पति-पत्नी और तीन बच्चे रात में मैगी खाकर सोए थे, सुबह बिस्तर पर मृत मिले।
SIR के बीच चुनाव आयोग में बड़ा फेरबदल, ज्ञानेश कुमार ने तबादलों की झड़ी लगा दी; 20 CEO बदले
SIR के बीच चुनाव आयोग में बड़ा फेरबदल हुआ है। 20 महीने में करीब 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों का तबादला हुआ। जानिए किन राज्यों में बदले अधिकारी और उप निर्वाचन आयुक्तों के स्तर पर क्या बदलाव हुए।
CP में प्रदर्शन के बाद कई FIR दर्ज, बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्ती
दिल्ली के कनॉट प्लेस में 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन के बाद पुलिस ने निषेधाज्ञा उल्लंघन के आरोप में कई FIR दर्ज कीं. अभिजीत दिपके को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाए.
'भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार', रिलायंस के मैसेज पर मस्क की स्टारलिंक का जवाब
एलन मस्क की स्टारलिंक ने भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने की तैयारी जताई है, रिलायंस के उस बयान के बाद जिसमें उसने स्टारलिंक की एंट्री रोकने के आरोपों का खंडन किया था।
अराजकता फैलाने वाले देश को दिशा नहीं दे सकते, Piyush Goyal का विपक्ष पर निशाना
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग अराजकता फैलाते हैं, वे देश को दिशा नहीं दे सकते। उन्होंने मुंबई में नवरात्रि समारोह के दौरान युवा पीढ़ी के उत्साह का जिक्र करते हुए यह बात कही। गोयल ने कहा कि नवरात्रि उत्सव में मौजूद युवा भारत को महाशक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे और उन्हें असली जेन जेड (Gen Z) बताया। शुक्रवार को ANI से बातचीत में गोयल ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा देश के भविष्य को दर्शाती है। साथ ही, उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जिन पर उन्होंने अशांति फैलाने और युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: Breaking News | राजस्थान के कोटा में बड़ा सड़क हादसा! दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस पलटने से 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल उन्होंने कहा कि इन जश्न मनाने वालों को देखिए; ये देश के युवा हैं। युवाओं की ऊर्जा ही भारत की पहचान है। यही असली 'जेन जेड' (Gen Z) हैं, न कि वे 50-100 लोग जो उपद्रव करते हैं और अराजकता फैलाते हैं; ऐसे लोग देश को कोई दिशा नहीं दे सकते। ये युवा ही देश को महाशक्ति बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय मंत्री गोयल ने बोरीवली पूर्व में 'जय अम्बे माँ चौक' का उद्घाटन भी किया, जहाँ उन्होंने दुर्गा पूजा के जश्न में हिस्सा लिया और शक्ति स्वरूपा माँ जगदम्बा की महाआरती की। देश भर में हो रहे उत्सवों का जिक्र करते हुए, गोयल ने कहा कि नवरात्रि भारत के इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। उन्होंने इन उत्सवों के दौरान गरबा और डांडिया रास में हिस्सा लेने वाले युवाओं के उत्साह की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि पूरे देश में नवरात्रि मनाई जा रही है, जो भारत के इतिहास और उसकी समृद्ध संस्कृति की झलक है। आपने अभी देखा कि हमारे युवाओं ने कितने जोश और उत्साह के साथ लंबी कतारें बनाकर डांडिया रास और गरबा किया। यही भारत के युवाओं का असली रूप है; यही भारत का भविष्य है। इसे भी पढ़ें: India-US Trade Deal से निर्यातकों को मिलेगी बढ़त, पहले चरण की कानूनी ड्राफ्टिंग शुरू गोयल ने देश के भविष्य पर भरोसा जताते हुए कहा कि जो लोग नकारात्मक सोच के साथ युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे, वे नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि नकारात्मक सोच रखने वाले वे कुछ लोग, जो हमारे युवाओं को भटकाने की कोशिश करते हैं, पूरी तरह से विफल रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है; हमारे युवाओं के हाथों में भारत तेजी से आगे बढ़ेगा और 2047 तक 'विकसित भारत' की ओर लगातार कदम बढ़ाएगा।
राजस्थान के कोटा जिले से शनिवार तड़के एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं से भरी एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर लगभग 15 फीट गहरे नाले में जा गिरी। इस भीषण हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह बस मध्य प्रदेश के भोपाल से श्रद्धालुओं को लेकर राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर के दर्शन के लिए जा रही थी। हादसे के वक्त बस में बुजुर्गों और बच्चों समेत कुल 25 यात्री सवार थे। यह हादसा सुबह करीब 6 बजे एक्सप्रेसवे पर पोल नंबर 384 के पास हुआ। बस सड़क से उतरकर 15 फीट गहरे नाले में जा गिरी। इसे भी पढ़ें: कोटा में Delhi Mumbai Expressway पर पुल से गिरी बस, खाटू श्याम जी जा रहे 8 श्रद्धालुओं की मौत हादसे के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू हो गया, जिसमें आपातकालीन कर्मियों और स्थानीय लोगों ने मदद की। हालांकि, नाले में जमा गाद और पानी के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त बस को नाले से बाहर निकालने के लिए क्रेन भी मंगवाईं। काफी मशक्कत के बाद बस को नाले से बाहर निकाला जा सका। इसे भी पढ़ें: CRPF Recruitment: CRPF ने Head Constable और GD Constable के 521 पदों पर मांगे आवेदन, ऐसे करें अप्लाई कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि 17 लोगों को NHMC अस्पताल ले जाया गया, जबकि आठ लोगों को MBS अस्पताल भेजा गया। NHMC अस्पताल ले जाए गए लोगों में से सात को वहां पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, MBS अस्पताल में एक व्यक्ति को मृत घोषित किया गया। सामरिया ने जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और उनकी स्थिति का जायजा लिया। इसे भी पढ़ें: SC/ST के लिए कोटा बढ़ाने वाले कानून को रद्द करने के हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाने पर कर्नाटक चर्चा करेगा हादसे के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि ड्राइवर का बस से नियंत्रण हट गया था। हादसे के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
देश की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। ऐप-आधारित बाइक टैक्सी और कैब सेवाएं देने वाली कंपनी 'रैपिडो' (Rapido) की पिंक राइड के दौरान एक महिला यात्री के साथ बदसलूकी और असहज करने वाली घटना घटी है। महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए आरोप लगाया है कि सफर के दौरान राइडर ने न सिर्फ उनसे जरूरत से ज्यादा दोस्ताना बर्ताव करने की कोशिश की, बल्कि हेलमेट वापस लेते समय उनका हाथ भी जबरन पकड़ लिया। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा और ऐप-आधारित परिवहन कंपनियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है।बारिश के बीच राइडर के बार-बार अनुरोध पर बुक की थी कैबपीड़ित महिला, जिनका नाम सृष्टि (Srishti) है, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी इस भयावह घटना का पूरा विवरण साझा किया। उन्होंने अपनी बुकिंग कन्फर्मेशन और ऑनलाइन पेमेंट की रसीद के स्क्रीनशॉट भी सबूत के तौर पर पोस्ट किए हैं। सृष्टि ने बताया कि घटना वाले दिन भारी बारिश हो रही थी, जिसके कारण वे शुरू में राइड बुक करने को लेकर असमंजस में थीं।हालांकि, राइडर ने लगातार उनसे अनुरोध किया कि वे मौसम को देखते हुए अपनी बुकिंग रद्द न करें। महिला ने दया दिखाते हुए राइड कैंसिल नहीं की, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका यह फैसला उनके लिए इतनी बड़ी मानसिक परेशानी का सबब बन जाएगा। सफर की शुरुआत से ही राइडर का रवैया सामान्य नहीं था और वह पैसेंजर की निजी सीमाओं को लांघने की कोशिश कर रहा था।सफर के दौरान असहज करने वाली हरकतें और फोन नंबर मांगने की जिदसृष्टि के मुताबिक, रास्ते भर राइडर ने उन्हें असहज महसूस कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जबकि महिला ने अपने कानों में इयरफोन लगा रखे थे, इसके बावजूद राइडर बार-बार मुड़कर उनसे यह पूछता रहा कि क्या वे सहज महसूस कर रही हैं। उसने उन्हें अपना रेनकोट पहनने की भी पेशकश की, जिसकी कोई जरूरत नहीं थी।मामला तब और ज्यादा गंभीर और डरावना हो गया जब बाइक उनकी मंजिल यानी उनकी सोसाइटी के गेट पर पहुंची। सृष्टि के अनुसार, जब उन्होंने राइडर को हेलमेट वापस किया, तो उस शख्स ने जानबूझकर और जबरन कई सेकंड तक उनका हाथ पकड़े रखा और एक अजीब सी मुस्कान के साथ उनकी तरफ देखने लगा, जिससे महिला बुरी तरह सहम गईं। इसके बाद जब उन्होंने ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए क्यूआर कोड मांगा, तो राइडर ने यह कहकर टाल दिया कि बारिश की वजह से उसका फोन काम नहीं कर रहा है और उसने जिद करते हुए सृष्टि से उनका मोबाइल नंबर मांग लिया। हालांकि, सतर्कता दिखाते हुए महिला ने नंबर देने से साफ इनकार कर दिया और किसी तरह क्यूआर कोड का इंतजाम कर पेमेंट पूरा किया।राइड खत्म होने के बाद भी 15 मिनट तक सोसाइटी के बाहर मंडराता रहा राइडरपरेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। पेमेंट होने और राइड खत्म होने के बाद भी जब सृष्टि को अपनी सोसाइटी के अंदर जाना असुरक्षित लगा, तो वे मुख्य गेट पर ही करीब 15 मिनट तक रुकी रहीं। इस दौरान उन्होंने देखा कि वह राइडर वहां से जाने के बजाय अपनी बाइक वहीं खड़ी करके आसपास ही मंडरा रहा था।महिला ने डरते हुए अपनी सोसाइटी के एक सुरक्षा गार्ड (Security Guard) को पूरी बात बताई और उस व्यक्ति को वहां से भगाने के लिए कहा। लेकिन उस राइडर की दुष्टता देखिए कि गार्ड के कहने के बाद भी वह यह बहाना बनाते हुए पांच मिनट और वहीं खड़ा रहा कि वह अपना फोन इस्तेमाल कर रहा है। अंततः, जब गार्ड ने कड़ाई दिखाते हुए उसे दूसरी बार वहां से जाने के लिए धमकाया, तब जाकर वह लगभग 10-15 मिनट बाद वहां से रवाना हुआ। इस पूरी घटना के बाद सृष्टि बुरी तरह सदमे में थीं और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज के समय में इस तरह की ऐप-आधारित सेवाओं में सफर करना पूरी तरह सुरक्षित रह गया है?रैपिडो कंपनी ने लिया कड़ा एक्शन, आरोपी राइडर को हमेशा के लिए किया सस्पेंडसोशल मीडिया पर महिला की यह पोस्ट वायरल होते ही बेंगलुरु पुलिस और रैपिडो कंपनी का आधिकारिक प्रबंधन हरकत में आ गया। मामला तूल पकड़ता देख रैपिडो ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया और अपने आधिकारिक हैंडल से महिला से संपर्क कर माफी मांगी।कंपनी ने अपने बयान में इस अवांछित शारीरिक संपर्क (Unwanted Physical Contact) और परेशान करने वाले व्यवहार को बेहद गंभीरता से लिया। रैपिडो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह के बर्ताव के लिए कंपनी में कोई जगह नहीं है। कंपनी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस आरोपी 'कैप्टन' (राइडर) को रैपिडो प्लेटफॉर्म से हमेशा के लिए निलंबित (Permanent Ban) कर दिया है। इस त्वरित कार्रवाई के बाद से एक तरफ जहां कंपनी ने राहत की सांस ली है, वहीं नागरिक समाज और महिला सुरक्षा संगठनों का कहना है कि कंपनियों को राइडर्स की भर्ती से पहले उनका पुलिस वेरिफिकेशन और मानसिक मूल्यांकन बेहद कड़ाई से करना चाहिए।
कोटा में Delhi Mumbai Expressway पर पुल से गिरी बस, खाटू श्याम जी जा रहे 8 श्रद्धालुओं की मौत
शनिवार सुबह राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक यात्री बस के पुल से नीचे गिर जाने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब बस में सवार एक ही परिवार के लोग भोपाल से खाटू श्याम जी मंदिर जा रहे थे। यह हादसा सिमलिया थाना क्षेत्र के कराडिया के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बस लगभग 15 फीट की ऊंचाई से एक नाले में गिर गई। बताया जा रहा है कि घटना के समय बस में 25 से ज्यादा लोग सवार थे। बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसे भी पढ़ें: Connaught Place और दिल्ली के बाजारों में बार-बार प्रदर्शन से कारोबार ठप, व्यापारियों ने PM से मांगी मदद भोपाल से खाटू श्याम जी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे एक परिवार के करीब 25 सदस्य इस हादसे का शिकार हो गए। पुलिस अधिकारी नंद सिंह ने चार यात्रियों की मौत की पुष्टि की है, जबकि कई घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोटा जिले में हुई मिनी-बस दुर्घटना में कई लोगों की मौत पर दुख जताया है। 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से प्रार्थना की कि वे उन्हें इस कठिन समय में हिम्मत दें। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की। उन्होंने लिखा कि कोटा जिले के सिमालिया थाना क्षेत्र में भोपाल से खाटू श्याम जी जा रही एक मिनी-बस के हादसे में कई लोगों की मौत की खबर अत्यंत हृदयविदारक और विचलित करने वाली है। इस त्रासदी में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे इस कठिन समय में उन्हें संबल प्रदान करें और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इसे भी पढ़ें: Amritsar को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम! पुलिस ने किया सीमा पार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, अत्याधुनिक हथियार बरामद, 5 संदिग्ध गिरफ्तार शनिवार तड़के सिमालिया पुलिस थाना क्षेत्र में दुर्घटना की सूचना मिली। बस के एक्सप्रेसवे से नीचे गिर जाने के बाद बचाव कार्य शुरू किया गया; बताया जा रहा है कि वहां पानी और कीचड़ होने के कारण बचाव अभियान में कठिनाई आई। दुर्घटना के सटीक कारण का तुरंत पता नहीं चल सका। मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
भारतीय राजनीति की गलियों में इन दिनों विरोध प्रदर्शनों, रैलियों और राजनीतिक उठापटक के बीच एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली अंदरूनी कलह सामने आई है। कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनावी सुधारों से जुड़े मुद्दों पर चल रहे प्रदर्शनों के दौरान उस वक्त अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब पार्टी के अपने ही छात्र संगठन NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के भीतर बगावत के सुर उठने लगे। हाल ही में राजधानी दिल्ली में हुए एक बड़े विरोध मार्च के दौरान वामपंथी छात्र संगठन 'AISA' की अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व—राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मंच और सबसे आगे जगह मिलने से एनएसयूआई के नेता बुरी तरह नाराज हो गए। इस नाराजगी का इजहार उन्होंने अनोखे अंदाज में व्हाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर किया, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।राहुल और प्रियंका गांधी के साथ आगे दिखीं AISA नेत्री नेहा बोरापूरा विवाद तब शुरू हुआ जब स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। 12 अक्टूबर को जब इंडी गठबंधन के नेताओं और छात्र संगठनों ने चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर एक बड़ा मार्च निकाला, तो उस विरोध प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा सबसे आगे मार्च करती नजर आईं।सामने आई तस्वीरों और वीडियो में यह देखा गया कि राहुल गांधी ने नेहा बोरा के कंधे पर हाथ रखा हुआ था। इतना ही नहीं, मार्च के दौरान सबसे आगे चलने वाली दो महिलाओं में एक तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा थीं, तो दूसरी तरफ उनके ठीक दाईं ओर नेहा बोरा चल रही थीं। इसके अलावा, वह उस विशेष बस और विरोध प्रदर्शन वाले ट्रक पर भी शीर्ष नेताओं के साथ सवार थीं, जहां राहुल गांधी प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच मौजूद थे। इस दौरान एनएसयूआई का राष्ट्रीय नेतृत्व, जिसमें अध्यक्ष विनोद जाखड़ भी शामिल थे, वहां मौजूद था, लेकिन सबसे ज्यादा लाइमलाइट और तवज्जो नेहा बोरा को मिलती दिखाई दी।कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI में फूटा गुस्सा, व्हाट्सएप ग्रुप का बदला नामएक वामपंथी छात्र संगठन की नेता को कांग्रेस के शीर्ष मंच पर इतनी प्रमुखता मिलना और पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों में लगातार आगे रखना 'नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया' (NSUI) के पदाधिकारियों को बिल्कुल रास नहीं आया। कांग्रेस के अपने ही छात्र संगठन के भीतर इस बात को लेकर गहरी नाराजगी फैल गई कि पार्टी के लिए जमीन पर संघर्ष करने वाले एनएसयूआई के नेताओं को दरकिनार करके दूसरे संगठन के चेहरे को आगे बढ़ाया जा रहा है।इस आंतरिक असंतोष और गुस्से को जाहिर करने के लिए एनएसयूआई के एक नाराज पदाधिकारी ने विरोध का एक अनोखा रास्ता चुना। उन्होंने संगठन के एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर तीन दिनों के लिए 'वी द छोटू' (We The Chhotu) रख दिया। यहां 'छोटू' शब्द का इस्तेमाल करके एक प्रकार का तंज कसा गया, जिसका आशय 'छोटे या सहायक' के रूप में था। इस घटना से साफ जाहिर हो गया कि कांग्रेस के मुख्य छात्र संगठन के भीतर नेतृत्व और तवज्जो को लेकर कितनी बेचैनी और नाराजगी चल रही है।हाईकमान तक पहुंची बात, समझाइश के बाद बदला गया ग्रुप का नामसूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि एनएसयूआई के नेताओं की यह नाराजगी और विरोध प्रदर्शन की सुगबुगाहट बहुत जल्द पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व यानी कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच गई। जब इस बात की भनक शीर्ष नेताओं को लगी कि पार्टी का अपना छात्र संगठन इस बात से आहत है, तो मामले को संभालने के लिए तुरंत कदम उठाए गए।रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद एनएसयूआई के प्रमुख पदाधिकारियों की मुलाकात राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से कराई गई। इस दौरान उनकी शिकायतों को सुना गया और उन्हें दूर करने का प्रयास किया गया। शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत और आंतरिक मामलों पर सफाई मिलने के बाद ही उस व्हाट्सएप ग्रुप का नाम वापस बदला गया और सामान्य स्थिति बहाल हो सकी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने यह जरूर दिखा दिया कि विपक्षी दलों के साझा मंचों पर अलग-अलग संगठनों की भूमिका और उनकी राजनीतिक दृश्यता को लेकर आंतरिक स्तर पर किस तरह के समीकरण और मतभेद उभर कर सामने आ रहे हैं।
Kapil Sibal का Rajnath Singh पर पलटवार, बोले- Congress नहीं जनता चाहती है सत्ता परिवर्तन
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर सत्ता परिवर्तन (regime change) की कोशिश करने का आरोप लगाया था। सिब्बल ने कहा कि जनता खुद सत्ता परिवर्तन चाहती है और अब इस सरकार के जाने का समय आ गया है। सिब्बल की यह टिप्पणी राजनाथ सिंह के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधा था। सिंह ने उन पर आरोप लगाया था कि वे बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहते हैं और युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Mulayam Singh Yadav को मरणोपरांत Padma Vibhushan देने की कई वजहें: Rajnath Singh लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा कि लोकतंत्र किसी को भी अव्यवस्था फैलाने या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने की छूट नहीं देता है। X पर एक पोस्ट में सिब्बल ने कहा, राजनाथ सिंह: आप आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस बांग्लादेश की तर्ज पर 'सत्ता परिवर्तन' चाहती है। नहीं। असल में जनता 'सत्ता परिवर्तन' चाहती है। निर्दलीय सांसद ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत' के नारों वाले विरोध-प्रदर्शनों ने ही आपको सत्ता दिलाई थी। लेकिन बाद में आपने भ्रष्टाचार को अपना लिया, संस्थाओं पर कब्ज़ा कर लिया और मतदाता सूची में हेरफेर की। अब आपके जाने का समय आ गया है! इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar के कथित बचाव पर भड़कीं Congress और सपा, इस्तीफे की मांग शुक्रवार को सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी, सीधे तौर पर या अपने समर्थक संगठनों के ज़रिए, युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र-निर्माण में लगाने के बजाय, उसका इस्तेमाल राजनीतिक टकराव बढ़ाने और अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी बांग्लादेश की तर्ज पर सरकार बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरा बनाया जा रहा है।
'जनता चाहती है रिजीम चेंज', कपिल सिब्बल ने राजनाथ सिंह पर किया पलटवार
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के 'रिजीम चेंज' वाले बयान पर पलटवार किया है. सिब्बल ने कहा कि सत्ता परिवर्तन कांग्रेस नहीं, बल्कि जनता चाहती है और अब इस सरकार के जाने का समय आ गया है.
भारतीय सिनेमा के इतिहास में जिस सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित सिनेमैटिक प्रोजेक्ट की चर्चा पिछले कई सालों से हो रही है, वह है निर्देशक नितेश तिवारी की महागाथा 'रामायण: पार्ट 1' (Ramayana: Part 1)। निर्माता नमित मल्होत्रा के निर्देशन और निर्माण में बन रही इस एपिक फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। फिल्म के पहले टीजर और ट्रेलर को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब मेकर्स ने इसका दूसरा ट्रेलर (Ramayana Trailer 2) रिलीज कर दिया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। जहां पहला ट्रेलर फिल्म के मुख्य किरदारों और मूल कहानी से परिचय कराता था, वहीं यह नया ट्रेलर इसके भव्य कैनवास, रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्शन और वर्ल्ड-क्लास विजुअल्स की एक अद्भुत झलक पेश करता है। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं वे 5 बड़ी वजहें जो 'रामायण' के इस दूसरे ट्रेलर को बेहद खास और ऐतिहासिक बनाती हैं।1. लंकेश के रूप में सुपरस्टार यश का खौफनाक और रौद्र रूपइस नए ट्रेलर का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण कन्नड़ सिनेमा के 'रॉकिंग स्टार' यश (Yash) का खूंखार अवतार है, जो फिल्म में शक्तिशाली खलनायक 'रावण' की भूमिका निभा रहे हैं। ट्रेलर में रावण के रूप में यश का स्क्रीन प्रेजेंस बेहद प्रभावी, भव्य और डरावना नजर आ रहा है। यश ने केवल अपने भारी-भरकम शारीरिक अभिनय या एक्शन से ही नहीं, बल्कि अपनी आंखों के खतरनाक और क्रूर भावों (Expressions) से किरदार में जान फूंक दी है। उनका नया वॉयसओवर और संवाद अदायगी का अंदाज दर्शकों के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है, जो यह साबित करता है कि परदे पर राम और रावण का यह मुकाबला बेहद टक्कर का होने वाला है।2. ऑस्कर विजेता DNEG का कमाल: बाहुबली और हॉलीवुड को टक्कर देता धांसू VFXशुरुआती टीजर और पहले ट्रेलर के बाद विजुअल इफेक्ट्स (VFX) को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई थीं, जिन्हें मेकर्स ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस दूसरे ट्रेलर में वीएफएक्स और कलर ग्रेडिंग पर अभूतपूर्व काम साफ तौर पर देखा जा सकता है। ट्रेलर में दिखाए गए जटायु और रावण के बीच का महायुद्ध, आसमान में उड़ते प्राचीन दिव्य रथ, सोने की लंका के भव्य महल, प्राकृतिक पर्वत श्रृंखलाएं और युद्धभूमि के दृश्य इतने शानदार हैं कि वे आपको हॉलीवुड की बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों और 'बाहुबली' की याद दिला देंगे। ऑस्कर विजेता वीएफएक्स कंपनी DNEG ने इसपर जिस बारीकी से काम किया है, वह पर्दे पर साफ झलकता है।3. भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर का गंभीर अवतार और नए किरदारों की एंट्रीइस दूसरे ट्रेलर में बॉलीवुड के सुपरस्टार रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) का भगवान श्री राम के रूप में एक और अधिक गंभीर, शांत लेकिन बेहद शक्तिशाली रूप दिखाया गया है। रणबीर की आंखों का संयम और मर्यादा पुरुषोत्तम राम की छवि दर्शकों का दिल जीत रही है। इसके अलावा, इस नए ट्रेलर में कुछ नए और महत्वपूर्ण किरदारों की झलक भी पहली बार सामने आई है, जिसमें 'इंद्र देव' की भूमिका निभा रहे अभिनेता कुणाल कपूर (Kunal Kapoor) का लुक काफी चर्चा में है। कलाकारों की यह विशाल फौज फिल्म के दायरे को और अधिक व्यापक बनाती है।4. ए.आर. रहमान और हंस जिमर का रोंगटे खड़े कर देने वाला बैकग्राउंड स्कोरकिसी भी महागाथा की सफलता में उसके संगीत और बैकग्राउंड स्कोर की बहुत बड़ी भूमिका होती है। 'रामायण' के इस ट्रेलर में संगीत के मोर्चे पर जो जादू बिखेरा गया है, वह अद्भुत है। भारत के गर्व और ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान (A.R. Rahman) और दुनिया के जाने-माने हॉलीवुड संगीतकार हंस जिमर (Hans Zimmer) की यह जादुई जुगलबंदी फिल्म के हर एक दृश्य में जान फूंक देती है। ट्रेलर का बैकग्राउंड म्यूजिक इतना दमदार है कि युद्ध के दृश्यों को देखते समय आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे और थिएटर का अनुभव घर बैठे ही महसूस होने लगेगा।5. ग्लोबल ऑडियंस को ध्यान में रखकर तैयार किया गया विजनइस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे केवल भारतीय दर्शकों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर (Global Audience) पर रिलीज करने की तैयारी है। यही वजह है कि 'रामायण' का यह दूसरा ट्रेलर हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा में भी आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय दर्शक भी इस महाकाव्य से जुड़ सकें। दुनिया भर के सिने प्रेमियों से इस ट्रेलर को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।नमित मल्होत्रा और नितेश तिवारी की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। यह दूसरा ट्रेलर इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि मेकर्स ने दर्शकों के हर एक फीडबैक को गंभीरता से लिया है। बेहतर विजुअल्स, दमदार एक्शन, और लीजेंड्री संगीत के साथ 'रामायण: पार्ट 1' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा सिनेमैटिक फेस्टिवल बनने जा रहा है।
इंडियन आइडल में लौटे लेजेंड्स, कहां गायब हैं पवनदीप-अरुणिता?
इंडियन आइडल के नए सीजन में पुराने कंटेस्टेंट्स और लेजेंड्स की वापसी हो रही है, लेकिन फैंस को पवनदीप राजन और अरुणिता कांजीलाल की कमी खल रही है. दोनों ने सीजन 12 में अपनी शानदार परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीता था.
ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, आखिरी बार खाई थी मैगी
ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. मरने वालों में माता-पिता और उनके तीन बच्चे शामिल हैं. यह मामला ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र का है. एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है.
बॉलीवुड का गलियारा इन दिनों एक बेहद दिलचस्प और मजेदार वजह से सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। 90 के दशक की सबसे आइकॉनिक, नटखट और चहेती ऑनस्क्रीन जोड़ियों में शुमार सलमान खान (Salman Khan) और करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में जब ये दोनों सदाबहार सितारे मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर के पॉपुलर चैट शो 'कॉफी विद करण 9' (Koffee With Karan 9) के पहले एपिसोड में मेहमान बनकर पहुंचे, तो उनकी खट्टी-मीठी नोक-झोंक और गजब की कैमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया। शो पर दोनों की ऐसी बॉन्डिंग देखने को मिली कि इंटरनेट यूजर्स और फैंस एक सुर में यह कहते नजर आ रहे हैं कि अब इन दोनों को शादी कर लेनी चाहिए। सोशल मीडिया पर उनके पुराने दिनों की यादें ताजा हो गई हैं और यह मुद्दा इन दिनों टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है।'कॉफी विद करण 9' में दिखी सलमान और करिश्मा की पुरानी खट्टी-मीठी कैमिस्ट्रीजब भी 90 के दशक के सुनहरे दौर की बेहतरीन फिल्मों और ऑनस्क्रीन कपल्स की बात होती है, तो सलमान और करिश्मा का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। 'कॉफी विद करण' के इस लेटेस्ट सीजन में जब ये दोनों साथ बैठे, तो ऐसा लगा मानो वक्त वहीं ठहर गया हो। शो के दौरान दोनों के बीच का अपनापन, एक-दूसरे की टांग खींचने का अंदाज और बेबाक बातचीत ने दर्शकों को पुरानी फिल्मों की याद दिला दी।शो का यह एपिसोड प्रसारित होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई। फैंस ने उनकी इस जोड़ी को लेकर मजेदार और भावुक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। इंटरनेट पर एक यूजर ने लिखा, सलमान और करिश्मा बिल्कुल हसबैंड-वाइफ वाली पॉजिटिव वाइब दे रहे हैं, समझ नहीं आता कि इन्होंने पहले शादी क्यों नहीं की? वहीं दूसरे यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, भाई, अब तो शादी कर लो! कई फैंस ने उनकी इस जोड़ी को अपना 'फेवरिट नेवर-सेल्ड शिप' करार दिया, यानी एक ऐसा जोड़ा जिसे पर्दे पर तो बेइंतहा प्यार मिला, लेकिन वे असल जिंदगी में हमसफर नहीं बन पाए।तीन दशक से अधिक पुरानी है दोनों की गहरी दोस्ती और ऑनस्क्रीन सफरसलमान खान और करिश्मा कपूर की दोस्ती कोई आज की नहीं है, बल्कि यह 36 साल पुरानी मजबूत नींव पर टिकी है। दोनों ने अपने फिल्मी सफर में एक साथ लगभग 11 सुपरहिट फिल्मों में काम किया है और बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़े हैं। उनकी साथ में आई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में 'जीत', 'जुड़वा', 'बीवी नंबर 1', 'हम साथ-साथ हैं', 'चल मेरे भाई' और 'दुल्हन हम ले जाएंगे' जैसी सदाबहार फिल्में शामिल हैं, जिनके गाने और सीन आज भी लोगों के जुबान पर हैं।चैट शो के दौरान जब होस्ट करण जौहर ने सलमान खान से सवाल किया कि उनकी सबसे पसंदीदा को-एक्ट्रेस (सह-कलाकार) कौन हैं, तो सुपरस्टार सलमान ने बिना एक पल गंवाए करिश्मा कपूर का नाम लिया। इस दौरान दोनों ने 90 के दशक के अपने सुनहरे स्टारडम, शूटिंग के दौरान होने वाली मस्ती और उस दौर की फिल्मी दुनिया के कई अनसुने किस्से भी साझा किए, जिसने दर्शकों को नॉस्टेल्जिया में डुबो दिया।दोनों कलाकारों की व्यक्तिगत जिंदगी के उतार-चढ़ावजहां एक तरफ फैंस उनकी ऑनस्क्रीन कैमिस्ट्री को देखकर उन्हें असल जिंदगी में साथ देखना चाहते हैं, वहीं दोनों की पर्सनल लाइफ अपने अलग अनुभवों से गुजरी है। बात अगर सलमान खान की करें, तो उनका नाम इंडस्ट्री की कई खूबसूरत अभिनेत्रियों के साथ जुड़ा, जिनमें संगीता बिजलानी, ऐश्वर्या राय, कटरीना कैफ और यूलिया वंतूर के नाम प्रमुख हैं। एक समय ऐसा भी था जब संगीता बिजलानी के साथ उनकी शादी के कार्ड तक छप चुके थे, लेकिन 'कॉफी विद करण' के पुराने सीजन में खुद सलमान ने यह खुलासा किया था कि शादी के ठीक वक्त पर वे घबरा गए थे और उन्होंने रिश्ता टाल दिया था।दूसरी ओर, करिश्मा कपूर ने साल 2003 में जाने-माने बिजनेसमेन संजय कपूर के साथ शादी की थी। हालांकि यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल सका और आपसी सहमति के बाद साल 2014 में उन्होंने तलाक के लिए अर्जी दी, जिसके बाद 2016 में उनका कानूनी रूप से तलाक हो गया। करिश्मा के दो प्यारे बच्चे हैं—बेटी समायरा और बेटा कियान, जिनकी परवरिश वे अकेले कर रही हैं। भले ही दोनों ने अपनी जिंदगी की राहें अलग चुनी हों, लेकिन उनकी दोस्ती और पर्दे पर उनका जादू आज भी पहले जैसा ही जीवंत है।
कोटा में दर्दनाक हादसा: खाई में गिरी खाटू श्याम जा रही बस, मध्य प्रदेश के 8 यात्रियों की मौत
राजस्थान के कोटा में शनिवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भोपाल से खाटू श्याम जा रही एक बस 15 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में मध्य प्रदेश के 8 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है।
भारतीय संगीत जगत में 'स्वर कोकिला' और 'भारत रत्न' लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। उनकी जादुई और रूहानी आवाज ने सात दशकों से अधिक समय तक करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया है। न सिर्फ आम दर्शक, बल्कि बॉलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गज गायक भी लता दीदी के साथ स्टूडियो में खड़े होने भर से खुद को धन्य मानते थे। 90 के दशक के मशहूर और दिग्गज पार्श्व गायक कुमार सानू (Kumar Sanu) के जीवन में भी एक ऐसा ही अविस्मरणीय पल आया था, जब वे लता मंगेशकर के साथ अपना पहला गाना रिकॉर्ड करने गए थे। यह किस्सा आज से 34 साल पुराना है, जब अपनी बेहतरीन गायकी से देश-विदेश में धूम मचाने वाले कुमार सानू 'स्वर कोकिला' के सामने पूरी तरह नर्वस हो गए थे। आइए जानते हैं इस आइकॉनिक गाने और उससे जुड़े इस खूबसूरत संस्मरण के बारे में।जब महान लता मंगेशकर के सामने पहली बार पहुंचे थे कुमार सानू90 के दशक की शुरुआत में कुमार सानू अपनी कड़ी मेहनत और सुरीली आवाज के दम पर बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना चुके थे। उस दौर के नए और उभरते हुए गायकों के लिए लता मंगेशकर के साथ duet (युगल गीत) गाना किसी बड़े सपने के सच होने जैसा था। जब कुमार सानू को पहली बार लता दीदी के साथ रिकॉर्डिंग करने का मौका मिला, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था, लेकिन इसके साथ ही उनके भीतर एक अजीब सा डर और घबराहट भी समाई हुई थी।एक इंटरव्यू में इस किस्से को याद करते हुए कुमार सानू ने बताया था कि जब वे रिकॉर्डिंग स्टूडियो में पहुंचे और उन्होंने सामने लता मंगेशकर को बैठे देखा, तो उनके हाथ-पांव कांपने लगे थे। देश की सबसे बड़ी गायिका के साथ सुर से सुर मिलाना एक नौसिखिए या उभरते हुए कलाकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती होती है। सानू साहब ने बताया था कि लता दीदी का सरल और विनम्र स्वभाव देखकर उनकी घबराहट तो कम हुई, लेकिन उस महान शख्सियत के साथ माइक के सामने खड़े होने का रोमांच और दबाव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।साल 1992 में आया था यह आइकॉनिक और सदाबहार गीतकुमार सानू और लता मंगेशकर की यह जादुई जुगलबंदी साल 1992 में रिलीज हुई फिल्म 'नया सावन' (Naya Sawan) के जरिए सिल्वर स्क्रीन पर उतरी थी। इस फिल्म के इस खूबसूरत और रोमांटिक गाने के बोल थे— 'प्यार अगर तुम करते हो...' (Pyaar Agar Tum Karte Ho)।यह वह दौर था जब कैसेट और रेडियो पर रोमांटिक गानों का दौर परवान चढ़ रहा था। इस गीत को मशहूर संगीतकार बप्पी लाहिरी (Bappi Lahiri) ने अपने बेहतरीन संगीत से सजाया था, जबकि इसके बोल प्रसिद्ध गीतकार अंजान और इंदीवर ने लिखे थे। कुमार सानू और लता मंगेशकर की मीठी आवाजों का यह संगम जब रिकॉर्ड होकर बाहर आया, तो इसने श्रोताओं के दिलों पर एक गहरी छाप छोड़ी। आज भी जब 90 के दशक के क्लासिक गानों की बात होती है, तो इस सुरीले डुएट को बहुत प्यार से याद किया जाता है।फिल्म 'नया सावन' की स्टार कास्ट और कहानी का ड्रामाबात करें फिल्म 'नया सावन' की, तो यह सिर्फ अपने संगीत के लिए ही नहीं बल्कि अपनी अनोखी कहानी के लिए भी जानी जाती थी। इस फिल्म में उस दौर की खूबसूरत अभिनेत्री अश्विनी भावे (Ashwini Bhave) और दीपक सराफ मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म की कहानी में अश्विनी भावे ने एक लोकप्रिय म्यूजिक बैंड की लीड सिंगर 'कविता' का किरदार निभाया था, जबकि उनके साथ जावेद जाफरी, लक्ष्मीकांत बेर्डे, आसिफ शेख और साहिल चड्ढा ने बैंड के अन्य सदस्यों के रूप में बेहतरीन भूमिकाएं निभाई थीं।फिल्म की कहानी में ड्रामा तब शुरू होता है जब मुख्य अभिनेत्री की शादी हो जाती है, लेकिन उसके पति को उसकी बैंड के सदस्यों के साथ गहरी दोस्ती और पेशेवर जुड़ाव को स्वीकार करने में कठिनाई होती है। इस घरेलू शक, गलतफहमियों और पारिवारिक ड्रामे के बीच यह फिल्म आगे बढ़ती है। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भले ही अलग तरह की रही हो, लेकिन इसमें लता मंगेशकर और कुमार सानू द्वारा गाया गया गाना आज भी संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट में अपनी खास जगह बनाए हुए है। यह गीत इस बात का गवाह है कि जब दो पीढ़ियों के महान कलाकार एक साथ माइक पर आते हैं, तो इतिहास कैसे बनता है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि भारत और चार अन्य देशों को रूस से तेल और गैस खरीदने पर किसी तरह के टैरिफ का सामना नहीं करना पड़ेगा.
भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी ऐसी फिल्मों की बात होती है जिन्होंने बेहद कम बजट में बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया, तो उसमें हालिया रिलीज फिल्मों में एक नाम सबसे ऊपर चमकता नजर आता है—'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh)। महज 2 करोड़ रुपये के बेहद मामूली बजट में बनकर तैयार हुई इस स्पिरिचुअल और भक्ति से ओत-प्रोत फिल्म ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर जो तांडव मचाया है, उसने बड़े-बड़े फिल्ममेकर्स को भी हैरान कर दिया है। रिलीज के 10 हफ्ते यानी 70 दिन बीत जाने के बाद भी इस फिल्म की कमाई की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी फिल्मों और सीक्वल के आने के बावजूद 'हनुमान अंश' ने अपने 71वें दिन भी शानदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया है कि दर्शकों के दिलों पर इस फिल्म का जादू किस कदर छाया हुआ है। आइए जानते हैं इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के अब तक के शानदार आंकड़ों और इसकी सफलता की पूरी कहानी के बारे में।नीम करोली बाबा की प्रेरणा और हनुमान जी की भक्ति का कमालफिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के पीछे इसकी अनूठी कहानी और भगवान हनुमान के प्रति अगाध आस्था का बहुत बड़ा हाथ है। बाबा नीम करोली की कृपा और उनकी शिक्षाओं से जुड़ी इस मार्मिक कहानी ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के दर्शकों को अपनी ओर खींचने का काम किया है। यही वजह है कि जब बॉक्स ऑफिस पर अजय देवगन की 'दृश्यम 3' और रजनीकांत की 'जेलर 2' जैसी बड़ी फिल्मों की आंधी चल रही थी, तब भी 'हनुमान अंश' के कदम जरा भी नहीं डगमगाए।सिनेमाघरों में लंबे समय तक टिके रहने के बावजूद दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए बार-बार आ रहे हैं। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी यह फिल्म साल 2026 की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट बनकर उभरी है, और यह इस साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की सूची में शान से शामिल हो चुकी है।दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 71वें दिन भी जारी है कमाई का सिलसिलासैकनिल्क डॉट कॉम (Sacnilk) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 'हनुमान अंश' ने अपनी रिलीज के 71वें दिन भी वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। फिल्म ने दुनिया भर में अब तक कुल 448.61 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई कर ली है। घरेलू बॉक्स ऑफिस की बात करें तो इस फिल्म ने नेट कलेक्शन के मामले में 339.13 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि इसकी ग्रॉस कमाई भारतीय बाजार में 400.21 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।ओहर्सीज (Overseas) यानी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इस फिल्म ने झंडे गाड़ दिए हैं। 11 सितंबर को विदेशों में रिलीज हुई इस फिल्म ने ओवरसीज मार्केट में 48.40 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। खासकर नॉर्थ अमेरिका (USA), कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट के देशों में इस फिल्म को दर्शकों का अभूतपूर्व प्यार मिला है। अकेले नॉर्थ अमेरिका में ही इस फिल्म ने 1 मिलियन डॉलर (यानी करीब 10 लाख डॉलर) से अधिक की कमाई कर इतिहास रच दिया है।दृश्यम 3 और जेलर 2 जैसी फिल्मों के आगे भी डटी रही फिल्मयह अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं है कि रिलीज के 10 हफ्ते बाद जब सिनेमाघरों में नई और बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्में चल रही हों, तब भी कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डटी रहे। 'दृश्यम 3' जैसी सस्पेंस-थ्रिलर और 'जेलर 2' जैसी एक्शन फिल्मों की कड़ी टक्कर के बावजूद, 71वें दिन भी 'हनुमान अंश' ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर लगभग 14 लाख रुपये का कलेक्शन दर्ज किया है, जो इस बात का सबूत है कि सिंगल स्क्रीन और क्लासिक दर्शक अभी भी इस फिल्म को देखने पहुंच रहे हैं।छोटे बजट की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर यह साबित कर दिया है कि अगर कंटेंट में दम हो और दर्शकों की भावनाओं से जुड़ाव हो, तो कोई भी फिल्म ब्लॉकबस्टर बन सकती है। इस फिल्म की सफलता ने इसके मेकर्स की झोली पूरी तरह से भर दी है और उन्हें उम्मीद से कई गुना ज्यादा मुनाफा हुआ है।किस OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी 'हनुमान अंश'सिनेमाघरों में ऐतिहासिक सफलता का परचम लहराने के बाद अब दर्शकों के मन में एक ही सवाल है कि यह फिल्म ओटीटी (OTT) पर कब और किस प्लेटफॉर्म पर दस्तक देगी। हालांकि फिल्म के मेकर्स और प्रोडक्शन हाउस की तरफ से अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी ओटीटी रिलीज की तारीख पर कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है, लेकिन मीडिया गलियारों में चल रही खबरों की मानें तो इस डिवोशनल-ड्रामा फिल्म के डिजिटल राइट्स को लेकर बड़ी डील हो चुकी है।चर्चा है कि थिएटर्स में अपना शानदार सफर पूरा करने के बाद अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर 'हनुमान अंश' रिलीज हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म के साथ मेकर्स की लगभग 100 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय हुई है। यदि यह सच साबित होता है, तो बॉक्स ऑफिस के बाद डिजिटल दुनिया में भी यह फिल्म एक नया रिकॉर्ड बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पड़ोसी देश बांग्लादेश से एक बार फिर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लिए बेहद डरावनी और चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां पूरा देश और दुनिया भर में रह रहे बंगाली समुदाय के लोग अपने सबसे बड़े पावन पर्व दुर्गा पूजा (Durga Puja) के जश्न की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश में असामाजिक और कट्टरपंथी तत्वों ने हिंदुओं की आस्था पर करारा प्रहार किया है। दुर्गा पूजा के आयोजन शुरू होने से ठीक पहले देश के विभिन्न हिस्सों से मंदिरों पर हमलों, पवित्र मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने और हिंसा की कुल 34 घटनाएं सामने आई हैं। इस सिलसिलेवार हिंसा के बाद से बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू समुदाय के भीतर भारी दहशत और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।देश के कई जिलों में सुनियोजित तरीके से मंदिरों को बनाया गया निशानाप्रमुख समाचार एजेंसी आईएएनएस से मिली जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश के अलग-अलग इलाकों में दुर्गा पूजा के पंडालों और मंदिरों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू संगठनों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, यह हिंसा केवल एक-दो जगहों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई प्रमुख जिलों में फैल चुकी है।सिलहट (Sylhet), राजबाड़ी (Rajbari), पंचगढ़ (Panchagarh), नेत्रकोना (Netrokona) और तंगैल (Tangail) सहित कई अन्य जिलों से ऐसी घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं, जहां अज्ञात उपद्रवियों ने रात के अंधेरे में मंदिरों में घुसकर मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित कर दिया। इसके अलावा, फरीदपुर जिले के एक प्राचीन काली मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया, जबकि सुनामगंज में हिंदू समुदाय के लोगों के घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों पर हमले कर बड़े पैमाने पर लूटपाट की गई। एक अन्य घटना में नौगांव (Naogaon) में डकैती का मामला सामने आया, जिसमें बदमाशों ने खुद को खुफिया एजेंसी का अधिकारी बताकर इस घृणित कृत्य को अंजाम दिया। इन तमाम घटनाओं ने देश की कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।हिंदू संगठनों की दो टूक मांग: 'पूजा के 5 दिन नहीं, पूरे साल 365 दिन चाहिए सुरक्षा'लगातार हो रहे इन हमलों और हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार के बाद वहां के प्रमुख हिंदू संगठनों ने अंतरिम सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। 'बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद' और अन्य हिंदू संगठनों ने संयुक्त रूप से देश के प्रशासन से यह पुरजोर अपील की है कि वे इन सांप्रदायिक हमलों को तुरंत रोकने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाएं।बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद के महासचिव संतोष शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और गहरी बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुर्गा पूजा जैसे पावन धार्मिक त्योहारों का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी समुदायों के लोगों को आपस में प्रेम और भाईचारे के साथ जोड़ना होना चाहिए, न कि नफरत फैलाना। उन्होंने कहा कि देश में पुरानी सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा को जीवित रखने की सख्त जरूरत है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पूजा के पांच दिनों के दौरान कड़ी पुलिस सुरक्षा मुहैया करा देना ही पर्याप्त नहीं है। उपद्रवियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कभी भी हमला कर देते हैं, इसलिए बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा साल के 365 दिन यानी पूरे साल सुनिश्चित की जानी चाहिए, तभी वे सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।प्रशासन के दावों के बीच त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है चिंताहर साल दुर्गा पूजा के नजदीक आते ही बांग्लादेश में इस तरह की हिंसा और धमकियों का दौर शुरू हो जाना वहां के अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों पर एक बड़ा धब्बा है। हालांकि स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का हमेशा यह दावा रहता है कि सभी पूजा पंडालों को चाक-चौबंद सुरक्षा प्रदान की जाएगी और किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल देती है।देशभर में लगातार सामने आ रही इन 34 वारदातों ने यह साबित कर दिया है कि कट्टरपंथी ताकतों के मन में कानून का कोई डर नहीं बचा है। इसके बावजूद, बांग्लादेश का हिंदू समुदाय पूरी श्रद्धा, साहस और पारंपरिक उल्लास के साथ मां दुर्गा की आराधना करने के लिए तैयार है। पूरे देश के शांतिप्रिय नागरिक यह उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में दुर्गा पूजा का यह महापर्व बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके, ताकि भाईचारा और आपसी सौहार्द बना रहे।
CJP प्रोटेस्ट पर चौधरी बन रही थी संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत, भारत ने UN के मंच से ही धो डाला
आपको बता दें कि जीना रोमेरो का दावा है कि भारत में युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य या लैंगिक न्याय पर चर्चा करने के लिए बदले की कार्रवाई या सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है, जिससे भारत समेत दुनिया के कई प्रमुख देशों ने राहत की सांस ली है। रूस के साथ ऊर्जा व्यापार को लेकर दुनिया भर में तनाव का माहौल बना हुआ था, लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और चीन समेत पांच ऐसे देशों को बहुत बड़ी राहत दी है जो रूस से भारी मात्रा में तेल और गैस का आयात करते हैं। इस नए फैसले के तहत रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों पर किसी भी तरह का भारी-भरकम टैरिफ या आर्थिक शुल्क नहीं लगाया जाएगा। आइए जानते हैं कि ट्रंप के इस अचानक आए फैसले के पीछे की क्या वजह है और इससे वैश्विक बाजार पर क्या असर पड़ेगा।ग्राहम एक्ट के प्रतिबंधों से भारत और चीन को मिली बड़ी राहतअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत और चीन जैसे देशों को व्यापार शुल्कों (Trade Tariffs) और प्रतिबंधों से बड़ी राहत देने की आधिकारिक घोषणा की है। इस फैसले के बाद अब भारत और चीन द्वारा रूस से कच्चे तेल (Crude Oil) और गैस की खरीद पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त टैरिफ नहीं थोपा जाएगा।बता दें कि पिछले महीने ही राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कड़े कानून पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत यह प्रावधान किया गया था कि जो भी देश रूस से तेल या गैस का आयात करेगा, उसे कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों और भारी-भरकम शुल्कों का सामना करना पड़ेगा। इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना था, लेकिन इससे भारत और चीन जैसे उन देशों की मुश्किलें बढ़ जाती थीं जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर हैं। अब इस नए कार्यकारी आदेश के जरिए ट्रंप ने इन देशों को फिलहाल इन सख्त प्रतिबंधों के दायरे से बाहर कर दिया है।क्या है 'ग्राहम एक्ट' और इसके कड़े प्रावधान?इस पूरे मामले के केंद्र में 'ग्राहम एक्ट' (Graham Act) है, जिसे दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का समर्थन प्राप्त था। इस कड़े कानून के जरिए अमेरिका रूस पर पूर्ण आर्थिक शिकंजा कसना चाहता था। इस कानून में यह सख्त प्रावधान किया गया था कि यदि कोई भी देश रूस से बड़े पैमाने पर तेल या प्राकृतिक गैस खरीदता है, तो उसे गंभीर आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।यहाँ तक कि रूस से ऊर्जा खरीदने वाले शीर्ष देशों पर 100 प्रतिशत से लेकर 500 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाने की बात कही गई थी। हालांकि, इस कानून में केवल उन्हीं देशों को छूट का प्रावधान था जो अपनी कुल घरेलू जरूरत का मात्र 15 प्रतिशत ही आयात करते हैं। लेकिन भारत और चीन जैसे देश अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदते हैं, इसलिए यह कानून उनके लिए चिंता का विषय बन गया था।अमेरिका और रूस के बदलते समीकरण और राष्ट्रहित का हवालाविश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह ताजा फैसला ऐसे समय में आया है जब रूस और अमेरिका के बीच कूटनीतिक स्तर पर संबंधों में कुछ नरमी देखी जा रही है। हाल ही में यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की की कार्यशैली की आलोचना करने और रूस के साथ कूटनीतिक नजदीकी बढ़ाने के संकेतों के बीच ट्रंप का यह आदेश बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि, ट्रंप रूस और यूक्रेन दोनों के ही शीर्ष नेताओं से लगातार युद्ध रोकने की अपील करते रहे हैं, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक युद्ध पूरी तरह थमा नहीं है।शुक्रवार देर रात जारी किए गए एक कार्यकारी आदेश में व्हाइट हाउस की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि ग्राहम एक्ट के तहत आने वाले तमाम प्रतिबंधों और शुल्कों को फिलहाल लागू करने से छूट दी जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस को एक औपचारिक प्रमाण-पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने इस कदम को पूरी तरह से 'राष्ट्रहित में उठाया गया कदम' बताया है।किन पांच देशों को मिला है इस छूट का फायदारूस से तेल और गैस का आयात करने वाले दुनिया के शीर्ष पांच देशों को इस नई राहत का सीधा फायदा मिला है। इन पांच देशों में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं। चीन के बाद भारत वर्तमान में रूसी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। भारत ने हमेशा अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को सर्वोपरि रखते हुए स्वतंत्र रूप से तेल आयात करने की नीति अपनाई है, और ट्रंप के इस फैसले से भारतीय रिफाइनरियों और अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली है।हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि रूस से जुड़े टैरिफों और प्रतिबंधों पर यह रोक फिलहाल कुछ समय के लिए ही हो सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भविष्य में वैश्विक भू-राजनीति और अमेरिका के आर्थिक फायदों को ध्यान में रखते हुए इस नीति में बदलाव भी कर सकते हैं। इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में अमेरिका और रूस के संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं और भारत की ऊर्जा कूटनीति इस पर क्या रुख अपनाती है।
17 अक्टूबर 1979: Mother Teresa को मिला था Nobel Peace Prize, जानिए आज का इतिहास
मदर टेरेसा एक रोमन कैथोलिक नन थीं और उन्होंने जीवनभर गरीब, अनाथ, लाचार और बीमार लोगों की तीमारदारी की। उन्होंने कलकत्ता (अब कोलकाता) में ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ की स्थापना की और दुनियाभर में इसके केंद्रों की स्थापना कर ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा करने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाया। उन्हें 17 अक्टूबर 1979 को शांति के लिये नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारत से विशेष रूप से स्नेह रखने वाली मदर टेरेसा ने 1948 में स्वेच्छा से भारतीय नागरिकता ली और 1980 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। देश-दुनिया के इतिहास में 17 अक्टूबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-1817 - अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद खान का दिल्ली में जन्म हुआ। 1870 - कलकत्ता बंदरगाह को स्वायत्त निकाय के अंतर्गत लाया गया। 1874 - कोलकाता को हावड़ा से जोड़ने के लिए 1874 में हुगली नदी पर पीपे से बनाए पंटून पुल को यातायात के लिए खोला गया। इसी पुल की जगह बाद में हावड़ा ब्रिज का निर्माण किया गया। 1906 - स्वामी रामतीर्थ का निधन। 1918 - यूगोस्लाविया ने खुद को गणतंत्र देश घोषित किया। 1920 - भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ताशकंद में स्थापना। 1940 - महात्मा गांधी ने व्यक्तिगत सत्याग्रह की घोषणा की। 1949 - संविधान सभा ने संविधान के अनुच्छेद 370 को स्वीकार किया। इसके अंतर्गत जम्मू-कश्मीर को विशेष प्रावधान प्रदान किए गए। 1955 - हिंदी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री स्मिता पाटिल का जन्म हुआ। 1968 - मेक्सिको ओलंपिक में अमेरिका के दो अश्वेत खिलाड़ियों ने रंगभेद के खिलाफ मौन विरोध व्यक्त किया। 1970 - भारतीय स्पिन गेंदबाजी के धुरंधर अनिल कुंबले का जन्मदिन। कुंबले के नाम एक दुर्लभ रिकार्ड है। वह टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में 10 विकेट लेने वाले भारत के पहले और विश्व के दूसरे खिलाड़ी हैं। 1979 - गरीबों और बेसहारों की मसीहा मदर टेरेसा को नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1994 - 1983 में देश को विश्व कप दिलाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने अपने करियर का अंतिम एक दिवसीय मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ फरीदाबाद में खेला। 2003 - चीन ने अंतरिक्ष में एशिया के पहले और रूस के बाद तीसरे देश के रूप में मानव भेजने में सफलता प्राप्त की। 2007 - आयरिश लेखिका एनी एनराइट को उनके उपन्यास द गेदरिंग के लिए बुकर पुरस्कार प्रदान किया गया। 2020 - जेसिंडा अर्डर्न के नेतृत्व में लेबर पार्टी ने न्यूजीलैंड के आम चुनाव में भारी बहुमत से फिर से जीत हासिल की। 2023 - उच्चतम न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए समलैंगिक विवाह को विशेष विवाह कानून के तहत कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया। 2025- मेडागास्कर में सैन्य तख्तापलट के बाद कर्नल रांद्रियनिरीना ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
क्या यूपी में तीन दिन बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज! देख लें शेड्यूल
उत्तर प्रदेश में त्योहारों की धूम दिखाई देने लगी है. राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 19 अक्टूबर को छुट्टी का ऐलान कर दिया है. इसके तहत स्कूल , कॉलेज और सरकारी कामकाज की सेवा बंद रहेगी.
महाराष्ट्र: मीरा-भायंदर नगर निगम की बैठक में हंगामा, भाजपा के 17 पार्षदों पर मारपीट के आरोप; एफआईआर दर्ज thane-mira-bhayandar-municipal-meeting-bjp-corporators-assault-journalists-fir
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने एक बार फिर दो टूक शब्दों में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के कामकाज और उसकी रिपोर्ट्स पर तीखा सवाल उठाया है। संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत जीना रोमेरो (Gina Romero) द्वारा भारत में युवाओं के अधिकारों और विरोध-प्रदर्शनों को लेकर दिए गए बयानों और रिपोर्ट पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजनयिक ने यूएन की उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि भारत में युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य या लैंगिक न्याय जैसे मुद्दों पर बोलने के कारण बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। भारत ने इसे बिना किसी ठोस आधार और गुमनाम बयानों पर आधारित प्रचार करार दिया है।संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजनयिक अनुज स्वरूप का कड़ा जवाबसंयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की तीसरी समिति के 81वें सत्र के दौरान शांतिपूर्ण सभा और संगठन की स्वतंत्रता के अधिकार पर विशेष प्रतिवेदक के साथ चर्चा करते हुए भारत के प्रथम सचिव अनुज स्वरूप (Anuj स्वरूप) ने देश का पक्ष पूरी मजबूती से रखा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत जीना रोमेरो की उस रिपोर्ट को पूरी तरह निराधार बताया, जिसमें भारत के युवाओं की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई थी।अनुज स्वरूप ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत का संविधान अपने हर एक नागरिक को अनुच्छेद 19 के तहत बोलने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा करने का मौलिक अधिकार देता है। हमारे देश में इन अधिकारों की रक्षा एक पूरी तरह से स्वतंत्र न्यायपालिका, एक जीवंत स्वतंत्र प्रेस और एक सशक्त राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा की जाती है। भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के खिलाफ इस तरह के मनगढ़ंत दावे करना यूएन के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।'गुमनाम दावों और सुनी-सुनाई बातों के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट'भारतीय राजनयिक ने विशेष प्रतिवेदक जीना रोमेरो की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि रिपोर्ट तैयार करने का यह मनमाना तरीका ही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से आज संयुक्त राष्ट्र और उसके विभिन्न संस्थानों की विश्वसनीयता लगातार खत्म होती जा रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देश के खिलाफ कुछ अज्ञात लोगों के बयानों और फुटनोट के सहारे व्यापक आरोप लगा देना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।अनुज स्वरूप ने कहा, यह रिपोर्ट बिना किसी तथ्यात्मक जांच के केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर तैयार की गई है, जिसे संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का रूप दे दिया गया है। हमारा प्रतिनिधिमंडल इस तरह के भ्रामक दावों को पूरी तरह से खारिज करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो पदाधिकारी 1.4 अरब की आबादी वाले देश के बारे में राय कायम करने के लिए गुमनाम जानकारियों पर निर्भर रहती है, वह अपने पद की गरिमा के साथ न्याय नहीं कर रही है।भारत में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और राजनीतिक आंदोलनों का दिया उदाहरणभारत सरकार की ओर से देश में युवाओं के लिए उपलब्ध नागरिक स्थान (सिविक स्पेस) और उनकी लोकतांत्रिक भागीदारी का पुख्ता हवाला दिया गया। हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर हुए छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए अनुज स्वरूप ने बताया कि किस तरह भारत सरकार ने हमेशा युवाओं के साथ सकारात्मक और खुले मन से बातचीत की है।उन्होंने व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल का उदाहरण देते हुए कहा कि किस दुनिया के किसी अन्य दमनकारी देश में युवाओं की एक ऐसी पार्टी सरकार से सीधे सवाल पूछ सकती है, राजधानी तक मार्च कर सकती है और देश के वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठकर बातचीत कर सकती है? यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पूरी तरह सुरक्षित है। इसके अलावा, सरकार ने 'विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद' के जरिए 50 लाख से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जोड़ा है। अंत में भारत ने यूएन के विशेष प्रतिवेदक से आग्रह किया कि वे किसी भी देश को बदनाम करने से पहले तथ्यों की गहरी जांच करें और अपनी रिपोर्टिंग में गंभीरता तथा निष्पक्षता लाएं।
महाराष्ट्र सड़क हादसा: नांदेड़ में मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों का टेंपो खाई में गिरा, तीन की मौत; तीन घायल---Several Killed, Many Injured as Tempo Plunges into Gorge in Maharashtra Nanded
जेलेंस्की के इंतजार के बीच प्रेस रूम में फैली दुर्गंध, पत्रकारों के लिए बना सिरदर्द
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का इंतजार कर रहे रिपोर्टर्स को एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा है. बताया जा रहा है कि पत्रकार 'फेटिड फार्टर' यानी बेहद बदबूदार गैस छोड़ने वाले एक रहस्यमयी शख्स से परेशान रहे.
सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के प्रसिद्ध RG कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जुड़े एक मामले में शुक्रवार को जमानत दे दी। अदालत ने यह फैसला उनके लंबे समय तक जेल में रहने और मुकदमे की धीमी रफ्तार को आधार बनाते हुए सुनाया है। घोष पर कॉलेज के कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और अयोग्य उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के लिए मेरिट अंकों में हेरफेर करने के गंभीर आरोप हैं। कोर्ट ने उनके लंबे समय तक जेल में रहने और सुनवाई की धीमी गति को ध्यान में रखा। कोर्ट ने गौर किया कि घोष के दो साल से अधिक समय तक हिरासत में रहने के बावजूद, 147 गवाहों में से अब तक केवल सात गवाहों से ही पूछताछ हो पाई है। जस्टिस एम.एम. सुंदेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने 15 अक्टूबर को यह आदेश दिया। इसके साथ ही, कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के 23 फरवरी, 2026 के उस फैसले के खिलाफ घोष की अपील को स्वीकार कर लिया, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और निर्देश दिया कि संबंधित ट्रायल कोर्ट द्वारा तय की गई शर्तों के आधार पर घोष को जमानत पर रिहा किया जाए। कोर्ट ने कहा, इस मामले को देखते हुए, हिरासत की अवधि और सुनवाई के मौजूदा चरण पर विचार करते हुए, हम हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने और इस अपील को स्वीकार करने का निर्णय लेते हैं। इसे भी पढ़ें: Yes Bank को Supreme Court से झटका, 8400 करोड़ रुपये के AT-1 Bond का फैसला बदला सुप्रीम कोर्ट ने संदीप घोष को जमानत क्यों दी? हिरासत में बिताया गया लंबा समय और सुनवाई की धीमी गति सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुख्य आधार थे। बेंच ने गौर किया कि घोष दो साल से अधिक समय से जेल में हैं, जबकि अभियोजन पक्ष ने कुल 147 गवाहों में से अब तक केवल सात गवाहों से ही पूछताछ की है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने माना कि जमानत खारिज होने के खिलाफ उनकी अपील स्वीकार की जानी चाहिए। इस आदेश ने कलकत्ता हाई कोर्ट के पिछले फैसले को पलट दिया है, हालांकि घोष के खिलाफ लगे आरोप अभी भी चल रही आपराधिक कार्यवाही का हिस्सा बने रहेंगे। जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें बरी कर दिया गया है या कोर्ट ने यह मान लिया है कि आरोप झूठे हैं। घोष को ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों का पालन करना होगा। इसे भी पढ़ें: Supreme Court of India में Junior Court Attendant पद पर मौका, 10वीं पास करें अप्लाई RG कर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल पर क्या आरोप हैं? घोष के खिलाफ CBI का मामला RG कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उनके प्रिंसिपल रहने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। इसके साथ ही, उन पर अयोग्य उम्मीदवारों को दाखिला दिलाने के लिए मेरिट स्कोर में हेरफेर करने का भी आरोप है। एजेंसी ने उन पर 'विशेष मामला संख्या 1/2025' (Special Case No. 1 of 2025) के तहत आरोप लगाए हैं। यह मामला 24 अगस्त 2024 को कोलकाता में CBI की भ्रष्टाचार-रोधी शाखा (Anti-Corruption Branch) द्वारा दर्ज की गई एक FIR से शुरू हुआ। इन आरोपों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B, 409, 420, 468 और 471 के तहत आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करना शामिल है। इस मामले में 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' (Prevention of Corruption Act) के प्रावधान भी लागू किए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Twisha Sharma case में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, आरोपियों के खिलाफ भोपाल कोर्ट में नहीं चलेगा ट्रायल, CBI को नोटिस जारी जमानत का मामला सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा दो बार जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद, घोष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 7 जनवरी 2025 को विशेष CBI अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, और बाद में 23 फरवरी 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी उनकी चुनौती को खारिज कर दिया। इसके बाद, लगातार हिरासत में रहने से राहत पाने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने से पहले, उनके जेल में बिताए गए समय और मुकदमे की कार्यवाही में हुई प्रगति पर विचार किया। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
श्रद्धा नेपाल में रोज बदल रही ठिकाना, 8 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
लखनऊ के व्यापारी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे आठ दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. इनपुट के मुताबिक, वह नेपाल में लगातार अपना ठिकाना बदल रही है. बताया जा रहा है कि पुलिस को उसकी लोकेशन मिलने से करीब चार घंटे पहले ही वह वहां से निकल जाती है.
'ये पल हमेशा याद रहेगा...', नवरात्रि का गरबा देख भावुक हुई रोमानियाई महिला
नवरात्रि के गरबा उत्सव में लोगों को झूमते देखकर मुंबई में रह रही रोमानियाई महिला मारिया एलेक्जेंड्रा भावुक हो गईं. उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में बताया कि गरबा उनके लिए सिर्फ नृत्य नहीं, बल्कि भक्ति का खूबसूरत रूप है. लोगों को एक साथ त्योहार मनाते देखकर उनकी आंखें नम हो गईं.
कौन था कसाब केस से जुड़ा PAK वकील? मानी थी गलती, फिर हुई हत्या
फिल्म 'प्रहार' में जयदीप अहलावत चौधरी जुल्फिकार अली के किरदार में हैं. जानिए कौन थे पाकिस्तान के ये सरकारी वकील, जिनका नाम 26/11 मुंबई हमले और बेनजीर भुट्टो हत्याकांड से जुड़ा था और जिनकी 2013 में गोली मारकर हत्या कर दी गई.
काव्या मारन करने जा रहीं शादी, दूल्हे का इस सुपरस्टार से खास कनेक्शन
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की CEO काव्या मारन और मशहूर म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर की शादी की खबरें चर्चा में हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद चेन्नई में 21 नवंबर को होने वाले वेडिंग रिसेप्शन की खबर सामने आई. हालांकि, दोनों ने अपनी शादी की तारीख और समारोह की पूरी जानकारी की अलग से आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
'पदक लाओ, पद पाओ' के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, सीएम योगी का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। ...
मुजफ्फरनगर जिले की छह सीटें: बदलते नतीजे और नया गठबंधन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर जिला अपनी गन्ने की खेती, गुड़ मंडी और किसान राजनीति के लिए जाना जाता है. लेकिन चुनावी नजरिये से इस जिले की अहमियत केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं है. यहां जातीय समीकरण, धार्मिक ध्रुवीकरण, किसान आंदोलन और राजनीतिक गठबंधन चुनावी नतीजों को प्रभावित करते रहे हैं. 2013 के दंगों के बाद जिले की राजनीति में आए बदलाव भी लगातार चुनावी चर्चा का हिस्सा रहे हैं.
₹33.71 करोड़ का एक्सपायरी फूड स्टॉक! नष्ट करने की जगह बेच दिया, FIR दर्ज
महाराष्ट्र के भिवंडी में एक्सपायर, खराब और दूषित खाद्य उत्पादों को नष्ट करने के बजाय खुले बाजार में बेचने के आरोप में 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. जांच में 33.71 करोड़ रुपये के खाद्य उत्पाद बरामद हुए हैं.
हवा में उछलने वाली TESLA कार... क्या रोड पर चला पाएंगे आप
टेस्ला रोडस्टर लगातार चर्चा में है. इस कार की इतनी चर्चा की वजह इसकी हवा में करतब करने की क्षमता है, लेकिन यहां एक सवाल भी आता है कि क्या इस कार को हम रोड पर चला सकते हैं. आखिरी बार मस्क की कंपनी ने जब रोडस्टर (2017) दिखाई थी, वो कभी प्रोडक्शन में गई ही नहीं. ऐसे में क्या इस बार मस्क के दावों पर भरोसा करना ठीक रहेगा.
राजधानी दिल्ली में कनॉट प्लेस पर प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस द्वारा की गई एहतियातन कार्रवाई के बाद अब राजनीतिक और छात्र संगठनों का विरोध तेज हो गया है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को रिहा कर दिया है, जबकि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी दी। कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले दोनों को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हिरासत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बोरा को रिहा कर दिया गया, जबकि दीपके को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत शांति भंग करने के एक नए मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दीपके को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें एसईएम की अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत यह तय करेगी कि उन्हें जेल भेजा जाएगा या जमानत पर रिहा किया जाएगा। इससे पहले, दस अक्टूबर को जब दीपके को हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था, तब भी शांति भंग करने का एक अलग मामला दर्ज किया गया था। उस समय उनसे एक साल तक शांति बनाए रखने के मुचलके पर हस्ताक्षर कराए थे। इसे भी पढ़ें: Delhi में तिरंगा मार्च निकाल रहे करीब 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में, Connaught Place में सुरक्षा कड़ी रिहा होने के बाद नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए हिरासत में लेने की इन कार्रवाई को ‘‘गैर-कानूनी’’ करार दिया। बोरा ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘मुझे मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया और सुबह पांच बजे तक (थाने में) रखा गया। आप (पुलिस) गैर-कानूनी तरह से हिरासत में क्यों ले रहे हैं? देश में यह काफी समय से हो रहा है और इस आंदोलन ने साफ कर दिया है कि ऐसी गिरफ्तारियां की जा रही हैं। इसने ऐसी घटनाओं को उजागर किया है। पुलिस कानून-व्यवस्था का पालन करने और नियमों के मुताबिक काम करने का दावा करती है, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है।’’ आइसा अध्यक्ष ने दीपके समेत हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए सभी प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘इस आंदोलन के दौरान पुलिस शाम को गैर-कानूनी तरीके से लोगों को हिरासत में लेती है और अगली सुबह या शाम को छोड़ती है। हमें समझ नहीं आता कि कौन सा कानून इस तरह की हिरासत की इजाजत देता है। अभिजीत दीपके सहित हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाना चाहिए। मध्य दिल्ली में कर्फ्यू जैसे माहौल को खत्म किया जाना चाहिए।’’ इसे भी पढ़ें: Delhi में लहरा दो तिरंगा मार्च से पहले Abhijit Dipke और नेहा बोरा समेत 150 लोग हिरासत में बोरा ने कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार और भाजपा सरकार को अपना अड़ियल रवैया छोड़ना चाहिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को या तो इस्तीफा देना चाहिए या फिर महाभियोग चलाकर उन्हें जेल भेजा जाए। साथ ही एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगनी चाहिए ताकि दिल्ली और देश की जनता राहत की सांस ले सके।’’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को कनॉट प्लेस जाने के दौरान बोरा को मंडी हाउस से और दीपके को झंडेवालान से हिरासत में लिया गया था। आइसा ने दावा किया कि हिरासत में लिए जाने के बाद बोरा को आर.के. पुरम थाने ले जाए जाने से पहले पांच घंटे तक दिल्ली में एक जगह से दूसरी जगह घुमाया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि वकील आधी रात के आसपास आर.के. पुरम थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें बोरा से मिलने नहीं दिया गया। आइसा ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें कब रिहा किया जाएगा और यह जानते हुए भी कि वह पिछले कुछ दिन से अस्वस्थ हैं, उन्हें दवाएं देने से मना किया। इसे भी पढ़ें: CJP Tiranga March Updates: दिल्ली में तिरंगा मार्च को लेकर हलचल जारी, मंडी हाउस से AISA नेता नेहा बोरा डिटेन पुलिस के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुचारू यातायात के लिए लगभग 150 लोगों को हिरासत में लिया गया। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में सुरक्षाकर्मियों की घेराबंदी है और पार्क के भीतर त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवान तैनात हैं साथ ही इलाके में अतिरिक्त बल को भी तैनात किया गया है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
चेहरे ही नहीं, बालों के लिए भी फायदेमंद है मुल्तानी मिट्टी
Multani Mitti Hair Mask: अगर आप बालों को साफ और हेल्दी बनाए रखने के लिए कोई घरेलू नुस्खा तलाश रहे हैं तो मुल्तानी मिट्टी का हेयर मास्क आजमा सकते हैं. आज हम आपको बालों पर मुल्तानी मिट्टी लगाने का सही तरीका बताएंगे जो बालों की बेहतर देखभाल करने में आपकी मदद कर सकता है.
चीफ सेलेक्टर बनने की रेस हुई दिलचस्प, इस धुरंधर ने किया आवेदन
अजीत अगरकर की जगह किसे जिम्मेदारी मिलेगी, यह आवेदकों के आकलन और बीसीसीआई की प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा. वसीम जाफर ने आवेदन कर अपनी दावेदारी पेश कर दी है, लेकिन उनकी नियुक्ति को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. अब देखना होगा कि बीसीसीआई अनुभव को प्राथमिकता देता है या प्रज्ञान ओझा पर भरोसा कायम रखता है.
पोस्ट ऑफिस स्कीम: पोस्ट ऑफिस की 4 लाख 28 हजार रुपये वाली स्कीम जानते हैं क्या
हर महीने सैलरी से कुछ रुपये निकालकर 5 साल में आप 4 लाख रुपये से ज्यादा का फंड बना सकते हैं। इसके लिए आपको शेयर बाजार में पैसा लगाने या बड़ा जोखिम उठाने की जरूरत नहीं है।
जन्मदिन की पार्टी के लिए दोस्त को मार डाला, नाबालिगों ने ‘दृश्यम 3’ देखकर रची हत्या की साजिश
ठाणे में 12वीं के दो छात्रों पर 17 वर्षीय दोस्त की हत्या का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, सोने की चेन लूटने, जन्मदिन की पार्टी और बाइक खरीदने के लिए वारदात की गई। आरोपियों ने कथित तौर पर ‘दृश्यम 3’ से आइडिया लिया।
हल्की सी चोट में टूट जाती है हड्डी? डॉक्टर ने बताया इसका कारण
बुजुर्गों में हड्डियां कमजोर और नाजुक हो जाती हैं, लेकिन कुछ मामलों में मामूली चोट या गिरने पर भी फ्रैक्चर हो जाता है. लेकिन ऐसा होता क्यों है. क्या कोई बीमारी इसका कारण है? इसके बारे में डॉ. अश्विनी मैचंद ने बताया है.
असम में आईईडी धमाकों की साजिश: एनआईए की कार्रवाई, उल्फा आई चीफ परेश बरुआ समेत पांच के खिलाफ चार्जशीट
असम में आईईडी धमाकों की साजिश: एनआईए की कार्रवाई, उल्फा आई चीफ परेश बरुआ समेत पांच के खिलाफ चार्जशीट nia-chargesheet-ulfa-i-chief-paresh-baruah-assam-ied-blasts-conspiracy
रजनीकांत के आगे सब पस्त! जेलर 2 का धमाका, सबका हुआ बुरा हाल
रजनीकांत की फिल्म जेलर 2 बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है. इसके सामने बॉलीवुड और तेलुगू सिनेमा से आई नई फिल्में भी पस्त होती नजर आईं. जेलर 2 ने शुक्रवार को जितनी कमाई की, उसके सामने बाकी सभी फिल्में उतना पैसा मिलाकर भी नहीं कमा पाईं.
अमेरिका की तर्ज पर भारत में विकसित हो रही एकीकृत रक्षा प्रणाली, तीनों सेनाओं में होगा बेहतर तालमेल
भारत अमेरिका की तर्ज पर तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक एकीकृत लॉजिस्टिक प्रणाली विकसित कर रहा है। इस परियोजना का नेतृत्व डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स कर रहा है।
ग्लोबल एनर्जी मार्केट और ट्रेड वॉर के बीच अमेरिका से बेहद चौंकाने वाली खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रं
राहुल द्रविड़ के बेटे ने लूटी महफिल, जड़ दिया ताबड़तोड़ शतक
राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय अंडर-19 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. अब गुजरात के खिलाफ शतक जड़कर अन्वय ने कर्नाटक को नॉकआउट में पहुंचाने में अहम योगदान दिया है. उनकी मौजूदा फॉर्म टीम की आगे की राह में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
क्या Gen Z को पसंद है हिंदुत्व? बीजेपी की नई टीम तलाशेगी युवाओं के मन की बात
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया के मार्गदर्शन और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में बने इस वर्किंग ग्रुप को 6 छोटे-छोटे ग्रुप में बांटा गया है।
LIVE: अभिजीत दिपके प्रिवेंटिव अरेस्ट, आज कोर्ट में पेशी
Latest News Today Live Updates in Hindi : दिल्ली पुलिस ने तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत में ली गई नेहा बोरा को रिहा किया। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को आज अदालत में पेश किया जाएगा। पल पल की जानकारी...
'अवैध हिरासतों पर भी पूछना सवाल', मार्को रूबियो के भारत दौरे से पहले अमेरिकी सांसदों ने लिखा पत्र
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के भारत दौरे से पहले अमेरिका के कुछ सांसदों ने उन्हें पत्र लिखा है और भारत में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और हिरासत को लेकर सवाल करने का सुझाव दिया है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए टेस्ट और पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीमों की घोषणा कर दी है। आगामी 4 नवंबर से ऑकलैंड में शुरू होने वाली इस वनडे सीरीज के लिए एक अनोखा फैसला लेते हुए दो अलग-अलग वनडे स्क्वॉड का ऐलान किया गया है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) को ध्यान में रखते हुए टेस्ट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों को वनडे सीरीज के आखिरी दो मैचों में आराम दिया गया है। मोहम्मद सिराज को छोड़कर, टेस्ट टीम के सभी प्रमुख खिलाड़ियों को सीरीज के आखिरी दो वनडे मैचों के लिए आराम दिया गया है। वहीं, पहले तीन वनडे मैचों में शुभमन गिल टीम की कप्तानी करेंगे, जिसके बाद श्रेयस अय्यर कमान संभालेंगे और ईशान किशन उनके डिप्टी (उप-कप्तान) होंगे। दूसरी ओर, आकाश दीप की टेस्ट स्क्वॉड में लंबे समय बाद वापसी हो रही है। उन्होंने ईरानी कप और बंगाल के पहले रणजी ट्रॉफी मैच में शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं, ऋषभ पंत को भी टेस्ट स्क्वॉड में शामिल किया गया है, लेकिन उनका खेलना मेडिकल क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा। इसे भी पढ़ें: न्यूजीलैंड के खिलाफ Test Series के लिए भारतीय टीम का ऐलान, Akash Deep और अंशुल कंबोज शामिल एक और अहम बात यह है कि टीम मैनेजमेंट ने रवींद्र जडेजा को एक बार फिर वनडे टीम से बाहर कर दिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में वे अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, जिसे देखते हुए उनकी जगह अक्षर पटेल को शामिल किया गया है। सिराज और कुलदीप को सभी पांच वनडे और टेस्ट मैचों के लिए चुना गया सिराज और कुलदीप यादव ऐसे इकलौते क्रिकेटर हैं जिन्हें सभी पांच वनडे मैचों और टेस्ट सीरीज के लिए चुना गया है। वहीं, कुमार कुशाग्र को पहली बार वनडे टीम में जगह मिली है। हालांकि, इस बात की पूरी संभावना है कि केएल राहुल की गैरमौजूदगी में ईशान किशन प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनेंगे और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। कुशाग्र उनके बैक-अप के तौर पर रहेंगे। इसे भी पढ़ें: India के खिलाफ ODI सीरीज में कमल और मंडला डिजाइन वाली विशेष Jersey पहनेगा New Zealand इसके अलावा, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए टेस्ट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देने के लिए दो अलग-अलग स्क्वॉड की घोषणा की गई है। पहले तीन वनडे के लिए भारत की वनडे टीम: शुबमन गिल [सी], रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर [वीसी], केएल राहुल [डब्ल्यूके], नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़, रुतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, इशान किशन [डब्ल्यूके], मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा*, कुलदीप यादव चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारत की वनडे टीम: श्रेयस अय्यर [सी], रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, इशान किशन [डब्ल्यूके, वीसी], नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, औकिब नबी, गुरनूर बराड़, रुतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र [डब्ल्यूके], मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर, कुलदीप यादव इसे भी पढ़ें: भारत के खिलाफ ODI Series के लिए New Zealand ने चुनी दो अलग टीमें भारत की टेस्ट टीम: शुबमन गिल [सी], यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल [वीसी], देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत [डब्ल्यूके], ध्रुव जुरेल [डब्ल्यूके], रवींद्र जड़ेजा, अंशुल कंबोज, जसप्रित बुमरा, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, साई सुदर्शन, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज। For the latest scores, match updates, and in-depth coverage, explore Live Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi
ट्रंप का बड़ा फैसला, रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर नहीं लगेगा 100% टैरिफ, भारत को क्या फायदा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक बाजार में हलचल मचाने वाला एक बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने के नियमों से फिलहाल छूट दे दी है। इस फैसले के बाद भारत और चीन जैसे बड़े देशों पर मंडरा ...
Himachal Pradesh: शिमला के रामपुर में महसूस हुए Earthquake के झटके, तीव्रता 4.1 दर्ज
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में शनिवार तड़के 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने यह जानकारी दीभूकंप के झटके राज्य की राजधानी शिमला से लगभग 130 किलोमीटर दूर रामपुर क्षेत्र में महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, तड़के करीब चार बजकर 36 मिनट पर कुछ सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। उसने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने बताया कि भूकंप से जान-माल का किसी प्रकार का नुकसान होने की कोई सूचना नहीं है। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बार-बार भूकंप आने से स्थानीय लोग चिंतित हैं। हाल में 26 अगस्त की सुबह भी शिमला में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में एक अगस्त तक पिछले तीन वर्ष के दौरान 67 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए जिनसे निजी संपत्ति को 7.05 लाख रुपये का नुकसान हुआ। राज्य भूकंप के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील जोन चार और पांच में आता है। कुछ महीने पहले भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रस्तावित नए भूकंपीय मानचित्र में पूरे राज्य को अत्यधिक जोखिम वाले जोन छह में रखा गया था। हालांकि, बाद में केंद्र सरकार ने इस नए वर्गीकरण को वापस ले लिया और भूकंप संबंधी पुराने मानकों को फिर से लागू कर दिया।
शारदीय नवरात्रि, दशहरा और आगामी त्योहारी सीजन के चलते मां वैष्णो देवी के दर्शन और कश्मीर की खूबसूरत वादियों में घूमने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए ट्रेनों में सीट मिलना लगभग असंभव हो चुका है। नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली से जम्मू और श्री माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाली उत्तर संपर्क क्रांति, श्री शक्ति एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और जम्मू मेल जैसी तमाम प्रमुख ट्रेनों में हफ्तों पहले से वेटिंग लिस्ट 200 के पार पहुंच चुकी है। ऐसे में यदि आपको भी ट्रेन का कन्फर्म टिकट नहीं मिल सका है, तो निराश होने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। दिल्ली से जम्मू-कटरा और आगे श्रीनगर के लिए सड़क मार्ग का एक बेहद सुगम, किफायती और भरोसेमंद विकल्प 24 घंटे खुला हुआ है। दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल से सरकारी और निजी क्षेत्र की दर्जनों वोल्वो (Volvo 9600), मल्टी-एक्सल एसी स्लीपर और नॉन-एसी बसें रोजाना अपनी सेवाएं दे रही हैं।दिल्ली का प्रमुखअंतर्राज्यीय बस टर्मिनलClick to open side panel for more information उत्तर भारत के पहाड़ी और धार्मिक स्थलों के लिए चलने वाली लंबी दूरी की बसों का मुख्य केंद्र है। यहां से दिल्ली परिवहन निगम (DTC), हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC), पंजाब रोडवेज (Punbus) और जम्मू-कश्मीर राज्य सड़क परिवहन निगम (JKSRTC) की अनुबंधित बसें नियमित अंतराल पर कटरा और जम्मू के लिए रवाना होती हैं।दिल्ली से वैष्णो देवी (कटरा) बस सेवा: किराया और सीटों के विकल्पसड़क मार्ग से दिल्ली से कटरा की दूरी लगभग 650 किलोमीटर है, जिसे आधुनिक वोल्वो और भारत-बेंज बसें लगभग 11 से 13 घंटे में पूरा कर लेती हैं। यात्रियों के बजट के अनुसार विभिन्न श्रेणियों की बसें उपलब्ध हैं:साधारण (ऑर्डिनरी / नॉन-एसी) बसें: बजट यात्रियों के लिए राज्य परिवहन निगमों की साधारण बसें सबसे किफायती हैं। इनका एक तरफ का किराया ₹750 से ₹950 प्रति यात्री के बीच होता है।2+2 सेमी-स्लीपर एसी बसें: आरामदायक पुश-बैक सीटों वाली इन बसों का किराया ₹1,100 से ₹1,400 के बीच निर्धारित है।लक्जरी वोल्वो / स्कैनिया एसी स्लीपर: रात के सफर में लेटकर यात्रा करने के लिए निजी और सरकारी ऑपरेटरों की मल्टी-एक्सल स्लीपर बसों का किराया ₹1,600 से ₹2,200 प्रति बर्थ रहता है। त्योहारी सप्ताहांत में मांग अधिक होने पर यह ₹2,500 तक पहुंच सकता है।दिल्ली से कटरा बसों की टाइमिंग और मुख्य बोर्डिंग पॉइंट्सदिल्ली से कटरा के लिए अधिकांश बसें शाम और रात के समय रवाना होती हैं ताकि यात्री सुबह तड़के कटरा पहुंचकर फ्रेश होकर सीधे भवन की चढ़ाई शुरू कर सकें:दोपहर और शाम की बसें: पहली प्रमुख एसी सर्विस दोपहर 3:00 बजे और 4:30 बजे आईएसबीटी कश्मीरी गेट से निकलती है, जो अगली सुबह 4:00 से 5:30 बजे के बीच कटरा पहुंचाती है।पीक नाइट सर्विस: शाम 6:00 बजे से लेकर रात 10:30 बजे तक हर 20 से 30 मिनट में कश्मीरी गेट, मजनू का टीला, करोल बाग और धौला कुआं से कटरा के लिए सुपरफास्ट वोल्वो बसें उपलब्ध रहती हैं।रूट और स्टॉपेज: यह यात्रा दिल्ली से निकलकर पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, लुधियाना, जालंधर, पठानकोट और जम्मू होते हुए सीधे कटरा बस स्टैंड पर समाप्त होती है। रास्ते में मुरथल या करनाल के पास स्वच्छ ढाबों पर डिनर ब्रेक दिया जाता है।कटरा से आगे श्रीनगर तक का सफर: समय और किरायायदि आपका प्लान वैष्णो देवी दर्शन के बाद कश्मीर घाटी यानी श्रीनगर जाने का है, तो कटरा और जम्मू दोनों जगहों से श्रीनगर के लिए सीधी कनेक्टिंग बसें और शेयर्ड टैक्सियां आसानी से मिल जाती हैं। उधमपुर, रामबन, बनिहाल और नई काजीगुंड सुरंग से होकर गुजरने वाला नेशनल हाईवे-44 अब काफी सुगम हो चुका है:जम्मू/कटरा से श्रीनगर एसी डीलक्स बस: जेकेएसआरटीसी की डीलक्स और 2+2 पुशबैक बसों का किराया ₹800 से ₹1,100 प्रति सीट है।समय अवधि: कटरा से श्रीनगर की लगभग 240 किलोमीटर की पहाड़ी दूरी को बसें 6 से 8 घंटे में तय कर लेती हैं। अधिकांश बसें सुबह 6:00 बजे से 8:30 बजे के बीच कटरा से कश्मीर घाटी के लिए प्रस्थान करती हैं।शेयर्ड विंगर और इनोवा टैक्सी: यदि आप समय बचाना चाहते हैं, तो कटरा बस स्टैंड से श्रीनगर के लिए प्रति सवारी ₹1,200 से ₹1,600 में शेयर्ड टैक्सी के विकल्प भी हर समय उपलब्ध रहते हैं।ऑनलाइन बस टिकट कैसे और कहां से बुक करेंलंबी कतारों और दलालों के चक्कर से बचने के लिए यात्री घर बैठे अपने स्मार्टफोन से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं:आधिकारिक सरकारी पोर्टल्स: जेकेएसआरटीसी (jksrtc.co.in), एचआरटीसी (hrtchp.com) और पंजाब रोडवेज की वेबसाइट पर जाकर सीधे सरकारी बसों की सीट चुनी जा सकती है।विश्वसनीय एग्रीगेटर ऐप्स: रेडबस (RedBus), अभिबस (AbhiBus), मेकमाईट्रिप और पेटीएम के जरिए आप विभिन्न निजी ट्रैवल ऑपरेटर्स (जैसे ज़िंगबस, न्यू भारत, इंटरसिटी आदि) की बसों की लाइव रेटिंग, फोटो, पिक-अप प्वाइंट और यात्री समीक्षाएं देखकर टिकट बुक कर सकते हैं।ऑफलाइन तत्काल टिकट: यदि ऑनलाइन टिकट फुल भी दिख रहे हों, तो आप सीधे कश्मीरी गेट आईएसबीटी काउंटर नंबर 20-25 पर जाकर प्रस्थान से दो घंटे पहले तत्काल टिकट प्राप्त कर सकते हैं।वैष्णो देवी यात्रा पर निकलने से पहले जरूरी दिशा-निर्देशकटरा पहुंचने के बाद यात्रा शुरू करने से पहले श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) का ऑनलाइन या ऑफलाइन आरएफआईडी यात्रा एक्सेस कार्ड (RFID Yatra Card) बनवाना अनिवार्य है, जिसके बिना बाणगंगा चेकपोस्ट से आगे जाने की अनुमति नहीं मिलती। यह कार्ड कटरा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के पास बने पंजीकरण केंद्रों से आधार कार्ड दिखाकर निःशुल्क प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा, बदलते मौसम को देखते हुए गर्म कपड़े, आरामदायक ट्रैकिंग जूते और एक हल्का रेनकोट साथ रखना यात्रा को सुखद और सुरक्षित बनाएगा।
कोटा में दो नाबालिग छात्रों की लड़ाई, बंदूक से सिर पर वार, पहुंचा अस्पताल
शिक्षा नगरी कोटा में नीट की तैयारी कर रहे दो नाबालिग छात्रों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है. जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित एक निजी कोचिंग परिसर में हुए झगड़े के दौरान उत्तर प्रदेश के छात्र ने बिहार के रहने वाले छात्र के सिर पर खिलौने वाली बंदूक के बट से वार कर दिया.
फैशन और सिनेमा का रिश्ता हमेशा से बेहद करीबी और चमकदार रहा है, लेकिन कभी-कभी रैंप के पीछे कुछ ऐसे अनूठे पल घटते हैं जो जीवन भर के लिए यादगार किस्सा बन जाते हैं। भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली दिग्गज फैशन डिजाइनर रितु बेरी (Ritu Beri) ने अपने विशेष इंटरव्यू शो 'बातें दिल से' (Baatein Dil Se) में बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' कहे जाने वाले अभिनेता अक्षय कुमार (Akshay Kumar) से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और दिल को छू लेने वाला संस्मरण साझा किया है। रितु बेरी ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में जब उनके एक बड़े फैशन शो के दौरान मुख्य मेल मॉडल ऐन वक्त पर नहीं पहुंच सका, तब अक्षय कुमार ने बिना किसी तैयारी, बिना किसी रिहर्सल और बिना किसी नखरे के सीधे रैंप पर उतरकर शो की लाज बचाई थी। रितु ने अक्षय की इसी सादगी, अनुशासन और दरियादिली की तारीफ करते हुए कहा कि बॉलीवुड में सितारों की भीड़ हो सकती है, लेकिन उनके दिल में अक्षय हमेशा से 'नंबर 1' थे, हैं और रहेंगे।जब बैकस्टेज छाया था संकट: ऐन वक्त पर नहीं आया था मॉडलरितु बेरी ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि 90 के दशक में दिल्ली और मुंबई में फैशन शोज का आयोजन आज की तरह हाई-टेक और बेहद योजनाबद्ध नहीं होता था। एक प्रतिष्ठित फैशन शो के दौरान, जिसमें देश-विदेश के कई वीआईपी मेहमान मौजूद थे, रितु के कलेक्शन के मुख्य परिधान को पेश करने वाला मॉडल किसी कारणवश समय पर वेन्यू तक नहीं पहुंच सका। बैकस्टेज पूरी टीम के हाथ-पांव फूल गए थे, क्योंकि शो शुरू होने में महज कुछ ही मिनट बचे थे और बिना शोस्टॉपर के पूरा सीक्वेंस अधूरा रह जाता। इसी दौरान अक्षय कुमार, जो उस समय इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रहे थे और रितु के करीबी दोस्तों में गिने जाते थे, बैकस्टेज मौजूद थे।'कोई रिहर्सल नहीं, बस कपड़े पहने और छा गए अक्षय'रितु बेरी ने बताया कि जैसे ही अक्षय ने बैकस्टेज का तनाव देखा, उन्होंने बिना एक पल गंवाए कहा, फिक्र मत करो, मैं वॉक कर दूंगा। फैशन की दुनिया में बिना ट्रायल, फिटिंग और रिहर्सल के किसी बड़े शो के रैंप पर उतरना बहुत बड़ा जोखिम माना जाता है, क्योंकि रैंप वॉक का अपना एक खास पेसिंग और अंदाज होता है। लेकिन अक्षय ने मिनटों में आउटफिट पहना और मंच पर कदम रख दिया। रितु ने कहा, अक्षय ने जिस आत्मविश्वास, सहजता और करिश्मे के साथ रैंप वॉक की, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। किसी को भनक तक नहीं लगी कि इस वॉक के लिए उन्होंने एक सेकंड का भी अभ्यास नहीं किया था। उन्होंने न सिर्फ मेरे शो को डूबने से बचाया, बल्कि उसे शाम का सबसे बड़ा हाइलाइट बना दिया।स्टारडम से परे अक्षय का अनुशासन और याराना'बातें दिल से' में रितु बेरी ने अक्षय कुमार के व्यक्तित्व के उन पहलुओं पर रोशनी डाली जो अक्सर कैमरे की चकाचौंध के पीछे छिप जाते हैं। रितु ने कहा कि अक्षय की सबसे बड़ी खूबी उनका अनुशासन और जमीन से जुड़ाव है। वे जब सफलता के शिखर पर नहीं थे, तब भी ऐसे ही बेबाक और मददगार थे, और जब वे देश के सबसे बड़े सुपरस्टार बने, तब भी उनके बर्ताव में कोई बदलाव नहीं आया। रितु ने कहा कि बॉलीवुड में अक्सर लोग स्टारडम मिलने के बाद पुराने रिश्तों को भूल जाते हैं, लेकिन अक्षय आज भी उसी गर्मजोशी के साथ मिलते हैं। जब भी किसी अपने को मदद की जरूरत होती है, अक्षय बिना किसी औपचारिकता के सबसे आगे खड़े नजर आते हैं।रितु बेरी का अंतरराष्ट्रीय सफर और भारतीय खादी को वैश्विक मंचरितु बेरी भारत की उन चुनिंदा डिजाइनर्स में शामिल हैं जिन्होंने पेरिस फैशन वीक में भारत का प्रतिनिधित्व कर फ्रेंच फैशन हाउस 'जीन-लुई शेरेर' (Jean-Louis Scherrer) के रेडी-टू-वियर कलेक्शन का नेतृत्व किया था। वे फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'नाइट ऑफ द ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स' से भी सम्मानित हो चुकी हैं। हाल के वर्षों में रितु बेरी ने खादी और पारंपरिक भारतीय हथकरघा को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने के लिए कई बड़े अभियान चलाए हैं। अपने इस सफर में उन्होंने कई फिल्मी सितारों के साथ काम किया, लेकिन अक्षय कुमार के साथ उनकी बॉन्डिंग को वे हमेशा सबसे खास और निष्कपट मानती हैं।फैंस और फैशन जगत में खूब पसंद किया जा रहा यह किस्सारितु बेरी के इस संस्मरण का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर आते ही तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस अक्षय कुमार के इस अनसुने पहलू और उनकी दरियादिली की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह वाकया साबित करता है कि अक्षय केवल पर्दे पर ही खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि असल जिंदगी में भी हर मुश्किल घड़ी में संकटमोचक बनकर खड़े होने वाले सच्चे इंसान हैं। रितु बेरी ने अपनी बातचीत के अंत में मुस्कुराते हुए कहा कि आज जब भी वे अक्षय की कोई फिल्म या उनका कोई नया प्रोजेक्ट देखती हैं, तो उन्हें वही नौजवान याद आता है जिसने बिना सोचे-समझे एक दोस्त के सम्मान के लिए रैंप पर कदम रख दिया था।
त्योहारी सीजन, करवाचौथ, धनतेरस और दिवाली की खरीदारी से पहले भारतीय सर्राफा बाजारों में सोने की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजार में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को सोने के भाव स्थिर बने हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 24 कैरेट शुद्ध सोने (99.9% शुद्धता) का भाव लगभग ₹1,47,430 प्रति 10 ग्राम (₹14,743 प्रति ग्राम) दर्ज किया गया है। वहीं आभूषण निर्माण में सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने (91.6% शुद्धता) की कीमत ₹1,35,140 प्रति 10 ग्राम (₹13,514 प्रति ग्राम) के स्तर पर टिकी है। बजट और लाइटवेट ज्वेलरी के लिए लोकप्रिय 18 कैरेट सोने की कीमत ₹1,10,570 प्रति 10 ग्राम पर बनी हुई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक चौक सर्राफा बाजार, अमीनाबाद और महानगर से लेकर देश भर के प्रमुख ज्वेलरी आउटलेट्स में खरीदारों की गहमागहमी तेज हो गई है।देश के प्रमुख शहरों में आज सोने के ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम)विभिन्न राज्यों में लागू स्थानीय वैट (VAT), ऑक्ट्रॉय और ट्रांसपोर्टेशन लागत के कारण अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में मामूली अंतर देखा जाता है। 17 अक्टूबर 2026 को देश के बड़े शहरों में खुदरा सर्राफा रेट इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:शहर (City)24 कैरेट (99.9% शुद्ध)22 कैरेट (ज्वेलरी गोल्ड)18 कैरेट (लाइटवेट गोल्ड)लखनऊ (Lucknow)₹1,47,490₹135,150₹110,600नई दिल्ली (Delhi)₹1,47,580₹1,35,280₹1,10,690मुंबई (Mumbai)₹1,47,430₹1,35,140₹1,10,570कोलकाता (Kolkata)₹1,47,430₹1,35,140₹1,10,570बेंगलुरु (Bengaluru)₹1,47,430₹1,35,140₹1,10,570चेन्नई (Chennai)₹1,47,500₹1,35,200₹1,10,650जयपुर / आगरा (Jaipur/Agra)₹1,47,580₹1,35,280₹1,10,690(नोट: ऊपर दिए गए आंकड़े बुलियन मार्केट के आधार मूल्य हैं। अंतिम खुदरा बिलिंग में 3% जीएसटी और मेकिंग चार्ज अलग से जोड़े जाते हैं।)24K, 22K और 18K सोने में अंतर: खरीदारी से पहले समझें गणितआभूषण खरीदते समय कैरेटेज (Purity) को समझना सबसे महत्वपूर्ण होता है:24 कैरेट गोल्ड (999 Purity): यह सोने का सबसे शुद्धतम रूप होता है। चूंकि यह बहुत मुलायम और लचीला होता है, इसलिए इसका उपयोग सामान्य आभूषण बनाने में नहीं किया जाता। इसे मुख्य रूप से शुद्ध सोने के बिस्कुट, बार और सिक्कों में निवेश के लिए खरीदा जाता है।22 कैरेट गोल्ड (916 Purity): इसमें 91.6% शुद्ध सोना और शेष 8.4% तांबा या चांदी जैसी मिश्र धातुएं मिलाई जाती हैं। इस मिश्रण से धातु में मजबूती आती है, जिससे पारंपरिक भारी आभूषण, चूड़ियां और मंगलसूत्र तैयार किए जाते हैं।18 कैरेट गोल्ड (750 Purity): इसमें 75% शुद्ध सोना और 25% अन्य धातुएं होती हैं। इसका उपयोग मुख्य रूप से हीरे जड़ित (Diamond Studded) गहनों, रोज गोल्ड और आधुनिक ट्रेंडी डिजाइनों में किया जाता है, क्योंकि यह अधिक कठोर और टिकाऊ होता है।गहने खरीदते समय अंतिम बिल कैसे होता है तैयारकई बार ग्राहक डिस्प्ले पर दिखने वाले रेट के आधार पर गहनों की कुल कीमत का अनुमान लगा लेते हैं, जबकि ज्वेलर्स के काउंटर पर अंतिम बिलिंग का एक तय फॉर्मूला होता है:$$ ext{Final Gold Price} = ( ext{Gold Rate} imes ext{Weight in Grams}) + ext{Making Charges} + ext{3\% GST}$$ज्वेलर्स आमतौर पर गहने की डिजाइन के आधार पर 10% से 18% तक का मेकिंग चार्ज (Making Charge) लेते हैं। इसके बाद पूरी रकम पर 3 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) जोड़ा जाता है। त्योहारी सीजन में कई बड़े ब्रांड्स मेकिंग चार्ज पर 25% से 50% तक की छूट का ऑफर देते हैं, जिससे ग्राहकों को बिल में सीधी बचत होती है।बीआईएस 6-डिजिट HUID हॉलमार्किंग की जांच है अनिवार्यसोना खरीदते समय शुद्धता को लेकर किसी भी धोखाधड़ी से बचने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के हॉलमार्क चिन्ह की जांच अवश्य करें। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, अब सभी सोने के आभूषणों पर 6 अंकों वाला अल्फान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड अनिवार्य है। आभूषण पर बीआईएस लोगो, शुद्धता ग्रेड (जैसे 22K916 या 18K750) और HUID नंबर लेजर से उकेरे जाते हैं। ग्राहक 'BIS CARE' मोबाइल ऐप पर जाकर गहने का HUID कोड दर्ज करके उसकी शुद्धता, वजन और ज्वेलर के पंजीकरण की प्रामाणिकता की तुरंत जांच कर सकते हैं। इसके अलावा पक्का जीएसटी इनवॉइस लेना कभी न भूलें, जिसमें गहने का वजन और मेकिंग चार्ज स्पष्ट अलग दर्ज हो।
दिवाली के त्योहारी सीजन में केंद्र सरकार ने लाखों कर्मचारियों को बड़ा वित्तीय संबल देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दिवाली बोनस का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। वित्त मंत्रालय के अधीन व्यय विभाग (Department of Expenditure) ने राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस यानी तदर्थ (Ad-hoc) बोनस का आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) जारी किया है। इस घोषणा के बाद से ही केंद्रीय सचिवालयों, स्वायत्त संस्थानों, सुरक्षा बलों और विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मियों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि इस बोनस योजना का वास्तविक लाभ किन कर्मचारियों को मिलेगा और किन्हें इस दायरे से बाहर रखा गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित केंद्रीय संस्थानों, रेलवे मंडलों, डाक परिमंडलों और केंद्रीय आयुध डिपो से लेकर दिल्ली के मंत्रालयों तक लाखों कर्मचारी इस भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, ताकि त्योहार से पहले उनके बैंक खातों में यह रकम जमा हो सके।ग्रुप 'सी' और गैर-राजपत्रित ग्रुप 'बी' के कर्मचारियों को मिलेगा लाभव्यय विभाग के आदेश के अनुसार, इस 30 दिवसीय नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड (Ad-hoc) बोनस का मुख्य लाभ केंद्र सरकार के सभी ग्रुप 'सी' (Group C) कर्मचारियों और ग्रुप 'बी' (Non-Gazetted Group B) के उन सभी गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को दिया जाएगा जो किसी भी प्रकार की प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) योजना के अंतर्गत कवर नहीं होते हैं। केंद्रीय मंत्रालयों के क्लर्क, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), आशुलिपिक, सेक्शन असिस्टेंट और प्रशासनिक संवर्ग के ऐसे कर्मचारी जिन्हें उत्पादकता आधारित बोनस नहीं मिलता, वे सभी इस व्यवस्था के सीधे लाभार्थी हैं। राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) को इस एड-हॉक बोनस योजना से पूरी तरह बाहर रखा गया है।अर्धसैनिक बल (CAPF) और सशस्त्र बलों के जवान भी दायरे में शामिलकेंद्र सरकार ने सीमा और आंतरिक सुरक्षा में तैनात जवानों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए इस योजना में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और भारतीय सशस्त्र बलों के पात्र कर्मियों को भी समान रूप से शामिल किया है। इसके तहत सीआरपीएफ (CRPF), बीएसएफ (BSF), सीआईएसएफ (CISF), आईटीबीपी (ITBP), एसएसबी (SSB) और असम राइफल्स के गैर-राजपत्रित जवान व रक्षा बलों के योग्य कार्मिक इस 30 दिनों के एड-हॉक बोनस का लाभ उठा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के वे कर्मचारी जो केंद्र सरकार के वेतनमान ढांचे का पालन करते हैं और किसी अन्य राज्य स्तरीय या विशेष बोनस स्कीम का लाभ नहीं ले रहे हैं, वे भी इस भुगतान के पात्र होंगे।31 मार्च 2026 तक की सेवा और न्यूनतम 6 महीने का अनिवार्य नियमबोनस की पात्रता तय करने के लिए वित्त मंत्रालय ने कुछ कड़े और स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं:31 मार्च 2026 को सेवा में होना: सामान्य पात्रता नियम के तहत कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में सक्रिय होना अनिवार्य है।न्यूनतम 6 महीने की निरंतर सेवा: वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संबंधित कर्मचारी ने कम से कम 6 महीने की निरंतर सेवा पूरी की हो। जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि 6 महीने से 1 वर्ष के बीच है, उन्हें आनुपातिक (Pro-rata) आधार पर बोनस राशि दी जाएगी।सेवानिवृत्ति और विशेष मानवीय मामले: यदि कोई कर्मचारी 31 मार्च 2026 से पहले अधिवर्षिता (Superannuation) पर सेवानिवृत्त हुआ है, चिकित्सीय अक्षमता (Medical Invalidation) के आधार पर सेवामुक्त हुआ है, या उसका सेवाकाल के दौरान असामयिक निधन हुआ है, तो उसे भी कम से कम 6 महीने की सेवा पूरी होने पर आनुपातिक बोनस का लाभ दिया जाएगा।इस्तीफे पर नो-बोनस: यदि किसी कर्मचारी ने 31 मार्च 2026 से पहले पद से स्वैच्छिक त्यागपत्र (Resignation) दे दिया है, तो वह इस बोनस का हकदार नहीं होगा।डेपुटेशन का नियम: जो केंद्रीय कर्मचारी राज्य सरकारों, यूटी प्रशासनों या पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर हैं, उन्हें मूल विभाग से यह बोनस नहीं मिलेगा, बल्कि वे जिस संस्था में कार्यरत हैं, वहां लागू नियमावली के आधार पर उनके बोनस का फैसला होगा।अधिकतम ₹6,908 का बोनस: कैसे होती है इसकी सटीक गणनाकेंद्र सरकार के एड-हॉक बोनस की गणना के लिए मासिक वेतन की अधिकतम सीमा (Calculation Ceiling) ₹7,000 प्रति माह तय की गई है। भले ही 7वें वेतन आयोग के बाद किसी कर्मचारी की बेसिक पे ₹18,000 या ₹35,000 हो, लेकिन बोनस की गणना ₹7,000 की वैधानिक सीलिंग पर ही की जाती है।एक दिन का बोनस: ₹7,000 30.4 (महीने के औसत दिन) = ₹230.2630 दिनों का कुल देय बोनस: ₹230.26 30 = ₹6,907.89अंतिम भुगतान: निकटतम रुपये में राउंड ऑफ करने पर यह राशि ₹6,908 निर्धारित होती है।यदि किसी कर्मचारी का मासिक परिलाभ ₹7,000 से कम है, तो उसकी गणना वास्तविक वेतन पर की जाती है। वहीं आनुपातिक सेवा वाले कर्मचारियों के लिए महीनों की संख्या के आधार पर इसे प्रो-राटा विभाजित किया जाता है।कैजुअल लेबर (Casual Labourers) के लिए भी तय किए गए विशेष नियममंत्रालय ने सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले दिहाड़ी और कैजुअल श्रमिकों को भी बोनस का अधिकार दिया है। जिन कार्यालयों में सप्ताह में 6 दिन काम होता है, वहां कैजुअल श्रमिक का पिछले 3 वर्षों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन कार्य करना आवश्यक है। 5-दिवसीय सप्ताह वाले दफ्तरों में यह न्यूनतम उपस्थिति प्रति वर्ष 206 दिन निर्धारित की गई है। ऐसे पात्र श्रमिकों के लिए ₹1,200 की परिकल्पित मासिक सीलिंग के आधार पर ₹1,184 का एकमुश्त बोनस स्वीकृत किया गया है।रेलवे और डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस अलगकेंद्रीय कर्मचारियों के बीच एक बड़ा वर्ग रेलवे (Indian Railways) और डाक विभाग (Department of Posts) का है। इन दोनों विभागों के कर्मचारियों को नॉन-पीएलबी (एड-हॉक) बोनस के बजाय 'प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस' (PLB) दिया जाता है। रेल मंत्रालय अपने गैर-राजपत्रित रेलकर्मियों को 78 दिनों का बोनस प्रदान करता है, जो ₹7,000 की सीलिंग के आधार पर अधिकतम ₹17,951 तक पहुंचता है। वहीं, डाक विभाग के ग्रुप 'सी', मल्टी-टास्किंग स्टाफ और ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को 60 दिनों का पीएलबी बोनस मिलता है, जो ₹13,816 तक बनता है। इन दोनों विभागों के आदेश संबंधित मंत्रालयों द्वारा अलग से जारी किए जाते हैं।दिवाली से ठीक पहले खातों में क्रेडिट होगी रकमव्यय विभाग ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और वित्तीय सलाहकारों को निर्देशित किया है कि बोनस पर आने वाला व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत बजट प्रावधानों के भीतर से ही पूरा किया जाए। यह राशि सीधे कर्मचारियों के वेतन खाते में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर (PFMS) के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। यह बोनस पूरी तरह वेतन आय का हिस्सा माना जाता है और कर्मचारी के संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर नियमानुसार टीडीएस व टैक्स लागू होता है। धनतेरस और दीपावली के खर्चों के बीच सरकार की इस समयबद्ध मंजूरी से लाखों कर्मचारियों के परिवारों में त्योहारी उमंग बढ़ना तय है।
दीपावली और धनतेरस के महापर्व से ठीक पहले देश के 49 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों की निगाहें केंद्र सरकार के आधिकारिक ऐलान पर टिक गई हैं। बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए साल में दो बार संशोधित होने वाले महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief - DR) की अगली किस्त का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। केंद्रीय प्रशासनिक गलियारों और कर्मचारी संगठनों के बीच 21 अक्टूबर को प्रस्तावित केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) की बैठक को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में डीए और डीआर में 3 प्रतिशत की बहुप्रतीक्षित बढ़ोतरी को औपचारिक मंजूरी दी जा सकती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रेलवे, डाक, रक्षा लेखा और केंद्रीय संस्थानों के कार्यालयों से लेकर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली तक सरकारी कर्मचारियों के बीच इस खबर से त्योहारी उत्साह कई गुना बढ़ गया है, क्योंकि इस बार खाते में बढ़ी हुई सैलरी के साथ तीन महीने का बकाया एरियर भी एकमुश्त आने की पूरी उम्मीद है।डीए में 3 प्रतिशत की संभावित बढ़ोतरी और नया प्रतिशतअखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के 12 महीनों के औसत आंकड़ों के आधार पर यह तय माना जा रहा है कि इस छमाही में महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता अपनी निर्धारित दर पर है, जिसमें 3 प्रतिशत का इजाफा होने के बाद कर्मचारियों की कुल बेसिक सैलरी पर डीए का आंकड़ा सीधे 3 प्रतिशत और ऊपर चढ़ जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा जब भी जुलाई चक्र के डीए की घोषणा अक्टूबर में की जाती है, तो उसे पिछली तारीख यानी 1 जुलाई से ही प्रभावी (Retrospective Effect) माना जाता है। इसका सीधा लाभ यह होता है कि कर्मचारियों को केवल बढ़े हुए भत्ते की नई सैलरी ही नहीं मिलती, बल्कि जुलाई, अगस्त और सितंबर का अंतर यानी तीन महीने का एरियर भी अक्टूबर माह के वेतन के साथ बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है।21 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक पर क्यों टिकी हैं निगाहेंआमतौर पर केंद्र सरकार दिवाली से ठीक एक या दो सप्ताह पहले कैबिनेट ब्रीफिंग में डीए और बोनस से जुड़े फैसलों की घोषणा करती है। दिवाली के त्योहार के मद्देनजर वित्त मंत्रालय और व्यय विभाग (Department of Expenditure) द्वारा इसका पूरा ड्राफ्ट तैयार कर कैबिनेट सचिवालय को भेजा जा चुका है। 21 अक्टूबर को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो उसी शाम केंद्रीय मंत्री द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इसका आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद व्यय विभाग आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum - OM) जारी करेगा, जिससे रक्षा, रेलवे, डाक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और स्वायत्त निकायों के पे-रोल सॉफ्टवेयर में नए डीए स्लैब को अपडेट किया जा सके।न्यूनतम बेसिक पे से लेकर सीनियर पे-स्केल पर सैलरी में कितना होगा इजाफामहंगाई भत्ते की गणना हमेशा 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के पे-मैट्रिक्स में निर्धारित मूल वेतन (Basic Pay) पर की जाती है। 3 प्रतिशत के इस नए इजाफे से कर्मचारियों के मासिक वेतन और पेंशन पर सीधा असर पड़ेगा:पे-लेवल 1 (न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000): जिन कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 प्रति माह है, उनके डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी से हर महीने ₹540 का शुद्ध इजाफा होगा। इसके साथ ही जुलाई, अगस्त और सितंबर का तीन महीने का एरियर ₹1,620 जोड़कर अक्टूबर में कुल ₹2,160 का अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलेगा।मध्यम स्तर (बेसिक पे ₹35,000): यदि किसी कर्मचारी का बेसिक पे ₹35,000 है, तो उनके मासिक वेतन में ₹1,050 की सीधी बढ़ोतरी होगी और तीन महीने का एरियर ₹3,150 बनेगा, यानी दिवाली पर खाते में ₹4,200 अतिरिक्त आएंगे।वरिष्ठ स्तर (बेसिक पे ₹56,100 - लेवल 10): क्लास-1 गजेटेड अधिकारियों के लिए मासिक वेतन में ₹1,683 का इजाफा होगा और 3 महीने का बकाया एरियर ₹5,049 बनेगा, जिससे अक्टूबर की कुल टेक-होम सैलरी में ₹6,732 का बंपर बूस्ट देखने को मिलेगा।65 लाख पेंशनर्स को भी मिलेगा महंगाई राहत (DR) और एरियर का फायदायह फैसला केवल सेवारत कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के 65 लाख से अधिक वरिष्ठ और फैमिली पेंशनर्स के लिए भी बड़ा संबल साबित होगा। पेंशन नियमों के अनुसार, पेंशनभोगियों को मिलने वाले महंगाई राहत (Dearness Relief) में भी 3 प्रतिशत की समान बढ़ोतरी लागू होगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी की मूल पेंशन ₹25,000 प्रति माह है, तो उनकी मासिक पेंशन में ₹750 का इजाफा होगा और ₹2,250 का 3 महीने का बकाया एरियर भी पेंशन खाते में भेजा जाएगा। बढ़ती चिकित्सा लागत और रोजमर्रा के खर्चों के बीच त्योहारी सीजन में मिलने वाली यह अतिरिक्त राहत बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत बनेगी।राज्यों के कर्मचारियों के लिए भी खुलेगा डीए बढ़ोतरी का रास्ताकेंद्र सरकार द्वारा डीए की आधिकारिक घोषणा किए जाने के तुरंत बाद देश के विभिन्न राज्य—जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा—भी अपने राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और नगर निगम कर्मियों के लिए डीए और बोनस का ऐलान करते हैं। उत्तर प्रदेश में लगभग 16 लाख राज्य कर्मचारियों और 11 लाख पेंशनरों की निगाहें भी इस फैसले पर लगी हैं, क्योंकि केंद्र की अधिसूचना जारी होते ही वित्त विभाग, लखनऊ द्वारा राज्य कर्मचारियों के लिए भी समान डीए बढ़ोतरी और नॉन-गैजेटेड कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस का शासनादेश जारी कर दिया जाता है। 21 अक्टूबर की संभावित मंजूरी से देश के करोड़ों परिवारों में इस बार की दिवाली का उल्लास दोगुना होना तय माना जा रहा है।कीवर्ड्स (Keywords):da hike central government employees 2026, 3 percent da hike diwali, cabinet meeting 21 october da decision, 7th pay commission da hike update, central government employees da arrears, dearness relief for pensioners hike, da hike order finance ministry, salary increase after da hike calculation, aicpi index da hike july, up state government da hike diwali bonus, diwali gift central government employees, da dr hike latest news today, सरकारी कर्मचारियों को डीए बढ़ोतरी, दिवाली से पहले डीए हाइक, 21 अक्टूबर कैबिनेट बैठक डीए, 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ोतरी, केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन इजाफा, 3 महीने का डीए एरियर, पेंशनर्स महंगाई राहत बढ़ोतरी, 7वां वेतन आयोग डीए ताजा खबर, दिवाली पर सरकारी कर्मचारियों को तोहफा, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी डीए
गुजरात के भरूच में केमिकल फैक्ट्री में बड़ा हादसा: चार मजदूरों की गई जान, दो घायल; इलाके में मची अफरा-तफरी--Gujarat: Blast at Pharmaceutical Factory in Bharuch, Several Dead, Many Injured Hindi update
इंटरनेट डेस्क। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को आज सब-डिविजनल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत में पेश किया जाएगा, जिन्हें कल तिरंगा रैली से पहले दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया है। हिरासत के खिलाफ करीब 12 घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन और जनदबाव के बाद दिल्ली पुलिस को नेहा बोरा को रिहा कर दिया है। दिल्ली पुलिस द्वारा अभिजीत दीपके को कहां रखा गया है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। खबरों के अनुसार, दीपके के वकील भी अब तक उनसे मुलाकात नहीं कर पाए हैं। इस संबंध में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। आपको बता दें कि नेहा बोरा की हिरासत की खबर सामने आने के बाद विभिन्न संगठनों और समर्थकों की ओर से इसका विरोध किया गया था। दिल्ली में तिरंगा लहराने और विरोध-प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी से विवाद और बढ़ गया है। दीपके की आज एसईएम अदालत में पेशी। इसके साथ ही आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। PC:jagran अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
9 हत्याओं वाले बयान पर अनंत सिंह ने लालू का किया जिक्र
मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने पहले दावा किया था कि उन्होंने नीतीश कुमार के लिए नौ लोगों की हत्या करवाई थी। बयान सामने आने के बाद उन्होंने वीडियो जारी कर सफाई दी।
दशहरा बीतते ही धनतेरस, दिवाली और भाईदूज जैसे बड़े त्योहारों की जगमगाहट से देश भर के बाजार सज चुके हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर महा-सेल के बैनर लगे हैं, तो वहीं स्थानीय बाजारों और बड़े मॉल्स में 'फ्लैट 50% ऑफ', 'बाय वन गेट वन फ्री' और 'बंपर कैशबैक' जैसे लुभावने विज्ञापनों की बाढ़ आ चुकी है। नए कपड़े, सोने-चांदी के सिक्के, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और गिफ्ट्स की खरीदारी के लिए यह समय सबसे शुभ और अनुकूल माना जाता है। हालांकि, त्योहारों के इस उत्साह और चकाचौंध में अक्सर उपभोक्ता भावनाओं में बहकर ऐसी गंभीर वित्तीय गलतियां कर बैठते हैं, जिनका खामियाजा उन्हें आने वाले कई महीनों तक भारी क्रेडिट कार्ड बिल और खाली बैंक खाते के रूप में भुगतना पड़ता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज, अमीनाबाद, चौक और फीनिक्स पलासियो जैसे प्रमुख शॉपिंग डेस्टिनेशंस से लेकर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु तक रिटेल मार्केट में खरीदारों का रेला लगा है। ऐसे में बाजार जाने या मोबाइल पर ऑनलाइन कार्ट भरने से पहले वित्तीय अनुशासन और स्मार्ट शॉपिंग से जुड़े बुनियादी नियमों को समझना बेहद जरूरी है।'फ्लैट 70% ऑफ' और इन्फ्लेटेड एमआरपी (Inflated MRP) का भ्रामक खेलत्योहारी सीजन में सबसे आम और पुराना हथकंडा कृत्रिम डिस्काउंट (Artificial Discount) का होता है। अक्सर देखा जाता है कि सेल शुरू होने से कुछ दिन पहले किसी उत्पाद की अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) को जानबूझकर काफी बढ़ा दिया जाता है और फिर उस पर 60% या 70% की भारी छूट दिखाकर बेचा जाता है। ग्राहक को लगता है कि उसे हजारों रुपये की बचत हो रही है, जबकि हकीकत में वह वस्तु अपनी सामान्य बाजार कीमत पर या कभी-कभी उससे भी महंगे दाम पर बिक रही होती है। किसी भी बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, स्मार्टफोन या होम अप्लायंसेज को खरीदने से पहले प्राइस-ट्रैकर टूल्स या अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर उसके पिछले 3 से 6 महीने के न्यूनतम मूल्य (Price History) की जांच अवश्य कर लें। केवल डिस्काउंट के बड़े प्रतिशत पर न जाएं, बल्कि अंतिम बिल राशि (Final Out-of-Pocket Cost) का मिलान करें।'नो-कॉस्ट ईएमआई' का छिपा सच: प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी का बोझमहंगे मोबाइल, टीवी या फ्रिज खरीदते समय 'नो-कॉस्ट ईएमआई' (No-Cost EMI) का विकल्प ग्राहकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करता है। ऊपरी तौर पर ऐसा लगता है कि बिना किसी अतिरिक्त ब्याज के भुगतान को 6 या 9 महीनों में बांट दिया गया है। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के स्पष्ट दिशानिर्देश हैं कि शून्य ब्याज नाम की कोई चीज नहीं होती। बैंक उस ईएमआई पर लगने वाले ब्याज को डिस्काउंट के रूप में पहले ही समायोजित कर देते हैं, लेकिन उस पर दो छिपे हुए खर्चे उपभोक्ता पर थोप दिए जाते हैं। पहला, अधिकांश बैंक प्रत्येक नो-कॉस्ट ईएमआई ट्रांजैक्शन पर ₹199 से ₹299 की 'लोन प्रोसेसिंग फीस' काटते हैं। दूसरा, हर महीने कटने वाली ब्याज वाली किस्त के हिस्से पर 18 प्रतिशत जीएसटी (GST) अतिरिक्त लगता है। यदि आप लगातार 4-5 सामान नो-कॉस्ट ईएमआई पर खरीद लेते हैं, तो यह अप्रत्यक्ष शुल्क और जीएसटी मिलकर आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल देते हैं।क्रेडिट कार्ड ओवर-स्पेंडिंग और मिनिमम ड्यू का जानलेवा ट्रैपत्योहारी सीजन में बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां तत्काल डिस्काउंट (Instant 10% Bank Discount) और रिवॉर्ड पॉइंट्स का लालच देकर खर्च करने की सीमा (Credit Limit) को अस्थायी रूप से बढ़ा देती हैं। इस सुविधा के चलते कई लोग अपनी आय और बजट से दोगुना सामान स्वाइप कर लेते हैं। असली संकट तब शुरू होता है जब अगले महीने क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट आता है। बिल की पूरी रकम चुकाने में असमर्थ होने पर लोग 'मिनिमम अमाउंट ड्यू' (Minimum Due) भरने की सबसे बड़ी गलती करते हैं। क्रेडिट कार्ड पर बाकी बची राशि पर 36 से 42 प्रतिशत तक का भारी-भरकम सालाना ब्याज और फाइनेंस चार्ज लगता है। त्योहार की एक रात की चमक के चलते इंसान पूरे साल कर्ज के कुचक्र में फंसा रह जाता है। अंगूठे का नियम यही है कि क्रेडिट कार्ड से केवल उतना ही खर्च करें, जितना अगले बिल साइकिल में एकमुश्त चुकाने का बैंक बैलेंस आपके पास मौजूद हो।गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी में मेकिंग चार्ज और हॉलमार्किंग की अनदेखीधनतेरस और दिवाली पर आभूषण और सोने के सिक्के खरीदना भारतीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। ज्वेलर्स अक्सर 'मेकिंग चार्ज पर 50% छूट' का आकर्षक बोर्ड लगाते हैं, लेकिन गहनों की वास्तविक बनावट और शुद्धता पर ग्राहक का ध्यान नहीं जाता। बिना किसी जांच-पड़ताल के केवल छूट देखकर सोना खरीदना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। आभूषण खरीदते समय हमेशा छह अंकों वाले 'एचयूआईडी' (HUID - Hallmark Unique Identification) कोड वाले बीआईएस हॉलमार्क गहने ही खरीदें। मेकिंग चार्ज के प्रतिशत को पहले से स्पष्ट करवाएं, क्योंकि कई बार ज्वेलर्स छूट देने के बाद भी मूल मेकिंग चार्ज को 18-20% तक ऊंचा रखते हैं। सोने के सिक्के या बार खरीदते समय 999 या 995 शुद्धता का प्रमाण पत्र और पक्का जीएसटी बिल लेना कभी न भूलें, ताकि भविष्य में उसे रीसेल करते समय कोई कटौती न झेलनी पड़े।'बाय वन गेट वन' के जाल में अनचाही और गैर-जरूरी चीजों का अंबारसुपरमार्केट्स और गारमेंट स्टोर्स में 'Buy 2 Get 1 Free' या 'Buy 3 at 50% Off' के बोर्ड खरीदारों के मनोवैज्ञानिक ट्रिगर्स को सक्रिय कर देते हैं। एक सामान्य टी-शर्ट या शर्ट खरीदने निकला व्यक्ति केवल मुफ्त के लालच में तीन-चार कपड़े खरीद लेता है। व्यवहारिक अर्थशास्त्र में इसे 'फाल्स सेविंग' (False Saving) कहा जाता है। यदि आपको केवल 1,000 रुपये के सामान की जरूरत थी, लेकिन आपने फ्री के चक्कर में 2,500 रुपये खर्च कर दिए, तो आपने 500 रुपये की बचत नहीं की, बल्कि बिना जरूरत के 1,500 रुपये अतिरिक्त गंवा दिए। खरीदारी पर निकलने से पहले घर पर एक सख्त 'शॉपिंग लिस्ट' तैयार करें और उसी पर अडिग रहें। यदि कोई वस्तु आपकी सूची में शामिल नहीं है, तो चाहे उस पर 80% छूट भी क्यों न हो, वह आपके लिए खर्च ही है, बचत नहीं।रिटर्न पॉलिसी, वारंटी कार्ड और साइबर धोखाधड़ी से रहें सतर्कत्योहारी डिस्काउंट के दौरान कई प्लेटफॉर्म्स कुछ चुनिंदा कैटेगरीज में 'नो रिटर्न / नो रिफंड' (Non-Returnable) की शर्त चुपके से लगा देते हैं। डिलीवरी मिलने के बाद यदि उत्पाद में कोई डिफेक्ट या साइज की खराबी निकलती है, तो ग्राहक के पास उसे बदलने का कोई विकल्प नहीं बचता। इसलिए चेकआउट करने से पहले रिटर्न विंडो और रिप्लेसमेंट पॉलिसी को ध्यान से पढ़ लें। इसके अलावा, डिलीवरी लेते समय ओपन बॉक्स डिलीवरी (Open Box Delivery) के तहत डिलीवरी एजेंट के सामने ही सील खुलवाएं और पैकेजिंग के भीतर असली सामान की पुष्टि करें। त्योहारी सीजन में व्हाट्सएप और एसएमएस पर 'दिवाली लकी ड्रॉ', 'फ्री गिफ्ट वाउचर' या 'अमेजन/फ्लिपकार्ट मेगा रिवॉर्ड' के नाम से आने वाले संदिग्ध फिशिंग लिंक्स पर बिल्कुल क्लिक न करें, क्योंकि एक फर्जी क्लिक आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है।
कॉर्पोरेट जगत और निजी क्षेत्र में करियर ग्रोथ, बेहतर पैकेज या पदोन्नति के लिए नौकरी बदलना एक आम बात है। हालांकि, जैसे ही कोई कर्मचारी पुरानी कंपनी छोड़कर नई संस्था में कदम रखता है, उसके सामने एक बड़ा सवाल आता है—पुरानी कंपनी के पीएफ (PF) खाते का क्या करें? अक्सर युवा पेशेवर या तो आकर्षण में आकर या फिर तात्कालिक खर्चों को पूरा करने के लिए पुरानी कंपनी का पूरा पीएफ बैलेंस निकालने (Final Settlement) का आवेदन कर देते हैं। वित्तीय सलाहकारों और टैक्स विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि नई नौकरी शुरू करते ही पीएफ का पैसा विड्रॉ करना आपकी वित्तीय सेहत पर सबसे भारी पड़ सकता है। यदि आप ईपीएफओ (EPFO) के '5 साल की निरंतर सेवा' (5-Year Continuous Service Rule) और आयकर अधिनियम के कड़े प्रावधानों को समझे बिना पैसे निकालते हैं, तो आपकी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा टीडीएस (TDS) और इनकम टैक्स के रूप में कट सकता है। राजधानी लखनऊ के गोमती नगर और हजरतगंज स्थित आईटी व कॉरपोरेट हब्स से लेकर नोएडा, गुरुग्राम, बेंगलुरु और मुंबई तक के नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए पीएफ निकासी और टैक्स का यह गणित समझना बेहद जरूरी है।5 साल की सर्विस का नियम: टैक्स-फ्री निकासी का सबसे बड़ा आधारआयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(12) और फोर्थ शेड्यूल के तहत यह स्पष्ट नियम है कि यदि कोई कर्मचारी ईपीएफओ में न्यूनतम 5 वर्ष की निरंतर सेवा (5 Years of Continuous Service) पूरी कर लेता है, तो उसके बाद पीएफ खाते से निकाली जाने वाली पूरी रकम शत-प्रतिशत कर-मुक्त (Tax-Free) हो जाती है। इस स्थिति में निकाले गए फंड पर ईपीएफओ द्वारा किसी भी प्रकार का टीडीएस नहीं काटा जाता। लेकिन यदि किसी कर्मचारी की कुल निरंतर सेवा 5 साल (60 महीने) से कम है और वह नौकरी बदलने के बाद पीएफ खाते से पैसे निकालता है, तो यह पूरी राशि 'टैक्सेबल इनकम' की श्रेणी में आ जाती है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि पीएफ का पैसा हमेशा टैक्स-फ्री होता है, जबकि 5 वर्ष की समय सीमा पूरी न होने पर यह छूट स्वतः समाप्त हो जाती है।5 साल से पहले निकासी पर कैसे लगता है टैक्स और 10% टीडीएस का फटकायदि आपकी कुल सेवा अवधि 5 वर्ष से कम है और आप 50,000 रुपये या उससे अधिक की निकासी करते हैं, तो धारा 192A के तहत ईपीएफओ सीधे 10 प्रतिशत की दर से टीडीएस (TDS) काटकर ही शेष रकम आपके खाते में भेजता है। यदि आपका पैन कार्ड (PAN) ईपीएफ खाते और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक नहीं है, तो धारा 206AA के तहत यह टीडीएस दर सीधे 20% तक पहुंच सकती है। इतना ही नहीं, यह 10% या 20% टीडीएस केवल अग्रिम कटौती (Prepayment) होती है। जब आप उस वित्तीय वर्ष का आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करेंगे, तो पीएफ से निकाली गई रकम को आपके स्लैब के अनुसार जोड़ा जाएगा। यदि आप 20% या 30% के टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, तो बची हुई अंतर राशि पर आपको अपनी जेब से अतिरिक्त टैक्स और सेस चुकाना पड़ेगा। वहीं, यदि निकासी राशि ₹50,000 से कम है, तो टीडीएस तो नहीं कटता, लेकिन आईटीआर में वह राशि अभी भी करयोग्य ही मानी जाती है।सेवा अवधि (Service Period)निकासी राशि (Amount)पैन लिंक स्टेटस (PAN Status)टीडीएस दर (TDS Rate)वास्तविक टैक्स देनदारी (Taxability in ITR)5 वर्ष या उससे अधिककोई भी राशिलिंक्ड या गैर-लिंक्ड0% (कोई टीडीएस नहीं)पूरी तरह टैक्स-फ्री (धारा 10(12))5 वर्ष से कम₹50,000 से कमलिंक्ड / गैर-लिंक्ड0% (टीडीएस छूट सीमा)आईटीआर में स्लैब के अनुसार करयोग्य5 वर्ष से कम₹50,000 या अधिकवैध पैन लिंक्ड10% टीडीएस कटौतीटैक्स स्लैब के आधार पर अंतर देय5 वर्ष से कम₹50,000 या अधिकपैन लिंक नहीं है20% टीडीएस कटौतीटैक्स स्लैब के आधार पर अंतर देयधारा 80C की पुरानी छूट भी हो जाती है रिवर्स5 साल से पहले पीएफ निकालने का एक और बड़ा वित्तीय नुकसान धारा 80C के 'रिवर्सल' (80C Reversal) के रूप में होता है। नौकरी के दौरान जब हर महीने आपके वेतन से कर्मचारी भविष्य निधि (Employee Share) का 12% कटता है, तो आप उस पर आयकर की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कर कटौती (Tax Deduction) का लाभ उठाते हैं। यदि आप 5 वर्ष पूरे होने से पहले ही पैसा निकाल लेते हैं, तो आयकर विभाग यह मान लेता है कि आपने उन वर्षों में जो 80C की टैक्स छूट ली थी, वह अब अमान्य हो गई है। नतीजतन, आपके द्वारा जमा किया गया मूल अंशदान पिछले वर्षों की आय के रूप में पुनः आंका जाता है और उस पर अतिरिक्त टैक्स देनदारी बन जाती है। इसके साथ ही नियोक्ता द्वारा दिया गया हिस्सा (Employer Share) और उस पर मिला पूरा ब्याज 'Salary' और 'Income from Other Sources' के तहत जोड़कर टैक्स के दायरे में ला दिया जाता है।निरंतर सेवा (Continuous Service) का असली अर्थ: ट्रांसफर से जुड़ता है समयकर्मचारियों के बीच सबसे बड़ी भ्रांति यह होती है कि क्या 5 साल की सेवा एक ही कंपनी में पूरी होनी चाहिए? इसका सीधा उत्तर है—नहीं। ईपीएफओ और आयकर नियमों के तहत 'निरंतर सेवा' का मतलब निरंतर रोजगार से है, न कि किसी एक नियोक्ता के साथ काम करने से। मान लीजिए आपने कंपनी 'A' में 3 साल काम किया और फिर नौकरी बदलकर कंपनी 'B' में चले गए, जहां आपने 2 साल काम किया। यदि आप कंपनी बदलते समय अपना पुराना पीएफ नई कंपनी के पीएफ खाते में ट्रांसफर करवा लेते हैं, तो आपकी दोनों कंपनियों की सेवा अवधि आपस में जुड़ जाएगी (3 वर्ष + 2 वर्ष = 5 वर्ष)। इस तरह आप 5 साल की निरंतर सेवा का कोटा पूरा कर लेते हैं और भविष्य में की जाने वाली निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री हो जाती है। इसके विपरीत, यदि आप कंपनी बदलते ही पैसा निकाल लेते हैं, तो आपकी सर्विस का मीटर शून्य (Zero) पर रीसेट हो जाएगा और नई नौकरी में आपको दोबारा 5 साल पूरे करने होंगे।5 साल से पहले किन विशेष परिस्थितियों में मिलता है टैक्स एग्जेंप्शनआयकर नियमों (Rule 8, Part A of Fourth Schedule) में कुछ ऐसी मानवीय और असाधारण स्थितियां तय की गई हैं, जिनमें 5 साल की सेवा पूरी न होने पर भी पीएफ निकासी पर कोई टैक्स या टीडीएस नहीं काटा जाता:गंभीर बीमारी या अस्वस्थता: यदि कर्मचारी किसी गंभीर शारीरिक व्याधि, अक्षमता या गंभीर बीमारी के कारण नौकरी जारी रखने में असमर्थ हो जाता है और सेवा समाप्त होती है।कंपनी या व्यापार का बंद होना: यदि नियोक्ता की कंपनी दिवालिया हो जाती है, फैक्ट्री बंद हो जाती है या कारोबार समाप्त हो जाता है।कर्मचारी के नियंत्रण से परे परिस्थितियां: यदि छंटनी (Retrenchment) या किसी ऐसे कारण से नौकरी छूटती है जो कर्मचारी के वश में नहीं था।इन परिस्थितियों में छूट पाने के लिए कर्मचारी को क्लेम सेटलमेंट के समय वैध मेडिकल सर्टिफिकेट, कंपनी क्लोजर लेटर या छंटनी का आधिकारिक साक्ष्य संलग्न करना अनिवार्य होता है।निकासी के बजाय 'पीएफ ट्रांसफर' क्यों है सबसे अकलमंद फैसलानौकरी बदलते समय पैसे निकालने के बजाय यूएएन (UAN) के जरिए ऑनलाइन ट्रांसफर का विकल्प चुनना हर दृष्टि से लाभदायक है।चक्रवृद्धि ब्याज का अचूक लाभ: ईपीएफ खाते पर सरकार द्वारा 8.25 प्रतिशत का सुरक्षित और गारंटीड सालाना ब्याज दिया जाता है। खाते में रकम बने रहने से कंपाउंडिंग के जरिए लंबी अवधि में यह फंड एक बड़ा रिटायरमेंट वेल्थ कॉर्पस बन जाता है।पेंशन सेवा (EPS Service) की निरंतरता: पीएफ ट्रांसफर के साथ-साथ आपकी कर्मचारी पेंशन योजना (EPS 95) की सेवा अवधि भी नए रिकॉर्ड में दर्ज हो जाती है। यदि आपकी कुल ईपीएस सेवा 10 वर्ष पूरी हो जाती है, तो आप 58 वर्ष की आयु के बाद आजीवन मासिक पेंशन पाने के हकदार बन जाते हैं। बीच में पैसा निकालने पर पेंशन का लाभ हाथ से फिसल जाता है।एनेक्सचर-के (Annexure-K) से सुरक्षित रिकॉर्ड: जब आप फॉर्म 13 के जरिए ऑनलाइन पीएफ ट्रांसफर करते हैं, तो ईपीएफओ द्वारा 'Annexure K' ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। यह दस्तावेज पुरानी कंपनी की सर्विस हिस्ट्री, जॉइनिंग-एग्जिट डेट और ब्याज सहित संचित फंड का कानूनी प्रमाण होता है, जिससे भविष्य में किसी भी क्लेम में विसंगति नहीं आती।घर बैठे Unified Portal पर 5 मिनट में ऐसे करें पीएफ ट्रांसफरईपीएफओ ने नौकरी बदलने पर पुराने पीएफ को नई मेंबर आईडी में ट्रांसफर करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बना दिया है:सबसे पहले ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/) पर जाएं।अपना 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), पासवर्ड और कैप्चा दर्ज करके लॉगिन करें।टॉप मेन्यू बार में जाकर Online Services टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन से One Member – One EPF Account (Transfer Request) का चयन करें।स्क्रीन पर आपकी वर्तमान नौकरी और व्यक्तिगत विवरण दिखाई देंगे। नीचे दिए गए सेक्शन में अपनी पिछली नौकरी (Previous Employer) का विवरण प्राप्त करने के लिए 'Get Details' पर क्लिक करें।अटेस्टेशन के लिए अपने पिछले या वर्तमान नियोक्ता (Previous or Present Employer) में से किसी एक का चयन करें (आमतौर पर वर्तमान नियोक्ता को चुनना त्वरित सत्यापन के लिए सुगम रहता है)।'Get OTP' पर क्लिक करें। आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का ओटीपी आएगा।ओटीपी दर्ज करके 'Submit' पर क्लिक करें। ऑनलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट संबंधित नियोक्ता और फील्ड ऑफिस को चली जाएगी, जिसका स्टेटस आप 'Track Claim Status' में जाकर कभी भी देख सकते हैं।
दशहरे से पहले लगाएं ये 3 पौधे, पैसों की होगी बारिश!
Lucky Plants For Wealth: दशहरे से पहले घर में इन पौधों को लगाना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इनसे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है. आइए जानते हैं इन शुभ पौधों के बारे में.
आस्था, शुचिता और लोक परंपरा के सबसे बड़े महापर्व छठ पूजा की आहट के साथ ही देश के महानगरों में रोजी-रोटी कमाने गए लाखों प्रवासियों के दिल में अपने गांव-घर लौटने की तड़प जाग उठी है। मां का बुलावा है, घाट की मिट्टी की सौंधी खुशबू है और खरना व अर्घ्य का इंतजार है, लेकिन इस पवित्र भावना के सामने परिवहन व्यवस्था की बेरुखी और निजी एयरलाइंस की अंधाधुंध मुनाफाखोरी ने ऐसा पहाड़ खड़ा कर दिया है कि परदेसियों के आंसू छलक रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों से पटना और दरभंगा का एक तरफ का हवाई टिकट 25,000 रुपये से लेकर 32,000 रुपये तक के ऐतिहासिक स्तर को छू चुका है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि दिल्ली से विदेशी डेस्टिनेशन या दुबई जाना सस्ता पड़ रहा है, जबकि अपने ही मुल्क में डेढ़-दो घंटे की घरेलू उड़ान के लिए खून-पसीने की पूरी गाढ़ी कमाई चुकानी पड़ रही है।लखनऊClick to open side panel for more information और अन्य ट्रांजिट शहरों से होकर बिहार जाने वाली नियमित ट्रेनों में महीनों पहले से 'नो रूम' (No Room) और 300 के पार वेटिंग लिस्ट का बोर्ड लटक चुका है। ऐसे में यह सवाल हर आम बिहारी के जेहन में गूंज रहा है कि क्या छठ पर घर लौटना अब केवल अमीरों का विशेषाधिकार बनकर रह गया है?लंदन का टिकट सस्ता, लेकिन पटना-दरभंगा के लिए खुली लूटत्योहारी सीजन में एयरलाइंस की डायनेमिक फेयर प्रणाली (Dynamic Pricing System) किस कदर अनियंत्रित हो जाती है, इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण छठ पूजा के दौरान बिहार के हवाई रूट्स पर साफ दिखाई दे रहा है। आमतौर पर दिल्ली से पटना का जो हवाई किराया 4,500 से 6,000 रुपये के बीच रहता है, वह छठ के ठीक पहले की तिथियों (23 से 26 अक्टूबर के बीच) में सीधे 24,000 से 28,000 रुपये तक पहुंच गया है। मुंबई या बेंगलुरु से पटना और दरभंगा के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स के रेट तो 30,000 से 35,000 रुपये के आंकड़े को भी पार कर रहे हैं। यदि इसकी तुलना अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से की जाए, तो ऑफ-सीजन या एडवांस बुकिंग में दिल्ली से दुबई या बैंकॉक का रिटर्न टिकट और मध्य-पूर्व के कई देशों का एक तरफ का किराया 18,000 से 22,000 रुपये में मिल जाता है। एक सामान्य वेतनभोगी कर्मचारी, जो महीने में 30-40 हजार रुपये कमाता है, उसके लिए अपने परिवार सहित घर जाने का हवाई खर्च ही लाख रुपये के पार बैठ रहा है। हर साल की तरह इस बार भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय से किराए पर कैप (Airfare Cap) लगाने की गुहार लगाई जा रही है, लेकिन निजी एयरलाइंस मांग और आपूर्ति के अंतर का पूरा फायदा उठाकर टिकटों को मनमाने दामों पर बेच रही हैं।ट्रेनों में 'नो रूम' का सन्नाटा और तत्काल टिकट का असंभव चक्रव्यूहजो प्रवासी हवाई जहाज का भारी-भरकम खर्च वहन नहीं कर सकते, उनके लिए भारतीय रेल ही एकमात्र जीवनरेखा होती है। लेकिन रेल पटरियों पर भी परदेसियों की उम्मीदें दम तोड़ती नजर आ रही हैं। नई दिल्ली-पटना संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ राजधानी और बिहार संपर्क क्रांति जैसी तमाम मुख्य ट्रेनों में स्लीपर से लेकर थर्ड एसी और सेकंड एसी तक में 'रिग्रेट' (Regret) और 'नो रूम' की स्थिति बन चुकी है। इसका अर्थ यह है कि रेलवे ने अब इन तिथियों के लिए वेटिंग टिकट जारी करना भी बंद कर दिया है। तत्काल कोटा खुलने के चंद सेकंडों के भीतर आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट और ऐप पर सर्वर स्लो होने और ऑटोमेटेड दलालों के सॉफ्टवेयर के चलते टिकट पलक झपकते ही गायब हो जाते हैं। सामान्य मजदूर और मध्यमवर्गीय यात्री काउंटर पर रात-रात भर लाइन लगाने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।छठ पूजा स्पेशल ट्रेनें: राहत की उम्मीद या भारी भीड़ का संघर्षलाखों प्रवासियों के भारी दबाव को देखते हुए भारतीय रेलवे ने इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में 'छठ और दिवाली स्पेशल ट्रेनों' (Special Trains) के संचालन का ऐलान किया है। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) और उत्तर रेलवे ने दिल्ली, मुंबई, गुजरात और पंजाब से पटना, दानापुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा, जयनगर और कटिहार के लिए सैकड़ों अतिरिक्त फेरे अधिसूचित किए हैं। इसके अलावा, रेलवे ने अनारक्षित सामान्य डिब्बों (General Coaches) की संख्या बढ़ाने और क्लोन ट्रेनें चलाने की योजना भी बनाई है। नई दिल्ली, आनंद विहार और पटना जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए होल्डिंग एरिया और विशेष बैरिकेडिंग की गई है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि इन स्पेशल ट्रेनों में भी पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है। 24 से 30 घंटे के इस लंबे सफर में बोगियों के शौचालयों के पास और गलियारों में बैठकर सफर करना यात्रियों की मजबूरी बन चुका है।डग्गामार बसें और निजी ट्रैवल ऑपरेटर्स भी वसूल रहे तीन गुना किरायाट्रेनों और फ्लाइट्स से मायूस होने के बाद प्रवासियों का अंतिम सहारा निजी स्लीपर बसें बनती हैं। लेकिन निजी बस ऑपरेटरों ने भी इस मजबूरी का भरपूर फायदा उठाना शुरू कर दिया है। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और जयपुर से पटना, गया और मुजफ्फरपुर जाने वाली प्राइवेट बसों का सामान्य किराया, जो अमूमन ₹1,200 से ₹1,500 होता है, उसे बढ़ाकर ₹4,000 से ₹6,000 प्रति सीट कर दिया गया है। इतना अधिक किराया देने के बावजूद इन बसों में ओवरलोडिंग, सुरक्षा की कमी और 36 से 40 घंटे के भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर त्योहारी दिनों में भारी वाहनों का रेला लग जाता है, जिससे यात्रियों का सफर और अधिक कष्टप्रद हो जाता है।घर पहुंचने की जद्दोजहद में परदेसियों के लिए कुछ व्यावहारिक उपायइस विषम परिस्थिति के बीच जो लोग किसी भी कीमत पर घर पहुंचना चाहते हैं, उनके लिए यात्रा विशेषज्ञों ने कुछ वैकल्पिक तरीके सुझाए हैं:ब्रेक जर्नी (Break Journey) फॉर्मूला: सीधे दिल्ली-पटना या मुंबई-पटना की तलाश करने के बजाय यात्रा को दो हिस्सों में बांटें। उदाहरण के लिए, दिल्ली से लखनऊ, प्रयागराज या वाराणसी तक किसी सुपरफास्ट या वंदे भारत ट्रेन से पहुंचें और वहां से स्थानीय इंटरसिटी, मेमू (MEMU) या राज्य परिवहन निगम की बसों के जरिए बिहार के जिलों में प्रवेश करें।ताजा स्पेशल ट्रेनों की रोजाना मॉनिटरिंग: रेलवे लगातार तात्कालिक मांग के आधार पर 24 से 48 घंटे के नोटिस पर नई स्पेशल ट्रेनों और अतिरिक्त कोचों की घोषणा करता है। आईआरसीटीसी पर सुबह 8 बजे और दोपहर 2 बजे नए नोटिफिकेशंस पर पैनी नजर रखें।कारपूलिंग और साझा टैक्सी सेवा: दिल्ली-एनसीआर से एक ही शहर जाने वाले 4-5 लोग मिलकर निजी कैब या कारपूलिंग प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले सकते हैं। इससे प्रति व्यक्ति खर्च एयरलाइंस की तुलना में काफी कम रहेगा और समय की भी बचत होगी।गोरखपुर और बनारस रूट का इस्तेमाल: यदि पटना या दरभंगा के टिकट नहीं मिल रहे हैं, तो गोरखपुर, दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) या वाराणसी तक का टिकट लें, जहां से छपरा, सीवान और गोपालगंज के लिए लगातार कनेक्टिविटी उपलब्ध रहती है।आस्था का महापर्व और व्यवस्था से उठता भरोसाछठ केवल चार दिनों का पर्व नहीं, बल्कि बिहार और पूर्वांचल की आत्मा है। साल भर प्रदेश से बाहर रहकर हाड़तोड़ पसीना बहाने वाला मजदूर हो या किसी एमएनसी में काम करने वाला इंजीनियर, हर किसी की दिली ख्वाहिश होती है कि वह अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देते समय अपनी मां और परिवार के साथ गंगा या पोखर के किनारे मौजूद रहे। लेकिन हर साल त्योहारी सीजन में परिवहन का यह विकराल संकट और प्रशासनिक लाचारी साबित करती है कि प्रवासियों की इस गहरी भावना को आज भी एक व्यवस्थित और नियंत्रित नीतिगत समाधान की दरकार है। जब तक एयरफेयर पर स्थायी सीमा और पारदर्शी स्पेशल ट्रेनों का मजबूत तंत्र विकसित नहीं होगा, तब तक हर छठ पर परदेसियों का यह दर्द यूं ही छलकता रहेगा।
गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर विवाद, आदित्य गढ़वी बोले- मेरा संदेश नहीं था
अहमदाबाद के गरबा इवेंट में मुस्लिमों और गैर-हिंदुओं को मैदान छोड़ने के ऐलान पर विवाद हो गया. गायक आदित्य गढ़वी ने खुद को इससे अलग करते हुए कहा कि गरबा ने कभी किसी का सरनेम नहीं पूछा.
बॉलीवुड गलियारों में अभिनेत्रियों की बेदाग, निखरी और चमकदार त्वचा के पीछे अक्सर महंगे कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स या इंटरनेशनल स्किनकेयर प्रोडक्ट्स की चर्चा होती है, लेकिन कई बार कुछ सितारे ऐसे घरेलू और पारंपरिक नुस्खों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं जो हर किसी को हैरान कर देते हैं। अपनी अनूठी फिटनेस, योग और बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री अदा शर्मा (Adah Sharma) का स्किनकेयर सीक्रेट इन दिनों ब्यूटी और लाइफस्टाइल वर्ल्ड में जमकर चर्चा बटोर रहा है। अदा शर्मा ने अपनी दमकती त्वचा और टॉक्सिन-फ्री शरीर का राज एक खास पेय को बताया है, जिसे वे 'काला दूध' (Black Milk) कहती हैं। पहली नजर में यह नाम थोड़ा अजीब या चौंकाने वाला लग सकता है, लेकिन प्राकृतिक तत्वों से तैयार यह ड्रिंक असल में त्वचा के लिए एक शक्तिशाली डिटॉक्सिफायर का काम करता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ब्यूटी एक्सपर्ट्स से लेकर दिल्ली-मुंबई के वेलनेस कंसल्टेंट्स तक, हर कोई इस अनोखे नुस्खे के वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक पहलुओं पर चर्चा कर रहा है।क्या है अदा शर्मा का 'काला दूध' और इसका त्वचा से कनेक्शनअक्सर लोग दूध में हल्दी मिलाकर 'गोल्डन मिल्क' यानी हल्दी वाला दूध पीते हैं, लेकिन अदा शर्मा का यह ब्लैक मिल्क उससे बिल्कुल अलग और एडवांस डिटॉक्स ड्रिंक है। इस दूध का काला रंग किसी कृत्रिम रंग या केमिकल की वजह से नहीं, बल्कि इसमें मिलाए जाने वाले खाद्य-ग्रेड 'एक्टिवेटेड चारकोल' (Edible Activated Charcoal) या शुद्ध कत्था और भुने हुए हर्बल चूर्ण के मिश्रण के कारण आता है। आयुर्वेद और मॉडर्न डर्मेटोलॉजी दोनों में ही एक्टिवेटेड चारकोल को शरीर के विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने वाला सबसे बेहतरीन तत्व माना गया है। अदा शर्मा का मानना है कि बाहरी क्रीम या सीरम लगाने से त्वचा कुछ ही देर चमकती है, लेकिन जब आपका खून और पेट अंदर से साफ होता है, तो चेहरे पर आने वाला कुदरती निखार (Natural Glow) लंबे समय तक बना रहता है।ब्लैक मिल्क पीने के 5 सबसे बड़े स्किन और हेल्थ बेनिफिट्सशरीर को भीतर से शुद्ध करने वाले इस अनूठे ड्रिंक के नियमित सेवन से त्वचा और सेहत को कई अद्भुत फायदे मिलते हैं:डीप स्किन डिटॉक्सिफिकेशन: एक्टिवेटेड चारकोल के सूक्ष्म छिद्र शरीर में जमा गंदगी, फ्री-रेडिकल्स और हानिकारक टॉक्सिन्स को खुद से चिपकाकर पेट के रास्ते बाहर निकाल देते हैं, जिससे मुंहासे और पिंपल्स की समस्या जड़ से खत्म होने लगती है।पिगमेंटेशन और डार्क स्पॉट्स से राहत: जब शरीर की अंदरूनी गंदगी बाहर निकलती है, तो ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है। इससे चेहरे के दाग-धब्बे, झाइयां और आंखों के नीचे के काले घेरे धीरे-धीरे हल्के पड़ने लगते हैं।एंटी-एजिंग और कोलाजन बूस्ट: इस ड्रिंक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व त्वचा के लचीलेपन को बनाए रखते हैं और समय से पहले चेहरे पर झुर्रियां व फाइन लाइंस आने से रोकते हैं।पाचन तंत्र में सुधार और गैस-एसिडिटी से मुक्ति: खराब पाचन का सीधा असर चेहरे पर बेजान त्वचा के रूप में झलकता है। चारकोल आधारित यह ड्रिंक आंतों की सूजन और ब्लोटिंग को कम कर गट हेल्थ को दुरुस्त करता है।ऑयली स्किन के लिए वरदान: जिन लोगों की त्वचा अत्यधिक तैलीय (Oily Skin) होती है, उनके लिए यह सीबम प्रोडक्शन को संतुलित करने में जादुई असर दिखाता है।घर पर कैसे बनाएं अदा शर्मा स्पेशल 'काला दूध': आसान रेसिपीइस जादुई ब्यूटी ड्रिंक को घर पर तैयार करना बेहद आसान है और इसके लिए आपको केवल कुछ ही प्राकृतिक चीजों की जरूरत होती है।आवश्यक सामग्री:एक गिलास दूध (गाय का ताजा दूध या वीगन विकल्प के रूप में बादाम/ओट्स मिल्क)आधा छोटा चम्मच फूड-ग्रेड एक्टिवेटेड चारकोल पाउडर (यह ध्यान रहे कि चारकोल केवल खाने योग्य यानी एडिबल ग्रेड ही होना चाहिए)एक चुटकी दालचीनी पाउडर (Cinnamon Powder)एक चुटकी ताजी कुटी हुई काली मिर्चस्वाद और मिठास के लिए एक चम्मच शुद्ध शहद या खजूर का पेस्टबनाने की विधि:सबसे पहले एक पैन में एक गिलास दूध को मध्यम आंच पर हल्का गुनगुना गर्म कर लें।जब दूध गुनगुना हो जाए, तो आंच धीमी करें और उसमें आधा चम्मच फूड-ग्रेड एक्टिवेटेड चारकोल पाउडर डालें।अब चम्मच या व्हिस्कर की मदद से दूध को अच्छी तरह मिलाएं ताकि चारकोल की कोई गांठ न बने और दूध पूरी तरह गहरा काला नजर आने लगे।इसके बाद इसमें एक चुटकी दालचीनी पाउडर और काली मिर्च मिलाएं, जो इसके स्वाद को बढ़ाने के साथ-साथ मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं।दूध को आंच से उतारें, हल्का ठंडा होने दें और फिर उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं (ध्यान रहे कि उबलते दूध में शहद कभी न डालें)। आपका फ्रेश ब्लैक मिल्क बनकर तैयार है।ब्लैक मिल्क का सेवन करते समय किन सावधानियों का रखें ध्यानयद्यपि ब्लैक मिल्क त्वचा के लिए बेहद गुणकारी है, लेकिन इसके सेवन को लेकर डर्मेटोलॉजिस्ट और न्यूट्रिशनिस्ट कुछ खास सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। सबसे पहली और अहम बात यह है कि इसका सेवन रोजाना की आदत बनाकर अत्यधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। सप्ताह में 1 या 2 बार रात को सोने से पहले या सुबह खाली पेट इसका सेवन करना पर्याप्त माना जाता है। चूंकि एक्टिवेटेड चारकोल शरीर में चीजों को सोखने का काम करता है, इसलिए यदि आप किसी बीमारी की नियमित दवाइयां ले रहे हैं, तो दवा खाने के तुरंत बाद इसका सेवन न करें, कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतराल जरूर रखें। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं या गंभीर क्रोनिक कब्ज से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन शुरू करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक या डायटीशियन से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
आंखों के सामने पत्नी पर झपटा बाघ, बेबस पति चाहकर भी नहीं बचा सका जान
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में ताडोबा-अंधारी बाघ परियोजना के बफर क्षेत्र में बाघ के हमले में 45 वर्षीय महिला उषा अंकुश गुरुनुले की मौत हो गई. शुक्रवार, 16 अक्टूबर को वह अपने पति के साथ जंगल से सटे खेत में धान की सिंचाई करने गई थीं. इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया.
व्रत के सादे आलू छोड़िए, लंच बनाकर खाएं आलू-कुट्टू वाली कढ़ी पकौड़ा
Aloo Kuttu Kadhi: अगर आप भी नवरात्र के व्रत में सादे आलू खाकर बोर हो गए हैं तो कुछ नया ट्राई कीजिए. यहां हम आपको कुट्टू के आटे और आलू से बनने वाली टेस्टी पकौड़े की रेसिपी बता रहे हैं.
100 रुपये एक बच्चे से लेते हैं... जानिए मॉल में ट्रेन में घूमाने वालों की कितनी कमाई?
मॉल में बच्चों को छोटी ट्रेन में घुमाने के लिए एक टिकट के करीब 100 रुपये लिए जाएं, तो दिनभर और महीने में कितनी कमाई हो सकती है? ऐसे में अगर एक दिन में 70 बच्चे ट्रेन की सवारी करते हैं, तो 100 रुपये प्रति टिकट के हिसाब से कमाई 7,000 रुपये होगी.
पत्नी से कपड़े और बर्तन धुलवाना क्रूरता नहीं, हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ रद्द की FIR
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पत्नी से कपड़े और बर्तन धुलवाने के आरोप पर पति और उसके पांच रिश्तेदारों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दी। कोर्ट ने कहा कि ये आरोप IPC की धारा 498A के तहत वैवाहिक क्रूरता का अपराध नहीं बनाते।
राशिफल 17 अक्टूबर: मिथुन और कन्या को मिल सकती है सफलता, जानें सभी 12 राशियों का हाल
कारोबार में फैसले सोच-समझकर लें। परिवार में तालमेल बनाए रखें और खर्चों पर ध्यान दें। किसी पुराने मित्र...
CJP प्रोटेस्ट पर भारत से सवाल करें रुबियो, अमेरिकी सांसदों ने लिखी चिट्ठी
अमेरिका के छह डेमोक्रेटिक सांसदों ने भारत में छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित अत्यधिक बल प्रयोग, दमन और गलत हिरासत के मामलों को लेकर विदेश मंत्री मार्को रुबियो से हस्तक्षेप की अपील की है. सांसदों ने दिल्ली और अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर चिंता जताई है.
30 फीट की ऊंचाई और कॉकरोच... दिल्ली में तैयार हो रहे अनोखे पुतले की कहानी
दिल्ली के पीतमपुरा में इस दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया जाएगा. श्री केशव रामलीला समिति का कहना है कि यह पुतला गंदगी का प्रतीक होगा और इसके जरिए स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा. कारीगर इसे कॉकरोच जैसा आकार देने में जुटे हैं. जानिये पूरी कहानी.
राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और मार्च के बीच दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शनिवार को जानकारी दी कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके अभी भी प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) में हैं और उन्हें जल्द ही स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। दूसरी ओर, 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को आवश्यक औपचारिकताओं के बाद पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि दिपके के खिलाफ यह कार्रवाई 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS), 2023 की धारा 126 और 170 के तहत की गई है। वहीं, 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा, जिन्हें 'तिरंगा यात्रा' के मद्देनजर मंडी हाउस जाते समय हिरासत में लिया गया था, उन्हें दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिहा कर दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Abhijeet Dipke की हिरासत पर बोलीं Mamata Banerjee, Delhi Police का यह कदम अघोषित आपातकाल रिहाई के बाद बोरा ने दिल्ली पुलिस की आलोचना की और कहा कि केंद्र सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। पत्रकारों से बात करते हुए, बोरा ने उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनका समर्थन किया। उन्होंने दोहराया कि सरकार के खिलाफ AISA की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक कि इलेक्टोरल रोल (मतदाता सूची) के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को वापस नहीं ले लिया जाता। बोरा ने कहा, सरकार ने कानूनी और गैर-कानूनी होने की सारी हदें पार कर दी हैं। देश में ऐसा लंबे समय से हो रहा है, लेकिन अब यह और भी साफ हो गया है। प्रदर्शनकारियों को हर दिन हिरासत में लिया जाता है और बाद में छोड़ दिया जाता है। आखिर ये गैर-कानूनी गिरफ्तारियां क्यों हो रही हैं? इनका क्या मकसद है? यह आम लोगों के मन में डर पैदा करने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। दिपके के मामले में, पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की घटना को लेकर सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में उनके खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया है। उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां यह तय होगा कि उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए या जेल में रखा जाए। इसे भी पढ़ें: Delhi Police ने CJP संयोजक Abhijeet Dipke को हिरासत में लिया, CP मार्च रोका इससे पहले, पिछले शनिवार को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले, अभिजीत दिपके को सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ एक फ्लाइट से हिरासत में ले लिया गया था। इन तीनों को रिहा तो कर दिया गया, लेकिन उससे पहले उन्हें एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने पड़े। इस बॉन्ड के तहत उन्होंने वादा किया कि वे एक साल तक ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे, जिससे शांति और व्यवस्था भंग हो। बाद में, दास और रंका को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जबकि दिल्ली पुलिस की सख्ती के बाद कुमार के खिलाफ CJP का आंदोलन विफल हो गया था और उसके कुछ दिन बाद ही जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में मान्यता देना बंद कर दिया गया था। वे दोनों अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। इसे भी पढ़ें: Connaught Place में CJP के मार्च से पहले हलचल, Abhijeet Dipke के घर पहुंची पुलिस जंतर-मंतर पर सख्ती और बढ़ता राजनीतिक तनाव हाल के घटनाक्रमों और पुलिस की लगातार कड़ाई के बाद राजधानी में विरोध प्रदर्शनों को लेकर माहौल गरमा गया है। CJP और AISA जैसे छात्र व सामाजिक संगठनों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक हैं। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
रिहाई के बाद भड़कीं AISA प्रेसिडेंट नेहा बोरा, बोलीं- 'आम नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव'
दिल्ली में तिरंगा मार्च और विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मामला गरमाता जा रहा है। AISA प्रेसिडेंट नेहा बोरा को करीब 12 घंटे तक हिरासत में रखने के बाद शुक्रवार तड़के आरके पुरम थाने से रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद नेहा बोरा ने सरकार और ...
इंजर्ड पंत टीम में, शमी से क्या है दिक्कत? टीम सेलेक्शन पर उठे सवाल
न्यूजीलैंड दौरे से पहले दो बड़े सवाल हैं. क्या ऋषभ पंत और प्रसिद्ध कृष्णा समय रहते फिटनेस हासिल कर पाएंगे, साथ ही मोहम्मद शमी को टीम से बाहर रखने के पीछे चयनकर्ताओं की क्या रणनीति है? शमी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है.
रूम हीटर या ब्लोअर, सर्दियों में सोने के लिए कौन बेहतर?
सर्दियों में ठंड से बचने के लिए रूम हीटर और ब्लोअर का इस्तेमाल बढ़ जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोते समय दोनों में से कौन बेहतर है? अगर आप भी रात में हीटर चलाकर सोते हैं, तो इनके फायदे, नुकसान और जरूरी सेफ्टी टिप्स जरूर जान लें.
‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते
देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों एक अलग ही माहौल बना हुआ है। आये दिन कुछ न कुछ घटित हो रहा है। अब तिरंगा लहराने के लिए जोर आजमाईश हो रही है। त्योहारों का समय है, इसलिए स्वाभाविक है ऐसे प्रदर्शनों के कारण लोगों के व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में प्रश्न […] यह लेख ‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’ सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वयोवृद्ध नेता, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार शाम दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीने में संक्रमण (इन्फेक्शन) की शिकायत के बाद उन्हें शाम लगभग 7:30 बजे अस्पताल लाया गया। अस्पताल सूत्रों और डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल उन्हें पल्मोनरी (फेफड़ों से संबंधित) विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की देखरेख में रखा गया है। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनकी स्थिति अभी स्थिर बनी हुई है और उन पर इलाज का असर दिख रहा है। उल्लेखनीय है कि इस साल मई में भी उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते 96 वर्षीय आडवाणी को इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कुछ दिनों के सफल इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर को दिल्ली स्थित आडवाणी के आवास पर उनसे मुलाकात की थी इसे भी पढ़ें: 'SIR को दोष न दें, आत्म-मंथन का समय है', अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, 2029 की हार के प्रति किया आगाह इस बार उन्हें अस्पताल में तब भर्ती कराया गया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर उनसे मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने आडवाणी का आशीर्वाद लिया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब प्रधानमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के 25 साल पूरे हुए हैं। 7 अक्टूबर 2001 को वे पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तब से वे लगातार सरकार के प्रमुख पदों पर रहे हैं। 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री मोदी ने आडवाणी की दशकों की जनसेवा और देश की प्रगति में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने लिखा, आडवाणी जी से उनके आवास पर मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। उनकी दशकों की जनसेवा और हमारे राष्ट्रीय जीवन में उनके योगदान की गहरी छाप है। भारत की प्रगति को मजबूत करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। एल.के. आडवाणी ने 1999 से 2004 तक गृह मंत्री के रूप में कार्य किया तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में एल.के. आडवाणी ने 1999 से 2004 तक गृह मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके अलावा, वे 2002 से 2004 तक उप-प्रधानमंत्री भी रहे। इसे भी पढ़ें: L Murugan ने मंत्री पद और Rajya Sabha से दिया इस्तीफा, पीएम को पत्र लिख बताई 'मन की बात' एल.के. आडवाणी 1942 में आरएसएस (RSS) से जुड़े 8 नवंबर 1927 को कराची (जो अब पाकिस्तान में है) में जन्मे एल.के. आडवाणी 1942 में एक स्वयंसेवक के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े। बाद में, उन्होंने भारतीय राजनीति में अहम भूमिका निभाई। वे 1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005 तक, तीन अलग-अलग कार्यकालों के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। 1980 में पार्टी की स्थापना के बाद से, वे इसके इतिहास में सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाले नेता हैं। इसके अलावा, एल.के. आडवाणी 2002 से 2004 तक उप-प्रधानमंत्री भी रहे। इसे भी पढ़ें: JNU Sexual Harassment केस में घिरे Congress MP, BJP ने President Murmu से की निलंबन की मांग देश के प्रति उनके योगदान को देखते हुए, पिछले साल मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एल.के. आडवाणी को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया। लगभग तीन दशकों के संसदीय करियर के दौरान, एल.के. आडवाणी को उनके अडिग सिद्धांतों और नेतृत्व के लिए व्यापक रूप से सराहा गया है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
Bhagwant Mann की France यात्रा को High Court ने दी हरी झंडी, केंद्र का फैसला रद्द
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। अदालत ने केंद्र द्वारा इसके लिए राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार करने के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका स्वीकार कर ली। पंजाब सरकार ने अदालत में याचिका दायर कर केंद्र के फैसले को ‘‘मनमाना’’ बताया था। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में विदेश मंत्रालय के एक फैसले को रद्द करने का अनुरोध किया था, जिसमें 17 से 21 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार प्रदर्शनी ‘सियाल पेरिस 2026’ में भाग लेने के लिए 15 से 21 अक्टूबर तक की यात्रा को मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया था। इस यात्रा के दौरान मान एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले थे। इसमें मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भी शामिल होते। पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए वकीलों में शामिल अतिरिक्त महाधिवक्ता फेरी सोफत ने बताया कि न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार है। सोफत ने बताया कि केंद्र ने अदालत में अपने जवाब में अनुमति देने से इनकार करने के दो कारण बताए थे। इनमें सुरक्षा संबंधी चिंताएं और मुख्यमंत्री को आमंत्रण नहीं मिलना शामिल था। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अदालत को बताया कि जब हमने केंद्र से अनुमति मांगी थी, तब आमंत्रण पत्र आवेदन के साथ संलग्न किया गया था। सुरक्षा के मुद्दे पर हमने अदालत से कहा कि हमने समय रहते आवेदन किया था और केंद्र इस आधार पर अनुमति देने से इनकार नहीं कर सकता।’’
शराब तस्करी का गजब जुगाड़! ऊपर मुर्गी फार्म, नीचे बीयर का तहखाना- VIDEO
बिहार के वैशाली जिले के केशवपुर गांव में पुलिस ने शराब तस्करी के कथित ठिकाने का खुलासा किया है. मुर्गी फार्म के नीचे बने तहखाने से 5580 केन बीयर बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है. बरामद बीयर की कुल मात्रा 2790 लीटर बताई गई है.
एक विधानसभा से दूसरी में शिफ्ट हो गए 50 से ज्यादा वोटर? गोवा में विधायक के दावे से हलचल
विजय सरदेसाई का दावा है कि इन मतदाताओं के मूल मकान नंबर में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जो यह दर्शाता है कि परिसीमन की वैधानिक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर वोटर लिस्ट में अवैध हेरफेर किया गया है।
महाराष्ट्र: प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड पर बेटे से बोले CM- न्याय मिलेगा; पुणे में फर्जी कॉल सेंटर, 20 गिरफ्तार
AI का जाल और आरोपी गिरफ्तार! पुलिस ने डेटिंग ऐप का किया इस्तेमाल
शिकागो में पुलिस ने जांच में AI का इस्तेमाल करके आरोपी को दबोचा लिया है. इसके लिए पुलिस ने AI जनरेटेट इमेज का इस्तेमाल करके डेटिंग ऐप पर फेक प्रोफाइल बनाई, जिसके बाद वह आरोपी तक पहुंचे.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा, बस ने खोया कंट्रोल, खाई में गिरी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कराड़िया के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. दिल्ली से मुंबई जा रही सवारियों से भरी एक बस अचानक बेकाबू होकर खाई में गिर गई.
AISA अध्यक्ष Neha Bora रिहा, Delhi Police ने अभिजीत दीपके को किया गिरफ्तार
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत में पेश किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी दी। कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले दोनों को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हिरासत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बोरा को रिहा कर दिया गया, जबकि दीपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दीपके को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें एसईएम की अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को कनॉट प्लेस जाने के दौरान बोरा को मंडी हाउस से और दीपके को झंडेवालान से हिरासत में लिया गया था। आइसा ने दावा किया कि हिरासत में लिए जाने के बाद बोरा को आर.के. पुरम थाने ले जाए जाने से पहले पांच घंटे तक दिल्ली में एक जगह से दूसरी जगह घुमाया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि वकील आधी रात के आसपास आर.के. पुरम थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें बोरा से मिलने नहीं दिया गया। आइसा ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें कब रिहा किया जाएगा और यह जानते हुए भी कि वह पिछले कुछ दिन से अस्वस्थ हैं, उन्हें दवाएं देने से मना किया। पुलिस के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुचारू यातायात के लिए लगभग 150 लोगों को हिरासत में लिया गया। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में सुरक्षाकर्मियों की घेराबंदी है और पार्क के भीतर त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवान तैनात हैं साथ ही इलाके में अतिरिक्त बल को भी तैनात किया गया है।

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