नई दिल्ली के लुटियंस जोन में दशकों से केंद्र सरकार के प्रशासनिक कामकाज का अहम हिस्सा रहे कृषि भवन और शास्त्री भवन अब नए रूप में नजर आएंगे। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी सीपीडब्ल्यूडी ने दोनों परिसरों में काम कर रहे मंत्रालयों और विभागों को परिसर खाली कर सितंबर 2026 के अंत तक हस्तांतरित करने को कहा है। इसके बाद इन दोनों भवनों को हटाकर यहां सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत नए साझा केंद्रीय सचिवालय परिसर विकसित किए जाएंगे। 1950-60 के दशक में बने थे ये सरकारी दफ्तर। कृषि भवन और शास्त्री भवन आजादी के बाद केंद्र सरकार के प्रशासनिक विस्तार के दौर में बनाए गए थे। प्रेस सूचना ब्यूरो के मुताबिक शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन, निर्माण भवन और रेल भवन जैसे केंद्रीय सचिवालय परिसर 1956 से 1968 के बीच बनाए गए थे।
एसआईआर पर घिरा चुनाव आयोग?: थरूर ने पूछे तीखे सवाल, फॉर्म 6 से गोवा के 97 वोटरों तक के सवालों का मांगा जवाब- EC under fire SIR issue Tharoor poses questions seeking answers matters ranging Form 6 to 97 Goa voters
Gemini Horoscope Today 24 September 2026, Mithun Rashifal: जो बात निश्चित रूप से न मालूम हो, उसमें अनुमान लगाने के बजाय जानकारी जुटाएं. धार्मिक या आध्यात्मिक रुचि बढ़ सकती है.
Taurus Horoscope Today 24 September 2026, Vrishabh Rashifal: आपकी बात सही होने के बावजूद उसे बहुत सीधे ढंग से कहना सामने वाले को कठोर लग सकता है. पुराने तरीके से चल रहे काम में बदलाव करने का विचार आ सकता है.
Aries Horoscope Today 24 September 2026, Mesh Rashifal: रुके हुए आर्थिक मामले में बातचीत आगे बढ़ेगी.आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना के बावजूद खर्च बढ़ाने की गलती न करें.बातचीत का तरीका संयमित रखें.
10 ग्रुप... वडनगर से वाराणसी तक 'सेवा' का सफर, PM मोदी आज करेंगे 'बाइक सवार' से संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सेवा यात्रा के प्रतिभागियों से संवाद करेंगे। वडनगर से वाराणसी तक दस समूहों में निकली यह बाइक यात्रा 17 सितंबर से गांव-गांव सेवा, संपर्क और युवा भागीदारी का संदेश लेकर चल रही है।
'भारत-पाक का झगड़ा सुलझाने में इंटरनेशनल सिस्टम फेल...' रुबियो का बड़ा दावा
संयुक्त राष्ट्र महासभा की हाई लेवल मीटिंग के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इंटरनेशनल सिस्टम की नाकामी पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था भारत और पाकिस्तान जैसे संघर्षों को सुलझाने में नाकाम साबित हो रही है. रुबियो ने यूएन जैसी संस्थाओं की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये अपने असल मकसद से भटक चुकी हैं.
केंद्र सरकार सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए एक यूनिफाइड पोर्टल तैयार कर रही है। इस पोर्टल पर एक बार रजिस्ट्रेशन करके उम्मीदवार UPSC, SSC सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे।
भारत का चुनाव आयोग देश में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करने वाली एक संवैधानिक संस्था है, जहां फैसले सामूहिक रूप से लिए जाने की व्यवस्था है। लेकिन चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर सामने आई एक नई रिपोर्ट ने संस्थागत कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं। एक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले करीब 10 महीनों में दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—ने आयोग के फैसलों और आदेशों को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं। दोनों आयुक्तों ने कई मौकों पर कथित तौर पर यह सवाल उठाया कि आयोग के नाम पर जारी किए गए कुछ फैसलों या निर्देशों की जानकारी उन्हें पहले नहीं दी गई थी। हालांकि, इस रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने इन दावों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। आयोग के सूत्रों ने कहा कि SIR समेत सभी निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए और निर्णयों में सर्वसम्मति थी।
'सभी पात्र लोगों तक पहुंचाएं सरकारी लाभ, समाज के लिए करें काम', पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में मंत्रिपरिषद के 'चिंतन शिविर' के पहले दिन शासन और प्रशासनिक सुधारों पर गहन चर्चा हुई।
जमुई छेड़छाड़ मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी का पिता निकला 23 साल पुराना वांछित
बिहार के जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी नंदन यादव के घर पुलिस दबिश देने पहुंची. पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी का पिता गनौरी यादव साल 2003 के दोहरे हत्याकांड में 23 साल से फरार चल रहा था. पुलिस ने गनौरी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
'न्यायपालिका की ताकत जजों, वकीलों और विद्वानों की गुणवत्ता पर निर्भर', CJI सूर्यकांत की अहम टिप्पणी
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका की ताकत न्यायाधीशों, वकीलों और विद्वानों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।
दस्तक: पानी में जहर घोलने की छूट, मौत बांटती फैक्ट्रियां कब तक चलती रहेंगी?
आज हम दस्तक देंगे सोते हुए उस सिस्टम के खिलाफ जहां आम जनता की जिदंगी को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है. आज बात अहमदाबाद जिले के पांच गांवों की रौंगटे खड़े करने-- वाली आपबीती पर।डेवलपमेंट के नाम पर तमाम फैक्ट्रियां लगाई गई, इसमें कुछ केमिकल की फैक्ट्रियां भी हैं.वही फैक्ट्रियां जिन्हें आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने की खुली छूट मिली हुई है. बीते कुछ सालों में फैक्ट्रियों से निकलते दूषित पानी ने पूरे इलाके के भूजल यानी ग्राउंड वॉटर को जहर बना दिया. देखें...
बिहार और झारखंड में कर्मा पूजा के बाद विसर्जन के दौरान 17 की डूबकर मौत
बिहार और झारखंड में कर्मा पूजा के विसर्जन के दौरान अलग-अलग घटनाओं में कुल 17 लोगों की डूबने से मौत हो गई। औरंगाबाद में एक लड़की ने तीन सहेलियों को बचाने के प्रयास में अपनी जान गंवा दी, जबकि झारखंड के पलामू में भी पांच लोग डूब गए।
पूर्व सीईसी रावत और कुरैशी ने एसआईआर पर उठाए सवाल, कहा- फॉर्म-6 में बदलाव अवैध
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत और एसवाई कुरैशी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और फॉर्म-6 में बदलाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
आयुष्मान भारत के तहत इलाज के खर्च में रिकार्ड बचत, PM मोदी ने गिनाईं योजना की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवरेज मिल रहा है, जिससे चिकित्सा खर्च में रिकॉर्ड बचत हुई है।
मुंबई में IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच कर रही क्राइम ब्रांच को परीक्षा के दौरान की CCTV फुटेज मिली है। जांच एजेंसी इस फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा खत्म होने से पहले साहिल के साथ ...
चिंतन शिविर में पहले दिन साढ़े चार घंटे मंथन, PM मोदी ने जाना हर मंत्रालय का प्लान
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू हुआ, जिसमें विकसित भारत@2047 के विजन और सरकार की दीर्घकालिक रणनीति पर चर्चा हुई.
रेलवे का 'कवच' हुआ और स्मार्ट: वर्जन 4.0 में आए ये बड़े अपग्रेड, जानें कैसे काम करता है सिस्टम
भारतीय रेलवे ने साउथ सेंट्रल रेलवे पर पहली बार कवच 4.0 शुरू कर दिया है। यह देश में बनी ऑटोमैटिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का नया वर्जन है। रेलवे का कहना है कि नया वर्जन ट्रेन की लोकेशन, सिग्नल जानकारी, स्टेशनों के बीच संपर्क और मौजूदा सिग्नल व्यवस्था के साथ जुड़ाव को पहले से बेहतर बनाता है।
देशभर में सामान्य से 15 प्रतिशत कम दर्ज हुई मानसूनी बारिश, बढ़ेगा जलसंकट?
देश में मानसूनी बारिश सामान्य से 15 प्रतिशत कम दर्ज की गई है, जिससे अल नीनो का प्रभाव स्पष्ट दिख रहा है। आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, खरीफ फसलों पर असर सीमित है, लेकिन अल नीनो का जोखिम बना हुआ है।
एक करोड़ से अधिक छात्र, शिक्षक, अभिभावक और नागरिक 25 सितंबर को राष्ट्रगीत के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत देशभर में 25,000 से अधिक स्थानों पर एक साथ संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ गाएंगे। विद्या भारती ने बुधवार को यह जानकारी दी। संगठन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा यह कार्यक्रम शुक्रवार को सुबह 11 बजे शुरू होगा और इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा, स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान और इसके राष्ट्रीय महत्व से जोड़ना है। उसने बताया कि अभियान के तहत, स्कूल ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका पर केंद्रित चर्चाओं, प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों का आयोजन कर रहे हैं। बयान के मुताबिक, ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में राष्ट्रवादी भावना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद, इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया, जबकि ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया। संगठन ने कहा कि राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम “एक आवाज-एक संकल्प-एक भारत” की भावना को व्यक्त करेगा। बयान के मुताबिक, इस कार्यक्रम को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा रिकॉर्ड प्रमाणन के लिए छात्रों और आम जनता के सदस्यों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के सबसे बड़े एक साथ सामूहिक गायन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। दिल्ली में, एक लाख से अधिक छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों के लगभग 300 स्थानों पर भाग लेने की उम्मीद है।
त्योहार से पहले महंगाई से राहत, सोया और पाम ऑयल पर शुल्क में कटौती
कच्चे सोयाबीन और पाम तेल पर शुल्क 10% से घटाकर 5% किया गया, जबकि कच्चे सूरजमुखी तेल को शुल्क-मुक्त कर दिया गया है, जिससे खाद्य तेलों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
रूस-ईरान दोनों पर दबाव बनाएगा नया कानून, रुबियो ने बताया ट्रंप का प्लान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026' पर हस्ताक्षर कर रूस और ईरान से जुड़े नए प्रतिबंध कानून को लागू किया है.
जायद खान का न्यू लुक वायरल, क्यों याद आए हैरी पॉटर के प्रोफेसर स्नेप
जायद खान का एक वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं. वीडियो सामने आने के बाद लोग उनके न्यू लुक को देखकर चौंक गए हैं. उनकी तुलनाहैरी पॉटर के मशहूर किरदार प्रोफेसर स्नेप से हो रही है.
Varshini Venkat: चेन्नई में टीवी अभिनेत्री कारोबारी से 5.5 लाख रुपये ऐंठने के आरोप में गिरफ्तार
एक टेलीविजन अभिनेत्री को अपने एक परिचित शेयर बाजार कारोबारी से मारपीट करने और लघु फिल्म के लिए धन जुटाने के बहाने उससे 5.5 लाख रुपये ऐंठने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। अभिनेत्री वर्षिणी वेंकट ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर तरुण को उनकी बनाई जा रही लघु फिल्म में धन लगाने के लिए पेशकश की थी लेकिन उसने इससे इनकार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, 22 अगस्त को तड़के जब तरुण बाहर से अपनी लॉज लौटे तो वहां मौजूद वेंकट ने अपने दोस्त संजय और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उनसे मारपीट की और उनसे 50,000 रुपये छीन लिये। बाद में संजय की ओर से धमकी भरे फोन आने पर तरुण ने वेंकट के बैंक खाते में तीन लाख रुपये और संजय के बैंक खाते में दो लाख रुपये अंतरित कर दिए। तरुण की शिकायत के आधार पर गिंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मंगलवार को मायलापुर निवासी आरोपी वर्षिणी वेंकट (28) को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से एक आईफोन बरामद किया। पूछताछ के बाद अभिनेत्री को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में शामिल अभिनेत्री के अन्य दोस्तों की तलाश जारी है।
बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेते समय ग्राहकों के सामने सबसे बड़ी परेशानी 'जबरन इंश्योरेंस' (Forced Bundling of Insurance) की आती रही है। अक्सर बैंक अधिकारी लोन स्वीकृत करने की पूर्व-शर्त बनाकर ग्राहक को महंगी सिंगल-प्रीमियम टर्म लाइफ या क्रेडिट शील्ड इंश्योरेंस पॉलिसी लेने पर मजबूर कर देते हैं, जिसका लाखों रुपये का प्रीमियम लोन राशि में ही जोड़ दिया जाता है।भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने इस दशकों पुरानी अनैतिक प्रथा और मिस-सेलिंग पर पूर्ण विराम लगाने के लिए नया और कड़ा ड्राफ्ट रेगुलेशन (IRDAI Draft Norms on Bancassurance & Loan-Linked Insurance) जारी कर दिया है। बीमा नियामक ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब कोई भी ऋणदाता संस्थान या बीमा मध्यस्थ (Bancassurance Partner) किसी भी ग्राहक पर लोन जारी करने के बदले बीमा खरीदने का दबाव नहीं बना सकेगा।Key Highlights of IRDAI Draft: ड्राफ्ट नियमों की 5 बड़ी और अहम बातेंनियामक द्वारा सार्वजनिक किए गए मसौदे में ग्राहकों को वित्तीय राहत और चयन की पूरी स्वतंत्रता देने के लिए निम्नलिखित कड़े प्रावधान किए गए हैं:लोन के लिए बीमा अनिवार्य नहीं (Not Mandatory for Loan Sanction): बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां लोन की स्वीकृति (Loan Approval या Disbursement) को बीमा पॉलिसी खरीदने से नहीं जोड़ सकेंगी। यदि ग्राहक इंश्योरेंस लेने से इनकार करता है, तो भी बैंक उसका लोन आवेदन इस आधार पर खारिज नहीं कर सकता।ग्राहक को अपनी मर्जी की बीमा कंपनी चुनने की आजादी (Freedom of Choice): यदि कोई ग्राहक अपने लोन को सुरक्षित रखने के लिए स्वेच्छा से जीवन बीमा या संपत्ति बीमा लेना भी चाहता है, तो बैंक उसे केवल अपने टाइ-अप वाले बीमा पार्टनर की पॉलिसी लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। ग्राहक खुले बाजार से किसी भी बीमा कंपनी की सस्ती और बेहतर पॉलिसी लाकर बैंक को असाइन (Assign) कर सकता है।सिंगल प्रीमियम का बोझ खत्म, रेगुलर प्रीमियम का विकल्प: बैंकों द्वारा अक्सर 15-20 साल के होम लोन पर 1.5 लाख से 3 लाख रुपये तक का एकमुश्त सिंगल प्रीमियम (Single Premium) वसूला जाता है, जिस पर ग्राहक को वर्षों तक लोन का ब्याज भी भरना पड़ता है। नए नियमों के तहत बीमा कंपनियों और बैंकों को वार्षिक/नियमित प्रीमियम (Regular Annual Premium) का विकल्प अनिवार्य रूप से देना होगा।स्पष्ट और अलग सहमति (Explicit Written Consent): लोन एग्रीमेंट के ढेरों पन्नों के बीच छोटे-छोटे अक्षरों में इंश्योरेंस क्लॉज छिपाने पर रोक लगा दी गई है। इंश्योरेंस के लिए ग्राहक से अलग से स्पष्ट और लिखित/डिजिटल सहमति फॉर्म भरवाना होगा।सरल कैंसिलेशन और रिफंड (Easy Cancellation): यदि किसी ग्राहक को गुमराह करके पॉलिसी बेची गई है, तो फ्री-लुक पीरियड के तहत वह बिना किसी कटौती के पॉलिसी रद्द कराकर अपना पूरा प्रीमियम वापस पाने का हकदार होगा।How Banks Used to Trap Borrowers: समझिए कैसे काम करता था मिस-सेलिंग का गणितबैंकों और लोन एजेंटों के लिए लोन-लिंक्ड इंश्योरेंस भारी कमीशन और फी-बेस्ड इनकम का सबसे बड़ा जरिया रहा है। इसे एक सामान्य उदाहरण से समझा जा सकता है:पैमानापुरानी व्यवस्था (जबरन बंडलिंग)IRDAI के नए ड्राफ्ट नियमबीमा की अनिवार्यतालोन सैंक्शन के लिए अनिवार्य शर्त बना दी जाती थीपूरी तरह स्वैच्छिक (ग्राहक की मर्जी पर निर्भर)प्रीमियम भुगतान मॉडल₹1.5 लाख - ₹2.5 लाख का सिंगल प्रीमियम लोन में जोड़ा जाता थासामान्य टर्म प्लान की तरह सालाना प्रीमियम भरने की छूटअतिरिक्त ब्याज का बोझसिंगल प्रीमियम पर पूरे लोन कार्यकाल (20 वर्ष) तक 8.5%-9% ब्याज लगता थाकोई अतिरिक्त लोन ब्याज नहीं, केवल वास्तविक प्रीमियम देयकंपनी का चयनकेवल वही कंपनी जिससे बैंक का कमीशन अनुबंध थादेश की किसी भी 25+ बीमा कंपनियों में से चयन की खुली छूटलोन ट्रांसफर पर नुकसानलोन बैलेंस ट्रांसफर (BT) कराने पर पुराना इंश्योरेंस लैप्स या शून्य रिफंडपॉलिसी स्वतंत्र रहेगी, नए बैंक में ट्रांसफर पर कोई नुकसान नहींBenefits for Home and Personal Loan Borrowers: ग्राहकों को कैसे मिलेगी सीधी बचत?आईआरडीएआई के इस कड़े कदम से मध्यमवर्गीय होम लोन और पर्सनल लोन ग्राहकों को लाखों रुपये की सीधी बचत होगी:लोन की ईएमआई (EMI) में कमी: जब ₹2 लाख का सिंगल प्रीमियम लोन में नहीं जुड़ेगा, तो ग्राहक की मूल लोन राशि कम रहेगी और मासिक ईएमआई पर सीधा 1,500 से 2,500 रुपये तक का अंतर आएगा।सस्ते शुद्ध टर्म प्लान का विकल्प: बैंक जो ग्रुप क्रेडिट लाइफ पॉलिसी बेचते हैं, वह सामान्य प्योर टर्म इंश्योरेंस (Pure Term Plan) की तुलना में 30% से 50% तक महंगी होती है। अब ग्राहक बाजार से अपने बजट के अनुसार सस्ता और उच्च कवरेज वाला टर्म प्लान चुन सकेंगे।बैंककर्मियों पर मिस-सेलिंग के टारगेट का दबाव कम: बैंकों के ब्रांच मैनेजरों और रिलेशनशिप मैनेजरों (RMs) पर इंश्योरेंस बेचने का जो भारी आंतरिक दबाव रहता था, नियामक की इस गाइडलाइन के बाद उसमें जवाबदेही तय होगी।Legal Redressal and Compliance: जबरदस्ती करने पर कहां करें शिकायत?आईआरडीएआई ने स्टेकहोल्डर्स और आम जनता से इस ड्राफ्ट पर सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।यदि कोई बैंक या वित्तीय संस्थान नए नियमों के बावजूद किसी ग्राहक पर लोन के बदले बीमा लेने का दबाव बनाता है, तो उपभोक्ता निम्नलिखित माध्यमों से सीधी शिकायत दर्ज कर सकते हैं:बैंक के प्रधान नोडल अधिकारी (Principal Nodal Officer) और आंतरिक लोकपाल को लिखित शिकायत।आरबीआई के एकीकृत लोकपाल पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर अनुचित बैंकिंग आचरण की शिकायत।आईआरडीएआई के Bima Bharosa Portal (bimabharosa.irdai.gov.in) या टोल-फ्री नंबर 155255 / 1800 4254 732 पर मिस-सेलिंग की रिपोर्ट।आईआरडीएआई का यह ऐतिहासिक फैसला देश के वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता लाएगा और कर्ज लेने वाले आम नागरिकों को अनुचित वित्तीय बोझ से सुरक्षित रखेगा।
भारतीय वायु सेना की बढ़ेगी ताकत, 811 करोड़ में खरीदे जाएंगे 160 सैटेलाइट स्मार्ट ग्लाइड बम
सरकार ने भारतीय वायु सेना के लिए 160 सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड हथियार (SAT-SAAW) खरीदने हेतु भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) के साथ लगभग 811 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है।
किचन में चोरी की बिजली से चल रहा था हीटर... बिजनौर में जांच करने पहुंचे JE को पीटा
Bijnor JE Assault Video Case: बिजनौर के चांदपुर में बिजली चोरी पकड़ने पहुंची JE की टीम से मारपीट. किचन में कट लगाकर चल रहा था हीटर, विरोध करने पर 30 लोगों ने बनाया बंधक. पढ़ें वायरल वीडियो की पूरी रिपोर्ट...
तीन बहनों के इकलौते भाई की सड़क हादसे में मौत, नवरात्रि में होनी थी शादी
मुजफ्फरनगर में सड़क निर्माण के दौरान पड़ा मलबा एक परिवार के लिए मातम की वजह बन गया. स्कूटी से होटल जा रहे 32 वर्षीय अर्जुन की गाड़ी मलबे पर चढ़कर उछली और वह करीब 10 फीट दूर ईंट-पत्थरों पर जा गिरे. हादसे में उनकी मौके पर मौत हो गई. CCTV में पूरी घटना कैद हुई है. नवरात्रों में उनकी शादी होनी थी.
सीएम योगी 24 सितंबर को करेंगे 12 हजार करोड़ की वरुण विहार और नैमिष नगर योजना का भूमि पूजन
लखनऊ, 23 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 सितंबर को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की वरुण विहार एवं नैमिष नगर योजना का भूमि पूजन करेंगे। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली इन योजनाओं के तहत भूखण्डों के पंजीकरण का भी शुभारंभ किया जाएगा।इस दौरान मुख्यमंत्री 2166 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला आवासीय अपार्टमेंट का शिलान्यास भी करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ में आगरा एक्सप्रेसवे के निकट ग्राम दोना में होगा। इस मौके पर राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, राज्यसभा सांसद बृजलाल, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, सदस्य विधान परिषद डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, सदस्य विधान परिषद मुकेश शर्मा, सदस्य विधान परिषद डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, सदस्य विधान परिषद रामचंद्र प्रधान, सदस्य विधान परिषद पवन सिंह, सदस्य विधान परिषद सन्तोष सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधायक जया देवी, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, विधायक ओपी श्रीवास्तव, विधायक योगेश शुक्ला, विधायक अमरेश कुमार समेत अन्य नेतागण मौजूद रहेंगे।
मुस्लिम महिलाओं के विरासत में एक समान अधिकार क्यों नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम व्यक्तिगत कानून के तहत विरासत और उत्तराधिकार में लैंगिक भेदभाव को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
राजधानी दिल्ली में दवाओं के काले कारोबार से जुड़ा एक बेहद गंभीर और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने खुफिया सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए जानलेवा बीमारी रेबीज से बचाने वाली नकली वैक्सीन (Fake Anti-Rabies Vaccine) के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान बाजार में लगभग ₹2 लाख की अनुमानित कीमत वाली 481 यूनिट (वायल) नकली रेबीज वैक्सीन बरामद कर जब्त की हैं। पागल कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के बाद लगाया जाने वाला यह टीका सीधे इंसान की जिंदगी और मौत से जुड़ा होता है। यदि किसी संक्रमित मरीज को असली दवा के स्थान पर यह नकली इंजेक्शन लग जाता, तो रेबीज का संक्रमण फैलने से मरीज की जान बचाना असंभव हो जाता।Kanpur Connection Uncovered: उत्तर प्रदेश के कानपुर से जुड़े रैकेट के तारड्रग कंट्रोलर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन की शुरुआती जांच में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर के तार जुड़े पाए गए हैं:दवा मंडियों से अवैध सप्लाई: जांच में पता चला है कि इस नकली टीके की खेप थोक बाजार के समानांतर गैर-पंजीकृत डीलरों के जरिए कानपुर से राजधानी दिल्ली के प्रमुख मेडिकल स्टोरों और छोटे निजी क्लीनिकों में खपाने के लिए भेजी गई थी।संदेहास्पद बिलिंग नेटवर्क: पकड़े गए स्टॉक के पास न तो कोई वैध खरीद रसीद थी और न ही कंपनी की आधिकारिक डिस्ट्रीब्यूशन इनवॉइस। बिना लाइसेंस वाले बिचौलियों के जरिए कैश-ऑन-डिलीवरी मॉडल पर यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।विशेष जांच दल गठित: दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग ने उत्तर प्रदेश के ड्रग प्रशासन और स्थानीय पुलिस से संपर्क साधा है, ताकि कानपुर में उस गुप्त ठिकाने या अवैध फैक्ट्री तक पहुंचा जा सके जहां इन नकली टीकों की पैकेजिंग और बॉटलिंग की जा रही थी।Branded Label and Cold Chain Violation: नामी कंपनी के नाम पर फर्जीवाड़ा और जानलेवा खतराछापेमारी के दौरान जो 481 वायल जब्त की गई हैं, उनकी प्राथमिक जांच में कई चौंकाने वाली और डरावनी बातें सामने आई हैं:प्रतिष्ठित ब्रांड की हूबहू नकल: जब्त किए गए टीकों पर देश की एक शीर्ष दवा निर्माता कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड का लेबल लगा था। शीशी की पैकेजिंग, फॉन्ट, बारकोड और बैच नंबर को इतनी सफाई से कॉपी किया गया था कि सामान्य केमिस्ट या डॉक्टर के लिए पहली नजर में असली और नकली का फर्क पहचानना बेहद मुश्किल था।सक्रिय तत्व की अनुपस्थिति (No Active Antigen): विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नकली टीकों में आमतौर पर रेबीज को निष्क्रिय करने वाला जरूरी एक्टिव एंटीजन या एंटीबॉडीज नहीं होते। इनमें केवल स्टेरलाइज्ड पानी, सलाइन सॉल्ट या अन्य सामान्य इनएक्टिव पाउडर भर दिया जाता है।कोल्ड चेन का पूरी तरह अभाव: रेबीज जैसी संवेदनशील जैविक दवाओं (Biologics) को 2C से 8C के नियंत्रित तापमान में रखना अनिवार्य होता है। यह अवैध रैकेट इन नकली वायल को बिना किसी कोल्ड चेन मेंटेनेंस के सामान्य डिब्बों और बैगों में ढो रहा था, जो अपने आप में फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन का बड़ा खतरा बन सकता था।Life-Threatening Risks: रेबीज में नकली टीका मतलब 100% मौत का खतराचिकित्सा विज्ञान के अनुसार, रेबीज दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में से एक है।एक बार जब रेबीज वायरस इंसान के सेंट्रल नर्वस सिस्टम (मस्तिष्क) तक पहुंच जाता है और हाइड्रोफोबिया (पानी से डर) जैसे लक्षण उभर आते हैं, तो इस बीमारी में मृत्यु दर 100 प्रतिशत होती है।कुत्ते, बिल्ली या बंदर के काटने के बाद दिया जाने वाला 'एंटी-रेबीज वैक्सीन' (ARV) ही मरीज के शरीर में समय रहते एंटीबॉडी तैयार कर वायरस को दिमाग तक पहुंचने से रोकता है।यदि किसी पीड़ित व्यक्ति को नकली वैक्सीन की खुराक दे दी जाए, तो उसके शरीर में कोई सुरक्षा तंत्र विकसित नहीं होगा और वह व्यक्ति बिना किसी चेतावनी के मौत के मुंह में समा जाएगा।Delhi Health Department Crackdown: लैब जांच के लिए भेजे गए सैंपल, केमिस्टों को सख्त चेतावनीदिल्ली औषधि प्रशासन ने जब्त की गई सभी 481 वायल को तुरंत सील कर दिया है और उनके रैंडम नमूनों को फोरेंसिक व सरकारी ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरी में रासायनिक परीक्षण के लिए भेज दिया है।ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत केस: आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (मिलावट, धोखाधड़ी और मानव जीवन को खतरे में डालने) के तहत सख्त एफआईआर दर्ज की जा रही है।केमिस्टों को सर्कुलर जारी: स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के सभी थोक और खुदरा दवा विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे किसी भी अनधिकृत डीलर से टीके न खरीदें। वैक्सीन केवल कंपनी के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर्स से ही वैध जीएसटी बिल और कोल्ड-चेन लॉगबुक के साथ खरीदी जाए।मरीजों और तीमारदारों के लिए अलर्ट: नागरिकों को सलाह दी गई है कि कुत्ते या जानवर के काटने पर टीका हमेशा सरकारी अस्पतालों, अधिकृत डिस्पेंसरियों या बड़े मान्यता प्राप्त अस्पतालों से ही लगवाएं और निजी मेडिकल स्टोर से खरीदते समय बैच नंबर व क्यूआर कोड की प्रामाणिकता जरूर जांचें।
सांपों को बिलकुल नहीं पसंद घर से आ रही ये गंध, सूंघते ही भागते हैं दूर
Snake Safety Tips: बारिश के मौसम में घरों के अंदर कई तरह के कीड़ों-मकौड़े और सांपों के घुस आने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में अगर आप सांपों को अपने घर से दूर रखना चाहते हैं तो यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जो आपके काफी काम आ सकते हैं.
जानिए कैसे BA पास 'Devil' बन गया ऑनलाइन परीक्षाओं का 'मास्टर हैकर'
SSC GD Exam Hacking Case: नोएडा में SSC GD परीक्षा हैक करने वाला 'Devil' उर्फ अरुण कुमार दिल्ली से गिरफ्तार. STF ने बरामद किए 11 रास्पबेरी पाई और मॉडिफाइड TFT डिवाइस. पढ़ें हैकिंग गिरोह की पूरी रिपोर्ट.
जस्टिस वर्मा के खिलाफ FIR के लिए सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका, अर्जेंट लिस्टिंग की मांग
इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आवास से नकदी मिलने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की गई है।
Amazon, Swiggy और Blinkit समेत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर FSSAI का एक्शन, नियम उल्लंघन का आरोप
FSSAI ने एमेजोन, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट सहित प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर नियमों के उल्लंघन और भ्रामक दावों के लिए दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है।
राजस्थान: जयपुर में मर्सिडीज की वर्कशाप में लगी आग, आठ कारें जलीं
जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में मंगलवार देर रात मर्सिडीज कंपनी की वर्कशाप में भीषण आग लग गई। आग से वर्कशाप में मौजूद आठ कारें, महंगे पार्ट्स सहित अन्य सामान पूरी तरह जल गया।
पतंजलि के गाय के देसी घी और आयुर्वेदिक दवाओं की शुद्धता को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर चल रही बहसों के बीच योगगुरु बाबा रामदेव ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। हरिद्वार में आयोजित एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबा रामदेव ने दो-टूक शब्दों में कहा कि न तो पतंजलि का गाय का घी नकली है और न ही पतंजलि की कोई दवा नकली है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से स्वदेशी अभियान, आयुर्वेद और भारतीय सनातन चिकित्सा पद्धति को बदनाम करने के लिए एक बड़ा बहुराष्ट्रीय सिंडिकेट सक्रिय है।योगगुरु ने कहा कि देश में 99 फीसदी लोग केवल सुनी-सुनाई बातों और बिना किसी वैज्ञानिक जांच के सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो बनाकर अफवाहें फैलाने में लगे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वामी रामदेव के जीवन में कुछ भी नकली नहीं है और पतंजलि के किसी भी उत्पाद पर आज तक किसी वैधानिक संस्था द्वारा कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।₹700 Per Litre Ghee Economics: कैसे संभव है इस दाम पर शुद्ध गाय का घी?आलोचकों द्वारा बार-बार उठाए जा रहे इस सवाल पर कि जब दूध ₹60-70 प्रति लीटर बिक रहा है, तो पतंजलि ₹700 प्रति लीटर के आसपास शुद्ध गाय का घी कैसे उपलब्ध करा रही है, बाबा रामदेव ने इसके पीछे का पूरा डेयरी इकोनॉमिक्स मॉडल सामने रखा:बाय-प्रोडक्ट्स से 80% लागत की वसूली: बाबा रामदेव ने बताया कि पतंजलि करोड़ों गायों से दूध एकत्र करती है। जब दूध से मलाई (फैट) निकाली जाती है, तो बचे हुए टोंड/लो-फैट दूध को सीधे तरल दूध के रूप में बेचा जाता है या उससे स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP), पनीर, दही और छाछ तैयार किए जाते हैं।दूध के 5 मुख्य उत्पाद: डेयरी उद्योग के नियम के तहत दूध से 5 तरह के बाय-प्रोडक्ट्स तैयार होते हैं, जिनसे मूल दूध की लगभग 80 फीसदी लागत पहले ही निकल जाती है।शून्य मिलावट की गारंटी: उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति बाजार से पतंजलि का घी खरीदे और देश-विदेश की किसी भी एनएबीएल (NABL) मान्यता प्राप्त लैब में इसकी जांच करवा ले। पतंजलि के घी में न तो कोई रिफाइंड पाम ऑयल मिला है और न ही किसी प्रकार की पशु चर्बी (Animal Fat)।MNCs and Double Standards: विदेशी कंपनियों पर क्यों साधी जाती है चुप्पी?प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाबा रामदेव ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों और विदेशी ब्रांड्स के दोहरे चरित्र पर कड़ा प्रहार किया:उन्होंने सवाल उठाया कि अमूल, मदर डेयरी या दक्षिण भारत की नंदिनी जैसी सहकारी संस्थाओं पर कोई सवाल नहीं उठाता। कोका-कोला, नेस्ले और अन्य विदेशी कंपनियों के प्रोसेस्ड फूड्स पर कभी अभियान नहीं चलाए जाते, लेकिन जैसे ही कोई स्वदेशी संस्था भारतीय किसानों और चरवाहों के दम पर खड़ी होती है, तो उसके पीछे पूरी लॉबी पड़ जाती है।उन्होंने कहा कि विदेशी कॉरपोरेट ताकतों को यह हजम नहीं हो रहा कि एक संन्यासी ने अपनी मेहनत से उनके एकाधिकार (Monopoly) को ध्वस्त कर दिया है।योगगुरु ने दोहराया कि उनके या आचार्य बालकृष्ण के निजी नाम पर न तो एक रुपये की संपत्ति है और न ही कोई व्यक्तिगत जमीन; जो कुछ भी है, वह ट्रस्ट और देश की जनता की सेवा के लिए समर्पित है।Surgery Rumours Rebutted: विदेश में ऑपरेशन की अफवाहों पर दिखाया सचसोशल मीडिया पर उनके स्वास्थ्य और कथित रूप से विदेश में जाकर मॉडर्न सर्जरी कराने के दावों को बाबा रामदेव ने हास्यास्पद करार दिया।योगगुरु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबके सामने अपना अंगोछा हटाकर दिखाया और कहा कि उनका शरीर पूरी तरह प्राकृतिक योग, प्राणायाम और आयुर्वेदिक दिनचर्या से स्वस्थ है।उन्होंने कहा, कोई भी देख सकता है कि मेरे शरीर पर कहां कोई टांका या कट लगा है? जो लोग झूठ फैला रहे हैं कि बाबा रामदेव ने चोरी-छिपे सर्जरी कराई है, वे आंखें खोलकर देख लें। हम जैसे आज पूर्ण स्वस्थ और ऊर्जावान हैं, अगले कई दशकों तक ऐसे ही रहेंगे।Brij Bhushan Sharan Singh Controversy: गलतफहमियां हुईं दूरपूर्व भाजपा सांसद और कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह द्वारा हाल ही में पतंजलि के उत्पादों और गुणवत्ता पर की गई टिप्पणियों के संदर्भ में पूछे जाने पर बाबा रामदेव ने पूरे मामले को शांत करने का प्रयास किया:उन्होंने कहा कि बृजभूषण जी ने जो कुछ भी कहा था, वह केवल दूसरों द्वारा फैलाई गई सुनी-सुनाई बातों के आधार पर था।योगगुरु ने स्पष्ट किया कि उनकी बृजभूषण शरण सिंह से बातचीत हो चुकी है और सौहार्दपूर्ण वातावरण में उनके मन के सभी भ्रम और संशय पूरी तरह दूर हो चुके हैं।उन्होंने कहा कि संन्यासी किसी से बैर या विवाद नहीं रखते और उनका एकमात्र उद्देश्य देश के नागरिकों को मिलावट-मुक्त खानपान और सस्ती आयुर्वेदिक दवाएं उपलब्ध कराना है।बाबा रामदेव ने साफ किया कि षड्यंत्र रचने वालों के खिलाफ विधिक और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी आंदोलन को बदनाम करने की किसी भी दुर्भावनापूर्ण कोशिश को नाकाम किया जा सके।
राहुल गांधी ने सीएम मोहन को लिखी चिट्ठी, OBC आरक्षण पर पूछा सवाल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण के तहत रुकी नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है.
ओमान तट के पास जहाज पर हमला, UP के सूरज यादव की मौत; 19 भारतीयों को बचाया गया
ओमान के तट के पास एक और कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ है. इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है.
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की प्रक्रिया को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर विपक्ष के तीखे हमलों के बीच देश की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह सनसनीखेज दावा सामने आने के बाद कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर से जुड़े कई फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं, विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने बेहद आक्रामक तेवर अपनाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने की मांग कर दी है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एकजुट होकर इसे भारतीय संविधान, चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया है।Mamata Banerjee Demands CEC Arrest: 'ज्ञानेश कुमार के पास पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं'कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और वीडियो संदेश जारी करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आयोग के अंदर दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा बार-बार आपत्ति जताए जाने के बावजूद एकतरफा फैसले लेना यह साबित करता है कि निष्पक्ष संस्था को 'एकतरफा' तरीके से चलाया जा रहा है।ममता बनर्जी ने तीखे शब्दों में कहा:यह इतिहास का सबसे चौंकाने वाला और अभूतपूर्व घोटाला है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उनके पास इस संवैधानिक पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है।उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के एसआईआर के नाम पर लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में चुनाव के दौरान वोटरों को मताधिकार से वंचित किया गया, इसलिए उन सभी राज्यों में पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर दोबारा निष्पक्ष चुनाव कराए जाने चाहिए।ममता ने चेतावनी दी कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद पर रहेंगे, विपक्ष का 'इंडिया' गठबंधन देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगा और इस मुद्दे को लेकर सड़क से संसद तक बड़ा आंदोलन छेड़ेगा।Omar Abdullah Reaction: 'यह संविधान पर हमला नहीं तो और क्या है?'जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग के भीतर उपजे मतभेदों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे अत्यंत चिंताजनक बताया। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा:यदि यह संविधान पर खुला हमला नहीं है, तो फिर क्या है? राहुल गांधी बिल्कुल सही कह रहे थे। हमने तो पहले भी परिसीमन (Delimitation) के समय आयोग की अपारदर्शी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए थे।उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि जब संवैधानिक संस्था के शीर्ष तीन आयुक्तों में से दो वरिष्ठ सदस्य ही फैसलों पर 14 बार लिखित असहमति जता रहे हों, तो यह साफ हो जाता है कि सब कुछ ठीक नहीं है।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश की जनता का निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया से ही भरोसा उठ जाएगा, तो फिर भारतीय लोकतंत्र में बचेगा ही क्या?Opposition Unity: राहुल, केजरीवाल और उद्धव का एक सुर में वारकांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि संस्थागत स्तर पर नागरिकों के मतों की चोरी संविधान पर गंभीर आघात है। उन्होंने कहा कि चुनावी मशीनरी को मनमाने ढंग से चलाने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पूरे एसआईआर प्रोसेस को तत्काल रद्द करने और पिछले वर्षों की मूल वोटर लिस्ट को बहाल करने की मांग की। उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था को किसी राजनीतिक दल की शाखा की तरह काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।Election Commission Stance: चुनाव आयोग ने मतभेद की खबरों पर क्या दी सफाई?विपक्षी दलों के इन तीखे हमलों और मीडिया रिपोर्ट पर चुनाव आयोग ने भी अपना आधिकारिक पक्ष रखा है:संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा: चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि फाइलों पर लिखित आपत्तियां, कानूनी सुझाव, तकनीकी आपत्तियां और आंतरिक जांच-पड़ताल किसी भी बहु-सदस्यीय संवैधानिक आयोग की सामान्य और पारदर्शी कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं।सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय: आयोग ने कहा कि एसआईआर सहित सभी अंतिम नीतिगत निर्णय तय नियमों, कानूनी प्रावधानों और आयोग के सभी सदस्यों की सामूहिक सहमति से ही लागू किए गए हैं। सुझावों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को त्रुटिहीन और मतदाताओं के अधिकारों को सुरक्षित बनाना था, जिसे अनावश्यक रूप से विवाद का रूप दिया जा रहा है।इस पूरे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया और एसआईआर नोटिसों पर सख्त रुख अपनाए जाने के बाद, अब चुनाव आयोग की अंदरूनी कार्यप्रणाली का मुद्दा देश के सबसे बड़े सियासी टकराव का केंद्र बन चुका है।
Kalkaji घटना के बाद DDA ने अपने सभी पार्कों के लिए जारी किए नए सुरक्षा दिशानिर्देश
कालकाजी क्षेत्र के एक पार्क में तीन लोगों द्वारा 17 वर्षीय एक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की घटना के बाद सुरक्षा के मुद्दे पर हुई आलोचनाओं के बीच दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बुधवार को अपने सभी पार्कों के लिए सुरक्षा उपाय जारी किए। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरणजीत सिंह संधू ने डीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और एक सप्ताह के भीतर सभी पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने कहा, इस अंतरिम अवधि के दौरान डीडीए ने दिल्ली के अपने सभी पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए। डीडीए ने मामले का संज्ञान लेते हुए अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पार्कों में सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई निवारक और नागरिक-केंद्रित उपाय शुरू किए। सुरक्षा उपायों में शाम के समय सुरक्षाकर्मियों द्वारा सतर्कता बढ़ाना, सूर्यास्त के बाद प्रवेश पर प्रतिबंध, प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने सहित अन्य कदम शामिल हैं।
सनातन धर्म परंपरा में पितृ पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष की 16 दिनों की अवधि पूर्वजों, कुलदेवताओं और पितरों के प्रति श्रद्धा, तर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पावन कालखंड मानी जाती है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष 26 सितंबर से पितृ पक्ष का शुभारंभ हो रहा है, जो आश्विन माह की सर्वपितृ अमावस्या तक चलेगा। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन 16 दिनों में पितर सूक्ष्म रूप में अपने वंशजों के घरों में पधारते हैं और उनकी निष्ठा, सेवा भाव व सात्विकता को देखकर तृप्त होते हैं।शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है कि जिस घर में गंदगी, नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष का वास होता है, वहां पितर देव अप्रसन्न होकर बिना आशीर्वाद दिए लौट जाते हैं, जिससे जीवन में 'पितृ दोष' (Pitru Dosh) की स्थिति उत्पन्न होती है। अतः 26 सितंबर को पितृ पक्ष शुरू होने से पहले घर की गहन साफ-सफाई के साथ-साथ इन 4 अशुभ और नकारात्मक वस्तुओं को तुरंत बाहर कर देना चाहिए ताकि पूर्वजों की असीम कृपा प्राप्त हो सके।1. Broken Mirrors and Cracked Glassware: टूटे शीशे और दरके कांच के बर्तनघर में किसी भी कोने में रखा चटका या टूटा हुआ दर्पण (Mirror), खिड़की का टूटा कांच या दरार पड़े हुए क्रॉकरी/कांच के बर्तन भारी वास्तु दोष उत्पन्न करते हैं।दोष का कारण: वास्तु शास्त्र में दर्पण और कांच को राहु और ऊर्जा के परावर्तन (Reflection) का कारक माना गया है। टूटे हुए दर्पण से निकलने वाली नकारात्मक तरंगे घर के मानसिक वातावरण को दूषित करती हैं।पितृ पक्ष पर असर: मान्यता है कि खंडित वस्तुओं की उपस्थिति से घर में 'शोक ऊर्जा' का संचार होता है। जब पितर घर में प्रवेश करते हैं, तो ऐसी नकारात्मक ऊर्जा उन्हें अशांत करती है। इसलिए घर में पड़े किसी भी टूटे हुए शीशे या चटके बर्तनों को आज ही बाहर का रास्ता दिखाएं।2. Broken Idols and Torn Religious Pictures: खंडित मूर्तियां और फटी तस्वीरेंअक्सर पूजा घर या घर के किसी कोने में भगवान की टूटी हुई मूर्तियां, दरके हुए शिवलिंग या पुरानी व फटी हुई धार्मिक तस्वीरें रखी रह जाती हैं।शास्त्रसम्मत नियम: किसी भी खंडित मूर्ति की पूजा करना या उसे घर में सहेज कर रखना शास्त्रों में निषेध माना गया है। खंडित मूर्ति से प्राण-ऊर्जा समाप्त हो जाती है और वह वास्तु दोष का केंद्र बन जाती है।विसर्जन विधि: पितृ पक्ष शुरू होने से पहले पूजा स्थल की संपूर्ण शुद्धि करें। यदि कोई प्रतिमा खंडित हो गई है या तस्वीर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, तो उसे आदरपूर्वक किसी पवित्र नदी, बहते जल में प्रवाहित कर दें या किसी पीपल के वृक्ष की जड़ के समीप साफ कपड़े में लपेटकर विसर्जित कर दें।3. Stopped Clocks and Non-Working Electronics: बंद पड़ी घड़ियां और कबाड़ इलेक्ट्रॉनिक्सदीवार पर टंगी बंद घड़ी, टेबल पर रखा रुका हुआ टाइमपीस या बरसों से ड्रॉर में पड़ा खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान घर में समय की प्रगति को अवरुद्ध करता है।ऊर्जा अवरोध: ज्योतिष और वास्तु में घड़ी को कालचक्र और जीवन की प्रगति का प्रतीक माना गया है। बंद घड़ी घर में दुर्भाग्य, अकर्मण्यता और आर्थिक गतिरोध लाती है।कबाड़ का निस्तारण: यदि घड़ी की बैटरी खत्म हो गई है, तो तुरंत नया सेल लगाएं और उसे चालू करें। यदि वह पूरी तरह खराब हो चुकी है या कोई पुराना इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केवल जगह घेर रहा है, तो उसे कबाड़ में निकाल दें। पितृ पक्ष में घर का हर कोना गतिशील और स्वच्छ ऊर्जा से युक्त होना चाहिए।4. Old Footwear, Torn Mattresses and Dirty Clutter: फटे-पुराने जूते-चप्पल और फटे गद्देघर के मुख्य द्वार पर या सीढ़ियों के नीचे बिखरे हुए पुराने घिसे जूते-चप्पल, टूटी चप्पलें, फटे-पुराने कंबल और गद्दे शनि और दरिद्रता की नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं।मुख्य द्वार की शुद्धि: पितरों का आगमन घर के मुख्य द्वार (Main Entrance) से माना जाता है। यदि मुख्य द्वार पर टूटे जूते-चप्पल या कूड़े-कबाड़ का अंबार लगा रहेगा, तो यह पितरों का अनादर माना जाता है।संस्कार और नियम: अनुपयोगी, फटे जूते-चप्पलों को तुरंत फेंकें और मुख्य द्वार को गंगाजल मिले पानी से पोंछकर स्वच्छ बनाएं। फटे-पुराने और बदबूदार बिस्तरों को हटाकर घर में साफ, धुले और सुगंधित वस्त्रों का ही उपयोग करें।Pitru Paksha Shuddhi Rules: 26 सितंबर से पहले इन बातों का भी रखें ध्याननकारात्मक वस्तुओं को हटाने के साथ-साथ पितृ पक्ष के स्वागत के लिए घर में कुछ सात्विक परंपराओं का पालन अवश्य करना चाहिए:गंगाजल और गोमूत्र का छिड़काव: पूरे घर में, विशेषकर रसोई, पूजा स्थल और मुख्य द्वार पर गंगाजल और थोड़ा गोमूत्र मिलाकर छिड़कें। इससे वातावरण पूर्णतः कीटाणु-मुक्त और आध्यात्मिक रूप से शुद्ध होता है।कपूर और गूगल की धूप: घर में प्रतिदिन संध्या समय कपूर, लौंग और शुद्ध गूगल की धूप दिखाएं। इसकी सुगंध से नकारात्मक जीवाणु और सूक्ष्म दोष स्वतः समाप्त हो जाते हैं।ईशान और दक्षिण दिशा का संतुलन: घर की दक्षिण दिशा यम और पितरों की मानी जाती है। इस दिशा को हमेशा भारी और साफ रखें, जबकि उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) को पूरी तरह हल्का और स्वच्छ रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह बना रहे।समय रहते इन अवांछित वस्तुओं को घर से बाहर कर आप अपने घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं, जिससे 26 सितंबर से शुरू हो रहे पितृ पक्ष में पितरों का आशीर्वाद पूरे परिवार पर सुख-शांति और समृद्धि बनकर बरसेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से 20 बागी तृणमूल कांग्रेस सांसदों की अयोग्यता याचिका पर त्वरित निर्णय लेने की उम्मीद जताई है। पीठ ने कहा कि वह स्पीकर को निर्देश नहीं दे सकती, लेकिन त्वरित समाधान की याद दिलाना चाहती है, जिस पर स्पीकर के वकील ने कहा कि अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी जानते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों (ECs) की नियुक्ति से जुड़े चयन पैनल के विवाद ने एक बार फिर बड़ा कानूनी और संवैधानिक मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा पारित 'मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को 5 सदस्यीय संविधान पीठ (Constitution Bench) के पास भेजने का निर्णय लिया है।शीर्ष अदालत की दो जजों की खंडपीठ ने याचिकाओं पर विचार करते हुए पाया कि इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मुद्दे पर जजों की कानूनी राय बंटी हुई है और इसमें संविधान के मूलभूत ढांचे (Basic Structure) तथा निष्पक्ष चुनाव से जुड़े गहरे संवैधानिक सवाल निहित हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक एक बड़ी संवैधानिक पीठ इस कानून की वैधता पर अंतिम फैसला नहीं सुना देती, तब तक इस चयन प्रक्रिया की संवैधानिकता का प्रश्न खुला रहेगा।Why Judges Had Divergent Views: जजों के बीच राय बंटने के मुख्य आधारसुनवाई के दौरान खंडपीठ के जजों के बीच विधायी शक्ति और न्यायपालिका के पिछले फैसलों की व्याख्या को लेकर मतभेद उभरे:एक दृष्टिकोण (संसद की विधायी सर्वोच्चता): इस विचार के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 324(2) में स्पष्ट लिखा गया है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाए जाने वाले कानून के अधीन होगी। जब संसद ने विधिवत कानून पारित कर दिया है, तो चयन पैनल की संरचना तय करना विधायिका का अधिकार क्षेत्र है और इसमें न्यायपालिका को दखल देने से बचना चाहिए।दूसरा दृष्टिकोण (संस्थान की स्वायत्तता और अनूप बरनवाल फैसला): दूसरे विचार का मानना है कि मार्च 2023 में 5 जजों की संविधान पीठ (अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ) ने निष्पक्ष चुनाव को लोकतंत्र का आधार स्तंभ मानते हुए ही सीजेआई को पैनल में शामिल किया था। सरकार द्वारा सीजेआई को हटाकर अपने ही एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल करने से 2:1 के बहुमत से कार्यपालिका का ही पूर्ण वर्चस्व स्थापित हो जाता है, जो चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संस्थागत स्वतंत्रता को प्रभावित करता है।राय में एकरूपता न होने और अनूप बरनवाल मामले के 5 जजों के पूर्व फैसले की नजीर के चलते मामले को औपचारिक रूप से चीफ जस्टिस को रेफर किया गया ताकि वे 5 जजों की नई संविधान पीठ का गठन कर सकें।How 2023 Law Replaced CJI: जानिए 2023 के कानून से क्या हुआ बदलावमार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट की तत्कालीन 5 जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाया था कि जब तक संसद कोई नया कानून नहीं बनाती, तब तक चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक त्रिसदस्यीय समिति की सिफारिश पर होगी, जिसमें शामिल थे:भारत के प्रधानमंत्री (अध्यक्ष)लोकसभा में विपक्ष के नेता (या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता)भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)हालांकि, दिसंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों ने नया कानून पारित किया। इस नए कानून में चयन समिति का स्वरूप बदल दिया गया:भारत के प्रधानमंत्री (अध्यक्ष)लोकसभा में विपक्ष के नेताप्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्रीइस फेरबदल से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को समिति से पूरी तरह बाहर कर दिया गया और उनकी जगह एक केंद्रीय मंत्री को बिठा दिया गया। इसी प्रावधान को एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR), डॉ. जया ठाकुर और अन्य याचिकाकर्ताओं ने असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।Petitioners Argument vs Governments Stance: अदालत में दोनों पक्षों की दलीलेंइस ऐतिहासिक मामले में दोनों पक्षों के बीच तीखी कानूनी बहस देखने को मिली है:याचिकाकर्ताओं की दलीलें:समिति में प्रधानमंत्री और उनके द्वारा मनोनीत कैबिनेट मंत्री के होने से सरकार के पास हमेशा 2:1 का पूर्ण बहुमत रहेगा।विपक्ष के नेता की भूमिका केवल प्रतीकात्मक (फॉर्मल) रह जाएगी।निर्वाचन आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था की नियुक्ति में कार्यपालिका की ऐसी एकतरफा शक्ति स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव (Free and Fair Elections) के सिद्धांत पर आघात करती है।केंद्र सरकार का पक्ष:संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 324(2) के तहत कानून बनाने की संपूर्ण शक्ति केवल और केवल संसद को सौंपी थी।सुप्रीम कोर्ट का मार्च 2023 का फैसला सिर्फ एक 'स्टॉप-गैप अरेंजमेंट' (अंतरिम व्यवस्था) था, जो कानून बनने तक के लिए ही लागू था।न्यायपालिका कार्यपालिका के प्रशासनिक चयन पैनलों में अनिवार्य रूप से शामिल नहीं हो सकती, क्योंकि यह शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत का उल्लंघन होगा।What Happens Next: संविधान पीठ के सामने क्या होंगे मुख्य कानूनी सवाल?अब देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) इस मामले की सुनवाई के लिए 5 वरिष्ठ न्यायाधीशों की एक विशेष संविधान पीठ अधिसूचित करेंगे। संविधान पीठ मुख्य रूप से इन तीन बड़े संवैधानिक सवालों की समीक्षा करेगी:क्या संसद द्वारा बनाया गया 2023 का कानून संविधान के मूल ढांचे और चुनाव आयोग की स्वायत्तता का उल्लंघन करता है?क्या चयन समिति से मुख्य न्यायाधीश को बाहर कर कार्यपालिका के बहुमत वाला पैनल बनाना मनमाना (Arbitrary) और अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है?क्या पूर्व में 5 जजों की संविधान पीठ द्वारा दिए गए निर्देशों को विधायी प्रक्रिया द्वारा इस तरह बदला जा सकता है?जब तक संविधान पीठ का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और उसकी चयन प्रक्रिया को लेकर देश की विधिक और राजनीतिक बिरादरी में यह बहस पूरी तीव्रता से जारी रहेगी।
विश्व के पहले हिन्दी पोर्टल वेबदुनिया के 27 वर्ष पूर्ण, CM मोहन यादव समेत अन्य मंत्रियों ने दी बधाई
Webdunia Hindi 27 Years: डिजिटल क्रांति के दौर में हिन्दी को उसकी असली पहचान दिलाने वाले 'वेबदुनिया' ने आज (23 सितंबर, 2026) को अपनी यात्रा के 27 सुनहरे साल पूर्ण कर लिए हैं। विश्व के पहले हिन्दी न्यूज पोर्टल की इस अनवरत यात्रा पर मध्य प्रदेश के ...
भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और चर्चित सस्पेंस-थ्रिलर फ्रैंचाइजी 'दृश्यम' के बहुप्रतीक्षित तीसरे व अंतिम भाग 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' (Drishyam: The Conclusion) का पहला ट्रैक 'मुस्कुरा दो' (Muskura Do) आधिकारिक तौर पर रिलीज कर दिया गया है। गाने के आउट होते ही सोशल मीडिया और म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस गाने की सबसे बड़ी यूएसपी 90 के दशक के इंडी-पॉप लीजेंड लकी अली (Lucky Ali) की आवाज है, जिन्होंने अपनी विशिष्ट, सुकून देने वाली और मखमली गायकी से इस ट्रैक में जान फूंक दी है।जहां दृश्यम फ्रेंचाइजी अपनी तीखी मिस्ट्री, कोर्ट-कचहरी, पुलिस जांच और दिमाग घुमा देने वाले ट्विस्ट्स के लिए जानी जाती है, वहीं इस नए गाने में विजय साल्गांवकर के परिवार के भावनात्मक बंधन, उनकी आपसी एकजुटता और तूफानों के बीच शांति तलाशने की कोशिश को बेहद खूबसूरती से पिरोया गया है।Soulful Melody and Lyrics: तनाव के बीच साल्गांवकर परिवार का सुकून'मुस्कुरा दो' गाने का मिजाज पूरी तरह सॉफ्ट-एकॉस्टिक और मेलोडियस है। गाने के विजुअल्स में दिखाया गया है कि कैसे वर्षों के डर, कानूनी जांच और मानसिक दबाव के बावजूद परिवार एक-दूसरे का संबल बना हुआ है।संगीत और संयोजन: गाने का म्यूजिक अरेंजमेंट बेहद सादा और दिल को छू लेने वाला है। एकॉस्टिक गिटार, हल्की बांसुरी और वॉयलिन के बैकग्राउंड नोट्स लकी अली की आवाज के साथ एक सम्मोहक माहौल तैयार करते हैं।अर्थपूर्ण बोल: गाने के बोल उन पलों को बयां करते हैं जहां बाहरी दुनिया चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हो, अपनों की एक मुस्कान इंसान को हर जंग लड़ने का हौसला दे जाती है।लकी अली का जादुई अंदाज: लंबे समय बाद किसी बड़े फिल्मी प्रोजेक्ट में लकी अली का ऐसा शुद्ध, अनप्लग्ड और सुकून देने वाला गाना सुनने को मिला है, जिसने उनके प्रशंसकों को उनके क्लासिक गानों 'ओ सनम' और 'सफरनामा' के दौर की याद दिला दी है।Drishyam Saga The Climax: क्या साल्गांवकर परिवार को मिलेगा न्याय या राजफाश?'दृश्यम' (2015) और 'दृश्यम 2' (2022) की ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस सफलता के बाद 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' इस कहानी का अंतिम अध्याय माना जा रहा है। 2 और 3 अक्टूबर की स्वामी चिन्मयानंद जी के आश्रम वाली वो कहानी, जिसने पूरे देश के दर्शकों को सिनेमाघरों में अपनी कुर्सियों से बांधे रखा था, अब अपने अंतिम और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।पहले दो भागों में जहां विजय साल्गांवकर (अजय देवगन) ने अपने परिवार को बचाने के लिए पुलिस तंत्र की आंखों में धूल झोंक दी थी, वहीं इस कन्क्लूजन पार्ट में जांच एजेंसियों का शिकंजा और अधिक कसता दिखाई देगा। मेकर्स ने इस गाने के जरिए यह संकेत दिया है कि थ्रिलर के पीछे की असली ताकत उस परिवार का आपस में अटूट प्यार और भरोसा है।Audience and Social Media Reactions: रिलीज होते ही यूट्यूब पर छाया गानागाने के म्यूजिक वीडियो के रिलीज होते ही यूट्यूब, इंस्टाग्राम रील्स और एक्स (ट्विटर) पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है:फैंस का कहना है कि थ्रिलर फिल्म में एक ऐसा मेलोडियस गाना कहानी की गति को ब्रेक नहीं देता, बल्कि किरदारों के साथ दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव और गहरा कर देता है।लकी अली की गायकी की तारीफ करते हुए एक यूजर ने लिखा, लकी अली की आवाज किसी बाम की तरह है, जो आज के शोर-शराबे वाले संगीत के बीच रूह को सुकून देती है।म्यूजिक चार्ट्स पर यह ट्रैक रिलीज के चंद घंटों में ही टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल हो गया है।
चुनाव आयोग पर घमासान के बीच संबित पात्रा का कांग्रेस पर हमला, नवीन चावला का किया जिक्र
भारतीय जनता पार्टी के नेता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला समेत अन्य नियुक्तियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को मजबूत किया है।
झारखंड की लौहनगरी जमशेदपुर की सुरम्य दलमा की पहाड़ियों की तलहटी (बोड़ाम/पटमदा प्रखंड) में स्थित हाथीखेड़ा बाबा मंदिर (Hathikheda Mandir) आस्था, लोक-विश्वास और अनूठी मान्यताओं का एक ऐसा केंद्र है, जिसके नियम सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है। लगभग 300 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में भगवान शिव और गजराज (हाथी) के स्वरूप में 'हाथीखेड़ा बाबा' की पूजा-अर्चना की जाती है।झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। लेकिन जितनी गहरी इस मंदिर की मान्यता है, उतने ही कठोर और विस्मयकारी यहां के नियम हैं। इस मंदिर में चढ़ाए गए प्रसाद को लेकर दो ऐसे नियम सदियों से चले आ रहे हैं, जिनका उल्लंघन करने की हिम्मत कोई नहीं करता—पहला, मंदिर का प्रसाद किसी भी सूरत में मंदिर की सीमा से बाहर या घर नहीं ले जाया जा सकता, और दूसरा, इस मुख्य भोग/प्रसाद को महिलाएं ग्रहण नहीं कर सकतीं।Temple Prasad Strict Rules: न घर ले जाने की अनुमति, न महिलाओं को भोगहाथीखेड़ा बाबा मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण और उपभोग को लेकर बेहद कड़े रीति-रिवाज बनाए गए हैं:मंदिर सीमा से बाहर प्रसाद ले जाना पूर्णतः वर्जित: श्रद्धालु बाबा के दरबार में जो भी भोग (चाहे वह खीर, खिचड़ी हो या मन्नत पूरी होने पर दी गई बलि का प्रसाद) तैयार करते हैं, उसे मंदिर के तय परिक्षेत्र के भीतर ही पकाना और खाना होता है। इस प्रसाद का एक भी कण मंदिर की परिधि से बाहर ले जाना वर्जित माना गया है। यदि कोई भूलवश या जानबूझकर प्रसाद घर ले जाने का प्रयास करता है, तो लोक-मान्यता के अनुसार उसके साथ अनहोनी की आशंका बनी रहती है।प्रसाद बचा तो परिसर में ही विसर्जित: यदि भोजन या प्रसाद बच जाता है, तो उसे फेंकने या बाहर ले जाने के बजाय मंदिर परिसर की मिट्टी में ही विधि-विधान से गड्ढा खोदकर समाहित (दफन) कर दिया जाता है, ताकि किसी जीव-जंतु द्वारा उसे सीमा के बाहर न ले जाया जा सके।महिलाओं के लिए प्रसाद निषेध: मंदिर के मुख्य अनुष्ठानिक प्रसाद को महिलाओं को देने या उनके द्वारा ग्रहण करने की सख्त मनाही है। महिलाएं मंदिर में आकर दर्शन-पूजन कर सकती हैं, माथा टेक सकती हैं और सामान्य पूजा सामग्री अर्पित कर सकती हैं, लेकिन मुख्य बलि या तर्पण से जुड़े महाप्रसाद को वे न तो छू सकती हैं और न ही खा सकती हैं।The Legend Behind the Rituals: क्या है इन अनोखे नियमों के पीछे का रहस्य?स्थानीय लोक कथाओं और ग्रामीणों के अनुसार, इस परंपरा के पीछे सदियों पुरानी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं:ग्रामीण मान्यता और तांत्रिक विधि: मंदिर के पुजारी और बुजुर्ग बताते हैं कि हाथीखेड़ा बाबा ग्राम देवता और वन रक्षक के रूप में पूजे जाते हैं। यहां के अनुष्ठान प्राचीन जनजातीय एवं तांत्रिक पद्धति से जुड़े हुए हैं। ऊर्जा के तीव्र प्रवाह और कठिन साधना के नियमों के कारण महिलाओं को इस विशेष भोग के सेवन से दूर रखा जाता है, ताकि उन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।मन्नत पूरी होने पर मिट्टी के हाथी अर्पित करने की परंपरा: मंदिर का नाम 'हाथीखेड़ा' इसलिए पड़ा क्योंकि दलमा के जंगलों में जंगली हाथियों का निवास है और उन्हें बाबा का दूत माना जाता है। श्रद्धालु जब यहां मन्नत मांगते हैं, तो मनोकामना पूरी होने पर वे मंदिर परिसर में मिट्टी या टेराकोटा से बने छोटे-बड़े हाथी बाबा को भेंट स्वरूप चढ़ाते हैं। आज पूरे मंदिर प्रांगण में हजारों रंग-बिरंगे मिट्टी के हाथी देखे जा सकते हैं।Devotees and Daily Life: दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु, खुद बनाते हैं भोगहाथीखेड़ा मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु अपनी मन्नत के अनुसार भोजन सामग्री (चावल, दाल, आटा, मसाले) साथ लेकर पहुंचते हैं। मंदिर के चारों ओर बने खुले शेड्स और पेड़ों के नीचे परिवार के पुरुष सदस्य स्वयं अपने हाथों से भोजन व भोग तैयार करते हैं।बाबा को भोग लगाने के बाद वहीं बैठकर सभी पुरुष व बच्चे एक साथ पंगत में प्रसाद ग्रहण करते हैं। दर्शन के लिए आने वाली महिला श्रद्धालु बाबा का आशीर्वाद लेकर सामान्य सूखे मेवे या फल आदि ही ग्रहण करती हैं और मुख्य महाप्रसाद केवल पुरुषों द्वारा ही वहीं समाप्त किया जाता है।प्रशासन और स्थानीय मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिसर में स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। आधुनिकता के इस दौर में भी सदियों पुरानी इन परंपराओं का अटूट पालन इस धाम को देश के अन्य मंदिरों से बिल्कुल अलग और रहस्यमयी बनाता है।
सावधान! इन राज्यों में बारिश के साथ आ सकती है तबाही, IMD ने जारी किया 'फ्लैश फ्लड' का अलर्ट
मौसम विभाग ने चार राज्यों के 33 जिलों के लिए फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले कुछ समय में यहां तेजी के साथ बारिश हो सकती है, जिससे नदियां और नाले उफान पर आने की आशंका है।
Delhi Monsoon: राष्ट्रीय राजधानी से 83 दिन बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून विदा, 14 साल में सबसे छोटा दौर
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 83 दिन की अवधि पूरी करने के बाद बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी से विदा ली जो पिछले 14 वर्षों में दिल्ली में मानसून का सबसे छोटा दौर रहा। हालांकि देर से दस्तक देने के बावजूद, इस बार मानसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दो जुलाई को दिल्ली में दस्तक दी थी और इसने 23 सितंबर को विदाई ली। यानी मानसून राष्ट्रीय राजधानी में 83 दिन रहा। इसके मुकाबले 2025 में यह 87 दिन, 2024 में 96 दिन और 2023 में 97 दिन रहा था। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में इससे कम अवधि तक मानसून आखिरी बार 2012 में रहा था। उस साल मानसून ने सात जुलाई को दस्तक देने के बाद 25 सितंबर को विदाई ली थी। इस तरह 2012 में मानसून 80 दिन ही रहा था। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार भी दिल्ली में देर से दस्तक दी। वह दो जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा, जबकि इसके पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून है। पांच साल बाद ऐसा हुआ है, जब मानसून ने जुलाई में दिल्ली में दस्तक दी। इससे पहले 2021 में उसने 13 जुलाई को दस्तक दी थी। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी विदा हो गया है। इस बार मानसून की विदाई सामान्य तारीख 25 सितंबर से दो दिन पहले हुई। पिछले साल मानसून 24 सितंबर को दिल्ली से लौटा था। वर्ष 1961 के बाद दिल्ली से मानसून की सबसे जल्दी विदाई 1982 में हुई थी, जब वह तीन सितंबर को ही लौट गया। इसके विपरीत 2013 में मानसून 17 अक्टूबर तक डेरा डाले रहा था। मानसून भले ही इस बार कम समय के लिए दिल्ली में ठहरा, लेकिन बारिश के मामले में उसने कोई कमी नहीं छोड़ी। पूरे मौसम में राजधानी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। शहर की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग में एक जून से 23 सितंबर तक 728.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 629.7 मिलीमीटर होती है। यानी इस बार बारिश सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक रही। आईएमडी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सामान्य से अधिक बारिश के बावजूद इस साल बारिश का कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं बना। इसकी वजह यह है कि पिछले दो वर्षों में दिल्ली में 900 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि, पूरी दिल्ली में बारिश का दौर एक जैसा नहीं रहा। जुलाई में रिज क्षेत्र में 285.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 188.5 मिलीमीटर है। यानी यहां बारिश सामान्य से 51 प्रतिशत अधिक रही। लोधी रोड में 274.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 201.9 मिलीमीटर की सामान्य बारिश से 36 प्रतिशत अधिक है। आयानगर में जुलाई के दौरान 210.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 178.5 मिलीमीटर है। यहां बारिश सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक रही। दूसरी ओर, पालम एकमात्र प्रमुख वेधशाला रहा, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। यहां 179.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 198.2 मिलीमीटर है। अगस्त मानसून का सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना रहा। सफदरजंग में इस माह सामान्य 222.9 मिलीमीटर की तुलना में 354.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई यानी सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक।
एक चिता पर हत्यारा पति, पत्नी और बेटा... आजमगढ़ में भतीजी ने दी मुखाग्नि
Azamgarh Encounter Case: आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाले अरविंद सिंह का एनकाउंटर. राजघाट पर कोई पुरुष नहीं बचा तो भतीजी ने दी आरोपी चाचा, चाची और भाई को मुखाग्नि. पुलिस रेस्क्यू में बचाई गईं दो बेटियां. पढ़ें खौफनाक वारदात की इनसाइड स्टोरी.
'बार काउंसिल कैसे कर सकती है लॉ कॉलेजों का नियमन', सुप्रीम कोर्ट का सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की लॉ कॉलेजों को विनियमित करने की शक्ति पर सवाल उठाया है।
सहारनपुर में मंदिर पर प्रसाद चढ़ाने गया था 12 साल का बच्चा, कुत्तों के झुंड ने नोच-नोचकर ले ली जान
सहारनपुर में 12 साल के मन्नू की आवारा कुत्तों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई. गोगा म्हाड़ी पर प्रसाद चढ़ाने पहुंचे बच्चे को कुत्तों के झुंड ने घेर लिया और हमला कर दिया.
बॉलीवुड गीत पहेली: 1997 में शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित, करिश्मा कपूृर और अक्षय कुमार की एक फिल्म आई थी. जिसमें 'कोई लड़की है' गाना आया था. अब मजेदार यह है कि क्या आप जानते हैं इस गाने में उदित नारायण और लता मंगेशकर ने कितनी बार चक धूम धूम शब्दों का इस्तेमाल किया था?
IIT दिल्ली से पढ़कर IPS बनीं Gen Z जया शर्मा, हरियाणा पुलिस की DSP ने कर दिखाया कमाल
जया शर्मा Gen Z की IPS अधिकारी हैं. HPSC में 8वीं रैंक लाकर DSP बनने से लेकर IIT दिल्ली, ISRO रिसर्च और UPSC में 248वीं रैंक हासिल करने तक, जानिए उनकी संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.
'विनिंग कैप्टन का चुना अंपायर संदेह के घेरे में', CEC की नियुक्ति पर SC की अहम टिप्पणी
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के जज दीपांकर दत्ता ने अहम टिप्पणी की. उन्होंने क्रिकेट मैच का उदाहरण दिया और कहा कि अगर क्रिकेट मैच में अंपायर को एक टीम का कप्तान चुनता है और उसकी टीम जीत जाती है, तो भले ही उस अंपायर के फ़ैसले सही हों, उन पर शक की गुंजाइश बनी रहती है.
चुनाव आयोग में बढ़ी खींचतान: दो आयुक्तों ने 14 बार उठाए सवाल, मचा सियासी बवाल
चुनाव आयोग में अंदरूनी खींचतान बढ़ गई है, जहां दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर 14 से अधिक बार आपत्तियां उठाई हैं, जिससे राजनीतिक बवाल मच गया है। आयोग ने हालांकि सफाई दी है कि सभी महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और अंदरूनी मतभेद सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
जमीन विवाद में 8-10 राउंड चली गोलियां, एक शख्स DMCH में भर्ती
दरभंगा के पंचोभ में जमीन की घेराबंदी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. पहले लाठी-डंडों से हमला हुआ और फिर 8 से 10 राउंड फायरिंग की गई. गोली लगने से विजय भगत घायल हो गए. घटना का CCTV फुटेज सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, एक ही जमीन की दो लोगों को रजिस्ट्री विवाद की वजह है. दोनों पक्षों ने अभी शिकायत नहीं दी है.
गणेश विसर्जन के दौरान बेतवा में बहने लगा युवक, गोताखोरों ने नदी में छलांग लगाकर बचाया
निवाड़ी के ओरछा में गणेश विसर्जन के दौरान झांसी से आया युवक बेतवा नदी के तेज बहाव में बहने लगा. पानी में डूबते युवक को देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई. ओरछा पर्यटक चौकी प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों और स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और युवक को पानी से बाहर निकाल लिया. समय रहते रेस्क्यू होने से बड़ा हादसा टल गया.
West Bengal में बुनियादी ढांचे और छात्रों की कमी वाले 250 निजी मदरसे होंगे बंद
पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने बुधवार को 250 सरकारी मान्यता प्राप्त निजी मदरसों को धीरे-धीरे बंद करने का सैद्धांतिक रूप से फैसला किया। इनमें से ज्यादातर में छात्रों की संख्या बहुत कम या नगण्य है और बुनियादी ढांचा भी पर्याप्त नहीं है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि राज्यभर के इन मदरसों को वर्तमान में नामांकित कुछ छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए दिसंबर तक कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दी जाएगी, जिसके बाद इन्हें बंद कर दिया जाएगा। मंत्रिमंडल ने विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 1.51 लाख कर्मियों की भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। अधिकारी ने कहा, “मंत्रिमंडल ने ऐसे 250 निजी मदरसों को बंद करने का सैद्धांतिक रूप से फैसला किया है, जहां पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं है और छात्रों की संख्या बहुत कम है। इन्हें दिसंबर तक संचालन की अनुमति दी जाएगी।”उन्होंने बताया कि इन संस्थानों से संबंधित रिपोर्ट दुर्गा पूजा उत्सव से पहले मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम राज्य सरकार की ओर से 252 गैर-अधिकृत मदरसों को बंद करने और करीब 100 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। राज्यव्यापी सर्वेक्षण में पाया गया था कि इनमें से कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी और बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। अधिकारी ने कहा कि भविष्य में बिना सरकारी पंजीकरण के संचालित करीब 2,500 मदरसों को भी चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने कथित अनियमितताओं को लेकर 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। अधिकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल ने विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 1.51 लाख कर्मियों की भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस में 16,000 पद शामिल हैं। इनमें से 12,000 कर्मियों की भर्ती पश्चिम बंगाल पुलिस में और 4,000 की कोलकाता पुलिस में की जाएगी। वरिष्ठ नौकरशाह ने कहा, “सरकार चाहती है कि सभी विभागों में भर्ती प्रक्रिया तेज की जाए और रिक्त पदों को भरा जाए, ताकि सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित न हों। संबंधित विभागों से भर्ती प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने को कहा गया है।”उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी विभागों को भर्ती से जुड़े मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और बजट आवंटन का उपयोग निर्धारित योजनाओं के अनुसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मंत्रिमंडल ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के निमतौड़ी में नया सुधार गृह स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी और आयुष को अलग विभाग का दर्जा दिया। सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पुस्तकालय अनुदान योजना के तहत आश्रम छात्रावासों के लिए अनुदान राशि 1,800 रुपये से बढ़ाकर 3,300 रुपये करने का फैसला किया।
जयशंकर-रुबियो की मुलाकात: भारत ने प्रतिबंधों का उठाया मुद्दा, अमेरिका ने दोस्ती का बढ़ाया हाथ
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात कर रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी प्रतिबंध कानून (SRAI) का मुद्दा उठाया।
बिहार कैबिनेट ने कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास से जुड़ी आठ परियोजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की है. इन योजनाओं के तहत 500 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा.
11वें आयुर्वेद दिवस समारोह का मुख्य अतिथि के रूप में केशव प्रसाद मौर्य ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार के पोर्टल पर नव-विकसित 'आयुष क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम एप' को विधिवत लॉन्च किया।समारोह से पूर्व उप मुख्यमंत्री ने परिसर में आयोजित आयुष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत निर्मित अत्याधुनिक स्वास्थ्य चेकअप मशीन के माध्यम से अपने स्वास्थ्य के 150 पैरामीटरों की जांच कराई। इसके पश्चात उन्होंने भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्री मौर्य ने योगासन, स्लोगन लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेता शिक्षकों, छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किए तथा संवाद कर उनका मार्गदर्शन किया।उप मुख्यमंत्री ने संतुलित आहार, योग और नियमित व्यायाम को स्वस्थ जीवन का मुख्य आधार बताते हुए संदेश दिया—स्वस्थ शरीर निरोगी काया, इससे बढ़कर ना कोई दूजी माया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस संकल्प को जीवन में उतारने का आह्वान किया।समारोह में आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर सिंह 'दयालु', पद्मश्री श्री के.के. ठकराल, श्री चंद्रशेखर, श्री मनोरंजन साहू, प्रमुख सचिव (आयुष) श्री रंजन कुमार, महानिदेशक (आयुष) श्री जी.एस. प्रियदर्शी, विशेष सचिव, निदेशक, आयुर्वेद कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
4 मर्डर और टेरर... आजमगढ़ में खौफनाक वारदात, देखें वारदात
आजमगढ़ में मंगलवार की शाम ऐसी वारदात हुई, जिसका अंत बेहद दुखद हुआ. एक शख्स ने अपने घर के भीतर 4 हत्याएं कर दी. बच्चों को घंटों तक बंधक बनाए रखा. स्थिति ऐसी हो गई कि पुलिस को इस संकट को खत्म करने के लिए बड़ा ऑपरेशन चलाना पड़ा. स्पेशल कमांडो लगाने पड़े. भारी संख्या में यूपी पुलिस की टीम मोर्चे पर डटी रही...और अंत में 4 हत्याओं का आरोपी एनकाउंटर में ढेर हो गया. देखें...
यूपीराइज में छाया आर्गेनिक फार्मिंग का आइडिया, शुभावरी ने जीता 25 हजार का पुरस्कार
सहारनपुर: योगी सरकार की पहल पर मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में बुधवार को यूपी राइज युवा शक्ति थिंक टैंक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें युवाओं को अपने स्टार्टअप और नई सोच को विशेषज्ञों और उद्यमियों के सामने रखने का अवसर मिला। इसमें आर्गेनिक फार्मिंग से जुड़े स्टार्टअप फार्म टू फैमिली को सर्वश्रेष्ठ नवाचार चुना गया। इसके लिए नवाचार करने वाली शुभावरी चौहान को 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया गया।--विद्यार्थियों का सरकार से मिले टैबलेट-स्मार्टफोन का सदपयोग करने का आह्वानविश्वविद्यालय में कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर डा. अजय सिंह और कुलपति प्रो. वाई विमला ने किया। कुलपति ने विद्यार्थियों से सरकार की ओर दिए गए टैबलेट व स्मार्टफोन का सदुपयोग नवाचार, अनुसंधान व कौशल विकास के क्षेत्र में करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने, अपनी क्षमताओं को विकसित करने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। महापौर डा. अजय कुमार ने विद्यार्थियों व युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।युवा बोले-सरकार बनी सहायक तो सामने आई प्रतिभाआयोजन के दौरान शुभावरी चौहान, अक्षत शर्मा, नंदिनी, कृष्ण त्यागी, मरियम, सावन कुमार, आशीष सिंह, बुलबुल, विशाल गर्ग, प्रियांश कुमार शर्मा, जगत राम और काजल राठौर ने अपने नवाचार पर प्रेजेंटेशन दिया। युवाओं ने एक सुर में सरकार का आभार जताते हुए कहा कि योगी सरकार ने सुरक्षा देने के साथ हुनर को जाना पहचाना है। सरकार से सहायता मिली तो प्रतिभा खुद-ब-खुद सामने आ गई।शुभावरी का स्टार्टअप फार्म टू फैमिली को सर्वश्रेष्ठ नवाचारविश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर अंबिका एकेडमिक फाउंडेशन के सीईओ अभिनव पुंडीर ने बताया कि इनमें से शुभावरी चौहान के स्टार्टअप फार्म टू फैमिली को सर्वश्रेष्ठ नवाचार चुना गया। उन्होंने बताया कि शुभावरी चौहान ने आर्गेनिक फार्मिंग के क्षेत्र में नवाचार किया। उन्होंने शुभावरी आर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड फर्म बनाकर न सिर्फ अपने कृषि उत्पादों की लेबलिंग और पैकेजिंग की बल्कि उनकी बिक्री के लिए नोएडा में सप्लाई की चेन बना डाली।सत्तू से बने प्राकृतिक पाउडर को मिली सराहनावहीं कार्यक्रम के दौरान सत्तू से प्राकृतिक प्रोटीन पाउडर बनाने वाले आशीष सिंह के स्टार्टअप प्योर पल्स न्यूट्रिशन को रनरअप चुना गया। सत्तू से बने प्राकृतिक पाउडर को हर किसी की सराहना मिली।कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थितिकार्यक्रम में कुलसचिव कमल कृष्ण, उपकुलसचिव अनूप कुमार, प्रो. विनोद कुमार, डा. मितिका, डा. अपूर्वा, डा. संदीप कुमार, मानव आदि रहे।
Sukhbir Badal ने Mann Sarkar की कल्याणकारी योजनाओं को पुरानी नीतियों की रीपैकेजिंग बताया
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के ‘मान दा मुनाफा’ दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा पंजाबियों को दिए गए सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभों को दोबारा पेश करने के अलावा कुछ नहीं है। बादल ने कहा कि जिन सभी योजनाओं का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत मान ले रहे हैं, वे पूर्ववर्ती शिअद सरकार ने शुरू की थीं। इनमें ‘आटा-दाल’, ‘शगुन’, वृद्धावस्था पेंशन और तीर्थ यात्रा जैसी योजनाएं शामिल हैं। बादल ने जंडियाला गुरु में ‘पंजाब बचाओ’ रैली को संबोधित करने के बाद संवाददाताओं से यह बात कही। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री मान ने अपनी सरकार की ‘मान दा मुनाफा’ पहल का जिक्र करते हुए दावा किया था कि मुफ्त बिजली जैसी कल्याणकारी योजनाओं के जरिए प्रत्येक परिवार को सालाना 1.82 लाख रुपये का लाभ मिल रहा है। बादल ने कहा कि यह ‘‘शर्म की बात’’ है कि जिन योजनाओं का आम आदमी पार्टी (आप) सरकार प्रचार कर रही है, उन्हें भी मान सरकार के कार्यकाल में ‘कमजोर’ कर दिया गया है। शिअद अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ‘आटा-दाल’ योजना के तहत 30 किलोग्राम गेहूं देती थी, जबकि अब इसे घटाकर पांच किलोग्राम कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना के साथ-साथ वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या भी कम कर दी गई है। बादल ने कहा कि यह सब कुछ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आप सरकार ने 11वीं और 12वीं कक्षा की छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने की योजना भी बंद कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘मुफ्त दवा दुकानों को भी बंद कर दिया गया है। गांवों में अब खेल किट वितरित नहीं की जातीं।’’उन्होंने दावा किया, ‘‘शिअद सरकार द्वारा स्थापित जिम बंद कर दिए गए हैं। यहां तक कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने वाले आरओ संयंत्र और सुविधा केंद्र तथा सांझ केंद्र भी बंद कर दिये गये हैं।’’बादल ने कहा कि लोग ‘‘मान दा मुनाफा’’ नहीं बल्कि ‘‘मान दे कारनामे’’ की चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था की स्थिति ‘पूरी तरह चरमरा गई’ है। उन्होंने कहा कि एक महीने में दो सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) की हत्या हुई है और 20 पुलिस थानों में बम विस्फोट हुए हैं। शिअद अध्यक्ष ने ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि वह आप की ‘‘बी टीम’’ के रूप में काम कर रही है। बादल ने आरोप लगाया कि आप शासन में मादक पदार्थों की समस्या बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि आप नेताओं ने मादक पदार्थ तस्करों को संरक्षण दिया है और पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने देते, क्योंकि वे तस्करों से ‘मासिक भुगतान’ ले रहे हैं।
क्या सैंडविच मेकर पड़ा है बेकार? मास्टरशेफ से सीखें 5 इस्तेमाल
Sandwich Maker Uses: सैंडविच मेकर का इस्तेमाल सिर्फ सैंडविच बनाने तक सीमित नहीं है. मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने इसके 5 ऐसे स्मार्ट हैक्स बताए हैं, जिनसे आप कई दूसरी डिशेज भी आसानी से तैयार कर सकते हैं. जानिए कैसे रसोई में पड़ी ये छोटी सी मशीन आपके कई काम आसान कर सकती है.
मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद का दो-दिवसीय चिंतन शिविर शुरू, पहले दिन क्या हुई चर्चा?
सूत्रों के अनुसार, चिंतन शिविर के पहले दिन 'विकसित भारत-2047' के लिए सुधारों और प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। चिंतन शिविर में बेहतर समन्वय और सरकार के भविष्य के एजेंडे पर भी चर्चा की गई।
दिल्ली में DDA पार्कों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है. नेहरू प्लेस के पास आस्था कुंज में हाल ही में हुई घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में ये बदलाव किए जा रहे हैं.
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं के हित में बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। ट्राई ने 'टेलीकॉम उपभोक्ता संरक्षण (तेरहवां संशोधन) विनियमन, 2026' आधिकारिक रूप से अधिसूचित करते हुए सभी प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटरों—रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vi)—को निर्देश दिया है कि वे केवल कॉलिंग और एसएमएस की सुविधा वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर (STVs) बाजार में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।लंबे समय से टेलीकॉम कंपनियां अपने अधिकतर रिचार्ज प्लान्स में वॉयस कॉलिंग और एसएमएस के साथ अनिवार्य रूप से 1GB, 1.5GB या 2GB प्रतिदिन डेटा बंडल कर रही थीं। इसके चलते वे उपभोक्ता जो इंटरनेट का उपयोग बिल्कुल नहीं करते—विशेष रूप से बेसिक कीपैड/फीचर फोन रखने वाले बुजुर्ग, ग्रामीण नागरिक और कम आय वर्ग के लोग—उन्हें भी न चाहते हुए महंगे डेटा बंडल प्लान्स खरीदने पड़ रहे थे। ट्राई के इस नए आदेश के बाद अब केवल कॉलिंग और मैसेजिंग की जरूरत रखने वाले ग्राहकों को बिना डेटा के सस्ते दामों पर रिचार्ज विकल्प मिलेंगे।Mandatory Validity and Pricing Rules: 30 दिन और कम वैधता वाले सस्ते पैक अनिवार्यट्राई ने पाया कि टेलीकॉम ऑपरेटर पहले जो इक्का-दुक्का बिना डेटा वाले प्लान देते भी थे, वे केवल लंबी अवधि (84 दिन या 365 दिन) के भारी-भरकम प्लान्स तक सीमित थे, जिससे कम बजट वाले उपभोक्ताओं को परेशानी होती थी। नए नियमों के तहत नियामक ने सख्त रूपरेखा तय की है:30 दिन और उससे कम अवधि वाले पैक: कंपनियों को 30 दिन तथा 30 दिन से कम (जैसे 14 दिन, 21 दिन, 28 दिन) की हर उस वैधता के लिए सिर्फ Voice-and-SMS वाउचर पेश करना होगा, जिस वैधता के लिए वे डेटा बंडल प्लान ऑफर करती हैं।समान तारीख पर मासिक रिन्यूअल: ऑपरेटरों को कम से कम एक ऐसा वॉयस-एसएमएस प्लान देना होगा जो हर महीने की एक ही तारीख को स्वतः रिन्यू हो सके (यदि उस महीने वह तारीख नहीं है, तो महीने के आखिरी दिन), ताकि ग्राहकों को 28 दिन के चक्र से मुक्ति मिले।लंबी अवधि का न्यूनतम एक विकल्प: 30 दिन से अधिक की वैधता वाला कम से कम एक लंबी अवधि का केवल वॉयस-एसएमएस प्लान भी पोर्टफोलियो में रखना अनिवार्य होगा।कीमतों में ठोस कटौती (Proportional Tariff Reduction): ट्राई ने स्पष्ट किया है कि बिना डेटा वाले प्लान की कीमतें डेटा-बंडल प्लान के लगभग बराबर नहीं रखी जा सकतीं। डेटा कॉम्पोनेंट हटने के अनुपात में प्लान की कीमतों में वास्तविक और व्यावहारिक कटौती दिखनी चाहिए।Telcos Opposition vs Consumer Protection: कंपनियों के तर्कों को ट्राई ने किया खारिजइस संशोधन को अंतिम रूप देने से पहले ट्राई ने व्यापक विचार-विमर्श प्रक्रिया संचालित की थी, जिसमें 1,132 से अधिक हितधारकों की प्रतिक्रियाएं दर्ज की गईं। रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था:कंपनियों का तर्क: ऑपरेटरों की दलील थी कि 4G और 5G नेटवर्क इंटरनेट प्रोटोकॉल (VoLTE/VoNR) पर काम करते हैं, जहां वॉयस खुद एक डेटा एप्लिकेशन की तरह चलती है। इसके अलावा कंपनियों ने कहा कि सस्ते वॉयस पैक से स्पैम कॉल्स और फ्रॉड बढ़ सकते हैं और बैकग्राउंड डेटा यूज होने पर ग्राहकों पर अनपेक्षित शुल्क लग सकते हैं।उपभोक्ता मंचों का पक्ष: उपभोक्ता संगठनों ने तथ्य प्रस्तुत किए कि देश में लगभग 30 से 35 करोड़ फीचर फोन यूजर हैं, जिनमें से 10 से 15 करोड़ लोग इंटरनेट का कोई उपयोग नहीं करते। ये उपभोक्ता सालाना ₹15,000 से ₹20,000 करोड़ उन डेटा सेवाओं पर बेवजह खर्च कर रहे हैं, जिनकी उन्हें कोई दरकार नहीं है। पहाड़ी व दूरदराज के क्षेत्रों में जहां नेटवर्क कनेक्टिविटी कमजोर है, वहां भी डेटा के पैसे वसूले जा रहे थे।ट्राई ने कंपनियों की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए उपभोक्ता के चयन के अधिकार (Consumer Choice) को सर्वोपरि माना और फैसला सुनाया कि किसी भी ग्राहक को अनचाही सेवा खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।Impact on 20 Crore Non-Data Users: किसे और कैसे मिलेगा सीधा लाभ?इस फैसले का सबसे सकारात्मक असर भारतीय मोबाइल बाजार के पिरामिड के निचले हिस्से पर देखने को मिलेगा:बुजुर्ग और पेंशनर्स: जो केवल अपनों से फोन पर बात करने या बैंक के ओटीपी (SMS) प्राप्त करने के लिए सिम चालू रखते हैं, उनका मासिक मोबाइल खर्च काफी कम हो जाएगा।सेकेंडरी सिम धारक: वे यूजर्स जो डुअल-सिम फोन में दूसरा सिम केवल इनकमिंग कॉल्स या बैंकिंग वेरिफिकेशन के लिए रखते हैं, वे बिना महंगे डेटा रिचार्ज के अपना नंबर एक्टिव रख सकेंगे।पारदर्शिता और प्रचार: ट्राई ने निर्देश दिया है कि टेलीकॉम कंपनियां इन सस्ते वॉयस-एसएमएस प्लान्स को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप्स और रिटेल बिक्री केंद्रों पर प्रमुखता से प्रदर्शित करेंगी, ताकि कोई भी ऑपरेटर इन प्लान्स को छिपा न सके।ट्राई के इस फैसले से जहां टेलीकॉम कंपनियों के प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) पर हल्का दबाव पड़ सकता है, वहीं आम नागरिकों को अपनी जेब और जरूरत के अनुसार प्लान चुनने की वास्तविक आजादी हासिल होगी।
'बाहरी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं', भारत ने OIC के कश्मीर से जुड़े बयानों को किया खारिज
भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी द्वारा जम्मू-कश्मीर का जिक्र किए जाने पर कड़ा जवाब दिया है, उनके बयान को अनुचित और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।
पटना में पूर्व पार्षद अनिल यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग, ऑफिस में घुसकर 4-5 राउंड गोलियां चलाईं
पटना में वार्ड पार्षद पति अनिल यादव पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. घटना के बाद हमलावर फरार हो गए, जबकि पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर उनकी तलाश में जुटी है.
MP में नो UPI डे: QR कोड पर डाला काला कपड़ा, बारकोड बॉक्स रख प्रदर्शन
मध्य प्रदेश में व्यापारियों ने NO UPI Day मनाकर 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4% MDR के विरोध में प्रदर्शन किया. भोपाल में QR कोड ढके गए, जबकि इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में व्यापारियों ने ग्राहकों से कैश पेमेंट की अपील की.
विसर्जन से पहले बप्पा को 1101 किलो का महालड्डू अर्पित
नागपुर के गणेश टेकड़ी मंदिर में भगवान गणेश को 1101 किलो का महालड्डू अर्पित किया गया. इसे 22 कारीगरों ने 6 दिनों में तैयार किया. महालड्डू में 320 किलो बेसन, 260 किलो शक्कर, 320 किलो देसी घी और 61 किलो सूखे मेवों का इस्तेमाल हुआ. वीडियो में जानें ये लड्डू क्यों है स्पेशल.
हनुमानगढ़ के गोगामेड़ी टोल प्लाजा पर खूनी वारदात, चाकू से हमला कर कर्मचारी की हत्या
मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों पर हमला करने का आरोप हनुमानगढ़। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में टोल प्लाजा पर मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गोगामेड़ी थाना क्षेत्र में नोहर-भादरा मार्ग स्थित टोल प्लाजा पर बुधवार तड़के मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने कथित तौर पर टोल कर्मचारियों पर चाकू से हमला कर दिया। वारदात में […] The post हनुमानगढ़ के गोगामेड़ी टोल प्लाजा पर खूनी वारदात, चाकू से हमला कर कर्मचारी की हत्या appeared first on Sabguru News .
हार्वे वेनस्टीन मीटू मामले में दोबारा दोषी करार, न्यूयॉर्क कोर्ट ने सुनाई 15 साल की सजा
न्यूयॉर्क अदालत ने पूर्व फिल्म निर्माता हार्वे वेनस्टीन को 2006 के यौन अपराध मामले में 15 साल की सजा सुनाई. ये फैसला पिछले साल हुए रीट्रायल में दोषी ठहराए जाने के बाद आया है. वाइन्स्टीन ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन अदालत ने उन्हें फर्स्ट-डिग्री क्रिमिनल यौन एक्ट के तहत दोषी पाया.
12 महीने डिमांड... पपीते की खेती में तगड़ी कमाई, समझ लें पूरा तरीका
Papaya Farming Benefits: पपीते की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होती है और ये फल न सिर्फ मंडियों के जरिए बल्कि और भी तरीकों से कमाई कराता है.
नशे के लिए मां से मांगे 60 रुपये, नहीं मिले तो कुल्हाड़ी से काट डाला
महोबा में नशे की लत ने मां-बेटे के रिश्ते को खून से रंग दिया. गांजा खरीदने के लिए 60 रुपये नहीं मिलने पर 28 वर्षीय युवक ने अपनी 51 साल की मां पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. पांच से अधिक वार से महिला की मौत हो गई. आरोपी वारदात के बाद करीब दो घंटे तक शव के पास बैठा रहा, फिर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया.
आंध्र प्रदेश में ट्रेन की चपेट में आने से चार छात्रों की मौत, एक गंभीर घायल
टेक्कली (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में बुधवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा रविवालसा क्षेत्र में बर्मा कॉलोनी के पास हुआ, जहां छात्र राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। रेलवे पुलिस के अनुसार […] The post आंध्र प्रदेश में ट्रेन की चपेट में आने से चार छात्रों की मौत, एक गंभीर घायल appeared first on Sabguru News .
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेकर UNGA को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान कभी झुकेगा नहीं.
थार हिट एंड रन मामला: ग्रेटर नोएडा पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, कौन है आशीष पॉल?
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में थार से हुए दर्दनाक हिट एंड रन हादसे के आरोपी चालक आशीष पॉल को बिसरख पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हादसे में सुप्रीम कोर्ट के वकील नीरज कुमार सिन्हा की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं. पुलिस ने FIR में BNS की धारा 106(2) जोड़ दी है.
मादा जिराफ सुजाता को अपर्णा यादव ने लिया गोद, दिया ₹5.51 लाख का चेक
Aparna Yadav Adopts Giraffe Sujata: अपर्णा यादव ने बेटी पद्मजा के 8वें जन्मदिन पर लखनऊ जू की मादा जिराफ सुजाता को गोद लिया. पति स्व. प्रतीक यादव की स्मृति में दिया ₹5.51 लाख का चेक...
करवा चौथ से अहोई तक, जल्द आने वाले हैं महिलाओं के 4 सबसे बड़े व्रत
दशहरा, दिवाली, धनतेरस और भाई दूज जैसे कई प्रमुख त्योहार दस्तक देने वाले हैं. त्योहारों के इस मौसम में सुहागन महिलाओं के लिए भी कई खास व्रत आने वाले हैं. शादीशुदा महिलाओं को पूरे साल इन त्योहारों को बेसब्री से इंतजार रहता है.
पतंजलि के घी और औषधियों पर उठे सवालों पर बोले रामदेव, मिलावट के आरोप खारिज
आयुर्वेद से जुड़े 1954 के कानून में संशोधन की मांग नई दिल्ली। योग गुरु और पतंजलि समूह के प्रमुख स्वामी रामदेव ने पतंजलि के घी और आयुर्वेदिक औषधियों में मिलावट तथा गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज किया है। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने पतंजलि के गाय के […] The post पतंजलि के घी और औषधियों पर उठे सवालों पर बोले रामदेव, मिलावट के आरोप खारिज appeared first on Sabguru News .
Odisha Assembly में पाठ्यपुस्तक त्रुटियों और खनन कानून पर भारी हंगामा, 11 मिनट में कार्यवाही स्थगित
ओडिशा विधानसभा में बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने स्कूली बच्चों की नयी पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर विद्यालय एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे और संशोधित खनन कानून को वापस लेने की मांग करते हुए जोरदार हंगामा किया। इसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और कुल मिलाकर महज 11 मिनट ही कामकाज हो सका। विपक्षी विधायकों की इन्हीं मांगों के कारण मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्षी विधायकों के आसन के निकट आकर हंगामा किए जाने के बीच बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और पूर्वाह्न सत्र में पांच मिनट एवं अपराह्न सत्र में छह मिनट यानी कुल 11 मिनट ही सदन का कामकाज हो सका। शोर-शराबे के कारण न तो प्रश्नकाल और न ही शून्यकाल हो सका। कार्यस्थगन प्रस्ताव पर भी चर्चा नहीं हो पाई। हालांकि, अपराह्न सत्र में सरकार कुछ दस्तावेज सदन के पटल पर रखने में सफल रही। सुबह साढ़े 10 बजे प्रश्नकाल के लिए जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर मंत्री के इस्तीफे और नए खनन कानून को रद्द करने की मांग करते हुए आसन के निकट आ गए और हंगामा करने लगे। बीजद सदस्यों ने पाठ्यपुस्तकों में हुई त्रुटियों का मुद्दा उठाया, जबकि कांग्रेस विधायकों ने खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम (एमएमडीआर अधिनियम) को निरस्त करने की मांग की। हंगामा कर रहे सदस्यों के एक समूह ने मेज पर चढ़कर विरोध किया, जबकि दूसरे समूह के सदस्यों ने अध्यक्ष के आसन पर चढ़ने का प्रयास किया। पाठ्यपुस्तकों में हुई त्रुटियों में महान वैज्ञानिक आइजक न्यूटन को ‘‘महानतम पायलट’’ बताया जाना, ओडिशा की नियमगिरि पहाड़ियों को झारखंड में दर्शाया जाना और कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर छापकर उसके नीचे ओडिशा विधानसभा लिखा जाना शामिल हैं। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 राज्य सरकारों को खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर अतिरिक्त कर या उपकर लगाने से रोकता है। विपक्षी सदस्यों द्वारा सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बावजूद सत्ता पक्ष के सदस्य अपनी सीट पर शांत बैठे रहे। हालांकि, हंगामा उस समय और बढ़ गया जब कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा के उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के.सी. पात्रा को विपक्षी सदस्यों के सवालों का जवाब देने की अनुमति दी। भोई के बार-बार आग्रह के बावजूद हंगामा कर रहे विधायक अपनी सीट पर नहीं लौटे। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के महज पांच मिनट के भीतर शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। हंगामा जारी रहने के कारण विधानसभा उपाध्यक्ष को सदन की कार्यवाही बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बीजद विधायक महात्मा गांधी मार्ग की ओर बढ़ गए, जहां पार्टी की युवा और छात्र इकाइयां गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। बीजद विधायक शारदा प्रसन्न जेना ने कहा कि राज्य सरकार जनता की आवाज नहीं सुन रही है और इसलिए उनके पास विधानसभा में हंगामा करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। हालांकि, भाजपा विधायक इराशीष आचार्य ने विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने छात्रों को संशोधित पुस्तकें उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है और इन अनियमितताओं के सिलसिले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। विपक्ष अप्रासंगिक मांगें कर रहा है।
एक ही अमेरिकी कंपनी भारत और पाकिस्तान दोनों को बेचेगी घातक ड्रोन, डील पर मचा वैश्विक बवाल
अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति और रक्षा व्यापार के गलियारों में एक चौंकाने वाला और संवेदनशील घटनाक्रम सामने आया है, जिसने सामरिक विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार से वित्तीय रूप से जुड़ी एक नवोदित डिफेंस टेक कंपनी 'पावरस' (Powerus) ने भारत और पाकिस्तान—दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी देशों—के साथ एक साथ आधुनिक सैन्य ड्रोन का व्यापार शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी फर्म पावरस के साथ अत्याधुनिक मानव रहित हवाई प्रणाली यानी अनमैन्ड एरियल सिस्टम (UAS) और संबंधित तकनीकी सहायता खरीदने के लिए एक औपचारिक खरीद आदेश जारी किया है तथा इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।इस सौदे की सबसे विवादास्पद और पेचीदा बात यह है कि पाकिस्तान के साथ इस रक्षा सौदे पर मुहर लगाने से महज तीन महीने पहले, इसी अमेरिकी कंपनी पावरस ने भारत की प्रतिष्ठित रक्षा निर्माता कंपनी पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज (Paras Defence) के साथ एक बड़ा रणनीतिक करार किया था। उस करार के तहत पावरस ने अपने बहुचर्चित 'गार्डियन-1' (Guardian-1) इंटरसेप्टर ड्रोन को भारत में ही स्वदेशी रूप से निर्मित करने और भारतीय सशस्त्र बलों को बेचने का विशेष एक्सक्लूसिव लाइसेंस प्रदान किया था। अब सवाल यह उठ रहा है कि जो कंपनी भारत में काउंटर-ड्रोन और इंटरसेप्टर तकनीक दे रही है, वही कंपनी सीमा पार पाकिस्तान की सेना को निगरानी और हमलावर ड्रोन तकनीक कैसे मुहैया करा सकती है।ट्रंप के बेटों का निवेश और फ्लोरिडा हेडक्वार्टर: विवादों के घेरे में आई पावरस कंपनीपावरस एक बेहद नई रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी है, जिसे वर्ष 2025 में स्थापित किया गया था और इसका मुख्य कॉर्पोरेट मुख्यालय अमेरिका के फ्लोरिडा में स्थित है। इस कंपनी के मालिकाना हक और वित्तीय ढांचे को लेकर सबसे ज्यादा सुर्खियां इसलिए बन रही हैं क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दोनों प्रमुख बेटे—डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप—इसमें प्रमुख वित्तीय निवेशक (Investors) के रूप में जुड़े हुए हैं। हालांकि, रक्षा सौदे पर अंतरराष्ट्रीय विवाद गहराने के बाद कंपनी प्रबंधन ने अपनी ओर से स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि ट्रंप बंधु केवल निष्क्रिय वित्तीय निवेशक हैं और वे कंपनी के दैनिक संचालन, बोर्ड के तकनीकी निर्णयों या रणनीतिक सौदों के क्रियान्वयन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हैं।इसके बावजूद, कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या व्हाइट हाउस के राजनीतिक प्रभाव का उपयोग दक्षिण एशिया में हथियारों का समानांतर बाजार खड़ा करने के लिए किया जा रहा है। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ अपनी उच्चस्तरीय बैठक की आधिकारिक तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि पावरस को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय से ड्रोन सिस्टम और तकनीकी सहायता का पहला सीमित खरीद आदेश प्राप्त हुआ है। कंपनी का दावा है कि यह ऑर्डर अंतरराष्ट्रीय रक्षा व्यापार के विस्तार की दिशा में एक सामान्य व्यावसायिक कदम है, लेकिन नई दिल्ली से लेकर वाशिंगटन तक इसे संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है।इजरायली कनेक्शन और पाकिस्तान का विरोधाभास: जिसे देश नहीं मानता, उसके पूर्व सैनिक से खरीद रहा हथियारइस पूरे रक्षा सौदे का एक और बेहद हैरान करने वाला और विरोधाभासी पहलू इसका इजरायली कनेक्शन है। पावरस कंपनी के सह-संस्थापक जिव मारोम (Ziv Marom) इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के पूर्व सैनिक और रक्षा तकनीक विशेषज्ञ रहे हैं। यह सर्वविदित तथ्य है कि पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर इजरायल को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं देता और दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार के राजनयिक संबंध नहीं हैं। पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में इजरायल विरोध हमेशा एक बड़ा भावनात्मक और धार्मिक मुद्दा रहा है। ऐसे में एक पूर्व इजरायली सैन्य अधिकारी द्वारा सह-स्थापित कंपनी से पाकिस्तानी सेना द्वारा ड्रोन तकनीक खरीदना इस्लामाबाद के कूटनीतिक दोहरेपन को पूरी तरह उजागर करता है।सैन्य विश्लेषक इस बात पर भी हैरानी जता रहे हैं कि पाकिस्तान के पास पहले से ही स्वदेशी स्तर पर विकसित किए जा रहे 'शाहपर-2' (Shahpar-II) जैसे हथियारबंद ड्रोन मौजूद हैं। इसके अलावा पाकिस्तान लंबे समय से अपने सदाबहार दोस्त चीन से विंग लूम (Wing Loong) और तुर्की से बायरकतार टीबी-2 (Bayraktar TB2) और अकिंसी जैसे उन्नत लड़ाकू ड्रोन खरीदता रहा है। इन तमाम विकल्पों के मौजूद होने के बावजूद, एक अमेरिकी-इजरायली पृष्ठभूमि वाली नई नवेली फर्म से हथियार खरीदने का निर्णय यह साबित करता है कि इसके पीछे विशुद्ध सैन्य जरूरतों से कहीं अधिक कोई गुप्त भू-राजनीतिक समीकरण काम कर रहा है।रक्षा जरूरत या राजनीतिक साधने का खेल? आसिम मुनीर और ट्रंप प्रशासन के रिश्तों पर एक्सपर्ट्स की रायअंतरराष्ट्रीय मामलों और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पावरस के ड्रोन तकनीक के बुनियादी स्तर पर पाकिस्तान के पास पहले से ही चीनी और तुर्की प्लेटफॉर्म्स के जरिए पर्याप्त क्षमता मौजूद है। कुछ जानकारों का विश्लेषण है कि पाकिस्तानी सेना को हार्डवेयर से ज्यादा उन्नत अमेरिकी चिपसेट, सुरक्षित डेटा-लिंक, सिस्टम-लेवल इंटीग्रेशन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर से निपटने वाली इलेक्ट्रॉनिक क्षमताओं की सख्त दरकार है, जिसमें पश्चिमी कंपनियां दुनिया में सबसे आगे मानी जाती हैं। पावरस के जरिए पाकिस्तानी सेना अमेरिकी तकनीक के इकोसिस्टम में फिर से घुसपैठ करने की कोशिश कर रही है।वहीं दूसरी ओर, एक बड़ा कूटनीतिक वर्ग इसे रक्षा खरीद से ज्यादा एक सोची-समझी 'राजनीतिक लॉबिंग' और कूटनीतिक संकेत मान रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और ट्रंप परिवार के करीबी कारोबारी तंत्र के बीच संबंध सुधारने की यह एक परोक्ष कोशिश हो सकती है। ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से ही इस्लामाबाद यह प्रयास कर रहा है कि वह वाशिंगटन के साथ अपने पुराने सुरक्षा संबंधों को दोबारा पटरी पर लाए। हालांकि, एक ही अमेरिकी कंपनी द्वारा भारत में एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाना और पाकिस्तान को ड्रोन बेचना सीधे तौर पर दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच रणनीतिक संतुलन को बिगाड़ने वाला खेल साबित हो सकता है, जिस पर आने वाले दिनों में भारत सरकार द्वारा कड़ी आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
बिप्लब देब MP BJP के नए प्रभारी... जानिए क्यों हाईकमान ने जताया भरोसा
Biplab Kumar Deb MP BJP Incharge: बिप्लब कुमार देब बने MP बीजेपी के नए प्रभारी! त्रिपुरा और हरियाणा में कमाल करने वाले बिप्लब के सामने मोहन, शिवराज और सिंधिया के बीच संतुलन बनाने की चुनौती. आगे पढ़ें पूरा विश्लेषण...
IPS कुहू गर्ग बैडमिंटन में दर्जनों मेडल जीतने वाली अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं. खेलते हुए चोट लगने के बाद UPSC की तैयारी की. पहले ही प्रयास में 178वीं रैंक हासिल कर वह IPS अफसर बनीं. पिता उत्तराखंड के पूर्व DGP रहे हैं. जानिए उनकी पूरी सफलता की कहानी.
बाब अल मंदेब में क्या है ताजा स्थिति, खुला है या बंद, हूती हमलों से सऊदी अरब का तेल कारोबार ठप
अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर गहराते बादलों के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बाद अब लाल सागर का दक्षिणी प्रवेश द्वार 'स्ट्रेट ऑफ बाब अल मंदेब' (Bab al-Mandab Strait) दुनिया के सबसे बड़े फ्लैशपॉइंट के रूप में उभरकर सामने आया है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ आक्रामक समुद्री मोर्चा खोलने के बाद से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अभूतपूर्व तनाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कूटनीतिक हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या बाब अल मंदेब कानूनी तौर पर खुला है या पूरी तरह बंद हो चुका है। वास्तविक धरातल पर देखा जाए तो यह जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत औपचारिक रूप से बंद घोषित नहीं किया गया है, लेकिन हूती लड़ाकों के प्रत्यक्ष सैन्य नियंत्रण, मिसाइल हमलों, समुद्री ड्रोन और प्रभावी नाकेबंदी (Blockade) के चलते यह मार्ग व्यावसायिक नौवहन के लिए अघोषित रूप से एक 'नो-गो जोन' बन चुका है।प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी अलजजीरा की नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, बाब अल मंदेब से गुजरने वाले सऊदी अरब से संबंधित कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के विशालकाय शिपमेंट पर इस संकट का सीधा और विनाशकारी असर पड़ा है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट के मुहाने पर हूतियों की मजबूत तोपखाने की तैनाती और तटीय निगरानी के चलते सऊदी अरब का तेल निर्यात इस रास्ते से लगभग ठप पड़ गया है। दर्जनों विशालकाय तेल टैंकरों (VLCCs) को बीच समुद्र में ही अपने लंगर डालने पड़े हैं या फिर उन्हें अफ्रीका के चक्कर काटकर केप ऑफ गुड होप के बेहद लंबे और खर्चीले रास्ते से अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस स्थिति ने न केवल सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल का नया जोखिम भी पैदा कर दिया है।क्या है बाब अल मंदेब का भौगोलिक रहस्य: 'दुख के द्वार' से लाल सागर और अदन की खाड़ी का संगमसामरिक और भौगोलिक दृष्टि से स्ट्रेट ऑफ बाब अल मंदेब दुनिया के सबसे नाजुक और महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट्स में गिना जाता है। यह संकीर्ण जलडमरूमध्य अरब प्रायद्वीप (यमन) और अफ्रीकी महाद्वीप के हॉर्न ऑफ अफ्रीका (जिबूती और इरिट्रिया) के बीच स्थित है। यह वही समुद्री जलमार्ग है जो उत्तर में लाल सागर (Red Sea) को दक्षिण-पूर्व में अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) और सीधे हिंद महासागर (Indian Ocean) से जोड़ता है। भूमध्य सागर से स्वेज नहर होते हुए एशिया और यूरोप के बीच होने वाले संपूर्ण समुद्री व्यापार का यह इकलौता अनिवार्य गलियारा है। यदि कोई जहाज स्वेज नहर से गुजरना चाहता है, तो उसे बाब अल मंदेब से होकर निकलना ही पड़ता है, इसके अलावा दूसरा कोई वैकल्पिक प्राकृतिक जलमार्ग मौजूद नहीं है।'बाब अल मंदेब' नाम का शाब्दिक अर्थ अरबी भाषा में 'दुख का द्वार' या 'आंसुओं का प्रवेश द्वार' (Gate of Tears) होता है। इतिहासकार और भाषाविद बताते हैं कि इसका यह नामकरण इस समुद्री संकरे रास्ते में चलने वाली तेज हवाओं, छिपी हुई चट्टानों और प्राचीन काल में जहाजों के डूबने से हुए भारी जान-माल के नुकसान के चलते पड़ा था। अरबों के बीच एक पौराणिक मान्यता यह भी है कि सुदूर अतीत में आए एक अत्यंत विनाशकारी भूकंप और भीषण सुनामी के कारण यहां हजारों लोगों की जान चली गई थी, और उसी भीषण प्राकृतिक आपदा ने अरब प्रायद्वीप को हॉर्न ऑफ अफ्रीका की मुख्य भूमि से काटकर अलग-अलग कर दिया था। आज के आधुनिक दौर में यह पौराणिक 'दुख का द्वार' एक बार फिर युद्ध, मिसाइलों और भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण दुनिया भर के नाविकों और वैश्विक व्यापार के लिए वास्तविक आतंक का पर्याय बन चुका है।पश्चिमी तट और मायुन द्वीप पर हूतियों का कब्जा: सऊदी नाकेबंदी के बदले में रोका तेल का पहियायमन के पश्चिमी समुद्री तट पर हाल के दिनों में जमीनी और सैन्य नियंत्रण का संतुलन पूरी तरह बदल चुका है। हूती विद्रोही पश्चिमी तटरेखा पर तेजी से आगे बढ़े हैं और उन्होंने बाब अल मंदेब के बिल्कुल बीचों-बीच स्थित रणनीतिक 'मायुन द्वीप' (Mayun Island - Perim Island) सहित लाल सागर के कई अन्य प्रमुख टापुओं पर अपना प्रभावी सैन्य अड्डा स्थापित कर लिया है। यमन के पश्चिमी तट, लाल सागर और अदन की खाड़ी के इस पूरे त्रिकोण में 20 जुलाई के बाद से तनाव अपने चरम पर पहुंच गया। हूतियों ने यमन में अपने नियंत्रण वाले प्रमुख बंदरगाहों और क्षेत्रों पर सऊदी अरब द्वारा लगाई गई आर्थिक पाबंदियों और नाकेबंदी के सीधे जवाब में सऊदी अरब से जुड़े सभी जहाजों, तेल टैंकरों और व्यापारिक नौकाओं पर पूर्ण समुद्री नाकेबंदी लागू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी।इस जवाबी नाकेबंदी का सीधा नतीजा यह हुआ कि सऊदी अरब की लाल सागर मार्ग से जाने वाली दैनिक कच्चा तेल आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। हालांकि, सऊदी अरब के सैन्य नेतृत्व का यह दावा है कि उसकी आधुनिक वायुसेना और नौसेना एक ही बड़े सैन्य ऑपरेशन में हूतियों के इन तटीय ठिकानों को नेस्तनाबूद करने में सक्षम है, लेकिन रियाद का कहना है कि वे यमन के निर्दोष नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा और मानवीय संकट को देखते हुए सीधे भारी सैन्य हमले से परहेज कर रहे हैं। दूसरी ओर, हूतियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक यमन की घेराबंदी पूरी तरह समाप्त नहीं की जाती, तब तक लाल सागर से एक भी सऊदी तेल टैंकर को सुरक्षित रूप से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।नागरिक हवाई अड्डों और रिफाइनरियों पर हूती हमले, 2014 से सना पर काबिज हैं विद्रोहीहूती विद्रोहियों की यह आक्रामकता केवल खुले समुद्र में जहाजों को निशाना बनाने तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए सऊदी अरब की सीमा के भीतर स्थित नागरिक हवाई अड्डों, प्रमुख बंदरगाहों और सऊदी अरामको की प्रमुख तेल उत्पादन व शोधन सुविधाओं (Refineries) पर भी घातक हमले किए हैं। इन हमलों के कारण तेल रिफाइनरियों को बुनियादी नुकसान पहुंचा है और कई आम नागरिकों की जान भी गई है। गौरतलब है कि यमन का यह गृहयुद्ध 2014 से जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। साल 2015 से सऊदी अरब के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन कर रहा है, जबकि ईरान खुलकर हूतियों को हथियारों, मिसाइल तकनीक और वित्तीय संसाधनों से सशक्त बनाता रहा है।इस गहराते समुद्री संकट के बीच हाल ही में मिस्र की राजधानी काहिरा में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आपातकालीन द्विपक्षीय शिखर वार्ता आयोजित हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं ने एक सुर में हॉर्मुज, बाब अल मंदेब और लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) को हर हाल में बहाल करने पर जोर दिया। दोनों देशों ने चेतावनी दी कि यदि इन अंतरराष्ट्रीय चोकपॉइंट्स पर किसी एक विद्रोही गुट का मनमाना कब्जा जारी रहा, तो यह समूचे मध्य पूर्व की संप्रभुता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अपूरणीय क्षति साबित होगा।मिस्र की स्वेज नहर को $11 बिलियन का झटका, स्वेज का गेटवे बंद होने से त्राहि-त्राहिबाब अल मंदेब पर हूतियों के नियंत्रण और हमलों का सबसे बड़ा खामियाजा मिस्र (Egypt) को भुगतना पड़ रहा है। बाब अल मंदेब सीधे तौर पर लाल सागर से मिस्र की स्वेज नहर और आगे भूमध्य सागर तक जाने का मुख्य प्रवेश द्वार है। जब लगभग तीन साल पहले हूती समूह ने पहली बार इस जलमार्ग पर व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर वैश्विक नेविगेशन को ठप करने की धमकी दी थी, तब दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों को स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के सुदूर मार्ग पर मोड़ दिया था। मिस्र के सरकारी अधिकारियों के अनुसार, उस दौरान लाल सागर संकट के चलते स्वेज नहर से मिलने वाले टोल राजस्व में मिस्र को लगभग 11 बिलियन डॉलर (करीब 90 हजार करोड़ रुपये) का भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा था, जो मिस्र की अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा और प्राथमिक स्रोत है।बीते दो महीनों के दौरान हूतियों ने लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को फिर से ड्रोन और रॉकेट से निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस नई आक्रामकता से मिस्र की सरकार बेहद चिंतित है और उसने एशिया तथा यूरोप को जोड़ने वाले इस प्रमुख व्यापारिक मार्ग को तुरंत सुरक्षित करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाब अल मंदेब की यह नाकेबंदी आने वाले हफ्तों में भी नहीं टूटी, तो वैश्विक माल ढुलाई (Freight Rates) और बीमा प्रीमियम में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी, जिससे भारत, यूरोप और एशियाई देशों में आयातित सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और ईंधन के दामों में अचानक भारी महंगाई देखने को मिल सकती है।

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