UN में ईरानियों के लिए क्या छोड़ गए नेतन्याहू? मस्क से भी है कनेक्शन
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने UN महासभा में Starlink टर्मिनल लहराकर ईरान पर तंज कसा. भाषण के बाद इजरायल के UN राजदूत डैनी डैनन वही डिवाइस लेकर ईरानी प्रतिनिधि के पास पहुंच गए.
रिव्यू: अमर चित्र कथा वाली फील, लेकिन कमजोर दूसरा हाफ, कैसी है 'द वन'?
The Vvaan: Force of the Forest Review: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की इस फिल्म में कहानी, एक्शन, VFX और हॉरर का कैसा है मेल? पढ़ें फिल्म का आसान और पूरा रिव्यू.
कौन हैं IPS मोहिबुल्लाह अंसारी, जिन्हें US में मिलेगा बड़ा सम्मान
IIT छोड़ो, पहले पास होने लायक नंबर तो लाओ! पिता के इस एक वाक्य ने एक फेलियर छात्र को ऐसा बदला कि इतिहास बन गया. असफलता के गर्त से निकलकर पहले IIT दिल्ली में दाखिला, फिर 3 प्रयास में ऑल इंडिया 381वीं रैंक के साथ IPS बनना और अब अमेरिका से बुलावा! जानिए मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी की वो कहानी, जो हर निराश छात्र के अंदर उम्मीद का नया सवेरा भर देगी.
वैभव IN, दुबे/तिलक OUT... टीम इंडिया में होगा बड़ा बदलाव
भारतीय चयनकर्ताओं के सामने आने वाले महीनों में सिर्फ खिलाड़ियों का आंकड़ों का नहीं, बल्कि टीम कॉम्बिनेशन को लेकर भी बड़ा सवाल होगा. मोहम्मद कैफ ने अपनी राय पहले ही जाहिर कर दी है कि वैभव सूर्यवंशी की मौजूदा रफ्तार उन्हें ज्यादा समय तक प्लेइंग-11 से बाहर नहीं रहने देगी.
'मैं खुद को खत्म कर रहा हूं...' आधी रात, चलती कार और सुसाइड
जौनपुर के बक्सा में वाराणसी-लखनऊ हाइवे पर देर रात यूनियन बैंक मैनेजर दुर्गेश श्रीवास्तव ने चलती कार में खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया. अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकरा गई। शीशा तोड़कर निकाले गए दुर्गेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया. मौके से तमंचा और सुसाइड नोट बरामद हुआ है.
दिवाली से पहले लक्ष्मी नारायण राजयोग, 3 राशियों पर होगी धनवर्षा
Lakshmi Narayan Rajyog 2026: दिवाली से पहले बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने वाला है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार 3 राशियों को धन लाभ और करियर में तरक्की के संकेत मिल सकते हैं.
सऊदी पर हूती विद्रोहियों के हमले तेज, मदद के लिए उतरेगी फ्रांस की सेना
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ अपने हमलों को काफी तेज कर दिया है. सऊदी अरब के सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने लान पोर्ट और ताइफ़ शहर को निशाना बनाकर छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. इसके अलावा, विद्रोहियों ने तेल संयंत्रों और राजधानी रियाद को भी निशाना बनाने का दावा किया है.
वोट चोरी के आरोपों पर सियासी घमासान, राहुल गांधी ने CEC से मांगा इस्तीफा
देश में इस समय वोट चोरी के आरोपों को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है. कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक इस मुद्दे पर सीईसी के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन और महाभियोग की तैयारी कर रहे हैं.
महिला सफाईकर्मी, झाड़ू और किडनैपर... देहरादून में हौसले की कहानी
सुबह का वक्त था. सड़क पर रोज की तरह सफाई चल रही थी. एक महिला स्कूटी से जा रही थी. तभी एक कार उसके पास रुकी. कुछ लोग उतरे और महिला को जबरन कार में खींचने लगे. महिला चीखी... चीख सुनकर सड़क साफ कर रही तीन महिलाएं झाड़ू लेकर दौड़ीं और आरोपियों से भिड़ गईं. देहरादून की इस घटना की पूरी कहानी अब सामने आई है.
जेल में पास्ता-चिकन मांगने वाला अमेरिकी कैदी रिहा, आतंकी ट्रेनिंग का था आरोप
राउज एवेन्यू की विशेष एनआईए अदालत ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को परिवार से मिलने एक महीने के लिए विदेश जाने की इजाजत दी. अदालत ने पासपोर्ट लौटाने, 24 घंटे में संपर्क विवरण देने, जांच में शामिल होने और तय समय पर भारत लौटकर 72 घंटे में सूचना देने की शर्त भी रखी.
मुश्ताक से अस्पताल में मिले थे राजपाल, हुए इमोशनल
मुश्ताक खान के निधन पर राजपाल यादव और सनी देओल सहित कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया है. वे अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं.
अमृतसर में दिनदहाड़े लूट, महिला सरपंच के कानों से सोने की बालियां नोचीं
पंजाब के गांव सैदोलेहल में बाइक सवार दो बदमाशों ने महिला सरपंच अमरजीत कौर को बातों में उलझाकर उनके कानों से सोने की बालियां झपट लीं और फरार हो गए. पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई है. पुलिस ने मुकदमा नंबर 113 दर्ज कर फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान शुरू कर दी है.
ग्रेटर नोएडा में आज से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो, यूपी के कारीगरों को मिलेगा मंच
UPITS 2026 में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और आधुनिक उद्योगों को एक ही मंच पर पेश किया जा रहा है, जहां स्थानीय कारोबारियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने पर मुख्य जोर है.
IRDAI के प्रस्ताव में ऐसा क्या? 36% तक टूट गए बीमा कंपनियों के शेयर
बीमा रेगुलेटरी के एक प्रस्ताव के बाद पॉलिसी बाजार के शेयरों में 36 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी. आज भी इस शेयर में दबाव दिखाई दे रहा है. अब आइए जानते हैं कि IRDAI के प्रस्ताव में ऐसा क्या कहा गया है, जिससे इन कंपनियों के शेयर तेजी से गिर रहे हैं?
ज्ञानेश कुमार पर छिड़े संग्राम के बीच अब BLO ऐप में बदलाव, ‘VIP फीचर' वाला क्या मामला?
चुनाव आयोग की मार्च 2023 की इलेक्टोरल रोल मैनुअल के अनुसार, VIP या की सूची में सांसद, विधायक, संवैधानिक पदों पर बैठे लोग, सरकारी अधिकारी और कला, संस्कृति या खेल जगत की प्रमुख हस्तियां शामिल हो सकती हैं।
UN में नेतन्याहू के भाषण पर भड़के न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी, कहा— 'यह सब बेबुनियाद झूठ'
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के मंच से शुरू हुआ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के बीच का टकराव अब और गहरा गया है। वैश्विक मंच पर एक-दूसरे पर तीखे हमले करने वाले इन दोनों नेताओं के बीच ...
जयपुर में सुनील कोठारी vs सुनीता मावर, जोधपुर-कोटा में भी कांटे की टक्कर, थोड़ी देर में वोटिंग
Rajasthan Mayor Election Latest Updates: मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद वोटों की गिनती शुरू होगी. इसके बाद जयपुर को नया मेयर मिल जाएगा. चुनाव के दौरान पार्षदों के मतदान पर सभी की नजर रहेगी.
जिस कचहरी में सुलझते हैं विवाद, वहीं पति-पत्नी में हुआ जमकर बवाल
रामपुर कचहरी परिसर में पति-पत्नी के विवाद के दौरान हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एएसपी अनुराग सिंह के मुताबिक प्रारंभिक जांच में मामला पति-पत्नी के आपसी विवाद से जुड़ा है.
कुश्ती छोड़ी, दूसरे ने चोट के बाद बदला खेल, कौन हैं शूटिंग में गोल्ड जीतने वाली जोड़ी?
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शूटिंग के 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता. सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने यह कामयाबी हासिल की. दोनों का हरियाणा से कनेक्शन है. सुरुचि झज्जर की रहने वाली हैं, जबकि कमलजीत रेवाड़ी के सुलखा से आते हैं. खास बात यह रही कि यह इस बार एशियाड 2026 का भारत का पहला गोल्ड मेडल है.
पीएम मोदी: सेवा संकल्प अभियान पर निकले युवाओं से प्रधानमंत्री का संवाद, बोले- लोगों से जुड़ना ही अद्भुत अनुभव
3 नई ट्रेनें, 9 नए स्टॉपेज मंजूर... इन रूट्स पर लोगों को मिलेगा लाभ
रेल यात्रियों के लिए सफर को आसान बनाने वाली कई मांगों पर रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है. उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के यात्रियों को अब ट्रेन से सफर के ज्यादा विकल्प मिलेंगे. रेलवे बोर्ड ने 3 नई ट्रेन सेवाओं और 9 ट्रेनों के नए स्टॉपेज को मंजूरी दी है.
Review: तमन्ना संग कपिल की फ्लर्टिंग, दृश्यम में क्यों नहीं हैं काजोल?
कपिल शर्मा के नेटफ्लिक्स शो द ग्रेट इंडियन कपिल शो का पांचवा सीजन लौट रहा है. कल यानी शनिवार को इसका पहला एपिसोड आने वाला है. उससे पहले मेकर्स ने अपने शो का मजेदार ट्रेलर रिलीज किया है, जिसमें कपिल और उनके साथी पुरानी फॉर्म में वापस लौटे हैं.
आतंकी हाफिज सईद को कब सजा दोगे? सवाल पर दुम दबाकर भागे शहबाज
न्यूयॉर्क में UN मुख्यालय पहुंचते और वहां से निकलते वक्त पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से हाफिज सईद और आतंकवाद को लेकर सवाल पूछे गए. शहबाज शरीफ दोनों सवालों पर बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए.
म्यांमार सीमा पार से आए बंदूकधारियों का मणिपुर में तांडव! 4 की हत्या
मणिपुर के कामजोंग जिले के पिलोंग गांव में गुरुवार दोपहर हथियारबंद हमलावरों ने चार लोगों की हत्या कर दी. पुलिस को शक है कि हमलावर इंडो म्यांमार सीमा पार से आए थे. एक व्यक्ति किसी तरह बचकर भाग निकला. मृतकों में एक पिता और बेटा भी शामिल हैं. हमले के लिए केएनए-बी गुट को शक के घेरे में रखा गया है, हालांकि पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है.
सर्दियां आ रही हैं! रेलवे ने 13 ट्रेनों पर लिया बड़ा फैसला, 4 पूरी तरह रद्द; देखें फुल लिस्ट
Indian Railways Fog Update: कोहरे के कारण रेलवे ने 13 ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है। 4 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, जबकि 7 ट्रेनों के फेरे कम किए जाएंगे। 2 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। जानें किन ट्रेनों पर कब तक असर रहेगा।
'करोड़पति पापा औरतों पर उड़ाते थे लाखों, बेटे को मिलते सिर्फ 40 हजार'
Kanpur Vineet Minocha Murder Case: कानपुर के कल्यानपुर में हुए चर्चित कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड का खुलासा पुलिस तफ्तीश में हुआ है. कर्ज के चक्रव्यूह, संपत्ति छीनने के डर और क्रेडिट कार्ड के खेल में उलझे आरोपी सुब्रत ने अपने साथी विशाल के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
'CEC ज्ञानेश कुमार को देना होगा जवाब', अभिषेक बनर्जी बोले- 30 लाख वोट डिलीट किए
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी वॉट्सऐप पर स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी ने सीईसी को इस्तीफे के लिए 48 घंटे का अल्टिमेटम दिया है।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने खोला मोर्चा, आज देशव्यापी प्रदर्शन
चुनाव आयोग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर देश में राजनीतिक घमासान मच गया है. विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जाए. ए जा रहे हैं.
मंत्री के लेटर के बाद भी किसानों पर क्यों दर्ज हुई FIR?
मध्य प्रदेश के गुना में खेती के लिए बैल ले जा रहे अलीराजपुर के किसानों के दो वाहनों को गौसेवकों ने रोक लिया. किसानों के पास मंत्री नागर सिंह चौहान का पत्र था, जिसमें 10 बैल ले जाने की अनुमति का अनुरोध किया गया था. शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों वाहन जब्त किए और छह लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया. जांच जारी है.
3 राज्यों में आग का तांडव: रेवाड़ी-नोएडा में फैक्ट्रियां और दिल्ली में बेकरी खाक
हरियाणा के रेवाड़ी, दिल्ली और ग्रेटर नोएडा में आग की तीन घटनाएं सामने आईं. रेवाड़ी के बावल औद्योगिक क्षेत्र में दो फैक्ट्रियां आग की चपेट में आ गईं, जहां दर्जन भर दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया. दिल्ली के नारायणा गांव में बंद बेकरी में आग लगी.
इजरायली पीएम Netanyahu के संयुक्त राष्ट्र महासभा में विवादित बोल, कहा- अगर यहां कोई और कायर है तो…
इंटरनेट डेस्क। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के दौरान विवादित बात बोली है। उन्होंने ये बात उस समय कही जब उनके मंच पर आने पर 75 देशों के प्रतिनिधि हूटिंग करके उनका विरोध करने लगे और बाहर जाने लगे। लगभग सभी इस्लामिक देशों के प्रतिनिधि हॉल छोड़कर चले गए, लेकिन यूएई की प्रतिनिधि मौजूद रहीं। इस पर नेतन्याहू ने करीब 3 मिनट तक शांत रहने के बाद कहा कि भाषण शुरू करने से पहले मैं कहना चाहता हूं कि अगर यहां कोई और कायर है तो बाहर चला जाए। खबरों के अनुसार, नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा, ईरान, लेबनान पर इजराइली कार्रवाई का जिक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ। दूसरी ओर न्यूयॉर्क मेयर ममदानी और यूरोप के नेताओं की आलोचना की। अपने भाषण के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमले का जिक्र करते हुए इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने बोल दिया कि हमास के आतंकियों ने प्रकार से इजराइलियों को मारा, वह बेहद भयावह था। ऐसी भयावहता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। दुश्मनों को लगा था कि इजराइल टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ नेतन्याहू ने इस संबंध में आगे कहा कि दुश्मनों को लगा था कि इजराइल टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हम उठे और शेरों की तरह लड़े। उन्होंने गाजा में इजराइल पर नरसंहार करने के आरोप को खारिज करते हुए इसे 21वीं सदी का सबसे बड़ा झूठ करार दिया। उन्होंने कहा कि इजराइल ने नरसंहार नहीं किया। इजराइल ने नरसंहार को रोका। अगर हमास के समर्थकों को मौका मिलता तो वे हर यहूदी को मार देते। PC:aajtak अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Rajasthan Mayor Election: राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद आज का दिन अहम है. जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम में आज मेयर पद के लिए फाइट होगी. वोटिंग सुबह 10 से 2 बजे तक होगी.
सोशल मीडिया यूजर्स की नई पीढ़ी की वजह से 90 के दशक के वे हिट गाने फिर से चर्चा में आ गए हैं. कुछ समय पहले'प्यार दिलों का मेला है', 'चांदी की डाल पर' और 'तू मेरे दिल में बस जा' जैसे गाने इंस्टाग्राम और YouTube पर ट्रेंड करते दिखे. Gen Z और यहां तक कि Gen Alpha भी इन आइकॉनिक डांस मूव्स को रीक्रिएट करते हुए देखे गए.
विसर्जन से पहले नातिन संग लालबागचा राजा पहुंचे मुकेश-नीता अंबानी
Nita Ambani And Mukesh Ambani At LalbaugCha Raja: गणपति विसर्जन से पहले मुकेश अंबानी और नीता अंबानी नातिन आदिया के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे. सफेद शर्ट में मुकेश अंबानी का नाना वाला अवतार और नीता अंबानी का गणपति पेंडेंट नेकलेस सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.
दिल्ली के कश्मीरी गेट में ई-रिक्शा सवारों पर चाकू से हमला, एक की मौत
दिल्ली के कश्मीरी गेट थाना इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यमुना बाजार अंडरपास के पास ई-रिक्शा में जा रहे यात्रियों पर अज्ञात बदमाशों ने लूटपाट की नीयत से जानलेवा हमला कर दिया. इस चाकूबाजी की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. .
संभल में अतिक्रमण हटाने के दौरान बवाल, दो पक्ष भिड़े
उत्तर प्रदेश के संभल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान अचानक भारी हंगामा और तनाव की स्थिति पैदा हो गई. संभल के सरायतरीन इलाके में जब नगर पालिका की टीम कुछ दुकानों को हटाने के लिए पुलिस और बुलडोजर के साथ पहुंची, तो वहां जमीन के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए.
बिजली मिस्त्री से मास्टरशेफ जज बनने का सफर: एंडी एलन की दिल छू लेने वाली कहानी
MasterChef Australia के जज, रेस्तरां मालिक और पूर्व विजेता एंडी एलन (Andy Allen) की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. कभी न्यूकैसल में इलेक्ट्रीशियन के रूप में काम करने वाले एंडी ने 23 साल की उम्र में अपनी जिंदगी की दिशा बदल दी. MasterChef Australia जीतने से लेकर मशहूर रेस्तरां चेन Three Blue Ducks के हिस्सेदार बनने तक, उनका सफर जुनून, संघर्ष और लगातार सीखते रहने की मिसाल है.
LIVE: जमुई कांड पर तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह खुद POCSO एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं.उन्होंने ही नाबालिग पीड़िता के परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी की हैं.
IIT बॉम्बे केस: iPhone का पैटर्न लॉक बना क्राइम ब्रांच के लिए सिरदर्द!
साहिल वाकोडे की मौत की जांच में उसका पैटर्न लॉक वाला iPhone 17 सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि पैटर्न किसी को पता नहीं है और मौजूदा फॉरेंसिक टूल नए मॉडल का डेटा नहीं निकाल पा रहे. पुलिस को उम्मीद है कि फोन खुलने पर 18 सितंबर की परीक्षा और उसके बाद के 47 मिनट का राज खुल सकता है, जिसमें साहिल परीक्षा हॉल से निकलकर हॉस्टल तक पहुंचा.
हिमालय की सुरम्य वादियों और मंदाकिनी नदी के उद्गम के पास स्थित 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में आस्था के सैलाब के बीच एक बेहद भयावह और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। चारधाम यात्रा के शुरुआती 5 महीनों के भीतर ही केदारनाथ धाम, पैदल यात्रा मार्ग और आधार शिविरों से 50 टन से अधिक ठोस कचरा (सॉलिड वेस्ट) एकत्र किया गया है। आधिकारिक निगरानी और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के आंकड़ों के अनुसार, इस साल एकत्र हुआ कचरा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 2.5 गुना अधिक है। समुद्र तल से 3,584 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर बसे इस बेहद संवेदनशील इकोलॉजिकल जोन में प्लास्टिक, पैकेज्ड फूड रैपर्स और टिन के डिब्बों का यह बढ़ता अंबार ग्लेशियरों, स्थानीय जैव विविधता और हिमालयी पर्यावरण के लिए गंभीर खतरे की घंटी बजा रहा है।केदारनाथ में कचरे का बढ़ता पहाड़: आंकड़ों ने बढ़ाई पर्यावरणविदों की चिंताकेदारनाथ पैदल मार्ग (गौरीकुंड, जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली से लेकर केदारनाथ बेस कैंप तक) पर लगभग 16 से 19 किलोमीटर के दायरे में सफाई एजेंसियों और जिला पंचायत द्वारा चलाए गए अभियानों में यह 50 टन कचरा निकला है।आंकड़ों की तुलना करें तो पिछले साल इसी अवधि में लगभग 20 टन कचरा दर्ज किया गया था। इस बार रिकॉर्ड तीर्थयात्रियों की आमद, सिंगल-यूज प्लास्टिक की चोरी-छिपे बिक्री और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की अंधाधुंध खपत के चलते यह आंकड़ा अप्रत्याशित रूप से ढाई गुना बढ़कर 50 टन के पार पहुंच गया। इनमें 70 फीसदी से अधिक हिस्सा सिंगल-यूज प्लास्टिक की खाली बोतलें, चिप्स-बिस्कुट के मल्टी-लेयर रैपर्स, थर्मोकोल कप-प्लेट, रेनकोट और टिन के कंटेनर हैं, जो प्राकृतिक रूप से सैकड़ों सालों तक नष्ट नहीं होते।कचरे के इस भारी उछाल के पीछे के 3 सबसे बड़े कारणतीर्थयात्रियों की रिकॉर्ड आमद और ओवर-टूरिज्म: यात्रा के कपाट खुलते ही प्रतिदिन 20 हजार से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ के चलते बुनियादी वेस्ट-मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी दबाव पड़ा है।पैदल मार्ग पर अवैध दुकानें और ढाबे: गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच सैकड़ों अस्थायी खोखे और स्टॉल बिना उचित डस्टबिन और डिस्पोजल व्यवस्था के पैकेज्ड फूड बेचते हैं। कई बार बचा हुआ कूड़ा सीधे गहरी खाइयों और नालों में बहा दिया जाता है।प्लास्टिक पैकेजिंग पर सख्त रोक का अभाव: चेकपोस्ट पर चेकिंग के बावजूद प्लास्टिक की बोतलों और पन्नियों का यात्रा मार्ग पर बेरोकटोक पहुंचना प्रशासनिक निगरानी की खामियों को उजागर करता है।हिमालयी ग्लेशियरों और मंदाकिनी नदी के लिए कितना बड़ा खतरा?पर्यावरण वैज्ञानिकों के अनुसार, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तापमान कम होने के कारण बायो-डिग्रेडेबल कचरा भी आसानी से नहीं सड़ता, जबकि प्लास्टिक पूरी तरह अमर रहता है। केदारनाथ में जमा हो रहा यह प्लास्टिक कचरा धीरे-धीरे माइक्रोप्लास्टिक में टूटकर आसपास के ग्लेशियरों और बर्फ की परतों में समा रहा है।काले और रंगीन प्लास्टिक के टुकड़ों के कारण बर्फ की धूप परावर्तित (Reflect) करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे ग्लेशियर सामान्य से अधिक तेजी से पिघलने लगते हैं। इसके अलावा, बारिश और बर्फबारी के दौरान नालियों और प्राकृतिक जलस्रोतों में फंसा कचरा मंदाकिनी नदी में बहकर नीचे के मैदानी इलाकों में पानी को प्रदूषित कर रहा है, जो स्थानीय पारिस्थितिकी और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए विनाशकारी है।प्रशासन के प्रयास: डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम (Q-Recycle) कितना कारगर?रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और स्थानीय नगर निकायों ने कचरा प्रबंधन के लिए क्यूआर कोड आधारित 'डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम' (DDRS) लागू किया था, जिसके तहत पानी की बोतल पर 10 रुपये अतिरिक्त लिए जाते हैं और खाली बोतल वापस करने पर पैसे लौटाए जाते हैं। इसके बावजूद हजारों तीर्थयात्री 10 रुपये वापस लेने के बजाय बोतल को पहाड़ियों से नीचे फेंक देते हैं।कचरे को कॉम्पैक्ट करने के लिए केदारनाथ और सोनप्रयाग में बेलिंग मशीनें (Baling Machines) लगाई गई हैं, जहां कचरे के बंडल बनाकर उन्हें रीसाइक्लिंग के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश के रिसाइक्लर्स तक ट्रकों और खच्चरों के जरिए नीचे भेजा जा रहा है। हालांकि, जिस गति से कचरा रोज पैदा हो रहा है, उसकी तुलना में रिसाइकल ट्रांसपोर्ट की गति काफी धीमी पड़ रही है।केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी अपीलपवित्र धाम की दिव्यता और प्रकृति की शुद्धता को बचाना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर श्रद्धालु का नैतिक कर्तव्य भी है:अपनी पानी की बोतल साथ रखें: सिंगल-यूज प्लास्टिक की बोतलें बार-बार खरीदने के बजाय स्टील या कॉपर की रिफिलेबल बोतल साथ लाएं और रास्तों में लगे आरओ वाटर पॉइंट्स से पानी भरें।कचरा अपने बैग में रखें: रास्ते में खाए गए स्नैक्स या दवाओं के खाली रैपर्स को रास्ते पर या खड्डों में फेंकने के बजाय अपने बैकपैक में रखें और बेस कैंप पर लगे कूड़ेदानों में ही डालें।स्थानीय और प्राकृतिक खान-पान अपनाएं: पैकेज्ड जंक फूड के बजाय स्थानीय गर्म ताजा भोजन और पारंपरिक पेय पदार्थों को प्राथमिकता दें।
गुड़हल के पत्तों से फेस पैक कैसे बनाएं? एक्सपर्ट ने बताया इसे लगाने से चेहरे पर आ जाएगा निखार
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने चेहरे पर निखार बढ़ाने के लिए गुड़हल के पत्तों से फेस पैक बनाने का तरीका बताया है. आइए जानते हैं कैसे बनाएं फेस पैक और इससे त्वचा को क्या फायदे मिल सकते हैं-
LPG Price Today: 25 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के ताजा भाव जारी, जानें क्या जेब पर पड़ा असर और चेक करें अपने शहर के नए रेटमेटा डिस्क्रिप्शन: 25 सितंबर को सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। जानिए दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, कोलकाता समेत प्रमुख शहरों में 14.2 किलो घरेलू और 19 किलो कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम और सब्सिडी का नया नियम।त्योहारी सीजन से पहले हर महीने गैस सिलेंडर के दामों पर आम उपभोक्ता से लेकर रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों की नजरें टिकी रहती हैं। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा 25 सितंबर के लिए जारी ताजा अपडेट के अनुसार, घरेलू एलपीजी रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) सिलेंडर की कीमतों में स्थिरता बरकरार है, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरें अपने मौजूदा मासिक स्तरों पर स्थिर हैं। त्योहारी खर्चों के बीच घरेलू गैस की कीमतों में कोई नई बढ़ोतरी न होना आम जनता और गृहिणियों के मासिक बजट के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है।प्रमुख महानगरों में 14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामरसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के नॉन-सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। देश के प्रमुख महानगरों में ताजा दरें इस प्रकार हैं:शहर (महानगर)14.2 किलो घरेलू सिलेंडर का भाव (रुपये में)नई दिल्ली (New Delhi)₹942.00मुंबई (Mumbai)₹941.50कोलकाता (Kolkata)₹968.00चेन्नई (Chennai)₹957.5019 किलो कमर्शियल सिलेंडर के आज के ताजा भावहोटल, ढाबों, चाय की दुकानों और रेस्टोरेंट्स में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के नीले कमर्शियल गैस सिलेंडर के महानगरों में ताजा भाव इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:नई दिल्ली: ₹2,747.50 प्रति सिलेंडरकोलकाता: ₹2,884.00 प्रति सिलेंडरमुंबई: ₹2,701.00 प्रति सिलेंडरचेन्नई: ₹2,916.50 प्रति सिलेंडरयूपी, बिहार और अन्य प्रमुख शहरों में क्या है एलपीजी का रेट?स्थानीय वैट (VAT), राज्य स्तरीय करों और ट्रांसपोर्टेशन लागत के कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में एलपीजी के दाम में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। उत्तर भारत और अन्य प्रमुख शहरों में 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर के अनुमानित रेट्स इस प्रकार हैं:लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14.2 किलो घरेलू गैस सिलेंडर लगभग ₹945 से ₹950 के दायरे में मिल रहा है।नोएडा और गाजियाबाद (Noida / Ghaziabad): एनसीआर क्षेत्र में घरेलू सिलेंडर का भाव ₹939.50 दर्ज किया गया है।पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना में ट्रांसपोर्टेशन लागत के चलते घरेलू सिलेंडर की कीमत लगभग ₹970 से ₹980 के बीच बनी हुई है।जयपुर (Jaipur): राजस्थान की राजधानी जयपुर में 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत ₹945 से ₹955 के आसपास है।बेंगलुरु और हैदराबाद: दक्षिण भारत के इन टेक हब्स में घरेलू सिलेंडर ₹955 से ₹970 के स्तर पर स्थिर बना हुआ है।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: ₹300 की सब्सिडी जारीकेंद्र सरकार द्वारा 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PMUY) के तहत नामांकित 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी परिवारों को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर ₹300 की लक्षित सब्सिडी (Targeted Subsidy) सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) दी जा रही है। इसका अर्थ यह है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दिल्ली में प्रभावी रूप से घरेलू सिलेंडर ₹642 में ही प्राप्त हो रहा है। यह राहत साल में अधिकतम 12 रिफिल सिलेंडरों तक उपलब्ध रहती है।घर बैठे अपने मोबाइल से कैसे चेक करें गैस सिलेंडर का रेट?अगर आप अपने शहर या स्थानीय वितरक (Distributor) का सटीक एलपीजी रेट जानना चाहते हैं, तो आप घर बैठे यह आसान प्रक्रिया अपना सकते हैं:आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट (iocl.com/products/indane-gas) पर जाएं।एसएमएस के जरिए: इंडेन गैस के ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से RSP डीलर कोड लिखकर 9224992249 पर भेजकर तुरंत अपने शहर का रेट जान सकते हैं।मोबाइल ऐप्स: इंडियन ऑयल के 'IndianOil ONE' ऐप, भारत पेट्रोलियम के 'Hello BPCL' ऐप या एचपी गैस के 'HP Pay' ऐप पर लॉगिन करके भी ताजा बिलिंग अमाउंट और बुकिंग स्टेटस की जांच की जा सकती है।
रविवार, त्योहारों या महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को जब बैंक शाखाएं बंद रहती हैं, तब कई बार अस्पताल, लोकल ट्रैवल या रोजमर्रा की खरीदारी के लिए अचानक नकद रुपयों की सख्त जरूरत पड़ जाती है। ऐसी स्थिति और भी तनावपूर्ण हो जाती है जब आपके पास न तो चेकबुक हो और न ही आप अपना फिजिकल एटीएम (डेबिट) कार्ड साथ लेकर चल रहे हों। भारतीय बैंकिंग प्रणाली और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ऐसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए कई अत्याधुनिक विकल्प तैयार किए हैं। अगर बैंक बंद है और आपको तुरंत लिक्विड कैश चाहिए, तो आप बिना बैंक शाखा गए इन 4 सुरक्षित और आसान तरीकों से मिनटों में नकदी हासिल कर सकते हैं।1. UPI-ATM (ICCW): बिना डेबिट कार्ड सिर्फ QR कोड स्कैन कर निकालें कैशयदि आपका एटीएम कार्ड खो गया है या घर पर छूट गया है, तब भी आप किसी भी आधुनिक एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं। रिजर्व बैंक और एनपीसीआई की 'इंटरऑपरेबल कार्डलेस कैश विड्रॉल' (ICCW) तकनीक के तहत अब लगभग सभी प्रमुख बैंकों (SBI, HDFC, PNB, Bank of Baroda) के एटीएम पर यूपीआई कैश विड्रॉल की सुविधा मिलती है।प्रक्रिया: एटीएम स्क्रीन पर 'UPI Cash Withdrawal' विकल्प चुनें। जितनी रकम निकालनी है (अधिकतम ₹10,000 प्रति ट्रांजेक्शन), वह दर्ज करें। स्क्रीन पर एक सिंगल-यूज डायनामिक क्यूआर कोड दिखेगा। अपने फोन में Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM ऐप खोलकर क्यूआर कोड स्कैन करें और अपना यूपीआई पिन डालें। पिन ऑथराइज होते ही एटीएम मशीन तुरंत कैश बाहर निकाल देगी।फायदा: कार्ड क्लोनिंग या स्किमिंग का कोई खतरा नहीं रहता और कार्ड साथ रखने की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाती है।2. बैंक मित्र और AePS: केवल आधार नंबर और अंगूठे के निशान से नकद निकासीकस्बाई और ग्रामीण इलाकों के अलावा शहरों में भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) और स्थानीय बैंक मित्र आउटलेट्स सक्रिय रहते हैं। ये केंद्र बैंक बंद होने के बावजूद खुले रहते हैं और आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) पर काम करते हैं।प्रक्रिया: अपने नजदीकी कियोस्क या सीएससी सेंटर पर जाएं। वहां ऑपरेटर को अपना आधार नंबर और उस बैंक का नाम बताएं जहां आपका खाता है। इसके बाद बायोमेट्रिक स्कैनर (माइक्रो-एटीएम) पर अपना फिंगरप्रिंट लगाएं। सिस्टम आपके आधार से जुड़े खाते से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करेगा और ऑपरेटर आपको तुरंत काउंटर से नकद रकम थमा देगा।फायदा: इसके लिए न तो स्मार्टफोन की जरूरत होती है और न ही किसी पासवर्ड या ओटीपी की। केवल आपका आधार नंबर और बायोमेट्रिक ही काफी है।3. इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB): डाकिया घर आकर देगा कैश (डोरस्टेप सर्विस)अगर आप बीमार हैं, सीनियर सिटीजन हैं या बैंक की छुट्टी के दिन घर से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं हैं, तो डाक विभाग की डोरस्टेप बैंकिंग सेवा सबसे मददगार साबित होती है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) डाकिए (ग्रामीण डाक सेवक) के जरिए घर बैठे कैश पहुंचाने की सुविधा देता है।प्रक्रिया: 'Post Info' ऐप या आईपीपीबी पोर्टल के माध्यम से 'Doorstep Banking' रिक्वेस्ट सबमिट करें, या अपने इलाके के डाकिए से संपर्क करें। डाकिया माइक्रो-एटीएम मशीन लेकर आपके घर पहुंचेगा। वहां AePS के जरिए बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट लगाकर आप अपने किसी भी बैंक खाते से नकदी निकाल सकते हैं।फायदा: बुजुर्गों, दिव्यांगों और आपातकालीन मरीजों के लिए बिना घर से बाहर निकले सीधे हाथ में सुरक्षित नकद मिल जाता है।4. 'Cash at PoS': पास के पेट्रोल पंप या सुपरमार्केट से स्वाइप कर लें पैसेरिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के अनुसार, चुनिंदा मर्चेंट आउटलेट्स, पेट्रोल पंपों और बड़े सुपरमार्केट पर लगी 'पॉइंट ऑफ सेल' (PoS) स्वाइप मशीनों से भी नकद निकासी की अनुमति होती है।प्रक्रिया: यदि आपके पास डेबिट कार्ड है लेकिन आसपास कोई एटीएम मशीन खाली या वर्किंग नहीं है, तो नजदीकी अधिकृत मर्चेंट या पेट्रोल पंप पर जाएं। वहां दुकानदार से 'Cash at PoS' ट्रांजेक्शन का अनुरोध करें। वे पीओएस मशीन में आवश्यक राशि दर्ज करेंगे, आप अपना डेबिट कार्ड स्वाइप/इंसर्ट करके पिन डालेंगे। मशीन से अप्रूवल स्लिप निकलते ही दुकानदार आपको कैश दे देगा।निकासी सीमा: आरबीआई नियमों के तहत टियर-1 और टियर-2 शहरों में प्रति कार्ड प्रतिदिन ₹1,000 और टियर-3 से टियर-6 (छोटे कस्बों/गांवों) में प्रति दिन ₹2,000 तक की नकद निकासी इस माध्यम से की जा सकती है।आपातकालीन कैश निकासी के दौरान ध्यान रखने योग्य सावधानियांऑथेंटिकेशन सुरक्षा: क्यूआर कोड स्कैन करते समय या माइक्रो-एटीएम पर फिंगरप्रिंट लगाते समय किसी अनजान व्यक्ति से फोन या पिन साझा न करें।मर्चेंट रसीद: पीओएस या बैंक मित्र से कैश लेते समय हमेशा सिस्टम-जनरेटेड प्रिंटेड रसीद या अपने मोबाइल पर आने वाले बैंक एसएमएस की जांच तुरंत करें।चार्ज और लिमिट: कुछ बैंक महीने की तय सीमा के बाद कार्डलेस या AePS निकासी पर मामूली सुविधा शुल्क (Convenience Fee) ले सकते हैं, इसलिए निकासी के बाद एसएमएस में कटे बैलेंस की पुष्टि जरूर करें।
RRB ग्रुप डी भर्ती का फिजिकल टेस्ट हुआ कैंसिल, रेलवे ने बताया कारण
RRB Group D PET Cancelled: रेलवे ग्रुप डी भर्ती के लिए 26 और 27 सितंबर को फिजिकल टेस्ट होना था, जिसे रद्द कर दिया गया है.
बॉलीवुड और टेलीविजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ‘वेलकम’, ‘गदर’ और ‘मुझसे शादी करोगी’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान का गुरुवार को निधन हो गया। वे 75 ...
उच्च शिक्षा, कॉलेज एडमिशन, सेमेस्टर ब्रेक या प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए घर से दूर दूसरे शहरों में पढ़ाई कर रहे लाखों विद्यार्थियों के लिए हवाई यात्रा अब बेहद किफायती होने जा रही है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली बजट एयरलाइन 'एयर इंडिया एक्सप्रेस' ने छात्रों के सफर को सुगम और बजट-फ्रेंडली बनाने के लिए एक विशेष स्टूडेंट डिस्काउंट ऑफर की घोषणा की है। इस विशेष रियायत के तहत योग्य छात्रों को घरेलू उड़ानों के बेस फेयर पर फ्लैट 10 प्रतिशत की सीधी छूट दी जा रही है। इसके साथ ही, पढ़ाई के दौरान किताबों, कपड़ों और जरूरी सामान के भारी वजन की समस्या को खत्म करते हुए एयरलाइन ने 10 किलोग्राम अतिरिक्त चेक-इन बैगेज (अतिरिक्त सामान) ले जाने की मुफ्त सुविधा भी शामिल की है। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, गुवाहाटी, पटना और हैदराबाद जैसे प्रमुख एजुकेशन हब्स के बीच आने-जाने वाले छात्रों के लिए यह ऑफर यात्रा खर्च को काफी हद तक कम करने वाला साबित होगा।क्या है एयर इंडिया एक्सप्रेस का स्टूडेंट ऑफर और इसके मुख्य फायदे?अक्सर छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती फ्लाइट टिकट की ऊंची कीमतें और सामान ले जाने की सख्त वजन सीमा होती है। सामान्य घरेलू उड़ानों में एयरलाइंस केवल 15 किलोग्राम चेक-इन बैगेज और 7 किलोग्राम केबिन बैग की अनुमति देती हैं, जो हॉस्टल शिफ्ट करने या लंबे समय बाद घर लौटने वाले विद्यार्थियों के लिए नाकाफी साबित होता है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की इस नई स्कीम ने छात्रों की इन्हीं दोनों प्रमुख दिक्कतों का एक साथ समाधान निकाला है।बेस फेयर पर फ्लैट 10% की छूट: घरेलू रूट की फ्लाइट बुकिंग के दौरान बेस किराए पर सीधे 10 प्रतिशत का डिस्काउंट मिलेगा।10 किलो फ्री अतिरिक्त बैगेज अलाउंस: सामान्य 15 किलो के चेक-इन बैग के अलावा 10 किलो और सामान ले जाने की अनुमति मिलेगी। यानी छात्र कुल 25 किलोग्राम तक का चेक-इन बैगेज बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ले जा सकेंगे।7 किलो केबिन बैग की सुविधा: हमेशा की तरह लैपटॉप और पर्सनल स्टडी मटीरियल के लिए 7 किलोग्राम का हैंड बैगेज पहले की तरह ही मुफ्त उपलब्ध रहेगा।किफायती इन-फ्लाइट मील विकल्प: छात्र बुकिंग के समय ही अपने पसंदीदा हॉट मील्स, स्नैक्स और बेवरेजेस को रियायती दरों पर प्री-बुक कर सकते हैं।फ्लेक्सिबल डेट चेंज की सुविधा: परीक्षा की तारीखों या कॉलेज शेड्यूल में अचानक बदलाव होने पर नाममात्र के चार्ज या रियायती शर्तों के तहत टिकट री-शेड्यूल कराने का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाता है।कौन से छात्र हैं इस छूट के पात्र: नियम और पात्रता शर्तेंइस खास रियायती योजना का फायदा उठाने के लिए एयरलाइन ने कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं ताकि केवल वास्तविक विद्यार्थियों को ही इसका लाभ मिल सके:न्यूनतम आयु सीमा: छात्र की उम्र यात्रा की तारीख के दिन न्यूनतम 12 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।मान्यता प्राप्त संस्थान: छात्र का भारत में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, यूजीसी (UGC), एआईसीटीई (AICTE) या संबंधित शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त किसी भी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी या उच्च शिक्षण संस्थान में नियमित (Regular) रूप से नामांकित होना जरूरी है।घरेलू उड़ानों पर लागू: यह विशेष छूट केवल एयर इंडिया एक्सप्रेस के घरेलू रूट नेटवर्क (भारत के भीतर चलने वाली उड़ानों) पर ही मान्य होगी। अंतरराष्ट्रीय रूट्स के लिए अलग से नियम लागू होते हैं।व्यक्तिगत बुकिंग: यह डिस्काउंट केवल सिंगल स्टूडेंट पैसेंजर बुकिंग पर मिलता है। ग्रुप बुकिंग या फैमिली टिकट के साथ इसे कंबाइन नहीं किया जा सकता।स्टूडेंट डिस्काउंट के तहत टिकट कैसे बुक करें?इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए छात्रों को केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही बुकिंग करनी होगी। थर्ड-पार्टी ट्रैवल पोर्टल्स के मुकाबले एयरलाइन के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर यह प्रक्रिया सबसे पारदर्शी है:आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाएं: एयर इंडिया एक्सप्रेस की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन खोलें।स्टूडेंट फेयर (Student Fare) चुनें: फ्लाइट सर्च बॉक्स में अपना प्रस्थान और गंतव्य शहर, यात्रा की तारीख चुनें और पैसेंजर कैटेगरी में 'Student' या 'Student Discount' विकल्प पर टिक करें।फ्लाइट का चयन: सर्च रिजल्ट्स में वे उड़ानें चुनें जिन पर स्टूडेंट स्पेशल फेयर टैग दिख रहा हो। यहां बेस फेयर पर 10% डिस्काउंट और 25 किलो कुल चेक-इन बैगेज स्वतः लागू दिखाई देगा।कॉलेज विवरण दर्ज करें: बुकिंग फॉर्म में छात्र का पूरा नाम (जो आईडी कार्ड पर हो), कॉलेज/यूनिवर्सिटी का नाम और रोल नंबर/स्टूडेंट आईडी दर्ज करें।पेमेंट पूरा करें: ऑनलाइन पेमेंट गेटवे, यूपीआई, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से टिकट का सुरक्षित भुगतान करें।एयरपोर्ट पर चेक-इन के समय भूलकर भी न करें ये गलतीहवाई अड्डे पर बोर्डिंग पास लेते समय छात्रों को एक बेहद महत्वपूर्ण नियम का कड़ाई से पालन करना होगा। चेक-इन काउंटर पर एयरलाइन स्टाफ द्वारा छात्र के वैध पहचान पत्र का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है।विद्यार्थी के पास अपने कॉलेज या स्कूल द्वारा जारी किया गया ओरिजिनल फोटो स्टूडेंट आईडी कार्ड (Original Student ID Card) होना अनिवार्य है, जिस पर चालू शैक्षणिक सत्र की वैधता स्पष्ट रूप से दर्ज हो। इसके अलावा, सरकारी पहचान के लिए आधार कार्ड साथ रखना जरूरी है। यदि कोई यात्री चेक-इन काउंटर पर ओरिजिनल स्टूडेंट आईडी दिखाने में विफल रहता है, तो एयरलाइन नियमानुसार 10% डिस्काउंट को निरस्त कर सकती है, अतिरिक्त 10 किलो बैगेज पर भारी पेनल्टी वसूल सकती है या उस समय के सामान्य स्पॉट फेयर का अंतर चुकाने के लिए कह सकती है।प्रतियोगी परीक्षाओं और कॉलेज वेकेशन में सफर हुआ आसानत्योहारी छुट्टियों (दीवाली, छठ, नए साल), समर वेकेशन या यूपीएससी, नीट, जेईई, गेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों छात्रों के लिए यह पहल एक बड़ी राहत बनकर आई है। ट्रेन में महीनों पहले से कन्फर्म टिकट न मिलने की मार झेलने वाले युवा अब समय और पैसे दोनों की बचत करते हुए सुरक्षित और आरामदायक हवाई यात्रा कर सकेंगे।
घर की बढ़ती जरूरत, माता-पिता के लिए अलग आशियाना या फिर रियल एस्टेट में रेंटल इनकम कमाने के उद्देश्य से कई लोग जिंदगी में दूसरी बार होम लोन (Second Home Loan) लेने का फैसला करते हैं। अगर आपके पास पहले से एक एक्टिव होम लोन चल रहा है या आपने पहला लोन हाल ही में चुकाया है, तो बैंक दूसरा लोन देने में आमतौर पर हिचकिचाते नहीं हैं बशर्ते आपका क्रेडिट स्कोर 750 से ऊपर हो। लेकिन पहली बार होम लोन लेने और दूसरी बार होम लोन लेने के वित्तीय गणित में जमीन-आसमान का अंतर होता है। बैंक की मंजूरी मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी जेब दोहरी ईएमआई (Double EMI) का बोझ उठाने के लिए तैयार है। नया एग्रीमेंट साइन करने से पहले खुद से ये 3 बुनियादी सवाल पूछना और सटीक कैलकुलेशन समझना बेहद जरूरी है।सवाल 1: क्या आपकी इन-हैंड सैलरी दोनों EMI और घर खर्च के बाद बचेगी? (FOIR का गणित)बैंक किसी भी ग्राहक को दूसरा लोन देने से पहले उसके 'फिक्स्ड ऑब्लिगेशन टू इनकम रेशियो' (FOIR) की कड़ी जांच करते हैं। अधिकांश बैंक यह अनिवार्य करते हैं कि आपकी कुल मासिक ईएमआई (पहला लोन + दूसरा लोन + कार लोन/पर्सनल लोन) आपकी शुद्ध मासिक आय (Net Take-Home Salary) के 50% से 55% से अधिक नहीं होनी चाहिए।मान लीजिए आपकी मासिक इन-हैंड सैलरी ₹1,50,000 है और आपके पहले होम लोन की ईएमआई ₹35,000 प्रति माह जा रही है। 50% के सुरक्षित FOIR नियम के मुताबिक, आपकी सभी ईएमआई का कुल योग ₹75,000 से ऊपर नहीं होना चाहिए। इसका मतलब है कि नए लोन के लिए आपके पास अधिकतम ₹40,000 प्रति माह की ही ईएमआई क्षमता बचती है। अगर आप 60-70% आय केवल किस्तों में झोंक देंगे, तो बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल इमरजेंसी, परिवार के रहन-सहन और रिटायरमेंट की बचत पूरी तरह ठप हो जाएगी।सवाल 2: क्या दूसरे मकान की रेंटल इनकम ब्याज और मेंटेनेंस की भरपाई कर पाएगी?यदि आप दूसरा घर केवल निवेश या किराए की कमाई (Rental Yield) के मकसद से खरीद रहे हैं, तो भारत के रियल एस्टेट बाजार की जमीनी हकीकत को समझना होगा। भारत के प्रमुख मेट्रो शहरों (मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे) में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की औसत रेंटल यील्ड मात्र 2.5% से 3.5% सालाना के बीच घूमती है।दूसरी ओर, बैंक आपको दूसरा होम लोन 8.50% से 9.00% की सालाना ब्याज दर पर देंगे। इसका सीधा अर्थ यह है कि किराए से मिलने वाला पैसा बैंक की ईएमआई का केवल एक-तिहाई हिस्सा ही निकाल पाएगा। बाकी 65% से 70% किस्त, प्रॉपर्टी टैक्स, मेंटेनेंस चार्ज और घर खाली रहने के महीनों का वित्तीय भार आपको अपनी जेब से ही उठाना पड़ेगा। जब तक उस इलाके में प्रॉपर्टी के दामों में सालाना 10-12% से अधिक की पूंजीगत बढ़ोतरी (Capital Appreciation) की ठोस संभावना न हो, तब तक भारी कर्ज पर निवेश करना घाटे का सौदा बन सकता है।सवाल 3 (सबसे अहम): क्या आपको पता है कि दोनों घरों पर टैक्स छूट की सख्त सीमा क्या है?यह वह सबसे कड़वा सच है जिसे ज्यादातर होम बायर्स पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोगों को यह गलतफहमी होती है कि दो होम लोन होने पर उन्हें दोनों घरों के मूलधन और ब्याज पर अलग-अलग डबल टैक्स छूट मिलेगी। आयकर कानून (Income Tax Act) के तहत टैक्स नियमों की सीमाएं बिल्कुल स्पष्ट हैं:मूलधन (Principal Repayment - Section 80C): आप चाहे एक होम लोन चुका रहे हों या दो, धारा 80C के तहत कुल कटौती की अधिकतम सीमा ₹1,50,000 सालाना ही है। इसी डेढ़ लाख में आपकी पीपीएफ, ईपीएफ, ईएलएसएस और बच्चों की ट्यूशन फीस भी शामिल होती है।ब्याज पर छूट (Interest Deduction - Section 24b): यदि आपके पास दो मकान हैं और आप दोनों को 'सेल्फ-ऑक्यूपाइड' (खुद रहने के लिए) घोषित करते हैं, तब भी दोनों मकानों के ब्याज को मिलाकर अधिकतम टैक्स छूट सीमा केवल ₹2,00,000 प्रति वर्ष ही रहेगी।किराए पर दिया गया मकान (Let-Out Property): यदि आप दूसरा मकान किराए पर देते हैं, तो उसके पूरे ब्याज को रेंटल इनकम के सामने सेट-ऑफ किया जा सकता है। लेकिन हाउस प्रॉपर्टी हेड के तहत होने वाले कुल नुकसान (Loss from House Property) को अन्य आय (सैलरी) से घटाने की अधिकतम सीमा भी ₹2,00,000 सालाना पर ही सीमित कर दी गई है। बाकी बचा हुआ नुकसान अगले 8 सालों तक कैरी-फॉरवर्ड तो होता है, लेकिन चालू वित्त वर्ष में टैक्स राहत सीमित ही मिलती है।Calculation: ₹50 लाख के दूसरे होम लोन पर 20 साल में कितना बनेगा ब्याज?यदि आप मौजूदा 8.50% की औसत ब्याज दर पर 20 साल की अवधि के लिए ₹50 लाख का दूसरा होम लोन लेते हैं, तो मासिक ईएमआई और कुल भुगतान का सटीक वित्तीय ब्योरा इस प्रकार रहेगा:लोन का विवरणवित्तीय मान (Financial Values)लोन की मूल राशि (Principal Amount)₹50,00,000ब्याज दर (Annual Interest Rate)8.50% प्रति वर्षलोन की अवधि (Loan Tenure)20 वर्ष (240 महीने)मासिक ईएमआई (Monthly EMI)₹43,39120 साल में कुल चुकाया गया ब्याज₹54,13,879कुल देय राशि (Principal + Total Interest)₹1,04,13,879जैसा कि गणना से स्पष्ट है, ₹50 लाख के कर्ज पर आप 20 सालों में ₹54.13 लाख से अधिक केवल बैंक को ब्याज के रूप में चुकाएंगे। यानी मकान की मूल कीमत से अधिक पैसा केवल फाइनेंसिंग कॉस्ट में चला जाएगा।दूसरे होम लोन से पहले इन 4 बातों की गांठ बांध लेंपर्याप्त इमरजेंसी फंड रखें: दो होम लोन का मतलब है दोहरी जिम्मेदारी। नौकरी छूटने या व्यापार में मंदी की स्थिति से निपटने के लिए कम से कम 9 से 12 महीने की दोनों ईएमआई और घरेलू खर्च के बराबर लिक्विड फंड (एफडी या लिक्विड म्यूचुअल फंड) में अलग से रखें।टर्म इंश्योरेंस कवर बढ़ाएं: नया लोन लेते ही अपने मौजूदा टर्म इंश्योरेंस कवर को नए कर्ज की राशि के बराबर तुरंत बढ़ाएं ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार पर कर्ज का पहाड़ न टूटे।प्री-पेमेंट की रणनीति बनाएं: हर साल मिलने वाले बोनस या इंसेंटिव से लोन का 5% से 10% मूलधन प्री-पे करने की योजना रखें ताकि लोन 20 साल के बजाय 10 से 12 साल में खत्म हो सके।जॉइंट होम लोन पर विचार करें: यदि जीवनसाथी कामकाजी हैं, तो उन्हें को-ऐप्लिकेंट बनाकर लोन लें। इससे आपकी एलिजिबिलिटी बढ़ेगी और दोनों पार्टनर्स अलग-अलग टैक्स छूट का लाभ उठा सकेंगे।
भारतीय डाक विभाग (India Post) द्वारा संचालित छोटी बचत योजनाएं (Small Savings Schemes) देश भर के सुरक्षित निवेशकों के लिए पहली पसंद रही हैं। सॉवरेन गारंटी (सरकारी सुरक्षा), तय रिटर्न और बैंक एफडी से बेहतर ब्याज दर मिलने के कारण लोग अक्सर इसे बिना किसी जोखिम वाला विकल्प मानते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना (8.2%), सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (8.2%), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (7.7%), किसान विकास पत्र (7.5%), मंथली इनकम स्कीम (7.4%) और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (7.1%) जैसी योजनाएं लंबे समय से निवेशकों का भरोसा जीत रही हैं। लेकिन अक्सर लोग विज्ञापनों और केवल 'हाई रिटर्न' की हेडलाइन देखकर बिना पूरी जानकारी के बड़ी रकम लॉक कर देते हैं। अगर आप भी डाकघर की किसी स्कीम में गाढ़ी कमाई लगाने जा रहे हैं, तो इन 5 कड़वे सच और तकनीकी नियमों को समझना बेहद जरूरी है।पोस्ट ऑफिस की प्रमुख योजनाओं की वर्तमान ब्याज दरेंस्कीम का नामब्याज दर (% सालाना)टेन्योर / लॉक-इनटैक्स छूट (Section 80C)सुकन्या समृद्धि योजना (SSA)8.2%21 साल (या शादी तक)उपलब्ध (EEE स्टेटस)सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2%5 सालउपलब्ध (ब्याज करयोग्य)नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.7%5 सालउपलब्ध (री-इन्वेस्टेड ब्याज)किसान विकास पत्र (KVP)7.5%115 महीने में दोगुनाटैक्स लाभ नहींमंथली इनकम स्कीम (MIS)7.4%5 सालटैक्स लाभ नहींपब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)7.1%15 सालउपलब्ध (EEE स्टेटस)टाइम डिपॉजिट (5 Year TD)7.5%5 सालउपलब्ध (ब्याज करयोग्य)1. कड़ा लॉक-इन पीरियड और लिक्विडिटी का अभावपोस्ट ऑफिस की ज्यादातर योजनाएं लंबे समय के लॉक-इन पीरियड के साथ आती हैं। उदाहरण के लिए, पीपीएफ (PPF) 15 साल के लिए लॉक रहता है, एनएससी (NSC) 5 साल और सुकन्या समृद्धि खाता बच्ची के 21 वर्ष की उम्र होने तक चलता है। अगर आपको अचानक किसी मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई या घर के काम के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है, तो आप इन खातों से आसानी से पैसा नहीं निकाल सकते। बीच अवधि में आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के नियम भी काफी सख्त होते हैं और वे कुछ विशेष शर्तों के पूरा होने के बाद ही लागू होते हैं। इसलिए, अपनी पूरी इमरजेंसी पूंजी को कभी भी इन लंबी अवधि की योजनाओं में न फंसाएं।2. प्री-मैच्योर विड्रॉल पर भारी पेनल्टी और ब्याज का नुकसानयदि आप किसी मजबूरी में मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करने का फैसला करते हैं, तो पोस्ट ऑफिस के नियम काफी कड़े हैं।मंथली इनकम स्कीम (MIS): यदि आप 1 से 3 साल के भीतर खाता बंद करते हैं, तो मूलधन में से 2% की सीधी कटौती कर ली जाती है। 3 से 5 साल के बीच बंद करने पर 1% मूलधन काटा जाता है।टाइम डिपॉजिट (TD): 6 महीने से पहले निकासी की अनुमति ही नहीं है। 6 महीने से 1 साल के बीच बंद करने पर केवल साधारण सेविंग्स अकाउंट का 4% ब्याज ही मिलता है, बाकी सारा लाभ खत्म हो जाता है।सीनियर सिटीजन स्कीम (SCSS): 1 से 2 साल के भीतर खाता बंद करने पर 1.5% और 2 साल बाद बंद करने पर 1% मूलधन पेनल्टी के रूप में काट लिया जाता है।जल्दबाजी में पैसा लगाने से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों का आकलन करें ताकि पेनल्टी के कारण अपनी ही बचत पर नुकसान न उठाना पड़े।3. हर स्कीम पर टैक्स छूट नहीं: ब्याज पर देना पड़ सकता है स्लैब के अनुसार टैक्सनिवेशकों के बीच यह आम धारणा होती है कि सरकारी स्कीम का सारा पैसा टैक्स-फ्री होता है, जो पूरी तरह गलत है। केवल पीपीएफ (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSA) ही 'EEE' (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आते हैं, जहां निवेश, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि तीनों पूरी तरह टैक्स-मुक्त होते हैं।इसके विपरीत, MIS, KVP और 1 से 3 साल के Time Deposit पर आयकर कानून की धारा 80C के तहत कोई छूट नहीं मिलती।SCSS, 5-Year TD और NSC में निवेश पर 80C की छूट तो मिलती है, लेकिन इनसे मिलने वाला ब्याज आपकी सालाना आय में जुड़ता है और आपके संबंधित टैक्स स्लैब के हिसाब से उस पर टैक्स लगता है। अगर आप 20% या 30% के टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, तो टैक्स कटने के बाद आपका शुद्ध रिटर्न (Post-Tax Return) काफी घट जाता है।4. ब्याज दरों की त्रैमासिक समीक्षा (Quarterly Revision)भारत सरकार का वित्त मंत्रालय हर तीन महीने (Quarterly) में पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करता है। हालांकि, एनएससी या टाइम डिपॉजिट जैसी योजनाओं में जिस तारीख को खाता खोला जाता है, उस समय की ब्याज दर पूरे टेन्योर के लिए लॉक हो जाती है। लेकिन पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि (SSA) जैसी फ्लोटिंग रेट योजनाओं में तिमाही आधार पर घोषित होने वाली नई ब्याज दरें तुरंत लागू हो जाती हैं। इसका मतलब यह है कि अगर भविष्य में सरकारी बॉन्ड यील्ड गिरती है और ब्याज दरें घटाई जाती हैं, तो आपके इन लॉन्ग-टर्म खातों का रिटर्न भी कम हो सकता है।5. डिजिटलाइजेशन की सीमाएं और ऑफलाइन निर्भरताहालांकि डाक विभाग ने नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस (CBS) लागू किए हैं, लेकिन अधिकांश पुराने शाखा कार्यालयों (Branch Post Offices) में आज भी चेक क्लीयरेंस, पासबुक एंट्री, नॉमिनी अपडेशन और मैच्योरिटी क्लेम जैसी प्रक्रियाओं के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ता है। कई बार एक शहर से दूसरे शहर में खाता ट्रांसफर कराने या मैच्योरिटी के समय ओरिजिनल सर्टिफिकेट जमा कराने में लंबा समय लग जाता है। निजी बैंकों या आधुनिक फिनटेक ऐप्स की तरह यहां कुछ ही सेकंड में पूरी तरह डिजिटल सर्विस पाना हर जगह संभव नहीं होता।निवेश करने से पहले अपनाएं ये स्मार्ट रणनीतिलक्ष्य और समय सीमा तय करें: अगर 5 साल से अधिक का सुरक्षित नजरिया है और टैक्स-फ्री वेल्थ बनानी है, तो पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि सबसे बेहतरीन विकल्प हैं।नियमित मासिक आय के लिए: रिटायर हो चुके लोगों के लिए मंथली इनकम स्कीम (MIS) या सीनियर सिटीजन स्कीम (SCSS) कैश फ्लो का सुरक्षित साधन हैं।इमरजेंसी फंड अलग रखें: कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर की राशि लिक्विड फंड्स या सामान्य बैंक बचत खाते में रखें, ताकि पोस्ट ऑफिस के फिक्स्ड खातों को बीच में तोड़ने की नौबत न आए।
करियर में ब्रेक लेना, उच्च शिक्षा, मातृत्व अवकाश, पारिवारिक जिम्मेदारियों या बिजनेस में हाथ आजमाने के बाद दोबारा कॉरपोरेट या संगठित क्षेत्र की नौकरी में लौटना अब आम बात है। लेकिन काम पर वापसी के दौरान कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ी उलझन उनके पुराने एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) खाते को लेकर आती है। कई महीनों या सालों तक अंशदान (Contribution) न होने के कारण कर्मचारी यह मान लेते हैं कि उनका पीएफ खाता हमेशा के लिए बंद हो चुका है या उसमें जमा गाढ़ी कमाई फंस गई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के अनुसार, अगर आप दोबारा नौकरी से जुड़ रहे हैं, तो अपने इनऑपरेटिव या इनएक्टिव पीएफ खाते को फिर से चालू करना और पुरानी बचत को नए खाते में जोड़ना अब बेहद आसान हो गया है। ईपीएफओ ने फेस रिकग्निशन और ऑनलाइन ऑटो-ट्रांसफर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शुरू कर दी हैं, जिससे दफ्तरों के चक्कर काटने का झंझट पूरी तरह खत्म हो चुका है।क्या होता है इनऑपरेटिव पीएफ अकाउंट और कब रुकता है ब्याज?ईपीएफओ के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, किसी पीएफ खाते को केवल इसलिए इनऑपरेटिव घोषित नहीं किया जाता कि उसमें कुछ समय से अंशदान नहीं आया है। जब कोई कर्मचारी 55 वर्ष की आयु के बाद सेवानिवृत्त होता है, विदेश में स्थायी रूप से बस जाता है, या बिना निकासी के 36 महीने (3 साल) तक खाते में कोई वित्तीय लेन-देन नहीं होता, तब खाता इनऑपरेटिव की श्रेणी में आता है। अगर आपकी उम्र 58 वर्ष से कम है, तो नौकरी छूटने या गैप आने के बाद भी आपके पुराने पीएफ बैलेंस पर सरकार द्वारा निर्धारित सालाना ब्याज (वर्तमान में 8.25%) लगातार जुड़ता रहता है। हालांकि, 58 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद अगर खाते से निकासी या ट्रांसफर नहीं किया गया, तो ब्याज मिलना बंद हो जाता है। इसलिए नई कंपनी जॉइन करते ही पुराने बैलेंस को तुरंत एक्टिव करना जरूरी है।उमंग ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन: यूएएन एक्टिवेशन का नया ऑनलाइन नियमईपीएफओ ने फ्रॉड और साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए यूएएन (Universal Account Number) एक्टिवेशन प्रक्रिया को और सुरक्षित बना दिया है। अब उमंग (UMANG) मोबाइल ऐप पर 'आधार बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन' (Face Authentication) अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आपका यूएएन पहले कभी एक्टिवेट नहीं हुआ था या पासवर्ड भूलने की वजह से ब्लॉक पड़ा है, तो आप इन स्टेप्स से इसे घर बैठे एक्टिवेट कर सकते हैं:ऐप्स डाउनलोड करें: अपने स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से 'UMANG App' और यूआईडीएआई का आधिकारिक 'Aadhaar FaceRD App' इंस्टॉल करें।रजिस्ट्रेशन: उमंग ऐप में अपने आधार से लिंक्ड एक्टिव मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें और 4 अंकों का सुरक्षा पिन (MPIN) बनाएं।सर्विस का चयन: ऐप में 'EPFO' सर्च करें और 'UAN Services Through Face Auth' मेन्यू में जाकर 'UAN Activation' विकल्प पर क्लिक करें।डिटेल्स और फेस स्कैन: अपना 12 अंकों का यूएएन, आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें। इसके बाद स्क्रीन पर कैमरा ऑन होगा, जहां रोशनी में अपना चेहरा स्कैन करें। हरा घेरा बनते ही बायोमेट्रिक पुष्टि हो जाएगी।सफलतापूर्वक एक्टिवेशन: विवरण की पुष्टि होते ही आपका यूएएन तुरंत एक्टिवेट हो जाएगा और आपके रजिस्टर्ड नंबर पर एसएमएस के जरिए लॉगिन पासवर्ड भेज दिया जाएगा।नई नौकरी में पुराने पीएफ को कैसे करें मर्ज और रिएक्टिवेट?जैसे ही आप किसी नए संस्थान में काम शुरू करते हैं, आपका नया नियोक्ता (Employer) आपके मौजूदा यूएएन के तहत एक नई मेंबर आईडी (Member ID) जनरेट करता है। पुराने और नए खाते को जोड़ने के लिए यह प्रक्रिया अपनाएं:केवाईसी अपडेट करें: सबसे पहले ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर लॉगिन करें। 'Manage' सेक्शन में जाकर 'KYC' चुनें और सुनिश्चित करें कि आपका आधार, पैन कार्ड और नया बैंक खाता सही तरीके से वेरिफाइड है।एग्जिट डेट (Date of Exit) जांचें: पोर्टल पर 'Service History' चेक करें। अगर पिछली कंपनी ने आपकी नौकरी छोड़ने की तारीख दर्ज नहीं की है, तो 'Manage > Mark Exit' में जाकर आधार ओटीपी की मदद से खुद ही एग्जिट डेट अपडेट कर लें।ऑनलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट (One Member, One EPF): 'Online Services' टैब पर जाएं और 'One Member - One EPF Account (Transfer Request)' पर क्लिक करें। अपनी पिछली मेंबर आईडी दर्ज करें और अटेस्टेशन के लिए वर्तमान नियोक्ता का चयन करें।ऑटो-रिएक्टिवेशन: जैसे ही ट्रांसफर क्लेम प्रोसेस होता है, पुराने बंद पड़े खाते का पूरा फंड (ईपीएफ और पेंशन सर्विस हिस्ट्री) आपके नए एक्टिव अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है और इनऑपरेटिव स्टेटस स्वतः समाप्त होकर एक्टिव बन जाता है।अगर दोबारा नौकरी नहीं करना चाहते तो क्या करें?यदि आपका करियर ब्रेक लंबा रहने वाला है या आप स्वरोजगार शुरू कर चुके हैं और नौकरी में नहीं लौटना चाहते, तो 2 महीने (60 दिन) से अधिक समय तक बेरोजगार रहने पर आप अपने इनऑपरेटिव खाते से पूरा पैसा निकाल सकते हैं। इसके लिए ईपीएफओ पोर्टल पर 'Claim (Form-19 & 10C)' भरकर सीधे अपने बैंक खाते में पूरा सेटलमेंट प्राप्त किया जा सकता है। ध्यान रहे कि अगर आपकी कुल नौकरी 5 साल से कम की है, तो निकासी की रकम पर टैक्स नियम लागू हो सकते हैं, इसलिए टैक्स कटौती से बचने के लिए फॉर्म 15G/15H लगाना न भूलें।
त्योहारी सीजन का आगाज होते ही देश भर के करोड़ों खरीदारों की निगाहें साल की सबसे बड़ी ऑनलाइन सेल्स पर टिक गई हैं। अमेजन (Great Indian Festival) और फ्लिपकार्ट (Big Billion Days) समेत प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स आगामी अक्टूबर के पहले पखवाड़े से अपनी महासेल शुरू करने जा रहे हैं। इस दौरान स्मार्टफोन, लैपटॉप, होम अप्लायंसेज, स्मार्ट टीवी और फैशन प्रोडक्ट्स पर 50 से 80 प्रतिशत तक के भारी छूट के दावे किए जाते हैं। हालांकि, कई बार खरीदार भारी डिस्काउंट के लालच में आकर बिना जरूरत के सामान खरीद लेते हैं या जल्दबाजी में गलत सेलर और खराब डील का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में सेल शुरू होने से पहले ही सही तैयारी और स्मार्ट प्लानिंग करना बेहद जरूरी है।सेल में मिलने वाले मुख्य ऑफर्स और बैंक डिस्काउंट्सइंस्टेंट बैंक डिस्काउंट: अमेजन पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और फ्लिपकार्ट पर एक्सिस बैंक व आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) के क्रेडिट/डेबिट कार्ड्स पर 10% तक का तुरंत इंस्टेंट डिस्काउंट मिलेगा।कैशबैक और को-ब्रांडेड कार्ड्स: अमेजन पे आईसीआईसीआई और फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को 5% तक का अतिरिक्त अनलिमिटेड कैशबैक मिलेगा।एक्सचेंज बोनस और नो-कॉस्ट ईएमआई: पुराने स्मार्टफोन या टीवी को एक्सचेंज करने पर अतिरिक्त वैल्यू और 3 से 12 महीने की नो-कॉस्ट ईएमआई का विकल्प मिलेगा।अर्ली एक्सेस सुविधा: प्राइम मेंबर्स और प्लस/वीआईपी मेंबर्स को आम जनता से 24 घंटे पहले सेल की एक्सक्लूसिव डील्स लॉक करने का मौका मिलेगा।किसे कैसे करनी चाहिए खरीदारी: बजट और जरूरत के हिसाब से स्मार्ट गाइडगैजेट और टेक अपग्रेड करने वाले (Tech Shoppers): अगर आप नया आईफोन, एंड्रॉयड फ्लैगशिप फोन या लैपटॉप लेना चाहते हैं, तो सेल का इंतजार करना सबसे सही फैसला है। सेल शुरू होने से पहले ही अपने पसंदीदा मॉडल को विशलिस्ट में जोड़कर रखें। सेल के पहले कुछ घंटों में ही सबसे बड़े प्राइस ड्रॉप्स (जैसे आईफोन और प्रीमियम फोन) देखने को मिलते हैं, जो स्टॉक खत्म होने तक ही सीमित रहते हैं।घरेलू उपकरण खरीदने वाले परिवार (Home Appliances): वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, गीजर या स्मार्ट टीवी जैसी बड़ी खरीदारी के लिए एक्सचेंज ऑफर और नो-कॉस्ट ईएमआई का कॉम्बो सबसे ज्यादा बचत कराता है। यह सुनिश्चित करें कि आपके पिनकोड पर फ्री इंस्टॉलेशन और ओपन-बॉक्स डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है या नहीं।फैशन और लाइफस्टाइल खरीदार (Fashion Shoppers): कपड़ों, जूतों और एक्सेसरीज पर अक्सर 'बाय मोर सेव मोर' (Buy More Save More) के बंडल ऑफर्स चलते हैं। फैशन प्रोडक्ट्स में साइज और फिटिंग का जोखिम रहता है, इसलिए केवल उन्हीं प्रोडक्ट्स को चुनें जिन पर आसान रिटर्न और एक्सचेंज की स्पष्ट पॉलिसी हो।बजट और मिडिल क्लास खरीदार (Value Shoppers): गैर-जरूरी खर्च से बचने के लिए पहले से एक तय बजट बनाएं। छूट के लालच में ऐसा सामान कभी न खरीदें जिसकी आपको वास्तव में जरूरत नहीं है।सेल शुरू होने से पहले ही निपटा लें ये 5 जरूरी कामकार्ड लिमिट और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ऑन रखें: अपने बैंकिंग ऐप में जाकर क्रेडिट/डेबिट कार्ड के ई-कॉमर्स पेमेंट को एक्टिव करें और खर्च की लिमिट बढ़ा लें ताकि चेकआउट के समय पेमेंट फेल न हो।एड्रेस और पेमेंट डिटेल्स पहले से सेव करें: अंतिम पलों में सर्वर क्रैश और स्टॉक खत्म होने से बचने के लिए डिफॉल्ट डिलीवरी पता और कार्ड डिटेल्स पहले से प्रोफाइल में जोड़कर रखें।प्राइस ट्रैकर का इस्तेमाल करें: किसी भी डिस्काउंट को असली मानने से पहले थर्ड-पार्टी प्राइस हिस्ट्री टूल्स पर चेक करें कि सेल से पहले विक्रेता ने जानबूझकर एमआरपी बढ़ाई तो नहीं है।वेरिफाइड सेलर की जांच करें: उत्पाद हमेशा 'Assured' या 'Fulfilled' रेटिंग वाले सेलर्स से ही खरीदें ताकि डुप्लीकेट या रिफर्बिश्ड सामान मिलने का खतरा न रहे।
त्योहारी सीजन की महासेल से ठीक पहले यूट्यूब ने भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। गूगल के स्वामित्व वाले वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने अपने 'यूट्यूब शॉपिंग एफिलिएट प्रोग्राम' (YouTube Shopping Affiliate Program) का बड़ा विस्तार करते हुए देश के 5 प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को अपने साथ जोड़ लिया है। अब क्रिएटर्स अपने लॉन्ग वीडियो, यूट्यूब शॉर्ट्स और लाइवस्ट्रीम में सीधे इन दिग्गज रिटेलर्स के प्रोडक्ट्स को टैग कर सकेंगे। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु से लेकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के लाखों रीजनल और इंडिपेंडेंट क्रिएटर्स के लिए यह फैसला त्योहारी सीजन में कमाई के नए दरवाजे खोलने वाला साबित होगा।यूट्यूब शॉपिंग में शामिल हुए ये 5 नए दिग्गज प्लेटफॉर्म्सयूट्यूब शॉपिंग इकोसिस्टम में पहले से ही फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, नायका, पर्पल, शॉपसी और तीरा जैसे प्लेटफॉर्म शामिल थे। अब इस नेटवर्क में 5 नए दिग्गज मर्चेंट पार्टनर्स की आधिकारिक एंट्री हो गई है:अमेजन (Amazon India): दुनिया के सबसे बड़े ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के लाखों इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज और फेस्टिव प्रोडक्ट्स अब टैगिंग के लिए उपलब्ध होंगे।मीशो (Meesho): बजट-फ्रेंडली, टियर-2/टियर-3 ऑडियंस और वैल्यू-फोकस्ड फैशन प्रोडक्ट्स के लिए लोकप्रिय प्लेटफॉर्म।आजियो (AJIO): रिलायंस रिटेल का यह प्रमुख फैशन डेस्टिनेशन युवाओं और ट्रेंडी अपैरल की बड़ी रेंज पेश करता है।टाटा क्लिक (Tata CLiQ): टाटा ग्रुप का यह प्रीमियम लाइफस्टाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स प्लेटफॉर्म हाई-वैल्यू परचेज के अवसर देगा।स्नैपडील (Snapdeal): अफोर्डेबल और रीजनल कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की विस्तृत रेंज उपलब्ध कराने वाला मार्केटप्लेस।इन नए पार्टनर्स के आने से अब फैशन, ब्यूटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम डेकोर और ग्रॉसरी जैसे हर सेगमेंट के प्रोडक्ट्स एक ही जगह उपलब्ध हो गए हैं, जिससे दर्शकों को वीडियो देखते-देखते खरीदारी करने का सहज अनुभव मिलेगा।क्रिएटर्स की कमाई में 160% का भारी उछालयूट्यूब के आंकड़ों के अनुसार, भारत में क्रिएटर-लेड कॉमर्स तेजी से मुख्यधारा बन रहा है। साल 2025 और 2026 की पहली तिमाही के बीच भारतीय क्रिएटर्स को मिलने वाले औसत पेआउट में 160% से अधिक की जोरदार सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। यह वैश्विक स्तर पर दर्ज की गई 100% की औसत वृद्धि दर से कहीं आगे है।वर्तमान में भारत के 50% से अधिक योग्य क्रिएटर्स यूट्यूब शॉपिंग प्रोग्राम में एनरोल हो चुके हैं। भारतीय क्रिएटर्स अब तक 1.9 करोड़ (19 मिलियन) से अधिक वीडियोज में प्रोडक्ट्स को सफलतापूर्वक टैग कर चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक, देश में 45 करोड़ से ज्यादा लॉग-इन यूजर्स यूट्यूब पर शॉपिंग से जुड़े रिव्यूज और कंटेंट सर्च करते हैं।क्रिएटर्स और दर्शकों के लिए नए AI टूल्स भी लॉन्चशॉपिंग अनुभव को और आसान बनाने के लिए यूट्यूब ने कई अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स भी पेश किए हैं:आस्क यूट्यूब फॉर शॉपिंग (Ask YouTube for Shopping): इस फीचर के जरिए दर्शक वीडियो के वॉच पेज पर ही प्रोडक्ट से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। स्मार्ट टीवी पर वीडियो देख रहे यूजर्स रिमोट में वॉइस कमांड देकर भी प्रोडक्ट की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।ग्लोबल ऑडियंस के लिए स्मार्ट करेंसी टैग्स: अगर किसी भारतीय क्रिएटर का वीडियो विदेश में देखा जाता है, तो यूट्यूब दर्शक की लोकेशन के अनुसार वहां की लोकल करेंसी और स्थानीय रिटेलर्स के ऑफर्स दिखाएगा। इससे भारतीय क्रिएटर्स विदेशी व्यूअर्स से भी आसानी से इंटरनेशनल एफिलिएट कमीशन कमा सकेंगे।आस्क स्टूडियो फॉर ब्रांड पार्टनरशिप्स (Ask Studio for Brand Partnerships): यह जनरेटिव एआई टूल क्रिएटर्स को यूट्यूब स्टूडियो के अंदर ही ब्रांड्स के लिए आकर्षक पिच बनाने और ब्रांड ब्रीफ का तुरंत जवाब देने में मदद करेगा।क्रिएटर्स कैसे उठाएं इस मौके का फायदा?पारंपरिक एफिलिएट मार्केटिंग में क्रिएटर्स को डिस्क्रिप्शन बॉक्स में लंबे-लंबे लिंक्स डालने पड़ते थे, जिससे यूजर्स ऐप से बाहर चले जाते थे। अब यूट्यूब शॉपिंग के जरिए वीडियो स्क्रीन के नीचे ही एक डिजिटल शेल्फ दिखती है, जहां दर्शक सीधे क्लिक करके खरीदारी कर सकते हैं।क्रिएटर्स अपने 500 से अधिक सब्सक्राइबर्स वाले मोनेटाइज्ड चैनल के जरिए पुराने और नए वीडियोज में ट्रेंडिंग प्रोडक्ट्स को टैग कर सकते हैं। आगामी फेस्टिव सेल (दिवाली, धनतेरस, दशहरा) के दौरान टेक अनबॉक्सिंग, फैशन हॉल्स, होम मेकओवर और गिफ्टिंग गाइड्स जैसे वीडियोज बनाकर क्रिएटर्स एफिलिएट कमीशन से अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
नाबालिग लड़की के मुताबिक, आरोपियों ने दोनों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए. इसके बाद उसके पास मौजूद दो युवकों ने झाड़ियों की तरफ इशारा करते हुए उसे वहां चलने के लिए कहा. जहां उसके साथ दरिंदगी की गई.
ग्रेटर नोएडा के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए स्लीपर बस अग्निकांड के बाद महोबा के भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और बेटे शशांक गुप्ता के लापता होने से परिवार में चिंता बढ़ गई है. प्रशासन ने अब तक 9 में से 6 शवों की पहचान कर ली है.
इंटरनेट डेस्क। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के प्रभाव से देश के कई राज्यों में आसमान कहर ढहाने का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। विभाग की ओर से आज के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ समेत दस राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कई राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट विभाग की ओर से जारी किया गया है। आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई हिस्सों में बिखरी हुई बारिश हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के इलाकों में बारिश का ये प्रभाव 29 सितंबर तक बना रह सकता है। राजस्थान में आज कई जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। विभाग के अनुसार, आज राजधानी जयपुर के साथ ही अलवर, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, सीकर, झुंझुनूं और चित्तौड़गढ़ में कई जगहों पर बारिश हो सकती है, यह सिलसिला 27 सितंबर तक जारी रह सकता है। पश्चिमी राजस्थान के इन जिलों में भी बारिश का अलर्ट वहीं विभाग ने आज के लिए पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, पाली, बालोतरा, फलोदी और सिरोही में भी कुछ जगहों पर बारिश होने होने का अलर्ट जारी किया है। दूसरी और प्रदेश के कई राज्या में लोगों को मई जैसी गर्मी का सामना भी करना पड़ रहा है। PC:ndtv अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
सूरत में कैसे धूल फांक रहा करोड़ों की लागत से बना हॉल, देखें गुजरात आजतक
सूरत महानगर पालिका ने लिंबायत इलाके के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के मकसद से करीब 10 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से एक मल्टी पर्पस हॉल का बनाया था. करीब 14 महीने पहले इस मल्टी पर्पस हॉल का लोकार्पण किया गया. लेकिन हैरानी की बात ये है कि लोकार्पण के 14 महीने बाद भी ये खेल परिसर आम लोगों और खिलाड़ियों के लिए शुरू नहीं हो पाया है. देखें गुजरात आजतक.
मुख्य चुनाव आयुक्त का पद पहली बार सवालों में नहीं है। टीएन शेषन से लेकर ज्ञानेश कुमार तक के विवाद, आयोग की संरचना और रिटायरमेंट के बाद मिले पदों का पूरा ब्योरा।
Kati Patang all 7 Songs: राजेश खन्ना 70 के दशक के सुपरस्टार हैं, जिन्होंने 1969 से लेकर 1971 तक 17 हिट फिल्मों दीं, जिस लिस्ट में इस 56 साल पुरानी फिल्म का नाम भी शामिल है. यह म्यूजिकल ड्रामा फिल्म थी.
भारत के चुनाव आयोग (ECI) के अंदरूनी मतभेदों की खबरों के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश के शीर्ष चुनावी नेतृत्व पर तीखा हमला किया है और कथित वोट चोरी में शामिल लोगों को साफ तौर पर देशद्रोही कहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के सामने वोटर लिस्ट के कामकाज के तरीकों और डेटा मैनेजमेंट को लेकर 14 अलग-अलग मौकों पर औपचारिक रूप से लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इस विवाद के बीच, विपक्ष ने अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव लाने का संकल्प लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कानूनी विशेषज्ञों की मदद से महाभियोग प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया जा रहा है और जल्द ही संयुक्त विपक्ष की ओर से दोनों सदनों में इसका नोटिस सौंपा जाएगा। इस विवाद के बीच, विपक्ष ने अब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव लाने का संकल्प लिया है। खबर है कि कानूनी विशेषज्ञों की मदद से महाभियोग प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया जा रहा है और जल्द ही संयुक्त विपक्ष की ओर से दोनों सदनों में नोटिस सौंपा जाएगा। यह भविष्य में चुनाव आयुक्त के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कैसे होती है? • भारत के चुनाव आयोग पर देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की बड़ी जिम्मेदारी है। • देश के राष्ट्रपति, तीन सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश पर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करते हैं। • इस समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और केंद्रीय कैबिनेट का एक सदस्य शामिल होते हैं। • 2023 के कानून के अनुसार, चुनाव आयुक्त के तौर पर नियुक्त होने वाले लोगों के पास सरकार में सचिव स्तर के पदों पर काम करने का पूर्व अनुभव होना चाहिए। • उन्हें चुनाव कराने और उनके प्रबंधन का ज्ञान और अनुभव होना चाहिए। • आयुक्तों की नियुक्ति छह साल के कार्यकाल के लिए या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) की जाती है। • मुख्य चुनाव आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के जजों के समान सुविधाएं और वित्तीय लाभ मिलते हैं। CEC को कैसे हटाया जा सकता है? • संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरह और उन्हीं आधारों पर उनके पद से हटाया जा सकता है, जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। • यह बात 2023 के एक्ट की धारा 11(2) में भी कही गई है। • उन्हें सिर्फ़ साबित गलत व्यवहार या अक्षमता के आधार पर ही हटाया जा सकता है। • गलत व्यवहार में कोई भी भ्रष्ट तरीका या पद का गलत इस्तेमाल शामिल हो सकता है। • अक्षमता का मतलब ऐसी स्थिति से है जब कोई अधिकारी अपने कर्तव्यों को निभाने में असमर्थ हो। • मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश के बिना किसी अन्य चुनाव आयुक्त या क्षेत्रीय आयुक्त को उनके पद से नहीं हटाया जाएगा। • भारत के चुनाव आयोग को राजनीतिक दबाव से बचाने के लिए, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया को बहुत मुश्किल बना दिया गया है। महाभियोग प्रस्ताव पेश होने के बाद क्या होता है? मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए, दोनों सदनों के सदस्यों को एक प्रस्ताव का नोटिस देना होता है, जिसे महाभियोग प्रस्ताव कहा जाता है, जिसमें गलत व्यवहार या अक्षमता का स्पष्ट आरोप लगाया जाता है। महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के लिए, उस पर लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर होने चाहिए। अगर प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है, तो आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच की जाती है। इसके बाद, संसद के दोनों सदनों में मौजूद और वोट करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पद से हटाने का प्रस्ताव पास होना चाहिए। प्रस्ताव पास होने के बाद, राष्ट्रपति मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का आदेश देते हैं। संवैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद, राष्ट्रपति के पास इस मामले में संसद की सलाह पर काम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। महाभियोग प्रस्ताव कब खारिज किया गया? अप्रैल में, राज्यसभा के चेयरमैन और लोकसभा के स्पीकर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए दोनों सदनों में विपक्ष द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्तावों को खारिज कर दिया। इस साल 12 मार्च को, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा और राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाने में विपक्ष का नेतृत्व किया, जिसमें लोकसभा प्रस्ताव पर 130 सांसदों और राज्यसभा प्रस्ताव पर 63 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे। उस समय, मुख्य चुनाव आयुक्त पर पक्षपाती और भेदभावपूर्ण व्यवहार करने और चुनाव धोखाधड़ी और SIR की जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था।
डीयू में छात्रों को मिलेगी 100% तक फीस में छूट, 13 अक्टूबर तक करें आवेदन
DU Financial Support Scheme 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने यूजी और पीजी छात्रों के लिए वित्तीय सहायता योजना (FSS) के आवेदन मांगे हैं. इसके तहत छात्रों को पारिवारिक आय के आधार पर 50% से 100% तक फीस में छूट मिल सकती है.
आज गणेश विसर्जन के 4 मुहूर्त, जानें भद्रा और पंचक का समय
Ganesh Visarjan 2026: आज गणपति के विसर्जन के लिए सुबह के अलावा भी 4 शुभ मुहूर्त रहेंगे, जिसमें भक्त पूरी श्रद्धा के साथ अपने बप्पा को विदाई दे सकते हैं. जानें गणेश जी के विसर्जन का शुभ समय, भद्रा, पूजा विधि और विसर्जन के नियम.
पेंसिल से भी छोटी मशीन, फिर भी समुद्र में छिपी पनडुब्बी खोज लेगी! क्वांटम टेक्नोलॉजी से चीन का कमाल
लगभग 7 इंच की इस मशीन से चीनी सेना की ताकत और बढ़ेगी, इस मशीन से दुश्मन की पनडुब्बियों को खोजने के लिए इस्तेमाल करने की योजना है. अपने पहले टेस्ट में इस मशीन ने जमीन के अंदर दौड़ती मेट्रो को डिटेक्ट कर लिया.
Hanuman Ansh: विशाल चतुर्वेदी की भक्ति-प्रधान ड्रामा फिल्म 'हनुमान अंश' की 21 साल की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने फिल्म की बॉक्स-ऑफिस पर अचानक आई कामयाबी और उस मुश्किल दौर के बारे में बात की है. जब फिल्म को सिनेमाघरों से हटाने की नौबत आ गई थी.
UPI MDR Charge: सरकारी खजाने में नहीं जाएगा एक भी पैसा, जानिए आपकी फीस से किसकी होगी कमाई?
UPI पर 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR लागू होगा. जानिए MDR के जरिए वसूला गया 100% पैसा किसे मिलेगा और ग्राहकों पर इसका क्या असर होगा.
25 साल की डिजिटल कंटेंट क्रिएटर छवि सोनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर करके बताया है कि गोवा में पेरेंट्स के साथ रहने पर भी एक महीने कितना खर्च आता है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी में सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने और आम नागरिकों के बिजली के बिल को पूरी तरह शून्य करने के मकसद से सरकार ने अपनी सोलर नीति के दिशा-निर्देशों में एक बड़ा और निर्णायक मोड़ दिया है। इस नए फैसले के तहत उन घरेलू उपभोक्ताओं पर विशेष फोकस किया गया है जिनकी औसत मासिक खपत 400 यूनिट तक सीमित रहती है। अब ऐसे घरों को 3 किलोवाट (KW) तक के रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना पर ऐतिहासिक लाभ और वित्तीय प्रोत्साहन देने की रूपरेखा तैयार की गई है। राजधानी के पर्यावरण को स्वच्छ बनाने और ग्रिड पर निर्भरता घटाने के इरादे से यह कदम उठाया गया है, जिससे मध्यम वर्गीय और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ने वाला ऊर्जा का बोझ पूरी तरह खत्म हो सकता है।दिल्ली सोलर पॉलिसी के नए नियम: 400 यूनिट की सीमा और 3 किलोवाट की सौगातदिल्ली में पहले से लागू 200 यूनिट तक की मुफ्त बिजली और 400 यूनिट तक के आधे बिल वाली सब्सिडी योजना से आगे बढ़कर अब सरकार ने आत्मनिर्भर ऊर्जा मॉडल पर जोर देना शुरू किया है। नीति में हुए इस रणनीतिक बदलाव के अनुसार, जो परिवार हर महीने 201 से 400 यूनिट के बीच बिजली की खपत करते हैं, उन्हें 3 किलोवाट तक की क्षमता वाले रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए विशेष वित्तीय सहायता, केंद्र व राज्य की संयुक्त सब्सिडी और अतिरिक्त जेनरेशन बेस्ड इंसेंटिव (GBI) के जरिए लगभग मुफ्त जैसी सुविधा दी जा रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि उपभोक्ता को अपनी जेब से शुरुआती निवेश के रूप में नाममात्र की रकम देनी होगी, या तय मॉडल के तहत निजी वेंडर्स के सहयोग से बिना किसी अग्रिम भुगतान के छत पर सोलर सिस्टम स्थापित हो सकेगा।इस नीति का मुख्य आधार राजधानी में उपलब्ध लाखों स्वतंत्र मकानों, कॉलोनियों और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों की छतों का शत-प्रतिशत उपयोग करना है। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि औसतन 1 किलोवाट का सोलर पैनल प्रतिदिन 4 से 5 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। ऐसे में 3 किलोवाट का प्लांट महीने में लगभग 360 से 450 यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन आसानी से कर देता है। यदि किसी परिवार की खपत 350 से 400 यूनिट प्रति माह है, तो उसका कुल उत्पादन उसकी मासिक मांग के ठीक बराबर या उससे अधिक बैठता है, जिससे महीने का नेट बिजली बिल शून्य के आंकड़े पर पहुंच जाता है।जेनरेशन बेस्ड इंसेंटिव (GBI) और नेट मीटरिंग से होगी सीधी कमाईदिल्ली की इस अद्यतन रूफटॉप सौर नीति की सबसे आकर्षक कड़ी इसका जेनरेशन बेस्ड इंसेंटिव (GBI) मॉडल है। बिजली कंपनियों (डिस्कॉम्स) जैसे टाटा पावर डीडीएल (TPDDL), बीएसईएस राजधानी (BRPL) और बीएसईएस यमुना (BYPL) के साथ नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत उपभोक्ता के घर पर एक बाइ-डायरेक्शनल मीटर लगाया जाता है। यह मीटर दिन के समय पैदा होने वाली सौर ऊर्जा और रात के समय ग्रिड से ली जाने वाली बिजली का सटीक हिसाब रखता है।नीति के तहत न केवल ग्रिड को दी जाने वाली बिजली का समायोजन बिल में होता है, बल्कि उत्पादित प्रति यूनिट सौर बिजली पर राज्य सरकार की ओर से तय समयावधि तक सीधा नकद प्रोत्साहन उपभोक्ता के खाते में भेजा जाता है। इस प्रकार, जो उपभोक्ता 400 यूनिट के स्लैब में आते हैं, वे न केवल अपना चालू बिल शून्य कर लेंगे, बल्कि यदि गर्मियों की छुट्टियों या सर्दियों के दिनों में बिजली का इस्तेमाल कम हुआ, तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर बैंक खाते में सीधी आय भी हासिल कर सकेंगे।पर्यावरण सुरक्षा और स्थानीय ग्रिड पर लोड मैनेजमेंटभौगोलिक दृष्टिकोण से दिल्ली देश का एक ऐसा महानगर है जहां गर्मियों के चरम दिनों में बिजली की मांग 8000 मेगावाट का आंकड़ा पार कर जाती है। एयर कंडीशनर और कूलरों के भारी लोड के चलते स्थानीय ट्रांसफार्मरों पर जबरदस्त दबाव बनता है। इस समस्या से निपटने के लिए मोहल्लों और आवासीय कॉलोनियों के स्तर पर ही बिजली का विकेंद्रीकृत उत्पादन सबसे असरदार उपाय बनकर उभरा है। जब हजारों घरों की छतों पर 3 किलोवाट के पैनल एक साथ धूप से बिजली बनाएंगे, तो दिन के वक्त ग्रिड पर पड़ने वाला पीक लोड कई गुना कम हो जाएगा।इसके अलावा, राजधानी में वायु प्रदूषण और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में यह एक गेम-चेंजर साबित होगा। कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांटों से आने वाली बिजली पर दिल्ली की निर्भरता कम होने से प्रतिवर्ष लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी दर्ज की जाएगी। स्थानीय स्तर पर सोलर इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और इनवर्टर सर्विसिंग के क्षेत्र में हजारों युवाओं के लिए नए तकनीकी रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।आवेदन कैसे करें: डिजिटल प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजइस योजना का लाभ उठाने के लिए दिल्ली के उपभोक्ताओं को किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और पूर्णतः डिजिटल रखा गया है। उपभोक्ता राष्ट्रीय सोलर रूफटॉप पोर्टल या अपनी संबंधित बिजली वितरण कंपनी (BRPL, BYPL या TPDDL) के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर सीधे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।आवेदन के लिए मुख्य रूप से उपभोक्ता का नवीनतम बिजली बिल, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण और छत का मालिकाना हक या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) आवश्यक होता है। आवेदन दर्ज होने के बाद संबंधित डिस्कॉम के तकनीकी अधिकारी साइट का भौतिक निरीक्षण करते हैं और छत की लोड क्षमता तथा धूप की उपलब्धता का आकलन करते हैं। मंजूरी मिलने के बाद पैनल इंस्टॉलेशन, नेट मीटरिंग और सब्सिडी ट्रांसफर की प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी कर दी जाती है।
PAK-अफगान बॉर्डर पर गरज रहीं बंदूकें, PAK आर्मी से भिड़ा तालिबान
बलूचिस्तान के गुलिस्तान सेक्टर में अफगान तालिबान लड़ाकों के पाकिस्तान में घुसने की कोशिश के बाद दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई. पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में कई तालिबान लड़ाके मारे गए हैं.
टीचर्स डे मिड-डे मील में चिकन-चावल को लेकर बवाल, हेडमास्टर का हुआ ट्रांसफर
टीचर्स डे के मौके पर मिड-डे मील को लेकर पश्चिम बंगाल के एक स्कूल में विवाद हुआ. छात्रों ने चिकन और चावल की कम मात्रा की शिकायत की. इसके बाद हेडमास्टर और छात्रों के बीच मारपीट हो गई. जांच में दोनों पक्षों को जिम्मेदार पाया गया.
बॉम्बे हाई कोर्ट: मुख्य चुनाव आयुक्त के 14 फैसलों के खिलाफ अदालत में दो याचिकाएं, 28 सितंबर को सुनवाई संभव
PAK बल्लेबाज ने उड़ाया गर्दा, मिस्बाह का 12 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
22 साल के मुहम्मद शहजाद ने ताबड़तोड़ शतक लगाकर मिस्बाह उल हक को पीछे छोड़ दिया. उनकी पारी ने यह भी दिखाया कि पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में एक ऐसा बल्लेबाज दस्तक दे रहा है, जो तेजी से रन बनाने की क्षमता रखता है.
साली की शादी में पहुंचा था युवक, धारदार हथियार से रेत दिया पत्नी का गला
सहारनपुर में साली की शादी में शामिल होने मायके आए युवक का उसकी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि पति ने धारदार हथियार से पत्नी के गले पर हमला कर दिया. गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद युवक ने भी खुद को घायल कर लिया.
उत्तर प्रदेश के वाहन चालकों और आम जनता के लिए आज की सुबह ईंधन के मोर्चे पर राहत भरी खबर लेकर आई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों ने आज सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल के नवीनतम खुदरा मूल्य जारी कर दिए हैं। राजधानी लखनऊ, औद्योगिक नगरी कानपुर, धर्मनगरी वाराणसी से लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे नोएडा और गाजियाबाद तक तेल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। अधिकांश जिलों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं, जिससे दैनिक आवागमन करने वाले नौकरीपेशा लोगों, माल ढुलाई से जुड़े ट्रांसपोर्टरों और किसानों को सीधे तौर पर बड़ी राहत मिली है।राज्य के अलग-अलग जनपदों में ईंधन की दरों में मामूली अंतर देखने को मिलता है, जिसकी मुख्य वजह स्थानीय स्तर पर लागू होने वाला वैट यानी वैल्यू ऐडेड टैक्स और तेल रिफाइनरी से डिपो व पेट्रोल पंप तक लगने वाला माल ढुलाई भाड़ा है। राज्य सरकार और तेल कंपनियों द्वारा दैनिक समीक्षा प्रणाली के अंतर्गत हर रोज सुबह छह बजे वैश्विक रुझानों के आधार पर कीमतों का निर्धारण किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में ब्रेंट क्रूड के उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू खुदरा दरों पर पड़ता है, हालांकि घरेलू कंपनियों ने पिछले कई महीनों से दरों को स्थिर बनाए रखने की रणनीति अपनाई है ताकि महंगाई पर नियंत्रण बना रहे।यूपी के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा भावप्रदेश के बड़े महानगरों की बात करें तो लखनऊ में पेट्रोल लगभग 101.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। वहीं दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले यानी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थानीय कर ढांचे के कारण पेट्रोल 101.77 रुपये और डीजल करीब 95.26 से 95.44 रुपये प्रति लीटर के बीच दर्ज किया गया है। गाजियाबाद में पेट्रोल 101.88 रुपये और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर पर टिका हुआ है। मध्य यूपी के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर में पेट्रोल की दर 101.78 रुपये और डीजल की दर 95.30 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर बनी हुई है।पूर्वांचल के प्रमुख केंद्र वाराणसी में पेट्रोल 102.35 रुपये और डीजल 95.72 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर देखा जा रहा है। संगम नगरी प्रयागराज में ढुलाई खर्च के प्रभाव से पेट्रोल लगभग 102.40 रुपये और डीजल 95.80 रुपये प्रति लीटर के आसपास कारोबार कर रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में पेट्रोल 101.66 रुपये और डीजल 95.14 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में पेट्रोल 102.13 रुपये और डीजल 95.50 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है। क्रांतिधरा मेरठ में पेट्रोल 101.75 रुपये और डीजल 95.25 रुपये प्रति लीटर की दर से वाहनों में भरा जा रहा है।ईंधन के खुदरा भाव का पूरा गणित और निर्धारण प्रक्रियासामान्य उपभोक्ता जब पेट्रोल पंप पर जाकर अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराता है, तो उसके द्वारा चुकाई जाने वाली राशि में केवल कच्चे तेल की लागत शामिल नहीं होती। भारत में पेट्रोल और डीजल के अंतिम खुदरा मूल्य का निर्माण कई स्तरों पर जुड़ने वाले विभिन्न घटकों से होता है। सबसे पहले रिफाइनरियों द्वारा तय किया जाने वाला बेस प्राइस आता है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए कच्चे तेल के शोधन और परिवहन की वास्तविक लागत पर आधारित होता है। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला उत्पाद शुल्क यानी केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी जोड़ी जाती है, जो पूरे देश में समान दर से लागू होती है।केंद्रीय शुल्क के जुड़ने के बाद संबंधित राज्य सरकार अपनी राजस्व आवश्यकताओं के अनुसार मूल्य वर्धित कर यानी वैट आरोपित करती है। चूंकि हर राज्य में वैट की दरें अलग-अलग तय होती हैं, इसीलिए उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों जैसे बिहार, हरियाणा या दिल्ली में एक ही दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय अंतर देखने को मिलता है। इसके अतिरिक्त पेट्रोल पंप संचालकों का निर्धारित डीलर कमीशन भी प्रति लीटर की दर में जोड़ा जाता है। डीलर कमीशन और रिफाइनरी से पंप की भौगोलिक दूरी के अनुसार लगने वाला फ्रेट चार्ज मिलकर उस अंतिम कीमत का निर्माण करते हैं जो आम आदमी अपनी जेब से अदा करता है।घर बैठे मोबाइल से ऐसे जानें अपने शहर का सटीक रेटयदि आप पेट्रोल पंप जाने से पहले अपने वाहन में ईंधन भरवाने का सटीक बजट बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए तेल विपणन कंपनियों ने बेहद सुगम डिजिटल और एसएमएस आधारित सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। इसके जरिए आप बिना किसी इंटरनेट कनेक्शन के भी केवल एक साधारण टेक्स्ट मैसेज भेजकर अपने इलाके के पेट्रोल पंप का अद्यतन मूल्य जान सकते हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के उपभोक्ता अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर आरएसपी स्पेस डीलर कोड टाइप करके उसे 9224992249 पर भेज सकते हैं। कुछ ही सेकंड में कंपनी की ओर से उस विशिष्ट पंप के पेट्रोल और डीजल के आधिकारिक दाम एसएमएस के रूप में प्राप्त हो जाते हैं।इसी तरह भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी बीपीसीएल के पंपों का रेट जानने के लिए उपभोक्ताओं को आरएसपी स्पेस डीलर कोड लिखकर 9223112222 पर संदेश भेजना होता है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी एचपीसीएल के ग्राहक अपने फोन से एचपीप्राइस स्पेस डीलर कोड लिखकर 9222201122 नंबर पर भेज सकते हैं। प्रत्येक पेट्रोल पंप का विशिष्ट डीलर कोड पंप परिसर में लगे बोर्ड पर बड़े अक्षरों में प्रदर्शित रहता है या इसे संबंधित तेल विपणन कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट व मोबाइल एप्लिकेशन से भी आसानी से खोजा जा सकता है।
कितना गिर सकता है पाकिस्तान! मक्का समझौते से भागने के लिए आम लोगों की लेने लगा जान
कंधार में एक कार्यक्रम में तालिबानी प्रवक्ता ने कहा है कि इस्लामाबाद जानबूझकर ऐसा माहौल बना रहा है, जैसे पाकिस्तान अफगानिस्तान के साथ युद्ध लड़ रहा हो। उन्होंने कई और आरोप भी लगाए।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की दुद्धी तहसील अंतर्गत बघाड़ू गांव में चर्चित 48 बीघा आदिवासी भूमि प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने संबंधित जमीन के अवैध हस्तांतरण पर जिला प्रशासन की ओर से की गई दंडात्मक कार्रवाई में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने डिप्टी कलेक्टर दुद्धी द्वारा दिए गए पूर्व आदेशों को पूर्णतः बरकरार रखते हुए प्रशासनिक तंत्र को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए हरी झंडी दे दी है। इस बड़े न्यायिक निर्णय के बाद स्थानीय स्तर पर आदिवासी समुदाय के अधिकारों के संरक्षण को कानूनी मजबूती मिली है और जमीन को ग्राम सभा अथवा राज्य सरकार के खाते में निहित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।यह पूरा विवाद दुद्धी तहसील के बघाड़ू क्षेत्र में स्थित करीब 48 बीघा जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ था। राजस्व विभाग की आंतरिक जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि आदिवासी परिवारों की जमीन को फर्जी या संदेहास्पद जाति प्रमाणपत्रों के सहारे नियमों को ताक पर रखकर खरीदा गया था। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता और आदिवासी भूमि संरक्षण नियमों के तहत गैर-आदिवासी व्यक्ति किसी आदिवासी की जमीन बिना सक्षम अधिकारी यानी जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति के नहीं खरीद सकता। इस मामले में रजिया उर्फ दुलरिया और नन्हकी उर्फ नैमुन्निशा के नाम से अलग-अलग बैनामों के जरिए जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी। प्रशासन की विस्तृत जांच में सामने आया कि ये बैनामे कानून की तय प्रक्रियाओं और प्रावधानों के सरासर खिलाफ थे।फर्जी जाति प्रमाणपत्र और जमीन हड़पने की साज़िश का ऐसे हुआ पर्दाफाशप्रकरण की गहराई से छानबीन के दौरान यह खुलासा हुआ कि रजिया उर्फ दुलरिया के नाम वर्ष 2012 में एक अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्र जारी किया गया था। इसी प्रमाणपत्र का सहारा लेकर आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। जब मामले की शिकायत उठी, तो जिला स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने पुराने राजस्व रिकॉर्ड, परिवार के मूल दस्तावेज, स्थानीय गवाहों के बयान और ऐतिहासिक साक्ष्यों की सघन जांच की। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि लाभार्थी नियमों के मुताबिक अनुसूचित जनजाति वर्ग की वास्तविक पात्र नहीं थी, जिसके बाद सत्यापन समिति ने 2012 में जारी उस एसटी प्रमाणपत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। प्रमाणपत्र रद्द होते ही जमीन की रजिस्ट्री की कानूनी वैधता स्वतः समाप्त हो गई और प्रशासन ने इन बैनामों को शून्य घोषित कर जमीन को सरकारी नियंत्रण में लेने की कार्रवाई शुरू की।दूसरे पक्ष में नन्हकी उर्फ नैमुन्निशा की ओर से खरीदी गई भूमि को लेकर भी कानूनी विवाद खड़ा हुआ था। नन्हकी ने खुद को जन्म से भुइयां अनुसूचित जनजाति का बताते हुए अपनी रजिस्ट्री को वैध ठहराया था और डिप्टी कलेक्टर दुद्धी द्वारा जमीन निरस्त किए जाने के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि वह आदिवासी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखती हैं, इसलिए उन पर गैर-आदिवासी के रूप में जमीन खरीदने का प्रतिबंध लागू नहीं होना चाहिए। हालांकि, हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अपनी निरंतर जनजातीय पहचान और समाज से सक्रिय जुड़ाव का कोई ठोस व अकाट्य प्रमाण प्रस्तुत करने में पूरी तरह विफल रही।हाईकोर्ट का दो-टूक रुख: केवल कागजी दावों से नहीं मानी जाएगी जनजातीय पहचानइलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक बेहद अहम कानूनी बिंदु पर स्पष्ट टिप्पणी की। अदालत ने स्पष्ट किया कि यद्यपि केवल धर्म परिवर्तन कर लेने भर से किसी व्यक्ति का अनुसूचित जनजाति का वैधानिक दर्जा अपने आप समाप्त नहीं होता, किंतु यह साबित करना अनिवार्य है कि वह व्यक्ति वास्तव में अपनी जनजातीय पहचान, विशिष्ट परंपराओं, रीति-रिवाजों और अपने मूल समुदाय के सामाजिक ताने-बाने से निरंतर जुड़ा हुआ है। न्यायालय के समक्ष मुख्य प्रश्न यही था कि क्या जमीन की खरीद के समय खरीदार अपनी जनजातीय पहचान को प्रमाणित करने में सक्षम रहा। अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों और साक्ष्यों का समग्रता से परीक्षण करते हुए पाया कि जमीन की खरीद कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं थी, इसलिए डिप्टी कलेक्टर दुद्धी द्वारा दिए गए आदेश में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप की कोई कानूनी गुंजाइश नहीं बनती।उच्च न्यायालय का यह फैसला आते ही सोनभद्र में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि इस 48 बीघा विवादित जमीन से अवैध कब्जे हटाकर इसे जनहित के व्यापक कार्यों में उपयोग किया जाएगा। प्रशासनिक योजना के अनुसार इस भूमि का इस्तेमाल सार्वजनिक खेल मैदान, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन या अन्य सरकारी जनकल्याणकारी परियोजनाओं के निर्माण के लिए किया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक संपदा और आदिवासी बहुल इस सीमावर्ती जिले में भू-माफियाओं द्वारा आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सोनभद्र में राजनीतिक हलचल और प्रशासन की आगे की रणनीतिइस न्यायिक फैसले के बाद जिले में सियासी सरगर्मी भी तेज हो गई है। स्थानीय भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने इस पूरे प्रकरण को आदिवासी समाज की जमीन के अवैध हस्तांतरण से जोड़ते हुए 'लैंड जिहाद' का आरोप लगाया और जिले भर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए हथियाई गई अन्य जमीनों की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है। हालांकि, विधिक जानकारों का मानना है कि हाईकोर्ट का फैसला किसी राजनीतिक बयानबाजी पर नहीं, बल्कि भूमि हस्तांतरण की कानूनी प्रक्रिया, साक्ष्यों की वैधता और फर्जी दस्तावेजों के निरस्तीकरण के ठोस आधार पर टिका है।इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस कड़े रुख से पूरे विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्र में आदिवासी जमीनों की खरीद-फरोख्त में लगे भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। डिप्टी कलेक्टर दुद्धी के आदेश पर अदालत की मुहर लगने से यह साफ संदेश गया है कि नियमों को दरकिनार कर आदिवासियों के अधिकारों का हनन करने वालों पर कानून का डंडा सख्ती से चलेगा। अब जिला प्रशासन 48 बीघा जमीन पर भौतिक कब्जा लेकर इसे राजस्व अभिलेखों में पूर्ण रूप से सुरक्षित करने और अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य कड़ियों की जांच को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुट गया है।
‘द पैराडाइज’ की बंपर कमाई, नानी को मिली करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग
'नेचुरल स्टार' नानी की नई फिल्म द पैराडाइज सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. इसे देखने के लिए लोगों के बीच बड़ा क्रेज था. पिक्चर का ट्रेलर भी नहीं आया, मगर तब भी लोग भीड़ लगाकर फिल्म देखने पहुंचे. पहले ही दिन नानी की फिल्म ने तगड़ी कमाई कर एक नया रिकॉर्ड बनाया.
वोट चोरी के आरोपों पर बढ़ा सियासी घमासान. अखिलेश यादव की PDA यात्रा, देखें बड़ी खबरें
देश में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ, बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. देखें बड़ी खबरें.
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन और वैश्विक सोर्सिंग हब बनाने के विजन के साथ आज 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026' (UP International Trade Show - UPITS 4.0) का शानदार आगाज हो रहा है। पांच दिवसीय इस प्रतिष्ठित वैश्विक व्यापार मेले का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस मेगा ट्रेड शो के चौथे संस्करण को अब तक का सबसे भव्य और विशाल आयोजन बताया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्टार्टअप्स और भारी उद्योगों को सीधे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खरीदारों के साथ जोड़ना है। इस आयोजन के जरिए राज्य सरकार उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है।85 देशों के प्रतिनिधि और 2400 से अधिक प्रदर्शक: ट्रेड शो के प्रमुख आंकड़ेइस बार के यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का दायरा पहले के सभी संस्करणों से कहीं अधिक व्यापक रखा गया है:अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: दुनिया के 85 से अधिक देशों से 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार (Foreign Buyers) इस व्यापार मेले में शिरकत कर रहे हैं।6 प्रमुख पार्टनर देश: इस वर्ष ट्रेड शो में छह देशों—जापान, ऑस्ट्रिया, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम—को आधिकारिक पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल किया गया है।प्रदर्शकों की भरमार: राज्य और देश भर से 2,400 से अधिक स्टॉल्स और एग्जिबिटर्स अपने उत्पादों और तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन कर रहे हैं।फुटफॉल का अनुमान: आयोजकों के अनुसार, 5 दिनों में 1.5 लाख से अधिक बी2बी (Business-to-Business) आगंतुकों और करीब 4.5 से 5 लाख आम नागरिकों (B2C) के पहुंचने की संभावना है।'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) से लेकर डिफेंस कॉरिडोर तक की झलकट्रेड शो में पारंपरिक शिल्प से लेकर भविष्य की आधुनिक तकनीकों का संगम देखने को मिलेगा:ओडीओपी और वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन (ODOC): भदोही के कालीन, फिरोजाबाद का कांच, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन, कन्नौज के इत्र और लखनऊ की चिकनकारी के साथ-साथ इस साल यूपी के पारंपरिक खान-पान की विरासत को प्रदर्शित करने के लिए 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन' पवेलियन भी बनाया गया है।हाई-टेक व इमर्जिंग सेक्टर्स: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मास्यूटिकल्स और उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में बन रहे रक्षा उपकरणों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे।नॉलेज सेशंस और डिजिटल मैचमेकिंग: 5 दिनों के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल ट्रेड और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) पर विशेष बिजनेस सेमिनार आयोजित होंगे। इसके साथ ही 'UPITS ऐप' के जरिए खरीदारों और सेलर्स के बीच प्री-शेड्यूल्ड बी2बी बैठकों की सुविधा दी गई है।सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जनट्रेड शो में वीवीआईपी मूवमेंट और लाखों लोगों की भीड़ को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं:नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर नो एंट्री: 25 से 29 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से रात 11:00 बजे तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और एक्सपो मार्ट के आसपास भारी, मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।वैकल्पिक मार्ग: व्यावसायिक और मालवाहक वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE), जीटी रोड और लालकुआं (गाजियाबाद) की ओर डायवर्ट किया गया है।आम यात्रियों के लिए सलाह: दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी और महामाया फ्लाईओवर के वैकल्पिक रूट और मेट्रो सेवा का उपयोग करने की सलाह दी गई है।यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक प्रोफाइल को नई ऊंचाई दे रहा है, बल्कि स्थानीय कारीगरों के हुनर को ग्लोबल मार्केट में पहचान दिलाने का सबसे मजबूत जरिया बनकर उभरा है।
Chirag Paswan ने पटना में कहा, Paper Leak रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं और इन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। पटना के वेटरनरी ग्राउंड में आयोजित पार्टी के ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम में चिराग पासवान ने बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं के साथ शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास, तकनीक और उद्यमिता जैसे विषयों पर खुला संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस मंच का उद्देश्य युवाओं को अपनी समस्याएं, सुझाव और आकांक्षाएं सीधे रखने का अवसर देना है। चिराग ने युवाओं से कहा, ‘‘मैं यहां केंद्रीय मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े भाई के रूप में आपकी बात सुनने आया हूं।’’संवाद के दौरान युवाओं ने करियर, सरकारी नौकरियों, रोजगार के अवसर, स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), कोडिंग और डिजिटल कौशल से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने बिहार में उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी चर्चा की। पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। युवाओं ने कहा कि वर्षों तक तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों पर ऐसी घटनाओं का गंभीर प्रभाव पड़ता है। इस पर चिराग पासवान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर पैदा करना और उनकी मेहनत के साथ न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासनिक और नीतिगत स्तर पर प्रभावी उपाय किए जाने जरूरी हैं। इस कार्यक्रम में युवाओं ने स्वरोजगार, प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग से जुड़े सुझाव भी दिए, जिन पर चिराग पासवान ने विस्तार से अपनी बात रखी।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते सैन्य तनाव और तेल निर्यातक देशों पर मंडराते हमलों के साए के बीच अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में कच्चे तेल (Crude Oil) की चाल ने विश्लेषकों को हैरान कर दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र यानबु (Yanbu) और ताइफ को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की खबर के बाद शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड में लगभग 3% से 5% का तेज उछाल आया और यह $106.60 प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि, इस गंभीर भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कच्चे तेल की तेजी टिक नहीं सकी और वायदा बाजार में भाव फिसलकर $105 प्रति बैरल के आसपास आ गए।आम तौर पर जब भी सऊदी अरब जैसे दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश के बुनियादी ढांचे पर हमला होता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम आसमान छूने लगते हैं। लेकिन इस बार मिसाइल हमलों की खबरों के बाद भी तेल की कीमतों में ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली और गिरावट का रुख देखने को मिला है। इस अप्रत्याशित ट्रेंड ने भारतीय उपभोक्ताओं और वाहन चालकों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आगामी दिनों में घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम सस्ते हो सकते हैं।हमले के बावजूद क्यों गिरे कच्चे तेल के दाम? जानिए 3 बड़े कारणकमोडिटी और एनर्जी मार्केट एनालिस्ट्स के अनुसार, सऊदी पर हमलों के बाद भी कीमतों पर लगाम लगने और ऊपरी स्तरों से गिरावट आने के पीछे तीन प्रमुख वैश्विक कारण हैं:छह मिसाइलें हवा में इंटरसेप्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित: सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने स्पष्ट किया कि यमन से दागी गई सभी 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया। यानबु तेल रिफाइनरी और रेड सी एक्सपोर्ट टर्मिनल को कोई भौतिक नुकसान नहीं पहुंचा, जिससे तत्काल सप्लाई बाधित होने का डर खत्म हो गया।सऊदी अरब का स्ट्रैटेजिक सप्लाई डायवर्जन: ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर दबाव के बावजूद सऊदी अरामको ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए अपने शिपमेंट्स को बढ़ाकर 29 लाख से 40 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंचा दिया है। वैश्विक बाजार में सऊदी तेल का प्रवाह मजबूत बना हुआ है, जिससे आपूर्ति संकट टल गया।अमेरिका-ईरान कूटनीतिक बातचीत की उम्मीदें: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठकों के दौरान पर्दे के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की निर्बाध आवाजाही को लेकर संभावित शांति समझौते की खबरों ने बाजार से 'वॉर प्रीमियम' (Risk Premium) को काफी हद तक कम कर दिया है।क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?कच्चे तेल में $106 के उच्च स्तर से आई हल्की नरमी के बावजूद भारतीय खुदरा बाजार में तत्काल पेट्रोल और डीजल सस्ता होने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है। इसके पीछे का गणित समझना आवश्यक है:$100 से ऊपर क्रूड का स्तर कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण: भारतीय तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के वित्तीय मॉडल के अनुसार, जब तक ब्रेंट क्रूड $75 से $80 प्रति बैरल के दायरे में नहीं रहता, तब तक खुदरा कीमतों में कटौती की गुंजाइश नहीं बनती। वर्तमान में क्रूड का $100 से $105 के स्तर पर बने रहना रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन पर भारी दबाव डाल रहा है।सरकारी तेल कंपनियों की भरपाई नीति: जब कच्चा तेल अत्यधिक महंगा होता है, तब कंपनियां घरेलू कीमतों को स्थिर रखकर अंडर-रिकवरी (नुकसान) झेलती हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में $2-$3 की मामूली गिरावट का लाभ अंतिम ग्राहकों को देने के बजाय कंपनियां अपने घाटे की भरपाई के लिए इस्तेमाल करती हैं।रुपये की विनिमय दर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये पर बने दबाव के चलते आयातित तेल का बिल ऊंचा बना हुआ है, जिससे खुदरा कीमतों में कटौती की संभावना सीमित हो जाती है।प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल-डीजल की स्थितिदेश के चार बड़े महानगरों में पेट्रोल और डीजल की दरें आज भी पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं:महानगरपेट्रोल (₹ प्रति लीटर)डीजल (₹ प्रति लीटर)स्थितिनई दिल्ली₹94.72₹87.62स्थिरमुंबई₹104.21₹92.15स्थिरकोलकाता₹103.94₹90.76स्थिरचेन्नई₹100.75₹92.34स्थिरउद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान वार्ता सफल होती है और मध्य पूर्व में तनाव शांत होने से ब्रेंट क्रूड टूटकर $85-$90 के नीचे आता है, तभी त्योहारी सीजन में सरकार और तेल कंपनियां उत्पाद शुल्क में रियायत या खुदरा मूल्य में ₹2 से ₹3 प्रति लीटर की राहत देने पर विचार कर सकती हैं। तब तक घरेलू बाजार में मौजूदा कीमतों के ही स्थिर रहने के पूरे आसार हैं।
सेब मीठा है या फीका? खरीदने से पहले 5 आसान तरीकों से करें पहचान
Tips And Tricks To Buy Sweet Apples: बाजार में चमकते लाल सेब देखकर धोखा नहीं खाएं. 150 रुपये किलो वाला सेब भी फीका निकल सकता है. आज हम आपको सेब खरीदने की कुछ आसान टिप्स-ट्रिक्स बताएंगे, जिन्हें जानकर आप हर बार मीठा और रसीला सेब ही खरीदेंगे.
शनि का बड़ा नक्षत्र परिवर्तन, चमकेगी इन 5 राशियों की किस्मत!
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि का 9 अक्टूबर 2026 को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शनि 8 फरवरी 2027 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे. मिथुन, कन्या, वृषभ, मकर और तुला राशि वालों के लिए धन, करियर और पारिवारिक मामलों में बदलाव के संकेत बताए जा रहे हैं. हालांकि कुंडली के अनुसार प्रभाव अलग हो सकता है, इसलिए आर्थिक फैसलों में सावधानी जरूरी रहेगी.
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय सरकारी तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने आज 25 सितंबर 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई दरें जारी कर दी हैं। देवभूमि उत्तराखंड के उपभोक्ताओं और वाहन चालकों के लिए राहत की बात यह है कि राज्य भर के अधिकांश प्रमुख शहरों में आज ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है और दाम मोटे तौर पर स्थिर बने हुए हैं।हालांकि, भौगोलिक विषमताओं और मैदानी क्षेत्रों से पहाड़ी डिपो तक होने वाले ईंधन परिवहन (Transportation/Freight Charges) के चलते राज्य के विभिन्न जिलों में दरों में प्रति लीटर ₹1 से ₹2.50 तक का अंतर देखा जा रहा है। जहां मैदानी जिलों (हरिद्वार और उधम सिंह नगर) में पेट्रोल ₹100 के नीचे या उसके बेहद करीब उपलब्ध है, वहीं अल्मोड़ा, चमोली और उत्तरकाशी जैसे उच्च पर्वतीय जिलों में ग्राहकों को प्रति लीटर अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।उत्तराखंड के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के ताजा भावराज्य के प्रमुख मैदानी और पर्वतीय जिलों में आज 1 लीटर पेट्रोल और डीजल की आधिकारिक दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:जिला / शहर (City)पेट्रोल का रेट (₹ प्रति लीटर)डीजल का रेट (₹ प्रति लीटर)बाजार की स्थिति (Trend)देहरादून (Dehradun)₹100.50 – ₹100.81₹95.93 – ₹95.95स्थिर (No Change)हरिद्वार (Haridwar)₹99.52 – ₹99.62₹95.13राज्य में सबसे सस्तानैनीताल / हल्द्वानी (Nainital)₹99.63 – ₹99.66₹95.20स्थिरअल्मोड़ा (Almora)₹102.16₹97.32स्थिर (उच्चतम स्तर)चमोली (Chamoli)₹101.85 – ₹101.90₹97.10स्थिरपिथौरागढ़ (Pithoragarh)₹100.84 – ₹101.97₹96.20स्थिरउधम सिंह नगर (Rudrapur)₹99.95₹95.30स्थिर(नोट: स्थानीय पेट्रोल पंप डीलरों के कमीशन और आंशिक लोकल सेस के कारण विभिन्न आउटलेट्स पर कीमतों में कुछ पैसों का मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।)देहरादून और अल्मोड़ा के रेट में क्यों है ₹1.50 से ₹2 का फर्क?उपभोक्ताओं के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि एक ही राज्य में होने के बावजूद देहरादून या हरिद्वार के मुकाबले अल्मोड़ा या पिथौरागढ़ में पेट्रोल ₹1.50 से ₹2 महंगा क्यों बिकता है:पहाड़ी रास्तों का फ्रेट चार्ज (Freight Cost): तेल कंपनियों के मुख्य भंडारण डिपो मैदानी इलाकों में स्थित हैं। वहां से भारी टैंकरों के जरिए संकरे, घुमावदार और चढ़ाई वाले रास्तों से अल्मोड़ा या अन्य पहाड़ी जिलों तक ईंधन पहुंचाने में अतिरिक्त डीजल और समय खर्च होता है। यह फ्रेट चार्ज सीधे ईंधन के बेस प्राइस में जोड़ दिया जाता है।सप्लाई चेन और रखरखाव: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और विंटर मेंटेनेंस के चलते स्थानीय डिस्ट्रीब्यूशन लागत मैदानी इलाकों की तुलना में थोड़ी अधिक रहती है।घर बैठे अपने मोबाइल से कैसे चेक करें पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट?तेल विपणन कंपनियां रोजाना सुबह 6:00 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों को संशोधित या अपडेट करती हैं। आप एक साधारण एसएमएस (SMS) भेजकर अपने नजदीकी पेट्रोल पंप का सटीक रेट जान सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL): अपने फोन से RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें।भारत पेट्रोलियम (BPCL): RSP लिखकर 9223112222 पर मैसेज करें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): HPPRICE लिखकर 9222201122 पर एसएमएस भेजें।(डीलर कोड प्रत्येक पेट्रोल पंप की डिस्पेंसिंग मशीन या बिल बोर्ड पर दर्ज रहता है।)
जूनागढ़ में 6 साल की बच्ची को उठा ले गया तेंदुआ, CCTV में कैद घटना
गुजरात के जूनागढ़ से एक बहुत ही दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां अपने घर के बाहर खेल रही एक छह साल की मासूम बच्ची पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया और उसे उठाकर ले गया. यह पूरी खौफनाक घटना वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.
90 के दशक के सुपरस्टार गोविंदा बॉलीवुड में कमबैक करने को तैयार हैं, जिसके चलते वह हाल ही में अपनी फिल्म 'रूपा' की को-स्टार रानी स्वर्णकार के साथ मशहूर लालबागचा राजा पंडाल में दर्शन करने पहुंचे थे, जिसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं.
नई दिल्ली। मॉनसून की वापसी की प्रक्रिया के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने और तेजी से आगे बढ़े गहरे चक्रवाती सिस्टम 'अर्नब' (Deep Depression / Cyclone Arnab System) के जमीनी इलाकों की ओर बढ़ने से देश के बड़े हिस्से में मौसमी गतिविधियों में अचानक तेजी आ गई है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों से टकराने के बाद यह मौसमी तंत्र अब मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के वायुमंडल में भारी मात्रा में नमी पहुंचा रहा है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के परस्पर प्रभाव से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड समेत 15 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली चमकने और झमाझम बारिश के आसार बन गए हैं।'अर्नब' का प्रभाव: दिल्ली-एनसीआर में आज कैसा रहेगा मौसम?राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में सुबह से ही आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन चढ़ने के साथ ही आंशिक बादलों का दायरा बढ़ेगा और दोपहर बाद या शाम के समय 25 से 35 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।बारिश की संभावना: दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बौछारें या गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने का अनुमान है।तापमान: अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने से सुबह और देर रात मौसम सुहावना रहेगा।उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल और बुंदेलखंड में भारी बारिश की चेतावनीउत्तर प्रदेश में 'अर्नब' के इनलैंड मूवमेंट (भीतरी इलाकों में प्रवेश) का सबसे स्पष्ट असर देखने को मिल रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई के क्षेत्रों में मानसूनी बादल एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं:पूर्वांचल और मध्य यूपी (येलो/ऑरेंज अलर्ट): वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र, आजमगढ़, गोरखपुर, अयोध्या और लखनऊ में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी: बांदा, चित्रकूट, झांसी और ललितपुर के इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट और तेज बौछारों की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़, आगरा) में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है।अन्य प्रमुख राज्यों का हाल: बिहार, एमपी और ओडिशा में अलर्टबिहार: पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर समेत दक्षिण और पूर्वी बिहार के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। खुले खेतों में काम करने वाले किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: रीवा, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, बिलासपुर और रायपुर संभागों में सिस्टम की मजबूत सक्रियता के चलते रुक-रुक कर भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है।ओडिशा और आंध्र प्रदेश: हालांकि चक्रवाती सिस्टम तट पार कर चुका है, लेकिन कोरापुट, मलकानगिरी, गंजम और विशाखापट्टनम के अंदरूनी इलाकों में जलभराव और भारी बारिश को लेकर स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है।पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड व हिमाचल): देहरादून, नैनीताल और चमोली जिलों में बादलों के बरसने और ऊंचाई वाले इलाकों में भूस्खलन (Landslide) की आशंका को देखते हुए यात्रियों को संभलकर यात्रा करने की हिदायत दी गई है।आम जनता और किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइंसमौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और अचानक होने वाली तेज बारिश के मद्देनजर लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों, जर्जर दीवारों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।किसानों को सलाह दी गई है कि जिन इलाकों में खरीफ फसलों की कटाई हो चुकी है, वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित गोदामों या शेड्स में ढककर रखें ताकि नमी से अनाज खराब न हो। शहरों में जलभराव वाले निचले अंडरपास से बचकर निकलें और दैनिक यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम बुलेटिन जरूर जांच लें।
स्लीपर बस के बाद ग्रेटर नोएडा की फैक्ट्री में भीषण आग, जलकर राख हुईं गाड़ियां
ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र के धूम मानिकपुर में पेंट बनाने वाली केमिकल फैक्ट्री में रात करीब 2 बजे भीषण आग लग गई. मौके पर पहुंची एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम ने फैक्ट्री में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
बीजिंग। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की दुनिया में जहां देश अपने हितों को साधने के लिए मिसाइलों की ताकत, व्यापारिक प्रतिबंधों, आर्थिक पैकेजों और सामरिक गठबंधनों का सहारा लेते हैं, वहीं चीन के पास एक ऐसा 'सीक्रेट वेपन' है जिसके सामने बड़े-बड़े सुपरपावर देश भी नतमस्तक हो जाते हैं। यह हथियार न तो कोई घातक मिसाइल है और न ही कोई हाई-टेक डिफेंस सिस्टम; यह है चीन का राष्ट्रीय प्रतीक—बांस की टहनियां चबाने वाला गोल-मटोल और मासूम जाइंट पांडा (Giant Panda)।वैश्विक भू-राजनीति में इसे आधिकारिक तौर पर 'पांडा डिप्लोमेसी' (Panda Diplomacy) कहा जाता है। शीत युद्ध (Cold War) के चरम दौर से लेकर आज तक, चीन ने दुनिया के सबसे ताकतवर देशों—चाहे वह अमेरिका हो, सोवियत संघ, ब्रिटेन, फ्रांस या जापान—के साथ अपने बिगड़े संबंधों को सुधारने, नए व्यापारिक समझौते हासिल करने और वैश्विक मंच पर अपनी 'सॉफ्ट पावर' चमकाने के लिए इस जानवर का बखूबी इस्तेमाल किया है। आइए समझते हैं कि जंगलों में शांत रहने वाला यह शाकाहारी जीव वैश्विक कूटनीति का सबसे महंगा और प्रभावी मोहरा कैसे बन गया।पांडा डिप्लोमेसी की शुरुआत: जब माओ ने सोवियत संघ को साधाकूटनीति में जीवित पांडा उपहार में देने की जड़ें सदियों पुरानी तांग राजवंश की कहानियों में मिलती हैं, लेकिन आधुनिक भू-राजनीति में इसका औपचारिक और संगठित इस्तेमाल पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के संस्थापक माओ त्से-तुंग (Mao Zedong) ने शुरू किया था।1957 में सोवियत संघ को तोहफा: 1949 में कम्युनिस्ट चीन के गठन के बाद बीजिंग को अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मान्यता की सख्त दरकार थी। 1957 में सोवियत संघ की बोलशेविक क्रांति की 40वीं वर्षगांठ पर माओ ने मॉस्को चिड़ियाघर को 'पिंग-पिंग' (Ping Ping) नाम का एक विशाल पांडा उपहार में दिया। दो साल बाद 1959 में 'आन-आन' को भी भेजा गया।कम्युनिस्ट खेमे को मजबूत करने का जरिया: यह केवल जानवरों का आदान-प्रदान नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि बीजिंग और मॉस्को वैचारिक रूप से एक-दूसरे के कितने करीब हैं। इसके बाद चीन ने उत्तर कोरिया जैसे करीबी सहयोगियों को भी पांडा भेंट किए।1972: जब पांडा ने पिघलाई अमेरिका और चीन के बीच की बर्फपांडा कूटनीति के इतिहास का सबसे नाटकीय और प्रभावशाली मोड़ फरवरी 1972 में आया। अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन (Richard Nixon) ने शीत युद्ध के तनाव के बीच कम्युनिस्ट चीन का ऐतिहासिक दौरा किया। इस दौरे के दौरान तत्कालीन चीनी प्रधानमंत्री चाउ एन-लाई ने अमेरिकी प्रथम महिला पैट निक्सन को बातचीत के दौरान बातों-बातों में दो पांडा उपहार में देने की पेशकश की।अप्रैल 1972 में, जब 'लिंग-लिंग' और 'ह्सिंग-ह्सिंग' नाम के दो पांडा वाशिंगटन डीसी के नेशनल जू पहुंचे, तो पहले ही दिन उन्हें देखने के लिए 20,000 से अधिक अमेरिकी नागरिकों की लंबी कतार लग गई। पहले साल में ही 10 लाख से अधिक लोगों ने इन पांडाओं को देखा। अमेरिकी जनता के दिल में चीन के प्रति जमी नफरत और खौफ को इन मासूम जानवरों ने कुछ ही महीनों में दूर कर दिया। अमेरिका ने इसके जवाब में चीन को दो कस्तूरी बैल (Musk Oxen) भेजे थे। इसी ऐतिहासिक घटना के बाद दुनिया ने समझा कि पांडा सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि वैश्विक जनमत (Public Perception) को बदलने का सबसे बड़ा औजार है।तोहफे से 'करोड़ों के किराये' का मॉडल: चीन ने कैसे बनाया अरबों डॉलर का धंधा?1980 के दशक तक चीन पांडा को पूरी तरह मुफ्त उपहार के रूप में देता था, लेकिन देश में शुरू हुए आर्थिक सुधारों (डेंग जियाओपिंग के दौर) और पांडा की घटती आबादी को देखते हुए 1984 में चीन ने अपनी पांडा नीति में बहुत बड़ा बदलाव किया। अब पांडा 'गिफ्ट' नहीं, बल्कि 'लीज' (Lease / Rent) पर दिए जाने लगे:सालाना 10 लाख डॉलर का भारी किराया: विदेशी चिड़ियाघरों को एक पांडा जोड़े के लिए चीन को प्रति वर्ष लगभग 10 लाख डॉलर (करीब ₹8.3 करोड़ रुपये) का किराया देना पड़ता है। यह लीज आमतौर पर 10 से 15 साल के लिए होती है।सख्त मेडिकल और मेंटेनेंस शर्तें: पांडा को रखने के लिए विदेशी जू को करोड़ों डॉलर खर्च करके विशेष इनडोर वेदर-कंट्रोल्ड बाड़े बनाने होते हैं और हर हफ्ते ताजे बांस की आपूर्ति के लिए भारी खर्च करना पड़ता है।विदेश में जन्मे बच्चों पर भी चीन का मालिकाना हक: अनुबंध के तहत नियम बेहद कड़ा है—यदि किसी विदेशी चिड़ियाघर में पांडा का कोई बच्चा जन्म लेता है, तो उस बच्चे की नागरिकता और मालिकाना हक केवल चीन के पास रहेगा। 4 साल की उम्र पूरी होते ही उस शावक को चीन की ब्रीडिंग फैसिलिटी में वापस भेजना अनिवार्य होता है।मौत पर भारी जुर्माना: यदि किसी विदेशी जू में उचित देखभाल के अभाव में किसी पांडा की मौत हो जाती है, तो उस देश को चीन को 5 लाख डॉलर तक का जुर्माना और स्पष्टीकरण देना पड़ता है।यूरेनियम से लेकर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: पांडा के पीछे के गुप्त सौदेऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में खुलासा हुआ था कि चीन केवल उन्हीं देशों को पांडा लीज पर देता है, जिनके साथ वह कोई बड़ा रणनीतिक या व्यापारिक समझौता कर रहा होता है:देशवर्षपांडा की लीजपृष्ठभूमि / गुप्त व्यापारिक फायदाऑस्ट्रेलिया2009वांग वांग और फुनीचीन को ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम की आपूर्ति और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA)कनाडा2013एर शुन और दा माओमल्टी-बिलियन डॉलर का तेल और गैस ट्रांस-पैसिफिक निवेश समझौताफ्रांस2012हुआन हुआन और युआन जीफ्रांस की परमाणु ऊर्जा कंपनी अरेवा (Areva) के साथ मल्टी-बिलियन यूरो डीलमलेशिया2014फू वा और फेंग यीदक्षिण चीन सागर विवाद के बीच मलेशिया के साथ कूटनीतिक संबंध प्रगाढ़ करनाजब नाराज होकर चीन ने वापस बुला लिए अपने पांडाजिस तरह चीन अपने दोस्तों को खुश करने के लिए पांडा भेजता है, ठीक उसी तरह जब कोई देश चीन की लाल रेखा (Red Lines) को पार करता है, तो बीजिंग अपने पांडा वापस बुलाकर अपनी नाराजगी जाहिर करता है:अमेरिका के साथ जब बढ़ा तनाव: अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर और ताइवान के मुद्दे पर जब दोनों देशों में तल्खी बढ़ी, तो चीन ने अमेरिका के कई चिड़ियाघरों के लीज एग्रीमेंट को रिन्यू करने से इनकार कर दिया और पांडाओं को वापस बीजिंग बुला लिया। जब अमेरिकी जू से पांडा विदा हुए, तो इसे दोनों देशों के बिगड़ते रिश्तों का स्पष्ट कूटनीतिक संकेत माना गया।दलाई लामा और यूरोपीय देशों का विवाद: 2010 के आसपास जब कुछ पश्चिमी देशों के नेताओं ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से मुलाकात की थी, तो चीन ने उन देशों के साथ पांडा समझौतों को या तो अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया या रद्द करने की धमकी दी।चीन ने बेहद खूबसूरती से जीवविज्ञान और सॉफ्ट-पावर कूटनीति का ऐसा संगम तैयार किया है, जिसकी मिसाल दुनिया के किसी अन्य देश में नहीं मिलती। बांस चबाने वाला यह मासूम जीव पर्दे के पीछे अरबों डॉलर की संधियां कराता है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन की छवि को एक आक्रामक सैन्य महाशक्ति से बदलकर एक दोस्ताना देश के रूप में पेश करने में सबसे आगे खड़ा नजर आता है।
ये है दुनिया का सबसे बड़ा हॉस्टल, रहते हैं US नेवी के ट्रेनी
यूएस नेवी के मैरीलैंड स्थित बैंक्रॉफ्ट हॉल दुनिया का सबसे बड़ा हॉस्टल है, जिसमें 1400000 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल, 1639 कमरे और 4600 से अधिक छात्र हैं. यह हॉस्टल 7 किलोमीटर लंबे गलियारों के साथ फैला हुआ है और इसका अपना ZIP कोड भी है. यहां मेडिकल क्लिनिक, जिम, पोस्ट ऑफिस, मेस और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं. जानिए इसे किसने बनाया?
नई दिल्ली। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गाजे-बाजे और अपार उत्साह के साथ घर-घर व भव्य पंडालों में पधारे प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की विदाई की पावन बेला आ गई है। 10 दिनों तक भक्तों के दुख हरने और रिद्धि-सिद्धि का वरदान देने के बाद, अनंत चतुर्दशी के महापर्व पर श्रद्धालु भारी मन और नम आंखों से बप्पा को विदा करते हैं। चारों तरफ केवल एक ही गूंज सुनाई दे रही है—गणपति बप्पा मोरया, पुढ़च्या वर्षी लवकर या (गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ)।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत की रचना के लिए महर्षि वेदव्यास जी के आग्रह पर भगवान गणेश ने लगातार 10 दिनों तक बिना रुके महाभारत महाकाव्य का लेखन किया था। लगातार लिखने के कारण उनके शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ गया था। 10वें दिन यानी अनंत चतुर्दशी पर वेदव्यास जी ने बप्पा को शीतल जल (सरस्वती नदी) में स्नान कराकर उनका ताप शांत किया था। इसी स्मृति में हर वर्ष 10 दिनों की सेवा के बाद गणेश प्रतिमा का जल में विसर्जन करने की परंपरा है। विसर्जन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक पवित्र अनुष्ठान है। यदि विदाई शास्त्रों में बताए गए नियमों और मर्यादा के साथ न की जाए, तो 10 दिनों की पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।गणेश विसर्जन की शास्त्रसम्मत संपूर्ण विधि: स्टेप-बाई-स्टेप गाइडबप्पा को विदा करने से पहले घर या पंडाल में विधिवत पूजन करना अनिवार्य होता है। विसर्जन की सही वैदिक प्रक्रिया इस प्रकार है:प्रातः षोडशोपचार पूजा व भोग: विसर्जन वाले दिन सुबह स्नान कर बप्पा की अंतिम दैनिक पूजा करें। उन्हें रोली, चंदन, अक्षत, दूर्वा, ताजे लाल फूल और जनेऊ अर्पित करें। बप्पा को उनके प्रिय मोदक, बेसन के लड्डू, पंचमेवा और ऋतुफलों का भोग लगाएं।कर्पूर आरती और क्षमा प्रार्थना: पूरे परिवार के साथ मिलकर गणेश जी की महाआरती गाएं। आरती के बाद हाथ जोड़कर जाने-अनजाने 10 दिनों की सेवा में हुई किसी भी भूल या त्रुटि के लिए क्षमा मांगें—हे विघ्नहर्ता! हम अज्ञानी हैं, हमारी सेवा को स्वीकार करें और परिवार पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।चौकी/पाटा हिलाना (प्रस्थान संकल्प): पूजा संपन्न होने के बाद बप्पा जिस लकड़ी की चौकी (पाटा) पर विराजमान हैं, उसे दाहिने हाथ से थोड़ा सा आगे की ओर सरकाएं या हिलाएं। इसे देव प्रतिमा का 'उत्थापन' (प्रस्थान) कहा जाता है। इसका अर्थ है कि अब बप्पा ने विदाई की अनुमति दे दी है।पाथेय (रास्ते का प्रसाद) बांधना: जिस तरह हम किसी अपने को यात्रा पर भेजते समय रास्ते के लिए भोजन-पानी देते हैं, ठीक उसी तरह एक साफ पीले या लाल कपड़े में 5 लड्डू/मोदक, थोड़ी दूर्वा, सुपारी, अक्षत और दक्षिणा (सिक्का) बांधकर बप्पा की प्रतिमा के साथ रखें।विसर्जन मंत्र का उच्चारण: प्रतिमा को आदरपूर्वक दोनों हाथों से उठाकर विसर्जन स्थल (पवित्र नदी, सरोवर या घर में इको-फ्रेंडली टब) की ओर ले जाएं और इस मंत्र का जाप करते रहें:'गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ स्वस्थाने परमेश्वर। यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे॥'(अर्थ: हे देवताओं में श्रेष्ठ परमेश्वर! आप अपने परम धाम को पधारें और मेरे द्वारा की गई इस पूजा को पूर्णता प्रदान करें।)आदरपूर्वक जल समाधि: विसर्जन स्थल पर पहुंचकर बप्पा का मुख अपनी ओर रखें और धीरे-धीरे उन्हें जल में प्रवाहित करें।विसर्जन के दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियांधार्मिक मान्यता है कि विदाई के समय की गई छोटी सी लापरवाही भी वास्तु दोष और अमंगल का कारण बन सकती है:1. प्रतिमा को पानी में फेंकना सख्त वर्जित: कई लोग जल्दबाजी में या दूर से ही मूर्ति को नदी, नहर या तालाब में उछाल या फेंक देते हैं। ऐसा करना भगवान का घोर अपमान माना जाता है। पानी में उतरकर या किनारे पर झुककर मूर्ति को अत्यंत आदर और सहजता से जल में धीरे-धीरे डुबोएं।2. राहुकाल में विसर्जन का शुभारंभ: पंचांग देखकर ही विसर्जन यात्रा शुरू करें। दिन के राहुकाल के समय प्रतिमा को चौकी से उठाना या विसर्जित करना अशुभ माना जाता है। हमेशा शुभ, लाभ, अमृत या चर चौघड़िया मुहूर्त में ही यात्रा निकालें।3. काले और नीले वस्त्र पहनना: विसर्जन कोई शोक का समय नहीं, बल्कि उत्सव की विदाई है। इस दिन काले, नीले या मैले वस्त्र पहनने से बचें। लाल, पीले, नारंगी या पारंपरिक श्वेत-केसरिया वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है।4. हवन सामग्री और निर्माल्य को कूड़े में फेंकना: 10 दिनों तक चढ़ाई गई दूर्वा, फूल, माला और कलश का नारियल कभी भी सामान्य कूड़ेदान में न डालें। इसे 'निर्माल्य' कहा जाता है। इसे या तो प्रतिमा के साथ जल में प्रवाहित करें या घर के गमले में मिट्टी के नीचे दबाकर जैविक खाद बना लें।5. कलश के जल को नाली में बहाना: गणेश स्थापना के समय जो मंगल कलश स्थापित किया जाता है, उसके पवित्र जल को कभी भी सिंक या नाली में न बहाएं। इस जल में आम के पत्तों से पूरे घर में छिड़काव करें ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर हो, और शेष जल को तुलसी या किसी पवित्र पौधे में अर्पित कर दें।इको-फ्रेंडली विसर्जन: घर पर कैसे दें पर्यावरण-सम्मत विदाई?यदि आपके घर में मिट्टी (शाडू माटी) से बने इको-फ्रेंडली गणपति बप्पा स्थापित हैं, तो नदियों और जलाशयों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए सबसे श्रेष्ठ उपाय है 'होम विसर्जन':घर की बालकनी या आंगन में एक साफ बड़ा टब या बाल्टी लें और उसे गंगाजल मिश्रित शुद्ध पानी से भरें।बप्पा की प्रतिमा को उसमें धीरे-धीरे रखें। कुछ ही घंटों में मिट्टी पूरी तरह पानी में घुल जाएगी।इसके बाद उस पवित्र मिट्टी और जल को घर के गमलों या बगीचे के पौधों (जैसे तुलसी, अपराजिता या शमी) में डाल दें। इस तरह बप्पा आपके घर में ही प्रकृति और हरियाली के रूप में सदा वास करेंगे।बप्पा की यह विदाई एक नए इंतजार की शुरुआत है। विघ्नहर्ता से यही प्रार्थना की जाती है कि वे जाते-जाते घर के सारे संकट, रोग, दरिद्रता और क्लेश अपने साथ ले जाएं और परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की सौगात छोड़ जाएं।
यूक्रेन के कीव और खारकीव पर रूस का बड़ा हमला, देखें दुनिया आजतक
यूक्रेन की राजधानी कीव समेत खारकीव पर रूस ने बड़ा हमला किया. कीव में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि खारकीव में 6 लोग मारे गए. हमले में इमारतों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा. बुनियादी ढांचों समेत रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया. देखें दुनिया आजतक.

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