दीपिका-रणवीर ने 'छोटी बेटी' का रखा खास नाम, दिखाई झलक; जानें मतलब
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने दशहरा के शुभ अवसर पर अपनी दूसरी बेटी की पहली फोटो शेयर की है. इसके साथ ही कपल ने अपनी छोटी बेटी के नाम का भी ऐलान किया है. उन्होंने छोटी बेटी का नाम देवी पादुकोण सिंह रखा है. दीपिका-रणवीर की बड़ी बेटी दुआ, छोटी बहन को किस करती दिख रही है. फैमिली फोटो में चारों गोल्डन आउटफिट्स में खूबसूरत लग रहे हैं.
वैशाली नाव हादसे के पीड़ितों को मिले 25 लाख मुआवजा, Prashant Kishor ने उठाई मांग
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने हाल ही में वैशाली जिले में गंगा नदी में नाव पलटने की घटना में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि चार लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की बिहार सरकार से मंगलवार को मांग की। बांकीपुर के विधायक किशोर जिले के मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर रामपुर श्यामचंद गांव में पत्रकारों से बात कर रहे थे। पिछले सप्ताह इस गांव में गंगा नदी में नाव पलटने से नौ लड़कियों समेत 13 बच्चों की डूबकर मौत हो गई थी। किशोर ने दशहरा पर पीड़ित परिवारों को सहायता देने का वादा किया था। उन्होंने कहा, “यहां के लोगों की शिकायतों में से एक यह है कि अनुग्रह राशि केवल चार लाख रुपये है, जबकि कोलकाता में भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मिले।”उन्होंने कहा, “यह खेदजनक है कि बिहार सरकार ने जीवन की कीमत चार लाख रुपये तय कर रखी है। मौत का कारण चाहे जो भी त्रासदी हो, राशि समान रहती है। मैं पीड़ित परिवारों की ओर से बिहार सरकार से मुआवजे की राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का आग्रह करता हूं।”किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी गांव आकर शोकाकुल लोगों से मिलने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस नजरिये से निर्देशित नहीं होना चाहिए कि यह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का निर्वाचन क्षेत्र है और यहां के लोग मुख्य रूप से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मतदाता हैं। जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने प्रशासन से ग्रामीणों की इस शिकायत की जांच करने का भी आग्रह किया कि नाव में दरारें आने के बावजूद उसे चलाया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, लेकिन राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को पहुंचने में काफी समय लगा, जबकि यह बाढ़ की आशंका वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। किशोर ने इलाके में चिकित्सा सुविधाओं के बुनियादी ढांचे में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने दावा किया, “मुझे ग्रामीणों ने बताया है कि यदि बच्चों को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन दी गई होती, तो अधिकांश मौतों को टाला जा सकता था।”
PPE किट के पैसे खरीदी पोर्श कार... ब्रिटेन में भारतीय कपल को जेल
ब्रिटेन ने भारतीय दंपति जोगेश भंडारी और मीनाक्षी भंडारी को जेल की सजा सुनाई है. कपल ने कोरोना महामारी के दौरान PPE किट और नाइट्राइल दस्तानों की सप्लाई के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की थी. ब्रिटिश अदालत ने जोगेश को आठ साल की जेल और मीनाक्षी को दो साल की निलंबित सजा सुनाई है.
RSS पथ संचलन के लिए जरूरी है औपचारिक अनुमति, कर्नाटक के मंत्री Priyank Kharge ने दी हिदायत
(फाइल फोटो के साथ)बेंगलुरु, 20 अक्टूबर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से कहा कि वह 25 अक्टूबर को प्रस्तावित अपने ‘विजयादशमी पथ संचलन’ के लिए अधिकृत प्रशासन से औपचारिक अनुमति ले क्योंकि गृह विभाग को केवल सूचित करना या सहयोग मांगना, अनुमति लेने के बराबर नहीं है। प्रियांक खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इन पथ संचलन के सिलसिले में पुलिस को कर्मियों की तैनाती, परिवहन, भोजन, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय चाहिए क्योंकि ऐसे मार्च में सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा, ‘‘गृह विभाग को केवल सूचित करना, या उनसे सहयोग करने या आवश्यक इंतजाम करने के लिए कहना, अनुमति लेने के बराबर नहीं है।’’प्रियांक खरगे ने आरएसएस से अपील की है कि वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करे और औपचारिक मंजूरी का इंतजार करे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 का हवाला दिया जिसमें कर्नाटक भर में 562 पथ संचलन का उल्लेख है तथा उनमें वर्दी पहने 2,21,963 लोगों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा, ‘‘अब, जब आपमें से लाखों लोग एक ही दिन और एक ही समय पर कर्नाटक की सड़कों पर मार्च करने की योजना बना रहे हैं, तो पुलिस विभाग को काफी तैयारियां करनी होंगी।’’मंत्री ने संघ से कहा कि वह कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने से पहले निर्धारित आवेदन फॉर्म भरें और जरूरी विवरण उपलब्ध कराएं। उन्होंने बेंगलुरु के थानों को आरएसएस की इकाइयों द्वारा सौंपे गए पत्र भी पोस्ट किए, जिनमें 25 अक्टूबर के लिए योजनाबद्ध विजयादशमी रूट मार्च का जिक्र है। प्रियांक खरगे का आरोप है कि आरएसएस एक अपंजीकृत संगठन है, जिसका मतलब है कि यह भारत में गैर-कानूनी तरीके से काम कर रहा है। उन्होंने इसके आय और व्यय का विवरण भी मांगा था। आरएसएस का कहना है कि भारत में कई चीजें बिना पंजीकरण के होती हैं और हर चीज का पंजीकरण होना जरूरी नहीं है।
तलाक के बाद ग्लैमर और रसूख में डूबती गई श्रद्धा दुबे, पेज-3 लाइफ पहले स्टाइल और अब बुराई!
एम. रियाज़ हाशमी। नई दिल्लीलखनऊ में कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत के मामले में मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के साथ जांच एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। 9 अक्टूबर को हजरतगंज क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद शिवा शर्मा की मौत हुई […]
विश्व क्रिकेट के इतिहास में अपनी तूफानी गति, तीखी स्विंग और घातक यॉर्कर के लिए विख्यात ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट के पटल पर एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गकेबरहा (पोर्ट एलिजाबेथ) में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन स्टार्क ने प्रोटियाज बल्लेबाज वियान मुल्डर का कीमती विकेट चटकाते ही टेस्ट क्रिकेट में अपने 450 विकेट पूरे कर लिए। इसी ऐतिहासिक सफलता के साथ मिशेल स्टार्क 147 वर्षों के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में 450 या उससे अधिक विकेट हासिल करने वाले दुनिया के पहले बाएं हाथ के गेंदबाज (Left-Arm Bowler) बन गए हैं। उनसे पहले वसीम अकरम और चमिंडा वास जैसे दिग्गज बाएं हाथ के तेज गेंदबाज भी इस आंकड़े से पहले ही रुक गए थे। इसके साथ ही स्टार्क ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में 450 का जादुई आंकड़ा पार करने वाले चौथे सबसे सफल गेंदबाज बन गए हैं, जिससे उनका नाम क्रिकेट के महानतम महारथियों की श्रेणी में हमेशा के लिए अमर हो गया है।डीआरएस के ड्रामे के बाद मिली 450वीं सफलता, मुल्डर को गति और उछाल से छकायायह ऐतिहासिक क्षण गकेबरहा टेस्ट मैच के तीसरे दिन दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी के 50वें ओवर की अंतिम गेंद पर आया। गेंदबाजी छोर पर मौजूद मिशेल स्टार्क ने अपनी गति में विविधता लाते हुए एक बेहद तीखी शॉर्ट-पिच गेंद फेंकी जो अप्रत्याशित उछाल के साथ सीधे 28 वर्षीय वियान मुल्डर के शरीर की ओर आई। मुल्डर गेंद की अतिरिक्त गति और लाइन से पूरी तरह असहज दिखे और अपने शरीर को बचाने के प्रयास में बल्ला अड़ा बैठे। गेंद उनके दस्ताने का बाहरी किनारा छूती हुई हेलमेट पर लगी और पहली स्लिप में तैनात फील्डर मैट रेनशॉ के सुरक्षित हाथों में समा गई। ऑस्ट्रेलिया की जोरदार अपील के बावजूद मैदानी अंपायर ने इसे नॉट-आउट करार दिया। कप्तान पैट कमिंस और स्टार्क ने बिना समय गंवाए तत्काल डीआरएस (DRS) का सहारा लिया। टीवी रिप्ले और अल्ट्रा-एज तकनीक में साफ दिखाई दिया कि गेंद ने बल्ले के दस्ताने को स्पष्ट रूप से स्पर्श किया था। तीसरे अंपायर ने मैदानी फैसला बदलते हुए मुल्डर को आउट घोषित किया और इसके साथ ही पूरा ऑस्ट्रेलियाई खेमा स्टार्क की इस महा-उपलब्धि के जश्न में डूब गया।ऑस्ट्रेलिया के एलीट क्लब में शामिल हुए स्टार्क: वॉर्न, मैकग्राथ और लियोन के साथ साझा किया मंच450 टेस्ट विकेटों के जादुई मील के पत्थर तक पहुंचते ही मिशेल स्टार्क ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास के सबसे विशिष्ट और एलीट क्लब का हिस्सा बन गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के समृद्ध टेस्ट इतिहास में अब तक केवल चार ही गेंदबाज इस मुकाम को छू पाए हैं। इस प्रतिष्ठित सर्वकालिक सूची में दिवंगत लेग स्पिन के जादूगर शेन वॉर्न 708 विकेटों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्राथ 563 टेस्ट विकेटों के साथ दूसरे पायदान पर काबिज हैं। वहीं मौजूदा दौर के दिग्गज ऑफ स्पिनर नाथन लियोन 530 से अधिक विकेट लेकर तीसरे स्थान पर हैं और अब 450 विकेट पूरे करके मिशेल स्टार्क चौथे पायदान पर मजबूती से स्थापित हो गए हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों में वसीम अकरम के 414 टेस्ट विकेटों का रिकॉर्ड स्टार्क पहले ही तोड़ चुके थे, और अब 450 का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर उन्होंने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसे तोड़ना किसी भी युवा बाएं हाथ के गेंदबाज के लिए एक हिमालयी चुनौती साबित होगा।स्कॉट बोलैंड का तूफानी 'पंजा': शीर्ष क्रम को ध्वस्त कर झटके 5 बड़े विकेटइस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी का दूसरा सबसे बड़ा आकर्षण तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड रहे, जिन्होंने एक बार फिर अपनी सटीक लाइन और लेंथ से कहर बरपाते हुए दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। इस मैच में नाथन लियोन की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए बोलैंड ने नई गेंद और पुरानी गेंद दोनों से ऐसी कसी हुई गेंदबाजी की जिसका दक्षिण अफ्रीकी शीर्ष क्रम के पास कोई जवाब नहीं था। बोलैंड ने प्रोटियाज टीम की कमर तोड़ते हुए अपने स्पेल में पांच विकेट (Five-Wicket Haul) चटकाए। उन्होंने सलामी बल्लेबाज एडेन मार्कराम, मार्क्वेस एकरमैन, डेविड बेडिंगहैम, रयान रिकेल्टन और अंत में खतरनाक साबित हो रहे मार्को जानसेन को पवेलियन का रास्ता दिखाया। बोलैंड के इस धमाकेदार प्रदर्शन ने एक बार फिर क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच यह गंभीर बहस छेड़ दी है कि क्या उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट एकादश में नियमित रूप से स्थायी जगह दी जानी चाहिए।40 पर 4 विकेट गंवाने के बाद बावुमा और जानसेन की जांबाज वापसी: 132 रनों की साझेदारी से संभाली पारीएक समय ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों की आग उगलती गेंदों के सामने दक्षिण अफ्रीका का शीर्ष क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया था और टीम ने मात्र 40 रन के स्कोर पर अपने 4 प्रमुख विकेट गंवा दिए थे। सीरीज दांव पर लगी होने के कारण मेजबान टीम भारी दबाव में आ गई थी। ऐसे नाजुक और मुश्किल समय में दक्षिण अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने मोर्चे से अगुवाई की। बावुमा ने न केवल एक छोर मजबूती से थामे रखा बल्कि संकट के बीच धैर्य और कौशल का परिचय देते हुए एक शानदार शतक जड़ दिया। दूसरे छोर पर लंबे कद के युवा ऑलराउंडर मार्को जानसेन ने आक्रामक काउंटर-अटैकिंग बल्लेबाजी का मुजाहिरा किया। जानसेन ने 85 के जबर्दस्त स्ट्राइक रेट से खेलते हुए महज 100 गेंदों में 85 रनों की तूफानी पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए हुई 132 रनों की बहुमूल्य साझेदारी ने दक्षिण अफ्रीका को गहरे संकट से बाहर निकालते हुए मैच में जोरदार वापसी करा दी। मेजबान टीम अब 300 रनों के पार पहुंचकर दूसरी पारी में अपनी बढ़त को मजबूत करने की उम्मीद कर रही है ताकि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सके।
रावण का अंतिम संस्कार किसने किया था? जानें राम ने किसे सौंपा था ये काम
रावण की मृत्यु के बाद उसके छोटे भाई विभीषण ने उसका अंतिम संस्कार करने का संकोच किया. वह रावण की मृत्यु से दुखी था, लेकिन अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं बढ़ पा रहा था. तब भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण को विभीषण के पास भेजा, ताकि वे उन्हें समझाकर अंतिम संस्कार के लिए तैयार कर सकें.
भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे अनुभवी और घातक तेज गेंदबाजों में शुमार मोहम्मद शमी ने राष्ट्रीय टीम में अपनी वापसी, घरेलू क्रिकेट के महत्व और भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर बात की है। वनडे विश्व कप के इतिहास में भारत के सबसे सफल तेज गेंदबाज होने के बावजूद शमी इस समय राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन उनके हौसले और जज्बे में तनिक भी कमी नहीं आई है। नई दिल्ली में सर्विसेज के खिलाफ खेले गए रणजी ट्रॉफी मुकाबले के दौरान उनके मैदान पर न उतरने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। मीडिया में यह कयास लगाए जाने लगे थे कि वे चोटिल हो गए हैं। हालांकि, मैच के बाद शमी ने इन तमाम अफवाहों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह फिट हैं और ब्रेक लेने का फैसला पूरी तरह पिच की परिस्थितियों और टीम संयोजन पर आधारित रणनीतिक निर्णय था।पालम मैदान पर सर्विसेज के खिलाफ क्यों नहीं खेले शमी: पिच की परिस्थिति और स्पिनरों का दबदबानई दिल्ली के पालम स्थित एयर फोर्स ग्राउंड ए पर बंगाल और सर्विसेज के बीच खेले गए रणजी ट्रॉफी 2026 के मुकाबले में जब मोहम्मद शमी अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बने, तो हर तरफ उनकी फिटनेस को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे। मुकाबले के पहले ही दिन शमी ने संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए साफ कर दिया था कि वे किसी गंभीर चोट से नहीं जूझ रहे हैं बल्कि पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त हैं। मुकाबले के तीसरे दिन जब बंगाल ने सर्विसेज को 60 रनों से शिकस्त देकर शानदार जीत दर्ज की, तो शमी ने अपने न खेलने के फैसले के पीछे की असली तकनीकी वजह बताई। उन्होंने कहा कि पालम की पिच पूरी तरह से स्पिनरों के मुफीद थी और वहां तेज गेंदबाजों के लिए कोई खास मदद उपलब्ध नहीं थी। ऐसी परिस्थितियों में एक तेज गेंदबाज के तौर पर वे टीम के लिए ज्यादा उपयोगी साबित नहीं हो पाते। शमी का यह रणनीतिक आंकलन पूरी तरह सही साबित हुआ, क्योंकि बंगाल के स्पिनरों ने मैच में सर्विसेज के कुल 20 में से 19 विकेट झटककर अपनी टीम को तीन दिन के भीतर ही धमाकेदार जीत दिला दी।'मेरे पास सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट नहीं, मुझसे कौन और क्यों बात करेगा': चयनकर्ताओं से संवाद पर बेबाक बयानराष्ट्रीय टीम में वापसी और चयनकर्ताओं के साथ संपर्क को लेकर पूछे गए सवाल पर मोहम्मद शमी ने बिना किसी लाग-लपेट के बेहद बेबाक जवाब दिया। शमी ने साफ कहा कि वर्तमान समय में वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के केंद्रीय अनुबंध (सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट) का हिस्सा नहीं हैं और न ही मुख्य राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं द्वारा उनसे सीधे बात करने का कोई औपचारिक कारण नहीं बनता। शमी ने कहा, जब मैं टीम में नहीं हूं और मेरा कोई केंद्रीय अनुबंध भी नहीं है, तो मुझसे कौन बात करेगा और क्यों करेगा? हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अनुबंध न होने से उनके समर्पण और मेहनत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। वे रणजी ट्रॉफी में बंगाल की ओर से पूरे दम-खम के साथ खेलते रहेंगे और राज्य टीम को जीत दिलाने के लिए अपना सर्वोच्च योगदान देते रहेंगे।'उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए': टीम इंडिया में कमबैक और लक्ष्यों को लेकर फौलादी इरादेअपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मोहम्मद शमी ने आशावादिता की मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के तौर पर उम्मीद का दामन कभी नहीं छोड़ना चाहिए। जीवन के किसी भी पेशे या खेल के मैदान में आगे बढ़ने के लिए आपके सामने एक स्पष्ट लक्ष्य होना अनिवार्य है। शमी ने कहा, मैं उम्मीद क्यों छोड़ूं? उम्मीद हमेशा जीवित रहनी चाहिए। इस समय मेरा सबसे बड़ा और तात्कालिक लक्ष्य रणजी ट्रॉफी के मुकाबले खेलना और बंगाल की टीम को चैंपियन बनाना है। जीवन में लक्ष्य हमेशा होते हैं और एक पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर पसीना बहाना पड़ता है। मैं अपने किसी भी लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटता।2027 वनडे वर्ल्ड कप की लंबी अटकलों पर फुल स्टॉप: 'दीर्घकालिक सोचने से बढ़ता है बेवजह का बोझ'आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट चटकाने का कीर्तिमान आज भी मोहम्मद शमी के ही नाम दर्ज है। उन्होंने मात्र 18 मैचों में 55 बल्लेबाजों का शिकार किया है। साल 2023 के वनडे विश्व कप सेमीफाइनल में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ 57 रन देकर 7 विकेट (7/57) झटकने का उनका ऐतिहासिक स्पैल आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में ताजा है। आगामी 2027 वनडे विश्व कप में अब एक साल से भी कम का समय शेष है, ऐसे में जब शमी से उनकी विश्व कप योजनाओं पर पूछा गया तो उन्होंने लंबी अवधि की अटकलों को पूरी तरह निरर्थक करार दिया। शमी ने कहा कि वे इतना आगे का सोचकर खुद पर मानसिक दबाव नहीं बनाना चाहते। कल किसके साथ क्या होगा, कौन दौड़ेगा और कौन मैदान पर विकेट लेगा, यह कोई नहीं जानता। शमी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मिलने वाले हर घरेलू मैच को खेलकर खुद की गेंदबाजी कला और फिटनेस को निखारना ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भविष्य की चिंता करने के बजाय वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना ही एक एथलीट को मजबूत बनाता है।
पैरा एशियाई खेलों में प्रणव सूरमा ने 11.66 मीटर के साथ तोड़ा एशियाई रिकॉर्ड
जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे पैरा एशियाई खेलों में भारतीय पैरा-एथलीटों ने अपने अदम्य साहस और विश्वस्तरीय कौशल के बल पर नया इतिहास रच दिया है। भारत के स्टार पैरा-एथलीट प्रणव सूरमा ने पुरुषों के डिस्कस थ्रो में 11.66 मीटर का विशालकाय थ्रो फेंककर न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि एक नया एशियाई रिकॉर्ड भी स्थापित कर दिया। इस स्पर्धा में भारत का दबदबा इस कदर कायम रहा कि पहले और दूसरे दोनों ही स्थानों पर तिरंगा लहराया। प्रणव के ऐतिहासिक स्वर्ण पदक के साथ ही भारत के ही राम रतन सिंह ने 10.35 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया। ट्रैक और फील्ड से लेकर तैराकी तक भारतीय खिलाड़ियों ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन करते हुए देश के पदकों की कुल संख्या को 30 तक पहुंचा दिया है।पुरुषों के डिस्कस थ्रो में भारत का ऐतिहासिक वन-टू फिनिश: सूरमा ने तोड़ा एशियाई रिकॉर्डप्रणव सूरमा ने पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 मिश्रित स्पर्धा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए मैदान पर उतरते ही शानदार शुरुआत की। उन्होंने तकनीकी सटीकता और फौलादी बाजुयों के दम पर 11.66 मीटर का थ्रो किया, जो इस स्पर्धा का नया एशियाई रिकॉर्ड बन गया। सूरमा की इस अविश्वसनीय उपलब्धि के आगे अन्य देशों के प्रतिद्वंद्वी टिक नहीं सके। पेरिस पैरालंपिक 2024 में पुरुषों के क्लब थ्रो में रजत पदक जीतने वाले प्रणव सूरमा ने इस बार अपने पदक का रंग बदलते हुए सोने पर निशाना साधा। वहीं भारतीय दल के एक अन्य जांबाज राम रतन सिंह ने 10.35 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास दर्ज कर देश के लिए रजत पदक पक्का किया। इस स्पर्धा का कांस्य पदक ईरान के अलीरेज़ा हेमामी के खाते में गया, जिन्होंने F53 वर्ग में 20.20 मीटर का थ्रो फेंककर तीसरा स्थान प्राप्त किया।सिमरन शर्मा ने ट्रैक पर जमाया दबदबा, 200 मीटर टी12 में स्वर्ण पदक भारत के नामफील्ड स्पर्धाओं के अलावा ट्रैक इवेंट्स में भी भारतीय धावकों की रफ्तार ने सबको हैरान कर दिया। महिला 200 मीटर टी12 स्पर्धा में भारत की शीर्ष धाविका सिमरन शर्मा ने 24.80 सेकंड का सनसनीखेज समय निकालते हुए पहला स्थान हासिल किया और भारत की झोली में एक और स्वर्णिम सफलता डाली। सिमरन की रफ्तार के सामने ईरान की स्टार एथलीट हज्जार सफारजादेह 25.02 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसी स्पर्धा में भारत की युवा धाविका तेजलबेन दामोर ने 25.23 सेकंड में दौड़ पूरी करके अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया, जबकि चीन की दिग्गज धाविका याकिन शेन 26.49 सेकंड के साथ चौथे स्थान पर खिसक गईं।प्रीति पाल ने सुधारा अपना व्यक्तिगत समय, 200 मीटर टी35 में हासिल किया शानदार सिल्वरमहिला 200 मीटर टी35 स्पर्धा में भारत की स्टार पैरा-एथलीट प्रीति पाल ने असाधारण सुधार दिखाते हुए पोडियम पर जगह बनाई। प्रीति ने 29.53 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक पर कब्जा जमाया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन की झोउ शिया ने 28.03 सेकंड के साथ खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए जीता। प्रीति का यह प्रदर्शन उनके खेल जीवन की ऐतिहासिक छलांग माना जा रहा है, क्योंकि पिछले 2022 संस्करण में वह 32.19 सेकंड के साथ चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गई थीं। इस बार उन्होंने अपने समय में 2.66 सेकंड का भारी सुधार दर्ज करते हुए देश को गौरव का क्षण दिया।तैराकी में हिमांशु नंदाल का जलवा, 400 मीटर फ्रीस्टाइल में जीता कांस्य पदकपैरा-तैराकी में भी भारतीय एथलीटों ने पोडियम पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भारत के हिमांशु नंदाल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 (S11) स्पर्धा के फाइनल में शानदार तैराकी का मुजाहिरा किया। बेहद कड़े मुकाबले में उन्होंने 5:10.91 मिनट का समय निकालकर कांस्य पदक अपनी झोली में डाला। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन के चुआनझेन सन ने एशियाई रिकॉर्ड तोड़ते हुए जीता, जबकि जापान के उचू तोमिता दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत पदक जीतने में सफल रहे। हिमांशु की इस जीत के साथ ही पैरा-तैराकी में भारत को इन खेलों का दूसरा ऐतिहासिक पदक प्राप्त हुआ।भारत के पदकों का आंकड़ा 30 के पार: 8 स्वर्ण, 9 रजत और 13 कांस्य पदकों के साथ मजबूत स्थितिनागोया में भारतीय दल की यह सामूहिक सफलता देश में पैरा-स्पोर्ट्स के बढ़ते स्तर और मजबूत बुनियादी ढांचे को रेखांकित करती है। मंगलवार को एथलेटिक्स और स्विमिंग में मिले इन शानदार पदकों की बदौलत भारत के कुल पदकों की संख्या 30 हो गई है। भारतीय दल अब तक 8 स्वर्ण, 9 रजत और 13 कांस्य पदक जीत चुका है। खिलाड़ियों का यह निरंतर और आक्रामक प्रदर्शन यह साबित करता है कि पेरिस पैरालंपिक के बाद भारतीय पैरा-एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
'सौ-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली': अखिलेश के PDA मेनिफेस्टो पर केशव मौर्य का तंज
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग बेहद तीखी हो गई है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके बहुचर्चित 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर सीधा हमला बोला है। फतेहपुर पहुंचे डिप्टी सीएम ने सपा द्वारा आगामी संविधान दिवस पर जारी किए जाने वाले प्रस्तावित घोषणा पत्र पर करारा तंज कसते हुए कहा कि 'सौ-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।' मौर्य ने तीखे लहजे में कहा कि समाजवादी पार्टी कभी भी बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की सच्ची अनुयायी नहीं हो सकती और न ही वह कभी दलितों एवं पिछड़ों की सच्ची हितैषी बन सकती है। फतेहपुर में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने सपा और कांग्रेस पर लोकतंत्र को कमजोर करने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की गहरी साजिश रचने का आरोप लगाया।फतेहपुर में बरसे डिप्टी सीएम: 'कन्नौज में अंबेडकर की प्रतिमा का बोर्ड हटाने वाले आज संविधान की दुहाई दे रहे'फतेहपुर जनपद के प्रवास के दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव के दलित प्रेम को पूरी तरह दिखावा और चुनावी ढोंग करार दिया। उन्होंने इतिहास के पन्ने पलटते हुए आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने कन्नौज में बाबासाहब भीमराव अंबेडकर के नाम का बोर्ड हटवा दिया था और अपने शासनकाल में दलित महापुरुषों के स्मारकों की उपेक्षा की थी, उसके नेता आज दलितों और पिछड़ों के सबसे बड़े अलंबरदार बनने का नाटक कर रहे हैं। मौर्य ने कहा कि सपा का इतिहास केवल परिवारवाद और अपराधियों को संरक्षण देने का रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश का पिछड़ा और दलित समाज अब जागरूक हो चुका है और वह जानता है कि उनका वास्तविक सम्मान, आरक्षण और संवैधानिक अधिकार केवल भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार में ही पूरी तरह सुरक्षित हैं।SIR और फर्जी वोट के आरोपों पर पलटवार: 'जनता ने माफिया और गुंडों को नकारा, इसलिए हताश है विपक्ष'सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव द्वारा हाल ही में मतदाता सूचियों में कथित हेराफेरी (SIR) और फर्जी नाम जोड़े जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी प्रकार के फर्जी वोट जुड़वाने या कटवाने के अनैतिक हथकंडों पर भरोसा नहीं करती। भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के निष्पक्ष जनादेश के दम पर सत्ता में आती है। मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने अब माफिया, दंगाइयों और बाहुबलियों को वोट देना पूरी तरह बंद कर दिया है। जब से सपा का संरक्षण प्राप्त माफिया तंत्र ध्वस्त हुआ है और थानों से लेकर अदालतों तक कानून का राज स्थापित हुआ है, तब से विपक्षी खेमे में भारी बौखलाहट और हताशा है। अपनी निश्चित हार को भांपकर अखिलेश यादव अब चुनाव आयोग और प्रशासनिक मशीनरी पर बेबुनियाद मनगढ़ंत आरोप मढ़ रहे हैं ताकि हार का ठीकरा किसी और पर फोड़ा जा सके।दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में 'विदेशी ताकतों' का हाथ, राहुल गांधी पर भी साधा निशानाडिप्टी सीएम ने नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि देश के संवैधानिक तंत्र को अस्थिर करने के लिए विदेशी शक्तियां सक्रिय हैं और वे पर्दे के पीछे से इन विरोध प्रदर्शनों को खाद-पानी दे रही हैं। मौर्य ने कहा कि सीजेपी और राहुल गांधी जैसे नेताओं को विदेशी ताकतों का गुप्त समर्थन मिल रहा है, जिनका एकमात्र एजेंडा भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और निर्वाचन प्रक्रिया की साख पर बट्टा लगाना है। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे देश का प्रधानमंत्री बनने का मुंगेरीलाल का हसीन सपना देखना हमेशा के लिए छोड़ दें, क्योंकि भारत की राष्ट्रवादी जनता उन्हें बार-बार सिरे से नकार चुकी है।300 से अधिक सीटों के साथ यूपी में तीसरी बार बनेगी पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार, MLC की 11 सीटों पर जीत का दावाआगामी चुनावी भविष्यवाणियों पर आत्मविश्वास जताते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बड़ा दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कमल खिलेगा और पार्टी 300 से अधिक विधानसभा सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार अपनी सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी देश के लोकतंत्र के साथ जो खिलवाड़ कर रहे हैं, भाजपा उसका लोकतांत्रिक और मुंहतोड़ जवाब संसद से लेकर सड़क तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने विधान परिषद (MLC) की आगामी सभी 11 सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की ऐतिहासिक और एकतरफा जीत का दावा किया। ज्ञात हो कि समाजवादी पार्टी द्वारा आगामी नवंबर महीने में संविधान दिवस के पावन अवसर पर अपना बहुचर्चित चुनावी घोषणा पत्र जारी करने का ऐलान किया गया है, जिसके जवाब में भाजपा ने अभी से आक्रामक घेराबंदी शुरू कर दी है।
Prime Minister Narendra Modi: विजयादशमी का पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। देश के अनेक हिस्सों में दशहरा के अवसर पर रावण का दहन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा ...
वायु सेना के 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो की रिहर्सल देख काशीवासी दंग
धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति की पावन नगरी काशी के आसमान में भारतीय वायु सेना के जांबाज लड़ाकू विमानों ने जब अपनी प्रचंड गर्जना भरी, तो पूरा शहर रोमांच और गर्व से सराबोर हो गया। भारतीय वायु सेना (IAF) अपनी 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वाराणसी में पहली बार ऐतिहासिक और भव्य 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो का आयोजन करने जा रही है। मुख्य हवाई प्रदर्शन से पहले सोमवार को गंगा की अविरल धारा के ऊपर वायु सेना के अत्याधुनिक फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टरों ने जब फुल ड्रेस रिहर्सल शुरू की, तो नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक मौजूद लाखों श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक हैरान रह गए। सुपरसोनिक गति से मां गंगा के सीने को चीरते हुए गुजरे राफेल और सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों की दहाड़ से काशी का कोना-कोना गूंज उठा। वाराणसी के इतिहास में यह पहला अवसर है जब देश के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान इतने करीब से आम जनता के सामने हवाई करतब दिखाते नजर आए हैं।नमो घाट से अस्सी घाट तक बना एयर कॉरिडोर, गंगा की लहरों पर थिरके वायु सेना के हेलीकॉप्टररिहर्सल के दौरान भारतीय वायु सेना के रणनीतिकारों ने नमो घाट से अस्सी घाट तक के पूरे तटीय क्षेत्र को एक विशाल एयर कॉरिडोर में बदल दिया था। गंगा किनारे बने 84 पक्के घाटों की सीढ़ियों पर सुबह से ही हजारों लोगों का हुजूम जुटा हुआ था। जैसे ही आसमान में लड़ाकू विमानों की फॉर्मेशन दिखाई दी, घाटों पर मौजूद भीड़ 'भारत माता की जय' और 'हर-हर महादेव' के गगनभेदी नारों से गूंज उठी। वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने गंगा के ठीक ऊपर बेहद कम ऊंचाई (लो-एल्टीट्यूड) पर उड़ान भरते हुए कई हैरतअंगेज हवाई पैंतरेबाजी (एयरोबैटिक मैन्युवर्स) का प्रदर्शन किया। लड़ाकू विमानों के अलावा वायु सेना के परिवहन विमानों और अत्याधुनिक स्वदेशी हेलीकॉप्टरों ने भी रिहर्सल में हिस्सा लिया। हेलीकॉप्टरों द्वारा गंगा की लहरों के ठीक ऊपर स्थिर रहकर किए गए करतबों को देखकर लोग स्तब्ध रह गए।पहली बार काशी के आकाश में सेना का शौर्य, छतों पर उमड़े लोग और सोशल मीडिया पर छाया रोमांचवाराणसी के शहरी इलाकों में भी इस रिहर्सल का जबर्दस्त क्रेज देखने को मिला। गोदौलिया, लंका, मैदागिन, सिगरा और दशाश्वमेध क्षेत्र के लोग अपने घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की छतों पर चढ़कर इन विमानों के लाइव करतबों को निहारते नजर आए। शहर के ऊपर से जब राफेल विमान ने सुपरसोनिक स्पीड से उड़ान भरी, तो उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक स्पष्ट सुनाई दी। छतों पर खड़े बच्चे और युवा उत्साह से चिल्लाते हुए विमानों की पहचान करते दिखे—कोई चीख रहा था 'देखो राफेल आ गया', तो कोई सुखोई और चिनूक हेलीकॉप्टर की ताकत देखकर रोमांचित हो रहा था। स्थानीय नागरिकों ने बातचीत में बताया कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी इतने करीब से लड़ाकू विमानों को उड़ते नहीं देखा था। यह केवल एक अभ्यास नहीं था, बल्कि भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और तकनीकी ताकत का सीधा साक्षात्कार था जिसने हर नागरिक का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। दिन भर काशी के स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लड़ाकू विमानों की गर्जना के वीडियो छाए रहे।94वीं वर्षगांठ का ऐतिहासिक जश्न: एयर शो के जरिए नई पीढ़ी को मिलेगा सेना से जुड़ने का संदेशभारतीय वायु सेना द्वारा अपनी 94वीं वर्षगांठ के मुख्य कार्यक्रम को नई दिल्ली के हिंडन या पारंपरिक एयरबेस से बाहर निकालकर वाराणसी जैसी सांस्कृतिक नगरी के गंगा तट पर आयोजित करना एक बेहद दूरदर्शी कदम है। इसका सीधा उद्देश्य देश के युवाओं और नई पीढ़ी के भीतर भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान बढ़ाना और उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करना है। 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो के जरिए लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष तौर पर यह समझने का मौका मिला है कि वायु सेना की मारक क्षमता देश की सीमाओं को किस प्रकार अभेद्य बनाए रखती है। इस बड़े आयोजन के लिए स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने भी घाटों पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग और आपातकालीन जल पुलिस की विशेष व्यवस्था की है ताकि मुख्य आयोजन के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।पर्यटन और होटल उद्योग में जबर्दस्त उछाल, मुख्य शो के दिन लाखों के जुटने का अनुमानइस एयर शो के चलते वाराणसी के पर्यटन, होटल और नाव संचालन उद्योग में भारी उछाल दर्ज किया गया है। नमो घाट, चेत सिंह घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट और अस्सी घाट के आसपास स्थित सभी होटल, होमस्टे और गेस्टहाउस पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। गंगा में चलने वाले बड़े बजड़ों, रो-रो जहाजों और पारंपरिक नौकाओं की एडवांस बुकिंग फुल हो गई है, क्योंकि लोग पानी के बीच नावों पर बैठकर इस दुर्लभ हवाई प्रदर्शन को अपनी आंखों में कैद करना चाहते हैं। जिला प्रशासन का अनुमान है कि मुख्य एयर शो के दिन शहर और पूर्वांचल के अन्य जिलों से 5 लाख से अधिक लोग गंगा किनारे पहुंचेंगे। वाराणसी के गंगा तट पर होने वाला यह विहंगम दृश्य सैन्य शक्ति और सनातन संस्कृति के संगम का ऐसा अनूठा उदाहरण बन चुका है, जिसकी गूंज लंबे समय तक काशीवासियों के दिलों में जिंदा रहेगी।
वाराणसी में Indian Air Force का Wings Over Ganga एयर शो 22 अक्टूबर से, 100 विमान दिखाएंगे ताकत
भारतीय वायुसेना की ओर से वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को नमो घाट पर भव्य हवाई प्रदर्शन का आयोजन होगा। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। ‘इंडियन एयरफोर्स एरियल डिस्प्ले 2026’ के नाम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होने वाले इस कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना अपनी ताकत, तकनीकी क्षमता और हवाई युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेगी। कार्यक्रम का विषय ‘विंग्स ओवर गंगा’ रखा गया है। इस आयोजन के जरिए भारतीय वायुसेना की गौरवशाली विरासत, आधुनिक हवाई क्षमता और देश की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया जाएगा। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम में कुल 100 विमानों को शामिल किया गया है, जिनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान और 32 हेलीकॉप्टर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि हवाई प्रदर्शन में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस जैसे लड़ाकू विमान अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही सी-130, सी-295, सी-17 ग्लोबमास्टर, एएन-32 और अन्य परिवहन व निगरानी विमानों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम भी अपने शानदार हवाई करतबों से आसमान में रोमांच पैदा करेगी। उन्होंने बताया कि सी-17 ग्लोबमास्टर के नेतृत्व में नौ हॉक विमानों की उड़ान के बाद सूर्यकिरण टीम का प्रदर्शन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगा। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान विमानों की कई विशेष संरचनाएं बनाई जाएंगी जिनमें ‘काशी’, ‘वरुण’, ‘केदार’, ‘हनुमान’, ‘ओंकार’, ‘रुद्र’ और ‘भागीरथी’ जैसी संरचनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनका उद्देश्य भारतीय वायुसेना की सटीक उड़ान क्षमता, समन्वय और परिचालन कौशल को प्रदर्शित करना है। उन्होंने बताया कि ‘काशी’ संरचना में तीन किरण विमानों के वी आकार में उड़ान भरने की योजना है, जबकि ‘वरुण’ संरचना में भारतीय वायुसेना के तीन एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर अपनी क्षमता दिखाएंगे। उन्होंने बताया कि ‘ओंकार’ संरचना में तीन एमआई-17 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज के साथ उड़ान भरेंगे और फूलों की वर्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय को प्रदर्शित करने वाली ‘त्रिदेव’ संरचना भी शामिल होगी। उन्होंने बताया कि इसमें भारतीय नौसेना का कामोव-31, वायुसेना का एएलएच एमके-3 और थलसेना का एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त चिनूक, डोर्नियर, सी-130, एईडब्ल्यू एंड सी विमान और मिग-29 जैसे विमानों की विभिन्न संरचनाएं भी हवाई प्रदर्शन का हिस्सा होंगी। अधिकारियों ने बताया कि नमो घाट पर होने वाला यह आयोजन भारतीय वायुसेना की पेशेवर दक्षता, आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर होगा। उन्होंने बताया कि गंगा के ऊपर विमानों की रोमांचक और सूर्यकिरण टीम के हवाई करतब इस आयोजन को खास बनाएंगे। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए वाराणसी पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ की तर्ज पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों, गंगा घाटों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि आयोजन को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंधन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख हिस्सों और आयोजन स्थल के आसपास अस्थायी पुलिस थाने और चौकियां स्थापित की जा रही हैं, ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि काशी की संकरी गलियों, घाटों और अनूठी भौगोलिक बनावट को देखते हुए बाहर के जिलों से आने वाले पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात जवानों को उनके निर्धारित स्थल की जानकारी देने के साथ ही शहर की भौगोलिक स्थिति और प्रमुख रास्तों से भी परिचित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है कि भीड़ भाड़ या आपातकालीन स्थिति में पुलिसकर्मी रास्तों की पहचान करके तत्काल कार्रवाई कर सकें। उन्होंने कहा कि इससे भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान शहर के बाहरी और आंतरिक हिस्सों में बड़े वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि वीआईपी और आम जनता के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर के प्रवेश बिंदुओं और आयोजन स्थल के आसपास बड़े पार्किंग स्थल चिन्हित किए जा रहे हैं, ताकि सड़कों पर जाम की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि किसी भी आकस्मिक चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख अस्पतालों और आयोजन स्थल के बीच ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके जरिए एंबुलेंस बिना किसी बाधा के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचा सकेंगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आयोजन स्थल के आसपास अस्थायी चिकित्सा शिविर और डॉक्टरों की टीमें तैनात रहेंगी, जो जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार और जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा कि हवाई प्रदर्शन को देखने आने वाले दर्शकों की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि गंगा घाटों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
कल का मौसम, 21 अक्टूबर: बुधवार को 12 राज्यों में बारिश का अनुमान, 50-60 की रफ्तार से हवाएं
बिहार में 21 अक्टूबर को बारिश को लेकर कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है। देश के पूर्वी हिस्सों में मौसम का असर अलग-अलग जगहों पर देखने को मिल सकता है, लेकिन बिहार के लिए बारिश या तेज हवा का कोई पूर्वानुमान नहीं है।
बुर्का पहना, टैक्सी बदली... पुलिस ने सुनाई श्रद्धा दुबे की फरारी की कहानी
लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में 50 हजार की इनामी श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार की गई है. एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि वो बुर्का पहनकर और टैक्सी बदलकर पुलिस को लगातार चकमा दे रही थी. जानें पूरी कहानी.
पीएम मोदी ने गिनाए देश के 3 दुश्मन, रावण दहन कर बोले- इनसे मिलकर लड़ना होगा
दिल्ली में दशहरा समारोह के दौरान पीएम मोदी ने देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर बात की.
ट्रंप ने मस्क को कहा 'BIG THANK YOU', स्पेसएक्स शेयर बांटने का है वादा
एलॉन मस्क ने अगले साल अमेरिका के हर बच्चे को स्पेसएक्स का एक शेयर देने का वादा किया है. डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अविश्वसनीय उदारता बताते हुए बिग थैंक यू कहा, हालांकि पात्रता, शेयर ट्रांसफर के तरीके और समय की जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
1980 में आई रेखा की सुपरहिट फिल्म खूबसूरत का गाना ‘सुन सुन सुन दीदी तेरे लिए एक रिश्ता आया है’ आज भी भाई-बहनों और दोस्तों के बीच मस्ती-मजाक की पहली पसंद है. आशा भोसले की चुलबुली आवाज, गुलजार के बोल और आर.डी. बर्मन के म्यूजिक से अमर.
घर पर इस ट्रिक से बनाएं सोयाबीन का आटा, नोट करें बनाने का आसान तरीका
Homemade Soya Atta: सोयाबीन का आटा सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं. आज हम आपको घर पर सोयाबीन का आटा तैयार करने का आसान तरीका बताएंगे.
एथलेटिक्स में गोल्ड की बरसात, भारत के 35 मेडल, निषाद कुमार ने रचा इतिहास
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने दूसरे दिन पांच गोल्ड समेत कुल 35 मेडल जीत लिए. निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता, जबकि दीप्ति जीवनजी ने 400 मीटर T20 में स्वर्ण पदक अपने नाम किया. एथलेटिक्स में भारत के कुल 20 मेडल हो चुके हैं. निशानेबाजी, पावरलिफ्टिंग, स्विमिंग और टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते. तीरंदाजी में पांच मेडल पक्के हो गए हैं.
दो बोरियों में 2 दर्जन सांप, नाग के दांत तोड़ने का तमाशा पड़ा भारी, फिर...
बाराबंकी में पूजा पंडाल में जहरीले नाग का करतब दिखाना पिता-पुत्र को भारी पड़ गया. सतरिख क्षेत्र के मुनक्कीपुरवा गांव में नौमीलाल सांप के दांत तोड़ने का प्रदर्शन कर रहा था, तभी नाग ने उसे डस लिया. बेटे को बचाने पहुंचे पिता महेश को भी सांप ने काट लिया. इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई.
10 दिनों से 'लापता' हैं पूर्व CM और इमरान की पार्टी के बड़े नेता, अब कोर्ट से उम्मीद!
पाकिस्तान में आपातकाल और गवर्नर शासन को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है. इमरान खान की पार्टी PTI ने इसे लोकतंत्र और प्रांतीय अधिकारों पर हमला बताया है. पार्टी ने अदालत में फैसले को चुनौती देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी समेत आठ नेताओं की रिहाई की मांग की है. PTI ने सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का भी आह्वान किया है.
देशभर में विजयादशमी की धूम, शहर-शहर हुआ रावण दहन, PM Modi बोले- आज भारत का कोना-कोना राममय
विजयादशमी के अवसर पर पूरे देश में धूम है। पूरब से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक, हर जगह विजयादशमी के त्यौहार को धूमधाम से मनाया जा रहा है। पटना, मुंबई, हिसार, चंडीगढ़, दिल्ली, लखनऊ, अयोध्या, भोपाल, नागपुर जैसे शहरों में रावण दहन किया जा रहा है। दिल्ली में भी भव्य तरीके से अलग-अलग जगह पर दशहरे का कार्यक्रम रखा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारका पहुंची हैं जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली में दशहरा महोत्सव में शामिल हो रहे हैं। ऊधर नवरात्रि के दौरान 4 लाख से ज्यादा भक्तों ने कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन किए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दशहरा समारोह में कहा कि सभी को दशहरा के महापर्व पर बहुत-बहुत बधाई। ये त्योहार अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय का उत्सव है। उन्होंने कहा कि दशहरा के अवसर पर देश-विदेश के अनेक स्थानों पर आयोजित रामलीलाओं के माध्यम से करोड़ों लोग राम कथा के महान आदर्शों को याद करते हैं। वही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं सभी देशवासियों को विजयादशमी की बधाई देता हूं। आज भारत का कोना-कोना राममय है गांव-गांव शहर-शहर रामलीला के रास में देश डूबा हुआ है। देशभर में रामलीलाओं का मंचन प्रभु श्री राम के आदर्शों को जीवंत रखने की परंपरा, अत्याचार और आतंक का अंत का उद्घोष और असत्य पर सत्य सनातन की विजय का विश्वास हमारे लिए ये केवल त्योहार नहीं है। ये भारत की प्राण ऊर्जा है। मोदी ने कहा कि इस देश ने, इसकी संस्कृति ने और इसके पूर्वजों ने हजारों वर्षों से प्रभु श्रीराम की उपासना की है। ये आस्था केवल इसलिए नहीं है कि श्रीराम ने राक्षस राज रावण का अंत किया था। ये आस्था इसलिए भी है क्योंकि प्रभु राम ने हमें ऐसे आदर्श दिए जो मानवता के इतिहास में अतुलनीय है।जो आज भी सुशासन का मानदंड माना जाता है। रामराज्य अर्थात् ऐसा शासन, जहाँ किसी के प्रति भेदभाव न हो, जहाँ सभी को न्याय मिले, जहाँ समान अवसर प्राप्त हों और जहाँ सत्ता का उद्देश्य शासन करना नहीं, बल्कि जनकल्याण हो... यही प्रभु श्रीराम का आदर्श है। इसलिए हमें हमेशा जनता को जनार्दन मानकर नागरिक देवो भव: के मंत्र पर आगे बढ़ना है। हमें गरीब, वंचित की सेवा को सर्वोपरि रखना है। मोदी ने कहा कि संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, चुनौती कितनी भी कठिन क्यों न हो... हमें दूसरों के भरोसे नहीं बैठना है। हमें अपना सामर्थ्य पहचानना है।हमें संसाधनों पर विश्वास करना है। अपने संकल्प को शक्ति बनाना है और अपने परिश्रम से समाधान निकालना है। क्योंकि प्रभु श्रीराम ने हमें सिखाया कि रास्ते की कठिनाइयां हमारी यात्रा को रोक नहीं सकती। समुद्र सामने था, लंका दूर थी, लेकिन संकल्प अडिग था, इसलिए रामजी ने जनता की सामूहिक शक्ति को जगाया, जनभागीदारी को अपना संबल बनाया और असंभव लगने वाले लक्ष्य को संभव बनाया। यही सफलता का मूलमंत्र है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजयादशमी की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सभी से अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के उदात्त आदर्शों को बनाए रखने तथा समावेशी समाज और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने एक संदेश में कहा, ‘‘विजयादशमी के पर्व का विशेष महत्व है। यह भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम को धर्मपरायणता और नैतिक आचरण के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। यह पर्व अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की जीत का उत्सव है।’’ राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारतीय संस्कृति नैतिकता और कर्तव्य के आदर्शों पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘‘इस अवसर पर आइए, हम अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के उदात्त आदर्शों को बनाए रखने तथा समावेशी समाज और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लें।’’ उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि विजयादशमी महज एक त्योहार नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और धर्म के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि अन्याय, अत्याचार और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने संदेश में कहा कि यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और सत्य की विजय का उत्सव मनाने के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सभ्यता के मूल्यों और ‘‘विविधता में एकता’’ की भावना को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पर्व समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करेगा तथा नागरिकों को एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और समावेशी भारत के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की प्रेरणा देगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन को सुख, समृद्धि और सफलता से परिपूर्ण करे। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, आप सभी को विजयादशमी की अनंत शुभकामनाएं। उल्लास और विश्वास का यह विजय पर्व हर किसी के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करे। सभी का जीवन सुख-सौभाग्य और सफलता से समृद्ध हो, यही कामना है। यह त्योहार भगवान राम द्वारा दशानन रावण का वध किए जाने की खुशी में मनाया जाता है और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। देशभर में यह त्योहार मनाया जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग रावण के पुतलों का दहन देखने के लिए निकलते हैं। इसके साथ ही अनुष्ठानों, गीतों, नृत्य और शोभायात्राओं से भरपूर 10 दिवसीय उत्सव का समापन होता है।
Mumbai Ahmedabad Bullet Train Latest Update: मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में स्वदेशी कोच इस्तेमाल होंगे. सूरत से विलिमोरा के रूट पर 15 अगस्त 2027 से बुलेट ट्रेन दौड़ेगी, जिसमें मेड इन इंडिया के B28 कोच इस्तेमाल किए जाने हैं.
ये देश के दुश्मन हैं; पीएम मोदी ने रावण दहन के मंच से किन्हें परास्त करने को कहा
पीएम मोदी ने कहा, ‘प्रभु राम के जीवन से हमें बहुत बड़ी सीख मिलती है, संकट कितना भी बड़ा क्यों ना हो, चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों ना हो, हमें दूसरों के भरोसे नहीं बैठना है, हमें अपना सामर्थ्य पहचानना है, अपने संकल्प को पहचानना है। अपने परिश्रम से समाधान निकालना है।'
यूपी में 2027 की तैयारी, पूर्वांचल-पश्चिमी यूपी में BJP-सपा में जोरदार टक्कर
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और सपा के बीच राजनीतिक जंग तेज हो गई है. पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी में दोनों दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है. सीएम योगी माफिया मुक्त शासन और विकास के नाम पर वोट मांग रहे हैं, वहीं अखिलेश यादव पीडीए और फर्जी वोटर्स के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं. देखें...
काली शिला के कठिन पहाड़ी रास्ते पर 70 वर्षीय महिला का जज्बा देखकर एक लड़की हैरान रह गई. कई किलोमीटर चलने के बाद भी उनके चेहरे पर मुस्कान और ऊर्जा बरकरार थी.
दशहरे पर क्यों होती है शमी की पूजा? धन के देवता कुबेर से जुड़ी है कथा
शमी को विजय, न्याय और शुभता का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि इस दिव्य वृक्ष की पूजा से धनधान्य की प्राप्ति और सुख-संपन्नता का वरदान मिलता है. विजयदशमी पर वृक्ष शमी की पूजा पांडवों की तरह सत्य के पथ पर चलते हुए धैर्य को बनाए रखने का संदेश देती है.
यूरोप के देशों में भड़की हिंसा, भारत में क्यों गरमाई राजनीति? देखें
अल्बानिया, फ्रांस और इटली में महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा संकट को लेकर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. पेरिस से लेकर तिराना तक सड़कों पर उपद्रव जारी है. यूरोप की इस हिंसा पर भारत में भी राजनीति गरमा गई है.
सऊदी की मदद के लिए आगे आया ब्रिटेन, हूती हमलों के बीच भेजेगा टाइफून जेट
हूती हमलों के बीच ब्रिटेन सऊदी अरब की मदद के लिए आगे आया है. हूती मिसाइलों और ड्रोन हमलों से बचने के लिए ब्रिटेन ने सऊदी को रॉयल एयर फोर्स के टाइफून फाइटर जेट भेजने का फैसला किया है. ब्रिटेन सऊदी में सैन्य परिवहन विमान और सलाहकार भी भेजेगा. हालांकि रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने बताया कि ब्रिटिश विमान हूती ठिकानों पर सीधे हमले नहीं करेंगे.
CJP नेताओं की रात में सुनवाई से US विदेश मंत्री के दौरे तक, टाइगर श्रॉफ पर अपडेट… आज की 5 खबरें
देश की कूटनीति, सियासत, अपराध और सिनेमा जगत में आज कई बड़ी और चौंकाने वाली घटनाएं हुईं। अगर आप दिनभर की इन बड़ी सुर्खियों को आसान और सीधी बोलचाल की भाषा में समझना चाहते हैं, तो यह न्यूज ब्रीफ आपके लिए तैयार किया गया है।
कल का मौसम : दिल्ली-यूपी में बढ़ेगी ठिठुरन, राजस्थान-MP समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
कल का मौसम 21 अक्टूबर 2026: तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कहीं-कहीं आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवाओं की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों के साथ यह 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
दशहरे का जश्न! पर इस गांव में महिषासुर का शोक मना रहे लोग
लातेहार जिले में असुर जनजाति का दो दिवसीय शोक पर्व शुरू हो गया है. इस समुदाय के लोगों ने बताया कि वे महिषासुर को अपना पूर्वज और जमीन का राजा मानते हैं. इसलिए दुर्गा पूजा और विजयादशमी पर विसर्जन में शामिल न होकर शोक मनाते हैं.
Starlink पर सरकार का शिकंजा! इंटरनेट ट्रैफिक पर ऐसे रखेगी नजर!
एलॉन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink पर भारत सरकार की नजर है. सरकार विदेशी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों के ट्रैफिक की निगरानी के लिए एक खास डिवाइस बनाने पर विचार कर रही है. इसका मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है. अभी इस योजना पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
Rajnath Singh ने दुशान्बे में की बैठक, Marco Rubio पहुंचे भारत, शाम के मुख्य समाचार
भाषा की विभिन्न फाइल से मंगलवार शाम छह बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: वि18: एससीओ राजनाथ बैठकराजनाथ सिंह ने ईरानी उपराष्ट्रपति और ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री से मुलाकात कीदुशान्बे, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को दुशान्बे में एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक से इतर ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ और ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसूलजादा से मुलाकात की तथा पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा की। प्रादे95: भारत अमेरिका लीड रुबियोअमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो मुंबई पहुंचे; व्यापार समझौते और ऊर्जा पर रहेगी नजरनयी दिल्ली/मुंबई, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को भारत की अपनी तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत की। इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा, व्यापार और निवेश, रक्षा तथा महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना और पश्चिम एशिया संकट पर विचारों का आदान-प्रदान करना है। दि13: कांग्रेस परिसीमनक्या परिसीमन विधेयक फिर से पारित कराने का प्रयास करेगी सरकार : कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पत्र का सरकार की ओर से दिए गए जवाब का हवाला देते हुए मंगलवार को सवाल किया कि क्या लोकसभा में पराजित हो चुके संविधान संशोधन विधेयक को फिर से लाने और ‘‘महालंकित दो-तिहाई बहुमत’’ से इसे पारित कराने का प्रयास किया जा रहा है ? दि27: राहुल आरएसएसआरएसएस ‘विशुद्ध पुरुषवादी, संविधान विरोधी’; उसकी सोच के खिलाफ लड़ना खुशी देता है : राहुलनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह ‘‘विशुद्ध पुरुषवादी और संविधान विरोधी’’ संगठन है, जो महिलाओं को पुरुषों की ‘‘संपत्ति’’ मानता है। प्रादे17: महाराष्ट्र आरएसएस लीड भागवतआंदोलन राजनीतिक स्वार्थ का औजार बनकर समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं: मोहन भागवतनागपुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को आगाह किया कि सत्ता परिवर्तन के आंदोलन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं करते और ये राजनीतिक स्वार्थों का औजार बनकर समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं। प्रादे115: पंजाब दूसरी लीड शाहपंजाब: शाह ने मादक पदार्थ का मुद्दा उठाने के बाद आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के परिवार से मुलाकात कीचंडीगढ़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के संगरूर में मादक पदार्थ की समस्या का मुद्दा उठाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। प्रादे80: राजस्थान कांग्रेस दूसरी लीड धरनाबराला से ‘मारपीट’ मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कांग्रेस नेताओं का जयपुर आयुक्तालय पर धरनाजयपुर, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की नेता ऋतु बराला से कथित मारपीट के मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने के विरोध में कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी के अन्य नेताओं ने जयपुर पुलिस आयुक्तालय के गलियारे में रातभर धरना दिया। इन नेताओं ने रात भी वहीं गलियारे में बिताई। वि4: संरा भारत हथियारभारत ने आतंकवाद से जुड़े तत्वों के हाथ में संवेदनशील हथियार तकनीक पड़ने को लेकर सतर्क कियासंयुक्त राष्ट्र, भारत ने आतंकवादियों के हाथ विनाशकारी हथियार लगने के जोखिम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वैश्विक समुदाय से आह्वान किया है कि वह संवेदनशील तकनीक के हस्तांतरण को लेकर सतर्क रहे, खासकर उन लोगों के मामले में जिनका शस्त्र प्रसार और आतंकवाद से पुराना नाता रहा है। अर्थ19: रूबियो भारत रिफाइनिंगभारत रिफाइनिंग महाशक्ति है: अमेरिकी विदेश मंत्रीमुंबई, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मंगलवार को भारत को रिफाइनिंग महाशक्ति करार दिया और कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वेनेजुएला में तेल के उत्पादन को लेकर रिलायंस के साथ चर्चा करेगा। अर्थ17: भारत-न्यूजीलैंड लीड एफटीएभारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू, प्रधानमंत्री लक्सन ने ऐतिहासिक करार बतायानयी दिल्ली, भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मंगलवार से लागू हो गया। इससे कपड़ा, चमड़ा और जूते-चप्पल जैसे श्रम गहन क्षेत्रों सहित विभिन्न भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। समझौते के तहत भारतीय निर्यात की सभी शुल्क श्रेणियों को पहले दिन से शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान की गई है। खेल34: खेल एशियाड पैरा एथलेटिक्स निषादनिषाद कुमार किसी एक एशियाई पैरा खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बनेनागोया, निषाद कुमार ने मंगलवार को पुरुषों की ऊंची कूद टी47 स्पर्धा में नए रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया जिससे वह किसी एक एशियाई पैरा खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए। खेल13: खेल एशियाड पैरा भारत तीसरी लीड टेटेभारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों को एशियाई पैरा खेलों में पांच कांस्यनागोया, रवि बेबी साहाना और प्राची दुबे एशियाई पैरा खेलों में स्टैंडिंग श्रेणी में पदक जीतने वाली भारत की पहली पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी बन गई जबकि भारत ने मंगलवार को टेबल टेनिस में पांच कांस्य पदक जीते। द कन्वरसेशन से अनुबंध के तहत जारी खबर: वि16: अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थअति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ को लेकर क्यों छिड़ी है बहस, क्या वाकई सेहत के लिए हैं इतने नुकसानदेह?ग्लासबोरो (अमेरिका), अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ को लोग ज्यादा अच्छा नहीं मानते हैं। कई अध्ययनों में इन्हें कई तरह की दीर्घकालिक बीमारियों से जोड़ा गया है। पत्रकार और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को कवर करने वाले कई सोशल मीडिया इन्फुलएंसर इन्हें जहर तक बताते हैं। जनस्वास्थ्य के कुछ विशेषज्ञ इनके उत्पादन और उपभोग पर दुनिया भर में पूरी तरह रोक लगाने की मांग करते हैं।
आगे भगवान राम की तस्वीर, पीछे दिग्विजय सिंह और अमृता... 950KM की पैदल यात्रा
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू हुई. महाकाल के दर्शन, पार्थिव शिवलिंग निर्माण, कन्या पूजन और भंडारे के बाद यात्रा भजन, ढोल और धार्मिक झांकियों के साथ रवाना हुई. करीब 950 किलोमीटर का सफर तय कर 70 दिन में अयोध्या पहुंचने का लक्ष्य है. मंदिरों में चढ़ावे की पारदर्शिता भी यात्रा का प्रमुख मुद्दा है
मुरादाबाद आंगनबाड़ी में 367 पदों पर बंपर भर्ती शुरू: बिना परीक्षा सीधे मेरिट से होगा चयन
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में लंबे समय से सरकारी मानदेय सेवा और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी नियुक्तियों की राह देख रही महिलाओं के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने बड़ी खुशखबरी दी है। लगभग 10 महीने के लंबे इंतजार के बाद जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सहायिका के 367 रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। इस भर्ती अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि महिला अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के कठिन दौर से नहीं गुजरना होगा, बल्कि चयन पूरी तरह से शैक्षिक योग्यता और सरकारी नियमों के तहत मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। इच्छुक और पात्र महिला उम्मीदवार विभागीय आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाकर 28 अक्टूबर 2026 की मध्य रात्रि 12 बजे तक अपना ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर सकती हैं।मुरादाबाद जिले में 367 पदों का पूरा ब्योरा: 51 कार्यकर्ता और 316 सहायिकाओं की होगी सीधी नियुक्तिबाल विकास परियोजना के अंतर्गत जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार जनपद मुरादाबाद में कुल 367 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इन पदों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के कुल 51 पद और आंगनबाड़ी सहायिका के 316 पद शामिल हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में बाल विकास केंद्रों को सुचारू रूप से चलाने और कुपोषण मुक्त अभियान को गति देने के लिए यह रिक्तियां भरी जा रही हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा, इसलिए अभ्यर्थी समय रहते अपने सभी आवश्यक प्रमाणपत्र तैयार कर ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर लें।ब्लॉक और वार्डवार रिक्तियों की स्थिति: मुरादाबाद शहर, बिलारी और डींगरपुर में सबसे ज्यादा मौकेप्रशासन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार रिक्तियों का आवंटन ब्लॉक और नगरीय निकाय स्तर पर विस्तृत रूप से किया गया है। मुरादाबाद शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 8 पद और सहायिका के रिकॉर्ड 97 पद रिक्त हैं। ग्रामीण अंचलों की बात करें तो डींगरपुर ब्लॉक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 17 और सहायिका के 37 पद हैं, जबकि बिलारी ब्लॉक में 12 कार्यकर्ता और 74 सहायिकाओं के पदों पर भर्ती निकाली गई है। मूंढापांडे ब्लॉक में कार्यकर्ता के 5 और सहायिका के 32 पद हैं, वहीं डिलारी ब्लॉक में 5 कार्यकर्ता और 14 सहायिका के पद शामिल हैं। भगतपुर टांडा ब्लॉक में 1 कार्यकर्ता और 20 सहायिका, जबकि ठाकुरद्वारा ब्लॉक में 3 कार्यकर्ता और 8 सहायिका के पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इसके अलावा छजलैट ब्लॉक में केवल सहायिका के 9 पद और मुरादाबाद ग्रामीण ब्लॉक में सहायिका के 25 पदों पर चयन होना है, जहां कार्यकर्ता का कोई पद रिक्त नहीं है।न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट और उम्र 18 से 35 वर्ष: स्थानीय निवासी होना अनिवार्य शर्तइस भर्ती में सम्मिलित होने के लिए शासन ने पात्रता के कड़े और स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका दोनों ही पदों के लिए महिला अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम इंटरमीडिएट (12वीं कक्षा) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आयु सीमा की गणना के लिए कट-ऑफ तिथि 1 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग की महिलाओं को नियमानुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त सबसे महत्वपूर्ण भौगोलिक शर्त यह है कि आवेदन करने वाली महिला संबंधित ग्राम पंचायत अथवा नगरीय क्षेत्र के उसी संबंधित वार्ड की स्थायी निवासी होनी चाहिए जहां का पद रिक्त है। किसी अन्य ग्राम पंचायत, ब्लॉक या दूसरे वार्ड की निवासी महिलाओं के आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे।upanganwadibharti.in पर ऑनलाइन प्रक्रिया: गलत जानकारी पर तुरंत रद्द होगा आवेदनमहिला उम्मीदवारों को केवल ऑनलाइन पोर्टल upanganwadibharti.in के माध्यम से ही अपने आवेदन पत्र जमा करने होंगे। फॉर्म भरते समय अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक अंकपत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र पोर्टल पर स्पष्ट रूप से स्कैन करके अपलोड करने होंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे; किसी भी स्थिति में डाक द्वारा भेजे गए अथवा हाथ से दिए गए हार्ड कॉपी दस्तावेज मान्य नहीं होंगे। विभाग सभी अपलोड किए गए दस्तावेजों का राजस्व और शिक्षा विभाग के डेटाबेस से ऑनलाइन डिजिटल सत्यापन कराएगा। यदि किसी भी आवेदन पत्र में झूठी जानकारी, फर्जी अंकपत्र या अमान्य प्रमाणपत्र पाए गए तो संबंधित अभ्यर्थी का आवेदन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
भारत में मार्को रुबियो से चीन पर सवाल, परमाणु हथियारों पर कही ये बात
मुंबई में मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका, रूस और चीन के नेताओं के बीच परमाणु हथियारों और हथियार नियंत्रण पर बातचीत होनी चाहिए. चीन ने त्रिपक्षीय परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता को फिलहाल अनुचित और अव्यावहारिक बताया है, फिर भी अमेरिका ऐसी नेता स्तर की पहल को दुनिया के लिए सकारात्मक मानता है.
सिरोही के रामझरोखा मैदान में 1008 दीपों से माता की महाआरती
भक्ति और गरबा की धूम के बीच नवरात्रि महोत्सव का भव्य समापन नवरात्रि महोत्सव का भव्य समापन, 51 उत्कृष्ट गरबा प्रतिभागियों को पुरस्कार सिरोही। देवनगरी सिरोही के रामझरोखा मैदान में श्री जगदम्बे नवयुवक मंडल की ओर से आयोजित नगर मुख्य नवरात्रि महोत्सव-2026 का समापन भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के बीच हुआ। समापन अवसर पर […] The post सिरोही के रामझरोखा मैदान में 1008 दीपों से माता की महाआरती appeared first on Sabguru News .
'आज भी पीक पर हूं...', टीम से बाहर शमी ने पूछा- मुझसे कौन बात करेगा?
टीम इंडिया से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी ने कहा है कि वह आज भी अपनी फिटनेस के चरम पर हैं और भारतीय टीम में वापसी का लक्ष्य बरकरार है. न्यूजीलैंड दौरे के लिए चयन नहीं होने पर उन्होंने निराशा से इनकार किया और कहा कि उनका ध्यान घरेलू क्रिकेट, फिटनेस और अपनी स्किल बेहतर करने पर है.
तिगरी गंगा मेला 2026: अमरोहा में भव्य आयोजन के लिए 18 समितियां गठित
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक राजकीय तिगरी गंगा मेला 2026 को अभूतपूर्व दिव्यता व भव्यता प्रदान करने के लिए अमरोहा जिला प्रशासन ने धरातल पर युद्धस्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा किनारे लगने वाले इस पारंपरिक मेले में देश भर से लाखों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों के जुटने की संभावना है। गंगा के रेतीले तट पर एक अस्थायी तंबुओं का आध्यात्मिक शहर बसाने के लिए प्रशासनिक अमले ने मेला क्षेत्र में जमीन के चिह्नांकन और लेआउट तैयार करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोजन को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा 18 विशेष समितियों का गठन किया गया है, जिसमें जिले के 50 शीर्ष अधिकारियों और कर्मचारियों को अध्यक्ष एवं सहायक के तौर पर महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं। सभी समितियों को तुरंत प्रभाव से मेला स्थल पर पहुंचकर अपने-अपने विभागों से जुड़े विकास कार्यों को गति देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।24 नवंबर को होगा मुख्य स्नान पर्व, लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सज रहा रेतीला मैदानपश्चिमी उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और आस्था के महासंगम तिगरी गंगा मेला में इस वर्ष का मुख्य स्नान पर्व 24 नवंबर को संपन्न होगा। कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि पर मां गंगा की पवित्र धारा में डुबकी लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और उत्तराखंड से भारी संख्या में श्रद्धालु तिगरी धाम पहुंचते हैं। आस्था के इस विशाल रेतीले प्रांगण में परिवार सहित डेरा जमाने वाले ग्रामीणों के ठहरने, भोजन और धार्मिक अनुष्ठानों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन विशाल स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है। मुख्य स्नान के दिन गंगा घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने, गहरे पानी में जाने से रोकने और सुगम स्नान उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा और तकनीकी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय किया जा रहा है।व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए 18 विशेष समितियों का गठन, बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा जोरतिगरी मेले की व्यवस्थाओं को आधुनिक और जनसुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन ने कार्यों का सूक्ष्म स्तर पर विभाजन किया है। गठित की गई 18 समितियों में टेंट एवं फर्नीचर समिति, घाट, बैरिकेडिंग व बैरियर समिति, लेआउट अस्थायी मार्ग व टिन फेसिंग समिति, विद्युत व्यवस्था समिति तथा गंगा के प्रवाह से सुरक्षा के लिए बाढ़ कटान व्यवस्था समिति प्रमुख हैं। श्रद्धालुओं के मनोरंजन और धार्मिक उल्लास के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति का गठन किया गया है, जबकि खान-पान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फूड हब समिति सक्रिय रहेगी। इसके साथ ही पेयजल व्यवस्था समिति, शौचालय एवं साफ-सफाई व्यवस्था समिति तथा मेला क्षेत्र में लगने वाली दुकानों के पारदर्शी आवंटन एवं शुल्क निर्धारण समिति को धरातल पर उतारा गया है। मेले के बौद्धिक और तकनीकी प्रचार-प्रसार के लिए विकास व कृषि प्रदर्शनी व्यवस्था समिति, पंडाल एवं आवंटन समिति, खेल विकास समिति, टेबिल बुक निर्माण, सुरक्षा समिति, डिजिटल संचार हेतु नेटवर्क समिति, मेला संपन्न होने के उपरांत स्वच्छता समिति तथा स्मारिका, लोगो एवं वेबसाइट प्रबंधन समिति को भी क्रियान्वित किया गया है।एडीएम वित्त गरिमा सिंह को 8 समितियों का प्रभार, प्रशासनिक अफसरों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारियांमेले की प्रशासनिक कमान को मजबूती प्रदान करने के लिए जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा किया गया है। जिले की अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गरिमा सिंह को 18 में से 8 सबसे महत्वपूर्ण समितियों का अध्यक्ष नामित किया गया है, जिनके जिम्मे वित्तीय आवंटन, बुनियादी ढांचे का निर्माण और व्यवस्थागत समन्वय रहेगा। वहीं अन्य प्रमुख समितियों का नेतृत्व एडीएम (न्यायिक) धीरेंद्र प्रताप सिंह, उपनिदेशक कृषि महेंद्र पाल, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया, जिला आबकारी अधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को सौंपा गया है। इन अधिकारियों की देखरेख में पुलिस और प्रशासनिक अमला यह सुनिश्चित करेगा कि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को बिजली, पानी, स्वास्थ्य या सुरक्षा संबंधी किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। गंगा के तेज बहाव वाले संवेदनशील घाटों पर विशेष बैरिकेडिंग और गोताखोरों की तैनाती का खाका भी तैयार किया जा रहा है।जनप्रतिनिधियों के स्वागत और सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल समिति, धनौरा की महिला अफसरों को कमानराजकीय तिगरी गंगा मेला में प्रदेश सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य विशिष्ट गणमान्य अतिथियों के बड़े पैमाने पर आगमन को ध्यान में रखते हुए एक विशेष दो सदस्यीय प्रोटोकॉल व्यवस्था समिति का गठन किया गया है। इस समिति की संपूर्ण जिम्मेदारी तहसील धनौरा की उपजिलाधिकारी (न्यायिक) रीतू कुमारी और पुलिस उपाधीक्षक (सीओ धनौरा) अंजलि कटारिया को सौंपी गई है। यह उच्चस्तरीय प्रोटोकॉल समिति मेले के दौरान आने वाले सभी जनप्रतिनिधियों और वीआईपी अतिथियों के आवागमन, ठहरने, सुरक्षा बंदोबस्त और कार्यक्रम समन्वय की निगरानी करेगी, जिससे मुख्य मेला क्षेत्र में आम श्रद्धालुओं के आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न न हो। प्रशासनिक स्तर पर की जा रही इन अग्रिम तैयारियों से स्पष्ट है कि तिगरी गंगा मेला 2026 को सुरक्षा, स्वच्छता और भव्यता के मामले में ऐतिहासिक बनाने की पूरी रूपरेखा तैयार हो चुकी है।
राष्ट्रपति ने दिल्ली में तो, अमित शाह ने लुधियाना में किया रावण दहन
दशहरे पर देश के अलग-अलग शहरों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए. दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारका के रामलीला कार्यक्रम में पहुंचीं, जबकि अमित शाह ने लुधियाना में रावण दहन किया.
भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे भव्य और महत्वाकांक्षी पौराणिक फिल्मों में शुमार निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' की देशव्यापी एडवांस बुकिंग को लेकर बॉक्स ऑफिस पर बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है। विजयादशमी यानी दशहरे के पावन अवसर पर 20 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में फिल्म की अग्रिम टिकट बिक्री बड़े पैमाने पर शुरू होनी थी। हालांकि, वितरकों (डिस्ट्रीब्यूटर्स) और सिनेमा मालिकों (एग्जीबिटर्स) के बीच बॉक्स ऑफिस राजस्व के बंटवारे यानी रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल को लेकर गंभीर विवाद छिड़ गया है। इस विवाद के चलते राष्ट्रीय स्तर पर मल्टीप्लेक्स श्रृंखलाओं और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में टिकट बुकिंग की औपचारिक विंडो व्यापक स्तर पर नहीं खुल सकी है। मंगलवार दोपहर तक देश भर के गिने-चुने सिनेमाघरों में ही सीमित शो के लिए बुकिंग लाइव की जा सकी, जबकि शेष सिनेमा मालिक वितरकों की नई और आक्रामक व्यावसायिक शर्तों के खिलाफ बातचीत की मेज पर अड़े हुए हैं।रेवेन्यू शेयरिंग विवाद: पहले हफ्ते 60% हिस्सेदारी की मांग पर अड़े वितरक, प्रदर्शकों ने जताई कड़ी आपत्तिफिल्म उद्योग के स्थापित वित्तीय नियमों के अनुसार आम तौर पर किसी भी बड़ी हिंदी फिल्म के लिए टिकट खिड़की से होने वाली शुद्ध कमाई में वितरकों का पारंपरिक हिस्सा पहले हफ्ते में 52.5 प्रतिशत, दूसरे हफ्ते में 45 प्रतिशत और तीसरे हफ्ते में 37.5 प्रतिशत निर्धारित रहता है। शेष राशि सिनेमाघर संचालकों के पास उनके परिचालन खर्च और लाभ के रूप में जाती है। बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैक्निल्क (Sacnilk) की आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार 'रामायण: पार्ट 1' के वितरक फिल्म के भारी-भरकम बजट और ऐतिहासिक पैमाने का हवाला देते हुए टिकट राजस्व में बहुत बड़ी हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं। वितरकों का नया प्रस्ताव है कि उन्हें पहले हफ्ते में सीधा 60 प्रतिशत, दूसरे हफ्ते में 50 प्रतिशत और तीसरे हफ्ते में 40 प्रतिशत का भारी शेयर दिया जाए। मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन प्रदर्शकों का तर्क है कि फिल्म के शुरुआती दिनों में ही अधिकांश दर्शक जुटते हैं, ऐसे में अगर 60 प्रतिशत हिस्सा वितरक ले जाएंगे तो बिजली, स्टाफ, मेंटेनेंस और प्रोजेक्शन के ऊंचे खर्चों के बीच सिनेमा मालिकों के लिए भारी जोखिम पैदा हो जाएगा। इसी अनिच्छा के कारण पीवीआर-आइनॉक्स और सिनेपॉलिस जैसी प्रमुख राष्ट्रीय सिनेमा श्रृंखलाओं में राष्ट्रव्यापी बुकिंग प्रक्रिया फिलहाल धीमी पड़ गई है।चुनिंदा सिनेमाघरों में शुरू हुई बुकिंग: ठाणे और बेंगलुरु के गिने-चुने थिएटर्स में खुले टिकट काउंटरइस गंभीर गतिरोध और व्यापारिक बातचीत के दौर के बीच भी कुछ चुनिंदा स्वतंत्र सिनेमाघरों और सिंगल स्क्रीन्स में फिल्म की एडवांस बुकिंग की शुरुआत कर दी गई है। सैक्निल्क की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक ठाणे स्थित आइनॉक्स कोरम मॉल (INOX Korum Mall) और बेंगलुरु के प्रसिद्ध एएमबी सिनेमाज कपाली (AMB Cinemas Kapali) उन शुरुआती चुनिंदा सिनेमाघरों में शामिल हैं जहां 5 नवंबर के शुरुआती शो के लिए टिकट खिड़कियां खोल दी गई हैं। फिल्म व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित स्क्रीनों पर टिकटों का उपलब्ध होना यह संकेत नहीं देता कि देशभर में बुकिंग पूरी तरह रद्द कर दी गई है। पर्दे के पीछे वितरकों और सिनेमा संघों के बीच समझौते की रूपरेखा पर लगातार चर्चाएं चल रही हैं और जैसे-जैसे दोनों पक्षों के बीच वित्तीय सहमति बनेगी, आगामी 24 से 48 घंटों में देश के सभी राज्यों और शहरों में एडवांस बुकिंग की विंडो चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह खोल दी जाएगी।सीमित शो में भी बिकाऊ साबित हुई 'रामायण': चंद घंटों में बिके 2,517 टिकट, बेंगलुरु शहर सबसे आगेसीमित सिनेमाघरों में टिकट उपलब्ध होने के बावजूद दर्शकों के बीच भगवान श्रीराम की इस गाथा को लेकर जबर्दस्त दीवानगी देखने को मिल रही है। सैक्निल्क द्वारा जारी पहले दिन के अग्रिम आंकड़ों के मुताबिक 20 अक्टूबर को दोपहर 1:34 बजे तक फिल्म ने महज कुछ ही घंटों के भीतर देश के सात शहरों के 10 सिनेमाघरों में 44 सीमित शो के दम पर 12.17 लाख रुपये की अग्रिम टिकट बिक्री दर्ज कर ली। इस आंकड़े में 2.89 लाख रुपये मूल्य की ब्लॉक और आरक्षित सीटें शामिल नहीं थीं। इन 44 शुरुआती शो में कुल 2,517 टिकट धड़ाधड़ बिक गए। शहरवार आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण भारत के शहरों में सबसे तेज रुझान देखा गया, जहां अकेले बेंगलुरु शहर 9.02 लाख रुपये के कुल ग्रॉस कलेक्शन के साथ सूची में शीर्ष पर रहा। इसके बाद मैसूरु ने 1.44 लाख रुपये और कर्नाटक के ही शिवमोग्गा शहर ने 1 लाख रुपये की अग्रिम टिकट बिक्री दर्ज कर शीर्ष तीन में अपनी मजबूत जगह बनाई। जैसे ही उत्तर भारत, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर के मल्टीप्लेक्सों में बुकिंग खुलेगी, इन आंकड़ों में ऐतिहासिक उछाल आने की पूरी संभावना है।5 नवंबर 2026 को वैश्विक रिलीज: रणबीर कपूर बनेंगे राम, साई पल्लवी सीता और यश निभाएंगे रावणदंगल फेम राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित और प्राइम फोकस के नमित मल्होत्रा द्वारा निर्मित फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा सिनेमैटिक प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इस भव्य फिल्म में बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की केंद्रीय भूमिका में नजर आएंगे। दक्षिण भारतीय सिनेमा की सादगी और प्रतिभा की प्रतिमूर्ति साई पल्लवी माता सीता का पावन किरदार निभा रही हैं, जबकि केजीएफ स्टार यश लंकापति रावण की सशक्त और भयानक भूमिका में दिखाई देंगे। इसके अतिरिक्त बॉलीवुड के दिग्गज एक्शन स्टार सनी देओल पवनपुत्र भगवान हनुमान के दिव्य रूप में पर्दे पर गर्जना करते नजर आएंगे। यह महाकाव्यात्मक फिल्म आगामी 5 नवंबर 2026 को भारत सहित दुनिया भर के हजारों सिनेमाघरों में कई भाषाओं में एक साथ रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं मेकर्स ने इसके दूसरे भाग यानी 'रामायण: पार्ट 2' को दिवाली 2027 के पावन पर्व पर वैश्विक स्तर पर रिलीज करने की दीर्घकालिक योजना बनाई है।
दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे कपिल शर्मा: नशे के आरोपों पर बोले- 'उनकी गंभीर सर्जरी हुई थी'
उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रम के मंच पर हुए अप्रत्याशित हंगामे के बाद भारतीय पॉप संगीत के बेताज बादशाह दलेर मेहंदी को लेकर इंटरनेट पर बहस तेज हो गई है। मंच पर प्रस्तुति दे रहे दिग्गज गायक को स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा बीच में रोककर फटकार लगाए जाने और उन पर शराब के नशे में गाने का आरोप मढ़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस अपमानजनक वाकये और भ्रामक दावों के सामने आने के बाद बॉलीवुड और टेलीविजन जगत के मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा खुलकर दलेर मेहंदी के बचाव में सामने आ गए हैं। कपिल शर्मा ने एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए जनता और आलोचकों से अपील की है कि वे किसी भी कलाकार पर व्यक्तिगत लांछन लगाने से पहले सच्चाई को जानें, क्योंकि दलेर मेहंदी हाल ही में एक बेहद जटिल और गंभीर सर्जरी के दौर से गुजरे हैं और इसके बावजूद वे अपने वादे को निभाने मंच पर आए थे।मंच पर पहुंचे विधायक सुबोध उनियाल, लाइव शो के बीच दलेर मेहंदी को लगाई थी फटकारपूरे विवाद की शुरुआत उत्तराखंड में आयोजित एक बड़े स्टेज शो से हुई, जहां लोकप्रिय गायक दलेर मेहंदी अपने सदाबहार गानों से दर्शकों का मनोरंजन करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो क्लिप के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र नगर के विधायक सुबोध उनियाल गायक की आवाज, ऊर्जा और परफॉर्मेंस के स्तर से नाखुश दिखे। इसके बाद वे सीधे मंच पर चढ़ गए और उन्होंने माइक थामकर लाइव प्रस्तुति को बीच में ही रुकवा दिया। विधायक ने गायक पर नाराजगी जताते हुए सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई और आरोप लगाया कि गायक अपनी उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने गायक के हाव-भाव और कमजोरी को शराब का नशा करार देते हुए गंभीर आरोप मढ़ दिए। विधायक ने मंच से ही कहा कि उन्होंने इस प्रस्तुति के लिए जनता और सरकार के पैसे दिए हैं, इसलिए इस तरह की लचर परफॉर्मेंस बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्मों पर प्रसारित हुआ, इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं और एक वर्ग ने बिना सच्चाई जाने दिग्गज गायक का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया।छोटे भाई मीका सिंह का फूटा गुस्सा: 'अगर किसी ने दलेर पाजी को शराब पीते देखा हो तो मैं गायकी छोड़ दूंगा'अपने बड़े भाई के इस सार्वजनिक अपमान और नशे के झूठे आरोपों पर लोकप्रिय गायक मीका सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। मीका सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक लंबा वीडियो संदेश जारी कर उन तमाम दावों की धज्जियां उड़ा दीं जिनमें यह कहा जा रहा था कि दलेर मेहंदी नशे की हालत में मंच पर आए थे। मीका ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि दलेर मेहंदी पिछले 30 वर्षों से देश और दुनिया के सबसे बड़े सुपरस्टार गायकों में शुमार हैं। उन्होंने आलोचकों और आरोप लगाने वालों से तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि क्या पिछले तीन दशकों में कभी किसी ने दलेर मेहंदी के हाथ में शराब का जाम देखा है? क्या किसी निजी पार्टी, अवॉर्ड शो या उनके जन्मदिन पर कभी किसी ने उन्हें शराब का सेवन करते देखा है? मीका ने कहा कि जिस इंसान ने अपने पूरे जीवन में शराब को कभी हाथ तक नहीं लगाया, उस पर यह घटिया आरोप लगाना कि वह नशे में खड़े नहीं हो पा रहे थे, बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य है। मीका सिंह ने देश भर के आलोचकों और मंच पर आरोप लगाने वाले नेता को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई एक भी व्यक्ति पूरे भारत में यह साबित कर दे कि उसने दलेर मेहंदी को शराब पीते देखा है, तो वे उसी क्षण हमेशा-हमेशा के लिए पेशेवर गायकी छोड़ देंगे।कपिल शर्मा ने बयां किया दर्द: 'हाल ही में हुई थी बड़ी सर्जरी, कोई नहीं जानता कि इंसान किस तकलीफ से गुजर रहा है'मीका सिंह द्वारा जारी किए गए इस स्पष्टीकरण वीडियो को हास्य अभिनेता कपिल शर्मा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर दोबारा साझा किया और दलेर मेहंदी के समर्थन में एक लंबा व मर्मस्पर्शी संदेश लिखा। कपिल शर्मा ने लिखा कि बहुत कम लोगों को यह जानकारी है कि दलेर मेहंदी पिछले दिनों एक अत्यंत गंभीर और नाजुक सर्जरी से उबरे हैं। वे शारीरिक रूप से अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुए हैं और उनके शरीर में कमजोरी थी, जिसके चलते मंच पर उनका संतुलन और आवाज प्रभावित हो रही थी। कपिल ने लोगों से संवेदनशीलता बरतने की अपील करते हुए कहा कि हम बाहर से किसी को भी देखकर तुरंत अपनी राय बना लेते हैं और उसका उपहास उड़ाने लगते हैं, जबकि हमें यह बिल्कुल पता नहीं होता कि वह व्यक्ति अपने निजी जीवन में किस गंभीर स्वास्थ्य संकट और दर्द से गुजर रहा है। कपिल ने मीका सिंह की तारीफ करते हुए लिखा कि कठिन समय में अपने बड़े भाई के साथ खड़े होकर सच्चाई दुनिया के सामने लाना बेहद सराहनीय है। कपिल ने अपने संदेश के अंत में लिखा कि 'मीका पाजी, इस खुलासे के लिए शुक्रिया। ईश्वर हमारे प्यारे दलेर पाजी को लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। दलेर पाजी, हम सब आपसे बेपनाह मोहब्बत करते हैं।'30 साल की बेदाग विरासत पर सवाल उठाने से दुखी हुए संगीत प्रेमी, सोशल मीडिया पर मिला भारी समर्थनदलेर मेहंदी भारतीय इंडी-पॉप और भांगड़ा संगीत के वो पुरोधा हैं जिन्होंने 90 के दशक में 'बोलो ता रा रा', 'तुनक तुनक तुन' और 'दर्दी रब रब' जैसे ऐतिहासिक गीतों के जरिए भारतीय संगीत को सात समंदर पार एक वैश्विक पहचान दिलाई थी। उनकी ऊर्जा और दमदार गायकी के करोड़ों दीवाने रहे हैं। ऐसे महान फनकार के स्वास्थ्यगत कारणों से कमजोर पड़ने पर इस तरह का बर्ताव किए जाने पर देश भर के संगीत प्रेमियों और प्रशंसकों ने विधायक सुबोध उनियाल के गैर-जिम्मेदाराना रवैये की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर अब व्यापक रूप से लोग दलेर मेहंदी के स्वास्थ्य के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं और कलाकारों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार की मांग कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि किसी भी कलाकार के वर्षों के योगदान और उसकी शारीरिक लाचारी को समझे बिना मंच पर सार्वजनिक अपमान करना न केवल मर्यादा के खिलाफ है बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
दीपिका ने छोटी बेटी का किया नामकरण, दिखाई 'देवी' की पहली झलक
दीपिका और रणवीर ने अपनी नन्ही प्रिंसेस का नाम भी रिवील कर दिया है. कपल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कंप्लीट फैमिली फोटो शेयर की है.
MP में एक साथ जली बाप और बेटों की चिताएं, यूपी में मां ने बेटा-बेटी के साथ कुएं में कूदकर दी जान
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से दिल दहला देने वाली दो घटनाएं सामने आई हैं. एमपी के रायसेन में एक कार में सगे भाइयों का शव मिला तो रेलवे ट्रैक पर उनके पिता का. वहीं यूपी के ललितपुर के एक गांव में एक मां ने अपने अबोध बेटा-बेटी के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी. पुलिस इस प्रेम प्रसंग का मामला बता रही है.
दशहरे पर शेयर की पूरी फैमिली की पहली तस्वीर, बड़ी बहन दुआ ने लिया गोद में
बॉलीवुड के सबसे चहेते और पावरफुल स्टार कपल्स में शुमार दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के घर एक बार फिर खुशियों की सौगात आई है। पिछले महीने ही दूसरी बार माता-पिता बनने के सुखद अनुभव से गुजर रहे इस खूबसूरत जोड़े ने विजयादशमी यानी दशहरे के अत्यंत पावन अवसर पर अपनी नन्हीं राजकुमारी के नाम से पर्दा उठा दिया है। दीपिका और रणवीर ने अपनी दूसरी बेटी का नाम 'देवी पादुकोण सिंह' रखा है। मंगलवार 20 अक्टूबर 2026 की शाम दोनों सितारों ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर पूरे परिवार की पहली संपूर्ण और दिल छू लेने वाली तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में मातृत्व, वात्सल्य और पारिवारिक पूर्णता का ऐसा अनुपम संगम देखने को मिला कि देखते ही देखते यह पोस्ट इंटरनेट पर वायरल हो गई और सिनेमा जगत से लेकर देश-विदेश के लाखों प्रशंसकों ने इस प्यारे परिवार पर बधाइयों और दुआओं की बौछार कर दी।बड़ी बहन दुआ की गोद में नजर आईं नन्हीं देवी, दीपिका ने लिखा- 'प्यार और प्रचुरता का प्रतीक'सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई पारिवारिक तस्वीर बेहद खूबसूरत और भावनात्मक क्षण को दर्शाती है। तस्वीर में रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण अपनी पहली लाडली दुआ पादुकोण सिंह को प्यार से थामे हुए हैं, जबकि नन्ही दुआ अपनी छोटी बहन देवी को अपनी गोद में बड़े स्नेह और दुलार से संभालती दिखाई दे रही हैं। दोनों बहनों के बीच का यह मासूम बंधन और माता-पिता की आंखों में झलकती असीम खुशी हर किसी का दिल जीत रही है। दीपिका पादुकोण ने इस मनमोहक पारिवारिक तस्वीर को साझा करते हुए एक बेहद आध्यात्मिक और सुंदर कैप्शन लिखा: 'प्यार और प्रचुरता का... देवी पादुकोण सिंह | देवी नारी सिंह'। इस कैप्शन के जरिए उन्होंने यह व्यक्त किया कि उनकी यह दूसरी नन्हीं परी उनके जीवन में शक्ति, प्रेम, समृद्धि और नारी चेतना के रूप में अवतरित हुई है।19 सितंबर को जन्मी थीं देवी पादुकोण सिंह, विजयादशमी के शुभ दिन नाम का औपचारिक एलानदीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के घर इस नन्हीं परी का आगमन 19 सितंबर 2026 को हुआ था। अस्पताल से घर लौटने के बाद से ही प्रशंसक इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे कि यह सेलिब्रिटी कपल अपनी दूसरी बेटी का नाम क्या रखेगा और उसका पहला दीदार कब कराएगा। ठीक एक महीने बाद, नवरात्रि के समापन और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक पर्व दशहरे के पावन दिन को इस खास घोषणा के लिए चुना गया। 'देवी' नाम भारतीय संस्कृति में साक्षात शक्ति, पवित्रता और दैवीय चेतना का परिचायक है। जिस प्रकार उनकी पहली बेटी का नाम 'दुआ' यानी प्रार्थना रखा गया था, उसी तरह दूसरी बेटी का नाम 'देवी' रखकर उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नामों को आध्यात्मिक गहराई और शालीनता से जोड़ दिया है।8 सितंबर 2024 को हुआ था बड़ी बेटी दुआ का जन्म, अब दो बेटियों के प्राउड पेरेंट्स बने 'दीपवीर'दीपिका और रणवीर ने 8 सितंबर 2024 को अपने पहले बच्चे के रूप में बड़ी बेटी दुआ पादुकोण सिंह का इस दुनिया में स्वागत किया था। दुआ के जन्म के समय भी इस जोड़े ने सोशल मीडिया पर बेहद शालीन अंदाज में अपनी खुशियां बांटी थीं और कुछ समय बाद उसके सुंदर नाम की घोषणा की थी। अब ठीक दो साल बाद, देवी के सुरक्षित आगमन के साथ ही यह मशहूर स्टार कपल दो प्यारी बेटियों का माता-पिता बन चुका है। अपनी बेटियों के पालन-पोषण को लेकर दीपिका और रणवीर हमेशा से बेहद संवेदनशील रहे हैं और उन्होंने काम के साथ-साथ परिवार को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर आज के युवाओं के सामने एक आदर्श पारिवारिक जीवन का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है।राम-लीला के सेट से शुरू हुई थी प्रेम कहानी, मालदीव में प्रपोजल और लेक कोमो में शाही शादीदीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह का यह खूबसूरत सफर साल 2012 में शुरू हुआ था। संजय लीला भंसाली की महाकाव्यात्मक रोमांटिक फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' (2013) के सेट पर दोनों की पहली बार गहरी मुलाकात हुई थी। शूटिंग के दौरान दोनों के बीच पनपी ऑन-स्क्रीन जादुई केमिस्ट्री ने न केवल पर्दे पर आग लगाई बल्कि असल जिंदगी में भी दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। रणवीर सिंह ने बाद में एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने साल 2015 में मालदीव में छुट्टियां बिताने के दौरान दीपिका को बेहद रोमांटिक अंदाज में शादी के लिए प्रपोज किया था। दोनों ने अपने रिश्ते और सगाई को लगभग तीन वर्षों तक दुनिया की नजरों से पूरी तरह गोपनीय रखा और आखिरकार 2018 में अपनी शादी का औपचारिक ऐलान किया। इसके बाद 14 और 15 नवंबर 2018 को इटली के सुरम्य लेक कोमो में दोनों ने दो अलग-अलग पारंपरिक रीति-रिवाजों—कोंकणी और सिंधी परंपरा—से शाही अंदाज में सात फेरे लिए थे, जो आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार शादियों में गिनी जाती है।सिल्वर स्क्रीन पर हमेशा सुपरहिट रही 'दीपवीर' की जोड़ी, कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में किया साथ कामदीपिका और रणवीर की जोड़ी केवल असल जिंदगी में ही नहीं, बल्कि बॉक्स ऑफिस और सिल्वर स्क्रीन पर भी हमेशा ब्लॉकबस्टर साबित हुई है। इस जोड़ी ने संजय लीला भंसाली के निर्देशन में 'गोलियों की रासलीला राम-लीला', 'बाजीराव मस्तानी' और 'पद्मावत' जैसी ऐतिहासिक और रिकॉर्ड-तोड़ फिल्मों में अविस्मरणीय अभिनय किया। इसके अलावा कबीर खान द्वारा निर्देशित भारतीय क्रिकेट विश्व कप विजय पर आधारित स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म '83' में रणवीर ने महान कप्तान कपिल देव का और दीपिका ने उनकी धर्मपत्नी रोमी देव का सशक्त किरदार निभाया था। इसके अलावा दोनों सितारे 'फाइंडिंग फैनी', 'सर्कस' और रोहित शेट्टी की बहुप्रतीक्षित कॉप यूनिवर्स फिल्म 'सिंघम अगेन' में भी स्क्रीन साझा करते दिखाई दिए। पर्दे पर जब-जब यह जोड़ी एक साथ आई है, दर्शकों ने उनकी केमिस्ट्री को सिर-आंखों पर बिठाया है और अब दो नन्हीं बेटियों के साथ उनका पारिवारिक संसार भी खुशियों से महक रहा है।
शिवसेना की दशहरा रैली के 60 साल, आज 2 अलग-अलग आयोजन; बाल ठाकरे की विरासत की लड़ाई
शिवसेना की दशहरा रैली की शुरुआत 30 अक्टूबर 1966 को हुई थी। बाल ठाकरे ने शिवसेना की स्थापना के करीब चार महीने बाद पहली रैली शिवाजी पार्क में की थी। उस समय वह कार्टूनिस्ट और संपादक के रूप में पहचाने जाते थे।
बांग्लादेश के नजरुल इस्लाम का परिवार सदमे में हैं. मां को यकीन नहीं हो रहा कि बेटे को मौत के घाट उतार दिया गया. एक रिश्तेदार को इतना सदमा पहुंचा कि उसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई. इस बीच परिवार अब कम से कम बॉडी वापस चाहता है.
नकाबपोशों ने फूंका 1883 का ऐतिहासिक सिटी हॉल, 10 बड़े शहरों में मची भारी तबाही
यूरोपीय महाद्वीप के सबसे विकसित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देशों में शुमार फ्रांस इस समय आधुनिक इतिहास के सबसे गंभीर आंतरिक संकट और सुनियोजित हिंसा के दौर से गुजर रहा है। देश की राजधानी पेरिस समेत 10 प्रमुख शहरों में पिछले कुछ दिनों से आगजनी, बड़े पैमाने पर तोड़फोड़, सरकारी संपत्तियों के विध्वंस और दुकानों में खुली लूटपाट का ऐसा भयानक मंजर देखने को मिला है जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। बढ़ती कमरतोड़ महंगाई, जीवन यापन की भारी लागत (कॉस्ट ऑफ लिविंग क्राइसिस) और सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल व्यवस्था के खिलाफ देश भर के आम नागरिकों, शिक्षकों, छात्रों और मजदूर यूनियनों ने सड़कों पर उतरकर एक बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण मार्च की शुरुआत की थी। 17 अक्टूबर को देश के विभिन्न प्रांतों में लगभग 5 लाख से अधिक आम नागरिक अपने बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग को लेकर हाथों में तख्तियां लिए सड़कों पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन जैसे ही सूरज ढला, प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ के बीच अचानक काले कपड़ों, ओवरसाइज्ड हूडी और चेहरों पर नकाब बांधे उपद्रवी गिरोहों की अप्रत्याशित एंट्री हुई। इन रहस्यमय और संगठित नकाबपोश समूहों ने चंद ही घंटों में शांतिपूर्ण जन-आंदोलन को हिंसक अराजकता, बर्बर लूटपाट और पुलिस के साथ खूनी संघर्ष में तब्दील कर दिया।लिमोज का 1883 में बना ऐतिहासिक सिटी हॉल राख के ढेर में बदला, लियोन का टूरिस्ट ऑफिस भी फूंकाहिंसा पर आमादा इन नकाबपोश उपद्रवियों का मुख्य निशाना फ्रांस की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत से जुड़ी सार्वजनिक इमारतें रहीं। सबसे दिल दहला देने वाली घटना मध्य-पश्चिमी फ्रांस के ऐतिहासिक शहर लिमोज (Limoges) में घटी। शनिवार को जब लिमोज में बढ़ती महंगाई के खिलाफ लगभग 5,500 आम लोग सड़कों पर शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे, तभी काली हूडी पहने चेहरे छुपाए दंगाइयों के एक उग्र झुंड ने सिटी हॉल के पूर्वी हिस्से पर पेट्रोल बमों से सुनियोजित हमला बोल दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। तीन घंटे के भीतर ही वर्ष 1883 में पेरिस के प्रसिद्ध 'होटल डी विले' (Htel de Ville) की भव्य तर्ज पर निर्मित इस ऐतिहासिक सिटी हॉल की प्राचीन लकड़ी और धातु से बनी छत धू-धू कर जल उठी और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इसके अलावा बंदरगाह शहर मार्सिले (Marseille) के ऐतिहासिक सिटी हॉल के दरवाजे तोड़कर अंदर अराजक नारे और ग्राफिटी उकेरी गई, जबकि लियोन (Lyon) शहर के विश्व प्रसिद्ध टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर को आग के हवाले कर दिया गया। पेरिस, बोर्डो, लिल और मार्सिले जैसे शहरों में लुटेरों ने लग्जरी फैशन बुटीक, अंतरराष्ट्रीय सुपरमार्केट्स और महंगे एप्पल (Apple) स्टोर्स के शीशे चकनाचूर कर करोड़ों यूरो के सामान पर हाथ साफ कर दिया।आंखों में आंसू और दिल में गहरा आक्रोश: 'समझ नहीं आ रहा कि हमारे शहर को किसने और क्यों जलाया'फ्रांस के प्रमुख समाचार पत्र 'ली मॉंडे' (Le Monde) द्वारा जारी ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, रविवार की अलसुबह सैकड़ों स्थानीय नागरिक, शोधकर्ता और छात्र अपनी आंखों से अपने शहर की 140 साल पुरानी स्थापत्य धरोहर के जले हुए खंडहर को देखने के लिए इमारत के सामने जमा हो गए। आंखों में आंसू लिए स्थानीय लोगों का दिल अपनी ही विरासत को राख में तब्दील देखकर दहल उठा था। मौके पर मौजूद 26 वर्षीय स्थानीय युवा यासीन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अपनी ही ऐतिहासिक इमारत को इस तरह खाक होते देखना बेहद घिनौना और शर्मनाक अनुभव है। वहीं साहित्य की 18 वर्षीया छात्रा मरीन की आंखों से आंसू छलक पड़े और उसने बेहद भावुक होकर कहा कि वह अंदर से टूट चुकी है और उसे समझ नहीं आ रहा कि स्कूलों और महंगाई की वाजिब लड़ाई लड़ते-लड़ते हालात इस बर्बरता तक कैसे पहुंच गए। रविवार की शाम को शहर के ऐतिहासिक 'प्लेस डे ला रिपब्लिक' (Place de la Rpublique) चौराहे पर हिंसा, आगजनी और नकाबपोशों की कायराना हरकत की सख्त निंदा करने के लिए एक विशाल शांति सभा बुलाई गई, जिसमें नगर निगम प्रशासन के अनुसार 7,000 से अधिक स्थानीय नागरिकों ने मोमबत्तियां जलाकर अपनी ऐतिहासिक धरोहर के प्रति एकजुटता प्रकट की।1789 की फ्रांसीसी क्रांति से जुड़ी है धरोहर संरक्षण की जड़ें, 45 हजार प्राचीन इमारतों पर कड़ा पहराफ्रांस का आम जनमानस अपने इतिहास, स्मारकों और वास्तुकला की धरोहरों को लेकर दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अत्यधिक संवेदनशील और सजग माना जाता है। फ्रांसीसी समाज में ऐतिहासिक इमारतों, प्राचीन चर्चों, नगर भवनों और कलाकृतियों को सहेजने की कानूनी और सामाजिक व्यवस्था सदियों पुरानी है। इस संरक्षण चेतना की ऐतिहासिक जड़ें वर्ष 1789 की विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी क्रांति से गहराई से जुड़ी हुई हैं। उस ऐतिहासिक क्रांति के शुरुआती दौर में जब राजशाही के खिलाफ अंधाधुंध तोड़फोड़ और स्मारकों का नुकसान हुआ, तब प्रबुद्ध फ्रांसीसी विचारकों में अपनी राष्ट्रीय विरासत को हर हाल में सुरक्षित रखने की तीव्र चेतना जागी। इसी चेतना के परिणामस्वरूप वर्ष 1913 में फ्रांस में ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण का ऐतिहासिक कानून लागू हुआ, जिसने किसी भी प्राचीन इमारत को नष्ट करने, बेचने या उसके मूल स्वरूप को बदलने पर सख्त कानूनी रोक लगा दी। आज की तारीख में फ्रांस में लगभग 45,000 से अधिक ऐतिहासिक इमारतें और लाखों दुर्लभ कलाकृतियां राष्ट्रीय धरोहर के रूप में कानूनी सुरक्षा के तहत संरक्षित हैं। ऐसे देश में एक सदी से भी अधिक पुराने सिटी हॉल का इस तरह जल जाना हर फ्रांसीसी नागरिक की सांस्कृतिक अस्मिता पर सीधा कुठाराघात माना जा रहा है।ब्लैक ब्लॉक रणनीति और हिंसक घुसपैठ: कैसे वाजिब जन-आंदोलनों की कमर तोड़ देती है अराजकतासमाजशास्त्रियों, सुरक्षा विश्लेषकों और यूरोपीय थिंक टैंक्स का मानना है कि फ्रांस में लंबे समय से 'ब्लैक ब्लॉक' (Black Bloc) जैसी चरमपंथी और अराजकतावादी रणनीति सक्रिय रही है। ये नकाबपोश तत्व न तो महंगाई के मुद्दे से कोई सरोकार रखते हैं और न ही स्कूलों की बेहतरी से; इनका एकमात्र मकसद भीड़ की आड़ लेकर सुरक्षा तंत्र को ध्वस्त करना, पुलिस पर हमले करना और बड़े पैमाने पर आर्थिक व भौतिक अराजकता फैलाना होता है। फ्रांस के प्रबुद्ध नागरिक और यूनियन नेता यह भली-भांति समझते हैं कि जैसे ही किसी लोकतांत्रिक प्रदर्शन में हिंसा और आगजनी शामिल होती है, सार्वजनिक विमर्श और मीडिया की हेडलाइन मुख्य मुद्दों जैसे घटती क्रय शक्ति और वेतन वृद्धि से पूरी तरह भटककर केवल आपराधिक घटनाओं और दंगों पर केंद्रित हो जाती है। यह हिंसक घुसपैठ सीधे तौर पर शांतिपूर्ण आंदोलनों की रीढ़ तोड़ देती है, क्योंकि कानून-व्यवस्था के बिगड़ने के बाद आम परिवार, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी सुरक्षा के डर से विरोध प्रदर्शनों से किनारा कर लेते हैं, जिससे जन-आंदोलन की ताकत धीरे-धीरे बिखर जाती है।
संभल: जामा मस्जिद के पास RSS का पथ संचलन, भारी फोर्स तैनात
संभल में विजयदशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर भारी पुलिस बल और आरपीएफ की तैनाती के बीच आरएसएस का पथ संचलन निकाला गया. यह संचलन शहर की जामा मस्जिद के मुख्य द्वार के पास से होकर गुजरा, जिसे लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.
मुंबई में एस जयशंकर से द्विपक्षीय बातचीत, जामनगर रिफाइनरी का अहम दौरा
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, टैरिफ और आव्रजन नीतियों को लेकर जारी कूटनीतिक तनातनी के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार 20 अक्टूबर 2026 को भारत की महत्वपूर्ण यात्रा पर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पहुंच रहे हैं। उज्बेकिस्तान की यात्रा संपन्न करने के तुरंत बाद रुबियो एक उच्चस्तरीय अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई की धरती पर कदम रखेंगे। इस यात्रा के दौरान उनकी भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ सीधी और विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है। दोनों देशों के बीच उपजे हालिया अविश्वास के माहौल के बीच होने वाली यह उच्चस्तरीय बैठक न केवल दोनों लोकतांत्रिक महाशक्तियों के आपसी संबंधों की भावी दिशा तय करेगी, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों, रक्षा सौदों, आधुनिक तकनीक और रणनीतिक ऊर्जा सहयोग को लेकर भी एक नया खाका खींचेगी। मई 2026 में नई दिल्ली में आयोजित क्वाड शिखर सम्मेलन में भागीदारी के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री का यह दूसरा भारत दौरा है, जिसे दोनों पक्षों के लिए अत्यंत निर्णायक माना जा रहा है।मुंबई में जयशंकर-रुबियो वार्ता: रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स पर रहेगा मुख्य फोकसमुंबई के राजनयिक केंद्र में होने वाली इस बहुप्रतीक्षित बैठक में दोनों विदेश मंत्रियों का मुख्य एजेंडा द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की गति को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाना होगा। वार्ता की मेज पर रक्षा उत्पादन, उन्नत सैन्य हार्डवेयर का सह-विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष सहयोग और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने पर गहन विमर्श किया जाएगा। चीन पर वैश्विक निर्भरता को घटाने के लिए दोनों देश लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्वों के खनन और प्रसंस्करण में संयुक्त निवेश के रास्ते तलाश रहे हैं। इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी तालमेल बढ़ाना भी दोनों देशों की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। जयशंकर और रुबियो के बीच का यह संवाद यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि व्यापारिक असहमति के बावजूद दोनों देशों के गहरे रणनीतिक और रक्षा समझौते अप्रभावित रहें।यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया संकट और रूस-यूक्रेन सीजफायर प्रस्ताव पर होगी गंभीर चर्चाक्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के मोर्चे पर दोनों शीर्ष राजनयिक वर्तमान में दुनिया को झकझोर रहे दो सबसे बड़े संकटों—रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव—पर अपने-अपने दृष्टिकोण साझा करेंगे। इन दोनों संघर्षों के चलते पूरी दुनिया में खाद्य सुरक्षा, कच्चे तेल की कीमतों और रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति पर गहरा नकारात्मक असर पड़ा है। भारतीय पक्ष इस वार्ता के दौरान रूस-यूक्रेन के बीच प्रस्तावित युद्धविराम (सीजफायर) समझौते की रूपरेखा पर भी अमेरिका से विमर्श कर सकता है। भारत का मुख्य उद्देश्य काला सागर (ब्लैक सी) के समुद्री व्यापारिक मार्गों में अनाज और तेल ले जाने वाले मर्चेंट जहाजों पर हमलों को तुरंत रुकवाना है ताकि विकासशील और गरीब देशों तक जरूरी जीवनोपयोगी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से बिना रुकावट पहुंचती रहे।आगामी बहुपक्षीय मंचों पर मुलाकात: आसियान, फ्लोरिडा G20 और अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठइस द्विपक्षीय संवाद के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच भविष्य में होने वाली संभावित मुलाकातों की रूपरेखा पर भी चर्चा होगी। इसमें अगले महीने फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन और उसके बाद अमेरिका के फ्लोरिडा में प्रस्तावित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित द्विपक्षीय बैठक के अवसर तलाशे जाएंगे। इसके अतिरिक्त एक बड़ा कूटनीतिक सम्मान भारत को मिलने जा रहा है, जिसके तहत डॉ. एस जयशंकर संयुक्त राज्य अमेरिका की स्वतंत्रता की ऐतिहासिक 250वीं वर्षगांठ के राष्ट्रीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए हैं। इस ऐतिहासिक उत्सव में भारत की भागीदारी दोनों देशों की साझा लोकतांत्रिक विरासत का प्रतीक बनेगी।ट्रंप प्रशासन की नीतियां और भारत-अमेरिका रिश्तों में हालिया तनाव की असली वजहेंपिछले एक वर्ष के दौरान वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच के रिश्तों में कई संवेदनशील मुद्दों को लेकर कड़वाहट और तनाव देखा गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन की आक्रामक व्यापार नीतियां, भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की चेतावनियां, कुशल भारतीय आईटी पेशेवरों के एच-1बी वीजा नियमों में कड़ी सख्ती और ग्रीन कार्ड कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिबंधों ने भारतीय उद्योग जगत और सरकार दोनों को चिंतित किया है। दूसरी ओर, वाशिंगटन द्वारा इस्लामाबाद (पाकिस्तान) के साथ सैन्य और कूटनीतिक संबंधों को नए सिरे से साधने के प्रयासों ने भी नई दिल्ली की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है। यद्यपि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत पिछले कुछ समय से गतिरोध में फंसी हुई है, लेकिन दोनों पक्षों के शीर्ष राजनयिक इस बात पर लगातार जोर दे रहे हैं कि पर्दे के पीछे समाधान तलाशने के प्रयास तेजी से जारी हैं।जामनगर में रिलायंस रिफाइनरी का दौरा क्यों है इतना खास? टेक्सास प्रोजेक्ट और वेनेजुएला कनेक्शनअमेरिकी विदेश मंत्री के इस भारतीय दौरे का सबसे चर्चित और रणनीतिक पड़ाव गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के विशाल रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का दौरा माना जा रहा है। 21 अक्टूबर को मार्को रुबियो जामनगर में कई घंटे बिताएंगे। जामनगर रिफाइनरी दुनिया का सबसे बड़ा एकल तेल शोधन केंद्र है और यह रियायती दरों पर आयातित रूसी कच्चे तेल को परिष्कृत करने का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र भी रहा है। इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका के टेक्सास में एक विशाल अत्याधुनिक रिफाइनरी स्थापित करने के लिए भारी-भरकम पूंजी निवेश कर रही है, जो पिछले 50 वर्षों में अमेरिकी धरती पर शुरू होने वाला अपनी तरह का पहला सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है। इसके अलावा रिलायंस वेनेजुएला से भी भारी मात्रा में कच्चे तेल की खरीद करती है, जिसकी वैश्विक बिक्री का नियमन और निगरानी अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा की जाती है। ऊर्जा और कॉर्पोरेट जगत के इन विशाल समीकरणों को देखते हुए रुबियो के इस दौरे को वैश्विक तेल बाजार के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।दिल्ली से बाहर मुंबई में जयशंकर से मुलाकात पर कूटनीतिक बयानबाजी और विदेश मंत्रालय का जवाबरुबियो के भारत आगमन से ठीक पहले भारत में नवनियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की एक सार्वजनिक टिप्पणी को लेकर देश के विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। राजदूत गोर ने टिप्पणी की थी कि अमेरिका को उम्मीद थी कि विदेश मंत्री एस जयशंकर नई दिल्ली के बजाय खुद मुंबई में उपस्थित रहकर मार्को रुबियो की आगवानी करेंगे। विपक्षी दलों ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और अमेरिकी दबाव करार दिया। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस विवाद पर तुरंत स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि भारत पिछले एक दशक से अधिक समय से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और संघीय ढांचे को प्रदर्शित करने के लिए विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और गणमान्य हस्तियों की मेजबानी राजधानी दिल्ली से बाहर वाराणसी, अहमदाबाद, महाबलीपुरम, गोवा और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में अत्यंत भव्यता के साथ करता रहा है।
H-1B पर मचे बवाल के बीच जेडी वेंस ने दी सफाई, यूएस कंपनियों के रवैये पर फोड़ा ठीकरा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी (H-1B) वीजा धारकों को लेकर दिए गए अपने तीखे और विवादित बयान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मचे भारी सियासी तूफान के बाद अपनी औपचारिक स्थिति स्पष्ट की है। कुछ समय पूर्व एच-1बी वीजा पर काम करने वाले विदेशी कामगारों की तुलना 'बंधुआ मजदूरों' (Indentured Servants) से किए जाने पर भारत समेत दुनिया भर के प्रवासी हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। चौतरफा आलोचनाओं के बीच उपराष्ट्रपति वेंस ने सार्वजनिक मंच पर अपनी सफाई पेश करते हुए दावा किया कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य प्रवासियों या भारतीय पेशेवरों की योग्यता पर सवाल उठाना नहीं था, बल्कि उनका सीधा हमला उन अमेरिकी कॉरपोरेट कंपनियों पर था जो कानूनी व्यवस्था का दुरुपयोग कर विदेशी कामगारों का शोषण करती हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी धर्मपत्नी उषा वेंस के भारतीय मूल और दक्षिण भारत से आए अपने सास-ससुर के प्रति गहरा आदर जताते हुए प्रशासन की सख्त आव्रजन नीतियों का पुरजोर बचाव किया।मिशिगन के टाउन हॉल में वेंस ने मानी शब्दों के चयन में गलती, बंधुआ मजदूर वाली टिप्पणी पर रखा पक्षमिशिगन के फ्लैट रॉक में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क सीबीएस न्यूज (CBS News) द्वारा आयोजित एक विशेष टाउन हॉल संवाद कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से जब प्रवासियों के अधिकारों और उनकी पिछली आक्रामक टिप्पणी को लेकर तीखे सवाल पूछे गए, तो उन्होंने स्थिति को संभालते हुए सार्वजनिक रूप से माना कि उनके वक्तव्य की भाषा शायद पूरी तरह उपयुक्त नहीं रही होगी। वेंस ने स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके बात रखने का तरीका सटीक नहीं था और इस शब्द चयन की जिम्मेदारी वे स्वयं स्वीकार करते हैं। हालांकि, उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ा कि जब वे 'बंधुआ मजदूर' शब्द का प्रयोग करते हैं, तो उनका आशय दिन-रात मेहनत करने वाले प्रतिभाशाली एच-1बी वीजा धारकों का अपमान करना नहीं होता, बल्कि यह उस कॉरपोरेट तंत्र और अनैतिक कंपनियों की सीधी आलोचना है जो वीजा नियमों की आड़ में कर्मचारियों को लाचार और विवश बना देती हैं।पत्नी उषा वेंस और दक्षिण भारतीय ससुराल पर जताया गर्व, इमिग्रेशन सिस्टम में संतुलन की वकालतइस विवादित मुद्दे पर अपनी मंशा साफ करने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने व्यक्तिगत पारिवारिक जीवन और भारतीय रिश्तों का भावनात्मक रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार किस पृष्ठभूमि से आता है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। वेंस ने भावुक अंदाज में कहा कि वे दक्षिण भारत से आकर अमेरिका में बसने वाले अपने सास और ससुर से अगाध प्रेम और उनका बेहद सम्मान करते हैं। उन्होंने गर्व से रेखांकित किया कि उन्हीं प्रवासियों की सुपुत्री, जो अमेरिका की धरती पर ही जन्मीं और पली-बढ़ीं, आज संयुक्त राज्य अमेरिका की सम्मानित 'सेकंड लेडी' हैं। वेंस ने कहा कि उन्हें अपनी पत्नी उषा वेंस और अपनी पारिवारिक जड़ों पर अत्यधिक गर्व है। इसके साथ ही उन्होंने आव्रजन नीति पर जोर देते हुए कहा कि वे एक ऐसा न्यायसंगत इमिग्रेशन मॉडल स्थापित करना चाहते हैं जो अमेरिका की अर्थव्यवस्था में वास्तविक मूल्य जोड़ने वाले हुनरमंद लोगों का खुले दिल से स्वागत करे, लेकिन साथ ही साथ अमेरिकी मूल के घरेलू कामगारों के रोजगार हितों के प्रति भी पूरी तरह निष्पक्ष और संतुलित बना रहे।अमेरिकी कंपनियों के दोहरे रवैये का पर्दाफाश: 'वीजा शर्तों की वजह से पूरी तरह बंध जाते हैं विदेशी कर्मचारी'उपराष्ट्रपति ने अमेरिकी कंपनियों के आंतरिक तौर-तरीकों पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि कई बड़े एम्प्लॉयर लागत घटाने और मुनाफा कमाने के चक्कर में पहले उच्च वेतन पाने वाले स्थानीय अमेरिकी नागरिकों को नौकरियों से बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। इसके बाद वे खाली पदों पर विदेशों से आए कामगारों को कड़ी और असमान शर्तों पर नियुक्त कर लेते हैं। वेंस ने इस व्यवस्था की तकनीकी खामी को उजागर करते हुए कहा कि एक आम अमेरिकी नागरिक के विपरीत विदेशी कर्मचारी देश में अपने कानूनी प्रवास (लीगल स्टेटस) के लिए पूरी तरह अपनी कंपनी पर निर्भर हो जाता है। यदि कोई विदेशी कर्मचारी कंपनी की किसी अनुचित नीति, अत्यधिक काम के दबाव या वेतन विसंगति के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, तो उसके सामने केवल अपनी नौकरी गंवाने का ही खतरा नहीं होता, बल्कि उसे तत्काल देश से निर्वासित होने के बेहद गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। वेंस के अनुसार यह वीजा व्यवस्था कंपनियों को जरूरत से ज्यादा ताकत दे देती है, जिससे कामगारों का शोषण आसान हो जाता है, जबकि समस्या बेहतर अवसर तलाशने वाले निर्दोष लोगों में नहीं बल्कि इस खामियों भरी वीजा व्यवस्था में है।ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से कंपनियों के निलंबन के बाद भड़का था विवाद, भारतीय आईटी सेक्टर पर पड़ा असरयह समूचा अंतरराष्ट्रीय गतिरोध उस समय शुरू हुआ जब अमेरिकी प्रशासन ने विदेशी कामगारों को स्थायी नागरिकता यानी 'ग्रीन कार्ड' दिलाने वाले एक प्रमुख विशेष कार्यक्रम से भारतीय आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों सहित कई दिग्गज फर्मों को निलंबित करने का सख्त आदेश जारी कर दिया था। अमेरिकी सरकार का आधिकारिक तर्क था कि इस व्यवस्था के चलते अमेरिकी नागरिक घरेलू नौकरी के बाजार से बाहर हो रहे हैं और स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी की चिंताएं बढ़ रही हैं। इसी प्रशासनिक फैसले की घोषणा के समय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी धारक पेशेवरों को 'बंधुआ मजदूर' कह दिया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक हलकों में गरमागरम बहस छिड़ गई थी। अब टाउन हॉल में दी गई इस विस्तृत सफाई के बाद प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि उनकी लड़ाई विदेशी पेशेवरों के खिलाफ नहीं, बल्कि वीजा नियमों में सुधार और स्थानीय रोजगार संतुलन को बहाल करने को लेकर है।
विजयादशमी पर अजमेर में 11 क्षेत्रों में निकला RSS का पथ संचलन
अजमेर। विजयादशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को अजमेर में संघ के अजयमेरू महानगर की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में पथ संचलन आयोजित किया गया। गणवेशधारी स्वयंसेवकों की अनुशासित कदमताल, घोष दल की धुन और मार्ग में हुए स्वागत ने शहर में आयोजन का माहौल बना दिया। संघ के […] The post विजयादशमी पर अजमेर में 11 क्षेत्रों में निकला RSS का पथ संचलन appeared first on Sabguru News .
टाइगर श्रॉफ नहीं, पहले किसी और सेलिब्रिटी को मारने की थी प्लानिंग, पूछताछ में हुआ सनसनीखेज खुलासा
Tiger Shroff Firing Case: शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों का मकसद सिर्फ अभिनेता पर हमला करना नहीं, बल्कि बॉलीवुड में दहशत फैलाना था. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमले की साजिश कैसे रची गई.
लखनऊ के शिवा शर्मा केस की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश भी गिरफ्तार हो गए हैं.
टाइगर श्रॉफ नहीं थे टारगेट, किसी बड़ी हस्ती को मारने आए थे हमलावर; पूछताछ में बड़ा खुलासा
शुरुआती पूछताछ के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर किसी अन्य प्रमुख व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए मुंबई आए थे।
'बूथ पर पैसे देने की बारी आती है, तो हार्ट अटैक आ जाता है', नीरज पर बरसे अनंत सिंह
बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार की तबीयत खराब होने की खबरें सामने आईं. जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने नीरज की तबीयत को ड्रामा करार दिया है. उन्होंने कहा कि ये नीरज की पुरानी आदत है. अनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अस्पताल जाकर नीरज का हाल जानने की खबरों को भी खारिज किया.
बिहार की एक ग्रामीण महिला उद्यमी मशरूम स्पॉन उगाने और स्थानीय रोजगार पैदा करने के लिए ATMA प्रशिक्षण और 5 लाख रुपये के
करोड़ों की कार, सर्विस सेंटर वालों से हुआ एक्सीडेंट, मालिक परेशान
बेंगलुरु में एक पोर्शे 911 मालिक ने सर्विस से जुड़ा अपना एक्सपीरियंस इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. कार ओनर का आरोप है कि उन्होंने अपनी गाड़ी सर्विस के लिए ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर दी थी, लेकिन जहां कार का ध्यान रखा जाना चाहिए वहीं उस कार का एक्सीडेंट हो गया. उसके बाद भी तीन महीने गुजर गए हैं, लेकिन उन्हें इस मामले में कोई समाधान नहीं मिला है.
दुआ की छोटी बहन को मिला खास नाम, दीपिका-रणवीर ने दशहरे पर किया खुलासा, मां शक्ति से है कनेक्शन
दशहरे के खास मौके पर दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने अपनी दूसरी बेटी के नाम से पर्दा उठा दिया. दुआ की छोटी बहन के नाम का मां शक्ति से खास कनेक्शन है, जिसका मतलब भी बेहद खूबसूरत है.
पार्टी लवर्स की मौज! Blaupunkt का 'Rock & Roll' स्पीकर लॉन्च, बेस जबरदस्त, जानें कीमत
Blaupunkt ने भारत में Rock & Roll Rhythm 100W पोर्टेबल पार्टी स्पीकर लॉन्च किया है. जानिए कीमत और फीचर्स.
मुंबई से बेंगलुरु के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 1 नवंबर से शुरू हो सकती है. इस बारे में सांसद पीसी मोहन ने जानकारी दी है. यह ट्रेन मुंबई से बेंगलुरु 16 घंटे में पहुंचेगी.
निषाद कुमार का डबल गोल्ड, डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप
एशियन पैरा गेम्स 2026 में निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.04 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता और गेम्स रिकॉर्ड बनाया. यह उनका दूसरा गोल्ड है. वह एक ही संस्करण में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए. वहीं, पुरुषों की डिस्कस थ्रो F44/64 स्पर्धा में देवेंद्र कुमार ने गोल्ड, राकेश ने सिल्वर और प्रदीप कुमार ने ब्रॉन्ज जीतकर भारत को क्लीन स्वीप दिलाया.
दुबई में नहीं है नदी, फिर भी लाखों लोगों को मिलता है पीने का पानी
दुबई में न कोई बड़ी नदी है और न ही मीठे पानी का कोई बड़ा प्राकृतिक स्रोत, फिर भी यहां लाखों लोगों के घरों तक हर दिन पीने का पानी पहुंचता है. आखिर ये पानी आता कहां से है?
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा से तीन संदिग्ध अरेस्ट, विदेश में नौकरी का लालच देकर हमले का आरोप
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को उस समय पकड़ा गया, जब वे ट्रेन से मुंबई से दिल्ली की ओर जा […] The post टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा से तीन संदिग्ध अरेस्ट, विदेश में नौकरी का लालच देकर हमले का आरोप appeared first on Sabguru News .
नशे से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों के घर पहुंचे अमित शाह, इंसाफ दिलाने का दिया भरोसा
अमित शाह सबसे पहले बटाला पहुंचे और वहां से मारी पनवां गांव जाकर विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। विक्रमजीत की 15 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। शाह ने उनकी मां के पैर छुए और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
'झूठ फैलाते-फैलाते थक गया' राहुल गांधी चले वियतनाम! BJP का दावा, कांग्रेस का पलटवार
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया पर फ्लाइट का एक कथित वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी पर हमला बोला है। वहीं कांग्रेस ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे नेता प्रतिपक्ष का व्यक्तिगत दौरा बताया है
Punjab में नशा पीड़ितों के परिजनों से मिले Amit Shah, CBI जांच की मांग पर न्याय का भरोसा दिया
(फोटो के साथ)चंडीगढ़, 20 अक्टूबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के संगरूर में मादक पदार्थ की समस्या का मुद्दा उठाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। शाह पंजाब के एक-दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह राज्य में नशे की समस्या से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात कर रहे हैं। उनके दौरे में गुरदासपुर, संगरूर और मानसा शामिल हैं। संगरूर जिले की दिरबा तहसील के तुरबंजारा गांव के निवासी गुलजार ने कथित तौर पर सात सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। गुलजार के परिवार का आरोप है कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से अपने इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति के बारे में सवाल पूछने के कारण उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक अपशब्द कहे गये, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर जहर खा लिया। इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को विपक्ष की ओर से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। विपक्ष ने गुलजार की मौत की सीबीआई जांच की मांग भी की थी। शाह ने दिन में सबसे पहले गुरदासपुर पहुंचकर नशे की समस्या से कथित तौर पर जुड़ी एक घटना में जान गंवाने वाले 40-वर्षीय व्यक्ति के परिवार से मुलाकात की। इसके बाद वह गुलजार के परिवार से मिलने संगरूर पहुंचे। मुलाकात के बाद गुलजार के बेटे शहबाज सिंह ने मीडिया को बताया कि शाह ने परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें न्याय मिलेगा। शहबाज ने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री ने हमें भरोसा दिलाया कि न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि मंत्री ने कहा कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, हमने मामले की सीबीआई जांच की मांग की। मुलाकात के दौरान शहबाज अपने पिता की तस्वीर के पास बैठे थे। संगरूर के शेरों गांव के निवासी मोहनजीत सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनी। मोहनजीत ने कहा, उन्होंने चिट्टा (सिंथेटिक मादक पदार्थों) पर भी चर्चा की और कहा कि इसे खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शाह का उनसे मिलना महत्वपूर्ण है, जबकि मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की। मोहनजीत ने यह दावा भी किया कि दो सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के लोक मिलनी कार्यक्रम के आयोजन स्थल के पास एक घर की छत से काला झंडा दिखाने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और प्रताड़ित किया। शाह ने दिन में पहले बटाला पहुंचने के बाद मारी पनवां गांव का दौरा किया। वहां उन्होंने बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की, जिनकी 15 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि बिक्रमजीत को अपने इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध करने के कारण निशाना बनाया गया था। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उनकी हत्या मोबाइल फोन को लेकर दो समूहों के बीच हुए झगड़े के कारण की गई। मुलाकात के एक वीडियो में शाह बिक्रमजीत की मां के पास बैठे दिखाई दिए। बिक्रमजीत के परिवार के एक सदस्य ने कहा कि शाह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले में न्याय सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, हमने न्याय की मांग की और उन्होंने हमारी मांगों से जुड़े ज्ञापन को पढ़कर अपने साथ ले गए। परिवार ने उम्मीद जताई कि पंजाब नशामुक्त राज्य बनेगा। पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने न्याय सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि दिसंबर 2029 तक नशे की समस्या को खत्म कर दिया जाएगा। शर्मा ने कहा कि बिक्रमजीत के परिवार ने ‘आप’ सरकार से निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने को लेकर संदेह जताया। परिवार ने घटना की सीबीआई जांच की मांग भी की। बटाला में शाह के साथ पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों भी मौजूद थे। इसके बाद मानसा में शाह ने नशे के खिलाफ काम करने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। झोटा की पिछले सप्ताह एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने हत्या कर दी थी। शाह के दौरे से कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री मान ने घोषणा की थी कि सरकार ने हत्या मामले की जांच का जिम्मा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है। झोटा मेडिकल स्टोरों पर नशे की लत लगाने वाले पदार्थों की अवैध बिक्री का विरोध करने के लिए जाने जाते थे। 13 अक्टूबर को मानसा में एक व्यस्त मेडिकल स्टोर के अंदर उन्हें गोली मार दी गई थी। इससे पहले उन्होंने एक बुजुर्ग व्यक्ति को मादक पदार्थ बेचने को लेकर दुकानदार से सवाल किया था। इस घटना के बाद दुकान के मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया था। यह घटना उस समय हुई थी, जब झोटा फेसबुक लाइव कर रहे थे। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। शाह ने 20 दिन में दूसरी बार पंजाब का दौरा किया। इससे पहले उन्होंने 30 सितंबर को जालंधर का दौरा किया था, जहां उन्होंने भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन पर एक रैली को संबोधित किया था। शाह दशहरा समारोह के तहत लुधियाना के दरेसी मैदान में रावण दहन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले भाजपा समेत विपक्षी दल राज्य में नशे की समस्या को लेकर आप सरकार को निशाना बना रहे हैं। इससे पहले पंजाब में सत्तारूढ़ ‘आप’ ने केंद्रीय गृह मंत्री की आलोचना की। पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने उनसे राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय पाकिस्तान से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी और गुजरात के एक बंदरगाह से नशीले पदार्थों की आपूर्ति के बारे में जवाब देने को कहा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से गैंगस्टरवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली के मुद्दों पर जवाब मांगा।
पहले कन्या पूजन, फिर बच्चियों को बांटे चाकू, वीडियो वायरल
मुजफ्फरनगर में रामनवमी पर कन्या पूजन के बाद नौ बच्चियों को चाकू भेंट करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. हिंदू रक्षा दल ने घास मंडी स्थित शिव मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया था. संगठन के जिलाध्यक्ष सैंकी शर्मा ने कहा कि बच्चियों को आत्मरक्षा के लिए आत्मनिर्भर बनाने और शस्त्र ज्ञान देने के उद्देश्य से चाकू दिए गए.
पंजाब में नशे पर अमित शाह का बड़ा वार, कहा- बेटा, भाई और पति खोने वालों को क्या जवाब देगी AAP?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशे के मुद्दे पर AAP सरकार को घेरा. उन्होंने गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में नशे के खिलाफ लड़ाई से जुड़े तीन पीड़ित परिवारों से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि जमीनी हालात कागजी रिपोर्टों से कहीं ज्यादा झकझोरने वाले हैं.
2 लाख रुपये के लालच में चलाई टाइगर श्रॉफ पर गोली! आरोपी रेहान की मां ने बताई चौंकाने वाली बातें
टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग मामले में आरोपी की मां का बयान सामने आया है. महिला ने बताया कि उनका बेटा पिछले 20-22 दिन से घर से गायब था.
आलू-गोभी के पराठे भूल जाएंगे, जब खाएंगे मक्का-मेथी का कुरकुरा पराठा
Makka Methi Paratha Recipe: गरमागरम पराठे खाने का मजा ही अलग होता है. सुबह के नाश्ते में अगर कुछ टेस्टी और अलग खाने का मन है तो मक्का-मेथी का पराठा ट्राई कर सकते हैं. मक्के के आटे और ताजी मेथी से बना यह पराठा स्वाद में लाजवाब लगता है.
दिन की शुरुआत दूसरों की बातों और दुनिया की खबरों से करने पर मन में अनावश्यक विचार, चिंता और तनाव बढ़ सकता है. बीके शिवानी ने बताया दिन की सही शुरुआत कैसे करें.
35 लाख में तैयार हुआ 221 फुट का रावण, इको-फ्रेंडली पटाखों से होगा दहन
दशहरा महोत्सव पर पंचकूला के सेक्टर-5 में 221 फुट के ऊंचे विशालकाय रावण का दहन किया जाएगा. इस रावण को बनाने में करीब 34 से 35 लाख रुपए खर्च हुए हैं. रावण के इस पुतले का दहन इको-फ्रेंडली पटाखों से किया जाएगा.
Strict Action की चेतावनी: Chitta सिंडिकेट पर गरजे Amit Shah, बोले Punjab को नशा मुक्त बनाएंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (20 अक्टूबर) को पंजाब के मानसा जिले में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। पिछले हफ्ते एक मेडिकल स्टोर मालिक ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी थी। शाह ने झोटा के पिता भीम सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर उनके प्रति संवेदना जताई और दुख की इस घड़ी में उनके साथ एकजुटता व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने कहा कि पंजाब की इस पवित्र भूमि से, मैं पंजाब और पूरे देश के लोगों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं अपने जीवन में इस विजयादशमी को कभी नहीं भूल पाऊंगा। इसे भी पढ़ें: Punjab Drug Crisis: बिक्रमजीत के परिजनों से मिले Amit Shah, 2029 तक नशा खात्मे का दोहराया संकल्प उन्होंने कहा कि आज, मैंने पंजाब में तीन जगहों — गुरदासपुर, संगरूर और मानसा — का दौरा किया। गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह (40), संगरूर के गुलज़ार सिंह और मानसा जिले के परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी गई या उन्होंने आत्महत्या कर ली, क्योंकि वे नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के खिलाफ लड़ रहे थे... आज, मैं देश के लोगों — और खासकर पंजाब के लोगों — से यह कहना चाहता हूं कि मुझे आज जितना गहरा दुख हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। जब मैं इन परिवारों से मिला — और साथ ही आसपास के उन अन्य लोगों से भी, जो 'चिट्टा' (ड्रग्स) के कारोबार की वजह से बर्बाद और प्रताड़ित हो चुके हैं — तो उन्होंने जो सच्चाई बताई, वह दिल्ली में सरकारी रिपोर्टों में पढ़ी गई किसी भी बात से कहीं ज्यादा भयानक और चौंकाने वाली थी। इसके बाद उन्होंने कहा कि आज मैं यहाँ 'आप' (AAP) सरकार से पूछना चाहता हूँ: किसी ने अपना बेटा खोया है, किसी ने भाई, तो किसी ने अपना पति—आपकी सरकार के पास इसका क्या जवाब है? बहानेबाज़ी के अलावा, मुझे अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। पिछली बार जब मैं पंजाब आया था, तो मैंने बीजेपी द्वारा आयोजित 'नशा-मुक्त पंजाब' रैली में हिस्सा लिया था; मेरा मकसद नशे के कारोबार को खत्म करने की आवाज़ उठाना था। लेकिन इसके बजाय, मुझ पर ही आरोप लगाए गए। आज भी, मैं यहाँ सिर्फ पीड़ितों को सांत्वना देने आया हूँ—मेरा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। इसके बदले मुझे अपशब्द सुनने पड़े और अपमानजनक भाषा का सामना करना पड़ा। मैं ज़िम्मेदार लोगों से बस इतना कहूँगा: मुझे गाली देने से कुछ हासिल नहीं होगा। इसे भी पढ़ें: Chitta रूपी राक्षस का रावण जैसा होगा अंत, Ravneet Bittu ने Amit Shah के दौरे पर कहा शाह ने कहा कि अगर आपको इससे तसल्ली मिलती है, तो बेशक ऐसा करते रहें—लेकिन नशे के कारोबार को तो खत्म करें। सिंथेटिक ड्रग्स (चिट्टा) के कारोबार पर रोक लगाएँ। आज मैं पंजाब सरकार और उसके नेतृत्व को याद दिलाने आया हूँ कि आपने पंजाब में सत्ता में आते समय वादा किया था कि तीन महीने के भीतर नशे के कारोबार को जड़ से खत्म कर देंगे। पाँच साल बीत चुके हैं, लेकिन यह कारोबार दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। यहाँ तक कि आपके अपने पुलिसकर्मी भी पकड़े जा रहे हैं—जिनके पास से 10 से 12 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। जो लोग नशे के कारोबार का विरोध करते हैं, उन्हें या तो आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया जाता है या फिर उनकी हत्या कर दी जाती है।
मंशापूर्ण बांया सा धाम में नवरात्र महोत्सव का समापन, 101 महिलाओं व युवतियों को मिले पुरस्कार
अजमेर। पुष्कर के समीप डूंगरिया खुर्द के रैवत गांव स्थित मंशापूर्ण बांया सा धाम में नौ दिवसीय नवरात्र महोत्सव का नवमीं के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों और डांडिया नृत्य के साथ समापन हुआ। नवरात्र के दौरान आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने भाग लिया। शारदीय नवरात्र के […] The post मंशापूर्ण बांया सा धाम में नवरात्र महोत्सव का समापन, 101 महिलाओं व युवतियों को मिले पुरस्कार appeared first on Sabguru News .
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले की शुरुआती पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि हमलावरों का मूल निशाना कोई और बड़ी हस्ती थी, लेकिन वहां तक पहुंचने में नाकाम रहने के बाद उन्होंने टाइगर श्रॉफ को टारगेट बनाया.
असुर था तो क्यों रावण की राख घर लाते हैं लोग? जानें ये शुभ है या अशुभ
रावण दहन के बाद अक्सर आपने लोगों को उसकी राख घर लाते हुए देखा होगा. कई जगहों पर ऐसी लोक मान्यताएं हैं कि रावण दहन की राख घर की चौखट से बांधने से नकारात्मक ऊर्जा का घर में प्रवेश नहीं होता है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
मोरिंगा का काढ़ा कैसे बनाएं? यूनानी डॉक्टर ने बताया सहजन का काढ़ा पीने से क्या होता है
सहजन के पत्ते का काढ़ा पीने से क्या होता है? यूनानी डॉ. सैयद अहमद से जानें फायदे और बनाने का सही तरीका.
कौन है ये हसीना, जिसने रजनीकांत की जेलर 2 में मचाई तबाही?
फिल्म जेलर 2 के क्लाइमैक्स में ऋतिक रोशन ने तो अपने एक्शन से लाइमलाइट लूटी ही थी. लेकिन उनके साथ-साथ चार लड़कियां और थीं, जिनके एक्शन पर कई लोगों की नजरें पड़ीं. इसमें से एक अपेक्षा पोरवाल भी हैं, जिन्होंने रजनीकांत की फिल्म में कुछ देर के रोल से तबाही मचाई है.
गोरखपुर के दुर्गा पंडाल में लटके मुस्कान-साहिल के पुतले, नीला ड्रम कांड पर अनोखी झांकी
गोरखपुर के सिंघड़िया में राक्षसों के बीच लटकाए गए मुस्कान और साहिल के पुतलों को देखने के लिए भी लोगों की भीड़ जुट रही है.
मुझे खुद निकाल दे कंपनी... इस्तीफा देने से क्यों इनकार कर रहा कर्मचारी?
नौकरी में तनाव बढ़ जाए, बॉस की उम्मीदें पूरी करना मुश्किल हो और हर मीटिंग से पहले टेंशन होने लगे, तो ज्यादातर लोग दूसरी नौकरी की खोज में लग जाते हैं. लेकिन एक कर्मचारी की कहानी थोड़ी अलग है. वह अपनी नौकरी से परेशान है फिर भी इस्तीफा नहीं देना चाहता. उसकी इच्छा है कि कंपनी खुद उसे नौकरी से निकाल दे, ताकि उसे सेवरेंस पैकेज मिल सके. कर्मचारी ने इसे लेकर रेडिट पर अपनी परेशानी शेयर की है, जिसके बाद इस पर चर्चा शुरू हो गई.
फेमस वरकला बीच पर ब्रिटिश महिला के साथ जबरदस्ती, कपड़े खींचे और फाड़ दिए गए
फेमस वरकला बीच पर ब्रिटिश महिला के साथ जबरदस्ती, कपड़े खींचे और फाड़ दिए गए
Flipkart से ऑर्डर होगा खाना, जानिए कब शुरू होगी नई सर्विस!
Flipkart Food Delivery: फ्लिपकार्ट जल्द ही फूड डिलीवरी सर्विस शुरू कर सकती है. कंपनी इसकी टेस्टिंग कर रही है, जिसमें हजारों कर्मचारी शामिल हैं. इस सर्विस के जरिए यूजर्स एक ही ऐप से खाना ऑर्डर कर सकेंगे. इससे Zomato और Swiggy को टक्कर मिल सकती है.
SBSP चीफ Om Prakash Rajbhar को झटका, चंदौली में दर्जनों पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बड़ी राजनीतिक घटना सामने आई है, जहां 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के दर्जनों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देने की घोषणा की है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती नाराजगी के चलते ये इस्तीफे दिए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने राजभर पर आरोप लगाया है कि वे पार्टी के मूल सिद्धांतों से भटक गए हैं और उन लोगों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया है। इसे भी पढ़ें: क्या सपा संग गठबंधन पर फंसा पेंच? कांग्रेस ने यूपी के लिए 150 सीटों की योजना तैयार की, प्रियंका गांधी ने संभाली कमान पार्टी की युवा शाखा के वाराणसी संभाग के मुख्य महासचिव, दीपक राजभर ने आरोप लगाया है कि नेतृत्व का अब उन मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं है, जिन्हें वे कभी प्रमुखता से उठाते थे। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने 2027 के चुनावों के लिए पार्टी द्वारा संभावित उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी चिंता जताई है। दीपक राजभर ने आरोप लगाया कि जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी को खड़ा करने में 20 से 24 साल लगा दिए, उन्हें दरकिनार किया जा रहा है। वहीं, नेतृत्व समुदाय के विकास के बजाय अपने खुद के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। इस्तीफा देने वालों ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए टिकट बंटवारे को लेकर भी पार्टी के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजभर समुदाय के वोटों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि बाहुबली पृष्ठभूमि वाले लोगों को टिकट दिया जा सकता है। नेताओं ने कहा कि अब राजभर समुदाय अपने अधिकारों, प्रतिनिधित्व और सम्मान को ध्यान में रखकर अपने राजनीतिक फैसले लेगा। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि आने वाले दिनों में और भी कार्यकर्ता पार्टी छोड़ सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav का BJP पर हमला, कहा- BLO मतदाता सूची से तुरंत हटाए डुप्लीकेट वोट पार्टी छोड़ने की घोषणा करने वालों में युवा शाखा के अध्यक्ष और मंत्री के प्रतिनिधि बबलू राजभर, युवा शाखा के वाराणसी संभाग के मुख्य महासचिव दीपक राजभर और कई अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। बबलू राजभर ने आरोप लगाया कि समाज के जिन लोगों के समर्थन से ओम प्रकाश राजभर को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने में मदद मिली, वे आज भी आवास, नालियों, पक्की गलियों और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सीटों को लेकर कांग्रेस और सपा की हुई बड़ी बैठक, कहां तक पहुंची बात, देखें
आज हम बात कर रहे हैं यूपी की सियासत की, जहां कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे पर मंथन तेज हो गया है. बीती शाम दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के आवास पर यूपी चुनाव को लेकर बड़ी बैठक हुई, जिसमें यूपी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अनुराधा मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद बैठक में मौजूद रहे.
प्रोड्यूसर ने रणबीर को बुलाया 'रणवीर', एक्टर का रिएक्शन Viral
रामायण के प्रमोशन इवेंट में प्रोड्यूसर दिल राजू ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए गलती से उनका नाम रणवीर कह दिया, जो वायरल हो गया. इस गूफ अप पर रणबीर कपूर का रिएक्शन वायरल हो रहा है.
Dussehra पर Delhi Police ने जारी की Traffic Advisory, कई मार्गों पर रहेगा डायवर्जन
राष्ट्रीय राजधानी में दशहरा समारोह और आधिकारिक आवश्यकता के मद्देनजर मंगलवार शाम से देर रात तक अलग-अलग इलाकों में यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे एवं मार्गों में परिवर्तन किया जाएगा। यातायात पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि लाल किला, रामलीला मैदान एवं द्वारका में रावण दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और वीवीआईपी की आवाजाही की संभावना है। दिल्ली यातायात पुलिस ने एक परामर्श में कहा कि लाल किले पर दशहरा समारोह के मद्देनजर, मंगलवार दोपहर से रात 11 बजे तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। इसने लोगों को सलाह दी है कि वे लाल किले वाले जाने वाले रास्ते से बचें, तय की गई पार्किंग जगहों का ही इस्तेमाल करें, सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें और यातायात पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने बताया कि इस अवधि के दौरान नेताजी सुभाष मार्ग और निषाद राज मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही यातायात की स्थिति और सुरक्षा जरूरतों के मद्देनजर प्रतिबंधित या नियंत्रित की जा सकती है। परामर्श के मुताबिक, छत्ता रेल चौक, सुभाष मार्ग पर टी प्वाइंट, दिल्ली गेट, शांति वन चौक और जीपीओ चौक पर यातायात मार्ग परिवर्तन लागू किए जा सकते हैं। इस दौरान छत्ता रेल चौक और दिल्ली गेट से आगे किसी भी ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा व साइकिल को जाने की इजाजत नहीं होगी। इसमें यह भी कहा गया है कि दोपहर बाद से रात 11 बजे तक दिल्ली गेट या दरिया गंज से लाल किले की ओर जाने वाली बसों को राजघाट की ओर मोड़ दिया जाएगा। पुलिस ने एक अलग परामर्श में कहा कि आधिकारिक आवश्यकताओं को देखते हुए, शाम चार बजे से रात 10 बजे तक ए पॉइंट और आईपी मार्ग के दोनों तरफ के रास्तों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। दिल्ली यातायात पुलिस ने परामर्श में कहा कि द्वारका में ये प्रतिबंध यूईआर-दो, द्वारका एक्सप्रेसवे और सड़क संख्या 224, 226, 203 तथा 205 पर शाम 4.50 बजे से रात आठ बजे तक लागू रहेंगे। विजयादशमी के अवसर पर द्वारका के सेक्टर 10 में रावण का 221 फुट ऊंचा पुतला दहन किया जाएगा। द्वारका श्री रामलीला सोसाइटी ने इस पुतले को 2026 के दशहरा में देश में दहन किए जाने वाले सबसे ऊंचे पुतलों में से एक बताया है। परामर्शों में लोगों से प्रभावित सड़कों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने को कहा गया है। साथ में लोगों से घर से अतिरिक्त समय लेकर निकलने को कहा गया है।
सिर्फ 5 साल, फिर किसी काम का नहीं रहेगा होर्मुज! इस CEO का दावा
Hormuz Could Become Redundant: अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट से तेल आयात पर निर्भर दुनिया के तमाम देशों में संकट सभी ने देखा है. अब एक सीईओ ने कहा है कि ये जरूरी समुद्री रूट अगले 5 साल में किसी काम का नहीं रहेगा.

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