पटना में नाव पर बैठे थे बदमाश, पुलिस ने घेरा तो बरसने लगीं गोलियां
बिहार की राजधानी पटना में नदी के बीच नाव पर बैठे कुछ लोग कथित तौर पर अवैध गतिविधियों में जुटे थे. पुलिस को इसकी खबर मिली तो टीम ने नाव को घेरने की कोशिश की. इसके बाद जो हुआ, वो सीधे मुठभेड़ में बदल गया.पुलिस और बदमाशों के बीच दोनों तरफ से गोलियां चलीं. बदमाशों ने करीब 40 राउंड फायरिंग की, जबकि पुलिस की तरफ से करीब 22 राउंड चलाए गए.
जन्मों तक साथ रहने का था वादा,शादी से पहले टूटा रिश्ता?
बिग बॉस मराठी सीजन 5 के लोकप्रिय कपल निक्की तंबोली और अरबाज पटेल के ब्रेकअप की खबरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. दोनों ने एक-दूसरे को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है और क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की हैं, जिससे उनके रिश्ते में दरार की अफवाहें तेज हुई हैं.
नेपाल को भारत की चौथी मदद, 11 टन राहत सामग्री के साथ भेजे उपकरण
नेपाल में त्रासदी की बीच भारत लगातार पड़ोसी मुल्क में मदद पहुंचा रहा है. भारत ने 11 टन राहत सामग्री के साथ मदद की चौथी खेप नेपाल भेजी है. भारत की ओर से खोज और बचाव अभियानों के लिए उपकरण के साथ DNA जांच के लिए फोरेंसिक उपकरण और विशेषज्ञों की टीम भी नेपाल भेजी है.
LPG, दूध से कार के दाम तक, 1 सितंबर से देश में ये 5 बड़े बदलाव!
Rule Change From 1st September: एलपीजी से दाम में चेंज से लेकर दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ अगले महीने यानी सितंबर की शुरुआत होने जा रही है. इसके साथ ही कार खरीदने का प्लान बना रहे लोगों को भी बड़ा झटका लगने वाला है.
नेपाल बाढ़: भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से अलर्ट
नेपाल में भोटेकोशी नदी का बहाव बढ़ने से रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में अलर्ट जारी किया गया है. फिलहाल बड़ी बाढ़ का खतरा नहीं है. वहीं सुरंग में फंसे करीब 600 लोगों के रेस्क्यू में जुटी टीमों की मदद के लिए भारत ने राहत सामग्री भेजी है. वीडियो में जानें अब कैसे हैं हालात.
पंजाब के फिरोजपुर में आप नेता गुरप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या, कार में आए थे हमलावर
Punjab: पंजाब के फिरोजपुर ममदोट इलाके में आम आदमी पार्टी के नेता गुरप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह पुरानी रंजिश का मामला साबित हुआ है। चुनावी ऐंगल से भी इसकी जांच की जा रही है।
राजस्थान निकाय चुनाव: बगावत रोकने के लिए कांग्रेस का सीक्रेट प्लान, गहलोत-पायलट सुलझाएंगे फंसा पेंच!
राजस्थान निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने 90% सीटों पर टिकटों पर सहमति बना ली है. साथ ही बगावत रोकने के लिए गोविंद सिंह डोटासरा ने सीक्रेट प्लान तैयार किया है.
'माचिस' के हीरो चंद्रचूड़ की जिंदगी में मचा घमासान, संपत्ति विवाद को लेकर पहुंच गए अलीगढ़ के थाने
एक्टर चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई शनिवार को अलीगढ़ के रोरावर थाना क्षेत्र स्थित जलालपुर पुलिस चौकी पहुंचे. उन्होंने पैतृक संपत्ति और कृषि भूमि को लेकर चल रहे विवाद में पुलिस के सामने अपना पक्ष रखा.
तमिलनाडु की विजय सरकार ने घटा दी स्टालिन की सिक्योरिटी
सिक्योरिटी को लेकर हाल ही में अहम मीटिंग हुई थी. इसमें स्टालिन को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा की समीक्षा की गई. इसके बाद उनकी सुरक्षा को Z+ से घटाकर Z श्रेणी करने का फैसला लिया गया.
Kapil Sibal ने Mohan Bhagwat पर साधा निशाना: विदेश में बातें और घर में चुप्पी नहीं चलेगी
राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका में दिए गए ‘‘विविधता में एकता भारत के डीएनए में है’’ संबंधी बयान को लेकर रविवार को उन पर निशाना साधा और कहा कि केवल शब्दों से काम नहीं चलता, काम में यह नजर आना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता और निर्दलीय राज्यसभा सदस्य सिब्बल ने भागवत पर तंज करते हुए कहा कि यह ‘विदेश में अच्छी बातें’ और ‘घर में चुप्पी’ जैसा मामला है। सिब्बल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ न्यूयॉर्क में भागवत: ‘विविधता हमारी स्वाभाविक एकता का आभूषण है। इसे सुरक्षित रखा जाना चाहिए’। विदेश में अच्छी बातें, घर में चुप्पी। शब्द मायने नहीं रखते, काम में नजर आना चाहिए।’’ सिब्बल की यह टिप्पणी आरएसएस प्रमुख भागवत के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि विविधता में एकता भारत के डीएनए में है और इसका उत्सव मनाया जाना चाहिए, सम्मानित किया जाना और स्वीकार किया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- विविधता में एकता ही भारत का असली DNA है शनिवार को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन स्थित इन्फोसिस थिएटर में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के 6,000 से अधिक सदस्यों और विभिन्न धर्मों के नेताओं को संबोधित करते हुए भागवत ने विविधता को अपनाने और समुदायों का समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम अमेरिका या यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका कहते हैं, तो एक शब्द की अक्सर चर्चा होती है और वह है बहुलतावाद। और जब हम भारत कहते हैं, तो एक और वाक्यांश की चर्चा होती है : विविधता में एकता।’’ उनकी इस बात पर वहां उपस्थित लोगों ने तालियां बजाईं। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat के अमेरिकी इवेंट आयोजक का X Account निलंबित, Akhilesh ने साधा निशाना उन्होंने यह बात ‘अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ फोरम द्वारा आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिए एकता और विविधता, दोनों उसके डीएनए में हैं।’’ उन्होंने स्वामी विवेकानंद के एक संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि हर राष्ट्र के सामने एक लक्ष्य होता है, जिसे उसे पूरा करना होता है और एक नियति होती है, जिसे उसे साकार करना होता है। करीब एक घंटे के अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘‘विविधता का उत्सव मनाया जाना चाहिए, उसका सम्मान किया जाना चाहिए और उसे स्वीकार किया जाना चाहिए। साथ ही हमें एकता की इस भावना को भी ध्यान में रखना चाहिए। यह बहुत सच्ची भावना है।
2 महीने में 60 लाख, सालाना 4 करोड़! HFT जॉब्स का बढ़ा क्रेज
भारत में हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग (HFT) तेजी से एक आकर्षक करियर विकल्प बन रहा है. इस दौरान कुछ कंपनियां इंटर्न को दो महीने के लिए 60 लाख रुपये की सैलरी दे रही हैं. लेकिन सवाल है कि क्वांट ट्रेडर आखिर क्या करते हैं और उन्हें इतनी ज्यादा सैलरी क्यों मिलती है? साथ ही, HFT कंपनियां उम्मीदवारों में किन स्किल्स को देखती हैं?
अहमदाबाद: पति-पत्नी के रूठने मनाने की कहानी में आया खौफनाक मोड़
अहमदाबाद में पति अपनी नाराज पत्नी को मनाने पहुंचा था. पत्नी पिछले 10 दिनों से बहन के घर रह रही थी. लेकिन बात मनाने से शुरू हुई और चाकू से हमले तक पहुंच गई. पत्नी घायल हालत में अस्पताल पहुंच गई. पति वहां से निकलकर अमरेली चला गया. कुछ ही देर बाद खबर आई कि जिस पति पर पत्नी पर हमला करने का आरोप है, उसकी भी मौत हो गई.
Mohan Yadav ने गृह मंत्री Amit Shah से की मुलाकात, MP के विकास कार्यों की दी जानकारी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गृह मंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।”मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज नयी दिल्ली में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी से भेंट कर उन्हें मध्यप्रदेश में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया तथा उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। यादव ने लिखा, “इस दौरान सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों की भी जानकारी दी।
Sonia Gandhi नागरिकता विवाद पर Delhi Court ने टाला आदेश, 21 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की नागरिकता से जुड़े मामले में 11 सितंबर, 2025 के मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देने वाली पुनरीक्षण याचिका पर अपना आदेश शनिवार को टाल दिया। मजिस्ट्रेट अदालत ने सोनिया गांधी का नाम 1983 में भारतीय नागरिकता हासिल करने से तीन साल पहले मतदाता सूची में शामिल किए जाने के आरोप की जांच से इनकार कर दिया था। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आदेश सुनाने की तारीख बढ़ाकर 21 सितंबर कर दी। इससे पहले सोनिया गांधी के वकील ने जवाब दाखिल करते हुए कहा था कि शिकायत राजनीतिक रूप से प्रेरित है और किसी अन्य उद्देश्य से दायर की गई है। मजिस्ट्रेट अदालत ने राउज एवेन्यू अदालत की सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अधिवक्ता विकास त्रिपाठी की ओर से दायर शिकायत खारिज कर दी थी।
Samrat Choudhary ने सम्मानित किए Para Athletes, पदक विजेता खिलाड़ियों को दिए चेक
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पदक जीतने वाले पैरा एथलीट सोमण राणा और झंडू कुमार को सम्मानित किया। चौधरी ने पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले राणा को 30 लाख रुपये और पुरुषों की पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक हासिल करने वाले कुमार को 15 लाख रुपये का चेक दिया। एक समारोह में दोनों खिलाड़ियों को पारंपरिक अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भी भेंट किए गए। इसे भी पढ़ें: BPSC TRE-4 Exam एक चरण में कराने का ऐलान, सम्राट चौधरी ने मानी मांग मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, चौधरी ने खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान उन्हें बधाई दी और कहा कि उनके प्रदर्शन ने देश का गौरव बढ़ाया है तथा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर बिहार का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि बिहार के खिलाड़ियों की उपलब्धियां राज्य के युवाओं की खेलों में रुचि जगाने और देश के लिए पदक जीतने के लिए प्रेरित करेंगी।
घर पर बनाएं नेपाल की मशहूर सेल रोटी, स्वाद है लाजवाब
Nepali Sel Roti Recipe: आज हम आपको नेपाली सेल रोटी बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे, जिसे आप बेहद आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं. यह देखने में गोल आकार के डोनट जैसी होती है लेकिन इसका स्वाद बिल्कुल अनोखा होता है.
अल्टीमेटम खत्म, महापंचायत की तैयारी: अंकित बालियान हत्याकांड से हिली खाकी
शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की जिम के बाहर गोलियों से भूनकर हत्या के बाद भारी तनाव है. पुलिस की सुस्त कार्रवाई से नाराज पत्नी ने सीएम आवास पर आत्मदाह और पिता ने बदला लेने की चेतावनी दी है. महापंचायत की आहट के बीच यूपी एसटीएफ हरियाणा तक छापेमारी कर रही है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल वाली सरकार का यह चौथा बजट है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार 10वां बजट होगा.
बारिश में घर में गिजाई की भरमार से परेशान हैं? जानिए कपूर, लौंग जैसे आसान घरेलू उपाय, जिनकी मदद से इन बरसाती कीड़ों को घर से दूर रखा जा सकता है.
ब्याज से 50 लाख की कमाई, सिर्फ इतना निवेश... गजब है ये स्कीम!
पोस्ट ऑफिस की इस योजना के तहत सिर्फ 15 साल तक निवेश करना होगा और 21 साल तक आपको ब्याज का पैसा मिलता रहेगा, जिस कारण आपका निवेश तेजी से बढ़ेगा और ब्याज से आपकी 50 लाख रुपये तक की कमाई होगी.
LIVE: उज्बेकिस्तान के योग कार्यक्रम में PM मोदी, राष्ट्रपति संग मीटिंग आज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान पहुंचे. आज वे योग फ़ेडरेशन द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम में वे शामिल हुए.कुछ ही देर में उनकी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक होेने वाली है.
Bhadohi में MEMU Train पर पथराव करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, दो नाबालिग भी पकड़े गए
वाराणसी से प्रयागराज जा रही एक मेमू ट्रेन पर पथराव के आरोप में रेलवे पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त को अहिमनपुर रेलवे पड़ाव पर कुछ लोगों ने ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों से विवाद के बाद रेल लाइन की गिट्टियों से पथराव किया और भाग गए थे। इस दौरान किसी यात्री ने मोबाइल से वीडियो बना लिया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। प्रयागराज में रामबाग के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के प्रभारी निरीक्षक दया शंकर यादव ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर पथराव करने वालों की पहचान की गई। उन्होंने बताया कि शनिवार देर शाम आरपीएफ और ज्ञानपुर रोड राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) चौकी प्रभारी आनंद कुमार की टीम ने अहिमनपुर स्टेशन के आसपास से आरोपियों की पहचान की। उन्होंने बताया कि पथराव करने वालों में कृष्ण कुमार यादव उर्फ कृष्णा, अभिषेक प्रजापति, आदर्श प्रजापति, आदित्य गुप्ता (चारों की उम्र 18 से 20 साल) और दो नाबालिग शामिल हैं। सभी भदोही जिले के औराई थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। यादव ने बताया कि पथराव में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन घटना से कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल रहा और यात्रियों में दहशत फैल गई। सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कैलाश मानसरोवर वाले यात्रियों समेत 49 भारतीय भी बाढ़ में लापता, चीन ने बताया- तिब्बत में क्या हुआ
कैलाश मानसरोवर की यात्रा भारत और चीन के बीच सुधरने के बाद फिर से शुरू हुई है. हर साल कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भारतीय जाते रहे हैं.
गीतकार शैलेंद्र का जन्म 30 अगस्त 1923 को रावलपिंडी में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है. उनका परिवार मूल रूप से बिहार के आरा का रहने वाला था.
भोजपुरी फिल्म जगत में इन दिनों आरोपों और विवादों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोकप्रिय अभिनेत्री काजल राघवानी (Kajal Raghwani) के एक के बाद एक सनसनीखेज बयानों ने इंडस्ट्री के भीतर चल रहे कथित शोषण और आपसी टकराव को खुलकर सामने ला दिया है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान काजल राघवानी ने निजी जिंदगी और करियर में झेली गई शारीरिक प्रताड़ना को लेकर बड़ा खुलासा किया था। अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिस व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया, वह सुपरस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) नहीं थे, बल्कि भोजपुरी इंडस्ट्री से जुड़ा ही कोई अन्य ताकतवर शख्स था। काजल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और सिनेमा गलियारों में यह सवाल गूंज रहा है कि आखिर वह 'रहस्यमयी चेहरा' कौन है?'खेसारी ने कभी हाथ नहीं उठाया': अभिनेत्री ने अफवाहों पर लगाया पूर्णविरामपिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर यह कयास लगाए जा रहे थे कि काजल राघवानी का निशाना उनके पूर्व सह-कलाकार खेसारी लाल यादव की तरफ है, क्योंकि दोनों के बीच लंबे समय से सार्वजनिक विवाद और जुबानी जंग चल रही है। हालांकि, काजल ने इन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए तस्वीर साफ कर दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खेसारी के साथ उनके पेशेवर और व्यक्तिगत मतभेद जरूर रहे हैं, लेकिन खेसारी ने कभी उनके साथ शारीरिक हिंसा नहीं की। काजल ने कहा कि लोग बिना सच जाने खेसारी का नाम घसीट रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि उन्हें प्रताड़ित करने वाला इंसान दूसरा है, जिसे समाज में एक शरीफ और प्रतिष्ठित चेहरे के रूप में देखा जाता है।'उसने मेरे साथ मारपीट की, जल्द सबके सामने बेनकाब करूंगी': काजल की सीधी चेतावनीकाजल राघवानी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बेहद भावुक और कड़े लहजे में कहा कि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती और शिखर के दिनों में बहुत कुछ सहा है। उन्होंने बताया कि उस शख्स ने उनके साथ न केवल भावनात्मक खिलवाड़ किया, बल्कि कई मौकों पर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी भी की। काजल ने कहा, मैंने लंबे समय तक बदनामी और करियर खत्म होने के डर से चुप्पी साधे रखी, लेकिन अब मेरे सब्र का बांध टूट चुका है। मैं बहुत जल्द उस इंसान का असली नाम, उसके द्वारा किए गए कृत्य और सारे सबूत मीडिया और जनता के सामने रखूंगी ताकि किसी और लड़की के साथ ऐसा न हो। काजल की इस खुली चेतावनी के बाद भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े दिग्गजों की धड़कनें बढ़ गई हैं।भोजपुरी इंडस्ट्री में महिला कलाकारों की सुरक्षा और माहौल पर उठे सवालकाजल राघवानी के इस बयान ने एक बार फिर भोजपुरी फिल्म उद्योग के कार्य-संस्कृति और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। इससे पहले भी कई अभिनेत्रियों ने कास्टिंग काउच, व्यक्तिगत रिश्तों में धोखेबाजी और काम के बदले प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। काजल जैसे शीर्ष स्तर की अभिनेत्री द्वारा मारपीट का सार्वजनिक खुलासा यह दर्शाता है कि चकाचौंध के पीछे पर्दे के पीछे की सच्चाई कितनी कड़वी है। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और भोजपुरी सिनेमा के कुछ वरिष्ठ कलाकारों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पीड़ित अभिनेत्री को अपनी बात खुलकर रखने के लिए सुरक्षा व समर्थन मिलना चाहिए।सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटे फैंस: जल्द खुलासे का इंतजारकाजल के इस नए बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। खेसारी लाल यादव के प्रशंसकों ने जहां राहत की सांस लेते हुए काजल की सच्चाई बयां करने के लिए सराहना की है, वहीं आम दर्शक उस आरोपी का नाम जानने के लिए उत्सुक हैं। कई फैंस काजल के साहस का समर्थन करते हुए उनसे तुरंत कानूनी रास्ता अपनाने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की अपील कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि काजल राघवानी कब उस प्रभावशाली चेहरे का पर्दाफाश करती हैं और इस खुलासे के बाद भोजपुरी सिनेमा में क्या नया तूफान खड़ा होता है।
चाय की तलब ने बचा ली जान, 10 मिनट दूर खड़ी थी मौत, नेपाल से लौटे रायपुर के दोस्तों की कहानी
Nepal Floods: नेपाल की भीषण बाढ़ में कुछ लोग चमत्कारी तरीके से बचे भी हैं. रायपुर के 5 लड़कों का एक ग्रुप भी महज 10 मिनट के अंतर से बच गया. उनके एक टी-ब्रेक ने उन्हें सुरक्षित कर दिया.
हाथ में ट्रॉली बैग, मेट्रो में सफर...जवागल श्रीनाथ की सादगी ने जीता दिल
भारतीय क्रिकेट के पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह बेंगलुरु मेट्रो में ट्रॉली बैग के साथ आम यात्री की तरह सफर करते नजर आ रहे हैं. तस्वीर देख लोग उनकी सादगी की तारीफ कर रहे हैं.
कौन हैं दिव्या मित्तल? लंदन की नौकरी छोड़कर क्रैक की UPSC, इस्तीफे के बाद चर्चा में आईं
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
Mathura Janmabhoomi पर 4 सितंबर को मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 200 किलो चांदी से सजा गर्भगृह
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर स्थित भागवत भवन सहित सभी मंदिरों में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी चार सितंबर को मध्यरात्रि में मनाया जाएगा। इस वर्ष महापर्व का आयोजन ‘गौरक्षा-राष्ट्र रक्षा’ के संकल्प सूत्र के साथ किया जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा तथा सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि जन्मोत्सव के अवसर पर महाभिषेक के बाद ठाकुरजी भागवत भवन स्थित राधाकृष्ण मंदिर में कलहंस पुष्प बंगले में ‘पंचरत्नी’ पोशाक धारण कर विराजेंगे। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को भव्य बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विशाल मंदिर परिसर को और अधिक मनोहारी एवं चित्ताकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है। मंदिर के बाहरी हिस्से में आकर्षक सजावट और रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। प्रकाश शिखर और पूरा परिसर भी भव्य रूप में दिखाई देगा।’’श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि ठाकुरजी रत्न-जड़ित मुकुट, बांसुरी, नवरत्न-जड़ित कंठा सहित विभिन्न शृंगार सामग्री धारण करेंगे। भगवती योगमायाजी विशिष्ट दिव्य स्वर्ण मुकुट धारण करेंगी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में विराजमान ठाकुर केशवदेव, मां योगमाया, गर्भगृह और ठाकुर राधाकृष्ण युगल सरकार मंदिर में विशिष्ट पूजन, सहस्रार्चन, जन्माभिषेक और आरती के दिव्य दर्शन होंगे। मंदिर की साज-सज्जा और व्यवस्थाएं इस बार नयनाभिराम एवं अभूतपूर्व होंगी। शर्मा ने कहा, ‘‘ठाकुरजी ‘पंचरत्नी’ पोशाक धारण करेंगे जिस पर पंचरत्नों के रूप में कामधेनु गाय, पांचजन्य शंख, अमृत कलश, समुद्र मंथन से प्राप्त ऐरावत हाथी और कल्पवृक्ष को विशेष रूप से उकेरा गया है। जरी, रेशम और रत्नों की प्रतिकृतियों का प्रयोग कर तैयार की गई इस पोशाक के दर्शन भक्तों को अभिभूत करेंगे।’’जन्माष्टमी के अवसर पर ठाकुरजी को धारण कराई जाने वाली यह पोशाक तीन सितंबर को शाम साढ़े पांच बजे भव्य एवं दिव्य शोभायात्रा के साथ जन्मस्थान परिसर में प्रवेश करेगी। इस अवसर पर पोशाक के साथ काशी विश्वनाथ धाम से प्राप्त प्रसाद और सुगंधित द्रव्य आदि तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम से प्राप्त उपहार एवं अभिषेक सामग्री भी प्रदर्शित की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या, मथुरा और काशी जैसी तीनों पवित्र पुरियों के इस अद्भुत समन्वय से अलौकिक दृश्य त्रिवेणी संगम जैसा भाव प्रस्तुत करेगा। करोड़ों सनातनियों के आस्था केंद्र और कंस के कारागार के रूप में भक्तों के हृदय में विराजमान गर्भगृह को भी विशेष रूप से सजाया जा रहा है।’’शर्मा ने कहा, ‘‘करीब 200 किलोग्राम चांदी का इस्तेमाल कर गर्भगृह के चबूतरे और दीवारों को सुंदर स्वरूप दिया गया है। इस वर्ष नवनिर्मित रजत-कमल में विराजमान श्रीगोपालजी का जन्माभिषेक भक्तों को निश्चित रूप से अभिभूत करेगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान समिति के सदस्यों ने कहा, ‘‘भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, शिव और अनेक देवताओं के प्राकट्य की साक्षी रही भारत की पवित्र भूमि पर सनातन की आत्मा मानी जाने वाली गौमाता पर हो रहे अत्याचार से प्रत्येक सनातनी और कृष्णभक्त व्यथित है।’’उन्होंने कहा, ‘‘गौमाता की रक्षा और सम्मान के लिए गोपाल की जन्मभूमि, लीलाभूमि और ब्रजभूमि से करोड़ों कृष्णभक्तों को उसकी रक्षा का संकल्प दिलाया जाएगा।’’भगवान के जन्मोत्सव की शुरुआत चार सितंबर को सुबह साढ़े पांच बजे शहनाई की सुमधुर धुन और नगाड़ों के वादन के साथ मंगला आरती से होगा। इसके बाद सुबह आठ बजे भगवान का दिव्य पंचामृत अभिषेक पवित्र स्तोत्रों के पाठ और पुष्पार्चन के साथ संपन्न होगा। मंगलाचरण और वेदमंत्रों के सस्वर उच्चारण के बीच भगवान का पुष्पार्चन किया जाएगा। इस अवसर पर ब्रज के उत्कृष्ट गायक ठाकुरजी के समक्ष दिव्य भजन-गायन की प्रस्तुति देंगे। जन्म महाभिषेक का मुख्य कार्यक्रम रात दस बजे श्रीगणेश-नवग्रह पूजन से शुरू होगा। इसके बाद 1008 कमल-पुष्पों से ठाकुरजी का सहस्रार्चन करते हुए उनका आह्वान किया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान समिति ने सदस्यों ने कहा कि मध्यरात्रि ठीक 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ पूरा मंदिर परिसर ढोल-नगाड़ों, झांझ-मंजीरों और मृदंग की ध्वनि से गूंज उठेगा। इसी समय भगवान के जन्म की महाआरती शुरू होगी, जो रात 12:10 बजे तक चलेगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद केसर आदि सुगंधित द्रव्यों से अभिषिक्त भगवान श्रीकृष्ण के चल विग्रह ‘रजत सूप’ में विराजमान होकर अभिषेक स्थल पर पधारेंगे। इसके बाद कामधेनु स्वरूपा स्वर्णमंडित रजत गो अपने पयोधर से भगवान के श्रीविग्रह का प्रथम अभिषेक करेंगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद ठाकुरजी का श्रीविग्रह अभिषेक स्थल पर रजत कमल में विराजमान होगा। जन्माभिषेक के बाद रात 12 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक ठाकुरजी की शृंगार आरती होगी। जन्माष्टमी के दिन सभी श्रद्धालुओं का प्रवेश पूर्व की भांति उत्तरी द्वार (गोविंद नगर की ओर) से होगा, जबकि निकासी पूर्व दिशा में स्थित दक्षिणी द्वार (मुख्य द्वार) से होगी। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर स्थित लीलामंच पर शाम सात बजे से रात नौ बजे तक एक सितंबर से पांच सितंबर तक विभिन्न लीलाओं का मंचन किया जाएगा। इनमें ‘माखन चोर गोपाल लीला’, ‘मीरा बाई चरित्र लीला’, ‘श्यामा-श्याम मिलन लीला’, ‘श्रीकृष्ण जन्म लीला’ तथा ‘गिरिराज पूजा व छप्पनभोग दर्शन’ प्रमुख हैं।
अगस्त के अंतिम दिन यानी 31 अगस्त 2026 से शुरू होकर 6 सितंबर 2026 तक चलने वाला यह नया सप्ताह ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस सप्ताह सूर्य, बुध और गुरु की शुभ दृष्टियां कई राशियों के जीवन में सकारात्मक मोड़ लाने जा रही हैं। विशेष रूप से सिंह राशि के जातकों को अपनी कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता (Leadership) के दम पर कार्यक्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल करने का मौका मिलेगा। वहीं दूसरी ओर, कुंभ राशि के जातकों की वे सभी योजनाएं जो पिछले कुछ समय से संसाधनों या सही मार्गदर्शन के अभाव में रुकी हुई थीं, वे अब अभूतपूर्व गति पकड़ेंगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि 31 अगस्त से 6 सितंबर 2026 का यह पूरा सप्ताह मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए क्या सौगात लेकर आया है।मेष, वृषभ और मिथुन राशि: करियर में उन्नति और नए अनुबंधमेष राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): मेष राशि के जातकों के लिए सप्ताह की शुरुआत अत्यंत ऊर्जावान रहेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता विरोधियों को पस्त करेगी। रियल एस्टेट और शेयर मार्केट से जुड़े लोगों को इस हफ्ते लाभ के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। सप्ताह के मध्य में पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद आपसी बातचीत से सुलझ सकता है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी, हालांकि बाहर के खान-पान से पेट से जुड़ी हल्की समस्या हो सकती है।वृषभ राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): इस सप्ताह आपको वित्तीय मामलों में बहुत सोच-समझकर कदम उठाने होंगे। व्यापार में नए साझेदारों के साथ दीर्घकालिक अनुबंध हो सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। सप्ताहांत में परिवार के साथ किसी मांगलिक या धार्मिक आयोजन में शामिल होने का योग बनेगा। जीवनसाथी का भावनात्मक सहयोग आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखेगा।मिथुन राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): मिथुन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह उनके संचार कौशल और बुद्धिमत्ता से लाभ कमाने का है। मीडिया, राइटिंग, आईटी और डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े लोगों को नए और बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति पहले से अधिक सुदृढ़ होगी और पुराने अटके धन की वापसी संभव है। नसों या कंधों में खिंचाव की शिकायत हो सकती है, इसलिए दैनिक योग और हल्के व्यायाम पर ध्यान दें।कर्क, सिंह और कन्या राशि: सिंह को मिलेगी लीडरशिप, कन्या रखें स्वास्थ्य का ध्यानकर्क राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): इस सप्ताह कर्क राशि वालों को अपने कार्यक्षेत्र में अत्यधिक भावुक होने से बचने की जरूरत है। व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाकर आप जटिल समस्याओं का हल निकाल पाएंगे। नए वाहन या भूमि की खरीदारी की योजना इस हफ्ते गति पकड़ सकती है। माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सप्ताह के अंतिम दिनों में किसी दूर के मित्र से मिला सुखद समाचार मन को प्रसन्न करेगा।सिंह राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): सिंह राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह उपलब्धियों और मान-सम्मान का नया शिखर लेकर आया है। आपके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को देखते हुए कार्यस्थल पर आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट या पूरी टीम का नेतृत्व (Leadership) सौंपा जाएगा। सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में आ रही सभी रुकावटें स्वतः दूर होंगी। उच्चाधिकारियों के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे। वित्तीय स्थिति अत्यंत सुदृढ़ रहेगी और समाज में आपकी प्रतिष्ठा में चार चांद लगेंगे।कन्या राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): कन्या राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने कार्यभार और भागदौड़ के चलते शारीरिक थकान का सामना करना पड़ सकता है। पैरों, नसों और जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है, इसलिए काम के बीच-बीच में पर्याप्त विश्राम अवश्य लें। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा, लेकिन वित्तीय लेन-देन के मामलों में किसी पर भी अंधा भरोसा न करें। सप्ताह के अंत में पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा।तुला, वृश्चिक और धनु राशि: वित्तीय लाभ और भाग्य का पूरा साथतुला राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): तुला राशि वालों के लिए यह सप्ताह संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने का है। कार्यक्षेत्र में टीमवर्क के जरिए आप अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय से पहले पूरा कर लेंगे। कानूनी विवादों में फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना है। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और एक-दूसरे के प्रति भरोसा बढ़ेगा। कमर और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी तकलीफ से बचने के लिए अपने बैठने के पोस्चर में सुधार करें।वृश्चिक राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): इस हफ्ते भाग्य पूरी तरह आपके साथ खड़ा नजर आएगा। जो काम लंबे समय से अटके हुए थे, वे अप्रत्याशित रूप से पूरे होने लगेंगे। तकनीकी क्षेत्र, रिसर्च और बैंकिंग से जुड़े लोगों के लिए समय विशेष रूप से फलदायी है। किसी पुराने निवेश से अचानक बड़ा धन लाभ हो सकता है। दांपत्य जीवन में चली आ रही कड़वाहट समाप्त होगी और रिश्ते में नई ऊर्जा का संचार होगा।धनु राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): नौकरीपेशा जातकों के लिए यह सप्ताह वेतन वृद्धि या पदोन्नति से जुड़ी शुभ सूचना ला सकता है। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में जुटे विद्यार्थियों को उनकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। लंबी दूरी की व्यापारिक यात्राएं लाभदायक सिद्ध होंगी। किसी नए व्यवसाय में हाथ डालने से पहले बाजार के जानकारों की सलाह जरूर लें।मकर, कुंभ और मीन राशि: कुंभ की योजनाओं में आएगी तेज गतिमकर राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): मकर राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने कार्यस्थल पर छिपे हुए विरोधियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। अपनी रणनीतियों और योजनाओं को सार्वजनिक न करें। धैर्यपूर्वक किया गया परिश्रम आपको सप्ताह के अंत तक शानदार परिणाम देगा। पिता के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करें। सप्ताहांत में रुका हुआ पैसा वापस आने से मानसिक तनाव कम होगा।कुंभ राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): कुंभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह नई शुरुआत और जबरदस्त तरक्की का संदेश लेकर आया है। आपकी जो व्यावसायिक या व्यक्तिगत योजनाएं बजट या अन्य कारणों से अटकी हुई थीं, वे अब अप्रत्याशित रफ्तार पकड़ेंगी। नए प्रभावशाली संपर्कों से लाभ होगा और आय के एक से अधिक स्रोत विकसित होंगे। सामाजिक और पेशेवर दोनों स्तरों पर आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी। पारिवारिक वातावरण पूरी तरह सकारात्मक रहेगा।मीन राशि (31 अगस्त - 6 सितंबर): रचनात्मक, आध्यात्मिक और कलात्मक गतिविधियों में आपका मन लगेगा। यदि आप किसी नए स्टार्टअप या साझेदारी की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो यह सप्ताह उसके लिए बेहद अनुकूल है। घर में किसी धार्मिक कार्य की रूपरेखा बन सकती है। नींद की कमी और आंखों में जलन से बचने के लिए देर रात तक स्क्रीन देखने की आदत पर नियंत्रण रखें।इस सप्ताह के विशेष ज्योतिषीय उपायइस सप्ताह ग्रहों के शुभ प्रभाव को बढ़ाने और नकारात्मकता को दूर करने के लिए सिंह राशि के जातक प्रतिदिन सुबह तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें। कुंभ और मकर राशि वाले शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। अन्य सभी राशियों के जातक बुधवार को गाय को हरा चारा और शुक्रवार को सफेद मिठाई या मिश्री का दान करें ताकि सप्ताह भर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
मणिपुर में फिर हिंसा: नोनी में उग्रवादी गुटों के बीच गोलीबारी, एक की मौत और छह घायल; थौबल में ग्रेनेड धमाका----Manipur Violence: Several Militant Killed in Factional Gunfight in Noney, Grenade Blast at Thoubal Oil Pump
मैं चाहता था राहुल गांधी पिलाएं जूस, सोनम वांगचुक ने बताया- कुछ और ही था 20 जुलाई का प्लान
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि 20 जुलाई को लेकर उनका प्लान अलग हा था। वह चाहते थे कि शांति से संसद तक जाना चाहते थे। उन्होंने कहा, हम चाहते थे कि राहुल गांधी जूस पिलाकर अनशन तोड़वाएं।
1992 विश्व कप विजेता मोईन खान ने तोड़ी चुप्पी: इमरान खान के समर्थन में उतरे
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 1992 विश्व कप विजेता टीम के प्रमुख विकेटकीपर बल्लेबाज मोईन खान ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थन में सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई है। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान की गिरती सेहत और चिकित्सा उपेक्षा की खबरों के बीच मोईन खान ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी किया है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन से एक पूर्व प्रधानमंत्री व राष्ट्रीय नायक के बुनियादी अधिकारों का सम्मान करने की मांग की है। मोईन खान ने देश के सभी वर्तमान और पूर्व क्रिकेटरों से आह्वान किया कि वे अपने पूर्व कप्तान के प्रति कृतज्ञता दिखाते हुए एकजुट होकर उनके मानवीय अधिकारों के लिए आगे आएं।'पाकिस्तान क्रिकेट को इमरान ने बहुत कुछ दिया': मोईन खान की भावुक अपीलसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा किए गए अपने वीडियो संदेश में मोईन खान ने कहा कि इमरान खान केवल एक पूर्व राजनेता नहीं हैं, बल्कि वे पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास के सबसे बड़े स्तंभ हैं। उन्होंने कहा, हमारे कप्तान इमरान खान अदियाला जेल में बंद हैं और मौजूदा समय में उनकी शारीरिक स्थिति काफी चिंताजनक है। मैं एक बार फिर पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन से अपील करता हूं कि पूर्व प्रधानमंत्री और देश के नागरिक के रूप में उनके मेडिकल इलाज के अधिकार को सुनिश्चित किया जाए। मैं सभी पाकिस्तानी क्रिकेटरों से भी विशेष आग्रह करता हूं कि वे इमरान खान के समर्थन में बोलें। हममें से जिन खिलाड़ियों ने उनके नेतृत्व में खेला, उन्होंने इमरान से बहुत कुछ सीखा है और देश के क्रिकेट के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।जावेद मियांदाद के बाद मोईन खान बने दूसरे प्रमुख पाकिस्तानी खिलाड़ीइमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान के भीतर मौजूदा राजनीतिक माहौल और सुरक्षा कारणों के चलते ज्यादातर पाकिस्तानी खिलाड़ी इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयानबाजी से बचते रहे हैं। ऐसे माहौल में मोईन खान से पहले पाकिस्तान के महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने एक पॉडकास्ट में इमरान खान की स्थिति पर गहरा दुख जताया था। मियांदाद ने कहा था कि इमरान खान के साथ जो कुछ हो रहा है, वह गलत और गैर-जरूरी है। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने पाकिस्तान को क्रिकेट के शिखर पर पहुंचाया था और उन्हें जेल में इस तरह देखना हर साथी खिलाड़ी के लिए बेहद पीड़ादायक है। अब मोईन खान के इस बयान से पाकिस्तान के क्रिकेट जगत में एक नई बहस छिड़ गई है।दुनिया भर के 22 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को लिखा पत्रइमरान खान के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट जगत पहले ही एकजुट हो चुका है। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर ग्रेग चैपल के नेतृत्व में दुनिया भर के 22 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक संयुक्त पत्र भेजा है। इस पत्र पर भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव, सुनील गावस्कर और दिलीप वेंगसरकर के अलावा इंग्लैंड के सर एलिस्टेयर कुक, माइकल एथर्टन, नासिर हुसैन और ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ, एडम गिलक्रिस्ट व एलन बॉर्डर जैसे दिग्गजों ने हस्ताक्षर किए हैं। इन सभी दिग्गजों ने मांग की है कि राजनीतिक और कानूनी मामलों से परे हटकर 73 वर्षीय इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार व्यक्तिगत डॉक्टरों द्वारा स्वतंत्र और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा दी जाए तथा परिवार से उनकी नियमित मुलाकातें जारी रखी जाएं।पैट कमिंस और कपिल देव ने भी की मानवीय गरिमा की वकालतऑस्ट्रेलियाई टीम के मौजूदा कप्तान पैट कमिंस भी इमरान खान के मानवीय अधिकारों के समर्थन में आगे आए हैं। कमिंस ने कहा कि इमरान खान के साथ वह गरिमापूर्ण और उचित मानवीय व्यवहार होना चाहिए जिसके वे हकदार हैं। वहीं भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने साफ किया कि यह किसी देश के कानून या आंतरिक राजनीति में दखल नहीं है, बल्कि एक पूर्व साथी खिलाड़ी और दोस्त के प्रति मानवीय चिंता है। कपिल देव ने यह भी कहा था कि वह पाकिस्तान में रह रहे खिलाड़ियों को चुप रहने के लिए दोषी नहीं ठहराते क्योंकि उन्हें उसी माहौल में रहना है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बिरादरी का यह कर्तव्य है कि वह अपने महान खिलाड़ी के लिए निष्पक्ष आवाज उठाए।गिरती सेहत और आंखों की रोशनी को लेकर परिवार की गहरी चिंताइमरान खान के बेटे सुलेमान और कासिम खान ने हाल ही में स्काई स्पोर्ट्स को दिए एक अंतरराष्ट्रीय साक्षात्कार में अपने पिता के जीवन और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। परिवार का आरोप है कि जेल में लंबे समय तक एकांत कारावास (Isolation) और समय पर पर्याप्त चिकित्सकीय देखभाल न मिलने के कारण इमरान खान की दाहिनी आंख की दृष्टि काफी कमजोर हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें कुछ समय के लिए मेडिकल जांच के लिए अस्पताल तो ले जाया गया था, लेकिन उन्हें तुरंत वापस जेल भेज दिया गया। मोईन खान की इस खुली अपील के बाद अब पाकिस्तान के अन्य पूर्व खिलाड़ियों पर भी अपनी चुप्पी तोड़ने का दबाव बढ़ रहा है।
सिर्फ 2 मिनट में बनकर तैयार हो जाती है साउथ इंडियन कढ़ी, स्वाद ऐसा कि बार-बार मांगेंगे लोग
अगर आप अपने घर की कढ़ी खाकर बोर हो गए हैं, तो साउथ इंडियन स्टाइल में मोर कढ़ी तैयार करें. इसे बनाना बहुत ही आसान है. यहां जानते हैं रेसिपी-
पेड़ से बांधकर जला दिया था, 54 दिन बाद पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत
मंजीत कौर के इंस्टाग्राम पर लगभग 1.46 लाख फॉलोअर्स थे. वे पंजाबी और हरियाणवी गानों वाले वीडियो पोस्ट करती थीं.
न्यूयॉर्क में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत: सभी पंथों का लक्ष्य एक, हर इंसान की गरिमा समान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित 'वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी' (One World One Humanity) वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत की सनातन परंपरा, मानवीय एकता और सर्वधर्म सद्भाव पर एक बड़ा वैचारिक संदेश दिया है। संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक जनसंपर्क अभियान के तहत अमेरिका दौरे पर पहुंचे मोहन भागवत ने अंतरधार्मिक मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुद को हिंदू कहता है, तो उसे यह अनिवार्य रूप से स्वीकार करना होगा कि सभी धार्मिक रास्ते अंततः एक ही सर्वोच्च लक्ष्य की ओर ले जाते हैं और प्रत्येक मनुष्य की गरिमा और सम्मान पूरी तरह एकसमान है। उन्होंने कहा कि इंसानों के बीच कोई मूलभूत भेद नहीं हो सकता और जो हिंदू भारत से मुसलमानों को बाहर करने या उनके अस्तित्व को नकारने की बात सोचता है, वह वास्तव में हिंदुत्व की मूल भावना के अनुरूप हिंदू नहीं रह जाता।2018 के दिल्ली व्याख्यान का किया उल्लेख: हिंदुत्व का अर्थ बहिष्कार नहीं, समावेशन हैअंतरराष्ट्रीय स्तर के विभिन्न धर्मगुरुओं, विद्वानों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रबुद्ध नागरिकों को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख ने वर्ष 2018 में नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित अपनी तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला की एक अहम घटना को साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय कुछ मुस्लिम प्रतिनिधियों ने उनसे सीधा सवाल पूछा था कि संघ जब 'हिंदू राष्ट्र' की बात करता है, तो भारत में रहने वाले करोड़ों मुसलमानों का क्या होगा, क्या उन्हें देश से बाहर कर दिया जाएगा? मोहन भागवत ने कहा, मैंने तब भी पूरी स्पष्टता से कहा था और आज भी दोहरा रहा हूं कि यह हिंदुत्व नहीं है। हिंदुत्व किसी को बाहर करने या निष्कासित करने का विचार नहीं है, बल्कि यह सभी को साथ लेकर चलने और सबके अस्तित्व का सम्मान करने का नाम है। यदि कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं रहने चाहिए, तो वह हिंदुत्व की परिभाषा से बाहर हो जाता है।'सत्य एक है, व्याख्याएं अनेक': विविधता प्रकृति का नियम और एकता शाश्वत सत्यमोहन भागवत ने भारतीय दर्शन के मूल स्तंभ 'एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति' और 'वसुधैव कुटुंबकम' का हवाला देते हुए कहा कि वह किसी धार्मिक पद या प्राधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि उस समाज के प्रतिनिधि के तौर पर बोल रहे हैं जिसकी प्राचीन परंपरा यह मानती है कि पूजा पद्धतियां और पंथ भले अलग-अलग हों, लेकिन मानवता सदैव एक है। उन्होंने कहा कि सत्य केवल एक है और संपूर्ण मानवता उसी सत्य से उत्पन्न हुई है। हालांकि, प्रत्येक मनुष्य अपनी मानसिक समझ, भाषा और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के अनुसार उस सत्य को अलग-अलग रूपों में व्यक्त करता है। उन्होंने आगे कहा कि विविधता प्रकृति का एक अनिवार्य नियम और उसका आभूषण है, जिसे संरक्षित किया जाना चाहिए, जबकि उस विविधता के भीतर छिपी अंतर्निहित एकता ही ब्रह्मांड का सार्वभौमिक और वास्तविक सत्य है।राजनीति स्वार्थ का खेल बनी, स्थायी सामाजिक समाधान के लिए जनता का प्रबोधन जरूरीलोकतंत्र और वैश्विक शांति की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए संघ प्रमुख ने दो-टूक कहा कि समाज की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान केवल राजनीति या सत्ता के माध्यम से नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में राजनीति काफी हद तक तात्कालिक लाभ और स्वार्थ का खेल बनकर रह गई है। जहां 'मैं और मेरा' का भाव होता है, वहां कभी समाधान नहीं निकलता; वास्तविक समाधान 'हम और हमारा' की सामूहिक भावना से ही संभव है। मोहन भागवत ने कहा कि जब समाज में जनमत (Public Opinion) जागृत और सुदृढ़ होता है, तो कोई भी राजनीतिक नेतृत्व उसके विरुद्ध जाने का साहस नहीं कर पाता। इसलिए सकारात्मक और दीर्घकालिक बदलाव की शुरुआत समाज के निचले स्तर से स्थानीय रूप से लोगों को शिक्षित और जागरूक करके ही की जा सकती है।आपदा में बिना भेदभाव सेवा: बालासोर ट्रेन हादसे का दिया उदाहरणआरएसएस के सेवा कार्यों और समाज में फैली भ्रांतियों पर बोलते हुए मोहन भागवत ने ओडिशा के बालासोर रेल हादसे का प्रत्यक्ष उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि जब वह भीषण ट्रेन दुर्घटना हुई थी, तब संघ के स्वयंसेवक सबसे पहले राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचे थे। स्वयंसेवकों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, मृतकों के शव निकाले और उनके परिजनों के आने पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था में हर संभव सहायता की। उन्होंने रेखांकित किया कि उस आपदा के समय किसी स्वयंसेवक ने यह नहीं सोचा कि पीड़ित किस जाति या मजहब का है या वह मुस्लिम है या हिंदू। भागवत ने कहा कि चूंकि संघ चुनावी राजनीति में नहीं है, इसलिए वह अपने सेवा कार्यों का प्रचार या बदले में कोई लाभ पाने की आकांक्षा नहीं रखता; समाज में बाहर से गढ़े गए झूठे विमर्शों के विपरीत अंदर आकर देखने पर ही वास्तविक सत्य समझ आता है।टाइम्स स्क्वायर से लेकर मैडिसन स्क्वायर गार्डन तक: संघ के वैश्विक जनसंपर्क पर दुनिया की नजरआरएसएस प्रमुख के इस अमेरिका दौरे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भारतीय प्रवासियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित टाइम्स स्क्वायर के विशाल बिलबोर्ड्स पर मोहन भागवत की तस्वीरों के साथ 'Resolve, Harmony and Dialogue' (संकल्प, सद्भाव और संवाद) के संदेश प्रदर्शित किए गए। अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) द्वारा आयोजित इस अंतरधार्मिक सम्मेलन के बाद मोहन भागवत का ऐतिहासिक मैडिसन स्क्वायर गार्डन (Madison Square Garden) में लगभग 5,000 से अधिक भारतीय समुदाय के प्रबुद्ध नागरिकों, उद्यमियों और विचारकों को संबोधित करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। अमेरिकी विदेश नीति के विश्लेषक और वैश्विक थिंक टैंक्स मोहन भागवत के इन शांति और समावेशी बयानों को भारत के वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव और सॉफ्ट पावर के विस्तार के रूप में देख रहे हैं।
सिब्बल का भागवत पर निशाना: कहा- विदेश में समझदारी की बातें, देश में चुप्पी; मौलाना यासूब अब्बास ने की तारीफ kapil-sibal-targets-mohan-bhagwat-diversity-unity-comment-US-Maulana-Yasoob-Abbas-praises-other-reactions
UP Board APAAR ID: यूपी बोर्ड ने स्कूलों को जारी किया नया निर्देश, 100% डिजिटल आईडी एंट्री पर जोर
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं के अग्रिम पंजीकरण (Advance Registration) तथा कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया के बीच एक महत्वपूर्ण आधिकारिक निर्देश जारी किया है। यूपी बोर्ड ने प्रदेश के सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि वे बोर्ड रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर विवरण दर्ज करने से पहले प्रत्येक छात्र की 'अपार आईडी' (APAAR ID) तैयार कराने का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत केंद्र सरकार के 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' (One Nation, One Student ID) विजन को धरातल पर उतारने के लिए यूपी बोर्ड ने सभी स्कूलों से 100 प्रतिशत विद्यार्थियों की डिजिटल आईडी एंट्री सुनिश्चित करने को कहा है।क्या है APAAR ID और 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' का पूरा कॉन्सेप्ट?अपार का पूरा नाम 'ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री' (Automated Permanent Academic Account Registry) है। यह देश भर के स्कूली छात्रों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए जारी की जाने वाली 12 अंकों की एक विशिष्ट और स्थायी डिजिटल पहचान संख्या है। जिस तरह प्रत्येक नागरिक की पहचान के लिए आधार कार्ड जरूरी है, उसी तरह विद्यार्थी जीवन के लिए अपार आईडी एक 'डिजिटल एकेडमिक पासपोर्ट' के रूप में काम करती है। यह 12 अंकों का यूनिक कोड छात्र के पूरे शैक्षणिक सफर—नर्सरी, प्राथमिक, माध्यमिक, 10वीं-12वीं बोर्ड रिजल्ट, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, स्किल सर्टिफिकेट, खेलकूद और अन्य पाठ्येतर उपलब्धियों को एक सिंगल क्लाउड नेटवर्क पर सुरक्षित रखता है। यदि कोई छात्र स्कूल, बोर्ड या राज्य बदलता है, तब भी यह आईडी नहीं बदलती और नया संस्थान पुराने रिकॉर्ड्स को तुरंत ऑनलाइन वेरीफाई कर लेता है।रजिस्ट्रेशन से पहले स्कूलों को पूरा करना होगा यह जरूरी काम: UDISE+ और पैरेंटल कंसेंटयूपी बोर्ड के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, स्कूलों को बोर्ड परीक्षा और अग्रिम पंजीकरण से पहले दो सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक कार्य पूरे करने होंगे:माता-पिता से सहमति पत्र (Parental Consent Form) का संग्रह: चूंकि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के अधिकांश छात्र नाबालिग (18 वर्ष से कम) होते हैं, इसलिए डेटा प्राइवेसी और डिजिटल सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी छात्र का डेटा साझा करने से पहले माता-पिता या कानूनी अभिभावक की लिखित व डिजिटल सहमति अनिवार्य है। स्कूलों को ऑफलाइन प्रारूप में पैरेंट्स से हस्ताक्षरित कंसेंट फॉर्म भरकर अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखना होगा।UDISE+ पोर्टल पर शत-प्रतिशत डेटा मिलान: स्कूल प्रशासन और नोडल शिक्षकों को भारत सरकार के यूडाइज प्लस (UDISE+) पोर्टल पर लॉगिन करके छात्रों के आधार कार्ड में दर्ज नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और लिंग का स्कूल रजिस्टर से 100% अक्षरशः मिलान करना होगा। यदि आधार और स्कूल रिकॉर्ड में कोई विसंगति है, तो उसे पहले सुधारा जाएगा, जिसके बाद ही यूडाइज पोर्टल से छात्र का पेन (Permanent Education Number - PEN) और अपार आईडी जनरेट होगी।पैरेंट्स और छात्रों के लिए क्या बदला? आधार और मोबाइल लिंकिंग हुई अहमअपार आईडी लागू होने से अभिभावकों और छात्रों के लिए प्रक्रिया में कुछ अहम बदलाव आए हैं:आधार से एक्टिव मोबाइल नंबर का लिंक होना: अपार आईडी जनरेशन के दौरान छात्र अथवा अभिभावक के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाता है। जिन छात्रों के आधार में पुराना या बंद मोबाइल नंबर दर्ज है, उनके अभिभावकों को तुरंत नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर चालू मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा।दस्तावेजों में स्पेलिंग की एकरूपता: कई बार छात्र के आधार कार्ड में नाम या जन्मतिथि स्कूल की टीसी (Transfer Certificate) और एडमिशन फॉर्म से अलग होती है। नए नियमों के बाद माता-पिता को यह सुनिश्चित करना होगा कि दोनों दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग पूरी तरह समान हो, अन्यथा ओटीपी वेरिफिकेशन फेल हो जाएगा।शारीरिक दस्तावेजों की झंझट से मुक्ति: अभिभावकों को अब अपने बच्चों की पुरानी मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट और कैरेक्टर सर्टिफिकेट की दर्जनों फोटोकॉपी कराने या उन्हें खोने के डर से छुटकारा मिलेगा, क्योंकि सभी प्रमाणित दस्तावेज डिजिलॉकर के माध्यम से अपार आईडी से स्वतः जुड़ जाएंगे।क्या APAAR ID न होने पर 10वीं-12वीं का बोर्ड फॉर्म या रजिस्ट्रेशन रुक जाएगा?उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड सचिव और शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी तकनीकी कारण, आधार अपडेशन में देरी या नेटवर्क समस्या की वजह से किसी छात्र की अपार आईडी अभी तक नहीं बन पाई है, तो उसका 9वीं-11वीं का अग्रिम पंजीकरण या 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा का आवेदन फॉर्म किसी भी स्थिति में नहीं रोका जाएगा। अपार आईडी की एंट्री फिलहाल वैकल्पिक स्तर पर प्राथमिकता के साथ मांगी गई है। हालांकि, बोर्ड ने स्कूलों को सख्त हिदायत दी है कि वे अंतिम तिथि तक अधिकतम छात्रों की अपार आईडी बनवाकर बोर्ड डेटाबेस में फीड करने का प्रयास करें ताकि भविष्य में किसी छात्र को असुविधा न हो।अपार आईडी जनरेट करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: छात्र और स्कूल ऐसे करें पूराछात्र अपनी अपार आईडी दो माध्यमों से जनरेट कर सकते हैं: स्कूल के सहयोग से अथवा सीधे डिजिलॉकर पोर्टल के जरिए।स्कूल के माध्यम से: अभिभावक स्कूल से प्राप्त सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर अपने आधार की प्रति के साथ क्लास टीचर को जमा करेंगे। स्कूल के नोडल शिक्षक यूडाइज प्लस (UDISE+) पोर्टल के 'स्टूडेंट मॉड्यूल' में लॉगिन कर छात्र का विवरण सत्यापित करेंगे और आधार ऑथेंटिकेशन के बाद अपार आईडी तैयार कर छात्र को 12 अंकों का नंबर या प्रिंटेड कार्ड प्रदान करेंगे।DigiLocker / ABC पोर्टल के माध्यम से: छात्र या अभिभावक सीधे डिजिलॉकर (DigiLocker) ऐप या आधिकारिक वेबसाइट (digilocker.gov.in) पर जाएं। 'सर्च डॉक्यूमेंट्स' में जाकर 'APAAR' खोजें और छात्र का नाम, जन्मतिथि, स्कूल का यूडाइज कोड और आधार नंबर दर्ज करें। आधार से जुड़े मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करते ही 12 अंकों की अपार आईडी जनरेट होकर डिजिलॉकर के 'इश्यूड डॉक्यूमेंट्स' (Issued Documents) सेक्शन में सुरक्षित हो जाएगी। इसके बाद इस 12 अंकों के नंबर को अपने स्कूल में दर्ज कराएं।छात्रों को भविष्य में मिलेंगे ये 5 बड़े शैक्षणिक और करियर फायदेडिजिटल मार्कशीट और सर्टिफिकेट्स का सुरक्षित संग्रह: 10वीं और 12वीं के बोर्ड परिणाम, मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे डिजिलॉकर में डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित फॉर्मेट में उपलब्ध होंगे।कॉलेज एडमिशन में पेपरलेस वेरिफिकेशन: 12वीं पास करने के बाद सीयूईटी (CUET), नीट (NEET), जेईई (JEE) अथवा विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रवेश के समय फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: उत्तर प्रदेश सरकार की दशमोत्तर छात्रवृत्ति, प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप और मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजनाओं में अपार आईडी लिंक होने से अपात्र या फर्जी आवेदनों पर रोक लगेगी और असली लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) से पैसा तेजी से ट्रांसफर होगा।क्रेडिट ट्रांसफर और नई शिक्षा नीति के लाभ: उच्च शिक्षा में लागू होने वाले एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) के साथ अपार आईडी का एकीकरण होने से छात्रों को एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर लेने पर अपने क्रेडिट्स ट्रांसफर करने में आसानी होगी।फर्जी डिग्री और जाली प्रमाण पत्रों पर स्थायी रोक: सभी शैक्षणिक दस्तावेज एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस पर ब्लॉकचेन व डिजिटल सुरक्षा के साथ सुरक्षित होने से देश भर में फर्जी मार्कशीट और शैक्षणिक जालसाजी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
नेपाल में फंसे 105 भारतीय सुरक्षित लौटे, तमिलनाडु के 100 लोग अब भी लापता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ में भारत के भी कई नागरिक फंसे हुए हैं. नागपुर के 105 नागरिक सुरक्षित भारत लौट आए हैं. नागपुर स्टेशन पहुंचते ही उनके परिजनों ने उनका जोरदार स्वागत किया.
मध्यप्रदेश के सतना जिले और धार्मिक नगरी चित्रकूट में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर करीब 30 फीट तक पहुंच ...
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दूसरे चरण में अगस्त के दौरान देश के कई हिस्सों में बादलों ने जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई। मध्य भारत और पहाड़ी राज्यों में नदियां उफान पर आ गईं और कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिली। हालांकि, इस तेज बारिश के बावजूद देश के कुल मानसूनी बारिश का क्षेत्रीय घाटा पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। मौसम वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल बारिश का वितरण अत्यधिक असमान रहा है। कुछ सीमित इलाकों में बादल फटने और अतिवृष्टि (Extreme Rainfall) जैसी घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि देश के कई विशाल कृषि क्षेत्र अब भी सामान्य से कम बारिश की मार झेल रहे हैं। अल्पकालिक मूसलाधार बारिश से पानी बहकर निकल गया, जिससे भूजल और मिट्टी की नमी को आवश्यक स्तर तक रिचार्ज होने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।अल नीनो का दोहरा प्रभाव: इन प्रमुख राज्यों में बने सूखे जैसे गंभीर हालातप्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो (El Nio) मौसमी परिघटना और हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) की बदलती परिस्थितियों ने भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी हवाओं के प्रवाह को असंतुलित कर दिया है। इसके चलते देश के कई बड़े खाद्यान्न उत्पादक राज्यों में सूखे जैसे गंभीर हालात पैदा हो गए हैं। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के अलावा दक्षिणी प्रायद्वीप के कई हिस्से भारी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और आंतरिक तमिलनाडु के कई जिलों में संचयी वर्षा सामान्य से 25 से 40 प्रतिशत तक कम दर्ज की गई है। खेतों में पर्याप्त पानी न होने और नहरों के टेल तक जल आपूर्ति न पहुंचने से किसानों को अपनी खड़ी फसलों को बचाने के लिए महंगे डीजल पंपों और ट्यूबवेलों पर निर्भर होना पड़ रहा है।खरीफ फसलों पर मंडराया संकट: धान, दलहन और तिलहन की पैदावार को झटकामॉनसून के इस असंतुलन का सबसे सीधा और घातक प्रभाव देश की खरीफ फसलों पर पड़ रहा है। अगस्त का महीना फसलों की वानस्पतिक वृद्धि और दाना बनने की प्रक्रिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। पूर्वी राज्यों में पानी की कमी के कारण धान (Paddy) की रोपाई पिछड़ गई है और कई जगहों पर रोपी गई फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। दूसरी ओर, दलहन फसलों—विशेष रूप से अरहर (तुअर), उड़द और मूंग के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में सूखे की स्थिति से पैदावार में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। सोयाबीन और मूंगफली जैसी तिलहन फसलों पर भी नमी की कमी और कीटों के प्रकोप का दोहरा संकट मंडरा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि फसलों को तुरंत आवश्यक नमी नहीं मिली, तो प्रति हेक्टेयर उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।जलाशयों का गिरता जलस्तर और आगामी रबी सीजन की नई चुनौतियांदेश भर के प्रमुख बांधों और जलाशयों में पानी का भंडारण भी चिंता का एक बड़ा कारण बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की निगरानी वाले प्रमुख जलाशयों में पानी का कुल स्तर पिछले वर्षों के इसी समय के औसत से काफी नीचे चल रहा है। दक्षिणी और पूर्वी भारत के बांधों में जलस्तर की स्थिति सबसे अधिक नाजुक है। जलाशयों में पर्याप्त पानी न होने से न केवल वर्तमान में सिंचाई और पनबिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है, बल्कि आगामी रबी सीजन की बुवाई पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ना तय है। रबी की मुख्य फसलों जैसे गेहूं, चना, सरसों और रबी मक्के की बुवाई के लिए जमीन में जिस प्राथमिक नमी और शुरुआती सिंचाई की आवश्यकता होती है, उसका संकट गहरा सकता है।किसानों की आर्थिक स्थिति पर मार और खाद्य महंगाई भड़कने का अंदेशाफसलों की विफलता और कम पैदावार का सीधा प्रभाव देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आम नागरिक के घरेलू बजट पर पड़ना तय माना जा रहा है। किसानों की उत्पादन लागत बढ़ चुकी है क्योंकि उन्हें अतिरिक्त सिंचाई, कीटनाशकों और दोबारा बुवाई पर भारी रकम खर्च करनी पड़ी है। यदि खरीफ उत्पादन में कमी आती है, तो इसका सीधा असर खुले बाजार में कृषि जिंसों की कीमतों पर दिखेगा। चावल, दालों और खाद्य तेलों के दाम बढ़ने से देश में खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) में अचानक उछाल आ सकता है। यह स्थिति न केवल ग्रामीण भारत की क्रय शक्ति और मांग को प्रभावित करेगी, बल्कि केंद्र सरकार और नीति निर्माताओं के लिए भी बफर स्टॉक और खाद्यान्न प्रबंधन की नई मुश्किलें खड़ी करेगी।मौसम विभाग का पूर्वानुमान: क्या सितंबर की बारिश कर पाएगी भरपाई?भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मॉनसून के अंतिम चरण यानी सितंबर के दौरान बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्रों (Low Pressure Systems) पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यदि सितंबर में मानसूनी ट्रफ सामान्य स्थिति में लौटती है और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के साथ मिलकर वर्षा के नए दौर की शुरुआत होती है, तो कुछ हद तक मिट्टी की नमी में सुधार हो सकता है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि सितंबर की बारिश अब पिछड़ चुकी और सूख चुकी फसलों को पूरी तरह पुनर्जीवित नहीं कर पाएगी, लेकिन यह आगामी रबी फसलों की तैयारी और भूजल स्तर को स्थिर रखने में मददगार साबित हो सकती है। कृषि विभाग ने प्रभावित राज्यों में आकस्मिक फसल योजना (Contingency Crop Plan) लागू करने और किसानों को कम अवधि व कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों को अपनाने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दामों में बड़ा उछाल, आम जनता के सफर पर महंगाई की मार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) में दैनिक आवाजाही करने वाले लाखों यात्रियों, कैब चालकों और निजी वाहन स्वामियों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। प्रमुख गैस वितरण कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली और आसपास के सेटेलाइट शहरों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की खुदरा कीमतों में ₹3.89 प्रति किलोग्राम तक की उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर दी है। संशोधित दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी हैं। घरेलू गैस आपूर्ति और इनपुट गैस लागत में वैश्विक स्तर पर हुए बदलावों के बाद यह कदम उठाया गया है। सीएनजी के दामों में इस तीव्र वृद्धि से न केवल निजी कार मालिकों का ईंधन बजट बिगड़ेगा बल्कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, ऑटो रिक्शा, ऐप-बेस्ड कैब और स्कूल वैन का किराया भी बढ़ने की प्रबल संभावना बन गई है।दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में क्या हैं सीएनजी के नए रेट्स?इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा जारी नई मूल्य सूची के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित पूरे एनसीआर में सीएनजी के दाम नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। दिल्ली के भीतर अब सीएनजी की खुदरा कीमत बढ़कर लगभग ₹79.50 से ₹80 प्रति किलोग्राम के स्तर को छू गई है, जो पहले ₹75.09 से ₹76 के आसपास थी। वहीं उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में वैट और स्थानीय शुल्कों के अंतर के चलते दरें ₹84 से ₹85 प्रति किलोग्राम के पार निकल गई हैं। हरियाणा के गुरुग्राम, रेवाड़ी और करनाल में भी सीएनजी की दरों में आनुपातिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस मूल्य संशोधन से दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों कम्यूटर्स की मासिक यात्रा लागत में सीधा इजाफा होना तय है।ऑटो, टैक्सी यूनियनों में आक्रोश: किराया बढ़ाने की मांग तेजसीएनजी की कीमतों में अचानक ₹3.89 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी होने के बाद दिल्ली-एनसीआर की विभिन्न ऑटो-टैक्सी यूनियनों और ड्राइवर यूनियनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कैब और ऑटो चालकों का कहना है कि पहले से ही उच्च कमीशन दरों, वाहन बीमा और रखरखाव खर्चों के कारण उनकी दैनिक कमाई सीमित हो चुकी थी। अब सीएनजी महंगी होने से उनकी दैनिक बचत में प्रतिदिन ₹100 से ₹150 की सीधी कटौती होगी। यूनियनों ने दिल्ली सरकार और राज्य परिवहन प्राधिकरणों से ऑटो के मीटर किराए और बेस फेयर में तत्काल 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि करने की औपचारिक मांग शुरू कर दी है। यदि प्रशासन जल्द ही फेयर रिवीजन (किराया संशोधन) नहीं करता है, तो चालकों द्वारा हड़ताल और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी जा रही है।ओला-उबर और ऐप आधारित कैब का किराया बढ़ने के पूरे आसारदैनिक कार्यालय जाने वाले यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि ओला (Ola), उबर (Uber) और रैपिडो जैसी राइड-हेलिंग एग्रीगेटर कंपनियां भी जल्द ही अपने प्रति किलोमीटर किराए और पीक-ऑवर सर्ज प्राइसिंग (Surge Pricing) में संशोधन कर सकती हैं। अधिकांश कमर्शियल कैब्स सीएनजी पर ही संचालित होती हैं। ईंधन की लागत बढ़ने से कैब एग्रीगेटर्स अपने प्लेटफॉर्म शुल्क और प्रति किलोमीटर दर में ₹1.50 से ₹2.50 तक की वृद्धि कर सकते हैं। इसके अलावा, डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स कंपनियों द्वारा संचालित हल्के वाणिज्यिक वाहनों (LCVs) की परिचालन लागत बढ़ने से दिल्ली-एनसीआर में ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स डिलीवरी सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है।स्कूल बसों, वैन और दैनिक बजट पर पड़ेगा चौतरफा असरसीएनजी के दाम बढ़ने का असर केवल दैनिक यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि स्कूली बच्चों के अभिभावकों पर भी इसका सीधा वित्तीय भार पड़ेगा। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के प्राइवेट स्कूल बस एसोसिएशन और वैन संचालकों ने पहले ही मासिक बस फीस में वृद्धि के संकेत दे दिए हैं। स्कूल वैन और फीडर बसों के मासिक शुल्क में ₹200 से ₹400 प्रति छात्र की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अतिरिक्त, जो लोग दैनिक रूप से अपने निजी सीएनजी वाहनों से 50 से 70 किलोमीटर का सफर तय करते हैं, उनका मासिक फ्यूल बिल ₹1,000 से ₹1,500 तक बढ़ जाएगा, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक वित्तीय संतुलन प्रभावित होगा।सीएनजी के दाम बढ़ने की मुख्य वजहें: गैस इनपुट कॉस्ट और सब्सिडी में बदलावऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि सीएनजी की कीमतों में इस ताजा वृद्धि के पीछे घरेलू गैस आवंटन में कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के आयात मूल्य में वृद्धि मुख्य कारण है। केंद्र सरकार की नई मूल्य निर्धारण नीति के तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को मिलने वाली सस्ती प्रशासनिक मूल्य तंत्र (APM) गैस का कोटा सीमित हो गया है। इसके चलते आईजीएल जैसी वितरण कंपनियों को अपनी मांग पूरी करने के लिए खुले और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से महंगी आयातित गैस खरीदनी पड़ रही है। इस अतिरिक्त इनपुट लागत का सीधा भार कंपनियों द्वारा अंतिम उपभोक्ताओं पर ट्रांसफर किया जा रहा है।
300 वाले अनार के पीछे न भागें! खाएं ये चीजें, गाल हो जाएंगे लाल
'एक अनार और सौ बीमार' वाली कहावत तो आपने जरूर सुनी होगी और सुनी भी क्यों नहीं होगी अनार है ही ऐसा फल जिसे बीमार हो या तंदरुस्त हर किसी को खाना चाहिए. लेकिन इसकी कीमत इतनी ज्यादा हो चुकी है कि हर कोई अनार खरीद नहीं सकता. ऐसे में यहां हम आपको अनार की जगह कुछ सस्ती चीजें बता रहे हैं जिन्हें आप खाकर अनार जितने फायदे हासिल कर सकते हैं.
पैसा आते ही खत्म हो जाता है? चाणक्य के 5 नियम बढ़ाएंगे धन!
Quote of the Day: पैसा आते ही खत्म हो जाता है? चाणक्य नीति में धन को लेकर कई जरूरी बातें बताई गई हैं. जानें चाणक्य के 5 नियम, जो बचत बढ़ाने और आर्थिक स्थिति बेहतर करने में मदद कर सकते हैं.
भारतीय अर्थव्यवस्था में खाद्य वस्तुओं की कीमतों और आम आदमी के घरेलू बजट की स्थिरता के लिए सितंबर का महीना निर्णायक साबित होने जा रहा है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और प्रमुख आर्थिक शोध संस्थानों की ताजा रिपोर्टों में चेतावनी दी गई है कि यदि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के अंतिम चरण यानी सितंबर में बारिश कमजोर रहती है और अल-नीनो (El Nio) के हालात मजबूत होते हैं, तो चालू वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में देश की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई 5.5 प्रतिशत या उससे अधिक के स्तर तक पहुंच सकती है। यद्यपि खरीफ फसलों की बुवाई में सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन फसल की परिपक्वता, उपज और आगामी रबी सीजन के लिए सितंबर की बारिश का सामान्य रहना बेहद अनिवार्य माना जा रहा है।मॉनसून का मौजूदा घाटा और क्षेत्रीय विषमताएंअगस्त के अंतिम सप्ताह तक के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का कुल स्तर लंबी अवधि के औसत (LPA) से लगभग 13 प्रतिशत नीचे बना हुआ है। यद्यपि मध्य भारत में स्थिति स्थिर है, लेकिन प्रमुख कृषि राज्यों में क्षेत्रीय घाटा चिंता का विषय बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में लगभग 10 प्रतिशत और दक्षिणी राज्यों में 22 प्रतिशत तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। वहीं, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में यह घाटा 27 प्रतिशत से अधिक है। आंध्र प्रदेश और बिहार जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में 40 से 42 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे धान, दलहन और तिलहन की पैदावार पर सीधा असर पड़ने का जोखिम गहरा गया है।जलाशयों का जलस्तर और रबी सीजन की चुनौतियांकेंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा मॉनिटर किए जाने वाले 176 प्रमुख जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता का लगभग 64 प्रतिशत पानी मौजूद है, जो तात्कालिक राहत तो देता है लेकिन पिछले वर्ष के इसी समय के मुकाबले लगभग 18 प्रतिशत कम है। यदि सितंबर में अच्छी मानसूनी बारिश नहीं होती है, तो जलाशयों का बैकअप सीमित रह जाएगा। इसका सीधा नकारात्मक असर मिट्टी की नमी (Soil Moisture) और आगामी रबी फसलों—विशेष रूप से गेहूं, चना और सरसों की बुवाई व सिंचाई पर पड़ेगा। पोस्ट-हार्वेस्ट (कटाई के बाद) अवधि में उत्पादन में कमी सीधे तौर पर मंडियों में खाद्य वस्तुओं की आवक को घटा सकती है।खाद्य महंगाई का सीपीआई बास्केट पर सीधा दबावभारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में खाद्य एवं पेय पदार्थों की हिस्सेदारी लगभग 46 प्रतिशत के करीब है। जब भी प्रतिकूल मौसम, अनियमित बारिश या सूखे जैसी स्थिति बनती है, तो दालों, खाद्य तेलों, सब्जियों और अनाजों की कीमतें तेजी से उछलती हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि मॉनसून का यह घाटा 10 प्रतिशत से अधिक पर टिका रहता है, तो खाद्य मुद्रास्फीति में 250 से 300 आधार अंकों की अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है, जो सीधे तौर पर हेडलाइन सीपीआई को 5.5 प्रतिशत के पार धकेल देगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने रहने की स्थिति में इनपुट लागत और ट्रांसपोर्टेशन खर्च भी महंगाई को हवा दे सकते हैं।ग्रामीण अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता मांग पर गहराता असरकमजोर मॉनसून और ऊंची खाद्य महंगाई का दोहरा प्रभाव ग्रामीण भारत की क्रय शक्ति पर पड़ता है। भारतीय ग्रामीण परिवारों के कुल बजट का एक बड़ा हिस्सा भोजन पर खर्च होता है। फसलों की कम पैदावार से एक तरफ किसानों की वास्तविक आय सीमित हो सकती है, वहीं दूसरी तरफ आवश्यक वस्तुओं की महंगाई ग्रामीण मांग (Rural Consumption) को घटा सकती है। इसका सीधा असर ट्रैक्टर बुकिंग, टू-व्हीलर बिक्री, दैनिक उपभोग की वस्तुओं (FMCG) और त्योहारी सीजन के दौरान होने वाले रिटेल कारोबार पर पड़ सकता है।आरबीआई की मौद्रिक नीति: क्या ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों पर फिरेगा पानी?भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति के तहत वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई का बेसलाइन अनुमान 5.0 प्रतिशत तय किया हुआ है। केंद्रीय बैंक 4 प्रतिशत के महंगाई लक्ष्य को साधने के लिए लंबे समय से सतर्क रुख अपनाए हुए है। यदि सितंबर में कमजोर बारिश के चलते खुदरा महंगाई 5.5 प्रतिशत या उससे ऊपर निकलती है, तो आरबीआई के लिए ब्याज दरों में कटौती करने की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। लंबे समय तक उच्च खाद्य महंगाई बने रहने की सूरत में वित्त वर्ष के अंत तक दरों में यथास्थिति बनाए रखने या जरूरत पड़ने पर नीतिगत दरों को सख्त करने का दबाव भी बढ़ सकता है।
ईरानी विदेश मंत्री का अमेरिका पर सीधा हमला, ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हेरफेर का दावा
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक टकराव के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संयुक्त राज्य अमेरिका पर वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) में सुनियोजित हेरफेर करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी अपने आधिकारिक बयान में अराघची ने कहा कि ईरानी खुफिया तंत्र (Intelligence) के पास ऐसे पुख्ता इनपुट्स हैं जो दर्शाते हैं कि अमेरिकी सरकार के भीतर सक्रिय कुछ खास तत्व अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और ऊर्जा बाजार की कीमतों को कृत्रिम रूप से प्रभावित करने का खेल खेल रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्री के मुताबिक, इस हेरफेर का मुख्य मकसद कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा निजी वित्तीय लाभ कमाना और अमेरिकी नेतृत्व को एक कभी न खत्म होने वाले नुकसानदेह युद्ध में उलझाए रखना है।मीडिया का इस्तेमाल और तेल की कीमतों को प्रभावित करने की साजिशअब्बास अराघची ने अपने बयान में आरोप लगाया कि अमेरिकी प्रशासन के रणनीतिकार मुख्यधारा की मीडिया का इस्तेमाल कर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भ्रामक और मनगढ़ंत नैरेटिव तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बाजार में जानबूझकर डर, अनिश्चितता और सप्लाई संकट की खबरें फैलाई जाती हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव लाया जा सके। इस सुनियोजित प्रचार के जरिए वित्तीय बाजारों में सट्टेबाजी (Speculation) को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे ऊर्जा कंपनियों और उनसे जुड़े लॉबीस्ट्स को अरबों डॉलर का निजी मुनाफा होता है। अराघची ने स्पष्ट किया कि युद्ध और प्रतिबंधों का झूठा डर दिखाकर अमेरिकी नीतियों के पैरोकार अपने आर्थिक हितों को साधने में जुटे हैं।इजरायल समर्थक लॉबी पर युद्ध भड़काने और भ्रामक आकलन देने का आरोपईरानी विदेश मंत्री ने अपने हमले का दायरा बढ़ाते हुए इजरायल समर्थक लॉबी और थिंक टैंक्स को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इजरायल से जुड़े गुट अमेरिकी नीति निर्माताओं के सामने ईरान के खिलाफ युद्ध और सैन्य दबाव की 'गुलाबी और बेहद आशावादी तस्वीरें' (Rosy Assessments) पेश कर रहे हैं। इन समूहों का मकसद अमेरिका को यह यकीन दिलाना है कि ईरान पर सैन्य घेराबंदी और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों से वॉशिंगटन को त्वरित सफलता मिल जाएगी। अराघची ने चेतावनी दी कि यह आकलन पूरी तरह जमीनी हकीकत से परे है और इसके जरिए केवल सैन्य-औद्योगिक गठजोड़ को फायदा पहुंचाने के लिए एक असफल युद्ध को अनावश्यक रूप से लंबा खींचा जा रहा है।अमेरिकी जनता पर पड़ा सीधा आर्थिक बोझ: गैस स्टेशनों पर महंगाई की मारअराघची ने रेखांकित किया कि वॉशिंगटन की इन भ्रामक नीतियों और ऊर्जा बाजार में की जा रही जोड़-तोड़ का सबसे भारी खामियाजा सामान्य अमेरिकी नागरिकों और उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों में कृत्रिम तेजी और अनिश्चितता के कारण अमेरिका के घरेलू बाजारों में पेट्रोल, डीजल, हीटिंग ऑयल और बिजली की दरें लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों ने पूरे देश में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और खाद्य महंगाई को बढ़ा दिया है। ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार, नीति निर्माताओं के निजी मुनाफे और गलत भू-राजनीतिक फैसलों की वास्तविक कीमत अमेरिकी करदाताओं को अपनी जेब से चुकानी पड़ रही है।होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गतिरोधयह कूटनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और फारस की खाड़ी में नौसैनिक व व्यापारिक तनाव चरम पर है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और भारी मात्रा में एलएनजी (LNG) का पारगमन इसी समुद्री मार्ग से होता है। अमेरिका द्वारा ईरानी तेल निर्यात पर नौसैनिक नाकेबंदी और वित्तीय प्रतिबंधों को कड़ा किए जाने के बाद ईरान ने भी अपनी समुद्री सीमाओं और पारगमन मार्गों पर कड़े सुरक्षा नियम लागू कर रखे हैं। जून में दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए हुए सहमति पत्र (MoU) के बावजूद प्रतिबंध हटाने और व्यावहारिक कदमों के अभाव में बातचीत में गतिरोध बना हुआ है। तेहरान का रुख स्पष्ट है कि ऊर्जा प्रवाह का सामान्यीकरण तभी संभव है जब अमेरिका जबरदस्ती और दबाव की नीति त्यागकर समझौते का सम्मान करे।कूटनीति का रास्ता अब भी खुला, लेकिन वॉशिंगटन को बदलना होगा रवैयाईरानी विदेश मंत्री ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी प्रकार के तनाव को बेवजह बढ़ाने का इच्छुक नहीं है और कूटनीति की मेज पर वापसी अब भी पूरी तरह संभव है। हालांकि, इसके लिए उन्होंने अमेरिका के समक्ष बुनियादी शर्तें रखी हैं। अराघची के अनुसार, वॉशिंगटन को यह ऐतिहासिक सच्चाई समझनी होगी कि ईरान के स्वाभिमान और संप्रभुता के खिलाफ अत्यधिक दबाव की नीति कभी कारगर साबित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका वास्तविक समाधान चाहता है, तो उसे तेहरान के वैध अधिकारों को मान्यता देनी होगी, आपसी विश्वास बहाली के लिए ठोस कदम उठाने होंगे और ऊर्जा बाजार में अनुचित दखलअंदाजी बंद करनी होगी।
रियल एस्टेट में बड़ा शिफ्ट: आईटी कॉरिडोर्स को पछाड़कर आगे निकले बैंकिंग व फाइनेंशियल हब्स
भारत के रियल एस्टेट बाजार में रेंटल इनकम (Rental Income) को लेकर निवेशकों की रणनीति में एक बुनियादी बदलाव देखा जा रहा है। पिछले दो दशकों से बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों के आईटी कॉरिडोर्स रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर सबसे ज्यादा रेंटल यील्ड देने वाले हॉटस्पॉट माने जाते थे। हालांकि, टेक कंपनियों में हायरिंग की धीमी रफ्तार, कॉस्ट कटिंग और हाइब्रिड/वर्क-फ्रॉम-होम कल्चर के चलते आईटी बेल्ट्स में किराये की दरों में ठहराव देखा जा रहा है। इसके विपरीत, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) सेक्टर का जबर्दस्त विस्तार हो रहा है। इसके चलते मुंबई, गिफ्ट सिटी (गुजरात), गुरुग्राम और नोएडा के फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट्स में रेंटल डिमांड और किराये की दरें नए रिकॉर्ड बना रही हैं।आईटी हब्स में रेंटल डिमांड पर ब्रेक क्यों लगा?तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की जीवनशैली और कंपनियों की नीतियों ने आईटी बेल्ट्स के रेंटल डायनेमिक्स को बदल दिया है। अधिकांश टेक फर्म्स अभी भी फ्लेक्सिबल और हाइब्रिड वर्किंग मॉडल पर काम कर रही हैं, जिससे कर्मचारी ऑफिस के पास महंगे अपार्टमेंट किराए पर लेने के बजाय पेरिफेरल एरियाज या अपने होमटाउन से काम करने को तरजीह दे रहे हैं। इसके अलावा, आईटी सेक्टर में हालिया समय में फ्रेश हायरिंग की गति धीमी रहने और बड़ी वेतन वृद्धियों में कमी आने के कारण बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड/ओआरआर और हैदराबाद के हाईटेक सिटी जैसे इलाकों में किराये की सालाना वृद्धि दर 4 से 6 प्रतिशत पर सिमट कर रह गई है।बैंकिंग और BFSI हब्स बने रेंटल इनकम के नए पावरहाउसआईटी सेक्टर के विपरीत, बैंकिंग और कॉर्पोरेट फाइनेंस सेक्टर में 100% ऑफिस उपस्थिति अनिवार्य है। इनवेस्टमेंट बैंकर्स, प्राइवेट इक्विटी प्रोफेशनल्स, फंड मैनेजर्स, रिस्क एनालिस्ट्स और वेल्थ एडवाइजर्स की आय और डिस्पोजेबल इनकम काफी अधिक होती है। ये प्रोफेशनल्स ऑफिस से 15-20 मिनट की दूरी पर प्रीमियम और गेटेड कम्युनिटीज में रहने के लिए ऊंचे किराये का भुगतान करने को तैयार रहते हैं। इसी वजह से वित्तीय केंद्रों के 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित 2 और 3 बीएचके फ्लैट्स की ऑक्यूपेंसी रेट 95 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है और किराये में सालाना 10 से 15 प्रतिशत का उछाल देखा जा रहा है।देश के शीर्ष फाइनेंशियल माइक्रो-मार्केट्स जहां मिल रहा है सबसे ज्यादा रिटर्नवित्तीय क्षेत्र के विस्तार से जिन प्रमुख माइक्रो-मार्केट्स में किराये से होने वाली कमाई सबसे तेजी से बढ़ रही है, उनकी सूची इस प्रकार है:मुंबई (BKC, लोअर परेल और अंधेरी ईस्ट): देश की वित्तीय राजधानी में बीकेसी और लोअर परेल के पास स्थित आवासीय संपत्तियों की रेंटल यील्ड 4.5 से 5.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो ऐतिहासिक रूप से 2.5-3 प्रतिशत हुआ करती थी।गिफ्ट सिटी (गांधीनगर-अहमदाबाद, गुजरात): भारत के पहले इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) में वैश्विक बैंकों, फिनटेक फर्म्स और ब्रोकर्स के ऑफिस खुलने से यहां 1 और 2 बीएचके अपार्टमेंट्स पर 6 से 8 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व रेंटल यील्ड मिल रही है।गुरुग्राम (गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन और साइबर सिटी पेरिफेरी): बहुराष्ट्रीय निवेश बैंकों और परामर्श फर्म्स के बैक-ऑफिस हब होने के चलते यहां प्रीमियम रेंटल हाउसिंग की जबर्दस्त कमी है, जिससे मकान मालिकों को मोटा किराया मिल रहा है।नवी मुंबई और ठाणे (बैक-ऑफिस बैंकिंग कॉरिडोर): फिनटेक और शेयर्ड सर्विसेज सेंटर्स के तेजी से बसने से यहां मध्यम बजट में हाई रेंटल यील्ड दर्ज की जा रही है।रेंटल यील्ड और प्रॉपर्टी एप्रिसिएशन का सटीक संतुलनवित्तीय गलियारों में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां डिफॉल्ट का जोखिम नगण्य होता है। कॉर्पोरेट लीजिंग और प्रोफेशनल्स के साथ 11 महीने के बजाय 2 से 3 साल के लॉन्ग-टर्म लीज एग्रीमेंट आसानी से हो जाते हैं। इसके साथ ही, इन इलाकों में मेट्रो कनेक्टिविटी, इंटरनेशनल स्कूल्स, हाई-स्ट्रीट रिटेल और ग्रेड-ए कमर्शियल डेवलपमेंट के कारण कैपिटल वैल्यू (प्रॉपर्टी के मूल दाम) में भी लगातार सालाना 8 से 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हो रही है, जिससे निवेशकों को डुअल बेनिफिट (किराया + कैपिटल गेन) मिल रहा है।नए रियल एस्टेट निवेशकों के लिए स्मार्ट इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजीयदि आप केवल किराये से नियमित पैसिव इनकम कमाने के उद्देश्य से प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:यूनिट साइज का चयन: फाइनेंशियल हब्स में 1 BHK, कॉम्पैक्ट 2 BHK और पूरी तरह फर्निश्ड स्टूडियो अपार्टमेंट्स की रेंटल डिमांड सबसे ज्यादा रहती है क्योंकि युवा प्रोफेशनल्स तुरंत शिफ्ट होने वाले घरों को प्राथमिकता देते हैं।एमिनिटीज और कनेक्टिविटी: जिम, स्विमिंग पूल, को-वर्किंग लाउंज और एक्सप्रेसवे/मेट्रो से डायरेक्ट कनेक्टिविटी वाली सोसायटियों में 20-25 प्रतिशत अधिक किराया मिलता है।स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग: कमर्शियल हब्स के पास अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के बजाय रेडी-टू-मूव या नियर-पजेशन प्रॉपर्टी चुनें ताकि ईएमआई (EMI) शुरू होते ही पहले महीने से रेंटल कैशफ्लो शुरू हो सके।
IIT-IIM से पढ़ाई, लंदन से लौटकर UPSC की तैयारी, कौन हैं IAS दिव्या मित्तल?
IAS अधिकारी दिव्या मित्तल अपनी प्रशासनिक कार्यशैली के साथ-साथ अपनी शानदार शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चा में रहती हैं. लेकिन हाल में वह अपने इस्तीफे को लेकर चर्चा में हैं. दिव्या मित्तल ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई की है. उन्होंने IIT दिल्ली से बीटेक और इसके बाद IIM बेंगलुरु से MBA किया.
डिफेंस स्टॉक्स में बड़ा उछाल संभव: वीकेंड में रक्षा मंत्रालय से मिला नया सरकारी कॉन्ट्रैक्ट
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) की कंपनियों के शेयरों में जोरदार हलचल देखने को मिल सकती है। वीकेंड के दौरान रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) और भारतीय सेना की तरफ से घरेलू रक्षा उपकरण निर्माता कंपनियों को नए और महत्वपूर्ण सरकारी कॉन्ट्रैक्ट सौंपे गए हैं। 'आत्मनिर्भर भारत' और मेक इन इंडिया इनिशिएटिव के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जारी किए गए इन नए ऑर्डर्स के बाद डिफेंस स्टॉक्स में नई जान फूंकने की पूरी संभावना बन गई है। बाजार खुलते ही हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), मझगांव डॉक, भारत डायनामिक्स (BDL), ज़ेन टेक्नोलॉजीज और सोलर इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम और कीमतों में तेज गति देखने को मिल सकती है।ऑर्डर बुक को मिला नया बूस्ट: घरेलू कंपनियों की बढ़ेगी रेवेन्यू विजिबिलिटीरक्षा क्षेत्र की कंपनियों के मूल्यांकन और शेयर प्रदर्शन के लिए उनकी ऑर्डर बुक सबसे महत्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है। रक्षा मंत्रालय द्वारा दिए गए नए अनुबंधों में उन्नत हथियार प्रणालियों, निगरानी रडार, ड्रोन व एंटी-ड्रोन सिस्टम, लोइटरिंग म्यूनिशन और सैन्य सिमुलेटर का आधुनिकीकरण शामिल है। यह ऑर्डर सीधे तौर पर घरेलू कंपनियों की मध्यम और लंबी अवधि की रेवेन्यू विजिबिलिटी (राजस्व दृश्यता) को मजबूती प्रदान करता है। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ हफ्तों से कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहे रक्षा शेयरों के लिए यह नया वर्क-ऑर्डर एक बड़े उत्प्रेरक (Catalyst) के रूप में कार्य करेगा, जिससे कंपनियों की आय वृद्धि और मार्जिन विस्तार को नई गति मिलेगी।रक्षा बजट आवंटन और स्वदेशी खरीद नीति का मिल रहा सीधा लाभकेंद्र सरकार द्वारा रक्षा पूंजी अधिग्रहण बजट का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा घरेलू कंपनियों के लिए आरक्षित रखने की नीति का सकारात्मक प्रभाव अब सीधे तौर पर लिस्टेड रक्षा कंपनियों के वित्तीय आंकड़ों पर दिखने लगा है। रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए जारी किए जा रहे नए टेंडर्स में 'बाय इंडियन-आईडीडीएम' (Indigenously Designed, Developed and Manufactured) श्रेणी को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका सीधा फायदा सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख रक्षा उपक्रमों (Defence PSUs) के साथ-साथ निजी क्षेत्र की विशेषज्ञ तकनीकी कंपनियों को भी मिल रहा है। विदेशी रक्षा आयात पर निर्भरता कम होने से घरेलू कंपनियों को न केवल बड़े अनुबंध मिल रहे हैं बल्कि अनुसंधान व विकास (R&D) में भी अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हो रहा है।सोमवार को बाजार खुलते ही इन प्रमुख डिफेंस शेयरों पर टिकी रहेंगी निगाहेंसप्ताह के पहले कारोबारी दिन जिन रक्षा शेयरों में सबसे तेज गतिविधि रहने की उम्मीद है, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित स्टॉक्स शामिल हैं:हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL): फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टर्स और एवियोनिक्स अपग्रेड से जुड़े नए अनुबंधों और इंजन सौदों के चलते शेयर बाजार का सबसे पसंदीदा लार्जकैप डिफेंस स्टॉक बना हुआ है।भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL): अत्याधुनिक रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और मिसाइल ट्रैकिंग इक्विपमेंट के बड़े ऑर्डर्स मिलने से इसकी ऑर्डर बुक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है।मझगांव डॉक और कोचीन शिपयार्ड: नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों और युद्धपोतों के निर्माण व मरम्मत के नए अनुबंधों के चलते शिपबिल्डिंग सेक्टर में जबरदस्त तेजी की उम्मीद है।भारत डायनामिक्स (BDL) और सोलर इंडस्ट्रीज: मिसाइल उत्पादन, रॉकेट सिस्टम और रक्षा विस्फोटकों के क्षेत्र में नए सरकारी प्रोजेक्ट्स से स्टॉक में वॉल्यूम ब्रेकआउट की संभावना है।ज़ेन टेक्नोलॉजीज और पारस डिफेंस: रक्षा सिमुलेटर, ऑप्टिकल पेलोड्स, एंटी-ड्रोन तकनीक और स्पेस एप्लिकेशन में निजी कंपनियों के बढ़ते प्रभुत्व से मिडकैप व स्मॉलकैप सेगमेंट में हलचल तेज रहेगी।वैश्विक रक्षा निर्यात और भू-राजनीतिक परिदृश्य से बन रहा मजबूत सपोर्टभारतीय रक्षा उद्योग अब केवल घरेलू आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजार में भी तेजी से अपने पैर पसार रहा है। भारत सरकार ने वर्ष 2026 तक 15 बिलियन डॉलर मूल्य के रक्षा निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मध्य पूर्व, दक्षिण पूर्व एशिया और अफ्रीकी देशों से भारतीय मिसाइल सिस्टम, आर्टिलरी गन और रडार की बढ़ती मांग के कारण कंपनियों की अंतर्राष्ट्रीय ऑर्डर बुक भी मजबूत हो रही है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच सुरक्षा और रक्षा तैयारियों पर बढ़ते वैश्विक खर्च का लाभ भारतीय रक्षा विनिर्माताओं को मिल रहा है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और घरेलू म्यूचुअल फंड्स की खरीदारी इन शेयरों में लगातार बनी हुई है।एक्सपर्ट्स की राय: तकनीकी चार्ट्स पर ब्रेकआउट के संकेत और जोखिम प्रबंधनबाजार के तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि अधिकांश रक्षा स्टॉक्स अपने 50-दिवसीय और 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के पास मजबूत सपोर्ट बेस बना चुके हैं। वीकेंड में सामने आए सकारात्मक अनुबंध समाचारों के दम पर सोमवार के शुरुआती सत्र में इन शेयरों में गैप-अप ओपनिंग देखने को मिल सकती है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने खुदरा निवेशकों को अत्यधिक ऊंचे स्तरों पर बिना स्टॉप-लॉस के आक्रामक लीवरेज पोजीशन बनाने से बचने की सलाह दी है। लंबी अवधि के दृष्टिकोण वाले निवेशकों के लिए मजबूत फंडामेंटल्स और स्थिर डिविडेंड यील्ड वाले डिफेंस पीएसयू स्टॉक्स में हर गिरावट पर चरणबद्ध तरीके से खरीदारी (Buy on Dips) एक प्रभावी रणनीति साबित हो सकती है।
1 सितंबर से बदलने जा रहे हैं रोजमर्रा और वित्तीय लेनदेन से जुड़े 7 बड़े नियम
हर नए महीने की शुरुआत अपने साथ कई आर्थिक और विनियामक बदलाव लेकर आती है। 1 सितंबर से देश के आम नागरिकों, निवेशकों, करदाताओं और उपभोक्ताओं के दैनिक जीवन तथा वित्तीय प्रबंधन को प्रभावित करने वाले 7 प्रमुख नियम प्रभावी होने जा रहे हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), पेट्रोलियम कंपनियों, प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा लागू किए जा रहे इन नियमों का सीधा संबंध आपकी बचत, रसोई के बजट, शेयर बाजार के निवेश और बैंकिंग सुविधाओं से है। अनजाने में होने वाले वित्तीय नुकसान या प्रक्रियात्मक रुकावटों से बचने के लिए इन सभी बदलावों की विस्तृत जानकारी होना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है।1. म्यूचुअल फंड और डीमैट अकाउंट्स में सेबी का नया नॉमिनेशन नियमपूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) का नया संशोधित नॉमिनेशन फ्रेमवर्क 1 सितंबर से पूरी तरह लागू हो रहा है। इस नियम के तहत नए खोले जाने वाले सभी सिंगल-होल्डर डीमैट खातों और म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि कोई निवेशक नॉमिनी नहीं जोड़ना चाहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से निर्धारित प्रारूप में औपचारिक ऑप्ट-आउट (Opt-Out) डिक्लेरेशन देना होगा; यानी नॉमिनेशन कॉलम को अब खाली नहीं छोड़ा जा सकता। नए नियमों के तहत निवेशक अधिकतम 3 नॉमिनी जोड़ सकते हैं और प्रतिशत हिस्सेदारी तय कर सकते हैं। प्रक्रिया को सुगम बनाते हुए सेबी ने अनिवार्य जानकारियों में केवल नॉमिनी का नाम और संबंध जरूरी रखा है, जबकि भौतिक फॉर्म पर हस्ताक्षर करने पर गवाह की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है।2. एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें और अनिवार्य बायोमेट्रिक ई-केवाईसीदेश की तेल विपणन कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस की कीमतों की समीक्षा करती हैं। 1 सितंबर को सुबह 6 बजे 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम जारी किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल के रुख के आधार पर कीमतों में संशोधन होगा। इसके साथ ही, घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करना बेहद जरूरी हो गया है। जिन उपभोक्ताओं ने अपनी गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी और घरेलू दरों पर सिलेंडर की निरंतर डिलीवरी प्राप्त करने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।3. क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्वाइंट्स और लाउंज एक्सेस में कटौतीबैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट कार्ड के नियमों में 1 सितंबर से बड़ा फेरबदल देखा जा रहा है। अमेरिकन एक्सप्रेस (American Express), एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और एसबीआई कार्ड सहित कई वित्तीय संस्थानों ने अपने प्रीमियम और ट्रैवल क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाले माइलस्टोन रिवॉर्ड प्वाइंट्स और कैशबैक संरचना में संशोधन किया है। यूटिलिटी बिल भुगतान (बिजली, पानी, गैस) और थर्ड-पार्टी ऐप्स के माध्यम से किए जाने वाले रेंट पेमेंट पर रिवॉर्ड प्वॉइंट्स सीमित किए जा रहे हैं या अतिरिक्त ट्रांजैक्शन फीस जोड़ी जा रही है। इसके अलावा, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की मुफ्त सुविधा को अब पिछले महीने के न्यूनतम खर्च से जोड़ दिया गया है, जिससे कार्डधारकों को पहले से अधिक खर्च की सीमा पूरी करनी होगी।4. इनकम टैक्स रिटर्न: 1 सितंबर से पेनल्टी के साथ बिलेटेड फाइलिंगकरदाताओं के लिए 1 सितंबर की तारीख बेहद अहम है। गैर-ऑडिट वाले व्यक्तिगत करदाताओं, फ्रीलांसर्स और छोटे कारोबारियों (ITR-3 और ITR-4 भरने वालों) के लिए बिना किसी लेट फीस के इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद 1 सितंबर से दाखिल किए जाने वाले सभी रिटर्न 'बिलेटेड रिटर्न' (Belated ITR) की श्रेणी में आएंगे। आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत 1 सितंबर से रिटर्न दाखिल करने पर करदाताओं को 5,000 रुपये तक का विलंब शुल्क और बकाया टैक्स देनदारी पर धारा 234A के अंतर्गत 1 प्रतिशत प्रति माह की दर से दंडात्मक ब्याज चुकाना पड़ेगा।5. बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों पर पारदर्शिता का नया नियमभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के तहत फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) रखने वाले बड़े जमाकर्ताओं और संस्थागत निवेशकों के लिए 1 सितंबर से एक नया नियम प्रभावी हो रहा है। बैंकों को अब 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की थोक जमा (Bulk Deposits) पर दी जाने वाली दैनिक ब्याज दरों को प्रत्येक कार्य दिवस पर सुबह 10:10 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इस कदम से बड़ी एफडी कराने वाले निवेशकों, कॉरपोरेट्स, ट्रस्ट और रिटेल खाताधारकों को ब्याज दरों में वास्तविक पारदर्शिता मिलेगी और शाखा स्तर पर होने वाले मनमाने मोलभाव पर रोक लगेगी।6. कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए चीनी का स्टॉक लिमिट नियम लागूखाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों को स्थिर रखने और त्योहारी सीजन में जमाखोरी रोकने के लिए 1 सितंबर से सख्त स्टॉक लिमिट नियम लागू किया जा रहा है। यह नियम उन सभी थोक खरीदारों, कन्फेक्शनरी निर्माताओं, शीतल पेय कंपनियों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर लागू होगा जो प्रति माह 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उपभोग करते हैं। 1 सितंबर से ऐसे बल्क उपभोक्ताओं को केवल अपनी 15 दिनों की आवश्यकता के बराबर ही चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति होगी। यह प्रतिबंध 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा, जिसका असर मिठाई, बेकरी और बेवरेज निर्माताओं की परिचालन रणनीति पर पड़ेगा।7. बैंकिंग फ्रॉड और फर्जी कॉल्स-मैसेज पर टेलीकॉम का नया सुरक्षा ग्रिडवित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी एपीके फाइल्स और फिशिंग कॉल्स को रोकने के लिए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) और आरबीआई के सहयोग से 1 सितंबर से नया तकनीकी सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो रहा है। इसके अंतर्गत बैंकों, वित्तीय संस्थानों और पेमेंट एग्रीगेटर्स द्वारा ग्राहकों को भेजे जाने वाले सभी प्रमोशनल और ट्रांजैक्शनल एसएमएस में मौजूद यूआरएल (URLs), एपीके (APK) लिंक्स और कॉलबैक नंबर्स की ट्रेसेबिलिटी अनिवार्य कर दी गई है। टेलीकॉम कंपनियों के व्हाइटलिस्टिंग सिस्टम के तहत बिना प्रमाणित सेंडर आईडी वाले संदेशों और अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटिंग कॉल्स को नेटवर्क स्तर पर ही ब्लॉक कर दिया जाएगा, जिससे डिजिटल बैंकिंग लेन-देन अधिक सुरक्षित होगा।1 सितंबर से लागू होने वाले ये सभी बदलाव देश के प्रत्येक नागरिक के व्यक्तिगत बजट, निवेश अनुशासन और वित्तीय सुरक्षा को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेंगे। इसलिए अपने डीमैट-म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी अपडेट करने, गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी जांचने और क्रेडिट कार्ड बिलिंग चक्र को नए नियमों के अनुरूप प्रबंधित करने में देरी न करें।
भारतीय रेलवे का क्विक रिस्पॉन्स सिस्टम: सफर में असुविधा होते ही तुरंत पहुंचेगी ऑन-बोर्ड टीम
ट्रेन का सफर करते समय कई बार यात्रियों को कोच में गंदगी, बदबूदार टॉयलेट, एयर कंडीशनर (AC) का काम न करना, चार्जिंग पॉइंट खराब होना या कैटरिंग वेंडर द्वारा बासी व घटिया खाना परोसने जैसी अप्रिय स्थितियों का सामना करना पड़ता है। पहले ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए टीटीई (TTE) को ढूंढना पड़ता था या अगले बड़े स्टेशन का इंतजार करना पड़ता था। अब भारतीय रेलवे ने अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह अपग्रेड कर दिया है। 'रेल मदद' (RailMadad) इंटीग्रेटेड पोर्टल और चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाली हेल्पलाइनों की बदौलत यात्री अब अपनी सीट पर बैठे-बैठे मात्र एक डिजिटल मैसेज या क्लिक के जरिए ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग (OBHS), इलेक्ट्रिकल विंग और पेंट्री सुपरवाइजर को सीधे अपने कोच में बुलवा सकते हैं।रेल मदद (RailMadad) ऐप और पोर्टल: शिकायत दर्ज करने का सबसे असरदार तरीकारेलवे ने विभिन्न समस्याओं के लिए अलग-अलग नंबरों की झंझट को समाप्त कर सिंगल-विंडो सिस्टम 'रेल मदद' तैयार किया है। इस सुविधा का लाभ मोबाइल ऐप और आधिकारिक वेबसाइट दोनों के जरिए उठाया जा सकता है।पीएनआर आधारित रजिस्ट्रेशन: ऐप या वेबसाइट पर जाकर यात्री को अपना 10 अंकों का पीएनआर (PNR) नंबर दर्ज करना होता है। ऐसा करते ही सिस्टम अपने आप ट्रेन नंबर, कोच और बर्थ की जानकारी फैच कर लेता है।समस्या का चयन: ड्रॉपडाउन मेन्यू में जाकर विशिष्ट शिकायत (जैसे 'बायो-टॉयलेट चोक', 'कोच क्लीनिंग', 'एसी कूलिंग इश्यू' या 'खराब खाना') को चुनें।फोटो या वीडियो अपलोड: अपनी शिकायत को पुख्ता करने के लिए यात्री मौके की लाइव तस्वीर या छोटा वीडियो सीधे पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।रियल-टाइम ट्रैकिंग: शिकायत दर्ज होते ही मोबाइल पर एक यूनिक कंप्लेंट रेफरेंस नंबर (CRN) आता है, जिसके जरिए लाइव स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।हेल्पलाइन 139: बिना इंटरनेट के बस एक कॉल या एसएमएस से समाधानयदि यात्रा के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर हो, तो रेलवे का ऑल-इन-वन हेल्पलाइन नंबर 139 सबसे तेज और भरोसेमंद विकल्प है। यह नंबर 24x7 सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में कार्य करता है।कॉल के जरिए: 139 डायल करके आईवीआर (IVR) पर संबंधित विकल्प चुनें और सीधे कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव से बात कर अपनी पीएनआर व समस्या दर्ज कराएं।एसएमएस के जरिए: यात्री अपने मोबाइल से साधारण टेक्स्ट मैसेज भेजकर भी कंप्लेंट कर सकते हैं। इसके लिए CLEAN लिखकर 139 पर भेजना होता है। यह मैसेज सीधे ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (OBHS) के सर्वर पर जाता है और अगले निर्धारित स्टेशन से पहले स्वीपिंग स्टाफ आपकी सीट पर पहुंच जाता है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर टैग करते ही एक्टिव होता है डीआरएम कंट्रोल रूमसोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले यात्रियों के लिए 'X' शिकायत का सबसे तेज और सार्वजनिक माध्यम बन चुका है। अपनी सीट, कोच नंबर, पीएनआर और समस्या की स्पष्ट तस्वीर के साथ रेलवे के आधिकारिक हैंडल्स—@RailMinIndia, @RailwaySeva और संबंधित डिवीजन के डीआरएम (DRM) को टैग करके पोस्ट करें। रेलवे का सोशल मीडिया सेल 24 घंटे रियल-टाइम मॉनिटरिंग करता है। ट्वीट पोस्ट होने के कुछ ही मिनटों में संबंधित मंडल रेल प्रबंधक (DRM) का कंट्रोल रूम ऑन-बोर्ड टीटीई, आरपीएफ और तकनीशियनों को लाइव अलर्ट भेज देता है, जिससे अगले स्टॉपेज पर तुरंत अटेंडेंट कोच में पहुंच जाता है।खराब खाने और ओवरचार्जिंग पर IRCTC का त्वरित एक्शनयदि पेंट्री कार या ई-कैटरिंग डिलीवरी में ठंडा, बासी या अस्वच्छ खाना दिया गया है, अथवा वेंडर प्रिंटेड मेन्यू से अधिक पैसे (ओवरचार्जिंग) वसूल रहा है, तो यात्री सीधे आईआरसीटीसी (IRCTC) के टोल-फ्री नंबर 1800-111-139 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा बिल न देने वाले वेंडरों की शिकायत 'रेल मदद' के कैटरिंग सेक्शन में दर्ज कराने पर वेंडर पर भारी जुर्माना लगाया जाता है और यात्री को तुरंत ताजा भोजन या रिफंड की सुविधा दी जाती है।
चित्रकूट में बाढ़ से बिगड़े हालात, पुल की एप्रोच रोड का हिस्सा बहा
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ के हालात गंभीर हो गए हैं. तेज बहाव के कारण कर्वी शहर को जोड़ने वाले मंदाकिनी पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा बह गया.
मलाइका ने बिजनेसमैन BF संग की पार्टी, दोस्तों संग पहुंचा बेटा
हाल ही में मलाइका ने मां के घर पर बॉयफ्रेंड संग ओनम का त्योहार मनाया. सोशल मीडिया उनके वीडियोज और फोटोज भी वायरल हुए.
राशिफल: वृषभ को धनलाभ के संकेत, वृश्चिक और धनु समेत इन राशियों के लिए दिन रहेगा सुखद
जीवनसाथी के जीवन में आने वाला कोई सकारात्मक बदलाव परिवार में खुशी का कारण बनेगा। घर में विवाह से जुड़ी चल रही परेशानी का समाधान निकल सकता है।......
Ferozepur में AAP Leader गुरप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या, साथी घायल
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की यहां चार हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। शनिवार शाम चार हमलावर कार से फिरोजपुर के ममदोट के मुख्य बाजार में पहुंचे। इसे भी पढ़ें: Team India के खिलाड़ियों का Bengaluru में Fitness Test, नए सत्र की तैयारी शुरू वे कार से उतरकर उस कार पर गोलियां चलाने लगे, जिसमें गुरप्रीत सिंह (45) एक अन्य व्यक्ति हरप्रीत उर्फ हैप्पी (22) के साथ यात्रा कर रहे थे। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने ‘आप’ नेता गुरप्रीत सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हरप्रीत को बेहतर इलाज के लिए लुधियाना के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
लंदन में बोले CJI Surya Kant, सुप्रीम कोर्ट ने Digital Arrest धोखाधड़ी का स्वत संज्ञान लिया है
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि भारतीय न्यायपालिका ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे उभरते अपराध पर संसद की ओर से कानून बनाए जाने का इंतजार करने के बजाय सक्रियता से प्रतिक्रिया दी है। प्रधान न्यायाधीश ने लंदन में आयोजित 43वें अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराध संगोष्ठी के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय ने हाल में ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ धोखाधड़ी का स्वत: संज्ञान लिया था। उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराध में जालसाज वीडियो कॉल के जरिए खुद को पुलिस अधिकारी, न्यायिक अधिकारी या नौकरशाह बताकर लोगों को ठगते हैं। इसे भी पढ़ें: Digital Arrest का शिकार बना Bhopal का बुजुर्ग दंपति, ठगों ने हड़पे ₹22 लाख प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, ‘‘इसके जवाब में न्यायालय ने केंद्र व राज्यों को इस समस्या की व्यापकता का आकलन करने का निर्देश दिया और ऐसा अलग अपराध बनाने का आह्वान किया है, जिसमें नुकसान की गंभीरता के अनुरूप दंड का प्रावधान हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है कि भारतीय न्यायपालिका उभरते धोखाधड़ी वाले अपराधों पर सक्रियता से प्रतिक्रिया देती है, न कि संसद द्वारा इस पर कदम उठाए जाने का इंतजार करती है।’’ प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि आर्थिक अपराधों से निपटने के लिए समय के साथ बदलती चुनौतियों को समझना और उनके अनुरूप प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
रूस का भीषण ड्रोन स्ट्राइक: रणनीतिक गोदाम पर सटीक निशाना, 37 लोगों की मौत
युद्धग्रस्त क्षेत्र में उस वक्त भारी तबाही मच गई जब रूसी सेना द्वारा दागे गए आत्मघाती (कामिकेज़) ड्रोनों के एक बड़े झुंड ने एक प्रमुख इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स गोदाम (Warehouse) को सीधे निशाना बनाया। इस अचानक और तीव्र हवाई हमले में गोदाम की मुख्य संरचना पूरी तरह ध्वस्त हो गई और एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। स्थानीय आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस भीषण हमले में अब तक कम से कम 37 लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घटनास्थल पर लगी भीषण आग और मलबे के भारी ढेर के चलते हताहतों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका बनी हुई है।आग के विशाल गोले में तब्दील हुआ वेयरहाउस, धमाके से दहल उठा पूरा इलाकाप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, हमला आधी रात के बाद उस वक्त हुआ जब गोदाम परिसर में लॉजिस्टिक्स कर्मी और सुरक्षा बल नियमित कार्य में जुटे थे। हवा में सायरन बजते ही तेज गति से आ रहे ड्रोनों ने गोदाम की छत और मुख्य भंडारण क्षेत्र को निशाना बनाया। हमले के ठीक बाद गोदाम में रखे ज्वलनशील पदार्थों, ईंधन और तकनीकी उपकरणों में सिलसिलेवार विस्फोट होने लगे, जिससे पूरा परिसर आग के विशाल गोले में बदल गया। तेज धमाके के प्रभाव से आसपास की कई रिहायशी और वाणिज्यिक इमारतों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और कंक्रीट का मलबा सैकड़ों मीटर दूर तक बिखर गया।मलबे के नीचे जिंदगियों की तलाश: रातभर जारी रहा हाई-लेवल रेस्क्यू ऑपरेशनघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय दमकल विभाग, सेना की सर्च एंड रेस्क्यू विंग और पैरामेडिकल टीमें दर्जनों एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। आग की ऊंची लपटों और अत्यधिक धुएं के कारण बचाव दल को शुरुआत में परिसर के भीतर दाखिल होने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भारी क्रेन, बुलडोजर और थर्मल इमेजिंग कैमरों की मदद से ढहे हुए स्टील गार्डर और कंक्रीट स्लैब को हटाकर मलबे में दबे जीवित लोगों को निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है। गंभीर रूप से झुलसे और घायल हुए दर्जनों नागरिकों को नजदीकी सैन्य व नागरिक अस्पतालों के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।सप्लाई चेन और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भारी नुकसाननिशाना बनाया गया गोदाम क्षेत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण वितरण केंद्र था, जहां से नागरिक आपूर्ति, खाद्यान्न और तकनीकी साजो-सामान का संचालन किया जाता था। इस सटीक ड्रोन हमले से न केवल बहुमूल्य संपत्ति और मशीनरी पूरी तरह खाक हो गई, बल्कि क्षेत्रीय सप्लाई चेन को भी बड़ा झटका लगा है। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र की बिजली और गैस आपूर्ति को एहतियातन बंद कर दिया है ताकि किसी द्वितीयक रासायनिक या गैस रिसाव के खतरे को टाला जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ड्रोन के मलबे और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की श्रेणी की विस्तृत जांच कर रही है।अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और हवाई सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएंनागरिक बुनियादी ढांचे और गोदाम पर हुए इस घातक हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा की जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अब युद्धक्षेत्र में अपनी रणनीति बदलते हुए लॉजिस्टिक्स नोड्स, भंडारण केंद्रों और शहरी सप्लाई लाइनों को पंगु बनाने के लिए बड़े पैमाने पर ड्रोन झुंड (Drone Swarms) का इस्तेमाल कर रहा है। हमले के बाद क्षेत्रीय वायु रक्षा कमान (Air Defence Command) को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील ठिकानों के इर्द-गिर्द अतिरिक्त एंटी-ड्रोन जैमर्स और मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं।
FSSAI की सख्त कार्रवाई: एवरेस्ट हींग समेत कई मसाला ब्रांड्स पर लगा शिकंजा
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश भर में बिकने वाले मसालों की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। खाद्य सुरक्षा नियामक द्वारा चलाए गए राष्ट्रव्यापी सघन जांच अभियान के दौरान प्रसिद्ध मसाला निर्माता कंपनी एवरेस्ट (Everest) की हींग (Compounded Asafoetida) के नमूनों में गुणवत्ता मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद संबंधित बैच की बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। नियामक ने न केवल एवरेस्ट बल्कि बाजार में बिकने वाले अन्य नामी ब्रांड्स के मसालों के सैंपल भी फेल होने के बाद कंपनियों को कड़े कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इस कार्रवाई से देश भर के खुदरा व्यापारियों, मसाला उद्योग और आम उपभोक्ताओं के बीच हड़कंप मच गया है।लैब टेस्टिंग में सामने आई मिलावट और तय मानकों की अनदेखीखाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लिए गए नमूनों की सरकारी और एनएबीएल (NABL) मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में सूक्ष्म जांच की गई। रिपोर्ट में पाया गया कि हींग के इन नमूनों में स्टार्च, गोंद और सिंथेटिक एडिटिव्स की मात्रा भारतीय खाद्य सुरक्षा मानकों की निर्धारित सीमा से कहीं अधिक थी। इसके अतिरिक्त, उत्पाद में हींग के प्राकृतिक वोलेटाइल ऑयल और आवश्यक तत्वों की मात्रा मानकों से बेहद कम पाई गई। विशेषज्ञों के अनुसार, उत्पाद के वजन और सुगंध को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए घटिया दर्जे के फिलर्स और रासायनिक सुगंधों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो उपभोक्ताओं के पाचन तंत्र और समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है।हींग के अलावा लाल मिर्च, धनिया और गरम मसाले के सैंपल भी फेलनियामक की जांच का दायरा केवल हींग तक ही सीमित नहीं रहा। देश के विभिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और राजस्थान के थोक व खुदरा बाजारों से एकत्र किए गए अन्य पिसे मसालों के नमूनों में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, कई प्रमुख ब्रांड्स के लाल मिर्च पाउडर में हानिकारक गैर-अनुमोदित सिंथेटिक रंग (जैसे सूडान डाई और कोलतार डाई) और ईंट का बारीक चूरा मिलाने के साक्ष्य मिले हैं। वहीं, पिसे हुए धनिया पाउडर में चोकर, खरपतवार के बीज और अत्यधिक मात्रा में कीटनाशक अवशेष (Pesticide Residues) दर्ज किए गए हैं। गरम मसाला और हल्दी पाउडर में लेड क्रोमेट और अमानक स्टार्च की मौजूदगी ने खाद्य सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है।उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर रासायनिक और मिलावटी मसालों का दुष्प्रभावरसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाले मसालों में की जा रही यह मिलावट मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि कृत्रिम रूप से सुगंधित और केमिकल युक्त हींग का लगातार सेवन करने से पेट में अल्सर, एसिडिटी, आंतों में सूजन और क्रोनिक गैस्ट्राइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, मसालों को चमकदार रंग देने के लिए इस्तेमाल होने वाले रासायनिक रंग और लेड युक्त यौगिक लिवर, किडनी और तंत्रिका तंत्र को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। लंबे समय तक ऐसे रसायनों का शरीर में जमा होना कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का भी बड़ा कारण बन सकता है।बाजार से विवादित स्टॉक वापस मंगाने और कानूनी कार्रवाई के निर्देशFSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में सुपरमार्केट्स, किराना दुकानों और थोक गोदामों से अमानक घोषित किए गए बैचों को तुरंत जब्त करें। नियामक ने कंपनियों को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे प्रभावित बैच के सभी उत्पादों का बाजार से तुरंत रिकॉल (Recall) सुनिश्चित करें। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी कंपनियों, पैकेजर्स और वितरकों के खिलाफ भारी वित्तीय जुर्माना लगाने और कानूनी मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर संबंधित लाइसेंस रद्द करने और जेल भेजने तक के कानूनी प्रावधान लागू किए जा रहे हैं।असली और मिलावटी मसालों की पहचान कैसे करें उपभोक्ताFSSAI और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बाजार से मसाले खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। शुद्ध हींग की पहचान के लिए उसे थोड़े से पानी में घोलें; शुद्ध हींग पानी में घुलकर पूरी तरह दूधिया सफेद घोल बनाती है और उसमें कोई तलछट या रेत के कण नीचे नहीं बैठते। हींग को आग पर जलाने पर वह मोमबत्ती की लौ की तरह चमक के साथ जलती है। पिसे हुए मसालों को खरीदते समय केवल FSSAI लाइसेंस नंबर, बैच नंबर और पैकेजिंग की अखंडता की जांच करें। खुले और बिना ब्रांड वाले मसालों से बचें और किसी भी प्रकार की मिलावट का संदेह होने पर FSSAI के आधिकारिक 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' पोर्टल या कंज्यूमर हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।Google Keywords (Hindi & English): fssai action on everest hing, everest hing ban news, everest spices controversy, fssai spice quality testing, adulterated spices in india, banned spices brand list, everest asafoetida recall, fake hing identification tips, pesticide in indian spices, red chilli powder adulteration fssai, fssai food safety drive, एवरेस्ट हींग बैन, एफएसएसएआई मसाला जांच, मिलावटी हींग की पहचान, एवरेस्ट मसाले पर कार्रवाई, नकली मसाले फूड सेफ्टी एक्शन, खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, मसालों में मिलावट की जांच
आंदोलन के दौरान बर्गर खाने वाले विजेता दहिया की कॉकरोच पार्टी में होगी वापसी? क्या बोले अभिजीत दीपके
Abhijit Dipke on Vijeta Dahiya: कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने पुराने साथी विजेता दहिया की पार्टी में वापसी को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी इस बारे में सोचेगी। दहिया एक अच्छे इंसान हैं।
चर्चित IAS दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, सोशल मीडिया पर लिखा- 'पद तो छूट गया, लेकिन सपना...'
चर्चित IAS अफसर दिव्या मित्तल ने 13 सालों की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए अपने इस्तीफे की जानकारी दी.
1 सितंबर से बदलने जा रहे हैं रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े 5 बड़े वित्तीय नियम
हर नए महीने की पहली तारीख आम आदमी की जिंदगी और घरेलू बजट के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होती है। देश में 1 सितंबर से कई ऐसे महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं जिनका सीधा असर आपकी जेब, बचत और दैनिक खर्चों पर पड़ेगा। केंद्र सरकार, तेल विपणन कंपनियों, भारतीय स्टेट बैंक सहित प्रमुख बैंकों और वित्तीय नियामकों द्वारा तय किए गए ये नए नियम रसोई के बजट से लेकर डिजिटल पेमेंट और टैक्स कंप्लायंस तक को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे। ऐसे में किसी भी प्रकार की वित्तीय असुविधा या अतिरिक्त वित्तीय बोझ से बचने के लिए इन पांच बड़े बदलावों की पूरी जानकारी होना आवश्यक है।LPG सिलेंडर के नए रेट्स: त्योहारों से पहले क्या मिलेगी राहत?हर महीने की पहली तारीख को देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों के नए दाम तय करती हैं। 1 सितंबर को भी सुबह 6 बजे घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) और कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलोग्राम) की संशोधित कीमतों की घोषणा की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले त्योहारी सीजन को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां आम उपभोक्ता को राहत दे सकती हैं। दूसरी ओर, रेस्टोरेंट, ढाबा और होटल कारोबारियों की नजर कमर्शियल सिलेंडर के दामों पर टिकी है क्योंकि इसके रेट बढ़ने या घटने से बाहर खाने-पीने की वस्तुएं सीधे महंगी या सस्ती हो जाती हैं।दूध और डेयरी उत्पादों के नए दाम: बच्चों के पोषण और रसोई बजट पर असरदेश के प्रमुख राज्यों और स्थानीय शहरों में दुग्ध संघों व निजी डेयरी ब्रांड्स ने लागत बढ़ने के कारण दूध के खुदरा मूल्यों में संशोधन करने का फैसला किया है। पिछले कुछ महीनों में चारे की बढ़ती लागत, ट्रांसपोर्टेशन खर्च और प्रोसेसिंग लागत के कारण दूध की कीमतों में 1 से 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी 1 सितंबर से प्रभावी हो सकती है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार और महाराष्ट्र जैसे बड़े उपभोक्ता क्षेत्रों में फुल क्रीम, टोंड और गाय के दूध के अलावा पनीर, दही और मक्खन जैसे डेयरी उत्पादों की कीमतों पर भी इसका असर दिख सकता है। रोजमर्रा के इस बुनियादी खर्च में बढ़ोतरी से मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक राशन बजट बढ़ जाएगा।क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्वाइंट्स और बिलिंग साइकिल में कड़े नियमएचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और एसबीआई कार्ड (SBI Card) समेत कई बड़े बैंक 1 सितंबर से अपने क्रेडिट कार्ड नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन लागू कर रहे हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत यूटिलिटी बिल पेमेंट जैसे बिजली, पानी और गैस बिल के भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड प्वॉइंट्स को सीमित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, थर्ड पार्टी ऐप्स के जरिए किए जाने वाले रेंट पेमेंट और शैक्षणिक शुल्क भुगतान पर अतिरिक्त 1 प्रतिशत तक का ट्रांजैक्शन चार्ज वसूला जा सकता है। न्यूनतम देय राशि (Minimum Amount Due) के कैलकुलेशन के नियमों में भी फेरबदल किया गया है, जिससे समय पर पूरा बिल न भरने वालों पर अधिक ब्याज का भार पड़ सकता है।इनकम टैक्स और ई-इनवॉइसिंग के सख्त दिशा-निर्देशआयकर विभाग और जीएसटी नेटवर्क (GSTN) की ओर से 1 सितंबर से कई टैक्स नियमों में तकनीकी व प्रशासनिक कड़ाई लागू की जा रही है। टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न वेरिफिकेशन की निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। ई-चालान और जीएसटी से जुड़े अनुपालन नियमों को और अधिक सुव्यवस्थित किया गया है ताकि किसी भी फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावों को रोका जा सके। छोटे और मध्यम कारोबारियों को अब 1 सितंबर से अपने डिजिटल बिलिंग और इनवॉइस जनरेशन की प्रक्रिया को नए सिस्टम के अनुरूप अपडेट रखना होगा, अन्यथा पोर्टल पर ई-वे बिल जनरेट करने में रुकावट आ सकती है।बैंकों में लावारिस जमा और फर्जी कॉल्स-मैसेज पर ट्राई का नया शिकंजारिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के उद्गम (UDGAM) पोर्टल के माध्यम से बैंकों में वर्षों से बिना दावे के पड़े अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स (Unclaimed Deposits) को उनके सही वारिसों तक पहुंचाने की प्रक्रिया 1 सितंबर से और तेज की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए सुरक्षा नियमों के तहत वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा भेजे जाने वाले अनरजिस्टर्ड प्रचार संदेशों और कॉल्स पर सख्त ब्लॉकिंग व्यवस्था शुरू होगी। 1 सितंबर से बैंकों से आने वाले केवल ऑथेंटिकेटेड मैसेज और ओटीपी ही ग्राहकों तक पहुंचेंगे, जिससे ग्राहकों की डिजिटल बैंकिंग अधिक सुरक्षित बनेगी और साइबर फ्रॉड के मामलों में कमी आएगी।1 सितंबर से लागू होने वाले ये सभी बदलाव सीधे तौर पर देश के हर नागरिक, गृहणी, वेतनभोगी कर्मचारी और छोटे व्यापारियों के वित्तीय प्रबंधन से जुड़े हैं। समय रहते अपने क्रेडिट कार्ड बिलिंग, गैस बुकिंग और टैक्स संबंधी कार्यों को निपटाना ही समझदारी होगी।
कंधे पर बिल्ली बैठाकर डिग्री लेने पहुंचा छात्र, प्रोफेसर भी हुए फिदा
डिग्री लेने के लिए मंच पर पहुंचे एक छात्र के साथ उसकी पालतू बिल्ली भी कंधे पर बैठी थी. जैसे ही वह स्टेज पर पहुंचा, इस अनोखे मेहमान को देखकर डीन और प्रोफेसर भी मुस्कुराने लगे. ये वीडियो वायरल हो रहा है.
नेपाल बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित नुवाकोट, देखें त्रासदी की तस्वीरें
नेपाल बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ नुवाकोट. यह वो जिला है जो सबसे बुरी तरीके से प्रभावित हुआ नेपाल में आई उस त्रासदी से. अब जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, मलबा हट रहा है तो त्रासदी का पैमाना दिख रहा है.
DRI का बड़ा एक्शन: बेंगलुरु और पुणे में अंतरराज्यीय सिंथेटिक ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़
देश भर में सिंथेटिक और पार्टी ड्रग्स के बढ़ते जाल पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत कार्यरत राजस्व खुफिया महानिदेशालय (DRI) ने एक साथ दो बड़े और सटीक ऑपरेशनों को अंजाम दिया है। खुफिया इनपुट्स के आधार पर डीआरआई की विशेष टीमों ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु और महाराष्ट्र के प्रमुख शहर पुणे में रणनीतिक छापेमारी करते हुए 18 किलोग्राम से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले एम्फैटेमिन (Amphetamine) और एमडीएमए (MDMA) को जब्त करने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।इस पूरी कार्रवाई के दौरान दिल्ली से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप लेकर ट्रेनों से सफर कर रहीं दो महिला कैरियर्स सहित कुल चार शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर अब हवाई अड्डों और सड़क मार्गों की सख्त निगरानी से बचने के लिए भारतीय रेलवे के विशाल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे। दिल्ली-एनसीआर से दक्षिण और पश्चिम भारत के पब-क्लब और हाई-प्रोफाइल पार्टी सर्किलों में इन जानलेवा सिंथेटिक ड्रग्स की आपूर्ति करने की यह पूरी साजिश डीआरआई की मुस्तैदी से नाकाम हो गई।केएसआर बेंगलुरु स्टेशन पर 14.9 किलो एम्फैटेमिन बरामद: दिल्ली से पहुंची थी महिला तस्करडीआरआई मुख्यालय को सटीक खुफिया सूचना मिली थी कि राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से बेंगलुरु जाने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए मादक पदार्थों की एक बहुत बड़ी खेप पहुंचाई जा रही है। इसके बाद डीआरआई बेंगलुरु जोनल यूनिट के अधिकारियों ने क्रांतिवीर संगोली रायण्णा (KSR) बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर ली।जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी, अधिकारियों ने संदिग्ध महिला यात्री को रोककर हिरासत में ले लिया। जब उसके सामान की सघन तलाशी ली गई, तो उसके बैग से सफेद-पीले रंग के क्रिस्टलीय पाउडर वाले सात बड़े पैकेट बरामद हुए। अधिकारियों ने मौके पर ही फील्ड ड्रग डिटेक्शन किट (Field Drug Detection Kit) के जरिए रासायनिक परीक्षण किया, जिसमें प्रतिबंधित नारकोटिक पदार्थ 'एम्फैटेमिन' (Amphetamine) की पुष्टि हुई। बेंगलुरु स्टेशन से बरामद की गई इस खेप का कुल वजन लगभग 14.9 किलोग्राम निकला।कंट्रोल्ड डिलीवरी ऑपरेशन: डिलीवरी लेने पहुंचे दो रिसीवर भी रंगे हाथ दबोचे गएडीआरआई ने केवल महिला तस्कर की गिरफ्तारी तक ही इस ऑपरेशन को सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए तुरंत एक 'कंट्रोल्ड डिलीवरी' (Controlled Delivery) ऑपरेशन शुरू किया। इसके तहत महिला कैरियर को उसी तरह आगे बढ़ने दिया गया जैसे वह सामान्य दिनों में डिलीवरी देने जाती थी।तय डिलीवरी लोकेशन पर डीआरआई की टीम ने सादे कपड़ों में पोजीशन ली। जैसे ही बेंगलुरु का स्थानीय रिसीवर खेप लेने के लिए मौके पर पहुंचा, उसे तत्काल दबोच लिया गया। उससे की गई त्वरित पूछताछ के आधार पर एक और कड़ी का खुलासा हुआ और टीम ने आगे बढ़कर उस तीसरे व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया, जो इस पूरे स्टॉक को आगे शहर के विभिन्न सब-डीलरों और पार्टियों में बांटने का काम संभालने वाला था। इस तरह बेंगलुरु में तस्करी, परिवहन और माल रिसीव करने वाले तीनों मुख्य आरोपियों को एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act, 1985) के तहत सलाखों के पीछे भेज दिया गया।पुणे जंक्शन पर दूसरा बड़ा ऑपरेशन: बैग से निकली 2.53 किलो एम्फैटेमिन और MDMA की गोलियांउसी दिन डीआरआई ने महाराष्ट्र के पुणे रेलवे स्टेशन पर एक अन्य स्वतंत्र लेकिन समान खुफिया सूचना पर दूसरा प्रहार किया। अधिकारियों की टीम ने दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए पुणे जंक्शन पहुंची एक अन्य भारतीय महिला यात्री को इंटरसेप्ट किया।महिला यात्री के सामान की गहन पड़ताल के दौरान जांच अधिकारियों को दो अलग-अलग प्रकार की सिंथेटिक ड्रग्स मिलीं:2.53 किलोग्राम एम्फैटेमिन: बैग के अंदर गुप्त कंपार्टमेंट में छिपाकर रखा गया उच्च श्रेणी का क्रिस्टलीय एम्फैटेमिन बरामद हुआ।878 ग्राम एमडीएमए टेबलेट्स: इसके साथ ही 3,4-मिथाइलीनडाइऑक्सीमेथामफेटामाइन (MDMA) की 878 ग्राम वजनी सैकड़ों गोलियां (Ecstasy Tablets) भी जब्त की गईं।पुणे में पकड़ी गई महिला आरोपी को भी नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। दोनों शहरों की कुल जब्ती को मिलाकर देखा जाए तो डीआरआई ने एक ही दिन में 18.3 किलोग्राम से अधिक खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स को खुले बाजार में जाने से रोक दिया।ट्रेन रूट बना ड्रग्स माफिया का नया सेफ पैसेज: एनसीआर से साउथ और वेस्टर्न हब तक सप्लाई चेनडीआरआई की इस दोहरी सफलता ने तस्करों के उस नए तौर-तरीके (Modus Operandi) की कलई खोल दी है, जिसमें महिलाएं कुरियर या कैरियर के रूप में काम कर रही हैं। हवाई अड्डों पर लगे 3D एक्स-रे स्कैनर्स, बॉडी स्कैनर्स और सीआईएसएफ की पैनी निगाहों के कारण तस्कर लंबी दूरी की सुपरफास्ट और राजधानी-दुरंतो ट्रेनों को सुरक्षित जरिया मान रहे थे।शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा सिंडिकेट दिल्ली-एनसीआर और सीमावर्ती इलाकों में स्थित भूमिगत सिंथेटिक लैब्स से माल तैयार कर रहा था या अवैध प्रीकर्सर केमिकल्स के जरिए इसे प्रोसेस किया जा रहा था। इसके बाद कम वजन के पैकेट्स में इसे महिलाओं के पर्स, ट्रॉली बैग के इनर लाइनिंग और कपड़ों के बीच छिपाकर मेट्रो शहरों जैसे बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और मुंबई के कॉलेजों, आईटी प्रोफेशनल्स और क्लब कल्चर वाले इलाकों में भारी मुनाफे पर खपाने की योजना थी।15 दिनों में 150 किलो ड्रग्स जब्त: डीआरआई का देशव्यापी अभियान और एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाईराजस्व खुफिया महानिदेशालय की यह कार्रवाई किसी एक शहर या क्षेत्र तक सीमित नहीं है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अनुसार, डीआरआई ने पिछले दो सप्ताह (एक पखवाड़े) के भीतर देश भर में चलाए गए पांच अलग-अलग ऑपरेशनों में लगभग 150 किलोग्राम एम्फेटामाइन-टाइप स्टिमुलेंट्स (ATS) जब्त करने में सफलता पाई है।हालिया हफ्तों में एजेंसी द्वारा की गई बड़ी कार्यवाहियों में शामिल हैं:उत्तर-पूर्वी सीमा पर स्ट्राइक: भारत-म्यांमार सीमा से सटे उत्तर-पूर्वी राज्यों में दो बड़े अभियानों के दौरान लगभग 76 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन (Methamphetamine) गोलियां जब्त की गईं।समुद्री और निर्यात खेप पर शिकंजा: सऊदी अरब के जेद्दा भेजे जा रहे एक वाणिज्यिक निर्यात शिपमेंट में मक्के (Corn) के बोरों के भीतर छिपाकर रखी गई 55.86 किलोग्राम उच्च-शुद्धता वाली नशीली सामग्री पकड़ी गई।कठोर कानूनी प्रावधान: पकड़े गए सभी आरोपियों पर एनडीपीएस अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं (धारा 8, 21, 22 और 29) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें वाणिज्यिक मात्रा (Commercial Quantity) होने के चलते 10 से 20 साल के कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।सिंथेटिक ड्रग्स का काला कारोबार: युवाओं के लिए जानलेवा और खुफिया एजेंसियों की पैनी नजरएम्फैटेमिन और एमडीएमए जैसी नशीली दवाएं सेंट्रल नर्वस सिस्टम (CNS) को उत्तेजित करने वाले अत्यंत खतरनाक रासायनिक यौगिक हैं। ये दवाएं मस्तिष्क में डोपामाइन और सेरोटोनिन के स्तर को अचानक बढ़ा देती हैं, जिससे कुछ समय के लिए अत्यधिक उत्तेजना महसूस होती है। लेकिन इनका नियमित या अनियंत्रित सेवन दिल का दौरा, स्ट्रोक, मतिभ्रम, ऑर्गन फेलियर और मानसिक संतुलन बिगड़ने का कारण बनता है।विशेषज्ञों का कहना है कि जहां हेरोइन या कोकीन जैसे पारंपरिक ड्रग्स पौधों पर आधारित होते हैं, वहीं सिंथेटिक ड्रग्स को अवैध प्रयोगशालाओं में आसानी से उपलब्ध रसायनों (Precursors जैसे Ephedrine और Pseudoephedrine) से सिंथेसाइज किया जा सकता है। इससे इनकी लागत कम होती है और मुनाफा कई गुना अधिक।डीआरआई, नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और स्थानीय पुलिस अब उन फाइनेंसरों, डार्कनेट हैंडल्स और हवाला ऑपरेटर्स की तलाश में दिल्ली, पुणे और बेंगलुरु के विभिन्न ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चला रही है, जो इस पूरे गिरोह के पीछे मास्टरमाइंड बनकर बैठे हैं। एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे सप्लाई नेटवर्क और मनी ट्रेल को पूरी तरह ध्वस्त नहीं कर दिया जाता, यह देशव्यापी ऑपरेशन इसी आक्रामकता के साथ जारी रहेगा।
Fortuner से उतरकर... सड़क पर झाड़ू लगाता शख्स! कौन है ये सफाई कर्मी
Sweeper Fortuner viral Video: जिस गाड़ी को लोग अक्सर रुतबे और पैसे की निशानी मानते हैं, उसी से उतरकर सेसप्पा शहर की सफाई के काम में लग जाते हैं. आपको इस कहानी तक भले ही फॉर्च्यूनर खींच कर लाई हो, लेकिन असल बात वो जिंदगी है, जो इस आदमी ने पीछे छोड़कर यहां तक का सफर तय किया है.
उल्टी गिनती शुरू: 2 दिन बाद खत्म हो रही है आईटीआर दाखिल करने की मियाद
देश के करोड़ों करदाताओं के लिए यह समय बेहद सतर्क रहने और अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को प्राथमिकता पर पूरा करने का है। सामान्य व्यक्तिगत करदाताओं, वेतनभोगी कर्मचारियों और गैर-ऑडिट वाले छोटे व्यापारियों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम समय सीमा समाप्त होने में अब सिर्फ 72 घंटे यानी 3 दिन का समय शेष बचा है। आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के विस्तार को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की जाएगी, इसलिए करदाताओं को किसी भी अंतिम समय की तकनीकी खराबी या सर्वर डाउन होने की समस्या से बचने के लिए तुरंत अपनी रिटर्न प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।हर साल की तरह अंतिम दिनों में आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर लाखों यूजर्स के एक साथ लॉग-इन करने से ट्रैफिक का भारी दबाव बन जाता है। इस वजह से ओटीपी आने में देरी, पेमेंट गेटवे फेल होने या फॉर्म सबमिट न होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यदि आप निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको न केवल अपनी जेब से हजारों रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि कई महत्वपूर्ण वित्तीय अधिकारों और कटौतियों से भी हाथ धोना पड़ सकता है।धारा 234F के तहत लेट फीस का गणित: किसे ₹1,000 और किसे ₹5,000 का जुर्माना?यदि कोई करदाता निर्धारित अंतिम तिथि तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल करने में विफल रहता है, तो आयकर अधिनियम की धारा 234F (Section 234F) के तहत स्वतः ही लेट फाइलिंग फीस (Late Fee) लागू हो जाती है। यह जुर्माना करदाता की वार्षिक कुल कर योग्य आय के आधार पर दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है:₹5 लाख से अधिक आय पर ₹5,000 का जुर्माना: यदि किसी करदाता की कुल शुद्ध कर योग्य आय (Total Taxable Income) ₹5,00,000 से अधिक है, तो उसे डेडलाइन के बाद बिलेटेड रिटर्न भरते समय अनिवार्य रूप से ₹5,000 की लेट फीस का चालान भरना होगा।₹5 लाख तक की आय पर ₹1,000 की राहत: छोटे और मध्यम करदाताओं को राहत देते हुए कानून में यह प्रावधान है कि यदि कुल आय ₹5,00,000 या उससे कम है, तो उनसे अधिकतम केवल ₹1,000 की लेट फीस वसूली जाएगी।बेसिक छूट सीमा से कम आय वालों के लिए नियम: यदि किसी व्यक्ति की सकल कुल आय (Gross Total Income) मूल आयकर छूट सीमा (पुराने टैक्स रिजीम में ₹2.5 लाख और नए टैक्स रिजीम में ₹3 लाख) से कम है, तो उन पर धारा 234F के तहत कोई लेट फीस लागू नहीं होती, भले ही वे अपना रिटर्न डेडलाइन के बाद दाखिल करें। हालांकि, यदि वे विदेशी यात्रा पर ₹2 लाख से अधिक खर्च, ₹1 लाख से अधिक बिजली बिल भुगतान या किसी टीडीएस रिफंड का दावा करने के लिए रिटर्न भर रहे हैं, तो समय पर फाइल करना अनिवार्य माना जाता है।सिर्फ लेट फीस ही नहीं, देरी करने पर होंगे ये 4 बड़े गंभीर वित्तीय नुकसानअधिकांश लोग सोचते हैं कि समय पर रिटर्न न भरने का एकमात्र नुकसान केवल ₹5,000 का जुर्माना है, जबकि हकीकत यह है कि देरी करने से आपको कई स्तरों पर बड़ा वित्तीय नुकसान झेलना पड़ता है:धारा 234A के तहत 1% मासिक ब्याज: यदि आपके ऊपर कोई बकाया टैक्स (Self-Assessment Tax) निकलता है और आपने निर्धारित समय तक रिटर्न नहीं भरा, तो अंतिम तिथि के अगले दिन से लेकर वास्तविक भुगतान की तारीख तक बकाया टैक्स राशि पर 1% प्रति माह (या महीने के किसी भी हिस्से के लिए पूरा 1%) की दर से साधारण ब्याज वसूला जाएगा।हानि को आगे ले जाने (Carry Forward of Losses) का अधिकार समाप्त: शेयर बाजार में ट्रेडिंग (Intraday, F&O, Short-Term Capital Loss), म्यूचुअल फंड्स या गैर-सट्टेबाजी व्यावसायिक नुकसान को भविष्य के 8 वर्षों तक मुनाफे के खिलाफ सेट-ऑफ (Set-Off) करने का कानूनी अधिकार केवल तभी मिलता है जब रिटर्न तय तारीख से पहले दाखिल हो। डेडलाइन चूकने के बाद केवल 'हाउस प्रॉपर्टी लॉस' को ही कैरी-फॉरवर्ड करने की छूट मिलती है, बाकी सभी लॉसेस हमेशा के लिए लैप्स हो जाते हैं।टैक्स रिफंड में देरी और ब्याज का नुकसान: यदि आपका टीडीएस ज्यादा कट गया है और आप टैक्स रिफंड के हकदार हैं, तो लेट फाइलिंग के कारण आपका रिफंड महीनों तक अटक जाएगा। साथ ही, धारा 244A के तहत मिलने वाले रिफंड पर ब्याज की गणना में भी करदाता को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है।लोन और वीजा आवेदनों में बाधा: होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या किसी विदेशी वीजा (विशेष रूप से यूएस, यूके, कनाडा, यूरोप) के लिए आवेदन करते समय बैंक और दूतावास पिछले 2 से 3 वर्षों की समय पर दाखिल की गई आईटीआर रसीद (ITR-V) मांगते हैं। बिलेटेड या लेट फाइल की गई आईटीआर को वित्तीय संस्थानों द्वारा संदेह की दृष्टि से देखा जाता है।समय सीमा चूकने के बाद क्या है विकल्प? समझिए बिलेटेड और रिवाइज्ड आईटीआर के नियमयदि किसी अपरिहार्य कारणवश आप आने वाले 3 दिनों में अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते हैं, तो आयकर कानून आपको एक दूसरा मौका जरूर देता है, जिसे 'बिलेटेड रिटर्न' कहा जाता है:बिलेटेड रिटर्न (Belated Return - Section 139(4)): आप संबंधित असेसमेंट ईयर के 31 दिसंबर तक लेट फीस और ब्याज का भुगतान करके अपना बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। 31 दिसंबर की तारीख बीत जाने के बाद सामान्य पोर्टल से उस वर्ष का नियमित रिटर्न भरने का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है।रिवाइज्ड रिटर्न (Revised Return - Section 139(5)): यदि आपने समय पर रिटर्न भरा है और बाद में कोई गलती या छूट गई आय ध्यान में आती है, तो आप 31 दिसंबर तक बिना किसी अतिरिक्त जुर्माने के उसे जितनी बार चाहें संशोधित (Revise) कर सकते हैं। लेकिन यदि आपने पहली बार ही बिलेटेड रिटर्न भरा है, तो उसमें गलतियां सुधारने के विकल्प काफी सीमित हो जाते हैं।अपडेटेड रिटर्न (Updated Return - ITR-U): 31 दिसंबर के बाद केवल धारा 139(8A) के तहत ITR-U भरने का रास्ता बचता है, जिसमें करदाता को बकाया टैक्स के साथ 25% से 50% तक का भारी अतिरिक्त टैक्स पेनल्टी के रूप में चुकाना पड़ता है और इसमें कोई नया रिफंड या घाटा क्लेम नहीं किया जा सकता।AIS, TIS और 26AS का मिलान: इन 3 जरूरी दस्तावेजों के बिना न भरें रिटर्नअंतिम दिनों की हड़बड़ाहट में बहुत से लोग सीधे फॉर्म भरकर सबमिट कर देते हैं, जिससे बाद में आयकर विभाग की ओर से धारा 143(1) या 139(9) के तहत डिफेक्टिव रिटर्न और मिसमैच के नोटिस आ जाते हैं। रिटर्न भरने से पहले इन तीन प्राथमिक दस्तावेजों को ई-फाइलिंग पोर्टल से डाउनलोड करके जांच लें:फॉर्म 26AS (Tax Credit Statement): इसमें आपके पैन (PAN) पर नियोक्ताओं, बैंकों, खरीदारों द्वारा काटे गए टीडीएस (TDS) और टीसीएस (TCS) का पूरा ब्यौरा होता है। सुनिश्चित करें कि जितना टीडीएस आप रिटर्न में क्लेम कर रहे हैं, वह 26AS में पूरी तरह क्रेडिट दिख रहा हो।एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS): एआईएस में आपके पैन से जुड़े सभी उच्च-मूल्य वाले लेन-देन जैसे बैंक खातों से मिला ब्याज, शेयर और म्यूचुअल फंड की खरीद-बिक्री, क्रेडिट कार्ड के भारी बिल भुगतान, विदेशी मुद्रा खरीद और लाभांश (Dividend) आय का विस्तृत रिकॉर्ड होता है।टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS): यह एआईएस का ही एक सरलीकृत और समरी रूप है, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के तहत आपकी कुल आय का संक्षिप्त योग दिया होता है। इसे देखकर ही अपने सही आईटीआर फॉर्म का चयन करें।घर बैठे 10 मिनट में ऐसे फाइल करें अपना इनकम टैक्स रिटर्न: स्टेप-बाय-स्टेप गाइडयदि आपकी आय का स्रोत सरल है, तो आप बिना किसी सीए या एजेंट के भी आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल से कुछ ही आसान चरणों में अपना रिटर्न भर सकते हैं:स्टेप 1 (लॉग-इन): सबसे पहले आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल (eportal.incometax.gov.in) पर जाएं। अपना पैन कार्ड नंबर (यूजर आईडी) और पासवर्ड डालकर लॉग-इन करें।स्टेप 2 (फाइलिंग विकल्प): डैशबोर्ड पर मुख्य मेन्यू में 'e-File' पर क्लिक करें, फिर 'Income Tax Returns' और उसके बाद 'File Income Tax Return' विकल्प को चुनें।स्टेप 3 (असेसमेंट ईयर और मोड): संबंधित असेसमेंट ईयर (Assessment Year) का चयन करें। फाइलिंग मोड में 'Online (Recommended)' चुनें और 'Individual' विकल्प पर टिक करें।स्टेप 4 (सही ITR फॉर्म का चुनाव): यदि आप वेतनभोगी हैं, एक घर की संपत्ति से आय है और कुल कमाई ₹50 लाख तक है, तो ITR-1 (सहज) चुनें। यदि शेयर ट्रेडिंग या कैपिटल गेन है, तो ITR-2 और यदि बिजनेस/प्रोफेशन है तो ITR-3 या ITR-4 (सुगम) का चयन करें।स्टेप 5 (डेटा सत्यापन और टैक्स भुगतान): पोर्टल पर अधिकांश डेटा (सैलरी, ब्याज, टीडीएस) पहले से भरा हुआ (Pre-filled) आएगा। अपने दस्तावेजों से इसका मिलान करें। यदि कोई टैक्स देनदारी बनती है, तो ई-पे टैक्स (e-Pay Tax) के माध्यम से ऑनलाइन पेमेंट करें और रिटर्न को सबमिट (Submit) कर दें।रिटर्न दाखिल करने के बाद ई-वेरीफिकेशन (e-Verification) करना न भूलेंअक्सर करदाता फॉर्म सबमिट करने के बाद यह मान लेते हैं कि उनका काम पूरा हो गया, जबकि आयकर नियमों के अनुसार बिना सत्यापन के भरा गया रिटर्न पूरी तरह अमान्य (Invalid/Null & Void) माना जाता है। फॉर्म सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर ई-वेरीफाई करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।ई-वेरीफिकेशन के सबसे आसान तरीके:आधार ओटीपी (Aadhaar OTP): आधार से जुड़े रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले 6 अंकों के ओटीपी के जरिए 10 सेकंड में तुरंत वेरिफिकेशन पूरा करें।नेट बैंकिंग / बैंक खाता EVC: अपने नेट बैंकिंग खाते में लॉग-इन करके सीधे ई-फाइलिंग पोर्टल को प्रमाणित करें या प्री-वैलिडेटेड बैंक खाते से इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) जनरेट करें।फिजिकल साइन करके भेजना: यदि डिजिटल माध्यम काम न करे, तो आईटीआर-वी (ITR-V) एक्नॉलेजमेंट रसीद का प्रिंट निकालकर उस पर नीली स्याही से हस्ताक्षर करें और साधारण डाक या स्पीड पोस्ट के माध्यम से 'केंद्रीकृत प्रसंस्करण केंद्र (CPC), आयकर विभाग, बेंगलुरु - 560500' को भेजें।सिर्फ 3 दिन का समय शेष है। किसी भी अप्रत्याशित वित्तीय जुर्माने, कानूनी उलझन और मानसिक तनाव से बचने के लिए आज ही अपना आयकर रिटर्न दाखिल करें और अपने देश के एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी आर्थिक साख को मजबूत बनाए रखें।
मलाला की किताब पढ़ रहे लोगों से बजरंग दल कार्यकर्ताओं की मारपीट, दी धमकी
अहमदाबाद में मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ने को लेकर बवाल हो गया. सिटिजन ऑफ जस्टिस एंड पीस और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता गार्डन में इसे पढ़ने के लिए एकत्रित हुए. इसी दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और उन पर भड़क गए.
वही बोरिंग कढ़ी-पकौड़ा छोड़ें, लंच में बनाएं काठियावाड़ी चटपटी कढ़ी
अगर आपको भी कढ़ी खाना पसंद है तो फिर हमेशा एक ही तरह की साधारण कढ़ी क्यों. आज हम आपको काठियावाड़ी तीखी, खट्टी और चटपटी कई स्वाद वाली खास कढ़ी की रेसिपी बता रहे हैं. इसे आज आपको लंच या डिनर में जरूर ट्राई करना चाहिए.
महाभारत के वह अनसुलझे रहस्य, जो आज तक नहीं थे आपको पता! जानें
Mahabharat Facts: महाभारत केवल एक युद्ध की गाथा नहीं, बल्कि गूढ़ रहस्यों और जीवन दर्शन से भरा ग्रंथ है. जानें वेदव्यास, शिशुपाल और दुर्योधन से जुड़े 3 सबसे बड़े और अद्भुत. रहस्य.
मवेशी चराने गया था युवक, अचानक आ गया बाघ, हमले में चली गई जान
महाराष्ट्र के चंद्रपुर में बाघ के हमले से हड़कंप मच गया है. जुनोना इलाके में मवेशी चराने जंगल गए 25 साल के युवक पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया. इस हमले में युवक की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में दहशत है. बाघ पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने घटनास्थल के आसपास कैमरा ट्रैप लगाए हैं.
ग्राउंड जीरो पर मौजूद NDTV रिपोर्टर को यह जानकारी मिली कि 100 से अधिक शवों की डीएनए प्रोफाइलिंग पूरी हो चुकी है. उन्हें दफनाने के लिए 1.5 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया है.
चित्रकूट में क्यों आई बाढ़? जानिए इसके 3 कारण, रामघाट डूबा, 23 साल में सबसे ज्यादा बारिश
Chitrakoot Floods: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर बसी तीर्थनगरी चित्रकूट फिलहाल बाढ़ की चपेट में चल रहा है. यहां 23 साल में सबसे ज्यादा बारिश हुई है. बड़ा पुल बह गया है, जबकि प्रसिद्ध रामघाट भी पूरी तरह से डूब गया है.
शराब की दुकान में घुसे 3 चोर... बोतलें छोड़कर 60 हजार रुपये ले गए
महाराष्ट्र के नागपुर में चोरों ने एक वाइन शॉप को निशाना बनाया. दुकान शराब की बोतलों से भरी थी, लेकिन चोरों की नजर शराब पर नहीं, बल्कि कैश ड्रॉअर पर थी. तीन चोरों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया और करीब 60 हजार रुपये लेकर फरार हो गए. पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों को समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम नागरिक की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। ...
Nepal Floods: Nagpur के 102 तीर्थयात्री काठमांडू से सुरक्षित घर लौटे
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद काठमांडू में फंसे नागपुर के 102 तीर्थयात्री रविवार सुबह सुरक्षित महाराष्ट्र लौट आए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इन 102 तीर्थयात्रियों के साथ विदर्भ क्षेत्र के अन्य हिस्सों के चार यात्री भी 19 अगस्त को पशुपतिनाथ मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए नेपाल गए थे। बाढ़ आने के एक दिन बाद यानी 27 अगस्त तक वे काठमांडू में ही रुके रहे। विदर्भ के चार तीर्थयात्री शनिवार को विमान से यहां पहुंचे, जबकि अन्य 102 यात्री रविवार तड़के करीब 4.30 बजे ट्रेन से नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। भारतीय जनता पार्टी (भाज्पा) की नागपुर इकाई के अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी यात्रियों के स्वागत के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे। तीर्थयात्री योगेश गवांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि इतनी बड़ी त्रासदी के बीच सुरक्षित भारत लौट सके। नेपाल में आई इस बाढ़ में अब तक कम से कम 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,400 लोग लापता बताए जा रहे हैं। एक अन्य तीर्थयात्री ने उन्हें सुरक्षित नागपुर पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार जताया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, फडणवीस नेपाल के सांसद संदीप राणा के लगातार संपर्क में थे और तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे थे। एक तीर्थयात्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वापसी के दौरान वे 28 अगस्त को बस से काठमांडू से बिहार के जनकपुर पहुंचे और अगले दिन दानापुर पहुंचे। इसके बाद वे पटना गए, जहां से उन्होंने नागपुर के लिए ट्रेन पकड़ी। तीर्थयात्री दल का नेतृत्व कर रहे पंडित श्रीधर त्रिपाठी ने बताया कि दल की एक सदस्य 72 वर्षीय निर्मला पांडेय को दिल का दौरा पड़ने के बाद काठमांडू के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा नागपुर से काठमांडू पहुंच गया है। इससे पहले शनिवार सुबह विदर्भ के चार तीर्थयात्री, जिनमें तीन महिलाएं शामिल थीं, सुरक्षित नागपुर लौट आए, जिससे उनके परिवारों ने राहत की सांस ली। इन चार यात्रियों में वर्धा की इंदिरा चौधरी (65), सुलोचना खापरे तथा हिंगनघाट के दीपक पांडे और वर्षा उपाध्याय शामिल हैं। ये सभी विदर्भ के उस तीर्थयात्री समूह का हिस्सा थे, जो पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के लिए नेपाल गया था। ये चारों 28 अगस्त को काठमांडू से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे थे और वहां से शनिवार सुबह केरल एक्सप्रेस से नागपुर लौटे।
EPF से पैसे निकालने में हो रही परेशानी? कही Joining और Exit डेट गलत तो नहीं, जानें कैसे ठीक करें
PF खाते में नौकरी की ज्वाइनिंग डेट या एक्जिट डेट गलत तो दर्ज नहीं है. कई बार ऐसा होता है कि कंपनी एग्जिट डेट नहीं डालती है. इससे भी क्लेम करने में परेशानी होती है.
उत्तराखंड के रुद्रपुर में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान दिए गए एक कथित भड़काऊ बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी मुफ्ती को गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते ...
दिल्ली के नांगलोई में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार पिता और बेटे की दर्दनाक मौत
सड़क हादसे में 73 वर्षीय राम सुजान शर्मा और उनके 23 वर्षीय बेटे विश्वास शर्मा की मौत हो गई. दोनों किराड़ी सुलेमान नगर में अपने परिवार के साथ रहते थे.
श्रीलंका से लौटते ही एक्शन में टीम इंडिया, इन सितारों का हुआ फिटनेस टेस्ट
कोलंबो टेस्ट के बाद खिलाड़ियों को तुरंत फिटनेस मोड में लाने का फैसला बताता है कि भारतीय टीम आने वाले मैचों को लेकर कितनी गंभीर है. अगले आठ महीनों में खिलाड़ियों को अलग-अलग फॉर्मेट और प्रतियोगिताओं में लगातार खेलना है, जिसका अंत आईपीएल 2027 के साथ होगा.
वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम कब जुड़ा? 21 सितंबर को सुनवाई
सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले वोटर लिस्ट में दर्ज होने के आरोप वाले मामले में दिल्ली कोर्ट 21 सितंबर को आदेश सुनाएगा. निचली अदालत पहले जांच की मांग खारिज कर चुकी है.
पन्ना में बारिश का तांडव, नदी-नाले उफनाए... रेस्क्यू के लिए पहुंची टीम
मध्य प्रदेश के पन्ना में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. नदी-नाले उफान पर हैं, कई गांवों में पानी भर गया है और उमरी गांव चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू बन गया है. लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDERF और राहत-बचाव दल को मौके पर भेजा गया है.
VIDEO: छर-छर बहता रहा पानी और नहाते रहे बजरंग बली, प्रयागराज का अद्भुत नजारा
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने के बीच शनिवार देर रात संगम स्थित प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह में गंगा का जल पहुंच गया. धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे मां गंगा द्वारा अपने पुत्र बजरंगबली को स्नान कराने का शुभ अवसर माना जाता है.
हाल ही में ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट' (AIAPGET) 2026 एग्जाम आयोजित किया गया था. लेकिन जयपुर के एक परीक्षा केंद्र में बिजली जाने से एग्जाम को बीच में रोकना पड़ा था. जिसके कारण 49 उम्मीदवार ये परीक्षा नहीं दे पाए थे.
इंडक्शन चूल्हे को ऐसे करें साफ, लंबे समय तक रहेगा नया जैसा
How to Clean Induction Chulha:रोजाना इस्तेमाल होने वाला इंडक्शन चूल्हा अगर सही तरीके से साफ न किया जाए तो उसकी चमक कम होने के साथ-साथ उसकी परफॉर्मेंस भी प्रभावित हो सकती है. आज हम आपको इंडक्शन को साफ करने का आसान तरीका बताएंगे, जिसे अपनाकर आप अपने इंडक्शन को लंबे समय तक नया जैसा चमकदार बना सकते हैं.
India Post GDS Recruitment 2026: किस सर्किल में निकली हैं कितनी वैकेंसी और क्या होगी सैलरी, जानें
डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू हो रही है. ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM), असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) और डाक सेवक के पदों पर भर्ती की जानी है. 10वीं पास उम्मीदवार इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं.
मेसी के इवेंट का पैसे लौटाएगी बंगाल सरकार, 33 हजार फैंस को मिलेगा रिफंड
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लियोनेल मेसी के कोलकाता कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उनका कहना है कि सभी फैंस को उनकी टिकट के पैसे वापस किए जाएंगे.
रोज ₹50 जमा पर मिलेंगे 35 लाख... गजब है ये सरकारी स्कीम!
पोस्ट ऑफिस के एक योजना के तहत आप 35 लाख रुपये तक पा सकते हैं, जिसके लिए हर महीने 1500 रुपये जमा करने होंगे यानी 50 हर दिन बचत से आप मोटा रिटर्न पा सकते हैं.
किसानों के लिए बड़ी राहत, गुजरात सरकार ने बढ़ाई कृषि उपकरण खरीद की समय सीमा, अब 15 दिन का और मौका
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और किसान कल्याणकारी निर्णय लिया है। वर्ष 2026-27 के लिए 'मुख्यमंत्री यंत्रीकरण योजना' के तहत कृषि उपकरणों और ट्रैक्टर चालित साधनों की खरीद के लिए पात्र किसानों ...
मार्च 2027 से देश की सभी संस्थाओं में IST का पालन करना अनिवार्य, सरकार ने जारी की अधिसूचना
मार्च 2027 से भारत में सभी संस्थाओं के लिए कानूनी, वाणिज्यिक और डिजिटल कार्यों हेतु भारतीय मानक समय (IST) का उपयोग अनिवार्य होगा।
मौत से पहले यमदूत कब आते हैं? गरुड़ पुराण में है चौंकाने वाला वर्णन
Garuda Purana: गरुड़ पुराण में मृत्यु के अंतिम समय और यमदूतों के आगमन को लेकर क्या वर्णन मिलता है? जानें मृत्यु के समय क्या होता है .आत्मा की यात्रा से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं.

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