Vijay TVK Impact Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में कभी दो नामों का दबदबा था—जयललिता और एम. करुणानिधि। दोनों के निधन के बाद राज्य की राजनीति में एक ऐसा खालीपन पैदा हुआ, जिसे भरने के लिए कई दावेदार मैदान में उतरे। इनमें एक नाम के. अन्नामलाई ...
Thiruvananthapuram में सहपाठियों की फोटो से छेड़छाड़ करने पर 10वीं के छात्र पर केस दर्ज
केरलम में तिरुवनंतपुरम के एक स्कूल में दसवीं कक्षा के एक छात्र द्वारा सहपाठियों और वरिष्ठ छात्रों की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर उन्हें दूसरे छात्र को भेजने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि छात्र ने सहपाठियों और दूसरी कक्षाओं के विद्यार्थियों की तस्वीरों से कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के बाद इन्हें एक अन्य छात्र को भेजा। इसने बताया कि ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं की गई थीं। यह मामला तब सामने आया, जब एक तीसरे छात्र ने मोबाइल फोन पर छेड़छाड़ की गई तस्वीरों वाली चैट देखी और इसकी सूचना स्कूल प्रशासन को दी। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल प्रशासन द्वारा साइबर पुलिस को घटना की जानकारी दिए जाने के बाद प्रारंभिक जांच शुरू की गई। उन्होंने कहा कि इसके बाद अभिभावकों से मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि मामले के कानूनी पहलुओं की जांच के बाद दोनों छात्रों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, क्योंकि दोनों नाबालिग हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का भी फैसला किया है।
तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रहे लोगों को कुचला, 4 की मौत
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में तेशु-झांझी विसर्जन के दौरान तेज रफ्तार कार ने लोगों के एक समूह को कुचल दिया. रविवार रात छतनपुरा गांव के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में तीन किशोरियों समेत चार लोगों की मौत हो गई.
बिकिनी में 25 साल की हसीना की बोल्डनेस, हुस्न से मचाई 'तबाही'
Avneet Kaur Bikini Look: 25 साल की अवनीत कौर ने बिकिनी में अपनी सुपर बोल्ड और सिजलिंग तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्होंने इंटरनेट का पारा हाई कर दिया है.
सर्बिया में चुनाव जीतकर बहुमत में आए प्रदर्शनकारी छात्र, पुतिन समर्थित राष्ट्रपति को मिली हार
सर्बिया की सत्ता में लंबे समय तक रहने वाले नेता अलेक्जेंडर वुसिक ने चुनाव में हार मान ली है. पिछले दो वर्षों से चल रहे छात्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों ने देश में राजनीतिक बदलाव की हवा बहाई.
अनुष्का ने किया ‘राधे गोविंदा’ जाप, भक्ति में डूबे विराट! VIDEO
Anushka Sharma-Virat Kohli At Krishna Das Concert: अनुष्का शर्मा और विराट कोहली मुंबई में कृष्णा दास के कॉन्सर्ट में भक्ति में डूबे नजर आए. अनुष्का ने तालियां बजाकर ‘राधे गोविंदा’ का जाप किया. इस दौरान उनके सिंपल अनारकली सूट, छोटी बिंदी और खूबसूरत एथनिक लुक ने सबका ध्यान खींचा. जानें उनके सूट की कीमत.
ब्राजील में महामुकाबला: लूला बनाम फ्लेवियो बोल्सोनारो के बीच आर-पार की जंग
ब्राजील के करोड़ों मतदाता देश के भविष्य और सत्ता की बागडोर तय करने के लिए राष्ट्रपति चुनाव के बेहद कड़े और रोमांचक दूसरे दौर में मतदान केंद्र पहुंच रहे हैं। लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में यह चुनावी जंग दो ध्रुवीय विचारधाराओं का खुला टकराव बन चुकी है। एक तरफ अनुभवी वामपंथी नेता और मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा एक और कार्यकाल सुरक्षित करने के लिए मैदान में हैं, तो दूसरी तरफ उनके सामने दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो ताल ठोक रहे हैं। फ्लेवियो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं और उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तर्ज पर राष्ट्रवाद, मुक्त बाजार और सांस्कृतिक रूढ़िवादिता को अपना प्रमुख हथियार बनाया है। चुनाव पूर्व सभी जनमत सर्वेक्षण और राजनीतिक विश्लेषक दोनों नेताओं के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगा रहे हैं। इस ऐतिहासिक चुनाव के परिणाम केवल ब्राजील की घरेलू राजनीति को ही नहीं बदलेंगे, बल्कि वाशिंगटन के साथ उसके कूटनीतिक रिश्तों, ब्रिक्स (BRICS) की भावी रणनीतियों और वैश्विक व्यापार संतुलन पर भी गहरा असर डालेंगे।पहले दौर में फ्लेवियो बोल्सोनारो की बढ़त और लूला की वापसी की चुनौतीइस महीने की शुरुआत में संपन्न हुए पहले दौर के मतदान ने ब्राजील के राजनीतिक पंडितों को हैरत में डाल दिया था। चुनावी मैदान में उतरे फ्लेवियो बोल्सोनारो ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए मौजूदा राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के मुकाबले 22 लाख यानी 2.2 मिलियन से अधिक मतों की ठोस बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि, पहले दौर में किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक वोट न मिलने के कारण मुकाबला रन-ऑफ यानी दूसरे दौर में पहुंच गया। अब सारा दारोमदार उन मतदाताओं पर टिका है जिन्होंने पहले दौर में अन्य छोटे उम्मीदवारों को वोट दिया था या जो मतदान से दूर रहे थे। लूला का मुख्य प्रयास श्रमिक वर्ग, पूर्वोत्तर के पारंपरिक गढ़ और वामपंथी झुकाव वाले नागरिकों को लामबंद करना है। दूसरी ओर, फ्लेवियो बोल्सोनारो कृषि व्यवसाय, औद्योगिक लॉबी और धार्मिक रूप से रूढ़िवादी मतदाताओं के सहारे जीत का जादुई आंकड़ा छूने की जुगत में हैं। वाशिंगटन द्वारा 2025 में ब्राजीलियाई उत्पादों पर लगाए गए सख्त टैरिफ के बाद से देश का कारोबारी तबका भी इस चुनाव को बेहद संवेदनशीलता से देख रहा है।चुनावी रण के वो 5 अहम मुद्दे जिन्होंने तय की वोटरों की दिशाब्राजील के इस चुनाव में पांच प्रमुख मुद्दे केंद्र बिंदु बनकर उभरे हैं, जिन्होंने जनता के बीच तीव्र विभाजन पैदा किया है। पहला और सबसे संवेदनशील मुद्दा महंगाई और गिरती क्रय शक्ति है। ब्राजील की महंगाई दर सेंट्रल बैंक के 3 प्रतिशत के आधिकारिक लक्ष्य से लगातार ऊपर बनी हुई है। क्वेस्ट (Quaest) द्वारा कराए गए ताजा जनमत सर्वेक्षण में दो-तिहाई से अधिक ब्राजीलियाई नागरिकों ने स्पष्ट कहा कि पिछले एक साल में उनकी दैनिक चीजें खरीदने की क्षमता काफी कम हो गई है। लूला आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने और आम लोगों के लिए कर्ज सस्ता करने का वादा कर रहे हैं, जबकि बोल्सोनारो का कहना है कि वे ब्याज दरों को नीचे लाने के लिए सरकारी खर्चों पर लगाम लगाएंगे।दूसरा बड़ा मुद्दा सार्वजनिक वित्त और भारी सरकारी कर्ज का है। लूला के वर्तमान शासनकाल में ब्राजील का सार्वजनिक ऋण बढ़कर देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 82.9 प्रतिशत के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। उच्च ब्याज दरों ने आम परिवारों के साथ-साथ छोटे और बड़े व्यापारियों पर भारी वित्तीय दबाव बना दिया है। फ्लेवियो बोल्सोनारो ने सत्ता में आने के 18 महीनों के भीतर जीडीपी के 1.5 प्रतिशत के बराबर प्राथमिक राजकोषीय संतुलन साधने का रोडमैप पेश किया है। इसके विपरीत, लूला ने 2030 तक जीडीपी के लगभग 1.3 प्रतिशत का प्राथमिक बजट अधिशेष हासिल करने का अधिक धीमा लक्ष्य सामने रखा है।तीसरा जलता हुआ मुद्दा अपराध और आंतरिक सुरक्षा का है। हिंसक वारदातों और संगठित ड्रग गिरोहों से त्रस्त जनता को लुभाने के लिए बोल्सोनारो ने बेहद सख्त तेवर अपनाए हैं। उन्होंने गंभीर यौन अपराधियों के लिए 'केमिकल कैस्ट्रेशन' यानी रासायनिक तरीके से नपुंसक बनाने का कानून लाने और अधिकतम सुरक्षा वाली नई जेलें बनाने की घोषणा की है। वहीं, लूला का दृष्टिकोण सामाजिक सुधार पर केंद्रित है। वे अपराध की जड़ पर प्रहार करने के लिए गरीब बस्तियों में कल्याणकारी निवेश बढ़ाने और केवल खतरनाक गैंगस्टरों के लिए अलग से संघीय जेल क्षमता बढ़ाने का वादा कर रहे हैं।चौथा अहम बिंदु दोनों खेमों पर लगे भ्रष्टाचार के संगीन आरोप हैं। यह विडंबना है कि दोनों ही प्रमुख उम्मीदवारों के करीबी रिश्तेदार गंभीर वित्तीय जांच के घेरे में हैं। फ्लेवियो बोल्सोनारो पर पूर्व बैंकर डैनियल वोर्कारो से मिले संदेहास्पद फंड के जरिए भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के आरोपों की जांच चल रही है, जिसका इस्तेमाल उनके पिता पर बायोपिक बनाने के नाम पर किया गया था। दूसरी ओर, लूला के अपने बेटे पर भी सत्ता के दुरुपयोग, अवैध प्रभाव और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में जांच एजेंसियां शिकंजा कस रही हैं। दोनों उम्मीदवारों ने इन सभी कानूनी मामलों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है।पांचवां और सबसे निर्णायक मुद्दा विदेश नीति, वैश्विक गठबंधन और डोनाल्ड ट्रंप का प्रभाव है। फ्लेवियो बोल्सोनारो खुलकर अमेरिका, इजरायल और अर्जेंटीना के साथ अपनी विदेश नीति को संरेखित करने की वकालत कर रहे हैं। उनका मानना है कि लूला की नीतियों के चलते इन पश्चिमी लोकतांत्रिक देशों से ब्राजील के संबंध बेहद ठंडे पड़ गए हैं। बोल्सोनारो दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) के दोहन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अमेरिकी निवेश को खुली छूट देना चाहते हैं। इसके उलट, लूला बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था के हिमायती हैं। वे लैटिन अमेरिकी व्यापारिक गुट मर्कोसुर और ब्रिक्स (BRICS) गठबंधन को प्राथमिकता दे रहे हैं। लूला ने ट्रंप प्रशासन की संरक्षणवादी व्यापार नीतियों और टैरिफ की तीखी निंदा करते हुए लैटिन अमेरिका के आंतरिक मामलों में वाशिंगटन के अनावश्यक हस्तक्षेप पर सख्त आपत्ति जताई है।ब्राजील के लोकतंत्र का भविष्य और पूर्व राष्ट्रपति की सजा का सवालयह चुनाव केवल आर्थिक नीतियों का टकराव नहीं है, बल्कि ब्राजील की लोकतांत्रिक संस्थाओं के अस्तित्व की लड़ाई भी माना जा रहा है। फ्लेवियो बोल्सोनारो ने सार्वजनिक रूप से वादा किया है कि यदि वे राष्ट्रपति बनते हैं, तो वे अपने पिता जायर बोल्सोनारो को तत्काल राष्ट्रपति माफी (Pardon) प्रदान करेंगे। जायर बोल्सोनारो वर्तमान में 2023 में राजधानी ब्रासीलिया में सरकारी इमारतों पर हुए हिंसक हमलों और तख्तापलट की साजिश रचने के दोष में न्यायिक हिरासत और नजरबंदी का सामना कर रहे हैं। लूला डा सिल्वा ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए जनता को सचेत किया है कि बोल्सोनारो परिवार को सत्ता सौंपना देश के संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सीधे खतरे में डालना होगा। लूला का तर्क है कि सत्ता का यह बदलाव ब्राजील को एक बार फिर तानाशाही मानसिकता की ओर धकेल देगा। अब ब्राजील की जनता के हाथ में यह फैसला है कि वह लूला के कल्याणकारी समाजवाद पर भरोसा बनाए रखती है या फ्लेवियो बोल्सोनारो के आक्रामक दक्षिणपंथी राष्ट्रवाद को देश की नई दिशा चुनती है।
राष्ट्रीय दंत आयोग ने डेंटिस्ट्स के लिए एडवाइजरी जारी की है। अब पर्चे पर डॉक्टर का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, डिग्री, क्लिनिक का पता समेत नौ जानकारियां जरूरी होंगी।
'शायद कल भी हमला कर दें...' ईरान पर सैन्य कार्रवाई को लेकर फिर गरजे डोनाल्ड ट्रंप
पश्चिम एशिया में जारी भारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच युद्ध का एक नया और विनाशकारी बवंडर उठने की आशंका गहरा गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर एक और बड़े सैन्य हमले की संभावना से कतई इनकार नहीं किया है। व्हाइट हाउस से लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक ट्रंप का ताजा रुख तेजी से सुर्खियों में छाया हुआ है। पत्रकारों के तीखे सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने बेहद आक्रामक तेवर में कहा कि अमेरिका किसी भी पल ईरान पर कार्रवाई को अंजाम दे सकता है। जब उनसे यह सीधा सवाल पूछा गया कि अमेरिका ईरान पर सैन्य प्रहार करने के कितने करीब पहुंच चुका है, तो ट्रंप ने अपने ही अंदाज में पलटवार करते हुए कहा कि क्या आपको सच में लगता है कि अगर मैं कोई बड़ा हमला करने जा रहा हूं, तो पहले से मीडिया को बता दूंगा? उन्होंने आगे दो टूक लहजे में जोड़ा कि शायद कल ही यह कार्रवाई हो जाए, इसकी पूरी-पूरी संभावना बनी हुई है। ट्रंप के इस संक्षिप्त मगर घातक संकेत ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में सनसनी मचा दी है।हालांकि, अपने इस कड़े सैन्य रुख के साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला कूटनीतिक पहलू भी खुला रखा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी एक बेहद सकारात्मक और ऐतिहासिक समझौता हो सकता है। ट्रंप के मुताबिक, ईरानी नेतृत्व वास्तव में समझौता करने का इच्छुक है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या तेहरान अपनी शर्तों और वैश्विक प्रतिबद्धताओं पर टिक पाएगा। इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर यह संकेत दिया था कि आगामी तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले कोई नया हमला नहीं होगा, परंतु पत्रकारों के सामने दिए गए उनके इस ताजा बयान ने सैन्य कार्रवाई की समयसीमा को लेकर भारी अनिश्चितता खड़ी कर दी है।तेहरान का पलटवार: मसूद पेजेश्कियान ने वाशिंगटन पर लगाया शांति वार्ता बिगाड़ने का आरोपअमेरिकी राष्ट्रपति के इस आक्रामक रुख पर ईरान की ओर से भी बेहद तीखी और सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सरकारी टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए सीधे तौर पर अमेरिका को शांति वार्ता की राह में सबसे बड़ा रोड़ा करार दिया। पेजेश्कियान ने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शीर्ष अधिकारियों को संकट टालने और एक न्यायसंगत समझौता पूरा करने की स्पष्ट हिदायत दी थी। ईरानी पक्ष पूरी गंभीरता के साथ कूटनीतिक मेज पर बैठा था, लेकिन ऐन वक्त पर वाशिंगटन ने स्थापित नियमों और शर्तों का उल्लंघन करते हुए पूरी वार्ता प्रक्रिया को पटरी से उतार दिया। राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने साफ कर दिया कि अमेरिकी प्रशासन की दोहरी चालों के चलते बातचीत बेनतीजा साबित हुई है।इसी बीच ईरानी संसद के शक्तिशाली अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने भी अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। गलीबाफ ने कहा कि व्हाइट हाउस ने ईरान की सामरिक शक्ति और जनभावना का पूरी तरह गलत आकलन किया है। गलत अनुमान लगाकर ईरान के साथ सीधा टकराव मोल लेने के कारण अमेरिका खुद एक ऐसे रणनीतिक दलदल में फंस चुका है जिससे निकलना अब उसके लिए नामुमकिन होता जा रहा है। गलीबाफ ने कहा कि इस विकट संकट को पैदा करने वाला वाशिंगटन ही है, इसलिए अब इस भारी नुकसान से उबरने की जिम्मेदारी भी पूरी तरह अमेरिका के कंधों पर है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी दृढ़ता दिखाते हुए कहा कि सैन्य हमलों की नई धमकियां ईरान की संप्रभु नीतियों को रत्ती भर भी नहीं बदल सकतीं। अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान फारस की खाड़ी के अपने पड़ोसी अरब मुल्कों के साथ शांतिपूर्ण सहयोग और सुरक्षा साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकेगा नहीं।होर्मुज स्ट्रेट पर गहराया रहस्य: पाकिस्तानी मध्यस्थता के दावों पर तेहरान की दो टूकअमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस सैन्य तनाव का सबसे संवेदनशील केंद्र बिंदु होर्मुज स्ट्रेट बन चुका है। यह संकरा समुद्री जलमार्ग पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा रोजाना गुजरता है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ऐसी खबरें तेजी से फैली थीं कि ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया बैकचैनल प्रस्ताव भेजा है। इन खबरों में दावा किया गया था कि यदि अमेरिकी नौसेना खाड़ी क्षेत्र से अपनी सख्त समुद्री नाकेबंदी हटा लेती है, तो ईरान भी होर्मुज स्ट्रेट से सभी प्रकार के व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों की निर्बाध आवाजाही की अनुमति देने के लिए राजी है।पाकिस्तान में नियुक्त ईरानी राजदूत के एक बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रतिबंध और नाकेबंदी हटने की सूरत में होर्मुज को सामान्य आवागमन के लिए खोला जा सकता है। परंतु इस खबर के जोर पकड़ते ही ईरान की आधिकारिक और अर्धसरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने शीर्ष रणनीतिक सूत्रों के हवाले से इस दावे का खंडन कर दिया। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के समक्ष ऐसा कोई नया औपचारिक प्रस्ताव नहीं रखा गया है। इस विरोधाभासी स्थिति ने वैश्विक तेल बाजार और शिपिंग कंपनियों के बीच भारी असमंजस पैदा कर दिया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट में जरा सी भी सैन्य हलचल पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में आग लगा सकती है।बंदर अब्बास के ऊपर अमेरिकी लुकास ड्रोन मार गिराने का दावा, बारूद के ढेर पर मध्य पूर्वतनाव के इस विस्फोटक माहौल के बीच हालात तब और नाजुक हो गए जब रविवार को ईरानी सेना ने एक बड़ा सैन्य दावा पेश किया। ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी ने सैन्य सूत्रों के हवाले से खबर दी कि ईरानी वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी तटवर्ती रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे एक अमेरिकी लुकास ड्रोन को मार गिराया है। ईरानी सेना का कहना है कि यह मानवरहित अमेरिकी जासूसी ड्रोन उनकी संप्रभु सीमा का उल्लंघन कर खुफिया निगरानी करने की कोशिश कर रहा था, जिसे रडार पर ट्रैक करते ही मिसाइल दागकर हवा में ही नेस्तनाबूद कर दिया गया।हालांकि, ईरानी सेना के इस सनसनीखेज दावे की किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की जा सकी है और अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन की ओर से भी इस कथित घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बंदर अब्बास के ऊपर अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने की घटना सच साबित होती है, तो यह चिंगारी सीधे तौर पर पूर्ण सैन्य टकराव का रूप ले सकती है। एक तरफ जहां फारस की खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोत और परमाणु पनडुब्बियां मुस्तैद हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने भी अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों और तटीय रक्षा प्रणालियों को 'हाई अलर्ट' पर रख दिया है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति इस आसन्न महायुद्ध को टाल पाएगी या फिर डोनाल्ड ट्रंप की यह चेतावनी एक नए वैश्विक संकट का बिगुल साबित होगी।
खूबसूरत महिलाओं को पति के खिलाफ भड़काता, फिर दोस्ती कर करता था ठगी
उत्तर प्रदेश के मथुरा में पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को जाल में फंसाकर ठगी करने के आरोपी लोकेन्द्र को गिरफ्तार किया है. हाथरस निवासी आरोपी पर महिलाओं के मन में उनके पति और परिवार के प्रति अविश्वास पैदा कर उन्हें डराने और गुमराह करने का आरोप है.
लातिन अमेरिकी राजनीति के केंद्र वेनेजुएला में उस वक्त एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ देखने को मिला, जब देश की सबसे प्रभावशाली विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने रविवार को अपनी मातृभूमि पर ऐतिहासिक वापसी दर्ज की। करीब बारह महीनों तक देश से बाहर रहने के बाद उनकी इस गोपनीय व अप्रत्याशित वापसी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। विपक्षी गठबंधन और उनके समर्थकों के बीच इस कदम को देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की बहाली और स्वतंत्र राजनीतिक प्रक्रिया की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह कयास लगाए जा रहे थे कि क्या मौजूदा परिस्थितियों के बीच मचाडो सुरक्षित रूप से अपनी सरजमीं पर कदम रख पाएंगी। उनके मुख्य प्रवक्ता डेविड स्मोलांस्की ने इस घटनाक्रम की औपचारिक रूप से पुष्टि करते हुए इसे देश में शांतिपूर्ण, पारदर्शी और वास्तविक सत्ता परिवर्तन का आधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मचाडो की मौजूदगी से निकट भविष्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष राष्ट्रपति चुनाव कराने के जनांदोलन को अभूतपूर्व ऊर्जा मिलेगी।भूमिगत संघर्ष से निर्वासन तक का सफर और दमनकारी सत्ता का सामनामारिया कोरिना मचाडो का हालिया राजनीतिक सफर चुनौतियों, खतरों और व्यक्तिगत जोखिमों से भरा रहा है। पिछले तीन वर्षों से वेनेजुएला के समूचे विपक्ष को एक मजबूत धागे में पिरोने वाली मचाडो को पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के शासनकाल में भीषण दमन का सामना करना पड़ा था। सरकारी एजेंसियों की धरपकड़ और मनमाने कानूनी मुकदमों से बचते हुए उन्होंने अपने ही देश के भीतर महीनों तक अज्ञात ठिकानों पर छिपकर गुजारे थे। भूमिगत रहते हुए भी उन्होंने लगातार जनता के बीच अपनी आवाज पहुंचाई और चुनावी धांधलियों के खिलाफ वैश्विक जनमत तैयार किया।पिछले वर्ष जब उन्हें मानवाधिकारों, नागरिक स्वतंत्रता और शांति के लिए उनके अद्वितीय योगदान हेतु प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला हुआ, तब उन्हें यह वैश्विक सम्मान ग्रहण करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाना पड़ा। उसी दौरान उन्हें औपचारिक रूप से देश की सीमाओं से बाहर रहने के लिए विवश होना पड़ा। निर्वासन में रहने के बावजूद वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर काराकास की जमीनी हकीकत को प्रमुखता से उठाती रहीं और लातिन अमेरिकी देशों से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक अपनी बात मजबूती से रखी।काराकास में सत्ता का उलटफेर और वाशिंगटन के साथ असहज रिश्तेवेनेजुएला का भू-राजनीतिक परिदृश्य तब तेजी से बदला जब इस वर्ष जनवरी में काराकास में एक बड़ा रणनीतिक घटनाक्रम सामने आया। अमेरिकी एजेंसियों द्वारा निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी उथल-पुथल मच गई। हालांकि, लोकतंत्र समर्थकों की अपेक्षाओं के विपरीत, अमेरिकी प्रशासन के समर्थन से सत्ता की बागडोर मादुरो प्रशासन से ही जुड़ी डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर सौंप दी गई।इस निर्णय के बाद से ही मचाडो और अमेरिकी कूटनीतिज्ञों के बीच एक स्पष्ट असहजता और नीतिगत तनाव देखने को मिला। मचाडो का सदैव यह मानना रहा है कि केवल चेहरों के बदलने से व्यवस्था नहीं बदलेगी, बल्कि संप्रभु सत्ता का फैसला वेनेजुएला की आम जनता को अपने मताधिकार के जरिए ही करना होगा। इस कूटनीतिक खिंचाव के दौर में भी उन्होंने बार-बार यह दोहराया कि वे अपने वतन वापस लौटेंगी और स्वतंत्र जनमत संग्रह व लोकतांत्रिक चुनावों के लिए जमीन पर रहकर संघर्ष करेंगी।न्यूयॉर्क टाइम्स का साक्षात्कार और लारा राज्य से सामने आया संदेशहाल ही में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में मचाडो ने अपने इरादे पूरी तरह साफ कर दिए थे। जब उनसे पूछा गया था कि वे कब तक वेनेजुएला लौटेंगी, तो उन्होंने बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा था कि उनकी घर वापसी किसी की भी उम्मीद से बहुत पहले हो जाएगी। रविवार को उनका यह बयान सच साबित हुआ जब उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संक्षिप्त मगर बेहद भावुक संदेश पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि वे वापस आ चुकी हैं और अपने लोगों के बीच खड़ी हैं।इस संदेश के तुरंत बाद उनकी राजनीतिक पार्टी ने वेनेजुएला के लारा राज्य स्थित एक स्थानीय चर्च से उनकी ताजा तस्वीरें सार्वजनिक कीं। इन तस्वीरों में मचाडो को स्थानीय नागरिकों के साथ प्रार्थना करते और शांति का संदेश देते देखा जा सकता है। इन प्रामाणिक दृश्यों ने उनके सुरक्षित आगमन की पुष्टि की और पूरे देश में फैले उनके समर्थकों के भीतर एक नया उत्साह भर दिया।लातिन अमेरिका में स्वतंत्र चुनावों की नई उम्मीद और भविष्य की राहमचाडो की वापसी ऐसे समय में हुई है जब पूरे लातिन अमेरिका की निगाहें काराकास में होने वाले अगले राजनीतिक कदमों पर टिकी हैं। राजधानी काराकास से लेकर बोगोटा और वाशिंगटन तक के राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि मचाडो की शारीरिक उपस्थिति से विपक्ष का बिखराव रुकेगा और सत्ता पक्ष पर निष्पक्ष चुनाव कराने का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा। आम नागरिक जो वर्षों से आर्थिक संकट, मुद्रास्फीति और मानवीय त्रासदियों से जूझ रहे हैं, वे इस वापसी को एक नई लोकतांत्रिक सुबह की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।हालाँकि, आगे की राह आसान नहीं होगी। सुरक्षा के खतरे, सत्ता प्रतिष्ठान के कड़े नियम और आगामी चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करना मचाडो के लिए एक जटिल चुनौती साबित होगा। इसके बावजूद, अपनी धरती पर लौटकर उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वेनेजुएला के भविष्य का फैसला अब बंद कमरों में नहीं, बल्कि जनता की खुली भागीदारी के साथ ही तय होगा।
जीत से बस 1 विकेट दूर था इंग्लैंड, फिर शादाब-रऊफ ने पलट दी बाजी
इंग्लैंड को ट्राई सीरीज में अपनी उम्मीदें पूरी तरह कायम रखने के लिए जीत की जरूरत थी, लेकिन शादाब खान और हारिस रऊफ की ऐतिहासिक साझेदारी ने उसकी राह रोक दी. पाकिस्तान ने इस जीत के साथ फाइनल में जगह पक्की कर ली.
UP Voter List: विशेष अभियान में 5.59 लाख से अधिक नए पंजीकरण आवेदन मिले
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आयोजित दो दिवसीय विशेष अभियान के दौरान कुल 5,59,178 आवेदन प्राप्त हुए। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रिणवा ने बताया कि प्रदेश के सभी मतदेय स्थलों पर बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) पूर्वाह्न 10 बजे से शाम चार बजे तक मौजूद रहे और इस दौरान नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और दर्ज विवरण में संशोधन कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई तथा आवेदन प्राप्त किए गए। अधिकारी ने अभियान के प्रभावी संचालन के लिए हाथरस, गाजीपुर, संभल, कौशांबी, मथुरा, अमेठी और बाराबंकी के जिला निर्वाचन अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। वहीं, उन्होंने गाजियाबाद, बुलंदशहर, वाराणसी, भदोही, प्रयागराज, हमीरपुर, अंबेडकरनगर, अमरोहा, मेरठ और गौतमबुद्धनगर के अधिकारियों को इस दिशा में और प्रयास करने के निर्देश दिए। रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से आगामी अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित करने, अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने और प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से मतदाता सूची में अपना नाम जांचने की अपील की। उन्होंने कहा कि नाम दर्ज नहीं होने पर फॉर्म-छह और विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-आठ भरा जा सकता है। पंजीकरण संबंधी जानकारी के लिए मतदाता सेवा पोर्टल और ईसीआईनेट ऐप पर उपलब्ध ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा का भी उपयोग किया जा सकता है।
सड़कों पर उतरा यूरोप: पेरिस से तिराना तक लाखों का उग्र प्रदर्शन, 1300 से अधिक गिरफ्तार
यूरोप के प्रमुख देश इस समय गंभीर आर्थिक और सामाजिक असंतोष की आग में झुलस रहे हैं। रहने के लिए महंगे होते मकान, आसमान छूती महंगाई, बुनियादी जीवन-यापन की भारी लागत और जनविरोधी सरकारी नीतियों के खिलाफ आम नागरिकों का धैर्य पूरी तरह जवाब दे चुका है। फ्रांस की राजधानी पेरिस की ऐतिहासिक सड़कों से लेकर अल्बानिया के तिराना, इटली के औद्योगिक शहरों, स्पेन के मैड्रिड और पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन तक असंतोष का ऐसा ज्वार उठा है जिसने महाद्वीप की सरकारों की नींद उड़ा दी है। विभिन्न शहरों में विरोध मार्च हिंसक टकराव में तब्दील हो चुके हैं, जहां पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं, रबर की गोलियां चलाई जा रही हैं और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं। आंदोलनकारियों में समाज का हर वर्ग शामिल दिखाई दे रहा है, जिसमें कहीं मुख्य मुद्दा आवास का संकट और पेंशन कटौती है, तो कहीं अत्यधिक महंगी होती उच्च शिक्षा, विवादास्पद सरकारी ढांचागत परियोजनाएं और सख्त सुरक्षा नीतियां विरोध के केंद्र में हैं।फ्रांस में 1300 से अधिक गिरफ्तारियां, पेरिस में ड्रोन और हेलिकॉप्टरों से निगरानीफ्रांस में आंदोलन का स्वरूप सबसे उग्र और व्यापक नजर आ रहा है। सप्ताहांत में हुए विरोध प्रदर्शनों में गृह मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार लगभग 4.10 लाख नागरिकों ने भागीदारी की, जबकि आंदोलन की अगुवाई कर रही प्रसिद्ध सीजीटी यूनियन ने दावा किया है कि सड़कों पर उतरने वालों की वास्तविक तादाद आठ लाख से भी ज्यादा थी। अकेले राजधानी पेरिस में करीब ढाई लाख लोग व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद करने पहुंचे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर सुरक्षा बलों द्वारा किए गए कथित अत्यधिक बल प्रयोग ने आग में घी का काम किया है। देशभर से पुलिस ने करीब 1314 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें से अकेले पेरिस शहर से 65 लोगों की गिरफ्तारी हुई। पेरिस, ल्योन, लिले और मार्सिले जैसे प्रमुख नगरों में स्थिति इतनी विकट हो गई कि भीड़ पर नजर रखने के लिए पुलिस को आसमान में हेलिकॉप्टरों और आधुनिक ड्रोनों की मदद लेनी पड़ी।झड़पों के दौरान 53 पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जबकि 75 विभिन्न स्थानों पर आगजनी और 24 दुकानों में लूटपाट की घटनाएं दर्ज की गईं। इसी बीच सूचना के मोर्चे पर भी भारी चूक देखने को मिली, जहां फ्रांस के दो प्रमुख समाचार चैनलों, सीन्यूज और फ्रांसइंफो ने अल्बानिया में हुए विरोध प्रदर्शनों के दृश्यों को फ्रांस का बताकर प्रसारित कर दिया, जिसके बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। आंदोलनकारियों के तेवर नरम पड़ने के बजाय और तीखे होते दिख रहे हैं। प्रमुख मजदूर संगठनों और 2018 के ऐतिहासिक 'येलो वेस्ट' आंदोलन से जुड़े समूहों ने आगामी 31 अक्टूबर और 5 नवंबर को फिर से देशव्यापी हड़ताल और बड़े प्रदर्शनों का खुला आह्वान किया है। येलो वेस्ट संगठन ने ऐलान किया है कि अगले शनिवार को पेरिस के टाउन हॉल और नेशनल असेंबली भवन के ठीक बाहर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। उनका कहना है कि प्राथमिक विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालयों तक और खेतों से लेकर कारखानों तक, हर कार्यस्थल पर सरकार के प्रति असंतोष चरम सीमा पर पहुंच चुका है। उधर, पुलिस यूनियनों ने भी हाथ खड़े करते हुए सरकार को चेतावनी दी है कि उनके पास इतने सुरक्षाकर्मी शेष नहीं हैं कि पूरे देश में लगातार लंबे समय तक आपात तैनाती बनाए रखी जा सके।अल्बानिया में बातचीत की कुर्सियां फूंकीं, इटली में ऐतिहासिक कोलोसियम में घुसने की कोशिशअल्बानिया की राजधानी तिराना में हालात तब बेकाबू हो गए जब प्रधानमंत्री एडी रामा ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए सख्त प्रशासनिक उपायों और उपद्रवियों पर पांच लाख लेक यानी लगभग 6188 डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना लगाने की घोषणा की। इस दंडात्मक फरमान से भड़के लोग मूसलाधार बारिश के बावजूद सड़कों पर उतर आए और शिक्षा मंत्रालय से होते हुए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर कूच करने लगे। आक्रोशित भीड़ ने शांति वार्ता के लिए प्रशासनिक स्तर पर सजाकर रखी गई कुर्सियों को खुलेआम आग के हवाले कर दिया। इससे एक दिन पहले पुलिस ने भीड़ पर काबू पाने के लिए रबर की गोलियां और आंसू गैस के गोले दागे थे। कई सरकारी भवनों पर पत्थर और पटाखे फेंके गए, जिसमें 300 से अधिक पुलिसकर्मी और आम नागरिक घायल हो चुके हैं।इटली के प्रमुख शहरों मिलान, रोम, ट्यूरिन, नेपल्स, बोलोग्ना और फ्लोरेंस में भी जन आक्रोश सड़कों पर फूटा। यहां उग्र प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर शीशे की बोतलों, पत्थरों और पटाखों से सीधे प्रहार किए। राजधानी रोम में तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब प्रदर्शनकारियों के एक बड़े जत्थे ने ऐतिहासिक स्मारक कोलोसियम के सुरक्षा घेरे को तोड़कर भीतर प्रवेश करने का प्रयास किया। आठ बड़े शहरों में व्यापक अभियान चलाकर 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 110 नाबालिगों सहित कुल 371 लोगों को हिरासत में लिया गया। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षाबलों का आभार जताते हुए देश में हर हाल में कानून व्यवस्था बहाल रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।स्पेन-पुर्तगाल में आवास संकट और डोनाल्ड ट्रंप का अप्रवासियों पर तीखा हमलास्पेन की राजधानी मैड्रिड में पेंशनर्स और युवाओं का संयुक्त मोर्चा सड़कों पर डटा हुआ है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि बढ़ती महंगाई की दर के अनुपात में पेंशन राशि में तत्काल इजाफा किया जाए, न्यूनतम पेंशन स्लैब में व्यापक सुधार हो और पेंशन प्रणाली के किसी भी प्रकार के निजीकरण पर पूर्ण वैधानिक रोक लगे। शहर के प्रसिद्ध प्यूर्टा डेल सोल चौराहे पर लगाया गया विरोध शिविर इस आंदोलन की धुरी बन चुका है, जहां लोग बेतहाशा बढ़ते घर के किरायों के खिलाफ अनवरत धरना दे रहे हैं। पड़ोसी देश पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भी किराए की दरों को नियंत्रित करने और मकान मालिकों द्वारा किराएदारों को बेदखल करने के नियमों को कड़ा करने की मांग को लेकर तंबू गाड़े गए थे। हालांकि, पुलिस ने रविवार तड़के कार्रवाई करते हुए इन शिविरों को जबरन उखाड़ फेंका, जिसके चलते पुलिस और जनता के बीच तीखी हाथापाई हुई।यूरोप के इस अभूतपूर्व संकट पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस और समूचे यूरोप में भड़की इस हिंसा का ठीकरा वहां की आव्रजन नीतियों पर फोड़ा है। अमेरिका के जॉर्जिया में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि फ्रांस आज इसलिए जल रहा है क्योंकि उसने अपनी सीमाएं ऐसे लोगों के लिए खोल दीं जो उसकी संस्कृति, परंपरा, ऐतिहासिक इमारतों और कला का सम्मान नहीं करते। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा कि जब आप ऐसे तत्वों को पनाह देते हैं जो आपके देश से नफरत करते हैं, तो उसका यही हश्र होता है। हालांकि, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पहले भी ट्रंप के इस प्रकार के बयानों को पूरी तरह खारिज करते रहे हैं, लेकिन यूरोप के वर्तमान हालात निश्चित रूप से नीति-निर्माताओं के सामने एक गहरा राजनीतिक और सामाजिक संकट बनकर खड़े हो गए हैं।
अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का करारा प्रहार
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक पटल पर एक बार फिर आतंकवाद और दोहरे मापदंडों को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। संयुक्त राष्ट्र दिवस के विशेष उपलक्ष्य में आयोजित 'चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन' के मंच से बोलते हुए उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के उन ताकतों को आड़े हाथों लिया जो अपने संकीर्ण हितों के लिए आतंकवाद जैसे नासूर पर आंखें मूंद लेती हैं। विदेश मंत्री का यह तीखा बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस हालिया बयान के ठीक बाद सामने आया है, जिसमें रुबियो ने पाकिस्तान के साथ अमेरिका के राजनयिक और रणनीतिक संबंधों को बनाए रखने की खुली वकालत की थी। जयशंकर ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में रेखांकित किया कि आतंकवाद को किसी भी परिस्थिति में राज्य-नीति के एक औजार या राजनयिक सौदेबाजी के साधन के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को आगाह करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब आतंकवाद को नजरअंदाज कर अल्पकालिक राजनीतिक फायदे तलाशे गए हैं, तब-तब पूरी मानवता को उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी है।आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की अनदेखी और राजनीतिक नफा-नुकसानडॉ. जयशंकर ने वैश्विक शांति और स्थिरता के समक्ष उपस्थित संकटों का सिलसिलेवार विश्लेषण करते हुए कहा कि आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में आतंकवाद सबसे घातक और गंभीर चुनौती बनकर खड़ा है। इसे किसी भी तर्क, सिद्धांत अथवा मजबूरी की आड़ लेकर कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता। विदेश मंत्री ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद जैसी अंतरराष्ट्रीय बुराई आज भी इसलिए फल-फूल रही है क्योंकि वैश्विक मंच पर सभी राष्ट्र वास्तविक अर्थों में इसके प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति नहीं अपनाते। हालांकि उन्होंने अपने संबोधन में सीधे तौर पर किसी एक मुल्क का नाम लेने से परहेज किया, लेकिन उनके बयानों की दिशा और संदर्भ पूरी तरह स्पष्ट थे कि उनका इशारा सीमा पार से आतंकवाद को खाद-पानी देने वाले पाकिस्तान और उसे शह देने वाले पश्चिमी रुख की तरफ था। जयशंकर ने दो टूक शब्दों में कहा कि इतिहास से कड़वे सबक सीखने के बावजूद दुर्भाग्य से कुछ राष्ट्र आज भी अपने पुराने ढर्रे पर चलते हुए संकीर्ण राजनीतिक नफा-नुकसान और सामरिक हिसाब-किताब को नैतिकता और वैश्विक सुरक्षा से ऊपर रख रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि जब तक सभी देश एकजुट होकर आतंकवाद के हर स्वरूप और उसकी जड़ों पर निर्णायक प्रहार नहीं करेंगे, तब तक एक सुरक्षित विश्व की कल्पना अधूरी ही रहेगी।मार्को रुबियो की परमाणु दलील और ईरान के साथ तुलना का मामलाइस पूरे कूटनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि तब तैयार हुई जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक अंतरराष्ट्रीय टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में वाशिंगटन और इस्लामाबाद के मौजूदा रिश्तों का जोरदार बचाव किया। रुबियो ने अपनी दलील पेश करते हुए कहा था कि अमेरिका के लिए उन राष्ट्रों के साथ भी लगातार बातचीत और संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है, जिनके साथ उसके बुनियादी वैचारिक मतभेद हैं। रुबियो ने तर्क दिया कि चूंकि पाकिस्तान एक परमाणु हथियार संपन्न देश है और उसकी भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है, इसलिए अमेरिका उसे कूटनीतिक रूप से अलग-थलग नहीं छोड़ सकता। अमेरिकी विदेश मंत्री ने इसकी तुलना भारत और ईरान के संबंधों से करते हुए कहा कि जिस तरह नई दिल्ली अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक हितों के मद्देनजर तेहरान के नेतृत्व के साथ रिश्ते कायम रखती है, ठीक उसी तरह अमेरिका को भी पाकिस्तान के साथ संवाद जारी रखना पड़ता है। रुबियो का दावा था कि अगर अमेरिका पाकिस्तान के साथ वार्ता की मेज पर मौजूद रहता है, तो वह उन सुरक्षा चिंताओं को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकता है जिन्हें लेकर भारत हमेशा आशंकित रहता है। साथ ही रुबियो ने व्यापार, उन्नत तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को 21वीं सदी का निर्णायक स्तंभ भी बताया था।वैश्विक युद्धों की मार और शांति बहाली में भारत का नेतृत्वविदेश मंत्री जयशंकर ने अपने व्याख्यान में केवल आतंकवाद तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि उन्होंने वर्तमान में दुनिया के अलग-अलग कोनों में चल रहे भयंकर सैन्य संघर्षों पर भी गंभीर मंथन साझा किया। पूर्वी यूरोप में चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया के किसी भी कोने में अगर युद्ध भड़कता है, तो वह समूची धरती की शांति और आर्थिक व्यवस्था के लिए सीधा खतरा पैदा करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि इन भू-राजनीतिक संघर्षों का सर्वाधिक दुष्प्रभाव उन निर्दोष समाजों, उभरती अर्थव्यवस्थाओं और आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जिनका इस भू-राजनीतिक टकराव से दूर-दूर तक कोई सीधा लेना-देना नहीं है। ईंधन, खाद्य सामग्री और उर्वरकों की आपूर्ति शृंखला बाधित होने से विकासशील देशों पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि भारत सदैव वार्ता, कूटनीति और शांति का पक्षधर रहा है और संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए दुनिया के जिम्मेदार साझेदारों के साथ मिलकर ठोस कदम उठाने के लिए पूरी तरह तत्पर है।
पटना में खरगे के बिगड़े बोल पर भड़की BJP, PM मोदी के दिवंगत पिता पर बयान से सियासी भूचाल
बिहार की राजधानी पटना स्थित ऐतिहासिक बापू सभागार में आयोजित राजनीतिक सम्मेलन के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा दिए गए एक बयान ने देश की राजनीति में जबरदस्त तूफान खड़ा कर दिया है। एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर पहले से ही जारी सियासी खींचतान के बीच खरगे की जुबान से निकले आपत्तिजनक शब्दों ने राजनीतिक मर्यादाओं की बहस को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर सार्वजनिक मंच से की गई टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कांग्रेस पार्टी के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है। बीजेपी ने इस पूरे मामले को सीधे तौर पर देश के प्रधानमंत्री के स्वर्गीय पिता और भारतीय सांस्कृतिक संस्कारों का खुला अपमान करार दिया है।राजनीतिक तापमान उस वक्त अचानक बढ़ गया जब बापू सभागार में अपने संबोधन के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसी जगहों पर जनता द्वारा चुनी गई सरकारों को असंवैधानिक तरीकों से प्रभावित किया गया। इसी भाषण के दौरान दर्शक दीर्घा से जब किसी व्यक्ति ने तेज आवाज में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना मुमकिन नहीं है, तो खरगे अपना आपा खो बैठे और उन्होंने अत्यंत अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए विवादित टिप्पणी कर दी। इस बयान की वीडियो क्लिप सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय टीवी चैनलों और राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश फैल गया।गृहमंत्री अमित शाह ने उठाए कांग्रेस के संस्कारों पर सवाल, राहुल गांधी के नेतृत्व को घेराकांग्रेस अध्यक्ष के इस विवादित बयान पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बेहद कड़ा और भावुक पत्र साझा करते हुए कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पटना की धरती पर देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिताजी पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा की गई यह अभद्र टिप्पणी भारतीय लोकतंत्र की समस्त मर्यादित सीमाओं को पूरी तरह से तार-तार करती है। उन्होंने याद दिलाया कि यह कोई पहला अवसर नहीं है जब कांग्रेस नेतृत्व ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले परिवार को निशाना बनाकर अभद्र और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया हो।गृहमंत्री ने आगे निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर बीतते दिन के साथ राजनीतिक शुचिता और शालीनता के न्यूनतम पैमानों को भी ध्वस्त करती जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में लगातार मिलने वाली करारी हारों के चलते हताशा और कुंठा के शिकार कांग्रेसी नेता अब पूरी तरह से वैचारिक दिवालियापन की स्थिति में पहुंच चुके हैं। केंद्रीय गृहमंत्री ने दो टूक कहा कि देश की जनता ऐसे अपमानजनक और अमर्यादित रवैये को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों ने खोला मोर्चा: संबित पात्रा, अनुराग ठाकुर और शिवराज के तीखे वारकेंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरगे के इस बयान पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि एक उम्रदराज और वरिष्ठ नेता से समाज में संयमित भाषा की उम्मीद की जाती है। किसी भी लोकतांत्रिक देश में किसी दिवंगत व्यक्ति, विशेषकर प्रधानमंत्री के पिता के विषय में ऐसी अशोभनीय शब्दावली का प्रयोग भारतीय सभ्यता, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के सर्वथा विपरीत है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मल्लिकार्जुन खरगे ने यह विवादास्पद बयान गांधी परिवार के इशारे पर दिया है, और यदि नहीं, तो क्या कांग्रेस आलाकमान अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस असंसदीय व्यवहार पर उनका इस्तीफा मांगेगा।वहीं बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मामले की एक और परत खोली। पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि पटना के कार्यक्रम में जब एक कांग्रेसी कार्यकर्ता ने मोदी जी की लोकप्रियता का जिक्र किया, तो खरगे जी अपनी झुंझलाहट नहीं छिपा पाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की लगातार छुट्टियों वाली राजनीति और चुनावी विफलताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा दिया है, जिसका गुस्सा अब खरगे जी के मुंह से अपशब्दों के रूप में बाहर आ रहा है। सांसद अनुराग ठाकुर और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी खरगे के बयान को निंदनीय बताते हुए कहा कि राहुल गांधी की संगत का असर अब खरगे के बयानों में साफ झलक रहा है और कांग्रेस को बिना किसी शर्त के देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।पटना में मल्लिकार्जुन खरगे पर कानूनी शिकंजा, बीजेपी का 26 अक्टूबर को देशव्यापी प्रदर्शनखरगे के इस विवादास्पद बयान के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई का दौर भी शुरू हो चुका है। पटना के स्थानीय थाने में बीजेपी नेता कृष्ण कल्लू ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ बाकायदा एक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि सार्वजनिक मंच से करोड़ों नागरिकों की आस्था के केंद्र प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति आपत्तिजनक और अपमानजनक बातें कहकर सामाजिक शांति और सौहार्द को चोट पहुंचाई गई है। पुलिस ने शिकायत को अपने रिकॉर्ड में शामिल कर कानूनी पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है।इधर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा कर दी है। 26 अक्टूबर को देश के सभी राज्यों, राजधानियों और जिला मुख्यालयों में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर कांग्रेस के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह राजनीतिक उबाल ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों का इंडिया (I.N.D.I.A.) गठबंधन 1 नवंबर को राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक महारैली करने की योजना बना रहा है। बीजेपी के आक्रामक रुख से विपक्ष बैकफुट पर दिखाई दे रहा है।कांग्रेस का रक्षात्मक रुख और बचाव में उतरी मीडिया टीम, पवन खेड़ा की अजीब दलीलबयान को लेकर चौतरफा घिरती देख कांग्रेस पार्टी ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू कर दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पार्टी का पक्ष रखते हुए दावा किया कि खरगे के बयान का गलत संदर्भ निकाला जा रहा है। पवन खेड़ा ने अजीबोगरीब दलील पेश करते हुए कहा कि खरगे का आशय किसी व्यक्ति विशेष के जैविक पिता से नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के 'वैचारिक पिता' यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उसके नेतृत्व से था।खेड़ा ने आरोप लगाया कि बापू सभागार में बीजेपी के कुछ तत्वों ने जानबूझकर व्यवधान डालने की कोशिश की थी और एक सम्मानित दलित नेता के भाषण को बाधित करने का प्रयास किया गया था। हालांकि बीजेपी नेताओं ने पवन खेड़ा के इस बचाव को खारिज करते हुए कहा है कि यह कांग्रेस का अपनी मर्यादाहीन टिप्पणियों पर लीपापोती करने का एक और विफल प्रयास है। पूरे देश में इस समय यह राजनीतिक विवाद शीर्ष चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके और अधिक गरमाने के पूरे आसार हैं।
'नया मैसेज नहीं जा रहा, मेरा अकाउंट बैन कर दिया...' CJP प्रवक्ता सौरव दास का व्हाट्सएप पर गंभीर आरोप
नागरिक अधिकार संगठन सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के आधिकारिक प्रवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सौरव दास ने लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर अपना अकाउंट मनमाने ढंग से ब्लॉक और प्रतिबंधित करने का गंभीर आरोप लगाया है। सौरव दास के अनुसार, उनका चालू मोबाइल नंबर अचानक मैसेज भेजने की सुविधा से वंचित कर दिया गया है और स्क्रीन पर अकाउंट बैन होने की चेतावनी दिखाई दे रही है। सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक सार्वजनिक पोस्ट साझा करते हुए मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में साफ तौर पर लिखा कि उनका आधिकारिक व्हाट्सएप अकाउंट प्रतिबंधित कर दिया गया है और वह किसी भी व्यक्ति अथवा समूह को कोई नया संदेश भेजने में पूरी तरह असमर्थ हैं।इस घटना के सामने आते ही डिजिटल एक्टिविज्म, सोशल मीडिया की पारदर्शिता और प्लेटफॉर्म सेंसरशिप को लेकर एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई है। सौरव ने सीधे व्हाट्सएप प्रबंधन को टैग करते हुए सवाल दागा कि आखिर उनके अकाउंट के साथ यह क्या किया जा रहा है और बिना किसी स्पष्ट पूर्व सूचना के उनका संपर्क साधन क्यों छीना गया है। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर इंटरनेट जगत तक इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लोग अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बोलने की आजादी और डिजिटल सेंसरशिप का विवादसौरव दास लंबे समय से विभिन्न सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। उनके मैसेजिंग अकाउंट पर अचानक लगी इस रोक ने डिजिटल अधिकारों की वकालत करने वाले समूहों का ध्यान खींचा है। यह पहला मौका नहीं है जब सौरव दास ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की कार्यप्रणाली अथवा सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हों। इससे पहले भी वह अलग-अलग अवसरों पर अपनी निजता में दखलंदाजी, ऑनलाइन निगरानी और डिजिटल सेंसरशिप को लेकर गंभीर दावे करते रहे हैं।अगस्त महीने के दौरान सौरव दास ने इंस्टाग्राम पर भी इसी तरह के मनमाने प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया था। उस वक्त उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से जुड़े स्क्रीनशॉट्स साझा करते हुए दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ होने वाले शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी उनकी पोस्ट्स और स्टोरीज की पहुंच को जानबूझकर सीमित किया जा रहा है। सौरव का आरोप था कि 'शैडो बैन' और 'अकाउंट रिस्ट्रिक्शन' जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाया जा रहा है, जो सीधे तौर पर संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार पर गहरा आघात है।दिल्ली पुलिस पर लगाया था फोन क्लोनिंग और सबूत गढ़ने का गंभीर आरोपव्हाट्सएप पर रोक लगने से पहले सौरव दास सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली को लेकर भी मुखर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया था कि उनका निजी फोन गैर-कानूनी ढंग से जब्त करके उसे हैक और क्लोन किया गया था। इस मामले का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया था कि जब उन्हें एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा रोका गया, तब बिना कोई कानूनी जब्ती मेमो (सीजर मेमो) दिए उनका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया गया था।सौरव दास ने उस दौरान यह गंभीर आशंका जाहिर की थी कि फोन जब्त करने के बाद उसे अवैध रूप से एक्सेस किया गया ताकि भविष्य में उन्हें किसी झूठे आपराधिक मामले में फंसाने के लिए उनके डिवाइस में फर्जी दस्तावेज या डिजिटल सबूत प्लांट किए जा सकें। उनका कहना था कि किसी नागरिक का फोन बिना कानूनी प्रक्रिया और स्पष्ट मेमो के जब्त करना न केवल प्रक्रियात्मक नियमों की अवहेलना है, बल्कि यह न्याय की मूल भावना के भी एकदम विपरीत है।पत्रकारों और यूट्यूबर्स द्वारा घर में घुसपैठ: दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा था मामलासौरव दास केवल सुरक्षा एजेंसियों और टेक कंपनियों से ही नहीं, बल्कि गैर-जिम्मेदाराना मीडिया कवरेज के खिलाफ भी कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ यूट्यूबर्स और मीडियाकर्मियों ने बिना किसी वैधानिक अनुमति के उनके निजी आवास में जबरन प्रवेश किया और घर के अंदरूनी हिस्सों की वीडियोग्राफी की। इतना ही नहीं, उस संवेदनशील वीडियो फुटेज को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उनके घर का सटीक पता और बेहद संवेदनशील निजी जानकारियां सार्वजनिक कर दी गईं।सौरव दास का कहना था कि इस अनैतिक और आक्रामक कवरेज के कारण उनके और उनके पूरे परिवार की जान-माल की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया था। लगातार मिल रही धमकियों और असुरक्षा के माहौल के बीच उन्होंने न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया था। अदालत में उन्होंने निजता के अधिकार, सुरक्षा और गैर-जिम्मेदार मीडिया चैनलों पर लगाम लगाने के संबंध में याचिका दायर कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी।मेटा की कम्युनिटी गाइडलाइंस और यूजर्स के अधिकारों के बीच खींचतानव्हाट्सएप जैसी वैश्विक मैसेजिंग कंपनियां अक्सर दावा करती हैं कि वे स्पैम, ऑटोमेटेड बॉट्स, बल्क मैसेजिंग और अपनी सेवा शर्तों के उल्लंघन की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एल्गोरिद्म आधारित टूल्स का उपयोग करके खातों पर प्रतिबंध लगाती हैं। हालांकि, कई बार इन एल्गोरिद्म की खामियों और बिना मानवीय समीक्षा के की जाने वाली कार्रवाइयों के चलते पत्रकारों, शोधकर्ताओं और अधिकार कार्यकर्ताओं के सामान्य खाते भी अचानक ब्लॉक हो जाते हैं।सौरव दास का मामला अब केवल एक व्यक्ति के अकाउंट बंद होने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह तकनीकी कंपनियों की मनमानी, यूजर ग्रीवेंस सिस्टम की विफलता और डिजिटल युग में नागरिकों के संवाद करने के अधिकार से जुड़ चुका है। सोशल मीडिया पर अब कई नागरिक समाज के प्रतिनिधि यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या मेटा जैसी विशाल तकनीकी कंपनियां किसी बाहरी दबाव में काम कर रही हैं या फिर यह उनके ऑटोमेटेड सिस्टम की कोई बड़ी तकनीकी चूक है। फिलहाल सभी की निगाहें व्हाट्सएप प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और सौरव दास के अकाउंट की बहाली पर टिकी हुई हैं।
Chaibasa में डायन बताकर आदिवासी महिला की गला घोंटकर हत्या, 4 आरोपी गिरफ्तार
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जादू-टोना करने के संदेह में 46 वर्षीय आदिवासी महिला की हत्या के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। चाईबासा सदर के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) बहमन तुती ने बताया कि पुलिस को शनिवार सुबह घटना की सूचना मिली, जिसके बाद टीम कराइकेला थाना क्षेत्र के कोलजोमरो गांव पहुंची और वहां से महिला का खून से लथपथ शव बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि मृतका की पहचान रेंदाई सुम्भरुई के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि महिला शुक्रवार देर रात अपने घर में सो रही थी, तभी चारों आरोपी घर में घुस गए और उससे मारपीट की और बाद में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। अधिकारी ने बताया कि मृतका के पति की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और डायन प्रथा निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में जोनुआ गांव के निवासी बुधु होनहागा, मार्टिन डिग्गी, मार्टुस होनहागा और मधुसूदन होनहागा को गिरफ्तार किया गया है।
'बहन' संग कंबल में रोमांस! गर्लफ्रेंड ने यूट्यूबर को लताड़ा, निकले आंसू
इस हफ्ते का 'वीकेंड का वार' पूरी तरह से लव गिल और स्काउट ओपी पर बेस्ड रहा. पहले रोहित शेट्टी ने स्काउट और लव को नेशनल टीवी पर क्लोज होने पर लताड़ लगाई और फिर स्काउट की गर्लफ्रेंड ने लव संग उनकी नजदीकियों पर सवाल उठाए. आरोप सुनकर लव फूट-फूटकर रोईं.
श्रीभूमि में विसर्जन के दौरान बिहू कलाकारों पर बर्बर हमला, 13 गिरफ्तार
असम के श्रीभूमि जिले से एक बेहद स्तब्ध करने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां दुर्गा पूजा की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान असमिया लोक संस्कृति के संवाहक बिहू कलाकारों के एक दल पर भीड़ द्वारा हिंसक हमला कर दिया गया। इस अमानवीय घटना के सामने आते ही पूरे राज्य में सांस्कृतिक और सामाजिक हलकों में भारी आक्रोश फैल गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य प्रशासन तुरंत हरकत में आया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 13 लोगों को दबोच लिया है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह जांच का शुरुआती चरण है और डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर अन्य उपद्रवियों की शिनाख्त की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में गिरफ्तारियों का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।घटना के मूल विवरण के अनुसार, श्रीभूमि सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शुक्रवार, 23 अक्टूबर की शाम को यह अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई। स्थानीय स्तर पर सक्रिय हिंदुस्तान क्लब द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के उपलक्ष्य में एक विशाल और भव्य जुलूस आयोजित किया गया था। इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन में सांस्कृतिक विविधता और उत्सव का रंग भरने के लिए क्लब प्रबंधन ने पास के ही एक ग्रामीण इलाके से 11 सदस्यीय बिहू नृत्य दल को अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन करने हेतु सादर आमंत्रित किया था। जुलूस जब अपने चरम पर था, तभी किसी बात को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया और आरोप है कि क्लब से जुड़े कुछ उपद्रवी सदस्यों व स्थानीय युवकों ने अचानक बिहू कलाकारों को घेरकर उन पर लाठी-डंडों और घूंसों से हमला बोल दिया।घायल कलाकारों की गंभीर स्थिति और पुलिस की कानूनी कार्रवाईश्रीभूमि सदर थाने के प्रभारी अधिकारी तरंगा पटोवारी ने आधिकारिक बयान में इस बात की पुष्टि की है कि इस सुनियोजित मारपीट में बिहू दल के सात कलाकार बुरी तरह घायल हुए हैं। डॉक्टरों की टीम द्वारा की गई आपातकालीन चिकित्सकीय जांच में कलाकारों के शरीर पर गंभीर अंदरूनी और बाहरी चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रहार इतना घातक था कि कुछ कलाकारों के चेहरे लहूलुहान हो गए और उनके दांत तक टूट गए। इस पारंपरिक दल में चार महिला कलाकार और सात पुरुष कलाकार शामिल थे, जो केवल अपनी कला और परंपरा की प्रस्तुति देने वहां पहुंचे थे।हमले से व्यथित और सहमे हुए कलाकारों ने उपचार के उपरांत तुरंत श्रीभूमि सदर पुलिस थाने में जाकर आपबीती सुनाई और औपचारिक लिखित तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत और सख्त धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। दर्ज मामले में जानलेवा हमला करने, आपराधिक भय उत्पन्न करने, जान से मारने की धमकी देने तथा सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को जानबूझकर बिगाड़ने से जुड़ी धाराएं शामिल की गई हैं। पुलिस द्वारा शनिवार को गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों को जब स्थानीय अदालत में पेश किया गया, तो वहां से उन्हें जमानत प्राप्त हो गई। हालांकि पुलिस का स्पष्ट कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और वीडियो क्लिपिंग की वैज्ञानिक जांच जारी है ताकि कोई भी मुख्य षड्यंत्रकारी कानून की पकड़ से बच न सके।संस्कृति के अपमान पर AASU का भारी आक्रोश और सड़क पर उतरने की चेतावनीइस हिंसक घटना की तस्वीरें और लहूलुहान कलाकारों के दर्दनाक वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुए, राज्यभर के नागरिकों और सामाजिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। अखिल असम छात्र संघ (AASU) ने इस घटना पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इसे राज्य की अस्मिता पर सीधा हमला करार दिया है। संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने इस बात पर विशेष चिंता और रोष प्रकट किया कि उपद्रवियों ने न केवल कलाकारों के साथ अमानवीय व्यवहार किया, बल्कि असम की सांस्कृतिक पहचान और स्वाभिमान के पावन प्रतीक पारंपरिक ढोल को भी जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया।AASU के केंद्रीय अध्यक्ष उत्पल शर्मा ने मुखर होते हुए कहा कि सूचना मिलते ही छात्र संघ की स्थानीय इकाइयों ने पीड़ित दल के सदस्यों से संपर्क साधा और बराक घाटी के विभिन्न जिलों में सक्रिय उनके प्रतिनिधि लगातार कलाकारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को ऐसी उदाहरणात्मक सजा मिलनी चाहिए जो नजीर बने। उत्पल शर्मा ने ऐलान किया कि संगठन सोमवार को श्रीभूमि के जिला आयुक्त को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपेगा और दोषियों की पुनर्ग गिरफ्तारी तथा उन पर कठोर कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा चलाने के लिए लोकतांत्रिक प्रदर्शन करेगा। वहीं छात्र संघ के मुख्य सलाहकार डॉ. समुज्जल भट्टाचार्य ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी सख्त प्रतिक्रिया देते हुए इसे समूचे असम के लिए शर्मसार करने वाली घटना बताया और पुलिस तंत्र से किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने की अपील की।मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कड़े तेवर और पुलिस महानिदेशक की सक्रियतामामले की गूंज राजधानी दिसपुर तक पहुंचते ही असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक बताते हुए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित हस्तक्षेप किया। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि बिहू केवल एक लोकनृत्य नहीं है, बल्कि यह असम की आत्मा, जन-जन का गौरव और हमारी सदियों पुरानी विशिष्ट पहचान है। राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत का किसी भी मंच पर अपमान किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने तुरंत राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) हरमीत सिंह को व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करने और बिना किसी राजनीतिक या सामाजिक दबाव के उपद्रवियों पर कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।मुख्यमंत्री के सीधे आदेश के बाद असम पुलिस के डीजीपी हरमीत सिंह ने तत्काल बयान जारी कर बताया कि श्रीभूमि जिला पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। श्रीभूमि सदर थाने में केस दर्ज कर 13 प्राथमिक आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से छानबीन की जा रही है। डीजीपी ने आश्वासन दिया कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले और सांस्कृतिक सौहार्द को तार-तार करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। जांच में यह तथ्य भी प्रमुखता से सामने आया है कि वारदात के वक्त पकड़े गए अधिकांश उपद्रवी अत्यधिक शराब के नशे में धुत थे। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें अल्कोहल के अंश की पुष्टि हुई है।बराक घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और आयोजकों की जवाबदेहीबराक घाटी के विभिन्न नागरिक समाज, सांस्कृतिक संगठनों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने भी इस बर्बर घटना की एक सुर में घोर भर्त्सना की है। स्थानीय संगठनों का मानना है कि दुर्गा पूजा जैसे महापर्व के दौरान इतने बड़े सार्वजनिक जुलूस में कलाकारों की सुरक्षा के न्यूनतम और पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। आयोजक हिंदुस्तान क्लब की प्रशासनिक विफलता और लापरवाही को लेकर भी भारी नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि बाहर से बुलाए गए मेहमान कलाकारों को सुरक्षा का बुनियादी घेरा तक मुहैया नहीं कराया गया था।नागरिक संगठनों ने मांग उठाई है कि प्रशासन को भीड़ प्रबंधन और विसर्जन शोभायात्राओं के लिए और अधिक सख्त नियमावली तैयार करनी चाहिए ताकि नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों के कारण भविष्य में इस प्रकार की लज्जाजनक घटनाएं दोबारा न घटें। फिलहाल श्रीभूमि जिले में स्थिति नियंत्रण में है, परंतु कलाकारों के साथ हुई इस बर्बरता ने असम के सामाजिक ताने-बाने और सांस्कृतिक सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है, जिस पर शासन और समाज दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।
राहु के नक्षत्र में सूर्य, 6 नवंबर तक 5 राशियों की चमकेगी किस्मत!
Surya Gochar 2026: सूर्य के राहु के स्वाति नक्षत्र में गोचर से 6 नवंबर तक 5 राशियों को लाभ मिलने के संकेत हैं. जानें किन राशियों की चमक सकती है किस्मत और कहां मिल सकते हैं धन लाभ व तरक्की के अवसर.
'इसे सैन्य टकराव न समझें', चीनी सैनिकों को लेकर PAK से जुड़े अकाउंट के दावे सेना ने किए खारिज
भारतीय सेना ने पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा प्रसारित एक फर्जी वीडियो का खंडन किया है।
'ये तो देशद्रोह है', PAK और कश्मीर को लेकर फारूक की टिप्पणी पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने जताई आपत्ति
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के कश्मीर और पाकिस्तान संबंधी बयान पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
अब दिल की धड़कन से बनेगी बिजली: बैटरी रहित होगा पेसमेकर, वैज्ञानिकों ने तैयार की सूक्ष्म जनरेटरों की जाली-Heartbeat-Powered Pacemaker: Scientists Develop Microscopic Generators in Human Heart Tissue
कल किसी और की सरकार आ गई तो, कांग्रेस के साथ रिलेशन पर बोले अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके का कहना है कि वह अगर मकसद एक होगा तो राजनीतिक दलों का समर्थन करेंगे। साथ ही उन्होंने बताया है कि वह कांग्रेस या किसी भी अन्य राजनीतिक दल के साथ क्यों खड़े नहीं हो रहे हैं।
सर्दियों में भी हरे-भरे रहेंगे पौधे, ठंड की मार से बचाएंगे ये तरीके
सर्दियों में ठंडी हवाओं और पाले की वजह से बालकनी में लगे पौधे मुरझाने लगते हैं. ऐसे में पुरानी जूट की बोरी, कपड़े, लकड़ी के पट्टे और सूखी पत्तियों जैसी घर में मौजूद चीजों से पौधों का बचाव कर सकते हैं. जानिए ठंड के मौसम में गमलों की देखभाल करने और बालकनी गार्डन को हरा-भरा रखने के 5 आसान तरीके.
सरकार के दबाव में फैसले लेते थे पूर्व CJI चंद्रचूड़? जस्टिस कौल के आरोपों पर दे दिया जवाब
जस्टिस कौल के मुताबिक सरकार के साथ संबंधों को संभालने को लेके उनके और तत्कालीन CJI के बीच गंभीर मतभेद थे। उन्होंने कहा था कि कॉलेजियम की चर्चा से पहले वे सरकार की सहमति लेते थे।
'यूपी में तीसरी बार योगी को CM नहीं बनने देंगे...', ओवैसी का ऐलान
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी.
ब्राजील में वामपंथी नेता लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया है.
अंकिता भंडारी केस में न्याय दिलाना समाज और प्रशासन का कर्तव्य: CM Pushkar Dhami
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्या मामले में न्याय सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने पर रविवार को जोर दिया। ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में ‘रिसेप्शनिस्ट’ के रूप में काम करने वाली अंकिता की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में एक कार्यक्रम के दौरान इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना समाज और प्रशासनिक व्यवस्था, दोनों की जिम्मेदारी है। धामी ने कहा, ‘‘संवेदनशील मामले का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने के बजाय इस पर होने वाली चर्चा तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।’’उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि किसी बेटी के दुख का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना या बिना सबूत आरोप लगाना कितना उचित है। उन्होंने कहा कि इतने संवेदनशील मामले में न्यायिक प्रक्रिया, तथ्यों और साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अदालत द्वारा दोषियों को सजा सुनाए जाने और जमानत याचिकाओं पर न्यायिक कार्यवाही का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कानून की उचित प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए। धामी ने हल्द्वानी में ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। वह इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर में कथित तौर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और छात्रसंघ चुनाव के लिए जारी आंदोलन के दौरान अशांति भड़काने के आरोप में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी तथा अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कांग्रेस के लोकसभा सदस्य मसूद, राज्यसभा सदस्य प्रतापगढ़ी और अन्य के खिलाफ दिल्ली पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर, अनधिकृत प्रवेश को लेकर इन सांसदों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जो प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने विश्वविद्यालय गए थे। आंदोलन कर रहे विद्यार्थी छात्र संघ को बहाल करने और अपने खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने आरोप लगाया है कि सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने द्वार संख्या 7 के बाहर छात्रों को हिरासत में ले लिया और अधिकारी उन छात्रों को निशाना बना रहे हैं जो जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (जेएमआईएसयू) को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, एसएफआई ने इस स्थिति को छात्रों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई बताया। उन्होंने छात्रों की हिरासत खत्म करने और छात्र संघ को बहाल करने की मांग की। इन आरोपों पर पुलिस की ओर से फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब विश्वविद्यालय ने प्रदर्शन स्थल पर बढ़ते तनाव के बीच छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं। शनिवार को कुलपति मजहर आसिफ और कुलसचिव मो. महताब आलम रिज़वी सहित 1,500 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने अंसारी सभागार के लॉन से द्वार संख्या 7 तक मार्च किया, ताकि वे प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना आंदोलन वापस लेने के लिए मना सकें। इसने बताया कि कर्मचारियों ने लगभग दो घंटे तक कई आग्रह किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने वह स्थान खाली करने से इनकार कर दिया। यह आरोप लगाया गया कि कुछ छात्रों ने सुरक्षा गार्डों, कर्मचारियों और शिक्षकों को धक्का दिया, जिसके बाद कर्मचारी वहां से हट गए। हालांकि, एसएफआई की जामिया इकाई ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों—जिनमें प्रॉक्टर, कुलसचिव और सुरक्षा सलाहकार शामिल हैं—ने भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने की कोशिश की, उनके तंबू उखाड़ दिए और इस दौरान छात्राओं को घसीटा गया। वहां मौजूद एक विद्यार्थी ने यह भी आरोप लगाया कि परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जो छात्रों को अंदर जाने से रोक रहे थे। कुछ छात्रों को घसीटकर ले जाया गया और हिरासत में ले लिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यह विरोध प्रदर्शन लगभग दो सप्ताह पहले छात्र संघ को बहाल करने की मांग को लेकर शुरू हुआ था। छात्रों का कहना है कि 2006 से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। एसएफआई के अनुसार, चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जबकि एक पीएचडी विद्यार्थी, गुलिस्तां-ए-ग़ालिब लॉन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी है।
मुद्दे पीछे, बयान आगे: राजनीति में प्रतिक्रिया देने की जल्दी क्यों?
मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए दिया गया विवादित बयान राजनीतिक भाषा की मर्यादा और नेताओं की जिम्मेदारी पर बहस छेड़ रहा है.
आइये जानते हैं आज के बड़े घटनाक्रम...
नासिक में 517 लोगों ने एक साथ Shankh बजाकर बनाया Guinness World Record
महाराष्ट्र के नासिक में रविवार को गोदावरी नदी के तट पर 517 श्रद्धालुओं ने एक साथ शंखनाद कर ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ बनाया। यह आयोजन सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह से पहले किया गया। ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ के वरिष्ठ निर्णायक ऋषि नाथ ने देवमामलेदार यशवंत महाराज पटांगण में इस उपलब्धि की घोषणा की। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। इससे पहले एक साथ शंख बजाने का रिकॉर्ड वर्ष 2019 में अमेरिका के न्यूजर्सी में बना था, जहां 303 लोगों ने एक साथ शंखनाद किया था। नासिक में विभिन्न आयु वर्ग के 517 प्रतिभागियों ने साढ़े पांच मिनट तक एक साथ शंख बजाया। ऋषि नाथ ने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा, ‘‘बधाई हो! आपने एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है।’’इस कार्यक्रम का आयोजन नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण (एनटीकेएमए) और गुणगौरव ट्रस्ट की अनंतविजय शंखनाद टीम ने संयुक्त रूप से किया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से प्रमाणित शंख चेन्नई से मंगवाए गए थे। एनटीकेएमए के आयुक्त शेखर सिंह ने कहा कि इस पहल से शंखनाद की परंपरा को कुंभ मेले के शुभारंभ के साथ जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण समारोह में 251 प्रतिभागियों का एक समूह शंखनाद करेगा। कुंभ मेला एवं जिला संरक्षक मंत्री गिरीश महाजन ने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और जनभागीदारी को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया है। उन्होंने नासिक के निवासियों से कुंभ मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करने की अपील की। एक अधिकारी ने बताया कि कुंभ मेले का ध्वजारोहण समारोह 31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर दो मिनट पर रामकुंड में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया गया है। इसी अवसर पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र भी सौंपा जाएगा। नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला हर 12 वर्ष में इन दोनों पवित्र नगरों में आयोजित होने वाला विशाल हिंदू धार्मिक समागम है। वर्ष 2026-28 का यह कुंभ मेला 31 अक्टूबर, 2026 से 24 जुलाई, 2028 तक आयोजित किया जाएगा।
सुर्खियां: तिहाड़ में गैंगस्टर की संदिग्ध मौत; UP में वाल्मीकि जयंती पर अवकाश; नासिक में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड---Top Headline Today Important And Big News Stories Of 26 October 2026 Updates on amar ujala
हिंदी सिनेमा में शादियों का खूब चलन देखा गया है, जिस पर कई सुपरहिट गाने भी बने. लेकिन क्या आपने कभी कोई ऐसा गाना सुना है, जिसमें 18 गानों को मिक्स हो. जी हां एक गाना ऐसा है, जो 24 साल पहले आया था.
प्रभास के बर्थडे के खास मौके पर बीते दिन अपकमिंग फिल्म फौजी का टीजर रिलीज किया गया, जिसे निर्देशक हनु राघवपुडी ने डायरेक्ट किया है. जबकि पैन-इंडियन स्टार प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं.
Ramayana Mangal Rang Song : ‘रामायणम्’ का ‘मंगल रंग’ गाना रिलीज हो गया है, जिसमें श्रीराम-माता सीता के प्रेम को देख दर्शक भावुक होंगे. इसे अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल और अरमान मलिक समेत 10 सिंगर्स ने आवाज दी है.
धोनी ने बताई पिछले दो साल से CSK क्यों पिछड़ रही है?
एमएस धोनी ने टीम के हालिया प्रदर्शन पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा, 'मेरा हमेशा से मानना रहा है कि कागज पर आपकी टीम कितनी अच्छी है, यह उतना मायने नहीं रखता. सबसे जरूरी यह है कि आप उस खास दिन कैसा प्रदर्शन करते हैं.
Weather Forecast 26 October 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today
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बदलाव: दिल्ली में छह राज्यों के पीठासीन अधिकारी जुटेंगे; विधायी प्रक्रिया, सदन में काम की साझा रूपरेखा पर मंथन
PM Modi पर Mallikarjun Kharge के बयान से भड़की BJP, NDA नेताओं ने साधा निशाना
बिहार के पटना में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति की टिप्पणी ‘‘प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे’’ के जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की इस टिप्पणी पर विवाद शुरू हो गया कि ‘‘मोदी का बाप भी जाएगा।’’खरगे ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब वह पटना में स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। खरगे के इस बयान पर कि कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों को जेल भेजेगी, कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति चिल्लाया, ‘‘जब तक विद्रोह नहीं होगा, (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी कहीं नहीं जाएंगे।’’कांग्रेस अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘मोदी का बाप भी जाएगा।’’बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए, दर्शक के रूप में मौजूद उस व्यक्ति ने अपनी पहचान संतोष कुमार बताई और साथ ही कहा कि वह छपरा से कांग्रेस का कार्यकर्ता है। कुमार ने यह भी दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान बोलने पर लोगों ने उसे भाजपा कार्यकर्ता समझ लिया। कुमार ने कहा, ‘‘मेरे कहने का मतलब यह था कि जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक नरेन्द्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे।’’खरगे की टिप्पणी पर भाजपा, जद(यू), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के वरिष्ठ नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, ‘‘जिसका इस्तेमाल गुंडे और उपद्रवी करते हैं।’’भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि देश की जनता ‘‘इस अमर्यादित राजनीति को भली-भांति देख रही है और समय आने पर इसका करारा जवाब देगी’’। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति जिस प्रकार की अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया है, वह कांग्रेस के वैचारिक दिवालियेपन को दर्शाता है।’’नवीन ने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक गरिमा होती है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सार्वजनिक मंच से दिवंगत परिजनों को भाषणों में घसीटना ही अब राहुल गांधी और समूचे विपक्ष की असली ‘संस्कृति’ बन चुकी है।’’भाजपा ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर कहा, ‘‘कभी जिस भाषा को गुंडे-मवालियों से जोड़ा जाता था, आज कांग्रेस अध्यक्ष उसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं... इनकी पूरी कार्यशैली माफिया प्रवृत्ति की हो गई है। यह राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक माफिया गैंग अधिक प्रतीत होती है।’’केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि खरगे ने ‘‘पटना में मोदी जी के पिताजी के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं।’’शाह ने कहा, ‘‘यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी ने मोदी जी या उनके परिवार को अपशब्द कहे हों। कभी उनकी पूजनीय माताजी के विषय में अपशब्द कहे, कभी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा, तो कभी ‘चायवाला’ कहकर उनकी गरीबी का उपहास उड़ाया।’’उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर रोज अभद्रता की सीमाएं पार करती जा रही है। बीते 12 वर्षों में लगातार मिल रही चुनावी हार से कांग्रेस पार्टी में हताशा एवं निराशा इतनी बढ़ चुकी है कि अब उसके पास न कोई नीति बची है, न कोई मुद्दा, बस गाली-गलौज की राजनीति बची है।’’शाह ने ‘एक्स’ पर कहा कि जनता के बीच जनाधार खो चुकी कांग्रेस, अब अपने कार्यकर्ताओं में भी आधार खोती जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘जब-जब उन्होंने मोदी जी या उनके परिवार पर घृणित टिप्पणियां की हैं, तब-तब जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है।’’बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खरगे की टिप्पणी की निंदा की और कांग्रेस से माफी मांगने को कहा। चौधरी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नरेन्द्र मोदी के पिता के खिलाफ जो बयान दिया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति दुर्भावना रखती है।’’मुख्यमंत्री ने खरगे की टिप्पणी को ‘‘अपराध’’ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पिता के खिलाफ इस्तेमाल की गई ‘‘आपत्तिजनक’’ भाषा के लिए कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी नेता राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने खरगे की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि बार-बार चुनावी हार से निराश कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करके अपनी ‘‘राजनीतिक खुन्नस’’ निकाल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता के प्रति खरगे द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की जितनी कड़ी निंदा की जाए, उतनी कम है। नड्डा ने कहा, ‘‘लगातार चुनावी हार से हताश कांग्रेस अपनी राजनीतिक खुन्नस प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार पर अनर्गल टिप्पणियों के माध्यम से निकाल रही है। देश और दुनिया में मोदी की बढ़ती लोकप्रियता और जनता के अटूट विश्वास से उपजी विपक्ष की बौखलाहट अब उसकी भाषा और व्यवहार में स्पष्ट दिखाई दे रही है।’’भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ खरगे की टिप्पणियों को ‘‘शर्मनाक और अमर्यादित’’ बताते हुए सोनिया गांधी और राहुल गांधी से माफीनामे की मांग की। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन प्रसाद ने एक वीडियो बयान में कहा कि उनकी पार्टी खरगे की टिप्पणियों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करती है। प्रसाद ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी के आचरण, चरित्र या दृष्टिकोण में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही है।’’केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने नरेन्द्र मोदी के खिलाफ खरगे की टिप्पणी को अफसोसजनक बताया। पासवान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बिहार सभ्यता की जन्मस्थली है और बिहार की धरती से प्रधानमंत्री के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी अफसोसजनक है। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना और पद की गरिमा का सम्मान करना जरूरी है।’’पासवान ने कहा, ‘‘राजनीतिक विरोध व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय तथ्यों और तर्कों पर आधारित होना चाहिए।’’केंद्रीय मंत्री और बिहार में राजग के सहयोगी दल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का जिक्र करते समय मर्यादा बनाए रखना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को समझना चाहिए कि गाली देने से कोई नेता कमजोर नहीं होता, बल्कि इससे गाली देने वालों की सोच उजागर होती है।’’रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदलना, राजनीतिक मतभेद को गाली-गलौज तक ले जाना और प्रधानमंत्री के परिवार को निशाना बनाना कांग्रेस की हताशा और वैचारिक शून्यता को दर्शाता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ किसी एक व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं है, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा पर भी हमला है।’’
टेसू-झांझी का विसर्जन कर रहे लोगों को कार ने रौंदा, चार की मौत
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के छतनपुर गांव में टेसू-झांझी मूर्ति विसर्जन के दौरान तेज रफ्तार कार ने ग्रामीणों को टक्कर मार दी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और आठ घायल हो गए.
मेकअप हटाने के लिए क्या करें? बिना किसी रिमूवर के घर पर मेकअप हटाने के 3 आसान तरीके
मेकअप हटाने के लिए अक्सर महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन आप बिना किसी रिमूवर के घर में मौजूद कुछ चीजों की मदद से भी आसानी से मेकअप रिमूव कर सकते हैं. यहां जानिए घर पर मेकअप हटाने के 3 आसान तरीके.
खरगे के बिगड़े बोल: जहरीले सांप से लेकर आतंकवादी तक, जानें कब-कब विवादों में कांग्रेस अध्यक्ष के बयान Mallikarjun Kharge's Controversial Remarks: From 'Poisonous Snake' to 'Terrorist'
Mallikarjun Kharge के बयान पर Congress की सफाई, RSS का हुआ था जिक्र
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ‘बाप’ वाली टिप्पणी को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस ने रविवार को दावा किया कि पटना में भाषण के दौरान भाजपा के एक कार्यकर्ता ने पहले खरगे के दिवंगत पिता का अपमान किया था और इसी के जवाब में वरिष्ठ नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वैचारिक पिता’ यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का जिक्र किया था। विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बार है, जब खरगे का ‘अपमान’ किया गया है। कांग्रेस ने कहा कि अगस्त में उत्तराखंड में एक रैली में खरगे के भाषण के बाद ‘शुद्धिकरण’ का घृणित कृत्य किया गया था। कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया भाजपा की ओर से पटना में एक कार्यक्रम के दौरान खरगे की टिप्पणी ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ को लेकर उन पर तीखा हमला किए जाने के बाद आई। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने बीच में टोकते हुए कहा कि जब तक विद्रोह नहीं होगा, तब तक मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर मंच से खरगे ने पलटवार करते हुए कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा, बाप भी जाएगा।’प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ खरगे की ‘अपमानजनक और व्यक्तिगत’ टिप्पणी की आलोचना करते हुए भाजपा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो ‘गुंडों और बदमाशों’ से जुड़ी होती है। भाजपा ने इसे कांग्रेस का ‘वैचारिक दिवालियापन’ करार दिया और कहा कि पार्टी अब एक ‘माफिया गैंग’ जैसी दिखाई देती है। भाजपा के हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, ‘‘भाजपा हर दिन नयी साजिशें रचती है। कुछ दिन पहले खरगे जी के भाषण के बाद शुद्धिकरण जैसा घृणित कृत्य किया गया था। आज बिहार में जब खरगे जी भाषण दे रहे थे, तब भाजपा के एक कार्यकर्ता ने यह कहकर उनके पिता का अपमान किया कि ‘अगर आपके बाप भी आ जाएंगे, तब भी मोदी नहीं जाएंगे।’’खेड़ा ने कहा, ‘‘इसके बाद खरगे ने मोदी के ‘वैचारिक पिता’ यानी आरएसएस का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ मोदी ही नहीं जाएंगे, बल्कि आरएसएस भी जाएगा। खरगे का अपमान करने जैसी इतनी घृणित हरकत के बाद अब वे उलटे खरगे पर आरोप लगा रहे हैं।’’‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में खेड़ा ने कहा कि खरगे देश के बहुत वरिष्ठ नेता हैं और भाजपा ने दूसरी बार उनका अपमान किया है।
हूतियों ने फिर किया रियाद एयरपोर्ट पर अटैक, कुछ घंटे पहले ही हुआ था खोलने का ऐलान
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दो सैन्य ठिकानों पर तीन अलग-अलग सैन्य अभियानों के तहत दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया.
अनुमति को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच कर्नाटक में आरएसएस का पथ संचलन
कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कई स्थानों पर पथ संचलन किया, जिसके दौरान कड़ी पुलिस सुरक्षा रही।
महाराष्ट्र: बारामती में कारोबारी पर हमला मामले में अबतक चार गिरफ्तार; हिंगोली में संपत्ति विवाद, दो की हत्या
आंध्र तट से 28 को टकराएगा तूफान: अर्नब की दस्तक से पहले ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश;स्कूल-कॉलेज बंद--Cyclone Arnab Weather Alert: Heavy Rain in 15 States, Andhra Pradesh on Alert
'राहुल गांधी लापता लीडर, रेवंत रेड्डी उनके ATM...', KTR का कांग्रेस पर वार
तेलंगाना में बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. केटीआर ने राहुल गांधी को 'लापता नेता' बताते हुए उनके 420 चुनावी वादों को पूरा न करने पर सवाल उठाए.
'शरिया लागू करना चाहते हैं अल-सैयद...', ट्रंप का मुस्लिम उम्मीदवार पर हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिशिगन से सीनेट चुनाव लड़ रहे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद पर मुस्लिम ब्रदरहुड का जिहादी सदस्य होने का आरोप लगाया है.
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रविवार को सुबह 11:56 बजे से शुरू होकर सोमवार सुबह 9:41 बजे तक रहेगी. इसके बाद कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी, जो 27 अक्टूबर की सुबह 7:01 बजे तक रहेगी. जानें आज का पंचांग.
न्यूज डायरी: कांग्रेस नेता एचके पाटिल की मांग- CEC ज्ञानेश कुमार पद छोड़ें; झारखंड में आदिवासी महिला की हत्या
26 October 2026 Horoscope: आज मेष, सिंह और मकर राशि वालों को कामकाज और आर्थिक मामलों में सफलता के अवसर मिल सकते हैं. वहीं वृष, कर्क और तुला राशि वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है. जानें सभी राशियों का शुभ रंग, भाग्य अंक और दान.
'सऊदी अरब छोड़ दें...', अमेरिका ने अपने कर्मियों को दिया देश छोड़ने का आदेश
सऊदी अरब में बढ़ते सुरक्षा खतरों के कारण अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है.
पीएम मोदी के पिता पर अपमानजनक टिप्पणी कर फंसे मल्लिकार्जुन खरगे पटना में FIR दर्ज!
पीएम मोदी के पिता पर अपमानजनक टिप्पणी कर फंसे मल्लिकार्जुन खरगे पटना में FIR दर्ज!
मुंबई: आईआईटी छात्र साहिल वाकोडे की याद में कैंडल मार्च, कॉमेडियन मासूम राजवानी हिरासत में; 140 लोग पकड़े गए---Comedian Masoom Rajwani Detained in Mumbai During Candlelight Vigil for IIT Bombay Student Sahil Wakode
जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने शिवा मार्केट में आग, 40 दुकानें खाक
जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने स्थित शिवा मार्केट में रविवार देर रात एक दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जो तेजी से फैलकर 35 से 40 दुकानों को अपनी चपेट में ले गई.
NCERT के नौवीं से 12वीं के छात्रों के लिए एआई-सीटी आधारित पाठ्यक्रम शुरू
एनसीईआरटी ने 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित 20 घंटे का परिचयात्मक मॉड्यूल शुरू किया है।
महाराष्ट्र: 10 हजार के कर्ज के लिए किसान को बनाया बंधक? फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में मिला शव, तीन लोग हिरासत में---Nanded Farmer Found Dead in Finance Company Office Over Rs 10,000 Loan, Three Detained
एक सवाल रोज: वजन घटाने वालों के लिए कौन सी दाल बेस्ट है?
मूंग, चना, मसूर और कुलथी, हर दाल का शरीर पर असर अलग होता है. अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो जानिए एक्सपर्ट किन दालों को वेट लॉस के लिए सबसे बेहतर मानते हैं और इन्हें खाने का सही तरीका क्या है.
सेब, अमरूद और पपीता में कौन है सबसे ज्यादा ताकतवर?
सेब, अमरूद और पपीता तीनों ही सेहतमंद फल माने जाते हैं, लेकिन पोषण के मामले में इनके फायदे अलग-अलग हैं. जानिए विटामिन C, फाइबर, पाचन और दिल की सेहत के लिहाज से कौन सा फल सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है और एक्सपर्ट किसे बेहतर विकल्प बताते हैं.
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असम में बिहू कलाकारों पर हमला: मुख्यमंत्री ने दिए कार्रवाई के निर्देश, 13 आरोपी गिरफ्तार; वाद्ययंत्र भी तोड़े---Assam Bihu Troupe Attack: CM Himanta Sarma Orders Action, 13 Arrested
कांग्रेस पागलों की जमात, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे पागल हैं, BJP सांसद निशिकांत दुबे का बयान
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता राहुल गांधी को पागल कहा है। गौरतलब है कि रविवार को ही खरगे ने पीएम मोदी के पिता पर विवादित टिप्पणी की थी। खरगे की विवादित टिप्पणी के बाद निशिकांत दुबे का बयान सामने आया।
'विदेशी दखल से सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा विपक्ष', भूपेंद्र यादव तीखा प्रहार
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने विपक्षी गठबंधन पर मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और विदेशी दखल से सत्ता परिवर्तन की कोशिश का आरोप लगाया है।
शरद पूर्णिमा पर बिखरी दूधिया रोशनी, तस्वीरों में देखें चंद्रमा के अलग-अलग रूप
शरद पूर्णिमा हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है, जिसमें रात को माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है।
क्रीमी लेयर विवाद: सिविल सेवा अभ्यर्थियों के सेवा आवंटन पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का इंतजार
केंद्र सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सिविल सेवा अभ्यर्थियों की क्रीमी लेयर स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का इंतजार कर रही है।
BJYM ने शुरू किया देशव्यापी युवा संपर्क अभियान, 30 नवंबर तक चलेगा कार्यक्रम
कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजनाओं के बीच, भाजपा की युवा शाखा ने रविवार को पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत देशव्यापी युवा संपर्क कार्यक्रम शुरू किया। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने एक बयान में कहा कि इस अभियान के तहत महीने भर तक होने वाले संपर्क कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर युवाओं के साथ ‘‘सार्थक संवाद’’ स्थापित करना है। इसने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में युवाओं की जागरूक और सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित करना है। बयान में कहा गया है, ‘‘भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने आज भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत देशव्यापी युवा संपर्क कार्यक्रम शुरू किए। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा।’’इसमें कहा गया है, ‘‘इस पहल का उद्देश्य लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर युवा नागरिकों के साथ सार्थक संवाद को बढ़ावा देना, गलत सूचनाओं से निपटना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की जागरूक एवं सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।’’यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कांग्रेस, उसके सहयोगी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) समेत अन्य दलों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। इन दलों ने हाल में दिल्ली में कई बार सड़कों पर प्रदर्शन भी किए। भाजपा ने इन आरोपों को ‘‘निराधार’’ बताते हुए पलटवार किया है। उसने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल विदेशी ताकतों के साथ मिलकर ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ के लिए ऐसे प्रदर्शनों के जरिए देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
भीड़ के बीच Creta भगाई; बोनट पर लटका रहा शख्स, CCTV वीडियो
Punjab News: लुधियाना के संधू नगर में कार और रिक्शा की टक्कर के बाद विवाद बढ़ गया. CCTV में भीड़ के बीच Creta भगाने और बोनट पर एक व्यक्ति के लटके होने का दृश्य सामने आया. बाद में भीड़ ने कार में तोड़फोड़ की...
राहुल गांधी मानहानि केस में कल आएगा फैसला, सुल्तानपुर MP-MLA कोर्ट में रहेंगे मौजूद
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने विजय मिश्रा, अनिल मिश्रा और रामचंद दुबे समेत तीन गवाहों के बयान दर्ज कराए. इसके बाद ट्रायल आगे बढ़ा. राहुल गांधी पहली बार 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए थे और उन्हें जमानत मिल गई थी.
Controversial statement case of Mallikarjun Kharge : पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम में आज उस वक्त हंगामा हो गया, जब एक युवक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के ...
जज के नाबालिग बेटे ने पिता की लग्जरी कार से स्कूटर को मारी टक्कर, युवक की मौत
केरल के कोच्चि में एक जज के 17 वर्षीय बेटे पर पिता की मर्सिडीज बेंज कार से स्कूटर सवार को टक्कर मारने का आरोप है, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने किशोर को हिरासत में लेकर जमानत पर छोड़ा है. वाहन मालिक पिता की जिम्मेदारी और कानूनी जवाबदेही की भी जांच हो रही है.
रूस-यूक्रेन युद्ध ने अब तक के युद्धों की परिभाषा बदल दी है. इस युद्ध में पहली बार ड्रोन का महत्व सामने आया. इस युद्ध में एआई और रोबोट तक युद्ध में काम आए. साथ ही इस युद्ध ने सिखाया कि आपके पास कितने भी शक्तिशाली दोस्त क्यों ना हो आपकी खुद की ताकत अगर कमजोर है तो आप युद्ध नहीं जीत सकते.
'मतगणना में धांधली न हो...', बीजेपी MLC ने लिखा खुला पत्र, IAS पर सवाल
बीजेपी MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक MLC चुनाव की मतगणना में लगे कर्मियों को खुला पत्र लिखा. उन्होंने पारदर्शिता बनाए रखने और कथित दबाव के बावजूद धांधली रोकने की अपील की.
जेरुसलम में बिक रही ट्रंप की तस्वीर वाली टोपी, नेतन्याहू के चुनाव प्रचार में इस्तेमाल
इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को आम चुनाव होने जा रहे हैं. इस बीच जेरुसलम के ओल्ड बाजार में पारंपरिक यहूदी टोपी के साथ लाल रंग की ट्रंप समर्थित टोपी भी बिक रही है. इसे प्रधानमंत्री नेतन्याहू की लिकुड पार्टी चुनाव प्रचार में इस्तेमाल कर रही है. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.
अफगानिस्तान में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 5.5 की तीव्रता
अफगानिस्तान में रविवार (25 अक्टूबर 2026) की रात भूकंप के झटके दर्ज किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई. NCS के अनुसार, भूकंप भारतीय समयानुसार रात 11 बजकर 14 मिनट और 22 सेकंड पर आया. इसका केंद्र अफगानिस्तान में 36.157 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 71.240 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था. भूकंप का केंद्र जमीन से 129 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया है.
गैंगस्टर Himanshu Bhau अमेरिका में हिरासत में, प्रत्यर्पण की तैयारी में जुटी Haryana Police
हरियाणा के रोहतक का रहने वाला कुख्यात गैंगस्टर 23 वर्षीय हिमांशु ‘भाऊ’ हत्या और रंगदारी समेत कई आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सरगना है। हिंमाशु के खिलाफ कुल 64 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हिमांशु के खिलाफ अधिकतर मामले उसके गृह राज्य हरियाणा में दर्ज हैं। भारत और विदेश की विभिन्न जांच एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भी उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद विदेश से गिरोह चलाने वाले हिमांशु को उसके गिरोह के सदस्यों ने ‘भाऊ’ (बड़ा भाई) उपनाम दिया। दुनियाभर में फैले आपराधिक नेटवर्क के कथित सरगना हिमांशु को उसके गिरोह में फैसले लेने वाले प्रमुख व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। उसे हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया था और वह फिलहाल अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) की हिरासत में है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि अमेरिका में फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर प्रवेश करने और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में हिमांशु को हिरासत में लिया गया था। हरियाणा पुलिस ने उसके बारे में अमेरिकी अधिकारियों को जानकारी दी थी। पुलिस अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के साथ समन्वय कर हिमांशु को भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी है। रोहतक जिले के रिटौली गांव के मूल निवासी 23 वर्षीय गैंगस्टर का असली नाम हिमांशु रिटौलिया है। अधिकारियों के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आपराधिक धमकी देने से संबंधित धाराओं के तहत 64 मामले दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर हरियाणा में दर्ज किए गए हैं। हिमांशु के आपराधिक गिरोह के गुर्गे मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में सक्रिय हैं। वे हिमांशु के निर्देश पर हत्याओं और रंगदारी की वारदात को अंजाम देते हैं, जबकि वह विदेश से इस नेटवर्क का संचालन करता था। हिमांशु के अपराध की दुनिया में कदम रखने की शुरुआत महज 17 साल की उम्र में हुई थी। वर्ष 2019 में पढ़ाई के दौरान हिमांशु ने कथित तौर पर रंगदारी वसूलने के लिए रोहतक की एक सब्जी मंडी में गोलीबारी की थी, जिसके बाद उसे पकड़ा गया था। नाबालिग होने के कारण हिमांशु को हिसार स्थित किशोर सुधार गृह भेजा गया था, जहां से वह दीवार तोड़कर 17 अन्य बंदियों के साथ फरार हो गया। इसके बाद पुलिस उसे दोबारा नहीं पकड़ सकी। बाद में हिमांशु की अपने गांव के बचपन के दोस्त अंकित उर्फ ‘बाबा’ के साथ दुश्मनी हो गई। गांव में अपना दबदबा कायम करने की कोशिश में बाबा गिरोह ने कथित तौर पर हिमांशु के चचेरे भाई रोहित उर्फ बजरंग की हत्या कर दी। इसका बदला लेने के लिए हिमांशु ने कथित तौर पर पांच दिन बाद बाबा गिरोह के सदस्य हंसराज की हत्या कर दी। दुश्मनी बढ़ने के साथ ही हिमांशु पहले झज्जर और फिर दिल्ली चला गया। दिल्ली में हिमांशु की मुलाकात गैंगस्टर नीरज बवाना से हुई, जिसने उसे अपने गिरोह में शामिल कर लिया। इसके बाद हिमांशु ने कई कारोबारियों को धमकाकर रंगदारी वसूलने की कोशिश की और धीरे-धीरे इतना प्रभाव बढ़ा लिया कि अपना गिरोह बना सके। वर्ष 2022 में हिमांशु कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत से फरार हो गया। वह पहले पुर्तगाल गया और फिर अमेरिका पहुंचा। अमेरिका से हिमांशु ने कथित तौर पर अपने गिरोह में शूटर को शामिल करना शुरू किया और दिल्ली-एनसीआर, पंजाब तथा हरियाणा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने लगा।
रीवा में प्रस्तावित परमाणु बिजलीघर का विरोध, Umang Singhar ने दिया ग्रामीणों को समर्थन
मध्यप्रदेश के रीवा जिले में प्रस्तावित परमाणु बिजलीघर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों और ग्रामीणों को कांग्रेस ने रविवार को समर्थन दिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मुद्दे को राज्य विधानसभा के आगामी सत्र में उठाने का आश्वासन दिया। सिंघार ने सिरमौर क्षेत्र के सरई-रोजौही गांव पहुंचकर प्रदर्शनकारी आदिवासियों और ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने आंदोलन के दौरान बीमार पड़ने के बाद जान गंवाने वाली विमला कोल के परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, सिंघार ने रोजौही में जल सत्याग्रह कर रहे आदिवासियों व ग्रामीणों से मुलाकात कर प्रस्तावित परियोजना के विरोध में उनका साथ देने का आश्वासन दिया। बयान में बताया गया कि कोल आंदोलन के दौरान बीमार पड़ गई थीं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। सिंघार ने उनकी मौत के बाद क्षेत्र का दौरा किया, प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने विमला कोल के परिवार से मुलाकात के दौरान उनकी मौत के संबंध में रिपोर्ट भेजने में देरी को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल किए। नेता प्रतिपक्ष ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार से पूछा कि रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं भेजी गई। तहसीलदार ने बताया कि मौखिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है। सिंघार ने इस पर नाराजगी जताई और स्पष्ट जवाब मांगा। उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सिंघार ने पत्रकारों से कहा, “रीवा जिले के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में परमाणु बिजलीघर स्थापित करने का फैसला सरकार का गैर-जिम्मेदाराना कदम है। हमारा विरोध विकास से नहीं, बल्कि विकास के नाम पर विनाश से है।”उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार को स्थानीय निवासियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और परमाणु प्रदूषण के संभावित खतरों की चिंता है। सिंघार ने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर सरकार आदिवासियों और ग्रामीणों की जिंदगी को जोखिम में डाल रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “इस परियोजना से किसे फायदा पहुंचाने की मंशा है? विमला कोल अपनी जमीन, अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही थीं। उनकी मौत से आंदोलन और गंभीर हो गया है।”उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के जल, जंगल, जमीन और अस्तित्व से जुड़े मुद्दों की अनदेखी नहीं की जा सकती। रीवा जिले के सिरमौर क्षेत्र के सरई कला और रोजौही गांवों के निवासी टाटा पावर की प्रस्तावित परमाणु बिजली परियोजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिवाली से पहले फूड सेफ्टी विभाग का बड़ा एक्शन, बीकानेर में 22 हजार किलो खाद्य तेल जब्त
दिवाली से पहले फूड सेफ्टी विभाग ने खाने-पीने की चीजों में हो रही मिलावट के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है. इसी कड़ी में राजस्थान के बीकानेर में एक फर्म पर छापेमारी कर 22 हजार लीटर खाद्य तेल जब्त किया गया है.
मोगा में दुकान के बाहर बैठे युवकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग, 5 घायल
पंजाब के मोगा स्थित अंगदपुरा मोहल्ले में दुकान के बाहर बैठे युवकों पर काले रंग की स्कॉर्पियो सवार हमलावरों ने फायरिंग कर दी. घटना में पांच युवक घायल हुए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. शुरुआती जानकारी में पुरानी रंजिश की आशंका जताई गई है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं.
लखनऊ के सआदतगंज स्थित एक मंदिर में श्रद्धालु बनकर आई महिला पर देवी-देवताओं के आभूषण चोरी करने का आरोप है. महिला मां लक्ष्मी की मूर्ति से चांदी का छत्र और नथ ले गई, जबकि श्रीनाथ जी का मुकुट भी गायब बताया जा रहा है.
पार्लर छोड़ें! फेस पर लगाएं बेसन-मुलेठी का पैक, चांद सा चमकेगा चेहरा
How to Get Glowing Skin: अगर आप भी करवा चौथ पर सबसे सुंदर दिखना चाहती हैं तो इसके लिए पार्लर जाकर महंगा फेशियल कराने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको बेसन और मुलेठी को मिलाकर एक बेहतरीन फेस पैक बनाना सिखा रहे हैं जो आपके फेस को चांद की तरह चमका देगा.
3 सरकारी नौकरियां हासिल करने वाली रुखसार बानो, रिजल्ट देख लिखा- Time is Over, Dream is Real
पाली के सोजत की रुखसार बानो ने तीसरी सरकारी नौकरी हासिल करते हुए RPSC लाइब्रेरियन भर्ती में मेरिट 70 प्राप्त की है. गोल्ड मेडलिस्ट रुखसार वर्तमान में पीएचडी कर रही हैं. उनकी सफलता मेहनत, धैर्य और लगातार सीखने की प्रेरक कहानी है.
UP: वोटर लिस्ट में गड़बड़ी तो खैर नहीं! अब इन अफसरों की तय होगी जवाबदेही
यूपी में वोटर लिस्ट को लेकर निर्वाचन आयोग ने निगरानी बढ़ा दी है. मतदाता सूची में गड़बड़ी रोकने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं. अब शिकायतों के निस्तारण और BLO के कामकाज पर भी नजर रहेगी.
मैं सनातन धर्म का समर्थन करता हूं, हिंदुत्व का नहीं: दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने शाजापुर में कहा कि वह सनातन धर्म का समर्थन करते हैं, हिंदुत्व का नहीं. उन्होंने हिंदुत्व को सावरकर से जोड़ते हुए अपनी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' को गैर-राजनीतिक पहल बताया.
140 की रफ्तार से आ रहा है चक्रवाती तूफान: आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है, जो 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराएगा।
गाजियाबाद में सॉल्वर गिरफ्तार, AI से पेपर हल करने के शक में 21 अभ्यर्थी
UP PET 2026 की परीक्षा के पहले दिन गाजियाबाद में दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे पवन कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया गया. वह रजनेश शर्मा के स्थान पर परीक्षा दे रहा था. वहीं, AI के जरिए पेपर हल करने के संदेह में पहली पाली के 14 और दूसरी पाली के 7 अभ्यर्थियों को जांच के दायरे में रखा गया है.

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