उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में रविवार रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधी पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस और अपराधियों के बीच दोनों तरफ से करीब 26 राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों घायल अपराधियों को हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि उस्मानपुर इलाके में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम के साथ मुठभेड़ के दौरान दो कथित अपराधियों के पैर में गोली लगी। यह मुठभेड़ रविवार रात को हुई, जब दोनों ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग की। इस दौरान दोनों तरफ से करीब 26 राउंड फायरिंग हुई। आरोपियों की पहचान मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जसीम के तौर पर हुई है। दोनों के बाएं पैर में गोली लगी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जाल बिछाया पुलिस के मुताबिक, स्पेशल स्टाफ टीम को जानकारी मिली थी कि दोनों आरोपी उस्मानपुर में अपने घर जंगल के रास्ते से पहुंचने वाले हैं। इस जानकारी के आधार पर टीम ने इलाके में जाल बिछाया। पुलिस ने बताया कि जब दोनों व्यक्ति मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने कथित तौर पर टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे दोनों तरफ से फायरिंग हुई और कैफ व जसीम घायल हो गए। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं। हालांकि, दोनों अधिकारी सुरक्षित रहे और उन्हें कोई चोट नहीं आई। आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी दोनों घायल अपराधियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब उनके आपराधिक रिकॉर्ड और उनके खिलाफ दर्ज मामलों के बारे में जानकारी जुटा रही है, साथ ही अन्य बड़े अपराधों में उनकी कथित संलिप्तता की भी जांच कर रही है। पूरे मामले की आगे की जांच जारी है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम अपराध पर लगाम लगाने की कोशिशों के तहत इलाके में संदिग्ध अपराधियों, हथियारबंद बदमाशों और वॉन्टेड लोगों पर नज़र रखती है। गोगी-दीपक बॉक्सर गैंग का शार्प-शूटर गिरफ्तार इससे पहले, गोगी-दीपक बॉक्सर गैंग के एक शार्प-शूटर अंकित गुलिया को फायरिंग के बाद गिरफ्तार किया गया था। अंकित 9 आपराधिक मामलों में वॉन्टेड था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि उसके पास से .32 बोर की एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और 3 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस साल जुलाई में, दिल्ली पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन कथित शूटरों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि रोहिणी ज़िले के स्पेशल स्टाफ़ को आरोपियों के बारे में पक्की जानकारी मिली थी, जिसके बाद निगरानी का ऑपरेशन शुरू किया गया। इस जानकारी के आधार पर टीम ने संदिग्धों का पता लगाया और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि तीनों आरोपी कथित तौर पर एक टारगेटेड किलिंग (खास व्यक्ति की हत्या) की योजना बना रहे थे, तभी उन्हें रोका और गिरफ़्तार किया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि शूटरों को विदेश में मौजूद एक नेटवर्क से निर्देश मिल रहे थे, जिसमें उन्हें योजना के मुताबिक हमला करने के लिए कहा गया था। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ (Public Provident Fund) भारत में सुरक्षित, जोखिम-मुक्त और टैक्स-फ्री बचत के लिए सबसे लोकप्रिय वित्तीय साधनों में से एक है। केंद्र सरकार की संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) से लैस इस स्कीम में निवेशक 15 वर्षों तक लगातार हर साल कम से कम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा करते हैं। लेकिन जब यह खाता 15 साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि पूरी कर मैच्योर होता है, तो अधिकांश खाताधारक एक बड़ी गलती कर बैठते हैं—वे बिना सोचे-समझे पूरा फंड एकमुश्त निकालकर अपने बचत खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं। वित्तीय योजनाकारों और टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि पीपीएफ केवल एक सामान्य सेविंग्स अकाउंट नहीं है, बल्कि यह देश के चुनिंदा ऐसे निवेश माध्यमों में है जिसे 'EEE' (Exempt-Exempt-Exempt) का दर्जा हासिल है; यानी निवेश की जाने वाली रकम, उस पर मिलने वाला सालाना चक्रवृद्धि ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा फंड शत-प्रतिशत टैक्स फ्री होता है। इसलिए 15 साल पूरे होने पर खाते को तुरंत बंद करने के बजाय अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। डाकघर और बैंक नियमों के तहत मैच्योरिटी के बाद खाताधारक के पास मुख्य रूप से तीन बेहद स्मार्ट विकल्प उपलब्ध होते हैं, जिनका सही उपयोग आपके रिटायरमेंट फंड को कई गुना बढ़ा सकता है।विकल्प 1: खाता पूरी तरह बंद करें और सारा पैसा निकाल लें (Full Closure & Withdrawal)यदि आपको अपने जीवन के किसी बड़े वित्तीय लक्ष्य के लिए तत्काल बड़ी पूंजी की दरकार है—जैसे बच्चे की उच्च शिक्षा की फीस, शादी का खर्च, नया मकान खरीदने के लिए डाउन पेमेंट या किसी महंगे होम लोन को बंद करना—तो आप 15 साल पूरे होने पर अपने पीपीएफ खाते को पूर्ण रूप से बंद कर सकते हैं। इसके लिए आपको संबंधित बैंक या डाकघर में जाकर फॉर्म-सी (Form C) या निर्धारित क्लोजर फॉर्म भरना होता है। इसके साथ अपनी पीपीएफ पासबुक की मूल प्रति और जिस बैंक खाते में पैसा मंगाना है उसका कैंसिल चेक संलग्न करना होता है। प्रक्रिया पूरी होते ही मूलधन और 15 वर्षों का संचित ब्याज सीधे आपके बचत खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस विकल्प की सबसे बड़ी ताकत यह है कि आपको मिली पूरी रकम पर आयकर अधिनियम की धारा 10(10D) के तहत एक रुपये का भी इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। हालांकि, यदि आपको तुरंत पैसों की सख्त जरूरत नहीं है, तो इस विकल्प को चुनने से बचना चाहिए क्योंकि एक बार बाहर निकाला गया फंड सामान्य बैंक खाते में पड़ा रहने पर या तो फालतू खर्च हो जाता है या फिर उस पर मिलने वाला ब्याज टैक्स योग्य बन जाता है।विकल्प 2: बिना किसी नए निवेश के खाता 5-5 साल के लिए आगे बढ़ाएं (Extension Without Contribution)यह विकल्प उन लोगों के लिए सबसे मुफीद साबित होता है जिनके पास अब हर साल अतिरिक्त पैसा जमा करने की गुंजाइश नहीं है, लेकिन वे अपने 15 साल में बने भारी-भरकम फंड को बिना किसी जोखिम के सुरक्षित और टैक्स-फ्री तरीके से बढ़ता देखना चाहते हैं। पीपीएफ नियमों के तहत यदि आप 15 साल की मैच्योरिटी के एक वर्ष के भीतर कोई फॉर्म जमा नहीं करते या पैसे नहीं निकालते, तो आपका खाता स्वतः (Default Mode में) अगले 5 साल के लिए 'बिना अंशदान' यानी विदाउट फ्रेश कंट्रीब्यूशन एक्सटेंड हो जाता है। इस विकल्प में आपको अपनी जेब से एक भी नया रुपया जमा नहीं करना होता, फिर भी आपके पूरे मैच्योरिटी फंड पर सरकार द्वारा घोषित मौजूदा ब्याज दर (वर्तमान में 7.1% वार्षिक चक्रवृद्धि) का लाभ लगातार मिलता रहता है। इतना ही नहीं, इस अवधि में आपको यह विशेष छूट भी मिलती है कि आप प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एक बार जितनी चाहें उतनी रकम आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के रूप में निकाल सकते हैं और शेष बचे बैलेंस पर टैक्स-फ्री ब्याज निर्बाध रूप से बनता रहता है। यह रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक शानदार टैक्स-फ्री पेंशन टूल की तरह काम करता है।विकल्प 3: हर साल नए निवेश के साथ 5-5 साल का ब्लॉक एक्सटेंशन (Extension With Contribution)वेल्थ क्रिएशन और कंपाउंडिंग की असली शक्ति का दोहन करने के लिए यह तीसरा विकल्प सबसे अधिक ताकतवर और फायदेमंद माना जाता है। यदि आपकी नौकरी या कारोबार अभी जारी है और आप नियमित रूप से बचत कर सकते हैं, तो आप अपने पीपीएफ खाते को अगले 5 वर्षों के ब्लॉक में नए अंशदान के साथ बढ़ा सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए एक सख्त नियम यह है कि मैच्योरिटी की तारीख से ठीक एक साल के भीतर आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म एच (Form H) भरकर अनिवार्य रूप से जमा करना होता है। यदि आप फॉर्म एच जमा किए बिना 15 साल बाद खाते में पैसे जमा कर देते हैं, तो उस नए पैसे पर रेलवे या बैंक कोई ब्याज नहीं देगा और न ही उस पर धारा 80सी के तहत टैक्स छूट मिलेगी। फॉर्म एच जमा करने के बाद आप हर साल ₹500 से लेकर ₹1.5 लाख तक जमा करना जारी रख सकते हैं, जिस पर धारा 80C की टैक्स छूट भी मिलती रहेगी और पुराने बड़े कॉर्पस पर चक्रवृद्धि ब्याज का भारी फायदा भी मिलेगा। इस तरह आप 5-5 साल के अनगिनत ब्लॉक्स (20 साल, 25 साल या 30 साल तक) के लिए खाते को जीवन भर सक्रिय रख सकते हैं।एक्सटेंशन के दौरान आंशिक निकासी और लोन के क्या हैं कड़े नियम?जब आप नए अंशदान (फॉर्म एच) के साथ 5 साल का एक्सटेंशन चुनते हैं, तो आपात स्थिति के लिए आपको आंशिक निकासी का कानूनी अधिकार मिलता रहता है। नियम के अनुसार, 5 साल के नए एक्सटेंशन ब्लॉक की शुरुआत में आपके खाते में जितना बैलेंस मौजूद था, उसका अधिकतम 60 प्रतिशत हिस्सा आप उस 5 वर्षीय अवधि के दौरान आवश्यकता पड़ने पर निकाल सकते हैं। यह निकासी आप एकमुश्त कर सकते हैं या फिर हर साल एक बार में टुकड़ों में निकाल सकते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि 15 साल पूरे होने पर आपका फंड ₹40 लाख था और आपने फॉर्म एच देकर 5 साल के लिए एक्सटेंड कराया, तो अगले 5 वर्षों में आप कुल मिलाकर ₹24 लाख तक की आंशिक निकासी बिना किसी टैक्स देनदारी के कर सकते हैं। हालांकि ध्यान रहे कि 15 साल की मैच्योरिटी के बाद खाते पर नया लोन (Loan Against PPF) लेने की सुविधा पूरी तरह समाप्त हो जाती है; एक्सटेंशन अवधि में केवल आंशिक निकासी की ही अनुमति होती है।कंपाउंडिंग का जादुई खेल: 15 साल से 20 और 25 साल में फंड कैसे बनता है रॉकेट?पीपीएफ में असली संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) 15 साल की अवधि पार करने के बाद शुरू होता है, क्योंकि तब तक आपका मूलधन इतना बड़ा हो चुका होता है कि उस पर मिलने वाला सालाना ब्याज आपके द्वारा जमा की जाने वाली ₹1.5 लाख की सालाना किस्त से भी ज्यादा हो जाता है। मान लीजिए कोई निवेशक हर साल ₹1.5 लाख की अधिकतम सीमा जमा करता है, तो 7.1% के औसत ब्याज पर 15 साल बाद उसका कुल फंड लगभग ₹40.68 लाख तैयार होता है (जिसमें ₹22.5 लाख मूलधन और ₹18.18 लाख केवल ब्याज होता है)। यदि वह फॉर्म एच भरकर इसे केवल 5 साल और बढ़ाकर 20 साल तक चालू रखता है, तो उसका कुल फंड बढ़कर लगभग ₹66.58 लाख हो जाता है। यानी इन 5 वर्षों में फंड में लगभग ₹26 लाख का भारी इजाफा होता है। यदि इसे 25 साल तक जारी रखा जाए, तो कुल कॉर्पस ₹1.03 करोड़ (पूरे एक करोड़ रुपये से ज्यादा) का विशाल टैक्स-फ्री फंड बन जाता है, जिसमें निवेशक का अपना निवेश सिर्फ ₹37.5 लाख होता है और ₹65 लाख से अधिक की रकम केवल टैक्स-फ्री सरकारी ब्याज से तैयार होती है।सही विकल्प का चुनाव कैसे करें: अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं को पहचानेंपीपीएफ के 15 साल पूरे होने पर कौन सा रास्ता चुना जाए, यह पूरी तरह आपकी तात्कालिक वित्तीय स्थिति और उम्र पर निर्भर करता है। यदि आप पर कोई बड़ा कर्ज है या रिटायरमेंट का कोई बड़ा सपना तुरंत पूरा करना है, तो पूरा पैसा निकाल लेना उचित है। यदि आप रिटायर हो चुके हैं और पूंजी को सुरक्षित रखकर केवल जरूरत पड़ने पर थोड़ा-बहुत पैसा खर्च करना चाहते हैं, तो बिना अंशदान के 5 साल का एक्सटेंशन सबसे बेहतर विकल्प है जहां ब्याज भी बनता रहेगा और लिक्विडिटी भी बनी रहेगी। वहीं यदि आपके पास रिटायरमेंट में अभी 5 से 10 साल का समय बाकी है और आमदनी का नियमित स्रोत है, तो फॉर्म एच भरकर नए निवेश के साथ एक्सटेंशन का विकल्प चुनें ताकि बिना शेयर बाजार का एक पैसे का जोखिम उठाए आप अपने लिए करोड़ों का गारंटीड और टैक्स-फ्री फंड सुनिश्चित कर सकें।
देश भर में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम कथित तौर पर कटने को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच देश की शीर्ष अदालत से एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने एक विधिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए दो-टूक शब्दों में कहा है कि ऐसी कोई भी व्यवस्था या प्रशासनिक प्रक्रिया, जिसके जरिए लाखों भारतीय नागरिकों को उनके बुनियादी मताधिकार से बेदखल कर दिया जाए, वह स्वाभाविक रूप से मनमानी (Intrinsically Arbitrary) है। जस्टिस भुइयां ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की दलीलों या बहानेबाजी (Whataboutery) से सामूहिक मताधिकार छीने जाने को कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता। उनका यह बयान ऐसे नाजुक समय में आया है जब दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश के विभिन्न राज्यों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर विपक्ष, नागरिक संगठन और छात्र सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।नागरिकता और मताधिकार एक-दूसरे से अविभाज्य: दोयम दर्जे का नागरिक बनाना नामुमकिनजस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने संविधान के दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य में नागरिकता और वोट देने का अधिकार एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़े हुए हैं और उन्हें किसी भी स्थिति में अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान कभी भी देश में दो तरह के नागरिकों की परिकल्पना नहीं करता—एक वे नागरिक जिनके पास वोट डालने का अधिकार हो और दूसरे वे अभागे नागरिक जिन्हें इस लोकतांत्रिक शक्ति से महरूम कर दिया गया हो। किसी भी जीवित भारतीय नागरिक को वोटिंग के अधिकार से बाहर करना उसे व्यवहार में 'दोयम दर्जे का नागरिक' बना देने जैसा है, जिसे हमारी संवैधानिक व्यवस्था कतई स्वीकार नहीं कर सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि लिंग, नस्ल, धर्म, जाति, संपत्ति, शिक्षा या सामाजिक हैसियत के आधार पर किसी भी नागरिक के साथ वोटिंग के मामले में कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता, सिवाय उन बेहद सीमित और कानूनी अपवादों के जो संविधान में पूर्व-निर्धारित हैं।अनुच्छेद 14 और 326 का सीधा उल्लंघन: संविधान से ऊपर कोई सत्ता नहींसर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने अपने संबोधन में संवैधानिक प्रावधानों की मर्यादा का हवाला देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में नागरिकों को वोटिंग सूची से बेदखल करने वाली कोई भी मनमानी कार्रवाई सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 326 (वयस्क मताधिकार) का घोर उल्लंघन है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, 'अनुच्छेद 326 के साथ किसी भी स्तर पर कोई खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। देश की कोई भी अथॉरिटी या प्रशासनिक संस्था ऐसा नहीं कर सकती और न ही देश की कोई अदालत इसे कभी सही ठहरा सकती है। भारत के संविधान से ऊपर कोई व्यक्ति, संस्था या सरकार नहीं है।' उन्होंने रेखांकित किया कि भारतीय नागरिकों का वोट देने का अधिकार विदेशी हुकूमत के खिलाफ भारत के दशकों लंबे आजादी के आंदोलन, अनगिनत संघर्षों और अमर बलिदानों की पावन अभिव्यक्ति है। ऐसे में किसी भी बाबूशाही या तकनीकी प्रक्रिया के नाम पर इस ऐतिहासिक अधिकार को छीना जाना लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा प्रहार है।बिना नोटिस और सुनवाई के नाम काटना गैर-कानूनी: प्राकृतिक न्याय का सिद्धांतजस्टिस भुइयां ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची अद्यतन के प्रशासनिक पहलुओं पर बात करते हुए प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी मौजूदा मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से तब तक नहीं हटाया जा सकता जब तक कि उसे बाकायदा लिखित नोटिस न दिया जाए और अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर (Opportunity to be Heard) न मिले। एकमात्र अपवाद केवल वही स्थिति हो सकती है जहां मतदाता की आधिकारिक मृत्यु दर्ज हो चुकी हो। इसके अलावा किसी भी नागरिक का नाम बिना पूर्व सूचना, भौतिक सत्यापन और वैध सुनवाई के एकतरफा कलम चलाकर काटना पूरी तरह असंवैधानिक और कानून के खिलाफ है। उन्होंने संविधान सभा में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए ऐतिहासिक भाषणों और प्रख्यात न्यायविदों के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए याद दिलाया कि निष्पक्ष चुनाव ही भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की आधारशिला हैं।देशव्यापी जन-आंदोलन और चुनाव आयोग के सामने साख की चुनौतीजस्टिस भुइयां की इस खुली और बेबाक टिप्पणी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और संपूर्ण चुनावी मशीनरी को एक बहुत बड़े नैतिक और कानूनी घेरे में खड़ा कर दिया है। विपक्ष के नेता और नागरिक अधिकार संगठन लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर फर्जी तरीके से वास्तविक वोटरों के नाम काट दिए गए, जिससे करोड़ों नागरिकों का वोटिंग अधिकार दांव पर लग गया है। कई राज्यों में पूर्व न्यायाधीशों, वरिष्ठ वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के इस कदम के खिलाफ समीक्षा समितियां बनाई हैं और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शीर्ष अदालत के एक सिटिंग जज द्वारा सार्वभौमिक मताधिकार की पवित्रता पर इतना स्पष्ट रुख जाहिर किए जाने के बाद अब चुनावी तंत्र पर अपनी प्रक्रियाओं को शत-प्रतिशत पारदर्शी बनाने, विलोपित किए गए नामों की गहन पुनर्समीक्षा करने और जवाबदेही तय करने का भारी दबाव बन गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बहुप्रतीक्षित मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आज यानी सोमवार, 5 अक्टूबर से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। 5 से 7 अक्टूबर तक चलने वाले इस उच्चस्तरीय आर्थिक मंथन में देश के मैक्रोइकॉनॉमिक हालात, खुदरा महंगाई दर, खाद्य उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक ऊर्जा संकट और रुपये की विनिमय दर जैसे संवेदनशील वित्तीय पैमानों की गहन समीक्षा की जाएगी। तीन दिनों तक चलने वाली सघन चर्चा और वोटिंग के बाद समिति द्वारा लिए गए नीतिगत फैसलों का आधिकारिक ऐलान 7 अक्टूबर की सुबह किया जाएगा। देश के करोड़ों बैंक खाताधारकों, होम लोन और ऑटो लोन की किस्तें भर रहे आम मध्यमवर्गीय परिवारों, उद्योग जगत और शेयर बाजार के निवेशकों की नजरें इस बैठक के नतीजों पर टिकी हुई हैं। बाजार में सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यही बना हुआ है कि क्या केंद्रीय बैंक लगातार पांचवीं बार नीतिगत रेपो रेट को अपरिवर्तित रखकर यथास्थिति (Status Quo) बरकरार रखेगा, या फिर महंगाई के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का सख्त कदम उठाएगा।रेपो रेट का मौजूदा गणित: 5वीं बार ठहराव या 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी?मौद्रिक नीति की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछली चार लगातार नीतिगत बैठकों में नीतिगत रेपो दर को बिना किसी बदलाव के स्थिर बनाए रखा है। अब यह पांचवीं लगातार बैठक है जहां दरों पर फैसला होना है। वर्तमान में वित्तीय विश्लेषक और अर्थशास्त्री दो प्रमुख खेमों में बंटे नजर आ रहे हैं। कई प्रमुख रेटिंग एजेंसियों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, क्रूड ऑयल और ऊर्जा कीमतों में अस्थिरता तथा हाल के महीनों में खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) के चलते हेडलाइन महंगाई दर में आई तेजी को देखते हुए केंद्रीय बैंक पर नीतिगत सख्ती का दबाव काफी बढ़ चुका है। कुछ विशेषज्ञों का आधारभूत अनुमान (Base Case) यह है कि आरबीआई महंगाई की उम्मीदों को काबू में रखने के लिए रेपो रेट को 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर एक सख्त संदेश दे सकता है। वहीं दूसरी ओर, विश्लेषकों का एक मजबूत तबका यह तर्क दे रहा है कि चूंकि देश में त्योहारी सीजन का पीक दौर शुरू हो चुका है, ऐसे में ब्याज दरें बढ़ाने से रिटेल, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट सेक्टर की क्रेडिट डिमांड पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए केंद्रीय बैंक आर्थिक विकास की रफ्तार (GDP Growth) को सहारा देने के लिए लगातार पांचवीं बार भी रेपो रेट को 'जस का तस' बनाए रखने का सुरक्षित रास्ता चुन सकता है।खुदरा महंगाई, सब्जियों के दाम और वैश्विक कच्चे तेल का जटिल समीकरणआरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती खाद्य महंगाई की अनिश्चितता से निपटना है। यद्यपि कोर इन्फ्लेशन यानी गैर-खाद्य और गैर-ईंधन मुद्रास्फीति काफी हद तक नियंत्रण में रही है, लेकिन दालों, खाद्य तेलों और हरी सब्जियों की कीमतों में समय-समय पर आने वाले उछाल ने आम आदमी के घरेलू बजट को प्रभावित किया है। खाद्य पदार्थों की यह महंगाई यदि लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह वेतन और सेवा लागतों में भी दूसरी लहर के रूप में फैल सकती है (Second-round effects)। इसके अलावा, मध्य पूर्व में जारी सैन्य संघर्षों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे रणनीतिक समुद्री रास्तों पर तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और एलएनजी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिरता बनाए रखना और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के पूंजी प्रवाह को घरेलू बाजार में टिकाए रखना भी मौद्रिक समिति की प्राथमिकताओं में शामिल है। इन तमाम वैश्विक और घरेलू कारकों को संतुलित करने के लिए समिति को बहुत सोच-समझकर नीतिगत रुख (Monetary Policy Stance) तय करना होगा।यदि रेपो रेट बढ़ी या स्थिर रही, तो आपकी जेब और EMI पर क्या पड़ेगा असर?आम करदाताओं और कर्जदारों के लिए रेपो रेट केवल एक तकनीकी शब्द नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर उनकी मासिक ईएमआई (EMI) और घरेलू बचत को प्रभावित करने वाला पैमाना है। यदि रिजर्व बैंक रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा करता है, तो देश के सभी प्रमुख वाणिज्यिक बैंक जैसे एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक अपनी एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) में तत्काल वृद्धि कर देंगे। इसका सीधा असर यह होगा कि फ्लोटिंग रेट पर लिए गए होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें महंगी हो जाएंगी, जिससे कर्जदारों की मासिक किस्त बढ़ जाएगी या उनके लोन की पुनर्भुगतान अवधि लंबी हो जाएगी। इसके विपरीत, यदि एमपीसी पांचवीं बार भी ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लेती है, तो मौजूदा कर्जदारों को बड़ी राहत मिलेगी और उनकी मासिक ईएमआई में कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही, बैंकों द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर दी जा रही मौजूदा आकर्षक ब्याज दरें भी स्थिर बनी रहेंगी, जिससे वरिष्ठ नागरिकों और सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले जमाकर्ताओं को अपनी बचत पर अच्छा मुनाफा मिलता रहेगा।आर्थिक विकास की रफ्तार और त्योहारी उपभोग को गति देने की दरकारअक्टूबर की यह मौद्रिक समीक्षा बैठक ऐसे समय में हो रही है जब देश भर में नवरात्रि, दशहरा और दिवाली का त्योहारी उपभोग अपने चरम पर पहुंचने वाला है। भारतीय अर्थव्यवस्था में त्योहारी सीजन के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ता मांग में भारी उछाल दर्ज किया जाता है। वाहन कंपनियां, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता और रियल एस्टेट डेवलपर्स इस दौरान अपनी बिक्री का एक बड़ा हिस्सा हासिल करते हैं। यदि इस महत्वपूर्ण मोड़ पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी जाती है, तो मध्यम वर्ग के उपभोक्ता महंगे कर्ज के डर से बड़े खर्च या नए घर की खरीद को टाल सकते हैं, जिससे त्योहारी मांग की गति धीमी पड़ने का जोखिम रहेगा। यही कारण है कि इंडस्ट्री चैंबर्स और विनिर्माण संगठनों की ओर से लगातार यह मांग की जा रही है कि आरबीआई कम से कम इस तिमाही में दरों को यथावत रखे ताकि बाजार में लिक्विडिटी और क्रेडिट ग्रोथ की रफ्तार बिना किसी बाधा के जारी रह सके।7 अक्टूबर के आधिकारिक ऐलान पर टिकीं वित्तीय बाजार की उम्मीदेंतीन दिनों तक चलने वाले इस उच्चस्तरीय विचार-मंथन के बाद 7 अक्टूबर को रिजर्व बैंक के गवर्नर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए समिति के फैसलों, मुद्रास्फीति के संशोधित अनुमानों और चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी विकास दर के आधिकारिक प्रक्षेपण जारी करेंगे। इसके साथ ही वित्तीय विश्लेषक गवर्नर के वक्तव्य की बारीकियों और केंद्रीय बैंक के 'रुख' पर करीबी नजर रखेंगे कि क्या आरबीआई आने वाले महीनों में सख्त मौद्रिक नीति की ओर झुकेगा या फिर न्यूट्रल रुख अपनाते हुए भविष्य में राहत के संकेत देगा। यदि एमपीसी दरों को यथावत रखती है, तो यह त्योहारी अर्थव्यवस्था के लिए बूस्टर डोज साबित होगा, और यदि किसी भी प्रकार का इजाफा होता है, तो वह महंगाई के खिलाफ केंद्रीय बैंक की कड़ी लड़ाई का स्पष्ट संकेत होगा। देश के हर वित्तीय क्षेत्र, कॉरपोरेट जगत और आम नागरिक की आंखें अब 7 अक्टूबर की सुबह होने वाले अंतिम नीतिगत ऐलान पर टिकी हुई हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने देश में मतदाता सूची संशोधन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की निष्पक्षता को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक बड़ा राजनीतिक बयान देकर सियासी माहौल गरमा दिया है। श्रीनगर में आयोजित 'हल्ला बोल' सम्मेलन को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। अब्दुल्ला ने दावा किया कि आजादी के बाद नेहरू प्रशासन की सबसे बड़ी ऐतिहासिक भूल यह थी कि उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को पूरी तरह स्वतंत्र और स्वायत्त (Autonomous) संवैधानिक संस्था के रूप में स्थापित नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय चुनाव आयोग को कार्यपालिका के हर प्रकार के प्रभाव से मुक्त रखकर एक संपूर्ण स्वायत्त ढांचा प्रदान किया गया होता, तो आज देश में लोकतंत्र और चुनावी संस्थाओं की यह बदहाल स्थिति देखने को नहीं मिलती। फारूक अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन और कई नागरिक संगठन मतदाता सूचियों से कथित तौर पर लाखों वोटरों के नाम हटाए जाने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दिल्ली से लेकर मुंबई तक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।'नेहरू ने स्वतंत्र नहीं बनाया, आज हम सब उसका नतीजा भुगत रहे हैं'फारूक अब्दुल्ला ने अपने भाषण में अतीत और वर्तमान के राजनीतिक घटनाक्रमों को जोड़ते हुए कहा कि जब संविधान बन रहा था और देश लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव रख रहा था, तभी चुनाव आयोग के पंखों को पूरी तरह खुला छोड़ देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश पंडित नेहरू द्वारा छोड़ी गई उसी संस्थागत कमी और गलती का खामियाजा भुगत रहा है। अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग अगर पूरी तरह स्वतंत्र होता, तो सरकारों का उस पर किसी प्रकार का अंकुश या परोक्ष नियंत्रण संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संस्थाओं का निष्पक्ष होना सबसे पहली शर्त है, लेकिन दुर्भाग्य से भारत में निर्वाचन आयोग कभी भी उस स्तर की स्वायत्तता हासिल नहीं कर सका, जैसी न्यायपालिका या अन्य स्वतंत्र निकायों को मिलनी चाहिए थी। उनके इस बयान ने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के पारंपरिक गठबंधन समीकरणों के बीच भी नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि आम तौर पर विपक्ष नेहरूवादी लोकतांत्रिक विरासत का बचाव करता रहा है, लेकिन अब्दुल्ला ने सीधे नेहरू के संस्थागत फैसलों को वर्तमान संकट की जड़ बता दिया।मोदी सरकार की चुनाव आयुक्त चयन प्रक्रिया पर तीखा प्रहारनेहरू के फैसलों पर टिप्पणी करने के साथ ही नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए संसद द्वारा बनाए गए नए कानून को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत चयन समिति में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को शामिल किया गया था, लेकिन मोदी सरकार ने नया कानून बनाकर सीजेआई को इस समिति से बाहर कर दिया और समिति के स्वरूप को 'दो बनाम एक' (सरकार के दो प्रतिनिधि और विपक्ष का एक नेता) में बदल दिया। अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि जब समिति में बहुमत पहले से ही सत्तापक्ष के पास रहेगा, तो विपक्ष के नेता की असहमति का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने दावा किया कि इसी बहुमतीय चयन व्यवस्था के जरिए मनपसंद नौकरशाहों को चुनाव आयोग के शीर्ष पदों पर बैठाया जा रहा है, जिससे आयोग की निष्पक्षता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और वह केवल सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए काम कर रहा है।वोटर लिस्ट से नाम काटने का गंभीर आरोप: 'मुसलमानों और कपिल सिब्बल तक को नहीं बख्शा'अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और वोटर लिस्ट अपडेशन प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि देश भर में बड़े पैमाने पर नागरिकों के मताधिकार पर डाका डाला गया है। अब्दुल्ला ने कहा कि भारत का संविधान बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की देन है, जो देश के हर वयस्क नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मतदान का सर्वोच्च अधिकार देता है। किसी भी अधिकारी या आयोग को यह कानूनी अधिकार नहीं है कि वह मनमाने ढंग से नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटा दे। उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं के नाम चुन-चुनकर वोटर लिस्ट से विलोपित किए गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि धांधली का स्तर इस कदर पहुंच गया कि देश के जाने-माने वरिष्ठ वकील और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल तक का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया। अब्दुल्ला ने कहा कि जब विपक्ष या मीडिया ने इन गड़बड़ियों को उजागर किया, तो आयोग ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए कह दिया कि अगले चुनावों में इसे देखा जाएगा।'जिंदा रहूं या न रहूं, देश में बदलाव की हवा चल पड़ी है'चुनावी मशीनरी और केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर बरसने के बाद फारूक अब्दुल्ला ने देश की जनता के प्रतिरोध को लोकतंत्र की सबसे बड़ी उम्मीद बताया। उन्होंने कहा कि चाहे सत्ता में बैठे लोग कितना भी दमन कर लें, लेकिन भारत की आत्मा अभी मरी नहीं है, भारत आज भी जिंदा है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की हार्दिक खुशी है कि अब राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और आम अवाम इस अन्याय के खिलाफ खुलकर सड़कों पर उतरने लगे हैं। मुंबई में हुए हालिया विशाल प्रदर्शनों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न संगठनों द्वारा किए गए घेराव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने अब डरना छोड़ दिया है और अपना साहस दिखाना शुरू कर दिया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, 'मैं चाहे आने वाले समय में जिंदा रहूं या न रहूं, लेकिन देश में बदलाव की वह आंधी चल चुकी है जिसे कोई रोक नहीं सकता।' उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक इस देश को आम अवाम ने अपने पसीने से सींचा है और वही लोग उठ खड़े होकर इस मुल्क के लोकतंत्र को एक बार फिर महान बनाएंगे।आयोग पर बढ़ते राजनीतिक दबाव और राष्ट्रव्यापी आंदोलन का परिदृश्यविपक्ष और नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा उठाए गए इन सवालों ने चुनाव आयोग के सामने एक बड़ा साख का संकट खड़ा कर दिया है। 'इंडिया' ब्लॉक के प्रमुख घटक दल लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और वोटर लिस्ट विलोपन मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। नागरिक समाज और छात्र संगठनों द्वारा विभिन्न राज्यों में चलाए जा रहे 'वोट बचाओ' अभियानों के बीच विपक्षी दलों का तर्क है कि यदि मतदाता सूची की शुचिता ही संदिग्ध हो जाएगी, तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की मूल अवधारणा ही ध्वस्त हो जाएगी। दूसरी ओर, सरकार और चुनाव आयोग के समर्थक सूत्रों का कहना है कि वोटर लिस्ट का रिवीजन एक नियमित और वैधानिक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें मृत, स्थानांतरित या दोहरे मतदाताओं के नाम नियमानुसार हटाए जाते हैं और किसी भी नागरिक को फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वाने का पूरा कानूनी अधिकार प्राप्त है। बहरहाल, फारूक अब्दुल्ला द्वारा नेहरू के ऐतिहासिक निर्णयों से लेकर वर्तमान चयन प्रणाली तक उठाए गए तीखे सवालों ने देश के संवैधानिक विमर्श को एक नई और गर्मागर्म बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।
संयुक्त राज्य अमेरिका में बंदूक संस्कृति और सामूहिक गोलीबारी (Mass Shooting) की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार तड़के दक्षिणी जॉर्जिया के डोली काउंटी स्थित वियना (Vienna) शहर में आयोजित एक आउटडोर होमकमिंग ब्लॉक पार्टी उस समय खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई जब अज्ञात हमलावरों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। देर रात चल रही इस पार्टी में सैकड़ों युवा तेज आवाज में बज रहे डीजे संगीत की धुन पर नाच-गा रहे थे और माहौल पूरी तरह जश्न में डूबा हुआ था। इसी बीच लगभग 1:30 बजे अचानक स्वचालित हथियारों जैसी तेज तड़तड़ाहट गूंज उठी। शुरुआत में संगीत की तेज बीट्स और पटाखों की आवाज समझकर लोगों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब एक के बाद एक लोग खून से लथपथ होकर जमीन पर गिरने लगे, तो वहां भीषण कोहराम मच गया। इस अप्रत्याशित और जानलेवा गोलीबारी में कम से कम दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 35 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया और अमेरिकी जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं।डीजे फ्लोर पर मची भगदड़ और जान बचाने की मची चीख-पुकारप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पार्टी का माहौल बेहद खुशनुमा था और करीब एक हजार से ज्यादा लोग ब्लॉक पार्टी में शामिल थे। जैसे ही पहली गोली चली, पलक झपकते ही दर्जनों राउंड गोलियों की बौछार होने लगी। एक चश्मदीद महिला ने स्थानीय मीडिया को बताया कि आवाज ऐसी थी जैसे किसी ने ऑटोमैटिक मशीन गन का ट्रिगर दबा दिया हो। गोलियों की आवाज सुनते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए टेबल के नीचे छिपने लगे, दीवारों की ओट ढूंढने लगे और सड़क की ओर पागलों की तरह भागने लगे। अंधेरे और अफरा-तफरी के बीच भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए भाग रहे लोगों में से कई युवा एक-दूसरे के पैरों तले कुचले गए, जबकि कई लोग सड़क पर तेज गति से भाग रही घबराई हुई गाड़ियों की चपेट में आने से चोटिल हो गए। जमीन पर चारों ओर खून के छींटे, जूते-चप्पल, मोबाइल फोन और टूटे हुए कप-गिलास बिखरे पड़े थे, जो उस भयानक मंजर की गवाही दे रहे थे।अस्पतालों में मची इमरजेंसी: 35 घायलों में कई की हालत नाजुकगोलीबारी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, पैरामेडिक्स और एंबुलेंस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंचीं। घायल युवक-युवतियों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डोली काउंटी और आसपास के क्रिसप रीजनल हॉस्पिटल (Crisp Regional Hospital) में आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी गई, जहां अकेले 26 से अधिक घायलों को एक साथ इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कई पीड़ितों को सीने, पेट, पीठ और पैरों में गोलियों के गंभीर घाव लगे हैं, जिनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। दो अत्यंत गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज और सर्जरी के लिए एयरलिफ्ट करके बड़े ट्रॉमा सेंटर में रेफर किया गया है। अस्पतालों के बाहर घबराए हुए परिजनों की भारी भीड़ जुट गई, जो अपने बच्चों की सलामती की खबर पाने के लिए रोते-बिलखते नजर आए। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और उनकी पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।जॉर्जिया ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (GBI) ने संभाली कमान, हमलावरों की तलाश तेजघटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य की शीर्ष जांच एजेंसी 'जॉर्जिया ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन' (GBI) ने मामले की पूरी जांच अपने हाथ में ले ली है। डोली काउंटी के शेरिफ क्रेग पीवी (Craig Peavy) और जीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर प्राथमिक सबूत जुटाए हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से दर्जनों खाली कारतूस, बुलेट शेल्स और बैलिस्टिक साक्ष्य बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि पार्टी में मौजूद दो गुटों के बीच किसी पुरानी रंजिश या तात्कालिक कहासुनी के चलते फायरिंग शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते भीषण रूप ले लिया। पुलिस आसपास के घरों और दुकानों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और पार्टी में मौजूद लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीम किए गए वीडियो की जांच कर रही है ताकि बंदूकधारियों का चेहरा पहचाना जा सके। शेरिफ विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि जिनके पास भी घटना से जुड़ा कोई भी फुटेज या जानकारी हो, वे तुरंत सीक्रेट हेल्पलाइन पर संपर्क करें।अमेरिकी समाज में फिर उठी सख्त गन कंट्रोल कानूनों की मांगइस ताजा खूनी वारदात ने अमेरिका में आसानी से उपलब्ध होने वाले घातक हथियारों और कमजोर गन कानूनों पर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। 'गन वायलेंस आर्काइव' के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में इस साल अब तक सैकड़ों मास शूटिंग की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें अनगिनत निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि किसी कस्बे के सामान्य जश्न में इस तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती। देश में सेमी-ऑटोमैटिक राइफलों और अवैध आग्नेयास्त्रों की खुलेआम बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगाने तथा बैकग्राउंड चेक को कड़ा करने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है। फिलहाल पूरा वियना शहर गहरे सदमे और दहशत में है, जबकि पुलिस हमलावरों को दबोचने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
NRI महिला के साथ हर बार हो रहा धोखा, तीसरा पति भी निकला फ्रॉड
अमेरिका में रहने वाली 46 वर्षीय NRI महिला ने मैट्रिमोनियल साइट के जरिए तीसरी शादी की, लेकिन 15 दिन बाद ही पति की कथित करतूतों का खुलासा हो गया. महिला के मुताबिक, पति के मोबाइल में करीब 15 महिलाओं से आपत्तिजनक चैट मिलीं. विरोध करने पर मारपीट की गई.
जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेल 2026 (Asian Games 2026) में भारतीय एथलीटों ने अपने अदम्य साहस, असाधारण अनुशासन और शानदार खेल कौशल के दम पर इतिहास के पन्नों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक चले इस महाकुंभ में भारतीय दल ने कुल 85 पदक (21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य) अपने नाम किए। हांग्जो 2022 (107 पदक) के बाद एशियाई खेलों के 75 साल से अधिक के इतिहास में यह भारत का अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साबित हुआ है। महाद्वीपीय स्तर के इस सबसे बड़े खेल आयोजन में एशिया के 46 देशों के शीर्ष खिलाड़ियों के कड़े मुकाबले के बीच भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान (Fourth Position) बरकरार रखा। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय दल ने न केवल पारंपरिक खेलों जैसे निशानेबाजी, एथलेटिक्स, तीरंदाजी और कुश्ती में अपना दबदबा बनाए रखा, बल्कि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA), रोइंग और स्क्वॉश जैसे उभरते खेलों में भी ऐतिहासिक पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि भारतीय खेल तंत्र अब बहुआयामी और विश्वस्तरीय बन चुका है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई: खिलाड़ियों के जज्बे को किया सलामभारतीय दल के इस अभूतपूर्व अभियान के समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी पदक विजेताओं और प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में लिखा कि 20वें एशियाई खेलों में हमारे एथलीटों का प्रदर्शन हर भारतवासी को गर्व से भर देने वाला है। पीएम मोदी ने कहा कि 85 पदकों की यह ऐतिहासिक उपलब्धि खिलाड़ियों की वर्षों की अथक तपस्या, उनके कोचों के समर्पण और देश के मजबूत होते खेल इकोसिस्टम का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने रेखांकित किया कि ट्रैक एंड फील्ड से लेकर शूटिंग रेंज और रिंग तक, हमारे युवाओं ने जिस खेल भावना और कभी न हार मानने वाले जज्बे का परिचय दिया है, वह देश की भावी खेल पीढ़ी के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बनेगा। केंद्रीय खेल मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के शीर्ष अधिकारियों ने भी पूरे दल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इसे भारतीय ओलंपिक अभियान 'मिशन 2028 लॉस एंजिल्स' की दिशा में एक बेहद ठोस और मील का पत्थर करार दिया।21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज: पदकों का पूरा गणित और खेलवार विश्लेषणभारत के 85 पदकों के इस ऐतिहासिक सफर का विश्लेषण करें तो भारतीय निशानेबाजों और एथलीटों का योगदान सबसे अहम रहा। 21 गोल्ड मेडल्स में जहां शूटिंग रेंज से सटीक निशानों की गूंज सुनाई दी, वहीं एथलेटिक्स में भारतीय धावकों, जंपर्स और थ्रोअर्स ने ट्रैक पर स्वर्णिम चमक बिखेरी। 27 सिल्वर पदकों में सावन बरवाल द्वारा पुरुषों की मैराथन में 44 साल बाद विदेशी धरती पर जीता गया ऐतिहासिक पदक, श्रीशंकर मुरली का लंबी कूद में रजत, पारुल चौधरी की 3000 मीटर स्टीपलचेज और तजिंदरपाल सिंह तूर का शॉट पुट में रजत पदक मुख्य आकर्षण रहे। गुलवीर सिंह ने लंबी दूरी की दौड़ (1500 मीटर, 5000 मीटर और 10,000 मीटर) में बहुआयामी पदक जीतकर नया इतिहास रचा। 37 कांस्य पदकों में शूटिंग की महिला स्कीट टीम और मिक्स्ड स्कीट टीम के ऐतिहासिक पहले पदक, सुचिका तरियाल द्वारा एशियाई खेलों के इतिहास में एमएमए (MMA) का पहला ऐतिहासिक पदक और रोइंग में सतनाम सिंह व सलमान खान की डबल स्कल्स जोड़ी का ऐतिहासिक पदक शामिल रहा।पारंपरिक खेलों में बादशाहत: क्रिकेट और हॉकी का दबदबा कायमटूर्नामेंट के अंतिम चरण में भारत की पुरुष और महिला टीमों ने मैदान पर अपनी बादशाहत को और पुख्ता किया। भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीमों ने अपने आक्रामक खेल और मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल कर देश का मान बढ़ाया। इसके अलावा क्रिकेट स्पर्धा में भी भारतीय टीमों ने अपनी स्पष्ट श्रेष्ठता साबित करते हुए स्वर्ण पदकों पर कब्जा जमाया। तीरंदाजी में धीरज बोम्मदेवरा, नीरज चौहान और कुमकुम अनिल मोहोद की जोड़ी ने रिकर्व और कंपाउंड दोनों श्रेणियों में पोडियम फिनिश करके कोरियाई दिग्गजों को कड़ी टक्कर दी। कुश्ती के मैट पर दीपक पूनिया और सुनील कुमार ने ग्रीको-रोमन और फ्रीस्टाइल दोनों शैलियों में पदक जीतकर भारत की झोली भरी। स्क्वॉश कोर्ट पर अनाहत सिंह ने महिला सिंगल्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया, जो एशियाई खेलों में इस स्पर्धा का भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।'खेलो इंडिया' और 'टॉप्स' योजना की जमीन पर दिखी असली कामयाबीविदेशी धरती पर भारत के इस दूसरे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की सबसे बड़ी ताकत केंद्र सरकार की जमीनी खेल योजनाएं—टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) और खेलो इंडिया (Khelo India) रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों से निकले युवा प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय विदेशी कोच, अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस लैब्स, मानसिक कंडीशनिंग और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मुहैया कराया गया। कई पदक विजेता ऐसे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आते हैं जहां कुछ साल पहले बुनियादी खेल सुविधाएं तक नहीं थीं, लेकिन सरकारी स्कॉलरशिप और आधुनिक ट्रेनिंग टेस्टबेड्स ने उन्हें एशियाई मंच पर पदक के प्रबल दावेदार के रूप में खड़ा किया। खिलाड़ियों के पोषण, इंजरी मैनेजमेंट और साइकोलॉजिकल सपोर्ट पर किए गए संस्थागत निवेश का सीधा नतीजा रहा कि दबाव भरे फाइनल मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ी घबराए नहीं बल्कि आखिरी पलों में बाजी पलटते नजर आए।2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की मजबूत नींव और भविष्य की चुनौतियांआइची-नागोया 2026 में 85 पदकों का यह ऐतिहासिक मुकाम केवल एक टूर्नामेंट का अंत नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत के महाशक्ति बनने के सफर की एक नई शुरुआत है। हालांकि 85 पदक एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, लेकिन खेल विश्लेषकों का मानना है कि बैडमिंटन और मुक्केबाजी जैसे कुछ खेलों में आए अप्रत्याशित झटकों से सबक लेते हुए हमें आगामी 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियां अभी से तेज करनी होंगी। चौथे स्थान पर मजबूती से टिके रहने के बाद अब भारतीय खेल जगत का अगला बड़ा लक्ष्य चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसी एशियाई खेल महाशक्तियों के शीर्ष 3 के क्लब में सेंध लगाना है। आइची-नागोया से लौटे भारतीय दल का देश भर में ऐतिहासिक स्वागत किया जा रहा है, और देश के करोड़ों खेल प्रेमियों की आंखें अब इन युवा सितारों को ओलंपिक पोडियम पर तिरंगा लहराते देखने के लिए बेताब हैं।
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के साए के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। समुद्री व्यापार के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक चोकपॉइंट माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सितंबर महीने में तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी (LNG) ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही ने युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे उच्चतम स्तर छू लिया है। वैश्विक शिपिंग ट्रैकिंग डेटा और ऊर्जा विश्लेषकों के अनुसार, सितंबर 2026 में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले एलएनजी जहाजों की संख्या में अचानक तेज उछाल दर्ज किया गया, जिसने यह साबित कर दिया है कि युद्ध और मिसाइल हमलों के भारी जोखिम के बावजूद वैश्विक गैस आपूर्ति की पहिया थमने वाला नहीं है। इस अहम समुद्री मार्ग से गैस कार्गो की संख्या में आया यह इजाफा उन सभी आशंकाओं को खारिज करता है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि संघर्ष के चलते फारस की खाड़ी से पश्चिमी और एशियाई देशों को होने वाला एलएनजी निर्यात पूरी तरह ठप हो जाएगा।एसएंडपी ग्लोबल और केपलर के ताजा आंकड़े: जानिए कितने जहाजों ने पार किया रास्ताशिपिंग डेटा और ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख ट्रैकिंग एजेंसियों के आंकड़े इस नए रिकॉर्ड की पुष्टि करते हैं। एसएंडपी ग्लोबल एनर्जी (S&P Global Energy) और कमोडिटी इनसाइट्स के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर महीने में कुल 19 एलएनजी जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया। इनमें से 13 जहाज अकेले कतर से रवाना हुए थे, जबकि 6 एलएनजी कार्गो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बंदरगाहों से लोड होकर निकले थे। वहीं दूसरी ओर, वैश्विक मरीन डेटा एनालिटिक्स फर्म केपलर (Kpler) के शिप-ट्रैकिंग इंडिकेटर्स बताते हैं कि सितंबर के अंत तक कुल जहाजों का आंकड़ा 20 से 21 तक पहुंच गया, जो जून के 15 जहाजों के स्तर से काफी अधिक है। युद्ध शुरू होने के बाद के किसी भी एक महीने में दर्ज किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा शिपमेंट रिकॉर्ड है। हालांकि यह आंकड़ा युद्ध-पूर्व के सामान्य स्तर के मुकाबले अभी भी लगभग 20 से 25 प्रतिशत के आसपास ही है, लेकिन जिस तरह से सितंबर के दूसरे पखवाड़े में जहाजों के गुजरने की रफ्तार बढ़ी है, वह वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है।डार्क ट्रांजिट और एआईएस ट्रांसपोंडर बंद करने की खुफिया रणनीतियुद्ध क्षेत्र बन चुके होर्मुज जलडमरूमध्य से इतनी बड़ी संख्या में जहाजों का सुरक्षित निकलना कोई आसान काम नहीं था। शिपिंग कंपनियों और टैंकर ऑपरेटरों ने इस जोखिम भरे रास्ते को पार करने के लिए 'डार्क ट्रांजिट' (Dark Transit) तकनीक का सहारा लिया। अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत हर बड़े जहाज को अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम यानी एआईएस (AIS) ट्रांसपोंडर चालू रखना अनिवार्य होता है, जिससे उसकी लाइव लोकेशन सैटेलाइट पर दिखाई देती है। लेकिन ईरानी ड्रोन, गश्ती नौकाओं और मिसाइल हमलों के खतरे से बचने के लिए कई जहाजों ने होर्मुज में प्रवेश करते ही अपने एआईएस सिग्नल पूरी तरह बंद कर दिए। रिपोर्टों के अनुसार, 'अल खरैतियात' (Al Kharaitiyat) और 'अल गर्राफा' (Al Gharrafa) जैसे विशाल गैस टैंकर जलडमरूमध्य में प्रवेश करते ही अचानक ग्लोबल रडार से गायब हो गए और कुछ दिनों बाद भारत के पश्चिमी समुद्री तट के पास सुरक्षित दोबारा दिखाई दिए। इसके अलावा, 'मिलाहा कतर' (Milaha Qatar) नामक जहाज ने भी इसी गुप्त रणनीति के तहत रास्ता पार किया और वर्तमान में वह भारत के पश्चिमी बंदरगाह हजीरा पर अपना गैस कार्गो अनलोड कर रहा है।अमेरिकी नौसेना का काफिला एस्कॉर्ट और भारी सुरक्षा घेराजहाजों की आवाजाही में इस रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी का एक बड़ा श्रेय अमेरिकी नौसेना और उसके सहयोगी देशों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे कड़े सुरक्षा घेरे को भी जाता है। यूएस नेवल फोर्सेस सेंट्रल कमांड (NAVCENT) ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच वाणिज्यिक ऊर्जा जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष नेवल एस्कॉर्ट्स और कॉन्वॉय सिस्टम (काफिला प्रणाली) को सक्रिय कर रखा है। युद्धपोतों, फ्रिगेट्स और एंटी-ड्रोन एयर डिफेंस शील्ड की मौजूदगी में एलएनजी टैंकरों को झुंड बनाकर इस संकरे रास्ते से गुजारा जाता है। हालांकि इस प्रकार के उच्च-सुरक्षा नौसैनिक एस्कॉर्ट की परिचालन लागत बहुत अधिक है और शिपिंग इंश्योरेंस कंपनियों ने वॉर-रिस्क प्रीमियम में कई गुना बढ़ोतरी कर रखी है, लेकिन यूरोपीय और एशियाई बाजारों में प्राकृतिक गैस की भारी मांग और प्रीमियम कीमतों के चलते एनर्जी एक्सपोर्टर्स यह अतिरिक्त खर्च उठाने को तैयार हैं। सुरक्षा के इस भरोसे ने ही शिपिंग कप्तानों का मनोबल बढ़ाया और सितंबर में जहाजों की संख्या में अप्रत्याशित उछाल ला दिया।भारत और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए क्यों अहम है यह समुद्री गलियाराहोर्मुज जलडमरूमध्य से एलएनजी का सुचारू प्रवाह भारत समेत तमाम एशियाई देशों की आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत एलएनजी और 25 प्रतिशत कच्चा तेल इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। भारत अपनी कुल प्राकृतिक गैस जरूरतों का लगभग आधा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, जिसमें कतर और यूएई उसके सबसे बड़े और दीर्घकालिक आपूर्तिकर्ता हैं। देश में उर्वरक (फर्टिलाइजर) कारखानों, सीएनजी ऑटोमोबाइल नेटवर्क, शहरी गैस वितरण (PNG) और बिजली उत्पादन संयंत्रों को चलाने के लिए कतरी गैस पर भारी निर्भरता है। यदि होर्मुज का यह गलियारा पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता, तो भारत में औद्योगिक उत्पादन ठप होने और महंगाई के बेकाबू होने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। सितंबर में हजीरा और दाहेज जैसे भारतीय टर्मिनलों पर एलएनजी जहाजों की सफल लैंडिंग ने देश के ऊर्जा आयातकों और नीति निर्माताओं को बड़ी मानसिक राहत प्रदान की है।वैश्विक ऊर्जा बाजार में गैस कीमतों और सर्दियों की तैयारियों पर प्रभावयूरोप और उत्तरी गोलार्ध के देशों में सर्दियों का मौसम शुरू होने वाला है, जिस दौरान घरों को गर्म रखने और बिजली बनाने के लिए गैस की खपत अपने चरम पर पहुंच जाती है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से यूरोप पहले ही रूसी पाइपलाइन गैस पर अपनी निर्भरता खत्म कर चुका है और मध्य पूर्व व अमेरिका की एलएनजी पर टिका हुआ है। ऐसे में अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते यदि होर्मुज से गैस की सप्लाई रुक जाती, तो अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गैस की कीमतें 2022 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी तोड़ सकती थीं। सितंबर में जहाजों की संख्या में हुई इस वृद्धि ने अंतरराष्ट्रीय टीटीएफ (TTF) और जेकेएम (JKM) गैस बेंचमार्क पर कीमतों के दबाव को हल्का किया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अक्टूबर में भी जहाजों की आवाजाही की यह रफ्तार बनी रहती है, तो वैश्विक गैस स्टोरेज समय पर भर जाएंगे और सर्दियों में ऊर्जा संकट की गंभीर आशंका काफी हद तक टल जाएगी। हालांकि, जब तक मध्य पूर्व में कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता, तब तक किसी भी एक नए सैन्य हमले से यह पूरा सुरक्षा संतुलन पल भर में डगमगा सकता है।
अकेले किया अटैक या किसी आतंकी ग्रुप से था लिंक? को-पायलट हम्मामी पर जांच में क्या पता चला
फ्लाईदुबई से इजरायल जा रहे विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हमले की घटना में को-पायलट हमाम अल-हमामी को अकेला आरोपी माना जा रहा है. जांच एजेंसियां हमले के मकसद की खोज में लगी हैं.
RBI Monetary Policy 2026: आज से RBI की बड़ी बैठक! क्या महंगी होगी आपकी होम लोन EMI?
भारतीय रिजर्व बैंक की Monetary Policy Committee की तीन दिवसीय बैठक आज, 5 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रही है। इस बैठक में लिए गए फैसलों का सीधा असर आम जनता की जेब, होम लोन की EMI और देश की आर्थिक रफ्तार पर पड़ेगा। गवर्नर शक्तिकांत दास 7 अक्टूबर 2026 की ...
शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और म्यूचुअल फंड के बाजार जोखिमों से दूर रहकर जो लोग एक सुरक्षित, गारंटीड और निश्चित रिटर्न वाले निवेश विकल्प की तलाश करते हैं, उनके लिए भारतीय डाकघर यानी पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं हमेशा से पहली पसंद रही हैं। आज के समय में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह रहता है कि बिना एकमुश्त भारी रकम लगाए, हर महीने छोटी-छोटी बचत करके एक मजबूत और बड़ा फंड कैसे खड़ा किया जाए। हाल ही में पोस्ट ऑफिस की 5 वर्षीय आवर्ती जमा यानी रिकरिंग डिपॉजिट (National Savings Recurring Deposit Account - RD) योजना चर्चा के केंद्र में आई है। इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपको एकमुश्त लाखों रुपये जमा करने की दरकार नहीं होती, बल्कि रोजाना महज ₹200 (यानी ₹6,000 प्रति माह) बचाकर आप 10 लाख रुपये से अधिक का बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस कुल फंड में से 3 लाख रुपये से अधिक की रकम आपको अपनी जेब से नहीं लगानी पड़ती, बल्कि वह सीधे सरकारी ब्याज के रूप में आपके खाते में जुड़ जाती है। सावरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) से लैस होने के कारण इस योजना में एक-एक पैसे के डूबने का जोखिम शून्य होता है।पोस्ट ऑफिस 5-वर्षीय आरडी स्कीम: ब्याज दर और बुनियादी नियमडाकघर की 5 साल की आरडी योजना छोटे निवेशकों को नियमित बचत की आदत डालने के लिए बनाई गई है। वर्तमान में केंद्र सरकार इस 5 वर्षीय आरडी पर 6.7 प्रतिशत प्रति वर्ष का आकर्षक ब्याज ऑफर कर रही है, जिसकी गणना तिमाही आधार पर चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) ब्याज के रूप में की जाती है। इस स्कीम में न्यूनतम ₹100 प्रति माह से भी खाता खुलवाया जा सकता है और अधिकतम जमा राशि की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की गई है। देश का कोई भी वयस्क नागरिक अपने नजदीकी डाकघर में जाकर सिंगल अकाउंट खोल सकता है, या फिर पति-पत्नी मिलकर जॉइंट अकाउंट भी संचालित कर सकते हैं। अभिभावक अपने 10 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग बच्चों के नाम पर भी यह खाता शुरू कर सकते हैं। इस स्कीम की आधिकारिक परिपक्वता अवधि 5 वर्ष (60 महीने) की होती है, लेकिन डाकघर के नियमों के तहत खाताधारक को यह विशेष सुविधा मिलती है कि वह 5 साल पूरे होने के बाद संबंधित पोस्ट ऑफिस में आवेदन देकर इस खाते को अगले 5 और वर्षों (कुल 10 वर्ष) के लिए आगे बढ़ा (Extend) सकता है।समझिए ब्याज से ₹3,05,000 कमाने का पूरा व्यावहारिक गणितरोजाना ₹200 की बचत से सिर्फ ब्याज के दम पर ₹3 लाख से ज्यादा का मुनाफा कैसे बनता है, इसका पूरा वित्तीय विश्लेषण समझना बेहद दिलचस्प है। यदि आप हर दिन ₹200 की बचत करते हैं, तो आपका मासिक जमा ₹6,000 बैठता है। इस मासिक किस्त को जब आप 5 साल (60 महीने) तक लगातार जमा करते हैं, तो आपकी जेब से कुल निवेशित पूंजी ₹3,60,000 (3.60 लाख रुपये) होती है। 6.7% वार्षिक (तिमाही चक्रवृद्धि) ब्याज दर के हिसाब से 5 साल बाद आपके खाते में कुल ₹4,28,197 की मैच्योरिटी रकम तैयार होती है, जिसमें लगभग ₹68,197 का ब्याज शामिल होता है। असली चमत्कार तब होता है जब आप इस पैसे को निकालने के बजाय खाते को अगले 5 साल के लिए एक्सटेंड कर देते हैं और ₹6,000 प्रति माह की किस्त जारी रखते हैं। 10 वर्ष (120 महीने) पूरे होने पर आपकी जेब से कुल जमा पूंजी ₹7,20,000 (7.20 लाख रुपये) होगी। वहीं 10 साल में मिलने वाला कुल शुद्ध ब्याज उछलकर लगभग ₹3,06,131 (लगभग ₹3.06 लाख) के आंकड़े को पार कर जाएगा। इस प्रकार 10 साल बाद आपके हाथ में कुल ₹10,26,131 (10.26 लाख रुपये से ज्यादा) का गारंटीड फंड आ जाता है।लोन सुविधा और समय से पहले निकासी के कड़े नियमडाकघर आरडी स्कीम निवेशकों को आपातकालीन वित्तीय जरूरतों के समय नकदी संकट से उबारने के लिए लोन की सुविधा भी देती है। यदि आपका खाता लगातार 12 महीने (1 वर्ष) तक सुचारू रूप से चला है और उसमें कम से कम 12 किस्तें जमा हो चुकी हैं, तो आप अपने खाते में जमा कुल बैलेंस का 50 प्रतिशत तक लोन के रूप में ले सकते हैं। इस लोन पर लागू आरडी ब्याज दर से केवल 2 प्रतिशत अधिक ब्याज लिया जाता है, जिसे एकमुश्त या आसान किस्तों में चुकाया जा सकता है। जहां तक खाता बंद करने की बात है, तो तीन साल (36 महीने) पूरे होने के बाद प्री-मैच्योर क्लोजर की अनुमति मिलती है, लेकिन ध्यान रहे कि समय से पहले खाता बंद करने पर आपको 6.7% के बजाय केवल साधारण पोस्ट ऑफिस बचत खाते (Savings Account) की 4% की दर से ही ब्याज मिलता है। इसलिए ब्याज का पूरा लाभ उठाने के लिए खाते को पूरे 5 या 10 साल तक चलाना ही सबसे समझदारी भरा निर्णय होता है।किस्त जमा करने की समय सीमा और पेनल्टी से बचने के टिप्सपोस्ट ऑफिस आरडी में निवेश करते समय अनुशासन बनाए रखना सबसे जरूरी शर्त है। यदि आपका खाता महीने की 1 तारीख से 15 तारीख के बीच खुला है, तो आपको हर महीने की 15 तारीख तक अपनी मासिक किस्त जमा करनी होती है। वहीं यदि खाता 16 तारीख के बाद खुला है, तो महीने के अंतिम कार्यदिवस तक किस्त जमा करने की छूट मिलती है। यदि आप किसी कारणवश तय तारीख तक किस्त जमा करना भूल जाते हैं, तो डाकघर हर ₹100 पर ₹1 प्रति माह के हिसाब से डिफॉल्ट शुल्क (पेनाल्टी) वसूलता है। यदि लगातार चार महीने तक किस्त जमा नहीं की जाती है, तो खाता 'डिफॉल्ट' घोषित कर दिया जाता है और उसे पुनर्जीवित कराने के लिए बकाया किस्तों के साथ पेनल्टी भरनी पड़ती है। इस झंझट से बचने के लिए सबसे आसान तरीका यह है कि आप अपने पोस्ट ऑफिस बचत खाते या आईपीपीबी (IPPB) मोबाइल बैंकिंग ऐप से ऑटो-डेबिट (Standing Instruction) सेट कर लें, जिससे हर महीने तय तारीख को आपकी किस्त अपने-आप कटती रहे।खाता खोलने की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की सूचीपोस्ट ऑफिस में 5-वर्षीय आरडी खाता खोलने की प्रक्रिया बेहद सरल और कागजी झंझटों से मुक्त है। इसके लिए आवेदक को अपने नजदीकी डाकघर में जाकर आरडी अकाउंट ओपनिंग फॉर्म भरना होता है। फॉर्म के साथ पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड और पैन कार्ड की स्व-सत्यापित फोटोकॉपी संलग्न करनी होती है। इसके अतिरिक्त दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो और नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) का पूरा विवरण देना अनिवार्य होता है। पहली किस्त नकद या चेक के माध्यम से जमा करके पासबुक प्राप्त की जा सकती है। यदि आपके पास इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) का खाता है, तो आप घर बैठे मोबाइल बैंकिंग के जरिए भी डिजिटल रूप से हर महीने आरडी की किस्त जमा कर सकते हैं। यह योजना उन सभी लोगों के लिए एक आदर्श वित्तीय ढाल है जो बिना शेयर बाजार का जोखिम उठाए सिर्फ ब्याज की बदौलत अपनी मेहनत की कमाई को 10 लाख के विशाल फंड में तब्दील करना चाहते हैं।
भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच चुनिंदा क्वालिटी स्टॉक्स पर बड़े घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज हाउसेज की पैनी नजर बनी हुई है। इसी कड़ी में वॉल स्ट्रीट की दिग्गज वित्तीय सेवा प्रदाता फर्म सिटीग्रुप (Citi) ने एक नया रिसर्च नोट जारी कर दलाल स्ट्रीट पर नई हलचल पैदा कर दी है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी के फंडामेंटल्स और आगामी तिमाही के कारोबारी आंकड़े बेहद सकारात्मक रहने वाले हैं। सिटी ने निवेशकों के लिए अगले 90 दिनों का एक विशेष कैटालिस्ट वॉच विंडो निर्धारित किया है, जिसमें कई रणनीतिक घोषणाएं होने की प्रबल संभावना है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच जब बड़ी ब्रोकरेज फर्म किसी शेयर पर स्पष्ट रूप से पॉजिटिव आउटलुक पेश करती हैं, तो उससे खुदरा और संस्थागत निवेशकों का भरोसा कई गुना बढ़ जाता है। कंपनी के ऑपरेशनल मार्जिन, कैश फ्लो में सुधार और नए ऑर्डर्स की पाइपलाइन यह संकेत दे रही है कि आने वाले तीन महीने स्टॉक के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।सिटी (Citi) की लेटेस्ट रिपोर्ट: नया टारगेट प्राइस और अपसाइड पोटेंशियल का गणितग्लोबल रिसर्च फर्म सिटी ने अपनी ताजा इक्विटी रिपोर्ट में कंपनी की रेटिंग को अपग्रेड करते हुए एक नया और आक्रामक टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि वर्तमान बाजार भाव की तुलना में यह स्टॉक आने वाले समय में 15 से 25 प्रतिशत तक की ठोस बढ़त दर्ज करने की पूरी क्षमता रखता है। ब्रोकरेज फर्म का विश्लेषण स्पष्ट करता है कि कंपनी का वैल्यूएशन अपने ऐतिहासिक औसत से काफी आकर्षक स्तर पर कारोबार कर रहा है। सिटी के एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी की बैलेंस शीट लगातार मजबूत हो रही है और कर्ज के बोझ को कम करने की दिशा में प्रबंधन द्वारा उठाए गए ठोस कदम अब वित्तीय नतीजों में दिखने लगे हैं। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की हालिया खरीदारी और घरेलू म्यूचुअल फंड्स की बढ़ती हिस्सेदारी भी इस बात की पुष्टि करती है कि स्टॉक में अंडरलाइंग स्ट्रेंथ काफी मजबूत है। बाजार में जब किसी शेयर को ऐसे मजबूत टेक्निकल और फंडामेंटल फैक्टर्स का सहारा मिलता है, तो वह शॉर्ट से मीडियम टर्म में शानदार रिटर्न देने की क्षमता रखता है।आगामी 90 दिनों में कौन से बड़े घटनाक्रम बदलेंगे कंपनी की चाल?निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अगले 90 दिनों के भीतर ऐसा क्या होने वाला है जिससे शेयर में रॉकेट जैसी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। सिटी की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी आगामी महीनों में अपने नए प्रोजेक्ट्स के कमर्शियल रोलआउट, बड़े इंटरनेशनल क्लाइंट्स के साथ रणनीतिक साझेदारी और संभावित विलय या अधिग्रहण (M&A) से जुड़े बड़े खुलासे कर सकती है। इसके साथ ही, तिमाही नतीजों में रेवेन्यू ग्रोथ और एबिटा (EBITDA) मार्जिन में उम्मीद से बेहतर रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। कंपनी जिस सेक्टर में काम कर रही है, वहां पॉलिसी लेवल पर भी सरकारी समर्थन और कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) चक्र में तेजी का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का आकलन है कि अगर प्रस्तावित योजनाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी होती हैं, तो कंपनी के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भारी सुधार होगा। यह वित्तीय बदलाव न केवल मौजूदा शेयरधारकों को मजबूत डिविडेंड या कैपिटल एप्रिसिएशन का तोहफा देगा, बल्कि नए फंड मैनेजर्स को भी बड़े पैमाने पर एलोकेशन बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।तकनीकी चार्ट्स पर ब्रेकआउट के संकेत और ट्रेडिंग वॉल्यूम का विश्लेषणफंडामेंटल एनालिसिस के साथ-साथ अगर टेक्निकल चार्ट्स पर नजर डालें, तो स्टॉक लंबे समय के कंसॉलिडेशन जोन से बाहर निकलने की तैयारी कर रहा है। डेली और वीकली चार्ट पर स्टॉक ने अपने 50-दिवसीय और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर एक मजबूत सपोर्ट बेस तैयार कर लिया है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) और मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) जैसे मोमेंटम इंडिकेटर्स बुलिश रिवर्सल के साफ संकेत दे रहे हैं। हाल के कारोबारी सत्रों में वॉल्यूम में हुआ अचानक इजाफा यह दर्शाता है कि स्मार्ट मनी यानी बड़े इंस्टीट्यूशनल प्लेयर्स धीरे-धीरे अपनी पोजीशन मजबूत कर रहे हैं। ट्रेडर्स और मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि जैसे ही स्टॉक अपने निकटतम रेजिस्टेंस लेवल को पार करेगा, इसमें एक तेज शॉर्ट-कवरिंग रैली देखने को मिलेगी, जो इसे सिटी द्वारा तय किए गए नए टारगेट प्राइस तक ले जाने में मुख्य भूमिका निभाएगी।खुदरा निवेशकों के लिए बाजार रणनीति: रिस्क-रिवॉर्ड और स्टॉप-लॉस का महत्वशेयर बाजार में जब किसी कंपनी को लेकर भारी तेजी का माहौल बनता है, तो खुदरा निवेशकों को अत्यधिक उत्साह में आने के बजाय अनुशासित ट्रेडिंग रणनीति का पालन करना चाहिए। हालांकि सिटी जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक ब्रोकरेज की रिपोर्ट एक मजबूत दिशा प्रदान करती है, लेकिन इक्विटी मार्केट हमेशा जोखिमों के अधीन होता है। बाजार के जानकारों की सलाह है कि मौजूदा स्तरों पर एकमुश्त निवेश करने के बजाय गिरावट पर खरीदारी (Buy on Dips) की रणनीति अपनाना अधिक सुरक्षित विकल्प है। किसी भी अप्रत्याशित बाजार गिरावट या व्यापक आर्थिक मंदी से अपने निवेश को बचाने के लिए एक सख्त स्टॉप-लॉस निर्धारित करना बेहद जरूरी है। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को कंपनी द्वारा नियामक एजेंसियों को दी जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं, तिमाही नतीजों की तारीखों और बोर्ड मीटिंग के फैसलों पर लगातार नजर रखनी चाहिए, ताकि 90 दिनों के इस महत्वपूर्ण दौर में सही समय पर रणनीतिक निर्णय लिए जा सकें।
अक्टूबर में लगाएं ये 7 सब्जियां, सर्दियों में मिलेगी घर की ताजी फसल
Vegetables To Grow In October: अक्टूबर का सुहावना मौसम घर में सब्जियां उगाने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है. अपनी छत या बालकनी में आप पालक, मेथी, मटर और गाजर जैसी 7 आसान सब्जियां उगा सकते हैं. इस समय सब्जियां लगाकर आप पूरी सर्दियों ताजी-ऑर्गेनिक सब्जियों का मजा ले सकते हैं.
आतंकी साजिश के बाद ब्रिटिश बेस खाली कर रहा US, B-1 बॉम्बर्स वापस बुलाए
आतंकी हमले की साजिश की जांच के बाद अमेरिका ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड अड्डे से अपने सभी बॉम्बर्स वापस बुला लिए हैं. यह कदम ऐसे समय आया है जब ब्रिटेन इस मामले को तेहरान से जोड़ रहा है और डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ अगले सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.
जयशंकर ने कहा भारत कभी रूस का इतिहास नहीं भूलेगा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के साथ भारत के रिश्तों का बचाव करते हुए कहा कि संकट के समय मॉस्को हमेशा भारत के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने 1971 युद्ध समेत ऐतिहासिक समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत रूस को अपने सकारात्मक अनुभवों के आधार पर देखता है।
इंटरनेट डेस्क। देश के कई राज्यों में बारिश का दौर अभी बना हुआ है। हवा के ये घेरे और लंबी पट्टियां (ट्रफ) सिक्किम, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के ऊपर एक्टिव होने के कारण इन राज्यों में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इस हलचल के कारण आज भी सिक्किम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है। दूसरी ओर राजस्थान में अभी लोगों को बारिश से राहत मिली हुई है। सोमवार प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से आज प्रदेश के किसी भी जिले के लिए बारिश, आंधी या अन्य मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक का इजाफा हो सकता है। आज राजस्थान के किसी भी हिस्से में बारिश की बड़ी गतिविधि के संकेत नहीं हैं। पूर्वी राजस्थान के जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर सहित अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू और आसपास के इलाकों में तापमान 38 से 39 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। 7 अक्टूबर को इन जिलों में हो सकती है बारिश राजस्थान में कल से मौसम बदल सकता है। कल शाम या रात से उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ सीमावर्ती इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ का असर नजर आ सकता है। इसी के प्रभाव से 7 अक्टूबर को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के कुछ सीमित हिस्सों में हल्की बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती है। PC:patrika अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
बिग बॉस से बाहर आते ही छा गईं रीति, पुराने सिंगिंग वीडियो वायरल
बिग बॉस 20 से मनोज तिवारी की बेटी रीति शो से बाहर हो गई हैं. हालांकि बिग बॉस में जब तक रीति रही, उनकी सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हुई, लेकिन बिग बॉस से बाहर निकलते ही माहौल अचानक बदल गया.
रॉयल एनफील्ड को रोकनी पड़ी इस बाइक की बुकिंग, आ रहा नया अवतार
रॉयल एनफील्ड की हिमालयन सीरीज में जल्द ही एक नया मेंबर जुड़ सकता है. एडवेंचर बाइक पसंद करने वालों के बीच ये बाइक काफी पॉपुलर है. हाल में ही इस बाइक के नए वर्जन को स्पॉट किया गया है. हम बात कर रहे हैं हिमालयन 750 की, जिसकी टेस्टिंग चल रही है. आइए जानते हैं इस बाइक में कंपनी क्या कुछ खास देने वाली है.
हरीश रावत की 'धन्यवाद यात्रा' पर कांग्रेस हाईकमान का ब्रेक; कड़ी फटकार के बाद दिल्ली तलब
हरीश रावत के पिछले दिनों से चल रहे धन्यवाद यात्रा पर कांग्रेस हाईकमान ने ब्रेक लगा दिया है। कहा गया कि बिना परमिशन के ऐसा करने की अनुमति नहीं है। रावत को दिल्ली तलब किया गया है।
स्मित मच्छार को जान से मारने का था प्लान, फिर इजरायली एयरपोर्ट पर मचती बहुत बड़ी तबाही
हम्मामी ने प्लेन में आपातकालीन स्थिति के लिए रखी कुल्हाड़ी से स्मित मच्छार पर हमला किया जिससे उनका हाथ लगभग कट गया। इसके बाद उसने कंट्रोल स्टिक के साथ छेड़छाड़ करके दोनों इंजन बंद करने की कोशिश की।
पोस्ट ऑफिस की गदर स्कीम, सिर्फ ब्याज से ₹450000 की कमाई
Post Office NSC Scheme: पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित की जा रहीं सरकारी बचत योजनाएं रिटर्न के मामले खासी पॉपुलर हैं और इनमें किए गए निवेश पर रिस्क भी जीरो होगा है, क्योंकि सुरक्षा की गारंटी खुद सरकार देती है.
फ्लाईदुबई से इजरायल जा रहे विमान में को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी ने जुलाई में इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान क्रैश करने की योजना बनाई थी, जिसे उसने आखिरी वक्त में रद्द कर दिया था.
Top News 5 October: सुप्रीम कोर्ट में CEC मामले पर सुनवाई, GST में बड़े बदलाव की तैयारी
Top News 5 October : सीईसी ज्ञानेश कुमार मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। जीएसटी में हो सकता है बड़ा बदलाव। नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में लिया। असम में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण। अविनाश मिश्रा ने खतरों के खिलाड़ी 15 का खिताब जीता। 5 ...
बोल्सोनारो के बेटे ने लूला को हराया, ब्राजील में अब 25 अक्टूबर को रनऑफ
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में फ्लावियो बोल्सोनारो 47.2% वोट के साथ लूला से आगे हैं और अब दोनों 25 अक्टूबर के रनऑफ में भिड़ेंगे. नतीजों ने लूला के पहले दौर में जीत के दावे को झटका दिया है, जबकि विशेषज्ञ इसे दक्षिणपंथ की बढ़ती ताकत और बंटी हुई राजनीति का संकेत मान रहे हैं.
इमरान खान की रिहाई के लिए PTI का लॉन्ग मार्च, सड़कों पर उतरे समर्थक
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने 4 अक्टूबर से लॉन्ग मार्च शुरू किया है. इस मार्च में बड़ी संख्या में समर्थक गांडी चौक से इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं.
पाकिस्तान के सामने बैठने की हिम्मत क्यों नहीं है, ये क्या बोल गए कांग्रेस नेता
कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने पाकिस्तान से बात नहीं करने को लेकर भारत सरकार पर ही सवाल उठा दिए हैं। साथ ही सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया है।
इनकी हालत 'गजनी' जैसी हो गई, उद्धव और राज ठाकरे के मार्च के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कसा तंज
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में मुंबई में एसआईआर और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च निकाला गया। इसको लेकर देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसा और उद्धव ठाकरे को गजनी बता दिया।
3 दिन में 300 करोड़ के करीब अजय की दृश्यम 3, मचाया 'गदर'
अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3 'द कन्क्लूजन' ने बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई करते हुए कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. एक्टर की फिल्म ने एक ही हफ्ते में सलमान और आमिर जैसे दिग्गज कलाकारों को पीछे छोड़ा. लेकिन कैसे?
इस तेज गेंदबाज ने लिया संन्यास, करियर में झटके 500 प्लस विकेट
क्रेग माइल्स का निर्णय इस बात को भी रेखांकित करता है कि खेल में सफलता और उपलब्धियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. 500 से ज्यादा विकेट और एक शानदार करियर के बाद अब उन्होंने अपनी सेहत को सबसे ऊपर रखते हुए क्रिकेट से विदाई ली है.
दिनेश आर्य को राज्यसभा या महेंद्र भट्ट की दोबारा ताजपोशी; धामी की हर पसंद पर हाईकमान की हां
उत्तराखंड राज्यसभा टिकट पाने वाले दिनेश आर्य लंबे समय तक धामी के जनसंपर्क अधिकारी रहे। यह पहली बार नहीं है जब पुष्कर धामी की पसंद पर भाजपा हाईकमान की मुहर लगी है।
बार-बार खुलती है अलमारी की दराज? बिना कारपेंटर ऐसे करें ठीक
How To Fix Drawer: क्या अलमारी या किचन की दराज बंद करने के बाद भी बार-बार अपने आप बाहर आ जाती है? ऐसी छोटी-सी परेशानी के लिए हर बार कारपेंटर बुलाने या पूरा चैनल बदलवाने की जरूरत नहीं है. घर पर ही एक आसान ट्रिक की मदद से आप दराज को खुद ठीक कर सकते हैं. आइए जानते हैं, कैसे.
9 तारीख से 4 राशियों पर मंडराएगा संकट! बुध शनि बनाएंगे षडाष्टक योग
Shadashtak Yog 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 से ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण खतरनाक षडाष्टक योग' का निर्माण होने जा रहा है. जब दो ग्रह एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में होते हैं, तब यह योग बनता है. इस योग के बनने से कई राशि वालों को संभलकर रहने की जरूरत है.
गुलदार पहले गर्दन दबोचता है, तो कुत्तों का गला ही बना दिया 'कांटेदार'
UP News: बिजनौर जिले के सेला गांव में गुलदार की बढ़ती आवाजाही से चिंतित ग्रामीणों ने पालतू कुत्तों को बचाने के लिए नुकीली लोहे की कीलों वाली चमड़े की बेल्ट बना डाले. जानें इस अनोखी देसी जुगाड़ के पीछे की कहानी...
400 करोड़ पार 'हनुमान अंश' की कमाई, कैंची धाम में भक्तों का सैलाब
'हनुमान अंश' के डायरेक्टर डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने भक्तों से अपील की है कि कैंची धाम जाने से पहले वे वहां के हालात के बारे में जानकारी ले लें. उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब भारी भीड़, लंबे ट्रैफिक जाम और नीम करोली बाबा में लोगों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण उत्तराखंड के इस धाम और आस-पास की सड़कों पर दबाव बढ़ गया है.
अमेरिका ने ब्रिटेन से अपने सभी बॉम्बर विमान हटाए, ईरान पर साजिश का शक, भड़के ट्रंप
एयरबेस की घटना में लंदन के रहने वाले 20-25 साल के पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया. हालांकि इस फैसले पर अमेरिका ने नाराजगी जताई.
सूखे की मार से टूटा किसान? लातूर के किसान ने जन्मदिन पर की आत्महत्या
रविवार को रेनापुर के पास 44 वर्षीय किसान सुभाष कुऱ्हाडे ने अपने जन्मदिन पर आम के पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Monsoon Update: मॉनसून की विदाई के साथ ही मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया है. IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक पहाड़ों पर ठंड का असर शुरू हो गया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर, यूपी बिहार समेत कई राज्यों में उमसभरी गर्मी का दौर अब कम हो रहा है.
यूपी में छोटे दलों को कांग्रेस पर भरोसा, राहुल गांधी से मीटिंग पर मीटिंग; SP से क्यों दूरी
इस बार समाजवादी पार्टी ने छोटे दलों से दूरी बनाई है। ऐसे में यूपी के छोटे दल कांग्रेस पार्टी का रुख कर रहे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्या समेत कई नेता राहुल गांधी से मिल चुके हैं। कांग्रेस पार्टी को भी योग्य उम्मीदवारों की तलाश है।
रूस ने भारी भरकम ड्रोन से यूक्रेन का पुल उड़ाया, VIDEO में कैद हुआ पूरा मंजर
रविवार को रूस ने कीव के नॉर्दर्न ब्रिज पर ड्रोन हमला किया, जब जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज शहर पहुंचे हुए थे. वीडियो में आग और धुआं दिखा, दो लोग घायल हुए और पुलों पर बढ़ते हमलों ने राजधानी को बांटने की आशंका, जर्मनी के समर्थन और रूस की नई चेतावनी को साथ ला दिया.
90 के दशक के जाने माने सिंगर्स की लिस्ट में सोनू निगम का नाम भी आता है, जिनके रोमांटिक गानों ने फैंस के दिलों में जगह बनाई. लेकिन केवल रोमांस ही नहीं माता की भक्ति के गानों को भी सोनू निगम ने आवाज दी है
सिर्फ रोटी-पराठा नहीं, इन 10 कामों को भी आसान करता है गेहूं का आटा
Atta Uses In Home: किचन में रखा गेहूं का आटा सिर्फ रोटी बनाने के ही नहीं, बल्कि घर के कई मुश्किल काम आसान करने में भी काम आ सकता है. सिंक चमकाने, प्ले डो बनाने, तांबे के बर्तन चमकाने से लेकर ड्राई शैम्पू तक, आटे को आप 10 ऐसे तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं कि आप खुद हैरान हो जाएंगे.
Assam Cabinet का बड़ा फैसला, पूर्व Agniveers को पुलिस भर्ती में मिलेगा 12 प्रतिशत कोटा
गुवाहाटी, चार अक्टूबर असम मंत्रिमंडल ने राज्य के सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए पुलिस और संबद्ध बलों में नौकरियों में आरक्षण को रविवार को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। शर्मा ने बताया कि मंत्रिमंडल ने वाहन स्वामित्व हस्तांतरण पर हरित उपकर लगाने और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए असम रेजिमेंटल सेंटर को एकमुश्त वित्तीय सहायता देने को भी मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में शर्मा ने कहा कि पुलिस, एपीआरओ, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं, वन रक्षक और आबकारी विभाग में 11 श्रेणियों की भर्ती में असम के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए 12 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि वाहनों के स्वामित्व हस्तांतरण पर हरित उपकर लगाने का उद्देश्य वनीकरण और संरक्षण के जारी प्रयासों में सहयोग करना है। शर्मा ने कहा, ‘‘हरित उपकर इलेक्ट्रिक वाहनों, सीएनजी वाहनों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों तथा वाहन मालिक की मृत्यु के कारण स्वामित्व हस्तांतरण पर लागू नहीं होगा।’’मुख्यमंत्री ने बताया कि शिलांग स्थित असम रेजिमेंटल सेंटर में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि को भी मंजूरी दी गई है। मंत्रिमंडल ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट विकास परियोजना के दूसरे चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड की सेवाएं लेने को भी मंजूरी दी।
अब PM फेस कैसे बनेंगे विजय थलपति, राहुल गांधी वाले INDIA गठबंधन में आ गए
पहली ही चुनावी पार्टी में तगड़ डेब्यू करने वाले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने दांव खेला है। 2029 में पीएम पद के लिए रेस में होने की चर्चा के बीच उनकी पार्टी टीवीके INDIA गठबंधन में शामिल हो गई है।
6 या 7 अक्टूबर, कब है इंदिरा एकादशी का व्रत? दूर करें कंफ्यूजन
Indira Ekadashi 2026: शास्त्रों में पितृ पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है. ग्रंथों में कहा गया है कि श्राद्ध के दिनों में विष्णु पूजा करने से भी पितर तृप्त हो जाते हैं, क्योंकि इंदिरा एकादशी का व्रत करने वालों और उनके पितरों के लिए बैकुंठ धाम के रास्ते सुलभ कर देता है.
शनि बदलेंगे अपनी चाल, इन राशियों की बदलेगी किस्मत!
शनि 3 जून 2027 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस बदलाव से कई राशियों की साढ़ेसाती और ढैय्या के समीकरण बदलेंगे. कुंभ राशि वालों को राहत मिल सकती है, जबकि वृषभ राशि पर साढ़ेसाती शुरू होगी. 9 अगस्त को शनि वक्री होंगे और 20 अक्टूबर को फिर मीन राशि में लौटेंगे. दिसंबर में शनि मार्गी होकर वर्ष की चाल पूरी करेंगे.
बढ़ता फ्लैट कल्चर, घटती रिश्तों की गहराई
नोएडा की सुपरनोवा इमारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन की खुदकुशी महानगरों के बढ़ते फ्लैट कल्चर और अकेलेपन पर गंभीर सवाल उठाती है. आधुनिक सुविधाओं और बंद दरवाजों के बीच रिश्ते कमजोर हो रहे हैं.
CJP का 'चुनाव लीक' प्रोटेस्ट: क्या ज्ञानेश कुमार का अंजाम धर्मेंद्र प्रधान जैसा होगा?
कॉकरोच जनता पार्टी और देश की विपक्षी पार्टियां एक समानांतर आंदोलन चला रही है. बस, डिमांड एक है- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है. लेकिन, जितना पेंचीदा प्रोटेस्ट का अंतर्विरोध है, उतना ही ज्ञानेश कुमार को धर्मेंद्र प्रधान मान लेना.
रामानंद सागर ने अपने करियर में कई फिल्में बनाईं. आज हम आपको उन्हीं की एक फिल्म के एक गाने के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे लता मंगेशकर ने गाया था और यह दाग देहलवी की गजल पर बना था.
सलमान भाईजान की वो 5 फिल्में, जिसमें 'प्रेम' नाम से जीता दिल, चौथी के गाने शादी-ब्याह की बने शान
सलमान खान का करियर 80 के दशक के आखिर में फिल्म बीवी हो तो ऐसी से शुरू हुआ था और अब वह बॉलीवुड के सुपरस्टार्स की लिस्ट में शामिल हैं, जिन्होंने 90 के दशक में कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया.
असम में Akhil Gogoi न लें श्रेय, इसलिए रोकी जा रही बाढ़ राहत राशि: Himanta Biswa Sarma
गुवाहाटी, चार अक्टूबर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा ने रविवार को कहा कि पूर्वी जिलों में बाढ़ प्रभावित लोगों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता जारी करने में देरी की जा रही है, ताकि विपक्षी विधायक अखिल गोगोई इसका श्रेय न ले सकें। रायजोर दल के अध्यक्ष गोगोई पिछले तीन दिन से यहां राज्य विधानसभा परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं और जल्द से जल्द सहायता राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने और गंभीर स्थिति को हल्का बताने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ परिवारों को छोड़कर अधिकांश प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। शर्मा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “करीब सात दिन पहले गोगोई ने मुआवजे के मुद्दे पर मुझसे फोन पर काफी देर तक बात की थी... मैंने उन्हें विस्तार से समझाया था। अब जब उन्हें पता है कि लोगों को पैसा मिलने वाला है, तो वह इसका श्रेय लेना चाहते हैं। हमें सहायता राशि जारी करने में देरी करनी होगी, ताकि वह इसका श्रेय न ले सकें।”मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरी गलती यह थी कि मैंने उन्हें मुआवजे से जुड़ी जानकारी दे दी। वह इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं और मैं भी राजनीति करूंगा।
बबीता मैम-परिमल सर की लव स्टोरी, हरियाणा में शादी के 21 साल बाद कई पार्ट में हुई 'रिलीज'
हरियाणा के सोनीपत स्थित आईसीएस कोचिंग सेंटर संचालक बबीता मैम और परिमल सर ने अपनी 21वीं शादी की सालगिरह पर प्रेम कहानी छात्रों के साथ शेयर की है. इंस्टाग्राम पर कई पार्ट में सामने आ रही इस कहानी में दोस्ती, प्रपोजल, परिवार की मंजूरी और विवाह तक का पूरा सफर बताया जा रहा है.
Asha Parekh 169 episode serial : आशा पारेख बॉलीवुड की जानी मानी अदाकारा हैं, जिन्होंने 70 के दशक में जीतेंद्र, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना और विनोद खन्ना के साथ कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं. उनकी अदायगी का तो हर कोई कायल था. लेकिन बेहद कम लोग जानते हैं कि उन्होंने डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया है, जो सफल रहा.
Parineeti Chopra Raghav Chaddha Love Story: परिणीति चोपड़ा की लव स्टोरी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है. उन्होंने सितंबर 2023 में राजनेता राघव चड्ढा से शादी की थी. जबकि इससे पहले उनका एक वीडियो काफी वायरल हुआ था
रूस की सीक्रेट लैब में बड़ा हादसा? सैकड़ों लोग हुए क्वारंटीन
रूस के साइबेरिया में इरकुत्स्क एंटी प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट की 28 साल की शोधकर्ता दार्या शिपिलोवा की गंभीर निमोनिया से मौत के बाद चिंता फैल गई है. उन्होंने टेस्ट ट्यूब टूटने की बात कही थी. सैकड़ों लोग निगरानी में हैं और कई अस्पतालों में क्वारंटीन उपाय लागू हैं.
मंत्री का विरोध पड़ा महंगा, केरलम में डॉक्टर को नौकरी से निकाला; FIR भी दर्ज
केरलम के कासरगोड में एक अस्थायी डेंटल सर्जन डॉ. सिद्धार्थ रवींद्रन को खेल मंत्री ओजे जनीश के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लेने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया।
kishore kumar 44 year old song: 44 साल पहले किशोर कुमार ने एक ऐसा गाना गाया जिसनें सिर्फ उनको ही नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन को भी एक अलग पहचान दिलाई. लेकिन इस गाने की लंबाई जानने यानि 12 मिनट सुनकर ही किशोर दा को गुस्सा आ गया था. लेकिन बाद में यही बप्पी लाहिड़ी के संगीत, समीर अंजान के बोल ने इस किशोर दा का यादगार गीत बना दिया.
हनीट्रैप: नौसैनिक ने पाकिस्तान को भेजी खुफिया रक्षा जानकारी; सोशल मीडिया के जाल में कैसे फंसा प्रदीप?
Saran में राहत बांटने के दौरान पिस्टल लहराने पर SHO संग्राम कुमार सिंह निलंबित
सारण, चार अक्टूबर बिहार के सारण जिले के मकेर थाना प्रभारी को राहत सामग्री वितरण के दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों पर पिस्तौल लहराने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। यह कार्रवाई घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई। बयान में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह घटना “ड्यूटी में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमानी” को दर्शाती है। सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है, “मकेर के थाना प्रभारी संग्राम कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसमें वह इलाके में बाढ़ राहत सामग्री वितरण के समय लोगों की ओर कथित तौर पर पिस्तौल लहराते हुए दिखे थे।”सितंबर के आखिरी सप्ताह में नेपाल और आसपास के इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद बिहार के छह जिलों के 30 प्रखंडों की 169 ग्राम पंचायतों में करीब 9.87 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में सारण, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, दरभंगा और मुजफ्फरपुर शामिल हैं।
Weather Forecast 05 October 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today
Weather Forecast 05 October 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today
Bhubaneswar में दुष्कर्म का आरोपी पुलिस Encounter में घायल, कोर्ट ने 14 दिन की जेल भेजा
भुवनेश्वर, चार अक्टूबर ओडिशा के भुवनेश्वर में एक महिला से दुष्कर्म के आरोपी व्यक्ति को पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 30 सितंबर को यहां अपने किराये के फ्लैट में 26 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 63 के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि तीन अक्टूबर को हुई मुठभेड़ के दौरान उसने पुलिसकर्मियों पर धारदार वस्तु से हमला करने की कोशिश की थी। यह घटना उस वक्त हुई थी जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी। जवाब में, पुलिस ने गोलीबारी की और आरोपी के दायें पैर में एक गोली लगी थी।
शहूर एस्ट्रोलॉजर भावना उपाध्याय ने चीटियों को आटा खिलाने की सही विधि और इस उपाय के लाभ बताए हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में-
Aaj Ka Panchang: दशमी तिथि पर ये समय रहेगा खास, जानें राहुकाल और दिशाशूल का टाइम
5 October 2026 Panchang: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है. किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत या धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत से पहले तिथि, वार, नक्षत्र और शुभ-अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. 5 अक्टूबर 2026 सोमवार का दिन भी धार्मिक और ज्योतिषीय नजरिए से खास माना जा रहा है.
Aaj Ka Rashifal 2026: आज का दिन 12 राशियों के लिए अलग-अलग तरह के अनुभव लेकर आ सकता है. किसी राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं, तो किसी को काम का दबाव और खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी.
Congress नेता Aradhana Mishra का UP सरकार पर आरोप, राज्य में महिलाएं और बच्चियां असुरक्षित
लखनऊ, चार अक्टूबर उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ कथित अपराधों को लेकर रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि राज्य महिलाओं के लिए सर्वाधिक असुरक्षित प्रदेश बन गया है। मिश्रा ने एक बयान में दावा किया कि पिछले एक सप्ताह में बुलंदशहर, बस्ती, बांदा, सोनभद्र, कौशाम्बी, ललितपुर, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज और लखनऊ में नाबालिगों से दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म और अपहरण के कई मामले सामने आए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सोनभद्र में 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की प्रसव के दौरान मौत होने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना नाबालिगों के खिलाफ अपराध के गंभीर परिणामों को दर्शाती है। उन्होंने ललितपुर में पांच वर्षीय बच्ची और प्रयागराज में 10 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के आरोपों का भी जिक्र किया। आराधना ने कहा कि सवाल केवल इन घटनाओं का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था का है। उनके मुताबिक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में एक वर्ष में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 66,381 मामले दर्ज हुए, यानी रोजाना औसतन करीब 182 मामले। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में दुष्कर्म के 3,516 और हत्या के 3,206 मामले दर्ज किए गए। मिश्रा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी 30 सितंबर को एक आपराधिक मामले की जांच में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत की टिप्पणियों के बावजूद प्रदेश सरकार की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, जब स्कूल से घर लौटती बच्चियां, पांच और 10 साल की बच्चियां तथा नाबालिग छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार हाथ पर हाथ रखकर क्यों बैठी है? मिश्रा ने कहा कि बेटियां डर में नहीं, सम्मान और सुरक्षा के साथ जीना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि जो सरकार बेटियों को स्कूल, सड़क और घर में सुरक्षा नहीं दे सकती, उसे जनता सत्ता से हटा देगी।
भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के लिए पांचवें दौर की बातचीत सोमवार से ओटावा में शुरू होगी।
SIR पर विपक्ष के दावों को बीजेपी ने किया खारिज, कहा- नहीं काटे गए 13 करोड़ वोटर्स के नाम
भाजपा ने एसआईआर और वोट चोरी के दावों पर स्पष्टीकरण दिया है, कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए नहीं गए बल्कि मसौदा सूची में चिह्नित किए गए हैं।
पानी पीने के लिए अच्छी बोतल कौन सी है? जानिए कॉपर और स्टेनलेस स्टील किस बोतल में पानी पीना चाहिए
अक्सर लोग पानी पीने के लिए अलग-अलग बोतल का इस्तेमाल करते हैं. जैसे कॉपर, स्टेनलेस स्टील और प्लास्टिक आदि. यहां जानिए पानी पीने के लिए कॉपर और स्टेनलेस स्टील कौन सी बोतल अच्छी है.
सुप्रीम कोर्ट आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निलंबन और उनके कथित 'अनधिकृत' निर्णयों को रद्द करने की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।
Delhi में British Liquor पर घटेगा Customs Duty, 15 प्रतिशत तक सस्ती हो सकती है Scotch
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर दिल्ली आबकारी विभाग ब्रिटिश शराब पर सीमा शुल्क में कटौती लागू करने पर विचार कर रहा है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में कुछ प्रीमियम ‘स्कॉच व्हिस्की’ की कीमत 15 प्रतिशत तक घट सकती है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली सरकार के फैसले के बाद राष्ट्रीय राजधानी के खुदरा बाजार में कुछ लोकप्रिय स्कॉच की कीमत करीब 200 से 300 रुपये तक घट सकती है। पिछले साल भारत ने ब्रिटेन के साथ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत ब्रिटिश शराब पर आयात शुल्क में कटौती की गई। व्यापार समझौते के तहत भारत ब्रिटेन की व्हिस्की और ‘जिन’ पर शुल्क को 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत करेगा और समझौते के 10वें वर्ष में इसे और घटाकर 40 प्रतिशत कर देगा। अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला नीतिगत मामला होने के कारण इसमें कुछ समय लगने की संभावना है, क्योंकि फिलहाल विभाग में पूर्णकालिक आबकारी आयुक्त नहीं है और यह पद रिक्त है। फिलहाल इस पद का अतिरिक्त प्रभार नयी दिल्ली के जिलाधिकारी के पास है।
सुर्खियां: सुप्रीम कोर्ट में सीईसी का केस; भारत-कनाडा व्यापार वार्ता; अविनाश मिश्रा जीते खतरों के खिलाड़ी 15
सुप्रीम कोर्ट: सीईसी ज्ञानेश कुमार मामले में सुनवाई आज; याचिका में निलंबन की अपील, 'फैसले निरस्त' जैसे कई सवाल
Asian Games में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने दी बधाई
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि 2026 के एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और देश को अपने दल के हर सदस्य पर गर्व है, जिन्होंने समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हमारे सभी पदक विजेताओं, विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन करने वाली हमारी महिला खिलाड़ियों को बधाई।”राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, कौशल और दृढ़ता ने देश को बहुत सम्मान दिलाया है।”आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत 85 पदकों (21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य) के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। यह चीन के हांगझोउ में हुए पिछले संस्करण की तुलना में 21 पदक कम है। आइची-नागोया एशियाई खेल 19 सितंबर को शुरू हुए थे। समापन रविवार को जापान के नागोया में हुआ। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “2026 के एशियाई खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। देश को भारतीय दल के हर सदस्य पर गर्व है, जिन्होंने समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया।”राष्ट्रपति ने सभी खिलाड़ियों को उनके खेल जीवन में निरंतर सफलता और आगे भी कई उपलब्धियां हासिल करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
बिहार में Flood mismanagement पर बड़ी कार्रवाई, सात Engineer निलंबित
पटना, पांच अक्टूबर बिहार में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से घटने के बीच, राज्य सरकार ने हालिया बाढ़ से निपटने में कथित लापरवाही बरतने को लेकर रविवार को सात इंजीनियर को निलंबित कर दिया और एक अन्य अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। रविवार शाम जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से जारी बयान के अनुसार सारण के रेवा घाट में गंडक नदी का जलस्तर अपने रिकॉर्ड स्तर से 177 सेंटीमीटर नीचे आ गया है और अब खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे है। बयान में कहा गया कि वैशाली के लालगंज में जलस्तर 130 सेंटीमीटर घटा है, लेकिन अभी भी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर है। बयान के अनुसार, अगले 24 घंटे में इसके खतरे के निशान से नीचे आने की उम्मीद है। नेपाल और उत्तर प्रदेश के आसपास के इलाकों में भारी बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया था। नेपाल के देवघाट और बिहार के बगहा, डुमरियाघाट, रेवा घाट तथा लालगंज में रिकॉर्ड जलस्तर दर्ज किया गया था। विभाग ने कहा कि निरीक्षण के दौरान कुछ इंजीनियरों की ओर से आपात स्थिति में कार्रवाई करने में लापरवाही और देरी की बात सामने आई। इसमें पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों और सामग्री की व्यवस्था न करना तथा स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ खराब समन्वय शामिल है। बयान में कहा गया, “दो कार्यपालक इंजीनियरों समेत सात इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। चंपारण तटबंध को हुए नुकसान के बाद कथित लापरवाही के आरोप में मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का भी आदेश दिया गया है।”निलंबित अधिकारियों में सारण के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर, गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता मोहम्मद साजिद इकबाल, सारण के सहायक अभियंता सुनील कुमार और विनोद कुमार, गोपालगंज के सहायक अभियंता मोहम्मद जावेद अंसारी तथा सारण और गोपालगंज के कनिष्ठ अभियंता क्रमशः चंद्रशेखर कुमार और विकास कुमार शामिल हैं।
UNSC में स्थायी सदस्यता के लिए भारत का दांव, 20 और देशों में बनेगा डिफेंस विंग
भारत बीस और देशों में डिफेंस विंग स्थापित करेगा। इससे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता समेत विभिन्न वैश्विक मंचों पर भारत को समर्थन जुटाने में मदद मिलेगी।
आरएसएस से जुड़ी पत्रिका आर्गनाइजर ने आरोप लगाया है कि कम्युनिस्ट-इस्लामिस्ट गठजोड़ लोकतांत्रिक अधिकारों की आड़ में विरोध प्रदर्शनों के जरिए देश की छवि खराब कर रहा है।
लड़ाकू विमान: हिंद-प्रशांत में सैन्य सहयोग मजबूत करने की कवायद, जापान के साथ राफेल एफ4 ने किया हवाई अभ्यास
‘मेधावी, बेबाक और निडर’; दीक्षांत समारोह विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट जज ने की NALSAR छात्रों की तारीफ
जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने नालसार यूनिवर्सिटी के छात्रों को 'शानदार, निडर और बहादुर' बताया, यह टिप्पणी हाल ही में हुए दीक्षांत समारोह विवाद के कुछ हफ्तों बाद आई है।
5 राज्यों में चुनाव की उल्टी गिनती शुरू, जमीनी तैयारियों का जायजा लेने पहुंचेगी चुनाव आयोग की टीम
चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, उप चुनाव आयुक्तों के नेतृत्व में, आगामी चुनावों के लिए पांच राज्यों का दौरा करेंगे। यह दौरा गोवा, उत्तराखंड, पंजाब और मणिपुर में जमीनी स्तर पर चुनाव तैयारियों का जायजा लेने के लिए किया जा रहा है।
नागर विमानन मंत्रालय ने मुंबई से नवी मुंबई हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के स्थानांतरण पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है।
'क्या राहुल गांधी और विपक्षी सीएम भी गैरकानूनी सांसद हैं?', रिजीजू ने खरगे के आरोप पर किया पलटवार
संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 'गैरकानूनी पीएम' वाले आरोप पर पलटवार किया है। रिजीजू ने खरगे से सवाल किया कि क्या राहुल गांधी और विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्री भी गैरकानूनी हैं।
महाराष्ट्र: मुंबई में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में उद्धव-राज ठाकरे, आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Pisces Tarot Card Horoscope 05 October: Five of cups की ऊर्जा रिश्तो में संतुलन बनाए रखने का प्रयास,कार्यों को लेकर सही व्यवस्था बनाने की कोशिश और कामकाजी महिलाओं को व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन में सही सामंजस्य बनाए बनाए रखने के प्रयास को सफल बनाने की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं, मीन राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Aquarius Tarot Card Horoscope 05 October: Nine of wands की ऊर्जा पारिवारिक मुद्दों में तनाव कम करने की कोशिश, किसी की दखलंदाजी के कारण निजी जीवन में परेशानी और जरूरत से ज्यादा परवाह करने वाले लोगों से दूरी बनाए रखने की आवश्यकता की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं, कुंभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Capricorn Tarot Card Horoscope 05 October: Eight of swords की ऊर्जा अपने कार्यों को सकारात्मक तरीके से पूरा करने का प्रयास, नकारात्मक सोच और नकारात्मक लोगों से दूरी और समस्या को नजरअंदाज करने की जगह उसका समाधान ढूंढने की कोशिश की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, मकर राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Sagittarius Tarot Card Horoscope 05 October: Four of swords की ऊर्जा परिवार और व्यवसाय की जिम्मेदारियां को बेहतर तरीके से निभाने का प्रयास, नई तकनीकों की जानकारी से स्वयं को अपडेट रखने की कोशिश और व्यवसाय में बदलावों से फायदा होने की बात लेकर आ सकती है. यह जानते हैं धनु राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों,आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Scorpio Tarot Card Horoscope 05 October: Two of wands की ऊर्जा नई स्किल को सीख कर इसका व्यावसायिक उपयोग करने पर विचार, नए सहकर्मियों के व्यवहार को समझने की कोशिश और दूसरों की गलतियां को अपनी परेशानी का कारण न बनने देने की बात देकर आ सकती है. आईए जानते हैं, वृश्चिक राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Libra Tarot Card Horoscope 05 October: Seven of swords की ऊर्जा झूठ बोलकर कार्यों को पूरा करने की आदत में बदलाव लाने का प्रयास, कार्यों को समय पर पूरा करने की कोशिश और अपनी अतिविश्वास में सुधार लाने की आदत में सुधार लाने की कोशिश की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, तुला राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Virgo Tarot Card Horoscope 05 October: Judgement की ऊर्जा अनैतिक तरीके से निर्णय बदलने के प्रयास से दूरी,किसी भी योजना को प्रस्तुत करते समय तथ्यों की स्पष्टता बनाए रखने की आवश्यकता और अपने विचारों और सोच को स्पष्ट रूप से सामने वाले के समक्ष रखने की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं ,कन्या राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.

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