दशहरा पर पढ़ाई, क्रिसमस पर छुट्टी; कर्नाटक में प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन
कर्नाटक में हिंदू संगठनों ने स्कूल शिक्षा विभाग से उन निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जो दशहरा की छुट्टियों के दौरान भी कक्षाएं और परीक्षाएं आयोजित कर रहे हैं।
सस्ते चीनी सामान पर नकेल कसने की तैयारी, रासायनिक और इंजीनियरिंग उत्पादों की एंटी-डंपिंग जांच शुरू
भारत ने घरेलू निर्माताओं की शिकायत पर चीन से आयातित पांच रासायनिक और इंजीनियरिंग उत्पादों के खिलाफ डंपिंग-रोधी जांच शुरू की है। यह जांच वाणिज्य मंत्रालय की डीजीटीआर शाखा द्वारा की जा रही है।
राजस्थान:मारपीट मामले में गुरुद्वारा सचिव की गिरफ्तारी पर विवाद, पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प
राजस्थान के श्रीगंगानगर में गुरुद्वारा सचिव तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा को मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उनके समर्थकों ने गुरुद्वारा परिसर में तोड़फोड़ की।
ब्लैक सी में रूसी ड्रोन का कार्गो शिप पर अटैक, कैप्टन की मौत... एक भारतीय घायल
ब्लैक सी में रूस के ड्रोन हमले में तुर्की के एक कार्गो जहाज को निशाना बनाया गया, जिसमें शिप के कैप्टन की मौत हो गई और कई क्रू मेंबर घायल हो गए. घायलों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है.
जयपुर के शॉपिंग मॉल में AI रोबोट करेगा मदद, फेवरेट स्टोर तक ले जाएगा
राजस्थान के जयपुर में शॉपिंग एक्सपीरियंस में AI-पावर्ड रोबोट तकनीक को शामिल किया गया है. ‘W’ नाम के शॉपिंग रोबोट विजिटर्स को ब्रांड और स्टोर की लोकेशन खोजने से लेकर वहां तक पहुंचने में मदद करेगा.
बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के प्रमुख स्वामी महाराज की 13-खंडों वाली जीवनी को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने एक ही लेखक द्वारा लिखी गई दुनिया की सबसे लंबी जीवनी के रूप में मान्यता दी है।
Sagittarius Tarot Card Horoscope 06 October: Nine of swords की ऊर्जा झूठी बातों को बढ़ा चढ़ा कर प्रस्तुत करना, कल्पनाशीलता को वास्तविक जीवन पर हावी होने देने से दूरी और सभी कार्यों को व्यवस्थित करने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, धनु राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Scorpio Tarot Card Horoscope 06 October: Three of wands की ऊर्जा व्यवसाय में ग्राहक की प्रतिक्रिया और जरूरत समझने का प्रयास, बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच समझ कर करने की आवश्यकता और सहकर्मियों के साथ उनकी समस्या को सुलझाने की कोशिश की बात लेकर आ सकती है.आइए जानते हैं,वृश्चिक राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
फ्लीट सपोर्ट शिप-1 का शुभारंभ: राजनाथ सिंह विशाखापत्तनम में नौसेना को सौंपेंगे एफएसएस-1, बढ़ रही स्वदेशी ताकत
Libra Tarot Card Horoscope 06 October: The Chariot की ऊर्जा कार्य शुरू करने से पहले कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता, समय-समय पर स्वयं को तकनीकी से अपडेट करने की योजना और रचनात्मक सोच को धन कमाने के विकल्प के रूप में विचार की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, तुला राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Virgo Tarot Card Rashifal: अच्छी खबर मिलने की संभावना, टैक्स के कागज संभालकर रखें
Virgo Tarot Card Horoscope 06 October: Nine of cups की ऊर्जा किसी सुखद खबर के मिलने से परिवार में उत्साह का वातावरण, व्यवसाय में टैक्स और अन्य सभी आवश्यक कार्यों को व्यवस्थित करने का प्रयास और अपना पूरा काम लक्ष्य पर केंद्रित कर अच्छी सफलता प्राप्ति की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, कन्या राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
'पहले से मालूम था वो मुसीबत है...', फ्लाईदुबाई को-पायलट को लेकर जेडी वेंस ने उठाए सवाल
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कैप्टन स्मित मछार पर हमला करने के आरोपी फ्लाईदुबई के को-पायलट के बारे में यह जानकारी थी कि वह एक 'मुसीबत' है, और उन्होंने सवाल उठाया कि उसे एयरलाइन के लिए उड़ान भरने की इजाजत कैसे मिली.
Leo Tarot Card Horoscope 06 October: The Emperor की ऊर्जा राजनीतिक व्यक्ति से मुलाकात से राजनीति में प्रवेश का मौका,उच्च अधिकारी से बढ़ती समीपता से लोगों के बीच बढ़ती अफवाहें और मनचाही सफलता प्राप्त न होने से असंतुष्ट होने की स्थिति लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, सिंह राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों,आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Cancer Tarot Card Rashifal: सस्ती विवादित प्रॉपर्टी खरीदने के लालच से बचें, ध्यान से पढ़ें कागज
Cancer Tarot Card Horoscope 06 October: Five of pentacles की ऊर्जा संपत्ति की खरीद फ़रोख्त में सावधानी से कार्य करने की आवश्यकता, किसी के बहकावे में आकर परिजनों से विवाद और किसी भी महत्वपूर्ण कागज पर हस्ताक्षर से पूर्व समझदारी और सूझबूझ से निर्णय लेने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, कर्क राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Taurus Tarot Card Rashifal: बड़े मौके मिलने की उम्मीद, सही समय पर फैसला दिलाएगा फायदा
Taurus Tarot Card Horoscope 06 October: Four of cups की ऊर्जा जीवन में प्राप्त संसाधनों का सदुपयोग कर आगे बढ़ाने की कोशिश,समय पर सही निर्णय ले व्यवसाय में लाभ की संभावना और जीवन में आई कमी को लेकर परेशान न होने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, वृषभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
केरलम के कोट्टायम में एक तेज रफ्तार एसयूवी चालक को नींद की झपकी आने से बेकाबू होकर एक घर की बाउंड्री वॉल तोड़कर बगीचे में पलट गई।
सीएम शुभेंदु का बड़ा एलान: 14,454 सरकारी पदों पर भर्ती, अविवाहित महिलाओं को 50 हजार; क्या है योजना?
सीएम शुभेंदु का बड़ा एलान: 14,454 सरकारी पदों पर भर्ती, अविवाहित महिलाओं को 50 हजार; क्या है योजना?
संयुक्त राष्ट्र को ठीक करने पर जोर: जयशंकर बोले- कुछ देश यूएन में सुधार के खिलाफ, क्यों नहीं बदल रही व्यवस्था?
रेजीनगर-नंदीग्राम से नगांव तक... 6 सीटों पर उपचुनाव का महासंग्राम, आज होगी वोटिंग
पांच विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर आज उपचुनाव है. असम की नगांव लोकसभा सीट, बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीट और पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट पर मंगलवार को मतदान किया जाएगा.
केशव प्रसाद मौर्य ने जनता दर्शन में कहा “हर समस्या को समाधान तक ले जाने का पूरा प्रयास करता हूं
श्री मौर्य ने आज 7 कालिदास मार्ग पर जनता दर्शन में कहा, “प्रदेशभर से आए मेरे युवा दोस्तों, मां-बाप समान बुजुर्गों और बहनों की समस्याओं को मैंने सुना और समझा है। मैं हर समस्या को समाधान तक ले जाने का पूरा प्रयास करता हूं। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर परिवार सुख, सम्मान और समृद्धि से पूर्ण हो।” उन्होंने कहा कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता दर्शन में आए युवा, बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांगजन और जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को सुनने के साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।उपमुख्यमंत्री ने इन प्रकरणों पर संबंधित अधिकारियों से तत्काल दूरभाष पर संपर्क कर दिए निर्देश । जिलाधिकारी आगरा, बहराइच, फर्रुखाबाद, शामली, अयोध्या, हमीरपुर एवं मैनपुरी सहित पुलिस अधीक्षक मऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर और कौशाम्बी से दूरभाष पर वार्ता कर जनसमस्याओं के नियमानुसार शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। कई प्रकरणों में लिखित आदेश भी जारी किए गए। जनता दर्शन में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पढ़ें 6 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज
Latest and Breaking News - Read today's latest and breaking news in hindi on Amarujala. यहां पढ़ें देश, दुनिया, खेल, मनोरंजन, धर्म, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और आर्थिक जगत की खबरों का लाइव अपडेशन
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य कल दिनांक 06 अक्टूबर 2026 को कौशाम्बी एवं प्रयागराज के भ्रमण पर रहेंगे।, कार्यक्रम के उपरांत उप मुख्यमंत्री जी सर्किट हाउस, प्रयागराज पहुंचेंगे। यहां वह पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों एवं शासन की योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त करेंगे तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश देंगे।उप मुख्यमंत्री के प्रयागराज प्रवास के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ संवाद तथा विभागीय कार्यों की समीक्षा के माध्यम से विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर रहेगा।
भाजपा ने राहुल गांधी पर फ्लाईदुबई पायलट स्मित मच्छर मामले में चुप्पी साधने को लेकर हमला बोला। पार्टी ने कहा कि आतंकवादियों का समर्थन करने वाले भारत के भले के लिए ट्वीट नहीं कर सकते और मणिशंकर अय्यर पर भी निशाना साधा।
'आने वाला दौर दुनिया के लिए उथल-पुथल भरा होगा', बोले विदेश मंत्री जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया आने वाले समय में उथल-पुथल और अनिश्चितताओं का सामना करेगी, लेकिन भारत इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम है।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ NSUI का 'जिंदा-मुर्दा प्रदर्शन'? देखें 10 तक
वोट चोरी के मुद्दे को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष चढ़ाई करने जा रहा है. पिछले 4 दिन से लगातार विपक्षी पार्टियां और उनकी छात्र विंग लगाकार CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. 6 अक्टूबर को INDIA गठबंधन, संसद से लेकर, चुनाव आयोग तक मार्च निकालने जा रहा है. कैसे आज कांग्रेस की छात्र विंग NSUI ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जिंदा और मुर्दा वाला विरोध प्रदर्शन किया? देखें 10 तक.
'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर बैठक रद, जेपीसी और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के बीच नहीं होगी चर्चा
एक राष्ट्र, एक चुनाव पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के बीच प्रस्तावित बैठक रद कर दी गई है।
पश्चिम बंगाल का बदलेगा नाम, शुभेंदु सरकार जल्द विधानसभा में पेश करेगी बिल
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही विधानसभा में राज्य का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने के लिए बिल पेश कर सकती है.
व्यापार से न्यूक्लियर एनर्जी तक... PM मोदी और स्विस राष्ट्रपति की बैठक में अहम चर्चा
पीएम मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की मुलाकात में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई. बैठक में कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई, वहीं पार्मेलिन के भारत दौरे के दौरान उन्हें खास भारतीय तोहफे भी दिए गए.
तेलंगाना में भी फर्जी फॉर्म-7 के जरिये वोटरों का नाम कटवाने पर होगी कार्रवाई
तेलंगाना में फर्जी फॉर्म भरकर मतदाता सूची से नाम कटवाने वालों पर अब कार्रवाई होगी, जैसा कि कर्नाटक में पहले ही शुरू हो चुका है।
इन्फ्लुएंसर की हत्या में गैंगस्टर कनेक्शन से पुलिस का इनकार! कई एंगल से जांच
अमृतसर में LGBTQ इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की हत्या में गैंगस्टर कनेक्शन के सोशल मीडिया दावे को पंजाब पुलिस ने खारिज किया है. पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
चिराग पासवान का UP चुनाव वाला दांव, अपनों के ही खिलाफ क्यों ताल ठोक रहे मोदी के 'हनुमान'?
चिराग पासवान ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर लड़ने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य एनडीए में अपनी मोलभाव की क्षमता बढ़ाना और राष्ट्रीय नेता के रूप में स्थापित होना है।
फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बीच कैंची धाम में भारी भीड़, लोगों से की गई यह अपील
फिल्म 'हनुमान अंश' के बाद उत्तराखंड के कैंची धाम में भारी भीड़ उमड़ रही है। ट्रैफिक, शोर, प्लास्टिक कचरे और व्लॉगिंग से स्थानीय लोग परेशान हैं। श्रद्धालुओं से क्या की जा रही अपील?
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को अपराधियों के मन में भय पैदा करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट को मिले 3 नए जज, कुल संख्या बढ़कर 37 हुई
सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की नियुक्ति हुई है।
पश्चिम बंगाल का नाम बदलने की तैयारी, BJP नेता बोले- जल्द पेश होगा विधेयक
पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग’ करने की कवायद फिर तेज हो गई है. बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार जल्द विधानसभा में विधेयक पेश करेगी. उन्होंने बताया कि नाम बदलने का उद्देश्य राज्य को उसके इतिहास से जोड़ना है.
5 करोड़ दिए तब विराट कोहली आए, प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर दावे से मचा हड़कंप
संत प्रेमानंद महाराज के वृंदावन स्थित आश्रम को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने पत्र लिखकर आश्रम से जुड़े कई मामलों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विराट कोहली को 5 करोड़ रुपए में ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी सुधारों का अगला चरण नियमों का पालन आसान बनाएगा और रिफंड प्रक्रिया को बेहतर करेगा, जिससे कारोबारियों का भरोसा बढ़ेगा।
क्या कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी में ठन गई है? सोशल मीडिया पर दिखी तकरार
राहुल गांधी के डिजिटल ‘सत्याग्रह’ अभियान के बीच कांग्रेस और CJP के बीच तकरार बढ़ गई है. CJP नेताओं ने एक ‘खुद को उदारवादी कहने वाले समूह’ पर उनके संस्थापक अभिजीत दिपके को निशाना बनाने का आरोप लगाया, जिसे कांग्रेस नेताओं ने अपने खिलाफ माना.
फ्लाईदुबई फ्लाइट के आरोपी को-पायलट को लेकर क्या हुए खुलासे, देखें
फ्लाई दुबई की फ्लाइट में एक बेहद चौंकाने वाला और खतरनाक वाकया सामने आया है. यहाँ अलकायदा से प्रेरित ओमान के को-पायलट हमाम अलहामी ने उड़ते विमान में मुख्य पायलट कैप्टन स्मिथ मछार पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया. आरोपी को-पायलट का मकसद इस विमान को तेल अवीव में क्रैश कराकर बड़ा आत्मघाती हमला करना था. विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे गिरने लगा, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मिथ ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे.
तुकाराम मुंढे का NYT भी हुआ मुरीद... फ्रंट पेज पर छापी फोटो, लिखा- 'रॉकस्टार'
महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर तुकाराम मुंढे की चर्चा अब विदेश में भी हो रही है. अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने तुकाराम मुंढे के बारे में फ्रंट पेज पर छापा है. अखबार ने मुंढे को 'फूड सेफ्टी सेलिब्रिटी' और 'रॉकस्टार' बताया है.
स्पेन में घर को लेकर बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों के बीच सरकार ने कर दी नवंबर में चुनाव कराने की घोषणा
यह घोषणा तब हुई जब पिछले हफ्ते सांचेज की सरकार देश में घरों की कमी की समस्या से निपटने के लिए प्रस्तावित दो कानूनों के लिए संसद का समर्थन हासिल करने में नाकाम रही.
अमृतसर, पांच अक्टूबर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सोमवार को कहा कि राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित एक गुरुद्वारे के अंदर राजस्थान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से सिखों की भावनाएं आहत हुई हैं। उनके अनुसार, पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह के ‘लंगर’ में रखी खाद्य सामग्री को नुकसान पहुंचाया और गुरुद्वारा परिसर के अंदर संपत्ति में ‘‘तोड़फोड़’’ की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्थानीय सिख नेता तेजिंदरपाल सिंह को भी गिरफ्तार किया है। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री से उनकी गिरफ्तारी और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। जत्थेदार ने कथित घटना को ‘‘बेहद निंदनीय’’ करार दिया और मुख्यमंत्री से ‘‘गुरुद्वारा परिसर में तोड़फोड़’’ के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘अगर पुलिस को कोई समस्या थी तो उसे सिख धार्मिक मर्यादा के अनुसार और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करनी चाहिए थी, न कि किसी सिख धार्मिक स्थल में प्रवेश करके इस तरह की ‘तोड़फोड़’ करनी चाहिए थी।’’उन्होंने कहा कि समुदाय के लोग किसी भी सिख नेता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे और सरकार से सिंह को तत्काल रिहा करने की मांग की। जत्थेदार ने कहा कि तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह के नेतृत्व में एक सिख प्रतिनिधिमंडल ने गंगानगर का दौरा किया और घटना स्थल पर भी गया। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने पाया कि राजस्थान पुलिस ने बेहद आपत्तिजनक कार्रवाई की।
एकादशी तिथि का श्राद्ध कल, जानें पिंडदान-तर्पण की विधि और मुहूर्त
पितृपक्ष में एकादशी श्राद्ध का विशेष महत्व बताया गया है. यह श्राद्ध उन पितरों के लिए किया जाता है, जिनका निधन किसी भी माह की शुक्ल या कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को हुआ हो. इसी दिन इंदिरा एकादशी का व्रत भी रखा जाता है.
फ्लाईदुबई के ओमानी पायलट को क्या छुड़ाना चाहते थे क्रू मेंबर? देखें ब्लैक & व्हाइट
फ्लाई दुबई के विमान में हुई घटना को लेकर नए-नए खुलासे और दावे हो रहे हैं. जिस वक्त हज़ारों फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट में खून से लथपथ कैप्टन स्मित 174 लोगों को बचाने के लिए जंग लड़ रहे थे, तब यात्रियों ने ओमानी को-पायलट को अपनी जान पर खेलकर काबू में किया. लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि जब यात्री उस आतंकी को बांध रहे थे, तब फ्लाईदुबई के क्रू मेंबर्स उसे छुड़ाने पर क्यों अड़े थे? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 'जहां सड़क है, वहां फुटपाथ हो' सिद्धांत पर पांच शहरों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्देश दिया है।
कटिहार में दिनदहाड़े वकील की हत्या, पहले स्कूटी से गिराया फिर चाकू और गोली मारकर फरार हुए बदमाश
बिहार के कटिहार में अधिवक्ता अजीमुद्दीन अंसारी उर्फ गुड्डू अंसारी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. हमलावरों ने पहले उन्हें स्कूटी से गिराया, फिर चाकू से हमला किया और बाद में गोली मारकर फरार हो गए.
महंगे क्लीनर छोड़ें, इस सफेद पाउडर से साफ करें किचन के 5 गंदे कोने
अगले हफ्ते से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. अगर आप भी माता के आगमन से पहले किचन की सफाई का सोच रहे हैं तो यहां हम आपको किचन के 5 सबसे गंदे कोनों को आसानी से साफ करने का तरीका बता रहे हैं जिससे आपका काम काफी आसान हो जाएगा.
'आपकी जगह जेल में है', सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस के एक पुराने मामले में अभिनेता राजपाल यादव को कड़ी फटकार लगाई है।
'मैं इसे हल्के में नहीं ले सकता...', बसपा में वापसी के बाद बोले आकाश आनंद
10 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह अलग करने का ऐलान किया था. उससे पहले 3 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटा दिया गया था. मायावती ने उस समय आरोप लगाया था कि आकाश आनंद ने पार्टी के हितों की जगह अपने परिवार और व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता दी.
Rahul Gandhi पर प्रपत्र-6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के नाम से झूठ बोलने का आरोप, BJP ने साधा निशाना
नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्वाचन आयोग के कुछ फैसलों से संबंधित जनहित याचिका की उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान हुई कार्यवाही के बारे में राहुल गांधी पर ‘‘झूठ बोलने और देश को गुमराह करने’’ का सोमवार को आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस नेता को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इससे पहले दिन में, गांधी ने दावा किया था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और ‘‘लोकतंत्र पर आपराधिक हमला’’ करने में शामिल हर व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने यह टिप्पणी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे प्रपत्र-6 में किसी बदलाव को न्यायालय द्वारा मंजूरी नहीं दिए जाने की बात कहे जाने के बाद की। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि अब यह संदेह से परे स्थापित हो गया है कि कुमार ने प्रपत्र-6 में ‘‘अवैध और एकतरफा’’ तरीके से बदलाव किया, और दावा किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा ‘‘लोकतंत्र पर इस आपराधिक हमले’’ में शामिल अन्य सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर निर्वाचन आयोग के 26 सितंबर के बयान का स्क्रीनशॉट साझा किया था। इसमें कहा गया है, ‘‘ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए प्रपत्र-6 के साथ संलग्न घोषणा को माननीय उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है। गैर-एसआईआर अवधि के लिए नियमों (निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960) के अनुसार लागू प्रपत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा।”इसके जवाब में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ‘‘भारत के प्रधान न्यायाधीश ने यह नहीं कहा कि प्रपत्र-6 अवैध है। राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं कि उच्चतम न्यायालय ने ऐसा कहा है।’’पात्रा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह ठीक वैसा ही है, जब राहुल गांधी ने दावा किया था कि उच्चतम न्यायालय ने राफेल सौदे में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की बात कही है। बाद में उन्हें उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दाखिल करना पड़ा और बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी।’’उन्होंने कहा, ‘‘यहां भी यही होने वाला है। झूठ बोलने की सजा होती है।’’ पात्रा ने आरोप लगाया कि गांधी मामले की उच्चतम न्यायालय में हुई सुनवाई और 26 सितंबर को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी बयान के बारे में देश को ‘गुमराह’ करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा सांसद ने कहा, “दोनों ही मामलों में राहुल गांधी लोगों को गुमराह करके देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उनकी रैलियों को कुछ मजबूती मिल सके।’’उन्होंने कहा, ‘‘ उनकी ‘एक्स’ पर की गई पोस्ट झूठ से भरी थी। एक जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष से इसकी उम्मीद नहीं की जाती। इस तरह झूठ का दुष्प्रचार करके देश में अराजकता पैदा करने का प्रयास करना अपराध है।
हाथ पर बने टैटू ने किया कमाल: ओडिशा से गायब महिला 35 साल बाद हिमाचल में परिवार से मिली
वृद्धाश्रम में रहने के दौरान अधिकारियों की नजर महिला के हाथ पर बने ओड़िया टैटू पर पड़ी. इसी सुराग के आधार पर उनकी पहचान की कोशिश शुरू हुई और आखिरकार केंद्रापड़ा जिले के पट्टामुंडई क्षेत्र में उनके परिवार का पता लगा लिया.
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के Form 6 में बदलाव को लेकर लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने सोमवार को प्रतिक्रिया दी। आयोग ने राहुल गांधी के इस दावे को 'भ्रामक' बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने Form 6 में 'अवैध और ...
कॉर्पोरेट जगत और जॉब मार्केट में आज के समय में केवल डिग्री या बरसों का पारंपरिक अनुभव ही वेतन वृद्धि (Salary Increment) और प्रमोशन की गारंटी नहीं रह गया है। ऑटोमेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) के तेजी से बढ़ते प्रसार के बीच कंपनियां ऐसे प्रोफेशनल्स की तलाश में हैं जो कम समय में 10 गुना ज्यादा उत्पादकता (Productivity) दे सकें। यदि आपका करियर भी एक ही जगह ठहर गया है, सालाना अप्रेजल में मनचाहा हाइक नहीं मिल रहा या नौकरियों के लिए रिज्यूमे भेजने के बावजूद रिक्रूटर्स के फोन नहीं आ रहे, तो इसका सबसे बड़ा कारण 'स्किल गैप' (Skill Gap) हो सकता है। आज दुनिया भर की टॉप टेक, कंसल्टिंग, मार्केटिंग और फाइनेंस कंपनियां उन प्रोफेशनल्स को मुंहमांगा वेतन पैकेज ऑफर कर रही हैं जो वर्कप्लेस पर एआई टूल्स का व्यावहारिक इस्तेमाल करना जानते हैं। अगर आप नीचे बताए गए 10 क्रांतिकारी एआई टूल्स पर पकड़ बना लेते हैं, तो न सिर्फ आपका मौजूदा काम चुटकियों में आसान हो जाएगा, बल्कि कंपनियां खुद आपके दरवाजे तक नौकरी के बेहतरीन ऑफर लेकर पहुंचेंगी।1. ChatGPT Plus और Advanced Data Analysis: कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम सॉल्विंग और डेटा मॉडलिंगओपनएआई का चैटजीपीटी (ChatGPT Plus) केवल चैट करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण वर्चुअल डेटा एनालिस्ट और स्ट्रैटेजिक एडवाइजर है। इसके 'एडवांस्ड डेटा एनालिसिस' फीचर के जरिए आप लाखों पंक्तियों वाले जटिल एक्सेल शीट्स, सीएसवी फाइल्स और फाइनेंशियल डेटा को कुछ ही सेकंड में क्लीन, एनालाइज और विजुअलाइज कर सकते हैं। इसके साथ ही कस्टम जीपीटी (Custom GPTs) बनाने की समझ रखने वाले प्रोफेशनल्स को ऑपरेशंस, एचआर और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट रोल्स में भारी तरजीह मिल रही है, क्योंकि यह टूल घंटों का मैनुअल वर्क सेकंडों में समेट देता है।2. Claude (Anthropic): लॉन्ग-फॉर्म डॉक्यूमेंट्स, लीगल एनालिसिस और कोडिंग आर्किटेक्चरएंथ्रोपिक का क्लॉड (Claude) टूल कॉर्पोरेट और एंटरप्राइज सेक्टर में तेजी से पसंदीदा बन रहा है। 200,000 टोकन से अधिक की विशाल संदर्भ विंडो (Context Window) के कारण यह टूल सैकड़ों पन्नों की लीगल रिपोर्ट्स, पॉलिसी ड्राफ्ट्स, एनुअल बैलेंस शीट्स और कोडबेस को एक बार में पढ़कर सटीक सारांश और खामियां निकाल देता है। जो प्रोफेशनल्स लीगल, रिस्क एनालिसिस, टेक्निकल डॉक्यूमेंटेशन या सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर में काम कर रहे हैं, उनके लिए क्लॉड पर कमांड हासिल करना 50% से अधिक की सैलरी हाइक का सीधा रास्ता खोलता है।3. Microsoft 365 Copilot: एक्सेल, पावरपॉइंट और आउटलुक का ऑटो-पायलटमाइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट (Copilot) आधुनिक कॉर्पोरेट ऑफिसों की जीवनरेखा बन चुका है। जो कर्मचारी पारंपरिक रूप से वीलुकअप (VLOOKUP) और मैक्रोज में उलझे रहते थे, वे अब कोपायलट की मदद से सिर्फ नेचुरल लैंग्वेज कमांड देकर जटिल एक्सेल फॉर्मूले, पिवट टेबल्स और फोरकास्टिंग चार्ट्स तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा यह टूल क्लाइंट मीटिंग्स की ट्रांसक्रिप्शन तैयार करने, पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन को विजुअल रूप से सेकंडों में डिजाइन करने और ईमेल ड्राफ्टिंग में माहिर है। मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में कोपायलट सर्टिफाइड प्रोफेशनल्स की मांग चरम पर है।4. GitHub Copilot और Cursor: सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए 10x कोडिंग पावरसॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, वेब डेवलपमेंट और आईटी सेक्टर में काम करने वालों के लिए गिटहब कोपायलट (GitHub Copilot) और एआई-फर्स्ट कोड एडिटर कर्सर (Cursor) अनिवार्य टूल बन चुके हैं। यह टूल कोड ऑटो-कंप्लीशन, बग फिक्सिंग, यूनिट टेस्ट जेनरेशन और लिगेसी कोड को नए फ्रेमवर्क में रीफैक्टर करने का काम अविश्वसनीय गति से करते हैं। इन टूल्स का मास्टर प्रोग्रामर अकेले एक पूरी जूनियर डेवलपर टीम के बराबर आउटपुट दे सकता है, यही वजह है कि टेक स्टार्टअप्स और बिग-टेक कंपनियां ऐसे 'एआई-असिस्टेड डेवलपर्स' को भारी-भरकम पैकेज पर हायर कर रही हैं।5. Midjourney और Ideogram: विजुअल डिजाइनिंग, ब्रांडिंग और एडवर्टाइजिंग का भविष्यमार्केटिंग, विज्ञापन और ग्राफिक डिजाइनिंग इंडस्ट्री में मिडजर्नी (Midjourney) और आइडियोग्राम (Ideogram) ने क्रांति ला दी है। जहां पहले एक सोशल मीडिया कैंपेन, प्रोडक्ट पैकेजिंग या बिलबोर्ड का कॉन्सेप्ट विजुअल तैयार करने में डिजाइन टीमों को हफ्तों का समय लगता था, वहीं अब प्रिसिजन प्रॉम्प्टिंग के जरिए फोटो-रियलिस्टिक और सटीक टाइपोग्राफी वाले विजुअल्स मिनटों में जनरेट किए जा रहे हैं। जो क्रिएटिव डायरेक्टर्स और विजुअल डिजाइनर्स इन टूल्स के जरिए क्लाइंट्स को त्वरित मॉकअप्स और आर्टवर्क डिलीवर करते हैं, फ्रीलांसिंग मार्केट से लेकर ऐड एजेंसियों में उनकी कमाई लाखों में पहुंच रही है।6. Perplexity AI: कॉर्पोरेट रिसर्च, मार्केट इंटेलिजेंस और कंपटीटिव एनालिसिसपारंपरिक गूगल सर्च में दर्जनों लिंक्स और विज्ञापनों को खंगालने का समय अब किसी भी सीनियर एक्जीक्यूटिव के पास नहीं है। परप्लेक्सिटी एआई (Perplexity AI) रियल-टाइम वेब सोर्सेज से संदर्भ और उद्धरण (Citations) सहित सटीक, फैक्चुअल और वेल-स्ट्रक्चर्ड रिसर्च रिपोर्ट्स तैयार करता है। मार्केट रिसर्चर्स, कंसल्टेंट्स, जर्नलिस्ट्स और इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट्स के लिए परप्लेक्सिटी का 'डीप रिसर्च' फीचर किसी जादुई हथियार से कम नहीं है, जिससे प्रतिस्पर्धी कंपनियों की चाल और इंडस्ट्री ट्रेंड्स का तुरंत सटीक खाका खींचा जा सकता है।7. Make.com और Zapier: नो-कोड एआई ऑटोमेशन और वर्कफ्लो ऑर्केस्ट्रेशनयदि आप किसी कंपनी में रोजाना होने वाले नीरस और दोहराव वाले कार्यों (Repetitive Tasks) को ऑटोमेट करना सीख जाएं, तो आप उस कंपनी के लिए अपरिहार्य बन जाते हैं। मेक डॉट कॉम (Make) और जैपियर (Zapier) ऐसे नो-कोड वर्कफ्लो ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म्स हैं जो सीआरएम (CRM), ईमेल, स्प्रेडशीट्स, स्लैक और एआई मॉडल्स को आपस में जोड़ देते हैं। बिना कोई लंबा कोड लिखे लीड जनरेशन, ऑटोमेटेड कस्टमर सपोर्ट टिकटिंग और इनवॉइस मैनेजमेंट के एंड-टू-एंड सिस्टम्स खड़े करने वाले ऑटोमेशन कंसल्टेंट्स आज दुनिया भर में सबसे महंगे घंटे के हिसाब से बिलिंग कर रहे हैं।8. Runway Gen-3 और Kling AI: वीडियो प्रोडक्शन, रील्स और मोशन मार्केटिंगशॉर्ट वीडियो, यूट्यूब, ओटीटी और डिजिटल एडवर्टाइजिंग के युग में वीडियो प्रोडक्शन की मांग आसमान छू रही है। रनवे जेन-3 (Runway Gen-3) और क्लिंग एआई (Kling AI) जैसे टेक्स्ट-टू-वीडियो और इमेज-टू-वीडियो जनरेटर किसी भी लिखित स्क्रिप्ट को सिनेमाई वीडियो शॉट्स में तब्दील कर देते हैं। वीडियो एडिटर्स और मोशन ग्राफिक्स आर्टिस्ट्स जो इन टूल्स को प्रीमियर प्रो और आफ्टर इफेक्ट्स के साथ जोड़ना जानते हैं, वे प्रोडक्शन बजट को 80 फीसदी तक घटाकर कंपनियों को असाधारण आरओआई (ROI) दिला रहे हैं, जिससे उनकी इंडस्ट्री वैल्यू कई गुना बढ़ गई है।9. ElevenLabs और Synthesia: वॉयस क्लोनिंग, एआई अवतार और ट्रेनिंग मॉड्यूल्सग्लोबल कंपनियों में ई-लर्निंग, एचआर ऑनबोर्डिंग और मल्टीलिंगुअल कंटेंट डबिंग के लिए इलेवनलैब्स (ElevenLabs) और सिंथेसिया (Synthesia) प्राथमिक विकल्प बन चुके हैं। इलेवनलैब्स की मदद से किसी भी आवाज की नेचुरल टोन और भावनाओं के साथ 30 से अधिक भाषाओं में वॉयसओवर तैयार किया जा सकता है। वहीं सिंथेसिया डिजिटल एआई अवतारों के जरिए बिना कैमरा, लाइट या एक्टर के हाई-क्वालिटी ट्रेनिंग और सेल्स पिच वीडियोज बनाता है। इन टूल्स में निपुणता रखने वाले ट्रेनर्स और वीडियो स्ट्रैटेजिस्ट्स को एडटेक और ग्लोबल कॉर्पोरेट्स में हाथों-हाथ लिया जा रहा है।10. Notion AI और Gamma App: नॉलेज मैनेजमेंट, पिच डेक और क्लाइंट प्रेजेंटेशनकिसी भी कंसल्टेंट या प्रोजेक्ट मैनेजर का आधा समय क्लाइंट्स के लिए प्रेजेंटेशन (PPT) और डॉक्यूमेंटेशन बनाने में बर्बाद होता है। गामा ऐप (Gamma App) सिर्फ एक साधारण प्रॉम्प्ट या बुलेट पॉइंट्स के आधार पर विजुअली स्टनिंग प्रेजेंटेशन डेक और वेबपेजेस तैयार कर देता है। वहीं नोशन एआई (Notion AI) कंपनी के आंतरिक ज्ञानकोष (Internal Knowledge Base), मीटिंग मिनट्स और टास्क मैनेजमेंट को व्यवस्थित और सर्च-फ्रेंडली बनाता है। स्टार्टअप्स में फाउंडर्स और कोर लीडरशिप ऐसे प्रोफेशनल्स पर आंख मूंदकर भरोसा करती है जो इन टूल्स से कंपनी का संचालन सुपर-फास्ट बना देते हैं।इन टूल्स को सीखकर अपने रिज्यूमे और लिंक्डइन पर कैसे करें शोकेस?सिर्फ इन टूल्स का नाम जान लेना काफी नहीं है, बल्कि इन्हें अपनी दैनिक वर्क-रूटीन में शामिल कर मापने योग्य परिणाम (Measurable Results) हासिल करना जरूरी है। जब आप इन टूल्स का इस्तेमाल सीख लें, तो अपने लिंक्डइन प्रोफाइल और रिज्यूमे के बुलेट पॉइंट्स में यह स्पष्ट लिखें कि आपने एआई टूल्स की मदद से कंपनी का कितना समय बचाया या प्रोजेक्ट की लागत में कितनी कटौती की (जैसे- Automated weekly reporting using Make.com and ChatGPT, saving 15 manual hours per week)। साथ ही, अपवर्क, फ्रीलांसर या सोशल मीडिया पर अपने एआई प्रोजेक्ट्स का एक पोर्टफोलियो प्रदर्शित करें। जब रिक्रूटर्स देखेंगे कि आप तकनीक के साथ कदमताल करने वाले आधुनिक 'एआई-एनेबल्ड प्रोफेशनल' हैं, तो वे आपको साधारण कर्मचारियों के मुकाबले कहीं अधिक सैलरी पैकेज और सीनियर लीडरशिप रोल ऑफर करने से खुद को रोक नहीं पाएंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की द्विमासिक समीक्षा बैठक शुरू होने के साथ ही देश के करोड़ों होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन धारकों के मन में केवल एक ही सवाल तैर रहा है—क्या अगले महीने से उनकी बैंक ईएमआई (EMI) बढ़ने वाली है या उसमें कोई कटौती होगी? इसी ऊहापोह के बीच प्रमुख सरकारी बैंक 'बैंक ऑफ बड़ौदा' (Bank of Baroda - BoB) के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट द्वारा जारी ताजा विश्लेषण रिपोर्ट ने ब्याज दरों के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, पिछली तिमाहियों में देखे गए ब्याज दरों में कटौती (Rate Cuts) के दौर पर फिलहाल विराम लग चुका है। रिपोर्ट का स्पष्ट आकलन है कि खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation), खाद्य उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक कच्चे तेल की अनिश्चितताओं को देखते हुए केंद्रीय बैंक द्वारा निकट भविष्य में किसी नई दर कटौती की संभावना न के बराबर है। इसका सीधा अर्थ यह है कि आम कर्जदारों को ईएमआई में किसी तात्कालिक कमी या राहत की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।रेपो रेट पर यथास्थिति (Pause) की संभावना, लेकिन रेट हाइक का जोखिम बरकरारबैंक ऑफ बड़ौदा की आर्थिक रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि केंद्रीय बैंक अक्टूबर की इस मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत रेपो रेट को 5.25% के स्तर पर अपरिवर्तित (Status Quo) रख सकता है। हालांकि, रिपोर्ट ने इस बात की ओर भी कड़ा आगाह किया है कि आने वाले महीनों में यदि खाद्य महंगाई और बेमौसम बारिश के कारण फसलों की पैदावार प्रभावित होती है, तो वित्त वर्ष के उत्तरार्ध में दरों में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) की एक संभावित बढ़ोतरी (Rate Hike) का दरवाजा पूरी तरह खुला हुआ है। बाजार के विश्लेषक मानते हैं कि त्योहारी सीजन को देखते हुए आरबीआई एकदम से कर्ज महंगा करने का सख्त कदम उठाने से बच सकता है, लेकिन अगर महंगाई दर 5% के पार टिकती है, तो भविष्य में ब्याज दरों को ऊपर की तरफ खिसकाना केंद्रीय बैंक की मजबूरी बन सकता है। इसलिए कर्जदारों के लिए सबसे मुफीद परिदृश्य यही है कि उनकी ईएमआई वर्तमान स्तर पर स्थिर रहे, जबकि घटने का कोई आधार फिलहाल नजर नहीं आ रहा।आपकी ईएमआई का असली गणित: यदि 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई तो कितना पड़ेगा फर्क?यदि आरबीआई भविष्य में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) का इजाफा करता है, तो वाणिज्यिक बैंकों के एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR/RLLR) में तुरंत उतनी ही वृद्धि हो जाएगी। आइए एक व्यावहारिक उदाहरण से समझते हैं कि ₹30 लाख और ₹50 लाख के 20 वर्षीय होम लोन पर इसका क्या असर पड़ेगा:₹30 लाख का होम लोन (20 वर्ष की अवधि): यदि आपकी मौजूदा ब्याज दर 8.50% है, तो आपकी मासिक ईएमआई लगभग ₹26,035 बैठती है। यदि बैंक ऑफ बड़ौदा या अन्य बैंक रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी के बाद आपकी दर 8.75% कर देते हैं, तो आपकी ईएमआई बढ़कर लगभग ₹26,511 हो जाएगी। यानी हर महीने ₹476 और पूरे 20 वर्षों में लगभग ₹1,14,240 का अतिरिक्त ब्याज बोझ पड़ेगा।₹50 लाख का होम लोन (20 वर्ष की अवधि): 8.50% की ब्याज दर पर ₹50 लाख के कर्ज की ईएमआई ₹43,391 प्रति माह होती है। 0.25% की वृद्धि (8.75%) के बाद यह ईएमआई बढ़कर ₹44,186 प्रति माह हो जाएगी। यानी हर महीने ₹795 का सीधा इजाफा होगा, जिससे कुल लोन अवधि में लगभग ₹1.90 लाख से अधिक की अतिरिक्त रकम ब्याज के रूप में चुकानी होगी।बैंक ईएमआई बढ़ाते हैं या लोन की अवधि (Tenure)? समझिए इनर वर्किंगफ्लोटिंग रेट होम लोन में जब भी बैंक ब्याज दरों में इजाफा करते हैं, तो वे आमतौर पर ग्राहक की मासिक ईएमआई की रकम को तुरंत नहीं बदलते। इसके बजाय बैंक लोन की अवधि (Tenure) को 12 से 24 महीने आगे बढ़ा देते हैं, ताकि ग्राहक के मासिक बजट में तत्काल झटका न लगे। लेकिन यह व्यवस्था लंबी अवधि में कर्जदार के लिए और भी ज्यादा नुकसानदेह साबित होती है, क्योंकि लोन का टेन्योर बढ़ने से कंपाउंडिंग ब्याज का चक्र कई गुना बड़ा हो जाता है। उदाहरण के लिए, 20 साल के लोन में यदि दरें 0.50% तक बढ़ जाएं और ईएमआई न बढ़ाई जाए, तो लोन की कुल अवधि 20 साल से बढ़कर 23 से 24 साल तक खिंच सकती है। इसलिए वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह होती है कि जब भी बैंक ब्याज दर बढ़ाएं, तो टेन्योर लंबा करवाने के बजाय अपनी ईएमआई की रकम में आंशिक वृद्धि करवा लें ताकि लोन समय पर चुकता हो सके।रेपो-लिंक्ड बनाम एमसीएलआर: किस लोन पर तुरंत पड़ेगा असर?बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में कर्जदारों को अपनी लोन कैटेगरी चेक करने की विशेष सलाह दी गई है। यदि आपका होम लोन अक्टूबर 2019 के बाद का है और वह रेपो रेट से सीधे लिंक (RLLR / EBLR) है, तो आरबीआई के किसी भी फैसले का असर आपके खाते पर कुछ ही दिनों के भीतर दिखाई देगा। वहीं जिन पुराने ग्राहकों का लोन एमसीएलआर (MCLR - Marginal Cost of Funds based Lending Rate) या बेस रेट पर चल रहा है, उन पर असर तुरंत नहीं होता बल्कि उनके 6 महीने या 1 साल के 'रीसेट क्लॉज' के समय ही नई दरें लागू होती हैं। यदि किसी पुराने ग्राहक का लोन ऊंचे एमसीएलआर पर चल रहा है, तो वह मामूली स्विचिंग फीस देकर अपने लोन को रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट (EBLR) में ट्रांसफर करा सकता है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।कर्जदारों के लिए स्मार्ट वित्तीय सलाह: इस अनिश्चितता में क्या करें?ब्याज दरों में ठहराव और भविष्य में संभावित बढ़ोतरी के इस दौर में होम लोन ग्राहकों को एक अनुशासित रणनीति अपनानी चाहिए। सबसे पहले, अपने बैंक स्टेटमेंट और लोन लेटर में अपनी मौजूदा ब्याज दर और रीसेट डेट की जांच करें। दूसरा, यदि आपके पास बोनस, पीएफ या बचत से कोई अतिरिक्त फंड आता है, तो हर साल अपने मूलधन का 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा प्री-पेमेंट (Prepayment) के रूप में जमा करने का लक्ष्य रखें। हर साल केवल एक अतिरिक्त ईएमआई जमा करने से 20 साल का होम लोन 16 से 17 साल में ही समाप्त हो जाता है और लाखों रुपये के अतिरिक्त ब्याज की सीधी बचत हो जाती है। जब तक रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति का आधिकारिक रुख पूरी तरह साफ नहीं हो जाता, तब तक किसी भी नए महंगे अनसिक्योर्ड लोन (जैसे पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन) से दूरी बनाना ही आर्थिक समझदारी होगी।
वैश्विक जलवायु चक्र 'अल नीनो' (El Nio) के प्रतिकूल प्रभाव और मानसून के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हुई कम बारिश के चलते महाराष्ट्र में गंभीर जल संकट की आहट सुनाई देने लगी है। आने वाली गर्मियों और अगले साल के मानसून तक राज्य में सूखे जैसी विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने समय रहते बेहद कड़ा और दूरगामी प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए आगामी 16 अक्टूबर 2026 से पूरे महाराष्ट्र के सभी शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों (Local Bodies) में जलापूर्ति में न्यूनतम 10 प्रतिशत की अनिवार्य कटौती लागू करने का ऐलान किया है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि यह कटौती किसी तात्कालिक कमी के कारण नहीं, बल्कि भविष्य में 31 अगस्त 2027 तक नागरिकों के लिए सुरक्षित पेयजल भंडार उपलब्ध रखने की एक पूर्व-नियोजित रणनीति का हिस्सा है।मुंबई, ठाणे और पुणे समेत किन-किन इलाकों पर पड़ेगा सीधा असर?सरकार के इस नए आदेश का दायरा राज्य की सभी महानगर पालिकाओं (Municipal Corporations), नगर परिषदों, नगर पंचायतों और ग्रामीण ग्राम पंचायतों तक फैला हुआ है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अधिकार क्षेत्र वाले देश के सबसे बड़े महानगरमुम्बईClick to open side panel for more information के साथ-साथ ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, मीरा-भायंदर, पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), नागपुर, सोलापुर और कोल्हापुर जैसे प्रमुख शहरों में नलों से आने वाले पानी के समय और प्रेशर में कमी देखने को मिलेगी। खासतौर पर वे शहरी बस्तियां और ऊंची सोसायटियां जो सीधे म्यूनिसिपल वाटर सप्लाई पर निर्भर हैं, वहां दिन में पानी आने के घंटों में कटौती की जाएगी। जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पानी की पाइपलाइनों में होने वाले लीकेज, अवैध नलकूपों और वाल्वमैन की मनमानी पर लगाम लगाकर इस 10 प्रतिशत पानी की सीधी बचत की जाएगी, ताकि अंतिम छोर पर बसे सामान्य परिवारों पर इसका बहुत तीखा असर न पड़े।31 अगस्त 2027 तक का रोडमैप: हर बांध में रहेगा 10% आपातकालीन बफर स्टॉकराज्य कैबिनेट और जल संसाधन विभाग द्वारा तैयार किए गए जल प्रबंधन फॉर्मूले में 'पेयजल' को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सभी जिलाधिकारियों और डिवीजनल कमिश्नरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले प्रमुख बांधों और जलाशयों में 31 अगस्त 2027 तक की कुल आबादी की पेयजल जरूरतों का सटीक अनुमान लगाएं और उतना पानी केवल पीने के लिए आरक्षित (Reserve) रखें। इसके अलावा, भविष्य की किसी भी मौसमी अनिश्चितता, वाष्पीकरण (Evaporation Loss) और सिल्ट जमा होने के जोखिम से बचने के लिए प्रत्येक जलाशय में उपलब्ध पानी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत हिस्सा 'इमरजेंसी बफर स्टॉक' के तौर पर सील रखा जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में हालात बेहद बेकाबू होते हैं, तो तकनीकी परीक्षण के बाद बांधों के 'डेड स्टोरेज' (निचले तलछट का पानी) को भी उपयोग में लाने का आपात विकल्प खुला रखा गया है।कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पीने का पानी पूरी तरह बैन, सीवेज का ट्रीटेड पानी होगा अनिवार्यशहरों में पीने के साफ पानी की खुली बर्बादी को रोकने के लिए सरकार ने निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। नए नियमों के तहत रियल एस्टेट कंस्ट्रक्शन साइट्स, कंक्रीट मिक्सिंग प्लांट्स, बड़े पार्कों और बगीचों में हरियाली बनाए रखने तथा व्यावसायिक वाहनों की धुलाई (Car Washing) के लिए अब पीने योग्य नगर पालिका के पानी का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इन सभी गैर-जरूरी कार्यों के लिए स्थानीय निकायों को अपने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) को शत-प्रतिशत क्षमता पर चलाने और केवल 'ट्रीटेड वेस्टवाटर' (Reclaimed Water) उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। यदि कोई बिल्डर या कमर्शियल संस्था साफ पीने के पानी को निर्माण कार्य में इस्तेमाल करती पाई गई, तो उसका पानी का कनेक्शन तुरंत काटने के साथ भारी जुर्माना लगाया जाएगा।उद्योगों को 30% पानी रीसाइकिल करना अनिवार्य, खेती के लिए तय हुई प्राथमिकताऔद्योगिक क्षेत्रों में पानी की खपत को लेकर भी सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। महाराष्ट्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (MIDC) और निजी औद्योगिक इकाइयों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपनी दैनिक जल खपत का कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा खुद रीसाइकिल और पुनः इस्तेमाल (Reuse) करें। इससे उद्योगों की ताजे पानी पर निर्भरता घटेगी। वहीं दूसरी ओर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के लिए पानी छोड़ने की स्पष्ट प्राथमिकता तय कर दी गई है: सबसे पहले इंसानों का पेयजल, दूसरे नंबर पर मवेशियों-पशुओं और चारे की जरूरतें पूरी की जाएंगी। इसके बाद ही शेष जल भंडार से सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ा जाएगा, जिसमें भी रबी सीजन की खाद्यान्न फसलों को बारहमासी (Perennial) नकदी फसलों जैसे गन्ने के मुकाबले प्राथमिकता मिलेगी।पानी चोरी और अवैध मोटर पंपों पर चलेगा पुलिस व राजस्व विभाग का डंडाजलाशयों, नदियों और खुली नहरों से पानी की चोरी रोकने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस, राजस्व और सिंचाई विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स (Joint Flying Squads) गठित करने का फरमान सुनाया है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में नहरों से बिना आधिकारिक अनुमति के शक्तिशाली डीजल पंप या सबमर्सिबल मोटर लगाकर पानी खींचने वालों के खिलाफ सख्त आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। गश्ती टीमें औचक निरीक्षण करेंगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर अवैध पाइपलाइन और बिजली के मोटर पंप मौके पर ही जब्त कर लिए जाएंगे। सरकार ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे आने वाले आठ से दस महीनों तक पानी के एक-एक बूंद के महत्व को समझें, घरों में लीकेज ठीक कराएं और ब्रश करते, नहाते या बर्तन धोते समय नलों को खुला न छोड़कर जल संरक्षण के इस राज्यव्यापी अभियान में पूर्ण सहयोग दें।
छत्तीसगढ़ Coal Levy Scam: EOW ने MLA देवेंद्र यादव समेत 12 लोगों पर पेश किया पूरक चालान
रायपुर, पांच अक्टूबर छत्तीसगढ़ में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा/एंटी करप्शन ब्यूरो (ईओडब्ल्यू/एसीबी) ने कथित कोयला लेवी घोटाले में सोमवार को छठा पूरक चालान दाखिल किया, जिसमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र सिंह यादव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी जय प्रकाश मौर्य समेत 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। लगभग 10 हजार पन्नों का यह पूरक चालान सोमवार को विशेष न्यायालय में दाखिल किया गया। बचाव पक्ष के वकील फैसल रिजवी ने बताया कि चालान में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है और इनमें से ज्यादातर लोग प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोयला घोटाला मामले में पहले से आरोपी हैं। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किलों पर लगाए गए आरोप झूठे हैं और वे अदालत में अपना बचाव करेंगे। चालान में नामजद अन्य आरोपियों में कांग्रेस के पूर्व विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय, पार्टी नेता रामप्रताप सिंह और विनोद तिवारी, व्यवसायी सुनील कुमार अग्रवाल, पीयूष कुमार साहू, जोगिंदर सिंह, अनुराग चौरसिया, दीपेश टांक और राहुल मिश्रा शामिल हैं। ईओडब्ल्यू ने जनवरी 2024 में ईडी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। ईडी इस कथित घोटाले के धनशोधन पहलू की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान नौकरशाहों, व्यवसायियों, राजनेताओं और बिचौलियों के एक सिंडिकेट ने राज्य में कोयला परिवहनकर्ताओं से कथित तौर पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध लेवी वसूली थी। एजेंसियों का आरोप है कि इस सिंडिकेट में सूर्यकांत तिवारी जैसे निजी व्यक्ति तथा पिछली भूपेश बघेल सरकार के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया और आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई जैसे सरकारी अधिकारी शामिल थे। आरोप है कि इन लोगों ने कुछ राजनीतिक अधिकारियों के समर्थन से खनिज परिवहन प्रणाली में जानबूझकर बदलाव किए। चालान में कहा गया है कि आयकर विभाग द्वारा जब्त की गई हाथ से लिखी डायरियों से पता चलता है कि जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला लेवी के तौर पर लगभग 540 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे। ईओडब्ल्यू ने इससे पहले 22 आरोपियों के खिलाफ एक आरोप पत्र और पांच पूरक चालान दाखिल किए थे। इन आरोपियों में आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई, रानू साहू और सौम्या चौरसिया शामिल हैं। सोमवार को दाखिल किए गए चालान में एजेंसी ने आरोप लगाया कि सूर्यकांत तिवारी कोयला लेवी से मिलने वाली रकम को एकत्र करने, उसका हिसाब-किताब रखने और उसके इस्तेमाल की पूरी प्रणाली चलाते थे। आरोप है कि तिवारी ने कोयला परिवहन की मंजूरी देने की प्रक्रिया में बदलाव करवाने और क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश जारी करने के लिए तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ तालमेल बनाने में अपने राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का इस्तेमाल किया। राज्य की एजेंसी ने कहा कि कोयला परिवहनकर्ताओं से प्रति टन 25 रुपये की मांग की जाती थी और धन लेने के बाद ही डिलीवरी ऑर्डर को मंजूरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती थी। परिवहनकर्ताओं ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि पैसे देने से इनकार करने वालों को मंजूरी रुकने, वाहनों को रोके जाने और कारोबार से जुड़ी अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पूर्व विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय से जुड़ी डायरी की चार प्रविष्टियों में कथित तौर पर 49.50 लाख रुपये दर्ज थे। राय ने ईडी को बताया था कि उन्हें तिवारी से नकद मिला था और उन्होंने इसका इस्तेमाल उत्तर प्रदेश में चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं के रहने, खाने, यात्रा और चुनाव से जुड़े अन्य खर्चों के लिए किया था। एजेंसी का आरोप है कि उस समय कांग्रेस के प्रवक्ता रहे रामप्रताप सिंह को मीडिया प्रबंधन के काम के लिए तिवारी से नकद मिला था। जब्त की गई डायरियों में पांच फरवरी 2021 से तीन जून 2022 के बीच आरपी सिंह और आरपी नाम से 25 प्रविष्टियां मिलीं, जिनमें 2.92 करोड़ रुपये दर्ज थे। चालान पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने पीटीआई- वीडियो से कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि मामले के अदालत तक पहुंचने का वह स्वागत करते हैं और उन्हें भरोसा है कि उन्हें न्याय मिलेगा। यादव ने यह भी सवाल उठाया कि जांच में इतना समय क्यों लगा। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो जेल जाने से डर लगता है और न ही भाजपा से।
देश के महानगरों और टियर-2 शहरों में कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और दैनिक यात्रियों के लिए ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित कैब व बाइक-टैक्सी सेवाएं यात्रा का प्रमुख साधन बन चुकी हैं। हालांकि, देर रात की यात्राओं, ड्राइवर द्वारा मनमाने रूट पर गाड़ी ले जाने और सुरक्षा से जुड़ी अप्रिय घटनाओं ने समय-समय पर डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने देश भर में डिजिटल ट्रांसपोर्ट और कैब एग्रीगेटर्स के लिए एक विस्तृत और सख्त सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के नेतृत्व में तैयार इन दिशा-निर्देशों को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजकर इसे जमीनी स्तर पर अनिवार्य रूप से लागू कराने का आग्रह किया गया है। आयोग का स्पष्ट रुख है कि तकनीक की सुविधा किसी भी सूरत में महिला यात्रियों की गरिमा और शारीरिक सुरक्षा की कीमत पर नहीं दी जा सकती।गाड़ी के भीतर फिजिकल पैनिक बटन और 24x7 कमांड सेंटर अनिवार्यआयोग द्वारा जारी नई सिफारिशों में सबसे प्रमुख प्रावधान कैब के भीतर 'फिजिकल पैनिक बटन' (SOS Button) की मौजूदगी को लेकर है। अक्सर आपातकालीन स्थिति में महिला यात्री के लिए मोबाइल फोन निकालना, ऐप खोलना या नेटवर्क न होने पर डिजिटल बटन दबाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे हालात से निपटने के लिए कैब और टैक्सियों की पिछली सीट के पास ऐसा फिजिकल इमरजेंसी बटन होना चाहिए जिसे दबाते ही सीधे आपातकालीन सायरन बजे और वाहन की जीपीएस लोकेशन सीधे पुलिस कंट्रोल रूम (112) और कंपनी के 24x7 कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को लाइव ट्रांसमिट हो जाए। इसके साथ ही सभी कैब एग्रीगेटर्स को एक चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला आधुनिक कंट्रोल रूम संचालित करना होगा, जो किसी भी पैनिक अलर्ट या अनहोनी की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना देकर 15 से 20 मिनट के भीतर जमीनी स्तर पर आपातकालीन सहायता उपलब्ध करा सके।रास्ता भटकते ही बजेगा अलार्म: रूट डेविएशन और असामान्य ठहराव पर नजरकैब यात्रा के दौरान कई बार ड्राइवर ऐप द्वारा सुझाए गए सीधे और सुरक्षित रास्ते के बजाय सुनसान गलियों, अनधिकृत रास्तों या विपरीत दिशा में वाहन मोड़ लेते हैं, जिससे महिला यात्रियों में अनजाना भय पैदा हो जाता है। इस जोखिम को पूरी तरह खत्म करने के लिए एनसीडब्ल्यू ने रियल-टाइम रूट डेविएशन ट्रैकिंग (Real-Time Route Deviation Alerts) की सिफारिश की है। यदि कोई कैब तय जीपीएस रूट से अचानक किसी गलत दिशा में मुड़ती है या बीच रास्ते में किसी संदिग्ध और सुनसान जगह पर असामान्य रूप से काफी देर तक खड़ी रहती है, तो सिस्टम स्वतः ही यात्री के फोन और कंट्रोल रूम दोनों को जोर से अलर्ट भेजेगा। इसके तुरंत बाद कमांड सेंटर से यात्री और ड्राइवर दोनों को सुरक्षा कॉल जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को शुरुआत में ही रोका जा सके।अकेले सफर करने वाली महिलाओं को मिले महिला ड्राइवर चुनने का विकल्पमहिला यात्रियों के मानसिक भरोसे और सहजता को बढ़ाने के लिए आयोग ने एक बेहद दूरगामी सुझाव दिया है। इसके तहत ओला, उबर और अन्य कैब प्लेटफॉर्म्स को अपने नेटवर्क में एक सत्यापित महिला ड्राइवरों का पूल (Verified Pool of Women Drivers) तैयार करने और उसे प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है। जब कोई महिला यात्री देर रात या अकेले यात्रा के लिए कैब बुक कर रही हो, तो ऐप में उसे यह वैकल्पिक सुविधा मिलनी चाहिए कि वह चाहे तो महिला ड्राइवर का चयन कर सके। हालांकि आयोग ने यह भी माना है कि यह सुविधा ड्राइवरों की उपलब्धता और स्थानीय व्यावहारिकता पर निर्भर करेगी, लेकिन इस विकल्प के जुड़ने से महिलाओं में स्वतंत्र रूप से यात्रा करने का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाएगा।ड्राइवर या गाड़ी का नंबर मिसमैच होने पर जीरो कैंसिलेशन चार्जकई बार बुकिंग के समय ऐप में दिखने वाला ड्राइवर और कार का रजिस्ट्रेशन नंबर मौके पर आने वाले वाहन से पूरी तरह अलग होता है। ऐसे मामलों में जब यात्री असुरक्षा महसूस कर राइड कैंसिल करते हैं, तो कैब कंपनियां उल्टा यात्री पर ही कैंसिलेशन पेनल्टी ठोक देती हैं। एनसीडब्ल्यू ने इस अनैतिक व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है। मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस के नियमों का हवाला देते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि आने वाली कार, उसका नंबर या ड्राइवर की शक्ल ऐप में दिखाई गई प्रोफाइल से मेल नहीं खाती है, तो महिला यात्री को बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज (Penalty-Free Cancellation) के राइड रद्द करने का पूरा वैधानिक अधिकार होगा। इस तरह के मिसमैच को सीधा सुरक्षा उल्लंघन मानकर कंपनी को संबंधित ड्राइवर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी होगी।पुलिस वेरिफिकेशन, एल्कोहल टेस्ट और देर रात की यात्राओं के विशेष नियमड्राइवरों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने यानी ऑनबोर्डिंग से पहले उनके आपराधिक इतिहास की गहन जांच और अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा ड्राइवरों का हर छह महीने या साल भर में री-वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए। देर रात चलने वाली कैबों के लिए विशेष प्रोटोकॉल सुझाए गए हैं—जैसे ट्रिप शुरू होने से पहले ड्राइवर का फेस ऑथेंटिकेशन (लाइव सेल्फी), शराब या नशे की जांच (Intoxication Checks), विश्वसनीय संपर्कों के साथ ऑटो-ट्रिप शेयरिंग और यात्रा समाप्त होने पर सुरक्षित घर पहुंचने की पुष्टि (Safe-Drop Confirmation)। साथ ही सभी ड्राइवरों के लिए जेंडर सेंसिटाइजेशन (लैंगिक संवेदनशीलता) और महिलाओं के साथ शालीन व्यवहार से जुड़ी नियमित अनिवार्य ट्रेनिंग को लागू किया जाएगा, ताकि देश की सड़कों पर हर महिला बिना किसी भय के सुरक्षित सफर कर सके।
दशहरा, करवाचौथ, धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों की शुरुआत के साथ ही बाजार में दूध, मावा (खोया), पनीर, मिठाइयों और देसी घी की मांग में भारी उछाल देखने को मिलता है। इसी बढ़ी हुई मांग की आड़ में अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और बाजार में डिटर्जेंट, यूरिया, रिफाइंड तेल, स्टार्च और खतरनाक रसायनों से तैयार सिंथेटिक खाद्य उत्पाद उतार देते हैं। आम जनता की सेहत को सीधे तौर पर खतरे में डालने वाली इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 'अत्यंत महत्वपूर्ण' (Most Important) श्रेणी का आधिकारिक अलर्ट जारी किया है। नियामक ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को हाई-अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत डेयरी प्लांटों, थोक मंडियों, कोल्ड स्टोरेज, अंतरराज्यीय परिवहन चेक-पोस्टों और स्थानीय मिठाई दुकानों पर 24 घंटे निगरानी रखने और संदिग्ध नमूनों को तुरंत जब्त करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।सिंथेटिक दूध, मावा और नकली पनीर का जानलेवा नेटवर्क: क्या मिला रहे हैं मुनाफाखोर?त्योहारों के दौरान देश में प्राकृतिक दूध का उत्पादन सीमित रहता है, लेकिन मावा और पनीर की मांग चार से पांच गुना तक बढ़ जाती है। इस भारी अंतर को पाटने के लिए मिलावटखोर संगठित तरीके से रासायनिक खेल खेलते हैं। जांच रिपोर्टों के अनुसार, नकली मावा तैयार करने के लिए घटिया स्तर के मिल्क पाउडर, आलू, शकरकंद, अरारोट, स्टार्च और बासी ब्रेड का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि उसमें चिकनाई लाने के लिए सस्ता पॉम ऑयल या वनस्पति घी मिलाया जाता है। वहीं नकली और सिंथेटिक पनीर बनाने के लिए सिंथेटिक दूध में कास्टिक सोडा, डिटर्जेंट पाउडर, यूरिया और हाइड्रोड्रोजन पेरोक्साइड जैसे जहरीले केमिकल घोले जाते हैं। इतना ही नहीं, शुद्ध देसी घी के नाम पर बाजार में जानवरों की चर्बी, पैराफिन वैक्स और आर्टिफिशियल बटर फ्लेवर मिलाकर तैयार किया गया जहरीला मिश्रण बेचा जाता है। ऐसे दूषित और मिलावटी खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन करने से लिवर और किडनी खराब होने, फूड पॉइजनिंग, आंतों में अल्सर और लंबे समय में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन और अंतरराज्यीय चेक-पोस्टों पर सघन चेकिंग अभियानFSSAI ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया है कि मिलावट को पकड़ने के लिए केवल पारंपरिक कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर अत्याधुनिक 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' (FSW) यानी मोबाइल लैब वैन को सीधे बाजारों, रेलवे स्टेशनों और हाईवे के टोल प्लाजा पर तैनात किया जाएगा। ये वैन मौके पर ही महज 15 से 20 मिनट के भीतर दूध, खोया और घी में स्टार्च, यूरिया, डिटर्जेंट और कृत्रिम रंगों की प्राथमिक जांच करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रकों और यात्री बसों के जरिए सप्लाई होने वाले मावे और पनीर की खेपों की गहन जांच के लिए पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टास्क फोर्स बनाई गई है। बिना वैध खाद्य लाइसेंस (FSSAI License/Registration) के संचालित होने वाली अवैध डेयरियों और गैर-कानूनी विनिर्माण इकाइयों को मौके पर ही सील करने और भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं।घर बैठे ऐसे करें असली और नकली मावा, पनीर और देसी घी की पहचानउपभोक्ताओं को अपनी सतर्कता से मिलावटी सामान से बचने के लिए FSSAI ने कुछ आसान घरेलू जांच विधियां (DART - Detect Adulteration with Rapid Tests) सुझाई हैं, जिन्हें कोई भी व्यक्ति अपनी रसोई में कुछ मिनटों में आजमा सकता है:मावा (खोया) में स्टार्च की जांच: बाजार से लाए गए मावे के एक छोटे टुकड़े को पानी में उबालकर ठंडा कर लें। इसके बाद उस पर टिंचर आयोडीन की 2-3 बूंदें डालें। यदि मावे का रंग बदलकर नीला या गहरा जामुनी हो जाता है, तो उसमें मिलावटी स्टार्च या उबला आलू मिला हुआ है। शुद्ध मावे का रंग आयोडीन डालने पर नहीं बदलता। इसके अलावा असली मावे को हथेली पर रगड़ने से घी की खुशबू और हल्की चिकनाई निकलती है, जबकि नकली मावा दानेदार और चिपचिपा महसूस होता है।पनीर की बनावट और आयोडीन टेस्ट: पनीर के एक टुकड़े को पानी में उबालें और ठंडा होने पर उस पर आयोडीन की बूंदें डालें। नीला रंग आना मिलावट का स्पष्ट संकेत है। इसके अलावा असली पनीर बेहद मुलायम होता है और मुंह में रखते ही घुलने जैसा स्वाद देता है, जबकि सिंथेटिक या रबर जैसा पनीर चबाने में सख्त महसूस होता है और खींचने पर रबड़ की तरह खिंचता है।शुद्ध देसी घी का हाइड्रोक्लोरिक एसिड टेस्ट: एक चम्मच पिघले हुए घी में समान मात्रा में हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) और एक चुटकी चीनी मिलाएं। इसे अच्छी तरह हिलाकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें। यदि नीचे का हिस्सा गहरा लाल या गुलाबी हो जाता है, तो घी में वनस्पति (डालडा) की मिलावट है। इसके अतिरिक्त, एक चम्मच घी को गर्म पैन में डालें; यदि वह तुरंत पिघलकर गहरा भूरा हो जाए तो वह शुद्ध है, लेकिन यदि पिघलने में समय ले और पीला दिखे तो उसमें मिलावट हो सकती है।मिलावट साबित होने पर आजीवन कारावास और 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधानखाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act) के प्रावधानों के तहत मिलावटी और असुरक्षित (Unsafe) खाद्य सामग्री का निर्माण, भंडारण या बिक्री करना एक गैर-जमानती और गंभीर संज्ञेय अपराध है। FSSAI के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यदि किसी खाद्य पदार्थ की मिलावट से किसी व्यक्ति की जान को खतरा पैदा होता है या गंभीर बीमारी होती है, तो दोषी व्यापारी या निर्माता के खिलाफ धारा 59 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके तहत दोषी को न्यूनतम 7 साल की कैद से लेकर आजीवन कारावास (Life Imprisonment) तक की सजा और ₹10 लाख तक के आर्थिक जुर्माने का सख्त कानूनी प्रावधान है। इसके अलावा, बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के फूड लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा।आम नागरिक यहां दर्ज करा सकते हैं मिलावट की सीधी शिकायतFSSAI ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध दुकान या मिलावटी उत्पाद की सूचना देने में संकोच न करें। यदि आपको किसी मिठाई की दुकान, डेयरी या किराना स्टोर पर मिलावटी मावा, पनीर या घी बेचे जाने का संदेह है, तो आप सीधे केंद्र सरकार के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोर्टल 'FoSCoS' (Food Safety Compliance System) पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा FSSAI के राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800112100 पर कॉल करके या 'Food Safety Connect' मोबाइल ऐप के माध्यम से फोटो और बिल अपलोड करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उपभोक्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और स्थानीय खाद्य निरीक्षकों की टीम चौबीस घंटे के भीतर मौके पर पहुंचकर नमूने एकत्र करेगी।
GST रजिस्ट्रेशन में बड़े बदलाव की तैयारी, एक फार्म से पूरे देश में कर सकेंगे कारोबार; पूरी डिटेल
जीएसटी काउंसिल 7 अक्टूबर को एक नए और आसान जीएसटी पंजीकरण फॉर्म पर विचार करेगी, जिससे कंपनियां एक ही रजिस्ट्रेशन से कई राज्यों में कारोबार कर सकेंगी।
ट्रेन में 5 से 12 साल के बच्चे का टिकट कब हाफ तो कब लगता है फुल किराया? जानिए रेलवे का असली नियम
भारतीय रेलवे से सफर करने वाले करोड़ों परिवारों के बीच बच्चों के टिकट के नियमों को लेकर अक्सर संशय की स्थिति बनी रहती है। कई बार यात्री अनजाने में टिकट बुकिंग के दौरान गलत विकल्प चुन लेते हैं, जिससे या तो उन्हें बच्चों के लिए अनचाहे पूरे वयस्क का किराया (Full Fare) चुकाना पड़ जाता है, या फिर यात्रा के दौरान सीट न मिलने पर भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। रेलवे बोर्ड के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का सफर बिना सीट के पूरी तरह मुफ्त होता है। वहीं 12 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बच्चों को पूर्ण वयस्क मानकर पूरा किराया वसूला जाता है। सबसे ज्यादा पेंच 5 वर्ष से लेकर 12 वर्ष से कम (यानी 5 से 11 वर्ष) की आयु वाले बच्चों के टिकट पर फंसता है। रेलवे के नियमों के अनुसार, इस आयु वर्ग के बच्चों का किराया 'हाफ' लगेगा या 'फुल', यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने उनके लिए अलग सीट/बर्थ की मांग की है या नहीं।जब नहीं चाहिए अलग सीट या बर्थ: तब लगता है हाफ किरायायदि आप 5 से 12 वर्ष के बच्चे के साथ सफर कर रहे हैं और आप चाहते हैं कि बच्चा आपकी ही सीट या बर्थ शेयर करे, तो आपको केवल हाफ टिकट (Half Fare Ticket) लेना होता है। इस विकल्प में रेलवे बच्चे के लिए कोई अलग सीट या बर्थ अलॉट नहीं करता। वित्तीय गणना के अनुसार, हाफ टिकट में बच्चे का बेस फेयर (मूल किराया) 50 प्रतिशत ही लिया जाता है, हालांकि उस पर लगने वाले रिजर्वेशन शुल्क, सुपरफास्ट चार्ज और जीएसटी जैसे अनिवार्य टैक्स पूरे जोड़े जाते हैं। यह विकल्प मुख्य रूप से छोटी दूरी की यात्राओं, दिन के समय चेयर कार (CC/2S) के सफर, या जब माता-पिता अपने छोटे बच्चे को रात में अकेले बर्थ पर सुलाने के बजाय अपने पास ही सुलाना चाहते हों, तब बेहद किफायती और मुफीद साबित होता है।जब चाहिए अलग सीट या बर्थ: तब देना होगा पूरा 100% वयस्क किरायायदि आप चाहते हैं कि आपके 5 से 12 साल के बच्चे को वयस्कों की तरह ट्रेन में एक अलग, स्वतंत्र सीट या स्लीपर/एसी बर्थ मिले, तो रेलवे के संशोधित नियमों के तहत आपको पूरा वयस्क किराया (100% Adult Fare) चुकाना होगा। इस स्थिति में बच्चे को किसी भी प्रकार की किराये की छूट नहीं मिलती और उसका टिकट सामान्य वयस्क यात्री की तरह ही प्रोसेस होता है। लंबी दूरी और रात की यात्राओं (Overnight Journeys) के लिए अधिकांश परिवार इसी विकल्प को चुनते हैं, क्योंकि संकरी स्लीपर या एसी बर्थ पर एक वयस्क और 8-10 साल के बच्चे का एक साथ सोना यात्रा को थकाऊ और असहज बना देता है।IRCTC ऐप और वेबसाइट पर बुकिंग के समय इस तरह चुनें सही विकल्पआईआरसीटीसी (IRCTC) के ऑनलाइन पोर्टल या रेल कनेक्ट मोबाइल ऐप के जरिए टिकट बुक करते समय पैसेंजर डिटेल्स भरते वक्त यह विकल्प स्क्रीन पर दिखाई देता है। जैसे ही आप बच्चे की उम्र 5 से 11 वर्ष के बीच दर्ज करेंगे, सिस्टम आपसे तुरंत पूछेगा: Do you want a full berth? (क्या आपको पूरी बर्थ चाहिए?)। यदि आप 'Yes' का चयन करते हैं, तो सिस्टम बच्चे के लिए अलग बर्थ अलॉट करेगा और टिकट का कुल बिल फुल एडल्ट फेयर के बराबर जोड़ेगा। वहीं यदि आप 'No' चुनते हैं, तो बच्चे का नाम और उम्र टिकट पर दर्ज हो जाएगी, लेकिन बर्थ अलॉट नहीं होगी और किराया लगभग आधा (हाफ फेयर) लिया जाएगा। रेलवे आरक्षण काउंटर पर भी फॉर्म भरते समय 'Berth Required' वाले कॉलम में 'Yes' या 'No' लिखना अनिवार्य होता है।5 साल से कम उम्र के बच्चों और 12 साल से ऊपर के लिए क्या हैं रेलवे के नियम?रेलवे के अन्य आयु वर्गों के नियमों को भी जानना जरूरी है:5 साल से कम उम्र के बच्चे: 5 वर्ष से कम आयु के शिशुओं और बच्चों का सफर ट्रेन में शत-प्रतिशत मुफ्त होता है। हालांकि सुरक्षा और रेलवे रिकॉर्ड के लिए आईआरसीटीसी पर 'Add Infant Without Berth' विकल्प के जरिए उनका नाम टिकट में शून्य किराये पर जोड़ना अनिवार्य होता है।12 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चे: 12 वर्ष की आयु पूरी कर चुके किसी भी बच्चे को रेलवे कानूनी रूप से वयस्क मानता है। उनके लिए हाफ टिकट का कोई प्रावधान नहीं है; उन्हें पूरी सीट/बर्थ अनिवार्य रूप से दी जाती है और पूरा किराया वसूला जाता है।सफर के दौरान आयु प्रमाण पत्र (Age Proof) रखना क्यों है बेहद जरूरी?हाफ टिकट या 5 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ सफर करते समय टीटीई (TTE) द्वारा चेकिंग के दौरान बच्चे का वैध आयु प्रमाण पत्र (Valid Age Proof) मांगा जा सकता है। इसके लिए अभिभावकों को बच्चे का आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate), स्कूल आईडी कार्ड या पासपोर्ट की मूल या डिजिटल प्रति साथ रखनी चाहिए। यदि चेकिंग के दौरान बच्चे की उम्र 5 वर्ष से अधिक पाई जाती है और उसके पास वैध टिकट नहीं होता, या उम्र 12 वर्ष से अधिक होने पर हाफ टिकट से यात्रा की जा रही होती है, तो रेलवे नियमों के अनुसार बिना टिकट (With Out Ticket) यात्रा का जुर्माना और बचे हुए पूरे किराये की वसूली मौके पर ही की जा सकती है।
जब तक मलबा हटाया, नन्ही जान ने तोड़ दिया दम... दीवार के नीचे दबी बच्ची
Azamgarh Wall Collapse: आजमगढ़ के अनंतपुर में आंधी के दौरान 5 साल की बच्ची अलीना पर गिरी मकान की दीवार. मलबे में दबने से दर्दनाक मौत, खौफनाक वारदात CCTV में कैद. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
फॉर्म-6 में एक कॉमा या फुल स्टॉप तक नहीं बदला... सुप्रीम कोर्ट के कमेंट के बाद चुनाव आयोग
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणी के कुछ घंटों बाद चुनाव आयोग ने साफ किया कि मूल फॉर्म 6 में एक कॉमा भी नहीं बदला गया है। SIR के दौरान सिर्फ एक अतिरिक्त घोषणा पेज जोड़ा गया था, जो पिछले साल बिहार में बने प्रोटोकॉल का हिस्सा है।
Mumbai Police ने MP से सॉफ्टवेयर इंजीनियर को दबोचा, APK फाइलों से की 15.75 करोड़ की ठगी
मुंबई, पांच अक्टूबर मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने मध्य प्रदेश के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कथित तौर पर अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह गिरोह हानिकारक एपीके फाइलों के जरिए पूरे भारत में वरिष्ठ नागरिकों समेत अन्य लोगों से 15.75 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। एक अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि 36 वर्षीय आरोपी ने साइबर अपराध में लिप्त विभिन्न गिरोहों को 2,805 हानिकारक एपीके फाइलें बनाकर बेची थीं, जिनका बाद में इस्तेमाल देशभर में 9,673 लोगों को ठगने के लिए किया गया। उल्लेखनीय है कि हानिकारक एपीके (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल एक नकली या संक्रमित ‘एंड्रॉयड एप्लिकेशन’ होती है, जिसे संवेदनशील जानकारी चुराने, ओटीपी हासिल करने या मोबाइल फोन का दूर से नियंत्रण अपने हाथ में लेने के लिए तैयार किया जाता है। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब मुंबई के 72 वर्षीय एक व्यक्ति से 13 अगस्त को 5.62 लाख रुपये की ठगी की गई। अधिकारी ने बताया कि जालसाज खुद को बैंक का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था। आरोपी बातचीत के दौरान पीड़ितों को बुजुर्गों के लिए कार्ड जारी करने के बहाने व्हाट्सऐप पर भेजी गई फाइल को इंस्टॉल करने के लिए राजी करता था और फिर उनसे निजी जानकारी तथा डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी प्राप्त करता था। पीड़ित की शिकायत के आधार पर भायखला पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश स्थित उसके कार्यालय में छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक सीपीयू, तीन हार्ड डिस्क, एक पेन ड्राइव, एक वाई-फाई राउटर और तीन मोबाइल फोन जब्त किए। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न सेवा प्रदाता कंपनियों के सर्वरों का इस्तेमाल कर रहा था।
बीटेक ड्रॉपआउट, 150 करोड़ से ज्यादा की ठगी... मुंबई से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने साइबर फ्रॉड के लिए APK फाइल बनाने वाले 36 वर्षीय B.Tech ड्रॉपआउट को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी की बनाई 2805 APK फाइलों के जरिए देशभर में 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का फ्रॉड हुआ है.
'गलत समझा गया...', कांग्रेस की सख्ती के बाद हरीश रावत ने रोकी जनसंवाद यात्रा
उत्तराखंड कांग्रेस में व्यक्तिगत यात्राओं पर केसी वेणुगोपाल की सख्ती के बाद हरीश रावत ने अपनी आगे की 8-10 यात्राएं स्थगित कर दी हैं. रावत ने कहा कि उनका मकसद कांग्रेस को जगाना था जो पूरा हो गया.
45 हजार सैलरी और जॉब सिक्योरिटी की मांग, नर्सों का जोरदार प्रदर्शन
चेन्नई में नर्सों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. नर्सों ने 'समान काम के लिए समान वेतन', जॉब सिक्योरिटी और पेंडिंग इंटेंसिव रिलीज की मांग को लेकर राजारत्नम स्टेडियम के बाहर भूख हड़ताल शुरू की. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. इस बीच प्रदर्शनकारी नर्सों ने चेतावनी दी है कि अगर नर्सों को कोई नुकसान पहुंचा तो इसके लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार होंगे.
लिफ्ट रुकी, बच्चे रोने लगे... 13 लोग 20 मिनट तक फंसे रहे, ऐसे खुला गेट
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसायटी में सोमवार शाम पैसेंजर लिफ्ट अचानक बीच फ्लोर पर रुक गई. लिफ्ट में छोटे बच्चों और बुजुर्गों समेत 13 लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे. अंदर गर्मी बढ़ने पर लोगों की हालत खराब होने लगी. बच्चों के रोने की आवाज सुनकर बाहर मौजूद लोगों को घटना का पता चला और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
Gujarat Rent Bill कभी लागू नहीं होगा, वकीलों की हड़ताल पर High Court में बोले महाधिवक्ता
अहमदाबाद, पांच अक्टूबर गुजरात में वकीलों ने ‘किराया विधेयक, 2026’ के विरोध में सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जिससे कई जगहों पर अदालती कामकाज प्रभावित हुआ। वहीं, महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने उच्च न्यायालय को बताया कि यह विधेयक “कभी लागू नहीं हो पाएगा।”गुजरात विधानसभा की ओर से 11 सितंबर को पारित किराया विधेयक, 2026 को ‘गुजरात किराया, होटल और लॉजिंग हाउस दर नियंत्रण अधिनियम, 1947’ की जगह लेनी है। यह विधेयक मकान मालिकों और किरायेदारों के अधिकारों और दायित्वों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है। हालांकि, वकीलों का कहना है कि किराया विवाद सुलझाने का काम अदालतों से हटाकर प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपने से न्यायिक सुरक्षा कमजोर होगी और मुकदमा लड़ने वालों के लिए मुश्किलें पैदा होंगी। वकीलों ने लगातार तीन दिन तक विरोध-प्रदर्शन करने के बावजूद मामला अनसुलझा रहने के बाद हड़ताल शुरू कर दी। गुजरात उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ (जीएचसीएए) ने भी वकीलों से न्यायिक काम से दूर रहने का आह्वान किया। अहमदाबाद में कोई भी निजी वकील उच्च न्यायालय में पेश नहीं हुआ और वकीलों के लिए बना प्रवेश द्वार बंद रखा गया। कई अदालत कक्ष में कार्यवाही जल्दी खत्म हो गई और तय मामलों को आगे की तारीख के लिए टाल दिया गया। अहमदाबाद शहर दीवानी और सत्र न्यायालय से इनकम टैक्स सर्कल तक एक बाइक रैली निकाली गई, जहां वकीलों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध-प्रदर्शन किया। जीएचसीएए के अध्यक्ष यतिन ओझा ने कहा कि संघ ने दो दिन तक काम से दूर रहने और उसके बाद स्थिति की समीक्षा करने का फैसला किया है। उन्होंने दावा किया कि किराया विधेयक से आम लोगों को परेशानी होगी। ओझा ने राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजे गए विधेयक को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा, “गुजरात विधानसभा की ओर से पारित विधेयक जैसा कानून तो उत्तर कोरिया में भी लागू नहीं किया जाएगा।”रविवार को उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी और गुजरात बार काउंसिल के सदस्यों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई। त्रिवेदी ने उच्च न्यायालय को सोमवार को बताया कि वकीलों को अपना विरोध-प्रदर्शन वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने हड़ताल करने वाले वकीलों को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसलों का हवाला दिया। त्रिवेदी ने न्यायमूर्ति एमजे शेलात की पीठ से कहा कि राज्य सरकार ने (बार काउंसिल के सदस्यों को) भरोसा दिलाया था कि वह इस विधेयक को आगे नहीं बढ़ाएगी और राज्यपाल से इस पर दस्तखत न करने का अनुरोध करेगी। उन्होंने कहा, “कल उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में हमारी बार काउंसिल के सभी सदस्यों के साथ बैठक हुई। सरकार ने वादा किया है कि राज्यपाल इस विधेयक पर दस्तखत नहीं करेंगे। यह विधेयक कभी लागू नहीं होगा। हम कोशिश करेंगे कि मूल कानून को बहाल किया जाए।”त्रिवेदी ने कहा, “ऐसे हालात में, मुझे लगता है कि यह बहुत दुखद है कि समाधान होने के बाद भी हम हड़ताल कर रहे हैं।
नरेंद्र मोदी के साथ 25 साल पहले देखी थी 'गदर', अब उस नेता को मिला राज्यसभा का टिकट
करीब 25 साल पहले नरेंद्र मोदी के साथ 'गदर' फिल्म देखने वाले गोपी कृष्ण पांडेय को बीजेपी ने राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है. खास बात यह है कि उन्हें अपनी उम्मीदवारी की खबर आज तक पर अपना नाम देखकर मिली.
'फोन कॉल से कुछ नहीं होता...' PM रहमान के भारत दौरे पर बांग्लादेश का नरम रुख
बांग्लादेश ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में चुनौतियों को स्वीकार किया है. तारिक रहमान सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि ढाका का मानना है कि बातचीत के ज़रिए इन्हें दूर किया जा सकता है और उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री की भारत यात्रा की संभावना को कभी खारिज नहीं किया.
सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत शास्त्री भवन में स्थित 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के भविष्य पर केंद्र सरकार से विस्तृत लेआउट प्लान मांगा है।
SIR मतदाता सूची से बाहर हुए लोग मुश्किल में, Bombay High Court ने Election Commission को घेरा
पणजी, पांच अक्टूबर मुंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि एसआईआर के तहत तैयार की गई मसौदा मतदाता सूची से जो मतदाता बाहर रह गए हैं, वे एक ‘‘मुश्किल स्थिति’’ में फंस गए हैं, क्योंकि निर्वाचन आयोग पुरानी मतदाता सूचियों का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने कहा कि जब किसी मतदाता को निर्वाचन आयोग से नोटिस मिलता है, तो वह आयोग के समक्ष कहता है कि उसने अपना घर बदल लिया है और वह प्रपत्र-8 (घर बदलने/मौजूदा मतदाता सूची में जानकारी ठीक करने/मतदाता पहचान पत्र कार्ड बदलने के लिए आवेदन) जमा करेगा। पीठ ने एसआईआर के मुद्दे पर अपने आदेश में उच्चतम न्यायालय की इस टिप्पणी को दोहराया कि निर्वाचन आयोग की यह जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि सभी भारतीय नागरिक अंतिम मतदाता सूची में शामिल किये जाएं। उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘आप उससे यह नहीं कह सकते कि मैं आपकी बात नहीं सुनूंगा, क्योंकि व्यवस्था इसकी इजाजत नहीं देता या आपका नाम मसौदा मतदाता सूची में नहीं है।’’न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर की खंडपीठ ने एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मतदाता सूची से कोई भी पात्र मतदाता बाहर नहीं होना चाहिए। पीठ ने यह टिप्पणी गोवा के रहने वाले परेश सालगांवकर और उनके परिवार के सदस्यों की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए की। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान इन लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर रह गए थे। न्यायाधीशों ने कहा कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 21 में जिस सूची का जिक्र है, वह वर्तमान में उपलब्ध सूची है, न कि मसौदा सूची। पीठ ने कहा, ‘‘वर्तमान मतदाता सूची के अनुरूप सब कुछ देखा जाना चाहिए, अन्यथा मतदाता के पास कोई उपाय नहीं है। यह उसके लिए पूरी तरह से मुश्किल वाली स्थिति है।’’अदालत ने कहा कि मसौदा मतदाता सूची से किसी मतदाता का नाम हटाने का मतलब है कि आयोग ‘‘असल में उसे मौजूदा मतदाता सूची से प्रभावी रूप से हटा रहा है।’’न्यायाधीशों ने कहा कि बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) की जिम्मेदारियों के अलावा, आदेश के पैरा-5 (एसआईआर से संबंधित) में दिये गए निर्देश के अनुसार, किसी भी नागरिक को सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप आदेश का पैरा-8 पढ़ें, तो उसमें कहा गया है कि आयोग की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की है कि मतदाता सूची में केवल वही लोग शामिल हों, जो नागरिक हैं।’’पीठ ने सवाल किया, ‘‘अगर इस प्रक्रिया से नागरिकों को (मतदाता सूची से) बाहर कर दिया जाता है, तो हम यह विषय कैसे उठाएं?’’आयोग की ओर से पेश वकील गौरीश अग्नि ने कहा कि आयोग के दिशानिर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एक पुरानी मतदाता सूची है, जो अब भी लागू है। सुनवाई के दौरान, पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची से किसी को भी बाहर नहीं रखा जाना चाहिए। न्यायाधीश ने कहा कि इन सभी बातों को दिशानिर्देशों में दिए गए निर्देशों के साथ पढ़ा जाना चाहिए। अदालत ने कहा, ‘‘इन निर्देशों से पता चलता है कि अगर कोई मतदाता पात्र है, तो उसे (सूची से) बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।’’वकील अग्नि ने दलील दी कि जब कोई व्यक्ति एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में जाता है, तो उसके पास फॉर्म-8 के साथ अपने मतदाता फोटो पहचान कार्ड (ईपीआईसी) को मौजूदा क्षेत्र में स्थानांतरित करने के लिए आवेदन करने का विकल्प होता है। अदालत मंगलवार को भी मामले में दलीलें सुनना जारी रखेगी। सालगांवकर और उनके परिवार की याचिका के अनुसार, वे उत्तरी गोवा जिले के सांता क्रूज विधानसभा क्षेत्र में ही एक नये घर में रहने चले गए थे और बीएलओ ने उन्हें पता बदलने के लिए फॉर्म-8 जमा करने का निर्देश दिया था। इस प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ियां सामने आईं और उनके ईपीआईसी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, जिसके कारण उनका फॉर्म-8 खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया।
वन्यजीव प्रेमियों, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों और प्रकृति के शौकीनों के लिए अपने हाई-एंड कैमरे और दूरबीन तैयार रखने का वक्त आ गया है। उत्तर प्रदेश के तराई अंचल में स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात 'पीलीभीत टाइगर रिजर्व' (Pilibhit Tiger Reserve - PTR) के द्वार पर्यटकों के लिए खोलने की उल्टी गिनती औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। मानसून के दौरान वन्यजीवों के प्रजनन काल और वर्षा जलभराव के चलते हर साल जुलाई से अक्टूबर तक बंद रहने वाला यह संरक्षित वन क्षेत्र 1 नवंबर 2026 से सैलानियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। वन विभाग ने सफारी ट्रैक्स की मरम्मत, वॉच टावरों के सुदृढ़ीकरण और इको-टूरिज्म केंद्रों की साज-सज्जा का काम युद्धस्तर पर पूरा कर लिया है। वैश्विक स्तर पर बाघों की आबादी तेजी से दोगुना करने के लिए प्रतिष्ठित 'TX2 इंटरनेशनल अवार्ड' जीत चुके इस टाइगर रिजर्व में इस बार बाघों की चहलकदमी और साइटिंग्स को लेकर पर्यटकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।चूका बीच: यूपी का इकलौता शांत समुद्री किनारा जहां पानी पीने आते हैं बाघपीलीभीत टाइगर रिजर्व की सबसे अनूठी और आकर्षक पहचान इसका विश्व प्रसिद्ध 'चूका बीच' (Chuka Beach) इको-टूरिज्म स्पॉट है। विशालकाय शारदा सागर बांध के किनारे फैली सफेद रेत और अथाह जलराशि के चलते यह क्षेत्र किसी खूबसूरत समुद्री तट जैसा अहसास कराता है। घने साल (Sal) के जंगलों से घिरा यह किनारा न केवल पर्यटकों के विश्राम और बोटिंग के लिए आदर्श स्थल है, बल्कि शाम और सुबह के समय वन्यजीवों का मुख्य जलस्रोत भी है। पिछले सत्रों में चूका बीच के आसपास खुले में टहलते, पानी पीते और धूप सेकते रॉयल बंगाल टाइगर्स की कई तस्वीरें वायरल हो चुकी हैं। इस बार वन विभाग ने चूका इको-टूरिज्म परिसर में स्थित थारू हट्स, ट्री-हाउस (मचान) और वॉटर कॉटेज को आधुनिक सुविधाओं के साथ नए सिरे से अपग्रेड किया है ताकि सैलानी प्रकृति की गोद में रहकर जंगल के वास्तविक रोमांच का अनुभव कर सकें।भीमताल और बारहासिंघा ताल: वाटर पॉइंट्स पर बाघों और दुर्लभ जीवों का जमघटसफारी के दौरान बाघों के दीदार (Tiger Sighting) की सबसे ज्यादा गारंटी उन इलाकों में होती है जहां घने जंगल के बीच प्राकृतिक या कृत्रिम जलाशय मौजूद हों। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के भीतर स्थित 'भीमताल' और प्रसिद्ध 'बारहासिंघा ताल' ऐसे ही प्रमुख हॉटस्पॉट्स हैं। सर्दियों की शुरुआत और गर्मियों के महीनों में प्यास बुझाने के लिए बाघ अक्सर अपने शावकों के साथ इन तालों के किनारे घंटों अठखेलियां करते नजर आते हैं। इसके अलावा, इन जलाशयों के पास दलदली घास के मैदानों में संकटग्रस्त प्रजाति के बारहसिंघा (Swamp Deer), चीतल, पाढ़ा (Hog Deer), सांभर और जंगली सूअर बड़ी संख्या में चरने आते हैं। शिकार की तलाश में बाघों की मौजूदगी इन वाटर बॉडीज के इर्द-गिर्द सबसे सघन रहती है, जिससे यहां सफारी जिप्सियों में सवार पर्यटकों को शानदार वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के दुर्लभ अवसर मिलते हैं।बाइफरकेशन पॉइंट और सप्त सरोवर: पक्षियों के कलरव के बीच जंगल सफारीचूका और भीमताल के अलावा 'बाइफरकेशन पॉइंट' (Bifurcation Point) और 'सप्त सरोवर' पीलीभीत का दूसरा सबसे प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं। शारदा नहर के इस संगम स्थल पर जहां नहरी पानी का शांत प्रवाह मन मोह लेता है, वहीं सर्दियों के दिनों में साइबेरिया और मध्य एशिया से आने वाले हजारों विदेशी प्रवासी पक्षियों का डेरा जम जाता है। 300 से अधिक दुर्लभ पक्षी प्रजातियों, जैसे लेसर फ्लोरिकन, बंगाल फ्लोरिकन, हॉर्नबिल और किंगफिशर के लिए यह इलाका बर्ड-वॉचर्स का स्वर्ग माना जाता है। इसके साथ ही 'पायथन पॉइंट' (Python Point) पर विशाल भारतीय अजगरों को धूप सेकते देखना सफारी के रोमांच को दोगुना कर देता है। महोफ और बराही रेंज के गहरे जंगलों से होकर गुजरने वाले ट्रैक्स पर जैसे ही जिप्सी आगे बढ़ती है, पक्षियों की चहचहाहट और लंगूरों की अलार्म कॉल जंगल में बाघ की मौजूदगी का सीधा संकेत देती है।सफारी शिफ्ट, टाइमिंग और ऑनलाइन बुकिंग की पूरी प्रक्रियापीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी प्रतिदिन दो शिफ्टों में संचालित की जाती है—मॉर्निंग शिफ्ट और इवनिंग शिफ्ट। 1 नवंबर से 31 मार्च तक सर्दियों की समय-सारणी के अनुसार सुबह की सफारी सूर्योदय के समय 6:30 बजे से 10:00 बजे तक और दोपहर की सफारी 2:30 बजे से सूर्यास्त तक संचालित होगी। पर्यटकों की भारी आमद को देखते हुए वन विभाग ने आधिकारिक इको-टूरिज्म पोर्टल पर ऑनलाइन परमिट और सफारी बुकिंग की विंडो सक्रिय कर दी है। महोफ गेट और मुस्तफाबाद गेट से अधिकृत 6-सीटर खुली जिप्सियों के जरिए ही जंगल में प्रवेश की अनुमति दी जाती है। सुरक्षा और नियमों के पालन के लिए प्रत्येक जिप्सी के साथ वन विभाग का एक प्रशिक्षित गाइड और वायरलेस सिस्टम होना अनिवार्य किया गया है।वीकेंड पर नए शुल्क और पर्यटकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देशइस बार पर्यटन सीजन को लेकर प्रशासन ने कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव भी किए हैं। रिजर्व में अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने और ईको-सिस्टम को संतुलित रखने के लिए सामान्य कार्यदिवसों (सोमवार से शुक्रवार) की तुलना में शनिवार और रविवार (वीकेंड्स) पर प्रवेश और सफारी शुल्क में हल्का अंतर निर्धारित किया गया है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पर्यटकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं: जंगल के भीतर किसी भी प्रकार के प्लास्टिक का उपयोग, लाउड म्यूजिक, धूम्रपान, शराब का सेवन और वन्यजीवों को उकसाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। पर्यटकों को हल्के और प्राकृतिक रंगों (खाकी, ऑलिव ग्रीन, मटमैला) के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है ताकि जंगल के वातावरण में किसी प्रकार का व्यवधान न हो। यदि आप भी इस सर्दियों में महानगरों के प्रदूषण से दूर प्रकृति के अलौकिक सौंदर्य और बाघों की राजसी दुनिया को करीब से देखना चाहते हैं, तो पीलीभीत टाइगर रिजर्व आपका अगला सबसे मुफीद ठिकाना बनने के लिए तैयार है।
इंदिरा एकादशी कल, पूजा के लिए 4 शुभ मुहूर्त, जानें पारण का समय
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन कृष्ण एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को देर रात 2 बजकर 7 मिनट पर शुरू होगी. इसका समापन 7 अक्टूबर की रात 12 बजकर 34 मिनट पर होगा. उदया तिथि के आधार पर इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर दिन मंगलवार को रखा जाएगा.
नारियल का छिलका न फेंकें! घर पर बनाएं कोकोपीट, मिट्टी होगी शानदार
How To Make Cocopeat: बाजार से महंगा कोकोपीट खरीदने की जरूरत नहीं है. घर में बेकार पड़े नारियल के छिलकों की मदद से आप आसानी से कोकोपीट तैयार कर सकते हैं. इसे पौधों की मिट्टी में मिलाने से मिट्टी में नमी बनाए रखने और उसे हल्का व भुरभुरा रखने में मदद मिलती है. जानिए नारियल के छिलके से घर पर कोकोपीट बनाने का आसान तरीका और पौधों के लिए इसके फायदे.
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर यौन हिंसा मामले में सीबीआई और ट्रायल कोर्ट को दो मुख्य पीड़िता-गवाहों की उपस्थिति और बयान हर हाल में दर्ज करने का कड़ा निर्देश दिया है।
सर्दी से पहले कोयला हो जाएगा महंगा? बढ़ती बिजली मांग के बीच बना मुख्य सहारा
बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में कोयला आधारित ताप संयंत्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि कमजोर मानसून और उच्च तापमान ने ग्रिड पर दबाव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर आत्मीयता से समय बिताया।
'लाड़ली बहना बहुत महंगी पड़ गई', CM का हंसी से लोटपोट करने वाला जवाब
CM Mohan Yadav Funny Reply Binnu Rani: रवींद्र भवन में आयोजित बुंदेली समागम में बिन्नू रानी के सवाल पर सीएम मोहन यादव ने चुटकी लेते हुए कहा- 'लाड़ली बहना ही महंगी पड़ गई'. 1500 रुपये प्रतिमाह की राशि पर भी की बात. आगे पढ़ें पूरा वाकया...
'दृश्यम 3' का क्लाइमेक्स तय करने में छूटे पसीने, राइटर का खुलासा
अजय देवगन की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जमकर कमाई कर रही हैं. इस बीच स्क्रीनराइटर आमिल कीयन खान ने बताया कि 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' के क्लाइमैक्स को सही ढंग से तैयार करने में 100 से ज्यादा ड्राफ्ट लगे.
हिंगोली में पटाखा गोदाम बना आग का गोला, 2 की मौत, 7 से ज्यादा घायल
हिंगोली शहर के मारवाड़ी कपड़ गली इलाके में पटाखा गोदाम में भीषण आग लग गई. हादसे में दो लोगों की झुलसकर मौत हो गई, जबकि 7 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दमकल विभाग का एक कर्मचारी भी गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है. आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हुई है.
ममता बनर्जी गुट को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका, पार्टी फंड के लिए तत्काल सुनवाई से इनकार
कोलकाता। दुर्गा पूजा से पहले पार्टी के जरूरी खर्चों के लिए धन जारी कराने की कोशिश कर रहे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट को कलकत्ता हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली। अदालत ने पार्टी की उस अर्जी पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें बैंक खातों से आवश्यक खर्चों के […] The post ममता बनर्जी गुट को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका, पार्टी फंड के लिए तत्काल सुनवाई से इनकार appeared first on Sabguru News .
महंगे होंगे मोबाइल रिचार्ज प्लान, जानिए कब और कितनी बढ़ेंगी कीमतें
एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, अगले चार से पांच महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान 12-15 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं।
Election Commission के गैर-कानूनी फैसले रद्द होंगे, Supreme Court की केंद्र को चेतावनी
नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह आयोग के सभी फैसलों की पड़ताल करेगा और जो फैसले कानून के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे, उन्हें निरस्त कर देगा। ये नोटिस उन याचिकाओं पर जारी किए गए हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि आयोग ने दोनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बिना कई फैसले लिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फॉर्म 6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा, ‘‘हम सभी फैसलों की जांच करेंगे। यदि कोई फैसला कानून के अनुरूप नहीं पाया गया, तो हम उसे रद्द कर देंगे। आप अदालत की शक्ति जानते हैं।’’पीठ ने यह भी कहा कि सीईसी को हासिल कानूनी संरक्षण ऐसा है, जो न्यायाधीशों को भी प्राप्त नहीं है। पीठ ने कहा, ‘‘हमने फॉर्म 6 में किसी भी बदलाव को मंज़ूरी नहीं दी है। यह बात साफ होनी चाहिए। जब रिकॉर्ड पेश किए जाएंगे, तो हम देखना चाहेंगे कि इसमें बदलाव किसने किया है।’’फॉर्म 6 एक ऐसा आवेदन है जिसके जरिए कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने की मांग करता है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने याचिका के अंतिम निस्तारण तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को कोई भी निर्णय लेने से रोकने के लिए अंतरिम निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत केवल समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर आदेश पारित नहीं कर सकती और उसे निर्वाचन आयोग तथा केंद्र के जवाबों पर गौर करना होगा। ये घटनाक्रम विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के दलों द्वारा मंगलवार को निर्वाचन आयोग मुख्यालय के बाहर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हुए हैं। ये दल एसआईआर विवाद को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। अदालत की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, आम आदमी पार्टी (आप) और बीजू जनता दल (बीजद) समेत विपक्षी दलों ने मांग की कि सीईसी कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अब यह संदेह से परे स्थापित हो चुका है कि सीईसी कुमार ने फॉर्म-6 में ‘‘अवैध और एकतरफा’’ तरीके से बदलाव किया और लोकतंत्र पर इस ‘‘आपराधिक हमले’’ में शामिल सीईसी सहित सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। हालांकि, निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ा आदेश जारी करते समय उसके साथ एक घोषणापत्र संलग्न किया गया था। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि निर्वाचन आयोग से संबंधित याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय द्वारा आयोग और केंद्र को नोटिस जारी किया जाना इस बात का ‘सबूत’ है कि देश में सभी संस्थाएं ‘स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं’ और ‘डर तथा तानाशाही’ का माहौल नहीं है। अदालत में सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वह उस कानूनी प्रावधान की भी जांच कर सकती है, जो मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद छोड़ने के बाद भी कानूनी संरक्षण देता है। याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने अंतरिम राहत के तौर पर ज्ञानेश कुमार को आगे कोई भी फैसला लेने से रोकने का निर्देश देने की मांग की। उन्होंने सीईसी को निलंबित करने का भी अनुरोध किया और कहा कि हर नागरिक अपने मतदान के अधिकार को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा है। पीठ ने अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा दायर संबंधित याचिका पर भी नोटिस जारी किया और इसे सिंह की याचिका के साथ संबद्ध कर दिया। पीठ ने कहा कि यदि सीईसी को निलंबित किया जाता है, तो निर्वाचन आयोग का कामकाज बाधित हो जाएगा। पीठ ने सवाल किया, ‘‘चुनाव कौन कराएगा?’’ पीठ ने कहा कि निर्वाचन आयोग को संवैधानिक दायित्व के अनुरूप काम करना होगा। सिंह ने कहा कि दोनों निर्वाचन आयुक्त आयोग के कामकाज का निर्वहन कर सकते हैं। पीठ ने कहा कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसे संबंधित पक्षों के जवाब लेने होंगे। सिंह ने कहा कि इसके बाद अदालत को निर्देश देना चाहिए कि निर्वाचन आयोग में फैसले केवल सर्वसम्मति या बहुमत से लिए जाएं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘कानून में अनिवार्य प्रावधान है और हम उम्मीद करते हैं कि वे उसका पालन करेंगे। यदि कोई उल्लंघन होता है, तो हम उसे निश्चित रूप से पलट सकते हैं। यदि कानून के अनुरूप सर्वसम्मति या बहुमत नहीं है, तो अदालत उन फैसलों को रद्द कर सकती है।’’पीठ ने कहा कि वह एकतरफा आदेश पारित नहीं कर सकती और उसे पहले निर्वाचन आयोग द्वारा लिए गए फैसलों को देखना होगा। सिंह ने दावा किया कि सीईसी के एकतरफा फैसलों के कारण मतदाता सूची ही ‘दूषित’ हो गई है। इस पर न्यायमूर्ति बागची ने सवाल किया कि क्या अदालत प्रतिवादी पक्ष को सुने बिना ऐसा आदेश पारित कर सकती है। न्यायमूर्ति बागची ने कहा, ‘‘अगर रिकॉर्ड से पता चलता है कि कोई फैसला सर्वसम्मति वाला नहीं था, तो हम उस फैसले पर रोक लगा सकते हैं ...। लेकिन क्या हम बिना प्रतिवादियों को सुने यह मान सकते हैं कि सभी फैसले एकतरफा लिए गए थे? हम उनसे स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से जवाब की अपेक्षा करते हैं।’’सिंह ने दावा किया कि खबर के बाद शुरू हुए विवाद के उपरांत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में खबर के दावों को स्वीकार करने जैसा संकेत मिलता है। अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने 25 सितंबर को खबर दी थी कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि ये फैसले और आदेश उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। इस दावे के बाद विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने विरोध प्रदर्शन किए और सीईसी कुमार को हटाने की मांग की। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अदालत सिर्फ अखबारों की खबरों के आधार पर आदेश पारित नहीं कर सकती। उसे निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार के जवाबों पर भी विचार करना होगा। पीठ ने सिंह की याचिका पर निर्वाचन आयोग और केंद्र को नोटिस जारी करते हुए उनसे अपने जवाब में सभी संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। पटना निवासी राकेश कुमार सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका में न्यायालय से यह तय करने का अनुरोध किया गया है कि क्या सीईसी ज्ञानेश कुमार उन शक्तियों का अकेले इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कानूनी रूप से पूरे निर्वाचन आयोग के लिए हैं और यदि ऐसा पाया जाता है तो ऐसे कार्यों को अनधिकृत घोषित किया जाए और उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। त्रिपाठी की याचिका में उठाए गए प्रमुख मुद्दों में से एक फॉर्म-6 में किया गया बदलाव है। इसमें आरोप लगाया गया है कि वंशावली का विवरण और पिछले एसआईआर से संबंध से जुड़ी आवश्यकता निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर के माध्यम से लागू की गई, जबकि इसके लिए निर्वाचन नियमों में आवश्यक वैधानिक संशोधन नहीं किया गया था। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को इस बात से भी इनकार किया कि उसने फॉर्म-6 से संबंधित 26 सितंबर का अपना प्रेस नोट अपनी वेबसाइट से हटा दिया है।
प्रेमानंद महाराज केलि कुंज से बेलवन गए? संत बोले...
प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की मौत के बाद मथुरा के कुछ संतों ने दावा किया कि महाराज केलि कुंज आश्रम छोड़कर बेलवन आश्रम चले गए हैं. संतों ने गुटबाजी, जमीन विवाद और सुरक्षा का हवाला दिया. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
शादी में मिलेगा 8 ग्राम सोना और रेशमी साड़ी, इस राज्य में सरकार का ऐलान
तमिलनाडु सरकार ने ‘अन्नान सीर’ योजना के लिए ₹812 करोड़ की पहली किस्त मंजूर की है. योजना के तहत 2.5 लाख रुपये तक की सालाना पारिवारिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को शादी के समय 8 ग्राम 22 कैरेट सोने का सिक्का और एक रेशमी साड़ी दी जाएगी. योजना सरकार का आदेश जारी होने के बाद होने वाली शादियों पर लागू होगी.
यमन में युद्ध के बीच बदहाल जिंदगी, गैस सिलेंडर के लिए घंटों कतार में खड़े लोग
यमन के ताएज शहर में युद्ध के कारण ईंधन संकट गहरा गया है. स्थानीय लोग गैस सिलेंडर के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े हैं. बाजार में पेट्रोल की कमी और बढ़ती महंगाई ने हालात और खराब कर दिए हैं और नागरिक बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
चेन्नई। तमिलनाडु के चर्चित वीरमणि POCSO मामले को लेकर राजनीतिक विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को तमिझगा वेट्री कषगम (TVK) के दो मंत्रियों आधव अर्जुन और सीटीआर निर्मल कुमार तथा पार्टी की आईटी विंग के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति दे […] The post वीरमणि POCSO मामले में DMK को अदालत की मंजूरी, दो TVK मंत्रियों और IT विंग पर मानहानि का मुकदमा करेगी पार्टी appeared first on Sabguru News .
‘किसानों की दिवाली खराब नहीं होने देंगे’, PM मोदी से मुलाकात कर बोले शिंदे
महाराष्ट्र में गंभीर सूखे के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. बैठक में पानी, खेती और पशुओं के चारे की स्थिति पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री ने केंद्र के सहयोग का भरोसा दिया. शिंदे ने कहा कि किसानों को संकट से उबारने के लिए सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी.
उमेश पाल हत्याकांड: 5 लाख का इनामी शूटर अरमान बिहारी कोर्ट में पेश
Prayagraj Umesh Pal Case: उमेश पाल ट्रिपल मर्डर केस के 5 लाख के इनामी शूटर अरमान बिहारी की प्रयागराज कोर्ट में पेशी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने वापस बिहार की गया जेल भेजा. गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन के राज खोल सकता है अरमान. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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