‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत’, ब्रिक्स में आए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने गाया गाना
भारत की राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन चल रहा है। इसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष आए हुए हैं। इनमें से एक हैं, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम। अनवर इब्राहिम ने कार्यक्रम से इतर अपनी गायकी का जादू भी दिखाया।
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हॉकी इंडिया का DG आरके श्रीवास्तव पर बड़ा एक्शन, छीने सभी अधिकार
हॉकी इंडिया ने अपने महानिदेशक कमांडर आरके श्रीवास्तव पर सख्त एक्शन लेते हुए उनके सभी अधिकारी तत्काल प्रभाव से छीन लिए हैं और उन्हें विश्वकप जर्सी विवाद मामले समेत आठ अलग-अलग आरोपों को लेकर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
क्या BRICS से खत्म होगा अमेरिका का दबदबा, ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान के दावे में कितना दम?
भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट में यूं तो दुनिया के कई देश शामिल हुए हैं, लेकिन जिन देशों की चर्चा है, वो हैं चीन, रूस, ईरान और भारत। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ब्रिक्स को लेकर बड़ा दावा किया है।
BRICS में पुतिन-जिनपिंग-मोदी की कैसी जुगलबंदी, देखें सो सॉरी
नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान दुनिया की तीन बड़ी ताकतें एक मंच पर दिखीं. पीएम मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग गर्मजोशी से मिले और BRICS की एकता का संदेश पूरी दुनिया को दिया. तीनों नेताओं के बीच जबरदस्त केमिस्ट्री नजर आई. इसी पर देखें सो सॉरी का ये मजेदार एपिसोड.
ब्रिक्स सम्मेलन में भारत ने अपनी समृद्ध और विविध खाद्य संस्कृति, जिसमें 'श्री अन्न' (मोटे अनाज) शामिल हैं, को वैश्विक मेहमानों के सामने प्रस्तुत किया।
अब जोमैटो से खाना मंगाना और भी महंगा! हर ऑर्डर पर देने पड़ेंगे इतने रुपये एक्स्ट्रा, मगर क्यों?
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ज़ोमैटो ने कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) का विकल्प चुनने वाले ग्राहकों से 5 से 20 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लेना शुरू कर दिया है
अब धनिया पाउडर और कैराजीनन भी सुरक्षित नहीं... FSSAI ने इन कंपनियों पर लिया एक्शन
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने दो कंपनियों को उनके उत्पादों को बाजार से तत्काल वापस लेने का आदेश दिया है
'दो साल पुराना बकाया नहीं वसूल सकती बिजली कंपनी', सुप्रीम कोर्ट ने दिया महत्वपूर्ण फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने बिजली बिल के पुराने बकाए की वसूली पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि सामान्यतः दो साल के भीतर बकाया वसूला जाना चाहिए
जीडीपी विकास दर जारी रखने के लिए चीन भी है जरूरी, फार्मा और आईटी सेक्टर पर भारत की नजर
भारत अपनी जीडीपी विकास दर को 7% से ऊपर बनाए रखने के लिए चीन के बाजार में फार्मा और आईटी जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाना चाहता है
PM Modi और UAE क्राउन प्रिंस की मुलाकात, रणनीतिक और निवेश साझेदारी पर बनी सहमति
(फोटो के साथ)नयी दिल्ली, 12 सितंबर भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने शनिवार को व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अबू धाबी के युवराज खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने यहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात की। मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ हमने रक्षा, एआई, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और संपर्क जैसे क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की।’’उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के इस दौर में मजबूत भारत-यूएई संबंध स्थिरता, समृद्धि और शांति का प्रतीक हैं।’’विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने माना कि यूएई का नवीनतम संप्रभु निवेश कोष ल इमाद द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करने में भूमिका निभा सकता है।’’मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने यूएई की ‘इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी’ (आईएचसी) द्वारा ओडिशा में एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम परियोजना में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश करने की घोषणा का भी उल्लेख किया। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस परियोजना से ओडिशा को वैश्विक एल्युमीनियम विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।’’आईएचसी समूह की कंपनी ‘इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग’ और अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने जुलाई में एल्युमीनियम परियोजना के लिए ओडिशा सरकार के साथ प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार समेत रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की।
कटिहार में बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे मंत्री और विधायक, लोगों ने लगाए मुर्दाबाद के नारे
बिहार के कटिहार में बाढ़ के बाद राहत सामग्री नहीं मिलने से नाराज बाढ़ पीड़ितों ने जमकर नारेबाजी की, जबकि मंत्री ने इसे सरकार को बदनाम करने की साजिश बताया.
UP चुनाव में जीत के लिए बीजेपी को 18 हजार 900 बूथ की जरूरत, जानिए कौनसे हैं वो जिताने वाले बूथ?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर घमासन शुरू तकरीबन हो ही चुका है। बीजेपी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जीत के लिए बूथस्तर पर तैयारियां करना होगी, ऐसे में बीजेपी ने हर बार की तरह इस बार भी बूथ लेवल मैनेजमेंट शुरू कर दिया है।
55 मिनट और 50 मिनट… दिल्ली में ये दो तकरीर बदल सकती हैं दुनिया की तस्वीर?
भारत, चीन और रूस के राष्ट्राध्यक्षों की एकसाथ तस्वीर देखकर ही कई ताकतवर देशों के माथे से पसीना निकल आता है. वो कभी नहीं चाहते कि ये तीनों एक हों. इसके पीछे भारत-चीन सीमा विवाद उनके लिए सबसे बड़ी राहत की बात है, पर शायद जल्द ये राहत भी छीन जाए.
NALSA की तीसरी National Lok Adalat में 2.10 करोड़ से अधिक मामले निपटे
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) ने शनिवार को इस साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जिसमें पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से 2.10 करोड़ से अधिक मामलों का निपटारा किया गया। इस दौरान देशभर की अदालतें और न्यायाधिकरण वाद-विवाद के बजाय बातचीत और समझौते के केंद्र बने। नालसा के एक बयान के अनुसार, 26 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों में लोक अदालत की पीठें गठित की गईं। इनमें उच्च न्यायालयों से लेकर तालुका अदालतों तक के न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, अर्ध-कानूनी स्वयंसेवक और पक्षकार शामिल हुए। बयान के अनुसार शनिवार शाम सात बजे तक उपलब्ध अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक, राजस्थान और दिल्ली एवं कुछ अन्य क्षेत्रों के लंबित आंकड़ों को छोड़कर कुल 2,10,39,112 मामलों का निपटारा किया गया। बयान के मुताबिक इनमें से 1,90,75,743 मामले मुकदमा दायर होने से पहले (प्री-लिटिगेशन) के थे, जिन्हें सीधे लोक अदालत में लाया गया था, जबकि 19,63,369 मामले अदालतों में पहले से लंबित थे। इन समझौतों में कुल 13,589.28 करोड़ रुपये का निपटारा मूल्य शामिल था। कर्नाटक, राजस्थान और दिल्ली में यह प्रक्रिया क्रमश: 19 सितंबर, 10 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) और नालसा के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने लोक अदालत से पहले अपने संदेश में कहा कि न्याय तक पहुंच को हर नागरिक के जीवन की वास्तविकता बनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से विवादों के समाधान के लिए इस मंच का इस्तेमाल करने की अपील की, क्योंकि यह तेज और सरल तरीका है। जिन मामलों को निपटारा किया गया, उनमें चेक बाउंस के मामले, मोटर दुर्घटना के दावे, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, उपभोक्ता शिकायतें, ज़मीन अधिग्रहण के मामले, उत्तराधिकार से जुड़े विवाद, छोटे व्यवसायों से जुड़े मध्यस्थता के दावे, समझौते योग्य आपराधिक मामले और ट्रैफ़िक चालान शामिल थे। इनके अलावा, बैंक रिकवरी के मामले, नौकरी से जुड़े मामले, राजस्व विवाद और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी शिकायतें भी शामिल थीं।
IPS भानु प्रताप सिंह की लव स्टोरी: जिस पूजा ने घर से भागकर की शादी, अब वो खोल रही राज
IPS भानु प्रताप सिंह बिहार के खगड़िया के एसपी हैं. बिहार कैडर 2021 बैच के इस आईपीएस अधिकारी और उनकी पत्नी पूजा के बीच घरेलू विवाद गहरा गया है. घर से भागकर शादी करने वाली पूजा ने पति पर बेटी छीनने और घर से बाहर निकालने के आरोप लगाए हैं. जानिए 2015 से शुरू हुई इस चर्चित लव स्टोरी की पूरी कहानी.
भारत-ईरान रिश्तों से अमेरिका तक, ईरानी राष्ट्रपति का Exclusive इंटरव्यू
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने आजतक के साथ खास बातचीत की. इस खास बातचीत में उन्होंने अमेरिका, ईरान और दोनों देशों के बीच के तनाव को लेकर तमाम सवालों पर खुलकर बात की.
यूपी चुनाव में जीत के लिए बीजेपी को इन 18900 बूथ की जरूरत
बीजेपी को सबसे बड़ा झटका ग्रामीण क्षेत्रों में लगा था, जहां वह करीब 80 फीसदी बूथों पर अपनी बढ़त गंवा बैठी थी. अवध और पूर्वांचल में बीजेपी को सबसे ज्यादा नुकसान देखने को मिला.
'ख्वाब हो तुम...', मलेशियन पीएम ने गाया किशोर कुमार का गीत, VIDEO
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का हिंदी गीत गाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. दिल्ली के होटल में वह किशोर कुमार के प्रसिद्ध गीत 'ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत' गुनगुनाते दिखे.
BRICS का जॉइंट डिक्लेरेशन भारत की कितनी बड़ी कूटनीतिक जीत? देखें ब्लैक & व्हाइट
दिल्ली में BRICS समिट के दौरान भारत ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पन्नों पर एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया. तमाम वैश्विक मतभेदों, भू-राजनीतिक तनावों और दुनिया भर की चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए सर्वसम्मति से 'Joint Declaration' पर मुहर लग गई. ये भारत की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता और उसकी बुलंद कूटनीतिक धाक को साबित करता है. देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
यूआईआईडीबी के पास सिर्फ 18 हेक्टेअर जमीन, कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद: Mahendra Bhatt
कांग्रेस द्वारा उत्तराखंड सरकार पर 7000 बीघा जमीन निजी निवेशकों को दिए जाने के आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के नाम पर फिलहाल केवल 18 हेक्टेअर भूमि है जिसका इस्तेमाल आर्थिक गतिविधियों के लिए किया जाना है। कांग्रेस पर चुनावी लाभ के लिए झूठे, बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए भट्ट ने कहा कि यूआईआईडीबी तय नियमों के अनुसार जमीन हासिल कर रहा है और अनुपयोगी जमीनों का निवेश एवं रोजगार सृजन की दृष्टि से आर्थिक प्रबंधन किया जाएगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने यहां जारी एक बयान में कहा, ‘‘यूआईआईडीबी के नाम पर अभी सिर्फ 18 हेक्टेयर भूमि है। ऐसे में राज्य की सात हजार बीघा भूमि निजी कंपनियों को देने की बात पूरी तरह गलत है। बोर्ड के जरिए राज्य के संसाधनों का राज्य के विकास की दिशा में बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है और पर्यटन, शिक्षा, कृषि, औद्यौनिकी के क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य की अनुपयोगी भूमि का नियमों के तहत आर्थिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाना है। भट्ट ने कहा कि उद्योगों और निवेशकों को निवेश के लिए संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होती हैं। उन्होंने कहा कि देश में सूचना प्रोद्यैगिकी, डाटा सेंटर, सेमी कंडक्टर चिप इंडस्ट्री, ऑटो मोबाइल आदि क्षेत्रों की दुनिया भर की दिग्गज कंपनियां निवेश करने आ रही हैं जबकि खुद कांग्रेस की तेलंगाना और कर्नाटक सरकारों में निवेश के लिए उद्योग लाए जा रहे होंगे। उन्होंने पूछा कि क्या ये उद्योग अपने साथ जमीन बाहर से लेकर आ रहे हैं, इसका ज़बाब होगा नहीं क्योंकि उन्हें निवेश को संसाधन वहां की कांग्रेस सरकारें ही उपलब्ध करा रही होगी। राज्यसभा सदस्य भटट ने कहा कि लगातार पराजय से कांग्रेस बौखलाई हुई है और यही वजह है कि उन्हें राज्य में हो रहा विकास हजम नहीं हो रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास की रफ्तार और तरक्की को जनता अनुभव कर रही है तथा उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य की सवा करोड़ जनता इस भरोसे को बार-बार जता चुकी है और 2027 में भी तस्वीर यही रहने वाली है।’’इससे पहले दिन में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर प्रॉपर्टी डीलर की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि सरकार ने उद्यान विभाग सहित विभिन्न विभागों की खाली अथवा कम उपयोग वाली करीब 7,000 बीघा सरकारी जमीन का भूमि बैंक तैयार किया है जिसे निजी निवेशकों को 90 साल तक की लीज पर देने की योजना है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पार्टी की चार्जशीट समिति के अध्यक्ष करन माहरा ने आरोप लगाया कि योजना के तहत यूआईआईडीबी के माध्यम से राज्य की बेशकीमती जमीनों को चुनिंदा कारपोरेट कंपनियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है।
इस मामले में आरोप है कि डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को बुलाकर उनके वीडियो बनाए जाते थे और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूले जाते थे.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज कब खुलेगा? BRICS में बोले ईरानी राष्ट्रपति
ईरानी राष्ट्रपति ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर भारत के लिए बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के तहत खोला जाएगा, लेकिन अमेरिका को नाकेबंदी और शत्रुतापूर्ण गतिविधियां रोकनी होंगी. राष्ट्रपति के मुताबिक ओमान के साथ विशेष समुद्री व्यवस्था पर बातचीत जारी है. समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन स्थिति की घोषणा करेगा. उन्होंने भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा तथा ऊर्जा संकट पर भी अपनी बात रखी है.
Odisha में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, Malkangiri में स्कूल और आंगनवाड़ी बंद
ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में शनिवार को मूसलाधार बारिश के बाद कई स्थानों पर सड़कें एवं पुल जलमग्न हो जाने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा अगले 48 घंटों में और अधिक बारिश के पूर्वानुमान व्यक्त किये जाने के बीच राज्य सरकार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। दक्षिण ओडिशा का मलकानगिरि जिला इस बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां शनिवार सुबह समाप्त हुए 24 घंटों में रिकॉर्ड 804 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए मलकानगिरि के जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘राज्य सरकार मौसम और नदियों के जलस्तर की स्थिति पर लगातार एवं कड़ी नजर रख रही है। आवश्यक एहतियाती एवं राहत उपाय किए गए हैं और समग्र स्थिति नियंत्रण में है।’’आईएमडी के अनुसार, राज्य में इन 24 घंटों के दौरान औसतन 24.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसमें मलकानगिरि के चित्रकोंडा प्रखंड में सबसे अधिक 192 मिलीमीटर बारिश हुई। पांच प्रखंडों में 100 मिलीमीटर से अधिक, जबकि 33 प्रखंडों में 50 से 100 मिलीमीटर के बीच बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र (भुवनेश्वर) की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि राज्य में एक जून से 12 सितंबर के बीच 1,247.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य औसत (997 मिलीमीटर) से 25.1 प्रतिशत अधिक है। मोहंती ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भाग तथा उससे सटे दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक तीव्र हो सकता है तथा पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा को पार कर सकता है। आईएमडी ने नुआपाड़ा, बोलंगीर, कालाहांडी, नबरंगपुर और कोरापुट जिलों में अलग-अलग स्थानों पर सात से 11 सेंटीमीटर तक की भारी बारिश की संभावना व्यक्त करते हुए येलो अलर्ट (सतर्क रहने की चेतावनी) जारी किया है। उसने कहा कि बालासोर, सुंदरगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, नुआपाड़ा, बोलांगीर, कालाहांडी, कंधमाल, नवरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, गजपति और गंजाम जिलों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बादल गरजने और बिजली चमकने एवं गिरने की आशंका है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि राज्य की सभी नदियां अपने खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
महाराष्ट्र में एक करोड़ रुपये की रिश्वत मामले में CBI का एक्शन, CGST अधीक्षक और परामर्शदाता गिरफ्तार
सीबीआइ ने महाराष्ट्र में एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में केंद्रीय वस्तु एवं उत्पाद कर (सीजीएसटी) के एक अधीक्षक और एक परामर्शदाता को गिरफ्तार किया है।
पर्युषण पर्व में भगवान महावीर जन्म वाचन पर गूंजे जयकारे
14 स्वप्नों के प्रसंग से लेकर प्रभु जन्म तक हुआ आध्यात्मिक वर्णन, पालना झुलाकर मनाया जन्मोत्सव अजमेर। पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर पुष्कर रोड स्थित श्री विजयकलापूर्ण सूरि जैन आराधना भवन में भगवान महावीर जन्म वाचन का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। पंन्यास मुक्ति श्रमण विजयजी महाराज के सान्निध्य में आयोजित […] The post पर्युषण पर्व में भगवान महावीर जन्म वाचन पर गूंजे जयकारे appeared first on Sabguru News .
लंदन में दोस्त को देखकर खुद को रोक नहीं पाए थलपति विजय, दौड़कर गले से लगाया; वीडियो वायरल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति लंदन यात्रा के दौरान अपने दोस्त अजित कुमार को देखकर खुश दिखाई दिए। उन्होंने दौड़कर अजित को गले से लगा लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
'मतभेदों को बातचीत से सुलझाएं', चीन के राष्ट्रपति का BRICS नेताओं को संदेश
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों से एक-दूसरे के प्रति खुला और ईमानदार रहने, मतभेदों का सम्मान करने तथा संवाद से मुद्दों को सुलझाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में द्विपक्षीय मुलाकात की। मोदी ने सीमा पर शांति बनाए रखने और व्यापार घाटे के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिस पर चीन ने समाधान का आश्वासन दिया।
थलपति विजय की AI फोटो और वीडियो पोस्ट करने वाले को उठा ले गई चेन्नई पुलिस, गंभीर आरोप
पुलिस ने नीरज को दिल्ली के बुराड़ी इलाके से गिरफ्तार किया। अब चेन्नई पुलिस उसे वहां की अदालत में पेश करने के लिए चेन्नई ले जाएगी। पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त को फेसबुक पर विजय थलपति हेल्प नाम से एक पेज बनाया गया था।
UP में 19 साल के युवक का आतंकी माइंडसेट... WhatsApp पर ग्रुप बनाकर साजिश
यूपी ATS ने AQIS से जुड़े 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है. उस पर सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए युवाओं को आतंकी विचारधारा से जोड़ने का आरोप है. जांच में सामने आया है कि युवक ने WhatsApp पर 'ला गालिब-इल्लल्लाह' नाम से एक ग्रुप बनाया था.
काले हिरण शिकार मामले में मुख्य तस्कर की जमानत खारिज, SC का बड़ा फैसला
Blackbuck Poaching Supreme Court Case: काले हिरण और चिंकारा शिकार के मुख्य आरोपी सबाह अंतुले की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की. STSF की मजबूत पैरवी से तस्करों पर कसा शिकंजा...
BRICS डिनर में स्पेशल बस में सवार होकर पहुंचे केंद्रीय मंत्री-CM, VIDEO
पीएम मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में ब्रिक्स नेताओं के लिए गाला डिनर का आयोजन किया. जिसमें शामिल होने राज्यों के मुख्यमंंत्री और केंद्रीय मंत्री एक ही बस में सवार होकर पहुंचे. जिनमें योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस, अमित शाह, पीयूष गोयल समेत कई नेता नजर आए. देखें वीडियो.
महंगा-मिलावटी आटा छोड़ें, घर में आसानी से बनाएं शुद्ध चावल का आटा
Homemade Rice Flour: अगर आप भी घर पर चावल के आटे की पूड़ी, पराठे और रोटी बनाते हैं तो फिर इसके लिए बाजार का चावल का आटा क्यों खरीदना. जबकि आप बिना मशीन घर पर ही बिलकुल बाजार जैसा चावल का आटा खरीद सकते हैं. यहां हम आपको इसे बनाने का तरीका बता रहे हैं.
दिल्ली में होटल के कमरे में बेहोश मिले एयर इंडिया के कैप्टन, अस्पताल में मृत घोषित
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक पांच सितारा होटल में एयर इंडिया के एक कैप्टन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। कैप्टन होटल के कमरे में बेहोशी की हालत में मिले थे। पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की […] The post दिल्ली में होटल के कमरे में बेहोश मिले एयर इंडिया के कैप्टन, अस्पताल में मृत घोषित appeared first on Sabguru News .
राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने इजरायल और दुनिया भर के यहूदी समुदाय को दी नववर्ष की बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली समकक्षों और विश्वभर के यहूदी समुदाय को नव वर्ष (रोश हशनाह) की शुभकामनाएं दीं।
नितिन गडकरी ने ट्रैफिक से निपटने का दिया नया फार्मूला!
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भी मुंबई के ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा और वह कार्यक्रम में करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे. गडकरी ने इसके लिए माफी मांगी और बढ़ते शहरी यातायात से निपटने के लिए पुराने फ्लाईओवर की जगह आधुनिक मल्टीलेवल व्यवस्था अपनाने की जरूरत बताई. उन्होंने एक ही पिलर पर कई स्तरों के फ्लाईओवर और ऊपर मेट्रो चलाने वाली तकनीक का सुझाव दिया है.
जंगल के रखरखाव और सर्वेक्षण में अब एआई का बढ़ेगा इस्तेमाल, मिलेंगे सटीक आंकड़े
वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारतीय वन सर्वेक्षण के साथ मिलकर वनों के बेहतर रखरखाव के लिए एआई तकनीक का उपयोग करेगा।
14 सितंबर से 20 सितंबर 2026 का यह सप्ताह आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। सप्ताह की शुरुआत जहां अखंड सौभाग्य के पर्व हरतालिका तीज के साथ हो रही है, वहीं सप्ताह के मध्य में विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव यानी गणेश चतुर्थी की स्थापना होगी। इसके साथ ही कन्या संक्रांति और सूर्य देव के राशि परिवर्तन का प्रभाव भी सभी 12 राशियों के जातकों पर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देगा। यह सप्ताह करियर में नई दिशा, व्यापार में विस्तार और पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य के कई नए अवसर लेकर आ रहा है। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक के लिए अगले 7 दिनों का पूरा लेखा-जोखा:मेष, वृषभ और मिथुन राशि का साप्ताहिक भविष्यफलमेष राशि (Aries): सप्ताह की शुरुआत थोड़ी व्यस्तता और कार्यभार के साथ हो सकती है। हालांकि, सप्ताह के मध्य (बुधवार-गुरुवार) तक स्थितियां आपके पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को अधिकारियों का समर्थन मिलेगा। जो लोग प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने का विचार कर रहे थे, उनकी बात आगे बढ़ सकती है। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा, लेकिन सप्ताह के अंत में अचानक किसी मांगलिक कार्य पर खर्च बढ़ सकता है। जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग मिलेगा।साप्ताहिक उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और सिंदूर का तिलक लगाएं।वृषभ राशि (Taurus): वृषभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह रचनात्मकता और आर्थिक उन्नति से भरा रहेगा। व्यापारिक वर्ग को नए ऑर्डर्स और ग्राहकों से अच्छा मुनाफा मिलने के योग हैं। गणेश उत्सव के दौरान घर में धार्मिक उत्सव का वातावरण रहेगा, जिससे मन शांत और प्रसन्न रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। मौसमी बीमारियों (खांसी, जुकाम) से थोड़ा सतर्क रहें।साप्ताहिक उपाय: शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी को सफेद मिष्ठान या खीर का भोग लगाएं।मिथुन राशि (Gemini): मिथुन राशि के लिए यह सप्ताह सामाजिक संपर्कों को भुनाने का है। आपकी वाणी और नेटवर्किंग की कला आपको कार्यक्षेत्र में बड़ा लाभ दिलाएगी। साझेदारी के व्यवसाय में पारदर्शिता बनाए रखें। सप्ताह के उत्तरार्ध में पारिवारिक विवाद सुलझने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी में लिया गया कोई पुराना निर्णय अब सकारात्मक रिटर्न देना शुरू करेगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।साप्ताहिक उपाय: बुधवार के दिन भगवान गणेश को 21 दूर्वा की गांठें और मोदक अर्पित करें।कर्क, सिंह और कन्या राशि का साप्ताहिक भविष्यफलकर्क राशि (Cancer): कर्क राशि के जातकों के लिए सप्ताह भावनात्मक उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। सप्ताह के शुरुआती दो दिन दूसरों के मामलों में दखल देने से बचें। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलें। गुरुवार के बाद परिस्थितियां तेजी से बदलेंगी और अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी के प्रभाव से घर-परिवार में मांगलिक माहौल रहेगा। संतान की ओर से मन प्रसन्न रहेगा।साप्ताहिक उपाय: प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें, महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।सिंह राशि (Leo): सिंह राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह आत्मविश्वास और प्रभाव में भारी वृद्धि लेकर आया है। सूर्य के गोचर के प्रभाव से सरकारी क्षेत्र या उच्चाधिकारियों से जुड़े अटके काम पूरे होंगे। नई नौकरी के अवसर तलाश रहे युवाओं को शुभ समाचार मिलेगा। व्यापार में बड़ा निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य लें। दांपत्य जीवन में अहंकार को बीच में न आने दें, मधुरता बनाए रखें।साप्ताहिक उपाय: प्रतिदिन सुबह तांबे के लोटे से सूर्य देव को कुमकुम मिलाकर अर्घ्य दें।कन्या राशि (Virgo): कन्या राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह नए संकल्पों और वित्तीय मजबूती का रहेगा। आपकी ही राशि में ग्रहों की सक्रियता से मानसिक स्पष्टता बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी रणनीतियों की सराहना होगी। यदि किसी कानूनी उलझन या पुराने विवाद का सामना कर रहे थे, तो फैसला आपके पक्ष में आने के प्रबल योग हैं। खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखें, विशेषकर ऑनलाइन शॉपिंग में।साप्ताहिक उपाय: बुधवार के दिन गाय को हरा चारा या हरी पालक खिलाएं।तुला, वृश्चिक और धनु राशि का साप्ताहिक भविष्यफलतुला राशि (Libra): तुला राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह संतुलन और समृद्धि भरा रहेगा। कला, फैशन, मीडिया और कंसल्टेंसी से जुड़े जातकों के लिए नए प्रोजेक्ट्स के रास्ते खुलेंगे। सप्ताह के मध्य में आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन में किसी मांगलिक आयोजन की रूपरेखा बनेगी। दांपत्य जीवन में लंबे समय से चली आ रही गलतफहमियां दूर होंगी। अपनी दिनचर्या और योग पर विशेष ध्यान दें।साप्ताहिक उपाय: छोटी कन्याओं को फल या वस्त्र भेंट करें और श्री सूक्त का पाठ करें।वृश्चिक राशि (Scorpio): वृश्चिक राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने गुप्त शत्रुओं और विरोधियों से सतर्क रहने की जरूरत है। ऑफिस में अपनी रणनीति हर किसी से साझा न करें। सप्ताह के पहले भाग में काम का दबाव ज्यादा रहेगा, लेकिन शुक्रवार तक आते-आते बड़ी राहत मिलेगी। रियल एस्टेट और जमीन से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रगति होगी। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें।साप्ताहिक उपाय: मंगलवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करें और बंदरों को चने खिलाएं।धनु राशि (Sagittarius): भाग्य का सितारा पूरे सप्ताह बुलंद रहेगा। अध्यात्म, उच्च शिक्षा और विदेश से जुड़े मामलों में बेहतरीन परिणाम प्राप्त होंगे। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का पूरा मार्गदर्शन मिलेगा। पारिवारिक माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा और किसी पुराने मित्र से मुलाकात पुरानी यादें ताजा करेगी। व्यावसायिक यात्राएं अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फिर भी खान-पान में सात्विकता बरतें।साप्ताहिक उपाय: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और केले के वृक्ष की पूजा करें, चने की दाल का दान करें।मकर, कुंभ और मीन राशि का साप्ताहिक भविष्यफलमकर राशि (Capricorn): मकर राशि के जातकों को इस सप्ताह धैर्य और संयम की नीति अपनानी होगी। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक और परिणाम धीरे-धीरे मिलने के संकेत हैं, लेकिन आपकी निष्ठा अधिकारियों को प्रभावित करेगी। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में समझदारी से आगे बढ़ें। सप्ताह के अंत में गणेश चतुर्थी के प्रभाव से मानसिक तनाव दूर होगा और पारिवारिक खुशियां लौटेंगी। बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखें।साप्ताहिक उपाय: शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं।कुंभ राशि (Aquarius): कुंभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह साझेदारी और जनसंपर्क के लिए श्रेष्ठ है। यदि आप व्यापार में विस्तार या नया स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय है। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा और आप मिलकर भविष्य की वित्तीय योजनाएं बनाएंगे। दोस्तों के साथ किसी मनोरंजक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। अनिद्रा और आंखों की थकान से बचें।साप्ताहिक उपाय: शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काले तिल, कंबल या जूते-चप्पल का दान करें।मीन राशि (Pisces): मीन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह विजय और प्रगति का संदेश लेकर आया है। कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यकुशलता विरोधियों को शांत रखेगी। नौकरी में प्रमोशन या इन्सेंटिव के प्रबल योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन में तीज और गणेश पूजा को लेकर उत्साह का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों के लिए यह सप्ताह एकाग्रता बढ़ाने वाला रहेगा। आर्थिक लेन-देन में लिखा-पढ़ी जरूर रखें।साप्ताहिक उपाय: भगवान गणेश को प्रतिदिन 5 मोदक अर्पित करें और ॐ गं गणपतये नमः का 108 बार जप करें।
भूख लगी तो काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचा मुस्लिम युवक, जेब में नहीं थे पैसे
सुबह घर से काम की तलाश में निकला मुस्लिम युवक शाम होने से पहले ही एक सुरक्षा जांच का हिस्सा बन गया. कई घंटे तक काम नहीं मिला, जेब में पैसे नहीं थे और पेट में भूख थी. किसी से रास्ता पूछते-पूछते वह अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्र तक पहुंचा, जहां उसे उम्मीद थी कि कम से कम भूख तो मिट जाएगी. लेकिन चाकू देखकर सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया.
TMC के विवाद पर एक्शन में चुनाव आयोग, ममता बनर्जी और ऋतब्रत गुट के साथ की अलग-अलग बैठकें
चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुटों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।
Pinarayi Vijayan पर ED कार्रवाई की मांग पर CPI नेता Binoy Viswam ने सीधी टिप्पणी से किया परहेज
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की केरलम इकाई के सचिव विनय विश्वम ने कथित भ्रष्टाचार मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा नेता पिनराई विजयन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मांग पर शनिवार को कोई सीधी टिप्पणी नहीं की और कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) इस मामले का राजनीतिक रूप से विरोध करेगा। जब विश्वम से केरल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भेजे गए पत्र के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है। ईडी ने डीजीपी को लिखे पत्र में विजयन और उनके परिवार के खिलाफ सीएमआरएल भुगतान मामले में मामला दर्ज करने की मांग की है। विश्वम ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा, मुझे उस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। भाकपा के रुख के बारे में और पूछे जाने पर विश्वम ने कहा कि पार्टी की राजनीति एलडीएफ और वामपंथ की राजनीति है। भाकपा केरल में माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी मामलों पर भाकपा का एक राजनीतिक रुख है। वामपंथी मूल्य हमारे लिए समझौता-योग्य नहीं हैं। अगर केंद्रीय एजेंसियां राजनीति करती हैं तो एलडीएफ इसका राजनीतिक रूप से विरोध करेगा।’’विश्वम ने कहा कि ईडी सहित केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका सभी को पता है और आरोप लगाया कि वे कभी-कभी राजनीतिक मकसद से काम करती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर ऐसा कोई कदम उठाया जाता है तो एलडीएफ उसका विरोध करेगा। यही भाकपा की नीति है।’’विश्वम की यह टिप्पणी एलडीएफ संयोजक टी.पी. रामकृष्णन के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि भाकपा, विजयन के खिलाफ मामला दर्ज करने के ईडी के कदम पर अपना रुख स्पष्ट करेगी। विजयन अभी केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। ईडी ने हाल में डीजीपी रवाडा ए. चंद्रशेखर को पत्र लिखकर विजयन और उनके परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। यह मांग धन शेधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई जांच और तलाशी के दौरान कथित तौर पर जुटाए गए ‘‘सबूतों’’ के आधार पर की गई थी। एजेंसी का आरोप है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने सूचना प्रौद्योगिकी परामर्श सेवाओं के नाम पर विजयन की बेटी वीणा टी. कीबंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया। एलडीएफ में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रवर्तन निदेशालय की इस ताजा कार्रवाई पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट रुख नहीं बताया है। यह घटनाक्रम दोनों वामपंथी पार्टियों के बीच केरल विधानसभा में विपक्ष के उपनेता के पद को लेकर जारी मतभेदों के बीच हुआ है। भाकपा की मांग है कि उसके उम्मीदवार को विपक्ष का उपनेता बनाया जाए, लेकिन माकपा इस मांग को मानने के लिए अब तक तैयार नहीं है। बाद में दिन में जब पत्रकारों ने विजयन से प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर भाकपा की लगातार चुप्पी के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि वह पार्टी के रुख पर टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं बता सकता कि उनका क्या रुख है। मैं यह नहीं बता सकता कि कोई दूसरी पार्टी क्या सोच रही है। प्रवर्तन निदेशालय को लेकर हर किसी का एक रुख है। राष्ट्रीय राजनीति में प्रवर्तन निदेशालय क्या कर रहा है, यह सभी जानते हैं। संघ परिवार के साथ जुड़े लोगों को छोड़कर बाकी सभी ने प्रवर्तन निदेशालय के खिलाफ अपनी राय व्यक्त की है।”विजयन ने कहा, “इसका सामना सिर्फ माकपा ने ही नहीं किया है, बल्कि भाजपा का विरोध करने वाली सभी राजनीतिक पार्टियों ने किया है। इन सभी पार्टियों ने इसके खिलाफ एक साझा रुख अपनाया है। अगर कोई इसके विपरीत रुख अपनाता है, तो मुझसे यह पूछने का कोई मतलब नहीं है कि क्यों। आपको उनसे पूछना चाहिए।
BRICS सम्मेलन में विदेशी प्रतिनिधियों को भा गई बाग प्रिंट कला
Bagh Print BRICS Summit Delhi: नई दिल्ली के ब्रिक्स बाजार में छाए मप्र के धार जिले की बाग प्रिंट. विदेशी प्रतिनिधियों ने 'BRICS' लोगो वाले ठप्पों से खुद की प्रिंटिंग, पढ़ें रिपोर्ट.
बंगाल में बाढ़ के बीच घुटने भर पानी में डटे डॉक्टर!
पश्चिम बंगाल में गंगा के उफान से रतुआ ब्लॉक अस्पताल का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूब गया है. मुख्य मार्ग कटने से अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता केवल नाव तक सीमित है. बिजली भी पूरी तरह गुल है और गलियारों में सांप व कीड़े घूम रहे हैं. इसके बावजूद डॉक्टर अरिजीत और मेडिकल स्टाफ ने अस्पताल नहीं छोड़ा. वे घुटने तक पानी में चलकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं.
वैदिक पंचांग के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को रविवार का दिन है और भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया उपरांत तृतीया तिथि का प्रभाव रहेगा। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होने के साथ-साथ ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ रही है। नौकरी, व्यापार, धन और पारिवारिक दृष्टि से कल का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने वाला है, जानें अपना संपूर्ण दैनिक राशिफल:मेष, वृषभ और मिथुन राशि का भविष्यफलमेष राशि (Aries): कल का दिन आपके लिए आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपके निर्णय सही साबित होंगे और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में अटके हुए सौदे गति पकड़ सकते हैं। हालांकि, आवेश में आकर किसी को तीखी बात बोलने से बचें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9वृषभ राशि (Taurus): वित्तीय मामलों में कल का दिन लाभकारी रहेगा। पुराने निवेश या पैतृक संपत्ति से धन लाभ के संकेत हैं। परिवार के साथ किसी मांगलिक कार्यक्रम या खरीदारी की योजना बन सकती है। खान-पान में लापरवाही से पेट संबंधी हल्की समस्या हो सकती है, इसलिए सात्विक आहार लें।शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6मिथुन राशि (Gemini): कल आपकी संवाद क्षमता और बुद्धिमत्ता से कठिन कार्य भी आसानी से पूरे होंगे। नई नौकरी या प्रोजेक्ट की तलाश कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। अत्यधिक भागदौड़ के कारण शाम के समय मानसिक थकान महसूस हो सकती है।शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5कर्क, सिंह और कन्या राशि का भविष्यफलकर्क राशि (Cancer): कल के दिन आपको वित्तीय मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। बिना सोचे-समझे किसी को उधार देने या बड़ा निवेश करने से बचें। विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता बनाए रखने का समय है। जीवनसाथी की सलाह से कोई घरेलू उलझन सुलझ सकती है। भगवान शिव की पूजा फलदायी रहेगी।शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2सिंह राशि (Leo): रविवार का दिन और आपकी ही राशि के स्वामी सूर्य देव की कृपा से आपके प्रभाव और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नेतृत्व करने का मौका मिलेगा। यदि कोई कानूनी या प्रशासनिक मामला अटका हुआ था, तो उसमें प्रगति देखने को मिलेगी। पिता का आशीर्वाद लेकर काम शुरू करें।शुभ रंग: नारंगी | शुभ अंक: 1कन्या राशि (Virgo): कल का दिन आपके लिए सामान्य से बेहतर रहेगा। कामकाज के सिलसिले में छोटी यात्रा के योग बन सकते हैं जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगी। व्यापार में नई साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं। अति-विचार (Overthinking) से बचें और अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखें।शुभ रंग: धानी | शुभ अंक: 7तुला, वृश्चिक और धनु राशि का भविष्यफलतुला राशि (Libra): कल आपके मान-सम्मान और आय दोनों में वृद्धि के योग हैं। कला, मीडिया, फैशन या रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े जातकों के लिए दिन विशेष उपलब्धियों भरा रहेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। हालांकि, सुख-सुविधाओं पर अनियंत्रित खर्च से बजट बिगड़ सकता है, इसलिए संतुलन बनाएं।शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6वृश्चिक राशि (Scorpio): करियर और कारोबार के मोर्चे पर कल का दिन महत्वपूर्ण रहेगा। कार्यस्थल पर कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आपके पद में इजाफा होगा। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और अपनी योजनाओं को समय से पहले सार्वजनिक न करें। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8धनु राशि (Sagittarius): भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों में आपकी रुचि बढ़ेगी। यदि आप विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा से जुड़ी योजना बना रहे हैं, तो दिशा सकारात्मक रहेगी। गुरुजनों और वरिष्ठों का मार्गदर्शन आपको सही निर्णय लेने में मदद करेगा।शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3मकर, कुंभ और मीन राशि का भविष्यफलमकर राशि (Capricorn): कल के दिन कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जाती है। कार्यों में गति थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन निरंतर प्रयास से सफलता मिलेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और कागजी कार्रवाई पूरी रखें। जीवनसाथी के साथ समय बिताने से मन शांत रहेगा।शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 4कुंभ राशि (Aquarius): साझेदारी के व्यवसाय में उत्तम लाभ के संकेत हैं। लंबे समय से चल रहा दांपत्य मतभेद सुलझ सकता है और रिश्तों में नयापन आएगा। सामाजिक दायरे में आपकी साख मजबूत होगी। वित्तीय प्रबंधन पर ध्यान दें, नए संपर्क भविष्य में बड़े फायदे का जरिया बनेंगे।शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 8मीन राशि (Pisces): कल आपके विरोधी परास्त होंगे और आप अपने रुके हुए कार्यों को पूरा करने में सफल रहेंगे। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि से जुड़ा कोई सकारात्मक संकेत मिल सकता है। स्वास्थ्य में सुधार होगा। कर्ज से मुक्ति की दिशा में उठाया गया कदम सफल रहेगा।शुभ रंग: सुनहरा पीला | शुभ अंक: 3कल का विशेष ज्योतिषीय उपायरविवार का दिन होने के कारण कल सुबह स्नानादि के बाद तांबे के लोटे में शुद्ध जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल पुष्प डालकर भगवान सूर्य को ॐ सूर्याय नमः या ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जप करते हुए अर्घ्य दें। साथ ही आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से यश, कीर्ति और आत्मबल में वृद्धि होगी।
'ताइवान को हथियार दिए तो रद्द होगी मुलाकात', चीन का अमेरिका को अल्टीमेटम
सूत्रों के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा की तैयारियों के बीच चीन ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि ताइवान का मुद्दा दोनों देशों के बीच एक रेड लाइन है.
फिल्म 'मैं ना रहा मेरा' में हुई पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम की एंट्री?
क्या अहंकार कभी प्यार से बड़ा हो सकता है? यही सवाल फिल्म 'मैं ना रहा मेरा' का सबजेक्ट है. इसका मोशन पोस्टर मेकर्स ने जारी किया है. इसी के साथ इसके टीजर रिलीज डेट भी सामने आ गई है.
नंदिनी शिक्षा निकेतन में कथक की थाप पर सजी कला-संस्कृति की कार्यशाला
अजमेर। आदर्श नगर स्थित नंदिनी शिक्षा निकेतन स्कूल में छात्राओं को भारतीय शास्त्रीय नृत्य एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से एक दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला आयोजित की गई। विविधा-कला एवं सांस्कृतिक संस्था तथा अजमेर कथक कला केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में छात्राओं ने कथक की विभिन्न बारीकियों को समझा […] The post नंदिनी शिक्षा निकेतन में कथक की थाप पर सजी कला-संस्कृति की कार्यशाला appeared first on Sabguru News .
बेडरूम में पीछे वकील की फोटो, आगे सचिन संग डांस; सीमा हैदर के वीडियो ने मचाया बवाल
सीमा हैदर और सचिन मीणा का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों सोणा-सोणा सोणिए दा रूप दा नजारे गाने पर डांस करते नजर आ रहे हैं। इसमें पीछे वकील की फोटो भी रखी है।
SFJ और Pannun के इशारे पर सिंघु बॉर्डर पर आपत्तिजनक नारे लिखने वाले 3 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के निर्देश पर यहां सिंघु बॉर्डर पर ‘ब्रिक्स’ विरोधी और खालिस्तान समर्थक भित्तिचित्र बनाने और आपत्तिजनक नारे लिखने के मामले में पंजाब से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस को इस घटना में प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) की संलिप्तता का संदेह है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय प्रीतपाल, हरमिंदर सिंह और निरंजन के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि सिंघु बॉर्डर क्षेत्र और अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया, जिसके बाद उन्हें पंजाब से गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, छह सितंबर को दिल्ली की सीमा से लगे अलीपुर में ये भित्तिचित्र अमेरिका स्थित अलगाववादी संगठन एसएफजे और उसके प्रमुख पन्नू के निर्देश पर बनाए गए थे। सूत्रों ने बताया कि प्रीतपाल जमानत पर बाहर था और वह भारत में एसएफजे के संचालन प्रमुख के तौर पर काम कर रहा था। सूत्रों ने बताया कि 2023 के मामले में प्रीतपाल और एक अन्य आरोपी राजविंदर सिंह को कई स्थानों की दीवारों पर ‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान’ और ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन स्थानों में शिवाजी पार्क, मादीपुर, पश्चिम विहार, उद्योग नगर और महाराजा सूरजमल स्टेडियम मेट्रो स्टेशन शामिल थे। उन्होंने बताया कि प्रीतपाल के खिलाफ इससे पहले पंजाब और हरियाणा में एसएफजे से जुड़ी गतिविधियों को लेकर कई मामले दर्ज थे। इस साल की शुरुआत में वह जमानत पर रिहा हुआ था और कथित तौर पर जमानत पर बाहर रहने के दौरान संगठन की गतिविधियों का संचालन करता रहा। सूत्रों के अनुसार, प्रीतपाल 2018 में सोशल मीडिया संदेशों और फोन पर बातचीत के जरिए विदेशी आकाओं के संपर्क में आया था और बाद में एसएफजे की गतिविधियों में शामिल हो गया। उन्होंने बताया कि इस बार बनाए गए भित्तिचित्रों (ग्रैफिटी) में ब्रिक्स-विरोधी और खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) के प्रमुख पन्नू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर घटना की जिम्मेदारी भी ली थी। जांचकर्ताओं ने सिंघु बॉर्डर की सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया जिसके बाद उन्हें पंजाब के फरीदकोट से गिरफ्तार किया गया। सूत्रों ने कहा कि आरोपियों ने जिस कार का कथित तौर पर इस्तेमाल किया था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रीतपाल कथित तौर पर पन्नू के सीधे संपर्क में था और पन्नू ने ही उसे सिंघु बॉर्डर के पास दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखने का निर्देश दिया था। सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि प्रीतपाल कहीं पाकिस्तान में मौजूद आतंकी तत्वों के भी संपर्क में तो नहीं था। उन्होंने बताया कि प्रीतपाल के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत पहले से एक मामला दर्ज है। सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रीतपाल ने कथित तौर पर हरमिंदर सिंह और निरंजन को अपने साथ जोड़ा और उन्हें भित्तिचित्र बनाने के लिए पैसे देने की पेशकश की। सूत्रों के अनुसार, प्रीतपाल के खिलाफ पहले से ही गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज है। जांच के सिलसिले में विशेष प्रकोष्ठ और खुफिया ब्यूरो (आईबी) की टीम अलीपुर थाने में तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी प्रमाण पत्रों (Fake Documents) के सहारे नौकरी हथियाने वाले शिक्षकों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग ने अब तक का सबसे कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शासन और विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन शिक्षकों ने फर्जी शैक्षिक योग्यता, जाली टीईटी (TET) प्रमाण पत्र या अनामिका शुक्ला जैसे बहुचर्चित मामलों की तर्ज पर किसी अन्य के अभिलेखों पर नौकरी हासिल की थी, उन्हें न केवल तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जा रहा है, बल्कि सेवा अवधि के दौरान ली गई पूरी तनख्वाह (Salary Recovery) ब्याज सहित वापस वसूलने का आदेश जारी कर दिया गया है। 10 से 15 साल से अधिक समय तक सेवा दे चुके फर्जी शिक्षकों की भी अब कोई दलील काम नहीं आ रही है।15 साल की नौकरी भी नहीं आई काम: बेसिक शिक्षा विभाग का दो टूक आदेशविभागीय जांच और विजिलेंस पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों (जैसे गोंडा, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर, प्रयागराज, अलीगढ़ आदि) में कई शिक्षक पिछले 10 से 15 वर्षों से फर्जी डिग्रियों के सहारे आराम से पढ़ा रहे थे और पदोन्नति पाकर प्रधानाध्यापक तक बन चुके थे। जब मानव संपदा पोर्टल (Manav Sampada Portal) पर दस्तावेजों के डिजिटल सत्यापन और विश्वविद्यालयों (जैसे डॉ. बी. आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय) से रिकॉर्ड का क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया गया, तो इन डिग्रियों की पोल खुल गई। कई शिक्षकों ने यह तर्क देकर राहत पाने की कोशिश की कि वे लंबे समय से सेवा में हैं और उन्होंने नियमित रूप से अध्यापन कार्य किया है, लेकिन उच्च न्यायालय और बेसिक शिक्षा परिषद के स्पष्ट आदेशों के तहत फर्जीवाड़े के आधार पर की गई किसी भी नियुक्ति को 'शून्य' (Void-ab-initio) माना गया है।पूरी सैलरी की होगी रिकवरी: पाई-पाई वसूलेगा विभागजारी आदेश के मुताबिक फर्जी पाए गए शिक्षकों से रिकवरी की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट रूपरेखा तय की गई है:वेतन और भत्तों की पूरी वसूली: शिक्षक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से लेकर बर्खास्तगी के दिन तक सरकार के खजाने से जितना भी वेतन, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और बोनस दिया गया है, उन सभी की वसूली की जाएगी।भू-राजस्व बकाए (Land Revenue) की तरह वसूली: यदि बर्खास्त शिक्षक स्वेच्छा से सरकारी धन वापस जमा नहीं करते हैं, तो जिला प्रशासन (जिलाधिकारी कार्यालय) के माध्यम से 'राजस्व वसूली प्रमाण पत्र' (R.C.) जारी किया जाएगा। इसके तहत आरोपी की अचल संपत्ति कुर्क करके रकम वसूली जाएगी।पीएफ और ग्रेच्युटी के लाभ भी समाप्त: फर्जी पाए जाने पर प्रोविडेंट फंड (PF) पर सरकारी अंशदान और ग्रेच्युटी समेत किसी भी प्रकार के पेंशनरी लाभ का कोई अधिकार नहीं रहेगा।सेवा समाप्ति के साथ आपराधिक मुकदमे (FIR) के निर्देशबेसिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक और सचिव द्वारा सभी जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देशित किया गया है कि वे केवल सेवा समाप्ति तक सीमित न रहें। फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं—जैसे धोखाधड़ी (Cheating), जाली दस्तावेज तैयार करना (Forgery) और सरकारी धन का गबन—के तहत संबंधित थानों में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराएं। इसके साथ ही, इस पूरे सिंडिकेट में शामिल दलालों और फर्जी अंकतालिकाएं जारी करने वाले गिरोहों की जड़ों तक पहुंचने के लिए एसटीएफ (STF) को भी जांच से जोड़ा जा रहा है।डिजिटल वेरिफिकेशन से बेनकाब हो रहा फर्जीवाड़ाविभाग में पारदर्शिता लाने के लिए लागू किए गए डिजिटल सिस्टम ने फर्जी शिक्षकों की पहचान को आसान बना दिया है:मानव संपदा पोर्टल पर पैन और आधार सीडिंग: शिक्षकों के पैन कार्ड, आधार कार्ड और सर्विस बुक के डेटा का जब केंद्रीय स्तर पर मिलान हुआ, तो एक ही नाम, रोल नंबर या पैन पर कई-कई जिलों में नौकरी करने के चौंकाने वाले मामले पकड़े गए।यूनिवर्सिटी डेटाबेस से ऑटो-वेरिफिकेशन: राज्य विश्वविद्यालयों के डिजिटल अभिलेखों से सीधे 10वीं, 12वीं, स्नातक और बीएड/बीटीसी प्रमाण पत्रों का मिलान कराया गया, जिससे हाथ से बनी या प्रिंट की गई जाली मार्कशीट का भेद तुरंत खुल गया।शिक्षा व्यवस्था में शुचिता की ओर बड़ा कदमसरकार के इस कड़े कदम से उन लाखों योग्य और वास्तविक अभ्यर्थियों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है जो वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं लेकिन फर्जीवाड़े के कारण वंचित रह जाते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग का यह स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा के मंदिर में धोखेबाजी के जरिए प्रवेश करने वालों को चाहे जितने वर्ष बीत चुके हों, कानून के शिकंजे और सरकारी वसूली से बच पाना अब पूरी तरह नामुमकिन है।
भारतीय रेल नेटवर्क को आधुनिक युग में ले जाने के लिए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Bullet Train Projects) पर काम तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। पश्चिमी भारत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के बाद अब पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रेल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी सौगात का खाका तैयार हो चुका है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की प्रस्तावित योजना के तहत वाराणसी-पटना-हावड़ा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Varanasi–Howrah HSR Corridor) के जरिए लगभग 760 किलोमीटर का लंबा सफर महज 3 से 3.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा, जहां राजधानी पटना सहित प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक केंद्रों पर आधुनिक बुलेट ट्रेन स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार: सफर का समय होगा एक-तिहाईवर्तमान समय में वाराणसी से पटना और हावड़ा (कोलकाता) के बीच चलने वाली सबसे प्रीमियम ट्रेनें (जैसे वंदे भारत, राजधानी या दुरंतो एक्सप्रेस) भी 700 से 750 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में 11 से 14 घंटे का समय लेती हैं। बुलेट ट्रेन परियोजना के शुरू होने के बाद यह यात्रा बेहद सुगम और संक्षिप्त हो जाएगी:डिजाइन और ऑपरेशनल स्पीड: इस ट्रैक को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के लिए डिजाइन किया जा रहा है। वहीं ट्रेनों की सामान्य संचालन गति (Operational Speed) 320 किमी/घंटा और औसत गति लगभग 250 किमी/घंटा रहेगी।जापानी 'शिन्कान्सेन' तकनीक: इस पूरे कॉरिडोर पर जापान की अत्याधुनिक शिन्कान्सेन (Shinkansen) बुलेट ट्रेन तकनीक और बिना गिट्टी वाले कंक्रीट स्लैब ट्रैक (Ballastless Track) का उपयोग किया जाएगा।एलिवेटेड ट्रैक: सुरक्षा के कड़े मानकों को पूरा करने और मवेशियों या इंसानों के ट्रैक पर आने से रोकने के लिए बिहार में लगभग 260 किलोमीटर का पूरा रेल खंड जमीन से ऊपर यानी पूरी तरह एलिवेटेड (Elevated) खंभों पर तैयार किया जाएगा।बिहार के इन जिलों और स्टेशनों से गुजरेगी बुलेट ट्रेनविस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और प्रस्तावित अलाइनमेंट के अनुसार, यह हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के वाराणसी से निकलकर सीधे बिहार में प्रवेश करेगा। बिहार में बुलेट ट्रेन के प्रमुख ठहराव और रूट इस प्रकार तय किए गए हैं:1. बक्सर (Buxar): यूपी सीमा से प्रवेश करते ही बिहार का पहला बुलेट ट्रेन स्टेशन बक्सर में प्रस्तावित है। यहां गंगा किनारे नए एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।2. आरा / भोजपुर (Arrah): बक्सर के बाद ट्रेन भोजपुर जिले के आरा से होकर गुजरेगी, जिससे शाहाबाद क्षेत्र के लाखों यात्रियों को सीधे कनेक्टिविटी मिलेगी।3. पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना इस पूरे कॉरिडोर का सबसे मुख्य हब बनेगा। पटना और आसपास के सैटेलाइट टाउन (जैसे बिहटा या दानापुर के आउटर एरिया) में एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा, ताकि शहर के भीतर भारी ट्रैफिक दबाव न बने।4. जहानाबाद / नवादा (Nawada / Jehanabad): पटना से दक्षिण की ओर बढ़ते हुए यह ट्रैक जहानाबाद या नवादा के रास्ते गुजरेगा, जहां तकनीकी व यात्री ठहराव के लिए स्टेशन प्रस्तावित है।5. गया (Gaya Junction): अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन स्थल और मोक्ष की भूमि गया में इस रूट का एक और भव्य स्टेशन बनेगा। गया स्टेशन को पहले से ही अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और महाबोधि मंदिर की कनेक्टिविटी के मद्देनजर बड़े पैमाने पर री-डेवलप किया जा रहा है।गया के बाद यह हाई-स्पीड ट्रैक झारखंड की सीमा में प्रवेश कर जाएगा, जहां यह कोडरमा, हजारीबाग और धनबाद होते हुए पश्चिम बंगाल के आसनसोल, दुर्गापुर, बर्धमान और अंत में हावड़ा (कोलकाता) पहुंचेगा।दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर से भी जुड़ेगा नेटवर्कइसके अलावा, रेल मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे बड़े मास्टर प्लान में दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर का भी प्रावधान है, जिसका अहम पड़ाव पटना होगा। इस रूट के तहत पटना से आगे बढ़कर बुलेट ट्रेन बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार-पूर्णिया के रास्ते सिलीगुड़ी (उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार) तक जाएगी। इससे भविष्य में बिहार न केवल पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से जुड़ेगा, बल्कि देश की राजधानी नई दिल्ली तक का सफर भी मात्र 5 से 6 घंटे में तय हो सकेगा।जमीन अधिग्रहण, हवाई सर्वे और निर्माण कार्य का स्टेटसवाराणसी-हावड़ा हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआती तकनीकी अध्ययन काफी आगे बढ़ चुके हैं:LiDAR सर्वे और मिट्टी परीक्षण: रूट के अलाइनमेंट और भौगोलिक संरचना का सटीक खाका तैयार करने के लिए हेलीकॉप्टर व ड्रोन के जरिए लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (LiDAR) तकनीक से हवाई सर्वेक्षण और रिफ्रेक्शन टोपोग्राफी का कार्य पूरा कर लिया गया है।पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव अध्ययन: कॉरिडोर के निर्माण से प्रभावित होने वाली कृषि भूमि और बस्तियों का सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) और एन्वायरमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (EIA) तैयार किया जा रहा है।टाइमलाइन: डीपीआर को केंद्रीय कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण और सिविल निर्माण के टेंडर जारी किए जाएंगे। इस मेगा प्रोजेक्ट को 2030-2031 तक चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।बिहार की अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बूस्टबुलेट ट्रेन कॉरिडोर केवल तेज रफ्तार यात्रा का माध्यम नहीं होगा, बल्कि यह बिहार के लिए एक विशाल इकोनॉमिक कॉरिडोर (Economic Corridor) साबित होगा।पर्यटन में क्रांतिकारी उछाल: बोधगया, राजगीर, नालंदा और पटना साहिब आने वाले देश-विदेश के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए आवागमन बेहद आसान हो जाएगा।व्यापार और उद्योग: कोलकाता और दिल्ली जैसे महानगरों की सीधी और सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिलने से बिहार के स्थानीय उत्पादों, मखाना, लीची और हथकरघा उद्योग को बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।रोजगार के अवसर: एलिवेटेड ट्रैक्स, स्टेशनों के निर्माण और उनके संचालन से राज्य में इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर में हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
स्मार्ट होम गैजेट्स और बजट-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दिग्गज टेक कंपनी शाओमी (Xiaomi) ने एक बार फिर घरेलू सुरक्षा को पूरी तरह आसान और स्मार्ट बना दिया है। अक्सर लोग अपने घर के मुख्य दरवाजे पर स्मार्ट डोर लॉक लगवाना तो चाहते हैं, लेकिन लकड़ी काटने, ड्रिलिंग करने और पुराने ताले को बदलने के झंझट के कारण पीछे हट जाते हैं। खासकर किराए के मकान (Rented Flats) में रहने वालों के लिए मकान मालिक की अनुमति के बिना दरवाजे में छेद करना संभव नहीं होता। इसी समस्या का स्थायी समाधान करते हुए कंपनी ने अपना नया 'Xiaomi Self-Install Smart Lock' (रेट्रोफिट डीआईवाई स्मार्ट लॉक) ग्लोबल मार्केट में उतारा है। इस जादुई लॉक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए किसी कारपेंटर या तकनीशियन की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि यूजर इसे खुद (DIY) चंद मिनटों में अपने पुराने ताले के ऊपर फिट कर सकता है।बिना छेद किए दरवाजे पर कैसे फिट होता है यह स्मार्ट लॉक?पारंपरिक स्मार्ट लॉक्स पूरे डोर मैकेनिज्म को बदलकर लगाए जाते हैं, लेकिन शाओमी का यह सेल्फ-इंस्टॉल लॉक एक 'रेट्रोफिट' (Retrofit) डिजाइन पर आधारित है:पुराना ताला बदलने की जरूरत नहीं: यह लॉक दरवाजे के अंदरूनी हिस्से (Indoor Side) पर मौजूदा सिलेंडर या थंब-टर्न नॉब के ठीक ऊपर बैठ जाता है।नो-ड्रिल इंस्टॉलेशन: यदि सिलेंडर 3 मिमी या उससे अधिक बाहर निकला हुआ है, तो इसे केवल एलन-की (Allen Wrench) और ब्रैकेट के जरिए कसा जा सकता है। वहीं सपाट सतहों के लिए इसमें हाई-स्ट्रेंथ डबल-साइडेड 3M एडहेसिव टेप का विकल्प दिया गया है, जो दरवाजे को बिना कोई नुकसान पहुंचाए मजबूती से चिपक जाता है।किराएदारों के लिए वरदान: मकान बदलते समय इसे बिना किसी निशान या तोड़फोड़ के आसानी से हटाया जा सकता है और नए घर के दरवाजे पर दोबारा लगाया जा सकता है।बाहरी कीपैड यूनिट: दरवाजे के बाहरी हिस्से के लिए एक स्लिम वायरलेस कीपैड और फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है, जो वाटरप्रूफ और वेदरप्रूफ (IP65 रेटिंग) है।अनलॉकिंग के 6 से ज्यादा आधुनिक विकल्पशाओमी के इस स्मार्ट लॉक में घर के सदस्यों और मेहमानों की सुविधा के लिए कई सुरक्षा विकल्प शामिल किए गए हैं:सेमीकंडक्टर फिंगरप्रिंट स्कैनर: बाहरी कीपैड पर 99.3% सटीक पहचान दर (Identification Rate) वाला फिंगरप्रिंट सेंसर मौजूद है, जो 0.5 सेकंड से भी कम समय में लॉक खोल देता है।पासवर्ड और वन-टाइम ओटीपी (OTP): इसमें परमानेंट पिन कोड के साथ-साथ मेहमानों, डिलीवरी पार्टनर्स या घरेलू सहायकों के लिए टाइम-बाउंड टेम्परेरी कोड या वन-टाइम पासवर्ड जनरेट करने की सुविधा मिलती है।स्मार्टफोन ऐप और ब्लूटूथ: Mi Home / Xiaomi Home ऐप के जरिए नजदीक से ब्लूटूथ या दूर से वाई-फाई के माध्यम से लॉक को वन-टैप में अनलॉक किया जा सकता है।पारंपरिक चाबी का बैकअप: आपात स्थिति या बैटरी खत्म होने पर दरवाजे के मूल मैकेनिज्म से फिजिकल चाबी लगाकर भी दरवाजा खोला जा सकता है।मैटर (Matter) और एप्पल होम सपोर्ट: कनेक्टिविटी का बॉसइस स्मार्ट लॉक को भविष्य की स्मार्ट होम तकनीकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है:Matter-over-Thread सपोर्ट: शाओमी ने इसे यूनिवर्सल 'Matter' प्रोटोकॉल से लैस किया है। इसका मतलब है कि यह सिर्फ शाओमी ईकोसिस्टम तक सीमित नहीं है, बल्कि Apple HomeKit (Siri), Google Home और Amazon Alexa के साथ सीधे सिंक हो जाता है।वॉयस कंट्रोल: आप अपने स्मार्टफोन या स्मार्ट स्पीकर से बोलकर (जैसे Hey Siri, unlock the front door) सीधे दरवाजा खोल सकते हैं।रियल-टाइम सुरक्षा अलर्ट्स: यदि कोई ताले के साथ छेड़छाड़ करता है, गलत पासवर्ड बार-बार डालता है या दरवाजा खुला रह जाता है, तो ऐप तुरंत फोन पर सायरन नोटिफिकेशन भेज देता है।6 महीने का बैटरी बैकअप और मजबूत सुरक्षा चिपसेटडिवाइस की मुख्य इनडोर यूनिट 2,450mAh की रीचार्जेबल लीथियम-आयन बैटरी द्वारा संचालित होती है, जो सामान्य उपयोग (दिन में 8-10 बार खोलने) पर लगभग 6 महीने तक चलती है। बैटरी कम होने पर ऐप और लॉक पर रेड इंडिकेटर के जरिए अलर्ट मिल जाता है। इसे टाइप-सी केबल से दोबारा चार्ज किया जा सकता है। वहीं बाहरी कीपैड दो सामान्य AA बैटरियों पर काम करता है। साइबर सुरक्षा के मोर्चे पर इसमें शाओमी का विशेष MJA1 सिक्योरिटी चिपसेट दिया गया है, जो यूरोपीय साइबर सुरक्षा मानकों (EN18031) से प्रमाणित है।कीमत और वैश्विक उपलब्धताग्लोबल मार्केट्स में इस लॉक को बेहद आक्रामक कीमत पर पेश किया गया है। जापान में इसकी कीमत लगभग 12,980 (लगभग ₹7,000 से ₹7,500) और यूएई में करीब AED 359 (लगभग ₹8,000) रखी गई है। भारत और अन्य एशियाई बाजारों में भी इसके जल्द आधिकारिक तौर पर लॉन्च होने की उम्मीद है। बिना किसी महंगे इंस्टॉलेशन खर्च और ड्रिलिंग के झंझट के यह डिवाइस उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो अपने घर को सुरक्षित और हाई-टेक बनाना चाहते हैं।
एक पोस्टर से बदली गोवा की सियासी तस्वीर, बिना कांग्रेस - बीजेपी, नए गठबंधन की तैयारी
गोवा में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साझा पोस्टर ने सियासी चर्चा तेज कर दी है.
आज के डिजिटल दौर में बच्चों की किलकारियां और पार्कों की रौनक धीरे-धीरे 6 इंच की मोबाइल स्क्रीन में सिमट कर रह गई है। जहां कुछ दशक पहले शाम होते ही बच्चे गलियों और खेल के मैदानों में दौड़-भाग करते नजर आते थे, वहीं अब वे कमरों में बंद होकर स्मार्टफोन पर रील्स, शॉर्ट्स और ऑनलाइन गेम्स में घंटों बिता रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और बाल रोग विशेषज्ञों की हालिया रिपोर्ट्स ने इसे बाल विकास के लिए सबसे बड़ा मूक संकट (Silent Crisis) करार दिया है। शारीरिक सक्रियता (Physical Activity) का पूरी तरह खत्म होना सीधे तौर पर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को खोखला कर रहा है। बच्चों में कम उम्र में ही एंग्जायटी, डिप्रेशन, मूड स्विंग्स और सोशल आइसोलेशन जैसी समस्याएं तेजी से अपने पैर पसार रही हैं।स्क्रीन एडिक्शन और ब्रेन केमिस्ट्री: क्यों चिड़चिड़े हो रहे हैं बच्चे?मोबाइल स्क्रीन पर लगातार फास्ट-पेस्ड वीडियो, एनिमेशन और गेमिंग जीतने पर दिमाग में 'डोपामाइन' (Dopamine) नामक न्यूरोट्रांसमीटर का अत्यधिक स्राव होता है। यह डोपामाइन दिमाग को तत्काल सुख (Instant Gratification) की आदत डाल देता है। जब बच्चे से फोन वापस लिया जाता है, तो दिमाग में डोपामाइन का स्तर अचानक गिर जाता है, जिससे बच्चे के भीतर तीव्र छटपटाहट, आक्रामकता, जिद्दीपन और गुस्सा फूट पड़ता है। घंटों एक ही जगह बैठे रहने से शरीर की ऊर्जा का प्राकृतिक निकास नहीं हो पाता, जो बाद में मानसिक तनाव और अवसाद का रूप ले लेता है।फिजिकल एक्टिविटी न होने से मानसिक और शारीरिक नुकसानजब कोई बच्चा दौड़ता, कूदता या खेल खेलता है, तो उसके शरीर में 'एंडोर्फिन' और 'सेरोटोनिन' जैसे हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जो दिमाग को शांत और संतुलित रखते हैं। मैदान से दूरी के कारण बच्चों को इन गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है:एकाग्रता और सोचने की क्षमता में कमी: अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बच्चों का अटेंशन स्पैन (ध्यान केंद्रित करने की अवधि) घटकर कुछ सेकंड का रह गया है। पढ़ाई और क्लासरूम में उनका मन नहीं लगता।अनिद्रा और स्लीप साइकिल का बिगड़ना: देर रात तक स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) नींद लाने वाले हार्मोन 'मेलाटोनिन' को बनने से रोकती है। अधूरी नींद बच्चों के स्वभाव को चिड़चिड़ा और मूडी बना देती है।सोशल स्किल्स की कमी: आमने-सामने संवाद करने और साथियों के साथ तालमेल बिठाने के बजाय स्क्रीन पर अकेले वक्त बिताने से बच्चे सामाजिक रूप से असहज और शर्मीले हो रहे हैं।बचपन में मोटापा और आई-साइट कमजोर होना: शारीरिक गतिविधि शून्य होने से बच्चों में कम उम्र में ही मोटापा (Obesity), फैटी लिवर, रीढ़ की हड्डी में दर्द और आंखों का नंबर बढ़ने जैसी शारीरिक व्याधियां घर कर रही हैं।अभिभावकों को कब सतर्क होना चाहिए: खतरे के प्रमुख लक्षणयदि आपके घर के बच्चों में ये बदलाव दिखने लगे हैं, तो समझ लें कि स्थिति सामान्य नहीं है:मोबाइल न मिलने पर चीखना, रोना या चीजें फेंकना।परिवार के साथ बातचीत करने या बाहर जाने में बिल्कुल रुचि न दिखाना।बात-बात पर चिड़चिड़ाना और बहुत जल्दी निराश (Frustrated) हो जाना।वास्तविक दोस्तों के बजाय केवल ऑनलाइन दुनिया में समय बिताना।भूख में अचानक बदलाव आना या नींद न आने की शिकायत करना।बच्चों को मोबाइल की गिरफ्त से बाहर निकालने के 5 प्रभावी तरीकेबच्चों को डांटने या अचानक फोन छीनने से वे विद्रोही हो सकते हैं। इसके बजाय मनोवैज्ञानिक तरीके अपनाकर उन्हें स्क्रीन से दूर किया जा सकता है:1. खुद उदाहरण बनें (Lead by Example): बच्चे जो सुनते हैं, उससे ज्यादा वह सीखते हैं जो वे अपने माता-पिता को करते देखते हैं। यदि आप खुद घर पर हर समय फोन में लगे रहेंगे, तो बच्चे से दूर रहने की अपेक्षा नहीं की जा सकती।2. आउटडोर गेम्स अनिवार्य करें: शाम को कम से कम 1 से 2 घंटे बच्चों को पार्क, स्विमिंग, फुटबॉल, बैडमिंटन या साइकिल चलाने के लिए जरूर बाहर भेजें। शरीर थकेगा तो नींद अच्छी आएगी और तनाव स्वतः खत्म होगा।3. 'नो स्क्रीन जोन' और निश्चित समय तय करें: भोजन की मेज और सोने के कमरे में मोबाइल फोन का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित करें। स्क्रीन टाइम के लिए सख्त सीमा (1 घंटे से कम) तय करें।4. रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें: बच्चों को पेंटिंग, संगीत, गार्डनिंग, बोर्ड गेम्स या किताबें पढ़ने जैसी हॉबीज की तरफ प्रोत्साहित करें।5. गुणवत्तापूर्ण पारिवारिक समय (Quality Time): रोज रात को बच्चों से उनकी दिनभर की बातें, स्कूल की कहानियां और उनके विचारों को बिना किसी जजमेंट के सुनें ताकि उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए स्क्रीन का सहारा न लेना पड़े।बचपन लौटाना ही स्वस्थ भविष्य की गारंटीस्मार्टफोन आधुनिक युग की अनिवार्यता हो सकता है, लेकिन यह बच्चों के खेलने, गिरने-संभलने और धूप-मिट्टी में बड़े होने का विकल्प कभी नहीं बन सकता। मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से स्वस्थ पीढ़ी तैयार करने के लिए जरूरी है कि गैजेट्स पर निर्भरता घटे और खेल के मैदानों की धूल फिर से बच्चों के पैरों का श्रृंगार बने।
2 साल से बेड पर था लकवाग्रस्त पति, पत्नी ने अपनी मां के साथ मिलकर कर दी हत्या
शाहिना और मुबारक की शादी 20 साल पहले हुई थी। दोनों की एक बेटी है।मुबारक पिछले दो साल से लकवा की वजह से बिस्तर पर था। इसी दौरान बेटी के इलाज में मदद करने के लिए नईमुद्दीन कुरैशी परिवार के संपर्क में आया।
पनीर लबाबदार, मिलेट पुलाव और बीटरूट रायता... BRICS में Gala Dinner का मेन्यू आया सामने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS समिट 2026 में वैश्विक नेताओं के लिए एक शानदार गाला डिनर का आयोजन किया।
इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप (WhatsApp) आज हमारी निजी और पेशेवर जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। ऑफिस के प्रोजेक्ट्स से लेकर फैमिली ग्रुप्स और अनजान लोगों से लेन-देन तक, हर जगह व्हाट्सएप का इस्तेमाल अनिवार्य हो गया है। हालांकि, व्हाट्सएप की सबसे बड़ी कमजोरी हमेशा से यह रही है कि किसी से भी चैट शुरू करने के लिए आपका व्यक्तिगत मोबाइल नंबर (Personal Mobile Number) सीधे सामने वाले के पास पहुंच जाता है। कई बार अनजान लोगों, कैब ड्राइवरों, ऑनलाइन डिलीवरी एजेंट्स या कमर्शियल ग्रुप्स में नंबर शेयर होने से स्पैम कॉल्स, ऑनलाइन फ्रॉड और प्राइवेसी लीक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यूजर्स की इसी चिंता को दूर करने के लिए व्हाट्सएप ने कई नए प्राइवेसी फीचर्स रोलआउट किए हैं। यदि आप भी बिना अपना पर्सनल नंबर उजागर किए व्हाट्सएप चलाना चाहते हैं, तो 'घोस्ट मोड' (Ghost Mode) जैसे ये 4 जादुई तरीके आपके अनुभव को पूरी तरह सुरक्षित बना देंगे।1. व्हाट्सएप का आधिकारिक 'Username' फीचर: अब नंबर देने का झंझट खत्मव्हाट्सएप ने टेलीग्राम और इंस्टाग्राम की तर्ज पर अपना सबसे प्रतीक्षित 'यूनिक यूजरनेम' (Unique Username) फीचर पेश किया है। यह फीचर व्हाट्सएप पर प्राइवेसी की दुनिया में सबसे बड़ा गेम-चेंजर साबित हो रहा है।कैसे करता है काम: अब किसी से चैट करने के लिए 10 अंकों का मोबाइल नंबर शेयर करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप अपनी पसंद का एक अनूठा यूजरनेम (जैसे @yourname_official) सेट कर सकते हैं।पहचान पूरी तरह गुप्त: सामने वाला व्यक्ति सर्च बार में केवल आपका यूजरनेम डालकर आपसे सीधे चैट कर सकता है। चैट स्क्रीन पर उसे सिर्फ आपका यूजरनेम और प्रोफाइल नाम दिखेगा, आपका असली फोन नंबर पूरी तरह छिपा (Hidden) रहेगा।कैसे करें सेट: व्हाट्सएप सेटिंग्स में जाएं, प्रोफाइल सेक्शन पर क्लिक करें और 'Username' के विकल्प को चुनकर अपनी पसंद का यूजरनेम रिजर्व करें।2. वर्चुअल नंबर (Virtual Number) से बनाएं सेकेंडरी व्हाट्सएप अकाउंटयदि आप अपने प्राइमरी सिम कार्ड का नंबर किसी भी अनजान प्लेटफॉर्म या बिजनेस के साथ साझा नहीं करना चाहते, तो वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल सबसे सुरक्षित तरीका है।क्या होता है वर्चुअल नंबर: यह बिना किसी फिजिकल प्लास्टिक सिम कार्ड के इंटरनेट के जरिए एक्टिवेट होने वाला टेलीफोन नंबर होता है।कैसे करें इस्तेमाल: गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर पर कई वैध और सुरक्षित ऐप्स (जैसे TextNow, Skype Number या अन्य VoIP सर्विस प्रोवाइडर्स) उपलब्ध हैं जो अंतरराष्ट्रीय या स्थानीय वर्चुअल नंबर प्रदान करते हैं।व्हाट्सएप सेटअप: इस वर्चुअल नंबर को व्हाट्सएप में दर्ज करें। नंबर पर आने वाले एसएमएस या वॉयस कॉल ओटीपी (OTP) को ऐप में दर्ज करके वेरिफिकेशन पूरा करें। इस तरह आपका एक पूरी तरह अलग व्हाट्सएप अकाउंट शुरू हो जाएगा, जिसका आपके निजी पर्सनल नंबर या टेलीकॉम कंपनी से कोई सीधा संबंध नहीं होगा।3. लैंडलाइन नंबर से एक्टिवेट करें 'WhatsApp Business'अधिकांश लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि व्हाट्सएप अकाउंट शुरू करने के लिए मोबाइल नंबर का होना अनिवार्य नहीं है। यदि आपके घर, दुकान या ऑफिस में कोई पुराना लैंडलाइन (BSNL, Airtel आदि) या ब्रॉडबैंड लैंडलाइन कनेक्शन लगा है, तो आप उससे भी व्हाट्सएप चला सकते हैं।अलग प्रोफाइल का लाभ: अपने फोन में 'WhatsApp Business' ऐप डाउनलोड करें।सेटअप प्रक्रिया: मोबाइल नंबर की जगह अपने शहर के एसटीडी कोड (STD Code) के साथ लैंडलाइन नंबर दर्ज करें।'Call Me' विकल्प चुनें: चूंकि लैंडलाइन पर सामान्य एसएमएस नहीं आता, इसलिए 'Resend SMS' का समय खत्म होने के बाद 'Call Me' के विकल्प पर टैप करें। आपके लैंडलाइन फोन की घंटी बजेगी और कंप्यूटर आवाज में 6 अंकों का ओटीपी बताया जाएगा।पूरी प्राइवेसी: इस नंबर से आप किसी को भी मैसेज भेज सकते हैं, ग्रुप्स में जुड़ सकते हैं। इससे आपका पर्सनल मोबाइल नंबर कभी किसी अनजान ग्रुप या व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा।4. 'घोस्ट प्राइवेसी' सेटिंग्स: बिना किसी ऐप के गायब हो जाएंयदि आप अपने मौजूदा नंबर पर ही पूरी तरह अदृश्य (Ghost) होकर व्हाट्सएप का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो व्हाट्सएप की इन-बिल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स का यह कॉम्बिनेशन तुरंत लागू करें:Last Seen and Online Hide: Settings > Privacy > Last Seen & Online में जाएं। 'Who can see my last seen' को Nobody और 'Who can see when I'm online' को Same as last seen पर सेट करें। इससे आप दिनभर ऑनलाइन रहकर भी किसी को ऑनलाइन दिखाई नहीं देंगे।Profile Photo और About को सुरक्षित करें: अपनी प्रोफाइल फोटो, 'About' और 'Status' को केवल 'My Contacts' या 'My Contacts Except...' पर सेट करें। इससे आपकी फोन बुक के बाहर का कोई भी अनजान व्यक्ति आपकी फोटो या बायो नहीं देख पाएगा।Read Receipts (ब्लू टिक) बंद करें: Settings > Privacy में जाकर 'Read Receipts' को टर्न ऑफ कर दें। इससे आप किसी का भी मैसेज पढ़ लेंगे, लेकिन सामने वाले को कभी पता नहीं चलेगा कि आपने मैसेज देखा है या नहीं।साइलेंस अननोन कॉलर्स (Silence Unknown Callers): Privacy > Calls में जाकर 'Silence Unknown Callers' को ऑन कर दें। इससे अनजान नंबरों से आने वाली सभी व्हाट्सएप ऑडियो और वीडियो कॉल्स अपने आप म्यूट हो जाएंगी और आपको बेवजह डिस्टर्ब नहीं करेंगी।थर्ड-पार्टी मॉड ऐप्स (GB WhatsApp) के खतरे से रहें सावधानइंटरनेट पर अक्सर 'GB WhatsApp' या 'WhatsApp Plus' जैसे अनधिकृत और मॉडिफाइड ऐप्स को घोस्ट मोड के नाम पर डाउनलोड करने का लालच दिया जाता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे ऐप्स का उपयोग भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ये ऐप्स आधिकारिक एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption) का पालन नहीं करते, जिससे आपका निजी डेटा, बैंक ओटीपी और चैट हैकर्स के हाथ लग सकते हैं। इसके अलावा, ऐसे अनधिकृत ऐप्स का इस्तेमाल करने पर मेटा (व्हाट्सएप) आपके नंबर को स्थायी रूप से बैन (Permanent Ban) कर सकता है। हमेशा आधिकारिक व्हाट्सएप ऐप और उसकी कानूनी सेटिंग्स का ही सहारा लें।
सफर के दौरान कार, बस, कैब या ट्रेन में बैठकर स्मार्टफोन पर कोई जरूरी ईमेल पढ़ना, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना या वीडियो देखना कई लोगों के लिए एक बुरे सपने जैसा साबित होता है। स्क्रीन पर नजर टिकते ही कुछ ही मिनटों के भीतर अचानक सिर चकराना, बेचैनी होना, पसीना छूटना और जी मिचलाना (Nausea) शुरू हो जाता है। कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि तुरंत उल्टी आने लगती है और पूरा सफर असहज बन जाता है। आम बोलचाल में इसे 'मोशन सिकनेस' (Motion Sickness) या 'कार सिकनेस' कहा जाता है। अक्सर लोग इससे बचने के लिए सफर में फोन का इस्तेमाल बंद कर देते हैं या दवाइयों का सहारा लेते हैं। हालांकि, अब आधुनिक स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी ने इस शारीरिक परेशानी का एक बेहद वैज्ञानिक और सटीक डिजिटल समाधान निकाल लिया है, जिसे 'मोशन क्यूज' (Motion Cues / Vehicle Motion Cues) कहा जाता है।सफर में फोन देखने पर उल्टी और चक्कर क्यों आते हैं: समझें विज्ञानमोशन सिकनेस कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारे दिमाग को मिलने वाले विरोधाभासी संकेतों (Sensory Conflict) का परिणाम है। जब आप किसी चलती हुई गाड़ी में बैठे होते हैं, तो आपके आंतरिक कान (Inner Ear) का वेस्टिबुलर सिस्टम और शरीर की मांसपेशियां यह महसूस करती हैं कि आप तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।इसके ठीक विपरीत, जब आपकी आंखें फोन की स्थिर (Static) स्क्रीन पर टिकी होती हैं, तो आंखें दिमाग को संदेश भेजती हैं कि आप पूरी तरह शांत और स्थिर बैठे हैं। कानों से मिलने वाले 'गति' के सिग्नल और आंखों से मिलने वाले 'स्थिरता' के सिग्नल के बीच दिमाग उलझन में पड़ जाता है। इस मिसमैच को दिमाग किसी न्यूरोटॉक्सिन या विषैले प्रभाव के रूप में समझ लेता है, जिसके प्रतिक्रियास्वरूप शरीर में उल्टी, मतली और सिरदर्द के लक्षण उभर आते हैं।'मोशन क्यूज' (Motion Cues) फीचर कैसे करता है जादू जैसा काम?इस न्यूरोलॉजिकल कन्फ्लिक्ट को खत्म करने के लिए स्मार्टफोन कंपनियों ने 'मोशन क्यूज' फीचर विकसित किया है। यह फीचर फोन के इन-बिल्ट सेंसर्स (जैसे एक्सेलेरोमीटर और जायरोस्कोप) का उपयोग करता है:स्क्रीन पर तैरते एनिमेटेड डॉट्स: जैसे ही यह फीचर ऑन होता है, स्क्रीन के किनारों पर हल्के, पारदर्शी छोटे-छोटे एनिमेटेड बिंदु (Floating Dots) दिखाई देने लगते हैं।गाड़ी की चाल के साथ तालमेल: जब कार दाएं मुड़ती है, तो ये डॉट्स स्क्रीन पर बाईं ओर खिसकते हैं; जब गाड़ी ब्रेक लगाती है, तो डॉट्स आगे की ओर गति करते हैं।दिमाग की उलझन का खात्मा: फोन का मुख्य कंटेंट पढ़ते समय भी आंखों की परिधीय दृष्टि (Peripheral Vision) इन हिलते हुए डॉट्स को देख लेती है। इससे आंख और कान दोनों एक ही गति को महसूस करते हैं। दिमाग को मिलने वाला सिग्नल कन्फ्लिक्ट तुरंत खत्म हो जाता है और स्क्रीन पर पढ़ते हुए भी कभी उल्टी या चक्कर का अहसास नहीं होता।iPhone में 'Vehicle Motion Cues' कैसे ऑन करें: स्टेप-बाय-स्टेपऐपल ने आईओएस (iOS 18 व उससे आगे के अपडेट्स) में यह फीचर सीधे सेटिंग्स में शामिल किया है:सबसे पहले अपने आईफोन की Settings में जाएं।नीचे स्क्रॉल करके Accessibility (एक्सेसिबिलिटी) विकल्प पर टैप करें।'Vision' सेक्शन के तहत Motion (मोशन) वाले विकल्प को चुनें।यहां आपको Vehicle Motion Cues का विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें।इसे 'On' कर दें, या फिर 'Automatic' चुन लें। ऑटोमैटिक चुनने पर फोन के सेंसर्स जैसे ही पहचानेंगे कि आप किसी चलती गाड़ी में हैं, यह फीचर अपने आप एक्टिवेट हो जाएगा और गाड़ी रुकते ही बंद हो जाएगा।आप चाहें तो इसे अपने Control Center में भी शॉर्टकट के रूप में जोड़ सकते हैं ताकि सफर शुरू होते ही एक स्वाइप में इसे चालू किया जा सके।Android फोन में कैसे चालू करें यह लाइफ-सेविंग फीचर?गूगल ने भी एंड्रॉयड यूजर्स के लिए 'Motion Cues' फीचर को अपडेट्स के जरिए उपलब्ध कराना शुरू किया है। यदि आपके एंड्रॉयड फोन की सेटिंग्स में यह सीधे उपलब्ध नहीं है, तो आप इसे इस तरह इस्तेमाल कर सकते हैं:सिस्टम सेटिंग्स से जांचें: अपने फोन की Settings में जाएं, फिर Accessibility में जाकर Display & Motion या 'Motion Cues' सर्च करें और इसे ऑन करें।गूगल प्ले स्टोर का इस्तेमाल: जिन एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में यह इन-बिल्ट नहीं है, वे प्ले स्टोर से आधिकारिक व सुरक्षित टूल्स जैसे KineStop (Motion Sickness Aid) ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप ठीक उसी तकनीक पर काम करता है और स्क्रीन पर सेंसर्स के आधार पर एनिमेटेड हॉरिजॉन्टल आर्टिफिशल लाइन या डॉट्स ड्रॉ करता है, जिससे मोशन सिकनेस तुरंत रुक जाती है।सफर के दौरान मोशन सिकनेस से बचने के कुछ अन्य स्मार्ट टिप्सफोन के इस फीचर को ऑन करने के अलावा सफर के दौरान कुछ बुनियादी आदतों का ध्यान रखने से यात्रा और अधिक सुखद बन जाती है:कार की अगली सीट चुनें: सफर में हमेशा ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठने की कोशिश करें, जहां से सामने की सड़क और क्षितिज (Horizon) साफ दिखता हो।विंडो स्क्रीन से ताजी हवा लें: एसी की बंद हवा के बजाय थोड़ी देर के लिए खिड़की का शीशा खोलकर ताजी प्राकृतिक हवा लें।हल्का खान-पान: सफर पर निकलने से ठीक पहले अत्यधिक तैलीय, भारी या खट्टा भोजन करने से बचें। पुदीने की गोली, नींबू या अदरक का टुकड़ा साथ रखें।
भारतीय किसानों के लिए खेत में लहलहाती फसल को आवारा पशुओं, जंगली जानवरों और उपद्रवी तत्वों से बचाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। अक्सर खेत घर या गांव से दूर होते हैं, जहां न तो बिजली का तार पहुंच पाता है और न ही ब्रॉडबैंड वाई-फाई की सुविधा होती है। ऐसे में रात-बिरात खेतों में जाकर रखवाली करना किसानों की सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम भरा रहता है। हालांकि, आधुनिक टेक्नोलॉजी ने अब किसानों की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया है। बाजार में आए आधुनिक '4G सोलर सीसीटीवी कैमरे' (Solar 4G CCTV Camera) के जरिए किसान अपने घर बैठे ही स्मार्टफोन की स्क्रीन पर खेत का चप्पा-चप्पा 24 घंटे लाइव देख सकते हैं। बिना बिजली और बिना ब्रॉडबैंड के चलने वाला यह डिवाइस खेती-किसानी में सुरक्षा का नया गेम-चेंजर साबित हो रहा है।न बिजली का तार, न वाई-फाई: कैसे काम करता है सोलर 4G कैमरा?पारंपरिक सीसीटीवी कैमरों को चलाने के लिए लगातार 220V बिजली और वाई-फाई राउटर की आवश्यकता होती है। लेकिन खेतों के लिए डिजाइन किए गए सोलर कैमरों का सिस्टम पूरी तरह आत्मनिर्भर होता है:सोलर पैनल और इन-बिल्ट बैटरी: कैमरे के ऊपर या उसके साथ एक कॉम्पैक्ट सोलर पैनल (5W से 10W) लगा होता है। दिन के समय सूरज की रोशनी से इसकी इन-बिल्ट लीथियम-आयन बैटरी (8000mAh से 15000mAh तक) चार्ज होती रहती है। एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद यह कैमरा लगातार 3 से 5 दिनों तक बिना धूप के भी काम कर सकता है।4G सिम कार्ड स्लॉट: कैमरे के भीतर सामान्य मोबाइल फोन की तरह एक 4G सिम कार्ड स्लॉट होता है। इसमें जियो, एयरटेल या वीआई (Vi) का कोई भी बेसिक डेटा सिम लगाया जा सकता है। सिम के इंटरनेट नेटवर्क के जरिए कैमरा सीधे किसान के मोबाइल ऐप से कनेक्ट हो जाता है।4G सोलर कैमरे के धांसू फीचर्स: जो इसे बनाते हैं खेत का असली पहरेदारखेतों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन कैमरों में कई उन्नत और व्यावहारिक फीचर्स दिए गए हैं:360 डिग्री पीटीजेड रोटेशन (PTZ Control): मोबाइल ऐप के जरिए किसान घर बैठे ही कैमरे को 355 डिग्री दाएं-बाएं और 90 डिग्री ऊपर-नीचे घुमाकर खेत का पूरा विहंगम दृश्य देख सकते हैं।कलर नाइट विजन (Color Night Vision): रात के घने अंधेरे में भी यह कैमरा ब्लैक एंड व्हाइट के बजाय बिल्कुल साफ और रंगीन वीडियो रिकॉर्ड करता है। इसमें लगी इन्फ्रारेड और एलईडी फ्लड लाइट्स रात में 30 से 50 मीटर दूर तक साफ फुटेज देती हैं।एआई ह्यूमन व मोशन डिटेक्शन (AI Motion Alert): जैसे ही कोई इंसान, आवारा मवेशी या जंगली जानवर खेत की बाड़ के आसपास आता है, कैमरे का पीआईआर (PIR) मोशन सेंसर तुरंत एक्टिव हो जाता है। यह किसान के मोबाइल पर सायरन नोटिफिकेशन भेज देता है।टू-वे ऑडियो और लाउड सायरन (Two-Way Talk): कैमरे में माइक और लाउडस्पीकर दोनों लगे होते हैं। यदि कोई जानवर या संदिग्ध व्यक्ति खेत में घुसता है, तो किसान अपने फोन से बोलकर उसे चेतावनी दे सकता है या कैमरे से तीखा अलार्म सायरन बजाकर जानवरों को भगा सकता है।वाटरप्रूफ और रफ-टफ (IP66 Weatherproof): यह कैमरा धूल, आंधी, भीषण धूप और मूसलाधार बारिश को आसानी से झेलने के लिए IP65/IP66 वेदरप्रूफ रेटिंग के साथ आता है।लोकल एसडी कार्ड और क्लाउड स्टोरेज: फुटेज को रिकॉर्ड करने के लिए कैमरे में 128GB या 256GB तक का माइक्रो एसडी कार्ड लगाया जा सकता है, जिससे कई हफ्तों की पुरानी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहती है।कीमत और बजट: बाजार में कितने का मिलता है यह कैमरा?भारतीय बाजार और ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (Amazon, Flipkart आदि) पर 4G सोलर कैमरों की कीमतें उनके लेंस और बैटरी कैपेसिटी के आधार पर अलग-अलग हैं:बेसिक सिंगल लेंस 4G सोलर कैमरा: ₹3,500 से ₹4,500 के बीचडुअल/ट्रिपल लेंस (Dual/Triple Lens PTZ) कैमरा: ₹5,000 से ₹7,500 के बीच (इसमें एक लेंस फिक्स रहता है और दूसरा 360 डिग्री घूमता है)हैवी ड्यूटी कमर्शियल सोलर सिक्योरिटी सेटअप: ₹8,000 से ₹12,000 के दायरे मेंएक बार ₹4,000 से ₹6,000 का निवेश करने के बाद किसान को केवल सिम कार्ड में हर महीने ₹150 से ₹200 का सामान्य डेटा रिचार्ज कराना होता है।खेत में कैमरा लगाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यानकैमरे से बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी लाइफ पाने के लिए किसानों को कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना चाहिए:सोलर पैनल की दिशा: सोलर पैनल को हमेशा दक्षिण (South) दिशा की ओर थोड़ा झुकाकर लगाएं, ताकि सुबह से शाम तक उस पर सीधी और अधिकतम धूप पड़े।ऊंचाई का चयन: कैमरे को खेत के बीच में या बोरवेल/कमरे की छत पर कम से कम 10 से 15 फीट ऊंचे पोल (खंभे) पर कसें, ताकि कोई असामाजिक तत्व कैमरे को नुकसान न पहुंचा सके और खेत का कवरेज दायरा भी बड़ा मिले।सिम नेटवर्क की जांच: जिस टेलीकॉम कंपनी (Airtel या Jio) का 4G नेटवर्क आपके खेत में सबसे मजबूत सिग्नल देता हो, उसी कंपनी का सिम कार्ड कैमरे में इस्तेमाल करें ताकि वीडियो लैग न करे।
उत्तर प्रदेश में तेजी से फैल रहे एक्सप्रेसवे और हाईवे नेटवर्क के चलते रियल एस्टेट बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। यदि आप भी मेरठ, हापुड़, अमरोहा या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेस-वे और प्रस्तावित आउटर रिंग रोड के आसपास आवासीय, व्यावसायिक या कृषि भूमि खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर सीधा असर डालने वाली है। निबंधन एवं स्टांप विभाग (Registration Department) के निर्देश पर जिला प्रशासन ने गंगा एक्सप्रेसवे, रिंग रोड और प्रमुख लिंक मार्गों के किनारे स्थित कृषि व गैर-कृषि भूमि का नए सिरे से भौतिक सर्वे कराकर विशिष्ट खसरा नंबरों (Khasra Numbers) की विस्तृत सूची तैयार कर ली है। इन चिह्नित गाटा और खसरा संख्याओं पर 20 से लेकर 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त स्टांप शुल्क और बढ़े हुए सर्किल रेट लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।सर्वे पूरा: खसरा नंबरों की सूची तैयार होने से क्यों बढ़ेंगे रेट्स?स्टांप एक्ट और उत्तर प्रदेश मूल्यांकन नियमावली के तहत जब भी किसी क्षेत्र में नए राज्य या राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे या रिंग रोड का निर्माण होता है, तो उसके दोनों किनारों पर स्थित जमीनों का बाजार मूल्य (Market Value) कई गुना बढ़ जाता है। नियमों के मुताबिक:एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित भूमि: नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे या गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित कृषि भूमि पर सामान्य दरों के मुकाबले 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त स्टांप शुल्क देय होता है।जिला व लिंक मार्ग: जिला मार्गों (MDR) के किनारे 30 प्रतिशत और ग्रामीण लिंक मार्गों पर स्थित भूमि पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी का प्रावधान है।आबादी विस्तार का 200 मीटर का दायरा: गांव, कस्बे या शहर की आबादी सीमा से 200 मीटर की परिधि में आने वाले कृषि भूखंडों पर भी 30 प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क लिया जाता है।प्रशासन द्वारा कराए गए इस नए सर्वे में सैकड़ों नए खसरा नंबर ऐसे मिले हैं जो पहले सामान्य कृषि भूमि की श्रेणी में दर्ज थे, लेकिन अब गंगा एक्सप्रेसवे और रिंग रोड के अलाइनमेंट अथवा तेजी से बढ़ी आबादी के 200 मीटर के दायरे में आ चुके हैं। ऐसे सभी खसरा नंबरों को अब अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी की संशोधित सूची में शामिल किया जा रहा है।किन-किन इलाकों और तहसीलों पर पड़ेगा सीधा असर?प्रशासनिक स्तर पर मेरठ, अमरोहा और आसपास के क्षेत्रों में तहसीलों (सदर, मवाना, सरधना, हसनपुर आदि) के एसडीएम और तहसीलदारों ने राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों के जरिए इन खसरा नंबरों की पड़ताल कराई है:दौराला से हापुड़ रोड रिंग रोड कॉरिडोर: मेरठ को विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने वाली रिंग रोड के दोनों तरफ स्थित गांवों के खसरा नंबरों पर सर्किल रेट और स्टांप शुल्क में भारी इजाफा होगा।मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे रूट: बिजौली, अटौला, खरखौदा, हापुड़ सीमा और अमरोहा बॉर्डर के पास गंगा एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज व सर्विस लेन से सटे खसरा नंबरों की सर्किल दरों में इजाफा प्रस्तावित है।अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे स्पर: हाल ही में हसनपुर और आसपास के 17 से 52 गांवों में सर्किल दरों में लगभग 28 लाख से 36 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक का इजाफा लागू किया गया है। अब इससे सटे अन्य खसरा नंबरों पर भी नए सिरे से अतिरिक्त स्टांप दरें प्रभावी की जा रही हैं।शहरी सीमा से लगे नए विकसित सेक्टर्स: शहर से बाहर निकलने वाले प्रमुख मार्गों के किनारे जहां तेजी से अनधिकृत या वैध कॉलोनियां और वेयरहाउस बन रहे हैं, वहां की जमीनों का वर्गीकरण कृषि से बदलकर अकृषक (Non-Agricultural) के रूप में दर्ज किया गया है।जमीन खरीदारों और किसानों दोनों पर क्या होगा असर?इस प्रशासनिक कवायद का दोनों पक्षों पर अलग-अलग और बड़ा प्रभाव पड़ेगा:खरीदारों के लिए महंगी होगी रजिस्ट्री: यदि आप घर बनाने, फार्महाउस या गोदाम के लिए जमीन खरीद रहे हैं, तो बैनामा (Registry) कराते समय अब बढ़ा हुआ सर्किल रेट और 20 से 50% तक का अतिरिक्त स्टांप शुल्क देना होगा। इससे जमीन की कुल रजिस्ट्री लागत में लाखों रुपये की बढ़ोतरी तय है।किसानों को मिलेगा चार गुना अधिक मुआवजा: जिन किसानों की जमीनें अभी भी हाईवे विस्तार, लिंक रोड या औद्योगिक गलियारों के अधिग्रहण के दायरे में आ रही हैं, उनके लिए यह फैसला राहत भरा है। सर्किल रेट और खसरा नंबरों के अपग्रेड होने से किसानों को दिए जाने वाले सरकारी भूमि अधिग्रहण मुआवजे की रकम में भी सीधे 2 से 4 गुना तक की बढ़ोतरी होगी।नए सर्किल रेट और खसरा लिस्ट कब से होंगे प्रभावी?तहसीलों द्वारा तैयार की गई खसरा नंबरों की सर्वे रिपोर्ट को जिलाधिकारी और महानिरीक्षक निबंधन (IG Registration) के समक्ष अंतिम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत कर दिया गया है। आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निबंधन विभाग के ऑनलाइन 'प्रेरणा' (PRERNA) पोर्टल और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में इन खसरा नंबरों को अपडेट कर दिया जाएगा। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि दरें औपचारिक रूप से लागू होने से पहले ही निवेशक और बिल्डर्स रजिस्ट्री कराने की होड़ में जुट गए हैं।
बढ़ती महंगाई और गर्मी-सर्दी के बदलते मौसम में भारी-भरकम बिजली बिल आम परिवारों के मासिक बजट को बिगाड़ कर रख देते हैं। एसी, कूलर, पंखे और गीजर के इस्तेमाल से हर महीने हजारों रुपये सिर्फ बिजली बोर्ड को चुकाने पड़ते हैं। इस वित्तीय बोझ से आम नागरिकों को स्थायी मुक्ति दिलाने और देश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) पूरे देश में क्रांति ला रही है। इस योजना के तहत सरकार न केवल 78 हजार रुपये तक की बंपर सब्सिडी सीधे बैंक खाते में दे रही है, बल्कि कई राज्यों में वेंडर्स और बैंकों के साथ मिलकर ऐसा 'जीरो डाउनपेमेंट मॉडल' भी शुरू किया गया है, जिसके तहत उपभोक्ता को अपनी जेब से शुरुआती तौर पर एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ता और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है।बिना एक रुपया खर्च किए कैसे लगेगा सोलर: जीरो-इन्वेस्टमेंट मॉडल का गणितअक्सर मध्यमवर्गीय परिवार यह सोचकर सोलर पैनल लगवाने से पीछे हट जाते हैं कि इसके लिए एकमुश्त ₹1.5 से ₹2 लाख की मोटी रकम जुटानी होगी। इसी झिझक को दूर करने के लिए सरकार ने बैंकों और अधिकृत सोलर वेंडर्स के साथ मिलकर 'रेस्को/आरईएससीओ' (RESCO Model) और 'कोलैटरल-फ्री सोलर लोन' की व्यवस्था की है:सरकारी सब्सिडी सीधे खाते में: 1 किलोवाट से लेकर 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर सरकार ₹30,000 से लेकर ₹78,000 तक की वित्तीय सहायता (Direct Benefit Transfer) सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर करती है।सस्ता और आसान बैंक लोन: शेष बची हुई लागत के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक मात्र 7% के बेहद रियायती ब्याज दर पर बिना किसी गारंटी (Collateral-Free Loan) के आसान ऋण उपलब्ध करा रहे हैं।बिजली बिल की बचत से ही ईएमआई का भुगतान: उपभोक्ता को अपनी जेब से कोई अतिरिक्त पैसा नहीं देना होता। सोलर पैनल लगने के बाद जो बिजली बिल पहले हर महीने ₹2,500 से ₹4,000 आता था, वह घटकर शून्य या नाममात्र रह जाता है। बिल में होने वाली इसी बचत से बैंक की छोटी सी किस्त (EMI) हर महीने कटती रहती है।3 से 4 साल बाद 20 साल तक सब कुछ बिल्कुल मुफ्त: चार से पांच साल में सोलर लोन पूरी तरह चुकता हो जाता है, जिसके बाद अगले 20-22 सालों तक उपभोक्ता को बिना किसी खर्च के चौबीसों घंटे मुफ्त बिजली मिलती रहती है।क्षमता और सब्सिडी का ढांचा: समझें पूरा चार्टसरकार द्वारा रूफटॉप सोलर पैनल के लिए निर्धारित सब्सिडी स्लैब इस प्रकार है:1 किलोवाट (1 kW) सिस्टम: छोटे घरों के लिए उपयुक्त, जहां रोजाना 4 से 5 यूनिट बिजली की खपत होती है। इस पर सरकार की ओर से ₹30,000 की सीधी सब्सिडी मिलती है।2 किलोवाट (2 kW) सिस्टम: मध्यम परिवारों के लिए मुफीद, जहां 8 से 10 यूनिट बिजली खर्च होती है। इस पर सरकार ₹60,000 की नकद सब्सिडी प्रदान करती है।3 किलोवाट (3 kW) या उससे अधिक: जिस घर में 1 या 2 एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और गीजर नियमित चलते हों, वहां 3 किलोवाट का प्लांट उपयुक्त है। इस पर सरकार की ओर से अधिकतम ₹78,000 की सब्सिडी दी जाती है।नेट मीटरिंग का दोहरा फायदा: सरकार को बेचें अतिरिक्त बिजलीइस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण 'नेट मीटरिंग' (Net Metering) प्रणाली है। दिन के समय जब तेज धूप में सोलर पैनल आवश्यकता से अधिक बिजली पैदा करते हैं, तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड (पावर कॉरपोरेशन) को अपने आप ट्रांसफर हो जाती है। रात के समय या बादलों वाले दिनों में आप ग्रिड से उतनी ही बिजली वापस ले सकते हैं। यदि आपके द्वारा ग्रिड को दी गई बिजली आपकी खपत से अधिक होती है, तो संबंधित बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) इसका क्रेडिट आपके खाते में जोड़ती है या उसका भुगतान आपके बैंक खाते में करती है।मुफ्त सोलर पैनल लगवाने के लिए जरूरी पात्रता और दस्तावेजइस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास कुछ बुनियादी अहर्ताएं होनी चाहिए:पात्रता: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए और उसके पास अपने नाम पर एक वैध घरेलू बिजली कनेक्शन (Consumer Number) होना चाहिए। इसके अलावा, मकान की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए छाया-मुक्त (Shadow-Free) पर्याप्त जगह होनी आवश्यक है।अनिवार्य दस्तावेज: आधार कार्ड, हालिया 6 महीने का बिजली बिल, मकान या छत के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज, बैंक पासबुक (सब्सिडी ट्रांसफर के लिए) और पासपोर्ट साइज फोटो।ऑनलाइन आवेदन करने की आसान स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियापीएम सूर्य घर योजना में आवेदन करने के लिए किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है:सबसे पहले आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाएं।होमपेज पर जाकर 'Apply for Rooftop Solar' विकल्प पर क्लिक करें।अपने राज्य का नाम, जिले का नाम, अपनी बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) का चयन करें और बिजली बिल का 'कंज्यूमर नंबर' दर्ज करें।मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डालकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।लॉगिन करने के बाद रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।डिस्कॉम से तकनीकी स्वीकृति (Technical Feasibility Approval) मिलने के बाद पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसी भी अधिकृत वेंडर से अपने घर पर सोलर पैनल इंस्टॉल करवाएं।इंस्टॉलेशन पूरा होने पर वेंडर और बिजली विभाग द्वारा नेट मीटर लगाया जाएगा और कमीशनिंग रिपोर्ट जारी की जाएगी।कमीशनिंग रिपोर्ट जनरेट होते ही आपको पोर्टल पर बैंक विवरण दर्ज करना होगा, जिसके 30 दिनों के भीतर सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में जमा हो जाएगी।पर्यावरण की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदमघर की छत पर सोलर पैनल लगाना केवल आर्थिक बचत का साधन नहीं है, बल्कि यह कोयले से बनने वाली बिजली पर निर्भरता घटाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में एक क्रांतिकारी नागरिक योगदान है। 25 साल की वारंटी के साथ आने वाले आधुनिक सोलर पैनल्स के जरिए एक बार की समझदारी पूरे परिवार को ताउम्र के लिए बिजली संकट और बढ़ते टैरिफ से मुक्ति दिला सकती है।
'UAE या क्षेत्रीय देशों से समस्या नहीं, अमेरिकी ठिकाने असली मुद्दा हैं', ईरान के राष्ट्रपति ने कहा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि हमें यूएई से कोई समस्या नहीं है. हमें क्षेत्र के किसी भी देश से कोई समस्या नहीं है. हमें समस्या अमेरिकी अड्डों से है जो इन देशों में स्थित हैं.
माली-सैनी समाज के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह 4 अक्टूबर को
अजमेर। माली (सैनी) समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अजमेर में वार्षिक प्रतिभावान एवं मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह का आयोजन 4 अक्टूबर को किया जाएगा। कार्यक्रम माली (सैनी) संस्थान अजमेर एवं कर्मचारी अधिकारी विकास संस्था राजस्थान की अजमेर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में जवाहर रंगमंच पर सुबह 10 बजे से आयोजित […] The post माली-सैनी समाज के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह 4 अक्टूबर को appeared first on Sabguru News .
'तू बहुत बड़ा पत्रकार बन रहा...', प्रधान पति ने यूट्यूबर को पीटा
यह पूरा विवाद गांव की सड़क और स्थानीय समस्याओं से जुड़े वीडियो बनाने को लेकर सामने आया है. मामले में शिकायतकर्ता ने खुद को पत्रकार-यूट्यूबर बताते हुए आरोप लगाया है कि उसे वीडियो बनाने से रोकने के लिए दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई.
'कर्मचारी कहां से लाएंगे...', अकबरुद्दीन ओवैसी ने सरकार को घेरा
हैदराबाद में GHMC को तीन नगर निगमों में बांटने के प्रस्ताव पर AIMIM विधायक दल के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने कर्मचारियों की कमी को लेकर सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं.
गर्मियों के पीक सीजन के बाद और आगामी त्योहारी सेल (Festive Sale) से ठीक पहले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स अमेजन, फ्लिपकार्ट और रिलायंस डिजिटल पर इलेक्ट्रॉनिक्स अप्लायंसेज पर तगड़ी डील्स लाइव हो चुकी हैं। यदि आप अगले सीजन के लिए या अपने घर के कमरे के लिए एक प्रीमियम और भरोसेमंद एयर कंडीशनर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह मौका हाथ से जाने न दें। दक्षिण कोरियाई दिग्गज टेक कंपनी एलजी (LG) के सबसे ज्यादा बिकने वाले 1.5 टन डुअल इन्वर्टर स्प्लिट एसी (AI Dual Inverter Split AC) पर इस समय 47 से 50 फीसदी तक की भारी छूट दी जा रही है। जिस मॉडल की मूल एमआरपी ₹72,000 से ₹73,000 के करीब है, वह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सभी फ्लैट डिस्काउंट और ऑफर्स मिलाकर सीधे ₹37,000 से ₹38,000 के बजट में उपलब्ध कराया जा रहा है।₹72,000 वाला LG AC कैसे मिल रहा है ₹38,000 में: समझें ऑफर का पूरा गणितई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लिस्टेड LG के 1.5 Ton 3-Star (AI Convertible 6-in-1 Cooling) मॉडल की मूल कीमत (MRP) ₹72,990 दर्ज है। सेल डिस्काउंट के तहत इसे सीधे फ्लैट 45% से अधिक छूट के साथ लगभग ₹39,990 से ₹40,490 पर लिस्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राहकों को अंतिम बिल पर और बचत कराने के लिए विशेष ऑफर्स दिए जा रहे हैं:बैंक कार्ड्स पर फ्लैट डिस्काउंट: प्रमुख बैंकों (HDFC, SBI, ICICI या Axis Bank) के क्रेडिट या डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर ₹1,500 से ₹2,500 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट मिल रहा है।प्रभावी कीमत (Effective Price): बैंक ऑफर लागू होते ही इस प्रीमियम एसी की कीमत घटकर सीधे ₹37,990 से ₹38,490 के दायरे में आ जाती है।पुराना एसी एक्सचेंज बोनस: यदि आप अपना कोई पुराना चालू या पुराना एसी एक्सचेंज करते हैं, तो प्लेटफॉर्म्स पर ₹3,000 से ₹5,000 तक का अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस भी दिया जा रहा है, जिससे इसकी अंतिम कीमत ₹35,000 से भी नीचे जा सकती है।नो-कॉस्ट ईएमआई (No Cost EMI): जो ग्राहक एकमुश्त भुगतान नहीं करना चाहते, वे इसे ₹3,100 से ₹3,500 प्रति माह की आसान नो-कॉस्ट ईएमआई किस्तों पर भी अपने घर मंगा सकते हैं।LG 1.5 Ton Dual Inverter AC के धांसू फीचर्स: क्यों माना जाता है बेस्टसेलरएलजी के इस स्प्लिट एसी को भारतीय मौसम और बिजली की बचत के लिहाज से बेहद अनुकूल बनाया गया है। इसमें मिलने वाली प्रमुख खूबियां इस प्रकार हैं:AI डुअल इन्वर्टर कंप्रेसर (Dual Inverter Technology): इसमें दोहरे रोटरी कंप्रेसर दिए गए हैं, जो कमरे के तापमान और इंसानों की मौजूदगी के हिसाब से अपनी कूलिंग स्पीड को ऑटोमैटिक एडजस्ट करते हैं। इससे बिजली की खपत बेहद कम होती है और कमरे में शोर बिल्कुल नहीं होता।AI कन्वर्टिबल 6-in-1 कूलिंग: यह एसी 6 अलग-अलग क्षमता मोड्स (40%, 60%, 80%, 100%, 110% और विराट मोड) पर काम कर सकता है। जब कमरे में केवल एक व्यक्ति हो, तो आप इसे कम क्षमता पर चलाकर बिजली का बिल आधा कर सकते हैं।विराट मोड (VIRAAT Mode): भीषण गर्मी में जब बाहर का तापमान 50 से 55 डिग्री सेल्सियस के पार हो, तब इसका विराट मोड कंप्रेसर को 110% से अधिक क्षमता पर चलाकर कमरे को महज 5 मिनट में ठंडा कर देता है।100% कॉपर विथ ओशन ब्लैक प्रोटेक्शन: इसके कंडेनसर और पाइप्स विशुद्ध तांबे (Copper) से बने हैं, जिन पर 'ओशन ब्लैक' की विशेष एंटी-कोरोजन कोटिंग की गई है। यह कोटिंग धूल, नमक, नमी और जहरीली गैसों से एसी को जंग लगने से बचाती है।एंटी-वायरस और एचडी फिल्टर: एसी में लगा हाई-डेंसिटी फिल्टर हवा में मौजूद धूल-मिट्टी के बारीक कणों, बैक्टीरिया और वायरसों को 99% तक सोख लेता है, जिससे घर में शुद्ध और ताजी हवा मिलती है।स्टेबलाइजर-फ्री ऑपरेशन: यह एसी 120V से 290V के बीच बिना किसी बाहरी स्टेबलाइजर के वोल्टेज के उतार-चढ़ाव को आसानी से झेल सकता है।10 साल की कंप्रेसर वारंटी और ट्रस्टएलजी अपने इस 1.5 टन स्प्लिट एसी पर 1 साल की पूरी प्रोडक्ट वारंटी, 5 साल की पीसीबी (PCB) वारंटी और कंप्रेसर पर 10 साल की लंबी वारंटी प्रदान करता है। कंपनी का विस्तृत सर्विस नेटवर्क और विश्वसनीय कस्टमर सपोर्ट इसे उपभोक्ताओं की पहली पसंद बनाता है। 110 से 150 वर्ग फीट (Sq. Ft.) साइज वाले मध्यम आकार के बेडरूम या हॉल के लिए 1.5 टन की क्षमता सबसे मुफीद मानी जाती है।खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यानऑफ-सीजन या फेस्टिव स्टॉक क्लीयरेंस डील्स में अक्सर स्टॉक सीमित होता है। यदि आप इस डील का लाभ उठाना चाहते हैं, तो ई-कॉमर्स वेबसाइट्स (Flipkart या Amazon) पर जाकर अपने पिनकोड पर डिलीवरी और इंस्टॉलेशन की उपलब्धता जांच लें। पेमेंट करते समय पार्टनर बैंक कार्ड का चयन करना न भूलें ताकि पूरा बैंक डिस्काउंट आपके बिल में से तुरंत कम हो सके।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के जरिए घर बैठे अपनी पसंदीदा डिश मंगाना अब पहले से अधिक महंगा हो गया है। जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) जैसे प्रमुख क्विक-डिलीवरी और फूड एग्रीगेटर्स ने अपनी फीस संरचना में एक और बड़ा बदलाव किया है। यदि आप ऑनलाइन ऑर्डर करते समय ऑनलाइन पेमेंट (UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग) के बजाय 'कैश ऑन डिलीवरी' (Cash on Delivery / COD) का विकल्प चुनते हैं, तो अब आपको इसके लिए अलग से अतिरिक्त शुल्क (COD Fee / Convenience Charge) चुकाना होगा। प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज, जीएसटी और पैकेजिंग चार्ज के बाद इस नए चार्ज ने उन करोड़ों उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है जो डिलीवरी बॉय को खाना मिलने के बाद नकद भुगतान करना सुरक्षित और सहज मानते थे।COD पर कितने रुपये बढ़े: जेब पर कितना अतिरिक्त बोझ?फूड डिलीवरी कंपनियों द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के तहत कैश ऑन डिलीवरी चुनने पर प्रति ऑर्डर अतिरिक्त राशि जोड़ी जा रही है:सीओडी चार्ज की दर: यदि ग्राहक चेकआउट के समय पेमेंट मोड में 'Cash on Delivery' चुनते हैं, तो बिल में ₹7 से ₹15 तक का अतिरिक्त हैंडलिंग/कन्वीनियंस चार्ज सीधे जुड़ रहा है।जीएसटी का अतिरिक्त असर: इस ₹7 से ₹15 के अतिरिक्त चार्ज पर लागू 18% जीएसटी (GST) भी अलग से देय होगा, जिससे प्रत्येक सीओडी ऑर्डर की कुल लागत लगभग ₹8 से ₹18 तक बढ़ जाएगी।चुनिंदा शहरों में शुरुआत: यह चार्ज देश के टियर-1 और प्रमुख मेट्रो शहरों (जैसे दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और लखनऊ) में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू कर अब व्यापक स्तर पर रोलआउट किया जा रहा है।फूड डिलीवरी कंपनियों ने क्यों लगाया COD पर चार्ज?कंपनियों के अनुसार, कैश ऑन डिलीवरी की प्रक्रिया उनके लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल लागत को काफी बढ़ा देती है। इस फैसले के पीछे कंपनियों ने मुख्य रूप से ये कारण गिनाए हैं:ऑर्डर कैंसिलेशन और फेक ऑर्डर्स: कंपनियों का डेटा बताता है कि ऑनलाइन प्री-पेड ऑर्डर्स की तुलना में सीओडी ऑर्डर्स में कैंसिलेशन और रिजेक्शन की दर 4 से 5 गुना अधिक होती है। जब राइडर खाना लेकर ग्राहक के दरवाजे पर पहुंचता है और ग्राहक फोन नहीं उठाता या ऑर्डर लेने से मना कर देता है, तो तैयार खाना पूरी तरह बर्बाद हो जाता है और कंपनी को रेस्तरां व डिलीवरी पार्टनर दोनों का नुकसान उठाना पड़ता है।खुले पैसों और कैश हैंडलिंग का झंझट: नकद लेन-देन में अक्सर छुट्टे पैसों (Change) को लेकर डिलीवरी बॉय और ग्राहकों के बीच विवाद होता है। डिलीवरी पार्टनर को दिनभर भारी नकदी संभालनी पड़ती है, जिससे सुरक्षा जोखिम और समय की बर्बादी दोनों बढ़ती है।डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा: कंपनियां चाहती हैं कि उपभोक्ता यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, वॉलेट या नेट बैंकिंग के जरिए 100% प्री-पेड पेमेंट अपनाएं, ताकि लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी, संपर्क रहित और तेज हो सके।खाने के एक ऑर्डर पर अब कितने तरह के चार्ज लग रहे हैं?पहले जहां खाना मंगाने पर केवल खाने की कीमत चुकानी होती थी, वहीं अब ऑनलाइन फूड बिल में कई तरह के अतिरिक्त घटक जुड़ चुके हैं:फूड आइटम कॉस्ट: रेस्तरां द्वारा तय की गई डिश की कीमत।रेस्तरां पैकेजिंग चार्ज: ₹15 से ₹35 (कंटेनर और बैग के लिए)।डिलीवरी फीस: दूरी और मौसम के आधार पर ₹25 से ₹80 तक।प्लेटफॉर्म फीस: प्रत्येक ऑर्डर पर ₹6 से ₹10 तक का अनिवार्य शुल्क।सर्ज/रेन चार्ज: बारिश या त्योहारों के समय अतिरिक्त ₹20 से ₹50 तक।अब नया COD चार्ज: कैश चुनने पर ₹7 से ₹15 तक की अतिरिक्त फीस।जीएसटी: भोजन और सेवाओं पर 5% से 18% का कर।इस प्रकार, यदि कोई ग्राहक ₹200 का भोजन मंगाता है, तो विभिन्न शुल्कों और टैक्स के जुड़ने के बाद अंतिम बिल ₹290 से ₹320 तक पहुंच जाता है।इस अतिरिक्त चार्ज से बचने के आसान उपाययदि आप हर ऑर्डर पर ₹10 से ₹15 के इस गैर-जरूरी खर्च से बचना चाहते हैं, तो इन आसान विकल्पों को अपना सकते हैं:डिजिटल पेमेंट अपनाएं: ऑर्डर प्लेस करते समय सीधे Google Pay, PhonePe, Paytm या UPI ID के जरिए ऑनलाइन भुगतान करें, जिस पर कोई सीओडी चार्ज नहीं लगता।प्लेटफॉर्म वॉलेट का उपयोग: आप स्विगी मनी या जोमैटो वॉलेट में अग्रिम राशि लोड करके भी वन-क्लिक पेमेंट कर सकते हैं।क्रेडिट कार्ड और बैंक डिस्काउंट्स: डिजिटल पेमेंट करने पर विभिन्न बैंकों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर 10% से 20% तक के इंस्टेंट डिस्काउंट और कैशबैक ऑफर्स भी मिलते हैं, जिससे बिल उलटा कम हो जाता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में उल्लू का आतंक, 3 दिन में 5 लोगों पर हमला; रात में बना डर का माहौल
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की लॉ रेजिडेंशिया सोसाइटी में उल्लू ने पिछले तीन दिनों में 4 से 5 लोग घायल हुए हैं. रात के समय निवासी घर से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं.
सनातन धर्म के पौराणिक आख्यानों में भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह केवल दो दैवीय शक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि निष्ठा, त्याग और अटूट प्रेम की पराकाष्ठा का प्रमाण है। जब सती के भस्म होने के बाद माता पार्वती ने पर्वतराज हिमालय और मैना के घर पुनर्जन्म लिया, तो उन्होंने बाल्यावस्था से ही देवाधिदेव महादेव को अपने पति रूप में वरण करने का संकल्प ले लिया था। देवर्षि नारद के उपदेश के बाद उन्होंने शिव को पाने के लिए घोर और दुष्कर तपस्या का मार्ग चुना। माता की इस हठ और अडिग जिद के सामने जब संपूर्ण देवलोक चकित रह गया, तब सात परम पूज्य सप्तऋषि (Saptarishi) उनकी तपोस्थली पर पहुंचे। आम धारणा यह है कि ऋषिगण उन्हें समझाने और गृहस्थ जीवन की ओर लौटाने गए थे, लेकिन वास्तविकता यह थी कि वे माता के प्रेम और धैर्य की कठिनतम परीक्षा लेने पहुंचे थे। अब बड़ा प्रश्न यह उठता है कि सप्तऋषियों को यह परीक्षा लेने के लिए वास्तव में किसने भेजा था?किसके आदेश पर सप्तऋषि पहुंचे थे माता पार्वती की तपोस्थली?शिव पुराण की 'रुद्र संहिता' के पार्वती खंड में इस प्रसंग का अत्यंत सुंदर और सूक्ष्म वर्णन मिलता है। जब माता पार्वती की तपस्या अपने चरम पर पहुंची—जिसमें उन्होंने धूप, बारिश, ठंड को सहते हुए सूखे पत्ते तक खाना छोड़ दिया और 'अपर्णा' कहलाईं—तब उनके तपोबल से तीनों लोक तपने लगे।माता की इस प्रचंड भक्ति से स्वयं भगवान शिव का वैराग्य भी पिघलने लगा था। हालांकि, महादेव यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि क्या पार्वती का यह अनुराग केवल बाह्य आकर्षण है या उनकी आत्मा शिवत्व में पूर्णतः समर्पित हो चुकी है। इसलिए स्वयं भगवान शिव के ही कहने पर (आदेश पर) सप्तऋषि माता पार्वती की तपोस्थली पर पहुंचे थे। भगवान भोलेनाथ ने सप्तऋषियों से कहा था कि वे जाकर पार्वती के मन की थाह लें, उनके संकल्प की परीक्षा करें और देखें कि क्या उनका चित्त किसी प्रलोभन या भय से डिग सकता है।सप्तऋषियों ने कैसे ली माता पार्वती की कठिन परीक्षा?भगवान शिव की आज्ञा पाकर सप्तऋषि (मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु और वसिष्ठ) हिमालय के उस निर्जन वन में पहुंचे जहां माता तपस्यारत थीं। ऋषियों ने अत्यंत मधुर और ज्ञानी वचनों के साथ संवाद शुरू किया, लेकिन उनका उद्देश्य पार्वती के निश्चय को हिलाना था।भगवान शिव के स्वरूप की आलोचना: ऋषियों ने जानबूझकर शिव के वैरागी और अवधूत स्वरूप का अत्यंत भयानक और विचित्र चित्र खींचा। उन्होंने कहा, हे राजकुमारी! तुम राजा हिमालय की सुकुमारी पुत्री हो। तुम्हारे लिए शिव योग्य वर कैसे हो सकते हैं? उनके पास न कोई सुंदर घर है, न वस्त्र। वे श्मशान में निवास करते हैं, भस्म रमाते हैं, गले में विषैले सर्प धारण करते हैं और भूतों-प्रेतों की बारात साथ लेकर चलते हैं।वैकुंठपति श्रीहरि का प्रस्ताव: ऋषियों ने पार्वती जी को सांसारिक और दैवीय ऐश्वर्य का प्रलोभन देते हुए कहा कि यदि तुम्हें विवाह ही करना है, तो समस्त ऐश्वर्य, सौंदर्य और सुखों के स्वामी भगवान श्रीहरि विष्णु का वरण करो, जो वैकुंठ के अधिपति हैं और पीतांबर धारण करते हैं। एक दिगंबर और अघोरी के पीछे अपनी अनमोल युवावस्था को क्यों नष्ट कर रही हो?नारद जी के उपदेश को बताया भ्रम: ऋषियों ने यह तक कह दिया कि नारद मुनि की बातों में आकर तुमने यह अनर्थकारी मार्ग चुन लिया है। नारद का तो काम ही लोगों को भटकाना और वैरागी बनाना है, इसलिए उनकी सलाह छोड़कर अपने माता-पिता के महल लौट जाओ।माता पार्वती का वह अमर उत्तर, जिसने ऋषियों को भी नतमस्तक कर दियासप्तऋषियों की इन तीखी और विचलित करने वाली बातों को सुनकर माता पार्वती तनिक भी क्रोधित या भ्रमित नहीं हुईं। उन्होंने अत्यंत शांत और गंभीर वाणी में ऐसा उत्तर दिया जो युगों-युगों के लिए अमर हो गया।माता पार्वती ने हाथ जोड़कर कहा, हे मुनिवरों! आपका ज्ञान और नीति अपनी जगह उचित हो सकती है, परंतु मेरा संकल्प सूर्य के प्रकाश की तरह अटल है। जिस प्रकार सोना अग्नि में तपकर और अधिक निखरता है, उसी प्रकार आपके वचनों ने मेरे शिव-प्रेम को और अधिक दृढ़ कर दिया है। शिव चाहे गुणहीन हों या सगुण, रूपवान हों या विरूप, दिगंबर हों या सर्वेश्वर—मेरे मन और प्राण केवल उन्हीं को समर्पित हो चुके हैं।माता ने आगे स्पष्ट शब्दों में अपनी अटूट प्रतिज्ञा दोहराते हुए कहा:जन्म कोटि लगि रगर हमारी। बरउँ संभु न त रहउँ कुआरी॥अर्थात्, चाहे करोड़ों जन्म क्यों न लेने पड़ें, मेरी यही जिद और हठ रहेगी कि या तो शंभु (शिव) का ही वरण करूंगी, अन्यथा आजीवन कुंवारी रहूंगी; चाहे स्वयं ब्रह्मा और विष्णु भी आकर मुझे प्रस्ताव दें, मेरा मन शिव के अतिरिक्त किसी अन्य की कल्पना भी नहीं कर सकता।परीक्षा में उत्तीर्ण हुईं माता, महादेव ने साक्षात दिया दर्शनमाता पार्वती की इस निष्कलंक और अगाध भक्ति को देखकर सप्तऋषि भाव-विभोर हो गए। उन्होंने मन ही मन जान लिया कि यह कोई साधारण मानवी नहीं, बल्कि साक्षात जगदंबा और पराशक्ति हैं। ऋषियों ने उनके चरणों में मस्तक झुकाकर प्रणाम किया और कहा कि वे केवल महादेव के निर्देश पर उनकी निष्ठा की परीक्षा लेने आए थे, और इस परीक्षा में वे पूर्णतः उत्तीर्ण हुई हैं।इसके बाद सप्तऋषियों ने कैलाश लौटकर भगवान शिव को माता के त्याग और अडिग संकल्प का पूरा वृत्तांत सुनाया। ऋषियों की बात सुनकर भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न हुए। तत्पश्चात महादेव ने स्वयं एक वृद्ध बटुक (ब्राह्मण) का रूप धरकर अंतिम बार माता की परीक्षा ली और अंततः अपने वास्तविक चतुर्भुज दिव्य रूप में प्रकट होकर माता पार्वती को अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया।
चेन्नई में मुर्दाघर के अंदर बना रहे थे रील, तीन गिरफ्तार
चेन्नई के स्टेनली अस्पताल के मुर्दाघर में अवैध रूप से घुसकर शवों के वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
राहुल गांधी की बढ़ने वाली हैं मुश्किलें? नाराज DMK 'मातोश्री' पहुंची, उद्धव ठाकरे से मुलाकात
कांग्रेस पार्टी से नाराज चल रही डीएमके ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। डीएमके सांसद ने पार्टी के अन्य नेताओं सहित शनिवार को उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। ठाकरे गुट के सांसद अनिल देसाई के मुताबिक दोनों पार्टियों के बीच में परिसीमन के मुद्दे पर बात हुई।
2 दिन बाद हरतालिका तीज, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और व्रत कथा
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर को सुबह 7:08 बजे शुरू होगी. यह तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के नियम के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा. इस दिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक व्रत रखती हैं. व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के समय किया जाता है.
ऑस्कर में जाती 'हनुमान अंश'? प्रोड्यूसर से हुई बड़ी चूक
फिल्म हनुमान अंश के पास ऑस्कर की रेस में भाग लेने का एक गोल्डन चांस था. लेकिन प्रोड्यूसर नम्रता सिंह से ये एक बड़ा मौका चूक गया. हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने खुद बताया कि क्यों उनकी फिल्म ऑस्कर में नहीं जा सकी.
सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कार ने मारी टक्कर, इलाज के दौरान मौत
पुणे में सुबह रनिंग के लिए निकले सॉफ्टवेयर इंजीनियर वीरेंद्र द्विवेदी की सड़क हादसे में मौत हो गई. पाशान-बावधन रोड पर नेकलेस गार्डन के पास तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी. गंभीर हालत में उन्हें उसी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. पुलिस हादसे की परिस्थितियों और चालक की भूमिका की जांच कर रही है.
भारत की राजधानी दिल्ली में BRICS समिट की जो सबसे ताकतवर तस्वीर इस समय सोशल मीडिया में वायरल हो रही है, वो है मोदी, पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात की तस्वीर। यह तस्वीर हर कोई निहार रहा है। इसके वैश्विक स्तर पर कई मायने हैं।
IAS पूजा सिंघल: 28 महीने जेल, 19 करोड़ कैश जब्त, फिर भी मिला बड़ा पद! सुप्रीम कोर्ट पहुंचा केस
IAS पूजा सिंघल केस की 15 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. झारखंड में MGNREGA घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में घिरी आईएएस सिंघल का पूरा मामला क्या है, जिसमें उनको 28 महीने जेल में रहना पड़ा.
इंग्लैंड ने पाकिस्तान का किया 3-0 से क्लीन स्वीप, रूट-कॉक्स ने दिलाई 8 विकेट से जीत
बर्मिंघम। इंग्लैंड ने तीसरे और आखिरी टेस्ट में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। एजबेस्टन में पाकिस्तान की ओर से रखे गए 130 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने शुरुआती झटकों के बावजूद 24.2 ओवर में दो विकेट खोकर जीत दर्ज […] The post इंग्लैंड ने पाकिस्तान का किया 3-0 से क्लीन स्वीप, रूट-कॉक्स ने दिलाई 8 विकेट से जीत appeared first on Sabguru News .
Tamil Nadu में सीएम Vijay की टिप्पणी पर भड़की DMK, राज्यभर में किया जोरदार प्रदर्शन
तमिलनाडु के मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने दिवंगत पार्टी नेता एम. करुणानिधि एवं पार्टी अध्यक्ष एम. के. स्टालिन के खिलाफ मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की कथित अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा करते हुए शनिवार को राज्यभर में प्रदर्शन किया। चेन्नई में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. के. शेखर बाबू ने स्टालिन की कुर्बानियों, व्यक्तित्व और मानवीय संवेदनाओं के लिए उनकी प्रशंसा की और उन्हें नैतिकता एवं मूल्यों का पालन करने वाला मिस्टर क्लीन बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बेदाग नेता को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा में निशाना बनाया। द्रमुक ने कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार के उस दावे पर भी आपत्ति जताई जो आपातकाल (1975-77) के दौरान स्टालिन के जेल में रहने से संबंधित है। बाबू ने करुणानिधि और स्टालिन के नेतृत्व वाली पूर्व द्रमुक सरकारों के दौरान कथित भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री विजय के हालिया आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधानसभा में करीब एक घंटे तक केवल ‘‘फिल्मी अंदाज में संवाद बोले गए।’’उन्होंने कहा कि द्रमुक ने सदन में इसका विरोध किया और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को आरोपों का जवाब देने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा, द्रमुक घायल बाघ है जो मैदान में डटा हुआ है और एक दिन हर बात का उसी अंदाज में जवाब दिया जाएगा। द्रमुक ने कुछ दिन पहले कहा था कि विधानसभा में विजय का भाषण अत्यंत निंदनीय था क्योंकि इसमें पार्टी, पांच बार मुख्यमंत्री रहे करुणानिधि, दिवंगत केंद्रीय मंत्री मुरासोली मारन और पार्टी प्रमुख स्टालिन के त्याग को कमतर दिखाने का प्रयास किया गया। सात सितंबर को विधानसभा में विजय ने द्रमुक पर उसके पिछले शासनकाल के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर और सुनियोजित भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने दशकों पहले की करुणानिधि के नेतृत्व वाली द्रमुक सरकार को निशाना बनाने के लिए सरकारिया आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया था। उन्होंने इस संदर्भ में मारन का भी जिक्र किया था। विजय ने द्रमुक के 2021-26 के शासनकाल में कथित भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार के साथ साझा किए गए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला दिया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री स्टालिन तथा तत्कालीन उपमुख्यमंत्री उदयनिधि का नाम लिया था। कानून मंत्री निर्मल कुमार के अनुसार, ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह पता चले कि आपातकाल के दौरान स्टालिन को मीसा के तहत हिरासत में लिया गया था। मंत्री ने बताया था कि स्टालिन को पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी और उनके 20-सूत्रीय कार्यक्रम पर की गई टिप्पणियों के बाद गिरफ्तार किया गया था; यह कार्यक्रम केंद्र में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा आपातकाल की घोषणा के बाद शुरू किया गया था। तिरुचिरापल्ली में पूर्व द्रमुक मंत्री अनबिल महेश ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजय का ‘‘भाषण और हावभाव’’ नाजी जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर की याद दिलाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मंत्री झूठ फैलाने के लिए जोसेफ गोएबल्स की रणनीति अपना रहे हैं। यहां प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ नेता ए. राजा ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया तथा सत्तारूढ़ दल और मुख्यमंत्री की कड़ी आलोचना की। पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा ने स्टालिन की मीसा के तहत हिरासत पर सवाल उठाने वाली कुमार की टिप्पणी पर आपत्ति जताई और कहा कि यह उनके नेता की ईमानदारी पर सवाल उठाने जैसा है। राजा ने कुमार को मामला दर्ज कराने की चुनौती दी। द्रमुक के प्रदर्शनों के दौरान नारे लगाए गए। राज्यव्यापी प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए टीवीके ने द्रमुक नेताओं पर बदले की भावना से, अशोभनीय और बिना गरिमा के भाषण देने का आरोप लगाया। एक बयान में टीवीके ने द्रमुक पदाधिकारियों पर पार्टी संस्थापक सी. एन. अन्नादुरई के कर्तव्य, गरिमा और अनुशासन के सिद्धांतों को भूलने का आरोप लगाया। तमिलनाडु में दो विधानसभा सीट पर उपचुनाव अगले महीने होने हैं।
गलवन की खटास से निकालकर भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश में चीन, सीमा विवाद सुलझाने के लिए राजी
चीन गलवन की कड़वाहट को पीछे छोड़कर भारत के साथ रिश्ते सुधारने और सीमा विवाद सुलझाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक संस्थाओं में व्यापक सुधार की जरूरत को प्रमुखता से उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया की निर्णय प्रक्रिया में विकासशील देशों की भागीदारी केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि समान और […] The post ब्रिक्स में मोदी का बड़ा संदेश: UNSC सुधार पर जल्द फैसला, नाविकों की सुरक्षा के लिए इमरजेंसी नेटवर्क का प्रस्ताव appeared first on Sabguru News .
पीएम मोदी-जिनपिंग की मुलाकात से खत्म होगा सीमा तनाव? देखें विशेष
BRICS समिट की साइडलाइंस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. करीब 50 मिनट तक ये बैठक चली. इस दौरान सीमा से जुड़े मौजूदा समझौते को मानने पर जोर दिया. पीएम मोदी ने कहा, मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए. देखें विशेष.
लेटे हनुमान के 13 दिन बाद खुले कपाट, आरती में गूंजे जय श्रीराम के नारे
प्रयागराज के संगम स्थित लेटे बजरंगबली मंदिर में 13 दिन बाद फिर भक्तों की रौनक लौट आई. गंगा का जलस्तर घटने के बाद परिसर की सफाई और धुलाई कराई गई. इसके बाद बजरंगबली का विधि-विधान से अभिषेक और फूलों से श्रृंगार हुआ. महंत बलवीर गिरि ने आरती की, जिसके बाद ढोल-नगाड़ों के बीच कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए.
मतभेदों को विवादों में न बदलने दें, बॉर्डर विवाद के बीच जिनपिंग से बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के लगातार विकास का जरूरी आधार है। उन्होंने सीमा से जुड़े मुद्दों पर मौजूदा समझौतों और सहमतियों का दोनों पक्षों द्वारा पालन किए जाने की जरूरत बताई।
बाजरा पुलाव से ‘श्री अन्न’ तक का जलवा, ब्रिक्स के गाला डिनर में कौन से व्यंजन?
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से दिए गए गाला डिनर में विदेशी मेहमानों को श्री अन्न से बने विशुद्ध शाकाहारी भारतीय व्यंजन थे। जानें शाही थाली क्या-क्या खास?
शिक्षा में AI के सुरक्षित उपयोग पर BRICS देशों में बनी सहमति
ब्रिक्स देशों के नेताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन तौर-तरीकों को साझा करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उभरती हुई तकनीकों के मानव-केंद्रित इस्तेमाल पर शनिवार को सहमति जताई। साथ ही, उन्होंने ‘ब्रिक्स यूनिवर्सिटी ग्लोबल रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली’ को विकसित करने की दिशा में आगे की संभावनाओं पर भी चर्चा की। नेताओं ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय सहित मौजूदा ब्रिक्स शिक्षा तंत्रों के माध्यम से सहयोग जारी रखने के लिए अपना समर्थन दिया। एक घोषणा-पत्र में, नेताओं ने पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के लिए ‘ब्रिक्स मार्गदर्शक सिद्धांतों’ को प्रसारित करने की भारत की पहल की सराहना की, और ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय को एक अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूह (आईटीजी) के रूप में पारंपरिक, स्वदेशी और स्थानीय ज्ञान प्रणालियों को शामिल करने पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया। घोषणा-पत्र में कहा गया, ‘‘हम भुवनेश्वर में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के परिणामों का स्वागत करते हैं और सतत विकास, समावेशी विकास तथा लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने वाले एक प्रमुख कारक के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।’’नेताओं ने सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने, प्रारंभिक बाल देखरेख और शिक्षा (ईसीसीई) तथा बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान (एफएलएन) में सहयोग, योग्यताओं की परस्पर मान्यता, अकादमिक एवं पेशेवर गतिशीलता, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित, नैतिक व मानव-केंद्रित उपयोग और मजबूत संस्थागत साझेदारियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इसमें कहा गया, ‘‘हम ब्रिक्स रेक्टर फोरम के निरंतर आयोजन और ब्रिक्स शिक्षा ओलंपियाड पर चर्चा जारी रखने के साथ-साथ ब्रिक्स विश्वविद्यालय वैश्विक रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली के विकास के लिए आगे की संभावनाओं की तलाश को प्रोत्साहित करते हैं।
इंग्लैंड में CM विजय और तृषा कृष्णन! अजित कुमार की रेस में एंट्री
सिल्वरस्टोन रेसिंग सर्किट पर एक्टर-रेसर अजित कुमार और तमिलनाडु के CM विजय ने एक-दूसरे को गर्मजोशी से गले लगाया. इस वायरल वीडियो ने ऑनलाइन लोगों का दिल जीत लिया है. विजय, अजित की रेसिंग में उनका हौसला बढ़ाने के लिए वहां पहुंचे थे.
गोवा में अगले साल होने वाले चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी एक साझा पोस्टर के साथ तीसरे विकल्प की चर्चा बढ़ा रहे हैं। वे बीजेपी और कांग्रेस से अलग एक मजबूत स्थानीय विकल्प पेश करने की कोशिश में हैं, खासकर दक्षिण गोवा में जहां उनकी मजबूत उपस्थिति है।
सनातन धर्म में अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए रखा जाने वाला सबसे बड़ा और कठिन व्रत हरतालिका तीज है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर इस वर्ष व्रतियों और सुहागिन महिलाओं के बीच तारीख को लेकर गहरा असमंजस बना हुआ है। पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि का आरंभ और समापन दो अलग-अलग दिनों में पड़ने के कारण लोग इस उलझन में हैं कि 24 घंटे का निर्जला व्रत 13 सितंबर को रखा जाए या फिर 14 सितंबर को। धर्मशास्त्रों, निर्णय सिंधु और कालनिर्णय जैसे प्रतिष्ठित ग्रंथों के स्पष्ट नियमों के आधार पर इस तिथि संशय का पूरा समाधान और पूजा का सही समय यहां विस्तार से स्पष्ट किया गया है।तिथि का गणित: कब शुरू और कब समाप्त हो रही है तृतीया तिथिहिंदू पंचांग की सूक्ष्म गणना के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि का प्रारंभ 13 सितंबर 2026 को दोपहर बाद लगभग 03:22 बजे हो रहा है। इसके बाद यह तृतीया तिथि अगले दिन यानी 14 सितंबर 2026 को दोपहर बाद लगभग 01:45 बजे तक प्रभावी रहेगी। चूंकि 13 सितंबर को सूर्योदय के समय द्वितीया तिथि विद्यमान रहेगी और तृतीया तिथि का प्रवेश दोपहर के बाद होगा, वहीं 14 सितंबर को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि पूर्ण रूप से उपस्थित रहेगी, इसी कारण कैलेंडर की तारीखों को लेकर आम श्रद्धालुओं में भ्रम उत्पन्न हो रहा है।शास्त्रसम्मत समाधान: उदयातिथि और 'युग्म वाक्य' के नियमसनातन धर्म में व्रतों और त्योहारों के निर्धारण के लिए दो प्रमुख सिद्धांत सर्वमान्य हैं: पहला 'उदयातिथि' (Sunrise Tithi) का नियम और दूसरा 'युग्म वाक्य' (तिथियों के मिलन) का शास्त्रीय विधान।उदयातिथि का सिद्धांत: धर्मशास्त्रों का सर्वोपरि नियम है कि जिस तिथि में सूर्योदय होता है, पूरे दिन के धार्मिक अनुष्ठानों और उपवास के लिए उसी तिथि की मान्यता होती है। 14 सितंबर 2026 को सूर्योदय सुबह लगभग 06:08 बजे तृतीया तिथि के प्रभाव में होगा। अतः उदयातिथि के अनुसार 14 सितंबर का दिन ही पूर्ण रूप से हरतालिका तीज व्रत के लिए प्रशस्त है।गौरी-गणेश युति (तृतीया-चतुर्थी संयोग): 'निर्णय सिंधु' और 'धर्म सिंधु' ग्रंथों के अनुसार, हरतालिका तीज के व्रत में यदि तृतीया तिथि पूर्वविद्धा (द्वितीया युक्त) हो, तो उसका त्याग करना चाहिए। वहीं जब तृतीया तिथि परविद्धा (चतुर्थी युक्त) होती है, तो उसे अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। तृतीया माता गौरी की तिथि है और चतुर्थी भगवान श्री गणेश की तिथि है। मां गौरी के साथ उनके पुत्र गणेश की तिथि का संयोग शास्त्रों में सर्वोत्तम माना गया है। 14 सितंबर को दोपहर के बाद चतुर्थी तिथि लग रही है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार 14 सितंबर को ही व्रत रखना संपूर्ण फलदायी होगा।13 या 14 सितंबर: किस दिन रखा जाएगा व्रत?उपरोक्त दोनों शास्त्रसम्मत प्रमाणों और देश के प्रमुख पंचांगों (काशी विश्वनाथ पंचांग, महावीर पंचांग और ऋषिकेश पंचांग) के मत के अनुसार, हरतालिका तीज का पावन व्रत सोमवार, 14 सितंबर 2026 को ही रखा जाएगा। 13 सितंबर को दिन के अधिकांश समय द्वितीया तिथि होने के कारण उस दिन व्रत रखना शास्त्रसम्मत नहीं माना जाएगा। जो महिलाएं पूरे नियम-निष्ठा के साथ निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं, वे 14 सितंबर की सुबह से अपना व्रत प्रारंभ करेंगी।14 सितंबर 2026 को पूजा के श्रेष्ठ शुभ मुहूर्तहरतालिका तीज पर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की बालू अथवा शुद्ध मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजा करने का विधान है। इस दिन पूजा के लिए दो सबसे उत्तम समय उपलब्ध रहेंगे:प्रातःकाल पूजा का शुभ मुहूर्त: 14 सितंबर 2026, सुबह 06:08 बजे से सुबह 08:35 बजे तक (अमृत और शुभ वेला)। इस समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करके पूजा की चौकी सजाना और प्रथम पहर की पूजा संपन्न करना श्रेष्ठ रहेगा।प्रदोष काल पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त: 14 सितंबर 2026, शाम 06:26 बजे से रात 08:48 बजे तक। शास्त्रों में हरतालिका तीज के लिए प्रदोष काल (सूर्यास्त के आसपास का समय) की पूजा को सबसे शक्तिशाली और अभीष्ट फल देने वाला माना गया है। शाम के समय सोलह श्रृंगार कर तीज की पावन व्रत कथा सुनना और मां गौरी को सुहाग पिटारी अर्पित करना इसी मुहूर्त में संपन्न किया जाना चाहिए।हस्त नक्षत्र का दुर्लभ संयोग: 14 सितंबर को पूजा के समय हस्त नक्षत्र का शुभ प्रभाव रहेगा, जिसे शास्त्रों में भगवान शिव और पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत मंगलकारी माना गया है।व्रत के कड़े नियम और विधिहरतालिका तीज का व्रत अत्यंत तपस्या और निष्ठा का पर्व है। इस व्रत से जुड़े मुख्य नियम इस प्रकार हैं:निर्जला उपवास: यह व्रत पूरी तरह निर्जला (बिना अन्न और जल) रखा जाता है। अस्वस्थ महिलाओं या गर्भवती स्त्रियों को फलाहार के साथ व्रत रखने की विशेष छूट शास्त्रों में दी गई है।रात्रि जागरण: इस व्रत में दिन में या रात में सोना वर्जित माना गया है। व्रती महिलाएं रातभर जागकर भजन-कीर्तन करती हैं और रात्रि के चारों पहर में भगवान भोलेनाथ का पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक करती हैं।सुहाग सामग्री का अर्पण: पूजा के दौरान मां पार्वती को 16 श्रृंगार की वस्तुएं (सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, मेंहदी, आलता, चुनरी आदि) अर्पित की जाती हैं, जिसे बाद में सास या किसी आदरणीय सुहागिन स्त्री को भेंट किया जाता है।व्रत का पारण कब और कैसे करें?हरतालिका तीज के व्रत का समापन अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है:पारण का समय: मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को सूर्योदय (सुबह 06:09 बजे) के पश्चात।पारण की सही विधि: 15 सितंबर की सुबह स्नानादि के बाद भगवान शिव-गौरी की पुनः संक्षिप्त पूजा और अंतिम आरती करें। माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाकर अपनी मांग में लगाएं। पूजा में चढ़ाई गई प्रतिमाओं का विसर्जन किसी पवित्र नदी, जलाशय या गमले की मिट्टी में विसर्जित करें। इसके बाद ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान-दक्षिणा देने के उपरांत ककड़ी (खीरा) और जल ग्रहण करके व्रत का विधिपूर्वक पारण करें।
रसोई घर में नमक केवल स्वाद बढ़ाने वाला बुनियादी घटक नहीं है, बल्कि भोजन का सबसे अनिवार्य हिस्सा है। अक्सर देखा जाता है कि विशेष रूप से बारिश के मौसम या अत्यधिक उमस (Humidity) वाले दिनों में नमक दानी या जार में रखा नमक गीला होने लगता है। उसमें पानी जैसा चिपचिपापन आ जाता है, छोटे-छोटे सख्त ढेले (Lumps) बन जाते हैं और स्प्रिंकलर या शेकर से नमक बाहर निकलना बंद हो जाता है। कई लोग इसे नमक की खराब गुणवत्ता मान लेते हैं, जबकि वास्तव में यह नमक के प्राकृतिक रासायनिक गुण और उसके भंडारण (Storage) में की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियों का नतीजा होता है। अगर आप भी नमक में आने वाली सीलन से परेशान हैं, तो नमक स्टोर करने का सही तरीका और वे तीन प्रमुख गलतियां जानना बेहद जरूरी है जो जाने-अनजाने आपकी रसोई में हो रही हैं।नमक में नमी क्यों आती है: इसके पीछे का वैज्ञानिक कारणनमक मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड (NaCl) से बना होता है, लेकिन खाने वाले सामान्य नमक में मैग्नीशियम क्लोराइड और अन्य खनिज लवण भी सूक्ष्म मात्रा में मौजूद होते हैं। यह तत्व प्राकृतिक रूप से 'हाइग्रोस्कोपिक' (Hygroscopic) प्रवृत्ति के होते हैं। हाइग्रोस्कोपिक का सीधा अर्थ यह है कि ये पदार्थ वातावरण और खुली हवा में मौजूद नमी (वाटर वेपर) को बहुत तेजी से अपनी ओर खींचते हैं और सोख लेते हैं। जैसे ही कमरे या रसोई में नमी का स्तर 70 से 75 प्रतिशत से ऊपर जाता है, नमक हवा से नमी सोखकर पिघलने लगता है और उसमें पानी की परत जम जाती है।भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां: नमक कभी नहीं होगा गीलारसोई में खाना बनाते समय की जाने वाली कुछ सामान्य आदतें नमक को सीलनदार बना देती हैं। यदि आप इन तीन गलतियों से बचेंगे, तो नमक हमेशा सूखा और भुरभुरा बना रहेगा:1. धातु (मेटल) के बर्तनों में नमक रखना: सबसे पहली और गंभीर गलती नमक को स्टील, तांबे, पीतल, टिन या लोहे के डिब्बों में स्टोर करना है। नमक में मौजूद क्लोराइड आयन धातु के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया (Corrosion/Oxidation) करते हैं। इससे धातु में जंग लगने लगता है और नमी तेजी से बर्तन के भीतर प्रवेश कर जाती है। इतना ही नहीं, धातु के डिब्बे में रखा गीला नमक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है।2. गीले चम्मच का इस्तेमाल और डिब्बा खुला छोड़ना: खाना बनाते समय जल्दबाजी में अक्सर लोग सब्जी चलाने वाले या हल्के गीले चम्मच को सीधे नमक के जार में डाल देते हैं। चम्मच की एक बूंद पानी पूरे जार के नमक को गीला करने के लिए काफी होती है। इसी तरह, मसाले के रैक पर काम करते समय नमक के डिब्बे का ढक्कन खुला छोड़ देने से रसोई की भाप सीधे नमक के संपर्क में आ जाती है।3. गैस चूल्हे या सिंक के ठीक बगल में नमक का डिब्बा रखना: कई घरों में सुविधा के लिए नमक की बर्नी या डिब्बे को गैस स्टोव, इंडक्शन चूल्हे या बर्तन धोने वाले सिंक के ठीक बगल में रखा जाता है। चूल्हे पर उबलती दाल, चाय या सब्जी से निकलने वाली गर्म भाप और सिंक से उड़ने वाली पानी की बूंदें लगातार नमक के कंटेनर से टकराती हैं, जिससे जार के भीतर उमस पैदा होती है और नमक सील जाता है।नमक स्टोर करने का सबसे सही तरीका क्या हैनमक को लंबे समय तक ताजा और सूखा बनाए रखने के लिए सही पात्र और उचित स्थान का चुनाव करना बेहद जरूरी है:कांच या सिरेमिक (चीनी मिट्टी) के जार का उपयोग: नमक को स्टोर करने के लिए हमेशा एयरटाइट ग्लास जार (कांच की शीशी) या पारंपरिक चीनी मिट्टी (Ceramic) की बर्नी का ही इस्तेमाल करें। कांच और सिरेमिक पूरी तरह से गैर-प्रतिक्रियाशील (Non-reactive) होते हैं, जिससे नमक न तो रासायनिक रूप से बदलता है और न ही बाहरी नमी को आसानी से भीतर जाने देता है।लकड़ी का सूखा चम्मच रखें: नमक के जार के अंदर हमेशा लकड़ी (Wooden) या सख्त फूड-ग्रेड प्लास्टिक का छोटा और पूरी तरह सूखा चम्मच डालकर रखें। लकड़ी का चम्मच धातु की तरह जंग नहीं खाता और न ही नमी को बढ़ाता है।सूखी और ठंडी जगह पर रखें: नमक के मुख्य स्टोरेज जार को किचन की ऐसी अलमारी या कैबिनेट में रखें जो धूप, गैस की गर्मी और पानी के नल से दूर हो।नमक को सूखा रखने के अचूक और आसान किचन हैक्सयदि वातावरण में अत्यधिक सीलन है और नमक बार-बार गीला हो रहा है, तो आप इन घरेलू और सुरक्षित नुस्खों को आजमा सकते हैं:कच्चे चावल के दाने (The Rice Hack): यह सबसे लोकप्रिय और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तरीका है। नमक दानी (Salt Shaker) या बड़े नमक के डिब्बे में 8 से 10 बिना पके साफ चावल के दाने डाल दें। चावल में स्टार्च होता है, जो नमी को सोखने की जबरदस्त क्षमता रखता है। चावल का दाना नमक से पहले नमी को अपने अंदर खींच लेता है और नमक को पूरी तरह सूखा रखता है।लौंग की कलियां डालें: नमक के जार में 3 से 4 सूखी साबुत लौंग डाल दें। लौंग न केवल हवा की अतिरिक्त नमी को सोखती है, बल्कि इसके एंटीबैक्टीरियल गुण और हल्की खुशबू कीड़ों और फंगस को भी नमक के जार से दूर रखती है।ब्लॉटिंग पेपर या टिशू पेपर की परत: यदि आप बड़े कंटेनर में नमक का थोक स्टॉक रखते हैं, तो जार के ढक्कन के नीचे या नमक के ऊपर एक साफ टिशू पेपर या फूड-ग्रेड ब्लॉटिंग पेपर की परत बिछा दें। जब भी आप जार खोलेंगे और बंद करेंगे, टिशू पेपर हवा की आर्द्रता को सोख लेगा।अगर नमक पहले से गीला हो चुका है तो क्या करेंयदि आपकी रसोई का नमक पहले से ही नमी खा चुका है और ढेले बन चुके हैं, तो उसे फेंकने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप एक भारी तले की कढ़ाई या तवे को धीमी आंच पर हल्का गर्म करें। इसके बाद गैस बंद कर दें और उस हल्के गर्म तवे पर गीला नमक फैला दें। तवे की हल्की गर्माहट से नमक का सारा पानी उड़ जाएगा। जब नमक पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो चम्मच से दबाकर ढेले फोड़ लें और उसे दोबारा एक एयरटाइट कांच के सूखे जार में भर लें। इससे नमक फिर से नए जैसा खिला-खिला और सूखा हो जाएगा।

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