पर प्रतिबंध, अवैध रेहड़ी-पटरी और अतिक्रमण के मुद्दे पर व्यापारियों का गुस्सा बढ़ गया है. 3 सितंबर को हुई बैठक में करीब 200 व्यापारिक संगठनों ने चर्चा की. अब मंगलवार को 3 से 4 हजार कारोबारी तीर्थ राम शाह अस्पताल से मौन मार्च निकालकर दिल्ली के उपराज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे.
जेब में खाने तक के पैसे नहीं, बनकर घूम रहा था IAS... होटल में ऐसे खुली पोल
इंदौर में खुद को IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बताकर रौब झाड़ने वाले 28 वर्षीय युवक को लसूड़िया पुलिस ने गिरफ्तार किया है. होटल में बिल भुगतान के दौरान युवक ने अपनी पहचान का हवाला देकर प्रभाव जमाने की कोशिश की. शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई. घर की तलाशी में फर्जी IAS नेम प्लेट, कलेक्टर से जुड़ी सामग्री और कार से संबंधित फर्जी पहचान बरामद हुई.
घर की रसोई, बेडरूम की अलमारी, इलेक्ट्रॉनिक तारों का जंजाल या फिर दुकान और गोदाम में रखा कीमती सामान—चूहे जहां भी घुसते हैं, वहां भारी आर्थिक नुकसान और गंदगी छोड़ जाते हैं। किताबों को कुतरना, अनाज बर्बाद करना और बिजली के तारों को काटकर शॉर्ट-सर्किट का जोखिम पैदा करना चूहों की फितरत होती है। इसके अलावा, चूहे लेप्टोस्पायरोसिस और साल्मोनेला जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों के वाहक भी होते हैं।अक्सर लोग चूहों से छुटकारा पाने के लिए बाजार में मिलने वाली जहरीली टिकिया (Rat Poison) का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इससे चूहा अक्सर सोफे के नीचे या दीवारों के संकरे कोनों में जाकर मर जाता है, जिससे कई दिनों तक असहनीय सड़ांध और कीड़े फैलने की नौबत आ जाती है। यदि आप चूहों को बिना मारे हमेशा के लिए अपने घर या दुकान से दूर रखना चाहते हैं, तो प्रकृति ने हमें कुछ ऐसी तीखी और तेज गंध वाले तत्व दिए हैं जिन्हें सूंघते ही चूहों का दम घुटने लगता है और वे फौरन भाग खड़े होते हैं।चूहों की सबसे बड़ी कमजोरी: अत्यधिक संवेदनशील सूंघने की क्षमता (Olfactory Sense)चूहों की आंखें बेहद कमजोर होती हैं, लेकिन उनकी सूंघने की शक्ति (Sense of Smell) इंसानों के मुकाबले सैकड़ों गुना तेज होती है। वे अपने भोजन, पानी और रास्ते की पहचान केवल अपनी नाक के जरिए करते हैं। जब उनके संवेदनशील श्वसन तंत्र में कोई तीखी, जलन पैदा करने वाली या भारी गंध प्रवेश करती है, तो उनका तंत्रिका तंत्र असहज हो जाता है और वे उस जगह को तुरंत खाली कर देते हैं।चूहों को भगाने के 7 सबसे अचूक घरेलू उपाय1. पिपरमिंट ऑयल (Peppermint Essential Oil) का स्प्रे पिपरमिंट की तेज मेन्थॉल गंध चूहों के श्वसन मार्ग में तीव्र जलन पैदा करती है।इस्तेमाल का तरीका: रुई के छोटे-छोटे फोहे (Cotton Balls) लें और उन पर शुद्ध पिपरमिंट ऑयल की 7 से 8 बूंदें टपका दें। इन फोहों को रसोई के कोनों, सिंक के नीचे, गैस सिलेंडर के पीछे और दुकान के रैक्स में रख दें।हर 3 से 4 दिन में जब खुशबू कम होने लगे, तो रुई पर दोबारा तेल की बूंदें डाल दें।2. फिटकरी और पानी का घोल (Alum Spray) फिटकरी का स्वाद और उसकी गंध चूहों को कतई बर्दाश्त नहीं होती।इस्तेमाल का तरीका: लगभग 50 ग्राम फिटकरी के पाउडर को आधा लीटर पानी में अच्छी तरह घोल लें। इस घोल को एक स्प्रे बोतल में भरें।उन तमाम बिलों, नालियों और लकड़ी के कोनों पर इसका नियमित छिड़काव करें जहां से चूहे घर या दुकान के अंदर दाखिल होते हैं।3. कपूर और लौंग का शक्तिशाली मिश्रण कपूर में मौजूद वोलाटाइल हाइड्रोकार्बन्स और लौंग में पाया जाने वाला यूजेनॉल (Eugenol) मिलकर चूहों के लिए एक असहनीय वातावरण तैयार करते हैं।इस्तेमाल का तरीका: कपूर की 4-5 टिकिया को बारीक पीस लें और उसमें 8-10 कुटी हुई लौंग मिला दें।इस मिश्रण की छोटी-छोटी पोटलियां बनाकर अलमारियों, अनाज की बोरियों के पास या दुकान के गल्ले के पीछे रख दें।4. तेजपत्ता (Bay Leaves) का धुआं या पत्तियां तेजपत्ते में तीखे एरोमैटिक कंपाउंड्स होते हैं जो चूहों के फेफड़ों को परेशान करते हैं।इस्तेमाल का तरीका: रात के समय घर की रसोई या दुकान के कोनों में 5-6 सूखे तेजपत्ते रख दें।यदि स्थिति बहुत ज्यादा खराब है, तो शाम के समय मिट्टी के दीये पर दो तेजपत्ते और थोड़ा सा कपूर रखकर धुआं कर दें। यह धुआं चूहों को बाहर भागने पर मजबूर कर देता है।5. लाल मिर्च पाउडर और काली मिर्च का छिड़काव लाल मिर्च में पाया जाने वाला 'कैप्साइसिन' (Capsaicin) चूहों की नाक और पंजों में तीखा सेंसेशन पैदा करता है।इस्तेमाल का तरीका: जहां चूहों की आवाजाही सबसे ज्यादा दिखती हो, वहां फर्श पर सूखा तीखा लाल मिर्च पाउडर या ताजी कुटी काली मिर्च छिड़क दें।जब चूहे वहां से गुजरते हैं और अपने पंजों को चाटते हैं, तो उन्हें तीखेपन का अहसास होता है और वे दोबारा उस दिशा में नहीं आते।6. प्याज और लहसुन की सल्फ्यूरिक गंध प्याज और लहसुन में सल्फर की अत्यधिक तीखी और बासी गंध होती है जो चूहों को भ्रमित कर देती है।इस्तेमाल का तरीका: लहसुन की कुछ कलियों को कुचलकर या प्याज के टुकड़ों को चूहों के आने-जाने वाले रास्तों पर रख दें।ध्यान रहे कि प्याज और लहसुन 2-3 दिन में सूख जाते हैं, इसलिए इन्हें नियमित रूप से बदलते रहना आवश्यक है।7. तंबाकू और देसी घी की गोलियां (बेहोश करके बाहर निकालने का नुस्खा) यदि कोई चूहा किसी भी गंध से नहीं भाग रहा है, तो यह पारंपरिक देसी नुस्खा सबसे अचूक सिद्ध होता है:इस्तेमाल का तरीका: थोड़ा सा कच्चा तंबाकू (खैनी) लें, उसमें थोड़ा सा बेसन और आधा चम्मच देसी घी मिलाएं।इस मिश्रण की छोटी-छोटी गोलियां बना लें। घी की खुशबू से आकर्षित होकर चूहा इसे खाएगा।तंबाकू में मौजूद निकोटिन के असर से चूहे को तेज चक्कर आने लगेंगे और वह घबराहट में ताजी हवा की तलाश में घर या दुकान के मुख्य दरवाजे से बाहर भाग जाएगा।चूहों को दोबारा आने से रोकने के जरूरी नियमएंट्री प्वाइंट्स को सील करें: चूहे सिक्के जितने छोटे छेद से भी अंदर घुस सकते हैं। घर या दुकान के कोनों में सीमेंट या स्टील वूल (Steel Wool) भरकर सभी दरारों को बंद कर दें। प्लास्टिक या लकड़ी की पैकिंग को चूहे आसानी से काट लेते हैं।खुला भोजन कभी न छोड़ें: रसोई में जूठे बर्तन, कटे हुए फल या खुला अनाज रात भर न छोड़ें। भोजन न मिलने पर चूहे खुद-ब-खुद उस जगह को छोड़ देते हैं।कचरा पेटी को ढक कर रखें: गीले कचरे के डिब्बे को हमेशा एयरटाइट ढक्कन से बंद रखें ताकि भोजन की गंध बाहर न फैले।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में सुगम यातायात और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मेरठ के सरधना विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से लंबित पड़ी 3 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी दे दी गई है।इन नई सड़कों के निर्माण से क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सीधी कनेक्टिविटी सीधे मुख्य जिला मार्गों और नजदीकी शहरों से हो जाएगी। इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि ग्रामीण इलाकों में तेज रफ्तार वाहनों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पारंपरिक स्पीड ब्रेकर के बजाय आधुनिक 'टेबल टॉप हंप' (Table Top Humps) बनाए जाएंगे।3 नई सड़क परियोजनाएं: कहां-कहां होगा निर्माण?पीडब्ल्यूडी द्वारा स्वीकृत तीनों परियोजनाएं मुख्य रूप से वर्षों से छूटे हुए 'मिसिंग लिंक' को जोड़ने और अंतर-जिला कनेक्टिविटी को सुगम बनाने पर केंद्रित हैं:1. करनावल से खेड़ी संपर्क मार्ग:करनावल और खेड़ी गांव के बीच अब तक कोई सीधा पक्का संपर्क मार्ग नहीं था, जिसके कारण ग्रामीणों को लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ता था। अब इस मिसिंग लिंक को पूरा करते हुए एक आधुनिक पक्की सड़क बनाई जाएगी। लगभग ₹1.04 करोड़ की लागत से बनने वाले इस मार्ग के निर्माण से दोनों गांवों के बीच यात्रा का समय आधा रह जाएगा।2. मोहिउद्दीनपुर-गेझा से काजबागून-सारा मार्ग:यह सड़क गाजियाबाद जिले की सीमा तक जाएगी और मेरठ तथा गाजियाबाद के बीच एक वैकल्पिक और सुगम ग्रामीण कॉरिडोर तैयार करेगी। लगभग ₹70 लाख की लागत से बनने वाले इस मार्ग से माल ढुलाई आसान होगी और दोनों जिलों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी।3. ब्लैक स्पॉट सुधार और जंक्शन डेवलपमेंट:सरधना क्षेत्र के प्रमुख दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) और संकरे तिराहों-चौराहों के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के लिए लगभग ₹1.11 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है।आबादी वाले क्षेत्रों में क्यों बनाए जा रहे हैं 'टेबल टॉप हंप'?पारंपरिक स्पीड ब्रेकर अक्सर बहुत नुकीले या असंतुलित होते हैं, जिससे तेज गति से आने वाले वाहनों के पलटने, चेसिस टूटने या अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से टक्कर होने का खतरा रहता है। इसके समाधान के रूप में पीडब्ल्यूडी ने इन सड़कों पर 'टेबल टॉप हंप' तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है:डिजाइन और संरचना: टेबल टॉप हंप एक चौड़ा, चपटा और एलिवेटेड प्लेटफॉर्म (प्लेटो) होता है, जिसकी चढ़ाई और ढलान काफी सहज व क्रमिक (Gradual Ramp) होती है।सड़क सुरक्षा: यह वाहन चालकों को अचानक झटका दिए बिना गति को नियंत्रित (15 से 25 किमी/घंटा) करने पर मजबूर करता है। साथ ही यह पैदल चलने वाले ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए एक सुरक्षित 'राइज्ड पेडेस्ट्रियन क्रॉसिंग' का काम भी करता है।चिह्नित गांव: पनवाड़ी, समोली, लावड़, खरदौनी, महल और मोहम्मदपुर जैसे घनी आबादी वाले गांवों के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर ये हंप बनाए जाएंगे ताकि बस्तियों के भीतर तेज रफ्तार वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लग सके।किसानों और व्यापारियों को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभइन तीनों सड़कों के पूरा होने से करनावल, खेड़ी, सारा, काजबागून समेत आसपास के दर्जनों गांवों की तस्वीर बदलेगी:मंडी तक आसान पहुंच: स्थानीय किसान अपनी गन्ना, सब्जियां और दूध की उपज को समय रहते मेरठ, मोदीनगर या गाजियाबाद की थोक मंडियों तक बिना किसी टूट-फूट के पहुंचा सकेंगे।समय और ईंधन की बचत: गड्ढामुक्त और सीधे रास्तों से वाहनों का मेंटेनेंस खर्च और डीजल-पेट्रोल की खपत कम होगी।आपातकालीन सेवाएं: बारिश के मौसम में कीचड़ और जलभराव से कट जाने वाले इन गांवों में अब एम्बुलेंस, पुलिस और दमकल की गाड़ियां बिना किसी बाधा के चंद मिनटों में पहुंच सकेंगी।पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा और इसे आगामी एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
Vijeta Dahiya:
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। जेलेंस्की ने युद्ध ...
BB: आमिर के भाई-बाहशाह की Ex की एंट्री! ग्लैमर दिखाएंगी हसीनाएं
बिग बॉस का सीजन 20 जल्द शुरू होने वाला है. इस बार शो में 20 खिलाड़ी नजर आएंगे. हमेशा की तरह सलमान खान ही शो को होस्ट कर रहे हैं. जानें किन खिलाड़ियों के नाम सुनने को मिल रहे हैं.
थलपति विजय की सुरक्षा में सेंध, काफिले के बीच में घुस गया कपल; क्या वजह?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय की सुरक्षा में सेंध लगी है। एक चेन्नई में सचिवालय के पास जा रहे मुख्यमंत्री के काफिले में दो लोगों ने घुसने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें पुलिस द्वारा रोक लिया गया।
कान्हा की नगरी मथुरा इन दिनों पूरी तरह कृष्ण भक्ति में डूबी हुई है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूर्व से पहले शहर की धड़कनों में भक्ति का उल्लास और गहरा होता जा रहा है। मंदिरों की भव्य सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और गलियों-चौराहों पर गूंजते राधे-कृष्णा के ...
कांग्रेस या AAP, किसकी बी टीम है CJP? अभिजीत दीपके बोले- सभी बैठकर तय कर लें
अभिजीत दीपके ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कहते हैं कि मैं कांग्रेस की B टीम हूं, और कुछ कहते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी की B टीम हूं। मुझे लगता है कि इन सभी लोगों को एक साथ बैठकर यह तय करना चाहिए कि मैं किसकी B टीम हूं।
अंधविश्वास ने उजाड़ दिया परिवार, तांत्रिक के चक्कर में दो भाइयों की मौत
झारखंड के रामगढ़ में अंधविश्वास के चलते एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. तेज बुखार से पीड़ित दो भाइयों और उनकी मां को अस्पताल ले जाने के बजाय तीन दिन तक झाड़-फूंक कराई जाती रही. हालत बिगड़ने पर दोनों बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई. मां को गंभीर हालत में RIMS भेजा गया है.
कर्नाटक प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो शिक्षकों के निलंबन पर लगाई रोक
कलबुरगी। कर्नाटक प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केएटी) की कलबुरगी पीठ ने गुरुवार को यादगीर जिले के दो सरकारी स्कूल शिक्षकों के निलंबन पर रोक लगा दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जुलूस में भाग लेने के कारण निलंबित किए गए इन दोनों शिक्षकों को इससे बड़ी राहत मिली है। हुणसगी कस्बे के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक […] The post कर्नाटक प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो शिक्षकों के निलंबन पर लगाई रोक appeared first on Sabguru News .
VIDEO: नेपाल में स्निफर डॉग्स को लगाया गया अब काम पर, लापता लोगों की कर रहे तलाश
त्रिशूली नदी मकान से लेकर ट्रक, गाड़ी और इंसानों सहित न जाने क्या-क्या बहा ले गई. दिन-रात की इन चुनौतियों के बीच ऐसा लग नहीं रहा है कि अगले कुछ दिनों में भी अपना वेग अपनी प्रवाह या अपनी तासीर बदलने को तैयार है.
पश्चिम बंगाल : आरजी कर शवदाह मामले में पानीहाटी के पूर्व पालिका अध्यक्ष अरेस्ट
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ डे को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की दुष्कर्म-हत्या पीड़िता के शव के अगस्त 2024 में कथित तौर पर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किए जाने के मामले में गुरुवार को बेंगलूरु से गिरफ्तार किया गया। तृणमूल कांग्रेस नेता डे शवदाह से जुड़े परिस्थितियों की […] The post पश्चिम बंगाल : आरजी कर शवदाह मामले में पानीहाटी के पूर्व पालिका अध्यक्ष अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
‘पेटवा पिरात है’ सुनकर दर्द समझतीं, कन्नड़ भाषी अनीता की अवधी सुन मरीज भूलें बीमारी
गोंडा की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता मिश्रा की मातृभाषा कन्नड़ है, लेकिन वह अपने मरीजों से फर्राटेदार अवधी में बात करती हैं. कर्नाटक के मंगलूर से गोंडा आईं डॉ. अनीता ने मरीजों की परेशानी समझने के लिए पहले हिंदी और फिर अवधी सीखी. अब वह अवधी में बताई गई महिलाओं की समस्याओं को आसानी से समझकर उनका इलाज करती हैं.
Odisha STA ने Zero Fatality Week में एक दिन में काटे 60 हजार से ज्यादा e-Challan
भुवनेश्वर, तीन सितंबर ओडिशा राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने यातायात के अलग-अलग नियमों के उल्लंघन के लिए एक ही दिन में 60,000 से ज़्यादा ई-चालान जारी किए हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एसटीए ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के मकसद से चलाए जा रहे ज़ीरो फैटैलिटी वीक के दूसरे दिन, सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप दो सितंबर, 2026 (बुधवार) को कुल 60,242 ई-चालान जारी किए गए। एक अधिकारी ने बताया कि इन ई-चालानों में नियम तोड़ने के मुख्य मामले थे - बिना हेलमेट के गाड़ी चलाना (33,061 चालान), तेज रफ़्तार (5,681), दो पहिया वाहन पर तीन लोग सवार (1,820) और बिना वैध बीमा के गाड़ी चलाना (1,722)। एसटीए ने जीरो फैटैलिटी वीक कैंपेन शुरू किया है। इसका मकसद सड़क सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करना और वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके और जानें बचाई जा सकें। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित वाहन चलाने के तरीकों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, सप्ताह के पहले दिन, एक सितंबर को यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 44,746 ई-चालान जारी किए गए।
गुस्से में लाल! रिपोर्टर के सवाल पर भड़क उठी ये टेनिस सुंदरी, VIDEO
US Open 2026 में आर्यना सबालेंका ने दूसरे दौर में पोलिना इयात्सेंको को 6-1, 6-1 से सिर्फ 53 मिनट में हराया. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्री-टूर्नामेंट 'पार्टी और मस्ती' को लेकर सवाल पूछे जाने पर वह भड़क गईं. सबालेंका ने कहा कि ब्रांड एक्टिविटीज का मतलब यह नहीं कि वह ट्रेनिंग नहीं कर रही थीं.
'किसी के रूसी तेल खरीदने, न खरीदने से जंग नहीं रुकेगी', यूक्रेनी पत्रकार के सवाल पर जयशंकर का जवाब
2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद भारतीय रिफाइनरों ने कच्चे तेल के लिए रूस की ओर रुख किया. रूस भारत को कच्चे तेल पर डिस्काउंट दे रहा था. इसका फायदा भारत ने उठाया और भारत को अपने ऑयल बिल को कंट्रोल करने में मदद मिली.
बॉलीवुड में एक फिल्म बनी जिसको बनाने में 16 साल लगे, इस फिल्म ने इतिहास रच दिया और कई रिकॉर्ड्स बनाए. 12 गानों के साथ आज भी ये फिल्म और इसके गाने लोगों के जहन में जिंदा हैं.
नकल जन्मसिद्ध अधिकार, योग्यता से ज्यादा पर्ची का महत्त्व था: सीएम योगी
सीएम योगी ने यूपी की पिछली सरकारों पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था और योग्य युवाओं को अवसर नहीं मिलते थे. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प और स्कूलों के अपग्रेडेशन से ड्रॉपआउट दर 19-20 फीसदी से घटकर 3 फीसदी से नीचे आ गई है.
न्यूजीलैंड दौरे के लिए BCCI ने चुने 5 पेसर, शमी-नबी का पत्ता कटा!
न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर में होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए BCCI ने तेज गेंदबाजों की शॉर्टलिस्ट तैयार कर ली है. जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार और आकाश दीप रेस में हैं. मोहम्मद शमी और रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले आकिब नबी को फिलहाल प्लान से बाहर बताया जा रहा है.
गुरुवार को विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत और अभिनंदन करते हुए 2017 के बाद ब्रज में हुए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने अपने संबोधन की ...
स्मृति ने शतक जड़ रचा इतिहास, टूट गया मिताली का 'महारिकॉर्ड'
स्मृति मंधाना अब विमेंस इंटरनेशनल क्रिकेट की सबसे कामयाब बल्लेबाज बन गई हैं. स्मृति मंधाना ने हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ मुकाबले में शतक लगाया और मिताली का रिकॉर्ड भी इसी इनिंग्स के दौरान तोड़ा.
प्रयागराज में उफान पर नदियां, घरों में घुसा पानी
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है. दारागंज में घरों और झोपड़ियों में पानी घुस गया, जबकि कई सड़कें जलमग्न हैं. यमुना किनारे स्थित प्रेरणा स्थल और बलुआघाट की ऐतिहासिक बारादरी भी पानी की चपेट में हैं. झूंसी में कुछ बच्चे बाढ़ के पानी में छलांग लगाते दिखे. प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.

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