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UP Election 2027: यूपी बीजेपी की नई टीम में अमित शाह का 'मास्टरस्ट्रोक'! क्या यादव और जाटव फॉर्मूले से मोड़ ली रणनीति

उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अभी से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में यूपी बीजेपी के नए सांगठनिक ढांचे और टीम का ऐलान कर दिया गया है। इस नई टीम की बनावट को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुनावी रणनीति और दूरदर्शी सोच की गहरी छाप है। बीजेपी ने अपनी इस नई कार्यकारिणी में सोशल इंजीनियरिंग का एक नया प्रयोग किया है, जिसने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है।नई टीम से यादव और जाटव चेहरों की दूरी के क्या हैं सियासी मायने?इस नई सांगठनिक टीम में जो बात सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है, वह है कोर सांगठनिक पदों से यादव और जाटव बिरादरी के बड़े चेहरों की कम होती मौजूदगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक वोट बैंक समीकरणों को देखते हुए यह कदम उठाया है। चूंकि यादव मतदाता पारंपरिक रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) और जाटव मतदाता बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मजबूत गढ़ माने जाते हैं, इसलिए बीजेपी ने इस बार अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया है।गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलितों पर बीजेपी का बड़ा दांवयूपी की सत्ता पर दोबारा पूर्ण बहुमत से काबिज होने के लिए बीजेपी ने अपनी इस नई टीम में गैर-यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और गैर-जाटव अनुसूचित जातियों (SC) को भारी तरजीह दी है। अमित शाह के इस फॉर्मूले के तहत कुर्मी, मौर्य, शाक्य, सैनी, लोध और निषाद समाज के साथ-साथ दलितों में पासी, कोरी और वाल्मीकि समाज के नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बीजेपी का मुख्य फोकस उन जातियों को अपने पाले में पूरी तरह से लामबंद करना है, जो किसी एक क्षेत्रीय दल से मजबूती से नहीं बंधी हैं।लखनऊ से लेकर दिल्ली तक 2027 फतह करने की अचूक रणनीतिबीजेपी के इस नए भौगोलिक और जातीय ऑप्टिमाइजेशन का असर सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक, हर क्षेत्र के क्षेत्रीय संतुलन को इस टीम में बेहद बारीकी से साधा गया है। पार्टी के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि अमित शाह की यह रणनीति केवल चुनावों के लिए नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक नया और मजबूत काडर तैयार करने की कोशिश है, जो विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वाले नैरेटिव को जमीनी स्तर पर कड़ा जवाब दे सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 2:37 pm

Ram Mandir: 'राम को नकारने वाले आज आस्था की बात कर रहे...', दान चोरी के आरोपों पर भड़के CM योगी, विपक्ष को दिया करारा जवाब

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण और इसके दान को लेकर छिड़े सियासी संग्राम के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। राम मंदिर ट्रस्ट पर लग रहे दान चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सीएम योगी ने विरोधियों को उनकी पुरानी बातें याद दिलाई हैं। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने हमेशा भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और उन्हें काल्पनिक बताया, वे आज अचानक राम भक्तों की आस्था के पैरोकार बनने का ढोंग कर रहे हैं।चुनावी फायदे के लिए पवित्र मंदिर को निशाना बना रहा विपक्षमुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ ताकतें राम मंदिर निर्माण की वैश्विक सफलता और देश-दुनिया में उमड़ रहे जनसैलाब को पचा नहीं पा रही हैं। यही वजह है कि वे हर दिन नए और मनगढ़ंत आरोप लगाकर इस पवित्र स्थल की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रही हैं। सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता सब जानती है कि कौन राम का भक्त है और कौन सिर्फ चुनावी फायदे के लिए आस्था का राजनीतिकरण कर रहा है।राम मंदिर ट्रस्ट के काम में पूरी पारदर्शिता और शुचिताविपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता, आधुनिक तकनीक और देश के शीर्ष विशेषज्ञों की देखरेख में काम कर रहा है। यहां आने वाले एक-एक पैसे का पूरा हिसाब-किताब डिजिटल और ऑडिटेड फॉर्म में मौजूद है। उन्होंने लोकल और ग्लोबल मीडिया के सामने यह भरोसा दिलाया कि अयोध्या के विकास और मंदिर निर्माण के कार्य में किसी भी तरह की बाधा या अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।अयोध्या में सनातन संस्कृति को बदनाम करने की साजिश फेलसीएम योगी ने कहा कि अयोध्या आज सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभर रही है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया अयोध्या की भव्यता को देख रही है, विपक्ष के ये बेबुनियाद आरोप उनकी हताशा को दर्शाते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसी किसी भी भ्रामक खबर और अफवाह पर ध्यान न दें, क्योंकि राम का काज बिना रुके और पूरी प्रामाणिकता के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 2:36 pm

सड़क हादसे पर मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन की शोक संवेदनाएं

झारखंड के रामगढ़ जिले में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात (आधी रात को) एक अत्यंत दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा हुआ। रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-23) पर लारी-बरलौंग (बुधबाजार) के समीप एक तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने सवारी गाड़ी (वैन) को सामने से ...

वेब दुनिया 26 Jun 2026 2:36 pm

Ram Mandir: दान चोरी विवाद के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा! क्या है पूरा सच

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अचानक अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। पिछले कुछ समय से राम मंदिर निर्माण के लिए आए दान और जमीन खरीद को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कई तरह के विवाद चल रहे थे। इस बीच इन दोनों बड़े पदाधिकारियों का इस्तीफा देना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।दान चोरी और जमीन विवाद के आरोपों से घिरा था ट्रस्टआपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों से राम मंदिर ट्रस्ट पर जमीन खरीद में वित्तीय अनियमितताओं और दान की हेराफेरी के गंभीर आरोप लग रहे थे। विपक्ष और कुछ स्थानीय संगठनों ने चंपत राय और अनिल मिश्रा पर सीधे तौर पर सवाल उठाए थे। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से हमेशा इन आरोपों को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया गया। लेकिन विवाद लगातार बढ़ता गया, जिससे ट्रस्ट की छवि पर असर पड़ रहा था।क्यों दिया चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा?सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने यह कदम राम मंदिर आंदोलन और ट्रस्ट की शुचिता को बनाए रखने के लिए उठाया है। बताया जा रहा है कि वे नहीं चाहते थे कि उनके ऊपर लग रहे आरोपों की वजह से भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण कार्य या ट्रस्ट की साख पर कोई आंच आए। उन्होंने निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता का हवाला देते हुए अपने पद छोड़ दिए हैं, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।अयोध्या में अब आगे क्या होगा?इस अचानक आए इस्तीफे के बाद अयोध्या से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज हो गई है। अब हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अगला महासचिव कौन होगा। मंदिर निर्माण कार्य अपने अंतिम चरणों में है, ऐसे में नए पदाधिकारियों का चयन बेहद सावधानी और सूझबूझ से किया जाएगा ताकि निर्माण कार्य बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलता रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 2:31 pm

कौशांबी में गैस टैंकर में लगी आग, टोल प्लाजा के 7 कर्मी झुलसे

कौशाम्बी। कौशांबी जिले के कोखराज बाईपास स्थित टोल प्लाजा पर शुक्रवार सुबह एलपीजी गैस से भरा टैंकर डिवाइडर से टकरा गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे में टोल प्लाजा पर तैनात सात कर्मचारी झुलस गए जबकि टोल के तीन बूथ पूरी तरह जलकर राख हो गए। सूत्रों के अनुसार कानपुर की ओर से […] The post कौशांबी में गैस टैंकर में लगी आग, टोल प्लाजा के 7 कर्मी झुलसे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jun 2026 2:25 pm

झारखंड के रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग पर रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी गांव स्थित बुध बाजार के समीप कल देर रात करीब साढ़े 11 बजे ट्रक और पिकअप वाहन की आमने-सामने की भीषण टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पहले रामगढ़ सदर […] The post झारखंड के रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jun 2026 2:20 pm

क्या भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम प्रमाण है? विदेश मंत्रालय की सफाई के बाद जानें कानून क्या कहता है

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट का मूल उद्देश्य किसी व्यक्ति की अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाना है। मंत्रालय ने कहा कि यह कोई नया कानूनी दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि भारतीय कानून में लंबे समय से यही व्यवस्था लागू है।

देशबन्धु 26 Jun 2026 12:52 pm

'अगर बेटी दोषी है तो उसे भी सबसे कड़ी सजा मिले', केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया गोयल के माता-पिता का बड़ा बयान

Ketan Agrawal Murder Case : केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी से पूछताछ कर रही है। इस मामले में आरोपी सिया के माता-पिता ने कहा है कि दोष साबित होने पर बेटी को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उसे भी किले से नीचे ...

वेब दुनिया 26 Jun 2026 11:45 am

मध्य प्रदेश: रतलाम में ताजिया हाई-टेंशन बिजली लाइन से टकराया, तीन लोगों की मौत

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक ताजिया के हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम सात अन्य घायल हो गए।

देशबन्धु 26 Jun 2026 11:41 am

LIVE: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सभी 8 आरोपी गिरफ्तार

Latest News Today Live Updates in Hindi : श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करते हुए पुलिस ने चढ़ावा चोरी मामले में सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 26 Jun 2026 11:19 am

वेनेजुएला में भूकंप से 235 मौतें; भारत ने भेजी मदद, Starlink ने फ्री इंटरनेट का किया ऐलान

Venezuela Earthquake : दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 1500 से ज्यादा लोग घायल हैं जबकि सैकड़ों लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य जोरों से जारी है।

वेब दुनिया 26 Jun 2026 11:05 am

Asteroid 1997 NC1 : पृथ्वी के करीब से गुजरेगा विशाल एस्टेरॉयड, क्या होगी रफ्तार, जानें कितना सुरक्षित?

750 से 1,650 मीटर चौड़ा एक एस्टेरॉयड शनिवार को पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाला है। बताया जा रहा है कि इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की कोई संभावना नहीं है। इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं होगा। इस पर भारत की ISRO, चीन की CNSA, अमेरिका की NASA ...

वेब दुनिया 26 Jun 2026 10:25 am

NCERT की नई किताब में चुनाव आयोग और SIR पर विशेष अध्याय, कक्षा 9 के छात्र पढ़ेंगे चुनाव प्रक्रिया का नया पाठ

NCERT की कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में चुनाव आयोग, Special Intensive Revision (SIR), EVM, VVPAT और भारतीय चुनाव प्रक्रिया पर नया अध्याय शामिल किया गया है। छात्रों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और गठबंधन राजनीति की भी जानकारी दी जाएगी।

देशबन्धु 26 Jun 2026 9:49 am

1 जुलाई से बदलने जा रहे हैं ये 5 बड़े नियम; आपकी सैलरी, टैक्स, PF और क्रेडिट कार्ड पर पड़ेगा सीधा असर

फाइनेंशियल रूल्स चेंज (1 जुलाई): नया महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। 1 जुलाई 2026 से देश के वित्तीय क्षेत्र (Financial Sector) में कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। इन नए नियमों का सीधा और व्यापक असर नौकरीपेशा लोगों, टैक्सपेयर्स, सरकारी पेंशनभोगियों और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला है।इन बदलावों में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की समयसीमा, ईपीएफओ (EPFO) की नई डिजिटल सेवाएं, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) और प्रमुख बैंकों के क्रेडिट कार्ड नियम शामिल हैं। अगर आपने समय रहते इन नियमों को नहीं समझा, तो आपको टैक्स फाइलिंग, बैंकिंग और अन्य वित्तीय कामों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है।1. ITR फाइलिंग की डेडलाइन: समय पर नहीं भरा टैक्स तो लगेगा भारी जुर्मानाजुलाई का महीना आते ही टैक्सपेयर्स की धड़कनें बढ़ जाती हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।ITR-1 और ITR-2: वेतनभोगी (Salaried) कर्मचारियों और व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए बिना लेट फीस के रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है।ITR-3 और ITR-4: ऐसे टैक्सपेयर्स जिनका टैक्स ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है, वे अपना रिटर्न 31 अगस्त 2026 तक फाइल कर सकते हैं।लापरवाही पर नुकसान: अगर आप तय समयसीमा (Deadline) चूक जाते हैं, तो आपको न सिर्फ लेट फीस या जुर्माना देना होगा, बल्कि पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत मिलने वाले कई टैक्स बेनिफिट्स से भी हाथ धोना पड़ेगा। इसके साथ ही आप चालू वर्ष के बिजनेस या कैपिटल लॉस (नुकसान) को अगले वित्तीय वर्ष के लिए कैरी फॉरवर्ड (आगे ट्रांसफर) नहीं कर पाएंगे।2. UPI से PF निकालना होगा बेहद आसान: लॉन्च होने जा रहा है EPFO 3.0कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों को जुलाई महीने में एक बड़ा डिजिटल तोहफा दे सकता है। विभाग द्वारा बहुप्रतीक्षित EPFO 3.0 प्लेटफॉर्म को लॉन्च किए जाने की पूरी उम्मीद है। इस नए और आधुनिक सिस्टम का मुख्य उद्देश्य पीएफ से जुड़ी डिजिटल सेवाओं को बेहद सरल और सुरक्षित बनाना है।इस अपग्रेडेशन के बाद सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि नौकरीपेशा कर्मचारी जरूरत पड़ने पर UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के जरिए तुरंत अपने PF का पैसा निकाल सकेंगे। यदि यह सुविधा शुरू होती है, तो दावों के निपटारे (Claim Settlement) में लगने वाला कई दिनों का समय घटकर कुछ ही घंटों या मिनटों का रह जाएगा।3. केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को DA बढ़ोतरी का इंतजारदेश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जुलाई का महीना खुशियों की सौगात ला सकता है। केंद्र सरकार अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आंकड़ों के आधार पर हर साल जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की समीक्षा करती है।साल 2026 की दूसरी छमाही के लिए जुलाई में डीए बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा होने की प्रबल संभावना है। इस फैसले से न केवल केंद्रीय कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी (सैलरी में बढ़ोतरी) बढ़ेगी, बल्कि पेंशनर्स की मासिक पेंशन और सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) के कर्मचारियों की आय में भी सम्मानजनक इजाफा देखने को मिलेगा।4. HDFC Bank क्रेडिट कार्ड के नियम बदले: लाउंज एक्सेस के लिए खर्च करने होंगे इतने रुपयेयदि आपके पास एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) का लोकप्रिय Regalia Gold या Diners Club Privilege क्रेडिट कार्ड है, तो 1 जुलाई 2026 से आपके लिए एयरपोर्ट लाउंज के नियम पूरी तरह बदलने वाले हैं। रिवॉर्ड पॉइंट्स से जुड़े कुछ प्रतिबंध बैंक ने पहले ही लागू कर दिए थे, लेकिन अब मुफ्त सुविधाओं पर कैपिंग लगाई जा रही है।नए नियम के अनुसार, Regalia Gold कार्डधारकों को देश के एयरपोर्ट्स पर मुफ्त घरेलू लाउंज एक्सेस (Complimentary Domestic Lounge Access) की सुविधा का लाभ उठाने के लिए पिछली कैलेंडर तिमाही में कम से कम ₹60,000 खर्च करना अनिवार्य होगा। यदि आप यह खर्च सीमा पूरी नहीं करते हैं, तो आपको लाउंज में मुफ्त एंट्री नहीं मिलेगी।5. SBI Card के रिवॉर्ड पॉइंट्स पर लगी लिमिट: इन दो कार्ड यूजर्स को झटकास्टेट बैंक ऑफ इंडिया की क्रेडिट कार्ड शाखा (SBI Card) ने भी अपने दो प्रीमियम को-ब्रांडेड कार्ड्स के नियमों में बड़ा बदलाव करने का एलान किया है। यह नया नियम PhonePe SBI Card Purple और PhonePe SBI Card Select Black पर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो जाएगा।नए अपडेट के तहत बैंक ने हर महीने मिलने वाले अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स (Reward Points) की एक ऊपरी सीमा (Max Cap) तय कर दी है:इंश्योरेंस प्रीमियम (बीमा किस्त) के भुगतान और अन्य विशिष्ट कैटेगरी के खर्चों पर मिलने वाले पॉइंट्स की लिमिट अब अलग-अलग होगी।इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (Online Shopping) करने पर मिलने वाले बोनस या अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स को भी पहले के मुकाबले काफी कम कर दिया गया है, जिससे कार्डधारकों का मंथली बेनिफिट कम हो जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 8:57 am

सोने की कीमतों में भारी गिरावट: दिल्ली-मुंबई समेत कई शहरों में लुढ़का गोल्ड; चांदी भी हुई सस्ती, जानें आज के ताजा भाव

गोल्ड सिल्वर रेट्स टुडे (26 जून): भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के कारण घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं। शुक्रवार (26 जून) की सुबह देश के अधिकांश बड़े शहरों में सोने के दाम काफी सस्ते हो गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर ₹1,41,470 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है। कीमती धातुओं में आई इस भारी गिरावट से निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में $4,000 के नीचे फिसला सोना, डॉलर की मजबूती ने बिगाड़ा खेलविदेशी बाजारों में सोने की कीमतों में आई कमजोरी का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना (Spot Gold) $4,000 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे लुढ़ककर 3,978.06 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' द्वारा आने वाले समय में ब्याज दरें बढ़ाए जाने का डर बना हुआ है। इस वजह से अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे निवेशकों का आकर्षण सोने से घटकर डॉलर की तरफ बढ़ गया है और सोने की कीमतों में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। इससे एक दिन पहले भी दिल्ली सर्राफा बाजार में 99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमत में ₹2,800 प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत देश के बड़े शहरों में आज क्या हैं गोल्ड रेट्स?26 जून की सुबह देश के प्रमुख महानगरों और शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के रिटेल भाव (प्रति 10 ग्राम) इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:दिल्ली: 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,470 और 22 कैरेट का भाव ₹1,29,690 है।मुंबई व कोलकाता: इन दोनों महानगरों में 24 कैरेट सोना ₹1,41,320 और 22 कैरेट सोना ₹1,29,540 पर ट्रेंड कर रहा है।चेन्नई: यहां सोने की कीमतें बाकी शहरों से थोड़ी ऊपर हैं। 24 कैरेट का भाव ₹1,43,340 और 22 कैरेट का भाव ₹1,31,390 है।पुणे व बेंगलुरु: इन शहरों में भी 24 कैरेट गोल्ड ₹1,41,320 और 22 कैरेट गोल्ड ₹1,29,540 के स्तर पर है।देश के 10 बड़े शहरों की प्राइस लिस्ट (Table)शहर22 कैरेट सोने का भाव (₹/10 ग्राम)24 कैरेट सोने का भाव (₹/10 ग्राम)दिल्ली₹1,29,690₹1,41,470मुंबई₹1,29,540₹1,41,320लखनऊ₹1,29,690₹1,41,470अहमदाबाद₹1,29,590₹1,41,330चेन्नई₹1,31,390₹1,43,340कोलकाता₹1,29,540₹1,41,320हैदराबाद₹1,29,540₹1,41,320जयपुर₹1,29,690₹1,41,470भोपाल₹1,29,590₹1,41,370चंडीगढ़₹1,29,690₹1,41,470चांदी की चमक भी पड़ी फीकी, ₹2.35 लाख के करीब पहुंचे दामसोने की राह पर चलते हुए चमकीली धातु चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट का दौर जारी है। 26 जून की सुबह भारतीय बाजारों में चांदी की कीमत घटकर ₹2,34,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। वहीं, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां हाजिर चांदी (Spot Silver) की कीमत इस समय 57.10 डॉलर प्रति औंस पर बनी हुई है। औद्योगिक मांग में सुस्ती और ग्लोबल वेल्थ सेंटिमेंट कमजोर होने से चांदी पर भी दबाव साफ दिख रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 8:51 am

दिल्ली में आज फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, IMD ने जारी किया आंधी-तूफान और झमाझम बारिश का अलर्ट; जानिए तापमान का हाल

दिल्ली एनसीआर मौसम अपडेट (26 जून): दिल्ली-एनसीआर में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को राजधानी और आसपास के इलाकों में धूल भरी आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। हालांकि दिन के समय तेज धूप और उमस के कारण गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन दोपहर बाद या शाम तक मौसम करवट लेगा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे पहले गुरुवार को भी दिल्ली के कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई थी।दोपहर बाद आंधी-तूफान के साथ बरसेंगे बदरा, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएंमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय तेज आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने और बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है।इस दौरान मौसम में आने वाले बड़े बदलाव कुछ इस तरह होंगे:हवा की रफ्तार: आंधी के दौरान जमीनी हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।अधिकतम गति: तूफान के वक्त हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की भी उम्मीद है।गुरुवार का हाल: कल दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.6 डिग्री ज्यादा था। हवा में भारी उमस (Humidity) के कारण लोगों को वास्तविक तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस (Real Feel) हो रहा था।आज कितना रहेगा दिल्ली का तापमान?आईएमडी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, रात और सुबह के समय न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। दिन की गर्मी के बाद शाम की बारिश दिल्लीवालों को बड़ी राहत देगी।अगले 3 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम, 29 जून से गिरेगा पारादिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए अच्छी बात यह है कि राहत का यह सिलसिला केवल आज तक सीमित नहीं है। आने वाले दिनों का वेदर ट्रेंड कुछ इस प्रकार रहने वाला है:27 जून: शनिवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है, जबकि तापमान 39 से 41 डिग्री के बीच बना रहेगा।29 जून से बड़ी राहत: सोमवार से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलेगी। पारा लुढ़ककर 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच आ सकता है। बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।1 जुलाई का पूर्वानुमान: अगले महीने की शुरुआत यानी 1 जुलाई तक दिल्ली का अधिकतम तापमान घटकर 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह लगातार हो रही प्री-मानसून (Pre-Monsoon) गतिविधियां हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि दिल्ली में मानसून की एंट्री के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।मौसम विभाग की जरूरी सलाह: आंधी के समय बरतें ये सावधानियांतेज हवाओं और आंधी-तूफान के अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है:आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर ही रहें और खिड़कियां बंद रखें।बाहर होने की स्थिति में बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों या जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय लेने से बिल्कुल बचें।यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों और लाइव वेदर अपडेट्स को जरूर चेक कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 8:49 am

सफर हुआ आसान! टेक्नोलॉजी के इन 7 बड़े अपडेट्स ने बदला ट्रैवलिंग का अंदाज, अब हर ट्रिप बनेगी स्मार्ट और सेफ

स्मार्ट ट्रैवल टेक्नोलॉजी अपडेट: आज के डिजिटल दौर में टेक्नोलॉजी ने हमारे घूमने-फिरने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। अब किसी ट्रिप पर जाने के लिए न तो आपको एजेंटों के चक्कर काटने पड़ते हैं और न ही भारी-भरकम कैश लेकर चलने की मजबूरी होती है। ट्रिप की प्लानिंग से लेकर डेस्टिनेशन पर पहुंचने, रुकने और वापस आने तक का हर काम अब स्मार्टफोन के कुछ क्लिक्स पर सिमट गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल टूल्स की वजह से आज का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित, आसान और बजट-फ्रेंडली हो गया है।अगर आप भी आने वाले दिनों में किसी वेकेशन या बिजनेस ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं, तो टेक्नोलॉजी से जुड़े इन 7 बड़े बदलावों को जरूर जान लें जो आपके ट्रैवलिंग एक्सपीरियंस को बिल्कुल बदल देंगे।1. एआई बेस्ड ट्रैवल प्लानिंग: आपका पर्सनल गाइड है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसअब आपको इंटरनेट पर घंटों बैठकर ट्रिप का शेड्यूल बनाने की जरूरत नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब आपकी पसंद, बजट, दिनों की संख्या और आपके इंटरेस्ट के हिसाब से पूरा कस्टमाइज्ड ट्रैवल प्लान (Itinerary) पलक झपकते ही तैयार कर देता है। एडवांस एआई चैटबॉट्स न सिर्फ आपको बेहतरीन होटल्स और फ्लाइट्स के विकल्प देते हैं, बल्कि वहां के मशहूर रेस्टोरेंट्स और घूमने लायक छिपी हुई खूबसूरत जगहों (Hidden Gems) की भी सटीक सिफारिश करते हैं। इससे समय की भारी बचत होती है और सबसे बेस्ट ऑप्शन मिलते हैं।2. डिजिटल बोर्डिंग पास और कॉन्टैक्टलेस ट्रैवल: लाइनों का झंझट खत्मएयरपोर्ट्स और अब प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी लंबी कतारों से मुक्ति दिलाने के लिए डिजिटल टिकटिंग और कॉन्टैक्टलेस ट्रैवल को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। ई-बोर्डिंग पास और फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली) जैसी आधुनिक बायोमेट्रिक तकनीकों की मदद से अब यात्री बिना किसी फिजिकल डॉक्यूमेंट या कागज के सीधे एंट्री पा सकते हैं। अपने मोबाइल से ही घर बैठे वेब चेक-इन करने की सुविधा ने यात्रियों का काफी कीमती समय बचा दिया है।3. रियल-टाइम नेविगेशन और स्मार्ट मैप्स: अनजान राहें भी हुईं आसानआज के दौर में अगर आप किसी अनजान शहर या सुदूर पहाड़ी इलाके में भी हैं, तो रास्ता भटकने का डर बिल्कुल खत्म हो चुका है। आधुनिक नेविगेशन ऐप्स सिर्फ रास्ता ही नहीं दिखाते, बल्कि आपको लाइव ट्रैफिक अपडेट, सड़क बंद होने की चेतावनी, दुर्घटनाओं की जानकारी और सबसे शॉर्टकट या वैकल्पिक रास्ते भी बताते हैं। इसके साथ ही आपके रूट पर पड़ने वाले पेट्रोल पंप, अस्पताल, एटीएम और अच्छे ढाबों या होटल्स की लोकेशन भी आपको स्क्रीन पर रियल-टाइम में दिखती रहती है।4. स्मार्ट लगेज और जीपीएस ट्रैकिंग: अब नहीं होगी सामान खोने की टेंशनअक्सर यात्रा के दौरान सबसे बड़ा डर सामान के खोने या चोरी होने का रहता है। इस समस्या का हल जीपीएस (GPS) और ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट लगेज और ट्रैकिंग डिवाइस ने निकाल दिया है। इन बैग्स में इन-बिल्ट ट्रैकिंग सिस्टम होता है, जिससे आप अपने स्मार्टफोन पर लाइव देख सकते हैं कि आपका बैग इस वक्त कहां है। इसके अलावा, आजकल के स्मार्ट बैग्स डिजिटल लॉक, इन-बिल्ट यूएसबी चार्जिंग पोर्ट और बैग के आपसे दूर जाने पर मोबाइल पर एंटी-थेफ्ट अलर्ट भेजने जैसी सुविधाओं के साथ आते हैं।5. ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल पेमेंट: कैशलेस सफर का नया दौरफ्लाइट, सुपरफास्ट ट्रेन, लग्जरी बस, होटल या लोकल टैक्सी की बुकिंग अब चुटकियों में मोबाइल ऐप्स के जरिए हो जाती है। सबसे बड़ा बदलाव डिजिटल पेमेंट क्रांति से आया है। यूपीआई (UPI), डिजिटल वॉलेट, सुरक्षित इंटरनेट बैंकिंग और इंटरनेशनल फॉरेक्स कार्ड्स की मदद से अब जेब में नकदी (Cash) रखने की टेंशन खत्म हो गई है। डिजिटल लेन-देन करने पर यात्रियों को बंपर डिस्काउंट, कूपन कोड्स और कैशबैक का फायदा भी मिलता है, जिससे सफर काफी किफायती हो जाता है।6. वर्चुअल टूर और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR): जाने से पहले देखें नजाराकई बड़ी ट्रैवल कंपनियां और टूरिस्ट स्पॉट्स अब वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी मदद से आप किसी भी होटल के कमरे या टूरिस्ट डेस्टिनेशन को बुक करने से पहले ही उसका 360-डिग्री व्यू देख सकते हैं। इससे आपको यह समझने में आसानी होती है कि असल में वह जगह कैसी दिखती है। यह तकनीक यात्रियों को गलत डेस्टिनेशन चुनने की गलती से बचाती है और बुकिंग को पारदर्शी बनाती है।7. ट्रैवल सेफ्टी और इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम: हर पल सुरक्षित रहेगा आपका सफरआधुनिक ट्रैवल ऐप्स में अब सुरक्षा को लेकर बेहद शानदार फीचर्स दिए जा रहे हैं। ये ऐप्स आपको खराब मौसम, फ्लाइट में देरी, प्राकृतिक आपदाओं या किसी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी दिक्कतों का रियल-टाइम अलर्ट तुरंत भेज देते हैं। इसके साथ ही इन ऐप्स में मिलने वाले एसओएस (SOS) बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और वन-टैप इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जैसी सुविधाएं किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने का काम करती हैं, जिससे अकेले सफर करने वाले यात्रियों का भरोसा काफी बढ़ा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 8:47 am

Budh Vakri 2026: 29 जून से वक्री होने जा रहे हैं बुध देव, कर्क राशि में उल्टी चाल से इन 4 राशियों की पलटेगी किस्मत, खुलेगा भाग्य का ताला

बुध वक्री गोचर 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि और नक्षत्र परिवर्तन के साथ-साथ उनकी सीधी (मार्गी) और उल्टी (वक्री) चाल को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। नवग्रहों में बुद्धि, वाणी, व्यापार, अर्थव्यवस्था और शिक्षा के कारक ग्रह 'बुध' जल्द ही अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। ग्रहों के राजकुमार बुध इस समय चंद्र देव की राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं, जहां वे वक्री होने वाले हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध के वक्री होने पर व्यक्ति की निर्णय क्षमता प्रभावित होती है, लेकिन इस बार की उल्टी चाल 4 विशेष राशियों के लिए सुनहरे दिन लेकर आने वाली है।29 जून को रात 10:45 पर वक्री होंगे बुध, मिथुन राशि में भी करेंगे प्रवेशउज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, 29 जून 2026 की रात 10 बजकर 45 मिनट पर बुध ग्रह कर्क राशि में वक्री (Retrograde) हो जाएंगे। अपनी इस उल्टी चाल के दौरान ही बुध देव 7 जुलाई 2026 को मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके बाद 24 जुलाई 2026 तक वक्री अवस्था में रहने के बाद वे फिर से मार्गी यानी सीधी चाल चलना शुरू करेंगे। बुध का यह करीब 25 दिनों का वक्री काल देश-दुनिया समेत सभी 12 राशियों पर बड़ा असर डालेगा।इन 4 राशियों के खुलेंगे भाग्य के द्वार, मिलेगी बड़ी खुशखबरीवैसे तो बुध की चाल का असर सभी जातकों पर पड़ेगा, लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार करियर, बिजनेस, धन लाभ और सामाजिक मान-सम्मान के मामले में 4 राशियों को भाग्य का पूरा साथ मिलने वाला है। आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं:1. मेष राशि (Aries): रिश्तों में आएगी मिठास, बढ़ेगा मान-सम्मानमेष राशि के जातकों के लिए बुध की उल्टी चाल खुशियों और तरक्की की नई सौगात लेकर आएगी।परिवार में लंबे समय से चला आ रहा मनमुटाव या तनाव अब पूरी तरह खत्म होगा।समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में भारी बढ़ोतरी होगी।संतान पक्ष की ओर से किसी बड़ी सफलता या करियर से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है।2. मिथुन राशि (Gemini): विदेश यात्रा के योग और करियर में ऊंची उड़ानबुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए इनका वक्री होना आपके लिए तरक्की के नए मार्ग प्रशस्त करेगा।जो लोग विदेश जाने या विदेश में पढ़ाई-नौकरी करने का सपना देख रहे हैं, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है।वीजा या पासपोर्ट से जुड़े रुके हुए सरकारी दस्तावेज आसानी से बन जाएंगे।नई नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को बड़ी कंपनियों से आकर्षक ऑफर मिलने के मजबूत संकेत हैं।3. सिंह राशि (Leo): अड़चनें होंगी दूर, पैतृक संपत्ति से होगा लाभसिंह राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं रहने वाला है।आपके काम में लंबे समय से जो भी विरोधी या अड़चनें रुकावट डाल रहे थे, वे अब समाप्त हो जाएंगे।यदि कोर्ट-कचहरी में पैतृक संपत्ति को लेकर कोई विवाद चल रहा है, तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।परिवार में किसी मांगलिक या धार्मिक उत्सव का आयोजन होने की प्रबल संभावना बनेगी।4. कुंभ राशि (Aquarius): दूर होंगी परेशानियां, बढ़ेगी धार्मिक रुचिकुंभ राशि के लोगों के जीवन में यह गोचर सकारात्मक और बड़े बदलाव लेकर आ रहा है।आपका झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर ज्यादा रहेगा, जिससे मानसिक शांति मिलेगी।जीवनसाथी के साथ किसी तीर्थ यात्रा या धार्मिक स्थल पर घूमने का प्लान बन सकता है।लंबे समय से चली आ रही मानसिक और आर्थिक परेशानियां दूर होंगी, साथ ही सूर्य देव के शुभ प्रभाव से सेहत में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।वक्री बुध के दौरान क्या रखें सावधानी?ज्योतिषियों के अनुसार, भले ही यह समय इन 4 राशियों के लिए शुभ है, लेकिन बुध वक्री होने के कारण किसी भी प्रकार के बड़े निवेश, कागजी कार्रवाई या नया व्यापारिक कॉन्ट्रैक्ट साइन करते समय डॉक्यूमेंट्स को अच्छी तरह पढ़ लेना चाहिए। जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला नुकसानदेह साबित हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 8:46 am

Emcure Pharma से Bain Capital का बड़ा एग्जिट: 12 साल बाद ₹352 करोड़ में बेची पूरी हिस्सेदारी, HDFC और Axis MF बने खरीदार

एमक्योर फार्मा शेयर अपडेट: भारतीय फार्मा सेक्टर की जानी-मानी कंपनी एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (Emcure Pharmaceuticals) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दिग्गज ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल (Bain Capital) ने कंपनी में अपनी बची हुई पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर हुई एक ब्लॉक डील के जरिए बेन कैपिटल ने करीब 12 साल पुराने इस निवेश सफर को पूरी तरह खत्म करते हुए कंपनी से एग्जिट कर लिया है। बाजार के बड़े घरेलू और विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs/DIIs) ने इन शेयरों को हाथों-हाथ खरीदा है।₹352 करोड़ की ब्लॉक डील, इन दिग्गजों ने खरीदे एमक्योर के शेयरस्टॉक एक्सचेंज से मिले ब्लॉक डील डेटा के मुताबिक, बेन कैपिटल ने एमक्योर फार्मा में अपनी करीब 1 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर यानी 19.4 लाख शेयर खुले बाजार में बेचे हैं। यह पूरी डील औसतन ₹1,817 प्रति शेयर की कीमत पर हुई, जिसकी कुल वैल्यू 352 करोड़ रुपये है।इस हिस्सेदारी को खरीदने के लिए देश के बड़े म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों ने भरोसा जताया है:HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस: इसने सबसे बड़ा दांव लगाते हुए ₹130 करोड़ में 7.1 लाख शेयर खरीदे।एक्सिस म्यूचुअल फंड (Axis MF): फंड हाउस ने ₹50 करोड़ के शेयर पोर्टफोलियो में शामिल किए।आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF: इन्होंने ₹47.5 करोड़ निवेश कर 2.6 लाख शेयर खरीदे।इसके अलावा ग्लोबल इनवेस्टर सेंटिमेंट को दर्शाते हुए HSBC म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और बीएनपी पारिबा (BNP Paribas) जैसी दिग्गज संस्थाओं ने भी ₹25-25 करोड़ के शेयर खरीदे हैं।शार्क टैंक फेम नमिता थापर से है नाता, 2024 में आया था IPOएमक्योर फार्मा देश की उन चुनिंदा दवा कंपनियों में से है जिसकी पहचान घर-घर में है। बिजनेस रियलिटी शो 'शार्क टैंक इंडिया' (Shark Tank India) की लोकप्रिय जज नमिता थापर इस कंपनी में होल-टाइम डायरेक्टर हैं। उनके पिता सतीश रमनलाल मेहता इस कंपनी के फाउंडर, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।कंपनी के शेयर बाजार के सफर की बात करें तो:जुलाई 2024 में कंपनी का ₹1,952.03 करोड़ का आईपीओ (IPO) आया था।मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) ₹35,600 करोड़ के पार निकल चुका है।फिलहाल बीएसई (BSE) पर एमक्योर फार्मा के शेयर की कीमत ₹1,881.90 के स्तर पर टिकी हुई है।मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, कंपनी में प्रमोटर्स के पास अभी भी 77.87 फीसदी की मजबूत हिस्सेदारी बनी हुई है।निवेशकों की कराई तगड़ी कमाई, 1 साल में 40% का बंपर रिटर्नबाजार में लिस्ट होने के बाद से ही इस फार्मा स्टॉक ने निवेशकों को लगातार मालामाल किया है। पिछले कुछ समय में शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसमें शानदार तेजी देखने को मिली है:1 साल का रिटर्न: शेयर की कीमत में करीब 40 प्रतिशत की मजबूती आई है।6 महीने का रिटर्न: इस अवधि में स्टॉक ने 30 प्रतिशत से ज्यादा का मुनाफा दिया है।2 हफ्ते का रिटर्न: हालिया दो हफ्तों में भी यह शेयर करीब 12 प्रतिशत उछला है।₹10 की फेस वैल्यू वाले इस स्टॉक में आ रही लगातार तेजी कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाती है।कैसी है एमक्योर फार्मा की वित्तीय सेहत? जानिए मुनाफे के आंकड़ेहिस्सेदारी की इस फेरबदल के बीच कंपनी के वित्तीय नतीजे भी काफी मजबूत नजर आ रहे हैं। जनवरी-मार्च 2026 (Q4FY26) की तिमाही में स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का रेवेन्यू ₹1,467.70 करोड़ रहा, जबकि इस दौरान कंपनी ने ₹233.70 करोड़ का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) दर्ज किया।अगर पूरे वित्त वर्ष 2026 (FY26) की बात करें, तो कंपनी ने स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹5,243.19 करोड़ का कुल रेवेन्यू हासिल किया है और सालाना शुद्ध मुनाफा ₹732.96 करोड़ रहा है। वित्तीय मोर्चे पर इस मजबूती के कारण ही बेन कैपिटल के एग्जिट के बाद भी घरेलू फंड हाउसेज ने स्टॉक में खरीदारी करने में जरा भी देर नहीं लगाई।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 8:45 am

लाल निशान में डूबा एशियाई बाजार, टेक शेयरों ने बढ़ाई टेंशन; आज भारतीय शेयर बाजार में क्यों नहीं होगी ट्रेडिंग?

एशियन मार्केट अपडेट (26 जून): वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच आज एशियाई शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। वॉल स्ट्रीट पर कल रात आए उतार-चढ़ाव का सीधा असर आज सुबह एशियाई देशों के सूचकांकों पर साफ नजर आ रहा है। दिग्गज टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में आई अचानक गिरावट ने निवेशकों के सेंटिमेंट को कमजोर कर दिया है, जिसके चलते बाजार में चौतरफा मुनाफावसूली हावी है।टेक शेयरों की कमजोरी से सहमा एशियाई बाजार, निक्केई और कोस्पी औंधे मुंह गिरेशुक्रवार सुबह के कारोबारी सत्र में जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई (Nikkei) करीब 4.18 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 69,341.00 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसके साथ ही दक्षिण कोरिया के कोस्पी (KOSPI) में 7.38 फीसदी की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।अन्य एशियाई बाजारों का हाल भी कुछ ऐसा ही है:ताइवान का बाजार: 2.28% टूटकर 45,200.59 के स्तर पर आ गया।हैंगसेंग (हांगकांग): 2.32% की कमजोरी के साथ 22,541.00 पर ट्रेंड कर रहा है।स्ट्रेट टाइम्स (सिंगापुर): यहां भी 0.89% की सुस्ती देखी जा रही है।हालांकि, इन सबके उलट चीन का शंघाई कम्पोजिट विपरीत दिशा में चलते हुए 2.57 फीसदी की बढ़त के साथ 4,014.45 के स्तर पर टिका हुआ है। सेमीकंडक्टर कंपनियों की ओर से बेहतर भविष्य के अनुमान (गाइडेंस) आने के बावजूद निवेशक इस समय जोखिम लेने से बच रहे हैं।आज भारतीय शेयर बाजार बंद, BSE और NSE में नहीं होगी कोई हलचलअगर आप आज घरेलू शेयर बाजार में ट्रेडिंग की योजना बना रहे हैं, तो रुक जाइए। भारतीय शेयर बाजार (BSE और National Stock Exchange) आज, 26 जून को मुहर्रम के अवसर पर पूरी तरह बंद हैं। आज इक्विटी, डेरिवेटिव और करेंसी सेगमेंट में कोई कामकाज नहीं होगा। अब बाजार में सोमवार को नियमित रूप से ट्रेडिंग शुरू होगी।वॉल स्ट्रीट पर फीकी पड़ी रफ्तार, Apple की इस घोषणा से मची हलचलअमेरिकी बाजार (Wall Street) में गुरुवार का सत्र काफी मिला-जुला और उतार-चढ़ाव से भरा रहा। टेक-हैवी इंडेक्स नैस्डैक (Nasdaq) बड़े तकनीकी शेयरों में गिरावट के चलते नुकसान के साथ बंद हुआ। दिग्गज टेक कंपनी Apple के शेयरों में 6.1% की भारी गिरावट आई, जिसने पूरे बाजार का मूड बिगाड़ दिया। दरअसल, कंपनी द्वारा Mac, iPad और होम डिवाइसेज की कीमतें बढ़ाने के फैसले से निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ। इसका असर 'मैग्निफिसेंट सेवन' (दिग्गज टेक समूह) के अन्य शेयरों पर भी पड़ा।अमेरिकी बाजारों का क्लोजिंग स्टेटस:Dow Jones: 71.72 अंक (0.14%) बढ़कर 51,920.62 पर बंद।S&P 500: 0.73 अंक (0.01%) की मामूली गिरावट के साथ 7,357.49 पर बंद।Nasdaq: 118.03 अंक (0.46%) फिसलकर 25,358.60 के स्तर पर बंद हुआ।माइक्रोन टेक्नोलॉजी की शानदार कमाई और मजबूत आउटलुक के बावजूद अमेरिकी बाजार शुरुआती बढ़त को बरकरार रखने में नाकाम रहे।होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव से कच्चे तेल में सुस्ती, बॉन्ड यील्ड घटीवैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ गई हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल ट्रेड रूट 'होर्मुज स्ट्रेट' में एक कमर्शियल जहाज पर मिसाइल (प्रोजेक्टाइल) हमले की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।दूसरी ओर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के पसंदीदा महंगाई आंकड़ों में उम्मीद से कम बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वजह से बॉन्ड मार्केट को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले को टाल सकता है।AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और चिप स्टॉक्स में भारी उतार-चढ़ाव, निवेशक सतर्कमौजूदा समय में दुनिया भर के बाजारों में इस बात को लेकर बहस और चिंता छिड़ी हुई है कि टेक कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश से वास्तविक रिटर्न कब और कितना मिलेगा। यही वजह है कि टेक और चिप मैन्युफैक्चरिंग स्टॉक्स में भारी अस्थिरता है। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स और S&P 500 इस तिमाही में अपनी पहली मासिक गिरावट दर्ज करने की कगार पर हैं।भले ही क्वालकॉम ने साल 2029 तक सालाना AI डेटा-सेंटर कंपोनेंट की बिक्री 15 अरब डॉलर से पार ले जाने का भरोसा जताया हो, लेकिन आज एशियाई बाजार में चिप कंपनियों (SK हाइनिक्स, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और कियॉक्सिया होल्डिंग्स) के शेयरों में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है।OpenAI का IPO अब 2027 तक टलने की खबरटेक जगत से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाने वाली कंपनी OpenAI अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। आंतरिक सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कंपनी अब अपने IPO को साल 2027 तक टालने की योजना बना रही है, जिससे टेक निवेशकों की उम्मीदों को थोड़ा झटका लगा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 8:44 am

Passport Fees Hiked: विदेश जाना हुआ महंगा! सरकार ने बढ़ाई पासपोर्ट की फीस, 1 जुलाई से जेब पर पड़ेगा सीधा असर

अगर आप भी नया पासपोर्ट बनवाने या अपने पुराने पासपोर्ट को रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट से जुड़ी तमाम सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सरकार द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, संशोधित दरें इसी साल 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगी।खास बात यह है कि इस बार सामान्य और तत्काल श्रेणी के साथ-साथ पासपोर्ट खोने या खराब होने पर मिलने वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट की फीस में सबसे ज्यादा इजाफा किया गया है।सामान्य और तत्काल पासपोर्ट: अब चुकाने होंगे इतने रुपयेवयस्कों (Adults) और 15-18 साल के नाबालिगों के लिए 36 पेज और 60 पेज के नए या री-इश्यू पासपोर्ट की नई दरें कुछ इस प्रकार तय की गई हैं:36 पेज पासपोर्ट (Normal): अब इसके लिए ₹1,500 की जगह ₹2,500 देने होंगे।36 पेज पासपोर्ट (Tatkal): तत्काल स्कीम के तहत यह फीस बढ़कर ₹5,000 हो गई है।60 पेज पासपोर्ट (Normal): बड़ी बुकलेट के लिए अब ₹3,500 की फीस लगेगी।60 पेज पासपोर्ट (Tatkal): इस कैटेगरी में आपको ₹6,000 चुकाने होंगे।पासपोर्ट खोने या खराब होने पर जेब होगी और ढीलीअगर आपका पासपोर्ट कहीं गुम हो गया है या डैमेज हो गया है, तो उसके बदले नया रिप्लेसमेंट पासपोर्ट लेना अब काफी महंगा पड़ेगा। सरकार ने इस सेक्शन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी की है:36 पेज रिप्लेसमेंट (Normal): इसके लिए आपको ₹5,000 खर्च करने होंगे।36 पेज रिप्लेसमेंट (Tatkal): तत्काल में नया डॉक्यूमेंट लेने के लिए ₹7,500 देने होंगे।60 पेज रिप्लेसमेंट (Normal): इस कैटेगरी की फीस ₹6,000 निर्धारित की गई है।60 पेज रिप्लेसमेंट (Tatkal): इसके लिए सबसे ज्यादा ₹8,500 का भुगतान करना होगा।नाबालिगों के लिए (36 पेज रिप्लेसमेंट): बच्चों के गुमशुदा पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट नॉर्मल में ₹4,250 और तत्काल में ₹6,750 में बनेगा।पीसीसी (PCC), सरेंडर और अन्य सर्टिफिकेट्स के भी बदले रेटपासपोर्ट के अलावा उससे जुड़ी अन्य जरूरी कागजी कार्यवाहियों के लिए भी नया सर्विस चार्ज तय किया गया है:PCC और सरेंडर सर्टिफिकेट: पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट और ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन जैसी सेवाओं के लिए भारत में अब ₹750 की फीस तय की गई है।सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी: भारत में इसकी कीमत ₹1,000 होगी।विदेशी सेवाएं (Emergency/Identity): भारत से बाहर आपातकालीन सर्टिफिकेट (Emergency Certificate) के लिए 15 USD और पहचान प्रमाण-पत्र (Certificate of Identity) के लिए 50 USD देने होंगे। ध्यान रहे कि इन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के लिए कोई तत्काल सुविधा नहीं मिलेगी।वैलिडिटी के क्या हैं नियम?फीस बदलने के बावजूद पासपोर्ट की वैधता (Validity) के पुराने नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है:वयस्कों (Adults) के लिए जारी किया गया पासपोर्ट पूरे 10 साल के लिए मान्य रहेगा।नाबालिगों (Minors) के लिए जारी पासपोर्ट की वैलिडिटी 5 साल या उनके 18 वर्ष के होने तक (जो भी पहले पूरा हो) मान्य रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 8:42 am

केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया के पिता बोले- दोष साबित हो तो कानून दे कड़ी सजा, मां ने रिश्ते को लेकर कही बड़ी बात

पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल के माता-पिता का पहला बयान सामने आया है। पिता ने कहा कि दोष साबित होने पर कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जबकि मां ने रिश्ते को लेकर कई अहम बातें कहीं।

देशबन्धु 26 Jun 2026 8:05 am

राम मंदिर चढ़ावा मामला: 8 आरोपियों पर FIR, चंपत राय का नाम नहीं; विपक्ष ने जांच पर उठाए सवाल

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में 8 लोगों के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। चंपत राय का नाम शामिल न होने पर विपक्ष ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

देशबन्धु 26 Jun 2026 7:52 am

Top News : वेनेजुएला भूकंप में 235 मौतें, राम मंदिर चढ़ावा विवाद में FIR, कैंसर की नकली दवाओं पर केंद्र का बड़ा एक्शन

Top News 26 June : वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हुई। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में 8 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज। केंद्र सरकार ने कैंसर की नकली दवाओं पर शिकंजा कसा। भारत ने महिला विश्व कप में बांग्लादेश को हराया। ...

वेब दुनिया 26 Jun 2026 7:50 am

जब लगातार फ्लॉप से टूट चुके थे अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री बिंदू ने सुनाया शूटिंग का वो मजेदार किस्सा

बॉलीवुड के 'शहंशाह' अमिताभ बच्चन के करियर के शुरुआती दिन आज जितने शानदार लगते हैं, हकीकत में वे उतने ही संघर्षपूर्ण थे। हाल ही में दिग्गज अभिनेत्री बिंदू ने बिग बी के साथ जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जो न केवल मजेदार है बल्कि उस दौर के तनाव को भी बयां करता है। बिंदू और अमिताभ ने 'जंजीर' और 'अभिमान' जैसी कई यादगार फिल्मों में साथ काम किया है, लेकिन शूटिंग के दौरान हुई एक घटना ने उन्हें हमेशा के लिए एक हसीन याद दे दी।जब हवा के झोंके ने बदल दी दिशाबिंदू ने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में वे लोग ऋषिकेश गए थे। काम खत्म होने के बाद पूरी टीम देहरादून में डिनर के लिए निकली थी। लौटते समय बिंदू पान खा रही थीं। वे बताती हैं, हम खुली खिड़कियों वाली गाड़ी में थे और हवा सीधे मेरे चेहरे पर लग रही थी। मैंने पान थूकने के लिए जैसे ही खिड़की से सिर बाहर निकाला, हवा की दिशा ने सब कुछ बदल दिया। वह पान सीधे अमिताभ बच्चन की शर्ट पर जा गिरा। बिंदू के लिए यह पल बेहद शर्मिंदगी भरा था, लेकिन बिग बी ने जिस तरह इसे संभाला, वह उनकी दरियादिली दर्शाता है।अमिताभ का रिएक्शन और 'इलाहाबाद वाली' चिंताइस घटना के बाद अमिताभ बच्चन ने गुस्सा होने के बजाय बिंदू को माफ कर दिया, लेकिन इसे उन्होंने हमेशा के लिए मजाक का विषय बना लिया। वे अक्सर बिंदू की टांग खिंचाई करते थे। इसी दौरान बिंदू ने एक और गंभीर याद साझा की। उन्होंने बताया कि उन दिनों अमिताभ बच्चन लगातार फ्लॉप फिल्मों के कारण बहुत तनाव में थे। एक बार प्लेन के सफर में उन्होंने बिंदू और अपनी हेयर-ड्रेसर से कहा था, मेरी फिल्में बैक-टू-बैक फ्लॉप हो रही हैं, पता नहीं आगे क्या होगा, अब तो इलाहाबाद की टिकट ही कटवानी पड़ेगी। उस दौर में बिग बी हार मानने की कगार पर थे, लेकिन उसके ठीक बाद 'जंजीर' और 'दीवार' जैसी फिल्मों ने इतिहास बदल दिया और वे सदी के महानायक बन गए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 7:32 am

दिल्ली-NCR में अगले 6 दिन बारिश के आसार, यूपी-उत्तराखंड की ओर तेजी से बढ़ा मानसून; IMD ने जारी किया अलर्ट

दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में अगले 6 दिनों तक बारिश के आसार हैं। IMD के अनुसार मानसून तेजी से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब की ओर बढ़ रहा है। जानें ताजा मौसम अपडेट।

देशबन्धु 26 Jun 2026 7:31 am

मानसून की बीमारियों को कहें अलविदा: बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ने से बचाएंगे ये 5 सुपरफूड्स

भीषण गर्मी के बाद मानसून की फुहारें जहां राहत लेकर आती हैं, वहीं अपने साथ बीमारियों का अंबार भी लाती हैं। हवा में बढ़ी हुई नमी, उमस और दूषित पानी बैक्टीरिया और वायरस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करते हैं। इस दौरान सर्दी, खांसी, फ्लू और अन्य संक्रमण होना बेहद आम है। ऐसे में शरीर को इन बीमारियों से लड़ने के लिए मजबूत बनाना जरूरी है। आपको अपनी डाइट में बहुत बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं है, बस इन 5 सुपरफूड्स को शामिल कर आप अपनी इम्युनिटी को इतना शक्तिशाली बना सकते हैं कि संक्रमण आपके करीब भी नहीं फटकेंगे।इम्युनिटी को फौलाद बनाने वाले 5 'जादुई' खाद्य पदार्थ1. तुलसी (Basil)तुलसी को आयुर्वेद में औषधियों की रानी कहा गया है। इसमें एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। तुलसी में मौजूद 'यूजेनॉल' नामक आवश्यक तेल मानसून के दौरान सांस संबंधी समस्याओं से सुरक्षा प्रदान करता है। कैसे इस्तेमाल करें: आप तुलसी की ताजी पत्तियों को सीधे चबा सकते हैं, इसे चाय में डालकर ले सकते हैं या फिर तुलसी का पानी पीना बेहद फायदेमंद साबित होता है।2. अदरक (Ginger)अदरक एक बेहतरीन नेचुरल पेनकिलर (दर्द निवारक) है, जो सर्दी-जुकाम के इलाज में रामबाण माना जाता है। यह शरीर की सूजन को कम करने और इम्यून सेल्स को सक्रिय करने में मदद करता है। कैसे इस्तेमाल करें: सब्जी या दाल में अदरक के छोटे टुकड़े डालें। अदरक वाली चाय या इसका काढ़ा पीना मानसून में इम्युनिटी बढ़ाने का सबसे पुराना और प्रभावी तरीका है।3. काली मिर्च (Black Pepper)काली मिर्च में 'पाइपरिन' नामक कंपाउंड पाया जाता है, जो एंटी-बैक्टीरियल होने के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर होता है। यह न केवल शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण (absorption) में मदद करती है, बल्कि इम्युनिटी को भी बनाए रखती है। कैसे इस्तेमाल करें: मसालों के अलावा, सूप या सलाद के ऊपर काली मिर्च पाउडर छिड़ककर इसका सेवन करें। यह स्वाद के साथ सेहत का भी तड़का लगाती है।4. करी पत्ता (Curry Leaves)करी पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि यह एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स का भंडार है। इसमें मौजूद 'कैरोटीनॉयड्स' इम्युनिटी को बूस्ट करने का काम करते हैं। कैसे इस्तेमाल करें: दाल, सब्जी, रसम या सूप में तड़के के रूप में करी पत्ता शामिल करें। यह भोजन को न केवल स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि उसे पोषण से भरपूर भी कर देता है।5. नींबू (Lemon)विटामिन-सी का पावरहाउस माना जाने वाला नींबू शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ाता है, जो संक्रमण से लड़ने के लिए अनिवार्य हैं। कैसे इस्तेमाल करें: चाय, सलाद, दाल, सब्जी या फिर गुनगुने पानी के साथ नींबू का रोजाना सेवन करें। यह शरीर को अंदर से साफ रखने और बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 7:30 am

15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए आयरलैंड ने बिछाया जाल, बेलफास्ट में श्रेयस अय्यर की कप्तानी में 'अग्निपरीक्षा'

भारतीय क्रिकेट का नया सितारा, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने पदार्पण के लिए पूरी तरह तैयार है। बेलफास्ट में भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 26 जून को खेला जाना है। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में मैदान पर उतरने वाली भारतीय टीम में वैभव सूर्यवंशी के चयन ने हर किसी को हैरान और उत्साहित किया है। हालांकि, मेजबान आयरलैंड ने इस युवा सनसनी को रोकने के लिए अपनी रणनीति पहले ही स्पष्ट कर दी है।वैभव सूर्यवंशी को रोकने के लिए आयरलैंड की खास रणनीतिआयरलैंड के अनुभवी ऑलराउंडर जॉर्ज डॉकरेल ने मैच से पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि उनकी टीम भारतीय टीम के साथ-साथ वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी से निपटने के लिए तैयार है। डॉकरेल ने कहा, वैभव निश्चित रूप से एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना उनकी काबिलियत का प्रमाण है, लेकिन हम उनके लिए कोई विशेष अलग व्यवहार नहीं करेंगे। हमारी योजनाएं वही होंगी जो बाकी भारतीय बल्लेबाजों के लिए हैं। हमें उनकी ताकत का अंदाजा है और हम उन्हें दबाव में डालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत का 'नया दौर'यह सीरीज भारतीय टीम के लिए एक नए अध्याय की तरह है, जहां श्रेयस अय्यर टी20 कप्तान के रूप में टीम की बागडोर संभाल रहे हैं। भारतीय टीम में युवाओं और अनुभव का शानदार मिश्रण है। आयरलैंड के लिए भी यह दौरा खुद को विश्व स्तर पर परखने का एक बड़ा मौका है। डॉकरेल के अनुसार, आयरलैंड की टीम भी अब एक बदलाव के दौर से गुजर रही है, जिसमें कुछ नए चेहरों के साथ टीम की पहचान को नया रूप दिया जा रहा है। विश्व चैंपियन भारत के खिलाफ खेलना आयरलैंड के लिए अपनी तैयारियों को मापने का सबसे अच्छा तरीका है।लार्कन की कप्तानी पर आयरलैंड का भरोसाआयरलैंड की टीम में कप्तान के बदलाव को लेकर डॉकरेल ने खुलकर बात की। उन्होंने लार्कन की कप्तानी की सराहना करते हुए कहा, लार्कन बहुत स्पष्ट सोच रखने वाले और शांत स्वभाव के कप्तान हैं। वे क्रिकेट को गहराई से समझते हैं और टीम में हर खिलाड़ी को अपनी जिम्मेदारी खुद लेने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी कप्तानी में टीम का टी20 क्रिकेट और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। बेलफास्ट में होने वाले इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर होने की पूरी संभावना है, जहाँ एक ओर भारत अपनी बादशाहत कायम रखना चाहेगा, तो दूसरी ओर आयरलैंड अपनी नई रणनीति से उलटफेर करने की कोशिश करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 7:26 am

भारत की धमाकेदार जीत के साथ सेमीफाइनल की उम्मीदें हुई मजबूत, टी20 वर्ल्ड कप का 'हीरो' बना ये खिलाड़ी

महिला टी20 विश्व कप 2026 के 23वें मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए बांग्लादेश को एकतरफा अंदाज में 5 विकेट से शिकस्त दी है। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाने की संभावनाओं को और प्रबल कर लिया है। अब भारत के खाते में 6 अंक हो चुके हैं और फैंस की नजरें आगामी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले 'करो या मरो' के मुकाबले पर टिकी हैं।राधा यादव और श्री चरणी की घातक गेंदबाजीमैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेशी टीम भारतीय गेंदबाजों के जाल में बुरी तरह फंस गई। बांग्लादेश की सलामी बल्लेबाज जुएरिया फिरदौस (33) और कप्तान निगार सुल्ताना (32) ने कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के आगे टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर मात्र 136 रन ही बना सकी। भारत की ओर से राधा यादव ने सबसे घातक गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके, वहीं श्री चरणी ने 2 सफलताएं हासिल कीं। श्री चरणी के लिए यह टूर्नामेंट यादगार साबित हो रहा है, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सर्वाधिक 12 विकेट लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।शेफाली वर्मा की विस्फोटक शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ पावरप्ले137 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शेफाली वर्मा ने एक ऐसी शुरुआत दी, जिसकी कल्पना शायद बांग्लादेश ने नहीं की होगी। स्मृति मंधाना के जल्दी आउट होने के बावजूद शेफाली ने गेंदबाजों पर चौतरफा प्रहार किया। पावरप्ले में भारतीय टीम ने 1 विकेट के नुकसान पर 63 रन जड़ दिए, जो टी20 विश्व कप के इतिहास में भारतीय महिला टीम का पावरप्ले में अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। शेफाली ने महज 29 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और 34 गेंदों में 53 रनों की अपनी धमाकेदार पारी में 8 चौके और 1 छक्का जड़ा।सेमीफाइनल की राह और अब अगला पड़ावशेफाली के आउट होने के बाद यास्तिका भाटिया (23) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (नाबाद 13) ने पारी को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया और भारत को 16.5 ओवर में ही जीत दिला दी। इस जीत ने न केवल भारतीय टीम का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि प्वाइंट्स टेबल में भारत की स्थिति को भी सुरक्षित किया है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले अगले बड़े मुकाबले का बेसब्री से इंतजार है, जो तय करेगा कि कौन सी टीम सेमीफाइनल का टिकट पक्का करती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 7:24 am

ENG vs NZ 3rd Test: ट्रेंट ब्रिज पर न्यूजीलैंड का 'शतकीय प्रहार', पहले ही दिन लाथम-कॉन्वे ने इंग्लैंड को किया पस्त

ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के पहले दिन कीवी बल्लेबाजों ने जो धमाल मचाया है, उसने मेजबान टीम के गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए हैं। सीरीज अभी 1-1 से बराबरी पर है, और इस करो या मरो के मुकाबले में न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों ने न केवल शानदार शुरुआत की, बल्कि इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए पहले ही दिन 361 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।लाथम-कॉन्वे की ऐतिहासिक 317 रनों की साझेदारीमैच की शुरुआत कप्तान टॉम लाथम के टॉस जीतने के साथ हुई। ट्रेंट ब्रिज की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच का पूरा फायदा उठाते हुए लाथम और डेवोन कॉन्वे ने पहले विकेट के लिए 317 रनों की विशाल साझेदारी की। टॉम लाथम ने अपने टेस्ट करियर का 17वां शतक जड़ते हुए 151 रनों की शानदार पारी खेली, वहीं दूसरी ओर डेवोन कॉन्वे ने भी अपनी लय बरकरार रखी और 22 चौकों व 3 छक्कों की मदद से 157 रन बनाए। इस साझेदारी ने इंग्लैंड को खेल के पहले सत्र से ही बैकफुट पर धकेल दिया।बेन स्टोक्स की वापसी भी नहीं आई कामदूसरे टेस्ट में अनुशासनात्मक कारणों से बाहर रहने वाले इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन की टीम में वापसी हुई थी। उम्मीद थी कि स्टोक्स का आना इंग्लैंड की गेंदबाजी को धार देगा, लेकिन कीवी बल्लेबाजों के आगे कोई भी रणनीति काम नहीं आई। स्टोक्स ने 13 ओवर में 57 रन लुटाए और उन्हें केवल एक सफलता मिली। जो रूट को एक विकेट जरूर मिला, लेकिन दिन के अंत तक इंग्लैंड के बाकी गेंदबाज जैसे शोएब बशीर, जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन विकेट के लिए तरसते नजर आए।दिन का खेल: न्यूजीलैंड का पलड़ा भारीहालांकि खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने कुछ वापसी की और हेनरी निकोल्स (36) तथा रचिन रविंद्र (7) के विकेट चटकाए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड की टीम एक मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। दिन का खेल समाप्त होने तक न्यूजीलैंड का स्कोर 4 विकेट पर 361 रन रहा। कीवी टीम की मंशा अब इस मैच में इतना बड़ा स्कोर खड़ा करने की है कि इंग्लैंड को फिर से बल्लेबाजी करने का मौका ही न मिले। यह निर्णायक मुकाबला अब पूरी तरह से न्यूजीलैंड के नियंत्रण में दिख रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 7:20 am

'Gullak 5' के बीच अमेजन प्राइम पर 'पंचायत 2.0' की एंट्री! गांव की इस कहानी पर फिदा हुए फैंस

अगर आप भी 'पंचायत' और 'गुल्लक' जैसी वेब सीरीज के शौकीन हैं और सुकून भरी ग्रामीण कहानियों की तलाश में हैं, तो अमेजन प्राइम वीडियो पर आपके लिए एक बेहतरीन सरप्राइज मौजूद है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक सीरीज जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रही है, जिसे दर्शक सीधे तौर पर 'पंचायत 2.0' का दर्जा दे रहे हैं। यह सीरीज है अमोल पाराशर स्टारर 'ग्राम चिकित्सालय' (Gram Chikitsalay), जिसका दूसरा सीजन हाल ही में चुपके से ओटीटी पर रिलीज हुआ है। 5 एपिसोड वाली यह सीरीज कम समय में ही दर्शकों के दिलों में जगह बना चुकी है।पंचायत जैसी क्यों लग रही है ये कहानी?कहानी एक शहर से आए युवा पेशेवर की है, जो अपनी मर्जी के खिलाफ एक सुदूर गांव पहुंचता है। वहां के अजीबोगरीब स्थानीय लोगों के साथ तालमेल बिठाने का संघर्ष, सरकारी सिस्टम की कमियां और धीरे-धीरे उस गांव का अभिन्न अंग बन जाने का सफर—यह सब सुनकर आपको 'पंचायत' के सचिव जी की याद आना स्वाभाविक है। 'ग्राम चिकित्सालय 2' में अमोल पाराशर ने डॉ. प्रभात का किरदार निभाया है, जो तमाम मुश्किलों के बावजूद गांववालों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी उठाने का कठिन रास्ता चुनता है।भ्रष्टाचार और नौकरशाही के बीच 'डॉक्टर साहब' की जंगसीजन 2 की कहानी ग्रामीण इलाके के एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) के इर्द-गिर्द बुनी गई है। डॉ. प्रभात के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं—अस्पताल में दवाओं की कमी, भ्रष्ट सिस्टम और गांव की जटिल राजनीति। अपनी बुद्धिमानी और हास्य के तड़के के साथ, डॉ. प्रभात इन सभी बाधाओं को पार करते हुए अस्पताल को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। इस बार कहानी में ग्रामीण राजनीति और सरकारी अड़चनों को और अधिक गहराई के साथ दिखाया गया है, जो दर्शकों को पूरी तरह से बांधे रखता है।दमदार स्टारकास्ट और कहां देखें?इस सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसकी बेहतरीन स्टारकास्ट है। अमोल पाराशर के साथ विनय पाठक, आकांक्षा रंजन कपूर और दिनेश लाल यादव जैसे मंझे हुए कलाकार नजर आए हैं। 5 एपिसोड की यह सीरीज न तो ज्यादा लंबी है और न ही उबाऊ, जो इसे 'बिंज-वॉच' (Binge-watch) के लिए परफेक्ट बनाती है। अगर आप भी वीकेंड पर एक ऐसी सीरीज देखना चाहते हैं जो हंसाए भी और दिल को छू भी जाए, तो अमेजन प्राइम वीडियो पर 'ग्राम चिकित्सालय 2' जरूर देखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 7:15 am

'तमाशा की रानी' विठाबाई नारायणगांवकर: फिल्म 'ईठा' में श्रद्धा कपूर निभाएंगी महाराष्ट्र की इस लीजेंड का किरदार

'स्त्री 2' की ऐतिहासिक सफलता के बाद, श्रद्धा कपूर अपने करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और पावरफुल फिल्म 'ईठा' (Eetha) के साथ बड़े पर्दे पर वापसी के लिए तैयार हैं। फिल्म का टीजर सामने आते ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है, जिसमें श्रद्धा एक लावणी डांसर के रूप में नजर आ रही हैं। यह फिल्म महाराष्ट्र की महान लोक कलाकार विठाबाई भाऊ मंग नारायणगांवकर के जीवन पर आधारित है। टीजर का वह दृश्य, जिसमें एक महिला मंच के पीछे बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद स्टेज पर परफॉर्मेंस के लिए लौटती है, विठाबाई की उस अटूट कला-साधना की झलक दिखाता है, जिसने उन्हें 'तमाशा सम्राज्ञी' के खिताब तक पहुंचाया।कौन थीं विठाबाई नारायणगांवकर1 जुलाई 1935 को पंढरपुर में जन्मी विठाबाई का जीवन लोक-संस्कृति के गलियारों से शुरू हुआ था। उनका परिवार पूरी तरह से कला को समर्पित था। उनके दादा ने एक पारंपरिक घूमती-फिरती लोक मंडली (तमाशा मंडली) शुरू की थी, जिसे बाद में उनके पिता और चाचा ने 'भाऊ-बापू मांग' के नाम से आगे बढ़ाया। पारंपरिक थिएटर के माहौल में पली-बढ़ीं विठाबाई ने बहुत कम उम्र से ही मंच संभाल लिया था। उनकी गायकी और लावणी डांस की शैली इतनी प्रभावशाली थी कि उन्होंने न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे भारत में लोक-संस्कृति की एक अमिट छाप छोड़ी।'तमाशा सम्राज्ञी' का खिताब और संघर्ष भरी जिंदगीविठाबाई को उनकी दमदार परफॉर्मेंस और कला के प्रति असीम समर्पण के लिए 'तमाशा सम्राज्ञी' (तमाशा की रानी) कहा जाता था। उनका जीवन मंच और लोक-कला के प्रति जुनून की मिसाल था। उनके बारे में कई ऐसी कहानियां मशहूर हैं, जो उनके जज्बे को दर्शाती हैं, जिनमें से एक फिल्म 'ईठा' में भी देखने को मिलेगी। मंच पर उनकी मौजूदगी दर्शकों को सम्मोहित कर देती थी। 66 साल की उम्र में लकवे का दौरा पड़ने के बाद 15 जनवरी 2002 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है। उनकी स्मृति को सम्मान देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 2006 में 'विठाबाई नारायणगावकर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' की शुरुआत की, जो आज भी लोक-कलाकारों को दिया जाता है।फिल्म 'ईठा' से क्या उम्मीदें हैंश्रद्धा कपूर का इस भूमिका के लिए चयन उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। एक ऐसी महिला का किरदार निभाना, जो अपनी निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव और शारीरिक कष्टों के बावजूद मंच पर पूरे साहस के साथ डटी रहती थी, श्रद्धा के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। फिल्म में विठाबाई की उन अनकही कहानियों को पर्दे पर उतारा जाएगा, जो दशकों से महाराष्ट्र की मिट्टी में दबी हुई थीं। प्रशंसकों को अब श्रद्धा के इस नए अवतार का बेसब्री से इंतजार है, जो यकीनन लोक-कला के प्रति नए नजरिए को जन्म देगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 7:14 am

लेफ्टिनेंट से 'गजल के शहजादा' तक का सफर: मदन मोहन की कहानी, जिन्हें दुनिया ने उनके जाने के बाद पहचाना

भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में अगर कोई जोड़ी रूह को सुकून देने के लिए जानी जाती है, तो वह है संगीतकार मदन मोहन और 'सुर साम्राज्ञी' लता मंगेशकर की जोड़ी। 'लग जा गले', 'आपकी नजरों ने समझा' और 'नैना बरसे रिमझिम' जैसे गीतों ने आज भी अपनी जादुई पकड़ बना रखी है। लता मंगेशकर उन्हें न केवल अपना पसंदीदा संगीतकार मानती थीं, बल्कि उन्हें एक भाई की तरह मानती थीं। लेकिन संगीत की दुनिया के इस 'शहजादे' की कहानी जितनी सुरीली है, उतनी ही संघर्षपूर्ण भी रही है।सेना की वर्दी से संगीत के सुरों तकबहुत कम लोग जानते हैं कि संगीत की गहराई में उतरने से पहले मदन मोहन देश की रक्षा के लिए सेना में तैनात थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, 1943 में अपनी एक साल की सैन्य ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वे भारतीय सेना में 'सेकंड लेफ्टिनेंट' के पद पर कार्यरत हुए थे। युद्ध की विभीषिका के बाद जब उन्होंने सेना से इस्तीफा दिया, तो वे मुंबई लौट आए। 'ऑल इंडिया रेडियो' से जुड़कर उन्होंने अपने संगीत के सफर की शुरुआत की, जिसने आगे चलकर लता मंगेशकर की आवाज को एक नई ऊंचाई दी।सिद्धांतों के धनी, जिन्हें देर से मिली पहचानमदन मोहन का संगीत गजल और शास्त्रीय संगीत का एक ऐसा अनूठा संगम था, जो सीधे दिल में उतर जाता था। वे बेहद सादगी पसंद और उसूलों के पक्के इंसान थे। फिल्मी दुनिया की चकाचौंध और दिखावे से दूर रहने के कारण उन्हें अपने करियर में कई बार काम के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। फिल्म इंडस्ट्री की व्यावसायिक दौड़ में वे अक्सर पिछड़ जाते थे। यह विडंबना ही है कि जिस कलाकार ने 'वो कौन थी', 'अनपढ़' और 'हीर रांझा' जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन धुनें दीं, उन्हें उनके जीते जी वह मुकाम नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।निधन के बाद 'अमर' हुआ उनका संगीत1975 में जब मदन मोहन ने इस दुनिया को अलविदा कहा, तब जाकर लोगों को उनकी धुनो की असल कीमत समझ आई। मौत के बाद उनके संगीत को जो शोहरत मिली, उसने उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया। लता मंगेशकर ने उन्हें प्यार से 'गजल का शहजादा' कहा था, और आज उनकी रचनाएं संगीत के छात्रों और प्रेमियों के लिए किसी स्कूल से कम नहीं हैं। मदन मोहन की सादगी और उनके गहरे संगीत ने साबित कर दिया कि असली हुनर किसी दिखावे का मोहताज नहीं होता, वह समय की कसौटी पर हमेशा खरा उतरता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 7:12 am

FY26 में दिए ₹62,722 करोड़, पिछले 10 सालों में कुल योगदान ₹4.83 लाख करोड़ के पार

भारतीय उद्योग जगत में वेदांता लिमिटेड ने एक बार फिर अपनी आर्थिक मजबूती और राष्ट्र-निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण दिया है। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली इस दिग्गज खनन और संसाधन कंपनी ने अपनी 11वीं टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट जारी की है, जिसके आंकड़े हैरान करने वाले हैं। वित्त वर्ष 2026 (FY26) में वेदांता ने सरकारी खजाने में कुल ₹62,722 करोड़ का योगदान दिया है, जो कि कंपनी के परिचालन से हुई कुल कमाई का लगभग 36% हिस्सा है। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 13.3% की भारी वृद्धि दर्शाता है।पिछले एक दशक की शानदार गाथावेदांता का आर्थिक योगदान केवल एक साल तक सीमित नहीं है। कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दस वर्षों के दौरान वेदांता ने भारतीय अर्थव्यवस्था में कुल ₹4,83,034 करोड़ का योगदान दिया है। यह विशाल राशि देश के बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और विकास योजनाओं को गति देने में सीधे तौर पर सहायक रही है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह योगदान उनके द्वारा अर्जित कुल राजस्व का 36 प्रतिशत है, जो भारत के आर्थिक विकास में उनके बड़े हिस्से को दर्शाता है।कहाँ से आया सबसे बड़ा योगदान?वेदांता के इस रिकॉर्ड तोड़ योगदान में विभिन्न वर्टिकल्स का अहम रोल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार:जिंक कारोबार: इस साल जिंक ने सबसे ज्यादा ₹19,053 करोड़ का योगदान दिया।एल्युमीनियम: वेदांता एल्युमीनियम की ओर से ₹15,788 करोड़ का योगदान आया।ऑयल एंड गैस: इस सेक्टर से सरकारी खजाने में ₹11,697 करोड़ जमा हुए।टैक्स और रॉयल्टी के जरिए मजबूत किया भारत का वित्तीय आधारवेदांता ने यह राशि केवल एक टैक्स के रूप में नहीं, बल्कि कई रूपों में जमा की है। कंपनी ने माइनिंग और हाइड्रोकार्बन प्रोडक्शन के लिए राजस्थान, ओडिशा, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और असम जैसे राज्यों को रॉयल्टी और प्रॉफिट पेट्रोलियम के तौर पर ₹14,840 करोड़ का भुगतान किया। इसके अलावा, कंपनी ने ₹21,777 करोड़ का इनडायरेक्ट टैक्स (CGST, SGST और IGST) जमा किया। साथ ही, इनकम और कैपिटल टैक्स के रूप में ₹8,290 करोड़ और डिविडेंड के रूप में सरकार को ₹1,180 करोड़ से अधिक की राशि मिली। इन आंकड़ों से साफ है कि वेदांता भारत की अर्थव्यवस्था की धुरी बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 7:10 am

राम मंदिर दान विवाद: केजरीवाल बोले, बड़े नामों को बचाने के लिए बनाई गई एसआईटी

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम सिर्फ 'आंखों में धूल झोंकने' वाली कार्रवाई है।

देशबन्धु 26 Jun 2026 6:50 am

ओवैसी ने एमईए के बयान पर जताई आपत्ति, कहा- पासपोर्ट को नागरिकता से अलग मानना अनुचित

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया था कि पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता

देशबन्धु 26 Jun 2026 5:50 am

सचिन-विराट के क्लब में शामिल हुआ 15 साल का ये कप्तानी लाल, वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट जगत में मचाया हाहाकार

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी किसी रिकॉर्ड को तोड़ने या नया कीर्तिमान स्थापित करने की बात आती है, तो जेहन में सबसे पहले सचिन तेंदुलकर या विराट कोहली का नाम कौंधता है। लेकिन अब इस एलीट लिस्ट में एक और ऐसा नाम जुड़ गया है जिसने बेहद छोटी उम्र में दुनिया को हैरान कर दिया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं क्रिकेट के नए वंडर बॉय वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की। वैभव ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और अद्भुत खेल कौशल के दम पर क्रिकेट के मैदान पर एक ऐसा ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है, जिसे उनसे पहले भारत के लिए सिर्फ सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी ही अपने नाम कर सके थे। इस उपलब्धि के बाद से ही वैभव सूर्यवंशी पूरे खेल जगत में छा गए हैं।सचिन और विराट के बाद यह जादुई उपलब्धि हासिल करने वाले बने सबसे युवा भारतीयबिहार से ताल्लुक रखने वाले वैभव सूर्यवंशी ने खेल के सबसे कठिन फॉर्मेट में अपनी तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती का लोहा मनवाया है। उन्होंने इस विशेष रिकॉर्ड को अपने नाम करते ही खुद को भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े दिग्गजों के समकक्ष ला खड़ा किया है। क्रिकेट सांख्यिकीविदों के अनुसार, इतनी कम उम्र में इस तरह के दबाव वाले मैचों में निरंतरता के साथ रन बनाना और टीम को फ्रंट से लीड करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। वैभव ने जिस मैच्योरिटी के साथ मैदान पर शॉट्स खेले, उसने चयनकर्ताओं से लेकर सीनियर क्रिकेटरों तक को यह मानने पर मजबूर कर दिया है कि वह टीम इंडिया के अगले बड़े सुपरस्टार बनने की राह पर हैं।मैदान के चारों तरफ की आतिशी बल्लेबाजी, दिग्गज गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियांमैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी का रवैया बेहद आक्रामक और सकारात्मक रहा। विरोधी टीम के पास इस युवा खब्बू बल्लेबाज की स्विंग और गति को खेलने की रणनीति का कोई जवाब नहीं था। वैभव ने स्पिनर्स के खिलाफ कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल किया तो वहीं तेज गेंदबाजों के खिलाफ फ्रंट फुट और बैक फुट पर जाकर कुछ ऐसे दर्शनीय कट्स और पुल शॉट्स लगाए, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी इस कप्तानी पारी की बदौलत न सिर्फ टीम ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत की, बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट को एक ऐसा युवा बल्लेबाज भी मिल गया जो आने वाले समय में कई और बड़े रिकॉर्ड्स को नेस्तनाबूद करने का माद्दा रखता है।डोमेस्टिक क्रिकेट से आईपीएल और टीम इंडिया तक का सफर हुआ आसानविशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी द्वारा बनाया गया यह रिकॉर्ड उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है। डोमेस्टिक क्रिकेट और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बाद, अब इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने उनके लिए आईपीएल (IPL) फ्रेंचाइजियों और सीनियर भारतीय टीम के दरवाजे बहुत तेजी से खोल दिए हैं। क्रिकेट पंडितों ने सोशल मीडिया पर इस युवा खिलाड़ी की तुलना बचपन के सचिन तेंदुलकर से करनी शुरू कर दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि वैभव अपनी इस बेमिसाल फॉर्म को आगे किस तरह बरकरार रखते हैं और देश का नाम रोशन करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:13 am

बांग्लादेश को रौंदकर टीम इंडिया ने लगाई जीत की हैट्रिक, 5 विकेट की धमाकेदार शिकस्त के साथ सेमीफाइनल का टिकट लगभग पक्का

क्रिकेट के दीवानों के लिए एक बेहद बड़ी और रोमांचक खबर सामने आ रही है। वर्ल्ड कप के बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 5 विकेट से करारी शिकस्त दे दी है। इस टूर्नामेंट में यह भारत की लगातार तीसरी बड़ी जीत है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही टीम इंडिया ने न सिर्फ अंक तालिका (Points Table) में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, बल्कि सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को भी पूरी तरह से जिंदा और बरकरार रखा है। भारतीय फैंस इस जीत के बाद से ही जश्न में डूबे हुए हैं।कसी हुई गेंदबाजी के आगे बेबस हुए बांग्लादेशी बल्लेबाज, भारत को मिला था आसान लक्ष्यमैच की शुरुआत में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम भारतीय गेंदबाजों की आग उगलती गेंदों के सामने टिक नहीं सकी। भारतीय तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स की जुगलबंदी ने कसी हुई गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए बांग्लादेशी बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने की वजह से बांग्लादेश की टीम निर्धारित ओवरों में एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। भारतीय फील्डर्स ने भी मैदान पर मुस्तैदी दिखाते हुए कई शानदार कैच पकड़े, जिसके चलते बांग्लादेश की पारी एक मामूली स्कोर पर ही सिमट गई और भारत के सामने जीत के लिए एक आसान सा लक्ष्य रहा।लड़खड़ाने के बाद संभली टीम इंडिया, धुआंधार बल्लेबाजी से 5 विकेट से जीती बाजीलक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत थोड़ी उतार-चढ़ाव भरी रही। बांग्लादेशी गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी कर भारत के कुछ महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर मैच में रोमांच लाने की कोशिश की। एक समय ऐसा लगा कि मैच फंस सकता है, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ और आक्रामक बल्लेबाजी का बेहतरीन नजारा पेश किया। क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों ने मैदान के चारों तरफ चौके-छक्कों की बरसात करते हुए रन गति को बनाए रखा। अंत में टीम इंडिया ने बेहद आसानी से 5 विकेट खोकर लक्ष्य को हासिल कर लिया और देश को एक शानदार जीत का तोहफा दिया।सेमीफाइनल का समीकरण हुआ साफ, अब इस मुकाबले पर टिकी हैं सबकी नजरेंइस तीसरी जीत के साथ ही भारतीय टीम के सेमीफाइनल का रास्ता बेहद आसान नजर आ रहा है। पॉइंट्स टेबल में नेट रन रेट (NRR) के मामले में भी भारत को इस मैच से बड़ा फायदा मिला है। हालांकि, सेमीफाइनल की रेस आधिकारिक तौर पर पक्की करने के लिए भारत को अपने आगामी मैचों में भी इस विजयी रथ को जारी रखना होगा। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि जिस लय में इस समय भारतीय टीम के गेंदबाज और बल्लेबाज प्रदर्शन कर रहे हैं, उसे देखते हुए टीम इंडिया को इस बार खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:10 am

जिसे हम कचरा समझकर फेंक देते हैं, काली मिर्च जैसे दिखने वाले उस बीज में छुपा है सेहत का खजाना; पल्प से भी है ज्यादा असरदार

प्रकृति ने हमें कई ऐसे फल दिए हैं जो स्वाद के साथ-साथ सेहत से भी भरपूर होते हैं। आमतौर पर हम किसी भी फल का गूदा (पल्प) खा लेते हैं और उसके बीजों को बेकार समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा फल भी है जिसके बीज दिखने में बिल्कुल गोल और काली मिर्च (Black Pepper) जैसे होते हैं, और वे न्यूट्रिशन के मामले में फल के गूदे से भी कई गुना ज्यादा शक्तिशाली हैं? जी हां, हम बात कर रहे हैं पपीते के बीजों (Papaya Seeds) की। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डाइटीशियन के अनुसार, पपीते के ये छोटे-छोटे काले बीज औषधीय गुणों की खान हैं, जो शरीर की कई गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने की ताकत रखते हैं।पेट के कीड़ों का काल और पाचन तंत्र के लिए संजीवनी बूटी हैं ये बीजआजकल की खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खान-पान की वजह से ज्यादातर लोग कब्ज, गैस और अपच की समस्या से परेशान रहते हैं। पपीते के बीजों में 'पपेन' (Papain) नाम का एक बेहद पावरफुल एंजाइम पाया जाता है, जो हमारे पाचन तंत्र को सुपरफास्ट बनाने का काम करता है। यह एंजाइम पेट में मौजूद प्रोटीन को आसानी से पचाने में मदद करता है। इसके अलावा, इन बीजों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-पैरासिटिक गुण होते हैं, जो पेट और आंतों में पनपने वाले हानिकारक कीड़ों और बैक्टीरिया को पूरी तरह से नष्ट कर देते हैं। अगर आपको अक्सर पेट की समस्या रहती है, तो ये बीज आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।लिवर को डिटॉक्स करने और किडनी को सुरक्षित रखने का अचूक नुस्खाहमारा लिवर और किडनी शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं, जो खून को साफ करने और टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को बाहर निकालने का काम करते हैं। ज्यादा ऑयली और जंक फूड खाने से लिवर पर बुरा असर पड़ता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों में माना गया है कि पपीते के बीज लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) जैसी गंभीर बीमारी में बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। ये बीज एक बेहतरीन नेचुरल डिटॉक्सिफायर की तरह काम करते हैं, जो लिवर और किडनी में जमा सारी गंदगी को साफ कर उन्हें दोबारा नई जैसी ताकत प्रदान करते हैं।वजन घटाने और इम्यूनिटी को फौलादी बनाने में मददगार है यह सुपरफूडअगर आप तेजी से अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो पपीते के बीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इन बीजों में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और शरीर में एक्स्ट्रा फैट को जमने नहीं देता। इसके साथ ही, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-सी आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को इतना मजबूत बना देते हैं कि बदलते मौसम में होने वाले सर्दी, खांसी और वायरल इन्फेक्शन आपसे कोसों दूर रहते हैं।कड़वे बीजों को खाने का सही तरीका, बस इतनी मात्रा का रखें ध्यानपपीते के बीज स्वाद में थोड़े तीखे और कड़वे होते हैं, इसलिए इन्हें सीधे चबाकर खाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इन्हें इस्तेमाल करने का सबसे बेस्ट तरीका यह है कि आप पपीते के बीजों को सुखाकर उनका बारीक पाउडर बना लें। इस पाउडर को आप रोज सुबह गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच ले सकते हैं। इसके अलावा, आप इस पाउडर को अपनी सलाद, सूप या स्मूदी के ऊपर छिड़ककर (स्प्रिंकल करके) भी खा सकते हैं। ध्यान रहे कि ये बीज तासीर में बेहद गर्म होते हैं, इसलिए एक दिन में 4 से 5 ग्राम (आधे चम्मच) से ज्यादा इसका सेवन न करें। गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:07 am

बंपर डिमांड और अंधाधुंध कमाई, फिर भी भारत में पूरी तरह बैन है ये मछली; वजह जानकर दहल जाएगा आपका दिल

भारतीय मत्स्य बाजार में मछलियों की मांग हमेशा सातवें आसमान पर रहती है। कई मछलियां अपनी बेहतरीन ग्रोथ और स्वाद के लिए जानी जाती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी मछली भी है जो महज कुछ ही महीनों में बहुत तेजी से बढ़ती है, जिसे पालने में लागत न के बराबर आती है और बाजार में जिसकी अवैध बिक्री से लोग लाखों कमाते हैं—फिर भी भारत सरकार ने इसे देश में पूरी तरह से बैन (Prohibited) कर रखा है। पहली नजर में यह बात चौंकाने वाली लग सकती है कि इतनी मुनाफेदार चीज पर पाबंदी क्यों है, लेकिन इसके पीछे की जो खौफनाक वजह है, उसने वैज्ञानिकों से लेकर पर्यावरणविदों तक की रातों की नींद उड़ा रखी है।आखिर कौन सी है यह मछली और क्यों इसे कहा जाता है 'जलीय दानव'हम जिस मछली की बात कर रहे हैं, उसका नाम है 'थाई मांगुर' (Thai Magur) या अफ्रीकन कैटफिश (African Catfish)। सामान्य देसी मांगुर के विपरीत, यह हाइब्रिड प्रजाति बेहद खतरनाक मानी जाती है। इसके बैन होने की सबसे पहली और बड़ी वजह इसका मांसाहारी और बेहद आक्रामक स्वभाव है। यह मछली पानी के भीतर एक 'साइलेंट किलर' या जलीय दानव की तरह काम करती है। यह इतनी भूखी और हिंसक होती है कि जिस तालाब या नदी में इसे पाला जाता है, वहां मौजूद दूसरी सभी स्थानीय मछलियों, कछुओं, मेंढकों और जलजीवों को खाकर उनका अस्तित्व पूरी तरह खत्म कर देती है। इससे हमारा जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Aquatic Ecosystem) पूरी तरह तबाह हो जाता है।गंदे गटर के पानी में भी हो जाती है बड़ी, इंसानी सेहत के लिए है 'धीमा जहर'थाई मांगुर की सबसे बड़ी खासियत और खराबी यह है कि यह किसी भी तरह के बेहद गंदे, प्रदूषित और गटर के पानी में भी आसानी से जिंदा रह सकती है और बहुत तेजी से अपना वजन बढ़ा लेती है। इसके इस स्वभाव का फायदा उठाकर कुछ लालची कारोबारी इसे सड़े-गले मांस, मरे हुए जानवरों के अवशेष और गंदी चीजें खिलाकर पालते हैं। इस वजह से इस मछली के शरीर में भारी मात्रा में लेड (सीसा), आयरन और खतरनाक बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के मुताबिक, इस दूषित थाई मांगुर मछली का सेवन करने से इंसानों में कैंसर, लिवर डैमेज, पेट की गंभीर बीमारियां और स्किन इंफेक्शन होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह सेहत के लिए किसी धीमे जहर से कम नहीं है।सरकार की सख्त पाबंदी और भारी जुर्माने के बावजूद क्यों फल-फूल रहा है इसका काला बाजारभारत सरकार और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इसके खतरनाक दुष्प्रभावों को देखते हुए साल 2000 में ही थाई मांगुर के पालन, बिक्री और परिवहन पर देशव्यापी प्रतिबंध लगा दिया था। स्थानीय प्रशासन और मत्स्य विभाग अक्सर छापेमारी करके हजारों क्विंटल अवैध मांगुर को नष्ट भी करते हैं। इसके बावजूद, चोरी-छिपे इसका काला बाजार इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि यह मछली बेहद सस्ती दरों पर मिल जाती है और आम लोग अनजाने में इसे देसी मांगुर समझकर खरीद लेते हैं। अगर आप भी बाजार से मछली खरीदते हैं, तो अत्यधिक गहरे काले या भूरे रंग की बड़ी मांगुर मछली को खरीदने से बचें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके पूरे परिवार की सेहत को बड़े खतरे में डाल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:05 am

रोज सुबह सिर्फ एक पैर पर खड़े होकर करें टूथब्रश, शरीर में होंगे ये 3 जादुई बदलाव; डॉक्टर भी मानते हैं इसे सेहत का सबसे सस्ता नुस्खा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहतमंद रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। जिम जाने का वक्त न हो और महंगे सप्लीमेंट्स पर पैसे खर्च नहीं करने हों, तो हेल्थ एक्सपर्ट्स अब एक बेहद अनोखा और असरदार तरीका अपनाने की सलाह दे रहे हैं। सुबह उठकर टूथब्रश करना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन अगर आप इसी 2 मिनट की एक्टिविटी में एक छोटा सा बदलाव कर लें, तो यह आपकी पूरी सेहत को सुधार सकता है। डॉक्टरों और फिटनेस गुरुओं के अनुसार, रोजाना सुबह एक पैर पर खड़े होकर ब्रश करने से शरीर को ऐसे गजब के फायदे मिलते हैं, जिनकी कल्पना भी सामान्य तौर पर नहीं की जा सकती।दिमाग और शरीर का संतुलन होगा मजबूत, न्यूरोलॉजिकल हेल्थ के लिए है वरदानजब आप सुबह उठकर अपने एक पैर को जमीन से ऊपर उठाते हैं और दूसरे पैर पर पूरे शरीर का संतुलन बनाकर ब्रश करते हैं, तो आपका दिमाग तुरंत एक्टिव मोड में आ जाता है। न्यूरोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, यह साधारण सी दिखने वाली एक्टिविटी असल में एक बेहतरीन 'ब्रेन एक्सरसाइज' है। एक पैर पर टिकने के लिए हमारे मस्तिष्क को मांसपेशियों के साथ गहरा तालमेल बिठाना पड़ता है। इससे एकाग्रता (Focus) बढ़ती है, मानसिक सतर्कता आती है और बढ़ती उम्र के साथ होने वाली अल्जाइमर या भूलने की बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।रीढ़ की हड्डी और कोर मसल्स होंगी फौलादी, उठने-बैठने का पॉश्चर सुधरेगाघंटों ऑफिस में कुर्सी पर बैठे रहने या गलत तरीके से लेटने की वजह से आजकल ज्यादातर लोग कमर दर्द और खराब बॉडी पॉश्चर (Body Posture) से परेशान हैं। एक पैर पर खड़े होकर ब्रश करने की यह 2 मिनट की आदत आपकी कोर मसल्स (पेट और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियां) को एक्टिवेट करती है। संतुलन बनाए रखने के चक्कर में रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है, जिससे वह बिल्कुल सीधी और मजबूत होती है। कुछ ही दिनों में आप महसूस करेंगे कि आपका झुककर चलने या बैठने का पुराना तरीका अपने आप सुधरने लगा है और पीठ के पुराने दर्द से राहत मिल रही है।जोड़ों और टखनों को मिलती है मजबूती, बुढ़ापे में गिरने का डर होगा खत्मअक्सर देखा जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ ही शरीर के जोड़ों और टखनों (Ankles) की ताकत कम होने लगती है, जिससे अचानक संतुलन बिगड़ने और गिरने का खतरा बढ़ जाता है। रोजाना सुबह एक-एक मिनट के लिए दोनों पैरों पर बारी-बारी से खड़े होकर ब्रश करने से पैर के निचले हिस्से की हड्डियों और जोड़ों की डेंसिटी बेहतर होती है। यह एक्टिविटी आपके टखनों को इतनी मजबूती दे देती है कि बुढ़ापे में भी आपका शरीर पूरी तरह स्टेबल और बैलेंस्ड रहता है। तो देर किस बात की, कल सुबह से ही सेहत से जुड़े इस जादुई और बिना खर्च वाले 2 मिनट के फॉर्मूले को अपनी रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:03 am

क्या आपके पास रखी खाली कुर्सी बढ़ा रही है आपका मानसिक तनाव और अपनों से दूरी

हम अपने घरों और ऑफिस को सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह के फर्नीचर, सोफे और कुर्सियां लगाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके वर्कस्पेस या लिविंग रूम में रखी एक अदद 'खाली कुर्सी' भी आपकी जिंदगी, तरक्की और मानसिक शांति को सीधे प्रभावित कर सकती है? जी हां, वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में कुर्सियों और उनके बैठने के तरीके को लेकर कई ऐसे अनसुने और गहरे रहस्य बताए गए हैं, जिन्हें अमूमन लोग नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु विज्ञान के अनुसार, काम करने की जगह या घर के मुख्य हिस्से में लंबे समय तक किसी कुर्सी का खाली रहना नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को न्योता देता है, जिससे न सिर्फ तनाव बढ़ता है बल्कि अपनों से दूरियां भी बढ़ने लगती हैं।खाली कुर्सी कैसे बनती है मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा का बड़ा कारणवास्तु शास्त्र में माना जाता है कि हर वस्तु की अपनी एक ऊर्जा और कंपन (Vibrations) होती है। जब कोई कुर्सी आपके केबिन या घर में लगातार खाली पड़ी रहती है, तो वहां ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है और 'स्थिरता' आने लगती है, जो धीरे-धीरे नकारात्मकता में बदल जाती है। विशेष रूप से यदि आपके ठीक सामने या आपके बगल की कुर्सी हमेशा खाली रहती है, तो यह आपके अवचेतन मन पर अकेलापन और असुरक्षा की भावना पैदा करता है। यही वजह है कि बिना किसी ठोस कारण के भी व्यक्ति खुद को मानसिक रूप से थका हुआ, तनावग्रस्त और चिड़चिड़ा महसूस करने लगता है।सहकर्मियों और परिवार के रिश्तों में दूरियां आने का यह है गुप्त वास्तु दोषकार्यस्थल (Workplace) पर अगर आपके पार्टनर या टीम मेंबर की कुर्सी अक्सर खाली दिखती है या वहां कोई नहीं बैठता, तो यह आपसी तालमेल को बिगाड़ सकता है। वास्तु के अनुसार, यह स्थिति विचारों में मतभेद और अविश्वास को जन्म देती है, जिससे धीरे-धीरे पेशेवर और व्यक्तिगत रिश्तों में दूरियां बढ़ने लगती हैं। ठीक इसी तरह, घर के डाइनिंग टेबल या लिविंग रूम में किसी एक कुर्सी का हमेशा खाली और उपेक्षित रहना परिवार के सदस्यों के बीच संवादहीनता और अलगाव की स्थिति पैदा करता है। लोग एक ही छत के नीचे रहकर भी एक-दूसरे से कटा हुआ महसूस करने लगते हैं।आर्थिक नुकसान और करियर में रुकावट से बचने के लिए तुरंत करें ये आसान उपायअगर आपके ऑफिस या घर में कुर्सियां खाली रखना आपकी मजबूरी है, तो वास्तु दोष के इन दुष्प्रभावों से बचने के लिए आप कुछ बहुत ही सरल और प्रभावी उपाय अपना सकते हैं:कुर्सी की दिशा बदलें: यदि कोई कुर्सी इस्तेमाल में नहीं है, तो उसे अपनी मुख्य टेबल के ठीक सामने रखने के बजाय थोड़ा साइड में या दीवार की तरफ मुंह करके रख दें।सकारात्मक चीजें रखें: खाली कुर्सी पर आप कोई सुंदर रंगीन कुशन (तकिया) रख सकते हैं या उसके पास एक छोटा इनडोर प्लांट (जैसे मनी प्लांट या बैम्बू प्लांट) रख सकते हैं, जो वहां की ऊर्जा को एक्टिव रखेगा।फर्नीचर को रोटेट करें: समय-समय पर कुर्सियों की जगह बदलते रहें ताकि किसी एक जगह पर ऊर्जा ब्लॉक न हो। साथ ही, टूटी या चरचराहट की आवाज करने वाली कुर्सियों को तुरंत ठीक कराएं या हटा दें, क्योंकि ये सीधे तौर पर धन हानि और करियर में रुकावट का कारण बनती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 1:01 am

सपने में गाय, कमल या सफेद हाथी दिखने का क्या है असली मतलब? जान लीजिए किस्मत चमकने और अच्छे दिन आने के ये गुप्त संकेत

सोते समय सपने देखना एक सामान्य मानवीय प्रक्रिया है, लेकिन सनातन धर्म और स्वप्न शास्त्र (Swapna Shastra) में इन सपनों का एक खास और गहरा अर्थ बताया गया है। कई बार हम कुछ ऐसी चीजें सपने में देखते हैं जिन्हें देखकर हम सामान्य समझ लेते हैं, लेकिन असल में वे हमारी जिंदगी बदलने वाले संकेत होते हैं। स्वप्न विज्ञान के अनुसार, कुछ विशेष चीजों का सपने में आना इस बात का सीधा इशारा होता है कि आपके जीवन से दरिद्रता और परेशानियां हमेशा के लिए खत्म होने वाली हैं। अगर आपको भी सपने में गाय, कमल का फूल या दिव्य सफेद हाथी दिखाई देता है, तो समझ लीजिए कि मां लक्ष्मी की कृपा से आपकी किस्मत का सितारा चमकने वाला है और आपके अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं।सपने में गौमाता का दिखना: सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति का सबसे बड़ा सूचकहिंदू धर्म में गाय को पूजनीय और 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यदि आपको सपने में गाय दिखाई देती है, तो यह बेहद दुर्लभ और शुभ संकेत है। अगर आप सपने में सफेद गाय देखते हैं या खुद को गाय का दूध निकालते हुए देखते हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि आपके घर में बहुत जल्द सुख, शांति और अकूत समृद्धि आने वाली है। यह सपना इस बात का भी संकेत देता है कि यदि आप लंबे समय से किसी बीमारी या मानसिक तनाव से जूझ रहे थे, तो अब आपको उससे हमेशा के लिए मुक्ति मिलने वाली है। व्यापार और नौकरी में भी यह सपना बंपर तरक्की का योग बनाता है।कमल का फूल दिखना: मां लक्ष्मी के आगमन और धन लाभ का साक्षात संकेतकमल का फूल धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रिय आसन है। यदि आप अपने सपने में कीचड़ में खिला हुआ या किसी तालाब में तैरता हुआ सुंदर कमल का फूल देखते हैं, तो खुशी से झूम उठिए। स्वप्न विज्ञान कहता है कि सपने में कमल का फूल दिखना साक्षात मां लक्ष्मी के आपके घर आगमन का सूचक है। इसका मतलब है कि आपको आने वाले दिनों में अचानक कहीं से बड़ा धन लाभ होने वाला है। आपका रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है या किसी पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा हो सकता है। यह सपना आपके जीवन से पैसों की तंगी को हमेशा के लिए दूर करने की क्षमता रखता है।सफेद हाथी का दीदार: राजयोग की शुरुआत और समाज में मान-सम्मान की प्राप्तिहाथी को ऐश्वर्य, सौभाग्य और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है, और जब बात इंद्रदेव के वाहन ऐरावत जैसे 'सफेद हाथी' की हो, तो इसका महत्व हजार गुना बढ़ जाता है। सपने में सफेद हाथी देखना बेहद भाग्यशाली लोगों के हिस्से में आता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यह सपना जीवन में एक बड़े 'राजयोग' की शुरुआत का संकेत है। यदि आप नौकरीपेशा हैं, तो आपको उच्च पद, प्रतिष्ठा और बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। समाज में आपका मान-सम्मान और क्रेडिबिलिटी बहुत तेजी से बढ़ेगी। यह सपना इस बात की भी गारंटी देता है कि आपके सोचे हुए सभी बड़े और कठिन कार्य अब बिना किसी बाधा के पूरे हो जाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:57 am

आज सिद्धि योग में पलटेगी कर्क राशि की किस्मत; नौकरी, बिजनेस और लव लाइफ में खुलेंगे तरक्की के नए द्वार

आज का दिन कर्क राशि (Cancer Horoscope) के जातकों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज आकाशमंडल में बेहद शुभ और दुर्लभ 'सिद्धि योग' का निर्माण हो रहा है। इस योग का सीधा और सबसे सकारात्मक प्रभाव कर्क राशि के जातकों पर पड़ने जा रहा है। यदि आप लंबे समय से अपने करियर, बिजनेस या पर्सनल लाइफ में किसी बड़े बदलाव का इंतजार कर रहे थे, तो आज आपकी किस्मत का सितारा चमकने के लिए पूरी तरह तैयार है। ग्रहों की चाल इस बात का साफ संकेत दे रही है कि आज आपके सोचे हुए सभी काम आसानी से पूरे हो जाएंगे।नौकरी और व्यापार में बंपर मुनाफा, सीनियर अधिकारियों का मिलेगा पूरा साथनौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन कार्यस्थल पर बड़ी सफलता दिलाने वाला रहेगा। सिद्धि योग के शुभ प्रभाव से आपके काम की सराहना होगी और बॉस आपके प्रदर्शन से बेहद खुश रहेंगे। जो लोग लंबे समय से प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें आज कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर, व्यापारियों के लिए भी आज का दिन मुनाफा कमाने वाला साबित होगा। अगर आप किसी नए बिजनेस प्रोजेक्ट या पार्टनरशिप की शुरुआत करना चाहते हैं, तो आज का दिन निवेश के लिहाज से बेहद उत्तम है। पुराना फंसा हुआ धन भी आज वापस मिलने के प्रबल योग हैं।लव लाइफ और पारिवारिक रिश्तों में घुलेगी मिठास, बढ़ेगा आपसी तालमेलकर्क राशि के जातकों की लव लाइफ और पारिवारिक जीवन की बात करें तो आज का दिन रिश्तों में मजबूती लेकर आएगा। यदि जीवनसाथी या लव पार्टनर के साथ पिछले कुछ दिनों से कोई मनमुटाव या गलतफहमी चल रही थी, तो आज वह बातचीत के जरिए सुलझ जाएगी। सिंगल जातकों के जीवन में आज किसी खास व्यक्ति की एंट्री हो सकती है, जिससे आपके दिल की धड़कनें बढ़ेंगी। परिवार के सदस्यों के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा या मांगलिक कार्यक्रम की योजना बन सकती है, जिससे घर का माहौल बेहद खुशनुमा और सकारात्मक रहेगा।सेहत और मानसिक तनाव से मिलेगी मुक्ति, बस इस बात का रखें खास ध्यानस्वास्थ्य के मोर्चे पर भी आज कर्क राशि वालों को बड़ी राहत मिलती दिख रही है। पुरानी किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों की सेहत में आज तेजी से सुधार होगा। मानसिक रूप से आप खुद को बेहद ऊर्जावान और तनावमुक्त महसूस करेंगे। हालांकि, सितारों की सलाह है कि उत्साह में आकर खान-पान को लेकर लापरवाही न बरतें। आज शाम के समय मेडिटेशन या योग करना आपके लिए और अधिक फायदेमंद साबित होगा। कुल मिलाकर, आज सिद्धि योग का पूरा लाभ उठाने के लिए आपको आलस्य छोड़कर अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:55 am

हरदीप सिंह पुरी ने ईरान के तेल मंत्री से की तेहरान और नई दिल्ली के बीच ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा

ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के दौरान गुरुवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्र में रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की।

देशबन्धु 26 Jun 2026 12:49 am

विज्ञान जगत में महाविस्फोट! जिसे हम नॉर्मल पानी समझते थे, वो असल में दो अलग लिक्विड का है मिक्सचर, AI ने खोल दिया सदियों पुराना राज

पानी जीवन का आधार है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस पानी को हम रोज़ पीते हैं और जिसे विज्ञान की भाषा में सिर्फ $H_2O$ समझकर छोड़ दिया गया था, उसका सच कुछ और ही है? अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सुपरकंप्यूटर की मदद से वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया है जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। एआई मॉडल्स द्वारा किए गए गहरे आणविक (Molecular) विश्लेषण से पता चला है कि पानी कोई एक सिंगल लिक्विड नहीं है, बल्कि यह दो अलग-अलग तरह के लिक्विड फॉर्म्स का एक बेहद जटिल और अनोखा मिक्सचर है।सुपरकंप्यूटर और एआई ने कैसे पकड़ा पानी का यह बड़ा झूठ?वैज्ञानिक सदियों से पानी के कुछ अजीब व्यवहारों को लेकर उलझन में थे, जैसे कि बर्फ का पानी के ऊपर तैरना या अत्यधिक ठंडे तापमान में पानी का असामान्य बर्ताव। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग और एआई एल्गोरिदम का सहारा लिया। एआई ने पानी के अणुओं (Water Molecules) के बीच होने वाले बदलावों को नैनोसेकंड से भी कम समय के स्तर पर ट्रैक किया। इस सटीक और गहन एआई एनालिसिस में यह बात साफ हो गई कि पानी के भीतर दो अलग-अलग घनत्व (Density) वाले लिक्विड फेज एक साथ मौजूद रहते हैं, जो लगातार एक-दूसरे में बदलते रहते हैं।हाई डेंसिटी और लो डेंसिटी लिक्विड का है यह अनोखा खेलएआई द्वारा खोजी गई इस नई थ्योरी के अनुसार, पानी के भीतर एक हिस्सा 'लो-डेंसिटी लिक्विड' (कम घनत्व वाले तरल) का होता है, जहां अणु एक सुंदर टेट्राहेड्रल संरचना में व्यवस्थित होते हैं। वहीं, दूसरा हिस्सा 'हाई-डेंसिटी लिक्विड' (उच्च घनत्व वाले तरल) का होता है, जहां अणु काफी करीब और अव्यवस्थित होते हैं। सामान्य तापमान पर ये दोनों लिक्विड इतनी तेजी से आपस में मिक्स होते हैं कि हमारी आंखें या साधारण लैब उपकरण इन्हें अलग-अलग नहीं देख पाते। एआई ने इस अदृश्य आणविक खेल को डिकोड करके दुनिया के सामने रख दिया है।इस एआई खोज से कैसे बदल जाएगी हमारी दुनिया?पानी के इस छुपे हुए सच के सामने आने के बाद अब विज्ञान की कई पुरानी थ्योरीज़ को दोबारा लिखा जाएगा। एआई की इस क्रांतिकारी खोज का सबसे बड़ा फायदा मेडिकल साइंस, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस साइंस को मिलने वाला है। दूसरे ग्रहों पर जीवन की खोज करने से लेकर इंसानी शरीर के भीतर कोशिकाओं में होने वाली जैविक प्रक्रियाओं को समझने का तरीका अब पूरी तरह बदल जाएगा। यह खोज साबित करती है कि जनरेटिव एआई और मशीन लर्निंग सिर्फ टेक्स्ट या इमेज बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्यों को सुलझाने की ताकत रखते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:36 am

मुंबई का समुद्री मास्टरस्ट्रोक! ₹3,541 करोड़ से चमकेगा मुंबई पोर्ट, इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ेगी कार्गो और क्रूज पर्यटन की ताकत

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के समुद्री व्यापारिक इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने अपने बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर अपग्रेड करने के लिए ₹3,541 करोड़ की विशाल और महात्वाकांक्षी विस्तार परियोजनाओं का एलान किया है। इस भारी-भरकम निवेश का सीधा उद्देश्य मुंबई पोर्ट की कार्गो हैंडलिंग क्षमता को दोगुना करना और भारत के तटीय (कोस्टल) पर्यटन को एक वैश्विक पहचान दिलाना है। इस इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट के बाद मुंबई पोर्ट न केवल व्यापार बल्कि लग्जरी क्रूज टूरिज्म का भी सबसे बड़ा हब बनने के लिए तैयार है।नए बर्थ और आधुनिक टर्मिनल से आसान होगा वैश्विक व्यापारइस विशालकाय परियोजना के तहत मुंबई बंदरगाह पर अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनलों का निर्माण किया जाएगा और गहरे समुद्र में जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए ड्रेजिंग (समुद्र की सफाई) की जाएगी। पुराने पड़ चुके बर्थों का आधुनिकरण कर उन्हें बड़े मालवाहक जहाजों (मदर शिप्स) के अनुकूल बनाया जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी और माल की लोडिंग-अनलोडिंग का समय आधा रह जाएगा। इस कदम से कोंकण क्षेत्र और पूरे महाराष्ट्र के स्थानीय उद्योगों को सीधे वैश्विक बाजारों से जुड़ने में मदद मिलेगी, जिससे लोकल इकोनॉमी में बड़ा उछाल आएगा।मुंबई बनेगा अंतरराष्ट्रीय लग्जरी क्रूज टूरिज्म का नया गेटवेइस ₹3,541 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का एक सबसे रोमांचक पहलू मुंबई को दुनिया के नक्शे पर एक बेहतरीन क्रूज टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल को दुनिया के सबसे आलीशान एयरपोर्ट्स की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले विदेशी और घरेलू पर्यटकों को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं, शॉपिंग मॉल, मरीना और फाइव-स्टार होटल जैसी सेवाएं मिलेंगी। इससे मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया और आसपास के तटीय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।ग्रीन पोर्ट और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकसआधुनिक जनरेटिव एआई और सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को 'ग्रीन पोर्ट' और 'स्मार्ट पोर्ट' की अवधारणा पर डिजाइन किया गया है। पूरे पोर्ट परिसर में कार्गो ट्रैकिंग के लिए एडवांस एआई सॉफ्टवेयर, ऑटोमेटेड गेट्स और रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बंदरगाह से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। भारत सरकार के सागरमाला प्रोजेक्ट के तहत उठाए गए इस बड़े कदम से न केवल सिंगापुर और दुबई जैसे वैश्विक बंदरगाहों को कड़ी टक्कर मिलेगी, बल्कि यह पश्चिमी तट पर भारत की रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:31 am

टैक्स छूट का जमाना गया! अब पर्यावरण बचाने वाले अमीरों को ही मिलेगा विदेशों का 'गोल्डन वीजा', जानें क्या है नया ट्रेंड

दुनिया भर के अमीर और रईस परिवारों के बीच दूसरे देश की नागरिकता या परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पाने के लिए 'गोल्डन वीजा' प्रोग्राम हमेशा से पहली पसंद रहा है। लेकिन अब इस वैश्विक निवेश बाजार में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव आ चुका है। जो गोल्डन वीजा कभी सिर्फ टैक्स प्लानिंग, रियल एस्टेट निवेश और कम टैक्स वाले देशों में पैसा छुपाने का जरिया माना जाता था, वह अब तेजी से 'ग्रीन' यानी पर्यावरण-अनुकूल हो रहा है। यूरोपीय संघ (EU) समेत दुनिया के कई दिग्गज देश अब केवल उन्हीं अमीरों को अपने यहां बसने का न्योता दे रहे हैं, जो पर्यावरण को सुधारने के लिए 'इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग' यानी सामाजिक और पर्यावरणीय लाभ वाले प्रोजेक्ट्स में निवेश करने को तैयार हैं।रियल एस्टेट से हटा ध्यान, अब टिकाऊ विकास पर फोकसपिछले एक दशक में गोल्डन वीजा का मतलब होता था किसी विदेशी आलीशान शहर में महंगी प्रॉपर्टी या विला खरीदना। लेकिन पुर्तगाल, स्पेन, और ग्रीस जैसे देशों में इस वजह से स्थानीय स्तर पर घरों की कीमतें आसमान छूने लगीं, जिसका वहां के नागरिकों ने भारी विरोध किया। इस समस्या से निपटने और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर चुनौती का सामना करने के लिए सरकारों ने अपने नियमों को बदल दिया है। अब विदेशी निवेशकों के लिए पारंपरिक रियल एस्टेट निवेश के रास्ते बंद या बेहद सीमित किए जा रहे हैं, और उनका ध्यान रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा), ऑर्गेनिक फार्मिंग और कार्बन-क्रेडिट जनरेट करने वाले प्रोजेक्ट्स की तरफ मोड़ा जा रहा है।क्या है 'इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग' और गोल्डन वीजा का नया कनेक्शन?इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग का सीधा मतलब ऐसे निवेश से है जो आर्थिक मुनाफे के साथ-साथ समाज और पर्यावरण पर भी सकारात्मक बदलाव डाले। नए नियमों के तहत, यदि कोई भारतीय या वैश्विक निवेशक किसी यूरोपीय देश का गोल्डन वीजा चाहता है, तो उसे वहां के स्टार्टअप्स, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स या पर्यावरण अनुसंधान (Eco-Research) से जुड़े सरकारी बॉन्ड्स में एक निश्चित मोटी रकम लगानी होगी। इस कूटनीतिक और आर्थिक बदलाव के जरिए देश अपने क्लाइमेट चेंज के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए वैश्विक अमीरों की पूंजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।भारतीय रईसों के बीच भी बढ़ा ग्रीन वीजा का क्रेजभारत के हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) यानी करोड़पतियों के बीच भी विदेशी नागरिकता पाने की होड़ हमेशा बनी रहती है। कूटनीतिक विशेषज्ञों और इमिग्रेशन सलाहकारों के अनुसार, भारतीय निवेशक भी अब इस बदलाव को खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि नई पीढ़ी के अमीर उद्यमी न सिर्फ अपनी संपत्ति सुरक्षित रखना चाहते हैं, बल्कि वे अपनी वैश्विक छवि को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार निवेशक के रूप में भी पेश करना चाहते हैं। आने वाले समय में यह 'ग्रीन इनिशिएटिव' दुनिया भर के रेजिडेंसी-बाय-इन्वेस्टमेंट उद्योग की पूरी दिशा और दशा बदलने वाला साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:29 am

दुनिया में बढ़ रहा खतरनाक बिखराव! विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुछ ताकतवर देशों को लेकर चेताया

वैश्विक कूटनीति के मंच से भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर दुनिया के सामने बेहद खरी-खरी बात रखी है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर बोलते हुए जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में आ रहे बदलावों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वैश्विक स्तर पर बिखराव और विभाजन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे दौर में अंतरराष्ट्रीय नियमों और स्थिरता को बनाए रखने के लिए केवल कुछ गिने-चुने देशों पर निर्भर रहना पूरी तरह गलत और जोखिम भरा है।वैश्विक संकटों के बीच नियमों पर निर्भरता का उठा सवालविदेश मंत्री ने अपने संबोधन में साफ किया कि मौजूदा समय में दुनिया कई तरह के भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनावों और आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रही है। उन्होंने इशारा किया कि जब पूरी दुनिया किसी एक या दो महाशक्तियों के फैसलों पर टिकी रहती है, तो संतुलन बिगड़ना तय है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि आज की चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक नियमों का पालन होना जरूरी है, लेकिन इन नियमों को लागू करने या तय करने का एकाधिकार किसी एक गुट या चुनिंदा देशों के पास नहीं होना चाहिए।कुछ देशों पर अत्यधिक निर्भरता क्यों है खतरनाक?सियोल में मौजूद राजनयिकों और विचारकों को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chains) से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक, जब कुछ ही देशों पर निर्भरता बढ़ जाती है तो पूरी दुनिया संकट में आ जाती है। कोरोना महामारी और उसके बाद उपजे युद्धों ने यह साबित कर दिया है कि विकेंद्रीकरण (Decentralization) कितना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक स्थिर दुनिया के लिए विनिर्माण, तकनीक और निर्णय लेने की शक्ति का पूरी दुनिया में समान रूप से प्रसार होना चाहिए।भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर बना सकते हैं नया संतुलनजयशंकर ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत और दक्षिण कोरिया जैसे लोकतांत्रिक और मजबूत आर्थिक क्षमता वाले देशों को इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में आगे आना होगा। भारत हमेशा से ही एक बहुध्रुवीय दुनिया (Multipolar World) का समर्थक रहा है, जहां हर छोटे-बड़े देश की संप्रभुता और आवाज का सम्मान हो। उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और दुनिया भर में एक अधिक पारदर्शी, समावेशी और न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था का निर्माण किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:27 am

कांप उठी धरती! वेनेजुएला में एक के बाद एक दो भीषण भूकंप, हजारों मौतों की आशंका से मचा हड़कंप

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस वक्त की बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। वेनेजुएला में आए दो लगातार और बेहद शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इन भीषण झटकों के कारण राजधानी काराकास समेत कई प्रमुख शहरों में भारी तबाही मची है। शुरुआती ग्राउंड रिपोर्टों के मुताबिक, सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें जमींदोज हो चुकी हैं और मलबे के नीचे दबे होने के कारण हजारों लोगों के मारे जाने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने देश में हाई अलर्ट और इमरजेंसी लागू कर दी है।बैक-टू-बैक झटकों से ताश के पत्तों की तरह ढहीं इमारतेंप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहला झटका इतना तेज था कि लोग संभल पाते, उससे पहले ही दूसरे विनाशकारी झटके ने सब कुछ तबाह कर दिया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता बेहद खतरनाक मापी गई है। भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर कम गहराई पर होने के कारण सतह पर इसका असर बेहद खौफनाक रहा। रिहायशी इलाकों में गगनचुंबी इमारतें, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और रिहायशी मकान देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। सड़कों पर दरारें पड़ गई हैं और पुल धराशायी हो चुके हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है।मलबे में तब्दील हुए शहर, अपनों को ढूंढ रहे लोगभूकंप के तुरंत बाद प्रभावित इलाकों में चीख-पुकार मच गई। संचार व्यवस्था (नेटवर्क) और बिजली ग्रिड पूरी तरह ठप होने के कारण देश का एक बड़ा हिस्सा ब्लैकआउट का सामना कर रहा है। लोग अपनों की तलाश में बदहवास होकर मलबे को हाथों से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय अस्पतालों में घायल लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे वहां की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी देखी जा रही है।युद्ध स्तर पर बचाव कार्य जारी, दुनिया से मांगी मददवेनेजुएला सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों, सेना और स्थानीय सुरक्षा बलों को तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन में झोंक दिया है। मलबे के नीचे दबी जिंदगियों को बचाने के लिए क्रेन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। हालांकि, बार-बार आ रहे ऑफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के हल्के झटके) के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देश के राष्ट्रपति ने इस राष्ट्रीय आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत मानवीय सहायता और रेस्क्यू एक्सपर्ट्स भेजने की भावुक अपील की है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:26 am

भारत सरकार का बड़ा फैसला! बांग्लादेश में भारतीय राजदूत दिनेश त्रिवेदी को मिला केंद्रीय मंत्री का दर्जा

भारत सरकार ने पड़ोस प्रथम (Neighbor First) की नीति को एक नए मुकाम पर पहुंचाते हुए एक बेहद चौकाने वाला और बड़ा फैसला लिया है। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त (राजदूत) दिनेश त्रिवेदी को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे दिया गया है। गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से इस संबंध में एक विशेष आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। सरकार के इस कदम को कूटनीतिक हलकों में बेहद असाधारण और दूरगामी रणनीतिक फैसले के रूप में देखा जा रहा है।क्यों खास है गृह मंत्रालय का यह विशेष आदेश?आमतौर पर विदेशी धरती पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले राजनयिकों (Diplomats) को उनके कैडर और वरिष्ठता के हिसाब से प्रोटोकॉल मिलता है। लेकिन दिनेश त्रिवेदी के मामले में गृह मंत्रालय ने नियमों में विशेष ढील देते हुए उन्हें सीधे केंद्रीय मंत्री का रुतबा सौंप दिया है। इस आदेश के बाद अब त्रिवेदी को मिलने वाली सुविधाएं, भत्ते और सबसे महत्वपूर्ण—उनका प्रोटोकॉल स्टेटस, भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होगा।भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ेगा दिनेश त्रिवेदी का कदइस फैसले के सीधे और साफ मायने हैं कि भारत सरकार बांग्लादेश के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को कितनी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। दिनेश त्रिवेदी को केंद्रीय मंत्री का दर्जा मिलने से अब ढाका में उनकी बातचीत और निर्णयों का वजन काफी बढ़ जाएगा। वे सीधे भारत के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में रहकर बड़े रणनीतिक, व्यापारिक और सुरक्षा संबंधी फैसले मौके पर ही ले सकेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच फाइलों की पेंडेंसी खत्म होगी और काम में तेजी आएगी।पड़ोस में चीन की घेराबंदी तोड़ने की रणनीति!विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशिया और खासकर बांग्लादेश में चीन की बढ़ती सक्रियता को काउंटर करने के लिए यह भारत का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक है। दिनेश त्रिवेदी को यह पावरफुल स्टेटस देकर नई दिल्ली ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश के साथ भारत के रिश्ते किसी भी अन्य डिप्लोमैटिक मिशन से कहीं ऊपर हैं। इस फैसले से सीमा सुरक्षा, तीस्ता जल विवाद, और व्यापारिक गलियारों (Trade Corridors) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर त्वरित फैसले लेने में आसानी होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:24 am

SIP से अमीर बनने का सबसे बड़ा सीक्रेट! 28 साल के ऐतिहासिक डेटा ने खोले निवेश के 4 बड़े राज

अगर आप भी अपनी गाढ़ी कमाई को म्यूचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर पैसा कितने दिनों के लिए लगाएं? बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच लार्ज कैप, मिड कैप या स्मॉल कैप में से कौन सा फंड आपके भविष्य के सपनों को सच करेगा? इन सभी उलझनों को दूर करने के लिए पिछले 28 सालों के मार्केट डेटा का एक बेहद दिलचस्प विश्लेषण सामने आया है, जो हर भारतीय निवेशक की आंखें खोल देगा।पहला जवाब: कम से कम कितने साल तक जारी रखनी चाहिए SIP?ऐतिहासिक डेटा का सबसे पहला और ठोस निष्कर्ष यह है कि एसआईपी में समय का बहुत बड़ा महत्व है। अगर आप सिर्फ 1 से 3 साल के लिए निवेश करते हैं, तो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण आपको नुकसान होने का डर रहता है। लेकिन डेटा बताता है कि जैसे ही आप अपने निवेश की अवधि को 7 से 10 साल या उससे ऊपर ले जाते हैं, तो आपके नुकसान की संभावना (रिस्क) लगभग जीरो हो जाती है। लंबी अवधि में 'कंपाउंडिंग' (ब्याज पर ब्याज मिलना) का जादू काम करता है, जो आपके छोटे से निवेश को एक बड़े फंड में बदल देता है।दूसरा जवाब: लार्ज, मिड या स्मॉल कैप—कहां टिकेगा आपका पैसा?28 सालों के आंकड़ों ने फंड्स की परफॉर्मेंस को लेकर स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है:लार्ज कैप फंड्स: ये देश की सबसे बड़ी और मजबूत कंपनियों (जैसे रिलायंस, टीसीएस) में पैसा लगाते हैं। यहां रिस्क सबसे कम होता है और रिटर्न में स्थिरता मिलती है। नए निवेशकों या सुरक्षित दांव खेलने वालों के लिए यह बेस्ट है।मिड कैप फंड्स: ये मझोली कंपनियों में निवेश करते हैं। डेटा के मुताबिक, लंबी अवधि में इन्होंने लार्ज कैप से बेहतर और स्मॉल कैप से अधिक स्थिर रिटर्न दिया है।स्मॉल कैप फंड्स: ये छोटी और तेजी से बढ़ती कंपनियों में पैसा लगाते हैं। इनमें रिस्क बहुत ज्यादा होता है, लेकिन जब बाजार तेज दौड़ता है, तो यही स्मॉल कैप फंड्स सबसे ज्यादा छप्परफाड़ रिटर्न कमा कर देते हैं।तीसरा जवाब: रिटर्न की रेस में किसने मारी बाजी?पिछले 28 वर्षों के लंबे सफर में अलग-अलग समय पर मार्केट ने कई उतार-चढ़ाव देखे—जैसे 2008 की मंदी या 2020 का कोरोना काल। डेटा गवाह है कि जिन निवेशकों ने बिना डरे स्मॉल और मिड कैप फंड्स में अपनी SIP को 15 से 20 साल तक जारी रखा, उन्हें औसतन 15 से 18 फीसदी तक का सालाना रिटर्न मिला है। वहीं, लार्ज कैप फंड्स ने भी विपरीत परिस्थितियों में 12 से 14 प्रतिशत का बेहद सुरक्षित और शानदार रिटर्न मेंटेन किया है, जो बैंक एफडी या पारंपरिक बचत योजनाओं से कहीं ज्यादा है।चौथा जवाब: भारतीय निवेशकों के लिए क्या है परफेक्ट पोर्टफोलियो फॉर्मूला?देश के टॉप फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स इस 28 साल के डेटा के आधार पर एक खास फॉर्मूला सुझाते हैं। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था (GDP) का फायदा उठाने के लिए आपको अपने पैसे को किसी एक जगह ब्लॉक नहीं करना चाहिए। एक आदर्श पोर्टफोलियो के लिए अपनी कुल एसआईपी रकम का 50 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप (स्थिरता के लिए), 30 फीसदी मिड कैप (ग्रोथ के लिए) और 20 फीसदी स्मॉल कैप (एक्स्ट्रा हाई रिटर्न के लिए) में बांटना सबसे समझदारी भरा और मुनाफे वाला कदम साबित होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:22 am

टाटा संस की लिस्टिंग टलेगी? RBI के इस बड़े यू-टर्न ने दी टाटा ग्रुप को राहत

भारतीय कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक हालिया कदम से देश के सबसे प्रतिष्ठित कारोबारी समूह, टाटा संस (Tata Sons) को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। बाजार में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि क्या टाटा संस को शेयर बाजार में अनिवार्य रूप से लिस्ट होने के कड़े नियम से छूट मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो टाटा ग्रुप के लिए यह किसी बड़ी लॉटरी से कम नहीं होगा।क्या था RBI का वो नियम जिससे बढ़ी थीं टाटा की मुश्किलें?पूरा मामला आरबीआई के 'अपर लेयर' एनबीएफसी (NBFC) नियमों से जुड़ा हुआ है। रिजर्व बैंक के स्केल-बेस्ड रेगुलेशन के तहत टाटा संस को एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) और 'अपर लेयर' एनबीएफसी के रूप में क्लासीफाइड किया गया था। इस नियम के मुताबिक, ऐसी कंपनियों के लिए सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना कानूनी रूप से अनिवार्य था। टाटा संस पिछले काफी समय से इस अनिवार्य लिस्टिंग से बचने के कानूनी रास्ते तलाश रहा था, क्योंकि ग्रुप अपनी होल्डिंग कंपनी का नियंत्रण पूरी तरह अपने पास रखना चाहता है।RBI का यू-टर्न और टाटा संस के लिए राहत का रास्ताअब रेगुलेटरी गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, आरबीआई अपने कुछ कड़े नियमों में ढील देने या उनके रिव्यू पर विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय बैंक कुछ विशेष परिस्थितियों वाली बड़ी होल्डिंग कंपनियों को इस अनिवार्य लिस्टिंग के नियम से छूट देने की राह पर आगे बढ़ सकता है। अगर आरबीआई आधिकारिक तौर पर इस यू-टर्न को मंजूरी देता है, तो टाटा संस को आईपीओ (IPO) लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे टाटा ट्रस्ट्स और ग्रुप कंपनियों को अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेचने के दबाव से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।लोकल मार्केट और निवेशकों पर क्या होगा इसका सीधा असर?मुंबई की दलाल स्ट्रीट से लेकर देश भर के रिटेल निवेशकों की नजरें इस खबर पर टिकी हैं। अगर टाटा संस की लिस्टिंग टलती है, तो टाटा ग्रुप की अन्य लिस्टेड कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टीसीएस (TCS) के शेयरों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लिस्टिंग टलने से टाटा संस के भीतर की रीस्ट्रक्चरिंग का दबाव खत्म होगा, जिससे ग्रुप अपनी पूंजी का इस्तेमाल नए जमाने के बिजनेस जैसे सेमीकंडक्टर, ईवी (EV) और डिजिटल सेक्टर में ज्यादा आक्रामक तरीके से कर पाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 12:21 am

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी

अयोध्या/लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। एसआईटी जांच के बीच ट्रस्ट ने खुद रिपोर्ट लिखवाई है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 11:01 pm

शिवराज चौहान जी को धन्‍यवाद, उत्‍तर प्रदेश को 6 लाख 18 हजार 482 पीएम आवास और किसानों को चना, मसूर एवं सरसों को एमएसपी पर उपज बेचने के लिए मिला अतिरिक्त समय,, केशव प्रसाद मौर्य

योजना भवन, लखनऊ में आज केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश में कृषि रोडमैप, कृषि योजनाओं तथा ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह ओलख, राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर सहित केन्द्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारम्भ में केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ को दो महत्वपूर्ण स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इनमें राज्य सरकार के अनुरोध पर किसानों के हित में चना, मसूर एवं सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की अवधि को 15 दिनों के लिए बढ़ाने की स्वीकृति शामिल है। अब प्रदेश के किसान 24 जून से 8 जुलाई तक अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे। इस निर्णय से हजारों किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में सुविधा होगी तथा उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा।बैठक में किसानों के कल्याण एवं कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार के बीच समन्वित प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कृषि उत्पादन, विपणन, कृषि अवसंरचना विकास तथा किसानों की आय वृद्धि से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए भी एक बड़ी सौगात की घोषणा की गई। जिन परिवारों की आंखों में वर्षों से अपने पक्के घर का सपना पल रहा था, उनके सपनों को नई उड़ान देते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए 6 लाख 18 हजार 482 नए आवासों को मंजूरी प्रदान की गई है। इस स्वीकृति से प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लिए गए ये दोनों निर्णय किसानों एवं ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एमएसपी खरीद अवधि बढ़ने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त अवसर मिलेगा, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी संख्या में नए आवासों की स्वीकृति से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तथा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की उपलब्धियों एवं भावी कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 10:35 pm

विकसित भारत के लिए विकसित ग्राम बनाना आवश्यक, जमीनी स्तर पर हो रहा है कार्य: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौय्र ने कहा कि नरेन्‍द्र मोदी जी के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए 'विकसित ग्राम' बनाना बेहद आवश्यक है। सरकार गांवों को सुदृढ़, आत्मनिर्भर और सर्वसुविधाायुक्त बनाने के लिए जमीनी स्तर पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने यह बातें केन्द्रीय ग्राम्य विकास मंत्री से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर हुई उच्च स्तरीय चर्चा के बाद साझा कीं। उन्होंने बताया कि बैठक में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई है।श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्रीय योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया। हमारा लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप, प्रदेश की अधिक से अधिक महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने के लिए अधिकारियों को मिशन मोड में काम करना होगा। स्वयं सहायता समूहों का दायरा बढ़ाया जाए ताकि कोई भी ग्रामीण महिला इस मुख्यधारा से वंचित न रहे।अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश:• जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन: ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभ सीधे अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे।• स्वयं सहायता समूहों का विस्तार: गांवों में नए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का गठन किया जाए और पुराने समूहों को और अधिक सक्रिय कर रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जाए।• 'लखपति दीदी' योजना की गति: ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर उनकी वार्षिक आय को ₹1 लाख से ऊपर ले जाने के लक्ष्य पर त्वरित गति से कार्य हो।उप मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ग्रामीण विकास ही उत्तर प्रदेश की प्रगति का आधार है। जब हमारे गांव मजबूत और आत्मनिर्भर होंगे, तभी देश विकसित बनेगा। सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए बजटीय प्रावधानों और योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 10:30 pm

बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत

बारां। राजस्थान में बारां जिले के जलवाड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार को खलदा मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मोटर साइकल पर सवार एक युवक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार जलवाड़ा-खलदा रोड पर पुरुषोत्तम बंजारा मोटर साइकिल से जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से […] The post बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 9:59 pm

शर्ट का ‘लोगो’और 15 घंटे का काउंटडाउन : मुंबई का लोकल ट्रेन मर्डर केस इतनी जल्दी कैसे हल हुआ?

मुंबई। महाराष्ट्र की लोकल ट्रेन में चाकू के इस्तेमाल से की गयी हत्या के केस को पुलिस ने महज 15 घंटे में सुलझा दिया है। इस मामले में पुलिस की मदद की हत्यारे की कमीज पर सिले गए कंपनी के नाम (लोगो) ने। पुुलिस ने मीरा भयंदर के रहने वाले आरोपी रोशन सुवर्णा को पनवेल […] The post शर्ट का ‘लोगो’ और 15 घंटे का काउंटडाउन : मुंबई का लोकल ट्रेन मर्डर केस इतनी जल्दी कैसे हल हुआ? appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 9:55 pm

शिंदे सेना सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों को धमकी देने पर विवाद; डैमेज कंट्रोल में जुटा सत्ताधारी गठबंधन

मुंबई। महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों के लिए कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग करने और धमकी देने के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना से सत्ताधारी शिवसेना को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद गठबंधन […] The post शिंदे सेना सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों को धमकी देने पर विवाद; डैमेज कंट्रोल में जुटा सत्ताधारी गठबंधन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 9:38 pm

अलवर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण

अलवर। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने गुरुवार को अलवर में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए तीन प्रमुख अस्पतालों सहित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जयपुर से अलवर आते समय श्री खींवसर ने अचानक बगड़ तिराहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निरीक्षण किया, जहां स्वास्थ्य विभाग की […] The post अलवर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 9:29 pm

लोहागढ़ किला हादसा : मंगेतर और उसके प्रेमी ने रची थी युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश

पुणे। महाराष्ट्र की पुणे ग्रामीण पुलिस ने गुरुवार को यहां बताया कि युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की मृत्यु कोई अचानक हुआ हादसा नहीं थी, बल्कि उनकी मंगेतर की रची एक सुनियोजित और गंभीर साजिश का परिणाम थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिया गोयल (20) का क्रिकेटर चेतन चौधरी (23) के साथ प्रेम संबंध था। दोनों […] The post लोहागढ़ किला हादसा : मंगेतर और उसके प्रेमी ने रची थी युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 9:03 pm

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में FIR दर्ज, 8 नामजद आरोपी, SIT रिपोर्ट के बाद बड़ा एक्शन, चंपत राय का नाम नहीं

राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के कथित गबन एवं अनियमितताओं के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एफआईआर दर्ज करा दी है। पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि कई अन्य अज्ञात व्यक्तियों के ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 8:13 pm

नॉकआउट से पहले जर्मनी का आखिरी वार: इक्वाडोर के खिलाफ उतरेगी पूर्व चैंपियन, जापान-स्वीडन के बीच आर-पार की जंग

FIFA World Cup 2026 का रोमांच अपने चरम पर है। 2018 और 2022 की मायूसी को पीछे छोड़ते हुए 2014 की चैंपियन जर्मनी इस बार पूरी तरह से लय में नजर आ रही है। ग्रुप-ई में शानदार प्रदर्शन करते हुए नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर चुकी जर्मन टीम अब ग्रुप स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में गुरुवार रात न्यू जर्सी स्टेडियम में इक्वाडोर का सामना करेगी। जर्मन टीम का इरादा इस जीत के साथ नॉकआउट दौर में एक मजबूत संदेश भेजने का है। स्टार खिलाड़ी डेनिज उंडव, जो अब तक तीन गोल और दो असिस्ट कर चुके हैं, इक्वाडोर के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होंगे। दूसरी ओर, इक्वाडोर के लिए यह मैच अपनी साख बचाने की अंतिम कोशिश होगी।मेजबान अमेरिका का मिशन 'लय' बरकरार रखनाग्रुप-डी से नॉकआउट में जगह बना चुकी सह-मेजबान अमेरिका की टीम अब अपने अंतिम लीग मैच में तुर्किये के सामने होगी। लास एंजिल्स में होने वाले इस मुकाबले में कोच के लिए चिंता का विषय टीम के चार मुख्य खिलाड़ियों का येलो कार्ड सस्पेंशन है। हालांकि, फैंस के लिए राहत की बात यह है कि स्टार खिलाड़ी पुलिसिक अपनी पिंडली की चोट से उबर चुके हैं और उन्होंने ट्रेनिंग फिर से शुरू कर दी है। टीम का एकमात्र लक्ष्य इस मैच को जीतकर नॉकआउट से पहले अपनी लय और आत्मविश्वास को बनाए रखना है।जापान बनाम स्वीडन: अंतिम-32 का टिकट किसके नाम?ग्रुप-एफ का मुकाबला सबसे रोमांचक होने वाला है, जहां जापान और स्वीडन की टीमें नॉकआउट का टिकट पाने के लिए आमने-सामने होंगी। टेक्सास में होने वाले इस मैच में जापान की पूरी रणनीति स्वीडन के घातक स्ट्राइकर्स अलेक्जेंडर इसाक और विक्टर ग्योकेरेस को रोकने पर होगी। स्वीडन जहां ट्यूनीशिया पर 5-1 की बड़ी जीत के बाद उत्साहित है, वहीं नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-5 की करारी हार ने उनकी कमजोरियों को उजागर किया है। जापान का संयमित खेल इस मुकाबले को बेहद कांटेदार बना रहा है।नॉकआउट की रेस में अन्य टीमेंऑस्ट्रेलिया बनाम परग्वे (ग्रुप-डी): सैन फ्रांसिस्को में होने वाला यह मुकाबला नॉकआउट के लिहाज से निर्णायक है। तुर्किये पर जीत और अमेरिका से हार के बाद दोनों टीमों के पास समान मौके हैं।आइवरी कोस्ट बनाम कुराकाओ (ग्रुप-ई): आइवरी कोस्ट इस मैच को जीतकर जर्मनी के बाद ग्रुप से नॉकआउट में पहुंचने वाली दूसरी टीम बनने की औपचारिकता पूरी करना चाहेगी।नीदरलैंड्स बनाम ट्यूनीशिया (ग्रुप-एफ): स्वीडन को 5-1 से रौंदकर आ रही डच टीम के लिए ट्यूनीशिया को हराना नॉकआउट की राह आसान कर देगा। डच टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ नॉकआउट में प्रवेश करने की कोशिश में है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:53 pm

मुथाठी हादसा: लड़की को बचाने उतरे परिवार के सदस्य एक-एक कर डूबे, पांच लोगों की दर्दनाक मौत

कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थल मुथाठी में हुए दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के इकलौते जीवित बचे रवि ने गुरुवार को घटना की भयावह कहानी सुनाते हुए बताया कि कैसे कुछ ही मिनटों में उनका पूरा परिवार कावेरी नदी की तेज धारा में समा गया।

देशबन्धु 25 Jun 2026 7:52 pm

FIFA वर्ल्ड कप: विनिसियस जूनियर का ऐतिहासिक 'डबल', स्कॉटलैंड को रौंदकर ब्राजील ने नॉकआउट में मारी एंट्री

पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील की टीम FIFA World Cup 2026 में पूरी तरह अपने रंग में दिख रही है। मियामी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-सी के मुकाबले में ब्राजील ने स्कॉटलैंड को 3-0 से एकतरफा मात देकर राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के मुख्य नायक रहे युवा सनसनी विनिसियस जूनियर, जिन्होंने न केवल दो शानदार गोल दागे, बल्कि अपने नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज किया जिसे दशकों तक याद रखा जाएगा।विनिसियस जूनियर ने रचा नया इतिहासमैच के 7वें मिनट में गोल दागते ही 24 वर्षीय विनिसियस जूनियर ने एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। वे पिछले 24 सालों में विश्व कप के अपने शुरुआती तीनों मैचों में गोल करने वाले पहले ब्राजीलियाई खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह अद्भुत कारनामा साल 2002 में महान खिलाड़ियों रोनाल्डो नाज़ारियो और रिवाल्डो ने किया था। जाइरज़िन्हो (1970) और रोमारियो (1994) जैसे दिग्गजों की सूची में अपना नाम दर्ज कराकर विनिसियस ने साबित कर दिया है कि वे ब्राजीलियाई फुटबॉल के भविष्य के सबसे बड़े सितारे हैं। पहले हाफ के इंजरी टाइम में उनके द्वारा किए गए शानदार हेडर ने स्कोर 2-0 कर दिया, जिससे स्कॉटलैंड की वापसी की रही-सही उम्मीदें भी खत्म हो गईं।मैथियस कुन्हा और मजबूत डिफेंस का कमालब्राजील की आक्रामक रणनीति का स्कॉटलैंड के पास कोई जवाब नहीं था। खेल के 60वें मिनट में ब्रूनो गुइमारेस के शानदार असिस्ट पर मैथियस कुन्हा ने गोल कर बढ़त को 3-0 कर दिया। स्कॉटलैंड ने गोल का खाता खोलने की पूरी कोशिश की, लेकिन ब्राजील के दीवार जैसे डिफेंस और गोलकीपर एलिसन बेकर ने हर हमले को नाकाम कर दिया। बेकर ने अपनी चपलता दिखाते हुए विरोधी टीम को गोल करने का एक भी मौका नहीं दिया।नेमार की वापसी ने बढ़ाया उत्साहइस मैच में सबसे सुखद पल नेमार जूनियर की मैदान पर वापसी रही। चोट से उबरने के बाद 34 वर्षीय स्टार खिलाड़ी ने टूर्नामेंट का अपना पहला मुकाबला खेला। मैच के आखिरी पलों में सबस्टीट्यूट के तौर पर नेमार को मैदान पर देख फैंस का उत्साह दोगुना हो गया। इस जीत के साथ ब्राजील 7 अंकों के साथ ग्रुप-सी में टॉप पर रहा है। वहीं, उसी दिन खेले गए एक अन्य मुकाबले में मोरक्को ने हैती को 4-2 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया है। राउंड ऑफ 32 में अब ब्राजील की टीम अपने विजय रथ को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:51 pm

यूएस ओपन बैडमिंटन: तन्वी शर्मा और किदांबी श्रीकांत की शानदार शुरुआत, भारतीय शटलर्स का कोर्ट पर जलवा

यूएस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने आक्रामक खेल से टूर्नामेंट में धमाकेदार शुरुआत की है। भारतीय शटलर्स ने जीत का सिलसिला बरकरार रखते हुए एकल और युगल मुकाबलों में अपनी धाक जमा दी है। विश्व जूनियर चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता तन्वी शर्मा और अनुभवी स्टार खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने अपने-अपने मुकाबलों में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है।तन्वी शर्मा और देविका सिहाग का दबदबामहिला एकल वर्ग में तन्वी शर्मा ने जर्मनी की यवोन ली के खिलाफ कड़ा मुकाबला करते हुए 23-21, 21-16 से जीत हासिल की। वहीं, थाईलैंड मास्टर्स की मौजूदा चैंपियन देविका सिहाग ने अपनी लय बरकरार रखते हुए पेरू की इनेस लूसिया कैस्टिलो को सीधे सेटों में 21-14, 21-14 से हराकर टूर्नामेंट में अपना दबदबा दिखाया। इसके अलावा रक्षिता श्री ने भी चेक गणराज्य की टेरेजा स्वाबिकोवा को 21-15, 21-8 से मात देकर अगले दौर में अपनी दावेदारी मजबूत की है।श्रीकांत और रौनक चौहान ने दिखाया दमपुरुष एकल वर्ग में अनुभवी किदांबी श्रीकांत ने बेहतरीन फॉर्म का परिचय दिया। पांचवीं वरीयता प्राप्त श्रीकांत ने अपने हमवतन डी सानीथ को महज 30 मिनट में 21-14, 21-12 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। वहीं, एक अन्य मुकाबले में रौनक चौहान ने एस शंकर मुथुसामी के खिलाफ संघर्षपूर्ण जीत दर्ज की। रौनक ने मुथुसामी को 23-21, 21-16 से हराकर टूर्नामेंट के अगले दौर का टिकट कटाया है।मिक्स्ड डबल्स में भी भारत की सफलताभारतीय खिलाड़ियों ने युगल वर्ग में भी अपनी चमक बिखेरी। मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव रावत और के मनीषा की जोड़ी ने इंडोनेशिया की चुनौती को 26 मिनट में ही समाप्त कर दिया। उन्होंने विरावण इहसान आदम और सेरेना कानी की जोड़ी को 21-15, 21-16 से पराजित किया। भारतीय शटलर्स का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि इस साल यूएस ओपन में भारतीय दल काफी मजबूत स्थिति में है और टूर्नामेंट के अगले चरणों में पदक की प्रबल दावेदारी पेश करने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:49 pm

981 दिन बाद ब्राजील के लिए उतरे मैदान पर, आखिरी सीटी बजते ही फूट-फूटकर रो पड़े सुपरस्टार

फुटबॉल की दुनिया के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। करीब तीन साल (981 दिन) के लंबे अंतराल के बाद ब्राजील के जादुई खिलाड़ी नेमार जूनियर ने अपनी राष्ट्रीय टीम की जर्सी फिर से पहनी। मियामी में खेले गए FIFA World Cup 2026 के ग्रुप-सी मुकाबले में जब ब्राजील ने स्कॉटलैंड को 3-0 से करारी शिकस्त दी, तो जीत से ज्यादा चर्चा नेमार की वापसी और उनके भावुक पल की रही। चोट के कारण लंबे समय तक टीम से बाहर रहे 34 वर्षीय नेमार को जब 76वें मिनट में मैदान पर उतारा गया, तो स्टेडियम का नजारा देखते ही बनता था।फैंस के शोर और नेमार के आंसूमियामी स्टेडियम में मौजूद हर एक फुटबॉल प्रेमी ने नेमार का स्वागत तालियों और चीयरिंग से किया। उनके हर टच पर दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था। हालांकि, सबसे भावुक क्षण तब आया जब मैच की अंतिम सीटी (Full-time whistle) बजी। वर्षों के संघर्ष, चोटों से रिकवरी और मैदान से दूर रहने के तनाव के बाद नेमार की आंखों से आंसू छलक पड़े। सोशल मीडिया पर उनके रोने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो उनके खेल के प्रति समर्पण और टीम के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है।'यह वापसी आसान नहीं थी'मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए नेमार ने कहा, इतने लंबे समय बाद फिर से ब्राजील की जर्सी पहनना किसी सपने के सच होने जैसा है। शारीरिक रूप से मैं अब बेहतर महसूस कर रहा हूं। सच कहूं तो, टीम से इतने दिनों तक दूर रहना मेरे करियर का सबसे मुश्किल दौर था। नेमार के साथियों ने भी उनकी इस वापसी को 'आदर्श की वापसी' बताया है। विनिसियस जूनियर, जिन्होंने इस मैच में शानदार दो गोल दागे, ने कहा, नेमार हमारा आदर्श है। चोट के बाद वापसी करना कोई आसान काम नहीं है, लेकिन उन्होंने जिस मेहनत से खुद को तैयार किया है, वह काबिले तारीफ है।वर्ल्ड कप 2026 की राह हुई आसान?नेमार की वापसी के साथ ही ब्राजील के खेमे में भी आत्मविश्वास बढ़ गया है। विनिसियस जूनियर ने उम्मीद जताई कि नेमार की मौजूदगी से टीम का संतुलन और मजबूत होगा। ब्राजील को 3-0 से मिली जीत में विनिसियस के अलावा पूरी टीम का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। फैंस को अब उम्मीद है कि नेमार की वापसी ब्राजील को FIFA World Cup 2026 के खिताब तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एक लंबी चोटिल पारी के बाद फुटबॉल के इस सुपरस्टार का वापस लौटना न केवल ब्राजील के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक यादगार लम्हा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:48 pm

SEBI ने 3 कंपनियों को दी आईपीओ लाने की मंजूरी, उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक की इन दिग्गज कंपनियों पर रहेगी नजर

शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने तीन प्रमुख कंपनियों—कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, टोरेंट गैस और सत्य एजेंसीज को अपना आईपीओ (IPO) लाने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इन तीनों कंपनियों के बाजार में उतरने से पूंजी जुटाने का रास्ता साफ हो गया है। ये कंपनियां न केवल अपने कारोबार का विस्तार करेंगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी कमाई का एक नया मौका लेकर आएंगी।जानिए किन कंपनियों को मिली 'हरी झंडी'सेबी की मंजूरी पाने वाली इन तीनों कंपनियों का ताल्लुक देश के अलग-अलग राज्यों से है:कनोहर इलेक्ट्रिकल्स (उत्तर प्रदेश): यह ट्रांसफॉर्मर निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी है।टोरेंट गैस (गुजरात): यह कंपनी सीएनजी और पाइप्ड नेचुरल गैस के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही है।सत्य एजेंसीज (तमिलनाडु): यह दक्षिण भारत की कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज की बड़ी रिटेल चेन है।आईपीओ का साइज और निवेश का लक्ष्यकंपनियों द्वारा जमा किए गए ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, सत्य एजेंसीज आईपीओ के जरिए कुल 600 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है, जिसमें 300 करोड़ रुपये के नए शेयर और 300 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। वहीं, कनोहर इलेक्ट्रिकल्स 300 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी और प्रमोटर 1.45 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे। टोरेंट गैस ने सेबी के 'प्री-फाइलिंग रूट' का इस्तेमाल किया है, जिससे वे अपने इश्यू साइज को फिलहाल गोपनीय रखने में सक्षम हैं। इन कंपनियों का मुख्य उद्देश्य कर्ज चुकाना, व्यावसायिक विस्तार और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करना है।क्या है इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल?कनोहर इलेक्ट्रिकल्स: यह कंपनी पावर ट्रांसमिशन, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए ट्रांसफॉर्मर बनाती है। यह भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।टोरेंट गैस: गुजरात के 34 जिलों में सक्रिय, टोरेंट गैस के पास 526 सीएनजी स्टेशन और 2 लाख से अधिक पाइप्ड गैस कनेक्शन हैं। यह ऊर्जा क्षेत्र की एक उभरती हुई बड़ी कंपनी है।सत्य एजेंसीज: दक्षिण भारत में इनका दबदबा है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और पुडुचेरी में इनके फिजिकल स्टोर्स का विशाल नेटवर्क है, जो होम अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स बेचते हैं।इन कंपनियों के आईपीओ बाजार में आने के बाद निवेशकों को पोर्टफोलियो में विविधता लाने का बेहतरीन मौका मिलेगा। आने वाले हफ्तों में इनके इश्यू प्राइस और तारीखों की घोषणा की जा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:46 pm

62 की उम्र में मिला नया प्यार: जीजी-बेला हदीद की मां योलान्डा हदीद ने रैंडी केंड्रिक से की गुपचुप सगाई

फैशन की दुनिया की चर्चित हस्तियां और सुपरमॉडल बहनें जीजी हदीद और बेला हदीद की मां, योलान्डा हदीद (Yolanda Hadid) ने एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियां बटोर ली हैं। 62 वर्षीय योलान्डा ने रियल एस्टेट डेवलपर रैंडी केंड्रिक (Randy Kendrick) के साथ सगाई कर ली है। 'द रियल हाउसवाइव्स ऑफ बेवर्ली हिल्स' की पूर्व स्टार योलान्डा काफी समय से केंड्रिक के साथ डेटिंग कर रही थीं, लेकिन उन्होंने अपने इस रिश्ते को मीडिया की चकाचौंध से दूर और पूरी तरह से सीक्रेट रखा था।कौन हैं योलान्डा के नए हमसफर रैंडी केंड्रिक?योलान्डा के मंगेतर रैंडी केंड्रिक एक बेहद सफल बिजनेसमैन हैं। वे 'जेबेक' (Xebec) के संस्थापक और सीईओ हैं, जो एक बड़ा नेशनल इंडस्ट्रियल लॉजिस्टिक्स रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म है। केंड्रिक न केवल रियल एस्टेट के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हैं, बल्कि वे 'सैंडो लेक्स एनर्जी' जैसी कंपनियों के प्रमुख के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। उनका करियर काफी प्रभावशाली रहा है और वे योलान्डा के जीवन में एक मजबूत और सफल साथी के रूप में आए हैं।पिछला रिश्ता खत्म होने के बाद मिला साथयह सगाई योलान्डा के पूर्व पार्टनर जोसेफ जिंगोली के साथ रिश्ता टूटने के लगभग एक साल बाद हुई है। योलान्डा और कंस्ट्रक्शन एग्जीक्यूटिव जिंगोली ने 2025 में आपसी सहमति से अपने रास्ते अलग कर लिए थे। जिंगोली के साथ लंबे समय तक डेट करने के बाद, योलान्डा ने अब केंड्रिक के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है। हालांकि, रैंडी और योलान्डा की मुलाकात और उनके अफेयर के शुरुआती दिनों के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारियां सामने नहीं आई हैं।योलान्डा की प्रेम कहानी का लंबा सफरयोलान्डा हदीद की लव लाइफ हमेशा से चर्चा में रही है। रैंडी केंड्रिक उनके चौथे पार्टनर हैं। योलान्डा की पहली शादी 1994 में मोहम्मद हदीद से हुई थी, जिनसे उनके तीन मशहूर बच्चे—जीजी हदीद, बेला हदीद और अनवर हदीद हैं। मोहम्मद हदीद से अलग होने के बाद, उन्होंने 2011 में जाने-माने म्यूजिक प्रोड्यूसर डेविड फ़ॉस्टर से शादी की थी, जो 2017 में तलाक पर जाकर खत्म हुई। अब 62 साल की उम्र में योलान्डा का दोबारा प्यार पर भरोसा करना उनके फैंस के लिए एक प्रेरणा है। फैंस उनकी नई पारी के लिए सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर बधाई दे रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 7:37 pm

योगी सरकार की छात्रवृत्ति योजना से लाखों छात्रों को मिला संबल, प्रयागराज सबसे आगे

Yogi Government Scholarship Scheme: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। खासतौर पर पिछड़े वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में योगी सरकार ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 7:36 pm

LPG को लेकर आई बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी राहत

पश्चिम एशिया में हालिया तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच वाणिज्यिक (कमर्शियल) एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगाई गई सभी अस्थायी पाबंदियां केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से हटा दी हैं। प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हालात की समीक्षा करने के बाद ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 7:17 pm

Passport : 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा! केंद्र सरकार ने बढ़ाई फीस, जानिए नई दरें

द्र सरकार ने पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों से जुड़ी सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 जारी करते हुए नई शुल्क दरों की अधिसूचना जारी की। नई फीस 1 जुलाई 2026 से लागू होगी।

वेब दुनिया 25 Jun 2026 6:49 pm

तीन महिलाओं के साथ अफेयर की बात मानी, बोले- जेफरी एपस्टीन मुझे ब्लैकमेल कर रहा था

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के सबसे चर्चित अरबपतियों में से एक, बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस की एक समिति के सामने गुप्त गवाही में अपनी निजी जिंदगी के पन्नों को खोल दिया है। गेट्स ने स्वीकार किया है कि उनके तीन महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंध थे। उन्होंने दावा किया कि दिवंगत फाइनेंशियर जेफरी एपस्टीन को इन अफेयर्स की भनक थी और वह इसे हथियार बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की फिराक में था।एपस्टीन और गेट्स का 'विवादित' कनेक्शनबिल गेट्स ने माना कि जेफरी एपस्टीन के साथ संपर्क बनाए रखना उनकी एक बड़ी भूल थी। गेट्स ने समिति को बताया कि उन्होंने एपस्टीन से 12 से 14 बार मुलाकात की और दो बार वीडियो कॉल पर बातचीत भी की। उनके मुताबिक, ये मुलाकातें मुख्य रूप से परोपकारी कार्यों (Philanthropy) और संभावित दानदाताओं से जुड़ने के उद्देश्य से थीं। हालांकि, गेट्स ने यह साफ कर दिया कि उनके इन अवैध संबंधों का एपस्टीन के साथ किसी भी तरह के व्यावसायिक या व्यक्तिगत संबंध से कोई लेना-देना नहीं था।ब्लैकमेलिंग का दौर और 2013 का वो 'ईमेल'गेट्स ने खुलासा किया कि एपस्टीन उनकी इनफिडेलिटी (विवाहेतर संबंधों) की जानकारी का उपयोग करके उन्हें एक तरह से दबाव में लेने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, गेट्स ने स्पष्ट किया कि एपस्टीन ने कभी सीधे तौर पर ब्लैकमेल नहीं किया, लेकिन 2013 के एक ईमेल ड्राफ्ट से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि एपस्टीन के इरादे नेक नहीं थे और वह कहीं न कहीं ब्लैकमेलिंग की रणनीति बना रहा था। गेट्स के अनुसार, इन खुलासों से उनके परिवार को काफी गहरा दुख पहुंचा है।यौन आरोपों को सिरे से नकारागवाही के दौरान बिल गेट्स ने अपने ऊपर लगे उन आरोपों को पूरी तरह से निराधार और गलत बताया, जिनमें यौन संचारित संक्रमण (STD) का दावा किया गया था। गेट्स ने जोर देकर कहा कि उन्हें कभी कोई एसटीडी नहीं हुआ और न ही उन्होंने कभी किसी को गुप्त रूप से दवा देने जैसा कोई कुकृत्य किया है। उन्होंने एपस्टीन के जघन्य अपराधों के साथ किसी भी प्रकार की मिलीभगत से इनकार करते हुए कहा कि एपस्टीन के साथ संपर्क बनाए रखना एक बड़ी गलती थी, जिसे वे आज भी स्वीकार करते हैं। यह गुप्त गवाही गेट्स के निजी और सार्वजनिक जीवन के उन अनसुलझे पहलुओं को उजागर करती है, जो वर्षों से चर्चा का विषय बने हुए थे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 6:33 pm

IAEA को ईरान का दो-टूक जवाब: 'परमाणु स्थलों का निरीक्षण केवल अंतिम समझौते के बाद ही संभव'

ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बीच परमाणु स्थलों के निरीक्षण को लेकर तनातनी फिर से बढ़ गई है। आईएईए प्रमुख राफेल मारियानो ग्रासी द्वारा परमाणु स्थलों के निरीक्षण के संकेत दिए जाने के बाद, ईरान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण की अनुमति तभी दी जाएगी, जब अमेरिका और ईरान के बीच किसी अंतिम समझौते पर मुहर लग जाएगी।ग्रासी के दावों पर ईरान का कड़ा रुखईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आईएईए प्रमुख के दावों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने साफ किया कि स्विट्जरलैंड में ग्रासी के किसी भी अनुरोध के बावजूद उनसे कोई मुलाकात नहीं हुई है और न ही ईरान उन परमाणु स्थलों या सामग्री तक पहुंच देने की योजना बना रहा है, जिन्हें लेकर चर्चाएं चल रही हैं। गरीबाबादी के अनुसार, ईरान का रुख स्पष्ट है—निरीक्षण का प्रश्न केवल अंतिम समझौते के तहत और सभी प्रतिबंधों के हटने के बाद ही विचारणीय होगा।निरीक्षण के लिए ईरान की शर्तेंईरान ने अपनी नीति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि परमाणु स्थलों तक आईएईए की पहुंच तभी सुनिश्चित होगी जब दूसरे पक्ष (अमेरिका) की ओर से लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटाने के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए जाएंगे। आईएईए प्रमुख ग्रासी ने हाल ही में टोक्यो में संकेत दिया था कि एजेंसी के निरीक्षक ईरान के परमाणु संवर्धन स्थलों का दौरा कर सकते हैं, जो अमेरिका और ईरान के बीच हुए कथित अंतरिम समझौते का मुख्य हिस्सा माना जा रहा था। हालांकि, ईरान के ताजा बयान ने इस प्रक्रिया पर फिर से संशय पैदा कर दिया है।क्या परमाणु संकट और गहराएगाईरान का यह कड़ा स्टैंड बताता है कि वह परमाणु मामले में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी के मूड में नहीं है। अमेरिका के साथ जारी अंतरिम वार्ता और उसके बाद के परिणामों के बीच ईरान का यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि वह अपनी परमाणु सामग्री और स्थलों पर पूर्ण नियंत्रण चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निरीक्षण पर सहमति नहीं बनती है, तो आईएईए और ईरान के बीच का गतिरोध और गहरा सकता है, जो सीधे तौर पर मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वाशिंगटन और तेहरान के बीच कोई मध्य मार्ग निकल पाता है या परमाणु निरीक्षण का यह विवाद और लंबा खिंचेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 6:22 pm

'फोटो खींचते वक्त फिसला पैर' का झूठा नाटक, मोबाइल में एक भी तस्वीर न मिलने से मंगेतर सिया की खुली पोल

रियल एस्टेट बिजनेस के डायरेक्टर केतन अग्रवाल की मौत कोई महज हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। जिसे पहले लोहागढ़ किले पर फोटो खिंचवाने के दौरान 'पैर फिसलने से हुई दुर्घटना' बताया गया था, उसका सच अब सामने आ चुका है। मंगेतर सिया गोयल के झूठ का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस ने उसके मोबाइल की गहन जांच की और उसमें घटना वाली कोई भी तस्वीर नहीं मिली। 400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया और उसके साथी चेतन चौधरी की साजिश का खुलासा किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।मंगेतर का बदलता बयान और पुलिस का शककेतन की मौत के बाद उसकी मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस के सामने कहानी गढ़ी कि फोटो खींचते समय उनका पैर फिसल गया। लेकिन सिया के बार-बार बदलते बयानों ने पुलिस के संदेह को पक्का कर दिया। कभी उसने कहा कि वह गिर गए, तो कभी दावा किया कि पानी की बोतल देते समय वे खाई में जा गिरे। इंस्पेक्टर दिनेश तायडे के अनुसार, सिया के बयानों में लगातार विरोधाभास था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए तकनीकी जांच शुरू की।सीसीटीव्ही फुटेज से खुला साजिश का 'चेहरा'इस हत्याकांड में सबसे बड़ा सुराग लोहागढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज से मिला। फुटेज में एक नकाबपोश व्यक्ति (चेतन चौधरी) को दंपति का पीछा करते हुए देखा गया। जांच में पता चला कि आरोपी चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हुडी पहनी थी और वह टिकट काउंटर के पास से ऐसे गुजरा जैसे उसे किसी की परवाह न हो। किले के गार्ड ने भी बताया कि उसने प्रवेश के समय यह कहकर झूठ बोला था कि वह व्यायाम करने आया है, और उसने किले की चढ़ाई-उतराई मात्र 50 मिनट में पूरी कर ली, जो कि किसी भी सामान्य पर्यटक के लिए नामुमकिन है।हत्या की पटकथा पहले से थी तैयारपुलिस उपाधीक्षक गजानन के मुताबिक, हत्या की योजना कई दिनों से बन रही थी। आरोपी सिया गोयल और उसका साथी चेतन चौधरी इस वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार थे। इससे पहले, सिया ने केतन का पासपोर्ट फाड़कर उसे टॉयलेट में फेंक दिया था ताकि केतन की प्रस्तावित 'बाली प्री-वेडिंग ट्रिप' कैंसिल हो जाए, क्योंकि केतन इस यात्रा के खिलाफ था। जब मंगेतर और उसके साथी ने सुनसान जगह पाकर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, तो उन्हें लगा था कि वे पुलिस को आसानी से गुमराह कर लेंगे, लेकिन सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्यों ने उनकी पूरी कहानी को मिट्टी में मिला दिया। केतन के परिवार की शिकायत ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कराकर न्याय की उम्मीद जगा दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 6:11 pm

पूर्व पीएम आई.के. गुजराल के बेटे को लगा 7.8 करोड़ का चूना, जानिए क्या है ये खतरनाक साइबर जाल

साइबर अपराधों का एक नया और बेहद शातिर रूप सामने आया है, जिसे तकनीकी भाषा में 'बॉस स्कैम' (Boss Scam) या 'व्हेलिंग अटैक' (Whaling Attack) कहा जा रहा है। हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और प्रसिद्ध उद्योगपति नरेश गुजराल की कंपनी इस बड़े फ्रॉड का शिकार हुई है, जिसमें कंपनी को 7.8 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। यह घटना कॉर्पोरेट जगत के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि कैसे डिजिटल युग में आपकी पहचान का इस्तेमाल कर आपको ही ठगा जा सकता है।क्या है 'बॉस स्कैम'? कैसे काम करता है यह जाल?'बॉस स्कैम' मूल रूप से 'बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज' (BEC) का एक उन्नत रूप है। इसमें ठग कंपनी के मालिक, सीईओ या किसी वरिष्ठ अधिकारी की डिजिटल पहचान (जैसे- फोटो, नाम और पद) का उपयोग करते हैं। वे व्हाट्सएप, ईमेल या मैसेजिंग ऐप के जरिए कर्मचारियों से संपर्क करते हैं और उन्हें 'तत्काल भुगतान' या 'गोपनीय सौदे' का हवाला देकर पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश देते हैं। कर्मचारी इसे अपने बॉस का आदेश मानकर बिना किसी वेरिफिकेशन के रकम ट्रांसफर कर देते हैं, और यहीं से ठगी का खेल शुरू होता है।नरेश गुजराल की कंपनी में कैसे हुआ फ्रॉड?नरेश गुजराल के मामले में, साइबर अपराधियों ने बेहद चतुराई से एक मैसेजिंग ऐप पर उनकी फोटो लगाकर एक फर्जी अकाउंट तैयार किया। उन्होंने खुद को कंपनी का मालिक बताते हुए नरेश गुजराल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) को संदेश भेजे। बिजनेस की तत्काल जरूरतों का हवाला देते हुए, सीएफओ पूरी तरह से झांसे में आ गए। उन्होंने बिना किसी अतिरिक्त जांच-पड़ताल के आरटीजीएस (RTGS) के जरिए अलग-अलग खातों में 7.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब मामले की आंतरिक जांच की गई, तो पता चला कि वह संदेश कंपनी के बॉस का नहीं, बल्कि ठगों का था।साइबर सुरक्षा की भाषा में क्यों कहते हैं 'व्हेलिंग अटैक'?साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इस तरह के फ्रॉड को 'व्हेलिंग अटैक' का नाम देते हैं। जब कोई अपराधी किसी बड़े उद्योगपति, शीर्ष अधिकारी, राजनेता या बेहद प्रभावशाली व्यक्ति की डिजिटल पहचान (Identity) को हथियार बनाकर उसका फायदा उठाता है, तो उसे व्हेलिंग अटैक कहा जाता है। इसमें अपराधी केवल छोटे-मोटे लक्ष्य नहीं, बल्कि बड़े निवेश या बड़ी रकम को निशाना बनाते हैं।बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान:वेरिफिकेशन जरूर करें: यदि बॉस की तरफ से पैसों के लेन-देन का कोई भी संदेश आए, तो भुगतान से पहले एक बार फोन कॉल या सामने मिलकर पुष्टि जरूर करें।अकाउंट की जांच करें: मैसेज भेजने वाले के नंबर की प्रोफाइल और उसकी हिस्ट्री को ध्यान से देखें।जल्दबाजी से बचें: ठग अक्सर 'तत्काल', 'गोपनीय' और 'अभी भुगतान करें' जैसे शब्द इस्तेमाल करते हैं ताकि आप दबाव में आ जाएं।पॉलिसी का पालन करें: कंपनी के वित्तीय लेनदेन के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल से बाहर जाकर कभी भी भुगतान न करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 6:07 pm

डिजिटल अरेस्ट गैंग पर बड़ा प्रहार, 16 राज्यों में छापेमारी; सुप्रीम कोर्ट के नाम पर चल रही थी ठगी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर आम जनता को चूना लगाने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर क्राइम नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से मिली शिकायत के बाद सीबीआई ने एक साथ 16 राज्यों में 80 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई ने उस संगठित साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर लोगों को डरा-धमकाकर करोड़ों की उगाही कर रहा था।सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट से बना रहे थे शिकारजांच में खुलासा हुआ कि यह शातिर गिरोह सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट चला रहा था। जालसाज इस फर्जी डोमेन का उपयोग करके खुद को कानूनी अधिकारी के रूप में पेश करते थे। वे पीड़ितों को डराने के लिए जाली अदालती आदेश (Fake Court Orders) और फर्जी सरकारी दस्तावेज अपलोड करते थे, जिससे लोग डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंस जाते थे। यह नेटवर्क न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय था।60 टीमों का 'ऑपरेशन चक्र-VI'सीबीआई ने इस नेटवर्क को उखाड़ फेंकने के लिए 'ऑपरेशन चक्र-VI' लॉन्च किया। इसके तहत 60 विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और ओडिशा सहित कुल 16 राज्यों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान चेन्नई से बी. नरेश और कोलकाता से संजीब साहा को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों आरोपी शेल कंपनियां बनाने और म्यूल बैंक खाते (Mule Bank Accounts) खोलने के मुख्य सूत्रधार थे, जिनका इस्तेमाल 2 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई को ठिकाने लगाने के लिए किया गया था।क्या है डिजिटल अरेस्ट का जालसाइबर अपराधी फोन पर खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट की धमकी देते हैं। वे पीड़ित को घंटों तक वीडियो कॉल पर रहने को मजबूर करते हैं और यह विश्वास दिलाते हैं कि वे जांच के दायरे में हैं। सीबीआई ने साफ किया है कि कोई भी वैध एजेंसी कभी भी 'डिजिटल अरेस्ट' का प्रावधान लागू नहीं करती है। जांच के दौरान बरामद डिजिटल उपकरण, मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड्स को फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। विदेशी नागरिकों के भी इस ठगी का शिकार होने की आशंका के चलते सीबीआई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर रही है। आने वाले दिनों में इस बड़े रैकेट से जुड़े कई और चेहरों के बेनकाब होने की संभावना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 6:02 pm

कैफे में रची गई साजिश, CCTV से खुली पोल, एक बॉलीवुड फिल्म की तर्ज हुआ केतन का मर्डर

Pune Ketan Agarwal murder case: पुणे के युवा करोड़पति बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश थी। पुलिस की तफ्तीश में अब एक ऐसा सीसीटीवी (CCTV) फुटेज हाथ लगा है, जिसने इस मर्डर मिस्ट्री की पूरी पोल खोलकर ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 6:02 pm

MEA के बयान पर छिड़ी बहस, बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला और नागरिकता का असली सच जानें

क्या आपके पास मौजूद 'भारतीय पासपोर्ट' आपकी नागरिकता की गारंटी है? अगर आप ऐसा सोचते हैं, तो विदेश मंत्रालय (MEA) का हालिया बयान आपको हैरान कर सकता है। पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट केवल एक 'यात्रा दस्तावेज' (Travel Document) है, न कि 'नागरिकता का प्रमाण' (Proof of Citizenship)। इस बयान के बाद देश में एक नई कानूनी और राजनीतिक बहस छिड़ गई है।विवाद की जड़: क्या है मंत्रालय का तर्क?विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट विदेश में किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता को प्रमाणित तो करता है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का अंतिम और निर्णायक दस्तावेज नहीं माना जा सकता। मंत्रालय का तर्क है कि 1967 के पासपोर्ट अधिनियम के तहत तकनीकी रूप से यह यात्रा दस्तावेज उन लोगों को भी जारी किया जा सकता है जो पूर्ण रूप से भारतीय नागरिक नहीं हैं। मंत्रालय के इस रुख का समर्थन करते हुए सरकारी सूत्रों ने 1955 के नागरिकता अधिनियम को नागरिकता की स्थिति स्थापित करने वाला एकमात्र कानूनी आधार बताया है।बॉम्बे हाईकोर्ट का क्या है फैसला?इस पूरे कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए साल 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले का जिक्र किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया था कि कानून तकनीकी रूप से गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट जारी करने की अनुमति देता है। यही कारण है कि पासपोर्ट का होना नागरिकता का 'निर्णायक' प्रमाण नहीं हो सकता। कानून और जनमानस की समझ के बीच के इस अंतर को स्पष्ट करते हुए पूर्व राजनयिक निरुपमा मेनन राव ने कहा, पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है जो धारक के अधिकारों की रक्षा करता है, लेकिन नागरिकता की कानूनी स्थिति पूरी तरह से नागरिकता अधिनियम, 1955 से शासित होती है।नागरिकता का असली 'पुख्ता' प्रमाण क्या है?जब पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा रहा, तो फिर वह कौन सा दस्तावेज है जो आपको भारतीय साबित करता है? सरकार और कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इसके लिए केवल दो दस्तावेज ही 'स्पष्ट और पुख्ता' माने जाते हैं:जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): जो यह प्रमाणित करता है कि व्यक्ति का जन्म भारत में हुआ है।नागरिकता प्रमाण पत्र (Citizenship Certificate): उन व्यक्तियों के लिए जिन्हें कानूनी रूप से भारत की नागरिकता प्रदान की गई है।हस्तियों और नेताओं ने उठाए सवालसरकार के इस रुख की सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कड़ी आलोचना हो रही है। गीतकार जावेद अख्तर ने इसे 'बेतुका' करार देते हुए सवाल किया कि क्या सरकार पासपोर्ट जारी करते समय स्वयं इस बात से आश्वस्त नहीं होती कि धारक भारतीय है? वहीं, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने चिंता जताई कि यदि सरकार का यही रुख रहा, तो विदेशों में भारतीय पासपोर्ट की विश्वसनीयता और सम्मान पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इसे पहचान और नागरिकता के नियमों में उलझन का नाम दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 5:47 pm

मध्य प्रदेश: मंदसौर में ट्रक के पीछे जा घुसी कार, चार की मौत, दो घायल

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर एक कार ट्रक के पीछे जा घुसी। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है, वहीं दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

देशबन्धु 25 Jun 2026 5:44 pm

'विधानसभा में नहीं, एमके स्टालिन ने सीएम विजय के 'पापा कहां हैं,' वाले तंज का दिया मुंहतोड़ जवाब

तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर है। राज्य विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री विजय और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बीच चल रही तनातनी अब सार्वजनिक मंचों पर भी दिखाई देने लगी है। हाल ही में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सीएम विजय द्वारा उदयनिधि स्टालिन पर कसे गए तंज का एमके स्टालिन ने बेहद प्रभावशाली अंदाज में जवाब दिया है, जो अब सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है।जब सदन में सीएम विजय ने 'कुट्टी स्टोरी' से साधा निशानातमिलनाडु विधानसभा में माहौल तब गर्मा गया जब मुख्यमंत्री विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अनुपस्थिति को मुद्दा बनाया। अपने चिर-परिचित 'कुट्टी स्टोरी' अंदाज में उन्होंने उदयनिधि स्टालिन की ओर देखते हुए तंज कसा- आपके पिता कहां हैं? हम उन्हें देख नहीं पा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने एमके स्टालिन से जुड़े एक खास शारीरिक हाव-भाव की भी नकल की, जिसका वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया। राजनीतिक हलकों में इस इशारे की तीखी आलोचना की जा रही है।स्टालिन का पलटवार: 'मैं लोगों के दिलों में बसता हूं'तिरुवरुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए एमके स्टालिन ने सीधे तौर पर सीएम विजय पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनका प्रभाव सदन की कुर्सियों या भौतिक उपस्थिति से नहीं, बल्कि उनके काम से आंका जाता है। स्टालिन ने कहा, मैं विधानसभा में आऊं या न आऊं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं राज्य की जनता के दिलों और दिमाग में हमेशा मौजूद रहता हूं। उन्होंने सीएम विजय को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें वाकई स्टालिन को ढूंढना है, तो वे राज्य सचिवालय की उन फाइलों को देखें जिनमें 'कलैग्नर अधिकार पात्रता योजना' जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का रिकॉर्ड दर्ज है।विधानसभा में बढ़ रहा है सियासी पारातमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार से ही माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। सीएम विजय ने डीएमके पर 'पार्टी फंड' के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद सदन में तीखी बहस छिड़ गई। विरोध स्वरूप डीएमके विधायकों ने वॉकआउट तक कर दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की यह खींचतान सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता के मुद्दे पर भी गहराती जा रही है। स्टालिन की ओर से फाइलों और जनता के दिलों का जिक्र करके किए गए इस पलटवार ने यह साफ कर दिया है कि डीएमके सीएम विजय की सरकार को हर मोर्चे पर घेरने के लिए तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 5:40 pm

पूर्व आईएएस अधिकारी सुजाता कार्तिकेयन बीजेडी में शामिल, अटकलों पर लगा विराम

ओडिशा की पूर्व आईएएस अधिकारी और बीजेडी के वरिष्ठ नेता वी.के. पांडियन की पत्नी सुजाता आर. कार्तिकेयन ने गुरुवार को बीजू जनता दल (बीजेडी) की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके पार्टी में शामिल होने के साथ ही पिछले कई महीनों से चल रही राजनीतिक अटकलों पर विराम लग गया है।

देशबन्धु 25 Jun 2026 5:29 pm

कन्नड़ एक्ट्रेस कृषि थपंडा: सस्पेंस में मौत का मामला, डिप्रेशन या पुलिस केस का दबाव

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी एक बड़ी खबर बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर से सामने आई है, जहां कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के आवास पर एक बिजनेसमैन ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। मृतक की पहचान वैशाख के रूप में हुई है। यह घटना तब प्रकाश में आई जब अभिनेत्री किसी काम से यलहंका गई हुई थीं और घर खाली था। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला डिप्रेशन से जुड़ा लग रहा है, लेकिन मृतक का विवादित इतिहास इस केस को और भी पेचीदा बना रहा है।घर पर मौजूद था वैशाख, नहीं मिला कोई सुसाइड नोटपुलिस के अनुसार, वैशाख पिछले करीब एक सप्ताह से अभिनेत्री कृषि थपंडा के घर पर रह रहा था। घटना बीती रात करीब 8:30 बजे की है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए विक्टोरिया अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल से पुलिस को फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिसके कारण पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।पारिवारिक कलह और गहरा डिप्रेशनशुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि वैशाख पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहा था, जिसका इलाज भी चल रहा था। पारिवारिक विवादों के कारण वह पिछले एक महीने से अपनी पत्नी से अलग रह रहा था। निजी जीवन की इन समस्याओं ने उसे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था, जो शायद इस आत्मघाती कदम का कारण बनीं।क्या रंगदारी केस का तनाव था वजहवैशाख की मौत के साथ ही उसका विवादित अतीत भी सुर्खियों में है। वह हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल जबरन वसूली और धमकी के मामले में पुलिस के रडार पर था। मामला फरवरी 2026 का है, जब एक नामी बिजनेसमैन और वकील अरविंद रेड्डी को 6 से 7 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के लिए कूरियर से धमकी भरी चिट्ठी भेजी गई थी। एचएएल (HAL) थाना पुलिस ने इस मामले में वैशाख को गिरफ्तार कर 5 दिनों तक पूछताछ भी की थी। हालांकि, बाद में कर्नाटक हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ आगे की जांच पर रोक लगा दी थी, लेकिन कानूनी कार्रवाई और केस के दबाव ने उसे बुरी तरह प्रभावित किया था।पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या डिप्रेशन की वजह निजी थी या कानूनी केस का तनाव। फिलहाल, इलाके में सनसनी फैली हुई है और पुलिस अभिनेत्री कृषि थपंडा से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 5:29 pm

Raja Bhaiya : बंदर की बरसी और मुहर्रम, कुंडा विधायक राजा भैया और उनके पिता क्यों हुए हाउस अरेस्ट? किले के बाहर पुलिस फोर्स तैनात, पढ़िए क्या है पूरा मामला

कुंडा विधायक राजा भैया और उनके पिता समेत 13 लोगों को पुलिस-प्रशासन ने हाउसअरेस्ट किया गया है। राजा भैया के किले के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स को भी तैनात कर दिया गया है। गुरुवार सुबह 5 बजे से हाउस अरेस्ट किए गए विधायक राजा भैया और पिता उदय ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 5:25 pm

फीफा ने कतर के आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड किया

ज़्यूरिख। फीफा ने कतर के मिडफील्डर आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड कर दिया है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान कनाडा के इस्माइल कोने के पैर में गंभीर चोट लगने वाले उनके लापरवाह चैलेंज के कारण यह कार्रवाई की गई है, जिससे सह-मेजबान टीम के शानदार अभियान पर संकट के बादल मंडराने […] The post फीफा ने कतर के आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jun 2026 4:21 pm

50000 से कम में मिल रहा है यह शानदार इलेक्ट्रिक स्कूटर, सिंगल चार्ज में पूरे दिन का सफर

आज के समय में जब पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। हर कोई एक ऐसा विकल्प तलाश रहा है जो बजट में भी हो और माइलेज (रेंज) भी दमदार दे। अगर आप भी रोज़मर्रा के काम, ऑफिस या कॉलेज आने-जाने के लिए एक सस्ता और टिकाऊ इलेक्ट्रिक स्कूटर ढूंढ रहे हैं, तो ...

वेब दुनिया 25 Jun 2026 4:21 pm

जिम्स अस्पताल में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी को लेकर सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

समाजवादी पार्टी ने जिम्स अस्पताल में कर्मचारियों के साथ कथित बर्बरता और उनकी मांगों की अनदेखी के विरोध में गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य मार्ग पर पहुंचकर विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित होने की भी सूचना मिली, हालांकि पुलिस ने स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया।

देशबन्धु 25 Jun 2026 4:20 pm

आपातकाल का वो काला दौर: जब सेंसर बोर्ड ने जब्त कर जला दिए फिल्मों के प्रिंट, जेल में दी गईं यातनाएं; पढ़ें प्रतिबंधित सिनेमा की अनसुनी दास्तान

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 को लगाया गया राष्ट्रीय आपातकाल (Emergency) एक ऐसा दौर था, जिसने देश की अभिव्यक्ति की आजादी पर पूरी तरह ताला लगा दिया था। जब भी आपातकाल के सेंसरशिप और दमन की बात होती है, तो अमूमन अखबारों, पत्रिकाओं और रेडियो पर लगे प्रतिबंधों का जिक्र किया जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जनसंचार और जनमानस को झकझोरने वाले सबसे ताकतवर माध्यम यानी 'सिनेमा' को भी इस दौरान क्रूर सेंसरशिप की आग में झोंक दिया गया था।गुलजार निर्देशित ‘आंधी’ और रमेश सिप्पी की कालजयी फिल्म ‘शोले’ के कुछ दृश्यों व क्लाइमेक्स में बदलाव कराकर उन्हें जैसे-तैसे रिलीज की अनुमति तो मिल गई थी, लेकिन कई ऐसी फिल्में थीं जिन्हें सीधे तौर पर प्रतिबंधित (बैन) कर दिया गया। हद तो तब हो गई जब फिल्मों के रीलों और प्रिंट्स को सरकारी गोदामों से निकालकर सरेआम जला दिया गया। आपातकाल और तानाशाही का यह विरोध केवल बम्बइया (हिंदी) सिनेमा तक सीमित नहीं था, बल्कि बांग्ला में सत्यजित राय की ‘हीरक राजार देशे’ से लेकर कन्नड़ सिनेमा तक प्रतिरोध की यह चिंगारी भड़की थी। आज साल 2026 में भी सिनेमा की उस वैचारिक ताकत को उतनी ही बखूबी समझा जाता है, जितना सन् 1975 में आंका गया था।1. चंदा मरुता (कन्नड़): प्रतिरोध का प्रतीक और अभिनेत्री की दर्दनाक मौतकन्नड़ सिनेमा में ‘चंदा मरुता’ (हिंदी अर्थ - जंगली हवा) को आज भी सत्ता और आपातकाल विरोधी प्रतिरोध के सबसे बड़े प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। पी. लंकेश के चर्चित नाटक पर आधारित इस फिल्म का निर्माण कन्नड़ और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में 1972 के आसपास ही शुरू हो गया था। फिल्म का निर्देशन पट्टाभिराम रेड्डी ने किया था और मुख्य भूमिका में प्रसिद्ध अभिनेत्री स्नेहलता रेड्डी थीं।फिल्म की कहानी में तत्कालीन राजनैतिक-सामाजिक हालातों को दिखाते हुए यह अंदेशा जताया गया था कि देश तानाशाही और आपातकाल की तरफ बढ़ रहा है। इत्तेफाक ऐसा हुआ कि जैसे ही फिल्म की शूटिंग पूरी हुई, देश में आपातकाल लागू हो गया। स्नेहलता रेड्डी और उनके पति समाजवादी विचारों के थे और डॉ. राम मनोहर लोहिया व जॉर्ज फर्नांडीस के बेहद करीबी मित्र थे। आपातकाल की घोषणा होते ही स्नेहलता को भूमिगत होना पड़ा, लेकिन जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर बेंगलुरु की जेल में डाल दिया गया। जेल के भीतर इस प्रख्यात अभिनेत्री को अमानवीय और दर्दनाक यातनाएं दी गईं, जिससे उनका स्वास्थ्य पूरी तरह बिगड़ गया। जेल से रिहा होने के कुछ ही समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। वह अपनी इस मास्टरपीस फिल्म की रिलीज भी नहीं देख सकीं, जिसे आपातकाल हटने के बाद साल 1977 में थिएटर्स में रिलीज किया गया।2. किस्सा कुर्सी का: जब संजय गांधी ने जलवा दिए थे सारे प्रिंटआपातकाल के दौरान सबसे ज्यादा सियासी और कानूनी विवाद बटोरने वाली फिल्म थी अमृत नाहटा निर्देशित ‘किस्सा कुर्सी का’। अमृत नाहटा पहले खुद कांग्रेस पार्टी के सदस्य और राजस्थान के बाड़मेर से लोकसभा सांसद रह चुके थे। लेकिन जब उनका कांग्रेस से मोहभंग हुआ, तो उन्होंने इंदिरा गांधी, संजय गांधी और चाटुकार राजनीतिक व्यवस्था पर करारा प्रहार करते हुए एक बेहतरीन सटायर (राजनीतिक व्यंग्य) फिल्म बना डाली।इस फिल्म में तानाशाही, जबरन थोपी गई नीतियों और चमचागिरी पर इतना तीखा कटाक्ष था कि तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड के जरिए इस फिल्म के सारे प्रिंट और नेगेटिव्स को जब्त कर लिया। बाद में इन सभी प्रिंट्स को दिल्ली के पास मारुति फैक्ट्री में ले जाकर आग के हवाले कर दिया गया। आपातकाल हटने के बाद जब जनता पार्टी की सरकार आई और 'शाह आयोग' ने इस मामले की जांच की, तो संजय गांधी और तत्कालीन सूचना व प्रसारण मंत्री वी.सी. शुक्ला को फिल्म के प्रिंट नष्ट करने के आपराधिक मामले में दोषी पाया गया। इस फिल्म में उत्पल दत्त, शबाना आज़मी, राज बब्बर, सुरेखा सीकरी और मनोहर सिंह जैसे दिग्गज कलाकारों ने काम किया था। हालांकि, आपातकाल के बाद इसे दोबारा नए सिरे से बनाकर रिलीज किया गया, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।3. आंदोलन: जब विद्रोह और क्रांति दिखाने पर लगी रोकदिग्गज निर्देशक लेख टंडन द्वारा निर्देशित फिल्म ‘आंदोलन’ भी आपातकाल की क्रूर सेंसरशिप का शिकार बनी थी। दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म का कथानक साल 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' की पृष्ठभूमि पर आधारित था और इसमें सीधे तौर पर गांधी परिवार या कांग्रेस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई थी। फिल्म में राकेश पांडे और नीतू सिंह मुख्य भूमिकाओं में थे, और कहानी एक ऐसे पिता (जो अंग्रेजी हुकूमत का वफादार कर्मचारी है) और बेटे (जो स्वतंत्रता आंदोलन का क्रांतिकारी शिक्षक है) के वैचारिक टकराव को दिखाती थी।इस फिल्म को प्रतिबंधित करने के पीछे सेंसर बोर्ड के अधिकारियों का तर्क यह था कि फिल्म का क्रांतिकारी मुख्य किरदार सरकार, प्रशासन और स्थापित सिस्टम के खिलाफ विद्रोह करता है। तत्कालीन सरकार को डर था कि इस फिल्म को देखने के बाद आपातकाल से परेशान जनता के बीच जनाक्रोश और अधिक भड़क सकता है। सेंसरशिप के उस सख्त ढांचे में क्रांति, जन-आंदोलन, और व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह दिखाने की सख्त मनाही थी, जिसके चलते इस फिल्म को भी डिब्बे में बंद कर दिया गया। यह फिल्म भी 1977 में सत्ता परिवर्तन के बाद ही पर्दे पर आ सकी।4. नसबंदी: बॉलीवुड सुपरस्टार्स और सरकारी दावों का उड़ाया मखौलआपातकाल के दौरान संजय गांधी के नेतृत्व में चलाए गए 'जबरन नसबंदी अभियान' पर सीधा और तीखा हमला करने वाली फिल्म थी प्रख्यात हास्य कलाकार आई.एस. जौहर की ‘नसबंदी’। आई.एस. जौहर अपनी फिल्मों में 'ब्लैक कॉमेडी' और 'स्पूफ' (पैरोडी) के जरिए सामाजिक और राजनीतिक बुराइयों पर चोट करने के लिए जाने जाते थे।इस फिल्म का सबसे मजेदार और साहसी पहलू यह था कि इसमें किरदारों के नाम उस समय के चोटी के बॉलीवुड सुपरस्टार्स के नामों पर रखे गए थे— जैसे अमिताभ बच्चन के लिए 'अनिताव बच्चन', मनोज कुमार के लिए 'कन्नौज कुमार', शशि कपूर के लिए 'शाही कपूर' और राजेश खन्ना के लिए 'राकेश खन्ना'। इन नामों के जरिए आई.एस. जौहर ने यह कड़ा व्यंग्य किया था कि ये बड़े सितारे आपातकाल और तत्कालीन सत्ता के कथित चाटुकार और समर्थक बने हुए हैं। सरकार को यह स्पूफ इस कदर नागवार गुजरा कि फिल्म पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। जनता पार्टी की सरकार आने पर इसे रिलीज तो किया गया, लेकिन यह व्यावसायिक रूप से सफल नहीं हो सकी। हालांकि, इस फिल्म में कवि हुल्लड़ मुरादाबादी का लिखा और कल्याणजी-आनंदजी द्वारा संगीतबद्ध किया गया गाना क्या मिल गया सरकार इमरजेंसी लगा के... उस दौर में प्रतिरोध का सबसे बड़ा नारा बन गया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 4:18 pm

MLC 2026: टेक्सास सुपर किंग्स ने सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स को 22 रनों से रौंदा, अमशी डी सिल्वा की घातक गेंदबाजी और डायरेक्ट हिट ने पलटा मैच

मेजर लीग क्रिकेट (Major League Cricket - MLC 2026) के रोमांचक सीजन में 'टेक्सास सुपर किंग्स' (Texas Super Kings - TSK) ने अपनी कड़क और अनुशासित गेंदबाजी के दम पर 'सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स' (San Francisco Unicorns - SFU) को 22 रनों से करारी शिकस्त दे दी है। ऑकलैंड कोलिजियम के मैदान पर खेले गए इस टूर्नामेंट के 8वें मुकाबले में टेक्सास सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 161 रनों का एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। जवाब में 162 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स की टीम टेक्सास की घातक गेंदबाजी के आगे टिक नहीं सकी और 17.4 ओवरों में महज 139 रनों पर ही पूरी तरह सिमट गई। इस धमाकेदार जीत के साथ ही टेक्सास सुपर किंग्स ने सीजन में अपनी दूसरी बड़ी जीत दर्ज कर ली है।अमशी डी सिल्वा का तूफान: 4 विकेट और एक हैरतअंगेज रन आउटसैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के खिलाफ इस मुकाबले में 24 साल के युवा तेज गेंदबाज अमशी डी सिल्वा टेक्सास सुपर किंग्स की जीत के सबसे बड़े और चमकीले हीरो बनकर उभरे। 162 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी सैन फ्रांसिस्को की टीम ने शुरुआत तो आक्रामक की थी, लेकिन टेक्सास के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर उन पर दबाव बनाए रखा। खासकर पावरप्ले (शुरुआती 6 ओवर) के भीतर ही यूनिकॉर्न्स ने अपने तीन मुख्य विकेट गंवा दिए।अमशी डी सिल्वा ने अपने कोटे के पहले ही ओवर में खतरनाक बल्लेबाज फिन एलन को आउट कर सैन फ्रांसिस्को को पहला झटका दिया। इसके बाद पारी के पांचवें ओवर में उन्होंने एक बार फिर अपनी आग उगलती गेंदों का जलवा दिखाया और एक ही ओवर में दो और विकेट चटकाकर यूनिकॉर्न्स के टॉप ऑर्डर की कमर पूरी तरह तोड़ दी। डी सिल्वा ने इस मैच में कुल 28 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए।गेंदबाजी के अलावा अमशी डी सिल्वा ने मैदान पर अपनी चीते जैसी फुर्ती से एक ऐसा रन आउट किया, जिसने स्टेडियम में बैठे दर्शकों सहित कमेंटेटर्स को भी दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया। पारी के दौरान संजय कृष्णमूर्ति ने एक शॉट बाउंड्री की तरफ खेला, जहां अमशी डी सिल्वा ने बाउंड्री लाइन पर दौड़ते हुए न सिर्फ गेंद को चौका होने से रोका, बल्कि वहां से बिजली की रफ्तार से एक ऐसा डायरेक्ट हिट (सीधा थ्रो) मारा कि संजय कृष्णमूर्ति को क्रीज पर वापस लौटने का मौका ही नहीं मिला और उन्हें पवेलियन का रास्ता देखना पड़ा। इस घातक ऑलराउंड फील्डिंग और गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए अमशी डी सिल्वा को 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया।कप्तान फाफ डु प्लेसी और डोनावेन फरेरा का बल्ले से धमालइससे पहले, मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टेक्सास सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद ठोस और धमाकेदार रही। कप्तान फाफ डु प्लेसी (Faf du Plessis) और युवा बल्लेबाज साईतेजा मुक्कामुल्ला ने मिलकर पहले विकेट के लिए 72 रनों की मजबूत ओपनिंग पार्टनरशिप की। इस दौरान कप्तान डु प्लेसी बेहद आक्रामक मूड में नजर आए और उन्होंने महज 24 गेंदों का सामना करते हुए 40 रनों की तेज पारी खेली, जिसमें 2 शानदार चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे।सलामी जोड़ी के आउट होने के बाद मध्यक्रम में टेक्सास के कुछ विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए, जिससे टीम एक समय मुश्किल में दिख रही थी। ऐसे नाजुक मौके पर डोनावेन फरेरा ने क्रीज पर आकर मोर्चा संभाला। फरेरा ने आखिरी ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों की रिमांड लेते हुए महज 28 गेंदों में 4 छक्कों की मदद से 45 रनों की तूफानी और नाबाद पारी खेली। फरेरा के इस आखरी धमाके की बदौलत ही टेक्सास सुपर किंग्स निर्धारित 20 ओवरों में 161 रनों के एक सम्मानजनक और फाइटिंग टोटल तक पहुंचने में कामयाब रही, जो बाद में उनकी जीत का मुख्य आधार बना।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 4:17 pm

मुहर्रम और आशूरा: कर्बला की जंग और पैगंबर के नाती की शहादत; जानें इमाम हुसैन की याद में क्यों निकाला जाता है ताजिया

इस्लाम धर्म में मुहर्रम का महीना बेहद पाक और पवित्र माना गया है। पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए इस महीने का एक खास और ऐतिहासिक महत्व है। इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के अनुसार, मुहर्रम का महीना इस्लाम धर्म का पहला महीना होता है, जिसका सीधा मतलब यह है कि इसी पाक महीने से इस्लामिक नववर्ष (New Year) की शुरुआत होती है।लेकिन नए साल की शुरुआत होने के बावजूद इस्लाम में मुहर्रम के शुरुआती 10 दिनों को उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि बेहद गम, शोक और मातम के दिनों के रूप में मनाया जाता है। यह वही समय है जब सदियों पहले इराक के रेगिस्तान 'कर्बला' (Karbala) के मैदान में एक ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाली जंग लड़ी गई थी। इस जंग में पैगंबर मोहम्मद के प्यारे नाती इमाम हुसैन (Imam Hussain) ने हक और इंसानियत की रक्षा के लिए अत्याचारी शासक यजीद की सेना के खिलाफ लड़ते हुए अपने परिवार और 72 साथियों के साथ अपनी जान की अजीम शहादत (कुर्बानी) दी थी।सऊदी अरब और भारत में कब है आशूरा?मुहर्रम के पूरे महीने में सबसे महत्वपूर्ण और खास दिन 'आशूरा' (Ashura) को माना जाता है। आशूरा मुहर्रम महीने की 10वीं तारीख को कहते हैं, जो कि शहादत का मुख्य दिन है। इस साल चांद दिखने के समय में एक दिन का अंतर होने की वजह से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अन्य खाड़ी देशों में आशूरा आज (25 जून, 2026) मनाया जा रहा है। वहीं, भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित उपमहाद्वीप के देशों में आशूरा कल यानी 26 जून, 2026 (शुक्रवार) को पूरी अकीदत और गमगीन माहौल के साथ मनाया जाएगा। इस दिन देश भर में बड़े पैमाने पर ताजिया के जुलूस निकाले जाएंगे।आखिर क्या होता है 'ताजिया' (Tazia)?मुहर्रम के शोक और मातम के दिनों में सबसे प्रमुख और पवित्र प्रतीक 'ताजिया' को माना जाता है। ताजिया महज कोई बांस-कागज का ढांचा या कलाकृति नहीं है, बल्कि यह अपने आप में इस्लामिक इतिहास, बलिदान और अटूट आस्था की एक बहुत लंबी जीवंत कहानी बयां करता है।तकनीकी और धार्मिक रूप से, ताजिया को इराक के कर्बला शहर में स्थित हजरत इमाम हुसैन के पवित्र मकबरे (रोजा या दरगाह) का एक प्रतीकात्मक मॉडल (Replica) माना जाता है। इसे स्थानीय कारीगरों द्वारा बांस की खपच्चियों, रंग-बिरंगे चमकीले कागजों, लकड़ी, कपड़े, कीमती धातुओं और अन्य सजावटी सामानों की मदद से बेहद खूबसूरती और बारीकी से तैयार किया जाता है।आमतौर पर अकीदतमंद लोग इन ताज़ियों को मुहर्रम का चांद दिखने के साथ ही यानी पहली तारीख को या शुरुआती दिनों में बड़े अदब के साथ अपने घरों, सार्वजनिक इमामबाड़ों और अजाखानों (शोक स्थलों) में स्थापित करते हैं। इसके बाद लगातार 9 दिनों तक इनकी देखरेख की जाती है और फिर 10वीं मुहर्रम यानी आशूरा के दिन इन्हें एक विशाल जुलूस के रूप में निकालकर स्थानीय कर्बला या तय स्थानों पर ले जाकर पूरी धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ सुपुर्द-ए-खाक (दफनाया) किया जाता है।मुहर्रम में क्यों निकाला जाता है ताजिया? जानिए इसके पीछे की परंपराभारत के लखनऊ, दिल्ली, हैदराबाद और कानपुर जैसे ऐतिहासिक शहरों में मुहर्रम के दौरान ताजिया निकालने की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसमें हर साल लाखों की संख्या में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग एक साथ शामिल होकर कौमी एकता की मिसाल पेश करते हैं। मुहर्रम के दौरान निभाई जाने वाली लगभग सभी प्रमुख रस्में इसी ताजिया के इर्द-गिर्द घूमती हैं:मजलिस और भावुक यादें: जैसे ही इमामबाड़ों में ताजिया की स्थापना होती है, वहां रोजाना धार्मिक शोक सभाओं (मजलिस) का दौर शुरू हो जाता है। इन मजलिसों में उलेमा और मौलाना साहब कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन और उनके छोटे-छोटे बच्चों पर ढाए गए जुल्मों और उनकी प्यास का जिक्र करते हैं, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो जाती हैं।मातम, नौहा और सबील: जुलूस के दौरान लोग छाती पीटकर 'या हुसैन-या हुसैन' की गूंजती सदाएं लगाते हैं और अपनी अकीदत का इजहार करते हैं। इस दौरान इमाम हुसैन के गम में दर्दभरे मरसिए और नौहे (शोक गीत) पढ़े जाते हैं। राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों के लिए जगह-जगह पानी और शर्बत की 'सबील' (मुफ्त प्याऊ) लगाई जाती है, जो कर्बला में भूखे-प्यासे शहीद हुए लोगों की याद दिलाती है।सामूहिक भागीदारी: समाज के सभी वर्गों के लिए अलग-अलग स्थानों पर शोक कार्यक्रमों का सुचारू आयोजन किया जाता है, जहां महिलाएं और पुरुष पूरी सादगी के साथ काले कपड़े पहनकर इमाम हुसैन को अपना नजराना-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 4:15 pm