नशे के खिलाफ अंतिम लड़ाई शुरू, सरकार ने अगले 3 साल में पूरी तरह से खत्म करने का रोडमैप किया तैयार
गृह मंत्री अमित शाह ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के तीसरे सम्मेलन में ड्रग्स के खिलाफ अंतिम लड़ाई का आह्वान किया।
'बेटे ने बताया था कि उसे जातिसूचक बातें कही जा रहीं', IIT बॉम्बे के मृतक छात्र की मां का दावा
मृतक छात्र की मां ने मंगलवार को कहा, ‘उसने हमें बताया था कि वह प्रताड़ना और जातिगत टिप्पणियों का सामना कर रहा है। हम उसे लगातार समझाते रहे कि हमारा भविष्य बहुत अच्छा होने वाला है। शायद यही हमारी गलती थी।’
जोधपुर AIIMS के डॉक्टर ने किया सुसाइड, इंजेक्शन लगाकर दी जान
जोधपुर AIIMS के डॉक्टर ने किया सुसाइड, इंजेक्शन लगाकर दी जान
साबुन, शैम्पू से टूथपेस्ट तक की पैकेजिंग से होगी वेज-नॉनवेज की पहचान, सरकार ने बदले नियम
सरकार ने साबुन, शैम्पू और कॉस्मेटिक्स जैसे उत्पादों की पैकेजिंग पर वेज या नॉनवेज की पहचान के लिए कलर कोडिंग अनिवार्य कर दी है। यह नया नियम 21 सितंबर से लागू हो गया है।
कैंसर की 2700 रुपये की दवा की MRP ₹27000! SC बोला- ये डकैती है
सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की दवाओं की कीमतों में भारी अंतर और अस्पतालों की इन-हाउस फार्मेसी के जरिए मरीजों से अधिक कीमत वसूलने पर कड़ी नाराजगी जताई है.
चुनावों से पहले मोदी सरकार का महामंथन, PMO में 2 दिन जमघट; मंत्री देंगे प्रेजेंटेशन, क्या एजेंडा?
ये समूह पहले ही कई बैठकें कर चुके हैं, जिनमें चिंतन बैठक में दी जाने वाली प्रस्तुतियों पर चर्चा की गई थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सुधार को आगे बढ़ाने के लिए उनके मंत्रालयों द्वारा अपनाई गई नीतियों और उपायों पर प्रस्तुतियां देने की संभावना है।
करौली में जयपुर डिस्कॉम का सहायक स्टोर कीपर अरेस्ट, जला ट्रांसफार्मर बदलने के बदले मांगी रिश्वत
करौली/हिण्डौन सिटी। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की करौली इकाई ने जयपुर डिस्कॉम के एक कर्मचारी को 8 हजार रुपए की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर परिवादी के जले हुए विद्युत ट्रांसफार्मर के बदले नया ट्रांसफार्मर स्टोर से उपलब्ध करवाने की एवज में […] The post करौली में जयपुर डिस्कॉम का सहायक स्टोर कीपर अरेस्ट, जला ट्रांसफार्मर बदलने के बदले मांगी रिश्वत appeared first on Sabguru News .
भारत ने पाकिस्तान को फिर लताड़ा, UN में भेजे पत्र पर विदेश मंत्रालय ने खोल दी ‘फर्जी दावे’ की पोल
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को स्थायी मध्यस्थता अदालत के हालिया फैसलों का हवाला देते हुए पत्र भेजा है। भारत ने इसे झूठा प्रचार बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करता है।
AI और छंटनी के दौर में क्यों खत्म हो रही एक करियर से 'वफादारी'?
पीढ़ियों से एक आदर्श करियर की परिभाषा बेहद सीधी और सपाट रही है. मन लगाकर पढ़ाई करो, एक स्टेबल नौकरी पाओ, कंपनी के प्रति वफादार रहो, तरक्की की सीढ़ियां चढ़ो और अंत में रिटायर हो जाओ. किसी एक ही कंपनी में अपने करियर की शुरुआत और अंत करना गर्व की बात मानी जाती थी. लेकिन अब नये बदलाव सामने आ रहे हैं, जानिए क्यों और कैसे?
3 साल से T20 से दूर, अब कप्तान बनकर लौटे, श्रीलंका ने चुनी टीम ये टीम
श्रीलंका ने एशियन गेम्स 2026 के लिए अपनी सेकंड स्ट्रिंग पुरुष टीम घोषित कर दी है. 30 साल के सहन अराचिगे को कप्तान बनाया गया है, जो तीन साल बाद फिर T20I कप्तानी करेंगे. टीम में निरोशन डिकवेला और चमिका करुणारत्ने जैसे अनुभवी खिलाड़ी लौटे हैं, जबकि चार अनकैप्ड खिलाड़ियों को भी जगह मिली है.
शादी के 24 घंटे बाद Newlyweds की संदिग्ध मौत का मामला
यूपी के सिद्धार्थनगर में शादी के करीब 24 घंटे बाद नवदंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. दूल्हे का शव कमरे में फंदे से लटका मिला, जबकि दुल्हन बिस्तर पर मृत पड़ी थी. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है. वीडियो में जानें मामला.
जयपुर अग्निकांड: Rajasthan Human Rights Commission ने नगर निगम और प्रशासन से मांगा ब्योरा
राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने मंगलवार को जयपुर प्रशासन और नगर निकाय के अधिकारियों को शहर में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन हाइड्रेंट और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ये निर्देश चारदीवारी क्षेत्र में पुरोहितजी का कटला स्थित एक परिसर में 17 सितंबर को लगी भीषण आग के बाद दिए गए। आयोग ने जयपुर में अग्निशमन व्यवस्था का विस्तृत विवरण भी तलब किया। विवरण में दमकल केंद्रों और हाइड्रेंट के स्थान, पानी भंडारण की व्यवस्था, दमकल वाहनों की संख्या एवं क्षमता तथा बहुमंजिला इमारतों में आग से निपटने के लिए उपलब्ध उपकरणों की जानकारी शामिल है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जीआर मूलचंदानी की ओर से जारी आदेश में जयपुर जिला मजिस्ट्रेट, नगर निगम आयुक्त, उपायुक्त (दमकल) और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक इंतजाम करने और आग लगने की स्थिति में उसे जल्द नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने कहा कि जयपुर में अग्निसुरक्षा व्यवस्था इस तरह विकसित की जाए कि विभिन्न क्षेत्रों में पर्याप्त पानी वाले हाइड्रेंट प्वाइंट उपलब्ध हों और दमकल वाहन पर्याप्त पानी के दबाव के साथ तैयार रहें। ये निर्देश आयोग द्वारा 18 सितंबर को स्वत: संज्ञान लेने के बाद उसके रजिस्ट्रार द्वारा बड़ी चौपड़ के पास पुरोहितजी का कटला स्थित आग प्रभावित सेठी कॉम्प्लेक्स के निरीक्षण के बाद दिए गए। निरीक्षण में परिसर की पहली और दूसरी मंजिल पर जाने के लिए संकरी सीढ़ियां और बड़ी संख्या में दुकानें पाई गईं। रास्ते में जला हुआ सामान बिखरा हुआ था। दूसरी मंजिल पर लगा एक अग्निशमन हाइड्रेंट काम नहीं कर रहा था और उस पर सूखी फूल-मालाएं रखी थीं। आयोग को बताया गया कि परिसर के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं थी। अग्निशमन अधिकारियों ने आयोग को बताया कि घटनास्थल के करीब डेढ़ किलोमीटर तक कोई हाइड्रेंट या पानी आपूर्ति प्वाइंट उपलब्ध नहीं था। उन्होंने बताया कि घाटगेट दमकल केंद्र पर करीब डेढ़ से दो किलोमीटर दूर एक हाइड्रेंट था, लेकिन वहां पहुंचने का रास्ता भीड़भाड़ वाले बाजारों और कई यातायात सिग्नलों से होकर गुजरता है। अधिकारियों ने बताया कि घाटगेट दमकल केंद्र पर नौ दमकल वाहन उपलब्ध थे। हालांकि, वे यह नहीं बता सके कि प्रत्येक वाहन में कितना पानी था, क्योंकि वाहनों में पानी की मात्रा मापने के लिए गेज नहीं लगे थे। आयोग ने पाया कि दमकल विभाग के रजिस्टर में 17 सितंबर को सुबह 8.17 बजे एक दमकल वाहन रवाना होने का उल्लेख था लेकिन आग लगने की सूचना मिलने का समय दर्ज नहीं था। आदेश के अनुसार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने यह भी बताया कि आग बुझाने के दौरान पानी का दबाव कम था। आयोग ने कहा कि दमकल वाहनों में पर्याप्त पानी का दबाव नहीं होना, संकरी गलियों में अग्निशमन व्यवस्था के बिना दुकानें संचालित होना और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र के पास हाइड्रेंट प्वाइंट की कमी जैसी कमियां ‘‘माफ करने योग्य नहीं मानी जा सकतीं।’’आयोग ने घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और प्रभावित व्यावसायिक परिसर के मालिक के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा है। मामले की अगली सुनवाई नौ अक्टूबर को होगी। 17 सितंबर की सुबह लगी आग में कई दुकानें जल गई थीं।
रानी मुखर्जी की मां का अंतिम संस्कार: शाहरुख-करण ने दी श्रद्धांजलि
रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का मुंबई में अंतिम संस्कार हुआ. शाहरुख खान, आलिया भट्ट, अयान मुखर्जी और कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे.
रसगुल्ला-मिष्टी दोई छोड़ें, 10 मिनट में बनाएं केसर भापा दोई
Kesar Bhapa Doi Recipe: दही, क्रीम, कंडेंस्ड मिल्क और केसर से तैयार करें बेहद क्रीमी और स्वादिष्ट बंगाली केसर भापा दोई. एयर फ्रायर में महज 10-12 मिनट में तैयार होने वाली इस आसान मिठाई का स्वाद इतना मुलायम और रिच है कि यह मुंह में जाते ही घुल जाती है. त्योहार हो या घर पर कुछ मीठा खाने का मन, कम मेहनत में बनने ये खास मिठाई आसानी से बन जाती है.
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर EC पहुंची सपा, अमेठी-मेरठ में फर्जी वोटरों का दावा
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है जिसमें मेरठ और अमेठी में वोटर लिस्ट में कथित फर्जी वोटर और डुप्लीकेट वोटर बनाने का आरोप लगाया गया है.
हार्ट अटैक से बचने के लिए ये एक एक्सरसाइज है बेस्ट, डॉक्टर ने बताया
Exercise for heart health : दिल की सेहत बनाए रखने के लिए एक्सरसाइज करना जरूरी है. किसी भी व्यक्ति को अचानक हैवी वर्कआउट से बचना चाहिए . सही डाइट जैसे प्रोटीन और हरी सब्जियां भी दिल की सेहत के बहुत जरूरी है.
जमुई में कथित यौन उत्पीड़न के विरोध में AISA और AIPWA ने रांची में किया प्रदर्शन
बिहार के जमुई जिले में एक लड़की का कथित यौन उत्पीड़न करने के विरोध में मंगलवार को झारखंड के रांची में वामपंथी संगठनों ने प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राज्य इकाई के सचिव त्रिलोकी नाथ ने आरोप लगाया कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और यौन उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन (ऐपवा) की नेता नंदिता भट्टाचार्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नारे के बावजूद लड़कियां चाहे सड़कों पर हों या स्कूलों और कॉलेजों में , वे सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा, इस पर रोक लगनी चाहिए। अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन के दौरान दोनों संगठनों के सदस्यों ने सरकार खिलाफ नारे लगाए। जमुई में सड़क किनारे एक लड़के और एक लड़की को लोगों के एक समूह द्वारा प्रताड़ित किए जाने का एक कथित वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ 23 सितंबर को किसानों के लिए नई स्कीम 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना' के लिए e-Portal लॉन्च करने वाले हैं.
राज्यसभा की 11 सीटों (यूपी की 10, उत्तराखंड की 1) के लिए चुनाव की घोषणा हुई है, जिसके लिए नामांकन 29 सितंबर से शुरू होंगे और मतदान 16 अक्टूबर को होगा।
क्रिकेट में गोल्ड, बैडमिंटन में धमाका... हॉकी में भी 16-1 की धूम
एशियन गेम्स के तीसरे दिन भारत ने महिला क्रिकेट में श्रीलंका को 147 रन से हराकर पहला गोल्ड जीता. बैडमिंटन में पुरुष टीम ने जापान को 3-0 से हराकर मेडल पक्का किया. रोशिबिना देवी ने वुशु में लगातार तीसरा पदक सुनिश्चित किया. हॉकी ने 16-1 से जीत दर्ज की, जबकि बॉक्सिंग, जिम्नास्टिक्स और कबड्डी में भी भारत ने असर छोड़ा.
पढ़ें 22 सितंबर 2026 की शाम की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल जीत लिया है. गोल्ड मेडल मैच में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 147 रनों से पराजित किया.
1000 किमी रेंज, AI गाइडेंस और स्वार्म अटैक... दुश्मन के घर में घुसकर तबाही मचाएगा ड्रोन 'काल'
नोएडा स्थित IG डिफेंस ने स्वदेशी लॉइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन 'KAL' का सफल परीक्षण किया है. 1000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम यह ड्रोन AI आधारित टारगेटिंग, एंटी-जैम नेविगेशन और स्वार्म अटैक जैसी आधुनिक क्षमताओं से लैस है.
जमुई कांड पर रंग की सियासत, तेजस्वी ने भगवा से जोड़ा तो बीजेपी लेकर आई हरा गमछा!
जमुई में नाबलिग लड़की के साथ छेड़छाड़ का वीडियो वीभत्स है. लेकिन बिहार की राजनीतिक पार्टियों ने असंवेदनशील रवैया अपनाते हुए आरोपियों के गमछे के रंग पर चर्चा करनी शुरू कर दी है. आरजेडी इसे भगवा रंग से जोड़ रही है तो बीजेपी ने आरोपियों को लालू यादव का 'चेला' बताया है.
'ईरान की चुनौती का दिया जवाब, मनमानी नहीं चलेगी', UNGA में बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र में आना सम्मान की बात है और हम काफी प्रगति कर रहे हैं. हमारा देश बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है.
UNGA में पहुंचे ट्रंप, कहा- ईरान की मनमानी नहीं चलेगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र में आना सम्मान की बात है और हम काफी प्रगति कर रहे हैं. हमारा देश बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है.
जयंत की RLD के सामने 'पुराना लोकदल'! राहुल गांधी से मिले सुनील सिंह
लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने दिल्ली में नेता विपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है. इससे पहले वे लखनऊ में अखिलेश यादव से भी मिले थे.
ICC T20I Ranking: जापान पर रोमांचक जीत के बाद भारत फिर बना नंबर-1, इंग्लैंड से छीना ताज
जापान पर दो रन की रोमांचक जीत के बाद भारत फिर ICC T20I टीम रैंकिंग में नंबर-1 बन गया। जानें भारत, इंग्लैंड समेत टॉप-10 टीमों की रैंकिंग और मैच का पूरा हाल।
कॉकरोच-चीटियां और खुली नालियां... मुंबई के 5 फूड आउटलेट पर FDA का एक्शन
त्योहारी सीजन के दौरान मुंबई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मिलावटी घी बनाने और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले पांच प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है.
सीएमआरएल रिश्वत मामले में केरल पुलिस जांच के आदेश पर CPM का यूडीएफ सरकार पर हमला
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस जांच के आदेश देने को लेकर मंगलवार को केरलम की यूडीएफ सरकार की आलोचना की। ईडी की इस रिपोर्ट में केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और दामाद पी ए मोहम्मद रियास का नाम शामिल है। माकपा ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व के रुख पर भी सवाल उठाया। केरलम सरकार की ओर से पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को ईडी की रिपोर्ट की जांच सौंपे जाने की घोषणा के तुरंत बाद माकपा महासचिव एम ए बेबी ने कहा कि पार्टी इस मामले का कानूनी और राजनीतिक रूप से सामना करेगी। बेबी ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘इसका सामना कानूनी और राजनीतिक रूप से करना होगा। ऐसे कई उदाहरण हैं, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय का इस्तेमाल किया गया।’’उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को निशाना बनाने और उनके नेताओं को धमकाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल के कई उदाहरण हैं, जिसके बाद उनमें से कुछ लोग भाजपा में शामिल हो गए। माकपा नेता ने दावा किया, ‘‘सभी जानते हैं कि भाजपा ने इस तरह कांग्रेस और अन्य दलों के कई नेताओं को अपने साथ जोड़ा है।’’बेबी ने कहा कि माकपा और उसका नेतृत्व ऐसी धमकियों के कारण पार्टी नहीं छोड़ेगा, भाजपा में शामिल नहीं होगा और न ही उसका सहयोगी बनेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बात को समझ नहीं पाई है। माकपा महासचिव ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस नेतृत्व खुद और अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल का विरोध करता रहा है। बेबी ने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन केरलम में एक अजीब स्थिति पैदा हो गई है, जहां राज्य की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ मिलकर माकपा को निशाना बनाती नजर आ रही है।’’उन्होंने कहा कि केरलम के कांग्रेस नेताओं और राज्य सरकार को इस मुद्दे का राजनीतिक रूप से विश्लेषण करना चाहिए तथा कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को भी इस पर विचार करना चाहिए। बेबी ने सवाल किया, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए एजेंसियों के इस्तेमाल के तरीके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व का क्या रुख है? ’’माकपा के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने भी बेबी के विचारों का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि केरलम की यूडीएफ सरकार संघ परिवार की बी-टीम की तरह काम कर रही है और विपक्षी दलों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का समर्थन कर रही है।
'परिसरों को गंदी राजनीति से बचाएं' IIT-B केस पर बोले पूर्व छात्र
IIT बॉम्बे में एक छात्र की खुदकुशी की दर्दनाक घटना के बाद देशभर के आईआईटी समुदाय में शोक की लहर है. इस दुखद मोड़ पर 23 आईआईटी के पूर्व छात्रों के सबसे बड़े वैश्विक संगठन 'पैन आईआईटी एलुमनाई इंडिया' ने एकजुटता जताते हुए परिसरों में सकारात्मक माहौल बनाने की अपील की है.
लोक संगीत की मिट्टी से निकली यह धुन बॉलीवुड में नए अंदाज में आई तो हर उम्र के श्रोताओं की पसंद बन गई. रेखा भारद्वाज की आवाज और एआर रहमान के संगीत ने इसके देसी रंग को ऐसी पहचान दी, जो आज भी बरकरार है.
अजमेर जेल में कैदी पर हमला, पत्नी ने लगाए आरोप
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कैदी धनसिंह की पत्नी ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत में 2 लाख रुपये रिश्वत मांगने, रकम नहीं देने पर पति पर हमला करवाने और सुरक्षा में लापरवाही का दावा किया गया है. पत्नी ने जिला पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पति की जान-माल की सुरक्षा की मांग की है.
शहबाज शरीफ के न्यूयॉर्क पहुंचते ही प्रदर्शन, ‘चोर’ और ‘चेरी पॉलिश’ वाले पोस्टर से गरमाया विवाद
शहबाज शरीफ 81वें UNGA सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। उनके दौरे के बीच PTI समर्थकों के विरोध और ‘चोर’ व ‘चेरी पॉलिश’ वाले पोस्टरों से राजनीतिक विवाद तेज हो गया।
शनि की राशि में चंद्रमा-राहु की युति, कल से 4 राशियों के अच्छे दिन शुरू
23 सितंबर को चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से राहु मौजूद हैं. ऐसे में कुंभ राशि में चंद्रमा और राहु की युति बनेगी. इस दौरान कुछ राशियों के लिए आर्थिक, करियर और पारिवारिक मामलों में सकारात्मक बदलाव की संभावना बताई जा रही है.
10 हजार के विवाद में फूंक दिया 24 करोड़ का सामान, 150 रुपये के पेट्रोल से जला दीं 14 दुकानें
आगजनी के बाद क्राइम ब्रांच ने 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. आरोपी की एंट्री से लेकर बाहर निकलने तक की गतिविधियों को ट्रैक किया गया.
बिना टिकट रेल यात्रा... धरे गए, 18 लाख यात्रियों से वसूले ₹140Cr
Railway Penalty Income: सेंट्रल रेलवे ने बिना टिकट यात्रियों पर ताबड़तोड़ एक्शन लिया है, सिर्फ पांच महीने में ही ऐसे 18 लाख से ज्यादा यात्री पकड़े गए हैं और इससे रेलवे की तगड़ी कमाई हुई है.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसे अनोखे और हैरान करने वाले वाकया देखने को मिलते हैं जो क्रिकेट प्रेमियों को गहरी सोच में डाल देते हैं। भारत और जापान के बीच खेले गए सुजुकी कप के एकमात्र टी20 मुकाबले में कुछ ऐसा ही अद्भुत नजारा देखने को मिला। पांच-पांच ओवर के इस बेहद छोटे और रोमांचक मैच में टीम इंडिया ने जापान को मात्र दो रनों से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित पांच ओवरों में 4 विकेट खोकर सिर्फ 32 रन बनाए थे, जिसके जवाब में जापान की टीम भी पांच ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 30 रन ही बना सकी। जापान जैसी उभरती हुई टीम ने जिस तरह से भारत को आखिरी गेंद तक कड़ी टक्कर दी, उसने सभी को हैरान कर दिया। लेकिन इस मुकाबले का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला आकर्षण यह रहा कि पूरी पारी में मात्र 16 रन बनाने वाले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर को शानदार गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ियों को पछाड़कर 'प्लेयर ऑफ द मैच' (Player of the Match) का प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया।बारिश से प्रभावित पांच ओवर का मुकाबला: जापान ने भारत को दी कड़ी टक्करभारत और जापान के बीच खेला गया यह विशेष टी20 मैच भारी बारिश के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ था, जिसके चलते ओवर्स घटाकर पांच-पांच ओवर के कर दिए गए थे। लगातार बारिश के कारण मैदान और पिच बेहद गीली हो चुकी थी, जिससे गेंद बल्ले पर बिल्कुल भी सही तरीके से नहीं आ रही थी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए रन बनाना बेहद मुश्किल साबित हुआ और पूरी टीम बमुश्किल 5 ओवरों में 4 विकेट खोकर 32 रन ही बना सकी। इसके जवाब में जापानी बल्लेबाजों ने शानदार जज्बा दिखाया और मैच को आखिरी ओवर तक खींच लिया। जापान को जीत के लिए आखिरी ओवर में महज 8 रनों की दरकार थी और उनके 7 विकेट सुरक्षित थे। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अंत में दबाव बनाते हुए अंतिम गेंद पर मुकाबला 2 रन से अपने नाम कर लिया।वाशिंगटन सुंदर की बेहतरीन गेंदबाजी के बावजूद श्रेयस अय्यर को क्यों मिला अवॉर्ड?मैच में भारत की गेंदबाजी की बात करें तो स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर ने बेहद किफायती और घातक गेंदबाजी करते हुए अपने 2 ओवरों के कोटे में मात्र 13 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, और उन्हीं की गेंदबाजी के दम पर भारत मैच में वापसी कर सका था। इसके बावजूद जब मैच के अंत में 'प्लेयर ऑफ द मैच' की घोषणा हुई, तो वॉशिंगटन सुंदर की जगह कप्तान श्रेयस अय्यर का नाम सुनकर क्रिकेट फैंस काफी हैरान रह गए। मैच में केवल 12 गेंदों का सामना करते हुए एक मात्र चौके की मदद से 16 रन बनाने वाले श्रेयस अय्यर को यह पुरस्कार मिलने के पीछे की वजह बेहद दिलचस्प और पिच की कठिन परिस्थितियों से जुड़ी हुई थी।पिच पर सिंगल-डबल निकालना भी था टेढ़ी खीर: मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने खोले राजअपनी पारी और टीम की जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए कप्तान श्रेयस अय्यर ने उस मुश्किल विकेट की असलियत बयां की। श्रेयस अय्यर ने कहा, बल्लेबाजी के लिए यह विकेट बेहद कठिन और खतरनाक था। हमने हमारे सलामी बल्लेबाजों को भी देखा जो लगातार रन बनाने के आदी हैं, लेकिन वे भी पिच पर स्पिन और गेंद की धीमी गति का अंदाजा नहीं लगा पा रहे थे। क्रीज पर कदम रखते ही मैंने यह पूरी तरह तय कर लिया था कि इस पिच पर बड़े शॉट खेलने के बजाय सिंगल और डबल रन चुराना तथा स्ट्राइक रोटेट करना ही टीम के हित में सबसे जरूरी है। मैंने दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाजों से भी बात की, लेकिन इस सतह पर एक रन लेना भी किसी चुनौती से कम नहीं था।परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करने की रणनीति रही कामयाबअपनी पारी की योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए भारतीय कप्तान ने आगे कहा, सच कहूं तो मैंने फैसला किया कि मैं केवल गेंद की गति और उसकी स्थिति के हिसाब से खेलूंगा और उसी के अनुसार अपनी योजना बनाऊंगा। पिच पर गेंद काफी घूम रही थी और रुक-रुककर आ रही थी, इसलिए मैंने अपनी गति का फायदा उठाने और क्रीज के पीछे रहकर सिंगल्स व डबल्स में फोकस करने का निर्णय लिया। मैदान के हालात को देखते हुए यह तरीका टीम के लिए सबसे ज्यादा कारगर साबित हुआ। यही कारण है कि उस अत्यंत कठिन और लो-स्कोरिंग पिच पर कप्तानी पारी खेलते हुए टीम को संभालने और मुश्किल परिस्थितियों में सूझबूझ दिखाने के लिए श्रेयस अय्यर को 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया।
पंजाब पुलिस की 'वर्दी एडवाइजरी' पर बवाल, पुलिस ने कहा- कोई आदेश जारी नहीं हुआ, विपक्ष ने क्या कहा?
पंजाब पुलिस ने उस कथित एडवाइजरी को फर्जी बताया है, जिसमें सीमा जिलों के पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के बाद वर्दी में न घूमने और सिविल कपड़ों में यात्रा करने की सलाह दिए जाने का दावा किया गया था.
भारतीय अर्थव्यवस्था आज पूरी दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है, और देश के कॉरपोरेट जगत के बुनियादी फंडामेंटल्स भी बेहद मजबूत नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद पिछले कुछ समय से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा बाहर निकाले जाने का सिलसिला जारी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, केवल सितंबर के महीने में ही विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजारों से करीब 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम रकम निकाल ली है। इसके साथ ही वर्ष 2026 में अब तक कुल FPI आउटफ्लो बढ़कर लगभग 26 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिसने बाजार विश्लेषकों और निवेशकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। आइए गहराई से समझते हैं कि मजबूत घरेलू ग्रोथ के बावजूद विदेशी निवेशक आखिर भारत से अपना पैसा क्यों खींच रहे हैं और इसके पीछे कौन से 5 बड़े आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं।1. लार्ज कैप कंपनियों में टेक्नोलॉजी और भविष्य के बदलावों की सुस्त रफ्तारवैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन (Bernstein) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत की कई बड़ी और दिग्गज लार्ज कैप कंपनियां (Large Cap Companies) तेजी से बदल रहे वैश्विक तकनीकी और आर्थिक परिदृश्य के हिसाब से खुद को पर्याप्त गति से नहीं ढाल पा रही हैं। निवेशकों के मन में इन बड़ी कंपनियों के मौजूदा और ऊंचे वैल्यूएशंस (Valuations) को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बर्नस्टीन का कहना है कि भारत की कई पुरानी और स्थापित बड़ी कंपनियां आज भी पुराने आर्थिक दौर के कामकाज के तरीकों पर टिकी हुई हैं और वे मौजूदा ऊंचे वैल्यूएशंस को सही ठहराने के लिए जरूरी 'हाई ग्रोथ' देने में विफल हो रही हैं। इसके अलावा कई बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां नए और उभरते क्षेत्रों में भारी जोखिम उठाकर निवेश करने के बजाय अपने पारंपरिक और मौजूदा कारोबार को ही सुरक्षित रखने पर ज्यादा जोर दे रही हैं।2. इलेक्ट्रिक वाहन और सेमीकंडक्टर जैसे नए क्षेत्रों में पर्याप्त निवेश की कमीबड़ी कंपनियों के पास भारी मात्रा में पूंजी (Capital) और नकदी उपलब्ध होने के बावजूद, वे इलेक्ट्रिक वाहन (EV), सेमीकंडक्टर निर्माण (Semiconductor) और डीप-टेक जैसे भविष्य के उभरते हुए टेक्नोलॉजी सेक्टरों में उस स्तर पर बड़े पैमाने पर निवेश (Scale Investment) नहीं कर पा रही हैं जिसकी आज वैश्विक स्तर पर मांग है। कई बड़ी कंपनियां अभी भी सरकारी नीतियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से बचाने वाले संरक्षणवादी उपायों के सहारे टिके रहने की उम्मीद कर रही हैं। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) जैसे कुछ बड़े लार्ज कैप समूह इसके अपवाद जरूर हैं, जिन्होंने न्यू एनर्जी, डिजिटल सर्विसेज और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे हाई-ग्रोथ क्षेत्रों में बड़ा निवेश कर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। इसके बावजूद आईटी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते असर और राजस्व पर दबाव के कारण कई बड़ी कंपनियों के शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रहे हैं।3. लार्ज कैप और मिडकैप कंपनियों की कमाई (Earnings Growth) में बड़ा अंतरभारतीय ब्रोकरेज फर्म एम्बिट कैपिटल (Ambit Capital) की एक रिपोर्ट में लार्ज कैप और मिडकैप कंपनियों के बीच कमाई की ग्रोथ में एक बड़ा अंतर सामने आया है। आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में निफ्टी 50 (Nifty 50) की बड़ी कंपनियों की औसत कमाई में महज 11 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत मिडकैप कंपनियों की कमाई की ग्रोथ शानदार 31 प्रतिशत तक पहुंच गई। देश की मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग, फिनटेक, कंज्यूमर टेक्नोलॉजी और नए जमाने के डिजिटल क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। हालांकि, बड़ी संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के लिए इन मिडकैप कंपनियों में बड़े पैमाने पर पैसा लगाना आसान नहीं होता, क्योंकि इनमें फ्री-फ्लोट और लिक्विडिटी कम होती है और उनका एनालिस्ट कवरेज भी सीमित रहता है।4. लगातार ऊंची बनी हुई अमेरिकी बॉन्ड यील्ड (US Bond Yields) का दबावजेएम फाइनेंशियल (JM Financial) के वाइस-चेयरमैन विशाल कामपाणी के अनुसार, भारतीय बाजारों से लगातार हो रहे FPI आउटफ्लो के पीछे घरेलू कारणों के साथ-साथ अमेरिका में लगातार ऊंची बनी हुई बॉन्ड यील्ड भी एक मुख्य वजह है। वैश्विक निवेशकों के लिए अमेरिकी बॉन्ड सुरक्षित निवेश विकल्प बन जाते हैं जब वहां रिटर्न आकर्षक मिलता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी माना कि भारतीय शेयर बाजार के कुछ खास हिस्सों में वैल्यूएशंस शॉर्ट-टर्म के लिहाज से काफी आगे निकल चुके थे, जिसके चलते करेक्शन स्वाभाविक था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में यूरोप और उत्तर एशिया (North Asia) के निवेशकों की मजबूत रुचि के चलते विदेशी पूंजी का प्रवाह फिर से भारतीय बाजारों की ओर लौट सकता है।5. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता प्रसार और बाजार की धारणावैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक नई और बड़ी चुनौती के रूप में उभरा है। भारत में अभी तक कोई बड़ा घरेलू 'AI चैंपियन' नहीं बन पाया है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के एक वर्ग के बीच भारत को लेकर “एंटी-एआई” (Anti-AI) बाजार की धारणा भी फैलने लगी है। पिछले एक साल में ग्लोबल कैपिटल का बड़ा हिस्सा AI इंफ्रास्ट्रक्चर और एप्लीकेशन डेवलपमेंट की ओर डायवर्ट हुआ है। हालांकि विश्लेषकों का यह भी मानना है कि केवल वैश्विक AI ट्रेड के कमजोर होने या भू-राजनीतिक तनाव थमने से विदेशी पैसा अपने आप भारत नहीं लौट आएगा, बल्कि असली चुनौती यही होगी कि भारत की बड़ी कंपनियां भविष्य की जरूरतों के मुताबिक कितनी तेजी से अपने बिजनेस मॉडल को ट्रांसफॉर्म करती हैं।
यामी को मिला पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, इमोशनल हुए आदित्य धर
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का समारोह गुजरात के केवड़िया में एकता नगर में हुआ. बॉलीवुड अदाकारा यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब दिया गया. इस दौरान उनके पति आदित्य धर इमोशनल हो गए.
बिहार के जमुई जिले में नाबालिग लड़के और लड़की से बदसलूकी की घटना को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर निशाना साधा और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत गठबंधन की ओर से केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ और जीतन राम मांझी ने पलटवार करते हुए कहा कि घटना के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया गया और विपक्ष ‘जंगल राज’ के दौर को भूलकर राजनीति कर रहा है। केरल के वायनाड में मौजूद प्रियंका ने कहा, ‘‘यह बेहद भयावह है। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। अगर हमारी बेटियां सड़कों पर सुरक्षित नहीं हैं तो बड़ी-बड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्या मतलब है?’’इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी घटना को ‘‘बेहद विचलित करने वाला’’ बताते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक दल के नेता एवं मंत्री श्रवण कुमार तथा प्रदेश इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा घटना को ‘‘छिटपुट’’ बताए जाने की आलोचना करते हुए इसे असंवेदनशील करार दिया। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जमुई जिले में हुई इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “बिहार की बदनामी हो रही है और राज्य में गुंडाराज का माहौल है।”उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। यह शर्मनाक है कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कुछ नेता इस घटना को यह कहकर सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं।”केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार किया। ललन सिंह ने वीडियो संदेश में कहा, ‘‘जमुई की घटना रोंगटे खड़े कर देने वाली है। हम पीड़ित परिवार के साथ हैं। सम्राट चौधरी सरकार सुनिश्चित करेगी कि दोषियों को कड़ी सजा मिले।’’उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘2005 से पहले का दौर याद कर लीजिए, जब हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बने थे। उस समय शाम ढलने के बाद बेटियां घर से निकलने का साहस नहीं कर पाती थीं।’’मांझी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अधिकांश आरोपी यादव समुदाय से हैं। उन्होंने कहा, ‘‘तेजस्वी जी कहते हैं कि बिहार-यूपी का हर यादव उनका भाई है। अब उन्हीं भाइयों ने लड़की के साथ बदसलूकी की और सरकार को बदनाम करने के लिए वीडियो बनाया।’’पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि तेजस्वी को ‘‘अपने भाइयों को संभालना चाहिए, नहीं तो सुशासन वाली सरकार कार्रवाई करेगी।’’जमुई से भाजपा विधायक एवं राज्य मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि अपने क्षेत्र में हुई इस घटना से उन्हें पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को किसी जाति या वर्ग से नहीं, बल्कि ‘‘असामाजिक तत्व’’ के रूप में देखा जाना चाहिए। श्रेयसी ने कहा कि अधिकांश आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘अगर नैतिक पुलिसिंग की जरूरत हो तो वह शालीन तरीके से की जा सकती है।’’कांग्रेस ने उनके इस बयान का वीडियो साझा करते हुए इसे भाजपा की ‘‘पितृसत्तात्मक मानसिकता’’ का उदाहरण बताया। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी राजग सरकार की आलोचना की और घटना को ‘‘भयावह’’ बताते हुए इसे ‘‘छिटपुट’’ बताने वाली टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को लेकर तेजस्वी यादव के बयानों पर राजद के पुराने रिकॉर्ड के कारण सवाल उठते हैं। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने गिरफ्तार तीन नाबालिग आरोपियों को लेकर भी सवाल उठाए और सम्राट चौधरी से जुड़े पुराने मामले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘‘जब तेजस्वी यादव कानून-व्यवस्था की बात करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे कोई बाघ शाकाहार के गुण बता रहा हो।’’किशोर ने आरोप लगाया, “यह घटना भयावह और डरावनी है। सम्राट चौधरी के सत्ता में आने के बाद ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं।”उन्होंने यह भी दावा किया कि गिरफ्तार तीन नाबालिग आरोपी “वैसे ही बच सकते हैं जैसे 1990 के दशक में हत्या के एक मामले में दोषसिद्धि के बावजूद सम्राट चौधरी कथित तौर पर झूठे आयु प्रमाणपत्र के आधार पर बच निकले थे।”पूर्व चुनाव रणनीतिकार ने कहा, “जब तेजस्वी यादव कानून-व्यवस्था की बात करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे कोई बाघ शाकाहार के गुण बता रहा हो। भाजपा और उसके सहयोगी 20 वर्षों से अधिक समय तक इसलिए सत्ता में रहे हैं क्योंकि लोगों के मन में जंगल राज की यादें अब भी ताजा हैं।
सहारनपुर में जब 62 साल के 'कार्यकर्ता' के घर दाल-चावल खाने पहुंचे नितिन नवीन
NDTV से बात करते अजब सिंह ने बताया कि बहुत पहले RSS से जुड़े रहे हैं फिर ABVP में सक्रिय रहे. फिर उत्तराखंड में शिक्षक बन गए. रिटायरमेंट के बाद वापस सहारनपुर आ गए हैं.
AI ने छीनी 1.7 लाख से ज्यादा नौकरियां! अब AI बनाने वाले एक्सपर्ट ही बता रहे बड़ा खतरा...
Amazon, Microsoft, Meta और Oracle जैसी दिग्गज कंपनियों ने बड़े स्तर पर कर्मचारियों की कटौती की है, जबकि AI सुरक्षा पर काम कर चुके कई विशेषज्ञ भी इस तकनीक को लेकर चिंता जता चुके हैं.
भारतीय वित्तीय तकनीक (Fintech) सेक्टर और शेयर बाजार से एक बहुत बड़ी और अहम कारोबारी खबर सामने आ रही है। फिनटेक यूनिकॉर्न पाइन लैब्स (Pine Labs) में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को एक बड़ा ब्लॉक डील (Block Deal) देखने को मिला है। उपलब्ध आधिकारिक बाजार आंकड़ों और रिपोर्ट के अनुसार, मास्टरकार्ड एशिया (Mastercard Asia) ने अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेचते हुए पाइन लैब्स के कुल 4.97 करोड़ शेयर एक झटके में खुले बाजार में बेच दिए हैं। यह ब्लॉक डील बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ₹187.75 प्रति शेयर के औसत भाव पर निष्पादित की गई है। मास्टरकार्ड एशिया द्वारा बेचे गए इन शेयरों की कुल डील वैल्यू लगभग ₹934 करोड़ रही है, जिसने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।4 बड़े संस्थागत खरीदारों ने दिखाई दिलचस्पी: ICICI प्रूडेंशियल, सिटीग्रुप और एडेलवाइस ने खरीदे शेयरमास्टरकार्ड एशिया द्वारा की गई इस भारी-भरकम बिकवाली के तुरंत बाद देश और दुनिया के कई दिग्गज संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने आगे बढ़कर इन शेयरों को हाथों-हाथ खरीद लिया। ब्लॉक डील के विस्तृत आंकड़ों के मुताबिक, बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने 93.1 लाख शेयर यानी कंपनी की लगभग 0.81 प्रतिशत हिस्सेदारी ₹174.80 करोड़ के निवेश के साथ खरीदी है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशक सोशिए जनरल (Societe Generale) ने 87.7 लाख शेयर (0.76% हिस्सेदारी) ₹164.66 करोड़ में अपने नाम किए। वैश्विक वित्तीय दिग्गज सिटीग्रुप ग्लोबल (Citigroup Global) ने भी इस डील में भागीदारी करते हुए 66.7 लाख शेयर (लगभग 0.58% हिस्सेदारी) ₹125.23 करोड़ में खरीदे। वहीं घरेलू म्यूचुअल फंड दिग्गज एडेलवाइस म्यूचुअल फंड (Edelweiss MF) ने 52.94 लाख शेयर (करीब 0.46% हिस्सेदारी) ₹99.40 करोड़ की लागत से खरीदे हैं।ब्लॉक डील का संपूर्ण डेटा और वित्तीय आंकड़े: खरीदार और विक्रेता की पूरी सूचीबाजार में संपन्न हुए इस बड़े ब्लॉक डील के सटीक आंकड़े इस प्रकार हैं:ICICI Pru Life Insurance: 93.1 लाख शेयर | 0.81% हिस्सेदारी | डील वैल्यू: ₹174.80 करोड़Societe Generale: 87.7 लाख शेयर | 0.76% हिस्सेदारी | डील वैल्यू: ₹164.66 करोड़Citigroup Global: 66.7 लाख शेयर | 0.58% हिस्सेदारी | डील वैल्यू: ₹125.23 करोड़Edelweiss MF: 52.94 लाख शेयर | 0.46% हिस्सेदारी | डील वैल्यू: ₹99.40 करोड़मास्टरकार्ड एशिया (विक्रेता): 4.97 करोड़ शेयर | 4.31% हिस्सेदारी | कुल डील वैल्यू: ₹934 करोड़शेयर बाजार में पाइन लैब्स के शेयरों की चाल: बढ़त के साथ बंद हुआ स्टॉकब्लॉक डील के इस बड़े घटनाक्रम के बीच शेयर बाजार में पाइन लैब्स के शेयरों का प्रदर्शन काफी सकारात्मक रहा। 22 सितंबर 2026 को कारोबार के अंत में पाइन लैब्स का शेयर ₹197.55 के स्तर पर बंद हुआ, जो इसके पिछले बंद भाव ₹193.55 की तुलना में ₹4 यानी 2.07 प्रतिशत की शानदार बढ़त को दर्शाता है। पूरे कारोबारी सत्र के दौरान इस शेयर ने ऊपरी स्तर पर ₹205 का इंट्रा-डे हाई और निचले स्तर पर ₹191.60 का लो बनाया, जबकि इसका वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) ₹188.88 दर्ज किया गया। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस स्टॉक का उच्चतम स्तर ₹283.70 और न्यूनतम स्तर ₹134.75 रहा है।कंपनी का मार्केट कैप और वॉल्यूम: फिनटेक सेक्टर में मजबूत स्थितिकारोबारी दिन के दौरान पाइन लैब्स के काउंटर पर जबरदस्त एक्शन देखने को मिला, और कुल ₹1,049.91 करोड़ का कारोबार दर्ज किया गया, जिसमें कुल ट्रेडेड क्वांटिटी 55.85 लाख शेयरों की रही। वर्तमान में कंपनी का कुल फुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹22,794.47 करोड़ और फ्री-फ्लोट मार्केट कैप ₹22,190.16 करोड़ है। पाइन लैब्स का स्टैंडअलोन पीई (PE) 138.15 और कंसोलिडेटेड पीई 179.08 पर चल रहा है। यह कंपनी प्रमुख रूप से BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है और इसकी मूल बेसिक इंडस्ट्री फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (Fintech) श्रेणी है, जो डिजिटल भुगतान और मर्चेंट कॉमर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में देश की अग्रणी कंपनियों में गिनी जाती है।
तेजस्वी प्रकाश ने मुंबई में खर्च किए करोड़ों रुपये, खरीदा इतने करोड़ का आलीशान अपार्टमेंट
रजिस्ट्रेशन 16 फरवरी 2026 को हुआ था. स्टैंप ड्यूटी के रूप में करीब 38.15 लाख रुपये चुकाए गए. हालांकि, इस प्रॉपर्टी का कब्जा नवंबर 2030 में मिलने की उम्मीद है.
दैनिक जीवन की भागदौड़ और आधुनिक दिनचर्या के बीच अक्सर महिलाएं अपने शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं। सुबह उठते ही अत्यधिक थकान महसूस होना, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन तेजी से बढ़ना, चेहरे पर जिद्दी मुंहासे और एक्ने निकलना, त्वचा का बेजान होना तथा सिर के बालों का लगातार पतला होकर झड़ना—ऐसी समस्याएं आज के समय में हर दूसरी महिला की जिंदगी का हिस्सा बनती जा रही हैं। यदि खानपान और जीवनशैली ठीक होने के बावजूद आपके शरीर में ऐसे परिवर्तन लगातार आ रहे हैं, तो सावधान हो जाने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इन सभी लक्षणों के पीछे एक बहुत बड़ा और छिपा हुआ हार्मोनल कारण हो सकता है जिसे अब चिकित्सा जगत में 'पीएमओएस' (PMOS) के नाम से जाना जा रहा है। पहले इसे केवल पीसीओडी (PCOD) या ओवरी में सिस्ट की समस्या समझा जाता था, लेकिन अब इसका दायरा काफी व्यापक हो चुका है।क्या है पीएमओएस (PMOS)? महिलाओं के हॉर्मोन्स और मेटाबॉलिज्म को कैसे करता है प्रभावितपॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (Polyeocrine Metabolic Ovarian Syndrome - PMOS) महिलाओं में होने वाला एक बेहद जटिल हार्मोनल और चयापचय (मेटाबॉलिक) विकार है। इस स्थिति में शरीर में एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) की समस्या पैदा होती है और ओव्यूलेशन अनियमित हो जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में पीएमओएस से पीड़ित लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ होती हैं कि उनके शरीर में क्या चल रहा है और वे इन शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करती रहती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यही स्थिति आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज, गंभीर हृदय रोग और प्रजनन संबंधी भारी जोखिमों को जन्म दे सकती है। यह सिंड्रोम केवल ओवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर के पूरे हार्मोनल तंत्र और मेटाबॉलिज्म को अपनी चपेट में लेता है।मुख्य कारण और प्रमुख लक्षण: पहचानें शरीर के ये छुपे हुए संकेतपीएमओएस मुख्य रूप से हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है। जब शरीर में एंड्रोजन की मात्रा बढ़ती है, तो चेहरे, छाड़ी और ठोड़ी पर अनचाहे बाल उगने लगते हैं, बाल झड़ने लगते हैं और त्वचा पर भयानक एक्ने उभर आते हैं। इसके अलावा इंसुलिन प्रतिरोध के कारण शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन का ठीक से उपयोग नहीं कर पाती हैं, जिससे ब्लड शुगर और वजन दोनों अनियंत्रित होने लगते हैं। यदि आपके परिवार में पहले किसी को यह समस्या रही है, तो आनुवंशिक कारणों से इसका जोखिम और अधिक बढ़ जाता है। इन लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है:मासिक धर्म (Periods) का अनियमित होना, चक्र में भारी देरी होना या बहुत कम या अत्यधिक रक्तस्राव होना।पेट के आसपास और कमर की तरफ चर्बी का तेजी से जमा होना।जबड़े और गालों के आसपास बार-बार जिद्दी मुंहासे निकलना।सिर के बालों का तेजी से झड़ना और बालों का घनत्व कम होना।हर समय भारीपन, थकान और सुस्ती महसूस होना।मनोदशा में अचानक बदलाव (Mood Swings), अत्यधिक तनाव और आत्मविश्वास में कमी आना।गंभीर बीमारियां और गर्भपात (Miscarriage) का बढ़ता खतराचिकित्सकीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार, यदि पीएमओएस के लक्षणों को समय रहते नियंत्रित न किया जाए, तो महिलाओं में कई गंभीर बीमारियां घर कर सकती हैं। इनमें गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हाई कोलेस्ट्रॉल, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, स्लीप एपनिया और यहां तक कि गर्भाशय की आंतरिक परत से जुड़े गंभीर जोखिम शामिल हैं। इसके अलावा जर्नल ऑफ एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबोलिज्म में प्रकाशित शोध के अनुसार, हार्मोन असंतुलन अधिक बढ़ जाने पर दिल की बीमारियों और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा 68 प्रतिशत तक बढ़ जाता है, और यदि इसका निदान न हो तो गर्भपात (Miscarriage) की आशंका भी बनी रहती है।मानसिक स्वास्थ्य पर असर और जीवनशैली में जरूरी बदलावशारीरिक बदलावों, इनफर्टिलिटी, वजन बढ़ने और चेहरे के सौंदर्य पर पड़ने वाले असर के कारण महिलाओं को गंभीर एंग्जायटी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में तनाव प्रबंधन बहुत जरूरी है। पीएमओएस को नियंत्रित करने के लिए अपनी जीवनशैली में ये बदलाव करें:फाइबर युक्त आहार: अपने भोजन में अधिक मात्रा में फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट शामिल करें, जिससे इंसुलिन का स्तर संतुलित रहे।हरी सब्जियां और मौसमी फल: जंक फूड और अत्यधिक मीठी चीजों से दूरी बनाएं और ताजे फल व हरी पत्तेदार सब्जियों को प्राथमिकता दें।नियमित व्यायाम: वजन और हार्मोन्स को नियंत्रण में रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट कसरत, योग या प्राणायाम के लिए निकालें।पूरी नींद और तनाव मुक्ति: मेडिटेशन करें और यह सुनिश्चित करें कि आपकी दैनिक नींद पूरी हो ताकि शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी दुरुस्त रह सके।
Patna में SLBC Bihar की 98वीं बैठक में KCC, MSME और कृषि ऋण प्रवाह की हुई समीक्षा
आज पटना में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), बिहार की 98वीं बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री-सह-वित्त मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने की। बैठक में माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, श्री श्रवण कुमार तथा माननीय मंत्री, कृषि विभाग, श्री विजय कुमार सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक में राज्य के वरिष्ठ अधिकारीगण- बिहार के विकास आयुक्त, वित्त विभाग के प्रधान सचिव, कृषि विभाग के प्रधान सचिव, वित्त विभाग की सचिव (व्यय), सहकारिता विभाग के सचिव, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव तथा जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इसे भी पढ़ें: BPSC Project Manager Exam 2026 स्थगित, आयोग जल्द जारी करेगा नई तारीख बैठक के दौरान राज्य में वित्तीय प्रगति, ऋण प्रवाह तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा एवं निर्णय लिए गए: SLBC बिहार की 96वीं और 97वीं संयुक्त त्रैमासिक बैठक के कार्यवृत्त का अंगीकरण किया गया तथा उनके आलोक में तय किए गए कार्य बिंदुओं पर हुई प्रगति की समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही तक वार्षिक साख योजना (ACP) के तहत उपलब्धियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही प्राथमिक क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण, सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं (PMEGP, PMFME, मुद्रा योजना, PM-स्वनिधि, PM विश्वकर्मा एवं PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना), MSME तथा कृषि क्षेत्र (KCC फसल ऋण, डिजिटल KCC और कृषि अवसंरचना कोष) के वित्त पोषण का जायजा लिया गया। पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए KCC ऋण तथा जीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के बैंक लिंकेज एवं व्यक्तिगत वित्तपोषण की प्रगति पर विशेष जोर दिया गया। बैंकों में NPAs, नीलाम-पत्र वादों तथा SARFAESI अधिनियम से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन एवं रिकवरी से जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श हुआ। राज्य के जिलों के साख-जमा अनुपात (CD Ratio) की समीक्षा करते हुए ऋण ग्राह्यता क्षमता बढ़ाने के उपाय, बिना बैंकिंग सुविधा वाले रेवेन्यू केंद्रों (URCs) में नए आउटलेट खोलने, महिला बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स (BCs) की भागीदारी बढ़ाने तथा BCs के सामने आ रही operational चुनौतियों के समाधान पर बात की गई। राज्य में PoS मशीनों और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए डिजिटल भुगतान के बुनियादी ढांचे के विस्तार तथा FLCs/CFLs और स्कूली पाठ्यक्रम के माध्यम से डिजिटल वित्तीय साक्षरता बढ़ाने पर बल दिया गया।PMJDY (पुनः KYC सहित), PMJJBY, PMSBY, अटल पेंशन योजना (APY), ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के वित्तीय समावेशन, स्टार्टअप्स के लिए क्रेडिट गारंटी तथा अनक्लेम्ड ऐसेट्स के त्वरित निपटान संबंधी विषयों पर समीक्षा की गई। इसे भी पढ़ें: North East Delhi riots 2020 case: शरजील इमाम को बड़ी राहत, इस वजह से 7 दिन रहेंगे जेल से बाहर, मिली अंतरिम जमानत मुख्यमंत्री सचिवालय के ई-कंपलायन्स डैशबोर्ड, सहयोग पोर्टल (RTMS) और CP GRAMS Portal के माध्यम से प्राप्त बैंकिंग शिकायतों के अनुपालन तथा बिहार राज्य CSR पोर्टल पर नोडल अधिकारियों के पंजीकरण और गतिविधियों को अपलोड करने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में राज्य में कौशल विकास (RSETI व NSDC के माध्यम से), व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन तथा प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में ऋण पुनर्गठन जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
55 पार्षदों का समर्थन फिर भी हार गई BJP! निर्दलीय शरीफ कुरैशी बने उपसभापति
Nagaur Municipal Election Result 2026: नागौर नगर परिषद में 55 सीटों वाली BJP उपसभापति चुनाव हारी. निर्दलीय मोहम्मद शरीफ कुरैशी 5 वोटों से जीतकर बने उपसभापति. पूरी रिपोर्ट पढ़ें...
राधा-कृष्ण संग झूमीं UP की मंत्री गुलाब देवी, देखें...
संभल के मुण्डनपुर गांव में गणेश चतुर्थी कार्यक्रम के दौरान मंत्री गुलाब देवी राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजे कलाकारों के साथ भजनों पर नृत्य करती नजर आईं. कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. रासलीला के मंच पर मंत्री का यह अंदाज चर्चा में है. वीडियो में जानें मामला.
टेक्सास में 90 फुट की हनुमान प्रतिमा पर विवाद, ‘गिरा देंगे’ पोस्ट से गरमाई बहस
टेक्सास के शुगर लैंड में 90 फुट की हनुमान प्रतिमा पर जेसी ह्यूजेस की ‘गिरा देंगे’ पोस्ट के बाद विवाद बढ़ गया है। हिंदू संगठनों और पूर्व अमेरिकी सैनिक ने आपत्ति जताई।
सिर्फ मेनोपॉज के बाद नहीं होती दिल की बीमारियां: कम उम्र की महिलाओं के लिए भी बड़ी चेतावनी
दैनिक जीवन की भागदौड़ में अक्सर महिलाएं अपने स्वास्थ्य को सबसे आखिरी प्राथमिकता पर रखती हैं। घर की सीढ़ियां चढ़ते वक्त सांस फूलना, थोड़ा सा काम करने पर अत्यधिक थकान महसूस होना, सिर घूमना, चक्कर आना या अचानक घबराहट जैसी समस्याएं आज के समय में बहुत आम हो चुकी हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश, 30 से 40 वर्ष की युवा आयु वर्ग में लोग इन शुरुआती लक्षणों को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं और इसे केवल सामान्य कमजोरी या थकान मानकर छोड़ देते हैं। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट (Fortis Escorts Heart Institute, New Delhi) की वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. का कहना है कि महिलाओं की सेहत को लेकर बरती जाने वाली यह छोटी सी लापरवाही आगे चलकर एक गंभीर और जानलेवा चुनौती का रूप ले लेती है। इसलिए किसी भी शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय रहते अपनी संपूर्ण चिकित्सकीय जांच जरूर करवाएं।क्या महिलाओं को सिर्फ मेनोपॉज के बाद होती हैं दिल की बीमारियां? जानिए सबसे बड़ा मेडिकल मिथकसमाज में और आम महिलाओं के बीच एक बहुत पुरानी और पक्की धारणा बनी हुई है कि दिल की बीमारियां (Heart Diseases) या हार्ट अटैक केवल पुरुषों को या फिर महिलाओं को मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के बाद ही अपनी चपेट में लेते हैं। लेकिन चिकित्सा विज्ञान और प्रसिद्ध पल्मोनरी व कार्डियोलॉजिकल शोध पत्रिकाओं जैसे 'जर्नल हाइपरटेंशन' में प्रकाशित हालिया अध्ययनों ने इस मिथक को पूरी तरह खारिज कर दिया है। डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि हृदय संबंधी जटिलताएं अब मेनोपॉज से काफी पहले यानी कम उम्र की महिलाओं में भी तेजी से पैर पसार रही हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि महिलाएं न केवल अपने खानपान और डाइट पर पैनी नजर रखें, बल्कि अपनी शारीरिक सक्रियता (Physical Activity) को भी दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बनाएं। इसके साथ ही हर महिला को अपनी सेहत से जुड़े बुनियादी मेडिकल डेटा—जैसे कि ब्लड प्रेशर (BP) कितना रहता है, कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का स्तर क्या है, ब्लड शुगर नियंत्रित है या नहीं, और शरीर का वजन तय सीमा से ज्यादा तो नहीं बढ़ रहा है—की पूरी जानकारी होनी चाहिए।एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी कैसे बनती है मुसीबत? धमनियों में प्लाक जमने का खतरामहिलाओं के शरीर में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला 'एस्ट्रोजन' (Estrogen) हार्मोन उनके दिल के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह हार्मोन रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को लचीला और स्वस्थ रखकर महिलाओं को हृदय रोगों के संभावित खतरे से बचाता है। एस्ट्रोजन शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बढ़ाता है और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है, जिससे धमनियों में वसा या प्लाक (Plaque) नहीं जम पाता। इसके अलावा, यह रक्त वाहिकाओं के अंदरूनी हिस्सों में होने वाली सूजन (Inflammation) से भी बचाव करता है। लेकिन सामान्य तौर पर 40 से 50 की उम्र के बीच जब महिलाओं में मेनोपॉज का समय आता है, तो एस्ट्रोजन का स्तर बहुत तेजी से गिरना शुरू हो जाता है। इस हार्मोनल बदलाव के कारण शरीर में कई प्रतिकूल परिवर्तन होने लगते हैं जैसे—तेजी से वजन बढ़ना, खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर ऊपर जाना और इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) का पैदा होना। यदि महिलाएं मेनोपॉज से पहले ही अपनी जीवनशैली को लेकर सतर्क नहीं होती हैं, तो यह संक्रमण उनके लिए बड़ा जोखिम बन सकता है।आधुनिक जीवनशैली और हार्मोनल असंतुलन: क्यों कम उम्र में बढ़ रहा है हार्ट अटैक का जोखिमकुछ दशक पहले तक महिलाएं 50 से 60 वर्ष की आयु तक पूरी तरह स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करती थीं और उस दौर में महिलाओं में दिल के दौरे के मामले बहुत ही दुर्लभ माने जाते थे। लेकिन आज की आधुनिक जीवनशैली ने इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। वर्तमान में महिलाएं मेनोपॉज की दहलीज पर पहुंचते-पहुंचते कई गंभीर चयापचय (Metabolic) विकारों और बीमारियों से घिर जाती हैं। इसके मुख्य कारणों में अत्यधिक मानसिक तनाव, काम का भारी दबाव, शारीरिक सक्रियता या एक्सरसाइज की भारी कमी, खानपान में लापरवाही और जंक फूड का अधिक सेवन शामिल है। इसके अलावा सिगरेट-तंबाकू का सेवन या पैसिव स्मोकिंग भी इस खतरे को कई गुना बढ़ा देती है। यदि आपको भी हार्मोन असंतुलन की समस्या महसूस हो रही है और सामान्य दिनों की तुलना में बहुत अधिक भूख या प्यास लगने जैसे बदलाव दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से बढ़ाएं अपनी शारीरिक क्षमता और मांसपेशियों की मजबूतीअक्सर महिलाएं सोचती हैं कि जिम जाने या कसरत करने की शुरुआत कैसे की जाए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि कभी भी एकदम से भारी-भरकम वर्कआउट शुरू न करें, बल्कि धीरे-धीरे अपनी शारीरिक क्षमता का विकास करें। पुरुषों की तरह महिलाओं के लिए भी 'स्ट्रेंथ ट्रेनिंग' (Strength Training) उतनी ही जरूरी है। मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में मांसपेशियों की ताकत और हड्डियों का घनत्व तेजी से कम होने लगता है (जिसे ऑस्टियोपोरोसिस और सारकोपेनिया कहा जाता है)। इस प्राकृतिक क्षति से बचने के लिए अभी से सजग होना जरूरी है। शुरुआत में हल्के डंबल, रेजिस्टेंस बैंड (Exercise Bands) का प्रयोग करें। यदि आपको पीठ या कमर में दर्द रहता है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भारी कसरत न करें, बल्कि विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही रूटीन तय करें।दिल को सेहतमंद रखने के लिए अपनाएं यह खास हार्ट-हेल्दी डाइटअपने हृदय को आजीवन सुरक्षित और दुरुस्त रखने के लिए अपनी रसोई और खानपान की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाएं:हरी पत्तेदार सब्जियां: अपने दैनिक आहार में पालक, मेथी, बथुआ और लौकी जैसी ताजी हरी सब्जियां भरपूर मात्रा में शामिल करें।मौसमी फल: सेब, पपीता, अमरूद, संतरा और मौसमी जैसे फल एंटीऑक्सीडेंट्स और डाइटरी फाइबर से भरपूर होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को काबू में रखते हैं।साबुत अनाज: कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित और संतुलित रखने के लिए अपने भोजन में जौ, ज्वार, बाजरा और दलिया को जगह दें।हेल्दी फैट का चुनाव: डीप-फ्राई और ट्रांस-फैट वाली चीजों (जैसे समोसा, फ्रेंच फ्राइज, बर्गर, पिज्जा और प्रोसेस्ड फूड) से पूरी तरह दूरी बना लें। इसके स्थान पर मूंग, मसूर, चना और विभिन्न प्रकार की दालों का सेवन करें जो संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं।
लता मंगेशकर ने साल 1955 में आई फिल्म आजादी के लिए अपनी बहन ऊषा मंगेशकर के साथ मिलकर एक गाना गाया था. ये गाना आज तक काफी पॉपुलर है लेकिन फिर भी कोई इसका मतलब नहीं जानता. आप भी करें ट्राई.
बिहार के जमुई में कोचिंग से लौट रहे दसवीं कक्षा के नाबालिग छात्र और छात्रा को कथित तौर पर रास्ते में रोककर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया है। घटना के वीडियो में कई युवक दोनों को घेरते दिखाई दे रहे हैं। छात्रा लोगों से हाथ जोड़कर उन्हें जाने देने की गुहार लगाती नजर आती है, जबकि छात्र के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस के अनुसार घटना 19 सितंबर की शाम जमुई के नगर थाना क्षेत्र में हुई। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है और सात लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस ने की है। मामले में पॉक्सो अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
आज के डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में हर कोई छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं से निजात पाने के लिए इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक वीडियो पर नजर आने वाले 'आयुर्वेदिक हैक्स' (Ayurvedic Hacks) और घरेलू नुस्खों पर आंख मूंदकर भरोसा करने लगा है। गले में खराश हो, हल्का सिरदर्द हो, सर्दी-जुकाम हो या फिर पुरानी कब्ज की शिकायत, लोग बिना किसी डॉक्टर या वैद्य से परामर्श किए तुरंत ऑनलाइन बताए गए नुस्खे आजमाने लगते हैं या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से धड़ल्ले से आयुर्वेदिक दवाइयां मंगवाकर खाने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह लापरवाही आपके शरीर के लिए वरदान साबित होने के बजाय एक बड़ा अभिशाप बन सकती है? अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA, Delhi) के निदेशक और जाने-माने विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कुमार प्रजापति ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के सोशल मीडिया के ट्रेंड्स देखकर खुद अपना इलाज करना सेहत के लिए बेहद जोखिम भरा हो सकता है।आयुर्वेद को 'हानिरहित' समझना सबसे बड़ी भूल: बिना जानकारी के दवाओं का सेवन है खतरनाकआम लोगों के मन में एक बहुत बड़ी और मिथ्या धारणा यह बैठ गई है कि आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है, इसलिए इन्हें बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी भी मात्रा में लिया जा सकता है। जानकारों का कहना है कि यह सोच पूरी तरह गलत है। आयुर्वेद भी चिकित्सा की एक अत्यंत शक्तिशाली और वैज्ञानिक पद्धति है। यदि आपको दवा की सही खुराक (Dosage), उसकी तासीर और अपनी बीमारी की प्रकृति के बारे में पूरी जानकारी नहीं है, तो गलत दवा फायदे की जगह आपके शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इंटरनेट पर मिलने वाली आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर मधुमेह (Diabetes), रक्तचाप (Blood Pressure) या थायराइड जैसी गंभीर पुरानी बीमारियों का स्व-उपचार (Self-Medication) जानलेवा साबित हो सकता है।ऑनलाइन बिकने वाले उत्पादों के छिपे खतरे: मेटल पॉइजनिंग और खतरनाक ड्रग इंटरेक्शनसोशल मीडिया या अनधिकृत ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर बेची जाने वाली सभी आयुर्वेदिक दवाइयां जरूरी नहीं कि उच्च गुणवत्ता और सरकारी मानकों पर खरी उतरती हों। कई बार ऐसे उत्पादों में कुछ ऐसे अशुद्ध पदार्थ, भारी धातुएं या केमिकल्स मिले होते हैं जो शरीर में जाकर गंभीर साइड इफेक्ट पैदा करते हैं। इसके अलावा कई लोग जड़ी-बूटियों को पूरी तरह सुरक्षित मानकर अपनी चल रही एलोपैथिक या अन्य अंग्रेजी दवाओं के साथ उनका सेवन करने लगते हैं, जिससे खतरनाक 'ड्रग इंटरेक्शन' (Dangerous Reaction) हो सकता है। कई बार व्यापारी अधिक मुनाफा कमाने के नाम पर ऐसे उत्पाद बेचते हैं जिनके सेवन से फूड पॉइजनिंग, गंभीर एलर्जी, त्वचा पर चकत्ते या पेट का संक्रमण जैसी समस्याएं तुरंत शुरू हो जाती हैं।जीवन जीने का विज्ञान है आयुर्वेद: दिनचर्या और 'ऋतुचर्या' के नियमों को समझेंआयुर्वेद केवल कुछ जड़ी-बूटियों का नाम नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण जीवन जीने का एक अनुशासित विज्ञान है, जो हमारे तन और मन के बीच सामंजस्य स्थापित करना सिखाता है। आज की आधुनिक और भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग करियर और पैसे की होड़ में समय पर सोने, जागने और भोजन करने के प्राकृतिक नियमों को पूरी तरह भूल चुके हैं। शरीर की इसी प्राकृतिक जैविक घड़ी (Biological Clock) के बिगड़ने से बीमारियां जन्म लेती हैं। स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेद के इन बुनियादी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है:निश्चित नींद लें: सोने और जागने का एक पक्का समय निर्धारित करें। नींद पूरी न होने से शरीर में 'पित्त दोष' का प्रकोप बढ़ता है, जिससे हार्मोन असंतुलन, माइग्रेन, अत्यधिक भूख-प्यास, बाल झड़ना और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।ऋतुचर्या अपनाएं: मौसम के बदलाव के अनुकूल अपनी खानपान की दिनचर्या में बदलाव करें, जिसे आयुर्वेद में 'ऋतुचर्या' कहा गया है।लोकल डाइट अपनाएं: अपने रोजाना के आहार में उस भोजन को प्राथमिकता दें जो आपके भौगोलिक क्षेत्र और मौसम के अनुकूल हो।आंतों की सेहत और तनाव प्रबंधन: तनाव का सीधा असर हमारी आंतों (Gut Health) पर पड़ता है। इसलिए योग, प्राणायाम और ध्यान के जरिए तनाव को नियंत्रित करना सीखें और शारीरिक निष्क्रियता व आलस्य से दूर रहें।
कल का मौसम, 23 सितंबर: बुधवार को 19 राज्यों में होगी बारिश, 70 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD अलर्ट
उत्तर प्रदेश में 23 सितंबर को कुछ हिस्सों में हल्की से छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। बहुत ज्यादा बारिश का अनुमान नहीं है।
गोद लिए बच्चे से तंग आईं मां, 8 साल बाद लौटाने की अर्जी
गोद लेने के कई साल बाद अगर बच्चा आक्रामक व्यवहार करने लगे और माता-पिता उसकी देखभाल करने में असमर्थ महसूस करें, तो क्या उसकी कस्टडी वापस की जा सकती है? दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंचे ऐसे ही मामले ने इस सवाल को चर्चा में ला दिया है. जानिए कानून क्या कहता है.
सनातन धर्म, ज्योतिष और पंचांगीय गणनाओं में आश्विन मास को वर्ष का सबसे अधिक पवित्र, ऊर्जावान और आध्यात्मिक रूप से फलदायी महीना माना गया है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आश्विन वर्ष का सातवां महीना होता है, जो इस वर्ष 27 सितंबर 2026, रविवार से शुरू होकर 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को समाप्त होगा। इस पावन महीने की शुरुआत के साथ ही प्रकृति में भी बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं, जहां सूर्य की तेज गर्मी धीरे-धीरे कम होने लगती है और हल्की ठंडक का अहसास होने लगता है। आश्विन मास की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका पहला पखवाड़ा पितृ पक्ष (श्राद्ध) के रूप में हमारे पूर्वजों को समर्पित होता है, जबकि दूसरा पखवाड़ा आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना के पावन पर्व 'श शारदीय नवरात्रि' और विजय दशमी (दशहरा) के उल्लास से सराबोर रहता है। मार्कंडेय पुराण के प्रसिद्ध ग्रंथ 'देवी महात्म्य' (दुर्गा सप्तशती) में भी आश्विन मास की महिमा का विस्तार से वर्णन मिलता है।आश्विन मास की पवित्रता और ऐतिहासिक महत्व: क्यों खास माना जाता है यह महीना?धार्मिक और खगोलीय दृष्टिकोण से आश्विन मास बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र में स्थित होता है, जिसके अधिष्ठाता देवता आरोग्य के देवता 'अश्विनी कुमार' हैं। इस महीने में किए जाने वाले व्रत, उपवास, दान और अनुष्ठान मनुष्य के शरीर, मन और आत्मा पर सीधे तौर पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। आश्विन मास के दौरान ही इंदिरा एकादशी, पितृ विसर्जन, शारदीय नवरात्रि घटस्थापना, दुर्गा पूजा, कन्या पूजन, पापांकुशा एकादशी, करवा चौथ, और शरद पूर्णिमा (कोजागरा) जैसे महान व्रत और उत्सव मनाए जाते हैं। इस महीने में संध्याकाल के समय नियमित रूप से अखंड दीपक या घी का दीया जलाने से पितरों की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।आश्विन मास में क्या करें: दैनिक नियम और अनुष्ठानों का पालननियमित स्नान और दान: आश्विन मास में प्रतिदिन सुबह सूर्योदय से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या फल का दान करें।संध्या वंदन और दीपक प्रज्वलन: इस पूरे महीने में शाम के समय घर के मुख्य द्वार और पूजा घर में संध्या दीपक जरूर जलाएं।पितरों का स्मरण: पहले पखवाड़े में पितृ पक्ष के नियमों का पालन करते हुए सच्चे भाव से तर्पण और पिंडदान करें।इष्ट देव की उपासना: अपने कुल देवता और इष्ट देवी-देवता के मंत्रों का जाप और उनकी नियमित आरती करें।आश्विन मास में क्या न करें: किन नियमों का रखें विशेष ध्यानशुभ कार्यों और उत्सवों से परहेज: आश्विन मास के पहले पखवाड़े यानी पितृ पक्ष के दौरान नई संपत्ति की खरीदारी, नया वाहन, गृह प्रवेश, मुंडन, सगाई या किसी भी प्रकार के मांगलिक उत्सवों का आयोजन करने से बचना चाहिए।तामसिक भोजन का त्याग: चूंकि इस महीने में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है, इसलिए पूरे महीने या कम से कम नवरात्रि के दौरान लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा और किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।बाल और नाखून काटने से बचें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष और नवरात्रि के विशेष दिनों में बाल, दाढ़ी और नाखून काटने से बचना चाहिए।महिलाओं का सम्मान करें: इस पवित्र महीने में किसी भी स्त्री का अपमान न करें, क्योंकि सनातन संस्कृति में सभी नारियों को मां शक्ति का रूप माना गया है।
सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2026) का पूरा पखवाड़ा अपने पूर्वजों, दिवंगत परिजनों और कुल के पितरों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता अर्पित करने का सबसे पावन और पवित्र समय माना जाता है। इन सोलह दिनों में सनातन धर्मावलंबी अपने पितरों की तृप्ति के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। ऐसी अटूट धार्मिक मान्यता है कि पितृ पक्ष के इन विशेष दिनों में हमारे पूर्वज सूक्ष्म रूप में अपने परिजनों से मिलने और उनका आतिथ्य स्वीकार करने के लिए उनके घरों में पधारते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ प्राचीन वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे विशेष नियमों और उपायों का उल्लेख किया गया है जिनका संबंध सीधे हमारे घर के मुख्य प्रवेश द्वार (Main Door) से होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार वह ऊर्जा मार्ग है जिसके जरिए सकारात्मक शक्तियां, देवी-देवता और स्वयं पितृगण घर में प्रवेश करते हैं। यदि पितृ पक्ष के दौरान घर के मुख्य द्वार को वास्तु के अनुकूल साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखा जाए, तो पितर बेहद प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।मुख्य द्वार की विशेष साफ-सफाई: धूल-मिट्टी और कबाड़ से प्रवेश मार्ग को रखें बिल्कुल मुक्तवास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार किसी भी घर का मुख्य प्रवेश द्वार उसकी पहली पहचान और ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है। पितृ पक्ष के दौरान यह अत्यंत आवश्यक है कि आप अपने घर के मुख्य दरवाजे और उसके आसपास के परिसर की रोजाना नियमित रूप से अच्छी तरह साफ-सफाई करें। दरवाजे के आस-पास किसी भी प्रकार की धूल, मिट्टी, गंदगी या कचरा जमा नहीं होना चाहिए। यदि मुख्य द्वार या उसके कोनों में मकड़ी के जाले लगे हुए हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें। इसके अलावा मुख्य द्वार के ठीक सामने या उसके बिल्कुल पास पुराने डिब्बे, टूटे हुए बर्तन, बेकार फर्नीचर, जूते-चप्पल या किसी भी प्रकार का कबाड़ इकट्ठा करके रखने से बचना चाहिए। वास्तु विज्ञान के अनुसार एक साफ-सुथरा, खुला और व्यवस्थित प्रवेश द्वार घर में सकारात्मक ऊर्जा और पितरों की सकारात्मक उपस्थिति को सहजता से आकर्षित करता है।जूते-चप्पलों को सही दिशा में रखना जरूरी: मुख्य दरवाजे पर बिखराव से आती है नकारात्मकताअक्सर देखने में आता है कि लोग घर लौटते वक्त अपने जूते-चप्पल सीधे मुख्य दरवाजे के पास ही उतार देते हैं, जिससे प्रवेश द्वार बेहद अव्यवस्थित और बदरंग दिखाई देने लगता है। मुख्य दरवाजे के सामने बिखरे हुए जूते-चप्पल घर की सुंदरता पर तो ग्रहण लगाते ही हैं, साथ ही यह वास्तु दोष का भी बड़ा कारण बनते हैं। वास्तु के नियमों के अनुसार जूते-चप्पल उतारने और रखने के लिए हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा को सबसे उपयुक्त माना गया है। कभी भी मुख्य द्वार के बिल्कुल सामने या चौखट के पास जूते-चप्पल का ढेर न लगाएं। पितृ पक्ष के पवित्र दिनों में घर के प्रवेश द्वार को पूरी तरह साफ और सुव्यवस्थित रखना चाहिए ताकि पूर्वजों का आगमन सहजता से हो सके।तोरण और रंगोली से सजाएं मुख्य द्वार: शोक नहीं, इसे उत्सव के रूप में मनाएंकई लोग यह मानते हैं कि पितृ पक्ष का समय केवल शोक या वैराग्य का होता है, जबकि सनातन परंपरा में यह समय अपने पूर्वजों के प्रति आदर भाव व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद पाने का एक पर्व माना जाता है। चूंकि इस दौरान हमारे पितृ हमारे घर पर मेहमान के रूप में निवास करने आते हैं, इसलिए उनके स्वागत में घर के मुख्य द्वार को तोरण और सुंदर रंगोली से सजाना चाहिए। आप इस अवसर पर ताजे आम या अशोक के पत्तों और शुभ गेंदे के फूलों से बना हुआ तोरण मुख्य दरवाजे पर लगा सकते हैं। इसके अलावा मुख्य द्वार के सामने जमीन पर साफ-सुथरी जगह पर हल्दी, चावल के आटे या फूलों की पंखुड़ियों से छोटी और सुंदर रंगोली जरूर बनाएं। ऐसा करने से घर का प्रवेश द्वार अत्यंत मनमोहक और ऊर्जावान नजर आता है।मुख्य दरवाजे से नहीं आनी चाहिए कर्कश आवाज: कब्जों में तेल डालकर रखें दुरुस्तवास्तु शास्त्र में इस बात का विशेष निर्देश दिया गया है कि घर का कोई भी दरवाजा, विशेषकर मुख्य प्रवेश द्वार खोलते या बंद करते समय किसी भी प्रकार की तेज, कर्कश या अजीब आवाज नहीं आनी चाहिए। यदि आपका मुख्य दरवाजा खोलते समय चीखने या रगड़ने जैसी आवाज करता है, तो पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही उसकी उचित मरम्मत करवा लेनी चाहिए। आप दरवाजों के धातु के कब्जों (Hinges) में नियमित रूप से सरसों का तेल या मशीन का तेल डालकर उसे पूरी तरह आवाज-मुक्त और सहज बना सकते हैं। वास्तु के अनुसार घर के भीतर शांत, सुचारू और व्यवस्थित माहौल होने से पितृगण अत्यंत प्रसन्न होते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति का वास रहता है।शाम के समय मुख्य द्वार पर रोशनी रखना अनिवार्य: अंधेरे से दूर होती हैं सकारात्मक ऊर्जाएंधार्मिक मान्यताओं और वास्तु नियमों के अनुसार शाम के समय यानी गोधूलि बेला में घर के मुख्य द्वार पर कभी भी अंधेरा नहीं रहना चाहिए। पितृ पक्ष के दिनों में संध्या के वक्त मुख्य द्वार पर पर्याप्त रोशनी (लाइट या दीपक) की व्यवस्था अवश्य करें। जब पितृगण या सकारात्मक ऊर्जाएं आपके घर की ओर आएं, तो उन्हें मुख्य मार्ग पर किसी भी प्रकार का अंधकार न मिले। शाम के समय मुख्य दरवाजे के पास एक घी का दीपक जलाना या उज्जवल रोशनी रखना पितरों का मार्ग प्रशस्त करता है और घर में कभी भी आर्थिक तंगी या नकारात्मकता प्रवेश नहीं करती।दहलीज की पवित्रता और शुभ पौधों का रोपण: तुलसी, अशोक और शमी का महत्वमुख्य द्वार की दहलीज यानी चौखट का भी पितृ पक्ष के दौरान विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है। प्राचीन परंपरा के अनुसार इन दिनों में दहलीज को रोजाना साफ जल या ताजे गोबर से लीपकर पवित्र किया जाता है। यदि आपके घर की दहलीज पुरानी है और कहीं से टूटी हुई है, तो पितृ पक्ष के आगमन से पूर्व ही उसकी मरम्मत करा लेना उत्तम होता है। इसके अलावा वास्तु के लिहाज से मुख्य द्वार के आसपास या बालकनी में तुलसी, अशोक, या शमी का पौधा लगाना बेहद शुभ माना जाता है। शमी और तुलसी के पौधे घर की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करते हैं और पितरों की कृपा से परिवार में आरोग्य, यश और अखंड समृद्धि की प्राप्ति होती है।
मैच हारे, लेकिन दिल जीत गए जापानी खिलाड़ी, दिया ये खास तोहफा
जापान के खिलाफ 2 रन की करीबी जीत के बाद भारतीय और जापानी खिलाड़ियों के बीच मैदान के बाहर शानदार खेल भावना देखने को मिली. जापानी खिलाड़ियों ने भारतीय सितारों के साथ जर्सी एक्सचेंज की और फोटो खिंचवाई. एक खिलाड़ी को अभिषेक शर्मा से साइन की हुई भारतीय जर्सी मिली. शेष टीम ने भी जापानी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया.
LAVA का बड़ा धमाका, सस्ते में लॉन्च किया दो स्क्रीन वाला स्मार्टफ़ोन
Lava ने एक ऐसा मिड रेंज स्मार्टफोन लॉन्च किया है जिसमे एक नहीं, बल्कि दो स्क्रीन हैं. फ्रंट कर्व्ड स्क्रीन तो है ही साथ ही पीछे की तरफ एक छोटी स्क्रीन भी मिलेगी.
बीसीआई के निर्विरोध सदस्य चुने गये जे जे पटेल
गुजरात बार काउन्सिल की सामान्य सभा में जे.जे. पटेल को बार काउन्सिल ऑफ इंडिया के लिए निर्विरोध सदस्य चुना गया है। प्रवीण पटेल को बीसीजी का निर्विरोध अध्यक्ष और निमिषा धोत्रे को उपाध्यक्ष चुना गया, जो बार काउन्सिल के इतिहास में पहली बार हुआ है।
'सवाल यह नहीं कब, बल्कि कैसे', शेख हसीना ने बताया बांग्लादेश वापसी का पूरा प्लान
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर तक देश लौटने का इरादा जताया है, भले ही इसके लिए उन्हें जेल जाना पड़े।
भारत सरकार के डिजिटल परिवर्तन, पारदर्शी प्रशासन और मजबूत ई-गवर्नेंस के विजन को धरातल पर उतारते हुए उत्तर मध्य रेलवे (North Central Railway - NCR) ने प्रशासनिक दक्षता के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। रेलवे कर्मचारियों के यात्रा भत्तों (TA) और समयोपरी भत्तों (OT) के त्वरित, सुगम और पूरी तरह पारदर्शी निपटान के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने अत्याधुनिक 'टोटल' (TA & OT ऑनलाइन क्लेम पोर्टल) का सफल शुभारंभ कर दिया है। इस आधुनिक वेब-आधारित डिजिटल एप्लिकेशन के शुरू होने से रेलवे के हजारों कर्मचारियों को कागजी औपचारिकताओं और लंबी फाइलों के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने किया 'टोटल' पोर्टल का उद्घाटन: इन-हाउस विकसित हुआ डिजिटल समाधानउत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय प्रयागराज में 22 सितंबर 2026 को आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह द्वारा इस आधुनिक पोर्टल का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर रेलवे के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। रेलवे कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह सुगम और हाई-टेक बनाने के उद्देश्य से इस अनूठे डिजिटल समाधान को तरुण कुमार शुक्ला (CMIT) के कुशल नेतृत्व में उत्तर मध्य रेलवे के अपने आईटी विभाग द्वारा पूरी तरह 'इन-हाउस' डिजाइन और विकसित किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी पुष्ट करता है।एचआरएमएस ओटीपी और लाइव ट्रैकिंग की सुविधा: मैनुअल हिसाब और मानवीय त्रुटियों से मिलेगी मुक्ति'टोटल' पोर्टल कर्मचारियों के टीए और ओटी दावों के पूरे जीवनचक्र को बेहद सुरक्षित तरीके से कवर करता है। इस डिजिटल व्यवस्था के तहत कर्मचारी अब अपना मासिक जर्नल सीधे ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकेंगे। प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता को सर्वोपरि रखते हुए सत्यापन प्रक्रिया को एचआरएमएस (HRMS) से पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) के साथ जोड़ा गया है। इसके अलावा, कर्मचारी घर बैठे अपने क्लेम के स्टेटस को लाइव ट्रैक भी कर सकते हैं। भारतीय रेलवे स्थापना कोड के अध्याय XVI के नियमों के अनुसार भत्तों की सटीक गणना अब सिस्टम द्वारा स्वतः की जाएगी, जिससे मैनुअल हिसाब-किताब की पुरानी आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और मानवीय गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।67,000 से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ: 20-25 दिनों में पोर्टल होगा पूरी तरह क्रियान्वितप्रशासनिक स्तर पर यह प्रणाली अधिकारियों को बेहतर वर्कफ़्लो प्रबंधन, विस्तृत रिपोर्टिंग और आसान ऑडिट-ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे फाइलों के अनावश्यक रुकने या देरी होने की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। इस महत्वकांक्षी योजना के पहले चरण में यात्रा भत्ता (TA) के दावों को शामिल किया गया है, जबकि आगामी दूसरे चरण में समयोपरी (OT) दावों को भी जोड़ा जाएगा। अगले 20-25 दिनों के भीतर यह पोर्टल पूरी तरह से क्रियान्वित हो जाएगा, जिससे उत्तर मध्य रेलवे के 67,000 से अधिक सेवारत कर्मचारियों को इसका सीधा और त्वरित लाभ मिलेगा।
पश्चिमी यूपी की 71 सीटों पर BJP का फोकस, नितिन नवीन मेरठ-सहारनपुर दौरे पर
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां एक्टिव मोड में नजर आ रही हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 21 और 22 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर हैं। नवीन 21 सितंबर को मेरठ और 22 सितंबर को सहारनपुर में रहेंगे। पार्टी के मुताबिक, दौरे का मुख्य फोकस संगठन की तैयारियों की समीक्षा, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देना है। भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 71 विधानसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, यह इलाका राज्य की चुनावी राजनीति में पारंपरिक रूप से अहम भूमिका निभाता रहा है।
देश की सबसे लंबी टनल का काम जल्द होगा पूरा, 1450 गांवों की बदलेगी तकदीर
Sleemanabad Tunnel MP News: कटनी में देश की सबसे जटिल 11.95 किमी लंबी स्लीमनाबाद टनल का काम अंतिम दौर में. रीवा, सतना और मैहर समेत 5 जिलों के खेतों तक पहुंचेगा नर्मदा जल. पूरी रिपोर्ट पढ़ें...
ट्रंप के खतरनाक खेल से टेंशन में भारत? जिस कंपनी संग हुई डिफेंस डील, उसे पाकिस्तान भी भेजा
एक भारतीय रक्षा फर्म ने अमेरिकी की ड्रोन फर्म के साथ करार किया है। यह कंपनी डोनाल्ड ट्रंप के बेटे की है। हालांकि इस डील में एक ऐसा पॉइंट है, जो ध्यान खींचने वाला है। असल में इसी अमेरिकी कंपनी की डील पाकिस्तान के साथ भी होने वाली है।
वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक अनिश्चितताओं और तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य के बीच भारत सरकार ने वर्ष 2047 तक देश को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र (Developed Nation) बनाने के अपने दीर्घकालिक लक्ष्य को गति देने के लिए एक बड़ी और निर्णायक पहल की है। केंद्र सरकार अब 'विकसित भारत 2047' के व्यापक रोड मैप को एक नया और व्यावहारिक आयाम देने की अंतिम तैयारियों में जुट गई है। इसी दूरगामी रणनीति के तहत बुधवार, 23 सितंबर और गुरुवार, 24 सितंबर 2047 को मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की एक उच्चस्तरीय दो दिवसीय 'चिंतन बैठक' (Chintan Shivir) का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष शिविर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के भविष्य के आर्थिक विकास, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन जैसे अतिसंवेदनशील विषयों पर मंथन किया जाएगा।मंत्रिपरिषद की दो दिवसीय चिंतन बैठक: 8 से 10 प्रमुख प्रेजेंटेशन और मंत्रालयों को स्पष्ट निर्देशराजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय चिंतन शिविर में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा लगभग आठ से दस उच्च-स्तरीय प्रस्तुतियां (Presentations) दी जाएंगी। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य केवल पुरानी योजनाओं की समीक्षा करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी मंत्रालय अपने नीतिगत फैसलों के क्रियान्वयन की गति को तेज करें। विकास की दिशा इस प्रकार तय की जा रही है कि वह न केवल दीर्घकालिक और स्थायी हो, बल्कि देश के आम नागरिकों को उसका तात्कालिक आर्थिक लाभ भी प्रत्यक्ष रूप से मिल सके। सरकार का यह प्रयास है कि समय के साथ नीतियों में जरूरी फेरबदल कर देश को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सबसे आगे रखा जाए।दोहरी चुनौतियों का सामना: वैश्विक सप्लाई चेन और घरेलू रोजगार पर विशेष फोकसवर्तमान समय में सरकार के नीति-निर्माताओं के समक्ष दो अलग-अलग मोर्चों पर बड़ी और जटिल चुनौतियां खड़ी हैं। पहली चुनौती पूरी तरह से वैश्विक प्रकृति की है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन का बाधित होना, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उतार-चढ़ाव, आयात-निर्यात के समीकरण और आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) से जुड़े रणनीतिक सवाल शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, घरेलू स्तर पर रोजगार सृजन, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे गंभीर सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक मुद्दे प्राथमिकता पर हैं। इस चिंतन शिविर में इन सभी विषयों को केंद्र में रखकर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि वैश्विक झटकों से भारतीय अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखते हुए देश के भीतर रोजगार के नए और विशाल अवसर पैदा किए जा सकें।सचिवों के दस समूहों की रिपोर्ट और 'ईज ऑफ लिविंग' पर जोरवर्ष 2021 में सरकार द्वारा देश के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों (Sectors) के लिए सचिवों के 10 अलग-अलग समूहों का गठन किया गया था। इन समूहों ने विभिन्न उद्योगपतियों, विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) के साथ विस्तृत चर्चा कर विकास का एक ब्लू-प्रिंट तैयार किया है। इस चिंतन शिविर के दौरान उन सभी समूहों के प्रजेंटेशन पर गहन चर्चा की जाएगी और अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे मंत्रिसमूह को संबोधित कर भविष्य का स्पष्ट विजन देश के सामने रखेंगे। सरकार का मुख्य जोर 'ईज ऑफ लिविंग' (जीवन को सुगम बनाना) के साथ-साथ उद्योग और व्यापार जगत में राह का रोड़ा बनने वाले पुराने और जटिल कानूनी प्रावधानों को पूरी तरह समाप्त करने पर रहेगा।मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावाभारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने के लिए सप्लाई चेन के हर स्तर पर आत्मनिर्भरता हासिल करने हेतु कई बड़े और संरचनात्मक सुधार किए जाने की संभावना है। उन उद्योगों और क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी जो देश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करने की क्षमता रखते हैं। इसके साथ ही 'स्किल डेवलपमेंट' (कौशल विकास) सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, और शिविर के दौरान युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी मंत्रियों और सचिवों को आपसी संवाद और समन्वय को और अधिक मजबूत करने के निर्देश देंगे, ताकि विकसित भारत के इस महा-अभियान को तय समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।
भारत के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित त्योहारी सीजन—दिवाली, दशहरा और छठ पूजा—के आगमन से ठीक पहले देश के आम यात्रियों, प्रवासियों और मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहतभरी खबर सामने आई है। त्योहारों के इस पावन अवसर पर अपने पैतृक घरों और दूर-दराज के शहरों की यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को अक्सर विमानन कंपनियों (Airines) द्वारा वसूले जाने वाले आसमान छूते और मनमाने हवाई किरायों का भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। इस बार इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार ने देश की सभी प्रमुख घरेलू और निजी एयरलाइंस को बेहद सख्त और दो-टूक संदेश जारी किया है। नागरिक विमानन मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि त्योहारों के इस दौर में विमान कंपनियों को अपने किराए एक वाजिब और तार्किक दायरे में रखने होंगे, ताकि आम जनता को त्योहारी यात्रा के नाम पर आर्थिक लूट का शिकार न होना पड़े। सरकार के इस कड़े रुख से एविएशन मार्केट में हलचल तेज हो गई है।नागरिक विमानन मंत्री राम मोहन नायडू का बड़ा बयान: त्योहारों में यात्रियों पर नहीं पड़ना चाहिए किराए का बोझदिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन और छुट्टियों के दौरान विमानन मंत्रालय लगातार एयरलाइंस के शीर्ष प्रबंधन के संपर्क में रहता है और समय-समय पर उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की जाती हैं। सरकार का यह स्पष्ट आग्रह और नैतिक दबाव है कि जो नागरिक त्योहारों के पावन मौके पर अपने परिवार के पास लौटना चाहते हैं, उन्हें महंगे हवाई टिकटों की भारी-भरकम मार न झेलनी पड़े। हालांकि, व्यावहारिक धरातल पर यह भी एक कड़वी सच्चाई है कि भारतीय विमानन क्षेत्र में निजी एयरलाइंस मुख्य रूप से बाजार की मांग और आपूर्ति (Demand and Supply) के सिद्धांतों पर काम करती हैं, और वर्तमान कानूनी ढांचे के तहत सरकार एक निश्चित सीमा से अधिक मूल्य नियंत्रण या किराए की कानूनी सीमा (Price Ceiling) सीधे तौर पर थोप नहीं सकती। मांग में अचानक भारी उछाल आते ही निजी एयरलाइंस डायनेमिक प्राइसिंग के तहत टिकट के दाम कई गुना बढ़ा देती हैं, जिसके चलते पिछले वर्षों में दीपावली और दशहरा के आसपास कई प्रमुख महानगरों और रूटों पर हवाई किराए सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से भी अधिक दर्ज किए गए थे।उड़ान-2 योजना का ऐतिहासिक विस्तार: 21 राज्यों के साथ समझौते, ₹60,000 करोड़ के भारी-भरकम निवेश का ऐलानकेंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने यह महत्वपूर्ण घोषणाएं क्षेत्रीय संपर्क योजना 'उड़ान' (UDAN) के नए चरण यानी 'उड़ान-2' के आधिकारिक शुभारंभ और विभिन्न राज्यों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर करने के उपरांत कीं। देश के दूर-दराज के अछूते इलाकों, छोटे शहरों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को सीधे हवाई मार्ग से जोड़ने तथा देश के आम नागरिक को किफायती और सुलभ हवाई यात्रा का सपना पूरा करने वाली इस प्रतिष्ठित 'उड़ान' योजना का दायरा अब अगले दस वर्षों के लिए और अधिक व्यापक कर दिया गया है। उड़ान-2 के इस नए चरण के तहत केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच अभूतपूर्व तालमेल देखने को मिल रहा है। शुरुआती दौर में देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस योजना के तहत केंद्र सरकार के साथ औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जबकि बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, असम, राजस्थान, ओडिशा और आंध्र प्रदेश सहित पांच अन्य राज्यों द्वारा भी बहुत जल्द इस पर औपचारिक मुहर लगाने की बात कही गई है।100 नए एयरपोर्ट और 200 आधुनिक हेलीपैड का निर्माण: एविएशन सेक्टर में विकास को पंखनागरिक विमानन मंत्री ने विस्तृत वित्तीय खाका रखते हुए बताया कि उड़ान-2 योजना के तहत अकेले केंद्र सरकार की ओर से लगभग 30,000 करोड़ रुपये का भारी पूंजीगत निवेश किया जाएगा, जबकि संबंधित राज्य सरकारों की तरफ से भी समतुल्य यानी करीब 30,000 करोड़ रुपये का निवेश किए जाने की पूरी संभावना है। इस प्रकार इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए देश के संपूर्ण एविएशन और एयरोस्पेस सेक्टर में कुल 60,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निवेश का नया मार्ग प्रशस्त होगा। इस विशाल निवेश से देश भर में बुनियादी ढांचे का कायापलट होगा, जिसके तहत लगभग 100 नए और आधुनिक हवाई अड्डों का निर्माण किया जाएगा तथा दूरदराज के पहाड़ी व तटीय क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए 200 नए हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। मंत्रालय ने यह भी लक्ष्य रखा है कि एविएशन सेक्टर से जुड़े प्रत्येक नए बुनियादी ढांचे का निर्माण कार्य अधिकतम 18 महीने की समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए। उल्लेखनीय है कि मूल उड़ान योजना के शुरुआती चरणों के दौरान देश में 90 से अधिक नए हवाई अड्डों का निर्माण सफलतापूर्व किया जा चुका है, जिससे अब तक लगभग 1.68 करोड़ से अधिक आम यात्री बेहद किफायती दरों पर हवाई यात्रा का लाभ उठा चुके हैं।एटीएफ (ATF) की आसमान छूती कीमतें और पश्चिम एशिया संकट: किराए में बढ़ोतरी की मुख्य वजहत्योहारी सीजन में हवाई किरायों के नियंत्रण से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए विमानन मंत्री ने स्पष्ट किया कि किराए के ऊंचे बने रहने के पीछे केवल मुनाफाखोरी नहीं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे गंभीर सैन्य और कूटनीतिक संकट के बाद से विमान ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतें काफी तेजी से ऊपर गई हैं। विमान संचालन की कुल लागत (Operational Cost) में अकेले एटीएफ की हिस्सेदारी लगभग 43 प्रतिशत तक होती है। इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जेट ईंधन की कीमतों में होने वाली हल्की सी भी बढ़ोतरी देश की किसी भी एयरलाइन के वित्तीय संतुलन और बजट को किस हद तक बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। ईंधन की यह उच्च लागत अंततः टिकटों के दाम पर असर डालती है।अडानी समूह के एयरलाइन प्रस्ताव पर मंथन: सरकार संतुलित रुख अपनाने के पक्ष मेंमीडिया द्वारा जब उद्योग जगत के दिग्गज अडानी समूह द्वारा नई एयरलाइन सेवा शुरू करने के प्रस्ताव और उसकी संभावनाओं के बारे में पूछा गया, तो नागरिक विमानन मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई अंतिम औपचारिक निर्णय नहीं लिया है। वर्तमान में मंत्रालय इस बात पर बेहद बारीकी से विचार कर रहा है कि एक ही व्यावसायिक समूह द्वारा हवाई अड्डों (Airport Infrastructure) का संचालन और साथ ही एयरलाइन सेवाओं का संचालन (Airline Operations) एक साथ किए जाने के क्या व्यावहारिक फायदे और नुकसान हो सकते हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि देश के एविएशन बाजार में अधिक से अधिक एयरलाइंस आएं, जिससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़े और यात्रियों के पास यात्रा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा विकल्प उपलब्ध हों। यदि कोई नया निवेशक इस क्षेत्र में रुचि दिखाता है, तो सरकार उसके विचारों और निवेश का स्वागत करती है। हालांकि, यदि एक ही कंपनी एयरपोर्ट और एयरलाइन दोनों को नियंत्रित करे, तो संभावित हितों के टकराव (Conflict of Interest) या बाजार में किसी भी प्रकार की अनियंत्रित मोनोपोली को रोकने के लिए पुख्ता व्यवस्था और विनियामक तंत्र बनाना अनिवार्य होगा।मौजूदा नियमों का स्पष्टीकरण: दिल्ली और मुंबई के अलावा अन्य ऑपरेटरों पर कोई सामान्य प्रतिबंध नहींकानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए मंत्री ने यह भी बताया कि देश के मौजूदा नियमों में ऐसा कोई भी प्रावधान या प्रतिबंध नहीं है जो किसी भी एयरपोर्ट ऑपरेटर को नई एयरलाइन शुरू करने से पूर्ण रूप से रोकता हो। इस तरह के विशेष प्रतिबंध या शर्ते केवल देश के मुख्य महानगरों—विशेषकर दिल्ली और मुंबई के इंदिरा गांधी व छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों—के मूल निजीकरण समझौतों और रियायत समझौतों (Concession Agreements) से जुड़े नियमों तक सीमित हैं। अन्य किसी भी निजी हवाई अड्डा ऑपरेटर पर इस प्रकार के राष्ट्रव्यापी सामान्य प्रतिबंध लागू नहीं होते हैं। यही कारण है कि मंत्रालय इस संवेदनशील विषय पर किसी जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय पूरी तरह संतुलित, निष्पक्ष और पारदर्शी रुख अपना रहा है। त्योहारी सीजन से पहले सरकार की इस दो-टूक चेतावनी और देश भर में हवाई अड्डों के विस्तार की इन योजनाओं से साफ है कि आने वाले दिनों में भारतीय विमानन बाजार उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुलभ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अखिलेश का 27000 वोट फॉर्मूला! 2027 जीतने का गणित समझें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने संगठन और वोट बढ़ाने की रणनीति तेज कर दी है. अखिलेश यादव ने सभी 403 विधानसभा सीटों पर कम से कम 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. 2022 में करीब 50 सीटों पर जीत-हार का अंतर 10 हजार से कम था. ऐसे में सपा का मिशन 27K बूथ स्तर पर नए मतदाताओं और सामाजिक समीकरणों को साधने पर केंद्रित है.
MacBook को टक्कर देगा Googlebook, प्री-बुकिंग शुरू, फीचर्स दमदार
Google ने लैपटॉप मार्केट में नया Googlebook उतारकर MacBook और Windows लैपटॉप को सीधी टक्कर देने की तैयारी कर ली है. Gemini AI से लैस इस लैपटॉप में Android फोन के साथ बेहतर कनेक्टिविटी, प्रीमियम डिजाइन और कई नए AI फीचर्स मिलेंगे. Googlebook OS के साथ आने वाला यह लैपटॉप एंड्रॉइड यूजर्स के लिए एक नया कंप्यूटिंग एक्सपीरियंस देने का दावा करता है.
24 से 29 सितंबर तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक बदलेगा, जानें रूट
25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के एक्सपोमार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 होगा. इसे देखते हुए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने 24 से 29 सितंबर तक ट्रैफिक प्लान जारी किया है. सुबह 7 से रात 11 बजे तक मालवाहक वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी. एक्सपोमार्ट आने-जाने, पार्किंग और दूसरे शहरों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट तय किए गए हैं.
देश की सर्वोच्च अदालत में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को अनिवार्य कानूनी सुरक्षा और दर्जा देने की मांग से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान उस वक्त courtroom का माहौल बेहद गरमा गया जब सॉलिसिटर जनरल और वरिष्ठ वकीलों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। सुनवाई के दौरान एक बहस छिड़ गई जब वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा की गई एक टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और उनके शब्दों को तुरंत वापस लेने की मांग की। इस हाई-प्रोफाइल मामले में देश के शीर्ष कानून अधिकारियों और वकीलों के बीच तीखे तर्कों का दौर देखने को मिला, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ को खुद बीच-बचाव करना पड़ा।जनहित याचिकाओं और कानूनी प्रक्रिया पर तीखी बहस: 'कानून निर्माण की प्रक्रिया' पर उठे सवालसुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की विशेष पीठ के समक्ष इस संवेदनशील याचिका पर सुनवाई चल रही थी। कर्नाटक के प्रसिद्ध संगीतकार टी. एम. कृष्णा की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ वकील एस. मुरलीधर ने अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत या राष्ट्र गान जैसे विषयों पर कोई भी कठोर कानूनी ढांचा या सुरक्षा प्रावधान बिना किसी व्यापक और राष्ट्रव्यापी सार्वजनिक चर्चा के नहीं बनाए जाने चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि लोकतंत्र में कानून बनाने की प्रक्रिया कभी भी 'टॉप-डाउन एप्रोच' (ऊपर से थोपी गई व्यवस्था) पर आधारित नहीं होनी चाहिए, बल्कि कानून हमेशा जनमत और सामाजिक सहमती के साथ धीरे-धीरे विकसित होना चाहिए। उनके इसी तर्क के जवाब में देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कड़ा ऐतराज जताते हुए अपनी बात रखी।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के 'नक्सली' वाले बयान पर अदालत में मचा बवालसॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने एस. मुरलीधर के तर्कों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि भारत में कानून का निर्माण देश के संविधान और संसद की विधायी प्रक्रिया के अनुसार होता है, और किसी भी कानून का स्वरूप किसी चरमपंथी या नक्सलियों की विचारधारा के हिसाब से तय नहीं किया जा सकता। सॉलिसिटर जनरल द्वारा 'नक्सली' शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर वरिष्ठ वकील एस. मुरलीधर भड़क उठे। उन्होंने कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग का हवाला देते हुए कहा कि सॉलिसिटर जनरल को अपने यह शब्द तत्काल वापस लेने चाहिए, क्योंकि एक शीर्ष कानून अधिकारी द्वारा ऐसी शब्दावली का प्रयोग करना शोभा नहीं देता। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी बात पर कायम रहते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी व्यक्तिगत व्यक्ति पर कोई टिप्पणी नहीं की है, बल्कि उन्होंने एक विशिष्ट और विध्वंसकारी विचारधारा के संदर्भ में यह बात कही है, और उन्हें अपने बयान पर किसी प्रकार का पछतावा नहीं है।सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: 'भले ही कोई नक्सली हो, लेकिन उसके संवैधानिक अधिकार खत्म नहीं होते'वकीलों के बीच बढ़ती इस तीखी बहस और तनातनी को शांत करते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने तुरंत हस्तक्षेप किया। बेंच की ओर से जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने बेहद संतुलित और महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत इस पूरी सुनवाई के दौरान खुद को केवल और केवल संवैधानिक और कानूनी मुद्दों तक ही सीमित रख रही है। जस्टिस बागची ने स्पष्ट शब्दों में कहा, भले ही आप किसी को नक्सली कहें, लेकिन इस आधार पर उस व्यक्ति के संविधान प्रदत्त मूल अधिकार और कानूनी संरक्षण समाप्त नहीं हो जाते। आतंकवाद या किसी अन्य गंभीर अपराध के आरोपी व्यक्ति को भी देश की अदालत में निष्पक्ष सुनवाई (Fair Trial) का पूरा संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। इसी दौरान सुनवाई में मौजूद एक अन्य वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि किसी प्रशासनिक या नीतिगत मुद्दे पर सरकार से अलग सोच रखने या असहमति जताने भर से कोई नागरिक नक्सली नहीं बन जाता।सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब: 1986 के ऐतिहासिक फैसले का दिया हवालाअदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले के कानूनी पहलुओं पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस मामले में अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पीठ ने वर्ष 1986 के उस ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने वाले फैसले का विशेष रूप से हवाला दिया, जिसमें अदालत ने व्यवस्था दी थी कि राष्ट्रगान न गाने वाले स्कूली बच्चों को किसी भी प्रकार की दंडात्मक कानूनी कार्रवाई से राहत दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक दोनों पक्षों को अपने सभी संवैधानिक और कानूनी तर्क व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया है और साफ किया है कि अदालत इस मामले का निपटारा विशुद्ध रूप से संविधान की व्याख्या के आधार पर करेगी।
IIT Bombay के छात्र साहिल वाकोडे के माता-पिता ने लगाई न्याय की गुहार, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुंबई के खुदकुशी करने वाले छात्र साहिल वाकोडे के माता-पिता ने मंगलवार को कहा कि उन्हें प्रशासन और संविधान पर इस बात का भरोसा है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा। साहिल के पिता रवींद्र वाकोडे ने कहा, “इस मामले में आरोपी से पूछताछ होनी चाहिए और उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। गिरफ्तारी के बाद ही सब कुछ सामने आएगा।” उन्होंने कहा, “साहिल एक होनहार छात्र था। जेईई एडवांस्ड परीक्षा पास करना कोई मामूली उपलब्धि नहीं है। उसकी अखिल भारतीय रैंक देखिए।”उन्होंने कहा कि जेईई एडवांस्ड परीक्षा में उसके नकल करने के आरोप बेबुनियाद हैं। यह मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने मांग की कि इस मामले के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। साहिल (22) की मां सोनाली वाकोडे ने पत्रकारों से कहा, “मैं एक मां और एक शिक्षिका हूं। मैंने अपना बच्चा खो दिया है, और केवल एक मां ही समझ सकती है कि मैं कितना दर्द सह रही हूं।” उन्होंने कहा, “कृपया यह सुनिश्चित करें कि उसे न्याय मिले। मैं जानती हूं कि मेरा बच्चा कितना होनहार था। मैं आप सभी से हाथ जोड़कर अपील करती हूं और विनती करती हूं कि मेरे बच्चे को न्याय दिलाएं।”उन्होंने कहा, “साहिल ने हमें बताया था कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा है और जातिसूचक गालियां दी जा रही हैं। हम उसे लगातार यही कहते रहे कि भविष्य बहुत अच्छा होगा। शायद यही हमारी गलती थी। अगर हम उस दिन उसे अपने साथ ले गए होते, तो मेरा बच्चा आज जिंदा होता।”ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र वाकोडे 18 सितंबर की शाम पवई परिसर स्थित अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इससे कुछ घंटे पहले परीक्षा के दौरान उसे कथित रूप से मोबाइल फोन के जरिये चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था।
सपा से सीटों पर टकराव से पहले कांग्रेस के अंदर भी मतभेद, किस बात को लेकर UP में अंदरुनी खींचतान
कांग्रेस के कई नेता चाहे वह यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम हों या सांसद इमरान मसूद. दोनों ही लगातार अखिलेश यादव और सपा को जल्दी सीट शेयरिंग और ज़्यादा सीट देने के लिए घेरते दिख रहे हैं.
(व्यंग्य) सुसाइड रोकने के लिए सिर्फ सीलिंग फैन हटाने से बात नहीं बनेगी
IIT-बॉम्बे में छात्र के सुसाइड करने के बाद जो हालात बने, और फिर उस पर जिस तरह से फैसले लिए गए, उसने पूरी व्यवस्था का खोखलापन उजागर कर दिया है. अब बताइए, सुसाइड रोकने के लिए सीलिंग फैन हटा देना कहां का सॉल्यूशन हुआ?
₹2,700 में बिकने वाली दवा पर ₹27,000 का MRP ! सुप्रीम कोर्ट बोला- यह दिनदहाड़े लूट है
कैंसर की दवाओं की कीमतों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. अदालत ने कहा कि ₹2,700 में रिटेलर को बेची जा रही दवा पर ₹27,000 तक का MRP छापना मरीजों के साथ दिनदहाड़े डकैती जैसा है. कोर्ट ने आयुष्मान भारत और टैक्सपेयर्स के पैसों पर पड़ने वाले बोझ पर भी सवाल उठाए.
मुंबई में बुजुर्ग महिला से सोने की चेन झपटने वाला एक्टर गिरफ्तार
मुंबई के सांताक्रूज़ में बुजुर्ग महिला से सोने की चेन छीनने के आरोप में एक्टर आशीष अत्तरचंद शर्मा गिरफ्तार हुआ है. पुलिस ने चोरी की चेन बरामद कर ली है. पढ़ें पूरी कहानी.
फेस्टिव सीजन में आपकी जेब पर नहीं पड़ेगा भारी हवाई किराए का बोझ, सरकार की एयरलाइंस को सख्त हिदायत
केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन से पहले एयरलाइंस को हवाई किराए वाजिब रखने का साफ संदेश दिया है, ताकि यात्रियों को ऊंची कीमतों की मार न झेलनी पड़े।
रक्षाबंधन पर 3 बच्चों की मौत का खुला राज, मां गिरफ्तार, ऐसे रची थी साजिश
संगरूर के भवानीगढ़ में तीन बच्चों की मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है. पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बच्चों की मां को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके कथित प्रेमी की तलाश जारी है. पढ़ें एक कलयुगी मां के सनसनीखेज गुनाह की कहानी.
नेपाल में सुरंगों की भूलभुलैया में लापता हजारों मजदूर, रेस्क्यू मुश्किल
नेपाल में 26 अगस्त को लैंगटांग लिरुंग ग्लेशियर ढहने से आई आपदा में हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरंगों में कई मजदूर फंस गए. बचाव अभियान में अंडरग्राउंड भूलभुलैया सबसे बड़ी चुनौती बनी. कुछ ही बचाए जा सके.
सोनम वांगचुक फिर लद्दाख की सड़कों पर, 23 सितंबर को 20 किलोमीटर की पदयात्रा
लद्दाख में राज्य का दर्जा, संवैधानिक सुरक्षा और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। पर्यावरण कार्यकर्ता और लेह एपेक्स बॉडी (Leh Apex Body) से जुड़े सोनम वांगचुक 23 सितंबर को लेह में 20 किलोमीटर की सांकेतिक पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। इसके अगले दिन यानी 24 सितंबर को शहीद दिवस मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम 24 सितंबर 2025 को लेह में हुए हिंसक प्रदर्शन की पहली बरसी के मौके पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी।
आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क The post आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के बारे में जानिए और उसके प्रमुख कारनामों के विषय में समझिए appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
डायल 112 की गाड़ी के पेट्रोल में हेराफेरी का आरोप
यूपी के बरेली में डायल 112 की सरकारी गाड़ी के पेट्रोल में कथित हेराफेरी के मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. शिकायत के बाद हुई जांच में उनकी भूमिका सामने आई. एक होमगार्ड का नाम भी जांच में आया है और विभागीय जांच जारी है. वीडियो में जानें मामला.
CM योगी देंगे बड़ी सौगात, भारत टैक्सी-कृषक समृद्धि योजना की होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल लखनऊ में भारत टैक्सी योजना और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करेंगे. भारत टैक्सी योजना से टैक्सी चालकों और यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी, जबकि कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को 6% ब्याज दर पर ₹6 लाख तक का लोन मिलेगा.
₹10 लाख मांगे, ₹2.50 लाख लेने होटल पहुंची युवती, लेडी पुलिस ने मारे थप्पड़
जबलपुर में कोतवाली पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के मामले में पूजा रैदास नाम की युवती को होटल में ₹2.50 लाख लेते हुए पकड़ा. पुलिस के अनुसार युवती ने युवक से ₹10 लाख की मांग की थी और रकम नहीं देने पर थाने में शिकायत करने की धमकी दी थी. युवक की शिकायत पर पुलिस ने ट्रैप लगाया और रकम लेते ही युवती को हिरासत में ले लिया.
24 या 25 सितंबर, कब होगा गणपति विसर्जन? जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात करीब 11:18 बजे शुरू होगी और 25 सितंबर की रात करीब 11:06 बजे समाप्त होगी. हिंदू पंचांग के अनुसार, गणेशोत्सव के दसवें दिन होने वाला मुख्य विसर्जन 25 सितंबर दिन शुक्रवार को किया जाएगा.
पूरी जिंदगी की कमाई से बनाए घरों में टनलिंग से दरारें, शिमला के लोग अब इनमें रहने से भी डर रहे
शिमला के संजौली इलाके में नेशनल हाईवे की फोरलेनिंग के लिए हो रही टनलिंग से करीब 10 मकानों में दरारें आ गई हैं। लोगों की जीवनभर की कमाई से बने इन घरों की सुरक्षा को लेकर दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों को हो रहे नुकसान से डरे हुए हैं।
राइज एंड फॉल में तेज प्रताप, गर्दा उड़ाएंगे लालू के 'लाल'?
वीरेंद्र सहवाग के शो राइज एंड फॉल 2 में बिहार के नेता और लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव की एंट्री होने वाली है. इस शो में कंटेस्टेंट्स को टावर की लैविश लाइफ से लेकर बेसमेंट की मार तक झेलनी पड़ती है. ऐसे में क्या तेज प्रताप सत्ता की ठाठ-बाठ से दूर शो में गर्दा उड़ा पाएंगे?
सुधारों और शासन पर PM Modi की अध्यक्षता में Union Ministers की दो दिवसीय चिंतन बैठक बुधवार से
केंद्रीय मंत्रियों की दो दिवसीय चिंतन बैठक बुधवार से शुरू होगी, जिसमें सुधारों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए शासन और नीति-निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में मंथन सत्र आयोजित किया जाएगा और इसमें पूरी मंत्रिपरिषद शामिल होगी। सेवा तीर्थ में ही प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) स्थित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के कार्यान्वयन, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और जन-सेवाएं प्रदान करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। कार्यक्रमों (योजनाओं) के समयबद्ध कार्यान्वयन और शासन से जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित किये गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में आठ मंत्री होंगे। ये समूह पहले ही कई बैठकें कर चुके हैं, जिनमें चिंतन बैठक में दी जाने वाली प्रस्तुतियों पर चर्चा की गई थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सुधार को आगे बढ़ाने के लिए उनके मंत्रालयों द्वारा अपनाई गई नीतियों और उपायों पर प्रस्तुतियां देने की संभावना है। प्रधानमंत्री, विभिन्न सुधारों पर जोर देते रहे हैं और उन्होंने पहले भी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और जीवन को आसान बनाना सरकार का मुख्य ध्येय होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, चिंतन बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है। मंत्रियों की प्रस्तुतियों में नीति-निर्माण की प्रक्रिया को अधिक असरदार और प्रभावकारी बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसी तरह की एक चिंतन बैठक 21 अक्टूबर 2021 को भी हुई थी। उस समय बातचीत का मुख्य विषय शासन और नीति निर्माण था तथा इस कवायद का उद्देश्य मंत्रियों को सरकार के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है। इसे शासन की समीक्षा करने, मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और सरकार का भविष्य का एजेंडा तैयार करने के तौर पर देखा जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक से अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर काम करने के लिए कहा था।
बारह बजे के वादे से शाम की सड़क तक
बारह बजे के वादे से शाम की सड़क The post बारह बजे के वादे से शाम की सड़क तक appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .

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