तीन घंटे की हिरासत के बाद राहुल गांधी समेत सभी विपक्षी नेता रिहा
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विभिन्न नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के करीब तीन घंटे बाद मंगलवार रात को रिहा कर दिया गया। गांधी को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा किया […] The post तीन घंटे की हिरासत के बाद राहुल गांधी समेत सभी विपक्षी नेता रिहा appeared first on Sabguru News .
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस कार्रवाई को लेकर दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाते हुए संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और छात्रों की मांगों पर सरकार से बातचीत शुरू करने की मांग की। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
LIVE: राहुल गांधी बोले, छात्रों के लिए न्याय की लड़ाई जारी रहेगी, CJP की युवाओं से अपील
Latest News Today Live Updates in Hindi : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना बुधवार को भी जारी। सोनम वांगचुक भी मेदांता अस्पताल में अनशन जारी रखे हुए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस मामले पर संसद में चर्चा चाहती है। सीजेपी ने छात्रों से ...
CJP Protest : जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में फूड डिलीवर कंपनियों के कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं। ये कर्मचारी आंदोलन का हिस्सा नहीं है। ये लोग यहां मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली समेत देशभर से मिले खाने के ऑडर्स की डिलिवरी के लिए ...
स्मार्टफोन दिग्गज गूगल (Google) अपनी प्रीमियम पिक्सल सीरीज को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है। लीक हुई जानकारियों और रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन Google Pixel 11 Pro XL पर काम कर रही है, जो कई बड़े और क्रांतिकारी अपग्रेड्स के साथ लॉन्च होगा। इस बार कंपनी का मुख्य फोकस फोन की बैटरी लाइफ, थर्मल मैनेजमेंट और प्रोसेसर की प्रोसेसिंग क्षमता को बेहतर बनाने पर है, ताकि यह सीधे तौर पर एप्पल और सैमसंग के प्रीमियम स्मार्टफोन्स को कड़ी टक्कर दे सके।नेक्स्ट-जनरेशन Tensor G6 चिपसेट और बेजोड़ परफॉर्मेंसGoogle Pixel 11 Pro XL में कंपनी का इन-हाउस Tensor G6 (कोडनेम 'Malibu') प्रोसेसर दिए जाने की संभावना है।एडवांस नोड प्रोसेसिंग: इस चिपसेट को TSMC के एडवांस्ड 3nm प्रोसेस नोड पर तैयार किया जा रहा है।थर्मल और हीटिंग सॉल्यूशन: पुराने चिपसेट्स में आने वाली हीटिंग (Heating Issue) और बैटरी ड्रेन की समस्या को दूर करने के लिए इसमें नए आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा।ऑन-डिवाइस AI क्षमता: नया TPU (Tensor Processing Unit) गूगल जेमिनी (Gemini AI) के फीचर्स को बिना इंटरनेट के भी बेहद तेज और सटीक तरीके से प्रोसेस करने में सक्षम बनाएगा।5,500mAh की दमदार बैटरी और सुपर-फास्ट चार्जिंगपिक्सल डिवाइसेज की सबसे बड़ी शिकायत उसकी बैटरी बैकअप को लेकर रही है। इस बार गूगल इसे पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। Pixel 11 Pro XL में 5,500mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो पिछले मॉडल्स के मुकाबले काफी बड़ा जंप है।पावर-इफिशिएंट Tensor G6 चिप और बड़ी बैटरी मिलकर आसानी से 1.5 से 2 दिन का बैटरी बैकअप देंगे।इसके साथ ही फोन में फास्ट वॉयरलेस चार्जिंग और अपग्रेटेड वॉट क्षमता वाली वायर्ड फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।कैमरा, डिस्प्ले और डिजाइन: क्या-क्या होंगे खास बदलाव?प्रो-लेवल डिस्प्ले: फोन में 6.8-इंच की शार्प LTPO OLED स्क्रीन दी जा सकती है, जो 1Hz से 120Hz रिफ्रेश रेट और 3,000 निट्स से अधिक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करेगी।नेक्स्ट-लेवल कैमरा सेटअप: गूगल का सिग्नेचर 50MP मुख्य कैमरा सेंसर, नए पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस (5X ऑप्टिकल ज़ूम) और AI-पावर्ड 'नाइटसाइट' (Night Sight) वीडियो प्रोसेसिंग के साथ आएगा।सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी: यह स्मार्टफोन आउट-ऑफ-द-बॉक्स Android 17 पर रन करेगा और कंपनी इसे 7 साल के ऑपरेटिंग सिस्टम व सिक्योरिटी अपडेट्स के साथ पेश कर सकती है।
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भड़ली नवमी (Bhadli Navami) या 'भड्डरी नवमी' के नाम से जाना जाता है। इसे आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का समापन पर्व भी माना जाता है। हिंदू पंचांग में भड़ली नवमी को अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी की तरह ही एक अत्यंत पवित्र और 'अबूझ मुहूर्त' (Siddha / Un-calculated Auspicious Day) माना गया है। मान्यता है कि इस दिन कोई भी शुभ काम करने के लिए अलग से पंचांग देखने या मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। इसके बाद आषाढ़ देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाता है और भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं।खरीदारी, गृह प्रवेश और नए काम की शुरुआत के लिए उत्तम दिनभड़ली नवमी का दिन नया व्यापार शुरू करने, नया वाहन खरीदने, सोना-चांदी, मकान या जमीन की खरीदारी करने और गृह प्रवेश (Housewarming) के लिए बेहद फलदायी माना जाता है। आज के दिन किए गए दान-पुण्य और खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।गुरु अस्त होने के कारण विवाह और मांगलिक कार्यों पर रोकहालांकि भड़ली नवमी एक अबूझ मुहूर्त है और इस दिन आमतौर पर रिकॉर्ड शादियां होती हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस समय गुरु ग्रह (बृहस्पति) अस्त चल रहे हैं।हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, विवाह और सगाई जैसे मांगलिक कार्यों के लिए देवगुरु बृहस्पति का उदित और शुभ स्थिति में होना अनिवार्य होता है।गुरु के अस्त रहने के कारण इस भड़ली नवमी पर शादी-विवाह, मुंडन और जनेऊ जैसे बड़े संस्कारों पर पूरी तरह से रोक (Saha Break) लगी हुई है।अब शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त देवउठनी एकादशी के बाद ही शुरू होंगे जब चातुर्मास समाप्त होगा और गुरु ग्रह उदित होंगे।आज खरीदारी और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज भड़ली नवमी पर दिनभर पूजा-पाठ और खरीदारी के लिए शुभ योग बने हुए हैं:शुभ/अमृत चौघड़िया (प्रातःकाल): सुबह 07:15 बजे से 10:45 बजे तक (खरीदारी व नए कार्य के लिए श्रेष्ठ)अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक (सर्वश्रेष्ठ कार्य सिद्धि मुहूर्त)संध्या पूजा मुहूर्त: शाम 06:30 बजे से 08:15 बजे तक (मां दुर्गा व भगवान विष्णु की आरती)भड़ली नवमी पर करें ये 2 सरल उपाय:विष्णु-लक्ष्मी पूजा: पीले वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु को तुलसी दल और मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें।पीली वस्तुओं का दान: गुरु ग्रह के शुभ प्रभाव के लिए चने की दाल, बेसन, पीले वस्त्र या हल्दी का दान गरीबों या मंदिर में जरूर करें।
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की भक्ति और आराधना का समय होता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु सावन सोमवार और पूरे महीने के व्रत रखते हैं। अक्सर उपवास के दौरान सही खान-पान न होने से शरीर में कमजोरी, सुस्ती, डिहाइड्रेशन या एसिडिटी महसूस होने लगती है। ऐसे में ऐसा फलाहार चुनना जरूरी है जो बनाने में आसान और झटपट हो, स्वाद में लाजवाब हो और साथ ही दिनभर शरीर को भरपूर ऊर्जा (Energy) दे।1. मखाना और मूंगफली की कुरकुरी नमकीन (Quick Roasted Makhana Mix)क्यों है खास: मखाना (Fox Nuts) कैल्शियम और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो व्रत में हड्डियों को मजबूती देता है।बनाने की विधि: एक पैन में 1 चम्मच देसी घी गर्म करें। इसमें मखाने, मूंगफली के दाने और काजू-बादाम को धीमी आंच पर कुरकुरा होने तक भूनें। ऊपर से सेंधा नमक (Rock Salt), काली मिर्च पाउडर और भुना जीरा पाउडर मिलाकर एयरटाइट कंटेनर में रख लें। यह चाय के समय के लिए परफेक्ट और लो-कैलोरी स्नैक है।2. साबुदाना और शकरकंद की टिक्की (Sabudana Shakarkand Tikki)क्यों है खास: साबुदाना में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं जो तुरंत एनर्जी देते हैं, जबकि शकरकंद (Sweet Potato) फाइबर से भरपूर होता है जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है।बनाने की विधि: भीगे हुए साबुदाने में उबली और मैश की हुई शकरकंद, हरी मिर्च, बारीक कटा हरा धनिया, भुनी मूंगफली का पाउडर और सेंधा नमक मिलाएं। छोटे-छोटे कबाब या टिक्की का आकार दें और तवे पर थोड़ा सा घी डालकर हल्का शैलो फ्राई (Crispy Shallow Fry) करें। इसे दही या हरी धनिया-पुदीना की फलाहारी चटनी के साथ परोसें।3. सामा के चावल की फलाहारी खिचड़ी (Sama Chawal Khichdi)क्यों है खास: सामा या वरई के चावल बेहद हल्के और सुपाच्य (Easy to digest) होते हैं। यह पेट को भारी किए बिना दिनभर ऊर्जा बनाए रखते हैं।बनाने की विधि: एक कुकर या पैन में घी गर्म करें। उसमें जीरा, हरी मिर्च और कढ़ी पत्ता तड़काएं। अब छोटे कटे आलू, सेंधा नमक और धुले हुए सामा के चावल डालकर 2 मिनट भूनें। जरूरत के हिसाब से पानी डालकर 1-2 सीटी लगाएं। परोसते समय ऊपर से नींबू का रस और हरा धनिया डालें।4. कुट्टू और लौकी का चीला (Kuttu and Lauki Cheela)क्यों है खास: कुट्टू की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसमें कद्दूकस की हुई लौकी मिला देने से यह सुपाच्य, पौष्टिक और पेट के लिए ठंडा हो जाता है।बनाने की विधि: कुट्टू के आटे में कद्दूकस की हुई लौकी, थोड़ा सा दही, सेंधा नमक, काली मिर्च और पानी मिलाकर गाढ़ा बैटर तैयार करें। नॉन-स्टिक तवे पर हल्का घी लगाकर बैटर फैलाएं और दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेकें।व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य 3 हेल्थ टिप्स:पानी की कमी न होने दें: दिनभर में पर्याप्त पानी, नारियल पानी, लस्सी या नींबू पानी पीते रहें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।अत्यधिक तली-भुनी चीजों से बचें: ज्यादा कुट्टू की पूरी या तला हुआ साबुदाना खाने से एसिडिटी हो सकती है, इसलिए रोस्टेड या शैलो-फ्राई फलाहार को प्राथमिकता दें।ताजे फलों का सेवन करें: सेब, केला, अनार और पपीता जैसे फल पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं।
वैश्विक बाजार में मची उथल-पुथल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) पर देखने को मिल रहा है। त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह की तैयारियों के बीच सोने की कीमतों में मिला-जुला रुख बना हुआ है। सर्राफा विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में देख रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं के भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।विभिन्न कैरट के आधार पर सोने के ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम)भारतीय बाजार में आज अलग-अलग शुद्धता (Purity) के हिसाब से सोने के औसत भाव इस प्रकार हैं:24 कैरट सोना (99.9% शुद्ध): 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,44,380 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।22 कैरट सोना (91.6% शुद्ध): ज्वैलरी बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,32,360 प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई है।18 कैरट सोना (75% शुद्ध): 18 कैरेट सोने का रेट ₹1,08,320 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है।(नोट: ऊपर दिए गए दामों में लोकल टैक्स, मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी (GST) शामिल नहीं हैं, इसलिए आपके शहर के ज्वैलर के पास इन भावों में थोड़ा अंतर हो सकता है।)देश के प्रमुख शहरों में 24K और 22K सोने के रेट (प्रति 10 ग्राम)शहर22 कैरट (22K) सोने का भाव24 कैरट (24K) सोने का भावदिल्ली (Delhi)₹1,32,360₹1,44,380मुंबई (Mumbai)₹1,32,250₹1,44,270कोलकाता (Kolkata)₹1,32,250₹1,44,270चेन्नई (Chennai)₹1,32,360₹1,44,380बेंगलुरु (Bengaluru)₹1,32,250₹1,44,270अहमदाबाद (Ahmedabad)₹1,32,300₹1,44,320सोना खरीदते समय इन 3 बातों का जरूर रखें ध्यानहॉलमार्क (BIS Hallmarking) जरूर जांचें: सोना खरीदते समय उस पर बीआईएस हॉलमार्क का निशान और 6 अंकों का एचयूआईडी (HUID) नंबर जरूर देखें। 22 कैरेट पर 916 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।मेकिंग चार्ज और टैक्स का हिसाब लें: आभूषण खरीदते समय सोने के मूल भाव के अलावा मेकिंग चार्ज (Making Charges) और 3% जीएसटी का बिल अलग से जरूर बनवाएं।पक्का बिल मांगें: भविष्य में सोने को बेचने या एक्सचेंज करने में आसानी के लिए ज्वैलर से पक्का जीएसटी बिल लेना न भूलें।
आज के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार (Sensex & Nifty) में सतर्कता और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव, डोनाल्ड ट्रम्प की हालिया घोषणाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। क्रूड ऑयल में उछाल के कारण भारतीय रुपये (Rupee) पर भी दबाव बढ़ता दिख रहा है। इसके अलावा एशियाई बाजारों में मिले-जुले संकेतों के बीच GIFT Nifty भी शेयर बाजार की धीमी या सीमित दायरे में शुरुआत की ओर इशारा कर रहा है।आज इन बड़े स्टॉक्स में दिखेगा जोरदार एक्शन (Stocks to Watch Today):Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी): देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी अपने नए वाहनों के लॉन्च, बिक्री आंकड़ों और तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों के फोकस में बनी हुई है। ऑटो सेक्टर में मांग और प्रोडक्शन अपडेट्स के कारण शेयर में हलचल संभव है।Bandhan Bank (बंधन बैंक): बैंकिंग सेक्टर में जारी तेजी और ब्रोकरेज रिपोर्टों के सकारात्मक रुख के बीच बंधन बैंक का स्टॉक फोकस में रहेगा। बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) और लोन ग्रोथ को लेकर नई अपडेट्स पर बाजार की पैनी नजर है।Zomato / Eternal (जोमैटो / इटर्नल): फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स दिग्गज Zomato (Eternal) के पहली तिमाही (Q1 Earnings) के नतीजों, नए निवेशों और ब्लिंकिट (Blinkit) के विस्तार की खबरों के चलते यह स्टॉक आज भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम देख सकता है।Trident Ltd (ट्राइडेंट): टेक्सटाइल और होम टेक्सटाइल सेगमेंट की इस प्रमुख कंपनी में कॉर्पोरेट एक्शन, बिजनेस विस्तार और निर्यात ऑर्डर की खबरों के आधार पर शेयर विशिष्ट मूवमेंट देखने को मिल सकता है।MedPlus Health Services (मेडप्लस): रिटेल फार्मेसी चेन मेडप्लस में नए स्टोर्स के उद्घाटन और हालिया वित्तीय प्रदर्शन के बाद संस्थागत निवेशकों की खरीदारी की संभावना बनी हुई है।तिमाही नतीजों (Q1 Results) का दिखेगा बड़ा असरआज शेयर बाजार में कॉर्पोरेट अर्निंग्स का दबदबा रहने वाला है। अडानी पावर (Adani Power), नेस्ले इंडिया (Nestle India), बीपीसीएल (BPCL) और डॉ. रेड्डीज (Dr. Reddy's) जैसी कई दिग्गज कंपनियां अपनी जून तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित करने जा रही हैं। कंपनियों के रेवेन्यू, मार्जिन और भविष्य की गाइडलाइंस के आधार पर निफ्टी में सेक्टर-स्पेसिफिक तेजी या गिरावट दर्ज की जा सकती है।निवेशकों के लिए मुख्य रणनीति और सलाहबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए निवेशकों को आज संभलकर ट्रेड करना चाहिए। इंडेक्स स्तर पर आक्रामक दांव लगाने के बजाय सिर्फ मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों (Stock Specific Approach) और तिमाही नतीजों से प्रभावित स्टॉक्स पर ही फोकस करना फायदेमंद रहेगा।
अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत 4 साल की सेवा पूरी करके बाहर निकलने वाले पूर्व अग्निवीरों (Ex-Agniveers) के करियर और रोजगार को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय (MHA) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF - जैसे BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB) और असम राइफल्स में होने वाली भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता देने और 50 प्रतिशत तक आरक्षण व विशेषाधिकार देने की दिशा में संशोधन किए गए हैं। सरकार के इस कदम से 4 साल बाद सेना से सेवानिवृत्त होने वाले युवाओं को एक सुरक्षित और स्थायी करियर विकल्प मिलेगा।उम्र सीमा में छूट: पहले बैच और सामान्य बैच के लिए अलग नियमपूर्व अग्निवीरों के लिए CAPF कांस्टेबल भर्तियों में आयु सीमा (Age Limit) को लेकर भी बड़ा ढील दिया गया है:प्रथम बैच के अग्निवीर: अग्निपथ योजना के पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा में अधिकतम 5 वर्ष की छूट दी जाएगी।भविष्य के बैच के अग्निवीर: पहले बैच के बाद आने वाले सभी अग्निवीरों को आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट का लाभ मिलता रहेगा।इस छूट के कारण, जो अग्निवीर 4 साल की सेवा के बाद बाहर आएंगे, वे बिना किसी परेशानी के CAPF भर्तियों में आवेदन कर सकेंगे।शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से मिलेगी पूरी तरह छूटपूर्व अग्निवीरों के लिए एक और बड़ी राहत यह है कि उन्हें CAPF और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) भर्ती के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test - PET) देने की आवश्यकता नहीं होगी। चूंकि अग्निवीर पहले ही भारतीय थल सेना, नौसेना या वायुसेना में कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें शारीरिक रूप से फिट माना जाएगा और वे सीधे लिखित परीक्षा और अन्य चयन प्रक्रियाओं में भाग ले सकेंगे।देश के प्रमुख अर्धसैनिक बलों ने तैयार किया स्पेशल ब्लूप्रिंटसीआईएसएफ (CISF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), और सीआरपीएफ (CRPF) जैसे प्रमुख अर्धसैनिक बलों के महानिदेशकों ने स्पष्ट किया है कि उनके यहां निकलने वाली कांस्टेबल भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए सीटें आरक्षित रखी जाएंगी। इस फैसले से न केवल युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि अर्धसैनिक बलों को पहले से ही प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवी जवान मिलेंगे, जिससे बलों की दक्षता और परिचालन क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा।
Top News 22 July : पीएम ऑफिस के पास धरना दे रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रिहा किया। दिल्ली में झड़प के बाद गुरुवारा बना घायल प्रदर्शनकारियों का सहारा। छात्र आंदोलन पर पहली बार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान, कहा-राहुल गांधी छात्रों का ...
70 के दशक में जब बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) का जादू देश के सिर चढ़कर बोल रहा था, तब उनका अनोखा ड्रेसिंग स्टाइल हर युवा का फैशन स्टेटमेंट बन गया था। काका का वो ढीला-ढाला 'गुरु कुर्ता' और सफारी सूट पूरे देश में ट्रेंड कर रहा था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि राजेश खन्ना के इन आइकोनिक कपड़ों को सिलने और डिजाइन करने के पीछे मुंबई के एक मशहूर दर्जी बलदेव पाठक (Baldev Pathak) का हाथ था। बलदेव पाठक की कारीगरी का ऐसा जलवा था कि उनके पास रोजाना हजारों कुर्तों के ऑर्डर आते थे और दूर-दूर से लोग उनसे कपड़े सिलवाने मुंबई पहुंचते थे।नसीरुद्दीन शाह और पंकज कपूर से अनूठा पारिवारिक नाताबलदेव पाठक का यह फिल्मी कनेक्शन आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित कलात्मक परिवारों में बदल गया। दरअसल, बलदेव पाठक का रिश्ता बॉलीवुड के दो सबसे महान अभिनेताओं—नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) और पंकज कपूर (Pankaj Kapur) से बना।नसीरुद्दीन शाह की शादी बलदेव पाठक की बड़ी बेटी रत्ना पाठक शाह (Ratna Pathak Shah) से हुई।वहीं पंकज कपूर ने बलदेव पाठक की छोटी बेटी सुप्रिया पाठक (Supriya Pathak) से विवाह किया।इस तरह राजेश खन्ना के कपड़े डिजाइन करने वाले बलदेव पाठक रिश्ते में नसीरुद्दीन शाह और पंकज कपूर दोनों के ससुर (Father-in-law) बने।सास से लेकर बेटियां तक: एक्टिंग की दुनिया में कायम किया राजबलदेव पाठक ने अपने जमाने की दिग्गज और कालजयी अभिनेत्री दीना पाठक (Dina Pathak) से शादी की थी। दीना पाठक ने 'गोलमाल', 'खूबसूरत' और 'मिर्च मसाला' जैसी अनगिनत फिल्मों में मां और दादी के किरदारों से भारतीय सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी।रत्ना पाठक शाह: 'साराभाई वर्सेस साराभाई' में 'माया साराभाई' के किरदार से हर दिल अजीज बनीं और 'जाने तू या जाने ना', 'कपूर एंड संस' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया।सुप्रिया पाठक: 'खिचड़ी' में अपने आइकॉनिक किरदार 'हंसा' और फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' में 'धनकोर बा' के नेगेटिव रोल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराही गईं।काका का करियर ढलान पर आते ही बदला परिवार का वक्तजब 70 के दशक के अंत में राजेश खन्ना का स्टारडम धीरे-धीरे कम होने लगा, तो उसका सीधा असर बलदेव पाठक के टेलरिंग बिजनेस पर भी पड़ा। कुछ समय बाद उनका देहांत हो गया। हालांकि, उनकी पत्नी दीना पाठक और उनकी दोनों बेटियों ने अपने अभिनय और मेहनत के दम पर भारतीय थिएटर, टेलीविजन और हिंदी सिनेमा की दुनिया में एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जो आज मिसाल बन चुका है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (OTT Platforms) पर हर हफ्ते दर्शकों की पसंद और व्यूअरशिप के आधार पर आने वाली टॉप 10 ट्रेंडिंग लिस्ट इस बार बेहद चौंकाने वाले परिणाम लेकर आई है। लंबे समय से टीवी और डिजिटल स्पेस पर एकछत्र राज करने वाले डेली सोप्स और बॉलीवुड कंटेंट को इस बार लाइव स्पोर्ट्स ने पीछे छोड़ दिया है।Ormax और विभिन्न ओटीटी ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स की ताजा व्यूअरशिप रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय दर्शकों ने इस हफ्ते ड्रामा शोज के बजाय लाइव स्पोर्ट्स और रियलिटी कंटेंट पर सबसे ज्यादा प्यार लुटाया है, जिससे रैंकिंग टेबल पूरी तरह बदल गई है।क्रिकेट को पछाड़कर नंबर 1 की कुर्सी पर काबिज हुआ FIFA (फुटबॉल)आमतौर पर भारत में क्रिकेट को सबसे ज्यादा देखा जाने वाला खेल माना जाता है, लेकिन इस हफ्ते ओटीटी व्यूअरशिप के मामले में बड़ा इतिहास रचा गया है। भारत-इंग्लैंड क्रिकेट सीरीज जैसी हाई-प्रोफाइल स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग को पछाड़ते हुए फीफा (FIFA) के मुकाबलों ने पहला स्थान (Number 1 Position) हासिल कर लिया है। लाइव फुटबॉल मैच और हाई-वोल्टेज रोमांच ने भारतीय दर्शकों को ओटीटी स्क्रीन से पूरी तरह बांधकर रखा, जिसके चलते स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग ने व्यूअरशिप के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।10वें पायदान पर पहुंची 'अनुपमा', लॉक-अप और लाफ्टर शेफ्स का जलवा बरकरारइस पूरी लिस्ट में सबसे चौंकाने वाली गिरावट टीवी और ओटीटी की क्वीन कही जाने वाली रूपाली गांगुली के शो 'अनुपमा' (Anupamaa) में देखने को मिली है। एक समय पर टॉप 3 में रहने वाला यह शो खिसक कर अब सीधे 10वें स्थान (10th Position) पर आ गया है। दर्शकों के अनुसार, लगातार चल रहे ड्रामे और लंबे लीप के कारण व्यूअर्स थोड़े बोर महसूस कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर:नंबर 8: कंगना रनौत/मुनव्वर फारूकी फेम रियलिटी शो 'लॉक अप' का नया सीजन अपनी जगह बनाए हुए है।नंबर 5: भारती सिंह और कृष्णा अभिषेक का हिट कॉमेडी-कुकिंग शो 'लाफ्टर शेफ्स' (Laughter Chefs) दर्शकों का हंसते-हंसाते मनोरंजन कर रहा है।नंबर 3 & 6: पॉपुलर ड्रामा 'ठुकरा के मेरा प्यार' और सिटकॉम 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' अभी भी टॉप 10 की लिस्ट में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।स्पोर्ट्स और रियलिटी जॉनर की ओर तेजी से शिफ्ट हो रही है ऑडियंसओटीटी व्यूअरशिप के ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि भारतीय डिजिटल ऑडियंस का मिजाज अब तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक सास-बहू ड्रामों और लंबे टीवी सीरियल्स के मुकाबले लोग लाइव स्पोर्ट्स (जैसे फुटबॉल और क्रिकेट) तथा अनस्क्रिप्टेड रियलिटी/कॉमेडी शोज देखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। आने वाले हफ्तों में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स अपने कंटेंट और स्ट्रीमिंग स्ट्रैटेजी में और बड़े बदलाव कर सकते हैं।
बॉलीवुड में जब भी आइकोनिक विलेन्स (Iconic Villains) और खतरनाक डाकुओं के किरदारों की बात होती है, तो फिल्म 'चाइना गेट' (China Gate) का खूंखार डाकू 'जागिरा' हर सिनेमा प्रेमी के जेहन में उभर आता है। इस खौफनाक और यादगार किरदार को पर्दे पर जीवंत किया था बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता मुकेश तिवारी (Mukesh Tiwari) ने। बहुत कम लोग जानते हैं कि अपनी पहली ही फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाले मुकेश तिवारी ने इस रोल को वास्तविक और डरावना बनाने के लिए किस हद तक त्याग किया था।डाकू 'जागिरा' बनने के लिए 50 दिनों तक नहीं नहाए थे मुकेश तिवारी'चाइना गेट' फिल्म में डाकू जागिरा की बॉडी लैंग्वेज, गंदे कपड़े और भयानक लुक को बिल्कुल रियल दिखाने के लिए मुकेश तिवारी ने लगातार 50 दिनों तक न नहाने का बेहद कठिन फैसला लिया था। राजस्थान और जंगलों के कठोर इलाकों में शूटिंग के दौरान उन्होंने शरीर पर मिट्टी, पसीना और गंदगी जमने दी ताकि किरदार में किसी भी तरह का बनावटीपन या मेकअप का ढोंग न नजर आए। उनकी इस अभूतपूर्व मेहनत और अभिनय का ही नतीजा था कि फिल्म के रिलीज होते ही 'जागिरा' का खौफ दर्शकों के दिलों-दिमाग पर छा गया और उन्हें पहली ही फिल्म से स्टारडम मिल गया।'वसूली भाई' बनकर कॉमेडी से जीता सबका दिलडाकू जागिरा के रूप में भयानक विलेन की भूमिका निभाने के बाद, मुकेश तिवारी ने खुद को एक ही इमेज में बंधने नहीं दिया। रोहित शेट्टी की ब्लॉकबस्टर गोलमाल (Golmaal) सीरीज में उन्होंने 'वसूली भाई' का कालजयी कॉमेडी किरदार निभाया। खूंखार डाकू से लेकर कॉमिक विलेन तक का उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों को खूब रास आया और 'वसूली भाई' का डायलॉग और अंदाज आज भी मीम्स और पॉप कल्चर का हिस्सा बना हुआ है। इसके अलावा उन्होंने 'गंगाजल', 'अपहरण', और 'चेन्नई एक्सप्रेस' जैसी ढेरों हिट फिल्मों में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया।4000 करोड़ी महाकाव्य 'रामायण' में निभाएंगे अगस्त्य मुनि का किरदारमुकेश तिवारी के करियर में अब एक और बहुत बड़ा और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही देश की सबसे भव्य और 4000 करोड़ रुपये के बजट वाली मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' (Ramayana) में वे एक बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आने वाले हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुकेश तिवारी इस फिल्म में महान ऋषियों में श्रेष्ठ 'अगस्त्य मुनि' (Agastya Muni) का किरदार निभाएंगे। अपनी दमदार आवाज और गंभीर अभिनय शैली के लिए जाने जाने वाले मुकेश तिवारी को इस पौराणिक और सम्मानजनक भूमिका में देखना दर्शकों के लिए एक अद्भुत अनुभव होगा।
हमेशा गंभीर क्यों नजर आते हैं शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान? को-एक्टर राघव जुयाल ने खोली दिल की बात
बॉलीवुड के 'किंग खान' यानी शाहरुख खान के लाडले बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपने सख्त और रिजर्व अंदाज के लिए भी हमेशा चर्चा में रहते हैं। आपने भी अक्सर नोटिस किया होगा कि आर्यन खान शायद ही कभी किसी पब्लिक प्लेस या कैमरे के सामने हंसते या मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। वह हमेशा एक गंभीर और शांत मुद्रा में ही दिखाई देते हैं। अब इसी रहस्य से पर्दा उठाते हुए उनके को-एक्टर और करीबी दोस्त राघव जुयाल ने एक इंटरव्यू में इसके पीछे की असली वजह का खुलासा किया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।राघव जुयाल ने बताई आर्यन के पब्लिक में न हंसने की वजहडांसर से बेहतरीन अभिनेता बने राघव जुयाल इन दिनों अपनी प्रोफेशनल सक्सेस के साथ-साथ आर्यन खान के साथ अपनी गहरी दोस्ती को लेकर भी सुर्खियों में हैं। हाल ही में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की अपकमिंग वेब सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में राघव जुयाल को एक अहम किरदार निभाने का मौका मिला है, जिसके बाद से दोनों के बीच काफी अच्छी बॉन्डिंग हो गई है। पिंकविला के साथ हाल ही में हुई एक खास बातचीत के दौरान जब राघव से यह सवाल पूछा गया कि आखिर आर्यन खान हर पब्लिक इवेंट में इतने सीरियस क्यों दिखते हैं और कभी मुस्कुराते क्यों नहीं हैं? तो इस पर राघव ने बहुत ही दिलचस्प जवाब दिया।'वह कोई बनावटीपन नहीं दिखाना चाहता'आर्यन खान के स्वभाव के बारे में खुलकर बात करते हुए राघव जुयाल ने बताया कि, वह दुनिया को दिखाने के लिए कुछ भी नकली या बनावटीपन नहीं करना चाहता। मुझे नहीं लगता कि वह किसी भी तरह का ढोंग करना पसंद करता है। वह जैसा है, बिल्कुल वैसा ही सबके सामने रहता है और मुझे लगता है कि उसे वैसे ही रहने देना चाहिए। अंदर से वह एक बेहद क्रिएटिव, सहज और दयालु किस्म का इंसान है। राघव ने आगे बताया कि मीडिया और कैमरे के सामने रहने पर आर्यन को एक अजीब सा डर या संकोच महसूस होता है, जिसे वह कैमरे का फोबिया भी कह सकते हैं। वह जानबूझकर एटीट्यूड में नहीं रहते, बल्कि उनका स्वभाव ही ऐसा है।क्लोज फ्रेंड ने खोली पोल, घर में करते हैं खूब मस्तीजब राघव से यह पूछा गया कि क्या आर्यन घर या दोस्तों के बीच भी ऐसे ही गंभीर रहते हैं, तो उन्होंने हंसते हुए इसका खंडन किया। राघव ने खुलासा किया कि आर्यन अपनी पर्सनल लाइफ और दोस्तों के बीच बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आते हैं। घर पर वह खुलकर हंसते हैं, मजाक करते हैं और दोस्तों के साथ जमकर मस्ती करते हैं। उनके अंदर एक छोटे बच्चे जैसी मासूमियत छिपी है, जिसे सिर्फ उनके करीबी लोग ही देख पाते हैं। बता दें कि राघव जुयाल ने हाल ही में एक शानदार प्राइवेट बर्थडे पार्टी भी प्लान की थी, जिसमें आर्यन खान और बॉबी देओल समेत उनके कई करीबी दोस्त शामिल हुए थे।
देशभर में चर्चित मेघालय हनीमून मर्डर केस (राजा रघुवंशी हत्याकांड) में सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट की पीठ (जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले) ने मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि वे या तो स्वेच्छा से आत्मसमर्पण (Surrender) कर दें या फिर अदालत राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी जमानत रद्द करने का आदेश पारित करेगी। शीर्ष अदालत मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाई कोर्ट द्वारा सोनम को दी गई जमानत के फैसले को चुनौती दी गई है।टाइप की एक छोटी गलती के आधार पर मिली थी निचली अदालत से राहतपूरा मामला इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हुई संदिग्ध हत्या से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। शिलांग की निचली अदालत और बाद में मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम को इस तकनीकी आधार पर जमानत दे दी थी कि गिरफ्तारी के वक्त तैयार किए गए कागजातों में धारा 103 BNS (हत्या) की जगह गलती से धारा 403 BNS टाइप हो गया था। इसे 'अरेस्ट ग्राउंड्स' की सही जानकारी न देना मानते हुए जमानत दी गई थी।मेघालय सरकार की दलील: 'टाइपो एरर' को आधार बनाकर दी गई राहत गलतसुप्रीम कोर्ट में मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि यह केवल एक क्लर्क की टाइपिंग की गलती थी, जबकि अन्य 6 दस्तावेजों पर स्पष्ट रूप से हत्या के आरोप दर्ज थे और आरोपी ने उन पर दस्तखत भी किए थे। सरकार ने तर्क दिया कि सोनम ने पहली तीन जमानत अर्जियां खारिज होने तक कभी इस बात पर आपत्ति नहीं जताई। गंभीर मर्डर केस में इतनी मामूली प्रक्रियात्मक चूक के आधार पर जमानत देना न्यायसंगत नहीं है।अदालत का संदेश: मुख्य गवाहों के बयान होने तक जेल में रहना बेहतरसुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए आरोपी के वकील से कहा कि अदालत को मामले में कई खामियां दिखी हैं और बेहतर यही होगा कि आरोपी खुद सरेंडर कर दे। पीठ ने संकेत दिया कि मुख्य अभियोजन गवाहों (Prosecution Witnesses) की गवाही और बयान दर्ज होने के बाद ही जमानत याचिका पर दोबारा विचार किया जा सकता है। अदालत ने सोनम के वकील को निर्णय लेने के लिए समय दिया है।
'न्याय में देरी न्याय न मिलने के बराबर है' (Justice delayed is justice denied) की कहावत हम अक्सर सुनते हैं, लेकिन जब न्याय आखिरकार मिलता है, तो वह व्यवस्था पर जनता के विश्वास को और मजबूत कर देता है। कुछ ऐसा ही मामला देश की शीर्ष अदालत (Supreme Court) में देखने को मिला, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक पूर्व अधिकारी को अपने हक और सम्मान के लिए पूरे 25 वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की समीक्षा करते हुए पीड़ित अधिकारी के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें उनके सभी बकाए व सेवा लाभ देने का निर्देश देकर एक मिसाल कायम की है।क्या था पूरा मामला और क्यों शुरू हुई थी कानूनी जंग?यह मामला दो दशक से भी अधिक समय पहले शुरू हुआ था, जब सीआरपीएफ में कार्यरत इस अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई के तहत गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए गए थे। अधिकारी का कहना था कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण, नियमों के खिलाफ और प्रशासनिक खामियों से भरी थी। बिना सही प्रक्रिया अपनाए और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए बिना ही उनके करियर और पेंशन से जुड़े लाभों पर कुठाराघात किया गया था। अपने आत्मसम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने अदालतों का दरवाजा खटखटाया।निचली अदालतों से लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत तक का सफरविभागीय ट्रिब्यूनल से लेकर हाई कोर्ट तक कई सालों तक यह मामला खिंचता रहा। हर मोड़ पर कानूनी पेचीदगियों और तारीखों के दौर से गुजरते हुए आखिरकार यह याचिका देश की सर्वोच्च अदालत पहुंची। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि अधिकारी के खिलाफ की गई विभागीय जांच में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) का घोर उल्लंघन किया गया था। कोर्ट ने माना कि बिना पुख्ता सबूतों और सही प्रक्रिया के किसी निष्ठावान अधिकारी को इस तरह प्रताड़ित नहीं किया जा सकता।सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: सेवा लाभ और पेंशन का भुगतान करने का आदेशसुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक रवैये पर कड़ी टिप्पणी करते हुए आदेश दिया कि पीड़ित अधिकारी को उनके पद से जुड़े सभी बकाया वेतन, पदोन्नति के लाभ और पेंशन संबंधी भत्ते पूरे सम्मान के साथ दिए जाएं। इस ऐतिहासिक फैसले ने यह संदेश दे दिया है कि देश के सुरक्षा बलों में काम करने वाले जवानों और अधिकारियों के अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता, चाहे इसमें कितना भी समय क्यों न लग जाए। न्याय मिलने के बाद पूर्व अधिकारी और उनके परिवार ने न्यायपालिका के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
झारखंड को मिलने जा रहा पहला फिल्म और टेलीविजन संस्थान, SRFTI और JFDCL के बीच आज होगा ऐतिहासिक एमओयू
झारखंड के कला, संस्कृति और फिल्म जगत के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। राज्य में फिल्म निर्माण, अभिनय और इसकी शिक्षा को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए झारखंड सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में आज रांची के प्रोजेक्ट भवन में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह करार राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के अधीन कार्यरत झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDCL) और कोलकाता के प्रतिष्ठित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के बीच संपन्न होगा, जिसके बाद राज्य में पहले फिल्म संस्थान का रास्ता साफ हो जाएगा।राज्य में खुलेगा 'झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (JFTI)इस बहुप्रतीक्षित एमओयू के धरातल पर उतरते ही झारखंड में 'झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (JFTI) की स्थापना का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो जाएगा। आज आयोजित होने वाले इस हस्ताक्षर समारोह के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थाओं के बीच कार्यों का बेहतरीन बंटवारा किया गया है, जहाँ जेएफडीसीएल संस्थान के वित्तीय प्रबंधन और सुचारू संचालन की कमान संभालेगा, वहीं देश का नामी संस्थान एसआरएफटीआई अकादमिक ढांचे को विकसित करने, विश्वस्तरीय पाठ्यक्रम तैयार करने और तकनीकी विशेषज्ञता व फैकल्टी उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी निभाएगा।स्थानीय युवाओं को मिलेगा ग्लोबल स्तर का टेक्निकल ट्रेनिंगइस नए संस्थान के खुलने से झारखंड के प्रतिभाशाली युवाओं को अब फिल्म निर्देशन, अभिनय, सिनेमैटोग्राफी, फिल्म एडिटिंग और अन्य तकनीकी बारीकियों को सीखने के लिए मुंबई या कोलकाता जैसे दूसरे बड़े राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। पाठ्यक्रम को इस प्रकार से डिजाइन किया जाएगा कि राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च कोटि का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके। इससे न केवल झारखंड की छिपी हुई प्रतिभाओं को एक मजबूत मंच मिलेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ फिल्म उद्योग और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी एक नई राष्ट्रीय पहचान हासिल होगी।फिल्मकारों के लिए हमेशा से पसंदीदा डेस्टिनेशन रहा है झारखंडझारखंड की आबोहवा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य लंबे समय से देश-दुनिया के फिल्मकारों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं। इतिहास गवाह है कि महान फिल्मकार ऋत्विक घटक ने अपनी कई चर्चित फिल्मों और वृत्तचित्रों की शूटिंग इसी माटी पर की थी, जबकि लीजेंडरी डायरेक्टर सत्यजीत रे की प्रसिद्ध फिल्म ‘अरण्येर दिनरात्रि’ की शूटिंग पलामू के बेतला और केचकी के जंगलों में हुई थी। इसके अलावा बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्में और वेब सीरीज जैसे ‘काला पत्थर’, ‘मृगया’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘जामताड़ा’ और ‘खाकी’ का नाता भी झारखंड की अद्भुत पृष्ठभूमि और लोकेशंस से गहरा रहा है। अब इस नए संस्थान के आने से इन संभावनाओं को और पंख लगेंगे।
मानसून का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाता है, वहीं अपने साथ कई तरह के स्वास्थ्य जोखिम और त्वचा संबंधी समस्याएं भी लेकर आता है। बारिश के दिनों में अक्सर दफ्तर, स्कूल या बाजार जाते समय जूते-जुराबें पानी में भीग जाते हैं। कई लोग मजबूरी में या आलस के कारण घंटों तक वही गीले जूते और सीली हुई जुराबें पहने रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डर्मेटोलॉजिस्ट्स (त्वचा विशेषज्ञों) के अनुसार, गीले जूते लंबे समय तक पहने रखना पैरों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह आदत न केवल पैरों से बदबू का कारण बनती है, बल्कि गंभीर फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन को भी न्योता देती है।1. फंगल इंफेक्शन और एथलीट फुट (Athlete's Foot) का खतराजब जूते और जुराबें अंदर से गीले होते हैं, तो पैर लंबे समय तक नमी और गर्मी के माहौल में बंद रहते हैं। यह नमी बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद जगह बनाती है। इसके कारण उंगलियों के बीच की त्वचा गलने लगती है, जिसमें तेज खुजली, रेडनेस, छालों और दर्द की समस्या हो जाती है। इसे मेडिकल भाषा में 'एथलीट फुट' या टिनिया पेडिस (Tinea Pedis) कहा जाता है।2. पैरों से भयंकर बदबू (Smelly Feet) और बैक्टीरियल ग्रोथगीले जूतों में हवा का आना-जाना बंद हो जाता है, जिससे पसीना और बारिश का मटमैला पानी मिलकर बैक्टीरिया का घर बन जाते हैं। ये बैक्टीरिया पैरों की त्वचा पर पनपकर बदबूदार गैसें छोड़ते हैं। इसके कारण जूते उतारते ही कमरे में तेज दुर्गंध फैल जाती है, जो व्यक्ति को दूसरों के सामने शर्मिंदा भी कर सकती है।3. ट्रेंच फुट (Trench Foot) और नाखूनों का सड़ना (Onychomycosis)यदि आपके पैर रोजाना कई घंटों तक पानी या गीले जूते में रहते हैं, तो नसों में रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इससे 'ट्रेंच फुट' नाम की स्थिति पैदा हो जाती है, जिसमें पैर सुन्न पड़ जाते हैं और उनमें ऐंठन होने लगती है। इसके अलावा, गीलापन पैरों के नाखूनों के अंदर तक घुस जाता है, जिससे नाखून पीले, मोटे और कमजोर होकर टूटने लगते हैं।बरसात के मौसम में पैरों की सुरक्षा और देखभाल के 5 आसान उपायमानसून के दौरान पैरों को इंफेक्शन से बचाने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:गीले जूते-जुराबें तुरंत उतारें: भीगे हुए जूते या जुराबों में ज्यादा देर न रहें। काम पर पहुंचते ही या घर आते ही इन्हें तुरंत बदल लें।पैरों को अच्छी तरह सुखाएं: पैर धोने के बाद उंगलियों के बीच की जगह को किसी सूखे और साफ तौलिए से पोंछना कभी न भूलें।एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल: जूते पहनने से पहले पैरों पर और जूतों के अंदर एंटी-फंगल या टैलकम पाउडर छिड़कें, ताकि नमी सोखी जा सके।सही फुटवियर का चुनाव: बारिश के दिनों में चमड़े या कैनवास के जूतों के बजाय वॉटरप्रूफ फ्लोटर्स, रबर की सैंडल या ओपन-टो फुटवियर पहनें।नेचुरल ड्रायर का इस्तेमाल: जूतों को सुखाने के लिए उनके अंदर पुराना अखबार ठूंसकर रख दें, अखबार सारी नमी सोख लेगा और जूते जल्दी सूख जाएंगे।
त्रिपुरा के डीजीपी की मौत का राज कब खुलेगा, आज बागपत में राजकीय सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 20 जुलाई को अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में उनका शव मिलने के बाद से ही यह सवाल हर किसी के जेहन में उठ रहा है कि आखिर राज्य के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी ने अपने ही दफ्तर में ऐसा कदम क्यों उठाया। इस सनसनीखेज मामले की जांच त्रिपुरा पुलिस द्वारा बेहद गंभीरता से की जा रही है, ताकि मौत के पीछे छिपे हर एक राज से पर्दा उठाया जा सके।पैतृक जिले बागपत पहुंचा पार्थिव शरीर, आज होगी अंत्येष्टित्रिपुरा के दिवंगत डीजीपी अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात उनके पैतृक जिले बागपत पहुंच गया। त्रिपुरा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) की अगुवाई में एक पुलिस टीम उनके पार्थिव शरीर को लेकर बड़ौत पहुंची। फिलहाल उनका पार्थिव शरीर बड़ौत के गांधी रोड स्थित उनके छोटे भाई रविराज के आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में रिश्तेदार, गणमान्य लोग और स्थानीय निवासी पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। बुधवार सुबह करीब 9 बजे बड़ौत में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें कई प्रशासनिक और पुलिस के बड़े अधिकारी शामिल होंगे।साधारण परिवार से निकलकर आईपीएस बनने तक का सफरमूल रूप से बागपत जनपद के बिहारीपुर गांव के रहने वाले अनुराग धनखड़ की शुरुआती जिंदगी काफी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रही है। उनका जन्म बिहारीपुर गांव की एक पुरानी हवेली में हुआ था और उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा गांव के ही स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद सरूरपुर खेड़की के कॉलेज से इंटरमीडिएट और जनता वैदिक महाविद्यालय बड़ौत से बीएससी (कृषि) की डिग्री हासिल की। अपनी मेहनत के दम पर वे पहले बड़ौत के सिंडिकेट बैंक में फील्ड ऑफिसर के पद पर चयनित हुए, लेकिन उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था। बैंक की नौकरी के साथ तैयारी जारी रखते हुए वे 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बने और त्रिपुरा कैडर पाकर अपने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया।गांव में पसरा मातम, वर्षों से बंद पड़ी है पैतृक हवेलीडीजीपी अनुराग धनखड़ के आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव बिहारीपुर और पूरे बड़ौत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण और सगे-सम्बन्धी दिनभर उनके पार्थिव शरीर के आने का इंतजार करते रहे। गांव के लोगों ने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि उनका पूरा परिवार कभी बिहारीपुर की इसी हवेली में रहता था, लेकिन नौकरी लगने के बाद सभी लोग बाहर बस गए और पिछले कई सालों से इस हवेली पर ताला लटका हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वे करीब 25 साल पहले आखिरी बार किसी शादी समारोह में शामिल होने अपने गांव आए थे। फिलहाल इसtragic घटना से पूरे परिवार और क्षेत्र में गम का माहौल है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्र आंदोलन पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस छात्रों का फायदा उठा रहे हैं। उनका उद्देश्य छात्रों के लिए समाधान खोजना नहीं था। बल्कि उनका मकसद राजनीतिक सुर्खियों के ...
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बिजली चोरी की रिपोर्ट करने के लिए ऐप लॉन्च किया
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित विद्युत भवन से एक खास ऐप लॉन्च किया। यह ऐप लोगों को बिजली चोरी की रिपोर्ट करने में मदद करेगा।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल किया गया शिफ्ट, अनशन जारी रखने का ऐलान
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में मंगलवार शाम सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया
जंतर-मंतर पर अराजक तत्वों को कब्जा नहीं करने देंगे: भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला
भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष के नेताओं की आलोचना की और आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक फायदे के लिए विघटनकारी ताकतों का समर्थन कर रहा है।
मध्य प्रदेश: यूसीसी विधेयक पारित होने से भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस आमने-सामने आ गई। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ निशाना साधा है।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कल दिनांक 22 जुलाई, 2026 (बुधवार) को बरेली में प्रवास करेंगे, जनपद भ्रमण पर विभिन्न प्रस्तावित किये गये है जिसमें प्रशासनिक बैठक, मीडिया बन्धुओं के साथ प्रेेसवार्ता, गठनात्मक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण एवं अन्य कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। समीक्षा बैठक के उपरांत केशव प्रसाद मौर्य मीडिया प्रतिनिधियों से प्रेस वार्ता करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 11:40 बजेउप मुख्यमंत्री सर्किट हाउस, बरेली में पार्टी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके उपरांत 12:50 बजे श्री मौर्यकलेक्ट्रेट सभागार, बरेली में जनपद के समस्त विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था तथा विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।तत्पश्चात अपराह्न 3:00 बजेकेशव जीनिर्मल रिजॉर्ट, ए- मिनी बाइपास, थाना- इज्जतनगर, बरेली में आयोजित बूथ अध्यक्ष सम्मेलन (124 शहर विधानसभा, बरेली) में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे तथा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।
केशव प्रसाद मौर्य ने आज ग्राम्य विकास विभाग के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से ‘ग्राम चौपाल’ आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम चौपाल जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी मंच बनेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। ग्राम चौपाल में प्राप्त होने वाली शिकायतों एवं समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी विषय का तत्काल निस्तारण संभव न हो तो उसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर संबंधित अधिकारी उसकी नियमित निगरानी करें तथा शिकायतकर्ता को प्रगति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य गांवों में सुशासन, विकास और जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करना है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित ग्राम चौपाल आयोजित होने से प्रशासन और जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा, समस्याओं का समयबद्ध समाधान होगा तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की संतुष्टि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी भावना के साथ ग्राम चौपाल की व्यवस्था को पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने वाले कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नीट छात्रों की कीड़े से तुलना करने के बयान पर मंगलवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हो गया। कैलाश विजयवर्गीय के बयान के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया ...
हरजीत सिंह ग्रेवाल ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला
नई दिल्ली। हरजीत सिंह ग्रेवाल ने मंगलवार को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया, जबकि आयोग की सदस्य एस. मुनावरी बेगम ने उपाध्यक्ष का कार्यभार संभाला। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने आज बताया कि इन नियुक्तियों को अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण, सशक्तीकरण और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा […] The post हरजीत सिंह ग्रेवाल ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री आवास के बाहर मंगलवार को विरोध-प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों के नेताओं को पुलिस ने वहां से हटा दिया। प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल थे।
भरतपुर : अध्यापक के खिलाफ अश्लील हरकतें करने का केस दर्ज
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के नदबई कस्बे के एक निजी विद्यालय के अध्यापक के खिलाफ स्कूल की एक छात्रा के साथ कथित अश्लील हरकतें करने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक छात्रा के साथ करीब आठ महीने से छेड़छाड़ करने के साथ ही पीछा करते हुए छात्रा के घर पहुंचने […] The post भरतपुर : अध्यापक के खिलाफ अश्लील हरकतें करने का केस दर्ज appeared first on Sabguru News .
आजकल लगभग हर घर में पीने के पानी को साफ करने के लिए RO (Reverse Osmosis) वाटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, पानी सिर्फ साफ होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसमें शरीर के लिए आवश्यक खनिजों (Minerals) का सही संतुलन होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पानी की गुणवत्ता को नापने के लिए 'TDS' यानी Total Dissolved Solids एक मुख्य पैमाना होता है। पानी में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और सोडियम जैसे जरूरी मिनरल्स के साथ-साथ कई तरह के घुले हुए लवण मौजूद होते हैं। यदि आपके RO का TDS बहुत अधिक है, तो पानी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है, वहीं यदि TDS जरूरत से ज्यादा कम (Demineralized Water) हो जाए, तो पानी शरीर के लिए बेअसर और बेस्वाद हो जाता है।डिजिटल TDS मीटर से मिनटों में घर बैठे ऐसे जांचें पानी की शुद्धताअपने घर के RO का TDS चेक करने के लिए आपको किसी एक्सपर्ट को बुलाने की आवश्यकता नहीं है। बाजार या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बेहद कम कीमत में डिजिटल पोर्टेबल TDS मीटर आसानी से मिल जाते हैं। पानी जांचने के लिए सबसे पहले एक कांच या साफ प्लास्टिक के गिलास में अपने RO प्यूरीफायर से पानी भरें। इसके बाद TDS मीटर की कैप (ढक्कन) हटाएं और ऑन (ON) बटन दबाएं। अब मीटर के सेंसर वाले हिस्से को पानी में 2 से 3 सेंटीमीटर गहराई तक डुबोएं। कुछ ही सेकंड में डिजिटल स्क्रीन पर एक नंबर दिखाई देने लगेगा, यही आपके पानी का TDS लेवल है। विश्वास्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार, पीने के पानी का आदर्श TDS 150 से 300 milligram per liter (mg/L) के बीच होना सबसे उत्तम माना जाता है।कब कराएं अपने RO प्यूरीफायर की सर्विस? जानिए ये 4 मुख्य चेतावनी संकेतअक्सर लोग RO खराब होने का इंतजार करते हैं, जबकि प्यूरीफायर पहले से ही कई संकेत देने लगता है कि उसे सर्विसिंग की जरूरत है:पानी के स्वाद और गंध में बदलाव: यदि पानी का स्वाद कड़वा, अजीब या बिना किसी स्वाद का लगने लगे, तो समझ जाएं कि इसके फिल्टर अपनी म्याद पूरी कर चुके हैं।पानी छनने की गति धीमी होना: अगर आपके RO की टंकी भरने में सामान्य से बहुत अधिक समय लग रहा है, तो इसका मतलब है कि सेडीमेंट या प्री-कार्बन फिल्टर धूल और मिट्टी से पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं।प्यूरीफायर से अजीब आवाज या रिसाव: यदि RO की मोटर से तेज गड़गड़ाहट की आवाज आए या नीचे से पानी का रिसाव होने लगे, तो यह तुरंत मैकेनिक को बुलाने का संकेत है।अत्यधिक वेस्ट वाटर (व्यर्थ पानी): अगर शुद्ध पानी की तुलना में ड्रेन पाइप से बहुत ज्यादा रिजेक्ट वाटर बह रहा है, तो RO मेमब्रेन (RO Membrane) खराब हो चुकी है।सही समय पर फिल्टर बदलने के नियम और स्वास्थ्य सुरक्षास्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और भारी धातुओं से बचे रहने के लिए हर 3 से 6 महीने में RO के बाहरी प्री-फिल्टर (Pre-Filter Candile) को जरूर बदलवा लेना चाहिए। वहीं, इसके आंतरिक सेडीमेंट और कार्बन फिल्टर को साल में एक बार बदलना अनिवार्य होता है। अगर आपके क्षेत्र में सप्लाई का पानी बहुत कठोर (Hard Water) है, तो RO की मेमब्रेन को हर 1.5 से 2 साल में बदलना सही रहता है। समय-समय पर सर्विसिंग कराने से न केवल RO प्यूरीफायर की लाइफ बढ़ती है, बल्कि परिवार के सदस्यों को हर दिन शुद्ध, मिनरल-रिच और सेहतमंद पीने का पानी मिलता रहता है।
भारत के जाने-माने यकृत (लीवर) विशेषज्ञ और आईएलबीएस (ILBS) के निदेशक डॉ. एस.के. सरीन की ओपीडी में प्रतिदिन दर्जनों मरीज अपनी लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज कराने पहुंचते हैं। हाल ही में उनकी ओपीडी में एक बेहद दिलचस्प और मजेदार वाकया सामने आया, जिसने न केवल वहां मौजूद सभी लोगों को हंसाया, बल्कि अल्कोहलिक फैटी लीवर की कड़वी सच्चाई भी उजागर कर दी। एक मरीज, जो खुद को केवल 'सामाजिक रूप से कभी-कभार शराब पीने वाला' (Social Drinker) बता रहा था, जब उसकी लीवर जांच और फाइब्रोस्कैन की रिपोर्ट आई तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। हंसी-मजाक के बीच डॉक्टर द्वारा पूछे गए कुछ सीधे सवालों में मरीज की यह पोल खुल गई कि उसकी 'कभी-कभार' की आदत वास्तव में प्रतिदिन की भारी खुराक में बदल चुकी थी।अल्कोहलिक फैटी लीवर क्या है और यह दबे पांव कैसे बनाता है शिकार?डॉक्टरों के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से या अधिक मात्रा में शराब (Alcohol) का सेवन करता है, तो लीवर शराब को मेटाबोलाइज करने में अपनी पूरी ताकत लगा देता है। इस प्रक्रिया के दौरान लीवर की कोशिकाओं में वसा यानी फैट जमा होने लगता है, जिसे 'अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज' (AFLD) कहा जाता है। इस बीमारी का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि शुरुआती चरणों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते। मरीज खुद को बिल्कुल स्वस्थ समझता रहता है, जबकि अंदर ही अंदर उसकी लीवर सेल्स (Liver Cells) तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही होती हैं।फैटी लीवर से लीवर सिरोसिस तक का जानलेवा सफरहेल्थ एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि यदि फैटी लीवर की स्थिति में ही शराब का सेवन बंद नहीं किया गया, तो यह स्थिति आगे चलकर 'अल्कोहलिक हेपेटाइटिस' (Alcoholic Hepatitis) का रूप ले लेती है, जिसमें लीवर में भयंकर सूजन आ जाती है। इसके बाद अंतिम और सबसे खतरनाक चरण 'लीवर सिरोसिस' (Liver Cirrhosis) का होता है, जहां लीवर का स्वस्थ ऊतक पूरी तरह स्कार टिश्यू (घाव) में बदल जाता है और लीवर काम करना बंद कर देता है। भूख न लगना, पेट के दाहिने हिस्से में ऊपरी तरफ हल्का दर्द, अत्यधिक थकान, आंखें पीली होना और वजन घटना इसके मुख्य चेतावनी संकेत हैं।लीवर को री-जनरेट करने की अद्भुत क्षमता: जानिए कैसे करें बचावइस पूरी कहानी का सबसे उम्मीद जगाने वाला पहलू यह है कि हमारे शरीर में केवल लीवर ही एक ऐसा अंग है, जिसके पास खुद को दोबारा ठीक यानी 'री-जनरेट' (Re-generate) करने की अद्भुत क्षमता होती है। यदि फैटी लीवर के शुरुआती चरण में ही शराब का सेवन पूरी तरह से बंद कर दिया जाए, तो लीवर कुछ ही हफ्तों में फिर से बिल्कुल सामान्य और स्वस्थ हो सकता है। इसके साथ ही हरी सब्जियां, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार, नियमित एक्सरसाइज और वजन को नियंत्रित रखकर लीवर को लंबे समय तक सुरक्षित और सेहतमंद रखा जा सकता है।
आमतौर पर कान में हल्की सी खुजली या मैल (Earwax) महसूस होते ही ज्यादातर लोग कॉटन बड्स, माचिस की तीली, हेयरपिन या सेफ्टी पिन का इस्तेमाल करने लगते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और ईएनटी (ENT) डॉक्टरों के अनुसार, कान में ऐसी नुकीली चीजें डालना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इससे कान का मैल बाहर निकलने के बजाय और ज्यादा गहराई में चला जाता है, जिससे कान का पर्दा (Eardrum) फटने, इन्फेक्शन होने या सुनने की क्षमता कम होने का गंभीर जोखिम रहता है। वास्तव में कान में बनने वाला वैक्स एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच होता है, जो धूल-मिट्टी और बैक्टीरिया को कान के अंदर जाने से रोकता है। हालांकि, जब यह मैल बहुत अधिक जमा होकर सख्त हो जाता है, तो इसे सुरक्षित तरीकों से निकालना बेहद जरूरी हो जाता है।जैतून या बादाम का हल्का गुनगुना तेल: वैक्स को मोम की तरह पिघलाने का तरीकाकान के सख्त मैल को बिना किसी दर्द के बाहर निकालने के लिए ओलिव ऑयल (जैतून का तेल) या बादाम का तेल सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका माना जाता है। उपयोग के लिए तेल को हल्का सा गुनगुना कर लें (ध्यान रहे तेल ज्यादा गर्म न हो)। अब सिर को एक तरफ झुकाकर ड्रॉपर की मदद से प्रभावित कान में 2 से 3 बूंदें तेल की डालें। लगभग 5 से 10 मिनट तक इसी मुद्रा में रहें ताकि तेल जमे हुए वैक्स को मुलायम बना सके। इसके बाद सिर को दूसरी तरफ झुकाएं, जिससे पिघला हुआ मैल तेल के साथ आसानी से बहकर बाहर आ जाएगा। फिर किसी सूती कपड़े से कान के बाहरी हिस्से को धीरे से पोंछ लें।सरसों का तेल और लहसुन का प्रयोग: दर्द और इन्फेक्शन में तुरंत राहतभारतीय घरों में कान की सफाई और कान दर्द से राहत पाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। थोड़ा सा सरसों का तेल लें और उसमें लहसुन की एक-दो कलियां डालकर हल्का सा पका लें। जब तेल हल्का गुनगुना रह जाए, तब इसकी 1-2 बूंदें कान में डालें। लहसुन में पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण कान के अंदर पनप रहे बैक्टीरिया और इन्फेक्शन को खत्म करते हैं, साथ ही कान की गंदगी को ढीला करके आसानी से बाहर निकालने में मदद करते हैं।बेकिंग सोडा और गुनगुने पानी का आसान घोलयदि कान में सूखा और बहुत जिद्दी मैल जमा हो गया है, तो बेकिंग सोडा और पानी का मिश्रण बेहद कारगर साबित होता है। आधे कप गुनगुने पानी में एक चौथाई चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। इस घोल की 2 से 3 बूंदें कान में डालें और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। बेकिंग सोडा कान के अंदर जमे सख्त वैक्स को घोलकर ढीला कर देता है। इसके बाद रुई की मदद से कान के बाहरी हिस्से से मैल को साफ कर लें।स्टीम (भाप) और ईयरड्रॉप्स: कब पड़ सकती है डॉक्टर की जरूरत?कान की सफाई के लिए गर्म पानी की भाप (Steam) लेना भी एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है। जब आप भाप लेते हैं, तो कानों के अंदर जमी नमी से सख्त मैल धीरे-धीरे ढीला हो जाता है। इसके अलावा मेडिकल स्टोर से डॉक्टर की सलाह पर ईयर वैक्स सॉफ्टनिंग ड्रॉप्स (Ear Wax Softening Drops) का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। हालांकि, यदि कान में लगातार दर्द हो रहा हो, सनसनाहट या सीटी जैसी आवाज आ रही हो, या फिर कम सुनाई देने की समस्या हो, तो खुद से कोई प्रयोग करने के बजाय तुरंत किसी कुशल ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए।
हनुमानगढ़ : अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने के दोषी पर एक लाख रुपए जुर्माना
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के नोहर में स्थित गुरुनानक मिल्क डेयरी को अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने का दोषी पाये जाने पर न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उम्मेदी लाल मीणा ने डेयरी संचालक पर कुल एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 22 अक्टूबर, 2024 को नोहर […] The post हनुमानगढ़ : अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने के दोषी पर एक लाख रुपए जुर्माना appeared first on Sabguru News .
रोजमर्रा की जिंदगी में नहाना हमारी दिनचर्या का सबसे अहम हिस्सा है, जो हमें तरोताजा और साफ-सुथरा रखता है। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि नहाने का भी एक सही तरीका और विज्ञान होता है। 38 वर्षों के लंबे अनुभव वाले वरिष्ठ डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नहाने की शुरुआत सीधे सिर या धड़ पर पानी डालकर करने के बजाय, सबसे पहले अपनी नाभि (Belly Button) में पानी डालना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। हमारी नाभि केवल शरीर का एक बाहरी हिस्सा नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Nervous System) और ऊर्जा चक्रों का मुख्य केंद्र बिंदु मानी जाती है।शरीर के तापमान को संतुलित करने और थर्मल शॉक से बचाने में मददगारडॉक्टरों के मुताबिक, जब हम अचानक ठंडे या गर्म पानी से नहाते हैं, तो शरीर को एक प्रकार का 'थर्मल शॉक' (Thermal Shock) लग सकता है। नहाने से ठीक पहले नाभि में पानी की कुछ बूंदें या पानी डालने से नाभि के आसपास मौजूद तंत्रिकाएं (Nerves) तुरंत सक्रिय हो जाती हैं। यह प्रक्रिया मस्तिष्क (Brain) को शरीर का आंतरिक तापमान समायोजित करने का एक त्वरित संकेत भेजती है। इससे रक्तचाप (Blood Pressure) अचानक नहीं बढ़ता और दिल का दौरा या सिर में अचानक होने वाले भारीपन जैसी स्थितियों से बचाव होता है।पाचन तंत्र होता है मजबूत और त्वचा में आता है प्राकृतिक निखारआयुर्वेद और आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान दोनों में ही नाभि को शरीर की 72,000 से अधिक नसों का जंक्शन माना गया है। नहाने से पहले नाभि को पानी से भिगोने पर पेट के आंतरिक अंगों जैसे आंतों और यकृत (Liver) को ठंडक और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जिससे पाचन क्रिया (Digestion) दुरुस्त रहती है। इसके अतिरिक्त, इस प्रक्रिया से शरीर का वायु और पित्त दोष संतुलित होता है, जिससे पेट में गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। नियमित रूप से यह तरीका अपनाने से त्वचा की अशुद्धियां दूर होती हैं और चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है।मानसिक तनाव दूर करने और नर्वस सिस्टम को शांत करने का आसान तरीकाभागदौड़ भरी जिंदगी में दिनभर की मानसिक थकान और तनाव को दूर करने में भी यह छोटा सा उपाय काफी असरदार साबित होता है। नाभि में पानी डालने से वेगस नर्व (Vagus Nerve) स्टिम्युलेट होती है, जिससे नर्वस सिस्टम को शांति का अनुभव होता है और मानसिक तनाव या घबराहट कम होती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह है कि नहाते समय सबसे पहले नाभि और पैरों पर पानी डालें, इसके बाद ही पूरे शरीर या सिर पर पानी बहाएं। यह छोटी सी आदत आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकती है।
आज की बिगड़ी जीवनशैली, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी में अकड़न और मानसिक तनाव एक आम समस्या बन चुके हैं। योग विशेषज्ञों के अनुसार, इन सभी समस्याओं से प्राकृतिक रूप से राहत पाने के लिए 'आकर्ण धनुरासन' (Aakarna Dhanurasana) यानी 'बो पोज' (Bow Pose Variant) एक अत्यंत प्रभावी और चमत्कारिक योगासन है। संस्कृत भाषा में 'आकर्ण' का अर्थ होता है कान तक खींचना और 'धनुरासन' का अर्थ है धनुष की मुद्रा। इस आसन को करते समय शरीर की आकृति ठीक उसी प्रकार बनती है जैसे कोई तीरंदाज कान तक प्रत्यंचा खींचकर तीर चलाने के लिए तैयार खड़ा हो।कमर दर्द में राहत और स्पाइन को बनाता है लचीलाआकर्ण धनुरासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी (Spine), कमर के निचले हिस्से और पेल्विक एरिया की मांसपेशियों में गहरा खिंचाव आता है। यह खिंचाव रीढ़ की हड्डी को मजबूत और अत्यधिक लचीला बनाता है, जिससे साइटिका और लंबे समय से चले आ रहे कमर दर्द में अद्भुत आराम मिलता है। इसके अतिरिक्त, इस आसन को करते समय गहरी सांसें लेने और छोड़ने की प्रक्रिया से मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, जिससे दिनभर की मानसिक थकान, तनाव और चिंता (Stress and Anxiety) चुटकियों में दूर हो जाती है।पेट की चर्बी कम करने और पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में मददगारकमर दर्द के अलावा यह योगासन पेट और कोर मसल्स (Core Muscles) पर भी सीधा दबाव डालता है। इसके अभ्यास से पेट की आंतरिक ग्रंथियों और अंगों की हल्की मालिश होती है, जिससे पाचन क्रिया (Digestion System) मजबूत होती है और कब्ज या गैस जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। यह आसन पेट और कमर के आसपास जमी अतिरिक्त चर्बी को बर्न करने और शरीर की ओवरऑल पोश्चर (Body Posture) को बेहतर बनाने में भी काफी मददगार साबित होता है।आकर्ण धनुरासन करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियांइस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर दंडासन में बैठ जाएं और पैरों को सीधा सामने फैलाएं। अब सांस भरते हुए दाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को और बाएं हाथ से दाएं पैर के अंगूठे को पकड़ें। इसके बाद दाएं पैर को मोड़ते हुए उसके अंगूठे को खिंचाव के साथ दाहिने कान के पास तक लाएं, जैसे धनुष की डोरी खींची जाती है। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रुकें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं। यही प्रक्रिया दूसरे पैर से दोहराएं। ध्यान रखें कि यदि आपको गंभीर रीढ़ की हड्डी की समस्या, स्लिप डिस्क, हर्निया या उच्च रक्तचाप (High BP) है, तो योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही इसका अभ्यास करें।
राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के पास धरना, पुलिस ने हिरासत में लिया
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर अचानक धरने पर बैठने के कुछ घंटे बाद ही दिल्ली पुलिस ने वहां कार्रवाई की और गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया। तीन घंटे से अधिक समय तक […] The post राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के पास धरना, पुलिस ने हिरासत में लिया appeared first on Sabguru News .
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो (Reliance Jio) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के बीच ग्राहकों को लुभाने के लिए होड़ मची रहती है। दोनों कंपनियां लगातार अपने प्रीपेड पोर्टफोलियो में नए और वैल्यू-फॉर-मनी प्लान्स पेश करती रहती हैं। इसी बीच लंबी वैलिडिटी और डेली डेटा की चाहत रखने वाले यूजर्स के लिए एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। जियो का ₹799 वाला प्लान एयरटेल के ₹899 वाले प्लान को कड़ी टक्कर दे रहा है। खास बात यह है कि दोनों ही प्लान्स में एक जैसी डेली डेटा लिमिट और सर्विस वैलिडिटी मिलती है, लेकिन कीमत के मामले में जियो का प्लान एयरटेल से पूरा 100 रुपये सस्ता पड़ता है।जियो का ₹799 वाला प्लान: जानिए क्या-क्या मिलेंगे फायदेरिलायंस जियो का ₹799 वाला प्रीपेड प्लान उन यूजर्स के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है जो 84 दिनों की लंबी वैलिडिटी चाहते हैं। इस प्लान में यूजर्स को प्रतिदिन 1.5GB हाई-स्पीड डेटा मिलता है, यानी पूरी वैलिडिटी के दौरान कुल 126GB डेटा दिया जाता है। इसके अलावा देश भर में किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग (Local, STD और Roaming) तथा रोजाना 100 फ्री SMS की सुविधा भी मिलती है। अतिरिक्त बेनिफिट्स की बात करें तो इसमें जियोटीवी (JioTV), जियोसिनेमा (JioCinema) और जियोक्लाउड (JioCloud) का मुफ्त सब्सक्रिप्शन शामिल है। जहां एलिजिबल सर्कल्स और यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा का एक्सेस भी दिया जाता है।एयरटेल का ₹899 वाला प्लान: जानिए 100 रुपये ज्यादा देने पर क्या मिलता हैदूसरी ओर, एयरटेल का ₹899 वाला प्रीपेड प्लान भी 84 दिनों की ही सर्विस वैलिडिटी के साथ आता है। इस प्लान में भी ग्राहकों को रोजाना 1.5GB डेटा (कुल 126GB डेटा), अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और प्रतिदिन 100 SMS दिए जाते हैं। हालांकि 100 रुपये ज्यादा कीमत होने के पीछे कंपनी इसमें कुछ एडिशनल रिवॉर्ड्स और OTT बेनिफिट्स देती है। इसमें एयरटेल एक्सट्रीम ऐप (Airtel Xstream App) का फ्री एक्सेस, अपोलो 24|7 सर्कल की मेंबरशिप, फ्री हेलोट्यून्स और विंक म्यूजिक (Wynk Music) का फायदा मिलता है। साथ ही एयरटेल के 5G नेटवर्क कवरेज वाले इलाकों में अनलिमिटेड 5G डेटा की सुविधा भी मिलती है।दोनों में से कौन सा प्लान है आपके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद?अगर दोनों ही प्लान्स का सीधा गणित देखा जाए, तो दोनों में ही 84 दिनों की समय सीमा के साथ रोजाना 1.5GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग मिलती है। ऐसे में यदि आपका मुख्य उद्देश्य केवल कॉलिंग, डेली इंटरनेट और पैसे बचाना है, तो जियो का ₹799 वाला प्लान आपके लिए सीधे-सीधे 100 रुपये की बचत कराता है। वहीं दूसरी तरफ, यदि आप एयरटेल के नेटवर्क को प्राथमिकता देते हैं और एक्सट्रीम ऐप के एंटरटेनमेंट कंटेंट तथा अन्य एडिशनल सर्विस का लाभ उठाना चाहते हैं, तो एयरटेल का ₹899 वाला प्लान आपकी पसंद बन सकता है।
सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही चारों तरफ 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंज रहे हैं। इस दौरान देश के कोने-कोने से कांवड़िए पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के दो सगे भाइयों ने भगवान आशुतोष के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा और भक्ति की एक ऐसी कठिन व अलौकिक मिसाल पेश की है, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया है। ये दोनों शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गृह नगर के लिए निकले हैं, लेकिन पैदल चलने के बजाय वे पूरे रास्ते पेट के बल लेटकर यानी 'दंडवत प्रणाम' (दंडवती कांवड़) करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हरिद्वार से उनके गांव तक की कुल दूरी लगभग 260 किलोमीटर है, जिसे वे इसी अत्यंत कठिन साधना के जरिए पूरा कर रहे हैं।भीषण गर्मी और छालों की परवाह किए बिना हर कदम पर भोले का नामसड़कों की तपिश, हाथों-पैरों में पड़े छाले और शारीरिक थकान भी इन दोनों युवा भाइयों के अडिग हौसले को डिगा नहीं पा रही है। कड़कड़ाती धूप और बारिश के बीच वे सड़क पर एक-एक मीटर लेटकर आगे बढ़ते हैं, फिर खड़े होकर निशान लगाते हैं और दोबारा वहीं से दंडवत करना शुरू करते हैं। स्थानीय लोगों और रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों का कहना है कि जहां आम इंसान कुछ किलोमीटर पैदल चलने में थक जाता है, वहीं इन भाइयों की निष्ठा और शारीरिक क्षमता किसी दिव्य चमत्कार से कम नहीं लगती। उनकी इस कठिन तपस्या को देखने के लिए रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ रही है।'भगवान शिव की कृपा से ही संभव है यह साधना', ग्रामीणों ने जगह-जगह किया भव्य स्वागतदोनों भाइयों का कहना है कि यह सब केवल और केवल भगवान भोलेनाथ की असीम अनुकंपा और आशीर्वाद से ही संभव हो पा रहा है। उनका मानना है कि जब मन में सच्ची भक्ति और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण हो, तो शरीर का कोई भी दर्द या रुकावट आड़े नहीं आती। रास्ते में पड़ने वाले गांवों में स्थानीय निवासी और सामाजिक संगठन इन राम-लक्ष्मण जैसी जोड़ी वाले भाइयों की सेवा में दिन-रात जुटे हुए हैं। जगह-जगह उन पर पुष्पवर्षा की जा रही है, उनके लिए जलपान, भोजन और विश्राम की विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।सावन में कांवड़ यात्रा का बढ़ता उत्साह और आस्था का महासमुद्रहरिद्वार से जल लेकर आ रहे इन दोनों भाइयों की दंडवत यात्रा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सनातन संस्कृति में ईश्वर के प्रति आस्था कितनी गहरी है। जैसे-जैसे सावन का महीना आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों का सैलाब बढ़ता ही जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी ऐसे समर्पित कांवड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के लिए जगह-जगह मेडिकल कैंप और पुलिस पिकेट तैनात किए गए हैं, ताकि उनकी यह पावन यात्रा बिना किसी विघ्न के सकुशल संपन्न हो सके।
वैदिक ज्योतिष और शास्त्र-विज्ञान के अनुसार, सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी विशेष ग्रह और उसके ऊर्जा चक्र से संचालित होता है। हम अपने दैनिक जीवन में जो भी आर्थिक फैसले लेते हैं या नया व्यापार शुरू करते हैं, उस पर उस दिन के स्वामी ग्रह का गहरा प्रभाव पड़ता है। अक्सर लोग कड़ी मेहनत करने के बावजूद व्यापार या निवेश में नुकसान उठाते हैं, जिसका एक बड़ा कारण गलत दिन पर किया गया निवेश भी हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि व्यक्ति अपनी राशि, ग्रहों के स्वभाव और दिन के महत्व को समझकर सही सेक्टर में पैसा लगाए, तो उसके धन-धान्य में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होती है और निवेश कभी बेकार नहीं जाता।बुधवार व्यापार के लिए वरदान तो गुरुवार प्रॉपर्टी में दिलाता है अपार सफलतासप्ताह का बुधवार का दिन ग्रहों के राजकुमार 'बुधदेव' को समर्पित होता है। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, तार्किकता, संवाद और व्यापार का कारक ग्रह माना गया है। यही वजह है कि बुधवार के दिन नया बिजनेस शुरू करना, नए क्लाइंट्स के साथ एग्रीमेंट साइन करना, शेयर्स/स्टॉक्स में निवेश करना या मार्केटिंग से जुड़ा कोई काम शुरू करना सबसे ज्यादा शुभ और लाभदायक माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ, गुरुवार (बृहस्पतिवार) के स्वामी देवताओं के गुरु 'देवगुरु बृहस्पति' हैं, जो धन, समृद्धि और विस्तार के प्रतीक हैं। गुरुवार के दिन जमीन-जायदाद (प्रॉपर्टी), मकान, दुकान, सोने-चांदी के गहनों या लंबे समय की एफडी (FD) में निवेश करना परिवार में स्थायित्व और अटूट बरकत लाता है।शुक्रवार को फैशन-डिजिटल मीडिया तो मंगलवार-शनिवार को संभालकर करें निवेशशुक्रवार का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और भौतिक सुख-सुविधाओं के स्वामी 'शुक्र ग्रह' का दिन है। इस दिन फैशन उद्योग, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, गारमेंट्स, कला, एंटरटेनमेंट, इंटीरियर डिजाइनिंग और डिजिटल मीडिया सेक्टर में पैसे का निवेश करना अत्यंत फलदायी होता है। दूसरी ओर, सोमवार को चंद्र देव का प्रभाव होने के कारण जल, तरल पदार्थ, दूध, डेयरी और सी-फूड से जुड़े व्यापार में फायदा होता है। हालांकि, मंगलवार (मंगल ग्रह) और शनिवार (शनिवार/शनिदेव) के दिन नया भारी निवेश या बड़ा जोखिम लेने से बचना चाहिए। मंगलवार को लोहे, कंस्ट्रक्शन या मशीनरी से जुड़े कामों में सावधानीपूर्वक कदम उठाना चाहिए, जबकि शनिवार को केवल स्थायी और सोच-समझकर किए गए निवेश ही फलीभूत होते हैं।सही दिन और सही दिशा में निवेश से दूर होगी आर्थिक तंगी, बढ़ेगा धनयदि आप भी किसी नए प्रोजेक्ट में पूंजी लगाने की योजना बना रहे हैं, तो केवल मार्केट के रुझानों को देखने के साथ-साथ शुभ मुहूर्त और दिन के ग्रहों की स्थिति का ध्यान जरूर रखें। अपने व्यावसायिक दस्तावेजों पर दस्तखत करने या कोई बड़ा पेमेंट करने से पहले शुभ चौघड़िया का चयन करें। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहों के अनुकूल दिन किया गया कोई भी छोटा निवेश भी भविष्य में बड़ा आर्थिक सुरक्षा कवच साबित होता है और व्यक्ति को कर्ज या नुकसान की स्थिति से बचाकर सफलता के शिखर पर पहुंचाता है।
बिलासपुर : गुरु-चेला विवाद में किन्नर की गला दबाकर हत्या
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र में गुरु-चेला परंपरा को लेकर हुए विवाद में एक किन्नर की कथित रूप से गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने घटना के कुछ घंटे के भीतर आरोपी किन्नर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस के अनुसार सकरी थाना में अपराध क्रमांक […] The post बिलासपुर : गुरु-चेला विवाद में किन्नर की गला दबाकर हत्या appeared first on Sabguru News .
महिला प्रजनन प्रणाली (Female Reproductive System) में फेलोपियन ट्यूब्स एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये दोनों नलियां गर्भाशय (Uturus) को अंडाशय (Ovaries) से जोड़ती हैं। जब हर महीने ओवरी से अंडा (Egg) रिलीज होता है, तो वह फेलोपियन ट्यूब में ही पहुंचता है, जहां पुरुष शुक्राणु (Sperm) के साथ उसका फर्टिलाइजेशन (निषेचन) होता है। यदि इन नलियों में किसी भी प्रकार की रुकावट, सूजन या डैमेज आ जाए, तो अंडा और स्पर्म आपस में मिल नहीं पाते, जिससे गर्भधारण (Pregnancy) असंभव हो जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, महिलाओं में इनफर्टिलिटी या बांझपन के लगभग 25 से 30 प्रतिशत मामलों में फेलोपियन ट्यूब का बंद होना ही सबसे मुख्य कारण पाया जाता है।ट्यूब बंद होने के मुख्य कारण: इंफेक्शन, पेल्विक सर्जरी और एंडोमेट्रियोसिसफेलोपियन ट्यूब्स में रुकावट आने के पीछे कई चिकित्सकीय कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) है, जो आमतौर पर यौन संचारित संक्रमणों (STIs) जैसे क्लेमाइडिया या गोनोरिया के सही समय पर इलाज न होने के कारण होता है। इसके अलावा, भारत में ट्यूबरक्लोसिस यानी पेल्विक टीबी (Pelvic TB) भी ट्यूब ब्लॉकेज का एक बहुत बड़ा कारण है। अन्य कारणों में एंडोमेट्रियोसिस (जिसमें गर्भाशय के अंदरूनी टिशू बाहर उगने लगते हैं), पिछले समय में हुई पेल्विक या एब्डोमिनल सर्जरी, और अस्थानिक गर्भावस्था (Ectopic Pregnancy) का इतिहास शामिल है।क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण और शरीर में दिखने वाले संकेत?फेलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके कोई बहुत स्पष्ट या गंभीर लक्षण आसानी से महसूस नहीं होते हैं। अधिकांश महिलाओं को इस समस्या का पता तब चलता है जब वे लंबे समय तक कोशिश करने के बाद भी प्रेग्नेंट नहीं हो पाती हैं। हालांकि, कुछ मामलों में पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में लगातार हल्का या तेज दर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा, पीरियड्स के दौरान अत्यधिक दर्द होना, भारी ब्लीडिंग होना, संभोग (Intercourse) के समय दर्द महसूस होना और असामान्य वजाइनल डिस्चार्ज होना भी इसके कुछ अप्रत्यक्ष संकेत हो सकते हैं।सटीक जांच और आधुनिक मेडिकल ट्रीटमेंट: कैसे संभव है मातृत्व?यदि किसी महिला को गर्भधारण में समस्या आ रही है, तो डॉक्टर्स सबसे पहले एचएसजी टेस्ट यानी हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफी (HSG Test) कराने की सलाह देते हैं। इस एक्स-रे टेस्ट में गर्भाशय के जरिए एक विशेष डाई डाली जाती है, जिससे ट्यूबों के खुले या बंद होने का स्पष्ट पता चल जाता है। इसके अलावा लैप्रोस्कोपी (Laparoscopy) या अल्ट्रासाउंड से भी ब्लॉकेज का सटीक आकलन किया जाता है। इलाज की बात करें तो यदि ब्लॉकेज मामूली है, तो लैप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा ट्यूब को खोल दिया जाता है। लेकिन यदि ट्यूब्स गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त या बंद हैं, तो आईवीएफ यानी इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से महिलाएं आसानी से मातृत्व का सुख प्राप्त कर सकती हैं।
सनातन धर्म और शास्त्रों में प्रकृति और पेड़-पौधों को अत्यंत पवित्र और पूजनीय स्थान दिया गया है। विशेषकर सावन का महीना, जो भगवान आशुतोष (शिव) की आराधना का सबसे उत्तम समय माना जाता है, इस दौरान हरी-भरी प्रकृति की सेवा करने और शुभ पौधे लगाने का कई गुना फल प्राप्त होता है। ज्योतिष शास्त्र और वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि आप सावन के महीने में अपने घर या आंगन में भगवान शिव के प्रिय और वास्तु दोषों को दूर करने वाले पौधे लगाते हैं, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि जीवन में छाई आर्थिक तंगी और दरिद्रता भी दूर होती है।बेलपत्र और शमी का पौधा: शिव कृपा और शनि दोष से मुक्ति का अचूक उपायभगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि सावन के दौरान घर के उत्तर या पूर्व दिशा में बेलपत्र का पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने से तीन जन्मो के पाप नष्ट हो जाते हैं और घर में हमेशा सुख-समृद्धि का वास रहता है। इसके साथ ही शमी का पौधा भी सावन में लगाना बेहद शुभ माना गया है। शमी का संबंध भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव से भी है। शनिवार के दिन या सावन में शमी का पौधा लगाने से शनि की ढैया, साढ़ेसाती और अन्य ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है, और घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।हरसिंगार (पारिजात) और तुलसी: माता लक्ष्मी का आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जासमुद्र मंथन से प्रकट हुआ पारिजात यानी हरसिंगार का पौधा सावन में लगाना बेहद लाभकारी माना जाता है। इसके मनमोहक सुगंधित फूल घर के नकारात्मक माहौल को सकारात्मकता में बदल देते हैं। इसे घर की पूर्व या उत्तर दिशा में लगाने से मां लक्ष्मी का आगमन होता है। इसके अलावा, तुलसी का पौधा तो हर हिंदू घर का आधार है। सावन के महीने में तुलसी का नया पौधा लगाकर प्रतिदिन जल अर्पित करने और शाम को दीपक जलाने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है, जिससे परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य हमेशा उत्तम रहता है।धतूरा और आंकड़े (मदार) का पौधा: भय, रोग और बाधाओं से मुक्तिभगवान शिव के पूजन में धतूरे और सफेद आंकड़े के फूलों का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के दौरान घर के बाहर या गमले में काले धतूरे या सफ़ेद आंकड़े का पौधा लगाने से नकारात्मक शक्तियां, बुरी नजर और ऊपरी बाधाएं घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पातीं। ये पौधे घर में सुख, शांति और समृद्धि लाते हैं। हालांकि, इन पौधों को लगाते समय सही दिशा और देखभाल के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि इनका पूर्ण शुभ प्रभाव प्राप्त हो सके।
मायानगरी मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ समेत आसपास के तटीय इलाकों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई और ठाणे क्षेत्र के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक शहर और उपनगरों में मूसलाधार से अति मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे जनजीवन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है।समंदर में उठेगी ऊंची लहरें, BMC ने हाई टाइड को लेकर तटवर्ती क्षेत्रों में जारी किया अलर्टभारी बारिश के साथ-साथ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और आपदा प्रबंधन विभाग ने समुद्र में आने वाले 'हाई टाइड' (High Tide) को लेकर भी चेतावनी जारी की है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, हाई टाइड के दौरान समंदर में 3.5 से 4 मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। यदि भारी बारिश के दौरान ही हाई टाइड आता है, तो तटीय और निचले इलाकों में जमा पानी की निकासी रुक जाती है, जिससे सड़कों पर भयंकर जलभराव हो सकता है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नागरिकों और पर्यटकों को दादर चौपाटी, जुहू बीच, मरीन ड्राइव और गेटवे ऑफ इंडिया जैसे समुद्र तटीय इलाकों से पूरी तरह दूर रहने के निर्देश दिए हैं।जलाशयों में गाद जमा होने से गंदे पानी की सप्लाई, BMC की पानी उबालकर पीने की सख्त सलाहलगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाली प्रमुख झीलों और जलाशयों के कैचमेंट एरिया में मिट्टी और गाद (Turbidity) बहकर आ गई है। इसके चलते कई इलाकों में नलों से मटमैला या दूषित पानी आने की शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस खतरे को देखते हुए BMC के स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण हेल्थ एडवाइजरी जारी करते हुए मुंबईकरों से अपील की है कि वे पीने के पानी को अच्छी तरह छानकर और उबालकर ही इस्तेमाल करें। ऐसा करने से जलजनित बीमारियों (Waterborne Diseases) जैसे उल्टी, दस्त, टाइफाइड और हैजा जैसी संक्रामक बीमारियों से बचा जा सके।निचले इलाकों में वाटरलॉगिंग और ट्रैफिक की समस्या, कंट्रोल रूम को अलर्ट पर रखा गयाबारिश और हाई टाइड के दोहरे अलर्ट को देखते हुए बीएमसी के सभी प्रशासनिक वार्डों, दमकल विभाग और तटरक्षक बल को मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया है। हिंदमाता, अंधेरी सबवे, सायन और कुर्ला जैसे जलभराव के संवेदनशील स्थानों पर हैवी-ड्यूटी वॉटर पंप तैनात कर दिए गए हैं ताकि जमा पानी को तेजी से निकाला जा सके। ट्रैफिक पुलिस ने भी वाहन चालकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें और जलभराव वाले रास्तों से बचें। आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पाने के लिए नागरिक बीएमसी के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
श्रीगंगानगर में पिकअप की टक्कर से पिता की मौत, पुत्री घायल
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार को पिकअप की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि उसकी पुत्री घायल हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक की पहचान टिक्कूराम नायक (48) के रूप में हुई है। वह अपनी पुत्री पूनम (23) को […] The post श्रीगंगानगर में पिकअप की टक्कर से पिता की मौत, पुत्री घायल appeared first on Sabguru News .
जब भी हम पेट्रोल पंप पर अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाने जाते हैं, तो मन में यह सवाल जरूर आता है कि पेट्रोल और डीजल के दाम हर दिन या हर महीने किस आधार पर बदलते हैं। दरअसल, जिस कीमत पर हमें 1 लीटर पेट्रोल या डीजल मिलता है, उसकी वास्तविक लागत यानी बेस प्राइस (Base Price) उसकी अंतिम खुदरा बिक्री दर (Retail Selling Price) से काफी कम होती है। भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्रतिदिन सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों को ध्यान में रखते हुए ईंधन की दरें तय करती हैं। इसके बाद इस बेस प्राइस पर कई तरह के टैक्स, भाड़ा शुल्क और कमीशन जोड़े जाते हैं, जिसके बाद तेल का अंतिम रेट तय होता है।क्रूड ऑयल की अंतर्राष्ट्रीय दरें और डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट का सीधा असरभारत में पेट्रोल-डीजल के महंगा या सस्ता होने के पीछे सबसे पहला और प्रमुख फैक्टर है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की प्रति बैरल कीमत। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85 फीसदी क्रूड ऑयल विदेशी देशों से आयात करता है। दूसरा बड़ा फैक्टर है अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर (Rupee vs Dollar Exchange Rate)। चूंकि भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार से क्रूड ऑयल की खरीद डॉलर में करता है, इसलिए अगर डॉलर मजबूत होता है और रुपया कमजोर, तो क्रूड ऑयल आयात करना महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर भारतीय पेट्रोल पंपों की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई देता है।टैक्स का भारी बोझ: सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट (VAT)ईंधन के कुल मूल्य में सबसे बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स का होता है। तीसरा फैक्टर है 'सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी' (Central Excise Duty), जो केंद्र सरकार द्वारा हर लीटर तेल पर निश्चित दर से वसूली जाती है। चौथा बड़ा फैक्टर है राज्यों द्वारा वसूला जाने वाला 'वैल्यू ऐडेड टैक्स' (VAT) या सेल्स टैक्स। हर राज्य सरकार अपने बजट और प्राथमिकताओं के हिसाब से वैट की दरें अलग-अलग तय करती है, यही कारण है कि दिल्ली, मुंबई, जयपुर या चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।रिफाइनिंग कॉस्ट, फ्रेट चार्ज, डीलर कमीशन और अन्य लागतों का जोड़इन प्रमुख टैक्सों के अलावा 4 अन्य तकनीकी फैक्टर्स भी पेट्रोल-डीजल के अंतिम बिल को तय करते हैं। पांचवां फैक्टर है 'रिफाइनिंग कॉस्ट' और मार्जिन, यानी कच्चे तेल को रिफाइनरियों में साफ करके उपयोग योग्य पेट्रोल-डीजल में बदलने का खर्च। छठा फैक्टर है 'फ्रीट चार्ज' (Freight Charges), जो रिफाइनरी से पेट्रोल पंपों तक तेल पहुंचाने का परिवहन खर्च होता है। सातवां फैक्टर है 'डीलर कमीशन', जो पेट्रोल पंप मालिकों को उनके संचालन खर्च और मुनाफे के रूप में दिया जाता है। अंत में आठवां फैक्टर 'माग व आपूर्ति' (Demand & Supply) का वैश्विक संतुलन है। इन सभी 8 कारकों को मिलाकर ही आपकी जेब से जाने वाले 1-1 रुपये का हिसाब बनता है।
भीलवाड़ा : महिला की मौत से गुस्साए पीहर वालों ने किया पति के परिवार पर हमला
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में ककरोलिया माफी गांव में मंगलवार को एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बवाल हो गया। महिला की मौत से आक्रोशित पीहर पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर कुल्हाड़ी, तलवार, लोहे की छड़ और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी […] The post भीलवाड़ा : महिला की मौत से गुस्साए पीहर वालों ने किया पति के परिवार पर हमला appeared first on Sabguru News .
43 साल पुराने सिनेमा भूखंड विवाद में जेडीए को राहत
जयपुर। राजस्थान में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को 43 वर्ष पुराने सिनेमा भूखंड आवंटन विवाद में बड़ी कानूनी राहत मिली है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश नीतू भारद्वाज की अदालत ने आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई को चुनौती देते हुए दायर स्थायी निषेधाज्ञा का वाद खारिज कर दिया। मामला शास्त्री नगर के सुभाष नगर क्षेत्र में सिनेमा […] The post 43 साल पुराने सिनेमा भूखंड विवाद में जेडीए को राहत appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री आवास के बाहर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के दिग्गजों द्वारा किए गए हाई-प्रोफाइल धरने पर अब इंडिया ब्लॉक के ही प्रमुख सहयोगी आम आदमी पार्टी (AAP) ने सवाल खड़े कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राहुल गांधी के इस कदम पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संजय सिंह का दावा है कि जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के वास्तविक आंदोलन से देश का ध्यान भटकाने और उसे कमजोर करने के लिए ही राहुल गांधी से पीएम आवास पर यह प्रायोजित प्रदर्शन कराया गया।आतिशी का तंज: 'महीनेभर से शांत सरकार 1 घंटे में कैसे बातचीत करने पहुंच गई?'संजय सिंह के साथ-साथ दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ AAP नेता आतिशी ने भी इस पूरे घटनाक्रम को बीजेपी और कांग्रेस की आपसी 'जुगलबंदी' करार दिया। आतिशी ने सवाल उठाते हुए कहा कि CJP और सोनम वांगचुक पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार उनसे मिलने या बातचीत करने तक के लिए तैयार नहीं हुई। दूसरी तरफ, राहुल गांधी जैसे ही पीएम आवास के बाहर बैठते हैं, महज एक घंटे के भीतर सरकार के मंत्री वार्ता करने पहुंच जाते हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यह दिखाता है कि पर्दे के पीछे क्या खिचड़ी पक रही है।सौरभ भारद्वाज का कांग्रेस सोशल मीडिया इकोसिस्टम पर हमलादिल्ली आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी कांग्रेस के रवैये पर तीखी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से छात्रों का यह बड़ा आंदोलन शुरू हुआ है, तब से कांग्रेस के शीर्ष नेता मुख्य मुद्दे पर पूरी तरह खामोश रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का सोशल मीडिया तंत्र और उससे जुड़े इंफ्लुएंसर्स पहले ही दिन से CJP और जेन-जी (GenZ) के इस छात्र आंदोलन को कमजोर करने में लगे हुए थे। भारद्वाज के मुताबिक, अब जब छात्रों का गुस्सा चरम पर है, तो अपनी साख बचाने के लिए कांग्रेस अलग से सड़क पर उतरकर नौटंकी कर रही है।विपक्ष के भीतर ही दरार से सियासत में मची उथल-पुथलएक ओर जहां कांग्रेस इस प्रदर्शन को छात्रों की आवाज उठाने का सबसे मजबूत कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के इस सीधे हमले से विपक्षी गोलबंदी में गहरी दरारें साफ नजर आने लगी हैं। बीजेपी के साथ-साथ अब AAP की ओर से भी घेरे जाने के बाद कांग्रेस बचाव की मुद्रा में आ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच छिड़ी यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और ज्यादा तीखी हो सकती है।
अलवर में पिकअप की बॉडी के नीचे दबने से चालक की मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर के हनुमान सर्किल के पास स्थित जेएस फोर वीलर कंपनी में मंगलवार को पिकअप की बॉडी के नीचे दबने से एक चालक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामगढ़ निवासी मोनू नायक की पिकअप करीब 15 दिन पहले मरम्मत के लिए जेएस फोर वीलर कंपनी में दी गई थी। […] The post अलवर में पिकअप की बॉडी के नीचे दबने से चालक की मौत appeared first on Sabguru News .
PM आवास पर कांग्रेस का मार्च, राहुल-प्रियंका समेत नेताओं को हिरासत के बाद रिहा किया गया
परीक्षा पत्र लीक के कथित मामलों, विशेष रूप से नीट (NEET) विवाद, और छात्रों के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष ...
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान केरल के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ को मंगलवार शाम दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद छात्र आंदोलन ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया, जिसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।
राजधानी दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और शिवाजी स्टेडियम के आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों की भीड़, पुलिस बैरिकेडिंग और आंसू गैस ...
मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पारित, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून के रूप में होगा लागू
मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को UCC विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया है। विधेयक के विधानसभा से पास होने के बाद सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी ...
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में स्थापित होंगे 'शोधपीठ', योगी कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी
Chief Minister Yogi Adityanath : योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 'भारतीय ज्ञान परंपरा संवर्धन शोधपीठ' स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही योजना के प्रभावी संचालन के ...
पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पीएम आवास के पास धरने पर बैठे राहुल गांधी को पुलिस उठाकर ले गई। जैसे ही पुलिस राहुल को उठाने आई, राहुल जमीन पर लेट गए। अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी को भी पुलिस ने हिरासत ...
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को लोक कल्याण मार्ग तक मार्च निकाला और वहां धरने पर बैठ गई। इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कांग्रेस नेताओं से बातचीत करने के लिए पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में पीएम आवास के पास दोपहर करीब साढ़े 3 बजे से धरने पर बैठे। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस नेता शामिल थे। ...
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटा दिया है। यह फैसला ऐसे वीडियो के सामने आने के बाद लिया गया, जिन्हें पार्टी ने असंवेदनशील आचरण बताया है।
सीएम योगी ने बहराइच को दी 352 करोड़ की सौगात: 70 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बहराइच के महसी विधानसभा क्षेत्र स्थित तेजवापुर के बेड़नापुर रामलीला मैदान से 352 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
राहुल गांधी की हुंकार, PM जवाब दिए बिना नहीं निकल पाएंगे, कहा- पहले प्रधान इस्तीफा दें फिर...
Congress protest at PMs residence: छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती। प्रधानमंत्री मोदी जवाब दिए बिना बाहर नहीं ...
उत्तर प्रदेश में मॉनसून पूरी तरह से मेहरबान नजर आ रहा है और प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में मॉनसून की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए 21 और 22 जुलाई के लिए राज्य के दर्जनों जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने का रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के प्रभाव से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दोनों संभागों में तेज मानसूनी हवाएं सक्रिय हो गई हैं, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है।22 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। जिन प्रमुख जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें मेरठ, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), अलीगढ़, मथुरा, आगरा, ललितपुर, झांसी, महोबा, हमीरपुर, बांदा, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, आजमगढ़, वाराणसी और गोरखपुर शामिल हैं। इन इलाकों में प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने और जर्जर इमारतों व पेड़ों से दूर रहने की हिदायत दी है।लखनऊ में टूटा 9 साल का रिकॉर्ड, 6.5 डिग्री लुढ़का पारा राजधानी लखनऊ में बीते तीन दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। सोमवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया, जिसने जुलाई महीने में पिछले 9 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अमौसी स्थित मौसम मुख्यालय के अनुसार, इससे पहले 5 जुलाई 2019 को दिन का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 22 जुलाई को भी दिनभर काले बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है।26 जुलाई से फिर रफ्तार पकड़ेगा मॉनसून मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 21 और 22 जुलाई को झमाझम बारिश के बाद 23 से 25 जुलाई के दौरान मानसूनी गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। इस अवधि में कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है, हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा। इसके बाद 26 जुलाई से मॉनसून एक बार फिर प्रचंड वेग के साथ पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी रफ्तार पकड़ेगा।यूपी मौसम का ताजा हाल आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के अनुसार प्रदेश के मौसम के मुख्य बिंदु:सबसे ठंडा शहर: पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस हरदोई में दर्ज किया गया।लखनऊ का तापमान: लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।मॉनसून की स्थिति: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से सक्रिय और सामान्य से अधिक प्रभावी है।
यूनाइटेड किंगडम (UK) के निराशाजनक दौरे के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब अपने अगले मिशन के लिए तैयार है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में युवा भारतीय टी-20 टीम 23 जुलाई 2026 से जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज खेलने जा रही है। आयरलैंड और इंग्लैंड के हाथों व्हाइटवॉश की शर्मिंदगी झेलने के बाद भारतीय टीम के लिए यह दौरा अपनी साख बचाने का आखिरी मौका है। हालांकि, अपने घरेलू मैदान पर बेहद खतरनाक नजर आ रही जिम्बाब्वे की टीम को हल्के में लेना 'श्रेयस अय्यर एंड कंपनी' को भारी पड़ सकता है।लगातार हार के बाद भारत के लिए साख की लड़ाई भारत का हालिया यूके दौरा बेहद निराशाजनक रहा, जहां 10 मुकाबलों में से भारतीय टीम को केवल 1 मैच में जीत हासिल हुई, जबकि 8 मैचों में हार का सामना करना पड़ा और 1 मैच बेनतीजा रहा। आयरलैंड ने भारत को टी-20 में 2-0 से हराया, वहीं इंग्लैंड ने टी-20 सीरीज में 4-0 से क्लीन स्वीप किया और वनडे सीरीज भी 2-1 से अपने नाम की। इस लगातार खराब प्रदर्शन के बाद अगर भारतीय टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ भी सीरीज गंवाती है, तो कप्तान और कोचिंग स्टाफ पर उठ रहे सवाल और अधिक गंभीर हो जाएंगे।घर में 'शेर' है जिम्बाब्वे, बांग्लादेश को चटाई थी धूल घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने में जिम्बाब्वे के गेंदबाज बेहद माहिर हैं। हरारे की उछाल भरी पिचों पर 140 किमी/घंटे से अधिक की गति और हार्ड लेंथ गेंदबाजी से जिम्बाब्वे के पेसर्स भारतीय बल्लेबाजों को संकट में डाल सकते हैं। हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ हुई सीरीज में जिम्बाब्वे ने टेस्ट मैच में एक पारी और 85 रनों से बड़ी जीत दर्ज की थी, साथ ही वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी। जिम्बाब्वे के इस हालिया प्रदर्शन को देखते हुए भारत को तीसरा बड़ा झटका लगने का खतरा मंडरा रहा है।युवा गेंदबाजों के भरोसे भारत, रिंकू सिंह की हुई वापसी भारतीय टीम मैनेजमेंट इस सीरीज को बदलाव के दौर के रूप में देख रहा है। बल्लेबाजी क्रम में संजू सैमसन के साथ-साथ फिनिशर रिंकू सिंह की वापसी हुई है। वहीं, गेंदबाजी आक्रमण में मयंक यादव, अशोक शर्मा, यश ठाकुर और प्रिंस यादव जैसे कई ऐसे युवा चेहरे शामिल हैं, जो या तो पहली बार देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं या लंबे समय बाद वापसी कर रहे हैं।भारत बनाम जिम्बाब्वे T20 सीरीज आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के अनुसार टी-20 सीरीज का पूरा शेड्यूल:पहला T20I: 23 जुलाई 2026 (हरारे स्पोर्ट्स क्लब)दूसरा T20I: 25 जुलाई 2026 (हरारे स्पोर्ट्स क्लब)तीसरा T20I: 26 जुलाई 2026 (हरारे स्पोर्ट्स क्लब)भारत बनाम जिम्बाब्वे T20I सीरीज के लिए दोनों टीमों का स्क्वॉड:भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), रवि बिश्नोई।जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, बेन कुरेन, ब्रैड इवांस, क्लाइव मैडेंडे (विकेटकीपर), टिनोटेंडा मापोसा, तादिवानाशे मारुमानी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारवा, न्यूमैन न्यामहूरी, मिल्टन शुंबा।
आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) के तहत बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। 13 अगस्त से शुरू हो रही इस घरेलू सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई चयन समिति ने 13 सदस्यीय मजबूत स्क्वॉड की घोषणा की है। सबसे बड़ी बात यह है कि पीठ की चोट से उबरने के बाद नियमित कप्तान पैट कमिंस की टीम में वापसी हो गई है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक और कप्तानी को जबरदस्त मजबूती मिली है।'खतरनाक चौकड़ी' एक बार फिर साथ, विरोधियों में खौफ ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी की रीढ़ मानी जाने वाली चार प्रमुख गेंदबाजों की जोड़ी—पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और ऑफ स्पिनर नाथन लियोन एक साथ मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। चोटों के कारण हाल के महीनों में यह चारों दिग्गज गेंदबाज एक साथ बहुत कम मैचों में खेल पाए थे। ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने पुष्टि की है कि ये सभी गेंदबाज पूरी तरह फिट हैं और बांग्लादेश के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में एक साथ खेल सकते हैं। टीम में बैकअप पेसर के रूप में स्कॉट बोलैंड और ऑलराउंडर ब्यू वेबस्टर व कैमरन ग्रीन को भी शामिल किया गया है।उस्मान ख्वाजा की जगह नए टॉप-ऑर्डर की तलाश जनवरी 2026 में अनुभवी सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा के संन्यास लेने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम टॉप-6 बैटिंग ऑर्डर में बदलाव पर विचार कर रही है। बल्लेबाजी विभाग को संभालने के लिए ट्रैविस हेड, स्टीव स्मिथ, मार्नस लाबुशेन, जोश इंग्लिस और जेक वेदरल्ड जैसे खिलाड़ियों को 13 सदस्यीय टीम में जगह दी गई है। वहीं दूसरी ओर, खराब फॉर्म और टीम कॉम्बिनेशन के चलते माइकल नेसर, स्पिनर टॉड मर्फी और पेसर ब्रेंडन डॉगेट को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।डार्विन और मैकाय में खेले जाएंगे दोनों मुकाबले ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच पहला टेस्ट मैच 13 अगस्त से डार्विन में खेला जाएगा, जबकि सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच मैकाय के मैदान पर आयोजित होगा।टेस्ट चैंपियनशिप में ऑस्ट्रेलिया नंबर-1 आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 साइकल के आंकड़ों के अनुसार:ऑस्ट्रेलिया की स्थिति: ऑस्ट्रेलियाई टीम 87.50 प्रतिशत अंकों के साथ डब्ल्यूटीसी (WTC) तालिका में शीर्ष (Top) पर काबिज है। कंगारू टीम ने अपने 8 में से 7 टेस्ट मैच जीते हैं।बांग्लादेश की स्थिति: बांग्लादेश की टीम 58.33 प्रतिशत अंकों के साथ तालिका में चौथे स्थान पर है। उसने अब तक खेले 4 मैचों में से 2 में जीत दर्ज की है, 1 गंवाया है और 1 मैच ड्रॉ रहा है।बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का 13-सदस्यीय टेस्ट स्क्वॉड: पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, जेक वेदरल्ड, ब्यू वेबस्टर, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन।
शेयर बाजार में जब भी अचानक बड़ी गिरावट आती है या बाजार लाल निशान पर कारोबार करता है, तो नए और अनुभवहीन निवेशकों के हाथ-पांव फूलने लगते हैं। पोर्टफोलियो में लाल रंग देखकर ज्यादातर लोग घबराकर गलत फैसले ले बैठते हैं। हालांकि, एडलवाइस म्यूचुअल फंड की प्रबंध निदेशक (MD) और सीईओ राधिका गुप्ता का मानना है कि यदि आपका निवेश का तरीका और ढांचा सही है, तो बाजार में कितनी ही बड़ी गिरावट क्यों न आ जाए, आप रात में चैन की नींद सो सकते हैं।स्टॉक चुनने के चक्कर में न पड़ें, ढांचे को समझें ग्रो (Groww) द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'द अल्फा बेट्स' में राधिका गुप्ता ने नए और युवा निवेशकों को बेहद व्यावहारिक सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अधिकांश परिवारों और युवा पेशेवरों के पास रोजाना शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को ट्रैक करने, कंपनियों की बैलेंस शीट जांचने या वार्षिक रिपोर्ट का विश्लेषण करने का समय नहीं होता है। ऐसे में नए निवेशकों के लिए असली फैसला यह नहीं होना चाहिए कि कौन सा मल्टीबैगर शेयर खरीदें, बल्कि यह होना चाहिए कि वे किस वित्तीय ढांचे का चुनाव करते हैं जो उन्हें बिना किसी मानसिक तनाव के ग्रोथ में हिस्सा बनने का मौका दे।प्रोफेशनल फंड मैनेजरों पर छोड़ें बाजार के फैसले राधिका गुप्ता के अनुसार, म्यूचुअल फंड्स नए निवेशकों की इस सबसे बड़ी समस्या का स्थाई समाधान करते हैं। म्यूचुअल फंड्स में अलग-अलग सेक्टरों और मार्केट कैप (लार्ज, मिड और स्मॉल कैप) वाले शेयरों में पैसा लगाया जाता है। सबसे खास बात यह है कि रोजाना शेयर खरीदने या बेचने का फैसला आपका नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल फंड मैनेजर का होता है। ये फंड मैनेजर सख्त नियमों और रिसर्च के आधार पर फैसले लेते हैं। चूंकि युवा निवेशक अपने करियर को बनाने और कौशल विकसित करने में व्यस्त रहते हैं, इसलिए बाजार पर नजर रखने का यह भावनात्मक और भारी बोझ अनुभवी फंड प्रबंधकों पर छोड़ देना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।नए निवेशकों के लिए राधिका गुप्ता की सीधी और सरल सलाह सोशल मीडिया पर मिलने वाले 'मल्टीबैगर स्टॉक्स' के लुभावने टिप्स से दूर रहने की सलाह देते हुए राधिका गुप्ता ने नए निवेशकों के लिए दो सबसे बेहतरीन रास्ते बताए हैं:डाइवर्सिफाइड एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी फंड (Diversified Actively Managed Equity Fund): इसमें अनुभवी फंड मैनेजर बाजार के रुख के हिसाब से बेहतरीन शेयरों का चयन करते हैं।ब्रॉड-बेस्ड इंडेक्स फंड (Broad-Based Index Fund): यह कम खर्च में बाजार की औसतन ग्रोथ का सीधा लाभ उठाने का सबसे सुरक्षित जरिया है।राधिका गुप्ता ने जोर देकर कहा कि निवेश का शुरुआती मकसद पहले ही साल में सबसे ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं होना चाहिए, बल्कि बाजार में इतने लंबे समय तक बने रहना होना चाहिए कि आपको कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की असली ताकत का फायदा मिल सके। उन्होंने अपनी निजी जिंदगी का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने खुद अपने नन्हे बेटे के लिए लार्ज और मिड-कैप इंडेक्स फंड में एसआईपी (SIP) शुरू की है, क्योंकि जटिल प्रक्रियाओं के बजाय सादगी ही दीर्घकालिक वेल्थ क्रिएशन की असली कुंजी है।बचत को मानें अनिवार्य कटौती आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और वित्तीय अनुशासन के दृष्टिकोण से राधिका गुप्ता ने निवेश से भी ज्यादा ध्यान अच्छी वित्तीय आदतों पर देने की सलाह दी है:बचत ही निवेश की नींव है: बिना बचत के निवेश का कोई अस्तित्व नहीं हो सकता।आय की अनिवार्य कटौती: जिस तरह सैलरी से टैक्स की कटौती अपने आप होती है, ठीक वैसे ही अपनी मासिक कमाई का एक हिस्सा बचत के रूप में अलग निकाल देना चाहिए।5 से 10 फीसदी से करें शुरुआत: टैक्स चुकाने के बाद बची हुई कुल कमाई का कम से कम 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा हर महीने अनिवार्य रूप से बचाएं। जैसे-जैसे आपकी आय और करियर बढ़े, निवेश के इस हिस्से को भी बढ़ाते जाएं। यह छोटा सा अनुशासन आगे चलकर आपको बड़ा वेल्थ बनाने में मदद करेगा।
देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) इस समय सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित विषय बना हुआ है। हालांकि, वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू होने में अभी लगभग एक साल का समय बाकी है, लेकिन कर्मचारियों ने अपनी संभावित नई बेसिक सैलरी, भत्तों और ग्रॉस सैलरी को लेकर गणित बिठाना शुरू कर दिया है। साल की पहली छमाही में वेतन आयोग का आधिकारिक पोर्टल लॉन्च होने के बाद से ही कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ बैठकों का दौर जारी है, जिससे सैलरी में बंपर इजाफे की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग और विशेषज्ञों की राय केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी शीर्ष संस्था 'नेशनल काउंसिल – जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी' (NC-JCM) ने सरकार से 8वें वेतन आयोग के तहत 3.833 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू करने की पुरजोर मांग की है। हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि 3.833 का आंकड़ा काफी अधिक है और आयोग 2.0 से लेकर 2.25 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय कर सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि फिटमेंट फैक्टर 2.25 के आसपास रहता है, तो क्या कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में उसी अनुपात में सीधा उछाल देखने को मिलेगा?पुराना रिकॉर्ड: ज्यादा फिटमेंट फैक्टर का मतलब हमेशा ज्यादा सैलरी नहीं इतिहास और पिछले वेतन आयोगों के आंकड़ों पर नजर डालें तो गणित थोड़ा अलग नजर आता है।7वां वेतन आयोग: 7वें वेतन आयोग में 2.57 का उच्च फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में महज 14.29% का ही वास्तविक इजाफा हुआ था।छठा वेतन आयोग: इसके विपरीत, 6ठे वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर केवल 1.86 था, लेकिन कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में रिकॉर्ड 54% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।चौथा और पांचवां आयोग: चौथे और पांचवें वेतन आयोग के तहत कुल वेतन वृद्धि क्रमशः 27.60% और 31% रही थी।8वें वेतन आयोग से 31% से 68% तक बढ़ोतरी का अनुमान बैंकबाजार (BankBazaar) के हालिया वित्तीय अनुमानों के मुताबिक, यदि 8वां वेतन आयोग 2.0 से 2.57 के दायरे में भी फिटमेंट फैक्टर तय करता है, तब भी पे मैट्रिक्स के लेवल 1 से लेकर लेवल 18 तक के कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में 31% से 68% तक की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।डीए (DA) की भूमिका क्यों है सबसे अहम? आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर और कुल वेतन वृद्धि में अंतर का सबसे मुख्य कारण तत्कालीन महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) होता है।डीए (DA) का प्रभाव: जब नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं, तो तत्कालीन डीए को शून्य (0) करके उसे बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाता है। इसलिए मौजूदा डीए की दर कुल ग्रॉस सैलरी के इजाफे में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।अलाउंस का गणित: कर्मचारियों की कुल सैलरी बेसिक सैलरी, डीए, एचआरए (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) से मिलकर बनती है। इसके अलावा रिस्क अलाउंस, पोस्टिंग की जगह और जॉब स्टेटस के हिसाब से अन्य भत्ते जुड़ते हैं।वेतन आयोग का गठन और ताजा स्थिति केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में आठवें वेतन आयोग के गठन की आधिकारिक मंजूरी दी थी, जिसके बाद वर्ष 2026 में आयोग पूरी तरह सक्रिय रूप से काम कर रहा है। आयोग द्वारा तैयार किया गया नया पोर्टल अब लाइव है और विभिन्न हितधारकों के सुझाव दर्ज किए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को कब सौंपता है और केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होती है।
दिग्गजों के दांव वाला यह शेयर 69% टूटा! IPO प्राइस के करीब पहुंचे दाम, निवेशकों में मचा हड़कंप
शेयर बाजार में दिग्गज निवेशकों के दांव वाले स्टॉक्स भी हमेशा सुरक्षित नहीं रहते, इसका ताजा उदाहरण SME सेगमेंट की कंपनी 'सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स' (C2C Advanced Systems) में देखने को मिला है। कंपनी के शेयरों में इन दिनों भारी बिकवाली का दौर जारी है और स्टॉक ताश के पत्तों की तरह बिखरता नजर आ रहा है। मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कंपनी का शेयर 20 प्रतिशत के लोअर सर्किट के साथ 268.15 रुपये पर बंद हुआ। बीते महज दो कारोबारी दिनों में ही इस शेयर में 40 पर्सेंट की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिससे यह अपने आईपीओ (IPO) प्राइस के बिल्कुल करीब पहुंच गया है।ऑल-टाइम हाई से 69% से ज्यादा टूटे शेयर सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स के शेयरों ने अपने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। अगर इसके 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर की तुलना करें, तो यह स्टॉक 69 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है। बीते साल 1 सितंबर 2025 को कंपनी का शेयर 888 रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो अब घटकर 268.15 रुपये के नए 52-हफ्ते के निचले स्तर (52-week Low) पर आ गया है। साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक यानी YTD के आधार पर देखें तो इस शेयर में 43 पर्सेंट से अधिक की गिरावट आई है, जिसके चलते कंपनी का कुल मार्केट कैप घटकर 455 करोड़ रुपये पर सिमट गया है।आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल जैसे दिग्गजों का लगा है दांव आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग फाइलिंग के मुताबिक, इस कंपनी में बाजार के बड़े और नामचीन निवेशकों का पैसा लगा हुआ है:आशीष कचोलिया: दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की इस कंपनी में 3.82 पर्सेंट हिस्सेदारी है।मुकुल अग्रवाल: मशहूर इनवेस्टर मुकुल अग्रवाल के पास कंपनी के 2.75 पर्सेंट शेयर मौजूद हैं।बंगाल फाइनेंस व FII: बंगाल फाइनेंस के पास 1.27 पर्सेंट स्टेक है, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की कुल हिस्सेदारी 3.18 पर्सेंट है।अपने IPO इश्यू प्राइस के मुहाने पर पहुंचा शेयर का भाव डिफेंस और एयरोस्पेस सॉल्यूशंस (Defense and Aerospace Solutions) में विशेषज्ञता रखने वाली सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स का आईपीओ नवंबर 2024 में आया था। उस दौरान कंपनी ने 226 रुपये का इश्यू प्राइस तय किया था। निवेशकों के जबरदस्त उत्साह के कारण यह आईपीओ 125 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 3 दिसंबर 2024 को जब इसकी मार्केट में एंट्री हुई, तो यह 226 रुपये के मुकाबले 429.40 रुपये पर शानदार प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ था और लिस्टिंग वाले दिन 450.85 रुपये पर बंद हुआ था। हालांकि, अब ऑल-टाइम हाई से हुई भारी मुनाफावसूली और लगातार गिरावट के बाद शेयर अपने आईपीओ प्राइस 226 रुपये के बेहद करीब आ चुका है, जिससे खुदरा निवेशक असमंजस की स्थिति में हैं।
बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ और रिलेशनशिप की खबरों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। हाल ही में डिजिटल क्रिएटर और एक्ट्रेस साहिबा बाली के साथ उनके अफेयर की अफवाहें सोशल मीडिया पर काफी तेज हो गईं। हालांकि, अब इन अफवाहों पर खुद साहिबा बाली ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और मीडिया कवरेज पर जमकर अपनी भड़ास निकाली है। साहिबा ने साफ शब्दों में कहा है कि उनकी पर्सनल लाइफ या डेटिंग लाइफ कोई 'राष्ट्रीय खबर' नहीं है, जिस पर इतना हंगामा मचाया जाए।लंदन में एक साथ स्पॉट होने पर फैली थीं अफवाहें दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अर्जुन कपूर और साहिबा बाली को लंदन के मशहूर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे मैच के दौरान एक साथ देखा गया। दोनों को एक साथ स्टेडियम में मैच का लुत्फ उठाते देख सोशल मीडिया पर उनके अफेयर और डेटिंग की अटकलें लगने लगीं। इसके बाद दोनों के रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर मीडिया में लगातार खबरें छपने लगीं, जिससे परेशान होकर साहिबा ने सोशल मीडिया का सहारा लिया।साहिबा बाली ने मीडिया को सुनाई खरी-खोटी अपनी पर्सनल लाइफ पर मिल रही बेवजह की अटेंशन पर सख्त ऐतराज जताते हुए साहिबा बाली ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर हुई एक सभा की तस्वीर शेयर की। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया की आलोचना करते हुए लिखा, डियर मीडिया, लंदन में मेरी डेटिंग लाइफ या दोस्ती के बारे में अंदाजे लगाना बंद करो। यह कोई नेशनल न्यूज नहीं है। अगर आपको कुछ दिखाना ही है तो कुछ अच्छा और काम का दिखाओ। साहिबा ने साफ किया कि लोगों को उनकी निजी जिंदगी के बजाय देश के अधिक महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।तस्वीर शेयर कर बोलीं: 'हर बात पर यकीन मत करो' अफेयर की चर्चाओं को मजाकिया अंदाज में खारिज करने के लिए साहिबा ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अर्जुन कपूर के साथ अपनी एक तस्वीर भी शेयर की। इस तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, हर बात पर यकीन न करें - भाग 2। इससे ठीक पहले उन्होंने एक और पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया था, जिसमें मीडिया द्वारा उन्हें गलती से मशहूर अभिनेत्री अनुष्का शर्मा समझ लिया गया था। उस कन्फ्यूजन का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने इसे 'भाग 1' बताया था और फैंस को ऐसे दावों पर यकीन न करने की सलाह दी।नो एंट्री 2 (No Entry 2): अर्जुन कपूर इन दिनों अपने पिता बोनी कपूर के प्रोडक्शन में बन रही मच-अवाइटेड कॉमेडी फिल्म 'नो एंट्री 2' की शूटिंग में व्यस्त हैं।रोमांटिक कॉमेडी फिल्म: हाल ही में उन्होंने निर्देशक मुदस्सर अजीज के निर्देशन में बन रही एक अनाम रोमांटिक कॉमेडी फिल्म के दिल्ली शेड्यूल की शूटिंग पूरी की है।सिंघम अगेन (Singham Again): इससे पहले अर्जुन कपूर रोहित शेट्टी की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सिंघम अगेन' में खूंखार विलेन 'डेंजर लंका' के दमदार किरदार में नजर आए थे, जिसकी दर्शकों और क्रिटिक्स ने खूब तारीफ की थी।
राजश्री प्रोडक्शंस की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'विवाह' (Vivah) में 'पूनम' की मासूमियत और सादगी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस अमृता राव को भला कौन भूल सकता है। आज भी जब पारंपरिक और पारिवारिक फिल्मों का जिक्र होता है, तो 'विवाह' का नाम सबसे ऊपर आता है। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि अमृता राव को यह ऐतिहासिक रोल किसी बड़े ऑडिशन या बड़ी हिट फिल्म की वजह से नहीं, बल्कि महज 7 मिनट के एक छोटे से किरदार के बदौलत मिला था। एक्ट्रेस ने खुद एक मीडिया इंटरव्यू में अपनी किस्मत बदलने वाले इस दिलचस्प किस्से का खुलासा किया है।जींस और टी-शर्ट पहनकर सूरज बड़जात्या से मिलने पहुंची थीं अमृता अमृता राव ने राजश्री के दिग्गज डायरेक्टर सूरज बड़जात्या के साथ अपनी पहली मुलाकात की यादों को साझा करते हुए बताया कि जब उन्हें मिलने का बुलावा आया, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि सूरज जी उनके भीतर किस तरह का किरदार तलाश रहे हैं। एक ठेठ मॉडर्न मुंबईया लड़की की तरह अमृता जींस और टी-शर्ट पहनकर उनसे मिलने उनके दफ्तर पहुंच गईं। वहां जाकर जब उन्हें पता चला कि सूरज बड़जात्या उन्हें 'मधुपुर' शहर की बेहद सीधी-सादी और पारंपरिक लड़की 'पूनम' के लीड रोल के लिए देख रहे हैं, तो वह खुद भी हैरान रह गई थीं।'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' के 7 मिनट के रोल ने रचा इतिहास बातचीत के दौरान जब सूरज बड़जात्या ने अमृता से कहा कि उन्होंने उनकी एक फिल्म देखी है और उसमें उनका काम बहुत पसंद आया है, तो अमृता को लगा कि वह उनकी किसी कमर्शियल हिट फिल्म की बात कर रहे हैं। हालांकि, जब सूरज बड़जात्या ने फिल्म का नाम 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' बताया, तो अमृता की आंखें नम हो गईं। अमृता ने कहा कि उस देशभक्ति फिल्म में उनका स्क्रीन टाइम मुश्किल से महज 7 मिनट का था। इतने छोटे से रोल में भी उनकी मासूमियत ने सूरज बड़जात्या जैसे दिग्गज डायरेक्टर पर इतनी गहरी छाप छोड़ी कि उन्होंने बिना देर किए अमृता को अपनी सबसे बड़ी फिल्म 'विवाह' का मुख्य चेहरा बनाने का फैसला कर लिया।8 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रचा था इतिहास आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और फिल्म इंडस्ट्री के रिकॉर्ड्स के मुताबिक, साल 2006 में रिलीज हुई फिल्म 'विवाह' भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली पारिवारिक फिल्मों में गिनी जाती है:फिल्म का बजट: इस खूबसूरत लव स्टोरी को महज 8 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार किया गया था।बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई करते हुए कई नए रिकॉर्ड बनाए और रातों-रात ब्लॉकबस्टर साबित हुई।शाहिद-अमृता की जोड़ी: फिल्म में शाहिद कपूर (प्रेम) और अमृता राव (पूनम) की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।सोशल मीडिया पर क्रेज: आज भी सोशल मीडिया रील्स, मीम्स, डायलॉग्स (जैसे 'जल लीजिए') और गानों के जरिए 'विवाह' फिल्म का क्रेज फैंस के सिर चढ़कर बोलता है।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। कोलकाता में आयोजित वार्षिक शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि सीजेपी को शुरू से ही टीएमसी का समर्थन प्राप्त है और यदि आवश्यकता पड़ी तो वह स्वयं जंतर-मंतर जाकर उनके प्रदर्शन में शामिल होंगी। भारी बारिश और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद सीजेपी समर्थक अपनी मांगों को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।जंतर-मंतर पर CJP का डटे रहना और ममता बनर्जी का खुला समर्थनसंसद चलो मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और रात भर हुई मूसलाधार बारिश के बावजूद सीजेपी कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर जमे रहे। सुबह कार्यकर्ताओं ने स्वयं प्रदर्शन स्थल की सफाई की, जबकि संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए समर्थकों से माफी मांगी। कोलकाता में बिड़ला तारामंडल के पास टीएमसी की शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई व्यक्तिगत या राजनीतिक अहम् से कहीं बड़ी है, इसलिए वह सीजेपी के न्यायसंगत संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी हैं।INDIA गठबंधन के घटक दलों से एकजुट होने की अपीलपश्चिम बंगाल में राजनीतिक समीकरणों को नया रूप देने के उद्देश्य से ममता बनर्जी ने कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) सहित विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के सभी घटक दलों से अपने आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य स्तर पर भाजपा को परास्त करने के लिए सभी को इंडिया गठबंधन के बैनर तले एक साथ आना होगा। उन्होंने कहा कि उनके भीतर किसी प्रकार का कोई अहम् नहीं है और सभी दलों को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी चाहिए।टीएमसी के बागी नेताओं पर सख्त रुख: गद्दारों की पार्टी में वापसी संभव नहींरैली के दौरान ममता बनर्जी ने बागी गुट के नेताओं पर भाजपा के इशारे पर काम करने का तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को कभी वापस नहीं लिया जाएगा और हर खाली जगह को भरने के लिए टीएमसी के युवा और छात्र कार्यकर्ता पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बागी नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे छिपकर काम करने के बजाय सीधे भाजपा में शामिल होकर चुनाव लड़ें। इसके साथ ही ममता बनर्जी ने घोषणा की कि वे जल्द ही पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों का तूफानी दौरा शुरू करेंगी।
बारिश में कुछ टेस्टी खाने का है मन? ट्राई करें ये 5 मानसून स्पेशल रेसिपीज
Easy Monsoon Snack Recipes: अगर आप भी बारिश के मौसम का स्वाद दोगुना करना चाहते हैं, तो यहां जानिए मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, जिन्हें देखते ही मुंह में पानी आ जाएगा और हर कोई बार-बार इन्हें बनाने की फरमाइश करेगा। होगा बारिश का मजा दोगुना! यहां ...
आधुनिक शिक्षा, संस्कार और निःशुल्क कोचिंग का संगम, नीट में 18 बेटियों की सफलता बनी नई मिसाल
लखनऊ, 20 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की योजनाएं सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक ...
एआई सेंसर व कैमरे, जेनरेटिव एआई, डिजिटल साइनेज, कलर कोडिंग आदि से होगा भीड़ प्रबंधन4 घंटे पहले ही अनुमानित भीड़ का चलेगा पता, समय रहते पुलिस कर पाएगी भीड़ प्रबंधन का कार्यरियल-टाइम डेटा और एआई भीड़ वाले मार्गों से बचाते हुए वैकल्पिक गलियों का ...
छत्तीसगढ़ के कोरिया में प्रेगनेट युवती का अपहरण कर गैंगरेप
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में अंतरजातीय विवाह करने वाली एक गर्भवती युवती के कथित अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म तथा जबरन गर्भपात कराने के प्रयास के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस से मंगलवार को मिली जानकारी के […] The post छत्तीसगढ़ के कोरिया में प्रेगनेट युवती का अपहरण कर गैंगरेप appeared first on Sabguru News .
राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी से कहा कि वह आत्मसमर्पण करें, अन्यथा जमानत रद्द करने पर विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी जमानत का विरोध करते हुए कई अहम दलीलें पेश कीं।
Samsung 22 जुलाई (बुधवार) को लंदन में अपना बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked 2026 इवेंट आयोजित करने जा रही है। इस इवेंट में कंपनी नई पीढ़ी के फोल्डेबल स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच लॉन्च करेगी। लॉन्च से पहले सामने आई कई रिपोर्ट्स और लीक्स में Galaxy Z Fold8 ...
Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें
Low Blood Sugar Symptoms: शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है और इस ऊर्जा का प्रमुख स्रोत ग्लूकोज यानी ब्लड शुगर है। जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से कम हो जाता है, तो इस स्थिति को हाइपोग्लाइसीमिया ...
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहली बार प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने पैदल मार्च कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
भीलवाड़ा जिले में माता बांक्या रानी मंदिर को लेकर विवाद गहराया
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया कस्बे में शुक्रवार को देवडूंगरी भीलपुरिया घाटी स्थित प्राचीन धार्मिक स्थल को लेकर विवाद गहरा गया। सर्व समाज के आह्वान पर मंगलवार को मध्याह्न 12 बजे तक बाजार बंद रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उपखंड अधिकारी (एसडीएम) स्वाति झा को ज्ञापन सौंपकर […] The post भीलवाड़ा जिले में माता बांक्या रानी मंदिर को लेकर विवाद गहराया appeared first on Sabguru News .
आंध्र प्रदेश की मशहूर 'डिब्बा रोटी' बनाने का यह गिलास वाला तरीका देख दीवाने हो जाएंगे आप
भारतीय रसोई में जब भी सुबह के नाश्ते या रात के डिनर की बात आती है, तो सबसे बड़ा सिरदर्द यही रहता है कि कौन सी माथापच्ची करके आटा गूंथा जाए और फिर एक-एक करके रोटियां बेली जाएं। अगर आप भी इस रोजाना की झंझट से तंग आ चुके हैं और कुछ ऐसा आसान, झटपट और स्वादिष्ट ढूंढ रहे हैं जो मिनटों में तैयार हो जाए, तो दक्षिण भारत के स्वाद से जुड़ी यह वायरल रेसिपी आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। आंध्र प्रदेश की पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय 'डिब्बा रोटी' (Dibba Roti) इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर खाने के शौकीनों के दिलों पर राज कर रही है। सबसे मज़ेदार बात यह है कि इसे बनाने के लिए न तो आपको घंटों आटा गूंथने की जरूरत है और न ही बेलन उठाने की, बल्कि किचन में रखे एक सामान्य गिलास और कड़ाही की मदद से आप इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं। इस अनोखी और लाजवाब रेसिपी के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।क्या है आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध 'डिब्बा रोटी' और क्यों है यह इतनी खासदक्षिण भारतीय व्यंजनों का नाम सुनते ही इडली, डोसा और वड़ा का ख्याल मन में आता है, लेकिन आंध्र प्रदेश की यह खास डिश 'डिब्बा रोटी' अपने आप में बेहद अनूठी है। यह बाहर से हल्की क्रिस्पी और अंदर से बेहद सॉफ्ट, स्पंजी और मक्खन जैसी मुलायम होती है। इसे पारंपरिक रूप से उड़द दाल और चावल के दरदरे मिश्रण से तैयार किया जाता है, जो खाने में जितनी स्वादिष्ट लगती है, बनाने में उससे कहीं ज्यादा आसान होती है। जिन लोगों के पास सुबह की भागदौड़ में रोटियां बेलने का वक्त नहीं होता, उनके लिए यह डिश किसी जादुई नुस्खे से कम नहीं है।गिलास और कड़ाही का यह अनोखा तरीका बदल देगा आपका कुकिंग अंदाजपारंपरिक तरीकों से हटकर इस डिब्बा रोटी को बनाने का जो नया और आसान तरीका इन दिनों छाया हुआ है, उसमें आपको कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती। इस आसान ट्रिक को आजमाने के लिए आपको बस नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा:बैटर तैयार करना: सबसे पहले इडली-डोसे के बचे हुए या ताजा फर्मेंटेड बैटर में थोड़ा सा नमक, बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, धनिया पत्ती और स्वादानुसार मसाले मिलाकर एक अच्छा सा घोल तैयार कर लें। यह घोल बहुत ज्यादा पतला नहीं होना चाहिए।कड़ाही का इस्तेमाल: अब गैस पर एक नॉन-स्टिक कड़ाही या पैन गर्म करें और उसमें भरपूर मात्रा में बटर या घी फैलाएं। घी से इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।गिलास वाला सीक्रेट तरीका: इस रेसिपी का सबसे मजेदार हिस्सा यह है कि आप चाहें तो बैटर को कड़ाही के बीचों-बीच एक साथ उड़ेल सकते हैं या फिर एक निश्चित मोटाई पाने के लिए इसे एक खास तरीके से फैलाते हैं ताकि यह पैनकेक की तरह मोटी और फूली हुई बने। धीमी आंच पर ढककर पकाने से यह अंदर तक अच्छे से पक जाती है और इसका टेक्सचर एकदम डिब्बे जैसा मोटा और स्पंजी हो जाता है।हर फूड लवर को क्यों जरूर ट्राई करनी चाहिए यह रेसिपीइस डिब्बा रोटी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप इसे बच्चों के टिफिन में दे सकते हैं या फिर शाम की हल्की-फुल्की भूख में नारियल की चटनी और सांभर के साथ परोस सकते हैं। कम मेहनत, बेहतरीन स्वाद और मिनटों में तैयार होने वाला यह नाश्ता एक बार बनाने के बाद आपके घर में सबका पसंदीदा बन जाएगा। तो फिर देर किस बात की, आज ही अपनी रसोई में इस आसान तरीके को आजमाएं और इस पारंपरिक दक्षिण भारतीय स्वाद का लुत्फ उठाएं।
सिक्किम में सुरंग हादसे में 10 मजदूरों की मौत, कई अब भी फंसे, राहत-बचाव अभियान जारी
गंगटोक। सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग-झोलुंगे क्षेत्र में एनएचपीसी तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने की घटना में कम से कम 10 श्रमिकों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार दोपहर सुरंग ढहने के बाद बचाव दल ने […] The post सिक्किम में सुरंग हादसे में 10 मजदूरों की मौत, कई अब भी फंसे, राहत-बचाव अभियान जारी appeared first on Sabguru News .
दिन में सूरज की आग से तपता है रेगिस्तान, लेकिन रात होते ही अचानक क्यों बन जाता है बर्फ सा ठंडा
धरती के सबसे शुष्क और गर्म माने जाने वाले रेगिस्तानी इलाकों की आबोहवा अपने अंदर कई ऐसे हैरान करने वाले रहस्य समेटे हुए है, जिनके बारे में जानकर हर कोई अचंभित रह जाता है। आपने अक्सर गौर किया होगा या किताबों में पढ़ा होगा कि मरुस्थल या रेगिस्तान दिन के समय सूरज की तेज किरणों के कारण किसी भट्टी की तरह खौलते हैं और यहां की रेत पर पैर रखना तक मुश्किल हो जाता है। लेकिन जैसे ही शाम ढलती है और रात का अंधेरा छाता है, यहां का तापमान इतनी तेजी से लुढ़कता है कि ठंड का अहसास होने लगता है। दिन में आसमान छूती गर्मी और रात में अचानक कंपकंपा देने वाली सर्दी के इस अजीबोगरीब खेल के पीछे आखिर क्या वैज्ञानिक कारण छिपा है? आइए इस रहस्य से पर्दा उठाते हैं और इसके पीछे की असली वजह को विस्तार से समझते हैं।रेत की अनोखी तासीर और ऊष्मा का यह पूरा गणितरेगिस्तान के इस अनोखे मौसम के पीछे सबसे बड़ा कारण वहां की मिट्टी यानी बालू की प्रकृति है। विज्ञान के जानकारों के अनुसार, रेत में यह विशेषता होती है कि वह बहुत तेजी से सूरज की गर्मी को अवशोषित (Absorb) करती है और उतनी ही तेजी से उस गर्मी को छोड़ती भी है। जब दिन के समय सूरज आसमान पर चमकता है, तो रेगिस्तान की रेतीली सतह पल भर में बेहद गर्म हो जाती है, जिससे वहां का तापमान बहुत ऊपर चला जाता है। इसके विपरीत, जैसे ही सूर्य अस्त होता है, रेत में गर्मी को रोककर रखने की क्षमता नहीं होती और वह सारी ऊष्मा तेजी से अंतरिक्ष में वापस रेडिएट (Radiate) कर देती है। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में थर्मल रेडिएशन कहा जाता है।बादलों की गैरमौजूदगी और हवा का शुष्क होना भी है बड़ी वजहरेगिस्तानी इलाकों में रात के समय तापमान अचानक नीचे गिरने के पीछे एक और मुख्य वजह वहां का आसमान और नमी की कमी है। चूंकि रेगिस्तान में पानी और नमी (Humidity) का नामोनिशान नहीं होता और हवा पूरी तरह से सूखी होती है, इसलिए वहां बादलों की चादर नहीं बन पाती। सामान्य इलाकों में बादल रात के समय जमीन से निकलने वाली गर्मी को वापस धरती की तरफ परावर्तित कर देते हैं जिससे एक प्राकृतिक कंबल जैसा असर बनता है और रातें बहुत ज्यादा ठंडी नहीं होतीं। लेकिन मरुस्थल में बादलों के न होने के कारण जमीन की सारी गर्मी बिना किसी रुकावट के सीधे आसमान में गायब हो जाती है, जिसके कारण वहां का पारा तेजी से नीचे गिरने लगता है।प्रकृति का यह संतुलन इंसानों और जीवों को सिखाता है जीने का हुनररेगिस्तान की यह अनोखी जलवायु सिर्फ एक भौगोलिक तथ्य नहीं है, बल्कि यह वहां रहने वाले जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों की जीवनशैली को भी गहराई से प्रभावित करती है। अत्यधिक गर्मी और ठंड के इस भारी अंतर के साथ जीना वहां के बाशिंदों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। प्रकृति का यह अद्भुत करिश्मा हमें यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि कैसे एक ही दिन के भीतर धरती के एक ही हिस्से में दो बिल्कुल विपरीत मौसमों का अनुभव किया जा सकता है।
कल जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोज जनता पार्टी के आंदोलन के बाद आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे धरने पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सभी ने खरगे के घर से ...
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 118 पुलिसकर्मी घायल
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों सहित 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार सोमवार को झड़पों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, पुलिसकर्मियों पर हमला किया, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया […] The post कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 118 पुलिसकर्मी घायल appeared first on Sabguru News .
राजस्थान के इकलौते हिल स्टेशन माउंट आबू की खूबसूरती यूं तो सालभर देश-विदेश के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है, लेकिन बारिश के मौसम में इस खूबसूरत वादी का रोमांच और भी ज्यादा बढ़ जाता है। मानसून के दिनों में जब चारों तरफ हरी-भरी वादियां और बादलों की चादर छा जाती है, तो यहां की छटा देखते ही बनती है। अगर आप भी इस मानसून सीजन में माउंट आबू जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आम और भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर कुछ ऐसे खास और अनछुए ठिकाने हैं, जहां की प्राकृतिक सुंदरता आपका दिल जीत लेगी। माउंट आबू के इन 5 सीक्रेट व्यू पॉइंट्स (Secret View Points) के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं, जहां पहुंचते ही आपको बादलों और हरियाली का जादुई अहसास होगा।ट्रेवल लवर्स के लिए खास क्यों है मानसून में माउंट आबू का सफरपहाड़ों की रानी कहे जाने वाले माउंट आबू में मानसून के दौरान प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है। यहां के झरने जीवंत हो उठते हैं, रास्ते बादलों से ढंक जाते हैं और तापमान में भारी गिरावट आ जाती है। हालांकि, ज्यादातर पर्यटक केवल नक्की झील या सनसेट पॉइंट तक ही सीमित रह जाते हैं, जिसकी वजह से वे असली शांति और प्राकृतिक सौंदर्य से चूक जाते हैं। अगर आप भीड़-भाड़ से दूर सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं और बादलों के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो इन पांच गुप्त और खूबसूरत जगहों की सैर जरूर करनी चाहिए।1. ट्रेजरी व्यू पॉइंट (Treasury View Point) - बादलों से ढंकी शांत वादीमुख्य शहर की हलचल से थोड़ा दूर स्थित ट्रेजरी व्यू पॉइंट मानसून के मौसम में किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। यहां खड़े होकर जब आप चारों तरफ देखेंगे, तो ऐसा महसूस होगा मानों बादल आपके बिल्कुल करीब से गुजर रहे हैं। फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है, क्योंकि यहां से हरी-भरी पहाड़ियों और घाटियों का पैनोरमिक व्यू बेहद शानदार दिखाई देता है।2. हनुमान घाट (Hanuman Ghat) - ट्रैकिंग और हरियाली का परफेक्ट मेलअगर आपको एडवेंचर और नेचर वॉल्क का शौक है, तो हनुमान घाट आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। बारिश के मौसम में इस पूरे रास्ते पर चारों तरफ घना कोहरा और चारों तरफ फैली हरियाली आपका मन मोह लेगी। यहां का शांत वातावरण और ठंडी हवाएं सैलानियों को घंटों तक यहां रुकने के लिए मजबूर कर देती हैं।3. एक्सप्रेस हाईवे व्यू पॉइंट (Express Highway View Point) - बादलों का अद्भुत खेलमाउंट आबू के रास्तों पर चलते हुए यह व्यू पॉइंट पर्यटकों के बीच धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। मानसून के दिनों में यहां का मौसम पल-पल बदलता है। कभी तेज धूप तो अगले ही पल बादलों का घने कोहरे में बदल जाना यहां की मुख्य विशेषता है। सड़क के किनारे से पहाड़ियों के बीच बादलों के तैरने का यह नजारा अपनी आंखों में बसा लेने लायक होता है।4. साइलेंट वैली (Silent Valley) - शोर-शराबे से दूर सुकून का ठिकानानाम के अनुरूप ही यह घाटी पूरी तरह शांत और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। बारिश के दौरान यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। बादलों की लुकाछिपी और पक्षियों की चहचहाहट के बीच यहां बिगाया गया वक्त आपकी सारी थकान को पल भर में दूर कर देगा। कपल्स और नेचर लवर्स के लिए यह माउंट आबू का सबसे बेहतरीन सीक्रेट स्पॉट माना जाता है।5. अचलगढ़ का निचला क्षेत्र और प्राकृतिक झरने (Achalgarh Hidden Streams)ऐतिहासिक अचलगढ़ किले के आसपास का क्षेत्र मानसून में मौसमी झरनों और हरियाली से भर जाता है। जब आप मुख्य किले के रास्ते से थोड़ा हटकर अंदरूनी प्राकृतिक रास्तों की तरफ जाएंगे, तो आपको पहाड़ों से गिरते छोटे-छोटे झरने और बादलों के आगोश में लिपटी पहाड़ियां देखने को मिलेंगी। मानसून ट्रिप को यादगार बनाने के लिए यह जगह बेहद खास है।
छत्तीसगढ़ से प्रशासनिक और वित्तीय भ्रष्टाचार का एक ऐसा महाघोटाला सामने आया है, जिसने शासन-प्रशासन के गलियारों में भूचाल ला दिया है। सांप के काटने से मरने वाले गरीब और बेसहारा लोगों के परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि में सीधे तौर पर डाका डाला गया है। यह कोई छोटा-मोटा घोटाला नहीं, बल्कि पूरे 17.24 करोड़ रुपये के विशाल सर्पदंश मुआवजा घोटाले (Snakebite Compensation Scam) से जुड़ा मामला है। इस खतरनाक खेल में संलिप्त पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय और तहसील के तीन प्रमुख बाबुओं को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाने वाले इस सनसनीखेज फर्जीवाड़े की परतें कैसे खुलीं, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।सरकारी खजाने में डाका: कैसे सामने आया 17.24 करोड़ का यह फर्जीवाड़ाप्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा सर्पदंश से हुई मौतों के मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए मुआवजे का प्रावधान किया गया है। लेकिन कागजों में हेराफेरी करके मृत व्यक्तियों के फर्जी नाम, झूठे दस्तावेज और कूटरचित कागजात तैयार किए गए। इसके बाद अपात्र और फर्जी खातों में करोड़ों रुपये की यह सहायता राशि ट्रांसफर कर ली गई। जब शासन स्तर पर वित्तीय ऑडिट और उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई, तो इस पूरे घोटाले का आंकड़ा होश उड़ा देने वाला निकला। शुरुआती जांच में सामने आया कि इस खेल के जरिए सरकारी खजाने से कुल 17.24 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की चपत लगाई जा चुकी है।एसडीएम कार्यालय और तहसील के तीन बाबू गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश तेजइस गंभीर मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे स्थानीय स्तर पर पदस्थ कर्मचारियों की मिलीभगत के पुख्ता सबूत मिलने लगे। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय और तहसील में पदस्थ तीन बाबुओं को गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने अपने आधिकारिक पदों और डिजिटल लॉगिन का दुरुपयोग करके फर्जी फाइलों को धड़ल्ले से पास किया और इस पूरी साजिश को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस अब इनसे कस्टडी में पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बड़े नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से और बड़े अधिकारी या दलाल शामिल हैं।प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप, भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का कड़ा रुखछत्तीसगढ़ में हुए इस बहुचर्चित सर्पदंश मुआवजा घोटाले के खुलासे के बाद से पूरे राजस्व विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि गरीबों के हक का पैसा किस तरह कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा हड़पने की कोशिश की जाती है। हालांकि, इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार और जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे होने और बड़ी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
बालोद में इंसानियत शर्मसार! कांकेर की महिला का अपहरण कर तीन ट्रक चालकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से इस वक्त एक अत्यंत झकझोर देने वाली और दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आ रही है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बालोद क्षेत्र में पड़ोसी जिले कांकेर की रहने वाली एक महिला के साथ अपहरण के बाद सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) जैसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया है। इस अमानवीय कृत्य का आरोप तीन ट्रक चालकों पर लगा है, जिन्होंने महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस जघन्य अपराध के सामने आने के बाद से पुलिस प्रशासन और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस खौफनाक वारदात और पुलिस की अब तक की कार्रवाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की यह खौफनाक पूरी घटनाप्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता जो मूल रूप से कांकेर जिले की रहने वाली है, किसी कार्यवश बालोद इलाके में आई हुई थी। इसी दौरान तीन ट्रक चालकों ने सुनियोजित तरीके से उसे अपनी साजिश का शिकार बनाते हुए उसका अपहरण कर लिया। आरोपी महिला को किसी एकांत और सुरक्षित ठिकाने पर ले गए, जहां तीनों ने मिलकर उसके साथ जबरदस्ती की और इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला को डरा-धमकाकर मौके से फरार हो गए। किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी तुरंत हड़कंप मच गया।पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश में जुटी विशेष टीमेंघटना की गंभीरता को देखते हुए बालोद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए और पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने पीड़िता को तत्काल चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) के लिए भेज दिया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में नाकाबंदी कर दी गई है और संदिग्ध ट्रक चालकों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।महिला सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, जनता में भारी आक्रोशइस अमानवीय और लज्जाजनक घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि राजमार्गों और बाहरी इलाकों में सक्रिय रहने वाले इस तरह के ट्रक चालकों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वे इस मामले में बेहद संवेदनशीलता और सख्ती से काम ले रहे हैं तथा जल्द ही सभी आरोपियों को शिकंजे में लेकर अदालत में पेश किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जनता के बीच भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। बेमेतरा में एक पटवारी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी कानूनी या अदालत के आदेश के ही जमीन के खसरा और नक्शे में बड़ा फेरबदल करने का मामला उजागर हुआ है। राजस्व रिकॉर्ड के साथ की गई इस गंभीर छेड़छाड़ और गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। सरकारी दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ करने वाले इस सनसनीखेज मामले और प्रशासनिक कार्रवाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।बिना कोर्ट आदेश के खसरा-नक्शा बदलने का गंभीर मामलाप्राप्त विवरण के अनुसार, बेमेतरा जिले के एक हल्के में पदस्थ पटवारी पर यह कार्रवाई तब की गई जब उच्च अधिकारियों को यह शिकायत मिली कि उसने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए राजस्व दस्तावेजों में मनमाने ढंग से बदलाव किए हैं। नियम यह है कि किसी भी खसरे, नक्शे या जमीन के रिकॉर्ड में फेरबदल करने के लिए सक्षम न्यायालय या उच्च प्राधिकारी का वैध आदेश होना अनिवार्य है। लेकिन इस पटवारी ने तमाम शासकीय नियमों और कायदों को दरकिनार करते हुए चुपचाप दस्तावेजों में हेराफेरी कर दी, जिससे भू-अभिलेख की पवित्रता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।कलेक्टर की सख्त कार्रवाई: आरोपी पटवारी तत्काल प्रभाव से सस्पेंडजब इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंची, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दिए। प्राथमिक जांच में ही पटवारी द्वारा रिकॉर्ड से छेड़छाड़ किए जाने का यह मामला पूरी तरह सही पाया गया। इसके बाद कलेक्टर ने बिना कोई ढिलाई बरतते हुए संबंधित पटवारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उसका मुख्यालय निर्धारित कर दिया गया है और यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इस प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।राजस्व विभाग में मचा हड़कंप, अन्य मामलों की भी हो सकती है जांचबेमेतरा में हुई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य पटवारियों और राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह आईना दिखा दिया है कि यदि कोई कर्मचारी सरकारी रिकॉर्ड के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो प्रशासन उसके खिलाफ कितनी कठोर कार्रवाई कर सकता है। जानकारों का मानना है कि जिला प्रशासन अब इस पटवारी के कार्यकाल के दौरान किए गए अन्य भूमि नामांतरण और डायवर्शन के मामलों की भी फाइलें खंगाल सकता है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।
राजस्थान के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित खबर सामने आ रही है, जहां राज्य के सबसे बड़े और जमीनी चुनावों यानी पंचायती राज और स्थानीय निकायों के चुनाव का पूरा रोडमैप आधिकारिक तौर पर तय कर लिया गया है। प्रदेश में होने वाले इन चुनावों का पैमाना कितना बड़ा होने वाला है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार मैदान में डेढ़ लाख से अधिक राजनीतिक दावेदार अपनी किस्मत आजमाने उतरेंगे, जबकि कुल 5.45 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके भविष्य की तस्वीर साफ करेंगे। ग्रामीण और शहरी विकास की दिशा तय करने वाले इस सबसे बड़े चुनावी महासमर की पूरी और विस्तृत जानकारी के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।राजस्थान के सबसे बड़े चुनावी महासमर की रूपरेखा तैयारप्राप्त विवरण के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक अमले ने पंचायत से लेकर नगर निकाय चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। ग्रामीण अंचल की सरकारों (जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत) से लेकर शहरों के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के चुनावों का यह चक्र राज्य की राजनीति की रीढ़ माना जाता है। इस बार के चुनावों में प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि हर एक बूथ पर निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से मतदान प्रक्रिया को संपन्न कराया जा सके। गांवों की चौपालों से लेकर शहरी वार्डों तक चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है।डेढ़ लाख से अधिक दावेदार और 5.45 करोड़ वोटर्स की विशाल भागीदारीइस बार के चुनावों के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले और बड़े पैमाने पर हैं। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान भर में विभिन्न पदों के लिए कुल डेढ़ लाख से ज्यादा उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, जिससे हर वार्ड और पंचायत सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलने वाला है। वहीं दूसरी ओर, राज्य के कुल 5.45 करोड़ से अधिक मतदाता इन उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे। इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि आम जनता अपने स्थानीय नेतृत्व को चुनने के लिए कितनी जागरूक और उत्सुक है।ग्रामीण और शहरी विकास की दिशा तय करेंगे ये चुनावराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत और निकाय चुनाव केवल सत्ता के छोटे केंद्र नहीं होते, बल्कि ये जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान की असली धुरी होते हैं। इन चुनावों के परिणामों का सीधा असर आने वाले समय में राज्य की मुख्यधारा की राजनीति पर भी पड़ेगा। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों (भाजपा, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों) ने इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी शुरू कर दी है ताकि स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत किया जा सके।

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