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अमेरिकी जहाजों पर ईरान का फिर हमला, 3 दिन में दूसरी बार दागीं मिसाइलें

ईरान ने तीन दिनों में दूसरी बार अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. हालांकि, किसी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा. इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकरों पर हमला किया. इससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है

आज तक 9 Sep 2026 2:23 am

टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव IRCTC में यात्रियों को मिलेंगी ये खास सुविधा!

टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव IRCTC में यात्रियों को मिलेंगी ये खास सुविधा!

अमर उजाला 9 Sep 2026 2:09 am

महाराष्ट्र के गोंदिया में भीषण सड़क हादसा, बोलेरो-ट्रक की भिड़ंत में 6 लोगों की मौत

महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में एक तेज रफ्तार ट्रक और कार की टक्कर में तीन साल के बच्चे समेत छह लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित मध्य प्रदेश के मजदूर थे।

जागरण 9 Sep 2026 2:07 am

सैफ खेल और पाकिस्तान दौरा: भारत की भागीदारी पर खेल मंत्रालय की नीति ही होगी अंतिम फैसला

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान में होने वाले दक्षिण एशियाई महासंघ (सैफ) खेलों, 2027 में भारत की भागीदारी पर कोई भी निर्णय खेल मंत्रालय की हालिया नीति के तहत किया जाएगा।

जागरण 9 Sep 2026 2:04 am

एफिल टॉवर विवाद पर भारत ने जारी किया बयान, कहा- यह पूरी तरह से संबंधित पक्षों के बीच का निजी मामला है

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमें पेरिस क्षेत्र में बीएपीएस संस्था द्वारा एक मंदिर के उद्घाटन की जानकारी है। टावर से संबंधित विशेष मुद्दे के बारे में, यह पूरी तरह से संबंधित संस्थाओं का निजी मामला है।

जागरण 9 Sep 2026 2:01 am

मेटा इंडिया प्रमुख को समन, इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण के विज्ञापनों को लेकर NCPCR सख्त

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने इंटरनेट मीडिया मंच पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से संबंधित सामग्री के विज्ञापनों के मामले में जांच के तहत मेटा इंडिया के प्रबंध निदेशक और प्रमुख को बुधवार को तलब किया है।

जागरण 9 Sep 2026 2:00 am

यूपी में सर्पदंश से मौत पर बवाल, NHRC ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी किया नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश में सर्पदंश से एक युवक की मौत हो जाने के बाद सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किए हैं।

जागरण 9 Sep 2026 2:00 am

कांग्रेस सरकार ने वेल्लारी में भाजपा की रैली को नहीं दी अनुमति, कर्नाटक में गरमाई राजनीति

कर्नाटक के वेल्लारी में प्रशासनिक अधिकारियों ने यहां सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कालेज के मैदान में 10 सितंबर को भाजपा की जनसभा की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

जागरण 9 Sep 2026 2:00 am

भारतीय कंपनी गैलेक्सआई ने रचा इतिहास, ऑप्टोसार तकनीक के लिए अमेरिका में मिला पेटेंट

भारतीय कंपनी गैलेक्सआइ को सेटेलाइट इमेजिंग तकनीक ऑप्टोसार के लिए अमेरिका में पेटेंट मिल गया है। गैलेक्सआइ सेटेलाइट इमेजिंग तकनीक के लिए अमेरिकी पेटेंट पाने वाला पहला भारतीय स्टार्टअप है।

जागरण 9 Sep 2026 2:00 am

'मुस्लिम गरबा देखने आएं तो गलत नहीं', गरबा विवाद पर अमृता फडणवीस की दो टूक

अमृता फडणवीस ने गरबा विवाद पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि गरबा किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं होना चाहिए. मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक को गलत बताया. उन्होंने सभी से मिलकर त्योहार मनाने की अपील की

आज तक 9 Sep 2026 1:55 am

पूर्वोत्तर: महिला नेतृत्व वाले सामुदायिक संगठनों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, चार दिवसीय कार्यशाला शुरू

पूर्वोत्तर: महिला नेतृत्व वाले सामुदायिक संगठनों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, चार दिवसीय कार्यशाला शुरू

अमर उजाला 9 Sep 2026 1:40 am

दिल्ली नहीं, गुजरात में होगा 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह: उद्धव ने सरकार पर साधा निशाना; क्या कहा?

दिल्ली नहीं, गुजरात में होगा 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह: उद्धव ने सरकार पर साधा निशाना; क्या कहा?

अमर उजाला 9 Sep 2026 1:28 am

कोलकाता: भारी बारिश के बीच भूपेन दा को सौ दीयों से नमन, संगीत प्रेमियों ने याद किया

भारत रत्न भूपेन हजारिका की जन्मशती पर टॉलीगंज में अनूठी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान जिस भवन में भूपेन हजारिका ने संगीत साधना की, उसे स्मारक बनाने की मांग की गई।

अमर उजाला 9 Sep 2026 1:26 am

सेफ्टी ऑडिट नहीं, बिजली बिल में खेल...सत्य निकेतन 'हॉस्टल डेथ 2.0' में खुलासा

सत्य निकेतन PG हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इलाके की कई इमारतें जर्जर हैं. आजतक के स्टिंग ऑपरेशन में PG की सुरक्षा व्यवस्था का खुलासा हुआ. ज्यादातर PG में सुरक्षा सर्टिफिकेट नहीं है. सुरक्षा ऑडिट भी नहीं होता. बिजली के कनेक्शन से कमाई का दावा है.

आज तक 9 Sep 2026 1:02 am

डॉक्टरों को लुभाने के खेल को रोकने के लिए केंद्र का बड़ा कदम, समिति बनाने पर हो रहा है काम

केंद्र ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह एक तीन सदस्यीय पैनल का गठन कर रहा है, जो फार्मास्यूटिकल कंपनियों द्वारा डॉक्टरों को लुभाने के लिए अपनाई जाने वाली अनैतिक प्रथाओं यानी कामों को रोकने के लिए सुझाव देगा।

जागरण 9 Sep 2026 12:43 am

फिनटेक फेस्ट में पीएम मोदी ने दिया मंत्र: वैश्विक बने UPI, विदेशों से पैसा भेजना हो और भी सस्ता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए भारत की डिजिटल वित्तीय क्रांति के अगले चरण का एजेंडा सामने रखा।

जागरण 9 Sep 2026 12:40 am

सीआरपीएफ कमांडेंट 3000 किमी दूर अटैच: बताया खुली गिरफ्तारी, राष्ट्रपति से की डीआईजी विजिलेंस की शिकायत

सीआरपीएफ कमांडेंट 3000 किमी दूर अटैच: बताया खुली गिरफ्तारी, राष्ट्रपति से की डीआईजी विजिलेंस की शिकायत

अमर उजाला 9 Sep 2026 12:40 am

पढ़ें 9 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज

Latest and Breaking News - Read today's latest and breaking news in hindi on Amarujala. यहां पढ़ें देश, दुनिया, खेल, मनोरंजन, धर्म, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और आर्थिक जगत की खबरों का लाइव अपडेशन

अमर उजाला 9 Sep 2026 12:40 am

कोलकाता में भूपेन दा को 100 दिये जलाकर संगीत प्रेमियों ने दी सबसे अनूठी श्रद्धांजलि, ऐसे किया याद

कोलकाता में भूपेन दा को 100 दिये जलाकर संगीत प्रेमियों ने दी सबसे अनूठी श्रद्धांजलि, ऐसे किया याद

अमर उजाला 9 Sep 2026 12:40 am

आरोपपत्र में अमेरिकी नागरिक पर यूएपीए नहीं: कांग्रेस ने घेरा, पूछा- सरकार ने अमेरिका के दबाव में लिया फैसला?

आरोपपत्र में अमेरिकी नागरिक पर यूएपीए नहीं: कांग्रेस ने घेरा, पूछा- सरकार ने अमेरिका के दबाव में लिया फैसला?

अमर उजाला 9 Sep 2026 12:40 am

AIM Congress 2026:

मध्य प्रदेश ने AIM कांग्रेस 2026 में MPIDC को विनर एशिया नामित करते हुए, दुबई यात्रा के दौरान ₹53,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस

वन इंडिया 9 Sep 2026 12:31 am

प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड के आरोपियों का एनकाउंटर, दो को लगी गोली

नरेला प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है. रोहिणी सेक्टर-24 में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई. एनकाउंटर में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है. उन्हें इलाज के लिए एडमिट कराया गया है.

आज तक 9 Sep 2026 12:23 am

UN ने नए मैप में अरुणाचल और अक्साई चिन को अलग क्षेत्र दिखाया, भारत ने जताई आपत्ति

संयुक्त राष्ट्र के नए विश्व मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को भारत-चीन के बीच अलग क्षेत्रों के रूप में दिखाए जाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है।

जागरण 9 Sep 2026 12:17 am

पूरे वंदे मातरम के दौरान खड़े रहे उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस ने जारी कर दिया फरमान; क्या कहा

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि यह गीत को सांप्रदायिक रंग दिए जाने से बचाने के लिए सोच-समझकर किया गया फैसला था और आज भी यह खतरा उतना ही वास्तविक है।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Sep 2026 12:17 am

'अत्यधिक और गैर-जरूरी साक्ष्य जटिल बनाते हैं न्याय प्रक्रिया', भ्रष्टाचार के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार के मुकदमों में अत्यधिक और अनावश्यक साक्ष्य न्याय प्रक्रिया को जटिल बनाते हैं। एक 1993 के भ्रष्टाचार मामले में, अदालत ने आर्थिक लाभ साबित न होने पर अपीलकर्ता को बरी कर दिया।

जागरण 9 Sep 2026 12:12 am

सहारा ग्रुप के 20 लाख लंबित दावों का जल्द होगा निपटारा, सहकारिता मंत्रालय ने दी जानकारी

सहारा समूह की चार सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं के रिफंड दावों की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है, जिसमें सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल को दोबारा सक्रिय किया गया है।

जागरण 9 Sep 2026 12:05 am

राजस्थान: आबू में मिला देश का दूसरा सबसे मोटा सफेदा, 150 साल पुरानी है विरासत

राजस्थान की वन संपदा में करीब डेढ़ सदी पुराना एक ऐसा वृक्ष मिला है, जिसने प्रदेश की प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

जागरण 9 Sep 2026 12:03 am

बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में SC की सुनवाई आज, भारी पुलिस बल तैनात

Haldwani Banbhoolpura Railway Case High Alert: बनभूलपुरा रेलवे भूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले हल्द्वानी में हाई अलर्ट. पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च, ड्रोन से रखी जा रही नजर. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

आज तक 9 Sep 2026 12:02 am

चंडीगढ़: नियम तोड़ने पर Uber-Rapido के लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड

Uber और Rapido के कैब एग्रीगेटर लाइसेंस चंडीगढ़ में छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिए हैं. यह कार्रवाई मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियमों के उल्लंघन और ड्राइवरों के बीमा न होने के कारण की गई है. प्रशासन ने कंपनियों को कई नोटिस भेजे और जांच की, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया.

आज तक 8 Sep 2026 11:57 pm

सुप्रीम कोर्ट में पीयरलेस की बड़ी जीत, भगवती डेवलपर्स की अर्जी खारिज; तीन दशक पुराना विवाद खत्म

सुप्रीम कोर्ट ने पीयरलेस जनरल फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड के पक्ष में फैसला सुनाते हुए भगवती डेवलपर्स की अपील खारिज कर दी है।

जागरण 8 Sep 2026 11:56 pm

Rae Bareli पहुंचे Rahul Gandhi, व्यापारियों और वकीलों से मिलकर जानी समस्याएं

रायबरेली (उप्र), आठ सितंबर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान व्यापारियों, वकीलों, फार्मासिस्टों और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा और उन्हें हल करने की कोशिश की जाएगी। एक स्थानीय कांग्रेस नेता ने यह जानकारी दी। कांग्रेस नेता ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार शाम को अपने लोकसभा क्षेत्र रायबरेली पहुंचे और इस दौरान उनका बैंड-बाजे और पुष्प वर्षा के बीच भव्‍य स्‍वागत किया गया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लखनऊ में चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय विमान तल पर उतरने के बाद रायबरेली के लिए रवाना हुए। इस बार उनका काफिला लखनऊ-हैदरगढ़-लाही बॉर्डर होते हुए महराजगंज बाजार से रायबरेली के लिए निकला। महराजगंज चौराहे पर माहौल उत्साह से भर गया। ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। स्थानीय कांग्रेस नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि महराजगंज में गांधी का काफिला कुछ पलों के लिए ही थमा। वह गाड़ी से नीचे नहीं उतरे और गाड़ी में बैठे-बैठे ही उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि कोटवा मदनिया के पास गांधी का काफिला कुछ देर के लिए रुका, जहां पहले से खड़े बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने उन्हें अपनी व्यथा बताई। गांधी ने लोगों की बातों को ध्यान से सुना और उन्‍हें संबल दिया। उन्होंने बताया कि वहां से महराजगंज होते हुए गांधी का काफिला जिला मुख्यालय पहुंचा। शहर में प्रभु टाउन में गांधी ने व्यापारियों के साथ बैठक की और उनकी समस्याओं को जाना। भुएमऊ अतिथि गृह में प्रतिनिधि मंडलों के साथ बैठक कर समस्याएं सुनीं। गांधी इस दौरान अधिवक्ताओं से भी मिले और उनकी समस्याओं के निदान के लिए भरोसा दिया। प्रभू टाउन स्थिति बच्चू त्रिवेदी के आवास पर व्यापारियों के साथ सांसद राहुल गांधी ने काफी देर तक संवाद किया। ‘सेंट्रल बार एसोसिएशन’ के अध्यक्ष सुरेश चंद यादव, महामंत्री संजय सिंह, सुनील सिंह भदौरिया समेत अन्य ने मुलाकात की। इस बीच, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने बताया कि रायबरेली के प्रभु टाउन में राहुल गांधी के आने पर ‘‘व्यापारियों की आवाज-राहुल गांधी जी के साथ’’ जैसे नारे लगे। गांधी ने स्थानीय व्यापारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान अमेठी से सांसद किशोरी लाल शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के हित, सम्मान और अधिकारों के लिए राहुल गांधी सदैव प्रतिबद्ध हैं। कांग्रेस नेता ने बताया कि गांधी के बुधवार शाम लखनऊ होते हुए दिल्ली के लिए रवाना होने का कार्यक्रम है।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 11:52 pm

छह महीने की वॉर्निंग, नहीं सुधरे तो उबर, रैपिडो के लाइसेंस कैंसिल; क्यों हुआ ऐक्शन

चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के मोटर वाहन नियमों का लगातार उल्लंघन करने के चलते उबर और रैपिडो के लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिए हैं। यह निलंबन 8 सितंबर से लागू हो गया।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 11:49 pm

शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने पर सर्वदलीय बैठक के सदस्यों ने केशव प्रसाद मौर्य का आभार जताया

आज विधानसभा कक्ष संख्या-77 में नेता सदन, विधान परिषद एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं वित्त विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सर्वदलीय बैठक आहूत की गयी जिसमें प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मंत्री उच्‍च शिक्षा योगेन्‍द्र उपाध्‍याय, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माध्‍यमिक शिक्षा श्रीमती गुलाब देवी जी, विधान परिषद नेता विरोधी दल श्री लाल बिहारी यादव, माननीय विधान परिषद सदस्य श्री राजबहादुर सिंह चन्देल, डा. आकाश अग्रवाल, श्री ध्रुव कुमार त्रिपाठी, डा. बाबू लाल तिवारी, श्री साकेत मिश्रा, डा. मान सिंह यादव, डा. आशुतोष सिन्हा सहित अन्य माननीय सदस्य सदस्यों के साथ बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा एवं वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों तथा अन्य कार्मिकों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदस्यों द्वारा अपने सुझाव एवं विचार रखे गए। सदस्यों ने शिक्षकों एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न वर्गों की समस्याओं, उनकी सुविधाओं तथा उनके हितों से जुड़े विषयों पर सरकार के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की भी चर्चा हुई। विशेष रूप से शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों के साथ-साथ एडेड एवं सेल्फ फाइनेंस संस्थानों, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने के निर्णय का स्वागत किया गया।बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा समाज कल्याण विभाग, श्रम विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किया जा रहा है। सरकार के इस निर्णय को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े व्यापक वर्ग के हित में महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी कदम बताते हुए बैठक में उपस्थित सभी माननीय सदस्यों ने प्रदेश सरकार के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। माननीय सदस्यों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए केवल विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना ही आवश्यक नहीं है, बल्कि शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कार्मिक के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। इस दिशा में कैशलेस चिकित्सा सुविधा का विस्तार शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है। बैठक में शिक्षा विभागों से संबंधित विभिन्न विषयों पर सर्वदलीय विचार-विमर्श को सकारात्मक एवं रचनात्मक बताते हुए सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं सुदृढ़ बनाने के लिए आपसी संवाद एवं सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में प्राप्त सुझावों एवं विचारों पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही किए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक के दौरान उपस्थित माननीय सदस्यों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच विभिन्न विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में विस्तृत चर्चा हुई। सभी पक्षों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े कार्मिकों के हितों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 11:44 pm

Gujarat Assembly के मानसून सत्र में पेश होंगे 9 अहम Bills, 11 सितंबर तक चलेगी कार्यवाही

अहमदाबाद, आठ सितंबर गांधीनगर में नौ सितंबर से शुरू हो रहे गुजरात विधानसभा के तीन दिवसीय मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा चर्चा और मंजूरी के लिए नौ विधेयक पेश किये जाने की उम्मीद है। राज्य सरकार की ओर से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि 11 सितंबर को समाप्त होने वाले इस सत्र के दौरान विधेयक पेश किए जाएंगे और पारित किए जाएंगे तथा सदन में सरकारी कामकाज और कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) द्वारा मंजूर अन्य विषयों पर चर्चा होगी। राज्य के कृषि मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघाणी ने कहा कि संक्षिप्त सत्र के दौरान सदन में ‘‘करीब नौ विधेयक’’ पेश किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इनमें गुजरात कृषि विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, प्राकृतिक कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, गुजरात किराया विधेयक और गुजरात पशु आहार, कुक्कुट आहार और खनिज मिश्रण (उत्पादन, भंडारण, वितरण, बिक्री एवं गुणवत्ता नियंत्रण के विनियमन) विधेयक शामिल हैं। बुधवार को सत्र के पहले दिन हाल के महीनों में दिवंगत हुए पांच पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि देने के साथ कार्यवाही शुरू होगी। इनमें वरिष्ठ विधायक योगेश पटेल और मोहनसिंह राठवा भी शामिल हैं। सरकार ने कहा कि सत्र के दौरान बीएसी द्वारा मंजूर अन्य विषयों पर भी चर्चा होगी। बीएसी सदन में विधेयकों और अन्य विधायी कामकाज के लिए समय-सारिणी तथा समय आवंटन की सिफारिश करने वाली महत्वपूर्ण समिति है।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 11:43 pm

बाढ़ के बाद भूकंप के झटके से थर्राई नेपाल की धरती

बाढ़ से जूझ रहे नेपाल में मंगलवार रात 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने इसकी जानकारी दी। यह भूकंप तिब्बत में कुछ घंटे पहले आए 5.3 तीव्रता के भूकंप के बाद दर्ज किया गया। पिछले गुरुवार को भी तिब्बत में 5.0 तीव्रता का ...

वेब दुनिया 8 Sep 2026 11:43 pm

बेंगलुरु में अमेजन और इंस्टामार्ट के डार्क स्टोर्स पर छापा, 1.38 करोड़ के एक्सपायर फूड प्रोडक्ट्स और दवाएं सीज

बेंगलुरु में अमेजन और इंस्टामार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के डार्क स्टोर्स पर छापेमारी कर 1.38 करोड़ रुपये के एक्सपायर और गलत लेबल वाले उत्पाद जब्त किए गए।

जागरण 8 Sep 2026 11:37 pm

नए कानून के तहत ट्रिब्यूनल के 248 सदस्यों का बढ़ाया गया कार्यकाल, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम, 2026 के तहत 248 न्यायाधिकरण सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाया जा रहा है।

जागरण 8 Sep 2026 11:37 pm

Punjab में नशा तस्करी पर सवाल उठाने वाले ग्रामीण की मौत, Harpal Cheema पर FIR की मांग

चंडीगढ़/नयी दिल्ली, आठ सितंबर पंजाब में मादक पदार्थों की समस्या मंगलवार को उस समय एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने एक ग्रामीण की कथित आत्महत्या को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को घेरा। ग्रामीण ने अपनी मौत से पहले के कथित वीडियो में कहा था कि ‘चिट्टे’ की तस्करी बेरोकटोक जारी है और उसने राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से भी इस मुद्दे पर सवाल किया था। संगरूर जिले के दिड़बा निवासी गुलजार सिंह (47) की सोमवार रात कथित तौर पर जहर खाने के बाद मौत हो गई। उसके परिवार ने कहा कि गुलजार ने छह सितंबर को दिड़बा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति को लेकर चीमा से सवाल किया था। गुलजार सिंह का मंगलवार शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। गुलजार सिंह के परिवार की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गुलजार सिंह के आखिरी पलों का एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह वित्त मंत्री हरपाल चीमा से अपने क्षेत्र में मादक पदार्थों की उपलब्धता को लेकर सवाल करते दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह कथित रूप से कहता है कि उसकी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होगा। गुलजार ने वीडियो में यह भी स्वीकार किया कि उसका बेटा भी नशा करता है। गुलजार सिंह का भावुक वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) समेत विपक्षी दलों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को घेरा और हरपाल चीमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। यह मामला दिल्ली तक पहुंच गया, जहां भाजपा और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा वित्त मंत्री हरपाल चीमा के इस्तीफे की मांग की। दोनों दलों ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। आम आदमी पार्टी (आप) ने हालांकि भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए एक मौत का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। गुलजार सिंह की मौत ही राज्य में एकमात्र मुद्दा नहीं है। नशे के मुद्दे पर ‘आप’ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने और काले झंडे दिखाने के आरोप में संगरूर के ही एक अन्य ग्रामीण के कथित हिरासत में उत्पीड़न को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा गया। भाजपा की पंजाब इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर संगरूर के एक ग्रामीण की संदिग्ध आत्महत्या मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने की मांग की। भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पार्टी नेताओं सुभाष शर्मा, राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, परमिंदर सिंह बराड़ और विनीत जोशी ने राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने दोनों मामलों की जांच कराने की मांग की और इन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की। पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने नयी दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के संबंध में मान और चीमा के इस्तीफे की मांग की। भाटिया ने कहा, ‘‘चीमा जब उसके गांव के दौरे पर आए थे तब गुलजार सिंह ने मादक पदार्थों की समस्या का मुद्दा उठाया था। सिंह ने चीमा को बताया कि उसका बेटा ‘चिट्टा’ लेता है और उसने मंत्री से इसकी तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह किया था।’’भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मंत्री के जाने के बाद गांव का सरपंच एवं ‘आप’ नेता गुलजार सिंह के घर गया और उससे अपनी टिप्पणी के लिए मंत्री से माफी मांगने को कहा।’’भाजपा प्रवक्ता ने संवाददाता सम्मेलन में एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि अस्पताल में मौत से पहले गुलजार सिंह ने पूरा घटनाक्रम बताया था और चीमा के सामने मादक पदार्थों का मुद्दा उठाने पर उसे धमकाने वाले लोगों के नाम भी लिए थे। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि पंजाब में सत्तारूढ़ पार्टी ‘‘गैंगस्टर पार्टी’’ बन गई है। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर, 2016 में नाभा जेल से भागने के मुख्य आरोपियों में से एक गुरप्रीत सिंह सेखों के दो दिन पहले ‘आप’ में शामिल होने की ओर इशारा किया। कांग्रेस ने भी भाजपा के सुर में सुर मिलाते हुए ‘आप’ सरकार को घेरा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि गुलजार सिंह पर सच बोलने के लिए माफी मांगने का दबाव बनाया गया था। उन्होंने कहा कि मृतक पिता ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनकी मौत के लिए मंत्री चीमा जिम्मेदार हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर आप सरकार नशा माफियाओं से नहीं मिली है तो संबंधित मंत्री की तुरंत बर्खास्तगी होनी चाहिए।’’उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सत्ता के अहंकार में आप नेता भूल गए हैं कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है। यह शर्मनाक है कि जो सरकार नशे को पूरी तरह खत्म करने के वादे के साथ आई थी, वह आज सवाल पूछने वालों की बलि ले रही है।’’रमेश ने कुछ दिन पहले पंजाब पुलिस द्वारा एक नौजवान मोहनजीत शेरों को कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शेरों ने नशे के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम में विरोध किया था। कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘जनता सब देख रही है। हर जुल्म और अहंकार का हिसाब देना ही होगा।’’कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा, “उन्हें (गुलजार सिंह को) इतना अधिक परेशान किया गया और दबाव बनाया गया कि आखिरकार उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया।”कानून-व्यवस्था की कथित बिगड़ती स्थिति और नशे के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन को चंडीगढ़ पुलिस ने रोक दिया। प्रदर्शनकारी जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि गुलजार को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘दिड़बा के गुलजार सिंह ने हरपाल चीमा से मादक पदार्थ की समस्या के बारे में एक सवाल पूछा था, और आरोप है कि उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया गया।’’उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने एक जनसभा में हरपाल चीमा से उनके बेटे की मादक पदार्थ की लत के बारे में सवाल किया था और पूछा था कि इस समस्या को खत्म करने के लिए क्या किया जा रहा है। इसके बाद, उन्हें कथित तौर पर ऐसी हालत में पहुंचा दिया गया कि उन्हें सल्फास (कीटनाशक) खाने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’‘आप’ ने कहा कि पंजाब में विपक्षी दल बेहद असंवेदनशील तरीके से राजनीति कर रहे हैं और ये राजनीतिक दल हर घटना को सियासी मुद्दा बनाने में जुट जाते हैं। ‘आप’ की पंजाब इकाई के महासचिव बलतेज पन्नू ने एक वीडियो संदेश में कहा कि पंजाब एक संवेदनशील राज्य है और किसी व्यक्ति की मौत व उसके परिवार के दुख से जुड़े मामलों में राजनीतिक दलों, खासकर विपक्ष से अधिक संवेदनशीलता की उम्मीद की जाती है। ‘आप’ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि जब कोई व्यक्ति किसी मंत्री के पास जाकर अपनी समस्या रखता है तो यह दिखाता है कि उसे उस सरकार पर भरोसा है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग, गुलजार सिंह के परिवार में मातम पसरा है। गुलजार के बेटे लखविंदर सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि जब पुलिस पूछताछ के लिए उनके घर आई थी, तो आरोपियों ने उनके पिता का अपमान किया और उन पर जातिसूचक टिप्पणियां कीं। प्राथमिकी के मुताबिक, गुलजार के परिवार की शिकायत पर पांच ग्रामीणों -- बलजीत सिंह, सुखदेव सिंह, विक्की सिंह, गोना सिंह और बलजिंदर कौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, बलजीत ने सात सितंबर को पंचायत की मौजूदगी में माफी मांगने के लिए गुलजार सिंह को अपने घर बुलाया था। प्राथमिकी में बताया गया कि गुलजार अपमान सहन नहीं कर पाए और उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। लखविंदर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी और पुलिस की कार्रवाई से परिवार संतुष्ट है। गुलजार के भतीजे करणवीर सिंह ने बताया कि जब उन्होंने चीमा के सामने यह मुद्दा उठाया, तो गांव के कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया। करणवीर ने कहा, ‘‘हमें न्याय चाहिए।’’कथित वीडियो में गुलजार सिंह को चीमा से उनके इलाके में मादक पदार्थ की उपलब्धता के बारे में सवाल करते हुए सुना जा सकता है। गुलजार को यह कहते हुए सुना गया, ‘‘मेरी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होंगे। मैंने चिट्टा के बारे में सवाल किया था। मेरा बेटा इसका सेवन करता है। सब कुछ बिकता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘चिट्टा बंद नहीं हुआ है।’’गुलजार को पहले संगरूर के सिविल अस्पताल ले जाया गया और बाद में पटियाला के राजेंद्र अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद उन्हें वापस संगरूर लाकर वहां के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, और फिर लुधियाना के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां सोमवार रात उनकी मौत हो गई।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 11:32 pm

NCW कार्यशाला में हिंदी को लेकर हंगामा, भाषा समझ न आने पर बाहर निकलीं केरलम की महिला विधायक

केरलम की महिला विधायक राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यशाला से बाहर निकल गईं क्योंकि कार्यक्रम मुख्य रूप से हिंदी में था, जिसे वे समझ नहीं पा रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-हिंदी भाषी प्रतिभागियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई और उन्हें हिंदी भाषी विधायकों से विरोध का सामना करना पड़ा।

जागरण 8 Sep 2026 11:31 pm

बैंक लॉकर में रखे करोड़ों के जेवर चोरी होने पर क्या सचमुच पूरा पैसा लौटाता है बैंक?

भारत के अमूमन हर शहर और कस्बे में शादी-ब्याह के पुश्तैनी गहने, सोने के सिक्के और जमीन-जायदाद के अहम दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए बैंक लॉकर को सबसे अभेद्य ठिकाना माना जाता है। आम ग्राहक यह मानकर चलते हैं कि घर की अलमारी के मुकाबले बैंक की कंक्रीट की मजबूत दीवारें, लोहे के भारी दरवाजे और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में उनकी जीवनभर की जमा-पूंजी पूरी तरह सुरक्षित है। किंतु यदि किसी दिन बैंक में कोई बड़ी डकैती हो जाए, सुरंग बनाकर सेंधमारी हो जाए या बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से आपके लॉकर का ताला तोड़कर जेवर गायब कर दिए जाएं, तो क्या बैंक आपको आभूषणों की पाई-पाई लौटाएगा?अधिकांश खाताधारकों का सहज उत्तर 'हां' होता है, जबकि वास्तविक कानूनी स्थिति और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आधिकारिक नियम इसके बिल्कुल विपरीत हैं। सीधा और सटीक उत्तर यह है कि बैंक लॉकर से ज्वेलरी चोरी होने पर बैंक आपको आपके गहनों का पूरा बाजार मूल्य कभी नहीं चुकाता। रिज़र्व बैंक के वैधानिक नियमों के तहत बैंक न तो लॉकर के अंदर रखे सामान का बीमा कराते हैं और न ही वे अज्ञात संपत्ति के 100 फीसदी नुकसान की भरपाई करने के लिए कानूनन बाध्य हैं। इस पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक का एक खास फॉर्मूला काम करता है, जिसे हर लॉकर धारक को बारीकी से समझना आवश्यक है।आरबीआई का 100 गुना मुआवजा फॉर्मूला: चोरी होने पर बैंक से कितना पैसा मिलेगा?सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्देशों के बाद भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंक लॉकर प्रबंधन को लेकर संशोधित दिशानिर्देश लागू किए थे। इन नियमों के तहत बैंकों को अपनी प्राथमिक सुरक्षा जिम्मेदारियों से बचने की छूट नहीं है। यदि बैंक परिसर के भीतर चोरी, डकैती, सेंधमारी, आग लगने, भवन ढहने या बैंक कर्मचारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी व घोर लापरवाही के कारण लॉकर में रखे सामान को क्षति पहुंचती है, तो बैंक अपनी जवाबदेही से पल्ला नहीं झाड़ सकता।हालांकि, यहां बैंक की आर्थिक देनदारी असीमित नहीं होती। आरबीआई के नियमों के अनुसार, ऐसी किसी भी अप्रिय घटना में बैंक की अधिकतम देनदारी उस लॉकर के मौजूदा वार्षिक किराए के केवल 100 गुना (100 times annual locker rent) तक ही सीमित होगी।इसे एक आसान गणितीय उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए आप दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना या जयपुर की किसी स्थानीय बैंक शाखा में 2,500 रुपये सालाना किराए वाला मध्यम आकार का लॉकर इस्तेमाल करते हैं। यदि उस शाखा में भीषण चोरी हो जाती है और आपके लॉकर से 50 लाख रुपये के सोने-हीरे के जेवर गायब हो जाते हैं, तो बैंक कानूनी रूप से आपको केवल:2,500 100 = 2,50,000 रुपये (ढाई लाख रुपये)का ही मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है। बाकी बचे 47.5 लाख रुपये का सीधा नुकसान पूरी तरह से ग्राहक का अपना होगा। इसी प्रकार, यदि आपके लॉकर का वार्षिक किराया 1,500 रुपये है, तो बैंक अधिकतम 1.5 लाख रुपये ही देगा, भले ही लॉकर के भीतर 5 करोड़ रुपये का सोना क्यों न रखा गया हो। 100 गुना किराए की सीमा से 1 रुपया भी अधिक देने के लिए बैंक बाध्य नहीं है।प्राकृतिक आपदा या 'एक्ट ऑफ गॉड' की स्थिति में बैंक की देनदारी शून्ययदि चोरी या नुकसान की वजह कोई प्राकृतिक विपदा हो, तो बैंक की जिम्मेदारी शून्य हो जाती है। आरबीआई की आधिकारिक नियमावली में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि 'एक्ट ऑफ गॉड' (Act of God) की श्रेणी में आने वाली आपदाओं के लिए बैंक किसी भी प्रकार का हर्जाना देने के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।यदि भीषण भूकंप, बाढ़, आकाशीय बिजली गिरने, चक्रवाती तूफान, बादल फटने या किसी अप्रत्याशित सैन्य संघर्ष व दंगों के कारण बैंक की शाखा क्षतिग्रस्त हो जाती है और स्ट्रॉन्ग रूम में पानी भरने या मलबा गिरने से लॉकर नष्ट हो जाता है, तो बैंक ग्राहक को एक भी रुपया मुआवजा नहीं देगा। नियम यह स्पष्ट करता है कि यदि बैंक ने अपने परिसर की सुरक्षा के लिए सामान्य और वाजिब एहतियाती उपाय किए थे, तो प्राकृतिक व दैवीय आपदाओं से हुए नुकसान का सारा वित्तीय जोखिम स्वयं लॉकर धारक का ही माना जाएगा।बैंक और ग्राहक का कानूनी रिश्ता: क्यों बैंक नहीं जानता कि लॉकर में क्या रखा है?अक्सर ग्राहकों के मन में यह सवाल उठता है कि जब बैंक होम लोन या कार लोन देते समय संपत्ति का बीमा अनिवार्य रूप से कराते हैं, तो वे लॉकर में रखे जेवरात का बीमा खुद क्यों नहीं करते? इसके पीछे बैंकिंग विधि और ग्राहक की वित्तीय गोपनीयता का मूलभूत सिद्धांत काम करता है।कानूनी रूप से बैंक और लॉकर धारक के बीच का संबंध 'मालिक और किरायेदार' (Lessor and Lessee) जैसा होता है, न कि 'अमानतदार और अमानत रखने वाले' (Bailor and Bailee) जैसा। जब आप बैंक लॉकर में कोई सामान रखते हैं, तो बैंक के किसी भी अधिकारी को यह देखने या पूछने का कानूनी अधिकार नहीं होता कि आपने अंदर क्या रखा है। लॉकर की दो अलग-अलग चाबियां होती हैं—एक मास्टर की (Master Key) जो बैंक मैनेजर के पास होती है और दूसरी कस्टमर की (Customer Key) जो केवल ग्राहक के पास रहती है। दोनों चाबियों के एक साथ लगने पर ही लॉकर खुलता है, जिसके बाद बैंक कर्मचारी केबिन से बाहर चला जाता है।चूंकि बैंक के पास लॉकर में रखी सामग्री की कोई आधिकारिक सूची (इनवेंटरी) या प्रमाणित मूल्य दर्ज नहीं होता, इसलिए कोई भी साधारण बीमा कंपनी बिना पूर्व-सत्यापन और घोषित मूल्य के अज्ञात संपत्ति का सामूहिक बीमा नहीं कर सकती। बैंक केवल सुरक्षा कक्ष की जगह किराए पर देता है, वह अंदर रखी सामग्री का कानूनी संरक्षक नहीं बनता।अपने कीमती जेवरातों का 100% रिफंड सुनिश्चित करने के अचूक तरीकेयदि आप बैंक लॉकर में रखे अपने सोने-चांदी के गहनों को शत-प्रतिशत वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करना चाहते हैं, तो बैंक के भरोसे रहने के बजाय आपको स्वयं सक्रिय वित्तीय कदम उठाने होंगे:स्टैंडअलोन बैंक लॉकर इंश्योरेंस पॉलिसी लें: देश की अग्रणी गैर-जीवन बीमा कंपनियां (जनरल इंश्योरेंस कंपनियां) अब विशेष 'बैंक लॉकर इंश्योरेंस कवर' या होम इंश्योरेंस के तहत 'लॉकर वैल्युएबल्स ऐड-ऑन' उपलब्ध कराती हैं। इस पॉलिसी को लेते समय आपको किसी सरकारी मान्यता प्राप्त वैल्यूअर (Government Approved Valuer) से अपने आभूषणों का वैल्यूएशन सर्टिफिकेट और हॉलमार्क बिल संलग्न करना होता है। यदि आपने 40 लाख या 60 लाख रुपये का सम-इंश्योर्ड लिया है, तो किसी भी अनहोनी की स्थिति में बीमा कंपनी मूल्यांकित राशि का पूर्ण भुगतान करती है।हॉलमार्क बिल और डिजिटल फोटोग्राफ सुरक्षित रखें: जब भी आप नए जेवर खरीदें, उनके पक्के जीएसटी इनवॉइस, हॉलमार्किंग यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर और स्पष्ट रंगीन तस्वीरें अपने पास किसी सुरक्षित क्लाउड ड्राइव या पेन ड्राइव में अलग से रखें।लॉकर इनवेंटरी डायरी बनाएं: जब भी आप लॉकर में कोई नया आभूषण रखें या घर के किसी समारोह के लिए निकालें, तो अपनी निजी डायरी में तारीख, आभूषण का प्रकार और वजन अनिवार्य रूप से दर्ज करें। यह दस्तावेज किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस विवेचना और उपभोक्ता अदालत के समक्ष आपके दावे को पुख्ता आधार प्रदान करता है।नए आरबीआई नियमों से ग्राहकों को मिले कड़े सुरक्षा अधिकारबैंकों की मनमानी रोकने और सुरक्षा तंत्र को पारदर्शी बनाने के लिए रिज़र्व बैंक ने प्रत्येक सार्वजनिक, निजी और ग्रामीण बैंक शाखा के लिए कई अनिवार्य परिचालन मानक तय किए हैं:तात्कालिक एसएमएस और ईमेल सूचना: जब भी आपका लॉकर खोला या बंद किया जाएगा, बैंक को उसी क्षण आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पते पर एसएमएस अलर्ट भेजना अनिवार्य है। यदि आपने लॉकर नहीं खोला है और संदेश प्राप्त होता है, तो तुरंत बैंक और पुलिस को सतर्क किया जा सकता है।180 दिनों की सीसीटीवी फुटेज अनिवार्य: बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम और लॉकर एरिया के प्रवेश व निकास द्वारों पर उच्च क्षमता वाले नाइट-विजन सीसीटीवी कैमरे लगे होना अनिवार्य है। बैंक प्रबंधन को इस सीसीटीवी फुटेज का बैकअप कम से कम 180 दिनों (6 महीने) तक सुरक्षित रखना ही होगा, ताकि किसी भी चोरी या छेड़छाड़ की जांच में साक्ष्य नष्ट न किए जा सकें।पारदर्शी वेटिंग लिस्ट: कोई भी बैंक शाखा किसी स्थानीय नागरिक को मनमाने ढंग से यह कहकर लॉकर देने से मना नहीं कर सकती कि लॉकर खाली नहीं हैं। प्रत्येक शाखा को लॉकर आवंटन के लिए एक पारदर्शी प्रतीक्षा सूची (Waitlist) मेंटेन करनी होती है और ग्राहक को उसका टोकन नंबर जारी करना होता है।यदि लॉकर से जेवर चोरी हो जाएं तो तुरंत क्या कानूनी कार्रवाई करें?यदि दुर्भाग्यवश आपकी बैंक शाखा में डकैती, सेंधमारी या लॉकर कटने की घटना घटती है, तो घबराने के बजाय तत्काल ठोस कानूनी प्रक्रिया अपनाएं:सर्वप्रथम शाखा प्रबंधक को तत्काल औपचारिक लिखित शिकायत सौंपें और उस पत्र पर बैंक की मुहर व हस्ताक्षर सहित रिसीविंग कॉपी अनिवार्य रूप से अपने पास रखें।संबंधित स्थानीय पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराएं और एफआईआर की प्रमाणित प्रति प्राप्त करें।बैंक प्रबंधन से घटना के दिन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, स्ट्रॉन्ग रूम लॉग-बुक और लॉकर एक्सेस रजिस्टर को सुरक्षित रखने का औपचारिक कानूनी नोटिस जारी करवाएं।यदि बैंक अपनी सुरक्षा खामी स्वीकार करने में आनाकानी करता है या 100 गुना किराया मुआवजा देने में टालमटोल करता है, तो आप 30 दिनों के भीतर आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।इसके अतिरिक्त, सेवा में घोर लापरवाही (Deficiency in Service) के आधार पर जिला या राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (Consumer Forum) में परिवाद दाखिल किया जा सकता है। भारतीय उपभोक्ता अदालतों ने कई मामलों में बैंक की सुरक्षा खामी उजागर होने पर पीड़ितों को 100 गुना की सीमा से परे जाकर वास्तविक नुकसान और मानसिक प्रताड़ना का भारी हर्जाना चुकाने का ऐतिहासिक फैसला भी सुनाया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 11:29 pm

बुलेट ट्रेन का काउंटडाउन शुरू: अगले साल मई-जून में होगा ट्रायल, 90 मिनट में मुंबई से पहुंचेंगे वडोदरा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का परीक्षण अगले साल मई-जून में शुरू होगा और इसके 2-4 महीने बाद यह आम जनता के लिए उपलब्ध होगी।

जागरण 8 Sep 2026 11:29 pm

SWP Magic: ₹1 करोड़ जमा कर पाएं ₹1 लाख मासिक 'पेंशन', 10 साल बाद भी खाली नहीं होगा फंड; समझें पूरा गणित

नौकरीपेशा और स्वरोजगार से जुड़े हर भारतीय के मन में एक सवाल हमेशा रहता है कि रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक तय इनकम कैसे आएगी। पारंपरिक रूप से लोग बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) या सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) की तरफ रुख करते हैं। गिरती ब्याज दरों और बढ़ती महंगाई के दौर में फिक्स्ड डिपॉजिट से मिलने वाला वास्तविक रिटर्न महंगाई को मात देने में नाकाम साबित हो रहा है। ऐसे में सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान यानी SWP एक आधुनिक, लचीला और टैक्स-फ्रेंडली विकल्प बनकर उभरा है।सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान म्यूचुअल फंड का एक ऐसा फीचर है जो निवेशक को अपनी जमा पूंजी से एक निश्चित अंतराल पर तय रकम निकालने की सुविधा देता है। यह रकम मासिक, तिमाही या वार्षिक आधार पर सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट होती रहती है। सबसे बड़ी खूबी यह है कि आप जितनी रकम निकालते हैं, केवल उतने यूनिट्स बेचे जाते हैं, जबकि शेष यूनिट्स बाजार में निवेशित रहकर कंपाउंडिंग का लाभ उठाते रहते हैं।₹1 करोड़ के फंड पर ₹1 लाख महीना: कैसे काम करता है 10 साल का गणित?यदि किसी निवेशक के पास रिटायरमेंट, प्रॉपर्टी बिक्री या ईपीएफ-ग्रेच्युटी से ₹1 करोड़ का एकमुश्त कॉर्पस तैयार हुआ है, तो वह हर महीने ₹1 लाख यानी सालाना ₹12 लाख की निकासी की योजना बना सकता है। आम तौर पर ₹1 करोड़ पर सालाना ₹12 लाख की निकासी 12% का विड्रॉल रेट बनाती है। पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम में 12% की निकासी का मतलब है कि मूल पूंजी कुछ ही वर्षों में समाप्त हो जाएगी, लेकिन सही एसेट एलोकेशन वाले म्यूचुअल फंड में तस्वीर अलग हो सकती है।यदि आपका ₹1 करोड़ का फंड हाइब्रिड या डायवर्सिफाइड इक्विटी ओरिएंटेड फंड में निवेशित है और वह सालाना औसतन 12% से 13% का रिटर्न देने में सक्षम रहता है, तो पोर्टफोलियो का रिटर्न आपकी निकासी की भरपाई करता रहेगा। उदाहरण के तौर पर, 12% वार्षिक अनुमानित रिटर्न की स्थिति में ₹1 करोड़ का फंड हर साल लगभग ₹12 लाख की संपत्ति उत्पन्न करेगा, जिसे आप ₹1 लाख महीने की पेंशन के रूप में निकाल लेंगे। इसके चलते 10 साल तक हर महीने ₹1 लाख (कुल ₹1.20 करोड़) निकालने के बावजूद आपका मूल ₹1 करोड़ का कॉपर्स सुरक्षित या उससे अधिक बना रह सकता है।बैंक एफडी बनाम म्यूचुअल फंड एसडब्ल्यूपी: टैक्स और वेल्थ प्रोटेक्शन का अंतरबैंक एफडी में मिलने वाला संपूर्ण ब्याज निवेशक के इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है, यानी 30% स्लैब वाले निवेशक का शुद्ध रिटर्न बेहद कम हो जाता है। इसके विपरीत, एसडब्ल्यूपी के तहत की जाने वाली प्रत्येक निकासी में मूलधन (Capital) और पूंजीगत लाभ (Capital Gain) दोनों का आनुपातिक हिस्सा शामिल होता है। टैक्स केवल लाभ वाले हिस्से पर ही लागू होता है, पूरी निकासी पर नहीं।इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स में 12 महीने से अधिक होल्डिंग पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) लागू होता है। इसमें एक वित्त वर्ष के दौरान ₹1.25 लाख तक का पूंजीगत लाभ पूरी तरह कर-मुक्त होता है और उससे अधिक के लाभ पर केवल 12.5% की रियायती दर से टैक्स लगता है। यही कारण है कि उच्च टैक्स ब्रैकेट में आने वाले निवेशकों के लिए एसडब्ल्यूपी बैंक एफडी की तुलना में इन-हैंड रिटर्न को काफी बढ़ा देता है।बाजार का उतार-चढ़ाव और 8% का सुरक्षित विड्रॉल नियमशेयर बाजार में उतार-चढ़ाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। 12% का फ्लैट विड्रॉल रेट केवल तभी आदर्श रूप से काम करता है जब बाजार में लगातार सकारात्मक रिटर्न मिले। यदि निवेश के शुरुआती 2-3 वर्षों में ही बाजार में भारी गिरावट आती है, तो इसे 'सीक्वेंस ऑफ रिटर्न्स रिस्क' कहा जाता है। मंदी के दौर में ऊंची निकासी करने से यूनिट्स तेजी से घटते हैं, जिससे पोर्टफोलियो की रिकवरी क्षमता प्रभावित हो सकती है।फाइनेंशियल प्लानर्स हमेशा यह सलाह देते हैं कि अत्यधिक आक्रामक निकासी दर रखने के बजाय कंजर्वेटिव या बैलेंस्ड विड्रॉल रेट अपनाना चाहिए। ₹1 करोड़ के कॉर्पस पर ₹65,000 से ₹75,000 (लगभग 8% से 9%) प्रति माह की निकासी दीर्घकालिक नजरिए से जोखिम-मुक्त मानी जाती है। इससे न केवल हर महीने सम्मानजनक पेंशन मिलती रहती है, बल्कि समय के साथ ₹1 करोड़ का मूल फंड बढ़कर ₹1.5 करोड़ या ₹2 करोड़ तक पहुंच सकता है, जो भविष्य की महंगाई से लड़ने में मदद करता है।सुरक्षित एसडब्ल्यूपी के लिए सही फंड का चयन और निवेश रणनीति₹1 करोड़ का सुरक्षित एसडब्ल्यूपी प्लान तैयार करने के लिए पूरा पैसा कभी भी स्मॉलकैप या बहुत ज्यादा वोलेटाइल सेक्टोरल फंड में नहीं लगाना चाहिए। समझदारी भरा कदम यह है कि आप बैलेंस्ड एडवांटेज फंड (BAF), मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड या लार्ज-कैप ओरिएंटेड हाइब्रिड फंड्स का चयन करें। ये फंड्स इक्विटी, डेट और गोल्ड के बीच बाजार की वैल्यूएशन के हिसाब से ऑटोमैटिक रीबैलेंसिंग करते रहते हैं, जिससे डाउनसाइड रिस्क सीमित हो जाता है।एक व्यावहारिक रणनीति यह भी है कि निवेशक पहले 1 से 2 साल के खर्च के बराबर की राशि (लगभग ₹15-20 लाख) लिक्विड या अल्ट्रा शॉर्ट टर्म डेट फंड में रखें और बाकी ₹80-85 लाख हाइब्रिड फंड में निवेश करें। जब बाजार में तेजी हो तब हाइब्रिड फंड से लाभ बुक करें और मंदी के समय डेट बफर से निकासी करें। इस अनुशासित रणनीति के जरिए भारतीय निवेशक बिना किसी आर्थिक तनाव के अपने सुनहरे रिटायरमेंट जीवन का आनंद ले सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 11:27 pm

50 की उम्र तक ₹1 करोड़ का फंड: 30, 35 और 40 की उम्र से शुरू करने पर कितनी SIP चाहिए? देखें पूरा गणित

वित्तीय स्वतंत्रता (Financial Freedom) हासिल करने और 50 की उम्र तक ₹1 करोड़ का ठोस कॉर्पस तैयार करने का सपना हर नौकरीपेशा व्यक्ति देखता है। लेकिन इस लक्ष्य को हासिल करने में आपकी निवेश राशि से भी ज्यादा अहम भूमिका समय (Time Horizon) निभाता है। आप जितनी जल्दी शुरुआत करते हैं, कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) का जादू उतनी ही तेजी से आपके पैसे को बढ़ाता है। इसके विपरीत, यदि शुरुआत करने में 5 या 10 साल की भी देरी हो जाए, तो ₹1 करोड़ के उसी लक्ष्य को पाने के लिए मासिक बचत की रकम 3 से 4 गुना तक बढ़ जाती है।आइए समझते हैं कि यदि आप इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में अनुशासित सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश करते हैं, तो 12% के औसत वार्षिक अनुमानित रिटर्न के आधार पर 30, 35 और 40 की उम्र में आपको हर महीने कितनी रकम निवेश करनी होगी।उम्र के हिसाब से SIP का सटीक कैलकुलेशन (12% वार्षिक रिटर्न पर)शुरुआत की उम्रलक्ष्य की उम्र (50 वर्ष)निवेश की अवधि (वर्ष)जरूरी मासिक SIPआपकी कुल जेब से निवेशअनुमानित वेल्थ गेन (ब्याज/रिटर्न)30 वर्ष50 वर्ष20 वर्ष₹10,010₹24,02,400₹76,01,16435 वर्ष50 वर्ष15 वर्ष₹20,017₹36,03,060₹64,02,11240 वर्ष50 वर्ष10 वर्ष₹43,471₹52,16,520₹47,87,3141. 30 की उम्र में शुरुआत: कंपाउंडिंग का सबसे बड़ा फायदायदि आप 30 की उम्र में यह फैसला लेते हैं, तो आपके पास 20 साल का लंबा समय होता है।मासिक SIP: लगभग ₹10,000 प्रति माहआपकी कुल जमा पूंजी: केवल ₹24 लाखकंपाउंडिंग से मुनाफा: करीब ₹76 लाखनिष्कर्ष: यहां आपकी कुल वेल्थ का 75% से ज्यादा हिस्सा सिर्फ कंपाउंडिंग ब्याज से आता है। कम उम्र में शुरू करने से बजट पर बिल्कुल दबाव नहीं पड़ता।2. 35 की उम्र में शुरुआत: 5 साल की देरी से SIP हुई दोगुनीयदि आप करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते 35 की उम्र में शुरुआत करते हैं, तो समय घटकर 15 वर्ष रह जाता है।मासिक SIP: लगभग ₹20,000 प्रति माहआपकी कुल जमा पूंजी: ₹36 लाखनिष्कर्ष: सिर्फ 5 साल की देरी करने की वजह से आपको हर महीने दोगुनी रकम (₹10,000 के बदले ₹20,000) निवेश करनी होगी। इसके बावजूद 50 की उम्र में ₹1 करोड़ का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।3. 40 की उम्र में शुरुआत: 10 साल में आक्रामक निवेश की जरूरतयदि आप 40 की उम्र में गंभीर होते हैं, तो आपके पास केवल 10 साल बचते हैं।मासिक SIP: लगभग ₹43,500 प्रति माहआपकी कुल जमा पूंजी: ₹52.16 लाखकंपाउंडिंग से मुनाफा: ₹47.87 लाखनिष्कर्ष: यहां 1 करोड़ जुटाने के लिए आधे से ज्यादा पैसा (₹52 लाख से अधिक) आपको अपनी ही जेब से डालना पड़ेगा, क्योंकि पैसे को चक्रवृद्धि ब्याज से बढ़ने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।अगर बड़ी SIP का बजट न हो तो अपनाएं 'स्टेप-अप SIP' फॉर्मूलायदि 35 या 40 की उम्र में आपके पास हर महीने ₹20,000 या ₹43,000 की बड़ी SIP शुरू करने की गुंजाइश नहीं है, तो 10% वार्षिक स्टेप-अप SIP सबसे कारगर रणनीति है।इसमें आप कम मासिक रकम से शुरुआत करते हैं और हर साल वेतन वृद्धि के साथ अपनी SIP को केवल 10% बढ़ा देते हैं।उदाहरण: 35 की उम्र में अगर आप साधारण SIP के ₹20,000 के बजाय केवल ₹12,500 प्रति माह से शुरुआत करें और हर साल इसे 10% बढ़ाएं, तब भी 15 साल में आप आसानी से ₹1 करोड़ का कॉर्पस तैयार कर लेंगे।1 करोड़ का फंड बनाते समय इन 3 बातों का रखें विशेष ध्यानमार्केट में उतार-चढ़ाव से न घबराएं: म्यूचुअल फंड इक्विटी आधारित होते हैं। कभी बाजार गिरेगा तो कभी चढ़ेगा। मंदी के समय SIP बंद करने की गलती कभी न करें, क्योंकि उसी समय आपको सस्ते एनएवी (NAV) पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं।पोर्टफोलियो का सही डाइवर्सिफिकेशन: पूरा पैसा केवल स्मॉलकैप में न लगाएं। एक संतुलित पोर्टफोलियो बनाएं जिसमें 50% फ्लेक्सी-कैप/लार्ज-कैप, 30% मिड-कैप और 20% स्मॉल-कैप फंड्स शामिल हों।महंगाई (Inflation) को न भूलें: आज के ₹1 करोड़ की वैल्यू 15-20 साल बाद महंगाई के कारण कम हो जाएगी। इसलिए 50 की उम्र के बाद के लिए 1 करोड़ पहला पड़ाव होना चाहिए, और आय बढ़ने के साथ अपने वित्तीय लक्ष्य को ₹2 करोड़ या उससे अधिक पर अपग्रेड करते रहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 11:25 pm

होम लोन, बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल: जानें संकट के समय के लिए कितना बड़ा होना चाहिए आपका इमरजेंसी फंड, देखें सटीक फॉर्मूला

मध्यमवर्गीय परिवारों में वित्तीय जिम्मेदारियां हमेशा एक जटिल चक्रव्यूह की तरह होती हैं। जब आपके कंधों पर हर महीने कटने वाली भारी-भरकम होम लोन की ईएमआई, बच्चों के स्कूल और ट्यूशन की लगातार बढ़ती फीस तथा बुजुर्ग माता-पिता की नियमित स्वास्थ्य देखभाल का जिम्मा हो, तो जीवन की गाड़ी एक सख्त बजट पर चलती है। ऐसी स्थिति में अचानक नौकरी छूट जाने, वेतन में कटौती होने या परिवार में कोई अप्रत्याशित मेडिकल संकट आने पर पूरा घरेलू बजट चरमरा सकता है। वित्तीय सलाहकार अक्सर 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखने की सामान्य सलाह देते हैं, लेकिन जहां आश्रितों की संख्या अधिक हो और कर्ज का बोझ सिर पर हो, वहां यह पारंपरिक फॉर्मूला पूरी तरह विफल साबित होता है। ऐसे संवेदनशील पारिवारिक ढांचे में कम से कम 9 से 12 महीने के अनिवार्य खर्चों का लिक्विड फंड होना अनिवार्य है।इमरजेंसी फंड की गणना कुल वेतन पर नहीं, केवल अनिवार्य खर्चों पर करेंअक्सर लोग यह गलती करते हैं कि वे अपनी कुल इन-हैंड सैलरी को आधार मानकर इमरजेंसी फंड का साइज तय करने लगते हैं। वित्तीय योजना का मूल नियम यह है कि आपातकालीन निधि केवल उन अपरिहार्य खर्चों की सुरक्षा के लिए होती है, जिन्हें किसी भी विषम परिस्थिति में टाला या रोका नहीं जा सकता। जब किसी व्यक्ति की आय का नियमित स्रोत बंद होता है, तो सबसे पहले गैर-जरूरी खर्च जैसे बाहर खाना, वीकेंड ट्रिप्स, ओटीटी सब्सक्रिप्शन, कपड़े और गैजेट्स की खरीदारी अपने आप बंद हो जाती है। इसलिए फंड का आकार तय करते समय हमेशा अपनी बुनियादी देनदारियों की सूची बनाएं। इसमें होम लोन की मासिक किस्त, फ्लैट या मकान का मेंटेनेंस, बिजली, पानी, एलपीजी, राशन और ग्रॉसरी, बच्चों की स्कूल और ट्यूशन फीस, माता-पिता की आवश्यक दवाइयों का बिल और बीमा पॉलिसियों के प्रीमियम शामिल होते हैं।सटीक गणितीय मॉडल: एक लाख रुपये मासिक खर्च पर कितना हो फंड का आकारमान लीजिए कि एक कामकाजी परिवार का कुल अनिवार्य मासिक खर्च लगभग ₹1,10,000 है। इसमें ₹40,000 की होम लोन ईएमआई, ₹30,000 का घरेलू राशन व बुनियादी बिल, ₹15,000 बच्चों की पढ़ाई का खर्च, ₹15,000 बुजुर्ग माता-पिता की दवाइयां व केयरटेकर खर्च और ₹10,000 टर्म व हेल्थ इंश्योरेंस का मासिक प्रोविजन शामिल है। यदि इस परिवार में कमाने वाला केवल एक सदस्य है और आश्रितों की संख्या तीन या उससे अधिक है, तो 6 महीने का बफर ₹6.60 लाख बनता है, जो ऐसी मंदी में बहुत जल्दी खत्म हो सकता है जब नई नौकरी पाने में 8 से 10 महीने का समय लग जाए। इसके विपरीत, 9 महीने का सुरक्षा चक्र ₹9,90,000 का होगा और 12 महीने का आदर्श सुरक्षा कवच ₹13,20,000 का तैयार होगा। यह ₹13.20 लाख का फंड परिवार को एक साल तक बिना किसी कर्ज या प्रॉपर्टी बेचे हर दबाव से सुरक्षित रखने का आत्मविश्वास देता है।पूरे पैसे को एक बचत खाते में रखने की भूल न करें: अपनाएं तीन-स्तरीय रणनीतिदस से तेरह लाख रुपये की बड़ी रकम को साधारण बैंक सेविंग्स अकाउंट में छोड़ देना वित्तीय रूप से नुकसानदेह है, क्योंकि 2.5 से 3 प्रतिशत का सामान्य ब्याज महंगाई दर का मुकाबला नहीं कर पाता। इसके लिए धन को तीन अलग-अलग बकेट में विभाजित करना सबसे व्यावहारिक माना जाता है। पहला बकेट तत्काल नकदी का होना चाहिए, जिसमें कुल फंड का लगभग 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा यानी करीब 2 से 2.5 लाख रुपये बैंक खाते और ऑटो स्वीप-इन फिक्स्ड डिपॉजिट में रखे जाएं, जिसे आधी रात को भी एटीएम या यूपीआई से निकाला जा सके। दूसरा बकेट अल्पकालिक सुरक्षा का हो, जिसमें लगभग 40 प्रतिशत राशि अलग-अलग अवधि की ऐसी बैंक एफडी में रखी जाए जिसे मोबाइल बैंकिंग के जरिए बिना किसी पेनल्टी के मिनटों में तोड़ा जा सके। तीसरा बकेट शेष 40 प्रतिशत राशि का हो, जिसे डेट लिक्विड म्यूचुअल फंड या अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म फंड में पार्क किया जाए, जहां से पैसा निकालने पर एक कार्यदिवस के भीतर बैंक खाते में ट्रांसफर आ जाता है और रिटर्न भी बेहतर मिलता है।होम लोन ओवरड्राफ्ट खाता: ब्याज बचाने और लिक्विडिटी बनाए रखने का सबसे स्मार्ट तरीकायदि आपका होम लोन भारतीय स्टेट बैंक के मैक्सगेन (Maxgain) या किसी अन्य बैंक की होम लोन ओवरड्राफ्ट सुविधा के अंतर्गत चल रहा है, तो आपके लिए इमरजेंसी फंड का प्रबंधन बेहद आसान हो जाता है। आप अपने इमरजेंसी फंड का एक बड़ा हिस्सा (जैसे 5 से 7 लाख रुपये) सीधे अपने होम लोन ओवरड्राफ्ट खाते में सरप्लस बैलेंस के रूप में जमा रख सकते हैं। इसका दोहरा लाभ मिलता है। पहला, जितने दिन यह अतिरिक्त पैसा खाते में रहेगा, बैंक आपके मूलधन पर उतने हिस्से का ब्याज काटना बंद कर देगा, जिससे आपके लाखों रुपये के ब्याज की सीधी बचत होगी और लोन की अवधि तेजी से घटेगी। दूसरा, यह पूरी तरह लिक्विड फंड की तरह काम करता है, जिसे चेकबुक, नेट बैंकिंग या एटीएम कार्ड के जरिए जरूरत पड़ने पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के कभी भी तुरंत निकाला जा सकता है।बुजुर्ग माता-पिता के लिए अलग से मेडिकल बफर बनाना क्यों है सबसे जरूरी?वरिष्ठ नागरिकों के मामले में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं कभी भी अचानक बड़ी रकम की मांग कर सकती हैं। 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए कॉर्पोरेट हेल्थ इंश्योरेंस या सामान्य फैमिली फ्लोटर पॉलिसियों में अक्सर को-पेमेंट क्लॉज, रूम रेंट कैपिंग और गंभीर बीमारियों पर सब-लिमिट लागू होती है। यदि अस्पताल का बिल ₹8 लाख आता है और इंश्योरेंस कंपनी केवल ₹5 लाख पास करती है, तो बाकी ₹3 लाख का भुगतान जेब से करना पड़ता है। यदि आपके पास अलग से ₹3 से ₹5 लाख का समर्पित मेडिकल बफर नहीं होगा, तो आपका पूरा गृहस्थी का इमरजेंसी फंड एक ही अस्पताल के बिल में समाप्त हो जाएगा और होम लोन की किश्तें डिफॉल्ट होने की कगार पर पहुंच जाएंगी। इसलिए माता-पिता के लिए अलग सीनियर सिटीजन हेल्थ पॉलिसी के साथ एक स्टैंडबाय हेल्थ रिजर्व जरूर तैयार रखें।पर्याप्त टर्म इंश्योरेंस और लोन कवर के बिना अधूरा है हर सुरक्षा चक्रइमरजेंसी फंड केवल आय रुकने की स्थिति का समाधान है, लेकिन परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य के साथ किसी अप्रिय अनहोनी की स्थिति में यह फंड लंबे समय तक सहारा नहीं दे सकता। इसलिए जब तक होम लोन चल रहा है और बच्चे अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते, परिवार के कमाने वाले व्यक्ति के पास उसकी सालाना आय का कम से कम 15 से 20 गुना टर्म इंश्योरेंस कवर होना कानूनी और वित्तीय दृष्टि से अनिवार्य है। इसके साथ ही कई वित्तीय संस्थान होम लोन प्रोटेक्शन प्लान (HLPP) की पेशकश करते हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि मुख्य कर्जदार की असमय मृत्यु होने पर बीमा कंपनी सीधे बैंक का बकाया लोन चुकता कर देती है, जिससे मकान की छत परिवार के सिर पर सुरक्षित बनी रहती है और बच्चों की पढ़ाई या बुजुर्गों की परवरिश पर आंच नहीं आती।शून्य से शुरुआत करने वाले कैसे तैयार करें यह मजबूत सुरक्षा कवच?यदि आज आपके पास कोई ठोस बचत नहीं है और आप हर महीने केवल ईएमआई और खर्चों के बीच तालमेल बैठा रहे हैं, तो एक साथ 10 या 12 लाख रुपये का फंड बनाना असंभव लग सकता है। लेकिन इसे लक्ष्य-आधारित एसआईपी (SIP) की तरह छोटे हिस्सों में बांटा जा सकता है। सबसे पहले एक महीने के खर्च यानी ₹1 लाख का मिनी-फंड तैयार करने का लक्ष्य बनाएं। इसके लिए हर महीने अपनी आय में से 10 से 15 प्रतिशत की राशि किसी रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या लिक्विड फंड में ऑटो-डेबिट कराएं। मिलने वाले वार्षिक बोनस, टैक्स रिफंड, इंसेंटिव या किसी भी अप्रत्याशित आय को सीधे इमरजेंसी फंड बकेट में डालें। जैसे ही पहले 3 महीने का खर्च सुरक्षित हो जाए, अगले चरण में 6 महीने और फिर धीरे-धीरे 24 से 36 महीनों के भीतर पूरे एक वर्ष का पूर्ण सुरक्षा फंड तैयार करें। यह अनुशासन आपके परिवार को वित्तीय स्वतंत्रता और अटूट मानसिक शांति प्रदान करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 11:24 pm

Cauvery Dispute: Tamil Nadu को पानी देने के निर्देश के खिलाफ Supreme Court जाएगी कर्नाटक सरकार

बेंगलुरु, आठ सितंबर कर्नाटक सरकार कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के एक निर्देश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करने पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिसमें तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी से रोजाना 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है। कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री एन. चलुवरायस्वामी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कावेरी जल विनियमन समिति के उक्त आदेश को बेतुका बताया और इस पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में कावेरी नदी घाटी में पानी की आवक काफी कम हो गई है, जिससे कर्नाटक मुश्किल स्थिति का सामना कर रहा है। कावेरी जल विनियमन समिति ने मंगलवार को सिफारिश की कि कर्नाटक 15 दिन तक तमिलनाडु के लिए 6,000 क्यूसेक पानी का प्रवाह सुनिश्चित करे। इसके बाद कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने भी इस निर्देश को मंजूरी दे दी। कावेरी जल विनियमन समिति के निर्देशों के बाद और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक से पहले चलुवरायस्वामी ने पत्रकारों से कहा, हमारे अधिकारियों ने समिति की बैठक में जमीनी स्थिति के बारे में मजबूती से अपनी बात रखी। तमिलनाडु ने 17,000 क्यूसेक पानी की मांग की थी। लेकिन पिछले एक सप्ताह में कावेरी बेसिन में पानी की आवक काफी कम हो गई है। ऐसी संकट की स्थिति में हमारे लिए 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ना भी संभव नहीं है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं कि बिल्कुल पानी न छोड़ा जाए। मंत्री ने दिल्ली से फैसले लेने वाली इन संस्थाओं के काम करने के तरीके की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं जमीनी स्थिति को समझने में सक्षम नहीं हैं। चलुवरायस्वामी ने कहा कि सरकार को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय जाने का फैसला करने से पहले सरकार मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से इस मुद्दे पर चर्चा करेगी। उन्होंने कहा, ...हम मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। सरकार उच्चतम न्यायालय में कल ही याचिका दायर करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 11:23 pm

ChatGPT का नया पर्सनल राइटिंग स्टाइल फीचर रोलआउट, हूबहू आपकी शैली में लिखेगा ईमेल और ड्राफ्ट; जानें इसे शुरू करने का तरीका

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अग्रणी कंपनी OpenAI ने अपने चैटबॉट ChatGPT के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है। अब ChatGPT केवल सामान्य और रोबोटिक अंदाज में उत्तर नहीं देगा, बल्कि यूजर के निजी राइटिंग स्टाइल (Personal Writing Style) को सीखकर उसी अंदाज में कंटेंट, ईमेल और मैसेज तैयार करेगा। अक्सर प्रोफेशनल्स और क्रिएटर्स को शिकायत रहती थी कि एआई द्वारा लिखे गए ड्राफ्ट बहुत किताबी या औपचारिक लगते हैं और उन्हें बार-बार अपनी टोन समझाने के लिए लंबे प्रॉम्प्ट देने पड़ते हैं। इस नए फीचर के आने से चैटबॉट आपके लिखने के अनूठे लहजे, पसंदीदा वाक्यांशों और वाक्य संरचना को पहचानकर स्वाभाविक रूप से आपके जैसा ही टेक्स्ट जनरेट करने में सक्षम हो गया है।कैसे काम करता है ChatGPT का यह पर्सनल राइटिंग स्टाइल सिस्टम?OpenAI के अनुसार, यह फीचर एडवांस्ड नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और कनेक्टेड ऐप्स इंटीग्रेशन की मदद से काम करता है। इसके तहत एआई मॉडल यूजर के कार्यस्थल या दैनिक संचार से जुड़े कनेक्टेड टूल्स जैसे Gmail, Google Drive, Slack और SharePoint के कंटेंट का विश्लेषण करता है। इस प्रक्रिया में सिस्टम यह बारीकी से समझता है कि आप बातचीत में किन शब्दों का चुनाव ज्यादा करते हैं, आपका साइन-ऑफ (Sign-off) करने का तरीका क्या है, आप वाक्यों की लंबाई कितनी रखते हैं और किस तरह का विराम-चिह्न या कैपिटलाइजेशन इस्तेमाल करते हैं। इन तमाम भाषाई पैटर्न को समझने के बाद जब भी आप कोई नया ड्राफ्ट तैयार करवाएंगे, तो चैटबॉट अपने सामान्य लेआउट को छोड़कर सीधे आपके निजी टोन को लागू कर देगा।किन यूजर्स को मिलेगा नया अपडेट और किन ऐप्स से सीखेगा AI?शुरुआती चरण में यह सुविधा ChatGPT Work और पेड सब्सक्राइबर्स के लिए वेब प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि एआई आपके उन संदेशों से नहीं सीखेगा जो आप सीधे चैट विंडो में प्रॉम्प्ट के तौर पर टाइप करते हैं, बल्कि यह केवल अधिकृत वर्कस्पेस टूल्स में मौजूद वास्तविक कामकाजी ड्राफ्ट्स से आपकी शैली का अध्ययन करेगा। कनेक्टेड ऐप्स के जरिए यह आपकी फॉर्मल और सेमी-फॉर्मल बातचीत के बीच के अंतर को भी समझ लेता है, जिससे यदि आप बॉस को ईमेल लिखवा रहे हैं या टीम के साथी को स्लैक मैसेज, तो टोन उसी संदर्भ के अनुसार बदल जाती है।नए राइटिंग स्टाइल फीचर को एक्टिवेट करने का आसान स्टेप-बाई-स्टेप प्रोसेसयदि आपके अकाउंट पर यह नया अपडेट उपलब्ध हो गया है, तो इसे चालू करने के लिए कुछ आसान स्टेप्स का पालन करना होगा:सबसे पहले अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर ब्राउज़र खोलकर ChatGPT के आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें। स्क्रीन के बाएं कोने में नीचे दिए गए अपने प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करें और 'Settings' विकल्प को चुनें। इसके बाद मेन्यू में दिए गए 'Personalization' (पर्सनलाइजेशन) टैब पर जाएं। वहां आपको 'Writing Style' या स्टाइल प्रेफरेंस से जुड़ा नया विकल्प दिखाई देगा। इस विकल्प पर क्लिक करें और आवश्यक वर्कस्पेस टूल्स (जैसे Gmail या Google Drive) को कनेक्ट करने की अनुमति दें। सिस्टम कुछ ही मिनटों में आपके पिछले ड्राफ्ट्स का विश्लेषण पूरा कर लेगा। इसके बाद 'Save' या 'Enable' पर क्लिक करते ही यह फीचर एक्टिवेट हो जाएगा। एक बार वेब पर सक्रिय होने के बाद यह सेटिंग आपके लिंक्ड मोबाइल ऐप पर भी काम करेगी।कस्टम इंस्ट्रक्शंस और बेस पर्सनालिटी से यह फीचर कितना अलग है?अब तक यूजर्स अपनी शैली तय करने के लिए 'Custom Instructions' या 'Base Style and Tone' जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करते आ रहे थे। कस्टम इंस्ट्रक्शंस में यूजर को खुद लिखकर बताना पड़ता था कि उसे किस तरह की टोन चाहिए। लेकिन इस नए ऑटोमेटेड राइटिंग स्टाइल फीचर में यूजर को खुद से नियम नहीं लिखने पड़ते। सिस्टम बैकग्राउंड में मौजूद डेटा का विश्लेषण करके खुद ब खुद आपकी शैली का प्रोफाइल बना लेता है। यह पहले से उपलब्ध बेस पर्सनालिटीज (जैसे प्रोफेशनल, कैजुअल या डायरेक्ट) की तुलना में कहीं अधिक सटीक और व्यक्तिगत परिणाम देता है।प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर क्या हैं नियम?कार्यस्थल के ईमेल और डॉक्युमेंट्स को एआई से जोड़ने पर डेटा सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। OpenAI ने स्पष्ट किया है कि इस फीचर का उद्देश्य केवल भाषाई संरचना को समझना है, संवेदनशील निजी डेटा को स्टोर करना या किसी तीसरे पक्ष के साथ साझा करना नहीं। इसके अतिरिक्त, यूजर्स को अपनी सेटिंग्स में जाकर किसी भी समय कनेक्टेड टूल्स को हटाने, राइटिंग स्टाइल को रिसेट करने या फीचर को पूरी तरह डिसेबल करने का पूरा अधिकार दिया गया है।प्रोफेशनल्स, कंटेंट राइटर्स और कंपनियों को क्या होगा सीधा फायदा?इस नए फीचर से रोजाना दर्जनों ईमेल भेजने वाले अधिकारियों, फ्रीलांस राइटर्स और मार्केटिंग प्रोफेशनल्स का काफी समय बचेगा। पहले एआई से मिले टेक्स्ट को अपने शब्दों में ढालने के लिए मैन्युअल एडिट करना पड़ता था, ताकि सामने वाले को यह न लगे कि ईमेल बॉट ने तैयार किया है। अब यह प्रक्रिया स्वचालित हो जाएगी। आपकी शब्दावली और अभिवादन का तरीका शामिल होने से ईमेल पूरी तरह ओरिजिनल और मानवीय लगेगा, जिससे कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 11:22 pm

एफडीआर तकनीक से 1,096.88 करोड़ रुपये की बचत, 3.78 लाख घनमीटर एग्रीगेट के खनन से मिली पर्यावरणीय राहत, गर्व की विषय, केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य जी की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) की साधारण सभा की बैठक आहूत की गई। बैठक में मा0 राज्य मंत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री सौरभ बाबू, सचिव एवं आयुक्त ग्राम्य विकास श्री प्रमोद कुमार उपाध्याय, सचिव वित्त, सचिव लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण विकास सड़क अभिकरण, मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री शिव सहाय अवस्थी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी सहायकों भी उपस्थित रहे। श्री मौर्य जी ने वित्त विभाग से समन्वय स्थापित कर वित्तीय स्वीकृतियां तत्काल जारी करने, फुटप्रिंट एवं कार्बन क्रेडिट का सतत उपयोग सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण मार्गों के निर्माण के पूर्ण होने पर मार्गों के किनारे फलदार वृक्षों का रोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य तकनीकी टीम को मार्गों का परीक्षण कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर ही केंद्रीय सर्वेक्षण टीम को आमंत्रित करने के निर्देश दिए।उपमुख्यमंत्री जी ने विभाग द्वारा प्रेषित प्रस्तावों पर सहमति प्रदान करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेज-3 के शेष मार्गों का निर्माण कार्य तत्काल पूर्ण कराया जाए तथा भारत सरकार द्वारा फेज-4 के अंतर्गत स्वीकृत 374 मार्गों का शिलान्यास जल्द से जल्द कराया जाए। उन्होंने 250 आबादी वाले गांवों को भी योजना से जोड़ने के लिए भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मार्गों के नवीनीकरण/उच्चीकरण के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) तकनीक को अपनाए जाने संबंधी कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया। इस आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीक के माध्यम से प्रदेश में अब तक 746 सड़कों की कुल 5,809.99 किलोमीटर लंबाई के निर्माण/उच्चीकरण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मार्गों के नवीनीकरण/उच्चीकरण के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) तकनीक को अपनाए जाने संबंधी कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया। इस आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीक के माध्यम से प्रदेश में अब तक 746 सड़कों की कुल 5,809.99 किलोमीटर लंबाई के निर्माण/उच्चीकरण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 11:21 pm

'8-9 दिनों में दाखिल होगी चार्जशीट', मणिपुर के संगीतकार की हत्या मामले में बोले किरेन रिजिजू 

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने बताया कि दिल्ली पुलिस मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह हत्याकांड में 8-9 दिनों में चार्जशीट दाखिल करेगी।

जागरण 8 Sep 2026 11:17 pm

HDFC Bank Loan Relief: HDFC बैंक ने घटाई MCLR दरें, 10 बेसिस प्वाइंट तक सस्ती हुईं उधारी दरें; जानिए आपकी लोन EMI कब और कितनी घटेगी

देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, HDFC Bank (एचडीएफसी बैंक) ने अपने लाखों कर्जदारों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में 5 से 10 बेसिस प्वाइंट (0.05% से 0.10%) तक की कटौती का ऐलान किया है। नई संशोधित दरें प्रभावी हो चुकी हैं। त्योहारों और आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले बैंक द्वारा लोन बेंचमार्क दरों को घटाने के इस फैसले से फ्लोटिंग रेट पर लोन लेने वाले करोड़ों मौजूदा और नए ग्राहकों की मासिक किस्त (EMI) या लोन की अवधि कम होने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, इस कटौती का फायदा हर ग्राहक को तुरंत और एक समान रूप से नहीं मिलेगा, क्योंकि यह पूरी तरह से लोन के रीसेट क्लॉज और बेंचमार्क प्रकार पर निर्भर करता है।क्या है HDFC Bank की नई MCLR दरों की पूरी सूची?एचडीएफसी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी विवरण के अनुसार, बैंक ने विभिन्न अवधियों (Tenures) के लिए अपनी उधारी दरों में 0.05% से लेकर 0.10% तक की कमी की है। इस संशोधन के बाद बैंक की समग्र MCLR दरें अब 7.90 प्रतिशत से लेकर 8.60 प्रतिशत के दायरे में आ गई हैं, जो पहले 8.00 प्रतिशत से 8.65 प्रतिशत के बीच थीं।ओवरनाइट और 1 महीने की अवधि वाली एमसीएलआर को 10 बेसिस प्वाइंट घटाकर 8.00% से सीधे 7.90% कर दिया गया है। 3 महीने की अवधि के लिए दर 8.15% से घटकर 8.05% हो गई है। वहीं, 6 महीने की एमसीएलआर में 5 बेसिस प्वाइंट की कमी की गई है, जिससे यह दर 8.30% से कम होकर 8.25% पर आ गई है। रिटेल होम लोन और ऑटो लोन के लिए सबसे अहम मानी जाने वाली 1 साल की MCLR को 8.40% से घटाकर 8.35% किया गया है। 2 साल की एमसीएलआर में 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती हुई है और यह 8.55% से गिरकर 8.45% हो गई है, जबकि 3 साल की दर 8.65% से घटकर 8.60% पर आ गई है।क्या तुरंत घट जाएगी आपकी होम लोन या ऑटो लोन की EMI?अधिकांश कर्जदारों के मन में यह सवाल उठता है कि बैंक द्वारा दरों में कटौती का ऐलान करते ही क्या अगले महीने से कटने वाली ईएमआई की रकम अपने आप कम हो जाएगी? इसका सीधा उत्तर है: नहीं। एमसीएलआर से जुड़े कर्जों में 'रीसेट डेट' (Reset Date) का नियम लागू होता है। जब आप किसी बैंक से फ्लोटिंग रेट पर लोन लेते हैं, तो आपके लोन एग्रीमेंट में एक रीसेट क्लॉज होता है, जो आमतौर पर एक साल, छह महीने या तीन महीने का होता है।मान लीजिए कि आपका होम लोन 1 साल की एमसीएलआर से जुड़ा है और आपकी रीसेट डेट हर साल दिसंबर महीने में आती है। ऐसी स्थिति में सितंबर में की गई इस कटौती का लाभ आपको तुरंत नहीं मिलेगा, बल्कि दिसंबर में जब आपका लोन रीसेट होगा, तब उस समय लागू एमसीएलआर के आधार पर आपकी ब्याज दर घटेगी। यदि किसी ग्राहक की रीसेट डेट सितंबर महीने में ही पड़ रही है, तो उसे नई दरों का फायदा इसी महीने से मिलना शुरू हो जाएगा।किन ग्राहकों को मिलेगा इस कटौती का सीधा लाभ?यह कटौती मुख्य रूप से उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद है जिनके लोन एमसीएलआर व्यवस्था (MCLR Regime) के तहत स्वीकृत हुए थे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अप्रैल 2016 में एमसीएलआर व्यवस्था लागू की थी। इसलिए, जिन ग्राहकों ने 2016 से अक्टूबर 2019 के बीच लोन लिया था और उन्होंने अपने लोन को रेपो-लिंक्ड एक्सटर्नल बेंचमार्क (EBLR) में स्विच नहीं कराया है, वे सीधे तौर पर इस कटौती के दायरे में आते हैं। इसके अलावा कई कॉरपोरेट कर्जदार, एमएसएमई बिजनेस लोन धारक और पर्सनल व कमर्शियल व्हीकल लोन ग्राहक जो एमसीएलआर से जुड़े हैं, उनकी उधारी लागत में राहत देखने को मिलेगी।रेपो रेट से जुड़े लोन (EBLR) ग्राहकों पर इसका क्या असर होगा?अक्टूबर 2019 के बाद रिजर्व बैंक के नियमों के तहत सभी वाणिज्यिक बैंकों के लिए नए फ्लोटिंग रेट रिटेल लोन (जैसे होम लोन, ऑटो लोन और एमएसएमई लोन) को किसी बाहरी बेंचमार्क, खासकर आरबीआई के रेपो रेट से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया था। यदि आपने अक्टूबर 2019 के बाद होम लोन लिया है और आपका लोन रेपो रेट लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR / EBLR) पर आधारित है, तो HDFC बैंक की इस एमसीएलआर कटौती का आपके लोन पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। रेपो-लिंक्ड लोन की ब्याज दरें केवल तभी घटती या बढ़ती हैं जब भारतीय रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में आधिकारिक रेपो दर में फेरबदल करता है।ईएमआई घटेगी या लोन की अवधि कम होगी: बैंक कैसे देता है फायदा?जब भी किसी फ्लोटिंग रेट लोन पर ब्याज दरों में कटौती होती है, तो बैंक आमतौर पर दो तरह से इसका लाभ ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। पहली व्यवस्था में बैंक आपकी मासिक ईएमआई राशि को जस का तस रखते हुए लोन के कुल टेन्योर यानी भुगतान की बची हुई अवधि (Months) को कम कर देते हैं, जिससे आपका लोन तय समय से पहले चुकता हो जाता है और ब्याज की बचत होती है। दूसरी व्यवस्था में ग्राहक बैंक शाखा में आवेदन देकर या नेट बैंकिंग के जरिए अपने लोन का टेन्योर समान रखते हुए मासिक ईएमआई की राशि घटवा सकते हैं। यदि आप अपनी मासिक बचत बढ़ाना चाहते हैं, तो आप ईएमआई घटवाने का विकल्प चुन सकते हैं।बेस रेट और फिक्स्ड डिपॉजिट दरों की वर्तमान स्थिति क्या है?बैंक ने स्पष्ट किया है कि एमसीएलआर में किया गया यह बदलाव आंतरिक लागत व्यवस्था के आधार पर है। बैंक की बेस रेट वर्तमान में 8.70 प्रतिशत और बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (BPLR) 17.20 प्रतिशत प्रति वर्ष के स्तर पर बनी हुई है। इसके साथ ही, बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेशकों के लिए यह राहत की बात है कि लेंडिंग बेंचमार्क में कटौती से जमा दरों में तत्काल कोई बदलाव नहीं हुआ है। सामान्य नागरिकों को एफडी पर 2.75% से 6.50% और वरिष्ठ नागरिकों को 3.25% से 7.00% तक का आकर्षक ब्याज मिलना जारी रहेगा।लोन धारकों को अब क्या कदम उठाना चाहिए?यदि आपके पास HDFC बैंक का कोई भी फ्लोटिंग रेट लोन चल रहा है, तो सबसे पहले अपने लोन अकाउंट स्टेटमेंट या सैंक्शन लेटर की जांच करें। उसमें यह देखें कि आपका लोन एमसीएलआर, बेस रेट या ईबीएलआर में से किससे लिंक्ड है। यदि आपका लोन अभी भी पुराने एमसीएलआर सिस्टम में है, तो अपने बैंक रिलेशनशिप मैनेजर से संपर्क करके यह पता करें कि आपकी रीसेट तारीख कब है। साथ ही यह भी कैलकुलेट करें कि क्या आपके लोन को एक्सटर्नल रेपो-लिंक्ड बेंचमार्क में स्विच कराना अधिक किफायती रहेगा, क्योंकि वर्तमान वित्तीय परिदृश्य में पारदर्शी ब्याज ट्रांसमिशन के लिए रेपो-लिंक्ड लोन को अक्सर अधिक गतिशील माना जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 11:15 pm

 CHARGEZONE को मिला ₹10,500 करोड़ का मेगा एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट, देश भर के हाईवे पर लगेंगे 1,000 नए सुपरचार्जिंग स्टेशन

भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक व्यावसायिक समझौता सामने आया है। देश के प्रमुख ईवी सुपरचार्जिंग नेटवर्क CHARGEZONE ने इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बसों, हैवी कमर्शियल ट्रकों और फ्लीट कारों के लिए 1 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹10,500 करोड़ से अधिक मूल्य के दीर्घकालिक एनर्जी अनुबंध (Long-Term Energy Contracts) हासिल किए हैं। इस ऐतिहासिक सौदे के दम पर कंपनी भारत के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों (National Highway Corridors) पर 1,000 नए अत्याधुनिक सुपरचार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की महा-योजना पर काम शुरू कर रही है। इस रणनीतिक कदम से देश में इंटरसिटी माल ढुलाई और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के विद्युतीकरण को अभूतपूर्व रफ्तार मिलने की उम्मीद है।हाईवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों का सफर होगा आसान, 1000 नए सुपरचार्जिंग स्टेशन नेटवर्क में जुड़ेंगेचार्जजोन द्वारा की जाने वाली इस भारी-भरकम तैनाती का मुख्य केंद्र बिंदु देश के व्यस्ततम नेशनल हाईवे कॉरिडोर होंगे। वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक कार या बस चालकों के मन में रेंज एंग्जायटी यानी रास्ते में बैटरी खत्म होने का डर सबसे बड़ी बाधा बना रहता है। कंपनी का लक्ष्य दिल्ली-मुंबई, मुंबई-अहमदाबाद, बेंगलुरु-चेन्नई, दिल्ली-अमृतसर और कोलकाता-वाराणसी जैसे प्रमुख एक्सप्रेसवे और व्यापारिक रूट्स पर हर 50 से 100 किलोमीटर के दायरे में हाई-स्पीड सुपरचार्जिंग हब तैयार करना है। नए 1,000 चार्जिंग स्टेशनों के लाइव होने के बाद हाईवे पर चलने वाली अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बसों और लंबी दूरी के ट्रकों को बिना किसी देरी के त्वरित चार्जिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे शहरों के बीच लॉजिस्टिक्स और सार्वजनिक परिवहन का समय बचेगा।फ्लीट-आधारित मांग पर केंद्रित रणनीति: रोज 15,000 से अधिक इलेक्ट्रिक गाड़ियां होंगी चार्जआमतौर पर सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद उस पर पर्याप्त ट्रैफिक आएगा या नहीं। चार्जजोन ने इस पारंपरिक मॉडल को बदलते हुए 'डिमांड-फर्स्ट' अप्रोच अपनाया है। यह ₹10,500 करोड़ का एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट कमर्शियल फ्लीट ऑपरेटरों, अंतरराज्यीय बस सेवाओं और डिलीवरी कंपनियों के साथ हुआ है, जिनके रूट्स तय हैं और दैनिक बिजली की खपत सुनिश्चित है। कंपनी का आकलन है कि इन अनुबंधित फ्लीट्स के जरिए नए स्टेशनों पर प्रतिदिन 15,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग की जाएगी। इससे स्टेशनों का औसत नेटवर्क उपयोग (Utilisation Rate) वर्तमान के 14 फीसदी से बढ़कर सीधे 30 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है।नेटवर्क क्षमता में भारी उछाल: 120 मेगावाट से बढ़कर 300 मेगावाट होगी कुल पावर क्षमताइस बड़े विस्तार अभियान के पूरा होने के बाद चार्जजोन के चार्जिंग नेटवर्क की कुल क्षमता में 180 मेगावाट (MW) की भारी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही कंपनी की कुल नेटवर्क क्षमता वर्तमान के 120 मेगावाट से बढ़कर सीधे 300 मेगावाट के स्तर पर पहुंच जाएगी। पूरी तरह सक्रिय होने पर यह पूरा नेटवर्क सालाना लगभग 700 गीगावाट-घंटे (GWh) ऊर्जा वितरित करेगा और रोजाना 15,000 से अधिक चार्जिंग सेशन को आसानी से हैंडल करने में सक्षम होगा। इतनी बड़ी ऊर्जा क्षमता से देश में लाखों लीटर डीजल की खपत पर रोक लगेगी और भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।फंडिंग का पुख्ता बंदोबस्त: बैंकों से मिला ₹250 करोड़ का कर्ज, $100 मिलियन अतिरिक्त जुटाने की तैयारीइस पूंजी-सघन बुनियादी ढांचा परियोजना को वित्तीय गति देने के लिए कंपनी ने अपने फंड जुटाने के चरण को भी मजबूत कर लिया है। चार्जजोन ने भारतीय प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों से ऋण वित्तपोषण (Debt Financing) के माध्यम से ₹250 करोड़ ($25 मिलियन) की राशि सुरक्षित कर ली है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान कंपनी इक्विटी और अतिरिक्त ऋण के जरिए 100 मिलियन डॉलर (लगभग ₹830 करोड़ से अधिक) की नई पूंजी जुटाने की प्रक्रिया में है। यह समूची पूंजी नए सुपरचार्जिंग स्टेशनों के निर्माण, माइक्रो-ग्रिड अवसंरचना, आधुनिक ऊर्जा प्रबंधन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर तकनीकों के विकास में निवेश की जाएगी।ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज (BESS) का अनोखा तालमेलकेवल चार्जिंग पॉइंट लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि ग्रिड पर पड़ने वाले दबाव को नियंत्रित करना भी एक बड़ी तकनीकी चुनौती है। चार्जजोन अपने नए हाई-स्पीड सुपरचार्जिंग स्टेशनों पर सौर ऊर्जा (Solar Power) और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को सीधे ग्रिड से जोड़ रहा है। इसका फायदा यह होगा कि पीक ऑवर्स के दौरान जब एक साथ कई हैवी बसें और ट्रक चार्जिंग के लिए प्लग-इन करेंगे, तब स्थानीय ग्रिड पर अत्यधिक लोड नहीं पड़ेगा। दिन के समय सोलर पैनल्स द्वारा बनाई गई बिजली को इन बीईएसएस बैटरियों में स्टोर किया जाएगा और रात में भारी वाहनों की सुपरफास्ट चार्जिंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यह पूरा इकोसिस्टम पर्यावरण के अनुकूल और नेट-जीरो कार्बन लक्ष्यों के अनुरूप बनेगा।भारत के कमर्शियल लॉजिस्टिक्स और ट्रक सेक्टर में आएगा क्रांतिकारी बदलावअब तक भारत में इलेक्ट्रिक क्रांति का प्रभाव मुख्य रूप से दोपहिया, तिपहिया और इंट्रा-सिटी कारों तक सीमित था। लंबी दूरी के ट्रकों और भारी मालवाहक वाहनों को ईवी में बदलना एक दूर का सपना माना जाता था, क्योंकि उनके लिए मेगावाट स्तर के हाई-पावर चार्जर्स की दरकार होती है। ₹10,500 करोड़ के इस ऐतिहासिक कॉन्ट्रैक्ट से यह साफ हो गया है कि बड़े लॉजिस्टिक्स बेड़े अब डीजल से इलेक्ट्रिक की ओर रुख करने के लिए तैयार हैं। भारी ट्रकों के विद्युतीकरण से माल ढुलाई की परिचालन लागत में 40 से 50 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है, जिसका सीधा सकारात्मक असर देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई और औद्योगिक विकास पर पड़ेगा।पीएम ई-ड्राइव और राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को मिलेगा जबरदस्त संबलकेंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना और नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन के तहत सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। चार्जजोन की यह ₹10,500 करोड़ की निजी क्षेत्र की पहल सरकारी नीतियों को जमीन पर उतारने में उत्प्रेरक का काम करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी देश में राजमार्गों पर भरोसेमंद और सुपरफास्ट चार्जिंग का नेटवर्क तैयार हो जाता है, तो ऑटोमोबाइल निर्माता भी बड़े पैमाने पर भारी इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियां बाजार में उतारने के लिए प्रेरित होते हैं। चार्जजोन का यह विस्तार भारत को वैश्विक ईवी क्रांति में एक प्रमुख लीडर के रूप में स्थापित करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 11:14 pm

सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स का प्रस्ताव ठुकराया, घर खरीदारों को राहत नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें एक साल में फ्लैट देने या पैसे लौटाने की बात थी, इसे देरी करने का पैंतरा बताया। कोर्ट ने कंपनी को नया प्रस्ताव दाखिल करने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि अन्यथा वह घर खरीदारों के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति नियुक्त करेगी।

जागरण 8 Sep 2026 11:12 pm

'अपने बच्चों को पढ़ने के लिए दिल्ली न भेजना', फफक पड़े अर्पित के पिता

Delhi PG Building Collapse Dewas Student Arpit Jaj: दिल्ली के सत्य निकेतन में PG ढहने से देवास के अर्पित जाज की मौत. गमगीन पिता बोले- 'बच्चों को पढ़ने दिल्ली मत भेजना'. परिजनों ने किया नेत्रदान.

आज तक 8 Sep 2026 11:12 pm

PM Narendra Modi के जन्मदिन पर Chhattisgarh में जलेंगे 36 लाख दीये

रायपुर, आठ सितंबर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दीर्घायु, स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन के लिए 17 सितंबर को पूरे प्रदेश में 36 लाख ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके तहत प्रत्येक मतदान केंद्र (बूथ) पर कम-से-कम 100 दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। शर्मा ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह अभियान मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का व्यापक जनांदोलन बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के संवैधानिक पद (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के पद) पर रहते हुए 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘सेवा पखवाड़ा’ के कार्यक्रमों की जानकारी दी और बताया कि अभियान में हर गांव, शहर, बूथ और परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक बूथ पर हर परिवार दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा समर्पण के प्रति आभार प्रकट करेगा और ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प लेगा। शर्मा ने बताया कि सात अक्टूबर को जिला मुख्यालयों के प्रमुख चौराहों पर एक विशेष मशाल स्थापित की जाएगी। सात अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी के सरकार प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष पूरे हो रहे है, इस दिन प्रमुख चौकों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री देश के सभी जिला केंद्रों को एक साथ संबोधित करेंगे। इस दौरान युवाओं की एक विशेष यात्रा प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर (गुजरात) से उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक निकाली जाएगी। यह यात्रा विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए छत्तीसगढ़ के कवर्धा और कोरिया समेत कई क्षेत्रों में पहुंचेगी। अभियान के तहत ‘वडनगर से वाराणसी’ (जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा) कार्यक्रम होगा। उप मुख्यमंत्री ने ‘सेवा के रंग’ रंगोली प्रतियोगिता के बारे में बताया कि सार्वजनिक स्थानों, प्रमुख संस्थानों और घरों में 25 वर्षों के विकास कार्यों और सेवा भाव पर आधारित रंगोली प्रतियोगिताएं और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। शर्मा ने बताया कि जनसेवक महाकुंभ कार्यक्रम के तहत पंच से लेकर संसद तक के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का एक राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी जनप्रतिनिधि भाग लेंगे। ‘25 साल की 25 कहानियां’ कार्यक्रम के तहत विगत 25 वर्षों में देश के बड़े बदलावों, निर्णयों (जैसे धारा 370 हटाना) और बड़े निर्माण कार्यों (चिनाब ब्रिज, अटल टनल, सरदार सरोवर) को कहानियों के माध्यम से समाज और युवाओं के बीच प्रस्तुत किया जाएगा।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 11:12 pm

'राज्य में एनआरसी के लिए आधार वर्ष होगा 1951', बोले मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम

मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम ने घोषणा की कि राज्य में एनआरसी के लिए आधार वर्ष 1951 होगा और सरकार केंद्र के साथ इस मामले को आगे बढ़ाएगी।

जागरण 8 Sep 2026 11:05 pm

UK: एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में खराबी से मचा हड़कंप, सैकड़ों उड़ानों पर असर

NATS के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी से ब्रिटेन के हीथ्रो, गैटविक समेत कई एयरपोर्ट्स पर सैकड़ों फ्लाइट्स प्रभावित हुईं. करीब 300 कैंसिलेशन और बड़ी संख्या में देरी हुई. NATS ने फिक्स लागू कर सिस्टम रिकवर होने की जानकारी दी, लेकिन यात्रियों को आगे भी परेशानी हो सकती है.

आज तक 8 Sep 2026 11:02 pm

डोपिंग के कारण एशियाई बीच गेम्स में कबड्डी खिलाड़ी बृजेंद्र सिंह चौधरी का सिल्वर मेडल छीना

नई दिल्ली। इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) ने मंगलवार को बताया कि भारतीय कबड्डी खिलाड़ी बृजेंद्र सिंह चौधरी का एशियाई बीच गेम्स का सिल्वर मेडल छीन लिया गया है, क्योंकि वे प्रतिबंधित डाइयूरेटिक ‘ब्रिंज़ोलैमाइड’ के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। चौधरी, जो सान्या में हुए छठे एशियाई बीच गेम्स में भारत की सिल्वर मेडल जीतने वाली […] The post डोपिंग के कारण एशियाई बीच गेम्स में कबड्डी खिलाड़ी बृजेंद्र सिंह चौधरी का सिल्वर मेडल छीना appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Sep 2026 11:01 pm

पंजाब में नशे पर सवाल उठाने वाले ग्रामीण की खुदकुशी पर सियासत तेज, कांग्रेस का AAP पर हमला, वित्त मंत्री के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस ने पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुलजार सिंह की आत्महत्या पर आप सरकार पर हमला बोला है। पार्टी ने वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा को हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, आरोप है कि गुलजार सिंह ने अपनी मौत के लिए चीमा को जिम्मेदार ठहराया था।

जागरण 8 Sep 2026 11:00 pm

बारिश में सापों को बुलाती है इन चीजों की महक, तभी खिंचे चले आते हैं

बारिश में अक्सर घरों से सांप निकलने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं जिसकी एक वजह घर में कुछ ऐसी चीजों की मौजूदगी होती है जो सांपों को अपनी तरफ खींचती हैं. यहां हम आपको ऐसी ही कुछ चीजों की जानकारी दे रहे हैं जिनकी महक सूंघकर सांप घरों में खिंचे चले आते हैं.

आज तक 8 Sep 2026 11:00 pm

मानसून फिर पकड़ेगा रफ्तार, 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; राजस्थान-गुजरात में बरसात पर अल्प-विराम

बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम के कारण मानसून की विदाई टल गई है, जिससे पूर्व से लेकर उत्तर-पश्चिम के राज्यों में बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है।

जागरण 8 Sep 2026 11:00 pm

न मालगाड़ी रुकेगी, न लेट होंगी पैसेंजर ट्रेनें... फ्रेट नेटवर्क से बदलेगी भारतीय रेल की तस्वीर

प्रधानमंत्री मोदी ने वडोदरा में पश्चिमी डीएफसी के अंतिम तीन सेक्शन राष्ट्र को समर्पित किए, जिससे देश को 2,843 किलोमीटर का अलग माल ढुलाई रेल नेटवर्क मिला। यह परियोजना भारत की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगी, मालगाड़ियों की गति बढ़ाएगी और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगी।

जागरण 8 Sep 2026 11:00 pm

नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, 5.3 रिक्टर स्केल पर कांपी धरती

तिब्बत और नेपाल में बुधवार को 5.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 35 किलोमीटर दर्ज की गई. हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद आए इन झटकों से पर्वतीय क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है.

आज तक 8 Sep 2026 10:58 pm

भारतीय ओलिंपिक संघ का बड़ा फैसला, NSGA के तहत संविधान में बदलाव मंजूर

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (एनएसजीए) के अनुरूप अपने संविधान में बदलावों को मंजूरी दी है।

जागरण 8 Sep 2026 10:58 pm

PMO के नाम पर फर्जीवाड़ा, पीएम की सुरक्षा में चूक? रोहन की कहानी के कई सवाल अभी अनसुलझे

सात सितंबर को मुंबई के जियो वर्ल्ड प्लाजा से गिरफ्तार किए गए रोहन पारेख और उसके बॉडीगार्ड को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है. इस मामले में कई ट्विस्ट और कई सवाल हैं.

आज तक 8 Sep 2026 10:55 pm

Double Murder:

Double Murder:

वन इंडिया 8 Sep 2026 10:55 pm

जल जीवन मिशन मामले में आरोपी विशाल सक्सेना की जमानत अर्जी खारिज

जयपुर। राजस्थान में जल जीवन मिशन में 979 करोड़ 27 लाख रुपए के टेंडर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिए जाने से जुड़े मामले में गिरफ्तार तत्कालीन अधिशाषी अभियंता विशाल सक्सेना को अदालत से राहत नहीं मिली। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत -2 के न्यायाधीश राजेश दड़िया ने मामले को गंभीर अपराध मानते […] The post जल जीवन मिशन मामले में आरोपी विशाल सक्सेना की जमानत अर्जी खारिज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Sep 2026 10:55 pm

टोल माफ, जानें ‘कोंकण दर्शन’ पास कहां से मिलेगा

गणेशोत्सव 2026 पर मुंबई से कोंकण और कोल्हापुर जाने वालों को 11 से 27 सितंबर तक टोल से छूट मिलेगी. जानें किन रास्तों पर सुविधा लागू होगी और ‘गणेशोत्सव 2026 कोंकण दर्शन’ पास कहां से मिलेगा. वीडियो में जानें टोल फ्री रूट से लेकर टोल टैक्स में इस छूट को लेकर क्या नियम.

आज तक 8 Sep 2026 10:52 pm

ट्रंप से 1 घंटे तक रूसी राष्ट्रपति की बात, पुतिन ने अमेरिका को दे दिया बड़ा भरोसा!

ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत एक घंटे तक चली. इस दौरान पुतिन ने ट्रंप को भरोसा दिलाया कि यूरोप को लेकर उनका कोई आक्रामक प्लान नहीं है. इसके अलावा दोनों नेताओं ने यूक्रेन पर चर्चा की.

आज तक 8 Sep 2026 10:49 pm

नगर निकाय चुनाव : मतगणना के लिए रिटर्निंग अधिकारी एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त

अजमेर। नगर निकाय आम चुनाव- 2026 के लिए नगर निकायों के सदस्य पदों के मतगणना के लिए रिटर्निंग अधिकारी एवं उनके सहायतार्थ सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किए गए है। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) लोक बंधु ने बताया कि नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 की मतगणना 14 सितम्बर को निकाय स्तर पर की जाएगी। इसके लिए […] The post नगर निकाय चुनाव : मतगणना के लिए रिटर्निंग अधिकारी एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Sep 2026 10:48 pm

तमंचा लेकर पड़ोसी के घर पहुंचा पूर्व मंत्री हाजी याकूब का बेटा, CCTV वायरल

मेरठ में पूर्व मंत्री और मीट कारोबारी हाजी याकूब कुरैशी के बेटे फिरोज उर्फ भूरा की दबंगई का CCTV सामने आया है. आरोप है कि वह साथियों के साथ तमंचा लेकर पड़ोसी के घर पहुंचा, दरवाजा तोड़ने की कोशिश की और धमकी दी. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया. चार टीमें लगाई गईं और मुख्य आरोपी फिरोज को हिरासत में लिया गया.

आज तक 8 Sep 2026 10:46 pm

रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी, व्यापारियों से की मुलाकात

राहुल गांधी ने रायबरेली के प्रभु टाउन में स्थानीय व्यापारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान पर चर्चा की. लखनऊ एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत किया.

आज तक 8 Sep 2026 10:46 pm

DK Shivakumar ने Ballari में BJP की रैली को दी अनुमति, अधिकारियों को दिए निर्देश

बेंगलुरु/बल्लारी, आठ सितंबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह किसी को भी प्रदर्शन करने से नहीं रोकेंगे और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भाजपा को बल्लारी के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज मैदान में 10 सितंबर को जनसभा आयोजित करने की अनुमति दें। विपक्षी भाजपा ने दावा किया कि सरकार ने दबाव में आकर अनुमति देने का फैसला किया है, जबकि शुरुआत में उसने प्रदर्शन को मंजूरी देने से इनकार कर पार्टी (भाजपा) को रोकने की कोशिश की थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इससे पहले कांग्रेस सरकार के कथित भ्रष्टाचार और विफलताओं के खिलाफ अपनी 10 दिवसीय पदयात्रा के समापन के अवसर पर मैदान में जनसभा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई थी। प्राधिकारियों ने 2015 के एक सरकारी आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज के मैदान और इमारतें निजी संगठनों या संघों को सार्वजनिक या निजी कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों, बिक्री स्टॉल, मनोरंजन कार्यक्रमों और ऐसे अन्य आयोजनों के लिए उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं। भाजपा की ‘बल्लारी चलो’ पदयात्रा एक सितंबर को रायचूर जिले के लिंगसुगुर से शुरू हुई थी और इसका समापन 10 सितंबर को बल्लारी में होना है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र के नेतृत्व में निकाली जा रही इस पदयात्रा में पार्टी के कई नेता, विधायक, विधान परिषद सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं। शिवकुमार ने कहा, ‘‘वे (भाजपा) आपको गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने (अधिकारियों से) कहा है कि वे जिस सबसे बड़े मैदान की मांग करें, वह उन्हें दिया जाए। मैंने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सड़कों पर कोई बाधा न हो, बस इतना ही। मैं किसी को नहीं रोकूंगा।’’बेंगलुरु में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें सौ प्रेस वार्ताएं करने दें और सौ बयान तथा आरोप लगाने दें। वे जो भी आरोप लगाएं, सब झूठ है। राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) खुद झूठ का पुलिंदा है। जैसा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया कहा करते थे, झूठ उनका इष्ट देवता है। उन्हें जो करना है, करने दें।’’सूत्रों के अनुसार, अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी मिलने के बाद शिवकुमार ने बल्लारी के उपायुक्त से बात की और उन्हें मंजूरी देने का निर्देश दिया। सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने अनुमति नहीं दिए जाने के मुद्दे को ‘‘बड़ा मुद्दा’’ बनाने का फैसला किया था और कांग्रेस सरकार को ‘‘अलोकतांत्रिक’’ तथा ‘‘असंवैधानिक’’ बताने के उद्देश्य से आंदोलन की योजना बनाई थी। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने शुरू में अधिकारियों पर अनुमति नहीं देने के लिए दबाव डाला था, लेकिन भाजपा के प्रयासों के चलते प्रशासन को अपने फैसले पर पुनर्विचार करके अनुमति देनी पड़ी। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार के दबाव के बीच उपायुक्त असहाय नजर आ रहे थे। सरकार का कहना था कि किसी भी कीमत पर अनुमति नहीं दी जानी चाहिए-उन्हें जहां करना है, करें, अगर चाहें तो शहर के बाहर करें। राज्य सरकार की ओर से उपायुक्त पर ऐसा दबाव था, इसलिए हमारे कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई। हमने प्रशासन के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान भी किया था।’’विजयेंद्र ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा ने तय किया था कि यदि अनुमति नहीं दी गई तो वह उपायुक्त कार्यालय के सामने जनसभा करेगी। उन्होंने कहा, “लेकिन हमें खुशी है कि हमारे दबाव के आगे झुकते हुए प्रशासन ने अनुमति दे दी। मैं राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि लोकतंत्र में इस तरह के प्रदर्शनों और आंदोलनों को दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पदयात्रा के रूप में हमारा आंदोलन वैध और शांतिपूर्ण है। हम किसी तरह की हिंसा नहीं कर रहे हैं। इसे दबाने का कोई भी प्रयास अलोकतांत्रिक है और किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए।’’भाजपा ने 10 सितंबर को अपराह्न तीन बजे से रात आठ बजे तक मैदान में जनसभा आयोजित करने की अनुमति मांगी थी और प्राधिकारियों को बताया था कि इसमें 50,000 से अधिक लोगों एवं गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। बल्लारी जिला भाजपा अध्यक्ष अनिल कुमार मोका को सात सितंबर को भेजे गए एक पत्र में बल्लारी और विजयनगर जिलों के प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षा विभाग के उप निदेशक ने 2015 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों के मैदानों और भवनों का ऐसे आयोजनों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देने के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र में कहा गया कि निर्देशों का पालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित कॉलेज के प्राचार्य को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। पत्र में कहा गया था, “उपरोक्त के मद्देनजर, बल्लारी के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज मैदान में 10 सितंबर को प्रस्तावित बड़ी जनसभा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसलिए, आपके अनुरोध पर विचार नहीं किया जा सकता।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 10:42 pm

नयी मंडी घडसाना में सोशल मीडिया में टिप्पणी को लेकर युवक की हत्या

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के नयी मंडी घडसाना थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया में टिप्पणी से उपजी रंजिश के चलते एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि चक 4-एनएम में सोमवार को करीब सात बजे अपने खेत में मूंग फसल की कटाई कर रहे राहुल […] The post नयी मंडी घडसाना में सोशल मीडिया में टिप्पणी को लेकर युवक की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Sep 2026 10:39 pm

घर के सामने अचानक निकल आया मगरमच्छ, बिजनौर में मचा हड़कंप

Bijnor Khirni Village Crocodile Rescue: बिजनौर के खिरनी गांव में पूर्व प्रधान के घर के बाहर आबादी के बीच निकला मगरमच्छ. वन विभाग और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन. देखें पूरी रिपोर्ट.

आज तक 8 Sep 2026 10:39 pm

जितने वोटों के अंतर से 70 में 68 पर हुई हार-जीत, दिल्ली में उससे ज्यादा मतदाता SIR में हो गए बाहर!

रिपोर्ट में कहा गया कि सूची से बाहर किए गए मतदाताओं में 31,59,223 को स्थायी रूप से स्थानांतरित, 11,73,552 को पता नहीं चलने , 2,82,412 को मृत और 1,41,535 को पंजीकृत/दोहरे मतदाता के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 10:37 pm

कठिन दौर में ऊंची आर्थिक वृद्धि से भारत के प्रति दुनिया का भरोसा बढ़ा : मोदी

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कठिन वैश्विक हालात के बीच देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में अनुमानित 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को भारत के प्रति दुनिया में नया भरोसा जगाने वाली उपलब्धि बताते हुए मंगलवार को कहा कि यह बात वैश्विक रेटिंग एजेंसियों की रिपोर्ट में भी […] The post कठिन दौर में ऊंची आर्थिक वृद्धि से भारत के प्रति दुनिया का भरोसा बढ़ा : मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Sep 2026 10:35 pm

₹1020 करोड़ का भ्रष्टाचार मामला, पूर्व मंत्री केएन नेहरू समेत 13 लोगों पर FIR दर्ज

तमिलनाडु में डीवीएसी ने पूर्व मंत्री केएन नेहरू और 12 अन्य के खिलाफ ₹1,020 करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज की है।

जागरण 8 Sep 2026 10:33 pm

फतेहपुर में नौकरी से लेकर जमीन तक के नाम पर ठगी का आरोप, परिवार की फर्जी दिव्यांग पेंशन भी बनवाई

फतेहपुर में सुमित सिंह पर नौकरी, बहन की शादी, जमीन और एससी-एसटी केस में मदद के नाम पर लाखों रुपये ठगने के आरोप हैं. परिवार के लोगों के फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र और पेंशन बनवाने का भी आरोप है. करीब 2.40 लाख रुपये का लाभ लेने की बात सामने आई है. विभाग ने रिकवरी नोटिस जारी किया है, जबकि पुलिस पर गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप है.

आज तक 8 Sep 2026 10:33 pm

Kanker NIA Court ने 2015 के पुलिस मुठभेड़ मामले में 5 माओवादियों को सुनाई सजा

कांकेर, आठ सितंबर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने 2015 में भैंसगांव-नागरमारी पहाड़ी इलाके में पुलिस दल पर हुए माओवादी हमले के मामले में माओवादी दंपती समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि माओवादी दंपती पर क्रमशः 25 लाख रुपये और आठ लाख रुपये का इनाम है। उन्होंने बताया कि कांकेर में एनआईए की विशेष न्यायाधीश विभा पांडेय की अदालत ने सोमवार को 2015 के भैंसगांव-नागरमारी पहाड़ी पर हुए पुलिस दल पर हमले के मामले में ‘स्पेशल जोनल कमेटी’ सदस्य प्रभाकर राव और उनकी पत्नी ‘डिविजनल कमेटी’ सदस्य राजे कांगे समेत पांच नक्सलियों को दोषी ठहराया। अधिकारियों ने बताया कि अन्य आरोपियों में श्यामनाथ उसेंडी, चिंतूराम ताम्रकार और रमेश कुमार कुमेटी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अदालत ने प्रभाकर और राजे को सात-सात वर्ष तथा अन्य नक्सलियों को पांच-पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि नक्सली प्रभाकर और राजे कांगे के खिलाफ हत्या, लूट, अपहरण सहित विभिन्न थानों में कुल 64 और 36 मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ कई गंभीर नक्सली वारदातों में शामिल होने, थाना प्रभारी और गोपनीय सैनिक की हत्या एवं जनअदालत में हत्या जैसे मामले में शामिल होने के आरोप हैं। अधिकारियों ने बताया कि सात सितंबर, 2015 को कांकेर जिले के कोरेर थाना से 49 पुलिस कर्मियों को गश्त में रवाना किया गया था। जब वह भैंसगांव-नागरमारी पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचे थे तब नक्सली प्रभाकर और राजे कांगे तथा लगभग आठ अन्य वर्दीधारी माओवादियों ने उनपर गोलीबारी कर दी। बाद में पुलिस दल ने जब जवाबी कार्रवाई की तब नक्सली वहां से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और बाद में प्रभाकर, राजे कांगे तथा उन्हें सहयोग और संरक्षण देने के आरोप में श्यामनाथ उसेंडी, चिंतूराम ताम्रकार और रमेश कुमार कुमेटी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अधिकारियों ने बताया कि अदालत ने सुनवाई के बाद 29 अगस्त 2026 को मामले में निर्णय सुरक्षित रख लिया था तथा सोमवार को आरोपियों को मामले में दोषी पाते हुए निर्धारित धाराओं के तहत सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को वैज्ञानिक तथा तकनीकी तरीके से सुरक्षित रखने और अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने की दिशा में कांकेर पुलिस ने विशेष सावधानी बरती। अधिकारियों ने बताया कि माओवादी प्रभाकर और राजे कांगे से प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज/डिजिटल साक्ष्यों को साइबर प्रकोष्ठ, पुलिस मुख्यालय के तकनीकी सहयोग से आवश्यक प्रक्रिया के तहत जुटाया और संरक्षित किया गया। इसके बाद उस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को विधिवत अदालत के सामने प्रस्तुत किया गया, जिसे अदालत ने साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया गया। इसी प्रकार, जांच के दौरान पुलिस द्वारा की गई विभिन्न कार्यवाहियों और उनसे संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों को भी ई-साक्ष्य के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में संरक्षित किया गया। उन्होंने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप विवेचना संबंधी कार्यवाहियों के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखते हुए उन्हें अदालत के सामने प्रस्तुत किया गया। अदालत द्वारा इन ई-साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक रूप से संरक्षित विवेचना संबंधी दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाना, कांकेर पुलिस की आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग, वैज्ञानिक विवेचना तथा साक्ष्य संकलन की बेहतर प्रक्रिया को दर्शाता है।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 10:33 pm

मानदेय बढ़ने की घोषणा से आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं में खुशी की लहर

लखनऊ, 8 सितंबर। प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा से उनमें खुशी की लहर है। कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने इसे अपने श्रम और जिम्मेदारियों के सम्मान के साथ-साथ परिवार के लिए बड़ी राहत बताया है।मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय आठ हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का चार हजार रुपये से बढ़ाकर छह हजार रुपये करने की घोषणा की। साथ ही कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और उनके परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने का भी एलान किया। सरकार की इस घोषणा को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यकत्रियों ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।बच्चों व महिलाओं तक योजनाएं पहुंचाने में अहम भूमिकामीरजापुर के आंगनवाड़ी केंद्र चिल्ह तृतीय की कार्यकत्री विद्यादेवी ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में कार्यकत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से लेकर महिलाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने तक कार्यकत्रियां जिम्मेदारी निभाती हैं। मानदेय बढ़ने से बहुत खुशी हुई है। सरकार ने कैशलेस इलाज की सुविधा से जोड़कर उनके श्रम का सम्मान किया है।सहायिकाओं में भी बढ़ा उत्साहमीरजापुर के आंगनवाड़ी केंद्र मलाधरपुर प्रथम की सहायिका क्रांति देवी ने कहा कि मानदेय बढ़ने और कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की घोषणा से उनके जैसी हजारों सहायिकाओं में उत्साह बढ़ा है। सरकार का यह कदम उनके परिवार के लिए भी राहत और खुशी लेकर आया है। बढ़ा हुआ मानदेय घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मददगार होगा।आंगनवाड़ी केंद्र अमोई द्वितीय की कार्यकत्री संजीता देवी ने कहा कि मानदेय बढ़ने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से उन्हें अपने दायित्वों को और बेहतर ढंग से निभाने की प्रेरणा मिलेगी।जिम्मेदारी निभाने का उत्साह और बढ़ामेरठ की नव नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकत्री राखी ने कहा कि नियुक्ति मिलना उनके लिए बेहद खुशी का पल है। इसके साथ सरकार ने मानदेय बढ़ाकर और परिवार के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा देकर बड़ी राहत दी है। इससे जिम्मेदारी निभाने का उत्साह और बढ़ा है।आंगनवाड़ी कार्यकत्री गीता ने कहा कि मानदेय में बढ़ोतरी सभी के लिए बड़ी खुशी की बात है। परिवार के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलना भी बड़ी राहत है। सरकार ने उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों को समझा है।कार्यकत्री बबीता ने कहा कि सरकार ने मानदेय बढ़ाने के साथ परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा की भी चिंता की है। तीन साड़ियां मिलने से भी सुविधा होगी। इन फैसलों से सम्मान और भरोसा दोनों मिला है। मनोरमा ने कहा कि परिवार के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा से चिंता कम हुई है। राजकली ने कहा कि योगी सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की मेहनत को सम्मान दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 10:29 pm

सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन में MCD, जर्जर इमारतें गिराने का काम शुरू, देखें

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत को गिराने का काम शुरू हो गया है. रविवार को जो इमारत गिरी थी उसके पड़ोस वाली इमारत को गिराने के आदेश मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए थे. ये इमारत लोहे के पाइपों के सहारे टिकी थी..जिसे गिराने के लिए MCD के अफसर-कर्मचारी पहुंच गए हैं. मौसमी सिंह मौके पर मौजूद हैं उनसे बात करते हैं. देखें रिपोर्ट.

आज तक 8 Sep 2026 10:29 pm

गहलोत सवाल की बजाय अपने कर्मों का दें जवाब : भजनलाल शर्मा

कोटा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा है कि उन्हें राजनीति से प्रेरित आरोप लगाने और सवाल उठाने की बजाय अपने शासनकाल में हुए पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं पर जनता को जवाब देना चाहिए। शर्मा मंगलवार को कोटा में नगर निकाय चुनाव में भाजपा […] The post गहलोत सवाल की बजाय अपने कर्मों का दें जवाब : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Sep 2026 10:29 pm

पहली पत्नी के रहते बिना इजाजत दूसरी शादी की तो नहीं मिलेगी अनुकंपा नौकरी, HC का फैसला

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि पहली पत्नी के जीवित रहते बिना विभागीय अनुमति दूसरी शादी करने वाले सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद दूसरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिलेगी. कोर्ट ने पहली पत्नी और नाबालिग बेटे को रिटायरमेंट बेनिफिट्स और ग्रेच्युटी में हिस्सा देने का आदेश दिया.

आज तक 8 Sep 2026 10:28 pm

वोट की खातिर सपा ने अपना रंग बदला, फिर भी नहीं मिलेगा दलितों का समर्थन: डॉ. निर्मल        

लखनऊ, 08 सितंबर। डॉ. आम्बेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने शुरुआती दिनों से ही दलित विरोधी रही है। दलित समाज अभी भी अखिलेश यादव के सपा शासन और दलितों के खिलाफ हुई ज्यादितियों को अभी भूला नहीं है। सपा प्रमुख को लगता है कि अपनी पार्टी के झंडे या पोस्टर पर बाबा साहब डॉ. आम्बेडकर का फोटो लगाने या सपाइयों की ड्रेस का रंग लाल से नीला कर देने से दलित समाज उनके साथ जुड़ जाएगा। लेकिन उन्हें इस बात को भी समझना चाहिए कि आखिर सबसे ज्यादा दलितों का नुकसान उनके नेतृत्व में यूपी में बनी सपा सरकार में ही हुआ। दलित वर्ग के अधिकारियों को तीन-तीन पद डिमोट करके उन्हें सामाजिक और मानसिक रूप से अपमानित किया गया। अब रंग बदलने से दलित समाज अखिलेश के साथ जाने वाला नहीं है।अखिलेश यादव ने गिरगिट को भी पीछे छोड़ दियाडॉ. लाल जी निर्मल ने कहा कि रंग बदलने में तो अखिलेश यादव ने गिरगिट को भी पीछे छोड़ दिया है। इतनी जल्दी-जल्दी तो गिरगिट भी रंग नहीं बदलता है। अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में डॉ. अम्बेडकर समेत बहुजन नायकों का समय-समय पर अपमान किया। इतना ही नहीं दलित समाज को तो हर मोड़ पर प्रताड़ित और अपमानित किया गया। दलितों की जमीनों पर सपा कार्यकर्ताओं द्वारा कब्जा किया गया, गांवों में दलितों का जीना दूभर कर दिया गया। इनके अन्याय और उत्पीड़न से निजात पाकर दलित समाज योगी जी की सरकार में खुश है, अब अखिलेश एक बार फिर नेताओं की ड्रेस का रंग बदलकर दलितों के वोट के सहारे सत्ता में आना चाहते हैं। ताकि सत्ता में आकर वे एक बार फिर अपने मूल चरित्र में वापस आ जाएं और दलितों का उत्पीड़न करके उन्हें लाल-पीला करते रहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 10:27 pm

170 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा टस से मस नहीं हुई, तो...

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए 170 साल पुरानी खड़े हनुमान जी की प्रतिमा हटाने की कोशिश दो दिन बाद भी सफल नहीं हुई. अब पुरातत्व विशेषज्ञ प्रतिमा के आधार और आसपास की मिट्टी की स्कैनिंग करेंगे. वीडियो में जानें इस पूरी घटना को लेकर क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स.

आज तक 8 Sep 2026 10:26 pm

UP में अब 70 साल तक सेवाएं दे सकेंगे सरकारी डॉक्टर, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक का ऐलान

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सकों को 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्ति देने संबंधी आदेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे अस्पतालों को राहत मिलेगी.

आज तक 8 Sep 2026 10:25 pm

Delhi Police ने फार्महाउस गोदाम में चोरी का किया खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार

नयी दिल्ली, आठ सितंबर दक्षिणी दिल्ली के एक फार्महाउस में बने गोदाम में चोरी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चोरी का लगभग 50 लाख रुपये मूल्य का माल बरामद हुआ है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान इरशाद (24), पिंटू (26), मिथुन कुमार (24) और अमजद (26) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में 87 वर्षीय वजीर अहमद नाम का व्यक्ति भी शामिल है। उनके मुताबिक, सात सितंबर को एक फार्महाउस में चोरी की सूचना मिली थी, जिसे शिकायतकर्ता द्वारा गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। सूचना के बाद फतेहपुर बेरी थाने की एक टीम ने मौके का निरीक्षण किया और घटनास्थल की वैज्ञानिक तरीके से जांच की। पुलिस ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया, जबकि तकनीकी निगरानी की गई और स्थानीय खुफिया सूचनाएं जुटाई गईं। अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों की पहचान की गई और उन्हें सुल्तानपुर-मंडी क्षेत्र में विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान, चोरी में उनकी कथित संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उनके द्वारा छुपाए गए स्थानों से चोरी का सामान बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि बरामद की गई वस्तुओं में घड़ियां, बैग और बैकपैक, परफ्यूम और खुशबू से जुड़े उत्पाद, व्यक्तिगत देखभाल का सामान, योगा टॉवल, बार और कटलरी का सामान, एक ‘हनीवेल मोबाइल कंप्यूटर’, स्पीकर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान, पीतल की वस्तुएं तथा घर को सजाने-संवारने का सामान शामिल है। पुलिस ने कहा कि ‘डिलीवरी’ एजेंट के रूप में काम करने वाला मिथुन कुमार कथित तौर पर इस घटना का मास्टरमाइंड है। पुलिस ने बताया कि फतेहपुर बेरी थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच जारी है।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 10:23 pm

भरतपुर : पिकअप की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के गढ़ी बाजना थाना क्षेत्र में मंगलवार को पिकअप की चपेट में आने से मोटर साइकिल पर सवार एक युवक की मौत हो गई जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लखन और नेत्रपाल शाम को रुदावल से अपने गांव मिर्जापुर जा […] The post भरतपुर : पिकअप की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Sep 2026 10:22 pm

पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने नोएडा में आत्महत्या की

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश मेहता (74) ने नोएडा में अपने किराये के फ्लैट में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली

देशबन्धु 8 Sep 2026 10:20 pm

विनय कुमार सक्सेना बने जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल, मनोज सिन्हा का क्या हुआ?

दरअसल, मनोज सिन्हा इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं. वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने अमेरिका गए हुए हैं.

NDTV इंडिया 8 Sep 2026 10:18 pm

कार का रंग भी है पक्षियों की बीट की वजह? सर्वे हुआ तो..

क्या कार के रंग से पक्षियों की बीट का कोई संबंध है? अलग-अलग सर्वे में भूरे, लाल और सफेद रंग की कारों पर ज्यादा बीट के निशान मिले. हालांकि, रिसर्च में इसका कोई पक्का वैज्ञानिक कारण साबित नहीं हुआ है. वीडियो में जानें अलग-अलग रिसर्च में क्या दावे किए गए हैं.

आज तक 8 Sep 2026 10:14 pm