'कांग्रेस की देन है देश का बंटवारा', स्वंत्रता दिवस से पहले बोले अमित शाह
केंद्र सरकार 2021 से हर साल 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मना रही है. इसका उद्देश्य देश के विभाजन के दौरान दंगों में जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों को याद करना है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में शाह ने कहा कि 14 अगस्त, 1947 इतिहास के सबसे क्रूर अध्यायों में से एक का साक्षी रहा है.
मेरा बच्चा बीमार है...इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल हुई तो महिला ने कन्वेयर बेल्ट पर चढ़कर किया हंगामा
भुवनेश्वर के बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट (BPIA) पर एक महिला यात्री ने कथित तौर पर ₹49,000 की संपत्ति को नुकसान पहुँचाया, जिसके बाद अधिकारियों ने उसके खिलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कोलकाता जाने वाली इंडिगो की एक फ़्लाइट तकनीकी खराबी के कारण रद्द होने के बाद, ममोनी खरात नाम की एक यात्री के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई। उस पर एयरपोर्ट के डिपार्चर लाउंज में हंगामा करने, एयरपोर्ट की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुँचाने और बदतमीज़ी करने का आरोप है। एयरफ़ील्ड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, यात्री को इंडिगो की फ़्लाइट 6E 7352 से कोलकाता जाना था। शिकायत में कहा गया है कि सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स (CISF), इंडिगो और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के अधिकारियों की मौजूदगी में यात्री आपा खो बैठीं। यह घटना कथित तौर पर गुरुवार शाम करीब 6 बजे हुई। इसे भी पढ़ें: Kathmandu Airport पर सुरक्षा घेरा तोड़ भागने की कोशिश, 18kg Thai Marijuana के साथ Punjab के दो तस्कर काबू सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें कथित तौर पर यात्री का एयरपोर्ट पर बदतमीज़ी भरा व्यवहार दिख रहा था और यह वीडियो तेज़ी से वायरल हो गया। इस फुटेज में फ़्लाइट कैंसिल होने के बाद तीखी बहस और एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को कथित तौर पर नुकसान पहुँचाए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। इंडिगो ने एक बयान में कहा 13 अगस्त, 2026 को भुवनेश्वर से कोलकाता के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ़्लाइट 6E 7352 को तकनीकी खराबी के कारण कैंसिल कर दिया गया। यह खराबी विमान के उड़ान भरने से पहले की अनिवार्य जांच के दौरान पता चली थी। हमें अपने ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए खेद है और हमने इसे कम करने की पूरी कोशिश की, जिसमें उन्हें नियमित अपडेट, रिफ्रेशमेंट, रहने की व्यवस्था और यात्रा के वैकल्पिक विकल्प या लागू होने पर पूरा रिफंड देना शामिल है। इसे भी पढ़ें: IGI Airport पर 10 करोड़ का गांजा जब्त, फुकेत से आए दो यात्री हिरासत में लिए गए AAI का आरोप है कि यात्री ने एक मॉनिटर, एक कीबोर्ड और एक पासपोर्ट-स्वाइपिंग मशीन को नुकसान पहुँचाया, जिससे लगभग ₹49,000 का नुकसान हुआ। इंडिगो के प्रवक्ता ने आगे कहा इस दौरान, एयरपोर्ट की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले एक यात्री को 'अनियंत्रित' (unruly) घोषित किया गया और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दिया गया। हम अपने ग्राहकों के धैर्य और समझदारी के लिए उनका धन्यवाद करते हैं। इंडिगो में हमारे ग्राहकों और क्रू की सुरक्षा और आराम हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। Passengers at Bhubaneswar Airport were left stranded after an IndiGo flight scheduled to depart at 2:35 PM was reportedly cancelled at around 5:30 PM, several hours after the scheduled departure time, yesterday. They were not given timely information about the cancellation and,… pic.twitter.com/pGXPT8FOP3 — Srikanth Bhalaji (@SBhalaji94) August 14, 2026 pt>
पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को भीड़ ने किया हमला, RG कर रेप केस को लेकर फूटा गुस्सा
आरजी कर मेडिकल कॉलेज की ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर मामले में पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी के बाद भीड़ ने उन्हें पुलिस सुरक्षा के बावजूद हमला किया. उन्हें जूतों की माला पहनाई. अंडे और कीचड़ से उनपर हमला किया.
100 करोड़ वसूलने का प्लान, JPSC परीक्षा धांधली मामले में चौंकाने वाले खुलासे
14वीं JPSC परीक्षा में सेटिंग का पूरा रेट कार्ड तैयार था... और अगर ये खुलासे जांच में सही साबित होते हैं तो करोड़ों के इस रैकेट की तस्वीर बेहद चौंकाने वाली है. सामान्य और OBC कैटेगरी के अभ्यर्थियों से अंतिम चयन के लिए एक करोड़ रुपये जबकि SC-ST अभ्यर्थियों के लिए 80 लाख रुपये का रेट तय किया गया था. करीब 100 करोड़ रुपये वसूलने की तैयारी थी. देखें...
नीतीश कुमार से मिले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विकास कार्यों के बारे में दी जानकारी
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। खबरों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच यह बैठक करीब आधे घंटे तक चली। बैठक के दौरान JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के साथ हुई मुलाकात की तस्वीरें अपने X अकाउंट पर शेयर कीं और बताया कि उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शिष्टाचार भेंट की। इसे भी पढ़ें: PM Modi पर टिप्पणी Rahul Gandhi की हताशा! BJP बोली - वे चुने हुए नेता, आप वंशवादी राजनीति की देन सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के साथ अपनी मुलाक़ात की तीन तस्वीरें शेयर कीं। एक तस्वीर में नीतीश कुमार सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखे हुए दिख रहे हैं और दूसरी तस्वीर में भी नीतीश कुमार सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखे हुए दिखाई दे रहे हैं। तीसरी तस्वीर में नीतीश कुमार कुर्सी पर बैठे हैं और मुख्यमंत्री उनके सामने बैठे हुए हैं। इस बैठक के दौरान, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अन्य मामलों पर भी अपडेट दिए। संभावना है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 15 अगस्त, यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कुछ अहम घोषणाएं करेंगे। बैठक के दौरान, उन्होंने नीतीश कुमार को इन प्रस्तावित घोषणाओं और सरकार की आगामी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। यह भी माना जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन के दौरान सरकार विकास और जन-कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती है। नीतीश कुमार को इन घोषणाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसे भी पढ़ें: शिवकुमार Cabinet में एक भी महिला मंत्री नहीं, Congress के खिलाफ बीजेपी का विरोध प्रदर्शन इस बीच, शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हवेली खड़गपुर में तिरंगा रैली को हरी झंडी दिखाई और स्वतंत्रता दिवस से पहले 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने हवेली खड़गपुर के अंबेडकर चौक पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी और राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
RG Kar case में Barrackpore Police की सराहना, पूर्व विधायक निर्मल घोष गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर अस्पताल की चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या से जुड़े कथित ‘‘अंतिम संस्कार घोटाले’’ के मामले में पानीहाटी के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक निर्मल घोष समेत दो लोगों को गिरफ़्तार करने पर शुक्रवार को बैरकपुर पुलिस आयुक्त की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों को पड़ोसी राज्यों से गिरफ़्तार किया गया। शुभेंदु ने अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक फ़ुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि भाजपा सांसद अनंत महाराज ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में ‘‘अनुचित’’ टिप्पणी से जुड़ा अपना फ़ेसबुक पोस्ट हटा दिया है और उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय हस्तियों के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वह एक वरिष्ठ नागरिक हैं और उन्होंने अपनी टिप्पणी वापस ले ली है। मैं इसे एक सकारात्मक कदम मानता हूँ, लेकिन मुझे फिर से यह कहना होगा कि उन्होंने अनुचित टिप्पणी की थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘अनंत महाराज को पिछली सरकार ने ‘बंग विभूषण’ पुरस्कार दिया था। हमने उनसे यह पुरस्कार वापस ले लिया है। हमने पांच लोगों को गिरफ़्तार किया और 282 फ़ेसबुक पोस्ट हटाए गए। इस मामले में कुल छह प्राथमिकी दर्ज की गईं। कूचबिहार में अनंत महाराज के ख़िलाफ़ दर्ज प्राथमिकी के बारे में पूछे जाने पर शुभेंदु ने कहा, ‘‘कानून अपना काम करेगा।’’आरजी कर मामले के संबंध में शुभेंदु ने कहा कि तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और कथित घोटाले में शामिल लोगों का चिकित्सा पंजीकण रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘उसके पिता की शिकायत पर बैरकपुर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा है और बाकी फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’’घोष को बृहस्पतिवार को ओडिशा के बालासोर में एक ठिकाने से गिरफ़्तार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इस मामले में शामिल होने के संदिग्ध पुलिस अधिकारियों को संरक्षण दिया था। पुलिस के अनुसार, घोष को संबंधित महिला चिकित्सक का ‘‘जल्दबाजी में अंतिम संस्कार’’ करने में के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2024 में महिला चिकित्सक के साथ कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बलात्कार किया गया था और फिर उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बताया कि घोष को सबूत मिटाने, आपराधिक साजिश रचने और किसी को उसकी मर्जी के खिलाफ कोई काम करने के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पानीहाटी के पूर्व विधायक को 9 अगस्त 2024 की शाम अस्पताल में देखा गया था और उसी दिन संबंधित चिकित्सक का शव मिला था। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य संदीप घोष के साथ भी कथित तौर पर बैठक की थी, जिन्हें बाद में गिरफ़्तार कर लिया गया था। इसके बाद उन्हें उस शव वाहन के साथ देखा गया था जो शव को श्मशान घाट ले जा रहा था। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि आरोपी उसके घर भी मौजूद थे जहाँ शव को सबसे पहले लाया गया था, और उन्होंने परिवार पर दबाव डाला कि वे शव को जल्द से जल्द श्मशान ले जाएँ, जबकि परिवार ऐसा नहीं करना चाहता था। घोष के बेटे तीर्थंकर को चुनाव बाद हुई हिंसा और जबरन वसूली में शामिल होने के आरोप में 13 जुलाई को गिरफ़्तार किया गया था।
प्रेमी संग रंगरेलियां मना रही थी मां, बेटी ने रंगेहाथ पकड़ा तो...
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में ममता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. यहां एक मां ने प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देखे जाने पर पोल खुलने के डर से अपनी ही 13 साल की बेटी का रेप करवा दिया. कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
इन 4 लोगों से शेयर न करें अपनी कमाई और समस्याएं, उठा लेंगे फायदा!
Chanakya Niti: चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि जीवन में सतर्कता और संयम बहुत जरूरी है. अपनी कमाई, धन और व्यक्तिगत परेशानियों को हर किसी के साथ बांटने से बचना चाहिए.
सिर्फ 10 मिनट में बनाएं ये 4 प्रोटीन से भरपूर ब्रेकफास्ट! रहेंगे एनर्जेटिक
सुबह की भागदौड़ में अक्सर लोग ब्रेकफास्ट स्किप कर देते हैं या अनहेल्दी खा लेते हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. जानिए ऐसे 5 टेस्टी और हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट ऑपशंस, जो सिर्फ 10 मिनट में तैयार हो जाएंगे और आपको दिनभर एनर्जेटिक रखेंगे.
अंटू मिश्रा ने हाथ जोड़कर मायावती से क्यों मांगी माफी! क्या अब बीजेपी में जाएंगे?
मायावती के ट्वीट से पार्टी से निकाले जाने के बाद अंटू मिश्रा ने कहा कि उन्हें अब तक अपनी गलती की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि वह हमेशा बहन जी के वफादार रहे हैं और आज भी उन्हें अपना नेता मानते हैं. अंटू मिश्रा ने कहा कि वह अब BSP में वापस नहीं जाएंगे.
EPFO Higher Pension: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत ज्यादा पेंशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए सरकार ने अहम जानकारी दी है। लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि EPS के तहत उच्च पेंशन (Higher Pension) ...
Lucknow में सर्वोदय विद्यालय के छात्रों का फूटा गुस्सा
लखनऊ के मोहान रोड स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में अव्यवस्थाओं से नाराज सैकड़ों छात्रों ने शुक्रवार को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. छात्रों ने हॉस्टल के खाने में खराब गुणवत्ता और कीड़े मिलने, स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और शिक्षकों की कमी का आरोप लगाया. प्रदर्शन के कारण सड़क पर जाम लग गया. सूचना पर मंत्री असीम अरुण और प्रमुख सचिव अनुराग यादव पहुंचे और छात्रों को जल्द समाधान का भरोसा देकर प्रदर्शन खत्म कराया.
Chamoli tunnel दुर्घटना में 7 कर्मचारियों की मौत, 3 अन्य की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
उत्तराखंड के चमोली जिले में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में पानी एवं मलबा घुसने से सात लोगों की मौत हो गई है तथा तीन लापता लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन. के. जोशी ने बताया कि हादसे के समय सुरंग में कुल 22 कर्मचारी मौजूद थे।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की शुक्रवार सुबह नौ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार रात भर चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान सुरंग से 19 लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से सात लोगों की मौत हो गई और तीन लापता लोगों की तलाश जारी है।अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान टिहरी गढ़वाल निवासी प्रदीप पंवार (31), चमोली निवासी मुकेश सिंह, उत्तर प्रदेश निवासियों दुर्गा शर्मा, विजय हंसदा और जितेंद्र कुमार तथा छत्तीसगढ़ निवासियों लोकेश्वर एवं भुनेश्वर के रूप में हुई है।लापता लोगों की पहचान झारखंड निवासी लुकास टोपनो तथा छत्तीसगढ़ निवासियों चेतन पोयाम और देवनाथ के रूप में हुई है।अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे मायापुर (पीपलकोटी) स्थित परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। भूस्खलन के कारण सुरंग में पानी और मलबा भर गया था, जिससे वहां काम कर रहे लोग फंस गए थे।रिपोर्ट के अनुसार, घायलों में शामिल सुनील दीवान, हारबिल गुड़िया, कमड़ा, निरस्तर भिंगरा, विनोद रावना, दीना बेगरा, खेला राम बिसरा, सुबेग सिंह, तिलकराज और पेन सिंह का गोपेश्वर स्थित जिला चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है।इनमें हारबिल गुड़िया, कमड़ा, निरस्तर भिंगरा, विनोद रावना, दीना बेगरा और खेला राम बिसरा झारखंड के, सुबेग सिंह पंजाब के, तिलकराज हिमाचल प्रदेश के तथा सुनील दीवान और पेन सिंह छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।बिहार निवासी रोहित पांडे को बेहतर उपचार के लिए पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल भेजा गया है, जबकि पश्चिम बंगाल निवासी गोविन्दो मंडल को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग के दल घायलों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे हैं।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), पुलिस तथा अन्य तकनीकी एवं विशेषज्ञ दल राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हैं। सुरंग में मलबा और पानी भरा होने के कारण अभियान बेहद सावधानी और आपसी समन्वय के साथ चलाया जा रहा है।गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने कहा कि लगातार हो रही बारिश से बचाव अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि अभियान सफल होगा।उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘जिस स्थान पर मलबा जमा हुआ है, वहां पानी भर गया है और मशीनों की मदद से उसे तेजी से बाहर निकाला जा रहा है। लगातार बारिश होने से अभियान में कुछ चुनौतियां आ रही हैं... हमने अभियान के लिए एक निश्चित क्षेत्र चिह्नित किया है, जहां हर एक वर्ग मीटर की बेहद सावधानी से जांच की जा रही है।’’इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार घटनास्थल पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। बाद में उन्होंने चमोली के जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की।अधिकारियों ने कहा कि धामी ने राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण करने के बाद चमोली के डीएम गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुरंग के अंदर गए बचाव अभियान में जुटीं विभिन्न टीमों से आवश्यक जानकारी ली।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए।अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस समेत सभी बचाव टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए सुरंग में फंसे शेष तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी गौरव कुमार घटनास्थल पर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश के लिए सभी आवश्यक संसाधनों और तकनीकी सहायता का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इस घटना ने नवंबर 2023 में उत्तरकाशी जिले की निर्माणाधीन सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग में हुए हादसे की याद ताजा कर दी। उस समय 12 नवंबर को सुरंग का एक हिस्सा ढहने से 41 मजदूर अंदर फंस गए थे। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से करीब 17 दिन तक व्यापक बचाव अभियान चलाया था। सभी 41 मजदूरों को 28 नवंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
Pinarayi Vijayan ने Mines Bill का विरोध किया, केरल सरकार से SC जाने की मांग की
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने शुक्रवार को केंद्र के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि यह विधेयक संविधान के संघीय सिद्धांतों का उल्लंघन करता है और खनिज संसाधनों पर राज्यों के अधिकारों को कमजोर करता है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य राज्य सरकारों को खनन अधिकारों और खनिज संसाधनों वाली भूमि पर अतिरिक्त कर या उपकर लगाने से रोकना है। उन्होंने इसे राज्यों के हितों में ‘‘हस्तक्षेप’’ करार दिया। उन्होंने कहा कि भूमि और उसके संसाधन संविधान की सातवीं अनुसूची की प्रविष्टि 18 के तहत राज्य सूची के विषय हैं और आरोप लगाया कि उन पर केंद्र का नियंत्रण संविधान का उल्लंघन है। विजयन ने केरल की संयुक्त लेाकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार से कहा कि वह संशोधित प्रावधानों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करे, क्योंकि उनके अनुसार ये प्रावधान संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सवाल यह है कि क्या केरल सरकार संघवाद और राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र के खिलाफ रुख अख्तियार करने के लिए तैयार है?’’विजयन ने यह आरोप भी लगाया कि यह संशोधन केंद्र की उस ‘‘साजिश’’ का हिस्सा है, जिसके तहत देश के बहुमूल्य खनिज संसाधनों को निजी एकाधिकार वाली कंपनियों को सौंपा जाना है। उनके अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दुर्लभ खनिजों के खनन को निजी क्षेत्र के लिए खोलना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर करना और कॉरपोरेट कंपनियों को भारी मुनाफा कमाने में मदद करना है। उन्होंने विधेयक का जोरदार विरोध करने का आह्वान किया। विजयन ने केरल की यूडीएफ सरकार पर केंद्र की निजीकरण नीतियों का ‘‘समर्थन’’ करने का भी आरोप लगाया। विजयन ने कथित निजीकरण के एजेंडे को केरल के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम केरल मिनरल्स एंड मेटल्स लिमिटेड (केएमएमएल) को कमजोर करने की कोशिशों से भी जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि केएमएमएल को निजी कंपनियों से अधिक कीमतों पर अपनी मासिक जरूरत से दोगुने से भी ज्यादा कच्चा माल खरीदने के लिए मजबूर करना संदिग्ध है। विजयन ने कहा, ‘‘जो संस्थान खुद खनन कर सकता है और मुनाफे में चल सकता है, उसका गला घोंटा जा रहा है ताकि निजी एकाधिकार वाली कंपनियों को भारी लाभ कमाने का मौका मिल सके।’’उन्होंने आरोप लगाया कि केएमएमएल को धीरे-धीरे बंद करके उसकी जगह निजी कंपनियों को लाने की एक सोची-समझी चाल है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशों का विरोध किया जाना चाहिए। हाल ही में, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा था कि राज्य सरकार संशोधन विधेयक का विरोध करेगी।
Yogi Adityanath ने शिवपाल के बयान पर कसा तंज, कहा- SP आजम खान के जरिये दंगा भड़काना चाहती है
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के इस बयान पर शुक्रवार को तंज कसा कि सपा के सत्ता में आने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा। आदित्यनाथ ने कहा, “आज सपा उन्हीं (आजम खान) की वकालत करती है जिन्होंने देश की स्वतंत्रता का विरोध करने और भारत के विभाजन का पक्ष लेने वाले एक व्यक्ति (मोहम्मद अली जौहर) के नाम पर एक विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रयास किया।”उन्होंने कहा कि सपा ने घोषणा की है कि यदि वह सत्ता में आई तो उन्हें गृह मंत्री बनाएंगे। वे फिर से दंगा भड़काना चाहते हैं।”आदित्यनाथ विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। बुधवार को यादव ने कहा था कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उनकी पार्टी की सरकार बनी तो जेल में बंद राज्य के पूर्व मंत्री आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा। यादव ने बुधवार को रामपुर की जिला जेल में आजम खान और उनके छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम खान से मुलाकात की थी।
उत्तर प्रदेश में 2027 और मध्य प्रदेश में 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी
स्ट्रीट डॉग्स पर बॉम्बे HC सख्त, 'पहले नसबंदी से रोको आबादी, फिर बाकी विवाद'
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या रोकने के लिए Animal Birth Control यानी ABC कार्यक्रम को आक्रामक तरीके से लागू करने को कहा. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे ने कहा कि नसबंदी से कुत्तों की आबादी में आगे बढ़ोतरी रुक सकती है. इससे रेबीज नियंत्रण और कुत्तों को खिलाने की समस्या से निपटना आसान होगा.
PM Modi पर टिप्पणी Rahul Gandhi की हताशा! BJP बोली - वे चुने हुए नेता, आप वंशवादी राजनीति की देन
बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति का मज़ाक उड़ाने वाले बयानों के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने उन पर असभ्य और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और विपक्ष के नेता के पद की गरिमा बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने गुरुवार को 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन' में बोलते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने पीएम मोदी की विदेश नीति पर तंज कसते हुए कहा कि यह नीति विदेशी नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित है। साथ ही, उन्होंने बीजेपी-आरएसएस को जोकरों का झुंड बताया और कहा कि उन्हें भारत की कोई समझ नहीं है। इसे भी पढ़ें: शिवकुमार Cabinet में एक भी महिला मंत्री नहीं, Congress के खिलाफ बीजेपी का विरोध प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन्हें समझदार बनने की सलाह दी और कांग्रेस नेता पर प्रधानमंत्री को निशाना बनाकर भारत के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया। जोशी ने कहा कि राहुल गांधी, आप कब समझदार बनेंगे? भारत को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की ज़रूरत होती है, न कि नौसिखिया ड्रामेबाज़ी की। लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना यह साबित करता है कि आप इस मामले को समझने की क्षमता नहीं रखते। उन्होंने PM मोदी के चुने हुए नेता होने का बचाव करते हुए राहुल गांधी के राजनीतिक बैकग्राउंड की भी आलोचना की। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री एक चुने हुए नेता हैं। राहुल गांधी और उनके परिवार के उलट, वे किसी पदानुक्रम (hierarchy) से ऊपर नहीं आए, और न ही वे पारिवारिक विरासत या वंशवादी राजनीति की वजह से आगे बढ़े। जिन शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है और जिस स्तर तक कोई गिर रहा है, वह राहुल गांधी की सरासर बेवकूफी और हताशा को दिखाता है। इसी हताशा की वजह से वे अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इसे भी पढ़ें: Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान जोशी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री की आलोचना करना भारत की जनता का अपमान करने जैसा है। अपने भाषण के दौरान, कांग्रेस नेता ने विदेशी नेताओं के साथ PM मोदी के गले मिलने का भी मज़ाक उड़ाया। उन्होंने मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाकर अपनी बात रखी और इसे प्रधानमंत्री की विदेश नीति की समझ बताया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उन्हें मानसिक रूप से परेशान बताया और सोनिया गांधी से आग्रह किया कि वे उन्हें मदद दिलाएं। मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी मानसिक रूप से परेशान लग रहे हैं। उनके व्यवहार ने शालीनता की सारी हदें पार कर दी हैं। अगर सोनिया गांधी दखल नहीं देतीं और यह सुनिश्चित नहीं करतीं कि उन्हें सही मदद मिले, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बैटरी की वजह से ऐसे खराब हो रहा आपका रिमोट, तुरंत करें ये काम
रिमोट की बैटरी कब बदलनी चाहिए? अक्सर एक गलती लोग करते हैं. एक बैटरी खराब हो गई तो दूसरी नई बैटरी लगा लेते हैं लोग, लेकिन कई बार इससे रिमोट खराब हो सकता है.
पाक-सऊदी के इस्लामिक नाटो में शामिल होगा मिस्र, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
पिछले हफ्ते पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच हुए सैन्य गठबंधन में अब मिस्र भी शामिल होने जा रहा है..इसकी जानकारी खुद मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने दी...इसके साथ ही विदेश मंत्री अब्देलती ने तीनों देशों के साथ अपने राजनयिक संबंधों को भी मजबूत करने की बात कही. देखें दुनिया की बड़ी खबरें.
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को अचानक बेचैनी और असहजता महसूस होने के बाद दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन्हें 13 अगस्त 2026 की शाम अस्पताल लाया गया, जहां तुरंत कार्डियोलॉजी विभाग की टीम ने उनकी विस्तृत चिकित्सकीय जांच शुरू की। AIIMS […]
Congress ने Caste Census पर केंद्र को घेरा, Jairam Ramesh बोले- मंशा संदेहास्पद
कांग्रेस ने जाति जनगणना के मुद्दे पर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जातियों की सूची उपलब्ध नहीं कराए जाने और उत्तरदाताओं द्वारा बताए गए जवाब को उसी रूप में दर्ज किए जाने की व्यवस्था से सरकार की मंशा पर गंभीर संदेह पैदा होता है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में राजनीतिक दलों के साथ कोई चर्चा नहीं की गई। उनका कहना था कि यह उम्मीद की जा रही थी कि जाति संबंधी सवाल बिहार और तेलंगाना में किए गए जाति सर्वेक्षणों की तरह राज्यवार पहले से तैयार सूची के साथ पूछा जाएगा और उत्तर के अनुरूप उचित विकल्प पर केवल निशान लगाया जाएगा। रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ है, जिससे मंशा पर गंभीर संदेह पैदा होता है।’’उन्होंने ‘एक्स’ पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा 5 मई, 2025 को जाति जनगणना के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र को भी साझा किया। रमेश ने कहा, ‘‘यह पांच मई, 2025 को जाति जनगणना के संबंध में प्रधानमंत्री को लिखा गया कांग्रेस अध्यक्ष का पत्र था। उनके सबसे पहले और बुनियादी सुझाव को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। साथ ही, खरगे जी की मांग के अनुसार राजनीतिक दलों के साथ भी कोई चर्चा नहीं की गई है।’’केंद्र ने शुक्रवार को जनसंख्या गणना के चरण के तहत उत्तरदाताओं से पूछे जाने वाले 40 सवालों को अधिसूचित किया। इनमें जाति और कोविड टीकाकरण की जगह से संबंधित सवाल भी शामिल हैं। इस महीने की शुरुआत में जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फ से ढके क्षेत्रों में जनसंख्या गणना एक से 30 सितंबर तक होगी। इसमें कहा गया है, ‘‘उपरोक्त जनगणना के संचालन के लिए घर-घर जनसंख्या गणना शुरू होने से ठीक पहले 17 से 31 अगस्त तक स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध होगा।’’देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना अगले साल शुरू होगी। यह पहली बार होगा जब जनगणना के तहत जाति संबंधी विवरण एकत्र किए जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि प्रश्नावली में जातियों की सूची दिए जाने की संभावना नहीं है और उत्तरदाताओं द्वारा बताए गए जवाब को उसी रूप में दर्ज किया जाएगा। जाति जनगणना का निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने पिछले साल 30 अप्रैल को लिया था।
UP के महोबा में जमीन न मिलने पर सड़क पर सजाई चिता
उत्तर प्रदेश के महोबा में अंतिम संस्कार के लिए जमीन नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने महिला का शव मुख्य सड़क पर रखकर चिता सजा दी. छिकहरा गांव में करीब चार घंटे तक हंगामा और पुलिस प्रशासन से नोकझोंक होती रही. मृतका तारा देवी के परिवार के पास अपनी जमीन नहीं थी और घंटों गुहार के बावजूद जगह नहीं मिली. आखिरकार तहसीलदार ने नई जमीन चिन्हित कराई, जिसके बाद अंतिम संस्कार हो सका.
शिवकुमार Cabinet में एक भी महिला मंत्री नहीं, Congress के खिलाफ बीजेपी का विरोध प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने हाल में विस्तारित मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के मंत्रिमंडल में महिलाओं को शामिल नहीं किये जाने पर विरोध जताते हुए शुक्रवार को विधान सौध परिसर में प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस को ‘‘महिला-विरोधी’’ बताते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए। भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने इस प्रदर्शन की अगुवाई की। उनके साथ कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता सी. नारायणस्वामी और महिला विधायकों समेत अन्य विधायक भी शामिल हुए। भाजपा विधायक विधान सौध परिसर के प्रवेश द्वार पर स्थित नाडा देवी भुवनेश्वरी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए और बाद में भवन की ओर मार्च किया। कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए विजयेंद्र ने कहा कि आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है और उन्हें समान अवसर तथा पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक विधानसभा में Food Safety Raid, थाली में मिले Cockroaches, मंत्रियों की सेहत से खिलवाड़ उन्होंने दावा किया कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के कदम उठाए, जिसका कांग्रेस और राहुल गांधी ने विरोध किया था। विजयेंद्र ने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन कर्नाटक में, कांग्रेस सरकार खुद महिलाओं को प्रतिनिधित्व न देकर पूरे महिला समुदाय का अपमान कर रही है।’’ उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में एक महिला मंत्री को शामिल करने की घोषणा के बाद उनका नाम हटाना ‘‘अपमानजनक’’ था। विजयेंद्र ने दावा किया कि ऐसी खबरें थीं कि एक महिला को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, लेकिन बाद में उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने याद दिलाया कि कर्नाटक 12वीं सदी के समाज सुधारक बसवन्ना की भूमि है और 12वीं सदी की समाज सुधारक व कवयित्री अक्का महादेवी की जन्मभूमि है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ऐसे राज्य को पूरे देश के लिए एक मिसाल कायम करनी चाहिए थी। लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य के इतिहास में पहली बार मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री के बिना विधानसभा सत्र आयोजित किया जा रहा है।’’ अशोक ने सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने मंत्रिमंडल में एक भी महिला को जगह न देकर ‘‘महिलाओं के साथ विश्वासघात’’ किया है। इसे भी पढ़ें: Karnataka bandh: Cauvery water विवाद पर मांड्या में प्रदर्शन, बड़े शहरों में जनजीवन सामान्य सिद्धरमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद तीन जून को शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 अन्य मंत्रियों ने भी पद एंव गोपनीयता की शपथ ली थी। कार्यभार संभालने के दो महीने बाद तीन अगस्त को शिवकुमार ने 19 और मंत्रियों को शामिल कर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया जिससे मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 33 हो गई। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar ने Karnataka Cabinet में बांटे विभाग, कई मंत्रियों के बदले प्रभार फिलहाल शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में कोई महिला मंत्री नहीं है। हाल में मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्रियों में टी. रघुमूर्ति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अजय सिंह को लघु सिंचाई तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिवलिंगे गौड़ा को आबकारी, विजयानंद काशप्पनवर को लघु उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम, के. एस. बसवन्तप्पा को मुजराई, मत्स्य पालन, बंदरगाह और अंतर्देशीय जल परिवहन, रिजवान अरशद को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले और एच. सी. बालकृष्ण को नगर प्रशासन विभाग सौंपा गया है। अन्य मंत्रियों और उनके विभागों में लक्ष्मण सावदी को सहकारिता, बसवराज राय रेड्डी को उच्च शिक्षा, पुत्तरंगा शेट्टी को पशुपालन एवं रेशम उत्पादन और नरेंद्र स्वामी को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
MP के देवास में BJP की तिरंगा यात्रा पर मधुमक्खियों का हमला, 40 कार्यकर्ता घायल
मध्यप्रदेश के देवास जिले में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा शुक्रवार को निकाली जा रही तिरंगा यात्रा पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया जिससे करीब 40 पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गए। भाजपा नेताओं ने यह जानकारी दी। घायलों में शामिल भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अतुल शर्मा ने बताया, तिरंगा यात्रा के साथ डीजे उपकरण लेकर जा रही गाड़ी एक पेड़ पर बने मधुमक्खी के छत्ते से टकरा गई, जिसके बाद सैकड़ों मधुमक्खियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। इसे भी पढ़ें: BJP protest in Karnataka: शिवकुमार कैबिनेट में महिला मंत्री न होने पर विधान सौध में प्रदर्शन हमारे 40 से 50 कार्यकर्ता उनके डंक घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायल भाजपा कार्यकर्ता अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचे। शर्मा ने बताया कि विजयागंज मंडी क्षेत्र में मोटसाइकिल से निकाली जा रही तिरंगा यात्रा में 500 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने बताया,‘‘मधुमक्खियों का हमला होते ही कई कार्यकर्ता सोयाबीन के खेत में छिप गए। उन्हें बाद में वहां से निकाला गया। महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय के डॉ. कमल किशोर के अनुसार मधुमक्खियों के हमले में घायल छह लोगों को अस्पताल लाया गया। इसे भी पढ़ें: BJP नेताओं ने Sukhbir Singh Badal पर हमले की निंदा की और निष्पक्ष जांच मांगी उन्होंने बताया,‘‘इनमें से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है जिसे करीब 200 मधुमक्खियों ने काटा। इलाज के बाद सभी घायलों की हालत फिलहाल सामान्य है।
Amrit Udyan का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया उद्घाटन, 16 अगस्त से आम जनता के लिए खुलेगा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन परिसर स्थित प्रसिद्ध अमृत उद्यान के उद्घाटन समारोह में शिरकत की। अमृत उद्यान की ग्रीष्मकालीन वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी को आम जनता के लिए 16 अगस्त से 15 सितंबर तक पूर्वाह्न 10 बजे से शाम छह बजे तक खोला जाएगा। रखरखाव के लिए उद्यान हर सोमवार को बंद रहेगा। इसे भी पढ़ें: Droupadi Murmu ने Birth and Death Registration बिल को दी मंजूरी, 1 साल बाद DM अनुमति अनिवार्य राष्ट्रपति कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में अमृत उद्यान ग्रीष्मकालीन वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी संस्करण-2026 के उद्घाटन समारोह में शिरकत की।” कार्यालय ने समारोह की तस्वीरें भी साझा कीं।इस बार उद्यान में देशज और स्थानीय फूलों वाले पौधे मुख्य आकर्षण होंगे। ये पौधे अपने रंगों और पारिस्थितिक महत्व के लिए जाने जाते हैं। इस उद्यान में बालसम/गुलमेहंदी, अपराजिता, रुक्मिणी, बरसा फूल, लाल साग और नागफना सहित कई अन्य पौधे शामिल हैं। ये पौधे भारत की समृद्ध पुष्प विरासत को दर्शाने के साथ-साथ उद्यान की जैव विविधता को भी बढ़ाएंगे। राष्ट्रीय खेल दिवस और शिक्षक दिवस के अवसर पर क्रमशः 29 अगस्त और पांच सितंबर को खिलाड़ियों व शिक्षकों को अमृत उद्यान में विशेष प्रवेश दिया जाएगा।आगंतुकों के लिए प्रवेश और निकास नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास स्थित गेट नंबर 35 से होगा। अमृत उद्यान में प्रवेश निःशुल्क होगा लेकिन आगंतुकों को पहले से ऑनलाइन अपना स्लॉट बुक करना होगा। इसे भी पढ़ें: Rashtrapati Bhavan के एट होम समारोह में लावणी और गेड़ी नृत्य मुख्य आकर्षण होंगे स्लॉट राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट पर बुक किए जा सकते हैं।
Omar Abdullah ने Kashmiri Pandits की सुरक्षा धमकियों पर सख्त कदम उठाने की मांग की
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोगों को घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिल रही आतंकी धमकियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अब्दुल्ला ने अपनी बात पर जोर देने के लिए हाल के वर्षों में कश्मीरी पंडितों पर हुए कई हमलों का उल्लेख किया। अब्दुल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम बार-बार सुनते रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद समाप्त हो गया है और अब कोई (आतंकवादी) नहीं बचा है, लेकिन फिर ये धमकियां कहां से आ रही हैं? सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोगों को इन धमकियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।’’ उन्होंने धमकियां देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडितों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एक-दो साल पहले लोगों को, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर उनकी हत्याएं की गई थीं। मैं ऐसे कितने लोगों के नाम गिनाऊं, जिन्हें निशाना बनाया गया? कई कर्मचारी तो यहां से निकलने की तैयारी भी कर रहे थे। उन्हें लगभग हिरासत में लेकर उनके शिविरों में रखा गया और द्वार बंद कर दिए गए थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए इस धमकी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और इन कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।’’ यह पूछे जाने पर कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) की दिल्ली के जंतर-मंतर पर फिर से मार्च निकालने की कोई योजना है या नहीं, अब्दुल्ला ने कहा कि कई विकल्प मौजूद हैं। इसे भी पढ़ें: Independence Day के मद्देनजर Jammu & Kashmir में High Alert, नियंत्रण रेखा से राजमार्गों तक सुरक्षा का कड़ा पहरा अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर किया गया वादा कोई सामान्य वादा नहीं था। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वादा था। उन्होंने कहा, ‘‘यह वादा अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ? हमें इसका जवाब नहीं मिल रहा है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर उनकी पार्टी का विरोध प्रदर्शन अंत नहीं, बल्कि शुरुआत था। उन्होंने कहा, ‘‘आगे हमें क्या करना है, यह हम देखेंगे।’’ केंद्र शासित प्रदेश की सरकार चलाने में पेश आने वाली कठिनाइयों के बारे में पूछे जाने पर नेकां नेता ने कहा, ‘‘यह एक लंबी कहानी है और आपको अपनी दुखभरी कहानी सुनाने के लिए मेरे पास पर्याप्त समय नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम जितना कर सकते हैं, कर रहे हैं। अभी समय बाकी है। इसे भी पढ़ें: PM Modi के वादे के बाद भी Jammu Kashmir को राज्य का दर्जा न मिलने से निराश हैं उमर अब्दुल्ला हम इस मुद्दे को बार-बार उठाते रहेंगे। मैं इस मुद्दे पर न तो कभी चुप रहा हूं और न ही आगे चुप रहूंगा। हम इस पर बात करते रहेंगे।’’ मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनकी सरकार द्वारा तैयार कार्य संचालन नियमों को मंजूरी मिलेगी और उन्हें लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है... हमने अपनी ओर से पूरा लचीला रुख अपनाया। हमने इन्हें अनौपचारिक रूप से साझा भी किया। मुझे कुछ दिनों बाद विभिन्न मुद्दों पर गृह मंत्री से बात करने के लिए दिल्ली जाना है। मैं इस मुद्दे पर भी चर्चा करूंगा।’’ अब्दुल्ला ने कहा कि मंत्रिमंडल ने आरक्षण के मुद्दे पर उठाए गए सवालों के जवाब भी दे दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘नियमों के अनुसार जवाब उपराज्यपाल को भेज दिया गया था। उसके बाद क्या हुआ? इसे भी पढ़ें: Amarnath Yatra Suspended | भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा स्थगित, 11 अगस्त तक अलर्ट जारी, सीएम उमर अब्दुल्ला ने की धैर्य रखने की अपील कोई हमें बताए कि क्या हमारा जवाब दिल्ली भेजा गया है? क्या इसे मंजूरी मिल गई है?’’ अब्दुल्ला ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर में ‘‘जेन-जी जैसे’’ विरोध प्रदर्शन होने की स्थिति में उनकी सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर यहां जेन-जी जैसे घटनाक्रम होते हैं तो हम जिम्मेदार नहीं होंगे। हमने अपना काम कर दिया है। हमने जवाब दिए हैं और अपने फैसले का औचित्य बताया है... लेकिन हमारे मंत्रिमंडल के फैसलों को इस तरह दबाकर रखना ठीक नहीं है।’’ स्थानीय निकाय चुनाव के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव उचित समय पर कराए जाएंगे।
स्वतंत्रता दिवस की तैयारी कर रही बच्ची पर गिरी पेड़ की डाल, हुई मौत
तेलंगाना में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के दौरान एक सरकारी स्कूल में हुए हादसे में एक छात्रा की मौत हो गई है, जबकि पांच अन्य छात्र घायल हो गए हैं.
दिल्ली में 15 अगस्त को बारिश होगी या मौसम रहेगा साफ? IMD ने जारी किया पूर्वानुमान
Independence Day Weather: दिल्ली में लाल किले पर ध्वजारोहण के दौरान मौसम कैसा रहेगा? इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है.
Nirmal Ghosh पर खरदह में भीड़ का हमला, RG Kar case में हुए थे गिरफ्तार
आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म-हत्या मामले में एक दिन पहले ओडिशा से गिरफ्तार किए गए तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष पर शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक थाने के बाहर भीड़ ने हमला कर दिया। आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म के बाद एक महिला चिकित्सक की हत्या कर दी गयी थी। पीड़िता का ‘जल्दबाजी में अंतिम संस्कार’ किए जाने में कथित संलिप्तता के लिए घोष को एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। घोष को जब सुरक्षाकर्मी खरदह थाने के बाहर जेल वैन तक ले जा रहे थे, तब भीड़ ने उन पर हमला किया। उन्हें बैरकपुर उपमंडलीय अदालत में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस और त्वरित कार्य बल (आरएएफ) के जवानों की कड़ी सुरक्षा के बावजूद भीड़ ने उन पर जूते-चप्पल, अंडे और कीचड़ भी फेंका। घोष को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों ने उनके सिर को हेलमेट से ढक दिया था। बैरकपुर अदालत में भी लोगों ने घोष को देखकर “चोर-चोर” के नारे लगाए। इसी तरह का विरोध एक अन्य आरोपी संजीव मुखर्जी को भी झेलना पड़ा। मुखर्जी महिला चिकित्सक का पड़ोसी और तृणमूल का पूर्व पार्षद है। पुलिसकर्मी जब उसे अदालत ले जाने के लिए वाहन तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे, तब लोगों ने उसके खिलाफ भी नारेबाजी की और विरोध किया। पुलिस ने बताया कि मामले में तीसरा आरोपी पानीहाटी नगरपालिका का पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ डे अब भी फरार है। आरोपियों की गिरफ्तारी पीड़िता के पिता द्वारा सोमवार को दर्ज कराई गई एक नयी शिकायत के बाद हुई।
Maharashtra के Ashram School में 2 साल के भीतर 584 छात्रों की मौत दर्ज हुई
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के एक आवासीय स्कूल के छात्रावास में सर्पदंश से तीन आदिवासी लड़कियों की मौत के बाद महाराष्ट्र सरकार की आलोचना के बीच अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में पिछले दो साल में आश्रम स्कूल के 584 छात्रों की मौत हुई है। आदिवासी विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौत की वजहों में सर्पदंश, सिकल सेल बीमारी, गंभीर बीमारी, दुर्घटना और आत्महत्या शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में सरकार द्वारा चलाए जा रहे 500 और सरकारी सहायता प्राप्त 513 आश्रम स्कूल हैं, जो आदिवासी बच्चों के लिए आवासीय सुविधाएं प्रदान करते हैं। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले दो साल में सरकारी आश्रम स्कूलों में 384 और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 200 छात्रों की मौत दर्ज की गई है।’’अधिकारी ने बताया कि 2024-25 में आश्रम स्कूल के 170 छात्रों की मौत हुई, जबकि 2025-26 में 214 छात्रों की जान गई। उन्होंने कहा कि इनमें से 36 छात्रों की मौत स्कूल परिसर में और 348 की मौत घर पर हुई। सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 2024-25 में 81 और अगले वित्तीय वर्ष में 119 छात्रों की मौत हुई। इनमें से 30 छात्रों की मौत स्कूल परिसर में और 170 की घर पर हुईं। कांग्रेस का आरोप है कि गढ़चिरौली के एक आवासीय स्कूल छात्रावास में छात्राओं की मौत के मामले भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली ‘महायुति’ सरकार के दौरान प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा थे। धनोरा तालुका मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर जप्तलाई गांव में स्थित एक सरकारी सहायता प्राप्त आदिवासी आवासीय स्कूल के छात्रावास में नौ अगस्त की मध्यरात्रि को जहरीले सांप के काटने से तीन आदिवासी लड़कियों की मौत हो गई और उतनी ही लड़कियों का इलाज हो रहा है। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय स्कूल का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने का आदेश दिया।
Bhutan नरेश Jigme Khesar ने Assam flood पर जताई संवेदना, सीएम Himanta ने माना आभार
भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने असम के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की, जहां भीषण बाढ़ के कारण अब तक 103 लोगों की मौत हो चुकी है। हिमालयी देश के राजा ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन के असर से क्षेत्र को होने वाले साझा खतरों और भविष्य में इससे निपटने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। समर्थन के लिए पड़ोसी देश का शुक्रिया अदा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने असम और भूटान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया। वांगचुक ने शर्मा को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं अपने और भूटान के लोगों की ओर से आपके और असम के लोगों के प्रति, खासकर उन लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने हाल में आई बाढ़ में अपने परिवार और मकान खो दिए हैं। हम मृतकों की याद में प्रार्थना करते हैं।’’ शर्मा ने भूटान नरेश का यह पत्र शुक्रवार को साझा किया। पत्र में भूटान नरेश ने कहा, ‘‘हमारे क्षेत्र में ऐसी आपदाओं का बार-बार आना और उनकी गंभीरता बढ़ना बदलती वैश्विक जलवायु की चुनौतियों के परिणामों के प्रति हमारी साझा संवेदनशीलता की स्पष्ट याद दिलाता है। इन चुनौतियों का हम सभी को मिलकर सामना करना होगा और आने वाले समय में भी लगातार इससे निपटना होगा।’’उन्होंने तीन अगस्त को लिखे गए पत्र में कहा, ‘‘भारी नुकसान और तबाही के बावजूद, संकट की इस घड़ी में राज्य ने जिस तरह से इसका सामना किया, आपने जिस मजबूती और संकल्प के साथ इसका नेतृत्व किया वह प्रशंसनीय है।’’वांगचुक ने कहा कि भूटान असम के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और राज्य के पुनर्निर्माण और इससे उबरने की कोशिशों में अपना पूरा समर्थन तथा दोस्ती का हाथ बढ़ाता है। इस एकजुटता के लिए आभार जताते हुए शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘हाल में आई बाढ़ से उबर रहे असम के लिए भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के स्नेहपूर्ण शब्दों और समर्थन के संदेश से मैं बहुत प्रभावित हुआ हूं।’’उन्होंने असम और भूटान के बीच ‘‘बेहद आत्मीय रिश्ते’’ का जिक्र किया जो ‘‘इतिहास से जुड़ा हुआ है, भौगोलिक जुड़ाव के कारण मजबूत हुआ है और दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच पीढ़ियों से जारी मित्रता से मजबूत हुआ है।’’मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘असम के लोगों की ओर से मैं इस कठिन समय में हमारे साथ एकजुटता और मित्रता के साथ खड़े रहने के लिए महामहिम और भूटान के लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
Yogi Adityanath ने कहा, आजादी के वक्त Narendra Modi पीएम होते तो भारत को नुकसान नहीं होता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि यदि भारत की आजादी के समय नरेन्द्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री रहे होते तो कोई भी भारत को नुकसान नहीं पहुंचा सका होता था। योगी ने यह भी कहा कि यदि सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसा व्यक्ति उस समय प्रधानमंत्री होता तो कोई भी भारत को खंडित नहीं कर पाता। मुख्यमंत्री ने देश के विभाजन और उस समय हुए नरसंहार के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। विभाजन की विभीषिका (1947) पर लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “ये वही लोग हैं जो 1947 में हुए देश के विभाजन और इसके बाद हुए नरसंहार के लिए वास्तव में जिम्मेदार हैं।”उन्होंने कहा, “यदि स्वतंत्रता के समय नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री रहे होते तो कोई भी भारत को जरा सा भी नुकसान नहीं पहुंचा पाता। इस देश को इन कांग्रेसियों की कायरता की भारी कीमत चुकानी पड़ी। यह चरित्र आप सभी ने सीएए विरोध के दौरान देखा।”कांग्रेस पर हमला करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “देश को 1947 में आजादी मिली। मुझे आश्चर्य होता है कि जो जमीन पाकिस्तान समर्थकों ने नहीं मांगी.. पंजाब की जमीन या बंगाल की जमीन, पाकिस्तान को जबरदस्ती दे दी गई।”उन्होंने कहा कि सिंध एक हिंदू बाहुल और सिंधियों के दबदबे वाला क्षेत्र था जिसे जबरदस्ती पाकिस्तान को दे दिया गया। इसी तरह से पंजाबियों के प्रभुत्व वाला पंजाब भी दे दिया गया। बंगाल पर बंगालियों का प्रभुत्व था। सभी हिंदू गांव जबरदस्ती बांग्लादेश को दे दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शर्मनाक हरकत कांग्रेस ने की जो सत्ता के लिए बेताब थी और जिस पर देश ने भरोसा किया था। इसने उस भरोसे का बदला धोखे से दिया। आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि जो लोग 1947 में चुप रहे, जिनकी आवाज तब भी नहीं उठी, उनकी नजर सत्ता पर थी। उन्होंने देश की कीमत पर सत्ता हासिल करने की कोशिश की और आज भी उनके काम वैसे ही हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों के संदर्भ में उन्होंने कहा, “आपने कुछ दिनों पहले बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले देखे। तब भी यह पार्टी चुप रही। उन्हें भय है कि बांग्लादेश में इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने से यहां उनका वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। उनके लिए दलित हिंदुओं की हत्या कोई मायने नहीं रखती। उनके लिए उनका वोट बैंक मायने रखता है।”मुख्यमंत्री ने कहा, “वे भविष्य में भी चुप बने रहेंगे क्योंकि उनकी प्राथमिकता, उनके निहित स्वार्थों के लिए सत्ता हासिल करना है। वे इस देश के साथ गद्दारी कर रहे हैं जैसा कि वह पूर्व में कर चुके हैं। इसी इरादे से उन्होंने अराजकता फैलाई है।”इस अवसर पर, आदित्यनाथ ने कहा कि यह देश आपसी लड़ाई झगड़ों, जाति, धर्म और के आधार पर बंटवारे के कारण गुलाम बना। जब इस तरह की आपसी कलह होती है तो साजिश आसानी से पनप जाती है। उन्होंने कहा, “भारत के विभाजन की कीमत चुकानी पड़ी, निर्दोष नागरिकों को कीमत चुकानी पड़ी, भारत आज तक नक्सलवाद, माओवाद या उग्रवाद के रूप में इसकी कीमत चुका रहा है। हालांकि, यह 1947 से पूर्व की उस चुप्पी की ओर भी हमारा ध्यान खींचता है जो अब भी बनी हुई है।”मुख्यमंत्री ने कहा, “आज भी ये लोग समाज के सामने ऐसा अभिनय कर रहे हैं मानो उन्होंने ही भारत का निर्माण किया और उनके बिना भारत का अस्तित्व नहीं होता। यह सचमुच एक अजीब स्थिति है।”आदित्यनाथ ने विभाजन को मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक बताते हुए कहा कि इस देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिकारी भुला दिए गए, जबकि सत्ता और स्वार्थ के लिए देश का बंटवारा करवाने लोग सबसे प्रमुख व्यक्ति बन गए। उन्होंने कहा, “इस देश में हर संस्थान का नाम उसी कुल के नाम पर रखा गया और हम सभी चुपचाप खड़े रहकर इसे देखते रहे। आज भी वे क्या कर रहे हैं। अब उनके कार्य क्या हैं।”सीएए (नागरिक संशोधन विधेयक) के संदर्भ में आदित्यनाथ ने कहा कि उस कानून के विरोध का कोई औचित्य नहीं था। उस कानून में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के संबंध में प्रावधान थे जो कभी अखंड भारत का हिस्सा थे। इसमें कहीं नहीं कहा गया कि हम मुस्लिमों, कांग्रेस या समाजवादी पार्टी की जमीन जब्त करेंगे। फिर भी देशभर में आंदोलन भड़काने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, “आपने लखनऊ, कानपुर, मेरठ, संभल, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में आगनजी के प्रयास देखे। सौभाग्य से प्रदेश में डबल इंजन की सरकार थी। कल्पना करें कि यदि सपा सत्ता में रही होती तो प्रदेश कभी उन दंगों की आग से उबर नहीं पाता।”आदित्यनाथ ने कहा, “हम पूछते रहे कि इस विरोध का क्या कारण है। यदि भारत सरकार विस्थापित हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों और पारसियों को जमीन और नागरिकता देकर उनका पुनर्वास करना चाहती है तो आपको क्या दिक्कत है। फिर भी विपक्ष अड़ा रहा और पर्दे के पीछे कांग्रेस और सपा का मजबूत समर्थन था।”मुख्यमंत्री ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ लखनऊ में विभाजन विभीषिका के मौके पर निकाले गए मौन मार्च में हिस्सा लिया। यह मार्च सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा से लोक भवन तक निकाला गया।
सावन में भक्ति के लिए सजा था मंच, भोजपुरी गाने पर हुआ अश्लील डांस, Video
सूरत के डिंडोली इलाके में सावन के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भोजपुरी गानों पर कलाकारों के अश्लील डांस से हंगामा हो गया. धार्मिक माहौल के बीच ऐसा प्रदर्शन देखकर स्थानीय लोग और श्रद्धालु नाराज हो गए. विरोध बढ़ने पर आयोजकों ने कार्यक्रम बंद कराया और लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया.
Supreme Court ने Chandrababu Naidu के खिलाफ याचिका खारिज की, अमरावती केस में राहत
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और मंत्री पी. नारायण के खिलाफ राजधानी अमरावती में ‘लैंड पूलिंग’ योजना में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले को रद्द कर दिया गया था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि वह उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि इस याचिका का फैसला अन्य मामलों को प्रभावित नहीं करेगा और उन मामलों का फैसला उनके अपने तथ्यों और गुण-दोष के आधार पर किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ए. रामकृष्ण रेड्डी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने कहा कि इस मामले में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं। उन्होंने बताया कि इसमें 25,000 से अधिक किसानों की करीब 30,000 एकड़ जमीन शामिल थी। पीठ ने कुमार से कहा, ‘‘किसानों से जुड़े बड़े मुद्दे पर हम आपके साथ हैं। उन्हें जो भी मिलना चाहिए, हम उसकी रक्षा करेंगे।’’हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने बताया कि मौजूदा आपराधिक कार्यवाही एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के कहने पर शुरू की गई थी और कोई भी किसान सामने नहीं आया था। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कुमार से कहा, ‘‘राजनीतिक लड़ाइयां अदालत में नहीं लड़ी जानी चाहिए।’’ इसके साथ ही उन्होंने उच्च न्यायालय के 15 जुलाई के आदेश को चुनौती देने वाली रेड्डी की याचिका का निपटारा कर दिया। वर्ष 2016 के सरकारी आदेश के तहत घोषित ‘लैंड पूलिंग’ योजना को लेकर तत्कालीन विधायक ए. रामकृष्ण रेड्डी की शिकायत पर 12 मार्च, 2021 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले की जांच अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने की थी, जिसने नायडू, नारायण और अन्य लोगों को आरोपी बनाया था और उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा आंध्र प्रदेश आवंटित भूमि (हस्तांतरण पर प्रतिबंध) अधिनियम, 1977 की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए थे। इससे पहले, नायडू और नारायण की ओर से मामला रद्द करने की याचिकाएं दाखिल किए जाने के बाद उच्च न्यायालय ने मामले में आगे की सभी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। ‘लैंड पूलिंग’ योजना के तहत, आंध्र प्रदेश सरकार ने राजधानी अमरावती के विकास के लिए किसानों से खेती की ज़मीन ली थी और बदले में उन्हें विकसित रिहायशी और कमर्शियल प्लॉट दिए थे। इस योजना के तहत, राजधानी परियोजना के लिए दी गई हर एक एकड़ कृषि भूमि के बदले किसानों को 1,000 वर्ग गज आवासीय भूमि और 250 वर्ग गज व्यावसायिक भूमि मिलनी थी।
शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, संभल, राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए लड़ी गई संतों की लड़ाई सहित कई मुद्दों पर अपनी बातें रखी.
रेलवे बोर्ड ने 7 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को मंजूरी दी है। इनसे दिल्ली, प्रयागराज, गोरखपुर, मुंबई, धनबाद, कोयंबटूर समेत कई शहरों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
जब पूरा भारत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मना रहा था, उसी समय अफ्रीका की धरती पर भी भारतीय संस्कृति और योग की गूंज सुनाई दे रही थी। ह्रिम योगशाला, संतरामपुर की संस्थापक राजवी शैलेष मेहता (युवा योगिनी) एवं सह-संस्थापक राज शैलेष मेहता ...
4 जून 1947... दिल्ली के गर्म कमरों में जब लॉर्ड माउंटबेटन ने 15 अगस्त की तारीख का ऐलान किया, तो मुल्क की सांसें थम गईं। दो सौ सालों की गुलामी की जंजीरें टूटने वाली थीं, सियासत के गलियारों में जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। लेकिन ठीक उसी वक्त, पूरे हिंदुस्तान के ज्योतिषी पंचांग के पन्नों में सिर झुकाए एक गहरा सन्नाटा महसूस कर रहे थे। लैरी कॉलिन्स और डोमिनिक लापिएर की किताब फ्रीडम एट मिडनाइट के पन्नों को पलटें तो एक चौंकाने वाली हकीकत सामने आती है। जिस दिन भारत अपनी आजादी की सांस लेने वाला था, ज्योतिष की गणनाओं में वो पल किसी नए राष्ट्र की पैदाइश के लिए बेहद मनहूस माना गया था। यह कहानी है सियासत की जिद, कैलेंडर की तारीख और सितारों के उस टकराव की, जिसने 15 अगस्त की उस रात को हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया। इसे भी पढ़ें: चीनी समान पर भारत से भिड़ा अमेरिका, ट्रंप के सलाहकार अब कौन सी रिपोर्ट लेकर आ गए? ज्योतिषियों ने 15 अगस्त पर आपत्ति क्यों जताई? 15 अगस्त को शुक्रवार था। फ्रीडम एट मिडनाइट में बताए गए ज्योतिषियों के अनुसार, इतनी महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए यह दिन अच्छा नहीं माना गया। जैसे ही तय तारीख की खबर फैली, कलकत्ता, बनारस और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में ज्योतिषियों ने ग्रहों की स्थिति की जांच शुरू कर दी और भारत के जन्म के लिए चार्ट तैयार करने लगे। कहा जाता है कि उनमें से एक, कलकत्ता के स्वामी मदानंद, माउंटबेटन की घोषणा सुनते ही अपने खगोलीय चार्ट देखने के लिए दौड़ पड़े। कहा जाता है कि जो कुछ मदननंद ने देखा, उससे वे घबरा गए। उन्हें लगा कि ग्रहों की स्थिति नए आज़ाद हुए देश के लिए अनिश्चित भविष्य की ओर इशारा कर रही है, इसलिए उन्होंने माउंटबेटन को पत्र लिखकर तारीख पर फिर से विचार करने को कहा। उनकी चेतावनी में कहा गया था कि अगर बाढ़, सूखा, अकाल और नरसंहार जैसी घटनाएं होती हैं, तो इसकी वजह यह होगी कि आज़ाद भारत का जन्म सितारों के हिसाब से एक अशुभ दिन हुआ था। इस बात का ज़िक्र लैपियर और कॉलिन्स की किताब 'फ्रीडम एट मिडनाइट' में किया गया है। इसे भी पढ़ें: राष्ट्रपति पेजेशकियान आ रहे भारत, US सैनिकों को पीटने के बाद अब ईरान ने लिया चौंकाने वाला फैसला तारीख तो नहीं बदली जा सकती थी, लेकिन समय बदला जा सकता था हालांकि, तब तक 15 अगस्त की तारीख बदलना व्यावहारिक नहीं था। माउंटबेटन इसकी घोषणा पहले ही कर चुके थे और सत्ता के हस्तांतरण की तैयारियां चल रही थीं। उस दौर की बातों के अनुसार, इसका समाधान उसी तारीख के भीतर एक शुभ मुहूर्त या सही समय ढूंढना था। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे चर्चा अभिजीत मुहूर्त की ओर बढ़ी, जिसका ज़िक्र ज्योतिषी केएन राव ने अपनी किताब द नेहरू डायनेस्टी: एस्ट्रो-पॉलिटिकल पोर्ट्रेट्स ऑफ़ नेहरू, इंदिरा, संजय एंड राजीव में किया है। राव के बताए कारणों में एक पुष्य नक्षत्र भी था, जिसे पारंपरिक रूप से किसी भी महत्वपूर्ण काम की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। इसलिए चर्चा इस बात से हटकर कि क्या 15 अगस्त की तारीख छोड़ दी जाए, इस बात पर केंद्रित हो गई कि क्या भारत की आज़ादी का सही समय हिंदू कैलेंडर के अनुसार ज़्यादा शुभ माना जाने वाला समय चुना जा सकता है। नेहरू को आधी रात का समाधान कैसे मिला माउंटबेटन के पास 15 अगस्त चुनने की अपनी वजह थी। फ्रीडम एट मिडनाइट में उनके हवाले से बताया गया है कि यह तारीख उन्होंने इसलिए चुनी क्योंकि वे चाहते थे कि सत्ता का हस्तांतरण जल्द हो। उन्होंने आखिरकार 15 अगस्त को चुना क्योंकि यह दूसरे विश्व युद्ध में जापान के आत्मसमर्पण की दूसरी सालगिरह थी। तारीख पहले ही तय हो चुकी थी, इसलिए भारतीय नेताओं को उसी के हिसाब से काम करना पड़ा, न कि उसे बदलना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेहरू एक दिलचस्प समझौते पर पहुँचे। संविधान सभा की बैठक 14 अगस्त की दोपहर को होनी थी और यह आधी रात तक चलनी थी। राव लिखते हैं नेहरू को एक दिलचस्प समझौता सूझा। उन्होंने 14 अगस्त की दोपहर को संविधान सभा की बैठक बुलाई और इसे आधी रात तक जारी रखा, जब पश्चिमी रीति-रिवाजों के अनुसार 15 अगस्त की शुरुआत हुई और ज़ीरो आवर (मध्यरात्रि का समय) हिंदू कैलेंडर के अनुसार शुभ समय के दायरे में आया। आधी रात को आज़ाद भारत का जन्म इस व्यवस्था का मतलब था कि 15 अगस्त ही भारत का स्वतंत्रता दिवस बना रहेगा, जबकि सत्ता का वास्तविक हस्तांतरण आधी रात को होगा। 'फ्रीडम एट मिडनाइट' में बताया गया है कि ज्योतिषियों ने आखिरकार 14 अगस्त को अधिक अनुकूल समय माना और माउंटबेटन ने इस समझौते को स्वीकार कर लिया।
अमृत उद्यान का ग्रीष्मकालीन वार्षिक संस्करण 16 अगस्त से 15 सितंबर तक आम जनता के लिए खुला रहेगा. केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से मिलेगा शटल.
प्रियंका गांधी को पसंद नहीं आया संसद के मकर द्वार पर “बंदर वाला प्रदर्शन”
बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन के दौरान जब विपक्षी सांसदों ने प्रियंका गांधी को बंदर वाला खिलौना देने की कोशिश की गई तो उन्होंने उसे लेने से साफ मना कर दिया. और कहा कि ये ठीक नहीं है.
सबसे बड़ी आर्मी, सबसे बड़ा मुल्क... 1947 में बंटवारा नहीं हुआ होता तो आज ऐसा होता भारत
अगर मोहम्मद अली जिन्ना अपनी जिद छोड़ देता और बंटवारा नहीं होता तो आज भारत पूरी तरह से अलग होता. भारत की आर्मी सबसे बड़ी आर्मी होती. चीन-अमेरिका से भी ज्यादा बड़ी.
चेयरमैन की निजी संपत्ति है क्या बीसीआई, NALSAR विवाद पर भड़के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष
अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि वह इस बात का समर्थन नहीं कर रहे हैं कि छात्रों ने चीफ जस्टिस के दीक्षांत समारोह में आने का विरोध न करने का जो फैसला लिया, वह सही था। लेकिन संविधान के तहत अपनी बात रखना उनका अधिकार है।
15 अगस्त पर भूलकर भी ना जाएं ये 6 हिल स्टेशन, वरना होगा पछतावा!
15 अगस्त के लॉन्ग वीकेंड पर अगर आप पहाड़ों में सुकून की छुट्टी बिताना चाहते हैं, तो भारी भीड़, भयंकर ट्रैफिक जाम और मानसून के दौरान लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए इन कुछ फेमस हिल स्टेशनों पर जाने से बचें. ट्रिप से पहले मौसम और रास्तों की स्थिति जरूर चेक करें.
गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका स्मृति कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद राव इंद्रजीत सिंह आयोजकों पर भड़क गए.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन आएंगे भारत, ब्रिक्स की बैठक में लेंगे हिस्सा
नितेश तिवारी की फिल्म रामायणम् को लेकर चर्चे बंद होने का नाम नहीं ले रहे हैं. अब फिल्म में राम के छोटे भाई का रोल निभा रहे एक्टर ने कास्टिंग को लेकर के एक खुलासा किया है. उन्हें पहले लक्ष्मण के रोल के लिए चुना गया, लेकिन बाद में उन्हें रिप्लेस कर दिया गया.
VIDEO: पिस्टल तानी, गोली मारने की धमकी दी और 80 हजार लूटकर भागे बदमाश
ग्रेटर नोएडा के मलकपुर गांव में बाइक सवार दो बदमाशों ने पिस्टल के बल पर साइबर कैफे से 80 हजार रुपये लूट लिए. विरोध करने पर युवक को गोली मारने की धमकी दी गई. वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है. पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के साथ चार टीमें गठित कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है.
कल का मौसम, 15 अगस्त: दिल्ली, यूपी, बिहार से MP तक भारी बारिश, 13 राज्यों में IMD का अलर्ट
कल का मौसम, 15 अगस्त 2026: IMD ने कल दिल्ली-NCR समेत देश के 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
Peter Navarro on India: अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी और वाइट हाउस के व्यापार एवं विनिर्माण सलाहकार पीटर नवारो ने भारत को लेकर अत्यंत तीखा और सनसनीखेज बयान ...
हॉर्न से टूट गई भालू की नींद, इसके लिए देना पड़ा 5 लाख का फाइन
एक भालू को नींद से जगाना काफी महंगा पड़ सकता है. खासकर तब जब आप नार्वे जैसे देश में रह रहे हो. यहां एक सोए हुए पोलर बियर की नींद बोट के फॉगहॉर्न से टूट गई. इसके लिए सेलर को 5 लाख रुपये का फाइन देना पड़ गया.
जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में महाभियोग की मांग तेज, SCBA अध्यक्ष बोले- कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाएं
विकास सिंह का कहना है कि यदि किसी न्यायाधीश को गंभीर कदाचार का दोषी पाए जाने के बावजूद इस्तीफा देकर सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ हासिल करने का अवसर मिल जाता है, तो इससे न्यायपालिका की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। उनके मुताबिक मामले में संसदीय प्रक्रिया को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना जरूरी है।
वो खौफनाक 7 सेकंड... होने वाला था बड़ा हादसा! टर्बुलेंस केस में नया खुलासा
दिल्ली से फुकेट आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में नए खुलासे हुए हैं. तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम अचानक फेल हो गए, जिससे विमान नियंत्रण खो बैठा. चार सेकंड तक पायलटों का नियंत्रण नहीं रहा और विमान 300 फीट नीचे गिरा. हालांकि, सिस्टम फिर से सक्रिय हो गए और विमान सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कर गया.
Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान
एक ओर राहुल गांधी लगातार आरएसएस के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं तो वहीं उनकी पार्टी के तमाम नेताओं में भी आरएसएस के खिलाफ निचले स्तर के बयान देने की होड़ लगी हुई है। इसी होड़ाहोड़ी में अपनी भी मौजूदगी दर्ज कराते हुए कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने ऐसा फैसला किया है जोकि सीधे सीधे आरएसएस पर निशाना साधने की कार्रवाई माना जा रहा है। इस तरह कर्नाटक में RSS की गतिविधियों को लेकर कांग्रेस सरकार और भारतीय जनता पार्टी के बीच टकराव अब सड़क और प्रशासनिक आदेशों से निकलकर विधानसभा तक पहुंचता दिख रहा है। हम आपको बता दें कि राज्य मंत्रिमंडल ने ‘Karnataka Regulation of Use of Government Premises and Public Property Bill, 2026’ को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कानून के तहत सरकारी जमीन, भवन, सड़क, पार्क, खेल मैदान और सरकारी सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों जैसी सार्वजनिक संपत्तियों पर निजी कार्यक्रम, बैठक, रैली या अन्य आयोजन करने से पहले सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार का तर्क है कि सार्वजनिक संपत्ति के इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियम, दस्तावेजी प्रक्रिया और प्रशासनिक अनुमति जरूरी है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि यह व्यवस्था किसी एक दल या संगठन को निशाना बनाने के लिए नहीं है। उनका कहना है कि हर संगठन को नियमों का पालन करना होगा और सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रम अपनी इच्छा से आयोजित नहीं किए जा सकते। यही तर्क सरकार के अन्य नेताओं की ओर से भी दिया गया है। इसे भी पढ़ें: भारतीय परंपराओं में निहित है संवाद, संवाद से ही होता है समाधान लेकिन राजनीतिक विवाद की असली वजह विधेयक के प्रावधानों से अधिक उसका संदर्भ है। RSS और BJP इसे संगठन की सार्वजनिक गतिविधियों पर नियंत्रण की कोशिश मान रहे हैं। RSS की शाखाएं, बैठकें और ‘संचलन’ अक्सर सार्वजनिक मैदानों में होते हैं। ऐसे में रोजाना लगने वाली शाखाओं समेत हर आयोजन के लिए पूर्व अनुमति की व्यवस्था आरएसएस की नियमित गतिविधियों को प्रशासनिक स्वीकृति पर निर्भर कर सकती है। प्रस्तावित कानून में सार्वजनिक सड़कों पर होने वाले जुलूस और कार्यक्रम भी दायरे में आते हैं। हम आपको याद दिला दें कि विवाद की जड़ अक्टूबर 2025 में दिखाई दी थी, जब राज्य सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति पर कार्यक्रमों के लिए पुलिस और राजस्व अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेने का आदेश जारी किया था। इसी अवधि में चित्तापुर में RSS के प्रस्तावित रूट मार्च को अनुमति नहीं मिली। उस समय भी यह सवाल उठा था कि क्या प्रशासनिक आदेश के जरिए सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों को इस तरह नियंत्रित किया जा सकता है। मामला कर्नाटक हाई कोर्ट तक पहुंचा और अदालत ने उस सरकारी आदेश पर रोक लगाते हुए संविधान के अनुच्छेद 19 में निहित अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा के अधिकारों से जुड़े सवालों पर गौर किया। अदालत के समक्ष यह दलील भी रखी गई कि मौलिक अधिकारों को केवल प्रशासनिक आदेश के जरिए सीमित नहीं किया जा सकता। अब राज्य सरकार उसी विवाद को विधायी रास्ते से सुलझाने की कोशिश कर रही है। यही बिंदु RSS और BJP की सबसे बड़ी आपत्ति है। उनका आरोप है कि जिस व्यवस्था को लेकर अदालत में सवाल उठे थे, उसे अब कानून बनाकर लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार के सामने हालांकि यह तर्क है कि नया कानून केवल RSS के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति का इस्तेमाल करने वाले सभी निजी व्यक्तियों, संस्थाओं, क्लबों और संगठनों पर समान रूप से लागू होगा। वहीं BJP प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर RSS की गतिविधियों को सीमित करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्री को खुली चुनौती दी है। उनका कहना है कि यदि सरकार को RSS से आपत्ति है तो वह सीधे प्रतिबंध की बात करे, न कि सामान्य नियमों की आड़ में संगठन की गतिविधियों को प्रभावित करे। विजयेंद्र ने RSS को राष्ट्रवाद, सेवा और सामाजिक कार्यों से जुड़ा संगठन बताते हुए सरकार को इतिहास से सबक लेने की सलाह भी दी। इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि मामला केवल एक संगठन के कार्यक्रम की अनुमति का नहीं रह गया है। यह सवाल अब सार्वजनिक संपत्ति के नियमन, प्रशासनिक विवेक, मौलिक अधिकार और राजनीतिक निष्पक्षता, चारों को एक साथ छू रहा है। राज्य की कांग्रेस सरकार के लिए चुनौती यह होगी कि वह साबित करे कि प्रस्तावित कानून वास्तव में समान रूप से लागू होगा और किसी खास संगठन को रोकने का माध्यम नहीं बनेगा। दूसरी ओर, राजनीतिक रूप से यह टकराव कांग्रेस और RSS-BJP के बीच पहले से मौजूद वैचारिक संघर्ष को और तीखा कर सकता है। यह भी सामने नजर आ रहा है कि इस विवाद का फैसला केवल विधानसभा में नहीं होगा। अदालतों, प्रशासनिक अमल और सबसे बढ़कर जनता की प्रतिक्रिया में भी इसकी गूंज सुनाई देगी। कर्नाटक की राजनीति में RSS को लेकर उठी यह लड़ाई आने वाले समय में कांग्रेस बनाम BJP के व्यापक वैचारिक संघर्ष का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन सकती है। वहीं भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस मुद्दे पर कहा है कि कर्नाटक राज्य कैबिनेट का यह फ़ैसला कि गैर-पंजीकृत सामाजिक संगठनों को सार्वजनिक मैदानों के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं दी जाएगी, साफ़ तौर पर RSS को निशाना बनाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान साफ़ तौर पर लोगों को समूह या संगठन बनाने की इजाज़त देता है और यह अधिकार संविधान द्वारा सुरक्षित है। तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कई हाई कोर्ट पहले ही इस कानूनी बात को सही ठहरा चुके हैं...मुझे पूरा यकीन है कि राज्य सरकार का यह बिल या कानून भी, जब अदालत में इस पर सवाल उठाया जाएगा, तो संवैधानिक वैधता की कसौटी पर खरा नहीं उतरेगा।
गुरनूर OUT, कृष्णा IN... टीम इंडिया की प्लेइंग 11 गिल ने बताई
श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट से पहले कप्तान शुभमन गिल ने टीम इंडिया की प्लेइंग 11 को लेकर बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने गुरनूर बरार और प्रसिद्ध कृष्णा में चयन को मुश्किल बताया, लेकिन हालिया फॉर्म के आधार पर प्रसिद्ध की तारीफ की. भारत बुमराह के बिना तीन स्पिनरों के साथ उतर सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कॉमेडियन समय रैना और चार अन्य कॉमेडियन के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। इन पर अपने शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' में दिव्यांग लोगों के बारे में असंवेदनशील टिप्पणी करने का आरोप था। कोर्ट ने दिव्यांग समुदाय के लिए जागरूकता और फंड जुटाने के कार्यक्रमों के आयोजन में उनकी कोशिशों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिव्यांगों के कल्याण के लिए कार्यक्रम आयोजित करने और फंड जुटाने जैसी कॉमेडियन की सकारात्मक कोशिशों की सराहना की और कहा कि ऐसी पहलों से अच्छे नतीजे मिलेंगे। रैना के अलावा, नवंबर 2024 में इंडियाज़ गॉट लेटेंट के पिछले सीज़न के एक एपिसोड में की गई टिप्पणियों को लेकर अन्य कॉमेडियन - विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर - के ख़िलाफ़ दर्ज मामला भी रद्द कर दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi का Prayagraj दौरा फ्लॉप रहा, Keshav Prasad Maurya ने बोला हमला बेंच ने कहा जब सच्चे प्रयास किए जाते हैं, तो सकारात्मक नतीजे ज़रूर मिलते हैं। वे बहुत होनहार युवा हैं। अगर उन्होंने सकारात्मक दिशा में काम करना शुरू कर दिया है, तो परिणाम भी सकारात्मक ही होंगे। हालांकि, समय रैना और कई अन्य लोगों पर अभी भी एक और केस चल रहा है। यह केस यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया (जिन्हें 'बीयरबाइसेप्स' के नाम से भी जाना जाता है) द्वारा शो में एक कंटेस्टेंट के माता-पिता के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। FIR मंगाने के अपने आदेश में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों ने इस साल मार्च में दिव्यांगों के लिए एक शतरंज टूर्नामेंट आयोजित किया था। इस कार्यक्रम को मीडिया में काफी कवरेज मिली और इससे दिव्यांगों के लिए काम करने वाले संगठनों जिनमें स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों की मदद करने वाले संगठन भी शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Mohanlal को नहीं मिला Visa, Sydney में शो रद्द होने के बाद मांगी माफी रैना ने SMA से पीड़ित दो महीने के बच्चे और उसकी जान बचाने वाले इलाज के लिए ज़रूरी 16 करोड़ रुपये के खर्च का मज़ाक उड़ाया था। बेंच ने कॉमेडियन और याचिकाकर्ता NGO 'क्योर SMA इंडिया फ़ाउंडेशन' के बीच हुई सकारात्मक बातचीत पर भी ध्यान दिया, जिसका मकसद इस दुर्लभ जेनेटिक बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने बड़े मुद्दे को खुला रखा और कहा कि वह ऑनलाइन कंटेंट के लिए सुरक्षा उपायों पर दिव्यांग लोगों के सुझावों पर विचार करेगा और उचित निर्देश जारी करेगा। कोर्ट ने आदेश दिया, प्रतिवादी 6-10 (आरोपी कॉमेडियन) से जुड़ा मामला बंद किया जाता है। प्रतिवादी 6-10 के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्यवाही रद्द की जाती है। इससे जुड़ी बाकी सभी कार्यवाही भी रद्द की जाती हैं। बड़े मुद्दे पर निर्देश जारी करने के लिए मामले को लिस्ट किया जाए।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे धंसने का मामला हाई कोर्ट पहुंचा, केंद्र और UP सरकार को नोटिस
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण और सड़क धंसने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है. लखनऊ बेंच ने केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार, NHAI और MORTH को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
लाल किले पर कल सुबह बारिश के 80% आसार, इंडिपेंडेस डे पर रेन अलर्ट
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले पर बारिश का साया है. आईएमडी के अनुसार 15 अगस्त की सुबह 8:30 से 11:30 बजे के बीच बारिश की 80 प्रतिशत संभावना है. समारोह के दौरान हल्की बारिश और बादल छाए रह सकते हैं.
कितना बड़ा होता है बार काउंसिल चेयरमैन का पद, क्या है पावर? सुप्रीम कोर्ट के वकील ने समझाया
BCI Chairman Powers: बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने NALSAR के लॉ स्टूडेंट्स को वकील के तौर पर एनरॉल नहीं करने का निर्देश जारी किया था, जिसे कुछ ही घंटों बाद उन्हें वापस लेना पड़ा.
महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 जारी करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है।
दुबई से भारत लाया गया ड्रग्स सिंडिकेट का आरोपी वीरेंद्र बसोया, अमित शाह ने बताई बड़ी कार्रवाई
NCB के मुताबिक वीरेंद्र बसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद उसे दुबई में गिरफ्तार किया गया और भारत सरकार की पहल पर उसे भारत वापस भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार, बसोया को एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या 4310 के जरिए भारत लाया गया।
‘दादी ने बंटवारे के दौरान बचाई थी एक लड़की की जान’, सनी देओल ने सुनाया परिवार का अनसुना किस्सा
बंटवारा 1947 की रिलीज के मौके पर सनी देओल ने एनडीटीवी से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने अपनी फिल्म के अलावा पापा धर्मेंद्र और अन्य चीजों को लेकर बात की.
'ये टैलेंटेड यूथ हैं...', सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना समेत 5 कॉमेडियन के सभी केस किए रद्द
यह विवाद इंडियाज गॉट लेटेंट के एक एपिसोड से जुड़ा हुआ है. इस शो में दिव्यांगों और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी जैसी गंभीर बीमारी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद विवाद खड़ा हो गया था.
सिंह राशि में आ रहे हैं सूर्य-बुध, 5 राशियों का आएगा गोल्डन टाइम
Budhaditya Yoga 2026: 22 अगस्त को सिंह राशि में सूर्य और बुध की युति से बनेगा शक्तिशाली बुधादित्य राजयोग. जानें किन 5 भाग्यशाली राशियों के करियर और धन में होगी बंपर बढ़ोतरी.
अश्विन ने रोहित के रिटायरमेंट पर की बड़ी भविष्यवाणी
पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। अश्विन का मानना है कि क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद मुंबई इंडियंस को रोहित को तुरंत टीम से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांच बार IPL विजेता कप्तान और विश्व कप विजेता लीडर जैसा क्रिकेटिंग दिमाग फ्रेंचाइजी के लिए बेहद उपयोगी होगा।
अगले महीने भारत आ रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, अमेरिका संग जंग के बीच क्यों ऐलान?
ईरान 2024 में मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना। इंडोनेशिया 2025 में इस समूह में शामिल हुआ, जिससे पूर्ण सदस्यों की कुल संख्या 11 हो गई।
कितना होगा बुलेट ट्रेन का किराया? स्पीड 320km, अगले साल से दौड़ेगी
भारत की पहली बुलेट ट्रेन अगले साल 15 अगस्त से चल सकती है. इस ट्रेन की स्पीड 320 किलोमीटर से ज्यादा की होगी और मुंबई-अहमदाबाद के बीच 12 जगहों पर रुकेगी.
सोसाइटी में सांप दिखा, लोग सहमे... पास जाकर देखा तो अजगर था
सूरत की एक सोसाइटी में सब कुछ रोज जैसा चल रहा था, तभी कैंपस में जमीन पर कुछ सरकता दिखा. लोगों ने सोचा कोई सांप होगा, लेकिन कैमरा और नजरें थोड़ी करीब गईं तो पता चला ये तो 'नन्हा अजगर' है! देखते ही देखते सोसाइटी में भीड़ जुट गई. डर के बीच किसी ने अजगर को छेड़ने की गलती नहीं की, स्नेक रेस्क्यू टीम को बुलाया गया और कुछ ही देर में नन्हे इंडियन रॉक पायथन को सुरक्षित पकड़ लिया गया.
आजादी के समय करीब ₹8,862 में 1 किलो सोना खरीदा जा सकता था. वहीं आज 1 किलो सोने की कीमत ₹1.52 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है. यानी उस समय का ₹10,000 का सोना आज करोड़ों की वैल्यू का होता. सोने के इस लंबे सफर में इसकी कीमत में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली.
ऑपरेशन भगोड़ा के तहत UAE से लाया गया वीरेंद्र बसोया, ड्रग्स केस में वांटेड
वीरेंद्र सिंह बसोया की गिरफ्तारी केवल एक आरोपी की वापसी नहीं, बल्कि भारत की उस बदलती रणनीति का संकेत है जिसमें विदेश भाग जाना अब अपराधियों के लिए सुरक्षित विकल्प नहीं रह गया है. वीरेंद्र बसोया दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा पकड़ी गई करीब 13 हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स के मामले में वांटेड है.
टॉक्सिक की शूटिंग के दौरान कियारा की डेडिकेशन ने यश को चौंकाया
साउथ स्टार यश ने 13 अगस्त को फिल्म ‘टॉक्सिक’ के एल्बम लॉन्च इवेंट में को-स्टार्स की जमकर तारीफ की। उन्होंने कियारा आडवाणी की प्रोफेशनलिज्म और मेहनत की खास तौर पर सराहना की। यश ने कहा कि मुश्किल शूटिंग और प्रेग्नेंसी के दौरान भी कियारा ने फिल्म के लिए पूरी तरह समर्पित होकर काम किया और 100 प्रतिशत कमिटमेंट दिया।
सब कॉपी करेंगे बेटे का नाम, दें वीरता-देशभक्ति वाले ट्रेंडी नेम्स
Independence Day 2026: 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. यह दिन देश की आजादी के लिए जीवन समर्पित करने वाले वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का भी मौका है. अगर आप बच्चे के लिए देशभक्ति, साहस और वीरता से जुड़ा नाम तलाश रहे हैं, तो महान सेनानियों से प्रेरित इन खास नामों पर नजर डाल सकते हैं.
2047 तक भारत विकसित देश नहीं बन पाएगा? सोनम वांगचुक ने उठाए बड़े सवाल
वांगचुक ने अपने वीडियो में शासन व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश की समस्याओं को किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। उनके मुताबिक अलग-अलग दलों की सरकारों के दौरान भी विरोध की आवाजों को दबाने और व्यवस्था की कमियों को नजरअंदाज करने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
बालों में बढ़ गया है डैंड्रफ? इन तरीकों से पाएं छुटकारा
बारिश के मौसम में बालों में डैंड्रफ की समस्या बढ़ जाती है. सिर में खुजली और कंधों पर सफेद परत डैंड्रफ के संकेत हैं. समय पर इलाज न कराने पर समस्या गंभीर हो सकती है. इससे बचाव के बारे में डॉक्टर ने बताया है.
Review: इमरान हाशमी के नॉस्टेल्जिया का चला जादू, कैसी है आवारापन 2?
इमरान हाशमी की सबसे मचअवेटेड फिल्म आवारापन 2 आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इमरान हाशमी उस हीरो के तौर पर लौटे हैं जिसे बॉलीवुड ने हमेशा पसंद किया है. जानिए आखिर कैसी है ये फिल्म.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टीएचडीसी टनल हादसे का निरीक्षण कर रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई।
MP: राजगढ़ में 50 यात्रियों से भरी बस 2-3 गुलाटी खाकर पलटी, 27 घायल
क्या तेज रफ्तार और अचानक लगाए गए बस के ब्रेक ने 50 जिंदगियों को संकट में डाल दिया? नरसिंहगढ़ के पास गुरुवार देर रात ठीक यही सवाल चीख-पुकार और पलटी बस के बीच गूंजता रहा. गुरुकृपा ट्रेवल्स की बस भोपाल से ब्यावरा जा रही थी, तभी मोड़ पर उसका संतुलन बिगड़ गया और बस सड़क से नीचे उतरकर 2 से 3 गुलाटी खाती हुई पलट गई.
सुखबीर सिंह बादल पर क्यों किया हमला? पुलिस से बोला निहंग- वाहेगुरु से मिला था आदेश
महाराष्ट्र के नांदेड़ में अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर निहंग ने हमला कर दिया। इसके बाद, निहंग ने पुलिस को बताया कि उसको ऐसा करने के लिए वाहेगुरु ने कहा था।
AUS-BAN मैच में बवाल, मिराज की इस हरकत पर भड़के स्टार्क
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन टेस्ट मैच में बांग्लादेशी टीम ने अबतक शानदार प्रदर्शन किया है. दूसरे दिन के खेल में बांग्लादेशी बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर मुकाबला किया और शतक जड़ने में कामयाब रहे. दूसरे दिन मैदान पर तनातनी भी देखने को मिली, जब स्टार्क और मिराज आमने-सामने आ गए.
हमारी लाइफलाइन का पानी हमसे छीन लिया, उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को खूब लताड़ा
उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘पाकिस्तान खुद को कश्मीरियों का बड़ा हितैषी बताता है, लेकिन जब पानी का मुद्दा आता है तो उसकी यह सहानुभूति गायब हो जाती है। हमें अपनी ही नदियों के पानी का इस्तेमाल करने के अधिकार से वंचित किया गया था।’
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर नौकरी के उम्मीदवारों का आंदोलन शुक्रवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शनकारी शनिवार, 15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची में 'तिरंगा यात्रा' निकालने की योजना बना रहे हैं। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह मार्च उनके आंदोलन को और मज़बूत करेगा। साथ ही, उन्होंने 10 अगस्त को राज्य विधानसभा तक निकाले गए मार्च के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में छात्रों को निशाना बनाने के ख़िलाफ़ रांची प्रशासन को चेतावनी भी दी। इसे भी पढ़ें: Jharkhand bus accident में नेपाल के 3 'कांवड़ियों' की मौत, कोडरमा में 10 घायल छात्र भर्ती परीक्षाओं में ज़्यादा पारदर्शिता, कई टेस्ट रद्द करने और CBI या झारखंड के बाहर के रिटायर्ड जजों के पैनल से स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने 10 अगस्त को हुई हिंसा के मामले में 300 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की है; इस हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई थी। रांची के SP पारस राणा ने बताया कि विधानसभा पुलिस स्टेशन में दर्ज यह मामला निषेधाज्ञा (prohibitory orders) के कथित उल्लंघन, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमले से जुड़ा है। DSP (हटिया) नीरज कुमार ने बताया कि अब तक किसी की गिरफ्तारी या हिरासत नहीं हुई है और पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए वीडियो फुटेज की जांच कर रही है। झड़प में 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के नेता रवींद्र पासवान ने सरकार से अपील की कि वे असली छात्रों को निशाना न बनाएं। इसे भी पढ़ें: Jharkhand CM Hemant Soren ने PM Modi को पत्र लिखकर खनन विधेयक पर पुनर्विचार की मांग की उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन हम प्रशासन और झारखंड सरकार से अपील करना चाहते हैं कि वे किसी भी छात्र के खिलाफ FIR दर्ज न करें। इस बीच, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है, जो 13 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
अमेरिका ने भारत समेत 40 देशों पर लगाया बड़ा आरोप
अमेरिका ने भारत समेत करीब 40 देशों पर चीन के उत्पादों को अमेरिकी टैरिफ से बचाने के लिए कथित ‘गुप्त माल ढुलाई नेटवर्क’ का हिस्सा होने का आरोप लगाया है।
लखनऊ में सड़क पर उतरे सैकड़ों छात्र, चक्का-जाम, मौके पर पहुंचे मंत्री
लखनऊ के जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में घटिया भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और शिक्षकों की कमी से नाराज छात्रों ने सड़क पर उतरकर चक्का-जाम किया. समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की मांगें सुनीं और जल्द समाधान का ठोस आश्वासन देकर प्रदर्शन खत्म कराया.
गैंगस्टर अनिल दुजाना से एनकाउंटर में शहीद इंस्पेक्टर सुनील को राष्ट्रपति वीरता पदक
4 मई 2023... मेरठ का जानी इलाका. सामने था पश्चिमी यूपी का कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना और उसे घेरने पहुंची पुलिस टीम. गोलियां चलीं, मुठभेड़ हुई और इसी ऑपरेशन में इंस्पेक्टर सुनील कुमार शहीद हो गए. करीब तीन साल बाद उसी बहादुरी को राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मान मिला है. जिस दिन सुनील ड्यूटी पर निकले थे, उन्हें अंदाजा नहीं था कि वो ऑपरेशन उनकी जिंदगी का आखिरी मिशन बन जाएगा. अब उनकी वर्दी को मिला ये सम्मान उस शहादत की कहानी कह रहा है.
20 लाख से ज्यादा हुई सेल, अब नए अवतार में आ रही है ये MARUTI
मारुति सुजुकी ने अपनी पॉपुलर हैचबैक बलेनो के फेसलिफ्ट पर काम कर रही है. ये कार हमें अगले महीने की शुरुआत में देखने को मिलेगी. मारुति ने बलेनो फेसलिफ्ट की तारीखों का ऐलान कर दिया है, जिसमें एक्सटीरियर और इंटीरियर से जुड़े कई अपडेट्स देखने को मिल सकते हैं. आइए जानते हैं मारुति की ये कार क्या नया ऑफर करेगी.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने UAE से भगोड़े ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत वापस लाने में कामयाबी हासिल की है। शाह ने इसे नशीले पदार्थों के खिलाफ मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति में एक नया मील का ...
वैल्यू चेन की मजबूती, बड़े बाजारों तक पहुंचेगा UP का लोकल सामान
कैसे प्रोसेसिंग, टेस्टिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और मार्केट एक्सेस से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर, उत्तर प्रदेश के लोकल उत्पादकों और MSMEs को उत्पादन से उपभोक्ता तक के सफर में मदद कर सकता है.
राजनीति में काला जादू: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने विपक्ष पर लगाया अघोर पूजा करवाने का आरोप
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के मुख्य विपक्षी दल BRS के ऊपर सरकार को बदनाम करने के लिए काला जादू करवाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कई लोग राज्य में बारिश की कमी करवाने लिए अघोर पूजा का सहारा ले रहे हैं।
'सपा दंगा करवाना चाहती है', CM योगी ने शिवपाल सिंह यादव पर बोला हमला
सीएम योगी ने कहा कि देश की आजादी की खिलाफत करने वाले के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने वाले को गृह मंत्री बनाने की बात की जा रही है. सपा सिर्फ दंगा करवाना चाहती है.
स्वतंत्रता दिवस के जश्न से ठीक एक दिन पहले राजधानी दिल्ली को दहलाने की एक सनसनीखेज धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

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