Telangana Assembly के पहले दिन भारी हंगामा, HC ने BRS विधायकों को रोकने पर पुलिस को लगाई फटकार
हैदराबाद, सात सितंबर तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार के खिलाफ बीआरएस के एक एमएलसी की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और बीआरएस की महिला विधायकों के साथ पुलिस की कथित बदसलूकी को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौरान पंचायत राज मंत्री डी. अनसूया (सीतक्का) ने विधान परिषद सदस्य सदस्य पर अध्यक्ष की दिवंगत मां का अपमान करने का आरोप लगाया, जिसके बाद अध्यक्ष भावुक हो गए। कई दलित कांग्रेस विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों (एमएलसी) ने भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा विपक्षी विधायकों को विधानसभा परिसर के बाहर रोके जाने के दौरान बीआरएस एमएलसी टी. मधुसूदन ने अध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। मधुसूदन ने आरोप से इनकार करते हुए कहा कि यदि उनकी किसी टिप्पणी को अध्यक्ष के खिलाफ माना गया है तो वह उसे वापस लेने को तैयार हैं। सत्र की शुरुआत भी हंगामेदार रही। भाजपा सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए नागरिकों की निजी जमीनों को पंजीकरण अधिनियम की धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित सूची में शामिल किए जाने के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। इस सूची में शामिल संपत्तियों के पंजीकरण और अन्य लेन-देन पर रोक होती है। हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। स्थगन के दौरान विधानसभा के बाहर बीआरएस नेताओं और पुलिस के बीच टकराव हुआ। काली टी-शर्ट पहने बीआरएस नेताओं को पुलिस द्वारा रोका गया। बीआरएस विधायक सुनीता लक्ष्मा रेड्डी ने आरोप लगाया कि जब पुलिस विधायकों को अंदर जाने से रोक रही थी तब उन्हें मामूली चोट लगी। बीआरएस विधायक पी. सबिता इंद्रा रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिला विधायकों की साड़ियां खींचीं। टी. हरीश राव समेत अन्य नेताओं ने विरोध में टी-शर्ट उतार दी और पुलिस उन्हें वहां से ले गई। पार्टी ने कहा कि के. टी. रामा राव समेत कई नेता मामूली रूप से घायल हुए। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के आश्वासन के बाद भाजपा ने जमीन के मुद्दे पर बाद में चर्चा के लिए सहमति जताई। अध्यक्ष के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर रेड्डी ने इसे तेलंगाना के चार करोड़ लोगों का अपमान और राज्य के लिए ‘‘काला दिन’’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने रविवार को पार्टी विधायकों और एमएलसी की बैठक में उन्हें इस तरह व्यवहार करने के लिए उकसाया। इस बीच, विधानसभा के बाहर हुआ विवाद तेलंगाना उच्च न्यायालय पहुंच गया। बीआरएस विधायक टी. श्रीनिवास यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस को बीआरएस विधायकों को विधानसभा में प्रवेश से नहीं रोकने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि विधानसभा के नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना विधानसभा अध्यक्ष का अधिकार है, पुलिस का नहीं। उच्च न्यायालय ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को घटना की जांच कर कथित ज्यादती के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया तथा डीजीपी से रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
लखनऊ ने रचा इतिहास, बना देश का सबसे साफ हवा वाला शहर
Swachh Vayu Survekshan 2026: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ ने इंदौर को पछाड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया. राजनाथ सिंह ने दी बधाई, जानें यूपी के अन्य शहरों की रैंकिंग और पुरस्कार.
न कोई शिकायत, न किसी का इंतजार... नमामि गंगे ने 'बिट्टू तबाही' को सराहा
NMCG Praises Bittu Tabahi Surendra Singh Choudhary: एनएमसीजी ने राजगढ़ के सुरेंद्र सिंह चौधरी 'बिट्टू तबाही' की सराहना की, जिन्होंने बिना प्रशासनिक मदद के अजनार नदी को कचरा मुक्त कर दिया. देखें पूरा वीडियो और रिपोर्ट.
West Asia में तनाव के बीच व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ा रहा भारत, S Jaishankar ने दी जानकारी
नयी दिल्ली, सात सितंबर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को पश्चिम एशिया के साथ भारत के संबंधों को लेकर गठित परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता की और सांसदों को बताया कि क्षेत्र में जारी संघर्ष के बावजूद देश अपने व्यापार और संपर्क को आगे बढ़ा रहा है। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “खाड़ी और डब्ल्यूएएनए (पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका) क्षेत्र के साथ भारत के करीबी संबंधों को रेखांकित किया, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, समुद्री मामलों और लोगों के बीच रिश्तों जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से जारी साझेदारी एवं सहयोग शामिल है।”उन्होंने परामर्श समिति के साथ बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच एक करोड़ भारतीयों का कल्याण और ऊर्जा एवं उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपने व्यापार और संपर्क को आगे बढ़ाने की दिशा में की जा रही हमारी कोशिशों पर भी प्रकाश डाला।”सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कई सांसदों ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और भारत की ऊर्जा जरूरतों का मुद्दा उठाया, जिस पर जयशंकर ने कहा कि संकट के बावजूद नयी दिल्ली अपनी ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में विविधता ला रही है। सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने बैठक में कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसके अमेरिका और ईरान, दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में भी बात की। जयशंकर ने संघर्ष के बाद ईरान से ऊर्जा और अन्य उत्पाद खरीदने पर अमेरिकी प्रतिबंधों के मुद्दे पर भी चर्चा की और कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में अपने राजनीतिक संबंध मजबूत किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ सांसदों ने मक्का समझौते पर भी चिंता जताई और इस पर भारत के रुख के बारे में पूछा। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने सात अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत, अगर इनमें से किसी एक पर भी हमला होता है, तो उसे सभी पर हमला माना जाएगा। यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उठाया गया।
अर्पित की आंखों से कोई और देखेगा दुनिया, बेटे की मौत के बाद परिवार का फैसला
सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले 19 वर्षीय अर्पित की मौत के बाद उनके परिवार ने उनकी कॉर्निया दान करने का फैसला किया है. रविवार को ही अर्पित अपने घर से रक्षाबंधन मना कर दिल्ली लौटे थे.
Palghar में अस्पताल कर्मचारियों से मारपीट पर Rahul Gharat गिरफ्तार, शिंदे ने पार्टी से निकाला
पालघर, सात सितंबर पुलिस ने निजी अस्पताल के कर्मचारियों पर एक दिन पहले हुए हमले के सिलसिले में सोमवार को शिवसेना के पालघर शहर प्रमुख राहुल घरात को गिरफ्तार किया। यह हमला कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने किया था। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घरात को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा की। पालघर थाने के निरीक्षक किशोर महानुभाव ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद घरात को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। यह मामला पालघर के रिलीफ अस्पताल में घायल दही हांडी प्रतिभागियों (गोविंदाओं) के इलाज के बकाया बिल को लेकर हुए हंगामे से जुड़ा है। रविवार तड़के 15 से 20 लोगों का एक समूह, जिन्हें शिवसेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बताया गया है, जबरन अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड और आईसीयू में घुस गया था। आरोप है कि समूह में शामिल घरात ने अस्पताल के एक कर्मचारी को थप्पड़ मारा, जबकि शिवसेना के पालघर जिला प्रमुख कुंदन सांखे और अन्य लोगों ने डॉक्टरों को धमकाया तथा भर्ती एक मरीज को जबरन बाहर ले गए। पुलिस ने सांखे, घरात और स्थानीय विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित समेत 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर भारतीय न्याय संहिता और ‘महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस’ अधिनियम के तहत मारपीट, आपराधिक धमकी, अनधिकृत प्रवेश, गैरकानूनी जमावड़ा और अन्य आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी अस्पताल के बिलिंग काउंटर संभालने वाले विवेक बाबुलिंगा की शिकायत पर दर्ज की गई। पणजी के पास पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए शिवसेना प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री शिंदे ने घरात को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा की। शिवसेना भाजपा नीत महायुति गठबंधन का घटक है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और चिकित्सा कर्मचारियों के साथ शारीरिक मारपीट को शिवसेना कभी उचित नहीं ठहरा सकती और न ही उसका समर्थन कर सकती है। शिंदे ने कहा कि चिकित्सा उपचार से संबंधित किसी भी शिकायत का समाधान कानून के तहत किया जाना चाहिए, न कि कानून अपने हाथ में लेकर। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को लेकर कड़ी चेतावनी भी दी। शिवसेना की प्रवक्ता सुसीबेन शाह ने भी कहा कि कोई भी राजनीतिक संबद्धता कानून अपने हाथ में लेने को उचित नहीं ठहरा सकती और जवाबदेही व्यक्तिगत, निष्पक्ष तथा बिना किसी समझौते के तय होनी चाहिए। इस बीच, विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला बोला। राकांपा (शप) के वरिष्ठ नेता महेश तापसे ने अस्पताल कर्मचारियों पर हमले की निंदा करते हुए इसे ‘‘सत्ता के अहंकार से पैदा हुई संगठित गुंडागर्दी’’ बताया। उन्होंने ठाणे जिले के पड़ोसी डोंबिवली में स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए पिछले हमले का जिक्र करते हुए प्राथमिकी में नामजद सभी 17 आरोपियों के खिलाफ राजनीतिक संरक्षण के बिना सख्त कार्रवाई की मांग की। शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे पर छह जुलाई को ठाणे के एक अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के पार्षद और अन्य लोग डोंबिवली स्थित नगर निगम के शास्त्री नगर अस्पताल में एकत्र हुए थे और एक महिला मरीज के इलाज में कथित देरी को लेकर हुए विवाद के बाद डॉक्टरों से कथित तौर पर मारपीट की थी। ठाणे की एक अदालत ने 14 जुलाई को म्हात्रे को जमानत दी थी, जिसे बाद में मुंबई उच्च न्यायालय ने स्थगित कर दिया था। उच्च न्यायालय ने सात अगस्त को म्हात्रे और मामले के कुछ अन्य आरोपियों को जमानत दे दी थी और उन पर कड़ी शर्तें लगाई थीं।
सुप्रीम कोर्ट ने एनएससीएन (आईएम) के स्वयंभू 'लेफ्टिनेंट' होपेसन निंगशेन की सजा निलंबित कर दी है, जो 2009 में मणिपुर में तीन सरकारी अधिकारियों के अपहरण और हत्या का दोषी था।
सीएम योगी कल जाएंगे अयोध्या, आंगनबाड़ी वर्कर्स को करेंगे सम्मानित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार 8 सितंबर को अयोध्या दौरे पर रहेंगे, जहां वह आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के प्रदेशव्यापी सम्मेलन में शामिल होकर उन्हें संबोधित और सम्मानित करेंगे. वहीं, बाढ़ के बीच प्रदेश में राहत और बचाव अभियान जारी है. अब तक 19,496 प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
ढाबा स्टाइल 7 गाढ़ी-चटपटी दालें, बढ़ाएंगी आपके खाने का जायका!
Dhaba Style Dal Recipes: अगर आप रोज-रोज एक ही तरह की दाल खाकर बोर हो गए हैं तो इस बार ढाबा स्टाइल दाल ट्राई खर सकते हैं. आज हम आपको 7 ऐसी दालों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं.
रूसी RVV-BD मिसाइल से लैस होंगे सुखोई-30MKI, पुतिन के भारत दौरे पर लग सकती है मुहर
भारतीय वायुसेना अपने सुखोई-30एमकेआई लड़ाकू विमानों को रूस की आरवीवी-बीडी एयर-टू-एयर मिसाइलों से लैस करने की तैयारी में है, जिनकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार चर्चाओं में। इसे लेकर सोशल मीडिया पर उनका मजाक भी बन रहा है। ट्रंप के चांद और Space Force से जुड़े पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने उनके बयानों को लेकर चिंता जताई, जबकि कई ...
राखी बंधवाकर दिल्ली लौटा था इकलौता बेटा... MP के अक्षत यादव की दास्तां
Delhi Satya Niketan Building Collapse: कटनी के 19 वर्षीय छात्र अक्षत यादव की दिल्ली में PG इमारत ढहने से मौत. IAS बनने का सपना लेकर गए छात्र का रक्षाबंधन के ठीक बाद दर्दनाक अंत. परिजनों में पसरा मातम.
दुनिया के टॉप 100 मैनेजमेंट संस्थानों में 14 भारतीय बिजनेस-स्कूल, IIM बैंगलोर बना भारत का नंबर-1
वित्तीय टाइम्स मास्टर्स इन मैनेजमेंट 2026 रैंकिंग में 14 भारतीय बिजनेस स्कूल दुनिया के शीर्ष 100 में शामिल हुए हैं, जिनमें आईआईएम बैंगलोर 21वें स्थान पर शीर्ष भारतीय संस्थान है।
‘क्राइम पेट्रोल-CID’ से हत्या का प्लान, 600 CCTV ने खोला नाबालिग की हत्या का राज
बागपत में 14 साल की किशोरी की अधजली लाश मिलने के मामले में पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों ने किशोरी की हत्या कर शव स्कूटी से बागपत लाकर फेंका और पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर तेजाब डालकर आग लगा दी. 600 CCTV और 2000 से ज्यादा वाहनों की जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची.
Rajasthan निकाय चुनाव में Congress को जिताने के लिए Ashok Gehlot ने जनता से की अपील
जयपुर, सात सितंबर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को आगामी नगरीय निकाय चुनाव में मतदाताओं से कांग्रेस उम्मीदवारों को जिताने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के कार्यकाल में राज्य के शहरों की उपेक्षा हुई है और जनता में सरकार के प्रति आक्रोश है। गहलोत ने एक बयान में कहा कि राज्य में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव जनता के लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में शहरों में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और आम लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “शहरों की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं। बारिश से पहले नालों की सफाई नहीं की गई, जिसके कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई।”उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई कई जनकल्याणकारी योजनाएं भाजपा सरकार में या तो बंद कर दी गईं या केवल कागजों तक सीमित रह गईं। इनमें पेंशन योजना, नि:शुल्क दवा योजना, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, छात्रवृत्ति, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना और इंदिरा रसोई योजना शामिल हैं। गहलोत ने कहा कि शहरों में आवारा पशुओं की समस्या, सफाई व्यवस्था की खराब स्थिति, बढ़ता प्रदूषण और यातायात जाम से आम लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार के पास इन समस्याओं के समाधान की कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पिछली कांग्रेस सरकार ने शहरी विकास का एक मॉडल तैयार किया था। कोटा को सिग्नल मुक्त बनाया गया और जयपुर में भी कई प्रमुख चौराहों को सिग्नल मुक्त करने की योजना शुरू की गई। इसके अलावा सैकड़ों फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए। गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार इस दिशा में कोई उल्लेखनीय काम नहीं कर पाई है और कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत कई परियोजनाओं को भी रोक दिया गया है। कांग्रेस नेता ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वार्ड पार्षद और महापौर का चुनाव केवल राजनीतिक फैसला नहीं है, बल्कि इससे तय होगा कि स्थानीय स्तर पर सड़क, सीवेज, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति कैसी होगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की स्थिति गंभीर हो गई है और आम जनता की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनाव में हार के बाद ही सरकार को जनता की ताकत का एहसास होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि जनता अब सरकार की वास्तविक स्थिति समझ चुकी है और नौ तथा 11 सितंबर को मतदान के जरिए अपना जवाब देगी। उन्होंने कहा कि जब जनता भाजपा को चुनाव में हराएगी, तभी सरकार काम करने के लिए मजबूर होगी और इसका लाभ अंततः प्रदेश के लोगों को मिलेगा। गहलोत ने प्रदेशवासियों से कांग्रेस प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक कांग्रेस बोर्ड बनने से प्रदेश के विकास को फिर गति मिलेगी। गौरतलब है कि राजस्थान के सभी 309 नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में नौ और 11 सितंबर को होंगे, जबकि मतगणना और परिणाम की घोषणा 14 सितंबर को की जाएगी।
नेपाल त्रासदी: 1356 लोगों की मौत, 5500 लापता; अंधेरी सुरंगों में टिकी आखिरी उम्मीद
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के 12 दिन बाद भी 5,500 लोग लापता हैं, जबकि 1,356 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे 121 लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है, वहीं तिब्बत में भी सैकड़ों लोग लापता हैं।
भ्रष्टाचार का मलबा और छात्रों की मजबूरी... दिल्ली हादसे के बाद ऑपरेशन 'हॉस्टल डेथ' में खुलासा
सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की बात की है लेकिन आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि हादसे की जगह के आसपास ही कई ऐसी इमारतों में छात्रों को कमरे ऑफर किए जा रहे हैं, जिनकी हालत सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है.
गरबा और डांडिया में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगे, तिलक लगाना होगा: नितेश राणे
डीजे के इस्तेमाल पर नितेश राणे ने कहा कि सभी धार्मिक जुलूसों पर नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर गणेश उत्सव के दौरान डीजे बजाने की इजाजत नहीं है, तो ईद के जुलूसों पर भी वैसी ही पाबंदियां लागू होनी चाहिए।'
Allahabad High Court ने आकृति चौधरी पर NSA रद्द किया, 5 लाख का हर्जाना ठोका
प्रयागराज, सात सितंबर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा 24 वर्षीय आकृति चौधरी की हिरासत को रद्द करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने नोएडा की जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जिस तरह से हिरासत का आदेश पारित किया गया, उसकी भी कड़ी आलोचना की। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने कहा कि रासुका के तहत चौधरी को लगातार जेल में रखने से अनुच्छेद 21 के तहत उसके मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ क्योंकि हिरासत का आदेश और उसके आधार, ठोस जानकारी से रहित हैं। खंडपीठ ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि मनमानी करने वाली नौकरशाही का लगातार तानाशाही भरा रवैया उत्तर प्रदेश को एक ऐसे दमनकारी समाज में बदल सकता है जहां हर चीज पर कड़ी निगरानी हो। अदालत ने चौधरी को पांच लाख रुपये मुआवजा भी देने का निर्देश दिया और यह भी कहा कि यह रकम गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम और एसएचओ स्तर तक के अन्य अधिकारियों के वेतन से वसूली जाए जिन्होंने हिरासत का आदेश पारित किया। आकृति चौधरी को अप्रैल, 2026 में नोएडा में कामगारों के विरोध प्रदर्शन से उपजे मामलों में गिरफ्तार किया गया था और बाद में प्रदेश सरकार ने 13 मई को चौधरी और पत्रकार सत्य वर्मा के खिलाफ रासुका लगा दिया था। अदालत ने दो सितंबर को अपने 15 पन्नों के आदेश में कहा कि अधिकारियों को बहुत अधिकार दिए जाते हैं क्योंकि नागरिकों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों, गरिमा, सम्मान और कल्याण को बनाए रखने की जिम्मेदारी उन्हीं की होती है। हालांकि अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों को यह याद रखना चाहिए कि उनकी निष्ठा संविधान के प्रति है ना कि राजनीतिक कार्यपालिका के प्रति। आदेश में यह भी कहा गया कि अधिकारी जनता के सेवक होते हैं और लोकतंत्र में जनता ही मालिक होती है। अदालत ने चेतावनी दी कि जब नौकरशाह और पुलिस अधिकारी अपनी शपथ को नजरअंदाज करते हैं और उसके उलट काम करते हैं तो लोग उन्हें ब्रिटिश शासन की दमनकारी निशानी के तौर पर देख सकते हैं जिससे नागरिकों में अशांति का माहौल बन सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि बिना किसी ठोस वजह या उचित प्रक्रिया के नागरिक स्वतंत्रताओं का उल्लंघन करने वाली ज्यादतियों या गैर कानूनी कार्यों को सुधारते समय, न्यायपालिका पीड़ित नागरिकों को मुआवजा दिलाने के लिए कड़े आदेश दे सकती है। अदालत ने कहा कि जिन मामलों में पुलिस रिपोर्ट में बिना किसी ठोस सबूत के सिर्फ आरोप लगाए गए थे, वहां जिला मजिस्ट्रेट से यह उम्मीद की जाती थी कि वह रासुका के कड़े प्रावधान लागू करने का निर्णय करने से पूर्व रिकॉर्ड की जांच कर लें। इस मामले में गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट का आचरण उपहास योग्य है। चौधरी एक छात्रा और कार्यकर्ता थी जिसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और ऐसी कोई सामग्री नहीं पेश की गई जिससे प्रदर्शित होता हो कि उसने हिंसा भड़काई। अदालत ने चौधरी की गिरफ्तारी के संबंध में गंभीर विसंतगियां भी पाईं। उनके मामले में उन्हें 11 अप्रैल को शाम साढ़े पांच बजे नोएडा में बॉटिनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। हालांकि राज्य सरकार ने कहा कि उसे 12 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। राज्य सरकार ने आरोप लगाया था कि चौधरी और उसके साथियों ने हिंसा भड़काने का षड्यंत्र रचा। वहीं, व्हाट्सऐप संदेशों की जांच के दौरान अदालत ने बार बार सरकार से उन सामग्री को पेश करने को कहा जिनसे प्रदर्शित होता हो कि चौधरी ने लोगों को हिंसा के लिए भड़काया। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार एक भी संदेश या वीडियो क्लिप नहीं दिखा सकी जिसमें हिंसा भड़काने की बात उजागर होती हो।
'शुद्धिकरण' मामले में कांग्रेस को हाईकोर्ट से झटका! अब राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के कथित 'शुद्धिकरण यज्ञ/हवन' मामले में राज्य सरकार के निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया. वहीं कांग्रेस ने एफआईआर को लेकर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा है और विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे को प्रमुख अभियान मुद्दा बनाने की तैयारी की है.
ड्यून्स एविएशन ने एक्ट्रेस नोरा फतेही पर किया 3 करोड़ का मानहानि केस, क्या है पूरा मामला?
ड्यून्स एविएशन ने नोरा फतेही पर 3 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
कांग्रेस के सचिवों के चुनाव के लिए राहुल-प्रियंका बने इंटरव्यूअर, पूछे जा रहे हैं ये 5 सवाल
कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी के तहत सचिवों की नियुक्ति के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी खुद उम्मीदवारों का इंटरव्यू ले रहे हैं.
डॉ बीआर अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली में शोधोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिरी उपस्थित रहे. उन्होंने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए इसे कुलपति प्रो. अनु सिंह लाठर के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित 'एआईएम कांग्रेस-2026' में शिरकत की। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में निवेश के अपार अवसरों, सुदृढ़ औद्योगिक नीति और अनुकूल व्यावसायिक माहौल ...
सीबीआई ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस घोटाले में 9,280 करोड़ रुपये के मामले में रिलायंस एडीए ग्रुप के तीन पूर्व अधिकारियों और 14 संस्थाओं के खिलाफ पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया है। आरोपियों में अमिताभ झुनझुनवाला, अमित बापना और रमेश शेनाय के साथ छह बैंक अधिकारी भी शामिल हैं, जिन पर 6,229.54 करोड़ रुपये के धन के कथित डायवर्जन का आरोप है।
Swachh Vayu Sarvekshan में Lucknow अव्वल, Rourkela और कलिंग नगर ने भी मारी बाजी
नयी दिल्ली, सात सितंबर ‘राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम’ (एनसीएपी) के तहत उत्तर प्रदेश के लखनऊ और ओडिशा के राउरकेला एवं कलिंग नगर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सोमवार को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार के पांचवें संस्करण में इन शहरों के प्रयासों को सम्मानित किया। देश भर के शहरों और कस्बों को 2022-23 में जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण फ्रेमवर्क के आधार पर रैंक प्रदान किया गया। इस फ्रेमवर्क में सड़क की धूल, गाड़ियों से निकलने वाले धुएं और औद्योगिक प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के उपाय बताए गए थे। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों या कस्बों की श्रेणी में लखनऊ शीर्ष पर रहा, जिसके बाद मध्यप्रदेश के इंदौर और जबलपुर का स्थान रहा। इस श्रेणी में राजस्थान का कोटा, पश्चिम बंगाल का कोलकाता और तमिलनाडु का मदुरै सबसे निचले पायदान पर रहे। वहीं, तीन लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों या कस्बों की श्रेणी में, राउरकेला के बाद उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद और आंध्र प्रदेश का गुंटूर रहा। इस श्रेणी में आखिरी तीन शहर हैं-- गयाजी (बिहार), गुलबर्ग (कर्नाटक) और जालंधर (पंजाब)। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों या कस्बों की श्रेणी में कलिंग नगर सबसे ऊपर रहा। इसके बाद ओडिशा के अंगुल और तलचर का स्थान है। सबसे निचले पायदान पर नगालैंड का कोहिमा, पंजाब का डेरा बस्सी और मेघालय का बर्नीहाट है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने एक बयान में कहा, ‘‘पुरस्कार पाने वालों ने यह प्रदर्शित किया है कि स्वच्छ हवा कोई आकांक्षा नहीं, बल्कि एक ऐसा व्यावहारिक लक्ष्य है, जिसे सही योजना और जमीनी स्तर पर अमल करके हासिल किया जा सकता है।’’केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि एनसीएपी ने वित्त वर्ष 2017-18 के स्तर की तुलना में 2025-26 में ‘पीएम10’ के स्तर को कम करने के मामले में सकारात्मक नतीजे प्रदर्शित किये हैं। पीएम10 से अभिप्राय हवा में मौजूद 10 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास वाले कणों से है, जो सांस के जरिये फेफड़े में प्रवेश कर सकते हैं।
विद्यार्थियों की जिंदगी से खिलवाड़ आखिर कब तक? 'नो मोर सत्य निकेतन' के साथ अभाविप ने किया आंदोलन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली ने सत्य निकेतन में हुई दुखद घटना के विरोध में रविवार की रात में एमसीडी भवन के बाहर प्रदर्शन किया और 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की चेतावनी दी।
भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा मानी जाती है, जिससे रोजाना करोड़ों मुसाफिर अपनी मंजिल तक पहुंचते हैं। तकनीक के इस आधुनिक दौर में रेलवे ने पारंपरिक उद्घोषणाओं और जटिल नोटिस बोर्ड्स से आगे बढ़कर सीधे आम यात्रियों की जेब यानी स्मार्टफोन तक अपनी पहुंच बनाने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड ने सूचनाओं के आदान-प्रदान को सरल, आकर्षक और सुलभ बनाने के लिए 'शॉर्ट वीडियो और रील्स' आधारित डिजिटल सूचना प्रणाली की शुरुआत की है।अब यात्रियों को अपनी ट्रेन की लोकेशन, कोच पोजीशन, प्लेटफॉर्म बदलने की सूचना या स्पेशल ट्रेनों के शेड्यूल के लिए स्टेशन पर भारी भीड़ या पूछताछ खिड़की पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री अपने मोबाइल स्क्रीन पर 15 से 30 सेकंड की रील्स देखकर वास्तविक समय में सटीक जानकारियां हासिल कर सकेंगे।कैसे काम करेगा यह नया रील-बेस्ड सिस्टम: सेकंडों में मिलेगी जरूरी अपडेट्सरेलवे के इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स, मोबाइल एप्लिकेशन और व्हाट्सऐप बॉट्स से एकीकृत किया जा रहा है। सूचना तकनीक विंग (CRIS) के सहयोग से विकसित इस प्रणाली में यात्रियों को विजुअल और ऑडियो दोनों माध्यमों से अपडेट मिलेंगे:प्लेटफॉर्म और डायवर्जन अलर्ट: बड़े जंक्शनों पर ट्रेन के आगमन से पहले किस प्लेटफॉर्म पर गाड़ी लगेगी, इसकी संक्षिप्त वीडियो क्लिप या ग्राफिकल रील जारी होगी।कोच पोजिशन गाइड: इंजन से स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी और जनरल बोगी की सही स्थिति दर्शाने वाला 3D रील एनिमेशन यात्रियों को तुरंत समझ आएगा।त्योहारी व समर स्पेशल ट्रेनें: आगामी त्योहारों (होली, दिवाली, छठ) और गर्मियों की छुट्टियों में चलने वाली स्पेशल ट्रेनों के रूट, समय और खाली सीटों की स्थिति को शॉर्ट वीडियो में हाइलाइट किया जाएगा।कैटरिंग और सुरक्षा गाइडलाइंस: ई-कैटरिंग के जरिए खाना बुक करने, 'रेल मदद' ऐप का उपयोग करने और आपातकालीन स्थिति में 139 नंबर पर संपर्क करने के आसान स्टेप्स रील के रूप में दिखाए जाएंगे।'जेन-जी' और युवाओं को ध्यान में रखकर उठाया कदम: बोरिंग टेक्स्ट की जगह विजुअल कंटेंटरेलवे अधिकारियों का मानना है कि आज की पीढ़ी लंबे-चौड़े पैराग्राफ या भारी-भरकम पीडीएफ फाइलों को पढ़ने के बजाय विजुअल फॉर्मेट में सूचनाएं देखना अधिक पसंद करती है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक रील्स की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए रेलवे ने सूचना प्रसारण की भाषा और शैली को पूरी तरह बदल दिया है।इस पहल से न केवल युवा यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे नागरिकों के लिए भी रंग-बिरंगे ग्राफिक्स, नक्शे और स्थानीय भाषाओं में बोले गए वॉयस-ओवर को समझना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। रेलवे क्षेत्रीय भाषाओं (हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी आदि) में भी इन रील्स को तैयार कर रहा है ताकि देश के हर कोने का यात्री अपनी भाषा में अपडेट प्राप्त कर सके।स्टेशन के डिजिटल डिस्प्ले और क्यूआर कोड से भी जुड़ेंगी रील्सइस योजना का विस्तार रेलवे स्टेशनों के फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तक भी किया जा रहा है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों के वेटिंग हॉल, कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म पर लगे बड़े एलईडी स्क्रीन्स पर भी इन उपयोगी रील्स को लूप में चलाया जाएगा। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन परिसरों में क्यूआर (QR) कोड लगाए जा रहे हैं।यात्री अपने स्मार्टफोन के कैमरे से क्यूआर कोड को स्कैन करते ही स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं—जैसे क्लॉक रूम, एक्जीक्यूटिव लाउंज, व्हीलचेयर सुविधा, आरओ वाटर पॉइंट और मेडिकल बूथ—के 10 सेकंड के नेविगेशन वीडियो देख सकेंगे। इससे अनजान स्टेशनों पर भी मुसाफिरों को रास्ता खोजने में किसी से पूछने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।डिजिटल इंडिया का प्रभाव: सुरक्षित और सहज बनेगा रेल का सफरभारतीय रेलवे का यह कदम 'डिजिटल इंडिया' अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देने वाला है। इससे स्टेशनों पर होने वाली अनावश्यक अफरातफरी, प्लेटफॉर्म पर अंतिम समय में होने वाली भगदड़ और यात्रियों के असमंजस को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।यात्री सुरक्षा, टिकट रिफंड नियम, तत्काल बुकिंग के नए दिशा-निर्देश और साफ-सफाई से जुड़े अभियानों को भी इसी विजुअल फॉर्मेट में आम जनता तक पहुंचाया जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी विभागों द्वारा सोशल मीडिया के लोकप्रिय फॉर्मेट्स को सार्वजनिक सेवाओं से जोड़ना एक सकारात्मक प्रशासनिक नवाचार है, जिससे रेल सेवाओं की छवि और यात्री अनुभव दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
ड्राइंग रूम में न रखें ये 5 चीजें, बिगड़ जाएगा पूरा लुक
ड्राइंग रूम साफ करने के बाद भी अगर कमरा बिखरा-बिखरा और भरा-भरा लगता है, तो इसकी वजह ये 5 चीजें हो सकती हैं. कई बार उलझे हुए तार, बच्चों के खिलौने, टेबल पर पड़े कागज और पार्सल्स, जरूरत से ज्यादा डेकोरेशन और सामान से भरी ओपन शेल्फ पूरे कमरे का लुक बिगाड़ देती हैं.
PM मोदी के कार्यक्रम के लिए BMS पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वडोदरा कार्यक्रम ‘NaMo for Viksit Bharat’ के लिए BookMyShow पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही एक घंटे में सभी सीटें बुक हो गईं. 42 हजार से ज्यादा लोग वेटिंग लिस्ट में पहुंच गए. कार्यक्रम में डिजिटल M-ticket और QR कोड से एंट्री होगी. वीडियो में जानें कार्यक्रम क्यों खास.
मालवीय नगर हादसे में बचे, सत्य निकेतन हादसे में MCD अफसरों पर गिरी गाज
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के कारण सात लोगों की मौत के बाद MCD के पांच अधिकारियों को सस्पेंड किया गया. इनमें से तीन अधिकारी मालवीय नगर के हौज रानी हादसे के दौरान भी दक्षिण जोन में तैनात थे.
सत्य निकेतन हादसा: सपनों के साथ दिल्ली आए थे बच्चे, अब घर लौट रही हैं सिर्फ उनकी यादें
नई दिल्ली — 8 सितंबर, 2026 — दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी में ऐसा खालीपन छोड़ दिया है, जिसे शायद कभी भरा नहीं जा सकेगा। जिन बच्चों को उनके माता-पिता ने बेहतर भविष्य और पढ़ाई के सपनों के साथ घर से दूर दिल्ली भेजा था, उनमें से कई अब कभी अपने घर वापस नहीं लौटेंगे। मध्य प्रदेश के देवास से आया अर्पित भी उन्हीं में से एक था, जिसकी पहचान हादसे के बाद हाथ के तिल से करनी पड़ी।
NSGA के अनुरूप संविधान में बदलावों को मंजूरी देगा भारतीय ओलंपिक संघ
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) मंगलवार को अपनी विशेष आम सभा की बैठक में राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के अनुरूप संविधान में बदलावों को मंजूरी देगा।
राजस्थान हाई कोर्ट जज विवाद, जस्टिस संदीप मेहता ने CJI को लिखा चौथा पत्र; जांच में दखल का लगाया आरोप
जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाई कोर्ट के जज संजीव प्रकाश शर्मा पर आंतरिक न्यायिक जांच में दखल और गोपनीयता उल्लंघन का आरोप लगाते हुए CJI सूर्यकांत को चौथा पत्र लिखा है।
Maharashtra में Maratha Caste Certificate के लिए 10 सितंबर से लगेंगे शिविर
मुंबई, सात सितंबर महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने सोमवार को कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे की अध्यक्ष में गठित समिति द्वारा तलाश किये गए 58 लाख रिकॉर्ड ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित किये जाएंगे और मराठा समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज जुटाने में मदद के लिए 10 से 17 सितंबर तक शिविर लगाए जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा मराठा आरक्षण को लेकर गठित उप-समिति के अध्यक्ष विपाटिल ने संभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उचित समन्वय सुनिश्चित करें और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लें। मंत्री मराठवाड़ा के धाराशिव, बीड, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, हिंगोली, लातूर और जालना जिलों के जिलाधिकारियों और अप संभागीय अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में मराठा आरक्षण के मुद्दे पर किए गए फैसलों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने जाति सत्यापन प्रमाण-पत्र जारी करने, कुनबी रिकॉर्ड का पता लगाने और प्राप्त आवेदनों से जुड़े जिलेवार आंकड़ों की समीक्षा की। जिलाधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई और लागू किए गए उपायों का विवरण मंत्री के समक्ष रखा। विखे पाटिल ने कहा कि परभणी जिला कलेक्ट्रेट ने मिले सभी दस्तावेज प्रकाशित कर दिए हैं और दूसरे जिलों को भी ऐसा ही करने और अपनी वेबसाइट पर विवरण प्रकाशित करने का निर्देश दिया। विखे पाटिल ने कहा कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त)शिंदे समिति द्वारा तलाशे गए 58 लाख रिकॉर्ड ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित किये जाएंगे। साथ ही, उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि 10 से 17 सितंबर तक शिविर लगाने के लिए उचित इंतज़ाम किए जाएं, ताकि मराठा समुदाय के लोग प्रमाण पत्र के लिए जरूरी कागज़ी कार्रवाई पूरी कर सकें। उन्होंने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार प्रमाण पत्र जारी करते समय कानून का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा में लगभग 3.5 लाख कुनबी प्रमाण-पत्र वितरित किये गए हैं और पात्र लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र जारी करते समय नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। विखे पाटिल ने कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा सरकार पर मराठा आरक्षण को लेकर केवल आश्वासन देने के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि पिछले आंदोलन के दौरान सामने रखे गए अधिकतर मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है और बाकी मांगों पर आगे का रास्ता निकालने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे के साथ बातचीत करेगी, जो जालना में अनशन कर रहे हैं।
पितृपक्ष कब से शुरू? अभी नोट कर लें श्राद्ध तिथि का पूरा कैलेंडर
हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृपक्ष 26 सितंबर 2026 से शुरू होगा. 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ ही इसका समापन हो जाएगा. इस दिन पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध बताया गया है. इसके बाद अलग-अलग तिथियों के अनुसार श्राद्ध कर्म किए जाएंगे. पितृपक्ष की अवधि में प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक अलग-अलग श्राद्ध तिथियां आती हैं.
फिलिस्तीन का समर्थन करने की वजह से हॉलीवुड अभिनेत्री को फिल्मों में नहीं मिल रहे रोल
इटैलियन फिल्म-मेकर बर्नार्डो बर्टोलुची की आखिरी पटकथा पर बनी अपनी नई फिल्म में, सरंडन एक उम्रदराज गायिका का किरदार निभा रही हैं. वह अपनी वापसी (कमबैक) वाली एल्बम पर काम करने के लिए एक ऐसे म्यूजिक प्रोड्यूसर को काम पर रखती हैं जो ड्रग की लत से उबर रहा है.
चतरा विधायक का बेटा पुलिस ने खोज निकाला, झगड़े के बाद उठा ले गए थे युवक
रांची में चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और युवक को खोज निकाला. प्रारंभिक जांच में मामला कॉलेज कैंपस में हुए आपसी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है.
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर बिहार को बाढ़ को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने की मांग की है.
अलग-अलग पीढ़ियों में राष्ट्रवाद- देशभक्ति की परिभाषा बदलती है? कुमार विश्वास ने बताया
आजतक की सुरक्षा सभा के विशेष सेशन 'होंठों पे गंगा, हाथों में तिरंगा’ में कवि डॉ. कुमार विश्वास ने शिरकत है. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रवाद, भारतीय सेना से लेकर देश की बदलती पीढ़ी के बीच देशभक्ति की भावना को लेकर विस्तार से बात की. देखें Video.
BJP अध्यक्ष Nitin Nabin का 9 सितंबर से Uttarakhand दौरा, चुनावी तैयारियों का लेंगे जायजा
नयी दिल्ली, सात सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार से उत्तराखंड के दो-दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का मकसद राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों का जायजा लेना और उन्हें मजबूत करना है। पार्टी के एक बयान के मुताबिक, अपनी यात्रा के दौरान नवीन पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के मकसद से कई “उच्च-स्तरीय बैठकों” की अध्यक्षता करेंगे। वह राज्य के “ऊर्जावान युवाओं” से सीधे बातचीत करेंगे और पूर्व सैनिकों तथा पंजाबी समुदाय द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। इसमें कहा गया है कि वह प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों और पार्टी की राज्य कोर कमेटी के साथ भी बैठकें करेंगे। पार्टी ने कहा, “भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन नौ सितंबर से देवभूमि उत्तराखंड का दो दिन का अहम दौरा करेंगे।” पार्टी ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपनी “रणनीतिक तैयारियों” के मद्देनजर इस दौरे को “बेहद अहम और महत्वपूर्ण” बताया है। भाजपा ने बताया कि नवीन बुधवार को उत्तराखंड दौरे के पहले दिन रुद्रपुर में पार्टी की राज्य कार्यसमिति की विस्तारित बैठक को संबोधित करेंगे। पार्टी ने कहा, “यह बैठक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संगठनात्मक प्राथमिकताओं, जन-कल्याणकारी नीतियों के प्रचार-प्रसार और राज्य भर में बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।”इसके बाद, उसी दिन भाजपा प्रमुख रुद्रपुर में पार्टी के राज्य पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और राज्य कोर कमेटी की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। पार्टी ने कहा, “इन बैठकों के दौरान, वह राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगामी चुनावी रणनीति, संगठनात्मक मामलों और मौजूदा राजनीतिक हालात की विस्तार से समीक्षा करेंगे और जरूरी मार्गदर्शन देंगे।”नवीन बृहस्पतिवार को अपने दिन की शुरुआत सुबह हल्द्वानी के मशहूर महालक्ष्मी मंदिर जाकर करेंगे। भाजपा ने कहा, “वे मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और तय रीति-रिवाजों के साथ मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेंगे। साथ ही, वे उत्तराखंड और पूरे देश की खुशी, समृद्धि और शांति के लिए भी प्रार्थना करेंगे।”पार्टी ने बताया कि भाजपा प्रमुख बाद में रुद्रपुर में ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम के जरिये उत्तराखंड के “प्रतिभाशाली युवाओं” से बातचीत करेंगे और “राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की ज्यादा भागीदारी और उनके उज्ज्वल भविष्य” को लेकर पार्टी का दृष्टिकोण साझा करेंगे। भाजपा ने कहा कि नवीन हल्द्वानी में शहीद स्मारक भी जाएंगे और भारत के वीर सपूतों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। बयान में कहा गया, “इसके तुरंत बाद, वह ‘पूर्व-सैनिक सम्मेलन’ में शामिल होंगे और देश की रक्षा के लिए खुद को समर्पित करने वाले बहादुर पूर्व-सैनिकों के बेमिसाल साहस, बलिदान और देश के प्रति उनकी समर्पित सेवा के लिए आभार व्यक्त करेंगे।”भाजपा ने बताया कि बाद में वह रुद्रपुर में ‘पंजाबी गौरव सम्मेलन’ को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में पंजाबी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का जश्न मनाया जाएगा और साथ ही उत्तराखंड के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में समुदाय के “खास योगदान” को भी सराहा जाएगा।
संतरे बेचकर स्कूल बनाने वाले पद्मश्री हजब्बा को SIR नोटिस, अब रिकॉर्ड में नाम सुधारने की बारी
कर्नाटक के पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी हरेकाला हजब्बा को मतदाता सूची में नाम के अंतर के कारण चुनाव आयोग की ओर से नोटिस मिला है. 2002 की वोटर लिस्ट में केवल 'हजब्बा' दर्ज होने और अन्य दस्तावेजों में 'हरेकाला हजब्बा' लिखे होने के चलते उन्हें मूल दस्तावेजों के साथ ग्राम पंचायत में उपस्थित होने को कहा गया है.
चलती कार पर गिरा विशाल इमली का पेड़, डिप्टी कलेक्टर की मां की मौत
इंदौर में सोमवार को भारी बारिश के दौरान एमजी रोड इलाके में चलती कार पर इमली का पेड़ गिर गया. कार में चार लोग सवार थे. हादसे में डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की 72 वर्षीय मां राधा देवी की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर समेत तीन लोग घायल हुए. सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया.
'मुंबई हमले के समय सरकार सिर्फ डोजियर दिखाती रही', राजनाथ का कांग्रेस पर वार
आजतक के 'सुरक्षा सभा' कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखी. 'ये नया भारत है' सेशन में उन्होंने कहा कि आज भारत बोलता है तो सारी दुनिया सुनती है. राजनाथ सिंह ने कहा, हमने देश की सेनाओं को खुली छूट दे रखी है. हमारी सेनाओं ने दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा। देखें वीडियो
नेपाल बाढ़ को लेकर सिंगापुर में भारत विरोधी प्रोपेगेंडा, पीएम को देना पड़ा दखल
सिंगापुर सरकार ने नेपाल-तिब्बत बाढ़ और SIA के एयर इंडिया में निवेश को लेकर ऑनलाइन भारतीयों के खिलाफ नस्लीय और विदेशी-विरोधी टिप्पणियों पर कार्रवाई की बात कही है. PM लॉरेंस वोंग ने चेतावनी दी कि ऐसे पूर्वाग्रह को सामान्य होने से रोकना जरूरी है. गृह मंत्री के. षणमुगम ने पुलिस को टिप्पणियों की जांच के निर्देश दिए हैं.
धर्म बदलने के सवाल पर राखी सावंत ने दिया ये बेबाक जवाब
राखी सावंत का एक वीडियो वायरल है, जिसमें उनसे धर्म परिवर्तन को लेकर सवाल किया गया. राखी ने कहा कि हिंदू धर्म में कोई खराबी नहीं थी और उन्होंने मुस्लिम व्यक्ति से निकाह के दौरान इस्लाम कबूल किया था. उन्होंने मक्का-मदीना जाने का भी जिक्र किया. फिलहाल राखी के मुताबिक, वे सिंगल हैं और इस्लाम से अपना जुड़ाव बनाए हुए हैं.
Abhishek Banerjee को Calcutta High Court से बड़ी राहत, 3 FIR में गिरफ्तारी पर 30 नवंबर तक रोक
कोलकाता, सात सितंबर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज तीन प्राथमिकियों से जुड़े मामले में उन्हें सोमवार को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दे दी और उनके खिलाफ लगातार दर्ज हो रहे मामलों पर नाराजगी भी जताई। इससे पहले भी उच्च न्यायालय ने बनर्जी के खिलाफ कुल चार प्राथमिकियों से जुड़े दो मामलों में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी। सोमवार को जिन मामलों में बनर्जी को राहत मिली, उनमें उनके द्वारा आयोजित दो ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सा लापरवाही और इलाज में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह 30 नवंबर तक बनर्जी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करें। अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी और उसी दिन संबंधित पुलिस अधिकारी इन प्राथमिकी की जांच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करें। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि एक ही व्यक्ति ने एक से अधिक मामलों में पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। सुनवाई के दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि वह ऐसा आदेश जारी करेंगे, जिसके बाद उच्च न्यायालय की अनुमति के बिना बनर्जी के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकेगी। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मौखिक टिप्पणी में कहा, “अब बहुत हो गया। इस साल मई से मैं इन मामलों की सुनवाई कर रहा हूं। अब मैं एक अन्य पीठ द्वारा शुभेंदु अधिकारी से जुड़े मामले में दिए गए आदेश के आधार पर निर्देश जारी करूंगा, जिसमें कहा गया था कि अदालत की अनुमति के बिना उनके (अधिकारी) खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाए।”बनर्जी के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत को बताया था कि आठ दिसंबर, 2022 को उच्च न्यायालय ने अधिकारी के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियों पर रोक लगा दी थी और निर्देश दिया था कि अदालत की अनुमति के बिना उनके खिलाफ कोई नयी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाए। उस समय अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे और अब मुख्यमंत्री हैं। शंकरनारायणन ने बनर्जी के मामले में भी इसी तरह का आदेश जारी करने का अनुरोध किया। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मौखिक रूप से कहा कि तीनों प्राथमिकी में से कोई भी सीधे तौर पर बनर्जी से जुड़ी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतें अभिजीत दास ने दर्ज कराई हैं, जो लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर सीट से बनर्जी से दो बार हार चुके हैं। अदालत ने कहा कि अधिक से अधिक यह मामला चिकित्सा लापरवाही के आरोप से जुड़ा है। राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) राजदीप मजूमदार ने कहा कि शिकायतकर्ता दास एक ‘व्हिसलब्लोअर’ हैं और उन्होंने टीएमसी सांसद के प्रभाव के कारण पहले पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
तबेले में पढ़ने, खाने और सोने को मजबूर थे 170 छात्र, 5 साल बाद खुली सरकार की आंख
रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल की बदहाल स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन ने छात्रों को वहां से हटाकर हॉस्टल में भेजने का फैसला किया। स्कूल में बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था। 92 छात्रों के लिए महज 5 शौचालय थे।
लहसुन-कलौंजी डालकर बनाएं हैदराबादी मिर्ची का सालन, स्वाद में लाजवाब
कभी-कभी कुछ चटपटा और मसालेदार खाने का मन करता है और समझ नहीं आता है कि ऐसा क्या बनाया जाए. ऐसे में आप हैदराबाद में बिरयानी के साथ परोसे जाने वाला खास मिर्च का सालन ट्राई कर सकते हैं. मिर्च का सालन खाने में बहुत टेस्टी लगता है और इसे आप सिर्फ बिरयानी नहीं बल्कि रोटी और पराठा के साथ भी खा सकते हैं. जानें इसकी आसान रेसिपी.
LAC पर भारत-चीन की सेनाओं की बड़ी बैठक, अरुणाचल सेक्टर को लेकर हुई बड़ी चर्चा
भारत और चीन की सेनाओं ने अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। दोनों देशों के बीच यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही सीमा विवाद को लेकर बीजिंग में भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों (Special ...
कौशांबी CO पर कोर्ट सख्त, गिरफ्तारी का आदेश
कौशांबी के CO ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को वाराणसी की विशेष SC/ST अदालत ने दो बार VC से गवाही के लिए नहीं पहुंचने पर NBW जारी किया है. कोर्ट ने उन्हें 10 सितंबर को गिरफ्तार कर पेश करने और अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने का निर्देश दिया है. वीडियो में जानें मामला.
700 किलो टिश्यू पेपर से बनेगी गणपति की 22 फीट ऊंची प्रतिमा
आयोजकों का कहना है कि गणपति हमारे राजा हैं तो राजा के लिए उनका दरबार ही सजना चाहिए. इसलिए उन्होंने राजा के दरबार की थीम बनाई है. और हमारी जो मूर्ति है, वो 22 फीट की इको-फ्रेंडली टिश्यू पेपर की मूर्ति है.
रक्षा क्षेत्र में 'नए भारत' का ब्लूप्रिंट, UPA सरकार पर वार; देखें राजनाथ सिंह का संबोधन
आजतक के 'सुरक्षा सभा' कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने डिफेंस सेक्टर में 'नए भारत' का ब्लूप्रिंट रखा. राजनाथ सिंह ने साथ ही 2014 के बाद से देश की डिफेंस पॉलिसी में आए बदलावों से लेकर भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का जिक्र किया. उन्होंने UPA की सरकार पर भी हमला बोला. देखें पूरा संबोधन.
भारतीय सर्राफा बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 7 सितंबर 2026 को कीमती धातुओं के कारोबार में एक बार फिर बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोने के बाजार में सुस्ती के बीच आज चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है, जिससे गहने और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक घटनाक्रमों, मजबूत होती अमेरिकी अर्थव्यवस्था और औद्योगिक क्षेत्र से मिल रही ताज़ा मांग के कारण घरेलू बुलियन मार्केट में चांदी के दाम रॉकेट की तरह ऊपर चढ़े हैं। आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में चांदी की चमक और अधिक तेज हो गई है। निवेशकों और ग्राहकों के मन में इस समय बस यही सवाल घूम रहा है कि उनके अपने शहर में चांदी किस भाव पर बिक रही है और आने वाले दिनों में कीमती धातुओं का यह बाजार किस दिशा में आगे बढ़ने वाला है। आइए देश के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा खुदरा और थोक दामों के साथ-साथ इस तेजी के पीछे की पूरी आर्थिक वजहों को विस्तार से समझते हैं।सोमवार को चांदी की कीमतों में बंपर उछाल, बुलियन मार्केट में पहुंचा नया भावसप्ताह के पहले ही दिन यानी सोमवार को चांदी के हाजिर कारोबार में एक भारी-भरकम तेजी देखने को मिली है, जिससे सर्राफा कारोबारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। आधिकारिक बाजार आंकड़ों के अनुसार, आज एक झटके में चांदी के भाव में 4,329 रुपये प्रति किलोग्राम की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस भारी तेजी के बाद अखिल भारतीय बुलियन मार्केट में चांदी का औसत दाम बढ़कर सीधे 2,36,968 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को मुनाफावसूली और हल्की नरमी के चलते चांदी के दामों में करीब 3,433 रुपये की गिरावट आई थी और यह 2,32,639 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, लेकिन सोमवार के कारोबार ने उस सारी गिरावट को पीछे छोड़ते हुए कीमतों को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया है। यदि आप आने वाले त्योहारी सीजन या शादी-ब्याह के शुभ अवसरों के लिए चांदी के सिक्के, मूर्तियां या फैशनेबल आभूषण खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपको अपनी जेब का बजट अब काफी और अधिक बड़ा करना होगा क्योंकि बाजार का यह रुख फिलहाल तेजी की तरफ इशारा कर रहा है।दिल्ली, यूपी और बिहार समेत देश के बड़े शहरों में क्या रहा चांदी का ताजा हालदेश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को चांदी के दामों में भारी तेजी का असर साफ तौर पर देखने को मिला है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज चांदी का भाव 4,329 रुपये महंगा होकर सीधे 2,36,000 से ऊपर यानी लगभग 2,36,968 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। खुदरा ज्वैलरी मार्केट की बात करें तो दिल्ली में आज 10 ग्राम चांदी का खुदरा भाव करीब 2,369 रुपये और 100 ग्राम चांदी का भाव 23,000 रुपये के आसपास चल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जनपदों में भी चांदी की चमक काफी तेज बनी हुई है। लखनऊ में आज चांदी के दाम में पूरे 4,510 रुपये की भारी तेजी दर्ज की गई है, जिसके बाद यहां चांदी का भाव लगभग 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जो देश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में थोड़ा अधिक है। जबकि पिछले हफ्ते यूपी के बाजारों में चांदी 3,460 रुपये की गिरावट के साथ 2.34 लाख रुपये पर बंद हुई थी। बिहार की राजधानी पटना में भी चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है और यहां आज सिल्वर लगभग 4,189 रुपये महंगी होकर 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर ट्रेड कर रही है। ठीक इसी प्रकार राजस्थान के जयपुर और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी चांदी के दाम 4,100 से 4,300 रुपये तक उछले हैं, जहां मुंबई में चांदी 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम और जयपुर में 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है।क्यों आ रही है चांदी के दाम में इतनी तेज उछाल? जानिए इसके पीछे के बड़े आर्थिक कारणकीमती धातुओं के जानकारों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी के दामों में आई इस अचानक और भारी तेजी के पीछे कई बड़े वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं। सोना और चांदी दोनों ही पारंपरिक रूप से निवेश के सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं, लेकिन चांदी की एक सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल कीमती धातु नहीं बल्कि एक बेहद महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल मेटल (औद्योगिक धातु) भी है। दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल के निर्माण में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है, जिसके कारण जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग बढ़ती है, वैसे-वैसे चांदी के दाम भी तेजी से ऊपर भागने लगते हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर भी बुलियन मार्केट पर सीधा पड़ रहा है। मजबूत डॉलर के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए कमोडिटीज महंगी हो जाती हैं, जिसका आंशिक दबाव सोने की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव तथा वैश्विक महंगाई के जोखिम अभी भी अपनी जगह कायम हैं, लेकिन बाजार का पूरा ध्यान इस समय अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिका हुआ है।महंगाई के नए आंकड़ों और अमेरिकी नीतिगत फैसलों पर टिकी है निवेशकों की निगाहेंइस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों और कमोडिटीज ट्रेडर्स की नजर पूरी तरह से अमेरिका से जारी होने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में अमेरिका के पीपीआई (PPI) और सीपीआई (CPI) यानी उपभोक्ता और उत्पादक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़े आने वाले हैं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक और निवेशक इन आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसी से यह तय होगा कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व का अगला रुख क्या रहने वाला है। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा गर्म आते हैं, तो इसका सीधा असर डॉलर इंडेक्स और बुलियन मार्केट की चाल पर पड़ेगा, जिससे सोने और चांदी के भाव में और अधिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। घरेलू बाजार के निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार की बड़ी खरीदारी या निवेश करने से पहले अपने नजदीकी सर्राफा बाजार के अधिकृत दरों की सही जांच जरूर कर लें, क्योंकि स्थानीय टैक्स, जीएसटी (GST) और आभूषणों पर लगने वाली मेकिंग चार्ज के कारण खुदरा कीमतें हर शहर में थोड़ी अलग हो सकती हैं।
आशा भोसले को AR रहमान देंगे ट्रिब्यूट, AI के जरिए दिखेंगे सुपरस्टार्स
आशा भोसले की जंयती पर एआर रहमान 'आशा फॉरएवर' पेश करने जा रहे हैं. यह एक खास ट्रिब्यूट गाना है, जिसे उन्होंने महान गायिका के निधन से पहले उनके साथ रिकॉर्ड किया था.
भारतीय समाज में उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुके वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सम्मानजनक, सुरक्षित और बेहतर बनाने की दिशा में देश की सर्वोच्च अदालत ने एक बहुत ही संवेदनशील, सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय बेंच ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वृद्धाश्रमों की वास्तविक स्थिति और वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और मानवीय अधिकारों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को औपचारिक नोटिस जारी कर यह निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित हो रहे वृद्धाश्रमों के निर्माण, रख-रखाव, चिकित्सा सुविधाओं और वहां रह रहे बुजुर्गों की जीवन दशाओं पर एक विस्तृत और ताजा स्थिति रिपोर्ट (Status Report) अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। आधुनिक युग में जहां एक तरफ भौतिकवादी संस्कृति तेजी से पैर पसार रही है और संयुक्त परिवार प्रणाली कमजोर होने के कारण बड़ी संख्या में बेसहारा बुजुर्ग अपने ही घरों से तिरस्कृत होकर वृद्धाश्रमों में जीवन बिताने को मजबूर हैं, ऐसे में देश की सबसे बड़ी अदालत का यह कड़ा रुख उन तमाम बुजुर्गों के जीवन में आशा की एक नई किरण लेकर आया है। प्रशासन और सरकारों की सुस्ती को दरकिनार करते हुए न्यायपालिका ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश के वरिष्ठ नागरिकों के संवैधानिक और मानवीय अधिकारों की रक्षा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।साल 2016 की महत्वपूर्ण जनहित याचिका पर चल रही है सुनवाई, डॉ. अश्विनी कुमार ने की है पैरवीइस पूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो यह बेहद महत्वपूर्ण मामला पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ वकील डॉ. अश्विनी कुमार द्वारा साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई एक व्यापक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा हुआ है। पिछले एक दशक से अधिक समय से अदालत में लंबित इस जनहित याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि देश के प्रत्येक जिले में बुजुर्गों के लिए पर्याप्त और आधुनिक सुविधाओं से लैस वृद्धाश्रमों का निर्माण किया जाना चाहिए, उन्हें जीवनयापन के लिए सम्मानजनक पेंशन मिलनी चाहिए और उनके स्वास्थ्य तथा चिकित्सा उपचार के लिए विशेष इंतजाम किए जाने चाहिए। मौजूदा सुनवाई के दौरान, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की विशेष पीठ ने इस मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को गहराई से समझा है। खुद याचिकाकर्ता डॉ. अश्विनी कुमार ने अदालत में अपनी प्रभावशाली पैरवी के दौरान इस बात को रेखांकित किया कि वृद्धाश्रमों की स्थापना और बेसहारा बुजुर्गों की देखभाल करना केवल कोई प्रशासनिक या कागजी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर उनके मौलिक और मानवीय अधिकारों का प्रश्न है, जिस पर राज्य सरकारों को पूरी गंभीरता से काम करना चाहिए।केंद्र सरकार के सुझाव को खारिज करते हुए शीर्ष अदालत ने मांगा राज्यों से सीधा जवाबमामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से यह सुझाव दिया गया था कि बुजुर्गों के कल्याण और वृद्धाश्रमों से जुड़े इन स्थानीय मामलों को संबंधित राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts) में स्थानांतरित कर दिया जाए ताकि वहां स्थानीय स्तर पर इनकी निगरानी हो सके। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार के इस सुझाव को स्वीकार नहीं किया और यह उचित समझा कि इस गंभीर विषय पर देश के सभी राज्यों से सीधे तौर पर जमीनी हकीकत का ब्यौरा मांगा जाना चाहिए। अदालत ने अपनी प्रशासनिक शक्ति का उपयोग करते हुए यह निर्देश दिया है कि देश के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी सभी राज्यों के महाधिवक्ताओं (Advocate Generals) को इस संबंध में आधिकारिक संदेश भेजेंगे। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही राज्यों के महाधिवक्ता को यह औपचारिक सूचना प्राप्त होगी, उसके ठीक चार सप्ताह के भीतर सभी राज्य सरकारों को अपनी-अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दाखिल करनी होगी। इस निर्देश के बाद सभी राज्य प्रशासनों में हड़कंप मच गया है क्योंकि उन्हें अब अपने-अपने राज्यों के वृद्धाश्रमों की जमीनी और वास्तविक रिपोर्ट सर्वोच्च अदालत को सौंपनी होगी।राज्यों को बताना होगा वृद्धाश्रमों की स्थिति, बुनियादी सुविधाएं और बुजुर्गों का हालसुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगे गए इस ब्यौरे के दायरे में केवल कागजी आंकड़े शामिल नहीं होंगे, बल्कि राज्यों को स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि उनके भौगोलिक क्षेत्र में कितने वृद्धाश्रम विधिवत संचालित हो रहे हैं, उनमें रहने वाले बुजुर्गों की संख्या कितनी है, और उन्हें वहां कौन-कौन सी बुनियादी सुविधाएं जैसे कि पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे कमरे, मनोरंजन के साधन और सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। अदालत ने अपने पुराने निर्देशों का हवाला देते हुए इस बात पर भी जोर दिया है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और 'हेल्पएज इंडिया' जैसी प्रतिष्ठित एवं सामाजिक संस्थाओं की भूमिका इस पूरे तंत्र को पारदर्शी और प्रभावी बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। कई राज्यों में वृद्धाश्रमों की वित्तीय स्थिति बेहद खराब है, वहां पर्याप्त स्टाफ नहीं है और बीमार बुजुर्गों के लिए समय पर दवाइयां और डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते हैं। सुप्रीम कोर्ट की इस सख्त मॉनिटरिंग के बाद उम्मीद की जा रही है कि राज्य सरकारें अब इन वृद्धाश्रमों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाएंगी।भारतीय संस्कृति बनाम आधुनिक वृद्धाश्रम: समाज के बदलते स्वरूप में बुजुर्गों की सुरक्षा का सवालयह पूरा मामला केवल कानूनी बहसों या अदालती फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे आधुनिक भारतीय समाज के उस कड़वे सच को भी आईना दिखाता है जहाँ पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच बुजुर्ग माता-पिता अपने ही परिवारों में उपेक्षित हो रहे हैं। एक समय था जब संयुक्त परिवारों में बुजुर्गों को घर का मुखिया मानकर उनकी सेवा और सम्मान को सबसे बड़ा धर्म माना जाता था, लेकिन आज के दौर में बढ़ती महंगाई, संकुचित होती सोच और पारिवारिक विघटन के कारण बुजुर्गों को वृद्धाश्रमों की चारदीवारी में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में, यदि देश के वृद्धाश्रमों में भी उन्हें नारकीय या अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़े, तो यह एक सभ्य समाज के लिए सबसे बड़े कलंक के समान है। सुप्रीम कोर्ट का यह ऐतिहासिक हस्तक्षेप इस बात का प्रतीक है कि न्यायपालिका देश के उन तमाम बेसहारा, लाचार और बुजुर्ग नागरिकों की ढाल बनकर खड़ी है जो अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर अपनों से ठुकराए जाने का दर्द झेल रहे हैं।न्यायपालिका की इस सख्त पहल से देश भर के लाखों बुजुर्गों के जीवन में सुधार की जगी उम्मीदकानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा है कि यदि अदालत इसी प्रकार सख्ती से सभी राज्यों से अनुपालन रिपोर्ट लेती रही, तो देश भर के वृद्धाश्रमों की तस्वीर में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है। कई राज्यों में कागजों पर वृद्धाश्रम चल रहे हैं लेकिन धरातल पर वहां बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। चार सप्ताह के भीतर आने वाली इन रिपोर्टों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट भविष्य में कुछ कड़े राष्ट्रीय मानक (National Standards) तय कर सकता है, जिनका पालन करना सभी राज्यों के लिए अनिवार्य होगा। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए काम करने वाली संस्थाओं को पूरी उम्मीद है कि इस न्यायिक पहल के परिणामस्वरूप न केवल वृद्धाश्रमों की भौतिक दशा सुधरेगी, बल्कि देश के हर कोने में बुजुर्गों को वह गरिमा, सम्मान और सुरक्षा मिलेगी जिसके वे अपने पूरे जीवनभर देश और परिवार को सींचने के बाद वास्तव में हकदार हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को एंटी-ड्रग कानून के तहत मामलों से निपटने के लिए विशेष अदालतों की जल्द स्थापना का निर्देश दिया है।
'नई पीढ़ी ग्लोबल हो, लेकिन हृदय में भारत हो', नेल्लोर में CM योगी ने बताई विकसित भारत की दिशा
स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचते ही ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पूर्व उपराष्ट्रपति ...
यूपी में शब्दों के बाण! तावड़े पर अखिलेश का तंज
यूपी चुनाव 2027 की सियासी जंग का ट्रेलर शुरू हो गया है। बीजेपी के नए यूपी प्रभारी विनोद तावड़े के PDA वाले बयान पर अखिलेश यादव ने 'P से PAGAL' कहकर तीखा पलटवार किया। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बड़ा चुनावी ऐलान करते हुए कहा कि सपा सरकार बनने पर सम्राट अशोक जयंती पर सरकारी छुट्टी दी जाएगी। इसके अलावा योगी सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण, AI वीडियो और सांप्रदायिक राजनीति को लेकर भी जमकर हमला बोला। आखिर इस बयान युद्ध के पीछे 2027 की क्या रणनीति है? देखिए पूरी रिपोर्ट।
बाराबंकी में रंग दे बसंती का युवा संवाद, छात्रों को मिला नवाचार और एआई का गुरुमंत्र
लखनऊ, 7 सितंबर। उत्तर प्रदेश में युवाओं को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच देने और माफिया राज व भय की संस्कृति के खिलाफ सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से ‘रंग दे बसंती’ अभियान के तहत विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बाराबंकी के लखपेड़ाबाग स्थित श्री साईं कॉलेज में अभियान की टीम ने इंटरमीडियट के छात्र-छात्राओं से संवाद किया।इस दौरान विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने तथा शिक्षा के साथ नवाचार और एआई आधारित शिक्षा की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने क्विज प्रतियोगिता और टैलेंट क्रिएशन जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कॉलेज के प्रिंसिपल सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि रंग दे बसंती जैसे मंच विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होंगे। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा को निखारने और आत्मविश्वास के साथ उसे प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।रंग दे बसंती की टीम ने प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र-छात्राओं नैतिक, शगुन यादव, प्रखर, उमैरा कुल्सुंग और अदिति सोनी को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। रंग दे बसंती के प्रदेश संयोजक ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों से योग्य छात्र-छात्राओं का चयन किया जा रहा है। चयनित प्रतिभाओं को शैक्षिक गतिविधियों के साथ नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए 15 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जा रही है। इसके लिए प्रदेश के सभी जनपदों में फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। आवेदन फॉर्म रंग दे बसंती के इंस्टाग्राम पेज और वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।अभियान के तहत प्रदेश के कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कवि सम्मेलन, लखनऊ विश्वविद्यालय में वॉल पेंटिंग तथा मुजफ्फरनगर के एसडी कॉलेज में कॉमिक बुक विमोचन जैसे कार्यक्रमों के जरिए युवाओं तक अभियान की पहुंच बढ़ाई जा रही है।अभियान की मूल भावना बंदूक की जगह ब्रश, डर की जगह डायलॉग है। इसके माध्यम से युवाओं को डर और दबाव की संस्कृति के बजाय अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और संवाद का मंच देने पर जोर दिया जा रहा है। योगी सरकार की ओर से युवाओं को शिक्षा, कौशल, तकनीक और नवाचार से जोड़ने पर दिए जा रहे जोर के बीच रंग दे बसंती जैसे अभियान सकारात्मक और रचनात्मक युवा ऊर्जा को दिशा देने की पहल के रूप में सामने आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश और देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों पर रोजाना सफर करने वाले लाखों दैनिक यात्रियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बहुत ही शानदार और राहत भरी खबर का ऐलान किया है। अक्सर ट्रेन के जनरल डिब्बों में पैर रखने तक की जगह न मिलने, भारी भीड़ के कारण धक्के खाने और सीट के लिए होने वाली मारामारी से परेशान रहने वाले यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए रेलवे प्रशासन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त पहल के तहत उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण ट्रेनों—कानपुर इंटरसिटी और चित्रकूट एक्सप्रेस—में कोचों की संख्या को सीधे दोगुना कर दिया गया है। अब ये लोकप्रिय ट्रेनें पुराने 12 कोचों के बजाय पूरे 24 आधुनिक आईसीएफ (ICF) कोचों के साथ पटरी पर दौड़ती हुई नजर आएंगी, जिसमें साधारण श्रेणी और एसएलआर (SLR) कोचों का विशेष विस्तार किया गया है। रेलवे के इस दूरदर्शी फैसले से न केवल यात्रियों को भीड़भाड़ से मुक्ति मिलेगी, बल्कि रोजाना सफर करने वाले हजारों आम आदमियों का सफर पहले की तुलना में बेहद सुगम, सुरक्षित और आरामदायक भी बन जाएगा।दैनिक यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग हुई पूरी, ट्रेनों में अब लगेंगे 24 आईसीएफ कोचभारतीय रेलवे के उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे जोन के अंतर्गत चलने वाली इन प्रमुख ट्रेनों में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या क्षमता से कहीं अधिक होती थी। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय (Peak Hours) में कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज संगम, चित्रकूट धाम कर्वी और प्रतापगढ़ के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को हमेशा यह शिकायत रहती थी कि ट्रेनों में कोच कम होने के कारण उन्हें भीषण भीड़ का सामना करना पड़ता है। कई बार स्थिति इतनी विकट हो जाती थी कि यात्रियों को डिब्बों के दरवाजों पर लटककर यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता था। यात्रियों की इस गंभीर समस्या और लगातार बढ़ रही मांग को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने अंततः बड़ा फेरबदल करते हुए ट्रेनों की वह क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया जो यात्रियों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी थी। अब इन ट्रेनों में कुल 24 आईसीएफ कोच जोड़े जा रहे हैं, जिनमें 22 साधारण श्रेणी (जनरल कोच) और दो एसएलआर/डी (SLR/D) कोच शामिल होंगे। जनरल डिब्बों की संख्या में अचानक हुई इस भारी बढ़ोतरी का सबसे बड़ा और सीधा फायदा उन दैनिक यात्रियों को मिलेगा जो बिना रिजर्वेशन के सामान्य टिकट पर सफर करते हैं।कानपुर-प्रयागराज संगम इंटरसिटी एक्सप्रेस में तत्काल प्रभाव से लागू हुई नई व्यवस्थाइस विस्तारित व्यवस्था के तहत रेलवे ने सबसे पहले अत्यधिक व्यस्त रहने वाले मार्ग पर चलने वाली गाड़ी संख्या 14102 और 14101—यानी कानपुर सेंट्रल से प्रयागराज संगम के बीच संचालित होने वाली लोकप्रिय इंटरसिटी एक्सप्रेस—में इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। अब यह ट्रेन अपने निर्धारित समय पर 24 कोचों के साथ पटरियों पर दौड़ रही है, जिससे इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को तुरंत राहत मिलनी शुरू हो गई है। कानपुर और प्रयागराज के बीच शिक्षा, व्यापार और नौकरी के सिलसिले में रोजाना हजारों लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में इंटरसिटी एक्सप्रेस में कोचों की संख्या 12 से बढ़ाकर 24 किए जाने से ट्रेन के भीतर पैसेंजर होल्डिंग कैपेसिटी लगभग दोगुनी हो गई है। यात्रियों ने रेलवे के इस कदम की भूरी-भरी प्रशंसा करते हुए कहा है कि अब उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए घंटों पहले प्लेटफॉर्म पर आकर धक्का-मुक्की नहीं करनी पड़ेगी और सभी को आसानी से बैठने के लिए पर्याप्त सीट मिल सकेगी।चित्रकूट एक्सप्रेस और मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ एक्सप्रेस भी बढ़ी हुई क्षमता के साथ शुरूकानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के अलावा उत्तर प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के केंद्रों को जोड़ने वाली अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों में भी इस नई व्यवस्था का विस्तार कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों से प्राप्त आधिकारिक सूचना के अनुसार, गाड़ी संख्या 22442 (कानपुर सेंट्रल से चित्रकूट धाम कर्वी एक्सप्रेस) और गाड़ी संख्या 14124 (चित्रकूट धाम कर्वी से मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ एक्सप्रेस) ने आठ सितंबर से अपने निर्धारित रूट पर बढ़े हुए यानी 24 कोचों के साथ संचालन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, वापसी की दिशा में चलने वाली ट्रेनें—यानी गाड़ी संख्या 14123 (मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ से चित्रकूट धाम कर्वी एक्सप्रेस) और गाड़ी संख्या 22441 (चित्रकूट धाम कर्वी से कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस)—नौ सितंबर से पूरी तरह से 24 कोचों के साथ पटरी पर उतर चुकी हैं। इस प्रकार इन सभी रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अब ट्रेन में सीट पाने की मारामारी इतिहास की बात बनने जा रही है, और रेलवे का यह कदम क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को एक नए स्तर पर ले जाने का काम कर रहा है।भीड़भाड़ से मिलेगी मुक्ति, यात्रियों का सफर होगा पहले से अधिक सुरक्षित और सुगमभारतीय रेलवे का यह कदम केवल ट्रेनों में डिब्बों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा और उनके मानवीय अधिकारों से भी जुड़ा हुआ एक बहुत बड़ा सुधार है। जब ट्रेनों में सामान्य कोचों की संख्या कम होती है, तो अत्यधिक भीड़ के कारण चेन पुलिंग (Alarm Chain Pulling) की घटनाएं बहुत आम हो जाती हैं, क्योंकि लोग किसी तरह जबरन ट्रेन के अंदर घुसने की कोशिश करते हैं। इससे ट्रेनों का समय तो खराब होता ही है, साथ ही रेलवे के संचालन पर भी अनावश्यक दबाव पड़ता है। अब जब कानपुर इंटरसिटी और चित्रकूट एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों में जनरल कोचों की संख्या दोगुनी कर दी गई है, तो यात्रियों को ट्रेन में प्रवेश करने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। पर्याप्त मात्रा में सीटें उपलब्ध होने से प्लेटफॉर्म पर होने वाली भगदड़ और आपाधापी पर भी स्वतः रोक लगेगी। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह यात्रा अब पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और तनावमुक्त हो जाएगी।रेलवे प्रशासन की यह पहल क्षेत्रीय विकास और यात्रियों के कल्याण में साबित होगी मील का पत्थरयातायात विशेषज्ञों और रेलवे यूनियनों ने भी प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे एक बेहद सराहनीय कदम बताया है। उनका मानना है कि वर्तमान समय में जब सड़क मार्ग पर यातायात का दबाव और प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित रेल यात्रा की ओर आकर्षित करना बेहद जरूरी है। जब ट्रेनें समय पर चलेंगी और उनमें यात्रियों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह और सुविधाएं मिलेंगी, तो आम जनता का सार्वजनिक परिवहन पर भरोसा और अधिक मजबूत होगा। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यात्रियों की बढ़ती संख्या और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए देश के अन्य व्यस्त मार्गों पर भी इसी प्रकार कोचों के विस्तार की योजना पर काम किया जा रहा है। कानपुर, प्रयागराज, चित्रकूट और प्रतापगढ़ के बीच यात्रा करने वाले तमाम रेल यात्रियों ने रेलवे मंत्रालय और स्थानीय रेलवे प्रशासन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है, जिनकी बदौलत उनका रोजाना का सफर अब आसान और खुशगवार बन गया है।
‘अखिलेश यादव मुगल शासन के आखिरी शासक थे’- संगीत सोम बोले, अब यूपी में नहीं चलेगा मुगल राज
लखनऊ। मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी पर अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम ने सपा पर तीखा हमला बोला। संगीत सोम ने आरोप लगाया कि जब मुजफ्फरनगर में हिंदू काटे जा रहे थे और पश्चिमी यूपी जल रहा था, तब अखिलेश यादव सैफई में डांस देख रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातनी मुजफ्फरनगर दंगे को न भूले हैं और न भूलेंगे। संगीत सोम ने कहा कि 'हम न माफ किए थे, न करेंगे।'संगीत सोम ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आज (सोमवार) प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी पर कुछ बोलेंगे और सनातनियों से माफी मांगेंगे कि कैसे उन्होंने हजारों हिंदुओं को कटवाने और मरवाने का काम किया गया था, लेकिन अखिलेश यादव कुछ बोले तक नहीं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि अखिलेश यादव को आज भी याद नहीं आया कि उन्होंने क्या किया था।‘मुजफ्फरनगर में अखिलेश के इशारे पर पुलिस वाले हिंदुओं को गोली मार रहे थे’संगीत सोम ने कहा कि मुजफ्फरनगर में अखिलेश यादव के इशारे पर पुलिस वाले हिंदुओं को गोली मार रहे थे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर में दंगे कराए और आज उसकी बरसी पर बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि अंदाजा लगा लीजिए कि अखिलेश यादव क्या कर रहे हैं। संगीत सोम ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का इतिहास ही सनातन विरोधी रहा है। उन्होंने कहा, 'कभी राम मंदिर भक्तों पर गोली चलवाते हैं तो कभी दंगे करवाते हैं।'संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव केवल एक ही धर्म की राजनीति करते हैं। उन्हें सनातनियों से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान अखिलेश यादव को कभी माफ नहीं करेगा।सहारनपुर में कार्रवाई पर अखिलेश को घेरा, पूछा- ‘क्या वो भूमाफियाओं के साथ हैं?’संगीत सोम ने सहारनपुर में अवैध निर्माण के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि एक सरकारी बिल्डिंग पर अवैध इमारत थी और उसे हटाया गया है। इसके बावजूद अखिलेश यादव इस कार्रवाई को लेकर बौखला गए हैं। उन्होंने सवाल किया, 'क्या वो भूमाफियाओं के साथ हैं?'संगीत सोम ने कहा कि जितनी इस तरह की कब्जे वाली जमीन है और जितनी इस तरह की अवैध मस्जिद और मजार बनी हैं, उसे तोड़ा जाएगा।'अंकित बालियान के मर्डर पर गिद्ध जैसी नजर, एनकाउंटर होते ही पलट गए'मुरादाबाद के अंकित बालियान हत्याकांड का जिक्र करते हुए भी संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव राजनीति के लिए इस तरह की घटनाओं पर गिद्ध जैसे नजर रखेंगे, लेकिन जैसे ही एनकाउंटर होगा, वह तुरंत पलट जाएंगे और माफियाओं के साथ देने लगेंगे। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में दंगा नहीं हो सकता है। अब प्रदेश में कानून का राज है।‘अखिलेश को पर्यटन स्थल, एम्स और एक्सप्रेस-वे से मतलब नहीं’संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में बन रहे पर्यटन स्थल, एम्स और एक्सप्रेस-वे से मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव केवल डांस देखने में व्यस्त रहते थे और उन्हें केवल माफियाओं से मतलब है।उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव मुगल शासन के आखिरी शासक थे। अब यूपी में मुगल शासन नहीं चलेगा।' संगीत सोम ने अपने ऊपर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने उन पर फर्जी रासुका लगाई थी और कई निर्दोषों को जेल भेजा था।सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी हमला, बोले- ‘इनका कुछ पता नहीं कब होगा, कैसे होगा’सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान पर भी संगीत सोम ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों दलों में अभी सीट बंटवारे को लेकर ही लड़ाई मची है। सपा सोचती है कि वह बड़ी पार्टी है और कांग्रेस भी खुद को बड़ी पार्टी समझती है।संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव सोच रहे हैं कि कांग्रेस को 20-30 सीट में निपटा दें, जबकि कांग्रेस वाले 200 सीट मांग रहे हैं। ऐसे में इनके गठबंधन का कुछ पता नहीं है कि कब होगा और कैसे होगा। इसके उलट उन्होंने दावा किया कि बीजेपी 300 सीटों के साथ यूपी में सरकार बनाने जा रही है। बीजेपी जमीन पर चुनाव लड़ रही है और जमीन पर काम कर रही है।‘पी से पापी, डी से डकैत, ए से अपराधी… ये केवल छलावा कर रहे हैं’सपा के PDA फॉर्मूले पर हमला बोलते हुए संगीत सोम ने कहा, 'पी से पापी, डी से डकैत, ए से अपराधी।' उन्होंने कहा कि ये केवल छलावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज यूपी में काम हो रहा है। सड़कें बन रही हैं, स्कूल-कॉलेज बन रहे हैं, निवेश आ रहा है और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधर रहा है। उन्होंने दावा किया कि सपा कहीं है ही नहीं और चुनाव में वह बसपा से भी पीछे रहेगी।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है, जिसने स्थानीय भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। संभल जिले के शेर खां सराय इलाके में स्थित आर्य समाज मंदिर की बेशकीमती जमीन, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये आंकी गई है, पर पिछले 53 लंबे सालों से अवैध कब्जा जमाए बैठे लोगों के खिलाफ प्रशासन ने अब पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है। एसडीएम कोर्ट द्वारा इस मामले में एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाते हुए भूमि पर बने अवैध मकानों और एक मजार को हटाने के स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। लगभग एक साल तक चली लंबी और जटिल न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने पुराने चकबंदी अभिलेखों को पूरी तरह से सही ठहराते हुए अवैध कब्जाधारियों के नामों को राजस्व रिकॉर्ड से खारिज कर दिया है और इस पूरी भूमि को आधिकारिक रूप से आर्य समाज मंदिर तथा ग्राम समाज के नाम पर बहाल करने का आदेश पारित किया है। प्रशासन ने सभी अवैध कब्जाधारियों को चेतावनी दे दी है कि यदि उन्होंने खुद अपने अतिक्रमण नहीं हटाए, तो बहुत जल्द बुलडोजर कार्रवाई के जरिए अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया जाएगा।शेर खां सराय इलाके में पांच बीघा से अधिक बेशकीमती भूमि पर चल रहा था अवैध कब्जायह पूरा मामला संभल जिले के शेर खां सराय क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां आर्य समाज मंदिर के नाम दर्ज पांच बीघा से अधिक की पांच सौ करोड़ नहीं बल्कि पचास करोड़ रुपये मूल्य की अति मूल्यवान भूमि पर पिछले कई दशकों से सुनियोजित तरीके से कब्जा किया गया था। इस मामले की शुरुआत पिछले साल दिसंबर 2025 में हुई थी, जब सरायतरीन के मंगलपुरा निवासी और आर्य प्रतिनिधि सभा के जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार ने इस पूरे घोटाले के खिलाफ आवाज उठाते हुए एसडीएम न्यायालय में एक औपचारिक वाद (मुकदमा) दायर किया था। उनकी इस शिकायत के आधार पर जब तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह द्वारा मामले की गहराई से प्रशासनिक और राजस्व जांच कराई गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि लगभग वर्ष 1960 में चली चकबंदी प्रक्रिया के दौरान संबंधित भूमि आधिकारिक रूप से आर्य समाज मंदिर के नाम पर ही दर्ज थी, और मंदिर की इस संपत्ति के प्रबंधन तथा देखरेख की कानूनी जिम्मेदारी पदेन ग्राम प्रधान को सौंपी गई थी।ग्राम प्रधान से मिलीभगत कर बेची गई मंदिर की जमीन, खड़े हुए आठ से दस मकान और मजारराजस्व जांच रिपोर्ट में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि समय बीतने के साथ कुछ स्थानीय भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों ने कथित तौर पर तत्कालीन ग्राम प्रधान के साथ अवैध रूप से मिलीभगत कर ली और आर्य समाज मंदिर के नाम दर्ज इस पवित्र और सार्वजनिक जमीन के बड़े-बड़े हिस्सों को अवैध रूप से आपस में बेचना शुरू कर दिया। इस अवैध खरीद-फरोख्त के बाद वर्ष 1973 के आसपास से जमीन पर अनधिकृत कब्जे का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे-धीरे खरीदारों ने वहां बड़े-बड़े पक्के मकान खड़े करने शुरू कर दिए। तहसील प्रशासन की विस्तृत जांच में यह बात भी सामने आई कि इस पांच बीघा से अधिक क्षेत्रफल वाली बेशकीमती भूमि के एक हिस्से पर न केवल आठ से दस अवैध पक्के मकान बना लिए गए, बल्कि वहां एक मजार का निर्माण भी कर दिया गया। पिछले कई दशकों से इस प्रकार के अवैध अतिक्रमण के कारण मंदिर की इस बहुमूल्य संपत्ति का स्वरूप पूरी तरह से बदल चुका था, जिस पर अब प्रशासनिक हथौड़ा चलने की पूरी तैयारी हो चुकी है।एसडीएम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: पुराने चकबंदी अभिलेखों को बनाया गया आधारसंभल के एसडीएम न्यायालय में इस भूमि के स्वामित्व और अवैध कब्जों को लेकर पिछले लगभग एक साल से लगातार सुनवाई चल रही थी। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने और तमाम पुराने राजस्व दस्तावेजों की गहन पड़ताल करने के बाद, एसडीएम विकास चंद्र ने गत पांच सितंबर को अपना अंतिम और बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने अपने फैसले में वर्ष 1960 के पुराने चकबंदी अभिलेखों को पूरी तरह से वैध और सही आधार माना। इसके आधार पर कोर्ट ने जमीन पर कब्जा जमाए बैठे लोगों के सभी फर्जी और अवैध नामों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश पारित किया। साथ ही, यह भी निर्देश दिए गए कि राजस्व रिकॉर्ड में इस पूरी भूमि पर 'मंदिर आर्य समाज' और 'एहतमाम प्रधान ग्राम समाज' का नाम विधिवत रूप से दर्ज किया जाए। अदालत के इस स्पष्ट और कड़े आदेश ने अवैध कब्जाधारियों के सभी कानूनी दांव-पेंच को पूरी तरह से नाकाम कर दिया है और आर्य समाज संस्था को उसकी पुश्तैनी संपत्ति वापस मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।प्रशासनिक अमले ने किया मौके का निरीक्षण, अवैध कब्जाधारियों को दी गई सख्त चेतावनीअदालत द्वारा फैसला सुनाए जाने के ठीक अगले दिन, यानी सोमवार को संभल के तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ सीधे शेर खां सराय स्थित उस विवादित स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरी भूमि का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां बने मकानों तथा मजार की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद मीडिया और स्थानीय लोगों से बात करते हुए तहसीलदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पूरी भूमि अब आधिकारिक रूप से ग्राम समाज के प्रबंधन के अंतर्गत आ चुकी है। प्रशासन ने मौके पर मौजूद सभी 10 मकान स्वामियों और कब्जाधारियों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वे बिना किसी विलंब के खुद ही अपने अवैध कब्जों और निर्माणों को हटा लें। यदि तय समय सीमा के भीतर स्वेच्छा से कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन कानूनी प्रक्रिया के तहत बेदखली के आदेश पारित कराएगा और उसके बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इन सभी अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया जाएगा।स्थानीय लोगों और आर्य समाज के प्रतिनिधियों में खुशी की लहर, भू-माफियाओं में मचा हड़कंपएसडीएम कोर्ट के इस कड़े और ऐतिहासिक फैसले के बाद से स्थानीय आर्य समाज के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों में जबरदस्त खुशी की लहर दौड़ गई है। आर्य प्रतिनिधि सभा के जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार, जिन्होंने इस लंबी कानूनी लड़ाई की शुरुआत की थी, उन्होंने प्रशासन के इस कदम की भूरी-भरी प्रशंसा करते हुए कहा कि आखिरकार सच्चाई की जीत हुई है और धर्म तथा समाज की संपत्ति को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने का मार्ग साफ हो गया है। दूसरी ओर, इस प्रशासनिक कार्रवाई की सुगबुगाहट शुरू होते ही संभल क्षेत्र के उन तमाम लोगों और भू-माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया है जिन्होंने सरकारी और धार्मिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। प्रशासन के इस रुख से साफ जाहिर होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीति के अनुरूप सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी सख्ती के साथ लागू की जा रही है, और आने वाले दिनों में इस स्थान पर बुलडोजर की बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
Congress के वरिष्ठ नेता Jose Kuttiani का 87 वर्ष की आयु में निधन
इडुक्की (केरलम), सात सितंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक जोस कुट्टियानी का सोमवार को कोलेनचेरी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि उम्र संबंधी बीमारियों को लेकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुट्टियानी 87 वर्ष के थे। कुट्टियानी ने छह दशक पहले कांग्रेस के छात्र संगठन केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। जिला बनने के बाद वह इडुक्की जिला कांग्रेस कमेटी के पहले अध्यक्ष बने थे। उन्होंने 1980 और 1982 के विधानसभा चुनावों में इडुक्की क्षेत्र से चुनाव जीता था। स्नातक और एलएलबी की डिग्री हासिल करने वाले कुट्टियानी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता भी रहे। उन्होंने 1982 से 1984 तक याचिका समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इडुक्की जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के अलावा वह सहकारिता क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वह नयी दिल्ली स्थित नेशनल कोऑपरेटिव हाउसिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के निर्वाचित निदेशक और अध्यक्ष रहे। इसके अलावा उन्होंने ‘नेफेड’ के उपाध्यक्ष तथा ‘इफको’ के निदेशक के रूप में भी सेवाएं दीं। पार्टी नेताओं ने कहा कि इडुक्की में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कुट्टियानी के निधन पर शोक व्यक्त किया। जोसेफ ने कहा कि कुट्टियानी ने इडुक्की में कांग्रेस आंदोलन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, “संगठन के क्षेत्र में और एक जनसेवक के रूप में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।”जोसेफ ने कहा कि छात्र जीवन से ही उनके कुट्टियानी के साथ मधुर संबंध थे। उन्होंने कहा, “जोस कुट्टियानी का निधन कांग्रेस आंदोलन और इडुक्की के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है।
अखिलेश यादव के आरोपों पर बीजेपी नेताओं ने खोला मोर्चा
लखनऊ, 7 सितंबर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने तीखा पलटवार किया है। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित इस अवैध ढांचे को लेकर अखिलेश यादव के बयान को भाजपा नेताओं ने निंदनीय बताया।कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने सहारनपुर मामले पर कहा कि प्रशासन ने माननीय न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी वास्तव में इस मामले को लेकर गंभीर है और जनता को गुमराह नहीं कर रही है तो उसके नेताओं को न्यायालय जाना चाहिए और आदेश के खिलाफ अपील करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल झूठ को आधार बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा 10 साल से सत्ता से बाहर है और उसकी परेशानी समझी जा सकती है, लेकिन ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिन्हें जनता गंभीरता से लेना ही छोड़ दे। उन्होंने इसे विपक्ष की ओर से डाली जा रही एक गलत परिपाटी बताया।अवैध मस्जिद के बहाने धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश- भूपेंद्र चौधरीकैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी अवैध मस्जिद के बहाने धार्मिक उन्माद पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई किसी धार्मिक ढांचे के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ की गई है। प्रशासन ने यह कदम मनमाने तरीके से नहीं उठाया है। अदालत से आदेश की पुष्टि के बाद ही प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी वोट बैंक की राजनीति के चलते अवैध अतिक्रमण का बचाव कर रही है और धार्मिक उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रही है।अखिलेश यादव गलत नैरेटिव गढ़ते हैं- बृजलालराज्यसभा सदस्य बृजलाल ने भी अखिलेश यादव के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा गलत नैरेटिव गढ़ते हैं। सहारनपुर का संबंधित अवैध मस्जिद ढांचा सरकारी जमीन पर था और कार्रवाई प्रशासन के मनमाने आदेश से नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत हुई। पहले मामला सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में गया और उसके बाद न्यायिक अदालत में सुनवाई हुई। जिला जज की अदालत के निर्णय के बाद सरकारी जमीन पर बने ढांचे को हटाया गया। उन्होंने कहा कि जब कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत हुई है तो अखिलेश यादव को इस मामले में लोगों को भ्रमित करने वाला नैरेटिव नहीं गढ़ना चाहिए।असीम अरुण ने बुद्ध से जुड़े जिलों के नाम बदलने का उठाया मुद्दाराज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अखिलेश यादव के भगवान बुद्ध के प्रति प्रेम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते भगवान बुद्ध से जुड़े जिलों के नाम बदले गए। उन्होंने कहा कि महामाया जी भगवान बुद्ध की माता थीं और उनके नाम पर बने महामाया नगर का नाम बदल दिया गया। इसी तरह पंचशील नगर और प्रबुद्ध नगर के नाम बदले जाने का भी उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज जब उत्तर प्रदेश की जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया है, तब उन्हें भगवान बुद्ध की याद आ रही है।कलेक्ट्रेट परिसर की इमारत पूरी तरह अनाधिकृत थी- दिनेश सिंहप्रदेश के मुख्य भाजपा प्रवक्ता दिनेश सिंह ने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी इमारत के मामले में प्रशासन ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन किया है। उन्होंने अखिलेश यादव और विपक्ष पर मामले का राजनीतिकरण करने तथा धार्मिक उन्माद पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार है और किसी को भी धार्मिक उन्माद पैदा करने का अवसर नहीं दिया जाएगा।
भारतीय क्रिकेट जगत के इतिहास में आगामी 3 अक्टूबर का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है, जिसे लेकर देश भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह और उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। खेल प्रेमियों ने अक्सर ऐसा देखा होगा कि भारतीय क्रिकेट टीम एक समय पर विदेश दौरे या घरेलू श्रृंखला में व्यस्त रहती है, लेकिन इस बार कुछ ऐसा अभूतपूर्व और ऐतिहासिक होने जा रहा है जो पिछले 28 वर्षों के लंबे अंतराल में कभी नहीं देखा गया है। आगामी 3 अक्टूबर को भारतीय क्रिकेट टीम एक ही दिन में दो अलग-अलग देशों और मैदानों पर एक साथ मुकाबले खेलती हुई नजर आएगी। आधुनिक क्रिकेट के व्यस्त और महात्वाकांक्षी शेड्यूल के बीच इस प्रकार का अनूठा संयोग बनना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय क्रिकेट का बेंच स्ट्रेंथ (Reserve Strength) इस समय दुनिया में सबसे मजबूत स्थिति में है। एक तरफ जहां मुख्य टीम अपनी घरेलू धरती पर किसी प्रमुख द्विपक्षीय सीरीज के महत्वपूर्ण मुकाबले में व्यस्त होगी, वहीं दूसरी तरफ भारत की युवा और चुनिंदा टीम महाद्वीप के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजन में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के लिए पसीना बहा रही होगी। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह दिन टीवी स्क्रीन से चिपके रहने और भारतीय क्रिकेट की दो अलग-अलग यूनिट्स के शानदार प्रदर्शन का गवाह बनने का एक ऐतिहासिक अवसर साबित होने वाला है।साल 1998 के बाद भारतीय क्रिकेट में दूसरी बार होगा ऐसा चमत्कारिक और अनोखा संयोगयदि हम भारतीय क्रिकेट के गौरवशाली इतिहास पर नजर डालें, तो इस प्रकार की दोहरी व्यस्तता का दुर्लभ नजारा आज से लगभग 28 साल पहले यानी 12 सितंबर 1998 को देखने को मिला था। उस ऐतिहासिक दिन पर भी कुछ ऐसा ही रोमांचक संयोग बना था जब एक तरफ भारतीय टीम कॉमनवेल्थ गेम्स के मुकाबलों में हिस्सा ले रही थी, वहीं ठीक उसी दिन टीम का दूसरा हिस्सा सहारा कप के तहत पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरी थी। संयोगवश, भारतीय टीम ने अपनी दोनों ही यूनिट्स के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर वे दोनों मुकाबले जीतकर इतिहास रच दिया था। अब ठीक वैसा ही या उससे भी बड़ा करिश्मा एक बार फिर से साल 2026 के अक्टूबर महीने में दोहराए जाने की पूरी संभावना बन रही है। आधुनिक क्रिकेट के इस दौर में जहां खिलाड़ियों के वर्कलोड (Workload Management) को संभालना चयनकर्ताओं और बोर्ड के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जाता है, वहां एक ही तारीख पर दो अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दो अलग टीमों को उतारना भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की विशाल प्रतिभा क्षमता और प्रशासनिक कौशल का सबसे बड़ा उदाहरण पेश करता है।एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक मुकाबले और वेस्टइंडीज वनडे सीरीज के बीच फंसा यह महासंयोगइस दोहरी चुनौती के पीछे का मुख्य कारण आगामी 2026 एशियन गेम्स (Asian Games) और वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जाने वाली सीमित ओवरों की घरेलू सीरीज का एक ही समय पर टकराना है। कार्यक्रम के अनुसार, आगामी 3 अक्टूबर को टीम इंडिया को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपनी तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला खेलना है, जिसका आयोजन पंजाब के न्यू चंडीगढ़ स्थित अत्याधुनिक मुल्लांपुर स्टेडियम में तय किया गया है। वहीं दूसरी तरफ, जापान के निशिन शहर स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जा रहे 2026 एशियन गेम्स में क्रिकेट स्पर्धा के कांस्य (Bronze) और स्वर्ण (Gold) पदक के खिताबी मुकाबले भी ठीक इसी तारीख यानी 3 अक्टूबर को ही खेले जाने हैं। चूँकि एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को सीधे तौर पर क्वार्टर फाइनल मैच में प्रवेश करना है और टीम की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनका फाइनल या स्वर्ण पदक मुकाबले तक पहुँचना लगभग तय माना जा रहा है, इसलिए यह स्थिति उत्पन्न हुई है कि एक ही दिन भारत को दो अलग-अलग महाद्वीपों और टूर्नामेंट्स में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।श्रेयस अय्यर की कप्तानी में एशियन गेम्स में उतरेगी युवा और घातक भारतीय टीमएशियन गेम्स के इस प्रतिष्ठित महामुकाबले के लिए बीसीसीआई ने पहले ही एक बेहद संतुलित, युवा और आक्रामक 15 सदस्यीय भारतीय टीम की आधिकारिक घोषणा कर दी है, जो महाद्वीप में भारत का परचम लहराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस विशेष टीम की कमान मध्यक्रम के अनुभवी और मंझे हुए बल्लेबाज श्रेयस अय्यर के हाथों में सौंपी गई है, जिनकी कप्तानी कौशल और आक्रामक खेल शैली पर टीम की सफलता काफी हद तक निर्भर करेगी। एशियन गेम्स के इस स्क्वाड में भारत के कई उभरते हुए और आईपीएल के स्थापित सितारे शामिल हैं, जिनमें आक्रामक ओपनर अभिषेक शर्मा, विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन, विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन, मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज तिलक वर्मा, ऑलराउंडर शिवम दुबे और युवा सनसनी नीतीश कुमार रेड्डी प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा गेंदबाजी विभाग को मजबूती देने के लिए टीम में अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, स्पिनर वरुण चक्रवर्ती, लेग स्पिनर रवि बिश्नोई, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और कम उम्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को भी शामिल किया गया है। खिलाड़ियों की यह सूची इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत एशियन गेम्स में केवल हिस्सा लेने नहीं बल्कि स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर रहेंगे एशियन गेम्स के सभी मुख्य खिलाड़ीचूंकि 3 अक्टूबर को एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक का मुकाबला जापान के निशिन में खेला जाना है, इसलिए यह पूरी तरह से तय हो चुका है कि जो खिलाड़ी एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टीम का हिस्सा हैं, वे वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जाने वाली घरेलू वनडे सीरीज का हिस्सा बिल्कुल भी नहीं बन पाएंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली इस तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर मुख्य भारतीय टीम की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट हो चुका है कि चयनकर्ताओं को कैरेबियाई टीम के खिलाफ मैदान पर उतारने के लिए एक बिल्कुल अलग और वैकल्पिक टीम का चयन करना होगा। एशियन गेम्स में भाग ले रहे स्टार खिलाड़ी जैसे कि जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, ईशान किशन और श्रेयस अय्यर जैसे प्रमुख नाम वेस्टइंडीज सीरीज के दौरान उपलब्ध नहीं होंगे, जिससे घरेलू क्रिकेट और बेंच पर बैठे अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए अपनी उपयोगिता साबित करने का एक शानदार और सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। यह स्थिति भारतीय क्रिकेट की गहराई को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का सबसे बेहतरीन मंच साबित होगी।सितंबर और अक्टूबर का यह महीना भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए रहेगा रोमांच से भरपूरआगामी सितंबर और अक्टूबर का यह पूरा खेल सत्र भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए मनोरंजन और रोमांच का एक अद्भुत पैकेज लेकर आ रहा है। सितंबर के महीने में टीम इंडिया कुल 6 महत्वपूर्ण सीमित ओवरों के मैच खेलने वाली है, जिसमें एक भी टेस्ट मैच शामिल नहीं है। इस दौरान भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में तीन मैचों की एक रोमांचक टी20 सीरीज खेलनी है जिसकी शुरुआत 13 सितंबर से होगी। इसके तुरंत बाद महीने के अंत में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के मुकाबले खेले जाएंगे और साथ ही 2026 एशियन गेम्स के शुरुआती नॉकआउट और क्वार्टर फाइनल मुकाबले भी सितंबर के आखिरी सप्ताह में ही संपन्न होंगे। इस प्रकार खिलाड़ियों का व्यस्त शेड्यूल और देश के लिए एक साथ दो मोर्चों पर जंग लड़ना इस बात को साबित करता है कि भारतीय क्रिकेट कितना व्यापक और मजबूत हो चुका है। हर क्रिकेट प्रेमी की निगाहें अब 3 अक्टूबर की उस ऐतिहासिक तारीख पर टिकी हुई हैं जब एक ही दिन में भारत के दो अलग-अलग धुरंधर दल मैदान पर उतरकर दुनिया भर में तिरंगा फहराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे।
भारतीय घरेलू क्रिकेट में इन दिनों अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैदान पर तहलका मचाने वाले स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन का नाम इस समय हर क्रिकेटप्रेमी की जुबान पर है। साल 2026 की प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए ईशान ने चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की मुश्किल और तपती परिस्थितियों में जो 270 रनों की मैराथन और ऐतिहासिक पारी खेली, उसने सभी का दिल जीत लिया है। एक तरफ जहां उनके इस दोहरे शतक ने क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भूचाल ला दिया है, वहीं दूसरी तरफ चेन्नई की झुलसा देने वाली और असहनीय गर्मी में उनकी इस साहसिक पारी पर उनकी गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया का एक प्यारा सा रिएक्शन सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। चेन्नई की उमस भरी गर्मी के बीच जिस दृढ़ संकल्प के साथ ईशान ने मैदान पर पसीना बहाया और शारीरिक थकान के बावजूद घुटने नहीं टेके, उसने न केवल खेल प्रेमियों को बल्कि उनके करीबियों को भी गहरी प्रेरणा दी है। इस रोमांटिक और प्रेरणादायक खुलासे के बाद से इंटरनेट पर दोनों के रिश्ते और ईशान की इस जुझारू पारी की चर्चा हर तरफ जोरों पर चल रही है।चेन्नई की चिलचिलाती और झुलसा देने वाली गर्मी में ईशान किशन का दिखा गजब का जज्बादलीप ट्रॉफी का यह खिताबी मुकाबला दक्षिण भारत के चेन्नई शहर के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां इस मौसम में अत्यधिक उमस और चिलचिलाती धूप खिलाड़ियों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होती है। मैच के दौरान जब ईशान किशन क्रीज पर डटे हुए थे और अपने रनों का अंबार लगा रहे थे, तब चेन्नई की इस झुलसा देने वाली गर्मी और भारी उमस के कारण उनका शरीर काफी थक चुका था और वह मैदान पर थोड़े असहज भी नजर आने लगे थे। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि अपनी पारी के दौरान जब वह 250 रनों के निजी स्कोर पर पहुंचे, तो शारीरिक थकान और अत्यधिक गर्मी के कारण उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा और वह 'रिटायर्ड हर्ट' होकर पवेलियन लौटे थे। आमतौर पर इतनी भीषण गर्मी और डिहाइड्रेशन के बाद मैदान पर वापसी करना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन ईशान की मानसिक मजबूती और खेल के प्रति समर्पण का ही नतीजा था कि कुछ देर विश्राम करने के बाद वह पूरी ऊर्जा के साथ दोबारा मैदान पर उतरे और अपनी पारी को 270 रनों तक पहुंचाया।गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया ने शेयर की सोशल मीडिया स्टोरी, लिखी दिल जीतने वाली बातजैसे ही ईशान किशन चेन्नई की उमस भरी गर्मी से मुकाबला करते हुए 250 रनों के स्कोर पर पहुंचे और उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर खेल प्रेमियों में चिंता बढ़ने लगी, वैसे ही उनकी कथित गर्लफ्रेंड और जानी-मानी मॉडल अदिति हुंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक बेहद प्यारा और समर्थन भरा संदेश साझा किया। अदिति ने अपनी उस इंस्टाग्राम स्टोरी में चेन्नई की उस भयानक और झुलसा देने वाली गर्मी का विशेष तौर पर जिक्र किया, जिसमें खिलाड़ी अपना शत-प्रतिशत देने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने ईशान के इस संघर्ष और अटूट साहस की सराहना करते हुए उन पर अपना बेशुमार प्यार बरसाया। अदिति ने अपनी इस वायरल हो रही स्टोरी में लिखा, चेन्नई की झुलसा देने वाली गर्मी में 250 रन बनाना कोई आम बात नहीं है। दुनिया की कुछ पारियां केवल स्कोरबोर्ड पर दर्ज रनों से गिनी जाती हैं, लेकिन ईशान की यह पारी उनकी मानसिक और शारीरिक मजबूती के लिए हमेशा याद रखी जाएगी। मुझे तुम पर बहुत गर्व है ईशू। अदिति का यह प्यार भरा संदेश और समर्थन सोशल मीडिया पर पलक झपकते ही वायरल हो गया और फैंस ने इस पर जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।#अदिति हुंडिया की इस वायरल पोस्ट ने एक बार फिर दोनों के रिश्ते पर लगाई मोहरअदिति हुंडिया और ईशान किशन के बीच के रिश्तों को लेकर पिछले काफी समय से मीडिया और सोशल मीडिया के गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म रहता है। हालांकि दोनों ने कभी भी अपने रिश्ते को आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक रूप से बहुत ज्यादा प्रमोट नहीं किया है, लेकिन अक्सर मुश्किल वक्त में या बड़ी उपलब्धि के दौरान एक-दूसरे के लिए उनका यह समर्थन उनके गहरे रिश्ते की कहानी खुद-बखुद बयां कर देता है। ईशान के हर मुश्किल और अच्छे समय में अदिति हमेशा चट्टान की तरह उनके साथ खड़ी नजर आती हैं। दलीप ट्रॉफी के इस फाइनल मुकाबले में जब ईशान ने इतिहास रचते हुए 270 रनों की मैराथन पारी खेली, तो अदिति खुद को उनकी तारीफ करने से रोक नहीं पाईं। सोशल मीडिया पर उनकी इस स्टोरी के सामने आने के बाद से उनके तमाम फैंस एक बार फिर से इस बात की चर्चा करने लगे हैं कि दोनों का रिश्ता कितना मजबूत है और वे एक-दूसरे के कितने करीब हैं। फैंस ने अदिति के इस पोस्ट पर दिल वाले इमोजी शेयर करते हुए दोनों की जोड़ी की जमकर तारीफ की है।ईस्ट जोन के लिए रिकॉर्ड तोड़ साबित हुई ईशान और कुमार कुशाग्र की यह ऐतिहासिक साझेदारीमैदान पर केवल ईशान किशन का बल्ला ही नहीं बोला, बल्कि उनकी इस साहसिक पारी को एक मजबूत और विशाल स्कोर में बदलने में युवा बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने भी उनका पूरा साथ दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन की टीम ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक 4 विकेट के नुकसान पर 385 रन बना लिए थे, जिसमें कप्तान ईशान 111 और कुशाग्र 63 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे थे। इसके बाद दूसरे दिन भी दोनों ने अपनी शानदार और संयम भरी बल्लेबाजी जारी रखी। ईशान ने जहां अंततः 334 गेंदों पर 30 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 270 रनों का विशाल स्कोर बनाया, वहीं कुमार कुशाग्र ने भी 8 चौकों और 5 गगनचुंबी छक्कों की बदौलत बेहतरीन 101 रनों की शतकीय पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के बीच पांचवें विकेट के लिए महज 287 गेंदों पर 230 रनों की एक बेहद मजबूत और रिकॉर्ड तोड़ साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया। इन दोनों की आक्रामक और जिम्मेदारी भरी पारियों के दम पर ईस्ट जोन की टीम पहली पारी में 708 रनों का एक ऐसा पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करने में सफल रही, जिससे साउथ जोन की टीम दबाव में आ गई।घरेलू क्रिकेट में ईशान का शानदार कमबैक, राष्ट्रीय टीम में वापसी की जगी मजबूत उम्मीददलीप ट्रॉफी के इस खिताबी मुकाबले में ईशान किशन द्वारा खेली गई 270 रनों की यह रिकॉर्ड तोड़ पारी न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय चयनकर्ताओं के लिए भी एक बहुत बड़ा संदेश है। पिछले कुछ समय से भारतीय राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे ईशान ने यह साबित कर दिया है कि उनके भीतर रेड-बॉल क्रिकेट यानी लाल गेंद के खेल में भी लंबी और धैर्यपूर्ण पारियां खेलने की पूरी क्षमता मौजूद है। चेन्नई की चिलचिलाती धूप और उमस के बीच जिस प्रकार उन्होंने मानसिक और शारीरिक थकान से जूझते हुए मैदान पर डटकर मुकाबला किया और दोहरा शतक जड़कर इतिहास रचा, वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की जुझारू प्रवृत्ति को दर्शाता है। उनकी इस शानदार फॉर्म और प्रेमिका अदिति हुंडिया के इस प्यारे से समर्थन ने इस समय सोशल मीडिया पर धूम मचा रखी है। खेल प्रेमियों को पूरी उम्मीद है कि इस तरह के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद ईशान किशन जल्द ही एक बार फिर से भारतीय टीम में अपनी धमाकेदार वापसी करने में सफल होंगे।
योगी सरकार का सड़क सुरक्षा पर बड़ा मिशन, यूपी के जिलों में लागू होगी जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के विजन के तहत प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) ...
भारतीय घरेलू क्रिकेट में इन दिनों धमाकेदार प्रदर्शन का दौर जारी है, और राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने अपने बल्ले की ताकत से एक बार फिर से चयनकर्ताओं और पूरी क्रिकेट दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। साल 2026 की प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की कप्तानी संभाल रहे आक्रामक बल्लेबाज ईशान किशन ने मैदान पर उतरकर ऐसा ऐतिहासिक और अविश्वसनीय कोहराम मचाया जिसे क्रिकेट प्रेमी शायद ही कभी भूल पाएंगे। खिताबी मुकाबले के दबाव को दरकिनार करते हुए ईशान किशन ने मैदान के चारों तरफ शॉटों की ऐसी झड़ी लगाई कि विरोधी टीम के गेंदबाज पूरी तरह से बेबस नजर आए। अपनी इस मैराथन और रिकॉर्ड तोड़ पारी के दौरान उन्होंने केवल व्यक्तिगत मुकाम ही हासिल नहीं किए, बल्कि कई दिग्गजों के सालों पुराने रिकॉर्ड्स को भी चकनाचूर कर दिया। ईस्ट जोन की कमान संभालते हुए उन्होंने जिस परिपक्वता और विस्फोटक अंदाज का मेल दिखाया, उसने घरेलू क्रिकेट में उनके दबदबे को एक बार फिर से स्थापित कर दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक पारी के दम पर ईस्ट जोन ने स्कोरबोर्ड पर 708 रनों का विशाल पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया, जिससे मैच पर उनकी पकड़ पूरी तरह मजबूत हो गई है।ईशान किशन की 334 गेंदों पर 270 रनों की ऐतिहासिक मैराथन पारी, मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिशदलीप ट्रॉफी के इस हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में ईशान किशन ने बल्लेबाजी के दौरान जिस प्रकार की एकाग्रता, तकनीक और आक्रामकता का प्रदर्शन किया, वह अपने आप में एक मिसाल है। नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने उतरे ईशान किशन ने अपनी शानदार पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपनी इस मैराथन पारी के दौरान कुल 334 गेंदों का सामना किया और बेहद जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए 270 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस दौरान उनके बल्ले से एक या दो नहीं बल्कि कुल 30 शानदार चौके और 7 गगनचुंबी छक्के निकले, जिन्होंने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 270 गेंदों पर ही अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया था, जो इस फॉर्मेट में उनकी तेज गति से रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने मैदान के हर कोने में स्ट्रोक्स खेले और विपक्षी गेंदबाजों की हर रणनीति को पूरी तरह से फेल कर दिया।दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के लिए सबसे बड़ी पारी खेलने वाले पहले बल्लेबाज बने ईशानइस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ ही ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है। वह दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की तरफ से सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह प्रतिष्ठित रिकॉर्ड अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा के नाम दर्ज था, जिन्होंने साल 2012 के दलीप ट्रॉफी फाइनल में 170 रनों की शानदार पारी खेली थी। ईशान ने साहा के उस रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ते हुए 270 रनों का नया और विशाल आयाम स्थापित किया है। इसके साथ ही, वह दलीप ट्रॉफी के पूरे इतिहास में फाइनल मैच के दौरान 200 या उससे अधिक रन बनाने वाले कुल सातवें बल्लेबाज भी बन गए हैं। ईस्ट जोन के लिए दोहरा शतक लगाने का कारनामा उनसे पहले केवल अरुण लाल और सबा करीम ने किया था, और अब इस खास एलीट लिस्ट में ईशान किशन का नाम भी शान से जुड़ गया है, जो उनके घरेलू क्रिकेट करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।दिनेश कार्तिक का रिकॉर्ड ध्वस्त, फाइनल में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले विकेटकीपर कप्तान बने ईशानईशान किशन की इस रिकॉर्ड तोड़ पारी का एक और सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि उन्होंने बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज और कप्तान मैदान पर उतरकर यह महारिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले दलीप ट्रॉफी के किसी भी फाइनल मुकाबले में किसी विकेटकीपर द्वारा सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड भारत के अनुभवी पूर्व खिलाड़ी दिनेश कार्तिक के नाम पर था, जिन्होंने 2010 के दलीप ट्रॉफी फाइनल में 183 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी। ईशान ने दिनेश कार्तिक के इस रिकॉर्ड को आसानी से ध्वस्त करते हुए नया मील का पत्थर गाड़ दिया है। इतना ही नहीं, वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में फाइनल मुकाबले में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले ऐसे कप्तान और विकेटकीपर दोनों बन गए हैं, जिन्होंने एक साथ इतनी बड़ी दोहरी जिम्मेदारी निभाते हुए अपनी टीम को संकट से निकाला और एक विशाल स्कोर तक पहुंचाया। कप्तानी का दबाव उनके खेल पर बिल्कुल भी हावी नहीं हुआ, बल्कि उन्होंने अपने बल्ले से यह साबित कर दिया कि वह दबाव की परिस्थितियों में टीम का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं।ईशान के 708 रनों के विशाल स्कोर से मजबूत स्थिति में पहुंची ईस्ट जोन की टीमकप्तान और विकेटकीपर ईशान किशन के इस ऐतिहासिक दोहरे शतक और निचले क्रम के बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान की बदौलत ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में कुल 708 रनों का अति-विशाल स्कोर खड़ा किया है। क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट में 708 रन बनाना किसी भी टीम के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से एक बहुत बड़ी बढ़त हासिल करने जैसा होता है। विपक्षी टीम के गेंदबाजों और बल्लेबाजों पर अब इस विशाल स्कोर का भारी दबाव साफ तौर पर देखा जा सकता है। इस पारी ने न केवल ईस्ट जोन की खिताबी जीत की संभावनाओं को प्रबल कर दिया है, बल्कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के सामने भी एक बहुत बड़ा संदेश भेज दिया है कि ईशान किशन रेड-बॉल क्रिकेट यानी लाल गेंद के खेल में भी अपनी उपयोगिता साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। भारतीय टीम से बाहर चल रहे ईशान के लिए यह पारी कमबैक का एक बहुत बड़ा जरिया बन सकती है, क्योंकि इस तरह के बड़े मुकाबलों में लगाया गया दोहरा शतक हमेशा चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचता है।घरेलू क्रिकेट में शानदार वापसी का संकेत, भविष्य के लिए मजबूत हुई दावेदारीक्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ईशान किशन की यह 270 रनों की पारी उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। सीमित ओवरों की क्रिकेट में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले ईशान ने इस बार यह साबित कर दिया है कि उनके पास लंबी पारियां खेलने और क्रीज पर टिककर रन बनाने की गजब की कला भी मौजूद है। 334 गेंदों का सामना करना और मानसिक रूप से पूरी तरह तरोताजा रहकर रन बनाते रहना किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है। आने वाले समय में जब भारतीय टीम के लिए टेस्ट और घरेलू क्रिकेट के नए समीकरण बनेंगे, तो ईशान किशन का यह दोहरा शतक उनके बायोडाटा में एक मजबूत स्तंभ का काम करेगा। फिलहाल, दलीप ट्रॉफी के इस फाइनल मुकाबले में उनके द्वारा बनाए गए इन रिकॉर्ड्स ने घरेलू क्रिकेट प्रेमियों को झूमने का मौका दे दिया है, और हर कोई उनकी इस चमत्कारिक पारी की प्रशंसा कर रहा है।
1 CR मुआवजा, सरकारी हॉस्टल; सत्य निकेतन हादसे के बाद कॉकरोचों ने बढ़ाई सरकार की टेंशन: 7 डिमांड
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास कहते हैं कि असल में, सरकार में बैठे लोगों ने युवाओं को कॉकरोच की तरह जीने के लिए छोड़ दिया है, और इसीलिए आज युवा जाग गए हैं।
'पाक PM ने खुद स्वीकार किया ब्रह्मोस का कहर', Op सिंदूर का जिक्र कर बोले राजनाथ
आजतक के 'सुरक्षा सभा' कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए. 'ये नया भारत है' सेशन में उन्होंने कहा कि भारत अपनी रक्षा को लेकर एक्टिव नहीं री-एक्टिव रहता था. लेकिन आज ये सोच पूरी तरह बदल चुकी है. भारत की रक्षा नीति अब प्रो-एक्टिव हो गई है. राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज रक्षा के क्षेत्र में सिर्फ आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वासी भी बना है. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया. देखें वीडियो.
'मिर्जापुर: द मूवी' के गाने पर चंद पैसों के लिए हुआ विवाद?
राजस्थानी सिंगर रैपरिया बालम ने मिर्जापुर द मूवी के मेकर्स पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने बिना इजाजत उनका गाना इस्तेमाल किया. कुछ लोगों ने उनपर पब्लिसिटी स्टंट और पैसे एंठने का आरोप लगाया. अब इन दावों पर उनका जवाब आया है. रैपरिया बालम ने दावा किया है कि गाने के राइट्स अभी भी उनके पास हैं.
21 गेंदों में 40 रन, शुभमन गिल को मिला खास इनाम
शुभमन गिल ने शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में 21 गेंदों पर 40 रन की पारी खेली. मैच के बाद उन्हें टूर्नामेंट की ओर से 5000 रुपये का इनाम दिया गया, जो अभिषेक शर्मा के पिता राजकुमार शर्मा ने प्रदान किया. दोनों की फोटो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
नाजी दौर के बाद पहली बार दक्षिणपंथी सत्ता की आहट, AfD की जीत से जर्मनी में खलबली
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा है कि सैक्सनी अनहाल्ट में दक्षिणपंथी पार्टी AfD की जीत हैरान करने वाली है. उन्होंने कहा कि वे हार मानने वालों में से नहीं हैं. जल्द ही जर्मनी के दो और राज्यों में चुनाव होने को हैं. वहां AfD के परफॉर्मेंस पर नजरें टिकी होंगी.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों और आचार संहिता की अनदेखी करना बड़े-बड़े खिलाड़ियों को भी भारी पड़ जाता है, और इसका ताजा उदाहरण पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान फातिमा सना के साथ देखने को मिला है। हाल ही में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज महिला एशिया कप मुकाबले के दौरान कुछ ऐसा घटित हुआ जिसके बाद पाकिस्तानी कप्तान पर आईसीसी के नियमों का डंडा चल गया है। मैच के दौरान भारतीय पारी के समय जब पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने भारत की विस्फोटक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा को आउट किया, तो आउट होने के बाद बल्लेबाज को पवेलियन लौटने का अनुचित और आक्रामक इशारा करना उन्हें बहुत भारी पड़ गया। आईसीसी ने इस हरकत को अपनी आचार संहिता का सीधा उल्लंघन माना है, जिसके परिणामस्वरूप फातिमा सना पर आधिकारिक रूप से जुर्माना लगाया गया है और उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में डिमेरिट पॉइंट भी जोड़े गए हैं। मैदान पर जोश और उत्साह दिखाना खेल का हिस्सा माना जाता है, लेकिन जब यह अतिरेक या अपमानजनक रूप ले लेता है, तो वैश्विक संस्थाएं उस पर कड़ी कार्रवाई करने से बिल्कुल भी नहीं चूकती हैं, और यही कारण है कि इस समय क्रिकेट जगत में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है।महिला एशिया कप में भारत और पाकिस्तान का महामुकाबला और हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया की शानदार जीतमहिला एशिया कप 2026 का यह संस्करण भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए बेहद शानदार और यादगार साबित हो रहा है, जहां 'विमेंस इन ब्लू' यानी भारतीय टीम ने अपने बेहतरीन और अजेय प्रदर्शन से पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा है। भारतीय टीम ने ग्रुप चरण के अपने सभी मुकाबलों में शानदार खेल दिखाते हुए थाईलैंड, हांगकांग और अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ बेहद आसानी से जीत दर्ज की है। टूर्नामेंट के इस संस्करण में जब भी भारत और पाकिस्तान की महिला टीमें आमने-सामने आती हैं, तो दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस रोमांचक मुकाबले पर टिकी होती हैं। इस बार भी हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम ने मैदान के हर विभाग में पाकिस्तान पर पूरी तरह से अपना शिकंजा कसा और बेहद अनुशासित प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट से एक आसान और शानदार जीत दर्ज की। भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों के इस सामूहिक प्रदर्शन के आगे पाकिस्तानी टीम पूरी तरह से बेबस नजर आई, लेकिन इस रोमांचक खेल के बीच मुकाबले का एक विवादास्पद पल मैच के बाद सबसे बड़ी सुर्खियों में आ गया।शेफाली वर्मा को आउट करने के बाद पवेलियन लौटने का आक्रामक इशारा करना पड़ा महंगाभारत के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले के दौरान जब भारतीय टीम 56 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब मैच का एक ऐसा मोड़ आया जिसने खिलाड़ियों की भावनाओं को भड़का दिया। पाकिस्तान की कप्तान और प्रमुख तेज गेंदबाज फातिमा सना ने भारत की आक्रामक और युवा सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा का महत्वपूर्ण विकेट चटकाया। विकेट मिलने के बाद जोश में होश खो बैठीं फातिमा सना ने सीमा पार की भावना में बहकर आउट होने वाली बल्लेबाज शेफाली वर्मा को सीधे तौर पर पवेलियन की तरफ लौट जाने का बेहद अपमानजनक और आक्रामक इशारा किया। क्रिकेट के मैदान पर इस प्रकार के इशारे करना खेल भावना के बिल्कुल विपरीत माने जाते हैं, क्योंकि इससे विपक्षी खिलाड़ियों के साथ मैदान पर अनावश्यक तनाव बढ़ने और माहौल खराब होने का खतरा पैदा हो जाता है। अंपायरों और मैच रेफरी ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया, जिसके बाद फातिमा सना के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 का उल्लंघन करने की दोषी पाई गईं पाकिस्तानी कप्तानमैच समाप्त होने के बाद जब मैदानी अंपायरों और मैच रेफरी ने इस पूरी घटना की समीक्षा की, तो यह पाया गया कि फातिमा सना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 (Article 2.5) का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया है। इस नियम के अनुसार, किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान बल्लेबाज के आउट होने पर ऐसी किसी भी भाषा, हरकत या इशारे का उपयोग करना सख्त वर्جित है जो अपमानजनक प्रकृति का हो या जिससे बल्लेबाज या विरोधी टीम के खिलाड़ी को आक्रामक प्रतिक्रिया देने के लिए उकसाया जा सके। आईसीसी की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया कि फातिमा सना का वह इशारा पूरी तरह से खेल भावना के विरुद्ध था। इस गलती के परिणाम स्वरूप उन पर उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है।24 महीनों में दूसरा बड़ा अपराध, फातिमा सना ने स्वीकार की अपनी गलतीखेल के जानकारों और आंकड़ों के अनुसार, यह ध्यान देने योग्य बात है कि पिछले 24 महीनों के भीतर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फातिमा सना द्वारा किया गया यह दूसरा अनुशासनात्मक अपराध है, जिसके कारण उन पर कार्रवाई और अधिक सख्त हो गई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने आईसीसी मैच रेफरी द्वारा लगाए गए आरोपों और अपनी गलती को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है, जिसके चलते किसी भी प्रकार की लंबी औपचारिक सुनवाई या अपील प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने निर्धारित समय के भीतर अपना जुर्माना भी भर दिया है। इसके बावजूद, एक टीम की कप्तान होने के नाते इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत करना उनकी नेतृत्व क्षमता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानों से यह उम्मीद की जाती है कि वे मैदान पर अपनी टीम के लिए अनुशासन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करेंगे।शानदार जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में पक्की की अपनी मजबूत जगहएक तरफ जहां फातिमा सना अपनी इस आक्रामक हरकत के कारण आईसीसी की अनुशासनात्मक कार्रवाई में फंसकर मुश्किलों का सामना कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मैदान पर अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर महिला एशिया कप के सेमीफाइनल में बहुत पहले ही अपनी पुख्ता जगह सुरक्षित कर ली है। पाकिस्तान के खिलाफ मिली इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारतीय टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है और टीम का हर एक खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में नजर आ रहा है। टूर्नामेंट के आगामी चरण में भारत का मुकाबला किस टीम से होगा, इसको लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत 10 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के भव्य मैदान पर अपना महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबला खेलेगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें एक बार फिर से इस बात पर टिकी होंगी कि क्या भारतीय महिला टीम अपने इस विजयी रथ को और आगे बढ़ाते हुए एक बार फिर से एशिया कप की ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाने में कामयाब हो पाती है या नहीं।
‘दिल्ली बिल्डिंग हादसे से ध्यान हटाने के लिए ED रेड’, डेरेक ओब्रायन ने केंद्र पर साधा निशाना
सोमवार सुबह ईडी ने उर्दू दैनिक समाचार पत्र 'अखबार-ए-मशरिक' से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कोलकाता, दिल्ली और रांची स्थित करीब सात ठिकानों पर छापेमारी की। नदीमुल हक इस अखबार के डायरेक्टर हैं।
12 हजार फुट से लगाई छलांग, पैराशूट खुला नहीं, फिर ऐसे बची महिला
12 हजार फीट से शुरू हुआस्काइडाइविंग जंप एक महिला के लिए कुछ ही पलों में जिंदगी और मौत की लड़ाई बन गया. सिर पर चोट लगने के बाद महिला बेहोश हो गई और बिना पैराशूट खुले तेजी से नीचे गिरने लगी.
कहानी सुनेंगे और बनाएंगे तस्वीरें... यूपी की बालवाटिकाओं में खास एक्टिविटी
उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मज़बूत बनाने के लिए बालवाटिका स्तर पर 'आओ सुनें और सुनाएं कहानी' कार्यक्रम शुरू किया है. इस कार्यक्रम के तहत बच्चे कहानियां सुनेंगे, उन पर चर्चा करेंगे.
हीरो ने की उल्टी, भागा क्रू, 'हनुमान अंश' बनाने में बेले पापड़
नीम करोली बाबा की जिंदगी पर बनी फिल्म हनुमान अंश ने शुरुआती दिक्कतों के बाद बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है. महज 2 करोड़ के बजट में बनी ये फिल्म 100 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है.
13 या 14 सितंबर, हरतालिका तीज का व्रत कब? जानें तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, इससाल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर को सुबह 7 बजकर 08 मिनट से शुरू होगी. इसका समापन 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 06 बजे होगा. उदया तिथि के आधार पर हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर दिन सोमवार को रखा जाएगा.
CP Radhakrishnan ने Meghalaya में रखी ₹1000 करोड़ की 5 प्रोजेक्ट्स की नींव
शिलांग, सात सितंबर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मेघालय में सोमवार को ‘न्यू शिलांग वॉटर सप्लाई स्कीम’ के 850.58 करोड़ रुपये के दूसरे चरण सहित 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पांच परियोजनाओं की आधारशिला रखी। राधाकृष्णन ने यहां सोसो थाम सभागार में राज्य सरकार और लोगों की ओर से उनके सम्मान में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में इन परियोजनाओं की आधारशिला रखी। अन्य परियोजनाओं में ‘नॉर्थ ईस्ट स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम’ के तहत सड़क संपर्क की दो परियोजनाएं, शिलांग सरकारी अस्पताल में 30 बिस्तरों वाली आयुष सुविधा और ‘प्राइम मिनिस्टर्स डेवलपमेंट इनिशिएटिव फॉर नॉर्थ ईस्टर्न रीजन’ के तहत मावखानु में 132/33 किलोवाट का सब-स्टेशन शामिल हैं। राधाकृष्णन ने सभा को संबोधित करते हुए मेघालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और अनोखी सामाजिक व्यवस्थाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य की जीवंत जमीनी स्तर की संस्थाएं भारत की विविधता और लोकतांत्रिक परंपराओं को दर्शाती हैं। उपराष्ट्रपति ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में मेघालय की तीन प्रमुख जनजातियों खासी, गारो और जयंतिया की प्रस्तुतियां भी देखीं। राधाकृष्णन राज्य के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इससे पहले दिन में, इनर लाइन परमिट (आईएलपी) के समर्थन वाले एक समूह ने शिलांग हवाई अड्डे के पास शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। वे राज्य में परमिट प्रणाली लागू करने, खासी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने और अन्य मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे थे।
संकरी गली में चारों तरफ फैला मलबा, मलबे को हटाते हुए आती क्रेन की आवाज और उस शोर में गुम होती लोगों की आवाज...दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद वहां ऐसा मंजर देखने को मिला।
ऑपरेशन सिंदूर से भविष्य के युद्ध तक, पूर्व नौसेना प्रमुख ने कई अहम मुद्दों पर की बात
आजतक की सुरक्षा सभा के स्पेशल सेशन 'ताकत वतन की' में पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने शिरकत की. इस दौरान पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने ऑपरेशन सिंदूर से लेकर फ्यूचर वॉर, तेजी से बदलती तकनीक, इंडियन ओसियन में चीन की बढ़ती मौजूदगी पर खुलकर बात की.
हल्की भूख लगने पर आलू-पनीर से बनाएं कुरकुरे कटलेट, नोट करें रेसिपी
अगर आप हल्की-फुल्की भूख में कुछ क्रिस्पी और चटपटा खाना चाहते हैं तो आलू और पनीर से बना कटलेट आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. आज हम आपको घर पर आलू-पनीर से टेस्टी कटलेट बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के लिए कौन जिम्मेदार? देखें हल्ला बोल
दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत ढह गई. उसमें डीयू के छात्र किराए पर कमरे लेकर रहते थे. 7 मौतों की पुष्टि हुई है. इस घटना के बाद MCD के 5 अफसरों को निलंबित कर दिया गया, लेकिन सवाल ये है कि क्यों घटना के बाद ही शासन और प्रशासन की नींद खुली? कैसे नियम-कायदों के उल्लंघन के साथ जर्जर इमारतों को PG के तौर पर चलने दिया जा रहा था? देखें हल्ला बोल.
शहीद के परिवार को अपने हक के लिए क्यों भटकना पड़े?
शौर्य चक्र विजेता विवेक सक्सेना की 80 वर्षीय मां का 22 साल बाद यह कहना कि ‘सम्मान वापस ले लो’ सिर्फ एक शहीद परिवार की बेबसी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर गंभीर सवाल है जहां सरकारें राहत और सम्मान की घोषणा तो तुरंत करती हैं, लेकिन उसका हक पाने के लिए पीड़ित परिवार को वर्षों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं.
कोहली-रोहित का बल्ला रहेगा खामोश! भारत की राह नहीं होगी आसान
न्यूजीलैंड दौरे को लेकर कीवी कप्तान मिचेल सेंटनर ने कुछ जरूरी बातों का जिक्र किया है. सेंटनर ने बताया कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए उनके पास खास प्लान है. लिहाजा उन्होंने दावा किया कि इस बार रोहित-कोहली का बल्ला न्यूजीलैंड में खामोश रहेगा.
सहारनपुर में जमीन के नीचे मिली संरचना, ASI बोली...
यूपी के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद जमीन के नीचे करीब 20 फीट गहरी संरचना मिली. ASI की शुरुआती जांच में यह कुएं जैसी दिखी और लखौरी ईंटें मिलीं. निर्माण शैली के आधार पर इसकी उम्र 200-250 साल होने का अनुमान है, लेकिन वैज्ञानिक जांच जरूरी है.
विधायकों को विधानसभा में घुसने से न रोके पुलिस, HC के निर्देश
तेलंगाना हाई कोर्ट ने साफ कह दिया है कि पुलिस सदन में विधायकों को घुसने से न रोके. साथ ही, हाई कोर्ट ने ये भी साफ कहा है कि सदन में नियमों के उल्लंघन पर स्पीकर को कार्रवाई का अधिकार है, न की पुलिस को.
PM मोदी का Book MyShow पर पहला इवेंट, 1 घंटे में सभी सीटें फुल
PM मोदी के वडोदरा कार्यक्रम के लिए BookMyShow पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन शुरू होने के एक घंटे में सभी सीटें बुक हो गईं. 42 हजार से ज्यादा लोग वेटिंग लिस्ट में पहुंच गए. कार्यक्रम में डिजिटल M-ticket और QR कोड से एंट्री होगी.

29 C
