इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है—क्या 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलेगा? इस चर्चा पर भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने स्थिति साफ कर दी है। मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन मौजूदा सलामी बल्लेबाजों, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर अपना भरोसा कायम रखेगा, जिससे फिलहाल वैभव के डेब्यू का इंतजार और लंबा हो सकता है।अनुभव बनाम प्रतिभा: क्यों बरकरार है संजू-अभिषेक का दबदबा?मोर्ने मोर्कल ने मीडिया से बातचीत में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा का पुरजोर समर्थन किया। हालांकि सैमसन मौजूदा दौरे पर रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोच ने टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन और आईपीएल की फॉर्म को याद दिलाया। मोर्कल का मानना है कि कोचिंग स्टाफ के लिए अपने स्थापित खिलाड़ियों पर भरोसा जताना और उनका समर्थन करना जरूरी है। उन्होंने कहा, संजू विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रहे हैं और अभिषेक ने भी टी20 में अपनी धाक जमाई है। टीम में सिर्फ एक युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन के दम पर किसी को हटाना सही नहीं है।वैभव सूर्यवंशी के लिए क्यों है अभी इंतजार?आईपीएल में अपने बल्ले से आग उगलने वाले वैभव सूर्यवंशी के टीम में आने के बाद से ही फैंस उन्हें खेलते देखने के लिए बेताब हैं। लेकिन मोर्कल के अनुसार, टीम सिलेक्शन एक जटिल प्रक्रिया है और कोचिंग स्टाफ किसी स्थापित भूमिका को अचानक बाधित नहीं करना चाहता। मोर्कल ने जोर देकर कहा कि टीम उन खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ना चाहती है जिन्होंने विश्व कप जैसी कठिन परिस्थितियों में भारत को जीत दिलाई है। वैभव के लिए अभी और धैर्य रखने की जरूरत है, क्योंकि मैनेजमेंट का मानना है कि उन्हें सही समय पर ही बड़े मंच पर उतारना बेहतर होगा।प्रिंस यादव के मुरीद हुए मोर्ने मोर्कलदूसरे टी20 मैच की रणनीति के साथ-साथ मोर्कल ने तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की भी जमकर तारीफ की। अपने शुरुआती तीन मैचों में 6 विकेट लेकर तहलका मचाने वाले प्रिंस यादव की समझ और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता से मोर्कल बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, लखनऊ सुपर जायंट्स में नेट बॉलर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रिंस का सफर शानदार रहा है। विशेषकर डेथ ओवरों में जिस तरह से वह खेल को समझते हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है। अब ओल्ड ट्रैफर्ड में सबकी निगाहें प्रिंस यादव और संजू-अभिषेक की जोड़ी पर टिकी हैं।
फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट दौर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इंग्लैंड और मैक्सिको के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित 'राउंड ऑफ 16' मुकाबले के समय में बदलाव कर दिया गया है। खराब मौसम और तूफान की चेतावनी के चलते फीफा ने मैच को अब रविवार रात 11:30 बजे (भारतीय समयानुसार) कराने का फैसला किया है। पहले यह मैच सोमवार सुबह 5:30 बजे निर्धारित था। हालांकि मैच का स्थान वही रहेगा—मैक्सिको सिटी का ऐतिहासिक एज्टेका स्टेडियम।क्यों लिया गया समय बदलने का फैसलामौसम विभाग की ओर से मैक्सिको में भारी बारिश और आंधी-तूफान की प्रबल संभावना जताई गई है। फीफा के नियमों के अनुसार, यदि स्टेडियम के 8 मील के दायरे में बिजली गिरती है, तो सुरक्षा कारणों से खेल को कम से कम 30 मिनट के लिए रोकना अनिवार्य है। इससे पहले फिलाडेल्फिया में फ्रांस और इराक के बीच हुए ग्रुप मैच में खराब मौसम के कारण खेल दो घंटे से ज्यादा समय तक ठप रहा था। किसी भी अनिश्चितता से बचने के लिए फीफा ने एहतियाती तौर पर मैच के समय को आगे खिसका दिया है।मार्कस रैशफोर्ड बोले- 'चुनौतियों के लिए तैयार हैं'इंग्लैंड के स्टार विंगर मार्कस रैशफोर्ड ने इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हालांकि यह आदर्श स्थिति नहीं है, लेकिन टीम किसी भी परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। रैशफोर्ड ने कहा, हमारी एकाग्रता और तैयारी का तरीका वही है। एक टीम के रूप में यह हमारी ताकत है कि हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में बदलाव से टीम के आत्मविश्वास पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।एज्टेका स्टेडियम की चुनौती और ऊंचाई का असरएज्टेका स्टेडियम में खेलना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता। समुद्र तल से 7,220 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मैदान पर मैक्सिको का रिकॉर्ड बेजोड़ है। यहाँ की 'पतली हवा' (कम ऑक्सीजन) खिलाड़ियों की हृदय गति बढ़ा सकती है और उन्हें जल्दी थकान महसूस करा सकती है। साथ ही, मैच के समय में बदलाव के कारण खिलाड़ियों को अब 26 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में खेलना पड़ सकता है, जो इंग्लैंड की टीम के लिए शारीरिक रूप से एक अतिरिक्त चुनौती होगी। अब देखना यह है कि इंग्लैंड की टीम इस ऊंचे मैदान और बदले हुए मौसम के समीकरणों को कैसे मैनेज करती है।
अक्षर पटेल का इतिहास रचने का मौका: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे T20I में बस एक विकेट दूर 'शतक' से
भारतीय स्पिन गेंदबाजी का नया सितारा बनकर उभरे अक्षर पटेल शनिवार, 4 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान रचने की दहलीज पर हैं। 32 वर्षीय अक्षर पटेल ने अब तक अपने करियर में 99 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट चटकाए हैं। जैसे ही वह ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पर अपना 100वां शिकार पूरा करेंगे, वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय स्पिनर बन जाएंगे। यह उपलब्धि न केवल उनके करियर के लिए बल्कि भारतीय स्पिन विभाग के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगी।विशिष्ट क्लब में शामिल होने की बारीफिलहाल भारतीय क्रिकेट में केवल तीन तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर ही 100 विकेट का जादुई आंकड़ा पार कर पाए हैं। अर्शदीप सिंह (131 विकेट), जसप्रीत बुमराह (121 विकेट) और हार्दिक पांड्या (114 विकेट) इस क्लब में शामिल हैं। अक्षर पटेल के इस क्लब में शामिल होने के साथ ही, वह ऐसा करने वाले भारत के पहले स्पिनर और कुल चौथे भारतीय गेंदबाज बन जाएंगे। अक्षर से पहले युजवेंद्र चहल (96) और कुलदीप यादव (95) इस दौड़ में हैं, लेकिन अक्षर इन दोनों से आगे निकलकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराने के बेहद करीब हैं।अधूरा मिशन और मैनचेस्टर की चुनौतीअक्षर पटेल के पास यह रिकॉर्ड पहले टी20 मैच में ही बनाने का मौका था, लेकिन चेस्टर-ले-स्ट्रीट में बारिश ने उनके इरादों पर पानी फेर दिया। दूसरी पारी में बारिश के कारण गेंदबाजी का मौका न मिल पाने से वह 99 विकेट पर ही रुक गए। अब ओल्ड ट्रैफर्ड की परिस्थितियां उनके अनुकूल हैं और फैंस को उम्मीद है कि वह इंग्लैंड के बल्लेबाजों के सामने अपनी घातक फिरकी से जल्द ही यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। अक्षर का हालिया फॉर्म शानदार रहा है, उन्होंने भारत को लगातार दो टी20 विश्व कप खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई है।टीम इंडिया की रणनीति और प्लेइंग इलेवनइंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले के लिए भारत अपनी विनिंग कॉम्बिनेशन को नहीं छेड़ना चाहता। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने साफ संकेत दिए हैं कि फिलहाल टीम में बदलाव की कोई संभावना नहीं है, जिससे युवा वैभव सूर्यवंशी को अभी और इंतजार करना होगा। टीम प्रबंधन का पूरा भरोसा मौजूदा गेंदबाजों पर है, वहीं बल्लेबाजी क्रम में संजू सैमसन के लिए यह मुकाबला अपनी उपयोगिता साबित करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। अक्षर की नजरें अब ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पर इतिहास रचने पर हैं।
फीफा विश्व कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और राउंड ऑफ 32 के एक बेहद तनावपूर्ण मुकाबले में मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर अंतिम 16 में जगह पक्की कर ली है। डलास में खेले गए इस सांस रोक देने वाले मैच में नियमित और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। मोहम्मद सलाह की अगुवाई वाली मिस्र की टीम ने अंततः अपने संयम और सटीकता से जीत दर्ज की, जबकि ऑस्ट्रेलिया की एक रणनीतिक भूल उन पर भारी पड़ गई।इमाम अशूर की बढ़त और दुर्भाग्यपूर्ण आत्मघाती गोल मैच की शुरुआत मिस्र के लिए शानदार रही। खेल के 13वें मिनट में ही इमाम अशूर ने बेहतरीन गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। अफ्रीकी टीम की आक्रामक रणनीति ने ऑस्ट्रेलिया पर शुरुआती दबाव बनाया। हालांकि, दूसरे हाफ में खेल का रुख बदल गया। 55वें मिनट में मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हनी से एक बड़ी चूक हो गई। ऑस्ट्रेलिया के हमले को रोकने के प्रयास में उन्होंने गेंद को अपने ही गोलपोस्ट में डाल दिया। यह एक ऐतिहासिक 'आत्मघाती गोल' (Own Goal) था, जिसने मिस्र को 1966 के बाद किसी भी विश्व कप संस्करण में दो आत्मघाती गोल करने वाली पहली टीम बना दिया।ऑस्ट्रेलिया की बड़ी रणनीतिक भूल मैच पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा, जहाँ ऑस्ट्रेलिया ने एक बेहद विवादास्पद और जोखिम भरा दांव खेला। शानदार फॉर्म में चल रहे अपने मुख्य गोलकीपर पैट्रिक बीच को बाहर बैठाकर टीम ने कप्तान मैथ्यू रयान को विशेष रूप से शूटआउट के लिए मैदान में उतारा। यह चाल उल्टी पड़ गई। मैथ्यू रयान मिस्र के खिलाड़ियों के किसी भी शॉट को रोकने में नाकाम रहे। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के लिए हैरी साउथार और 18 वर्षीय लुकास हेरिंगटन पेनल्टी स्पॉट पर दबाव नहीं झेल सके और गोल करने में चूक गए।मिस्र का अगला मुकाबला अर्जेंटीना या केप वर्डे से पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने अपने चारों शॉट को गोल में बदलकर 4-2 से जीत हासिल की। मोहम्मद सलाह की टीम अब आत्मविश्वास से भरी हुई है और राउंड ऑफ 16 के लिए तैयार है। अगले चरण में मिस्र का मुकाबला फुटबॉल जगत की दिग्गज टीम अर्जेंटीना और केप वर्डे के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। प्रशंसकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या मोहम्मद सलाह की टीम अपना यह जादुई सफर आगे भी जारी रख पाएगी।
सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में डीपफेक (Deepfake) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। बॉलीवुड सितारों के लिए यह तकनीक अब एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है। रश्मिका मंदाना, काजोल और ऐश्वर्या राय के बाद अब 'डिंपल गर्ल' प्रीति जिंटा (Preity Zinta) भी एआई के गलत इस्तेमाल का शिकार हुई हैं। अपनी मोर्फ्ड (Morphed) तस्वीरों और फेक वीडियो के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रीति जिंटा ने बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस माधव ने एक अहम आदेश जारी किया है, जो इस समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।AI और डीपफेक के खिलाफ प्रीति जिंटा का लीगल एक्शनफिल्मी सितारों के पर्सनैलिटी राइट्स (Personality Rights) का हनन इन दिनों आम बात हो गई है। प्रीति जिंटा ने अपनी याचिका में साफ तौर पर बताया है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया साइट्स पर उनकी एआई-जनित (AI-Generated) डीपफेक इमेज और चैटबॉट-शैली के फर्जी विजुअल्स धड़ल्ले से वायरल किए जा रहे हैं। अभिनेत्री ने हाई कोर्ट से मांग की है कि इन अनधिकृत (Unauthorized) और आपत्तिजनक सामग्रियों को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसे भ्रामक कंटेंट को पब्लिश करने से रोकने के लिए साइट्स पर निषेधाज्ञा (Injunction) भी लगाई जाए।जस्टिस माधव जामदार ने क्या दिया आदेश?शुक्रवार को इस अहम मामले की संक्षिप्त सुनवाई जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच ने की। मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने सभी संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और इंटरनेट मीडिया पोर्टल्स को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि वेबसाइटों से ऐसी आपत्तिजनक डीपफेक सामग्री को तुरंत हटाने के लिए एक ठोस तंत्र (Mechanism) विकसित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की है, जहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अपना जवाब पेश करना होगा।क्या है डीपफेक और कौन-कौन हो चुका है इसका शिकार?अगर आप सोच रहे हैं कि डीपफेक क्या है, तो आपको बता दें कि यह एक ऐसी एआई तकनीक है जिसमें किसी व्यक्ति के चेहरे या आवाज को किसी अन्य के वीडियो में बिल्कुल असली जैसा फिट कर दिया जाता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर भ्रामक जानकारी फैलाने या छवि खराब करने के लिए होता है। प्रीति जिंटा से पहले सलमान खान, जैकी श्रॉफ, कैटरीना कैफ, काजोल और रश्मिका मंदाना जैसे बड़े सितारे भी इस भद्दे मजाक का शिकार हो चुके हैं और कोर्ट का रुख कर चुके हैं।सनी देओल के साथ 'बंटवारा' में करेंगी शानदार वापसीलीगल मामलों से इतर अगर प्रीति जिंटा के वर्कफ्रंट की बात करें, तो वह लंबे समय बाद सिल्वर स्क्रीन पर वापसी करने जा रही हैं। अगस्त महीने में उनकी बहुचर्चित फिल्म 'बंटवारा' (Bantwara) सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है, जिसमें उनके साथ उनके पुराने को-स्टार और सुपरस्टार सनी देओल (Sunny Deol) नजर आएंगे। फैंस को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है।
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान एक बार फिर अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आमिर खान 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। इस प्राइवेट सेरेमनी को लेकर फैंस के बीच काफी उत्सुकता है। हाल ही में कपल की गेस्ट लिस्ट और शादी के खाने के मेन्यू से जुड़ी एक्सक्लूसिव जानकारी सामने आई है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।शादी में 100-150 खास मेहमान होंगे शामिल आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी एक बेहद निजी और सादगी भरी सेरेमनी होने वाली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस शादी में केवल 100 से 150 मेहमान ही शामिल होंगे, जिनमें मुख्य रूप से उनके परिवार के सदस्य और फिल्म इंडस्ट्री के चुनिंदा करीबी दोस्त होंगे। आमिर खान ने खुद इस शादी की हर छोटी-बड़ी प्लानिंग का जायजा लिया है, चाहे वह गेस्ट लिस्ट हो या खाने का मेन्यू। पहले कपल मैरिज रजिस्ट्री करेगा, जिसके बाद आमंत्रित मेहमानों के लिए एक विशेष लंच का आयोजन किया गया है।मेन्यू में होगी कपल की पसंदीदा डिशेज शादी के खाने के मेन्यू को लेकर भी खास तैयारी की गई है। इस मेन्यू में आमिर और गौरी की कुछ पसंदीदा चीजों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। अगर सितारों की बात करें, तो इस खास दिन के गवाह बनने वाले मेहमानों में 'लगान' के डायरेक्टर आशुतोष गवारीकर और निर्देशक राजकुमार संतोषी जैसे करीबी दोस्त शामिल होंगे। आमिर ने खुद भी एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया था कि यह एक 'घरेलू शादी' होगी, जिसमें केवल परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। उन्होंने फैंस से अपने इस नए सफर के लिए दुआएं और आशीर्वाद भी मांगा है।60वें जन्मदिन पर हुआ था गौरी से परिचय बता दें कि आमिर खान ने अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर पहली बार मीडिया के सामने गौरी स्प्रैट को अपना जीवनसाथी बताते हुए इंट्रोड्यूस किया था। हालांकि, उस दौरान उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा था, लेकिन अभिनेता ने इन बातों को दरकिनार कर अपने निजी जीवन को हमेशा की तरह अपनी शर्तों पर जीने का फैसला किया है। 5 जुलाई की यह शादी आमिर खान के जीवन का एक नया अध्याय है, जिसे उनके करीबी यार और परिजन यादगार बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
अंतिम विदाई: 126 दिनों तक कैसे सुरक्षित रखा गया खामेनेई का शव? ईरान ने शुरू किया भव्य शक्ति प्रदर्शन
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई का ऐतिहासिक कार्यक्रम शुक्रवार, 3 जुलाई से शुरू हो गया है। करीब चार महीने के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुए इस राजकीय शोक को ईरान केवल श्रद्धांजलि के रूप में नहीं, बल्कि अपनी धार्मिक और राजनीतिक एकजुटता के एक विशाल 'शक्ति प्रदर्शन' के तौर पर पेश कर रहा है। तेहरान की ग्रैंड मोसाला मस्जिद में खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के ताबूत रखे गए हैं, जिन्हें देखने के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ रही है। 9 जुलाई तक चलने वाले इस महा-समारोह में 1.5 से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है।126 दिनों तक शव को ऐसे रखा सुरक्षित सबसे बड़ा सवाल यह है कि 126 दिनों तक खामेनेई के पार्थिव शरीर को कैसे संरक्षित रखा गया? रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लाम में शव को रासायनिक पदार्थों (केमिकल प्रिजर्वेशन) से सुरक्षित करने की अनुमति नहीं है। ऐसे में ईरानी विशेषज्ञों ने फोरेंसिक मोर्चरी के रेफ्रिजरेटेड कोल्ड स्टोरेज का सहारा लिया। शिया परंपरा के अनुसार, युद्ध या असाधारण परिस्थितियों में शव को दफनाने में देरी होने पर कम तापमान में सुरक्षित रखने की धार्मिक अनुमति ली गई थी, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी गरिमा के साथ संपन्न हो सके।अंतिम यात्रा का पूरा कार्यक्रम: तेहरान से मशहद तक खामेनेई की अंतिम विदाई का सफर बेहद लंबा और धार्मिक महत्व वाला है। 4-5 जुलाई को तेहरान की ग्रैंड मोसाला मस्जिद में अंतिम दर्शन होंगे। 6-7 जुलाई को यह यात्रा कोम (Qom) पहुँचेगी, जहाँ उन्होंने शिक्षा प्राप्त की थी। 8 जुलाई को शव को इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा, जो शिया मुसलमानों के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। अंततः, 9 जुलाई को पार्थिव शरीर वापस ईरान लाया जाएगा और मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।ईरान का बड़ा रणनीतिक संदेश विश्लेषकों का मानना है कि इस अंतिम संस्कार के माध्यम से ईरान अमेरिका और इजरायल को यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि मौजूदा चुनौतियों के बावजूद देश की धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था पूरी तरह स्थिर और एकजुट है। समारोह में 30 से अधिक देशों के नेता और 90 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें भारत का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे देश में हाई अलर्ट है, ताकि पहले हुई दुर्घटनाओं जैसी स्थिति न बने। इस आयोजन को ईरान अपनी कूटनीतिक मनोवैज्ञानिक बढ़त के रूप में देख रहा है।
पाकिस्तान की बदहाली और वहां की सत्ता में व्याप्त बेपरवाही को लेकर सिंगापुर के पूर्व शीर्ष राजनयिक बिलाहरी कौसिकन ने एक बेहद चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है। 1991 के एक विमान अपहरण कांड का जिक्र करते हुए कौसिकन ने बताया कि कैसे उस वक्त की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के आवास से मिली प्रतिक्रिया ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया था। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय में स्थायी सचिव रहे कौसिकन ने पाकिस्तान को 'विफल देश' करार देते हुए इसके लिए वहां के राजनेताओं और सेना की सामंती सोच को जिम्मेदार ठहराया है।जब हाईजैक विमान पर फंसा था पेंच साल 1991 की 26 मार्च को कुआलालंपुर से उड़ान भरने वाले सिंगापुर एयरलाइंस के एक विमान को चार पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हाईजैक कर लिया था। विमान को चांगी एयरपोर्ट पर उतारा गया और उसमें सवार 114 यात्रियों की जान खतरे में थी। उस वक्त अपहरणकर्ताओं की मांग बहुत स्पष्ट नहीं थी, लेकिन वे जोर दे रहे थे कि उनकी बात बेनजीर भुट्टो से कराई जाए। संकट के इस दौर में बातचीत के लिए बिलाहरी कौसिकन को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।'मैडम सो रही हैं' - फोन पर मिला ऐसा जवाब कौसिकन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और गंभीर स्थितियों के बीच रात करीब 3 बजे किसी तरह बेनजीर भुट्टो के आवास पर संपर्क साधा गया। फोन पर एक व्यक्ति ने बात की, जो उर्दू और अंग्रेजी दोनों भाषाएं समझता था। जब कौसिकन ने उसे बताया कि मामला कितना गंभीर है और विमान में सैकड़ों लोगों की जान अटकी है, तो उस व्यक्ति का जवाब सुनकर वे दंग रह गए। उसने बेपरवाही से कहा, मैडम सो रही हैं, उन्हें परेशान नहीं किया जा सकता, और फोन काट दिया। अंततः, सिंगापुर के कमांडो ने कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों को ढेर किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाया।पाकिस्तान की विफलता का असली कारण क्या है? बिलाहरी कौसिकन ने अपनी तीखी टिप्पणी में कहा कि पाकिस्तान की समस्याओं के लिए भारत या अफगानिस्तान की सीमाओं को दोष देना महज एक बहाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की बदहाली का असली कारण वहां का भयानक कुप्रबंधन है। उन्होंने कहा, पाकिस्तानी राजनेता समय की बर्बादी हैं, चाहे वे किसी भी पार्टी से हों और वहां की सेना इस समस्या का सबसे बड़ा हिस्सा है। कौसिकन ने पाकिस्तान को एक 'स्थिर देश' मानने वाले भ्रम को खारिज करते हुए उसकी आंतरिक अस्थिरता, कट्टरपंथ और आर्थिक कमजोरियों को उसकी बर्बादी का बड़ा कारण बताया।
वैश्विक राजनीति के गलियारों में पाकिस्तान का एक नया और बेहद शातिराना दांव सामने आया है। खबर है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की जोड़ी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लुभाने और वाशिंगटन की सत्ता में सीधी पहुंच बनाने के लिए एक 'क्रिप्टो कार्ड' का इस्तेमाल किया। विशेषज्ञों का मानना है कि करोड़ों डॉलर के वादे के साथ किया गया यह क्रिप्टो समझौता असल में आर्थिक कम और कूटनीतिक ज्यादा था, जिसने पाकिस्तान को ट्रंप प्रशासन के बेहद करीब ला खड़ा किया है।क्रिप्टो डील बनी 'एक्सेस' का जरिया मामला ट्रंप परिवार की क्रिप्टो कंपनी 'वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल' (WLF) से जुड़ा है। इसी साल जनवरी में पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने कंपनी की सहयोगी फर्म 'SC फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज' के साथ एक एमओयू (MoU) साइन किया था। इसका मकसद सीमा पार भुगतान के लिए 'USD1 स्टेबलक्वाइन' का उपयोग करना था। समझौते के समय शहबाज शरीफ, आसिम मुनीर और ट्रंप के करीबी सहयोगी जैक विटकाफ की मौजूदगी ने सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, 6 महीने बीत जाने के बाद भी न तो कोई प्रोजेक्ट शुरू हुआ और न ही लेनदेन हुआ, लेकिन पाकिस्तान का असली मकसद पूरा हो गया।राजनीतिक लाभ और ट्रंप का 'स्पेशल गेस्ट' बना पाकिस्तान जानकारों का दावा है कि इस क्रिप्टो डील ने पाकिस्तान के लिए कूटनीति के बंद दरवाजे खोल दिए। समझौते के बाद से ही दोनों देशों के बीच नजदीकी बढ़ी है। पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने जैसा बड़ा कदम उठाया। जवाब में, जून 2025 में ट्रंप ने व्हाइट हाउस में सेना प्रमुख आसिम मुनीर को विशेष लंच पर आमंत्रित किया—यह एक दुर्लभ सम्मान था। इतना ही नहीं, ईरान-इजरायल संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता और हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा मुनीर की सार्वजनिक प्रशंसा इसी 'क्रिप्टो कूटनीति' का परिणाम मानी जा रही है।'पे फार एक्सेस': कागजों में क्रिप्टो, असल में पावर प्ले अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह पूरा प्रयास पे फार एक्सेस (Pay-for-Access) रणनीति का हिस्सा था। ट्रंप की क्रिप्टो कंपनियों से जुड़ी कमाई के आंकड़े भी चर्चा में हैं, जहाँ उनके परिवार ने पिछले साल क्रिप्टो टोकन के जरिए भारी मुनाफा कमाया है। पाकिस्तान ने इसी 'बिजनेस-कूटनीति' को भांपते हुए ट्रंप प्रशासन के करीब पहुंचने का रास्ता निकाला। भले ही क्रिप्टो प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में हो, लेकिन पाकिस्तान के लिए यह 'सॉफ्ट पावर' का सबसे सफल प्रयोग साबित हुआ है, जिसने उसे फिर से अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है।
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कई राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। इनमें कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की भाजपा और राम मंदिर पर टिप्पणी, विपक्ष के आरोप और कामकाज से जुड़े विवाद शामिल हैं
सच्ची मुहब्बत और अमेरिकी टेक कंपनियों के सहारे कैसे दुनिया को ठग रहे हैं स्कैमर्स
28 साल की सिंगापुरी युवती एला से दोस्ती करने के लिए दुनिया भर के हजारों पुरुष बेताब थे
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार जिला, विकास खंड एवं ग्राम स्तर तक सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवा एवं महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें उनकी रुचि एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों का बैंकों से प्रभावी समन्वय स्थापित कराया जाए तथा स्वरोजगार स्थापित करने के लिए उन्हें आवश्यक ऋण उपलब्ध कराने में हरसंभव सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कौशल प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं एवं महिलाओं को सफल उद्यमी एवं रोजगारयुक्त नागरिक बनाना होना चाहिए।अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय संसाधनों, बाजार की मांग तथा रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। कृषि आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कृषि एवं कृषि से संबंधित गतिविधियों जैसे दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, बागवानी, रेशम उत्पादन, मशरूम उत्पादन, पुष्पकृषि तथा मत्स्य पालन सहित अन्य कृषि आधारित उद्यमों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। उत्पाद आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत ड्रेस डिजाइनिंग, रेक्सिन उत्पाद निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, फुटबॉल निर्माण, बैग निर्माण, बेकरी उत्पाद निर्माण, पत्तों से बने पर्यावरण अनुकूल कप एवं प्लेट निर्माण, पुनर्चक्रित कागज निर्माण सहित अनेक लघु उद्योगों का प्रशिक्षण दिया जाता है।
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शुक्रवार से शुरू हुए कार्यक्रम में दुनिया के करीब 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। 86 वर्षीय अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले ...
वेनेजुएला में मृत भारतीय नागरिक के शव से भीतरी अंग गायब, परिवार परेशान
भारतीय नाविक राकेश चौहान की मौत और शव से गायब अंग, मर्चेंट नेवी की आड़ में चल रही स्याह दुनिया की परतें खोल सकते हैं
नितिन नवीन का मिशन: 6-7 जुलाई को जम्मू-कश्मीर दौरा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन 6 और 7 जुलाई को दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर के दौरे पर रहेंगे। भाजपा अध्यक्ष यहां कई संगठनात्मक और जनसंपर्क कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
भारत-नेपाल सीमा पर गैर कानूनी गतिविधियों पर पूर्ण निगरानी रखें: सीएम सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रयोगशाला बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' के अन्तर्गत जुलाई माह का गतिविधि कैलेंडर जारी ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई वाराणसी में शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। योजना के माध्यम से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को आयुष्मान भारत ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है। विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पारदर्शी प्रशासन और सख्त निगरानी व्यवस्था का असर लगातार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए ...
यूपी में EV चार्जिंग पर बड़ी राहत: सोलर आवर्स में 20% सस्ती बिजली, योगी सरकार का नया फैसला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बिजली उत्पादन, आपूर्ति और उपभोक्ता राहत के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में बिजली दरें देश की सबसे न्यूनतम दरों में हैं, जबकि बिजली आपूर्ति देश की सर्वाधिक एवं सबसे ...
मथुरा में मानसून की धमाकेदार एंट्री, पहली ही बारिश में शहर डूबा, नगर निगम के दावों की खुली पोल
उत्तर भारत में मानसून की दस्तक के साथ शुक्रवार को मथुरा में आधे घंटे की मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। तेज हवाओं के साथ मानसून की पहली ही बारिश ने नगर निगम और जिला प्रशासन की मानसून पूर्व तैयारियों की पोल खोल कर रख दी। महज कुछ मिनट की ...
मोदी शनिवार को एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान में बालोतरा जिले के पचपदरा में शनिवार को देश की प्रथम ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मोदी इससे पहले जोधपुर हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी करेंगे। प्रधानमंत्री शनिवार को पूर्वाह्न लगभग 10:45 बजे इस टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और […] The post मोदी शनिवार को एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित appeared first on Sabguru News .
अजमेर जिले में AVVANL का टेक्नीशियन 10 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
किशनगढ़/अजमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) किशनगढ़ के टेक्नीशियन-प्रथम बबलेश कुमार शर्मा को पॉली हाउस के लिए विद्युत कनेक्शन जारी करने की एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी इंटेलिजेंस अजमेर को […] The post अजमेर जिले में AVVANL का टेक्नीशियन 10 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में इच्छापूर्ण मंदिर में चोरी करने वाले 3 चोर अरेस्ट
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी थाना क्षेत्र में एक मंदिर में चोरी की घटना का पुलिस ने तत्परता खुलासा करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चक 4 केएसपी स्थित इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर से चांदी के कई छोटे-बड़े छत्र और दानपात्र की नकदी चुरा ले गए थे। रमण पूनिया ने […] The post हनुमानगढ़ में इच्छापूर्ण मंदिर में चोरी करने वाले 3 चोर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
धीरेन्द्र शास्त्री चोर है! बागेश्वर बाबा पर क्यों भड़के भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार?
Vinay Katiyar on Dhirendra Shastri: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में बजरंग दल के संस्थापक और भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार इन दिनों काफी सुर्खियों में बने हुए हैं। अयोध्या कांड को लेकर वे काफी मुखर हैं। इस बीच, उन्होंने बागेश्वर धाम के ...
गुणवत्ता, विश्वास व वैश्विक मानकों पर खरा उतरे यूपी का आम : योगी आदित्यनाथ
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने स्टॉल्स का अवलोकन कर आम की 800 से अधिक प्रजातियों के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी ...
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने वालों के लिए एक नई व्यवस्था की घोषणा की है, जिससे उपभोक्ताओं को तेजी से सब्सिडी और रिफंड मिल सकेगा। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सरकार ने EV नीति के तहत सभी प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया ...
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड को लेकर छिड़े सियासी घमासान के बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का भोपाल स्थित अपने निवास पर एक पोस्टर लगाना चर्चा के केंद्र में आ गया है। दिग्विजय सिंह ने पोस्टर के जरिए चंदा चोरों के अपने घर ...
अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 53 एटीवीएम फैसिलिटेटर नियुक्त होंगे
अजमेर। रेलवे प्रशासन द्वारा अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर स्थापित ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (एटीवीएम) से अनारक्षित टिकट जारी करने के लिए फैसिलिटेटरों की नियुक्ति हेतु सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों और सामान्य जनता से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजमेर मंडल मिहिर देव के अनुसार इस योजना के तहत अजमेर मंडल […] The post अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 53 एटीवीएम फैसिलिटेटर नियुक्त होंगे appeared first on Sabguru News .
विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में द्रमुक नेता अनिता राधाकृष्णन अरेस्ट
चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कद्दावर नेता और विधायक अनिता आर राधाकृष्णन को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में शुक्रवार को थूथुकुडी जिले के आतुर में गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी मद्रास हाईकोटग् द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में श्री राधाकृष्णन […] The post विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में द्रमुक नेता अनिता राधाकृष्णन अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अब अपने घर में ही घिर गए है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच छिड़े विवाद के बीच पूर्व प्रदेश महासचिव ने पार्टी छोड़ दी है। इंदौर से आने वाले पूर्व प्रदेश महासचिव ...
एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तेलंगाना के डीएसपी पर मामला दर्ज किया
हैदराबाद। तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज (पीसीएस), हैदराबाद में तैनात पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संकीरेड्डी भीम रेड्डी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान भ्रष्टाचार और गलत तरीकों से अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति अर्जित की। […] The post एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तेलंगाना के डीएसपी पर मामला दर्ज किया appeared first on Sabguru News .
E20 पेट्रोल और एथेनॉल मिश्रण पर फिर छिड़ी बहस, मनीष कश्यप का वीडियो क्यों हो रहा है वायरल
सोशल मीडिया पर पूर्व भाजपा नेता मनीष कश्यप से जुड़ा एक वीडियो और दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने भारत में लागू किए जा रहे E20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। इस वायरल बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि ...
राजस्थान की किन्नर रेशमा और मध्यप्रदेश के सागर ने मंदिर में लिए सात फेरे
बारां। राजस्थान में बारां जिले के शाहाबाद उपखंड क्षेत्र में गुरुवार शाम को एक अनोखा विवाह हुआ जो चर्चा का विषय बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शाहाबाद उपखंड के देवरी निवासी किन्नर सोनू उर्फ रेशमा ने मध्य प्रदेश के गुना जिले के कोलीपुरा निवासी सागर राजपूत के साथ हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिये […] The post राजस्थान की किन्नर रेशमा और मध्यप्रदेश के सागर ने मंदिर में लिए सात फेरे appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से रामभक्त आहत, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो : RSS
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने राम मंदिर चढ़ावा-चोरी प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि इससे राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं और इस मामले के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने इस प्रकरण पर पहली बार एक वक्तव्य में कहा कि अयोध्या […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से रामभक्त आहत, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो : RSS appeared first on Sabguru News .
जैसलमेर में पटवारी एवं उसका दलाल 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
जैसलमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को जैसलमेर जिले में पटवार हल्का अजासर के पटवारी लखवीर यादव एवं उनका दलाल जेटू सिंह को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी जैसलमेर को शिकायत मिली थी कि परिवादी के […] The post जैसलमेर में पटवारी एवं उसका दलाल 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
रेनो इंडिया ने क्विड का नया संस्करण पेश किया
नई दिल्ली। फ्रांसीसी वाहन निर्माता रेनो ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रेनो इंडिया ने शुक्रवार को नयी रेनो क्विड बाजार में उतारने की घोषणा की। कंपनी ने बताया कि इस नए संस्करण में डिजाइन, वेरिएंट लाइन-अप और कीमतों में बदलाव किए गए हैं। इसका उद्देश्य पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए […] The post रेनो इंडिया ने क्विड का नया संस्करण पेश किया appeared first on Sabguru News .
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बस के खाई में गिरने से 40 यात्रियों की मौत, 8 घायल
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में दक्षिण-पश्चिम प्रांत बलूचिस्तान के शेरानी ज़िले में शुक्रवार को एक यात्री बस के गहरी खाई में गिरने से कम से कम 40 यात्रियों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के राजनीतिक एवं मीडिया मामलों के सहायक शाहिद रिंद ने बताया कि अस्पताल ले जाते समय […] The post पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बस के खाई में गिरने से 40 यात्रियों की मौत, 8 घायल appeared first on Sabguru News .
भाजपा कार्यकर्ताओं का समर्पण, जिलाध्यक्ष के लिए खून प्रदेशअध्यक्ष के लिए सेब!
सबगुरु न्यूज – सिरोही। सिरोही में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष के बीच एक लाइन खींच दी। देखने में ये सामान्य लगेगा लेकिन, गहराई से समझने पर भावनाओं से जुड़ाव समझ में आएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गुरुवार को जन्मदिन था। पद पर हैं तो स्थानीय स्तर पर पद […] The post भाजपा कार्यकर्ताओं का समर्पण, जिलाध्यक्ष के लिए खून प्रदेशअध्यक्ष के लिए सेब! appeared first on Sabguru News .
आंध्र प्रदेश में तेज रफ्तार लॉरी की टक्कर से ऑटो सवार 4 लोगों की मौत
ओंगोल। आंध्र प्रदेश के मार्कापुर जिला में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। हादसा कंभम कस्बा के बाहरी क्षेत्र में अमरावती–अनंतपुर राजमार्ग पर उस समय हुआ, जब सड़क किनारे खड़े एक ऑटो-रिक्शा को लॉरी ने […] The post आंध्र प्रदेश में तेज रफ्तार लॉरी की टक्कर से ऑटो सवार 4 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
WhatsApp Username विवाद बढ़ा, सरकार की रडार पर Telegram और Signal, Arattai भी हटाएगा यूजरनेम फीचर
WhatsApp के नए Username फीचर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। भारत सरकार की आपत्तियों के बाद अब सिर्फ WhatsApp ही नहीं, बल्कि Telegram, Signal और भारतीय मैसेजिंग ऐप Arattai भी सरकार की जांच के दायरे में आ गए हैं। इसी बीच Zoho के सह-संस्थापक ...
डीग में ब्लैकमेलिंग से परेशान विवाहिता ने की आत्महत्या
डीग। राजस्थान में डीग जिले के खोह थाना क्षेत्र में निगोही गांव में पड़ोसी युवक की ब्लैकमेलिंग से परेशान एक विवाहिता ने गुरुवार देर रात दुपट्टे से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि सूचना मिलने पर आज तड़के पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका रेनू का शव […] The post डीग में ब्लैकमेलिंग से परेशान विवाहिता ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
भरतपुर : होटल में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, 9 लड़कियां अरेस्ट
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 21 पर सारस चौराहे पर स्थित एक होटल में दबिश देकर देह व्यापर में लिप्त 9 लड़कियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार देह व्यापार के इस सेक्स रैकेट को चलाने के आरोपी जघीना गांव निवासी होटल मालिक राकेश खंडेलवाल के खिलाफ […] The post भरतपुर : होटल में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, 9 लड़कियां अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बिलासपुर में युवती को शादी का झांसा देकर रेप,आरोपी में पूर्व आरक्षक अरेस्ट
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना में पूर्व में पदस्थ आरक्षक सनत मीरी को एक युवती को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी आरक्षक ने […] The post बिलासपुर में युवती को शादी का झांसा देकर रेप,आरोपी में पूर्व आरक्षक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
उज्जैन का त्रिनेत्र मॉडल शहरों की सुरक्षा एवं स्मार्ट निगरानी व्यवस्था का बनेगा आधार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन ने डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 2 दिवसीय 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में श्री महाकालेश्वर मंदिर ...
एटा में सड़क किनारे खड़ी बस में ट्रक ने मारी टक्कर, 5 मरे 11 घायल
एटा। उत्तर प्रदेश में एटा जिले के बागवाला थाना क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार की रात एक भीषण सड़क हादसे में खराब खड़ी रोडवेज बस के बाहर सड़क पर खड़े पांच यात्रियों की ट्रक की टक्कर से मौत हो गई, जबकि 11 अन्य यात्री घायल हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते […] The post एटा में सड़क किनारे खड़ी बस में ट्रक ने मारी टक्कर, 5 मरे 11 घायल appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर RSS की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई। दत्तात्रेय होसबाले ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पारदर्शी जांच की मांग की।
गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद के कथित स्लीपर सेल की साजिश का खुलासा। गुजरात और मध्य प्रदेश से 8 संदिग्ध गिरफ्तार, पाकिस्तान से इंटरनेट के जरिए संपर्क की जांच तेज।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई का कार्यक्रम तय हो चुका है। छह दिनों तक चलने वाले इस राजकीय शोक समारोह में दुनिया के अनेक देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों और लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। ...
मानसून की लेट होने और अल्पवर्षा के पूर्वानुमान के मद्देजनर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में विभिन्न विभागों की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को चुनौती नहीं, बल्कि बेहतर ...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से जारी बयान में कहा गया कि श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर लंबे संघर्ष और करोड़ों भक्तों के समर्पण का प्रतीक है। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए बड़ी राहत: 'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' में आवेदन का सुनहरा मौका
निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही 'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' के तहत आवेदन प्रक्रिया को फिर से खोल दिया गया है। जो छात्र या अभिभावक किन्हीं कारणों से पहले आवेदन करने से वंचित रह गए थे, उन्हें अब अपनी योग्यता सिद्ध करने और छात्रवृत्ति का लाभ उठाने का एक और मौका दिया गया है। राज्य सरकार की इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी श्रमिक का बच्चा अपनी पढ़ाई से दूर न रहे।कैसे उठाएं योजना का लाभ?इस योजना का मुख्य लक्ष्य निर्माण श्रमिकों के उन प्रतिभाशाली बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जो उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। छात्रवृत्ति के रूप में मिलने वाली यह राशि ट्यूशन फीस, किताबों और अन्य शैक्षणिक खर्चों में बड़ी राहत देगी। आवेदन करने के लिए श्रमिकों को अपने वैध श्रमिक पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड, बच्चों के शिक्षण संस्थान का आईडी कार्ड और बैंक खाते का विवरण संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी बिचौलिये की जरूरत न पड़े।समय रहते पूरा करें आवेदन प्रक्रियायोजना का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपने सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर लें। योजना के तहत मिलने वाली इस छात्रवृत्ति से निर्माण श्रमिकों के परिवारों में शिक्षा के प्रति एक नई उम्मीद जगी है। आधिकारिक सूचना के अनुसार, आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र छात्र इस योजना का लाभ उठा सकें। आप संबंधित विभाग की वेबसाइट या अपने नजदीकी श्रम कार्यालय (Labour Office) से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। समय पर आवेदन करके आप अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य की नींव रख सकते हैं।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में गरीबों के आशियाने पर चली बुलडोजर कार्रवाई ने एक नया मोड़ ले लिया है। वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रात के अंधेरे में गरीबों का आशियाना उजाड़ने वाले लोग माफी के लायक नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई को क्रूरता की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के किसी का घर तोड़ना कानून और मानवीय मूल्यों के विरुद्ध है।प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवालबृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकास के नाम पर गरीबों को बेघर करना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी कार्रवाई में न तो मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखा गया और न ही कानूनी प्रक्रियाओं का सही पालन हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भीषण गर्मी और बारिश का मौसम हो, तब प्रशासन ने किस आधार पर लोगों को सड़क पर ला दिया? अग्रवाल ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में जो भी अधिकारी या दोषी शामिल हैं, उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी इस तरह की मनमानी न कर सके।पीड़ितों को न्याय और मुआवजे की मांगअग्रवाल ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवारों को तुरंत न्याय नहीं मिला और उन्हें बसाने की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। उन्होंने मांग की है कि आशियाना खोने वाले प्रत्येक परिवार को न केवल रहने के लिए सुरक्षित जगह मुहैया कराई जाए, बल्कि उनके नुकसान का उचित मुआवजा भी दिया जाए। इस बयान के बाद इलाके के प्रभावित परिवारों को एक बड़ा संबल मिला है और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। लोग अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सरकार क्या बृजमोहन अग्रवाल की मांगों पर अमल करती है या फिर यह मामला और अधिक तूल पकड़ेगा।
बिहार में पुलिस का बड़ा एनकाउंटर: सीएसपी लूटकांड का मास्टरमाइंड मुठभेड़ में ढेर, पैर में लगी गोली
बिहार पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ अपना 'जीरो टॉलरेंस' रुख कायम रखते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। हाल ही में राज्य में चर्चा का विषय बने सीएसपी (CSP) लूटकांड का मास्टरमाइंड पुलिस के साथ हुई एक तीखी मुठभेड़ में ढेर हो गया है। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में कुख्यात अपराधी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू में किया गया। इस एनकाउंटर ने राज्य भर में फैले उन गिरोहों के बीच खौफ पैदा कर दिया है, जो सीएसपी सेंटरों और बैंकिंग संस्थानों को निशाना बनाकर लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।सीएसपी लूटकांड का हुआ बड़ा खुलासापुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मास्टरमाइंड लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। पिछले कुछ दिनों में हुई सीएसपी लूट की कई वारदातों में इसी गिरोह का हाथ होने के संकेत मिल रहे थे। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की, तो अपराधियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। अपनी जान की परवाह न करते हुए पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला और सटीक जवाबी कार्रवाई की। इस घटना के साथ ही पुलिस ने सीएसपी लूटकांड से जुड़ी कड़ियों को जोड़ते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए भी अभियान तेज कर दिया है।अपराधियों में खौफ, आम लोगों में राहतपुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। सीएसपी सेंटरों को निशाना बनाए जाने से आम लोगों में भय का माहौल था, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां बैंकिंग सुविधाएं इन सेंटरों पर ही निर्भर हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी को फिलहाल कड़ी सुरक्षा के बीच इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां से ठीक होने के बाद उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। यह मुठभेड़ पुलिस की सतर्कता और आधुनिक तकनीकी सर्विलांस का नतीजा है, जिसने अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
नालंदा डबल मर्डर पर चिराग पासवान का बड़ा ऐलान: पीड़ित परिवार को मिलेगी नौकरी
बिहार के नालंदा में हुए जघन्य डबल मर्डर केस ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना के बाद पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बड़ा और मानवीय ऐलान किया है। चिराग पासवान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने घोषणा की है कि उनकी पार्टी और वे व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिवार को हर महीने आर्थिक सहायता पहुँचाएंगे और परिवार के सदस्यों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाने में पूरी मदद करेंगे।बच्चों के बेहतर भविष्य का संकल्पइस घटना में परिवार ने अपने कमाने वाले सदस्यों को खो दिया है, जिससे बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसे देखते हुए चिराग पासवान ने यह भी संकल्प लिया है कि वे पीड़ित परिवार के बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी और उन्हें बेहतरीन शिक्षण संस्थानों में दाखिला दिलाने से लेकर उनके करियर को संवारने तक की पूरी जिम्मेदारी वे खुद निभाएंगे। उनका यह कदम नालंदा के स्थानीय निवासियों के बीच काफी सराहा जा रहा है, जो इसे एक बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं।अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांगचिराग पासवान ने इस दोहरे हत्याकांड पर सख्त तेवर अपनाते हुए बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन से इस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा कर सख्त से सख्त सजा दिलानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नालंदा में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सरकार को आत्मचिंतन करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी खौफनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में वे उनके साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।
बिहार: भाई के हत्यारे की जेल में संदिग्ध मौत, अपनों का खून बहाने वाले की कहानी का हुआ अंत
बिहार की जेल से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने राज्य के अपराध जगत में हलचल मचा दी है। अपने ही सगे भाई की हत्या के जुर्म में सजा काट रहे एक कैदी की जेल परिसर के भीतर ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। हत्या के अपराध में जेल की सलाखों के पीछे गए इस कैदी की मौत को लेकर अब कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या यह तनाव के चलते उठाया गया आत्महत्या का कदम है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है, इसे लेकर पुलिस और जेल प्रशासन की टीम गहन जांच में जुट गई है।जेल परिसर में मौत और उठते सवालघटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मृतक कैदी लंबे समय से हत्या के मामले में जेल में बंद था और उस पर अपने ही भाई की नृशंस हत्या का आरोप था। जेल अधिकारियों के अनुसार, कैदी को मृत अवस्था में पाया गया, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों के बीच इस मौत को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे प्रायश्चित की अंतहीन पीड़ा और मानसिक तनाव का नतीजा बता रहे हैं, तो कुछ लोगों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।पुलिस जांच और फोरेंसिक टीम की सक्रियताघटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले में फॉरेंसिक टीम को साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं। जेल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि घटना के समय वहां कौन मौजूद था और कैदी के आखिरी पल कैसे बीते। इस मामले ने एक बार फिर जेल के अंदर कैदियों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। अभी फिलहाल क्षेत्र में इस खबर को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
राज्य में प्रशासनिक तबादलों को लेकर सरकार ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियंत्रित बना दिया है। हाल ही में हुए IAS तबादलों से जुड़े विवादों और प्रशासनिक खींचतान के बाद, सरकार ने अब तबादलों की समय-सीमा बढ़ाकर 10 जुलाई तक कर दी है। नई व्यवस्था के तहत, अब कोई भी ट्रांसफर लिस्ट मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की स्पष्ट मंजूरी और गहन समीक्षा के बिना जारी नहीं की जा सकेगी। इस निर्णय को प्रशासनिक दक्षता और कामकाज में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।क्यों ली गई यह सख्ती?विगत कुछ समय से तबादलों को लेकर उठ रहे सवालों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सामंजस्य की कमी की खबरों ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे। इन परिस्थितियों को भांपते हुए सरकार ने 'कंट्रोल एंड कमांड' के तहत लगाम कसी है। अब विभागों को अपने स्तर पर सूची तैयार करने के बाद उसे CMO को भेजना अनिवार्य होगा, जहां उसकी बारीकी से जांच की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि तबादले केवल प्रशासनिक आवश्यकता और योग्यता के आधार पर हों, न कि किसी निजी आग्रह या विवादित कारणों से।सरकारी कामकाज और आम जनता पर असरतबादलों की इस प्रक्रिया में देरी से कई बार जिलों में विकास कार्यों की गति धीमी पड़ जाती थी। नई व्यवस्था के तहत समय-सीमा निर्धारित होने से अधिकारियों को अपने नए कार्यक्षेत्र में सेटल होने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्बाध रूप से चल सके। साथ ही, फील्ड में तैनात अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी शासन है। जानकारों का मानना है कि 10 जुलाई तक की डेडलाइन के बाद प्रशासनिक नियुक्तियों में स्थिरता आएगी, जो राज्य में शासन-प्रशासन के स्तर पर एक नई व्यवस्था को जन्म देगी।
राजस्थान के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है और इसके साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने एक नए लो प्रेशर एरिया (Low Pressure Area) के सक्रिय होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस मौसमी बदलाव के चलते अब प्रदेश के सूखे इलाकों को भी जल्द ही झमाझम बारिश की सौगात मिलने की उम्मीद है, जिससे किसानों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है।इन संभागों में बरसेगा मानसून का पानीमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय हुए नए सिस्टम का असर सबसे पहले दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के संभागों में देखने को मिलेगा। कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, जयपुर और अजमेर संभाग के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्थानीय निकायों को सतर्क रहने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।किसानों के लिए वरदान और आम जन के लिए चेतावनीमानसून की इस सक्रियता को रबी और खरीफ की बुवाई के लिहाज से बेहद शुभ माना जा रहा है। जिन इलाकों में लंबे समय से बारिश का इंतजार किया जा रहा था, वहां अब जलाशयों में पानी की आवक शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए आम जनता को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से जलभराव वाले रास्तों, कच्चे मकानों और बिजली के तारों के पास जाने से बचने को कहा गया है। आप अपने जिले के सटीक मौसम अपडेट के लिए स्थानीय वेदर बुलेटिन और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें, क्योंकि आने वाले दिनों में राजस्थान का मौसम और अधिक सुहावना होने वाला है।
राजस्थान में कानून का दुरुपयोग करने वालों की अब खैर नहीं है। प्रदेश में झूठी FIR दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिए न्यायपालिका ने अब सख्त रुख अपना लिया है। राज्य की अदालतों ने हाल ही में करीब 1870 ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लिया है जिनमें पुलिस रिपोर्ट के बाद जांच में शिकायतें पूरी तरह फर्जी पाई गई थीं। न्यायालय की इस ऐतिहासिक सख्ती के बाद अब उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है, जो व्यक्तिगत द्वेष या अन्य कारणों से पुलिस और कानून का इस्तेमाल अपनी निजी दुश्मनी निकालने के लिए करते थे।कोर्ट का सख्त संदेश: कानून का दुरुपयोग बर्दाश्त नहींअदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस का कीमती समय और संसाधनों का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कानूनी प्रावधानों के तहत, झूठी सूचना देने या पुलिस को गुमराह करने वालों को अब जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है। इस 1870 मामलों की सूची में वे केस शामिल हैं जिनमें एफआईआर के बाद फाइनल रिपोर्ट (FR) लग चुकी है, लेकिन अब कोर्ट यह जांचेगा कि क्या इन शिकायतों को दर्ज कराने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत मुकदमा चलना चाहिए या नहीं। इस फैसले से प्रदेश में चल रहे फर्जी केसों के ट्रेंड पर बड़ा ब्रेक लगने की उम्मीद है।पुलिस और प्रशासन को मिली बड़ी राहतइस सख्ती का सीधा फायदा उन निर्दोष लोगों को होगा, जो सालों तक अदालतों के चक्कर और मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनते रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इससे न केवल पुलिस पर काम का बोझ कम होगा, बल्कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने में भी तेजी आएगी। राजस्थान के गृह विभाग और पुलिस महकमे ने भी कोर्ट के इस निर्देश का स्वागत किया है और सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे अब से शिकायतों के सत्यापन को लेकर अधिक सतर्क रहें। कोर्ट की इस पहल को 'सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन' और 'AI सर्च' के नजरिए से प्रदेश में न्याय व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम के रूप में देखा जा रहा है।
पीएम मोदी: विकास परियोजनाओं की सौगात से बदलेगी तस्वीर, कार्यकर्ताओं में फूंकेगे जोश
पंजाब के विकास पथ को गति देने और राज्य के नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने पंजाब का दौरा करने वाले हैं। इस उच्च-स्तरीय दौरे को लेकर राज्य की प्रशासनिक मशीनरी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई ने कमर कस ली है। प्रधानमंत्री अपने इस दौरे के दौरान राज्य को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे, जो पंजाब के इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेंगी। इस यात्रा को न केवल विकास के दृष्टिकोण से, बल्कि पंजाब की राजनीति में नई ऊर्जा भरने के तौर पर भी देखा जा रहा है।परियोजनाओं की सौगात से विकास को रफ्तारपीएम मोदी के इस दौरे में कई प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, वे सड़कों के जाल को और अधिक सुदृढ़ करने, औद्योगिक गलियारों के विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी कई नई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों के साथ तेजी से जोड़ना है। राज्य के लोग उम्मीद जता रहे हैं कि पीएम की यह सौगात पंजाब की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगी।कार्यकर्ताओं में उत्साह और जन-संवादराजनीतिक दृष्टि से पीएम मोदी का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान वे केवल आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेंगे, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद कर उनका हौसला भी बढ़ाएंगे। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन के जरिए पंजाब के लोगों की आकांक्षाओं पर बात करेंगे और राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराएंगे। कार्यकर्ता पीएम के आगमन को लेकर खासे उत्साहित हैं और बड़ी जनसभा के माध्यम से पंजाब की जनता के साथ सीधा जुड़ाव बनाने की तैयारी की जा रही है। यह दौरा आगामी समय में पंजाब की राजनीतिक दिशा और दशा पर गहरा प्रभाव डालने वाला साबित हो सकता है।
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राम मंदिर अब किसी और वजह से चर्चा में है। सांसदों और विधायकों को तोड़ा जा रहा है और इस पूरी प्रक्रिया को 'ऑपरेशन' कहा जा रहा है। क्या भाजपा 'ऑपरेशन राम मंदिर' चला रही है?
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का अत्यधिक महत्व है, विशेषकर जब यह रविवार के दिन पड़ता है, जिसे 'रवि प्रदोष व्रत' कहा जाता है। जुलाई 2026 में आने वाला पहला प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने का एक अद्भुत संयोग लेकर आ रहा है। यह व्रत न केवल स्वास्थ्य में सुधार के लिए जाना जाता है, बल्कि यह मान-सम्मान और दीर्घायु की प्राप्ति का भी सबसे सरल मार्ग है। भक्त बेसब्री से इस दिन का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे महादेव की विशेष पूजा-अर्चना कर सकें। यदि आप भी इस व्रत को रखने की योजना बना रहे हैं, तो इसकी सही तिथि और पूजा की विधि को समझना आपके लिए अनिवार्य है।जुलाई 2026 प्रदोष व्रत की सही तारीख और शुभ मुहूर्तधार्मिक पंचांग के अनुसार, जुलाई महीने का पहला प्रदोष व्रत रविवार को पड़ रहा है। इस दिन त्रयोदशी तिथि का विशेष महत्व है। पूजा का सबसे उत्तम समय सूर्यास्त के ठीक पहले से लेकर सूर्यास्त के लगभग सवा घंटे बाद तक का माना जाता है। भक्त इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर संकल्प लें और पूरे दिन सात्विक नियमों का पालन करें। प्रदोष काल में भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती और गणेश जी की पूजा करना भी फलदायी होता है। पंचांग के अनुसार, इस दिन का शुभ मुहूर्त श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत शक्तिशाली है, जो सुख-समृद्धि के द्वार खोल सकता है।सूर्यास्त के बाद ही क्यों होती है पूजा?अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि प्रदोष व्रत की पूजा केवल सूर्यास्त के बाद ही क्यों की जाती है? शास्त्रों के अनुसार, 'प्रदोष' का शाब्दिक अर्थ ही 'संध्या बेला' है। मान्यता है कि इसी समय भगवान शिव कैलाश पर्वत पर अपनी रौद्र और आनंदमयी मुद्रा में नृत्य करते हैं। सूर्यास्त के बाद का समय 'संधि काल' होता है, जो दिन और रात का मिलन बिंदु है। इस समय की गई पूजा महादेव को सीधे स्वीकार्य होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्रदोष काल में पूजा करने से चंद्र देव का कष्ट दूर हुआ था और उन्हें पुनः तेज प्राप्त हुआ था। इसलिए, प्रदोष व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए सूर्यास्त के बाद ही दीप जलाना और विधिपूर्वक आरती करना सबसे शुभ माना जाता है।
सावन के महीने में सोमवार का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस साल सावन का पहला सोमवार कई मायनों में बेहद खास और मंगलकारी माना जा रहा है। भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा होता है, और जब इसमें सोमवार का दिन जुड़ जाए, तो यह भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने वाला सबसे बड़ा अवसर बन जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन महादेव की विधिवत पूजा करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं भी स्वतः समाप्त हो जाती हैं। यदि आप भी महादेव की कृपा पाना चाहते हैं, तो सावन के पहले सोमवार को पूरी भक्ति और सही विधि-विधान से पूजा करना न भूलें।क्यों खास है सावन का पहला सोमवार?शिव पुराण के अनुसार, सोमवार का दिन चंद्रमा का होता है और चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हैं। सावन में सोमवार का व्रत और पूजा करने से कुंडली में स्थित चंद्र दोष और शनि की साढ़ेसाती के दुष्प्रभाव भी कम होते हैं। सावन का पहला सोमवार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन किए गए अनुष्ठान का फल पूरे महीने की पूजा के बराबर माना जाता है। महादेव को प्रसन्न करने के लिए भक्त इस दिन विशेष रूप से व्रत रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं और बेलपत्र, धतूरा व दूध अर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। यह दिन न केवल व्रत रखने वालों के लिए, बल्कि उन लोगों के लिए भी विशेष है जो अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन में सफलता की कामना करते हैं।इस दिन क्या करना होता है सबसे शुभ?सावन के पहले सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करना सबसे उत्तम माना गया है। इसके बाद शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर पंचामृत अर्पित करें और 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। शुभ फलों की प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर गाय का कच्चा दूध, शहद, घी और बेलपत्र चढ़ाना न भूलें। इसके अलावा, इस दिन जरूरतमंदों को सफेद वस्तुओं का दान करना या गरीबों को भोजन कराना बहुत शुभ माना जाता है। कोशिश करें कि इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें और क्रोध या नकारात्मक विचारों से दूर रहें। माना जाता है कि जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ महादेव की शरण में जाते हैं, उनके जीवन के सभी दुख और संकट का नाश निश्चित रूप से हो जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता और कुबेर देव को धन का अधिपति माना गया है। यदि आप भी लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं या मेहनत का पूरा फल नहीं मिल रहा है, तो समझ लीजिए कि आपके कुंडली में शनि और कुबेर के बीच का तालमेल बिगड़ा हुआ है। शनि देव आपके कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं, जबकि कुबेर देव आपकी तिजोरी भरने का काम करते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपकी जन्मतिथि (Date of Birth) में ही आपकी आर्थिक सफलता का राज छिपा है? अगर आप सही समय पर सही उपाय कर लें, तो शनि की कृपा से आपके कर्म निखर जाएंगे और कुबेर देव आपकी तिजोरी को धन-धान्य से भर देंगे।शनि-कुबेर का गणित: कर्म और धन का गहरा कनेक्शनशनि देव न्याय के देवता हैं, वे अनुशासन और मेहनत को पसंद करते हैं। वहीं कुबेर देव की कृपा पाने के लिए व्यक्ति का ईमानदार होना और कर्मठ होना अनिवार्य है। यदि आपकी जन्मतिथि का अंक शनि के प्रभाव (जैसे 8, 17, 26) में आता है, तो आपको विशेष रूप से अनुशासन का पालन करना होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जिस जातक की कुंडली में शनि और कुबेर का सीधा संबंध बनता है, उसे अचानक धन लाभ और पैतृक संपत्ति मिलने के योग प्रबल हो जाते हैं। इसके लिए बस जरूरत है अपनी जन्मतिथि के आधार पर अपनी राशि के अनुकूल सटीक उपायों को करने की, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे और रुके हुए काम तेजी से पूरे हों।धनवान बनने के अचूक और सरल उपायअपनी जन्मतिथि से जुड़े अंक के आधार पर शनि और कुबेर को प्रसन्न करना बहुत सरल है। यदि आप शनिवार के दिन शनि देव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाकर 'ओम शं शनैश्चराय नमः' का जाप करते हैं, तो शनि देव आपके मार्ग की बाधाओं को दूर करते हैं। इसके बाद, कुबेर देव की कृपा पाने के लिए उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित करें और नियमित रूप से वहां अक्षत और पुष्प अर्पित करें। इसके अतिरिक्त, अपनी जन्मतिथि का शुभ अंक जानकर उस दिन किसी जरूरतमंद को दान देना, आपके भाग्य के बंद दरवाजे खोलने की चाबी साबित हो सकता है। ध्यान रहे, इन उपायों को पूरी श्रद्धा के साथ करने से कुछ ही दिनों में आपके जीवन में आर्थिक बदलाव महसूस होने लगेंगे।
ई-रिक्शा को दूर से रोकने वाले दो चीनी ऐप्स अब बंद होंगे। केंद्र सरकार ने BAT-BMS नाम के इन ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने का आदेश दे दिया है। पिछले कुछ दिनों से इन ऐप्स को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा का बाजार गर्म था।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आज जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचना किसी के लिए भी सपना हो सकता है, लेकिन इस सफलता के पीछे उनका सालों का कड़ा संघर्ष और अनुशासन छिपा है। हाल ही में बिग बी ने अपने शुरुआती करियर के उन दिनों को याद किया जब वे एक साथ 10-15 फिल्मों में काम करते थे। उन्होंने बताया कि उस दौर में उनके मन में हमेशा एक डर बना रहता था कि कहीं यह काम हाथ से निकल न जाए और भविष्य में उन्हें काम मिलना बंद न हो जाए। इसी असुरक्षा की भावना ने उन्हें इतनी मेहनत करने पर मजबूर किया कि वे कभी रुकना नहीं जानते थे। अपनी बात रखते हुए उन्होंने मौजूदा पीढ़ी के अभिनेताओं के काम करने के तरीके पर भी एक बड़ी टिप्पणी की है।असुरक्षा का डर और सफलता की सीढ़ीअमिताभ बच्चन के अनुसार, उनके समय में काम की तलाश बेहद मुश्किल थी और हर फिल्म एक नए अवसर जैसी होती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का हमेशा डर सताता था कि अगर उन्होंने आज लापरवाही बरती, तो शायद कल उन्हें कोई काम न मिले। यही कारण था कि वे अपनी एनर्जी को बचाने के बजाय काम में झोंक देते थे, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी निजी जिंदगी और सेहत के साथ समझौता क्यों न करना पड़ा हो। उन्होंने साझा किया कि एक समय ऐसा था जब उनके पास फिल्मों की इतनी लंबी कतार थी कि उन्हें दिन-रात काम करना पड़ता था। वह दौर उन्हें आज भी एक ऐसी सीख देता है कि करियर की शुरुआत में कभी भी 'आराम' को प्राथमिकता नहीं देनी चाहिए।आज के एक्टर्स और काम का नया नजरियामौजूदा दौर के एक्टर्स के काम करने के तरीके पर टिप्पणी करते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा कि आज की पीढ़ी बहुत अधिक 'प्लान्ड' (योजनाबद्ध) है, जो अच्छी बात है लेकिन कभी-कभी वे काम की उस व्यापकता को खो देते हैं जो सालों के अनुभव से आती है। उन्होंने संकेत दिया कि आज के कलाकार फिल्मों के चयन में बहुत अधिक सतर्क हैं और वे हर काम को एक प्रोजेक्ट की तरह देखते हैं। बिग बी ने सलाह दी कि अभिनेता को हमेशा एक छात्र की तरह सीखना चाहिए और किसी भी भूमिका को छोटा नहीं समझना चाहिए। उनका यह अनुभव न केवल नए कलाकारों के लिए एक सबक है, बल्कि यह भी बताता है कि सिनेमा जगत में टिके रहने के लिए 'काम के प्रति जुनून' और 'असुरक्षा का डर' दोनों का सही संतुलन होना बेहद जरूरी है।
बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गदर' की शूटिंग के दौरान का एक पुराना किस्सा आज भी फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उस वक्त जब फिल्म की शूटिंग जोरों पर थी, अभिनेत्री अमीषा पटेल (सकीना) के प्रति लोगों की दीवानगी इस कदर थी कि एक मौके पर बॉबी देओल को ही प्रशंसकों के गुस्से का सामना करना पड़ गया। दरअसल, सेट पर अमीषा को देखते ही फैंस बेकाबू हो गए और उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया। भीड़ में से किसी ने बॉबी देओल को सीधे ललकारते हुए कहा, 'ये तेरे भाई की अमानत है, इसे छूना भी मत!' यह वाकया न केवल हैरान करने वाला था, बल्कि यह भी दिखाता है कि 'सकीना' का किरदार दर्शकों के दिलों में किस कदर बसा हुआ था।सेट पर मच गई थी अफरा-तफरीउस दौर में 'गदर: एक प्रेम कथा' की लोकप्रियता किसी सुनामी से कम नहीं थी। जब भी फिल्म की स्टारकास्ट शूटिंग के लिए बाहर निकलती, हजारों की संख्या में फैंस उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ते थे। शूटिंग के दौरान का यह किस्सा तब हुआ जब बॉबी देओल वहां किसी काम से मौजूद थे। फैंस का 'सकीना' के लिए इतना गहरा जुड़ाव था कि वे रील लाइफ की कहानी को हकीकत मान बैठे थे। बॉबी देओल के लिए यह अनुभव काफी अजीब था, क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि एक फिल्म के किरदार को लेकर लोग इतने ज्यादा भावुक और रक्षात्मक कैसे हो सकते हैं।किरदार की सादगी और फैंस का प्यारअमीषा पटेल ने 'सकीना' के किरदार में जो सादगी और मासूमियत बिखेरी थी, उसने पूरे देश को अपना दीवाना बना लिया था। यह घटना साबित करती है कि भारतीय दर्शकों के लिए फिल्में केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनाएं होती हैं। प्रशंसकों का यह 'भाई की अमानत' वाला बयान आज भी इंटरनेट पर फैंस को पुरानी यादों में ले जाता है। हालांकि, बॉबी देओल ने इस पूरे वाकये को बहुत ही खेल भावना और सहजता के साथ लिया था। आज वर्षों बाद भी, जब इस कहानी का जिक्र होता है, तो फैंस की वह दीवानगी और 'गदर' के प्रति उनका प्यार सभी को उस सुनहरे दौर की याद दिला देता है।
आमिर खान की तीसरी शादी की अफवाहों पर विक्की कौशल का ऐसा रिएक्शन देख चौंक गए फैंस
बॉलीवुड गलियारों में इन दिनों मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की तीसरी शादी की खबरों ने खलबली मचा रखी है। सोशल मीडिया पर इन चर्चाओं ने तब और जोर पकड़ लिया जब एक इवेंट के दौरान एक्टर विक्की कौशल को इस खबर के बारे में पता चला। आमिर खान की शादी को लेकर फैली इन खबरों पर विक्की कौशल का जो रिएक्शन सामने आया, उसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विक्की का हैरान चेहरा और उनका अंदाज देख फैंस भी अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं और यह वीडियो इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।क्या वाकई शादी के बंधन में बंधने वाले हैं आमिर?आमिर खान की निजी जिंदगी को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर कयास लगाए जाते रहे हैं। हालांकि, इन वायरल हो रही खबरों में कितनी सच्चाई है, इसका खुलासा अभी तक न तो आमिर खान की ओर से और न ही उनकी टीम की तरफ से किया गया है। विक्की कौशल के इस रिएक्शन के बाद से ही फैंस के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वाकई बॉलीवुड में कोई बड़ा ऐलान होने वाला है। विक्की कौशल का रिएक्शन काफी स्वाभाविक था, जिसे देखकर लग रहा है कि उन्होंने भी पहली बार इस चर्चा के बारे में सुना और वे भी इस खबर की गंभीरता को देख दंग रह गए।सोशल मीडिया पर फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रियाइस वीडियो के वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में फैंस की बाढ़ सी आ गई है। जहां कुछ लोग इसे महज एक अफवाह मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग एक्टर की निजी जिंदगी को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। विक्की कौशल के फैनबेस ने भी इस वीडियो को काफी पसंद किया है और उनकी सादगी भरे रिएक्शन की तारीफ की है। फिलहाल यह वीडियो ट्रेंडिंग लिस्ट में बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि क्या आमिर खान इन खबरों पर खुद अपनी चुप्पी तोड़ते हैं या फिर इन अफवाहों का दौर इसी तरह जारी रहता है।
रिजल्ट आते ही शुरू होगा मेडिकल कॉलेज का सफर, जानिए काउंसलिंग में सिलेक्शन पाने की पूरी प्रक्रिया
नीट यूजी (NEET UG 2026) का रिजल्ट जारी होते ही देश भर के लाखों छात्रों की नजरें मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया पर टिक जाएंगी। नीट की परीक्षा पास करना तो केवल पहली सीढ़ी है, लेकिन असली चुनौती तो अब शुरू होगी—'काउंसलिंग'। एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) की प्रतिष्ठित सीटों के लिए काउंसलिंग का दौर बेहद महत्वपूर्ण होता है, जहां छोटी सी चूक भी आपके सपनों के कॉलेज में दाखिले का रास्ता रोक सकती है। जैसे ही स्कोरकार्ड आपके हाथों में होगा, काउंसलिंग का पोर्टल खुल जाएगा, इसलिए आपको पहले से ही अपनी पूरी तैयारी और रणनीति तैयार रखनी होगी।ऐसे काम करती है नीट काउंसलिंग की पूरी प्रणालीनीट काउंसलिंग मुख्य रूप से दो स्तरों पर होती है: ऑल इंडिया कोटा (AIQ - 15%) और स्टेट कोटा (85%)। एमसीसी (MCC) द्वारा आयोजित ऑल इंडिया काउंसलिंग में भाग लेने के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जहां आप अपनी पसंद के कॉलेजों और कोर्सों को प्राथमिकता के आधार पर चुनते हैं। वहीं, स्टेट कोटा के लिए आपको संबंधित राज्य की मेडिकल काउंसलिंग की वेबसाइट पर अलग से पंजीकरण करना अनिवार्य है। कॉलेज अलॉटमेंट पूरी तरह से आपकी नीट रैंक, कैटेगरी और सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करता है, इसलिए चॉइस फिलिंग के दौरान बहुत सावधानी बरतें।काउंसलिंग में सफलता पाने के लिए जरूरी टिप्सएडमिशन पक्का करने के लिए केवल अच्छे अंक ही काफी नहीं, बल्कि सही काउंसलिंग रणनीति भी जरूरी है। सबसे पहले अपने सभी दस्तावेज जैसे—नीट एडमिट कार्ड, स्कोरकार्ड, कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र और पहचान पत्र तैयार रखें। कॉलेज चुनते समय केवल टॉप कॉलेजों के नाम ही न भरें, बल्कि अपने रैंक के अनुसार उन कॉलेजों की लिस्ट भी तैयार रखें जहाँ पिछले सालों में कट-ऑफ आपके स्कोर के दायरे में रही हो। काउंसलिंग के दौरान हर राउंड की तारीखों और दिशा-निर्देशों पर पैनी नजर रखें। याद रखें, रजिस्ट्रेशन से लेकर कॉलेज रिपोर्टिंग तक की हर प्रक्रिया समयबद्ध होती है, इसलिए किसी भी स्टेप को अंतिम समय के लिए न छोड़ें।
उम्र सिर्फ एक नंबर है और सीखने की कोई सीमा नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है 75 साल के मिल्खी राम ने। आज की युवा पीढ़ी जहां पढ़ाई के नाम पर अक्सर थक जाती है, वहीं मिल्खी राम का जुनून किसी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। उन्होंने अब तक एक-दो नहीं, बल्कि कुल 32 डिग्रियां हासिल की हैं, जिनमें पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा भी शामिल है। लेकिन उनका सफर यहीं खत्म नहीं हुआ। शिक्षा के प्रति अपनी अटूट भूख को शांत करने के लिए उन्होंने फिर से कलम उठाई है और इस बार वे इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) से 'आचार्य' (मास्टर डिग्री) की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। उनकी यह कहानी साबित करती है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो हर मंजिल छोटी पड़ जाती है।डिग्रियों का शतक लगाने की तैयारीमिल्खी राम का नाम अब शैक्षणिक जगत में एक मिसाल बन चुका है। इतनी डिग्रियां लेने के बाद भी उनका उत्साह किसी नए छात्र से कम नहीं है। उनके करीबियों का कहना है कि वे हमेशा नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने में यकीन रखते हैं। मिल्खी राम की माने तो शिक्षा केवल करियर बनाने का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व को निखारने का एक निरंतर चलने वाला सफर है। इग्नू में उनके सहपाठी और शिक्षक भी उनके समर्पण को देखकर हैरान रह जाते हैं। एक बुजुर्ग व्यक्ति को लाइब्रेरी और कक्षाओं में मेहनत करते देख हर कोई उनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाता। उनका अगला लक्ष्य क्या है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि वे अभी रुकने वाले नहीं हैं।युवाओं के लिए एक जीता-जागता उदाहरणआज के दौर में जब छात्र बहुत जल्दी तनाव और हताशा का शिकार हो जाते हैं, मिल्खी राम का जीवन हमें सिखाता है कि सीखने का जुनून ही आपको उम्र के हर पड़ाव पर जवान बनाए रख सकता है। उन्होंने समाज के उस रूढ़िवादी ढांचे को तोड़ा है, जिसमें माना जाता था कि रिटायरमेंट के बाद जीवन का एक ही पड़ाव शेष रहता है। मिल्खी राम न केवल खुद पढ़ रहे हैं, बल्कि अपने क्षेत्र के अन्य बुजुर्गों को भी शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका यह जज्बा न केवल शैक्षिक उपलब्धियों का उदाहरण है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच का भी एक बड़ा प्रमाण है। उनकी यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि सपनों को पूरा करने की कोई समय सीमा नहीं होती।
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो गया है। प्रदेश की सबसे हाईप्रोफइल सीट माने जाने वाली दतिया में 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए ...
पीएम मोदी का राजस्थान-गुजरात दौरा: 4 जुलाई को 1 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान और गुजरात के दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी दोनों राज्यों को विकास की एक बड़ी सौगात देने वाले हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस दौरे में करीब 1 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। यह दौरा बुनियादी ढांचे के विकास, कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राजस्थान और गुजरात की जनता के लिए यह दिन कई मायनों में ऐतिहासिक साबित होने वाला है, क्योंकि इन परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर और क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा।राजस्थान में विकास की नई इबारतप्रधानमंत्री के राजस्थान दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। राज्य में जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, वे मुख्य रूप से सड़क नेटवर्क, जल प्रबंधन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी हैं। पीएम मोदी का यह दौरा न केवल राज्य की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को भी नई रफ्तार देगा। राज्य के लोगों को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से लंबे समय से अटके विकास कार्य तेजी से पूरे होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को संजीवनी मिलेगी।गुजरात को मिलेगा ऊर्जा और बुनियादी ढांचे का तोहफागुजरात में प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के दौरान कई बड़े औद्योगिक और ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें ग्रीन एनर्जी और पोर्ट कनेक्टिविटी से जुड़ी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। गुजरात का बुनियादी ढांचा हमेशा से देश के लिए एक मॉडल रहा है और पीएम मोदी की यह यात्रा इस मॉडल को और अधिक आधुनिक बनाने पर केंद्रित होगी। 1 लाख करोड़ रुपये की कुल सौगात में बड़ा हिस्सा गुजरात के औद्योगिक विस्तार को समर्पित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल राज्य के विकास को गति मिलेगी, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत के विकास लक्ष्यों को पूरा करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
सोनम रघुवंशी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी ने कानूनी गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब कोर्ट के समक्ष केतन और सिया के नाम का जिक्र हुआ। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर कोर्ट में इन नामों का कनेक्शन क्या है और इसके बावजूद सर्वोच्च अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को खारिज क्यों नहीं किया? न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद कोर्ट का यह रुख कानून के जानकारों के लिए भी समझने योग्य रहा है।कोर्ट में क्यों उछला केतन-सिया का नाम?सुनवाई के दौरान जब यह मामला सामने आया, तो केतन और सिया के नामों का जिक्र केस की कड़ियों को जोड़ने के उद्देश्य से किया गया था। इस नाम के उल्लेख का मकसद केस में किसी तीसरे पक्ष या साजिश की संभावना को टटोलना था। हालांकि, कोर्ट ने इस नाम के उल्लेख को पूरी तरह से ठोस सबूत के बजाय परिस्थितियों के एक हिस्से के रूप में देखा। कानूनी जानकारों का मानना है कि अदालत का ध्यान इस बात पर केंद्रित था कि क्या आरोपी का इन नामों से जुड़ाव इतना पर्याप्त है कि उसे जमानत से वंचित किया जाए या नहीं।सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी जमानत?सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत खारिज करने के लिए केवल किसी नाम का उल्लेख पर्याप्त आधार नहीं है। अदालत ने मामले की गंभीरता और अब तक हुई जांच की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। जमानत को खारिज न करने के पीछे मुख्य तर्क यह था कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ ऐसे निर्णायक सबूत पेश नहीं कर पाया जो यह सिद्ध कर सकें कि आरोपी के बाहर रहने से जांच प्रभावित होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि न्याय का सिद्धांत केवल आरोपों पर नहीं, बल्कि साक्ष्यों की मजबूती पर आधारित होता है।
शेयर बाजार में तूफानी तेजी! सेंसेक्स 500 अंक उछला, निफ्टी ने 24,350 का आंकड़ा किया पार
भारतीय शेयर बाजार में आज शुक्रवार को जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार ने शानदार बढ़त के साथ शुरुआत की और पूरे दिन तेजी का सिलसिला कायम रखा। सेंसेक्स में 500 अंकों से अधिक की उछाल दर्ज की गई है, जबकि निफ्टी भी 24,350 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल है और बाजार के सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जो भारतीय बाजारों के प्रति मजबूत सेंटिमेंट को दर्शाता है।आईटी और मेटल सेक्टर की रही चांदीआज की इस तेजी के पीछे आईटी (IT) और मेटल (Metal) सेक्टर का बड़ा हाथ है। आईटी कंपनियों के शेयरों में चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है, जिससे इस सेक्टर के इंडेक्स में अच्छी बढ़त बनी हुई है। वहीं, मेटल शेयरों में भी वैश्विक और घरेलू मांग की उम्मीदों के चलते निवेशकों ने जमकर दांव लगाया है। जानकारों का मानना है कि सेक्टर-विशिष्ट तेजी ने बाजार को सहारा दिया है, जिससे निफ्टी को नई ऊंचाई पर पहुंचने में मदद मिली है। चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी ने बाजार के मूड को और बेहतर बना दिया है।बाजार की अगली चाल क्या होगी?बाजार में जारी इस रौनक को देखते हुए विश्लेषक इसे सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। निफ्टी का 24,350 के स्तर के ऊपर टिकना यह बताता है कि आने वाले दिनों में बाजार में और भी खरीदारी देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को अब आने वाले तिमाही नतीजों और ग्लोबल संकेतों पर नजर रखनी होगी। बाजार की मौजूदा चाल से यह स्पष्ट है कि निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम आ रही है। यदि बाजार इस स्तर को बनाए रखता है, तो आगामी सत्रों में नए रिकॉर्ड देखने को मिल सकते हैं।
राजा रघुवंशी मर्डर केस: सोनम को फिलहाल राहत, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रोक लगाने से किया इनकार
राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया। जानिए अदालत की टिप्पणी, मेघालय सरकार की दलील और पूरे मामले का अपडेट।
अडानी के QIP पर निवेशकों का बड़ा दांव, मांग देख कंपनी ने 15,000 करोड़ तक बढ़ाया इश्यू साइज
अडानी ग्रुप की कंपनियों में निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूती से नजर आया है। हाल ही में आए क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) को लेकर बाजार में गजब का उत्साह देखने को मिला। खबर है कि इस इश्यू के लिए निवेशकों की ओर से इतनी जबरदस्त मांग आई कि कंपनी को अपना इश्यू साइज बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपये करना पड़ा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह निवेशकों की तरफ से अडानी ग्रुप की भविष्य की योजनाओं पर दिखाई गई बड़ी मुहर है।निवेशकों के बीच मची होड़, 3.8 गुना सब्सक्रिप्शनअडानी ग्रुप के इस QIP के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू होते ही संस्थागत निवेशकों ने जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इश्यू को कुल मिलाकर 3.8 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया। निवेशकों की भारी मांग को देखते हुए कंपनी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और इश्यू साइज को बढ़ा दिया। यह रिस्पांस दर्शाता है कि मौजूदा बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद बड़े निवेशकों का ग्रुप के प्रति नजरिया काफी सकारात्मक बना हुआ है।विस्तार की योजनाओं को मिलेगी नई गतिइश्यू साइज बढ़ाए जाने के बाद अब अडानी ग्रुप के पास अपने आगामी इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए अधिक पूंजी उपलब्ध होगी। जुटाई गई इस भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को कम करने और भविष्य के विस्तार के लिए करने वाली है। जानकारों का कहना है कि यह पूंजी निवेश न केवल बैलेंस शीट को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर ग्रुप की प्रतिस्पर्धी क्षमता में भी इजाफा करेगा। अडानी ग्रुप की इस सफलता को बाजार में अन्य कंपनियों के लिए एक बड़े संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
भारत में सर्विस सेक्टर की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI
देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंताजनक संकेत सामने आया है। भारत के सेवा क्षेत्र (Service Sector) की गतिविधियों में जून महीने के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, इंडिया सर्विस पीएमआई (India Services PMI) 17 महीनों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण घरेलू मांग में आई सुस्ती को माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मांग घटने से सर्विस सेक्टर की कंपनियों की ग्रोथ पर सीधा असर पड़ा है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।मांग में नरमी और कारोबार पर दबावजून महीने में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में यह गिरावट उस वक्त दर्ज की गई है, जब बाजार को काफी उम्मीदें थीं। पीएमआई के आंकड़े बताते हैं कि नए ऑर्डर्स में कमी के चलते कंपनियों ने अपने विस्तार की योजनाओं को फिलहाल के लिए धीमा कर दिया है। घरेलू बाजार में ग्राहकों की तरफ से मांग में आई कमी ने सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं। हालांकि, कंपनियां अब भी लागत में हो रही वृद्धि और प्रतिस्पर्धी माहौल के बीच अपने मार्जिन को बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई हैं।भविष्य पर क्या है विशेषज्ञों की रायअर्थशास्त्रियों का मानना है कि सेवा क्षेत्र में यह नरमी अल्पकालिक हो सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर आने वाले महीनों में घरेलू मांग में सुधार नहीं होता है, तो इसका असर रोजगार दर और कंपनियों की भर्ती योजनाओं पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, बाजार की नजरें आरबीआई की मौद्रिक नीति और आने वाले तिमाही नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि सर्विस सेक्टर कब तक अपनी पुरानी रफ्तार हासिल कर पाएगा।
बेंगलुरु डे-केयर केस में पहली गिरफ्तारी, मासूमों को टॉर्चर करने वाली महिला को पुलिस ने पकड़ा
यह मामला बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड इलाके में स्थित 'सोसाइटी जनरल बेबी केयर सेंटर' का है, जो कैपजेमिनी के एचएएल परिसर में संचालित होता है। आरोप है कि यहां दो से तीन वर्ष तक के बच्चों को अनुशासन के नाम पर प्रताड़ित किया जाता था।
अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, कहा-बिना एडवांस पंजीकरण न आएं
जम्मू-कश्मीर के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने श्री अमरनाथ यात्रा-2026 को लेकर श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। विभाग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अमरनाथ यात्रा मार्ग पर प्रतिदिन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या निर्धारित की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा के सुचारु संचालन के लिए इस निर्धारित सीमा का पालन करना अनिवार्य है।
पहलगाम और बालटाल के लिए अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए निकला। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ...
उत्तर प्रदेश में सुशासन, जवाबदेह शासन प्रणाली और लोकसेवा (Public Service) की गुणवत्ता को एक बिल्कुल नए मुकाम पर ले जाने के लिए योगी सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को नवाबों के शहर लखनऊ में ₹464 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम लागत से बनकर तैयार हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAAM/UPAM) के अत्याधुनिक नवीन परिसर का भव्य लोकार्पण करेंगे.कुल 22.5 एकड़ के विशाल भूभाग में फैला यह भव्य परिसर राज्य की सात दशक से भी अधिक पुरानी प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था (Administrative Training System) का कायाकल्प कर देगा. वैश्विक और आधुनिक मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया यह सेंटर राज्य के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और भविष्योन्मुखी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा.एक नजर में: क्या है नए परिसर की भव्यता?अकादमी के महानिदेशक एम. देवराज के मुताबिक, इस नए कैंपस को सिर्फ एक सरकारी इमारत नहीं, बल्कि देश के सबसे बेहतरीन 'नॉलेज हब' के रूप में तैयार किया गया है:क्षेत्रफल और लागत: यह नया परिसर सुल्तानपुर रोड (चकगंजरिया सिटी) के पास जी.जी.सी.टी. इलाके में 22.5 एकड़ के हरित क्षेत्र में फैला है, जिसकी कुल निर्माण लागत ₹464 करोड़ से ज्यादा है.बड़ी क्षमता: अकादमी में एक साथ करीब 1,200 प्रशिक्षणार्थियों (Trainees) को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ उच्च स्तरीय ट्रेनिंग देने की क्षमता विकसित की गई है.विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर: परिसर में राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित करने के लिए हाई-टेक डिजिटल ऑडिटोरियम और स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं.मिशन कर्मयोगी को मिलेगी रफ्तार: इस आधुनिक परिसर के लाइव होने से केंद्र सरकार के 'मिशन कर्मयोगी' प्लेटफॉर्म पर यूपी के सरकारी कर्मचारियों की ऑनबोर्डिंग और ऑनलाइन कोर्स कम्प्लीशन जैसे डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को एक नई और अभूतपूर्व गति मिलेगी.तकनीक-सक्षम शिक्षण और समकालीन विषयों पर रहेगा फोकसइस विश्वस्तरीय संस्थान में केवल पारंपरिक प्रशासनिक नियम ही नहीं पढ़ाए जाएंगे, बल्कि आज के डिजिटल युग की प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया गया है. अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्य रूप से इन समकालीन विषयों (Contemporary Issues) पर प्रशिक्षित किया जाएगा:डिजिटल गवर्नेंस (E-Governance): सरकारी कामकाज को पेपरलेस और पूरी तरह ऑनलाइन बनाने की आधुनिक तकनीक.नीति क्रियान्वयन (Policy Implementation): सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भ्रष्टाचार के समाज के आखिरी व्यक्ति तक तेजी से कैसे पहुंचे.नेतृत्व विकास (Leadership Development) और नवाचार: विषम परिस्थितियों में तुरंत सही फैसले लेने की कला और प्रशासन में नए आविष्कारों का प्रयोग.नागरिक-केंद्रित संवेदनशीलता: जनता की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निपटारा करना और जनसेवा के प्रति जवाबदेह रहना.हरित परिसर और वर्ल्ड-क्लास आवासीय सुविधाएंप्रशिक्षण लेने आने वाले प्रदेश के आईएएस (IAS), पीसीएस (PCS) और अन्य राजपत्रित अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए परिसर के भीतर ही फाइव-स्टार रेटिंग जैसी आवासीय सुविधाएं (Residential Facilities) विकसित की गई हैं. पूरा कैंपस पूरी तरह इको-फ्रेंडली, प्लास्टिक-मुक्त और हरित ऊर्जा (Green Energy) पर आधारित है. सुरक्षित और सुव्यवस्थित शांत वातावरण के बीच यहां कंप्यूटर लैब्स, डिजिटल लाइब्रेरी और उन्नत ज्ञान संसाधनों (Advanced Learning Tools) का एक मजबूत जाल बिछाया गया है.यह ऐतिहासिक संस्थान आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप एक ऐसा दक्ष, संवेदनशील और लोक कल्याण के प्रति समर्पित प्रशासनिक नेतृत्व प्रदान करेगा, जो 'विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को सच करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा.
इस्लामिक दर्शन और सूफी तालीम के मुताबिक, इंसान इस खूबसूरत जमीन का मालिक नहीं, बल्कि खुदा की तरफ से भेजा गया एक 'अमीन' यानी अमानतदार है. पवित्र कुरआन हमेशा इंसाफ करने, संसाधनों की फिजूलखर्ची से बचने और धरती पर किसी भी तरह का फसाद या बिगाड़ न फैलाने की सख्त तालीम देता है. इसी दार्शनिक और अखलाकी (नैतिक) नजरिए से अगर देखा जाए, तो जब भी कोई सरकारी नीति पानी, खेती, पर्यावरण और एक अदने से आम आदमी की जिंदगी पर कोई दूरगामी असर डालती है, तो उस पर स्वस्थ जम्हूरी (लोकतांत्रिक) बहस करना बेहद जरूरी हो जाता है.इसी संदर्भ में देश के मौजूदा फ्यूल सिस्टम में लागू हो रहे E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल मिश्रण) नीति पर गहराई से गौर करने की आवश्यकता है. केंद्र सरकार का तर्क है कि इस कदम से कच्चे तेल का आयात घटेगा, भारी विदेशी मुद्रा की बचत होगी, किसानों की आमदनी बढ़ेगी और पर्यावरण को फायदा होगा. सरकार के ये मकसद यकीनन बेहद नेक हैं, लेकिन देश के नीतिगत और वैज्ञानिक गलियारों में इस बात को लेकर एक गंभीर बहस छिड़ गई है कि क्या इस मुकाम को हासिल करने का यही सबसे सही और टिकाऊ रास्ता है?1. पानी का महा-संकट: क्या ईंधन के लिए 'भूजल' की बलि चढ़ाना सही है?E20 पॉलिसी के सामने सबसे पहला और सबसे बुनियादी सवाल देश के जल संसाधनों का है. भारत आज इतिहास के सबसे गंभीर जल संकट (Water Crisis) के दौर से गुजर रहा है. भारत में उत्पादित होने वाले एथेनॉल का एक बहुत बड़ा हिस्सा गन्ने (Sugarcane) और मक्के जैसी फसलों के जरिए तैयार किया जाता है.कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, गन्ना एक ऐसी नकदी फसल है जिसे उगाने में बेहिसाब पानी की जरूरत होती है. जब देश के कई प्रमुख कृषि प्रधान राज्यों में भूजल (Groundwater) का स्तर लगातार खतरनाक ढंग से नीचे जा रहा हो, तब गाड़ियों को दौड़ाने वाले ईंधन को तैयार करने के लिए पानी की इतनी बड़ी मात्रा को झोंक देना कहाँ तक मुनासिब है? एक तरफ सरकार आम जनता से पानी की हर एक बूंद बचाने की अपील करती है, वहीं दूसरी तरफ उसी पानी का इस्तेमाल ईंधन बनाने में हो रहा है— यह एक बड़ा नीतिगत विरोधाभास (Tazad) है.2. 'फूड बनाम फ्यूल' की जंग और घटता माइलेजआम उपभोक्ता की जेब पर असर: एथेनॉल की आंतरिक ऊर्जा क्षमता (Energy Density) शुद्ध पेट्रोल के मुकाबले काफी कम होती है. यही वजह है कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ मानते हैं कि E20 ईंधन का इस्तेमाल करने पर गाड़ियों के माइलेज में कमी आ सकती है. यदि पेट्रोल के दाम जस के तस रहें और आपकी गाड़ी का माइलेज घट जाए, तो आखिरकार इस महंगाई का सीधा बोझ आम उपभोक्ता की जेब पर ही पड़ेगा.थाली या गाड़ियों का टैंक?: इससे भी बड़ा संकट फूड बनाम फ्यूल (भोजन बनाम ईंधन) का है. जब अनाज, मक्का और गन्ने का एक बड़ा हिस्सा इंसानों के पेट के बजाय गाड़ियों के फ्यूल टैंक में जाने लगेगा, तो खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजिमी है. भारत जैसे विशाल देश में, जहाँ आज भी एक बहुत बड़ी आबादी सरकारी राशन और सस्ती खाद्य व्यवस्था पर निर्भर है, वहाँ इस संवेदनशील पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.3. करोड़ों पुराने वाहनों की तकनीकी चुनौतियांभारत की सड़कों पर आज भी करोड़ों की तादाद में ऐसे पुराने दोपहिया (Bikes) और चारपहिया (Cars) वाहन दौड़ रहे हैं, जिन्हें E20 या उससे अधिक एथेनॉल मिश्रण के हिसाब से डिजाइन ही नहीं किया गया था. ऑटोमोबाइल दिग्गजों और मैकेनिकल इंजीनियर्स का कहना है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 10% से ज्यादा होने पर पुरानी गाड़ियों की रबर सील, फ्यूल लाइन्स, कार्ब्युरेटर और कुछ खास प्लास्टिक पुर्जों में जंग लगने या उनके गलने का खतरा बढ़ जाता है. अगर भविष्य में सामान्य पेट्रोल मिलना पूरी तरह बंद हो जाए, तो इन करोड़ों पुरानी गाड़ियों के मालिकों के सामने एक बड़ा तकनीकी और आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा.4. पर्यावरण का असली सच: वेल-टू-व्हील (Well-to-Wheel) एनालिसिस정부 (सरकार) का दावा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों से निकलने वाले हानिकारक कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो कि आंशिक रूप से सच भी है. लेकिन वैज्ञानिक समुदाय का कहना है कि हमें सिर्फ गाड़ी के साइलेंसर से निकलने वाले धुएं को नहीं देखना चाहिए.हमें पूरी प्रक्रिया का मूल्यांकन 'वेल-टू-व्हील' (कुएं से लेकर पहिए तक) के आधार पर करना होगा. यानी गन्ना उगाने, उसकी सिंचाई करने, रासायनिक खाद डालने, फसल को चीनी मिलों तक ढोने और फिर डिस्टिलरी में एथेनॉल तैयार करने में जो भारी मात्रा में बिजली, डीजल और कोयला जलता है, उसका कुल कार्बन फुटप्रिंट भी जोड़ा जाना चाहिए. खुद नीति आयोग की 2021 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पारंपरिक ईंधन के मुकाबले E20 का कुल ग्रीनहाउस गैस (GHG) फायदा सिर्फ 18% के आसपास ही बैठता है, न कि 50% जैसा कि अक्सर विज्ञापनों में प्रचारित किया जाता है.5. वैश्विक विकल्प और टिकाऊ तरक्की का रास्ताजर्मनी और कई यूरोपीय मुल्कों ने जब अपने यहाँ एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लॉन्च किया, तो उन्होंने आम उपभोक्ताओं से उनके चुनाव का हक नहीं छीना. वहाँ आज भी पुरानी और नई गाड़ियों की आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग फ्यूल डिस्पेंसर (विकल्प) पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध हैं. भारत में भी अगर संक्रमण काल (Transition Period) के दौरान E20 के साथ-साथ कम मिश्रण वाला ईंधन (जैसे E10 या शुद्ध पेट्रोल) पर्याप्त मात्रा में मिलता रहे, तो जनता बेबस महसूस नहीं करेगी.दुनिया की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाएं आज सिर्फ एथेनॉल पर निर्भर नहीं हैं. वे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), ग्रीन हाइड्रोजन, मजबूत सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों और सेकंड जनरेशन (2G) बायोफ्यूल (जो फसल के बचे हुए कचरे या पराली से बनता है) पर तेजी से काम कर रही हैं. किसी भी एक तकनीक को अंतिम और इकलौता हल मान लेना दूरअंदेशी नहीं है.
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में हर साल सैकड़ों खूबसूरत हसीनाएं टॉप स्टार बनने का हसीन सपना लेकर मुंबई नगरी कदम रखती हैं. लेकिन इनमें से कुछ ही अभिनेत्रियां सफलता के शिखर तक पहुंच पाती हैं, जबकि कुछ का करियर बुलंदियों को छूने से पहले ही किसी एक अनचाहे मोड़ पर आकर बिखर जाता है. आज हम बात कर रहे हैं 45 वर्षीय बंगाली मूल की एक ऐसी ही बोल्ड एक्ट्रेस के बारे में, जिनका पूरा फिल्मी करियर और पब्लिक इमेज सिर्फ एक कथित वीडियो क्लिप लीक होने की वजह से पूरी तरह तहस-नहस हो गई.2005 का वो विवाद: जब इंटरनेट पर वायरल हुआ देश का पहला बड़ा MMSआज के समय में सोशल मीडिया पर आए दिन किसी न किसी सेलिब्रिटी के वीडियो और तस्वीरें वायरल होना एक आम बात बन चुका है. लेकिन आज से ठीक दो दशक पहले जब देश में इंटरनेट अपनी शुरुआती स्टेज में था और 'वायरल कंटेंट कल्चर' पैर पसार ही रहा था, तब इस 45 वर्षीय एक्ट्रेस का एक बेहद निजी वीडियो इंटरनेट पर लीक हो गया था.साल 2005 में सामने आई इस एक एमएमएस (MMS) क्लिप ने समूची एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और देश के गॉसिप कॉलम्स में भूचाल ला दिया था. यह वीडियो क्लिप कथित तौर पर उस दौर के उभरते हुए बॉलीवुड एक्टर अश्मित पटेल और इस बंगाली सुंदरी का बताया गया. इस एक घटना ने उस समय की एक बेहद होनहार और तेजी से उभर रही एक्ट्रेस को रातों-रात सिर्फ और सिर्फ एक विवादित चेहरा बनाकर छोड़ दिया. सस्पेंस को खत्म करते हुए आपको बता दें कि हम बात कर रहे हैं बंगाल के बेहद संभ्रांत और शाही घराने से ताल्लुक रखने वाली एक्ट्रेस रिया सेन (Riya Sen) की.बंगाल के दिग्गज फिल्मी घराने से है गहरा ताल्लुकरिया सेन को एक्टिंग और खूबसूरती विरासत में मिली थी. वे बंगाल की मशहूर और बेहद ग्लैमरस एक्ट्रेस मून मून सेन की बेटी हैं और भारतीय सिनेमा की सबसे दिग्गज व सदाबहार अदाकारा सुचित्रा सेन की पोती (Granddaughter) हैं. उनकी बहन राइमा सेन भी बंगाली और हिंदी सिनेमा का एक जाना-माना नाम हैं.इतने तगड़े और रसूखदार फिल्मी बैकग्राउंड से आने के बावजूद रिया सेन ने इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए काफी मेहनत की थी. उन्होंने साल 2001 में आई कल्ट कॉमेडी फिल्म 'स्टाइल' (Style) से बॉलीवुड में एक लीड एक्ट्रेस के तौर पर कदम रखा था. फिल्म सुपरहिट रही और रिया का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया. इसके बाद उन्होंने 'झंकार बीट्स' और 'अपना सपना मनी मनी' जैसी कई मल्टीस्टारर फिल्मों में काम किया, लेकिन तभी 2005 का वो स्कैंडल सामने आ गया.वीडियो का सच आज तक है अनसुलझा, करियर पर लगा ब्रेकइस कथित लीक वीडियो के पीछे का असली सच क्या था, इसका पता आज तक कोई नहीं लगा पाया है. उस दौर में न तो रिया सेन ने और न ही अश्मित पटेल ने इस क्लिप को पूरी तरह से स्वीकार किया था. रिया सेन ने हमेशा इसे एक गहरी साजिश और फेक वीडियो बताया था.इसके बावजूद, टैब्लॉइड्स और गॉसिप मीडिया ने इस मामले को सालों तक जिंदा रखा, जिसने रिया सेन की पब्लिक इमेज पर एक गहरा नकारात्मक असर डाला. इस विवाद का सबसे बुरा असर उनके फिल्मी करियर पर पड़ा. बड़े डायरेक्टर्स ने उन्हें अपनी ए-लिस्ट फिल्मों में लीड रोल देने से परहेज करना शुरू कर दिया, जिससे उनके करियर की रफ्तार अचानक बेहद धीमी हो गई.विवादों से रहा चोली-दामन का साथ: क्रिकेटर श्रीसंत संग जुड़ा नामएमएमएस स्कैंडल के बाद भी रिया सेन की पर्सनल लाइफ लगातार मीडिया के रडार पर बनी रही. उनकी हर एक छोटी-बड़ी गतिविधि को गॉसिप का हिस्सा बनाया जाने लगा:क्रिकेटर श्रीसंत संग रूमर्स: साल 2011 में आईपीएल (IPL) के दौर के दौरान मीडिया में खबरें उड़ीं कि रिया सेन भारतीय तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत को डेट कर रही हैं और दोनों जल्द शादी कर सकते हैं. हालांकि, रिया ने तुरंत सोशल मीडिया पर इन खबरों को पूरी तरह बकवास और रूमर बताते हुए खारिज कर दिया था.गर्लफ्रेंड किसिंग कॉन्ट्रोवर्सी: इसके ठीक एक साल बाद, यानी साल 2012 में रिया सेन एक बार फिर विवादों में आईं, जब इंटरनेट पर उनकी एक प्राइवेट पार्टी की फोटो लीक हो गई. इस वायरल तस्वीर में वे अपनी एक महिला मित्र को किस (Kiss) करती हुई नजर आ रही थीं, जिसे लेकर रूढ़िवादी समाज में काफी हंगामा हुआ था.ओटीटी और रीजनल सिनेमा में किया काम, पर नहीं बन पाईं 'सुपरस्टार'इन तमाम बड़े और मानसिक रूप से परेशान करने वाले विवादों के बावजूद रिया सेन ने कभी हार नहीं मानी और फिल्म इंडस्ट्री में अपना काम जारी रखा. उन्होंने हिंदी के अलावा कई शानदार बंगाली, तमिल और तेलुगु फिल्मों में अपनी अदाकारी के जलवे बिखेरे. बाद के दिनों में उन्होंने रागिनी एमएमएस रिटर्न्स और पॉइंट ब्लैंक जैसी कई लोकप्रिय ओटीटी (OTT) वेब सीरीज में भी मैच्योर किरदार निभाए.साल 2017 में उन्होंने अपने लॉन्ग-टाइम बॉयफ्रेंड शिवम तिवारी से एक बेहद निजी समारोह में शादी कर ली और अपनी जिंदगी में सेटल हो गईं. आज वे 45 साल की उम्र में भी बेहद फिट और ग्लैमरस दिखती हैं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अगर 2005 का वो एक वीडियो कांड न हुआ होता, तो शायद रिया सेन आज बॉलीवुड की टॉप-लीग सुपरस्टार्स की कतार में खड़ी होतीं.
इन दिनों मध्य पूर्व के देश इराक (Iraq) से आ रही भ्रष्टाचार की खबरों ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इराक सरकार द्वारा भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के खिलाफ चलाए जा रहे एक बेहद आक्रामक और बड़े पैमाने के सर्च ऑपरेशन के चलते वहां की घरेलू राजनीति में भूचाल आ गया है. इस बड़े एक्शन के तहत इराक के कई मौजूदा व पूर्व मंत्रियों, रसूखदार नौकरशाहों और सांसदों के आलीशान ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है, जहां से नोटों के पहाड़ और कई किलो सोना बरामद हो रहा है.इसी बीच, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इराक की महिला सांसद हिंद अल-अब्बासी (Hind Al-Abbasi) और आलिया नासिफ (Alia Nassif) के ठिकानों पर हुई छापेमारी को लेकर कुछ बेहद ही अजीबोगरीब और चौंकाने वाले दावे वायरल हो रहे हैं. इंटरनेट पर दावा किया जा रहा है कि सांसद के घर से लगभग 490 करोड़ रुपये ($57 Million) कैश, 27 किलोग्राम शुद्ध सोना और सोने से बने अंडरगारमेंट्स (गोल्डन ब्रा और पैंटी) बरामद हुए हैं. आइए जानते हैं कि वैश्विक मीडिया और फैक्ट-चेक में इस सनसनीखेज खबर का क्या सच सामने आया है.क्या है वायरल हो रहा 'गोल्डन अंडरवियर' का पूरा मामला?सोशल मीडिया और कुछ विदेशी डिजिटल न्यूज पोर्टल्स पर यह खबर आग की तरह फैली कि इराक के प्रधानमंत्री और सुरक्षा बलों द्वारा बगदाद के हाई-सिक्योरिटी वाले 'ग्रीन जोन' (Green Zone) और अन्य इलाकों में की गई छापेमारी में एक महिला सांसद के गुप्त तहखानों से भारी मात्रा में विदेशी करेंसी और सोने की सिल्लियां मिलीं.वायरल पोस्ट्स में सबसे ज्यादा जिस बात ने लोगों का ध्यान खींचा, वह यह दावा था कि छापेमारी करने आई टीमों को अलमारी से सोने के तारों और धातु से बनी बेहद कीमती अंडरवियर, ब्रा और पैंटी मिली हैं. इस खबर के साथ ही इंटरनेट पर कुछ सोने से सजे अंडरगारमेंट्स की तस्वीरें भी धड़ल्ले से शेयर की जाने लगीं, जिसे लेकर यूज़र्स तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं.फैक्ट चेक: क्या वाकई बरामद हुई सोने की ब्रा और पैंटी?इराक में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई चल रही है, यह बात 100% सच है. लेकिन जब वैश्विक फैक्ट-चेकर्स और मुख्यधारा की मीडिया ने 'गोल्डन अंडरगारमेंट्स' (Gold Underwear) के दावे की पड़ताल की, तो कुछ अहम तथ्य सामने आए:आधिकारिक पुष्टि नहीं: इराक के सर्वोच्च न्यायिक परिषद (Supreme Judicial Council) और भ्रष्टाचार विरोधी जांच एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर सांसदों के घरों से कैश, भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और करोड़ों की बेनामी संपत्तियों की जब्ती की पुष्टि तो की है, लेकिन 'सोने के अंडरवियर' मिलने की बात का कहीं कोई जिक्र नहीं है.फेक और एआई जनरेटेड तस्वीरें: सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, वे या तो किसी ज्वैलरी एग्जिबिशन (गहनों की प्रदर्शनी) की पुरानी तस्वीरें हैं या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल द्वारा तैयार की गई काल्पनिक इमेजेस हैं.सनसनी फैलाने की कोशिश: एक्सपर्ट्स का मानना है कि इराक के इस गंभीर राजनीतिक और आर्थिक मामले को सोशल मीडिया पर सनसनीखेज (Sensationalize) बनाने और मीम्स/रील्स के जरिए ज्यादा व्यूज बटोरने के लिए इस तरह के मनगढ़ंत दावे जोड़े गए हैं.अब तक 47 से ज्यादा गिरफ्तारियां, जमीनों के नीचे छिपाई गई थी दौलतभले ही सोने की अंडरवियर का दावा भ्रामक हो, लेकिन इराक में मिला भ्रष्टाचार का खजाना किसी तिलिस्म से कम नहीं है. प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल सुडानी और सुरक्षा बलों के नेतृत्व में चल रही इस मुहिम में अब तक 47 से अधिक हाई-प्रोफाइल संदिग्धों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जिनमें 7 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व सांसद शामिल हैं.जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि भ्रष्ट अधिकारियों ने करोड़ों रुपये कैश और सोने के बिस्कुट सूटकेस और तिजोरियों में रखने के अलावा, अपने आलीशान बंगलों के लॉन और बगीचों में गहरे गड्ढे (Pits) खोदकर जमीन के नीचे छिपा रखे थे. इसके अलावा पूर्व उप तेल मंत्री (Deputy Oil Minister) और अन्य नेताओं से जुड़े मामलों में लगभग 10 मिलियन डॉलर नकद, 3 अरब इराकी दिनार और दुनिया भर में फैली करीब 40 से ज्यादा बेनामी आलीशान अचल संपत्तियों (Real Estate Properties) को सरकारी कब्जे में ले लिया गया है.इराक पिछले कई दशकों से गहरे संस्थागत भ्रष्टाचार और बजट की हेराफेरी से जूझ रहा है. ऐसे में सरकार अपनी वैश्विक छवि को सुधारने, विदेशी निवेश को आकर्षित करने और समाज में पारदर्शिता लाने के लिए शीर्ष स्तर पर बैठे भ्रष्ट तंत्र को उखाड़ फेंकने के लिए इस तरह के ऐतिहासिक और कड़े कानूनी कदम उठा रही है.
PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। रावलाकोट में 80 हजार लोगों की रैली में पाकिस्तान सेना पर गंभीर आरोप लगाए गए। जानिए 38 मांगों, भारत से संवाद की मांग और पूरे घटनाक्रम की पूरी जानकारी।
तकनीक और गैजेट्स के इस दौर में जब भी गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है, हमारा पूरा ध्यान एसी (AC), एयर कूलर और पानी की बोतलों पर चला जाता है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इस चिलचिलाती धूप और उमस के बीच आपके किचन का कौन सा उपकरण बिना रुके, 24 घंटे सबसे ज्यादा दबाव में काम कर रहा है? वह है आपका फ्रिज (Refrigerator).इस मौसम में फ्रिज का सही तरीके से काम करना सिर्फ ठंडे पानी के लिए ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीजों को बैक्टीरिया से बचाने के लिए भी बेहद जरूरी है. अच्छी बात यह है कि अपने फ्रिज की सेहत दुरुस्त रखने के लिए आपको किसी महंगे मैकेनिक या टूल की जरूरत नहीं है, बल्कि आपके प्रिंटर में रखा एक साधारण A4 साइज का कागज ही आपकी जेब और फ्रिज दोनों को बड़े नुकसान से बचा सकता है. आइए जानते हैं क्या है एक्सपर्ट्स की पसंदीदा 'कागज वाली ट्रिक'.'हीट डोम' के इस दौर में फ्रिज पर बढ़ रहा है डबल प्रेशरवर्तमान में दुनिया के कई हिस्सों के साथ-साथ भारत के कई राज्यों में भयंकर 'हीट डोम' (Heat Dome) और लू का असर देखा जा रहा है. यह अत्यधिक बाहरी तापमान न सिर्फ इंसानों को बेहाल करता है, बल्कि घर में रखे फ्रिज पर भी दोहरा दबाव (Double Pressure) बनाता है.बाहर की भीषण गर्मी के बीच फ्रिज के अंदर का तापमान बनाए रखने के लिए इसके कंप्रेसर (Compressor) को बार-बार और बिना थमे लगातार चलना पड़ता है. इसका सीधा मतलब यह है कि आपका फ्रिज सामान्य दिनों के मुकाबले कहीं ज्यादा बिजली की खपत करने लगता है और अत्यधिक लोड के कारण उसके महंगे पार्ट्स के जल्दी खराब होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है.क्या है 30 सेकंड का 'कागज वाला ट्रिक' (Dollar Bill Test)?अपने फ्रिज की कूलिंग क्षमता और उसकी कंडीशन जांचने का यह सबसे आसान और अचूक तरीका है. इसके लिए आपको बस ये छोटे से स्टेप्स फॉलो करने हैं:1.कागज लें:स्टेप 1.अपने घर या प्रिंटर ट्रे से एक साधारण A4 साइज का सादा कागज (या एक करेंसी नोट) लें.2.दरवाजे में फंसाएं:स्टेप 2.फ्रिज का दरवाजा खोलें और कागज को इस तरह रखें कि उसका आधा हिस्सा फ्रिज के अंदर हो और आधा हिस्सा बाहर की तरफ निकला रहे.3.दरवाजा बंद करें:स्टेप 3.अब फ्रिज के दरवाजे को सामान्य रूप से कसकर बंद कर दें, जिससे कागज रबर सील के बीच में दब जाए.4.कागज खींचें:स्टेप 4.बाहर निकले हुए कागज के हिस्से को अपने हाथ से धीरे से बाहर की तरफ खींचने की कोशिश करें.टेस्ट का परिणाम: यदि कागज खींचते समय आपको अच्छी-खासी रुकावट या थोड़ा जोर (Resistence) महसूस होता है, तो बधाई हो! आपके फ्रिज की रबर सील (Gasket) एकदम एयरटाइट और दुरुस्त है. लेकिन, अगर वह कागज बिना किसी रुकावट के मक्खन की तरह आसानी से बाहर सरक आता है, तो समझ लीजिए कि आपके फ्रिज का दरवाजा ठीक से बंद नहीं हो रहा है.अमेरिकी ऊर्जा विभाग भी मुहर लगाता है इस हैक परयह इंटरनेट पर वायरल होने वाला कोई फर्जी या साधारण लाइफ-हैक नहीं है. खुद अमेरिकी ऊर्जा विभाग (U.S. Department of Energy) का 'एनर्जी सेवर प्रोग्राम' भी आधिकारिक तौर पर यह मानता है कि घरों में बिजली और ऊर्जा की बर्बादी को रोकने का सबसे कारगर और मुफ़्त तरीका फ्रिज के दरवाजे की रबर सील (Gasket) की समय-समय पर जांच करना है. अगर सील एयरटाइट नहीं है, तो उसे तुरंत ठीक करना या बदलना बेहद जरूरी है.ढीली रबर सील कैसे लगाती है आपकी जेब को चंपत?एक खराब, ढीली या कटी-फटी रबर सील आपके घर का बजट दो तरफ से बिगाड़ती है:कूलिंग का नुकसान: ढीली सील फ्रिज के भीतर की बेशकीमती ठंडी हवा को लगातार बाहर निकालती रहती है और कमरे की गर्म, नमी युक्त हवा को अंदर जाने देती है. इससे कंप्रेसर को अंदर का तापमान मेंटेन करने के लिए दिन-रात ओवरटाइम काम करना पड़ता है.बिजली का भारी बिल: जब कंप्रेसर चौबीसों घंटे बिना ट्रिप हुए चलेगा, तो आपका बिजली का बिल गर्मी के दिनों में सीधे आसमान छूने लगेगा. इसके अलावा, एनर्जी स्टार (ENERGY STAR) के मानकों के अनुसार, खाने को सुरक्षित और बैक्टीरिया-फ्री रखने के लिए फ्रिज का आंतरिक तापमान 35F से 38F (लगभग 1.6C से 3.3C) होना चाहिए, जो सील खराब होने पर किसी भी हाल में मुमकिन नहीं हो पाता और खाना जल्दी सड़ जाता है.अगर आपका फ्रिज 'पेपर टेस्ट' में फेल हो जाए, तो क्या करें?यदि कागज आसानी से बाहर आ जाता है, तो तुरंत नया फ्रिज खरीदने या मैकेनिक बुलाने की जरूरत नहीं है. आप घर पर ही ये आसान उपाय आजमा सकते हैं:गुनगुने पानी से सफाई: कई बार सील टूटी नहीं होती, बल्कि उस पर जमी गंदगी, ग्रीस, चिपचिपे जूस या खाने के कणों की वजह से मैग्नेट काम नहीं करता. एक सूती कपड़े को गुनगुने पानी और हल्के लिक्विड सोप में डुबोकर सील और दरवाजे के फ्रेम को अच्छे से साफ करें.हेयरड्रायर की ट्रिक: अगर फ्रिज की रबर सील लंबे समय से इस्तेमाल के कारण सख्त या कड़क हो गई है, तो उस पर थोड़ा सा गर्म पानी डालें या ब्लो ड्रायर (Hairdryer) को लो-हीट पर रखकर सील पर हवा मारें. इससे रबर गर्म होकर फिर से लचीली (Flexible) हो जाएगी और दरवाजे से चिपकने लगेगी.सील बदलना: यदि रबर पूरी तरह फट चुकी है या सड़ गई है, तो आप ऑनलाइन या नजदीकी स्पेयर पार्ट्स की दुकान से बेहद कम दाम में नई रबर गैस्केट खरीदकर उसे घर पर ही आसानी से बदल सकते हैं.इस 30 सेकंड की मुफ्त आदत को अपने मंथली होम-मेंटेनेंस रूटीन का हिस्सा बनाएं, खासकर गर्मियों की शुरुआत में इसे जरूर आजमाएं. ब्रेड को टोस्ट करने से भी कम समय में होने वाला यह छोटा सा टेस्ट आपको भविष्य के बड़े कंप्रेसर खर्चों और मानसिक परेशानी से बचा सकता है.
वैश्विक और घरेलू सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. पिछले कुछ समय से लगातार गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने वाले सोने के भाव में अब अचानक तेजी का दौर शुरू हो गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस हालिया तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श का एक ताजा बयान है.केविन वॉर्श ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में बहुत अधिक आक्रामक बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. फेड चेयरमैन के इस बयान के बाद निवेशकों की चिंताएं दूर हुईं और मंदी की मार झेल रहे सोने ने जबरदस्त यू-टर्न (U-Turn) लिया है. इससे पहले, ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी की आशंका के चलते जून तिमाही में सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अब यह सिलसिला थम गया है.वैश्विक बाजार (COMEX) में आई भारी तेजी, चांदी भी चमकीअमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख में नरमी के संकेतों का असर शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट पर साफ दिखाई दिया:सोने का भाव (COMEX Gold): शुक्रवार सुबह वैश्विक बाजार कॉमेक्स पर सोना 57 डॉलर प्रति औंस की भारी छलांग लगाकर 4,182 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया.चांदी का भाव (COMEX Silver): सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी एक डॉलर से ज्यादा का उछाल आया और यह मजबूत होकर 62.425 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करती दिखी.घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव: जनवरी के हाई से 12% से ज्यादा टूट चुका है सोनावैश्विक स्तर पर शुक्रवार को तेजी होने के बावजूद, भारतीय घरेलू बाजार (MCX) में गुरुवार शाम को सोने और चांदी के दामों में मामूली सुस्ती दर्ज की गई थी. दरअसल, जून के आखिरी हफ्तों में आई भारी मंदी के कारण कई घरेलू निवेशकों ने बाजार से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया था, जिसका असर अभी भी हाजिर बाजार पर दिख रहा है.अगर लंबी अवधि के ट्रेंड को देखें, तो इस साल की शुरुआत यानी जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाला गोल्ड जून तिमाही में 12 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है. वहीं इस दौरान चांदी में भी 17 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है. हाजिर बाजार (Spot Market) की बात करें तो जनवरी में जो सोना 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था, वह हाल ही में गिरकर 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया था.MCX पर सोने और चांदी के वायदा भाव का ताजा अपडेटमल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार शाम को कारोबारी सत्र की क्लोजिंग कुछ इस प्रकार रही:सोना वायदा (Gold Future): आगामी अगस्त डिलीवरी वाला सोना गुरुवार शाम को मामूली गिरावट के साथ 1,45,758 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. हालांकि, इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान इसने 1,46,666 रुपये का ऊपरी स्तर (High) भी छुआ था.चांदी वायदा (Silver Future): सितंबर डिलीवरी वाली चांदी मामूली गिरावट के साथ 2,33,304 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई (इंट्राडे हाई 2,36,575 रुपये रहा). वहीं, 31 अगस्त की शॉर्ट-टर्म डिलीवरी वाली चांदी 2,487 रुपये की बढ़त के साथ 2,33,413 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई.IBJA रेट्स: जानिए 18, 22 और 24 कैरेट सोने का आधिकारिक भावइंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा गुरुवार शाम 5 बजे जारी किए गए आधिकारिक हाजिर भाव के मुताबिक, शुद्धता के आधार पर सोने-चांदी के रेट निम्नलिखित रहे:24 कैरेट सोना (99.9% प्योरिटी): ₹1,43,003 प्रति 10 ग्राम22 कैरेट सोना (ज्वैलरी मेकिंग): ₹1,30,990 प्रति 10 ग्राम18 कैरेट सोना (डायमंड ज्वैलरी): ₹1,07,252 प्रति 10 ग्रामचांदी (Silver Spot Rate): ₹2,28,850 प्रति किलोग्राम
तकनीक के इस आधुनिक दौर में जहाँ हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी बेहद आसान और डिजिटल हो रही है, वहीं साइबर खतरों (Cyber Threats) का दायरा भी तेज़ी से पैर पसार रहा है. हाल ही में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ कुछ शरारती तत्व सड़क पर चलते हुए ई-रिक्शा (E-Rickshaw) को दूर बैठे ही अचानक बंद कर दे रहे हैं. इसके लिए वे अपने स्मार्टफोन में 'BAT-BMS' नाम के एक साधारण ऐप और ब्लूटूथ कनेक्शन (Bluetooth Connection) का इस्तेमाल कर रहे हैं.पहली नज़र में कुछ लड़कों को यह एक साधारण मज़ाक, रील बनाने का जरिया या प्रैंक (Prank) लग सकता है, लेकिन कानूनी और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज़ से यह एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है. आइए विस्तार से जानते हैं कि यह पूरा तकनीकी खेल क्या है और देश का कानून इस पर क्या सख्त रुख अपनाता है.ई-रिक्शा अब सिर्फ एक गाड़ी नहीं, पहियों पर दौड़ता कंप्यूटर हैआज के समय में भारतीय सड़कों पर चलने वाले ई-रिक्शा तकनीकी रूप से काफी एडवांस और डिजिटल हो चुके हैं. इंटरनेशनल कमीशन ऑन साइबर सिक्योरिटी लॉ के चेयरमैन और देश के जाने-माने साइबर कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल के मुताबिक, आज का आधुनिक ई-रिक्शा महज लोहे और पहियों का एक सामान्य वाहन नहीं है, बल्कि यह कानूनी रूप से एक 'डिजिटल कंप्यूटर सिस्टम' की तरह काम करता है.चूंकि यह पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल फॉर्मेट पर ऑपरेट होता है, इसलिए इसमें बाकायदा डेटा स्टोरेज, मेमोरी फंक्शन्स और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलिंग यूनिट्स (ECUs) होते हैं. इसी एडवांस तकनीक का गलत फायदा उठाकर कुछ हैकर्स और प्रैंकस्टर्स इसके सिस्टम में अनधिकृत रूप से (Unauthorized Access) सेंध लगा रहे हैं.BAT-BMS ऐप और ब्लूटूथ का यह खतरनाक और जानलेवा खेलदरअसल, ई-रिक्शा की जान उसकी लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी होती है. इस बैटरी की सुरक्षा, चार्जिंग और ओवरहीटिंग को मैनेज करने के लिए उसमें एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगा होता है. बाजार में मौजूद 'BAT-BMS' जैसे कई मोबाइल ऐप्स इस बीएमएस को ब्लूटूथ के जरिए ट्रैक और मॉनिटर करने की आधिकारिक सुविधा देते हैं.लेकिन समस्या तब खड़ी होती है जब सड़क पर चल रहे किसी ई-रिक्शा के ब्लूटूथ सिग्नल को ये शरारती तत्व अपने फोन से बिना मालिक की अनुमति या जानकारी के कनेक्ट कर लेते हैं. एक बार कनेक्शन स्थापित होने के बाद, ऐप के भीतर मौजूद रिमोट कंट्रोल फीचर का इस्तेमाल करके वे बैटरी की मेन पावर सप्लाई को अचानक 'कट' (Power Off) कर देते हैं. इसके परिणामस्वरूप चलती हुई गाड़ी बीच सड़क पर, बिना किसी चेतावनी के अचानक ठप हो जाती है. यह न केवल रिक्शा चालक और उसमें बैठी सवारियों के लिए मानसिक परेशानी का सबब है, बल्कि पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों के कारण एक भीषण और जानलेवा सड़क हादसे को सीधा न्यौता देता है.मज़ाक नहीं, सीधे जेल ले जाएगी यह हरकत: आईटी एक्ट की धाराएं सक्रियअगर कोई युवा या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इसे महज मनोरंजन या यूट्यूब प्रैंक वीडियो बनाने का जरिया समझ रहा है, तो उसे तुरंत सावधान होने की जरूरत है. साइबर पुलिस और कानून के जानकारों ने साफ किया है कि यह कोई खेल नहीं बल्कि एक गंभीर साइबर अपराध (Cyber Crime) है. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act 2000) की धारा 43 और धारा 66 के तहत यह पूरी तरह से दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. किसी भी वाहन या डिवाइस के कंप्यूटर नेटवर्क में उसकी मर्जी के बिना अवैध प्रवेश करना डेटा चोरी और सिस्टम हैकिंग माना जाता है.3 साल की कठोर जेल की सजा और 5 लाख रुपये का भारी जुर्मानाकानूनी तौर पर इस तरह के डिजिटल प्रैंक के लिए बेहद सख्त सजा के प्रावधान तय किए गए हैं:जेल की सजा: यदि कोई भी व्यक्ति जानबूझकर, मज़ाक में या किसी धोखाधड़ी/बदला लेने के इरादे से किसी के ई-रिक्शा को इस तरह रिमोटली बंद करता हुआ रंगे हाथों या सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पकड़ा जाता है, तो उसे 3 साल तक की जेल की कठोर सजा हो सकती है.आर्थिक जुर्माना: जेल के साथ-साथ दोषी पाए जाने पर उस व्यक्ति पर 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है. डिजिटल सुरक्षा के उल्लंघन और सार्वजनिक जीवन को खतरे में डालने को लेकर देश की अदालतें और पुलिस बेहद सख्त रुख अपना रही हैं.डिजिटल हैकिंग से बचने के लिए ई-रिक्शा चालक तुरंत करें ये उपायइस नए तरह के साइबर खतरे या अनधिकृत रिमोट एक्सेस से खुद को और अपनी गाड़ी को सुरक्षित रखने के लिए ई-रिक्शा चालकों को अपनी तकनीक को थोड़ा अपग्रेड और सुरक्षित करना होगा:डिफ़ॉल्ट पासवर्ड बदलें: सबसे पहला और महत्वपूर्ण काम यह करें कि अपने ई-रिक्शा के BMS ब्लूटूथ का डिफ़ॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदल दें. अक्सर लोग कंपनी या मैन्युफैक्चरर द्वारा दिए गए साधारण पासवर्ड (जैसे 1234, 0000 या 8888) को कभी नहीं बदलते, जिससे कोई भी बाहरी ऐप आसानी से उसे बिना अनुमति के पेयर (Pair) कर लेता है.कस्टम और मजबूत पासवर्ड: अपने ब्लूटूथ सेटिंग्स में जाकर एक मजबूत और कस्टमाइज्ड पासवर्ड सेट करें. ऐसा करने से कोई भी बाहरी व्यक्ति आपके चलते रिक्शा की बैटरी को रिमोटली एक्सेस नहीं कर पाएगा. अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक और सतर्क रहना ही इस नए साइबर प्रैंक के खतरे से बचने का एकमात्र और अचूक उपाय है.
पब्लिक सेक्टर के दिग्गज बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने वेस्ट एशिया के सबसे बड़े कॉर्पोरेट घोटालों में से एक 'एनएमसी हेल्थ' (NMC Health) मामले में चल रहे सालों पुराने विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला किया है. बैंक ने इस जटिल कानूनी लड़ाई को अदालत के बाहर (Out of Court Settlement) सुलझाने के लिए जॉइंट एडमिनिस्ट्रेटर्स को 600 मिलियन डॉलर (करीब 5,700 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम भुगतान करने पर सहमति जताई है. इस ऐतिहासिक सेटलमेंट के बाद अबू धाबी, ब्रिटेन और भारत समेत कई देशों में चल रही फ्रॉड व इन्सॉल्वेंसी की कार्यवाही अब पूरी तरह बंद हो जाएगी. हालांकि, इस समझौते की सबसे खास बात यह रही कि दोनों में से किसी भी पक्ष ने अदालत के सामने अपनी किसी भी तरह की गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है.क्या है 5-6 अरब डॉलर का NMC हेल्थ घोटाला, जिसने हिला दिया था बैंकिंग सेक्टर?यह पूरा मामला एनआरआई (NRI) बिजनेसमैन डॉ. बीआर शेट्टी द्वारा प्रमोटेड हेल्थकेयर ग्रुप 'एनएमसी हेल्थ' से जुड़ा है, जो साल 2020 में अचानक ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गया था. एक स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि कंपनी के प्रबंधन ने कर्जदाताओं की आंखों में धूल झोंककर करीब 5 से 6 अरब डॉलर (लगभग 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये) का भारी कर्ज बही-खातों से पूरी तरह छिपाकर रखा था.इस बड़े वित्तीय फ्रॉड के सामने आने के बाद वैश्विक बैंकिंग सेक्टर में हड़कंप मच गया और कई देशों की जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं. चूंकि बैंक ऑफ बड़ौदा इस ग्रुप को यूएई (UAE) और भारत में लोन देने वाले सबसे प्रमुख बैंकों में से एक था, इसलिए इस कानूनी पचड़े में बैंक का नाम भी घसीटा गया था.बैंक ऑफ बड़ौदा पर क्या थे आरोप और कहां जाएगा सेटलमेंट का पैसा?एनएमसी हेल्थ के दिवालिया होने के बाद कंपनी का कामकाज संभाल रहे जॉइंट एडमिनिस्ट्रेटर्स का आरोप था कि बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ की गई कुछ वित्तीय व्यवस्थाओं और क्रेडिट सुविधाओं के कारण ही एनएमसी को अपना डूबता हुआ कर्ज छिपाने में मदद मिली थी. एडमिनिस्ट्रेटर्स का दावा था कि इसी वजह से कंपनी पूरी तरह खोखली होने के बावजूद लंबे समय तक बाजार में बनी रही और लेनदारों को भारी नुकसान हुआ.पैसे का इस्तेमाल: समझौते के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा दिए जाने वाले ₹5,700 करोड़ एनएमसी की उस संपत्ति (एस्टेट) में ट्रांसफर किए जाएंगे, जिसे कोर्ट द्वारा नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर्स देख रहे हैं.किसे मिलेगा फायदा: इस विशाल फंड का उपयोग उन वैश्विक बैंकों, बॉन्डहोल्डर्स और कमर्शियल क्रेडिटर्स का बकाया पैसा चुकाने के लिए किया जाएगा, जिनका अरबों रुपया एनएमसी हेल्थ के डूबने की वजह से अधर में लटक गया था.बिजनेस पर नहीं पड़ेगा कोई बुरा असर, Q1 में जमा और लोन में बंपर उछालभले ही बैंक ऑफ बड़ौदा को एकमुश्त ₹5,700 करोड़ की भारी रकम चुकानी पड़ रही है, लेकिन बैंक के मुख्य बैंकिंग बिजनेस और बैलेंस शीट की सेहत पर इसका कोई खास नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा. बैंक ने अपनी ताजा वित्तीय रिपोर्ट में साफ किया है कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में उसके कोर बिजनेस ने शानदार प्रदर्शन किया है:घरेलू जमा (Domestic Deposits): सालाना आधार पर 14.7 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 14.2 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है.घरेलू लोन (Domestic Advances): क्रेडिट ग्रोथ में 16.1 प्रतिशत का तगड़ा उछाल दर्ज किया गया है, जिसके बाद कुल लोन बुक 11.5 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गई है.खबर आते ही शेयर बाजार में निवेशकों ने शुरू की बिकवाली, शेयर 4% से ज्यादा टूटाबिजनेस फंडामेंटल्स मजबूत होने के बावजूद, शेयर बाजार के निवेशकों ने ₹5,700 करोड़ के अचानक आए इस तात्कालिक वित्तीय झटके को भांपते हुए मुनाफावसूली और बिकवाली का रुख अपना लिया. बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा इस मेगा सेटलमेंट की आधिकारिक घोषणा किए जाने के तुरंत बाद गुरुवार को कारोबारी सत्र के दौरान इसके शेयरों पर भारी दबाव देखा गया. चौतरफा बिकवाली के चलते बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर (BoB Share Price) 4 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ. हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सालों पुराने इस कानूनी विवाद का हमेशा के लिए खत्म होना लंबी अवधि में बैंक की साख के लिए एक पॉजिटिव कदम साबित हो सकता है.

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