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कश्मीर घाटी में अब पोर्न साइटों के चैटिंग रूम में संपर्क बना रहे आतंकी हैंडलर
जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के डिजिटल संपर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के सामने फिर एक नया तरीका सामने आया है। उच्च पदस्थ सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, आतंकी हैंडलर अब पोर्न वेबसाइटों के चैटिंग रूम, गुमनाम मैसेजिंग सर्विस और कुछ विशेष रूप से सुरक्षित ऐप्स का इस्तेमाल संपर्क के लिए कर रहे हैं।
कारगिल में फटा बादल, आई फ्लैश फ्लड; मलबे और पत्थरों से पटे नाले
कारगिल के स्ताकपा-संकू इलाके में बादल फटने से फ्लैश फ्लड आई, जबकि नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद 788 लोगों की मौत और 2,500 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. उत्तर प्रदेश और बिहार में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है.
नफरत फैलाने वालों पर एक्शन क्यों नहीं? भागवत के बयान पर मदनी का सवाल
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मोहन भागवत के अमेरिका में दिए बयान पर सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा है कि अमेरिका में एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करना सराहनीय है लेकिन इस संदेश की असल जरूरत भारत में है।
बेंगलुरु में झगड़े के बाद सातवीं मंजिल से गिरे दो लोग, महिला की मौत
बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड में एक प्राइवेट पीजी की सातवीं मंजिल से गिरने से 23 वर्षीय महिला जननी की मौत हो गई, जबकि 30 वर्षीय मनिचावेलु गंभीर रूप से घायल हो गए।
दिल्ली में ट्राई-सर्विस फ्यूचर वारफेयर कोर्स का समापन, नवाचार और भविष्य की चुनौतियों पर जोर
नई दिल्ली में चौथे त्रि-सेवा फ्यूचर वारफेयर कोर्स का समापन हुआ, जिसका उद्देश्य सैन्य अधिकारियों को बदलते युद्ध स्वरूप के लिए तैयार करना था।
बिजली कटौती के कारण दो केंद्रों पर नहीं हो सकी नीट-पीजी परीक्षा, जांच के लिए समिति गठित
नीट-पीजी 2026 परीक्षा के दौरान जयपुर के दो केंद्रों पर बिजली कटौती से 2445 अभ्यर्थियों की परीक्षा बाधित हुई, जिसके बाद एनबीईएमएस ने जांच समिति गठित की है।
कैसे आई दबे पांव महातबाही? देखें नेपाल त्रासदी की आंखों देखी
बाढ़ के रूप में आई आपदा से नेपाल कराह रहा है. इतनी तेजी से तबाही आई कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला. घर-मकान, सड़कें, पुल, स्कूल सब तिनके की तरह सैलाब में बह गए. हर तरफ कीचड़ और मलबे का ढेर है. आपदा ऐसा दर्द देकर गई है जिसे भरने में शायद सालों लग जाए. ग्राउंड जीरो से देखें नेपाल महात्रासदी की आंखों देखी.
राहुल गांधी की बढ़ीं मुश्किलें, उत्तराखंड में FIR दर्ज, जातिवादी टिप्पणी का लगा आरोप
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। राहुल गांधी के खिलाफ यह एफआईआर अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज की गई है। यह मामला हल्द्वानी में कांग्रेस की ...
यमुना एक्सप्रेसवे पर ट्रक ने रेलिंग तोड़ कार में मारी टक्कर, 4 की मौत
ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार को भीषण सड़क हादसा हुआ. नोएडा से आगरा की ओर जा रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंच गया और कार से टकरा गया. हादसे में कार सवार चार लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
लुटियंस दिल्ली में विरोध मार्च पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पुलिस मंजूरी अनिवार्य करने की मांग
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें पुलिस की मंजूरी के बिना लुटियंस दिल्ली में किसी भी विरोध मार्च या जुलूस पर रोक लगाने की मांग की गई है।
रूस से 5 और S-400 ला रहा भारत, पाकिस्तान और चीन की बढ़ी टेंशन; 50 हजार करोड़ की डील
रूस ने भारतीय वायुसेना के लिए पांच और एस-400 सुदर्शन वायु रक्षा प्रणाली खरीदने के भारत के टेंडर पर विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है।
संसदीय समिति ने दिया एनसीएलटी की समर्पित बेंच स्थापित करने का सुझाव
संसद की एक समिति ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में दिवाला मामलों के तेजी से निपटारे के लिए समर्पित बेंच स्थापित करने का सुझाव दिया है।
शुद्धिकरण मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज, दलित के अपमान का लगा आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से उन्हें और उनके समुदाय को सार्वजनिक रूप से जातिवादी व दलित विरोधी बताकर अपमानित किया गया.
मक्का पैक्ट में शामिल होने के लिए बेताब बांग्लादेश, विदेश मंत्री बोले- इसमें दिक्कत क्या है?
बांग्लादेश ने सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट में शामिल होने पर सकारात्मक रुख अपनाया है. विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि इस समझौते में शामिल होने से बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा और इसमें देश के लिए कोई खतरा नहीं है.
नेपाल बाढ़: गंडक नदी से कुशीनगर में 13 शव बरामद, जिले के चार कर्मचारी लापता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के चौथे दिन रविवार को गंडक नदी की तेज धार के साथ चार अन्य शव बहकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर पहुंचे और इसके साथ ही जिले में अब तक नदी से 13 शव बरामद किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि रविवार को छितौनी तटबंध के भेड़ियारी ठोकर नंबर तीन के पास राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने नदी से दो महिलाओं और दो पुरुषों के शव बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, बरामद शवों के बारे में नेपाल के संबंधित जिलों के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। खड्डा के थाना प्रभारी संदीप कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया हालांकि अब तक किसी भी शव की पहचान नहीं हो पाई है। इस बीच, नेपाल के रसुवा जिले में जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले कुशीनगर के चार लोग 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से लापता हैं। उनके परिजनों ने रविवार को यह जानकारी दी। कुशीनगर निवासी करण शर्मा (34) नेपाल के रसुवा जिले में एक जलविद्युत परियोजना में ‘फोरमैन’ के पद पर कार्यरत थे और उनके शनिवार से लापता होने की जानकारी सामने आई थी। कुशीनगर के अमडिहा गांव निवासी अरुण कुमार सिंह (32) और बोदरवार क्षेत्र के मुंडेरा गांव निवासी रविंद्र सिंह के भी लापता होने की जानकारी मिली। वहीं, हाटा थाना क्षेत्र के पिपरा तिवारी गांव निवासी सुनील के परिवार ने भी बताया कि आपदा के बाद से उनका संपर्क उनसे नहीं हो पाया है। अरुण कुमार सिंह वर्ष 2024 से नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में एक बिजली परियोजना में स्टोर प्रभारी के रूप में काम कर रहे थे। उनके भाई अनिल सिंह ने बताया कि अरुण से परिवार की आखिरी बातचीत 26 अगस्त को सुबह करीब छह बजे हुई थी, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद है। उनकी पत्नी सौम्या सिंह और 10 महीने की बेटी उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं। रविंद्र सिंह के बेटे अंकित ने बताया कि आपदा वाले दिन सुबह करीब छह बजे उनकी पिता से आखिरी बार बात हुई थी। सुनील के परिवार के अनुसार, संबंधित कंपनी ने उन्हें सुरक्षित बताया है लेकिन परिजन अब तक उनसे संपर्क नहीं कर पाए हैं। सुनील के पिता सूरज गोड़ ने कहा कि बेटे के सुरक्षित होने की खबर से परिवार को उम्मीद जगी है लेकिन अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। एक अन्य मामले में बिहार के मोतिहारी निवासी 11 वर्षीय धर्म कुमार अपने पिता नंदलाल साहनी की तलाश में कुशीनगर में गंडक नदी के किनारे भटक रहा है। नंदलाल नेपाल के रसुवा जिले में कबाड़ की दुकान चलाते थे और बाढ़ के बाद से लापता हैं। धर्म और उसके तीन भाइयों ने बाढ़ से बचने के बाद प्रशासन की मदद से कुशीनगर में प्रवेश किया था। वह अब अपने पिता की तलाश उस गंडक नदी के किनारे कर रहा है, जिसे नेपाल में नारायणी नदी के नाम से जाना जाता है। नेपाल इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अनुसार, अपर त्रिशूली-1 परियोजना में काम करने वाली एंड्रिट्ज हाइड्रो कंपनी के 76 कर्मचारी आपदा के बाद लापता बताए गए हैं। रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ और उसके बाद हुए भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। बाढ़ में कई जलविद्युत परियोजनाएं, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
सच छिपाने की साजिश या कुछ और... नेपाल बाढ़ की खौफनाक वीडियो क्यों डिलीट कर रहा चीन?
चीन 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा रहा है।
हिमालय के पिघलते ग्लेशियर, तबाही की टिकटिक... नेपाल त्रासदी के क्या हैं सबक?
नेपाल की त्रासदी का हर वायरल वीडियो ये चीख कर बता रहा है कि ये कोई आम बाढ़ नहीं थी. नेपाल की ये प्रलय पूछ रही है कि ये आपदा क्यों आई? तिब्बत में ग्लेशियर क्यों टूटा, और आखिर क्यों हिमालय के ग्लेशियर सुलग रहे हैं गर्म होते जा रहे हैं? नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने याद दिलाया है कि जलवायु परिवर्तन खतरनाक स्तर तक जा पहुंचा है. देखें.
अब एक देश, एक समय; सरकार ने तय कर दी ऑफिशियल घड़ी, क्यों पड़ी जरूरत
देशभर में कानूनी, प्रशासनिक, वाणिज्यिक और अन्य आधिकारिक उद्देश्यों के लिए भारतीय मानक समय (आईएसटी) को एकमात्र संदर्भ समय के रूप में अनिवार्य किया गया है। उपभोक्ता मामले के मंत्रालय ने 27 अगस्त को इन नियमों को अधिसूचित किया। हालांकि यह लागू बाद में होंगे।
शराब का एक पैग पीते ही बिगड़ी तबीयत... 2 घंटे में 4 युवकों की मौत
बिहार के बाढ़ थाना क्षेत्र में नॉनवेज पार्टी के दौरान शराब पीने के बाद चार युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. आरोप है कि शराब का एक पैग पीने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए. अस्पताल से पटना रेफर किए जाने के बाद चारों ने दम तोड़ दिया. पुलिस मौत की वजह की जांच कर रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया, पीएम-स्वनिधि और मिशन शक्तिसैट जैसी योजनाओं की सफलता का उल्लेख किया।
ENG vs PAK: इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रनों से रौंदा
इंग्लैंड ने पाकिस्तान को लॉर्ड्स में 194 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली है. इंग्लैंड के सामने पाकिस्तान के खिलाड़ी एक बार फिर बेबस नजर आए.
BJP को लेकर अभिजीत दीपके ने क्यों दी मोहन भागवत की ‘नसीहत’? RSS पर कही बड़ी बात
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि BJP को RSS प्रमुख मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए और सत्ता में होने का श्रेय RSS को नहीं भूलना चाहिए।
जिस देश से बाबर भारत आए, उसी ने पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान दिया; BJP पर ओवैसी का तंज
असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कहा, ‘आप लोग बाबर के नाम पर कितनी गालियां देते थे, लेकिन अब उसी देश के लोग प्रधानमंत्री को सम्मानित कर रहे हैं। संघ को इस पर विचार करना चाहिए। हमें उम्मीद है कि अब बदलाव आएगा।’
Chief Minister Dr. Mohan Yadav : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 अगस्त को सुबह सतना जिले के चित्रकूट में अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और लोगों से भेंट की। इसके बाद उन्होंने सतना के जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यों के लिए स्पष्ट निर्देश ...
असम में बुनियादी ढांचे के विकास पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी राज्य सरकार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। हिमंत ने गुवाहाटी में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह निवेश प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, चाय बागान श्रमिकों के लिए आवास, बिजली, सड़क, महिला बाजार और छात्रावास के साथ-साथ बाढ़-रोधी तटबंध के विकास के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने कामरूप मेट्रोपॉलिटन और नगांव जिले में औद्योगिक क्षेत्र और ‘लैंड बैंक’ विकसित करने के लिए उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उद्यम विभाग को 1,174 बीघा जमीन आवंटित करने को भी मंजूरी दे दी है। हिमंत ने बताया कि राज्य सरकार धेमाजी जिले के रंगाजन गांव में दुग्ध परियोजना शुरू करने के लिए पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग को 27 बीघा जमीन भी देगी। उन्होंने कहा कि असम में व्यापार सुगमता बढ़ाने के लिए मंत्रिमंडल ने ‘असम व्यापार वस्तु (लाइसेंसिंग एवं नियंत्रण) (संशोधन) आदेश, 2026’ को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत पेट्रोलियम उत्पादों के लिए खुदरा बिक्री लाइसेंस की जरूरत को खत्म कर दिया गया है। हिमंत ने बताया कि मंत्रिमंडल ने असम की औद्योगिक और निवेश नीति, 2019 में एक संशोधन को भी स्वीकृति दे दी है, ताकि असम वाहन स्क्रैपेज नीति, 2022 के तहत वित्तीय प्रोत्साहन के लिए ‘पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं’ को एक योग्य औद्योगिक गतिविधि के तौर पर शामिल किया जा सके। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने चाय बागानों या चाय की जमीन का बाजार मूल्य निर्धारित करने के लिए ‘वन-टाइम विंडो’ की अवधि बढ़ा दी है, जिसका इस्तेमाल हस्तांतरण विलेख पर स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की गणना के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने सोनितपुर जिले के तेजपुर में फर्मबॉक्स बायो प्राइवेट लिमिटेड की 300 करोड़ रुपये की परियोजना और ग्वालपाड़ा जिले के राख्यासिनि जंगल ब्लॉक में 30 मेगावाट सौर ऊर्जा और 25 मेगावाट बैटरी ऊर्जा संरक्षण प्रणाली वाली एकीकृत परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड धारकों को मसूर की दाल 70 रुपये प्रति किलो और चीनी 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध कराई जाएगी। हिमंत ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित शिवसागर और चराइदेव जिले में अरुणोदय योजना के लाभार्थियों को इस महीने सामान्य ₹1,250 रुपये के बजाय ₹2,000 की आर्थिक मदद मिलेगी, जबकि दूसरे जिलों के लाभार्थियों को ₹1,200 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित बाकी परिवारों को एक सितंबर को 15,000 रुपये की शुरुआती राहत राशि देगी।
राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR, 'शुद्धिकरण' मामले में कार्रवाई
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह FIR अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज की गई है.
राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में FIR दर्ज की गई है. अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज इस FIR में राहुल गांधी पर अनुसूचित वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है.राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 196 और 299 के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है. FIR में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) भी शामिल की गई है.
न्यूयॉर्क में तिरंगे का अपमान, किरेन रिजिजू ने दी सख्त चेतावनी
अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम के बाहर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान भारतीय तिरंगे के कथित अपमान का मामला सामने आया है
चाय के लिए बस रुकी, तभी... नेपाल से मौत को मात देकर घर लौटीं अंजना
नेपाल में आई बाढ़ से मौत को मात देकर 69 वर्षीय पूर्व शिक्षिका अंजना सान्याल पश्चिम बंगाल के उत्तरपाड़ा स्थित अपने घर लौट आई हैं. 26 अगस्त को कैलाश मानसरोवर जा रहा 17 यात्रियों का दल रास्ते में सिर्फ 10 मिनट चाय के लिए रुका था. इसी दौरान ड्राइवर ने बाढ़ की सूचना मिलते ही बस मोड़ दी और सभी की जान बच गई.
'छात्रों को सवाल पूछने पर सजा देना असंवैधानिक', बोले न्यायमूर्ति उज्जव भुइयां
न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि छात्रों को सवाल पूछने या अलग विचार रखने पर दंडित करना असंवैधानिक है, क्योंकि विश्वविद्यालय स्थापित विचारों पर सवाल उठाने का स्थान है।
कच्चे तेल के बायर से सप्लायर तक... आखिर भारत से पेट्रोल क्यों खरीद रहा रूस? Inside Story
यूक्रेन के ड्रोन हमलों के कारण रूस में पेट्रोल की किल्लत के बीच भारत उसका एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।
नेपाल बाढ़ में लापता बंगाल के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, अब तक सुराग नहीं
नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच पश्चिम बंगाल हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वी. शिवज्ञानम के लापता होने की खबर है. 4 दिन बाद भी सुराग नहीं मिल सका है. वकीलों ने CJI से PMO और MEA की मदद की मांग...
पहले कहासुनी... फिर 7वीं मंजिल से गिरे दोनों; महिला सॉफ्ट इंजीनियर की मौत, युवक गंभीर
बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड स्थित एक निजी को-लिविंग पीजी की सातवीं मंजिल से गिरने के बाद 23 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर जननी की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद 30 वर्षीय मणिचावेलु गंभीर रूप से घायल हो गए। पुडुचेरी से ताल्लुक रखने वाले दोनों के बीच सुबह कहासुनी हुई थी।
उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से दिया इस्तीफा
उत्तर प्रदेश कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी और देवरिया की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मित्तल ने बताया कि उन्होंने अभी अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी मित्तल ने ‘एक्स’ पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए लिखा, ‘‘आज (रविवार को) मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए आईएएस से त्यागपत्र दे दिया है।’’उन्होंने हालांकि इस्तीफा देने के पीछे कोई कारण नहीं बताया। मित्तल ने अपने प्रशासनिक सफर को याद करते हुए कहा कि वह एक साधारण माहौल में पली-बढ़ीं और एक अच्छा व सफल जीवन जीने का सपना देखती थीं। उन्होंने आईआईटी-दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए करने के बाद लंदन में नौकरी की लेकिन बाद में भारत लौट आईं। उन्होंने लिखा, ‘‘सब कुछ हासिल करने के बाद भी कुछ अधूरापन महसूस होता था। अपने देश में न होना खलता था।’’मित्तल ने कहा कि उनकी शिक्षा, आत्मविश्वास और दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की क्षमता इस मिट्टी का कर्ज थी, जिसे उन्हें चुकाना था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं वापस लौटी और सौभाग्य से आईएएस अधिकारी बनी।’’पूर्व अधिकारी ने अपनी तैनाती के अनुभवों को साझा करते हुए कहा, “ देवरिया ने उन्हें सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, बल्कि कर्तव्य है। वहीं, मिर्जापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बल्कि केवल एक राय है।”उन्होंने कहा, ‘‘मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, बल्कि उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है।’’मित्तल ने कहा कि सेवा के दौरान जरूरतमंद परिवारों, दिव्यांगों और किसानों के लिए काम करते हुए उन्हें महसूस हुआ कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक इंसान होता है। हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली मित्तल ने लंदन में नौकरी करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ दी थी। उन्होंने 2013 में अपने दूसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास की और 68वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनीं। इससे पहले 2012 में अपने पहले प्रयास में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए हुआ था। उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के रूप में तैनाती से पहले मित्तल संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए वह उस समय चर्चा में आई थीं, जब आजादी के 75 साल बाद हलिया ब्लॉक के सुदूर पहाड़ी गांव लहुरियादाह में पहली बार नल से पानी पहुंचा था। देवरिया में उनके कार्यकाल को सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और कई कड़े प्रशासनिक फैसलों के लिए याद किया जाता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमें अभी तक उनका इस्तीफा नहीं मिला है।’’उन्होंने बताया कि औपचारिक रूप से पत्र मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मित्तल से जब पूछा गया कि क्या वह राजनीति में आएंगी, कोई कारोबार करेंगी या किसी कंपनी से जुड़ेंगी, तो उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने इस बारे में कुछ भी तय नहीं किया है।
कालका-शिमला हेरिटेज रेल मार्ग पर लैंडस्लाइड, 1 सितंबर तक टॉय ट्रेन बंद
शिमला-कालका रेलवे सेक्शन पर पहाड़ी खिसकने के कारण ट्रेन सेवाएं बाधित हो गई हैं और 1 सितंबर तक सभी ट्रेन रद्द कर दी गई हैं. उत्तर रेलवे ने प्रभावित ट्रेनों में सवार लगभग 391 यात्रियों को सड़क मार्ग से सुरक्षित कालका पहुंचाया.
दालचीनी से घर पर बनाएं ये सीक्रेट मसाला, सब्जी का स्वाद होगा दोगुना
घर की सब्जी में होटल जैसा स्वाद लाने के लिए लोग ना जाने कितने साले बाजार से खरीदकर लाते हैं. मगर उनके बावजूद वो स्वाद नहीं मिल पात है. मगर आज हम आपको रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले सीक्रेट मसाले की रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिसे एक बार बनाकर आप लंबे समय के लिए स्टोर कर लीजिए और खाने में 1 चम्मच डालकर स्वाद ही बदल दीजिए.
मौसम अपडेट: रायगढ़ समेत 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें आगे का हाल
छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने 10 जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. बलौदाबाजार से लेकर सारंगढ़-बिलाईगढ़ तक कई जिले प्रभावित हो सकते हैं. तेज बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है.
जयपुर NEET-PG परीक्षा सेंटर पर छात्रों का प्रदर्शन, देखें कैसे मचा बवाल
जयपुर में रविवार को नीट-पीजी की परीक्षा के दौरान जमकर हंगामा हुआ. छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान बार-बार लाइट कटी और कंप्यूटर बंद हुए, जिससे परीक्षा प्रभावित हुई. छात्रों के हंगामे के बाद इस सेंटर की परीक्षा रद्द कर दी गई. देखें वीडियो.
नेपाल-तिब्बत बाढ़ आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 750, करीब 3000 लोग लापता
काठमांडू। नेपाल में अचानक आई भयानक बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 750 हो गई है और लगभग 3,000 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल कीचड़ और मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में अभी भी 2,498 लोग लापता हैं, जिनमें 933 […] The post नेपाल-तिब्बत बाढ़ आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 750, करीब 3000 लोग लापता appeared first on Sabguru News .
सोने पर विदेश से अलर्ट... एक्सपर्ट ने बताया- कहां तक जाएगा भाव
Gold Rate Alert: सोने की कीमतों में ताबड़तोड़ तेजी आने वाली है और इसे लेकर विदेश से बड़ा अलर्ट आया है. गोल्डमैन सैश ने 2026 के अंत तक सोने की कीमत 4900 डॉलर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है.
अंकित हत्याकांड में 2 शूटरों की पहचान, गोगी गैंग से कनेक्शन का शक
शामली में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के मामले में पुलिस ने दो संदिग्ध शूटरों आर्यन और सत्यम की पहचान की है. दोनों का गोगी गैंग से संबंध बताया जा रहा है.
कर्नाटक में महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने वाली गृह लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों की अब दोबारा जांच होने जा रही है। राज्य सरकार ने पात्र लाभार्थियों की पहचान और अपात्र लोगों को योजना से बाहर करने के लिए जैविक पहचान और चेहरे की पहचान के जरिए सत्यापन कराने का फैसला किया है। यह अभियान 30 अगस्त से शुरू होकर एक महीने में पूरा किया जाना है। सरकार ने 28 अगस्त को इस संबंध में प्रशासनिक मंजूरी दी थी। अधिकारियों के मुताबिक, घर-घर जाकर लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम वन, कर्नाटक वन, बेंगलुरु वन और बापूजी सेवा केंद्रों पर भी सत्यापन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक नागरिक सेवा निदेशालय की ओर से तैयार वेब और मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से संचालित की जाएगी। सरकारी आदेश के मुताबिक, इस अभियान पर अधिकतम 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा मंजूर मानक संचालन प्रक्रिया के तहत होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग को अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि ई-शासन विभाग तकनीकी और संचालन संबंधी सहायता उपलब्ध कराएगा। सत्यापन के दौरान कर्मचारियों को लाभार्थियों के घर जाना अनिवार्य होगा। वहां उन्हें छपे हुए विवरण पत्र दिए जाएंगे, जिन्हें भरकर वापस करना होगा। यदि लाभार्थी घर पर मौजूद नहीं है तो परिवार का कोई अन्य सदस्य उसकी ओर से विवरण भर सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी दूसरे माध्यम से जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद घर का दौरा और विवरण पत्र का वितरण एवं संग्रह टाला नहीं जा सकेगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, सत्यापन करने वाले कर्मचारियों को गांव और शहरी क्षेत्र के हिसाब से तैयार लाभार्थियों की सूची मोबाइल अनुप्रयोग में उपलब्ध कराई जाएगी। घर पहुंचने पर लाभार्थी के नाम के सामने उसकी तस्वीर दर्ज की जाएगी और उसके निवास स्थान का स्थान-निर्धारण भी अपने आप दर्ज होगा। यदि किसी लाभार्थी के घर पहुंचने के समय वह मौजूद नहीं है और चेहरे की पहचान पूरी नहीं हो पाती है, तो उसे अलग-अलग माध्यमों से सूचना दी जाएगी। ऐसे लाभार्थी अपने निर्धारित उचित मूल्य की दुकान या नजदीकी कर्नाटक वन, ग्राम वन अथवा बेंगलुरु वन केंद्र पर जाकर जैविक पहचान के जरिए सत्यापन पूरा कर सकेंगे। सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों पर पहले से एकत्र पहचान संबंधी आंकड़ों का भी इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। बता दें कि गृह लक्ष्मी योजना कांग्रेस सरकार की पांच प्रमुख गारंटियों में शामिल है। इसके तहत परिवार की महिला मुखिया को हर महीने दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना की शुरुआत अगस्त 2023 में हुई थी। छह जून 2023 के सरकारी आदेश और 17 जुलाई 2023 को जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर इसे लागू किया गया था। सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक, योजना शुरू होने के बाद अब तक 1.24 करोड़ लाभार्थियों को 32 किस्तों में सहायता दी जा चुकी है और इस पर 76,951.13 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है या वे दूसरे स्थानों पर चले गए हैं। इसके अलावा कुछ लाभार्थियों या उनके पतियों द्वारा आयकर और माल एवं सेवा कर का विवरण दाखिल करना शुरू करने के मामले भी सामने आए हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने सभी पंजीकृत लाभार्थियों का नए सिरे से सत्यापन जरूरी माना है।
IAS दिव्या मित्तल के त्यागपत्र के बाद आईएएस अफसरों का इस्तीफा चर्चा में है. जानिए 2012 बैच के AGMUT कैडर आईएएस कन्नन गोपीनाथन के बारे में, जिनका इस्तीफा 7 साल से स्वीकार नहीं हुआ है. जानें उनकी यूपीएससी जर्नी, लव स्टोरी और 2019 में नौकरी छोड़ने की मुख्य वजह.
त्रिपुरा में नाबालिग़ के साथ रेप करने पर छात्रावास वार्डन को 20 साल की सज़ा
अगरतला। उत्तरी त्रिपुरा में कंचनपुरा के एक आवासीय स्कूल छात्रावास में नाबालिग़ लड़की के साथ यौन शोषण करने के आरोप में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अदालत ने छात्रावास वार्डन को 20 साल की सख़्त सज़ा और 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। दोषी की पहचान उदय कुमार रेआंग के तौर पर हुई […] The post त्रिपुरा में नाबालिग़ के साथ रेप करने पर छात्रावास वार्डन को 20 साल की सज़ा appeared first on Sabguru News .
IAS दिव्या मित्तल ने अचानक इस्तीफे पर तोड़ी चुप्पी, बताया असली कारण
IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफे पर चुप्पी तोड़ी और कहा कि IAS नौकरी जिंदगी का सिर्फ एक चैप्टर है. परिवार, लेखन, शिक्षण और समाज सेवा को लेकर बताई आगे की योजना...
जन्माष्टमी से हरतालिका तीज तक, देखें सितंबर के व्रत-त्योहारों की लिस्ट
सितंबर माह व्रत-त्योहार के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है. हिंदू पंचांग के अनुसार, सितंबर के महीने में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, दही हांडी, अजा एकादशी, पिठौरी अमावस्या और हरतालिका तीज जैसे व्रत आने वाले हैं. इस महीने गणेशोत्सव और श्राद्ध पक्ष भी आएगा.
निकाय चुनाव में कांग्रेस के बोर्ड बनेंगे तो भाजपा की आएगी अक्ल ठिकाने : अशोक गहलोत
उदयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुटता का मंत्र देते हुए प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर जनविरोधी नीतियों, विकास कार्यों को ठप करने और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर हमला बोला और कहा कि निकाय चुनाव में कांग्रेस के बोर्ड बनेंगे तो भाजपा की अक्ल ठिकाने […] The post निकाय चुनाव में कांग्रेस के बोर्ड बनेंगे तो भाजपा की आएगी अक्ल ठिकाने : अशोक गहलोत appeared first on Sabguru News .
अब पूरे देश में चलेगी एक ही 'सरकारी घड़ी', हर काम के लिए जरूरी होगा IST; जानें- कैसे बदलेगा सिस्टम?
केंद्र सरकार ने IST (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) को लेकर रूल नोटिफाई कर दिए हैं. इन्हें 180 दिन बाद यानी मार्च 2027 से लागू किया जाएगा.
जस्टिस वी. शिवग्नानम ने भारतीय न्यायपालिका में करीब 34 वर्षों तक सेवा की है. उन्हें 23 जुलाई 2025 से सुप्रीम कोर्ट द्वारा वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया गया था.
भरतपुर जिले की अदिति ने यूजीसी परीक्षा में देशभर में पहला स्थान पाया
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के बयाना के कनावर गांव की निवासी अदिति शर्मा द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की जून में आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के कंप्यूटर साइंस विषय में अखिल भारतीय स्तर पर अपने पहले ही प्रयास में पहली रैंक हासिल करने पर इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। प्राप्त जानकारी के […] The post भरतपुर जिले की अदिति ने यूजीसी परीक्षा में देशभर में पहला स्थान पाया appeared first on Sabguru News .
कौन हैं ‘नेशनल क्रश’ कहलाने वाले मेजर ऋषभ सिंह संब्याल? राष्ट्रपति के रहे ADC, अब क्यों चर्चा में?
ऋषभ साल 2021 में जाट रेजिमेंट में कैप्टन बने थे। इसके बाद मेजर फिर से सुर्खियों में आए जब राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक डिजिटल फोटो लाइब्रेरी ने मेजर ऋषभ सिंह संब्याल के सेवा से रिटायर होने की जानकारी सार्वजनिक की।
PM मोदी किर्गिस्तान पहुंचे, SCO शिखर सम्मेलन में लेंगे भाग
PM मोदी रविवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं. बिश्केक हवाई अड्डे पर पहुंचने पर किर्गिज गणराज्य के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन और राष्ट्रपति प्रशासन के प्रमुख ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया.
श्रीगंगानगर में अधिवक्ता पर जानलेवा हमला करने के तीन आरोपी अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर बार संघ के पूर्व सह सचिव अधिवक्ता राजेश ग्रेवाल (48) पर करीब दस दिन पहले हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह हमला पुराने जमीनी विवाद को लेकर रची गई साजिश का हिस्सा था, जिसमें […] The post श्रीगंगानगर में अधिवक्ता पर जानलेवा हमला करने के तीन आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
'कैकेयी के कारण राम को, महिला पहलवानों के चलते मुझे मिली पहचान...', बोले- बृजभूषण शरण सिंह
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों से जुड़े विवाद में कोर्ट ने बरी कर दिया है. हरियाणा के महेंद्रगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों पर पहली बार सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की.
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर पश्चिम बंगाल में खेलों से जुड़े एक पुराने विवाद ने फिर जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि 13 दिसंबर 2025 को कोलकाता के युवा भारती स्टेडियम में लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के लिए टिकट खरीदने वाले 33 हजार दर्शकों का पैसा वापस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य के खेल बजट से राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बता दें कि लियोनेल मेसी के उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे, लेकिन आयोजन के दौरान अव्यवस्था को लेकर काफी विवाद हुआ था। दर्शकों ने चार हजार और छह हजार रुपये में खरीदे गए टिकटों की राशि वापस करने की मांग की थी। हालांकि, काफी समय बीतने के बावजूद उन्हें धनवापसी नहीं मिली थी। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नवान्न में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले का जिक्र करते हुए कहा कि मेसी के प्रशंसकों ने बड़ी उम्मीद के साथ टिकट खरीदे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा है कि उन 33 हजार खेल प्रेमियों को उनकी टिकट राशि वापस मिले और उन्होंने इस दिशा में आंतरिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। समारोह में पूर्व हॉकी खिलाड़ी गुरबक्स सिंह, खेल मंत्री इंद्रनील खान, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे सहित कई लोग मौजूद रहे। इस दौरान विभिन्न खेलों में उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और उन्हें नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य में खेलों की पिछली स्थिति को लेकर पिछली सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि नियुक्ति पत्र पाने वाले कई खिलाड़ियों से जुड़ी फाइलें करीब 11 वर्षों तक मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित पड़ी रहीं। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल में प्रतिभा, मेहनत और क्षमता की कमी नहीं है, लेकिन खेलों के विकास के लिए जरूरी व्यवस्था, पहल और राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव रहा है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हाल के वर्षों में ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रीय टीमों में पश्चिम बंगाल की भागीदारी उम्मीद से कम रही है, जबकि ओडिशा और झारखंड जैसे राज्य लगातार अपने खिलाड़ियों को आगे ला रहे हैं। उन्होंने खेल संस्थाओं को राजनीति से दूर रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। राज्य सरकार की आगे की योजना बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल क्षेत्र के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरे वर्ष का बजट नहीं, बल्कि आठ महीने के लिए निर्धारित राशि है। सरकार सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में छोटे इनडोर खेल परिसर बनाने की योजना पर काम कर रही है, जिनमें टेनिस और बैडमिंटन के लिए सुविधाओं के साथ जिम भी होगी। हालांकि एक साल में सभी 294 परिसरों का निर्माण संभव नहीं है। इसलिए इस वर्ष 100 ऐसे परिसरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के मौजूदा स्टेडियमों की खराब हालत का भी उल्लेख किया और कहा कि खेल ढांचे को सुधारना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में मेसी कार्यक्रम के टिकटधारकों को धनवापसी का वादा और खेल ढांचे के विस्तार की घोषणा दोनों ही राज्य की खेल नीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखे जा रहे हैं।
भरतपुर : शराब के नशे में धुत्त युवकों ने एक घर में घुसकर मचाया तांडव
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के उच्चैन थाना क्षेत्र में जयचौली गांव में शनिवार देर रात शराब के नशे में धुत दबंगों द्वारा एक घर में घुसकर मचाए तांडव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सनसनी फैल गई। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि इस हमले में पीड़िता रेनू चौधरी सहित परिवार […] The post भरतपुर : शराब के नशे में धुत्त युवकों ने एक घर में घुसकर मचाया तांडव appeared first on Sabguru News .
बिना लहसुन-प्याज, घर के मसालों से फटाफट बनाएं गुरुद्वारे वाली दाल
गुरुद्वारे के लंगर में मिलने वाली बिना प्याज-लहसुन की दाल का स्वाद अब आप आसानी से घर पर पा सकते हैं. उड़द, चना, अरहर और काले चने के मिक्सर से बनी यह दाल देसी घी और धनिए के खास तड़के से भरपूर और खुशबूदार बनती है. इसे गर्म चावल या तंदूरी रोटी के साथ परोसें.
बची हुई कॉफी से चेहरे और बॉडी के लिए ऐसे बनाएं नेचुरल स्क्रब, चेहरे पर आएगा गुलाबी निखार
इस्तेमाल की हुई कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट्स, कैफीन और नेचुरल एक्सफोलिएटिंग गुणों से भरपूर होती है. ऐसे में इसका इस्तेमाल चेहरे और बॉडी के लिए नेचुरल स्क्रब बनाने के लिए किया जा सकता है.
राजस्थान निकाय चुनाव में एकजुट रहें, सिफारिश नहीं जीतने वाले को मिले टिकट: अशोक गहलोत
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने राजस्थान में आगामी शहरी निकाय चुनावों को देखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि टिकट वितरण को लेकर आंतरिक मतभेद पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उदयपुर में रविवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि टिकट ऐसे उम्मीदवारों को दिया जाना चाहिए, जिनकी जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ हो और जिनके जीतने की संभावना सबसे अधिक हो। गहलोत ने कहा कि टिकट वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश के आधार पर नहीं, बल्कि उम्मीदवार की क्षमता के आधार पर दिया जाना चाहिए। गहलोत ने कहा, ‘‘अगर मैं भी किसी के नाम की सिफारिश करूं तो केवल मेरी सिफारिश के आधार पर उसे टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। किसी वार्ड से कौन जीत सकता है, यह जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोग बेहतर जानते हैं।’’उन्होंने कहा कि टिकट वितरण के बाद होने वाले मतभेद कांग्रेस के लिए नगर निकायों में बोर्ड बनाने में बाधा बन सकते हैं। गहलोत ने कहा, ‘‘अगर टिकट मिलने के तुरंत बाद आपस में लड़ाई शुरू हो जाएगी तो बोर्ड कैसे बनेंगे? भाजपा फूट डालने के लिए उत्सुक रहती है और उसे सबक सिखाने की जरूरत है।’’उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि अधिकतर नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों में कांग्रेस के बोर्ड बनें और पार्टी के उम्मीदवार जीत हासिल करें। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘तभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अपनी स्थिति का अहसास होगा।’’गहलोत ने दावा किया कि पूरे राजस्थान में कांग्रेस के पक्ष में माहौल है, क्योंकि लोग भाजपा सरकार से नाराज हैं और पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई जनकल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को याद कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर विकास कार्यों को रोकने और अपनी सरकार द्वारा शुरू की गई कई कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। भूमि पट्टा वितरण का जिक्र करते हुए गहलोत ने दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब 12 लाख पट्टे जारी किए गए थे, जबकि मौजूदा सरकार शिविर आयोजित करने के बावजूद कोई उल्लेखनीय परिणाम हासिल नहीं कर पाई है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सड़कों को खोद दिया गया है और सीवर तथा पेयजल से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से बने कई भवन अब भी उद्घाटन का इंतजार कर रहे हैं और विकास कार्यों की गति धीमी हो गई है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व को मजबूत करने का भी आह्वान किया।
भारत को S-400 की टेक्नॉलजी ट्रांसफर करेगा रूस, भारत में ही बनेंगे 2 डिफेंस सिस्टम
पांच स्क्वाड्रन के प्रस्ताव को मार्च 2026 में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने मंजूरी दी थी, जो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 2.38 लाख करोड़ रुपये की मंजूरियों का हिस्सा था. यह प्रोजेक्ट 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रहने का अनुमान है.
बिहार के कटिहार जिले के बाढ़ प्रभावित मोहनाचांदपुर पंचायत में 12 से 14 साल के बच्चे नाव चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं और बदले में 5 से 10 रुपये कमा रहे हैं.
तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच पहली रक्षा समझौते की बैठक कल होगी: सूत्र
सूत्र ने कहा कि मीटिंग के एजेंडे में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे शामिल होंगे. इसमें रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने, तीनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और रक्षा उद्योग में सहयोग को गहरा करने पर चर्चा होने की उम्मीद है.
कहासुनी बनी जानलेवा, महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सातवीं मंजिल से गिरकर मौत, युवक की हालत गंभीर
घटना के बाद युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवक जमीन पर गिरने से पहले पेड़ की टहनियों पर गिरा, जिससे उसकी जान बच गई.
शौक में किया छोटा प्रयास भी खोल सकता है सफलता की नई और बड़ी राह : मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि किसी व्यक्ति का छोटा सा शौक भी मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ जीवन में बड़ी संभावनाओं का रास्ता खोल सकता है और एक छोटा प्रयास देखते ही देखते अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की […] The post शौक में किया छोटा प्रयास भी खोल सकता है सफलता की नई और बड़ी राह : मोदी appeared first on Sabguru News .
CBI ने वाप्कोस के पूर्व डिप्टी चीफ इंजीनियर पंकज दुबे पर दर्ज किया नया केस
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत मामले में पहले से जांच का सामना कर रहे ‘वाप्कोस’ के पूर्व उप मुख्य अभियंता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने एक कारोबारी से जुड़ी कंपनियों से होटल में ठहरने और हवाई टिकट जैसी सुविधाएं हासिल कीं। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि उक्त कारोबारी की कंपनी ने सरकारी परामर्श संस्था के माध्यम से जल जीवन मिशन (जेजेएम) की 10 परियोजनाएं हासिल की थीं। सीबीआई ने जल एवं विद्युत परामर्श सेवा लिमिटेड (वाप्कोस) के पूर्व उप मुख्य अभियंता और परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे के खिलाफ एक नयी प्राथमिकी दर्ज की है। वाप्कोस केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली सार्वजनिक क्षेत्र की अभियांत्रिकी परामर्श संस्था है। सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में कारोबारी जिगर देसाई, शील रायदोट और दो कंपनियों—रायदोट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड तथा उत्कर्ष सॉफ्टवेयर सर्विसेज—को भी आरोपी बनाया है। अधिकारियों ने बताया कि इन पर कथित तौर पर लोक सेवक को रिश्वत देने की आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप है। आरोपियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी। दुबे पहले से ही रिश्वत के एक अलग मामले में जांच के दायरे में थे। इस मामले में उन्हें 21 फरवरी को लखनऊ स्थित एकाना एंटरप्राइजेज के मालिक से कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। नयी प्राथमिकी के अनुसार, सीबीआई ने इस मामले में 20 अप्रैल को आरोपपत्र दाखिल किया था। नयी प्राथमिकी में दुबे के देसाई से जुड़ी संस्थाओं के साथ हुए कथित लेन-देन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सीबीआई के अनुसार, आरोपी के 18 मई 2020 से 23 जुलाई 2025 तक सोलन में तैनात रहने के दौरान देसाई की कंपनी ने वाप्कोस के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) की 10 परियोजनाएं हासिल की थीं।
विवेकानन्द केन्द्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए बालकृष्णन को अजमेर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि
अजमेर। विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए बालकृष्णन को विवेकानन्द केन्द्र की अजमेर शाखा की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की गई। राष्ट्र-निर्माण, मनुष्य-निर्माण तथा विवेकानन्द विचारों के प्रसार के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले ए बालकृष्णन के महाप्रयाण पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए […] The post विवेकानन्द केन्द्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए बालकृष्णन को अजमेर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि appeared first on Sabguru News .
वाट्सएप पर बना डिजिटल हवाला नेटवर्क, यूरोप से सीरिया तक चल रहा काले धन का खेल
यूरोपीय ब्राडकास्टर्स यूनियन की रिपोर्ट में वाट्सएप आधारित एक डिजिटल हवाला नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह नेटवर्क मानव तस्करी, आतंकवाद के वित्तपोषण और यूरोप से सीरिया तक प्रवासियों की अवैध आवाजाही के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सिवनी मालवा दौरे के दौरान किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज FIR को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि FIR कार्यकर्ताओं का गहना होती है और MSP की लड़ाई को जनहित का आंदोलन बताया.
KBC 18: 12 लाख के सवाल तक पहुंची चाय वाले की बेटी, IFS बनने का है सपना
कौन बनेगा करोड़पति 18 के बीते एपिसोड में एक चाय बेचने वाली की बेटी हॉट सीट पर पहुंची. उन्होंने अपना जबरदस्त गेम दिखाया और 12 लाख के सवाल तक पहुंचीं.
ताशकंद में PM मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि, VIDEO
पीएम मोदी उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में शास्त्री स्मारक पहुंचे. जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की. इससे पहले पीएम मोदी भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बैठक में शामिल हुए, जिसमें कई मुद्दों पर सहमति बनी. पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान ने अपने सर्वोच्च सम्मान से भी नवाजा. देखें वीडियो.
पिछले दस वर्षों में भारत में उच्च शिक्षा में 31.5% की वृद्धि हुई है, जिसमें कुल नामांकन 3.42 करोड़ से बढ़कर 4.5 करोड़ हो गया है।
अजमेर नगर निकाय चुनाव : नाम निर्देशन पत्र के लिए एडवाईजरी जारी
अजमेर। नगर निकाय आम चुनाव 2026 में नगर निगम अजमेर के लिए सोमवार 31 अगस्त को नाम-निर्देशन पत्र प्रस्तुत किए जाने के क्रम में ऐडवाईजरी जारी की गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि नगर निगम अजमेर के चुनाव के लिए नाम-निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थी अथवा उम्मीदवार एसबीआई […] The post अजमेर नगर निकाय चुनाव : नाम निर्देशन पत्र के लिए एडवाईजरी जारी appeared first on Sabguru News .
2.65 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दी नीट-पीजी, दो केंद्रों पर दोबारा होगी परीक्षा
नीट-पीजी 2026 परीक्षा देशभर में सफलतापूर्वक आयोजित की गई, जिसमें 2.65 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए।
'तुम्हें महंगा पड़ेगा', न्यूयॉर्क में तिरंगे के अपमान पर भड़के किरेन रिजिजू
न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वॉयर गार्डन में मोहन भागवत ने करीब 5000 लोगों को संबोधित किया। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल के बाहर खालिस्तान समर्थक सिख संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए।
एशिया कप के पहले ही मैच में स्मृति मंधाना के साथ ये क्या हुआ?
महिला टी-20 एशिया कप 2026 के पहले मैच में स्मृति मंधाना के बल्ले से टीम को बड़ी पारी की उम्मीद थी. उन्होंने शुरुआत भी अच्छी की थी, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि उनका इस मैच में बड़ा स्कोर बनाने का सपना चकनाचूर हो गया.
यूरोप की राजकुमारी से निकाह करने जा रहे बिलावल... सोशल मीडिया पर शोर
पाकिस्तान के राष्ट्रपति और बिलावल के पिता आसिफ़ अली ज़रदारी के सात दिन की निजी यात्रा पर ऑस्ट्रिया पहुंचे हैं. जरदारी की निजी यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर कई कयास लगाए जा रहे हैं.
IAS छोड़ते वक्त दिव्या मित्तल की आंखें नम, याद आई पहाड़ी गांव की वो मां
IAS Divya Mittal News: IAS पद से इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के लहुरियादह गांव की वृद्ध मां का जिक्र कर भावुक पोस्ट लिखी. जानिए 13 साल के उनके सफर की पूरी कहानी.
8वें वेतन आयोग पर बड़ी राहत: पेंशन बंद होने और रिवीजन को लेकर सामने आया बड़ा अपडेट
भारतीय प्रशासनिक और वित्तीय गलियारों में इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाओं का बाजार पूरी तरह से गर्म है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक ऐसी खबर तेजी से वायरल हो रही थी जिसने देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और विशेष तौर पर लाखों बुजुर्ग पेंशनर्स की नींद उड़ा दी थी। इस वायरल दावे में यह कहा जा रहा था कि सरकार जल्द ही कुछ रिटायर्ड केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन हमेशा के लिए बंद करने जा रही है या फिर केवल उन्हीं कर्मचारियों को नए वेतन आयोग के तहत पेंशन रिवीजन (Pension Revision) का लाभ मिलेगा जो वर्ष 2026 के बाद रिटायर हुए हैं या होंगे। इस तरह की भ्रामक और सनसनीखेज खबरों के चलते पेंशनभोगियों के बीच भारी मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। चूंकि देश भर में लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से इसी पेंशन पर निर्भर हैं, इसलिए इस प्रकार की अफवाहों का फैलना स्वाभाविक रूप से एक बड़ी चिंता का विषय बन गया था।एनसी-जेसीएम स्टाफ साइड के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने दी सफाईबढ़ती अफवाहों और मची अफरातफरी के बीच अब स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो गई है। केंद्रीय कर्मचारियों के सबसे बड़े प्रतिनिधि मंच नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) स्टाफ साइड के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने इन सभी दावों का खंडन करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही यह खबरें कि रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन बंद हो जाएगी या उन्हें पेंशन रिवीजन के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा, पूरी तरह से बेबुनियाद, मनगढ़ंत और झूठी हैं। शिव गोपाल मिश्रा ने शनिवार को एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर देश के सभी पेंशनभोगियों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी भ्रामक और असत्यापित अफवाह पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके पास देश के कोने-कोने से कई पेंशनर्स के फोन और संदेश आ रहे थे क्योंकि शरारती तत्वों द्वारा उनके नाम का गलत इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर झूठे मैसेज फैलाए जा रहे थे।क्या सचमुच पुराने पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग के लाभ से बाहर किया जा रहा है?सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों में एक मुख्य बात यह भी कही जा रही थी कि नए वेतन आयोग की सिफारिशों का फायदा केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो 2026 के बाद अपनी सेवा पूरी करके रिटायर होंगे, जबकि पुराने और पहले से रिटायर हो चुके कर्मचारियों को इससे वंचित कर दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बिंदु पर स्थिति साफ करते हुए शिव गोपाल मिश्रा ने जोर देकर कहा कि 8वें वेतन आयोग के दायरे में पहले से रिटायर हो चुके सभी पेंशनर्स के मामलों पर भी पूरी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार या आयोग की तरफ से ऐसा कोई भी आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है जो यह साबित करे कि पुराने पेंशनर्स को पेंशन रिवीजन से बाहर रखा जाएगा। एनसी-जेसीएम स्टाफ साइड ने आयोग के सामने यह मजबूत पक्ष रखा है कि जब भी वेतन और पेंशन में संशोधन की सिफारिशें तैयार की जाएं, तो उसमें वर्तमान और पूर्ववर्ती सभी पेंशनभोगियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए ताकि किसी के साथ भी किसी भी प्रकार का अन्याय न हो।8वें वेतन आयोग की संरचना और इससे जुड़े आंकड़ों का पूरा गणितआपकी जानकारी के लिए बता दें कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के वेतनमान और पेंशनभोगियों की पेंशन में जरूरी बदलाव व संशोधन की सिफारिशें देने के लिए किया गया है। वर्तमान समय में इस आयोग के दायरे में देश के करीब 50 लाख से अधिक सेवारत केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर्स सीधे तौर पर आते हैं, जिनके भविष्य और आर्थिक सुरक्षा का फैसला इस आयोग की रिपोर्ट पर टिका हुआ है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित 8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई द्वारा की जा रही है। आयोग को केंद्र सरकार की ओर से अपनी व्यापक रिपोर्ट तैयार करके सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसके दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स एसोसिएशनों के साथ लगातार बैठकें और चर्चाएं चल रही हैं।पेंशनर्स को सलाह: केवल आधिकारिक स्रोतों और भरोसेमंद जानकारियों पर करें भरोसाइस पूरी घटना से यह बात एक बार फिर साबित हो जाती है कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे फैलाई जाने वाली खबरें कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। पेंशनर्स के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे किसी भी अनधिकृत मैसेज या फॉरवर्डेड वीडियो पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। पेंशन बंद होने या नियमों में बदलाव जैसी किसी भी गंभीर खबर की सत्यता की जांच हमेशा आधिकारिक स्रोतों से ही करनी चाहिए। एनसी-जेसीएम के नेतृत्व ने भी सभी पेंशनभोगियों से यह आग्रह किया है कि वे केवल आधिकारिक यूनियन हैंडल्स या भरोसेमंद सरकारी माध्यमों से जारी होने वाली जानकारियों पर ही ध्यान दें। जहाँ तक पेंशन में होने वाली वास्तविक बढ़ोतरी का सवाल है, तो अभी इस बारे में कोई भी निश्चित आंकड़ा बताना जल्दबाजी होगी क्योंकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकार की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही तय किया जाएगा।
भारतीय संस्कृति में भाई और बहन के रिश्ते को सबसे पवित्र और अनमोल रिश्तों में से एक माना जाता है, जहां भाई अक्सर रक्षाबंधन या अन्य विशेष अवसरों पर अपनी बहन को तरह-तरह के तोहफे और उपहार देते हैं। कई बार भाई अपनी बहन के नाम पर कोई घर, जमीन, फ्लैट या अन्य अचल संपत्ति (Property) गिफ्ट करना चाहते हैं ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। लेकिन, जैसे ही संपत्ति के ट्रांसफर की बात आती है, आम आदमी के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या इतनी बड़ी संपत्ति भाई से मिलने पर आयकर (Income Tax) के दायरे में आएगी या नहीं? आमतौर पर लोगों के मन में यह डर रहता है कि सरकार प्रॉपर्टी के ट्रांसफर पर भारी-भरकम टैक्स वसूल सकती है। इस वित्तीय और कानूनी उलझन को दूर करने के लिए आयकर अधिनियम (Income Tax Act) में बहुत स्पष्ट और पारदर्शी नियम बनाए गए हैं, जिन्हें जानना हर भाई-बहन के लिए बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।इनकम टैक्स की धारा 56(2)(x) के तहत भाई-बहन को माना जाता है करीबी रिश्तेदारआयकर नियमों और वित्तीय प्रावधानों के अनुसार, भारत में इनकम टैक्स, 1961 की धारा 56(2)(x) के अंतर्गत भाई और बहन के रिश्ते को 'क्लोज रिलेटिव' यानी करीबी रिश्तेदार की श्रेणी में रखा गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह मिलता है कि यदि कोई भाई अपनी बहन को बिना किसी मौद्रिक प्रतिफल यानी बिना पैसों के लेन-देन के अपनी कोई अचल संपत्ति या घर गिफ्ट के तौर पर देता है, तो उस गिफ्ट की गई प्रॉपर्टी पर प्राप्ति के समय कोई टैक्स नहीं लगता है। यानी जब प्रॉपर्टी बहन के नाम ट्रांसफर की जाती है, तब टैक्स विभाग की तरफ से कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती है। यह नियम केवल अचल संपत्ति ही नहीं, बल्कि नकदी, शेयर या अन्य कीमती उपहारों पर भी लागू होता है बशर्ते वह भाई-बहन के बीच कानूनी रूप से बिना किसी कमर्शियल डील के ट्रांसफर किया गया हो। हालांकि, लोगों को अक्सर यह गलतफहमी हो जाती है कि टैक्स छूट मिलने का मतलब यह है कि इस संपत्ति से कभी भी किसी भी रूप में टैक्स नहीं वसूला जाएगा, जबकि नियम इसके थोड़े अलग और तकनीकी हैं।भविष्य में जब बहन बेचेगी प्रॉपर्टी, तब कैसे होगी कैपिटल गेन टैक्स की गणना?यह बात बहुत ही महत्वपूर्ण है कि भले ही भाई द्वारा बहन को प्रॉपर्टी गिफ्ट करते वक्त तुरंत कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि भविष्य में वह प्रॉपर्टी पूरी तरह टैक्स फ्री रहेगी। यदि आने वाले समय में बहन उस गिफ्ट में मिली हुई संपत्ति या जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेचती है, तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gains Tax) के नियम लागू हो जाएंगे। जब बहन उस प्रॉपर्टी को बेचेगी, तो टैक्स की गणना करते समय एक अहम नियम काम करता है। कैपिटल गेन निकालते समय बहन के लिए उस संपत्ति की लागत (Cost of Acquisition) वह कीमत नहीं होगी जिस दिन उसे गिफ्ट मिली थी, बल्कि उस मूल कीमत को आधार बनाया जाएगा जिस कीमत पर भाई ने उस प्रॉपर्टी को खुद खरीदा था। इसके अलावा, भाई के पास जितने समय तक वह संपत्ति रही, उस समयावधि को भी जोड़ा जाएगा ताकि यह तय किया जा सके कि यह शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन है या लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन। इसलिए भाई द्वारा खरीदे गए पुराने दस्तावेज और खरीद की रसीद संभाल कर रखना बेहद आवश्यक है।प्रॉपर्टी गिफ्ट करते समय इन जरूरी कानूनी और कागजी बातों का रखें ध्यानजब भी कोई भाई अपनी बहन के नाम पर कोई संपत्ति ट्रांसफर करे, तो केवल मौखिक या पारिवारिक सहमति काफी नहीं होती है, बल्कि कानूनी रूप से सभी दस्तावेजों को दुरुस्त रखना अनिवार्य है। सबसे पहला और मुख्य कदम यह है कि संपत्ति के ट्रांसफर के लिए एक रजिस्टर्ड 'गिफ्ट डीड' (Gift Deed) जरूर बनवाई जानी चाहिए और उसका विधिवत रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। बिना रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड के कानून की नजर में प्रॉपर्टी का मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं माना जाता है। इसके अलावा, भाई की ओर से संपत्ति की मूल खरीद से जुड़े सभी दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन के कागजात और टैक्स रसीदें सुरक्षित रखनी चाहिए। गिफ्ट देने और लेने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इसके बदले में कोई मौद्रिक भुगतान न किया गया हो। यदि बहन इसके बदले में भाई को कोई बहुत बड़ी या महंगी चीज देती है, तो आयकर विभाग इसे साधारण उपहार की बजाय एक कमर्शियल ट्रांजैक्शन मान सकता है, जिससे टैक्स के नियम पूरी तरह बदल सकते हैं।किन-किन करीबी रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट पूरी तरह होते हैं टैक्स फ्री?भारतीय आयकर कानून के दायरे में केवल भाई-बहन ही नहीं, बल्कि परिवार के कुछ चुनिंदा और करीबी रिश्तेदारों से मिलने वाले सभी प्रकार के उपहार पूरी तरह से टैक्स फ्री होते हैं। कानून के मुताबिक पति या पत्नी से मिलने वाले उपहार, माता-पिता से मिलने वाली संपत्ति, माता-पिता के भाई या बहन (यानी चाचा, ताऊ, बुआ, मामा, मौसी आदि), खुद की संतान और उनके जीवनसाथी तथा पति या पत्नी के माता-पिता यानी सास-ससुर से मिलने वाले गिफ्ट पर इनकम टैक्स अधिनियम के तहत कोई टैक्स नहीं लगाया जाता है। हालांकि, इन रिश्तेदारों की सूची के बाहर यदि किसी दूर के रिश्तेदार या मित्र से कोई बड़ी संपत्ति या कीमती उपहार मिलता है, तो पचास हजार रुपये से अधिक की कुल राशि होने पर वह पूरा उपहार कर योग्य (Taxable) हो जाता है। इसलिए भाई-बहन के रिश्ते को मिले इस विशेष कानूनी प्रावधान का सही इस्तेमाल करते हुए नियमानुसार ही संपत्ति का आदान-प्रदान करना चाहिए, ताकि परिवार में प्रेम भी बना रहे और कानून का पूरी तरह से पालन भी हो सके।
आज की इस तेज रफ्तार और भागदौड़ भरी जिंदगी में आधुनिक जीवनशैली ने हमारे खानपान और रहन-सहन के तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। सुबह की हड़बड़ी से लेकर रात के सुकून भरे पलों तक, अनगिनत लोग ऐसे हैं जो अकेले बैठकर खाना खाने की आदत का शिकार हो चुके हैं। ऑफिस में काम के दौरान लंच ब्रेक हो, घर पर देर रात का डिनर टाइम हो या फिर हॉस्टल और सिंगल रूम में रहने की मजबूरी, कई लोग अपने हाथ में मोबाइल फोन, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन थामे अकेले ही भोजन निपटा लेते हैं। शुरुआत में यह दिनचर्या बेहद मामूली या समय बचाने का एक आसान तरीका लग सकती है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और हाल ही में सामने आए शोध निष्कर्षों ने इस पर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। जानकारों का कहना है कि लगातार अकेले खाना खाने की यह आदत इंसान के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसकी मानसिक सेहत पर भी बेहद गहरा, नकारात्मक और दूरगामी असर डालती है।क्यों लगातार बढ़ रही है लोगों में अकेले भोजन करने की प्रवृत्ति?आज के दौर में अकेले खाना खाने की प्रवृत्ति तेजी से क्यों फैल रही है, इसके पीछे कई सामाजिक और तकनीकी कारण जिम्मेदार हैं। वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) कल्चर, दफ्तरों का अनिश्चित और अत्यधिक व्यस्त शेड्यूल, न्यूक्लियर फैमिली का बढ़ता चलन और सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में घंटों बिताने की आदत ने इंसान को अपने ही परिवार और दोस्तों से दूर कर दिया है। बहुत से लोग काम के भारी दबाव के बीच जल्दी से जल्दी खाना खत्म करने की होड़ में रहते हैं, तो वहीं कुछ लोग अकेले रहने के कारण मजबूरी में अकेले ही भोजन करते हैं। धीरे-धीरे यह लाइफस्टाइल इतनी आम हो गई है कि लोग इसके मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक दुष्प्रभावों को समझ ही नहीं पाते हैं। जब यह आदत दिनचर्या का हिस्सा बन जाती है, तो व्यक्ति धीरे-धीरे सामाजिक मेलजोल से कटने लगता है, जिससे उसके मानसिक स्वास्थ्य की नींव कमजोर होने लगती है।अकेले खाना खाने से इंसान की मेंटल हेल्थ पर क्या पड़ता है गंभीर असर?स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, भोजन करना केवल हमारे पेट की भूख शांत करने या शरीर को ऊर्जा देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव (Emotional Connection) का भी बहुत बड़ा जरिया रहा है। जब परिवार के सदस्य, दोस्त या सहकर्मी एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, तो उस दौरान सार्थक बातचीत होती है, हंसी-मजाक के पल साझा होते हैं और दिन भर की थकान तथा मानसिक तनाव (Stress) का बोझ हल्का हो जाता है। इसके विपरीत, जब कोई व्यक्ति लगातार अकेले खाना खाता है, तो उसे इस प्रकार का भावनात्मक संबल नहीं मिल पाता है। धीरे-धीरे उसके मन में अकेलेपन (Loneliness) की भावना घर करने लगती है। कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक अध्ययनों और मेडिकल रिसर्च में यह बात खुलकर सामने आई है कि जो लोग अक्सर अकेले भोजन करते हैं, उनमें क्रॉनिक डिप्रेशन, मूड स्विंग्स और गंभीर मानसिक बीमारियों का खतरा अन्य लोगों की तुलना में काफी ज्यादा बढ़ जाता है।माइंडफुल ईटिंग का छूटना और स्क्रीन के साथ खाने के अन्य शारीरिक नुकसानअकेले खाना खाने का नुकसान केवल मानसिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि शारीरिक और पाचक तंत्र पर भी बहुत बुरा पड़ता है। जब लोग अकेले भोजन करते हैं, तो उनका पूरा ध्यान खाने के स्वाद और उसकी मात्रा पर न होकर हाथ में पकड़े हुए मोबाइल फोन के सोशल मीडिया फीड या लैपटॉप की स्क्रीन पर होता है। इसे हेल्थ एक्सपर्ट्स 'माइंडफुल ईटिंग' (Mindful Eating) के विपरीत स्थिति मानते हैं, जहां व्यक्ति को यह होश ही नहीं रहता कि वह कितना खा रहा है। इस अनधिकृत और अनियंत्रित तरीके से खाने के कारण अक्सर ओवरईटिंग (Overeating), बदहजमी, वजन बढ़ने और गलत खानपान की आदतें विकसित हो जाती हैं। जब दिमाग खाने में व्यस्त नहीं होता, तो पेट भरने का सही संकेत समय पर शरीर को नहीं मिल पाता है, जो लंबे समय चलकर मोटापे और अन्य लाइफस्टाइल बीमारियों को खुला निमंत्रण देता है।इस खतरनाक मानसिक आदत को कैसे बदलें और अपनाएं स्वस्थ दिनचर्या?अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो रोजाना अकेले बैठकर खाना खाते हैं, तो समय रहते अपनी इस आदत में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव लाना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ और मनोचिकित्सक यह सलाह देते हैं कि हफ्ते में कम से कम कुछ खास दिन अपने परिवार के सदस्यों, करीबियों या दोस्तों के साथ डाइनिंग टेबल पर बैठकर ही भोजन करना चाहिए। यदि आप दफ्तर में हैं, तो अकेले कैबिन में खाने के बजाय अपने साथियों के साथ लंच एरिया में बैठकर खाना खाने की आदत डालें। भोजन करते समय अपने स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप को खुद से दूर रखना चाहिए, ताकि आपका पूरा ध्यान आपके भोजन और मानसिक शांति पर केंद्रित रहे। यदि किसी कारणवश अकेले ही खाना खाना आपकी मजबूरी है, तो आप अपने दूर रहने वाले किसी प्रियजन या मित्र से वीडियो कॉल पर बातचीत करते हुए भोजन कर सकते हैं, जिससे जुड़ाव का अहसास बना रहे। अपनी इन छोटी-छोटी आदतों में सुधार लाकर आप अकेले खाने से होने वाले मेंटल हेल्थ के भारी नुकसान को आसानी से टाल सकते हैं।
BITS पिलानी में दाखिले का झांसा देकर 46 लाख ठगने वाला BTech छात्र लखनऊ में गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिट्स-पिलानी में दाखिला कराने के नाम पर एक महिला से 46 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में बीटेक के एक छात्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी यशराज बाजपेयी (21) दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र है। यशराज को यहां चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह कथित रूप से शहर छोड़ने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में 20 अगस्त को आईआईएम रोड स्थित एल्डिको टाउन निवासी डॉ. किरण चौबे की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरण यादव ने बताया कि आरोपी और उसके साथियों ने फेसबुक तथा इंस्टाग्राम पर फर्जी शैक्षणिक परामर्श अकाउंट के माध्यम से प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने का झांसा दिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने दाखिले और पंजीकरण शुल्क के नाम पर बैंक हस्तांतरण और नकद के जरिए पैसे लिए तथा पीड़िता का भरोसा जीतने के लिए फर्जी दाखिला पत्र, रसीद और अन्य जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता से कुल 46 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपियों ने पीड़ित महिला की बेटी को बिट्स-पिलानी में दाखिला दिलाने का झांसा दिया था। पुलिस ने बताया कि यशराज बाजपेयी और उसके साथियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों, मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल किया तथा इसी माध्यम से रकम का हस्तांतरण किया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
संजू सैमसन के त्याग और सकारात्मक रवैये पर फिदा हुए सूर्यकुमार यादव, कहा- 'ऐसे भी लोग होते हैं...'
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में कई बार रन और शतकों से ज्यादा खिलाड़ियों का आपसी व्यवहार, उनका अनुशासन और कठिन समय में टीम के प्रति उनका समर्पण मायने रखता है। भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार और विस्फोटक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है जिसने खेल प्रेमियों और क्रिकेट विशेषज्ञों का दिल जीत लिया है। आधुनिक क्रिकेट के व्यस्त और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल में जहां हर खिलाड़ी अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष कर रहा है और प्लेइंग इलेवन से बाहर होने पर निराशा या नाराजगी आम बात है, वहीं संजू सैमसन ने जिस परिपक्वता और सकारात्मकता का परिचय दिया है, उसने कप्तान और टीम प्रबंधन को अंदर तक प्रभावित किया है। सूर्यकुमार यादव द्वारा साझा किया गया यह संस्मरण इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारतीय ड्रेसिंग रूम के भीतर खिलाड़ियों के बीच आपसी सम्मान, भाईचारा और देश व टीम के प्रति निष्ठा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।जब प्लेइंग इलेवन से बाहर होने के बावजूद संजू सैमसन ने नहीं दिखाई कोई नाराजगीक्रिकेट के खेल में टीम का संयोजन (Team Combination), मैदान की परिस्थितियां और विरोधी टीम की रणनीति यह तय करती है कि किस मैच में किस खिलाड़ी को मैदान पर उतारा जाएगा। कई बार शानदार फॉर्म में होने के बावजूद बेहतरीन खिलाड़ियों को भी रणनीतिक कारणों से बेंच पर बैठना पड़ता है। संजू सैमसन के साथ भी कई मौकों पर ऐसा हुआ है जब उन्हें टीम का हिस्सा होने के बावजूद प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा। आम तौर पर ऐसी परिस्थितियों में खिलाड़ियों का निराश होना या टीम मैनेजमेंट से अनबन होना एक स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया मानी जाती है, लेकिन संजू सैमसन का रवैया पूरी तरह से अलग और अनुकरणीय रहा है। सूर्यकुमार यादव ने एक इंटरव्यू के दौरान उस वाकये को याद किया जब संजू को टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन इसके बाद भी उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं थी और न ही उनके बर्ताव में किसी प्रकार की कड़वाहट या हताशा देखने को मिली।सूर्यकुमार यादव ने की तारीफ, कहा- 'मुझे जब भी जरूरत होगी, वे तैयार मिलेंगे'संजू सैमसन के इस पेशेवर और बड़े दिल वाले रवैये से गहराई से प्रभावित होकर सूर्यकुमार यादव ने उनके समर्पण को याद करते हुए एक बेहद भावुक और प्रेरक बयान दिया है। सूर्या ने बताया कि जब उन्होंने संजू से बात की और उन्हें टीम की वर्तमान रणनीतिक मजबूरियों के बारे में बताया, तो संजू का जवाब बेहद सकारात्मक था। संजू ने कप्तान से कहा कि भले ही उन्हें आज प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल रही है, लेकिन वह अपनी तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे और नेट्स में ऐसे पसीना बहाएंगे जैसे कि वह आज ही मैच खेलने जा रहे हैं। संजू ने यह भी स्पष्ट किया कि टीम को जब भी, जहां भी और जैसी भी जरूरत होगी, वह पूरी तरह से उपलब्ध मिलेंगे और साथी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएंगे। इस वाकये को याद करते हुए सूर्यकुमार यादव ने कहा कि ऐसे क्षणों में जब कोई खिलाड़ी बिना किसी स्वार्थ के केवल टीम के हित के बारे में सोचता है, तो कप्तान का आत्मविश्वास खुद-ब-खुद बहुत बढ़ जाता है। इसी संदर्भ में सूर्या ने हैरानी और प्रशंसा जताते हुए कहा था कि 'ऐसे भी लोग होते हैं लाइफ में', जो अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को ताक पर रखकर हमेशा टीम को सबसे पहले रखते हैं।ड्रेसिंग रूम की एकता और संजू सैमसन का क्रिकेट जगत में बढ़ता कदसूर्यकुमार यादव के इस खुलासे से यह साफ तौर पर जाहिर होता है कि संजू सैमसन ने केवल अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के दम पर ही नहीं, बल्कि अपने शानदार व्यक्तित्व और मिलनसार स्वभाव के कारण भी भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में एक खास और सम्मानित जगह बना ली है। एक खिलाड़ी के तौर पर यह बात बेहद महत्वपूर्ण होती है कि जब समय आपके अनुकूल न हो, तब भी आपका आचरण यह तय करे कि आप टीम के लिए कितने मूल्यवान हैं। टी20 क्रिकेट जैसे तेज फॉर्मेट में चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को लगातार कड़े फैसले लेने पड़ते हैं, और कई बार डिजर्विंग खिलाड़ियों को भी बाहर बैठना पड़ जाता है। ऐसे में संजू सैमसन का यह दृष्टिकोण युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी सीख है कि कैसे एक टीम मैन बनकर कठिन परिस्थितियों का सामना किया जाता है। कप्तान और वरिष्ठ खिलाड़ियों द्वारा इस तरह खुले तौर पर प्रशंसा किया जाना यह बताता है कि आने वाले समय में भी भारतीय क्रिकेट योजनाओं में संजू का महत्व कितना अधिक रहने वाला है।
हिमाचल में भी तबाही का खतरा! 67 झीलों की पहचान; खतरे से निपटने का क्या प्लान?
नेपाल में हिमनद फटने से आई तबाही के बाद हिमाचल प्रदेश भी चौकन्ना हो गया है। हिमाचल प्रदेश में 67 ग्लेशियल झीलों की पहचान की गई है। इन खतरों से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश में क्या हो रही तैयारियां?
क्रिसेंट ओवल और दुनिया के सबसे बेहतरीन स्टेडियमों में शुमार दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज महिला क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर होगा जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम महिला एशिया कप 2026 में अपने पहले मुकाबले के लिए मैदान में उतरेगी। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का आगाज हालांकि 28 अगस्त को ही हो चुका है, लेकिन भारतीय फैंस की निगाहें आज रात पर टिकी हैं क्योंकि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम आज थाईलैंड के खिलाफ मैच खेलकर अपने इस साल के एशिया कप अभियान की धमाकेदार शुरुआत करने जा रही है। सात बार की चैंपियन भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों से टी20 फॉर्मेट में मिल रही असफलताओं के क्रम को पीछे छोड़कर एक नई और विजयी शुरुआत करने का सुनहरा अवसर भी है। भारतीय समयानुसार यह मुकाबला रात 8 बजे से शुरू होगा, जिसे लेकर देश भर के क्रिकेटप्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।पिछले 22 सालों के इतिहास और विजयी सिलसिले को बरकरार रखने उतरेगी टीम इंडियामहिला एशिया कप के इतिहास पर अगर नजर डाली जाए तो इसकी शुरुआत साल 2004 में हुई थी और 2026 तक कुल 9 संस्करण खेले जा चुके हैं। भारतीय टीम की इस टूर्नामेंट में एक बेहद शानदार और अनूठी परंपरा रही है कि वह कभी भी अपने अभियान की शुरुआत हार के साथ नहीं करती है। टीम इंडिया चाहे फाइनल तक का सफर तय करे या न करे, लेकिन उसने हर सीजन के अपने पहले मैच में हमेशा जीत हासिल की है। साल 2024 के पिछले महिला एशिया कप में भी भारतीय टीम ने अपने ओपनिंग मुकाबले में चिर-प्रतियंद्धी पाकिस्तान को 7 विकेट के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी थी। कैप्टन हरमनप्रीत कौर और उनकी पूरी पलटन के सामने आज सबसे बड़ी जिम्मेदारी इसी 22 साल पुराने स्वर्णिम सिलसिले को आगे बढ़ाने की होगी ताकि टीम का मनोबल ऊंचा रहे और वह टूर्नामेंट में अपने दबदबे को बरकरार रख सके।थाईलैंड की चुनौती और भारतीय टीम के सामने हालिया टी20 फॉर्म की चिंताआज के मुकाबले में भारत का सामना थाईलैंड की टीम से है, जो अपने पहले मैच में हांगकांग को 6 रन से हराकर बेहद आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतर रही है। कागजों पर और आईसीसी रैंकिंग के लिहाज से बात करें तो भारतीय टीम दुनिया की तीसरे नंबर की बेहद मजबूत टीम है, जबकि थाईलैंड की टीम 12वें पायदान पर है। इसके बावजूद, भारतीय खेमे के लिए हालिया आंकड़े थोड़ी चिंता का विषय जरूर बने हुए हैं। इस साल 2026 में अब तक खेले गए टी20 मुकाबलों में टीम इंडिया का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है और वह 16 में से 9 टी20 मैच गंवा चुकी है। इसके अलावा हाल ही में संपन्न हुए टी20 विश्व कप में भी भारत का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था, जहां टीम ग्रुप स्टेज से आगे भी क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। ऐसे में, एशिया कप की प्रबल दावेदार होने के बावजूद टीम इंडिया किसी भी हाल में थाईलैंड को कम आंकने की गलती नहीं करना चाहेगी और अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतरेगी।स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रीग्स की गैरमौजूदगी में मध्यक्रम की मजबूती पर सवालभारतीय टीम के लिए इस एशिया कप से पहले एक बहुत बड़ा झटका यह लगा है कि उनकी स्टार और भरोसेमंद बल्लेबाज जेमिमा रोड्रीग्स चोटिल होने के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं। जेमिमा टीम के मिडिल ऑर्डर की सबसे मजबूत और रीढ़ की हड्डी मानी जाती हैं, जो न केवल मुश्किल परिस्थितियों में पारी को संभालना जानती हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर तेजी से रन गति को बढ़ाकर स्कोरबोर्ड को भी गति देती हैं। उनकी अनुपस्थिति में टीम प्रबंधन के सामने यह एक बड़ी चुनौती होगी कि उनकी जगह कौन ले। हालांकि, जेमिमा की जगह युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रतिका रावल को आधिकारिक तौर पर भारतीय स्क्वाड में शामिल किया गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रतिका या अन्य खिलाड़ी मिडिल ऑर्डर में उस खाली जगह को कितनी कुशलता से भर पाती हैं और कप्तान हरमनप्रीत कौर बल्लेबाजी क्रम में क्या नया रणनीतिक बदलाव करती हैं।सात बार की चैंपियन टीम इंडिया का शानदार सफर और आगामी मुकाबलेमहिला एशिया कप के इतिहास में भारत सबसे अधिक सफल और दबदबे वाली टीम रही है। टीम इंडिया ने अब तक खेले गए टूर्नामेंट्स में कुल 7 बार इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया है और वह लगभग हर बार फाइनल तक का सफर तय करने में कामयाब रही है। हालांकि, पिछले कुछ फाइनल मुकाबलों में भारत को कड़ी टक्कर मिली है, जैसे 2018 के फाइनल में बांग्लादेश के हाथों 3 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था और 2024 के फाइनल में श्रीलंका ने भारत को 8 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया था। इस बार टीम उन पुरानी गलतियों से सबक लेकर मैदान पर उतरेगी। आज थाईलैंड के खिलाफ अपना पहला मैच खेलने के बाद भारतीय टीम का अगला मुकाबला 3 सितंबर को हांगकांग के खिलाफ होगा, जबकि सबसे बड़ा और रोमांचक मुकाबला 5 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेला जाएगा। ग्रुप स्टेज के इन मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करके टीम इंडिया एक बार फिर एशिया की सिरमौर बनने के अपने इरादे को पुख्ता करना चाहेगी।
42 जिंदगियों की तलाश, नेपाल की सुरंग में फंसे कई लोग, सर्च ऑपरेशन जारी
नेपाल में आई भयानक त्रासदी के बाद से लगातार सर्च ऑपरेशन जारी हैं. अब तक 781 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 हजार लोग लापता बताए जा रहे हैं.
तमिलनाडु पुलिस ने की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की घटी सुरक्षा
दक्षिण भारत के प्रमुख राजनीतिक राज्य तमिलनाडु से इस समय एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। तमिलनाडु पुलिस ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) पार्टी के अध्यक्ष एमके स्टालिन की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव करते हुए उनकी सुरक्षा श्रेणी को कम कर दिया है। अब तक जेड प्लस (Z+) सुरक्षा घेरे में रहने वाले एमके स्टालिन को अब जेड (Z) श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यह फैसला राज्य सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है। किसी भी वीआईपी या वीवीआईपी नेता को मिलने वाली सुरक्षा को लेकर यह कदम पूरी तरह से पेशेवर और प्रशासनिक आंकलन के आधार पर उठाया गया है, ताकि राज्य के संसाधनों का उचित और तार्किक उपयोग किया जा सके।कोर सेल सिक्योरिटी विंग की बैठक में लिया गया फैसला, अधिकारियों ने की समीक्षाराज्य सचिवालय में आयोजित कोर सेल सिक्योरिटी विंग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में तमिलनाडु के कई शीर्ष और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव साई कुमार, गृह सचिव के. मणिवसन, पुलिस महानिदेशक (DGP) महेश कुमार अग्रवाल के अलावा अन्य कई वरिष्ठ खुफिया और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान इन सभी अधिकारियों ने एमके स्टालिन की मौजूदा सुरक्षा जरूरतों, हालिया खुफिया रिपोर्टों और उन्हें मिलने वाले संभावित खतरों की प्रकृति का बारीकी से अध्ययन और विश्लेषण किया। अधिकारियों का यह मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वर्तमान समय में सुरक्षा का स्तर कैसा होना चाहिए। इस पूरी समीक्षा प्रक्रिया के बाद ही सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा को जेड प्लस से घटाकर जेड श्रेणी के स्तर पर लाया जाए।कैसी रहेगी एमके स्टालिन की नई सुरक्षा व्यवस्था और काफिले का स्वरूप?सुरक्षा श्रेणी घटाए जाने के बावजूद तमिलनाडु पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि पूर्व सीएम की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की बड़ी चूक न हो। नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत एमके स्टालिन को अभी भी मजबूत और चाक-चौबंद पुलिस सुरक्षा मिलती रहेगी। उनके आधिकारिक काफिले के आगे, बीच और पीछे के हिस्सों में सुरक्षा कर्मियों और विशेष टीमों की तैनाती लगातार जारी रहेगी। इस सुरक्षा घेरे में मुख्य रूप से पायलट गाड़ियां, एस्कॉर्ट वाहन, बैकअप टीमें और क्लोज-प्रोटेक्शन (निकट सुरक्षा) गाड़ियां शामिल होंगी जो उनके किसी भी दौरे, यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान उनकी सुरक्षा को पुख्ता बनाए रखेंगी। हालांकि, अधिकारियों ने सुरक्षा कर्मियों की सटीक संख्या का खुलासा करने से इनकार किया है, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया है कि यह नई व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि अगली नियमित समीक्षा बैठक नहीं हो जाती, बशर्ते इस बीच कोई विशेष या అత్యंत गंभीर खुफिया इनपुट मिलने पर सुरक्षा की दोबारा समीक्षा न करनी पड़े।वीआईपी सुरक्षा की हर छह महीने में होती है नियमित समीक्षा प्रक्रियातमिलनाडु राज्य में राजनेताओं, वीआईपी और वीवीआईपी हस्तियों को दी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक तयशुदा और नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किया जाता है। राज्य सरकार के नियमों के अनुसार हर छह महीने में सभी संरक्षित व्यक्तियों की सुरक्षा की अनिवार्य समीक्षा की जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान विभिन्न खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों, संबंधित व्यक्ति को मिलने वाले खतरों की प्रकृति और उनकी तात्कालिकता, जनता के बीच उनकी मौजूदगी के दायरे, उनके यात्रा करने के तौर-तरीकों और मौजूदा सुरक्षा जरूरतों का बारीकी से मूल्यांकन किया जाता है। इस उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर ही यह तय किया जाता है कि किसी नेता की सुरक्षा श्रेणी को वैसा ही बरकरार रखा जाए, उसमें बढ़ोतरी की जाए या फिर उसे घटाया जाए।राजनीतिक गलियारों में चर्चा और अधिकारियों की ओर से स्पष्टीकरणएमके स्टालिन की सुरक्षा में कटौती का यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ ही महीने पहले वर्ष 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में डीएमके (DMK) पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव परिणामों के तुरंत बाद सुरक्षा घटाए जाने के इस कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं। विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या यह फैसला राजनीतिक कारणों से लिया गया है। हालांकि, इन तमाम चर्चाओं पर विराम लगाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी तरह से स्पष्ट किया है कि सुरक्षा श्रेणी में किया गया यह बदलाव केवल और केवल पेशेवर खतरे के आकलन (Threat Assessment) पर आधारित है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यह राज्य स्तर पर की जाने वाली नियमित सुरक्षा समीक्षा का एक सामान्य हिस्सा है और इसका हालिया चुनावी नतीजों या किसी भी राजनीतिक स्थिति से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।
love marriage से नाराज थे साले... सास ने मिलने के बहाने बुलाया और...
पंजाब के तरन तारन में प्रेम विवाह से नाराज दो भाइयों ने अपनी बहन के पति की कथित तौर पर बेरहमी से हत्या कर दी. आरोप है कि सास के फोन पर बस स्टैंड पहुंचे 20 वर्षीय जगजीत सिंह को दोनों सालों ने घेर लिया और सिर-गर्दन पर 60 से ज्यादा चाकू मारे. एक राहगीर ने आरोपी को पकड़ लिया, जबकि दूसरा फरार है.
भारतीय राजनीति में इन दिनों बयानों के तीर और उनके फैक्ट चेक का दौर तेजी से चल रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा हाल ही में दिए गए एक बयान ने देश की राजनीतिक फिजा में गर्माहट पैदा कर दी है। राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक मंच से दावा किया था कि देश की चाय की दुकानों और टपरियों पर भी जातिगत भेदभाव का जहर फैला हुआ है। उनके इस दावे के अनुसार, दलित समुदाय के लोगों को चाय पीने के लिए अलग से प्लास्टिक या डिस्पोजेबल कप दिए जाते हैं, जबकि अन्य लोगों को कांच के गिलास या कप में चाय परोसी जाती है। इस सनसनीखेज बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर संसद तक एक तीखी बहस छिड़ गई कि क्या वाकई आम भारतीय समाज की रोजमर्रा की जिंदगी और चाय की टपरियों पर इस तरह का भेदभाव होता है। इस आरोप के बाद राजनीतिक गलियारों में जुबानी जंग तेज हो गई और यह सवाल उठने लगा कि क्या राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए समाज में दूरियां बढ़ाने वाले ऐसे बयान दिए जा रहे हैं।भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कनॉट प्लेस पहुंचकर किया 'ग्राउंड जीरो' फैक्ट चेकराहुल गांधी के इस दावे की सच्चाई को परखने के लिए और देश के सामने जमीनी हकीकत लाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी खुद मैदान में उतर आए। बिना समय गंवाए प्रदीप भंडारी सीधे नई दिल्ली के पॉश और व्यस्त इलाके कनॉट प्लेस पहुंचे, जहां उन्होंने एक आम चाय की टपरी पर जाकर असलियत की थाह ली। इस पूरी प्रक्रिया का एक वीडियो बनाकर उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर शेयर किया, जो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गया। वीडियो की शुरुआत में प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के उस मूल बयान की क्लिप को भी जोड़ा जिसमें उन्होंने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्होंने सीधे उस चाय विक्रेता से बातचीत की जिसकी दुकान पर आम लोग रोजाना चाय पीने आते हैं। इस ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग ने राहुल गांधी के उस दावे की हवा निकाल दी जिसमें समाज को जातियों के आधार पर बांटने की बात कही जा रही थी।चाय विक्रेता मोनू गौतम ने राहुल गांधी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कियाकनॉट प्लेस में जिस चाय की दुकान पर भाजपा प्रवक्ता पहुंचे, उसे 'मोनू गौतम' नाम का एक शख्स चलाता है। सबसे दिलचस्प और गौर करने वाली बात यह है कि चाय विक्रेता मोनू गौतम खुद अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। प्रदीप भंडारी ने मोनू गौतम से बहुत ही सीधे और स्पष्ट सवाल किए, जिनका दुकानदार ने बेबाकी से जवाब दिया। जब भंडारी ने पूछा कि क्या वह अपनी दुकान पर आने वाले ग्राहकों की जाति देखकर उन्हें कप या गिलास देते हैं, तो मोनू गौतम ने साफ शब्दों में इससे इनकार करते हुए कहा, नहीं, नहीं, बिल्कुल नहीं। इसके अलावा जब चाय की कीमतों और वहां आने वाले ग्राहकों के बारे में पूछा गया, तो दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान पर 20, 25, 30 और 40 रुपये तक की चाय बिकती है और देश के हर समाज, वर्ग और पेशे का व्यक्ति बिना किसी भेदभाद के यहां आकर चाय की चुस्कियां लेता है।समझिए क्या है चाय की दुकानों पर इस्तेमाल होने वाले कपों की असलियत?वीडियो के दौरान जब दुकानों पर रखे कपों और गिलासों की असलियत टटोली गई, तो यह स्पष्ट हो गया कि अलग-अलग तरह के कप होने के पीछे कोई जातिगत भेदभाव नहीं है। काउंटर पर बड़ी संख्या में डिस्पोजेबल और रीयूज्ड (कांच या स्टील के) कप रखे हुए थे। दुकानदार और ग्राहकों की बातचीत से यह बात सामने आई कि कप का चुनाव पूरी तरह से ग्राहक की व्यक्तिगत पसंद, सुविधा, स्वच्छता के लिहाज से उसकी जरूरत और चाय की वैरायटी पर निर्भर करता है। कई लोग हाइजीन के कारण डिस्पोजेबल गिलास मांगते हैं, तो कुछ लोग कांच के कप में चाय पीना पसंद करते हैं। इसका जाति या धर्म से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। इस प्रकार की व्यवस्था देश की हर छोटी-बड़ी टपरी पर सामान्य रूप से देखने को मिलती है, जहां दुकानदार का एकमात्र उद्देश्य ग्राहक को उसकी पसंद की चाय परोसना होता है, न कि उसकी सामाजिक या जातीय पृष्ठभूमि की जांच करना।प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी को बताया 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा', देश को न बांटने की सलाहफैक्ट चेक के इस वीडियो के अंत में भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के इस बयान को कड़ा राजनीतिक प्रहार करते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने वीडियो के ऊपर अंग्रेजी में 'LOP - Leader of Propaganda' लिखकर राहुल गांधी के नेतृत्व पर बड़ा सवालिया निशान लगाया। भंडारी ने कड़े शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने कभी जीवन में सड़क किनारे की किसी चाय की टपरी पर खड़े होकर चाय नहीं पी है, वे जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान हैं। ऐसे नेता बिना किसी ठोस आधार के केवल सनसनी फैलाने और राजनीतिक लाभ के लिए समाज में झूठीnarrative गढ़ने का काम कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हेंन सिर्फ इस तरह के भ्रामक बयान देना बंद करना चाहिए, बल्कि देश की जनता को जातियों के नाम पर बांटने की अपनी इस राजनीति से बाज आना चाहिए। यह पूरा वाकया एक बार फिर यह साबित करता है कि राजनीतिक फायदे के लिए धरातल की वास्तविकताओं को कैसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है, जिसका पर्दाफाश अब जागरूक नागरिक और जमीनी हकीकत खुद कर रही है।

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